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किसान हीरा सिंह ने रासायनिक खाद छोड़ अपनाया नैनो यूरिया और डीएपी,सुधरी मिट्टी की सेहत और बढ़ा उत्पादन

किसान हीरा सिंह ने रासायनिक खाद छोड़ अपनाया नैनो यूरिया और डीएपी,सुधरी मिट्टी की सेहत और बढ़ा उत्पादन

 रायपुर :- बलौदाबाजार भाटापारा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुडेलिया के प्रगतिशील किसान हीरा सिंग ध्रुव क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक नई मिसाल बनकर उभरे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए उन्होंने पिछले वर्ष से अपने खेतों में रासायनिक खाद की जगह नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग शुरू किया । नैनो उर्वरकों के उपयोग से हीरा सिंग ध्रुव के खेतों में फसल का उत्पादन न केवल शानदार रहा, बल्कि फसलों की गुणवत्ता में भी भारी सुधार देखने को मिला है।

हीरा सिंग ध्रुव बताते हैं कि यह अत्याधुनिक नैनो उर्वरक न केवल बाजार में मिलने वाली रासायनिक बोरियों वाली खाद की तुलना में बेहद सस्ते हैं, बल्कि इनका परिवहन और खेतों में छिड़काव करना भी बहुत आसान है। इससे खेती की लागत में भारी कमी आई है और समय व मेहनत की भी बचत हुई है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन लिक्विड उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उनकी जमीन की सेहत सुधरी है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

इस बेहतरीन परिणाम से उत्साहित होकर किसान हीरा सिंग ध्रुव ने जिले और प्रदेश के सभी किसान भाइयों से विशेष अपील की है कि वे भी रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग को छोड़कर नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को अनिवार्य रूप से अपनाएं, ताकि कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सके और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी सुरक्षित रखा जा सके।

ब्रेकिंग : बहन के लिए मोमोज लेने गए थे 2 भाई, रास्ते में हो गई मौत, ऐसे हुए हादसे के शिकार

ब्रेकिंग : बहन के लिए मोमोज लेने गए थे 2 भाई, रास्ते में हो गई मौत, ऐसे हुए हादसे के शिकार

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर में सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बहन के लिए मोमोज लेकर लौट रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। बिलासपुर-कटघोरा नेशनल हाईवे पर कोयले से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर नाली निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में जा घुसा और पलट गया।

हादसे के दौरान बाइक सवार दोनों भाई ट्रेलर की चपेट में आ गए और उसके नीचे दब गए, हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया NHAI के विरोध के बाद नाली निर्माण का काम तो रोक दिया गया था, लेकिन खोदे गए गड्ढे की फिलिंग नहीं की गई। इसी लापरवाही ने दो भाइयों की जान ले ली। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के अनुसार बेलतरा निवासी संदीप रजक (23) और उसका छोटा भाई प्रदीप रजक (16) ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे। संदीप ट्रेलर ड्राइवर था, प्रदीप मैकेनिक का काम करता था। दोनों अपने परिवार के साथ बेलतरा के पास स्थित बेलपारा गांव में रहते थे।

बस स्टैंड के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने नेशनल हाईवे किनारे नाली निर्माण के लिए करीब 4 महीने पहले खोदाई की गई थी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया, लेकिन खुदाई वाला हिस्सा और निर्माण सामग्री सड़क किनारे ही पड़ी रही। बिलासपुर की ओर तेज रफ्तार से जा रहा कोयले से लदा ट्रेलर गड्ढा के पास पहुंचते ही ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और ट्रेलर पलट गया। उसी दौरान वहां से गुजर रहे बाइक सवार दोनों भाई चपेट में आ गए। ट्रेलर के नीचे दबने से दोनों भाइयों की जान चली गई।

रिश्तेदारों के अनुसार दोनों भाई काम खत्म करने के बाद होटल गए थे। वहां से अपनी बहन के लिए मोमोज लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रेलर को हटाकर दोनों शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

CG – स्कूली छात्र की हत्या : साथी ने चाकू मारकर उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

CG – स्कूली छात्र की हत्या : साथी ने चाकू मारकर उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा थाना क्षेत्र से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां स्कूली छात्रों के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक छात्र ने दूसरे की चाकू मारकर हत्या कर दी है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, सासाहोली गांव के स्कूल में दोनों छात्रों के बीच किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मृतक छात्र ने अचानक चाकू से आरोपी छात्र पर हमला कर दिया। इस हमले में आरोपी छात्र घायल हो गया, लेकिन उसने उसके हाथ से चाकू छीन लिया।

इसके बाद आरोपी छात्र ने उसी चाकू से उसपर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आरोपी छात्र भी चाकू लगने से घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दो साल बाद बेटे से मिली मां : समझाइश रंग लाई तो आंसुओं के साथ हुई घर वापसी

