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मुख्यमंत्री साय ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पीपल का पौधारोपण

मुख्यमंत्री साय ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पीपल का पौधारोपण

 पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, जनप्रतिनिधियों ने भी किया वृक्षारोपण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा इसके तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू,बिन्द्रानवागढ़ विधायक  जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री साव के बस्तर प्रवास का दूसरा दिन : मिशन अमृत, राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री साव के बस्तर प्रवास का दूसरा दिन : मिशन अमृत, राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

 00 निर्माणाधीन सड़कों और पुलों की वजह से बरसात में लोगों को आवाजाही में न हो परेशानी

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज कोण्डागांव में विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की जानकारी की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगतिरत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर कर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 योजना के तहत कोण्डागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 9 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत कोण्डागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेडा बांध से पानी लाकर उसका शोधन कर नल कनेक्शनों के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के तहत दो ओवरहेड टैंकों का भी निर्माण किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कोपाबेड़ा में 3 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे तालाब सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोपाबेड़ा से शिव मंदिर तक निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया। लगभग 2.9 किलोमीटर लंबी यह सड़क 4 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है। उप मुख्यमंत्री साव ने निर्माणाधीन कोण्डागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इस प्रगतिरत सड़क के कारण बरसात में लोगों को आवाजाही में कोई समस्या न हो, इसका खास ध्यान रखने को कहा। 

साव ने कोंडागांव के चिखलपुट्टी में नवनिर्मित बस स्टैंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को यहां यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा बस स्टैंड के समुचित संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, नगर पालिका के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल और उपाध्यक्ष श्री जसकेतू उसेंडी सहित लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने दिव्यांग नंदकुमार को स्कूटी प्रदान की

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने दिव्यांग नंदकुमार को स्कूटी प्रदान की

 00 दिव्यांग द्वारा समस्या बताने पर उप मुख्यमंत्री ने अगले दिन प्रदान की स्कूटी

रायपुर। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण कबीरधाम जिले में देखने को मिला। जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम भलपहरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम बोरियाकांपा निवासी दिव्यांग नंदकुमार पटेल ने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई और आवागमन की सुविधा के लिए स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। नंदकुमार पटेल की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। उनके निर्देशों के अनुरूप आज उन्होंने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में खुद नंदकुमार को सहायक उपकरण वाली स्कूटी प्रदान की। उन्होंने नंदकुमार को स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण भी दिया।

स्कूटी प्राप्त करने के बाद नंदकुमार की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे अधिक स्वतंत्रता के साथ अपने कार्य कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सहायता का लाभ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन पूर्ण प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, जरूरतमंदों और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर मिली छोटी-सी सहायता भी किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए चयनित अभिषेक से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा, दी शुभकामनाएं

इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए चयनित अभिषेक से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा, दी शुभकामनाएं

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र अभिषेक खरे की उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने कवर्धा निवास कार्यालय में उनसे मुलाकात की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर के कक्षा 10वीं के छात्र अभिषेक का चयन इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका) के लिए हुआ है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अभिषेक की सफलता केवल उनके परिवार या विद्यालय की ही नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अभिषेक जैसे प्रतिभाशाली छात्र अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। शर्मा ने अभिषेक को सम्मानित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। उन्होंने अभिषेक को भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया।

अभिषेक खरे का चयन इसरो के युविका कार्यक्रम में हुआ है, जिसके माध्यम से देशभर के मेधावी विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इसरो के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने और अंतरिक्ष गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। अभिषेक की इस उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उप मुख्यमंत्री साव ने 308 करोड़ की लागत से बन रहे केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री साव ने 308 करोड़ की लागत से बन रहे केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण

 00 कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण कर बायपास के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों से कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है। 
लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोंडागांव जिले के केशकाल शहर में केशकाल से सलना तक सड़क मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। साव नजदीक के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। विधायक नीलकंठ टेकाम और कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री व भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा गौर कल आ रहीं रायपुर

मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री व भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा गौर कल आ रहीं रायपुर

 रायपुर। मध्यप्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतू एवं अर्धघुमंतू कल्याण विभाग की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा गौर 7 जून 2026 को रायपुर प्रवास पर रहेंगीं।
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू ने बताया कि मप्र की राज्यमंत्री गौर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 2:25 बजे रायपुर पहुंचेंगीं तथा अपराह्न 4 बजे भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, छत्तीसगढ़ के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होकर संगठनात्मक विषयों, पिछड़ा वर्ग समाज के सशक्तीकरण एवं आगामी कार्यक्रमों के संबंध में मार्गदर्शन करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष एवं प्रमुख कार्यकर्ता इस बैठक में उपस्थित रहेंगे। बैठक में संगठन विस्तार, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पिछड़ा वर्ग समाज के हितों से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

ठठारी गांव के ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में मुख्यमंत्री साय ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

ठठारी गांव के ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में मुख्यमंत्री साय ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

जब बंदूक छूटी, तो हाथों में आया सुनहरा भविष्य : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी लिख रही विकास की नई कहानी

जब बंदूक छूटी, तो हाथों में आया सुनहरा भविष्य : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी लिख रही विकास की नई कहानी

 00 जिन हाथों में कभी हथियार थे, अब वे बनाएंगे गरीबों के आशियाने

 

00 सोड़ी हूंगी और पदम रैनू जैसे युवाओं के जीवन में लौटी उम्मीद, हुनर ने दिया सम्मान से जीने का नया आधार

 
 
 

