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स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट! छत्तीसगढ़ में 158 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट! छत्तीसगढ़ में 158 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

  रायपुर: प्रदेश में पिछले दो माह में स्वाइन फ्लू के 158 मरीज मिल चुके है, जिनमें 66 रायपुर के हैं। इनमें 8 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 37 है। डॉक्टरों के अनुसार इक्के-दुबके मरीजों की सांस ही फुल रही है। ये भी इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं। इन्हें वेंटिलेटर की भी जरूरत नहीं पड़ रही है। माइल्ड लक्षण होने के कारण इलाज भी आसान ही गया है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों का समुचित इलाज करने व सतत निगरानी करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीजों की सैंपलिंग व इलाज की पूरी व्यवस्था हो।स्वाइन फ्लूसे संबंधित दवाइयों का स्टॉक भी पर्याप्त हो, ताकि विषम परिस्थितियों में आसानी से निपटा जा सके। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन बड़ी राहत की बात ये है कि इसमें गंभीर कोई मरीज नहीं हो रहा है। इसका प्रमुख कारण स्वाइन फ्लू के एचएन वायरस ने अपना स्वरूप नहीं बदला है।

चार दिनों में 36 नए केस

वायरस में कोई म्यूटेशन नहीं होने से मरीज बीमारी से पीड़ित होने के चावजूद गंभीर नहीं हो रहे है। 29 अगस्त को मरीज 122 थे। चार दिनों में 36 नए मरीओं की पहचान की गई है।आंबेडकर अस्पतालके रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें 20 से 25 सीजनल फ्लू, गले में में साराश या सांस लेने में हल्की समस्या वाले मरीज आ रहे हैं। लक्षण वाले मरीजों के स्वाब का सैंपल जांच के लिए माइलो चायोलॉजी विभाग भेजा जा रहा है। वायरोलॉजी लैब में पर्याप्त किट है, जिससे रिपोर्ट भी एक से दो दिन में आ रही है। स्वाइन फ्लू के मरीजों में माइल्ड लक्षण आ रहे हैं. जिससे वे इलाज के बाद ठीक भी हो रहे हैं।

गणेश चतुर्थी तक आ सकते हैं केस

डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू के मरीज गणेश चतुर्थी तक आ सकते हैं। दरअसल इस समय तक मौसम में नमी रहेगी। इससे सर्दी, खांसी, बुखार व गले में इंफेक्शन जैसे लक्षण वाले मरीज आएंगे। इनमें जांच में कुछ मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव हो सकते हैं। सीनियर हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार कैंसर, अस्थमा, डायबिटीज है। वाले मरीजों को रिस्क हो सकता बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें स्वाइन फ्लू का रिस्क बढ़ सकता है। कैंसर के मरीजों के लिए स्वाइन फ्लू खतरनाक व जानलेवा हो जाता। है। दरअसल कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या कैंसर के कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। उन्हें वायरस बुरी तरह प्रभावित करता है। मरीजों को मास्क लगाने कहा जा रहा है।

अभी अगले 15 दिनों तक स्वाइन फ्लू के मरीज और आ सकते हैं। जिन्हें कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं है, उन्हें स्वाइन फ्लू का रिस्क कम होता है। हालांकि समय पर इलाज कराने से मरीज ठीक हो रहे हैं।”

स्वाइन फ्लू के मरीजों में माइल्ड लक्षण आ रहे हैं, जिससे वे इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं। आईसीएमआर की रिसर्च में वायरस में कोई म्यूटेशन नहीं होने की बात सामने आई है। यह राहत की बात है, क्योंकि वायरस पहले की तरह है और मरीज गंभीर नहीं हो रहे हैं।

जिला कुल मरीज एक्टिव केस
रायपुर 66 08
बिलासपुर 20 00
दुर्ग 17 00
रायगढ़ 10 03
कोरबा 09 04
सरगुजा 02 00
ब्रेकिंग : भाजपा ने की प्रकोष्ठों के प्रभारियों की घोषणा, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : भाजपा ने की प्रकोष्ठों के प्रभारियों की घोषणा, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…!!

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए संयोजक-सहसंयोजक और प्रभारियों की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मार्कण्डेय की ओर से जारी आदेश के अनुसार चुन्नीलाल साहू को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक और लाभचंद बाफना को प्रकोष्ठ संकुल सहसंयोजक बनाया गया है। 

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

 जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आज आदेश जारी कर छह पुलिस अधिकारियों की अस्थायी रूप से नई पदस्थापना की है। सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से नवीन जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में कई थाना प्रभारियों को दूसरे थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

देखें आदेश….

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

 रायपुर। सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।
विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।

समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि द्वारा सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। अतिथियों ने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित
समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।

सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस का सम्मान दिया गया।विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्तिध्सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया।कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

 

 

 

 

दशकों बाद ग्रामीणों तक पहुंचा नेटवर्क, सुकमा के सुदूर वनांचल टेटरई में लगा बीएसएनएल टावर

दशकों बाद ग्रामीणों तक पहुंचा नेटवर्क, सुकमा के सुदूर वनांचल टेटरई में लगा बीएसएनएल टावर

 0-2 हजार से अधिक ग्रामीणों की जिंदगी हुई आसान

सुकमा । दशकों तक भौगोलिक विषमताओं और संचार सुविधाओं के अभाव से जूझते सुकमा के सुदूर वनांचल अब विकास की नई सुबह देख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व में बस्तर के अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने का संकल्प अब धरातल पर उतर आया है। जिला प्रशासन की सक्रियता और निरंतर निगरानी के चलते जिला मुख्यालय से करीब 190 किलोमीटर दूर कोंटा विकासखंड के टेटरई जैसे अति-संवेदनशील व अंदरूनी गांवों में नया मोबाइल टॉवर स्थापित कर नेटवर्क बहाल कर दिया गया है। वर्षों से एक अदद सिग्नल के लिए तरसते इन बीहड़ों में पहली बार बजी मोबाइल की घंटी ने ग्रामीणों के जीवन में विकास और भरोसे का नया संचार किया है।

