नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
स्पेशल स्टोरी : धमतरी, बालोद, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में शुरू हुई मखाना विकास योजना, 178 लाख की राशि स्वीकृत

स्पेशल स्टोरी : धमतरी, बालोद, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में शुरू हुई मखाना विकास योजना, 178 लाख की राशि स्वीकृत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक फसलों के साथ अब किसान नकदी फसलों की ओर भी तेजी से रुख कर रहे हैं द्य इसी कड़ी में मखाना की खेती किसानों के लिए एक नया और लाभकारी विकल्प बनकर सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फॉर डेवलपमेंट ऑफ मखाना का क्रियान्वयन तेजी के साथ किया जा रहा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा राज्य को राष्ट्रीय मखाना बोर्ड में शामिल करने की ऐतिहासिक घोषणा के उपरांत राज्य में मखाना की खेती एवं प्रसंस्करण कार्य की गतिविधियों में तेजी आई है।

उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में वर्ष 2025-26 से उक्त योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 178 लाख 11 हजार रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के क्रियान्वयन हेतु धमतरी, बालोद, महासमुंद एवं गरियाबंद जिलों का चयन किया गया है।

 स्पेशल स्टोरी : छत्तीसगढ़ में मखाना उत्पादन को प्रोत्साहन


मखाना की बाजार में अच्छी मांग 
मखाना की खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसान अगर केवल कच्चे बीज न बेचकर, बीज को प्रोसेस कर मखाना बनाकर बाजार में बेचें, तो उन्हें कहीं अधिक लाभ मिलता है। बीज को सुखाकर, भूनकर और प्रोसेस कर मखाना तैयार किया जाता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है।
मखाना उत्पादन में कृषकों की रुचि 
योजना अंतर्गत मखाना उत्पादन एवं मखाना बीज उत्पादन की गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। कृषकों के पूर्व से निर्मित तालाबों में 96.438 हेक्टेयर तथा किसानों की भूमि पर 37.424 हेक्टेयर, इस कुल 133.862 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना उत्पादन किया जाएगा। साथ ही कृषि एवं उद्यानिकी विश्वविद्यालय तथा विभागीय रोपणियों में 15 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
मखाना उत्पादन में धमतरी जिले के 43 कृषक सम्मिलित
वर्तमान में धमतरी जिले में महिला स्व-सहायता समूहों का चयन कर मखाना उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। इनमें शैल पुत्री स्व-सहायता समूह, नई किरण स्व-सहायता समूह, जय माँ नव ज्योति महिला स्व-सहायता समूह एवं प्रगतिशील कृषक समूह प्रमुख हैं। जिले में 55 एकड़ क्षेत्र में तालाबों में मखाना बीज की बुवाई पूर्ण की जा चुकी है तथा 15 एकड़ में तैयारी प्रारंभ है, जिसमें 43 कृषक सम्मिलित हैं। भूमि पर मखाना उत्पादन हेतु चयनित 55 एकड़ क्षेत्र में भी बुवाई की तैयारी प्रारंभ की गई है, जिसमें 20 कृषक शामिल हैं।
2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 हेतु रुपये 2 करोड़ रूपए की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है, जिसके अंतर्गत 75 हेक्टेयर में तालाबों में तथा 30 हेक्टेयर भूमि पर मखाना उत्पादन, 10 नवीन तालाबों का निर्माण तथा 5 हेक्टेयर में अतिरिक्त मखाना उत्पादन प्रस्तावित है।
मखाना उत्पादन के लिए किसानों को प्रशिक्षण
पिछले पांच वर्षों से मखाना की खेती कर रही ओजस फार्म की संचालक श्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु एवं मिट्टी मखाना उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। राज्य में सर्वप्रथम आरंग विकासखंड के ग्राम लिंगाडीह में स्वर्गीय श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा व्यावसायिक मखाना उत्पादन प्रारंभ किया गया था तथा दिसंबर 2021 में पहला मखाना प्रसंस्करण केंद्र स्थापित हुआ। वर्तमान में उनकी संस्था न केवल उत्पादन एवं प्रसंस्करण कर रही है, बल्कि राज्य एवं राज्य के बाहर के किसानों को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रही है।
स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करने पर अधिकतम लाभ
श्रीमती मनीषा चंद्राकर ने बताया कि एक किलोग्राम मखाना बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी कीमत 700 से 1000 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है। यदि किसान स्वयं उत्पादन कर प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग करता है, तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री साय

आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री साय

 0 गढ़बेेंगाल घोटुल में गूंजी मांदर की थाप, मुख्यमंत्री ने घोटुल की स्थापत्यकला को सराहा

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया।

 आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री श्री साय

इस दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, पद्मश्री श्री पंडीराम मंडावी, लोककलाकार श्री बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्रीमती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।
बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट
मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं - वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की। 
इको-फ्रेंडली घोटुल:
वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।

CG : महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी, 68 लाख महिलाओं को 641 करोड़, सीएम साय बोले—महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

CG : महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त जारी, 68 लाख महिलाओं को 641 करोड़, सीएम साय बोले—महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आज जिला नारायणपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त की राशि जारी किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की 68 लाख 39 हजार 592 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 641 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री साय ने राशि का अंतरण करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को नया आयाम मिला है।
 
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 21 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
 
योजना के शुभारंभ से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कुल 14 हजार 954.42 करोड़ रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। यह व्यवस्था वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रही है।
 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 24वीं किस्त के रूप में 641.34 करोड़ रुपए की राशि जारी किए जाने के पश्चात महतारी वंदन योजना के अंतर्गत कुल वितरित राशि बढ़कर 15 हजार 595.77 करोड़ रुपए हो जाएगी। यह राज्य सरकार की महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा यह प्रमाणित करती है कि योजना से प्रदेश की लाखों महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रही हैं।
 
नारायणपुर जिले में महतारी हितग्राहियों की संख्या 27 हजार 272 है। इन हितग्राहियों के खातों में 2 करोड़ 72 लाख 72 हजार रुपए अंतरित किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
 
 
 
सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय देंगे लगभग 200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात….

