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रायगढ़ जिले के दौरे पर जाएंगे सीएम साय, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

रायगढ़ जिले के दौरे पर जाएंगे सीएम साय, विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

 रायपुर। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ जिले के दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर 12:30 बजे स्टेट प्लेन से रायगढ़ के लिए रवाना होंगे और करीब 01:25 बजे जगन्नाथ मंदिर, राजापारा में दर्शन करेंगे। इसके बाद दोपहर 01:40 बजे रायगढ़ के बाबा प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं प्रतिभा पुरस्कार समारोह में शामिल होंगे।

 वहीं सीएम साय दोपहर करीब 03:20 बजे स्टेट प्लेन से रायपुर के लिए रवाना होंगे और 04:20 बजे मुख्यमंत्री निवास रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 5:50 बजे लोक भवन में आयोजित राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे और शाम 7:10 मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे।

Crime : यहां नेशनल हाइवे किनारे मिली युवक की अर्धनग्न लाश, हत्या की आशंका

Crime : यहां नेशनल हाइवे किनारे मिली युवक की अर्धनग्न लाश, हत्या की आशंका

  बिलासपुर। बिलासपुर के चकरभाठा थाना अंतर्गत नगरौडी क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नेशनल हाइवे के किनारे एक अज्ञात युवक की लाश संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद की गई। शव की स्थिति बेहद भयावह है। वह अर्धनग्न अवस्था में है और काफी हद तक सड़ चुका है, जिससे दुर्गंध फैलने के बाद ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई।

प्रारंभिक दृश्यों को देखते हुए यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि युवक की हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को हाइवे किनारे फेंका गया होगा। लाश पुरानी होने के कारण चेहरा स्पष्ट नहीं है, जिसके चलते फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। घटना की सूचना मिलते ही चकरभाठा पुलिस की टीम मौके पर पहुँच गई है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट्स खंगाल रही है ताकि मृतक की शिनाख्त हो सके। फॉरेंसिक टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों और हत्या की गुत्थी सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।

 
नक्सलवाद मुक्ति पर रमन सिंह का पत्र—अमित शाह को बताया “साध्य पुरुष”, जताया आभार

नक्सलवाद मुक्ति पर रमन सिंह का पत्र—अमित शाह को बताया “साध्य पुरुष”, जताया आभार

 रायपुर। आज विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर नक्सलवाद से मुक्ति पर जताया उनका आभार उन्होंने पत्र में लिखा कि 31 मार्च 2026 का यह ऐतिहासिक दिन राष्ट्र के लिए एक नई आशा और नई सुबह लेकर आया है। माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और आपके दृढ़ संकल्प से दशकों से नक्सलवाद के कष्ट झेल रही भारत भूमि अब अलोकतांत्रिक विचारधारा से पूरी तरह मुक्त हुई है। संविधान विरोधी शक्तियों ने दशकों से भारत भूमि को भीतर से चोट पहुंचाई है। माओ और लेनिन जैसी लोकतंत्र विरोधी विचारधारा ने नक्सलबाड़ी से लेकर बस्तर तक हजारों निर्दोष लोगों को अपना शिकार बनाया, विकास को बाधित कर आदिवासियों को मुख्यधारा से अलग करने का काम किया और इसका परिणाम हमनें छत्तीसगढ़ की धरती पर देखा है। जिस छत्तीसगढ़ में धान का कटोरा बनने का सामर्थ्य था, उसे भुखमरी और पलायन के दौर से गुजरना पड़ा। इस परिस्थिति के लिए जितनी जिम्मेदार नक्सलवाद की विचारधारा थी, उतनी ही जिम्मेदार तत्कालीन केंद्र सरकार भी रही।

 

 

बस्तर में विश्वास की जीत,दण्डकारण्य में 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी

बस्तर में विश्वास की जीत,दण्डकारण्य में 25 माओवादी कैडरों की मुख्यधारा में वापसी

 दण्डकारण्य आज हिंसा से विश्वास की ओर लौटने का साक्षी बन रहा है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

 रायपुर--छत्तीसगढ़ में आज 31 मार्च 2026 का दिन वामपंथी उग्रवाद के अंत के ऐतिहासिक और निर्णायक दिन के रूप में दर्ज हो रहा है। दण्डकारण्य क्षेत्र में पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के अंतर्गत 25 माओवादी कैडरों (12 महिला सहित) ने हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है। यह घटना नक्सल आतंक के समापन की दिशा में एक स्पष्ट और ठोस उपलब्धि के रूप में सामने आई है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन दण्डकारण्य और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है, जब वर्षों से चली आ रही हिंसा और भय की विचारधारा ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने कहा कि यह विश्वास, लोकतंत्र और जनशक्ति की जीत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन 25 माओवादी कैडरों पर कुल ?1.47 करोड़ का इनाम घोषित था। इनका मुख्यधारा में लौटना इस बात का प्रमाण है कि अब भटके हुए लोगों का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और सरकार की पुनर्वास नीति पर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई और सरकार की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप माओवादी तंत्र निर्णायक रूप से कमजोर हुआ है।

