लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |

बड़ी खबर: बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना

बड़ी खबर: बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली पर हाईकोर्ट ने लगाया जुर्माना
Share

नई दिल्ली| बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली कलकत्ता हाईकोर्ट ने झटका दिया है। हाईकोर्ट ने सौरव गांगुली पर जुर्माना लगाया है। गांगुली के साथ ही बंगाल सरकार और उसके आवास निगम पर भी जुर्माना लगाया गया है। मामला गलत तरह से जमीन आवंटन का है। जिस वजह से पूर्व भारतीय कप्तान पर हाईकोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया, जबकि बंगाल सरकार और आवास निगम पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगा है।

हाईकोर्ट के कार्यवाहक सीजे राजेश बिंदल और जस्टिस अरिजित बनर्जी की बेंच ने जनहित याचिका पर सुनवाई की और कहा कि जमीन आवंटन के मामलों में निश्चित नीति होनी चाहिए ताकि सरकार ऐसे मामलों में दखल न दे सके।

दरअसल गांगुली की शिक्षण संस्था को बंगाल सरकार ने कोलकाता के न्यू टाउन एरिया में नियमों के विपरीत जमीन दी थी। जनहित याचिका में बीसीसीआई अध्यक्ष और गांगुली एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी को स्कूल के लिए आवंटित 2 एकड़ जमीन पर सवाल खड़ा किया गया था।

पीठ ने कहा कि देश हमेशा खिलाडिय़ों के लिए खड़ा होता है। खासकर जो इंटरनेशनल स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह सच है कि सौरव गांगुली ने क्रिकेट में देश का नाम रोशन किया है, लेकिन जब बात कानून और नियमों की आती है तो संविधान में सब समान है। कोई भी उससे ऊपर होने का दावा नहीं कर सकता। 2016 में इस जमीन के आवंटन को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गई थी।

Share

Leave a Reply