लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य अगले महीने के अंत तक पूरा करने की निर्देश दिए हैं। आदित्यनाथ से रविवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, ऊर्जा, शिक्षा और औद्योगिक विकास परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि फरवरी 2026 के अंत तक गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए। उन्होंने कहा कि 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की कनेक्टिविटी को ऐतिहासिक मजबूती प्रदान करेगा और यह औद्योगिक, कृषि तथा परिवहन गतिविधियों के लिए एक मजबूत आधार बनेगा।
बैठक में बताया गया कि यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों से होकर गुजरता है और 500 से अधिक गांवों को सीधा लाभ पहुंचाएगा। सड़क गुणवत्ता के आकलन के लिए ‘रफनेस इंडेक्स' और ‘राइडिंग कम्फर्ट इंडेक्स' जैसे आधुनिक तकनीकी मानकों के आधार पर परीक्षण किए जा रहे हैं। नोएडा के जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने फेज-3 के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जेवर हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की वैश्विक कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार सृजन का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। इसके शुरू होने से उत्तर प्रदेश ‘एयर कार्गो हब' के रूप में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने वाला है।
इसलिए इसके आगामी चरणों की तैयारी समय रहते सुनिश्चित की जाए। मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाएं कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर एरच सिंचाई परियोजना, रिहंद एवं ओबरा क्षेत्र की जल विद्युत परियोजनाओं, ग्रेटर नोएडा में ‘मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब' और ‘मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब' और ‘मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल' योजना की भी समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल कॉरीडोर और बहराइच-श्रावस्ती-बलरामपुर-सिद्धार्थनगर-संतकबीरनगर रेल लाइन कनेक्टिविटी के विस्तार पर चर्चा हुई।
दिल्ली - दिल्ली में अपने घर का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों और महंगे होम लोन के दौर में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) एक बार फिर आम और मिडिल क्लास के लिए किफायती आवास लेकर आया है। नागरिक आवास योजना 2026 के तहत डीडीए ने राजधानी में 1712 फ्लैट्स बिक्री के लिए उतारने का ऐलान किया है, जिन पर 25 फीसदी तक की सीधी छूट दी जा रही है। खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे घर खरीदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है।
शनिवार से शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन
डीडीए ने योजना के तहत फ्लैटों के लिए शनिवार से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक खरीदार डीडीए की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद 28 जनवरी से फ्लैटों की बुकिंग शुरू होगी। डीडीए अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को सस्ता और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है।
नरेला और सिरसपुर में उपलब्ध होंगे फ्लैट
इस योजना में दिल्ली के नरेला और सिरसपुर इलाके में बने फ्लैट शामिल हैं। नरेला में 298 एचआईजी, 459 एमआईजी, 481 एलआईजी और 63 ईडब्ल्यूएस फ्लैट उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, सिरसपुर में 411 एलआईजी फ्लैट्स रखे गए हैं। अलग-अलग आय वर्ग के हिसाब से फ्लैटों का विकल्प होने से पहली बार घर खरीदने वालों को भी खास फायदा मिलने की उम्मीद है।
पूरी तरह ऑनलाइन होगी बुकिंग प्रक्रिया
डीडीए ने इस बार पूरी बुकिंग प्रक्रिया को ऑनलाइन रखा है। आवेदक घर बैठे न सिर्फ रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे, बल्कि भुगतान और दस्तावेज़ अपलोड करने की सुविधा भी मिलेगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दलालों की भूमिका भी कम होगी।
प्रीमियम आवास योजना में भी मिलेगा मौका
इसके अलावा प्रीमियम आवास योजना 2026 के तहत 582 फ्लैट्स और गैरेज की ऑनलाइन ई-नीलामी भी की जाएगी। इसके लिए 13 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है, जबकि 23 फरवरी से ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी।
बिहार (मुंगेर)। बिहार के मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत कुतलूपूर पंचायत के वार्ड संख्या-10 से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 26 वर्षीय महिला काजल पर अपनी ही 16 साल की नाबालिग भतीजी रचना की गला घोंटकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है;
मृतका रचना 10वीं कक्षा की छात्रा थी और उसका शव काजल के घर से बरामद हुआ, गले पर गहरे निशान मिलने के बाद प्रथम दृष्टया हत्या की पुष्टि हुई;
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि काजल लंबे समय से रचना पर जबरन समलैंगिक संबंध बनाने का दबाव बना रही थी, लेकिन रचना के लगातार इनकार करने पर वह गुस्से में आ गई और इसी आवेश में उसने रचना की गला दबाकर हत्या कर दी; बताया जा रहा है कि काजल का व्यवहार पहले से ही संदिग्ध था और उस पर अन्य महिलाओं के साथ भी संबंध रखने के आरोप लगाए गए हैं;
