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आत्मनिर्भर भारत की ऐतिहासिक उड़ान : विक्रम-1 की सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

आत्मनिर्भर भारत की ऐतिहासिक उड़ान : विक्रम-1 की सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

 भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार का सशक्त प्रतीक है विक्रम-1 : मुख्यमंत्री  साय

रायपुर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित भारत के पहले निजी कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन की नीतियों के फलस्वरूप आज भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नई पहचान बना रहा है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण इसी परिवर्तनकारी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

सीएसएमसीएल ओवरटाइम घोटाला...अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार,172 करोड़ का फर्जी भुगतान

सीएसएमसीएल ओवरटाइम घोटाला...अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार,172 करोड़ का फर्जी भुगतान

 रायपुर-- छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के 172 करोड़ के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। ईओडब्ल्यू-एसीबी ने तत्कालीन प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। उन पर फर्जी भुगतान मामले में कमीशन लेने का आरोप है। 

आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 17 जुलाई को हिरासत में लिया गया था और शनिवार को विशेष न्यायालय में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

सफलता की कहानी : किसानों ने अपनाया लाभकारी फसलों का विकल्प हो रहा है, किसानों की आमदनी में इजाफा

सफलता की कहानी : किसानों ने अपनाया लाभकारी फसलों का विकल्प हो रहा है, किसानों की आमदनी में इजाफा

 रायपुर, 18 जुलाई 2026/ राज्य के किसान लाभकारी फसलों की तरफ बढ़ रहे है जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हो रहा है, महासमुंद जिले में खरीफ मौसम के दौरान धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी प्रयास के तहत जिले में लगभग 1,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली की खेती की जा रही है। यह पहल किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण तथा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। कृषि उपसंचालक श्री एफ आर कश्यप ने बताया कि सरायपाली विकासखंड के ग्राम बोंदानवापाली के किसान श्री फागू लाल कैवर्त और श्री नंदकुमार कैवर्त इस बदलाव के साक्षी हैं। दोनों किसानों ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत धान के स्थान पर 0.40-0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में 1 जुलाई 2026 को मूंगफली की बुवाई की।
इन किसानों का कहना है कि मूंगफली की खेती में धान की तुलना में कम पानी की आवश्यकता होती है। साथ ही इसकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण लाभ की संभावना अधिक रहती है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग से उन्होंने समय पर बुवाई कर वैज्ञानिक विधियों को अपनाया है, जिससे अच्छी उपज की उम्मीद है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है। मूंगफली जैसी तिलहनी फसलें किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और जल संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
किसान फागू लाल और नंदकुमार द्वारा की जा रही मूंगफली की खेती क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए उदाहरण बन रहा है। यदि अधिक किसान धान के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को अपनाते हैं, तो इससे खेती अधिक लाभकारी, टिकाऊ और जलवायु अनुकूल बन सकेगी।

लगातार बारिश से नदी -नालों में जल स्तर में वृद्धि को लेकर बलौदा बाज़ार प्रशासन अलर्ट,अमेठी आवागमन के लिये बंद

लगातार बारिश से नदी -नालों में जल स्तर में वृद्धि को लेकर बलौदा बाज़ार प्रशासन अलर्ट,अमेठी आवागमन के लिये बंद

 00 कलेक्टर ने एहतियात बरतने लोगों से की अपील

रायपुर। बलौदा बाज़ार भाटापारा जिले में विगत 24 घण्टे से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जिले से गुजरने वाली महानदी और शिवनाथ नदी सहित कई छोटे-बड़े नालों में जल भराव लगातार बढ़ रहा है।कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने  संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी तथा बाढ़ आपदा,होम गॉर्ड एवं रेसक्यू टीम को अलर्ट मोड़ पर रहने के निर्देश दिये हैं।

लगातार बारिश से नदी -नालों में जल स्तर में वृद्धि को लेकर बलौदा बाज़ार प्रशासन अलर्ट,अमेठी आवागमन के लिये बंद

पलारी तहसील के अमेठी घाट में महानदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 4 -5 फीट ऊपर पहुंच गया है।सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन द्वारा पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा लोगों को नदी पार करने से रोकने के लिए एनीकट के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कोटवारो की भी ड्यूटी लगाई गई है।
कलेक्टर श्री शर्मा ने सभी एसडीएम एवं तहसीलदारो को बाढ़ को लेकर सतर्क रहने तथा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को लगातार सचेत करते रहने के निर्देश दिये है।उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि  बाढ़ की स्थिति में नदियों, एनीकटों और पुलों को पार करने का प्रयास न करें। जल स्तर बढऩे पर नदी में न उतरे, अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

गरीबों का आवास रोका, घोटालों को संरक्षण दिया, चर्चा से भागना विपक्ष की आदत : विजय शर्मा

गरीबों का आवास रोका, घोटालों को संरक्षण दिया, चर्चा से भागना विपक्ष की आदत : विजय शर्मा

 अविश्वास प्रस्ताव पर उप मुख्यमंत्री शर्मा का विपक्ष पर तीखा प्रहार

रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं गृह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह प्रदेश का पहला ऐसा विपक्ष है जो महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय सदन से पलायन करता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बहस से भागना विपक्ष की कमजोरी को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासियों के हितों की लगातार उपेक्षा की, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए हर क्षेत्र में ठोस परिणाम दिए हैं।

गरीबों का आवास रोकने वाली थी पिछली सरकार
उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पिछली कांग्रेस सरकार पर सबसे बड़ा हमला करते हुए कहा कि तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने स्वयं कई बार मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गरीबों को आवास नहीं दिला पाने की विवशता व्यक्त की थी और इसी कारण उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा भी दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गरीबों का आवास रोकने और उनका अधिकार छीनने का काम किया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान मे हमारी सरकार ने सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। पिछले ढाई वर्षों में 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान कर आवास निर्माण को गति दी गई। पिछली सरकार द्वारा केवल पहली किस्त जारी कर अधूरे छोड़ दिए गए लगभग 8 लाख आवासों को भी पूरा कराया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि को मुख्यमंत्री आवास योजना में बदलकर 47 हजार आवास तो स्वीकृत कर दिए, लेकिन उनके लिए बजट तक नहीं रखा। वर्तमान सरकार ने उन आवासों को भी पूरा कराया। उन्होंने बताया कि ढाई वर्षों में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं और शेष आवासों का निर्माण तेजी से जारी है।

शराब, कोयला और पीएससी घोटालों का किया जिक्र
शर्मा ने कहा कि पिछली सरकार की शराब नीति स्वयं एक नीतिगत घोटाला थी, जिसके कारण कई प्रभावशाली लोगों को जेल जाना पड़ा। हमारी सरकार आते ही मुख्यमंत्री साय ने उस पूरी भ्रष्ट व्यवस्था को चिमटे से उठाकर उखाड़ फेंकने का कार्य किया और पारदर्शी व्यवस्था लागू की।

शर्मा ने कहा कि कोयला घोटाले में भी ऑनलाइन व्यवस्था समाप्त कर ऑफलाइन प्रणाली लागू की गई ताकि कमीशनखोरी हो सके। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) भर्ती घोटाला युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय भ्रष्टाचार नीति का हिस्सा बन चुका था।

सीबीआई को रोका, अब हर मामले में जांच की मांग कर रहे हैं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी तब सीबीआई को छत्तीसगढ़ में प्रवेश तक नहीं दिया गया, क्योंकि बड़े-बड़े घोटालों की जांच से बचना था। आज वही लोग हर मुद्दे पर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान आठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी जेल गए, जबकि वर्तमान सरकार में पारदर्शी व्यवस्था के कारण ऐसी स्थिति नहीं बनी। 

घुसपैठियों और धर्मांतरण पर सरकार की सख्ती
मंत्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने घुसपैठियों के खिलाफ पहली बार ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और टोल फ्री नंबर शुरू किया। शिकायतों के आधार पर कार्रवाई कर अवैध घुसपैठियों को चिन्हित कर डिपोर्ट भी किया गया।

धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि बस्तर के तत्कालीन संभागायुक्त और सुकमा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने कांग्रेस सरकार को पत्र लिखकर बताया था कि धर्मांतरण के कारण सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है और वर्ग संघर्ष जैसी स्थिति बन रही है, लेकिन उस समय सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। विष्णु देव साय की सरकार कानून लेकर आई तो विपक्ष चर्चा से ही भाग गया। आज धर्मांतरण पर मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में कड़ा कानून लाकर आदिम संस्कृति को संरक्षित करने का कार्य कर रही है।

