नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

रामलला का दर्शन करने: सीएम साय कैबिनेट के साथ आज करेंगे अयोध्या की यात्रा, जानें क्या ले जायेंगे उपहार

रामलला का दर्शन करने: सीएम साय कैबिनेट के साथ आज करेंगे अयोध्या की यात्रा, जानें क्या ले जायेंगे उपहार
Share

 रायपुर । मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज  रामलला का दर्शन करने अयोध्या धाम जाएंगे।जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 13 जुलाई शनिवार को प्रातः 9.30 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट से प्रस्थान कर पूर्वान्ह 11 बजे महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या धाम पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री पूर्वान्ह 11.15 बजे से शाम 5 बजे तक श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम में श्री रामलला का दर्शन और मंदिर भ्रमण करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 5.15 बजे अयोध्या धाम एयरपोर्ट से प्रस्थान कर संध्या 6.45 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर लौट आएंगे।

बेर फल की टोकरी भी उपहार स्वरूप रामलला को भेंट करेंगे

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी श्रीरामलला के दर्शन करने शनिवार को अयोध्याधाम जाएंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर माता शबरी की पवित्र धरती शिवरीनारायण से बेर फल की टोकरी भी उपहार स्वरूप रामलला को भेंट करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय विष्णुभोग चावल, कोसा वस्त्र, कारी लड्डू, अनरसा और सीताफल सहित अन्य सामग्री भी रामलला को भेंट करेंगे।उल्लेखनीय है कि प्रभु श्रीराम ने शिवरीनारायण में ही माता शबरी के जूठे बेर खाये थे। यह ननिहाल से अपने भांचा राम को भेंट होगी। उल्लेखनीय है कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ के जनजातीय लोगों से गहरा स्नेह था। माता शबरी के जूठे बेर की कहानी रामायण की सबसे मर्मस्पर्शी कहानियों में से एक है।

 


Share

Leave a Reply