हत्या के बाद काजल ने कुछ लोगों को इस वारदात की जानकारी दी और मौके से फरार हो गई; सूचना मिलने पर डायल 112 के माध्यम से पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर मुंगेर सदर अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, वहीं आरोपी के घर से कुछ कागजात भी बरामद किए गए हैं जिनकी जांच की जा रही है;
सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि मामला गला घोंटकर हत्या का प्रतीत होता है और सभी पहलुओं पर जांच जारी है, परिजनों का लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी, जबकि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
00 रायपुर साहित्य उत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए राज्यपाल
रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा है कि इंटरनेट से भरी इस दुनिया और न्यू जनरेशन वाले इस दौर में भी प्रिंट और साहित्य का महत्व हमेशा बना रहेगा। राज्यपाल श्री डेका ने आज नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव ‘आदि से अनादि‘ के समापन समारोह के अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। राज्यपाल ने कहा कि साहित्य और कविता में हमेशा एक संदेश होना चाहिए। जिस तरह संगीत के सात स्वर हमें जोड़े रखते है उसी तरह साहित्य का आदान-प्रदान नई बातों का सीखने का अवसर प्रदान करता है। समापन समारोह में मुख्य अतिथि की आसंदी से राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन दिनों में इस मंच पर बहुत अच्छी और सार्थक चर्चाएं हुईं। विचारों का खुलकर आदान-प्रदान हुआ। सबने मिलकर साहित्य, समाज और जीवन से जुड़े कई विषयों पर बात की। यह उत्सव सभी साहित्य प्रेमियों के लिए एक यादगार और सीखने वाला अनुभव रहा है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। देश भर से आए नामी प्रकाशकों ने यहां किताबों का बहुत सुंदर संग्रह प्रस्तुत किया। पाठकों को नई-नई किताबें देखने और पढ़ने का अच्छा मौका मिला। यह देखकर अच्छा लगता है कि आज भी लोगों में किताबों के प्रति गहरी रुचि है।
श्री डेका ने कहा साहित्य और संगीत का आदान प्रदान जरूरी है और ऐसे साहित्य का उत्सव हमेशा होना चाहिए। उन्होंने तीन दिवसीय सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य के अन्य शहरों एवं गांवांे के स्तर तक भी किया जाना चाहिए और यह आयोजन सरकारी न होकर समुदाय की भागीदारी वाले होने चाहिए।
श्री डेका ने कहा कि आज की पीढ़ी छत्तीसगढ़ के रामायण कालीन संस्कृति एवं साहित्य को भूल गयी है। हमारा राज्य बहुत सुंदर है और यहां की संस्कृति भी बहुत समृद्ध है। इसका प्रचार प्रसार होना चाहिए ताकि राज्य के बाहर के लोग यहां के बारे में जान सकें। श्री डेका ने कहा कि शब्दों में बहुत शक्ति होती है। शब्द का रूप ब्रह्म है। उन्हांेने बंकिमचंद्र चटर्जी के वंदे मातरम गीत का उल्लेख किया और कहा कि सारे देश को इन दो शब्दों ने जागृत कर दिया था। उन्होंने कहा कि साहित्य हमें जोड़ता है, हमें सोचने की नई दिशा देता है और हमें बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है। हम सभी साहित्य को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाएं और विचारों की यह रोशनी लगातार जलाए रखें। उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो बिना किसी लेन-देन या व्यक्तिगत स्वार्थ के हो। ऐसे कार्य देश और समाज के समग्र विकास को मजबूती प्रदान करते हैं
समापन समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में साहित्य की अविरल धारा बहती रही है। कालीदास, रविन्द्रनाथ टैगोर जैसे कवि एवं साहित्यकारों का इतिहास भी छत्तीसगढ़ से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी इस तरह के आयोजन अनवरत किए जाते रहेंगे।
समापन समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात रंगकर्मी, नाट्य लेखक डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने की। इस अवसर पर फिल्म अभिनेता एवं निर्देशक डॉ. चंद्र प्रकाश द्विवेदी, फिल्म निर्माता-निर्देशक श्री अनुराग बसु विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा और श्री आर कृष्णा दास, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
गणतंत्र दिवस समारोह 2026
रायपुर- गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को राज्यपाल श्री रमेन डेका राजधानी रायपुर में और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जिला मुख्यालय बिलासपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर राज्य के अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण, सांसदगण और विधायकगण मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन करेंगे। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू दुर्ग, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव बस्तर, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सरगुजा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव, आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम रायगढ़, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल गरियाबंद, वन मंत्री श्री केदार कश्यप बीजापुर, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन कबीरधाम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल जशपुर, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी जांजगीर-चांपा, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा कोरबा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े बलरामपुर-रामानुजगंज, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव दंतेवाड़ा, तकनीकी एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब बालोद एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला मुख्यालय में आयोजित गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इसी तरह सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल बलौदाबाजार, सांसद श्री विजय बघेल बेमेतरा, सांसद श्री संतोष पांडेय मोहला-मानपुर-चौकी, सांसद श्री चिंतामणि महाराज सूरजपुर, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी महासमुंद, सांसद श्री राधेश्याम राठिया सांरगढ़-बिलाईगढ़, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े सक्ती, सांसद श्री महेश कश्यप नारायणपुर, सांसद श्री भोजराज नाग कांकेर, सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, विधायक सुश्री लता उसेंडी कोण्डागांव, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले मुंगेली, विधायक श्री भैयालाल राजवाड़े कोरिया, विधायक श्री अजय चंद्राकर धमतरी, विधायक श्री राजेश मूणत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं विधायक श्री किरण देव जिला मुख्यालय सुकमा में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे।
Republic Day 2026: देश आज पूरे गौरव और उत्साह के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है और इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि गणतंत्र दिवस भारत की आन-बान और शान का प्रतीक है, जो हर भारतीय के भीतर नई ऊर्जा, नया उत्साह और राष्ट्र निर्माण का संकल्प भरता है; प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर संदेश जारी करते हुए लिखा कि यह राष्ट्रीय पर्व विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है तथा हमें स्वतंत्रता, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का संदेश देता है, वहीं उन्होंने संस्कृत श्लोक के माध्यम से स्वतंत्रता और एकता के महत्व को भी रेखांकित किया।
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरे देश में उत्सव का माहौल है, गांव-कस्बों से लेकर महानगरों तक तिरंगे की शान दिखाई दे रही है और राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाली भव्य गणतंत्र दिवस परेड के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जहां इस वर्ष “ऑपरेशन सिंदूर” की थीम पर जमीन से आसमान तक भारत के शौर्य, सैन्य शक्ति और तकनीकी सामर्थ्य का प्रदर्शन किया जाएगा; परेड में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियां कदमताल करेंगी, तो वहीं राज्यों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की झांकियों के माध्यम से देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विकास कार्यों और विविधता में एकता की झलक देखने को मिलेगी, जिसे देखकर देशवासियों का सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा।
इस ऐतिहासिक दिन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से होगी, जबकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कर्तव्य पथ पर तिरंगा फहराकर परेड की सलामी लेंगी; वहीं किसी भी तरह की सुरक्षा चूक को रोकने के लिए दिल्ली से लेकर कश्मीर, कन्याकुमारी, गुजरात और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, अकेले दिल्ली में 10 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है और 3 हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है, जिससे गणतंत्र दिवस का यह राष्ट्रीय पर्व पूरे अनुशासन, गरिमा और गौरव के साथ मनाया जा सके।
Republic Day 2026: गणतंत्र दिवस-2026 के अवसर पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के कुल 31 अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा) और पुलिस पदक (सराहनीय सेवा) से सम्मानित किया गया है।

CBI द्वारा 25 जनवरी 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 6 अधिकारियों/कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक प्रदान किया गया, जिनमें IPS अधिकारी चंद्रशेखर वेणुगोपल, अमित श्रीवास्तव, मुकेश शर्मा सहित विभिन्न रैंकों के अधिकारी शामिल हैं,

जबकि 25 अधिकारियों/कर्मचारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से नवाज़ा गया है, जिनमें IPS, पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और तकनीकी स्टाफ भी शामिल हैं; यह सम्मान CBI के अधिकारियों द्वारा देशभर में की गई उत्कृष्ट, ईमानदार और समर्पित सेवाओं की मान्यता के रूप में प्रदान किए गए हैं।
Rashtriya Paryatan Divas 2026: पर्यटन देश को न केवल आर्थिक मजबूती देता है बल्कि उसके सांस्कृतिक और सामाजिक ताक़त को भी दर्शाता है। हर साल 27 सितंबर को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस (National Tourism Day 2026) मनाया जाता है। वहीं विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर को मनाया जाता है। पर्यटन दिवस साल में दो बार आता है।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस 2026 की थीम ग्रामीण और समुदाय केंद्रित पर्यटन (Rural and Community Centric Tourism)’ है। देश में पर्यटन दिवस की नींव 1948 में रख दी गई थी, जब पर्यटन यातायात समिति का गठन हुआ। वर्ष 1998 में पर्यटन और संचार मंत्री के नेतृत्व में पर्यटन विभाग की स्थापना हुई। इसके बाद 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस के रूप में चुना गया। यहां हम भारत की ऐसी 4 जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां देश ही नहीं विदेश भी पर्यटक घूमने आते हैं।
