CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |
बेरहम माँ : मां ने अपनी ही दो बेटियों को 50 हजार रुपये में रखा गिरवी, जानिये क्या थी वजह...

बेरहम माँ : मां ने अपनी ही दो बेटियों को 50 हजार रुपये में रखा गिरवी, जानिये क्या थी वजह...

गोरखपुर : घटना बिहार के नरकटियागंज क्षेत्र से सामने आ रही है जहाँ एक बेटी की शादी की खातिर रुपयों की जरूरत पर मां ने ही अपनी दो बेटियों को गांव के मुखिया के यहां 50 हजार रुपये में गिरवी रख दिया। पीड़ित बेटियों ने मंगलवार को यह सनसनीखेज आरोप गोरखपुर में पुलिस के सामने लगाए। दोनों लड़कियां गांव के मुखिया के यहां बंधुआ रही दो अन्य लड़कियों के साथ किसी तरह भागकर अपनी मौसी के यहां सोमवार को गोरखपुर पहुंची थीं। लड़कियां परिजनों के साथ घर नहीं जाना चाह रही थीं, लेकिन बाल कल्याण समिति के समझाने के बाद देर शाम परिजनों के साथ चलीं गईं।


जानकारी के मुताबिक, बिहार के नरकटियागंज निवासी बीरा महतो की चार बेटियां हैं। वीरा महतो की कुछ साल पहले मृत्यु हो गई। बड़ी बेटी की शादी के लिए रुपयों की जरूरत पड़ी तो वीरा की पत्नी ने अपनी दो बेटियों को मुखिया के घर पर गिरवी रख दिया। इसके एवज में मुखिया से 50 हजार रुपये ले लिया। दोनों बेटियां तीन साल से मुखिया के घर काम कर रहीं थीं। इसी मुखिया के घर पश्चिम चंपारण के बेलवा बहुहरी निवासी मोती की दो बेटियां भी काम करती थीं। सोमवार को मौका पाकर चारों लड़कियां मुखिया के घर से भाग निकलीं और नरकटियागंज से ट्रेन पकड़कर सोमवार रात नौ बजे गोरखपुर आ गईं।

वीरा की दो बेटियों की मौसी गोरखपुर के बिछिया में किराए के मकान में रहती हैं। इन लड़कियों ने रेलवे स्टेशन से ही मौसी को फोन किया और आने की जानकारी दी। देर रात पैदल ही बिछिया के लिए निकल पड़ीं। आरोप है कि रास्ते में कुछ अराजकतत्व मिल गए और लड़कियों से छेड़छाड़ करने लगे। लड़कियों ने शोर मचाकर कुछ लोगों को बुलाया तो अराजकतत्व भाग निकले। किसी तरह सब मौसी के घर पहुंच गईं।

इसी बीच मंगलवार दोपहर लड़कियों के परिजन भी गोरखपुर आ गए। सब लड़कियों को बिहार ले जाने के प्रयास में जुट गए, लेकिन लड़कियां तैयार नहीं हुईं। लिहाजा, मामला कौवाबाग पुलिस चौकी पहुंच गया। पुलिस चौकी पहुंचकर लड़कियों ने आपबीती सुनाई और परिजनों के साथ बिहार जाने से इनकार कर दिया। उनका आरोप था कि परिजनों ने रुपयों के खातिर गिरवी रख दिया था। जिस मुखिया के घर पर बंधक बनाकर रखा गया था, वहां मारपीट की जाती थी। उधर, देर शाम शाहपुर पुलिस ने लड़कियों को महिला थाने भेज दिया। वहां से लड़कियों को एएचटीयू (एंटी ह्युमन ट्रैफिकिंग यूनिट) भेजा गया। एएचटीयू ने बाल कल्याण समिति (न्यायालय) के सामने लड़कियों को पेश किया। कमेटी की अध्यक्ष वंदना सिंह ने मामले को सुनने के बाद लड़कियों को समझा बुझाकर देर शाम परिजनों के साथ घर भेज दिया।
 

उज्जैन के महाकाल मंदिर में हिंदू आईडी पर मुस्लिम युवक ने की एंट्री हुआ गिरफ्तार

उज्जैन के महाकाल मंदिर में हिंदू आईडी पर मुस्लिम युवक ने की एंट्री हुआ गिरफ्तार

उज्जैन के ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में हिंदू शख्स अभिषेक की आईडी पर मुस्लिम युवक के घुसने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान कर्नाटक के मोहम्मद यूनुस मुल्ला के रूप में हुई है और वह अपनी दोस्त खुशबू यादव के साथ उज्जैन आया था। महाकाल पुलिस ने उसे आईपीसी की धारा 420 के तहत गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद यूनुस वह एक हिंदू युवती के साथ मंदिर में प्रवेश कर रहा था और दोनों को मंदिर समिति के कर्मचारियों ने पुलिस को सौंप दिया। इस मामले को अखाड़ा परिषद के पूर्व महामंत्री अवधेशपुरी महाराज ने गंभीर बताया है और उससे जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बताया जाता है कि महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए लखनऊ की खुशूब यादव के साथ अभिषेक दुबे नाम के युवक का रजिस्ट्रेशन था। अभिषेक दुबे की आईडी भी तैयार की गई थी। यह लोग सुबह जब भस्म आरती के लिए महाकाल मंदिर के गेट क्रमांक छह से बायोमेट्रिक्स जांच के लिए पहुंचे तो वहां अभिषेक दुबे की आधार कार्ड की आईडी से खुशबू यादव के साथ पहुंचे युवक का मिलान किया गया। शक्ल का मिलान नहीं होने पर उन्हें वहीं रोक लिया।