इसी क्रम में 93 घातक हथियारों के साथ ?14.06 करोड़ की बड़ी बरामदगी भी हुई है, जो नक्सली नेटवर्क की कमजोर होती स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि विश्वास की वापसी है। दण्डकारण्य क्षेत्र आज शांति, स्थिरता और सामान्य जीवन की ओर लौटने के इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 का यह दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में उस तिथि के रूप में याद किया जाएगा, जब नक्सलवाद के अंत की दिशा में निर्णायक परिणाम सामने आया और प्रदेश ने एक नए युग की दहलीज पर कदम रखा है। 

नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

नाचा के जनक दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

 

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा के संवाहक और ‘नाचा’ के जनक माने जाने वाले स्वर्गीय दाऊ दुलार सिंह मंदराजी की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दाऊ मंदराजी ने ‘नाचा’ जैसी लोकविधा को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि उसे जन-जन तक पहुँचाकर सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने गांवों के लोक कलाकारों को संगठित कर ‘नाचा’ को नई पहचान और गरिमा प्रदान की। उनके प्रयासों से यह लोककला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रही, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का प्रभावी मंच बनी।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी ने अपने समर्पण और साधना से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को जीवंत बनाए रखा और उसके संरक्षण के लिए जीवनपर्यंत कार्य किया। उनका योगदान प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लोक कला और शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को ‘दाऊ दुलार सिंह मंदराजी सम्मान’ प्रदान किया जाता है, जो उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

उन्होंने कहा कि दाऊ मंदराजी का व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने और लोकसंस्कृति को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री साय ने हाटकेश्वर जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाटकेश्वर जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संदेश में कहा है कि हाटकेश्वर जयंती आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक पर्व है, जो हमें धर्म, संस्कृति और लोक परंपराओं से जोड़ता है। यह दिवस समाज में सद्भाव, समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

उन्होंने भगवान हाटकेश्वर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि यह पर्व सभी के जीवन में शांति और प्रगति  लेकर आए।

धरसींवा में आधुनिक तहसील कार्यालय का लोकार्पण: सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

धरसींवा में आधुनिक तहसील कार्यालय का लोकार्पण: सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 66.20 लाख की लागत से बना सर्वसुविधायुक्त भवन, राजस्व सेवाओं में आएगी तेजी और पारदर्शिता

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज रायपुर जिले के धरसींवा में नवनिर्मित तहसील कार्यालय का लोकार्पण किया। यह पहल प्रशासनिक सेवाओं को आमजन के और अधिक निकट, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य यही है कि नागरिकों को उनकी जरूरत की सेवाएं समय पर, सरल और पारदर्शी तरीके से मिलें। धरसींवा का यह नया तहसील कार्यालय इसी संकल्प को साकार करता है। उन्होंने कहा कि इस भवन के शुरू होने से क्षेत्र के नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में अब अधिक सुविधा और तेजी मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करते हुए ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि हर नागरिक को बिना किसी अनावश्यक परेशानी के बेहतर प्रशासनिक सुविधा उपलब्ध हो।

नवनिर्मित तहसील कार्यालय में नायब नाजिर कक्ष, रिकॉर्ड रूम, माल जमार, नकल शाखा, कानूनगो कक्ष, भुइयां एवं भू-अभिलेख शाखा जैसी आवश्यक इकाइयों के साथ-साथ लोक सेवा केंद्र और आधार केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ पेयजल सहित अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

उल्लेखनीय है कि इस आधुनिक तहसील कार्यालय का निर्माण 66.20 लाख रुपये की लागत से किया गया है, जो क्षेत्र के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेगा और सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायक सिद्ध होगा।

इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, संभागायुक्त  महादेव कावरे, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त  विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की पुण्यतिथि पर किया नमन

 रायपुर--मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की पुण्यतिथि (31 मार्च) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्व.  मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

31 मार्च छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में ऐतिहासिक दिन - मुख्यमंत्री साय

31 मार्च छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में ऐतिहासिक दिन - मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक्स पर पोस्ट लिखते हुए कहा कि आज 31 मार्च का दिन छत्तीसगढ़ के लिए बहुत ऐतिहासिक दिन है, छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। इसके लिए हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से बहुत धन्यवाद।
ये नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में बहुत बड़ा बाधक था और गृहमंत्री ने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक इसको समाप्त करना है और उनका संकल्प पूरा हुआ है। अब बस्तर क्षेत्र बहुत तेज़ी से विकास करेगा जो 40 वर्षों से विकास से अछूता था।

पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष

पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष

 प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्के घरों के सपनों के साथ आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी हो रहे सुनिश्चित

रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य ने प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। राज्य ने न केवल सर्वाधिक आवास निर्माण पूर्ण कर राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त किया है, बल्कि मध्यप्रदेश एवं महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने हर्ष जताते हुए प्रदेशवासियों एवं हितग्राहियों को शुभकामनाएँ दी।

उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत छत्तीसगढ़ ने 'एसएनए स्पर्श' के माध्यम से देश में सर्वाधिक व्यय कर उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधन का भी उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्ष 2016 में योजना के प्रारंभ से अब तक एक ही वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण का रिकॉर्ड भी इसी वर्ष दर्ज किया गया है, जो राज्य की कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि आवास से आजीविका’ के अभिनव प्रयास के अंतर्गत निर्माण सामग्री की आपूर्ति से हजारों महिलाओं को रोजगार मिला है। जिसमें रोजगार पाकर 9000 से अधिक बिहान दीदियाँ “लखपति दीदी” बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसके साथ ही इस वर्ष 6000 से अधिक राजमिस्त्रियों को आरसेटी के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जो देश में सर्वाधिक है।

उल्लेखनीय है कि इन प्रशिक्षित राजमिस्त्रियों में 1400 महिलाएँ एवं 400 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली भी शामिल हैं, जो मुख्यधारा में जुड़कर विकास की नई कहानी लिख रहे हैं। पीएम आवास ग्रामीण  के हितग्राहियों को स्थायी आजीविका से जोड़ने हेतु महात्मा गांधी नरेगा के माध्यम से बड़े पैमाने पर व्यक्तिगत कार्य भी कराए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ग्रामीण विकास और गरीबों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सतत प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल पक्के घरों का सपना साकार हो रहा है, बल्कि लोगों की आजीविका, सम्मान और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित हो रही है। राज्य आगे भी इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊँचाइयों को छुएगा।

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ेगा विकास का स्वर्णिम भविष्य-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ेगा विकास का स्वर्णिम भविष्य-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 0-उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई  

रायपुर-छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के बीच आज मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से उनके नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर शर्मा ने मुख्यमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई देते हुए पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि के नए युग की ओर अग्रसर होगा। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद वर्षों तक प्रदेश की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बना रहा और विशेष रूप से बस्तर अंचल लंबे समय तक लाल आतंक के साये में रहा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और नक्सल प्रभावित सभी क्षेत्रों में विकास की मुख्यधारा मजबूत हो रही है। बस्तर सहित पूरे प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है, जिससे आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और प्रभावी रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में भयमुक्त और सुरक्षित छत्तीसगढ़ का सपना आज साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी शहादत ने इस सफलता की नींव रखी है। उन्होंने सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके अथक प्रयासों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि नक्सलमुक्त वातावरण में अब छत्तीसगढ़ तेज गति से विकास के नए सोपान गढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा।

दिल दहला देने वाली घटना : ट्रेन की चपेट में आने से युवती की हुई दर्दनाक मौत, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिली लाश

दिल दहला देने वाली घटना : ट्रेन की चपेट में आने से युवती की हुई दर्दनाक मौत, रेलवे ट्रैक पर क्षत-विक्षत मिली लाश

 बिलासपुर। जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां ग्राम किसान परसदा के पास आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक पर एक युवती की क्षत-विक्षत लाश देखी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची, जहाँ प्रारंभिक जांच में मामला काफी दर्दनाक नजर आया।

बताया जा रहा है कि युवती का एक हाथ कटकर शरीर से पूरी तरह अलग हो गया था, जिससे यह आशंका प्रबल हो गई है कि उसकी मौत किसी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस आसपास के गांवों में उसकी फोटो भेजकर शिनाख्त करने का प्रयास कर रही है।

पूना मारगेम से मिली सफलता, 5 माओवादी कैडरों ने हथियार समेत किया सरेंडर, सभी पर था इतने लाख का इनाम

पूना मारगेम से मिली सफलता, 5 माओवादी कैडरों ने हथियार समेत किया सरेंडर, सभी पर था इतने लाख का इनाम

 दंतेवाड़ा। नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन का आज अंतिम दिन है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुडे़ 05 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौट आए। जिनमें से कुल 04 महिला माओवादी कैडर शामिल है।

बता दें कि, जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा पुलिस लाईन कारली में आज ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम ओयाजित किया गया। इस अवसर पर DKSZC (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी) से जुड़े कुल 05 माओवादी कैडरो ने हिंसा का मार्ग त्याग कर समाज की मुख्याधारा में लौट आए।  इन माओवादियों के पास से 08 नग एसएलआर रायफल, 03 नग इंसास रायफल, 01 नग कारबाईन, 01 नग 303 रायफल, 05 नग बीजीएल लाॅन्चर सहित कुल 40 हथियार बरामद किए गए। इन सभी माओवादियों पर करीब 9 लाख रूपए का ईनाम घोषित था।

‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ की पहल से प्रभावित होकर जिला दन्तेवाड़ा में वर्ष 2024 से आज दिनांक तक 607 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति पूर्ण एवं सामाजिक जीवन हेतु अग्रसर हुए। इसके अतिरिक्त जिले में संचालित संयुक्त नक्सल उन्मूलन अभियानों में 92 माओवादियों को गिरफ्तार करने एवं 54 माओवादियों को पुलिस-नक्सली मुठभेड़ो में मार गिराने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
 
 बस्तर रेंज पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि ‘‘पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ पहल के माध्यम से हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वालें युवाओं को पुनर्वास, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को और अधिक सुद्ढ़ बनाना है, ताकी बस्तर क्षेत्र में शांति और प्रगति की नई संभावनाए साकार हो सके। पुलिस और सुरक्षा बलों का कहना है कि इस पहल से बस्तर क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास को मजबूती मिल रही है।

इन माओवादियों ने किया सरेंडर

1.एसीएम/भैरमगढ़ एरिया कमेटी सोमे कड़ती पिता टोकडा कड़ती उम्र लगभग 42 वर्ष जाति मुरिया निवासी चेरली कोकोदीपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (05 लाख)।
2.पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी लखमा ओयाम पिता मोंडा ओयाम उम्र लगभग 19 वर्ष जाति मुरिया निवासी बेचापाल कड़तीपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर (01 लाख)।
3.पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी सरिता पोड़ियाम पिता पण्डरू पोड़ियाम उम्र लगभग 21 वर्ष जाति मुरिया निवासी हिंगुम नयापारा थाना जंगला जिला बीजापुर (01 लाख)।
4.पार्टी सदस्य/भैरमगढ़ एरिया कमेटी जोगी कलमू पिता सोमडा कलमू उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया निवासी नेण्ड्रा गोटूमपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर (01 लाख)।
5.पार्टी सदस्य/गंगालूर एरिया कमेटी मोटी ओयाम पिता हुंगा ओयाम उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया निवासी पीडिया कुप्पागुडापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर (01 लाख)।
CG : शराब घोटाले में EOW का बड़ा एक्शन: अवैध शराब ढोने वाली 16 गाड़ियां जब्त

CG : शराब घोटाले में EOW का बड़ा एक्शन: अवैध शराब ढोने वाली 16 गाड़ियां जब्त

 बिलासपुर-मुंगेली। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में जांच एजेंसी EOW-ACB ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को एजेंसी ने बिलासपुर और मुंगेली जिलों में छापेमारी करते हुए कुल 16 वाहनों को जब्त किया है। आरोप है कि इन वाहनों का इस्तेमाल डिस्टलरियों से सरकारी शराब दुकानों तक अवैध शराब पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।

डिस्टलरी मालिकों ने रची थी साजिश

EOW की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अवैध शराब के परिवहन के लिए डिस्टलरी मालिकों ने खास इंतजाम किए थे। इन गाड़ियों को डिस्टलरी मालिकों ने अपनी कंपनियों, कर्मचारियों और कुछ बेहद भरोसेमंद लोगों के नाम पर खरीदा था। इन वाहनों का इस्तेमाल अवैध शराब को सीधे सरकारी देशी दुकानों तक भेजने के लिए किया जाता था।

कहां से कितनी गाड़ियां हुईं जब्त?

एजेंसी ने बिलसौर के कोटा के वेलकम डिस्टलरी 08 वाहन जब्त किए। वहीं सरगांव, मुंगेली के भाटिया वाइंस डिस्टलरी से भी 08 वाहन जब्त किए है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ये गाड़ियां फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके करीबी लोगों के नाम पर खरीदी गई थीं। 15 हजार रुपये वेतन पर बॉटलिंग का काम करने वाले कर्मचारी के नाम पर 10 चक्का ट्रक खरीदा गया। सुरक्षा गार्ड से लेकर अन्य करीबी लोगों के नाम पर भी गाड़ियां खरीदी गईं। पुलिस अब इन गाड़ियों के मालिकों और उनके इस्तेमाल के संबंध में अलग से जांच कर रही है। जल्द ही इस बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।EOW ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 12 सहित धोखाधड़ी (420), कूटनीति (467, 468, 471) और आपराधिक साजिश (120-बी) के तहत मामला दर्ज किया है। ब्यूरो ने साफ किया है कि इस घोटाले की कड़ियां जोड़ने के लिए विवेचना और वैधानिक कार्यवाही लगातार जारी रहेगी।

अब जेल से घर तक सीधी बात, बंदियों को मिलेगी वीडियो-ऑडियो कॉलिंग की सुविधा, प्रति मिनट देना होगा शुल्क

अब जेल से घर तक सीधी बात, बंदियों को मिलेगी वीडियो-ऑडियो कॉलिंग की सुविधा, प्रति मिनट देना होगा शुल्क

