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CG Rajyotsav 2026: 2 नवंबर को सभी जिलों में मनेगा राज्योत्सव, शासन ने मुख्य अतिथियों की सूची की जारी

CG Rajyotsav 2026: 2 नवंबर को सभी जिलों में मनेगा राज्योत्सव, शासन ने मुख्य अतिथियों की सूची की जारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राज्योत्सव 2026 का आयोजन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को किया जाएगा। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले एक दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रमों के लिए मुख्य अतिथियों का निर्धारण कर दिया है। इस संबंध में 27 अक्टूबर को आदेश जारी किया गया है। विभिन्न जिलों में राज्य शासन के मंत्री, सांसद और विधायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले में संघ राज्य मंत्री तोखन साहू, बिलासपुर में उप मुख्यमंत्री अरुण साव तथा दुर्ग में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। सरगुजा में मंत्री रामविचार नेताम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में मंत्री दयालदास बघेल, कांकेर में मंत्री केदार कश्यप, कोरबा में मंत्री लखन लाल देवांगन, जशपुर में मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायगढ़ में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, सूरजपुर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, गरियाबंद में मंत्री टंकराम वर्मा तथा राजनांदगांव में मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि होंगे।

इसी प्रकार कोरिया में विधायक भैयालाल राजवाड़े, बीजापुर में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद विजय बघेल, कबीरधाम में सांसद संतोष पाण्डेय, बलरामपुर-रामानुजगंज में सांसद चिंतामणि महाराज, महासमुंद में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया, सक्ती में सांसद कमलेश जांगड़े, दन्तेवाड़ा में सांसद महेश कश्यप, बालोद में सांसद भोजराज नाग, सुकमा में सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सांसद लक्ष्मी वर्मा मुख्य अतिथि होंगी।

मुंगेली में विधायक पुन्नूलाल मोहले, धमतरी में विधायक अजय चन्द्राकर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में विधायक श्री अमर अग्रवाल, कोण्डागांव में विधायक सुश्री लता उसेंडी, नारायणपुर में विधायक श्री विक्रम उसेंडी तथा बस्तर में विधायक श्री किरण देव मुख्य अतिथि होंगे।

विकास योजनाओं और उपलब्धियों की प्रदर्शनी होगी आकर्षण का केंद्र

राज्य शासन द्वारा पूर्व में जारी निर्देशों के अनुसार सभी जिला मुख्यालयों में राज्योत्सव के अवसर पर विभिन्न विकास विभागों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इनमें विभागीय उपलब्धियों, महत्वपूर्ण योजनाओं और सफल परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रमों का मुख्य थीम ‘सुसंस्कृत नारी, युवा उड़ान’ निर्धारित किया गया है।

जिला स्तर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। कार्यक्रमों में शालीनता और गरिमा बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को भी कार्यक्रमों में लाभान्वित किया जाएगा।

1 से 3 नवंबर तक रोशन होंगे शासकीय भवन

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक सभी जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय भवनों पर आकर्षक रोशनी की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभाग अपने बजट से आवश्यक व्यवस्थाएं करेंगे।

राज्य शासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि मुख्य अतिथियों के परामर्श से कार्यक्रमों का निर्धारण करते हुए आयोजन की समुचित तैयारियां सुनिश्चित करें। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसदों, विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, चक्रवाती तूफान से निपटने सभी तैयारियां सुनिश्चित करें -राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता, चक्रवाती तूफान से निपटने सभी तैयारियां सुनिश्चित करें -राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने जनसुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार 27 एवं 28 अक्टूबर को प्रदेश के सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और रायपुर जिले में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन ने संबंधित जिलों में सतर्कता बढ़ाने और आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। संभावित चक्रवाती तूफान और भारी बारिश से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशासन को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा। किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने और संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि संभावित आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए समय पर सूचना और पूर्व तैयारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को तेज हवाओं और तूफान से गिरने की आशंका वाले जर्जर एवं असुरक्षित मकानों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही जलाशयों के जलस्तर की नियमित निगरानी करने और पानी छोड़े जाने की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों को 48 घंटे पहले सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।

आपदा प्रबंधन की तैयारी विशेष प्राथमिकता में

राज्य शासन द्वारा संभावित आपदा से प्रभावित होने वाले संवेदनशील गांवों का चिन्हांकन भी किया गया है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद और रायपुर सहित 12 अति संवेदनशील जिलों में 763 गांव चिन्हित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त शेष 21 जिलों में 1006 संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है। इस प्रकार प्रदेश में कुल 1769 गांवों को चिन्हित कर आपदा प्रबंधन की तैयारियों में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

आपदा संबंधी सूचनाओं के लिए टोल फ्री नंबर 1070

राज्य में आपदा संबंधी सूचनाओं और त्वरित सहायता के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे संचालित है। इसका टोल फ्री नंबर 1070 है। संभावित खतरे के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के लिए दामिनी एवं मेघदूत मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम संबंधी चेतावनियां प्रसारित की जा रही हैं।

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने नागरिकों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक जोखिम से बचने तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन के समन्वित प्रयासों तथा नागरिकों की सतर्कता से संभावित आपदा के प्रभाव को कम करने और जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

 
 
ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़ी संख्या में अफसरों के तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने सहायक वन सरंक्षकों की ट्रांसफर सूची जारी की है। लिस्ट में 37 एसडीओ के नाम शामिल हैं।

नीचे देखें पूरी लिस्ट….

साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले, 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय…..

साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले, 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय…..

1. मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में छत्तीसगढ़ प्रदेश के किसानों से दिनांक 15 नवम्बर 2026 से धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। उक्त अवधि में 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान की खरीदी की जावेगी। किसान हित में बड़ा फैसला लेते हुए एग्रीस्टेक आईडी युक्त विगत वर्ष के पंजीकृत सभी कृषकों को धान विक्रय हेतु मान्य किया है, इन किसानों को पृथक से पंजीयन की कोई आवश्यकता नहीं होगी।नक्शे देखें

एग्रीस्टेक में पंजीयन होने के कारण किसानों को धान विक्रय हेतु पृथक से ऋण पुस्तिका समिति में लाने की आवश्यकता नहीं होगी। डिजिटल क्राप सर्वे के माध्यम धान के रकबे का ऑनलाईन निर्धारण डिजिटल रूप से सुनिश्चित हुआ है। वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक आधारित धान की खरीदी की जावेगी। किसानों को बेहतर एवं सुगम व्यवस्था प्रदान किये जाने हेतु 360 नये उपार्जन केन्द्र प्रारंभ किये जा रहे हैं, फलस्वरूप इस वर्ष 3100 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से धान खरीदी सुश्चित की जायेगी। धान खरीदी हेतु समितियों में समुचित व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये गये है।

मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 एवं वर्ष 2025-26 में अतिशेष धान की धान की नीलामी के माध्यम से निराकरण करने के संबंध में मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक के निर्णय का अनुसमर्थन किया है।

2. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के अंतर्गत घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत को पूर्ववत जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही, योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक विद्युत खपत की पात्रता अवधि को 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से लगभग 7.25 लाख घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को योजना के तहत बिजली बिल में मिल रही रियायत का लाभ निरंतर प्राप्त होता रहेगा।

3. छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद् ने बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण वृद्धि को देखते हुए छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित तथा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के अनुबंधकों को मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि में अनुबंधकों द्वारा वास्तव में क्रय एवं उपयोग की गई बिटुमिन की मात्रा पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के अंतर्गत संचालित कार्यों के लिए कुल 130.88 करोड़ रुपये की राहत राज्य शासन द्वारा बजट से अनुदान के रूप में दी जाएगी। वहीं, राज्य वित्त पोषित सड़क निर्माण, नवीनीकरण एवं संधारण कार्यों के ऐसे अनुबंध, जिनकी निविदाएं 1 अप्रैल 2026 से पूर्व प्राप्त हुई हैं, उनमें 15 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक क्रय कर उपयोग किए गए बिटुमिन पर भी मूल्य राहत प्रदान की जाएगी। इस पर लगभग 70 करोड़ से 100 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त व्यय का अनुमान है।

इस निर्णय से डामरीकरण से संबंधित लंबित सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। साथ ही, भारत सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

4. मंत्रिपरिषद ने राज्य के शासकीय सेवकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी है। नई व्यवस्था के तहत शासकीय सेवकों को उपचार के समय अस्पताल में चिकित्सा व्यय का भुगतान स्वयं करने और बाद में प्रतिपूर्ति के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। सूचीबद्ध अस्पतालों में उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिलेगी तथा पूर्व-अनुमोदन और दावों की प्रक्रिया ऑनलाइन एवं डिजिटल माध्यम से की जाएगी। इस निर्णय से विशेष रूप से गंभीर बीमारी और आपातकाल की स्थिति में शासकीय सेवकों एवं उनके परिवारों को तत्काल उपचार के साथ बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

5. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास की योजना, परियोजना तैयारी, गुणवत्ता, निगरानी और संधारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं आधुनिक बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन-2026’ के प्रारूप (मिशन गाइडलाइन्स) को मंजूरी प्रदान की है। मिशन वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए संचालित होगा, जिसके लिए कुल 500 करोड़ रूपए, अर्थात 100 करोड़ रूपए प्रतिवर्ष का प्रावधान प्रस्तावित है।

लोक निर्माण विभाग इसका नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CGRIDCL) क्रियान्वयन एजेंसी होगी।

मिशन के तहत प्रदेश का सड़क नेटवर्क मास्टर प्लान तैयार करने, अधोसंरचना की आवश्यकताओं का डेटा आधारित आकलन, परियोजनाओं के सर्वेक्षण एवं DPR की अग्रिम तैयारी, WAMISऔर ई-माप पुस्तिका के माध्यम से कार्यों का डिजिटलीकरण, GIS आधारित समेकित नियोजन, गुणवत्ता एवं सड़क सुरक्षा ऑडिट तथा PPP और नवीन वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं की प्राथमिकता वस्तुनिष्ठ आधार पर तय होगी, निविदा से पहले आवश्यक तैयारियां पूरी होने से समय और लागत में होने वाली वृद्धि को कम करने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी। मिशन को लागू करने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही के लिए लोक निर्माण विभाग को अधिकृत किया गया है।

6. मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पर्यटन के समग्र विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन’ को मंजूरी प्रदान की है। ‘पर्यटन से समृद्धि’ के ध्येय के साथ मिशन का संचालन अगले 5 वर्षों तक किया जाएगा, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रूपए का प्रावधान प्रस्तावित है। मिशन के माध्यम से पर्यटन स्थलों पर बेहतर अधोसंरचना, कनेक्टिविटी, सुविधाएं, सुरक्षा एवं स्वच्छता विकसित करने के साथ होमस्टे, निजी निवेश और पर्यटन उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे जहां स्थानीय युवाओं, महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद् ने विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित 9 प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के लिए उपसमिति की 30 सितंबर 2026 की बैठक में की गई अनुशंसा के अनुसार आगामी कार्यवाही की अनुमति प्रदान की है।

8. मंत्रिपरिषद् ने रायपुर जिले की नगर पंचायत कूंरा का नाम बदलकर कुंवरगढ़ करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ों में शामिल कुंवरगढ़ अपने प्राचीन मंदिरों, ऐतिहासिक धरोहरों और तालाबों के लिए जाना जाता है। समय के साथ इसका नाम कूंरा प्रचलित हो गया था। स्थानीय नागरिक लंबे समय से नगर पंचायत को उसकी ऐतिहासिक पहचान कुंवरगढ़ के नाम से पुनः पहचान दिलाने की मांग कर रहे थे, जिस पर मंत्रिपरिषद द्वारा यह निर्णय लिया गया है।

9. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत राज्य के विशाल कोयला भंडार के मूल्यवर्धित उपयोग और आयात प्रतिस्थापन को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रूपए अथवा उससे अधिक निवेश वाली कोल गैसीफिकेशन परियोजनाओं के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रावधान किया गया है।

10. मंत्रिपरिषद ने 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-तखतपुर-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़-डोंगरगढ़ रेल परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन के लिए शत-प्रतिशत इक्विटी निवेश छत्तीसगढ़ रेलवे कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (CRCL) के माध्यम से किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

लगभग 8,000 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना में 25 प्रतिशत, यानी करीब 2,000 करोड़ रूपए की अंशपूंजी होगी, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन और रेल मंत्रालय द्वारा लगभग 1,000-1,000 करोड़ रूपए का योगदान दिया जाएगा। राज्य शासन की हिस्सेदारी मिनरल डेवलपमेंट फंड/डीएमएफ/राज्य बजट के माध्यम से वहन की जाएगी। इस रेल परियोजना से रेल सुविधा से वंचित क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी तथा उद्योग, पर्यटन, रोजगार और कृषि उपज के लिए नए बाजारों तक पहुंच का विस्तार होगा।

11. मंत्रिपरिषद ने रिडेवलपमेंट योजना के द्वितीय चरण में 5 परियोजनाओं को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की है। इसके अंतर्गत शासकीय पोल्ट्री फार्म-दुर्ग, वेटनरी हॉस्पिटल कैम्पस रामानुजगंज, जशपुर में पुलिस लाइन एवं रणजीता स्टेडियम के पीछे की भूमि, सक्ती के बुधवारी बाजार तथा धमतरी के रुद्री चौक की शासकीय भूमि एवं जर्जर परिसंपत्तियों का सुनियोजित पुनर्विकास किया जाएगा। परियोजनाओं का क्रियान्वयन पीपीपी मॉडल पर निजी क्षेत्र की भागीदारी से किया जाएगा, जिससे राज्य शासन पर अतिरिक्त वित्तीय भार डाले बिना नई शासकीय परिसंपत्तियों का निर्माण, भूमि का बेहतर उपयोग, राजस्व में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

12. मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले में भंडारण सुविधा के विकास के लिए केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) को ग्राम खपरीकला में 10 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। यह भूमि निर्धारित गाइडलाइन दर के अनुसार बाजार मूल्य के 75 प्रतिशत प्रब्याजि, वार्षिक भू-भाटक तथा निर्धारित अधोसंरचना एवं पर्यावरण उपकर लेकर आवंटित की जाएगी। इस निर्णय से जिले में भंडारण अधोसंरचना का विस्तार होगा और कृषि उपज सहित अन्य वस्तुओं के सुरक्षित भंडारण की क्षमता बढ़ेगी।

13. मंत्रिपरिषद ने राजनांदगांव जिले के ग्राम सोमनी में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के माध्यम से मल्टी फ्रूट प्रोसेसिंग फैसिलिटी की स्थापना के लिए कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग को राजगामी संपदा की 31.55 एकड़ भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। लगभग 400 करोड़ रूपए के प्रस्तावित निवेश वाली इस परियोजना में किसानों से सीधे उपज की खरीदी की व्यवस्था विकसित की जाएगी। परियोजना से 1,000 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा फल उत्पादक किसानों को उनकी उपज के प्रसंस्करण और विपणन के लिए बेहतर सुविधाएं एवं बाजार उपलब्ध हो सकेगा।

14. मंत्रिपरिषद ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विभागाध्यक्ष कार्यालय के लिए 3 नए पदों के सृजन को मंजूरी प्रदान की है। इनमें आयुक्त/संचालक का एक पद, अपर संचालक का एक पद तथा विशेषज्ञ (अपर संचालक स्तर) का एक पद शामिल है। इन पदों के सृजन से विभाग को प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व, बेहतर समन्वय एवं पर्यवेक्षण के साथ लोक प्रशासन और विधि संबंधी विषयों में विशेषज्ञता मिलेगी तथा सुशासन से जुड़ी नीतिगत एवं सुधारात्मक पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलेगी।

15. मंत्रिपरिषद् ने वन मुख्यालय (विभागाध्यक्ष कार्यालय), अरण्य भवन, नवा रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (पे-लेवल-16) का एक अस्थायी पद एक वर्ष के लिए सृजित करने की स्वीकृति दी है। इससे पीएम गति-शक्ति, प्रगति एवं परिवेश पोर्टल से जुड़े कार्यों के त्वरित निष्पादन, समन्वय और पर्यवेक्षण में मदद मिलेगी।

16. मंत्रिपरिषद ने स्वर्गीय डॉ. राकेश मोहन चंदोला, सह प्राध्यापक, चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के 19 अक्टूबर 1987 से 7 जनवरी 2022 तक की सेवा को परिवार पेंशन के प्रयोजन के लिए नियमित सेवा मानने का निर्णय लिया है। इसके आधार पर उनके पात्र परिवारजन को परिवार पेंशन, एरियर्स तथा नियमानुसार ब्याज के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई है।

17. मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के प्रारूप की स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के अंतर्गत प्रतिभा पहचान से लेकर पदक प्राप्ति तक खिलाड़ियों के विकास की क्रमबद्ध व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके लिए वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। विद्यालयों एवं चयन शिविरों के माध्यम से टैलेंट हंट और मुख्यमंत्री ट्रॉफी आयोजित कर प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी तथा उन्हें AMS में पंजीकृत किया जाएगा। इसके बाद फीडर सेंटरों में बुनियादी प्रशिक्षण, राज्य खेल अकादमियों में खेल-विशिष्ट उन्नत प्रशिक्षण और उच्च प्रदर्शन केंद्रों में विशेषज्ञ कोचिंग, स्पोर्ट्स साइंस एवं प्रदर्शन विश्लेषण की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। 10 मुख्य खेल विधाओं में कोर एवं डेवलपमेंट समूह बनाकर पदक संभावित खिलाड़ियों को लक्षित सहायता और एक्सपोज़र दिया जाएगा। प्रतियोगिता परिणाम एवं निर्धारित प्रदर्शन मानकों के आधार पर खिलाड़ियों की प्रगति और सहायता की नियमित समीक्षा होगी। प्रथम चरण में अंबिकापुर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर और जशपुर में फीडर सेंटर की स्थापना की जाएगी। नीति के तहत विभिन्न घटकों के एकीकृत क्रियान्वयन से सुदृढ़ खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होगा और खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार किया जा सकेगा।

18. मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन किया गया है। इससे भूमि उपयोग सरलीकरण एवं भू-खण्ड सुगमता की पूर्ति होगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक भूमि एवं भवन संबंधी विवादों में कमी आएगी और रिक्त अथवा अतिशेष भूमि का उत्पादक उपयोग एवं पारदर्शी ई-नीलामी से आबंटन सुनिश्चित होगा।

19. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 में “कृषक उन्नति योजना” के संशोधन संबंधी कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया। किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जाएगी।

कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान फसल पर आदान सहायता राशि प्रति क्विंटल के स्थान पर प्रति एकड़ के मान से प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इससे किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे फसल विविधीकरण, किसानों की आय तथा उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर में सुधार होगा। साथ ही उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि यंत्रीकरण और नवीन कृषि तकनीकों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

ब्रेकिंग : जनजातीय गौरव दिवस के लिए भाजपा ने की पदाधिकारियों की नियुक्ति, देखें लिस्ट…

ब्रेकिंग : जनजातीय गौरव दिवस के लिए भाजपा ने की पदाधिकारियों की नियुक्ति, देखें लिस्ट…

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई ने जनजातीय गौरव दिवस के विभिन्न कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश स्तर पर संयोजक, सहसंयोजक एवं सदस्य नियुक्त किए हैं। इस संबंध में प्रदेश कार्यालय ने आज सूची जारी की।

जारी सूची के अनुसार, मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप और राधेश्याम राठिया को संयोजक नियुक्त किया गया है। वहीं, महेश कश्यप संयोजक, सत्यानारायण सिंह, विकास मरकाम सहसंयोजक, लता उसेंडी, प्रणव मरपच्ची, रूप सिंह मंडावी, डाॅ. देवेंद्र माहला एवं विजय जगत सदस्य बनाए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में पटवारी भर्ती को लेकर अपडेट, 26 जिलों में 200 रिक्त पदों पर होगी सीधी भर्ती को मंजूरी, आवेदन की तारीख कब ?

छत्तीसगढ़ में पटवारी भर्ती को लेकर अपडेट, 26 जिलों में 200 रिक्त पदों पर होगी सीधी भर्ती को मंजूरी, आवेदन की तारीख कब ?

