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अब साल में दो बार दाखिला लेने का मिलेगा मौका, UGC ने दी मंजूरी..

अब साल में दो बार दाखिला लेने का मिलेगा मौका, UGC ने दी मंजूरी..

 नई दिल्ली। विदेशी विश्वविद्यालयों की तर्ज पर भारतीय विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थान भी अब साल में दो बार दाखिला ले सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसी साल से विश्वविद्यालयों को इस पर अमल की मंजूरी दी है।

मौजूदा समय में विश्वविद्यालयों सहित दूसरे सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के नियमित पाठ्यक्रमों में साल में एक बार यानी जुलाई-अगस्त के बीच ही दाखिला मिलता है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में साल में दो बार दाखिले को लेकर यह मंजूरी ऐसे समय दी है, जब इन उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।

यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार के मुताबिक विश्वविद्यालयों सहित दूसरे किसी भी उच्च शिक्षण संस्थानों में यह व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से यानी 2024-25 से ही शुरू हो जाएगी। लेकिन यह किसी के लिए अनिवार्य नहीं होगा। संस्थान छात्रों की मांग के आधार पर इसकी शुरुआत कर सकेंगे। इस दौरान दोनों सत्र में छात्रों को नियमित कोर्स में दाखिला दिया जाएगा। खत्म होगी ये दिक्कतें

इससे पूर्व भी यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को साल में दो बार दाखिला देने की अनुमति दी थी, लेकिन यह सिर्फ आनलाइन या फिर दूरस्थ शिक्षा के लिए था। यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर कुमार के मुताबिक इससे उच्च शिक्षण संस्थानों को छात्रों के दाखिले की दिक्कत खत्म हो जाएगी।

मौजूदा व्यवस्था के तहत यदि कोई छात्र जुलाई-अगस्त में दाखिला लेने से चूक जाता था, जो उसे पूरे साल भर तक का इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने इसे लेकर एक आकंड़ा भी जारी किया और बताया कि 2022 में आनलाइन कोर्स में साल में दो बार दाखिला देने की अनुमति के बाद जुलाई सत्र में जहां 19.73 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था, वहीं जनवरी सत्र में भी 4.28 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में छात्र बीमारी, रिजल्ट देरी से आने आदि कारणों से दाखिला लेने से वंचित रह जाते है। रैंकिंग, फीस सहित छात्रों से जुड़ी जानकारी करें प्रदर्शित

यूजीसी ने इस बीच विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वह रैंकिंग, फीस सहित छात्रों से जुड़ी जानकारी अनिवार्य रूप से अपने पोर्टल पर प्रदर्शित करें। यूजीसी का कहना है कि इससे छात्रों को संस्थान से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी और वह किसी धोखे में नहीं आएंगे। यूजीसी ने संस्थानों को यह निर्देश ऐसे समय दिया है, जब उनमें दाखिले का प्रक्रिया चल रही है।

बड़ा हादसा, घर के बाहर सो रहे परिवार पर पलटा बालू से भरा ट्रक, 8 की मौत..

बड़ा हादसा, घर के बाहर सो रहे परिवार पर पलटा बालू से भरा ट्रक, 8 की मौत..

 उत्तर प्रदेश :- के हरदोई जिले में बुधवार तड़के बड़ा सड़क हादसा हो गया. मल्लावां थाना क्षेत्र इलाके में घर के बाहर सो रहे परिवार पर बालू से भरा ट्रक पलट गया. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची घायल हुई है. इस हादसे के बाद आसपास के इलाके में कोहराम मच गया.

सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. पुलिस ने शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस ने JCB और हाइड्रा की मदद से ट्रक के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला.

मल्लावां थाना क्षेत्र के कटरा विल्हौर मार्ग पर चुंगी नंबर दो के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे उस परिवार को क्या पता था कि यह रात उनकी आखिरी रात होगी. वह खुशी-खुशी एक साथ खाना खाए और फिर घर के बाहर सो गए. तभी अचानक देर रात ओवरलोड बालू से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे घर के बाहर सो रहे परिवार के ऊपर पलट गया.

जिससे एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई. घटना से इलाके में कोहराम मच गया. घटना की सूचना पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी का रेस्क्यू शुरू किया.

वहीं जेसीबी और हाइड्रा की मदद से ट्रक के नीचे दबे सभी शवों को बाहर निकाला गया. घटना में सिर्फ एक मासूम बच्ची बच पाई, जो घायल हो गई थी जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया.

घटना की सूचना जिसने भी सुनी वह घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। पुलिस ने ट्रक के नीचे दबे सभी शवों को निकलवा कर पंचायतनामा की कार्यवाही करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. वहीं मरने वालों में कुछ बच्चे भी शामिल हैं

 
क्या आप भी उठा रहे है सरकार की फ्री राशन सुविधा का लाभ ! तो जल्द करें यह काम, वरना नहीं मिलेगा फायदा

क्या आप भी उठा रहे है सरकार की फ्री राशन सुविधा का लाभ ! तो जल्द करें यह काम, वरना नहीं मिलेगा फायदा

  Ration Card : क्या आप भी सरकार की फ्री राशन की सुविधा का फायदा उठा रहे हैं? अगर हां, तो आपको पता होगा कि इसके लिए राशन कार्ड का होना जरूरी है। बिना राशन कार्ड कोई भी राशन डीलर आपको मुफ्त में अनाज, चीनी या अन्य तरह का सामान नहीं देगा। ये ही नहीं राशन कार्ड धारकों के लिए कार्ड के साथ उसकी ई केवाईसी करवाना भी जरूरी है। इसके बिना क्या आपको मुफ्त राशन मिलेगा या नहीं? राशन कार्ड की ई-केवाईसी आप कहां से करा सकते हैं? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

ई-केवाईसी के बिना राशन मिल सकता है या नहीं?

राशन कार्ड के जरिए अगर आप भी मुफ्त राशन लेने की सुविधा उठाते हैं लेकिन आपने अभी तक राशन कार्ड के लिए ई-केवाईसी प्रोसेस पूरी नहीं की है तो जल्दी ये काम करा लें। नियम के अनुसार परिवार के सभी सदस्यों के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी है। इसके लिए सभी सदस्यों का फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन जरूरी है। राशन कार्ड पर जिस-जिस सदस्य का नाम है उसकी ई-केवाईसी होना जरूरी है। अगर किसी सदस्य की ई-केवाईसी नहीं हुआ है तो उसका नाम राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा।

कैसे कराएं राशन कार्ड की ई-केवाईसी?

