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ब्रेकिंग : गृह विभाग से आदेश जारी, बड़े पैमाने में कई जिले के बदले DSP-ASP,जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी

ब्रेकिंग : गृह विभाग से आदेश जारी, बड़े पैमाने में कई जिले के बदले DSP-ASP,जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी

 रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के 33 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल में कई ASP और DSP स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। आदेश के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों और इकाइयों में पुलिस अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।

BREAKING : स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, बड़ी संख्या में शिक्षकों के हुए तबादले, देखें लिस्ट…

BREAKING : स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, बड़ी संख्या में शिक्षकों के हुए तबादले, देखें लिस्ट…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ट्रांसफर सूची जारी की है। लिस्ट में शिक्षक, व्याख्याता, प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक के नाम शामिल हैं।

देखें लिस्ट…

बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री पर सीजी-रेरा की बड़ी कार्रवाई, सालासार विहार के प्रमोटर पर 25 लाख का जुर्माना

बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री पर सीजी-रेरा की बड़ी कार्रवाई, सालासार विहार के प्रमोटर पर 25 लाख का जुर्माना

 00 रायपुर जिले के आरंग स्थित सालासार विहार परियोजना में नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण की सख्ती

00 संपत्ति खरीदने से पहले रेरा पंजीयन की जांच अवश्य करें नागरिक : सीजी-रेरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और भूखंड एवं आवास खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजी-रेरा) द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रमोटरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण ने रायपुर जिले के आरंग स्थित सालासार विहार परियोजना में बिना रेरा पंजीयन के भूखंडों की बिक्री करने के मामले में प्रमोटर राजीव सोनी, पिता के.एल. सोनी, पर 25 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की है।

प्राधिकरण द्वारा प्रकरण में प्रस्तुत दस्तावेजों एवं उपलब्ध तथ्यों के परीक्षण में पाया गया कि सालासार विहार परियोजना के अंतर्गत भूमि का भूखंडों में विभाजन कर रेरा पंजीयन प्राप्त किए बिना भूखंडों का विक्रय किया गया। यह कृत्य भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन है। प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत परियोजना की अनुमानित लागत के आधार पर प्रमोटर पर 25 लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया है।

रेरा पंजीयन के बिना भूखंडों की बिक्री अधिनियम का उल्लंघन
भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के अंतर्गत निर्धारित श्रेणी की रियल एस्टेट परियोजनाओं का रेरा में पंजीयन कराना अनिवार्य है। ऐसी परियोजनाओं में पंजीयन प्राप्त किए बिना भूखंडों अथवा अन्य संपत्तियों का विज्ञापन, विपणन या विक्रय करना अधिनियम के प्रावधानों के विरुद्ध है। इन प्रावधानों का उद्देश्य संपत्ति खरीदारों को परियोजना की वैधानिक स्थिति, विकास संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण उपलब्ध कराना तथा उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण की यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं के विकास और विक्रय में निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है। बिना पंजीयन परियोजनाओं का संचालन करने वाले प्रमोटरों के विरुद्ध अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

भूखंड खरीदने से पहले रेरा पंजीयन की जांच करने की अपील
छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने आम नागरिकों एवं संपत्ति खरीदारों से अपील की है कि किसी भी आवासीय अथवा भूखंड परियोजना में निवेश करने से पहले संबंधित परियोजना की रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें। खरीदार परियोजना का पंजीयन क्रमांक, प्रमोटर का विवरण तथा अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन करें, ताकि भविष्य में संभावित विवादों एवं आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। साथ ही भूखंड एवं आवास खरीदारों के अधिकारों की रक्षा तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय संपत्ति लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण प्रतिबद्ध है। आमजन छत्तीसगढ़ रेरा की आधिकारिक वेबसाइट
https://rera.cgstate.gov.in पर जाकर परियोजनाओं के पंजीयन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

60वाँ वर्ष डायमंड जुबिली दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 सम्पन्न

60वाँ वर्ष डायमंड जुबिली दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 सम्पन्न

 
रसमती” — परंपरा, प्रकृति और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम*

रायपुर :- रायपुर की डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी में श्री श्री दुर्गा एवं लक्ष्मी पूजा समिति द्वारा आयोजित **60वाँ वर्ष डायमंड जुबिली दुर्गा पूजा महोत्सव* समिति के अध्यक्ष डॉ देवाशीष मुखर्जी व सचिव प्रश्क़न्त नाग ने कहा कि इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र है। छह दशकों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित यह महोत्सव केवल माँ दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि बंगाल की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक कला और सामूहिक समर्पण को जीवंत करने का एक अनूठा प्रयास है।

इस वर्ष महोत्सव की मुख्य थीम *“रसमती”* रखी गई है, जिसके माध्यम से समिति ने पारंपरिक बंगाली दुर्गा पूजा की मूल भावना, प्राकृतिक तत्वों और लोक-सौंदर्य को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है।

_तीन महीनों की मेहनत और समर्पण से साकार हुई ‘रसमती’_

इस वर्ष की पूजा की तैयारियाँ पिछले तीन महीनों से निरंतर चल रही हैं। माँ दुर्गा के आगमन को भव्य, कलात्मक और पारंपरिक स्वरूप देने के लिए समिति के सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से डिजाइन, संरचना निर्माण, सजावट और दृश्य-सज्जा पर कार्य किया।

पंडाल की परिकल्पना से लेकर माँ दुर्गा की प्रतिमा के अनुरूप सजावटी संरचनाओं, पृष्ठभूमि (बैकड्रॉप), पारंपरिक आकृतियों और विभिन्न कलात्मक तत्वों के निर्माण तक, प्रत्येक चरण में बारीकी और रचनात्मकता का विशेष ध्यान रखा गया। इन सभी चीजों की डिजाइनिंग और योजना बनाने में ही एक महीने से अधिक का समय लगा।

इस वर्ष की थीम की सबसे खास बात है **बाँस से निर्मित विभिन्न उत्पादों और प्राकृतिक सामग्रियों का व्यापक उपयोग।* आधुनिक सजावट के बढ़ते चलन के बीच समिति ने बंगाल की पारंपरिक पूजा-पद्धति की सादगी, आत्मीयता और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया है।

_बाँस की सजावट में छिपी है परंपरा की जड़ें_

‘रसमती’ की अवधारणा केवल सजावट तक सीमित नहीं है। इसके पीछे नवरात्रि की मूल भावना, प्रकृति के प्रति सम्मान और पूजा में उपयोग होने वाली पारंपरिक सामग्रियों से प्रेरित एक सांस्कृतिक दृष्टिकोण है।