राजस्थान
टूरिज्म के मामले में राजस्थान बेहद पसंद की जाने वाली जगह है। यहां देशभर से लोग घूमने पहुंचते हैं। यहां की खूबसूरती विदेश से भी पर्यटकों को खींच लाती है। अपनी कला और संस्कृति के साथ-साथ यहां के किले अपने आप में अनूठे हैं। यहां फ्रांस और ब्रिटेन के पर्यटक भी घूमने आते हैं। जयपुर के अलावा जोधपुर, जैसलमेर, माउंट आबू और उदयपुर में सबसे ज्यादा लोग पहुंचते हैं।
आगरा
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम आगरा का आता है। ये जगह अपने आप में ऐतिहासिक है। यहां खूबसूरत ताजमहल है, जहां न सिर्फ लोकल लोग बल्कि विदेशी नागरिकों का भी खूब जमावड़ा लगा रहता है। ये भारत के सबसे वीआईपी पर्यटन वाली जगहों में शामिल है। आगरा में ताज महल के अलावा, फतेहपुर सीकरी, अकबर का मकबरा और सिकंदर का किला जैसी जगहें हैं। ताजमहल की वेबसाइट के मुताबिक, हर साल 7 से 8 मिलियन पर्यटकों घूमने आते हैं।
दिल्ली
देश की राजधानी नई दिल्ली में भी पर्यटकों की रूची रहती है। लाल किला, इंडिया गेट, हुमायूं मकबरा, कुतुब मीनार और राष्ट्रपति भवन जैसी तमाम खूबसूरत जगहें हैं। ये जगहें विदेशी नागरिकों को भी खूब पसंद आती हैं।
ऋषिकेश
हर साल यहां बड़ी संख्या में देश ही नहीं विदेश से भी लोग अपनी व्यस्त दिनचर्या से दूर अपने दिमाग को शांत करने और अध्यात्म को अपनाने के लिए योग की राजधानी ‘ऋषिकेश’ में आते हैं। इसके अलावा गंगा आरती के अलावा, वाटर फॉल और यहां बने आश्रम आकर्षण का केंद्र हैं।
कश्मीर
कश्मीर में गुलमर्ग, डल झील,परी महल, पहलगाम और नागिन झील की खूबसूरती देखते ही बनती है। यहां के नजारे लोगों को बहुत पसंद आते हैं। बर्फवारी के समय बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचते हैं।
लद्दाख
लद्दाख को बाइक से घूमकर देखने का मज़ा ही कुछ और है। यहां कई जगहें हैं जिनमें से अलग-अलग तरह के मठ, गांव, घाटियां, और ग्लेशियर हैं। लद्दाख पश्चिमी देशों के यात्रियों और पूर्वी देशों के आध्यात्मिक यात्रियों के बीच एक बहुत बड़ा आकर्षण है।
नेशनल डेस्क: प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे श्रद्धालुओं और प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। शनिवार शाम तुलसी शिवाला मार्ग पर स्थित सेक्टर-6 में किशोरी मठ (चित्रकूट) के शिविर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने दो टेंटों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, हालांकि शिविर में लगे दो टेंट पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग की चपेट में आने से वहां रखी रजाइयां, गद्दे और अन्य घरेलू सामान भी पूरी तरह नष्ट हो गए।
माघ मेला शुरू होने के बाद यह आग लगने की लगभग पांचवीं घटना बताई जा रही है, जो अलग-अलग सेक्टरों में सामने आ चुकी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह अंगीठी से निकली चिंगारी मानी जा रही है। फिलहाल फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मामले की गहन जांच में जुटी हुई हैं, ताकि सटीक कारण का पता लगाया जा सके और आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। आग लगते ही शिविर में मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी, लेकिन दमकल कर्मियों की तत्परता से समय रहते हालात काबू में आ गए और बड़ा हादसा टल गया।
करीब 800 हेक्टेयर में फैले माघ मेला क्षेत्र को कुल सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं। छोटे और सीमित अवधि के कल्पवासियों के लिए टेंट सिटी विकसित की गई है, जहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मेला क्षेत्र में प्रमुख व्यवस्थाएं
- आवागमन: बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा
- सुरक्षा व्यवस्था: 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
- पार्किंग सुविधा: 42 अस्थायी पार्किंग स्थल, जहां करीब एक लाख वाहनों की क्षमता
लगातार हो रही आग की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने सभी शिविर संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। माघ मेला में लाखों श्रद्धालु स्नान और कल्पवास के लिए पहुंच रहे हैं, ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के लखनऊ में अदालत परिसर के अंदर से एक महिला को गिरफ्तार करने की कोशिश के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। अधिकरियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये पुलिसकर्मी वैवाहिक विवाद के कारण अपने ही पति को झूठे मामले में फंसाने की दो बार साजिश रचने वाली महिला को पकड़ने के लिए गये थे। पुलिस के मुताबिक, 14 जनवरी को पुलिस ने काकोरी क्षेत्र में एक ऑनलाइन पोर्टर वाहन को रोका और लगभग 12 किलो संदिग्ध गोमांस बरामद किया।