विकास में कोई भेदभाव नहीं, हर विधायक के क्षेत्र में काम
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने कभी राजनीतिक भेदभाव नहीं किया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों के क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उदाहरण के रूप में उन्होंने अपने विभाग की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न योजनाओं का उदाहरण देते हुए कार्य के पूरे प्रदेश में समान रूप से दिए जाने के बारे में बताया।

जनकल्याणकारी योजनाएं कांग्रेस ने बंद की थीं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित चरण पादुका योजना जैसी आदिवासी हितैषी योजनाएं बंद कर दी थी। वहीं महिलाओं को सम्मान राशि देने का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस ने एक रुपया भी नहीं दिया, जबकि वर्तमान सरकार हर महीने 68 लाख महिलाओं के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत सम्मान राशि पहुंचा रही है।

पत्रकारों को भी जेल भेजा गया
उप मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने केवल अधिकारियों को ही नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाने वाले पत्रकारों को भी झूठे मामलों में जेल भेजा। यह उनकी तानाशाही मानसिकता का प्रमाण था।

बलौदाबाजार हिंसा पर विपक्ष को घेरा
शर्मा ने कहा कि गिरौदपुरी के निकट जैतखाम को क्षति पहुंचाने का काम बाहरी तत्वों ने किया। इसके बाद विपक्ष के विधायक देवेंद्र यादव ने भिलाई में बैठक कर लोगों को आंदोलन में लेकर आये और पूरी घटना में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि सतनामी समाज शांतिप्रिय है, सतनाम को मानने वाला ऐसा कार्य कर ही नहीं सकता, किसी अपराध को पूरे समाज से जोड़ना उचित नहीं है। अपराधी केवल अपराधी होता है।

पेसा कानून को हमनें जमीन पर उतारा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार केवल पेसा कानून बनाकर बैठ गई थी। वर्तमान सरकार ने उसके नियम बनाए, उसे सशक्त बनाया, राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक समन्वयक नियुक्त किए और प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की, जिससे कानून का वास्तविक क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

बस्तर का विकास बस्तर के लोगों के श्रम से होगा
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय का स्पष्ट विजन है कि बस्तर का विकास स्थानीय संसाधनों, लघु वनोपज और वहां के युवाओं के श्रम से होगा। लोग में भ्रम फैलाकर युवाओं को भड़काने का कार्य कर रहे हैं जो गलत है और रोका जाना चाहिए।

कानून व्यवस्था पर कांग्रेस को घेरा
उप मुख्यमंत्री ने अमलेश्वर, बठेना, ककसेदा और कुम्हारी जैसी सामूहिक हत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में कानून व्यवस्था चरमरा गई थी। उन्होंने भिलाई में भारत माता की जय बोलने पर मलकीत सिंह की हत्या और कवर्धा में भगवा ध्वज लगाने के विवाद में हुई हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही थी। जनप्रतिनिधियों पर झूठे प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारियां की गईं और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लगाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार हर व्यक्ति की बात सुनती है। सूरजपुर की हालिया घटना में जनता की मांग पर तुरंत सीबीआई जांच के निर्देश दिए गए।

नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई
शर्मा ने कहा कि जिस दिन सदन में नक्सलवाद पर चर्चा हुई थी, उस दिन भी विपक्ष सदन छोड़कर चला गया। उन्होंने कहा कि झीरम घाटी जैसी घटना के दोषियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई वर्तमान सरकार ने की है। उन्होंने बताया कि बस्तर के सभी जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नक्सल मामलों में जेलों में बंद लोगों की समीक्षा की जा रही है तथा लगभग 1300 लोगों को राहत देने की प्रक्रिया चल रही है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2018 से 2023 के बीच राज्य को 16 नई बटालियन दी थीं। संसाधन और तकनीक सब उपलब्ध थे, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था। यदि प्रयास किए जाते तो नक्सलवाद पहले ही समाप्त हो सकता था। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। अब सुरक्षा शिविरों को 'शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्कूल, आंगनबाड़ी, अस्पताल और अन्य जनसुविधाएं विकसित होंगी।

समर्पण की नीति बनी बड़ी सफलता
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने कभी फोन पर बातचीत कर नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के प्रयासों का मजाक उड़ाया था, आज उसी नीति के तहत फोन पर बात करके सीसी मेम्बर से लेकर एसीएम स्तर के नक्सलियों का पुनर्वास कराया गया है, मैंने स्वयं कई नक्सलियों से बात की और मुख्यधारा में लेकर आये। हमारी नीति की सफलता इसी से साबित होती है कि जितने नक्सली मारे गए हैं, उससे चार गुना अधिक लोगों ने हथियार छोड़कर पुनर्वास का रास्ता अपनाया है।

एनडीपीएस मामलों में पहली बार संपत्ति कुर्क
शर्मा ने कहा कि सरकार ने नशे के खिलाफ भी अभूतपूर्व अभियान चलाया है। एनडीपीएस मामलों में पहली बार सफेमा कानून के तहत आरोपियों की संपत्तियां अटैच कर आर्थिक रूप से भी कार्रवाई की जा रही है।

हम समस्याओं की राजनीति नहीं, समाधान की राजनीति करते हैं

अपने संबोधन के समापन में उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं करती, बल्कि हर समस्या का समाधान खोजने में विश्वास रखती है। गरीबों को आवास, महिलाओं को सम्मान राशि, आदिवासियों का विकास, पारदर्शी प्रशासन, मजबूत कानून व्यवस्था और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई इन्हीं उपलब्धियों के कारण प्रदेश की जनता का विश्वास सरकार के साथ लगातार मजबूत हो रहा है।

मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से बचें, मानव बुद्धि ही सर्वाेच्च है: राज्यपाल डेका

मोबाइल और डिजिटल एडिक्शन से बचें, मानव बुद्धि ही सर्वाेच्च है: राज्यपाल डेका

 पीएसवाय राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान

रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि बच्चों के बीच आकर उन्हें अपना बचपन याद आ जाता है। आज जीवनशैली पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने कहा कि उनके समय में सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई होती थी, तथा मेहनत और लगन ही सफलता का आधार थी। आज इंटरनेट और   कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस युग में सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन विद्यार्थियों को अपनी मौलिक सोच और अध्ययन की आदत को बनाए रखना चाहिए। 

राज्यपाल डेका ने शनिवार को रायपुर के विमतारा ऑडिटोरियम में पीएसवाय एजुकेशन एवं रिसर्च फेडरेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उत्कृष्टता सम्मान समारोह एवं पदक तथा निधि वितरण 2026 के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के मेधावी विद्यार्थियों एवं उत्कृष्ट जिला शिक्षा अधिकारियों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि छात्र जीवन की मित्रता सबसे निर्मल और अमूल्य होती है, जिसे जीवनभर संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की लत से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि डिजिटल एडिक्शन भी अन्य नशों की तरह हानिकारक है। मोबाइल का उपयोग केवल आवश्यक अध्ययन और उपयोगी कार्यों तक सीमित होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में गूगल और एआई उपयोगी साधन हैं, लेकिन वे मानव बुद्धि का विकल्प नहीं बन सकते। जीवन में गूगल इफेक्ट नहीं होना चाहिए। सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता ही मनुष्य की सबसे बड़ी शक्ति है।

राज्यपाल ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों की प्रतिभा और रुचि को पहचानें तथा उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि हर बच्चा आईआईटी या मेडिकल के क्षेत्र में ही जाए, यह आवश्यक नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में विद्यार्थियों की विविध प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए अनेक नए पाठ्यक्रम और विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। आज प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं और नवाचार के लिए पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने सपने बड़े रखें। व्यक्ति किस पृष्ठभूमि से आता है, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि उसकी मेहनत, लगन और संकल्प ही उसका भविष्य तय करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल सफल व्यक्ति ही खुश हो, यह आवश्यक नहीं है, बल्कि संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रहता है। परिवार, पड़ोसियों और मित्रों के साथ सौहार्द एवं शांति से जीवन जीना ही सच्ची सफलता है।