नवरात्रि के दौरान ज्वारा तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त प्राकृतिक तत्व, पारंपरिक रंग, पाटा-माटा जैसी स्थानीय सामग्रियों और मिट्टी से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं ने इस थीम की कल्पना को दिशा दी है। इन तत्वों से प्रेरणा लेते हुए पंडाल को ऐसा स्वरूप देने का प्रयास किया गया है, जो माँ दुर्गा की आराधना के मूल आधार को दर्शाए।

चाहे पूजा घर में हो, मंदिर में या विशाल पंडाल में—उसकी आत्मा श्रद्धा, प्रकृति, परंपरा और सामूहिक विश्वास में ही बसती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष की सजावट में भव्यता के साथ-साथ पारंपरिक बंगाली पूजा का स्पर्श और एहसास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

इस विशाल आयोजन को कोलकाता से आये हुए कारीगरों और विभिन्न सहयोगी टीमों ने अपना योगदानपूर्ण किया। 

इसके साथ ही दृश्य-सज्जा, कलात्मक पृष्ठभूमि, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले सभी लोगों का योगदान भी सराहनीय रहा है। हर टीम ने अपने कौशल और अनुभव के माध्यम से ‘रसमती’ की कल्पना को वास्तविक रूप देने में सहायता की है।

विशेष रूप से पिछले 15 दिन इस आयोजन की तैयारी के सबसे व्यस्त और चुनौतीपूर्ण दिन रहे। इस दौरान समिति के सदस्यों ने अपने हाथों से बैकड्रॉप, सजावटी आकृतियाँ और कई अन्य कलात्मक संरचनाएँ तैयार कीं। यह मेहनत केवल एक भव्य पंडाल बनाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी परंपरा के प्रति प्रेम और समर्पण व्यक्त करने के लिए की गई है।

इस वर्ष की थीम की डिजाइनिंग, मार्गदर्शन, क्रियान्वयन और संपूर्ण रचनात्मक प्रक्रिया में समिति के *__अनिश नाग (Anish Nag)_* ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी  कल्पनाशीलता और निरंतर मार्गदर्शन ने इस परियोजना को दिशा देने में अहम योगदान दिया है।
डायमंड जुबिली महोत्सव के अंतर्गत 20 अक्टूबर 2026 को डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी में एक भव्य संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में मुख्यमंत्री, विधायकगण और सांसदगण सहित विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बड़ी ।
महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक श्रृंखला से प्रदेश की बेटियों को मिलेगी नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक श्रृंखला से प्रदेश की बेटियों को मिलेगी नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

 खेल प्रतिभाओं को अवसर और विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना का विकास हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों से छत्तीसगढ़ की वैश्विक पहचान के साथ पर्यटन, व्यापार और रोजगार को भी मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री ने भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के तीसरे मुकाबले का लिया आनंद, दोनों टीमों के खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

रायपुर--- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव और हर्ष का अवसर है कि नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट श्रृंखला का आयोजन प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच पहली द्विपक्षीय श्रृंखला की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना इस अवसर को और भी ऐतिहासिक बनाता है।

मुख्यमंत्री  साय  नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे और भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के तीसरे मुकाबले का आनंद लिया। उन्होंने दोनों देशों की महिला क्रिकेट टीमों के खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से पहचान बनाने वाली महिला खिलाड़ी देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैचों का आयोजन खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है। यह केवल एक क्रिकेट श्रृंखला नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने वाला अवसर भी है। हमारी बेटियां जब विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को अपने सामने खेलते हुए देखेंगी, तो उनमें भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और छत्तीसगढ़ तथा देश का नाम रोशन करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक श्रृंखला के अवसर पर माताओं, बहनों और बेटियों के लिए स्टेडियम में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इसके पीछे उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रत्यक्ष देखने का अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि आज हमारी बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से देश का गौरव बढ़ा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को अपने ही प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण खेल अधोसंरचना है। राज्य सरकार द्वारा स्टेडियम को छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को लीज पर दिए जाने से यहां नियमित रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे न केवल प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को विश्वस्तरीय मुकाबले देखने का अवसर मिल रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों को भी बड़े खिलाड़ियों से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते समय में नवा रायपुर में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों का सफल आयोजन किया गया। राज्य सरकार की विशेष पहल पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो आईपीएल मुकाबलों का भी सफल आयोजन हुआ। अब भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े खेल आयोजन किसी प्रदेश की खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ उसकी अर्थव्यवस्था और पहचान को भी नई ऊर्जा देते हैं। देश-दुनिया से खिलाड़ी, खेल अधिकारी और दर्शक जब छत्तीसगढ़ आते हैं, तो इससे पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होते हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर तेजी से आधुनिक अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य नवा रायपुर को केवल एक आधुनिक और सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में विकसित करना नहीं, बल्कि इसे देश के प्रमुख स्पोर्ट्स एवं इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में भी नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार, मौजूदा अधोसंरचना का बेहतर उपयोग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सकारात्मक वातावरण बना है। खेलों में भारत की बेटियां लगातार शानदार उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और विश्व मंच पर तिरंगे का मान बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह श्रृंखला उत्कृष्ट खेल भावना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और दोनों देशों के बीच मैत्री का यादगार उदाहरण बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवा रायपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक श्रृंखला प्रदेश की नई पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा देगी और छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पदाधिकारी, खेल जगत से जुड़े प्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।

आज से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आगाज ,ओलंपियन खिलाड़ियों के साथ हुनर दिखाएंगे प्रदेश के सितारे

आज से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आगाज ,ओलंपियन खिलाड़ियों के साथ हुनर दिखाएंगे प्रदेश के सितारे

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में हॉकी को नई पहचान दिलाने और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की शुरुआत आज से होने जा रही है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शाम 5 बजे इस लीग का शुभारंभ करेंगे। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों के साथ छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभाएं भी अपना दमखम दिखाएंगी।

‘चलव रे संगी हॉकी खेलबो’ के संदेश के साथ आयोजित इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। खास बात यह है कि टीमों में ओलंपिक खेल चुके खिलाड़ियों को मार्की प्लेयर के रूप में शामिल किया गया है। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी तकनीक, रणनीति और खेल कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा दिग्गजों से सीखने का मौका

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्देश्य केवल रोमांचक मुकाबले कराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में हॉकी के लिए मजबूत और पेशेवर खेल वातावरण तैयार करना भी है। इस प्रतियोगिता के जरिए युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने, अभ्यास करने और उनसे खेल की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा।

