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बड़ी खबरः ढेबर और टूटेजा को नहीं मिली राहत, शराब घोटाले में आया सुप्रीम फैसला, इन्हें मिली जमानत

बड़ी खबरः ढेबर और टूटेजा को नहीं मिली राहत, शराब घोटाले में आया सुप्रीम फैसला, इन्हें मिली जमानत
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 रायपुर। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से शराब घोटाला मामले में अनुराग द्विवेदी, दीपक दुआरी और अरुणपती त्रिपाठी को बड़ी राहत मिल गई है। आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए इन्हे जमानत दे दी है। वहीं अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा को अब भी जेल में ही रहना होगा। है।

बता दें कि अनुराग द्विवेदी और दीपक दुआरी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल व शशांक मिश्रा व एपी त्रिपाठी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता मिनाक्षी माथुर ने पैरवी की।

क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?

इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है। एजेंसी ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें 2000 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की बात सामने आई। ED की जांच के अनुसार, यह घोटाला तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुआ था, जिसमें पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट ने मिलकर इसे अंजाम दिया।

इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों ने आबकारी विभाग के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी एपी त्रिपाठी, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के अलावा इस मामले में नकली होलोग्राम बनाने वाली नोएडा की कंपनी प्रिज्म कंपनी के मैनेजर दिलीप पांडे, कर्मचारी अनुराग द्विवेदी, अमित सिंह और दीपक दुआरी को गिरफ्तार किया था। अब इस घोटाले में तीन आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है, जबकि अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर की मुश्किलें अभी भी बरकरार हैं।



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