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दीपावली समाप्त होते ही छठ पूजा की तैयारियां शुरू, जानें नहाय खाय से लेकर समापन की सही डेट

दीपावली समाप्त होते ही छठ पूजा की तैयारियां शुरू, जानें नहाय खाय से लेकर समापन की सही डेट

दीपावली खत्म होते ही श्रद्धालु अब लोक आस्था के महापर्व छठ की तैयारी में जुट गए हैं। छठ महापर्व का चार दिवसीय अनुष्ठान नहाय-खाय के साथ शुरू होता है। नहाय खाय के अगले दिन उपवास रख व्रती खरना पूजन करती हैं। इसके अगले भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य शाम को दिया जाता है। छठ के अंतिम दिन प्रात:काल उदयीमान सूर्य को अर्ध्य दिया जाता है और इसके साथ ही चार दिवसीय अनुष्ठान पूरा हो जाता है। आइए जानते हैं नहाय खाय से लेकर समापन की सही डेट-

नहाय- खाय : 8 नवंबर 2021

·   नहाय खाय के दिन पूरे घर की साफ- सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। इस दिन चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है। अगले दिन खरना से व्रत की शुरुआत होती है।

खरना : 9 नवंबर 2021

इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाती हैं और फिर सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद ग्रहण किया जाता है। इसके बाद व्रत का पारणा छठ के समापन के बाद ही किया जाता है।

भगवान भास्कर को पहला अर्ध्य शाम को- 10 नवंबर 2021

·         खरना के अगले दिन शाम के समय महिलाएं नदी या तालाब में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं। 

छठ पर्व का समापन : 11 नवंबर 2021

·       खरना के अगले दिन छठ का समापन किया जाता है। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नदी या तालाब के पानी में उतर जाती हैं और सूर्यदेव से प्रार्थना करती हैं। इसके बाद उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पूजा का समापन कर व्रत का पारणा किया जाता है।

 

इस दिन लग रहा है सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, भारत में यहां दिखेगा...

इस दिन लग रहा है सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, भारत में यहां दिखेगा...

वाशिंगटन/नई दिल्ली, अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण 19 नवंबर, शुक्रवार को (कार्तिक पूर्णिमा) के दिन लगेगा। इस मौके पर पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच से गुजरेगी, ग्रहण दोपहर एक बजकर 30 मिनट के बाद अपने पीक पर होगा।

सदी के सबसे लंबे चंद्रग्रहण पर सुर्ख दिखेगा चांद
इस दौरान पृथ्वी पूरे चंद्रमा को सूरज की किरणों से ढक देगी। खगोलविदों के अनुसार, इस दौरान चांद का रंग सुर्ख लाल होगा जिसे भारत में भी देखा जा सकेगा। इसके पहले 26 मई को चंद्रग्रहण लगा था। चंद्रग्रहण के दीदार को लेकर देश की कई नक्षत्रशालाओं में बड़ी तैयारियां की गई हैं।

सदी का लंबा चंद्रग्रहण क्यों?
नासा के वैज्ञानिकों और खगोलविदों का कहना है कि सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण तीन घंटे 28 मिनट और 23 सेकंड का होगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्ष 2001 से वर्ष 2021 के बीच पहली बार इस तरह की घटना घटित होगी। नासा के अनुसार पृथ्वी 21वीं सदी में 228 चंद्रग्रहण का साक्षी बनेगी। एक माह में दो और तीन चंद्रग्रहण भी देखने को मिल सकते हैं।

असम और अरुणाचल में दिखेगा चांद
वैज्ञानिकों के अनुसार, चंद्रमा उन्हीं स्थानों पर दिखेगा जहां वो हॉरिजन के ऊपर होगा। भारत के उत्तरपूर्वी राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश के लोग इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे। इसी तरह उत्तरी अमेरिका के लोग भी सदी के सबसे लंबे ग्रहण के साक्षी बनेंगे। मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और उत्तरी यूरोप के लोग भी चंद्रग्रहण को देखेंगे।

इस वर्ष कुल चार ग्रहण
इस वर्ष दो चंद्रग्रहण पड़ने हैं, जिसमें से एक चंद्रग्रहण बीते 26 मई को लग चुका है। अब इस महीने साल का यह दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण है। इस वर्ष में कुल मिलाकर कुल चार ग्रहण पड़ने हैं, जिनमें दो चंद्रग्रहण और दो सूर्यग्रहण शामिल हैं। साल का आखिरी सूर्यग्रहण अगले महीने चार दिसंबर को पड़ेगा।
 

राशिफल: दिनांक 7 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

राशिफल: दिनांक 7 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

 आज का राशिफल

मेष:
आर्थिक और व्यावसायिक रूप से आज का दिन लाभदायक है। आर्थिक लाभ मिलेगा। लंबे समय का वित्तीय आयोजन भी कर सकेंगे। शरीर और मन से स्वस्थ रहेंगे। मित्रों और पारिवारिक सदस्यों के साथ खूब आनंद में दिन व्यतीत होगा। लोकहित का कार्य आपके हाथ से होगा।
वृष:
विचारों की विशालता और वाणी का जादू आज अन्य को प्रभावित और मंत्रमुग्ध करेगा। लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रहेगा। बौद्धिक चर्चा या वाद-विवाद में सफलता मिलेगी। वाचन एवं लेखन में अभिरुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है। परिश्रम के अनुपात में कम सफलता मिलने पर भी निष्ठापूर्वक आप आगे बढ़ेंगे।
मिथुन:
महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने में आप द्विधा अनुभव करेंगे। माता और स्त्रियों के मामले में अधिक संवेदनशील बनेंगे। विचारों की भरमार से मानसिक थकान अनुभव करेंगे। अनिद्रा के कारण शारीरिक अस्वस्थता रहेगी। हो सके तो प्रवास टालें।
कर्क:
कार्य की सफलता और नए कार्य के शुभारंभ के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। मित्रों तथा स्वजनों के साथ की मुलाकात से आप खुशहाल रहेंगे। लघु यात्रा का योग है। भाई-बंधुओं से मेलजोल बना रहेगा। प्रिय व्यक्ति के सानिध्य से मन रोमांचित बनेगा। आर्थिक लाभ तथा समाज में आदर सम्मान मिलेगा। आज प्रेम के बंधन में बंधेंगे।
सिंह:
दूर बसने वाले स्नेहीजन तथा मित्रों के साथ के संदेश व्यवहार से आपको लाभ होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। उत्तम भोजन की प्राप्ति होगी। अपनी वाकपटुता से किसी के मन को जीत सकते हैं। निर्धारित काम में सफलता मिलेगी। स्त्री मित्र आपको सहायक साबित होंगी।
कन्या:
वैचारिक समृद्धि और वाणी की मोहकता से आपको लाभ होगा। व्यवसाय की दृष्टि से आज का दिन लाभदायक साबित होगा। आपका स्वास्थ्य बना रहेगा और मन भी स्वस्थ रहेगा। सगे- संबंधियों के साथ मुलाकात होगी औऱ सुख-आनंद की प्राप्ति होगी। धन लाभ तथा पर्यटन का योग है।
तुला:
आपकी वाणी और व्यवहार को संयम में रखना पड़ेगा। अन्य व्यक्तियों या कुटुंबीजनों के साथ उग्र बोलाचाल होने की संभावना है। परोपकार का बदला उपकार से मिल सकता है। आय की अपेक्षा खर्च की मात्रा बढ़ेगी। तबीयत का ध्यान रखें। दुविधाएं और समस्याएं मन की शांति हर लेंगी।
वृश्चिक:
आप गृहस्थजीवन में सुख और संतोष की अनुभूति करेंगे। पत्नी तथा पुत्र की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा। मांगलिक कार्य होंगे। विवाह के लिए संयोग बनेंगे। नौकरी धंधे में अच्छे अवसर खड़े होने से आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ पिकनिक का आयोजन होगा। स्त्री मित्रों से लाभ होने का योग है।
धनु:
आर्थिक और व्यापारिक आयोजन करने के लिए शुभ दिन है। कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होगा। आमोद-प्रमोद के साथ आपका दिन व्यतीत होगा। नौकरी- व्यवसाय में पदोन्नति और मान-सम्मान प्राप्त होगा। गृहस्थजीवन में आनंद रहेगा।
मकर:
आपका आज का दिन मिश्र फलदायक साबित होगा। बौद्धिक कार्यों और व्यवसाय में नई विचारधारा अमल में लाएंगे। लेखन और साहित्य से संबंधित प्रवृत्तियों में आपकी सृजनात्मकता दिखाई देगी। फिर भी मन के किसी कोने में आपको अस्वस्थता अनुभव होगा। संतानों की समस्याओं से चिंता पैदा होगी।
कुंभ:
नकारात्मक विचारों से मन में हताशा पैदा होगी। इस समय मानसिक उद्वेग और क्रोध की भावना का अनुभव करेंगे। खर्च बढ़़ेगा। वाणी पर संयम न रहने के कारण परिवार में मनमुटाव और झगड़े होने की संभावना है। स्वास्थ्य खराब होगा।
मीन:
आपका आज का दिन सुख-शांति से व्यतीत होगा। व्यापारियों को भागीदारी के लिए उत्तम समय है। पति पत्नी के बीच दांपत्यजीवन में निकटता का अनुभव होगा।

