मेरठ। मेरठ के खरखौदा क्षेत्र में गांव पीपली खेड़ा में चुनावी रंजिश को लेकर प्रधान पक्ष और पूर्व प्रधान पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले। पथराव के साथ ही कई राउंड फायरिंग भी हुई, जिसमें प्रधान पक्ष की ओर से महिला सहित चार लोग घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लिया है। प्रधान पक्ष ने थाने में तहरीर दी है, लेकिन पुलिस ने अभी मामला दर्ज नहीं किया है।
गांव पीपली खेड़ा मुस्लिम बाहुल्य गांव है। जिसमें कई योजना से लगातार मुस्लिम समाज का व्यक्ति ही प्रधान बनता आ रहा है। इस बार ग्राम प्रधान पद के लिए आमिर और पूर्व प्रधान जहीरूद्दीन मैदान में थे। चुनाव में आमिर ने जीत हासिल की। चुनाव के बाद से कई बार दोनों पक्षों के बीच छुटपुट घटनाएं हो चुकी हैं।
प्रधान पक्ष के अज्जू पुत्र अख्तर के अनुसार, ग्राम पंचायत द्वारा गांव में बनाई गई सीमेंट की कुर्सियों पर बैठने को लेकर फइमुद्दीन और नासिर आपस में भिड़ गए। कुछ लोगों ने मामले में समझौता करा दिया। वहीं सोमवार शाम पूर्व प्रधान पक्ष के करीब चार दर्जन लोगों ने अज्जू के मकान पर हमला बोल दिया, जिसमें जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव-फायरिंग भी की गई। जिसमें अज्जू, मुस्तकीम पुत्र अकबर, साजिद पुत्र छिद्दा व अनीशा पत्नी अख्तर घायल हो गए।
वहीं, सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले को संभाला। महिला की हालत गंभीर होने के कारण उसे मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी तीनों घायलों को पुलिस अपने साथ थाने ले आई। उधर, अज्जू पक्ष ने इस मामले में थाने में तहरीर दी है। लेकिन पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज नहीं किया है।
दोनों पक्षों पर हो सकती है कार्रवाई
पुलिस ने घायल पक्ष की तहरीर पर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष में पुलिस अपनी ओर से दोनों पक्षों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर सकती है। कल शाम तक तीनों घायल युवक पुलिस की हिरासत में ही थे।
जांच के बाद कार्रवाई होगी
किठौर सीओ बृजेश कुमार सिंहने कहा कि वीडियो फुटेज और लोगों से जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
वेलिंगटन: न्यूजीलैंड सरकार ने सोमवार को कहा कि वह कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए कम से कम शुक्रवार तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन जारी रखेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के कोविड-19 के 'डेल्टा' स्वरूप के 35 नए मामले सामने आने की जानकारी देने के बाद यह खबर सामने आई है। न्यूजीलैंड में पिछले साल अप्रैल से किसी एक दिन में सामने आए ये सर्वाधिक मामले हैं। पिछले सप्ताह मामले बढऩे शुरू हुए थे और अभी तक देश में 107 मामले सामने आ चुके हैं।
प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कहा कि ऑकलैंड में कम से कम इस महीने के अंत तक लॉकडाउन जारी रहेगा, जहां ज्यादातर मामले सामने आए हैं।
जैसिंडा अर्डर्न ने कहा, '' हमें अभी और जानकारी हासिल करनी है। हमें और अधिक निश्चिंत होने की आवश्यकता है। हम 'डेल्टा' स्वरूप को लेकर कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते। दुनिया ने हमें यही सिखाया है कि कोविड-19 के इस स्वरूप को लेकर सतर्क रहें।
अर्डर्न ने यह भी घोषणा की कि सरकार ने एक सप्ताह के लिए नियमित संसद सत्र स्थगित करने का फैसला किया है। विपक्षी सांसदों ने इस कदम की आलोचना की है।
इस बीच, ऐसा लगता है कि पड़ोसी देश ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि लॉकडाउन 'डेल्टा' स्वरूप को पूरी तरह से समाप्त करने में सक्षम नहीं होगा। यह केवल इसके प्रसार को धीमा कर सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि लॉकडाउन '' देश में रहने का स्थायी तरीका नहीं है। उन्होंने कहा कि 16 साल और उससे अधिक उम्र की आबादी के टीकाकरण की दर 80 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद राज्यों को अपनी सीमाएं खोलनी चाहिए।