राज्यपाल ने कहा कि आज यहां सम्मानित होने वाले प्रत्येक विद्यार्थी की उपलब्धि केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उसके माता-पिता के त्याग और गुरुजनों के मार्गदर्शन का भी परिणाम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की तुलना दूसरों से न करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में विशिष्ट होता है। उसे अंधी प्रतिस्पर्धा में धकेलने के बजाय उसकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर देना चाहिए। जब बच्चा अपनी पसंद के क्षेत्र में कार्य करता है, तभी उसकी उत्कृष्ट प्रतिभा निखरकर सामने आती है।

उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगे चलकर आत्मनिर्भर भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि, विधायक तथा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। प्रत्येक विद्यार्थी का एक स्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए और उस लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। शिक्षा पर जितना अधिक ध्यान दिया जाएगा, भविष्य उतना ही उज्ज्वल होगा।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सफलता के लिए अनुशासन, परिश्रम और निरंतर सीखने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में पीएसवाय शैक्षणिक एवं अनुसंधान संघ के निदेशक डॉ. एस.के. मिश्रा ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। अंत में मुख्य योजना समन्वयक पीएसवाय शुभ्रा शुक्ला मिश्रा ने आभार व्यक्त किया।

समारोह में सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक जगदीश बर्मन, पीएसवाय के पदाधिकारी, प्रदेश के सभी संभागों से आए जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य, शिक्षक, सम्मानित विद्यार्थी, उनके अभिभावक उपस्थित थे।

 
 
 

 

 

जनता के प्रचंड विश्वास के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव निष्प्रभावी : मुख्यमंत्री साय

जनता के प्रचंड विश्वास के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव निष्प्रभावी : मुख्यमंत्री साय

 00 70 लाख माताओं का आशीर्वाद और किसानों का विश्वास हमारी सरकार की शक्ति

00 विपक्ष का आरोप पत्र तथ्यहीन, हमारी ढाई साल की उपलब्धियां ही उसका जवाब

00 मोदी की गारंटी का अर्थ है गारंटी पूरी होने की गारंटी
00 नक्सलवाद की समाप्ति हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि, अब बस्तर को बनाएंगे देश का सर्वश्रेष्ठ आदिवासी संभाग 
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता द्वारा दिए गए जनादेश, किसानों के विश्वास, माताओं-बहनों के आशीर्वाद और गरीबों के अधिकारों के विरुद्ध है। जनता के प्रचंड विश्वास और सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों के सामने विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव पूरी तरह तथ्यहीन, दिशाहीन और निष्प्रभावी सिद्ध हुआ है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वे पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों की बातें प्रारंभ से सुन रहे हैं और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तथ्यों तथा आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के प्रत्येक आरोप का प्रभावी उत्तर दिया है। विपक्ष द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव महज एक औपचारिकता है, जिसमें न कोई ठोस तथ्य है, न विश्वसनीय आधार और न ही कोई दम है।

मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि आखिर यह अविश्वास प्रस्ताव किसके विरुद्ध लाया गया है। क्या यह वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 54 सीटें देकर सरकार बनाने वाली छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता के विरुद्ध है? क्या यह लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 11 में से 10 सीटों पर भाजपा को विजय दिलाने वाले मतदाताओं के विरुद्ध है? अथवा सभी नगर निगमों और 70 प्रतिशत से अधिक नगर पालिकाओं तथा नगर पंचायतों में भाजपा को जनादेश देने वाली जनता के प्रति अविश्वास है?

उन्होंने कहा कि विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव उन किसानों के विरुद्ध भी प्रतीत होता है, जिन्हें हमारी सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दे रही है। इस वर्ष राज्य सरकार ने 144 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की और अंतर की राशि किसानों के खातों में एकमुश्त अंतरित की। पिछली सरकार किसानों को राशि के लिए पूरे वर्ष इंतजार कराती थी और चार किश्तों में भुगतान करने के बाद भी अंतिम किश्त तक नहीं दे पाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सत्ता संभालने के केवल 12 दिनों के भीतर 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया 3716 करोड़ रुपये का धान बोनस प्रदान किया। यह बोनस पूर्ववर्ती सरकार के जनघोषणा पत्र में शामिल होने के बावजूद पांच वर्षों तक किसानों को नहीं दिया गया था। भाजपा सरकार ने किसानों का वर्षों पुराना अधिकार उन्हें तत्काल लौटाया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक महीने के प्रथम सप्ताह में आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। पूर्ववर्ती सरकार ने महिलाओं को 500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन पांच वर्षों में एक रुपया भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जिस सरकार के साथ 70 लाख माताओं-बहनों का आशीर्वाद हो, उसका विपक्ष के तथ्यहीन आरोप कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

