00 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों ने बेटियों को दिया आगे बढ़ने का संदेश
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज शासकीय बालिका गृह, शंकर नगर रायपुर में बेटियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने बेटियों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके सपनों, उत्साह और आत्मविश्वास को करीब से जाना।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बेटियों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को सुनना उनके लिए बेहद आत्मीय और सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच, नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम में बेटियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि हर बेटी को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आगे बढ़ने के समान अवसर और अपने सपनों को पूरा करने का अधिकार मिले, यही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि शासकीय बालिका गृह में रहने वाली बेटियों के सपनों को उड़ान देने के लिए उन्हें बेहतर वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बेटियों में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
00 नारी शक्ति सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान
00 महिलाओं को अधिकार, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोडऩा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
00 महतारी गौरव वर्ष में मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को मिल रहा नया आयाम
00 प्रदेश में 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, 481 महतारी सदनों का हो रहा निर्माण
रायपुर। जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नारी शक्ति सम्मान समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया।
सम्मानित महिलाएं हमारी बेटियों के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं का सम्मान वास्तव में उस नारी शक्ति का सम्मान है, जो परिवार को संस्कार देती है, समाज को दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। लक्ष्मी-नारायण, उमा-महेश्वर, सिया-राम और राधा-कृष्ण जैसे संबोधन हमारी उस सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं, जिसमें नारी को शक्ति, करुणा, सृजन और संस्कार का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी भावना को योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।
महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का भी बने सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उनका सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन का अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा इस दायित्व के निर्वहन में उपयोगी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में राज्य महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और पीडि़त महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आयोग गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे तथा महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करे। महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि किसी भी कठिन परिस्थिति में शासन और उसकी संस्थाएं संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिले नए अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को नई पहचान, सम्मान और आगे बढऩे के अभूतपूर्व अवसर मिले हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आसीन होना पूरे देश की नारी शक्ति के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि विकसित भारत की यात्रा महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी संकल्प के साथ प्रदेश की मातृशक्ति को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ रही है।
महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। गांवों की महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बहनों के खातों में सहायता राशि समय से पहले अंतरित की। प्रदेश की माताओं-बहनों की खुशियां और उनकी आवश्यकताएं सरकार की प्राथमिकता हैं।
13.85 लाख से अधिक लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं अब ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन का प्रमाण है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
महतारी गौरव वर्ष मातृशक्ति के योगदान को समर्पित
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने के साथ उनके लिए नए अवसरों के सृजन का भी वर्ष है। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा से लेकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तक सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मेरी बेटी, मेरा अभिमान पहल के तहत प्रदेश में 6 हजार 671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, ताकि बेटियों को विद्यालयों में बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान तीन महतारी सदनों का लोकार्पण भी किया गया है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
महिलाओं के नाम संपत्ति से मजबूत हो रहा आर्थिक आधार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है तथा परिवार में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में दी जा रही रियायतों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था दोनों में सकारात्मक परिवर्तन जरूरी है। हमारी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिले तथा आवश्यकता पडऩे पर त्वरित न्याय मिले - सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जब एक बेटी पढ़ती है तो एक पीढ़ी शिक्षित होती है और जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीडि़त और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उनके उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है। नारी के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करें। आज यह सुखद अवसर है कि महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के पिता कृपाराम साहू भी अपनी पुत्री को महत्वपूर्ण दायित्व संभालते हुए देख रहे हैं।उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों के सशक्तिकरण और पीडि़त महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना न परिवार की प्रगति संभव है और न ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी सशक्त, खुशहाल और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। यह प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में आयोग की लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई मजबूती दी है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, संतजन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं।
00 निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले लोगों को देश के सामने लाते हैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी
00 नशामुक्त युवा, विकसित भारत के संकल्प में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी
00 अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की ऊंची उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर प्रदेश को गर्व
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मन की बात केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, प्रेरक प्रयासों और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले लोगों की उपलब्धियों को पूरे देश के सामने रखते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देशवासियों को प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम की प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इसमें ऐसे अनेक विषयों और व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हैं, जिनके बारे में सामान्यत: देश के लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। इससे जहां अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है, वहीं उनके प्रयास लाखों देशवासियों के लिए प्रेरणा बनते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश के दूरस्थ गांवों और छोटे-छोटे क्षेत्रों में अनेक लोग बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के समाज तथा राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहा है, कोई स्वच्छता के लिए कार्य कर रहा है, तो कोई स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नवाचार कर अपने क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। प्रधानमंत्री मोदी मन की बात के माध्यम से ऐसे सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। इससे देश में सकारात्मकता और जनभागीदारी की भावना मजबूत होती है तथा दूसरे लोगों को भी कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।

नशामुक्त युवा, विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आज नशामुक्त युवा, विकसित भारत के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, समाज और राष्ट्र सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज को झेलने पड़ते हैं। स्वस्थ, समर्थ और ऊर्जावान युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

हर घर तिरंगा में दिखा देशवासियों का राष्ट्रप्रेम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में हर घर तिरंगा अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के अंतर्गत 8 करोड़ से अधिक देशवासियों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और गहरे भावनात्मक जुड़ाव की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा आज जन-जन का अभियान बन चुका है। ऐसे अभियान राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और कर्तव्यों का स्मरण कराते हैं।