 

बड़ी खबर : विधि-विधान से पूजा कर भाई दूज के पावान पर्व पर बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट

बड़ी खबर : विधि-विधान से पूजा कर भाई दूज के पावान पर्व पर बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट

रूद्रप्रयाग | केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट आज शनिवार को भाई दूज के पावन पर्व पर परंपरानुसार शुभ लग्न में शीतकाल के लिए बंद हो गए।

केदारनाथ धाम के कपाट सुबह 8.00 बजे बंद कर दिए गए। बाबा की डोली धाम से अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए रामपुर पहुंचेगी। जबकि 7 नवंबर को बाबा की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होगी। जहां छह माह तक श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन व पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

सुबह 4 बजे से केदारनाथ मंदिर में बाबा की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई। मुख्य पुजारी बागेश लिंग द्वारा बाबा केदार की विधि-विधान से अभिषेक कर आरती उतारी गई। साथ ही स्वयंभू ज्योतिर्लिंग को समाधि रूप देते हुए लिंग को भस्म से ढक दिया गया। इसके बाद बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति का शृंगार कर चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान किया गया। परंपरानुसार बाबा केदार की मूर्ति को मंदिर परिसर में भक्तों के दर्शनार्थ रखा गया।

सुबह 8:00 बजे ऊखीमठ के एसडीएम जितेंद्र वर्मा व देवस्थानम बोर्ड के अपर कार्याधिकारी की मौजूदगी में केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए गए। साथ ही मंदिर के कपाट की चाबी एसडीएम को सौंप दी गई। इसके बाद बाबा केदार की डोली मंदिर की तीन परिक्रमा करते हुए श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान कर गई।
डोली रुद्रा प्वाइंट, लिनचोली, रामबाड़ा, भीमबली, जंगलचट्टी, गौरीकुंड, सोनप्रयाग में भक्तों को आशीर्वाद देते हुए रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी। 6 नवंबर को डोली रामपुर से प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। 7 नवंबर को बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति को विधि-विधान के साथ शीतकालीन पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान कर दिया जाएगा।

वहीं शनिवार को दोपहर 12:30 बजे यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद होंगे। सुबह शीतकालीन पड़ाव खरसाली से समेश्वर देवता (शनि देव) की डोली अपनी बहन यमुना को लेने धाम पहुंची। पुरोहित प्यारेलाल उनियाल ने बताया कि खरसाली स्थित मां यमुना के मंदिर को सजाने के लिए फूल मंगाए गए हैं। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है।

यमुनोत्री में 50 दिन तक चली यात्रा से यमुनोत्री मंदिर समिति को 5 लाख रुपये की आय हुई है। कोविड के कारण प्रभावित चारधाम यात्रा इस बार 18 सितंबर से शुरू हुई थी। शुक्रवार तक करीब 34 हजार श्रद्धालुओं ने मां यमुना के दर्शन किए।

कपाट बंद होने से एक दिन पहले यमुनोत्री मंदिर समिति ने प्रशासन की मौजूदगी में यमुनोत्री धाम में लगा दानपात्र खोला। समिति के कोषाध्यक्ष प्यारे लाल उनियाल ने बताया कि दानपात्र से मंदिर समिति को पांच लाख 13 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है।

राशिफल: दिनांक 6 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

राशिफल: दिनांक 6 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

आज का राशिफल

मेष राशि- 

आत्मविश्वास तो भरपूर रहेगा, परन्तु मन अशान्त रहेगा। आत्मसंयत रहें। दिनचर्या अव्यवस्थित रहेगी। पिता का साथ मिलेगा। मन में निराशा एवं असन्तोष के भाव रहेंगे। वाणी में कठोरता का प्रभाव रहेगा। माता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। यात्रा पर जाने के योग हैं।

वृष राशि- 

किसी अज्ञात भय से परेशान हो सकते हैं। क्षणे रुष्टा-क्षणे तुष्टा की मनःस्थिति हो सकती है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास से तो परिपूर्ण रहेंगे, लेकिन धैर्यशीलता में कमी भी रहेगी। परिवार के साथ धार्मिक स्‍थान की यात्रा पर जा सकते हैं।

मिथुन राशि- 

वस्त्रों के प्रति रुझान बढ़ सकता है। नौकरी में विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। सन्तान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। आत्मसंयत रहें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन हो सकता है। बातचीत में भी संयत रहें। रहन-सहन कष्टमय रहेगा। सुस्‍वादु खानपान में रुचि रहेगी।

कर्क राशि- 

आशा-निराशा के भाव मन में हो सकते हैं। वाहन सुख में कमी आ सकती है। दाम्पत्य सुख में वृद्धि होगी। धन की प्राप्ति‍ होगी। मानसिक शांति रहेगी। परिवार में धार्मिक कार्य होंगे। आय में वृद्धि होगी। पिता से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धैर्यशीलता में कमी रहेगी।

सिंह राशि- 

मन परेशान रहेगा। आत्मविश्वास में कमी रहेगी। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। सन्तान को कष्ट होगा। मानसिक परेशान‍ियां बन रहेंगी। यात्रा के योग हैं।

कन्या राशि- 

पठन-पाठन में रुचि रहेगी। शैक्षिक या शोधादि कार्यों के सुखद परिणाम मिलेंगे। नौकरी में परिवर्तन की सम्भावना बन रही है। परिवार में अशांति रहेगी। मित्रों के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। रहन-सहन कष्‍टमय हो सकता है। भाइयों के सहयोग से कारोबार में तरक्‍की के योग हैं।

तुला राशि- 

वाणी में मधुरता तो रहेगी परन्तु मन अशान्त रहेगा। धैर्यशीलता बनाये रखने के प्रयास करें। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। कुछ पुराने मित्रों से भेंट हो सकती है। मित्रों के साथ यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। व्‍यापार में लाभ के योग हैं।

वृश्चिक राशि- 

मन शान्त तो रहेगा, परन्तु आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। नौकरी में कार्यक्षेत्र में वृद्धि हो सकती है। परिश्रम अधिक रहेगा। कुटुम्‍ब के किसी बुजुर्ग से धन प्राप्‍ति के योग बन रहे हैं। परिवार में मांगलिक कार्य हो सकते हैं। भवन के रखरखाव पर खर्च हो सकते हैं।

धनु राशि- 

आत्मसंयत रहें। क्रोध एवं आवेश के अतिरेक से बचें। नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग बन रहे हैं। परिवार से दूर रहना पड़ सकता है। भवन सुख में वृद्धि होगी। पिता को स्वास्थ्य विकार हो सकते हैं। यात्रा पर जाना पड़ सकता है। माता से धन की प्राप्‍त‍ि होगी। 

मकर राशि- 

मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। पिता के स्वास्थ्‍य का ध्यान रखें। शैक्षिक कार्यों पर ध्यान दें। वस्त्रों पर खर्च बढ़ सकते हैं। क्रोध की त्रीवता में कमी आएगी, लेकिन मन अशांत रहेगा। कारोबार विस्तार के लिए यात्रा पर जा सकते हैं। यात्रा लाभप्रद रहेगी। म‍ित्रों से भेंट होगी। 

कुंभ राशि- 

आत्मविश्वास में कमी रहेगी। शैक्षिक कार्यों के लिए यात्रा पर जाना पड़ सकता हैं। परिश्रम की अधिकता रहेगी। खर्चों में वृद्धि होगी। मानसिक शान्ति रहेगी। कला एवं संगीत के प्रति रुझान बढ़ सकता है। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। पुराने म‍ित्रों से भेंट होगी।

मीन राशि- 

बातचीत में सन्तुलित रहें। स्वास्थ्‍य के प्रति सचेत रहें। नौकरी में किसी दूसरे सथान पर जाना पड़ सकता है। परिवार के सुख में कमी आयेगी। नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षा एवं साक्षात्कार में सफलता मिलेगी। वस्‍त्रों के खर्च बढ़ सकते हैं। संतान को लेकर मन परेशान हो सकता है।

भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की यम द्वितीया : जानें इस दिन क्या करें, क्या न करें

भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की यम द्वितीया : जानें इस दिन क्या करें, क्या न करें

पौराणिक कथा अनुसार सूर्य पुत्री यमी अर्थात् यमुना ने अपने भाई यम को कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को अपने घर निमन्त्रित कर अपने हाथों से बना स्वादिष्ट भोजन कराया। जिससे यमराज बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने अपनी बहन यमुना से एक वरदान मांगने को कहा।
तब यमुना ने अपने भाई यम से यही वरदान मांगा कि आज के दिन जो बहन अपने भाई को निमन्त्रण कर अपने घर बुलाएं, उन्हें भोजन कराएं और उनके माथे पर तिलक करें तो उन्हें आपका अर्थात् यम का भय ना हो। ऐसा कहने पर यमराज ने अपनी बहन को तथास्तु कहकर यह वरदान प्रदान किया। अत: आज के दिन जो भाई अपनी बहन के यहां भोजन करता है उन भाई-बहनों को यम का भय नहीं होता।

क्या करें-

भाईदूज के दिन बहनें अपने भाई को निमन्त्रित कर उन्हें अपने हाथों से बना स्वादिष्ट भोजन कराएं और तिलक करें। भोजन के उपरान्त अपने भाई को ताम्बूल (पान) भेंट करें। मान्यता है कि ताम्बूल भेंट करने से बहनों का सौभाग्य अखण्ड रहता है।
क्या ना करें-

शास्त्रानुसार आज के दिन जो भाई अपने घर पर ही भोजन करता है उसे दोष लगता है। यदि बहन के घर जाना सम्भव ना हो सके तो किसी नदी के तट या गाय को अपनी बहिन मानकर उसके समीप भोजन करना श्रेयस्कर रहता है।

यमुना स्नान-

ऐसी मान्यता है कि यम द्वितीया के दिन जो भाई-बहन यमुना स्नान करते हैं उन्हें यमराज का भय नहीं होता एवं उन्हें यमलोक नहीं जाना पड़ता।

भाई दूज तिलक का शुभ समय :

1 बजकर 10 मिनट 12 सेकंड से प्रारंभ होकर 03 बजकर 21 मिनट से 29 सेकंड तक रहेगा।
भाई दूज के शुभ मुहूर्त :
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:19 से दोपहर 12:04 तक।
विजय मुहूर्त- दोपहर
01:32 से 02:17 तक।
अमृत काल मुहूर्त- दोपहर 02:26 से 03:51 तक।
गोधूलि मुहूर्त- शाम 05:03 से 05:27 तक।
सायाह्न संध्या मुहूर्त- शाम 05:14 से 06:32 तक।
निशिता मुहूर्त- रात्रि 11:16 से 12:08 तक।
भाई दूज कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया को मनाई जाती है।

 

कल शनिवार को है भाई दूज, बहन को दें राशि अनुसार उपहार तो बढ़ेगा विश्वास और प्यार

कल शनिवार को है भाई दूज, बहन को दें राशि अनुसार उपहार तो बढ़ेगा विश्वास और प्यार

भाई दूज का उपहार राशि अनुसार

भाई दूज के दिन यमराज जी अपनी बहन यमुना जी से मिलने आते हैं। इस दिन जो भाई-बहन यमुना जी में स्नान करते है, उनको यमराज जी यमलोक की यातना नहीं देते उन्हें विष्णु-लोक की प्राप्ति होती है।

आज के दिन अपनी बहन को उनकी राशि अनुसार भेंट दें, इससे आपसी रिश्तों में मिठास आएगी और दोनों के लिए यह शुभ होगा।

* मेष- ऊन के वस्त्र दें व लाल साड़ी दें।

* वृषभ- चांदी की वस्तु भेंट दें।

* मिथुन- लहरियां साड़ी भेंट दें।

* कर्क- वस्त्र के साथ पंचधातु की वस्तु भेंट दें।

* सिंह- ताम्रपात्र व लाल कंगन दान दें।

* कन्या- खिले हुए फूल का गुलदस्ता व हरी साड़ी भेंट दें।

* तुला- सफेद ऊन व चावल की भेंट दें।

* वृश्चिक- अष्टधातु की वस्तु व गुलाबी साड़ी का दान दें।

* धनु- पीतल की वस्तु व पीले वस्त्र भेंट दें।

* मकर- रसोई किचन संबंधी पात्र भेंट दें।

* कुंभ- बिजली संबंधी वस्तु भेंट दें।

* मीन- आसमानी रंग के वस्त्र भेंट दें।

 

दिवाली के बाद अन्नकूट महोत्सव क्यों मनाया जाता है, खुश नहीं रहेंगे तो होगा नुकसान

दिवाली के बाद अन्नकूट महोत्सव क्यों मनाया जाता है, खुश नहीं रहेंगे तो होगा नुकसान

कार्तिक माह में अमावस्या के दूसरे दिन प्रतिपदा के दिन गोवर्धन पूजा का पर्व रहता है। इस बार यह त्योहार 5 नंवबर 2021 शुक्रवार को रखा जाएगा। इसी दिन अन्नकूट महोत्सव भी मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है, अन्नकूट महोत्सव क्यों मनाया जाता है और क्यों खुश रहना जरूरी है इस दिन, जानिए।
क्यों मनाया जाता है अन्नकूट महोत्सव :
एक बार इंद्र ने कूपित होकर ब्रजमंडल में मूसलधार वर्षा की। इस वर्षा से ब्रजवासियों को बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने 7 दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी अंगुली पर उठाकर इन्द्र का मान-मर्दन किया किया था। उस पर्वत के नीचे 7 दिन तक सभी ग्रामिणों के साथ ही गोप-गोपिकाएं उसकी छाया में सुखपूर्वक रहे। फिर ब्रह्माजी ने इन्द्र को बताया कि पृथ्वी पर विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में जन्म ले लिया है, उनसे बैर लेना उचित नहीं है। यह जानकर इन्द्रदेव ने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा-याचना की। भगवान श्रीकृष्ण ने 7वें दिन गोवर्धन पर्वत को नीचे रखा और हर वर्ष गोवर्धन पूजा करके अन्नकूट उत्सव मनाने की आज्ञा दी। तभी से यह उत्सव 'अन्नकूट' के नाम से मनाया जाने लगा।
इस दिन खुश रहना जरूरी :
अन्नकूट पर्व मनाने से मनुष्य को लंबी आयु तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है साथ ही दारिद्रय का नाश होकर मनुष्य जीवनपर्यंत सुखी और समृद्ध रहता है। ऐसा माना जाता है कि यदि इस दिन कोई मनुष्य दुखी रहता है तो वह वर्षभर दुखी ही रहेगा। इसलिए हर मनुष्य को इस दिन प्रसन्न रहकर भगवान श्रीकृष्णष के प्रिय अन्नकूट उत्सव को भक्तिपूर्वक तथा आनंदपूर्वक मनाना चाहिए।
छप्पन भोग :
द्वापर में अन्नकूट के दिन इंद्र की पूजा करके उनको छप्पन भोग अर्पित किए जाते थे लेकिन ब्रजवासियों ने श्रीकृष्ण के कहने पर उस प्रथा को बंद करके इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा करने लगे और गोवर्धन रूप में भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगाने लगे। इस दिन घर और मंदिरों में विविध प्रकार की खाद्य सामग्रियों से भगवान को भोग लगाया जाता है। इस दिन गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाकर उसके समीप विराजमान कृष्ण के सम्मुख गाय तथा ग्वाल-बालों की रोली, चावल, फूल, जल, मौली, दही तथा तेल का दीपक जलाकर पूजा और परिक्रमा की जाती है।
गोवंश की पूजा :
ग्रामीण क्षेत्र में अन्नकूट महोत्सव इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन नए अनाज की शुरुआत भगवान को भोग लगाकर की जाती है। इस दिन गाय-बैल आदि पशुओं को स्नान कराके धूप-चंदन तथा फूल माला पहनाकर उनका पूजन किया जाता है और गौमाता को मिठाई खिलाकर उसकी आरती उतारते हैं तथा प्रदक्षिणा भी करते हैं।
 

दिवाली पर इस तरह करें लक्ष्मी-गणेश की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और सामग्री

दिवाली पर इस तरह करें लक्ष्मी-गणेश की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और सामग्री