दो साल बाद बेटे से मिली मां : समझाइश रंग लाई तो आंसुओं के साथ हुई घर वापसी

 रायपुर। कभी परिवार की कलह से आहत होकर घर छोडऩे वाली 70 वर्षीय लच्छनी बाई ने शायद यह उम्मीद भी छोड़ दी थी कि एक दिन उनके बेटे उन्हें फिर अपने साथ घर ले जाएंगे, लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की पहल ने बिछड़े रिश्तों को फिर से जोड़ दिया। करीब दो वर्ष बाद बेटे को सामने देखकर वृद्ध मां की आंखें भर आईं और परिवार भी भावुक हो उठा।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के 'करूणाÓ एवं वरिष्ठ नागरिक अधिकार सशक्तिकरण अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद जिले की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर ने आशियाना वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर के दौरान वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से संवाद किया। बातचीत के दौरान ग्राम सेवईया (थाना पिथौरा) निवासी लच्छनी बाई ने अपने परिवार से बिछडऩे की कहानी सुनाई। लच्छनी बाई ने बताया कि परिवार में तीन बेटों के बीच लगातार विवाद और तनाव के कारण उन्होंने स्वयं घर छोडऩे का निर्णय लिया था। भटकते-भटकते उन्हें आशियाना वृद्धाश्रम का सहारा मिला, जहां वह पिछले दो से तीन वर्षों से रह रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी सचिव सुश्री चेतना ठाकुर ने अधिकार मित्र जितेंद्र पटेल के माध्यम से लच्छनी बाई के परिजनों का पता लगवाया और उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय बुलाया। वहां उन्होंने बेटों और पुत्रवधुओं को मां के प्रति अपने दायित्वों का एहसास कराया तथा उन्हें सम्मान, स्नेह और संवेदनशील व्यवहार के साथ घर ले जाकर देखभाल करने की समझाइश दी। 
इस समझाइश का असर हुआ और लच्छनी बाई के बेटे तथा पुत्रवधु उन्हें अपने साथ घर ले जाने के लिए सहमत हो गए। वर्षों बाद मां और बेटे के मिलन का भावुक दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर गया। इस अवसर पर ठाकुर राम दीवान, अधिकार मित्र हरिचंद साहू, आशियाना वृद्धाश्रम की रूचि ठाकुर, भूमिका ध्रुव, साध्या तांडी तथा लीगल एड डिफेंस के कर्मचारी खेलसिंह पटेल भी उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल जैन ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ की स्टैंडिंग काउंसिल जैन ने की सौजन्य भेंट

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ शासन की स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत युवा अधिवक्ता सुश्री सुगंधा जैन ने सौजन्य भेंट की। सुश्री सुगंधा जैन एनसीईआरटी अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक योजना और प्रशासन संस्थान में बाहरी पॉश प्रशिक्षक के रूप में भी कार्यरत है तथा वे वर्ष 2025 में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भारत की ओर से जज की भूमिका निभाने वाली पहली भारतीय बनी थी। राज्यपाल ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। भेंट के दौरान उनकी माता इंदिरा जैन भी उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अग्रवाल ने की सौजन्य मुलाकात

00 मुख्यमंत्री ने दी बधाई, योग के प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के कार्यों के लिए शुभकामनाएं*
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष  संजय अग्रवाल ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री  साय ने  संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का अभिन्न अंग है, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने तथा युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को योग से जोडऩे के लिए विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुलाकात के दौरान योग के संवर्धन तथा प्रदेश में योग संबंधी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष  अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जनजागरूकता तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान : छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल

किसान हितैषी नीतियों ने दिलाई छत्तीसगढ़ को नई पहचान : छत्तीसगढ़ के कृषि विकास मॉडल का अध्ययन करने पहुंचा महाराष्ट्र का विधायक दल

 00 मुख्यमंत्री साय से प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात, छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था की सराहना

00 छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसान हितैषी योजनाओं और कृषि विकास मॉडल का किया अध्ययन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।
चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके,  विनोद अग्रवाल,  राजू कारेमोरे एवं संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष  शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान होगा प्रारंभ, अभियान से हर परिवार तक पहुंचेगा सुशासन का लाभ

सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान होगा प्रारंभ, अभियान से हर परिवार तक पहुंचेगा सुशासन का लाभ

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ इसी सोच का विस्तार है।

‘नियद नेल्लानार’ की सफलता से प्रेरित नई पहल

वर्ष 2024 से बस्तर संभाग में संचालित ‘नियद नेल्लानार’ योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की। योजना की सफलता को देखते हुए इसे ‘नियद नेल्लानार 2.0’ के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान अंतर्गत रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।

सुशासन से संतृप्ति की ओर

‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।

31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।

इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है।

CHiPS विकसित करेगा अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी। छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड’ विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी।

तीन चरणों में होगा अभियान का संचालन

अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी।

दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

जिला प्रशासन निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी।

‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा।

विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में नया अध्याय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्प साकार होगा। यह अभियान प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित करते हुए विकास की यात्रा को और अधिक समावेशी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाएगा।

यात्री सुविधाओं के उन्नयन हेतु दपूमरे एवं आईआईएम रायपुर के मध्य विचार-विमर्श

यात्री सुविधाओं के उन्नयन हेतु दपूमरे एवं आईआईएम रायपुर के मध्य विचार-विमर्श

 रायपुर/बिलासपुर। प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर, विजय कुमार के कार्यालय कक्ष में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रायपुर के वरिष्ठ प्रतिनिधियों एसोसिएट प्रोफेसर दीप्तिमान बनर्जी एवं अभिजीत बर्मन के साथ बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे एवं आईआईएम रायपुर के मध्य हाल ही में संपन्न समझौता ज्ञापन के अंतर्गत यात्री यातायात, यात्री सुविधा, सेवा गुणवत्ता में सुधार तथा राजस्व संवर्धन से संबंधित अध्ययन कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि आईआईएम रायपुर किस प्रकार वैज्ञानिक अध्ययन एवं डेटा आधारित विश्लेषण के माध्यम से यात्रियों के आराम, सुविधा तथा यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने में रेलवे की सहायता कर सकता है। संभावित नए यात्री बाजारों की पहचान, नई रेलगाडिय़ों की आवश्यकता का आकलन, रेलगाडिय़ों के समय निर्धारण एवं परिचालन में सुधार, यात्री सुविधाओं के उन्नयन तथा सेवा गुणवत्ता में सुधार जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