जांच पड़ताल के दौरान युवक के पास दूसरी आईडी भी मिली
खुशबू यादव के साथ भस्म आरती में पहुंचे युवक का चेहरा अभिषेक दुबे वाली आईडी से नहीं मिलने पर जब जांच पड़ताल की गई तो उसके पास दूसरा आधार कार्ड भी मिला। दूसरी आईडी के फोटो से उसका चेहरा मिलने पर पता चला कि उसका नाम मोहम्मद यूनुस मुल्ला है। वह केरल का रहने वाला पाया गया। इसके बाद खुशबू और फर्जी आईडी वाले युवक को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया।

अवधेशपुरी ने की कठोर कार्रवाई की मांग
मोहम्मद यूनुस मुल्ला के अभिषेक दुबे के नाम से महाकाल मंदिर में प्रवेश की कोशिश को स्वस्तिकपीठाधीश्वर और उज्जैन अखाड़ा परिषद के पूर्व महामंत्री डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने इस घटना से मंदिर की सुरक्षा को खतरा बताया है। उन्होंने फर्जी आईडी से प्परवेशकी कोशिश को मंदिर प्रबंध समिति की सुरक्षा व्यवस्था में खामी कहा है। यह भी कहा गया कि जब मुस्लिमों के मक्का मदीना में हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त पाबंदी है तो मंदिर में मुस्लिमों के प्रवेश को भी रोका जाना चाहिए।

 

गलत इंजेक्शन से मासूम की मौत....

गलत इंजेक्शन से मासूम की मौत....

सागर : बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मासूम की मौत पर उसके स्वजनों ने गत दिवस इलाज में लापरवाही के आरोप लगाकर हंगामा किया। गुस्साए स्वजनों ने आरोप लगाया कि मोबाइल पर खेल रही मासूम को वार्ड ब्वाय ने गलत इंजेक्शन दे दिया जिससे उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने सफाई में कहा कि बच्ची की मौत चाकलेट गले में फंस जाने से हुई है। चंद्रभान की तीन वर्षीय पुत्री अनामिका को परिजन बीएमसी में रूटीन चेकपअ के लिए लाए थे, जहां उपचार के दौरान लगाये इंजेक्शन के बाद ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।  

शादी के बीच रास्ते से दुल्हन का किया गया अपहरण....

शादी के बीच रास्ते से दुल्हन का किया गया अपहरण....

सतना : सतना के अहिरगांव गांव के कुशवाह परिवार मेंं शादी का जश्न मनाया जा रहा था। दुल्हन सजी थी और खुशी-खुशी फेरे हुए। गत दिवस सुबह माता-पिता ने दुल्हन को विदा किया लेकिन बीच रास्ते में अगले ही पल कुछ ऐसा वाकया हुआ कि बराती सकते में आ गए। एकयुवक बाइक से आया और बीच रास्ते में कार रुकवाकर दुल्हन को कार से बाहर निकाला और अपहरण कर ले गया। बराती और दूल्हा देखते ही रह गए और उनके आंखों के सामने से दुल्हन को कोई ले गया। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है जहां यह वारदात हुई। इसकी शिकायत दुल्हन के स्वजन ने की है। पुलिस अपहरणकर्ता और दुल्हन की तलाश कर रही है।

आरोपित युवक अशोक यादव लड़की के गांव का ही है। दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग है, वह नहीं चाहता था कि लड़की की शादी कहीं ओर हो, इसलिए उसने लड़की का अपहरण किया है। युवती के स्वजनों ने शिकायत और कुछ फोन नम्बर पुलिस को दिए हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी ने बताया कि यह अपहरण हैं या युवती खुद अपनी मर्जी से भागी, यह दोनों के मिलने के बाद ही पता चलेगा। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे अपहरण मान रही है। जिले के पतरौंधा गांव से कुशवाहा परिवार के यहां बारात आई थी। सभी रस्में हो चुकी थी और सुबह दूसरे दिन विदाई हुई थी। रास्ते में दुल्हन का अपहरण हो गया। 

बड़ी खबर : पटवारी को रिश्वत लेते किया गया गिरफ्तार, जानिये क्या है पूरा मामला...

बड़ी खबर : पटवारी को रिश्वत लेते किया गया गिरफ्तार, जानिये क्या है पूरा मामला...

रीवा : रीवा लोकायुक्त एसपी गोपाल सिंह धाकड़ की टीम ने नईगढ़ी पटवारी को चार हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया है। शाहपुर हल्का के पटवारी ललित शर्मा को रिश्वत के रुपए के साथ पकड़ा गया। शिकायतकर्ता शाहपुर निवासी राम कैलाश साकेत अपनी जमीन का सीमांकन कराने आवेदन दिया था। जिस पर शाहपुर पटवारी ललित शर्मा रुपयों की मांग कर रहा है। जबकि, वह पहले एक हजार और फिर 500 रुपयों दे चुका है।  

सोशल मीडिया में मालदार बिखारी का वीडियो वायरल , पढ़े पूरी खबर , यहां देखे वीडियो

सोशल मीडिया में मालदार बिखारी का वीडियो वायरल , पढ़े पूरी खबर , यहां देखे वीडियो

उज्जैन : जिले के नागदा जंक्शन में एक मालदार भिखारी का वीडियो वायरल हो रहा है। मानसिक रूप से विक्षिप्त भिखारी ने गुस्से में आकर जब अपने कपड़ों को फेंका तो उसमें से नोटों की बारिश होने लगी । यह देखकर वहां मौजूद लोग अचंभित रह गए। इसका वीडियो बनाकर मालदार भिखारी के केप्शन के साथ इसे वायरल कर दिया गया है।

उज्जैन जिले के नागदा जंक्शन में एक मालदार भिखारी का वीडियो वायरल हो रहा है। मानसिक रूप से विक्षिप्त भिखारी ने गुस्से में आकर जब अपने कपड़ों को फेंका तो उसमें से नोटों की बारिश हो गई जिसे देखकर लोग हैरान हो गए।