प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। बुद्धि के दाता, विघ्नहर्ता श्री गणेश और धन-ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए दिवाली का दिन बहुत खास माना गया है। आपके घर और ऑफिस पर पूजा-पाठ का पूर्ण लाभ मिल सके इसके लिए आवश्यक है कि श्रद्धा भक्ति के साथ हम सब दीपावली पूजन सच्चे मन से करने साथ ही वास्तु नियमों को ध्यान में रखकर सही तरीके से भी पूजा-आराधना करें। पूजा में वास्तु के कुछ नियमों को ध्यान में रखेंगे तो पूजा का अपेक्षित लाभ मिलेगा।
इस दिशा में करें लक्ष्मी-गणेश पूजन
अक्सर इस बात को लेकर लोगों में संशय रहता है कि दिवाली की पूजा किस दिशा में की जाए ? दीपावली पूजन उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में करना शुभ माना गया है,क्योंकि वास्तु में उत्तर दिशा को धन की दिशा माना गया है। पूजन करते समय साधक का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा चूंकि धन की दिशा है इसलिए यह क्षेत्र यक्ष साधना (कुबेर),लक्ष्मी पूजन और गणेश पूजन के लिए आदर्श स्थान है।
कैसी होनी चाहिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां
ध्यान रहे दीपावली पूजन में मिट्टी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां अथवा चित्र आदि छवियां नई होनी चाहिए। चांदी की मूर्तियों को साफ करके पुनः पूजा के काम में लिया जा सकता है। लक्ष्मी जी का वह चित्र लाकर पूजा करें जिसमें वे उनके एक ओर श्रीगणेश और दूसरी ओर सरस्वती मां विराजमान हो तथा माता लक्ष्मी दोनों हाथों से धन बरसा रही हों, धन प्राप्ति के लिए इस तरह का चित्र लगाना बहुत शुभ होता है।
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यदि बैठी हुई देवी लक्ष्मी का चित्र ला रहे हैं तो लक्ष्मी मां का वह चित्र लेकर आएं, जिसमें लक्ष्मीजी लाल वस्त्र पहन कर कमल के आसन पर विराजमान हों। मां सरस्वती,मां लक्ष्मी और गणेशजी इनके दोनों तरफ हाथी अपनी सूंड को उठाए हुए हौं। इस तरह के चित्र का पूजन करने से मां लक्ष्मी सदैव आपके घर में विराजमान रहेंगी।
दीपावली की पूजा में घी या तेल के दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, घर के सदस्यों को यश एवं प्रसिद्धि मिलती है। दीपावली के दिन लक्ष्मी जी की पूजा के दीपक उत्तर दिशा में रखने से घर के रुके हुए कार्य पूर्ण होती है,घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती।
लक्ष्मी-गणेश पूजन सामग्री :
पूजन कलश व अन्य पूजन सामग्री जैसे- खील पताशा,सिन्दूर,गंगाजल,अक्षत-रोली,मोली,फल-मिठाई,पान-सुपारी,इलाइची आदि उत्तर और उत्तर-पूर्व में ही रखा जाना शुभ फलों में वृद्धि करेगा। देवी लक्ष्मी को लाल रंग अत्यधिक प्रिय है। लाल रंग को वास्तु में भी शक्ति और शौर्य का प्रतीक माना गया है अतः माता को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र, श्रृंगार की वस्तुएं एवं पुष्प यथासंभव लाल रंग के होने चाहिए। इसी प्रकार गणेशजी के पूजन में दूर्वा, गेंदा और गुलाब के फूलों का प्रयोग शुभ माना गया है।
देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रसन्नता के लिए भोग में खीर, बूंदी के लड्डू या फिर मावे से बनी हुई मिठाई रखें। पूजन कक्ष के द्वार पर सिन्दूर या रोली से दोनों तरफ स्वास्तिक बना देने से घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं। दीपावली पूजन में श्रीयंत्र, कौड़ी एवं गोमती चक्र की पूजा सुख-समृद्धि को आमंत्रित करती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार शंख ध्वनि व घंटानाद करने से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और आस-पास का वातावरण शुद्ध और पवित्र होकर मन-मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
दिवाली 2021 लक्ष्मी-गणेश पूजा मुहूर्त :
लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त- 06:10 PM से लेकर 08:06 PM तक
लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल मुहूर्त – 05:35 PM से 08: 10 PM तक
लक्ष्मी पूजा निशिता काल मुहूर्त – 11:38 PM से 12:30 AM तक
अमावस्या तिथि प्रारम्भ – नवम्बर 04, 2021 को 06:03 AM बजे
अमावस्या तिथि समाप्त – नवम्बर 05, 2021 को 02:44 AM बजे
लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त:
प्रातः मुहूर्त (शुभ) – 06:35 AM से 07:58 AM
प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) – 10:42 AM से 02:49 PM
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) – 04:11 PM से 05:34 PM
शाम का मुहूर्त (अमृत, चर) – 05:34 PM से 08:49 PM
रात्रि मुहूर्त (लाभ) – 12:05 AM से 01:43 AM
 

राशिफल: दिनांक 4 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

राशिफल: दिनांक 4 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

 आज का राशिफल

मेष:
 
आर्थिक और व्यावसायिक रूप से आज का दिन लाभदायक है। आर्थिक लाभ मिलेगा। लंबे समय का वित्तीय आयोजन भी कर सकेंगे। शरीर और मन से स्वस्थ रहेंगे। मित्रों और पारिवारिक सदस्यों के साथ खूब आनंद में दिन व्यतीत होगा। लोकहित का कार्य आपके हाथ से होगा।
वृष:
विचारों की विशालता और वाणी का जादू आज अन्य को प्रभावित और मंत्रमुग्ध करेगा। लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रहेगा। बौद्धिक चर्चा या वाद-विवाद में सफलता मिलेगी। वाचन एवं लेखन में अभिरुचि बढ़ेगी। विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है। परिश्रम के अनुपात में कम सफलता मिलने पर भी निष्ठापूर्वक आप आगे बढ़ेंगे।
मिथुन:
महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने में आप द्विधा अनुभव करेंगे। माता और स्त्रियों के मामले में अधिक संवेदनशील बनेंगे। विचारों की भरमार से मानसिक थकान अनुभव करेंगे। अनिद्रा के कारण शारीरिक अस्वस्थता रहेगी। हो सके तो प्रवास टालें।
कर्क:
कार्य की सफलता और नए कार्य के शुभारंभ के लिए आज का दिन अच्छा रहेगा। मित्रों तथा स्वजनों के साथ की मुलाकात से आप खुशहाल रहेंगे। लघु यात्रा का योग है। भाई-बंधुओं से मेलजोल बना रहेगा। प्रिय व्यक्ति के सानिध्य से मन रोमांचित बनेगा। आर्थिक लाभ तथा समाज में आदर सम्मान मिलेगा। आज प्रेम के बंधन में बंधेंगे।
सिंह:
दूर बसने वाले स्नेहीजन तथा मित्रों के साथ के संदेश व्यवहार से आपको लाभ होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। उत्तम भोजन की प्राप्ति होगी। अपनी वाकपटुता से किसी के मन को जीत सकते हैं। निर्धारित काम में सफलता मिलेगी। स्त्री मित्र आपको सहायक साबित होंगी।
कन्या:
वैचारिक समृद्धि और वाणी की मोहकता से आपको लाभ होगा। व्यवसाय की दृष्टि से आज का दिन लाभदायक साबित होगा। आपका स्वास्थ्य बना रहेगा और मन भी स्वस्थ रहेगा। सगे- संबंधियों के साथ मुलाकात होगी औऱ सुख-आनंद की प्राप्ति होगी। धन लाभ तथा पर्यटन का योग है।
तुला:
आपकी वाणी और व्यवहार को संयम में रखना पड़ेगा। अन्य व्यक्तियों या कुटुंबीजनों के साथ उग्र बोलाचाल होने की संभावना है। परोपकार का बदला उपकार से मिल सकता है। आय की अपेक्षा खर्च की मात्रा बढ़ेगी। तबीयत का ध्यान रखें। दुविधाएं और समस्याएं मन की शांति हर लेंगी।
वृश्चिक:
आप गृहस्थजीवन में सुख और संतोष की अनुभूति करेंगे। पत्नी तथा पुत्र की तरफ से शुभ समाचार मिलेगा। मांगलिक कार्य होंगे। विवाह के लिए संयोग बनेंगे। नौकरी धंधे में अच्छे अवसर खड़े होने से आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ पिकनिक का आयोजन होगा। स्त्री मित्रों से लाभ होने का योग है।
धनु:
आर्थिक और व्यापारिक आयोजन करने के लिए शुभ दिन है। कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होगा। आमोद-प्रमोद के साथ आपका दिन व्यतीत होगा। नौकरी- व्यवसाय में पदोन्नति और मान-सम्मान प्राप्त होगा। गृहस्थजीवन में आनंद रहेगा।
मकर:
आपका आज का दिन मिश्र फलदायक साबित होगा। बौद्धिक कार्यों और व्यवसाय में नई विचारधारा अमल में लाएंगे। लेखन और साहित्य से संबंधित प्रवृत्तियों में आपकी सृजनात्मकता दिखाई देगी। फिर भी मन के किसी कोने में आपको अस्वस्थता अनुभव होगा। संतानों की समस्याओं से चिंता पैदा होगी।
कुंभ:
नकारात्मक विचारों से मन में हताशा पैदा होगी। इस समय मानसिक उद्वेग और क्रोध की भावना का अनुभव करेंगे। खर्च बढ़़ेगा। वाणी पर संयम न रहने के कारण परिवार में मनमुटाव और झगड़े होने की संभावना है। स्वास्थ्य खराब होगा।
मीन:
आपका आज का दिन सुख-शांति से व्यतीत होगा। व्यापारियों को भागीदारी के लिए उत्तम समय है। पति पत्नी के बीच दांपत्यजीवन में निकटता का अनुभव होगा।
Narak Chaturdashi 2021: भूलकर भी ना करें ये काम, नहीं तो रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी

Narak Chaturdashi 2021: भूलकर भी ना करें ये काम, नहीं तो रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी

नरक चतुर्दशी को छोटी दीपावली भी कहा जाता है. इसे छोटी दीपावली इसलिए कहते है क्योंकि दीपावली से एक दिन पहले, रात के वक्त उसी प्रकार दीए की रोशनी से रात के तिमिर को प्रकाश पुंज से दूर भगा दिया जाता है जैसे दीपावली की रात को. इस रात दीए जलाने की प्रथा के संदर्भ में कई पौराणिक कथाएं और लोकमान्यताएं हैं. एक कथा के अनुसार आज के दिन ही भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी और दुराचारी नरकासुर का वध किया था और सोलह हजार एक सौ कन्याओं को नरकासुर के बंदी गृह से मुक्त कर उन्हें सम्मान प्रदान किया था. इस उपलक्ष में दीयों की बारत सजायी जाती है.


नरक चतुर्दशी के दिन ना करें ये काम
– नरक चतुर्दशी के दिन भूलकर भी देर से सोकर नहीं उठना चाहिए. ऐसा करने से लक्ष्मी रुष्ट हो जाती है और घर में दरिद्रता आती है.
– इस दिन कभी भी घर को पूरी तरह से बंद करके नहीं जाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इस दिन घर के मुख्य द्वार से माता लक्ष्मी का प्रवेश होता है और बंद घर से वो वापस लौट जाती हैं.
– नरक चतुर्दशी के दिन मांसाहार न करें. ऐसा माना जाता है कि इस दिन जीव जंतुओं को हानि पहुंचाने और मांसाहार करने से लक्ष्मी जी नाराज हो जाती हैं.
– नरक चतुर्दशी के दिन भूलकर भी झाड़ू को पैर न मारें.
– इस दिन लड़ाई-झगड़ा न करें. ऐसा करने से लक्ष्मी जी की कृपा दृष्टि नहीं होती है.
– इस दिन घर की दक्षिण दिशा में भूलकर भी गन्दगी इकट्ठी नहीं करनी चाहिए. इसे यम की दिशा माना जाता है और इसे गंदा रखने से यमराज नाराज होते हैं.
– नरक चतुर्दशी के दिन कभी भी तेल का दान नहीं करना चाहिए. इससे घर की लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं.

नरक चतुर्दशी 2021 समय
नरक चतुर्दशी तिथि आरंभ प्रातः 03 नवंबर 2021 प्रातः 09:02
नरक चतुर्दशी तिथि समाप्त प्रातः 04 नवंबर 2021 प्रातः 06:03
यह त्यौहार नरक चौदस या नर्क चतुर्दशी या नर्का पूजा के नाम से भी प्रसिद्ध है. मान्यता है कि कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन प्रातःकाल तेल लगाकर अपामार्ग (चिचड़ी) की पत्तियाँ जल में डालकर स्नान करने से नरक से मुक्ति मिलती है. विधि-विधान से पूजा करने वाले व्यक्ति सभी पापों से मुक्त हो स्वर्ग को प्राप्त करते हैं.

नरक चतुर्दशी पर करें हनुमान जी से जुड़े ये उपाय, संकट मोचन हर लेंगे सारे संकट

नरक चतुर्दशी पर करें हनुमान जी से जुड़े ये उपाय, संकट मोचन हर लेंगे सारे संकट

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी का त्योहार मनाया जाता है। वैसे तो यह पर्व दिवाली से एक दिन पूर्व मनाया जाता है लेकिन इस वर्ष तिथि ह्रास की वजह से पंचांग मतभेद है जिस वजह से कुछ जातक 3 नवंबर को नरक चतुर्दशी का पर्व मनाएंगे और कुछ जातक 4 नवंबर को यह पर्व मनाएंगे। नरक चतुर्दशी को वैसे तो कई अन्य नाम जैसे रूप चौदस, काली चौदस, रूप चतुर्दशी और छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि नरक चतुर्दशी पर यमदेव के अलावा हनुमान जी की पूजा का भी करने विधान माना गया है। वाल्मीकि रचित रामायण के अनुसार हनुमानजी का जन्म कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मंगलवार के दिन हुआ था। इसलिए ऐसा माना जाता है कि नरक चतुर्दशी के दिन हनुमान जी की पूजा आपको शुभ फल प्रदान करती है। हनुमान जी संकटमोचन माने जाते हैं। अगर आप भी किसी संकट से जूझ रहे हैं तो नरक चतुर्दशी पर यह आसान से उपाय जरूर करें। यदि अंजनी पुत्र आपके इन उपायों से प्रसन्न होंगे तो आपकी हर पीड़ा से आपको छुटकारा मिलेगा।


हनुमान जी को प्रसन्न करने के उपाय
आइए जानते हैं वो कौन से सरल उपाय हैं जिनसे आपकी समस्याओं का समाधान मिलेगा-


हनुमान जी को पान का बीड़ा अर्पित करें
ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी को पां बहुत पसंद है। इसलिए आप उन्हें पान अर्पित कर सकते हैं। पान के इस विशेष बीड़े में सभी मुलायम चीजें जैसे खोपरा बूरा, गुलकंद, बादाम कतरी आदि डलवाएं। यदि आप श्रद्धापूर्वक उन्हें पान का बीड़ा अर्पित करेंगे तो वे आपकी हर फरियाद को सुनेंगे और आपके संकटों को दूर करेंगे।


देसी घी की रोटी का भोग लगाएं
अगर आप बुरे समय से गुजर रही हैं तो इससे उबरने के लिए उन्हें पांच देसी घी की रोटी का भोग लगाएं। इससे आपका बुरा समय जल्द ही समाप्त होगा और दुश्मनों से छुटकारा मिल जाएगा।


राम नाम की माला अर्पित करें
यदि आप आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं और आपको कहीं से कोई आसार नजर नहीं या रहा है तो आप छोटी दिवाली के दिन पीपल के 11 पत्तों पर श्रीराम का नाम लिखकर उसकी माला बनाकर हनुमान जी को पहनाएं। साथ ही उनसे अपनी समस्या के समाधान की प्रार्थना करें।


चोला चढ़ाएं
हनुमान जी को चोला अति प्रिय होता है। इसे चढ़ाने वाले के वे सारे संकटों को हर लेते हैं। यदि आपकी समस्याओं का अंत नहीं हो रहा है तो हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय श्रीराम का नाम जपें. इसके अलावा संकटमोचन को बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और एक नारियल को अपने सिर से 7 बार वारकर हनुमान जी के चरणों में रख दें। ऐसा करने से आपके जीवन में काफी बदलाव आएंगे और धीरे धीरे आपको हर संकट से मुक्ति मिलना शुरू हो जाएगी।

