नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की अस्मिता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
Share

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प केवल एक धार्मिक मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पहचान का प्रतीक पर्व है।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए राजिम में सर्वसुविधायुक्त धर्मशाला निर्माण हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही, राजिम बैराज कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने और पूर्व में प्रस्तावित विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने मुख्य मंच पर भगवान राजीव लोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने अपने उद्बोधन की शुरुआत भगवान राजीव लोचन, कुलेश्वर महादेव, राजिम दाई, छत्तीसगढ़ महतारी और भारत माता के जयघोष के साथ की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के त्रिवेणी संगम की पावन भूमि सदियों से तप, त्याग और साधना की साक्षी रही है। “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” कहे जाने वाला राजिम अपनी आध्यात्मिक गरिमा के कारण विशेष स्थान रखता है।

महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव त्याग, संयम और सेवा के प्रतीक हैं, जिनका संदेश आज के युग में संतुलन और समर्पण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए आवागमन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवा, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में राजिम कुंभ मेला-स्थल को और अधिक सुव्यवस्थित एवं भव्य बनाया जाएगा तथा इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित आध्यात्मिक आयोजन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा युवा पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने का आह्वान किया।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का विराट उत्सव है। इस वर्ष पंचकोसी धाम और द्वादश ज्योतिर्लिंग की थीम ने आयोजन को विशेष स्वरूप प्रदान किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का उत्सव है और इसे राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं साधु-संतों की गरिमामय उपस्थिति थी।a



Share

Leave a Reply