दिल्ली। दिल्ली के निहाल विहार इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां 29 साल की महिला फरजाना खान की शादी 32 साल के मोहम्मद शाहिद उर्फ इरफान से हुई थी. शादी तो हो गई लेकिन समय बीतते गया और पति अपनी पत्नी को शारीरिक रूप से खुश नहीं कर पा रहा था. इस बात से नाराज बीवी ने कुछ ऐसा किया जिसे जान आपके होश उड़ जाएंगे. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है।
Vice President Jagdeep Dhankhar resigns : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. धनखड़ ने सोमवार को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए कहा था, “मैं संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के मुताबिक तत्काल प्रभाव से पद से इस्तीफा देता हूं।” गौरतलब है, धनखड़ 11 अगस्त 2022 को उप-राष्ट्रपति बने थे और अगस्त 2027 तक उनका कार्यकाल था.
कौन होगा देश का अगला उप राष्ट्रपति
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है. संविधान के अनुच्छेद 67(A) के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करते हुए स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तुरंत प्रभाव से पद त्याग दिया है. अब उनके बाद देश का अगला उप राष्ट्रपति कौन होगा इसे लेकर फ़िलहाल कई नाम पर चर्चा है.वहीं नए उप राष्ट्रपति के नाम को लेकर भी कई नेताओं के नाम की चर्चा तेज है जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी चर्चा में हैं. भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर बचौल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह ख़ुशी की बात होगी कि अगर नीतीश कुमार देश के उप राष्ट्रपति बनते हैं.Vice President Jagdeep Dhankhar resigns
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अब राज्यसभा के मानसून सत्र की अध्यक्षता कौन करेगा? संविधान के मुताबिक, भारत का उपराष्ट्रपति राज्यसभा का एक्स-ऑफिसियो चेयरमैन होता है यानी जैसे ही उपराष्ट्रपति इस्तीफा देता है, वैसे ही राज्यसभा के चेयरमैन की कुर्सी खाली हो जाती है. अब नियम कहता है कि जब चेयरमैन मौजूद न हो, तो राज्यसभा का सत्र डिप्टी चेयरमैन की अध्यक्षता में आयोजित किया जाता है. मौजूदा समय में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हैं हरिवंश नारायण सिंह, जो 2020 से इस पद पर कार्यरत हैं. यानी जब तक नए उपराष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता और वो पदभार ग्रहण नहीं करते, तब तक हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा की कार्यवाही को संचालित करेंगे.
जल्द लॉन्च होगा WhatsApp का नया AI फीचर ‘Quick Recap’, कुछ ही सेकंड्स में देगा अनरीड मैसेज का सारांश
WhatsApp एक बार फिर अपने यूज़र्स के लिए नया और जबरदस्त फीचर लेकर आ रहा है. कंपनी इस बार एक AI-पावर्ड फीचर ‘Quick Recap’ को टेस्ट कर रही है, जो आपके चैट एक्सपीरिएंस को और भी बेहतर बना देगा. Quick Recap फीचर की मदद से यूज़र्स अपने अनरीड मैसेज का संक्षिप्त सारांश कुछ ही सेकंड्स में पा सकेंगे.
यह फीचर Meta Private Processing तकनीक पर आधारित है. आपकी चैट पूरी तरह से प्राइवेट और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहेगी. Meta या WhatsApp को आपका डेटा रीडेबल फॉर्म में नहीं मिलेगा. हालांकि, जो चैट ‘Advanced Chat Privacy’ के तहत सुरक्षित हैं, उन्हें इस फीचर में शामिल नहीं किया जाएगा.
इसदिन होगा लॉन्च?
Quick Recap फीचर अभी डेवलपमेंट स्टेज में है और इसे Android बीटा वर्जन 2.25.21.12 में देखा गया है. जल्द ही इसे बीटा यूज़र्स के लिए रोलआउट किया जाएगा. इसके बाद स्टेबल अपडेट के ज़रिए सभी Android यूज़र्स को यह सुविधा मिलने लगेगी. फिलहाल iOS यूज़र्स के लिए कोई टाइमलाइन सामने नहीं आई है.
WhatsApp का Quick Recap फीचर क्या है?
यह एक AI बेस्ड टूल है जो आपके अनरीड चैट्स का सारांश बनाकर यूजर्स को जल्दी खबर देता है।
यह फीचर अभी किस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है?
