भारत ‘प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट’ से हटकर PLI के जरिए उत्पादन को बढ़ावा देने की ओर बढ़ा है: PM मोदी
पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत ‘लाइसेंस राज’ के दौर की “प्रोडक्शन लिंक्ड पनिशमेंट” वाली सोच से हटकर ऐसे मॉडल की ओर बढ़ा है जो ज्यादा उत्पादन को बढ़ावा देता है। उन्होंने देश की बदलती आर्थिक सोच के उदाहरण के तौर पर प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के प्रदर्शन का जिक्र किया।
राजधानी में एक मीडिया इवेंट को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा कि PLI स्कीम से 2.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है और इससे 22 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और बिक्री हुई है। उन्होंने कहा कि इस स्कीम से 15 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है और 14 लाख से ज़्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं।
पीएम ने कहा कि यह बदलाव कारोबार और उत्पादन के प्रति सरकार की सोच में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। “पाबंदियां लगाने के बजाय, केंद्र सरकार ऐसा माहौल बनाने पर ध्यान दे रही है जो कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग, निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करे।”
पीएम मोदी ने अनिश्चित वैश्विक माहौल का भी ज़िक्र किया और कहा कि दुनिया बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रही है क्योंकि संसाधनों का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अविश्वास आम बात होती जा रही है।
इस माहौल में, प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत “इस मुश्किल दौर से बाहर निकलने की उम्मीद की किरण” और विकास व आशा का एक उज्ज्वल केंद्र बनकर उभर रहा है। पीएम मोदी ने कहा, “IMF का अनुमान है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के तौर पर आगे बना रहेगा, और भारत इसे हकीकत बनाने की सभी कोशिशों में सबसे आगे है।”
पीएम ने कहा कि भारत का भविष्य अकेले रहकर नहीं बनाया जा सकता और उन्होंने दुनिया में जारी उथल-पुथल के बीच देश के लिए दुनिया के साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने “सबको साथ लेकर चलने” (leading with all) का तरीका अपनाया है और तेज़ी से बदलते अनिश्चित वैश्विक आर्थिक माहौल में साझेदारी और सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।









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