कोरोना अपडेट 17 जनवरी : प्रदेश में आज रायपुर जिले में मिले सर्वाधिक कोरोना मरीज, लापरवाही पढ़ रही है भारी, देखें जिलेवार आंकड़े    |    कोरोना अपडेट 16 जनवरी: प्रदेश में आज थोडा कम हुआ कोरोना का कहर मिले इतने लेकिन रायपुर अभी भी बना हुआ है हॉटस्पॉट, 7 लोगो की हुई मृत्यु, देखे जिलेवार आकड़े    |    क्या देश में आ चुका है कोरोना की तीसरी लहर का पीक? 24 घंटे में मिले 2.71 लाख केस    |    कोरोना अपडेट 15 जनवरी: प्रदेश में आज कोरोना से मौत ने मचाया कहर इतने लोगो की हुई मृत्यु, रायपुर अभी भी बना हुआ है हॉटस्पॉट, 5525 मिले नए मरीज, देखे जिलेवार आकड़े    |    BIG BREAKING : राजधानी में आज मिले 20 हजार से अधिक नए कोरोना मरीज, कोरोना ने ढाया कहर, पॉजिटिविटी रेट पहुंची 30.64 प्रतिशत    |    BIG BREAKING : राजधानी के इस अस्पताल में 1 माह के बच्चे ने दिया कोरोना को मात, डिस्चार्ज के समय भावुक हुआ हॉस्पिटल स्टाफ    |    CDS बिपिन रावत हेलिकॉप्टर हादसे का हुआ खुलासा, वायुसेना ने हादसे की बताई ये वजह, पढ़ें पूरी खबर    |    कोरोना अपडेट 14 जनवरी: प्रदेश में आज भी रायपुर समेत ये जिले बने हुए है हॉटस्पॉट, 6 हजार से अधिक कोरोना मरीजों की हुई पहचान 5 की मृत्यु, देखे जिलेवार आकड़े    |    कोरोना अपडेट 13 जनवरी: प्रदेश में आज 6 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों की हुई पहचान, वही 4636 ने जीती कोरोना से जंग 7 की मृत्यु, देखे जिलेवार आकड़े    |    Train Accident: 12 बोगियां पटरी उतरीं; 4 यात्रियों की मौत, 20 घायल    |

कीटों में सबसे लंबी जीभ वाली प्रजाति मिली....

कीटों में सबसे लंबी जीभ वाली प्रजाति मिली....
Share

शोधकर्ताओं ने मेडागास्कर द्वीप पर पंतगे की एक नई प्रजाति का विवरण दिया है जिसकी जीभ अब तक देखे गए किसी भी पतंगे से अधिक लंबी है। इस पतंगे का नाम ज़ेंथोपन प्रैडिक्टा है और यह आर्किड के बहुत लंबे और संकरे फूलों से मकरंद चूसता है।
इस पतंगे का इतिहास बड़ा दिलचस्प है। चार्ल्स डार्विन ने इस तरह के जीव के अस्तित्व की भविष्यवाणी तब कर दी थी जब उन्होंने पहली बार एंग्रैकम सेस्क्विपेडेल नामक ऑर्किड का डील-डौल देखा था (जिसे देखकर उनके मुंह से निकला था, `अरे! कौन सा कीट इससे मकरंद चूस सकता है?`)। इसके लगभग 2 दशक बाद, 1903 में, वास्तव में ऐसा पतंगा मिला था। लेकिन तब से ही इसे एक्स. मॉरगेनी नामक प्रजाति की उप-प्रजाति ही माना जाता रहा है, जो मुख्य द्वीप पर पाया जाता है। लेकिन अब नहीं।


कई आकारिकीय और आनुवंशिक परीक्षणों के आधार पर वैज्ञानिकों का तर्क है कि पतंगे का यह संस्करण मुख्य भूभाग की प्रजाति (एक्स. मॉरगेनी) से बहुत अलग है और इसे एक स्वतंत्र प्रजाति का दर्जा मिलना चाहिए।
जंगली पतंगों और संग्रहालय में सहेजे गए नमूनों की डीएनए बारकोडिंग करते हुए शोधकर्ताओं ने पाया कि दोनों तरह के पतंगों के मुख्य जीन अनुक्रम में 7.8 प्रतिशत फर्क है। इस फर्क के चलते, मॉरगेनी पतंगे प्रेडिक्टा की अपेक्षा अन्य मुख्य द्वीप उप-प्रजातियों के अधिक निकट हैं। डीएनए बारकोडिंग जीवों में अंतर पहचानने की तकनीक है।


लेकिन जीभ के मामले में प्रेडिक्टा पतंगे बाज़ी मार लेते हैं। ज़ेंथोपन प्रेडिक्टा की सूंड औसतन 6.6 सेंटीमीटर लंबी पाई गई है। शोधकर्ताओं को प्रेडिक्टा का एक ऐसा सहेजा गया नमूना भी मिला है, जिसकी सूंड पूरी तरह फैलाने पर 28.5 सेंटीमीटर लंबी थी। यह किसी पंतगे में देखी गई सबसे लंबी जीभ है।
-स्रोत फीचर्स
 


Share

Leave a Reply