नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

 रायपुर- पुरानी बस्ती स्थित जैतू साव मठ में राधा अष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक आयोजन किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर राधारानी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।


राधा अष्टमी के अवसर पर मठ में भगवान श्रीराधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने राधारानी के जयकारे लगाए और प्रसाद ग्रहण किया।

मठ के श्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि - *राधा अष्टमी के पर्व पर प्रतिवर्ष मठ में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस वर्ष भी यहां परंपरागत रूप से आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं* जिसमें दो बड़ी श्रद्धा भक्ति पूर्वक उपस्थित हुए हैं भविष्य में भी यही सिलसिला निरंतर चलता रहे यही प्रभु से प्रार्थना है। ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने इस गरिमामय कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में विशेष रूप से ट्रस्ट कमेटी के सचिव दाऊ महेंद्र अग्रवाल जी, अजय अग्रवाल, जगन्नाथ अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, दीपक पाठक, सुमित जी, महिला मंडल कीर्तन समिति, सहित स्थानीय श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों की सहभागिता सराहनी है।
विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

 रायपुर :- हनुमंत प्रसादी वितरण समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी विश्वकर्मा पूजा के पावन पर्व पर भाठागांव बस स्टैंड रोड साहू ऑटो सेंटर राधास्वामी नगर पास विश्वकर्मा भगवान के पूजा उपरांत महाभण्डारे का आयोजन समिति द्वारा किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने विश्वकर्मा भगवान की जयकारे के साथ महाभंडारे का प्रसाद ग्रहण किये साथ ही छत्तीसगढ़ की सुख शांति समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना किये महाभण्डारे में समिति के सदस्यों द्वारा प्रशांत पाण्डेय विजय पाण्डेय स्वर्णजीत साहू  भरत पाण्डेय साहू ऑटो सेंटर के मालिक मुकेश साहू दीपेश सिन्हा टिकेश यादव राजू यादव अभिनव शर्मा अनुभव शर्मा सुरेश शर्मा प्रतीक अग्रवाल रविन्द्र चंद्राकर विनय देवांगन विनय वर्मा गीतांश वर्मा शिव्या वर्मा खेमू साहू रोशनी साहू  रिंकी मुकेश साहू चंद्रहास यादव दीपक मिश्रा दिलीप पंडा श्याम डेकोरा सुशांत अग्रवाल देव कुमार पप्पू हरपाल प्रकाश यादव विकाश कश्यप संजू देवांगन विक्की मोटवानी  तमेश साहू नरेंद्र इंदर पंकज नीलेश रवि यदु कृष्णकांत कमलेश रविन्द्र साहू तुलसी भैय्या किशोर एवं  सुरक्षा बल पुलिस प्रसाशन और समस्त समिति के सदस्य एवं मोहल्ले वासियो का सहयोग प्राप्त हुआ जिसके फल स्वरूप महाभण्डारे का कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ

Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन सुस्त रहेगा मानसून, कई शहरों में बढ़ा तापमान

Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन सुस्त रहेगा मानसून, कई शहरों में बढ़ा तापमान

 CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर फिलहाल धीमा पड़ता नजर आ रहा है। मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के कारण राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कुछ इलाकों में हुई हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत भी दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इसके बाद एक बार फिर बारिश की रफ्तार बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य के आसपास रही है, लेकिन कुल वर्षा सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। अगले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 15 सितंबर को अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 16 सितंबर को शहर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग ने इस दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।

मंगलवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिली। इस दौरान जगदलपुर में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा घुमका में 4 सेंटीमीटर, कुटरू में 2 सेंटीमीटर तथा दाढ़ी, बकावंड और धमधा में 1-1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो 35 डिग्री सेल्सियस के साथ राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और उससे लगे क्षेत्रों में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से होकर उदयपुर, रायसेन, पेंड्रा रोड, रांची और दीघा तक फैली हुई है। इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है।

इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से फिलहाल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

BREAKING: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस में तबादले, आदेश जारी

BREAKING: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस में तबादले, आदेश जारी

 रायपुर। पुलिस उपायुक्त उत्तर क्षेत्र कमिश्नरेट रायपुर द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से उत्तर क्षेत्र के अधीनस्थ थानों के 6 अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक ज्योति कोई को थाना उरला से चौकी रामनगर, आरक्षक सुनील कुमार कौशिक को थाना खमतराई से चौकी रामनगर और आरक्षक जितेंद्र गजवी को चौकी रामनगर से थाना खमतराई भेजा गया है।

इसी तरह आरक्षक जयंत साहू को चौकी रामनगर से थाना उरला, आरक्षक ऋषभ कुमार आनंद को चौकी रामनगर से थाना उरला तथा आरक्षक दीपक मिश्रा को थाना खमतराई से थाना पंडरी में नई पदस्थापना दी गई है।

 
CG – कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ……

CG – कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ……

 बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट ने आज छत्तीसगढ़ के हजारों प्रतीक्षारत कांस्टेबल अभ्यर्थियों के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका SLP खारिज कर दी है। यह मामला वर्ष 2017 में जारी 2259 कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें प्रतीक्षा सूची के प्रावधान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

पारस राम ध्रुव एवं अन्य के पक्ष में आए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के 1 फरवरी 2024 के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि पुलिस कांस्टेबल सेवा नियम 2007 के नियम 13(2) के तहत प्रोन्नति, सेवानिवृत्ति, कैडर परिवर्तन अथवा अन्य किसी कारण से रिक्त हुए पदों को भी वैध प्रतीक्षा सूची से भरा जाना अनिवार्य है।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही 17 नवंबर 2025 के आदेश में 47 सफल अभ्यर्थियों के पदों को सुरक्षित रखने का निर्देश जारी किया था। सोमवार की सुनवाई में प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना अली, हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुचि नागर, एओआर देवाशीष तिवारी के माध्यम से, और छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के नटराज उपस्थित हुए। इस निर्णय के बाद प्रदेश में लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को नया बल मिला है।

नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज कबीरधाम जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने भारत माता ए छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए।

कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई देश, समाज और युवाओं की सेवा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई करें सुनिश्चित

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गांजा तस्करी के स्रोतों की पहचान पर जोर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित

कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मोदी जी के 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर को पुलिस लाइन में सवा लाख दिए जायेंगे

मोदी जी के 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर को पुलिस लाइन में सवा लाख दिए जायेंगे

 दुर्ग। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन एवं राजनीतिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा संभाग स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां की जा रही हैं, इसी क्रम में 17 सितंबर को शाम सवा लाख दिए जलाये जायेंगे जिसके तैयारी को लेकर आज जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, कलेक्टर, एसपी सहित जिला प्रशासन के साथ कार्यक्रम स्थल पुलिस लाइन का निरिक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
केबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी की 25 वर्षों की राजनीतिक एवं जनसेवा यात्रा सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रथम की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक, विकास से विरासत तक प्रधानमंत्री जी ने हर कदम देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया है।
केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सेवा यात्रा केवल 25 वर्षों का पड़ाव नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास, परिश्रम और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाली यात्रा है। हर योजना, हर प्रयास और हर कदम देशहित एवं जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है।
यादव ने कहा कि सेवा का सफर संकल्प की नई उड़ान’ के भाव के साथ 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री जी की सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा एवं जनकल्याण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं भारतीय जनता पार्टी संगठन के समन्वय से संभाग स्तरीय विभिन्न सेवा गतिविधियां, जनकल्याणकारी कार्यक्रम एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाया जाएगा।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज विकसित भारत के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। 25 वर्षों की सेवा यात्रा हमें आने वाले वर्षों में और अधिक समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

 केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती के जेठा में किया पौधरोपण

केंद्रीय मंत्री  चौहान ने लगाया कदम और मुख्यमंत्री  साय ने बादाम का पौधा

पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की प्रेरक पहल है ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

रायपुर - पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री  चौहान और मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त  सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त  तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर जयश्री जैन, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ  वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

को-ऑपरेटिव बैंको में रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही में लाए तेजी : मंत्री केदार कश्यप

को-ऑपरेटिव बैंको में रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही में लाए तेजी : मंत्री केदार कश्यप

 सहकारिता मंत्री ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा

 
मंत्री  कश्यप ने सहकारी सप्ताह 2026 पर आधारित काफी-टेबल बुकलेट का किया विमोचन
 
रायपुर- सहकारिता मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। मंत्री  केदार कश्यप ने बैठक में सहकारिता के सुदृढ़ीकरण पर जोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान-हितैषी बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। हमारा मुख्य ध्येय प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से अंतिम व्यक्ति और प्रदेश के प्रत्येक किसान तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना है।
 
को-ऑपरेटिव सेक्टर पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का किया विमोचन
 
     बैठक में मंत्री  कश्यप ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और आधुनिक बैंकिंग सेवाओं से किसानों का भरोसा सहकारिता प्रणाली पर और मजबूत होगा। उन्होंने को-आपरेटिव बैंको में रिक्त पदों की समीक्षा की। उन्होंने रिक्त पदों की भर्ती की कार्यवाही तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने सहकारी सप्ताह 29 जून से 06 जूलाई 2026 तक छत्तीसगढ़ में को-ऑपरेटिव सेक्टर में आयोजित विविध कार्यक्रम पर केन्द्रीत काफी-टेबल बुकलेट का विमोचन किया गया।
 
पैक्स के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने दिए निर्देश
 
        बैठक में मंत्री  कश्यप ने अधिकारियों, प्रबंध संचालकों, संभागीय संयुक्त आयुक्तों, उप/सहायक आयुक्तों तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निम्नलिखित प्राथमिकताओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। पैक्स के शत-प्रतिशत कम्प्यूटराइज़ेशन और अंकेक्षण (ऑडिट) प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए ताकि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे।
 
16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपए का ऋण वितरित
 
          मंत्री  कश्यप ने अल्पकालीन कृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान, समय पर उर्वरक (खाद), बीज एवं ऋण वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के किसानों को कोआपरेटिव्ह बैंको के माध्यम से चालू खरीफ सीजन 2026 हेतु 8800 करोड़ रुपए का कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 16 लाख से अधिक किसानों को 7973 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो कि लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। बैठक में मंत्री श्री कश्यप द्वारा अधिकारियों को शत-प्रतिशत कृषि ऋण वितरण के निर्देश दिया गया। ग्रामीण अंचलों में कॉमन सर्विस सेंटर का विस्तार करने तथा माइक्रो ए.टी.एम. की उपलब्धता बढ़ाकर डिजिटल बैंकिंग को सुलभ बनाने पर बल दिया गया।
 
718 गोदामों का निर्माण पूर्ण
 
        मंत्री  कश्यप ने 100 सोसायटियों में गोदाम निर्माण व त्प्क्थ् योजना के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई, साथ ही नवगठित 515 पैक्स के सुचारू संचालन के निर्देश दिए गए। बैठक में आराईडीएफ अंतर्गत  आबंटित 725 गोदामों में 718 गोदामों के निर्माण पूर्ण होने की जानकारी दी गई है। शेष 7 गोदाम के जल्द ही निर्माण पूर्ण किये जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।
 
अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों को दिलाने निर्देश
 
        सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाबदावा प्रस्तुत करने तथा कार्यालयों में ई-ऑफिस और आधार-बेस्ड उपस्थिति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए। धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का शीघ्र एवं पारदर्शी तरीके से अंतिम निराकरण करने के आदेश दिए गए। बैठक के अंत में मंत्री श्री कश्यप ने सभी विभागीय अधिकारियों को जवाबदेही और पूरी पारदर्शिता के साथ शासकीय योजनाओं का त्वरित लाभ किसानों एवं सहकारिता क्षेत्र से जुड़े आम नागरिकों तक पहुंचाने का निर्देश दिये।
 
            इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ सी.आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता व पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री रमेश शर्मा, अपेक्स बैंक महाप्रबंधक एवं प्रभारी प्रबंध संचालक श्री युगल किशोर, अपर पंजीयक श्री यू बीएस राठिया, अपर पंजीयक श्रीमती सावित्री भगत व सहकारिता विभाग व अपेक्स बैंक के अधिकारीगण तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ उपस्थित थे।
CG : UCC को लेकर दुर्ग संभाग में दो दिवसीय जन-संवाद, हर वर्ग से लिए जाएंगे सुझाव

CG : UCC को लेकर दुर्ग संभाग में दो दिवसीय जन-संवाद, हर वर्ग से लिए जाएंगे सुझाव

 रायपुर – समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर दुर्ग संभाग में आज से दो दिवसीय “जन-संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए UCC कमिटी सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय स्थापित करने की दिशा में काम करेगी। जन-संवाद के दौरान सामान्य लोगों के साथ बैठक कर UCC को लेकर उनके विचार और सुझाव लिए जाएंगे। समिति का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग की बात सुनी जाए और उनके सुझावों को प्रस्तावित ड्राफ्ट में उचित स्थान मिल सके। इस जन-संवाद के जरिए समिति अलग-अलग वर्गों के लोगों से सीधे संवाद करेगी और UCC को लेकर उनकी राय,अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का प्रयास करेगी। कमिटी का मानना है कि व्यापक जन-सहभागिता के जरिए तैयार होने वाला ड्राफ्ट अधिक समावेशी और सभी वर्गों की भावनाओं को ध्यान में रखने वाला हो सकेगा।

मोदी सरकार ने ओबीसी समाज को दिया सम्मान और अधिकार, भाजपा के नेतृत्व में सशक्त हो रहा पिछड़ा वर्ग : केन्द्रीय राज्यमंत्री साहू

मोदी सरकार ने ओबीसी समाज को दिया सम्मान और अधिकार, भाजपा के नेतृत्व में सशक्त हो रहा पिछड़ा वर्ग : केन्द्रीय राज्यमंत्री साहू

 रायपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा की संभागीय बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू शामिल हुए। उन्होंने ओबीसी समाज की एकजुटता, सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन की मजबूती पर विस्तार से अपने विचार रखे। तोखन साहू ने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू एवं उनकी पूरी टीम को प्रदेश के कोने-कोने में जाकर ओबीसी समाज को जोडऩे, जागरूक करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग की लगभग 67 जातियाँ आती हैं। हमारी जातियाँ भले अलग-अलग हों, लेकिन हमारी परंपराएं, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्य एक हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमें किसी छोटे दायरे में नहीं बंधना है, बल्कि अपनी एकजुटता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बनाना है। साहू ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य ओबीसी समुदाय और तेली समाज से निकले बेटे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मिला है। यह पूरे ओबीसी समाज के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ओबीसी समाज से दो प्रधानमंत्री बने हैं—एच. डी. देवगौड़ा जी (1996-1997), वोक्कालिगा समुदाय से औरनरेंद्र मोदी जी (2014 से निरंतर), घांची/तेली समुदाय से। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी मेहनत और संघर्ष से देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर यह साबित किया है कि नए भारत में अवसर किसी परिवार की जागीर नहीं, बल्कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हासिल किए जा सकते हैं।
ओबीसी अधिकारों के संघर्ष का इतिहास
 साहू ने कहा कि 1953 में काका कालेलकर आयोग का गठन हुआ और 1955 में उसकी रिपोर्ट आई, लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
1979 में मोरारजी देसाई जी की सरकार में मंडल आयोग का गठन हुआ। आयोग ने 1980 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की।

1990 में वी.पी. सिंह जी की सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर ओबीसी आरक्षण लागू किया, जिसके बाद 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी मामले में इसे संवैधानिक मान्यता दी।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद लंबे समय तक पिछड़ा वर्ग आयोग को वह अधिकार नहीं मिले, जो उसे मिलने चाहिए थे। आजादी के बाद लगभग 75 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में करीब छह दशक तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन पिछड़े वर्गों के सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
मोदी सरकार में ओबीसी सशक्तीकरण को नई मजबूती
श्री तोखन साहू ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद सामाजिक न्याय को केवल बातों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उसे धरातल पर उतारा गया। उन्होंने कहा कि 2018 में 102वें संविधान संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया और उसे सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां प्रदान की गईं। 2019 में अलग से मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय बनाया गया, जिससे मछुआरा समाज और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को लाभ मिला। उन्होंने बताया कि 2017 में क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये सालाना की गई, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को आरक्षण का लाभ मिल सके। ओबीसी समुदाय की छोटी-बड़ी सभी जातियों तक आरक्षण का लाभ समान रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि 2021 में नीट के ऑल इंडिया कोटा की एमबीबीएस और पीजी सीटों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इससे हर वर्ष लगभग 4,000 ओबीसी युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 105वें संविधान संशोधन के माध्यम से राज्य सरकारों को अपनी ओबीसी सूची तैयार करने का अधिकार वापस दिया गया। श्री साहू ने कहा कि यही वास्तविक सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। भाजपा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने ओबीसी समाज को सम्मान, अधिकार और अवसर देने का कार्य किया है। उन्होंने ओबीसी समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामलाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश ओबीसी मोर्चा प्रभारी लखन साहू, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा अशोक साहू सहित संगठन के पदाधिकारी, ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सीजीआईटी रायपुर में छह दिवसीय एआईसीटीई–अटल फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ

सीजीआईटी रायपुर में छह दिवसीय एआईसीटीई–अटल फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ

 एआई और सौर ऊर्जा से बनेगा स्मार्ट ऊर्जा भविष्य

रायपुर। ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों और नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं सौर ऊर्जा के एकीकरण पर केंद्रित छह दिवसीय एआईसीटीई–अटल फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ 7 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी), रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का विषय “Artificial Intelligence Integrated Solar Energy Systems for Smart and Sustainable Power Generation” रखा गया है।
 
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन तथा आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग से परिचित कराना है। छह दिनों तक चलने वाले इस फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों के साथ अपने तकनीकी अनुभव, शोध कार्य तथा औद्योगिक क्षेत्र में अपनाई जा रही नवीन तकनीकों को साझा करेंगे।
 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. अभिताब दुबे, अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय, छत्तीसगढ़ तथा संरक्षक डॉ. प्रो. एम. आर. खान, प्राचार्य, सीजीआईटी रायपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी डॉ. अजय त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा निभाई जा रही है।
 
कार्यक्रम के प्रथम दिन सौर ऊर्जा विशेषज्ञ इंजी. शैलेन्द्र कुमार शुक्ल, जो विद्युत मंडल के पूर्व चेयरमैन, क्रेडा के पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान में ईआईकॉन सोलर कंपनी के मालिक हैं, ने सौर पीवी प्रणालियों की वर्तमान औद्योगिक स्थिति, तकनीकी विकास एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों, फोटोवोल्टिक तकनीक की बढ़ती उपयोगिता तथा भविष्य में स्मार्ट सौर ऊर्जा प्रणालियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऊर्जा की बढ़ती मांग, पर्यावरण संरक्षण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए सौर ऊर्जा आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
 
इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए सौर ऊर्जा से संबंधित शोध-पत्र चर्चा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न शोध विषयों पर प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श किया। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम शोध प्रवृत्तियों, शोध पद्धतियों तथा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में संभावित अनुसंधान विषयों की जानकारी प्राप्त हुई।
 
द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. आर. एन. पटेल, प्रोफेसर, एनआईटी रायपुर ने घरेलू सौर पीवी संयंत्रों के बीच स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन एवं विद्युत साझाकरण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से घरेलू स्तर पर उत्पादित सौर ऊर्जा का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने ऊर्जा उत्पादन, खपत, भंडारण एवं विद्युत साझाकरण को स्मार्ट तकनीकों से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
 
कार्यक्रम के प्रथम दिन के अंत में प्रतिभागियों के लिए प्रायोगिक एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को सौर ऊर्जा प्रणालियों के व्यावहारिक पहलुओं तथा स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन से संबंधित तकनीकों को समझने का अवसर मिला।
 
आयोजकों के अनुसार, वर्तमान समय में सौर ऊर्जा प्रणालियों में केवल विद्युत उत्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऊर्जा उत्पादन एवं मांग का पूर्वानुमान, सिस्टम की निगरानी, फॉल्ट डिटेक्शन, अधिकतम विद्युत उत्पादन, ऊर्जा भंडारण तथा ग्रिड के साथ प्रभावी समन्वय भी आवश्यक हो गया है। इन सभी क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एआई आधारित प्रणालियां मौसम, सौर विकिरण और ऊर्जा मांग जैसे विभिन्न आंकड़ों का विश्लेषण कर सौर विद्युत उत्पादन का पूर्वानुमान लगाने तथा ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती हैं।
 
छह दिवसीय इस कार्यक्रम में सौर फोटोवोल्टिक प्रणालियां, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन, ऊर्जा भंडारण, सौर ऊर्जा पूर्वानुमान, स्मार्ट ग्रिड तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रतिभागियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण, शोध-पत्र चर्चा एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर भी मिलेगा।
 
कार्यक्रम के आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम शिक्षकों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपने संस्थानों में एआई आधारित स्मार्ट एवं टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों पर शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सक्षम बनाएंगे। इससे देश में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।
5वें सेमेस्टर में अटके छात्रों को मिली बड़ी राहत, अंतरिम प्रवेश देने की घोषणा, अध्यादेश में होगा संशोधन

5वें सेमेस्टर में अटके छात्रों को मिली बड़ी राहत, अंतरिम प्रवेश देने की घोषणा, अध्यादेश में होगा संशोधन

 सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशील- उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने को प्रतिबद्ध सरकार

​रायपुर। ​प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पढ़ रहे हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है। प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक-दो प्रश्नपत्रों (पेपर्स) में असफल होने के कारण 5वें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित हो रहे छात्रों को अब सरकार ने बड़ी राहत देते हुए अंतरिम (Provisional) प्रवेश देने की घोषणा की है।

इस फैसले से हजारों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष (Academic Year) खराब होने से बच जाएगा। ​मामले की गंभीरता और युवाओं के हित को सर्वाेपरि रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि NEP के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी व्यावहारिक अड़चन को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है।

