CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए भारत में बनी जांच किट, जानिये खबर विस्तार से

ओमिक्रॉन का पता लगाने के लिए भारत में बनी जांच किट, जानिये खबर विस्तार से
Share

नई दिल्ली : टाटा मेडिकल एंड डायग्नोस्टिक्स यानि टाटा एमडी ने ओमिक्रॉन का पता लगाने वाली एक कोविड जांच किट बना ली है जिसे आईसीएमआर से मंजूरी भी मिल गई है। यह बस कुछ ही दिनों में बाजारों में उपलब्ध हो जाएगी। इस किट का नाम ओमिश्योर है, जो नाक और गले से लिए गए सैंपलों की जांच कर कोविड-19 के ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगा सकती है। वहीं यह दूसरे वेरिएंटों का भी पता लगा सकती ही।


भारत में कोविड प्रबंधन की मुख्य संस्था इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा इसके इस्तेमाल की दी गई मंजूरी के बाद उम्मीद है कि किट 12 जनवरी से बाजारों में उपलब्ध हो जाएगी। अनूठी किट कंपनी ने बताया कि इस किट का जांच का तरीका अनोखा है जिसके तहत ओमिक्रॉन का पता तो लगाया जा ही सकता है, वहीं अगर सैंपल में कोई और एसएआरएस-सीओवी-2 का वेरिएंट हो तो किट उसका भी पता लगा लेगी. इसे दो तरह के एस-जीन वायरल टारगेट का इस्तेमाल करने वाली दुनिया की पहली किट बताया जा रहा है। पहला टारगेट एस-जीन ड्रॉपआउट या एस-जीन टारगेट फेलियर पर आधारित है और दूसरे टारगेट एस-जीन म्युटेशन एम्पलीफिकेशन पर आधारित है। बताया जा रहा है कि यह घर पर खुद जांच कर लेने की किट नहीं है, बल्कि प्रयोगशालाओं में प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा इस्तेमाल करने की किट है. यह ढाई घंटे में नतीजा दे देती है।
 


Share

Leave a Reply