नरक चतुर्दशी 2021 : इस दिन 6 देवों की पूजा से मिलेगा आयु और आरोग्य का शुभ वरदान

नरक चतुर्दशी 2021 : इस दिन 6 देवों की पूजा से मिलेगा आयु और आरोग्य का शुभ वरदान

Diwali के पांच दिनी उत्सव में नरक चतुर्दशी धन तेरस के बाद मनाई जाती है। इसे रूप चौदस भी कहते हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर उबटन, तेल आदि लगाकर स्नान करना चाहिए एवं शाम के समय यम का दीपक लगाना चाहिए। नरक चौदस के दिन 6 देवों की पूजा की जाती है।
1. नरक चतुर्दशी :
इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था इसलिए इसे नरक चतुर्दशी कहते हैं। अत: इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा उनकी पत्नी सत्यभामा के साथ की जाती है।
2.शिव चतुर्दशी :
यह दिन भगवान शिव का दिन भी होता है इसलिए इसे शिव चतुर्दशी भी कहते हैं। इस दिन शिवजी की पूजा भी की जाती है।
3.वामन पूजा :
इस दिन भगवान वामन ने राजा बलि को पाताल लोक का राजा बनाकर चिरंजीवी होने के वरदान के साथ ही यह वरदान भी दिया था कि तेरा राज्य में जो यम को दीपदान देगा उसके पितर कभी नरक में नहीं होंगे।
4.यम पूजा :
इस दिन को यम के नाम से भी जानते हैं। इसीलिए इस दिन शाम होने के बाद घर में और उसके चारों ओर दिए जलाए जाते है और यमराज से आकाल मृत्यु से मुक्ति और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं।
5.हनुमान जयंती :
कुछ विद्वानों अनुसार इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ था इसलिए इस दिनहनुमानजी की पूजा भी की जाती है।
6.काली चौदस :
बंगाल में मां काली के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है, जिसके कारण इस दिन को काली चौदस कहा जाता है। इस दिन मां काली की आराधना का विशेष महत्व होता है।


 

नरक चतुर्दशी पर क्यों करते हैं भगवान वामन की पूजा और दीपदान, जानिए

नरक चतुर्दशी पर क्यों करते हैं भगवान वामन की पूजा और दीपदान, जानिए

कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी कहते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्णे, यमदेव और माता काली की पूजा होती है। परंतु इस दिन दक्षिण भारत में वामन पूजा होती है। इस बार नरक चतुर्दशी का पर्व 3 नवंबर 2021 को मनाया जाएगा।
प्रचलित मान्यता के अनुसार इस दिन दक्षिण भारत में वामन पूजा होती है। कहते हैं कि इस दिन राजा बलि (महाबली) को भगवान विष्णु ने वामन अवतार में हर साल उनके यहां पहुंचने का आशीर्वाद दिया था। इसी कारण से वामन पूजा की जाती है।

इसकी कथा इस प्रकार है कि जब दो पग में भगवान वामन ने संपूर्ण त्रैलोक्य नाप लिया तो उन्होंने राजा बलि से कहा कि अब मैं अपना तीसरा पग कहां रखूं तो राजा बलि ने कहा कि प्रभु अब तो मेरा सिर ही बचता है। यह सुनकर भगवान प्रसन्न हुए और उन्होंने कहा कि वर मांगों।
तब अनुसरराज बलि बोले, हे भगवन! आपने कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से लेकर अमावस्या की अवधि में मेरी संपूर्ण पृथ्वी नाप ली है, इसलिए जो व्यक्ति मेरे राज्य में चतुर्दशी के दिन यमराज के निमित्त दीपदान करेगा, उसे यम यातना नहीं होनी चाहिए और जो व्यक्ति इन तीन दिनों में दीपावली का पर्व मनाए, उनके घर को लक्ष्मीजी कभी न छोड़ें। ऐसे वरदान दीजिए।
यह प्रार्थना सुनकर भगवान वामन बोले- राजन! ऐसा ही होगा, तथास्तु। भगवान वामन द्वारा राजा बलि को दिए इस वरदान के बाद से ही नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के निमित्त व्रत, पूजन और दीपदान का प्रचलन आरंभ हुआ।

 

नरक चतुर्दशी पर यहां पर जलाएं 14 दीपक, जीवन सुधर जाएगा, होगा बहुत ही शुभ

नरक चतुर्दशी पर यहां पर जलाएं 14 दीपक, जीवन सुधर जाएगा, होगा बहुत ही शुभ

Narak Chaturdashi 2021: धनतेरस अर्थात धन त्रयोदशी के दिन 13 और नरक चतुर्दशी के दिन 14 दीपक जलाने की परंपरा है। नरक चतुर्दशी के दिन घर में मुख्यीत: पांच दीये जलाने का प्रचलन है। इनमें से एक दीया घर के पूजा पाठ वाले स्थान, दूसरा रसोई घर में, तीसरा उस जगह जलाना चाहिए जहां हम पीने का पानी रखते हैं, चौथा दीया पीपल या वट के पेड़ तले रखना चाहिए। वहीं पांचवां दीया घर के मुख्य द्वार पर जलाना चाहिए। घर के मुख्य द्वार पर जलाया जाए वह दीया चार मुंह वाला होना चाहिए और उसमें चार लंबी बत्तियों को जलाना चाहिए।
इसके अलावा आप और भी दीए जलाना चाहें तो 7, 13, 14 या 17 की संख्यां में दीए जला सकते हैं। कई लोग छोटी दिवाली के दिन 14 दीपक जलाते हैं। निम्नलिखित जानकारी मान्यता और किवदंतियों पर आधारित है। परंपरा यह देख गया है कि हर राज्य में अलग अलग मान्यताएं हैं कोई समय संख्यां में तो कोई विषम संख्या में दीपक जलाता है परंतु उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि किस जगह पर किसके निमित्त दीपक जलाया जा रहा है।
1. पहला दीया रात में सोते वक्त यम का दिया जो पूराना होता है और जिसमें सरसों का तेल डालकर उसे घर से बाहर दक्षिण की ओर मुख कर कूड़े के ढेर के पास रखा जाता है।

2. दूसरा दीया किसी सुनसान देवालय में रखा जाता है जोकि घी का दिया होता है। इसे जलाने से कर्ज से मुक्ति मिलती है।
3. तीसरा दीया माता लक्ष्मी के समक्ष जलाते हैं।
4. चौधा दीया माता तुलसी के समक्ष जलाते हैं।

5. पांचवां दीया घर के दरवाजे के बाहर जलाते हैं।

6. छठा दीया पीपल के पेड़ के नीचे जलाते हैं।

7. सातवां दीया किसी मंदिर में जलाकर रख दें।
8. आठवां दीया घर में कूड़ा कचरा रखने वाले स्थान पर जलाते हैं।
9. नौवां दीया घर के बाथरूम में जलाते हैं।

10. दसवां दीया घर की छत की मुंडेर पर जलाते हैं।

11. ग्यारहवां दीया घर की छत पर जलते हैं।

11. बारहवां दीया घर की खिड़की के पास जलाते हैं।

13. तेरहवां दीया- घर की सीढ़ियों पर जलाते हैं या बरामदे में।

14. चौदहवां दीया रसोई में या जहां पानी रखा जाता है वहां जलाकर रखते हैं।

 

