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विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा – 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर रहेगा विशेष जोर

स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा प्रदेश के विकास का नया ग्रोथ इंजन, रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 400 से अधिक सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता

नई औद्योगिक विकास नीति के बाद छत्तीसगढ़ को मिले 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें।

विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है।

हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के अंतर्गत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।

स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़ते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है। स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए सुनियोजित विकास आवश्यक है। शहरों में नागरिक सुविधाओं, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

नक्सलवाद की समाप्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला। नक्सलियों द्वारा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण अनेक क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। गोंडी भाषा में ‘नियद नेल्लानार’ का अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।

पर्यटन और होमस्टे से बस्तर में बन रहे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के लिए देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। यहां विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय परिवारों के साथ जनजातीय जीवनशैली और संस्कृति को निकट से जान रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए नई औद्योगिक विकास नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

सुशासन और रिफॉर्म से निवेश के लिए बन रहा बेहतर वातावरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 400 से अधिक सुधार किए हैं। विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण से लीकेज रोकने में मदद मिली है और प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा अधिक से अधिक सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरनी प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन सभी क्षेत्रों की समन्वित प्रगति विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति देगी।

रजिस्ट्री प्रक्रियाओं का लगातार हो रहा सरलीकरण : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पूरा फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।

चौधरी ने कहा कि रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक अनुकूल बनाया जा रहा है। व्हाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री के संबंध में भी पंजीयन शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। सरकार की कोशिश है कि शहरीकरण केवल शहरों के विस्तार तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं के साथ नए आर्थिक अवसरों का भी निर्माण करे।

कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जी.वाई. रेड्डी, क्रेडाई के राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, अभिषेक बछावत, अशोक मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि तथा क्रेडाई के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

 विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव

लमना में दिखी संस्कृति और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर

रायपुर - छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण जीवनशैली, लोक संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। पर्यटन के बदलते स्वरूप में अब पर्यटक केवल बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गांवों की मिट्टी की खुशबू, स्थानीय खान-पान, परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को करीब से अनुभव करने में भी रुचि ले रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों का प्रवास इसी बदलती पर्यटन तस्वीर की जीवंत मिसाल है।

ब्रिटेन से आए श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ तिलक लगाकर तथा ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी अतिथियों ने भी ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से महसूस किया।

लमना विलेज स्टे में अतिथियों का  अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों, पारंपरिक परिवेश और स्थानीय जीवन से परिचित कराने के लिए ‘विलेज वॉक’ कराया गया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों से संवाद किया, स्थानीय जीवनशैली को समझा और गांव के सहज वातावरण का आनंद लिया।  अतिथियों ने ग्रामीण परिवारों, बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद भी किया। 

ग्रामीण हाट बना खास आकर्षण

लमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट का भ्रमण विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हाट में उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा। ग्रामीण बाजार की चहल-पहल, स्थानीय उत्पादों की विविधता और लोगों के सहज व्यवहार ने अतिथियों को भारतीय गांव के वास्तविक जीवन का अनुभव कराया।  

ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़ने का अनुभव

लमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटक केवल किसी स्थान को देखने नहीं आते, बल्कि स्थानीय जीवन का हिस्सा बनकर उसे महसूस करते हैं। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत की और पारंपरिक ग्रामीण वातावरण को नजदीक से जाना। गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और लोगों की सहज आत्मीयता ने उनके प्रवास को एक अलग तरह का अनुभव दिया।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन पहचान में जुड़ रहा नया अध्याय

छत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्रकृति और दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन की ओर विस्तार कर रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को जोड़ने वाले पर्यटन मॉडल को महत्व मिल रहा है। 

प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का संगम है लमना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं मौजूद हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर सहित अनेक प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल शामिल हैं।  लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र पर्यटकों को  प्रकृति और स्थानीय जीवन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बस्तर से लमना तक—छत्तीसगढ़ में अनुभव आधारित पर्यटन की बढ़ती तस्वीर

पर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जीवन, खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और समुदाय के साथ जुड़ने वाले अनुभवों को भी महत्व दे रहे हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। 

लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का अनुभव इसी सोच को आगे बढ़ाता दिखाई देता है। यहां विदेशी मेहमानों ने किसी पर्यटन स्थल को दूर से देखने के बजाय गांव के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की, ग्रामीण हाट में स्थानीय गतिविधियों को समझा और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की सहजता को महसूस किया।

विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापन

लमना प्रवास के दौरान श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों से बातचीत करते और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताते नजर आए।  वे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीयता से मिले । 

विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं अब नए क्षेत्रों और नए अनुभवों तक विस्तार पा रही हैं।

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। 

लमना में ब्रिटेन के मेहमानों की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के उस पर्यटन मॉडल की खूबसूरत झलक है, जहां प्रकृति के साथ संस्कृति, गांव के साथ आतिथ्य और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है। छत्तीसगढ़ की यही सहज, आत्मीय और जीवंत पहचान देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक 30 सितंबर को : CM साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में होगी बैठक, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

मंत्रिपरिषद की बैठक 30 सितंबर को : CM साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में होगी बैठक, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 30 सितम्बर 2026 बुधवार को पूर्वान्ह 11.30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा, डीजे पिकअप पर चढ़ा तेज रफ्तार ट्रक, 5 लोगों की मौत

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा, डीजे पिकअप पर चढ़ा तेज रफ्तार ट्रक, 5 लोगों की मौत

 कांकेर/चारामा। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। मारकाटोला घाट में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक डीजे पिकअप वाहन के ऊपर जा चढ़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में वाहन में सवार 5 लोगों की मौत होने की सूचना सामने आई है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों और मृतकों की पहचान को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

फिलहाल हादसे को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने की संभावना है।

‘स्टेटकॉन 2026’ में 2047 के ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का शंखनाद

‘स्टेटकॉन 2026’ में 2047 के ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का शंखनाद

 00 नए विकास मॉडल और भविष्य की नीतियों पर हुआ महामंथन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर को एक नई, आधुनिक और सुव्यवस्थित दिशा देने के उद्देश्य से रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में क्रेडाई छत्तीसगढ़ द्वारा ‘स्टेटकॉन 2026’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस राज्य स्तरीय महासम्मेलन की मुख्य थीम “बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़ – टुगेदर टुवर्ड्स 2047” रखी गई थी। इस कार्यक्रम में शासन, प्रशासन, रियल एस्टेट डेवलपर्स और उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व ने एक साझा मंच पर आकर राज्य के समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया।

स्टेटकॉन 2026 में 2047 के विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का शंखनाद

