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नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि

नैनो उर्वरकों के उपयोग से लागत में कमी और उत्पादन में होती है वृद्धि

 किसानों को नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए किया जा रहा जागरूक

राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण

नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण और किसानों को 1.14 लाख बोतलों का वितरण

रायपुर, 30 जून 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए राज्य में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के दौरान सहकारी समितियों के माध्यम से नैनो उर्वरकों के भंडारण एवं वितरण की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। 26 जून 2026 की स्थिति में राज्य में नैनो डीएपी का लगभग 2.47 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है, जिसमें से 87 हजार से अधिक बोतलों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार नैनो यूरिया का लगभग 2.86 लाख बोतलों का भंडारण किया गया है तथा 1.14 लाख बोतलों से अधिक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। शेष मात्रा समितियों में उपलब्ध है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए किसानों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

राज्य सरकार किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चला रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया पारंपरिक ठोस रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। इनका उपयोग करने से उर्वरकों की मात्रा कम लगती है, पौधों द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है, उत्पादन लागत घटती है तथा फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि होती है। साथ ही मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत कम करने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से नैनो उर्वरकों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के किसान वैज्ञानिक खेती अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकें।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने निकटतम सहकारी समिति एवं कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी प्राप्त करें तथा इन आधुनिक उर्वरकों का अधिक से अधिक उपयोग कर कृषि को लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने में सहभागी बनें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से किसानों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से किसानों को बड़ी राहत

 खरीफ 2026 में पूर्व वर्ष की तरह मिलेगा एकमुश्त यूरिया, 80 प्रतिशत वितरण सीमा समाप्त

रायपुर, 30 जून 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने और खेती को अधिक सुगम बनाने के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी क्रम में खरीफ सीजन 2026 के लिए जांजगीर-चांपा जिले के किसानों को बड़ी राहत देते हुए सहकारी समितियों के माध्यम से यूरिया वितरण पर लागू 80 प्रतिशत की सीमा समाप्त कर दी गई है। अब किसानों को खरीफ 2025 की भांति उनकी पात्रता के अनुसार एकमुश्त यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।

उप संचालक कृषि  राकेश शर्मा ने बताया कि खरीफ 2026 में किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के अनुरूप यूरिया वितरित किया जाएगा। यदि संबंधित सहकारी समिति में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा तो किसानों को एकमुश्त यूरिया प्रदान किया जाएगा। किसी समिति में स्टॉक की कमी होने पर शेष मात्रा यूरिया उपलब्ध होते ही किसानों को वितरित कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि शासन के इस निर्णय से किसानों को बार-बार समिति के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और खरीफ सीजन में आवश्यक उर्वरक समय पर उपलब्ध होने से कृषि कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सकेंगे। इससे किसानों को खेती की तैयारी में सुविधा मिलेगी तथा समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल उत्पादन को भी गति मिलेगी।

राज्य सरकार का यह निर्णय किसान हितों के प्रति उसकी संवेदनशीलता और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शासन का उद्देश्य किसानों को आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराकर उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाना और कृषि को अधिक समृद्ध एवं टिकाऊ बनाना है।

सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का कंडिकावार शीघ्र निराकरण सनिश्चित करें-मुख्य सचिव

सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का कंडिकावार शीघ्र निराकरण सनिश्चित करें-मुख्य सचिव

 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई की सामान्य सभा की बैठक सम्पन्न

रायपुर, 30 जून 2026/मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई की सामान्य सभा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने सामाजिक अंकेक्षण में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया जाए। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का कंडिकावार शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव ने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण में जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण ग्राम सभा को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से हुई चर्चा

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से अंकेक्षण रिपोर्ट दिया जाना आवश्यक है। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण इकाई द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इस वर्ष प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण एवं राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रमों के सामाजिक अंकेक्षण कराये जाने पर बल दिया गया।

सामाजिक अंकेक्षण नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम

बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 में अब तक किए गए सामाजिक अंकेक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना एवं बजट का भी अनुमोदन किया गया। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण इकाई के निर्माण हेतु विस्तार से चर्चा हुई। सामाजिक अंकेक्षण कार्य में नवाचार एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम क्रियान्वयन हेतु डेवलपमेंट एजेंसी के सहयोग के लिए भी चर्चा हुई। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण इकाई के विस्तार हेतु अन्य योजनाओं से निश्चित विकास निधि के निर्धारण के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई।