आईआईएम रायपुर के प्रतिनिधियों ने बताया कि अध्ययन के अंतर्गत यात्रा पैटर्न, यात्री प्राथमिकताओं, अधिभोग प्रवृत्तियों, क्षेत्रवार मांग तथा विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों का विश्लेषण किया जाएगा। अध्ययन के आधार पर नई रेल सेवाओं के संचालन, वर्तमान समय-सारिणी के युक्तिकरण तथा यात्रियों की सुविधा बढ़ाने संबंधी सुझाव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को प्रदान किए जाएंगे।

प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक  विजय कुमार ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने तथा रेलवे की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रबंधन पद्धतियों एवं विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईआईएम रायपुर के साथ यह सहयोग यात्री-केंद्रित सेवाओं के विकास एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की यात्री आय में वृद्धि के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। बैठक का समापन अध्ययन को सफलतापूर्वक पूर्ण करने तथा यात्रियों के अनुभव, सुविधा एवं परिचालन दक्षता में सुधार हेतु नवाचारी उपायों को आगे बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

ब्रेकिंग : स्कूल शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, इस जिले के तत्कालीन DEO को किया निलंबित,जाने पूरा मामला…!!

ब्रेकिंग : स्कूल शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, इस जिले के तत्कालीन DEO को किया निलंबित,जाने पूरा मामला…!!

 रायपुर। हेड मास्टर के पद पर पदोन्नति के बाद पदस्थापना आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेशों के विपरीत पदस्थापना आदेश में संशोधन करने के आरोप में कांकेर के तत्कालीन डीईओ अशोक कुमार पटेल को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। बात दें, शिकायत के बाद विभाग ने जांच दल का गठन किया था। जांच दल ने जेडी बस्तर को रिपोर्ट सौंप दी थी। जांच दल के रिपोर्ट के बाद जेडी बस्तर ने अपनी अनुशंसा के साथ रिपोर्ट स्कूल शिक्षा विभाग को भेज दी थी। विभाग के अवसर सचिव ने जांच दल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए तत्कालीन डीईओ के खिलाफ निलंबन आदेश जारी कर दिया है।

संयुक्त संचालक बस्तर, जगदलपुर तथा जांच दल द्वारा दिए गये जांच प्रतिवेदन के अनुसार अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर (मूल पद प्राचार्य टी संवर्ग) द्वारा शासन निर्देशों के विपरीत प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति उपरांत काउंसलिंग के माध्यम से किए गए पदस्थापना स्थान में बिना काउंसलिंग किये पदांकित स्थान में संशोधन करने के जिम्मेदार पाए गये है।

अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता की गई है। उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है।

राज्य शासन, एतद्वारा, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत अशोक कुमार पटेल, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी, उत्तर बस्तर कांकेर को निलंबित करते हुए, इनका मुख्यालय लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर छ.ग नियत किया जाता है। निलंबन काल में, नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

ब्रेकिंग : शराब दुकानों में ओवररेटिंग,आबकारी विभाग के 3 उप निरीक्षक सस्पेंड

ब्रेकिंग : शराब दुकानों में ओवररेटिंग,आबकारी विभाग के 3 उप निरीक्षक सस्पेंड

 रायपुर। सरकारी शराब दुकानों में MRP से ज्यादा कीमत पर शराब बेचने के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अफसरों के स्टिंग में ओवररेटिंग पकड़ी गई। रिपोर्ट के बाद 3 आबकारी सब इंस्पेक्टर निलंबित कर दिए गए हैं। 5 जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।

आबकारी आयुक्त पी.एस. एल्मा के आदेश पर:
1. निलंबित: हरीश पटेल, सब इंस्पेक्टर दुर्ग उत्तर क्षेत्र
2. निलंबित: ओमप्रकाश, सब इंस्पेक्टर भानुप्रतापपुर
3. निलंबित: अनिल गुप्ता, सब इंस्पेक्टर अंबिकापुर

आरोप है कि इनके कार्यक्षेत्र की दुकानों में कर्मचारी ओवररेट पर शराब बेच रहे थे।

5 अफसरों को नोटिस

शो-कॉज नोटिस पाने वाले अफसर:

1. सी.आर. साहू, जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग
2. धीरज कनौजिया, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दुर्ग
3. मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी कांकेर
4. लक्ष्मीकांत गायकवाड़, जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा
5. शीला बड़ा, सहायक जिला आबकारी अधिकारी सरगुजा
सभी को एक हफ्ते में जवाब देना है।

ग्राहक बनकर किया स्टिंग

आबकारी अफसरों ने खुद ग्राहक बनकर दुकानों से शराब खरीदी। कई जगह MRP से ज्यादा वसूली पकड़ी गई। ओवररेटिंग करने वाले दुकान कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है।

CG Train Cancelled : रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ये ट्रेनें हुई रद्द, देखें लिस्ट..!!

CG Train Cancelled : रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ये ट्रेनें हुई रद्द, देखें लिस्ट..!!