राशन कार्ड की ई-केवाईसी की सुविधा बिल्कुल मुफ्त है। इसके लिए आपको कहीं भाग दौड़ करने की जरूरत नहीं है और ना ही कहीं किसी को भुगतान करने की जरूरत है। आप बिल्कुल फ्री में ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसके लिए आपको उस राशन की दुकान जाना होगा जहां से आप राशन लेते हैं। यहां से आप ई-केवाईसी करा सकेंगे। POS मशीन से फिंगरप्रिंट लेकर दुकानदार ई-केवाईसी अपडेट कर देगा।

राशन कार्ड की ई-केवाईसी के लिए लास्ट डेट

अगर आप राशन कार्ड धारक हैं तो आपको 30 जून 2024 से पहले ई-केवाईसी करा लेनी चाहिए। दरअसल, विभाग की ओर से सभी राशन डीलरों के लिए 30 जून ई-केवाईसी के लिए लास्ट डेट तय की गई है। ऐसे में डील्स के पास राशन वितरण करते समय सिर्फ 30 जून तक का समय है जब वो ई-केवाईसी करा सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप 30 तारीख से पहले अपने राशन कार्ड के जरिए मिलने वाले फायदे को उठाने के लिए ई-केवाईसी करा लें।

मोहन चरण माझी होंगे ओडिशा के नए CM , BJP विधायक दल ने 2 डिप्टी सीएम के नाम पर भी लगाई मुहर

मोहन चरण माझी होंगे ओडिशा के नए CM , BJP विधायक दल ने 2 डिप्टी सीएम के नाम पर भी लगाई मुहर

 ओडिशा :- ओडिशा में आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया है। मोहन चरण माझी को ओडिशा को ओडिशा के नए सीएम के रूप में चुना गया है। भाजपा आलाकमान की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और और भूपेंद्र यादव को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। मंगलवार को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद मोहन चरण माझी के नाम को मंजूरी दी गई है।

दो डिप्टी सीएम का भी ऐलान
भारतीय जनता पार्टी की ओर से ओडिशा के लिए मुख्यमंत्री के साथ ही एक उपमुख्यमंत्री यानी की डिप्टी सीएम का भी ऐलान किया गया है। पार्टी ने कणकवर्धन सिंह देव को राज्य का डिप्टी सीएम बनाया है। इसके साथ ही प्रवती पारीदा के रूप में राज्य को एक महिला मुख्यमंत्री भी नमिली है।

क्या रहा था विधानसभा चुनाव का परिणाम?
हाल ही में हुए ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार बहुमत के साथ जीत हासिल की है। ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। 4 जून को आए परिणाम में भाजपा ने 147 में 78 सीटों को जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। नवीन पटनायक की बीजेडी को 51, कांग्रेस को 14, सीपीआईएम को 1 और अन्य को 3 सीटों पर जीत मिली है।

लड़की के इनरवियर उतारना या निर्वस्त्र होना, रेप की कोशिश नहीं है : हाईकोर्ट

लड़की के इनरवियर उतारना या निर्वस्त्र होना, रेप की कोशिश नहीं है : हाईकोर्ट

 राजस्थान : राजस्थान हाईकोर्ट ने 33 साल पुराने एक केस में बड़ा फैसला सुनाया है, हाईकोर्ट ने कहा कि लड़की के सभी कपड़े उतार देना, उसे पूरी तरह निर्वस्त्र कर देना। खुद को भी पूरी तरह निर्वस्त्र कर देना, दुष्कर्म करने का प्रयास नहीं है। इसलिए आरोपी को राहत दी जाती है। हाईकोर्ट ने 1991 में दर्ज किए गए यौन शोषण के केस का निपटारा किया।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने कहा कि लड़की के इनरवियर उतारना और खुद के भी कपड़े उतारकर बिल्कुल नंगा हो जाना दुष्कर्म करने का प्रयास करना नहीं माना जाएगा। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 और धारा 511 के तहत कोई अपराध भी नहीं है, बल्कि इसे धारा 354 के तहत महिला का शील भंग करने के लिए उस पर हमला करने का अपराध होगा।

जस्टिस अनूप कुमार ढांड की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाते हुए सिट्टू बनाम राजस्थान स्टेट केस का हवाला दिया। उस केस में जबरन कपड़े उतारकर लड़की को निर्वस्त्र किया गया। विरोध करने के बावजूद आरोपी ने लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। इस कृत्य को दुष्कर्म करने का प्रयास करने का अपराध माना गया।

इस केस में आरोपी ने महिला की साड़ी उतार दी थी, लेकिन वह शोर मचाने पर जुटी भीड़ को देखकर भागा गया था। इस मामले को दुष्कर्म करने का प्रयास करने का मामला नहीं माना गया। बल्कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत शील भंग करने को हमला करने का प्रयास माना गया। राजस्थान वाले केस में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने का प्रयास करने के आरोप लगे हैं।

पूरी हो चुकी साढ़े 3 साल की सजा
यह मामला साल 9 मार्च 1991 का है। आरोपी सुवालाल ने 25 साल की उम्र में 6 साल की बच्ची के सारे कपड़े उतार दिए थे। अपने भी सारे कपड़े उतार दिए थे। बच्ची ने शोर मचाया तो आरोपी फरार हो गया। टोंक की अदालत ने सुवालाल को दुष्कर्म का प्रयास करने का दोषी ठहराया। जिसके बाद वह ढाई महीने जेल में रहा।

निचली अदालत ने सुवालाल को 3 साल 6 महीने की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन अब 33 साल कानूनी लड़ाई के बाद सुवालाल को दोष मुक्ति मिली है।

परीक्षा की पवित्रता प्रभावित… नीट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें काउंसिलिंग पर क्‍या कहा?

परीक्षा की पवित्रता प्रभावित… नीट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानें काउंसिलिंग पर क्‍या कहा?

 दिल्ली :- नीट यूजी 2024 को लेकर बड़ी खबर है. सुप्रीम कोर्ट ने नीट काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. हालांकि अदालत ने माना कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है. इस मामले में शीर्ष अदालत ने नेशनल टेस्टिंग को नोटिस जारी किया है. अदालत ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता प्रभावित हुई है, हमें इस पर एनटीए से जवाब चाहिए.

कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस याचिका को दूसरी याचिकाओं के साथ जोड़ दिया. मामले पर अगली सुनवाई अब आठ जुलाई को होगी। बता दे नीट परीक्षा (NEET 2024) परिणाम में कथित गड़बड़ी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई थी।  याचिका में 1 हजार 563 उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देने के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका में परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है. नीट परीक्षा में एक साथ 67 स्टूडेंट्स ने टॉप किया है. इस परीक्षा में हुई धांधली को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया।

कोई पेपर नहीं हुआ लीक: एनटीए

इससे पहले एनटीए के डायरेक्टर जनरल सुबोध कुमार सिंह ने परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था,”हमारी समिति की बैठक हुई और उन्होंने केंद्रों और सीसीटीवी के सभी विवरणों का अध्ययन किया।उन्होंने आगे कहा कि एनटीए को पता चला कि कुछ केंद्रों पर समय बर्बाद हुआ और छात्रों को इसके लिए मुआवजा दिया जाना चाहिए। छात्रों की शिकायतों पर समिति विचार करेगी। वहीं, गड़बड़ियों का समाधान निकाला जाएगा।”

याचिकाकर्ता ने क्या दी दलील?