सिरपुर महोत्सव में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय देंगे लगभग 200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात….

 रायपुर: ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में आयोजित होने वाले सिरपुर महोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय जिले को विकास की बड़ी सौगात देंगे। वे जिले में कुल 199 करोड़ 28 लाख 59 हजार रुपए की लागत की 99 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 40 करोड़ 88 लाख 2 हजार रुपए की लागत के 64 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 158 करोड़ 40 लाख 57 हजार रुपए की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

कार्यक्रम अंतर्गत लोकार्पण किए जाने वाले कार्यों में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के 98 लाख 80 हजार रुपए की लागत के 4 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 6 करोड़ 64 लाख 20 हजार रुपए की लागत के 19 विकास कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 1 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए की लागत का 1 विकास कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17 करोड़ 95 लाख 86 हजार रुपए की लागत के 26 विकास कार्य तथा विद्युत विभाग के 13 करोड़ 76 लाख 19 हजार रुपए की लागत के 14 विकास कार्य शामिल हैं।

इसी प्रकार भूमिपूजन के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा 141 करोड़ 19 लाख 19 हजार रुपए की लागत से 22 विकास कार्य, जल संसाधन विभाग के 10 करोड़ 32 लाख 72 हजार रुपए की लागत से 3 विकास कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2 करोड़ 18 लाख 93 हजार रुपए की लागत से 8 विकास कार्य तथा परिवहन विभाग के 4 करोड़ 69 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 2 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा।

श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश…

श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश…

 रायपुर: नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में आयोजित मुख्य चिकिसा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व सिविल सर्जन की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दूसरे दिन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, किंतु सरकार की प्राथमिकता अब भी यह सुनिश्चित करना है कि दूरस्थ, वनांचल और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचें।

स्वास्थ्य मंत्री ने  कि दुर्गम क्षेत्रों में 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से निरंतर सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इन यूनिटों की नियमित समीक्षा करने और लाभार्थियों से फीडबैक लेना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष फोकस करते हुए उन्होंने प्रत्येक माह आवश्यक समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
आपातकालीन सेवाओं को लेकर मंत्री श्री जायसवाल ने 102 महतारी एक्सप्रेस, 108 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 1099 से संबंधित शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया।

 श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना सरकार का दायित्व है और इसके लिए सभी स्तरों पर मिशन मोड में कार्य किया जाना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश के 5,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप-स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील करने, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा अधोसंरचना सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री ने अस्पतालों में लैब टेक्नीशियन की उपलब्धता तथा जांचों की गुणवत्ता और सटीकता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही नए जांच उपकरणों की खरीदी कर सभी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही बाहर की दवाएँ लिखने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

मानव संसाधन को स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ बताते हुए श्री जायसवाल ने नए जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को भर्ती से संबंधित विज्ञापन एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम को एक महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर डायलिसिस यूनिट स्थापित करने तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक जन औषधि केंद्रों के विस्तार पर विशेष जोर दिया।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के शासकीय अस्पताल किसी भी दृष्टि से निजी अस्पतालों से कमतर नहीं हैं । जिला अस्पतालों में बेहतर उपचार सुविधाओं के साथ-साथ उच्च स्तरीय स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। शासकीय अस्पतालों की छवि को और अधिक सशक्त बनाने को सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने सभी जिला अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ब्लड बैंक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

ज्ञान का उपयोग देश एवं समाज के लिए होना चाहिए : राज्यपाल डेका

ज्ञान का उपयोग देश एवं समाज के लिए होना चाहिए : राज्यपाल डेका

00 श्री रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल
00 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई
रायपुर। 
राज्यपाल रमेन डेका श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर 53 शोधार्थियों को पी.एच.डी उपाधि, 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक सहित 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लेखक कवि और गीतकार श्री रामेश्वर वैष्णव तथा हिन्दी व छत्तीसगढ़ी के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार व लेखक श्री विजय मिश्रा को श्री डेका ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले समस्त विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान का उपयोग केवल अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश व समाज के हित के लिए होना चाहिए। इंटरनेट के युग के आज के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है। उन्हें लगता है कि इंटरनेट नहीं है तो दुनिया में कुछ नहीं है।

डेका ने कहा कि हम सदियों से देख रहे है कि सूर्य पूर्व से उगता है और पश्चिम में डूबता है। यह पृथ्वी में सबकुछ स्थिर गति से हो रहा है। लेकिन मानव की जीवन प्रद्धति में तेजी से परिर्वतन हो रहा है। सभी सफल होने के दौड़ में लगे हुए हैं। श्री डेका ने कहा कि सफल व्यक्ति ही खुश रहता है यह सोच सही नही हैं। प्रसन्नता के लिए जीवन में संतोष होना आवश्यक है। अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था कि शिक्षा तथ्यों को सिखना नहीं है बल्कि मन को सोचने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसलिए आपकी भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कैसे सोचते है और कैसे कार्य करते हैं। सफलता, असफलता जीवन के दो पहलू है। असफलता से निराश नहीं होना है, सीख लेकर आगे बढऩा है। जीवन के हर क्षण को आनंद से जीना चाहिए।

डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, मूल्यों और नेतृत्व के संरक्षक हैं। वे राष्ट्र के विचारों, चरित्र और अंतरात्मा की आवाज को आकार देते हैं। अत: उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और नवाचार, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच में संतुलन रखना बहुत आवश्यक है तभी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा। हमें सतत् विकास के लिए सोचना है और एक पेड़ मां के नाम लगाना है। डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश के भविष्य हैं, आप के योगदान से भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनेगा।

समारोह में उपस्थित कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री रविशंकर जी महाराज ने भी अपना उद्बोधन दिया। स्वागत उद्बोधन कुलपति डॉ. सौरभ चतुर्वेदी और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्रकुमार साहू, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल के सदस्य, विभागाध्यक्ष, अध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

नक्सल मुक्त बस्तर - सुरक्षित छत्तीसगढ़ का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है - सीएम साय

नक्सल मुक्त बस्तर - सुरक्षित छत्तीसगढ़ का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है - सीएम साय