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पटवारी के 200 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती को मंजूरी दी है। इस भर्ती के तहत राज्य के 26 जिलों में नियुक्तियां की जाएंगी। भर्ती प्रक्रिया निर्धारित सेवा भर्ती नियमों और आरक्षण प्रावधानों के अनुसार पूरी होगी। हालांकि, भर्ती को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब अभ्यर्थियों को विस्तृत विज्ञापन और ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख का इंतजार है।

पटवारी भर्ती में 200 पदों पर होगी नियुक्ति

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, प्रदेश के 26 जिलों में पटवारी के कुल 200 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दी गई है। इन पदों को संबंधित जिलों में स्वीकृत रिक्तियों के आधार पर निर्धारित किया गया है। भर्ती प्रक्रिया में शासन के निर्धारित नियमों और प्रचलित आरक्षण प्रावधानों का पालन किया जाएगा। विभाग ने 6 सितंबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया था। इस मंजूरी के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए आधिकारिक भर्ती विज्ञापन जारी होने का इंतजार करना होगा।

इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा पद

पटवारी भर्ती के तहत पांच जिलों में सबसे अधिक पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सारंगढ़-बिलाईगढ़, गरियाबंद, बालोद, बेमेतरा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई शामिल हैं। इन सभी जिलों में 15-15 पदों पर भर्ती की मंजूरी दी गई है।

प्रमुख जिलों में स्वीकृत पदों का विवरण:

सारंगढ़-बिलाईगढ़- 15 पद
गरियाबंद- 15 पद
बालोद- 15 पद
बेमेतरा-15 पद
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई-15 पद
इन पांच जिलों में कुल 75 पद स्वीकृत किए गए हैं। शेष 125 पद अन्य 21 जिलों में निर्धारित रिक्तियों के आधार पर भरे जाएंगे।

पटवारी भर्ती के लिए कैसे होगा चयन?

पटवारी पदों पर भर्ती के लिए संबंधित चयन एजेंसी के माध्यम से परीक्षा आयोजित की जाएगी। चयन प्रक्रिया निर्धारित सेवा भर्ती नियमों और लागू आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप पूरी की जाएगी। हालांकि, परीक्षा का विस्तृत पैटर्न, पाठ्यक्रम और चयन के अन्य चरणों की जानकारी अभी भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना में दिए गए निर्देशों के अनुसार अपनी तैयारी और आवेदन की योजना बनानी चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन कब से?

छत्तीसगढ़ पटवारी भर्ती 2026 को लेकर अभ्यर्थियों के मन में सबसे बड़ा सवाल ऑनलाइन आवेदन की तारीख को लेकर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभाग ने 200 पदों पर सीधी भर्ती के लिए प्रशासनिक मंजूरी दी है। ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की आधिकारिक तारीख की घोषणा अभी नहीं हुई है। आवेदन की शुरुआत, अंतिम तारीख और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी विस्तृत भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

निर्धारित नियमों के तहत होगी भर्ती प्रक्रिया

पटवारी भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को शैक्षणिक योग्यता, न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा, आवेदन शुल्क तथा परीक्षा के पाठ्यक्रम से जुड़ी जानकारी का इंतजार है। भर्ती मंजूरी के आदेश में इन सभी बिंदुओं का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे पात्रता संबंधी शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी के लिए आधिकारिक भर्ती विज्ञापन का इंतजार करें। किसी भी अपुष्ट सूचना के आधार पर आवेदन या परीक्षा से जुड़ा निर्णय लेने से बचें। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आदेश के अनुसार, पटवारी पदों पर नियुक्तियां निर्धारित सेवा भर्ती नियमों और शासन के प्रचलित आरक्षण प्रावधानों के तहत की जाएंगी। जिलों में स्वीकृत रिक्तियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। 200 पदों पर भर्ती की मंजूरी से प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को अवसर मिलने की उम्मीद है। अब अभ्यर्थियों की नजर विस्तृत अधिसूचना और ऑनलाइन आवेदन की तारीख पर है।

छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख इंजन बनेगा हाउसिंग बोर्ड, आवास के साथ अधोसंरचना विकास में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मंत्री ओ.पी. चौधरी

छत्तीसगढ़ के विकास का प्रमुख इंजन बनेगा हाउसिंग बोर्ड, आवास के साथ अधोसंरचना विकास में निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मंत्री ओ.पी. चौधरी

 रायपुर। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल आने वाले वर्षों में प्रदेश के आर्थिक और अधोसंरचनात्मक विकास का प्रमुख इंजन बनेगा। हाउसिंग बोर्ड को केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि सड़क, पुल, खेल अधोसंरचना, सार्वजनिक भवनों, टाउन प्लानिंग और शहरी पुनर्विकास जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भी इसकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य को साकार करने के लिए मंडल को परंपरागत कार्यप्रणाली से आगे बढ़कर नवाचार, आधुनिक तकनीक, वित्तीय प्रबंधन और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति अपनानी होगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य मंडल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता, प्रशासनिक क्षमता, वित्तीय प्रबंधन और कार्यकुशलता में वृद्धि करना तथा उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीकों, नवाचारी वित्तीय मॉडल और अधोसंरचना विकास की नई संभावनाओं से परिचित कराना था।

मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और बहुआयामी अधोसंरचना विकास संस्था के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार, रिक्त संपत्तियों के विक्रय, नई परियोजनाओं के चयन और कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं।

लगभग 700 करोड़ रुपये की ऋण देनदारी समाप्त कर मंडल को दी नई आर्थिक मजबूती

आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी ने कहा कि कुछ वर्ष पूर्व हाउसिंग बोर्ड गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना कर रहा था। बड़ी ऋण देनदारी, सीमित परियोजनाओं और लंबे समय से रिक्त पड़ी संपत्तियों के कारण संस्था की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई थी। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड बजट आधारित संस्था नहीं है। उसे अपनी परियोजनाओं, सेवाओं और संसाधनों के माध्यम से आय अर्जित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना होगा।

 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के सहयोग से लगभग 700 करोड़ रुपये की लंबित ऋण देनदारी समाप्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इससे मंडल को बड़े वित्तीय दबाव से राहत मिली और नई परियोजनाओं की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ।

श्री चौधरी ने कहा कि लंबे समय से रिक्त पड़ी संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू की गई। आकर्षक छूट, प्रभावी विपणन और निरंतर निगरानी के माध्यम से बड़ी संख्या में संपत्तियों का विक्रय संभव हुआ। इससे मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिला। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव सहित अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।

पर्याप्त मांग और बुकिंग के आधार पर शुरू होंगी नई आवासीय परियोजनाएं

मंत्री ने कहा कि पूर्व में कई आवासीय परियोजनाएं पर्याप्त मांग का आकलन किए बिना शुरू कर दी जाती थीं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में आवास रिक्त रह जाते थे और संस्था की पूंजी लंबे समय तक फंसी रहती थी। भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए परियोजना चयन और क्रियान्वयन की व्यवस्था में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में प्रारंभिक तीन माह के भीतर 30 प्रतिशत बुकिंग अथवा कुल 60 प्रतिशत बुकिंग की शर्त को निविदा प्रक्रिया से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य वास्तविक मांग के अनुरूप आवासीय परियोजनाएं विकसित करना और अनावश्यक वित्तीय जोखिम को कम करना है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मंडल को अपनी परियोजनाओं की गुणवत्ता, स्थान चयन, लागत, नागरिक सुविधाओं और विपणन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना होगा। आम नागरिकों की आवश्यकताओं और क्रय क्षमता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिकता होनी चाहिए।

सड़क, पुल, खेल परिसर और सार्वजनिक भवन निर्माण में भी विशेषज्ञता विकसित करेगा हाउसिंग बोर्ड

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के पास अनुभवी अभियंताओं, तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों का बड़ा मानव संसाधन उपलब्ध है। इस क्षमता का उपयोग केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए। मंडल को सड़क, पुल-पुलिया, खेल परिसर, स्टेडियम, सार्वजनिक भवन और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं के निर्माण में भी विशेषज्ञ संस्था के रूप में अपनी पहचान बनानी होगी।

उन्होंने अधिकारियों को अन्य राज्यों की निविदाओं में भागीदारी करने और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्षों में हाउसिंग बोर्ड को छत्तीसगढ़ के बाहर भी परियोजनाएं प्राप्त करने का लक्ष्य लेकर कार्य करना चाहिए। इससे मंडल की आय बढ़ने के साथ उसकी तकनीकी क्षमता और कार्यकुशलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

टीपीएस और पीपीपी मॉडल से खुलेंगे अधोसंरचना विकास के नए रास्ते

श्री चौधरी ने कहा कि तेजी से विकास करती अर्थव्यवस्था में अधोसंरचना निर्माण के लिए केवल सरकारी बजट पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी), टाउन प्लानिंग स्कीम (टीपीएस), पुनर्विकास और अन्य नवाचारी वित्तीय मॉडल अपनाने होंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टाउन प्लानिंग स्कीम के क्रियान्वयन से संबंधित अधिकारों का विस्तार करते हुए हाउसिंग बोर्ड, सीएसआईडीसी और नगरीय निकायों को भी इस दिशा में कार्य करने का अवसर दिया है।

उन्होंने कहा कि टीपीएस मॉडल के माध्यम से निजी भूमि का योजनाबद्ध विकास कर सड़क, जलापूर्ति, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण किया जा सकता है। विकास लागत और आवश्यक भूमि का समायोजन करने के बाद भू-स्वामियों को विकसित भूखंड उपलब्ध कराए जाते हैं। इससे भूमि अधिग्रहण संबंधी कठिनाइयों को कम करते हुए व्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा मिलता है।

सेरीखेड़ी परियोजना में पीपीपी मॉडल से लगभग 94 एकड़ भूमि की बचत का उदाहरण

मंत्री श्री चौधरी ने सेरीखेड़ी क्षेत्र की टाउन प्लानिंग परियोजना का उदाहरण देते हुए बताया कि लगभग 800 करोड़ रुपये की अधोसंरचना विकास लागत वाली परियोजना को पीपीपी मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने की पहल की गई है।

उन्होंने बताया कि परियोजना में विकास लागत के समायोजन के लिए प्रारंभिक गणना के अनुसार लगभग 218 एकड़ भूमि की आवश्यकता थी। प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के बाद यह आवश्यकता लगभग 124 एकड़ तक सीमित हो गई। इस प्रकार लगभग 94 एकड़ भूमि की बचत संभव हुई, जिसका उपयोग अन्य सार्वजनिक आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मॉडल से सरकारी बजट पर प्रत्यक्ष वित्तीय दबाव कम करने के साथ नागरिकों को बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराई जा सकती है।

शासकीय भूमि के पुनर्विकास से विकसित होंगी आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित शासकीय भूमि का बेहतर उपयोग करने की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसी भूमि को पुनर्विकास मॉडल के माध्यम से विकसित कर जनोपयोगी सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि किसी शासकीय भूमि के एक हिस्से का व्यावसायिक उपयोग कर प्राप्त संसाधनों से आधुनिक कलेक्ट्रेट भवन, शासकीय कार्यालय, पुस्तकालय, उद्यान, स्टेडियम, इंडोर खेल परिसर और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण किया जा सकता है। इससे सरकारी बजट पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना शहरों में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने मंडल के अधिकारियों से ऐसी संभावनाओं की पहचान कर व्यावहारिक और आर्थिक रूप से सक्षम परियोजनाएं तैयार करने का आह्वान किया।