 #Ujjain pic.twitter.com/4VGXXXK44K  

जानकारी के अनुसार नागदा जंक्शन के प्लेटफार्म पर एक विक्षिप्त का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह दो दिन पुराना हैॆ। इसमें एक भिखारी जैसा व्यक्ति गमछा फटकारते दिखाई दे रहा है और प्लेटफार्म पर नोट के आकार के कागज बिखरे दिखाई दे रहे हैं। इन्हें वायरल वीडियो में नोट बताया जा रहा है और ये नोट उपरोक्त विक्षिप्त भिखारी के बताए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति बुरहानपुर का है। इस व्यक्ति को कुछ लोग परेशान कर रहे थे तो उसने गुस्से में अपने कपड़े फेंक दिए थे। इसमें कई कागजात थे और यह नोट भी थे। इसकी जानकारी लगने पर नागदा रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी चौकी के पुलिसकर्मियों ने एकत्रित कर उस भिखारी को दे दिए। इसके बाद उसे बुरहानपुर के लिए भेज दिया।
 

फेसबुक में अचानक Live शुरू हो गया पति पत्नी का बेडरूम रोमांस, दोस्तों ने फ़ोन कर कपल को बताई ये बात

फेसबुक में अचानक Live शुरू हो गया पति पत्नी का बेडरूम रोमांस, दोस्तों ने फ़ोन कर कपल को बताई ये बात

नई दिल्ली | सोशल मीडिया जितनी अच्छी चीज है इससे उतना ही अलर्ट रहने की जरूरत है। कई बार लोगों की अनचाही चीजें भी सोशल मीडिया के जरिए तमाम अन्य लोगों के पास पहुंच जाती हैं। अमेरिका की एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ और जब वह अपने पति के साथ बेडरूम में थी तो एक गलती के चलते उसका मोबाइल सोशल मीडिया में लाइव हो गया। इसका एहसास तब हुआ जब उसके एक दोस्त ने फोन करके उसे बताया।

दरअसल, यह घटना अमेरिका की एक महिला के साथ हुई है। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने अपने सोशल मीडिया स्पेस पर इस घटना के बारे में खुद बताया है। उसने कहा कि जब वह अपने पति के साथ बेडरूम में रोमांस कर रही थी तो उसने इस पल को कैमरे में रिकॉर्ड करना चाहा। इसके लिए उसने पास में ही पड़ा मोबाइल उठाया और इसे ऑन किया, लेकिन यहीं उससे चूक हो गई।

वह पति के साथ अपने निजी पल को रिकॉर्ड करना चाह रही थी लेकिन ना मालूम कैसे अचानक से फेसबुक लाइव शुरू हो गया। इसके बावजूद भी महिला को पता नहीं चल पाया कि सोशल मीडिया पर यह सब लाइव हो चल है। यह वीडियो कुछ देर तक चलता रहा। महिला के पति को भी नहीं पता चल पाया क्योंकि मोबाइल महिला के हाथ में था और उसी ने वीडियो ऑन करके रख दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, महिला के इस लाइव को कई लोगों ने देखा, जिसमें महिला के पिता भी शामिल थे करीब 46 लोगों ने इस लाइव को देख लिया। इस दौरान महिला के एक दोस्त ने जब उसे फोन मिलाया तो वह हक्का-बक्का रह गई। हालांकि उसने वीडियो को तत्काल हटाया लेकिन तब तक काफी लोग देख चुके थे। फिलहाल महिला ने बताया कि यह सब उसकी गलती से हुआ है।

 

गजब की खबर : होटल में महिला वेटर से खुश हो कर एक शख्स ने दिए 3 लाख रुपये टिप, जाने वेटर की किस बात से था खुश

गजब की खबर : होटल में महिला वेटर से खुश हो कर एक शख्स ने दिए 3 लाख रुपये टिप, जाने वेटर की किस बात से था खुश

नई दिल्ली | अमेरिका के एक होटल में एक शख्स अपने परिवार के साथ खाना खाने आया। इस दौरान होटल की एक महिला वेटर ने उन सबका खूब अच्छे से स्वागत किया और खाना खिलाया। इस दौरान पूरा परिवार उससे खुश नजर आया और पता करने पर बताया कि वह एक स्टूडेंट है और होटल में पार्ट टाइम जॉब करती है। इसके बाद उस शख्स ने महिला वेटर को तीन लाख रुपये से ज्यादा की टिप दे दी। लेकिन इसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि महिला को होटल वालों ने निकाल दिया।

दरअसल, यह घटना अमेरिका के अरकांसस स्टेट की है। फॉक्स न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां के एक शहर में रेयान नाम की महिला एक होटल में पार्ट टाइम जॉब करती है। इसी महिला को एक दिन एक शख्स और उसके परिवार ने मिलकर करीब तीन लाख की टिप दी। यह सब तब हुआ जब वे सब महिला वेटर की सर्विस से काफी खुश होकर उन्होंने उसकी तारीफ भी कर दी।

महिला वेटर को मिली टिप के बारे में जब होटल के मैनेजर को पता चला तो उन्होंने उस पैसों को बाकी वेट्रेस के साथ शेयर करने के लिए कहा। मैनेजर ने इससे पहले कभी भी किसी से टिप शेयर करने को नहीं कहा था। वह मैनेजर की इस बात पर हैरान रह गई और उसने कहा कि उसे इन पैसों की जरूरत है और दूसरी बात यह है कि यह टिप उसे खुद मिली है। इतना होने के बाद भी मैनेजर अपनी बात पर अड़ा रहा और उससे पैसे शेयर करने को कहा।