इस नई कनेक्टिविटी ने स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों की जिंदगी को एक नई दिशा दी है। कभी अपनों की कुशलक्षेम पूछने या एक जरूरी कॉल करने के लिए मीलों पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण अब अपने घर-आंगन से ही देश-दुनिया से सीधे जुड़ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं अब गांव में रहकर ही ऑनलाइन कक्षाओं, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल अध्ययन सामग्री का पूरा लाभ उठा पा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय वनोपज, लोककला और हस्तशिल्प से जुड़े ग्रामीणों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल गए हैं।

नेटवर्क की उपलब्धता ने प्रशासनिक तंत्र और जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों की चौखट तक ला खड़ा किया है। अब डिजिटल बैंकिंग, ईकेवाईसी और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाएं बिना किसी बाधा के मिल रही हैं, जिससे ग्रामीणों को अपने हक की राशि के लिए भटकना नहीं पड़ता। सबसे बड़ा बदलाव आपातकालीन सेवाओं में आया है—बीमारी या किसी संकट के समय अब ग्रामीण सीधे स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस और प्रशासन से तत्काल संपर्क साध पा रहे हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों में सुरक्षा का एक मजबूत कवच तैयार हुआ है।

कलेक्टर अमित कुमार के अनुसार, बीएसएनएल की ‘4त्र सैचुरेशन परियोजना के तहत जिले के दुर्गम क्षेत्रों को निर्बाध कॉलिंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी से लैस किया जा रहा है। जनहित के संकल्प के साथ घने जंगलों और दुर्गम पहाडिय़ों के बीच भी विकास की रोशनी पहुंचाई जा रही है। सुकमा के इन वनांचलों में गूंजती मोबाइल की यह घंटी केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि बस्तर के सुरक्षित, सशक्त और विकसित भविष्य की बुलंद आवाज बन चुकी है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता

 कटिंग-पॉलिशिंग के आधुनिक प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय बनेगा नॉलेज पार्टनर, ‘बस्तर ब्रांड’ को मिलेगा बढ़ावा

कोरंडम से बस्तर को मिलेगी नई पहचान, खनन से मूल्य संवर्धन तक विकसित होगी पूरी वैल्यू चेन

25 वर्षों बाद बीजापुर के कुचनूर में फिर शुरू हुआ कोरंडम खनन, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर

रायपुर, 31 अगस्त 2026

नेशनल क्रिटिकल मिनरल  मिशन और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों के दोहन के साथ-साथ उनके स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CMDC) द्वारा बीजापुर जिले के कुचनूर क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद कोरंडम खदान का पुनः संचालन किया गया है। कोरंडम के खनन से लेकर उसकी कटिंग, पॉलिशिंग, आभूषण निर्माण, ब्रांडिंग और विपणन तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने के उद्देश्य से CMDC और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में नया रायपुर स्थित मेफेयर रिज़ॉर्ट में यह महत्वपूर्ण एमओयू सम्पन्न हुआ। विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में चयनित किया गया है, जिसके माध्यम से स्थानीय युवाओं और शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम का उत्खनन

                  प्रदेश में कोरंडम खनिज के दोहन एवं विपणन के लिए CMDC और संयुक्त उपक्रम साझेदार मेसर्स एन.सी. नाहर के मध्य गठित छत्तीसगढ़ कोरंडम माइन्स लिमिटेड के माध्यम से बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम क्षेत्र के ग्राम कुचनूर में कोरंडम खदान संचालित की जा रही है। लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद फरवरी 2025 से खदान का पुनः संचालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम का वैज्ञानिक पद्धति से उत्खनन किया जा रहा है। वर्तमान में खदान से उत्खनित कोरंडम का लगभग 240 किलोग्राम भंडारण है, जिसमें से 157.643 किलोग्राम का परिवहन किया जा चुका है। परिवहन किए गए कोरंडम में 107.989 किलोग्राम बी-ग्रेड तथा 49.654 किलोग्राम औद्योगिक ग्रेड कोरंडम शामिल है।

खनन के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार

कुचनूर कोरंडम खदान के संचालन से बीजापुर जिले के 14 स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार और CMDC का प्रयास है कि खनिज आधारित गतिविधियों का लाभ केवल खनन तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समुदायों, युवाओं, शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों की भागीदारी से आय के नए अवसर सृजित हों।

कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण से बढ़ेगा मूल्य संवर्धन

कोरंडम से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर जेम्स्टोन हैंडलिंग, कटिंग, पॉलिशिंग और अन्य वैल्यू एडिशन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रत्नों की पहचान और कौशल गतिविधियों में दक्ष बनाया जाएगा। इससे उन्हें रोजगार के साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के अवसर भी मिलेंगे।

‘बस्तर ब्रांड’ के तहत आभूषण और रत्न उत्पादों को मिलेगा बाजार

                       कुचनूर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम को ‘बस्तर ब्रांड’ के तहत स्थानीय डिजाइन, गुणवत्ता और प्रमाणिकता से जोड़ने की योजना है। कोरंडम से आभूषण एवं रत्न उत्पाद तैयार कर उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे बस्तर की स्थानीय कला, शिल्प और प्राकृतिक खनिज संपदा को एक साथ बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी। स्थानीय इकाइयों, स्टार्टअप्स, शिल्पकारों और निवेशकों की भागीदारी से कोरंडम आधारित नए उद्यम विकसित किए जा सकेंगे।

नए कोरंडम क्षेत्रों की पहचान और अन्वेषण जारी

बीजापुर जिले में कोरंडम से जुड़े नए संभावित क्षेत्रों की पहचान, अन्वेषण एवं पूर्वेक्षण का कार्य भी जारी है। भोपालपट्टनम क्षेत्र में ग्राम कुचनूर सहित अन्य संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर खनन गतिविधियों के विस्तार की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। धनगोल सहित विभिन्न इलाकों में क्षेत्र आरक्षित कर आवेदन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

पारदर्शी नीलामी से सरकार को राजस्व, बस्तर को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान

उत्खनित कोरंडम की पारदर्शी तरीके से नीलामी से राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि के साथ बस्तर क्षेत्र के कोरंडम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग के साथ स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन होने से खनिज की वास्तविक आर्थिक क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। CMDC की यह पहल ‘खनन से मूल्य संवर्धन, मूल्य संवर्धन से रोजगार और रोजगार से आर्थिक सशक्तिकरण’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य केवल कोरंडम का उत्खनन करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों को पूरी वैल्यू चेन का भागीदार बनाकर बस्तर की खनिज संपदा को स्थानीय समृद्धि और आत्मनिर्भरता का आधार बनाना है।

हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 हिंसा और नक्सलवाद का महिमामंडन करने वाली मानसिकता भी समाज के लिए घातक : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने कहा - बस्तर अब भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने एक निजी चैनल के साक्षात्कार के दौरान कहा कि  नक्सलवाद के समर्थन में बात करने वाले और कुख्यात नक्सली हिड़मा , जिसने सैकड़ो निर्दोषों की हत्या की,  उसे आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली हैं । 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के लंबे और पीड़ादायक दौर से बाहर निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, केंद्र और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बस्तर के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद समाप्ति की ओर है। अब आवश्यकता इस बात की भी है कि हिंसा और नक्सलवाद को वैचारिक समर्थन देने तथा उसका महिमामंडन करने वाली मानसिकता को समाज स्पष्ट रूप से अस्वीकार करे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी कुछ लोग ऐसे कुख्यात नक्सलियों को अपना आदर्श मानते हैं, जिनके हाथ निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाबलों के खून से रंगे रहे हैं। हिड़मा जैसे नक्सलियों ने हिंसा और आतंक के माध्यम से बस्तर की अनेक पीढ़ियों को भय, अभाव और पिछड़ेपन में रखने का काम किया। ऐसे लोगों का महिमामंडन करना, उनके समर्थन में नारे लगाना या उन्हें नायक के रूप में प्रस्तुत करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदूक उठाकर निर्दोष लोगों की जान लेने वाला व्यक्ति किसी समाज का आदर्श नहीं हो सकता। नक्सली हिंसा में बस्तर ने अपने हजारों निर्दोष नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और बहादुर जवानों को खोया है। अनेक परिवारों ने अपनों को खोने का दर्द सहा, बच्चों से उनके माता-पिता छिने और विकास की संभावनाओं को दशकों तक बाधित किया गया। इस पीड़ा को नजरअंदाज कर हिंसा के जिम्मेदार लोगों का गुणगान करना बस्तर के पीड़ित परिवारों और शहीद जवानों के बलिदान का भी अपमान है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद केवल बंदूक और जंगलों तक सीमित चुनौती नहीं है। हिंसा को उचित ठहराने, लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने और नक्सली हिंसा के जिम्मेदार लोगों को नायक के रूप में स्थापित करने वाली सोच भी उतनी ही चिंताजनक है। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन हिंसा का समर्थन और निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों का महिमामंडन किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान बदल रही है। जिस क्षेत्र को कभी नक्सली हिंसा, बारूदी सुरंगों और भय के कारण जाना जाता था, वहां अब स्कूलों की घंटियां सुनाई दे रही हैं, सड़कें बन रही हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं तथा दूरस्थ गांव शासन की योजनाओं और विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के युवा अब बंदूक नहीं, किताब, कलम, कौशल और रोजगार चाहते हैं। वे अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं और देश-प्रदेश की प्रगति में भागीदार बनना चाहते हैं। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिले और प्रत्येक परिवार तक विकास तथा सुशासन का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल सुरक्षा की लड़ाई नहीं थी, बल्कि बस्तर के भविष्य को बचाने की लड़ाई थी। हमारे जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना इस लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया है। अब समाज की जिम्मेदारी है कि हिंसा की विचारधारा को किसी भी स्वरूप में महिमामंडित न होने दे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, लोकतंत्र और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है। नक्सलवाद और हिंसा के लिए नए छत्तीसगढ़ में कोई स्थान नहीं है। बस्तर की नई पीढ़ी के आदर्श वे लोग होने चाहिए जो शिक्षा, सेवा, परिश्रम, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से समाज को आगे बढ़ा रहे हैं, न कि वे जिन्होंने बंदूक और हिंसा के सहारे निर्दोष लोगों का जीवन छीना।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना केवल सरकार या सुरक्षाबलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों के साहस और विश्वास की जीत है। अब इस शांति को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और समृद्धि की नई पहचान देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हाथी का खौफ! जंगल गए ग्रामीण का हाथी से हुआ सामना, हमले में मौके पर ही दर्दनाक मौत, गांव में पसरी दहशत….

हाथी का खौफ! जंगल गए ग्रामीण का हाथी से हुआ सामना, हमले में मौके पर ही दर्दनाक मौत, गांव में पसरी दहशत….

 सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिल में हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत हो गई है. जजवाल गांव के पास जंगल गए ग्रामीण का हाथी से सामना हो गया. घटना के बाद गांव वाले दहशत में आ गए. वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर सतर्क हो गई है.

जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत जजवाल गांव के आसपास हाथी पहुंच गया. शनिवार रात जंगल गए ग्रामीण पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद जंगल से गुजर रहे अन्य ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी. उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी.

जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मृतक के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. हाथी के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के चलते ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है.

CG CRIME : लिफ्ट लेने के लिए स्कूटी सवारों को रोकना पड़ा भारी, विवाद के बाद युवक को मारा चाकू, इलाज के दौरान मौत

CG CRIME : लिफ्ट लेने के लिए स्कूटी सवारों को रोकना पड़ा भारी, विवाद के बाद युवक को मारा चाकू, इलाज के दौरान मौत

 भिलाई।  ढिल्लन होटल के सामने नेहरू नगर चौक पर रात्रि 11:30 बजे के करीब चाकू बाजी की घटना में घायल 26 साल के युवक की इलाज के दौरान सुबह-सुबह अस्पताल में मौत हो गई कैंप 01 का युवक चिचोला जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था।

चाकू मारने वाला युवक दो स्कूटी में सवार चार युवक और एक लड़की वारदात के बाद अंडर ब्रिज होते हुए टाउनशिप की ओर भागने की जानकारी मिली है घायल युवक के साथ खड़ा दूसरा युवक आरोपियों की बाइक का नंबर नहीं देख पाया है सुपेला पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं सुपेला पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश में लगी हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक शिव कुमार सिंह पिता अवधेश सिंह 151 D सुभाष चौक कैंप 01 का निवासी था अपने दोस्त दोस्त शिशांत के साथ बाइक में नेहरू नगर चौक पहुंचे , शिव कुमार सिंह को चिचोला जाना था वहाँ दुकान चलाते है, शिव कुमार लिफ्ट लेने के लिए ट्रक को रुकवा रहा था, ट्रक नहीं रुकने से स्कूटी सवार (3 लोग ,2 लड़का 1 लड़की ) को रोक दिया।