रायपुर। बस्तर की पहचान लंबे समय तक संघर्ष, भय और नक्सल हिंसा के साये से जुड़ी रही है। सुकमा जैसे जिले के घने जंगलों में ऐसी कई पीढिय़ां बड़ी हुईं, जिन्होंने विकास से ज्यादा बंदूक की आवाज सुनी, स्कूल से ज्यादा भय देखा और सपनों से ज्यादा संघर्षों का सामना किया। लेकिन आज उसी सुकमा से एक ऐसी कहानी निकलकर सामने आ रही है, जो केवल बदलाव की नहीं, बल्कि उम्मीद और विश्वास की कहानी है।

 

यह कहानी उन युवाओं की है, जिन्होंने कभी हिंसा का रास्ता चुना था, लेकिन आज वे अपने हाथों में निर्माण के औजार लेकर समाज के विकास में भागीदार बनने की तैयारी कर रहे हैं। यह कहानी उन बेटियों की है, जिन्होंने जंगलों की अनिश्चित जिंदगी छोड़कर आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना है। यह कहानी उस प्रशासनिक संवेदनशीलता की है, जिसने आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को केवल मुख्यधारा में लौटने का अवसर नहीं दिया, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीने का नया आधार भी दिया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित पुनर्वास और कौशल विकास कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन सुकमा और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त प्रयासों से 25 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें 13 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। यह प्रशिक्षण केवल रोजगार देने का माध्यम नहीं, बल्कि जिंदगी को नए सिरे से गढऩे का अवसर बन गया है।
जंगलों की खामोशी से निर्माण स्थलों की रौनक तक
इन युवाओं का अतीत संघर्षों से भरा रहा है। जंगलों में बिताए वर्षों ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में जीना सिखाया, लेकिन भविष्य के सपने देखने का अवसर नहीं दिया। आज जब वे प्रशिक्षण केंद्र में ईंट जोडऩा, दीवार खड़ी करना और मकान बनाना सीख रहे हैं, तब वे केवल भवन निर्माण नहीं सीख रहे, बल्कि अपनी टूटी हुई उम्मीदों को भी फिर से जोड़ रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीक, माप-जोख, चिनाई, प्लास्टर और भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। आने वाले समय में यही युवा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में अपनी भूमिका निभाएंगे। जिन हाथों में कभी हथियार थे, वही हाथ अब किसी गरीब परिवार के सपनों का घर खड़ा करेंगे।

सोड़ी हूंगी : अब जिंदगी में डर नहीं, सपनों की जगह है
कोंटा क्षेत्र के अरलमपल्ली गांव की रहने वाली सोड़ी हूंगी उन महिलाओं में शामिल हैं, जिनके जीवन ने यह साबित किया है कि अवसर मिले तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, बदलाव संभव है। हूंगी बताती हैं कि एक समय ऐसा था जब जीवन में हर दिन अनिश्चितता थी। लेकिन आत्मसमर्पण के बाद प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा, सम्मान और सीखने का अवसर दिया। आज वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण ले रही हैं और अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। उनकी आंखों में आत्मविश्वास झलकता है जब वे कहती हैं, अब हम किसी पर बोझ नहीं रहेंगे। अपने हाथों की मेहनत से कमाएंगे और परिवार का सहारा बनेंगे। हूंगी जैसी कई महिलाओं के लिए यह प्रशिक्षण केवल रोजगार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्र पहचान का माध्यम बन गया है।
पदम रैनूरू सरकार ने हमें भटकने से बचाया
जगरगुंडा के मंडीमरका गांव के निवासी पदम रैनू की कहानी भी उतनी ही भावुक और प्रेरणादायक है। जंगलों में बीते वर्षों को याद करते हुए वे कहते हैं कि वहां जीवन केवल संघर्ष और अनिश्चितता का पर्याय था। न रहने का ठिकाना, न भविष्य की कोई गारंटी। हर दिन नई चिंता होती थी। लेकिन आज हमें रहने की सुविधा मिली है, सीखने का अवसर मिला है और सबसे बड़ी बात यह कि सम्मान मिला है। सरकार ने हमें भटकने से बचाया और जीने का नया रास्ता दिखाया। पदम की यह बात केवल उनकी व्यक्तिगत भावना नहीं, बल्कि उन सैकड़ों युवाओं की आवाज है, जिनके जीवन में पुनर्वास योजनाओं ने नया विश्वास पैदा किया है।

एक पहल जिसने बदल दी दो तस्वीरें
जिला प्रशासन की यह पहल केवल आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास तक सीमित नहीं है। इसका सकारात्मक प्रभाव जिले के विकास पर भी दिखाई दे रहा है। सुकमा के अनेक दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय से कुशल राजमिस्त्रियों की कमी महसूस की जाती रही है। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होती थी। अब प्रशिक्षित युवा न केवल अपने लिए रोजगार का रास्ता बना रहे हैं, बल्कि जिले के विकास कार्यों को भी नई गति देने वाले हैं। इस प्रकार एक ही पहल ने दो बड़े लक्ष्य साध लिए हैं, एक ओर युवाओं को सम्मानजनक जीवन का अवसर मिला, दूसरी ओर विकास कार्यों को स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन प्राप्त हुआ।
280 से अधिक युवाओं की जिंदगी में आया बदलाव
कलेक्टर श्री अमित कुमार बताते हैं कि आत्मसमर्पण केवल हथियार छोडऩे की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि व्यक्ति को समाज का जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने की यात्रा है। इसी सोच के साथ अब तक लगभग 280 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पुनर्वासित युवाओं को ऐसा कौशल मिले, जिससे वे स्थायी रोजगार प्राप्त कर सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। यही कारण है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्स्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बदलते बस्तर की नई पहचान
आज सुकमा की यह कहानी केवल सरकारी योजना की सफलता नहीं है। यह उस विश्वास की जीत है, जो कहता है कि हर व्यक्ति को दूसरा अवसर मिलना चाहिए। यह उस संवेदनशील शासन व्यवस्था की कहानी है, जिसने भटके हुए युवाओं में भी संभावनाएं देखीं। यह उस बदलते बस्तर की कहानी है, जहां अब विकास की चर्चा होती है, रोजगार की बात होती है और सपनों को सच करने की कोशिश होती है। कभी जिन पगडंडियों पर भय चलता था, आज वहां उम्मीद चल रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में ईंट, गारा और भविष्य के सपने हैं। और यही तस्वीर बताती है कि सुकमा में केवल लोगों का पुनर्वास नहीं हो रहा, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण हो रहा हैकृजहां विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता स्थायी शांति की मजबूत नींव बन रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडिय़ों का किया सम्मान