इसके बाद महिला ने तत्काल यह बात उस शख्स से बता दी जिसने उसे टिप दी थी लेकिन यही बात मैनेजर को अच्छी नहीं लगी और उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। टिप देने वाले शख्स को पूरे मामले का पता चला तो उसने उसकी मदद के एक ऑनलाइन अभियान शुरू किया जिसके माध्यम से वह पैसे इकठ्ठा कर सकती है।

 

 हिंदू एकता पर चिंतन करने , 3 दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ शुरू , पढ़े पूरी खबर

हिंदू एकता पर चिंतन करने , 3 दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ शुरू , पढ़े पूरी खबर

चित्रकूट : चित्रकूट में 3 दिवसीय हिंदू एकता महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है। इस महाकुंभ में हिस्सा लेने के लिए कई बड़ी हस्तियां पहुंच चुकी हैं। आरएसएस चीफ मोहन भागवत भी चित्रकूट पहुंच चुके हैं। इस महाकुंभ का आयोजन तुलसीपीठाधीश्वर रामभद्राचार्य कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के आयोजन का प्रकट उद्देश्य तो हिंदू एकता पर चिंतन करना बताया गया है।

हालांकि, जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले इस आयोजन का मकसद भाजपा के होम टर्फ यानी हिंदुत्व की भावना को राजनीति के केंद्र में लाना है। 2017 चुनावों में भाजपा प्रचंड बहुमत में 312 सीट ही जीत पाई थी। 13 सीटें उसके सहयोगी दलों के खाते में गई थी। भाजपा 91 सीटों पर हार गई थी। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि इसमें से 30 फीसदी सीटें मुस्लिम बाहुल्य हैं, जहां हिंदुत्व का फार्मूला नहीं चला था।

ऐसे में हिंदू एकता महाकुंभ के जरिए उन सीटों पर भी फोकस करना है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। योगी आदित्यनाथ को इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि नाथ संप्रदाय के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल किया जाएगा। इस कार्यक्रम में  रवि शंकर, चिदानंद मुनि, रामानुजाचार्य, कैलाशानंद गिरी जी महाराज जैसी बड़ी शख्सियत शामिल होंगे। हिंदू एकता महाकुंभ कार्यक्रम के लिए तीन बड़े-बड़े पंडाल लगाए गए हैं।

मंच पर मोहन भागवत समेत 60 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है, जबकि मंच के सामने 2 लाख कुर्सियां लगाई गई हैं। हालांकि, आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में 5 लाख लोग जुटेंगे। सभी बाहर से आए संत, महंत और अन्य मेहमानों के रुकने की व्यवस्था तुलसी पीठ, आरोग्य धाम, मन्दाकिनी रिसोर्ट और यूपी टूरिज्म के बंगले में कई गई है।

 

 

 

बड़ी खबर : राजधानी के इस क्षेत्र में एक युवक को फुटपाथ पर मिला 1 करोड़ रुपयों से भरा बैग, जाँच में जुटी पुलिस और आईटी विभाग

बड़ी खबर : राजधानी के इस क्षेत्र में एक युवक को फुटपाथ पर मिला 1 करोड़ रुपयों से भरा बैग, जाँच में जुटी पुलिस और आईटी विभाग

कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक शख्स को एक करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया. एसटीएफ ने आरोपी शख्स को शहर के पार्क स्ट्रीट इलाके से पकड़ा है. वह फुटपाथ पर एक करोड़ कैश के साथ रंगे हाथ एसटीएफ के हत्थे चढ़ा है.

एसटीएफ का कहना है, "पूछताछ के दौरान, उसके पास नकदी को लेकर कोई उचित स्पष्टीकरण नहीं था. आईटी विभाग को सूचित किया गया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है."

रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में एसटीएफ ने शहर के पार्क स्ट्रीट इलाके के फुटपाथ से 27 वर्षीय व्यक्ति को एक करोड़ रुपये की नकदी के साथ गिरफ्तार किया है. उसका नाम प्रीतम पाल बताया जा रहा है. घटना कल (सोमवार) की है.

एसटीएफ ने इनपुट के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया. पार्क स्ट्रीट के फुटपाथ के सामने प्रीतम पाल को रोका गया था. तलाशी के दौरान उसके पास से एक करोड़ नकद बरामद हुए, जिसमें कुछ नोट 500 रुपये के थे जबकि बाकी के नोट 2000 रुपये के थे. इतनी बड़ी तादाद में कैश मिलने के बाद एसटीएफ के लोग भी हैरान रह गए.

जांच में जुटी पुलिस
पूछताछ के दौरान आरोपी शख्स इतने पैसे कहां से आए, किसके हैं आदि सवालों का जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. आगे की कार्रवाई के लिए उसे पार्क स्ट्रीट थाने ले जाया गया, जहां मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. साथ ही आईटी विभाग को भी जानकारी दी गई है.

तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे एक शख्स करोड़ों रुपये कैश के साथ मौजूद है. फिलहाल जांच के बाद ही ये साफ हो पाएगा कि शख्स के पास इतनी बड़ी तादाद में ये कैश कहां से आया.

सोन चिरैया को बचाने भूमिगत बिजली लाइनों पर दिए आदेश में संशोधन की मांग

सोन चिरैया को बचाने भूमिगत बिजली लाइनों पर दिए आदेश में संशोधन की मांग

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को एक याचिका दायर कर गुजरात और राजस्थान सरकारों को लुप्तप्राय सोन चिरैया (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड) को बचाने में मदद करने के लिए ओवरहेड बिजली के तारों को बिछाने के अपने 19 अप्रैल के आदेश में संशोधन की मांग की गई।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा इसका उल्लेख किए जाने के बाद सीजेआई एन वी रमना और जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की पीठ ने याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त की।