खेल अधोसंरचना के निर्माण के साथ संचालन और रखरखाव पर भी देना होगा ध्यान

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि खेल अधोसंरचना का निर्माण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका नियमित रखरखाव, बेहतर संचालन और अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। इसके लिए विशेषज्ञ संस्थाओं की भागीदारी और आधुनिक प्रबंधन व्यवस्था विकसित करनी होगी। उन्होंने रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का उदाहरण देते हुए कहा कि खेल सुविधाओं के प्रभावी संचालन से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं बढ़ती हैं। ऐसे आयोजनों से होटल, परिवहन, पर्यटन, व्यापार और सेवा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलता है।

उन्होंने नवा रायपुर में बैडमिंटन, तैराकी, स्क्वैश और क्रिकेट जैसी खेल विधाओं के लिए प्रतिष्ठित खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञ संस्थाओं के सहयोग से प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करने की पहल का भी उल्लेख किया।

आधुनिक तकनीक, एआई और बेहतर प्रबंधन पर केंद्रित रही प्रशिक्षण कार्यशाला

नवा रायपुर में आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासनिक दक्षता, आधुनिक तकनीक, वित्तीय प्रबंधन, संपदा प्रबंधन तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

कार्यशाला में एकीकृत नेतृत्व, प्रशासन, विपणन एवं सुशासन, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल से अधोसंरचना विकास मंडल तक की संस्थागत यात्रा और अधिनियम संशोधन, टाउन डेवलपमेंट एवं टाउन प्लानिंग स्कीम, बिलिंग अनुपालन एवं वित्तीय जोखिम प्रबंधन जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।

इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑनलाइन आवास प्रबंधन, संपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधान, सूचना का अधिकार, आरडब्ल्यूए हैंडओवर प्रक्रिया, आरसीसी संरचनाओं की मजबूती और आधुनिक परियोजना विपणन रणनीतियों पर भी विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

अधोसंरचना में निवेश से रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि किसी भी राज्य के आर्थिक विकास में पूंजीगत व्यय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सड़क, पुल, औद्योगिक क्षेत्र, आवासीय परिसर और सार्वजनिक सुविधाओं में निवेश से रोजगार, व्यापार, परिवहन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और चीन जैसे देशों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि दीर्घकालिक सोच, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश आधारित विकास रणनीतियों से बड़े परिवर्तन संभव हैं। छत्तीसगढ़ में भी विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। इनका लाभ उठाने के लिए सरकारी संसाधनों के साथ निजी निवेश और वैकल्पिक वित्तीय मॉडल को बढ़ावा देना होगा।

विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के लक्ष्य में मंडल की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

मंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी भूमिका को केवल नियमित कार्यालयीन कार्यों तक सीमित न रखें। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपनी तकनीकी विशेषज्ञता, अनुभव और कार्यक्षमता के माध्यम से प्रदेश के विकास में अधिकतम योगदान देने का प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड को परियोजनाओं की संख्या बढ़ाने के साथ उनकी गुणवत्ता, आर्थिक व्यवहार्यता, समयबद्ध क्रियान्वयन और जनोपयोगिता पर विशेष ध्यान देना होगा। नई तकनीक, बेहतर प्रबंधन, व्यावसायिक दृष्टिकोण और टीमवर्क के माध्यम से मंडल को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है।

श्री चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के विजन को साकार करने में हाउसिंग बोर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके लिए मंडल को टाउन प्लानिंग, शहरी पुनर्विकास, खेल अधोसंरचना और सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित परियोजनाओं में ठोस परिणाम प्रस्तुत करने होंगे।

अधिनियम में बदलाव के साथ सोच और कार्यसंस्कृति में भी बदलाव जरूरी : मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड का अधोसंरचना विकास मंडल के रूप में विस्तार केवल नाम या अधिनियम में परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह संस्था की सोच, कार्यशैली और जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव का अवसर है। उन्होंने कहा कि वास्तविक परिवर्तन तभी संभव होगा, जब प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी नवाचार, तकनीकी दक्षता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के साथ कार्य करेगा। इसी उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में आईआईएम रायपुर सहित प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रबंधन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीकी अधोसंरचना और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। उन्होंने विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण मंडल की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिकारियों और कर्मचारियों की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

मंडल अध्यक्ष श्री सिंह देव ने कहा कि पिछले लगभग 18 महीनों में मंडल ने संपत्ति विक्रय, राजस्व अर्जन और नई परियोजनाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने लगभग 8 हजार संपत्तियों के विक्रय और 1,800 करोड़ रुपये के राजस्व अर्जन का उल्लेख करते हुए कहा कि ओटीएस योजना तथा प्रभावी विपणन प्रयासों से लंबे समय से रिक्त संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है। उन्होंने बताया कि लगभग 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाया गया है तथा आगामी दिसंबर में भी नई परियोजनाएं प्रारंभ करने की तैयारी है। उन्होंने अधिकारियों से बकाया राशि की वसूली, संपत्तियों के विक्रय और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही मंडल को पीपीपी मॉडल, पुनर्विकास और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं में अपनी भागीदारी बढ़ाने तथा अन्य राज्यों की निविदाओं में प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाने पर जोर दिया।

श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मंडल का उद्देश्य केवल मकानों का निर्माण और विक्रय करना नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी 33 जिलों में नागरिकों को बेहतर सुविधाओं से युक्त व्यवस्थित और आधुनिक टाउनशिप उपलब्ध कराना है। आवासीय कॉलोनियों में उद्यान, बाजार, सामुदायिक सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व एवं राष्ट्रीय भावना को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि अधोसंरचना विकास में मंडल की भूमिका लगातार बढ़ेगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए अपनी कार्यक्षमता बढ़ानी होगी। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए कल की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि आज से ही नई सोच और नई कार्यसंस्कृति के साथ कार्य प्रारंभ करना होगा।

कार्यशाला में आईआईएम रायपुर के निदेशक डॉ. संजीव पाराशर ने भी अपना अनुभव साझा किया। साथ ही आईआईआईटी नवा रायपुर के प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवास के.जी., एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर डॉ. जी.डी. रामटेके सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों तथा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के तकनीकी सत्र निर्धारित किए गए है। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण सचिव श्री अंकित आनंद, मंडल आयुक्त श्री अवनीश शरण, अपर आयुक्त श्री हर्ष कुमार जोशी, श्री अजीत कुमार पटेल, श्री एम डी पनारिया, श्री सुनील भगत सहित मंडल के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ तथा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री चौधरी ने प्रशिक्षण कार्यशाला के आयोजन और संस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

CG- कन्या आवासीय विद्यालय का कमरा खुलते ही उड़े होश, इस हाल में मिली छात्रा, मचा हड़कंप…..

CG- कन्या आवासीय विद्यालय का कमरा खुलते ही उड़े होश, इस हाल में मिली छात्रा, मचा हड़कंप…..

 भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय में 12वीं कक्षा की एक आदिवासी छात्रा का शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। मृतका तुमरीसुर गांव की रहने वाली थी और पिछले छह वर्षों से छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। सूचना मिलने पर एसडीएम भी मौके पर पहुंचे। फिलहाल छात्रा की मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दुर्गूकोंदल थाना क्षेत्र के नेताजी सुभाषचंद्र बोस कन्या आवासीय विद्यालय में कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय में पढ़ने वाली छात्रा तुमरीसुर गांव की निवासी थी। वह पिछले करीब 6 वर्षों से इसी छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। 23 अक्टूबर को तबीयत खराब होने के कारण उसके पिता उसे घर ले गए थे। इसके बाद 26 अक्टूबर की सुबह उसके मामा उसे वापस छात्रावास छोड़ने आए थे।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सोमवार दोपहर के बाद छात्रा कक्षा में नहीं गई और अपने कमरे में ही रुकी रही। शाम करीब पांच बजे जब अन्य छात्राएं अपने कमरे में लौटीं, तो कमरे का दरवाजा बंद मिला। इसकी सूचना छात्रावास अधीक्षक को दी गई। दरवाजा खोलने पर छात्रा का शव सीलिंग फैन से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ मिला।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। भानुप्रतापपुर के एसडीएम अनिकेत फडतरे सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। छात्रा के परिजन भी मौके पर पहुंचे. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की और भौतिक साक्ष्य जुटाए। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भानुप्रतापपुर लाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

बताया जा रहा है कि छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और लंबे समय से छात्रावास में रहकर अध्ययन कर रही थी। ऐसे में उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। अबतक घटना के पीछे किसी विशेष कारण की अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है।

फिलहाल दुर्गूकोंदल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर ही छात्रा की मौत की परिस्थितियों का पता चल सकेगा।

ब्रेकिंग : दो अतिरिक्त महाधिवक्ता सहित 8 लॉ अफसरों व 23 पैनल लॉयरों की हुई नियुक्ति, देखें लिस्ट…..

ब्रेकिंग : दो अतिरिक्त महाधिवक्ता सहित 8 लॉ अफसरों व 23 पैनल लॉयरों की हुई नियुक्ति, देखें लिस्ट…..