पीएम स्वनिधि से मातृशक्ति को मिल रही आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की भी चर्चा की। रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को योजना के माध्यम से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने छोटे व्यवसायों को नई गति दे रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए निरंतर नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्वच्छता केवल अभियान नहीं, जन-जन का संकल्प बने
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। स्वच्छता में स्थायी परिवर्तन तभी संभव है, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने। उन्होंने कहा कि जब किसी गांव, शहर अथवा क्षेत्र के लोग स्वयं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तो उसका प्रभाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस स्थान की पहचान और वहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव आता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर गर्व
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भारत की बेटियां अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात में मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को समझने, सीखने और नवाचार से जुडऩे का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रदेश की महिमा राजपूत भी इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने महिमा राजपूत को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश की दूसरी बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करती हैं।
मन की बात में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मन की बात की विभिन्न कडिय़ों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ और यहां के उल्लेखनीय प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण तक, छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं और उपलब्धियों को प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचारों, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान दिया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे छत्तीसगढ़ के अच्छे कार्यों को देशभर में पहचान मिलने के साथ प्रदेश के लोगों का उत्साह भी बढ़ता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मन की बात की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक सूत्र में जोड़ती है। यह कार्यक्रम नागरिकों को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने के साथ जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाकर विकसित भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू एवं पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
भिलाई। ढिल्लन होटल के सामने नेहरू नगर चौक पर रात्रि 11:30 बजे के करीब चाकू बाजी की घटना में घायल 26 साल के युवक की इलाज के दौरान सुबह-सुबह अस्पताल में मौत हो गई कैंप 01 का युवक चिचोला जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था।
चाकू मारने वाला युवक दो स्कूटी में सवार चार युवक और एक लड़की वारदात के बाद अंडर ब्रिज होते हुए टाउनशिप की ओर भागने की जानकारी मिली है घायल युवक के साथ खड़ा दूसरा युवक आरोपियों की बाइक का नंबर नहीं देख पाया है सुपेला पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं सुपेला पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश में लगी हुई है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक शिव कुमार सिंह पिता अवधेश सिंह 151 D सुभाष चौक कैंप 01 का निवासी था अपने दोस्त दोस्त शिशांत के साथ बाइक में नेहरू नगर चौक पहुंचे , शिव कुमार सिंह को चिचोला जाना था वहाँ दुकान चलाते है, शिव कुमार लिफ्ट लेने के लिए ट्रक को रुकवा रहा था, ट्रक नहीं रुकने से स्कूटी सवार (3 लोग ,2 लड़का 1 लड़की ) को रोक दिया।
उसी बात पे बहस हुआ इनके बीच , स्कूटी सवार एक लड़के ने उसे चाकू मार दिया, शिवकुमार को लेफ्ट पैर में सामने की तरफ़ थाइ के ऊपर, चाकू मारकर युवक के घायल होकर गिरने पर स्कूटी सवार लोग नेहरू नगर चौक (ब्रिज के नीचे) से अंडर ब्रिज की तरफ़ भाग गए। घायल युवक के शिव कुमार सिंह को पुलिस इलाज के लिए हाईटेक अस्पताल ले गई हाइटेक हॉस्पिटल के डॉक्टर इलाज के लिए शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भेज दिए जहां आज सुबह युवक की मौत हो गई।
बीजापुर। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बासागुड़ा और डीआरजी की संयुक्त टीम ने ग्राम पेगड़ापल्ली के जंगल क्षेत्र से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध नक्सली सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान ग्राम पेगड़ापल्ली के जंगल में घेराबंदी कर बोगम लखमू पिता पाण्डू (39 वर्ष), निवासी चिन्नागेलूर, थाना तर्रेम को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चिन्नागेलूर DAKMS सदस्य के रूप में काम करने और नक्सलियों की विस्फोटक सामग्री को छिपाने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की।
आरोपी के कब्जे से तलाशी के दौरान पुलिस ने 50,050 रुपये नगद, एक BGL लॉन्चर, 18 BGL सेल, 12 तीर बम, एक हैंड ग्रेनेड, .303 के 15 जिंदा राउंड, 31 BGL कार्ट्रिज, एक INSAS खाली मैगजीन, बिजली के वायर, तीन राउंड चार्जर और एक ईमीटर लीड बरामद किया।
पुलिस ने बरामद सभी सामग्रियों को विधिवत सीलबंद कर पंचनामा तैयार किया। मामले में आरोपी के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शासकीय आवास में सुना ‘मन की बात’ का 137वां संस्करण, कहा—प्रधानमंत्री का संवाद जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण की भावना को देता है नई ऊर्जा
रायपुर--- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित अपने शासकीय आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश की विविध उपलब्धियों, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम में इतिहास को डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने के अभिनव प्रयासों से लेकर युवाओं को नशे से दूर रखने, स्वच्छता, स्थानीय उद्यमिता, कृषि में वैज्ञानिक नवाचार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।
डिजिटल माध्यमों से इतिहास और विरासत के संरक्षण पर जोर
‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने इतिहास और देश की समृद्ध विरासत को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए सहेजने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे प्रयासों को आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत, गौरव और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इतिहास, लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। इससे हमारी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
नशा मुक्त युवा और विकसित भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान के तहत ड्रग फ्री इंडिया के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को रचनात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने पर विशेष जोर दिया गया।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति भारत के भविष्य की आधारशिला है। स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकते हैं। समाज के हर वर्ग को मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करना होगा।
तिरंगा यात्रा ने जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना
प्रधानमंत्री ने अगस्त माह में देशभर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्राओं का उल्लेख करते हुए इनमें लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी को राष्ट्रभावना की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।
रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने में पीएम स्वनिधि की भूमिका
‘मन की बात’ में छोटे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली पीएम स्वनिधि योजना का भी उल्लेख किया गया। इस योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि छोटे व्यवसाय हमारे स्थानीय अर्थतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जब एक छोटा दुकानदार, ठेला संचालक या रेहड़ी-पटरी व्यवसायी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा होता है, तो इसका सीधा लाभ उसके परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है।
स्वच्छता को निरंतर जनआंदोलन बनाए रखने का संदेश
प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की निरंतरता पर भी चर्चा की और स्वच्छता को केवल किसी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यटन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। स्वच्छ पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करते हैं। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अमरनाथ यात्रा और आध्यात्मिक पर्यटन की समृद्ध परंपरा
प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुई अमरनाथ जी की पावन यात्रा का उल्लेख करते हुए देश की आध्यात्मिक एवं धार्मिक यात्रा परंपरा की व्यापकता को रेखांकित किया। भारत में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
