राजधानी में बदला मौसम का मिजाज, इस वर्ष भीषण गर्मी के आसार अभी से आ रहे नजर...
रायुपर। बसंत पंचमी पर्व के साथ ही मौसम के मिजाज में भी अब तेजी से बदलाव आना शुरू हो जाएगा। ठंड की विदाई के साथ ही ग्रीष्मऋतु अब दस्तक देगी। इधर ग्लोबल वार्मिंग के चलते तथा अलनीनो के प्रभाव से इस वर्ष भीषण गर्मी पडऩे की पूरी संभावना भी नजर आ रही है।
पढ़ें : गंगरेल बांध में पिकनिक मनाने के दौरान नाव पलटने से डूबे मासूम का लाश मिला
इस वर्ष जनवरी माह में ही हल्की गर्मी का एहसास होने लगा है। दिन में सूरज की धूप असहनीय महसूस होने लगी है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इस वर्ष भीषण गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग से जुड़े सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस वर्ष अलनीनो के प्रभाव से गर्मी के दिन गत वर्षों की तुलना में अधिक परेशान करने वाले होंगे। मौसम विभाग तथा कृषि विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो इस वर्ष भारत में भीषण गर्मी पड़ेगी। इसका असर यह होगा कि मार्च-अपै्रल के माह में ही नमी की मात्रा काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे पेड़-पौधे सूखने लगेंगे। मिट्टी में भी व्याप्त नमी वाष्पीकृत होकर जल्द सूखी हो जाएगी। ऐसे में जलस्त्रोतों के जल्द सूखने का खतरा भी मंडरा रहा है। गत वर्ष भी कुछ ऐसी ही परिस्थितियां बनी थी, जब शहर के अधिकांश जलस्त्रोत, खासकर तालाब आदि जल्द सूख गए थे और शहरवासियों को मार्च-अपै्रल के शुरूआत से ही पेयजल संकट का सामना करना पड़ा था। इस वर्ष यह स्थिति फिर से नजर आने लगी है। मौसम में आ रहे निरंतर बदलाव के बीच इस वर्ष जनवरी माह में महसूस होने वाली गर्मी चिंताजनक है। इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन वर्तमान में ग्लोबल वार्मिंग और अलनीनो का प्रभाव इसके मुख्य कारण माने जा सकते हैं। इस वर्ष भीषण गर्मी की शुरूआत मार्च माह से ही प्रारंभ हो सकती है। ऐसे में समझा जा सकता है कि गर्मी के दिन कितने कष्टकारी हो सकते हैं।







.jpeg)












