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अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

 अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित महिमा राजपूत को मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित रायपुर की प्रतिभाशाली छात्रा महिमा राजपूत को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में 108 देशों के विद्यार्थियों के साथ इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होना न केवल महिमा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिमा राजपूत ने अपनी लगन, प्रतिभा और समर्पण से अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अवसर मिलने पर वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महिमा की यह प्रेरणादायी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिमा राजपूत को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने की सौजन्य मुलाकात

 आदिवासी संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में डॉ. बुधरी ताती के योगदान की मुख्यमंत्री ने की सराहना*

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शनिवार की देर शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. ताती के दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा, लोक परंपराओं के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कार्यों के लिए समर्पित किया है। उनका सेवा भाव, समर्पण और सामाजिक योगदान पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. बुधरी ताती ने चार दशक से अधिक समय तक बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत कार्य किया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना मन की बात: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना मन की बात: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 प्रधानमंत्री की 'मन की बात विकसित भारत के संकल्प को देती है नई ऊर्जा  

 मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी प्रधानमंत्री की 'मन की बात की 135वीं कड़ी

रायपुर / मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 'मन की बात आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात की अनेक कडिय़ों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री  मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा 'हरगिला आर्मी के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में 'ब्रह्मकमल डोमिनिकाना के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष  दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने,  अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।

CG : मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर तीनों की दर्दनाक मौत

CG : मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर तीनों की दर्दनाक मौत

 जांजगीर-चांपा । जांजगीर-चांपा जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा बलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरी-कोरबी से गुजरने वाले भारतमाला मार्ग पर हुआ, जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम डोंगरी-कोरबी निवासी 62 वर्षीय दलहरण दास वैष्णव, 52 वर्षीय केदार बरेट और 70 वर्षीय संतु यादव रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दे दी है।
बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार वाहन और चालक की तलाश में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
 
 
छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बारिश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब तेजी से सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के शेष हिस्सों में अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून पहुंच जाएगा। वहीं, आगामी सात दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने रविवार के लिए सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हालांकि राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मुंगेली में 5 सेंटीमीटर और दरभा में 4 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, राजनांदगांव में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

सहकार से समृद्धि” केवल नारा नहीं बल्कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है – मंत्री केदार कश्यप

सहकार से समृद्धि” केवल नारा नहीं बल्कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है – मंत्री केदार कश्यप

 पत्रकार वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने दी सहकारिता सप्ताह-2026 की विस्तृत जानकारी

सहकारिता सप्ताह को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, प्रदेशभर में होंगे विविध आयोजन

सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 29 जून से 6 जुलाई तक मनाया जाएगा “सहकारिता सप्ताह-2026 सरकार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर एवं सहकार मेला

जगदलपुर। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में “सहकारिता सप्ताह-2026” मनाया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज शनिवार को स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को दी।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता सप्ताह को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जनभागीदारी आधारित अभियान का स्वरूप दिया जाएगा। राज्य के प्रत्येक जिले, विकासखंड एवं सहकारी समिति स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर किसानों, युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, लघु वनोपज संग्राहकों, बुनकरों तथा ग्रामीण उद्यमियों को सहकारिता आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि “सहकार से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है। सरकार का लक्ष्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करे।

मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश की 2573 प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों में सहकारी ध्वजारोहण, सदस्यता अभियान, माइक्रो एटीएम एवं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा रू-पे केसीसी कार्ड वितरण, सहकार दौड़, वृक्षारोपण, मृदा परीक्षण, कृषक संगोष्ठियां, एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर परिचर्चा सहित अनेक जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने अवगत कराते हुये कहा कि 3 एवं 4 जुलाई को रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी आयोजित होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप करेंगे। कार्यक्रम में पैक्स, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज, बुनकर एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के साथ नाबार्ड, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नैफेड, सीएससी, इफको, कृभको, राज्य सहकारी संघ सहित अनेक राष्ट्रीय संस्थाएं भाग लेंगी।

मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकार मेले में केवल योजनाओं और आंकड़ों का प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि सहकारिता से लाभान्वित किसानों, महिला समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों की सफलता की कहानियां, मूल्य संवर्धन, डिजिटल सेवाएं, आधुनिक तकनीक, नवाचार तथा बेहतर विपणन मॉडल भी प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि आम नागरिक सहकारिता की वास्तविक शक्ति और उसके सकारात्मक प्रभाव को समझ सकें।

