CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

पत्नी अगर नहीं रहना चाहती है साथ तो पति को तलाक लेने का है अधिकार : हाईकोर्ट

पत्नी अगर नहीं रहना चाहती है साथ तो पति को तलाक लेने का है अधिकार : हाईकोर्ट
Share

 बिलासपुर। तमाम प्रयासों के बाद भी अगर वैवाहिक संबंधों को बनाए रखने के लिए पत्नी ने साथ रहने से इंकार कर दिया है तो पति को तलाक की अर्जी लगाने का अधिकार है। एक मामले में फैमिली कोर्ट के फैसले को पलटते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने यह आदेश दिया है।

इस संबंध में की गई अपील में पति ने बताया कि नवंबर 2013 में उसकी शादी हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद पत्नी अपने मायके चली गई और फिर दोबारा नहीं लौटी। इस बीच वह पत्नी से मिलने के लिए जाता रहा। उसने उसे वापस लौटने के लिए तैयार करने की कोशिश की। पत्नी के लगातार इंकार करने के बाद उसने फैमिली कोर्ट में आवेदन लगाया। कोर्ट ने पति के वैवाहिक अधिकार की बहाली का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुसार उसने पत्नी से फिर अनुरोध किया कि वह ससुराल आकर साथ रहे।

पत्नी ने लगाया दहेज़ प्रताड़ना का आरोप

इस बीच पत्नी ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया और फिर उसने साथ रहने से इंकार कर दिया। इस पर पति ने फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई। फैमिली कोर्ट ने यह कहते हुए उसकी अर्जी नामंजूर कर दी कि उसने दांपत्य अधिकार की बहाली के लिए सकारात्मक प्रयास नहीं किए हैं।

आदेश के विरुद्ध अपील की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि फैमिली कोर्ट का यह कहना सही नहीं है कि दांपत्य के अधिकार की बहाली के लिए पति ने कोई कदम नहीं उठाया था। उसने पहला आवेदन इसी के लिए लगाया था कि पत्नी साथ में आ कर रहे। इसमें विफल होने के बाद उसने तलाक की अर्जी लगाई। परिवार न्यायालय के निष्कर्ष को खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने पति को तलाक की अर्जी लगाने की छूट दे दी है।


Share

Leave a Reply