BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
टीबी मरीजों के लिए पोषण किट बनी संजीवनी, उपचार में मिल रही नई मजबूती….

टीबी मरीजों के लिए पोषण किट बनी संजीवनी, उपचार में मिल रही नई मजबूती….

 रायपुर: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मरीजों के समुचित उपचार एवं पोषण स्तर को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र राजकिशोर नगर में पोषण किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर 12 टीबी मरीजों को एसईसीएल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रोटीन युक्त पोषण किट प्रदान किए गए।

टीबी मरीजों के लिए पोषण किट बनी संजीवनी, उपचार में मिल रही नई मजबूती

सीएमएचओ डॉ शुभा गरेवाल ने बताया कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी में दवाइयों के साथ पौष्टिक आहार अत्यंत आवश्यक होता है। पोषण किट मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करती है, जिससे उपचार की प्रभावशीलता बढ़ती है और मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने की संभावना भी मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों में कुपोषण एक बड़ी चुनौती है, जिसे दूर करने में इस प्रकार की पहल अहम भूमिका निभा रही है। एसीसीएल द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत किया गया यह सहयोग मरीजों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने मरीजों को नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और संस्थाओं के सहयोग से ही टीबी मुक्त समाज के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था

डोंगरगढ़. 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व को लेकर मां बम्लेश्वरी मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बार नवरात्रि में जहां एक ओर हजारों ज्योति कलशों से बम्लेश्वरी धाम जगमगाएगा, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस वर्ष नीचे स्थित मंदिर में 901 और पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में लगभग 7,500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे. सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण निर्मित होगा. नवरात्रि के नौ दिनों तक डोंगरगढ़ में आस्था का सैलाब उमड़ता है और लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है.

आस्था और परंपराओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास (Navratri 2026)

मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है. मंदिर को लेकर कई किंवदंतियां प्रचलित हैं, जिनमें एक कथा विक्रमादित्य से भी जुड़ी मानी जाती है, हालांकि ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं. ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पूर्व खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा बनवाया गया था. आज़ादी के बाद राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंदिर के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन कराया, जो आज तक व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है. इस बार नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी विशेष पहल की है. डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है, वहीं कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी डोंगरगढ़ में दिया गया है. इससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रा अधिक सुगम होगी.

सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं. लगभग एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है, जो मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखेंगे. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी. प्रशासन, पुलिस और रेलवे के संयुक्त प्रयासों से इस बार डोंगरगढ़ में नवरात्रि महोत्सव भव्य होने के साथ-साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी नजर आएगा. हजारों ज्योति कलशों की रोशनी, मजबूत व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की आस्था इस नवरात्रि को विशेष बना रही हैं. डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी धाम एक बार फिर आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के संगम के रूप में सामने आने जा रहा है, जहां हर श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव देने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति अविश्वास प्रस्ताव का अस्वीकार होना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण – डॉ. रमन सिंह

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रति अविश्वास प्रस्ताव का अस्वीकार होना भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता का प्रमाण – डॉ. रमन सिंह

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को सदन द्वारा अस्वीकार किए जाने को भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता, संसदीय परंपराओं और संस्थागत मर्यादा के प्रति गहरी आस्था का सशक्त उदाहरण बताया है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह निर्णय केवल एक संसदीय प्रक्रिया का परिणाम नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय लोकतंत्र में संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता और मर्यादा सर्वोपरि है। सदन में जिस स्पष्टता, गंभीरता और विवेक के साथ माननीय सदस्यों ने अपना मत व्यक्त किया, उससे यह पुनः स्थापित हुआ है कि संसद और उसकी संस्थाओं के प्रति देश की लोकतांत्रिक चेतना अत्यंत परिपक्व है।

उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय के उपरांत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा सदन को जिस संतुलित, विचारपूर्ण और गरिमामय ढंग से संबोधित किया गया, वह अत्यंत प्रेरक है। अध्यक्ष पद की निष्पक्षता, संसदीय नियमों की सर्वोच्चता और संसद की गौरवशाली परंपराओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भारतीय संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें केवल आधुनिक संवैधानिक ढांचे में ही नहीं, बल्कि हमारी दीर्घ बौद्धिक और नैतिक परंपरा में भी निहित हैं, जहाँ शासन और सार्वजनिक जीवन को सत्य, उत्तरदायित्व, संवाद और मर्यादा के आधार पर संचालित करने की कल्पना की गई है।