प्रशासनिक संवाद एवं पूर्ण समर्थन
सम्मेलन के पहले सत्र ‘रिफॉर्म्स टू रियलिटी: शेपिंग सीजीज़ ग्रोथ’ में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, छत्तीसगढ़ शासन की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक श्री रमेश शर्मा शामिल रहे। इस सत्र का संचालन क्रेडाई नेशनल के ईसी मेंबर श्री आनंद सिंघानिया और क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री पंकज लाहोटी ने किया। इस परिचर्चा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने क्रेडाई सदस्यों को राज्य के विकास के मद्देनज़र विभिन्न योजनाओं और रोडमैप पर संवाद (डायलॉग) के लिए आमंत्रित किया। । उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में क्रेडाई के साथ मिल कर काम करेगा और इस दिशा में पूरा मार्गदर्शन देगा, ताकि सुनियोजित रूप से शासन, प्रशासन और रियल एस्टेट डेवेलपर्स की विकास में सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

क्रेडाई का विजन
दूसरे सत्र में क्रेडाई नेशनल के प्रेसिडेंट श्री शेखर जी. पटेल और क्रेडाई नेशनल के प्रेसिडेंट-इलेक्ट श्री जी. राम रेड्डी ने राज्य के शहरीकरण के लिए एक दूरगामी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इस सत्र का संचालन क्रेडाई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री मृणाल गोलछा और सदस्य श्री विजय नाथानी ने किया। क्रेडाई के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि महानगरों के बेतहाशा विस्तार की गलतियों से बचते हुए, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों के सफल टाउन प्लानिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडलों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के शहरों को विश्वस्तरीय और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन
तीसरे सत्र में सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कमल सारडा ने स्मार्ट और भविष्य के शहरों के निर्माण पर अपने विचार रखे। इस सत्र का संचालन क्रेडाई छत्तीसगढ़ के सदस्य श्री निखिल धागट ने किया। इस चर्चा में श्री सारडा के आध्यात्म यानी स्पिरिचुआलिटी और बिज़नेस के बीच समन्वय स्थापित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दो दशकों में देश के विभिन्न सेक्टर्स में असीमित व्यापारिक व औद्योगिक संभावनाओं का लाभ पूरे देश की अर्थव्यवस्था को होगा।

स्टेटकॉन 2026 में 2047 के विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का शंखनाद
सरकार का दृष्टिकोण: ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’
कार्यक्रम के शाम के सत्र ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि के रूप में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी शामिल हुए। उन्होंने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के क्रम में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण, राज्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार, उत्कृष्ट निवेश के माहौल (इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट) और रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने वाली भविष्य की पारदर्शी नीतियों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
क्रेडाई छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, चेयरमैन मृणाल गोलछा, सचिव अभिषेक बच्छावत, आईपीपी संजय रहेजा, कोषाध्यक्ष आयुष मोदी, प्रोग्राम चेयरमैन अशोक मूंदड़ा और प्रतीक केवलानी ने कहा: “क्रेडाई छत्तीसगढ़ राज्य के समग्र विकास और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम सरकार की नीतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे और राज्य में एक सुनियोजित, आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में अपना सर्वोच्च योगदान देंगे।”

स्टेटकॉन 2026 में 2047 के विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का शंखनाद
‘स्टेटकॉन 2026’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विचारों, संवाद और साझा दृष्टिकोण से भरा यह दिन ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार, प्रशासन और क्रेडाई के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब एक आधुनिक, इको-फ्रेंडली और सुनियोजित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कवर्धा में विकास की रफ्तार को मिलेगी नई सड़क, ₹54 करोड़ से बनेगा 7.8 किमी फोरलेन

कवर्धा में विकास की रफ्तार को मिलेगी नई सड़क, ₹54 करोड़ से बनेगा 7.8 किमी फोरलेन

 कवर्धा/ राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर कवर्धा शहर के आवागमन को सुगम बनाने के लिए 54 करोड़ रुपए की लागत से 7.8 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। गुरुवार को उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राजनांदगांव-कवर्धा सांसद संतोष पांडेय सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश  सरकार सड़क और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। फोरलेन निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होने और क्षेत्र के विकास को गति मिलने की बात उन्होंने कही।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अरुण साव के समक्ष जिले की विभिन्न सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों की मांग रखी। इनमें नेवारी-गुणा मार्ग के लिए करीब साढ़े सात करोड़ रुपए, प्रतापपुर-जेवडन-सुतियापाठ सड़क तथा लोहारा रोड को फोरलेन करने की मांग शामिल रही।

इसके अलावा आछी मार्ग, भोरमदेव सड़क के चौड़ीकरण एवं डिवाइडर निर्माण,छेकी महल मार्ग, भोरमदेव-सरोधा मार्ग तथा बिलासपुर मार्ग से बोड़ला होते हुए भोरमदेव मार्ग के चौड़ीकरण के लिए करीब 26 करोड़ रुपए की मांग रखी गई।

कवर्धा वार्ड क्रमांक-3 में करीब 2 करोड़ रुपए के सामुदायिक भवन, नवीन बाजार में डेढ़ करोड़ रुपए के मटन मार्केट, बोड़ला में बाजार निर्माण एवं विस्तार,लोहारा के बंधा टोला तथा पिपरिया में विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति की मांग भी रखी गई।

विजय शर्मा ने बताया कि 54 करोड़ रुपए की फोरलेन परियोजना की स्वीकृति अरुण साव के माध्यम से मिली है और निर्माण कार्य को लगभग 8 से 10 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

₹15 हजार करोड़ की सड़क परियोजना का भी जिक्र

सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कवर्धा से होकर भोपाल से रायपुर तक करीब 15 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली सड़क परियोजना पर काम होगा। उन्होंने राजनांदगांव-खैरागढ़ सड़क निर्माण और आगे खैरागढ़ से कवर्धा तक सड़क निर्माण की दिशा में कार्य किए जाने की जानकारी दी।

सांसद ने कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल मार्ग को स्वीकृति मिलने और जल्द कार्य शुरू होने की बात भी कही।

एक्ज़िक्यूटिव ब्रांच

कार्यक्रम में पिपरिया, लोहारा, बोड़ला और कवर्धा से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति एवं प्रस्तावों की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

Today Weather update : राजधानी समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, 50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Today Weather update : राजधानी समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, 50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। गुरुवार को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। राजधानी रायपुर में भी कई स्थानों पर तेज बारिश देखने को मिली।

बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में तापमान नीचे आया है। मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को भी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश का असर

बीते 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई। लगातार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है, वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना वजह

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के आसपास बना डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह मौसम प्रणाली करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रही थी। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

कई इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में सामान्य से कम बारिश

मौसम के सक्रिय रहने के बावजूद छत्तीसगढ़ में अब तक कुल बारिश सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के प्रभाव के चलते आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना

 सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के पुलिस विभाग में प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से स्थानांतरण एवं नई पदस्थापना का आदेश जारी किया गया है। आदेश के तहत विभिन्न थानों, चौकियों और पुलिस कार्यालय की शाखाओं में पदस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

 

CG Police Transfer:बिलासपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिसकर्मियों के तबादले

CG Police Transfer:बिलासपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिसकर्मियों के तबादले

 बिलासपुर। जिले के पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से जारी आदेश के तहत 16 पुलिसकर्मियों को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नई पदस्थापना दी गई है। तबादले के बाद अलग-अलग थानों, चौकियों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया ह

जारी आदश के अनुसार पुलिसकर्मियों को सकरी, तखतपुर, मस्तूरी, हिर्री, बिल्हा, पचपेड़ी, कोटा, कोनी, बेलगहना और सरकंडा समेत विभिन्न स्थानों पर पदस्थ किया गया है। कुछ पुलिसकर्मियों को रिजर्व केंद्र से थानों और चौकियों में भेजा गया है, जबकि कुछ की जिम्मेदारी सुरक्षा एवं अन्य पुलिस इकाइयों में तय की गई है।

विभाग की ओर से जारी आदेश में संबंधित पुलिसकर्मियों को नई पदस्थापना स्थल पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 24 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। तबादलों के बाद संबंधित थानों और चौकियों में पुलिस बल की तैनाती में बदलाव देखने को मिलेगा।

पूरी तबादला सूची नीचे दी गई है।

CG – बिस्तर में छिपा था काल, छात्रा को बनाया शिकार, अस्पताल जाते वक्त रास्ते में हुई दर्दनाक मौत…..

