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छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पीपीपी मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न

बिलासपुर ट्रांसपोर्ट नगर और नवा रायपुर कन्वेंशन सेंटर सहित कई बड़ी परियोजनाओं पर हुई चर्चा, नियमों के सरलीकरण पर जोर

रायपुर:-छत्तीसगढ़ में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) ने विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।

पीपीपी मॉडल के तहत विकसित होंगी ये प्रमुख परियोजनाएं

बैठक में सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के माध्यम से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के केंद्र में रही प्रमुख परियोजनाएं में बिलासपुर में ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, नवा रायपुर में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, धमतरी (छाती) एवं बलौदाबाजार (चंदेरी) मे नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास के अलावा भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग का निर्माण किया जाना है।

निवेश बढ़ाने और नियमों के सरलीकरण पर जोर

मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि औद्योगिक परियोजनाओं को गति देने के लिए नियमों का सरलीकरण किया जाए। उन्होंने औद्योगिक ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य में अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए प्रक्रियाओं को बाधा-मुक्त बनाने पर बल दिया। इसके साथ ही, इंडस्ट्रियल पार्क के आवंटन नियमों में सुधार और उन्हें और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी चर्चा हुई।

प्रस्तुतिकरण और विभागीय भागीदारी

बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से पीपीपी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, साथ ही CSIDC, योजना और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नगरीय प्रशासन विभाग की नई सचिव श्रीमती शंगीता आर. पहुंची इंद्रावती भवन

नगरीय प्रशासन विभाग की नई सचिव श्रीमती शंगीता आर. पहुंची इंद्रावती भवन

 विभागीय संचालनालय एवं सूडा कार्यालय का किया भ्रमण, अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली

 
योजनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
 
प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने अधिकारियों-कर्मचारियों को किया प्रेरित
 
रायपुर.  नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नई सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज सवेरे नवा रायपुर में इंद्रावती भवन पहुंचकर विभागीय संचालनालय और सूडा (State Urban Development Authority) कार्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने इस दौरान सभी कार्यालयीन कक्षों में जाकर अधिकारियों-कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें कार्यस्थ्ल पर समयबध्द् उपस्थिति, प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभागीय तथा सूडा के अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
 
नगरीय प्रशासन विभाग की नवपदस्थ सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने इंद्रावती भवन में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्यों, योजनाओं, अधोसंरचना विकास, स्वच्छता, जलप्रदाय, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन तथा अन्य शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सर्वजन हिताय के मूल-मंत्र को ध्यानन में रखते हुए नागरिकों की सुविधा के लिए समयबध्द  तरीके से कार्य करने के लिए अधिकारियों को प्रेरित किया।
 
सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यों और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन, कार्यों में तेजी लाने तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
 
विभागीय सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बैठक में साझा किया कि आज ही के दिन वर्ष 2005 में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया था। उन्होंभने इस विशेष पल को याद करते हुए अपने निजी जीवन और प्रशासनिक सफर के अहम पड़ावों को बैठक में मौजूद लोगों के साथ साझा किया।
 
सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा और संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सूडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।
बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल भेजने के निर्देश, शासकीय भवनों के वर्टिकल व आधुनिक डिजाइन तथा नई तकनीक से निर्माण पर जोर

बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल भेजने के निर्देश, शासकीय भवनों के वर्टिकल व आधुनिक डिजाइन तथा नई तकनीक से निर्माण पर जोर

 लोक निर्माण विभाग के सचिव ने की कार्यों की समीक्षा, भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग की बाधाओं को समय-सीमा में निराकृत करने के दिए निर्देश

रायपुर :-लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय नवा रायपुर के निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों में भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग आदि की बाधाओं को स्वयं रूचि लेते हुए समय-सीमा में त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डी.पी.आर. तैयार करने, एजेंसी निर्धारण, मार्गों एवं भवनों के मरम्मत तथा कार्य मेजरमेंट बुक के लिए नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।

सचिव श्री बंसल ने बैठक में हाई स्कूल भवनों, हायर सेकेण्डरी स्कूलों, शासकीय आवासगृहों, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों व कम्पोजिट भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से शासकीय भवनों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल प्रेषित करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को हर 15 दिनों में कोर्ट प्रकरणों, भू-अर्जन के मामलों तथा लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन मामलों में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के सभी प्रगतिरत कार्यों में निर्धारित मानक अनुसार पूर्ण मासिक कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सभी कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं को छुट्टी के दिनों में भी सतर्क रहने और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी भी दिन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल: पर्यावरणीय मानकों के पालन और सतत निगरानी का सशक्त मॉडल

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल: पर्यावरणीय मानकों के पालन और सतत निगरानी का सशक्त मॉडल

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ में औगिक विकास के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की दिशा में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल प्रभावी और सक्रिय भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, वैज्ञानिक परीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन हो।

राखड़ प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुशासित व्यवस्था

मंडल की सतर्कता के परिणामस्वरूप जांजगीर-चांपा सहित राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लाई ऐश (राखड़) का प्रबंधन निर्धारित वैज्ञानिक दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है। हाल ही में विभागीय अधिकारियों ने ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान राखड़ के परिवहन, भंडारण और निस्तारण की प्रक्रियाएं सुव्यवस्थित एवं मानकों के अनुरूप पाई गईं।

पारदर्शिता और जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को मजबूती

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जनसहभागिता को विशेष महत्व दिया है। निरीक्षण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि राखड़ परिवहन में सुरक्षा मानकों का पालन हो तथा धूल या अन्य कणों का अनियंत्रित प्रसार न हो। वैज्ञानिक डंपिंग तकनीकों के उपयोग से आसपास के जल स्रोतों और कृषि भूमि की गुणवत्ता सुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निकायों और ग्रामीणों के साथ सतत संवाद के माध्यम से मंडल विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित कर रहा है।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ा जनविश्वास

मंडल आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए उद्योगों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। इस सतत निगरानी व्यवस्था से न केवल पर्यावरणीय अनुपालन को मजबूती मिली है, बल्कि आम नागरिकों में स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ा है।

स्वच्छ और हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में सतत प्रयास

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल का उद्देश्य राज्य की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण करना है। नियमित समीक्षा, उन्नत तकनीकों और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मंडल पर्यावरण संरक्षण के उच्चतम मानकों को स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