  रायपुर।  छत्तीसगढ़ की जेल व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब राज्य की सभी 33 जेलों में बंदियों के लिए वीडियो और ऑडियो कॉलिंग सुविधा शुरू की जाएगी। इसकी जानकारी जेल मुख्यालय ने दी।  इस नई पहल के तहत बंदी अपने परिजनों और वकीलों से सीधे वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर सकेंगे, जिससे संवाद पहले से अधिक आसान और पारदर्शी होगा।

जानकारी के अनुसार, हर कॉल की अवधि 5 मिनट तय की गई है और समय पूरा होते ही कॉल स्वतः कट जाएगी। ऑडियो कॉल के लिए बंदियों को 1 रुपये प्रति मिनट और वीडियो कॉल के लिए 5 रुपये प्रति मिनट का शुल्क देना होगा। इस सुविधा को लागू करने के लिए बीएसएनएल के साथ समझौता किया गया है।

पहले चरण में इस व्यवस्था की शुरुआत राज्य की बड़ी जेलों से की जाएगी, जिसके बाद इसे धीरे-धीरे सभी जेलों में लागू किया जाएगा। बंदियों को सप्ताह में एक बार इस सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि, इस कदम से जेलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा और उनके परिवारों से जुड़ाव भी मजबूत होगा। यह पहल जेल सुधार की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को माल भाड़े से 30,000 करोड़ से अधिक राजस्व की प्राप्ती

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को माल भाड़े से 30,000 करोड़ से अधिक राजस्व की प्राप्ती

 00 भारतीय रेल में सर्वाधिक ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू प्राप्त करने वाला अग्रणी जोन

रायपुर/बिलासपुर। देश की ऊर्जा एवं औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ आधार प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए 30,000 करोड़ से अधिक का ऑरिजिनेटिंग फ्रेट रेवेन्यू अर्जित किया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि 28 मार्च 2026 को मात्र 362 दिनों में प्राप्त की गई, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने पहली बार 30,000 करोड़ का आंकड़ा पार करते हुए अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। 29 मार्च 2026 तक यह राजस्व बढ़कर 30,123.26 करोड़ तक पहुँच गया है, जो इसकी निरंतर प्रगति और सुदृढ़ प्रदर्शन को दर्शाता है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारतीय रेल के कुल माल राजस्व में लगभग 17.11 प्रतिशत का योगदान दिया है। साथ ही चालू वित्तीय वर्ष में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 1015 करोड़ की अतिरिक्त आय अर्जित की गई है, जो लगभग 3.5 प्रतिशत की वृद्धि को इंगित करता है। यह उपलब्धि रेलवे के कुशल प्रबंधन, प्रभावी कार्ययोजना और सतत निगरानी का परिणाम है।

अन्य प्रमुख जोनों के साथ तुलना करने पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रदर्शन और भी अधिक प्रभावशाली प्रतीत होता है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, इस अवधि में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने लगभग 30,123 करोड़ का राजस्व अर्जित कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जबकि पूर्व तटीय रेलवे (ईस्ट कोस्ट रेलवे) ने लगभग 28,967 करोड़, पूर्व मध्य रेलवे (ईस्ट सेंट्रल रेलवे) ने लगभग 24,311 करोड़ तथा दक्षिण पूर्व रेलवे (साउथ ईस्ट रेलवे) ने लगभग 17,794 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है। यह तुलनात्मक उपलब्धि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की उत्कृष्ट कार्यक्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को दर्शाती है।

पिछले वर्षों के प्रदर्शन पर दृष्टि डालने पर स्पष्ट होता है कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने निरंतर प्रगति की है। वर्ष 2020-21 में लगभग 18,128 करोड़ के स्तर से आगे बढ़ते हुए 2021-22 में 22,943 करोड़, 2022-23 में 26,581 करोड़, 2023-24 में 27,794 करोड़ तथा 2024-25 में 29,372 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया। यह सतत वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि रेलवे ने योजनाबद्ध तरीके से अपने संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया है।
वस्तु-वार प्रदर्शन की दृष्टि से भी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कोयला परिवहन में वृद्धि के साथ-साथ इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चे माल की ढुलाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। लौह अयस्क, सीमेंट और क्लिंकर के परिवहन में भी सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई है। विशेष रूप से खाद्यान्न परिवहन में उल्लेखनीय वृद्धि तथा कंटेनर ट्रैफिक में अत्यधिक वृद्धि यह दर्शाती है कि रेलवे ने विविध क्षेत्रों में अपने व्यापार का सफल विस्तार किया है। इसके अतिरिक्त अन्य विभिन्न प्रकार के माल की ढुलाई में भी प्रभावी वृद्धि दर्ज की गई है, जो समग्र माल परिवहन क्षमता में वृद्धि को दर्शाता है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अधोसंरचना विकास कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर हैं। इसके अंतर्गत कई महत्वपूर्ण रेलखंडों पर तीसरी एवं चौथी रेल लाइनों का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप ट्रेनों की गतिशीलता एवं परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे न केवल यात्री एवं माल यातायात अधिक सुगम हुआ है, बल्कि रेल सेवाओं की समयबद्धता एवं विश्वसनीयता में भी महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया है।
यह उल्लेखनीय उपलब्धि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी निर्देशन के साथ-साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समर्पित कार्यशैली, बेहतर समन्वय और उत्कृष्ट टीम भावना का प्रतिफल है।