CG – बिस्तर में छिपा था काल, छात्रा को बनाया शिकार, अस्पताल जाते वक्त रास्ते में हुई दर्दनाक मौत…..

 बिलासपुर। 24 सितंबर 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम कुकुर्दीकला में सर्पदंश से चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा सुधा साहू की मौत हो गई। वह रात में अपने कमरे में बिस्तर पर सो रही थी। इसी दौरान घर में घुसे सांप ने उसे डस लिया।

छात्रा की चीख सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे और हालत बिगड़ने पर उसे मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने घर में सांप की तलाश की और उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान कोबरा के रूप में बताई गई है। सूचना मिलने पर पचपेड़ी पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया।

CG – Love sex aur dhokha : सोशल मीडिया का प्यार बना जी का जंजाल, शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, फिर जो हुआ…..

CG – Love sex aur dhokha : सोशल मीडिया का प्यार बना जी का जंजाल, शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, फिर जो हुआ…..

 राजनांदगांव। फेसबुक में हुई जान पहचान के बाद शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म किए जाने का मामला उजागर हुआ है। पीड़ित युवती की शिकायत पर डोंगरगढ़ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार का जेल भेज दिया है।

डोंगरगढ़ पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम रोशन सोमुनिया पिता महेश सोमुनिया (32 वर्ष) गोकुल नगर, वार्ड शिवमंदिर के पास, बल्लारपुर, जिला चंद्रपुर महाराष्ट्र निवासी बताया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रार्थिया के लिखित आवेदन पर रिपोर्ट दर्ज की गई आरोपी रोशन सोमुनिया से वर्ष 2025 में फेसबुक के माध्यम से बातचीत हुई थी। आरोपी द्वारा फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई, जिसे प्रार्थिया द्वारा स्वीकार कर लिया गया। बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रार्थिया से शादी का प्रस्ताव रखा, जिस पर प्रार्थिया ने भी सहमति दी। इसके बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही।

आरोपी द्वारा प्रार्थिया को मिलने के लिए डोंगरगढ़ बुलाया गया। 30 नवंबर 2025 को दोनों की मुलाकात हुई तथा रेलवे स्टेशन के पास स्थित होटल अशोका लॉज में रुके। आरोपी द्वारा शादी करने का वादा किए जाने के कारण प्रार्थिया की सहमति से दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। 30 नवंबर एवं 01 दिसंबर को दोनों होटल अशोका लॉज में रुके तथा 1 दिसंबर की शाम दूसरे होटल सागर पैलेस चले गए। दोनों लगभग 3 दिनों तक साथ रहे।

डोंगरगढ़ से वापस जाने के बाद भी दोनों के बीच बातचीत होती रही। आरोपी द्वारा प्रार्थिया के परिवार के सदस्यों से भी बातचीत की गई तथा शादी के लिए अपने परिवार को लेकर आने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद दिनांक 20 अप्रैल 2026 को आरोपी द्वारा फोन कर शादी करने से इंकार कर दिया गया तथा प्रार्थिया से कहा गया कि वह अपने परिवार की पसंद से शादी कर ले।

प्रार्थिया की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 365/2026, धारा 69 बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी रोशन सोमुनिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर….

बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर….

 रायपुर: राज्य में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान व्यापक रूप से चलाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के साथ समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर एवं जागरूकता सामग्री के माध्यम से अभिभावकों और समुदाय को बताया जा रहा है कि वे बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखें। भोजन साफ-सफाई से तैयार हो रहा है या नहीं, उसका स्वाद एवं गुणवत्ता कैसी है, बच्चों को क्या और किस प्रकार परोसा जा रहा है, इन विषयों पर चर्चा करने के साथ आवश्यकतानुसार सुधार के सुझाव देने और उसमें सहयोग करने के लिए भी समुदाय को प्रेरित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितम्बर को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता तथा बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है। इसके साथ ही विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने का कार्य भी सेवा भाव से किया जा रहा है।

बच्चों की थाली बनी सामूहिक जिम्मेदारी, प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण और स्वच्छता पर जोर

सेवा की कहानी : आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की थाली से जुड़ी सामुदायिक भागीदारी

प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण मूल्य को बेहतर बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, माताओं, स्व-सहायता समूहों और समुदाय द्वारा मिलकर प्रयास किए जा रहे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण किए जाने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं।

आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय एवं मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने के साथ रसोई की स्वच्छता और भोजन परोसते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन एवं विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि उनके पोषण स्तर में होने वाले बदलावों की समय पर पहचान की जा सके।

इन प्रयासों से आंगनबाड़ी केंद्रों में समुदाय की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब अभिभावक और ग्रामीण भी बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, मेनू और स्वच्छता के बारे में जानकारी लेने के साथ आवश्यक सुझाव दे रहे हैं। यह पहल ‘सेवा की कहानी’ के रूप में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की जिम्मेदारी को सामने ला रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। 9 सितम्बर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेला, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि प्रदेश के हर बच्चे को स्वस्थ, सुपोषित और बेहतर भविष्य देने का सामूहिक संकल्प है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समुदाय की सक्रिय भागीदारी से यह संकल्प धरातल पर साकार हो रहा है।

CG : सड़क हादसे के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ लौटे किरण सिंह देव, बोले- वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा

CG : सड़क हादसे के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ लौटे किरण सिंह देव, बोले- वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव लंबे उपचार के बाद बुधवार को छत्तीसगढ़ पहुंच गए। दिल्ली में करीब 56 दिनों तक चले इलाज के बाद रायपुर एयरपोर्ट पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका उत्साह के साथ स्वागत किया। इस दौरान एयरपोर्ट पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित पार्टी पदाधिकारियों ने भी किरण सिंह देव से मुलाकात कर उनका स्वागत किया

रायपुर पहुंचने के बाद किरण सिंह देव ने प्रदेशवासियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच लौटने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वापस आकर उन्हें बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। उपचार के दौरान उन्हें जिस तरह से लोगों का स्नेह, समर्थन और शुभकामनाएं मिलीं, उसके लिए उन्होंने सभी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता तक सभी ने मुश्किल समय में उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने विपक्ष और दूसरे राजनीतिक दलों से मिले स्नेह का भी उल्लेख करते हुए सभी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया

नए प्रदेश प्रभारी को लेकर कही यह बात

भाजपा के प्रदेश संगठन में हाल ही में हुई नई नियुक्तियों पर भी किरण सिंह देव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभालने जा रहीं स्मृति ईरानी और सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभु को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी लोग मिलकर एकजुटता के साथ संगठन के लिए काम करेंगे।

ऐसे हुआ था हादसा

किरण सिंह देव के साथ 29 जुलाई को उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना हुई थी। वह परिवार के साथ बागेश्वर धाम से लौट रहे थे। इसी दौरान ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र में झांसी-ललितपुर नेशनल हाईवे-44 पर उनकी कार आगे जा रहे ट्रक से जा टकराई। दुर्घटना में वे घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया, जहां मेदांता अस्पताल में उनका उपचार और ऑपरेशन किया गया। इसके बाद डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा। अब स्वास्थ्य लाभ के बाद किरण सिंह देव छत्तीसगढ़ वापस लौट आए हैं।

 
 
महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना को नमन, चक्रधर समारोह ने रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को दी नई पहचान : ओ.पी. चौधरी

महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना को नमन, चक्रधर समारोह ने रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को दी नई पहचान : ओ.पी. चौधरी

 कला एवं संगीत महाविद्यालय की स्थापना, अगले पांच वर्षों में 10 नए ऑक्सीजन गार्डन सहित विकास कार्यों का रोडमैप सामने रखा

रायपुर: अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त 41वें चक्रधर समारोह का बुधवार को भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में प्रदेश के वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी शामिल हुए और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की दसवीं एवं अंतिम संध्या का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और योगदान को नमन करते हुए कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह ने अपने समय में कला एवं संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके संरक्षण और योगदान से रायगढ़ घराने के कथक को देशभर में विशिष्ट पहचान मिली। चक्रधर समारोह इसी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की पहचान विकास के साथ-साथ कला, संस्कृति और अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए भी है। इस सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने और रायगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए आने वाले पांच वर्षों में अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया गया है।

उन्होंने बताया कि रायगढ़ में कला एवं संगीत महाविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसके लिए बजट में प्रावधान किया जा चुका है और आगे की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ में कमला नेहरू पार्क की तर्ज पर अगले पांच वर्षों में 10 नए ऑक्सीजन गार्डन विकसित करने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में खर्रा घाट में लगभग पांच एकड़ क्षेत्र में भव्य ऑक्सीजन गार्डन का विकास किया जाएगा, जिसका भूमि पूजन शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से इसमें सहभागिता का आह्वान किया।

वित्त मंत्री ने रायगढ़ के समग्र विकास की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि राजू नगर में डेयरी, खर्रा घाट में ऑक्सीजोन गार्डन, गजमार पहाड़ और नगर वन के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, मरीन ड्राइव के विकास सहित विभिन्न अधोसंरचना परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है। कयाघाट पुल, केवड़ावाड़ी पुल, राजा महल के पास पुल और गोवर्धनपुर पुल जैसे कार्यों से शहर की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सड़कों का चौड़ीकरण, रिंग रोड, स्पोर्ट्स सुविधाओं का विस्तार, प्रयास विद्यालय, नवगुरु स्कूल, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज और नेचुरोपैथी कॉलेज जैसे कार्य रायगढ़ के विकास को नई दिशा देंगे।

*रायगढ़ के कंटेंट क्रिएटर्स को 2 करोड़ रुपये की सौगात*

समापन समारोह में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ के युवा कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि रायगढ़ में 2 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं, कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को आधुनिक संसाधन और बेहतर रचनात्मक मंच उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभा को अवसर देने और स्थानीय कला-संस्कृति को डिजिटल माध्यमों से व्यापक मंच प्रदान करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल होगी।

*कलाकारों का सम्मान, नारायणपुर के पुनर्वासित कलाकारों को 51 हजार रुपये की सम्मान राशि*

समापन समारोह में वित्त मंत्री ने कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कलाकार  आयुष नामदेव एवं उनके बैंड का सम्मान किया। वहीं सुदूर बस्तर के नारायणपुर से आए पुनर्वासित कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके लिए 51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। नक्सल संगठन में कमांडर रह चुकीं और पुनर्वास के बाद कला के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ीं चौती दीदी को उनकी विशिष्ट कला प्रस्तुति के लिए वित्त मंत्री ने शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

सांसद  राधेश्याम राठिया ने कहा कि 14 सितम्बर से आयोजित समारोह में देशभर से आए ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कला सम्राट महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृतियों को नमन करते हुए उनके कला एवं संस्कृति संरक्षण के योगदान को याद किया।

राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह ने महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कला एवं संस्कृति को संरक्षण देकर रायगढ़ को विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान प्रदान की। चक्रधर समारोह उसी गौरवशाली परंपरा और कला विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम है। देशभर के कलाकारों की सहभागिता से यह समारोह निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।

इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में जनसामान्य उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में धान की खेती के सटीक एवं तकनीकी सत्यापन के लिए हुआ एमओयू

छत्तीसगढ़ में धान की खेती के सटीक एवं तकनीकी सत्यापन के लिए हुआ एमओयू

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश में धान की खेती के क्षेत्रफल का सटीक, पारदर्शी और तकनीक-आधारित आकलन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आज यहाँ मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

यह समझौता सेटेलाइट-आधारित मैपिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और भू-स्थानिक डेटा के बेहतर समन्वय से राज्य की धान उपार्जन व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किया गया है। गैर-जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों की मैपिंग विशेष रूप से वन अधिकार अधिनियम के तहत आबंटित भू-भागों और डुबान क्षेत्रों में स्थित ऐसे कृषि क्षेत्रों की पहचान कर उनकी जीआईएस आधारित पॉलीगॉन लेयर तैयार की जाएगी, जो वर्तमान में डिजिटल रूप से मैप नहीं हैं।

छत्तीसगढ़ में धान की खेती के सटीक एवं तकनीकी सत्यापन के लिए हुआ एमओयू

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए आकलन तैयार पॉलीगॉन लेयर और भू-स्थानिक डेटा के आधार पर आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान की फसल के वास्तविक रकबे का सटीक आकलन किया जाएगा। सेटेलाइट इमेजरी से सत्यापन अन्य जियो-रेफरेंस्ड क्षेत्रों में भूमि खंडों (खसरों) के अक्षांश-देशांतर का सेटेलाइट इमेजरी से मिलान कर धान की फसल की डिजिटल उपस्थिति की पुष्टि की जाएगी। इस तकनीकी पहल से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों एफआरए एवं डुबान क्षेत्र की कृषि भूमि की डिजिटल पहचान मजबूत होगी तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए एक मजबूत आधार ढाँचा तैयार होगा।

इस दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम एवं संचालक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद श्री कवीश्वर उपस्थित रहे।