उन्होंने भारतीय संसदीय परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष के रूप में विट्ठलभाई पटेल ने अपने आचरण से यह स्थापित किया था कि अध्यक्ष का पद केवल कार्यवाही संचालित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सदन की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और गरिमा का प्रतीक होता है। उन्होंने दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर नियमों और परंपराओं की रक्षा का जो आदर्श प्रस्तुत किया, उसने भारतीय संसदीय जीवन में अध्यक्ष पद की निष्पक्षता की स्थायी परंपरा स्थापित की।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संविधान सभा की बहसों में भी लोकतंत्र के इन आदर्शों को अत्यंत गंभीरता और दूरदृष्टि के साथ अभिव्यक्त किया गया था। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने स्पष्ट कहा था कि संविधान कितना भी उत्कृष्ट क्यों न हो, यदि उसे संचालित करने वाले लोग उसके प्रति निष्ठावान नहीं होंगे, तो वह सफल नहीं हो सकेगा। यही दृष्टि आज भी हमारे संसदीय आचरण के लिए मार्गदर्शक है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के संसदीय इतिहास में भी अनेक अवसर ऐसे आए हैं, जब लोकतांत्रिक परिपक्वता का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। प्रथम लोकसभा के गठन के समय श्री जी.वी. मावलंकर ने अध्यक्ष पद की गरिमा पर बल देते हुए कहा था कि अध्यक्ष का आसन किसी दल या व्यक्ति का प्रतिनिधि नहीं होता, बल्कि पूरे सदन की सामूहिक चेतना और विश्वास का प्रतीक होता है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि वह असहमति को स्थान देता है, विविध विचारों का सम्मान करता है और संवाद के माध्यम से सहमति का मार्ग खोजता है। संसद इसी लोकतांत्रिक चेतना का सर्वोच्च मंच है, जहाँ व्यक्त प्रत्येक विचार देश के करोड़ों नागरिकों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नेतृत्व में संसद अपनी गौरवशाली संसदीय परंपराओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा लोकतांत्रिक संवाद, रचनात्मक विमर्श और संस्थागत गरिमा के उन आदर्शों को नई ऊर्जा मिलेगी, जिन पर भारतीय लोकतंत्र की प्रतिष्ठा आधारित है।

डॉ. रमन सिंह ने ओम बिरला को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लोकसभा संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती रहेगी।

रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे मुआवजा घोटाला, ED ने 23.35 करोड़ की संपत्ति कुर्क

रायपुर–विशाखापट्टनम हाईवे मुआवजा घोटाला, ED ने 23.35 करोड़ की संपत्ति कुर्क

 रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर–विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में 23.35 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है।

ED ने यह जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/एंटी करप्शन ब्यूरो छत्तीसगढ़ द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया था। विशेष न्यायालय (PC Act), रायपुर में हरमीत सिंह खनुजा और अन्य के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

 

 

छत्तीसगढ़ में सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, अफवाह पर ध्यान न दें – सीएम विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ में सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, अफवाह पर ध्यान न दें – सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में गैस की किल्लत को लेकर प्रदेश के सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। एक दो दिन में गैस की आपर्ति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी। लोगों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई वास्तविक कमी नहीं है। इस संबंध में फैल रही बातें केवल पूरी तरह से अफवाह हैं।

उन्होंने बताया कि दो जहाज ईरान से इंडिया के लिए रवाना हो चुके हैं और संभावना है कि वे एक-दो दिनों में पहुंच जाएंगे। इसके बाद आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि सरकार किसी भी स्थिति में लोगों को परेशान नहीं होने देगी। यदि कहीं थोड़ी बहुत कमी दिखाई देती है, तो उसे जल्द ठीक कर लिया जायेगा।

किल्लत की परेशानी को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम साय ने कहा कि विपक्ष के कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। इस वजह से जनता में और ज्यादा अफवाहें फैल रही हैं। वास्तविकता ये है कि राज्य में गैस की कोई किल्लत नहीं है।

छत्तीसगढ़ में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ खाद्य विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। राज्य में 700 से ज्यादा सिलेंडरों को जब्त किया गया है। कई गैस एजेंसी के बाहर गैस नहीं के बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। इस वजह से आम जनता को परेशानी हो रही है। गैस की किल्लत लगातार बढ़ती जा रही है। गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगी हैं, तो सर्वर डाउन होने के कारण लोगों की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है।