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडिय़ों का किया सम्मान

 00 कवर्धा के पांच खिलाडिय़ों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 3 स्वर्ण और 2 रजत पदक

रायपुर। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल बालक एवं बालिका प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कवर्धा के खिलाडिय़ों से उप मुख्यमंत्री एवं विधायक कवर्धा विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एमेच्योर बेसबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 24 से 29 मई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी कवर्धा के पांच खिलाडिय़ों का छत्तीसगढ़ टीम में चयन हुआ था। इनमें बालक वर्ग से चंद्रेश कोर्राम, पंकज मेरावी और शुभम सेन तथा बालिका वर्ग से चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे शामिल थीं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। खिलाडिय़ों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
अकादमी के प्रशिक्षक राजा जोशी ने बताया कि खिलाडिय़ों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में महाराष्ट्र को 6-2 से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चंद्रेश कोर्राम ने शानदार होमरन लगाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन होमरन लगाए।

वहीं बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने दिल्ली, तेलंगाना और मेजबान ओडिशा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतकर खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाडिय़ों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है। सभी ने खिलाडिय़ों एवं उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी सफलताओं की शुभकामनाएं दी हैं।

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल : खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल : खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

 निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा

00 लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी, महिलाओं को दिया करोड़पति दीदी बनने का मंत्र

00 स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया आजीविका गाथा कॉफी टेबल बुक का विमोचन
रायपुर।
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है। जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों - जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित आजीविका गाथा कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के दो थाना प्रभारियों काे राष्ट्रपति 8 जून को करेंगी शौर्य चक्र से सम्मानित

छत्तीसगढ़ के दो थाना प्रभारियों काे राष्ट्रपति 8 जून को करेंगी शौर्य चक्र से सम्मानित

 कांकेर । जिला में पदस्थ दो थाना प्रभारियों भानुप्रतापपुर थाना से थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और पखांजूर थाना से लक्ष्मण केंवट को नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति के हाथों 8 जून 2026 को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इन दोनों अधिकारियों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफल बनाया है। राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान से कांकेर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। पुलिस विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए दोनों अधिकारियों को बधाई एवंशुभकामनाएं दी है।
मिली जानकारी के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को कांकेर जिला मुख्यालय से 160 किलोमीटर दूर छोटे बेठिया थाना इलाके के आपाटोला-कलपर जंगल में पुलिस-नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 15 महिला समेत कुल 29 नक्सली मारे गए थे, जिन पर 8-8 लाख रुपए का ईनाम घोषित था, इन दोनों थाना प्रभारियों ने अपने साथियों के साथ अपने साहस का परिचय देते हुए 29 नक्सलियों को ढेर करने वाली टीम में शामिल थे ।दरअसल, 15 अप्रैल की देर रात जवानों को नक्सल ऑपरेशन के लिए निकाला गया था। 16 अप्रैल की दोपहर पुलिस फोर्स नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंची। दोपहर 2 बजे नक्सलियों को घेर कर मारा गया। साढ़े 5 घंटे तक चली इस मुठभेड़ में जवानों ने कुल 29 नक्सलियों को मार गिराया। यह छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास का सबसे बड़े मुठभेेड़ में से एक था। घटनास्थल से सर्चिग करने पर पुलिस ने AK-47 1 नग, इंसास रायफल- 2 नग, SLR रायफल- 1 नग, कार्बाइन - 1 नग, 303 रायफल 3 नग, 315 बोर रायफल- 2 नग, 9MM पिस्टल - 2 नग, देशी लॉचर- 2 नग, भरमार बंदूक 8 नग, देसी हैंडग्रेनेड- 1 नग, सहित भारी मात्रा में गोला बारूद सहित नक्सल सामग्री बरामद हुआ था।

खाद विक्रेताओं में हड़कंप! जांच के दौरान मिली खामियां, दो दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड

खाद विक्रेताओं में हड़कंप! जांच के दौरान मिली खामियां, दो दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड

 सक्ति। किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे सघन निरीक्षण अभियान के तहत सक्ती जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर डभरा के साराडीह स्थित मेसर्स कोमल प्रसाद जायसवाल और मालखरौदा के फगुरम स्थित मेसर्स योगेश कुमार अग्रवाल के खाद लाइसेंस रद्द किए गए हैं।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में कृषि विभाग की जांच में दोनों प्रतिष्ठानों द्वारा बिना वैध फार्म-ओ के उर्वरक व्यवसाय, किसानों को प्रपत्र-एम में कैश क्रेडिट जारी नहीं करने, स्टॉक पंजी का संधारण नहीं करने तथा मासिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। एक मामले में बिना पीओएस मशीन के उर्वरक वितरण भी पाया गया।

कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक 132 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। सात केंद्रों पर विक्रय प्रतिबंध एवं लाईसेंस पत्र निलंबन की कार्रवाई की गई है, जबकि पांच अवैध भंडारण प्रकरण जब्त कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। वहीं 61 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

आयकर विभाग में बड़ा फेरबदल! कई अफसरों के तबादले…देखें लिस्ट..!!

