CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

महाराष्ट्र सियासत सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को किया नोटिस जारी, कल सुबह फिर सुनवाई

महाराष्ट्र सियासत सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को किया नोटिस जारी, कल सुबह फिर सुनवाई
Share

सुप्रीम कोर्ट में महाराष्‍ट्र सरकार के गठन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई सोमवार सुबह तक टल गई है। कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी करते दस्‍तावेज तलब किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस-राकांपा-शिवसेना की याचिका पर केंद्र

, महाराष्ट्र सरकार, देवेंद्र फड़नवीस और अजीत पवार को नोटिस जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से अनुरोध है कि कल सुबह 10.30 बजे तक बीजेपी को विधायकों के समर्थन के पत्र और पत्र के लिए आमंत्रित करने के लिए तैयार कागजात प्रस्‍तुत करें।

रविवार 11.30 बजे से महाराष्ट्र की सियासी लड़ाई दिल्ली पहुंच गई है, जहां रविवार को शिवसेना (Shiv Sena), एनसीपी (NCP) और कांग्रेस (Congress) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना की ओर से पेश हुए। वे कोर्ट में पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे रहे हैं। उन्‍होंने दलील दी कि 24 अक्‍टूबर से 9 नवंबर तक कुछ नहीं हुुआ, उसके बाद अचानक यह कैसे तय हो गया। सिब्‍बल ने कहा कि जब शुक्रवार शाम को यह तय हो गया था कि सरकार किसकी बनेगी तो शनिवार सुबह राजभवन में भाजपा को शपथ कैसे दिलाई जा सकती है। बहुमत का गुमान है तो इसे जल्‍दी साबित करके दिखाएं। सुबह 5.17 पर राष्‍ट्रपति शासन कैसे हटा लिया गया। जज ने पूछा कि समर्थन की चिठ्ठी कब दी गई। कपिल सिब्‍बल ने कर्नाटक में हुए सियासी घटनाक्रम का भी हवाला दिया। मुकुल रोहतगी ने कहा कि संडे के दिन इस मामले की सुनवाई नहीं होना चाहिये लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह आवश्‍यक है, इसलिए ऐसा किया जा रहा है। अब तो बेंच बन चुकी है, इसलिए अब इस सवाल का कोई अर्थ नहीं है

आज या कल करवाएं फ्लोर टेस्‍ट

एनसीपी-कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से कहा है कि महाराष्‍ट्र सरकार का बहुमत परीक्षण आज या कल ही करवाया जाए। उन्‍होंने 1998 के यूपी और 2018 के कर्नाटक के मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी तत्‍काल बहुमत परीक्षण के आदेश दिए हैं।

अभिषेक मनु सिंघवी ने दी यह दलील

एनसीपी-कांग्रेस की ओर से पेश अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा,'राज्‍यपाल का दायित्‍व है कि प्रथम दृष्‍टया बहुमत की संतुष्टि किसी हस्‍ताक्षरित लिखित दस्‍तावेज के आधार पर करे जिसका भौतिक सत्‍यापन हुआ हो। यही मापदंड है। उन्‍होंने उप-मुख्‍यमंत्री बने अजीत पवार की शपथ पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि "केवल 42-43 सीटों के सहारे अजीत पवार डिप्टी सीएम कैसे बने? यह लोकतंत्र की हत्या है।"

यह कानूनी पेंच फंसा

कोर्ट में महाराष्‍ट्र की सरकार के गठन के खिलाफ दायर याचिका पर यह सवाल उठा है कि यह याचिका चलने योग्‍य भी है या नहीं। कारण यह है कि याचिका में फंडामेंटल राइट्स का हवाला दिया गया है, जबकि कोर्ट ने कहा है कि फंडामेंटल राइट्स दलों के नहीं होते।

    


Share

Leave a Reply