छात्रों की सहायता और फायदे के लिए काम करने वाले एक संगठन के दो सदस्यों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि नीट के पेपर लीक की खबर ने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया है क्योंकि कई मेधावी छात्रों ने भविष्य में डॉक्टर बनने का अवसर खो दिया है।याचिका में आगे कहा गया है,”याचिकाकर्ता केवल पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से वर्तमान याचिका दायर कर रहे हैं, जिन्होंने अपने-अपने परिवार के सदस्यों की सहायता से अपना पूरा समय, गाढ़ी कमाई और ऊर्जा नीट, 2024 की तैयारी में लगाई थी, लेकिन उन्हें समान अवसर नहीं दिया गया।”याचिका के मुताबिक, कुछ छात्रों ने 718 और 719 अंक हासिल किए हैं, जो सांख्यिकीय रूप से संभव नहीं है। परीक्षा का पूरा संचालन विवेकहीन एवं मनमाने तरीके और छात्रों को पिछले दरवाजे से प्रवेश देने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से किया गया।

 
18 जून से शुरू हो सकता है लोकसभा का सत्र, 20 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव

18 जून से शुरू हो सकता है लोकसभा का सत्र, 20 जून को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव

 नई दिल्ली: 18वीं लोकसभा के लिए चुने गए 543 नवनिर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के लिए 18 जून से लोकसभा का सत्र शुरू हो सकता है। बताया जा रहा है कि सत्र के पहले दो दिनों के दौरान यानी 18 और 19 जून को नवनिर्वाचित सांसदों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई जा सकती है।

सांसदों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद सदन को नए अध्यक्ष का भी चयन करना पड़ेगा। स्थापित राजनीतिक परंपरा के अनुसार, सरकार की तरफ से लोकसभा के अध्यक्ष के पद के लिए सांसदों में से ही एक सांसद का नाम प्रस्तावित किया जाएगा।

ऐसे में अगर विपक्ष, सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष के चयन के सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेता है तो फिर चुनाव की नौबत नहीं आएगी। अगर विपक्ष अपनी तरफ से भी उम्मीदवार खड़ा करता है तो फिर 20 जून को लोकसभा के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सदन में वोटिंग हो सकती है।

21 जून को हो सकता है राष्ट्रपति का संबोधन

बताया जा रहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 21 जून को दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा, के संयुक्त सत्र को संबोधित कर सकती हैं। राष्ट्रपति के अभिभाषण के जरिए केंद्र की मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के एजेंडे को सदन और सांसदों के सामने पेश करेगी। सत्र की तारीखों को लेकर अभी औपचारिक घोषणा होनी है।

बता दें कि रविवार 9 जून को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सोमवार को सुबह कार्यालय पहुंचकर कार्यभार संभाल लिया। उनके साथ ही 71 मंत्रियों ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित 30 नेताओं ने कैबिनेट मंत्री, 5 ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 ने राज्य मंत्री के तौर पर शपथ ली।

Donald Trump फिर से जीते तो भारत पर होगा क्या असर? जान लीजिए सबकुछ

Donald Trump फिर से जीते तो भारत पर होगा क्या असर? जान लीजिए सबकुछ

 The Impact of Trump Win on India: करीब आठ महीने बाद अमेरिका को नया राष्ट्रपति मिल जाएगा. आज दुनिया में सबकुछ बाजार तय करता है. जिसका अधिकांश कारोबार डॉलर में होता है. यूएस (US) तो वैसे ही सुपररिच और सुपरपावर है. लिहाजा अमेरिकी संसद में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखना लाजिमी होता है. ग्लोबल इकोनॉमी के चार्ट में भारत टॉप 5 पर है. पीएम मोदी (PM Modi) अगले कार्यकाल में यानी (Modi 3.0)  में भारत को तीसरे पायदान पर लाने की बात कर चुके है. ऐसे में अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald  Trump) बनें या फिर जो बाइडेन (Joe Biden ) ही बने रहें, भारत - 'होए कोउ नृप हमें का हानि' की तर्ज पर चुप नहीं बैठ सकता है.

रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में बेसिक अंतर

ट्रंप जीते तो भारत पर क्या असर होगा? इस विश्लेषण से पहले हमें रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स में बेसिक अंतर समझने की जरूरत पड़ेगी. यूं तो दोनों में बहुत अंतर है. गहराई से जाने के बजाए बेसिक अंतर की बात करें तो वो यह है कि 'डेमोक्रेट्स पार्टी' अपने नाम की तरह है. जो नीतियों में भी उदार मानी जाती है. इसके अधिकांश नेता दूसरे देश के निवासियों को वीजा देने का मामला हो या प्रवासियों/शर्णार्थियों की मदद ऐसे कामों के लिए उदारवादी रवैया रखते हैं. वहीं रिपब्लिकिन पार्टी दक्षिणपंथी पार्टी है, इसके नेता राष्ट्रवाद की बातें करते हैं और बाकी दुनिया के लिए उदार रवैया नहीं रखते हैं.

2016-2020 ट्रंप का पहला कार्यकाल 

8 नवंबर, 2016 को हुए 58वें चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के कैंडिडेट ट्रंप ने डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हराया था जबकि तमाम सर्वे हिलेरी क्लिंटन को भावी विजेता बता रहे थे. 9 नवंबर को पीएम मोदी ने ट्वीट करके ट्रंप को बधाई दी थी. उन्होंने ट्विटर पर लिखा- 'हमें आपके साथ काम करने का इंतजार है. हम मिलकर भारत-अमेरिका द्विपक्षीय मुद्दों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे'. ये जनरल कर्टसी थी. जिसे भारत ने निभाया. लेकिन उधर से ट्रंप ने क्या किया आइए बताते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान, भारत को एक ऐसा राष्ट्र माना था जो 'टैरिफ किंग' है. यानी ट्रंप ने भारत को टैरिफ किंग कहा था. साल 2019 में उन्होंने अमेरिकी बाजारों में भारत की जमीनी पहुंच खत्म कर दी. तब ट्रंप ने आरोप लगाया था कि भारत ने अमेरिकी कंपनियों को अपने विशाल बाजार में न्यायसंगत और उचित पहुंच नहीं दी. 

ट्रंप जीते तो भारतीय कंपनियों पर असर पड़ सकता है?