 रायपुर। किस्टाराम क्षेत्र में 8 लाख रुपये के इनामी चार सक्रिय माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा से जुडऩे का निर्णय बस्तर में बढ़ते विश्वास, सुरक्षा और विकास के वातावरण का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सल मुक्त बस्तर - सुरक्षित छत्तीसगढ़ का संकल्प अब जमीनी स्तर पर साकार होता दिखाई दे रहा है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परिवर्तन सुरक्षा बलों के समन्वित एवं सतत प्रयासों, सुदृढ़ कैम्प व्यवस्था, प्रभावी क्षेत्रीय उपस्थिति तथा बेहतर सड़क और संचार कनेक्टिविटी का प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से माओवादी प्रभाव क्षेत्र लगातार सिमट रहा है और उनका सामाजिक आधार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति है कि जो लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा। बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की यह यात्रा आगे भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी रहेगी।

1 से 3 फरवरी तक होगा सिरपुर महोत्सव का भव्य आयोजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारम्भ

1 से 3 फरवरी तक होगा सिरपुर महोत्सव का भव्य आयोजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारम्भ

रायपुर: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव की तैयारियां लगभग अंतिम चरण में हैं। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ 1 फरवरी 2026 को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को महोत्सव में शामिले होने आमंत्रित किया गया है। उद्घाटन कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे।

उद्घाटन अवसर पर अति विशिष्ट अतिथि के रूप में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्री दयाल दास बघेल, वित्त, वाणिज्यिक कर मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी शामिल होंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी श्री द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली श्रीमती चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्री निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बागबाहरा श्री केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बसना श्रीमती डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्री देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती लक्ष्मी पटेल, नगर पंचायत अध्यक्ष तुमगांव श्री बलरामकांत साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट एवं गाइड संघ श्री इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती दशरी ध्रुव एवं भारत स्काउट एवं गाइड संघ के अध्यक्ष श्री येतराम साहू एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

सिरपुर महोत्सव का समापन समारोह 3 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल शामिल होंगे तथा अध्यक्षता सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी करेंगी। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक महासमुन्द श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक बसना श्री संपत अग्रवाल, विधायक खल्लारी श्री द्वारिकाधीश यादव, विधायक सरायपाली श्रीमती चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद श्री निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष बागबाहरा श्रीमती खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत बागबाहरा श्री केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्रीमती डिलेश्वरी निराला, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा श्री देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली श्रीमती लक्ष्मी पटेल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड संघ छत्तीसगढ़ श्री इन्द्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती दशरी ध्रुव तथा जिला अध्यक्ष भारत स्काउट एवं गाइड संघ श्री येतराम साहू तथा गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

सिरपुर में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन एवं सिरपुर साडा द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला प्रशासन महासमुंद एवं सिरपुर साडा द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागिता करें।

Breaking : सुकमा में आतंक को झटका, 8 लाख के इनामी 4 माओवादी कैडर ने किया सरेंडर

Breaking : सुकमा में आतंक को झटका, 8 लाख के इनामी 4 माओवादी कैडर ने किया सरेंडर

सुकमा/आंध्रप्रदेश। छत्तीसगढ़ के दक्षिण बस्तर डिवीजन में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस सुकमा और आंध्रप्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिला पुलिस के संयुक्त प्रयासों से कुल ₹8,00,000/- के इनामी चार माओवादी कैडर, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं, ने आत्मसमर्पण किया।

आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में गोलापल्ली LOS कमांडर और पार्टी सदस्य शामिल हैं। इनके कब्जे से SLR, INSAS, .303 और .315 बोर रायफल सहित एम्यूनिशन बरामद किया गया

आत्मसमर्पण कार्यक्रम बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज (IPS), पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (IPS), पंकज मीणा (IPS), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह (IPS) और 2IC कोंटा रेंज CRPF अरविंद पी. आनंद की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

माओवादी संगठन पर दबाव और सुरक्षा उपायों का असर

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किस्टाराम और गोलापल्ली क्षेत्रों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों ने माओवादी संगठन के लिए स्वतंत्र विचरण लगभग असंभव कर दिया है।

पूर्व में संगठन ग्रामीणों में डर फैलाकर उन्हें भ्रमित करता था, लेकिन अब सरकारी विकास योजनाओं और जनकल्याण कार्यक्रमों की सीधी पहुँच ने जनता का विश्वास मजबूत किया है। यही कारण है कि माओवादी संगठन अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है।

आत्मसमर्पण करने वाले कैडर और बरामद हथियार

01. सोढ़ी जोगा (ACM)
•निवासी: सिंघनमड़गू, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा
•पद: गोलापल्ली LOS कमांडर
•इनाम: ₹5,00,000
•हथियार: SLR रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 10 राउंड
 
02. डाबर गंगा उर्फ मड़कम गंगा
•निवासी: सिंगाराम, गोलापल्ली
•पद: पार्टी सदस्य (LOS)
•इनाम: ₹1,00,000
•हथियार: INSAS रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 08 राउंड
 
03. सोढ़ी राजे
•निवासी: एंटापाड़, थाना चिंतागुफा, जिला सुकमा
•पद: पार्टी सदस्य (LOS)
•इनाम: ₹1,00,000
•हथियार: .303 रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 05 राउंड
 
04. माड़वी बुधरी
•निवासी: सिंघनमड़गू, थाना किस्टाराम, जिला सुकमा
•पद: पार्टी सदस्य (LOS)
•इनाम: ₹1,00,000
•हथियार: .315 बोर रायफल – 01 नग
•एम्युनेशन: 05 राउंड
 
उपरोक्त सभी माओवादी कुल 08 आपराधिक प्रकरणों में आरोपी हैं, जिनके संबंध में पूछताछ प्रक्रियाधीन है।

पुलिस और प्रशासन का संदेश

पुलिस अधीक्षक सुकमा किरण चव्हाण (IPS) ने कहा कि, हम शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ें और पुनर्वास योजना का लाभ उठाकर नया जीवन शुरू करें।

बस्तर रेंज IG पी. सुंदरराज (IPS) ने कहा कि, माओवादी संगठन अब समाप्ति की ओर है। हिंसा केवल विनाश लाती है। ‘पूना मारगेम’ अभियान विकास, सुरक्षा और सम्मान का मार्ग खोलता है। शेष कैडर हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें आपके सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी हमारी है।

भाजयुमो में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए अध्यक्ष और महामंत्री नियुक्त, जानिए रायपुर में किसे मिली जिम्मेदारी?

