9 दिन से लापता ग्रामीण का नदी किनारे मिला शव, झाड़ियों में फंसी मिली लाश
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। रैरूमा चौकी क्षेत्र में 9 दिनों से लापता चल रहे 57 वर्षीय ग्रामीण का शव मांड नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान भालूपखना निवासी मानसाय मांझी उम्र 57 वर्ष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मानसाय मांझी 17 जुलाई को अपने घर से चचेरे भाई के यहां जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वह देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की।
परिवार के लोगों ने आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर मानसाय मांझी के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। लगातार तलाश के बाद भी जब ग्रामीण नहीं मिले तो परिजनों ने 23 जुलाई को रैरूमा चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और ग्रामीण की तलाश के प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच शनिवार शाम ग्राम चिड़ोडीह का एक ग्रामीण खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसकी नजर मांड नदी के किनारे झाड़ियों में फंसे एक शव पर पड़ी। नदी किनारे शव मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्थानीय व्यक्ति ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद रैरूमा चौकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर उसकी पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान शव की पहचान 9 दिनों से लापता मानसाय मांझी के रूप में हुई। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मानसाय मांझी की मौत नदी में डूबने से हुई हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि वह नदी में नहाने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आ गए होंगे और बहकर झाड़ियों में फंस गए होंगे।
हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद भालूपखना और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि मानसाय मांझी सामान्य जीवन जीने वाले व्यक्ति थे और अचानक उनकी मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रामीण नदी तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।