कोरबा जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है डीएमएफ – मंत्री श्री लखनलाल देवांगन

कोरबा जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है डीएमएफ – मंत्री श्री लखनलाल देवांगन

 डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित कार्यों को मिली स्वीकृति

रायपुर/ छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु प्रस्तावित कार्यों की कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर कोरबा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, पाली-तानाखार विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, रामपुर विधायक श्री फूल सिंह राठिया सहित शासी परिषद के सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने की।

बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना की व्यवस्था की है, जिसके माध्यम से कोरबा जिले को बड़ी राशि प्राप्त होती है। डीएमएफ अब कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुका है। जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों को इससे नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग और जनता की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिले में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डीएमएफ मद से स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल आपूर्ति, सड़क निर्माण तथा पुल-पुलियों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही शिक्षकों की नियुक्ति भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वीकृत कार्यों का समय-सीमा में पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आमजन को शीघ्र लाभ मिल सके। मंत्री श्री देवांगन ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की मंशा है कि कोरबा जिले में डीएमएफ के तहत होने वाले सभी कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूरे हों। निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ के कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और नए प्रस्तावों को बजट प्रावधान के अनुरूप प्रस्तुत किया जाए।

सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत ने कहा कि डीएमएफ मद के माध्यम से कोरबा जिले को विकास की नई पहचान प्राप्त होगी। जिले में जहां भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा अन्य आवश्यक क्षेत्रों में राशि की जरूरत है, वहां इस फंड का प्रभावी उपयोग होना चाहिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया।

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्धारित किए गए केपीआई के अनुरूप तैयार की गई है। जिले में उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को विशेष महत्व दिया गया है और सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्वक तथा समय-सीमा में पूर्ण करने के प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण हेतु टोल-फ्री नंबर जारी किया गया है तथा निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी कार्यों की प्रगति देखी जा सकती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के अभिसरण के साथ उच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने जिले शिक्षा,स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में खनन प्रभावित विद्यार्थियों को दिए जाने वाले लाभ,खेल,अधोसंरचना, बेसलाइन सर्वे, पंचवर्षीय परिपेक्ष्य परियोजना,सड़क सुरक्षा आदि के संबंध में विस्तार से बताया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी श्रीमती प्रेमलता यादव, श्री कुमार निशांत, जिला पंचायत सीईओ एवं पदेन सचिव श्री दिनेश नाग, निगमायुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री देवेन्द्र पटेल, प्रशिक्षु आईएएस श्री तरूण किरण तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी डीएमएफ के सदस्य श्रीमती किरण मरकाम, पार्षद श्री नरेन्द्र देवांगन भी बैठक में शामिल हुए।

बीजापुर से नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे नक्सली डंप बरामद

बीजापुर से नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे नक्सली डंप बरामद

 बीजापुर। जिले के थाना गंगालूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोडीतुमनार पटेलपारा पहाड़ी इलाके से नक्सलियों द्वारा पूर्व में छुपाकर रखे गये विस्फोटक तैयार करने के मशीन एवं अन्य नक्सल सामग्री बड़ी मात्रा में सुरक्षाबलों ने सोमवार को बरामद किया है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डोडीतुमनार के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सली गतिविधियां संचालित होती रही है, तथा वहां भारी मात्रा में नक्सल सामग्री छिपाकर रखी गई है। सूचना के आधार पर पुलिस सहायता केंद्र पीडिया और थाना गंगालूर की संयुक्त पुलिस टीम ने इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। सर्चिंग के दौरान जवानों को जमीन के भीतर बनाया गया एक संदिग्ध बंकर मिला। डिमाइनिंग और सुरक्षा जांच के बाद बंकर को खोला गया, जहां से बड़ी मात्रा में नक्सली डंप बरामद किया गया है।

बरामद नक्सल सामग्री में होंडा कंपनी के दो जनरेटर, दो लेथ मशीन, एक इन्वर्टर, चार बड़ी बैटरियां, एक छोटी बैटरी, आठ सोलर प्लेट, एक मोटर, एक वेल्डिंग मशीन, एक ड्रिल मशीन, एक देशी बीजीएल लॉन्चर, 29 बीजीएल सेल, लगभग 50 मीटर कॉर्डेक्स वायर और दो प्लास्टिक ड्रम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार बरामद सामग्री का उपयोग नक्सली विस्फोटक तैयार करने और तकनीकी गतिविधियों में करते थे। सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में लगातार सर्चिंग अभियान जारी है। फिलहाल मामले में बरामद सामग्री को जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

बीजापुर कलेक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ की बैठक, सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर

बीजापुर कलेक्टर ने मीडिया प्रतिनिधियों के साथ की बैठक, सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर

 बीजापुर। जिले के नवपदस्थ कलेक्टर विश्वदीप ने बीजापुर को विकास की राह पर अग्रसर करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कार्यालय के सभाकक्ष में मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर सार्थक चर्चा हुई। पत्रकारों ने भी जिले के मुख्य बिंदुओं को कलेक्टर के समक्ष रखा। बैठक में मीडिया प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पूर्व में रिपोर्टिंग के दौरान किन-किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और वर्तमान में स्थितियां कैसे बदल रही हैं। साथ ही, स्थानीय समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को भी विस्तार से रखा गया। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर जागेश्वर कौशल, उप संचालक जनसंपर्क दिनेश नेताम सहित जिले के कई मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

नवपदस्थ कलेक्टर विश्वदीप ने बीजापुर को विकास की राह पर अग्रसर करने के लिए पत्रकारों की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होने बीजापुर के विकास में मीडिया के सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर दिया है। उल्लेखनिय है कि बीजापुर जिला पिछले चार दशकों से घुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है, जिसके कारण शासन की योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करने में चुनौतियो का सामना करना पड़ता था। वर्तमान में नक्सल-मुक्त की दिशा में अग्रसर होने के बाद जिले के समग्र विकास के लिए सामुदायिक सहभागिता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन: सरपंच के 1 और पंच के 7 पदों पर उप निर्वाचन 1 जून को

त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन: सरपंच के 1 और पंच के 7 पदों पर उप निर्वाचन 1 जून को