अग्रवाल ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक यात्राएं हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखती हैं। छत्तीसगढ़ भी राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की नगरी और अनेक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के माध्यम से देश की आध्यात्मिक पर्यटन परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
कृषि में आधुनिक विज्ञान और नवाचार से किसानों की समृद्धि
प्रधानमंत्री ने किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कृषि में नई तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों का उपयोग किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अधिक सक्षम बनाने में सहायक है।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि कृषि में विज्ञान और तकनीक का समावेश किसानों के लिए नए अवसर खोल रहा है। आधुनिक नवाचारों के साथ स्थानीय अनुभव और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकता है।
‘Vocal for Local’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार
प्रधानमंत्री ने स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘Vocal for Local’ के मंत्र को भी दोहराया। स्थानीय उत्पादों को अपनाने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से कारीगरों, शिल्पकारों, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
अग्रवाल ने कहा कि हमारे स्थानीय शिल्प, हस्तकला, लोककलाएं और पारंपरिक उत्पाद केवल वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान के वाहक हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से संस्कृति का संरक्षण होने के साथ-साथ कलाकारों और कारीगरों की आजीविका भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे संवाद समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और नागरिकों को अपने स्तर पर राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को एक-दूसरे से जोड़ने और देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे रचनात्मक प्रयासों को साझा करने का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन हमें अपनी संस्कृति, पर्यावरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवा शक्ति और विकास के लिए निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
रायपुर। मिल्क पावडर वाले एनालॉग पर लगे प्रतिबंध का असर अब दूध से बनने वाले पनीर की डिमांड और कीमत पर होने लगा है। पूछपरख बढ़ने की वजह से दुग्ध उत्पादक कंपनियों समेत लोकल डेयरी संचालकों ने इसके दाम बढ़ा दिए हैं। देवभोग का पनीर अब 430 रुपए हो चुका है, वहीं अमूल और वचन के पनीर की कीमत 400 रुपए प्रतिकिलो हो गई है। स्थानीय स्तर पर बनाए जाने वाले पनीर की कीमत में भी 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो तक बढ़ोतरी हुई है।
शासन ने एनालॉग पनीर पर 31 जुलाई को प्रतिबंध लगाया था, जिसके बाद दूध से बनाए जाने वाले पनीर की डिमांड बढ़ गई है। एनालॉग पनीर को सेहत के लिए नुकसान दायक माना गया था। पाबंदी के बाद स्थानीय कंपनियों में निर्माण के साथ अन्य राज्यों से सप्लाई बाधित हो गई थी।
एनालॉग की आपूर्ति जरूरत के हिसाब से थोक में बिना किसी परेशानी के होती थी। दूसरी ओर राज्य में दूध का उत्पादन सीमित मात्रा में होता है, इसलिए पनीर बनाने बनाने का काम भी सीमित मात्रा में सिमटकर रह गया। डिमांड बनी रही, जिसकी वजह मिल्कमेड पनीर की कीमतों में भी इजाफा हो गया।
देवभोग ने अपने पनीर का दाम किलो में 30 और चिल्हर में 50 रुपए तक बढ़ा दिया। वहीं वचन और अमूल के पनीर 380 से करीब चार सौ रुपए किलो तक हो गए। डेयरी के माध्यम से दूध का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने भी इसकी कीमत में इजाफा कर दिया।
राजधानी के टिकरापारा इलाके के कारोबारी ने बताया कि, उनके पास दूध से बना पनीर 400 रुपए किलो में उपलब्ध है। जुलाई तक इसकी कीमत 360 रुपए थी, मगर सप्लायरों ने इसके दाम बढ़ा दिए। एनालॉग पर लगे प्रतिबंध का असर यह भी हुआ कि राजधानी की हर छोटी-बड़ी मिठाई दुकानों में पनीर की उपलब्धता कम हो गई। अब इसकी बिक्री बड़ी दुकानों अथवा डेयरी में हो रही है।
रायपुर। विधानसभा थाना परिसर में शनिवार को थाने के बाहर लगे वाटर कूलर को छूते ही एक युवक करंट की चपेट में आ गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उसे बचाने पहुंचे पुलिस आरक्षक भी करंट की चपेट में झुलस गया और उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसान मृतक की पहचान रमेश ठाकुर (32) निवासी बिल्हा, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। रमेश किसी काम से विधानसभा थाना आया था। इसी दौरान वह थाना परिसर के बाहर लगे वाटर कूलर के पास पानी पीने पहुंचा। जैसे ही उसने वाटर कूलर को छुआ, उसे करंट लग गया और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। रमेश को करंट लगा देखकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मी उसकी मदद के लिए दौड़े। इसी दौरान आरक्षक गुलाल वर्मा भी करंट की चपेट में आ गया और झुलस गए। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई। रमेश को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घायल आरक्षक गणेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद थाना परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस और विद्युत विभाग की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सीएसईबी के अधिकारी और कर्मचारी भी थाना परिसर पहुंचे और वाटर कूलर समेत पूरे विद्युत कनेक्शन की जांच शुरू की। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वाटर कूलर में करंट कैसे आया और विद्युत प्रवाह बाहर तक कैसे पहुंचा। जांच के बाद ही हादसे की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।
CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। सितंबर की शुरुआत से पहले प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त से 3 सितंबर तक कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। अब बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।
30 अगस्त से बढ़ेगा बारिश का दायरा
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 30 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
बारिश का यह दौर 3 सितंबर तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में 30 अगस्त को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रह सकता है। शहर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
इन जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट
रविवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली और कोरिया समेत कई इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है।
शंकरगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के 29 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक शंकरगढ़ में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा ओडगी में 4 सेमी, करतला में 3 सेमी, जबकि छुरा, लटोरी, सूरजपुर, डोंगरगांव, कुसमी और छाल में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
महासमुंद, पोंडी बचरा, कोरबा, भैसमा, मरीं बंगला देवरी, लाल बहादुर नगर, सोनहत, माना-रायपुर एयरपोर्ट, राजपुर और बैकुंठपुर में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।
मानसून में अब तक सामान्य से कम बारिश
छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के दौरान अब तक बारिश सामान्य से करीब 4 फीसदी कम दर्ज की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है।
हालांकि, भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और आकाशीय बिजली जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
रायपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किए गए। वहीं 540 अन्य खिलाड़ियों को भी नगद प्रोत्साहन राशि दी गई। इस तरह कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपए की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में खिलाड़ी का परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे पूरे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ता है। सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 156 खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिससे उनके लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खुला है।
खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए 100 करोड़ का मिशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों को नई ऊंचाई देने के लिए पांच मिशन पर काम किया जा रहा है। इनमें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन प्रमुख है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार प्रतिभाओं की पहचान से लेकर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन, खेल अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
बस्तर और सरगुजा में प्रतिभाओं को मिल रहा मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस्तर ओलंपिक के पहले आयोजन में 1.65 लाख युवाओं ने भाग लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर 3.91 लाख हो गई। सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से भी स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।
आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार
प्रदेश में कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में करीब 67 करोड़ रुपए की लागत से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। वहीं पंडरापाट में पहाड़ी कोरवा समुदाय की तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखारने के लिए करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से अकादमी विकसित की जा रही है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें पहचानने, प्रशिक्षित करने और पर्याप्त अवसर देने की है। उन्होंने बिलासपुर खेल अकादमी की गीता यादव और मधु सिदार के एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से देश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे बड़े मंचों पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
तीन वर्षों के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान
समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी सहित विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू और सुनील सोनी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिसोदिया सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी और प्रशिक्षक मौजूद रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर में रक्षाबंधन के अवसर पर एक भावुक और बदलाव का संदेश देने वाली तस्वीर सामने आई। भानुप्रतापपुर के सुरक्षा बल कैंप में पूर्व नक्सली महिलाओं ने जवानों की कलाई पर राखी बांधी। करीब 25 वर्षों तक नक्सली संगठन में सक्रिय रहीं मीना के लिए यह क्षण विशेष रहा। कभी जिस वर्दी से टकराव और अविश्वास जुड़ा था, उसी वर्दी पहने जवान की कलाई पर उन्होंने रक्षा-सूत्र बांधकर नए रिश्ते और विश्वास की शुरुआत का संदेश दिया।
हथियार की जगह हाथ में थी राखी
रक्षाबंधन के आयोजन में मुख्यधारा में लौट चुकीं पूर्व नक्सली महिलाओं ने सुरक्षा बल के जवानों को राखी बांधी। जवानों ने भी उन्हें बहन के रूप में स्वीकार करते हुए शगुन दिया और मिठाई खिलाई। यह दृश्य बस्तर में वर्षों से चले आ रहे हिंसक संघर्ष के बीच संवाद और सामाजिक विश्वास की दिशा में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा गया।
महिला पुलिसकर्मियों ने भी बढ़ाया भाईचारे का हाथ
कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान पूर्व नक्सली महिलाएं और सुरक्षा बल के जवान संघर्ष के दो पक्षों के बजाय भाई-बहन के रिश्ते में नजर आए। आयोजन का उद्देश्य मुख्यधारा में लौटे लोगों के प्रति सामाजिक स्वीकार्यता बढ़ाने और सुरक्षा बलों तथा स्थानीय समाज के बीच विश्वास को मजबूत करना रहा।
एसपी ने बताया अनूठी पहल
कांकेर एसपी निखिल राखेचा ने इस पहल को नक्सल समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समस्या के समाधान की दिशा में बढ़ाए जा रहे कदमों का यह रक्षाबंधन प्रतीक है। रिश्तों का यह धागा सामान्य संबंधों और विश्वास को मजबूत करने में मदद करेगा।
मीना के लिए नई शुरुआत का संदेश
करीब ढाई दशक तक नक्सली संगठन में रहने के बाद मुख्यधारा में लौटना किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ा बदलाव होता है। ऐसे में जवानों की कलाई पर राखी बांधना केवल त्योहार मनाने की रस्म नहीं, बल्कि अतीत की कड़वाहट पीछे छोड़कर सामान्य सामाजिक जीवन की ओर बढ़ने का प्रतीक भी बना।
बदलते बस्तर की मानवीय तस्वीर
बस्तर की पहचान लंबे समय तक नक्सली हिंसा, मुठभेड़ों और भय के माहौल से जुड़ी रही है। अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटते लोगों के साथ विकास, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और सामाजिक विश्वास बहाली के प्रयास भी इस बदलाव की कहानी का हिस्सा बन रहे हैं। भानुप्रतापपुर में रक्षाबंधन का यह आयोजन इसी बदलती तस्वीर को सामने लाता है।
राखी का धागा भले ही छोटा हो, लेकिन इसका संदेश व्यापक है। यह बताता है कि हिंसा से बाहर निकलकर सामान्य जीवन की ओर लौटने वालों के लिए समाज में स्वीकार्यता और विश्वास का रास्ता बनाया जा सकता है। बस्तर में इस रक्षाबंधन पर कलाई पर बंधी राखी ने भाईचारे, संवाद और शांति की उम्मीद को मजबूत किया।
रायपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने खेल प्रतिभाओं की उपलब्धियों को संकलित करने वाली कॉफी टेबल बुक ‘हमारे खिलाड़ी’ का विमोचन भी किया।
खेल विभूतियों के जीवन और संघर्ष की झलक
फोटो प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की विभिन्न खेल विभूतियों के जीवन, संघर्ष और योगदान को छायाचित्रों एवं जानकारी के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी में शहीद राजीव पाण्डेय, शहीद पंकज विक्रम, शहीद कौशल यादव और शहीद विनोद चौबे सहित कई प्रमुख खेल हस्तियों के योगदान को स्थान दिया गया।
इसके साथ ही वीर हनुमान सिंह की खेल साधना और खेल जगत में उनके योगदान को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में खिलाड़ियों के संघर्ष से सफलता तक के सफर और उनकी प्रेरक उपलब्धियों को दर्शाया गया, ताकि नई पीढ़ी खेलों के प्रति प्रेरित हो सके।
‘हमारे खिलाड़ी’ में दर्ज हुई खेल उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने ‘हमारे खिलाड़ी’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को दस्तावेजीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। पुस्तक में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के जीवन परिचय, खेल यात्रा, उपलब्धियों और योगदान को आकर्षक तस्वीरों के साथ संकलित किया गया है।
यह पुस्तक प्रदेश की समृद्ध खेल विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ खिलाड़ियों की उपलब्धियों से युवाओं को प्रेरणा देने का माध्यम बनेगी।
खेल इतिहास को संरक्षित करने की पहल
फोटो प्रदर्शनी और कॉफी टेबल बुक का निर्माण खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जनसंपर्क विभाग द्वारा किया गया है। दोनों माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास, प्रमुख खेल विभूतियों और वर्तमान खिलाड़ियों की उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं विजय बघेल, विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू एवं सुनील सोनी सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेलप्रेमी मौजूद रहे।
00 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता रहा है
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि केंद्र सरकार ने राज्य से नक्सल समस्या के उन्मूलन के लिए हर संभव सहयोग दिया है। साय ने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक नक्सलवाद का प्रभावी सफाया रहा है। साय शनिवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा एवं जन-समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आहूत प्रदेशस्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के गहरे आत्मीय संबंधों को रेखांकित किया और पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि राज्य निर्माण के समय नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले का सघन दौरा कर संगठन को मजबूती दी थी। यही कारण है कि उनका छत्तीसगढ़ से बहुत पुराना और अटूट नाता है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे निरंतर राज्य के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ स्वीकृत कर रहे हैं। साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर सहित पूरे वनांचल क्षेत्र के वनवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। जो लोग नक्सल प्रभाव के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे, उन्हें अब बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और उन्नत जीवन शैली का अधिकार मिल रहा है। इसी क्रम में श्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर भी चर्चा की। साय ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सेवा ही संकल्प अभियान के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर लाभार्थियों तक पहुँचें। साय ने अपने सम्बोधन में वरिष्ठ भाजपा नेता शिवप्रकाश को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।
सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी प्रधानमंत्री मोदी संगठन सर्वोपरि की भावना का पालन करते हैं - शिवप्रकाश
भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव असम्भव को सम्भव कर दिखाया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण भूकम्प की त्रासदी झेल चुके गुजरात का पुनरुत्थान है। उन्होंने गुजरात को देश के सबसे अग्रणी राज्यों में स्थापित कर एक मिसाल पेश की, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। देश की जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए प्रधानमंत्री ने भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। मेक इन इंडिया की सफलता और 24 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना धरातल पर दिख रहे बदलाव का प्रमाण है। आज देश में विश्वस्तरीय रेलवे, अत्याधुनिक हवाई अड्डे और मजबूत राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाया जा रहा है। केन्द्र सरकार की नीतियों के केंद्र में महिला सशक्तीकरण रहा है। जन-धन खातों के जरिए सीधे लाभ, राशन कार्ड में महिला को परिवार का मुखिया बनाना और तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति दिलाकर महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार दिया गया है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति का साहसिक कदम हो या भव्य राम मंदिर निर्माण के दशकों पुराने संकल्प की सिद्धि, सरकार ने देश की आस्था और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी नरेंद्र मोदी संगठन सर्वोपरि की भावना का पालन करते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों में सामान्य कार्यकर्ता की भाँति बैठना और सभी संगठनात्मक प्रोटोकॉल का पालन करना उनके अगाध समर्पण को दर्शाता है। मन की बात और परीक्षा पे चर्चा जैसे मंचों के जरिए प्रधानमंत्री समाज के हर वर्ग-बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक-से निरंतर जीवन्त सम्पर्क बनाए रखते हैं।