CG : चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला, देखें आदेश

CG : चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला, देखें आदेश

 जशपुर।  जिले के पुलिस कप्तान और डीआईजी डॉ लाल उमेद सिंह की अनुशंसा पर पुलिस महकमें में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश में जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ चार थाना प्रभारी, 4 उप-निरीक्षक और 3 सहायक उप-निरीक्षकों का तबादला आदेश जारी किया है। आदेश में प्रभावित सभी अधिकारियों को तत्काल नए पदस्थापना स्थल में आमद देते हुए कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।


 

CG – न्यायधानी के इस यूनिवर्सिटी से अचानक गायब हुआ छात्र, इतने दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग…

CG – न्यायधानी के इस यूनिवर्सिटी से अचानक गायब हुआ छात्र, इतने दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग…

बिलासपुर। न्यायधानी के कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी में बिहार के गया निवासी 19 वर्षीय छात्र रोहित कुमार के 5 मार्च 2026 से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों का आरोप है कि रोहित के गायब होने की सूचना प्रबंधन ने 6 मार्च की रात करीब 10:30 बजे दी, जबकि घटना उससे पहले ही घटित हो चुकी थी। पीड़ित परिवार के अनुसार, रोहित का अपने सहपाठी पंकज के साथ 5,000 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसे प्रशासन ने अनदेखा किया।

परिजनों ने विश्वविद्यालय पर सीसीटीवी फुटेज न दिखाने, उपस्थिति रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर करने और मामले को दबाने का आरोप लगाया है; साथ ही छात्र के मोबाइल से उसकी माँ को भेजे गए संदिग्ध संदेशों ने किसी अनहोनी की आशंका को और गहरा कर दिया है। इस पूरे प्रकरण में प्रबंधन की कथित लापरवाही और सुरक्षा खामियों को देखते हुए पीड़ित पिता अमरेंद्र कुमार ने बिलासपुर एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि छात्र के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच, सहपाठी पंकज से कड़ी पूछताछ और विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच करते हुए जल्द से जल्द रोहित की सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

CG ACCIDENT : अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप वाहन, 3 की मौत, 25 से अधिक घायल

CG ACCIDENT : अनियंत्रित होकर पलटी पिकअप वाहन, 3 की मौत, 25 से अधिक घायल

 नारायणपुर।  जिले में बड़ा सड़क हादसा हुआ है, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना नारायणपुर–ओरछा मुख्य मार्ग पर ग्राम झारा घाटी के पास हुई, जहां एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।

बताया जा रहा है कि पिकअप में 30 से ज्यादा लोग सवार थे। दुर्घटना में दो महिलाओं और एक पुरुष की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल 108 संजीवनी एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल नारायणपुर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यह पिकअप वाहन नियमों के विपरीत सवारी ढोने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। पहले भी ऐसे वाहनों से कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन संचालक अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सड़क सुरक्षा को लेकर चेतावनी जारी की है।

कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नारायणपुर–ओरछा मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क की खराब हालत तथा वहां चालकों की लापरवाही के कारण इस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं।

 

CG VIDHANSABHA  गैस सिलेंडर की कालाबाजारी से गर्माया सदन, विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव खारिज

CG VIDHANSABHA गैस सिलेंडर की कालाबाजारी से गर्माया सदन, विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव खारिज

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज गैस सिलेंडर के दामों मे वृद्धि और कालाबाजारी का मामला जोर शोर से गूंजा। इस विषय पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की जिसे आसंदी ने खारिज कर दिया। इससे नाराज़ होकर विपक्ष के सभी सदस्य गर्भगृह में पहुंच गए। नियमानुसार सभापति ने कांग्रेस के 30 विधायकों को निलंबित करने की घोषणा कर दी।

शून्यकाल में नेता प्रतिपक्ष डॉ चरण दास महंत और भूपेश बघेल ने यह मामला उठाते हुए कहा कि वर्तमान में गैस सिलेंडर के दाम बढ़ते ही इसकी जमाखोरी और कालाबाजारी शुरू हो गई है। लोगो को सिलेंडर के लिए काफी परेशानियां हो रही है इसलिए इस पर सदन की कार्यवाही रोक कर चर्चा कराई जाए। विपक्ष के स्थगन पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने इसे केंद्र का विषय बताते हुए इसे विधानसभा से बाहर का विषय होने का हवाला दिया। भाजपा विधायक के ऐसा कहते ही विपक्ष खड़े होकर नारेबाजी करने लगे, इसके जवाब में सत्ता पक्ष से भी नारे लगने शुरू हो गए। लगातार हंगामा को देखते हुए सभापति ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