मुख्यमंत्री ने शास्त्रों की उक्ति—“सत्यमेव जयते नानृतं, सत्येन पन्था विततो देवयानः” का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य की हमेशा विजय होती है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता। विपक्ष कितना भी भ्रम और असत्य फैलाने का प्रयास कर ले, प्रदेश की जनता सच्चाई और सरकार के कार्यों को भलीभांति जानती है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि असत्य बोलने और भ्रष्टाचार करने में पीएचडी होती, तो विपक्ष में बैठे कई लोग उसके विशेषज्ञ होते। साय ने कहा कि शायद विपक्ष को यह स्वीकार नहीं हो पा रहा है कि एक छोटे से गांव के आदिवासी किसान का बेटा आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री पद पर बैठकर प्रदेश की सेवा कर रहा है। कांग्रेस ने अनुसूचित जनजाति और आदिवासी समाज का दशकों तक केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने आदिवासी समाज को वास्तविक सम्मान, अधिकार और विकास के अवसर दिए।
उन्होंने कहा कि श्रद्धेय भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी ने आदिवासियों के समग्र विकास के लिए केंद्र में अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय बनाया। आज आदिवासी समाज की बेटी द्रौपदी मुर्मु देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति के रूप में विराजमान हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाड़िया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में बदलाव लाने के लिए हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है। कांग्रेस ने लंबे शासनकाल के बावजूद इन समुदायों की बुनियादी आवश्यकताओं और विकास की चिंता नहीं की।
 साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण का ऐतिहासिक कार्य भी श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने किया। वर्ष 2003 में भाजपा सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मजबूत सार्वजनिक वितरण प्रणाली लागू की, जिसकी पूरे देश में सराहना हुई। इसी संवेदनशील व्यवस्था के कारण वे जन-जन में “चाउर वाले बाबा” के नाम से लोकप्रिय हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को बड़ा जनादेश दिया था, लेकिन पांच वर्ष का पूरा कार्यकाल ढाई-ढाई वर्ष की कुर्सी की खींचतान में निकल गया। कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र के 36 वादों में से एक भी वादा शत-प्रतिशत पूरा नहीं किया। उसके शासन में प्रदेश में यह धारणा बन गई थी कि कोई ऐसा वर्ग नहीं बचा, जिसे कांग्रेस सरकार ने ठगा न हो।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के चुनाव में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता को जो वचन दिए, उन्हें “मोदी की गारंटी” का नाम दिया गया। मोदी की गारंटी का अर्थ है—गारंटी पूरी होने की गारंटी। हमारी सरकार ने मात्र ढाई वर्षों में अपने अधिकांश प्रमुख वादों को धरातल पर उतार दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के कारण 18 लाख गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास से वंचित रखा। केंद्र सरकार के बार-बार आग्रह और पत्राचार के बावजूद गरीबों के मकान स्वीकृत नहीं किए गए। हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को शपथ लेने के अगले ही दिन, 14 दिसंबर को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की।
उन्होंने बताया कि बीते ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं और वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1600 मकान बनाए जा रहे हैं। सरकार पूर्ववर्ती शासन द्वारा छोड़े गए अधूरे कार्यों को भी बिना किसी भेदभाव के पूरा कर रही है। गरीबों के सिर पर पक्की छत देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार की ढाई वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धि नक्सलवाद की समाप्ति है। कभी ऐसा प्रतीत होता था कि इस समस्या का समाधान संभव नहीं होगा, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने केंद्र के साथ आवश्यक समन्वय नहीं किया, जिसके कारण देश में बचा अधिकांश नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में केंद्रित रहा। हमारी सरकार ने सुरक्षा और विकास की समन्वित रणनीति अपनाई। अब बस्तर में शांति लौट रही है और विकास की नई शुरुआत हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर संभाग को देश का सर्वश्रेष्ठ आदिवासी संभाग बनाने का संकल्प व्यक्त किया है और राज्य सरकार इस दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से 5 लाख 60 हजार से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष एकमुश्त 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सरकार लगातार दो वर्षों से इस योजना का लाभ प्रदान कर रही है।
किसानों के लिए खाद की उपलब्धता पर मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद के लक्ष्य के विरुद्ध 13.16 लाख मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है। अब तक 7.27 लाख मीट्रिक टन खाद किसानों को वितरित किया जा चुका है। राज्य की मांग पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने अतिरिक्त 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया है।
सिंचाई क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच वर्षों में केवल 9667 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ाई थी, जबकि हमारी सरकार ने ढाई वर्ष में 19 हजार 500 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का विस्तार किया है। कांग्रेस शासन में पांच वर्षों में सिंचाई योजनाओं के लिए 5794 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्ष में ही 11 हजार 107 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की हैं। सिंचाई के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को लगातार दो वर्षों में उत्कृष्ट राज्य का पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत—जी राम जी योजना प्रदेश में 1 जुलाई से लागू हो चुकी है। ग्रामीण रोजगार का बजट 4 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6 हजार करोड़ रुपये किया गया है। योजना में 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की गारंटी और 15 दिनों के भीतर मजदूरी भुगतान का प्रावधान है। निर्धारित समय पर मजदूरी नहीं मिलने पर श्रमिकों को क्षतिपूर्ति भी दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की 6 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा चुके हैं। इन केंद्रों में ग्रामीणों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक शासकीय सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। एक लाख रुपये तक का बैंकिंग लेन-देन भी गांव में ही संभव हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों पर शोरूम खोले जाएंगे। इसके लिए राज्य बजट में प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शिल्पकारों, स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ेगी।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अतिरिक्त रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण का कार्य फिर से महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा जा रहा है। कुछ जिलों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। पूर्ववर्ती सरकार ने महिलाओं से यह रोजगार छीनकर निजी हाथों में दे दिया था।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को प्रोत्साहित करने के लिए स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन शुल्क में बड़ी रियायत दी जा रही है। ये निर्णय महिलाओं को केवल सहायता प्राप्त करने वाली हितग्राही नहीं, बल्कि संपत्ति की स्वामी और आर्थिक निर्णयों की भागीदार बना रहे हैं।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकार में शराब दुकानों में दो-दो कैश काउंटर चलने की चर्चा पूरे प्रदेश में थी। एक काउंटर का पैसा सरकारी खजाने में जाता था और दूसरे काउंटर की राशि कहां जाती थी, यह प्रदेश की जनता जानती है। पिछली सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के बजाय दिल्ली दरबार के लिए एटीएम बनकर रह गई थी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 सीटों से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि इस वर्ष इसी छात्रावास के 13 युवाओं ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की है। आदिवासी युवाओं को देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंचाने के लिए सरकार हर संभव संसाधन उपलब्ध करा रही है।
कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार 16 जिलों से बढ़ाकर सभी 33 जिलों में किया गया है। साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ढाई वर्षों में 9 साइबर थाने खोले गए हैं और 5 नए साइबर थाने प्रारंभ किए जाएंगे। इसके विपरीत पिछली सरकार पांच वर्षों में केवल पांच साइबर थाने खोल पाई थी।
युवाओं के रोजगार और पारदर्शी भर्ती के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के समान पदों के लिए सात श्रेणियों में संयुक्त भर्ती परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। भर्ती परीक्षाएं अब नियमित रूप से हर वर्ष होंगी, जिससे युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ेगा।
उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्षों में पुलिस विभाग में 4174 पदों पर भर्ती की गई थी, जबकि वर्तमान सरकार ढाई वर्षों में ही 7 हजार युवाओं की भर्ती कर चुकी है। आने वाले समय में पुलिस विभाग के 7 हजार अतिरिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है और प्रकरण के दोषी जेल में हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम सेतु योजना के अंतर्गत प्रदेश के 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। इसके लिए छह क्लस्टर बनाए गए हैं और प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे युवाओं को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
श्री साय ने बताया कि प्रदेश में निफ्ट, नाइलिट और फोरेंसिक यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। पिछली सरकार के पांच वर्षों में केवल 8673 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया था, जबकि वर्तमान सरकार के ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 22 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वस्त्र उद्योग के माध्यम से 42 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर चिप संयंत्र का कार्य प्रारंभ हो चुका है। ऊर्जा क्षेत्र में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। आने वाले वर्षों में प्रदेश में 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को रियायती बिजली से मुफ्त बिजली की ओर ले जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 70 हजार से अधिक घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और प्रतिदिन 500 से अधिक घर इस योजना से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में 78 हजार 898 सिंचाई पंपों का ऊर्जीकरण किया था, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में ही 1 लाख 2 हजार 845 पंपों का ऊर्जीकरण कर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया है। किसानों को दी जाने वाली बिजली सब्सिडी 9145 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 14 हजार 198 करोड़ रुपये की गई है। यह अन्नदाताओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।
मुख्यमंत्री ने जिला खनिज संस्थान न्यास निधि में पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के विकास के लिए डीएमएफ की व्यवस्था बनाई थी, लेकिन पिछली सरकार के समय इस जनकल्याणकारी निधि को भी कमीशनखोरी का माध्यम बना दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सेवा, सुशासन, सुरक्षा और विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। किसान, गरीब, युवा, महिला, आदिवासी और श्रमिक सहित समाज के प्रत्येक वर्ग का विश्वास सरकार के साथ है। विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव प्रदेश की जनता द्वारा बार-बार दिए गए प्रचंड जनादेश और सरकार की उपलब्धियों को नकारने का असफल प्रयास है।
उन्होंने कहा कि जनता ने वर्ष 2023 में कांग्रेस सरकार के विश्वासघात और कुशासन का हिसाब कर उसे सत्ता से उखाड़ फेंका। अब वही विपक्ष तथ्यहीन आरोपों के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहा है। छत्तीसगढ़ की जनता भ्रम और असत्य की राजनीति को पहचान चुकी है। सत्य, विकास और जनविश्वास के मार्ग पर चलते हुए हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प अवश्य पूरा करेगी।

मौसम विभाग ने 16 जिलों के लिए जारी किया ऑरेंज अलर्ट, अगले 24 से 48 घंटे छत्तीसगढ़ में भारी बारिश चेतावनी

मौसम विभाग ने 16 जिलों के लिए जारी किया ऑरेंज अलर्ट, अगले 24 से 48 घंटे छत्तीसगढ़ में भारी बारिश चेतावनी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। सबसे अधिक असर बिलासपुर में देखने को मिला, जहां 28 सेंटीमीटर बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने प्रदेश में अगले 24 से 48 घंटों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने 16 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार बिलासपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा कांकेर जिले में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के दौरान बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, दुर्ग और बेमेतरा जिले में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं प्रदेश के अन्य कई जिलों में भी भारी वर्षा होने की संभावना है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
सरगुजा, जशपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी), सूरजपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, मुंगेली, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव तथा नारायणपुर जिले में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय मानसूनी द्रोणिका अमृतसर, चंडीगढ़, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना और निम्न दबाव के केंद्र से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान और उससे लगे क्षेत्रों में 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी हुई है।

14 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सरोना , बालोद स्टेशन का हुआ कायाकल्प

14 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सरोना , बालोद स्टेशन का हुआ कायाकल्प

 00 प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण

रायपुर। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का भी लोकार्पण किया गया।

सरोना रेलवे स्टेशन पर आयोजित लोकार्पण समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका सांसद  बृजमोहन अग्रवाल महापौर मीनल चौबे  तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे तथा रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक  दयानंद सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे की एक दूरदर्शी पहल है, जिसके माध्यम से रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर अधोसंरचना, अत्याधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता तथा स्थानीय कला एवं संस्कृति के समावेश के साथ विकसित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल सूचना प्रणाली, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, हरित विकास, वर्षा जल संचयन, सुव्यवस्थित यातायात एवं पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 50 स्टेशनों का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया जा रहा है ।इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें शामिल सरोना रेलवे स्टेशन का लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है। सरोना स्टेशन पर आधुनिक स्टेशन भवन, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश क्षेत्र, सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास द्वार, आधुनिक फुट ओवर ब्रिज, सात नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्लेटफॉर्म सतह का उन्नयन, दो आधुनिक लिफ्ट, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, समर्पित पार्किंग क्षेत्र, ऊर्जा दक्ष एलईडी प्रकाश व्यवस्था तथा छत्तीसगढ़ की लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले आकर्षक भित्ति चित्र विकसित किए गए हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

