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बिजली कटौती के पीछे भूपेश सरकार का षड्यंत्र: भाजपा

बिजली कटौती के पीछे भूपेश सरकार का षड्यंत्र: भाजपा
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक श्रीचंद सुन्दरानी ने छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के साथ सालभर से हो रहे छलावे के खुलासे को प्रदेश सरकार के लिए शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल हाफ के वादे के साथ सत्ता में कांग्रेस के आते ही प्रदेशभर में जो बिजली कटौती का शर्मनाक दौर चला, भाजपा उसे लेकर शुरू से अफसरों और प्रदेश की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती रही है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सुन्दरानी ने कहा कि पूरे प्रदेश में लालटेन युग लाने की दिशा में लिए कांग्रेस सरकार बढ़ रही थी लेकिन अपनी प्रशासनिक साजिशों का पता करके उसे रोकने के बजाय प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने इस मुद्दे का भी राजनीतिकरण करने का काम किया। तब प्रदेश सरकार ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की हास्यास्पद कोशिश की कि आरएसएस और भाजपा विचारधारा के लोग बिजली कटौती करके प्रदेश सरकार को बदनाम करने में लगे हैं। लेकिन एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन ने गुरूवार को प्रदेश सरकार के झूठ की पूरी पोल खोल दी है। इस स्टिंग ऑपरेशन से साफ हो गया है कि इन्वर्टर कंपनियों और विद्युत कंपनी के अफसरों की मिलीभगत से प्रदेशभर में बिजली कटौती की जा रही है। इस पूरे साजिश में प्रदेश सरकार के संरक्षण की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। जिसके शासन में आते ही प्रदेश में अंधकार युग का एकाएक आगाज हुआ। इन्वर्टर कंपनियों से मोटा कमीशन लेकर उन्हें प्रशासनिक मशीनरी पर दबाव बनाकर लाभ पहुंचाने की आशंका को इस स्टिंग ऑपरेशन से बल मिला है। इसमें सिर्फ कुम्हारी के एक अधिकारी को छोड़कर शेष सभी ने रिश्वत की एवज में विद्युत कटौती का खेल शुरू करने की बात मंजूर की और एक माह में तीन हजार बार तक रिकॉर्ड बिजली कटौती की।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सुन्दरानी ने कहा कि प्रदेश के लोगों को याद है कि एक इन्वर्टर कंपनी की बातचीत का एक वीडियो वायरल करने पर राजनांदगांव के मुसरा (डोंगरगढ़) निवासी मांगीलाल अग्रवाल और महासमुंद के पत्रकार दिलीप शर्मा को समाचार जारी करने पर राजद्रोह और राज्य सरकार के खिलाफ उकसाने वाला अपराध बताकर गिरफ्तार किया गया था। अब इस स्टिंग ऑपरेशन ने नीर-क्षीर सत्य सामने ला दिया है कि बिजली कटौती के मुद्दे पर प्रदेश सरकार ने कैसा छल-प्रपंच बुना था! इस पर कोई टीका-टिप्पणी और सरकार की आलोचना करने पर प्रदेश का सत्ता प्रतिष्ठान तिलमिलाकर आतंकराज कायम करने पर आमादा है। भाजपा प्रवक्ता सुन्दरानी ने इस समूचे मामले की सूक्ष्म जांच की मांग की है।
 


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