भाजयुमो में बड़ा फेरबदल, 13 जिलों में नए अध्यक्ष और महामंत्री नियुक्त, जानिए रायपुर में किसे मिली जिम्मेदारी?

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से रायपुर सहित 13 जिलों के भाजयुमो जिला अध्यक्ष और महामंत्री नियुक्त किए हैं। इस बदलाव से पार्टी संगठन में नई ऊर्जा और सक्रियता आने की उम्मीद है।

Breaking : छत्तीसगढ़ में बदल गई संपत्ति की गाइडलाइन दरें, इन दो जिलों नई दरें लागू

Breaking : छत्तीसगढ़ में बदल गई संपत्ति की गाइडलाइन दरें, इन दो जिलों नई दरें लागू

 रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य में 20 नवंबर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को यह निर्देश जारी किए गए थे कि आवश्यकता अनुसार इन नवीन गाइडलाइन दरों में संशोधन के प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन समिति को भेजे जा सकते हैं।

शासन के निर्देशों के तहत रायपुर एवं कोरबा जिले की जिला मूल्यांकन समितियों से गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार के लिए महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रायपुर एवं कोरबा जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का विस्तृत परीक्षण किया गया तथा समग्र विचार-विमर्श उपरांत दोनों जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा भेजे गए संशोधन प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित संशोधित गाइडलाइन दरें रायपुर एवं कोरबा जिले में 30 जनवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिकों एवं संबंधित हितधारकों द्वारा नवीन गाइडलाइन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है। राज्य के अन्य जिलों से भी जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा संशोधित गाइडलाइन दरों के प्रस्ताव शीघ्र प्राप्त कर नियमानुसार जारी किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य शासन का उद्देश्य भूमि एवं संपत्ति पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी, यथार्थपरक और जनहितैषी बनाना है। गाइडलाइन दरों का समय-समय पर पुनरीक्षण वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को सुविधा मिले और पंजीयन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के लिए अधिसूचना जारी, 23 फरवरी से 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें

BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के लिए अधिसूचना जारी, 23 फरवरी से 20 मार्च तक होंगी 15 बैठकें

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय ने बजट सत्र 2026 के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सत्र 23 फरवरी से 20 मार्च तक चलेगा और इस दौरान कुल 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र के दौरान विभिन्न विभागों के बजट प्रस्तुत किए जाएंगे और वित्तीय मामलों पर चर्चा की जाएगी।

CG TRANSFER : राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के अधिकारियों का प्रमोशन, नई पदस्थापना भी मिली, देखें पूरी लिस्ट

CG TRANSFER : राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के अधिकारियों का प्रमोशन, नई पदस्थापना भी मिली, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर।  राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान प्राप्त सेवा के सदस्यों की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उप सेनानी या समतुल्य रैंक के पदों पर नियुक्ति की गई है। यह नियुक्ति विभागीय पदोन्नति-छानबीन समिति की बैठक में की गई अनुशंसा के आधार पर की गई है।

देखें आदेश

“संघर्ष से सफलता तक” – छत्तीसगढ़ में 18 लाख आवासों को मिली मंजूरी : डिप्टी सीएम विजय शर्मा

“संघर्ष से सफलता तक” – छत्तीसगढ़ में 18 लाख आवासों को मिली मंजूरी : डिप्टी सीएम विजय शर्मा

 रायपुर। मोर आवास, मोर अधिकार, रोक कर रखे हैं फलनवा सरकार” सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि जन-जन का आंदोलन था, जो अब ठोस नतीजों में बदल चुका है—यह बात उप मुख्यमंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने नवा रायपुर के संवाद ऑडिटोरियम में मीडिया से बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे को बड़े जनआंदोलन के रूप में उठाया था और आज वही संघर्ष परिणाम का आंदोलन बन गया है।

विजय शर्मा ने बताया कि वर्षों तक गरीबों को आवास से वंचित रखा गया—2011 की प्रतीक्षा सूची के 6,99,438, आवास प्लस सूची के 8,19,999, मुख्यमंत्री आवास योजना के 47,090 और 2016 से 2023 के बीच एक किस्त के बाद अधूरे छोड़े गए 2,46,215 आवास शामिल थे। उन्होंने कहा कि अब 2011 और 2015 की सभी सूचियां पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं और कुल 18,12,742 आवासों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिन पर निर्माण कार्य भी तेज़ी से चल रहा है।

उन्होंने दावा किया कि आज पूरे देश में सबसे अधिक आवास छत्तीसगढ़ में बन रहे हैं, यहां तक कि उत्तरप्रदेश से भी राज्य आगे है। योजना में नवाचार करते हुए महिला समूहों को बिल्डिंग मटेरियल सप्लाई से जोड़ा गया, 8 हजार से अधिक डीलर दीदियों ने सप्लाई की, हजारों लोगों को प्रशिक्षण मिला और नीयद नेल्लानार योजना के तहत 84 कैंप लगाकर 494 गांवों का विकास किया गया।

उप मुख्यमंत्री ने साफ किया कि आवास मामलों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो ACB व EOW से जांच भी कराई जाएगी।

BJP अल्पसंख्यक मोर्चा को नया नेतृत्व, 9 जिलों के अध्यक्ष घोषित,देखिए पूरी लिस्ट

BJP अल्पसंख्यक मोर्चा को नया नेतृत्व, 9 जिलों के अध्यक्ष घोषित,देखिए पूरी लिस्ट

 Chhattisgarh BJP:  छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के संगठन विस्तार के तहत अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्षों की घोषणा कर दी गई है। भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश कार्यालय से 29 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से अल्पसंख्यक मोर्चा के 9 जिलों में नए जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं।

