राजधानी में मास्क को लेकर सख्ती से भर रहा प्रदेश सरकार का खजाना, 27 टीमें सक्रिय
भोपाल | राजधानी में कोरोना संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गत दिवस भोपाल में 321 नए संक्रमित सामने आए हैं। पिछले दस दिनेां में यह आंकड़ा 300 के आसपास या उससे ज्यादा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन मास्क को ही वैक्सीन बता रहा है, इसलिए अब जहां भी बिना मास्क पहने लोग मिल रहे हैं। उनपर चालानी कार्रर्वा की जा रही है।
भोपाल में 21 नवंबर से नाइट कफ्र्यू की घोषणा की गई थी, अब तक 12 सौ से अधिक लोगों पर जिला प्रशासन और नगर निगम मास्क न पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने की कार्रवाई कर चुका है। इन पर तीस लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना लगाया जा चुका है। राजधानी में बिना मास्क पहने घूम रहे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। इसमें बड़ी दुकानें और स्टोर्स पर ज्यादा जुर्माना ठोका जा रहा है। जिला प्रशासन की आठ टीमें एसडीएम के साथ विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई को अंजाम दे रही हैं।
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दोनों टीमें हर रोज करीब तीन लाख रुपए से अधिक का चालान काट रही हैं। राजधानी में अब तक टीमें 650 चालान बना चुकी हैं। इनमें से कुछ केस सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने वाले भी हैं। आमतौर पर 100 या 500 रुपए तक का चालान एक व्यक्ति पर बन रहा है, लेकिन बड़ी दुकान और बड़े स्टोर्स पर अगर कोई बिा मास्क पहले मिलता है, तो चालान पांच हजार रुपए या ज्यादा का बनाया जा रहा है। अब तक दोनों टीमें तकरीबन 30 लाख से अधिक का चालान या जुर्माना लगा चुकी हैं।
भोपाल में कोरोना को लेकर प्रशासन की सख्ती के बाद अब बाजारों में इसका असर भी दिखने लगा है। राजधानी में हॉटस्पॉट बने कोलार क्षेत्र में इस समय सबसे ज्यादा 235 एक्टिव मरीज हैं। क्षेत्र के एसडीएम राजेश गुप्ता ने बताया कि हर रोज यहां पर बिना मास्क लगाए घूम रहे लोगों पर कार्रवाई कर रहे हैं। पिछले 12 दिनों में हमने करीब पांच लाख रुपए के चालान बनाए हैं। यह सख्ती इसलिए कि लोगों को समझ में आ जाए कि मास्क लगाना जरूरी है। इसी से खुद और दूसरों का बचाव फिलहाल संभव है।







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