सरोना रेलवे स्टेशन का इतिहास वर्ष 1891 से जुड़ा है, जब ब्रिटिशकालीन बंगाल नागपुर रेलवे द्वारा इसे हावड़ा-नागपुर-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर एक परिचालन एवं सिग्नलिंग केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था। समय के साथ बढ़ती औद्योगिक एवं यात्री आवश्यकताओं के अनुरूप इसका विस्तार हुआ और आज यह रायपुर राजधानी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें स्थानीय संस्कृति, पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। स्टेशनों का यह आधुनिकीकरण क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करने के साथ-साथ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आधुनिक रेल यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है

सेवा-सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाएं, अब 442 डिजिटल सुविधाएं एक ही केंद्र पर, घर बैठे बन रहे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र

सेवा-सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाएं, अब 442 डिजिटल सुविधाएं एक ही केंद्र पर, घर बैठे बन रहे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र

 रायपुर: राज्य सरकार की डिजिटल सुशासन पहल के तहत संचालित सेवा-सेतु केंद्र आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं का सबसे भरोसेमंद और आसान माध्यम बनकर उभरे हैं। पहले लोक सेवा केंद्र के रूप में संचालित इन केंद्रों में जहां 73 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनका विस्तार कर 442 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे नागरिकों को आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समेत विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से मिल रही हैं।

सबसे अधिक राहत उन लोगों को मिली है जिन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सेवा-सेतु केंद्र में आवश्यक दस्तावेज जमा करते ही आवेदन संबंधित विभाग तक ऑनलाइन पहुंच जाता है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ी है और नागरिकों का समय व धन दोनों बच रहे हैं।

राज्य सरकार के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम पंजीयन, बिजली, पानी, राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन, खाद्य, शिक्षा,  स्वास्थ्य सहित अनेक विभागों की सेवाएं भी एक ही केंद्र पर उपलब्ध हो रही हैं। इससे अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो गई है।

रायगढ़ जिले में भी सेवा-सेतु केंद्रों का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में रायगढ़ तहसील के विभिन्न सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से राजपाल सिदार, गिरधारी सिदार, मुकेश कुमार विशाल तथा टेकचंद उरांव सहित अनेक आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रमाण पत्र का निर्गमन पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ। जिले के विभिन्न सेवा-सेतु केंद्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन कर रहे हैं और समय पर उनका लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

सेवा-सेतु केंद्रों की एक महत्वपूर्ण विशेषता डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था भी है। प्रत्येक आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन होने से उसकी स्थिति की निगरानी संभव हो गई है। आवेदक अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है और सेवा उपलब्ध कराने में जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।

राज्य शासन का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक सरल, सुलभ और पारदर्शी रूप में पहुंचाना है। 442 डिजिटल सेवाओं के एकीकृत मंच के रूप में विकसित सेवा-सेतु केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को नई गति दे रहे हैं। इन केंद्रों के विस्तार से न केवल लोगों का समय और धन बच रहा है, बल्कि डिजिटल सुशासन को भी नई मजबूती मिल रही है। शासन की यह पहल नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

CG : इलाके में मिली अज्ञात महिला की लाश, क्राइम ब्रांच समेत पुलिस जांच में जुटी

CG : इलाके में मिली अज्ञात महिला की लाश, क्राइम ब्रांच समेत पुलिस जांच में जुटी

दुर्ग।  दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब पुलगांव नाला किनारे जंगलनुमा इलाके में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलगांव थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शव की स्थिति को देखते हुए दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस महिला की पहचान करने के साथ-साथ मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

राजधानी में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कारोबारी ने पत्नी समेत 3 बच्चों को जहर देकर की आत्महत्या, इलाके में दहशत

राजधानी में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कारोबारी ने पत्नी समेत 3 बच्चों को जहर देकर की आत्महत्या, इलाके में दहशत

 रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बैटरी व्यवसाय से जुड़े 45 वर्षीय सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू अपने किराए के मकान में मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आशंका है कि उन्होंने पहले पत्नी और तीन बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया और बाद में खुद फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना में परिवार के पांचों सदस्यों की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही टिकरापारा पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान कमरे से खाने-पीने का सामान और एक कीटनाशक का डिब्बा बरामद हुआ। वहीं मृतकों के मुंह से झाग निकलने के कारण पुलिस जहर दिए जाने की आशंका जता रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद मकान को सील कर दिया गया।

आठ महीने पहले किराए के मकान में आया था परिवार

पुलिस के अनुसार, मूल रूप से बिहार निवासी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू पिछले करीब आठ महीने से संजय नगर मदनी चौक में रहने वाले सय्यद उमेर अली के मकान में परिवार सहित किराए पर रह रहा था। परिवार में पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटी शाहिदा (17) और इरशाबा बेगम (16) शामिल थे। शाहिद पुरानी बैटरियों का कारोबार करता था, जबकि उसका बेटा एक निजी कंपनी में कार्यरत था।

बंद घर और बदबू से हुआ घटना का खुलासा

पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवार रात के बाद से परिवार का कोई सदस्य दिखाई नहीं दिया। शुक्रवार को पूरे दिन घर बंद रहने और अंदर से तेज दुर्गंध आने पर लोगों को संदेह हुआ। कई बार आवाज लगाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर शाहिद का शव फंदे से लटका मिला, जबकि पत्नी और तीनों बच्चों के शव कमरे में जमीन पर पड़े थे। पुलिस का अनुमान है कि घटना गुरुवार देर रात की हो सकती है।

जहर देकर हत्या की आशंका

घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मृतकों की स्थिति को देखते हुए शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि पहले भोजन में जहरीला पदार्थ मिलाकर पत्नी और बच्चों को दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शाहिद ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारण का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही होगा।

भाई ने की पहचान, पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच

पुलिस के मुताबिक, मृतक का भाई जहीर अली रायपुर के कुकरीपारा इलाके में रहता है। उसी ने पांचों शवों की पहचान की। पुलिस मकान मालिक सहित परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।

बेटियों के नहीं दिखने से पड़ोसियों को हुआ संदेह

Raipur Suicide News: स्थानीय लोगों ने बताया कि, शाहिद की दोनों बेटियां अक्सर पड़ोस में रहने वाले किरायेदारों के घर आती-जाती थीं। गुरुवार रात के बाद उनके नजर नहीं आने और पूरे दिन घर बंद रहने से लोगों को शक हुआ। जब कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तब मकान मालिक को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद इस दर्दनाक घटना का खुलासा हुआ।

छत्तीसगढ़ में सुशासन, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रही है सरकार : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ में सुशासन, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रही है सरकार : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के विश्वास और जनादेश के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव तथा नगरीय निकाय चुनावों में जनता ने विकास, सुशासन और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर अपना अटूट विश्वास व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने जनता से किए गए अधिकांश वादों और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियां स्वयं उसकी कार्यशैली और जनविश्वास का प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं, आदिवासियों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों के बकाया बोनस का भुगतान, महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख महिलाओं को 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि तथा गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। महतारी वंदन योजना के साथ-साथ 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदीÓ बनाया गया है। महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों को पुन: रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं और महिलाओं का आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए रिकॉर्ड धान खरीदी, कृषक उन्नति योजना, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, फसल विविधीकरण, उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता तथा सिंचाई क्षमता के विस्तार जैसे अनेक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल संसाधन परियोजनाओं के लिए रिकॉर्ड प्रशासनिक स्वीकृतियां दी गई हैं तथा सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाया गया, चरणपादुका योजना पुन: प्रारंभ की गई तथा वनाधिकार पत्रधारकों को राहत देने वाले निर्णय लिए गए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से हजारों जनजातीय गांवों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों तक सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल का विस्तार, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी तथा जनजातीय संग्रहालय और शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक जैसी पहलें भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा, विकास और जनविश्वास की रणनीति के माध्यम से प्रदेश में शांति का नया वातावरण बना है। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए नए साइबर थानों की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।  

