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उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

  त्वरित पहल से आवागमन और व्यवसाय दोनों को मिली नई दिशा

कवर्धा। संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग  जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की।
नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधान
कबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई।

आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मदद
स्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।
कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री  शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

CG – खड़े ट्रक से टकराई बाइक, 3 युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम, हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम…..

CG – खड़े ट्रक से टकराई बाइक, 3 युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम, हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम…..

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सुरजपुर जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक खड़े ट्रक से टकराने के कारण बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह घटना प्रतापपुर थाना इलाके में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, हादसे की वजह ट्रक ड्राइवर की बड़ी लापरवाही रही। आरोपी ड्राइवर ने पहले एक कार को टक्कर मारी और फिर ट्रक को सड़क पर ही लावारिस छोड़कर फरार हो गया। इसी दौरान एक ही बाइक पर सवार होकर आ रहे चार युवक सड़क पर खड़े इस ट्रक से सीधे जा टकराए। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया

हादसे की खबर फैलते ही शिवपुर इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय ग्रामीणों ने घटना स्थल पर इकट्ठा होकर जमकर हंगामा किया और ट्रक को आग के हवाले कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रतापपुर थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मामला शांत कराते हुए जांच में जुट गई।

मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

 विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित, युवाओं और नियोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर-- प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार सृजन, गरीब कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। यह बात प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा प्रसारण रायपुर स्थित एम्स ऑडिटोरियम में देखा गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आज 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। योजना के माध्यम से अब तक 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांदलाजे भी उपस्थित रहीं। योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को एक माह के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नई नियुक्ति पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योगों और संस्थानों में भर्ती को बढ़ावा मिलेगा।
श्रम मंत्री  देवांगन ने कहा कि 99 हजार 446 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें पहली बार औपचारिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
मंत्री  देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योग जगत का व्यापक समर्थन मिला है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में रोजगार, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री  मोदी लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। उद्योग विभाग को इन संस्थानों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए। नगरनार और बैलाडीला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में कर्मचारी भविष्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख  जयवर्धन इंगले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित अतिथियों ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से प्रसारित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना।

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल जैन ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल जैन ने की सौजन्य भेंट

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुश्री सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की। सुश्री सुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : साव

महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : साव

 00 महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा के लिए साव ने 20 लाख देने की घोषणा की

00 वीर महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

रायपुर। भारत की पुण्य भूमि ने अनेक वीर योद्धाओं और महापुरुषों को जन्म दिया है। वीर योद्धा महाराणा प्रताप ऐसे ही महान सपूत थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान और राष्ट्र धर्म से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने मुगल सत्ता की दासता स्वीकार नहीं की और हल्दी घाटी के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। उनका जीवन आज भी समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने लोरमी में सर्वोदय राजपूत राठौर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित वीर महाराणा प्रताप जयंती समारोह में महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और साहस को नमन करते हुए ये बातें कही। उन्होंने समारोह में महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम’ हम सभी के लिए मार्गदर्शक है। भारत त्याग और बलिदान की भूमि है। इसकी गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए समाज को संगठित रहना होगा। राजपूत समाज शिक्षा, खेल, सरकारी सेवाओं और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राजपूत समाज के शिक्षकों, डॉक्टरों, खेल प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों, पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों, गौसेवकों तथा कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में 55 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। साव ने इन रक्तवीरों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राजपूत समाज लोरमी के अध्यक्ष भीषम सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष  राम निवास राजपूत, सर्व क्षत्रिय राजपूत महासंघ के अध्यक्ष  जितेंद्र कुमार सिंह, लोरमी जनपद पंचायत की अध्यक्ष वर्षा सिंह, लोरमी नगर पालिका के अध्यक्ष  सुजीत वर्मा और रतनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष  लवकुश कश्यप सहित राजपूत समाज के पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

CG : मछली पकड़ने वालों की अब खैर नहीं! मछली पकड़ने पर होगी सजा, इस तारीख तक रहेगा प्रतिबंध

CG : मछली पकड़ने वालों की अब खैर नहीं! मछली पकड़ने पर होगी सजा, इस तारीख तक रहेगा प्रतिबंध

 रायपुर। मानसून की दस्तक से पहले राज्य सरकार ने मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वर्षा ऋतु में मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को “बंद ऋतु (क्लोज सीजन)” घोषित किया है। इस दौरान प्रदेश की नदियों, नालों, प्राकृतिक जलाशयों तथा अन्य संबंधित जल स्रोतों में सभी प्रकार के मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम, 1972 की धारा 3 की उपधारा (2) के तहत राज्य के सभी प्रकार के नदीय जल संसाधनों में मत्स्याखेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंध का उद्देश्य वर्षा ऋतु के दौरान मछलियों के प्राकृतिक अंडजनन एवं वंश वृद्धि को संरक्षण प्रदान करना है, जिससे भविष्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।