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

 शहर में 15 और गांव में 30 मिनट में पहुंचेगी 108 सेवा: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

--300 BLS, 70 ALS के साथ पहली बार 5 नियोनेटल ALS  नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत

रायपुर-- प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी

प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक पहल की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस की समस्त सेवाएं प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से प्रारंभ हो गई हैं,  जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता सुनिश्चित होगी।

इस पहल के अंतर्गत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंसों की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह सेवा राज्य की नवजात सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा गंभीर स्थिति में नवजात शिशुओं को सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय उपचार केंद्रों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुदृढ़ हो रही हैं और पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों में लगातार बढ़ा है, जहां उन्हें समय पर उपचार मिल रहा है। उप-स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण एवं उन्नयन के कारण अब लोगों को छोटे-छोटे इलाज के लिए दूर शहरों की ओर नहीं जाना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए, ताकि हर जरूरतमंद मरीज तक समय पर स्वास्थ्य सहायता पहुंच सके। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा का यह विस्तार आम जनता के विश्वास को और सशक्त करेगा कि संकट की घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पहली बार शुरू की गई 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से आज का दिन राज्य के लिए ऐतिहासिक है और इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार प्रकट करते हुए ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है और आने वाले समय में इसमें और तेजी देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या कमी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिसके लिए विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है।

प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु यह लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंच सके।

नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इनमें प्रशिक्षित नवजात इमरजेंसी तकनीशियन, 24×7 ईएमटी एवं पायलट की उपलब्धता के साथ विशेषज्ञ चिकित्सक का ऑनलाइन मार्गदर्शन सुनिश्चित किया गया है। इन एम्बुलेंसों में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट एवं 41 प्रकार की आपातकालीन दवाओं सहित सभी आवश्यक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो इन्हें “चलते-फिरते नवजात आईसीयू” के रूप में स्थापित करती हैं।

इसके अतिरिक्त, BLS एवं ALS एम्बुलेंसों में मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक एवं उन्नत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन सपोर्ट, नेब्युलाइजेशन एवं अन्य आपातकालीन उपचार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। गंभीर मरीजों के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु पोर्टेबल वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर मॉनिटर, सिरिंज पंप, लैरिंजोस्कोप सहित अन्य उन्नत उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। यह समग्र पहल प्रदेश के शहरी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए नागरिकों के लिए एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगी।

इस अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, विधायक  इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी के अध्यक्ष  दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं  संजीव झा, प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन  रणबीर शर्मा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

Breaking : 8-8 लाख के इनामी 2 नक्सलियों ने किया सरेंडर

Breaking : 8-8 लाख के इनामी 2 नक्सलियों ने किया सरेंडर

 कांकेर।  छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में दो नक्सलियों ने सरेंडर किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में हिड़मे और शंकर शामिल है। जिन पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित था। एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है।

दोनों नक्सली एके-47 जैसे घातक हथियार के साथ पुलिस सरेंडर किया है। पुलिस अधिकारियों ने आत्मसमर्पण की प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें शासन की पुनर्वास नीति का लाभ देने की बात कही है। सरकार द्वारा निर्धारित नक्सलवाद समाप्ति की डेडलाइन के दिन ही यह आत्मसमर्पण हुआ है।
CG Promotion : 16 निरीक्षक बने DSP, प्रमोशन का आदेश जारी

CG Promotion : 16 निरीक्षक बने DSP, प्रमोशन का आदेश जारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने पुलिस विभाग में कार्यरत निरीक्षक स्तर के 16 अधिकारियों को डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) पद पर पदोन्नति दी है। यह फैसला 24 मार्च 2026 को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की अनुशंसा के आधार पर लिया गया।

जारी आदेश के मुताबिक, निरीक्षक संवर्ग, कंपनी कमांडर और विशेष शाखा के अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 (56,100 – 1,77,500रुपए) में पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी। प्रमोशन पाए अधिकारी निरीक्षक संवर्ग से डीएसपी संवर्ग विशेष शाखा में पदोन्नत किए गए हैं।

इन्हें मिला प्रमोशन –

निरीक्षक (विशेष शाखा) 

