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ऑनलाइन फार्मेसी के अवैध तौर-तरीकों के खिलाफ कल दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने दिया पूर्ण समर्थन

ऑनलाइन फार्मेसी के अवैध तौर-तरीकों के खिलाफ कल दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने दिया पूर्ण समर्थन

 रायपुर। ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनियंत्रित कारोबार और इसके कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर मंडराते गंभीर खतरे के विरोध में कल 20 मई, दिन बुधवार को प्रदेशव्यापी होलसेल और रिटेल दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है। इस सिलसिले में डिस्ट्रिक ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री विनय कृपलानी एवं कंफेडरेशन ऑफ फॉर्म डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री वासुदेव जोतवानी ने संयुक्त रूप से चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में चेम्बर पदाधिकारियों से मुलाकात कर बंद को लेकर समर्थन मांगा।

दवा बाजार के इस बड़े संकट और जनहित के इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने व्यापारियों की एकजुटता का परिचय देते हुए इस बंद को अपना पूर्ण और नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है। चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा दवाओं पर अनियंत्रित और अत्यधिक छूट दी जा रही है, जो कि व्यापारिक नियमों के खिलाफ है।

कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बाजार में नकली दवाएं धड़ल्ले से खपायी जा रही हैं। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा प्रतिबंधित और अत्यधिक संवेदनशील दवाएं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर की लिखित सलाह (पर्चे) पर ही दिया जाना कानूनी रूप से अनिवार्य है, वे भी इन ऑनलाइन साइट्स पर बिना किसी कड़े सत्यापन के धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। जिसका चेम्बर विरोध करता है तथा इसे रोकने हेतु प्रशासन से निर्देश देने की अपील करता है।

कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा अनियंत्रित छूट देना,नकली दवाएं के साथ साथ प्रतिबंधित दवाएं जो कि सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर के सलाह पर ही दी जानी चाहिए धड़ल्ले से बेची जा रही है। यह स्थिति न केवल पारंपरिक दवा व्यापारियों के रोजगार को गर्त में धकेल रही है, बल्कि युवाओं में नशे और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को बढ़ावा देकर सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। इसी गंभीर विषय को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तालाबंदी का निर्णय लिया गया है।

यही वजह है कि 20 मई को होने वाले इस प्रदेशव्यापी बंद के दौरान केवल और केवल हॉस्पिटल (अस्पतालों) के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर ही खुले रहेंगे, ताकि किसी भी मरीज को आपात स्थिति में भटकना न पड़े। इसके अलावा शहर और राज्य के सभी बाहरी व स्वतंत्र थोक और चिल्हर मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहेंगे। बैठक में उपस्थित समस्त पदाधिकारियों ने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ व्यापारियों के अस्तित्व की नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है और चेम्बर ऑफ कॉमर्स से मिला यह समर्थन इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाएगा। चेम्बर ने दवा संगठनों को आश्वस्त किया है कि इस गंभीर मुद्दे पर व्यापारियों की आवाज को प्रशासन और शासन के समक्ष बेहद पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।

इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष अमरदास खट्टर, मंत्री भारत पमनानी, पंकज जैन, लोकेश साहू, कनफेडरेशन ऑफ फार्मा डीलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष वासुदेव जोतवानी, जिला केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विनय कृपलानी, कोषाध्यक्ष नितेश जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

हिमाचल की वादियों में छत्तीसगढ़ का हुनर, यूथ फेस्टिवल 2026 में शामिल होंगे जशपुर के 20 युवा

हिमाचल की वादियों में छत्तीसगढ़ का हुनर, यूथ फेस्टिवल 2026 में शामिल होंगे जशपुर के 20 युवा

 00 बीर (हिमाचल प्रदेश) में सजेगा राष्ट्रीय मंच; ट्रेकिंग के साथ कला, संस्कृति और प्रतिभा का होगा संगम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के होनहार युवा जल्द ही हिमाचल प्रदेश की ठंडी वादियों और ऊंचे पहाड़ों के बीच अपने हुनर का जलवा बिखेरेंगे।यूथ फेस्टिवल 2026 के तहत राष्ट्रीय स्तर के एक भव्य आयोजन में भाग लेने के लिए जशपुर जिले के 20 छात्र-छात्राओं का दल रवाना हो रहा है। यह राष्ट्रीय आयोजन हिमाचल प्रदेश के श्बीरश् में 21 मई से 24 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

 

 

के 18 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के 20 युवाओं (छात्र-छात्राओं) का चयन जशपुर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस महोत्सव के लिए किया गया है। युवाओं की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए दल के साथ जिला स्तर के 02 प्रभारियों को भी भेजा गया है।

 

’पहाड़ों पर ट्रेकिंग और संस्कृति का महासंगम’
यह फेस्टिवल केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश भर के युवाओं के सपनों, कला, संस्कृति और आत्मविश्वास का एक जीवंत महोत्सव होगा। कार्यक्रम के दौरान जहाँ युवा हरे-भरे पहाड़ों पर एडवेंचर और ट्रेकिंग का अनुभव लेंगे, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस 4 दिवसीय आयोजन में गीत, संगीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएगी। भाषण प्रतियोगिताओं के साथ -साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के साथ संवाद भी होगा। जशपुर के युवा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर राज्य का नाम रोशन करेंगे। यह यात्रा छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कुछ नया सीखने, नए मित्र बनाने और भारत की विविध संस्कृति को करीब से जानने का एक बेहतरीन और यादगार अवसर साबित होगी। यह महोत्सव युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और सपनों को एक नई दिशा देगा।

RAIPUR  : लिफ्ट में फंसे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समेत 7 लोग, मचा हड़कंप, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

RAIPUR : लिफ्ट में फंसे भाजपा प्रदेश प्रवक्ता समेत 7 लोग, मचा हड़कंप, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

 रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर लिफ्ट में फंसने की घटना सामने आई है। रजबंधा मैदान स्थित निजी कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को अचानक लिफ्ट खराब हो गई, जिसमें भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी समेत 7 लोग अंदर लगभग 15 मिनट तक फंसे रहे। मौके पर हड़कंप मच गया। किसी तरह सुरक्षा गार्ड ने दरवाजे खुलवाकर उन्हें बाहर निकाला।भौगोलिक संदर्भ

जानकारी के अनुसार, सभी लोग लिफ्ट से ऊपर जा रहे थे तभी अचानक लिफ्ट बीच रास्ते में ही रुक गई। अंदर मौजूद लोगों ने अलार्म और फोन के जरिए मदद की कोशिश की, लेकिन तुरंत तकनीकी सहायता नहीं मिल सकी।
कुछ देर बाद कॉम्प्लेक्स के सुरक्षा गार्ड और कर्मचारियों ने मशक्कत कर लिफ्ट का दरवाजा खोला और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना का वीडियो भी सामने आया है।
घटना के बाद भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कॉम्प्लेक्स प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस इमारत में पहले भी लिफ्ट खराब होने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिससे बुजुर्ग और महिलाएं भी प्रभावित हो चुकी हैं। उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले रायपुर के करेंसी टॉवर में भी एक लिफ्ट फंसने की घटना हुई थी, जिसमें एसीएस (असिस्टेंट चीफ सेक्रेटरी) ऋचा शर्मा करीब 10 मिनट तक फंसी रही थीं। उस मामले में तकनीकी खराबी की वजह सामने आई थी।
​दंतेवाड़ा प्रशासन की अनूठी पहल, उजर 100 योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

​दंतेवाड़ा प्रशासन की अनूठी पहल, उजर 100 योजना से संवरेगा मेधावियों का भविष्य

 0 एनएमडीसी मद से मिलेगी पूरी आर्थिक मदद

रायपुर। बस्तर अंचल के प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने एक बेहद संवेदनशील और अनूठी शैक्षणिक पहल की है। जिले के आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को देश-प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च शिक्षा दिलाने के उद्देश्य से “उजर 100” योजना शुरू की गई है।
​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, चयन प्रक्रिया और पात्रता नियमों को तय करने के लिए आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में दोपहर 3 बजे एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्ययोजना का खाका तैयार किया गया।

100 सीटों का वर्गवार निर्धारण, स्थानीय को प्राथमिकता

​योजना के तहत कुल 100 सीटों का कोटा निर्धारित किया गया है। सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए इसमें वर्गवार सीटें तय की गई हैं। जिसमे ​अनुसूचित जनजाति (ST) के 76,​अनुसूचित जाति (SC) के 06,​अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 14 और ​अनारक्षित (General) के 04 सीटें शामिल है। इसके साथ ही कुल सीटों में 6 प्रतिशत आरक्षण दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित रहेगा। योजना का लाभ केवल दंतेवाड़ा जिले के मूल निवासी छात्रों को ही मिलेगा, जिन्होंने प्रथम प्रयास में 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

5 लाख की आय सीमा, लेकिन 'सुपर टैलेंटेड' बच्चों को पूरी छूट

सामान्यतः योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। लेकिन प्रशासन ने प्रतिभा को नियमों में नहीं बांधा है। छत्तीसगढ़ बोर्ड (CGBSE) की प्रावीण्य सूची में जिले के शीर्ष 10 स्थान पाने वाले छात्रों और IIT, NIT, NEET, JEE, NDA व AIIMS जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में चयन पाने वाले विद्यार्थियों पर आय की कोई सीमा लागू नहीं होगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ बोर्ड के टॉप 100 या सीबीएसई के टॉप 20 छात्र, राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में चयनित विद्यार्थी, नक्सल प्रभावित परिवारों के बच्चे, खनन प्रभावित ग्रामों के छात्र और बीपीएल (BPL) कार्डधारी परिवारों के होनहार बच्चे इस योजना में पहली प्राथमिकता पर होंगे।

पढ़ाई से लेकर रहने-खाने का खर्च उठाएगी सरकार; सीधे खाते में आएगा पैसा

​"उजर 100" योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को कॉलेज की फीस, हॉस्टल, भोजन और अध्ययन सामग्री (किताबें-कॉपी) का पूरा खर्च दिया जाएगा। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (Professional Courses) की पूरी फीस सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान को भेजी जाएगी। वहीं, हॉस्टल और किताबों का खर्च डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे छात्र के बैंक खाते में जमा किया जाएगा।
​काउंसिलिंग के लिए मिलेगी हवाई यात्रा की सुविधा
जिला प्रशासन ने मेधावियों के प्रोत्साहन के लिए बड़े कदम उठाए हैं। यदि जिले का कोई छात्र IIT, NIT, AIIMS, NEET या NDA जैसी परीक्षाओं में चुना जाता है, तो उसे संस्थान में रिपोर्टिंग या काउंसिलिंग के लिए जाने हेतु बस, रेल या हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ड्रॉप लेकर तैयारी करने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति में कोचिंग सहायता भी मिलेगी।
​ऑफलाइन होंगे आवेदन, बनेगी वेटिंग लिस्ट
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा में जमा किए जाएंगे। स्क्रूटनी, मेरिट लिस्ट और फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद जिला स्तरीय कमेटी अंतिम मुहर लगाएगी। मुख्य सूची के साथ 50 विद्यार्थियों की एक प्रतीक्षा सूची (Waiting List) भी बनाई जाएगी, ताकि कोई सीट खाली रहने पर दूसरे हकदार को मौका मिल सके। ​"उजर 100" योजना दंतेवाड़ा के युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगी। आर्थिक तंगी के कारण अब किसी भी होनहार का सपना नहीं टूटेगा। यहाँ के बच्चे अब राष्ट्रीय पटल पर जिले का नाम रोशन करेंगे।