इन क्षेत्रों में रहेगा प्रतिबंध, इन्हें मिली छूट

विभागीय जानकारी के मुताबिक यह प्रतिबंध राज्य की सीमा में आने वाले सभी नदी, नाले, प्राकृतिक जलाशयों और अन्य जल स्रोतों पर लागू होगा। हालांकि ऐसे छोटे तालाब और जल स्रोत, जिनका संपर्क किसी नदी या नाले से नहीं है, उन्हें इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। इसके अलावा बड़े जलाशयों में व्यावसायिक रूप से संचालित केज कल्चर गतिविधियों को भी प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है।

मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में पहल

अधिकारियों का कहना है कि वर्षा ऋतु मछलियों के प्रजनन के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान बड़े पैमाने पर मछलियां पकड़े जाने से उनकी संख्या में कमी आती है और जल स्रोतों की जैव विविधता प्रभावित होती है। प्रतिबंध लागू होने से मछलियों के प्राकृतिक संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा और दीर्घकाल में राज्य के मत्स्य उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

राज्य सरकार ने इस वर्ष नियमों को और अधिक सख्त किया है। छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित नए प्रावधानों तथा छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम, 2025 के तहत छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम, 1948 की धारा 5 के अनुसार प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं अवैध रूप से मछली पकड़ने वालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम, 1972 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

निगरानी के निर्देश, लोगों से सहयोग की अपील

राज्य शासन ने आम नागरिकों, मछुआरा सहकारी समितियों और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े सभी हितग्राहियों से नियमों का पालन करने की अपील की है। साथ ही सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नदी-नालों और जलाशयों की नियमित निगरानी एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित करें तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करें।

जिले को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात, जिला क्रीड़ांगन समिति ने दी सहमति

जिले को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात, जिला क्रीड़ांगन समिति ने दी सहमति

 दुर्ग। जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से जिला क्रीड़ांगन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज पीडब्ल्यूडी सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला क्रीडांगन समिति अभिजीत सिंह की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम के पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण, जर्जर भवनों के अपलेखन तथा खेल परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर सहमति बनाई गई।

बैठक में बताया गया कि पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम की भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया प्रारंभ किया जा है। इसके लिए बैडमिंटन कोर्ट की भूमि को छोड़कर शेष भूमि को छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के माध्यम से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को 33 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर देने का प्रस्ताव राज्य शासन को अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा। अधिकारियों को इस संबंध में अन्य जिलों में किए गए कार्यों का अध्ययन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम एवं मानस भवन को अत्यंत जर्जर और अनुपयोगी घोषित किए जाने के बाद दोनों भवनों के अपलेखन की कार्यवाही पर सहमति बनी। इसके बाद प्रस्तावित खेल अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टेडियम परिसर में संचालित दुकानों के अनुबंधों की समीक्षा करते हुए समिति ने सुरक्षा एवं विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस जारी कर दुकानें खाली कराने का निर्णय लिया। साथ ही सुरक्षा निधि का समायोजन एवं भुगतान नियमानुसार किए जाने के निर्देश दिए गए। इस कार्य के लिए नगर निगम आयुक्त, एसडीएम दुर्ग एवं संबंधित अधिकारियों को अधिकृत किया गया है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डीएमएफ मद से निर्मित बैडमिंटन कोर्ट का समुचित रखरखाव, संचालन, मरम्मत और खेल गतिविधियों के विस्तार के लिए इसे जिला क्रीड़ांगन समिति को हस्तांतरित किया जाएगा। वहीं प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए आवश्यक भूमि को अतिक्रमण एवं अवरोधों से मुक्त कराने के उद्देश्य से स्टेडियम परिसर और आसपास स्थित एसएलआरएम सेंटर, उद्यान, गुमटियों तथा अन्य अस्थायी एवं स्थायी संरचनाओं को नियमानुसार हटाने की कार्यवाही की जाएगी।

जिला क्रीड़ांगन समिति के संचालन, लंबित वित्तीय मामलों एवं सुरक्षा निधियों के भुगतान पर भी बैठक में चर्चा हुई। समिति के कोषाध्यक्ष पद पर जिला कोषालय अधिकारी को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया, जिनके संयुक्त हस्ताक्षर से अध्यक्ष जिला क्रीड़ांगन समिति एवं कलेक्टर की स्वीकृति उपरांत भुगतान और वित्तीय निस्तारण की कार्यवाही की जाएगी।

पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम एवं मानस भवन के अपलेखन, बीसीसीआई और छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के साथ अनुबंध, शासन को प्रस्ताव प्रेषण तथा नवीन स्टेडियम निर्माण से संबंधित सभी विभागीय कार्यों के समन्वय के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ बीसीसीआई, नगर निगम, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से दुर्ग जिला प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल होगा तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस अवसर पर कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, महापौर अलका बाघमार, नगर निगम दुर्ग आयुक्त सुमित अग्रवाल, अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी, डिप्टी कलेक्टर उत्तम धु्रव, कबड्डी संघ अध्यक्ष शशी बघेल, अध्यक्ष चेम्बर ऑफ कामर्स प्रहलाद रूंगटा, कोच एवं क्रिकेट खिलाड़ी संजीव श्रीवास्तव, अध्यक्ष जिला क्रिकेट संघ विजय अग्रवाल, विनय गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य व अधिकारीगण उपस्थित थे।

राज्यपाल के कर-कमलों से हुआ पूजा अग्रवाल की पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन

राज्यपाल के कर-कमलों से हुआ पूजा अग्रवाल की पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन

 ​रायपुर :- ​साहित्यिक सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आज राजभवन (लोक भवन) में लेखिका पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन माननीय राज्यपाल महोदय रमेन डेका जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

​इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने लेखिका को उनकी इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विमोचन समारोह के दौरान पुस्तक की विषयवस्तु और लेखिका के लेखन कौशल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और 'माटी के पंख' जैसे सृजन निश्चित रूप से पाठकों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होंगे।
​इस विशेष अवसर की जानकारी छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल महोदय के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी साझा की गई है, जहाँ से इसे व्यापक सराहना मिल रही है। राज्यपाल महोदय ने पुस्तक के विषय और संदेश की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता वर्तमान समय की आवश्यकता है।
​अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लेखिका पूजा अग्रवाल ने कहा कि,  राज्यपाल महोदय के सानिध्य में अपनी पुस्तक का विमोचन होना मेरे लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का क्षण है। उनकी प्रेरणा और आशीर्वाद मुझे भविष्य में और अधिक बेहतर लेखन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।"
​'माटी के पंख' प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है, जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस पुस्तक में पूजा अग्रवाल की लिखी हुई 21 कहानियाँ हैं, जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दिखाती हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य के हौसलों को बयां करती हैं। इसमें दयालुता, प्रकृति से प्रेम, पेड़-पौधों से जुड़ाव और माटी की गरिमा का संदेश निहित है। यह किताब हमें सिखाती है कि स्क्रीन की दुनिया से परे भी एक बहुत सुंदर दुनिया है, जहाँ दूसरों की मदद करना ही ईश्वर की असली पूजा है। यह किताब कभी हार न मानने का हौसला रखने और हर परिस्थिति में मुस्कुराने का भी संदेश देती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के पाठक के लिए इसमें एक प्यारा संदेश है।
मंत्री राजवाड़े की पहल से बृजेश्वर सागर जलाशय के नवीनीकरण हेतु 4.94 करोड़ स्वीकृत

मंत्री राजवाड़े की पहल से बृजेश्वर सागर जलाशय के नवीनीकरण हेतु 4.94 करोड़ स्वीकृत

 00 464 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा होगी सुदृढ़, किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान स्थित बृजेश्वर सागर जलाशय योजना के नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 13 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा तथा किसानों को बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इस कार्य के पूर्ण होने पर 464 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिंचाई संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। बृजेश्वर सागर जलाशय के नवीनीकरण से भैयाथान क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। यह परियोजना क्षेत्र में जल संरक्षण एवं कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

 छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन 1076 शुरू, अब कॉल और WhatsApp से दर्ज करें शिकायत

छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन 1076 शुरू, अब कॉल और WhatsApp से दर्ज करें शिकायत

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को महानदी भवन मंत्रालय में इस सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने हेल्पलाइन कॉल सेंटर का अवलोकन भी किया। इस नई व्यवस्था के जरिए अब प्रदेश के लोग अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा सकेंगे।

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर नागरिक सफाई व्यवस्था में लापरवाही, पेंशन से जुड़ी समस्याएं, पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार जैसी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि शिकायतों का तय समयसीमा में प्रभावी और संतोषजनक समाधान किया जाएगा।

लोग टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करने के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और WhatsApp चैटबॉट के जरिए भी शिकायत भेज सकेंगे। साथ ही शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

 
जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका

जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका

 00 मोर गांव-मोर पानी अभियान से जल संरक्षण बना जनआंदोलन, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि को मिली नई गति