 बिलासपुर। रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें। रेलवे ने 22 जून से 3 जुलाई तक के 10 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है। कोरबा अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से रवाना होगी। इसके अलावा दो ट्रेनें अपने गंतव्य से पहले समाप्त और प्रारंभ होगी।। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने तीन ट्रेनों की व्यवस्था की है, जो पैसेंजर बनकर चलेगी।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के अंतर्गत बिलासपुर-चांपा चौथी लाइन परियोजना के अंतर्गत जांजगीर-नैला स्टेशन पर अप ग्रिड में ऑटो सिग्नलिंग सहित चौथी लाइन कनेक्टिविटी के कमीशनिंग कार्य हेतु नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य किया जाएगा। यह कार्य 22 जून 2026 से 05 जुलाई 2026 तक विभिन्न चरणों में किया जाएगा।

रद्द होने वाली गाडियां

22 जून से 03 जुलाई 2026तक रायगढ़ व बिलासपुर से चलने वाली 68737/68738 रायगढ़-बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रद्द रहेगी।

21 जून से 02 जुलाई 2026 तक रायपुर से चलने वाली 68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

22 जून से 03 जुलाई 2026 तक गेवरा रोड से चलने वाली 68745 गेवरा रोड-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी ।

21 जून से 02 जुलाई 2026 तक रायपुर से चलने वाली 58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर रद्द रहेगी ।

22 जून से 03 जुलाई 2026 तक कोरबा से चलने वाली 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी ।

22 जून से 03 जुलाई 2026 तक बिलासपुर व गेवरा रोड से चलने वाली 68734/68733 बिलासपुर-गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

22 जून से 03 जुलाई 2026 तक बिलासपुर व कोरबा से चलने वाली 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।

देरी से रवाना होने वाली गाड़ी

01 जुलाई 2026 को कोरबा से चलने वाली गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 02 घंटे देरी से रवाना होगी।

गंतव्य से पहले समाप्त व प्रारम्भ होने वाली गाडियां

22 जून से 03 जुलाई 2026 तक गोंदिया से चलने वाली 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन में समाप्त होगी तथा बिलासपुर-झारसुगुड़ा के मध्य रद्द रहेगी।

22 जून से 03 जुलाई 2026 तक झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया पैसेंजर बिलासपुर स्टेशन से प्रारम्भ होगी तथा झारसुगुड़ा-बिलासपुर के मध्य रद्द रहेगी।

यात्रियों की सुविधा हेतु विशेष प्रबंध

कोरबा से चलने वाली गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को 22 जून से 03 जुलाई 2026 तक कोरबा-बिलासपुर के मध्य पैसेंजर के रूप में चलाई जाएगी।

गाड़ी संख्या 18250/18249 तथा 18252/18251 कोरबा-रायपुर-कोरबा हसदेव एक्सप्रेस को 22 जून से 03 जुलाई 2026 तक कोरबा-बिलासपुर-कोरबा के मध्य पैसेंजर के रूप में चलाई जाएगी।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज, अगले 3 दिन बारिश-गरज चमक का अलर्ट; कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज, अगले 3 दिन बारिश-गरज चमक का अलर्ट; कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

 CG Weather Update: मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अगले 3 दिनों तक मेघगर्जन के साथ वज्रपात और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं अगले 4-5 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थिति अनुकूल हैं।

पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। गुरुवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में रिकॉर्ड किया गया।

इन क्षेत्रों में हुई वर्षा

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, केशकाल 3, छिंदगढ़ 3, कांकेर 2, गंडई 2, जगदलपुर 2, बोराई 2, बड़े राजपुर 2, कुआकोंडा 2, माकड़ी 2, दुर्ग 2, पिपरिया 1, धमधा 1, बड़े बचेली 1, राजनांदगांव 1, चारामा 1, तोंगपाल 1, खड़गांव 1, भीमभोरी 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई।

सिनोप्टिक सिस्टम

पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका सक्रिय है। इसके अलावा पूर्वी विदर्भ से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश होते हुए तमिलनाडु तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर एक द्रोणिका बनी हुई है।

आज प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम

प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।

अगले दो दिनों का अनुमान

अगले दो दिनों में प्रदेश के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने की संभावना है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम

राजधानी रायपुर में 19 जून को आकाश आंशिक मेघमय रहने तथा वर्षा या गरज चमक या अंधड़ चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

 
 
CM साय के निवास पर हाई लेवल बैठक से बढ़ी सियासी हलचल, मंत्रिमंडल फेरबदल और संगठनात्मक बदलावों की अटकलें तेज

CM साय के निवास पर हाई लेवल बैठक से बढ़ी सियासी हलचल, मंत्रिमंडल फेरबदल और संगठनात्मक बदलावों की अटकलें तेज

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरकारी निवास पर गुरुवार शाम आयोजित हाई लेवल बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्य मौजूद हैं। वहीं भारतीय जनता पार्टी के संगठन से जुड़े कई वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति ने इस बैठक को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।

बैठक की अध्यक्षता भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल कर रहे हैं। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर सरकार या संगठन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन अचानक बुलाई गई इस अहम बैठक को लेकर सियासी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी सूत्रों के बीच बैठक के संभावित परिणामों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाएं जोरों पर

बैठक के बीच सबसे ज्यादा चर्चा राज्य मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल और विस्तार को लेकर हो रही है। राजनीतिक हलकों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि सरकार कुछ विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा के बाद मंत्रियों के प्रभार में बदलाव कर सकती है। इसके अलावा संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