जारी सूची के मुताबिक बिलाई से अब्दुल समद कुरैशी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से अय्यूब सोलंकी, कोंडागांव से वसीम कच्छी, नारायणपुर से कमलजीत सिंह आहूजा, बस्तर से मो. अजीज खान, सुकमा से इंजारइल खान, बीजापुर से फारुख खान, मुंगेली से रितेश बाधवा और कोरबा से उत्तम सिंह रंधावा को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। संगठन का कहना है कि नए नेतृत्व से अल्पसंख्यक मोर्चा को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और पार्टी की नीतियों व योजनाओं को समुदाय तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

कावरगट्टा मुठभेड़ में दो कुख्यात माओवादी ढेर, AK-47 और पिस्टल बरामद

कावरगट्टा मुठभेड़ में दो कुख्यात माओवादी ढेर, AK-47 और पिस्टल बरामद

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पामेड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कावरगट्टा-गुंडराजगुडे़म जंगल पहाड़ी इलाके में 29 जनवरी 2026 को हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने पामेड़ एरिया कमेटी के दो कुख्यात सशस्त्र माओवादी कैडरों को मार गिराया है।

मारे गए माओवादियों की पहचान ACM प्रदीप उर्फ जोगा (इनाम ₹5 लाख) और PM भीमा वेको (इनाम ₹2 लाख) के रूप में हुई है, जो कावरगट्टा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच भीमा मड़कम की हत्या सहित कई हिंसक घटनाओं में संलिप्त थे।

पुलिस के अनुसार 28 जनवरी की शाम विशिष्ट आसूचना के आधार पर DRG टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था, जिसके दौरान 29 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे माओवादियों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार मुठभेड़ हुई। फायरिंग के बाद तलाशी में दोनों वर्दीधारी माओवादियों के शव, एक AK-47 रायफल, एक 9 एमएम पिस्टल, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई।

पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि जिले में आसूचना-आधारित अभियानों से लगातार सफलता मिल रही है और शांति-सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, जबकि बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पट्टिलिंगम ने इसे नक्सल संगठन की कमजोरी का संकेत बताते हुए शेष कैडरों से आत्मसमर्पण की अपील की है।

फिलहाल DRG, बस्तर फाइटर्स और CRPF की अतिरिक्त टीमें पूरे इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

खुशखबरी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जारी करेंगे महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त

खुशखबरी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जारी करेंगे महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 30 जनवरी को नारायणपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर बटन दबाकर 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 34 लाख 79 हजार 350 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित करेंगे।

महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा के उद्देश्य से प्रारंभ की गई यह योजना अपने सफल दो वर्ष पूर्ण कर चुकी है और प्रदेश की महिलाओं के जीवन में स्थायी आर्थिक संबल का मजबूत आधार बनकर उभरी है।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 01 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई। योजना के अंतर्गत कुल 70 लाख 27 हजार 154 महिलाओं द्वारा आवेदन किया गया था, जिनमें से पात्र 70लाख 9 हजार 578 महिलाओं को 10 मार्च 2024 को प्रथम किस्त का भुगतान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से किया गया था।

अब तक 23 माह में महिलाओं को 14 हज़ार 954करोड़ 42 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है।

फरवरी 2026 में 24वीं किस्त के अंतर्गत अद्यतन स्थिति में कुल 69 लाख एक हजार 115 पात्र हितग्राहियों में से ई-केवाईसी लंबित हितग्राहियों को छोड़कर 68 लाख 39 हजार 592 हितग्राहियों को 640 करोड़ 57 लाख 47 हजार 850 रुपये का भुगतान किया जाएगा।

इसके साथ ही नक्सल प्रभावित जिलों में संचालित नियद नेल्ला नार योजना के अंतर्गत शामिल 7,763 नवीन हितग्राहियों को 77 लाख 31 हजार 500 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।इस प्रकार कुल 68 लाख 47 हजार 355 महिलाओं को 641.34 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। 24वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत कुल भुगतान राशि बढ़कर 15 हजार 595 करोड़ 77 लाख रुपये हो जाएगी।

प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों सुकमा, बीजापुर, कांकेर, दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर में नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से माह नवम्बर से अब तक 7,763 महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की सुरक्षा और सुशासन के चलते योजनाएं अब दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक भी प्रभावी रूप से पहुँचने लगी हैं।

Breaking : युवा कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के तीन युवा नेताओं को बनाया नेशनल मीडिया पैनलिस्ट

Breaking : युवा कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के तीन युवा नेताओं को बनाया नेशनल मीडिया पैनलिस्ट

 रायपुर : भारतीय युवा कांग्रेस ने संगठन को मज़बूती देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ से तीन युवाओं को नेशनल मीडिया पैनलिस्ट के रूप में चयनित किया है। इस सूची में अर्जुन श्रीवास्तव, अंशुल मिश्रा एवं योगेश साहू का नाम शामिल है।

तीनों युवा नेता लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहते हुए पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म पर उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए यह ज़िम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए तीनों को शुभकामनाएँ दी हैं।

CG Breaking : युवा कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के तीन युवा नेताओं को बनाया नेशनल मीडिया पैनलिस्ट

जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां आज ढोल-मांदर की थाप बजती है- मंत्री केदार कश्यप

जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां आज ढोल-मांदर की थाप बजती है- मंत्री केदार कश्यप

 रायपुर: बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और जनजातीय अस्मिता को सहजने एवं संवारने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज माँ दंतेश्वरी मंदिर के पावन प्रांगण में जिला स्तरीय बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बस्तर की लोकसंस्कृति, पारंपरिक कला, नृत्य, संगीत एवं रीति-रिवाजों की जीवंत झलक देखने को मिली, जिसने उपस्थित जनसमूह को बस्तर की आत्मा से जोड़ दिया। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि आज बस्तर बदल रहा है, बस्तर की तस्वीर बदल रही है और देश-विदेश में बस्तर की एक नई पहचान बन रही है। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां आज ढोल-मांदर की थाप बजती है।

