BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |
ब्रेकिंग : एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, घर में दो बच्चे और पिता की मिली लाश

ब्रेकिंग : एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, घर में दो बच्चे और पिता की मिली लाश

 जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में पिता और उसके दो बच्चों की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस और फॉरेंसिक की टीम पहुंची है। प्रारभिक जांच में पाया गया कि तीनों की मौत कीटनाशक जहर के सेवन से हुई है।

दरअसल, चौकी नैला क्षेत्र के ग्राम बिरकोनी में एक व्यक्ति व उसके दो बच्चों लाश मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई।

प्रारंभिक जांच में ज्ञात हुआ है कि मृतक रमेश कुमार पटेल का लगभग एक सप्ताह पूर्व अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसकी पत्नी अपने मायके चली गई थी। बताया गया है कि 16 जून को रमेश कुमार पटेल अपनी पत्नी को वापस लाने उसके मायके गया था, किंतु पत्नी द्वारा वापस आने से इंकार करने पर वह अकेला घर लौट आया था।

आज सुबह लगभग 8 बजे मृतक का पिता परदेसी राम पटेल धान कुटवाने ग्राम कटनाई गया हुआ था। लगभग 11:30 बजे उसे सूचना मिली कि उसका पुत्र एवं दोनों नाती घर में मृत अवस्था में पड़े हुए हैं। सूचना पर घर पहुंचकर देखने पर रमेश कुमार पटेल तथा उसके दोनों बच्चे मृत पाए गए।

घटना की सूचना पर चौकी नैला पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सील कर मर्ग कायम किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे स्वयं घटनास्थल पहुंचीं। CSP खापर्डे ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौजूद अधिकारियों- कर्मचारियों को हर पहलू पर जांच के निर्देश दिए। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

 जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि

सरगुजा में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन 

रायपुर-21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर  जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है।  जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। 

राज्यपाल  रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। 

जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री  रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री  दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री  केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री  लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री  ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री  टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री  गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों  में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद  विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद  संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद  चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद  राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद  महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद  भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुश्री लता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक  ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक  पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक  अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक  किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चौतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है- उद्योग मंत्री देवांगन

किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है- उद्योग मंत्री देवांगन

 00 समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने

रायपुर। वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना।  देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।

समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने


विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोडऩा।  देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित किया।

समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने


कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पदम  अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक  राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के  ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख  पदम गोयल, अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

 रायपुर- राज्यपाल  रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर  विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की। 
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्यो में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।  राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना से छत्तीसगढ़ के विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई शक्ति : साय

चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना से छत्तीसगढ़ के विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई शक्ति : साय

 00 755 करोड़ की परियोजना को मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी एवं रेल मंत्री वैष्णव के प्रति जताया आभार

00 डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार: मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत 755 करोड़ रूपए की लागत से चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक प्रगति और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में रेल अधोसंरचना का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे विकास को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी, परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी तथा भविष्य में अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कोरबा देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में महत्वपूर्ण पहचान रखता है और यहां से देश के विभिन्न हिस्सों तक कोयले की आपूर्ति होती है। चांपा-कोरबा रेल खंड साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) तथा महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) की खदानों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोडऩे वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस परियोजना के पूर्ण होने से कोयला परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक आधार और अधिक मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तीसरी रेल लाइन का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया दूरदर्शी निर्णय है। इससे अतिरिक्त माल परिवहन को सुगम बनाया जा सकेगा और रेल परिचालन अधिक दक्ष एवं प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह परियोजना केवल कोयला परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से उद्योगों को मजबूती मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे कोरबा, जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क, सुदृढ़ लॉजिस्टिक व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के विकास में और अधिक प्रभावी योगदान देने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ को रेल अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्राथमिकता मिली है। प्रदेश के रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, तीसरी-चौथी लाइन और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के विकास के माध्यम से कनेक्टिविटी को लगातार सशक्त किया जा रहा है। हाल ही में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया जाना भी इसी विकास दृष्टि का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में स्वीकृति मिलना जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुरांचल को पहली बार रेल नेटवर्क से जोडऩे का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल एवं शहरी परिवहन अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विकास पर 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 1853 से 2014 तक 161 वर्षों में छत्तीसगढ़ में लगभग 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश का रेल नेटवर्क बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर से अधिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश की रेल परियोजनाओं के लिए जहां लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को 1,680 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 125 अधिकारियों-कर्मचारियों का हुआ तबादला, देखें  लिस्ट..!!

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 125 अधिकारियों-कर्मचारियों का हुआ तबादला, देखें  लिस्ट..!!

 बलरामपुर- रामानुजगंज जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए कुल 125 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है।

देखें लिस्ट…

CG : रेत तस्करों ने पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और शिक्षक को जलाया जिंदा, दो की हालत गंभीर

CG : रेत तस्करों ने पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और शिक्षक को जलाया जिंदा, दो की हालत गंभीर

 कोरिया। रेत तस्करों ने मंगलवार की देर रात खौफनाक खूनी खेल को अंजाम देते हुए भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह और शिक्षक को जिंदा जलाकर मार दिया गया, जबकि दो लोगों को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया है। बताया जा रहा है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनके घर के सामने उनकी फॉर्च्यूनर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। 

सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवगई में मंगलवार रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। करीब 30 आरोपियों ने एक फॉर्च्यूनर वाहन पर हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया। घटना में फॉर्च्यूनर में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 40 से 60 प्रतिशत तक झुलसे घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल और बाद में अंबिकापुर रेफर किया गया। यहां एक और की मौत हो गई। जबकि 2 को रायपुर रेफर किया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। 