सामाजिक अंकेक्षण कार्यों के संपादन पदों को भरने के प्रस्ताव पर चर्चा

बैठक में मनरेगा योजना को संशोधित नवीन योजना वीबीजीरामजी में सामाजिक अंकेक्षण के प्रावधान का अवलोकन, आत्मसात करने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत महात्मा गांधी नरेगा सहित अन्य योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के कार्यों के संपादन हेतु विभिन्न पदों को नियमानुसार भरने के लिए आवश्यक नियमों के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अनुमोदन किया गया।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, आदिम जाति विकास विभाग एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई के सामान्य सभा के सदस्यों ने भाग लिया।

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रामगढ़ संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने रामगढ़ पहुँचकर निहारी सीताबेंगरा की प्राचीन विरासत

जोगीमारा गुफा शिलालेख एवं हाथीपोल का किया अवलोकन

हमारी सांस्कृतिक धरोहर आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य विरासत - मुख्यमंत्री  साय

रायपुर 30 जून 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ऐतिहासिक एवं रामवनगमन पर्यटन परिपथ से जुड़े रामगढ़ में आयोजित दो दिवसीय "रामगढ़ महोत्सव-2026" के समापन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात सीताबेंगरा गुफा का अवलोकन किया तथा इसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं स्थापत्य विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही जोगीमारा गुफा के प्राचीन शिलालेख, भित्तिचित्रों तथा क्षेत्र की अनूठी प्राकृतिक धरोहर हाथीपोल का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि रामगढ़ सरगुजा की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक चेतना, कला, आस्था और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला के रूप में विख्यात यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य एवं पर्यटन का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती केवल प्राकृतिक संपदा से ही समृद्ध नहीं है, बल्कि इसकी सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत भी विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान रखती है। रामगढ़ जैसी धरोहरें हमारी ऐतिहासिक अस्मिता और सांस्कृतिक गौरव की अमूल्य निधि हैं, जिनका संरक्षण और संवर्धन हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इन धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन तथा पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें और स्थानीय लोगों को भी रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर प्राप्त हों।

उल्लेखनीय है कि रामगढ़ पर्वत की पश्चिमी ढलान पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ भारतीय इतिहास, स्थापत्य, शिलालेख एवं चित्रकला की अनुपम धरोहर मानी जाती हैं। मान्यता है कि महाकवि कालिदास ने इन्हीं पहाड़ियों में अपनी कालजयी कृति "मेघदूतम्" की रचना की थी, जिसका आरंभ "आषाढस्य प्रथमदिवसे" से होता है। इसी ऐतिहासिक एवं साहित्यिक स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आषाढ़ के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव का आयोजन किया जाता है। लगभग 44 फीट लंबी सीताबेंगरा गुफा में निर्मित प्राकृतिक रंगमंच, जोगीमारा गुफा में तीसरी-दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की भित्तिचित्र परंपरा तथा यहाँ प्राप्त प्राचीन अभिलेख इस क्षेत्र को विश्व स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।

रामगढ़ की एक अन्य महत्वपूर्ण पहचान "हाथीपोल" नामक प्राकृतिक सुरंग है। लगभग 180 फीट लंबी तथा 15 से 20 फीट ऊँची यह प्राकृतिक सुरंग अपनी अनूठी संरचना के कारण पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। माना जाता है कि वर्षों तक जल प्रवाह के कारण इसका वर्तमान स्वरूप विकसित हुआ। सुरंग के दूसरे छोर पर स्थित सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाएँ इस सम्पूर्ण क्षेत्र को और अधिक रहस्यमयी, आकर्षक एवं ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती हैं। रामगढ़ पर्वत के निचले शिखर पर स्थित इन कलात्मक गुफाओं का संबंध रामायणकालीन परंपराओं से भी जोड़ा जाता है, जिसके कारण यह स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

संत कबीर का संदेश आज भी समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक : कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत

 संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

सोनपैरी कबीर आश्रम में संत कबीर जयंती महोत्सव आयोजित

मुख्यमंत्री  साय ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

3 महीने बढ़ाई जाएगी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना : सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों के साथ लंबित बिजली बिल का भुगतान कर सकेंगे उपभोक्ता