बस्तर में विकास का आधार बनेगी खेती,उद्योगपतियों को बसाने के भ्रम फैला रहा विपक्ष - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर में विकास का आधार बनेगी खेती,उद्योगपतियों को बसाने के भ्रम फैला रहा विपक्ष - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 80 हजार एकड़ में सिंचाई क्षमता बढ़ाने दो बड़ी परियोजनाएं स्वीकृत : कृषि आधारित समृद्धि की दिशा में बढ़ रहा बस्तर

रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के विकास को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और दुष्प्रचार पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कहना पूरी तरह असत्य है कि नक्सलवाद की समाप्ति केवल उद्योगपतियों को बसाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का उद्देश्य यहां के स्थानीय लोगों का जीवन बेहतर बनाना, युवाओं को अवसर देना तथा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है।

 

 
 
 

जगदलपुर स्थित बादल अकादमी में आयोजित उजर बस्तर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की उपस्थिति तथा समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के बीच वे स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि विपक्ष का यह नैरेटिव तथ्यों से परे और भ्रामक है।

 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर की मिट्टी अत्यंत उर्वर और कृषि संभावनाओं से भरपूर है तथा यहां के लोग मेहनतकश और कर्मशील हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता बस्तर में कृषि और उससे जुड़े आजीविका अवसरों को सशक्त बनाना है, ताकि स्थानीय परिवारों की आय में वृद्धि हो और क्षेत्र आर्थिक रूप से मजबूत बने। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर की पहचान को खेती, उद्यानिकी, वनोपज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी सोच के तहत क्षेत्र में दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं मटनार और देउरगांव को स्वीकृति दी गई है, जिनमें लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इन परियोजनाओं से करीब 80 हजार एकड़ भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों को वर्षभर खेती, उत्पादन बढ़ाने और आय सृजन के नए अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बस्तर का रास्ता खेती, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय लोगों की भागीदारी से होकर गुजरता है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर अब भय, हिंसा और अविश्वास की पहचान से निकलकर विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता है कि यहां का विकास स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर किया जाए, ताकि बस्तर का हर परिवार शांति, समृद्धि और सम्मानपूर्ण जीवन की नई यात्रा का सहभागी बन सके।

सुशासन तिहार 2026 : समाधान शिविर बना दिव्यांग तुलेश्वरी के लिए सहारा, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

सुशासन तिहार 2026 : समाधान शिविर बना दिव्यांग तुलेश्वरी के लिए सहारा, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से बढ़ी आत्मनिर्भरता की उम्मीद

 रायपुर: विष्णु देव साय के सुशासन में आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविर जरूरतमंद लोगों के लिए राहत एवं सहायता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सक्ती विकासखंड के ग्राम रगजा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम नंदौरकला निवासी दिव्यांग तुलेश्वरी की समस्या का मौके पर ही समाधान किया गया।

अस्थि बाधित होने के कारण तुलेश्वरी को दैनिक कार्यों एवं आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन प्राप्त होते ही समाज कल्याण विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाधान शिविर में ही उन्हें मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई।

इस अवसर पर सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ वासु जैन सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल का वितरण किया गया।

मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्राप्त होने पर तुलेश्वरी के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा वे अपने दैनिक कार्य आसानी से कर सकेंगी।

उन्होंने शासन की इस संवेदनशील पहल के लिए विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। सुशासन तिहार 2026 के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाकर शासन संवेदनशील एवं जनहितैषी प्रशासन की मिसाल प्रस्तुत कर रहा

सुशासन तिहार से जीवन में नई उम्मीद जगी…..

सुशासन तिहार से जीवन में नई उम्मीद जगी…..

 रायपुर: सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर, राजनांदगांव जिले के ग्राम कोटराभाठा की दिव्यांग मथुरा साहू के जीवन में नई खुशियां लेकर आया। शिविर में उन्हें निःशुल्क मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। मथुरा साहू ने बताया कि पहले वे ज्यादातर समय घर पर ही रहती थीं और आने-जाने के लिए परिवार के सदस्यों पर निर्भर थीं। अब मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल मिलने से वे खुद बाजार जाकर जरूरी सामान ला सकेंगी।

अपने रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरो पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। मथुरा साहू ने छत्तीसगढ़ शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, लर्निंग लाइसेंस और राजस्व प्रकरणों जैसी समस्याओं का समाधान होने से लोगों में शासन की योजनाओं के प्रति भरोसा बढ़ा है।

सुशासन तिहार-2026: साल्हेकला समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उठाया लाभ

सुशासन तिहार-2026: साल्हेकला समाधान शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने उठाया लाभ

 ​रायपुर: सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत खैरागढ़- छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान की ग्राम पंचायत साल्हेकला में आयोजित जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविर जनभागीदारी और जनविश्वास का सशक्त केंद्र बनकर उभरा। शिविर में साल्हेकला क्लस्टर अंतर्गत 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे और अपनी मांगों, समस्याओं एवं शिकायतों को प्रशासन के समक्ष रखा।

जिला पंचायत अध्यक्ष प्रियंका ताम्रकार ने अपने संबोधन में कहा कि समाधान शिविर ग्रामीणों के लिए राहत और सुविधा का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि लोगों की समस्याओं का निराकरण गांव स्तर पर ही हो तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ सरलता एवं पारदर्शिता के साथ पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

शिविर में कुल 985 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 961 मांगों एवं 24 शिकायतों से संबंधित आवेदन शामिल रहे। विभिन्न विभागों द्वारा 55 हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया। अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ की, जबकि शेष आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके पश्चात विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी ली गई। ग्रामीणों ने समाधान शिविर को प्रशासन और आमजन के बीच मजबूत संवाद का माध्यम बताते हुए इसकी सराहना की।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष  विक्रांत सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुशासन तिहार शासन और आमजन के बीच विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राप्त आवेदनों का संवेदनशीलता एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