घटना रात 11 बजे की है, जैसे ही दो कार में भरत सिंह अपने साथियों के साथ नवगई गांव के अंदर पहुंचे आरोपियों ने पहले एक टिपर से फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन के दरवाजे जाम हो गए और अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि जो लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, उनके साथ भी मारपीट की गई। 

पूरा मामला रेत कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोपी नवगई गांव निवासी मनोज त्रिपाठी, उसके बेटे समेत करीब 30 की संख्या में हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। इसके पूर्व मंगलवार की शाम मृतक और उसके साथियों ने अघोषित रेत ठेकेदार मनोज त्रिपाठी और उसके साथियों की पिटाई की थी। मामला थाने तक भी पहुंचा था। बताया जा रहा है कि रात में भी मृतक अपनी साथियों के साथ मनोज त्रिपाठी के घर के पास पहुंचा था। इसी दौरान उनके ऊपर हमला किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

 कल तक मानसून आने की संभावना : मौसम विभाग

 कल तक मानसून आने की संभावना : मौसम विभाग

 अगले पांच दिन गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हो रहा है मानसून का इंतजार,12 जून तक मानसून पहुंचने का अनुमान इस बार सही साबित नहीं हुआ। मौसम प्रणाली की धीमी गति और अनुकूल परिस्थितियां पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण मानसून की एंट्री टल गई है। अब मौसम विभाग ने 18 जून तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून पहुंचने के संकेत दिए हैं।

प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। इसके चलते कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश का दौर जारी है। रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में उमस और गर्मी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ सकती है और बस्तर के रास्ते प्रदेश में इसकी आधिकारिक एंट्री होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। वहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़ में मेघ गर्जन की गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं।

छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री आमतौर पर बस्तर संभाग के रास्ते होती है। इसके बाद धीरे-धीरे रायपुर समेत पूरे प्रदेश में आगे बढ़ता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत में बने सिस्टम का असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है।

घुघरी कला नाला व्यपवर्तन योजना के लिए 4.58 करोड़ स्वीकृत, 200 हेक्टेयर में मिलेगी सिंचाई की सौगात

घुघरी कला नाला व्यपवर्तन योजना के लिए 4.58 करोड़ स्वीकृत, 200 हेक्टेयर में मिलेगी सिंचाई की सौगात

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम घुघरी कला नाला में व्यपवर्तन योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 58 लाख 75 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी सिंचाई योजना के पूर्ण होने से स्थानीय किसानों को अपनी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। योजना के तहत क्षेत्र में कुल 200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। 
खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए 180 हेक्टेयर क्षेत्र में सुविधा मिलेगी। वहीं लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलो कीं सिंचाई का लाभ किसान उठा सकेंगे। इस योजना के पूरा होने से शंकरगढ़ विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। इस परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के लिए जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार (अम्बिकापुर) को आवश्यक प्रशासकीय निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

ब्रेकिंग : रायपुर एयरपोर्ट पर दिल्ली से आ रही एयर इंडिया फ्लाइट से टकराया पक्षी, 2 घंटे प्रभावित रहीं उड़ानें

ब्रेकिंग : रायपुर एयरपोर्ट पर दिल्ली से आ रही एयर इंडिया फ्लाइट से टकराया पक्षी, 2 घंटे प्रभावित रहीं उड़ानें

 रायपुर। राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आई है। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर बुधवार सुबह एयर इंडिया की दिल्ली-रायपुर उड़ान बर्ड हिट की चपेट में आ गई। विमान की लैंडिंग के दौरान पक्षी टकराने की घटना हुई, जिसके बाद एहतियात के तौर पर विमान का तकनीकी निरीक्षण किया गया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। घटना की वजह से एयर इंडिया के विमान ने दो घंटे की देरी से उड़ान भरी। 

बर्ड हिट की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट और एयरलाइन प्रबंधन ने सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान का विस्तृत तकनीकी परीक्षण शुरू कराया।

CG : मछली पकड़ने वालों की अब खैर नहीं! मछली पकड़ने पर होगी सजा, इस तारीख तक रहेगा प्रतिबंध

CG : मछली पकड़ने वालों की अब खैर नहीं! मछली पकड़ने पर होगी सजा, इस तारीख तक रहेगा प्रतिबंध

 रायपुर। मानसून की दस्तक से पहले राज्य सरकार ने मत्स्य संसाधनों के संरक्षण और मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वर्षा ऋतु में मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि को “बंद ऋतु (क्लोज सीजन)” घोषित किया है। इस दौरान प्रदेश की नदियों, नालों, प्राकृतिक जलाशयों तथा अन्य संबंधित जल स्रोतों में सभी प्रकार के मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

मत्स्य पालन विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम, 1972 की धारा 3 की उपधारा (2) के तहत राज्य के सभी प्रकार के नदीय जल संसाधनों में मत्स्याखेट पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंध का उद्देश्य वर्षा ऋतु के दौरान मछलियों के प्राकृतिक अंडजनन एवं वंश वृद्धि को संरक्षण प्रदान करना है, जिससे भविष्य में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।

इन क्षेत्रों में रहेगा प्रतिबंध, इन्हें मिली छूट

विभागीय जानकारी के मुताबिक यह प्रतिबंध राज्य की सीमा में आने वाले सभी नदी, नाले, प्राकृतिक जलाशयों और अन्य जल स्रोतों पर लागू होगा। हालांकि ऐसे छोटे तालाब और जल स्रोत, जिनका संपर्क किसी नदी या नाले से नहीं है, उन्हें इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। इसके अलावा बड़े जलाशयों में व्यावसायिक रूप से संचालित केज कल्चर गतिविधियों को भी प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है।

मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की दिशा में पहल

अधिकारियों का कहना है कि वर्षा ऋतु मछलियों के प्रजनन के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। इस दौरान बड़े पैमाने पर मछलियां पकड़े जाने से उनकी संख्या में कमी आती है और जल स्रोतों की जैव विविधता प्रभावित होती है। प्रतिबंध लागू होने से मछलियों के प्राकृतिक संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा और दीर्घकाल में राज्य के मत्स्य उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित हो सकेगी।

उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

राज्य सरकार ने इस वर्ष नियमों को और अधिक सख्त किया है। छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित नए प्रावधानों तथा छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम, 2025 के तहत छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम, 1948 की धारा 5 के अनुसार प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति या संस्था पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं अवैध रूप से मछली पकड़ने वालों के खिलाफ छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम, 1972 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

निगरानी के निर्देश, लोगों से सहयोग की अपील

राज्य शासन ने आम नागरिकों, मछुआरा सहकारी समितियों और मत्स्य व्यवसाय से जुड़े सभी हितग्राहियों से नियमों का पालन करने की अपील की है। साथ ही सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नदी-नालों और जलाशयों की नियमित निगरानी एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित करें तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का असरः बैल चराते किसान की एक कॉल पर प्रशासन ने घर पहुंचकर सुलझाई समस्या

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का असरः बैल चराते किसान की एक कॉल पर प्रशासन ने घर पहुंचकर सुलझाई समस्या

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की एक संवेदनशील पहल आम नागरिक के लिए कितनी बड़ी राहत बन सकती है, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण सरगुजा जिले में देखने को मिला। जिले के ग्राम पंचायत सराईटीकरा निवासी कृषक  राजनाथ राजवाड़े ने खेत में बैल चराते समय खाद की समस्या को लेकर श्मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076’ पर कॉल किया था। शासन-प्रशासन की तत्परता का परिणाम यह रहा कि मात्र 24 घंटे के भीतर न केवल उनकी खाद की समस्या का निराकरण हुआ, बल्कि उनका  बैंक खाता और किसान क्रेडिट कार्ड भी बनकर तैयार हो गया, जिससे उन्हें भविष्य में खेती के लिए आर्थिक सहायता का स्थायी मार्ग मिल गया।

खेत में बैल चराते हुए लगाई थी गुहार, दो घंटे में घर पहुंचे अधिकारी ग्राम पंचायत सराईटीकरा के कृषक  राजनाथ राजवाड़े ने बताया कि वे अपने खेत में बैल चरा रहे थे और आगामी फसल के लिए खाद की व्यवस्था को लेकर चिंतित थे। पूर्व के वर्षों में वे सीधे नकद भुगतान के माध्यम से खाद क्रय कर लेते थे, किंतु इस वर्ष उन्हें खाद की अनुपलब्धता का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान उन्होंने मोबाइल पर सीएम हेल्पलाइन 1076 के बारे में जानकारी मिली, तो उन्होंने अपनी समस्या के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। कॉल सेंटर प्रतिनिधि द्वारा अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उनकी शिकायत दर्ज की गई। शिकायत दर्ज होने के मात्र दो घंटे के भीतर ही कृषि विभाग के अधिकारियों ने  राजवाड़े से संपर्क किया और उनकी भौगोलिक स्थिति की जानकारी लेकर सीधे उनके निवास स्थान पहुंच गए।

अधिकारियों के मार्गदर्शन में पूर्ण हुई कागजी प्रक्रिया
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कृषक से भेंट कर उनकी समस्या का संज्ञान लिया। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि शासकीय योजनाओं के तहत सुगमता से खाद-बीज प्राप्त करने हेतु सहकारी (को-ऑपरेटिव) बैंक में खाता होना और किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्) का होना आवश्यक है। अधिकारी स्वयं किसान को अपने साथ ’करजी’ ले गए और आवश्यक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की। चूँकि उस दिन बैंक का कार्यसमय समाप्त हो चुका था, अतः प्रशासन की पहल पर अगले ही दिन उनका सहकारी बैंक में खाता खुलवाकर पासबुक जारी किया गया और आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए।

केसीसी बनते ही मिली खाद, बीज और नकद की सुविधा
कार्यालय समय को राजनाथ राजवाड़े का किसान क्रेडिट कार्ड विधिवत बनकर तैयार हो गया। इसके माध्यम से उन्हें न केवल तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध करा दिया गया, बल्कि भविष्य में कृषि कार्यों हेतु आवश्यकता पड़ने पर नकद राशि लेने की सुविधा भी प्राप्त हो गई।

बिना दफ्तरों के चक्कर काटे समाधान मिलने पर किसान ने जताया आभार
अपनी समस्या के इतने त्वरित और पारदर्शी निराकरण से कृषक  राजनाथ उत्साहित नजर आए। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर फोन करने के मात्र 24 घंटे के बाद ही मेरा पूरा काम हो गया। मुझे खाद के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ा और घर बैठे मेरी समस्या का समाधान हो गया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्वयं आकर मुझे सहयोग प्रदान किया।

उन्होंने राज्य शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से बहुत लाभ मिला है। किसानों के हित में किए जा रहे इन उत्कृष्ट एवं संवेदनशील कार्यों के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए हुए हैं और बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।

मंगलवार को रायपुर के कुछ इलाकों में अंधड़ के साथ बारिश और बूंदाबांदी हुई, लेकिन इसके बाद निकली तेज धूप ने उमस बढ़ा दी। वहीं बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। स्थानीय मौसम तंत्र के प्रभाव से बस्तर में 5 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा करपावंड, जशपुरनगर, रामानुजनगर और दरभा में 2 से 3 सेंटीमीटर तथा सक्ती, मनोरा और कोंडागांव में 1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

