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19वें ‘छत्तीसगढ़ यंग साइंटिस्ट कांग्रेस’ के समापन में वेटनरी साइंस एंड डेयरी टेक्नोलॉजी - डॉ वंदना भगत सहित 18 को मिला सम्मान व पुरस्कार...

19वें ‘छत्तीसगढ़ यंग साइंटिस्ट कांग्रेस’ के समापन में वेटनरी साइंस एंड डेयरी टेक्नोलॉजी - डॉ वंदना भगत सहित 18 को मिला सम्मान व पुरस्कार...
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 रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के दो दिवसीय 19वें छत्तीसगढ़ यंग साइंटिस्ट कांग्रेस  का आज समापन  हुआ । इस  कार्यक्रम में विशेष अतिथि आईआईटी भिलाई के निदेशक डॉ राजीव प्रकाश रहे। वाइस चांसलर(सीएसवीटीयू) डॉ एम के वर्मा  सम्माननीय अतिथि रहे। निदेशक, एन आई टी रायपुर, डॉ एन वी रमना राव इस कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे। एनआईटी रायपुर के सीएसई विभाग के डॉ दिलीप सिंह सिसोदिया, आईटी विभाग के डॉ राकेश त्रिपाठी और सीसीओएसटी की डॉ जॉयस के. राय इस कार्यक्रम की संयोजक रही।

वेटनरी साइस विषय से डा.वंदना भगत सहायक प्राध्यापक, दाऊश्री कामधेनू  विश्वविद्यालय, दुर्ग छत्तीसगढ़ का पुरस्कारयह पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें यह अवार्ड अपने पी.एच.डी. से अनुसंधान "छत्तीसगढ़ की उत्तरी पहाड़ियों की स्थानीय बकरियों की शारीरिक लक्षणों के वर्णन 'की प्रजेंटेशन के लिए दिया गया। यह शोधकार्य छत्तीसगढ़ की उत्तरी पहाडियों की स्थानीय बकरियों पर पहली हुआ है और इस शोधकार्य के अनुसार से पहाड़ी बकरियाँ विशेषनिक विशेषताएँ लिए हुए,पहाडी क्षेत्र के लिए अनुकुलित एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता लिए होती हैं। ये बकरियाँ भारत कें पायी पाई जाने वाली अन्य बकरियों से शारीरिक एवं अनुवांशिक दृष्टि से पूर्ण

समारोह की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और संबोधनों से  हुई।इसके बाद डॉ दिलीप सिंह सिसोदिया ने  विजेताओं के नामों की घोषणा की | तः मिन्न हैं। इज अनुसंधान के आधार पर उत्तरी पहाडी बकरियों को विशिष्ट नस्ल की पहचान दी जा सकतीहै।



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