लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |

आज है विवाह पंचमी 2019 श्री राम और माता सीता की शादी का पवित्र दिन क्या है इस दिन का महत्तव जानिए

आज है विवाह पंचमी 2019 श्री राम और माता सीता की शादी का पवित्र दिन क्या है इस दिन का महत्तव जानिए
Share

पंचांग के अनुसार, विवाह पंचमी मार्गशीर्ष के महीने के दौरान शुक्ल पक्ष के पांचवें दिन मनाया जाता है। इस वर्ष विवाह पंचमी 1 दिसंबर 2019 को मनाया जाएगा।

विवाह पंचमी

1 दिसंबर 2019, रविवार

 

विवाह पंचमी पूजा का समय

विवाह पंचमी रविवार, दिसंबर1, 2019 को

पंचमी तिथि प्रारंभ - नवंबर 30, 2019 को शाम 06:05 बजे

पंचमी तिथि समाप्त - दिसंबर 01, 2019 को शाम 07:13 बजे

विवाह पंचमी के दिन क्या वरदान मिलते हैं?

इस दिन पूजा करने से शादी में आने वाली समस्याएं, दिक्कतें दूर हो सकती हैं और विवाह जल्दी होने के रास्ते खुलते हैं।

ऐसे पति पत्नी जिनका वैवाहिक जीवन सुखमय नहीं है, आपसी मतभेद लड़ाई झगड़े होते हैं उन लोगों को इस दिन अवश्य पूजा करनी चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन सुखमय होता है।

राम सीता की संयुक्त रूप से पूजा करनी चाहिए। इस दिन रामचरितमानस का पाठ करना चाहिए। बालकांड में भगवान राम और सीता विवाह का पाठ करना चाहिए।

विवाह पंचमी के दिन राम सीता का विवाह कराएं।

देशभर में विवाह पंचमी के दिन लोग पूजा पाठ करते हैं और राम सीता का विवाह कराते हैं। प्रातः काल स्नान करने के बाद राम विवाह का संकल्प लेना चाहिए।

उसके बाद विवाह की तैयारियां शुरू कर दें।

भगवान राम और माता सीता की प्रतिकृति (मूर्ति) की स्थापना करें। भगवान राम को पीले और माता सीता को लाल वस्त्र पहनाएं। बालकांड पढ़ते हुए विवाह प्रसंग का पाठ करें।

ॐ जानकीवल्लभाय नमः का जाप करें। फिर भगवान राम और माता सीता का गठबंधन करें। उसके पश्चात आरती करें। गठबंधन किए हुए वस्तुओं को अपने पास संभालकर रखें।

 


Share

Leave a Reply