राजधानी रायपुर में बुधवार को भी मौसम बदला-बदला रहने की संभावना है। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शहर में अंधड़ के साथ बारिश हो सकती है। रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।

विभाग का कहना है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ वज्रपात और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। अगले दो दिनों तक भी मौसम का यही रुख बने रहने के संकेत हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 17 जून को गरियाबंद दौरे पर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह 17 जून को गरियाबंद दौरे पर

 गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बुधवार 17 जून को गरियाबंद जिले के महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे। दोनों वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम के अनुसार वे जिले में विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रमों में शामिल होंगे तथा नव निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण भी करेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर पहले सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर पहुंचेंगे, जहां नव-निर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। इसके बाद वे दोपहर 2:40 बजे गरियाबंद के पुलिस परेड ग्राउंड हेलीपेड पहुंचेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 3 बजे से पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह में शामिल होंगे। यहां जिले के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा।

वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी दोपहर में गरियाबंद पहुंचेंगे। वे कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉलों का अवलोकन करेंगे और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोनों नेता शाम 3:50 बजे दर्रपारा पहुंचेंगे।

दर्रापारा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह नव निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन के लोकार्पण समारोह में भाग लेंगे। यह भवन आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

लोकार्पण कार्यक्रम के बाद दोनों नेता पुलिस परेड ग्राउंड हेलीपेड पहुंचकर हेलीकॉप्टर से रायपुर के लिए रवाना होंगे। प्रशासन और पुलिस विभाग ने कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।

जिले में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के आगमन को लेकर प्रशासनिक अमले में तैयारियां तेज हैं तथा कार्यक्रम स्थल पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

मुख्य कार्यक्रम:

* विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास

* विभागीय प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन

* नव निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण

* जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में विकास कार्यक्रमों का आयोजन।

 

NIA में छत्तीसगढ़ का बढ़ा कद ! IPS पी. सुंदरराज को मिली IG की अहम जिम्मेदारी…यहां देखें आदेश 

NIA में छत्तीसगढ़ का बढ़ा कद ! IPS पी. सुंदरराज को मिली IG की अहम जिम्मेदारी…यहां देखें आदेश 

 रायपुर: छत्तीसगढ़ कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पी. सुंदरराज को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिली है। केंद्र सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) में इंस्पेक्टर जनरल (IG) पद पर नियुक्त किया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। पी. सुंदरराज 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और छत्तीसगढ़ में विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों के प्रभावी नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने लंबे समय तक बस्तर संभाग में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कई बड़े ऑपरेशन को सफल बनाया। उनकी पहचान एक जमीनी, रणनीतिक और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में रही है। बस्तर में नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण और आत्मसमर्पण नीति को प्रभावी बनाने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच करने वाली देश की प्रमुख एजेंसी NIA में IG के रूप में उनकी नियुक्ति को छत्तीसगढ़ कैडर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता का लाभ अब राष्ट्रीय स्तर पर एजेंसी को मिलेगा। आदेश जारी होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक महकमे में उन्हें बधाइयां देने का सिलसिला शुरू हो गया है।

बस्तर में ऐसे लिखी सफलता की नई इबारत

बता दें कि, बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उन्होंने न केवल सुरक्षा अभियानों को नई दिशा दी, बल्कि ग्रामीणों का विश्वास जीतने और विकास कार्यों को गति देने में भी अहम योगदान दिया। उनकी अगुवाई में सुरक्षा बलों ने कई बड़े नक्सल विरोधी ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिए, जिससे नक्सली नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचा। पी. सुंदरराज की कार्यशैली का सबसे बड़ा पहलू यह रहा कि उन्होंने सुरक्षा कार्रवाई के साथ-साथ जनसंपर्क और विश्वास बहाली पर भी विशेष जोर दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और कई गांव मुख्यधारा से जुड़ने लगे। विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने की दिशा में मिली बड़ी सफलताओं के पीछे पी. सुंदरराज की रणनीतिक सोच, नेतृत्व क्षमता और जमीनी स्तर पर काम करने का अनुभव महत्वपूर्ण कारक रहा है। यही वजह है कि उन्हें प्रदेश में नक्सल विरोधी अभियान के सबसे प्रभावी अधिकारियों में गिना जाता है।

जिले को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात, जिला क्रीड़ांगन समिति ने दी सहमति

जिले को मिलेगी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात, जिला क्रीड़ांगन समिति ने दी सहमति

 दुर्ग। जिले में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से जिला क्रीड़ांगन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज पीडब्ल्यूडी सभाकक्ष में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला क्रीडांगन समिति अभिजीत सिंह की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम के पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण, जर्जर भवनों के अपलेखन तथा खेल परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर सहमति बनाई गई।

बैठक में बताया गया कि पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम की भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया प्रारंभ किया जा है। इसके लिए बैडमिंटन कोर्ट की भूमि को छोड़कर शेष भूमि को छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के माध्यम से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को 33 वर्ष की अवधि के लिए लीज पर देने का प्रस्ताव राज्य शासन को अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा। अधिकारियों को इस संबंध में अन्य जिलों में किए गए कार्यों का अध्ययन कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम एवं मानस भवन को अत्यंत जर्जर और अनुपयोगी घोषित किए जाने के बाद दोनों भवनों के अपलेखन की कार्यवाही पर सहमति बनी। इसके बाद प्रस्तावित खेल अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।