यह अभियान सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा - डॉ. कविता पाटीदार
भाजपा राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. कविता पाटीदार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा के ऐतिहासिक कार्यकाल के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी अभियानों का विवरण साझा किया। डॉ. पाटीदार ने कहा कि यह अभियान मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा। इसमें हर गाँव, शहर, बूथ और परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। भाजपा राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. पाटीदार ने माहभर चलने वाले इस अभियान के कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि प्रत्येक बूथ पर हर परिवार दीप प्रज्जवलन कर प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा समर्पण के प्रति आभार प्रकट करेगा और विकसित भारत 2047 का संकल्प लेगा। 25 करोड़ बच्चों के सपनों के भारत के तहत राष्ट्रव्यापी ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिता के तहत देशभर के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छात्रों के लिए मोदी सरकार के सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर भाषण व ड्राइंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इसी प्रकार नमो सेवा गाथा, आंगन का उत्सव, कहानी बदलाव की, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति यात्रा, वडनगर से वाराणसी जल जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा मेरा योगदान जिसके तहत 25 सेवा गतिविधियां, सेवा सेतु अभियान, रंगोली राष्ट्र, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज, जनसेवक महाकुंभ (पंचायत से पार्लियामेंट) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. पाटीदार ने सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस सेवा महाभियान से जुड़कर 25 वर्षों के सेवा कार्यों में से एक कार्य चुनकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
संगठन महामंत्री साय ने संगठनात्मक विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया
भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यशाला में संगठनात्मक विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और आगामी कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। श्री साय ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार विभिन्न 13 कार्यकर्मो पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश, जिला एवं मंडलस्तरीय संरचना निर्माण करने का निर्देश दिया। साथ ही श्री साय ने प्रदेश के पश्चात जिला एवं जिले के पश्चात मण्डल की कार्यशाला करने का निर्देश दिया। सभी 13 कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए जिसमें आशीर्वाद का दिया से लेकर अन्य सभी कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए वहीं मंत्रियों, सांसदों एवं पदाधिकारियों को दायित्व प्रदाय किए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन सेवा और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है - जैन
भाजपा प्रदेश महामंत्री और कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक यशवंत जैन ने आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पार्टी हर साल सेवा पखवाड़ा आयोजित करती रही है, लेकिन इस बार का आयोजन ऐतिहासिक और व्यापक होगा। श्री जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन सेवा और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए जितनी भी जनकल्याणकारी योजनाएँ लागू कीं, उनका मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी तक सेवा भाव को पहुंचाना और जन-जन में सेवा की भावना को स्थापित करना है। श्री जैन ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा 13 प्रमुख कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिनका आयोजन बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक किया जाएगा। अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया (17 सितंबर), आंगनबाड़ी सम्मान, सपनों का भारत प्रतियोगिता, सेवा ज्योति यात्रा (7 अक्टूबर), जन-जल सेवा यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए है।
कार्यक्रम का संचालन भाजपा प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडेय ने किया एवं आभार प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने माना। इस दौरान कार्यशाला में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, जिलाध्यक्ष एवं भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहें।
चाम्पा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण
वरिष्ठ शिक्षकों, मेधावी विद्यार्थियों और रोजगार प्राप्त युवाओं का सम्मान
रायपुर-- राज्यपाल रमेन डेका आज बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम चाम्पा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही, वरिष्ठ शिक्षकों, 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्रों, पीएटी (PAT) में चयनित विद्यार्थियों और 'हम होंगे कामयाब' योजना के तहत रोजगार प्राप्त 9 युवाओं को सम्मानित किया।
जुनून और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी- राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि नवनिर्मित सभाकक्ष से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शिक्षक-छात्र संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने आचरण से छात्रों का रोल मॉडल बनना चाहिए। छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुनून पैदा करें और उसे हकीकत में बदलने के लिए निरंतर कड़ी मेहनत करें। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह नीति कौशल विकास और विषय विशेषज्ञता हासिल करने में सहायक है।
डिजिटल तकनीक का संतुलित उपयोग जरूरी
मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक का इस्तेमाल केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। सोशल मीडिया और एआई (AI) सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग आत्ममंथन और सृजनात्मक को कम कर देता है।
ऐतिहासिक और गौरव का क्षण: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्यपाल के आगमन को चाम्पा गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं। उन्होंने छात्रों को असफलताओं से न घबराकर कड़ी मेहनत जारी रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने अपनी स्वर्गीय माता चम्पावती डेका की स्मृति में स्कूल परिसर में अमलताश का पौधा रोपा। राजस्व मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण किया।
कार्यक्रम में 'बिहान' योजना की आजीविका दीदियों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। इस दौरान दीदियों ने उन्हें धान और चावल के बीजों से निर्मित हस्तनिर्मित राखी बांधी, जिसकी राज्यपाल ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
समारोह में शिक्षक व शिक्षाविद एस.एम. पाध्ये, डॉ. निशा झा, डॉ. डी.एन. राय, और भूषण धुरंधर तथाप्रतिभावान छात्र जिज्ञासु वर्मा (12वीं स्टेट टॉपर), साक्षी वर्मा, अमित कुमार टंडन (10वीं), तथा पीएटी चयनित प्रवीण डहरिया, ममता साहू एवं मयंक वर्मा को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित थे।
दुर्ग। जिले में सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगारों और उनके परिवारों से लाखों रुपये ठगने वाले दो आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस विभाग और नगर सेना (होमगार्ड) में भर्ती कराने के नाम पर कुल ₹20 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को सुपेला और पुलगांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक आरोपी पिछले काफी समय से फरार चल रहा था जिसे रायपुर से दबोचा गया, वहीं दूसरे आरोपी ने 15 किस्तों में लाखों रुपये ऐंठे थे। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पहला मामला स्मृति नगर चौकी (थाना सुपेला) का है, जहां आरोपी तोपचंद धनकर ने एक महिला के पति को चालक और भाई को पुलिस में आरक्षक बनवाने का झांसा देकर ₹14 लाख से अधिक ऐंठ लिए थे। आरोपी के खिलाफ पहले से स्थाई वारंट लंबित थे और वह फरार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रायपुर के उरला से गिरफ्तार किया और उसके पास से मोबाइल व दस्तावेज बरामद किए।
वहीं दूसरा मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है, जहां इसरार खान नामक आरोपी ने नगर सेना के बड़े अधिकारियों से पहचान का दावा कर एक महिला के पति से 15 किस्तों में ₹6.30 लाख ठग लिए। नौकरी न मिलने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया। पीड़िता की शिकायत पर पुलगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। ASP मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि “जिले में शासकीय नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो अलग-अलग आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सुपेला क्षेत्र में पुलिस विभाग में नौकरी का झांसा देकर 14 लाख रुपये और पुलगांव क्षेत्र में नगर सेना में भर्ती के नाम पर 6.30 लाख रुपये की ठगी की गई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आम जनता से अपील है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर पैसे का लेन-देन न करें।”