उसी बात पे बहस हुआ इनके बीच , स्कूटी सवार एक लड़के ने उसे चाकू मार दिया, शिवकुमार को लेफ्ट पैर में सामने की तरफ़ थाइ के ऊपर, चाकू मारकर युवक के घायल होकर गिरने पर स्कूटी सवार लोग नेहरू नगर चौक (ब्रिज के नीचे) से अंडर ब्रिज की तरफ़ भाग गए। घायल युवक के शिव कुमार सिंह को पुलिस इलाज के लिए हाईटेक अस्पताल ले गई हाइटेक हॉस्पिटल के डॉक्टर इलाज के लिए शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भेज दिए जहां आज सुबह युवक की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य खेल अलंकरण…..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य खेल अलंकरण…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान करेंगे। वे 5 टीमों के 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी देंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 29 अगस्त को शाम 4 बजे से राज्य राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया है।

राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव राज्य खेल अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा: बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा युवक खारुन नदी में डूबा, तलाश जारी

रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा: बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा युवक खारुन नदी में डूबा, तलाश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। महादेव घाट पर बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे युवक की खारुन नदी में डूब गया। बताया जा रहा है कि अस्थि विसर्जन के बाद नदी में नहाते समय युवक गहरे पानी में चला गया और एनीकट के नीचे बने भंवर में फंसकर डूब गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा था युवक

मृतक की पहचान रायपुरा के सतनामी पारा निवासी युधिष्ठिर सारंग (35 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, युधिष्ठिर अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए अपने जीजा और अन्य परिजनों के साथ महादेव घाट पहुंचा था। परिवार के लोगों ने विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया। इसके बाद युधिष्ठिर नदी में नहाने के लिए उतरा। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी की ओर चला गया।

नदी में पानी का बहाव तेज था और एनीकट के नीचे भंवर बना हुआ था। नहाते समय युधिष्ठिर इसी भंवर की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में युवक की तलाश शुरू की गई। हालांकि अभी तक युवक का शव बरामद नहीं किया जा सका है। इस हादसे से मृतक के परिवार में मातम पसर गया है।

छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी को मिलेगा नया विस्तार

छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी को मिलेगा नया विस्तार

 31 अगस्त को नवा रायपुर में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की 8वीं किश्त की नीलामी पर होगा रोड शो

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं सतीश चंद्र दुबे सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

1 सितंबर को नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा, माइन विजिट भी प्रस्तावित

रायपुर,  अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश, अन्वेषण और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त को लेकर रोड शो आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं श्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।

केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए शामिल किया गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इन खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना देश की खनिज सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के बाद वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष भी संबोधित करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कोयला और खान मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ

रोड शो के दौरान संचालक, भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा खनिज क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस अवसर पर टिन पोर्टल एवं ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पीटीआरएसयू के साथ एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।

तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और खनिज ब्लॉक्स पर होगी चर्चा

दोपहर 2 बजे से तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें एमईसीएल द्वारा ट्रेंच-VIII के तहत नीलामी के लिए रखे गए खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा। तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खनिज ब्लॉक्स की संभावनाओं, नीलामी प्रक्रिया, निवेश के अवसर और खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। खान मंत्रालय के निदेशक द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ रोड शो का समापन होगा।

नीलाम खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा

रोड शो के बाद मेफेयर लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट प्रस्तावित है।

रोड शो और समीक्षा बैठक के माध्यम से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण, नीलामी और खनन को गति देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

Jashpur Women Empowerment: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

Jashpur Women Empowerment: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

 Jashpur Women Empowerment News: रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के बगिया कैंप कार्यालय से ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना की शुरुआत की। योजना के तहत 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि नियमित आय और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों को साड़ी और मिठाई भेंट कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला है। पिछले रक्षाबंधन पर 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे, जबकि इस बार 50 महिलाओं को इसका लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि रायपुर में भी 92 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं और ई-रिक्शा चला रही महिलाएं प्रतिमाह करीब 15 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़कर नए रोजगार अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

‘जशपुर एक्सप्रेस’ के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका का साधन मिलने के साथ यात्रियों को भी आवागमन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं किराना, सब्जी व्यवसाय और अन्य छोटे उद्यमों के साथ अब परिवहन क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं।

बगिया को करीब 3 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बगिया में करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले विश्राम गृह का भूमिपूजन किया। इसके अलावा यादव मोहल्ला तक बनने वाली सीसी सड़क के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।

रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम में महिलाओं और मुख्यमंत्री के बीच आत्मीय संवाद भी हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा तथा प्रदेश के विकास के लिए निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अधिकारी और बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।

बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 जशपुर। रक्षाबंधन के अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि उनका सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन से परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव बनाते हैं। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के जरिए करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है।

 केरसई और आसपास के गांवों में कई निर्माण कार्यों की घोषणा

रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री ने केरसई क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। घासीमुंडा में नया प्राथमिक शाला भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, मिनी स्टेडियम, केरसई और घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार सहित कई कार्य शामिल हैं। इसके अलावा अरुण के घर तक सीसी सड़क, गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन, घासीमुंडा में सामुदायिक भवन और ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केरसई में करीब 84.69 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार प्राथमिकता दे रही है।

 स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। ड्रोन दीदियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। जशपुर की महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर स्वरोजगार के नए अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गांव की महिलाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें। महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार की स्थिति बेहतर होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।

 किसानों और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर उपलब्ध कराने का काम जारी है। इसके साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर दिया जा रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का आग्रह किया।

 जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज, एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किया गया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आयुषी को पासबुक दी गई। स्वामित्व योजना के तहत पांच हितग्राहियों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपए की सहायता का चेक भी प्रदान किया गया।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरे प्रदेश की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