यह फिलहाल Android के बीटा वर्जन (v2.25.21.12) में टेस्टिंग के लिए है, आम यूजर्स के लिए अभी नहीं।
Quick Recap कैसे काम करता है?
यूजर Chats टैब में जा कर पांच तक चैट्स चुन सकते हैं और मेन्यू से Quick Recap विकल्प से उन चैट्स का सारांश पा सकते हैं।
क्या Quick Recap फीचर हमेशा ऑन रहेगा?
नहीं, यह फीचर ऑप्शनल होगा और यूजर को मैन्युअल रूप से इसे सेटिंग्स से एक्टिवेट करना होगा।
क्या प्राइवेसी से समझौता होगा?
नहीं, Quick Recap पूरी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है और Meta या WhatsApp इसी डेटा को एक्सेस नहीं कर सकते।
क्या यह फीचर Advanced Chat Privacy ऑन चैट्स पर काम करेगा?
नहीं, जिन चैट्स में Advanced Chat Privacy ऑन होगी, उन पर Quick Recap का सपोर्ट नहीं मिलेगा।
हमें यह फीचर कब मिलेगा?
इसका रोलआउट अभी बीटा तक सीमित है, लेकिन जल्द इसे आम यूजर्स के लिए भी लॉन्च किया जा सकता है।
WhatsApp का Quick Recap फीचर क्यों है खास?
1.समय की बचत
अब लंबी चैट स्क्रॉल करने की ज़रूरत नहीं, कुछ ही सेकंड्स में मैसेज का सारांश मिल जाएगा.
2.लंबी चैट पढ़ने की ज़रूरत नहीं
अगर किसी चैट में कई मैसेज आ चुके हैं, तो AI खुद आपको उसका निचोड़ बता देगा.
3.तुरंत मिलेगा सारांश
Unread मैसेज का पूरा सारांश तुरंत मिल जाएगा, जिससे जरूरी बातें फटाफट समझ सकेंगे.
4.बेहतर चैट एक्सपीरिएंस
यह फीचर चैटिंग को और आसान, तेज़ और स्मार्ट बना देगा.
दिल्ली - जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया है। धनखड़ ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा है। अपने इस्तीफे में धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है।
बांग्लादेश - बांग्लादेश से इस वक्ते की बड़ी खबर सामने आ रही है, यहां बांग्लादेश वायु सेना का एक F7 प्रशिक्षण विमान आज दोपहर ढाका में क्रैश हो गया। बताया जाता है कि ये हादसा बांग्लादेश के उत्तरा इलाके में है। जिसमें कई लोगों की मारे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है।
बांग्लादेशी अखबार डेली स्टार ने इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टोरेट के हवाले से बताया कि जेट के दुर्घटनाग्रस्त होने से स्कूल परिसर में भारी नुकसान हुआ। एयरक्राफ्ट क्रैश होने की वजह से उसमें आग लग गई है, जिस पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया से चर्चा करते हुए ऑपरेशन सिंदूर को भारत की सैन्य शक्ति का गौरवपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत की रणनीतिक क्षमता को वैश्विक मंच पर स्थापित कर दिया है।
पीएम मोदी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत न केवल अपनी सुरक्षा के लिए सजग है, बल्कि विश्व शांति के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।”
उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में आतंकियों के ठिकानों को सिर्फ 22 मिनट में पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। सबसे खास बात यह रही कि इसमें ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों का इस्तेमाल हुआ। पीएम मोदी के मुताबिक, आज दुनिया भर के राष्ट्र भारत की इन रक्षा तकनीकों की सराहना कर रहे हैं। विदेशी नेता जब उनसे मिलते हैं, तो भारत की इस बढ़ती सैन्य क्षमता की प्रशंसा करते हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की आत्मनिर्भर रक्षा नीति की बड़ी सफलता है। इसमें इस्तेमाल सभी हथियार और उपकरण स्वदेशी थे, जिससे यह आत्मनिर्भर भारत की ओर एक मजबूत कदम बन गया है।
इसके साथ ही, पीएम मोदी ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा की नई उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचने को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत की अंतरिक्ष शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को संयुक्त रूप से पत्र लिखकर आगामी मानसून सत्र में इस संबंध में विधेयक लाने की अपील की है।
पत्र में कहा गया है कि बीते पांच वर्षों से जम्मू-कश्मीर की जनता लगातार राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रही है, जो न केवल वैध है बल्कि उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से भी जुड़ी हुई है। नेताओं ने लिखा कि यह भारत के इतिहास में पहली बार है जब एक पूर्ण राज्य को विभाजन के बाद केंद्र शासित प्रदेश में बदला गया।