स्टेडियम परिसर में संचालित दुकानों के अनुबंधों की समीक्षा करते हुए समिति ने सुरक्षा एवं विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस जारी कर दुकानें खाली कराने का निर्णय लिया। साथ ही सुरक्षा निधि का समायोजन एवं भुगतान नियमानुसार किए जाने के निर्देश दिए गए। इस कार्य के लिए नगर निगम आयुक्त, एसडीएम दुर्ग एवं संबंधित अधिकारियों को अधिकृत किया गया है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डीएमएफ मद से निर्मित बैडमिंटन कोर्ट का समुचित रखरखाव, संचालन, मरम्मत और खेल गतिविधियों के विस्तार के लिए इसे जिला क्रीड़ांगन समिति को हस्तांतरित किया जाएगा। वहीं प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए आवश्यक भूमि को अतिक्रमण एवं अवरोधों से मुक्त कराने के उद्देश्य से स्टेडियम परिसर और आसपास स्थित एसएलआरएम सेंटर, उद्यान, गुमटियों तथा अन्य अस्थायी एवं स्थायी संरचनाओं को नियमानुसार हटाने की कार्यवाही की जाएगी।

जिला क्रीड़ांगन समिति के संचालन, लंबित वित्तीय मामलों एवं सुरक्षा निधियों के भुगतान पर भी बैठक में चर्चा हुई। समिति के कोषाध्यक्ष पद पर जिला कोषालय अधिकारी को नियुक्त करने का निर्णय लिया गया, जिनके संयुक्त हस्ताक्षर से अध्यक्ष जिला क्रीड़ांगन समिति एवं कलेक्टर की स्वीकृति उपरांत भुगतान और वित्तीय निस्तारण की कार्यवाही की जाएगी।

पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम एवं मानस भवन के अपलेखन, बीसीसीआई और छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के साथ अनुबंध, शासन को प्रस्ताव प्रेषण तथा नवीन स्टेडियम निर्माण से संबंधित सभी विभागीय कार्यों के समन्वय के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। नोडल अधिकारी राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ बीसीसीआई, नगर निगम, राजस्व विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से दुर्ग जिला प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल होगा तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इस अवसर पर कलेक्टर अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल, ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, महापौर अलका बाघमार, नगर निगम दुर्ग आयुक्त सुमित अग्रवाल, अपर कलेक्टर विरेन्द्र सिंह, संयुक्त कलेक्टर हरवंश मिरी, डिप्टी कलेक्टर उत्तम धु्रव, कबड्डी संघ अध्यक्ष शशी बघेल, अध्यक्ष चेम्बर ऑफ कामर्स प्रहलाद रूंगटा, कोच एवं क्रिकेट खिलाड़ी संजीव श्रीवास्तव, अध्यक्ष जिला क्रिकेट संघ विजय अग्रवाल, विनय गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य व अधिकारीगण उपस्थित थे।

CG TRANSFER : बड़ी संख्या में जनपद सीईओ के तबादले, सहायक परियोजना अधिकारी भी इधर से उधर, देखें आदेश..!!

CG TRANSFER : बड़ी संख्या में जनपद सीईओ के तबादले, सहायक परियोजना अधिकारी भी इधर से उधर, देखें आदेश..!!

 रायपुर। राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में जनपद सीईओ के तबादले किये हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से जारी आदेश में जनपद सीईओ के अलावा सहायक परियोजना अधिकारी के भी तबादले किये हैं.

देखिये आदेश

CG SCHOOL OPEN : स्कूल खुलने के पहले दिन ही गर्मी ने दिखाया असर, स्कूल में प्रार्थना के दौरान छात्र हुआ बेहोश

CG SCHOOL OPEN : स्कूल खुलने के पहले दिन ही गर्मी ने दिखाया असर, स्कूल में प्रार्थना के दौरान छात्र हुआ बेहोश

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ में आज से शासकीय और निजी स्कूल खुल चुके हैं। स्कूल खुलने के पहले ही दिन भीषण गर्मी और उमस ने बच्चों की सेहत पर असर दिखाना शुरू कर दिया। दुर्ग के जेआरडी स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान एक छात्र अचानक चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के मुताबिक सुबह सभी छात्र रोज की तरह असेंबली में खड़े थे। इसी दौरान तेज गर्मी और उमस के बीच एक छात्र की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। छात्र को गिरता देख शिक्षक और स्कूल स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे और प्राथमिक उपचार दिया। हालत को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने बिना देरी किए छात्र को जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया।

घटना की सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा भी अस्पताल पहुंचे और छात्र की स्थिति की जानकारी ली। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर इलाज मिलने से छात्र की हालत अब स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय, अन्य राज्यों के डॉक्टरों को अस्पतालों में प्रैक्टिस की मंजूरी

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय, अन्य राज्यों के डॉक्टरों को अस्पतालों में प्रैक्टिस की मंजूरी

 रायपुर| छत्तीसगढ़ में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए एक जरूरी खबर है। अब प्रदेश के अस्पतालों में दूसरे राज्यों के डॉक्टर भी बिना किसी रोक-टोक के प्रैक्टिस कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिससे अब डॉक्टरों को छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी।

स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया के नाम से जारी हुई यह अधिसूचना अब प्रदेश के नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ पर भी लागू होगी। यानी अब बाहर से आने वाले डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ को यहां काम करने के लिए अलग से फाइलें नहीं दौड़ानी होंगी।

अभी तक नियम यह था कि किसी भी राज्य के डॉक्टर अगर छत्तीसगढ़ में नौकरी या प्राइवेट प्रैक्टिस करना चाहते हैं, तो उन्हें छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराना अनिवार्य था। लेकिन, अब नर्सिंग होम अधिनियम 2010 के तहत इसे बदल दिया गया है।

अब अगर किसी डॉक्टर, नर्स या पैरामेडिकल स्टाफ के पास भारत के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का रजिस्ट्रेशन है, तो वे छत्तीसगढ़ में काम करने के पूरी तरह से पात्र होंगे। इसके लिए छत्तीसगढ़ चिकित्सा परिषद से किसी तरह के अतिरिक्त अप्रूवल की जरूरत अब नहीं पड़ेगी। जानकारों का कहना है कि सरकार का सीधा मकसद प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को जल्द से जल्द पूरा करना है।