योजनाओं की जानकारी और लाभ वितरण

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा कुल 55 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 10 हितग्राहियों को सांकेतिक चाबी वितरित की गई तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 2 स्व-सहायता समूहों को बैंक ऋण प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 4 हितग्राहियों को नोनी सुरक्षा योजना का लाभ, 5 हितग्राहियों को सुपोषण किट तथा 5 किशोरी बालिकाओं को स्वच्छता किट वितरित किए गए। शिक्षा विभाग द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त 9 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

शिविर में ग्राम पंचायत दनिया, दान, जोम, सूराडबरी, बुंदेली, मैन्हर, खैरी, कुटेलीखुर्द, कोटरा, आमाघाटकादा, खपरीदरबार, पद्मावतीपुर, उदयपुर, बोरई, कुटेलीकला एवं साल्हेकला के ग्रामीण शामिल हुए। दूरस्थ गांवों से पहुंचे लोगों ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा विभागीय स्टॉलों में आवेदन प्रस्तुत किए।

जहां कभी डर था, वहां अब विकास की नई पहचान, पुवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव

जहां कभी डर था, वहां अब विकास की नई पहचान, पुवर्ती बना सुकमा जिले का पहला पूर्ण जनगणना गांव

 00 प्रगणक जवाराम को कलेक्टर ने किया सम्मानित

रायपुर। कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला यह गांव अब प्रशासन और जनता के मजबूत विश्वास का प्रतीक बन गया है। सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड का ग्राम पुवर्ती अब बदलाव और विकास की नई मिसाल बनकर सामने आया है। जनगणना कार्य के प्रथम चरण में पुवर्ती सुकमा जिले का पहला ऐसा गांव बना, जहां सबसे पहले जनगणना कार्य पूरा किया गया। इस उपलब्धि पर कलेक्टर  अमित कुमार ने कलेक्टर कक्ष में प्रगणक एवं सहायक शिक्षक जवाराम पटेल को सम्मानित किया।  पटेल ने मात्र तीन दिनों में गांव का जनगणना कार्य सफलता पूर्वक पूरा कर एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
जवाराम पटेल ने बताया कि उनके कार्यक्षेत्र में लगभग 950 से अधिक आबादी और 234 मकान शामिल थे। गांव में 2 आंगनबाड़ी केंद्र और 1 स्कूल संचालित है। जनगणना के दौरान स्थानीय गोंडी भाषा समझने में कठिनाई आई, लेकिन उन्होंने इसे चुनौती नहीं बल्कि सेवा का अवसर मानते हुए कार्य जारी रखा। उन्होंने स्थानीय शिक्षकों के सहयोग से गांव की सामाजिक व्यवस्था को समझा और हर परिवार तक पहुंचकर सर्वे कार्य पूरा किया। सीमित संसाधनों और भाषा संबंधी कठिनाइयों के बावजूद उनकी मेहनत और समर्पण से कार्य समय पर पूर्ण हो सका।

कलेक्टर ने कहा कि  जवाराम पटेल का समर्पण, साहस और जिम्मेदारी के प्रति निष्ठा अन्य जनगणना कर्मियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पुवर्ती में जनगणना कार्य का सफलतापूर्वक पूरा होना इस बात का संकेत है कि अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी शासन की योजनाएं प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं और लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी जगरगुण्डा ग्रामीण  योपेंद्र पात्रे भी उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार में पीतांबर सिंह का सपना हुआ साकार, मिला पक्के मकान की चाबी

सुशासन तिहार में पीतांबर सिंह का सपना हुआ साकार, मिला पक्के मकान की चाबी

  00 प्रधानमंत्री आवास योजना से चार बच्चों के परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 आम नागरिकों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पोड़ी निवासी  पीतांबर सिंह के लिए यह अभियान जीवन की बड़ी सौगात लेकर आया। जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत निर्मित पक्के मकान की चाबी सौंपी गई।

चाबी प्राप्त करते ही भावुक हुए पीतांबर सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका अपना पक्का मकान होगा। अब उनके परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल गया है, जिससे उनके बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित हो सकेगा।
कच्चे मकान की परेशानी से मिली राहत
 पीतांबर सिंह ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहा था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, जिससे रहने में काफी कठिनाई होती थी। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें दो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पक्का मकान बनने से अब बच्चों की पढ़ाई और परिवार के जीवनयापन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली जिंदगी
उन्होंने कहा कि सीमित आय के कारण स्वयं पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनका वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। सुशासन तिहार के दौरान मकान की चाबी मिलने से उनकी खुशी और बढ़ गई।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
 पीतांबर सिंह ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से गरीब परिवारों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को गांव में ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। पीतांबर सिंह जैसे हजारों परिवारों के चेहरे पर आई मुस्कान राज्य सरकार के अंत्योदय और सुशासन के संकल्प को साकार कर रही है।

कल घरजियाबथान और कुसुमताल में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर

कल घरजियाबथान और कुसुमताल में आयोजित होंगे जनसमस्या निवारण शिविर

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन निरंतर जारी है। इस अभियान के माध्यम से शासन और प्रशासन ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और मांगों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है।

इसी क्रम में 20 मई 2026 को जशपुर जिले के पत्थलगांव जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम घरजियाबथान तथा कांसाबेल जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम कुसुमताल में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आसपास के ग्रामीण अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। घरजियाबथान शिविर में खरकट्टा, खारढोढ़ी, घरजियाबथान, चंदागढ़, चंदरपुर, डुमरबहार, तमता, तिरसोंठ, सुरजगढ़, शेखरपुर, रघुनाथपुर, बिलडेगी, बटुराबहार, बनगांव-बी, बालाझर, कुड़केलखजरी एवं पंडरीपानी के ग्रामीण शामिल होंगे।