याचिका में दावा किया गया है कि इस आदेश का भारत में बिजली क्षेत्र और जीवाश्म ईंधन से दूर ऊर्जा संक्रमण के लिए व्यापक प्रतिकूल प्रभाव है। इस याचिका में अदालत से आग्रह किया है कि उच्च वोल्टेज और अतिरिक्त उच्च वोल्टेज लाइनों, यानी 66 केवी और उससे ऊपर की बिजली लाइनों को प्राथमिकता वाले जीआईबी आवास में बर्ड डायवर्टर जैसे उपयुक्त शमन उपायों की स्थापना के साथ ओवरहेड पावर लाइनों के रूप में रखने की अनुमति दी जाए।

उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों को भूमिगत करना तकनीकी रूप से संभव नहीं है। इतने बड़े क्षेत्र में मध्यम-निम्न वोल्टेज लाइनों को भूमिगत करने से क्षेत्र से उत्पादित आरई (नवीकरणीय ऊर्जा) की उच्च लागत आएगी, जो बदले में आरई के कारण को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाएगी। इतने बड़े क्षेत्र में अंडरग्राउंडिंग का प्रयास वैश्विक स्तर पर कहीं भी नहीं किया गया है, ऐसा दावा किया गया है।

याचिका में प्राथमिकता वाले जीआईबी आवासों से गुजरने वाले मध्यम वोल्टेज तक, यानी 33 केवी वोल्टेज स्तर तक की सभी बिजली पारेषण लाइनों को भूमिगत करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

उपयुक्त बर्ड डायवर्टर की स्थापना के साथ प्राथमिकता वाले क्षेत्र के बाहर भविष्य में ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइनों को बिछाने की अनुमति दें, इसने अदालत से आग्रह किया। शीर्ष अदालत ने 19 अप्रैल को दोनों राज्यों को एक साल की अवधि के भीतर ओवरहेड बिजली के तारों को जहां भी संभव हो, भूमिगत बिजली लाइनों में बदलने के लिए कहा था।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाई-वोल्टेज भूमिगत बिजली लाइन बिछाने की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए तीन सदस्यीय समिति का भी गठन किया। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसे सभी मामलों में जहां ओवरहेड केबल को अंडरग्राउंड पावरलाइन में बदलना संभव हो, इसे एक साल की अवधि के भीतर पूरा किया जाएगा।
 

प्रदूषण के कारण राइस मिल चलाने के घंटो में कटौती ,  कम रेट में फसल बेचने को मजबूर किसान , जाने विस्तार से ...

प्रदूषण के कारण राइस मिल चलाने के घंटो में कटौती , कम रेट में फसल बेचने को मजबूर किसान , जाने विस्तार से ...

हरयाणा : पर्यावरण प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर प्रशासन ने राइस मिलों को 8 घंटे ही चलाने के आदेश दिए हैं, इसका सीधा असर गोहाना की अनाज मंडी में फसल की खरीद और भाव पर पड़ा है, व्यापारी अनाज मंडी में फसल की खरीद कम कर रहे हैं। फसल का भाव भी पहले की अपेक्षा कम हो गया है, भाव नहीं बढ़ने से किसान कम रेट में अपनी फसल बेचने को मजबूर हैं।

बीते दिनों स्मॉग के चलते पर्यावरण में प्रदूषण का स्तर अधिक बढ़ा हुआ था, पर्यावरण प्रदूषण के चलते प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है, इसमें राइस मिल भी शामिल है, प्रशासन ने राइस मिलों को केवल 8 घंटे तक ही चलाने के आदेश दिए हुए हैं, जबकि सीजन के दौरान राइस मिल 24 घंटे तक चलाए जा रहे थे, राइस मिल चलाने की अवधि कम होने पर व्यापारियों ने अनाज मंडी में फसल की खरीद भी कम कर दी है, व्यापारी राइस मिल की जरूरत के अनुसार ही धान की खरीद कर रहे हैं, इसका असर अनाज मंडी में फसल के भाव पर भी पड़ा है।

अनाज मंडी में धान 3500 सो से 3600 सो रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है, जबकि बीते सप्ताह तक भाव धान की किस्म के अनुसार 4000 रुपए तक था। फसल का कम भाव मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है, किसानों ने प्रशासन से राइस मिलो पर लगाए गए प्रतिबंध हटाने की मांग की, ताकि उन्हें फसलों का उचित भाव मिल सके।

मंडी में काम करने वाले आढ़तियों व खरीदारों ने बताया की पिछले एक सप्ता से गोहाना की अनाज मंडी में धान की फसल के भाव कम होते जा रहे है इसका मुख्य कारन राईस मिलो का नहीं चलाना है इस समय राईस मीलो को कम चलाया जा रहा है, जिस के चलते मिलर मंडी में धान की फसल की कम खरीद कर है । 

और खरीदार नहीं होने से मंडी में लगातार धान के भाव में कमी आ रही है कई कई दिन तक किसानो की फसल नहीं बिक रही कुछ किसानो ने अपनी फसल को अपने घरो पर ही रोकना सुरु कर दिया जो किसान मंडी में अपनी फसल लेकर आ रहे है उनकी फसलों के कम भाव मिलने से किसान को घाटा हो रहा है, जिस के चलते कम भाव में किसान भी अपनी फसलों को नहीं बेचना चाहते जिस से मंडी में खुले में हजारो किवंटल धान पड़ा हुआ है फसल नहीं बिकने से किसानो के साथ साथ आढ़तियों व् मंडी में काम करने वाले मजदूरों पर इस का असर पड़ रहा है।अब देखना ये है की सरकार कब मिलो पर लगाया गए प्रतिबंद को वापस लेती है और काम किसानो को उनकी फसलों के उचित भाव मिलते है 
 

लखीमपुर हिंसा मामले में एसआईटी ने किया बड़ा खुलासा , जाने विस्तार से ...

लखीमपुर हिंसा मामले में एसआईटी ने किया बड़ा खुलासा , जाने विस्तार से ...