 रायपुर राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक दूसरे स्थान में पदस्थ किया है जिसमें अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त भी शामिल है। 
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव क्लेमेन्टीना लकड़ा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के मुताबिक देवनारायण कश्यप राप्रसे, पी.-2010, प्रवर श्रेणी आयुक्त, नगर पालिक निगम, अंबिकापुर (सरगुजा) से उप सचिव, छ.ग. शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय, चित्रकांत चाली ठाकुर राप्रसे, आर.आर.-2014, श्रेणी प्रवर अपर कलेक्टर, कोण्डागांव से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नारायणपुर, सुश्री दिप्ती गौते राप्रसे, आर.आर.-2014, प्रवर श्रेणी अपर कलेक्टर, बलौदाबाजार भाटापारा से परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर, गुड्डू लाल जगत राप्रसे, आर.आर.-2014, प्रवर श्रेणी अपर कलेक्टर, बेमेतरा से उप सचिव, छ.ग. शासन, श्रम विभाग, मंत्रालय, विनय कुमार अग्रवाल, राप्रसे, आर.आर.-2015, प्रवर श्रेणी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नारायणपुर से आयुक्त, नगर पालिक निगम, अंबिकापुर (सरगुजा), डॉ ऋतु वर्मा राप्रसे, आर.आर.-2015, प्रवर श्रेणी उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6 एवं 7) अतिरिक्त प्रभार-परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर से परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त, शेष यथावत् रखा गया है।

रक्षाबंधन पर रेलवे की बड़ी सौगात : दुर्ग-रायगढ़ के बीच 3 दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

रक्षाबंधन पर रेलवे की बड़ी सौगात : दुर्ग-रायगढ़ के बीच 3 दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

 रायपुर। रक्षाबंधन के त्योहार पर ट्रेनों में बढऩे वाली भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे 27 से 29 अगस्त 2026 तक दुर्ग और रायगढ़ के बीच रक्षाबंधन पैसेंजर स्पेशल ट्रेन चलाएगा। गाड़ी संख्या 08834/08833 तीन फेरे लगाएगी। इस स्पेशल ट्रेन के चलने से दुर्ग, भिलाई, रायपुर, तिल्दा, भाटापारा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, खरसिया और रायगढ़ समेत रास्ते के कई स्टेशनों के यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा मिलेगी।

सुबह 10:30 बजे दुर्ग से रवाना होगी
गाड़ी संख्या 08834 दुर्ग से सुबह 10:30 बजे रवाना होगी और 11:25 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन तिल्दा नेवरा और भाटापारा समेत कई स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए बिलासपुर पहुंचेगी। यहां से जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, खरसिया सहित अन्य स्टेशनों से होकर ट्रेन शाम 7 बजे रायगढ़ पहुंचेगी।

शाम 7:40 बजे रायगढ़ से वापसी
वापसी में गाड़ी संख्या 08833 रायगढ़ से शाम 7:40 बजे दुर्ग के लिए रवाना होगी। ट्रेन रात 10:20 बजे बिलासपुर, 11:25 बजे भाटापारा और 12:40 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन सुबह करीब 2 बजे दुर्ग पहुंचने का निर्धारित समय है।

10 कोच की होगी स्पेशल ट्रेन
रेलवे के मुताबिक स्पेशल ट्रेन में कुल 10 आईसीएफ कोच लगाए जाएंगे। इनमें 8 जनरल कोच और 2 एसएलआरडी कोच शामिल हैं। त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेन चलने से नियमित ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ का दबाव कम होने और यात्रियों को सुविधाजनक सफर मिलने की उम्मीद है।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान

 रायपुर: राज्य  सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के साथ उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए शिक्षा के नए अवसरों के द्वार खोल रही है। योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताया और उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को भी देश के बेहतरीन निजी विद्यालयों में पढ़ने का समान अधिकार है। सरकार उनकी शिक्षा का पूरा खर्च वहन कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर उपलब्ध करा रही है।

धमतरी के सात बच्चों को मिला निजी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश

विभागीय अधिकारी ने बताया कि सम्मान समारोह में धमतरी जिले के 07 नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन बच्चों को कक्षा छठवीं में प्रवेश मिला है। इनमें ग्राम श्यामतराई की याचना साहू, ग्राम सिर्री की भाव्या, ग्राम रीवागहन के नैतिक कुमार, ग्राम चटौद की धारनी साहू, ग्राम गुजरा के नागेन्द्र कुमार, ग्राम देमार की पूजा मीनपाल तथा ग्राम खट्टी की रागिनी साहू शामिल हैं।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत अनुबंधित 09 जिलों के निजी आवासीय विद्यालयों में चयनित बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। विद्यालय में अध्ययन, आवास सहित आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ बच्चों को मिलेगा। इससे श्रमिक परिवारों पर बच्चों की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा और प्रतिभावान बच्चों को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा के माध्यम से सशक्त हो रहे श्रमिक परिवार

योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को केवल बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में अध्ययन से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और प्रतियोगी अवसरों का लाभ मिलेगा।

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के सपनों को पंख देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। धमतरी जिले के सात बच्चों का चयन जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा में बाधा न बनें, यही इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने चयनित बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी लगन और मेहनत के साथ अध्ययन करें, अपने माता-पिता एवं जिले का नाम रोशन करें तथा भविष्य में समाज और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

सुशासन तिहार: जनविश्वास, जनकल्याण और विकास की नई पहचान

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 o विशेष लेख : तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज

o तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज

रायपुर। सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ शासन की एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य गाँवों और शहरों के द्वार पर पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और शासन-प्रशासन के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना है। सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में गत माह आयोजित इस अभियान के तहत जनता से सीधे संवाद और विकास कार्यों को गति दी जाती है। अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ शासन पोर्टल पर जा सकते हैं। बस्तर का आयतु हो या सरगुजा जिले का तिहारू, धमतरी जिले के आदिवासी बहुल नगरी अंचल के ईतवारी राम कमार अपनी बात बेबाकी से प्रदेश के सीएम साय के समक्ष खड़े होकर कह सकता है कि साहब हमारे यहां पीडीएस यानी सरकारी उचित मूल्य की दुकान का अनाज एवं अन्य खाद्यान सामग्री किफायती दर पर और सही समय पर मिल रहा है अथवा नहीं ? सुशासन जो कि गुड गवर्नेस कहने पर आसानी से लोगों के जहन में बसता है इसका वास्तविक अर्थ है ऐसा शासन जो लोक-केंद्रित हो, पारदर्शी हो और जिसमें जनता की आवाज सर्वाेपरि हो।

समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रशासन की सहजता से पहुंच
पिछले दिनों सफलता पूर्वक सम्पन्न सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने औचक ग्रामीणों के बीच पहुँचकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि शासन को इस प्रकार संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। सुशासन तिहार इसी सोच का जीवंत उदाहरण है। इसी मंशा से प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों ने भी गाँव की चौपाल में अपने मुखिया के समक्ष विभिन्न सार्वजनिक जरूरतों के बारे में प्रमुखता से अपनी बात रखी। चाहे वह हेण्डपम्प की हो या तालाब में घाट का निर्माण, सामुदायिक भवन, आंगनबाडी भवन, पहुंचमार्ग का निर्माण अथवा विद्युत लाईन का विस्तार, मध्यान्ह भोजन की बात हो या स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के संबंध में अपनी बातें रखीं।

सीएम साय के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान
सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर स्तर पर शिविर का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की छोटी-छोटी सार्वजनिक जरूरतों को मौके पर ही तुरन्त अपनी मंजूरी प्रदान की। गांव वालों के बीच हेलीकॉप्टर का अचानक उतरना लोगों के लिए कौतूहल का विषय होता है, उनके बीच प्रदेश के मुखिया उनके दुःख-दर्द का हालचाल जानने आए हैं, वह भी बैशाख-जेठ महिने की तपती दोपहरी में। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी सहज होकर आत्मीयता से अपनी बात रखते। मुख्यमंत्री भी उनकी सार्वजनिक जरूरतों की मांग को मौके पर ही पूरा कर देते। सीएम साय के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों की विभिन्न समस्याओं का यथा संभव तुरन्त समाधान करने इस वर्ष पूरे प्रदेश में 01 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार संचालित किया गया।

ग्रामीणों से चौपाल में समस्याओं तथा जरूरतों की भी ली जानकारी
छत्तीसगढ़ में सरकार और जनता के बीच परस्पर संवाद के एक प्रभावी माध्यम के रूप में सुशासन तिहार संचालित हुआ जो सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस वर्ष भी प्रदेश के सभी 33 जिलों के 146 विकासखण्डों में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के अभियान दलों का गठन कर उन्हें गांवों में भेजा गया। राज्य में कुल 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत गांव की संख्या 19 हजार 820 के आसपास हैं। अभियान के तहत् विभिन्न विभागों के हजारों अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग जत्थों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांवों में रात रूक कर ग्रामीणों से चौपाल में उनकी समस्याओं तथा जरूरतों की जानकारी भी ली।

शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन
त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी इस अभियान में भाग लिया। मुख्यमंत्री और सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों तथा प्रभारी सचिवों ने इस दौरान विभिन्न जिलों के गांवों का आकस्मिक दौरा कर सुशासन तिहार का सुचारू संचालन सुनिश्चित करते हुए शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन भी किया। अभियान के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अन्त्योदय अन्न योजना, अनाज भण्डारण और वितरण की स्थिति, भौगोलिक दृष्टि से पहुंचविहीन क्षेत्रों में मानसून के पहले आवश्यक वस्तुओं के समुचित भण्डारण, बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए अमृत नमक वितरण की भी समीक्षा की गई।

श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, राजस्व – प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा
महात्मा गांधी नरेगा तथा अन्य रोजगार मूलक कार्यों की प्रगति और उनमें लगे श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, राजस्व – प्रकरणों के निराकरण के अंतर्गत आविवादित नामांतरण, बटवारा और सीमांकन के मामलों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था और पेयजल स्त्रोंतो की साफ-सफाई सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, निर्मल ग्राम योजना, विद्युत व्यवस्था, ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाईनों के समुचित रख-रखाव, कृषि पम्पों के विद्युतिकरण और एकल बत्ती कनेक्शन से संबंधित शासकीय प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं पेंशन, निराश्रित पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

CG – महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा का खुलासा, सरकारी शिक्षिका और क्लर्क को मिल रहा था लाभ

CG – महतारी वंदन योजना में फर्जीवाड़ा का खुलासा, सरकारी शिक्षिका और क्लर्क को मिल रहा था लाभ

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक से बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच के दौरान 11 शिक्षक और बाबुओं के परिवारों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने पात्रता नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया। बताया जा रहा है कि शासकीय सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के परिवारों ने नियमों के विपरीत महतारी वंदन योजना की राशि हासिल की। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी है।

बीईओ के माध्यम से संबंधित कर्मचारियों को कार्रवाई के दायरे में लाया गया है। अब तक योजना के तहत ली गई राशि की रिकवरी की जाएगी, जिससे सरकारी योजना में अपात्र लाभ लेने वालों पर शिकंजा कस गया है।

महतारी वंदन योजना में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की सभी महिलाओं को माह में एक हजार रुपए देने का निर्णय लिया गया है। इसका लाभ शासकीय सेवक वाले नहीं उठा सकते। इसके बाद भी जिले के बिल्हा ब्लॉक के शिक्षा विभाग में शिक्षक और बाबू के पद पर कार्यरत शासकीय सेवक नियमों को ताक पर रखकर महतारी वंदन योजना का लाभ उठा रहे थे। इसमें कुछ शिक्षिकाएं और महिला बाबू भी उसका लाभ ले रही थीं। एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिल्हा की जांच में 11 ऐसे अपात्र हितग्राहियों के नाम सामने आए हैं। इसलिए विभाग ने ऐसे शासकीय सेवकों की जानकारी बीईओ, बिल्हा को भेज़ी है। अपात्र महिलाओं को चिह्नित किया गया है, जिनके पति या वे स्वयं शासकीय सेवा शिक्षक, वर्ग 2 और सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। इन अपात्र हितग्राहियों के खातों में गलत तरीके से भेजी गई कुल 1,24,000 रुपए की राशि वसूली करने कहा गया है।

अपात्र हितग्राही ले रहे थे योजना का लाभ

रत्ना क्षत्री पति विनोद कुमार क्षत्री शासकीय सेवक ग्रेड 2, गंगा बाई पति केसर सिंह शासकीय सेवक ग्रेड 2, रमा वर्मा पति रवींद्र वर्मा शिक्षक वर्ग 2, दिनेश्वरी कुर्रे पति शैलेश कुमार कुर्रे शिक्षक वर्ग 2, कुसुम यादव पति राजकुमार यादव शिक्षा कर्मी, गोदावरी कौशिक पति सुरेश कौशिक शासकीय शिक्षक, रामेश्वरी साहू पति राजेश साहू शासकीय सेवक ग्रेड 2, कीर्ति पाटले पति संतोष पाटले शासकीय सेवक ग्रेड 1, सविता कुर्रे पति गोरेलाल कुर्रे सहायक शिक्षक, अमर ज्योति शांडिल्य पति विनोद कुमार सहायक शिक्षक और लक्ष्मी पति परविंदर कुमार शासकीय शिक्षक शामिल हैं।

