CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

वैक्सीन न लगवाने वालों का चीन ने ढूंढा इलाज, न अस्पताल में ट्रीटमेंट मिलेगा और न कही और

वैक्सीन न लगवाने वालों का चीन ने ढूंढा इलाज, न अस्पताल में ट्रीटमेंट मिलेगा और न कही और
Share

बीजिंग: चीन में टीका लगवाने से बचने वालों का अस्पताल में इलाज नहीं किया जाएगा। चीन की कई क्षेत्रीय सरकारों ने अपने यहां यह आदेश जारी किया है। चीन संभवता दुनिया का पहला देश होगा, जहां टीका न लगवाने पर लोगों को इलाज जैसे आधारभूत अधिकार से वंचित करने की चेतावनी दी जा रही है। 12 राज्यों में प्रतिबंध की घोषणा
चीन के कम से कम 12 राज्यों की 50 जिला स्तरीय सरकारों ने अपनी जनता को चेतावनी देते हुए घोषणा की है कि टीका न लगवाने पर उन्हें सार्वजनिक सेवाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इन सरकारों ने लोगों को जुलाई अंत तक टीका लगवा लेने का अंतिम मौका दिया है। आजतक चीन के सिचुआन, फ़ुजियान, शानक्सी, जिआंगसु, जियांग्शी, गुआंग्शी, अनहुई, शेडोंग, हेबै, हेनान, झेजियांग और इनर मंगोलिया आदि राज्यों ने ये सख्तियां लागू करने की घोषणा कर दी है।


बस और स्कूलों में भी प्रवेश नहीं
चीन के जिआंग्शी प्रांत की डिंगनान काउंटी ने इस सप्ताह नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया है कि टीकाकरण सबकी जिम्मेदारी है। 26 जुलाई तक सभी लोग टीका लगवा लें वरना उन्हें सार्वजनिक परिवहन और चिकित्सा सुविधाओं से वंचित कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, टीका न लगवाने वाले अभिभावकों के बच्चों को स्कूलों में प्रवेश भी नहीं मिलेगा। इस काउंटी में लगभग 220,000 लोग रहते हैं।


टीके की विश्वसनीयता से आश्वस्त नहीं
चीन के लोग स्वदेशी वैक्सीन की विश्वसनीयता को लेकर आश्वस्त नहीं है, जिससे यहां टीका लेने को लेकर हिचक बनी हुई है। अफसरों का कहना है कि टीकाकरण की शुरुआत में वे लोगों को उत्साहित करने के लिए आइसक्रीम से लेकर गिफ्ट वाउचर तक दे रहे थे पर ग्रामीण इलाकों में स्थिति नहीं सुधरी। अफसर चाहते हैं कि सरकार टीकाकरण को अनिवार्य कर दे। सरकार ने दिसंबर तक 80त्न आबादी यानी एक अरब लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया है।


Share

Leave a Reply