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TMC में बड़ा बवाल: ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाने का ऐलान, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड

TMC में बड़ा बवाल: ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाने का ऐलान, अभिषेक बनर्जी सस्पेंड
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 West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा सियासी भूचाल आ गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को चेयरपर्सन पद से हटाने और सांसद अभिषेक बनर्जी को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा कर दी। उलुबेरिया पूर्व के विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने खुद को ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ बताते हुए नई संगठनात्मक समिति का गठन किया और वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया चेयरमैन नियुक्त किया।

न्यू टाउन के एक होटल में हुई बैठक में बागी विधायकों, कोलकाता नगर निगम (KMC) समेत तीन जिलों के करीब 70 पार्षदों ने हिस्सा लिया। बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के पुनर्गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी संविधान के अनुसार हर तीन साल में राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का गठन जरूरी है, लेकिन 2022 के बाद ऐसा नहीं किया गया, जिससे संगठनात्मक संकट पैदा हुआ।

ताजा घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस तीन गुटों में बंटी दिखाई दे रही है। एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व में है, दूसरा ऋतब्रत बनर्जी का बागी गुट और तीसरा काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाला सांसदों का समूह है, जिसने अलग राजनीतिक रास्ता अपनाने का फैसला किया है।

विवाद अब पार्टी के चुनाव चिन्ह और फंड तक पहुंच गया है। बागी नेताओं ने पार्टी के नाम और सिंबल पर दावा ठोकते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने के संकेत दिए हैं। वहीं, करीब 1,100 करोड़ रुपये के पार्टी फंड को लेकर भी संघर्ष तेज हो गया है। पुलिस शिकायत के बाद पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा लगभग 440 करोड़ रुपये पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया है। बागी विधायकों का आरोप है कि इन खातों में जमा धन के स्रोत की जांच होनी चाहिए और इसमें कथित अनियमितताओं की आशंका है।


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