निगम-मंडलों में जगह पाने दावेदारों ने लगाई पूरी ताकत, आलाकमान से हरी झंडी मिलने के बाद होगा नामों का ऐलान
रायपुर | राज्य के विभिन्न निगम-मंडलों में रिक्त पदों पर नियुक्ति पाने कांग्रेस के दावेदारों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। पीसीसी के पास अब तक सैकड़ों की संख्या में आवेदन आ चुके हैं। पीसीसी के लिए निगम-मंडलों में नियुक्ति के लिए नाम फाइनल करना भी टेड़ी खीर साबित हो रहा है, पीसीसी किसी को भी नाराज नहीं करना चाहता, वहीं दूसरी ओर दावेदारों की लिस्ट इतनी अधिक लंबी हो गई है कि इनमें से चंद नामों को छांटना भी वर्तमान में मुमकिन नजर नहीं आ रहा है, यही वजह है कि अभी तक इस मुद्दे को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं, निगम-मंडलों में नियुक्ति का मामला भी अटका पड़ा है। कांग्रेस इस समय पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों को लेकर केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साध रहा है। पीसीसी भी इसमें पीछे नहीं है, राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पेट्रोल-डीजल को लेकर धरना-प्रदर्शन का दौर जारी है। ऐसे में निगम-मंडलों में जगह पाने की जुगत करने वाले दावेदार कांग्रेस के सभी धरना-प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वरिष्ठ नेताओं की नजर में बने रहने तथा संगठन में अपनी अहमियत दर्ज कराने में कोई दावेदार पीछे नहीं होना चाहता। दूसरी ओर पीसीसी के समक्ष यह कठिनाई है कि निगम-मंडलों के लिए ऐसे नाम फाइनल किया जाए जिससे सभी वर्ग संतुष्ट हों और कोई नाराज भी न हो। यह मुश्किल काम है, क्योंकि दावेदारों की लिस्ट लंबी है और इनमें से चंद नाम ऐसे हैं जिन्हें हटाने से असंतुष्टों की बाढ़ आ सकती है। लिहाजा पीसीसी की मंशा स्पष्ट है कि नाम ऐसे फाइनल हों जिससे सभी संतुष्ट हों। दूसरी ओर दावेदार अब अपने-अपने नेताओं पर दबाव बनाना शुरू कर चुके हैं, वरिष्ठ नेता भी इस दुविधा में हैं कि अपने गिने-चुने कट्टर समर्थकों में से किनका नाम आगे बढ़ाएं और किनका नाम पीछे करें। हालांकि प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया राज्य का दौरा कर दावेदारों की नब्ज टटोल चुके हैं। वहीं पीसीसी के वरिष्ठ नेताओं से भी उनका संपर्क लगातार बना हुआ है। ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि पीसीसी से कितने दावेदारों की लिस्ट फाइनल कर आलाकमान को भेजा जाता है और आलाकमान से कितने नाम फाइनल होकर आता है।