राशिफल: दिनांक 3 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

राशिफल: दिनांक 3 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

आज का राशिफल
मेष:
आप का दिन आर्थिक एवं व्यावसायिक दृष्टिकोण से लाभदायी रहेगा। धन लाभ के साथ आप लंबी अवधि के लिए धन का आयोजन भी कर पाएँगे। अगर आप व्यापार के साथ जुड़े हुए हों तो उसके विस्तार की योजना बना पाएंगे।
वृषभ :
आप अपनी वाणी से किसी को मंत्रमुग्ध कर लाभ ले पाएंगे तथा मेलजोल के संबंध बना सकेंगे। आपकी वैचारिक समृद्धि में बढ़ोतरी होगी, तथा आप का मन प्रफुल्लित रहेगा। आप किसी शुभ कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे। आज मेहनत की अपेक्षा परिणाम कम मिलने पर भी दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ पाएंगे।
मिथुन:
आज आपके मन में भांति-भांति के विचारों की तरंगे उठेंगी। आप उन विचारों में खोए रहेंगे। आज बौद्धिक कार्यों में जुडऩा पडेगा, लेकिन वादविवाद में न उतरने की गणेशजी सलाह देते हैं। आज आप संवेदनशील रहेंगे। विशेषकर माता एवं स्त्री संबंधित विषयों में अधिक भावुक रहेंगे।
कर्क :
आज आपका दिन शुभ रहेगा। नए कार्य प्रारंभ करने के लिए दिन शुभ है। मित्र एवं स्वजनों से भेंट होगी। प्रियजनों से सुख एवं आनंदप्राप्ति होगी। पर्यटन के लिए मित्र तथा परिवारजनों के साथ योजना बन सकती है। मन में प्रसन्नता छाई रहेगी।
सिंह:
आज का आपका दिन मध्यम फलदायी कहा जा सकता है। व्यय अधिक होगा। दूर सदूर के लोगों से संदेश-व्यवहार से लाभ होगा। आज परिवारवालों का अच्छा सहकार मिलेगा। स्त्री मित्र भी आपके सहायक होंगे। आंख या दांत संबंधी पीडा़ में राहत का अनुभव होगा।
कन्या :
आपका दिन मध्यम फलदायी होगा। विचारों की समृद्धि बढ़ेगी। लाभकारी तथा मेलजोल भरे संबंध आप वाणी की सहायता से बना सकेंगे। व्यावसायिक रूप से दिन लाभदायी रहेगा। आप का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक लाभ ले सकेंगे। सुख और आनंद की प्राप्ति होगी। शुभ समाचार मिलेंगे। आनंददायी प्रवास होगा।
तुला :
असंयमित या अविचारी वर्तन आपको परेशानी में डाल सकता है। अत: ऐसे व्यवहार से बचें। दुर्घटना से सावधान रहें। खर्च अधिक रहेगा। व्यावसायिक व्यक्तियों के साथ उग्र विवाद होने की संभावना है, इसलिए वाणी पर संयम रखें। वाद-विवाद में ना फंसे, कोर्ट-कचहरी के कार्य में सावधानी बरतें।
वृश्चिक :
आपका आज का दिन लाभदायी रहेगा। नौकरी-व्यवसाय में लाभ प्राप्त होगा। मित्रों के साथ भेंट हो सकती है तथा प्राकृतिक स्थल पर घूमने की योजना भी बन सकती है। विवाह योग्य युवक-युवतियों को योग्यपात्र मिल सकते हैं। पुत्र तथा पत्नी से लाभ होगा।
धनु :
आज का आपका दिन शुभ है। आप में परोपकार की भावना रहने से अन्य लोगों को सहायता करने के लिए आप उत्सुक रहेंगे। व्यापार में भी आपका आयोजन व्यवस्थित होगा। व्यापार के कारण बाहर कहीं प्रवास हो सकता है। ऊपरी अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। पदोन्नति की संभावना है।
मकर :
आज का दिन मध्यम फलदायी होगा। बौद्घिक तथा लेखनकार्य से जुडी़ हुई प्रवृत्ति में आप सक्रिय रहेंगे। साहित्य में नवीन सृजन करने का योजना भी कर सकेंगे। परंतु फिर भी मानसिक उद्वेग से आप परेशान रह सकते हैं। स्वास्थ्य की दृष्टि से कुछ थकान या आलस्य का अनुभव हो सकता है। संतानो की पढ़ाई-लिखाई तथा स्वास्थ्य के विषय में चिंता रहेगी।
कुंभ:
अत्यधिक विचार और क्रोध आपकी मानसिक स्वस्थता में खलल पहुंचाएंगे। स्वास्थ्य खराब होगा। परिवार में खटराग होने की संभावना रहेगी। खर्च की मात्रा बढऩे से आर्थिक तंगी का अनुभव होगा। इष्टदेव की आराधना करने से आप राहत महसूस करेंगे।
मीन :
आज व्यापारियों के लिए खूब उज्ज्वल भविष्य देखते हैं। व्यवसाय में भागीदारी करने के लिए भी शुभ समय है। साहित्य सृजक, कलाकार और कारीगर अपनी सृजनात्मकता निखार सकेंगे और आदर पाएंगे। पार्टी, पिकनिक के माहौल में मनोरंजन प्राप्त कर सकेंगे। दांपत्यजीवन का भरपूर आनंद ले सकेंगे। नए वस्त्राभूषण या वाहन की खरीदारी होगी।

 

कभी ना करें ये गलतियां, नहीं तो मां देवी लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

कभी ना करें ये गलतियां, नहीं तो मां देवी लक्ष्मी हो जाएंगी नाराज

मां लक्ष्मी जिस घर से खुश रहती हैं, वहां हमेशा वास करती हैं. धर्म शास्त्रों की मानें तो माता लक्ष्मी धन, संपत्ति और वैभव को बरसाती हैं, लेकिन वह चंचल स्वभाव की होती हैं. ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह कहीं भी टिक कर नहीं रहती है. जिस पर भी मां लक्ष्मी की कृपा होती है उसको कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है..
इतना ही नहीं कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं, जिनको करने से मां लक्ष्मी हमेशा के लिए घर छोड़कर चली जाती हैं. ऐसे में आप सभी के लिए ये जानना बेहद आवश्यक है कि वो कौन से कारण हैं जिनसे मां लक्ष्मी घर से चली जाती हैं, तो आप कभी भी उन गलतियों को ना करें.
भूल कर भी ना रखें जूठे बर्तन
अक्सर लोग घर में जूठे बर्तनों को फैला देते हैं. या फिर रात के समय जूठे बर्तनों को रख देते हैं और सुबह उनको धुलते हैं, लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं होता है. कभी भी घर में जूठे बर्तनों को नहीं रखना चाहिए.इससे लक्ष्मी मां की कृपा बंद हो जाती है. रात में हमेशा ही रसोई को साफ करके ही सोना चाहिए.
घर में ना ऱखें बेकार सामान
वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा के अधिष्ठित देवता कुबेर और धन की देवी माता लक्ष्मी हैं जो धन और समृद्धि के द्योतक हैं. ऐसे में कभी भी घर में कूड़ा या बेकार का सामान नहीं रखना चाहिए, खास तक उत्तर दिशा में तो कभी भी नहीं.घर में कभी भी उत्तर दिशा में गंदगी को भी जमा नहीं करना चाहिए.
चूल्हे पर ना रखें बर्तन
रसोई घर में चूल्हे पर कभी भी खाली बर्तन को नहीं रखना चाहिए, ये अशुभ होता है. रसोईघर के चूल्हे को साफ-सुथरा रखना चाहिए, इससे साफ सफाई करवानी चाहिए. पुराणों में बताया गया है कि चूल्हे पर खाली बर्तन रखकर छोड़ने से घर में दरिद्रता का वास होता है, अगर घर में खाली बर्तन चूल्हे पर रखते हैं तो इससे कभी बरकत नहीं होती है.
समय से लगाएं झाड़ू
जहां तक हो आप सूर्य के पहले ही घर में झाड़ू पोछा कर लें. अगर बाद घर में झाड़ू-पोंछा लगाते हैं तो यह दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है. मां लक्ष्मी प्रात: काल में घरों में आती हैं, वो साफ सफाई से खुश होकर वहां वास करती हैं. अगर किसी कारणवश झाड़ू लगानी पड़ जाए तो घर की गंदगी को घर में ही रखें, उसको सुबह साफ-सफाई के साथ फेंक दें.
एक हाथ से ना घिसें चंदन
एक हाथ से चंदन कभी नहीं घिसना चाहिए, ऐसा करने से देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और धन की कमी का सामना करना पड़ता है. जहां तक को आप हमेशा की भगवान की पूजा करते समय चंदन को पहले किसी पात्र में रखकर ही लगाएं.

 

क्या आपको भी दिवाली की सफाई करते मिली है ये 5 चीजें, तो समझिए मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा आप पर

क्या आपको भी दिवाली की सफाई करते मिली है ये 5 चीजें, तो समझिए मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा आप पर

हिंदुओं में ही नहीं बल्कि अन्य समुदायों में भी दिवाली (Diwali 2021) का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है. दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है. इस साल दिवाली 4 नवंबर 2021, गुरुवार को मनाई जाएगी. मान्यता है कि मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) को साफ-सफाई बेहद प्रिय है तथा वे वहीं वास करती हैं जहां साफ़-सफाई रहती है.

ऐसे में दिवाली के कई दिन पहले से ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई करने में लग जाते हैं. घर की साफ़-सफाई के दौरान यदि ये 5 चीजें अचानक मिल जाएं, जिसे आप भूल चुके हों, तो समझ लें कि आप पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसने वाली है.

दिवाली में इन 5 चीजों का मिलना होता है शुभ
1. सफाई के दौरान आपको अपनी पर्स में या किसी कपड़े के जेब में रूपये या पैसे मिल जाएं तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है. ऐसे पैसों को किसी धार्मिक कार्य में लगाने से मां लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती हैं और घर में हमेशा बरकत बनी रहती है.
2. घर की या पूजा स्थल की सफाई के दौरान मुरली या मोरपंख का मिलना बेहद शुभ होता है. कहा जाता है कि इन चीजों का संबंध भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण से है. इनके मिलने से घर में मां लक्ष्मी का आशीर्वाद बना रहता है.
3. घर की सफाई के दौरान शंख या कौड़ी मिल जाए तो इसे गंगाजल से स्नान कराकर इसे धन वाले स्थान पर रख लेना चाहिए. इससे घर में सुख समृद्धि आती है.
4. रसोई को साफ़ करते समय यदि वह चावल मिल जाए जिसे आप पूरी तरह से भूल गए हैं. तो यह आपके लिए बहुत ही भाग्यशाली होगा.
5. घर की सफाई करते समय कहीं पर यदि कोरा लाल कपड़ा मिल जाए तो इसे संभालकर रख लेना चाहिए. मान्यता है कि यह लाल पकड़ा आपके सुनहरे वाले कल का संकेत होता है.