रायपुर: गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता केवल एक सपना नहीं, बल्कि सही अवसर, मार्गदर्शन और मेहनत के साथ हासिल की जा सकने वाली उपलब्धि है। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत मंझगवा की श्रीमती कमलेश यादव ने इसे अपनी मेहनत और लगन से साबित कर दिखाया है। कभी छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश आज अपनी मेहनत, हुनर और शासकीय योजनाओं से मिले सहयोग के बल पर ‘लखपति दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं।
कमलेश यादव वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ीं और समूह की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास शुरू किए। स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आरएफ (रिवॉल्विंग फंड), सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) और बैंक ऋण के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कमलेश ने अपने गांव में चिकन स्टोर का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय के संचालन के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए सिलाई कार्य को भी जारी रखा।
दो आय के साधनों से मजबूत हुई परिवार की आर्थिक स्थिति
कमलेश ने एक ही आय के साधन पर निर्भर रहने के बजाय अपने हुनर और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग किया। चिकन स्टोर के व्यवसाय के साथ सिलाई कार्य से होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरंतर मेहनत, व्यवसाय के प्रति लगन और आय के विविध साधनों के कारण उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई।
यह उपलब्धि कमलेश के लिए केवल आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत भी है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।
समूह से जुड़ना बना बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव
कमलेश यादव बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग अपने व्यवसाय को खड़ा करने में किया और अपने हुनर को आय के साधन में बदलने का प्रयास किया।
उनका कहना है कि स्वसहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दिया। आज अपनी मेहनत से अर्जित आय के कारण वे स्वयं को अधिक आत्मनिर्भर महसूस करती हैं और भविष्य में अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।
सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही नई उड़ान
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वसहायता समूह महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय संसाधनों, बैंक ऋण और आजीविका संबंधी अवसरों का लाभ लेकर महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और उन्हें आगे बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।
कमलेश यादव की कहानी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने सरकारी सहयोग को अपनी मेहनत और हुनर के साथ जोड़कर एक छोटे व्यवसाय को आय का स्थायी साधन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बना सकती हैं।
‘लखपति दीदी’ बनकर दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
एक समय अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश यादव आज एक सफल ग्रामीण महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होना उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। ‘लखपति दीदी’ बनने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वसहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
अपनी सफलता के लिए कमलेश यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिल रहा सहयोग उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का रास्ता तैयार कर रहा है।
कमलेश यादव की सफलता की कहानी यह बताती है कि जब महिला की मेहनत को समूह का साथ, शासन का सहयोग और अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है, तो वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकती है।
00 बहनों की खुशहाली एवं आत्मनिर्भरता का उपहार, विष्णु भैया की सरकार
रायपुर। ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बिहान से जुडऩे के बाद महिलाओं को समूह के माध्यम से ऋण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध हो रहा है, जिसका उपयोग वे कृषि, पशुपालन, मछली पालन, सब्जी उत्पादन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। इसी बदलाव की प्रेरक कहानी है अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सकालो की रहने वाली सुभद्रा मंडल की। काली माँ स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद सुभद्रा ने समूह के माध्यम से 1 लाख रुपए का ऋण लिया और इस राशि का उपयोग कर एक एकड़ भूमि में खीरे की खेती शुरू की। खेती के इस प्रयास के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
पूंजी की कमी बनी थी खेती के विस्तार में बाधा
सुभद्रा मंडल बताती हैं कि पहले आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे खेती-बाड़ी को बड़े स्तर पर नहीं कर पाती थीं। परिवार की आमदनी सीमित थी और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद खेती में निवेश के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध नहीं हो पाती थी। वे बताती हैं कि खेती को आय के अतिरिक्त और स्थायी साधन के रूप में विकसित करने की इच्छा थी, लेकिन पूंजी के अभाव में यह संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में बिहान से जुडऩा उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया।
बिहान से मिला आर्थिक सहयोग, खेती को मिला विस्तार
सुभद्रा ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उन्हें अपनी आर्थिक गतिविधि को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समूह के माध्यम से ऋण सुविधा प्राप्त होने पर उन्होंने कृषि को आजीविका का साधन बनाने का निर्णय लिया और एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की। वे कहती हैं कि ऋण ने उन्हें केवल खेती शुरू करने के लिए पूंजी ही उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि अपने दम पर कुछ करने का आत्मविश्वास भी दिया। अब वे अपनी मेहनत से उत्पादन बढ़ाकर परिवार की आय में योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
खेती से आय बढ़ाने और लखपति दीदी बनने का लक्ष्य
सुभद्रा मंडल का कहना है कि खीरे की खेती से प्राप्त होने वाली आमदनी से परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में खेती से होने वाले लाभ को दोबारा आजीविका गतिविधियों में निवेश कर आय के स्थायी साधन को और मजबूत करने की योजना है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपनी मेहनत और निरंतर प्रयासों से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना तथा लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढऩा है। उनके लिए खेती अब केवल पारंपरिक कार्य नहीं, बल्कि परिवार की आय बढ़ाने और बेहतर भविष्य तैयार करने का माध्यम बन गई है।
विष्णु भैया के प्रति जताया आभार
सुभद्रा मंडल ने बिहान योजना से जोडऩे और आजीविका गतिविधि शुरू करने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान से जुडऩे के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने और अपनी मेहनत को आय के अवसर में बदलने का रास्ता मिला है। उन्होंने कहा कि समूह के माध्यम से मिला आर्थिक सहयोग उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे का महत्वपूर्ण आधार बना है। अब वे खेती के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।
महिलाओं की मेहनत को मिल रहा संस्थागत सहयोग
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सहयोग और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। महिलाएं इन संसाधनों का उपयोग स्थानीय परिस्थितियों और अपनी रुचि के अनुरूप आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। सुभद्रा मंडल की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां स्व-सहायता समूह, संस्थागत ऋण और महिला की मेहनत ने मिलकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की है। एक एकड़ में शुरू हुई खीरे की खेती अब उनके परिवार के लिए अतिरिक्त आय और बेहतर भविष्य की उम्मीद बन गई है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शनिवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार 3 युवकों को टक्कर मार दी। तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद ट्रक बाइक को 30 फीट तक घसीटता रहा। बाइक बुरी तरह डैमेज हो गई और तीनों के शव सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया।
घटना तखतपुर थाना क्षेत्र की जूनापारा पुलिस चौकी के पास की है। मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। इसके अलावा आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। जूनापारा के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक बाइक को कुछ दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में तीनों युवकों को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर आवाजाही बंद रही। सूचना मिलते ही जूनापारा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने भीड़ हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया। मृतकों के पास तत्काल पहचान से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले हैं। पुलिस आसपास के गांवों में संपर्क कर मृतकों की पहचान कराने का प्रयास कर रही है।
पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार ट्रक और चालक की तलाश के लिए मुख्य मार्गों और आसपास के ढाबों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी विवेक आचार्य को नई जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग की ओर से 29 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड, नवा रायपुर अटल नगर के कार्यकारी संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है।