इसी प्रकार कुसुमताल शिविर में नकबार, बटईकेला, साजापानी, चिडोरा, कुसुमताल, खुटेरा, खारपानी, सागीभावना, कोडलिया, डांडपानी, सिहारबुड़, लमडांड, पोंगरो एवं कांसाबेल के ग्रामीण अपनी मांगों और समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र मामलों का मौके पर निराकरण किया जाएगा तथा शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा।

कलेक्टर  रोहित व्यास ने सभी विभागीय अधिकारियों को शिविरों के सुचारू संचालन और प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं के आवेदन प्रस्तुत करें और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को नहीं मिली राहत: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को नहीं मिली राहत: हाईकोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका

 बलौदा बाजार: जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। छ्त्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। बलौदा बाजार आगजनी कांड में गिरफ्तार होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई थी, जिसे खारिज कर दिया गया।

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी प्रमुख अमित बघेल को बलौदा बाजार कोतवाली पुलिस ने बलौदा बाजार आगजनी कांड में संलिप्तता पाये जाने के बाद अलग-अलग मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अमित बघेल ने जमानत याचिका लगाई थी। निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब हाईकोर्ट से भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई है।

कब, क्यों और कैसे हुआ बलौदा बाजार अग्नीकांड ?

15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की इस कार्रवाई से समाज के लोग असंतुष्ट थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे, जिसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की। वहीं 10 जून को जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया। जहां प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसक घटना में सरकारी संपत्तियों को 12.53 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा था। मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 43 मामलों में 187 लोगों को गिरफ्तार किया था।

CG – तेज रफ्तार का कहर, अलग-अलग सड़क हादसों ने 4 लोगों की ली जान

CG – तेज रफ्तार का कहर, अलग-अलग सड़क हादसों ने 4 लोगों की ली जान

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में चार युवकों की दर्दनाक मौत हो गयी। वहीं तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पहली घटना बालको थाना क्षेत्र में हुई, जहां पिकनिक से लौट रहे युवकों से भरी ऑटो पलट गई। दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र की है, जहां बाइक सवार दो युवकों को अज्ञात वाहन ने चपेट में लेकर टक्कर मार दी।

जानकारी के मुताबिक पहली घटना बालको थाना क्षेत्र के ग्राम अजगरबहार के पास घटित हुई। बताया जा रहा है कि 10 युवक झोराघाट से पिकनिक मनाकर एक ऑटो में वापस लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ऑटो में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान सोनू यादव और सत्यम यादव के रूप में हुई है। दुर्घटना में कई अन्य युवक घायल हुए, जिन्हें स्थानीय लोगों और साथियों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्च्युरी में भेज दिया है। दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के जवाली-चाकाबुड़ा मार्ग की है। यहां अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। इस हादसे में दोनों युवकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान प्रकाश और बबलू के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

CG – चाकूबाजी से दहला राजधानी का ये इलाका! इस वजह से बदमाशों ने उतारा मौत के घाट…..

CG – चाकूबाजी से दहला राजधानी का ये इलाका! इस वजह से बदमाशों ने उतारा मौत के घाट…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी में आए दिन चाकूबाजी की घटनाएं सामने आते रहती है, जिसमें कई मामले में घायलों की मौत हो जाती, इसी बीच रायपुर में फिर खूनी वारदात को अंजाम दिया गया है, यहां आमासिवनी बस्ती में एक युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई।

जानकारी के मुताबिक, पैसे की लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद तीन बदमाशों ने मिलकर युवक सुकृत खांडे की बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए राकेश गुप्ता उर्फ पानी, देवदास उर्फ हड्डी, विनोद उर्फ विक्की और एक 16 वर्षीय नाबालिग को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

CG Train Cancelled : भीषण गर्मी में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, बिलासपुर-गेवरा और कोरबा मेमू ट्रेन इतने दिनों तक रहेगी रद्द…..

CG Train Cancelled : भीषण गर्मी में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, बिलासपुर-गेवरा और कोरबा मेमू ट्रेन इतने दिनों तक रहेगी रद्द…..

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में 21 से 24 मई तक बिलासपुर-गेवरा और बिलासपुर-कोरबा मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया है। चांपा-गेवरारोड सेक्शन के मड़वारानी स्टेशन पर नॉन-इंटरलाकिंग कार्य होना है,इसके चलते ट्रेन को रद्द करने का निर्णय लिया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, मड़वारानी स्टेशन पर अधोसंरचना विकास के तहत अप और डाउन अतिरिक्त लूप लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलाकिंग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के दौरान ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित होगा।

ये ट्रेनें रद्द रहेंगी

21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत, रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा

दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से सेवानिवृत्त शिक्षक की मौत, रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा

 भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में आज तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहां ट्रेन की चपेट में आने से एक सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र की है।

कब और कैसे हुई घटना ?

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान हीरामणि साहू (80) के रूप में हुई है, जो कि सेवानिवृत्त शिक्षक थे। आज सुबह 5 बजे के आसपास हीरामणि रेलवे पटरी पार कर रहे थे, तभी वो भानुप्रतापपुर से रायपुर जा रही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि गंभीर चोटें आने के कारण हीरामणि साहू की मौके पर ही मौत हो गई।

मातम में बदली शादी की खुशियां

बताया जा रहा है कि मृतक शिक्षक के परिवार में हाल ही में एक विवाह संपन्न हुआ था। घर में अभी शादी की बधाइयों और खुशियों का माहौल था, लेकिन सुबह-सुबह आई इस खबर ने शादी के जश्न को पल भर में गहरे मातम में बदल दिया।

मर्ग कायम कर जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही भानुप्रतापपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मर्ग कायम किया है और पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है।

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे बस्तर: CM साय ने किया स्वागत,मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में होंगे शामिल 

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे बस्तर: CM साय ने किया स्वागत,मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में होंगे शामिल 

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया।

बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

CG : डंडे से पीट-पीटकर बेटे ने की मां की हत्या, बेटी पर भी किया हमला, आरोपी गिरफ्तार