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब सिडनी में सर्वाधिक 800 से अधिक मामले सामने आए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मेलबर्न में 71, कैनबरा में 16 मामले सामने आए। तीनों शहरों में लॉकडाउन लगा है। वहीं, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में सामुदायिक स्तर पर संक्रमण के प्रसार का कोई मामला नहीं है। ऑस्ट्रेलिया की करीब 24 प्रतिशत आबादी का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है।
नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान के संपूर्ण कब्जे के बाद से इसका असर भारतीय राजनीति से लेकर व्यापार तक पर पड़ रहा है। वहीं इन संकटों के बीच विदेश मंत्री डॉ.एस जयशंकर ने सोमवार को ट्वीट कर बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के घटनाक्रम के मद्देनजर, पीएम नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्रालय को सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को संक्षिप्त जानकारी देने का निर्देश दिया है। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी आगे की जानकारी देंगे।
विदेश मंत्रालय ने 26 अगस्त को बुलाई सर्वदलीय बैठक
सूत्रों के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान संकट को लेकर 26 अगस्त की सुबह 11 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मंत्री प्रह्लाद जोशी इस बैठक को कॉर्डिनेट करेंगे। इसके कुछ ही देर बाद पश्चिम बंगााल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह बैठक में शामिल होंगी।
संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय के सामने अफगान शरणार्थियों का विरोध प्रदर्शन
वहीं दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त के कार्यालय के सामने अफगान शरणार्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। उनकी मांग है कि सभी अफगानों के लिए शरणार्थी का दर्जा, किसी तीसरे देश के लिए पुनर्वास विकल्प और भारत सरकार से सुरक्षा मिले। इस प्रदर्शन पर बात करते हुए भारत में अफगान समुदाय के प्रमुख अहमद जिया गनी ने बताया कि भारत में 21,000 से अधिक अफगान शरणार्थी हैं और वे सभी अफगानिस्तान लौटना नहीं चाहते हैं।
बता दें कि अफगानिस्तान में फंसे भारतीय नागरिकों और अफगानों को निकालने के लिए भारत सरकार की तरफ से हर संभव कोशिश की जा रही है। इस संकट से उबरने के लिए अब काबुल से प्रतिदिन दो उड़ानें संचालित करने की अनुमति भी दे दी गई है। भारत ने आश्वासन दिया है कि वह हिंदुओं और सिखों के साथ-साथ अफगानिस्तान में अपने सहयोगियों की भी सहायता करेगा, जिन्हें मदद की जरूरत है।
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा के छोटा तालाब के पास गैस से भरा सिलेंडर फटने की घटना सामने आई है। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरअसल, छोटा तालाब के पास रक्षाबंधन के मौके पर मेला लगा था। यहां फुटपाथ पर कुछ लोग गुब्बारे बेच रहे थे।
एएसपी संजीव उइके ने बताया कि मेले में शेख इब्राहिम (70) निवासी पॉवर कॉलोनी भी गुब्बारे बेचने आए थे। वह गुब्बारों में गैस भर रहे थे। इसी दौरान अचानक सिलेंडर में विस्फोट हो गया। हादसे में शेख इब्राहिम की मौके पर मौत हो गई। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक ही परिवार के 3 लोग भी चपेट में आ गए। अस्पताल ले जाते समय ताजुद्दीन अंसारी (40) निवासी रेलवे कॉलोनी की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं, उनकी रुबा परवीन और बेटा विस्मिल मिस्बाह उल अंसारी (9) और अन्य सुरेश यादव (35) घायल हो गए। तीनों की हालत गंभीर बताई गई है। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया। घटनास्थल पर कलेक्टर सौरभ सुमन, एएसपी संजीव उईके, एसडीएम अतुल सिंह भी पहुंच गए। विस्फोट के बाद करीब 20 से 25 फीट तक सिलेंडर के टुकड़े और अन्य सामान बिखर गया। विस्फोट वाले क्षेत्र में जांच शुरू कर दी गई है।
लखनऊ, रक्षाबंधन के मौके पर थप्पड़ गर्ल प्रियदर्शनी ने कैब चालक सआदत अली से अपना झगड़ा निपटाने के लिए उसे राखी बांधने की पहल की है. प्रियदर्शिनी ने अपने घर पर सआदत के लिए राखी और मिठाइयां खरीद कर रखी हैं. प्रियदर्शनी का कहना है कि सआदत अगर घर आएगा तो वह उसका स्वागत करेंगी और उसे रक्षा सूत्र बांधकर एक नए रिश्ते की शुरुआत करेंगी.