इसके बाद सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होते ही विपक्ष के नेताओं ने सिलेंडर की कालाबाजारी पर अपनी बात रखने का प्रयास किया । उनकी बातें सुनने के बाद सभापति धरम लाल कौशिक ने स्थगन प्रस्ताव खारिज करते हुए इस पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। इससे नाराज होकर विपक्ष के सभी विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में घुस गए। नियमानुसार सभापति ने 30 कांग्रेस विधायकों को निलंबित करने की घोषणा कर दी। सभी विपक्षी विधायक सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सदन से बाहर आ गए। थोड़ी ही देर बाद आसंदी ने सभी विधायकों का निलंबन वापस ले लिया।

ब्रेकिंग : DEO ने जारी किया आदेश, इतने सहायक शिक्षक बने प्रधान पाठक, देखिए पूरी लिस्ट…..

ब्रेकिंग : DEO ने जारी किया आदेश, इतने सहायक शिक्षक बने प्रधान पाठक, देखिए पूरी लिस्ट…..

 रायपुर। रायपुर DEO ने सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एलबी को प्रमोशन का तोहफा दिया हैं। सूची में 55 सहायक शिक्षक के नाम हैं, जिन्हें छानबीन समिति की अनुशंसा के बाद प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नत किया गया है।

देखें पूूरी लिस्ट…

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

बड़े राज्यों को पछाड़कर बना नंबर-वन, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

रायपुर, 11 मार्च 2026/ महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY) के क्रियान्वयन की फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। राज्य ने अन्य बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।

जारी रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वहीं 30 दिनों से अधिक लंबित प्रकरणों की दर मात्र 7.07 प्रतिशत और लंबित शिकायत दर 4.96 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो योजना के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन को दर्शाती है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ ने पिछले माह की तुलना में 6 स्थानों की छलांग लगाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मैदानी अमले को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा दिया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान इस दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रमाण है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही छत्तीसगढ़ आज देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारियों-कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आपसी समन्वय, प्रतिबद्धता और समयबद्ध कार्यशैली के परिणामस्वरूप ही राज्य यह मुकाम हासिल कर पाया है।

मंत्री राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि विभाग भविष्य में भी इसी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए इस प्रथम स्थान को बनाए रखेगा तथा प्रदेश की प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाएगा। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन की जानकारी देते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक प्रदेश में 1,86,586 गर्भवती महिलाओं का प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत पंजीकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार द्वारा अब तक 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है और छत्तीसगढ़ देश के सामने एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर बैंक कर्मचारी ने पति-पत्नी से 40 लाख की ठगी, ऐसे दिया धोखा…जानिए पूरा मामला..!!

फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर बैंक कर्मचारी ने पति-पत्नी से 40 लाख की ठगी, ऐसे दिया धोखा…जानिए पूरा मामला..!!

 रायपुर। राजधानी रायपुर के ग्रामीण पुलिस ने आईडीबीआई के कर्मचारी को 40 लाख की ठगी मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फिक्स डिपाॅजिट के नाम पर दंपति को चूना लगाया। पीड़ितों को जब पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है तो उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद आरोपी को पकड़ा गया।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, धरसींवा निवासी नेरेंद्र वर्मा और उनकी पत्नी मनीषा वर्मा ने आईडीबीआई बैंख शाखा चरौदा में बैंक खाता खुलवाया, जिसमें दोनों ने 40 लाख रूपए जमा किये थे। दोनों इन रूपए को फिक्स डिपाॅजिट कराने के उद्देश्य से आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी राजा खुंटे से मिले। राजा खुंटे ने दोनों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो ब्लैंक चेक मांगे। दंपति ने आरोपी को सभी जरुरी दस्तावेज दे दिए, जिसके बाद उन्हें फिक्स डिपाॅजिट खाता खोलने की पावती दी गई।

दोनों ने 2023 में अपने-अपने नाम से 20-20 लाख रूपए फिक्स डिपाॅजिट करा दिए। 2 मार्च 2026 को दोनों को निजी कार्य के लिए रूपयों की आवश्यकता थी। दोनों ने बैंक के कर्मचारी राजा खुंटे से संपर्क किया। राजा खुंटे ने बताया कि उनके जमा रूपयों की हेराफेरी हो गई है, अभी राशि उपलब्ध नहीं है।

