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ब्रेकिंग : CRPF के सब इंस्पेक्टर ने खुद को मारी गोली, इलाज के दौरान थमीं सांसें…मचा हड़कंप…

ब्रेकिंग : CRPF के सब इंस्पेक्टर ने खुद को मारी गोली, इलाज के दौरान थमीं सांसें…मचा हड़कंप…

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में CRPF कैंप से एक दुखद घटना सामने आई है। मेट्टागुड़म कैंप में तैनात सब इंस्पेक्टर ने अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मार ली। घटना के बाद कैंप में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए इल्मागुड़ा कैंप ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल, सब इंस्पेक्टर के इस कदम के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के अनुसार, मेट्टागुड़म कैंप में 131वीं वाहिनी CRPF में पदस्थ उपनिरीक्षक देवानंद यादव (पिता रामानंद यादव) ने अज्ञात कारणों से अपने सर्विस हथियार से खुद को गोली मार ली।

गोली चलने की जानकारी मिलते ही कैंप में मौजूद साथी जवानों और अधिकारियों ने तत्काल उन्हें फील्ड एंबुलेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार के लिए इल्मागुड़ा कैंप पहुंचाया। हालांकि, उपचार के दौरान उपनिरीक्षक देवानंद यादव की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। उपनिरीक्षक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। वहीं मृतक के पार्थिव शरीर का नियमानुसार पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे उनके गृह ग्राम भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का सफर हुआ महंगा, किराये में इतने प्रतिशत हुई बढ़ोतरी, जानें नई दरें…

छत्तीसगढ़ में यात्री बसों का सफर हुआ महंगा, किराये में इतने प्रतिशत हुई बढ़ोतरी, जानें नई दरें…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री बसों से सफर करने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा किराया चुकाना होगा। राज्य के परिवहन विभाग ने यात्री बसों के किराये की नई दरें जारी की हैं। नई दरों के तहत साधारण बसों का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़ाकर 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर कर दिया गया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

साधारण बसों के किराये में बढ़ोतरी

परिवहन विभाग द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, साधारण बसों के किराये में प्रति किलोमीटर 50 पैसे की वृद्धि की गई है। इससे साधारण बसों का किराया लगभग 40 प्रतिशत बढ़ गया है। किराये में इस बढ़ोतरी का सीधा असर रोजाना बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों के बजट पर पड़ सकता है।

डीलक्स, स्लीपर और एसी बसों के लिए भी नई दरें

नई अधिसूचना में केवल साधारण बसों को ही नहीं, बल्कि डीलक्स, स्लीपर और वातानुकूलित (एसी) बसों के किराये की दरें भी निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा वोल्वो, स्कैनिया और मर्सिडीज जैसी प्रीमियम बस सेवाओं को भी नई दरों में शामिल किया गया है।

सिटी बस सेवाएं दायरे से बाहर

परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, शहरों में संचालित सिटी बस सेवाओं को नई किराया दरों के दायरे से बाहर रखा गया है। यानी यह अधिसूचना शहरी सिटी बस सेवाओं पर लागू नहीं होगी।

पुरानी अधिसूचना को किया गया अधिक्रमित

विभाग ने 11 मार्च 2025 को जारी पुरानी अधिसूचना को अधिक्रमित करते हुए किराये की नई दरें निर्धारित की हैं। नई दरों के लागू होने से राज्य में बस यात्रा की लागत बढ़ेगी, जिसका असर खासतौर पर नौकरी, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए नियमित रूप से लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है।

बस किराये में इस बढ़ोतरी के बाद यात्रियों को अपनी यात्रा का बजट नए सिरे से तय करना पड़ सकता है। हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों की बसों के लिए निर्धारित किराये की विस्तृत जानकारी के आधार पर ही यात्रियों के वास्तविक अतिरिक्त खर्च का आकलन किया जा सकेगा।

WhatsApp का बड़ा अपडेट! अब पहले से शेड्यूल कर सकेंगे मैसेज, जानें कैसे करेगा काम

WhatsApp का बड़ा अपडेट! अब पहले से शेड्यूल कर सकेंगे मैसेज, जानें कैसे करेगा काम

 मुंबई - WhatsApp पर किसी को जन्मदिन की बधाई देना भूल जाते हैं या फिर जरूरी मैसेज भेजने के लिए सही समय का इंतजार करना पड़ता है, तो जल्द ही आपकी यह परेशानी दूर हो सकती है. WhatsApp एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है कि, जिसकी मदद से यूजर्स पहले से मैसेज लिखकर उसका समय तय कर सकेंगे. इसके बाद मैसेज अपने आप तय टाइम पर भेज दिया जागा. खास खास बात यह है कि इस फीचर से सिर्फ टेक्स्ट ही नहीं, बल्कि फोटो और वीडियो भी शेड्यूल किए जा सकेंगे. यानी मैसेज भेजने के लिए उस वक्त फोन हाथ में रखने या ऑनलाइन रहने की जरूरत नहीं होगी। 

कुछ Android यूजर्स के लिए शुरू हुई टेस्टिंग
रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp फिलहाल इस फीचर की टेस्टिंग कुछ Android बीटा यूजर्स के साथ कर रहा है. WABetaInfo की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह सुविधा WhatsApp के Android बीटा वर्जन 2.26.40.7 इस्तेमाल करने वाले कुछ यूजर्स को मिल रही है. आने वाले हफ्तों में इसे और यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक सभी यूजर्स के लिए इसके रोलआउट की कोई तय तारीख नहीं बताई है। 

कैसे काम करेगा मैसेज शेड्यूल करने वाला फीचर?
इस फीचर का इस्तेमला करना काफी आसान हो सकता है. यूजर को सबसे पहले WhatsApp की किसी चैट में जाकर मैसेज लिखना होगा. इसके बाद सेंड बटन को दबाकर रखने पर, अगर उसके अकाउंट में यह सुविधा उपलब्ध है, तो मैसेज भेजने की तारीख और समय चुनने का ऑप्शन दिखाई दे सकता है. टाइम फिक्स करने के बाद मैसेज शेड्यूल हो जाएगा और चुने गए समय पर अपने आप भेज दिया जाएगा। 

टेक्स्ट के साथ फोटो और वीडियो भी कर सकेंगे शेड्यूल
इस फीचर में यूजर्स को सिर्फ टेक्स्ट मैसेज शेड्यूल करने की सुविधा नहीं मिलेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, लिंक, फोटो और वीडियो को भी तय समय पर भेजने के लिए शेड्यूल किया जा सकेगा. हालांकि, एक बार में केवल एक फोटो या वीडियो शेड्यूल करने का विकल्प मिल सकता है. फोटो भेजने से पहले यूजर्स उसमें बदलाव कर सकेंगे और जरूरत के हिसाब से कैप्शन भी जोड़ सकेंगे। 

10 मिनट से लेकर दो हफ्ते तक का समय चुनने का विकल्प
रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स मैसेज को कम से कम 10 मिनट बाद और ज्यादा से ज्यादा दो हफ्ते तक के लिए शेड्यूल कर सकेंगे. इसका फायदा यह होगा कि जन्मदिन, सालगिरह या किसी जरूरी काम से जुड़ा मैसेज पहले ही तैयार करके रखा जा सकेगा. तय समय आने पर मैसेज अपने आप चला जाएगा. इसके लिए ऐप को खुला रखना या फोन को ऑनलाइन रखना भी जरूरी नहीं होगा। 

प्राइवेट और ग्रुप चैट, दोनों में करेगा काम
यह फीचर सिर्फ किसी एक व्यक्ति को मैसेज भेजने तक सीमित नहीं रह सकता. रिपोर्ट के मुताबिक, इसे प्राइवेट चैट से साथ ग्रुप चैट में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा. हालांकि ग्रुप मैसेज को लेकर एक खास बात सामने आई है. शेड्यूल करते समय ग्रुप में जो सदस्य मौजूद होंगे उन्हें ही वह मैसेज मिल सकता है. बाद में ग्रुप में जुड़ने वाले सदस्यों को पहले से शेड्यूल किया गया मैसेज मिलने की उम्मीद नहीं है। 

भेजने से पहले शेड्यूल मैसेज डिलीट कर सकेंगे
अगर आपने कोई मैसेज शेडयूल कर दिया है, लेकिन बाद में उसे भेजने का इरादा बदल जाता है तो उसे डिलीट करने का ऑप्शन भी मिल सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स चैट की जानकारी वाले सेक्शन में जाकर शेड्यूल किए गए मैसेज देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें हटा सकेंगे. अगर मैसेज भेजे जाने से पहले ही डिलीट कर दिया जाता है, तो सामने वाले व्यक्ति को इसकी सूचना मिलने की उम्मीद नहीं है। 

आम यूजर्स को कब मिलेगा यह फीचर?
फिलहाल WhatsApp के शेड्यूल्ड मैसेज फीचर की टेस्टिंग कुछ Android बीटा यूजर्स के साथ चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में इसे ज्यादा यूजर्स तक पहुंचाया जा सकता है. हालांकि, WhatsApp ने अभी तक इसके ग्लोबल रोलआउट की आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है. ऐसे में आम यूजर्स को इस फीचर के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। 

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता से सपने को मिला पंख

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता से सपने को मिला पंख

 मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से मिली आर्थिक मदद

बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर बनना चाहती हैं नर्स

रायपुर-- आर्थिक सहयोग मिले तो प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। सक्ती जिले के डभरा विकासखंड के ग्राम किरारी की शिवानी साहू की कहानी इसकी मिसाल है। श्रम विभाग की मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से शिवानी को उच्च शिक्षा के लिए 45 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली है। इससे उनकी पढ़ाई जारी रखने में परिवार को मदद मिली और नर्स बनने के उनके सपने को नई दिशा मिली।

शिवानी,  टंकेश्वर साहू और गोमती साहू की बेटी हैं। उन्होंने भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में करियर बनाने के उद्देश्य से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई चुनी है। वर्तमान में वे नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। वर्ष 2025-26 में योजना के तहत उन्हें 45 हजार रुपये की सहायता सीधे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी गई। इस राशि से पढ़ाई से जुड़े खर्चों में परिवार को आर्थिक संबल मिला।