कृष्णानगर के अवध चौराहे पर 30 जुलाई की रात प्रियदर्शनी ने कैब चालक सआदत की जमकर धुनाई कर दी थी. प्रियदर्शनी का आरोप था कि चौराहे पर रेड लाइट होने के बर्फ जब वह सड़क पार कर रही थी, तब कैब चालक ने उसे कुचलने की कोशिश की. इससे नाराज प्रियदर्शनी ने कैब चालक को सरेराह 21 थप्पड़ मारे थे और उसका मोबाइल फोन व कार के दोनों तरफ के साइड मिरर तोड़ दिए थे.
बीच चौराहे पर इस मारपीट को लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था और देखते ही देखते प्रियदर्शनी सोशल मीडिया की सनसनी बन गई. इस मामले में पुलिस ने कैब चालक सआदत अली और उसके दो भाइयों समेत प्रियदर्शनी के खिलाफ भी शांतिभंग के आरोप में कार्रवाई की थी. हालांकि, बाद में कैब चालक ने प्रियदर्शनी के खिलाफ लूट, मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और तोड़फोड़ करने की एफआईआर दर्ज करा दी.
पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कमिश्नर डीके ठाकुर ने कृष्णानगर के इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर के एफआईआर की विवेचना बंथरा पुलिस को सौंपी थी. बंथरा पुलिस ने मात्र 16 दिन में विवेचना पूरी करके प्रियदर्शिनी के खिलाफ मारपीट, जानमाल की धमकी और तोड़फोड़ के आरोप में चार्जशीट दाखिल कर दी है.
लूट के आरोपों की पुष्टि न होने पर इससे संबंधित धारा हटा दी गई थी. अब मामला कोर्ट में है लेकिन फिर भी प्रियदर्शनी इस पूरे विवाद को खत्म करना चाहती हैं. यही वजह है उन्होंने सआदत अली को रक्षाबंधन पर राखी बांधने का ऑफर दिया है. अब देखना ये है कि सआदत अली उसके हाथों राखी बंधवायेगा या नहीं.
हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को ऑक्सीजन का स्तर गिरने के चलते रविवार को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया.
Haryana Health Minister Anil Vij says he was admitted to PGIMER in Chandigarh earlier today on the advice of a panel of doctors after his oxygen level dipped
— ANI (@ANI) August 22, 2021
(File photo) pic.twitter.com/tlllqY52YQ
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के 68 वर्षीय नेता विज इससे पहले स्वास्थ्य कारणों से राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में शामिल नहीं हो सके थे. अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि विज को रविवार शाम यहां स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में भर्ती कराया गया.
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि ऑक्सीजन का स्तर कम होने के बाद डॉक्टरों के एक पैनल की सलाह पर उन्हें आज चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में भर्ती कराया गया था. वहीं सूत्रों ने कहा कि डॉक्टरों का एक दल विज के स्वास्थ्य की निगरानी कर रहा है.
बता दें कि विज पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के छोटे भाई की अंत्येष्टि में शामिल होने रोहतक गए थे. सूत्रों ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के साथ हेलीकॉप्टर से लौटे थे और इसी दौरान ऊंचाई पर होने के कारण उनके ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया था और तब से इसमें उतार-चढ़ाव जारी है.