उन्होंने कहा कि सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर 6 जुलाई को भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की 9 पैक्स समितियों में गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा, जिससे ग्रामीण भंडारण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकारी सप्ताह की तैयारियों को लेकर उन्होंने पूर्व में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेने के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की पैक्स समितियों एवं संभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने सभी सहकारी संस्थाओं से आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मंत्री केदार कश्यप ने सहकारिता विभाग द्वारा किसानों, ग्रामीणों एवं सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं, डिजिटल पहलों और भविष्य की कार्ययोजना की भी विस्तृत जानकारी साझा की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जगदलपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक रंजीत पाण्डेय, आलोक अवस्थी, दिनेश के.जी., ब्रिजेश शर्मा, रोशन झा एवं जिला सहकारी बैंक के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज निभाए अग्रणी भूमिका : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज निभाए अग्रणी भूमिका : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के नव निर्माण में समाज की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने यह बात आज नारायणपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद कुछ लोग यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि अब जंगलों की कटाई होगी या बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने समाज प्रमुखों से ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने और लोगों को सही जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के नवनिर्माण का जिम्मा अब बस्तर के युवाओं के मजबूत कंधों पर टिका है और  सरकार विकास के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि समाज के भीतर आदिवासी परंपरा का पालन करने वाले लोगों और उससे अलग हो चुके लोगों के बीच अनावश्यक द्वंद की स्थिति बन रही है। यह समाज के हित में नहीं है। समाज प्रमुखों को आगे आकर आपसी वैमनस्य समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक स्थलों एवं देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में शासन और प्रशासन के सहयोग से देवभूमियों का सफलतापूर्वक चिन्हांकन कराया जा रहा है। इसी तर्ज पर नारायणपुर में भी सभी समाज प्रमुख मिलकर एक समिति का गठन करें, ताकि सामाजिक एवं धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन शीघ्र पूरा हो सके और भविष्य में उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक के दौरान समाज प्रमुखों द्वारा गढ़िया बाबा के देवस्थल के संरक्षण का विषय उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तत्काल बाउंड्री वॉल, नलकूप तथा सोलर लाइट की व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उप मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण को समाज का साझा दायित्व बताते हुए कहा कि जंगलों को बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपजों का संग्रहण एवं दोहन किया जाए तो वन भी सुरक्षित रहेंगे और ग्रामीणों को खेती की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से इस विषय पर गांव-गांव लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।

उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।  शर्मा ने कहा कि जैविक कृषि अपनाने से लोगों का खुद का  स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और जैविक उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के निर्देशानुसार बस्तर में सहकारी रूप से दुग्ध उत्पादन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अबूझमाड़ की पहाड़ी क्षेत्रों में स्थाई कृषि को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अबूझमाड़ के 10-10 युवाओं का दल बनाकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों का शैक्षणिक भ्रमण कराकर ऊंचाइयों पर खेती के आधुनिक कृषि तकनीक सिखाने को कहा। उन्होंने अबूझमाड़ के ग्रामों में पर्यटन को विकसित करने के लिए होम स्टे विकसित करने को कहा ताकि ग्रामीणों को स्थायी आय का नया माध्यम प्राप्त हो सके।

बैठक में समाज प्रमुखों ने क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकास संबंधी समस्याओं और सुझावों से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सभी की बातों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से ही नक्सल मुक्त बस्तर का समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य तैयार किया जा सकेगा।

इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्षनारायण मरकाम, ओरछा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष  मंगलूराम नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटे डोंगर की सरपंच संध्या पवार, पुलिस महानिरीक्षक  सुंदरराज पी., पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 
शहादत को नमन : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

शहादत को नमन : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा स्थित शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा एवं जनसेवा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मंत्री राजवाड़े ने शहीद की माताजी से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य धरोहर है तथा उनके परिवारों का सम्मान और संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों को शहीद परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए शहीद की माताजी के लिए अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने को कहा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, विश्वास और शांति के नए युग की ओर अग्रसर है। ऐसे समय में प्रदेश के वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का दायित्व है। शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए राज्य  सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,,सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करें

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,,सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करें

 रायपुर--प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घर-घर में सौर ऊर्जा का उपयोग करके बिजली बिल में कमी लाना है। इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के सभी उपभोक्ताओं को अपने आवासीय परिसरों में रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने की सलाह दी जाती है।

योजना के लाभ

सोलर प्लांट की क्षमता के अनुसार केंद्र और राज्य शासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। जैसे कि 1 केवी प्लांट के लिए 45,000 रूपए। जिसमें केंद्र का 30,000 और  राज्य 15,000 अनुदान होगा। इसी प्रकार 2 केव्ही प्लांट के लिए 90,000 रूपए। इनमें केन्द्र का 60,000, राज्य का 30,000, 3 केवी प्लांट या अधिक के लिए 1,08,000 इनमें केन्द्र का 78,000, राज्य 30,000 अनुदान होगा। बैंक द्वारा लोन की सुविधा 3 केवी तक क्षमता के सोलर प्लांट के लिए 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों के लिए लोन उपलब्ध है, जिसका मासिक ईएमआई सामान्य मासिक बिल से कम है।

पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना ऑनलाइन पोर्टल पर लॉग ऑन कर या नजदीकी वितरण केन्द्रों, उप-संभाग, संभागीय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। प्रति केव्ही कुल खर्च लगभग 65,000 है। इस योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं और सौर ऊर्जा का उपयोग करके पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान कर सकते हैं।