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कर्नाटक के राज्यपाल  थावरचंद गहलोत आज राजधानी रायपुर के सोनपैरी स्थित सद्गुरु कबीर आश्रम में कबीर जयंती के अवसर पर आयोजित संत कबीर महोत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु असंग देव का आशीर्वाद लेकर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। राज्यपाल  थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने आश्रम परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

 

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 

गुरु असंग देव ने कहा कि संत कबीर ने समाज से पाखंड, कुरीतियों और आडंबर को समाप्त करने के लिए अवतार लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समाज में आपसी प्रेम तथा संवाद कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने सेवा, परमार्थ, गौसेवा, वृक्षारोपण और ग्राम विकास को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सेवा से ही सच्चा सुख और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। गुरु असंग देव ने कहा कि एक समय नक्सलवाद के कारण जिन क्षेत्रों में जाना कठिन था, वहां अब शांति स्थापित हो चुकी है और विकास की गंगा बह रही है। लाखों गरीबों के लिए आवास बन रहे हैं और प्रदेश विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

 

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि संत कबीर ने सत्य, समरसता, मानव सेवा और सद्भाव का जो संदेश दिया, वह आज भी पूरे समाज और राष्ट्र के लिए पथप्रदर्शक है। उन्होंने जात-पात, ऊंच-नीच और आडंबर से ऊपर उठकर मानव मात्र को प्रेम, सत्य और विवेक के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि आज जब समाज सामाजिक विभाजन और नैतिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संत कबीर की वाणी पहले से अधिक प्रासंगिक है। राज्यपाल ने सोनपैरी कबीर आश्रम द्वारा शिक्षा, गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आश्रम राष्ट्र निर्माण की चेतना को सशक्त बनाते हैं।

 

संत कबीर के आदर्शों पर चलकर समाज में समरसता और सेवा की भावना मजबूत होगी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत कबीर की तपोभूमि और उनके अनुयायियों की पावन धरती है। उन्होंने कहा कि उनका बचपन कबीरपंथी समाज के बीच बीता है और संत कबीर की वाणी का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि संत कबीर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज में फैली कुरीतियों, छुआछूत, जाति-पांति और आडंबर के विरुद्ध जनजागरण में समर्पित किया। उन्होंने निर्भीक होकर सत्य का साथ दिया और अपने सरल किंतु प्रभावशाली विचारों से समाज को नई दिशा दी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज भी उनकी शिक्षाएं समाज में प्रेम, भाईचारे और समरसता की प्रेरणा देती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली है तथा 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब सुरक्षा बलों के साहस और केंद्र सरकार के सहयोग से शांति एवं विकास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, श्रीरामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना तथा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि तय समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा तथा लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ाई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक उपभोक्ता सरचार्ज माफी और आकर्षक प्रावधानों का लाभ लेकर अपने लंबित बिजली बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि संत कबीर की वाणी ने समाज को पाखंड, छुआछूत और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागृत किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने संत कबीर के मधुर व्यवहार, संयमित वाणी और समाज सुधार के संदेश को अपनाने का आह्वान किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि गुरु ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताते हैं। संत कबीर ने ढोंग और आडंबर से दूर रहकर सत्य और सेवा का मार्ग अपनाने का संदेश दिया। यदि उनके विचारों को जीवन में उतारा जाए तो समाज और राष्ट्र दोनों का कल्याण संभव है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक  इंद्र कुमार साहू, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेषर पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत छाबड़ा,  डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी,  अखिलेश सोनी सहित बड़ी संख्या में संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं कबीरपंथी अनुयायी उपस्थित थे।

Transfer: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

Transfer: पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

 कोरबा ।  कोरबा शहर में लगातार बढ़ रहे अपराध, मारपीट और हत्या की घटनाओं के बीच पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कोतवाली थाना प्रभारी एम.बी. पटेल को हटाकर कटघोरा भेजा गया है, जबकि धर्म नारायण तिवारी को कोतवाली थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के भी तबादले किए गए हैं।

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CG : मुख्यमंत्री साय ने किया श्रीमद भागवत कथा के पोस्टर का विमोचन