पत्र में प्रधानमंत्री के पुराने बयानों का हवाला भी दिया गया है—19 मई 2024 को भुवनेश्वर में और 19 सितंबर 2024 को श्रीनगर रैली में—जिनमें उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया था। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 पर चल रही सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा दी गई गारंटी का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें जल्द से जल्द राज्य का दर्जा बहाल करने की बात कही गई थी।
इसके अलावा, पत्र में लद्दाख के लोगों की सांस्कृतिक, विकासात्मक और राजनीतिक आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संविधान की छठी अनुसूची के तहत लद्दाख को शामिल करने के लिए भी विधेयक लाने की मांग की गई है।
नेताओं ने कहा कि यह कदम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, दोनों क्षेत्रों के लोगों के अधिकारों, पहचान और भविष्य की रक्षा करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।
अब देखना यह होगा कि मानसून सत्र में केंद्र सरकार विपक्ष की इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
Prime Minister’s National Child Award 2025: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 है। इस पुरस्कार के लिए 5 से 18 वर्ष के बच्चे आवेदन कर सकते हैं। यह पुरस्कार बच्चों को उनके शिक्षा कला, संस्कृति, समाज सेवा और नावाचार के क्षेत्र में अद्वितीय उपलब्धियों के लिए दिया जाता है।
इन श्रेणियों में उपलब्धियों के लिए मिलता है सम्मान
- बहादुरी
- कला और संस्कृति
- पर्यावरण
- नवाचार
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
- सामाजिक सेवा
- खेल
जानिए पात्रता मानदंड
- आवेदन करने वाला बच्चा भारतीय नागरिक होना चाहिए।
- बच्चे की आयु 5 साल से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए, जिसकी गणना इस साल की 31 जुलाई के हिसाब से की जाएगी।
- बच्चे की उपलब्धि नामांकन या आवेदन प्राप्त होने की तिथि से 2 वर्ष के भीतर होना चाहिए।
- निर्दिष्ट 7 श्रेणियों में से यदि किसी एक क्षेत्र में भी बच्चे ने उत्कृष्ट योगदान दिया हो।
यहां से करें रजिस्ट्रेशन?
- आवेदन से पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा।
- रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://awards.gov.in/ पर जाएं।
- इसके बाद रजिस्ट्रेशन बटन के लिंक पर क्लिक करें।
- तीसरे चरण में आपको चुनना होगा कि आप व्यक्ति या संगठन का चुनाव करना होगा।
- इसके बाद आधार कार्ड, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी जैसी जानकारी आपको भरनी होगी।
- इसके बाद अगर आप किसी संगठन से हैं तो आपको टाइप ऑफ ऑर्गनाइजेशन, आधिकारिक व्यक्ति के आधार कार्ड, जन्मतिथि संबंधित अन्य जानकारियां साझा करनी होगी।
नई दिल्ली। भारत के अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) का दौरा करने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री बने, आज अपने ऐतिहासिक मिशन से पृथ्वी पर सफलतापूर्वक लौट आए। उनके इस साहसिक मिशन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया है।
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक ट्विटर (X) अकाउंट से संदेश जारी करते हुए लिखा –
“मैं पूरे देश के साथ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का स्वागत करता हूँ, क्योंकि वह अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन से पृथ्वी पर लौट रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा करने वाले भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में, उन्होंने अपने समर्पण, साहस और अग्रणी भावना से करोड़ों सपनों को प्रेरित किया है। यह हमारे अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन – गगनयान की दिशा में एक और मील का पत्थर है।”

Shubhanshu Shukla का यह मिशन न केवल तकनीकी दृष्टि से उल्लेखनीय रहा, बल्कि यह भारत के गगनयान परियोजना की नींव को और मजबूत करने वाला कदम भी साबित हुआ है। देशभर में लोगों ने उनके लौटने पर खुशी और गर्व जताया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने भी इस मिशन को ऐतिहासिक करार दिया है।
भारत अब मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम में वैश्विक मंच पर मजबूती से कदम रख चुका है और ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यह उड़ान आने वाली पीढ़ियों को अंतरिक्ष की नई ऊंचाइयों की ओर प्रेरित करेगी।
नई दिल्ली। ब्याज दरों से परेशान लोन धारकों के लिए राहत की खबर आ सकती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अगस्त की मौद्रिक समीक्षा बैठक में रेपो रेट में कटौती के संकेत मिल रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन लेने वालों की EMI पर बोझ कम हो सकता है।
RBI कर सकता है 0.25% तक की कटौती