इसके बाद दंपति बैंक पहुंचे और जांच पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि राजा खुंटे ने उनके द्वारा दिए गए ब्लैंक चेक का दुरूपयोग कर खाते से 40 लाख रूपए निकाल लिए थे।

बैंक से मिली जानकारी के बाद पति-पत्नी सीधे धरसींवा थाने पहुंचे और इसकी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीण पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया और मामले में जांच कार्रवाई करते हुए राजा खुंटे को गिरफ्तार किया। आरोपी ने धोखाधड़ी की बात कबूल की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस आगे की जांच कार्रवाई कर रही है।

 

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में तापमान सामान्य से ऊपर, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में तापमान सामान्य से ऊपर, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी

 रायपुर — छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बीते दिन प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

द्रोणिका का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार से झारखंड होते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर एक द्रोणिका बनी हुई है। हालांकि इसके प्रभाव से फिलहाल प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

आज कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना जताई है और किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना है।

रायपुर का मौसम

रायपुर के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक 9 मार्च को हल्की धुंध रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।


 

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू तथा सरगुजा की निधि जायसवाल से संवाद किया।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

धमतरी की नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है।

इसी तरह सरगुजा की निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर “अनीता सिलाई सेंटर” स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर  किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं।

कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी । कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक  चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष  श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष  दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

 

CG : बाइक में फंसी साड़ी का पल्लू, शिक्षिका की दर्दनाक मौत, जानिए कैसे हुआ हादसा?

CG : बाइक में फंसी साड़ी का पल्लू, शिक्षिका की दर्दनाक मौत, जानिए कैसे हुआ हादसा?

 खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के प्रतिष्ठित वेसलियन इंग्लिश मीडियम स्कूल की एक वरिष्ठ शिक्षिका की सड़क हादसे में जान चली गई। यह हादसा तब हुआ जब शिक्षिका अपने बेटे के साथ बाइक पर स्कूल जा रही थीं और अचानक उनकी साड़ी का पल्लू बाइक के पिछले चक्के में फंस गया।

स्कूल से कुछ दूर पहले हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय शिक्षिका मर्सी बचइया रोज की तरह अपने बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर स्कूल जा रही थीं। स्कूल पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले अचानक उनकी साड़ी का पल्लू बाइक के पिछले पहिये की चपेट में आ गया। पल्लू खिंचने की वजह से शिक्षिका अनियंत्रित होकर सिर के बल सड़क पर गिर पड़ीं।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

हादसे के तुरंत बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल खैरागढ़ ले जाया गया। सिर में गंभीर अंदरूनी चोट होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दुर्ग के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें रायपुर AIIMS में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।मुख्यमंत्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ के सभी अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल कर पूरे छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री  साय ने वैभवी अग्रवाल, दर्शना सिंह बघेल, डायमंड सिंह ध्रुव, रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया को उनकी उल्लेखनीय सफलता के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इन होनहार बेटे-बेटियों की उपलब्धि प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और यह दिखाती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन युवाओं की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे लखपति दीदियों से संवाद

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे लखपति दीदियों से संवाद

 0-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रायपुर में आयोजित होगा 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम 

 रायपुर-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' द्वारा 7 मार्च 2026 को रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 'लखपति दीदी संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों लखपति दीदियां कार्यक्रम में भाग लेंगी।  मुख्यमंत्री साय इन महिलाओं से संवाद करते हुए उनकी सफलता की कहानियां सुनेंगे और शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी प्राप्त करेंगे। यह कार्यक्रम महिलाओं के आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के करकमलों से लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया जाएगा। इसके साथ ही 'लखपति दीदी ग्राम पोर्टल' का शुभारंभ भी किया जाएगा। इन प्रकाशनों के माध्यम से स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता की प्रेरक यात्राओं को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रदेश भर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया जाएगा। यह आयोजन महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित करेगा और अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा। 