पति और पत्नी के बीच अक्सर कई अजीबोगरीब झगड़े सामने आते रहते हैं। एक महिला ने अपनी आपबीती बताते हुए कुछ ऐसी घटनाओं का जिक्र किया है जिसे सुनकर लोगों के होश उड़ गए। महिला का अपने पति के साथ झगड़ा हो गया इसके बाद उसके पति ने परेशान करने के कई तरीके अपनाए। इसी कड़ी में उसने पत्नी के बाथरूम में कैमरा फिट कर दिया।
दरअसल, न्यूज एजेंसी 'द सन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस महिला की पहचान छिपाई गई है। महिला ने बताया कि उसके पति ने कैसे यह करतूत की है। यह सब तब हुआ था जब उसका पति से झगड़ा हो गया था। महिला घर में दूसरी मंजिल पर बने बाथरूम में नहाने के लिए गई थी। नहाने के बाद वह अपने शरीर पर क्रीम लगा रही थी, तभी उसकी नजर नीले रंग की लाइट पर पड़ी।
महिला अगले ही पल समझ गई कि बाथरूम में कैमरा लगा हुआ है। महिला ने जब पास जाकर देखा तो बाथरूम के एक कोने में ब्लिंक कैमरा दिखाई दिया, जिसे देखकर वह हैरान रह गई। कैमरे में उसके बाथरूम में बिताए पल रिकॉर्ड हो गए थे। महिला ने अपने पति से इसका जिक्र किया लेकिन उसके पति ने अनसुना कर दिया।
इसके बाद महिला ने फैसला किया कि वह अपनी आपबीती लोगों के सामने लाएगी। महिला ने बताया कि उसे दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें से एक 5 साल का है और एक दो साल का है। महिला को विश्वास नहीं था कि उसका पति उसपर नजर रख रहा है और उसको नहाते हुए देख रहा है। महिला ने बताया कि वर्क फ्रॉम होम के कारण उसका पति लंबे वक्त से घर से ही काम कर रहा है जबकि महिला एक हाउसवाइफ है।
महिला ने जब से इस वाकये को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया तब से ही लोग उसके पति को जमकर लताड़ रहे हैं। एक महिला ने तो यहां तक कहा कि महिला को तुरंत पुलिस में इस बात की शिकायत करनी चाहिए क्योंकि ऐसा भी हो सकता है कि उसका पति तस्वीरों का गलत इस्तेमाल भी कर रहा होगा।
दिल्ली पुलिस ने पंजाबी बाग इलाके से एक महिला और उसके पति को 2 साल के मासूम का अपहरण और हत्या कर शव को नाले में फेंकने के जुर्म में गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार हुई महिला की उम्र 24 वर्ष की है जिसने अपने पति के साथ मिलकर इस भयावह घटना को अंजाम दिया.
आरोपी महिला की पहचान यमुना के नाम से हुई है वहीं उसके पति का नाम राजेश है बताया गया है. आरोपी दंपति ख्याला के रघुबीर नगर के एक स्लम में रहने वाले हैं. पति और पत्नी दोनों भीख मांगकर अपना जीवन चलाते थे. पुलिस ने शनिवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया है.
ईर्ष्या के कारण मासूम को मौत के घाट उतारा
पुलिस के अनुसार यह हत्या जलन के कारण की गई है. दरअसल यमुना को लगता था कि उसकी मां उससे कम प्यार करती है और बच्चे से ज्यादा प्यार करती है.
ईर्ष्या के कारण आरोपी महिला ने पहले अपने पति के सहायता लेकर बच्चे को अगवा किया फिर उसका गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी. बच्चा मर गया है यह सुनिश्चित करने के लिए आरोपी महिला ने उसे पंजाबी बाग के गंडा नाला के एक गंडे और दलदली इलाके में डुबा दिया.