मौजूदा समय में RBI की रेपो रेट 6.50% पर स्थिर है, लेकिन महंगाई दर के काबू में आने और बाजार में मांग बढ़ाने के लिए RBI अब दरों को घटा सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो अगस्त की बैठक में 0.25% तक की कटौती हो सकती है।
होम लोन लेने वालों के लिए राहत की उम्मीद
ब्याज दर कम होने से:
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नई होम लोन की EMI सस्ती होगी
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पुराने लोन पर रीसेट दर में कमी आ सकती है
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₹50 लाख के लोन पर हर महीने ₹800–₹1,200 तक राहत मिल सकती है
पर्सनल लोन और ऑटो लोन की भी EMI घटेगी
पर्सनल और ऑटो लोन पर ब्याज दर आमतौर पर 10% से ऊपर होता है। अगर बैंक अपने फंडिंग कॉस्ट के आधार पर दर घटाते हैं, तो नए उधारकर्ताओं को सस्ती डील मिल सकती है।
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इन बातों का रखें ध्यान अगर लोन लेने की सोच रहे हैं
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अगस्त RBI नीति तक इंतजार करें — ब्याज दर कटौती का फायदा मिल सकता है
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क्रेडिट स्कोर सुधारें — 750+ स्कोर पर सबसे सस्ता लोन मिलता है
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बैंक vs NBFC ऑफर तुलना करें — कई बार नॉन-बैंकिंग कंपनियां बेहतर ऑफर देती हैं
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फिक्स्ड vs फ्लोटिंग रेट समझें — बाजार के हिसाब से लोन का प्रकार चुनें
क्या पुराने लोन वाले री-फाइनेंस करें?
अगर आपका लोन 9% से ऊपर है, तो आप री-फाइनेंस या बैलेंस ट्रांसफर पर विचार कर सकते हैं। इससे EMI कम हो सकती है और कुल ब्याज बचाया जा सकता है।
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सरकारी योजनाओं के तहत लोन भी हुआ आसान
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PM Swanidhi योजना: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ₹10,000 तक का आसान लोन
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मुद्रा योजना: छोटे कारोबारियों को बिना गारंटी ₹10 लाख तक का लोन
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Startup India योजना: नए स्टार्टअप्स के लिए सब्सिडाइज्ड लोन
- निष्कर्ष:
अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं तो अगस्त से पहले थोड़ा इंतजार करें। RBI की अगली मौद्रिक नीति में राहत की पूरी उम्मीद है। सही समय और स्मार्ट प्लानिंग से आप लोन की लागत को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
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New Governer: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में नए राज्यपाल और उपराज्यपाल की नियुक्ति कर दी है। सोमवार 14 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति में इस बात की घोषणा की गई है। जानकारी के मुताबिक, हरियाणा और गोवा के राज्यपाल बदल दिए गए हैं। वहीं, लद्दाख के उपराज्यपाल के पद पर भी नई नियुक्ति की गई है।
कौन बने नए राज्यपाल और उपराज्यपाल?
राष्ट्रपति भवन ने बताया है कि भारत की राष्ट्रपति ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल पद से ब्रिगेडियर (डॉ.) बी. डी. मिश्रा (रिटायर्ड) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। भारत की राष्ट्रपति ने निम्नलिखित राज्यपाल/उपराज्यपाल की नियुक्तियां भी की हैं-:
(i) प्रो. आशिम कुमार घोष को हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
(ii) पुसापति अशोक गजपति राजू को गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
(iii) कविन्द्र गुप्ता को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया।
- अशोक गजपति राजू- वरिष्ठ राजनेता और पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गजपति राजू को पीएस श्रीधरन पिल्लई के स्थान पर गोवा का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
- भाजपा के वरिष्ठ नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं, ब्रिगेडियर (डॉ.) बी. डी. मिश्रा (रिटायर्ड) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
- प्रो आशिम कुमार घोष प्रतिष्ठित शिक्षाविद और राजनीतिक विचारक हैं। उन्हें बंडारू दत्तात्रेय की जगह हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) से जुड़े करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अगली यानी 20वीं किस्त को लेकर अटकलें तेज हैं कि यह 18 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।
क्या है अब तक की स्थिति?
