CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांगी NPS की राशि, कहा- राज्य का हिस्सा अलग से पेंशन फंड में होगा जमा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मांगी NPS की राशि, कहा- राज्य का हिस्सा अलग से पेंशन फंड में होगा जमा
Share

नई दिल्ली। बजट पूर्व बैठक में शामिल होने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली के मानेक शॉ सेन्टर पहुंचे। जहाँ बजट 2023 को लेकर वित्त मंत्री से अहम मुद्दों पर चर्चा शुरू है। इस दौरान बजट पूर्व बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से एनपीएस की 17240 करोड़ रुपये की राशि लौटाने को कहा। उन्होंने कहा कि राज्य का हिस्सा अलग से पेंशन फंड में जमा होगा।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने 2023-24 के बजट पूर्व चर्चा को लेकर नई दिल्ली में चल रही राज्यों के वित्त मंत्रियों की बैठक में केंद्र से की माँग। बैठक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में चल रही है। केन्द्र सरकार द्वारा ऐसे अनेक राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान दिया जा रहा है, जो विगत कई वर्षों से लगातार बड़े राजस्व घाटे में चल रहे हैं, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के प्रारंभ से ही बेहतर वित्तीय प्रबंधन एवं कड़े वित्तीय अनुशासन के फलस्वरूप केवल 4 वर्षों को छोड़कर लगातार राजस्व आधिक्य की स्थिति में रहा है। हमारी मांग है कि छत्तीसगढ़ जैसे बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों को प्रोत्साहन अनुदान दिया जाये, ताकि अन्य राज्य भी वित्तीय अनुशासन हेतु प्रेरित हो सकें।

कोविड-19 आपदा से प्रभावित 2 वित्तीय वर्षो 2019-20 एवं 2020-21 में केन्द्र सरकार से अपेक्षित आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं होने के कारण राजस्व घाटे के उपरांत छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021-22 के दौरान बेहतर वित्तीय प्रबंधन एवं कड़े वित्तीय अनुशासन के फलस्वरूप 4,642 करोड़ का राजस्व आधिक्य रहा है। राज्य ने गत वर्ष मात्र 1,243 करोड़ का शुद्ध ऋण लिया था तथा इस वर्ष भी राज्य द्वारा अभी तक कोई ऋण नहीं लिया गया है। हमारी मांग है कि छत्तीसगढ़ जैसे बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों को प्रोत्साहन अनुदान दिया जाये, ताकि अन्य राज्य भी वित्तीय अनुशासन हेतु प्रेरित हो सकें।

गत वर्ष राज्य द्वारा जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की व्यवस्था को जून 2022 के पश्चात् आगामी 05 वर्षों के लिये और जारी रखे जाने का अनुरोध किया गया था, किन्तु केन्द्र द्वारा इस समयावधि में वृद्धि नहीं की गई है। इससे राज्य को इस वित्तीय वर्ष में लगभग 4,500 करोड़ की राजस्व में कमी अनुमानित है। वित्तीय वर्ष 2022-23 की प्रथम तिमाही (अप्रैल-जून, 2022) की जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि रूपये 1,875 करोड़ का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित किया गया है, किन्तु आज दिनांक तक क्षतिपूर्ति की राशि अप्राप्त है। अतः उक्त क्षतिपूर्ति की राशि तत्काल राज्य को प्रदाय की जाये ।


Share

Leave a Reply