लखीमपुर : उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में हुई हिंसा के मामले में एसआईटी ने बड़ा खुलासा किया है। एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक, लखीमपुर हिंसा सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी, ये कोई दुर्घटना नहीं थी।

बता दें कि अब लखीमपुर हिंसा केस में दुर्घटना की धारा हटाकर अन्य धाराएं लगाई गई हैं। आईपीसी की धाराएं 120बी, 307, 34 और 326 बढ़ाई गई हैं। 3 अक्टूबर को लखीमपुर के तिकुनिया में हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी।

उल्लेखनीय है कि लखीमपुर हिंसा में गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र आरोपी हैं, वो इस वक्त जेल में बंद हैं। पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। वहीं दूसरी तरफ अजय मिश्र टेनी ने दावा किया था कि उनका बेटा आशीष मिश्र वारदात के वक्त मौके पर मौजूद नहीं था। घटनास्थल से दूर था।

लखीमपुर हिंसा मामले में एसआईटी और यूपी सरकार के आयोग दोनों की जांच चल रही है। अभी दोनों की फाइनल रिपोर्ट आना बाकी है। एसआईटी की तरफ से सीजेएम कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया गया है, जिसमें धाराएं बदलने के लिए कहा गया है क्योंकि ये वारदात जान से मारने की नीयत से की गई थी। ये घटना सुनियोजित तरीके से की गई। फिलहाल पूरी रिपोर्ट जब कोर्ट में सबमिट होगी तब तस्वीर साफ होगी।
 

स्वतंत्रता लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक मार्ग है : राजनाथ सिंह

स्वतंत्रता लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक मार्ग है : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वतंत्रता के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में `आजादी का अमृत महोत्सव` मनाने के लिए 13-19 दिसंबर, 2021 तक रक्षा मंत्रालय के समर्पित सप्ताह के रूप में रक्षा उत्पादन विभाग (डीडीपी) के कई अहम कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। रक्षा मंत्री द्वारा एक वर्चुअल प्रदर्शनी, `पाथ टू प्राइड`, सार्वजनिक प्रदर्शनियों, चयनित संग्रहालयों और डीडीपी के 75 प्रस्तावों को प्रदर्शित करने वाली एक पुस्तिका का उद्घाटन/लॉन्च किया गया।

सप्ताह भर चलने वाले देशव्यापी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए डीडीपी को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत को एक शुद्ध रक्षा आयातक से शुद्ध रक्षा निर्यातक बनाने की दिशा में प्रयासों के बारे में जानकारी फैलाने में मददगार होगा।

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और अन्य सशस्त्र बलों के जवानों को भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने 08 दिसंबर, 2021 को तमिलनाडु में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में अपनी जान गंवा दी, मंत्री महोदय ने परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा, `जनरल रावत को अभी भी बहुत कुछ करना था। हमारे सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में पूर्ण आत्मनिर्भरता उनके दिल के करीब विषय थे।

अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम लक्ष्य को जल्द से जल्द हासिल करने के लिए अथक प्रयास करें।` राष्ट्र के लिए स्वतंत्रता का क्या अर्थ है, इस पर अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, स्वतंत्रता केवल प्राप्त करने या अर्जित करने की चीज नहीं है, यह बनाए रखने की भी चीज है, जिसके लिए निरंतर प्रयास करना पड़ता है। उन्होंने कहा, `स्वतंत्रता एक लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक मार्ग है। एक संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वतंत्रता का अर्थ रक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास से संबंधित कोई भी निर्णय लेने की क्षमता है। किसी भी स्थिति में हम तभी कोई फैसला ले सकते हैं जब हम पूरी तरह से आत्मनिर्भर हों।`  

लोकसभा में 5 घंटे बहस के बाद पारित हुआ ये संशोधन विधेयक पारित हुआ , पढ़े , जाने ...

लोकसभा में 5 घंटे बहस के बाद पारित हुआ ये संशोधन विधेयक पारित हुआ , पढ़े , जाने ...

नई दिल्ली : लोकसभा ने मंगलवार को नशीली दवाओं और नशीले पदार्थ (संशोधन) विधेयक 2021 को पारित कर दिया। पांच घंटे चली बहस के बाद सदन ने नशीली दवाओं और नशीले पदार्थ (संशोधन) अध्यादेश 2021 के स्थान पर इस विधेयक को पारित किया।

इस अध्यादेश को न्यानयालय के आदेश पर लागू किया गया था। विधेयक पर बहस के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने संशोधन लाने की मंशा पर कुछ विपक्षी सदस्याओं की आशंकाओं का निवारण किया।

उन्होंने कहा कि इस विधेयक से आपराधिक कानून में कोई बड़ा संशोधन नहीं किया जा रहा, लेकिन यह स्पष्टी करण से संबंधित है। उन्हों ने यह भी कहा कि यह विधेयक संविधान की धारा 20 का न तो उल्लंघन करता है और न ही उसके महत्व को कम करता है। 

BIG NEWS : ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से लौटे 20 यात्री लापता ...

BIG NEWS : ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से लौटे 20 यात्री लापता ...