सुशासन तिहार के दौरान जिले मेें प्राप्त 507 आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण

सुशासन तिहार के दौरान जिले मेें प्राप्त 507 आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण

 रायपुर- सुशासन तिहार केवल शिकायतों के समाधान का मंच नहीं, बल्कि गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में पशुधन विकास विभाग ने पशुपालन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी ग्रामीणों की सभी मांगों का समयबद्ध निराकरण कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

जिला प्रशासन अंबिकापुर द्वारा सुशासन तिहार के दौरान जिलेभर से प्राप्त 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया। इनमें बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन तथा अन्य पशुपालन गतिविधियों से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

जिले के जनपद पंचायतवार प्राप्त आवेदनों में लखनपुर से सर्वाधिक 96 आवेदन, मैनपाट से 84, सीतापुर से 81, बतौली से 70, अम्बिकापुर से 67, उदयपुर से 66 तथा लुंड्रा से 43 आवेदन प्राप्त हुए। सभी जनपदों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया।

पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार एवं वैज्ञानिक पालन-पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ प्रदान करना ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों को सफल पशुपालक के रूप में विकसित करना भी है।

पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टिकोण के साथ सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रू सरल, सादगी और संवेदनशीलता के साथ विकास यात्रा का सशक्त नेतृत्व

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रू सरल, सादगी और संवेदनशीलता के साथ विकास यात्रा का सशक्त नेतृत्व

 -  तेजबहादुर सिंह भुवाल, सहा. जनसंपर्क अधिकारी

रायपुर-किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और जनसेवा की भावना से जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री  साय का सार्वजनिक जीवन सादगी, जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनवासियों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझा और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सत्ता के शीर्ष पद पर होने के बावजूद उनकी सादगी और सहजता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

मुख्यमंत्री  साय आम जनता से सीधे संवाद को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। जनदर्शन, सुशासन तिहार और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से वे स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करते हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, बच्चों के प्रति स्नेह तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है।  

आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री  साय अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं। गांवों में बैठकर लोगों से चर्चा करना, उनकी समस्याओं को समझना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। 

पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, निवेश और सुशासन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा है।  राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 8,200 करोड़ रूपये का बजट महतारी वंदन योजना के लिए आवंटित किया है। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है।  

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। राज्य सरकार ने धान खरीदी को प्राथमिकता देते हुए किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की तथा लाखों किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाया।  

प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल करते हुए लाखों आवासों को स्वीकृति प्रदान की। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तेज गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश में लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

बस्तर के जंगलों में उत्पादित होने वाले तेंदूपत्ता, आदिवासी समाज की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसी तेंदूपत्ता के सहारे हजारों गांवों में गर्मियों के महीनों में रोज़गार मिलता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं, जिससे परिवार की कुल आय में संतुलन बनता है। यही वजह है कि तेंदूपत्ता संग्रहण को सरकार ग्रामीण रोजगार का मजबूत जरिया मानती है। राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी रहत देते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर में अहम बदलाव किया है। पूर्व में मिलने वाली राशि को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया है। यह बढ़ोतरी सीधे-सीधे संग्राहकों लाभ पहुंचा रही है। जानकारों के अनुसार पहले बढ़ती महंगाई के मुकाबले संग्रहण की दर कम पड़ रही थी, लेकिन नई दर से मजदूरी और मेहनत का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशील पुनर्वास और विकास पर भी समान रूप से कार्य कर रही है। नक्सली सरेंडर, विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025 के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर तथा आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक और मुख्यधारा से जुड़ा जीवन प्रदान किया जा रहा है।

एक नवंबर 2024 से लागू छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 राज्य को निवेश और उद्योगों के लिए नई पहचान दे रही है। न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सिद्धांत पर आधारित यह नीति उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाती है।

व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध स्वीकृति और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उद्यमियों को कम समय में आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त हो रही हैं और कारोबार करने में सुगमता बढ़ी है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मजबूत और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में रेल, सड़क और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हुई है।

छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का निरंतर उन्नयन, नई सड़कों और पुलों का निर्माण तथा दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोडऩे के प्रयासों ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। इससे माल परिवहन की लागत और समय में कमी आई है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

राज्य शासन की पहल से रेल नेटवर्क के विस्तार और नई रेल परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों, खनिज संपदा वाले इलाकों और प्रमुख शहरों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, हवाई सेवाओं के विस्तार, नए एयर रूट और बेहतर विमानन सुविधाओं से राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच और भी मजबूत हुई है। बेहतर परिवहन अवसंरचना के कारण छत्तीसगढ़ आज निवेश, व्यापार और पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बन रहा है। यह मजबूत कनेक्टिविटी राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। योजनाओं में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की आधारशिला बनाया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित जांच, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, तथा अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी को तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हुई हैं। इसके लिए ई-ऑफिस, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाया गया है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश में कही भी औचक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन द्वारा नियमित औचक निरीक्षणों के माध्यम से जिलों के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों और विभिन्न विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा रहा है।