CG : मुख्यमंत्री साय ने किया श्रीमद भागवत कथा के पोस्टर का विमोचन

 रायपुर। राजधानी रायपुर में अंतरराष्ट्रीय वैश्य फेडेरेशन द्वारा 8 जुलाई से 14 जुलाई तक बुढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित देवकीनंदन जी ठाकुर के श्रीमुख से श्रीमद भागवत कथा के पोस्टर का विमोचन आज मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया, उक्त जानकारी देते हुए प्रदेश महामंत्री एवं प्रवक्ता राजकुमार राठी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष योगेश अग्रवाल के नेतृत्व में आज वैश्य समाज के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से भेंट कर कार्यक्रम का निमंत्रण दिया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय द्वारा श्रीमद भागवत कथा के पोस्टर का विमोचन भी किया गया। पोस्टर विमोचन के दौरान प्रमुख रूप से योगेश अग्रवाल, राजकुमार राठी, शिवरतन गुप्ता, संजय चौधरी, सुभाष साहू, राजीव अवस्थी, सुब्रत घोष, नवीन लोढ़ा उपस्थित रहे।

 
 CM विष्णुदेव साय ने भाजपा महिला मोर्चा की नव-नियुक्त जिला प्रभारी एवं सह-प्रभारियों को दी बधाई

CM विष्णुदेव साय ने भाजपा महिला मोर्चा की नव-नियुक्त जिला प्रभारी एवं सह-प्रभारियों को दी बधाई

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, छत्तीसगढ़ में संगठनात्मक विस्तार के तहत नव-नियुक्त जिला प्रभारी एवं सह-प्रभारियों की सूची जारी की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) के माध्यम से सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा, छत्तीसगढ़ की नव-नियुक्त जिला प्रभारी एवं सह-प्रभारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।”

उन्होंने आगे कहा कि उन्हें विश्वास है कि सभी पदाधिकारी संगठन की सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण के संकल्प को और मजबूती देंगी। मुख्यमंत्री ने सभी के सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल की कामना भी की।

CG : नकटी गांव के 60 परिवारों को मिला नया ठिकाना, नवा रायपुर में शिफ्टिंग पूरी

CG : नकटी गांव के 60 परिवारों को मिला नया ठिकाना, नवा रायपुर में शिफ्टिंग पूरी

 रायपुर।धरसींवा विकासखंड के ग्राम सम्मानपुर (नकटी) में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद जिला प्रशासन द्वारा विस्थापित परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है। पात्र 60 परिवारों का नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित आवासों में सफलतापूर्वक पुनर्वास कर दिया गया है। नया रायपुर सेक्टर-30 में आवास, बिजली, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध, आज रात्रि भोजन तथा कल के नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की भी व्यवस्था की गई।

अधिकारियों ने बताया कि शेष मामलों में केवल बाउंड्रीवाल का निर्माण पाया गया था तथा उन परिवारों का गांव में अपना मकान भी था। निर्धारित मानकों के अनुसार ऐसे मामलों में पुनर्वास के लिए आवास उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जरूरतमंदों के साथ अन्याय नहीं होगा, विस्थापितों के व्यवस्थापन की पूरी चिंता करेगी सरकार।

महिलाओं का सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

महिलाओं का सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

 रायपुर: “महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक उन्नति राज्य  सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं का सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है।” यह बात महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कुरुषनार में आयोजित महतारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का सतत प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में स्व-सहायता समूहों से जुड़ने तथा स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समूहों की सामूहिक शक्ति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा और मजबूती प्रदान कर रही है।अपने नारायणपुर प्रवास के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े महतारी सम्मेलन में शामिल हुईं, जहां ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। सम्मेलन में महिलाओं ने महतारी वंदन योजना और स्व-सहायता समूहों से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया। उन्होंने बताया कि योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहयोग और समूह आधारित आजीविका गतिविधियों ने उनकी आय बढ़ाने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मंत्री राजवाड़े ने जानकारी दी कि महतारी वंदन योजना का पोर्टल शीघ्र ही पुनः प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने पात्र महिलाओं से अपील की कि जो महिलाएं किसी कारणवश अब तक योजना से नहीं जुड़ सकी हैं, वे पोर्टल खुलते ही अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके। साथ ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पात्र महिलाओं का समयबद्ध पंजीयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