मैदान पर बड़े खिलाड़ियों के साथ समय बिताने से युवाओं को बेहतर टीमवर्क, फिटनेस, त्वरित निर्णय लेने और दबाव में प्रदर्शन करने जैसी क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षकों और अनुभवी खिलाड़ियों के मार्गदर्शन से प्रदेश की प्रतिभाओं को अपनी कमियों को पहचानने और खेल में सुधार करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

 
 
रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी

रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी

 औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

प्रदेश में 51 हजार 80 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी

नए रेल कॉरिडोर से माल ढुलाई, औद्योगिक कनेक्टिविटी और आदिवासी अंचलों के विकास को मिलेगी गति

धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, जनसंपर्क संचालनालय, रायुपर

रायपुर,--

प्रदेश में 51 हजार 80 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी

छत्तीसगढ़ में आधारभूत रेल अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रेलवे स्टेशनों के विकसित होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बेहतर प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छ परिसर, आधुनिक यात्री सुविधाएं तथा उन्नत अधोसंरचना से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

प्रदेश में 51 हजार 80 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी

                देश के प्रमुख औद्योगिक और खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क का विस्तार अब राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की जरूरतों से जुड़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। छत्तीसगढ़ मध्य भारत का महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है। ऐसे में मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। रेलवे के विकास से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे। 

                मुख्यमंत्री श्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रदेश में नई रेल परियोजनाओं, दोहरीकरण, विद्युतीकरण तथा आधुनिक रेलवे सुविधाओं के विस्तार से विकास को नई दिशा मिल रही है। यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से छत्तीसगढ़ में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के रेलवे बजट का आवंटन बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपये कर दिया है जो वर्ष 2009-14 के दौरान औसतन 311 करोड़ रुपये सालाना था। इस तरह वार्षिक औसत आवंटन में करीब 24 गुना वृद्धि हुई है। इस निवेश का प्रमुख उद्देश्य व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम करना, खनिज और औद्योगिक माल की आवाजाही बढ़ाना तथा उन क्षेत्रों तक रेल संपर्क पहुंचाना है, जहां अब तक कनेक्टिविटी सीमित रही है।

राष्ट्रीय माल ढुलाई को मिलेगा वैकल्पिक रेल मार्ग

                 छत्तीसगढ़ की रेल रणनीति में खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल कॉरिडोर महत्वपूर्ण है। करीब 278 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2025 में मंजूर दी थी। तब इस परियोजना की लागत 8,741 करोड़ रुपये अनुमानित थी। बाद में इसमें संशोधन किया गया और इसकी अनुमानित लागत 7,854 करोड़ रुपये कर दी गई। इस परियोजना का उद्देश्य बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के व्यस्त रेल खंडों को बाईपास कर माल और यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त रेल लाईन बिछाना है। इस कॉरिडोर से कोलकाता-मुंबई रेल मार्ग पर परिचालन का दबाव कम करने और बलौदाबाजार सहित नए औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क देने की योजना है। इससे कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट और बिजली उत्पादन से जुड़े उद्योगों के लिए माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।साथ ही, मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से औद्योगिक इकाइयों को बाजारों तथा बंदरगाहों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी। 

बस्तर की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

                  रेल नेटवर्क के विस्तार का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू बस्तर की कनेक्टिविटी है। रावघाट-जगदलपुर (140 किमी)की महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। जबकि किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किमी) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) की 490 किलोमीटर नई रेल लाइन परियोजना का सर्वे कार्य प्रगति पर। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के तहत दल्लीराजहरा से अंतागढ़ (77 किमी) तक रेल सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इस रेलखंड पर यात्री रेल सेवा प्रारंभ होने से हजारों ग्रामीण पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं। इस परियोजना के अगले चरण में रावघाट तक संपर्क विकसित करने का काम चल रहा है। परियोजना पूरी होने पर रावघाट की लौह अयस्क खदानें सीधे भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ जाएंगी, जिससे उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई मजबूती मिलेगी। वहीं कोत्तावलसा-किरंदुल रेल लाइन के दोहरीकरण से बस्तर क्षेत्र में माल एवं यात्री परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कटघोरा से डोंगरगढ़ तक नए संपर्क की योजना

               प्रस्तावित कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन की लंबाई करीब 295 किलोमीटर है। यह मार्ग कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक प्रस्तावित है। परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से विकसित करने की योजना है। इसके लिए स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) गठित करने का प्रस्ताव है। इस रेल लाइन का महत्व उन क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने में है, जहां अभी रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है या सीमित है। इससे यात्रियों की आवाजाही, कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। 

उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए भी नई परियोजनाएं

              सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) और अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) रेल कॉरिडोर को भी रेल मंत्रालय द्वारा जल्दी ही मंजूर किए जाने की संभावना है। अगस्त 2026 में इन प्रस्तावों पर जल्दी निर्णय और सर्वेक्षण की प्रक्रिया तेज करने का मुद्दा उठाया गया था। इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूती होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 

स्टेशनों का आधुनिकीकरण

                 छत्तीसगढ़ में नई रेल लाइनों के साथ मौजूदा नेटवर्क और स्टेशनों को आधुनिक बनाने पर भी काम किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को करीब 1,680 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों के लिए सुविधाएं बेहतर करना और स्टेशन परिसरों को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है और इसका प्रत्यक्ष लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल लोकार्पण प्रदेश के रेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि रेलवे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का सशक्त आधार है। चांपा, बालोद और सरोना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के उन्नयन से व्यापार, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। इससे लोगों के लिए आवागमन अधिक सुगम होगा और रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मां आदिशक्ति से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नवरात्रि शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का महापर्व होने के साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का उत्सव भी है। गरबा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजन हमारी आस्था और परंपराओं को जीवंत रखते हुए समाज को प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के सूत्र में जोड़ते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति तथा सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति द्वारा स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां के चरणों में शीश नवाकर प्रदेशवासियों के कल्याण और छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति का आशीर्वाद मांगा।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय हुकुम ललित महल में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग द्वारा आयोजित ‘रास गरबा विथ भजन डांडिया’, रामबाग में आयोजित रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में दशा सोरठिया वाणिक समाज द्वारा आयोजित ‘सोरठी रंग रंगीलो’ नवरात्रि उत्सव तथा शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति द्वारा आयोजित ‘संकल्प गरबा’ में शामिल हुए। विभिन्न आयोजनों में समाजजनों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आज पूरे देश और छत्तीसगढ़ में भक्ति, आस्था और उल्लास का वातावरण है। गरबा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति को अभिव्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से निकला गरबा आज पूरे देश में लोकप्रिय होकर हमारी सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता उसकी विविधता में निहित एकता है। हमारे पर्व और उत्सव अलग-अलग समाजों, समुदायों और पीढि़यों को एक साथ जोड़ते हैं तथा अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं।

