लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |

महाराष्ट्र के नए राज्यपाल रमेश बैस के सामने क्या होगी चुनौती?

महाराष्ट्र के नए राज्यपाल रमेश बैस के सामने क्या होगी चुनौती?
Share

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी  के इस्तीफे को राष्ट्रपति भवन की मंजूरी के बाद झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस  को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. रमेश बैस का झारखंड में बतौर राज्यपाल कार्यकाल भी विवादों में रहा है. हेमंत सोरेन सरकार के साथ आधे दर्जन से ज्यादा बार सरकार के विजन और सरकार के फैसलों पर राज्यपाल सवाल खड़े कर चुके हैं.
हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी ने नेता कई मौके पर राज्यपाल को निशाने पर लेते दिखाई दिए हैं. राज्यपाल रमेश बैस के लिए महाराष्ट्र की नई जिम्मेदारी आसान नहीं रहने वाली है.

विधायकों का मुद्दा रमेश बैस के लिए सिर दर्द साबित हो सकता है?

उद्धव ठाकरे सरकार के वक्त कैबिनेट की मंजूरी से राज्यपाल नियुक्त 12 लोगों के नाम राजभवन भेजे गए थे. लेकिन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया. वहीं एकनाथ शिंदे-देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने अस्तित्व में आने के बाद सीएम दफ्तर ने MVA सरकार द्वारा दी लिस्ट को रद्द करने की मांग राज्यपाल से की. हालांकि राजभवन ने सीएम दफ्तर के पत्र पर कोई फैसला नहीं लिया. नए राज्यपाल रमेश बैस के सामने राज्यपाल नियुक्त 12 विधायकों पर निर्णय सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होगा जो राज्यपाल को बड़ी निष्पक्षता के साथ लेना होगा.  


Share

Leave a Reply