शिवानी का कहना है कि शासन से मिली सहायता ने उन्हें बिना आर्थिक चिंता के पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया है। वे नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर कुशल नर्स बनना चाहती हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सेवा करना चाहती हैं।

शिवानी ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया। छत्तीसगढ़ सरकार की योजनाएं श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य की राह पर आगे बढ़ने में मददगार बन रही हैं।

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन से छत्तीसगढ़ के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाएगी राज्य सरकार

पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की मिशन निधि प्रस्तावित, विभिन्न स्रोतों से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक जुटाने की कार्ययोजना

चित्रकोट, मैनपाट, सिरपुर, राजिम और हसदेव बांगो सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य

पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने, 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की योजना

चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट होंगे विकसित, डिजिटल तकनीक से आसान और सुविधाजनक होगा पर्यटकों का सफर

रायपुर-- छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। राज्य का प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहर और धार्मिक आस्था के केंद्र हमारी विशिष्ट पहचान हैं। इन खूबियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रभावी रूप से स्थापित करते हुए पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास का मजबूत आधार बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  महानदी भवन मंत्रालय में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन का विकास केवल किसी स्थान के सौंदर्यीकरण या अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर पैदा हों। स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प, लोककला और संस्कृति को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़कर आय के स्थायी साधन विकसित किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पर्यटन से समृद्धि’ इस मिशन की मूल भावना होगी। हमारा प्रयास ऐसा पर्यटन मॉडल विकसित करने का है, जिसमें पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्रकृति और संस्कृति से जुड़ें तथा पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का अधिकतम लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे।

*500 करोड़ रुपए की मिशन निधि प्रस्तावित*

बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा तैयार मिशन के अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ रुपए की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर), केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और विभागीय अभिसरण के माध्यम से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय स्रोतों का प्रभावी उपयोग करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं की योजना बनाते समय उनकी दीर्घकालिक उपयोगिता, आर्थिक संभावनाओं और स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाले प्रभाव को प्राथमिकता दी जाए।

*चित्रकोट, मैनपाट, सिरपुर सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प*

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। प्रथम चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को उच्च प्रभाव वाले पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित करने की योजना है।

इसके साथ ही मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी सहित अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में भी सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना प्रस्तावित है।

इन स्थलों में बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, सुव्यवस्थित पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। पर्यटन स्थलों की विशिष्टता को ध्यान में रखते हुए उनके विकास में स्थानीय वास्तुकला, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।

*स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मिशन के अंतर्गत 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है। इसके अतिरिक्त 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों तथा 500 टूर गाइड और फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटन मार्गदर्शन, परिवहन और अन्य सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पर्यटन से होने वाली आय का बड़ा हिस्सा स्थानीय अर्थव्यवस्था में पहुंचेगा और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर प्राप्त होंगे।

*पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य*

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटकों के औसत प्रवास की अवधि बढ़ाकर दो दिन करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

पर्यटकों के लिए पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधा उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और अन्य आवासीय सुविधाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।

पर्यटन क्षेत्र में 10 से 20 सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव है, जिनके माध्यम से कम से कम 1,000 करोड़ रुपए की निजी पूंजी आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे होटल, रिसॉर्ट, परिवहन, खानपान और अन्य पर्यटन आधारित सेवाओं के विस्तार के साथ स्थानीय बाजारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

*चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट होंगे विकसित*

प्रदेश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों को एक-दूसरे से जोड़कर पर्यटकों को बेहतर और विविध अनुभव उपलब्ध कराने के लिए मिशन के अंतर्गत चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है।

प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं तथा करीब 500 पर्यटन संकेतक स्थापित किए जाएंगे। इससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों तक पहुंचने और अपनी यात्रा को सुविधाजनक तरीके से नियोजित करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन सर्किट तैयार करते समय प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और जनजातीय पर्यटन स्थलों को इस तरह जोड़ा जाए कि पर्यटक एक ही यात्रा में छत्तीसगढ़ की विविधता का व्यापक अनुभव प्राप्त कर सकें।

*डिजिटल तकनीक से आसान होगा पर्यटकों का सफर*

पर्यटन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए भी मिशन में व्यापक प्रावधान किए गए हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए बहुभाषी पर्यटन वेबसाइट, मोबाइल एप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पर्यटन सूचना, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इन डिजिटल माध्यमों से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, आवास, परिवहन, स्थानीय आकर्षण, खानपान और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

*जनजातीय संस्कृति और विरासत बनेगी छत्तीसगढ़ पर्यटन की विशिष्ट पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोककला, लोकनृत्य, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प और जीवनशैली हमारी अमूल्य विरासत है। पर्यटन विकास के दौरान इनकी मौलिकता और गरिमा को संरक्षित रखते हुए इन्हें व्यापक पहचान दिलाई जानी चाहिए।

विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा अंचल की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति को पर्यटन के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही धार्मिक, ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार कर श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन के सिद्धांतों का विशेष ध्यान रखा जाए। प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य वहां के पर्यावरण और जैव विविधता के अनुरूप हों।

*‘पर्यटन से समृद्धि’ बनेगा मिशन का आधार*

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की मूल अवधारणा ‘पर्यटन से समृद्धि’ निर्धारित की गई है। मिशन के माध्यम से पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखते हुए इसे स्थानीय अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक संरक्षण, रोजगार सृजन, निवेश और क्षेत्रीय विकास से जोड़ा जाएगा।

मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मार्गदर्शक समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय संचालन समिति का प्रावधान किया गया है। पर्यटन, लोक निर्माण, वन, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग, कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के समन्वय से परियोजनाओं को चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिशन की कार्ययोजना को परिणामोन्मुख बनाते हुए प्राथमिकता के आधार पर पर्यटन स्थलों का चयन किया जाए और प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य छत्तीसगढ़ को ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाना है, जहां आने वाला पर्यटक प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता का यादगार अनुभव लेकर लौटे तथा पर्यटन की बढ़ती गतिविधियां स्थानीय लोगों की समृद्धि का माध्यम बनें।

बैठक में पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत एवं श्री प्रभात मलिक, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, पर्यटन सचिव श्री पी. दयानंद, पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन, पीसीसीएफ श्री अरुण पांडेय, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश टोप्पो, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

खेल प्रतिभाओं को गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

खेल प्रतिभाओं को गांव के मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। गांवों, जनजातीय क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों में ऐसी अनेक प्रतिभाएं हैं, जिन्हें सही समय पर पहचान, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतिस्पर्धा के पर्याप्त अवसर मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ा सकती हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसी प्रतिभाओं के लिए गांव के खेल मैदान से लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक आगे बढ़ने का सुनियोजित मार्ग तैयार करना है। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन इसी सोच को धरातल पर उतारने की महत्वपूर्ण पहल है।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ज्ञानेश्वरी यादव और संजू देवी जैसी प्रदेश की प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धियों से यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की भरपूर क्षमता है। आवश्यकता इस बात की है कि प्रतिभाओं की पहचान कम उम्र में हो और उन्हें लगातार गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन तथा उच्चस्तरीय प्रतियोगिताओं का अनुभव मिले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन की कार्ययोजना ऐसी हो, जिसमें खिलाड़ी की प्रतिभा की पहचान से लेकर उसके उच्च प्रदर्शन वाले खिलाड़ी बनने तक की पूरी यात्रा के लिए स्पष्ट व्यवस्था हो।

गांवों और दूरस्थ अंचलों तक पहुंचे खेल प्रतिभाओं की खोज

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल प्रतिभाओं की तलाश केवल बड़े शहरों और स्थापित खेल अकादमियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। छत्तीसगढ़ के गांवों, जनजातीय अंचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। तीरंदाजी, कबड्डी सहित विभिन्न खेलों से इन क्षेत्रों के युवाओं का स्वाभाविक जुड़ाव रहा है। ऐसी प्रतिभाओं को चिन्हित कर वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रशिक्षण से जोड़ने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन की सफलता इस बात से तय होगी कि हम जमीनी स्तर पर कितनी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दे पाते हैं। कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी केवल संसाधनों अथवा अवसर की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए।

स्कूल से ही मजबूत होगी खेल संस्कृति

मुख्यमंत्री ने बच्चों को स्कूल स्तर से खेल गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में बच्चों का खेल के मैदानों से स्वाभाविक जुड़ाव होता था, लेकिन बदलती जीवनशैली के कारण यह जुड़ाव कम हुआ है। इसे फिर मजबूत करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने स्कूलों में व्यायाम शिक्षकों के माध्यम से नियमित खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के साथ अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना भी विकसित करते हैं। स्कूल स्तर पर प्रतिभा की पहचान होने से योग्य बच्चों को समय रहते विशेषज्ञ प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सकेगा और वे भविष्य में खेलों को एक बेहतर करियर के रूप में भी अपना सकेंगे।

फीडर सेंटर से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तक बनेगा प्रशिक्षण का मजबूत तंत्र

बैठक में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के अंतर्गत एथलेटिक्स, तीरंदाजी, हॉकी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन, तैराकी, बैडमिंटन, जूडो और कबड्डी सहित प्राथमिकता वाले खेलों के विकास की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए फीडर सेंटर, उच्च प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र और उत्कृष्टता केंद्र विकसित करने की प्रस्तावित व्यवस्था की समीक्षा की गई। फीडर सेंटरों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः खेल अकादमियों और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाओं की पहचान के बाद उनके प्रदर्शन और प्रगति की नियमित निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इसके लिए ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे प्रत्येक चयनित खिलाड़ी के प्रशिक्षण, प्रदर्शन और आवश्यकता का नियमित आकलन हो तथा बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अगले स्तर तक पहुंचने के अवसर मिलते रहें।

प्रशिक्षित कोच और स्पोर्ट्स साइंस पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री  साय ने खेलवार प्रशिक्षित और योग्य कोचों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस खेल की जहां संभावनाएं अधिक हैं, वहां उसी के अनुरूप विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की पदस्थापना और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।

