Aaj Ka Panchang 15 March 2026: पापमोचनी एकादशी पर बन रहे हैं खास योग, जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
Aaj Ka Panchang 15 March 2026: 15 मार्च 2026, रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे पापमोचनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है और इस दिन भगवान विष्णु की पूजा तथा व्रत रखने से पापों का नाश होने की मान्यता है।
पंचांग के अनुसार इस दिन कई महत्वपूर्ण योग और नक्षत्रों का संयोग भी बन रहा है, जो धार्मिक कार्यों और पूजा-पाठ के लिए शुभ माने जाते हैं। रविवार को परिघ योग और शिव योग का विशेष संयोग रहेगा। इसके साथ ही दिन भर श्रवण नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसे ज्योतिष में शुभ नक्षत्रों में गिना जाता है। आइए जानते हैं 15 मार्च 2026 का विस्तृत दैनिक पंचांग।
पंचांग- Aaj Ka Panchang 15 March 2026
दिन – रविवार
विक्रम संवत – 2083, सिद्धार्थि
शक संवत – 1947, विश्वावसु
पूर्णिमांत माह – चैत्र
अमांत माह – फाल्गुन
तिथि
कृष्ण पक्ष एकादशी – 14 मार्च 2026, सुबह 08:11 बजे से 15 मार्च 2026, सुबह 09:16 बजे तक
कृष्ण पक्ष द्वादशी – 15 मार्च 2026, सुबह 09:16 बजे से 16 मार्च 2026, सुबह 09:41 बजे तक
इस दिन मनाई जाने वाली पापमोचनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
नक्षत्र
श्रवण नक्षत्र – 15 मार्च 2026, सुबह 04:49 बजे से 16 मार्च 2026, सुबह 05:56 बजे तक
धनिष्ठा नक्षत्र – 16 मार्च 2026, सुबह 05:56 बजे से 17 मार्च 2026, सुबह 06:22 बजे तक
श्रवण नक्षत्र को ज्ञान, आध्यात्मिकता और शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।
योग
परिघ योग – 14 मार्च 2026, सुबह 10:42 बजे से 15 मार्च 2026, सुबह 10:25 बजे तक
शिव योग – 15 मार्च 2026, सुबह 10:25 बजे से 16 मार्च 2026, सुबह 09:36 बजे तक
शिव योग को अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग में किए गए धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ और दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त होता है।
सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – सुबह 06:39 बजे
सूर्यास्त – शाम 06:32 बजे
चन्द्रोदय – 15 मार्च को सुबह 04:05 बजे
चन्द्रास्त – 15 मार्च को दोपहर 03:09 बजे
अशुभ समय
दिन के कुछ समय ऐसे होते हैं जिन्हें ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। इन समयों में महत्वपूर्ण या शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।
राहुकाल – शाम 05:02 बजे से 06:32 बजे तक
यमगंड – दोपहर 12:35 बजे से 02:04 बजे तक
कुलिक काल – दोपहर 03:33 बजे से शाम 05:02 बजे तक
दुर्मुहूर्त – शाम 04:56 बजे से 05:44 बजे तक
वर्ज्यम् – सुबह 09:00 बजे से 10:40 बजे तक
शुभ समय
शुभ कार्यों के लिए दिन के कुछ विशेष मुहूर्त बेहद अनुकूल माने जाते हैं।
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05:02 बजे से 05:50 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:12 बजे से 12:59 बजे तक
अमृत काल – शाम 07:02 बजे से 08:42 बजे तक
इन समयों में पूजा, जप, ध्यान और अन्य शुभ कार्य करना लाभकारी माना जाता है।
विशेष शुभ योग
सर्वार्थसिद्धि योग – 15 मार्च 2026, सुबह 04:49 बजे से 06:39 बजे तक
द्विपुष्कर योग – 16 मार्च 2026, सुबह 05:56 बजे से 06:38 बजे तक
सर्वार्थसिद्धि योग को अत्यंत शुभ योग माना जाता है। इस योग में शुरू किए गए कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक रहती है।
धार्मिक महत्व
15 मार्च 2026 को पड़ने वाली पापमोचनी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
भक्त इस दिन सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लेते हैं और भगवान विष्णु तथा माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। इसके साथ ही विष्णु सहस्रनाम का पाठ और दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है।







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