आयकर विभाग में बड़ा फेरबदल! कई अफसरों के तबादले…देखें लिस्ट..!!

 रायपुर। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त सीजी एमपी ने अपनी टीम में बड़ा बदलाव किया है। बस्तर से लेकर ग्वालियर तक के अधिकारी स्थानांतरित किए गए हैं। इनमें 20 अतिरिक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त संयुक्त अन्वेषण निदेशक, 48 उपायुक्त और 114 आयकर अधिकारी (आईटीओ) शामिल हैं।

इनमें से 14 आईटीओ में अधिकांश पिछले महीनों में पदोन्नत किए गए थे। उसके बाद से तबादले संभावित थे। 18 एडिशनल कमिश्नर,11 उपायुक्तों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सभी को 12 से 15 जून तक पदभार ग्रहण करने कहा गया है।आयकर विभाग में ट्रांसफर, देखें लिस्ट

BREAKING: राजधानी के सेंट्रल बैंक जोनल ऑफिस में भीषण आग, दस्तावेज़ व रिकॉर्ड जलकर खाक

BREAKING: राजधानी के सेंट्रल बैंक जोनल ऑफिस में भीषण आग, दस्तावेज़ व रिकॉर्ड जलकर खाक

 रायपुर। रायपुर के बॉम्बे मार्केट स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के जोनल कार्यालय में शनिवार सुबह अचानक आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और कार्यालय के रिकॉर्ड जलकर नष्ट हो गए हैं।

सुबह उठीं धुएं और आग की लपटें
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 9 बजे बैंक के जोनल कार्यालय से धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग की लपटें भी उठने लगीं। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी। घटना के समय कार्यालय परिसर में सफाई का काम चल रहा था। देखते ही देखते आग ने कार्यालय के एक हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग फैलने से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बाहर निकलकर खुद को सुरक्षित किया।

दमकल टीम ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया। कुछ समय की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रित कर ली गई। फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। आसपास के हिस्सों को भी सुरक्षित कर लिया गया ताकि आग दोबारा न भड़क सके।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने भी मौके का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त जांच रिपोर्ट के बाद पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट: राजधानी रायपुर सहित 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट: राजधानी रायपुर सहित 21 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी

 रायपुर : छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए चिलचिलाती धूप और उमस के बीच एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर से लेकर दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुल 21 जिलों में मौसम करवट ले सकता है। इनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन इलाकों में न सिर्फ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, बल्कि कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के अलग-अलग शहरों के तापमान में काफी अंतर देखने को मिला है। जहां एक तरफ राजनांदगांव जिला 42 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, वहीं दूसरी तरफ पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे वहां रातें काफी ठंडी रही। बात अगर राजधानी रायपुर की करें, तो यहां फिलहाल दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन आने वाले वक्त में इसमें कमी आने के संकेत हैं।

रायपुर और उसके आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को जल्द ही उमस भरे माहौल से निजात मिल सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी में दिनभर बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। शहर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। मौसम के इस यू-टर्न से न केवल तापमान नीचे आएगा, बल्कि पिछले कुछ दिनों से परेशान कर रही चिपचिपी गर्मी से भी लोगों को काफी हद तक सुकून मिलेगा।

मौसम में यह बदलाव अचानक नहीं हुआ है, बल्कि पिछले 24 घंटों से राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। बीते कल दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोरबा और पेंड्रा रोड में भी 2-2 सेंटीमीटर पानी गिरा। छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख पर्यटन और पहाड़ी क्षेत्रों जैसे मैनपाट, कटघोरा, सूरजपुर और कांसाबेल में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे मौसम खुशनुमा बना हुआ है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ

 राजीव स्मृति वन में बरगद का पौधा लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर  राजधानी रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कृष्ण वट (बरगद) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप ने भी बेल का पौधा लगाकर अभियान में सहभागिता निभाई।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव  साय ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अभिन्न है। अनियंत्रित वृक्ष कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरक और भावनात्मक पहल है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में ढाई करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनसहभागिता और विभागीय प्रयासों से साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी प्रदेशवासी निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक पौधारोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहां लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। राज्य सरकार और वन विभाग के सतत प्रयासों से वन क्षेत्र का संरक्षण और विस्तार निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, खेत, आंगन और मेड़ों में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की प्रकृति संरक्षण परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय सदियों से जंगलों को अपनी संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उनकी रक्षा करता आया है। सरना स्थलों में वृक्षों को देवतुल्य मानकर पूजा जाना प्रकृति के प्रति हमारी सांस्कृतिक आस्था और संरक्षण की भावना का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व  पंडी राम मंडावी, जागेश्वर यादव तथा डॉ. रामचंद्र गोडबोले का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों का जीवन समाजसेवा, समर्पण और जनहित का प्रेरणादायी उदाहरण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों—‘द बैगा’, ‘वेटलैंड्स ऑफ छत्तीसगढ़’, ‘फ्लोरल डायवर्सिटी ऑफ बीजापुर डिवीजन’, ‘मैमल्स ऑफ छत्तीसगढ़’ तथा ‘उत्तरी छत्तीसगढ़ के अनूठे पर्यटन स्थल और उनकी विविधता’—का विमोचन भी किया।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम सिलीबहार की सुश्री चन्दनबती कोला ने स्व-सहायता समूहों द्वारा जंगल संरक्षण और जैविक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में 138 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है, जिससे युवाओं का पलायन पूरी तरह रुक गया है तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।

कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक  अरुण कुमार पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला, विधायक  मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

समाज, संगठन और योग के प्रति समर्पित था रूपनारायण सिन्हा जी का जीवन : मुख्यमंत्री साय

समाज, संगठन और योग के प्रति समर्पित था रूपनारायण सिन्हा जी का जीवन : मुख्यमंत्री साय

 छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर--- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

मुख्यमंत्री  साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद श्री सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली।

मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में  सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री  केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, विधायक  अमर अग्रवाल, विधायक  धरमलाल कौशिक, विधायक अजय चंद्राकर, महापौर मीनल चौबे,  रमेश बैस,  राम प्रताप,  पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना,  राम दत्त,  राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं…..

सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं…..

 रायपुर: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार 2026 के तहत सूरजपुर जिला के भैयाथान विकासखंड के चंद्रमेढ़ा में आयोजित समाधान शिविर में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को सभी आवेदनों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चंद्रमेढ़ा हाईस्कूल मैदान में आयोजित शिविर में 17 ग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में सुशासन तिहार के तहत पहले प्राप्त 629 आवेदनों के निराकरण की समीक्षा की गई, जिनमें 612 मांगों और 17 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। वहीं शिविर के दौरान 328 नए आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए सौंपा गया।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण निराकरण कर इसकी जानकारी आवेदकों तक भी पहुंचाई जाए

शिविर में जनकल्याणकारी गतिविधियों के तहत 100 पौधों का वितरण किया गया। पात्र हितग्राहियों को 4 नए राशन कार्ड प्रदान किए गए, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 8 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 8 शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि, खाद्य तथा महिला एवं बाल विकास विभागों के स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

कुनकुरी को मिलेगी पहली आधुनिक आवासीय कॉलोनी, अटल विहार योजना के तहत 97 आवासों का होगा निर्माण

कुनकुरी को मिलेगी पहली आधुनिक आवासीय कॉलोनी, अटल विहार योजना के तहत 97 आवासों का होगा निर्माण

 रायपुर: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम गिनाबहार में शासन की महत्वाकांक्षी अटल विहार योजना के तहत क्षेत्र की पहली आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनी विकसित की जाएगी। यह परियोजना न केवल गुणवत्तापूर्ण एवं किफायती आवास उपलब्ध कराएगी, बल्कि कुनकुरी क्षेत्र में योजनाबद्ध शहरी विकास की नई शुरुआत भी करेगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल प्रदेश के सभी 33 जिलों में आवासीय योजनाओं का विस्तार करते हुए नागरिकों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सतत प्रयासरत है। इसी क्रम में कुनकुरी की यह परियोजना क्षेत्र के समग्र विकास और स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जशपुर जिले में शीघ्र ही अटल विहार योजना के अंतर्गत बालाछापर एवं पत्थलगांव तथा अटल आवास योजना के तहत महुआ टोली एवं कंदोरा में भी नई आवासीय परियोजनाएं प्रारंभ की जाएंगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री तथा जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के विशेष निर्देश पर ग्राम गिनाबहार, तहसील कुनकुरी में लगभग 7 एकड़ क्षेत्र में यह परियोजना विकसित की जाएगी। इसके लिए 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के अंतर्गत विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 97 आवास निर्मित किए जाएंगे, जिनमें 91 आवास आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) एवं निम्न आय वर्ग (LIG) के हितग्राहियों के लिए होंगे।

अटल विहार योजना के अंतर्गत शासन द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को मात्र 1 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से भूमि आबंटित की गई है। साथ ही पात्र ईडब्ल्यूएस हितग्राहियों को 80 हजार रुपये तथा एलआईजी वर्ग के पात्र हितग्राहियों को 40 हजार रुपये का अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे आवास प्राप्त करना और अधिक सुलभ एवं किफायती बन सके।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने बताया कि प्रस्तावित कॉलोनी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी। कॉलोनी में चौड़ी एवं सुव्यवस्थित सड़कें, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, समुचित जल निकासी प्रणाली, स्वच्छ एवं हरित वातावरण सहित सभी आवश्यक आधारभूत अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि एक नियोजित एवं आधुनिक आवासीय परिसर के रूप में यह परियोजना क्षेत्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी।

परियोजना स्थल कुनकुरी-बगीचा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। एशिया के द्वितीय सबसे बड़े चर्च, हॉलीक्रॉस मिशन अस्पताल, लोयला स्कूल एवं लोयला महाविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान भी परियोजना स्थल से लगभग 3 से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, जिससे यह क्षेत्र आवासीय दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त माना जा रहा है।

भविष्य में इस क्षेत्र के आसपास शासकीय अस्पतालों, कार्यालयों एवं अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों के निर्माण की भी योजना है। वर्तमान में परियोजना स्थल के निकट शासकीय अस्पताल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इससे क्षेत्र के सुनियोजित विकास को नई गति मिलने के साथ-साथ भूमि मूल्य में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे यह परियोजना आवासीय एवं निवेश, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

उल्लेखनीय है कि यह परियोजना मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में विकसित की जा रही है। क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी पहल साबित होगी।

हरियर छत्तीसगढ़ हमारी पहचान, पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी- वन मंत्री केदार कश्यप

हरियर छत्तीसगढ़ हमारी पहचान, पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी- वन मंत्री केदार कश्यप

 रायपुर: विश्व पर्यावरण दिवस के गरिमामय अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध वन संपदा, अनुपम जैव विविधता और अद्वितीय प्राकृतिक संसाधनों के कारण देश का एक अत्यंत समृद्ध राज्य है। वर्तमान में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है।