बैठक में आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस सुविधाओं के विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, मनोवैज्ञानिक सहयोग, फिटनेस, चोटों से बचाव और पुनर्वास जैसी सेवाओं को प्रशिक्षण व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने की योजना पर विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धा में तकनीक और खेल विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को भी आधुनिक प्रशिक्षण की इन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।

बैठक में बिलासपुर स्थित स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर के विस्तार की योजना की भी समीक्षा की गई। सेंटर में आवासीय खिलाड़ियों की वर्तमान क्षमता 165 से बढ़ाकर 300 करने तथा यहां संचालित खेल विधाओं का विस्तार करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पहले से उपलब्ध खेल अधोसंरचनाओं का अधिकतम और बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्टेडियमों, खेल मैदानों और प्रशिक्षण केंद्रों के नियमित रखरखाव के साथ आवश्यकतानुसार उनका उन्नयन किया जाए, ताकि खिलाड़ियों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी से प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रशिक्षण के साथ खिलाड़ियों को नियमित प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलना भी आवश्यक है। प्रतियोगिताओं से खिलाड़ी अपने प्रदर्शन का आकलन कर पाते हैं और उनमें बड़े मुकाबलों के लिए आवश्यक आत्मविश्वास विकसित होता है।

बैठक में टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी के माध्यम से विकासखंड, जिला और राज्य स्तर पर नियमित प्रतियोगिताएं आयोजित करने की प्रस्तावित व्यवस्था पर चर्चा की गई। इसके माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चिन्हित कर उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और आगे की प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर प्रदान किए जाएंगे।

महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेगा विशेष प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री  साय ने महिला खिलाड़ियों और दिव्यांग खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियों ने विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा और क्षमता सिद्ध की है। उन्हें सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, आवश्यक खेल सुविधाएं और प्रतियोगिताओं के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

बैठक में महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर, पैरा स्पोर्ट्स के विकास तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयार करने की योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

अगले पांच वर्षों के लिए तैयार होगी स्पष्ट कार्ययोजना

मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों की स्पष्ट, परिणामोन्मुख और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में मिशन के विभिन्न घटकों के क्रियान्वयन और वित्तीय प्रबंधन पर भी विस्तृत मंथन किया गया।

मुख्यमंत्री ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के साथ स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खेलों का विकास किसी एक विभाग तक सीमित विषय नहीं है। सभी संबंधित विभागों को समन्वित प्रयास करते हुए प्रदेश में मजबूत खेल संस्कृति और खिलाड़ियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की कोशिश केवल खेल सुविधाओं का विस्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ में एक ऐसा मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम विकसित करना है, जिसमें प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, पोषण, प्रतियोगिता और उच्चस्तरीय प्रदर्शन तक खिलाड़ी को हर जरूरी सहयोग एक सुनियोजित व्यवस्था के तहत मिले।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिले। गांव के खेल मैदान से शुरू हुआ उसका सफर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से हम ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहते हैं, जो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट खिलाड़ियों की नई पहचान दे।

बैठक में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, खेल विभाग के सचिव  यशवंत कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

कौशल विकास से खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

कौशल विकास से खुलेंगे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल से सशक्त बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। तेजी से बदलती तकनीक और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में पीएम-सेतु योजना के प्रदेश में क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए दुर्ग और बस्तर क्लस्टर के लिए क्रमशः भिलाई स्टील प्लांट और एनएमडीसी लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) संपन्न हुआ। इन दोनों प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों की भागीदारी से आईटीआई में प्रशिक्षण को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कौशल विकास को रोजगार और औद्योगिक प्रगति से जोड़ने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। पीएम-सेतु योजना इसी दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से आईटीआई को केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि आधुनिक कौशल, नवाचार, रोजगार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राज्य में नए उद्योगों और निवेश के विस्तार के साथ विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग भी बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हो और प्रदेश के युवाओं को अपने कौशल के अनुरूप रोजगार के बेहतर अवसर मिलें।

प्रदेश के 30 आईटीआई का होगा कायाकल्प

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रारंभ की गई प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई (PM-SETU) योजना के अंतर्गत देशभर के एक हजार शासकीय आईटीआई को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 60 हजार करोड़ रुपए के निवेश का प्रावधान किया गया है।

योजना का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक तकनीक एवं उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना, प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना और युवाओं की रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

छत्तीसगढ़ में पीएम-सेतु योजना के क्रियान्वयन के लिए दुर्ग, कोरबा, सरगुजा, बस्तर, रायगढ़ और रायपुर सहित छह क्लस्टर चयनित किए गए हैं। इनमें छह हब आईटीआई और 24 स्पोक आईटीआई सहित कुल 30 शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन प्रस्तावित है।

प्रदेश के छह क्लस्टरों में पांच वर्षों की अवधि में लगभग 1,446 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। प्रत्येक क्लस्टर में लगभग 241 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इसके अंतर्गत हब आईटीआई के लिए 81 करोड़ रुपए तथा प्रत्येक स्पोक आईटीआई के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

योजना में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और संबंधित उद्योग भागीदार की वित्तीय सहभागिता क्रमशः 50 प्रतिशत, 33 प्रतिशत और 17 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इसके माध्यम से आईटीआई में आधुनिक मशीनों, उपकरणों, प्रयोगशालाओं और तकनीकी संसाधनों के साथ उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उद्योग और आईटीआई के बीच मजबूत होगी साझेदारी

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत साझेदारी इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है। उद्योगों की सीधी भागीदारी से युवाओं को ऐसी तकनीकों और कार्यप्रणालियों का प्रशिक्षण मिलेगा, जिनका वास्तविक औद्योगिक इकाइयों में उपयोग हो रहा है।

उन्होंने कहा कि उद्योगों की आवश्यकता और युवाओं के कौशल के बीच अंतर को कम करना जरूरी है। पीएम-सेतु के माध्यम से पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और व्यावहारिक अनुभव को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने से प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

दुर्ग क्लस्टर में भिलाई स्टील प्लांट की महत्वपूर्ण भागीदारी

पीएम-सेतु योजना के अंतर्गत दुर्ग क्लस्टर के लिए स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की इकाई भिलाई स्टील प्लांट (BSP) एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागी होगा।

इस क्लस्टर में शासकीय आईटीआई दुर्ग को हब आईटीआई तथा शासकीय आईटीआई भिलाई, महिला आईटीआई भिलाई, राजनांदगांव और डौंडीलोहारा को स्पोक आईटीआई के रूप में शामिल किया गया है।

भिलाई स्टील प्लांट की विशेषज्ञता और औद्योगिक अनुभव का लाभ प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को औद्योगिक क्षेत्र में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों, मशीनों और कार्यप्रणाली के अनुरूप व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय की उपस्थिति में आज भिलाई स्टील प्लांट के साथ एमओयू संपन्न कर इस सहभागिता को औपचारिक स्वरूप दिया गया।

बस्तर के युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण से जोड़ने की बड़ी पहल

बस्तर क्लस्टर के लिए एनएमडीसी लिमिटेड एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागी होगा। बस्तर क्लस्टर में शासकीय आईटीआई बस्तर को हब आईटीआई तथा जगदलपुर, गीदम, कोंडागांव और नारायणपुर के शासकीय आईटीआई को स्पोक आईटीआई के रूप में सम्मिलित किया गया है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में एनएमडीसी लिमिटेड के साथ एमओयू संपन्न

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय और दूरस्थ अंचलों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। एनएमडीसी जैसे प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थान की सहभागिता से बस्तर के युवाओं को आधुनिक औद्योगिक कौशल से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें स्थानीय एवं प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में विकसित हो रहे रोजगार के अवसरों का लाभ लेने में सहायता मिलेगी।

सरगुजा और कोरबा क्लस्टर में भी उद्योगों की सहभागिता

सरगुजा क्लस्टर के लिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागिता की सहमति प्रदान की है। इस क्लस्टर के लिए टाटा IIS का चयन ऑपरेटिंग पार्टनर के रूप में किया गया है। समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर की स्वीकृति के लिए प्रकरण विभाग को प्रस्तुत किया गया है तथा एमओयू के प्रारूप में आवश्यक संशोधन के लिए इसे एसईसीएल को भेजा गया है।

इसी प्रकार कोरबा क्लस्टर के लिए एनटीपीसी कोरबा द्वारा एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में सहभागिता की सहमति दी गई है। एनटीपीसी कोरबा द्वारा ऑपरेटिंग पार्टनर के चयन की प्रक्रिया प्रचलन में है।

रायपुर और रायगढ़ क्लस्टर के लिए प्रक्रिया जारी

रायपुर एवं रायगढ़ क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के चयन की प्रक्रिया भी जारी है। इसके लिए राज्य के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से निविदाएं जारी की गई हैं।

रायपुर क्लस्टर के संबंध में हीरा ग्रुप से प्राप्त प्रश्नों का निराकरण किया जा चुका है। रायगढ़ क्लस्टर के लिए एनटीपीसी लारा से संपर्क किया गया है और योजना में सहभागिता तथा क्रियान्वयन को लेकर प्रारंभिक चर्चा की जा रही है।

हब-स्पोक मॉडल से मजबूत होगा कौशल प्रशिक्षण नेटवर्क

पीएम-सेतु योजना में हब एवं स्पोक मॉडल के माध्यम से आईटीआई के बीच तकनीकी संसाधनों, आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञता और प्रशिक्षण सुविधाओं का बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।

हब आईटीआई को उन्नत प्रशिक्षण एवं संसाधनों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि उससे जुड़े स्पोक आईटीआई भी इन संसाधनों और विशेषज्ञता का लाभ उठा सकेंगे। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ेगी।

उद्योग भागीदारों की सक्रिय सहभागिता से प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को समय-समय पर उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने, प्रशिक्षकों के कौशल उन्नयन और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने में भी सहायता मिलेगी।