रायपुर। जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है। इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।
जल संरक्षण से आजीविका का सृजन
राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोडऩे की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं। इसी प्रकार नवा तरिया-आय के जरिया पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोडऩे की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।

पहाडिय़ों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन
प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (स्ष्टञ्ज) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।
तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा
मोर गांव-मोर पानी अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए त्रढ्ढस् आधारित युक्तधारा प्लानिंग, सीएलएआरटी एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है। भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल
मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भागीदारी से साझेदारी की ओर
जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ का मोर गांव-मोर पानी अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधरोपण

भाजपा प्रदेश कार्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर हुआ पौधरोपण

 रायपुर। विश्व पर्यावरण दिवस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय (कुशाभाऊ ठाकरे परिसर) में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय द्वारा परिसर में पौधे रोपे गए और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संदेश दिया गया। 
इस अवसर पर भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री  जम्वाल ने कहा कि प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखना ही सतत विकास का आधार है। आज के आधुनिक युग में जहाँ विकास आवश्यक है, वहीं आने वाली पीढिय़ों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित और हरा-भरा बनाए रखना भी हमारी परम जिम्मेदारी है। धरती और प्रकृति का संरक्षण करके ही हम एक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की नींव रख सकते हैं। भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे इस पर्यावरण दिवस पर न केवल एक पौधा लगाएँ, बल्कि उसके बड़े होने तक उसकी पूरी देखभाल करने का संकल्प भी लें। इस अवसर पर प्रदेश कार्यालय के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

पद्मश्री जागेश्वर का जीवन सेवा, समर्पण और मानवता का उच्चतम आदर्श - मंत्री वर्मा

पद्मश्री जागेश्वर का जीवन सेवा, समर्पण और मानवता का उच्चतम आदर्श - मंत्री वर्मा

 00 बिरहोर जननायक पुस्तक का विमोचन: मंत्री वर्मा को लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने भेंट की प्रति
रायपुर।
राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा से लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर डॉ. पटेल ने मंत्री वर्मा को पद्मश्री जागेश्वर यादव के प्रेरणादायी जीवन और संघर्षों पर आधारित अपनी नवनिर्मित पुस्तक बिरहोर जननायक की प्रति सप्रेम भेंट की। इस गौरवमयी अवसर पर स्वयं पद्मश्री जागेश्वर यादव जी भी उपस्थित रहे और उन्होंने मंत्री वर्मा के साथ अपने सामाजिक जीवन के गहरे अनुभवों को साझा किया।
पुस्तक में बिरहोर समुदाय के उत्थान की अद्भुत गाथा
मुलाकात के दौरान मंत्री  टंकराम वर्मा ने पुस्तक का अवलोकन किया और इसके प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जशपुर जिले में बिरहोर के भाई के नाम से विख्यात पद्मश्री जागेश्वर यादव द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों, विशेषकर बिरहोर समुदाय के उत्थान के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। मंत्री वर्मा ने कहा कि उनका पूरा जीवन समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। पद्मश्री जागेश्वर यादव का योगदान छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका व्यक्तित्व सेवा, करुणा, समर्पण और मानवता के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक है। उनका जीवन समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है।
1980 से निरंतर जारी है जागेश्वर यादव का संघर्ष
गौरतलब है कि पद्मश्री जागेश्वर यादव वर्ष 1980 से ही विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सामाजिक जागरूकता एवं मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर धरातल पर कार्यरत हैं। उनके इन्हीं अथक प्रयासों का परिणाम है कि आज बिरहोर समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित हुई है और अनेक परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
युवाओं और शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी कृति
लेखक डॉ. लोकेश पटेल की यह कृति केवल एक जीवनी नहीं है, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरक दस्तावेज है। यह पुस्तक पाठकों को संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, नि:स्वार्थ सेवा और समाज के प्रति समर्पण के माध्यम से बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह कृति विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है। मंत्री वर्मा ने इस महत्वपूर्ण, शोधपरक एवं प्रेरणादायी कृति के सृजन के लिए लेखक डॉ. लोकेश पटेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक समाज के विभिन्न वर्गों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण स्रोत सिद्ध होगी।

​स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत जनता के विश्वास की जीत : देव

​स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत जनता के विश्वास की जीत : देव