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो दोबारा राष्ट्रपति बनने की रेस में हैं, उन्होंने प्राइमरी शुरू होने के पहले ही एक बार फिर से 'अमेरिका फर्स्ट' की पॉलिसी पर जोर दिया है. उन्होंने नवंबर, 2023 में कुछ अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर भारत द्वारा लगाए गए हाई टैरिफ यानी उच्च करों का मामला जोर शोर से उठाया था. हार्ले-डेविडसन बाइक ऐसा ही एक प्रोडक्ट है. ट्रंप ने कहा है कि अगर वो दोबारा चुने गए तब वो भारतीय उत्पादों पर पारस्परिक कर लगाएंगे. यानी टिट फॉर टैट (जैसे को तैसा) की नीति अपनाएंगे। 

दिग्गजों को छोड़कर आखिर तोखन साहू को ही मोदी कैबिनेट में क्यों मिली जगह ? समझिये पूरा समीकरण

दिग्गजों को छोड़कर आखिर तोखन साहू को ही मोदी कैबिनेट में क्यों मिली जगह ? समझिये पूरा समीकरण

 छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लोकसभा चुनाव में धमाकेदार प्रदर्शन किया है। नतीजतन, इस राज्य में बीजेपी ने केवल कोरबा लोकसभा सीट को छोड़कर 11 में से 10 सीटों पर कब्जा किया है।

इस चमकती हुई जीत के बाद, बीजेपी ने अपनी शक्ति को निरंतर बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ को नए नेतृत्व के साथ विकसित करने का वादा किया है। इसके साथ ही, राज्य के प्रमुख मंत्री तोखन साहू भी केंद्रीय मंत्री मंडल में शामिल हो गए हैं।

तोखन साहू ने अपने कार्यकाल के शुरुआती दिनों से ही जनता के बीच अपनी जगह बनाई है, और उनके संवेदनशील नेतृत्व ने उन्हें पार्टी के अध्यक्षता में उच्च स्थान दिलाया है। अब उन्हें केंद्रीय मंत्री के रूप में नेतृत्व करने का मौका मिला है, जिससे राज्य के विकास में और भी गति आ सकती है।

बिलासपुर से सांसद तोखन साहू मंत्री बन गए, शपथ भी हो गई। लेकिन हर किसी के जहन में यह सवाल जरूर है कि तोखन साहू को मंत्री क्यों बनाया गया? जबकि प्रदेश से सीनियर नेता भी सांसद बने हैं। इसके जवाब के लिए समीकरण समझना होगा। खबरों के अनुसार छत्तीसगढ़ की लगभग 1 करोड़ 35 लाख ओबीसी आबादी में साहू समाज का दबदबा सबसे ज्यादा माना जाता है। इसके बाद यादव समाज जो कि करीब 18 प्रतिशत होने का दावा करते हैं। वहीं, कुर्मी समाज की आबादी 6-7 फीसदी है। विधानसभा और लोकसभा को लेकर यह माना जाता है कि साहू समाज ने पिछले 2 दशकों में बीजेपी को ज्यादा समर्थन दिया है। साथ ही परंपरागत रूप से भाजपा को वोट दिया है। इसके पीछे की वजह यही मानी गई है कि भाजपा ने कांग्रेस की तुलना में समाज से अधिक उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, ज्यादा से ज्यादा मौका देने की कोशिश की।

सियासी गलियारों में चर्चा यही है कि साहू समाज को साधने के लिए ही तोखन साहू को मंत्री बनाया गया है। बात 2014 की हो तो साहू समाज से कुल 3 सांसद रहे हैं। जिसमें से बीजेपी से 2 और कांग्रेस से एक सांसद थे। 2019 में यह संख्या घटकर 2 रह गई। भाजपा से जुड़े दोनों सांसद बिलासपुर और महासमुंद लोकसभा सीटों से जीतकर आए थे। अगर बात 2018 के विधानसभा चुनाव की करें तो दोनों पार्टियों ने 22 साहू कैंडिडेट्स को टिकट दिया था। हालांकि बताया जा रहा है कि इस बार साहू समाज ने भाजपा से 2 उम्मीदवारों को मैदान में उतारना की मांग की, लेकिन पार्टी ने इनकार कर दिया। राजनीतिक विशेषज्ञ ने बताया कि बिलासपुर से केवल एक तोखन साहू को मैदान में उतारने से भाजपा के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया, यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समाज तक पहुंचे और धमतरी में अपने एक भाषण में उन्होंने दावा किया कि वह भी साहू समाज से हैं।

सरकार बनने के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग...जानिए कितनी बढ़ सकती है सैलरी

सरकार बनने के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग...जानिए कितनी बढ़ सकती है सैलरी

 नई दिल्ली : रविवार को राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। पीएम मोदी के साथ ही सारे मंत्रियों ने भी कैबिनेट पद की शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण समारोह के बाद देश में अहम मुद्दों पर चर्चा होनी शुरू हो गई है। सूचना मिली है कि केंद्र सरकार जनवरी 2026 में 8वां वेतन आयोग लागू कर सकता है। हर 10 साल में केंद्र सरकार नया वेतन आयोग लागू करती है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जनवरी, 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू किया था। ऐसे में नई सरकार जल्द ही नया वेतन आयोग लागू करने की योजना बना सकती है।

केंद्र सरकार में करीब एक करोड़ से भी ज्यादा सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारी है। इन कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के गठन होने का सबसे ज्यादा इंतजार है। 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के संबंध में सरकार को सिफारिश सौंपता है। जनवरी 2026 से कर्मचारियों की सिफारिशें 8वें वेतन आयोग को सौंपी जा सकती है। बता दें कि जनवरी, 1946 में पहले वेतन आयोग की स्थापना की गई थी।

सैलरी बढ़ने की उम्मीद

8वें वेतन आयोग का गठन होने के बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारियों को लाभ होगा। 8वें वेतन आयोग के गठन से कुल 49 लाख सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों की सैलरी में इजाफा हो सकता है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 3.68 गुना पर फिटमेंट फैक्टर सेट किया जा सकता है। जिन सरकारी कर्मचारियों का वेतन 18,000 है, उनकी सैलरी में फिटमेंट फैक्टर लगाने के बाद उनकी सैलरी 8,000 हजार रुपये से बढ़ सकती है और उनका कुल वेतन 26,000 रुपये हो सकता है।

जल्द होगा फैसला

नई सरकार आने के बाद से ही सरकार से नीतियों में बदलाव की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि अभी तक ऐसी कोई भी सूचना नहीं मिली है जिससे पता चले कि सरकार 8वां वेतन आयोग लागू करेगी। केंद्र सरकार ने पिछले दिसंबर को ही 8वें वेतन आयोग को लेकर अपने रुख को साफ कर दिया था। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नई सरकार काम संभालने के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर जल्द ही कोई फैसला ले सकती है।