कौशल से रोजगार और रोजगार से समृद्धि की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, कौशल, उद्योग और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़कर युवाओं के लिए अवसरों का मजबूत तंत्र विकसित कर रही है। प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ने के साथ युवाओं को भविष्य की तकनीकों और आधुनिक औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपने कौशल और नवाचार के बल पर रोजगार सृजित करने वाला भी बने। कौशल से रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता का मार्ग प्रशस्त होगा और हमारे युवाओं की शक्ति विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मजबूत आधार बनेगी।

रोजगार, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि पीएम-सेतु योजना प्रदेश के युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल है। आईटीआई के आधुनिकीकरण और उद्योगों की प्रत्यक्ष सहभागिता से युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे उनके कौशल उन्नयन के साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव  बसव राजू, संचालक  हेमंत नंदनवार, एनएमडीसी के कार्यपालक निदेशक  संजीव साही, सेल के  पवन कुमार सहित संबंधित विभागों एवं औद्योगिक संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में 22 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले, गृह-परिवहन समेत कई विभागों में नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ में 22 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले, गृह-परिवहन समेत कई विभागों में नई जिम्मेदारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक कार्यकुशलता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सचिवालय सेवा के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला किया है।

सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव मनराखन भूआर्य द्वारा जारी आदेश के तहत सचिवालय सेवा के कुल 22 सहायक सचिवालय सहायक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से नए विभागों में पदस्थ किया गया है।

गृह और वित्त विभागों में पदस्थापना
 
जारी आदेश के अनुसार, राज्य सरकार ने सामान्य प्रशासन विभाग, पर्यटन विभाग, गह विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, वित्त विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग आदि में नए अधिकारियों की तैनाती की है।
 
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ममता साहू की जेल विभाग में पदस्थापना
 
सौरव मंडल को गृह विभाग से सामान्य प्रशासन विभाग, ममता साहू को सामान्य प्रशासन विभाग से जेल विभाग और अभिषेक देवांगन को सामान्य प्रशासन से जेल विभाग में पदस्थापना मिली है।
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चन्द्रनारायण की गृह विभाग में पदस्थापना
 
इसके अलावा संगीता देवी को सामान्य शासन विभाग से वित्त विभाग, चन्द्रनारायण को नगरीय प्रशासन विभाग से गृह विभाग और धनेश्वर पटेल को मुख्यमंत्री सचिवालय से चिकित्सा शिक्षा विभाग में तैनाती मिली है।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए उदाहरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक प्रगति दुनिया के लिए उदाहरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) द्वारा भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर जारी अनुमान पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में नया भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद आर्थिक प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आईएमएफ द्वारा वर्ष 2026 और 2027 में भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि वर्ष 2026 में वैश्विक विकास दर मात्र 3.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह अंतर भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती, निरंतरता और वैश्विक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को रेखांकित करता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में किए गए व्यापक आर्थिक सुधारों, अधोसंरचना में ऐतिहासिक निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार, विनिर्माण को प्रोत्साहन और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण ने देश की विकास यात्रा को नई गति प्रदान की है। भारत आज न केवल दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत की यह तेज आर्थिक प्रगति ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश के मजबूत कदमों का परिचायक है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण की यात्रा निरंतर आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ भी अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ सहभागी है। राज्य सरकार ‘विकसित भारत–विकसित छत्तीसगढ़’ के ध्येय के अनुरूप निवेश, उद्योग, अधोसंरचना, रोजगार और नवाचार को गति देते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

ब्रेकिंग: राज्य सरकार ने जारी किया आदेश,इस विभाग में 10 अधिकारियों के तबादले,देखे आदेश…

ब्रेकिंग: राज्य सरकार ने जारी किया आदेश,इस विभाग में 10 अधिकारियों के तबादले,देखे आदेश…

  रायपुर :- छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग बड़ा प्रशासनिक फेरबदल (CG GST Transfer) किया गया है।  राज्य सरकार ने ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के 10 अधिकारियों के ट्रांसफर का आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल में बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट (BIU) की जिम्मेदारी भी बदली गई है।

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राज्यपाल रमेन डेका से राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल रमेन डेका से राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर--छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने सौजन्य भेंट की।

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर  मिश्रा ने राज्यपाल  डेका का अभिवादन किया। भेंट के दौरान राज्य के समग्र एवं सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

नवनियुक्त राज्यपालों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

नवनियुक्त राज्यपालों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

 मुख्यमंत्री ने कहा- समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन से संबंधित राज्यों में सुशासन एवं जनकल्याण को मिलेगी नई मजबूती

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा विभिन्न राज्यों के लिए नियुक्त राज्यपालों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने केरल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त ओम प्रकाश माथुर, तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में नियुक्त राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, ओडिशा के राज्यपाल के रूप में नियुक्त  ब्रज मोहन राम, कर्नाटक की राज्यपाल के रूप में नियुक्त डॉ. सुधा यादव, उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में नियुक्त डॉ. ढाल सिंह बिसेन तथा सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्त  दुष्यंत गौतम को नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सभी नवनियुक्त राज्यपालों का दीर्घ सार्वजनिक जीवन, समृद्ध अनुभव और कुशल मार्गदर्शन संबंधित राज्यों की विकास यात्रा को नई गति प्रदान करेगा तथा सुशासन, जनकल्याण और संवैधानिक मूल्यों को और सुदृढ़ करेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी नवनियुक्त राज्यपालों के सफल, यशस्वी एवं गरिमामय कार्यकाल की मंगलकामना की है।

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें - मुख्य सचिव

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का गंभीरता से निराकरण करें - मुख्य सचिव

00 समस्याओं का भौतिक सत्यापन कर जवाबदेही के साथ करें कार्रवाई
00 धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और विभागीय योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को गंभीरता से लें, समस्याओं का कराएं भौतिक सत्यापन
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक राज्य में लगभग दो लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने सभी विभागों को शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करने तथा समस्याओं का वास्तविक स्वरूप जानने के लिए आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संबंधित नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और निराकरण की गुणवत्ता में सुधार लाने पर विशेष ध्यान देने को कहा।

धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने तथा जल जीवन मिशन से संबंधित नीति के शेष बिंदुओं को समय पर पूरा करने के संबंध में चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक बिंदुओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने तथा कार्ययोजना को व्यवस्थित रूप से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने जल उपयोगिता से जुड़े विषयों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
डिजिटल क्रॉप सर्वे और अन्य विभागीय विषयों पर चर्चा
बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे की समीक्षा करने तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट तथा प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।
पारस पोर्टल के एजेंडा बिंदुओं और आधारभूत परियोजनाओं की समीक्षा

बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की गई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को बिना अनावश्यक विलंब के आगे बढ़ाने तथा जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। पेंशन और प्रशिक्षण से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई।
कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भेंजे प्रस्ताव
मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। सभी विभाग अपने-अपने विषयों और प्रस्तावों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करें। बैठक में सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को इसके अंतर्गत लाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास पर जोर

बैठक में नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास एवं बेहतर प्रबंधन के संबंध में चर्चा की गई। बॉटनिकल गार्डन में आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र के प्रबंधन और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाओं का अध्ययन कर उपयोगी पहलुओं को अपनाने पर जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को बॉटनिकल गार्डन के सुनियोजित विकास, आकर्षक स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जंगल सफारी के प्रबंधन, संचालन और सुविधाओं को और बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ.रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

शोधग्रंथ पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम - मंत्री वर्मा

शोधग्रंथ पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम - मंत्री वर्मा

 00 पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम

00 राजीव लोचन कॉलेज के प्राध्यापकों द्वारा संपादित पुस्तक का विमोचन

रायपुर। उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत शासकीय राजीव लोचन स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजिम (जिला-गरियाबंद) के प्राध्यापकों द्वारा संपादित ज्ञानवर्धक एवं शोधपरक पुस्तक एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट का आज राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया। श्रीवर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और अकादमिक उत्कृष्टता का उत्कृष्ट संगम आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसका सीधा मतलब एक ऐसी शिक्षा प्रणाली से है जो न केवल छात्रों को मानसिक और बौद्धिक रूप से मजबूत बनाती है, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाती है।

इस महत्वपूर्ण ग्रंथ का कुशल संपादन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. समीक्षा चंद्राकर, रसायन शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. देवेन्द्र कुमार तथा वनस्पति शास्त्र के सहायक प्राध्यापक डॉ. सर्वेश कौशिक पटेल के संयुक्त मार्गदर्शन व अथक प्रयासों से किया गया है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने पुस्तक के सफल संपादन एवं विमोचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपादक मंडल को अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। मंत्री वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शोध, मौलिक लेखन और पर्यावरण जैसे वैश्विक विषय पर चिंतन-मनन अत्यंत सराहनीय है। एनवायर्नमेंटल मैनेजमेंट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट पुस्तक न केवल विद्यार्थियों और शोधार्थियों का मार्गदर्शन करेगी, बल्कि सतत विकास के प्रति जन- जागरूकता फैलाने में भी मील का पत्थर साबित होगी। महाविद्यालयीन प्राध्यापकों द्वारा अकादमिक क्षेत्र में किया गया यह नवोन्मेषी प्रयास पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। मैं संपूर्ण संपादक मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूँ।

पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और पर्यावरण असंतुलन की चुनौतियों के बीच यह पुस्तक सतत विकास और पर्यावरण प्रबंधन के विभिन्न वैज्ञानिक व सामाजिक आयामों को रेखांकित करती है। पुस्तक में प्रस्तुत शोध-पत्र और नीतियां शोधार्थियों, उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होंगी।

शिक्षकों का समर्पण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बना रहा सशक्त - शिक्षा मंत्री यादव

शिक्षकों का समर्पण प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बना रहा सशक्त - शिक्षा मंत्री यादव

 00 दुर्ग एवं बेमेतरा जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों का किया गया सम्मान

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। शिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था लगातार सशक्त हो रही है। दुर्ग जिले के खालसा पब्लिक स्कूल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण के अंतर्गत दुर्ग और बेमेतरा जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों, प्राचार्यों और प्रधान पाठकों को सम्मानित किया।

शिक्षा मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षकों का समर्पण, मेहनत और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान और संस्कार का संचार कर रही है, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त हो रही है। उन्होंने शिक्षा श्री, शिक्षा दूत, ज्ञानदीप, उत्कृष्ट प्राचार्य तथा उत्कृष्ट प्रधान पाठक का सम्मान प्राप्त करने वाले सभी शिक्षकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उत्कृष्ट और समर्पित शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया जाता है, जिससे शिक्षा जगत को प्रोत्साहन मिलता है। 

यादव ने बच्चों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षित और संस्कारवान बनाने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सम्मानित शिक्षकों द्वारा किया गया कार्य अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। इस गरिमामयी समारोह के दौरान संभाग आयुक्त श्री एन. के. राठौड़ सहित बड़ी संख्या में शिक्षकगण उपस्थित रहे।

RPF के 42वें स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट अधिकारी-जवान सम्मानित, सेगवे परेड ने मोहा मन

RPF के 42वें स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट अधिकारी-जवान सम्मानित, सेगवे परेड ने मोहा मन

 रायपुर.रेलवे सुरक्षा बल ने उत्साह और उल्लास के साथ 42वां स्थापना दिवस मनाया. रेलवे वर्कशॉप ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवा के लिए अधिकारियों और जवानों को 3 राष्ट्रपति पुलिस पदक, 30 पुलिस पदक और एक जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया.