 बम्हनीडीह,शिवनंदनपुर और सहसपुर लोहारा में भाजपा की ऐतिहासिक विजय पर जताया आभार

​रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रदेश के स्थानीय निकाय उपचुनावों और अध्यक्ष पदों पर मिली शानदार जीत पर हर्ष व्यक्त करते हुए जनता और कर्मठ कार्यकर्ताओं का आभार जताया है।  देव ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और हमारी सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रति जनता के अटूट विश्वास का परिणाम है। जनता ने एक बार फिर विकास और सुशासन को चुना है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा मेंअध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रत्याशी सरिता संतोष मिश्रा ने 762 वोटों के बड़े अंतर से एकतरफा और शानदार जीत दर्ज की है। इसी प्रकार ​सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भी जनता ने भाजपा पर भरोसा जताते हुए अध्यक्ष पद पर रितेश जायसवाल को 362 वोटों के अंतर से विजयी बनाया है।  देव ने कहा कि बम्हनीडीह, सहसपुर लोहारा और शिवनंदनपुर नगर पंचायत में मिली यह जीत दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर जनता कांग्रेस के खोखले वादों को पूरी तरह समझ चुकी है और विकास के लिए केवल भाजपा पर भरोसा कर रही है। इस चुनाव में दिन-रात मेहनत करने वाले प्रत्येक देवतुल्य कार्यकर्ता बधाई के पात्र हैं। भाजपा जनता के इस विश्वास का मान रखेगी और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के माध्यम से इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी।

CG – पूर्व कांग्रेस नेता ने की आत्महत्या : जेल से बाहर आते ही उठाया खौफनाक कदम, गौठान परिसर में फांसी लगाकर दी जान

CG – पूर्व कांग्रेस नेता ने की आत्महत्या : जेल से बाहर आते ही उठाया खौफनाक कदम, गौठान परिसर में फांसी लगाकर दी जान

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर से आत्महत्या का मामला सामने आया है। जहां पूर्व कांग्रेस नेता नवाज अली ने आत्मघाती कदम उठा लिया है। संजय नगर स्थित गौठान परिसर में फांसी के फंदे पर लटकी हुई लाश मिली है। घटना की खबर इलाके में फैलते ही हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कांग्रेस नेता जेल से बहार आया था।

जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले कोदागांव में एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें आरोप था कि नवाज अली की कार से पंचायत सचिव से ठोकर लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। तत्काल उसे स्थानियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व कांग्रेस नेता नवाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए जेल दाखिल किया था।

हाल ही में नवाज अली जेल से बहार आया था, जिसके बाद आत्मघाती कदम उठाया. फिलहाल सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को सुरक्षित नीचे उतारा और पंचनामा की कार्रवाई की। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने घटना के संबंध में मृतक के परिजनों और उनसे संबधित लोगों से पूछताछ कर रही है। आत्महत्या के असल वजह का कारण पता लगाने की कोशिश जारी है। इधर मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है

7 से 19 जून के बीच निरस्त की गई 76 एक्सप्रेस सहित 86 ट्रेनें बहाल

7 से 19 जून के बीच निरस्त की गई 76 एक्सप्रेस सहित 86 ट्रेनें बहाल

 रायपुर-बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर जोन से यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने 7 जून से 19 जून के बीच अस्थायी रूप से निरस्त की गई कुल 86 ट्रेनों के संचालन को फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है। इनमें 76 एक्सप्रेस और 10 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। यह फैसला चांपा स्टेशन पर चल रहे चौथी रेल लाइन के निर्माण कार्य (नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य) के कारण लिए गए पूर्व निर्णय को वापस लेते हुए किया गया है। रेलवे ने बताया कि यात्रियों की भारी असुविधा को देखते हुए इस कार्य को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इन ट्रेनों के दोबारा शुरू होने से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। लंबे रूट की ट्रेनें फिर से अपने निर्धारित समय और पूरे मार्ग पर संचालित होंगी।

रेलवे द्वारा बहाल की गई प्रमुख पैसेंजर और मेमू ट्रेनें इस प्रकार हैं

ट्रेन नंबर: 68735 ट्रेन का नाम: रायगढ़-बिलासपुर मेमू रूट: रायगढ़ से बिलासपुर
ट्रेन नंबर: 68735 ट्रेन का नाम: रायगढ़-बिलासपुर मेमू रूट: रायगढ़ से बिलासपुर
ट्रेन नंबर: 68736 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रूट: बिलासपुर से रायगढ़

ट्रेन नंबर: 68745 ट्रेन का नाम: गेवरा रोड-रायपुर मेमू रूट: गेवरा रोड से रायपुर
ट्रेन नंबर: 68746 ट्रेन का नाम: रायपुर-गेवरा रोड मेमू रूट: रायपुर से गेवरा रोड

ट्रेन नंबर: 58203 ट्रेन का नाम: कोरबा-रायपुर पैसेंजर रूट: कोरबा से रायपुर

ट्रेन नंबर: 58204 ट्रेन का नाम: रायपुर-कोरबा पैसेंजर रूट: रायपुर से कोरबा

ट्रेन नंबर: 68733 / 68734 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू रूट: दोनों दिशाओं में