 रायपुर। विधि विधायी विभाग ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से मामले मुकदमे की पैरवी करते हुए दो अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ ही आठ लॉ अफसरों और 23 पैनल लॉयरों की नियुक्ति कर दी है। नियुक्ति आदेश के साथ ही जरुरी शर्तों का भी खुलासा कर दिया है।

छत्तीसगढ़ शासन के विधि विधायी कार्य विभाग ने हाई कोर्ट में राज्य शासन की ओर से पैरवी करने के लिए दो अतिरिक्त महाधिवक्ता, दो उप महाधिवक्ता, तीन शासकीय अधिवक्ता और एक उप शासकीय अधिवक्ता के अलावा 23 पैनल लॉयर्स की नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया है।

देखिए लॉ अफसरों की सूची

अतिरिक्त महाधिवक्ता-शर्मिला सिंघई व सुमित सिंह

उप महाधिवक्ता- सुनीता मानिकपुरी व अविनाश चंद साहू

शासकीय अधिवक्ता- अरविंद दुबे, शरद मिश्रा व एचएपीएस. भाटिया

उप शासकीय अधिवक्ता- अक्षय उप्पल

ये हैं 23 पैनल लॉयर्स

वेदांत षडंगी, कुलदीप सिंह, आशुतोष राज सिन्हा, सौरभ पांडेय, अनुराग अग्रवाल, विक्रम दीक्षित, कशिश सलूजा, वी. जयंत कुमार,, शिवांगी अग्रवाल, नीलम जैसवानी, जया चौधरी, अनुराग त्रिपाठी, त्रिवेणीशंकर साहू, रविकर पटेल, सुनीता साहू, रशिका सोनी, श्वेता राय, हसनैन अल्वी, प्रतिभा साहू, अपूर्वा घोरे,अक्षत पांडेय, के. विनायकम गुप्ता व अभिषेक बंजारे।

विधि अधिकारियों के ये शर्तें

विधि अधिकारियों को देय फीस विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित होगी। पैनल लॉयर की फीस विधि और विधायी कार्य विभाग के 31 दिसंबर 2025 के आदेश के अधीन रहेगी। उनके कर्तव्य और दायित्व विभागीय नियमावली के अनुसार तय होंगे। पैनल लॉयर को इस्तीफा देने से पहले एक महीने का नोटिस देना होगा।

पैनल लायर्स को इन शर्तों का करना होगा पालन

नियुक्त पैनल लॉयर के कर्तव्य और दायित्व छत्तीसगढ़ विधि विभाग मैन्युअल के सुसंगत प्रावधानों के अनुरूप होंगे तथा दोनों पक्ष कभी भी यह संविदा समाप्त करने के लिए स्वतंत्र होंगे परंतु पैनल लॉयर त्याग पत्र देना चाहे तो एक माह का सूचना पत्र देना आवश्यक होगा।

घोषणा पत्र ये देनी होगी जानकारी

नियुक्त समस्त पैनल लॉयर, विधि विभाग नियमावली के नियम 09 के अनुरूप ये घोषणा करनी होगी।

किसी भी सक्षम न्यायालय द्वारा वित्तीय रूप से दिवालिया घोषित नहीं किया गया है और उनके खिलाफ कोई भी सिविल डिक्री लंबित नहीं या उनके खिलाफ कोई भी मामला लंबित नहीं है।

किसी भी न्यायालय या प्राधिकरण के द्वारा या राज्य विधिज्ञ परिषद, भारतीय विधिज्ञ परिषद जहां उनका पंजीयन हो से अयोग्य घोषित नहीं किया गया है।

उनके विरूध्द कोई भी आपराधिक मामला किसी भी सक्षम न्यायालय में लंबित नहीं है और न ही किसी भी न्यायालय द्वारा उन्हें दोषसिध्द ठहराया गया है।

तीन वर्ष का विधि व्यवसाय का अनुभव रखते हैं।

प्राप्त घोषणा पत्र उक्तानुसार प्राप्त में उक्त संबंधित पैनल लॉयर की नियुक्ति हेतु अनर्हता का कोई तथ्य नहीं होने पर ही महाधिवक्ता उन्हें पदभार ग्रहण करने देंगे, यदि कोई प्रतिकूल तथ्य हो तो कार्यभार ग्रहण करने से निषेधित कर विधि विभाग, मंत्रालय को सूचित करेंगे।

 

Rain Alert : छत्तीसगढ़ में तबाही मचाएगा चक्रवाती तूफान! इस जिले में होगी भारी बारिश, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट…..

Rain Alert : छत्तीसगढ़ में तबाही मचाएगा चक्रवाती तूफान! इस जिले में होगी भारी बारिश, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट…..

 बीजापुर। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Ornab) को लेकर छत्तीसगढ़ में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। तूफान के आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने और इसके प्रभाव से भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के बीच बीजापुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। वहीं, तूफान से निपटने के लिए राज्य सरकार भी तैयारियों में जुटी है।

मौसम विभाग से प्राप्त चेतावनी के अनुसार जिले में 27 अक्टूबर को भारी बारिश तथा 28 अक्टूबर को अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा हवा के झोंकों की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

कलेक्टर ने लोगों से की अपील

संभावित भारी बारिश एवं प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर विश्वदीप ने जिलेवासियों से विशेष सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से कहा है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें तथा अपनी एवं अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। विशेष रूप से नदी-नालों के किनारे रहने वाले ग्रामीणों एवं अंदरूनी क्षेत्रों के नागरिकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, रपटों एवं पुल-पुलियों पर पानी का बहाव होने की स्थिति में उन्हें पार करने का प्रयास न करें। जलभराव एवं बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। गरज-चमक एवं तेज हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, जर्जर भवनों एवं खुले स्थानों से दूर रहें। किसानों एवं ग्रामीणों से भी खराब मौसम के दौरान खेतों, जंगलों एवं नदी-नालों की ओर अनावश्यक आवागमन नहीं करने की अपील की गई है।

जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था की अपील

जिला प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों की सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा है। दूरस्थ एवं अंदरूनी क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों से आवश्यक खाद्य सामग्री, पेयजल, दवाइयों एवं अन्य जरूरी वस्तुओं की व्यवस्था रखने की अपील की गई है, ताकि भारी बारिश के कारण आवागमन प्रभावित होने की स्थिति में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कलेक्टर विश्वदीप ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों एवं जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी क्षेत्र में जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, पेड़ गिरने, विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त होने अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस अथवा संबंधित विभाग को सूचना दें। जिला प्रशासन ने सभी जिलेवासियों से अपील की है कि संभावित भारी बारिश को देखते हुए सतर्क एवं सुरक्षित रहें, अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी जोखिमपूर्ण स्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखते हुए प्रशासन को तत्काल अवगत कराएं। नागरिकों की सुरक्षा एवं जनहानि की रोकथाम के लिए सभी का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

CG : वन विभाग में बड़ी फेरबदल, 102 वनक्षेत्रपालों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

CG : वन विभाग में बड़ी फेरबदल, 102 वनक्षेत्रपालों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। विभाग ने 102 वनक्षेत्रपालों के तबादले करते हुए उनकी नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत बस्तर, बीजापुर, सुकमा, रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा समेत प्रदेश के कई वनमंडलों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। राष्ट्रीय उद्यानों, टाइगर रिजर्व और विभिन्न वन परिक्षेत्रों में भी नई पदस्थापनाएं की गई हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में बड़ा फेरबदल ,बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले , देखे पूरी लिस्ट

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में बड़ा फेरबदल ,बड़े पैमाने पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले , देखे पूरी लिस्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। विभाग की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले का आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालना होगा

CG : इस दिन होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक, लिए जाएंगे महत्वपूर्ण निर्णय…..

CG : इस दिन होगी साय कैबिनेट की अहम बैठक, लिए जाएंगे महत्वपूर्ण निर्णय…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई है। यह मीटिंग मंगलवार की सुबह 11:30 बजे से महानदी भवन मंत्रालय, नवा रायपुर में होगी। बैठक के बाद डिप्टी सीएम अरूण साव महत्वपूर्ण निर्णयों पर लिए गए फैसलों की जानकारी मीडिया को देंगे।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 70 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने 70 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन

 तिल्दा नेवरा।  राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम पौंसरी, मगरवाय, बुड़गहन,औऱ पूरेना मे 70 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। इस दौरान ग्रामीणों की मांग पर लगभग 57 लाख रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों की घोषणा भी की।

इसमें ग्राम पौंसरी मे 10 लाख रुपए के शेड निर्माण 5 लाख रुपए के बाउंड्रीवाल,ग्राम मगरवाय मे 10 लाख रुपए के शेड निर्माण,ग्राम बुड़गहन मे 20 लाख रुपए के चेक डेम निर्माण औऱ ग्राम पुरेना मे 7 लाख रुपये के अतिरिक्त क़क्ष एवं 5 लाख रुपए के रंगमंच निर्माण शामिल है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि इन गांव मे लोकार्पण औऱ भूमिपूजन दिखाता है कि गांव मे विकास हो रहा है। हमारी सरकार गरीबों की चिंता करने वाली है,इसीलिए गांव के विकास मे जोर दे रही है।

हमने मोदी की गारंटी के तहत महतारी वंदन योजना,3100 रुपए मे धान खरीदी के वायदे को पूरा किया है।अब महतारी वंदन योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार मे पारदर्शिता है औऱ भ्रष्टाचार कहीं नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्पना को सब मिलकर पूरा करेंगे

इन विकास कार्या का हुआ लोकार्पण व भूमिपूजन :- राजस्व मंत्री वर्मा ने इस दौरान ग्राम पौंसरी में सामुदायिक भवन लागत 6.50 लाख, रंगमंच लागत 5 लाख , ग्राम मगरवाय में सीसी रोड निर्माण लागत 10 लाख,ग्राम बुडगहन में बाढ़ आपदा भवन लागत 20 लाख, रंगमंच निर्माण लागत 5 लाख, ग्राम पूरेना में सीसी रोड निर्माण लागत 10 लाख का लोकार्पण एवं ग्राम मगरवाय के शासकीय प्राथमिक शाला में 2 अतिरिक्त कक्ष निर्माण लागत 10 लाख, किचन शेड निर्माण लागत 5 लाख, रंगमंच निर्माण लागत 3.50 लाख का भूमि पूजन किया।

इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जनपद सस्दय राजेश ध्रुव,कपिल कश्यप ,सुनीता वर्मा , रविशंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या मे ग्रामवासी उपस्थित थे

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में 5 दिन भारी बारिश का अलर्ट, किसानों को सतर्क रहने की सलाह

 रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। विश्वविद्यालय ने किसानों से फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने और कृषि कार्यों में मौसम के अनुरूप बदलाव करने की अपील की है।

चक्रवाती तूफान के मद्देनजर किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किसान के हित में आवश्यक सहयोग के लिए विभाग अधिकारी कर्मचारी सहित मैदानी अमले को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

बता दें कि भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र अगले कुछ घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इस दौरान हवा की गति 115 से 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 अक्टूबर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 25 अक्टूबर को बस्तर संभाग के बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा तथा अन्य जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इसके अलावा रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।

इसी प्रकार 26 अक्टूबर को दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, सुकमा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। 27 अक्टूबर को भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। वहीं 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की संभावना के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में धान, दलहन एवं तिलहन की फसलें पकने की अवस्था में हैं, वहां आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित रखें। जिन किसानों ने फसलों की कटाई प्रारंभ कर दी है, वे कटी हुई फसलों को शीघ्र सुरक्षित स्थानों पर रखें। खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे।

कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में रोग एवं कीटों के लक्षण दिखाई देने पर मौसम साफ होने के बाद ही आवश्यक कीटनाशकों अथवा कवकनाशकों का छिड़काव करने की सलाह दी है। आगामी दिनों में रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बुवाई का कार्य नवंबर माह के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ करने का सुझाव दिया गया है।

सब्जी एवं फल उत्पादक किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार चक्रवाती प्रभाव से तेज हवा चलने की संभावना को देखते हुए लता वाली सब्जियों, विशेषकर करेला एवं लौकी जैसी फसलों के लिए सहारे की व्यवस्था करें। केले के पौधों एवं फलदार वृक्षों को भी आवश्यकतानुसार सहारा दें। सब्जियों के खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें तथा बारिश के दौरान कीटनाशकों एवं कवकनाशकों के छिड़काव से बचें।

पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखें। तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए पशुओं को पेड़ों के नीचे अथवा खुले स्थानों पर बांधने से बचें। पशुओं के लिए सूखे चारे एवं स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखें तथा कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जारी सलाह का पालन करें। समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनाकर चक्रवाती तूफान और संभावित भारी वर्षा से फसलों, उद्यानिकी उत्पादन एवं पशुधन को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और नवाचारों का निरंतर उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव का विषय – मुख्यमंत्री साय

‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपराओं और नवाचारों का निरंतर उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव का विषय – मुख्यमंत्री साय

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर जिले के अभनपुर स्थित अग्रवाल भवन में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एवं  सिद्धार्थ शंभू के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी का श्रवण किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ‘मन की बात’ देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड़ देशवासियों के साथ प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आत्मीय जुड़ाव का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज, पर्यावरण, संस्कृति, नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे सामान्य नागरिकों के असाधारण प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। ऐसे प्रेरक उदाहरण देशवासियों में समाज और राष्ट्र के लिए कुछ नया करने का भाव जागृत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की विभिन्न कडि़यों में प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं, खेल प्रतिभाओं, जल संरक्षण, पोषण और नवाचार से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से स्थान दिया है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का उल्लेख कर बस्तर की खेल प्रतिभाओं एवं समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दी है। आज शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा बस्तर अपनी युवा प्रतिभाओं और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने कोरिया जिले में जल संरक्षण के अभिनव ‘पांच प्रतिशत मॉडल’ की भी सराहना की है, जिसके तहत किसान अपनी भूमि के पांच प्रतिशत हिस्से में तालाब बनाकर वर्षा जल का संचय करते हैं। इससे सिंचाई के साथ भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसी प्रकार ऐतिहासिक मल्हार के ताम्रपत्रों और पोषण से जुड़े ‘हर घर मुनगा’ जैसे प्रयासों का उल्लेख छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करता है।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी में कार्यक्रम की 12 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए देश के सामान्य नागरिकों के परिश्रम, सेवा और समर्पण की सराहना की। उन्होंने पंजाब में प्राकृतिक कपास की खेती और बुनकरी से महिला सशक्तिकरण, उत्तराखंड में हेवल नदी के पुनर्जीवन, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक पहचान और खादी की बढ़ती लोकप्रियता जैसे प्रेरक प्रयासों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने त्योहारों के अवसर पर स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने ई-संजीवनी, आधुनिक अनुसंधान, युवाओं के डीप-टेक स्टार्टअप, श्रीअन्न की खेती और अंगदान के महत्व को भी रेखांकित किया। साथ ही सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर ‘रन फॉर यूनिटी’ में सहभागिता, स्वच्छता और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार हमें अपने आसपास हो रहे सकारात्मक कार्यों से प्रेरणा लेने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने की प्रेरणा देते हैं। ‘मन की बात’ ने स्वच्छता, पर्यावरण एवं जल संरक्षण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन, नवाचार, सेवा और जनभागीदारी को जन-जन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी, नवाचार और कर्तव्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। इन्हीं सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ और देश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ेंगे। इस अवसर पर रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

Karwa Chauth 2026: भद्रा का साया नहीं, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, रायपुर समेत प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय

Karwa Chauth 2026: भद्रा का साया नहीं, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, रायपुर समेत प्रमुख शहरों में चांद निकलने का समय

 रायपुर। पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और दांपत्य जीवन की खुशहाली से जुड़ा करवा चौथ का पर्व इस वर्ष गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाए जाने वाले इस पर्व में सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह सरगी ग्रहण करने से शुरू होने वाला यह व्रत शाम की पूजा, करवा चौथ की कथा और चंद्रमा के दर्शन के बाद पूरा किया जाता है। इस बार पर्व को लेकर तारीख, भद्रा के समय, पूजा के मुहूर्त और अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय के समय की जानकारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

29 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाएगा करवा चौथ?

पंचांग के अनुसार, चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1:06 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 10:09 बजे समाप्त होगी। पर्व की परंपरा और तिथि के आधार पर करवा चौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्टूबर को रखा जाएगा।

इस दिन महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास रखती हैं। कई परिवारों में यह व्रत निर्जला रखा जाता है, जबकि व्रत की परंपराएं परिवार और क्षेत्र के अनुसार अलग हो सकती हैं।

क्या पूजा पर पड़ेगा भद्रा का साया?
करवा चौथ से पहले भद्रा को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं। उपलब्ध पंचांग संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, भद्रा 28 अक्टूबर को सुबह 5:31 बजे शुरू होकर 29 अक्टूबर को सुबह 4:27 बजे समाप्त हो जाएगी। यानी शाम की पूजा के समय भद्रा नहीं रहेगी।

इसलिए भद्रा के कारण शाम की पूजा टालने की आवश्यकता बताए जाने का आधार इन गणनाओं में नहीं दिखता। हालांकि, पूजा का स्थानीय समय तय करते समय अपने शहर के पंचांग और परिवार की परंपरा को ध्यान में रखना उचित रहेगा।

करवा चौथ 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
व्रत की तारीख

गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
पूजा का सामान्य प्रकाशित मुहूर्त
शाम 5:38 से 6:56 बजे तक
स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है।
रायपुर में अनुमानित चंद्रोदय
रात 8:12–8:20 बजे
अलग-अलग पंचांगों में कुछ मिनट का अंतर है।

स्रोत: आज तक की प्रकाशित पूजा-समय संबंधी जानकारी और रायपुर के लिए द्रिक पंचांग व स्थानीय पंचांग गणनाएं। 

ध्यान दें कि सामान्य पूजा मुहूर्त और स्थानीय सूर्यास्त के आधार पर निकाला गया मुहूर्त कुछ अलग हो सकता है। रायपुर के लिए द्रिक पंचांग में शाम 5:29 से 6:45 बजे तक पूजा का समय दिया गया है। इसलिए स्थानीय समय को प्राथमिकता दें।

आपके शहर में कब निकलेगा चांद?

करवा चौथ में चंद्रमा के दर्शन का विशेष महत्व है। चंद्रमा का उदय भौगोलिक स्थिति के कारण हर शहर में एक ही समय पर नहीं होता। नीचे 29 अक्टूबर 2026 के लिए प्रकाशित पंचांग-आधारित अनुमान दिए गए हैं।

शहर अनुमानित चंद्रोदय

रायपुर रात 8:12–8:20 बजे
दिल्ली रात 8:16–8:17 बजे
चंडीगढ़ रात 8:12 बजे
लखनऊ रात 8:06 बजे
जयपुर रात 8:27–8:28 बजे
भोपाल रात 8:30 बजे
पटना रात 7:52 बजे
कोलकाता रात 7:46–7:47 बजे
मुंबई रात 9:00 बजे
हैदराबाद रात 8:41 बजे
बेंगलुरु रात 8:55 बजे
नागपुर रात 8:29 बजे
अहमदाबाद रात 8:51 बजे
पुणे रात 8:57 बजे

क्या है करवा चौथ की परंपरा और रीति-रिवाज?

1. ⁠1. सरगी से होती है व्रत की शुरुआत: कई परिवारों में सास अपनी बहू को सुबह सूर्योदय से पहले सरगी देती हैं। इसमें फल, मिठाई, मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं। सरगी की परंपरा हर परिवार में एक जैसी नहीं होती।

2. ⁠1. दिनभर व्रत: महिलाएं अपनी धार्मिक मान्यता के अनुसार उपवास रखती हैं। पारंपरिक रूप से कई महिलाएं पानी भी ग्रहण नहीं करतीं, जबकि कुछ परिवारों में अलग नियम होते हैं।

3. ⁠1. शाम की पूजा: शाम को महिलाएं साफ-सुथरे पारंपरिक वस्त्र पहनकर पूजा की तैयारी करती हैं। पूजा में करवा, दीपक, मिठाई, फल और अन्य पूजन सामग्री रखी जाती है। भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है।

4. ⁠1. करवा चौथ की कथा: पूजा के दौरान व्रत कथा सुनने या पढ़ने की परंपरा है। कई जगह महिलाएं समूह में बैठकर कथा सुनती हैं और एक-दूसरे को करवा देती हैं।

5. ⁠1. चंद्रमा को अर्घ्य: रात में चांद निकलने पर महिलाएं चंद्रमा को जल अर्पित करती हैं। कई परिवारों में छलनी से चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा है।

6. ⁠1. व्रत का पारण: चंद्र दर्शन और पूजा के बाद जल ग्रहण करके व्रत खोला जाता है। कई परिवारों में पति पत्नी को पानी या पहला निवाला देकर व्रत खुलवाते हैं।
इन रीति-रिवाजों में क्षेत्र, परिवार और समुदाय के अनुसार अंतर हो सकता है।
करवा चौथ का धार्मिक महत्व क्या है?
करवा चौथ को दांपत्य जीवन में प्रेम, समर्पण, विश्वास और पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महिलाएं इस व्रत के माध्यम से अपने पति के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करती हैं। समय के साथ कई परिवारों में पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे के स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करते हुए व्रत रखने लगे हैं।
यह पर्व केवल उपवास तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार के साथ पूजा, पारंपरिक श्रृंगार, कथा और सामूहिक उत्सव का अवसर भी बन गया है।

व्रत रखने वालों के लिए जरूरी बात

निर्जला उपवास हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं होता। यदि किसी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो, नियमित दवा लेनी पड़ती हो या कमजोरी महसूस होती हो, तो स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। धार्मिक परंपरा का पालन अपनी स्थिति और जरूरतों के अनुरूप किया जा सकता है।

: करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार भद्रा सुबह ही समाप्त हो जाएगी, जबकि शाम की पूजा और चंद्र दर्शन इस पर्व के मुख्य पड़ाव रहेंगे। रायपुर में चंद्रोदय का समय अलग-अलग गणनाओं में लगभग रात 8:12 से 8:20 बजे के बीच बताया गया है। व्रत रखने से पहले अपने शहर के स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि जरूर कर लें।

BREAKING: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ऐलान

BREAKING: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ऐलान

 रायपुर – छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए धान खरीदी को लेकर बड़ी खबर है। प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष के तहत धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धान खरीदी की तारीख का ऐलान किया है। धान खरीदी की तारीख सामने आने के बाद अब किसानों की निगाहें खरीदी प्रक्रिया पर टिकी हैं। प्रदेश में धान खरीदी को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी जारी हैं। वहीं,खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है और कई इलाकों में किसानों ने फसल की कटाई भी शुरू कर दी है।

धान खरीदी छत्तीसगढ़ की कृषि व्यवस्था का अहम हिस्सा है। ऐसे में खरीदी केंद्रों की व्यवस्था, किसानों के पंजीयन, धान के भंडारण और खरीदी प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन तैयारियों में जुटा है। अब 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी के साथ ही प्रदेश में खरीफ सीजन की महत्वपूर्ण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। किसानों को उम्मीद है कि खरीदी केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी होंगी, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

BREAKING : प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंची स्मृति ईरानी

BREAKING : प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंची स्मृति ईरानी

 रायपुर। भाजपा छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी बनने के बाद स्मृति ईरानी आज पहली बार छत्तीसगढ़ पहुंची. रायपुर एयरपोर्ट पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक राजेश मूणत और रायपुर महापौर मीनल चौबे ने स्वागत किया. एयरपोर्ट से स्मृति ईरानी बाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंची, जहां स्वागत और मुलाकात करने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी पहुंचे.

स्मृति ईरानी के दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह है. होर्डिंग और बैनर लगाए जाने से मना करने के बाद राजधानी में जगह-जगह भाजपा के झंडे नजर आ रहे हैं. ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी बड़े नेता के आगमन पर स्वागत के लिए बैनर-पोस्टर नहीं लगे हैं. यही नहीं भाजयुमो ने इस अवसर पर बाइक रैली का भी आयोजन रखा था, जिसे देर रात को रद्द कर दिया गया.

स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ आगमन पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि स्मृति ईरानी का हम बहुत-बहुत स्वागत करते हैं, अभिनंदन करते हैं. उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और मजबूत होगी. सरकार संगठित होगी और अच्छा काम करेगी.

स्वागत में पोस्टर-बैनर नहीं लगाए जाने पर सांसद अग्रवाल ने कहा कि जो अनुभवी उलझे वरिष्ठ नेता होते हैं, उनको ऐसा लगता है उनको यहां से चुनाव लड़ना नहीं है. चुनाव जिनको लड़ना है, उनके पोस्टर लगे. उनके पोस्टर लगने से कोई फायदा नहीं है, इसलिए इस कंपटीशन में कार्यकर्ता उलझ जाते हैं. कार्यकर्ता संगठन का काम करें. कार्यकर्ता संगठन को आगे बढ़ाने के लिए काम करें.

वहीं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि स्मृति ईरानी रायपुर पहुंची हैं. आज कई बैठक भी होंगी. छत्तीसगढ़ में और मजबूती से कार्यकर्ता काम करेंगे.

रायपुर प्रेस क्लब में चली गोली, सदस्यता नहीं मिलने से नाराज युवक ने की फायरिंग, मचा हड़कंप

रायपुर प्रेस क्लब में चली गोली, सदस्यता नहीं मिलने से नाराज युवक ने की फायरिंग, मचा हड़कंप

 रायपुर:  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मोतीबाग स्थित रायपुर प्रेस क्लब में शनिवार की शाम हड़कंप मच गया, जब सदस्यता नहीं मिलने से नाराज एक युवक ने पिस्टल से गोली चला दी। मामले में पुलिस ने आरोपी पलाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। ये पूरा मामला राजधानी रायपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जहां आरोपी पलाश तिवारी ने फायरिंग की है। प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी की लिखित शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पलाश तिवारी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। इस घटना से दहशत का माहौल बना, जिसकी जांच शुरू हुई।

आरोपी पलाश तिवारी

मिली जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार 24 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। प्रेस क्लब में फायरिंग की इस वारदात को आरोपी पलाश तिवारी ने सदस्यता नहीं मिलने से अंजाम दिया है। बताया जा रहा है कि फायरिंग से पहले आरोपी ने क्लब के कोषाध्यक्ष दिनेश यदु और कार्यालय सचिव शिव दत्ता पर पिस्टल तानी थी। प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कोतवाली थाने में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई। आवेदन के मुताबिक, शाम के वक्त प्रेस क्लब परिसर में मीडियाकर्मियों और अन्य नागरिकों की नियमित आवाजाही थी। इसी दौरान पलाश तिवारी नामक युवक ने अवांछनीय तत्वों के साथ मिलकर पिस्टल से हवाई फायर किया और उपस्थित लोगों को डराने-धमकाने का प्रयास किया। अचानक हुई इस गोलीबारी से परिसर में मौजूद पत्रकारों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

 
 
 
 
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की OTS-2 योजना को बड़ी सफलता, अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की OTS-2 योजना को बड़ी सफलता, अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों को किफायती दरों पर आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध कराने तथा वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों के बेहतर उपयोग की दिशा में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 (OTS-2) महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है। योजना के माध्यम से कुल 251.71 करोड़ रुपये मूल्य की 1,659 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों का विक्रय हुआ है।

OTS-2 योजना के अंतर्गत कुल 2,656 संपत्तियों को विक्रय के लिए शामिल किया गया था। इनमें से अब केवल 997 संपत्तियां विक्रय के लिए शेष हैं, जिनका कुल मूल्य 134.40 करोड़ रुपये है। योजना की सफलता से जहां वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों का उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं आम नागरिकों को रियायती दरों पर अपना घर एवं व्यावसायिक परिसर प्राप्त करने का अवसर भी मिल रहा है।

पूर्ववर्ती योजना की तुलना में OTS-2 का प्रदर्शन बेहतर

वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की उपलब्धि पूर्व में संचालित OTS योजना की तुलना में उल्लेखनीय रही है। सितंबर 2021 से मार्च 2024 तक संचालित पूर्ववर्ती वन टाइम सेटलमेंट योजना के अंतर्गत लगभग 511 करोड़ रुपये मूल्य की 2,591 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को शामिल किया गया था। इस अवधि में कुल 88.28 करोड़ रुपये मूल्य की 506 संपत्तियों का विक्रय हुआ था, जिसमें विक्रय का प्रतिशत 17.27 रहा था। वहीं वर्तमान OTS-2 योजना में अब तक 62.5 प्रतिशत संपत्तियों का विक्रय हो चुका है।

इस प्रकार पूर्ववर्ती योजना की तुलना में वर्तमान योजना के विक्रय प्रतिशत में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की संपत्ति विक्रय व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव तथा रियायती दरों पर संपत्तियां उपलब्ध कराने की नीति के प्रभावी परिणामों को दर्शाती है।

मंत्रिपरिषद के निर्णय से मिली योजना को गति

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 19 जनवरी 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की पांच वर्ष से अधिक समय से अविक्रित आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों के एकमुश्त निपटान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था। इसके अंतर्गत ऐसी संपत्तियों को लागत मूल्य (बेस रेट) पर निर्धारित छूट प्रदान कर विक्रय करने की स्वीकृति दी गई थी।

मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुरूप 1 मार्च 2025 से वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 प्रारंभ की गई। योजना में संपत्तियों के रिक्त रहने की अवधि तथा संबंधित परियोजना में रिक्त संपत्तियों के अनुपात के आधार पर 10, 20 एवं 30 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान किया गया है। इस पहल से लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय को गति मिली है तथा नागरिकों के लिए आवास एवं व्यावसायिक संपत्ति खरीदने के नए अवसर उपलब्ध हुए हैं।

मंडल आयुक्त ने की समीक्षा, शेष संपत्तियों के विक्रय में तेजी लाने के निर्देश

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के मुख्यालय में 23 अक्टूबर को मंडल आयुक्त  अवनीश कुमार शरण ने OTS-2 योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के अंतर्गत अब तक विक्रय की गई संपत्तियों, शेष उपलब्ध आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों तथा उनके विक्रय की संभावनाओं की जानकारी ली।

मंडल आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष संपत्तियों के विक्रय में तेजी लाने के साथ-साथ वहां उपलब्ध सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाए। विशेष रूप से आवासीय परिसरों में लिफ्ट की व्यवस्था, भवनों की आवश्यक मरम्मत, नियमित रखरखाव तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए।

उन्होंने कहा कि आवासीय परियोजनाओं में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने से संभावित खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा तथा संपत्तियों के विक्रय में भी तेजी आएगी।

रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग में चलेंगे आवास रथ

मंडल आयुक्त  शरण ने OTS-2 योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और नागरिकों को उपलब्ध संपत्तियों की जानकारी देने के लिए रायपुर, नवा रायपुर एवं दुर्ग में आवास रथ प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।

आवास रथ के माध्यम से इच्छुक नागरिकों को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की विभिन्न परियोजनाओं में उपलब्ध आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों की जानकारी देने के साथ-साथ उनका प्रत्यक्ष अवलोकन कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे संभावित खरीदार संपत्तियों की स्थिति, लोकेशन, उपलब्ध सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक जानकारियों के आधार पर खरीद का निर्णय ले सकेंगे।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाई जाए। इसके लिए प्रभावी प्रचार-प्रसार के साथ इच्छुक खरीदारों को आवश्यक मार्गदर्शन और जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्धारित अवधि में अधिकतम संपत्तियों का विक्रय सुनिश्चित किया जा सके।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में उपलब्ध हैं आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां

OTS-2 योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की विभिन्न परियोजनाओं और क्षेत्रीय कार्यालयों में आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां उपलब्ध हैं। इनमें नवा रायपुर के कैपिटल प्रोजेक्ट, रायपुर जोन-02 एवं जोन-03 के साथ दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, राजनांदगांव, रायगढ़, जशपुर, कोंडागांव, कोरिया, कोरबा एवं दंतेवाड़ा सहित विभिन्न क्षेत्रों की संपत्तियां शामिल हैं।