महतारी सम्मेलन के दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का सामूहिक श्रवण भी किया। कार्यक्रम में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

मंत्री  राजवाड़े ने सत्य साई अस्पताल रायपुर में हृदय का सफल ऑपरेशन करा चुकी आंगनबाड़ी की छात्रा कुमारी अनुष्का से भेंट कर उसका हालचाल जाना तथा उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, स्वावलंबन और सशक्तिकरण से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी तथा आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प और अधिक सशक्त होगा।

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : कृष्णा बैगा के जीवन में आया खुशियों का नया सवेरा

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : कृष्णा बैगा के जीवन में आया खुशियों का नया सवेरा

 रायपुर: प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को पक्के घर देने के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसे स्वच्छ भारत और मनरेगा जैसी योजनाओं से जोड़कर पक्का घर का निर्माण पूरा किया जा सकता है।

गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही  जिला के सुदूर वनांचल के ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी कृष्णा बैगा का परिवार वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में दीवारों में सीलन आ जाती, छत से पानी टपकता और सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता। ऐसे हालात में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

पीएम जनमन आवास से पूरा हुआ सपना  

पीएम जनमन आवास योजना के तहत कृष्णा बैगा को पक्का आवास स्वीकृत हुआ। योजना का लाभ मिलते ही उनका बरसों पुराना सपना साकार हो गया। आज उनका नया पक्का घर पूरी तरह तैयार है। अब कृष्णा बैगा और उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक वातावरण में रह रहा है।

मिली सुरक्षा और सम्मान  

कृष्णा बैगा बताते हैं कि अब बरसात में न दीवारों की सीलन की चिंता है और न ही सांप-बिच्छुओं के घर में आने का डर। पक्का घर मिलने से उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास आया है।

पक्का घर मिलने से हमारा जीवन ही बदल गया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कृष्णा ने कहा, “पक्का घर मिलने से हमारे परिवार का जीवन बदल गया है। अब हम बिना किसी डर और परेशानी के अपने घर में सुकून से रह रहे हैं। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ।”

 
हिंसा से विकास की ओर : आत्मसमर्पित महिलाओं के बीच पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पुनर्वास नीति को बताया नई जिंदगी की राह

हिंसा से विकास की ओर : आत्मसमर्पित महिलाओं के बीच पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पुनर्वास नीति को बताया नई जिंदगी की राह

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने एक दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से आत्मीय मुलाकात की और उनसे खुलकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा महिलाओं के अनुभव सुनते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

संवाद के दौरान आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि नक्सल संगठन का जीवन भ्रम, भय और गुमराह करने वाली विचारधारा से भरा हुआ था। उन्होंने बताया कि मुख्यधारा से जुड़ने के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह मिली है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शासन की मंशा है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कई पूर्व नक्सली आज  सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं या सामान्य नागरिक के रूप में सफल जीवन जी रहे हैं, जो पुनर्वास नीति की सफलता का प्रमाण है।

मंत्री राजवाड़े ने उपस्थित सभी महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष  इंद्र प्रसाद बघेल,  नगर पालिका के पार्षदगण, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा  शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम  अभयजीत मंडावी सहित जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

नकटी गांव में तोड़े गए 80 घर,पुलिस के साथ झड़प,प्रशासन ने कहा नया रायपुर में मिलेंगे मकान

नकटी गांव में तोड़े गए 80 घर,पुलिस के साथ झड़प,प्रशासन ने कहा नया रायपुर में मिलेंगे मकान

 रायपुर--रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए आज (सोमवार) सुबह 80 घर तोड़ दिए गए, जिसमें पीएम और इंदिरा आवास के 32 घर भी शामिल हैं। प्रशासन ने रविवार देर रात से ही यहां 1000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर दिए थे। भारी विरोध के बाद लोगों का मकान शिप्ट किया जा रहा है नवा रायपुर के ईडब्ल्यूएस मकानों में। कई सालो से यहां रह रहे लोगों का जब मकान टूटा तो आक्रोश और आंसू साथ उनकी बेबसी बयां कर रही थी।   