इन निरीक्षणों के दौरान लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन बढ़ा है और अधिकारियों की जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।

औचक निरीक्षणों के परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आया है तथा जनता का शासन व्यवस्था पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

सुशासन की इसी कार्य पद्धति के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करे तथा शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। सुशासन, पारदर्शिता, निवेश, अधोसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और औद्योगिक विकास को केंद्र में रखकर राज्य में व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क, डिजिटल शासन, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, किसानों और महिलाओं के हित में लागू योजनाएँ तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

राज्य सरकार का संकल्प है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित एवं समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विकसित छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, सशक्त और खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर नए अवसरों, नई उपलब्धियों और नई संभावनाओं के साथ विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील हृदय और सशक्त नेतृत्व यही मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहचान है, जो छत्तीसगढ़ को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर कर रही है।

Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: जिले में कई थाना प्रभारियों का हुआ तबादला, देखे लिस्ट

Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: जिले में कई थाना प्रभारियों का हुआ तबादला, देखे लिस्ट

 दुर्ग।  दुर्ग जिले में पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने शनिवार को तबादला आदेश जारी करते हुए जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं में पदस्थ 10 पुलिस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। इस बदलाव का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाना बताया जा रहा है।

जारी आदेश के अनुसार वैशाली नगर थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा को स्थानांतरित कर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं स्क्रैप चोरी मामले की जांच को लेकर चर्चा में रहे निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज को सुपेला थाना का प्रभार दिया गया है।

इसके अलावा नियंत्रण कक्ष में पदस्थ उप निरीक्षक महेश ध्रुव का एक महीने के भीतर दूसरी बार तबादला किया गया है। उन्हें अब धमधा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

आदेश के तहत उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को छावनी थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि उप निरीक्षक अमित अंदानी का तबादला स्मृति नगर थाना किया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सभी तबादले प्रशासनिक कारणों और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। नई पदस्थापना के बाद सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

देखें आदेश की कॉपी

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

 उप मुख्यमंत्री  शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा किसकोड़ो - उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर--- कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

       गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।

जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे "भारत माता की जय" के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी  आकाश श्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ  हरेश मंडावी, एडीएम  एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़  राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

CG : पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग की बढ़ी जिम्मेदारी, FSL संचालक का मिला अतिरिक्त प्रभार

CG : पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग की बढ़ी जिम्मेदारी, FSL संचालक का मिला अतिरिक्त प्रभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने पुलिस महकमे में महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अंकित कुमार गर्ग (भापुसे-2004) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL), रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

वहीं, सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक एस.सी. द्विवेदी, जो संविदा पर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, उन्हें संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी यह आदेश 23 जून 2026 से प्रभावी माना जाएगा। आदेश अवर सचिव डी.एस. ध्रुवे द्वारा जारी किया गया है।

डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन : मंत्री राजेश अग्रवाल

डिजिटल दुनिया से विश्व पटल तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का पर्यटन : मंत्री राजेश अग्रवाल

 लखनपुर में सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

युवा डिजिटल क्रिएटर्स से संवाद कर पर्यटन, संस्कृति और स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाने का किया आह्वान

रायपुर-- छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से लखनपुर (अंबिकापुर) में आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर मीट में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए डिजिटल क्रिएटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों, लोक संस्कृति और जनजातीय जीवन की सकारात्मक एवं प्रेरणादायी कहानियों को व्यापक स्तर पर साझा करने का आग्रह किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यम लोगों तक पहुंचने का सबसे प्रभावी मंच बन चुका है। सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और पर्यटन को नई पहचान दिलाने का सशक्त उपकरण भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, धार्मिक आस्था, वन्यजीव और जनजातीय जीवन का अद्भुत संगम है, जिसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने में डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी

उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स से आग्रह किया कि वे अपनी रचनात्मक सामग्री के माध्यम से चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़, कांगेर घाटी, सिरपुर, भोरमदेव, रामगढ़, मैनपाट, बारसूर, चंद्रखुरी, दंतेवाड़ा सहित प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों की विशेषताओं को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करें, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल किसी स्थान का प्रचार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के रोजगार, हस्तशिल्प, लोक कला, संस्कृति और आर्थिक समृद्धि से भी सीधे जुड़ा हुआ क्षेत्र है।