रायपुर में आज CM साय का दौरा, जानिए दिनभर का पूरा कार्यक्रम

रायपुर में आज CM साय का दौरा, जानिए दिनभर का पूरा कार्यक्रम

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। CM साय सुबह 11:45 बजे पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार पहुंचेंगे, जहां आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे।इसके बाद दोपहर 2 बजे से आदिम जाति कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शामिल होंगे। शाम 4:10 बजे मुख्यमंत्री एक निजी रिसॉर्ट में आयोजित Statescon 2026 – Building Viksit Chhattisgarh कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री शाम 5:40 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।


 
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सेवा का उद्देश्य है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना ही सेवा का उद्देश्य है– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर । जिन हाथों ने वर्षों से किसी का सहारा लिया, वही आज खुद गिलास उठाकर पानी पी रहे थे। जिन पैरों ने कभी साथ छोड़ दिया था, वही कृत्रिम पैर लगने के बाद बाइक चला रहे थे। कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम कवर्धा में बुधवार को ये दृश्य सिर्फ एक शिविर की तस्वीर नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन में लौटती उम्मीद, बढ़ते आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत रही।

इस बदलाव के बीच उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा दिव्यांगजनों के बीच पहुंचे और निःशुल्क विशाल दिव्यांग उपकरण वितरण शिविर का शुभारंभ करते हुए हितग्राहियों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए। भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर, सकल जैन समाज एवं भारतीय जैन संगटना (छत्तीसगढ़) और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित शिविर में करीब एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है।

उपकरण नहीं, आत्मनिर्भर जीवन की शुरुआत
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शिविर में दिव्यांगजनों से मुलाकात की और उन्हें कृत्रिम हाथ-पैर सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए। शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, ट्राइसाइकिल सहित जरूरत के अनुसार अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपकरण प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने उनका उपयोग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन भी किया। एक हितग्राही ने कृत्रिम पैर की सहायता से बाइक चलाकर दिखया, वहीं एक अन्य दिव्यांगजन ने कृत्रिम हाथ से पानी पीकर बताया कि यह सुविधा उसके दैनिक जीवन को किस तरह आसान बना सकती है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए आयोजित यह शिविर अद्भुत सेवा का उदाहरण है। जैन समाज सेवा कार्यों में हमेशा आगे रहा है। उन्होंने कहा कि कवर्धा में रहते हुए उन्होंने जैन समाज को बहुत करीब से देखा है। जैन समाज के जीवन में एक ओर समृद्धि और सामाजिक दायित्व है, तो दूसरी ओर त्याग और सेवा की प्रबल भावना भी है।

यही संतुलन समाज को सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने बताया कि शिविर के लिए लगभग एक हजार दिव्यांगजनों का पंजीयन हुआ है। श्रवण, दृष्टि और अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित जरूरत के अनुसार कैलिपर, कृत्रिम पैर, हाथ एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपकरण केवल हाथ-पैर का सहारा नहीं हैं, बल्कि इनके मिलने के बाद व्यक्ति के जीवन में आने वाला बदलाव अधिक महत्वपूर्ण है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने एक दिव्यांगजन का उदाहरण देते हुए बताया कि बिजली के तार की चपेट में आने से उसके दोनों हाथ चले गए थे। शिविर में कृत्रिम हाथ मिलने के बाद उसने पहली बार अपने हाथ से पानी का गिलास उठाया। उन्होंने कहा कि उस समय उसके मन में क्या भाव रहे होंगे, इसे वही व्यक्ति समझ सकता है। कृत्रिम हाथ-पैर की कीमत से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि इनके मिलने से दिव्यांगजन के जीवन में कितना बदलाव आता है और उसका आत्मविश्वास कितना बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों से कवर्धा में इस तरह के सेवा कार्य लगातार हो रहे हैं। उन्होंने भारतीय जैन संगठन, भगवान महावीर विकलांग सेवा समिति, सकल जैन समाज और एनएसई फाउंडेशन के सहयोग की सराहना की। उन्होंने राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार करने की प्रक्रिया भी देखी।

बस्तर में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों तक भी पहुंचेगी सेवा
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी तरह के शिविर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में भी आयोजित किए जाएंगे। बस्तर में आईईडी विस्फोटों के कारण दिव्यांग हुए लोगों को चिन्हांकित कर कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ऐसे दिव्यांगजनों की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि उन्हें शिविर तक लाकर कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा सकें।

उन्होंने कहा कि बस्तर के अंदरूनी गांवों में आईईडी विस्फोटों से दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम हाथ-पैर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ सकें। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि शिविर का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक पहुंचे, इसके लिए सभी लोग इसकी जानकारी अपने स्तर पर साझा करें। उन्होंने समाज, संस्थाओं और आयोजन से जुड़े सभी लोगों को सेवा कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन हैं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। दिव्यांगजनों को केवल सहायक उपकरण उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी जरूरी है। रायपुर में दिव्यांगजनों के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया जा रहा है, जहां विभिन्न ट्रेड के साथ डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के लिए दिव्यांगजनों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है तथा पात्र हितग्राहियों को ऋण पर अनुदान भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजनों को किसी पर निर्भर रहने वाला नहीं, बल्कि स्वाभिमान के साथ अपने परिवार और समाज को योगदान देने वाला बनाना है।

इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका परिषद कवर्धा के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, भारतीय जैन संगटना राष्ट्रीय सचिव पंकज लूकड़, प्रदेश अध्यक्ष  विजय गंगवाल, प्रदेश महासचिव सीए विकास गोलछा, सकल जैन संघ कवर्धा के अध्यक्ष  नेमीचंद गोलछा, जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ कवर्धा के अध्यक्ष श्री खुशाल टाटिया, सकल जैन संघ कवर्धा के सचिव श्री अतुल देशलहरा तथा स्वास्थ्य एवं शिविर प्रोग्राम के प्रदेश प्रमुख डॉ. अतुल जैन सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

23 से 26 सितंबर तक चलेगा शिविर
शिविर में राजस्थान से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मौके पर ही कृत्रिम अंग तैयार कर जरूरत के अनुसार उनका परीक्षण और फिटिंग की जा रही है। इससे हितग्राहियों को उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराने में सुविधा मिल रही है। शिविर में श्रवण, दृष्टि एवं अस्थि बाधित दिव्यांगजनों सहित विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग हितग्राहियों ने पंजीयन कराया है। बड़ी संख्या में पहुंचे हितग्राहियों की जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। चार दिवसीय शिविर में 23 से 26 सितंबर तक दिव्यांगजनों को आवश्यकतानुसार उपकरण प्रदान किए जाएंगे।

 
CG-मंत्रालय की स्टाफ बस में लगी आग, ड्यूटी खत्म कर कर्मचारियों को लेकर जा रही थी बस,फिर जो हुआ…