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के कारण राज्य में निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है। देश और विदेश में आयोजित निवेश सम्मेलनों के माध्यम से 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लाखों रोजगार सृजित होंगे। वस्त्र उद्योग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई-सेज, डेटा सेंटर पार्क तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सरकार ने उत्पादन, पारेषण, वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। किसानों के सिंचाई पंपों का बड़े पैमाने पर ऊर्जीकरण किया गया है तथा राज्य ने प्लांट लोड फैक्टर के मामले में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नई ताप विद्युत परियोजनाओं, पम्प स्टोरेज तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिज संसाधनों के पारदर्शी उपयोग और जिला खनिज संस्थान निधि के प्रभावी संचालन से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। रिकॉर्ड खनिज राजस्व अर्जित करने के साथ खनिज ऑनलाइन 2.0 और डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किए गए हैं। 82 हजार से अधिक विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं तथा खनिज ब्लॉकों की नीलामी, लीथियम जैसे रणनीतिक खनिजों के विकास और नई रेत नीति के माध्यम से पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित की गई है। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल अधोसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा भारतनेट फेज-3.0 के माध्यम से हजारों ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या समाप्त की गई है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत राज्य के अधिकांश परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। ई-डिस्ट्रिक्ट, ऑटो म्यूटेशन, मॉडल स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की समयबद्ध और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 435 प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ को सुशासन का मॉडल बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, इको-टूरिज्म, वन संवर्धन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान महत्व दे रही है।  'एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर चुके हैं तथा राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।

अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता का अटूट विश्वास सरकार के साथ है और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। 

करघे से कमाई तक: धमतरी के ग्राम नारी की बुनकर महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

करघे से कमाई तक: धमतरी के ग्राम नारी की बुनकर महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

 शासकीय सहयोग से बढ़ा उत्पादन, आय और आत्मविश्वास

संबलपुरी साड़ियों की बुनाई से मिल रही नई पहचान

रायपुर-- ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्रामीण भारत में बुनकरों—विशेषकर महिलाओं—को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। यह समिति कच्चे माल की खरीद, कौशल प्रशिक्षण और तैयार उत्पादों के विपणन की सुविधा प्रदान करके बुनकरों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाती है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (हाथकरघा प्रभाग) की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। धमतरी जिले के ग्राम नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक हस्तकला के संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बन गई है।

 *बुनकरों ने ओडिशा में अलग पहचान बना रही हैं*

नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति सरकारी सहयोग और बुनकरों की मेहनत से यह समिति न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार का माध्यम बनी है, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना रही है।

*संबलपुरी साड़ियों से मिली नई पहचान*  

ग्राम नारी में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी। ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस कला को अपनाया। अपनी विशिष्ट इकत डिज़ाइन, आकर्षक रंगों और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण संबलपुरी साड़ियों की बाजार में अच्छी मांग है। गांव की महिलाओं ने इस चुनौतीपूर्ण कला को सीखकर पारंपरिक हुनर को आय का स्थायी स्रोत बना लिया।

*समिति द्वारा बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वस्त्र तैयार कर रहे हैं*

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम के तहत समिति को नियमित धागा उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही समितियों के सुचारु संचालन के लिए सेवा प्रभार के रूप में आर्थिक सहायता, नवीन बुनाई प्रशिक्षण और आधुनिक करघों का वितरण भी किया गया है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी है और बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वस्त्र तैयार हो रहे हैं।

*मासिक कारोबार 3-4 लाख, महिलाओं की आय दोगुनी*  

वर्तमान में ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति प्रतिमाह लगभग 300 से 400 संबलपुरी साड़ियों का उत्पादन कर रही है। इनकी बिक्री मुख्यतः ओडिशा के विभिन्न बाजारों में होती है। समिति का मासिक कारोबार अब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

*महिलाएं हो रहीं हैं को आत्मनिर्भर*

 इस पहल का सबसे बड़ा लाभ गांव की महिलाओं को मिला है। पहले महिलाएं शासकीय वस्त्र उत्पादन से प्रतिदिन 300 से 350 रुपये कमाती थीं, अब उनकी दैनिक आय 550 से 600 रुपये तक बढ़ गई है। कौशल उन्नयन के माध्यम से भविष्य में आय को 1,000 से 1,200 रुपये प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य है। इससे महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामूहिक निर्णय लेने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी मिला है।

*छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहीं हैं*

ग्राम नारी की यह सफलता बताती है कि शासन की योजनाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और स्थानीय मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं। यदि समिति को ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुंच का अवसर मिले, तो यह छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा: रात 2.36 बजे तक सदन में चली बहस फिर औंधे मुंह गिरा अविश्वास प्रस्ताव, 136 बिंदुओं पर हुई तीखी बहस

छत्तीसगढ़ विधानसभा: रात 2.36 बजे तक सदन में चली बहस फिर औंधे मुंह गिरा अविश्वास प्रस्ताव, 136 बिंदुओं पर हुई तीखी बहस

 रायपुर। विधानसभा में साय सरकार के विरुद्ध कांग्रेस सदस्यों का 136 बिंदुओं पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत हो गया। दोपहर लगभग 12:10 बजे चर्चा के लिए लाए गए इस प्रस्ताव पर सदन में 14 घंटे 26 मिनट तक पक्ष- विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक होती रही। हंगामे के कारण एक बार कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी। अंततः रात करीब 2:36 बजे अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया।चर्चा में पक्ष- पक्ष के 18 सदस्यों ने भाग लिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शीतकालीन सत्र बुलाया जाएगा।

पक्ष-विपक्ष ने किए दावे-प्रतिदावे

चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत ने सरकार के 136 सप्ताह के कार्यकाल को जनता विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने कार्यकाल में सरकार ने आदिवासियों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के खिलाफ कार्य किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सबसे अधिक लूट हुई है। उन्होंने विपक्ष को आईना देखने की सलाह दी।

राहुल-हिडमा प्रकरण उठा तो हुआ हंगामा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माओवादी हिडमा के साथ राहुल गांधी का नाम लिया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने हिडमा के समर्थन वाले पोस्ट को राहुल गांधी द्वारा रीपोस्ट करने का प्रमाण मांगा। इस पर सत्ता पक्ष ने देवेंद्र की बाडी-लैंग्वेज पर आपत्ति जताई। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव मात्र एक औपचारिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अविश्वास प्रस्ताव को ‘औपचारिकता’ बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पांच साल का कार्यकाल केवल ‘राजा और महाराज’ की आपसी खींचतान और कुर्सी बचाने-पाने के खेल में बीत गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को 500 रुपये देने का वादा किया था, जिसे कभी पूरा नहीं किया गया। घोषणा पत्र में 36 वादे अधूरे रहें। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ‘महतारी वंदन योजना’ में महिलाओं को 1,000 रुपये की राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने तंज कसा कि यदि भ्रष्टाचार में पीएचडी की डिग्री होती, तो विपक्ष विशेषज्ञ होता। अंत में, उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि अगली बार हम 70 सीटें लाएंगे।
CG : पीएम सूर्य घर योजना का कमाल, ठेनही बना धमतरी का पहला सामूहिक सोलर गांव

CG : पीएम सूर्य घर योजना का कमाल, ठेनही बना धमतरी का पहला सामूहिक सोलर गांव

 धमतरी। जिले का ग्राम ठेनही अब हरित ऊर्जा की नई पहचान बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री की ‘पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना’ के तहत ठेनही जिले का पहला गांव बन गया है, जहां सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। इस योजना से 71 परिवारों को बिना किसी खर्च के बिजली का लाभ मिलेगा।

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित ग्राम ठेनही में 142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। योजना के तहत गांव के 71 परिवारों का दो-दो किलोवॉट क्षमता के लिए पंजीयन किया गया है। प्लांट गांव से लगभग 50 से 75 मीटर दूर स्थापित किया गया है और घरों में बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

55 गांवों में लगेंगे सामूहिक सोलर प्लांट
जिले के ऐसे 55 गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां पक्की छतें नहीं होने के कारण सामूहिक सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं और इसके लिए ग्रामीणों से कोई राशि नहीं ली जा रही है।ग्रामीणों ने कहा- गांव के लिए गर्व की बात

ग्रामीणों का कहना है कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। उनका मानना है कि यह परियोजना आर्थिक बचत के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम है। गांव के लोगों ने इसे जिले के लिए गर्व की बात बताया है।

25 और गांवों में लगाए जाएंगे प्रोजेक्ट्स
एक समय नक्सल प्रभावित रहा ठेनही गांव अब हरित ऊर्जा का मॉडल बनकर उभर रहा है। प्रशासन की योजना है कि नगरी विकासखंड के फरसियां, रतावा, दुगली समेत लगभग 25 अन्य गांवों में भी इसी तर्ज पर सामूहिक सोलर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।

कलेक्टर ने क्या कहा?
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिले में पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। आने वाले समय में अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इस योजना से जोड़कर धमतरी को हरित और ऊर्जा आत्मनिर्भर जिले के रूप में विकसित किया जाएगा।

ठेनही की यह पहल सिर्फ एक सोलर प्लांट नहीं, बल्कि बदलते ग्रामीण भारत की नई तस्वीर है। जहां स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सतत विकास का मॉडल अब गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

बिलासपुर-जांजगीर में बाढ़ पर CM साय सख्त, राहत-बचाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

बिलासपुर-जांजगीर में बाढ़ पर CM साय सख्त, राहत-बचाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित और जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत एवं आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही जलभराव वाले इलाकों में पानी निकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र बहाली और जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन और सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ बाढ़ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को जल्द सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू, राज्य शासन ने जारी किए स्वतंत्रता दिवस आयोजन संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश….