बस्तर की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना है

जिला स्तरीय बस्तर पंडुम के शुभारंभ अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत को सहेजना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत दंतेवाड़ा जिले से हुई है और उनके जीवन का आधा से अधिक समय यहीं बीता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार बस्तर की संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध क्षेत्र है। माँ दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकाल, बारसूर, चित्रकूट और तीरथगढ़ जैसे अनेक प्रमुख पर्यटन स्थल बस्तर की पहचान हैं।

बस्तर पंडुम ने बस्तर के बदलते स्वरूप को दर्शाती है

मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम के माध्यम से हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। इस आयोजन में 12 विधाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं। हमारे पूर्वजों ने बस्तर की संस्कृति को सहज और जीवंत रखा है, और यह हम सभी का कर्तव्य है कि इस सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि पहले बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में जहाँ कभी गोलियों की गूंज सुनाई देती थी, आज वहाँ ढोल-मांदर की थाप सुनाई दे रही है, जो बस्तर के बदलते स्वरूप को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि हमें केवल किताबों तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि पूर्वजों से मिली संस्कृति को उसकी पहचान बनानी है।

पहले अति संवेदनशील जिले आज आकांक्षी जिले में शामिल

श्री कश्यप ने कहा कि अब बस्तर से नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और यह क्षेत्र एक समृद्ध एवं विकसित बस्तर के रूप में आगे बढ़ रहा है, जो जिले पहले अति संवेदनशील कहलाते थे, वे आज प्रधानमंत्री द्वारा घोषित आकांक्षी जिलों में शामिल हैं। उन्होंने युवा वर्ग से बस्तर के पारंपरिक गीत, संगीत जैसे ’’आया माचो दंतेश्वरी’’ और ’’साय रेला’’ जैसे पारंपरिक गीतों को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म में फॉलों कर प्रचार-प्रसार करने को आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने जिला स्तरीय बस्तर पंडुम के स्टॉलों का निरीक्षण कर पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। कार्यक्रम को विधायक श्री चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी और कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने भी सम्बोधित किया।

कुआकोंडा पोटाकेबिन-2 के छात्रों के मलखंभ के प्रदर्शन ने लोगों का मन मोहा

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तुति के क्रम में कुआकोंडा पोटाकेबिन-2 के छात्रों ने मलखंभ विधा में साहसिक करतब करते हुए लोगों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। अपनी फुर्ती और कलाबाजियों से मंत्रमुग्ध करते हुए छात्रों ने मलखंभ का अद्भुत  प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ग्राम मोखपाल के नतक दलों ने पारंपरिक नृत्य तथा ग्राम मड़से के कलाकारों ने ठेठ ग्रामीण हाट बाजार के जनजीवन की जीवन्त प्रस्तुति दी। इसके अलावा जगदलपुर से आए बादल एकेडमी से आए कलाकारों की प्रस्तुतियां भी सराहनीय रही।

इस अवसर पर सदस्य छ.ग.राज्य महिला आयोग श्रीमती ओजस्वी मंडावी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर,नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री कैलाश मिश्रा,जिला पंचायत एवं जनपद के जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ सहित अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, सर्व समाज प्रमुख उपस्थित रहे।

एमएल श्रोफ बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन 5 का भव्य एवं सफल आयोजन

एमएल श्रोफ बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन 5 का भव्य एवं सफल आयोजन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सोसाइटी ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CGSPST) एवं प्रिशा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एमएल श्रोफ बॉक्स क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन 5 का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेश भर से कुल 16 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नॉकआउट प्रारूप में रोमांचक मुकाबलों के माध्यम से खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री राहुल टिकरिहा जी, प्रदेश अध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा, छत्तीसगढ़ तथा श्री बेनी राम साहू जी, सहायक औषधि नियंत्रक, छत्तीसगढ़ रहे। विशेष अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. शेखर वर्मा, प्रो. डॉ. उमेश गुप्ता, श्री पीयूष जैन एवं डॉ. कादिर की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं छत्तीसगढ़ सोसाइटी ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के संरक्षक के रूप में श्री द्वितेन्द्र पाठक जी की भी विशेष उपस्थिति रही। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा आयोजन की सराहना की।
कड़े और रोमांचक मुकाबलों के बाद टीम ‘सर्वशिवा’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया। विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ ₹11,000 की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। समापन अवसर पर सभी विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
CGSPST एवं प्रिशा फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. रवि किशोर अग्रवाल एवं फार्मासिस्ट श्री धनंजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में CGSPST के फार्मासिस्ट विकास रामवानी, फार्मासिस्ट अंजू अनंत, श्रीमती रूपाली अग्रवाल, श्री कमल किशोर अग्रवाल एवं श्री शिवम अग्रवाल सहित समस्त आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उन्होंने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, सहयोगियों एवं दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के खेल आयोजनों से युवाओं में खेल भावना, अनुशासन एवं टीम वर्क को प्रोत्साहन मिलता है तथा भविष्य में भी इस टूर्नामेंट को और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा।
राज्यपाल की घोषणा, अब इस नाम से जाना जाएगा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय

राज्यपाल की घोषणा, अब इस नाम से जाना जाएगा इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय

 खैरागढ़।  चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में सत्रहवां दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका रहे। अपने संबोधन में उन्होंने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि अब यह संस्थान “राजकुमारी इंदिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़” के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाम परिवर्तन से जुड़ी सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएंगी।

राज्यपाल ने कहा कि राजकुमारी इंदिरा सिंह संगीत प्रेमी थीं और उनके असामयिक निधन के बाद खैरागढ़ के तत्कालीन राजा ने पुत्री की स्मृति में अपना राजमहल दान कर इस विश्वविद्यालय की स्थापना करवाई थी। उस समय यह एशिया का एकमात्र कला-संगीत विश्वविद्यालय थासमारोह में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, धरसीवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, खैरागढ़ राजपरिवार के महाराज आर्यव्रत सिंह, कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चन्द्रवाल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने राजकुमारी शारदा देवी सिंह बावली की नामपट्टिका का अनावरण किया।
दीक्षांत समारोह में 232 छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक, 4 को रजत पदक, 5 को डिलीट तथा 64 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। समारोह विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने वाला ऐतिहासिक क्षण बना।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भाषण आत्मनिर्भरता की राह में हम सभी को आगे बढ़ाएगा : बृजमोहन अग्रवाल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का भाषण आत्मनिर्भरता की राह में हम सभी को आगे बढ़ाएगा : बृजमोहन अग्रवाल

