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मुख्य सचिव ने सिंचाई परियोजनाओं को अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने सिंचाई परियोजनाओं को अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर
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 00 परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक संपन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की 72वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जशपुर जिले के विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत प्रस्तावित योजना के हल्दीमुण्डा व्यपवर्तन शीर्ष कार्य, जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण एवं बहुद्देशीय उद्वहन सिंचाई योजना सहित बेमेतरा जिले की शिवनाथ नदी में ग्राम मोतिमपुर-बिरौदा एनीकट के बैराज में परिवर्तन एवं उद्वहन सिंचाई योजना के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित योजनाओं का पुन: री-मॉडलिंग एवं री-वर्क किया जाए, ताकि परियोजनाएं अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों-संरक्षण आधारित बन सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के निर्माण में जल संरक्षण, बेहतर वर्क मैनशिप और आधुनिक तकनीकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से नहर आधारित प्रणाली के स्थान पर समर्पित पाइपलाइन प्रणाली की व्यवहार्यता का भी गहन अध्ययन करने को कहा। उन्होंने कहा कि पाइप आधारित प्रणाली अधिक विश्वसनीय, जल की कम हानि वाली, कम लागत एवं समय में पूर्ण होने वाली हो सकती है तथा इससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी काफी कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना में ऑप्शन एनालिसिस अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि विभिन्न विकल्पों का तुलनात्मक अध्ययन कर सबसे प्रभावी और किफायती मॉडल का चयन किया जा सके। साथ ही, परियोजनाओं की आगामी 5 से 10 वर्षों की संचालन एवं रखरखाव की रणनीति भी पहले से स्पष्ट रूप से तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि नए प्रस्ताव तैयार करने से पहले वर्तमान में संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तुत सभी प्रस्तावों का पुन: परीक्षण कर आवश्यक सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे जनहितकारी परियोजनाओं का निर्माण सुनिश्चित हो सके।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



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