इससे पहले छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल ने सभी सीएमएचओ (CMHO) को निर्देश दिए थे कि दूसरे राज्यों से आने वाले डॉक्टरों का पंजीयन अनिवार्य रूप से कराया जाए। लेकिन अब सरकार की इस नई अधिसूचना के बाद वह पुराना आदेश पूरी तरह से खत्म हो गया है। निजी मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में काम कर रहे दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को अब बड़ी राहत मिली है।

सरकार के इस फैसले के साथ एक बड़ा रिस्क भी जुड़ा है। सवाल ये है कि अगर डॉक्टर का यहां कोई रजिस्ट्रेशन ही नहीं होगा, तो उनकी डिग्री की असलियत कैसे पता चलेगी? दूसरे राज्यों में फर्जी डिग्री के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। स्थानीय काउंसिल से कोई लेना-देना न रहने पर वेरिफिकेशन कौन करेगा? बिना जांच के क्लीनिक और अस्पताल खोलने की छूट से मरीज भ्रमित हो सकते हैं।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर सेंट्रल रजिस्ट्रेशन की तैयारी चल रही है। इसके अलावा, डॉक्टरों का हर 5 साल में रिनुअल कराने की योजना है, जिससे फर्जीवाड़ा रुक सके। फिलहाल, इस आदेश के बाद रायपुर से लेकर बस्तर तक के सरकारी और निजी अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती आसान हो जाएगी।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नए नियम लागू, केवल ऑनलाइन दस्तावेजों को मिलेगी मान्यता

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नए नियम लागू, केवल ऑनलाइन दस्तावेजों को मिलेगी मान्यता

 बिलासपुर। प्रदेशभर में अभी पुराने मैनुअल रिकॉर्डों के डिजिटलीकरण पर रोक लगा दी गई है। इसका सारा अधिकार जिला पंजीयक को दे दिया गया है। प्रदेश के सभी जिलों में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों को लेकर नई व्यवस्था लागू होने से हजारों लोगों की चिंता बढ़ गई है। खास बात यह है कि अब केवल ऑनलाइन उपलब्ध प्रमाण पत्र ही वैध माने जाएंगे, जबकि मैनुअल दस्तावेजों की मान्यता समाप्त हो गई है।

2016 से 2022 के बीच के कई रिकॉर्ड विभिन्न पोर्टलों में दर्ज होने के बावजूद संबंधित पोर्टल बंद होने से सत्यापन प्रभावित हुआ है। पहले स्थानीय स्तर पर होने वाला ऑनलाइन पंजीयन अब केवल जिला पंजीयक के अधिकार क्षेत्र में रहेगा, इसका मतलब उनकी ही अनुमति से पंजीयन हो सकेगा। अकेले बिलासपुर जिले में ऐसे लगभग 60 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

राज्य शासन ने नियम बदल कर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों की मान्यता को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अब केवल ऑनलाइन उपलब्ध प्रमाण पत्रों को ही वैध माना जाएगा, जबकि पूर्व में जारी मैनुअल प्रमाण पत्र किसी भी शासकीय अथवा अन्य आवश्यक कार्य में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस बदलाव का असर पूरे प्रदेश में पड़ रहा है। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलग-अलग वर्षों में जारी प्रमाण पत्र विभिन्न सरकारी पोर्टलों पर दर्ज किए गए थे। इनमें वर्ष 2016 से 2020 तथा 2021-22 की अवधि के रिकॉर्ड भी शामिल हैं। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा संबंधित पोर्टलों को बंद किए जाने के कारण इन वर्षों के दस्तावेजों तक पहुंच और सत्यापन की प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। इससे उन नागरिकों की परेशानी बढ़ सकती है, जिन्हें अपने पुराने प्रमाण पत्रों का उपयोग शिक्षा, नौकरी, संपत्ति, बैंकिंग या अन्य कार्यों में करना है।

विशेष बात यह है कि पूर्व में यदि किसी व्यक्ति के पास मैनुअल प्रमाण पत्र होता था, तो संबंधित रजिस्ट्रार दस्तावेजों का परीक्षण कर उसे ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज कर मान्य करते थे। यह अधिकार ग्राम पंचायतों में सचिवों और नगरीय निकाय क्षेत्रों में नियुक्त रजिस्ट्रारों को प्राप्त था। लेकिन अब शासन ने यह व्यवस्था समाप्त कर दी है। नई व्यवस्था के तहत प्रमाण पत्रों को ऑनलाइन दर्ज करने और संबंधित अनुमोदन का अधिकार केवल जिला पंजीयक के पास केंद्रित कर दिया गया है। लेकिन इससे लंबित मामलों के निराकरण और नागरिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

जिन लोगों के जन्म प्रमाणपत्र केवल ऑफलाइन बने हैं और उनका रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है, उन्हें आधार बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों को सीधे हैदराबाद स्थित यूआईडीएआई कार्यालय जाने की सलाह दी जा रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई लोग स्थानीय स्तर पर समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि आधार पंजीकरण की प्रक्रिया आसान हो सके। जबकि जिला सांख्यिकी योजना अधिकारी एनके नेताम का कहना है कि ऑनलाइन पोर्टल पर दस्तावेज दर्ज करने से पहले उनका मैनुअल जांच कर सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही दस्तावेज ऑनलाइन हो सकेंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली ग्रामीण परिवारों की तस्वीर, 84 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का आशियाना…..

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली ग्रामीण परिवारों की तस्वीर, 84 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का आशियाना…..