 00 संबंधित पंचायतों में आदर्श आचरण संहिता लागू

00 अधिकारियों-कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाशों पर लगा प्रतिबंध
गौरेला पेंड्रा मरवाही। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम 8 मई को जारी कर दिया गया है। कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिले के खण्ड-पेण्ड्रा के ग्राम पंचायत मुरमुर, बसंतपुर, कोडगार और खण्ड मरवाही के ग्राम पंचायत भर्रीडांड, रुमगा, पथर्री एवं धनौरा में आदर्श आचरण संहिता भी प्रभावशील हो गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ संतोष कुमार देवांगन द्वारा सभी जिला कार्यालय प्रमुखों को परिपत्र जारी कर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुपालन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आदर्श आचरण संहिता के प्रावधानों का कठोरतापूर्वक अनुपालन करने कहा गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम 8 मई को जारी कर दिया गया है। कार्यक्रम जारी होने के साथ ही जिले में निर्वाचन होने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ संतोष कुमार देवांगन ने उप निर्वाचन को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन की प्रक्रिया समाप्त होने तक सभी शासकीय, अशासकीय कार्यालयों तथा राज्य शासन के उपक्रमों के अधिकारियों-कर्मचारियों के सभी प्रकार के अवकाशों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। जारी परिपत्र में कहा गया है कि जिले में कोई भी अधिकारी-कर्मचारीगण बिना कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) की अनुमति के अवकाश पर प्रस्थान नहीं करेंगे तथा मुख्यालय परित्याग नहीं करेंगे। किसी अधिकारी-कर्मचारी द्वारा बिना अनुमति के अवकाश पर प्रस्थान करने एवं बिना अनुमति के मुख्यालय परित्याग करने पर जिला प्रमुख-कार्यालय प्रमुख जिम्मेदार होंगे।

कल्पना रेस्टोरेंट में लगी भीषण आगजनी से फ्रीजर ब्लास्ट, लाखों का सामान जलकर खाक

कल्पना रेस्टोरेंट में लगी भीषण आगजनी से फ्रीजर ब्लास्ट, लाखों का सामान जलकर खाक

 कवर्धा। कवर्धा जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड के पास संचालित कल्पना रेस्टोरेंट में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा रेस्टोरेंट उसकी चपेट में आ गया और अंदर रखा सामान जलकर राख हो गया। घटना में संचालक को लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर के लोहारा रोड स्थित कल्पना रेस्टोरेंट में देर रात अचानक आग भड$क उठी। प्रारंभिक आशंका है कि रेस्टोरेंट में रखे फ्रीजर में ब्लास्ट होने के कारण आग लगी, जिसके बाद आग तेजी से पूरे परिसर में फैल गई। कुछ ही देर में आग ने रेस्टोरेंट के फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और किचन सामग्री को अपनी चपेट में ले लिया। आगजनी की घटना में रेस्टोरेंट के भीतर रखे टेबल, कुर्सियां, एसी, काउंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सहित खाने के सामान और गैस और इलेक्ट्रॉनिक चूल्हे पूरी तरह जल गए। हालांकि राहत की बात यह भी रही कि गैस सिलेंडर आग की चपेट में नहीं आए। यदि सिलेंडर ब्लास्ट हो जाते तो और भी बड़ा हादसा हो सकता था और आसपास का इलाका भी इसकी जद में आ सकता था।

घटना के समय रेस्टोरेंट बंद था इसी वजह से वहां कोई जनहानि नहीं हुई। रेस्टोरेंट में बाहर निकलने का केवल एक ही रास्ता है। यदि घटना के समय अंदर कर्मचारी या अन्य लोग मौजूद रहते तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक रेस्टोरेंट का अधिकांश सामान जलकर राख हो चुका था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो आग आसपास की दुकानों और होटल तक फैल सकती थी, जिससे नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।

प्रयागराज से बिलासपुर जाने के दौरान युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

प्रयागराज से बिलासपुर जाने के दौरान युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

 कवर्धा। इलाहाबाद से बिलासपुर जा रही एक यात्री बस में सफर के दौरान युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड$कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बस को तत्काल पंडरिया थाना लाया गया, जहां से युवक को अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक इलाहाबाद से बिलासपुर जाने के लिए बस में सवार हुआ था। यात्रा के दौरान वह अपनी सीट पर बैठा हुआ था, लेकिन कुछ देर बाद उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने लगीं। काफी समय तक युवक के नहीं हिलने-डुलने पर बस कर्मियों और यात्रियों को संदेह हुआ। इसके बाद उसकी स्थिति की जांच की गई, जिसमें युवक अचेत अवस्था में मिला। स्थिति गंभीर देख चालक और परिचालक ने बिना देर किए बस को पंडरिया थाना पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंडरिया भेजा गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार मृतक युवक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। युवक के पास से कोई स्पष्ट पहचान संबंधी दस्तावेज भी नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। पंडरिया पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। युवक की पहचान के लिए आसपास के थानों से संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा बस में सफर कर रहे यात्रियों और बस कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

नगरीय प्रशासन विभाग की नई सचिव शंगीता आर. पहुंची इंद्रावती भवन, अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की ली जानकारी

नगरीय प्रशासन विभाग की नई सचिव शंगीता आर. पहुंची इंद्रावती भवन, अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की ली जानकारी

 00 विभागीय संचालनालय एवं सूडा कार्यालय का किया भ्रमण

00 प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने अधिकारियों-कर्मचारियों को किया प्रेरित

रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नई सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने आज सवेरे नवा रायपुर में इंद्रावती भवन पहुंचकर विभागीय संचालनालय और सूडा (State Urban Development Authority) कार्यालय का भ्रमण किया। उन्होंने इस दौरान सभी कार्यालयीन कक्षों में जाकर अधिकारियों-कर्मचारियों से बातचीत कर उन्हें कार्यस्थील पर समयबध्द् उपस्थिति, प्रशासनिक कुशलता और तन्मयता से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभागीय तथा सूडा के अधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगरीय प्रशासन विभाग की नवपदस्थ सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने इंद्रावती भवन में अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने नगरीय निकायों के कार्यों, योजनाओं, अधोसंरचना विकास, स्वच्छता, जलप्रदाय, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन तथा अन्य शहरी विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सर्वजन हिताय के मूल-मंत्र को ध्यामन में रखते हुए नागरिकों की सुविधा के लिए समयबध्द तरीके से कार्य करने के लिए अधिकारियों को प्रेरित किया।