बीईओ ने जारी किया वसूली आदेश

बिल्हा बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने कहा कि शासकीय शिक्षक और बाबू होने के बाद भी शासन की महतारी योजना के नाम पर प्रतिमाह रुपए लेने वालों की पहचान महिला एवं बाल विकास विभाग ने की है। उनसे वसूली का आदेश जारी किया गया है। इसके बाद भी राशि जमा नहीं करने पर वेतन से रिकवरी की जाएगी।

रायपुर : परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर : परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न

 नवा रायपुर में ई-बसों के संचालन, कार्यालय भवन निर्माण सहित सड़क परियोजनाओं के प्रस्तावों पर हुआ विचार-विमर्श

रायपुर :- मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवा रायपुर अटल विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया।

’नवा रायपुर में चलेंगी ई-बसें’  

बैठक में एनआरडीए के अंतर्गत कंप्लायंट बैटरी ऑपरेटेड मोटर एसी-ई बसों के डिजाइन, प्रोक्योरमेंट, सप्लाई, परिचालन एवं संधारण के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर निविदा आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना के विभिन्न तकनीकी एवं क्रियान्वयन संबंधी पहलुओं की समीक्षा की गई। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय सहित अन्य कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने परियोजना की आवश्यकताओं एवं निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की।

’रायगढ़ और जांजगीर-चांपा की सड़क परियोजनाओं पर चर्चा’  

लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला रायगढ़ के अंतर्गत रायगढ़-पूंजीपथरा-घरघोड़ा फोरलेन मार्ग के निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। लगभग 37 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग के निर्माण से संबंधित तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए प्रभावित भूमि के अर्जन, भूमि व्यपवर्तन तथा निर्माण कार्य की तैयारियों की जानकारी दी गई। बैठक में जिला जांजगीर-चांपा के अंतर्गत लगभग 6.70 किलोमीटर लंबाई वाले अकलतरा बायपास मार्ग के निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। परियोजना से संबंधित तकनीकी एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की गई।
 
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार सहित लोक निर्माण, वित्त एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गजरथ यात्रा को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री साय ने ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक का किया विमोचन

गजरथ यात्रा को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री साय ने ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक का किया विमोचन

 जशपुरनगर। मानव–हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और ग्रामीण समुदायों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर वनमंडल द्वारा संचालित ‘गजरथ यात्रा’ अभियान के द्वितीय चरण पर आधारित पुस्तक ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैंप कार्यालय बगिया में विमोचन किया। इस अवसर पर जशपुर वनमंडल के हाथी संरक्षण और मानव–हाथी सह-अस्तित्व के प्रयासों को राज्य स्तर पर नई पहचान मिली। गजरथ यात्रा के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर लोगों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास, भोजन और विचरण क्षेत्र के बारे में जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथियों की मौजूदगी की स्थिति में वन विभाग को तत्काल सूचना देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य हाथियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद भय और भ्रांतियों को दूर करना तथा मानव और हाथियों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व की भावना विकसित करना है। विद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक में जशपुर वनमंडल द्वारा हाथी संरक्षण, जनजागरूकता, ग्रामीण सहभागिता और मानव–हाथी द्वंद्व प्रबंधन के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को संकलित किया गया है। इसमें स्थानीय समुदायों और विद्यार्थियों की भागीदारी को भी प्रमुखता दी गई है।

हाथियों की गतिविधियों की निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘राज संकेत ऐप’ के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर प्रभावित गांवों के लोगों को मोबाइल संदेश के जरिए समय रहते सतर्क किया जाता है। इस अवसर पर हाथी–मानव द्वंद्व को कम करने और हाथियों की सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के हाथों प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

CM साय ने किया रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार सुविधाओं को मिली नई मजबूती

CM साय ने किया रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार सुविधाओं को मिली नई मजबूती

 ० अत्याधुनिक सुविधाओं और मशीनरी का किया अवलोकन, मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में नवनिर्मित रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक उपचार सुविधाओं और मशीनरी का अवलोकन किया तथा अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय प्रदीप दवे को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। नए कैंसर इंस्टीट्यूट से मरीजों को जांच और उपचार की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं छत्तीसगढ़ में ही मिलें। निजी क्षेत्र की ऐसी पहल से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

कैंसर की शुरुआती पहचान बेहद जरूरी : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर का असर केवल मरीज पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। नियमित स्क्रीनिंग और समय पर बीमारी की पहचान से उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि नए संस्थान के शुरू होने से मरीजों को आधुनिक कैंसर उपचार के साथ अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ एक ही स्थान पर मिल सकेगा।

प्रदेश में बढ़ रहा मेडिकल और सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का दायरा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नए कैंसर इंस्टीट्यूट के शुरू होने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है और सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं के विस्तार से गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

CG Weather Update: आज घूमने का प्लान है तो संभलकर! छत्तीसगढ़ में 4 दिन बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट

CG Weather Update: आज घूमने का प्लान है तो संभलकर! छत्तीसगढ़ में 4 दिन बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के बाद अगर आप रविवार को कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम का अपडेट जरूर देख लें। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई, जबकि सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसमी वर्षा की स्थिति फिलहाल सामान्य से करीब 8 फीसदी कम है। शनिवार को दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने शहर और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना जताई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ऐसे में बाहर निकलने वालों को मौसम को ध्यान में रखकर ही अपना प्लान बनाना बेहतर होगा।

इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम खराब रहने की संभावना है।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कोटाडोल में सबसे ज्यादा 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा शंकरगढ़ और पौड़ी उपरोड़ा में 11 सेंटीमीटर, जबकि सन्ना, दौरा कोचली और रघुनाथ नगर में 8 सेंटीमीटर बारिश हुई।