इच्छुक नागरिक संबंधित कार्यालयों से संपर्क कर उपलब्ध संपत्तियों की लोकेशन, कीमत, सुविधाओं तथा योजना के अंतर्गत लागू छूट की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मार्च 2027 तक ही मिलेगा विशेष छूट का लाभ

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की अवधि मार्च 2027 तक निर्धारित की गई है। इस अवधि के दौरान पात्र संपत्तियों के क्रय पर निर्धारित शर्तों के अनुसार 10 से 30 प्रतिशत तक छूट का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद संपत्तियों पर OTS-2 योजना के अंतर्गत विशेष छूट का लाभ उपलब्ध नहीं होगा। ऐसे में रियायती दरों पर आवासीय अथवा व्यावसायिक संपत्ति खरीदने के इच्छुक नागरिकों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की इस पहल से एक ओर वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों का बेहतर उपयोग और आवासीय परिसरों में बसाहट को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर संपत्तियों के विक्रय से प्राप्त राजस्व का उपयोग भविष्य की आवासीय एवं अधोसंरचना विकास गतिविधियों को गति देने में किया जा सकेगा।

BSP पार्षद समेत 4 दोस्तों की शराब पीने से बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान 2 की मौत

BSP पार्षद समेत 4 दोस्तों की शराब पीने से बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान 2 की मौत

 जांजगीर चाम्पा. छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां शराब पीने से पार्षद समेत दो लोगों की मौत हो गई। तबियत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना से हड़कंप मच गया है।

चार दोस्तों ने मिलकर पी थी शराब
यह पूरा मामला पामगढ़ नगर पंचायत का है। मृतकों की पहचान BSP पार्षद राम खिलावन जांगड़े और जोहित खरे के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने शुक्रवार रात 10 बजे पुराना अस्पताल पामगढ़ परिसर में अपने दो अन्य साथियों के साथ शराब पी थी, जिसके कुछ देर बाद उनकी तबियत बिगड़ गई।

दो की मौत, दो का इलाज जारी
आनन-फानन में खिलावन जांगड़े और जोहित खरे को पामगढ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया। खिलावन जांगड़े ने सिम्स में, तो जोहित खरे ने अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं दो युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है।

शराब में जहर होने की आशंका
शराब में जहर होने की आशंका जताई जा रही है। पूरे मामले का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

दवाएं सस्ती हों, ग्रामीणों तक पहुंचे इलाज, नकली दवाओं पर लगे रोक -राज्यपाल डेका

दवाएं सस्ती हों, ग्रामीणों तक पहुंचे इलाज, नकली दवाओं पर लगे रोक -राज्यपाल डेका

 दवाएं सस्ती हों, ग्रामीणों तक पहुंचे इलाज, नकली दवाओं पर लगे रोक -राज्यपाल डेका

एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन एपिकॉन-2026 में शामिल हुए राज्यपाल

रायपुर- राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सस्ता इलाज, किफायती दवाएं और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना देश की प्रमुख चुनौतियां हैं। इनके समाधान के लिए चिकित्सकों, फार्मासिस्टों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को मिलकर काम करना होगा। स्वास्थ्य और शिक्षा को केवल कारोबार नहीं, बल्कि समाजसेवा का माध्यम बनाया जाना चाहिए। उन्होंने नकली दवाओं पर रोक लगाने, भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों पर वैज्ञानिक शोध करने और छत्तीसगढ़ की वनौषधियों के पारंपरिक ज्ञान को सामने लाने पर जोर दिया।

राज्यपाल  डेका आज पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में एसोसिएशन ऑफ फार्मास्यूटिकल टीचर्स ऑफ इंडिया (एपीटीआई) के 28वें राष्ट्रीय अधिवेशन एपिकॉन-2026 को संबोधित कर रहे थे। अधिवेशन का विषय ‘फार्मा शिक्षक आत्मनिर्भर भारत के लिए फार्मासिस्ट तैयार करने का संकल्प’ था।

राज्यपाल ने कहा कि देश ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रगति की है, लेकिन ग्रामीण आबादी तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना अब भी चुनौती है। दवाओं की कीमत आम आदमी की पहुंच में होनी चाहिए। चिकित्सकों को दवाएं लिखते समय मरीज की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए और जहां संभव हो, कम कीमत वाली प्रभावी दवाओं के विकल्प अपनाने चाहिए।

उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि चिकित्सकों और फार्मासिस्टों को गांवों तक पहुंचकर लोगों को जागरूक करना होगा। गर्भवती महिलाओं, माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों, विशेषकर बैगा समुदाय के पास औषधीय पौधों और पारंपरिक उपचार पद्धतियों से जुड़ा महत्वपूर्ण ज्ञान है। इसका वैज्ञानिक अध्ययन और दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए। भारतीय चिकित्सा परंपराओं में उपलब्ध जानकारी की आधुनिक शोध के माध्यम से जांच कर उनकी उपयोगिता का आकलन करना जरूरी है।
नकली दवाओं को गंभीर खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे मरीजों के स्वास्थ्य और जीवन पर संकट पैदा होता है तथा चिकित्सा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है। फार्मेसी के विद्यार्थियों, शिक्षकों और दवा उद्योग को दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंटरनेट का उपयोग ज्ञान बढ़ाने के लिए करने तथा मौलिक चिंतन, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों को महत्व देने की अपील की।

फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. मोंटू एम. पटेल ने बताया कि बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों के अनुरूप फार्मेसी पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मेडिकल डिवाइस जैसे विषय शामिल किए गए हैं। उन्होंने अनावश्यक एंटीबायोटिक के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए देश के 42 स्थानों पर चलाए जा रहे अभियान की जानकारी दी।
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने विश्वविद्यालय में चल रहे शोध कार्यों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के वन आधारित औषधीय संसाधनों से नए उत्पाद विकसित करने और फार्मेसी शोध को अन्य विज्ञान विषयों से जोड़ने की जरूरत बताई।

एपीटीआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मिलिंद जनराव उमेकऱ ने संगठन की गतिविधियों और फार्मेसी शिक्षकों के प्रशिक्षण, शोध तथा उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी।

भारतीय शिक्षा मंडल के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बी.आर. शंकरानंद ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में शिक्षा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा को सामाजिक बदलाव और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण का माध्यम बनाया जाना चाहिए।

अधिवेशन में देशभर से लगभग 700 शिक्षक, 900 विद्यार्थी और फार्मेसी, विपणन तथा उद्योग जगत से जुड़े करीब 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अधिवेशन में सस्ती दवाओं, सुरक्षित उपचार, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण शोध के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया गया।

बिलासपुर-मुंगेली में बनेंगे नए पुल, डिप्टी CM अरुण साव ने मंजूर किए ₹14.25 करोड़

बिलासपुर-मुंगेली में बनेंगे नए पुल, डिप्टी CM अरुण साव ने मंजूर किए ₹14.25 करोड़

 रायपुर. सड़क संपर्क और आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करने लोक निर्माण विभाग ने मुंगेली और बिलासपुर जिलों में दो नए पुलों के लिए राशि मंजूर की है। दोनों पुलों और उनके पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए कुल 14 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने दोनों कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए हैं। मुंगेली जिले के तखतपुर-बरेला मार्ग पर मनियारी नदी में मौजूदा जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल तथा बिलासपुर जिले के बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल के निर्माण शामिल हैं। दोनों पुलों के साथ पहुंच मार्ग भी बनाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग ने तखतपुर-बरेला राज्य मार्ग में मनियारी नदी पर जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपए मंजूर किए हैं। वर्तमान में वहां जलमग्नीय पुल होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। नए उच्च स्तरीय पुल के निर्माण से इस मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। विशेष रूप से बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी और सड़क संपर्क की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

विभाग ने बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 58 लाख 86 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को दोनों कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण के दौरान गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग, कार्यों की नियमित निगरानी और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। मनियारी नदी और डोंगानाला पर इन पुलों के निर्माण से मुंगेली और बिलासपुर जिलों में सड़क अधोसंरचना मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

CG राज्योत्सव में दिखेगा सारंग हेलीकॉप्टर एयर शो का रोमांच, तैयारियों में जुटा प्रशासन

CG राज्योत्सव में दिखेगा सारंग हेलीकॉप्टर एयर शो का रोमांच, तैयारियों में जुटा प्रशासन

 रायपुर.छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर स्थित सेंध लेक क्षेत्र में आयोजित होने वाले सारंग हेलीकॉप्टर एयर शो की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभाकक्ष में आयोजित बैठक में भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित जिला प्रशासन, नगर निगम तथा विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान एयर शो के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं और दर्शकों की सुविधा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने, यातायात का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने तथा दर्शकों एवं अतिथियों की सुविधा के लिए आवश्यक प्रबंध करने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान पुलिस सहायता, चिकित्सा सुविधाओं, आपातकालीन सेवाओं, परिवहन व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। साथ ही ड्रॉप जोन की लेबलिंग, आयोजन स्थल पर प्रवेश एवं आवागमन की व्यवस्था तथा किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम समय पर सुनिश्चित करने के संबंध में चर्चा की गई।

एयर शो के सफल संचालन के लिए आयोजन स्थल पर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसमें विद्युत आपूर्ति, सॉफ्ट ग्राउंड, मेंटेनेंस, मोबाइल टॉयलेट, कार्यालयीन कार्यों के लिए आवश्यक स्थान तथा अन्य सुविधाओं की व्यवस्था शामिल रही। अधिकारियों ने आयोजन स्थल की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की।

बैठक में अतिथियों के आगमन एवं स्वागत, परिवहन और पार्किंग की समुचित व्यवस्था तथा एयर शो के व्यापक प्रचार-प्रसार से जुड़े विषयों की भी समीक्षा की गई। आयोजन में शामिल होने वाले अतिथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक प्रबंध करने पर बल दिया गया। साथ ही आयोजन स्थल पर चिकित्सा सहायता एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा संबंधित टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के महत्व पर भी चर्चा हुई।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि सारंग हेलीकॉप्टर एयर शो जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूर्ण की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन, विद्युत आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं से संबंधित तैयारियों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया। आयोजन के दौरान आम नागरिकों एवं दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के अवसर पर आयोजित होने वाला सारंग हेलीकॉप्टर एयर शो राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण आकर्षण होगा। इसे देखते हुए आयोजन से संबंधित सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा, विभागीय जिम्मेदारियों का प्रभावी निर्वहन और समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बैठक में नगर निगम रायपुर के आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिस्वरंजन, भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए), परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।