पुलिस ने आरोपी पत्नी औऱ पति को गिरफ्तार करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की मदद ली. पुलिस ने घटना स्थ्ल से पांच किलोमीटर के दायरे में सीसीटीवी फुटेज चेक किया औऱ आरोपियों का पता लगा लिया. वहीं मासूस बच्चे का शव बरामद करने के लिए पुलिस ने लगभग 150 लोगों की सहायता लेनी पड़ी. इनमें से 89 आम नागरिक थे, वहीं 32 लोग बाढ़ नियंत्रण विभाग से थे.
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों के खिलाफ केस फाइल कर ली गई है और फिलहाल मामले की जांच जारी है.
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती ने बेतुका बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अपने पड़ोसी (अफगानिस्तान) को देखो। जहां से महाशक्ति अमेरिका को अपनी सेना वापस बुलानी पड़ी। अमेरिका बोरिया-बिस्तर बांधकर वापस जाने पर मजबूर हो गया। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर केंद्र सरकार वाजपेयी के सिद्धांत पर वापस नहीं आती है और बातचीत शुरू नहीं करती, तो बर्बादी होगी।
इसके बाद पीडीपी मुखिया ने कहा कि कश्मीरी कमजोर नहीं हैं, वे बहुत बहादुर और धैर्यवान हैं। धैर्य रखने के लिए बहुत साहस चाहिए। जिस दिन सब्र की दीवार टूट जाएगी, तुम परास्त हो जाओगे। आजादी के बाद अगर भाजपा की सरकार बनी होती तो जम्मू-कश्मीर भारत में न होता। बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने ये बयान कश्मीर संभाग के कुलगाम में दिया है।
वहीं महबूबा मुफ्ती के बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने पलटवार किया है। रैना ने कहा कि महबूबा मुफ्ती बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं। भारत एक ताकतवर देश है। यहां देश के खिलाफ साजिश करने वालों का सफाया कर दिया जाएगा। उन्होंने पीडीपी मुखिया पर हमला बोलते हुए सवाल किया `क्या महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर में तालिबानी राज चाहती हैं?`
#WATCH | It needs courage to endure what people of J&K are enduring. The day they run out of patience, you would be doomed. Don't test our patience. See what is happening in our neighbourhood. US, a great power, had to pack its bags & withdraw from there: Mehbooba Mufti, PDP pic.twitter.com/cEELMRX0mt
— ANI (@ANI) August 21, 2021
मीडिया और सरकारी संस्थानों का सरकार ने किया तालिबानीकरण : महबूबा मुफ्ती
इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर सरकारी संस्थानों(जांच एजेंसियों) का तालिबानीकरण करने का आरोप लगाया था। यह बात उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनकी मां गुलशन नजीर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा करीब तीन घंटे तक पूछताछ के बाद कही थी।
महबूबा ने कहा कि दुर्भाग्य से जिन संस्थानों को हमारे अधिकारों की रक्षा करनी थी और जिन्हें संविधान की भावनाओं को बनाए रखना था उनका तालिबानीकरण हो चुका है। आरोप लगाया कि मीडिया का भी तालिबानीकरण हो गया है। मुख्यधारा की अधिकतर मीडिया भाजपा की बातों पर चलती है।
महबूबा ने दावा किया था कि मैंने परिसीमन आयोग से मिलने से इनकार कर दिया, जिसके अगले दिन समन मिल गया। मैंने पांच अगस्त को शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, अगले दिन फिर समन मिल गया। एनआईए और ईडी जैसी एजेंसियों का गठन गंभीर कार्यों के लिए हुआ था लेकिन दुर्भाग्य से इन एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिज्ञों, छात्रों, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों के खिलाफ किया जा रहा है।