​मंत्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और हमारी सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। राज्य में नई शिक्षा नीति (NEP)को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हम पूरी तरह कटिबद्ध हैं। इसे लागू करने की प्रक्रिया में यदि कोई भी व्यावहारिक समस्या या व्यवधान उत्पन्न होता है, तो युवाओं के स्वर्णिम भविष्य और उनके सर्वांगीण उत्थान को ध्यान में रखकर उसका त्वरित समाधान निकाला जाएगा।

इसी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि जो छात्र प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो पेपर्स में अनुत्तीर्ण होने की वजह से 5 वें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे थे, उन्हें अब 5 वें सेमेस्टर में अनंतिम रूप से प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए संबंधित अध्यादेश में समय रहते आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। सरकार प्रदेश के सभी युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती है।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह - वन मंत्री कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह - वन मंत्री कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को किया सम्मानित

रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे।

अनुशासन और संस्कारों से ही मिलती है सफलता: केदार कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढऩे से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने परिवार को पहली पाठशाला बताते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का मूल आधार है। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने तथा इसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।

पुस्तक विमोचन और शिक्षकों का सम्मान
समारोह के दौरान लेखक  शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति पर आधारित लिखित पुस्तक बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां का विमोचन किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों ( सुमेर सिंह मंडावी, उषा किरण बैस,  धनसिंह बघेल आदि) को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष  इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रही।

स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट! छत्तीसगढ़ में 158 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट! छत्तीसगढ़ में 158 मरीज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

  रायपुर: प्रदेश में पिछले दो माह में स्वाइन फ्लू के 158 मरीज मिल चुके है, जिनमें 66 रायपुर के हैं। इनमें 8 मरीजों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या 37 है। डॉक्टरों के अनुसार इक्के-दुबके मरीजों की सांस ही फुल रही है। ये भी इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं। इन्हें वेंटिलेटर की भी जरूरत नहीं पड़ रही है। माइल्ड लक्षण होने के कारण इलाज भी आसान ही गया है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों का समुचित इलाज करने व सतत निगरानी करने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीजों की सैंपलिंग व इलाज की पूरी व्यवस्था हो।स्वाइन फ्लूसे संबंधित दवाइयों का स्टॉक भी पर्याप्त हो, ताकि विषम परिस्थितियों में आसानी से निपटा जा सके। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन बड़ी राहत की बात ये है कि इसमें गंभीर कोई मरीज नहीं हो रहा है। इसका प्रमुख कारण स्वाइन फ्लू के एचएन वायरस ने अपना स्वरूप नहीं बदला है।

चार दिनों में 36 नए केस

वायरस में कोई म्यूटेशन नहीं होने से मरीज बीमारी से पीड़ित होने के चावजूद गंभीर नहीं हो रहे है। 29 अगस्त को मरीज 122 थे। चार दिनों में 36 नए मरीओं की पहचान की गई है।आंबेडकर अस्पतालके रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में रोजाना 100 से ज्यादा मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इनमें 20 से 25 सीजनल फ्लू, गले में में साराश या सांस लेने में हल्की समस्या वाले मरीज आ रहे हैं। लक्षण वाले मरीजों के स्वाब का सैंपल जांच के लिए माइलो चायोलॉजी विभाग भेजा जा रहा है। वायरोलॉजी लैब में पर्याप्त किट है, जिससे रिपोर्ट भी एक से दो दिन में आ रही है। स्वाइन फ्लू के मरीजों में माइल्ड लक्षण आ रहे हैं. जिससे वे इलाज के बाद ठीक भी हो रहे हैं।

गणेश चतुर्थी तक आ सकते हैं केस

डॉक्टरों के अनुसार स्वाइन फ्लू के मरीज गणेश चतुर्थी तक आ सकते हैं। दरअसल इस समय तक मौसम में नमी रहेगी। इससे सर्दी, खांसी, बुखार व गले में इंफेक्शन जैसे लक्षण वाले मरीज आएंगे। इनमें जांच में कुछ मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव हो सकते हैं। सीनियर हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार कैंसर, अस्थमा, डायबिटीज है। वाले मरीजों को रिस्क हो सकता बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें स्वाइन फ्लू का रिस्क बढ़ सकता है। कैंसर के मरीजों के लिए स्वाइन फ्लू खतरनाक व जानलेवा हो जाता। है। दरअसल कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी या कैंसर के कारण उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है। उन्हें वायरस बुरी तरह प्रभावित करता है। मरीजों को मास्क लगाने कहा जा रहा है।

अभी अगले 15 दिनों तक स्वाइन फ्लू के मरीज और आ सकते हैं। जिन्हें कोई दूसरी गंभीर बीमारी नहीं है, उन्हें स्वाइन फ्लू का रिस्क कम होता है। हालांकि समय पर इलाज कराने से मरीज ठीक हो रहे हैं।”

स्वाइन फ्लू के मरीजों में माइल्ड लक्षण आ रहे हैं, जिससे वे इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं। आईसीएमआर की रिसर्च में वायरस में कोई म्यूटेशन नहीं होने की बात सामने आई है। यह राहत की बात है, क्योंकि वायरस पहले की तरह है और मरीज गंभीर नहीं हो रहे हैं।

जिला कुल मरीज एक्टिव केस
रायपुर 66 08
बिलासपुर 20 00
दुर्ग 17 00
रायगढ़ 10 03
कोरबा 09 04
सरगुजा 02 00
ब्रेकिंग : भाजपा ने की प्रकोष्ठों के प्रभारियों की घोषणा, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : भाजपा ने की प्रकोष्ठों के प्रभारियों की घोषणा, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…!!