सविता सिंह परिहार
अरनोल्ड संतरी बड़ा
विष्णु प्रसाद देशमुख

कंपनी कमाण्डर

बृजेश कुमार भदौरिया
अविनाश कुमार अग्निहोत्री
हरीश कुमार तिवारी
अमित शर्मा
मनीष कुमार साहू
शैलेन्द्र कुमार सेन
देवनारायण सिंह
इन्द्रसेन बंजारे
मिलमन मिंज
ओमप्रकाश सेन
राकेश कुमार सलाम
राम बहादुर शर्मा
शब्बीर अली

CG : प्यार का छल पड़ा भारी! शादी से मुकरा प्रेमी, युवती ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार

CG : प्यार का छल पड़ा भारी! शादी से मुकरा प्रेमी, युवती ने की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार

 बलौदाबाजार ।  प्यार में धोखा बना मौत की वजह! शादी से मुकरा प्रेमी गिरफ्तार, युवती ने की आत्महत्या — बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी क्षेत्र में दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी का झांसा देकर प्रेम संबंध बनाने के बाद मुकर जाने पर आहत युवती ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने आरोपी प्रेमी अजय टंडन (31) निवासी ग्राम बलौदा (हसुवा) थाना गिधौरी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

CG News : प्यार के झूठे सपने दिखाकर शादी से किया इंकार, युवती ने की आत्महत्या, दगाबाज प्रेमी गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, आरोपी ने युवती को प्रेम के जाल में फंसाकर शादी का वादा किया था, लेकिन 25 जनवरी 2026 को जब युवती ने उसे घर बुलाकर शादी की बात कही तो उसने साफ इनकार कर दिया और मौके से भाग गया। इस धोखे से टूटकर युवती ने अपनी कलाई काट ली और कीटनाशक का सेवन कर लिया।

गंभीर हालत में परिजन उसे कसडोल होते हुए बलौदाबाजार के निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान 1 फरवरी को उसकी मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी भावना गुप्ता के निर्देश पर गिरौदपुरी चौकी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने एक बार फिर प्रेम संबंधों में धोखे के खतरनाक अंजाम को उजागर कर दिया है।

 CG : पासपोर्ट सेवा केंद्र का स्थान बदला, अब यहां से होगा संचालन

CG : पासपोर्ट सेवा केंद्र का स्थान बदला, अब यहां से होगा संचालन

 रायपुर। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK), जो वर्तमान में श्याम प्लाजा, यूनिट-5, दूसरी मंजिल, पुराने बस स्टैंड के सामने, पंडरी, रायपुर (पिन: 492003) में स्थित है, को नए पते पर स्थानांतरित किया जा रहा है। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र अब वन हाई स्ट्रीट (One High Street), दूसरी मंजिल, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर (पिन: 492001), छत्तीसगढ़ में संचालित होगा। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र 06 अप्रैल 2026 से कार्य करना प्रारंभ करेगा।

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी रायपुर ने बताया कि वे सभी आवेदक जिन्होंने 06 अप्रैल 2026 या उसके बाद की तिथि के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र, रायपुर में अपॉइंटमेंट निर्धारित की है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी आवेदन की रसीद में उल्लिखित तिथि एवं समय के अनुसार नए पते (वन हाई स्ट्रीट, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर) पर उपस्थित हों, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

एन.एस.यू.आई ने छात्र संघ चुनाव के लिए खोला मोर्चा

एन.एस.यू.आई ने छात्र संघ चुनाव के लिए खोला मोर्चा

 रायपुर। कांग्रेस की छात्र इकाई एन.एस.यू.आई ने प्रदेशभर के 200 कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल के नाम प्रदेशभर मे ज्ञापन सोपा गाया इसी कड़ी में तिल्दा नेवरा स्तिथ सत्यनारायण अग्रवाल कला एवं वाणिज्य महाविधालय कोहका तिल्दा नेवरा के प्राचार्य को एन.एस.यू.आई ने ज्ञापन सौंपा, एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ खेल विभाग के चेयरमैन अनिल सिंह ने बताया कि छात्र संघ चुनाव के बंद होने से महाविधालय की समस्याएं शासन -प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं साथ ही विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों द्वारा लगातार तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे है | छात्र संघ चुनाव ना होने से छात्रों को नेतृत्व कर्ता नही मिल रहे है जिस से  इन तुगलकी फरमानों का सामना छात्रों को करना पड़ रहा है और विरोध नही हो पाने के कारण छात्रों को भरी परेशानी हो रही है | साथ ही साथ अनिल सिंह ने बताया कि 6 अप्रैल को एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ प्रदेशभर के सभी विश्वविद्यालयों का घेराव किया जायेगा इसी कड़ी में रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय का भी घेराव किया जायेगा। एन.एस.यू.आई की मुख्य मांगें:

