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गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बनेगा अब छत्तीसगढ़ का चौथ टाइगर रिजर्व,भूपेश सरकार ने लिया फैसला....

गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बनेगा अब छत्तीसगढ़ का चौथ टाइगर रिजर्व,भूपेश सरकार ने लिया फैसला....
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कोरिया| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में रविवार को संपन्न हुए राज्य वन्य जीव बोर्ड की 11वीं बैठक में गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने का फैसला लिया गया है। 1440.705 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ का चौथ टाइगर रिजर्व होगा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में अभी चानकमार टाइगर रिजर्व, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और इंद्रावती टाइगर रिजर्व है।


गौरतलब है कि साल 2001 में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभाजन के साथ ही संजय राष्ट्रीय उद्यान सीधी को दो भागों में बांटकर गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया था। इसके बाद से गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में आ गया था।

बैठक में टाइगर रिजर्व बनाने के साथ ही यहां राज्य के वनों में बाघों की संख्या में वृद्धि और उनकी सुरक्षा के लिए रेडियो कॉलरिंग व्यवस्था करने का भी फैसला लिया गया। वहीं, बारनावापारा अभयारण्य से चीतलों की अधिक संख्या को देखते हुए, उन्हें गुरुघासीदास राष्ट्रीय उद्यान और उदंती-सीतानदी टायगर रिजर्व में शिफ्ट करने को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान राजकीय पशु वन भैंसा और विलुप्त हो रहे गिद्धों के संरक्षण को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान वन विभाग अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अचानकमार टायगर रिजर्व, गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और सरगुजा जिले के मैनपाट में गिद्धों की पांच प्रजातियां पाई जाती हैं। इनके संरक्षण के लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी।

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