सचिव मती शंगीता आर. ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी कार्यों और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। विभागीय योजनाओं के बेहतर संचालन, कार्यों में तेजी लाने तथा नागरिक सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने को लेकर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

विभागीय सचिव शंगीता आर. ने बैठक में साझा किया कि आज ही के दिन वर्ष 2005 में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया था। उन्होंने इस विशेष पल को याद करते हुए अपने निजी जीवन और प्रशासनिक सफर के अहम पड़ावों को बैठक में मौजूद लोगों के साथ साझा किया। 
सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत कुमार रायस्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री राजेश शर्मा और संयुक्त संचालक श्री मिथिलेश अवस्थी सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सूडा के अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

छग पुलिस के मयंक स्ट्रांग मेन, वन विभाग के टण्डन मास्टर्स स्ट्रांग मेन, स्ट्रांग वुमेन जूनियर अस्मिता व स्ट्रांग वुमेन बनी लीना

छग पुलिस के मयंक स्ट्रांग मेन, वन विभाग के टण्डन मास्टर्स स्ट्रांग मेन, स्ट्रांग वुमेन जूनियर अस्मिता व स्ट्रांग वुमेन बनी लीना

 रायपुर। 8 व 9 मई को आयोजित महिला पुरुष स्टेट पावर लिफ्टिंग चैम्पियनशिप का आयोजन राजिम गोबरा नयापारा हरिहर स्कूल में किया गया। छग पॉवर लिफ्टिंग एसोसिएशन के महासचिव माणिक ताम्रकार एवं युवा मंच राजिम के सचिव निहाल जैन ने बताया कि प्रतियोगिता में स्ट्रांग मेन और वुमेन को बिग ट्राफी के साथ 15000 रुपये का नगद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में स्ट्रांग मेन छत्तीसगढ़ पुलिस के मयंक सोनी और मास्टर्स में चैन प्रकाश टण्डन, सब जूनियर में राजिम के हर्ष साहू और जूनियर में धमतरी के अभय कुमार को स्ट्रांग मेन के खिताब से नवाजा गया। महिला वर्ग में स्ट्रांग वुमेन बनी धमतरी की लीना जबकि रायपुर के अस्मिता धनसोन पावर लिफ्टिंग। 

महासचिव माणिक ताम्रकार ने मंच से घोषणा किया कि अब जिस जिले में पावर लिफ्टिंग की प्रतियोगिता होगी उसके लिए छग पावर लिफ्टिंग एसोसिएशन आयोजक को स्ट्रांग मेन वुमेन के लिए 15000 नगद दिया जाएगा। क्योंकि पावर लिफ्टर को सरकारी नौकरी मिलता नहीं। प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक हर्ष साहू, निहाल जैन मुनिनद्र साहू थे।

परिणाम इस प्रकार है 53 किलो में आशीष निषाद 4 गोल्ड व 1 सिल्वर, प्रतीक चंद्राकर 1 गोल्ड, 2 सिल्वर व 1 कास्य, विर भद्र सिंह ठाकुर 4 कास्य, पोषण दास मानिकपुरी 1 गोल्ड, 2 कास्य, 59 किलो में हेमंत यादव 4 गोल्ड, बादल निषाद 1 गोल्ड, 1 सिल्वर, तेजस हेडउ 3 गोल्ड व 1 कास्य, लोमेष निर्मलकर 1 सिल्वर, वेदांश राणा 1 गोल्ड व 1 सिल्वर, 66 किलो में नवीन चंद कपूर 3 गोल्ड,, 66 किलो सब जूनियर में वेदांत साहू 4 गोल्ड, हेमचंद्र कोराम 3 सिल्वर, यश साहू 3 कास्य, जूनियर 66 किलो में यश राजपूत गोल्ड, सीनियर में कबीर साहू गोल्ड, 74 किलो सीनियर में रॉबर्ट एम 4 गोल्ड, राकेश पटेल 4 सिल्वर, युगल किशोर 2 कास्य, सब जूनियर 74 किलो में आर्यन साहू 4 गोल्ड, 74 किलो जूनियर में अभय कुमार 4 गोल्ड, उपेंद्र कुमार 4 सिल्वर, सन्नी मुंडा 4 कास्य, मास्टर्स 74 किलो में मनहरन साहू 4 गोल्ड, 83 सब जूनियर में हर्ष साहू 4 गोल्ड, यश वर्धन सोनी 4 सिल्वर, सूरज यादव 1 कास्य, जूनियर 83 किलो में हर्ष वर्धन सोनी 4 गोल्ड, शुभम मिश्रा 4 सिल्वर, 83 किलो सीनियर में अमर्त्य राव 1 गोल्ड व 3 सिल्वर, यश वर्धन सोनी 3 गोल्ड व 1 सिल्वर, 93 किलो मास्टर्स 2 में चैन प्रकाश टण्डन 4 गोल्ड, मास्टर्स 3 में देवेन्द्र शारडा 3 गोल्ड, 93 किलो सब जूनियर में शुभम तिवारी 4 गोल्ड, अमेय जिवाने 4 सिल्वर, 105 किलो जूनियर में कुनाल साहू 4 गोल्ड, 120 किलो सीनियर में 4 गोल्ड मिला। इन सबको गोबरा नवापारा नगर पालिका के अध्यक्ष ओम कुमारी साहू, पूर्व जिला अध्यक्ष बीजेपी संजय साहू व महामंत्री कांग्रेस निर्माण सिंह साहू ने सभी विजयी खिलाडिय़ों को नगद, मेडल और कप से सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

मुख्यमंत्री साय ने प्रावीण्य सूची के मेधावी विद्यार्थियों से की आत्मीय चर्चा

 00 सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, अनुशासन, मेहनत और स्वस्थ दिनचर्या ही उपलब्धि की असली कुंजी - साय

00 मुख्यमंत्री निवास में टॉपर्स से संवाद : संघर्ष, शिक्षा, स्वास्थ्य और सपनों पर हुई खुलकर चर्चा