PM-Kisan की पिछली 19वीं किस्त 24 फरवरी 2025 को किसानों को मिली थी। तब से लेकर अब तक करीब 5 महीने का अंतर हो चुका है। जून बीत गया और जुलाई आधा निकल चुका है, लेकिन अगली किस्त अब तक नहीं आई है। ऐसे में अब 18 जुलाई को एक बड़ी तारीख माना जा रहा है।
18 जुलाई क्यों है खास?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 18 जुलाई को पीएम मोदी बिहार के मोतिहारी में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे और संभावना जताई जा रही है कि इसी मंच से वह 20वीं किस्त के ₹2000 किसानों के खातों में जारी करेंगे। PM-Kisan की किस्त हमेशा प्रधानमंत्री द्वारा ही लॉंच की जाती है और उनके कार्यक्रम के मुताबिक ही डेट तय की जाती है।
किस्त पाने से पहले जरूर करें ये 4 काम वरना पैसा अटक सकता है:
1. eKYC कराना जरूरी
अगर आपने अभी तक eKYC नहीं कराया है, तो आपकी किस्त अटक सकती है। इसे आप pmkisan.gov.in वेबसाइट या नजदीकी CSC सेंटर से पूरा कर सकते हैं।
आपके खाते की स्थिति (Active/Inactive), IFSC कोड और आधार से लिंकिंग अपडेट होना जरूरी है।
3. बेनिफिशियरी लिस्ट में नाम देखें
PM-Kisan पोर्टल पर जाकर ‘Beneficiary Status’ में अपना नाम जरूर चेक करें। अगर लिस्ट से नाम गायब है तो ₹2000 नहीं आएंगे।
4. Farmer Registry अपडेट करें
अब सिर्फ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन से काम नहीं चलेगा। फार्मर रजिस्ट्री भी जरूरी हो गई है। इसके लिए राज्य पोर्टल या CSC सेंटर में जाकर फॉर्म भरें।
किन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ?
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अगर आप इनकम टैक्सदाता हैं
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आपके पास संस्थागत भूमि है
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या आपको 10,000 रुपए से अधिक की पेंशन मिलती है
तो आप योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।
क्या है पीएम किसान योजना?
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सालाना ₹6000 सीधे बैंक खाते में
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हर चार महीने में ₹2000 की तीन किस्तें
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14.5 करोड़ से अधिक किसान परिवार लाभार्थी
अब सबकी नजर 18 जुलाई पर
यदि आपने सभी जानकारियाँ अपडेट कर दी हैं तो 18 जुलाई को आपके खाते में ₹2000 आने की पूरी संभावना है। अब देखना है कि क्या मोदी सरकार 20वीं किस्त इसी दिन जारी करती है या फिर कोई और तारीख तय की जाएगी।
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के बाद इसे पूरे देश में लागू करने करने की तैयारी रहा है। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी राज्यों को तैयारी का निर्देश दे दिया है। यह काम अगले महीने यानि अगस्त से शुरू हो सकता है।
राज्यों के मुख्य चुनाव आयोग को वोटर लिस्ट रिवीजन के लिए तैयार रहने को कहा गया है। बता दें कि बिहार में इस साल चुनाव होने जा रहे हैं जबकि इन पांच अन्य राज्यों – असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 में निर्धारित हैं।
EC ने CEO को लिखा पत्र
चुनाव आयोग ने इसको लेकर राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में कहा या है कि वे 1 जनवरी 2026 को आधार बनाकर वोटर लिस्ट को दोबारा खंगालने की तैयारी शुरू करे। यानी उस दिन तक 18 साल के हो चुके लोगों का वोटर लिस्ट में नाम होना चाहिए।
28 जुलाई के बाद लेगी फैसला