 रायपुर: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) राज्य के हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पंचायत कंजिया निवासी  राधेश्याम सिंह इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं।

 राधेश्याम सिंह बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में घर की जर्जर स्थिति के कारण परिवार को लगातार असुरक्षा और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। सीमित आय और आर्थिक तंगी के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए संभव नहीं था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें आवास की स्वीकृति मिली और शासन से प्राप्त सहायता राशि से उन्होंने अपना पक्का घर निर्मित कराया।

आज  राधेश्याम सिंह का परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में जीवनयापन कर रहा है। वे बताते हैं कि पहले जहां बारिश का मौसम चिंता लेकर आता था, वहीं अब पूरा परिवार निश्चिंत होकर अपने पक्के घर में रहता है। उनका कहना है कि इस योजना ने उनके वर्षों पुराने सपने को साकार कर दिया है और परिवार को नई सुरक्षा प्रदान की है।

राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है। बलरामपुर जिले में ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 84 हजार 259 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। इससे हजारों परिवारों को कच्चे और असुरक्षित आवास से मुक्ति मिली है तथा उन्हें सुरक्षित आवासीय वातावरण प्राप्त हुआ है।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की परिकल्पना तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुरक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को न केवल पक्की छत मिल रही है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास, सुरक्षा और सम्मान का नया आधार भी तैयार हो रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण….

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अपने एक दिवसीय प्रवास पर भाटापारा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर को एक बड़ी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सौगात देते हुए छत्तीसगढ़ महतारी और देश के वीर सपूत शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। शहीद को नमन करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की प्रेरणा बनेगी। देश उनके सर्वाेच्च बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।

इस गरिमामय समारोह में राज्य के राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस संवेदनशील अवसर पर विधानसभाध्यक्ष डॉ. सिंह ने शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट के परिजनों (पुत्री प्रिया खोण्डे और भाई प्रभाकर खोण्डे) से बेहद आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण

छत्तीसगढ़ महतारी चौक पर नमन

अपने प्रवास के दौरान डॉ. रमन सिंह सबसे पहले छत्तीसगढ़ महतारी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवं पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।

1971 के युद्ध के नायक शहीद खोण्डे को दी श्रद्धांजलि

इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष भाटापारा स्थित शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण किया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण

समारोह में कई दिग्गज रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक गरिमामय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के अध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और डॉ. सनम जांगड़े उपस्थित थे। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, जनप्रतिनिधिगणों के साथ-साथ बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा और भारी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज

छत्तीसगढ़ में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां तेज

 00 मुख्य सचिव ने ली उच्च स्तरीय बैठक, स्वस्थ आयु के लिए योग थीम निर्धारित 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी 21 जून को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम स्वस्थ आयु के लिए योग निर्धारित की गई है। आयोजन को व्यापक और सफल बनाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव  विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली और तैयारियों की समीक्षा की।
सरगुजा में होगा राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का संभावित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम सरगुजा जिले में आयोजित होगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इसके लिए सभी आवश्यक और पुख्ता तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक जन-भागीदारी
मुख्य सचिव  विकासशील ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य के सभी जिलों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रमुख स्थलों पर अनिवार्य रूप से योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आयुष विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। जिला स्तर पर अधिक से अधिक जन-सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नीट परीक्षार्थियों का रखा जाएगा विशेष ध्यान
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि 21 जून को ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा नीट की पुन: परीक्षा भी आयोजित की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि योग दिवस के आयोजनों के कारण नीट परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा या तकलीफ न हो।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी और डिजिटल पंजीयन

आयुष विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा इस बार व्यापक जनभागीदारी के निर्देश हैं। 14 जून 2026 से सुबह 6.15 बजे से 7.35 बजे तक ऑनलाइन योग अभ्यास सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 जारी किया गया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर आसानी से पंजीयन कराया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि आयुष मंत्रालय द्वारा योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। जिसके माध्यम से विभिन्न संस्थाएं, विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय, स्वायत्तशासी संस्थाएं, सार्वजनिक उपक्रम योग संस्थान एवं सामुदायिक संगठन दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों के लिए पंजीयन एवं कार्यक्रम के उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ अपलोड किये जा सकते है। शासन के समस्त विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त एवं कलेक्टरों को अधीनस्थ संस्थाओं, कार्यालयों को उक्त पोर्टल पर पंजीयन कराने एवं आयोजन उपरांत कार्यक्रम की जानकारी पोर्टल में अपलोड करने हेतु निर्देशित करने कहा गया है। पंजीयन हेतु वेब पोर्टल https//:yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam है। मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद समेत नगरीय प्रशासन, वाणिज्यिक कर, कृषि, श्रम और आयुष विभाग के सचिव एवं योग आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CG DMF Scam Case : रायपुर, दुर्ग समेत छत्तीसगढ़ में 5 अलग – अलग जिलों में ED की रेड

CG DMF Scam Case : रायपुर, दुर्ग समेत छत्तीसगढ़ में 5 अलग – अलग जिलों में ED की रेड

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ के 5 अलग-अलग जिलों में आज प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड मारी है। DMF घोटाले से जुड़े कारोबारियों और ठेकेदारों के घर छापेमारी की गई है। इनमें रायपुर, दुर्ग, धमतरी, अंबिकापुर और महासमुंद सहित कई ठिकाने शामिल है।

रायपुर के वल्लभ नगर में कारोबारी शाश्वत लुणावत, सरगुजा में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के फर्म मानसून एग्रो और धमतरी जिले में ठेकेदार दीपेश गांधी के आवास पर दबिश दी गई है। ED की टीम यहां डॉक्यूमेंट्स और पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है।

कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता के घर छापा

जानकारी के मुताबिक, राकेश गुप्ता कृषि विभाग के बड़े सप्लायर हैं। वे कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। मंगलवार (16 जून) सुबह ईडी की टीम सरगुजा पहुंची और उनके फर्म मानसून एग्रो में दबिश दी। जहां फर्म के डॉक्यूमेंट, डिजिटल और सप्लाई के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के कार्यकाल में राकेश गुप्ता के फर्म से की गई सप्लाई की जांच की जा रही है।

धमतरी में ठेकेदार के परिवार वालों का मोबाइल जब्त

ईडी की टीम सुरक्षा बलों के साथ 2 गाड़ियों में धमतरी पहुंची और कोतवाली थाना क्षेत्र के आमापारा वार्ड स्थित दीपेश गांधी के निवास पर जांच शुरू की। मकान के अंदर 6 अधिकारी दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटे हुए हैं।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान टीम ने घर में मौजूद परिवार वालों का मोबाइल कब्जे में लिया है। साथ ही पैसों के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। बता दें कि दीपेश गांधी पेशे से ठेकेदार है। वह अलग-अलग सरकारी और निजी परियोजनाओं में बड़े ठेकेदारों के साथ काम करता है।

क्या है DMF घोटाला

प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई जानकारी के मुताबिक ED की रिपोर्ट के आधार पर EOW ने धारा 120 बी 420 के तहत केस दर्ज किया है। इस केस में यह तथ्य निकल कर सामने आया है कि डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड कोरबा के फंड से अलग-अलग टेंडर आवंटन में बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं की गईं है। टेंडर भरने वालों को अवैध लाभ पहुंचाया गया।

ED के तथ्यों के मुताबिक टेंडर करने वाले संजय शिंदे, अशोक कुमार अग्रवाल, मुकेश कुमार अग्रवाल, ऋषभ सोनी और बिचौलिए मनोज कुमार द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर नाम के लोगों के साथ मिलकर पैसे कमाए गए।

25 से 40 प्रतिशत का कमीशन

ED की जांच से पता चला कि ठेकेदारों ने अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं को भारी मात्रा में कमीशन का भुगतान किया है, जो कि कांट्रैक्ट का 25% से 40% तक था। रिश्वत के लिए दी गई रकम की एंट्री विक्रेताओं ने आवासीय (अकोमोडेशन) के रूप में की थी।

मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ED

मनी लॉन्ड्रिंग की बात सामने आने के बाद ED जांच कर रही है। DMF वित्त पोषित एक ट्रस्ट है, जिसे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में खनन से संबंधित परियोजनाओं और गतिविधियों से प्रभावित लोगों के लाभ के लिए काम करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक है, मानव बुद्धि का विकल्प नहीं - डेका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक है, मानव बुद्धि का विकल्प नहीं - डेका

 00 समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया राज्यपाल ने

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज डॉ सी.वी. रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  डेका ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ तकनीक भी निरंतर विकसित हो रही है। ऐसे समय में तकनीक का उपयोग मानव कल्याण, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए होना चाहिए।

एआई और अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार तथा समाज हित में करें
राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक युग की एक महत्वपूर्ण तकनीक है, जो चिकित्सा, कृषि, अर्थव्यवस्था और शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में मानव की सहायक बन सकती है, लेकिन यह मानव बुद्धि, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती। तकनीक को जीवन में सहायक के रूप में अपनाया जाना चाहिए न कि उसे किसी खतरे के रूप में स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई और अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार तथा समाज हित के कार्यों में करें। अपने संबोधन में उन्होंने इंटरनेट के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ नकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। डिजिटल एडिक्शन न हो यह कोशिश करनी चाहिए।

आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग
राज्यपाल ने कहा कि मानव सभ्यता का विकास सदैव नवाचार और वैज्ञानिक खोजों के माध्यम से हुआ है। जिस प्रकार अग्नि की खोज ने मानव जीवन को नई दिशा दी, उसी प्रकार आधुनिक विज्ञान और तकनीक भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग है। स्टार्टअप और नवाचार केवल आर्थिक प्रगति के साधन नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम भी हैं। नवाचार के जरिए दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाया जा सकता है, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं तथा समाज को नई संभावनाओं से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और इको-फ्रेंडली जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपनाना आज की आवश्यकता है। 
भारत के गांवों तक तकनीक और नवाचार का लाभ पहुंचाना समय की आवश्यकता

छत्तीसगढ़ की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक समृद्ध आदिवासी संस्कृति और अपार संभावनाओं वाला राज्य है। यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और अवसरों से जोडऩे की है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि, वन उत्पाद, उद्योग और सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देना होगा। राज्यपाल ने कहा कि भारत के गांवों तक तकनीक और नवाचार का लाभ पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

सरकार युवाओं को हर तरह से सक्षम बनाने का कर रही है प्रयास
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई की पढ़ाई प्रारंभ की गई है। जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है इस तरह तकनीकी क्षेत्र में भी राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं। आज कंपनियों को जिस तरह के कोर्स की आवश्यकता है उसी के अनुरूप तकनीकी संस्थानों में कोर्स संचालित करने के प्रयास हो रहे हैं। सरकार युवाओं को हर तरह से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है जिससे युवा जाब मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बने।
राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने एआई के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव में पद्मश्री  अजय मांडवी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपना प्रेरक उदबोधन दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों को एआई की उपयोगिता, संभावनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी देगा, विशेष कर ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जेनरेटिव एआई की निशुल्क व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब तैयार किया गया है।

कौशल रथ व एआइ पर आधारित पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर राज्यपाल ने आईसेक्ट के वार्षिक प्रतिवेदन एवं कौशल रथ व एआइ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक डॉ. ज्योति बाला गुप्ता और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने किया। इस कॉन्क्लेव में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, उद्योग एवं बैंक के अधिकारी, आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उद्यमी उपस्थित रहे।