ट्रेन नंबर: 68731 / 68732 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू रूट: दोनों दिशाओं मे

ट्रेन नंबर: 68737 / 68738 ट्रेन का नाम: रायपुर-बिलासपुर-रायपुर मेमू रूट: दोनों दिशाओं मे

ट्रेन नंबर: 58210 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-गेवरा रोड पैसेंजर रूट: बिलासपुर से गेवरा रोड
इन सभी ट्रेनों को अब अपने पूर्व निर्धारित समय और रूट के अनुसार चलाया जाएगा।
रेलवे ने देशभर में चलने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन भी दोबारा शुरू कर दिया है। इनमें शामिल हैं-
टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113/18114)
टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस (18109/18110)
दुर्ग-आरा साउथ एक्सप्रेस (13287/13288)
अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस (12833/12834)
हटिया-पुणे एक्सप्रेस (22845/22846)
पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस (20813/20814)
पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस (12905/12906)
ओखा-शालीमार एक्सप्रेस (22905/22906)
उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस (20971/20972)
गया-एलटीटी एक्सप्रेस (22357/22358)
वास्कोडिगामा-जसीडीह एक्सप्रेस (17321/17322)
हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस (17005/17006)
चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस (17007/17008)
श्रीगंगानगर-पुरी एक्सप्रेस (20471/20472)
भुज-शालीमार एक्सप्रेस (22829/22830)
रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस (22169/22170)
जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस (20827/20828)
पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस (12949/12950)
पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस (22865/22866)
पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस (20821/20822)
बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस (22843/22844)
मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस (13425/13426)
नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस (12767/12768)
हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस (12811/12812)
हीराकुंड एक्सप्रेस (20807/20808) सहित अन्य ट्रेनें
बीच में समाप्त की गई ट्रेनें अब पूरे रूट पर चलेंगी
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन ट्रेनों को बीच में ही समाप्त करने का निर्णय लिया गया था, उसे वापस ले लिया गया है। अब ये ट्रेनें अपने पूरे मार्ग पर पहले की तरह संचालित होंगी-
68861/68862 - गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर
18237 - कोरबा-अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस
18518 - विशाखापट्टनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस
18517 - कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस
12410 - नई दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन)-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस
12409 - रायगढ़-नई दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन) गोंडवाना एक्सप्रेस
रूट परिवर्तन भी समाप्त
रेलवे ने अस्थायी रूप से बदले गए ट्रेनों के मार्ग को भी रद्द कर दिया है। अब सभी ट्रेनें अपने मूल रूट पर ही चलेंगी, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा समय और असुविधा से राहत मिलेगी।

CG : रातभर चली खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत और बोल्डर परिवहन करते 8 हाइवा जब्त

CG : रातभर चली खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत और बोल्डर परिवहन करते 8 हाइवा जब्त

 रायपुर। रायपुर जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रातभर अभियान चलाया। कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक खनि प्रशासन राजेश मालवे और सहायक खनि अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम ने अवैध परिवहन कर रहे 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया। जानकारी के अनुसार 6 हाइवा अवैध रेत परिवहन करते पाए गए, जो नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लोड कर ला रहे थे, जबकि तुमगांव से 2 हाइवा अवैध रूप से बोल्डर परिवहन करते पकड़े गए।

जांच के दौरान वाहन चालकों के पास खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद सभी वाहनों को जब्त कर उपरवारा थाना और माना थाना के सुपुर्द किया गया। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई में सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा के साथ सैनिक लुकेश वर्मा, अज्जू मानिकपुरी और दयाराम साहू की अहम भूमिका रही। विभाग का कहना है कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

Weather Update : भीषण गर्मी से राहत! छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश का असर, तापमान में आई गिरावट

Weather Update : भीषण गर्मी से राहत! छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश का असर, तापमान में आई गिरावट

 CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर समेत कई जिलों में बारिश और बादलों की वजह से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ दिनों से 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा तापमान अब नीचे आने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनी हुई है।

शनिवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम तापमान पेंड्रा रोड में 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि मध्य पाकिस्तान से अंदरूनी उड़ीसा तक एक द्रोणिका सक्रिय है, जो राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण भी बना हुआ है, जिससे प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में रविवार को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। दिन का तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 28 डिग्री के आसपास रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के एक-दो स्थानों पर तेज अंधड़ और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।

बारिश और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी

 0-वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई

0-जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

रायपुर-छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।

देवपुर समर कैंप में दिखी दुर्लभ प्रजाति

बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट हेमंत वर्मा ने की।

विशाल भारतीय गिलहरी की खासियत

विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है।

कानूनी संरक्षण प्राप्त दुर्लभ प्रजाति

यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है।

बच्चों में बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता

वनमंडलाधिकारी  धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक  रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