7वें वेतन आयोग सैलरी में इजाफा

7वें वेतन आयोग के गठन से फिटमेंट फैक्टर 2.57 फीसदी बढ़ा था, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में 14.29 फीसदी की बढ़त हुई थी। कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी भी 18,000 रुपये कर दी गई थी। 8वें वेतन आयोग के गठन से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने वाले लाभ बढ़ जाएंगे।

BREAKING : केंद्रीय मंत्रियों के विभागों में बटवारा...जानिए किस सांसद को मिला कौन सा विभाग

BREAKING : केंद्रीय मंत्रियों के विभागों में बटवारा...जानिए किस सांसद को मिला कौन सा विभाग

 दिल्ली :- नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 की पहली कैबिनेट बैठक देश की राजधानी नई दिल्ली में शुरू हो गई है। नरेंद्र मोदी की सरकार में 30 कैबिनेट मंत्री, पांच राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्रियों को जगह दी गई है। नई सरकार में 32 नए चेहरे हैं। बात अगर महिला मंत्रियों की करें तो इस बार मोदी सरकार में सात महिलाओं को मंत्री बनाया गया है जबकि उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 11 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। वहीं बैठक में आज मंत्रियों को उनके विभाग का बटवारा किया गया है।

मोदी 3.0 में अमित शाह को फिर से गृह मंत्रालय दिया गया है,

वहीं नितिन गडकरी को सड़क परिवहन मंत्री बनाया गया है। उनके साथ इस मंत्रालय के लिए दो राज्य मंत्री बनाए गए हैं. इनमें एक अजय टमटा और एक हर्ष मल्होत्रा शामिल होंगे।

रक्षा मंत्रालय राजनाथ सिंह के पास बना रहेगा।

मनोहर लाल खट्टर को ऊर्जा और शहरी विकास मंत्रालय,

शिवराज सिंह चौहान को कृषि और ग्रामीण विकास विभाग मिला है।

निर्मला वित्त बनी रहेगी – सूत्र

जतीन मांझी को

मोदी कैबिनेट मीटिंग लिया गया ये पहला फैसला

मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में जो फैसला सामने आया है, उसके अनुसार पीएम आवास योजना को और एक्सटेंड किया गया है. सामने आया है कि पीएम आवास योजना के तहत तीन करोड़ नए घर बनवाए जाएंगे. इसके पहले 4.21 करोड़ घर बन चुके हैं. सोमवार को पीएम मोदी की कैबिनेट की पहली मीटिंग हुई, जिसके तहत ये फैसला लिया गया है.

कैबिनेट की पहली बैठक में योग्य परिवारों की संख्या में वृद्धि के कारण पैदा होने वाली आवास जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण और शहरी परिवारों को घर बनाने के लिए सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है. इन घरों में टॉयलेट, बिजली और एलपीजी कनेक्शन भी मुहैया कराई जाएगी।

मोदी सरकार के कैबिनेट मंत्री: राष्ट्रपति ने रविवार शाम राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, मनोहर लाल खट्टर, खट्टर कुमारस्वामी, जीतनराम मांझी, राजीव रंजन सिंह, सर्वानंद सोनोवाल, वीरेंद्र कुमार, प्रल्हाद जोशी, राम मोहन नायडु, गिरिराज सिंह, जुएल ओरांव, ज्योदिरादित्य सिंधिया, भूपेंद्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, अन्नपूर्णा देवी, हरदीप सिंह पुरी, किरण रिजीजू, चिराग पासवान, किशन रेड्डी, सीआर पाटिल को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।

केंद्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार: राष्ट्रपति ने जिन सासंदों को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के तौर पर शपथ दिलाई गई, उनमें अर्जुनराम मेघवाल, प्रतावराव जाधव, राव इंद्रजीत सिंह, जितेंद्र सिंह, जयंत चौधरी शामिल हैं।

ये बनाए गए राज्यमंत्री – जितिन प्रसाद, श्रीपद नाईक, पंकज चौधरी, कृष्णपाल गुर्जर, रामदास अठावले, रामनाथ ठाकुर, नित्यानंद राय, अनुप्रिया पटेल, वी सोमन्ना, पी चंद्रशेखर, एसपी सिंह बघेल, शोभा करंदलाजे, बीएल वर्मा, कीर्ति वर्धन सिंह, शांतनु ठाकुर, सुरेश गोपी, एल मुरुगन, अजय टम्टा, बंदी संजय कुमार, कमलेश पासवान, भागीरथ चौधरी, सतीश चंद्र दुबे, संजय सेठ, रवनीत सिंह बिट्टू, दुर्गादास उड़के, रक्षा खडसे, सुकांत मजूमदार, सावित्री ठाकुर, टोकन साहू, राजभूषण चौधरी, श्रीनिवास वर्मा, नीमूबेन बामणिया, मुरलीधर मोहोल, जॉर्ज कुरियन, पबित्रा मार्गेरिटा।

महिलाओं को मिलेगा 25 लाख का लोन State Bank Of India की नई स्किम का जल्द ले लाभ

महिलाओं को मिलेगा 25 लाख का लोन State Bank Of India की नई स्किम का जल्द ले लाभ

 State Bank Of India : महिलाओं को रोजगार शुरू करने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए यह योजना शुरू की गई है। अगर आप भी महिला हैं और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा चलाई जा रही स्त्री शक्ति योजना का लाभ उठाना चाहती हैं, बने रहिये अंत तक बताते है शानदार डिटेल-

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर यह योजना शुरू की है, जिसके तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का काम किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से कोई भी महिला जो अपना खुद का व्यवसाय या रोजगार करना चाहती है, वह बैंक के माध्यम से बेहद कम ब्याज दर पर 25 लाख रुपये तक का लोन प्राप्त कर सकती है। इस लोन पर आपको बेहद कम ब्याज देना होगा।

इस योजना के तहत महिलाओं को किसी भी व्यवसाय के लिए तभी लोन दिया जाता है जब उनकी उस व्यवसाय में 50% या उससे अधिक भागीदारी हो। इस योजना के तहत अगर 500000 तक का व्यवसायिक लोन लिया जाता है तो महिलाओं को किसी भी तरह की जमानत या गारंटी देने की जरूरत नहीं होती है। अगर 5 लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक का लोन लिया जाता है तो यहां महिलाओं को गारंटी देनी होती है।

इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य देश की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है ताकि वे व्यवसाय और व्यापार के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें। इसके लिए एसबीआई बैंक महिलाओं को बेहद कम ब्याज दर पर 25 लाख रुपये तक का लोन देता है ताकि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और अपना खुद का व्यवसाय शुरू करें। जब महिलाएं अपने सपनों को साकार करने का प्रयास करेंगी तो बैंक भी उनकी मदद करेगा, इससे समाज में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सुधार आएगा।

