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अपने बढ़ते हुए चिढ़चिढ़ेपन के लिए इस तरह जिम्मेदार हैं खुद आप

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मनोवैज्ञानिक और काउंसलर्स के अनुसार, जिन लोगों को प्यार की जरूरत होती है उन्हें भी गुस्सा बहुत अधिक आता है! यह बात आपको हैरान जरूर कर सकती है लेकिन मनोभावों की हकीकत से जुड़ी है। दरअसल, जब किसी इंसान को लगातार अनदेखा किया जाता है तो वह एक तरह की नेगेटिविटी से भर जाता है। खासतौर पर घर और परिवार में अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो व्यक्ति का दुनिया-समाज और रिश्तों को देखने का नजरिया बदलने लगता है। जो की नकारात्मकता से भरा हुआ होता है। इसलिए अधिक गुस्सा करनेवाले लोगों को आमतौर पर प्यार और सम्मान की जरूरत होती है। यह मानसिक अवस्था की बात हो रही है। जबकि कुछ लोग गुस्सा दिखाकर खुद को सुपीरियर साबित करने की कोशिश भी करते हैं। इन दोनों व्यवहारों में अंतर है। 

नींद पूरी ना होना

कुछ लोगों को यह बात हैरान कर सकती है कि नींद पूरी ना होने का गुस्सा बढऩे से क्या संबंध? क्योंकि नींद पूरी ना होने पर थकान महसूस होती रहती है। ऐसा सोचनेवाले लोग बिल्कुल सही हैं, बस उन्हें यह जानने की जरूरत है कि अगर यह थकान लंबे समय तक बनी रहती है तो हमारे ब्रेन और डायजेस्टिव सिस्टम के फंक्शन पर बुरा असर डालने लगती है।

नींद का डायजेशन पर असर 

नींद पूरी ना होने पर कुछ लोगों को स्ट्रेस लेवल बढऩे से बहुत अधिक भूख लगने लगती है, वहीं कुछ लोगों को स्ट्रेस की वजह से कुछ खाने की इच्छा ही नहीं होती है। इस कंडीनशन में मेटाबॉलिज़म का रोल बहुत अधिक महत्वपूर्ण होता है। जिनका मेटाबॉलिक सिस्टम फास्ट होता है और जो लोग हाइपरऐक्टिव होते हैं या बहुत अधिक सोचते हैं, उनमें अधिक भूख लगने के लक्षण देखे जाते हैं। जबकि मेटाबॉलिज़म स्लो होने पर लोगों की भूख गायब हो जाती है और वे अत्यधिक मासिक दबाव महसूस करने लगते हैं।

बहुत अधिक सोना 

मनोविज्ञान के अनुसार, जो लोग बहुत अधिक सोते हैं, उनके अधिक सोने के पीछे उनका अकेलापन महसूस करना या किसी भी कारण खालीपन से भरा हुआ होना हो सकता है। बहुत अधिक मानसिक तनाव के कारण भी अधिकतर लोग लेटे रहना पसंद करते हैं, फिर भले ही वे सो ना रहे हों। ऐसा हॉर्मोनल डिसबैलंस के चलते होता है। अगर आपके आस-पास ऐसा कोई व्यक्ति है, जो सामान्य से अधिक सोता है तो आपको उससे बात करने की जरूरत है। जरूरी लगे तो सायकाइट्रिस्ट से जरूर संपर्क करें।

बीपी लो रहना 

जिन लोगों का बीपी लो रहता है, उन्हें भी बहुत अधिक नींद आती है। जब परिवार के लोग उन्हें खाना-खाने या किसी अन्य काम के लिए जगाते हैं तो वे अक्सर खीज जाते हैं। क्योंकि गुस्सा शारीरिक कमजोरी की निशानी भी होता है। वहीं, बीपी हाई होने की स्थिति में व्यक्ति को घबराहट के साथ ही अधिक गुस्सा आने की शिकायत रहने लगती है। 

क्या है समाधान? 

अगर आप चाहते हैं कि आपका गुस्सा शांत रहे और स्वस्थ रहें। साथ ही अपने काम, पढ़ाई या करियर पर फोकस कर सकें तो जरूरी है कि आप पूरी नींद लें। क्योंकि जब तक नींद पूरी नहीं होगी तब तक डायजेस्टिव सिस्टम ठीक से काम नहीं करेगा। इस स्थिति में बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं हो पाए। इससे हमारे शरीर में एनर्जी की कमी होगी। एनर्जी की कमी होने पर हमें थकावट महसूस होगी और हमारा अधिक सोने का मन करेगा। यह स्थिति हमारे काम पर गलत असर डालेगी और बढ़ते तनाव के कारण हमारा गुस्सा भी बढऩे लगता है। इसलिए इन सभी स्थितियों से बचना चाहते हैं तो हर रोज पूरे 7 से 8 घंटे की नींद जरूर लें।

 

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