नवरात्रि मातृशक्ति के सम्मान और सामर्थ्य का पर्व

मुख्यमंत्री साय ने गरबा आयोजनों में बड़ी संख्या में उपस्थित माताओं, बहनों और बेटियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति का स्वरूप माना गया है। नवरात्रि हमें मातृशक्ति के सम्मान, उनकी गरिमा और समाज निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण कराती है।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, निर्णयों में भागीदारी निभाती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, तब परिवार के साथ पूरा समाज सशक्त होता है। इसलिए माताओं-बहनों की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। इस आर्थिक संबल से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के संबंध में स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। यह सहायता बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवश्यकताओं और घरेलू जरूरतों की पूर्ति में भी उपयोगी सिद्ध हो रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हुए उन्हें स्वावलंबन और समृद्धि की दिशा में आगे ले जाना है। आज छत्तीसगढ़ की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उपलब्धि प्रदेश की मातृशक्ति की मेहनत, उद्यमशीलता और सामर्थ्य का प्रमाण है। राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों, आजीविका गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के लिए आर्थिक प्रगति के नए अवसर तैयार कर रही है।

देवी आराधना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। यह मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की पुण्यभूमि है। प्रदेश में आदिशक्ति की उपासना और देवी आराधना की गौरवशाली परंपरा सदियों से चली आ रही है।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा से डोंगरगढ़ और रतनपुर से चंद्रपुर तक प्रदेश के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धा का अद्भुत वातावरण दिखाई देता है। लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचते हैं। छत्तीसगढ़ की यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी इस विरासत को सहेजें और नई पीढ़ी को इससे जोड़ें। गरबा, दुर्गा पूजा और अन्य पारंपरिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराने और संस्कारों को आगे बढ़ाने के सशक्त माध्यम हैं।

विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ें: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों में अपनी संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रति स्वाभिमान का नया भाव जागृत किया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के प्रमुख देवी शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों के विकास की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की यात्रा में हमारी संस्कृति और परंपराएं पीछे न छूटें, बल्कि वे विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान और शक्ति बनें। विकास और विरासत का यही समन्वय आने वाली पीढि़यों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा।

बस्तर में अब सुनाई दे रही खुशहाली के मांदर की थाप: मंत्री श्री केदार कश्यप

कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी है। इसका परिणाम है कि बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में जहां कभी बारूद और बम के धमाकों की आवाज सुनाई देती थी, वहां आज खुशहाली के मांदर की थाप गूंज रही है। बस्तर की बदलती तस्वीर पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि शांति स्थापित होने के साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को भी नई पहचान मिल रही है।

विभिन्न गरबा आयोजनों में पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पर्व की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री  साय ने आयोजन समितियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अंत में मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करते हुए कहा कि मां आदिशक्ति की कृपा छत्तीसगढ़ पर सदैव बनी रहे और हमारा प्रदेश शांति, समृद्धि तथा विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय श्रीवास्तव, सिंधी समाज के  अमित चिमनानी, महेश दरयानी,  दशा सोरठिया वाणिक समाज के  नितिन ढोलकिया सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, आयोजन समितियों के सदस्य, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता और सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार की दीर्घकालिक कार्ययोजना : मुख्यमंत्री

जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सक, दवाइयां और जांच सुविधाएं रहें उपलब्ध

सुरक्षित संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच पर विशेष जोर

दुर्गम क्षेत्रों में एम्बुलेंस नहीं पहुंच सके तो स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित करें वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था

प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का तेजी से विस्तार, 6 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत; नर्सिंग और फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी

त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की सघन जांच के निर्देश, मुख्यमंत्री ने कहा - नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं

रायपुर-- स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम नागरिकों के जीवन और परिवार की सुरक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय हैं। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को आवश्यकता पड़ने पर समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक दवाइयां, जांच और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध हों, यह राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ सेवाओं की गुणवत्ता और अंतिम व्यक्ति तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर समान रूप से ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान यह बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस दौरान संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन, संचालनालय आयुष एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत संचालित योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार हुआ है। अनेक अच्छे अस्पताल और चिकित्सा संस्थान विकसित हुए हैं। अब जहां चिकित्सकों, विशेषज्ञों, स्वास्थ्य कर्मियों, चिकित्सा उपकरणों अथवा जांच सुविधाओं की कमी है, उन्हें चिन्हित कर प्राथमिकता के साथ दूर किया जाए। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन हो और उनका अधिकतम लाभ मरीजों तक पहुंचे।

भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बने स्वास्थ्य अधोसंरचना की दीर्घकालिक कार्ययोजना

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश की बढ़ती आबादी और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में वर्तमान स्वास्थ्य सुविधाओं, जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की जरूरतों का आकलन किया जाए। इसी आधार पर स्वास्थ्य संस्थानों के विस्तार और आवश्यक सुविधाओं के विकास की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में आवश्यकता के अनुरूप बिस्तरों की संख्या बढ़ाने, विशेषज्ञ सेवाओं का विस्तार करने और नवगठित जिलों में जरूरी चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास में केवल भवन निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों, उपकरणों, दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता को भी समग्र रूप से सुनिश्चित किया जाए।

जिला अस्पताल से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक मरीजों को मिलें आवश्यक दवाइयां और जांच सुविधाएं

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला अस्पतालों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। मरीजों को सामान्य जांच और उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी या भटकाव का सामना न करना पड़े।

उन्होंने चिकित्सा उपकरणों के नियमित रखरखाव और प्रभावी उपयोग पर भी विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध कोई भी महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण रखरखाव अथवा मरम्मत के अभाव में लंबे समय तक बंद नहीं रहना चाहिए। इसके लिए प्रभावी निगरानी और समयबद्ध मरम्मत व्यवस्था विकसित की जाए।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वित्तीय प्रगति, मानव संसाधन की उपलब्धता तथा रिक्त पदों पर भर्ती की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि रिक्त पदों पर भर्ती के प्रयास किए जा रहे हैं और सेवा भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया भी प्रचलन में है। मुख्यमंत्री ने भर्ती संबंधी प्रक्रियाओं को गति देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता सेवाओं की गुणवत्ता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। डायलिसिस, ट्रॉमा केयर, ब्लड बैंक, आईसीयू और सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 33 स्थानों पर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है और 25 नए डायलिसिस केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम के साथ स्वास्थ्य संस्थानों के गुणवत्ता मानकों, ई-हॉस्पिटल तथा आभा जैसी डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की और तकनीक का उपयोग मरीजों की सुविधा तथा सेवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए करने के निर्देश दिए।