संवाद के दौरान  राजेश अग्रवाल ने स्वच्छता को सफल पर्यटन की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए कहा कि स्वच्छ पर्यटन स्थल ही पर्यटकों के मन में स्थायी छाप छोड़ते हैं। उन्होंने सभी डिजिटल क्रिएटर्स से अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यटन स्थलों पर साफ-सफाई बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का संकल्प ले, तो छत्तीसगढ़ देश के सबसे स्वच्छ और आकर्षक पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आगामी 29 एवं 30 जून को सरगुजा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थल रामगढ़ में आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स एवं डिजिटल क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से रामगढ़ महोत्सव की विशेषताओं, ऐतिहासिक महत्व, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, स्थानीय लोक कला और पर्यटन आकर्षणों को देशभर के लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है और यह महोत्सव छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से बड़ी संख्या में पर्यटक एवं संस्कृति प्रेमी रामगढ़ महोत्सव से जुड़ेंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास केवल पर्यटन स्थलों का विकास करना नहीं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाना है। सोशल मीडिया के माध्यम से हमारे युवा इस अभियान के सशक्त भागीदार बन सकते हैं। मुझे विश्वास है कि डिजिटल क्रिएटर्स के सहयोग से छत्तीसगढ़ की सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और हमारे प्रमुख पर्यटन आयोजनों की पहचान दुनिया के हर कोने तक पहुंचेगी।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक आयोजनों के संरक्षण, धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन, जनजातीय संस्कृति के संवर्धन तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। राज्य के प्रत्येक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल को बेहतर सड़क, मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक प्रचार-प्रसार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पर्यटकों को विश्वस्तरीय अनुभव उपलब्ध कराया जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा हुई। बताया गया कि राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और समग्र आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम मानते हुए प्रदेश के प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण एवं विकास के साथ-साथ उनके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश के पर्यटन स्थलों का समग्र विकास, आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण, सांस्कृतिक आयोजनों का विस्तार तथा डिजिटल माध्यमों से वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ की पहचान स्थापित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स ने भी प्रदेश के पर्यटन स्थलों को नवीन एवं रचनात्मक शैली में प्रस्तुत करने, सकारात्मक सामग्री तैयार करने, स्वच्छता और जिम्मेदार पर्यटन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ आगामी रामगढ़ महोत्सव का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का विश्वास दिलाया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की उप महाप्रबंधक पूनम शर्मा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए डिजिटल क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर्स उपस्थित रहे। यह संवाद कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख आयोजनों को डिजिटल माध्यमों से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि जनसहभागिता और आधुनिक डिजिटल संचार के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए।

 

छत्तीसगढ़ में खाद खरीदने की टोकन व्यवस्था खत्म, किसानों को मिलेगी सीधी सुविधा

छत्तीसगढ़ में खाद खरीदने की टोकन व्यवस्था खत्म, किसानों को मिलेगी सीधी सुविधा

 रायपुर। खरीफ सीजन के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए खाद वितरण की टोकन व्यवस्था समाप्त कर दी है। अब किसानों को खाद खरीदने के लिए टोकन लेने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे सहकारी समितियों और निर्धारित केंद्रों से अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि प्रदेश में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसी को देखते हुए सरकार ने टोकन प्रणाली खत्म करने का निर्णय लिया है, ताकि किसानों को अनावश्यक इंतजार या बार-बार केंद्रों के चक्कर न लगाने पड़ें। अब तक किसानों को चरणबद्ध तरीके से टोकन जारी कर खाद उपलब्ध कराई जाती थी। कई किसानों को तीन अलग-अलग टोकन के माध्यम से खाद लेना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त खपत होती थी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसान एक ही बार में अपनी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद खरीद सकेंगे। सरकार का कहना है कि प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का दावा है कि इस फैसले से खरीफ सीजन के दौरान खाद वितरण व्यवस्था अधिक सरल, तेज और सुविधाजनक बनेगी तथा किसानों को खेती के कार्यों में राहत मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज, बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी

छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की तैयारी तेज, बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में बड़े व्यास की ड्रिलिंग को मंजूरी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में आयोजित बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी देते हुए लार्ज डायमीटर (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का निर्णय लिया गया। यह कदम इस क्षेत्र में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की तथा निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरा भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा। इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत) का संयुक्त उपक्रम है। कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर केंद्रित रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद यह बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। एनसीएल द्वारा स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप की पहचान की गई। इसके बाद लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए। इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है।

बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि प्रारंभिक चरण में इस प्रकार की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है। इसलिए बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है। बैठक में राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे चरणबद्ध रूप से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है।

बैठक में यह भी दोहराया गया कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक सौरभ सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। बलौदा-बेलमुंडी की हीरा परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।

CG – शिक्षक को पांच साल की कैद, छात्रा के साथ की थी ये हरकत, स्पेशल कोर्ट ने सुनाई सजा

CG – शिक्षक को पांच साल की कैद, छात्रा के साथ की थी ये हरकत, स्पेशल कोर्ट ने सुनाई सजा

 महासमुंद।  शिक्षा जगत को शर्मसार कर देने वाले शिक्षक को फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। नाबालिग छात्रा के साथ अशोभनीय हरकत और बैड टच एक मामले की सुनवाई की है। कोर्ट ने अपने फैसले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है, आरोपी शिक्षक ने अपने पद और गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते का गंभीर दुरुपयोग किया।