सुबह जैसे ही टीम जेसीबी लेकर पहुंची, तो लोग मशीनों के सामने खड़े हो गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। ग्रामीणों में इसलिए भी आक्रोश है क्योंकि दो दिन पहले ही भरोसा दिलाया गया था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे।इस आश्वासन के बावजूद भारी पुलिस बल के साथ शुरू हुई इस तोडफ़ोड़ से ग्रामीणों में गुस्सा है। कार्रवाई के दौरान बेघर हुए बच्चों का दर्द भी छलक पड़ा। बच्चों ने बताया कि सुबह से वे भूखे-प्यासे थे और घरों पर खाना भी नहीं बना था, तभी पुलिस और नगर निगम की टीम आ धमकी और उनके आशियानों को तोडऩा शुरू कर दिया।

इधर बवाल के बीच प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी गई है और उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस  मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया जारी है। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा है कि इन सभी परिवारों को चिंता करने की जरूरत नहीं हैं उन्हे सरकार के द्वारा व्यवस्था दी जायेगी। 

ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त सोलर बिजली निर्धारित दर पर खरीदी जाएगी

ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त सोलर बिजली निर्धारित दर पर खरीदी जाएगी

 अगले बिजली बिलों में मिलेगा क्रेडिट

पीएम सूर्यघर योजना के रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को मिलेगा अधिशेष बिजली का लाभ 

रायपुर--प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली की खरीदी दर (बायबैक रेट) तय की है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस दर को अपनाने की आधिकारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ से मिली जानकारी के अनुसार, निर्धारित दर को अंतिम अनुमोदन और मंजूरी के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) के पास भेज दिया गया है। आयोग से हरी झंडी मिलते ही उपभोक्ताओं को उनकी अतिरिक्त बिजली की राशि अगले बिजली बिलों में क्रेडिट (छूट) के रूप में दिखाई देने लगेगी।

ऐसे काम करती है नेट मीटरिंग और बायबैक व्यवस्था

पावर कंपनी ने इसकी पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए बताया। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत, सोलर संयंत्र से जितनी बिजली बनती है, उसका सबसे पहले उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत में समायोजन (अडजस्टमेंट) किया जाता है। यदि उपभोक्ता की जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है और वह ग्रिड में वापस जाती है, तो उसकी बची हुई यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती चली जाती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खाते में बची हुई इन सभी अतिरिक्त यूनिटों का नियमानुसार पावर कंपनी द्वारा बायबैक (खरीद) किया जाता है। तय दर के हिसाब से बनने वाली कुल राशि उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है।

नए वित्तीय वर्ष में शून्य से शुरू होता है लेखा-जोखा

उपभोक्ताओं के बीच भ्रम को दूर करते हुए कंपनी ने साफ किया है कि प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा नए सिरे से (शून्य से) शुरू होता है। यही कारण है कि पिछले वित्तीय वर्ष की बची हुई अतिरिक्त यूनिट नए बिजली बिल में यूनिट के रूप में दिखाई नहीं देती हैं। हालांकि, उनका मौद्रिक मूल्य (पैसा) उपभोक्ता के खाते में पूरी तरह सुरक्षित रहता है और आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में घटा दिया जाता है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की यह पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित नियमों के तहत बेहद पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है, जिससे राज्य के हजारों सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। 

मुख्यमंत्री साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।

CG Sex Racket: सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था जिस्मों का धंधा, 3 युवतियां समेत 7 गिरफ्तार

CG Sex Racket: सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था जिस्मों का धंधा, 3 युवतियां समेत 7 गिरफ्तार

 दुर्ग। दुर्ग जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित जलाराम रेस्टोरेंट में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध देह व्यापार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमार कार्रवाई करते हुए मौके से 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 युवतियां, 2 ग्राहक और रैकेट का संचालन करने वाले होटल संचालक दो सगे भाई शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, क्षेत्रवासियों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि जलाराम रेस्टोरेंट की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शिकायतों के सत्यापन के बाद सीएसपी हर्षित मेहर के नेतृत्व में सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने रेस्टोरेंट पर औचक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान होटल के कमरों से संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेस्टोरेंट की आड़ में लंबे समय से कथित तौर पर देह व्यापार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री और जांच से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट का संचालन कब से किया जा रहा था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या इसका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अनैतिक और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य

 पंजीयन एवं प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में हासिल किया प्रथम स्थान

 विशेष अभियान के मात्र 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

रायपुर -- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।

मातृ वंदना योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

बिजली बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत -पावर कंपनी

बिजली बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत -पावर कंपनी

 पहले एक दिन की देरी पर लगता था पूरे महीने का चार्ज

अब सिर्फ वास्तविक दिनों का ही लगेगा शुल्क

रायपुर--छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने इस संबंध में तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था वास्तव में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (विलंब अधिभार) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही दोहरा झटका या रोज़ाना ब्याज जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं।

क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों था नुकसान?