 

राशिफल: दिनांक 2 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

राशिफल: दिनांक 2 नवम्बर, जाने कैसा रहेगा आज आपका दिन

आज का राशिफल
मेष:
मेष राशि के जातक जो इंटीरियर डिजाइनिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट या फूड प्रोसेसिंग के काम से जुड़े हैं उनके लिए बेहतरीन दिन रहने वाला है। व्यवसायिक गतिविधियां बेहतर होंगी और आपका मुनाफा भी बढ़ जाएगा। प्रबंधन क्षमता अच्छी रहेगी। भूमि भवन के मामले में भी लाभ होगा और कोई अच्छी डील भी आज आप कर सकते हैं। खर्च नियंत्रित रखने का प्रयास करें। तो फायदे में रहेंगे।
वृषभ:
वृष राशि के कलात्मक कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। लोगों को सफलता प्राप्त होगी। आज आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का भी अवसर प्राप्त होगा। विदेश में अपनी प्रतिभा पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यात्रा की संभावना बनी है और उसमें सफलता प्राप्त होगी। ऑनलाइन काम करने के लिए दिन अच्छा है। आपकी मेहनत से आज कई काम बन जाएंगे।
मिथुन:
मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन अनुकूल रहेगा और आपको सफलता प्राप्त होगी। अपनी डिप्लोमेटिक बातचीत से आप हर चीज को संभाल लेंगे। जल्दबाजी में कार्य करने से चोट लग सकती है और आपको परेशान होना पड़ सकता है। ध्यान पूर्वक कार्य करें। आपका आक्रमक तरीके से काम करना कमाई के लिहाज से अच्छा है, धन का निवेश होगा।
कर्क:
कर्क राशि के जातकों को आज शुभ फल की प्राप्ति होगी। कामकाज को लेकर काफी व्यस्तता बनी रहेगी और किसी प्रकार का तनाव भी महसूस करेंगे। व्यापारिक विस्तार की योजनाओं में आज कुछ प्रयास कर सकते हैं। टाइम को सही से मैनेज करके ही आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं और चीजों को सुधार सकते हैं। आर्थिक लिहाज से दिन बहुत अच्छा है।
सिंह:
आज आपका ट्रांसफर होने की बात शुरू हो सकती है और उसमें आपको लाभ होने की भी पूरी उम्मीद है। कामकाज से जुड़ी हुई यात्रा पर भी जाना पड़ सकता है। एक्सपॉर्ट से जुड़े हुए जातकों को लाभ होगा और उनके व्यापार का भी विस्तार होगा। खर्चे बड़े हुए रहेंगे और किसी भी प्रकार के दिखावे से दूर रहें।
कन्या:
कन्या राशि के जातकों को लाभ की प्राप्ति होगी। आपके लिए आज का दिन बेहद खास है और सफलता देने वाला हो सकता है। जोखिम पूर्ण कार्यों से मोटा मुनाफा प्राप्त होने की उम्मीद है। भाग्य आपका साथ देगा। पुराना निवेश अच्छा रिटर्न देगा। कपड़ों से संबंधित कार्य करने वाले जातकों को लाभ होगा। मान सम्मान में वृद्धि होगी।
तुला:
आज का दिन आपके लिए लाभ देने वाला है और आपको आभूषणों की बिक्री में सफलता प्राप्त होगी और भाग्य भी साथ देगा। प्रॉडक्शन कार्यों से जुड़े जातकों के कामकाज में तरक्की होगी। कलात्मक रूप से अपने कार्य को प्रस्तुत करने में सफल रहेंगे। आर्थिक लिहाज से समय अच्छा है। भाग्य में वृद्धि होने की पूरी उम्मीद है।
वृश्चिक:
वृश्चिक राशि के जातकों की किस्मत आज उनका साथ देगी और सुख संपत्ति आपके घर आएगी। प्रतिस्पर्धा की भावना कामकाज की गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगी और आर्थिक मामलों में भी आपके लिए सफलता का दिन है। आर्थिक लिहाज से समय सामान्य है, उधार दिया हुआ पैसा फंस सकता है।
धनु:
धनु राशि के जातकों को आज किसी बड़ी डील में फायदा होने की उम्मीद है। किसी बड़े प्रॉजेक्ट पर काम करेंगे और उसमें छोटी मोटी बाधाएं आने की आशंका है। मुनाफा न देने वाले निवेश में करने से अभी बचें। आर्थिक सलाहकार की सलाह लाभदायक सिद्ध होगी और आपको भाग्य का साथ प्राप्त होगा।
मकर:
मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन अच्छे परिणाम देने वाला है। आपको सफलता प्राप्त होगी और भाग्य भी आपका साथ देगा। आप की प्लानिंग के अनुसार कार्य पूर्ण होते जाएंगे और आपको भाग्य का साथ प्राप्त होगा। मैनेजमेंट के कार्यों से जुड़े हुए लोगों को लाभ मिलेगा। महालक्ष्मी की पूर्ण कृपा आप पर बनी हुई हैं और आपके परिवार में खुशियां आएंगी।
कुंभ:
आपके लिए आज का दिन अुनकूल है और आपको आगे बढऩे में सफलता प्राप्त होगी। क्रोध की भावना बहुत ज्यादा रहेगी, इसलिए बेवजह किसी से भी उलझने से बचें। वित्तीय मामलों में दिन अच्छा है, पुराना अटका हुआ पैसा भी मिलेगा और खर्च भी कम होंगे।
मीन:
आपके लिए आज का दिन अच्छा और आपकी कलात्मक क्षमता में विस्तार होगा। पुराने प्रोजेक्ट को नए रूप से प्रस्तुत कर सकते हैं और उसमें लाभ भी प्राप्त होगा। धन संबंधित मामलों में समय कुछ खास नहीं है, खर्चे बहुत ज्यादा रहेंगे।

 

धनतेरस पर ये शुभ मुहूर्त और योग दिलाएगा आपको खरीदारी का तीन गुना फल

धनतेरस पर ये शुभ मुहूर्त और योग दिलाएगा आपको खरीदारी का तीन गुना फल

Dhanteras 2021 Puja Timings Shubh Muhurat : कल दो नवंबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। धनतेरस पर त्रिपुष्कर योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग में किए गए कार्य का फल तिगुना मिलता है। धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। वहीं त्रिपुष्कर योग में सोना-चांदी खरीदने के अलावा निवेश के लिए भी अच्छा मौका है। वहीं इस दिन हस्त नक्षत्र बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस के दिन ही भगवान धन्वतंरि का जन्म हुआ था, इसलिए इसे धनतेरस कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान धन्वंतरि के साथ माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की जाती है।
इस दिन 11:30 बजे त्रयोदशी तिथि आ जाएगी। मध्यान्ह 12: 03 बजे से 13:45 बजे तक आयुर्वेद के जन्मदाता धनवंतरी जी के पूजन और हवन के के लिए उत्तम मुहूर्त है। आयुर्वेद के मानने वाले अपने उत्तम स्वास्थ्य के लिए धन्वंतरी पूजन और हवन करते हैं। शाम को प्रदोष काल, गोधूलि वेला और स्थिर लग्न 18:14 बजे से 20:10 बजे तक धनतेरस का पूजन करना शुभ रहेगा। इस अवधि में बर्तन, ज्वैलरी , वस्त्र एवं घरेलू उपयोग की वस्तुएं खरीदना बहुत ही श्रेष्ठ रहेगा।
धनतेरस पर खरीदारी व पूजन का मुहूर्त
सुबह नौ बजे से दोपहर 1:30 बजे तक।
शाम 7:30 बजे से रात 9:30 बजे तक।
रात में 10:30 बजे से 1:30 बजे तक।
स्थिर लग्न में पूजन मुहूर्त
कुंभ : दोपहर 1:26 बजे से 2:57 बजे तक।
प्रदोष काल : शाम छह बजे से 7:57 तक।
सिंह : 12:28 बजे से 2:44 बजे तक।
शुभ चौघड़िया : रात 12:28 बजे से 1:30 बजे तक।