एक अधिकारी के मुताबिक इलेक्शन अथॉरिटी 28 जुलाई के बाद देश में एसआईआर पर फैसला करेगी, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में बिहार में वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के मामले में दोबारा सुनवाई होगी।बता दें कि चुनाव आयोग ने ऐलान किया कि वह जन्म स्थान की जांच करके विदेशी अवैध प्रवासियों को हटाने के लिए पूरे भारत में मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा करेगा।
बिहार में जारी है एसआईआर
बता दें कि बिहार में 24 जून को शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची से अपात्र और फर्जी नामों को हटाना है। इसके लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रहे हैं, जो 26 जुलाई 2025 तक चलेगा।
ड्राफ्ट मतदाता सूची 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होगी और दावे-आपत्तियों की अवधि 1 अगस्त से 1 सितंबर तक रहेगी। अंतिम सूची 30 सितंबर 2025 को जारी होगी। इस प्रक्रिया में मतदाताओं को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए 11 दस्तावेजों में से एक जमा करना होगा।
पटना। बिहार की राजधानी पटना से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां होटल में एक नाबालिग लड़की की अपने बॉयफ्रेंड के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद मौत हो गई. यह घटना पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र में हुई. बताया जा रहा है कि संबंध बनाने के दौरान लड़की के प्राइवेट पार्ट से ब्लीडिंग अधिक होने लगी थी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने लड़के और उसके दोस्त को हिरासत में ले लिया और लड़की के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
10 दिन पहले हुई थी मुलाकात
पटना पुलिस के अनुसार, लड़की की 10 दिन पहले मसौढ़ी के एक लड़के से जान पहचान हुई थी. जान पहचान के बाद दोनों ने एक दूसरे को अपना नंबर दिया. नंबर मिलने के बाद दोनों में बातचीत होने लगी. इसके बाद लड़के ने लड़की को अपने दोस्त के रूम पर मिलने के लिए बुलाया. यहां शुक्रवार की सुबह दोनों पटना के जक्कनपुर थाना क्षेत्र के करबिगहिया इलाके में युवक के दोस्त के कमरे पर मुलाकात करने पहुंचे थे.
नई दिल्ली | भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 80(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नामित किया है। ये नियुक्तियाँ पूर्व सदस्यों के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुई सीटों को भरने के लिए की गई हैं। गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, जिन चार प्रमुख हस्तियों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है, वे हैं:
उज्ज्वल देवड़ा निकम – देश के मशहूर सरकारी वकील, जिन्होंने कई उच्च-स्तरीय आपराधिक मामलों में सरकार की ओर से पैरवी की है। उनकी न्यायिक समझ और बेहतरीन कानूनी अनुभव को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है।
सी. सदानंदन मास्टर – केरल के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद, जिन्होंने शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में दशकों तक योगदान दिया है।
डॉ. मीनाक्षी जैन – प्रख्यात इतिहासकार और शिक्षाविद, जिन्होंने भारतीय इतिहास और संस्कृति पर गहन शोध एवं लेखन किया है।
इन नामांकनों को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय विविध क्षेत्रों में देश की सेवाएं देने वाले लोगों को संसद में प्रतिनिधित्व दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
क्या कहता है संविधान?