       पावर कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद महज एक या दो दिन की देरी से भी बिजली बिल का भुगतान करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज वसूल लिया जाता था। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह थी।

’नई व्यवस्था से ऐसे होगा उपभोक्ताओं का फायदा’

        संशोधित नियमों के बाद अब लेट फीस की गणना पूरी तरह पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी कर दी गई है। अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ता जितने दिन बिल पटाने में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा।

’एक दिन की देरी पर मामूली शुल्क’

       यदि किसी कारणवश उपभेक्ता बिल के भुगतान में केवल एक दिन का विलंब होता है, तो अब पूरे महीने का सरचार्ज नहीं, बल्कि मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार ही देय होगा।

’महीने भर की देरी पर भी कम ब्याज’ 

      यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन का भी विलंब करता है, तब भी कुल अधिभार केवल 1.2 प्रतिशत (0.04 प्रतिशत × 30 दिन) ही बनेगा, जो कि पुरानी व्यवस्था के 1.5 प्रतिशत से काफी कम है।

’भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील’

      पावर कंपनी ने साफ किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दरें कम हुई हैं, बढ़ी नहीं हैं। इसे रोजाना ब्याज लगने या झटके के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने सभी समाचार माध्यमों और आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस सही और स्पष्ट जानकारी को ही साझा करें ताकि उपभोक्ताओं के बीच फैला अनावश्यक भ्रम दूर हो सके।

मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, देशभर में प्रथम स्थान, सीएम साय ने दी बधाई

मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, देशभर में प्रथम स्थान, सीएम साय ने दी बधाई

 रायपुर।   प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।

मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।

उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

 अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित महिमा राजपूत को मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित रायपुर की प्रतिभाशाली छात्रा महिमा राजपूत को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में 108 देशों के विद्यार्थियों के साथ इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होना न केवल महिमा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिमा राजपूत ने अपनी लगन, प्रतिभा और समर्पण से अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अवसर मिलने पर वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महिमा की यह प्रेरणादायी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिमा राजपूत को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने की सौजन्य मुलाकात

 आदिवासी संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में डॉ. बुधरी ताती के योगदान की मुख्यमंत्री ने की सराहना*

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शनिवार की देर शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. ताती के दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा, लोक परंपराओं के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कार्यों के लिए समर्पित किया है। उनका सेवा भाव, समर्पण और सामाजिक योगदान पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. बुधरी ताती ने चार दशक से अधिक समय तक बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत कार्य किया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना मन की बात: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना मन की बात: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 प्रधानमंत्री की 'मन की बात विकसित भारत के संकल्प को देती है नई ऊर्जा  

 मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी प्रधानमंत्री की 'मन की बात की 135वीं कड़ी

रायपुर / मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 'मन की बात आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात की अनेक कडिय़ों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री  मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा 'हरगिला आर्मी के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में 'ब्रह्मकमल डोमिनिकाना के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष  दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने,  अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।

CG : मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर तीनों की दर्दनाक मौत

CG : मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर तीनों की दर्दनाक मौत

 जांजगीर-चांपा । जांजगीर-चांपा जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा बलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरी-कोरबी से गुजरने वाले भारतमाला मार्ग पर हुआ, जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम डोंगरी-कोरबी निवासी 62 वर्षीय दलहरण दास वैष्णव, 52 वर्षीय केदार बरेट और 70 वर्षीय संतु यादव रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दे दी है।
बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार वाहन और चालक की तलाश में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
 
 
छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बारिश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब तेजी से सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के शेष हिस्सों में अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून पहुंच जाएगा। वहीं, आगामी सात दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने रविवार के लिए सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हालांकि राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मुंगेली में 5 सेंटीमीटर और दरभा में 4 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, राजनांदगांव में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।