00 पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य, योग और अनुशासित जीवन भी उतना ही जरूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन्स रायपुर में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों के साथ बेहद सहज और प्रेरणादायी संवाद करते हुए उनके सपनों, पढ़ाई की दिनचर्या, सफलता के अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री निवास का वातावरण इस दौरान उत्साह, प्रेरणा और आत्मीयता से भर उठा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का मूल आधार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से एक-एक कर परिचय प्राप्त किया और उनसे पूछा कि वे भविष्य में क्या बनना चाहते हैं। इस दौरान विद्यार्थियों ने डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस और अन्य क्षेत्रों में जाकर देशसेवा करने की अपनी इच्छा व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की आकांक्षाओं की सराहना करते हुए कहा कि बड़े सपने देखने वाले ही जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव भी साझा करवाए। उन्होंने कहा कि नियमित दिनचर्या, समय का सही प्रबंधन और निरंतर अभ्यास सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं भी अपने जीवन में अनुशासित दिनचर्या का पालन करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के साथ-साथ स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को योग, नियमित व्यायाम और संतुलित जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हुए कहा कि योग व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन योग करते हैं और अत्यधिक व्यस्त दिनचर्या के बावजूद स्वास्थ्य के लिए समय निकालते हैं।
विद्यार्थियों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन की यात्रा भी साझा की। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारियां कम उम्र में ही उनके कंधों पर आ गईं। खेती-किसानी, छोटे भाइयों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल के बीच उन्होंने जीवन का संघर्ष देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि वे राजनीति में इतने बड़े दायित्व तक पहुंचेंगे, लेकिन जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाते गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ता है, तो सफलता अवश्य मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि संघर्ष ही व्यक्ति को मजबूत बनाता है और चुनौतियां ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षक होती हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बताया कि सार्वजनिक जीवन में समय प्रबंधन और जिम्मेदारी का महत्व बहुत अधिक होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें प्रदेश के सभी विभागों और जनसमस्याओं पर लगातार ध्यान देना होता है। सुशासन तिहार के माध्यम से वे लगातार गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और योजनाओं की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहने से ही ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि वे राजनीति में नहीं आते, तो एक अच्छे किसान बनकर खेती और कृषि नवाचार के क्षेत्र में कार्य करते। उन्होंने कहा कि आज कृषि के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएं हैं और पढ़े-लिखे युवा आधुनिक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य कृषि आधारित गतिविधियों के माध्यम से रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने की सीख देते हुए कहा कि जीवन की पहली शिक्षा परिवार और गुरु से ही प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि माता-पिता और शिक्षक ही विद्यार्थियों की सफलता के सबसे बड़े आधार होते हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ये मेधावी विद्यार्थी आने वाले समय में प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विद्यार्थियों से संवाद के दौरान कहा कि आज का छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब गांवों में प्राथमिक शिक्षा तक की सुविधाएं सीमित थीं, लेकिन आज प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्कूल, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों का विस्तार हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के अनेक प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि ये मेधावी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता, आधुनिक संसाधनों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने और प्रदेश तथा देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मेधावी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री आवास परिसर का भ्रमण किया, वहां की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली को नजदीक से देखा तथा शासन-प्रशासन के संचालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। इस दौरान बच्चों ने आवास परिसर में आम भी तोड़े और आत्मीय वातावरण में आनंदपूर्ण क्षण बिताए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों से बेहद सहजता और अपनत्व के साथ संवाद किया, जिससे विद्यार्थी अत्यंत प्रफुल्लित और प्रेरित नजर आए। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास के अनुभव को अपने जीवन का यादगार और प्रेरणादायी क्षण बताया।
उल्लेखनीय है कि प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप राज्य शासन की पहल पर एक दिन पूर्व नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में आईपीएल क्रिकेट मैच देखने का अवसर भी प्रदान किया गया था। विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय अनुभव के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव

हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित होगा पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव

 00 मुख्यमंत्री साय ने किया उत्सव पोस्टर का विमोचन, सफल आयोजन की दी शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में रायपुर प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आगामी 30 मई को आयोजित “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया

मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधिमंडल का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने “पत्रकारिता मार्तण्ड उत्सव” के पोस्टर का विमोचन भी किया।
प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी ने बताया कि यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका तथा पत्रकारिता के योगदान को सम्मानित और स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने जानकारी दी कि कार्यक्रम में प्रदेश एवं देश के वरिष्ठ पत्रकारों, संपादकों, मीडिया विशेषज्ञों, साहित्यकारों तथा विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों की सहभागिता रहेगी। आयोजन के अंतर्गत पत्रकार सम्मान, विचार गोष्ठी, विशेष व्याख्यान एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष श्री गौरव शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री श्री साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री श्री साय

 राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री

75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरा

रायपुर:- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा – अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
श्री साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन की अंतिम तिथि कल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के 38 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन की अंतिम तिथि कल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डेटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) के 38 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। भर्ती प्रक्रिया जारी है और आवेदन करने के लिए अब केवल कुछ दिन ही बाकी हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 12 मई शाम 5 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के जरिए प्रदेश की युवतियों को हाईकोर्ट में काम करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ सरकारी नौकरी का लाभ भी मिलेगा।

जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डेटा एंट्री ऑपरेटर के कुल 38 पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए 19 पद तय किए गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 7-7 पद आरक्षित हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 5 पद निर्धारित किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है, जिसके तहत उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 12 मई 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन फॉर्म जमा कर सकते हैं। वहीं आवेदन पत्र भरते समय यदि किसी प्रकार की गलती हो जाती है तो अभ्यर्थियों को सुधार का मौका भी दिया जाएगा। इसके लिए करेक्शन विंडो 13 मई से 15 मई शाम 5 बजे तक खुली रहेगी।भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता भी तय की गई है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कम से कम द्वितीय श्रेणी के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के पास कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन, या ग्रेजुएशन के साथ पीजीडीसीए, अथवा डीओईएसीसी का ओ लेवल कोर्स जैसी योग्यता होना जरूरी है। वहीं ऑपरेटिंग सिस्टम और ऑफिस एप्लिकेशन का व्यावहारिक ज्ञान रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग में दक्ष अभ्यर्थियों को भी चयन प्रक्रिया में फायदा मिल सकता है।

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शासन के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लिखित परीक्षा 28 जून 2026, रविवार को आयोजित हो सकती है। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित किए जाने की संभावना है। परीक्षा केंद्र बिलासपुर और रायपुर में बनाए जा सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 25,300 रुपए से लेकर 80,500 रुपए तक वेतन दिया जाएगा। सरकारी नौकरी के साथ अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री ने हाटकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख समृद्धि की कामना की

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने महादेव से राज्य की खुशहाली और समृद्धि की कामना की।  