आदेश में उल्लेख है कि सामान्य प्रशासन विभाग के 18 अगस्त 2026 के आदेश के तहत विवेक आचार्य, भा.व.से. (2006) की सेवाएं वन विभाग को वापस लौटाए जाने के बाद यह पदस्थापना की गई है। विवेक आचार्य वर्तमान में प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, रायपुर के पद पर कार्यरत थे। वन विभाग के आदेश के मुताबिक, उन्हें अगामी आदेश तक प्रतिनियुक्ति पर अस्थायी रूप से छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कार्यकारी संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है।
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रायपुर: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की तस्वीर अब केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कौशल, तकनीक और रोजगार के नए आयाम गढ़ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार उच्च शिक्षा के परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उद्देश्य स्पष्ट है—युवाओं को केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना। दूरस्थ अंचलों से लेकर बड़े शहरों के परिसरों तक, इस नई शैक्षणिक क्रांति की आहट साफ सुनी जा सकती है।
गुणवत्ता का ‘मिशन मोड’: सुदृढ़ मॉनिटरिंग और वित्तीय संबल
शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक और त्वरित सुधार लाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन’ की नींव रखी गई है। इस मिशन के तहत राज्य के महाविद्यालयों का चयन कर प्रतिवर्ष उनके ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष राशि स्वीकृत की जाएगी। यह व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए एक मजबूत मॉनिटरिंग तंत्र भी तैयार किया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि स्वीकृत बजट का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुँचे।
उत्कृष्टता का नया पता: 36 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ महाविद्यालय
राष्ट्रीय शिक्षा नीति केअनुरूप, राज्य के हर जिले में बहुसंकायी और अनुसंधान-केंद्रित शिक्षण संस्थानों की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। जिन महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 3000 से अधिक है और जिनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, उन्हें ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। ये 36 महाविद्यालय राज्य में शोध, नवाचार और उच्चस्तरीय अध्यापन के प्रमुख केंद्र बनकर उभरेंगे।
भविष्य की तकनीक और हुनर: स्वावलंबन की ओर बढ़ते कदम
बदलते दौर के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक मांग के अनुरूप ढालने के लिए ‘स्ववित्तीय पाठ्यक्रम नीति’ लागू की जा रही है। इसके तहत स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोजगारपरक और तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स, सेरीकल्चर (रेशम कीट पालन), फिशरीज और टसर टेक्नोलॉजी जैसे विषयों की पढ़ाई शुरू की जा रही है।आधुनिक तकनीक व उद्यमिता के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन जैसे विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इन सभी के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ-साथ राज्य के कौशल विकास व तकनीकी विभागों के साथ MoU किए हैं, ताकि युवाओं को सीधे उद्योग और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा जा सके।
समावेशी विकास: वनांचल तक पहुँच और नए अवसर
शिक्षा का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए दूरस्थ आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में नवीन महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। इसके साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के द्वार खुल सकें। शैक्षणिक क्षेत्र को और सशक्त बनाने के लिए चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन भी शुरू किया जा रहा है।
अनुभवी मार्गदर्शन और सुदृढ़ शिक्षक तंत्र
शिक्षा की गुणवत्ता तभी संभव है जब मार्गदर्शन देने वाले हाथ कुशल हों। इसी सोच के साथ उद्योग जगत और व्यावहारिक क्षेत्रों के विशेषज्ञों को ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में महाविद्यालयों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा विभाग में अध्यापन व्यवस्था को नई ऊर्जा देने के लिए शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापक के 595 पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है।
एक उज्ज्वल भविष्य की नींव
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का यह कायाकल्प केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों को उड़ान देने की एक ठोस पहल है। अनुसंधान, कौशल विकास, उद्योग-समन्वय और सुदृढ़ शिक्षक तंत्र के मेल से छत्तीसगढ़ तेज़ी से देश का एक प्रमुख ‘एजुकेशन हब’ बनने की ओर अग्रसर है।
Court Manager Appointment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के अलग-अलग जिला न्यायालयों में कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति का आदेश जारी किया है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने 25 अगस्त 2026 को नियुक्ति आदेश जारी किया। इसके तहत हाईकोर्ट समेत प्रदेश के 20 जिला न्यायालयों में कोर्ट मैनेजरों की पदस्थापना की गई है। इन पदों के लिए कुछ महीने पहले आवेदन मंगाए गए थे। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र उम्मीदवारों की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी होने के बाद अब उनकी नियुक्ति और पदस्थापना कर दी गई है।
20 कोर्ट मैनेजरों की कहां हुई पदस्थापना?
जारी आदेश के अनुसार अंकित कुमार झा को हाईकोर्ट में कोर्ट मैनेजर के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा उदयन दुबे को दुर्ग जिला न्यायालय और संयोगिता सिंह को कमर्शियल कोर्ट रायपुर में नियुक्त किया गया है। रमाकांत पटेल को अंबिकापुर जिला कोर्ट, विरज कुमार देवांगन को कोरबा, राहुल वर्मा को कोरिया, अभिजीत रथ को महासमुंद और प्रवीण कुमार को रामानुजगंज जिला कोर्ट में पदस्थ किया गया है। आशुतोष कुमार को बेमेतरा, निधि नागवंशी को बिलासपुर और ऋचा पाठक को धमतरी जिला कोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा विजय कुमार साहू को कवर्धा, मनोज कुमार सिंह को रायपुर, प्रतिभा लकड़ा को कांकेर, बाम्पी दुबे को राजनांदगांव और कोमल भोई को जगदलपुर जिला कोर्ट में पदस्थ किया गया है। शैलेन्द्र सिंह भास्कर को दंतेवाड़ा, कमलेश कुमार गोरकर को कोंडागांव, देवेंद्र भगत को सूरजपुर और गोपाल सिंह नेताम को जशपुर जिला कोर्ट में कोर्ट मैनेजर नियुक्त किया गया है।
19 भृत्य पदों पर भी नियुक्ति
हाईकोर्ट की ओर से आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इसके तहत 19 आवेदकों को भृत्य के पद पर नियुक्ति देने का आदेश जारी किया गया है। नियुक्त किए गए कर्मचारियों को निर्धारित समय में संबंधित कार्यालय में पहुंचकर पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।
3 साल की होगी परिवीक्षा अवधि
नियुक्त किए गए कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति तीन साल की परिवीक्षा अवधि के अधीन रहेगी। यदि कोई कर्मचारी परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी नहीं करता है तो उसकी परिवीक्षा अवधि को एक साल तक और बढ़ाया जा सकता है। स्थायी नियुक्ति होने तक कर्मचारी परिवीक्षा पर ही माना जाएगा। परिवीक्षा अवधि के दौरान जरूरत पड़ने पर बिना कारण बताए सेवा समाप्त भी की जा सकती है। यदि कर्मचारी खुद सेवा छोड़ना चाहता है तो उसे एक महीने पहले रजिस्ट्री को सूचना देनी होगी। तत्काल सेवा छोड़ने की स्थिति में एक महीने के वेतन के बराबर राशि जमा करनी होगी। इसी तरह यदि नियोक्ता कर्मचारी की सेवा समाप्त करता है तो एक महीने की पूर्व सूचना दी जाएगी या उसके बदले एक महीने का वेतन देकर तत्काल सेवा से अलग किया जा सकता है।
3 सितंबर तक करना होगा ज्वाइन
चयनित उम्मीदवारों को 3 सितंबर 2026 तक अपने निर्धारित पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। तय समय सीमा में ज्वाइन नहीं करने और अतिरिक्त समय की अनुमति नहीं मिलने पर नियुक्ति से संबंधित पात्रता समाप्त की जा सकती है। कार्यभार ग्रहण करते समय उम्मीदवारों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जारी स्वस्थता प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। इस प्रमाण पत्र के लिए होने वाला खर्च संबंधित उम्मीदवार को स्वयं उठाना होगा। यदि सक्षम चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट में उम्मीदवार को शारीरिक या मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया जाता है, तो नियुक्ति आदेश निरस्त किया जा सकता है।
पुलिस सत्यापन और दस्तावेज भी जरूरी
नियुक्त उम्मीदवारों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाएगा। यदि रजिस्ट्री में जमा किए गए अनुप्रमाणन फार्म का पुलिस प्रमाणीकरण या सत्यापन प्रतिकूल पाया जाता है, तो नियुक्ति आदेश स्वतः निरस्त किया जा सकता है। कार्यभार ग्रहण करते समय उम्मीदवारों को अपने सभी शैक्षणिक और अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां भी पदस्थापना कार्यालय में प्रस्तुत करनी होंगी।
नौकरी के दौरान दूसरी जगह सीधे आवेदन पर रोक