हर प्रसव सुरक्षित हो, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री  साय ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि गर्भवती माताओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, आवश्यक पोषण एवं चिकित्सा देखभाल और सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध रहें और प्रसूता महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा तथा सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रत्येक प्रसव सुरक्षित हो और जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रहें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर में कमी आई है, लेकिन इस दिशा में और बेहतर परिणाम हासिल करने की आवश्यकता है। उन्होंने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को राष्ट्रीय औसत के करीब लाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए।

बैठक में संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण, विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) में टीकाकरण की स्थिति, मलेरिया की रोकथाम, कुष्ठ रोग निवारण और टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जाए, जिससे बीमारियों की समय पर पहचान हो और मरीजों को प्रारंभिक स्तर पर ही उपचार मिल सके।

दुर्गम अंचलों के लिए विकसित हो वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था

मुख्यमंत्री श्री साय ने 108 संजीवनी एक्सप्रेस और 102 महतारी एक्सप्रेस की सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि आपात स्थिति में मरीज तक समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचना अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूरस्थ, वनांचल और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को केवल भौगोलिक कठिनाइयों के कारण उपचार से वंचित नहीं होना चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क अथवा भौगोलिक परिस्थितियों के कारण एम्बुलेंस का पहुंचना संभव नहीं है, वहां स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए। मरीज को गांव से एम्बुलेंस प्वाइंट अथवा निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक व्यवस्था बनाई जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 संजीवनी एक्सप्रेस के अंतर्गत 375 एम्बुलेंस तथा 102 महतारी एक्सप्रेस के अंतर्गत 380 वाहन उपलब्ध हैं। जनवरी से अगस्त 2026 तक महतारी एक्सप्रेस सेवा से 2 लाख 19 हजार से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने एम्बुलेंस सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता और प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दुख की घड़ी में शव वाहन के लिए परेशान न हों परिजन

मुख्यमंत्री  साय ने शव वाहन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी परिजन को खोना परिवार के लिए जीवन के सबसे कठिन और पीड़ादायक क्षणों में से एक होता है। ऐसे समय में परिवार को शव वाहन जैसी बुनियादी व्यवस्था के लिए परेशान होना उचित नहीं है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अस्पताल में मृत्यु होने की स्थिति में शव वाहन की सुविधा परिजनों को सहजता और समय पर उपलब्ध हो। स्वास्थ्य विभाग ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करे, जिनमें मरीज और उसके परिवार की गरिमा तथा संवेदनाओं का पूरा सम्मान हो।

सिकल सेल उन्मूलन के लिए जांच, परामर्श और जनजागरूकता का हो विस्तार

मुख्यमंत्री श्री साय ने सिकल सेल रोग की रोकथाम, जांच और उपचार के लिए संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सिकल सेल एक आनुवंशिक बीमारी है और इसके प्रति व्यापक जनजागरूकता अत्यंत आवश्यक है। जांच, परामर्श और उपचार की सुविधाओं का विस्तार करने के साथ विवाह पूर्व स्वैच्छिक जांच एवं आनुवंशिक परामर्श के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाए।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में योजनाबद्ध और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। विशेषकर प्रभावित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और परामर्श सेवाओं को सुदृढ़ करने पर उन्होंने जोर दिया।

मानसिक स्वास्थ्य भी समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा

मुख्यमंत्री श्री साय ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी व्यक्ति के समग्र स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, परामर्श सेवाओं और उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जाए, जिससे जरूरतमंद व्यक्ति समय रहते सहायता प्राप्त कर सके।

बैठक में आयुष्मान भारत योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मोबाइल हेल्थ सेवाओं तथा मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत एक लाख लोगों को उपचार का लाभ मिला है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का पूरा लाभ मिले। विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों में योजनाओं की जानकारी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और सुदृढ़ किया जाए।

चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ गुणवत्ता पर भी समान जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा शिक्षा की सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, पर्याप्त फैकल्टी, विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 15 शासकीय मेडिकल कॉलेज, एक एम्स और 6 निजी मेडिकल कॉलेज सहित कुल 22 चिकित्सा संस्थान हैं। इसके अतिरिक्त 6 नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन शासकीय मेडिकल कॉलेजों की प्रगति, नए कॉलेजों की स्थापना तथा संचालित मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों तथा अन्य व्यवस्थाओं में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज केवल चिकित्सा शिक्षा के संस्थान नहीं, बल्कि संबंधित क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा केंद्र भी हैं। इसलिए वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर उपचार सुविधाएं विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में ओपीडी, आईपीडी और विभिन्न जांच सुविधाओं की स्थिति की भी समीक्षा की।

नर्सिंग, फिजियोथेरेपी और एलाइड हेल्थ एजुकेशन का भी विस्तार

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 8 से बढ़कर 17 तथा फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या एक से बढ़कर 7 हो गई है। छत्तीसगढ़ में पहली बार एलाइड हेल्थ से जुड़े 11 पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत 10 मेडिकल कॉलेजों में 640 सीटों की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में पहली बार रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में डीएम कार्डियोलॉजी की दो सीटें भी प्रारंभ की गई हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार से प्रदेश में प्रशिक्षित चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों, फिजियोथेरेपिस्ट तथा अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा।

दवाइयों की उपलब्धता और उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही नहीं

मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए दवाइयों की खरीदी, आपूर्ति, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि दवाइयों की आपूर्ति ऐसी हो कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में आवश्यक दवाइयों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी न हो।

उन्होंने चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और समय पर मरम्मत के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संसाधनों के प्रबंधन में जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने संचालनालय आयुष एवं राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत संचालित संस्थाओं, मानव संसाधन, उपचार सुविधाओं और योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ी सेवाओं को सुदृढ़ करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए।