अपर सत्र न्यायाधीश मोनिका जायसवाल के कोर्ट ने आरोपी शिक्षक गणेशराम चंद्राकर को पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 के तहत पांच वर्ष सश्रम कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

कोर्ट ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 74 के तहत तीन वर्ष सश्रम कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर तीन महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने दोनों सजाओं को एकसाथ चलाने का निर्देश दिया है।

दरअसल 8 जनवरी 2025 को पीड़ित छात्रा ने महासमुंद थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। छात्रा ने बताया कि गणित की कक्षा के दौरान शिक्षक ने कथित तौर पर नशे की हालत में उसके साथ बेड टच किया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पूरी की। जांच के बाद आरोपी शिक्षक के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट पेश की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, आरोपी शिक्षक का कृत्य गुरु-शिष्य जैसे सम्मानजनक रिश्ते की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। कोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक तेजेंद्र चंद्राकर ने पैरवी की।

बीयर प्रेमियों के लिए खुशखबरी : अब छत्तीसगढ़ में भी मिलेगी क्राफ्ट बीयर, राज्य सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने की दी मंजूरी…

बीयर प्रेमियों के लिए खुशखबरी : अब छत्तीसगढ़ में भी मिलेगी क्राफ्ट बीयर, राज्य सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने की दी मंजूरी…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीयर पीने वालों के लिए खुशखबरी है। अब प्रदेश में अलग-अलग फ्लेवर वाली फ्रेश (क्राफ्ट) बीयर मिलने वाली है। राज्य सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद आबकारी विभाग लाइसेंस जारी करेगा। लाइसेंस के लिए 10 लाख फीस होगी। 4 हजार वर्गफीट परिसर होना जरूरी होगा।

सरकार का कहना है कि इससे लोगों को नया विकल्प मिलेगा और होटल-रेस्टोरेंट कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सरकार की आय भी बढ़ेगी। माइक्रो ब्रुअरी में सीमित मात्रा में ताजा बीयर तैयार की जाती है और उसे उसी परिसर में मौजूद रेस्तरां या ग्राहकों को परोसा जाता है। कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और गोवा जैसे राज्यों में माइक्रो ब्रुअरी पहले से चल रही हैं। खासकर बेंगलुरु को देश की ‘क्राफ्ट बीयर कैपिटल’ माना जाता है। अब छत्तीसगढ़ भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है।

ताजा परोसा जाता है क्राफ्ट बीयर

क्राफ्ट बीयर छोटे बैच में तैयार की जाती है, इसलिए इसके स्वाद, गुणवत्ता और ताजगी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। इसमें बेहतर गुणवत्ता वाले माल्ट, हॉप्स और अन्य प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि इसका स्वाद सामान्य फैक्ट्री में बनने वाली बीयर से अलग होता है। इसमें अलग-अलग फ्लेवर भी मिलते हैं और इसे ताजा परोसा जाता है।

4 हजार वर्गफीट जगह जरूरी, लाइसेंस फीस 10 लाख सालाना

सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी खोलने के लिए कुछ नियम भी तय किए हैं। ब्रुअरी और उससे जुड़े रेस्तरां का कुल क्षेत्रफल कम से कम 4 हजार वर्गफीट होना चाहिए। इसके अलावा भवन में फायर सेफ्टी, मशीनों की सुरक्षा और अन्य सभी जरूरी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। नई नीति के तहत माइक्रो ब्रुअरी संचालकों को हर साल 10 लाख रुपए लाइसेंस फीस देनी होगी। एक माइक्रो ब्रुअरी को प्रतिदिन अधिकतम 1 हजार लीटर क्राफ्ट बीयर बनाने की अनुमति होगी। पहले जहां सालाना लाइसेंस फीस 25 लाख रुपए थी, उसे घटाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है। हालांकि, लाइसेंस लेने के साथ ही कारोबारियों को लाइसेंस फीस का 25% हिस्सा सुरक्षा राशि के रूप में पहले से जमा करना होगा।

एक गिलास की कीमत 250 से 300 रुपए तक

सरकार ने माइक्रो ब्रुअरी में तैयार होने वाली क्राफ्ट बीयर पर 60 रुपए प्रति बल्क लीटर उत्पाद शुल्क तय किया है। वहीं एक गिलास क्राफ्ट बीयर की अनुमानित कीमत 250 से 300 रुपए के बीच हो सकती है। सरकार का मानना है कि माइक्रो ब्रुअरी शुरू होने से होटल, रेस्तरां और पर्यटन क्षेत्र को फायदा मिलेगा। नए निवेश आएंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य को लाइसेंस फीस और उत्पाद शुल्क के रूप में अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।

छत्तीसगढ़ के 32 हजार से ज्यादा स्कूलों को 84.29 करोड़ की सौगात, विभाग ने जारी किए निर्देश

छत्तीसगढ़ के 32 हजार से ज्यादा स्कूलों को 84.29 करोड़ की सौगात, विभाग ने जारी किए निर्देश

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा ने प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के संचालन एवं रखरखाव के लिए 84 करोड़ 29 लाख 90 हजार रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की है।