पुलिस ने बताया कि इस गोमांस की आपूर्ति अमीनाबाद के एक व्यापारी वासिफ को की जानी थी, जिसने किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया और इसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान जांचकर्ताओं को संदेह हुआ कि खेप को जानबूझकर कारोबारी को फंसाने के लिए भेजा गया था। स्थानीय पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जांच में वैवाहिक विवाद से जुड़ी एक कथित साजिश का पता चला, जिसमें कारोबारी वासिफ की पत्नी अमीना और उसके साथी अमान (भोपाल निवासी) की भूमिका का पता चला।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी इस तरह का मामला सामने आया था, जिसके बाद अमान को गिरफ्तार कर लिया गया जबकि अमीना फरार है। पुलिस के मुताबिक, इस सप्ताह के शुरू में लखनऊ उच्च न्यायालय परिसर के भीतर पुलिसकर्मियों ने अमीना को गिरफ्तार करने का प्रयास किया, जिसके बाद उसके वकील ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। गोमती नगर के विभूति खंड थाने में नियमों के उल्लंघन का आरोप में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(3) (आपराधिक अतिक्रमण), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से उकसाना) का आरोप लगाया गया है।
लखनऊ पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि इस घटना के संबंध में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया, “कथित साजिश व निलंबित पुलिसकर्मियों की कार्रवाई दोनों की जांच जारी है और पुलिस मामले में नामजद महिला की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है।”
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रेत माफिया का आतंक एक बार फिर बेखौफ नजर आया। सरसई थाना क्षेत्र के मुस्तरा गांव में देर रात रेत माफियाओं ने रेत कंपनी की चेक पोस्ट पर जानलेवा हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हमला और कट्टे से की गई फायरिंग में एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक, मुस्तरा गांव में शिवा कॉर्पोरेशन कंपनी को रेत खनन का ठेका मिला हुआ है। कंपनी द्वारा लगाए गए चेक पोस्ट पर रॉयल्टी की जांच की जाती है। बीती रात रेत माफिया बिना रॉयल्टी चुकाए ट्रैक्टरों से रेत निकालने की कोशिश कर रहे थे। जब कंपनी के कर्मचारियों और ग्रामीणों ने इसका विरोध किया, तो विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।
रेत माफियाओं ने चेक पोस्ट पर मौजूद कर्मचारियों और ग्रामीणों पर लाठी-डंडों से हमला किया और कट्टे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही सरसई पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एक नामजद और दो अज्ञात आरोपियों समेत तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
एडीएसपी दतिया सुनील शिवहरे ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। रेत माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सागर। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच सागर शहर से शनिवार को इंसानियत को झकझोर देने वाली एक तस्वीर सामने आई। यह तस्वीर विकास, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी -तीनों पर बड़ा सवाल छोड़ गई।
रेलवे स्टेशन क्षेत्र में किराए के कमरे में रहने वाला एक बुजुर्ग पति अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी को हाथ ठेले पर अस्पताल ले जाने को मजबूर था। उम्मीद थी कि अस्पताल पहुंचते ही शायद जान बच जाए, लेकिन दुर्भाग्य ऐसा कि रास्ते में ही पत्नी ने दम तोड़ दिया।
दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ।
सुबह करीब 10 बजे जब शहर की सड़कें लोगों से भरी थीं वही बुजुर्ग अब अपनी पत्नी के शव को उसी हाथ ठेले पर रखकर श्मशान घाट की ओर बढ़ता नजर आया। रोते-बिलखते वृद्ध ने अपना नाम पवन साहू बताया। पत्नी पार्वती साहू मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले की रहने वाली थीं। पिछले 12–13 वर्षों से दोनों सागर में सब्जी का ठेला लगाकर किसी तरह जीवन गुजार रहे थे।
पत्नी की तबीयत अचानक बिगड़ी तो पवन साहू के पास न एंबुलेंस थी, न कोई मदद। जानकारी के अभाव और मजबूरी में उसने वही ठेला चुना, जिससे रोज़ी-रोटी चलती थी। लेकिन वही ठेला पत्नी की अंतिम यात्रा का सहारा बन गया। सबसे पीड़ादायक दृश्य यह रहा कि सुबह का समय होने के बावजूद जहां सैकड़ों लोग आते-जाते रहे कोई मदद के लिए आगे नहीं आया। लोग देखते रहे, लेकिन इंसानियत खामोश रही।
करीब दो किलोमीटर तक शव को ठेले पर ले जाते हुए जब वृद्ध मोतीनगर चौराहा पहुंचा, तब जाकर मोतीनगर वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि और अन्य सामाजिक लोगों ने संवेदनशीलता दिखाई। उन्होंने तत्काल मदद कर अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई। यह घटना सिर्फ एक मौत की नहीं है - यह सिस्टम की नाकामी, समाज की संवेदनहीनता और विकास के खोखले दावों की आईना है।
पाकिस्तान - पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहाँ के डेरा इस्माइल खान जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुए भीषण आत्मघाती हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई है जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना की पूरी जानकारी नीचे विस्तार से दी गई है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
यह हमला शुक्रवार शाम को डेरा इस्माइल खान के कुरैशी मोड़ के पास स्थित एक घर में हुआ। जिस समय धमाका हुआ उस वक्त घर में शादी का जश्न चल रहा था और मेहमान ढोल की थाप पर नाच रहे थे। तभी एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। धमाका इतना जोरदार था कि कमरे की छत गिर गई जिससे मलबे के नीचे कई लोग दब गए।
शांति समिति के नेता को बनाया निशाना