CG-मंत्रालय की स्टाफ बस में लगी आग, ड्यूटी खत्म कर कर्मचारियों को लेकर जा रही थी बस,फिर जो हुआ…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी के नवा रायपुर स्थित महानदी भवन के बाहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कर्मचारियों से भरी बस में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा हैं कि आगजनी की घटना के दौरान बस में 30 से ज्यादा कर्मचारी सवार थे। बस में आग कैसे लगी और इसका कारण क्या था। इसका पता नहीं चल पाया है।

जानिए घटना

जानकारी के मुताबिक, घटना आज शाम की बताई जा रही है। नवा रायपुर के महानदी भवन के पास कर्मचारियों को लेकर एक बस रवाना होने वाली थी। इसी बीच अचानक बस में आग लग गई। आगजनी की घटना की जानकारी जैसे ही बस सवार कर्मचारियों को हुई तो हड़कंप मच गया।

लोगों ने जलती बस से कूदकर अपनी जान बचाई। कर्मचारियों के बाहर निकलते ही बस की आग ने विकराल रूप ले लिया। कर्मचारियों ने तत्काल घटना की जानकारी दमकल और पुलिस की टीम को दी।

बताया जा रहा हैं कि आगजनी के 15 से 20 मिनट बाद फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची थी। तब तक के बस बुरी तरह से धू-धूकर जल चुकी थी। फिलहाल बस में लगी आग को बुझा ली गई है।

वहीं, गनीमत रही कि समय रहते ही बस सवार कर्मचारी बाहर निकल गए, नहीं तो बड़ी घटना भी हो सकती थी।

फिलहाल बस में आग कैसे लगी और इसका कारण क्या था। इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। वहीं, बस सवार सभी कर्मचारियों को दूसरे वाहन से उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचा दिया गया हैं।

आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर, आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी दे रहे बढ़ावा - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक, आपका रक्त किसी जरूरतमंद को दे सकता है नया जीवन : मुख्यमंत्री  साय

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री  साय

एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की ऐतिहासिक पहल गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

3600 से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीयन, रक्तदान के लिए लगाए गए 200 बेड

प्रोजेक्ट दधीचि के तहत 31 लोगों ने लिया देहदान का संकल्प, पद्मश्री एवं विधायक अनुज शर्मा भी बने सहभागी

बुक, टॉय और स्टेशनरी कलेक्शन के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंच रही सेवा और संवेदना

रायपुर 23 सितंबर 2026/ रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्तदाता द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाकर उसके परिवार के लिए नई उम्मीद बन सकता है। आज बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों का रक्तदान, देहदान और अंगदान के लिए आगे आना सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की प्रेरणादायी मिसाल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर को संबोधित करते समय यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं दीं और रक्तदान, देहदान एवं अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों के सेवा भाव की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनसेवा और जनकल्याण के विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सेवा का यह अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ रहा है। रक्तदान से लेकर जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने तक अनेक गतिविधियां इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन और रक्तदान महाकुंभ इसी सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है। विशेष रूप से इतनी बड़ी संख्या में माताओं-बहनों का रक्तदान के लिए आगे आना अत्यंत प्रेरणादायी है। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा की अनुपम मिसाल प्रस्तुत की है। इस ऐतिहासिक पहल का गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

रक्तदान महाकुंभ में सेवा और जनभागीदारी की ऐतिहासिक तस्वीर देखने को मिली। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान हेतु पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं के रक्तदान की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इस उपलब्धि का प्रमाणपत्र एवं मेडल प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर सभी रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि रक्तदान का महत्व केवल आंकड़ों या रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई आशा है। रक्तदान के लिए आगे आने वाला प्रत्येक व्यक्ति मानवता की सेवा में अपना अमूल्य योगदान देता है।

रक्तदान महाकुंभ में महिला एवं पुरुषों की बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति बढ़ती जागरूकता और युवाओं तथा महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी सेवा के संस्कारों को और मजबूत करती है।

देहदान और अंगदान मानव सेवा का सर्वोच्च उदाहरण : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की विशेष सराहना की। कार्यक्रम में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा भी शामिल रहे। प्रोजेक्ट दधीचि के अंतर्गत अब तक 103 लोगों द्वारा देहदान का संकल्प लिया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन के बाद भी किसी के काम आने का संकल्प मानव सेवा की अत्यंत प्रेरणादायी भावना है। देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, वहीं अंगदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने इस पुनीत संकल्प से जुड़ने वाले सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।

आयुर्वेद हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य विरासत

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। भगवान धन्वंतरि और चरक-सुश्रुत जैसे महान आचार्यों ने हजारों वर्ष पूर्व स्वस्थ जीवन और चिकित्सा की जिस समृद्ध परंपरा को विकसित किया, वह आज भी मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। आरोग्य मंदिर और वेलनेस सेंटर के माध्यम से उपचार के साथ-साथ रोगों की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

सेवा संकल्प अभियान में रक्तदान के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए भी पहल

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रक्तदान और स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्रित करने की विशेष पहल भी की गई। आयोजन स्थल पर बुक कलेक्शन, टॉय कलेक्शन और स्टेशनरी कलेक्शन के लिए अलग-अलग केंद्र बनाए गए थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सेवा का अर्थ केवल किसी एक क्षेत्र में सहयोग करना नहीं, बल्कि समाज में जहां आवश्यकता हो, वहां संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़कर सहयोग करना है। बच्चों तक पुस्तकें, खिलौने और अध्ययन सामग्री पहुंचाने की यह पहल उनके चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ उनकी शिक्षा और विकास में भी उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर सेवा संकल्प अभियान की विभिन्न गतिविधियों तथा आयुर्वेद से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने आयोजकों और प्रतिभागियों से चर्चा कर विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली तथा सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।

प्रदेश में तेजी से मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना : स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित रक्तदान महाकुंभ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लगभग 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया। उन्होंने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है और इतनी बड़ी संख्या में नागरिकों का स्वेच्छा से आगे आना समाज में सेवा भावना की मजबूती को दर्शाता है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेजों के माध्यम से चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र नागरिकों को निजी चिकित्सालयों में भी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में चार नए योग एवं नेचुरोपैथी अस्पताल विकसित किए जा रहे हैं। रायपुर में एनआईटी के सामने 100 बिस्तरीय नया आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार किया जा रहा है, जबकि बिलासपुर में भी आयुर्वेदिक अस्पताल के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है।

स्वास्थ्य मंत्री ने नागरिकों से आयुष मेले, स्वास्थ्य जांच शिविर और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक एवं पद्मश्री श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री प्रबोध मिंज सहित विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, प्रशासनिक अधिकारी, अर्धसैनिक बल एवं सेना के अधिकारी और जवान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण और व्यापवर्तन के लिए लागू होगा पायलट प्रोजेक्ट

छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण और व्यापवर्तन के लिए लागू होगा पायलट प्रोजेक्ट