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू, राज्य शासन ने जारी किए स्वतंत्रता दिवस आयोजन संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष होने जा रहा है, क्योंकि इस मौके पर राष्ट्रगीत श्वंदे मातरम्श् के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी मनाया जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की समुचित निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य

राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। ऐतिहासिक अवसर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी प्रदेश की जनता के नाम संदेश देंगे।

जिला और ब्लॉक स्तर पर मंत्रियों व स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को कमान

जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्रीगण ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यहाँ स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिकाओं व पंचायतों में उनके अध्यक्ष व सरपंच तथा बड़े गांवों में ग्राम प्रमुख ध्वजारोहण करेंगे। इन स्थलों पर राष्ट्रीय गान, भाषण तथा देश की एकता एवं अखण्डता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।

शहीदों के परिजनों का सम्मान

जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को विशेष व सम्मानपूर्वक रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी होने वाले सरकारी विज्ञापन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और छत्तीसगढ़ के शहीदों को समर्पित होंगे। इन विज्ञापनों का प्रकाशन 15 अगस्त के दिन  समाचार पत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।

रात्रि में शासकीय भवनों पर होगी विशेष रोशनी

स्वतंत्रता दिवस की रात्रि को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित विभाग स्वयं वहन करेंगे। आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रात्रि में रोशनी करने की अपील की जाएगी।

संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

शासकीय एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराने होंगे। लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ही बजाए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दुर्गम बैगा अंचल तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दुर्गम बैगा अंचल तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता लगातार धरातल पर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड गौरेला के दुर्गम बैगा आदिवासी बाहुल्य ग्राम छिरहिट्टी (साल्हेघोरी) में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा निःशुल्क उपचार, परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध कराईं।

इससे दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को अपने गांव में ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में कुल 164 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, समय पर रोगों की पहचान तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में ग्रामीणों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली।

विशेष स्वास्थ्य शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, खंड चिकित्सा अधिकारी गौरेला तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी पूरे समय उपस्थित रहकर शिविर के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक, चाहे वह कितने ही दूरस्थ या दुर्गम क्षेत्र में क्यों न रहता हो, स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक स्वयं पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान हो सके, उपचार उपलब्ध कराया जा सके तथा गंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों तक रेफर किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। दुर्गम बैगा अंचलों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहुंच यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और जागरूकता को भी मजबूत कर रहे हैं।

रायपुर गृह निर्माण घोटाला, EOW ने कोर्ट में दाखिल किया 15 हजार पन्नों का चालान

रायपुर गृह निर्माण घोटाला, EOW ने कोर्ट में दाखिल किया 15 हजार पन्नों का चालान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) रायपुर ने करीब तीन दशक पुराने गृह निर्माण ऋण गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में 15 हजार पन्नों का चालान पेश किया है। यह मामला वर्ष 1995 से 1998 के बीच सरकारी आवासीय योजना के तहत स्वीकृत किए गए 1 करोड़ 86 लाख रुपये के गृह निर्माण ऋण से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों, झूठे उपयोगिता प्रमाण-पत्र और भवन निर्माण पूर्णता प्रमाण-पत्रों के आधार पर ऋण राशि का गबन किया गया था।

EOW की जांच के अनुसार,
यह पूरा मामला आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर से जुड़ा हुआ है। सरकारी आवासीय योजना के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को घर बनाने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाना था। इसी योजना का लाभ उठाते हुए आरोपियों ने कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की राशि हड़प ली। जांच में सामने आया कि आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। समिति के 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपये की दर से कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपये का गृह निर्माण ऋण स्वीकृत कराया गया। यह ऋण राशि किस्तों में जारी की गई थी, लेकिन बाद में जांच में पाया गया कि जिन मकानों के निर्माण के नाम पर यह राशि स्वीकृत की गई थी, उनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था। ऋण दस्तावेजों में रायपुरा और पंडरी कांपा क्षेत्र में मकान निर्माण होने का दावा किया गया था, लेकिन मौके पर जांच करने पर वहां कोई भी मकान निर्मित नहीं मिला।

भौतिक सत्यापन में सामने आया फर्जीवाड़ा
मामले की जांच के दौरान जब संबंधित स्थानों का भौतिक सत्यापन कराया गया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिन लोगों के नाम पर ऋण स्वीकृत किया गया था, उनमें से कई लोग अपने बताए गए पते पर मौजूद नहीं मिले। जांच अधिकारियों ने पाया कि ऋण लेने वाले सदस्यों के नाम और पते का उपयोग केवल सरकारी राशि निकालने के लिए किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों में अनियमितताएं थीं। फर्जी उपयोगिता प्रमाण-पत्र और भवन निर्माण पूर्णता प्रमाण-पत्रों के आधार पर ऋण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इन दस्तावेजों के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया गया कि ऋण राशि का उपयोग मकान निर्माण में किया जा चुका है, जबकि वास्तविकता में ऐसा कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ था।

EOW की जांच में आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी, सहकारी आवास संघ रायपुर के तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू और सहकारी आवास संघ भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि बसंत कुमार साहू ने बिना उचित जांच के फर्जी उपयोगिता प्रमाण-पत्र और भवन निर्माण पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किए। इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कराई गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले में अधिकारियों और संबंधित लोगों ने आपसी मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

1.86 करोड़ का ऋण बढ़कर 104 करोड़ रुपये हुआ
इस घोटाले का आर्थिक नुकसान अब कई गुना बढ़ चुका है। रिकॉर्ड के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक मूल ऋण राशि और उस पर जमा ब्याज को मिलाकर कुल राशि करीब 104 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। यह राशि अब राज्य सहकारी आवास संघ के खाते में डूबत ऋण के रूप में दर्ज है। EOW अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से लंबित इस मामले में जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में विस्तृत चालान पेश किया गया है। 15 हजार पन्नों का चालान इस मामले की गंभीरता और जांच की विस्तृत प्रक्रिया को दर्शाता है।

पुराने मामलों पर EOW की सख्ती
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने साफ किया है कि पुराने लंबित मामलों को भी अब प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। सरकारी धन से जुड़े आर्थिक अपराधों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। EOW का कहना है कि इस तरह के मामलों में जांच एजेंसी का उद्देश्य केवल अपराधियों की पहचान करना नहीं बल्कि सरकारी धन की सुरक्षा और वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाना भी है। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ेगी। करीब 30 साल पुराने इस गृह निर्माण ऋण घोटाले में अब न्यायालय की प्रक्रिया शुरू हो गई है। EOW द्वारा पेश किए गए चालान के आधार पर आगे की सुनवाई में आरोपियों की भूमिका और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर लौटे 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, स्टोर रूम में मिला शव

सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर लौटे 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, स्टोर रूम में मिला शव