सरकार-संगठन समन्वय पर हो सकती है चर्चा

सूत्रों के मुताबिक बैठक में सरकार की योजनाओं की समीक्षा, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा, संगठनात्मक मजबूती और जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। भाजपा नेतृत्व आगामी चुनावी चुनौतियों और संगठन की सक्रियता को लेकर भी मंथन कर सकता है।

बैठक के फैसलों पर टिकी सभी की नजरें

फिलहाल सरकार की ओर से बैठक के उद्देश्य या संभावित फैसलों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बनी हुई है। बैठक समाप्त होने के बाद जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह बैठक नियमित समीक्षा का हिस्सा थी या फिर राज्य सरकार और संगठन से जुड़े किसी बड़े फैसले की भूमिका तैयार की जा रही है।

बैठक को लेकर बढ़ी चर्चाओं के बीच अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री निवास से निकलने वाले फैसलों और संकेतों पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

BREAKING: वन विभाग में तबादले, कई IFS अधिकारी इधर से उधर, देखें लिस्ट

BREAKING: वन विभाग में तबादले, कई IFS अधिकारी इधर से उधर, देखें लिस्ट

 रायपुर।  राज्य सरकार ने वन विभाग में बड़ी फेरबदल की है। जारी आदेश के अनुसार 7 IFS अफसरों का ट्रांसफर किया है। यह सभी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अधिकारी हैं। रायपुर से लेकर बस्तर तक के अधिकारियों को नई जगहों पर पोस्टिंग मिली है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने आदेश जारी किया है।

CG : संजय अग्रवाल बने छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष, सीएम साय ने दी बधाई, देखें आदेश

CG : संजय अग्रवाल बने छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष, सीएम साय ने दी बधाई, देखें आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य योग आयोग में नई नियुक्ति करते हुए बिलासपुर निवासी संजय अग्रवाल को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा (आयुष) विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

संजय अग्रवाल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले योग आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण सिन्हा का हार्ट अटैक से निधन हो गया था, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया था। सरकार के आदेश के बाद संजय अग्रवाल अब छत्तीसगढ़ योग आयोग की गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे। योग के प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को नई गति देने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय अग्रवाल को दी बधाई एवं शुभकामनाएँ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ योग आयोग का अध्यक्ष नियुक्त होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार योग को स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम मानती है। योग न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है, बल्कि जीवन में अनुशासन, संतुलन और सकारात्मकता का भी संचार करता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार, जन-जागरूकता एवं योग आधारित स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : साव

महाराणा प्रताप का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की अमर मिसाल : साव

 00 महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा के लिए साव ने 20 लाख देने की घोषणा की

00 वीर महाराणा प्रताप जयंती समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

रायपुर। भारत की पुण्य भूमि ने अनेक वीर योद्धाओं और महापुरुषों को जन्म दिया है। वीर योद्धा महाराणा प्रताप ऐसे ही महान सपूत थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने स्वाभिमान और राष्ट्र धर्म से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने मुगल सत्ता की दासता स्वीकार नहीं की और हल्दी घाटी के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। उनका जीवन आज भी समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने लोरमी में सर्वोदय राजपूत राठौर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित वीर महाराणा प्रताप जयंती समारोह में महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और साहस को नमन करते हुए ये बातें कही। उन्होंने समारोह में महाराणा प्रताप की अष्टधातु प्रतिमा के निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का मंत्र ‘राष्ट्र प्रथम’ हम सभी के लिए मार्गदर्शक है। भारत त्याग और बलिदान की भूमि है। इसकी गौरवशाली परंपरा को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। धर्म और मातृभूमि की रक्षा के लिए समाज को संगठित रहना होगा। राजपूत समाज शिक्षा, खेल, सरकारी सेवाओं और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। युवाओं को महाराणा प्रताप के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले राजपूत समाज के शिक्षकों, डॉक्टरों, खेल प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों, पूर्व सैनिकों, समाजसेवियों, गौसेवकों तथा कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान आयोजित रक्तदान शिविर में 55 लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। साव ने इन रक्तवीरों को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी अभियान के प्रमुख  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राजपूत समाज लोरमी के अध्यक्ष भीषम सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष  राम निवास राजपूत, सर्व क्षत्रिय राजपूत महासंघ के अध्यक्ष  जितेंद्र कुमार सिंह, लोरमी जनपद पंचायत की अध्यक्ष वर्षा सिंह, लोरमी नगर पालिका के अध्यक्ष  सुजीत वर्मा और रतनपुर नगर पालिका के अध्यक्ष  लवकुश कश्यप सहित राजपूत समाज के पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।

सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिले नियमित गरम भोजन, शहरी क्षेत्रों में सेंट्रल किचन से होगी सप्लाई - विकासशील

सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिले नियमित गरम भोजन, शहरी क्षेत्रों में सेंट्रल किचन से होगी सप्लाई - विकासशील

 पीएम पोषण शक्ति योजना- मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की राज्य स्तरीय मॉनिटरिंग सह संचालन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने कड़े निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को योजना के तहत अनिवार्य रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण प्रदान किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया कि स्कूलों में योजना के संचालन की लगातार जमीनी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें और भोजन पकाने के लिए नियमित रूप से रसोई गैस (एलपीजी ईंधन) की आपूर्ति सुनिश्चित हो।

शहरी और आस-पास के क्षेत्रों में सेंट्रल किचन व्यवस्था पर जोर
बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना और सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन पकाने की व्यवस्था पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य के शहरी क्षेत्रों और उनके आस-पास स्थित स्कूलों में पीएम पोषण शक्ति योजना के तहत सेंट्रल किचन के माध्यम से भोजन तैयार कर सप्लाई किया जाना चाहिए, ताकि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का स्तर उत्कृष्ट रहे।