भारतीय स्टेट बैंक देश की महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण सुविधा प्रदान कर रहा है।
इस योजना के तहत कोई भी महिला बहुत कम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त करके अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकती है।
भारतीय स्टेट बैंक द्वारा शुरू की जा रही इस योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है।
विभिन्न श्रेणियों और विभिन्न व्यवसायों के अनुसार अलग-अलग ब्याज दरें लगाई जाती हैं।
यदि कोई महिला ₹200000 से अधिक का व्यवसाय ऋण लेती है तो उसे 0.5% कम ब्याज देना होगा।
₹500000 तक के ऋण के लिए किसी भी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं है।
इस योजना के तहत आप ₹50000 से 25 लाख रुपये तक का ऋण ले सकते हैं।
योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे उद्योग करने वाली महिलाएं अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकती हैं।
अगर आप भी एक महिला हैं जो अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना चाहती हैं तो आप स्त्री शक्ति योजना के तहत आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करें।
आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नजदीकी शाखा में जाना होगा।
यहां आपको जाकर बताना होगा कि आप एसबीआई स्त्री शक्ति योजना के तहत आवेदन करना चाहती हैं।
बैंक कर्मचारी आपको इस बिजनेस लोन के बारे में जानकारी देंगे और आपसे कुछ जानकारी पूछेंगे।
इसके बाद आपको इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए एक आवेदन पत्र दिया जाएगा।
इसमें आपसे कई तरह की जानकारी मांगी जाएगी।
आपको सभी जानकारी ध्यान से दर्ज करनी होगी और पासपोर्ट साइज फोटो को सही जगह चिपकाकर हस्ताक्षर करना होगा।
आपको यह आवेदन पत्र सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ बैंक में जमा करना होगा।
बैंक कुछ दिनों में आपके आवेदन पत्र की जांच करता है और इसे सत्यापित करने के बाद आपकी लोन राशि को मंजूरी देता है।
इस तरह आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्त्री शक्ति योजना के तहत आवेदन करने का लाभ उठा सकते हैं।

शपथ लेते ही एक्शन में PM नरेंद्र मोदी...आज हो सकती है पहली कैबिनेट मीटिंग

शपथ लेते ही एक्शन में PM नरेंद्र मोदी...आज हो सकती है पहली कैबिनेट मीटिंग

 नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार शपथ ग्रहण में 72 मंत्रियों ने भी शपथ ली। मोदी कैबिनेट में 30 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मोदी कैबिनेट की पहली बैठक आज सोमवार को हो सकती है।

बता दें कि एनडीए के 9 दलों के 11 सांसदों को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है। NDA के 14 सहयोगियों के पास 53 सीटें हैं, लेकिन अभी सिर्फ 9 दलों के 11 नेता ही मंत्री बने हैं, जबकि 5 पार्टियों के नेताओं को मोदी 3.0 में जगह नहीं मिली है।

जनता दल यूनाइटेड से दो, तेलुगु देशम पार्टी से दो, जनता दल सेक्युलर से एक, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से एक, लोक जनशक्ति पार्टी से एक, राष्ट्रीय लोकदल से एक, अपना दल (सोनेलाल) से एक, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया से एक और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना से एक सांसद को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।

शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक आज, शिक्षा सचिव लेंगे जेडी, डीईओ सहित शीर्ष अधिकारियों की मीटिंग, इन मुद्दों पर होगी चर्चा…

शिक्षा विभाग की बड़ी बैठक आज, शिक्षा सचिव लेंगे जेडी, डीईओ सहित शीर्ष अधिकारियों की मीटिंग, इन मुद्दों पर होगी चर्चा…

 रायपुर : आचार संहिता खत्म होने वाली है। शिक्षा विभाग भी एक्टिव मूड में आ गया है। शिक्षा सचिव 10 जून को प्रदेश के सभी संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, सभी डाईट प्राचार्य, बीईओ और बीआरसी की बैठक लेने वाले हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ये बैठक होगी।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के मद्देनजर डीपीआई ने सभी संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, डाईट प्राचार्य, बीईओ और बीआरसी को एजेंडा भेजकर जानकारी 7 जून तक मांगी है। जारी पत्र के मुताबिक 10 जून के दोपहर 3.30 बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग होंगी। जिसमें 17 अलग-अलग एजेंडों पर चर्चा होगी। जिन बिंदुओं पर चर्चा होनी है, उनमें शाला प्रवेशोत्सव, शाला भवन व गणवेश वितरण के अलावे पोर्टल में अवकाश का अद्यन करना जैसे बिंदु शामिल हैं।

इन एजेंडों पर होगी चर्चा-

शाला प्रवेशोत्सव की तैयारी ।
शाला भवन / परिसर की सफाई, रंगरोगन व मरम्मत ।
पाठ्य पुस्तक वितरण एवं गणवेश वितरण ।
निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करनें विषयक ।
यू-डाईस डाटा का सत्यापन।
SMC/SMDC का गठन।
पी.एम.श्री. योजना पर चर्चा।
विद्या समीक्षा केन्द्र पर चर्चा।
सायकल क्रय व वितरण।
प्रशिक्षण कार्यक्रम (S.C.E.R.T.)।
वृक्षारोपण।
पोर्टल में अवकाश का अद्यतन करना।
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 अन्तर्गत समस्त कलेक्टर को छ.ग. शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश दिनांक 21.05.2024 के परिपालन की जानकारी।
आर.टी.ई. के अन्तर्गत ड्राप आउट विद्याथियों की विगत 05 वर्षों की जानकारी (शिक्षा सत्र 2019- 20 से 2023-24 तक)।
आगामी माह के प्रशिक्षण की तैयारी।
जिलों एवं विकासखण्डों में क्रमशः डी.आर.जी. व बी.आर.जी. गठन की जानकारी।
ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण हेतु सुविधायुक्त उपयुक्त स्थलों की जानकारी।

कौन बनेगा ओडिशा का अगला मुख्‍यमंत्री ? चुनाव के लिए राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव बनाए गए केंद्रीय पर्यवेक्षक

कौन बनेगा ओडिशा का अगला मुख्‍यमंत्री ? चुनाव के लिए राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव बनाए गए केंद्रीय पर्यवेक्षक

 नई दिल्ली।  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ओडिशा के मुख्यमंत्री की नियुक्ति के लिए केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इस निर्णय की घोषणा रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में की. आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने ओडिशा में पार्टी के विधान सभा के नेता के चुनाव के लिए भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

भारतीय जनता पार्टी

रविवार को एक आधिकारिक विज्ञप्ति में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड ने ओडिशा में पार्टी के विधान सभा के नेता के चुनाव के लिए भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

उल्लेखनीय है कि राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव ने 9 जून को राष्ट्रपति भवन में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली. इससे पहले, भाजपा प्रवक्ता और शपथ ग्रहण समारोह प्रभारी दिलीप मोहंती ने रविवार को कहा कि ओडिशा के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह अब 12 जून को होगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समारोह में मौजूद रहेंगे.