त्योहारी सीजन में मिलावट के विरुद्ध चलाएं सघन जांच अभियान

मुख्यमंत्री श्री साय ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेशभर में सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में मिठाई, दुग्ध उत्पाद एवं अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय स्थलों की नियमित जांच की जाए। अमानक अथवा मिलावटी खाद्य पदार्थ पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारी पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी से कार्य करें।

अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचना ही योजनाओं की वास्तविक सफलता

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और सेवाओं की वास्तविक सफलता का पैमाना यह है कि जरूरत के समय उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक कितनी सहजता और समयबद्धता से पहुंचता है। जिला स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं की नियमित समीक्षा हो और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कमियों की पहचान कर उनका त्वरित निराकरण किया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक नागरिक, चाहे वह बड़े शहर में रहता हो या सुदूर वनांचल में, आवश्यकता पड़ने पर उसे समय पर बेहतर उपचार मिले। चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी भी परिवार को कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसी लक्ष्य के साथ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, संचालक स्वास्थ्य श्री संजीव कुमार झा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री रितेश अग्रवाल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए उदाहरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए उदाहरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर जारी अनुमान पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में नया भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आईएमएफ द्वारा वर्ष 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वर्ष 2026 में वैश्विक विकास दर मात्र 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह अंतर भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती, निरंतरता और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को रेखांकित करता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में किए गए व्यापक आर्थिक सुधारों, अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार, विनिर्माण को प्रोत्साहन और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण ने देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। भारत आज न केवल दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत की यह तेज आर्थिक प्रगति ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश के मजबूत कदमों का परिचायक है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ भी अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ सहभागी है। राज्य सरकार ‘विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़’ के ध्येय के अनुरूप निवेश, उद्योग, अधोसंरचना, रोजगार और नवाचार को गति देते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

राज्यपाल रमेन डेका से राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल रमेन डेका से राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर--छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने सौजन्य भेंट की।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर  मिश्रा ने राज्यपाल  डेका का अभिवादन किया। भेंट के दौरान राज्य के समग्र एवं सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

शोधग्रंथ पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम - मंत्री वर्मा

शोधग्रंथ पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम - मंत्री वर्मा

 00 पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम

00 राजीव लोचन कॉलेज के प्राध्यापकों द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन

रायपुर। उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम (जिला-गरियाबंद) के प्राध्यापकों द्वारा संपादित ज्ञानवर्धक एवं शोधपरक पुस्तक एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का आज राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया। श्रीवर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसका सीधा मतलब एक ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो न केवल छात्रों को मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाती है।

इस महत्वपूर्ण ग्रंथ का कुशल संपादन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर, रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेन्द्र कुमार तथा वनस्पति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल के संयुक्त मार्गदर्शन व अथक प्रयासों से किया गया है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने पुस्तक के सफल संपादन एवं विमोचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपादक मंडल को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मंत्री वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शोध, मौलिक लेखन और पर्यावरण जैसे वैश्विक विषय पर चिंतन-मनन अत्यंत सराहनीय है। एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पुस्तक न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि सतत विकास के प्रति जन- जागरूकता फैलाने में भी मील का पत्थर साबित होगी। महाविद्यालयीन प्राध्यापकों द्वारा अकादमिक क्षेत्र में किया गया यह नवोन्मेषी प्रयास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं संपूर्ण संपादक मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण असंतुलन की चुनौतियों के बीच यह पुस्तक सतत विकास और पर्यावरण प्रबंधन के विभिन्न वैज्ञानिक व सामाजिक आयामों को रेखांकित करती है। पुस्तक में प्रस्तुत शोध-पत्र और नीतियां शोधार्थियों, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगी।

शिक्षकों का समर्पण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बना रहा सशक्त - शिक्षा मंत्री यादव

शिक्षकों का समर्पण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बना रहा सशक्त - शिक्षा मंत्री यादव

 00 दुर्ग एवं बेमेतरा जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों का किया गया सम्मान

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। दुर्ग जिले के खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत दुर्ग और बेमेतरा जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को सम्मानित किया।

शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षकों का समर्पण, मेहनत और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान और संस्कार का संचार कर रही है, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त हो रही है। उन्होंने शिक्षा श्री, शिक्षा दूत, ज्ञानदीप, उत्कृष्ट प्राचार्य तथा उत्कृष्ट प्रधान पाठक का सम्मान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उत्कृष्ट और समर्पित शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है, जिससे शिक्षा जगत को प्रोत्साहन मिलता है। 

यादव ने बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षित और संस्कारवान बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सम्मानित शिक्षकों द्वारा किया गया कार्य अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। इस गरिमामयी समारोह के दौरान संभाग आयुक्त श्री एन. के. राठौड़ सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।

नवा रायपुर में 200 एकड़ में विकसित की जा रही आधुनिक मेडिसिटी और फार्मा पार्क

नवा रायपुर में 200 एकड़ में विकसित की जा रही आधुनिक मेडिसिटी और फार्मा पार्क

  • छत्तीसगढ़ मध्य भारत के बड़े मेडिकल हब के रूप में हो रहा विकसित : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  • रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल, कैंसर उपचार केंद्र का हुआ भूमिपूजन
  • मुख्यमंत्री साय ने कहा – प्रदेश में ही कैंसर मरीजों को मिलेंगी उच्चस्तरीय उपचार सुविधाएं, दूसरे राज्यों पर निर्भरता होगी कम
  • शहरों से लेकर सुदूर वनांचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस
  • आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना बनीं जरूरतमंद परिवारों का संबल
  • मेडिसिटी से सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा, फार्मा उद्योग, अनुसंधान और रोजगार को मिलेगा नया विस्तार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से मध्य भारत के एक बड़े मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, सुपर स्पेशलिटी सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक को बेहतर, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं अपने प्रदेश में ही उपलब्ध हों तथा आर्थिक अभाव किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर में ओमेगा मेडिसिन अस्पताल की अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल एवं कैंसर उपचार केंद्र के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अस्पताल प्रबंधन और ओमेगा ग्रुप की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज के साथ पूरा परिवार कठिन दौर से गुजरता है। यदि उपचार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़े तो परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ अनेक व्यावहारिक कठिनाइयां भी आती हैं। हमारी कोशिश है कि छत्तीसगढ़ के लोगों को गंभीर से गंभीर बीमारी के उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न्यूनतम हो और उन्हें अपने परिवार के बीच रहते हुए विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि ओमेगा अस्पताल का प्रस्तावित ऑन्कोलॉजी सेंटर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता से न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि आसपास के राज्यों के मरीजों को भी बेहतर कैंसर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांव, गरीब और सुदूर जनजातीय अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों तक स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। जिला अस्पतालों में आईसीयू, डायलिसिस यूनिट, आधुनिक पैथोलॉजी और अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि सामान्य जांच और उपचार के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं का विकेंद्रीकरण करना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच चिकित्सा सुविधाओं के अंतर को कम करते हुए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जा रही है।