’जनआंदोलन बना एक पेड़ मां के नाम अभियान’

वन मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में प्रदेaश में वन एवं वन्जीव संरक्षण सहित हरित क्षेत्र को बढ़ाने के लिए कई प्रभावी योजनाएं चलाई जा रही हैं। ष्एक पेड़ मां के नामष् अभियान के तहत पिछले दो वर्षों में राज्य में करोड़ों पौधों का रोपण किया गया है। आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से अब यह अभियान एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

’44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी पूंजी’

मंत्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से ढका है, जो हमारी सबसे बड़ी प्राकृतिक संपदा है। वन विभाग द्वारा वैज्ञानिक प्रबंधन, प्राकृतिक पुनर्जनन और व्यापक वृक्षारोपण के माध्यम से इस हरित आवरण को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।

’सुरक्षित हुए प्राकृतिक आवास, बढ़ा जल स्तर’

 कश्यप ने वन्यजीवों के संरक्षण पर बात करते हुए बताया कि राज्य के राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में वन्यप्राणियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में मध्य प्रदेश के राजकीय पक्षी दूधराज द्वारा घोंसला बनाने का दुर्लभ दृश्य देखा गया है, जो हमारी सुरक्षित एवं अनुकूल पर्यावरण प्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इसके अलावा, वन क्षेत्रों में हज़ारों जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से वन्यजीवों को सालभर पानी मिल रहा है और भूजल स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

’पर्यावरण संरक्षण के साथ आजीविका को बढ़ावा’

वन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वनाश्रित  परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रही है। इससे पर्यावरण की रक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आय में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य के लिए कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लें।

नीट यूजी 2026 परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को दिये दिशा-निर्देश

नीट यूजी 2026 परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को दिये दिशा-निर्देश

 नीट पुन: परीक्षा 21 जून को, 19 शहरों में 127 परीक्षा केन्द्र बनाये गए

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आगामी 21 जून को नीट (यू जी) 2026 की पुन: परीक्षा के सुचारु संचालन हेतु बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में मुख्य सचिव ने जिला कलेक्टरों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये हैं। उन्होंने परीक्षा के दौरान केन्द्र सरकार एवं राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा जारी दिशा- निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने कहा है। 

मुख्य सचिव ने कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों को परीक्षा के पहले ही परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण करने और परीक्षा के लिए की गई तमाम तैयारियों के बारे जानकारी लेने कहा है। मुख्य सचिव ने कहा है कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस है इसे ध्यान में रखते हुये परीक्षा संचालन में कहीं पर कोई दिक्कत नहीं हो यह सुनिश्चित कर लिया जाये। परीक्षा केन्द्रों पर आने जाने के लिए समुचित व्यवस्था हो। उन्होंने योगा दिवस से संबंधित गतिविधियों के कारण किसी भी परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा संचालन प्रभावित नहीं हो यह सुनिश्चित करने कहा है।

मुख्य सचिव ने कहा कि परीक्षा देने जा रहे बच्चें घबराये नही- परीक्षा अच्छे से दें। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की संयुक्त टीम बच्चों की काउंसलिंग करें कि उन्हें किसी भी तरह परीक्षा से घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्य सचिव ने परीक्षा के एक दिन पहले 20 जून को परीक्षा संचालन के लिए तमाम व्यवस्थाओं के लिए माकड्रिल एक्सरसाइज करने के निर्देश दिए है। उन्होंने माकड्रिल की तैयारी पहले से करने कहा है। परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कहा गया है। परीक्षा के प्रश्न-पत्र एवं ओएमआर शीट एयर फोर्स के माध्यम से मूव होंगे। इन्हें सुरक्षा के साथ रखने कलेक्टर, एसपी को पहले से ही पर्याप्त तैयारी करने कहा गया है। प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष की स्थापना करने एवं परीक्षा दिवस पर सक्रिय रखने कहा गया है, जिससे परीक्षा संचालन का प्रभावी निगरानी की जा सकें।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक में शामिल हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक  अभिषेक सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में नीट पुन: परीक्षा 2026 के लिए 19 शहरों में होगी। परीक्षा के लिए कुल 127 परीक्षा केन्द्र बनाये गए है।  सिंह ने सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों से परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारियां करने एवं सहयोग और समन्वय करने का अनुरोध किया।
बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव  बसवराजु एस. सहित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा नामित छत्तीसगढ़ राज्य नोडल अधिकारी  पीयुष शुक्ला सहित छत्तीसगढ़ शासन के तकनीकी शिक्षा संचालनालय, पुलिस विभाग तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारी सहित सरगुजा, बालोद, बीजापुर, बिलासपुर, दुर्ग, दंतेवाड़ा, धमतरी, बस्तर, जांजगीर-चापा, कांकेर, कोण्डागांव, कोरबा, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, नारायणपुर, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव एवं सुकमा के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

शिक्षा के साथ कौशल विकास से बढ़ता है आत्मविश्वास : साव

शिक्षा के साथ कौशल विकास से बढ़ता है आत्मविश्वास : साव

 00 लोरमी में 250 युवाओं को कंप्यूटर, सिलाई और ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण, उप मुख्यमंत्री ने किया संवाद

