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डॉक्टर ने बच्ची का हाथ बिगाड़ा, शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं, जानिए कहा की है घटना

डॉक्टर ने बच्ची का हाथ बिगाड़ा, शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं, जानिए कहा की है घटना
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दंतेवाड़ा | शहर के एक निजी हास्पिटल के चिकित्सक द्वारा बच्ची के हाथ का गलत आपरेशन करने के बाद अब उसके पिता इलाज करवाने भटक रहे हैं। रायपुर में दोबारा आपरेशन में डाक्टर दो लाख 20 हजार का खर्च बता रहे हैं जबकि शासन से उसे महज 60 हजार रूपये ही स्वीकृत हुए हैं। बच्ची के पिता ने मामले में कलेक्टर से गुहार लगाई है।

कटेकल्याण जिला दंतेवाड़ा निवासी श्रीमती शालिनी ठाकुर पति जयप्रकाश ठाकुर ने कलेक्टर व एसपी को दिए गए शिकायत में जिक्र किया है कि सितम्बर माह में उनकी पुत्री का हाथ फ्रेक्चर हो गया था। वे उसे उपचार के लिए शहर के एक निजी हास्पिटल में लाए थे। डाक्टर ने आपरेशन करने की आवश्यकता बताई। आपरेशन के बाद बच्ची का हाथ टेढ़ा हो गया। इसके बाद डाक्टर ने दोबारा आपरेशन की बात कही। आपरेशन के बावजूद बच्ची का हाथ ठीक नहीं हो सका। वहीं प्रबंधन द्वारा उपचार का पूरा रूपया भी वसूल कर लिया गया। श्रीमती ठाकुर ने डाक्टर के गंभीर लापरवाही की शिकायत प्रबंधन से की पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर बस्तर व एसपी से की है। मामले में कलेक्टर ने सीएचएमओ को जांच करने के निर्देश दिए वहीं एसपी ने सीएसपी हिमसागर सिदार को जांच उपरांत कार्रवाई का आदेश दिया है। अभी तक बच्ची के पिता को इंसाफ नहीं मिल सका है। इधर बच्ची के परिजनों ने जब उसे अन्य डाक्टरों को दिखाया तो दूसरे शहर ले जाने की सलाह दी गई। उन्होंने बच्ची को वीवी हास्पिटल रायपुर ले जाकर जांच करवाया तो डाक्टर ने एक लाख 20 हजार रूपये का खर्च बताते हुए दो बार आपरेशन करने की बात कही। इधर बच्ची की बिगड़ती हालत के चलते परिजन परेशान रहे। उन्हें मानसिक रूप से परेशान होना पड़ा। बच्ची के पिता ने मामले में कलेक्टर को दोबारा पत्र लिखकर डाक्टर के विरुद्ध कार्रवाई करने व बच्ची का निशुल्क उपचार करने की मांग की है। बता दें कि इसके पहले भी कुछ चिकित्सकों के विरुद्ध उपचार में लापरवाही के गंभीर आरोप लगते रहे हैं।

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