 
1.प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तत्काल बहाली की जाए।
2.छात्र संघ चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से कराए जाएं।
3.चुनाव कार्यक्रम (तिथि एवं प्रक्रिया) की शीघ्र घोषणा की जाए।
4.छात्र हितों की रक्षा हेतु छात्र प्रतिनिधियों को अधिकार एवं मान्यता दी जाए।
5.लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए छात्र संघ व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए |
 
इसमें मुख्य रूप से उपस्तिथ एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ खेल विभाग के चेयरमैन अनिल सिंह, एन.एस.यू.आई छात्र नेता विक्रम वर्मा , हर्ष यादव, संजय चक्रधारी, हिमांशु तिवारी, तरुण अग्रवाल, मनीष वर्मा, कुनाल चौबे, अमन वर्मा,गुलशन साहू, अभिषेक चक्रधारी, विकी चक्रधारि , रवि वर्मा, देवेंद्र,भूपेश आदि उपस्थित थे|
CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: रायपुर समेत कई जिलों में बारिश और ओले गिरने के आसार

CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज: रायपुर समेत कई जिलों में बारिश और ओले गिरने के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में आज हल्की बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है।

4 अप्रैल तक बना रहेगा ऐसा मौसम

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि आने वाले 4 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम का हाल ऐसा ही रहेगा। सोमवार को रायपुर में पारा 40.5°C तक पहुंच गया था, जो सामान्य से करीब 3 डिग्री ज्यादा है। हालांकि, बस्तर और बिलासपुर के कुछ इलाकों में हुई बारिश ने तापमान में गिरावट ला दी है, जिससे वहां के लोगों को सुकून मिला है।

क्यों बदल रहा है मौसम?

मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा के अनुसार, इस समय हवा के चक्रवात और द्रोणिका की सक्रियता बनी हुई है। उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ होते हुए ओडिशा तक एक मौसमी सिस्टम बना हुआ है। इसके प्रभाव से 31 मार्च को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा, अंधड़ और वज्रपात की आशंका है।

राजधानी रायपुर का हाल

राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की उम्मीद है, लेकिन शाम तक मौसम बदल सकता है। शहर का अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

 
आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री  साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है। जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के निष्क्रमण संस्कार से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं।

आधुनिक तकनीक के साथ संवेदनशीलता ही नई पुलिसिंग की पहचान है - मुख्यमंत्री

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।
समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, एडीजी  दीपांशु काबरा, अकादमी के संचालक  अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  अभिषेक पल्लव सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

 00 प्रदेश में योजना आरंभ से एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास निर्माण

00 आवास से बदली तस्वीर: 9 हजार से ज्यादा महिलाएं बनीं लखपति दीदी

00 तेजी, पारदर्शिता और जवाबदेही का मॉडल बना छत्तीसगढ़

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए हैं। यह इस वर्ष देश में सर्वाधिक आवास निर्माण का आंकड़ा है।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के सशक्त एवं समन्वित क्रियान्वयन से यह उपलब्धि संभव हो पाई है। इससे प्रदेश आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभरा है।सबको आवास के लक्ष्य को तेजी से साकार करने के लिए वर्तमान सरकार के प्रथम कैबिनेट निर्णय में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। वर्तमान में , सर्वे सूची में शामिल सभी पात्र हितग्राहियों को कवर कर लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 5.87 लाख, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत 13 हजार तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 10 हजार से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। योजनाओं के प्रभावी समन्वय से 6 लाख से अधिक आवासों का लक्ष्य पार किया गया है। यह उपलब्धि वर्ष 2016 में योजना प्रारंभ होने के बाद प्रदेश में किसी एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक आवास पूर्ण होने का रिकॉर्ड है, जो तेज क्रियान्वयन और प्रभावी मॉनिटरिंग को दर्शाता है।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

आवास निर्माण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी नई गति आई है। डीलर दीदी मॉडल के तहत 9 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सदस्य आवास निर्माण की सामग्री आपूर्ति कर लखपति दीदी बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। इसके साथ ही हजारों महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका के अवसर प्राप्त हुए हैं। साथ ही, 6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें 1200 से अधिक रानी मिस्त्री शामिल हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी इस पहल से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्रदान किए गए हैं।

 छत्तीसगढ़ ने रचा इतिहास: चालू वित्तीय वर्ष में 6 लाख से अधिक ग्रामीण आवास पूर्ण

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए टोल-फ्री नंबर 18002331290 संचालित है। पिछले 10 महीनों में इस पर 1500 से अधिक शिकायतें एवं सुझाव प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया है। हर माह की 7 तारीख को सभी ग्राम पंचायतों में आवास दिवस के माध्यम से जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।इसके साथ-साथ ग्राम पंचायत स्तर पर क्यू आर कोड आधारित सूचना प्रणाली से जानकारी सहज उपलब्ध हो रही है । छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार सृजन , समावेशी विकास एवं पारदर्शिता की दिशा में एक प्रभावी पहल के रूप में स्थापित हो रहा है।