 00 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इक्रीसेट के वैज्ञानिकों संग हुई बैठक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और किसानों की आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण एवं व्यापवर्तन पर एक नया पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में कृषि विशेषज्ञों और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) के वैज्ञानिकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ के किसानों के खेतों में भ्रमण कर किसानों को अच्छी किस्म और अधिक कीमत मिलने वाली फसलों को लेने के लिए प्रेरित करें। जिससे उनकी आमदनी में ईजाफा होगा।
बैठक में कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि यह परियोजना ओडिशा राज्य में पहले से सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, जिसे अब छत्तीसगढ़ में भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य जलवायु परिवर्तन के अनुरूप फसल प्रणाली विकसित करना, पुनरुत्थान कृषि को बढ़ावा देना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है। परियोजना के बेहतर और अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव 5 वर्षों की अवधि के लिए रखा गया है। इस योजना को राज्य में क्लस्टर आधारित चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। आगामी फसल मौसम से ही प्रयोग शुरू करने के लिए एक विस्तृत बेसलाइन सर्वे तुरंत कराया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि विकास, किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग और अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) के मध्य एक जेनेरिक समझौता हस्ताक्षरित किया जाएगा। इस जेनेरिक एमओयू तैयार करने में समेति का भी सहयोग लिया जाएगा। इसके तहत मैदानी अमले के क्षमता विकास और तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाएगा। कृषकों द्वारा उत्पादित फसल एवं उत्पादों के विक्रय व विपणन के लिए एक सुदृढ़ मार्केट लिंकेज प्रणाली विकसित की जाएगी। इस परियोजना में शासन की विभिन्न कृषि एवं विकास योजनाओं के घटकों एवं क्रियाकलापों का अभिसरण किया जाएगा।
बैठक के दौरान इक्रीसेट के वैज्ञानिक डॉ. गजानंद स्वर्गौनकर द्वारा परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस बैठक में अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्ण कटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान (इक्रीसेट) से डॉ. रोहन खोपड़े, डॉ. जी.के. चौधरी एवं डॉ. सी.एल. जैन तथा राज्य कृषि विभाग से संचालक (समेति) श्री बी. के. बिजरोनिया एवं उप संचालक कृषि श्री उमेश सिंह तोमर विशेष रूप से मौजूद रहे।

करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश

करमा पूजा में शामिल हुईं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रकृति, संस्कृति और लोकपरंपराओं के संरक्षण का दिया संदेश

 रायपुर- महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित प्रकृति के पावन तिहार 'करमा पूजा में शामिल हुईं। उन्होंने ग्रामीणजनों के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं विधि-विधानपूर्वक करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, शांति, खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

करमा पूजा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजीवन से गहराई से जुड़ा पारंपरिक पर्व है। यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामुदायिक एकता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। करम देव की पूजा के साथ ग्रामीणजन सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और परिवार एवं समाज की खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व के अवसर पर पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य और रीति-रिवाजों से गांव का वातावरण उल्लास और उत्साह से भर उठा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं, तीज-त्योहारों और प्रकृति से जुड़े पर्वों से है। करमा जैसे लोकपर्व हमें अपनी जड़ों और अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। इन परंपराओं में प्रकृति के प्रति सम्मान, आपसी भाईचारा और सामूहिकता की भावना निहित है।

उन्होंने कहा कि हमारी लोकसंस्कृति और परंपराएं केवल उत्सव का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें जीवंत बनाए रखना और नई पीढ़ी को इनकी महत्ता से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं और बच्चों से भी अपनी संस्कृति, लोककलाओं एवं पारंपरिक पर्वों से जुडऩे का आह्वान किया।

इस अवसर पर ग्रामीणजनों ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए करमा पूजा की शुभकामनाएं दीं और क्षेत्र एवं प्रदेश की निरंतर प्रगति तथा सभी परिवारों के सुख-समृद्धि की कामना की।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री साय

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री साय

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं, विकास की गति होगी और तेज : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

नगर निगम बीरगांव को बड़ी सौगात : 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन, लगभग 110 करोड़ रुपये के नए विकास कार्यों की घोषणा

एसटीपी के लिए 82 करोड़, ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ और सड़क-नाली एवं खेल मैदान विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की घोषणा

स्टेट कैपिटल रीजन में शामिल बीरगांव के सुनियोजित विकास के लिए तैयार होगा दीर्घकालीन रोडमैप

बीरगांव में बनेगा नालंदा परिसर और मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय, सात क्षेत्रों में सर्वे के बाद पात्र लोगों को नियमानुसार दिए जाएंगे आवासीय पट्टे

मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को सौंपे योजनाओं के लाभ, सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का किया सम्मान

बीरगांव नगर निगम को मिले दो नए अग्निशमन वाहन, मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाया रुद्राक्ष का पौधा

रायपुर, 23 सितंबर 2026/ विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। हमारे प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, मानव संसाधन और अपार संभावनाओं का उपयोग कर हम सब मिलकर एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने आज रायपुर जिले के नगर निगम बीरगांव में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने इन कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करने के साथ ही क्षेत्र की आवश्यकताओं को देखते हुए लगभग 110 करोड़ रुपये के नवीन विकास कार्यों की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बीरगांव तेजी से विकसित हो रहा शहरी क्षेत्र है। औद्योगिक गतिविधियों और बढ़ती आबादी के अनुरूप यहां सड़क, पेयजल, स्वच्छता, सीवरेज, खेल सुविधाओं और अन्य नागरिक अधोसंरचनाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध ढंग से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में बीरगांव नगर निगम क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित और भूमिपूजन किए गए विकास कार्यों में नगर निगम से संबंधित 94 करोड़ रुपये से अधिक तथा लोक निर्माण विभाग के 38 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही नगरोत्थान योजना के अंतर्गत लगभग 16 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया है। इन कार्यों के पूरा होने से बीरगांव और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वच्छता, खेल अधोसंरचना सहित अनेक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

स्टेट कैपिटल रीजन से बीरगांव के विकास को मिलेगी नई दिशा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रायपुर, दुर्ग-भिलाई और आसपास के क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसमें बीरगांव भी शामिल है। स्टेट कैपिटल रीजन के माध्यम से पूरे क्षेत्र के सुनियोजित, समन्वित और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसका लाभ आने वाले वर्षों में बीरगांव को भी मिलेगा और यहां आधुनिक शहरी अधोसंरचना एवं नागरिक सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि विकास का अर्थ केवल सड़क और भवन बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाना भी है। इसी सोच के साथ सरकार सुशासन और ईज ऑफ लिविंग की दिशा में लगातार सुधार कर रही है। तकनीक के माध्यम से सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि बीरगांव में मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय का निर्माण भी किया जाएगा। प्रदेश में 10 मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्री और स्वतः नामांतरण जैसी व्यवस्थाओं से भूमि संबंधी सेवाओं को सरल बनाया गया है। मॉडल रजिस्ट्री कार्यालय के निर्माण से बीरगांव और आसपास के नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री से संबंधित सेवाएं अधिक सुविधाजनक ढंग से उपलब्ध होंगी।

