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स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी - मंत्री वर्मा

स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी - मंत्री वर्मा
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 00 खनिज निधि से संवरेगा ग्रामीण छत्तीसगढ़
00 बलौदाबाजार के स्कूलों में प्रार्थना शेड और उपस्वास्थ्य केंद्र में बनेगी बाउंड्री वॉल
रायपुर।
जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों को बढ़ाकर ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कायाकल्प किया जा रहा है। उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास पर खर्च किया जाता है। ?राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ?सरकार शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर बच्चों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड को जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से दो बड़ी सौगातें मिली हैं। सरकार ने ग्रामीण शिक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए स्कूलों में प्रार्थना शेड और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण को मंजूरी दे दी है।
सिमगा विकासखंड के ग्राम परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड के निर्माण के लिए प्रत्येक विद्यालय को 10 लाख रुपये (कुल 20 लाख रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।अक्सर ग्रामीण स्कूलों में प्रार्थना सभा, बालसभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद जैसी गतिविधियां खुले मैदान में होती हैं, जिससे बच्चों को कड़कती धूप, भारी बरसात या तेज ठंड का सामना करना पड़ता है। यह शेड न केवल सुबह की प्रार्थना के लिए, बल्कि बच्चों की बालसभा, सांस्कृतिक आयोजनों और परीक्षाओं के व्यवस्थित संचालन के लिए एक बेहतरीन मंच साबित होगा।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के प्रति भरोसा और आकर्षण दोनों बढ़ेगा।गांवों के स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी हैं। खनिज संसाधनों का उपयोग स्थानीय जनता का जीवनस्तर सुधारने में किया जा रहा है।
सुदृढ़ स्वास्थ्य अधोसंरचना- जांगड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र को 7 लाख रूपए
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सिमगा विकासखंड के ही ग्राम जांगड़ा के उपस्वास्थ्य केंद्र भवन में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 7 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। खुला और असुरक्षित परिसर होने के कारण मरीजों, परिजनों और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को होने वाली व्यावहारिक दिक्कतों से राहत मिलेगी। बाउंड्री वॉल बनने से अस्पताल परिसर व्यवस्थित होगा और यहाँ आने वाले ग्रामीणों के लिए बैठने व रुकने की व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी, जिससे लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
जन-केंद्रित विकास और डीएमएफ का सटीक उपयोग
मंत्री टंक राम वर्मा ने इन पहलों को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि इन तीनों स्तंभों को समान प्राथमिकता देकर मजबूत कर रही है। विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर सुदूर गांवों तक बुनियादी ढांचा पहुँचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। खनिज क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले संसाधनों (डीएमएफ) का वास्तविक उपयोग उसी क्षेत्र के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने और उनका जीवनस्तर सुधारने में किया जा रहा है, ताकि गांवों का हर बच्चा और नागरिक शहरों जैसी आधुनिक सुविधाओं के बीच सम्मान से रह सके।



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