मोहंती ने कहा कि ओडिशा में नवनिर्वाचित भाजपा सरकार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह अब 12 जून को होगा. शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी मौजूद रहेंगे. इस बीच, बीजू जनता दल (बीजद) के नेता और ओडिशा के कार्यवाहक मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी वीके पांडियन ने रविवार को ओडिशा विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के बाद सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा की.

2000 बैच के आईएएस अधिकारी पांडियन दो दशकों से अधिक समय तक नवीन पटनायक के निजी सचिव के रूप में काम कर चुके हैं. 2023 में, वे नौकरशाही से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद बीजद में शामिल हुए थे. ओडिशा विधानसभा चुनाव में बीजू जनता दल को भारतीय जनता पार्टी के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जिससे नवीन पटनायक का 24 साल पुराना शासन खत्म हो गया.

147 सीटों वाली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी ने 78 सीटें हासिल कीं. बीजेडी ने 51 सीटें हासिल कीं, जो बहुमत के 74 के आंकड़े से काफी पीछे हैं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 14 सीटें हासिल कीं. 2024 के लोकसभा चुनावों में भी भाजपा ने राज्य की 21 संसदीय सीटों में से 20 सीटें हासिल करके अच्छा प्रदर्शन किया. यहां शेष एक सीट पर कांग्रेस को सफलता मिलेगी.

शपथ लेने के दूसरे दिन ही पीएम मोदी का किसानों को लेकर बड़ा फैसला...जारी की किसान सम्मान निधि की 17वीं किश्त

शपथ लेने के दूसरे दिन ही पीएम मोदी का किसानों को लेकर बड़ा फैसला...जारी की किसान सम्मान निधि की 17वीं किश्त

 दिल्ली : तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद नरेंद्र मोदी ने किसानों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पीएम मोदी ने किसान सम्मान निधि की 17वीं किश्त जारी करने के लिए फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हस्ताक्षरित पहली फाइल प्रधानमंत्री किसान निधि जारी करने से संबंधित है।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हस्ताक्षरित पहली फाइल प्रधानमंत्री किसान निधि जारी करने से संबंधित है। तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान निधि की 17वीं किस्त जारी करने की अपनी पहली फाइल पर हस्ताक्षर किए। इससे 9.3 करोड़ किसानों को लाभ होगा और लगभग 20,000 करोड़ रुपये वितरित किए जाएंगे।

किन नए और पुराने नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में मिली जगह? यहां देखिए पूरी लिस्ट

किन नए और पुराने नेताओं को मोदी मंत्रिमंडल में मिली जगह? यहां देखिए पूरी लिस्ट

नई दिल्ली : नरेंद्र मोदी ने आज 9 जून रविवार को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है। पीएम मोदी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शपथ दिलाई। पीएम के साथ ही कई नवनियुक्त मंत्रियों को भी राष्ट्रपति ने शपथ दिलाई है, मोदी के मंत्रिमंडल में एनडीए के घटक दलों के नेताओं को इसमें शामिल किया गया है। इसी को ध्यान में रखकर कुछ नए चेहरों को भी शामिल किया गयाहै। यहां जानिए इस बार किन नए चेहरों को मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली है और कौन से ऐसे चेहरे हैं जिन्हें दोबारा मौका दिया गया है।

मोदी कैबिनेट में शामिल नए चेहरे

  • मनोहर लाल खट्टर
  • एच डी कुमारस्वामी
  • जीतन राम मांझी
  • राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह)
  • राम मोहन नायडू
  • चिराग पासवान
  • सी आर पाटिल
  • प्रतापराव गणपतराव जाधव
  • जयंत चौधरी
  • रामनाथ ठाकुर
  • वी. सोमन्ना
  • डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी
  • कीर्ति वर्धन सिंह

इन नेताओं को कैबिनेट में दोबारा मिली जगह

  • राजनाथ सिंह
  • अमित शाह
  • नितिन गडकरी
  • जेपी नड्डा
  • शिवराज चौहान
  • निर्मला सीतारमण
  • एस. जयशंकर
  • पीयूष गोयल
  • धर्मेंद्र प्रधान
  • सर्बानंद सोनोवाल
  • डॉ. वीरेंद्र कुमार
  • प्रहलाद जोशी
  • जुएल उरांव
  • गिरिराज सिंह
  • अश्विनी वैष्णव
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया
  • भूपेंद्र यादव
  • गजेंद्र सिंह शेखावत
  • अन्नपूर्णा देवी
  • किरेन रिजिजू
  • हरदीप सिंह पुरी
  • डॉ. मनसुख मांडविया
  • जी. किशन रेड्डी
  • राव इंद्रजीत सिंह
  • डॉ. जितेंद्र सिंह
  • अर्जुन राम मेघवाल
  • जितिन प्रसाद
  • श्रीपद यशो नाइक
  • पंकज चौधरी
  • श्री कृष्ण पाल गुर्जर
  • रामदास अठावले
  • नित्यानंद राय
  • अनुप्रिया पटेल
  • एसपी सिंह बघेल
  • शोभा करण राजे
  • बी एल वर्मा
  • शांतनु ठाकुर
 पीएम मोदी ने तीसरी बार ली प्रधानमंत्री पद की शपथ...देखें राष्ट्रपति भवन से लाइव

पीएम मोदी ने तीसरी बार ली प्रधानमंत्री पद की शपथ...देखें राष्ट्रपति भवन से लाइव

 नई दिल्ली। Narendra Modi Oath ceremony LIVE: नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) तीसरी बार देश की सत्ता संभालने जा रहे हैं। NDA दल के नेता राष्ट्रपति भवन (Rashtrapati Bhavan) में प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) उन्हें पीएम पद की शपथ दिलवा रही हैं।

यहां देखें LIVE:

नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में न सिर्फ देश के बल्कि कई विदेशी मेहमान भी शामिल हुए। अभिनेता अक्षय कुमार, प्रसार भारती के अध्यक्ष नवनीत कुमार सहगल और भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद धर्मेंद्र प्रधान दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे।

साथ ही नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल, उद्योगपति मुकेश अंबानी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एक्टर शाहरुख खान, विक्रांत मैसी, बिहार सीएम नीतीश कुमार समेत कई बड़ी हस्तियों ने इस कार्यक्रम में शिरकत की।

पीएम मोदी का शपथ ग्रहण समारोह आज, कब और कहां देख सकेंगे लाइव प्रसारण, जानिए एक क्लिक में