खबरों के अनुसार यह हमला शांति समिति (Peace Committee) के प्रमुख सदस्य नूर आलम महसूद के घर को निशाना बनाकर किया गया था। मारे गए लोगों में एक प्रमुख नाम वहीदुल्लाह महसूद (जिगरी महसूद) का भी है जो शांति समिति के महत्वपूर्ण सदस्य थे। ये समितियां इलाके में आतंकवाद के खिलाफ स्थानीय स्तर पर काम करती हैं।
बचाव कार्य और अस्पताल की स्थिति
घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैजी ने बताया कि मलबे से शवों और घायलों को निकालने के लिए आपदा राहत वाहनों और एंबुलेंस को तैनात किया गया है। घायलों को पास के जिला मुख्यालय अस्पताल (DHQ) में भर्ती कराया गया है जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर दी गई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक (IG) से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतरीन इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि शांति भंग करने वाले दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
नेशनल डेस्कः जनवरी के आखिरी हफ्ते में बैंक छुट्टियों का ऐसा मेल बन रहा है कि अगर आपने पहले से जानकारी नहीं ली, तो बैंक पहुंचकर सीधे बंद शटर देखने को मिल सकता है। खास तौर पर 24 जनवरी (शनिवार) को लेकर लोगों में सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन बना हुआ है। आइए विस्तार से समझते हैं कि बैंक कब बंद रहेंगे और कब खुलेंगे।
24 जनवरी को बैंक खुलेंगे या बंद? जानिए पूरा सच
24 जनवरी को शनिवार है और यह जनवरी महीने का चौथा शनिवार पड़ता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के अनुसार हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार और हर रविवार को देशभर के सभी सरकारी और निजी बैंक बंद रहते हैं।
इसलिए 24 जनवरी को पूरे भारत में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।
बैंक छुट्टियां कैसे तय होती हैं?
भारत में बैंक छुट्टियों की आधिकारिक सूची RBI जारी करता है। इसमें शामिल होते हैं: राष्ट्रीय अवकाश (जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस), राज्य-विशेष त्योहार, सभी रविवार और हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार। इसी वजह से बैंक जाने से पहले अपने शहर और तारीख के अनुसार छुट्टी की जानकारी चेक करना बहुत जरूरी हो जाता है।
लगातार तीन दिन बंद रहेंगे बैंक
इस बार बैंक ग्राहकों को थोड़ी ज्यादा परेशानी हो सकती है, क्योंकि छुट्टियां लगातार पड़ रही हैं:
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24 जनवरी (शनिवार) – चौथा शनिवार, बैंक बंद
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25 जनवरी (रविवार) – साप्ताहिक अवकाश
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26 जनवरी (सोमवार) – गणतंत्र दिवस, राष्ट्रीय अवकाश
यानी 24, 25 और 26 जनवरी को लगातार तीन दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। अब अगर कोई जरूरी काम है, तो वह सीधे 27 जनवरी (मंगलवार) को ही निपटाया जा सकेगा।
डिजिटल बैंकिंग सेवाएं रहेंगी चालू
अच्छी खबर यह है कि भले ही बैंक शाखाएं बंद रहें, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी। आप इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं: नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग ऐप, UPI से पैसे भेजना और लेना और ATM से कैश निकालना। हालांकि, इन कामों के लिए बैंक नहीं खुलेंगे- चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनवाना,पासबुक अपडेट और केवाईसी या अन्य दस्तावेजी काम।
पंजाब - पुलिस विभाग के सब-डिवीजन सुलतानपुर लोधी के अंतर्गत आने वाले चार पुलिस थानों के सभी एस.एच.ओ. अचानक बदल दिए गए हैं। एक साथ सभी एस.एच.ओ. के स्थानांतरण से पुलिस विभाग में हैरानी का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, जिला कपूरथला के एस.एस.पी. गौरव तूर के आदेश पर थाना फत्तूढींगा के एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह को थाना सुलतानपुर लोधी का नया एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया है। थाना तलवंडी चौधरी के एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर निर्मल सिंह को थाना कबीरपुर का एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया, थाना साइबर कपूरथला की एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर अमनदीप कौर को थाना फत्तूढींगा का एस.एच.ओ. बनाया गया, और पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर अनिल कुमार को थाना तलवंडी चौधरी का एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया। इसके अलावा, थाना सुलतानपुर लोधी की पहली एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर सोनमदीप कौर को थाना सदर फगवाड़ा का एस.एच.ओ. नियुक्त किया गया।
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर 132 स्थित एक निजी स्कूल शिव नादर स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी का ई-मेल मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और तमाम सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। पुलिस को शुक्रवार सुबह स्कूल को बम से उड़ाने धमकी मिलने की जानकारी के बारे में बताया।
स्कूल परिसर में की गई सघन जांच
सूचना मिलने पर उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स, बम स्क्वाड, फायर ब्रिगेड, खोजी स्वान और बीडीडीएस (बम डिस्पोजल) टीम द्वारा स्कूल परिसर में सघन जांच की गई। इसके साथ ही साइबर टीम को प्राप्त ई-मेल की तकनीकी जांच सौंपी गई है, ताकि धमकी भेजने वाले की पहचान की जा सके। एहतियातन स्कूल बसों को वापस भेज दिया गया है और बच्चों को तय ड्रॉप प्वाइंट पर उतारा जा रहा है।