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। मोहन नगर थाना क्षेत्र के जवाहर नगर में रहने वाले 12वीं के छात्र ने सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर घर लौटने के कुछ ही देर बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 20 वर्षीय यश कुमार डडसेना के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, इसलिए आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार,
शुक्रवार को यश कुमार डडसेना की 12वीं बोर्ड की केमिस्ट्री विषय की सप्लीमेंट्री परीक्षा थी। वह परीक्षा देकर घर लौटा था। उस समय घर में उसकी दादी मौजूद थीं, जबकि उसके पिता छत्रपाल डडसेना अपने छोटे बेटे को प्रतियोगी परीक्षा दिलाने के लिए हुडको गए हुए थे। यश की मां सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और घटना के समय वह भी घर पर नहीं थीं। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 12 बजे यश के पिता ने बेटे को मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद उन्होंने घर के लैंडलाइन नंबर पर फोन किया। कॉल यश की दादी ने उठाया। बातचीत के दौरान दादी ने बताया कि यश कुछ देर पहले “टॉयलेट जा रहा हूं” कहकर गया था।

काफी समय बीत जाने के बाद भी जब यश वापस नहीं लौटा तो दादी उसे देखने के लिए गईं। पहले उन्होंने टॉयलेट में तलाश की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पास में बने स्टोर रूम का दरवाजा खोला तो यश फांसी के फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर दादी घबरा गईं और तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल मोहन नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, परिजनों की मौजूदगी में शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

ऐसे में पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है। परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यश किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्या या अन्य किसी कारण से परेशान था या नहीं। पुलिस का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो मृतक के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एक ओर छात्र सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर भविष्य को संवारने की कोशिश कर रहा था, वहीं कुछ ही घंटों बाद उसके इस कदम ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।

PDS चावल की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 130 बोरी सरकारी चावल बरामद

PDS चावल की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 130 बोरी सरकारी चावल बरामद

 सरगुजा। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय उचित मूल्य दुकानों से मिलने वाले चावल की अवैध बिक्री की सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने अरुण ट्रेडर्स में छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर खड़े एक ट्रक से 130 बोरी पीडीएस चावल बरामद किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाने वाला पीडीएस चावल अवैध तरीके से बाजार में बेचा जा रहा है। शिकायतों की जांच के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने अरुण ट्रेडर्स पर दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां मौजूद अरुण ट्रेडर्स का संचालक गोदाम में ताला लगाकर फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि संचालक के इस व्यवहार से संदेह और गहरा गया है। प्रशासन को आशंका है कि गोदाम के अंदर भी बड़ी मात्रा में शासकीय पीडीएस चावल छिपाकर रखा गया हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अरुण ट्रेडर्स की दुकान और गोदाम दोनों को सील कर दिया है। अब अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम खोलकर वहां रखे खाद्यान्न का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान चावल की मात्रा, उसके दस्तावेज और स्रोत की जानकारी जुटाई जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि बरामद चावल सरकारी वितरण प्रणाली का है और उसे अवैध तरीके से खरीदा या बेचा जा रहा था, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि अरुण ट्रेडर्स के संचालक के खिलाफ पहले भी पीडीएस चावल की हेराफेरी से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुराने मामलों के रिकॉर्ड को देखते हुए प्रशासन इस बार की कार्रवाई को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद किया गया 130 बोरी चावल कहां से लाया गया था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह चावल किसी उचित मूल्य दुकान से निकाला गया था या फिर किसी अन्य माध्यम से इसकी खरीद-बिक्री की जा रही थी। पीडीएस प्रणाली सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत गरीब परिवारों को कम कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था में गड़बड़ी होने से जरूरतमंद हितग्राहियों को नुकसान पहुंचता है। इसी कारण प्रशासन समय-समय पर राशन दुकानों और खाद्यान्न कारोबारियों की जांच करता रहता है।

अधिकारियों ने कहा कि सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल अरुण ट्रेडर्स मामले में जांच जारी है। गोदाम खुलने और खाद्यान्न के सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वहां कितनी मात्रा में पीडीएस चावल मौजूद था और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं।

बिलासपुर में भारी बारिश का कहर, 5 ट्रेनें रद्द और 3 का बदला रूट

बिलासपुर में भारी बारिश का कहर, 5 ट्रेनें रद्द और 3 का बदला रूट

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब 20 साल बाद बिलासपुर में इस तरह का जलभराव देखने को मिला है। भारी बारिश के कारण सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली 5 मेमू (MEMU) ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 3 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। रेलवे और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं सीपत क्षेत्र में सबसे अधिक 110.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और निचले इलाकों में पानी तेजी से भर रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है

सरकंडा और चांटीडीह में राहत-बचाव अभियान बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सरकंडा और चांटीडीह क्षेत्र शामिल हैं। यहां निचले इलाकों में पानी तेजी से भरने के कारण कई परिवार फंस गए। स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को मौके पर भेजा गया। SDRF की टीम ने दो नावों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया और 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ने के बाद टीम ने घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। वहीं दोमुहानी इलाके में 10 से अधिक घर चारों तरफ से पानी से घिर गए थे। कई परिवार पूरी रात अपने घरों में फंसे रहे, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई और राहत दल ने पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकाला।

बिजली और पेयजल व्यवस्था पर पड़ा असर
भारी बारिश का असर शहर की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर पानी में डूबने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई क्षेत्रों में घंटों तक ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। बिजली नहीं होने से लोगों को पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर व्यवस्था सुधारने में जुटी हुई हैं। विभाग द्वारा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति बंद रखी गई है, ताकि पानी के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

कलेक्टर बंगले में भी भरा पानी
भारी बारिश का असर सरकारी कार्यालयों और प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों तक पहुंच गया। बिलासपुर कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी बारिश का पानी भर गया। इसके बाद नगर निगम की टीम को जल निकासी के लिए लगाया गया। नगर निगम की मशीनों के माध्यम से लगातार पानी निकालने का काम किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित
बारिश के कारण बिलासपुर-जांजगीर नेशनल हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ। दर्रीघाट के पास सड़क पर पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई घंटों तक वाहन चालक परेशान रहे। राहगीरों ने जलभराव के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए। इसके अलावा अपोलो हॉस्पिटल के पास भी जलभराव के कारण कई लोग फंस गए। सड़क पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश रुकने के बाद कई इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नगर निगम, जिला प्रशासन, SDRF और अन्य विभागों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। साथ ही नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बिलासपुर में आई इस बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय बाद बने ऐसे हालात ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने पर है।

HPV टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बना प्रदेश में अव्वल

HPV टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बना प्रदेश में अव्वल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित जनकल्याणकारी स्वास्थ्य अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 17 जुलाई को आयोजित विशेष टीकाकरण दिवस पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। यह उपलब्धि राज्य सरकार की दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति, प्रभावी कार्ययोजना तथा स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण है।

 

राज्य सरकार बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। एचपीवी टीकाकरण जैसी पहल भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रत्येक पात्र बालिका तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। 13 से 18 जुलाई तक आयोजित विशेष एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाकर सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने का अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में अभियान की शुरुआत विकासखंड गौरेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुकतीपानी से की गई।

 

 

राज्य स्तर से जिले को 3,893 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले के 74 विद्यालयों में चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य अमले की उपस्थिति में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान लगभग 809 बालिकाओं का ऑनलाइन तथा 1,100 बालिकाओं का ऑफलाइन पंजीकरण एवं टीकाकरण किया गया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राज्य में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर नई उपलब्धि दर्ज की।

 

 

अभियान की सफलता में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गोपेश मनहर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सा अधिकारी, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान के माध्यम से बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास भी है।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावी ढंग से सफल हो रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

नारी शक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम: CM साय

नारी शक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम: CM साय

 रायपुरमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने इसे प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व से महिलाओं को नई ताकत मिल रही है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सरकार के सुशासन आधारित फैसलों का उद्देश्य महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें अधिक अधिकार संपन्न बनाना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति का पंजीयन केवल जमीन या मकान के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करने वाला कदम है। संपत्ति में अधिकार मिलने से महिलाएं परिवार और समाज में अधिक सशक्त भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नारी शक्ति की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं और नीतियां लागू की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो परिवार, समाज और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का संकल्प है कि महिलाओं को समान अवसर और अधिकार उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि संपत्ति के अधिकार से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में बढ़ोतरी समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को केंद्र में रखकर किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य उन्हें केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की सक्रिय भागीदार बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति की भागीदारी समाज और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में मजबूत होगी तो छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता दे रही है। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलना उनके सशक्त भविष्य की नींव मजबूत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और अधिक बढ़ेगी तथा नारी शक्ति प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।