जनकपुर-भरतपुर में 7 सेंटीमीटर, बलरामपुर, वाड्रफनगर, चलगली और सामरी में 6 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं रतनपुर, कुनकुरी, बेलतरा, पचपेड़ी, भैसमा, कोरबा, बेलगहना, मनोरा, सकरी और मस्तूरी में करीब 5 सेंटीमीटर बारिश हुई।

पाली, बगीचा, रामचंद्रपुर, दुलदुला, सीपत, करतला और जगदलपुर में 4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पेंड्रा, रामानुजगंज, मनेंद्रगढ़, कांसाबेल, कुसमी, कोंटा, बस्तर, जशपुरनगर, नवागढ़, मरवाही, पामगढ़, केल्हारी, पेंड्रा रोड, चांदो, बिलासपुर, अकलतरा, तोकापाल, सकोला, बैकुंठपुर और खड़गवां में 3 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई।

अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि उत्तरी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।

ऐसे में रविवार को बाहर घूमने निकलने वाले लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर आकाशीय बिजली और तेज बारिश की स्थिति में खुले स्थानों, पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

 
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

 रायपुर। विधानसभा सचिवालय में 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उमंग एवं उल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाया जाएगा । विधान सभा परिसर में प्रात: 8.30 बजे ध्वजारोहण होगा । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक खुला रखा गया है।

 तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक  मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

"तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है।' - मोतीलाल साहू , विधायक ग्रामीण, छत्तीसगढ़

रायपुर: छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में नए विद्यार्थियों के स्वागत और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आयोजित पंद्रह दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी विशेष दिवस का आयोजन किया गया। ज्ञान, अनुशासन और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और अतिथियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब जी को सादर आमंत्रित किया गया था। किन्हीं अपरिहार्य कारणों से वो कार्यक्रम में आ न सके परन्तु उन्होंने छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश भेजा । वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक मोतीलाल साहू जी ने मंच की शोभा बढ़ाई।
समारोह में तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अमिताभ दुबे, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान तथा इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष (बेसिक साइंसेस एंड ह्यूमैनिटीज) डॉ. श्वेता चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही सत्र में डॉ. आर. एस. परिहार, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल विभाग, डॉ. अजय गर्ग, विभागाध्यक्ष, सिविल विभाग, डॉ. अजय त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल विभाग, डॉ. एस. डी. दीवान, परीक्षा प्रभारी सहित अभिभावक, छात्र-छात्रा,  शिक्षक गण की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
अतिथियों का हुआ पारंपरिक स्वागत
विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी का भी श्रीफल, राजकीय गमछा और पुष्पगुच्छ भेंट कर   आदर-सत्कार किया।

समारोह के दौरान इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मंच से पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस विस्तृत इंडक्शन प्रोग्राम की रूपरेखा (Outline) प्रस्तुत की, जिसमें छात्रों के सर्वांगीण विकास और ओरिएंटेशन की पूरी कार्यप्रणाली समझाई गई। उन्होंने छात्रों को समझाइश देते हुए उनसे कहा कि, कक्षा कक्ष के ज्ञान के साथ-साथ नवाचार, रोबोटिक्स और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाने से पीछे न हटें। अनुशासन, निरंतरता और कुछ नया सीखने की ललक ही आपको भीड़ से अलग एक सफल पेशेवर बनाएगी। यह मंच और यह संस्थान आपका अपना परिवार है, जहाँ आपकी हर उड़ान को सही दिशा और आसमान मिलेगा।

इसके बाद, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने महाविद्यालय की उपलब्धियों, उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाओं, संचालित पाठ्यक्रमों और भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत व्याख्या की, जिससे नए विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और बढ़ा। उन्होंने छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए कहा कि,
तकनीकी शिक्षा की यह देहरी आपके सुनहरे भविष्य और सपनों को नया आकार देने का प्रथम चरण है।
इन पंद्रह दिनों का इंडक्शन प्रोग्राम आपके कॉलेज जीवन की मजबूत नींव साबित होगा, जो आपको हर चुनौती के लिए तैयार करेगा।
मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने प्रेरणादायक संदेश में छात्रों के लिए  विशेष बातें कहीं कि, ​तकनीकी शिक्षा केवल एक डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश और समाज के नवनिर्माण की सबसे बड़ी कुंजी है।
​अपनी सोच को किताबों तक सीमित न रखें; नवाचार (Innovation) और नए विचारों को अपनाकर समस्याओं का समाधान खोजना ही एक सच्चे इंजीनियर की पहचान है।
​असफलता से कभी न डरें, क्योंकि हर चुनौती आपके भीतर छिपी हुई असली प्रतिभा को बाहर निकालने का एक नया अवसर होती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र-छात्राओं द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। स्वागत नृत्य के साथ शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी बस्तरिया नृत्य, पंथी नृत्य, रोबोटिक्स प्रदर्शन, स्टार्टअप आइडियाज, एनएसएस की झलकियाँ और विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक और पारंपरिक  मराठी, बंगाली, असमी आदि  राज्यों के विशेष परिधानों के साथ साथ छत्तीसगढ़ के परिधानों का समायोजन सांस्कृतिक धरोहरों के रूप में मंच पर प्रस्तुत कर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
विशिष्ट अतिथि रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी  ने अपने उद्बोधन में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। अनुशासन, अटूट लगन और निरंतर सीखने की जिज्ञासा ही वह मार्ग है जो आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। ​छत्तीसगढ़ के ये युवा केवल इस संस्थान का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश का भविष्य हैं; अपनी पूरी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएं और ऊंचे सपने देखें।
इस विशेष दिवस के सफल आयोजन ने सभी विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है।
 धन्यवाद ज्ञापन में सुश्री डॉ. शशिबाला किंडो ने उपस्थित सभी अतिथियों, पालकों, शिक्षकों, छात्रों, स्टाफ़ आदि को आभार व्यक्त कर किया। इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मीडिया को  जानकारी साझा करते हुए सूचना दी कि, कार्यक्रम में सत्रवार क्या क्या आयोजन किया गया । उक्त कार्यक्रम प्रो. डॉ. एस. के. दबड़गाँव,  अनिल खत्री, डॉ. आर. एन. देवांगन, डॉ. जी. आर. बंजारे,  टी. के. देवांगन, प्रशांत साहू, डॉ. रानी पुष्पा बघेल,  आशीष सिंह ठाकुर, आदि की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ ।
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