महिला स्व-सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा, परोसी जाएंगी ताजी सब्जियां
योजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पोषण से जोड़ते हुए मुख्य सचिव ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे भोजन तैयार करने वाले महिला स्व-सहायता समूहों को सब्जी और मसालों की खेती के लिए प्रोत्साहित करें। इससे स्कूलों में बच्चों को ताजी व हरी सब्जियां मिलेंगी और साथ ही इन महिला समूहों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
छत्तीसगढ़ में योजना की वर्तमान स्थिति
बैठक में अधिकारियों ने योजना से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए। राज्य के 56 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में यह योजना संचालित है। इन स्कूलों के माध्यम से 29 लाख से अधिक विद्यार्थियों को दैनिक रूप से गरम भोजन और पूरक पोषण दिया जा रहा है। भोजन तैयार करने के कार्य में 86 हजार से ज्यादा रसोइया जुड़े हुए हैं।
बैठक में उच्चाधिकारियों की रही मौजूदगी
इस बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन की विशेष सचिव व संचालक नागरिक आपूर्ति निगम सुश्री इफ्फत आरा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वित्त, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास विभाग और छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं भगवान महावीर के विचार : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं भगवान महावीर के विचार : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला

 अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम के संदेश की आज पूरे विश्व को आवश्यकता : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष ने आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में जैन मुनियों का लिया आशीर्वाद

रायपुर- लोकसभा अध्यक्ष  ओम बिरला एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आचार्य पदारोहण एवं सहस्त्रावधान तपस्या महोत्सव में शामिल हुए। दोनों अतिथियों ने जैन मुनियों का आशीर्वाद प्राप्त कर आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हो रहे पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज को नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आचार्य पद केवल एक पद नहीं, बल्कि तप, त्याग, ज्ञान और समाज को दिशा देने वाली साधना का सर्वोच्च प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर और जैन दर्शन के सिद्धांत आज भी मानवता को शांति, आत्मसंयम, करुणा और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। वर्तमान समय में जब विश्व तनाव और संघर्षों से जूझ रहा है, तब जैन दर्शन की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो गई हैं।

बिरला ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पदारोहण संपूर्ण जैन समाज के लिए गौरव का क्षण है। वहीं शतावधानी हंसभद्र मुनि जी महाराज ने अपनी विलक्षण स्मरणशक्ति, ज्ञान और साधना के बल पर देशभर में विशेष पहचान बनाई है। उनके तप और साधना से समाज को नई दिशा मिल रही है।

उन्होंने कहा कि भौतिक संसाधन केवल सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं, लेकिन जीवन का वास्तविक सुख आत्मनियंत्रण, आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक साधना से प्राप्त होता है। जैन संतों का तपस्वी जीवन समाज को प्रेरणा देता है और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने सभी जैन संतों, साध्वियों और श्रद्धालुओं को नमन करते हुए महोत्सव के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार आयोजित हो रहा यह आचार्य पदारोहण महोत्सव प्रदेश के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा, साधना और संस्कृति का यह विराट आयोजन पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर बन गया है। मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए संत-साध्वियों, श्रद्धालुओं एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ धन्य हुआ है और इस आयोजन से पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य विनयकुशल मुनि जी महाराज का आचार्य पद पर पदारोहण उनके ज्ञान, तप, संयम, साधना और समाज के प्रति समर्पित जीवन का सम्मान है। उन्होंने 14 वर्षीय बाल मुनि शतावधानी हंसभद्रमुनि जी महाराज को भी नमन करते हुए कहा कि इतनी कम आयु में उनकी अद्भुत स्मरणशक्ति, एकाग्रता और ज्ञान-साधना सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। एक साथ हजार प्रश्नों को स्मरण रखना और उनका क्रमवार उत्तर देना असाधारण उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज रायपुर का यह इंडोर स्टेडियम ज्ञान, साधना और अध्यात्म का तीर्थस्थल प्रतीत हो रहा है। जैन संतों ने सदैव अहिंसा, करुणा, सत्य और आत्मसंयम का संदेश दिया है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी का ‘जियो और जीने दो’ का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि है तथा राज्य सरकार सर्वधर्म समभाव की भावना के साथ सभी वर्गों के कल्याण और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि जैन मुनिगण कठिन तप, उपवास और संयम के माध्यम से समाज को प्रेरणा देते हैं। उन्होंने लंबी पदयात्रा और तपस्या के बाद रायपुर पहुंचे साधु-संतों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि प्रदेश के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है कि इतने बड़े आध्यात्मिक आयोजन में देशभर के संत-साध्वी और श्रद्धालु एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जैन संतों का त्याग, तपस्या और अनुशासित जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता है।विनयकुशल मुनि जी के आचार्य पदारोहण का यह आयोजन लोगों को अध्यात्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।

कार्यक्रम में सकल जैन संघ के पदाधिकारी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल,  विजय बघेल, कमलेश जांगड़े,  महेश कश्यप, विधायक  राजेश मूणत सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट

 साय ने शॉल, स्मृति-चिन्ह एवं बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट कर किया स्वागत

रायपुर। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि  बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप तथा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

डिजिटल लॉकर में भविष्य, क्रेडिट बैंक में जमा होगी पढ़ाई, छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में केंद्र की बड़ी सौगात

