लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |

इन हालात में ज्ञान और धन भी नहीं आते काम, पढ़ें आज की चाणक्य नीति

इन हालात में ज्ञान और धन भी नहीं आते काम, पढ़ें आज की चाणक्य नीति
Share

आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों को लेकर दुनियाभर में मशहूर हैं। उन्होंने अपनी नीतियों के बल पर नंद वंश का नाश कर साधारण बालक चंद्रगुप्त को मौर्य वंश का सम्राट बना दिया था। आचार्य चाणक्य एक महान अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और शिक्षाविद थे। चाणक्य ने नीति शास्त्र में जीवन से जुड़े कई पहलुओं का वर्णन किया है। चाणक्य की ये नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं।
माना जाता है कि चाणक्य की नीतियों का पालन करने वाले व्यक्ति को जीवन में असफलता हासिल नहीं होती है। चाणक्य ने नीति शास्त्र में ज्ञान के साथ धन के महत्व भी बखूबी समझाया है। चाणक्य कहते हैं कि जहां धन आपको मुश्किलों से निकालता है, वहीं विद्या सबसे बड़ा धन होती है।

पुस्तकों में रहने वाली विद्या-
आचार्य चाणक्य के अनुसार, किताबों में रहने वाली विद्या किसी काम की नहीं होती है। इस कथन का अर्थ है कि जो ज्ञान केवल किताबों में तक ही सीमित रहता है, उसका वक्त आने पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। इसलिए व्यक्ति को किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान भी होना जरूरी है। चाणक्य कहते हैं कि गुरु से ज्ञान लेते समय शिष्य को अपनी पूरी जिज्ञासा शांत कर लेनी चाहिए, क्योंकि अधूरा ज्ञान आपको मुश्किलों में डाल सकता है।
दूसरों के पास रखा धन-
चाणक्य कहते हैं कि दूसरों के पास रखा धन किसी काम का नहीं होता है। इसलिए व्यक्ति को धन हमेशा अपने पास रखना चाहिए। अक्सर लोग अपना धन दूसरों को दे देते हैं, जो कि समय पर मिलना मुश्किल होता है।
 


Share

Leave a Reply