अभिभावकों से अपील
अभिभावकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर बच्चों को लें और बस स्टाफ के संपर्क में बने रहें। स्कूल की प्रिंसिपल अंजू सोनी ने अभिभावकों से सहयोग और समझदारी बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है, मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जांच प्रक्रिया जारी है।
प्रयागराज: प्रयागराज में जारी माघ मेले में बसंत पंचमी स्नान पर्व पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार रात 12 बजे से ही लोगों का संगम क्षेत्र में आगमन व स्नान जारी है और शुक्रवार को बसंत पंचमी पर 3.56 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई। मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि मेला क्षेत्र के सभी घाटों पर श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब मौजूद रहा। नियंत्रण कक्ष के माध्यम से श्रद्धालुओं के आवागमन पर नजर रखी गई।
बसंत पंचमी स्नान का होता है विशेष महत्व
पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक कैमरे क्रियाशील हैं। उन्होंने कहा कि साथ ही रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों की भी निगरानी की गई तथा सभी जगहों पर पुलिस प्रशासन के कर्मचारी अधिकारी तैनात हैं। उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि बसंत पंचमी पर्व पर प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की अतिरिक्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 22 मेला विशेष गाड़ियों का संचालन किया गया। तीर्थ पुरोहित राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि चूंकि प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का वास है, इसलिए यहां बसंत पंचमी स्नान का विशेष महत्व है।
पीली वस्तुओं का दान करने का विधान
बसंत पंचमी पर पीला वस्त्र धारण करने, पीली वस्तुओं का दान करने का विधान है। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी के दिन से ही ऋतु परिवर्तन का एहसास जनमानस को होने लगता है और लोग गुलाल आदि लगाकर इसे उत्सव के रूप में मनाते हैं। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि माघ मेला 800 हेक्टेयर क्षेत्र में सात सेक्टरों में लगाया गया है। मेला क्षेत्र में 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3500 से अधिक सफाईकर्मी तैनात हैं। उन्होंने बताया कि छोटी अवधि का कल्पवास करने के इच्छुक लोगों के लिए माघ मेला में टेंट सिटी बनाई गई है जहां ध्यान व योग आदि की सुविधाएं मौजूद हैं। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
मेला क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस बार 42 अस्थायी पार्किंग हैं जिनमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन खड़े हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12,100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 राज्य की वैज्ञानिक और खगोलीय विरासत को फ्यूचर रेडी टेक्नॉलोजिकल लीडरशिप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नीति नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेगी। इससे मध्यप्रदेश भारत की नई अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में सशक्त भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य स्पेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक जैसे उभरते सेक्टर्स में निवेश को प्रोत्साहित करना, उच्च-कौशल रोजगार सृजित करना और मध्यप्रदेश को एक अग्रणी स्पेस टेक हब के रूप में स्थापित करना है। ऐतिहासिक रूप से “प्राचीन भारत का ग्रीनविच” कहे जाने वाले उज्जैन (डोंगला) की खगोलीय विरासत को आधुनिक विज्ञान और एआई तकनीक से जोड़कर राज्य को अंतरिक्ष अनुसंधान के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
स्पेस टेक नीति-2026
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्पेस टेक नीति-2026 का शुभारंभ हाल ही में मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 में किया था। यह नीति राज्य को अंतरिक्ष और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्पेस टेक नीति-2026 एक समग्र और एंड-टू-एंड तकनीकी ढांचा प्रदान करती है, जिसमे अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र के अपस्ट्रीम, मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम सभी चरणों का विकास किया जाएगा। नीति में उपग्रह एवं प्रक्षेपण यान निर्माण, प्रणोदन प्रणाली, एवियोनिक्स, उन्नत सामग्री, असेंबली-इंटीग्रेशन-टेस्टिंग,मिशन संचालन, ग्राउंड स्टेशन, स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस एवं एआई-आधारित उपग्रह डेटा विश्लेषण को शामिल किया गया है।
नीति में इन्फ्रॉस्ट्रक्चर और अनुसंधान एवं विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत स्पेस टेक मैन्युफैक्चरिंग पार्क, पर्यावरणीय एवं ईएमआई/ईएमसी परीक्षण सुविधाएँ, प्रणोदन एवं वाइब्रेशन परीक्षण प्रयोगशालाएँ, क्लीन रूम तथा सैटेलाइट सिमुलेशन, एआई मॉडलिंग और बिग-डेटा एनालिटिक्स के लिए उच्च प्रदर्शन कंप्यूटिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पात्र स्पेस-ग्रेड अधोसंरचना के लिए 40 प्रतिशत तक पूंजी अनुदान और फोकस सेक्टर्स के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है।