संविधान के अनुच्छेद 80(1)(क) के तहत राष्ट्रपति को राज्यसभा में 12 सदस्यों को नामित करने का अधिकार है, जो साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष योगदान देने वाले हों।

मुंबई। NCP (शरद पवार) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया। पाटिल का इस्तीफा ऐसे वक्त में हुआ है जब मुंबई महानगरपालिका (BMC) के साथ ही पूरे महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय के चुनाव बहुत जल्द होने हैं। जयंत पाटिल 7 साल तक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहे।
पाटिल ने कहा था कि उन्होंने खुद ही पार्टी नेतृत्व से उन्हें पद से मुक्त करने का और नए नेतृत्व के लिए रास्ता तैयार करने का अनुरोध किया था। माना जा रहा है कि पार्टी शशिकांत शिंदे को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाने जा रही है और मंगलवार को इस संबंध में NCP (शरद पवार) की कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम फैसला हो सकता है।
BMC के चुनाव में है कड़ा मुकाबला
BMC के चुनाव में बीजेपी, शिंदे सेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP का सीधा मुकाबला कांग्रेस, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना और NCP (शरद पवार) से है। BMC का चुनाव बेहद प्रतिष्ठा वाला होता है और इसमें जोरदार मुकाबला देखने को मिलेगा। लेकिन इसमें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को लेकर साफ नहीं हो पा रहा है कि वे किसके साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे।
चाचा भतीजा के साथ आने की लगी थी अटकलें
जून, 2023 में एनसीपी में बड़ी टूट हुई थी। तब शरद पवार के भतीजे अजित पवार 40 विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए थे। पिछले महीने इस तरह की चर्चा महाराष्ट्र की राजनीति में जोरों पर थी कि शरद पवार और अजित पवार फिर से एक मंच पर आ सकते हैं।
इस तरह की अटकलों को तब बल मिला था जब पिछले कुछ महीनों में शरद पवार और अजित पवार की तीन-चार बार मुलाकात हुई थी। बता दें कि, महाराष्ट्र में पिछले दिनों पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के एक मंच पर आने के बाद राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
अहमदाबाद - 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 उड़ान भरते ही एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत पर जा गिरी। दोपहर 1:39 पर टेक ऑफ करने वाली फ्लाइट 2:40 तक क्रैश हो चुकी थी। हादसे में 241 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान गई। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। एकमात्र जीवित यात्री हैं रमेश कुमार विश्वास।
ब्लैक बॉक्स मिला, शुरुआती रिपोर्ट भी
दुर्घटना के अगले दो दिनों में फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) बरामद कर लिए गए। जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) कर रही है। चूंकि विमान अमेरिकी कंपनी का था, अमेरिकी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) भी अलग से जांच कर रहा है।
इंजन में खराबी नहीं, तो फिर क्या हुआ?
अब तक की जांच में बोइंग 787 ड्रीमलाइनर और उसके GE Aerospace इंजनों में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई है। Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट टेक ऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों के फ्यूल सप्लाई स्विच ऑफ कर दिए गए थे यही थ्रस्ट खत्म होने की वजह बनी।
ये वही स्विच होते हैं जिन्हें पायलट सामान्यतः इंजन स्टार्ट या इमरजेंसी सिचुएशन में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये गलती से दब गए, जानबूझकर ऑफ किए गए, या किसी खराबी की वजह से अपने आप बंद हो गए?
ब्लैक बॉक्स के डेटा से इतना जरूर साफ है कि दोनों इंजन के फ्यूल स्विच बंद हुए थे। अमेरिका के एविएशन एक्सपर्ट जॉन कॉक्स के मुताबिक, ये स्विच इतने संवेदनशील नहीं होते कि यूं ही छूने से ऑफ हो जाएं। उन्हें ऑन/ऑफ करने के लिए स्पष्ट मूवमेंट चाहिए।फ्यूल स्विच ऑफ कैसे हुआ?
ड्रीमलाइनर में फ्यूल कटऑफ होते ही इंजन को ताकत मिलनी बंद हो जाती है। नतीजा: विमान की बिजली सप्लाई रुक सकती है, कॉकपिट के सिस्टम बंद हो सकते हैं। जांचकर्ता मान रहे हैं कि शायद पायलट ने इमरजेंसी के दौरान फ्यूल स्विच दबाया होगा।
शुरुआती रिपोर्ट में एक और अहम बात सामने आई है कि क्रैश के वक्त एयरक्राफ्ट में रैम एयर टरबाइन (RAT) एक्टिव थी। इसका मतलब ये कि दोनों इंजन पूरी तरह बंद हो चुके थे और विमान आपातकालीन बैकअप पावर पर चल रहा था।RAT एक्टिव मिला, यानी दोनों इंजन बंद थे
बोइंग की मानक प्रक्रिया के मुताबिक, डुअल इंजन फेल होने की स्थिति में पायलट को फ्यूल स्विच ऑन/ऑफ कर ईईसी रीसेट करना होता है इसे विंडमिल स्टार्ट कहा जाता है। लेकिन इतनी कम ऊंचाई (650 फीट) पर दोबारा इंजन स्टार्ट कर पाना लगभग नामुमकिन था।
पायलट की ट्रेनिंग और बैकग्राउंड भी जांच के दायरे में
फ्लाइट उड़ा रहे कैप्टन सुमित सभरवाल के पास 8200 घंटे और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के पास 1100 घंटे की उड़ान का अनुभव था। बावजूद इसके, दोनों के ट्रेनिंग रिकॉर्ड और निर्णय प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है।
क्या कोई साजिश थी?