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए संयोजक-सहसंयोजक और प्रभारियों की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मार्कण्डेय की ओर से जारी आदेश के अनुसार चुन्नीलाल साहू को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक और लाभचंद बाफना को प्रकोष्ठ संकुल सहसंयोजक बनाया गया है। 

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

 जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आज आदेश जारी कर छह पुलिस अधिकारियों की अस्थायी रूप से नई पदस्थापना की है। सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से नवीन जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में कई थाना प्रभारियों को दूसरे थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

देखें आदेश….

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

 रायपुर। सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।
विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।

समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि द्वारा सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। अतिथियों ने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित
समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।

सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस का सम्मान दिया गया।विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्तिध्सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया।कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

 

 

 

 

दशकों बाद ग्रामीणों तक पहुंचा नेटवर्क, सुकमा के सुदूर वनांचल टेटरई में लगा बीएसएनएल टावर

दशकों बाद ग्रामीणों तक पहुंचा नेटवर्क, सुकमा के सुदूर वनांचल टेटरई में लगा बीएसएनएल टावर

 0-2 हजार से अधिक ग्रामीणों की जिंदगी हुई आसान

सुकमा । दशकों तक भौगोलिक विषमताओं और संचार सुविधाओं के अभाव से जूझते सुकमा के सुदूर वनांचल अब विकास की नई सुबह देख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व में बस्तर के अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने का संकल्प अब धरातल पर उतर आया है। जिला प्रशासन की सक्रियता और निरंतर निगरानी के चलते जिला मुख्यालय से करीब 190 किलोमीटर दूर कोंटा विकासखंड के टेटरई जैसे अति-संवेदनशील व अंदरूनी गांवों में नया मोबाइल टॉवर स्थापित कर नेटवर्क बहाल कर दिया गया है। वर्षों से एक अदद सिग्नल के लिए तरसते इन बीहड़ों में पहली बार बजी मोबाइल की घंटी ने ग्रामीणों के जीवन में विकास और भरोसे का नया संचार किया है।

इस नई कनेक्टिविटी ने स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों की जिंदगी को एक नई दिशा दी है। कभी अपनों की कुशलक्षेम पूछने या एक जरूरी कॉल करने के लिए मीलों पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण अब अपने घर-आंगन से ही देश-दुनिया से सीधे जुड़ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं अब गांव में रहकर ही ऑनलाइन कक्षाओं, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल अध्ययन सामग्री का पूरा लाभ उठा पा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय वनोपज, लोककला और हस्तशिल्प से जुड़े ग्रामीणों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल गए हैं।

नेटवर्क की उपलब्धता ने प्रशासनिक तंत्र और जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों की चौखट तक ला खड़ा किया है। अब डिजिटल बैंकिंग, ईकेवाईसी और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाएं बिना किसी बाधा के मिल रही हैं, जिससे ग्रामीणों को अपने हक की राशि के लिए भटकना नहीं पड़ता। सबसे बड़ा बदलाव आपातकालीन सेवाओं में आया है—बीमारी या किसी संकट के समय अब ग्रामीण सीधे स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस और प्रशासन से तत्काल संपर्क साध पा रहे हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों में सुरक्षा का एक मजबूत कवच तैयार हुआ है।

कलेक्टर अमित कुमार के अनुसार, बीएसएनएल की ‘4त्र सैचुरेशन परियोजना के तहत जिले के दुर्गम क्षेत्रों को निर्बाध कॉलिंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी से लैस किया जा रहा है। जनहित के संकल्प के साथ घने जंगलों और दुर्गम पहाडिय़ों के बीच भी विकास की रोशनी पहुंचाई जा रही है। सुकमा के इन वनांचलों में गूंजती मोबाइल की यह घंटी केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि बस्तर के सुरक्षित, सशक्त और विकसित भविष्य की बुलंद आवाज बन चुकी है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता

 कटिंग-पॉलिशिंग के आधुनिक प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय बनेगा नॉलेज पार्टनर, ‘बस्तर ब्रांड’ को मिलेगा बढ़ावा

कोरंडम से बस्तर को मिलेगी नई पहचान, खनन से मूल्य संवर्धन तक विकसित होगी पूरी वैल्यू चेन

25 वर्षों बाद बीजापुर के कुचनूर में फिर शुरू हुआ कोरंडम खनन, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर

रायपुर, 31 अगस्त 2026

नेशनल क्रिटिकल मिनरल  मिशन और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों के दोहन के साथ-साथ उनके स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CMDC) द्वारा बीजापुर जिले के कुचनूर क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद कोरंडम खदान का पुनः संचालन किया गया है। कोरंडम के खनन से लेकर उसकी कटिंग, पॉलिशिंग, आभूषण निर्माण, ब्रांडिंग और विपणन तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने के उद्देश्य से CMDC और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में नया रायपुर स्थित मेफेयर रिज़ॉर्ट में यह महत्वपूर्ण एमओयू सम्पन्न हुआ। विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में चयनित किया गया है, जिसके माध्यम से स्थानीय युवाओं और शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम का उत्खनन

                  प्रदेश में कोरंडम खनिज के दोहन एवं विपणन के लिए CMDC और संयुक्त उपक्रम साझेदार मेसर्स एन.सी. नाहर के मध्य गठित छत्तीसगढ़ कोरंडम माइन्स लिमिटेड के माध्यम से बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम क्षेत्र के ग्राम कुचनूर में कोरंडम खदान संचालित की जा रही है। लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद फरवरी 2025 से खदान का पुनः संचालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम का वैज्ञानिक पद्धति से उत्खनन किया जा रहा है। वर्तमान में खदान से उत्खनित कोरंडम का लगभग 240 किलोग्राम भंडारण है, जिसमें से 157.643 किलोग्राम का परिवहन किया जा चुका है। परिवहन किए गए कोरंडम में 107.989 किलोग्राम बी-ग्रेड तथा 49.654 किलोग्राम औद्योगिक ग्रेड कोरंडम शामिल है।