डिजिटल लॉकर में भविष्य, क्रेडिट बैंक में जमा होगी पढ़ाई, छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में केंद्र की बड़ी सौगात

 रायपुर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत छत्तीसगढ़ को मिली सबसे बड़ी सौगातों में से एक-एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी ) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने राज्य के उच्च शिक्षा परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से सत्र 2023-24 से अनिवार्य रूप से लागू हुई यह योजना वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है। अब राज्य का हर छात्र अपनी जेब में डिजिटल यूनिवर्सिटी लेकर घूम रहा है।

क्या है यह क्रेडिट बैंक और कैसे बदलेगी जिंदगी?
कल्पना कीजिए एक ऐसे बैंक की, जहाँ पैसा नहीं बल्कि आपकी पढ़ाई और कॉलेज के क्रेडिट (अंक) जमा होते हैं। यदि किसी वजह से आपकी पढ़ाई बीच में छूट जाए, तो यह बैंक आपकी मेहनत को बेकार नहीं जाने देता। मान लीजिए बस्तर के किसी कॉलेज में पढऩे वाले छात्र को पारिवारिक कारणों से सेकंड ईयर के बाद पढ़ाई छोडऩी पड़ी। पहले की व्यवस्था में उसकी दो साल की पढ़ाई जीरो मान ली जाती थी। अब पहले दो वर्षों में छात्र ने जो भी अंक या क्रेडिट कमाए हैं, वे उसकी एबीसी आईडी के जरिए डिजिटल बैंक में सुरक्षित रहेंगे। दो या तीन साल बाद जब वह दोबारा पढऩा चाहेगा, तो वह रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी भी अन्य विश्वविद्यालय में सीधे थर्ड ईयर में प्रवेश ले सकेगा। इसे ही मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट कहा गया है।

विशेष लेख : ​डिजिटल लॉकर में भविष्य, 'क्रेडिट बैंक' में जमा होगी पढ़ाई

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति का स्कोरकार्ड
यह एकीकृत डिजिटल सिस्टम न केवल छात्रों के दस्तावेजों को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि उन्हें देशव्यापी स्तर पर अपनी पढ़ाई को सुगम बनाने की आजादी भी दे रहा है। वर्तमान में यह योजना छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है, जिसके दायरे में राज्य के 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं आ रहे हैं। इस महा-अभियान में राज्य के अग्रणी विश्वविद्यालय जैसे पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रायपुर), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (बिलासपुर), और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर) सहित सभी शासकीय एवं निजी महाविद्यालय पूरी सक्रियता के साथ भागीदार बन चुके हैं।
शत-प्रतिशत केंद्रीय सहयोग
तकनीक की यह इतनी बड़ी अवसंरचना छत्तीसगढ़ को पूरी तरह नि:शुल्क मिली है। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय द्वारा शत-प्रतिशत तकनीकी व वित्तीय सहायता दी जा रही है, जिसके चलते राज्य सरकार पर आर्थिक भार पूरी तरह से शून्य है।
डिजीलॉकर बना सुरक्षा कवच: गुम होने का डर खत्म
अक्सर दुर्घटना या लापरवाही के कारण छात्रों की मूल अंकसूची या डिग्रियां नष्ट हो जाती थीं, जिसके बाद उन्हें यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने पड़ते थे। अब इस समस्या का स्थायी समाधान कर दिया गया है। विश्वविद्यालयों को सीधे नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी पोर्टल से जोड़ दिया गया है, जिससे छात्र की डिग्री और सर्टिफिकेट सीधे उसके डिजीलॉकर में अपलोड हो रहे हैं। ये डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से उतने ही मान्य हैं जितनी मूल हार्ड कॉपी। यानी नौकरी के इंटरव्यू में अब भारी-भरकम फाइल ले जाने की जरूरत नहीं, सिर्फ मोबाइल ही काफी है।
ग्लोबल हो रहा है छत्तीसगढ़ का युवा
इस योजना ने सुदूर वनांचल जैसे सुकमा, बीजापुर या सरगुजा के कॉलेजों को भी नेशनल पोर्टल से सीधे जोड़कर अमीर और गरीब छात्र के बीच का डिजिटल फासला पूरी तरह खत्म कर दिया है। एबीसी आईडी के माध्यम से छत्तीसगढ़ का युवा अब सिर्फ अपने राज्य तक सीमित नहीं है। उसके क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा ने उसे पूरे देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से जोड़ दिया है। यह सिर्फ कागजों का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के 6.5 लाख युवाओं के सपनों को मिला एक नया डिजिटल पंख है।

छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक, 5 जिलों में नए नशामुक्ति केन्द्र खोले जाएंगे

छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक, 5 जिलों में नए नशामुक्ति केन्द्र खोले जाएंगे

 00 भारत माता वाहिनी योजना के विस्तार, नशामुक्ति केन्द्रों की मॉनिटरिंग एवं पुनर्वास व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ शराब व्यसन मुक्ति अभियान (भारत माता वाहिनी योजना) के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आगामी कार्ययोजना की समीक्षा के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने की।

बैठक में समाज कल्याण विभाग के संचालक  रणवीर शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान राज्य में संचालित शराब व्यसन मुक्ति अभियान की प्रगति, नशापीडि़त व्यक्तियों के पुनर्वास, नशामुक्ति केन्द्रों के संचालन तथा भविष्य की कार्ययोजना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में राज्य स्तरीय समिति की पूर्व बैठक 6 अक्टूबर 2023 के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। साथ ही प्रत्येक विकासखण्ड की एक हजार से अधिक जनसंख्या वाली नवीन ग्राम पंचायतों में भारत माता वाहिनी के गठन एवं विस्तार संबंधी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया, जिससे नशामुक्ति अभियान को ग्रामीण स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