नई दिल्ली :- रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा संसद में दिया गया भाषण हम सभी को आत्मनिर्भरता की राह में आगे बढ़ाएगा। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार संसद के बजट सत्र के पहले दिन महामहिम राष्ट्रपति महोदया ने जो अभिभाषण दिया है उसमें उन्होंने गुरुवर रविंद्रनाथ टैगोर की बात दोहराते हुए कहा है आजादी तब तक अधूरी है जब तक आत्मनिर्भर जीवन न जिया जाए। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अनुसार महामहिम का य़ह भाषण हमें आत्मनिर्भर की राह में और आगे चलने के लिए एक नई प्रेरणा देगा।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के ख़ात्मे का विशेष उल्लेख करने पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश के सबसे वंचित लोगों को खुशहाली का माहौल हर हाल में देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में देश की आर्थिक और सैन्य शक्ति का जो हवाला दिया है वह हमारी अब तक की विकास गाथा का सटीक परिचायक है।

देश की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
 

राष्ट्रपति ने देश में हुए आर्थिक विकास का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि बीते11 वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत हुई है। महंगाई दर को कम रखने का रिकॉर्ड कायम रखा गया है। इसका सीधा फायदा मध्यम वर्ग और गरीबों को हुआ है।अपने भाषण में ऑपरेशन सिंदूर का विशेष उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा गया है। आतंकियों के अड्डे को धवस्त कर दिए गए। आगे भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक ढंग से दिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद पर करारा प्रहार
 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने भाषण में छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के सफाये का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नक्सलियों और आतंक पर करारे प्रहार के बाद
प्रभावित इलाकों में परिवर्तन आज पूरा देश देख रहा है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर के एक गांव में 25 साल बाद बस पहुंची तो लोगों ने किसी उत्सव की तरह खुशी मनाई। बस्तर ओलंपिक में युवा बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। हथियार छोड़ चुके व्यक्ति अब जगदलपुर के पंडुम कैफ़े में लोगों की सेवा कर रहे हैं। लोग आतंक और हथियार छोड़कर जीवन की मुख्य धारा में लौट रहे हैं।

माओवाद आज 126 से घटकर 8 जिलों तक रह गया है

राष्ट्रपति मुर्मू ने माओवादियों को लेकर कहा कि माओआतंकी पर भी निर्णायक कार्रवाई की गई है। माओवाद आज देशभर में 126 से घटकर 8 जिलों तक रह गया है। सिर्फ 3 जिले इसमें गंभीर रूप से प्रभावित हैं। 2 हजार से ज्यादा माओवादियों ने अब तक आत्मसमर्पण किया है। वह दिन दूर नहीं जब देश से आतंक पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

20 लाख सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, ‘भारत सोलर पावर सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। 20 लाख सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिससे लाखों परिवारों के घरों में बिजली का उत्पादन बढ़ा है। बीते 11 सालों में नॉर्थ ईस्ट में 7,200 से ज्यादा राजमार्ग बनाए गए हैं। रेलवे के विकास पर 80 हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश किया गया है। पूर्वोतर के लिए सुरक्षा के लिए यह दशक निर्णायक दशक रहा है। आदिवासी इलाकों में 20,000 से ज्यादा गांव को विकास से जोड़ा जा रहा है। अनुसूचित जाति के छात्रों को 42,000 हजार करोड़ की छात्रवृति दी जा चुकी है। मेरी सरकार खुशहाल किसान को विकसित भारत का लक्ष्य मानती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘ पीएम किसान सम्मान निधि शुरू की गई, जिससे 4 लाख करोड़ रूपए अब तक भेज दिए गए हैं। देश मे ऑयल सीड फसलों का उत्पादन भी बढ़ा है। पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन को भी जोड़ा जा रहा है। मछुआरों को फायदा देने के लिए नई नीति बनी है 2014 की तुलना में 105 प्रतिशत की वृद्धि मत्स्यपालन में हुई है। देश में फूड प्रोसेसिंग क्षमता 20 प्रतिशत बढ़ी है।राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, ‘देश का विकास सभी देशवासियों को समान अधिकार देकर ही संभव है। मेरी सरकार ने महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं बनाई है। 10 करोड़ महिलाओं को स्व सहायता समूह से जोड़ा गया है।3 करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 60 लाख से ज्यादा महिला लखपति दीदी बनी है। ड्रोन दीदी भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

25 करोड़ गरीबी से बाहर निकले:

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश में ग़रीबी उन्मूलन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ देशवासी गरीबों को हराकर गरीबी से बाहर निकले हैं। पिछले एक दशक में गरीबों के लिए चार करोड़ पक्के घर बने हैं। एक वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को मिले हैं।

जल जीवन मिशन से 12 करोड़ परिवारों को सीधे जल से नल राष्ट्रपति के भाषण के अनुसार देश में जल जीवन मिशन के अंतर्गत 5 वर्षों में 12 करोड़ लोगों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया। करीब 1 करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची।

आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत

11 करोड़ से अधिक मुफ्त इलाज किया जा चुके हैं। राष्ट्रपति ने अनाज उत्पादन की दिशा में भारत की आत्मनिर्भरता का भी विशेष उल्लेख किया। भाषण के अनुसार
भारत ने रिकॉर्ड 350 मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न उत्पादन कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बना।

संविधान का संथाली भाषा में अनुवाद करवा कर आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाया है

महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने भाषण में आगे यह भी कहा कि मेरी सरकार देश की आदिवासी विरासत को सुरक्षित करने के लिए आदिवासी म्यूजियम भी बनवा रही है। इसी क्रम में हाल ही में छत्तीसगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय को लोकार्पित भी किया गया है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि मेरी सरकार ने देश के संविधान का संथाली भाषा में अनुवाद करवा कर आदिवासी समाज का गौरव बढ़ाया है।

खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मिले डिप्टी सीएम साव, रायपुर में टेनिस की खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर स्वीकृत करने का किया अनुरोध

खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मिले डिप्टी सीएम साव, रायपुर में टेनिस की खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर स्वीकृत करने का किया अनुरोध

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर राज्य में खेलों के प्रशिक्षण तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने राज्य शासन के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने केन्द्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मांडविया को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खेलो इंडिया योजनांतर्गत कुल 23 अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे गए हैं। उन्होंने इनकी स्वीकृति का आग्रह किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने डॉ. मांडविया से राज्य शासन के प्रस्ताव के अनुसार भारतीय खेल प्राधिकरण के क्षेत्रीय केन्द्र, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (NCOE) प्रारंभ करने, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान ग्वालियर के क्षेत्रीय केन्द्र, खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर बिलासपुर में दो अतिरिक्त खेलों की स्वीकृति तथा रायपुर में टेनिस की खेलो इंडिया एक्सिलेंस सेंटर भी स्वीकृत करने का अनुरोध किया।

श्री साव ने केन्द्रीय मंत्री डॉ. मांडविया को बताया कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रतिभा विद्यमान है। राज्य में वर्तमान कोचिंग और खेल विज्ञान अधोसंरचना राष्ट्रीय मानकों से नीचे है, जिनकी वजह से खिलाड़ियों के व्यवस्थित विकास के अवसर सीमित हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य एवं जिला स्तर के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराना चाहती है।

राज्य शासन ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स इत्यादि के लिए भी उच्च स्तरीय एथलीट तैयार करने के लिए प्रयासरत है। राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण संस्थाओं से राज्य के खिलाड़ी एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिन्टन, वेटलिफ्टिंग, क्याकिंग कैनाईंग, बास्केटबॉल, वालीबॉल जैसे खेलों का सुव्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।

CG : फिर मिली न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

CG : फिर मिली न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

 राजनांदगांव। जिला न्यायालय में एक बार फिर बम लगाए जाने को लेकर एक ईमेल आने के बाद यहां हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे बमनिरोधी दस्ते ने न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर घंटो बम की तलाश की लेकिन यहां कोई बम नहीं मिला।

आज जिला न्यायालय परिसर को आरडीएक्स के माध्यम से विस्फोट करके उड़ये जाने को लेकर अज्ञात व्यक्ति के जरिये भेजा गया ई-मेल प्राप्त हुआ। न्यायालय परिसर में बम लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई है और बम डिफ्यूज स्कर्ट को तत्काल मौके पर भेजा गया। बामनिरोधी दस्ते ने मेटल डिटेक्टर और डॉग स्कर्ट की मदद से न्यायालय परिसर के चारों तरफ बम की तलाश शुरू कर दी।

बम निरोधी दस्ते ने न्यायालय परिसर के भीतर विभिन्न कमरों में मेटल डिटेक्टर के माध्यम से बम की तलाश की इस दौरान कमरे के भीतर मौजूद लोगों को बाहर निकल गया और बारीकी से जांच की गई। उक्त टीम के द्वारा न्यायालय परिसर के गेट से लेकर वाहन स्टैंड और आसपास भी बम तलाशा गया, लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी न्यायालय में कोई बम नहीं मिला।

इस मामले में एएसपी कीर्तन राठौर ने कहा कि जिला न्यायालय में बाम लगाए जाने के संबंध में अज्ञात आरोपी के द्वारा मेल किया गया था । बीडीएस टीम को भेज कर जांच कराई गई। जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है । अज्ञात मेल को लेकर साइबर सेल के माध्यम से पताशाजी की जा रही है।

निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी संचालन व अनुरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी-साव

निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति के लिए पेयजल योजनाओं का प्रभावी संचालन व अनुरक्षण सुनिश्चित करना जरूरी-साव

 00 नई दिल्ली में आयोजित जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय नीति संवाद में उप मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कार्यों की जानकारी दी, सस्टेनेबल पेयजल आपूर्ति के लिए दिए सुझाव

00 केंद्र सरकार और राज्यों के बीच पंचायतों को हस्तांतरित पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर मंथन

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव भारत सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल सेवाओं के प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण के लिए आयोजित मिनिस्टर्स लेवल पॉलिसी डायलॉग ऑन सस्टेनेबल ओएंडएम ऑफ रुरल ड्रिंकिंग वाटर सर्विसेस में शामिल हुए। नई दिल्ली में आज आयोजित इस महत्वपूर्ण नीति संवाद की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल एवं केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने की। बैठक में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमन्ना, भारत सरकार के सचिव एवं अतिरिक्त सचिव सहित देश के विभिन्न राज्यों के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के मंत्री भी शामिल हुए। इस संवाद कार्यक्रम में भारत सरकार और विभिन्न राज्यों के बीच ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को दीर्घकालिक, सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने गहन विचार-विमर्श किया गया

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने नीति संवाद में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों, जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों तथा राज्य की उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत निर्मित पेयजल योजनाओं को पंचायतों को हस्तांतरित करने के बाद उनका प्रभावी संचालन एवं अनुरक्षण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतर, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति बनी रहे। श्री साव ने पंचायतों की भूमिका, स्थानीय सहभागिता और तकनीकी सहयोग को जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिरता का आधार बताया।

बैठक में देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त व्यावहारिक अनुभवों एवं सुझावों पर भी गहन चर्चा हुई, जिससे जमीनी स्तर पर जलापूर्ति व्यवस्था को और अधिक सशक्त, टिकाऊ तथा जनहितकारी बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा सकें। राज्य की ओर से जल जीवन मिशन के मिशन संचालक जितेंद्र शुक्ला, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता ओंकेश चंद्रवंशी, अधीक्षण अभियंता ए.के. मालवे तथा कार्यपालन अभियंता संजय राठौर ने भी बैठक में भागीदारी की।