जारी आदेश के अनुसार, इस राशि का लाभ प्रदेश के 32,295 प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों को मिलेगा। अनुदान राशि का उपयोग स्कूलों के दैनिक संचालन, रखरखाव, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

राज्य सरकार का उद्देश्य स्कूलों में शैक्षणिक वातावरण को सुदृढ़ करना, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा विद्यालयों के नियमित संचालन में आने वाली व्यावहारिक जरूरतों को पूरा करना है। समग्र शिक्षा के तहत जारी यह राशि सभी पात्र स्कूलों तक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहुंचाई जाएगी।

 

 
 
CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार से मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले सात दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में तीन अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से प्रदेशभर में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। इसके चलते अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों में भी पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है।

विभाग का कहना है कि कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं गरज-चमक के दौरान वज्रपात की घटनाएं भी होने की आशंका है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आएगी और खरीफ फसलों की बुआई में मददगार साबित होगी। हालांकि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

CG – दोस्त ने ली दोस्त की जान : पहले खाना खिलाया, शराब पिलाई… फिर उतारा मौत के घाट

CG – दोस्त ने ली दोस्त की जान : पहले खाना खिलाया, शराब पिलाई… फिर उतारा मौत के घाट

 दुर्ग। जिले में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ते ही जा रहा है। इस बिच दोस्त ने मामूली सी बात पर होने ही दोस्त की हत्या कर दी। उसके सिर सब्बल से ताबड़तोड़ वार उसे मौत के घाट उतार दिया। फिर सबुत मिटाने के लिए सब्बल और पहने हुए कपड़ों को तालाब में फेंक दिया। मामला जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम डूमर का है। वारदात गुरुवार (25 जून) रात की है। मृतक की पहचान पथरिया गाँव के रहने वाले चेतन ठाकुर (19) के रूप में हुई है। जबकि आरोपियों का नाम रोमनाथ उर्फ लालू यादव और राहुल कुर्रे है।

जानकारी के मुताबिक़, चेतन ठाकुर, लालू यादव और राहुल कुर्रे ने एक साथ शराब पी थी। उसके बाद सभी लालू यादव के घर खाना खाने गए। खाना खाने के दौरान चेतन ठाकुर गाली-गलौज करने लगा। इससे लालू यादव को गुस्सा आ गया। फिर क्या जब चेतन गांव के चबूतरे पर सो रहा था तब उसने उसकी सब्बल से मारकर हत्या कर दी। इसके बाद सब्बल, अपनी टी-शर्ट और जींस को पास के तालाब में फेंक दिया ताकि कोई पहचान न पाए। चेतन की खून से लथपथ लाश मिली। इसकी सूचना पुलिस को दी गयी. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। साथ ही डॉग स्क्वाड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।

स्थानीय लोगो से पूछताछ के आधार पर लालू यादव और राहुल कुर्रे को हिरासत में लिया गया। दोनों से सख्ती से पूछताछ की गयी जिसमे अपना गुनाह कुबूल किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।

नक्सलमुक्त बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने समाज प्रमुखों से मांगा सहयोग

नक्सलमुक्त बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने समाज प्रमुखों से मांगा सहयोग

 रायपुर: उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा द्वारा आज जिला पंचायत कांकेर सभाकक्ष में सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक लेकर बस्तर के नक्सल उन्मूलन के बाद चहुंमुखी विकास, सामाजिक एकता तथा आदिवासियों की पारंपरिक संस्कृति और विरासत को सहेजने, संरक्षित करने पर चर्चा की। जिसमें जिले में पेसा एक्ट का समुचित क्रियान्वयन और पारंपरिक देव स्थलों को संरक्षित करने जैसे विषयों पर द्विपक्षीय सकारात्मक चर्चा हुई। इस दौरान समाज प्रमुखों ने भी बारी बारी से सुझाव दिए।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में समाज प्रमुखों से कहा कि किसी समाज की परंपरा और सांस्कृतिक धरोहरों व पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। किसी बड़े लक्ष्य की सफलता समाज के सहयोग से ही संभव होती है और बस्तर में नक्सल उन्मूलन इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र की मुख्यधारा से टूट कर हिंसा का मार्ग अपनाने वाले युवाओं को वापस मुख्यधारा में लेकर आने में समाज प्रमुखों ने  सराहनीय कार्य किया, जिसमें सुरक्षा बलों और जवानों का सतत् सहयोग मिला, जिसके  फलस्वरूप आज बस्तर का लाल आतंक से मुक्त होना संभव हुआ। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि आज वर्षों से बंद मेला-मड़ई, बाजार, हाट अब आबाद होने लगे हैं। पहले जहां रिश्तेदार भी घर आने में डरते थे वे भी बेखौफ आने जाने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के इतने सालों के बाद भी वे पहली बार (नक्सलवाद से) आजाद होने का अनुभव कर रहे हैं।