जैतू साव मठ में मनाया गया होली महोत्सव

जैतू साव मठ में मनाया गया होली महोत्सव

 रायपुर :- दूधाधारी मठ एवं इससे संबंधित जैतू साव मठ पुरानी बस्ती रायपुर में होली महोत्सव का त्यौहार बड़े ही धूमधाम के साथ श्रद्धा भक्ति पूर्वक मनाया जा रहा है, इस अवसर पर भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया है। अबीर, गुलाल एवं फूलों से श्रद्धालु भक्तों ने भगवान के साथ अपनी होली मनाई। महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने संदेश में कहा कि- फागुन पूर्णिमा को रात्रि में होलिका दहन के पश्चात चैत्र प्रतिपदा को होली महोत्सव मनाने की सनातन परंपरा है‌, इसका निर्वाह दूधाधारी मठ एवं इससे संबंधित सभी मठ, मंदिरों में किया गया। श्रद्धालु भक्तों ने भगवान राघवेंद्र सरकार को गुलाल लगाकर अपनी श्रद्धा भक्ति प्रकट की, होली उत्सव मनाया। जैतू साव मठ ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने कहा कि - होली रंगों का त्यौहार है इसे हम सभी भारतवासी बहुत ही हर्ष उल्लास के साथ मनाते हैं। यह प्रेम और भाईचारे का त्यौहार है जो सदियों से चलते आ रहा है। राजेश्री महन्त जी महाराज ने संपूर्ण देशवासियों के लिए होली की मंगल कामनाएं की है। होली महोत्सव के अवसर पर दाऊ महेंद्र अग्रवाल जी, सुमित पाठक, राम मनोहर दास जी, राम अवतार दास जी, रामशिरोमणि दास जी, राम लोचन दास जी, नंदलाल फेकर, हर्ष दुबे, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक गणमान्य नागरिक गण उपस्थित थे.

किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री  साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

263.17 करोड़ के 89 कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास से जिले को मिलेगी विकास की नई रफ्तार

होली से पहले किसानों को मिली बड़ी सौगात

बिलासपुर के रहंगी से मुख्यमंत्री ने किया प्रदेशभर के किसानों से वर्चुअल संवाद

सतनामी एवं आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50-50 लाख रुपए की घोषणा

रायपुर, 28 फरवरी 2026 - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में  प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है। इस वर्ष के बजट में कृषि के लिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नक्सलवाद बस्तर क्षेत्र से समाप्ति की ओर है और इस दिशा में हम सफल हो रहे हैं। निश्चित रूप से मार्च 2026 तक  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी का संकल्प पूरा होगा। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है और खनिजों का समुचित दोहन कर राज्य को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है और अब छत्तीसगढ़ में भी दुग्ध क्रांति आने वाली है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी तत्परता से कार्य किया है और विगत दो वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा कर लिया गया है। राज्य में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है तथा प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को दोहराया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने चकरभाटा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन करने, मंगला में माध्यमिक शाला को हाई स्कूल में उन्नयन तथा रहंगी के खेल मैदान में बाउंड्रीवॉल एवं स्टेज निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री साय ने सतनामी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए तथा पत्थरखान में आदिवासी समाज के सामुदायिक भवन के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की।

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि उन्नति योजना का लाभ देने के लिए मुख्यमंत्री जी किसानों के बीच आए हैं, यह बहुत ही ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज 10 हजार 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे अंतरित की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर साल किसानों के खातों में धान की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धान से अधिक लाभ दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन में है और किसानों को फसल विविधीकरण अपनाना चाहिए।

कृषि मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी में नवाचार और परिवर्तन से ही किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन एवं मत्स्यपालन को बढ़ावा देने के लिए भी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने किसानों को मिश्रित कृषि तथा जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया तथा राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय किसानों के दर्द और मेहनत को समझते हैं और होली से पहले किसानों की मेहनत और पसीने की सौगात देने के लिए आज उनके बीच उपस्थित हुए हैं। अन्नदाताओं की मेहनत के कारण ही छत्तीसगढ़ खुशहाल है। विगत तीन वर्षों में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी हुई है तथा 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में सड़क, सिंचाई सहित विकास के सभी आयामों में बेहतर कार्य हुआ है और विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना के साथ प्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है।

कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों को आदान सहायता प्रदान की जाती है, जिसका उद्देश्य उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में 25 लाख से अधिक किसानों को 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए किसानों को धान के साथ दलहन एवं तिलहन फसलों की ओर प्रोत्साहित किया गया है।

