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अब साल में दो बार दाखिला लेने का मिलेगा मौका, UGC ने दी मंजूरी..

अब साल में दो बार दाखिला लेने का मिलेगा मौका, UGC ने दी मंजूरी..
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 नई दिल्ली। विदेशी विश्वविद्यालयों की तर्ज पर भारतीय विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षण संस्थान भी अब साल में दो बार दाखिला ले सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसी साल से विश्वविद्यालयों को इस पर अमल की मंजूरी दी है।

मौजूदा समय में विश्वविद्यालयों सहित दूसरे सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के नियमित पाठ्यक्रमों में साल में एक बार यानी जुलाई-अगस्त के बीच ही दाखिला मिलता है। यूजीसी ने विश्वविद्यालयों सहित उच्च शिक्षण संस्थानों में साल में दो बार दाखिले को लेकर यह मंजूरी ऐसे समय दी है, जब इन उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।

यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार के मुताबिक विश्वविद्यालयों सहित दूसरे किसी भी उच्च शिक्षण संस्थानों में यह व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से यानी 2024-25 से ही शुरू हो जाएगी। लेकिन यह किसी के लिए अनिवार्य नहीं होगा। संस्थान छात्रों की मांग के आधार पर इसकी शुरुआत कर सकेंगे। इस दौरान दोनों सत्र में छात्रों को नियमित कोर्स में दाखिला दिया जाएगा। खत्म होगी ये दिक्कतें

इससे पूर्व भी यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को साल में दो बार दाखिला देने की अनुमति दी थी, लेकिन यह सिर्फ आनलाइन या फिर दूरस्थ शिक्षा के लिए था। यूजीसी चेयरमैन प्रोफेसर कुमार के मुताबिक इससे उच्च शिक्षण संस्थानों को छात्रों के दाखिले की दिक्कत खत्म हो जाएगी।

मौजूदा व्यवस्था के तहत यदि कोई छात्र जुलाई-अगस्त में दाखिला लेने से चूक जाता था, जो उसे पूरे साल भर तक का इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने इसे लेकर एक आकंड़ा भी जारी किया और बताया कि 2022 में आनलाइन कोर्स में साल में दो बार दाखिला देने की अनुमति के बाद जुलाई सत्र में जहां 19.73 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था, वहीं जनवरी सत्र में भी 4.28 लाख छात्रों ने दाखिला लिया था। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में छात्र बीमारी, रिजल्ट देरी से आने आदि कारणों से दाखिला लेने से वंचित रह जाते है। रैंकिंग, फीस सहित छात्रों से जुड़ी जानकारी करें प्रदर्शित

यूजीसी ने इस बीच विश्वविद्यालयों सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया है कि वह रैंकिंग, फीस सहित छात्रों से जुड़ी जानकारी अनिवार्य रूप से अपने पोर्टल पर प्रदर्शित करें। यूजीसी का कहना है कि इससे छात्रों को संस्थान से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी और वह किसी धोखे में नहीं आएंगे। यूजीसी ने संस्थानों को यह निर्देश ऐसे समय दिया है, जब उनमें दाखिले का प्रक्रिया चल रही है।


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