इस अवसर पर महिला दस्ता, कोरास कमांडो, डॉग स्क्वॉड और सेगवे दस्ते ने प्रदर्शन किया. इसके साथ तकनीकी प्रदर्शनी में ड्रोन निगरानी, ह्यूमनॉइड रोबोट ‘अर्जुन’ और आधुनिक डिजिटल सुरक्षा प्रणालियों की झलक नजर आई. कार्यक्रम में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर महापौर मिनल चौबे, RPF की महानिदेशक सोनाली मिश्रा, डीजीपी अरुण देव गौतम, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला के अलावा रेलवे और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए.

कार्यक्रम के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे सुरक्षा बल के स्थापना दिवस पर मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं. रेलवे संपत्ति की रक्षा करें. विश्वास बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है. भारतीय रेल जीवन की अभुक्त शक्ति है. रेलवे को सुरक्षित करने में रेलवे सुरक्षा बल की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है. महिलाओं बच्चों के अत्यंत प्रति निष्ठा से अपने दायित्व का निर्वहन करते रहेंगे. हम इसी सेवा भाव की कर्तव्य मान कर चलेंगे. इसमें आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है. रेलवे का अनुशासन ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है. सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को मै नमन करता हूं. पदक विजेताओं को बधाई देता हूं.

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में RPF को कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ा है. यहां बम ब्लास्ट होता था, पटरिया उखाड़ ली जाती थी. ऐसे समय में यहां कार्यक्रम हुआ है. जब यहां से नक्सल समाप्त हो चुका है. आज हमने यहां बल का प्रदर्शन देखा है. जोन और आईटी का उपयोग करके यहां पर यात्रियों को सुविधा उपलब्ध कराने काम कर रहा है. रेल मंत्री ने पूरी फोर्स को पूरा सपोर्ट किया है. हमारे देश में सबसे ज्यादा ट्रैवल करते हैं. महिलाएं लोकल ट्रेन में यात्रा ज्यादा से ज्यादा करें. उसके लिए RPF काम कर रहा है.

रेलवे महानिदेशक RPF सोनाली मिश्रा ने कहा कि जहां भी हमारी आश्यकता है, वहां विशेष रूप से काम करेंगे. अभी नए अभियान नशे को लेकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने शुरू किया है. टारगेट रखा है, उसमें हम हर प्रकार से सहयोग कर रहे हैं. रेल मंत्री ने मेसेज में बताया है. कमजोर वर्ग, महिलाएं-बच्चे की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. मेरा कैडर एमपी हैं, लेकिन मैने शुरुवात बिलासपुर से की है. आज बहुत खुशी हुई है.

ट्रेनों में गांजा सप्लाई पर कहा सोनाली मिश्रा ने कहा कि ज्वाइंट ऑपरेशन चल रहा है. हम लोग गारमेंट के सहयोग से काम कर रहे हैं. RPF और GRPF के साथ स्टेट पुलिस भी काम कर रही है. हमारा इसमें अरेस्ट भी बड़ी संख्या में बढ़ा है. हमारा जो टारगेट रखा गया है, उसमें भी हम काम करेंगे. हमने SOP नए बनाए हैं. ट्रैफिकर्स भी अपना मॉडल बदल रहे हैं. आने वाले समय में बेहतर कार्रवाई होगी.

पीएम मातृ वंदना योजना से लीलावती को मिला आर्थिक संबल, पौष्टिक आहार और दवाइयों की जरूरतें हुईं पूरी

पीएम मातृ वंदना योजना से लीलावती को मिला आर्थिक संबल, पौष्टिक आहार और दवाइयों की जरूरतें हुईं पूरी

 सेवा संकल्प अभियान-2026

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मिल रहा बढ़ावा, दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रुपये की सहायता का भी प्रावधान

रायपुर- मातृत्व का समय हर महिला के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इस दौरान मां और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार, आवश्यक दवाइयों और नियमित देखभाल की विशेष जरूरत होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इन आवश्यकताओं को पूरा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कृष्णापुर निवासी श्रीमती लीलावती को भी इस योजना से बड़ी राहत मिली है। उन्हें दो किस्तों में कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने पौष्टिक भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में किया। लीलावती बताती हैं कि योजना से मिली सहायता के कारण उन्हें मातृत्व के दौरान अपनी और बच्चे की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सुविधा हुई। वर्तमान में वे और उनका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत लीलावती की यह कहानी दर्शाती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता जरूरतमंद महिलाओं के लिए कितनी उपयोगी साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य, पोषण और शिशु की बेहतर देखभाल को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

दो किस्तों में मिली 5 हजार रुपये की सहायता, मातृत्व के दौरान मिला सहारा
लीलावती बताती हैं कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत उन्हें पहली किस्त में 3 हजार रुपये और दूसरी किस्त में 2 हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हुई। कुल 5 हजार रुपये की इस राशि से उन्होंने अपने लिए पौष्टिक आहार, आवश्यक दवाइयों और अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था की। मातृत्व के दौरान स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है और ऐसे समय में मिलने वाली आर्थिक सहायता से परिवार पर पड़ने वाला खर्च का बोझ भी कुछ कम हो जाता है।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मिलने से उन्हें अपनी सेहत के साथ बच्चे के स्वास्थ्य की देखभाल करने में भी मदद मिली। पौष्टिक भोजन और आवश्यक दवाइयों की व्यवस्था करने में सहायता राशि उपयोगी साबित हुई। लीलावती के अनुसार, मातृत्व के समय मिलने वाला यह आर्थिक सहयोग उनके लिए महत्वपूर्ण था। आज वे और उनका बच्चा स्वस्थ हैं, जिससे परिवार में खुशी है।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्रोत्साहन, दूसरी संतान बालिका होने पर भी सहायता का प्रावधान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा पोषण को बढ़ावा देना है। योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रथम संतान के लिए निर्धारित शर्तों के अनुसार कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि दो किस्तों में प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त दूसरी संतान बालिका होने पर पात्रता एवं योजना के प्रावधानों के अनुसार 6 हजार रुपये की सहायता राशि एकमुश्त प्रदान किए जाने का प्रावधान है।

योजना के माध्यम से महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के बाद स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिलता है। विशेष रूप से सीमित आय वाले परिवारों में यह सहायता पौष्टिक भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में उपयोगी साबित हो रही है। इससे माताओं को अपने स्वास्थ्य के साथ नवजात शिशु की देखभाल पर भी ध्यान देने में मदद मिलती है।

योजना से मिली राहत, लीलावती ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ मिलने पर लीलावती ने खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि मातृत्व के दौरान प्राप्त 5 हजार रुपये की सहायता राशि से उन्हें पौष्टिक भोजन और दवाइयों सहित अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने में सहयोग मिला। इससे वे अपनी और बच्चे की सेहत का बेहतर ध्यान रख सकीं। लीलावती का कहना है कि मातृत्व के समय महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी अनेक जरूरतें होती हैं। ऐसे में योजना से मिलने वाली सहायता राशि काफी उपयोगी होती है। उन्होंने इस आर्थिक सहयोग के लिए शासन के प्रति धन्यवाद व्यक्त करते हुए बताया कि वर्तमान में वे और उनका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु के संकल्प को मिल रहा संबल
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत ग्राम कृष्णापुर की लीलावती की कहानी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में संचालित योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव का उदाहरण है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से प्राप्त 5 हजार रुपये की सहायता राशि ने उन्हें मातृत्व के दौरान पौष्टिक आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था करने में सहयोग दिया। यह आर्थिक सहायता उनके लिए अपनी और बच्चे की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनी।

लीलावती का अनुभव बताता है कि मातृत्व के समय मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को प्राथमिकता देने में मदद कर सकती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं को मिल रहा यह सहयोग स्वस्थ मातृत्व, बेहतर शिशु देखभाल और परिवार के सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

महतारी वंदन की राशि से बेटी समीक्षा के सपनों को संवार रहीं अनीता सिंह

महतारी वंदन की राशि से बेटी समीक्षा के सपनों को संवार रहीं अनीता सिंह

 महतारी वंदन और सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ लेकर अनीता ने पेश की आर्थिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल

रायपुर- हर मां की ख्वाहिश होती है कि उसकी बेटी अच्छी शिक्षा प्राप्त करे, आत्मनिर्भर बने और अपने सपनों को साकार करे। बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बड़ी रकम से ज्यादा जरूरी है समय रहते बचत की शुरुआत करना। इसी सोच को अपने जीवन में उतार रही हैं सरगुजा जिले की श्रीमती अनीता सिंह। वे महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की पूरी राशि अपनी बेटी समीक्षा सिंह के नाम पर खोले गए सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं। इस तरह शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता को उन्होंने बेटी की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए नियमित बचत का माध्यम बना लिया है।

अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कृष्णापुर निवासी अनीता सिंह की यह पहल महिला आर्थिक सशक्तिकरण और बेटियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति जागरूकता का प्रेरक उदाहरण है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि को वे दैनिक खर्चों में उपयोग करने के बजाय बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रख रही हैं। प्रतिमाह एक हजार रुपये की इस बचत से एक वर्ष में 12 हजार रुपये जमा होंगे, जो आने वाले समय में समीक्षा की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक हो सकते हैं।

महतारी वंदन की राशि बनी बेटी के भविष्य की पूंजी
अनीता सिंह बताती हैं कि उन्होंने अपनी बेटी समीक्षा सिंह के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खुलवाया है। महतारी वंदन योजना से उनके बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। इस पूरी राशि को वे नियमित रूप से बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर देती हैं।

उनका कहना है कि बेटी की अच्छी शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए अभी से आर्थिक तैयारी करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को बचत में बदलने का निर्णय लिया।

अनीता का मानना है कि छोटी-छोटी राशि को नियमित रूप से जमा करने से भविष्य में एक अच्छी पूंजी तैयार की जा सकती है। इससे बेटी की उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहारा मिलेगा।

हर महीने एक हजार रुपये की बचत, सालभर में 12 हजार रुपये का संचय
अनीता सिंह की बचत की यह पहल आर्थिक नियोजन का भी उदाहरण है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक राशि को वे सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कर रही हैं।

इस तरह नियमित बचत जारी रखने पर एक वर्ष में 12 हजार रुपये की मूल राशि जमा होगी। सुकन्या समृद्धि योजना के प्रावधानों के अनुसार जमा राशि पर निर्धारित ब्याज का लाभ भी मिलता है, जिससे समय के साथ बचत में वृद्धि हो सकती है।

अनीता बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता के कारण उन्हें बेटी के लिए बचत करने में सुविधा हो रही है। इस राशि को वे समीक्षा की आगे की पढ़ाई और भविष्य की आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित रखना चाहती हैं।

दो योजनाओं को जोड़कर बेटी की शिक्षा के लिए कर रहीं आर्थिक तैयारी
अनीता सिंह ने महतारी वंदन योजना और सुकन्या समृद्धि योजना का उपयोग एक-दूसरे के पूरक के रूप में किया है। महतारी वंदन योजना से उन्हें हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है, जबकि सुकन्या समृद्धि योजना में वे इस राशि को बेटी के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं।

इस प्रकार एक योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता दूसरी योजना के माध्यम से दीर्घकालिक बचत का आधार बन रही है। अनीता का यह प्रयास दर्शाता है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली सहायता का सुनियोजित उपयोग कर परिवार की भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक तैयारी की जा सकती है।

बेटी की अच्छी शिक्षा और आत्मनिर्भरता ही मां का सपना
अनीता सिंह चाहती हैं कि उनकी बेटी समीक्षा अच्छी शिक्षा प्राप्त करे और जीवन में आगे बढ़े। वे अपनी बेटी के भविष्य को लेकर अभी से सजग हैं और नियमित बचत के माध्यम से उसकी शिक्षा के लिए आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं।

उनका कहना है कि बच्चों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए समय रहते बचत करना आवश्यक है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। अनीता के लिए हर महीने जमा किए जाने वाले एक हजार रुपये केवल बचत की राशि नहीं, बल्कि बेटी के सपनों को पूरा करने की दिशा में किया गया एक प्रयास है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
महतारी वंदन और सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ मिलने पर अनीता सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। इस राशि का उपयोग वे अपनी बेटी समीक्षा के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करने के लिए कर रही हैं।

अनीता ने बताया कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें बेटी के भविष्य के लिए नियमित बचत करने का अवसर दिया है। इससे वे उसकी शिक्षा और आगे की जरूरतों के लिए आर्थिक तैयारी कर पा रही हैं।

छोटी बचत से बड़े सपनों को संबल, अनीता की पहल बनी प्रेरणा
सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत अनीता सिंह की कहानी यह संदेश देती है कि आर्थिक सहायता का सही नियोजन परिवार के भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल में ‘सौर क्रांति’: सोलर ड्यूल पंप से 371 गांवों तक पहुँच रहा स्वच्छ पेयजल

अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल में ‘सौर क्रांति’: सोलर ड्यूल पंप से 371 गांवों तक पहुँच रहा स्वच्छ पेयजल

 अबूझमाड़ के दुर्गम अंचल में 'सौर क्रांति': सोलर ड्यूल पंप से 371 गांवों तक पहुँच रहा स्वच्छ पेयजल

​जल जीवन मिशन एवं क्रेडा की संयुक्त पहल से नारायणपुर जिले के वनांचल में बदली पेयजल की तस्वीर

​1,064 सोलर ड्यूल पंपों के लक्ष्य में से 849 पंप स्थापित; दूरस्थ पारा-टोलों को 'झिरिया' के दूषित जल से मिली मुक्ति

सौर ऊर्जा आधारित तकनीक से विद्युतविहीन क्षेत्रों में 24/7 सुरक्षित पेयजल की सुनिश्चितता

रायपुर :- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के दुर्गम वनांचल एवं पथरीले अंचलों में, जहाँ कभी एक-एक मटका पानी के लिए ग्रामीणों को मीलों का कठिन सफर तय करना पड़ता था या झिरिया के दूषित पानी पर निर्भर रहना पड़ता था, वहाँ अब सौर ऊर्जा एक वरदान बनकर उभरी है। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप जल जीवन मिशन और छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के साझा प्रयासों से संचालित सोलर ड्यूल पंप योजना ने अबूझमाड़ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। इस दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के दूरदराज वाले पारा-टोलों तक स्वच्छ पेयजल की नियमित पहुँच सुनिश्चित करना है, जिससे ग्रामीणों को झिरिया के दूषित जल से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सके।
        ​नारायणपुर जिले की भौगोलिक परिस्थितियाँ, कठिन वनांचल और बिखरी हुई बसाहटें पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा को हर घर तक पहुँचाने में हमेशा से बड़ी चुनौती रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में पीने का साफ पानी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील विषय है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले के 371 ग्रामों एवं पारा-टोलों को स्वच्छ पेयजल से जोड़ने के लिए कुल 1,064 सोलर ड्यूल पंप स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। क्रेडा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के निरंतर प्रयासों से अब तक 849 पंपों की सफल स्थापना पूरी की जा चुकी है, जिससे एक बड़े क्षेत्र में पेयजल संकट दूर हुआ है।
        ​सोलर ड्यूल पंपों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित होते हैं। बिजली की अनिश्चितता वाले या विद्युतविहीन दूरस्थ क्षेत्रों में भी यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करती है। जिले के नेलांगुर, पदमकोट, जाटलूर, उसेबेड़ा, हरबेल, कस्तुरमेंटा-2, धुरबेड़ा और गुमरका जैसे अत्यंत संवेदनशील व दुर्गम गाँवों में इन पंपों के शुरू होने से ग्रामीणों को अपने घर के पास ही शुद्ध पानी मिलने लगा है। इससे पानी जुटाने के लिए दूर जाने की मजबूरी खत्म हुई है, जिससे ग्रामीणों के दैनिक श्रम और समय दोनों की बड़ी बचत हो रही है।
       ​पेयजल की सुलभता का सबसे सुखद और सीधा प्रभाव ग्रामीण महिलाओं और परिवारों की जीवनशैली पर पड़ा है। पहले जहाँ महिलाओं को पानी के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी, वहीं अब वे उस समय का उपयोग अन्य आजीविका गतिविधियों और अपने बच्चों की देखभाल में कर पा रही हैं। इसके साथ ही, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से दूषित पानी के सेवन से होने वाली जलजनित बीमारियों पर प्रभावी रोक लगी है और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। शेष बचे पंपों की स्थापना का कार्य भी तेजी से जारी है। नारायणपुर में सोलर ड्यूल पंपों का यह सफल प्रयोग न केवल दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ में ग्रीन एनर्जी के माध्यम से समावेशी और सतत ग्रामीण विकास की एक नई इबारत भी लिख रहा है।

गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से भोरमदेव कारखाने के 14,961 किसानों को मिलेगी बोनस राशि

गन्ना बोनस में बढ़ोतरी से भोरमदेव कारखाने के 14,961 किसानों को मिलेगी बोनस राशि

 प्रदेश के चारो शक्कर कारखानों के 31,022 किसानों को मिलेगा 51.09 करोड़ रुपए का लाभ

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गन्ना बोनस की गणना का आधार 355 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 425 रूपए प्रति क्विंटल किए जाने से गन्ना किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से लिए गए इस निर्णय से गन्ना किसानों को बढ़ी हुई दर से बोनस का लाभ मिलेगा। इस निर्णय के फलस्वरूप पेराई सत्र 2025-26 में भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर, कवर्धा को गन्ना बेचने वाले 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी।

पेराई सत्र 2025-26 के लिए बोनस गणना में एफआरपी 329.05 रुपए प्रति क्विंटल का आधार लिया गया है। बढ़ी हुई दर के अनुसार 425 रुपए में से एफआरपी घटाने पर किसानों को 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से बोनस मिलेगा। भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 25,58,188 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। इस मात्रा पर 95.95 रुपए प्रति क्विंटल की दर से लगभग 24.55 करोड़ रुपए की बोनस राशि बनेगी, जिसका लाभ कारखाने को गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों को मिलेगा।

नवरात्रि से पहले गन्ना उत्पादकों को प्रदेश सरकार ने दिया तोहफा
 प्रदेश के चारों सहकारी शक्कर कारखानों में पेराई सत्र 2025-26 के दौरान कुल 53,25,120 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इस आधार पर प्रदेश के कुल 31,022 गन्ना विक्रेता किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपए की बोनस राशि प्राप्त होगी। नवरात्रि से पहले राज्य सरकार के इस निर्णय से गन्ना किसानों में हर्ष व्याप्त है। इससे किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने, समय पर कृषि कार्य कराने तथा आगामी फसल की बेहतर तैयारी करने में सहायता मिलेगी। इस निर्णय से कबीरधाम जिले के गन्ना किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों ने गन्ना बोनस की गणना का आधार बढ़ाने के निर्णय पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है। बढ़ी हुई बोनस राशि से किसानों को खेती की लागत वहन करने और आगामी फसल की तैयारी में आर्थिक सहायता मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 78.51 लाख रुपए के दो सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 78.51 लाख रुपए के दो सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