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोरमी में कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने युवाओं को जीवन में निरंतर आगे बढऩे और अपने कौशल को लगातार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र में संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर प्रशिक्षणार्थियों के अनुभव भी सुने।साव ने कहा कि स्थानीय युवाओं को उनकी रुचि और आवश्यकता के अनुरूप नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एसईसीएल के सहयोग से 1 अप्रैल से 250 युवा कंप्यूटर, सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। युवाओं में नए कौशल सीखने को लेकर उत्साह और उमंग दिखाई दे रहा है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, आज के समय में शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है। पढ़ाई के साथ किसी एक व्यावहारिक कौशल का होना भी अत्यंत आवश्यक है। ब्यूटीशियन, सिलाई, डाटा एंट्री जैसे प्रशिक्षण युवाओं को अतिरिक्त दक्षता प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि, कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही उनके व्यक्तित्व को भी सशक्त बनाता है।

 शिक्षा के साथ कौशल विकास से बढ़ता है आत्मविश्वास  : श्री अरुण साव

साव ने युवाओं से कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भी सीखने की प्रक्रिया कभी नहीं रुकनी चाहिए। निरंतर अभ्यास और सीखने की प्रवृत्ति ही सफलता का आधार है। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति के पास अतिरिक्त कौशल होता है तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह हर परिस्थिति में सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सक्षम बनता है। यही आत्मविश्वास जीवन में आगे बढऩे की सबसे बड़ी शक्ति है जो सफलता की नई राहें खोलता है।

 शिक्षा के साथ कौशल विकास से बढ़ता है आत्मविश्वास  : श्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ में अब महज 24 घंटे में मिलेगा श्रम पहचान पंजीयन प्रमाणपत्र, श्रम विभाग ने नियमों में किया बड़ा संशोधन

छत्तीसगढ़ में अब महज 24 घंटे में मिलेगा श्रम पहचान पंजीयन प्रमाणपत्र, श्रम विभाग ने नियमों में किया बड़ा संशोधन

 00 ऑनलाइन प्रक्रिया हुई और भी आसान; दुकानदारों और उद्यमियों को मिलेगा त्वरित लाभ

00 3 जून 2026 से नई अधिसूचना प्रभावी, व्यवस्था में पारदर्शिता और समयबद्धता पर ज़ोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने राज्य में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के पंजीयन की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) नियम, 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए नई अधिसूचना जारी की है, जो 3 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो गई है।
24 घंटे के भीतर जारी होगा ऑनलाइन प्रमाणपत्र
संशोधित नियमों के तहत अब किसी भी दुकान या स्थापना के लिए श्रम पहचान संख्या का पंजीयन प्रमाणपत्र ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने के मात्र 24 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा। इसके लिए नियोक्ताओं को निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करना होगा। यह पूरी व्यवस्था स्व-घोषणा पर आधारित और सिस्टम-जनरेटेड होगी, जिसमें किसी भौतिक हस्ताक्षर की आवश्यकता नहीं होगी।
दस्तावेजों का डिजिटलीकरण और पारदर्शिता
नई व्यवस्था के तहत जारी सभी श्रम पहचान संख्या प्रमाणपत्र अधिनियम के अंतर्गत पूर्णत: वैध माने जाएंगे। इसके साथ ही, श्रम विभाग के पोर्टल पर दुकानों और प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन रजिस्टर संधारित किया जाएगा, जिससे अभिलेखों का डिजिटलीकरण और उनकी निगरानी बेहद आसान हो जाएगी।
नियोक्ताओं की होगी जिम्मेदारी, डिस्प्ले करना अनिवार्य

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यदि आवेदन में कोई भी जानकारी, तथ्य या दस्तावेज गलत अथवा भ्रामक पाए जाते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित नियोक्ता की होगी। इसके अलावा, सभी दुकानदारों को अपने प्रतिष्ठान परिसर में नाम-पट्ट के साथ इस पंजीयन प्रमाणपत्र को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
संशोधन प्रक्रिया भी हुई बेहद सरल
यदि कोई नियोक्ता अपने पंजीयन प्रमाणपत्र में नाम, पता, कर्मचारियों की संख्या या व्यवसाय की प्रकृति जैसे विवरणों में कोई बदलाव करना चाहता है, तो वह मात्र 100 रुपये का संशोधन शुल्क देकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। ऐसे मामलों में भी संशोधित प्रमाणपत्र 24 घंटे के भीतर ही जारी कर दिया जाएगा। सरकार के इस इज़ ऑ$फ डूइंग बिज़नेस कदम से कागजी कार्यवाही कम होगी और व्यापारियों को एक सुविधाजनक माहौल मिलेगा।

नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है - डेका

नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और पॉपकॉर्न स्टेटस से बाहर निकलने की आवश्यकता है - डेका

 00 पं. दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री

00 9 हजार 194 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधि
रायपुर।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि डिजिटल एडिक्शन आज की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक बनती जा रही है। यह केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। नई पीढ़ी को डिजिटल एडिक्शन और ‘पॉपकॉर्न मेंटल स्टेटस‘ से बाहर निकलने की आवश्यकता है, क्योंकि इससे सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है और केवल कृत्रिम संतुष्टि प्राप्त होती है।
राज्यपाल  रमेन डेका ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में उक्त बातें कही। समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह में मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथिक, मेडिकल बायोटेक, बीपीपी, एमपीटी, नर्सिंग, बीएएसएलपी सहित अन्य संकायों में 7545 स्नातक और 1645 स्नातकोत्तर एवं 5 सुपर स्पेशयलिटी उपाधि प्रदान की गई तथा विभिन्न संकायों में सर्वाेच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