सुविधा केंद्र के रूप में विकसित हो रहे अब सुरक्षा कैम्प

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि कतिपय बाहरी लोग स्थानीय लोगों में भ्रम फैला रहे हैं कि बस्तर के संसाधनों का दोहन किया जा रहा है। इस पर उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि बस्तर का विकास बस्तर के युवाओं और लोगों के द्वारा ही किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय संसाधनों का प्रयोग कर ही ग्रामों का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए शुरुआत के रूप में सुरक्षा कैम्पों को सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान द्वारा स्थानीय संसाधनों से ही विकसित किया जाएगा।

197 गांवों के देव स्थलों का राजस्व रिकॉर्ड

समाज प्रमुखों से चर्चा के दौरान शर्मा ने बताया कि इसी क्रम में अब बस्तर के देव स्थलों को संरक्षित करने के लिए 197 गांवों के देव स्थलों का राजस्व रिकॉर्ड में चिन्हांकन कर उसे स्थायी पंजीयन की व्यवस्था की जा रही है ताकि देव स्थलों को अच्छे से संरक्षित किया जा सके। उन्होंने बताया कि सरकार के द्वारा पेसा एक्ट को और भी सशक्त करने का कार्य किया गया है। इसके लिए पहली बार सरकार ने गांव गांव में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर पेसा मोबिलाइजर, कोऑर्डिनेटर रखने का कार्य किया जा रहा है।

नक्सलमुक्त बस्तर के चहुंमुखी विकास के लिए उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समाज प्रमुखों से मांगा सहयोग

जेल से भी पुनर्वास की व्यवस्था

समाज प्रमुखों की जेल में बंद भटके हुए युवाओं के पुनर्वास पर चिंता के संबंध में उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि हमने हर युवा को मुख्यधारा में लाने के लिए जेल से भी पुनर्वास की व्यवस्था की है। इसके लिए समाज को भी प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अब पुनर्वासित युवा खुद भी जेल में जाकर भटके युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अन्य मतों में जाने वाले लोगों के साथ सामाजिक स्तर पर चर्चा कर शांति स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा शासन द्वारा भोले भाले ग्रामीणों की रक्षा के लिए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक का निर्माण भी किया गया है।

इस अवसर पर सांसद  भोजराज नाग ने कहा कि समाज में वैचारिक चिंतन की आवश्यकता है, ग्रामों की संस्कृति के संरक्षण की जरूरत है। उन्होंने विकास के साथ स्थानीय लोगों का भी विकास के लिए कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि विकास के लिए समाज के प्रतिनिधि और प्रशासन के समन्वय के द्वारा आगे बढ़ना है।

सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे। उन्होंने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए समाज की सहभागिता से बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करने का विश्वास दिलाया।

इस अवसर राज्य हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, अंतागढ़ विधायक  विक्रम उसेंडी, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर सहित गोंडवाना समाज के अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग, सर्व आदिवासी समाज के जिला सचिव राजेश भास्कर सहित विभिन्न आदिवासी समाज के प्रमुखगण मौजूद थे।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का सुकमा दौरा: बच्चों के बीच बैठकर पढ़ी एबीसीडी

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का सुकमा दौरा: बच्चों के बीच बैठकर पढ़ी एबीसीडी

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शुक्रवार को सुकमा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान विभिन्न विभागीय संस्थानों का निरीक्षण कर जमीनी स्तर पर संचालित योजनाओं और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों के पोषण,  शिक्षा, महिला स्वावलंबन और आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास को राज्य सरकार की प्राथमिकता बताते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का सुकमा दौरा

दौरे की शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्र रोकेल और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) से हुई। मंत्री राजवाड़े ने बच्चों के बीच फर्श पर बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से एबीसीडी और पहाड़े सुने, उनकी पढ़ाई,  और दैनिक गतिविधियों की जानकारी ली तथा उन्हें फल और चॉकलेट वितरित कर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया और निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। एनआरसी में उन्होंने कुपोषित बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को केंद्र तक लाने पर विशेष जोर दिया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का सुकमा दौरा

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का सुकमा दौरा

इसके बाद मंत्री राजवाड़े ने कुम्हाररास स्थित इमली प्रसंस्करण केंद्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर अमित कुमार ने उन्हें केंद्र की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि यहां स्व-सहायता समूहों की लगभग 60 महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है और इमली से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मंत्री ने महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बताया तथा उत्पादन एवं विपणन को और मजबूत करने पर बल दिया।

अपने प्रवास के दौरान मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचीं, जहां उन्होंने आत्मसमर्पित युवाओं से संवाद कर उनके रहने, भोजन और प्रशिक्षण संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित युवाओं को सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान उन्होंने 36 प्रशिक्षणार्थियों को वेलकम किट वितरित की और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नए जीवन की शुरुआत करने के लिए प्रेरित किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का सुकमा दौरा

दौरे के दौरान कलेक्टर  अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक  किरण चव्हाण, जिला पंचायत सीईओ  मुकुंद ठाकुर सहित विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और सतत निगरानी के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।