काबुल/नई दिल्ली: तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान की हालत बेहद खराब होती जा रही है। यहां पर तालिबान की सत्ता आते ही क्रूरता का दौर शुरू है। तालिबान लड़ाके एक के बाद एक हिंसक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि काबुल एयरपोर्ट पर पहुंचे 150 भारतीयों को तालिबान ने अगवा कर लिया है। अफगान मीडिया के हवाले से खबर है कि काबुल में हामिद करजई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास से 150 से अधिक लोगों को तालिबानी अपने साथ ले गए हैं। हालांकि, तालिबान ने अगवा करने की घटना से इनकार किया है।
सुरक्षित तरीके से लोगों को एयरपोर्ट के अंदर पहुंचाया : तालिबान
इससे पहले तालिबान ने लोगों के अपहरण करने की घटना से इनकार किया था। तालिबान के प्रवक्ता अहमदुल्ला वसीक ने कहा यह खबर पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार है। अहमदुल्ला वसीक ने बताया कि तालिबान ने सुरक्षित तरीके से दूसरे गेट से लोगों को एयरपोर्ट के अंदर पहुंचाया है।
सूत्रों के मुताबिक, भारतीयों के दस्तावेज जांचने के लिए तालिबान इन लोगों को अपने साथ ले गया था। जांच पूरी होने के बाद सभी लोगों को हवाई अड्डे के लिए रवाना कर दिया गया। वहीं, भारत सरकार के सूत्रों का कहना है कि काबुल में सभी भारतीय सुरक्षित हैं। उन्हें जांच के बाद खाना खिलाकर हवाई अड्डे रवाना कर दिया गया है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष मनजिंदर एस सिरसा ने कहा कि अफगानिस्तान में गुरुद्वारा परिसर में मौजूद करीब 300 सिख सुरक्षित हैं। उनके साथ अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई है। यह पूरी तरह से अफवाह है।
दूसरे गेट से हवाई अड्डे पर ले जाने की बात कहकर लोगों को ले गए तालिबानी
सूत्र के मुताबिक, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद बड़ी संख्या में लोग देश छोड़ना चाह रहे हैं। देश छोड़ने के लिए लोग काबुल एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। इसी दौरान तालिबानी विद्रोहियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि तालिबान ने लोगों से कहा कि उन्हें दूसरे गेट से हवाई अड्डे पर ले जाया जा रहा है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें हवाई अड्डे के अंदर ले जाया गया है या फिर किसी दूसरी जगह।
नई दिल्ली: राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राजधानी में बाजारों को खोलने की रात 8 बजे तक की पाबंदी को भी हटा दिया है. इस प्रतिबंध को सोमवार से हटा दिया गया है. अभी तक करोना के चलते दिल्ली के बाज़ारों को शाम 8 बजे तक खुलने की इजाज़त थी. कम होते मामलों की वजह से सोमवार से समय सीमा हटाई जा रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि घटते मामलों को देखते हुए सोमवार से यह प्रतिबंध हटा दिया जाएगा. अब बाजार अपने सामान्य समय के अनुसार खुल सकते हैं.
इसके साथ ही दिल्ली के बाजारों, शॉपिंग कंपलेक्स, मॉल और सभी तरह की दुकानों को बड़ी राहत दे दी गई है. सबसे बड़ी बात यह है कि अब दिल्ली में दुकान बंद करने की समय सीमा खत्म की गई है. आपको बता दें कि अभी तक दिल्ली में सभी दुकाने रात 8:00 बजे तक, रेस्टोरेंट और बार रात 10:00 बजे तक खुल सकते थे. लेकिन अब इन सब को बंद करने की समय सीमा सोमवार से समाप्त हो गई है.
9 अगस्त को दिया साप्ताहिक बाजार खोलने का आदेश
इससे पहले दिल्ली सरकार ने 9 अगस्त से राजधानी के साप्ताहिक बाजार खोलने के आदेश दिए थे. इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि सभी साप्ताहिक बाजार खुल रहे हैं. क्योंकि इन बाजारों में रोजी-रोटी कमाने वाले गरीब लोग हैं और सरकार को उनकी चिंता है. उन्होंने कहा था कि सभी का स्वास्थ्य और जीवन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. ऐसे में सभी को पूरी गंभीरता के साथ कोरोना नियमों का पालन करना होगा.
