BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

BIG BREAKING : पुराने प्रकरण में घिरा एंटी करप्शन ब्यूरो, कोर्ट ने दिए जाँच के आदेश

BIG BREAKING : पुराने प्रकरण में घिरा एंटी करप्शन ब्यूरो, कोर्ट ने दिए जाँच के आदेश
Share

बिलासपुरपांच साल पहले सिंचाई अफसर आलोक अग्रवाल के यहां छापेमारी के प्रकरण में एसीबी का अमला जांच के घेरे में आ गया है। सीजेएम के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पढ़ें : BIG BREAKING : राजधानी में आज आत से 30 नवम्बर तक पटाखे फोड़ने में लगा प्रतिबन्ध, NGT ने लिया बड़ा फैसला 

एसीबी ने सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री आलोक अग्रवाल के यहां छापेमारी की थी। आलोक अग्रवाल के साथ ही उनके भाई पवन अग्रवाल और परिवार के लोगों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। आलोक अग्रवाल की गिरफ्तारी भी हुई थी। अग्रवाल के परिजनों ने एसीबी की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे, और गंभीर आरोप लगाए थे।

पढ़ें : बड़ी खबर: बुलेरो और डंपर की जबरदस्त भिड़ंत में सात लोगों की मौत, जाने कहा की है यह घटना


परिजनों का आरोप था कि आलोक अग्रवाल के साथ-साथ उनके परिवार के लोगों की संपत्ति और सामान को भी अवैध कमाई का बताया गया। और जब्त किया गया। जबकि उनका पुश्तैनी व्यवसाय है। कई सामान गायब हो गए, और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की गई। फर्जी दस्तावेज तैयार कर पवन अग्रवाल और अन्य लोगों को फंसाया गया। यह सब कार्रवाई तत्कालीन आईजी मुकेश गुप्ता और एसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में हुई थी।

पढ़ें : मछली दिखाने के बहाने युवक ने नाबालिग को छेड़ा, अपराध दर्ज


परिजनों ने इस पूरे मामले में कई जगह शिकायत की थी, और फिर कोई कार्रवाई न होने पर न्यायालय में परिवाद दायर किया था। बिलासपुर सीजेएम ने इस पूरे मामले में गंभीर माना है। कोर्ट ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 120 (बी), 420, 467, 468, 471, 166, 167, 380 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिलासपुर एसपी प्रशांत अग्रवाल ने छत्तीसगढ़से चर्चा में कहा कि कोर्ट के आदेश पर प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है। जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



Share

Leave a Reply