छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण का विपक्षी दलों ने किया बहिष्कार, निकले सदन से बाहर, जाने पूरी खबर
सभी विपक्षी दलों ने कहा-हम गलत परंपरा का हिस्सा नहीं बनेंगे
रायपुर । छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार विधानसभा में आज राज्यपाल के अभिभाषण का विपक्षी दलों ने बहिष्कार कर दिया।
प्रदेश सरकार ने राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव एवं 126वां संशोधन विधेयक 2019 के अनुसमर्थन में प्रस्ताव को लेकर गुरूवार को एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र की शुरूआत आज प्रदेश की राज्यपाल सुश्री अनुसूईया उइके के अभिभाषण से होना था। सदन में पहुंचने के बाद राज्यपाल अपना अभिभाषण पढऩा शुरू करती उससे पहले ही प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने खड़े होकर कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि हम राज्यपाल का सम्मान करते है लेकिन देश में कहीं भी ऐसी परंपरा नहीं रही है। उन्होंने कहा कि हमारे दल की ओर से पहले ही इस विशेष सत्र एवं राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, संसदीय कार्यमंत्री एवं विधानसभा सचिवालय में आपत्ति जता चुके है। उन्होंने कहा कि हम ऐसी किसी भी गलत परम्परा का हिस्सा नहीं बनना चाहते है इसलिए राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार कर सदन से बाहर जा रहे है।
भाजपा दल के बाद जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ एवं बसपा दल के सदस्यों ने भी राज्यपाल के अभिभाषण का बहिस्कार करते हुए सदन से बाहर चले गए।
इधर विपक्षी दलों के बहिस्कार कर सदन से बाहर जाने के बाद राज्यपाल सुश्री उइके ने अपना अभिभाषण पढ़ा। राज्यपाल का अभिभाषण खत्म होने के बाद सभी विपक्षी दलों के सदस्य सदन की कार्यवाही में पुन: भाग लिए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने लोकसभा एवं राज्यसभा दोनों सदनों में पारित संविधान 126वां संशोधन विधेयक 2019 के अनुसमर्थन में प्रस्ताव पटल पर रखी गई। विधानसभा अध्यक्ष डा. चरणदास महंत ने इस दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए आज अपरान्ह 3 बजे से समय निर्धारित करते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 01 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद दोपहर 01 बजे सदन की कार्यवाही पुन: शुरू हुई।







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