24 घंटे में कोरोना के 19 नए मामले मिले
आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के केवल 19 नए मामले दर्ज किए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग की मानें तो यह इस साल एक दिन में मिलने वाले कोरोना मामलों की सबसे कम संख्या है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोरोना बुलेटिन में बताया गया कि दिल्ली में अब तक कोरोना के कुल 14,37,293 केस सामने आ चुके हैं, जबकि इस महामारी की वजह से अब तक 25,079 लोगों की जान चली गई है. इस तरह से दिल्ली में कोरोना की मृत्यु दर 1.74 फीसदी है.
असम। अफगानिस्तान में तालिबान के समर्थन करने वालों की फेहरिस्त बढ़ती जा रही है। भारत में भी तालिबानी विद्रोहियों के समर्थन में लोग आगे आ रहे हैं। नेता, शायर से लेकर आम लोग भी तालिबान के पक्ष में खुलकर बोल रहे हैं। असम में पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये सभी सोशल मीडिया पर तालिबान का समर्थन कर रहे थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मशहूर शायर मुनव्वर राना ने कहा था कि तालिबान से ज्यादा हथियार भारत में रहने वाले माफियाओं के पास हैं। इसके अलावा, उन्होंने तालिबान और महर्षि वाल्मीकि की तुलना भी कर दी थी। मुनव्वर राना के अलावा सपा के एक सांसद ने भी तालिबान के समर्थन में बयान दिया था। इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख असददुदीन ओवैसी ने भी तालिबान के पक्ष में बयान दिया था।
काबुल/नई दिल्ली। तालिबान के कब्जे के बाद अफगानिस्तान की हालत बेहद खराब होती जा रही है। यहां पर तालिबान की सत्ता आते ही क्रूरता का दौर शुरू हो गया है। तालिबान लड़ाके एक के बाद एक हिंसक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इसी बीच खबर आ रही है कि काबुल एयरपोर्ट पर पहुंचे 150 लोगों को तालिबान ने अगवा कर लिया है। इसमें ज्यादातर भारतीय लोग बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार काबुल में हामिद करजई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास से 150 से अधिक लोगों को तालिबान अपने साथ ले गए हैं, जिनमें से अधिकांश भारतीय नागरिक हैं। इसके अलावा में अफगान नागरिक और अफगान सिख भी शामिल हैं।
वहीं तालिबान ने इस खबर को खंडन किया है। तालिबान के प्रवक्ता अहमदुल्ला वसीक ने कहा यह खबर पूरी तरह से बेबुनियाद और निराधार है। अहमदुल्ला वसीक ने बताया कि तालिबान ऐसी हरकत नहीं करता है।
दूसरे गेट से हवाई अड्डे पर ले जाने की बात कहकर लोगों को ले गए तालिबानी
सूत्र के मुताबिक, अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद बड़ी संख्या में लोग देश छोड़ना चाह रहे हैं। देश छोड़ने के लिए लोग काबुल एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। इसी दौरान तालिबानी विद्रोहियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि तालिबान ने लोगों से कहा कि उन्हें दूसरे गेट से हवाई अड्डे पर ले जाया जा रहा है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि उन्हें हवाई अड्डे के अंदर ले जाया गया है या फिर किसी दूसरी जगह। वहीं, भारतीय वायुसेना का विमान शनिवार को काबुल से 85 भारतीय को लेकर आ रहा है। इनमें अधिकांश लोग उत्तर प्रदेश के कानपुर से हैं।
मुंबई: महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में समृद्धि राजमार्ग परियोजना के लिए मजदूरों को ले जा रहे वाहन के पलट जाने से कम से कम 15 मजदूरों की मौत हो गई है. जानकारी के अनुसार, समृद्धि राजमार्ग परियोजना पर काम चल रहा है. सिंदखेराजा तहसील के तढेगाव के पास एक डंपर पर लोहे की छड़ लदी हुई थीं. बताया जा रहा है कि भारी बारिश की वजह से डंपर सड़क पर फिसल कर पलट गया.
इसके कारण इसमें सवार 16 मजदूर दब गए. हादसे में 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बाकी 5 मजदूरों ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया. बाकी घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है.