CG : डंडे से पीट-पीटकर बेटे ने की मां की हत्या, बेटी पर भी किया हमला, आरोपी गिरफ्तार

 रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र स्थित ग्राम चिकटवानी मुडाडीपा में 70 वर्षीय मेरीना लकड़ा की घर में सिर पर गंभीर चोटें आने से हुई दर्दनाक हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी बेटे संदीप लकड़ा को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर मामला सुलझा लिया।

जानकारी के अनुसार मृतिका के सिर, माथा और कान के पास चोटों के निशान मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना स्थल से गंभीर हालत में मिली 10 वर्षीय नातिन अगोस्टिना लकड़ा को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपी बेटे संदीप ने हत्या करना स्वीकार करते हुए बताया कि वह नशे में था। घर में कहासुनी और विवाद के बाद वह घर में रखी लकड़ी के डंडे से अपनी मां पर ताबड़तोड़ वार करने लगा। बीच-बचाव करने आई बेटी अगोस्टिना पर भी उसने हमला किया, जिससे वह घायल होकर दूसरे घर में भागकर जान बचा सकी।

आरोपी ने बताया कि 11 मई को परिवार के साथ मेडिकल कॉलेज रायगढ़ गए थे और 14 मई को वापसी पर विवाद हुआ था। पुलिस ने आरोपी के बयान के आधार पर हत्या में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा जप्त कर लिया है। धरमजयगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि घरेलू हिंसा और हत्या जैसे अपराधों पर जिला पुलिस की शून्य सहनशीलता नीति जारी रहेगी। मामले की आगे की विवेचना और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
कार की सीट के नीचे छिपा था 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 का सोना, 3 गुजराती गिरफ्तार

कार की सीट के नीचे छिपा था 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 का सोना, 3 गुजराती गिरफ्तार

 महासमुंद। सीमावर्ती क्षेत्रों से हो रहे अवैध परिवहन पर रोक लगाने चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान सिंघोड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वोक्सवैगन कार से 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये के सोने के आभूषण के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो गुजरात के अलग-अलग जिलों के रहने वाले है।

पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देश पर एनएच-353 स्थित रेहटीखोल नाका में 17 मई 2026 को वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उड़ीसा की ओर से आ रही वोक्सवैगन वरटस कार क्रमांक जीजे 03 एनपी 4230 को रोककर जांच की गई। कार में सवार तीन व्यक्तियों ने अपना नाम जयेश अकबरी (32 वर्ष), सुनीत कारेना (22 वर्ष) एवं रूशी अग्रावत (26 वर्ष), निवासी राजकोट (गुजरात) बताया। पूछताछ के दौरान कार की पिछली सीट में बनाए गए चेंबर में दो पीठू बैग में सोने के आभूषण परिवहन करना स्वीकार किया। तलाशी लेने पर छह प्लास्टिक बॉक्स में विभिन्न प्रकार के सोने के आभूषण बरामद हुए, जिनका कुल वजन 7512.488 ग्राम पाया गया।

बरामद सोने की अनुमानित कीमत 9 करोड़ 17 लाख 84 हजार 220 रुपये बताई गई है। पुलिस ने परिवहन में प्रयुक्त वोक्सवैगन कार,जिसकी कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है, को भी जब्त कर लिया। इस प्रकार कुल जब्ती की कीमत 9 करोड़ 27 लाख 84 हजार 220 रुपये रही। कार में बैठे व्यक्तियों को सोने के आभूषणों के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु धारा 94 बीएनएस के तहत नोटिस दिया गया, लेकिन वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस ने धारा 106 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति जब्त कर ली। मामले की अग्रिम जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग और राजस्व सूचना निदेशालय, छत्तीसगढ़ को सूचित कर प्रकरण अग्रेषित किया गया है।

 

 

 

बंदूक छोड़ थामा ट्रैक्टर का स्टीयरिंग: नारायणपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों की नई शुरुआत

बंदूक छोड़ थामा ट्रैक्टर का स्टीयरिंग: नारायणपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों की नई शुरुआत

 00 साइकिल न छूने वाले अब सीख रहे ट्रैक्टर चलाना और मरम्मत
00 लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़े 40 पुनर्वासित
नारायणपुर।
जिले का लाइवलीहुड कॉलेज (पुनर्वास केंद्र) आज उन हाथों को नई जिंदगी दे रहा है, जो कभी भटककर बंदूक थाम चुके थे। जिला प्रशासन की अनूठी पहल से आत्मसमर्पित नक्सली अब न केवल समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं, बल्कि सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जीने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
​वोटर आईडी कार्ड से मिली 'नई पहचान'
पुनर्वासित लोगों को शासकीय सेवाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। इसी कड़ी में ​8 पुनर्वासित लोगों को नए वोटर आईडी कार्ड बनाकर वितरित किए गए हैं। इसी तरह ​25 लोगों का ऑनलाइन पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) पूरा किया जा चुका है। लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में अपने मताधिकार का प्रयोग करने ​40 लोगों से फॉर्म-6 भरवाए गए हैं।​
कभी साइकिल नहीं चलाई, अब चलाना है ट्रैक्टर
​हाल ही में कलेक्टर ने पुनर्वास केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वहां रह रहे 40 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने उनके सामने एक विशेष इच्छा जाहिर की। वे ट्रैक्टर चलाना सीखने के साथ-साथ उसकी मरम्मत और रखरखाव (मेन्टेनेंस) का प्रशिक्षण पाना चाहते थे। यह मांग इसलिए भी दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि इनमें से कई लोग ऐसे थे जिन्होंने जीवन में कभी साइकिल तक नहीं चलाई थी। ​कलेक्टर ने इस मांग की संवेदनशीलता और उनके उत्साह को भांपते हुए बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई की। नतीजतन, सोमवार से ही लाइवलीहुड कॉलेज में ट्रैक्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई।
​बदलाव की नई इबारत
अब ये सभी पुनर्वासित लोग नियमित रूप से ट्रैक्टर चलाने की बारीकियां सीख रहे हैं। प्रशिक्षण में उन्हें ड्राइविंग के साथ-साथ ट्रैक्टर की तकनीकी जानकारी और रिपेयरिंग के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। ​यह प्रशिक्षण केवल एक स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम नहीं है, बल्कि इन परिवारों के लिए आजीविका का एक मजबूत जरिया बनने जा रहा है।
खौफ के साए से उम्मीद की धूप तक
आज नारायणपुर के इस पुनर्वास केंद्र में रहने वालों के चेहरों पर अतीत की अस्थिरता और डर की जगह भविष्य के प्रति आत्मविश्वास और संतोष साफ देखा जा सकता है। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर ये लोग अब एक सामान्य नागरिक की तरह देश के विकास में अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं। नारायणपुर का यह केंद्र अब महज एक आश्रय स्थल नहीं, बल्कि परिवर्तन, विश्वास और एक नई शुरुआत का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले

 बेमेतरा :- छत्तीसगढ़ में पुलिस विभाग के भीतर लगातार प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच बेमेतरा जिले में एक साथ 140 पुलिसकर्मियों के तबादले ने पूरे महकमे का ध्यान खींच लिया है। DIG रामकृष्ण साहू के निर्देश पर जारी इस बड़े ट्रांसफर आदेश में सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर तक के कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। लंबे समय बाद हुए इस बड़े फेरबदल को पुलिस व्यवस्था मजबूत करने और फील्ड लेवल पर कामकाज में तेजी लाने की कोशिश माना जा रहा है।

बेमेतरा जिले में वर्षों बाद बड़ा ट्रांसफर आदेश

बेमेतरा पुलिस विभाग में जारी तबादला सूची को हाल के वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव माना जा रहा है। आदेश के तहत जिले के अलग-अलग थानों और शाखाओं में तैनात 140 कर्मचारियों की नई पदस्थापना की गई है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह कदम प्रशासनिक संतुलन और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। सूची जारी होने के बाद पुलिस महकमे में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा।

ASI से लेकर आरक्षक तक बदले गए

जारी आदेश में कई रैंक के कर्मचारी शामिल हैं। इनमें सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर तक के पुलिसकर्मी शामिल बताए गए हैं। ट्रांसफर सूची में कर्मचारियों के नाम, वर्तमान पदस्थापना और नई तैनाती का पूरा विवरण जारी किया गया है। कई कर्मचारियों को लंबे समय बाद नए थानों और शाखाओं में भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक कुछ संवेदनशील इलाकों में पुलिसिंग मजबूत करने के लिए भी यह बदलाव किए गए हैं।

जांजगीर-चांपा में भी पुलिस महकमे में हलचल

बेमेतरा के साथ-साथ जांजगीर-चांपा जिले में भी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय पांडेय ने कई थाना प्रभारियों और अन्य पुलिसकर्मियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि इसका मकसद फील्ड मैनेजमेंट को बेहतर करना और कानून-व्यवस्था पर नियंत्रण मजबूत करना है। इस फैसले के बाद जिले के कई थानों में नई जिम्मेदारियां तय हो गई हैं।

कई थाना प्रभारियों को नई जिम्मेदारी

आदेश के मुताबिक निरीक्षक कमलेश कुमार शेण्डे को थाना नवागढ़ से हटाकर रक्षित केंद्र जांजगीर भेजा गया है। वहीं, यातायात शाखा में पदस्थ निरीक्षक मणीकांत पांडेय को नवागढ़ थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा सहायक उपनिरीक्षक सियाराम यादव को नवागढ़ से स्थानांतरित कर बम्हनीडीह भेजा गया है। पुलिस विभाग का मानना है कि नए पदस्थापन से स्थानीय स्तर पर कामकाज और निगरानी व्यवस्था में सुधार होगा।

CG POLICE TRANSFER : 2 थाना प्रभारियों समेत 3 पुलिसकर्मियों के तबादले...देखें लिस्ट...!!

CG POLICE TRANSFER : 2 थाना प्रभारियों समेत 3 पुलिसकर्मियों के तबादले...देखें लिस्ट...!!

 जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस विभाग में फेरबदल हुआ है, एसपी विजय पांडेय ने तबादला आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, निरीक्षक कमलेश कुमार शेण्डे थाना प्रभारी नवागढ़ को रक्षित केन्द्र जांजगीर भेजा गया है। निरीक्षक मणीकांत पाण्डेय यातायात शाखा को थाना प्रभारी नवागढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सउनि सियाराम यादव को थाना नवागढ़ से थाना बम्हनीडीह भेजा गया है।

वहीं जिले में अवैध रेत उत्खन्न एवं परिवहन पर प्रभावी कार्यवाही एवं अंकुश लगाने की दृष्टि से “Illegal Mining Task Force” का गठन किया गया है, जिसके पर्यवेक्षण अधिकारी उमेश कुमार कश्यप अति. पुलिस अधीक्षक जिला जांजगीर-चांपा को बनाए गए हैं। टास्क फोर्स का मुख्यालय जांजगीर रहेगा, जिसमें रिस्पॉस टीम में कई अधिकारी-कर्मचारी हैं। इसका भी आदेश एसपी ने जारी किया है।

 

छत्तीसगढ़ व्यापम की पी.पी.एच.टी. एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परिक्षा 21 मई को

छत्तीसगढ़ व्यापम की पी.पी.एच.टी. एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परिक्षा 21 मई को

 रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा पी.पी.एच.टी. (PPHT-26) एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग (PBN-26) की परीक्षा का आयोजन 21 मई 2026, गुरूवार को किया जाएगा।