खनन के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार

कुचनूर कोरंडम खदान के संचालन से बीजापुर जिले के 14 स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार और CMDC का प्रयास है कि खनिज आधारित गतिविधियों का लाभ केवल खनन तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समुदायों, युवाओं, शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों की भागीदारी से आय के नए अवसर सृजित हों।

कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण से बढ़ेगा मूल्य संवर्धन

कोरंडम से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर जेम्स्टोन हैंडलिंग, कटिंग, पॉलिशिंग और अन्य वैल्यू एडिशन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रत्नों की पहचान और कौशल गतिविधियों में दक्ष बनाया जाएगा। इससे उन्हें रोजगार के साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के अवसर भी मिलेंगे।

‘बस्तर ब्रांड’ के तहत आभूषण और रत्न उत्पादों को मिलेगा बाजार

                       कुचनूर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम को ‘बस्तर ब्रांड’ के तहत स्थानीय डिजाइन, गुणवत्ता और प्रमाणिकता से जोड़ने की योजना है। कोरंडम से आभूषण एवं रत्न उत्पाद तैयार कर उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे बस्तर की स्थानीय कला, शिल्प और प्राकृतिक खनिज संपदा को एक साथ बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी। स्थानीय इकाइयों, स्टार्टअप्स, शिल्पकारों और निवेशकों की भागीदारी से कोरंडम आधारित नए उद्यम विकसित किए जा सकेंगे।

नए कोरंडम क्षेत्रों की पहचान और अन्वेषण जारी

बीजापुर जिले में कोरंडम से जुड़े नए संभावित क्षेत्रों की पहचान, अन्वेषण एवं पूर्वेक्षण का कार्य भी जारी है। भोपालपट्टनम क्षेत्र में ग्राम कुचनूर सहित अन्य संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर खनन गतिविधियों के विस्तार की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। धनगोल सहित विभिन्न इलाकों में क्षेत्र आरक्षित कर आवेदन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

पारदर्शी नीलामी से सरकार को राजस्व, बस्तर को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान

उत्खनित कोरंडम की पारदर्शी तरीके से नीलामी से राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि के साथ बस्तर क्षेत्र के कोरंडम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग के साथ स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन होने से खनिज की वास्तविक आर्थिक क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। CMDC की यह पहल ‘खनन से मूल्य संवर्धन, मूल्य संवर्धन से रोजगार और रोजगार से आर्थिक सशक्तिकरण’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य केवल कोरंडम का उत्खनन करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों को पूरी वैल्यू चेन का भागीदार बनाकर बस्तर की खनिज संपदा को स्थानीय समृद्धि और आत्मनिर्भरता का आधार बनाना है।

हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 हिंसा और नक्सलवाद का महिमामंडन करने वाली मानसिकता भी समाज के लिए घातक : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने कहा - बस्तर अब भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने एक निजी चैनल के साक्षात्कार के दौरान कहा कि  नक्सलवाद के समर्थन में बात करने वाले और कुख्यात नक्सली हिड़मा , जिसने सैकड़ो निर्दोषों की हत्या की,  उसे आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली हैं । 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के लंबे और पीड़ादायक दौर से बाहर निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, केंद्र और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बस्तर के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद समाप्ति की ओर है। अब आवश्यकता इस बात की भी है कि हिंसा और नक्सलवाद को वैचारिक समर्थन देने तथा उसका महिमामंडन करने वाली मानसिकता को समाज स्पष्ट रूप से अस्वीकार करे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी कुछ लोग ऐसे कुख्यात नक्सलियों को अपना आदर्श मानते हैं, जिनके हाथ निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाबलों के खून से रंगे रहे हैं। हिड़मा जैसे नक्सलियों ने हिंसा और आतंक के माध्यम से बस्तर की अनेक पीढ़ियों को भय, अभाव और पिछड़ेपन में रखने का काम किया। ऐसे लोगों का महिमामंडन करना, उनके समर्थन में नारे लगाना या उन्हें नायक के रूप में प्रस्तुत करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदूक उठाकर निर्दोष लोगों की जान लेने वाला व्यक्ति किसी समाज का आदर्श नहीं हो सकता। नक्सली हिंसा में बस्तर ने अपने हजारों निर्दोष नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और बहादुर जवानों को खोया है। अनेक परिवारों ने अपनों को खोने का दर्द सहा, बच्चों से उनके माता-पिता छिने और विकास की संभावनाओं को दशकों तक बाधित किया गया। इस पीड़ा को नजरअंदाज कर हिंसा के जिम्मेदार लोगों का गुणगान करना बस्तर के पीड़ित परिवारों और शहीद जवानों के बलिदान का भी अपमान है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद केवल बंदूक और जंगलों तक सीमित चुनौती नहीं है। हिंसा को उचित ठहराने, लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने और नक्सली हिंसा के जिम्मेदार लोगों को नायक के रूप में स्थापित करने वाली सोच भी उतनी ही चिंताजनक है। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन हिंसा का समर्थन और निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों का महिमामंडन किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान बदल रही है। जिस क्षेत्र को कभी नक्सली हिंसा, बारूदी सुरंगों और भय के कारण जाना जाता था, वहां अब स्कूलों की घंटियां सुनाई दे रही हैं, सड़कें बन रही हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं तथा दूरस्थ गांव शासन की योजनाओं और विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के युवा अब बंदूक नहीं, किताब, कलम, कौशल और रोजगार चाहते हैं। वे अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं और देश-प्रदेश की प्रगति में भागीदार बनना चाहते हैं। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिले और प्रत्येक परिवार तक विकास तथा सुशासन का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल सुरक्षा की लड़ाई नहीं थी, बल्कि बस्तर के भविष्य को बचाने की लड़ाई थी। हमारे जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना इस लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया है। अब समाज की जिम्मेदारी है कि हिंसा की विचारधारा को किसी भी स्वरूप में महिमामंडित न होने दे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, लोकतंत्र और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है। नक्सलवाद और हिंसा के लिए नए छत्तीसगढ़ में कोई स्थान नहीं है। बस्तर की नई पीढ़ी के आदर्श वे लोग होने चाहिए जो शिक्षा, सेवा, परिश्रम, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से समाज को आगे बढ़ा रहे हैं, न कि वे जिन्होंने बंदूक और हिंसा के सहारे निर्दोष लोगों का जीवन छीना।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना केवल सरकार या सुरक्षाबलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों के साहस और विश्वास की जीत है। अब इस शांति को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और समृद्धि की नई पहचान देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हाथी का खौफ! जंगल गए ग्रामीण का हाथी से हुआ सामना, हमले में मौके पर ही दर्दनाक मौत, गांव में पसरी दहशत….

