लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |

हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे, डेढ़ लाख की आय

हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे, डेढ़ लाख की आय
Share

 रायपुर। हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश में राष्ट्रप्रेम के साथ महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आ रही है। बलरामपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने हाथों से तिरंगा ध्वज तैयार कर रही हैं। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार का नया अवसर भी प्रदान कर रही है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में तैयार किए गए तिरंगे अब सी-मार्ट के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। नागरिक इन हस्तनिर्मित तिरंगों को खरीदकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में फहरा रहे हैं।

 

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी

 


जिले में 07 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में 06 स्व-सहायता समूहों की 30 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से तिरंगा निर्माण कार्य से जुड़ी हुई हैं। महिलाओं ने अब तक 10 हजार तिरंगे तैयार किए हैं। इनमें से 2500 तिरंगे सी-मार्ट में बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए, जिनमें 2490 तिरंगों की बिक्री हो चुकी है। तिरंगों की कीमत उनके आकार के अनुसार 30, 50 और 100 रुपये निर्धारित की गई है। इस कार्य से समूहों को अब तक लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है।
महिलाएं कपड़े की कटिंग, सिलाई, तीनों रंगों के संयोजन तथा अशोक चक्र लगाने तक की पूरी प्रक्रिया स्वयं कर रही हैं। इससे न केवल उनके कौशल का विकास हो रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।

 

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी

 


भवानी समूह की सदस्य सुधा प्रजापति ने बताया कि देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे को अपने हाथों से तैयार करना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वहीं समूह से जुड़ी रिंकी सोनी ने कहा कि सी-मार्ट के साथ-साथ जनपद पंचायत मुख्यालयों में भी तिरंगों की बिक्री की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार तिरंगे खरीदकर हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ सकें।
प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सी-मार्ट को प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया गया है। इससे स्थानीय महिलाओं के हुनर को पहचान मिलने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।



Share

Leave a Reply