यह परीक्षाएं जिले के 12 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी। पी.पी.एच.टी. की परिक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 01ः15 बजे तक एवं पोस्ट बेसिक नर्सिंग की परीक्षा प्रातः 10 बजे से दोपहर 12ः15 बजे तक तक संचालित होगी। इसमें कुल 1 हजार 954 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 21 मई 2026 को प्रातः 7ः30 बजे जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा।
परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर रायपुर श्री उपेन्द्र किण्डो को नोडल अधिकारी तथा रोजगार अधिकारी, विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर श्री केदारनाथ पटेल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
IPL सट्टे का बड़ा खेल उजागर! 5 करोड़ ट्रांजेक्शन, 13 आरोपी गिरफ्तार

IPL सट्टे का बड़ा खेल उजागर! 5 करोड़ ट्रांजेक्शन, 13 आरोपी गिरफ्तार

 दुर्ग । दुर्ग जिले में पुलिस ने आईपीएल मैचों के दौरान चल रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी कुणाल वर्मा शामिल है जो कभी सब्जी बेचता था लेकिन अब ‘सेट स्पोर्ट बुक’ और ‘लोटस एप’ के जरिए करोड़ों के सट्टा कारोबार का मास्टरमाइंड बन चुका था। पुलिस को समन्वय पोर्टल से मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए पहले चरोदा निवासी जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को पकड़ा गया, जिनकी निशानदेही पर पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

जांच में सामने आया कि गिरोह स्लम एरिया के लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके पासबुक, एटीएम, सिम कार्ड और चेकबुक खरीदता था, जिन्हें बाद में सट्टे में इस्तेमाल किया जाता था और एक पासबुक के बदले करीब 25 हजार रुपये दिए जाते थे। पुलिस को म्युल खातों के जरिए करीब 5 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है।
 
पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क की जड़ें हैदराबाद तक फैली हुई हैं, जहां अल्फापुरम और शमशाबाद में बैठकर ऑनलाइन सट्टा ऑपरेट किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 2.57 लाख रुपये नकद, 9 लैपटॉप, 46 मोबाइल, 23 पासबुक, 146 एटीएम कार्ड और 20 सिम कार्ड बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क के बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य राज्यों से जुड़े कनेक्शन की जांच में जुटी है।
जनगणना 2027 में तहसील खडग़वां की बड़ी उपलब्धि 44 ग्रामों में 17 दिनों में 100 प्रतिशत एचएलबी कार्य पूर्ण

जनगणना 2027 में तहसील खडग़वां की बड़ी उपलब्धि 44 ग्रामों में 17 दिनों में 100 प्रतिशत एचएलबी कार्य पूर्ण

 00 प्रशासनिक दक्षता, मजबूत समन्वय और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बना खडग़वां

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जनगणना 2027 के अंतर्गत तहसील खडग़वां, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने प्रशासनिक प्रतिबद्धता और टीमवर्क का शानदार उदाहरण प्रस्तुत करते हुए हाउस लिस्टिंग एवं भवन गणना (एचएलबी) कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण कर लिया है। तहसील अंतर्गत 44 ग्रामों में यह महत्वपूर्ण कार्य मात्र 17 दिनों में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया, जो क्षेत्रीय प्रशासन की दक्षता, समर्पण और योजनाबद्ध कार्य प्रणाली को दर्शाता है। यह उपलब्धि केवल एक सांख्यिकीय सफलता नहीं, बल्कि शासन की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया में स्थानीय प्रशासन, मैदानी अमले और ग्रामीण नागरिकों की प्रभावी साझेदारी का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।

86 प्रगणक और 15 पर्यवेक्षकों की मेहनत लाई रंग
एचएलबी चरण को सफल बनाने में कुल 86 प्रगणकों एवं 15 पर्यवेक्षकों ने जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य किया। कठिन मैदानी परिस्थितियों के बावजूद टीम ने गांव-गांव पहुंचकर भवनों और परिवारों का सुव्यवस्थित सर्वेक्षण किया। इस दौरान ग्रामीण नागरिकों ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया, जिससे कार्य निर्धारित समय में बिना किसी बाधा के पूरा हो सका।
वरिष्ठ अधिकारियों की सतत निगरानी रही सफलता की कुंजी
इस महत्वपूर्ण अभियान की प्रगति पर अपर कलेक्टर अनिल सिदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) विजेंद्र सिंह सारथी द्वारा लगातार निगरानी रखी गई। समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश, समीक्षा और मार्गदर्शन के माध्यम से कार्य की गुणवत्ता एवं गति सुनिश्चित की गई। वहीं फील्ड स्तर पर जगदीश सिंह एवं राकेश सिंह द्वारा प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप भ्स्ठ चरण समयबद्ध, व्यवस्थित और त्रुटिरहित रूप से पूर्ण किया जा सका।
जिला प्रशासन की सक्रियता से बिना बाधा पूरा हुआ कार्य
जिला प्रशासन द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग, समन्वय और समस्या समाधान की प्रभावी व्यवस्था के चलते जनगणना का यह चरण बिना किसी प्रशासनिक या तकनीकी व्यवधान के पूरा किया गया। अधिकारियों ने इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई देते हुए आगामी चरणों में भी इसी प्रतिबद्धता, सटीकता और जनसहभागिता के साथ कार्य जारी रखने की अपेक्षा जताई है।
विकास योजनाओं की मजबूत नींव है जनगणना
जनगणना 2027 देश की भावी नीतियों, विकास योजनाओं, संसाधन वितरण और सामाजिक-आर्थिक रणनीतियों के निर्माण का आधार है। ऐसे में तहसील खडग़वां द्वारा एचएलबी चरण में प्राप्त यह सफलता न केवल जिले बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। तहसील खडग़वां की यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति, प्रशिक्षित टीम और जनसहयोग एक साथ आते हैं, तो राष्ट्रीय महत्व के लक्ष्य भी समयसीमा में उत्कृष्टता के साथ प्राप्त किए जा सकते हैं। यह सफलता आने वाले जनगणना चरणों के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित होगी।