 रायपुर- उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देते हुए मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले में कुल 78.51 लाख रुपए की लागत से सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर क्षेत्र की महिलाओं की सहभागिता के साथ भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। भूमिपूजन के साथ ही दोनों निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिए गए। इन निर्माण कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा व्यवस्थित नाली निर्माण से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी। इससे गांवों में सड़क एवं नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीणों को दैनिक आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।

       मुख्यमंत्री गौरव पथ योजना के अंतर्गत ग्राम धरमपुरा में मानिकचौरी मेन रोड से धान खरीदी केंद्र एवं गौठान तक 49.74 लाख रुपए की लागत से 0.5 किलोमीटर लंबाई में सीसी सड़क सह नाली का निर्माण किया जाएगा। इस निर्माण कार्य से ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही सड़क के किनारे नाली निर्माण होने से जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही ग्राम बिरकोना में 28.77 लाख रुपए की लागत से 0.25 किमी लंबाई में सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्य कराया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने संबंधित अधिकारी और ठेकेदार को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए।

     उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम बिरकोना में 1 करोड़ 2 लाख 96 हजार रुपए तथा ग्राम धरमपुरा में  1 करोड़ 24 लाख 7 हजार रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इसके साथ ही दोनों गांवों में सैकड़ों प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण भी किया गया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान की सुविधा मिली है। सरकार का उद्देश्य गांवों में सड़क, नाली, आवास सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों के जीवन को और अधिक सुविधाजनक बनाना है।

    उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसके तहत स्कूलों में लगाई गई स्क्रीन के माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ करियर काउंसलिंग और कोचिंग की सुविधा भी मिलेगी।विधानसभा क्षेत्र के कुल 85 स्कूलों में से अब तक 50 स्कूलों में स्क्रीन लगाई जा चुकी हैं। शेष 35 स्कूलों में भी स्क्रीन लगाने की योजना है। इसके अलावा क्षेत्र के सभी 8 छात्रावासों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल के तहत देश के प्रमुख ऑनलाइन शिक्षा संस्थानों में शामिल फिजिक्स वाला के माध्यम से विद्यार्थियों को कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए बातचीत की गई है। योजना के अनुसार, विद्यार्थियों को स्कूलों और छात्रावासों में ही स्क्रीन के माध्यम से ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा मिलेगी। इस पहल का उद्देश्य महंगी कोचिंग और दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई करने की मजबूरी को कम करना तथा ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है।

     तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में साहसिक कार्य किया गया है। वे बिरकोना और धरमपुरा जैसे गांवों की जरूरतों को समझते हुए लगातार विकास कार्यों को गति प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों द्वारा भूमिपूजन किया जाना भी सराहनीय है, क्योंकि महिलाओं की भागीदारी के बिना समाज और क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। विकास एक सतत प्रक्रिया है, जो कभी रुकनी नहीं चाहिए। इस दौरान पुर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र साहू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

भूमिपूजन के साथ ही शुरू हुए निर्माण कार्य
      उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता देते हुए इन निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। दोनों कार्यों को भूमिपूजन के साथ ही प्रारंभ कर दिया गया है। इन निर्माण कार्यों से धरमपुरा और बिरकोना के ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध होने के साथ ही गांवों में बुनियादी अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के फ्रेंचाइजीस और टीमों का ऐलान, सभी टीमों की जर्सी लॉन्च

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के फ्रेंचाइजीस और टीमों का ऐलान, सभी टीमों की जर्सी लॉन्च

 ओलंपियन सुरेंद्र कुमार, प्रदीप मोर, एस.वी. सुनील, ललित कुमार उपाध्याय, शमशेर सिंह और चिंगलेनसाना सिंह करेंगे टीमों की अगुवाई

रायपुर- भारत के सबसे प्रतिष्ठित और सफल फील्ड हॉकी खिलाड़ियों में से एक सरदार सिंह को छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का लीग एंबेसडर घोषित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित भारत की पहली हॉकी लीग, छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्घाटन सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित होगा। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आज रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित एक कार्यक्रम में लीग की छह फ्रेंचाइज़ीस और टीमों का ऐलान किया गया। ड्रा के जरिए फ्रेंचाइजीस को टीमों के आबंटन के साथ ही सभी टीमों की जर्सी भी लॉन्च की गई। टीम ड्रॉ के माध्यम से प्रत्येक फ्रेंचाइज़ी को 22 खिलाड़ियों का दल और एक मुख्य कोच आबंटित किया गया।
 
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा, “छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के लिए सरदार सिंह जैसी प्रतिष्ठित शख्सियत को लीग एंबेसडर बनाना हमारे युवा खिलाड़ियों को सही संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वह भारत के सबसे प्रतिष्ठित हॉकी खिलाड़ियों में से एक हैं और उनकी विशेषज्ञता से इस लीग को निश्चित रूप से लाभ मिलेगा।”

श्री साव ने जमीनी स्तर पर छत्तीसगढ़ में हॉकी को प्रभावी ढंग से बढ़ावा देने के लिए लीग और फ्रेंचाइज़ी टीमों के बीच दीर्घकालिक साझेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “मैं उन छह टीम मालिकों और प्रायोजकों का हार्दिक स्वागत करता हूं, जिन्होंने हमारे खेल का समर्थन करने और इसमें निवेश करने का निर्णय लिया है। हॉकी को बढ़ावा देने के लिए उनका दृष्टिकोण और दृढ़ संकल्प सराहनीय है। राज्य में हॉकी के पुनरुत्थान की इस महत्वपूर्ण पहल में सरकार के साथ साझेदारी के लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त करता हूं।”

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लीग एंबेसडर सरदार सिंह ने कहा, “एक पूर्व खिलाड़ी और अब हॉकी इंडिया के साथ कोच के रूप में मैंने छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास को करीब से देखा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षा राज्य को एक खेल राज्य के रूप में विकसित करने की है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की शुरुआत एक ऐसी पहल है, जो दूसरे राज्यों के लिए मिसाल बनेगी। मुझे विश्वास है कि इससे छत्तीसगढ़ के हॉकी खिलाड़ियों को बहुत लाभ मिलेगा। सीएचएल का लीग एंबेसडर बनना मेरे लिए केवल एक मानद पद नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सितारों के रूप में विकसित करने में योगदान देने का अवसर भी है।”

सीएचएल में छह फ्रेंचाइज़ी टीमें शामिल हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज खिलाड़ियों, ओलंपियनों, स्थानीय प्रतिभाओं और छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अनुभवी खिलाड़ियों का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को उच्च स्तरीय मंच उपलब्ध कराना और राज्य में घरेलू हॉकी के ढांचे को मजबूत करना है।

प्रतियोगिता की छह फ्रेंचाइजी टीमों के साथ प्रतिष्ठित संस्थान जुड़े हैं। चक्रधर चैंपियंस की फ्रेंचाइजी जिंदल स्टील लिमिटेड, न्यायधानी नाइट्स की साउथ इस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL), राजधानी रॉयल्स की बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड, मैनपाट टाइगर्स की छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स की सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड और बैलाडीला बुल्स की फ्रेंचाइजी एनएमडीसी लिमिटेड के पास है।

विजेता को मिलेंगे 11 लाख रुपए, 18 पुरुष मुकाबलों के साथ महिला हॉकी का भी दिखेगा रोमांच

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में छह फ्रेंचाइजी टीमों के कुल 132 खिलाड़ी मैदान में उतरेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ के 108 स्थानीय और 24 अतिथि खिलाड़ी शामिल हैं। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ी होंगे। इनमें चार अतिथि खिलाड़ी शामिल रहेंगे। हर टीम में एक पूर्व ओलंपियन मार्की खिलाड़ी भी होगा। 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक आयोजित इस लीग में 18 पुरुष हॉकी मुकाबले और एक प्रदर्शनी महिला हॉकी मैच खेला जाएगा। खिलाड़ियों के लिए कुल 21 लाख रुपए की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। विजेता टीम को 11 लाख और उपविजेता को छह लाख रुपए मिलेंगे। दर्शक सभी मुकाबलों का नि:शुल्क आनंद ले सकेंगे। हॉकी के रोमांच के साथ छत्तीसगढ़ी संस्कृति और मनोरंजन का भी रंग जमेगा।

लीग की सबसे बड़ी खासियत प्रत्येक टीम में एक पूर्व ओलंपियन का मार्की खिलाड़ी के रूप में शामिल होना है। इन छह दिग्गज खिलाड़ियों में एस.वी. सुनील, सुरेंद्र कुमार, ललित कुमार उपाध्याय, चिंगलेनसाना सिंह, शमशेर सिंह और प्रदीप मोर के नाम शामिल हैं। इन अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी से स्थानीय खिलाड़ियों को भी मैदान पर उनके साथ खेलने का अवसर मिलेगा।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए पुरस्कारों की भी आकर्षक व्यवस्था की गई है। कुल 21 लाख रुपए की पुरस्कार राशि में से 17 लाख रुपए विजेता और उपविजेता टीमों के लिए निर्धारित हैं। विजेता टीम को 11 लाख रुपए तथा उपविजेता को छह लाख रुपए दिए जाएंगे। व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिए अलग-अलग श्रेणियों में कुल चार लाख रुपए के पुरस्कार रखे गए हैं।

बरसात में टपकती छत से मिली मुक्ति, पीएम जनमन आवास से संगीता पहाड़ी कोरवा का पक्के घर का सपना हुआ साकार

बरसात में टपकती छत से मिली मुक्ति, पीएम जनमन आवास से संगीता पहाड़ी कोरवा का पक्के घर का सपना हुआ साकार