28 जून को नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा था कि जांच हर एंगल से हो रही है, जिसमें साजिश की आशंका को भी खंगाला जा रहा है। ब्लैक बॉक्स की जांच भारत में ही हो रही है। तीन महीने में विस्तृत रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
सभी ड्रीमलाइनर की जांच हुई, खतरा नहीं: सरकार
DGCA के आदेश पर एयर इंडिया के सभी 33 ड्रीमलाइनर की जांच की गई है। मंत्री मोहोल के मुताबिक, सभी विमान सुरक्षित पाए गए हैं। यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है।
फ्लाइट ने दोपहर 1:39 पर अहमदाबाद से उड़ान भरी। 650 फीट की ऊंचाई पर ही पायलट ने ATC को ‘Mayday’ सिग्नल दिया। संपर्क टूट गया। विमान एयरपोर्ट से महज 2 किलोमीटर दूर जाकर गिर पड़ा।उस दिन क्या हुआ था?
270 लोग मारे गए—230 यात्री, 11 क्रू मेंबर और 29 जमीन पर मौजूद लोग। DNA टेस्ट के बाद शवों की पहचान की जा सकी। यात्रियों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे।
अब क्या?
जांच रिपोर्ट में कई बातें सामने आई हैं, लेकिन कुछ बड़े सवाल अब भी अधूरे हैं।
- क्या पायलट ने गलती से फ्यूल स्विच बंद किए या यह SOP का हिस्सा था?
- क्या इंजन फेल हुआ या कोई सॉफ्टवेयर/इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी हुई?
- अगर विमान में सब कुछ ठीक था, तो इतनी भीषण दुर्घटना क्यों हुई?
नई दिल्ली। दिल्ली के वेलकम इलाके में शनिवार को एक चार मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में 12 लोगों के दबे होने की आशंका है। यह इमारत वेलकम इलाके के सीलमपुर ईदगाह रोड पर गिरी है। फिलहाल, दमकल की गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और बचाव अभियान जारी है। गनीमत रही कि अभी तक किसी भी तरह की जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह 7:15 बजे एक कॉल के ज़रिए दमकल विभाग को इस हादसे की सूचना मिली। इसके बाद दमकल विभाग और दिल्ली पुलिस तुरंत सक्रिय हो गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया। मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुटी हुई है।
मलबे से 7 लोगों को निकाला गया
दमकल विभाग के अनुसार, सीलमपुर की जनता कॉलोनी, गली नंबर 5 में एक 4 मंजिला इमारत गिर गई है। यह एक मकान था जो 30-35 गज में बना था। अब तक मलबे से 7 लोगों को निकाला जा चुका है और सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल, कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है, रेस्क्यू किया जा रहा है।
दमकल विभाग का कहना है कि जिस इलाके में इमारत गिरी है, वहाँ गलियाँ बेहद संकरी हैं। यहाँ आबादी भी घनी है। ऐसे में बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। स्थानीय पुलिस और राहत दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं। उम्मीद है जल्द ही मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
बिहार : सुप्रीम कोर्ट ने बिहार मतदाता सूची संशोधन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने चुनाव आयोग को विशेष गहन संशोधन (SIR) के लिए आधार, मतदाता पहचान पत्र (EPIC) और राशन कार्ड को वैध पहचान पत्र मानने का निर्देश दिया है। अगर इन्हें बाहर रखा गया है, तो चुनाव आयोग को कारण बताना होगा। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस कदम से 3 करोड़ से ज़्यादा गरीब/प्रवासी मतदाता मताधिकार से वंचित हो सकते हैं। वहीं इस मामले में अंतिम सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
नई दिल्ली। दिल्ली और आस-पास के इलाकों में गुरुवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों में भारी दहशत फैल गई। लोग झटकों के बाद लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकले। भूकंप सुबह 09 बजकर 04 मिनट 50 सेकंड पर आए। झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई है। फिलहाल किसी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर में 28.63 उत्तरी अक्षांश और 76.68 पूर्वी देशांतर पर स्थित था, जिसकी गहराई 10 किलोमीटर दर्ज की गई है। भूकंप के झटके दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा के कई अन्य शहरों में भी महसूस किए गए।
























