मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से, हंगामेदार होने के आसार
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को पेश करेंगे पेपरलेस बजट
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस सत्र को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे को घेरने के लिए पूरी तैयारी की है। लिहाज, सत्र हंगामेदार होने के आसार है।
मप्र विधानसभा का बजट सत्र सुबह 11 बजे राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से शुरू होगा। अभिभाषण में राज्यपाल पटेल राज्य सरकार की उपलब्धियों और कार्य योजनाओं की जानकारी देंगे। यह बजट सत्र 6 मार्च तक चलेगा। इस 19 दिवसीय सत्र में सदन की कुल 12 बैठकें होंगी। इस दौरान 18 फरवरी को उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस बार का बजट 4.85 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है, जो पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कई मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल कांड, बढ़ता कर्ज, कानून-व्यवस्था से जुड़े विषय प्रमुख रह सकते हैं। वहीं, सरकार भी विपक्ष को जवाब देने के लिए तैयारी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और मंत्री विजय शाह की बर्खास्ती की मांग सदन में करेगी। इसको लेकर सदन में हंगामा हो सकता है।
वर्ष 2026 को कृषि वर्ष घोषित किए जाने के चलते खेती और ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। साथ ही 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक बजट को 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने का है।
आज विपक्षी विधायक दल की बैठक
विधानसभा में सत्ता पक्ष को घेरने की रणनीति बनाने के लिए कांग्रेस ने आज कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी होगी। इसमें विधानसभा के बजट सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायक दल की बैठक में प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में मजबूती से उठाने की रणनीति तैयार की जाएगी, साथ ही प्रदेश सरकार में हुए घोटालों को सदन में उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे कर्ज, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतें, किसानों को हो रहे नुकसान, युवाओं के रोजगार, आदिवासी- दलितों पर बढ़ते अत्याचार जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा।
विधानसभा सचिवालय द्वारा जानकारी दी गई कि सत्र की अधिसूचना जारी होने से अब तक तारांकित पश्न 1750 एवं अतारांकित प्रश्न 1728 कुल 3478 प्रश्नों की सूचनाएं प्राप्त हई हैं, जबकि ध्यानाकर्षण की 236, स्थगन प्रस्ताव की 10, अशासकीय संकल्प की 41 और शून्यकाल की 83 सूचनाएं प्राप्त हई हैं। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का यह नवम सत्र होगा।







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