हाथी का खौफ! जंगल गए ग्रामीण का हाथी से हुआ सामना, हमले में मौके पर ही दर्दनाक मौत, गांव में पसरी दहशत….

 सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिल में हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत हो गई है. जजवाल गांव के पास जंगल गए ग्रामीण का हाथी से सामना हो गया. घटना के बाद गांव वाले दहशत में आ गए. वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर सतर्क हो गई है.

जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत जजवाल गांव के आसपास हाथी पहुंच गया. शनिवार रात जंगल गए ग्रामीण पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद जंगल से गुजर रहे अन्य ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी. उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी.

जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मृतक के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. हाथी के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के चलते ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है.

CG CRIME : लिफ्ट लेने के लिए स्कूटी सवारों को रोकना पड़ा भारी, विवाद के बाद युवक को मारा चाकू, इलाज के दौरान मौत

CG CRIME : लिफ्ट लेने के लिए स्कूटी सवारों को रोकना पड़ा भारी, विवाद के बाद युवक को मारा चाकू, इलाज के दौरान मौत

 भिलाई।  ढिल्लन होटल के सामने नेहरू नगर चौक पर रात्रि 11:30 बजे के करीब चाकू बाजी की घटना में घायल 26 साल के युवक की इलाज के दौरान सुबह-सुबह अस्पताल में मौत हो गई कैंप 01 का युवक चिचोला जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था।

चाकू मारने वाला युवक दो स्कूटी में सवार चार युवक और एक लड़की वारदात के बाद अंडर ब्रिज होते हुए टाउनशिप की ओर भागने की जानकारी मिली है घायल युवक के साथ खड़ा दूसरा युवक आरोपियों की बाइक का नंबर नहीं देख पाया है सुपेला पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं सुपेला पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश में लगी हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक शिव कुमार सिंह पिता अवधेश सिंह 151 D सुभाष चौक कैंप 01 का निवासी था अपने दोस्त दोस्त शिशांत के साथ बाइक में नेहरू नगर चौक पहुंचे , शिव कुमार सिंह को चिचोला जाना था वहाँ दुकान चलाते है, शिव कुमार लिफ्ट लेने के लिए ट्रक को रुकवा रहा था, ट्रक नहीं रुकने से स्कूटी सवार (3 लोग ,2 लड़का 1 लड़की ) को रोक दिया।

उसी बात पे बहस हुआ इनके बीच , स्कूटी सवार एक लड़के ने उसे चाकू मार दिया, शिवकुमार को लेफ्ट पैर में सामने की तरफ़ थाइ के ऊपर, चाकू मारकर युवक के घायल होकर गिरने पर स्कूटी सवार लोग नेहरू नगर चौक (ब्रिज के नीचे) से अंडर ब्रिज की तरफ़ भाग गए। घायल युवक के शिव कुमार सिंह को पुलिस इलाज के लिए हाईटेक अस्पताल ले गई हाइटेक हॉस्पिटल के डॉक्टर इलाज के लिए शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भेज दिए जहां आज सुबह युवक की मौत हो गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य खेल अलंकरण…..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य खेल अलंकरण…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान करेंगे। वे 5 टीमों के 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी देंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 29 अगस्त को शाम 4 बजे से राज्य राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया है।

राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव राज्य खेल अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा: बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा युवक खारुन नदी में डूबा, तलाश जारी

रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा: बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा युवक खारुन नदी में डूबा, तलाश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। महादेव घाट पर बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे युवक की खारुन नदी में डूब गया। बताया जा रहा है कि अस्थि विसर्जन के बाद नदी में नहाते समय युवक गहरे पानी में चला गया और एनीकट के नीचे बने भंवर में फंसकर डूब गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा था युवक

मृतक की पहचान रायपुरा के सतनामी पारा निवासी युधिष्ठिर सारंग (35 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, युधिष्ठिर अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए अपने जीजा और अन्य परिजनों के साथ महादेव घाट पहुंचा था। परिवार के लोगों ने विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया। इसके बाद युधिष्ठिर नदी में नहाने के लिए उतरा। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी की ओर चला गया।

नदी में पानी का बहाव तेज था और एनीकट के नीचे भंवर बना हुआ था। नहाते समय युधिष्ठिर इसी भंवर की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में युवक की तलाश शुरू की गई। हालांकि अभी तक युवक का शव बरामद नहीं किया जा सका है। इस हादसे से मृतक के परिवार में मातम पसर गया है।

+ Load More