CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

ताइवान पर अमेरिका की चेतावनी से भड़का चीन, कहा...

ताइवान पर अमेरिका की चेतावनी से भड़का चीन, कहा...
Share

टोक्यो : क्वाड सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ताइवान को लेकर दिए बयान से चीन आग बबूला हो गया है। चीन को कमजोर समझने की भूल किसी देश को नहीं करनी चाहिए। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ताइवान के सवाल पर जो बाइडन की टिप्पणी से असंतोष जताते हुए कहा कि संप्रभुता औऱ क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मुद्दों पर


चीन के पास समझौता करने की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी देश को चीनी लोगों के दृढ़ संकल्प को कम नहीं आंकना चाहिए। दरअसल जो बाइडन ने ताइवान को लेकर कहा था कि यदि चीन ताइवान पर जबरन कब्जा करने की कोशिश करता है तो अमेरिकी सेना ताइवान को सैन्य सहायता देगी।


जो बाइडन ने ताइवान पर चीन के कब्जे की संभावना को लेकर कहा था कि चीन खतरों से खेल रहा है। दरअसल जो बाइडन से पूछा गया था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो क्या वाशिंगटन ताइवान की रक्षा के लिए सैन्य सहायता देगा? इसके जवाब में जो बाइडन ने कहा-बिलकुल, हमने यही प्रतिक्रिया दी है।


गौरतलब है कि चीन की बढ़ती आर्थिक और सैन्य शक्ति और ताइवान पर कब्जे की आशंका के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहली बार इतनी तल्ख टिप्पणी की है। अमेरिका और जापान ने संयुक्त रूप से चीन की संभावित एकतरफा सैन्य कार्रवाई के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही दोनों देशों ने यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद मॉस्को का समर्थन करने को लेकर भी बीजिंग की निंदा की है। अमेरिका और जापान मिलकर चीन और रूस के नौसेना अभ्यास और नौसैनिक गतिविधियों पर नजर रखने को लेकर भी राजी हुए हैं।


इसके बाद बाइडेन और आगे बढ़ गए। यह पूछे जाने पर कि क्या वाशिंगटन ताइवान की रक्षा के लिए सैन्य रूप से शामिल होने को तैयार है, उन्होंने जवाब दिया, हां। हमने यही प्रतिबद्धता की है। उन्होंने आगे कहा कि हम एक चीन की पॉलिसी से सहमत थे। हमने इसपर हस्ताक्षर भी किया लेकिन बलपूर्वक इसे हासिल करना सही आइडिया नहीं है। इससे पूरे क्षेत्र में अशांति फैलेगी और फिर यूक्रेन जैसे हालात पैदा हो जाएंगे।
 


Share

Leave a Reply