इस दौरान कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री  केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  साय आज हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर महादेव घाट में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होने पहुंचे थे।

ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज

ई-ऑफिस का विस्तार: छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में डिजिटल क्रांति का आगाज

 00 पारदर्शिता की नई पहचान ई-ऑफिस
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में ई-ऑफिस प्रणाली सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही लाकर सुशासन का नया सवेरा लेकर आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में, यह डिजिटल पहल भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। फाइलों का डिजिटल होना फाइलों में हेराफेरी की गुंजाइश को लगभग खत्म कर देता है, जिससे शासन में पारदर्शिता आती है। कागजी फाइलों के भौतिक परिवहन में लगने वाला समय बचता है, जिससे फाइलें तेजी से आगे बढ़ती हैं और निर्णय जल्दी लिए जाते हैं।
डिजिटल तकनीक आज केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शासन की कार्यप्रणाली को नया आयाम दे रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के संकल्प को साकार करते हुए राज्य में ई-ऑफिस प्रणाली प्रशासनिक व्यवस्था का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।
फाइलों के अंबार से डिजिटल रफ्तार तक
छत्तीसगढ़ में अब शासकीय दफ्तरों की तस्वीर बदल रही है। वह दौर बीत रहा है जब कार्यालयों में धूल खाती फाइलों के ढेर और कछुआ गति से चलने वाली प्रक्रियाएं सामान्य मानी जाती थीं। अब डिजिटल फाइलों के माध्यम से कार्यों में न केवल तेजी आई है, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।
सक्ती जिला रहा अव्वल
ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य ने डिजिटल गवर्नेंस में नए मानक स्थापित किए हैं। व्यापक नेटवर्क के तहत प्रदेश के 87 हजार 222 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। अब तक 5 लाख 46 हजार 903 से अधिक फाइलों का सफल डिजिटल संचालन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 की स्थिति में प्रदेश का 33 वां जिला सक्ती 15 हजार 735 फाइलों के डिजिटल संचालन के साथ राज्य में अग्रणी रहा है।
ई-ऑफिस के प्रमुख लाभ
ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग की सुविधा से अब यह जानना आसान है कि कौन सी फाइल किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है। इससे कार्य के प्रति जवाबदेही बढ़ी है। कुशल निर्णय प्रक्रिया सचिवालय से लेकर जिला स्तर तक फाइलों की आवाजाही त्वरित होने से निर्णय लेने की प्रक्रिया व्यवस्थित और समयबद्ध हुई है। कागज के उपयोग में भारी कमी आने से यह प्रणाली पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा योगदान दे रही है। डिजिटल संधारण के कारण दस्तावेजों के फटने, खोने या खराब होने का डर खत्म हो गया है और भंडारण की समस्या भी सुलझ गई है।
प्रशिक्षण और तकनीकी मजबूती
किसी भी नवाचार की सफलता उसके उपयोगकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन ने अधिकारी-कर्मचारियों के लिए चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में एनआईसी और चिप्स की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है
भविष्य की राह पूर्णत: डिजिटल प्रशासन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का लक्ष्य आगामी समय में समस्त शासकीय पत्राचार को शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करना है। यह बदलाव केवल एक तकनीकी सुधार नहीं है, बल्कि यह नागरिक-केंद्रित प्रशासन की ओर बढ़ता एक ठोस कदम है। ऑफिस ने यह सिद्ध कर दिया है कि तकनीक का सही समन्वय प्रशासन को प्रभावी और जनोन्मुखी बना सकता है। छत्तीसगढ़ का यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की एक नई और आधुनिक परिभाषा लिखने के लिए तैयार है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को मिला नया गौरव : मुख्यमंत्री साय

 00 राजधानी रायपुर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए मुख्यमंत्री

 

00 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य हुआ था पूरा

 
 
 

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के साथ गुजरात स्थित सोमनाथ मंदिर से वर्चुअली जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई पूजा - अर्चना का अवलोकन कर उनका संबोधन सुना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान सोमनाथ मंदिर के स्वर्णिम इतिहास, विदेशी आक्रांताओं द्वारा किए गए हमलों, मंदिर के पुनरनिर्माण यात्रा, वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे आस्था के केंद्रों का संरक्षण एवं संवर्धन के संकल्प सहित विभिन्न विषयों पर अपनी बातें देशवासियों से साझा की

 

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेशवासियों को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पूर्व आज ही के दिन सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण का कार्य पूर्ण हुआ था और इसी ऐतिहासिक अवसर को देशभर में स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार बाहरी आक्रांताओं द्वारा हमले किए गए, लेकिन मंदिर की आस्था और परंपरा को समाप्त नहीं किया जा सका। श्री साय ने कहा कि पहली बार आक्रमण के दौरान मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने मंदिर नहीं छोड़ा तथा अपने प्राणों का बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका त्याग आज भी इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है।
साय ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद तत्कालीन गृह मंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने तमाम विरोधों के बावजूद सोमनाथ मंदिर पहुंचकर पुनर्निर्मित मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लिया था। साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं को नया गौरव मिला है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के प्रमुख तीर्थ स्थलों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों का विकास तेजी से हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनारस के काशी विश्वनाथ, उज्जैन स्थित महाकाल से लेकर सोमनाथ मंदिर तक व्यापक विकास कार्य किए जा रहे हैं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में देवी माताओं के मंदिरों को शक्तिपीठ योजना के माध्यम से विकसित किया जा रहा है। इसी तरह कबीरधाम जिले में स्थित भोरमदेव महादेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 148 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है और यहां पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। सनातनियों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या के मंदिर में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं और यह योजना लगातार जारी है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में सभी लोगों से भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सनातन संस्कृति और आस्था केंद्रों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य लगातार हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे मुखिया भी प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण के साथ ही विभिन्न योजनों के माध्यम से लोगों को आस्था से जोडऩे का कार्य कर रहे हैं। राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर देश की संस्कृति, वैभव और स्वाभिमान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत को पुनर्स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सल उन्मूलन के बाद पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिली है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि सोमनाथ मंदिर सनातनियों के आस्था का बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि हजार वर्षों के इतिहास में अनेक आक्रमणों के बावजूद सनातन संस्कृति की आस्था को कोई डिगा नहीं पाया है और न कभी ऐसा होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित हाटकेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। उन्होंने भगवान शिव की पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ नि:शक्तजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावडिय़ा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, दर्दनाक हादसे में दो ग्रामीणों की मौत

तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, दर्दनाक हादसे में दो ग्रामीणों की मौत

  रायगढ़। जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा में दो ग्रामीणों की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि लैलूंगा क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे ट्रैक्टर के नीचे दबने से दो ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने इस घटना पर प्राथमिकी दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक ये घटना लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि ग्राम भेड़ीमुड़ा निवासी 40 वर्षीय अलेश भगत शनिवार सुबह गांव के महादेव भगत के साथ ट्रैक्टर लेकर खेत जोताई करने गया हुआ था। दोनों ग्रामीण दोपहर तक खेत में काम करने के बाद दोपहर के वक्त घर लौट रहे थे। वापसी के दौरान ट्रैक्टर महादेव भगत चला रहा था
बताया जा रहा है कि रास्ते में ट्रैक्टर काफी तेज रफ्तार में था। इसी दौरान अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। हादसा इतना भयावह था कि ट्रैक्टर के नीचे दबने से दोनों ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत परिजनों को सूचना दी।
 
सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। वहीं पुलिस को भी हादसे की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया। मामले में मृतक के रिश्तेदार अंकित भगत की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Crime News: नौकरी लगवाने के नाम पर दोस्त ने ही लगाया लाखों का चूना, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Crime News: नौकरी लगवाने के नाम पर दोस्त ने ही लगाया लाखों का चूना, पुलिस ने किया गिरफ्तार

 दुर्ग ।  दुर्ग पुलिस ने रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के लखनऊ से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को बड़े अधिकारियों और एम्स प्रबंधन से जुड़ा बताकर युवक को भरोसे में लिया और स्टाफ नर्स की नौकरी लगाने का झांसा देकर 14 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए। लंबे समय तक ज्वाइनिंग लेटर देने का भरोसा दिलाने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे अब पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए पकड़ लिया है।

 

मामला भिलाई के वृंदा नगर कैंप-1 निवासी मुकेश कोसरे से जुड़ा है। पीड़ित ने 13 जनवरी 2026 को वैशाली नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि उसका कॉलेज मित्र अभिषेक जायसवाल, जो सेक्टर-6 सड़क-12 का रहने वाला है, खुद की पहचान बड़े अधिकारियों और AIIMS अधिकारियों से होने की बात करता था। आरोपी ने मुकेश को भरोसा दिलाया कि वह रायपुर एम्स में स्टाफ नर्स की नौकरी लगवा देगा।
नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने अलग-अलग समय पर पैसों की मांग शुरू की। पीड़ित उसके झांसे में आ गया और सितंबर 2021 से 16 अक्टूबर 2022 के बीच अपने एसबीआई खाते से कई किश्तों में कुल 14 लाख 50 हजार रुपये आरोपी को ट्रांसफर कर दिए। रकम लेने के बाद आरोपी लगातार ज्वाइनिंग लेटर जल्द मिलने की बात कहता रहा। जब पीड़ित ने पैसे वापस मांगे तो वह टालमटोल करने लगा और बाद में अपना घर छोड़कर फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली नगर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में साइबर सेल भिलाई की मदद ली गई। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया, जिसमें उसकी लोकेशन उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मिली। इसके बाद पुलिस टीम को लखनऊ रवाना किया गया, जहां घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
CG WEATHER NEWS : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, अगले 48 घंटे में मौसम बदलेगा; रायपुर में छाएंगे बादल, अंधड़-बिजली का अलर्ट

CG WEATHER NEWS : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, अगले 48 घंटे में मौसम बदलेगा; रायपुर में छाएंगे बादल, अंधड़-बिजली का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन अब मौसम विभाग ने फिर से गर्मी बढ़ने के संकेत दिए हैं।

आने वाले दिनों में तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं राजधानी रायपुर में आज दोपहर और शाम के बाद आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक, अंधड़ और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है।

रविवार को मनेंद्रगढ़, पेंड्रा रोड और माना-रायपुर एयरपोर्ट क्षेत्र में 3 सेमी तक बारिश दर्ज की गई, जबकि रायपुर, बिलासपुर और लाभांडीह में 2 सेमी पानी गिरा। इस दौरान दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विज्ञानी एच.पी. चंद्रा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और कई द्रोणिकाओं के सक्रिय होने से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में अगले 48 घंटे के भीतर निम्न दाब का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है। राजधानी रायपुर में आज अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति-परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति-परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

कलिबा में सामुदायिक भवन और हनुमान टेकरी में सूर्य नमस्कार प्रतिकृति निर्माण की घोषणा

कलिबेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में उमड़ा श्रद्धा और आस्था का सैलाब

रायपुर 10 मई 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने जशपुर प्रवास के दौरान विकासखंड कुनकुरी के ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने यज्ञमंडप में हरिनाम संकीर्तन करते हुए परिक्रमा की तथा यज्ञशाला में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने मंदिर निर्माण को क्षेत्र की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकजुटता से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति सेवा, सद्भाव, सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देती है। मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने तथा संस्कृति और परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सशक्त माध्यम भी हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामवासियों को नवनिर्मित मंदिर के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए ग्राम कलिबा में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 25 लाख रुपये की घोषणा की। साथ ही हनुमान टेकरी में सामुदायिक भवन तथा सूर्य नमस्कार की मुद्राओं की प्रतिकृति निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने अपने 28 माह के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अधिकांश गारंटियों को तेजी से लागू किया है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खातों में 17 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है और राज्य सरकार रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को भगवान श्री राम के दर्शन करा चुकी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा भी कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही राजस्व प्रकरणों के निराकरण हेतु विशेष राजस्व शिविर भी लगाए गए हैं। उन्होंने लोगों से इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जिसके लिए एक टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा। इस माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे तथा निर्धारित समय-सीमा में उनके समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। समय पर समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा तथा 757 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ लेने के लिए पंजीयन कराने की अपील की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हाल ही में प्रदेश की नवगठित 515 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का वर्चुअल शुभारंभ किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 2 हजार 573 हो गई है। अब पैक्स समितियां बहुउद्देश्यीय सोसायटी के रूप में कार्य करेंगी, जिससे किसानों को खाद, बीज और अल्पकालीन ऋण जैसी सुविधाएं गांव के नजदीक ही उपलब्ध हो सकेंगी तथा धान खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी।