मुख्यमंत्री से संवाद कर किसानों ने जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्चुअली जुड़कर प्रदेश के किसान हितग्राहियों से संवाद किया। जगदलपुर की महिला हितग्राही बसंती कश्यप ने बताया कि उनके खाते में 36 हजार रुपए की राशि आई है, जिससे वे होली का त्योहार अच्छे से मनाएंगे। कोरबा जिले के पहाड़ी कोरवा हितग्राही सुखन साय ने बताया कि उन्होंने 73 क्विंटल धान बेचा था और 53 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि इस राशि  को वे घर बनाने में खर्च करेंगे। जांजगीर जिले के किसान समर्थ सिंह ने बताया कि उन्हें 1 लाख 41 हजार रुपए अंतर की राशि मिली है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री साय को धन्यवाद दिया। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष  भूपेन्द्र सवन्नी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, पूर्व विधायक डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के अध्यक्ष  रजनीश सिंह, महापौर पूजा विधानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कृषि उत्पादन आयुक्त शाहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संचालक कृषि  राहुल देव, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

मुख्यमंत्री श्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

मुख्यमंत्री श्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

मुख्यमंत्री श्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

मुख्यमंत्री श्री साय ने बटन दबाकर किसानों के खातों में की 10 हजार 324 करोड़ रुपए की राशि अंतरित

विशाल रोजगार मेला – युवाओं के लिए सुनहरा अवसर महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में कल विशाल रोजगार मेला का आयोजन

विशाल रोजगार मेला – युवाओं के लिए सुनहरा अवसर महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में कल विशाल रोजगार मेला का आयोजन

रायपुर, 25 फरवरी 2026 । स्थानीय महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों एवं युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिनांक 25 फरवरी 2026 (बुधवार) को प्रातः 10:00 बजे से महाविद्यालय परिसर में विशाल रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है । इस रोजगार मेले का मुख्य उद्देश्य शिक्षित युवाओं को विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों के साथ सीधे जोड़ते हुए उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है । मेले में विभिन्न क्षेत्रों जैसे बैंकिंग, मार्केटिंग, आईटी, हॉस्पिटैलिटी, शिक्षा, रिटेल एवं सेवा क्षेत्र से संबंधित अनेक राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय कंपनियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है ।

रोजगार मेले में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों का ऑन-स्पॉट पंजीयन, साक्षात्कार एवं प्राथमिक चयन की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी । इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की प्रतियां तथा पासपोर्ट आकार के फोटो लेकर उपस्थित होने का आग्रह किया गया है ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने इस आयोजन में जिले सहित आसपास के महाविद्यालयों एवं युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ लेने की अपील की है । यह आयोजन युवाओं के करियर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा ।
5 मुख्यमंत्री मिशन

5 मुख्यमंत्री मिशन

 नई दिशा • नई धार • नई रफ्तार

 छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए 5 मिशन मोड पहल
 चिन्हांकित क्षेत्रों में केंद्रित और तेज कार्यान्वयन
 अगले 5 वर्षों तक प्रत्येक मिशन के लिए न्यूनतम 100-100 करोड़ प्रति वर्ष प्रावधान

1) मुख्यमंत्री AI मिशन

 राज्य को उभरती प्रौद्योगिकी में अग्रणी बनाना
 युवाओं का AI आधारित कौशल विकास
 AI स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन
 प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग में AI उपयोग
 डिजिटल गवर्नेंस और स्मार्ट समाधान

छत्तीसगढ़ अब टेक्नोलॉजी अपनाने वाला नहीं, टेक्नोलॉजी लीड करने वाला राज्य बनेगा

2. मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन

 जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभा खोज
 आधुनिक खेल अधोसंरचना विकास
 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन
 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी
 महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाना

हर गांव से खिलाड़ी — हर खिलाड़ी को अवसर

3. मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन

 पर्यटन स्थलों और थीम आधारित सर्किट का विकास
 मेले, उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा
 होमस्टे और स्थानीय पर्यटन उद्यम
 टूर गाइड स्किल डेवलपमेंट
 स्थानीय हस्तशिल्प और रोजगार सृजन

पर्यटन से पहचान भी, रोजगार भी

4. मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन

 राज्य की प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं का गैप एनालिसिस
 प्राथमिकता आधारित रोडमैप
 तेज और प्रभावी कार्यान्वयन
 विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग

इन्फ्रास्ट्रक्चर ही आर्थिक विकास की रीढ़

5. मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन

स्टार्टअप मिशन युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना
 तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत सहयोग
 नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा

NIPUN मिशन
(New Age Industrial Preparedness for Upskilling New Generation Youth)

 उद्योग आधारित कौशल विकास
 नई तकनीक आधारित रोजगार अवसर
 भविष्य की इंडस्ट्री के लिए युवाओं को तैयार करना

युवा नौकरी ढूंढेंगे नहीं — नौकरी देंगे

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रावधान

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रावधान

 छत्तीसगढ़ शासन बजट 2026-27

शहीद वीरनारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना:- शासकीय और गैर शासकीय अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के लिए 1500 करोड़ रूपए का प्रावधान

25 विकासखंडों में डायलिसिस कैंप तथा 50 विकासखंडों में जनऔषधि केंद्र के लिए बजट में प्रावधान

राज्य भर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 2,000 करोड़

राजधानी रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज खुलेगा

इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि परीक्षण लैब के लिए 25 करोड़ रूपए का प्रावधान

एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट मेकाहारा रायपुर में उपकरण, बिस्तर एवं अन्य सुविधाओं के विस्तार तथा एआई के उपयोग से उपचार आदि के 10 करोड़ रूपए का प्रावधान

रायपुर और राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज और आयुर्वेदिक कॉलेज रायपुर में इंटर्न्स के हॉस्टल निर्माण हेतु 35 करोड़ रूपए का प्रावधान

मितानिन कल्याण निधि के लिए – 350 करोड़

PM ABHIM के लिए – 190 करोड़

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लिए – 183 करोड़

राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए – 120 करोड़ का प्रावधान

राज्य कैंसर संस्थान बिलासपुर के लिए सेट-अप

25 से अधिक SHC PHC तथा CHC के लिए भवन निर्माण

220 बिस्तर जिला चिकित्सालय, अम्बिकापुर तथा 200 बिस्तर जिला चिकित्सालय, धमतरी के लिए भवन निर्माण
जीएनएम प्रशिक्षण केन्द्र दुर्ग, कोण्डागांव, जशपुर तथा रायपुर के भवनों का निर्माण

रामनगर, रायपुर तथा कुण्डा, कबीरधाम के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन तथा भवन निर्माण

200 बिस्तर मातृ-शिशु अस्पताल कालीबाड़ी, रायपुर एवं 200 बिस्तर जिला अस्पताल चिरमिरी के लिए सेटअप
मेडिकल कॉलेज दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा एवं जशपुर के संचालन हेतु सेट-अप एवं
नर्सिंग कॉलेज कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़ एवं महासमुंद के लिए प्रावधान किया है।

ब्रेकिंग : AIIMS में भर्ती मरीज ने तीसरी मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल……

ब्रेकिंग : AIIMS में भर्ती मरीज ने तीसरी मंजिल से कूदकर की आत्महत्या, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल……

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। जहां एम्स अस्पताल में शुक्रवार को एक मरीज ने बिल्डिंग के तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर लिया। मृतक का नाम करण नायक बंजारा बताया जा रहा है। घटना से अस्पताल प्रबंधन और मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई।

जानकारी के अनुसार, करण नायक बंजारा खून से जुड़ी बिमारी का इलाज के लिए एम्स में भर्ती था। B ब्लॉक में बी4 वार्ड में उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को करण की बिल्डिंग के तीसरी मंजिल से छलांग लगाई, जिससे गंभीर चोटें आई और उसकी मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचानाम कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस मृतक के परिजन, अस्पताल प्रबंधन से घटना के संबंध में पूछताछ कर रहा है। मामले की जांच जारी है।

अमानाका थाना प्रभारी सुधांशु सिंह बघेल ने बताया की शुरुआती जांच में एम्स अस्पताल में तीसरे मंजिल से कूदने से मरीज की मृत्यु होने की बात सामने आई है। मरीज पिछले कुछ माह से अस्पताल में भर्ती था, जिससे परेशान होकर उसने खुदकर अपनी जान दे दी। अमानका थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री साय

राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध - मुख्यमंत्री साय

 00 जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

00 मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में जल संचय-जन भागीदारी 2.0 अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा
00 केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में जल संचय-जन भागीदारी 2.0 अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री  पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। श्री साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण जल संचय-जन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को जल मित्र के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया।

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से जल संचय जन भागीदारी अभियान की शुरुआत की थी और कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।
केंद्रीय मंत्री  पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव  कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

+ Load More