 सेवा संकल्प अभियान-2026

कभी खपरैल की छत से टपकता था पानी, अब अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन जी रहा परिवार

प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिली सुरक्षित छत, घर में नल से पानी की सुविधा ने भी आसान बनाया जीवन

पक्का आशियाना मिलने पर संगीता ने जताई खुशी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति व्यक्त किया आभार

रायपुर- कभी आसमान में बादल छाते ही संगीता पहाड़ी कोरवा की चिंता बढ़ जाती थी। खपरैल और कच्ची छत वाले मकान में बारिश का पानी टपकने लगता था। बरसात के दिनों में घर के भीतर पानी आने से परिवार को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से संगीता के परिवार को अपना पक्का आशियाना मिल गया है। जिस परिवार के लिए कभी बारिश का मौसम परेशानियों का कारण बन जाता था, वह आज अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सुकून भरा जीवन व्यतीत कर रहा है।

सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खाला के कोरवा पारा निवासी संगीता पहाड़ी कोरवा की यह कहानी शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण परिवारों के जीवन में आ रहे बदलाव का उदाहरण है। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने उनके परिवार को न केवल पक्की छत उपलब्ध कराई है, बल्कि वर्षों से कच्चे मकान में रहने की परेशानियों से भी राहत दिलाई है।

बरसात में टपकती थी छत, कच्चे मकान में रहना था मुश्किल
संगीता बताती हैं कि पहले उनका परिवार खपरैल और कच्ची छत वाले मकान में रहता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था और घर के भीतर पानी आने से काफी परेशानी होती थी। बरसात के दौरान परिवार को घर में सुरक्षित रहने और घरेलू सामान को पानी से बचाने की चिंता बनी रहती थी। कच्चे मकान की असुविधाओं के बीच जीवन गुजारना उनकी मजबूरी थी।

संगीता के मन में भी अपने परिवार के लिए एक पक्का घर होने का सपना था, जहां बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने की परेशानी न हो और परिवार सुरक्षित रह सके।प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से मिला लाभ उनके इसी सपने को साकार करने का माध्यम बना।

पीएम जनमन आवास से मिला अपना पक्का घर, वर्षों पुरानी परेशानी हुई दूर
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के अंतर्गत संगीता पहाड़ी कोरवा को पक्के आवास का लाभ मिला। उनके मकान का निर्माण पूरा हो चुका है और अब वे अपने परिवार के साथ उसी घर में निवास कर रही हैं। संगीता बताती हैं कि पहले बारिश होने पर घर में पानी टपकता था, लेकिन अब पक्का मकान बनने से यह परेशानी दूर हो गई है। परिवार को सुरक्षित छत मिलने के साथ रहने की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध हुई है।

उनके पति का नाम शनि लाल है। परिवार में सास-ससुर भी हैं, जो अलग रहते हैं। संगीता अपने परिवार के साथ नवनिर्मित पक्के मकान में रह रही हैं। उनका कहना है कि पक्का आवास मिलने से परिवार के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें पहले की तरह कच्ची छत और बारिश के पानी की चिंता नहीं करनी पड़ती।

पक्के आवास के साथ घर में नल से पानी की सुविधा, दैनिक जीवन हुआ आसान
संगीता के नवनिर्मित आवास में नल से पानी की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे परिवार को घरेलू कार्यों के लिए पानी की व्यवस्था करने में सहूलियत मिल रही है। संगीता बताती हैं कि पक्का घर बनने के बाद रहने की व्यवस्था पहले से काफी बेहतर हुई है। घर में पानी की सुविधा उपलब्ध होने से दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी आसान हुआ है। उनके लिए अपना पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार बन गया है।

“पहले बरसात में पानी टपकता था, अब अपने पक्के घर में कोई परेशानी नहीं होती”
अपने पक्के आवास में रह रहीं संगीता पहाड़ी कोरवा खुशी व्यक्त करते हुए बताती हैं, “पहले हमारा खपरैल और कच्ची छत वाला घर था। बरसात में पानी टपकता था, जिससे बहुत परेशानी होती थी। अब आवास मिल गया है और घर भी पूरा बन गया है। हम उसी में रहते हैं, अब कोई परेशानी नहीं होती। घर में नल से पानी की सुविधा भी है।” संगीता के शब्दों में पक्का आवास मिलने की खुशी साफ झलकती है। वर्षों तक कच्चे मकान में परेशानियां झेलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित छत के नीचे रह रहा है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का लाभ मिलने पर संगीता पहाड़ी कोरवा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवार को बड़ी राहत मिली है। अब वे अपने घर में सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से रह पा रही हैं। संगीता ने आत्मीयता के साथ कहा, “इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विष्णु भइया को बहुत-बहुत धन्यवाद।”

पीएम जनमन आवास से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के जीवन में आया बदलाव
प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों के पात्र परिवारों को पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित आवास प्रदान कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। संगीता पहाड़ी कोरवा की कहानी इसी बदलाव की एक तस्वीर प्रस्तुत करती है। कभी खपरैल की छत से टपकते पानी के बीच जीवन गुजारने वाला उनका परिवार आज अपने पक्के मकान में रह रहा है।पक्के आवास के साथ घर में नल से पानी की सुविधा मिलने से परिवार की दैनिक परेशानियां भी कम हुई हैं।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, परिसर में अत्याधुनिक बायोसेफ्टी प्रयोगशाला स्थापित

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, परिसर में अत्याधुनिक बायोसेफ्टी प्रयोगशाला स्थापित

 संक्रामक रोगों की पहचान, रोकथाम और वैक्सीन अनुसंधान को मिलेगी गति

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर परिसर में स्थापित अत्याधुनिक बायोसेफ्टी लेवल-3 (बीएसएल-3) प्रयोगशाला छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय जैव-सुरक्षा अनुसंधान को नई दिशा देने के साथ ही वैज्ञानिक नवाचार और संक्रामक रोगों की रोकथाम के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस प्रयोगशाला के माध्यम से संक्रामक रोगजनकों की पहचान, उनके वैज्ञानिक अध्ययन, वैक्सीन एवं उपचार संबंधी अनुसंधान तथा उन्नत नैदानिक तकनीकों के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में वैज्ञानिक अनुसंधान, जैव-प्रौद्योगिकी और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं का विस्तार राज्य के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कृषि एवं पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था वाले छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की उच्चस्तरीय वैज्ञानिक सुविधा का विशेष महत्व है।

उल्लेखनीय है कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी द्वारा नवनिर्मित सुभाषचंद्र बोस बायोटेक इन्क्यूबेशन सेंटर के अंतर्गत स्थापित बायोसेफ्टी लेवल-3 प्रयोगशाला का लोकार्पण विगत 28 सितंबर को किया गया था। मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति एवं छत्तीसगढ़ बायोटेक प्रमोशन सोसायटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. गिरीश चंदेल के प्रयासों की सराहना करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीएसएल-3 प्रयोगशाला के माध्यम से पौधों, पशुओं और मानव स्वास्थ्य से जुड़े संक्रामक रोगों, विशेषकर पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाले जूनोटिक रोगों के अध्ययन एवं निगरानी को नई गति मिलेगी। यह सुविधा गंभीर संक्रामक रोगों की शीघ्र पहचान, रोग प्रकोप से निपटने की तैयारी और उन्नत नैदानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में उपयोगी सिद्ध हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला में उच्च जैव-सुरक्षा मानकों के अनुरूप नियंत्रित वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को संक्रामक रोगजनकों के अध्ययन तथा वैक्सीन एवं उपचार संबंधी अनुसंधान के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे राज्य में कृषि जैव-प्रौद्योगिकी, पशु स्वास्थ्य और संक्रामक रोग अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण के परस्पर संबंधों पर आधारित 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण को मजबूत बनाने में भी यह प्रयोगशाला महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में रोगों की निगरानी और वैज्ञानिक समाधान विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

श्री साय ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहले से ही कृषि अनुसंधान, जैव-प्रौद्योगिकी और आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विश्वविद्यालय की फाइटोसैनिटरी प्रयोगशाला कृषि नमूनों, मृदा, जल, फसल अवशेषों तथा अन्य नमूनों के परीक्षण एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बीएसएल-3 प्रयोगशाला की स्थापना से विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक अनुसंधान क्षमताओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सुविधा से वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, प्रयोगशाला तकनीशियनों एवं संबंधित विशेषज्ञों को उच्च जैव-सुरक्षा मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण और अनुसंधान के अवसर मिलेंगे। इससे राज्य में कुशल वैज्ञानिक मानव संसाधन विकसित करने के साथ ही आधुनिक अनुसंधान तकनीकों के विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि बीएसएल-3 प्रयोगशाला भविष्य में संक्रामक रोग अनुसंधान, रोग निगरानी, जैव-सुरक्षा, पशु एवं जूनोटिक रोगों के अध्ययन तथा रोग प्रकोप से निपटने की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अधोसंरचना के रूप में विकसित होगी। इससे छत्तीसगढ़ में उच्चस्तरीय जैव-सुरक्षा अनुसंधान को नई गति मिलने के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमता और पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

राज्यपाल से गेड़ी नर्तक अनिल गढ़ेवाल ने की भेंट

राज्यपाल से गेड़ी नर्तक अनिल गढ़ेवाल ने की भेंट

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गेड़ी लोक नर्तक एवं लोक श्रृंगार भारती, बिलासपुर के संचालक अनिल कुमार गढ़ेवाल ने अपने सहयोगी श्री लक्ष्मी नारायण मांडले के साथ सौजन्य भेंट की।
उल्लेखनीय है की गढ़ेवाल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के गेड़ी लोक नृत्य दल ने 26 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह तथा 15 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम कार्यक्रम में गेड़ी नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी थी। इन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजनों में छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन कर दल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया। राज्यपाल डेका ने गढ़ेवाल एवं उनकी टीम के प्रयासों और उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकनृत्य हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के महत्वपूर्ण अंग हैं। ऐसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोककला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने गढ़ेवाल एवं उनके सहयोगियों को लोककला के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने तथा भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए शुभकामनाएं दीं।