इस अवसर पर पद्मश्री  जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, मंदिर समिति अध्यक्ष  उपेंद्र यादव, जनपद अध्यक्ष सुशीला साय, पूर्व संसदीय सचिव  भरत साय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों हेतु सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत एवं 21 हजार आवास पूर्ण

विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों हेतु सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत एवं 21 हजार आवास पूर्ण

 वायरल वीडियो में हितग्राही के उड़ीसा में निवासरत होने के कारण आवास सर्वे में नहीं था नाम, जल्द दिलाया जाएगा आवास- जिला पंचायत सीईओ गरियाबंद

समाधान शिविर में हितग्राही का बनवाया गया राशन कार्ड और जॉब कार्ड

रायपुर, 10मई 2026/ राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए केंद्र प्रवर्तित पीएम जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अब तक राज्य में सर्वे कर 33 हजार से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 21 हजार आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। ऐसे हितग्राही जो पूर्व में छूट गए थे, उनके लिए भारत सरकार से विशेष आग्रह कर राज्य शासन द्वारा विशेष अनुमति प्राप्त कर उनका पुनः सर्वे कार्य जारी है, जो एक-दो दिनों में पूर्ण हो जाएगा। सर्वे पूर्ण होते ही पात्र हितग्राहियों को तत्काल आवास स्वीकृत किए जाएंगे।

सोशल मीडिया में एक वायरल वीडियो के संबंध में जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया कि समाधान शिविर के दौरान एक हितग्राही जो विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार से आते हैं अपना आवेदन लेकर शिविर में आये थे। उनका परिवार पूर्व में छत्तीसगढ़ में निवास नहीं कर रहा था, वे उड़ीसा में ही रह रहे थे। जिसके कारण वर्ष 2011 एवं वर्ष 2018 की आवास सर्वे सूची में उनके परिवार को शामिल नहीं किया जा सका था, हाल में वर्ष 2024 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कराए गए नवीन सर्वेक्षण के दौरान भी उक्त परिवार ग्राम में निवासरत नहीं था, तब वे उड़ीसा में निवास कर रहे थे और पिछले कुछ दिनों पूर्व ही वे छत्तीसगढ़ आये थे। उसके वापस लौटने के बाद उनके परिवार का सर्वे पीएम जनमन योजना के तहत पूर्ण कर लिया गया है और उसे शीघ्र ही आवास स्वीकृत कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिले में पात्र हितग्राहियों को नियमानुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। पीएम जनमन के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति के जिले में अलग अलग बसाहटों में निवासरत होने के कारण बार बार सर्वे कराकर हितग्राहियों को जोड़ने का कार्य भी किया गया है। ऐसे परिवार जिनका पूर्व में सर्वे नहीं हुआ था, ऐसे शेष पात्र परिवारों हेतु सर्वेक्षण पूर्ण कर सूची तैयार कर ली गई है तथा भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने की प्रतीक्षा है।
जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र परिवारों को नियमानुसार योजना का लाभ उपलब्ध कराने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उड़ीसा में होने के कारण उक्त परिवार का राशन कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपूर्ण थे, जिसे अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए समाधान शिविर में ही बनाने का कार्य किया गया। जहां उनका राशन कार्ड एवं मनरेगा जॉब कार्ड तत्काल बनाया गया तथा आयुष्मान कार्ड के लिए भी कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। इसके साथ ही उन्हें आश्वश्त किया गया कि शासन प्रशासन हर कदम पर आपके साथ है।

देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

देश की प्रगति और राष्ट्रीय एकता में क्षत्रिय कुर्मी समाज का योगदान अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज कबीरधाम जिले के डोंगरिया में आयोजित अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज की एकता, संगठन, सामाजिक चेतना तथा देश और प्रदेश के विकास में कुर्मी समाज के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि एक संगठित और सशक्त समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को सिंचाई, सड़क और धार्मिक पर्यटन से जुड़े महत्वपूर्ण विकास कार्यों की सौगात भी दी। इससे पूर्व उन्होंने जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तथा प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कुर्मी समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसी महान विभूतियों ने देश की एकता, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समाज मेहनतकश, प्रगतिशील और जागरूक समाज है, जिसने खेती-किसानी से लेकर शिक्षा, प्रशासन और सामाजिक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के नए दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण करोड़ों देशवासियों की आस्था का प्रतीक बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन करा रही है तथा अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु इसका लाभ ले चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 27 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है, जिससे प्रदेश की लाखों मातृशक्ति के खातों में 27-27 हजार रुपये की राशि पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 हजार 500 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। रेलवे अधोसंरचना के विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश की पांच प्रमुख शक्ति पीठों को विकसित कर धार्मिक और सांस्कृतिक कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जो समाज शिक्षित और संगठित होता है, वही निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करता है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संगठन में निहित होती है। उन्होंने कहा कि जिस समाज के प्रेरणास्रोत छत्रपति शिवाजी महाराज और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महानायक हों, वह समाज स्वाभाविक रूप से गौरवशाली और प्रगतिशील बनता है। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और सामाजिक समरसता को और मजबूत करने का आह्वान किया।

राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि कुर्मी समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता, संगठन और पारस्परिक विश्वास है। उन्होंने कहा कि जहां विश्वास, संस्कार और चरित्र का समावेश होता है, वहां समाज निरंतर प्रगति करता है और नई पीढ़ियों को दिशा देता है।

तखतपुर विधायक  धरमजीत सिंह ने कहा कि कुर्मी समाज छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख, जागरूक और प्रगतिशील समाज है, जिसकी मजबूत उपस्थिति प्रदेश के लगभग प्रत्येक गांव में दिखाई देती है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि कुर्मी समाज मेहनत, कर्मठता और प्रगतिशील सोच के लिए जाना जाता है तथा समाज के लोग हर क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

अखिल भारतीय क्षत्रिय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वेश कटियार ने कहा कि कुर्मी समाज की संगठनात्मक परंपरा 132 वर्षों से अधिक पुरानी है। समाज ने अपनी मेहनत, सामाजिक मूल्यों और एकता के बल पर देशभर में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां कुर्मी समाज की सक्रिय भागीदारी रही है, वहां विकास और सामाजिक प्रगति को नई दिशा मिली है। इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं समाज के लोग उपस्थित थे।