खरीफ की तैयारी में किसानों को नहीं होगी परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खरीफ की तैयारी में किसानों को नहीं होगी परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया है कि किसानों को डीजल समय पर और बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को डीजल सुगमता से प्राप्त हो, इसका ध्यान सभी ऑयल कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से रखा जाये।

उल्लेखनीय है कि खाद्य विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी निर्देशानुसार पेट्रोल एवं डीजल के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों से ड्रम एवं जरीकेन में ईंधन प्रदाय पर प्रतिबंध लगाया गया है।हालांकि किसानों की जरूरतों और खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट प्रदान की गई है, ताकि खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्य बाधित न हों।

खाद्य सचिव  रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल तथा 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल तथा 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। राज्य में आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की नियमित आपूर्ति जारी है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों को आवश्यक समन्वय और सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

 

जल जीवन मिशन से बदली जशपुर के ग्राम बेंगटा की तस्वीर

जल जीवन मिशन से बदली जशपुर के ग्राम बेंगटा की तस्वीर

 रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने का माध्यम बन रहा है। जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर जंगलों से घिरे ग्राम बेंगटा में इस योजना ने पेयजल संकट को दूर कर ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव में 10 किलोलीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से ग्राम की दोनों बसाहटों के 61 परिवारों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

जल जीवन मिशन के लागू होने से पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए नाला और कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता था। गर्मी के मौसम में जल संकट गहरा जाता था, वहीं बरसात में मटमैले और असुरक्षित पानी के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता था।

अब हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इससे महिलाओं और बच्चों के समय की बचत हो रही है तथा महिलाएं आजीविका गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। स्वच्छ पानी मिलने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है और जलजनित बीमारियों में कमी आई है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जशपुर द्वारा ग्राम बेंगटा को  'हर घर जलÓ प्रमाणित किया जा चुका है। ग्रामीणों ने कहा कि जल जीवन मिशन ने गांव में न केवल पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की है, बल्कि जीवन को अधिक सुरक्षित, सरल और बेहतर बनाया है।

छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम बढ़े, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत का दिखने लगा असर, जानिये कितनी बढ़ी कीमत

छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम बढ़े, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत का दिखने लगा असर, जानिये कितनी बढ़ी कीमत

 रायपुर । राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डीजल सप्लाई प्रभावित होने और परिवहन खर्च बढ़ने से अब सीमेंट बाजार भी इसकी चपेट में आ गया है। कारोबारियों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और ईंधन संकट के कारण माल ढुलाई प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर सीमेंट की कीमतों पर पड़ा है।

परिवहन महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सीमेंट व्यापारियों के मुताबिक डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत में तेजी आई है। एक ट्रक औसतन एक लीटर डीजल में करीब तीन किलोमीटर चलता है। ऐसे में लंबी दूरी तक माल पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कारोबारियों का अनुमान है कि 500 से 600 किलोमीटर तक सीमेंट ढुलाई में ट्रांसपोर्ट लागत 500 से 1000 रुपये तक बढ़ गई है। यही वजह है कि कंपनियों ने अब सीमेंट के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

प्रमुख कंपनियों ने बढ़ाए रेट

बाजार में कई नामी कंपनियों ने नई कीमतें लागू कर दी हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट की एक बोरी अब 290 रुपये में बिक रही है, जबकि पहले इसका दाम 285 रुपये था। एसीसी सीमेंट में करीब 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और इसका भाव 285 रुपये प्रति बोरी पहुंच गया है। वहीं अंबुजा सीमेंट 288 रुपये प्रति बोरी और बंगर सीमेंट 260 रुपये प्रति बोरी के भाव पर बिक रहा है।

छोटे ब्रांडों पर ज्यादा असर

व्यापारियों का कहना है कि बड़ी companies की तुलना में छोटे सीमेंट ब्रांडों ने ज्यादा दाम बढ़ाए हैं। पहले 250 से 260 रुपये प्रति बोरी मिलने वाला जंगरोधक सीमेंट अब करीब 290 रुपये तक पहुंच गया है। सप्लाई बाधित होने और माल ढुलाई महंगी पड़ने से छोटे कारोबारियों पर ज्यादा दबाव बना है।

निर्माण कार्यों पर पड़ने लगा असर

सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री महंगी होने से मकान निर्माण, सरकारी प्रोजेक्ट और निजी बिल्डिंग निर्माण की लागत बढ़ने लगी है। बिल्डरों और ठेकेदारों का कहना है कि सरिया, सीमेंट और ट्रांसपोर्ट खर्च में लगातार हो रही वृद्धि से निर्माण बजट बिगड़ रहा है। उनका मानना है कि यदि डीजल संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में निर्माण सामग्री की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में होगी इन पदों पर भर्ती, राज्य सरकार को जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरा करने के दिए निर्देश…