गंभीर बीमारी में परिवारों का संबल बन रही सरकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गंभीर बीमारी केवल स्वास्थ्य संबंधी चुनौती नहीं होती, बल्कि कई बार परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट भी खड़ा कर देती है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई आयुष्मान भारत योजना ने ऐसे लाखों परिवारों को उपचार की चिंता से राहत दी है। शासकीय अस्पतालों के साथ बड़ी संख्या में निजी अस्पतालों को भी योजना से जोड़ा गया है, जिससे पात्र परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अंतर्गत निःशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से भी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों को सहायता प्रदान कर रही है। हमारा स्पष्ट संकल्प है कि पैसे के अभाव में किसी गरीब का इलाज न रुके और बीमारी के उपचार के लिए किसी परिवार को अपनी जमीन, घर या गहने बेचने जैसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहा बदलाव केवल रायपुर या बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। सरकार की प्राथमिकता अबूझमाड़ सहित प्रदेश के दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना भी है।

उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी बुनियादी सुविधाओं की पहुंच सीमित थी, वहां आज स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वनांचलों में स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की जांच और उपचार किया जा रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ चिकित्सकों, दवाइयों और आवश्यक जांच सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है जिसमें बस्तर के सुदूर गांव से लेकर राजधानी रायपुर तक हर नागरिक को आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

नवा रायपुर में 200 एकड़ में मेडिसिटी और फार्मा पार्क से खुलेगा संभावनाओं का नया द्वार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख स्वास्थ्य और चिकित्सा निवेश केंद्रों में शामिल करने की दिशा में नवा रायपुर में लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक मेडिसिटी और फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने कहा कि मेडिसिटी और फार्मा पार्क के माध्यम से सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाओं, फार्मास्युटिकल उद्योग, चिकित्सा अनुसंधान और आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों को एक मजबूत इकोसिस्टम उपलब्ध होगा। इससे चिकित्सकों, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ सहित प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और नवा रायपुर में सुपर स्पेशलिटी एवं मल्टीस्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। आधुनिक स्वास्थ्य इकाइयों और चिकित्सा क्षेत्र में नए निवेश के माध्यम से छत्तीसगढ़ की मेडिकल टूरिज्म की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं। हमारा प्रयास है कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ न केवल प्रदेशवासियों, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों के लिए भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का प्रमुख केंद्र बने।

स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश से बढ़ेंगी सुविधाएं और रोजगार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ओमेगा ग्रुप का रायपुर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ चिकित्सा क्षेत्र में निवेश के आकर्षक केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार और निजी क्षेत्र के समन्वित प्रयासों से आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना का तेजी से विस्तार संभव है। नए अस्पतालों और सुपर स्पेशलिटी केंद्रों की स्थापना से जहां मरीजों को बेहतर उपचार मिलेगा, वहीं चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

CG : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का छत्तीसगढ़ दौरा रद्द, इस तारीख को रायपुर आने का था कार्यक्रम….

CG : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का छत्तीसगढ़ दौरा रद्द, इस तारीख को रायपुर आने का था कार्यक्रम….

 रायपुर। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का 12 अक्टूबर को प्रस्तावित रायपुर दौरा रद्द हो गया है। रेल मंत्री को रायपुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के स्थापना दिवस समारोह में शामिल होना था। इसके साथ ही वे रेलवे की कई परियोजनाओं का शुभारंभ भी करने वाले थे। उनके दौरे को लेकर रेलवे प्रशासन पिछले एक महीने से तैयारियों में जुटा हुआ था।

रेल मंत्री का रायपुर दौरा पहले 9 अक्टूबर को प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे स्थगित कर 12 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी। अब एक बार फिर उनका दौरा रद्द कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के दौरे के रद्द होने के बाद रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को भी निरस्त कर दिया गया है। हालांकि, उनके दौरे से जुड़े अन्य कार्यक्रमों को लेकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बाकी कार्यक्रम यथावत रहेंगे। बता दें कि रेल मंत्री के दौरे को लेकर रेलवे प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थी। उनके हाथों कई रेलवे परियोजनाओं की शुरुआत किए जाने की योजना थी।

CG- मंदिर में तोड़फोड़ से मचा बवाल, हनुमान जी की प्रतिमा को पहुंचाया नुकसान, भड़के लोगों ने उठाया बड़ा कदम…

CG- मंदिर में तोड़फोड़ से मचा बवाल, हनुमान जी की प्रतिमा को पहुंचाया नुकसान, भड़के लोगों ने उठाया बड़ा कदम…

 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां हनुमान जी मंदिर में अज्ञात लोगों ने नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा को तोड़फोड़ की है। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली है।

स्थानीय लोगों ने जताई नाराजगी

मिली जानकारी के अनुसार, घटना कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जहां कुछ अज्ञात लोगों ने तांदुला नदी किनारे स्थित हनुमान जी की मंदिर में प्रतिमा को तोड़फोड़ की है। जैसे ही खबर लोगों तक पहुंची इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है।

घटना के बाद लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर आरोपियों की तलाशी की जा रही है। फिलहाल इस बात की जानकारी सामने नहीं आई है कि अज्ञात लोगों ने किस वजह से इस वारदात को अंजाम दिया है।

BREAKING : राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के ASP और DSP बदले

BREAKING : राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों का तबादला, कई जिलों के ASP और DSP बदले

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। जारी इस आदेश के तहत कुल 7 पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

राज्यपाल डेका ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन किए अर्पित

राज्यपाल डेका ने महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धा सुमन किए अर्पित

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्रों पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी इन महान विभूतियों को पुष्पांजलि अर्पित की।

छत्तीसगढ़ में बारिश से राहत के आसार,आज से घटेगी बारिश की तीव्रत,17 जिलों में हल्की बारिश की संभावना

छत्तीसगढ़ में बारिश से राहत के आसार,आज से घटेगी बारिश की तीव्रत,17 जिलों में हल्की बारिश की संभावना

 रायपुर – छत्तीसगढ़ में दो दिन की बारिश के बाद अब राहत के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज से प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि,प्रदेश के 17 जिलों में हल्की बारिश होने के आसार बने हुए हैं। लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर के नदी-नाले और बांध उफान पर हैं। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। वहीं, सितंबर महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है, हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

CG : टीआई, एसआई, एएसआई समेत 38 पुलिसकर्मियों के हुए तबादले, जानिए किसे कहां की मिली जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

CG : टीआई, एसआई, एएसआई समेत 38 पुलिसकर्मियों के हुए तबादले, जानिए किसे कहां की मिली जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के तबादले हुए हैं। एसपी गौरव राय ने यह सूची जारी की हैं।

देखें आदेश….