राज्यपाल ने कहा कि यदि दृढ़ संकल्प के साथ प्रयास किया जाए तो 30 दिनों के भीतर डिजिटल एडिक्शन से काफी हद तक मुक्ति पाई जा सकती है। बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखते हुए खेल-कूद और बाहरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। आज के बच्चे सीमित दायरे में रह रहे हैं, जिससे उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो रही है।
राज्यपाल ने नवस्नातक चिकित्सकों से कहा कि जिस प्रकार वे राज्यपाल होने के नाते प्रदेश की जनता के हित के बारे में सोचते हैं, उसी प्रकार आपका दायित्व मरीजों के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति समर्पित रहना है। चिकित्सकों के सफेद कोट पर कभी कोई दाग नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप सभी ने मानवता की सेवा के उद्देश्य से इस क्षेत्र का चयन किया है। कठिन परिश्रम के बाद प्राप्त यह डिग्री आपके जीवन की दूसरी पारी की शुरुआत है। जहां भी कार्य करें, मरीज के हित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें और ऐसा कार्य करें जो देश, प्रदेश और समाज में मिसाल बने

डेका ने कहा कि वर्तमान समय में नेबरहुड डॉक्टरों की सबसे अधिक आवश्यकता है। पहले फैमिली फिजिशियन की परंपरा थी, जो मरीज और उसके परिवार की परिस्थितियों को भलीभांति समझते थे। चिकित्सा क्षेत्र में उस आत्मीयता को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। किसी भी मरीज के लिए गोल्डन ऑवर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में चिकित्सकों की त्वरित निर्णय क्षमता मरीज का जीवन बचा सकती है। राज्यपाल ने कहा कि आज के छात्र इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं। विज्ञान निरंतर आगे बढ़ रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है। टेलीमेडिसिन जैसी तकनीकों का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने सभी विद्यार्थियों और नागरिकों से ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत पौधारोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पशु, मानव और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना योगदान देना चाहिए।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि आज का दिन केवल उपाधि प्राप्त करने का अवसर नहीं है बल्कि समाज और मानवता के प्रति नई दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लेने का अवसर है। विद्यार्थियों की सफलता उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के प्रगति और विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा को दर्शाता है।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल खनिज और कृषि आधारित राज्य के रूप में ही नहीं बल्कि ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करें यह हमारा लक्ष्य होना चाहिए। श्री साय ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ अधोसंरचना विस्तार, साथ ही बस्तर में नक्सल उन्मूलन के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्याे का भी उल्लेख किया।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करना लोगों की सेवा का बड़ा अवसर और महती जिम्मेदारी है। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर विस्तृत जानकारी दी।

अध्यक्ष, राष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग, नई दिल्ली एवं दीक्षांत समारोह अभिभाषक डॉ वेदप्रकाश मिश्रा ने भी अपना संबोधन दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पी. के. पात्रा ने स्वागत उद्बोधन एवं अकादमिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा सहित विश्वविद्यालय के कार्यपरिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित थे।

श्रमिकों के बच्चे अब केवल श्रमिक नहीं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासक बनेंगे : मुख्यमंत्री साय

श्रमिकों के बच्चे अब केवल श्रमिक नहीं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासक बनेंगे : मुख्यमंत्री साय

 0-कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों ने प्रदेश का नाम किया रोशन  

0-मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 22 मेधावी विद्यार्थियों को दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि

0--28 हजार 754 श्रमिक परिवारों को 7.79 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित

0-विश्व पर्यावरण दिवस पर  'एक पेड़ मां के नामÓ अभियान के तहत किया पौधारोपण, प्रदेशवासियों से भी किया आह्वान

रायपुर, /श्रमिक अपने श्रम, समर्पण और परिश्रम से समाज तथा देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों को सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, इसलिए श्रमिक वास्तव में देश के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें कक्षा 10वीं के 9 तथा कक्षा 12वीं के 13 विद्यार्थी शामिल हैं। ये विद्यार्थी रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, गरियाबंद, सक्ती, बलौदाबाजार, रायगढ़ और कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं।

मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, परिश्रम और संकल्प की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि आज जिन श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों को सम्मानित किया जा रहा है, उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे कभी भी स्वयं को किसी से कम न समझें। इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक महान व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर उच्चतम शिखरों तक पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और विभिन्न उच्च पदों पर पहुंचकर छत्तीसगढ़ महतारी तथा देश की सेवा करें। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक कल्याण के लिए लगभग 70 प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने श्रमिक परिवारों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया तथा उपस्थित हितग्राहियों से कहा कि वे उन श्रमिकों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं जो अभी इन सुविधाओं से वंचित हैं।

अपने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के रूप में कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के हितों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वर्ष 2014 से 2019 के दौरान केंद्र सरकार में दायित्व निभाते समय उन्हें श्रम मंत्रालय के कार्यों को निकट से देखने तथा श्रमिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पहले अलग-अलग स्थानों पर कार्य करने के कारण श्रमिकों को भविष्य निधि (पीएफ) राशि प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए यूनिवर्सल पीएफ नंबर की व्यवस्था लागू की गई, जिससे अब एक ही पीएफ नंबर श्रमिक के पूरे कार्यकाल से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पेंशन व्यवस्था तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कदम भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को कुल 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। यह राशि नि:शुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, पेंशन सहायता योजना सहित विभिन्न श्रमिक हितैषी योजनाओं के तहत प्रदान की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा एक लाख रुपये दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा बच्चों के लिए नि:शुल्क कोचिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मंडल द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिवारों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के लिए भी विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिला है और वे इस राशि का उपयोग उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने  'एक पेड़ मां के नामÓ अभियान के तहत पौधारोपण किया तथा प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग अपने आंगन, खेत-खलिहान, मेढ़ अथवा उपलब्ध स्थानों पर पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण के इस अभियान को जनांदोलन का स्वरूप दें।

इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव एवं श्रम आयुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में श्रमिक तथा उनके परिवारजन उपस्थित थे।