कानपुर : शहर में ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से लौटे 20 यात्रियों का पता नहीं मिल रहा है। सूची में घर का पता स्पष्ट नहीं है,सिर्फ क्षेत्र का नाम दिया गया है। इससे रैपिड रिस्पांस टीमों को उन्हें ढूंढने में मुश्किल आ रही है। न मिलने वालों के ओमिक्रॉन संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अब उनके मेल और इंटरनेशनल मोबाइल नंबर पर भी व्हॉट्स मैसेज भेजा है। सीएमओ डॉ.नैपाल सिंह ने बताया कि Óयादातर लोग ट्रेस कर लिए गए हैं,अगर कोई ट्रेस नहीं होगा तो पुलिस को जिम्मेदारी दे दी जाएगी।


आईआईटी के कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद सतर्कता और बढ़ा दी गई है। यह कर्मचारी चेन्नई से आए अपने माता-पिता के संपर्क में आया था। उसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी। उसका सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ ही विदेश से आए यात्रियों की मॉनिटरिंग में भी सतर्कता बरती जा रही है।


विभिन्न देशों से अब तक 1092 यात्री शहर लौटे चुके हैं। इनमें 242 यात्री ओमिक्रॉन प्रभावित देशों से आए हैं। इनमें Óयादातर की ट्रेसिंग हो गई है। लेकिन 20 का पता नहीं लग पाया है। इसके लिए ई-मेल और उनके व्हाट्सएप नंबरों पर संपर्क किया जा रहा है।
 

 बड़ी खबर : जंगल में पेड़ पर लटका मिला शव, आस- पास इलाके मचा हड़कंप

बड़ी खबर : जंगल में पेड़ पर लटका मिला शव, आस- पास इलाके मचा हड़कंप

कानपुर : बर्रा-2 छेदी सिंह का पुरवा के शटरिंग कारोबारी का शव सोमवार सुबह गोविंद नगर थानाक्षेत्र में रेलवे ग्राउंड के जंगल में बबूल के पेड़ पर फंदे से लटका मिला। स्वजनों ने भाई की प्रेमिका के पिता की धमकी से डर कर आत्महत्या करने का आरोप लगाया। स्वजनों ने युवती के पिता सहित कई को पीटा और पुलिस से भी धक्का मुक्की कर बिल्ले नोच लिए। एसीपी बाबूपुरवा ने मौके पर पहुंच मामला शांत कराया।
छेदी सिंह का पुरवा निवासी अजीत पाल(28) शटरिंग कारोबारी थे।परिवार में पिता श्री राम पाल मां कुसुमा देवी,संदीप पाल, राजू पाल और बहन कंचन हैं। संदीप ने बताया कि अजीत का बर्रा दो की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। आरोप है कि रविवार सुबह युवती के पिता घर आये और अजीत से बेटी के लापता होने पर उसे कहीं छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने बेटी के घर न लौटने पर मुकदमा दर्ज करा जेल भिजवाने की धमकी भी दी थी। इससे भाई डरकर कहीं चला गया था। रातभर उसकी तलाश की गई, लेकिन नहीं मिला। मोबाइल भी बंद था।


प्रेमिका के पिता को पीटा और पुलिस के नोचे बिल्ले
सोमवार सुबह स्वजनों को अजीत का शव गोविंद नगर थानाक्षेत्र स्थित रेलवे ग्राउंड के बबूल के पेड़ से लटके होने की सूचना मिली। जानकारी पर गोविंद नगर और बर्रा पुलिस भी पहुंच गई। इसी दौरान युवती का पिता और उनके परिवार के लोग पहुंचे तो स्वजन भड़क गए और उन्हें पीटा। युवती के पिता खून से लथपथ होकर गिर पड़े। पुलिस बचाने दौड़ी तो लोगों ने उनसे भी धक्का मुक्की की और बिल्ले नोच लिए। कुछ देर बाद एसीपी बाबूपुरवा आलोक सिंह फोर्स के साथ पहुंचे।।तब मामला शांत हुआ।
एसीपी बाबूपुरवा आलोक सिंह ने बताया कि,परिजनों को समझा बुझाकर शांत करा दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। स्वजनों की तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 

बड़ी खबर : सेंट ज़ेवियर हाई स्कूल की बस अनियंत्रित होकर पलटी, कई छात्र छात्राएं हुए घायल, मचा हड़कंप

बड़ी खबर : सेंट ज़ेवियर हाई स्कूल की बस अनियंत्रित होकर पलटी, कई छात्र छात्राएं हुए घायल, मचा हड़कंप

मऊ | उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में सोमवार को सुबह सेंट ज़ेवियर हाई स्कूल की बस अनियंत्रित होकर पलट गई. इस हाइसे में 10 स्कूली छात्राएं घायल हुईं हैं. बस ड्राइवर भी घायल हो गया. इस घटना की जानकारी होते ही हड़कंप मच गया. फौरन घायलों को बस से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया.

 

रानीपुर थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा में अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे एक स्कूल बस पलट गई. इसमें 10 छात्र छात्राओं के साथ बस ड्राइवर घायल हो गया. यह हादसा मऊ के रानीपुर थाना क्षेत्र के गोकुलपुरा में ओवरटेक के चक्कर में हुआ है. घटना मऊ शहर स्थित सेंट जेवियर हाई स्कूल के पास की है. बस पलटने के बाद चीख पुकार मच गई. सभी बच्चों को बस से बाहर निकाला गया. उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया.

मौके पर पहुंचे गोकुलपुरा के पूर्व प्रधान अजय कुमार सिंह ने बताया कि बस काफी तेज गति से आ रही थी. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बगल में बोलेरो को ओवरटेक करने के चक्कर में सड़क के किनारे पलट गई. पूर्व प्रधान ने बताया कि बस की स्थिति बहुत खराब थी. बस के ड्राइवर ने बताया कि बस में 10 बच्चे सवार थे. मऊ के सेंट जेवियर हाई स्कूल से बच्चों को लेकर जा रहे थे, तभी ओवरटेक करने के बाद बस पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बगल में पलट गई है. बच्चों को इलाज के बाद घर पहुंचा दिया गया. इस हादसे में उसे भी चोट लगी है.

आसपास के लोगों का कहना है कि बस काफी पुरानी दिख रही है. इस तरह की बसों के संचालन से दुर्घटना का अंदेशा रहता है. इस तरह की बस पर बच्चों को ले जाना ठीक नहीं है. इस हादसे के कारण की जांच होनी चाहिए. बस का फिटनेस टेस्ट भी किया जाए.