बीरगांव में एसटीपी के लिए 82 करोड़ रुपये की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री श्री साय ने बीरगांव के लिए अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने नगर निगम क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण के लिए 82 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इससे क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करने और स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने ओवरहेड टैंक एवं पाइपलाइन विस्तार के लिए 10 करोड़ रुपये, अधोसंरचना मद से सड़क एवं नाली निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये तथा सरोरा में खेल मैदान के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने बीरगांव में विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आधुनिक अध्ययन सुविधाओं से युक्त नालंदा परिसर के निर्माण के लिए भी 5 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने व्यास तालाब तिराहा से बीरगांव नाला तक स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए एक करोड़ रुपये तथा बुधवारी बाजार बीरगांव से नगर निगम कार्यालय तक स्ट्रीट लाइट के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रावांभाठा में विद्युतीकरण एवं मरम्मत के लिए 50 लाख रुपये, सर्व मांगलिक भवन निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और शासकीय महाविद्यालय में ई-लाइब्रेरी निर्माण के लिए 89 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री  साय ने बीरगांव में छत्तीसगढ़ विद्युत मंडल का जोन कार्यालय प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन सभी कार्यों का उद्देश्य बीरगांव के नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है।

सात क्षेत्रों में सर्वे के बाद पात्र परिवारों को मिलेंगे आवासीय पट्टे

मुख्यमंत्री  साय ने बीरगांव नगर निगम क्षेत्र के रावांभाठा, बंजारी नगर, शक्तिपारा, मठपारा, शीतलापारा, उरकुरा और मजदूर नगर सरोरा में सर्वेक्षण करवाकर पात्र लोगों को नियमानुसार आवासीय पट्टे वितरित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवासीय सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

गरीब, महिला, श्रमिक और जरूरतमंद परिवारों का कल्याण हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गरीब, महिला, श्रमिक, किसान, युवा और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं। सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि माताओं-बहनों को प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5.60 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को सालाना 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण की दर बढ़ाने के साथ चरण पादुका योजना को फिर से प्रारंभ किया गया है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सहायता दी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना और प्रत्येक परिवार को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अब कोई बाधा नहीं : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में एक बड़ी बाधा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। इससे विशेष रूप से उन क्षेत्रों में विकास के नए द्वार खुले हैं, जो लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं और अवसरों से वंचित रहे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है। यहां प्रचुर खनिज और वन संपदा है, धरती उर्वर है और यहां के लोगों में अपार सामर्थ्य है। इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर प्रदेश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय संकल्प की सिद्धि में छत्तीसगढ़ को अग्रणी भूमिका निभानी है और इसके लिए हम सबको मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

आयुर्वेद हमारी समृद्ध ज्ञान परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन और समृद्ध ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। केंद्र सरकार द्वारा आयुष मंत्रालय का गठन कर आयुर्वेद सहित भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित किया गया है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, आयुर्वेद के प्रति जागरूक रहने और इसके वैज्ञानिक एवं पारंपरिक ज्ञान का लाभ लेने का आग्रह किया।

बीरगांव के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन बीरगांव के लिए ऐतिहासिक और स्वर्णिम अवसर है। झमाझम बारिश के बीच बीरगांव में विकास की भी झमाझम बारिश हुई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने क्षेत्र को 135 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। इन कार्यों से बीरगांव को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त शहर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बीरगांव के सुनियोजित विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। विधायक श्री मोतीलाल साहू भी क्षेत्र की आवश्यकताओं और विकास कार्यों को लेकर निरंतर प्रयासरत हैं। पिछले ढाई वर्षों में नगर निगम बीरगांव क्षेत्र को 160 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है, जिनमें लगभग 90 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण हो चुके हैं। आने वाले समय में भी अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विस्तार का यह क्रम जारी रहेगा।

हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ, सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों का गृह प्रवेश कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, मुख्यमंत्री गृह निर्माण सम्मान योजना और नोनी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि के डेमो चेक भी प्रदान किए।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय एवं जनप्रतिनिधियों ने सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों के पांव धुलवाकर, तिलक लगाकर तथा आरती उतारकर उनकी सेवाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सफाई मित्र और स्वच्छता दीदियां शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके श्रम और सेवा का सम्मान पूरे समाज का दायित्व है।

मुख्यमंत्री  साय ने बीरगांव नगर निगम को दो नए अग्निशमन वाहन भी समर्पित किए। इससे नगर निगम क्षेत्र में अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं की क्षमता और मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने शासकीय महाविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष ध्रुव कुमार मिर्धा, विधायक  मोतीलाल साहू, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, महापौर  नंदलाल देवांगन, सभापति श्री कृपाराम निषाद सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ की दूरियां घटेंगी, विकास की रफ्तार बढ़ेगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के लिए भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच महत्वपूर्ण समझौता

बेहतर हवाई संपर्क से पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  राम मोहन नायडू के प्रति मुख्यमंत्री ने जताया आभार

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण के अंतर्गत भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुए समझौते को विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की भौगोलिक दूरियां घटेंगी और विकास की रफ्तार बढ़ेगी। नई दिल्ली में हुए इस समझौते पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव  मुकेश बंसल ने हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि बेहतर हवाई संपर्क का लाभ बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों और दूरस्थ अंचलों तक भी पहुंचे। इस समझौते से प्रदेश में नए हवाई संपर्क, हवाई पट्टियों के विकास और दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी के विस्तार की संभावनाओं को मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से नागरिकों का आवागमन सुगम होगा और पर्यटन, व्यापार, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। दूरस्थ क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार आपातकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी उपयोगी होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री श्री राम मोहन नायडू के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ देश के विस्तारित होते विमानन नेटवर्क से और मजबूती से जुड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि मॉडिफाइड उड़ान योजना के अंतर्गत देश में मौजूदा अनुपयोगी हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डे तथा दूरस्थ क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

छग की भाजपा प्रभारी बनी स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री साय ने स्मृति ईरानी को दी बधाई

छग की भाजपा प्रभारी बनी स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री साय ने स्मृति ईरानी को दी बधाई

 रायपुर-दिल्ली। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नए भाजपा प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति कर दी है। छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी स्मृति ईरानी को सौंपा है। उनके साथ  सिद्धार्थ शंभू सह प्रभारी होंगे। बिहार हरीश द्विवेदी, डा. अरविंद भदौरिया आंध्रप्रदेश, अंडमान निकोबार जय प्रकाश (दिल्ली), अरूणाचल प्रदेश डा.देवेन्द्र कुमार, असम के लिए मंगल पांडे, चंडीगड़  महेन्द्र पांडे, दादारा नगर हवेली दमन एंड दीप के लिए वर्षाबेन नरेन्द्र भाई दोशी को प्रभारी बनाया गया है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नबीन ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ की प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया। उनकी नियुक्ति पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्मृति ईरानी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्मृति ईरानी जी का दीर्घकालिक राष्ट्रीय अनुभव, राष्ट्रसेवा एवं संगठन के प्रति समर्पण निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में हमारे संगठन और जनसेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगा।
इसी के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सिद्धार्थ शम्भू को भी छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। साय ने कहा कि आपके सक्रिय सहभागिता से संगठनात्मक कार्यों को और गति मिलेगी। विभिन्न राज्यों में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों एवं सह-प्रभारियों को भी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।