पीएम मोदी का शपथ ग्रहण समारोह आज, कब और कहां देख सकेंगे लाइव प्रसारण, जानिए एक क्लिक में

 PM Modi Oath Live : नरेंद्र मोदी आज (9 जून) तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके तीसरे कार्यकाल के लिए होने वाली शपथग्रहण समारोह की भव्य तैयारी हो रही है. पीएम मोदी के शपथ के साथ ही NDA सरकार के तीसरे कार्यकाल और नए कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत भी हो जाएगी. शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए 5 बजे से मेहमान आने शुरू हो जाएंगे. इसके बाद शाम 7:15 बजे पर शपथग्रहण शुरू होगा और करीब साढ़े 8 बजे तक चलेगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) प्रधानमंत्री पद के लिए मनोनीत नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को शपथ दिलाएंगी, जिसका पूरे देश में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

शपथग्रहण समारोह को भारत के राष्ट्रपति के यूट्यूब चैनल और एक्स अकाउंट पर भी लाइव स्ट्रीम किया जाएगा. समारोह का सीधा प्रसारण शाम 7.15 बजे दूरदर्शन पर किया जाएगा. इसके अलावा दूरदर्शन के यूट्यूब चैनल पर भी लाइप शपथग्रहण समारोह देख सकेंगे. इसके अलावा मोदी के शपथग्रहण को आप Zee News चैनल, वेबसाइट और सोशल मीडिया पर भी लाइव देख सकेंगे।

शपथग्रहण के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

शपथग्रहण समारोह के लिए राजधानी दिल्ली थ्री टियर सिक्योरिटी रहेगी. दिल्ली पुलिस के 3 हजार स्टाफ, और पैरामिलेट्री फोर्स की 15 कम्पनियां तैनात की जाएंगी. NSG, SPG और इंटेलिजेंस विंग के अफसर भी इस पर तैनात रहेंगे. दिल्ली को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है. नई दिल्ली बॉर्डर में आने वाले सभी रास्तों पर कड़ी सुरक्षा है और पूरे इलाके पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है. हाई सिक्योरिटी जोन में आम वाहनों के प्रवेश पर रोक है. विदेशी मेहमान जिन होटलों में रुकेंगे, वहां से लेकर आसपास के इलाके में भी निगरानी की जा रही है।

 नरेंद्र मोदी आज (9 जून) तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके तीसरे कार्यकाल के लिए होने वाली शपथग्रहण समारोह की भव्य तैयारी हो रही है. पीएम मोदी के शपथ के साथ ही NDA सरकार के तीसरे कार्यकाल और नए कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत भी हो जाएगी. शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए 5 बजे से मेहमान आने शुरू हो जाएंगे. इसके बाद शाम 7:15 बजे पर शपथग्रहण शुरू होगा और करीब साढ़े 8 बजे तक चलेगा. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) प्रधानमंत्री पद के लिए मनोनीत नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को शपथ दिलाएंगी, जिसका पूरे देश में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

मोदी कैबिनेट की तस्वीर साफ ! इन सांसदों को गया कॉल, जानिए मोदी 3.0 की टीम में कौन-कौन शामिल?

मोदी कैबिनेट की तस्वीर साफ ! इन सांसदों को गया कॉल, जानिए मोदी 3.0 की टीम में कौन-कौन शामिल?

 PM Modi Shapath Grahan : भाजपा नेता नरेंद्र मोदी रविवार को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए तैयार हैं. इस भव्य समारोह में पड़ोसी देशों के नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों सहित 9,000 से अधिक लोग शामिल होंगे. इस बीच मंत्री पद को लेकर सांसदों को कॉल जा रहा है।

अब तक जिन 47 NDA नेताओं को कॉल आए

1. अमित शाह 2. मनसुख मंडाविया 3. अश्विनी वैष्णव 4. निर्मला सीतारमण 5. पीयूष गोयल 6. जितेंद्र सिंह 7. शिवराज सिंह चौहान 8. हरदीप सिंह पुरी 9. एचडीके 10. चिराग पासवान 11. नितिन गडकरी 12. राजनाथ सिंह 13. ज्योतिरादित्य सिंधिया 14. किरन रिजिजू 15. गिरिराज सिंह 16. गजेंद्र सिंह शेखावत 17. जयंत चौधरी 18. अन्नामलाई 19. एमएल खट्टर 20. सुरेश गोपी 21. धर्मेंद्र प्रधान 22. जीतन राम मांझी 23. रामनाथ ठाकुर (राज्यसभा) 24. जी किशन रेड्डी 25. बंदी संजय 26. अर्जुन राम मेघवाल 27. प्रह्लाद जोशी 28. आजसू सांसद चंद्रशेखर चौधरी 29. डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी 30. राम मोहन नायडू किंजरापु 31. रवनीत सिंह बिट्टू 32. जितिन प्रसाद 33. पंकज चौधरी 34. सीआर पाटिल 35. बीएल वर्मा 36. ललन सिंह 37. सोनोवाल 38. अनुप्रिया पटेल 39. प्रताप राव जाधव 40. अन्नपूर्णा देवी 41. रक्षा खडसे 42. अजय टम्टा 43. शोभा करंदलाजे 44. कमलजीत सहरावत 45. राव इंद्रजीत सिंह 46. राम दास अठावले 47. हर्ष मल्होत्रा

पहले खबर थी जीतन राम मांझी को कॉल गई है, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि उन्हें अभी कोई कॉल नहीं आई है. इसी तरह की बात अनुप्रिया पटेल ने भी कही है.

एनडीए सहयोगियों के सहयोग से बनने वाले मोदी कैबिनेट 3.0 में तेलुगु देशम पार्टी के नेताओं को दो, एनसीपी (अजित पवार) और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को एक-एक स्थान मिलेगा. इसके अलावा, कैबिनेट में मंत्री पद के लिए राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी के नामों की पुष्टि हो गई है. उनके अपने-अपने विभागों को बरकरार रखने की संभावना है.

आजीत पवार की मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना कम

सूत्रों के हवाले से खबर है कि एनसीपी (AJIT PAWAR) को अभी तक कोई फ़ोन नहीं गया है. आजीत पवार की मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना कम है! मोदी सरकार 3.0 की कैबिनेट में कौन-कौन चेहरे शामिल होंगे इस पर सस्पेंस बना हुआ है.

महाराष्ट्र से 6 सांसद केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल होंगे. इसमें इन नेताओं के नाम शामिल हैं.

नितीन गडकरी (नागपूर)

पियुष गोयल (मुंबई नॉर्थ)

रक्षा खडसे (रावेर)

मुरलीधर मोहोळ (पुणे)

प्रतापराव जाधव (बुलढाणा, शिवसेना)

रामदास आठवले (आरपीआय)