सेक्स रैकेट : सदर थाना क्षेत्र में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 4 युवक व 3 नाबालिगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

सेक्स रैकेट : सदर थाना क्षेत्र में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 4 युवक व 3 नाबालिगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

जयपुर | राजस्थान के बूंदी के सदर थाना क्षेत्र में देह व्यापार के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस पर हमला करने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पुरुष समेत महिलाओं ने पुलिस पर पथराव किया है। हालांकि, पुलिस ने चार युवकों और तीन नाबालिग लड़कियों को पकड़ लिया। रामनगर कंजर कॉलोनी में लंबे समय से देह व्यापार की सूचना मिल रही थी, रविवार को पुलिस को इस बारे में फिर से सूचना प्राप्त हुई।

बूंदी पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर दबिश दी। पुलिस के पहुंचते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद महिलाओं और अन्य लोगों ने पुलिस पर पथराव के साथ हमला भी किया। पुलिस पर हमले का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

बूंदी पुलिस उपाधीक्षक धर्मेंद्र शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि सीडब्ल्यूसी व बचपन बचाओ एनजीओ एवं बूंदी पुलिस द्वारा देह व्यापार (प्रॉस्टिट्यूशन) संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस दल पर पत्थर फेंकने के साथ-साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी की, लेकिन पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में होने से पुलिस ने कार्यवाही को अंजाम दिया।

पुलिस ने मौके से देह व्यापार में लिप्त फोरमैन कंजर और मनीष कंजर के साथ कोटा नयापुरा निवासी मनन भार्गव व कुशराज सिंह को गिरफ्तार किया। वहीं, तीन नाबालिग को पकड़कर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है।

 

 किसानो ने रिबन काटकर 354 दिनों के बाद फिर से शुरू किया टोल , जाने कुछ अहम

किसानो ने रिबन काटकर 354 दिनों के बाद फिर से शुरू किया टोल , जाने कुछ अहम

करनाल : किसान आंदोलन के कारण बंद चल रहे बसताड़ा टोल प्लाजा 354 दिनों के बाद सोमवार से शुरू हो गया। इसकी शुरूआत भी किसानों ने रिबन काटकर की, अब जो भी दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर बसताडा से हाईवे क्रॉस करेगा, उसे बढ़ा हुआ शुल्क अदा करने के बाद ही क्रॉसिंग मिलेगी, इस दौरान दिल्ली की तरफ से आने वाले किसानों को अभी राहत दी जाएगी । बता दे कि 25 दिसंबर 2020 सेये टोल बंद था ।

10 के बाद टोल कंपनी एक्टिव हुई - - -

10 दिसंबर को घोषणा के बाद बसताड़ा टोल को शुरू करने के लिए टोल कंपनी एक्टिव हो गई थी, टोल प्लाजा के सभी बूथों पर कंप्यूटर सिस्टम ऑन करके कर्मचारी तैनात हो चुके हैं, टोल की सभी लाइनों, साफ सफाई व मरम्मत के बाद तैयार कर दी गई, फास्टैग व कैश लेन की व्यवस्था को दुरुस्त जारी हो गई, टोल प्लाजा पर बढ़ी वार्षिक दरें भी लागू हो गई हैं, मंथली पास की दरों में इज़ाफ़ा किया गया है।

प्रतिदिन करीब 70 लाख का नुकसान हो रहा था - - -

वहीं फ़ास्ट टैग और मंथली पास बनवाने वाली जगह पर लम्बी लम्बी लाइन लगी हुई नजर आ रही हैं, टोल से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार बसताड़ा टोल से रोजाना 30 से 35 हजार छोटे वाहन गुजरते है जिनमें कार व जीप जैसे व्हीकल शामिल है, वही प्रतिदिन 8 से 10 हजार बड़े व भारी वाहनों की क्रासिंग होती है, टोल फ्री होने से पहले बसताड़ा टोल से सरकार को प्रतिदिन करीब 70 लाख का नुकसान हो रहा था, 25 दिसंबर 2020 से टोल फ्री चल रहा हैं, NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्ट वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले तो हम किसानों को बधाई देना चाहेंगे।

टोल टैक्स लेना शुरू - - -

किसानों की मांगे पूरी हुई है, जो किसान यहां पर थे, उन्होंने किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि नहीं की, शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन पूरा किया। सरकार की व्यवस्था दोबारा से कायम हो रही है, टोल की व्यवस्था पूरी तरह से तैयार है, किसानों ने अपनी सहमति जता दी है, वहीं NHAI के निर्देश भी मिल चुके हैं, अब टोल टैक्स लेना शुरू हो गया।

सालाना वृ्द्धि के हिसाब से शुल्क तय  - - -

आंदोलन के कारण शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, सालाना वृ्द्धि के हिसाब से शुल्क तय किया है, जगदीप ओलख ने कहा कि आंदोलन में जीत दर्ज करने और जश्न मनाने के बाद आज बसताडा टोल पर आंदोलन का समाप्त किया है, केवल एक जत्था दिल्ली से चला हुआ है, एक साल तक आंदोलन चलवाया।

इतिहास में टोल का नाम होगा दर्ज  - - -

किसान भवन में किसान बैठते हैं, यहां के किसानों ने कैमला में सीएम का जाहज नहीं उतरने दिया, नेताओं को विरोध किया। प्रशासन की लाठियां खाई, कुल मिलाकर आंदोलन में अहम योगदान दिया, किसान नेता बहादुर मैहला का कहना है, कि पिछले 1 साल से यहां बैठे, लंगर लगाया, लाठीचार्ज में एक किसान भाई सुशील काजल की मौत हुई, संघर्ष की चिंगारी यहां से उठी थी और पूरे साल के त्योहार यहीं पर मनाए इतिहास में टोल का नाम दर्ज रहेगा।