 

जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

 रायपुर- पुरानी बस्ती स्थित जैतू साव मठ में राधा अष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक आयोजन किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर राधारानी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।


राधा अष्टमी के अवसर पर मठ में भगवान श्रीराधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने राधारानी के जयकारे लगाए और प्रसाद ग्रहण किया।

मठ के श्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि - *राधा अष्टमी के पर्व पर प्रतिवर्ष मठ में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस वर्ष भी यहां परंपरागत रूप से आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं* जिसमें दो बड़ी श्रद्धा भक्ति पूर्वक उपस्थित हुए हैं भविष्य में भी यही सिलसिला निरंतर चलता रहे यही प्रभु से प्रार्थना है। ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने इस गरिमामय कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में विशेष रूप से ट्रस्ट कमेटी के सचिव दाऊ महेंद्र अग्रवाल जी, अजय अग्रवाल, जगन्नाथ अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, दीपक पाठक, सुमित जी, महिला मंडल कीर्तन समिति, सहित स्थानीय श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों की सहभागिता सराहनी है।
विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

 रायपुर :- हनुमंत प्रसादी वितरण समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी विश्वकर्मा पूजा के पावन पर्व पर भाठागांव बस स्टैंड रोड साहू ऑटो सेंटर राधास्वामी नगर पास विश्वकर्मा भगवान के पूजा उपरांत महाभण्डारे का आयोजन समिति द्वारा किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने विश्वकर्मा भगवान की जयकारे के साथ महाभंडारे का प्रसाद ग्रहण किये साथ ही छत्तीसगढ़ की सुख शांति समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना किये महाभण्डारे में समिति के सदस्यों द्वारा प्रशांत पाण्डेय विजय पाण्डेय स्वर्णजीत साहू  भरत पाण्डेय साहू ऑटो सेंटर के मालिक मुकेश साहू दीपेश सिन्हा टिकेश यादव राजू यादव अभिनव शर्मा अनुभव शर्मा सुरेश शर्मा प्रतीक अग्रवाल रविन्द्र चंद्राकर विनय देवांगन विनय वर्मा गीतांश वर्मा शिव्या वर्मा खेमू साहू रोशनी साहू  रिंकी मुकेश साहू चंद्रहास यादव दीपक मिश्रा दिलीप पंडा श्याम डेकोरा सुशांत अग्रवाल देव कुमार पप्पू हरपाल प्रकाश यादव विकाश कश्यप संजू देवांगन विक्की मोटवानी  तमेश साहू नरेंद्र इंदर पंकज नीलेश रवि यदु कृष्णकांत कमलेश रविन्द्र साहू तुलसी भैय्या किशोर एवं  सुरक्षा बल पुलिस प्रसाशन और समस्त समिति के सदस्य एवं मोहल्ले वासियो का सहयोग प्राप्त हुआ जिसके फल स्वरूप महाभण्डारे का कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ

Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन सुस्त रहेगा मानसून, कई शहरों में बढ़ा तापमान

Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन सुस्त रहेगा मानसून, कई शहरों में बढ़ा तापमान

 CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर फिलहाल धीमा पड़ता नजर आ रहा है। मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के कारण राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कुछ इलाकों में हुई हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत भी दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इसके बाद एक बार फिर बारिश की रफ्तार बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य के आसपास रही है, लेकिन कुल वर्षा सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। अगले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 15 सितंबर को अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 16 सितंबर को शहर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग ने इस दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।

मंगलवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिली। इस दौरान जगदलपुर में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा घुमका में 4 सेंटीमीटर, कुटरू में 2 सेंटीमीटर तथा दाढ़ी, बकावंड और धमधा में 1-1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो 35 डिग्री सेल्सियस के साथ राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और उससे लगे क्षेत्रों में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से होकर उदयपुर, रायसेन, पेंड्रा रोड, रांची और दीघा तक फैली हुई है। इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है।

इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से फिलहाल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

BREAKING: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस में तबादले, आदेश जारी

BREAKING: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस में तबादले, आदेश जारी

 रायपुर। पुलिस उपायुक्त उत्तर क्षेत्र कमिश्नरेट रायपुर द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से उत्तर क्षेत्र के अधीनस्थ थानों के 6 अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक ज्योति कोई को थाना उरला से चौकी रामनगर, आरक्षक सुनील कुमार कौशिक को थाना खमतराई से चौकी रामनगर और आरक्षक जितेंद्र गजवी को चौकी रामनगर से थाना खमतराई भेजा गया है।

इसी तरह आरक्षक जयंत साहू को चौकी रामनगर से थाना उरला, आरक्षक ऋषभ कुमार आनंद को चौकी रामनगर से थाना उरला तथा आरक्षक दीपक मिश्रा को थाना खमतराई से थाना पंडरी में नई पदस्थापना दी गई है।

 
CG – कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ……

CG – कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ……

 बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट ने आज छत्तीसगढ़ के हजारों प्रतीक्षारत कांस्टेबल अभ्यर्थियों के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका SLP खारिज कर दी है। यह मामला वर्ष 2017 में जारी 2259 कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें प्रतीक्षा सूची के प्रावधान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

पारस राम ध्रुव एवं अन्य के पक्ष में आए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के 1 फरवरी 2024 के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि पुलिस कांस्टेबल सेवा नियम 2007 के नियम 13(2) के तहत प्रोन्नति, सेवानिवृत्ति, कैडर परिवर्तन अथवा अन्य किसी कारण से रिक्त हुए पदों को भी वैध प्रतीक्षा सूची से भरा जाना अनिवार्य है।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही 17 नवंबर 2025 के आदेश में 47 सफल अभ्यर्थियों के पदों को सुरक्षित रखने का निर्देश जारी किया था। सोमवार की सुनवाई में प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना अली, हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुचि नागर, एओआर देवाशीष तिवारी के माध्यम से, और छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के नटराज उपस्थित हुए। इस निर्णय के बाद प्रदेश में लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को नया बल मिला है।

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