BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

बालको मेडिकल सेंटर में हो रहा है दुर्लभ किस्म के कैंसर का उपचार, जानिए क्या है तकनीक, किन्हें मिल सकता है लाभ

बालको मेडिकल सेंटर में हो रहा है दुर्लभ किस्म के कैंसर का उपचार, जानिए क्या है तकनीक, किन्हें मिल सकता है लाभ
Share

रायपुर, बालको मेडिकल सेंटर में सीआरएस + हाईपैक के जरिए दुर्लभ किस्म के कैंसर का उपचार किया जा रहा है. यह पेट में फैले विकसित कैंसर वाले कुछ रोगियों के लिए उम्मीद की किरण है. नसों के जरिए की जाने वाली पारंपरिक कीमोथेरेपी के विपरीत हाइपरथर्मिक इंट्रा-पेरिटोनियल कीमोथेरेपी (हाईपैक) के जरिए पेट के कैंसर कोशिकाओं को सीधे उच्च मात्रा की कीमोथेरेपी प्रदान की जाती है.


हाल ही में बालको मेडिकल सेंटर के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी टीम ने एक नहीं बल्कि दो हाईपैक प्रक्रियाओं को सफ़लतापूर्वक किया. एक मध्यम आयु वर्ग की महिला रोगी, इसमें एक मरीज स्यूडोमिक्सोमा पेरिटोनी से पीड़ित थी, वहीं दूसरी महिला अंडाशय के कैंसर की मरीज थी. दोनों मरीज इस जटिल सर्जरी के सफलतापूर्वक होने के बाद ठीक हो रहे हैं.
हाईपैक प्रक्रिया साइटोरेडेक्टिव सर्जरी (सीआरएस) कैंसर सर्जरी के साथ की जाती है, जिसके दौरान एक सर्जन पेट के अंदर से सभी दिखाई देने वाले कैंसर को हटा देता है। गर्म, जीवाणुरहित कीमोथेरेपी (41-43 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ) पेट में शेष कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए लगभग ढेड़ घंटे तक पहुंचाया जाता है. भिन्न कैंसरों के लिए भिन्न कीमोथेरेपी एजेंट्स का उपयोग होता है.


बालको मेडिकल सेंटर के चिकित्सा सेवाएं प्रमुख डॉ. जयेश शर्मा कहते हैं कि हाईपैक एक जटिल प्रक्रिया है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम उन रोगियों की पहचान करें जो इससे सबसे अधिक लाभान्वित होंगे. कुछ प्रकार के कैंसर में हाईपैक के साथ सफलता और संभावित इलाज सबसे अच्छा है. बालको मेडिकल सेंटर के ऑन्कोसर्जन डॉ. अश्वनी सचदेवा बताते हैं कि कीमोथेरेपी को गर्म करना इसकी प्रभावशीलता को बढ़ाता है. क्योंकि जब यह गर्म होता है, तो कीमोथेरेपी ऊतक में अधिक गहराई से प्रवेश करती है, और अधिक से अधिक कैंसर कोशिकाओं को मार सकती है.


सेंटर के ऑन्कोसर्जन डॉ. सुनील कौशिक कोमांडुरी बताते हैं कि अपेंडिक्स और बृहदान्त्र के उन्नत मेटास्टेटिक कैंसर, उन्नत डिम्बग्रंथि के कैंसर, और पेरिटोनियल मिसोथिलिओमा वाले लोगों में हाईपैक से जीवन काल में काफी वृद्धि कर सकता है. हाईपैक के साथ, इस प्रकार के कैंसर को पूरी तरह से ठीक करने और जीवन काल में वृद्धि करना संभव है.


डॉक्टरों ने बताया कि इस प्रकार की जटिल प्रक्रियाएँ, जो पहले मेट्रो शहरों तक सीमित थीं, अब बालको मेडिकल सेंटर में कैंसर रोगियों के लाभ के लिए उपलब्ध कराई गई हैं. केवल उन्नत कैंसर केंद्रों में हाईपैक जैसे उन्नत ऑपरेशन संभव हैं, जहां निदान, उपचार, महत्वपूर्ण देखभाल, संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं और रोगियों की पोषण-संबंधी जरूरतों के हर पहलू को एक ही छत के नीचे ध्यान दिया जाता है.

 


Share

Leave a Reply