नीति के अंतर्गत डिज़ाइन-लिंक्ड इंसेंटिव, प्रोटो टाइप विकास अनुदान, बौद्धिक संपदा (आईपी) प्रतिपूर्ति सहायता और स्टार्ट-अप और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संरचित मैचिंग-फंड मॉडल शामिल किया गया है। इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष नीति और IN-SPACe सुधारों के अनुरूप निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा। नीति की विशेष उपलब्धि उज्जैन में खगोल भौतिकी एवं अंतरिक्ष विज्ञान के लिए अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना है। इस केंद्र से उज्जैन की समृद्ध खगोलीय विरासत को आधुनिक विज्ञान और एआई तकनीक से जोड़ा जाएगा।
नीति का क्रियान्वयन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाएगा, जिसमें एमपीएसईडीसी नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी। निवेशकों, स्टार्ट-अप्स और अनुसंधान संस्थानों को सिंगल-विंडो सुविधा उपलब्ध कराने के लिए एक समर्पित सुविधा प्रकोष्ठ भी स्थापित किया जाएगा। स्पेस टेक नीति से मध्यप्रदेश देश के अग्रणी टियर-2 स्पेस टेक हब के रूप में उभरेगा।
बैतूल : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सामने आए करीब डेढ़ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस ने आज तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी प्रकाश बंजारे जेएच कॉलेज बैतूल में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ था। ये घोटाला ‘गांव की बेटी योजना' के तहत दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि में 1 करोड़ 44 लाख 65 हजार रुपये के गबन से जुड़ा है। इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपेश डहेरिया और सहायक ग्रेड-3 रिंकू पाटिल को गिरफ्तार कर चुकी है। यह मामला अगस्त-सितंबर 2024 में महालेखाकार ग्वालियर की ऑडिट जांच के दौरान सामने आया था। जांच के बाद 17 दिसंबर 2024 को तत्कालीन प्राचार्य विजेता चौबे ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज और बिल बनाकर छात्रवृत्ति की राशि 95 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की। इन खातों में करीब 3240 बार लेनदेन किया गया, जो आरोपियों के रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर थे। पुलिस ने आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। एसडीओपी सुनील लाटा ने बताया कि दो पूर्व प्राचार्य भी आरोपी हैं, जिनकी गिरफ्तारी अभी शेष है। जांच जारी है।
नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिले की मुखानी पुलिस चौकी पर तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की हत्या के दोषी राजेंद्र कुमार आर्य की आजीवन कारावास की सजा को घटाकर 'जेल में पहले ही बिताई जा चुकी अवधि' तक कर दिया है। अदालत ने इस मामले को हत्या की धारा 302 के बजाय हत्या की धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या मानते हुए कहा कि आरोपी को केवल उतने समय के लिए दंडित किया जाना चाहिए जो वह पहले ही जेल में बिता चुका है। आर्य, मई 2014 से लगभग 11 वर्षों से जेल में है। इस मामले की सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति रविंद्र मैंठाणी और न्यायमूर्ति आलोक माहरा की अवकाशकालीन पीठ ने आर्य की तत्काल रिहाई के आदेश दिए।
इस मामले के अनुसार, 28 मई 2014 को आर्य को चोरी के एक मामले में हल्द्वानी के मुखानी पुलिस चौकी में हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, सुबह होने से पहले आर्य ने हिरासत से भागने की कोशिश की और जब ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आर्य ने वहीं पड़ी लोहे की एक छड़ से उनकी छाती पर वार कर दिया। गंभीर चोट के कारण कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वर्ष 2017 में, हल्द्वानी स्थित प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने राजेंद्र कुमार आर्य को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और हिरासत से भागने की कोशिश के लिए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी।
पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी ने हथकड़ी खोलने के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन उच्च न्यायालय ने इस पर संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस यह साबित करने में विफल रही है कि आरोपी को चाबियां कहां से मिलीं। अदालत का मानना था कि शायद आरोपी को हथकड़ी नहीं लगाई गई थी। उच्च न्यायालय ने माना कि हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी। आरोपी केवल भागने की कोशिश कर रहा था और हाथापाई के दौरान उसने पास में पड़ी एक छड़ उठाकर कांस्टेबल पर वार कर दिया।
न्यायालय ने कहा कि यह मामला अचानक हुए झगड़े के दौरान हुई घटना की श्रेणी में आता है। इसी के अनुरूप, न्यायालय ने दोषसिद्धि को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 से बदलकर धारा 304 कर दिया। चूंकि आरोपी 28 मई 2014 से लगातार जेल में है, इसलिए न्यायालय ने उसे जेल में बिता चुके समय के बराबर सजा सुनाई। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि यदि आरोपी किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल रिहा कर दिया जाए। आर्य पर निचली अदालत द्वारा लगाया गया जुर्माना बरकरार रखा गया है।
