समिति ने नशापीडि़त व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए संचालित 15 बिस्तरों वाले एकीकृत पुनर्वास केन्द्रों की क्षमता 15 से बढ़ाकर 50 बिस्तर करने का सुझाव दिया । केन्द्रों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए यह भी निर्णय लिया गया कि जिन जिलों में ऐसे केन्द्र संचालित नहीं हैं, वहां उनकी स्थापना एवं संचालन के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत राज्य के 5 जिलों में नए नशामुक्ति केन्द्र खोले जाने की दिशा में भी पहल की जाएगी। 5 नये नशामुक्ति केंद्र मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, सुकमा, बेमेतरा, कोरबा जिलों में खोले जायेंगे।

बैठक में संचालित नशामुक्ति केन्द्रों की प्रभावी मॉनिटरिंग एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरा एवं बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली स्थापित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। समिति का मानना है कि इससे केन्द्रों की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनेगी। इस अवसर पर वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान अभियान अंतर्गत किए गए कार्यों तथा व्यय की समीक्षा भी की गई। साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में एनसीओआरडी एवं एनएमबीए के प्रभावी क्रियान्वयन में योजनांतर्गत गठित समूहों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। समिति ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों, सामाजिक संगठनों तथा समुदाय की सहभागिता आवश्यक है। बैठक के दौरान नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से विभागीय समन्वय को और मजबूत करने, पुनर्वास सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा समुदाय आधारित जनजागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।

नशे के खिलाफ प्रदेशव्यापी जनअभियान शुरू, 26 जून तक चलेगा नशा मुक्त भारत सप्ताह

नशे के खिलाफ प्रदेशव्यापी जनअभियान शुरू, 26 जून तक चलेगा नशा मुक्त भारत सप्ताह

 00 नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान थीम पर होंगे जागरूकता कार्यक्रम

00 प्रमुख सचिवनिगार ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ, सभी विभागों की सहभागिता से चलाया जाएगा अभियान

रायपुर। छत्तीसगढ़ समाज कल्याण विभाग द्वारा 17 जून से 26 जून तक प्रदेशभर में नशा मुक्त भारत सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान अंतर्राष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी निरोधक दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना है।

समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने बताया कि इस वर्ष नशा मुक्त भारत अभियान-विकसित भारत की पहचान थीम के अंतर्गत सप्ताह भर विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध जनभागीदारी को बढ़ावा देने और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सभी विभागों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की गई है। सप्ताह के दौरान स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सेमिनार, समूह चर्चा, शपथ ग्रहण, जागरूकता रैलियां तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशा छोड़ चुके व्यक्तियों की प्रेरणादायक सफलता की कहानियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मानव श्रृंखला, शपथ कार्यक्रम और जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। वहीं खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा फुटबॉल एवं हॉकी प्रतियोगिताएं तथा मैराथन आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जाएगा। नेहरू युवा केंद्र एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से जिले स्तर पर ओपन माइक प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य, लोकगीत, भाषण, समूह चर्चा, नशामुक्ति शपथ-पत्र वितरण तथा सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर चस्पा करने जैसी गतिविधियां भी संचालित की जाएंगी। इसी कड़ी में आज महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख सचिव शहला निगार ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और समाज को नशामुक्त बनाने के अभियान में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। नशा मुक्त भारत सप्ताह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेशभर में जनजागरूकता का वातावरण निर्मित कर युवाओं को सकारात्मक जीवन मूल्यों और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित किया जाएगा।

 CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक इस दिन, लिए जाएंगे कई बड़े फैसले

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक इस दिन, लिए जाएंगे कई बड़े फैसले

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक 23 जून को आयोजित की गई है। यह बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में होगी। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए जाएंगे। बैठक के बाद डिप्टी सीएम अरूण साव मीडिया को महत्वपूर्ण फैसलों पर लिए गए निर्णयों की जानकारी देंगे।

महतारी वंदन योजना से बढ़ रही महिलाओं की आर्थिक ताकत, परिवारों को मिल रहा नया संबल

महतारी वंदन योजना से बढ़ रही महिलाओं की आर्थिक ताकत, परिवारों को मिल रहा नया संबल

 00 नियमित सहायता राशि से महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास, बच्चों की शिक्षा-स्वास्थ्य पर हो रहा सकारात्मक असर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभर रही है। योजना के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित सहायता राशि से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार के आर्थिक निर्णयों में अधिक सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

प्रदेश के विभिन्न जिलों से सामने आ रहे अनुभव बताते हैं कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना की राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल तथा घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

सक्ति जिले के ग्राम ठठारी की निवासी सुनीता सोनवानी ने बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बन गई है। इस सहायता से दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ बच्चों के बेहतर पोषण और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य को लेकर सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।

सोनवानी के अनुसार, योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है, बल्कि परिवार की खुशहाली और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी नई संभावनाएं बनी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी पहल साबित हो रही है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का सतत प्रयास कर रही है। योजना का लाभ प्राप्त कर रही महिलाएं आज आत्मविश्वास के साथ परिवार और समाज में अपनी भूमिका को और अधिक मजबूती से निभा रही हैं, जिससे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है।