हाईकोर्ट में सेवा के दौरान कर्मचारी किसी अन्य विभाग में किसी पद के लिए सीधे आवेदन नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा बिना पूर्व अनुमति के किसी स्कूल या कॉलेज में अध्ययन करने अथवा स्वाध्यायी छात्र के रूप में किसी परीक्षा में शामिल होने पर भी रोक रहेगी। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति पढ़ाई या परीक्षा में शामिल होता पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
जाति प्रमाण पत्र का होगा सत्यापन
नियुक्ति को अनंतिम यानी Provisional रखा गया है। आरक्षित वर्ग से चयनित उम्मीदवारों के जाति या जनजाति प्रमाण पत्रों का संबंधित माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। यदि सत्यापन में प्रमाण पत्र गलत या दावा फर्जी पाया जाता है तो नियुक्ति समाप्त की जा सकती है। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के मामले में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। आरक्षित पदों पर चयनित उम्मीदवारों को कार्यभार ग्रहण करते समय निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र भी जमा करना होगा।
वरीयता प्रावीण्य सूची के आधार पर होगी
चयनित उम्मीदवारों की वरीयता कोर्ट मैनेजरों की वरीयता सूची में सबसे अंतिम स्थान पर होगी। उनकी आपसी वरीयता कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तय नहीं होगी, बल्कि चयन प्रक्रिया में जारी प्रावीण्य सूची में उनके क्रम के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
न्यायालयों में लंबित मामलों के आदेशों के अधीन नियुक्ति
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP (C) No. 19668/2022 के अंतिम आदेश और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में विचाराधीन WPS 4341/2026, WPS 4488/2026, WPS 4494/2026 और WPS 4758/2026 में आने वाले अंतिम आदेशों के अधीन रहेगी। इन शर्तों के अलावा नियुक्त कर्मचारियों की सेवा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सेवा नियम, 2017 के तहत संचालित होगी। नियुक्ति आदेश में दी गई सभी शर्तों का पालन करना चयनित उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य होगा।
सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से स्वाइन फ्लू को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। जिले के एक अफसर के H1N1 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल उनका इलाज रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में चल रहा है।
बताया जा रहा है कि अफसर के परिवार के अन्य सदस्य फिलहाल स्वस्थ हैं। संक्रमण की जानकारी सामने आने के बाद सरगुजा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। स्वास्थ्य अमला मरीज की स्थिति पर नजर रखने के साथ ही संक्रमण को लेकर जरूरी सावधानियां बरत रहा है।
उत्तर छत्तीसगढ़ सरगुजा के सेंट्रल जेल से जुड़े aएक अधिकारी अपaने परिवार के साथ कांकेर गये थे। बुखार, सर्दी और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत होने के कारण उनका इलाज किया जा रहा था। उनका H1N1 टेस्ट किया गया तो वे पॉजिटिव पाये गये। उन्हें रामकृष्ण हॉस्पिटल रायपुर में भर्ती कराया गया है।
नोडल अफसर बोले-कहां पीड़ित इसकी जानकारी फिलहाल नहीं
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी डा. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि एक अधिकारी के H1N1 वायरस से पीड़ित होने की सूचना मिली है। वे परिवार सहित कांकेर गये थे। वे सरगुजा में रहते हुए स्वाइन फ्लू पीड़ित हुए या रायपुर, कांकेर के प्रवास के दौरान से पीड़ित हुए, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। डा. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य अमले ने उनके परिवार की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग कर ली है। अन्य सभी लोग स्वस्थ हैं और कोई लक्षण नहीं मिला है। सरगुजा जिले में अन्य कोई व्यक्ति अभी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव नहीं है।
अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य अमला
डा. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि सरगुजा में स्वास्थ्य अमला अलर्ट मोड पर है। गंभीर प्रभावित लोगों के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखने की व्यवस्था है। फिलहाल एच1एन1 वायरस की टेस्टिंग की सुविधा अंबिकापुर के वायरोलॉजी लैब में नहीं है। जांच के लिए सैंपल रायपुर भेजा जाएगा। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में फिलहाल स्वाइन फ्लू से निबटने के लिए एंटी वायरल दवाएं नहीं हैं। इसके लिए CGMSC को सूचित किया गया है। दवाओं की व्यवस्था के लिए कोशिश की जा रही है।
सरगुजा सीएमएचओ डा. पीएस मार्को ने लोगों से लगातार बुखार आने, सर्दी ठीक नहीं होने एवं सीने में जकड़न की शिकायत होने पर अपनी जांच अनिवार्य रूप से कराने की सलाह दी है। स्वाइन फ्लू की जानकारी समय रहते मिल जाने पर आसानी से इसका इलाज हो सकता है।
बचाव के लिए ये करें जरुरी उपाय, बरतें सावधानी
खांसी-छींक के समय मुंह और नाक ढकें
हाथ साबुन-पानी से धोएं या सैनिटाइजर लगाएं
लक्षण हो तो भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें
जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें
पर्याप्त आराम करें और तरल पदार्थों का सेवन करें
डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक का उपयोग ना करें
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान करेंगे। वे 5 टीमों के 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी देंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 29 अगस्त को शाम 4 बजे से राज्य राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया है।
राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।
राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सावन माह के बाद भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने रहे सिस्टम के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन बारिश से राहत रही। इस दौरान तापमान 29 डिग्री से बढ़कर 31 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं, कि 29 अगस्त से प्रदेश में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ेंगी। मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश में अब तक की मौसमी बारिश सामान्य से 3 प्रतिशत कम है।
रायपुर में आज कैसा रह सकता है मौसम ?
राजधानी में 29 अगस्त को दिनभर बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछार पड़ सकती है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
शुक्रवार को कहां-कहां हुई बारिश?
पिछले 24 घंटे में कुसमी में सर्वाधिक 7 सेमी बारिश हुई. रामानुजगंज और भैसमा में 6-6 सेमी, जबकि कुनकुरी, वाड्रफनगर, कोरबा और करतला में 5-5 सेमी बारिश दर्ज की गई. बलरामपुर, राजपुर, कांसाबेल, प्रतापपुर और पोड़ी में 4-4 सेमी बारिश हुई. अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री दुर्ग में और न्यूनतम 22.2 डिग्री पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया।
इन इलाकों में आज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने कई जिलों में शनिवार सुबह बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हलकी वर्षा की संभावना जताई गई है।
खाड़ी में बन रहे सिस्टम बढ़ाएगा बारिश की रफ्तार
मौसम विभाग के मुताबिक, 29 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अगले 24 घंटे में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी है।
00 1 सितंबर को नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा, माइन विजिट भी प्रस्तावित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश, अन्वेषण और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त को लेकर रोड शो आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं श्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।
केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए शामिल किया गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इन खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना देश की खनिज सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के बाद वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष भी संबोधित करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कोयला और खान मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ
रोड शो के दौरान संचालक, भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा खनिज क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस अवसर पर टिन पोर्टल एवं ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पीटीआरएसयू के साथ एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और खनिज ब्लॉक्स पर होगी चर्चा
दोपहर 2 बजे से तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें एमईसीएल द्वारा ट्रेंच-वीआईआईआई के तहत नीलामी के लिए रखे गए खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा। तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खनिज ब्लॉक्स की संभावनाओं, नीलामी प्रक्रिया, निवेश के अवसर और खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। खान मंत्रालय के निदेशक द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ रोड शो का समापन होगा।
नीलाम खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा
रोड शो के बाद मेफेयर लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट प्रस्तावित है। रोड शो और समीक्षा बैठक के माध्यम से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण, नीलामी और खनन को गति देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।





