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में होगी इन पदों पर भर्ती, राज्य सरकार को जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरा करने के दिए निर्देश…

 रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय में प्रकरण राजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य में आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ (छत्तीसगढ़) की ओर से कौस्तुभ शुक्ला, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तथा अधिवक्ता पलाश तिवारी ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विस्तृत एवं प्रभावी पैरवी की। सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत हलफनामे में बताया गया कि राज्य में विशेष शिक्षकों के कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पदों के लिए 03 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। उक्त भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता रखने वाले 62 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष 38 पद शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी विषय के कारण अब तक रिक्त हैं।

आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ (छत्तीसगढ़) की ओर से प्रस्तुत पक्ष में यह रेखांकित किया गया कि वर्तमान में प्राथमिक स्तर पर 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन संविदा आधार पर कार्यरत हैं। माध्यमिक स्तर पर 85 विशेष शिक्षक निश्चित मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि इन सभी 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन एवं 85 विशेष शिक्षकों को उनके समस्त शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अभिलेखों सहित स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने का अवसर प्रदान किया जाए। यदि वे Rehabilitation Council of India (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता एवं अन्य आवश्यक पात्रताओं को पूर्ण करते हैं तो उनकी नियुक्ति पर विधि सम्मत विचार किया जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन एवं 85 विशेष शिक्षकों के मामलों पर निर्णय एवं पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात राज्य शासन शेष रिक्त पदों को भरने नई भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए स्वतंत्र होगा।

अपने आदेश में न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण तथ्य भी दर्ज किया कि छत्तीसगढ़ राज्य में 49,000 से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं। राज्य में लगभग 3981 विशेष शिक्षकों की आवश्यकता है। न्यायालय ने समावेशी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। यह आदेश विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ में समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के IKSV कॉलेज का बदला नाम, जानिए अब किस नाम से जाना जाएगा विश्वविद्यालय

छत्तीसगढ़ के IKSV कॉलेज का बदला नाम, जानिए अब किस नाम से जाना जाएगा विश्वविद्यालय

 खैरागढ़। खैरागढ़ की ऐतिहासिक पहचान और राजपरिवार की विरासत से जुड़े देश के प्रतिष्ठित कला एवं संगीत संस्थान इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलने जा रहा है। राज्य शासन ने विश्वविद्यालय का नाम “राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय” किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शासन की स्वीकृति के बाद अब विश्वविद्यालय की नई पहचान को औपचारिक रूप से लागू किए जाने का रास्ता साफ हो गया है.जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन का सुझाव राज्यपाल एवं कुलाधिपति की ओर से दिया गया था। इसके बाद कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा के नेतृत्व में विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रियाएं पूरी कर प्रस्ताव शासन को भेजा। प्रशासनिक परीक्षण और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 21 मई को नाम परिवर्तन की स्वीकृति जारी कर दी।

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि खैरागढ़ राजपरिवार की ऐतिहासिक भूमिका और सांस्कृतिक योगदान को स्थायी सम्मान देने की पहल है। माना जा रहा है कि लंबे समय से विश्वविद्यालय के नाम में “इंदिरा” शब्द को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी, जबकि संस्थान की स्थापना और उसकी विरासत खैरागढ़ राजपरिवार से जुड़ी रही है। नए नाम के जरिए अब उस ऐतिहासिक पहचान को स्पष्ट रूप से सामने लाने की कोशिश की गई है।

विश्वविद्यालय को मिलेगी नई पहचान

कुलपति प्रो.(डॉ.) लवली शर्मा ने शासन और राज्यपाल के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह फैसला विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान देगा। उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन की प्रक्रिया के दौरान कई दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जिन्हें सीमित समय में जुटाकर शासन को भेजा गया। इस कार्य में विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. मंगलानंद झा का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इधर खैरागढ़ राजपरिवार की ओर से भी इस फैसले का स्वागत किया गया है। राजा आर्यव्रत सिंह और राजकुमारी शताक्षी सिंह ने इसे पूर्वजों की विरासत, दानशीलता और शिक्षा के प्रति उनके योगदान को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि खैरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान और राजपरिवार की दूरदर्शिता का प्रतीक है, जिसे मूल स्वरूप में संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। देश-प्रदेश में कला और संगीत शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में शामिल यह विश्वविद्यालय वर्षों से संगीत, ललित कला और सांस्कृतिक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में नाम परिवर्तन को केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि इतिहास, विरासत और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा बड़ा कदम माना जा रहा है।

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