CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

पश्चिम बंगाल में भाजपा को झटका, सांसद अर्जुन सिंह के तीन सहयोगी टीएमसी में हुए शामिल

पश्चिम बंगाल में भाजपा को झटका, सांसद अर्जुन सिंह के तीन सहयोगी टीएमसी में हुए शामिल
Share

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में एक बार फिर भाजपा को झटका लगा है। लोकसभा सांसद अर्जुन सिंह के तीन सहयोगियों ने टीएमसी जॉइन कर ली। इसमें भाटपाड़ा म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन सौरव सिंह औऱ पूर्व विधायक सुनील सिंह भी शामिल हैं। सौरव सिंह को भाजपा ने निकाय चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार भी घोषित किया था। उन्होंने अपना नामांकन पत्र भी भर दिया था।

सुनील सिंह नोआपारा से विधायक रह चुके हैं। उन्हें भी भाजपा ने नोआपारा में नगर निगम के चुनाव में प्रत्याशी बनाया था। सुनील सिंह के साथ उनके बेटे आदित्य सिंह और अर्जुन सिंह के भतीजे सौरव सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया। बाद में इन तीनों ने ही टीएमसी जॉइन कर ली।

टीएमसी में भी आपसी कलह
एक तरफ भाजपा के कई नेता टीएमसी में शामिल हो गए हैं तो दूसरी तरफ टीएमसी में भी अंदरूनी कलह की खबरें बाहर आ रही हैं। ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के बीच टकराव की खबरें भी चर्चा में हैं। इस कलह के बाद ममता बनर्जी ने 20 सदस्यीय राष्ट्रीय समिति का ऐलान किया है। यह समिति ममता बनर्जी के नियंत्रण को बढ़ाने और पुराने और नए नेताओं के बीच के टकराव को रोकने का काम करेगी।

बताया गया कि ममता बनर्जी समिति के पदाधिकारियों के नाम का ऐलान बाद में करेंगी और इसके बाद लिस्ट निर्वाचन आयोग के पास भेजी जाएगी। अभिषेक बनर्जी के साथ कई युवा नेता पार्टी में एक व्यक्ति एक पद की वकालत करते हैं जबकि पुराने नेताओं ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया है। 


Share

Leave a Reply