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प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत : एक ही फंदे पर झूल गए युवक-युवती, पास में मिली मोटर साइकिल, मौके पर पहुंची पुलिस….

प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत : एक ही फंदे पर झूल गए युवक-युवती, पास में मिली मोटर साइकिल, मौके पर पहुंची पुलिस….

 सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लटोरी चौकी क्षेत्र में जंगल के भीतर एक पेड़ पर एक ही फंदे से युवक और युवती के शव लटके मिले हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों के कपल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। घटना सूरजपुर जिले के लटोरी चौकी क्षेत्र की है।

सरगुजा और सूरजपुर सीमा पर कल्याणपुर के कोटबहरा जंगल में खुखड़ी बीनने गए लोगों ने एक पेड़ पर फांसी के फंदे से युवक-युवती के शव लटके देखे। लोगों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। टीम के पहुंचने के बाद दोनों शवों को नीचे उतारा जाएगा। उनके पास कोई पहचान पत्र मिलने पर शिनाख्त हो सकेगी। युवक-युवती ने एक ही फंदे से फांसी लगाई है। इससे दोनों के प्रेमी जोड़े होने की आशंका है।

घटनास्थल के पास ही HF डिलक्स बाइक CG 15 DG 3422 खड़ी मिली। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों बाइक से मौके पर पहुंचे थे। हालांकि, मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मर्ग कायम कर जांच पड़ताल में जुटी गई है।

शवों की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि युवक-युवती ने सोमवार को ही फांसी लगाई होगी। पुलिस को आशंका है कि दोनों सूरजपुर या सरगुजा जिले के रहने वाले हो सकते हैं। लटोरी चौकी प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि शव मिलने की सूचना मिली है। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे हैं। मृतकों की पहचान की कोशिश की जा रही है।

नहीं भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र : ईमेल पर 30 मिनट पहले मिलेगी सॉफ्टकॉपी, इसके प्रिंटआउट से ही परीक्षा

नहीं भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र : ईमेल पर 30 मिनट पहले मिलेगी सॉफ्टकॉपी, इसके प्रिंटआउट से ही परीक्षा

 रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विवि अब संबद्ध महाविद्यालयों को प्रश्नपत्र प्रेषित नहीं करेगा। इसके स्थान पर महाविद्यालयों के प्राचार्य को प्रश्नपत्र ईमेल किए जाएंगे। ये ईमेल भी पासवर्ड प्रोटेक्टेट रहेंगे। अर्थात ईमेल में लॉग-इन करने के बाद उक्त मेल को खोलने के लिए पुनः पासवर्ड की आवश्यकता होगी। ये पासवर्ड विवि द्वारा प्राचार्यों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे। ईमेल पर प्राप्त प्रश्नपत्रों के प्रिंटआउट निकालकर छात्रों को वितरित किए जाएंगे।

20 अगस्त को लीक हुए कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र पश्चात आगमी सभी परीक्षाओं के लिए यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। भविष्य की परीक्षाओं के लिए पृथक रणनीति बनाई जा रही है, ताकि पुनः इस तरह की स्थिति निर्मित ना हो। गौरतलब है कि,  बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीट विज्ञान की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। परीक्षा आयोजित होने के कुछ घंटे पहले ही लीक प्रश्नपत्र सोशल साइट्स में वायरल हो गए थे। जांच में इसके पूर्व आयोजित परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लीक होने की जानकारी सामने आई।

उच्च तकनीक का इस्तेमाल 
पुलिस खुलासे के अनुसार, इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38 वर्ष) है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ले जाने का काम कर रहा था। 17 अगस्त को आरोपी ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। इसके बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र का लिफाफा चुपके से अपने घर ले गया। 

छात्र अजय नायक को 11,000 रुपए में बेचा
वहां उसने सुई और नुकीले औजार से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। आरोपी ने यह लीक कंटेंट अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11,000 रुपए में बेचा, जिसके बाद यह प्रश्न पत्र अन्य छात्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गया। चूंकि पूरी घटना को अंजाम देने उच्च तकनीक का प्रयोग किया गया, इसलिए प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने भी उच्च तकनीकी विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

2 आरोपी अभी भी फरार
100 से अधिक पुलिस टीमों ने डिजिटल साक्ष्य खंगाले। इसके बाद आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाई। प्रकरण में 2 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग तथा महाविद्यालयों के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने आगामी बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया जाएगा। विवि ने महाविद्यालयों को भी परीक्षा कार्य में पूर्ण सावधानी व पारदर्शिता बरतने निर्देश दिए हैं।

राशन दुकानों में पहुंची शक्कर : नागरिक आपूर्ति निगम ने छुट्टी के दिन कराया भंडारण, हितग्राहियों को मिली राहत

राशन दुकानों में पहुंची शक्कर : नागरिक आपूर्ति निगम ने छुट्टी के दिन कराया भंडारण, हितग्राहियों को मिली राहत

रायपुर। राजधानी रायपुर के नागरिक आपूर्ति निगम ने हरिभूमि डॉट कॉम में खबर प्रकाशित होने के बाद त्वरित संज्ञान लिया है। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद निगम ने विशेष व्यवस्था करते हुए गोदामों से गाड़ियों के जरिए राशन दुकानों तक शक्कर का भंडारण पूरा कराया। शक्कर की सप्लाई शुरू होने से लगातार परेशान हो रहे हितग्राहियों ने राहत की सांस ली है और वितरण सुचारू हो गया है।

हालांकि, शक्कर की किल्लत दूर होते ही राशन व्यवस्था में एक नया संकट खड़ा हो गया है। अब शहर की कई राशन दुकानों में एपीएल (APL) और बीपीएल (BPL) चावल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। शक्कर मिलने की उम्मीद में राशन दुकानों तक पहुंच रहे कार्डधारियों को अब चावल न मिलने के कारण एक बार फिर खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ रहा है।भंडारण की कमी आ गई है, जिसके कारण कार्डधारकों को अब चावल नहीं मिल पा रहा  है। नागरिक आपूर्ति निगम के जिला अधिकारी दुकानों में भंडारण की कमी के लिए ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि अनुबंध के अनुसार ट्रांसपोर्ट एजेंसियों कम गाड़ियां लगा रही हैं, जिसके कारण डिमांड के अनुसार भंडारण कराने में दिक्कत आ रही है।

पीडीएस दुकानों में नहीं थम रही राशन की किल्लत
हरिभूमि की पड़ताल में जानकारी मिली कि, दो दिन पहले तक कई दुकानों में शक्कर का भंडारण नहीं होने से हितग्राहियों को वापस लौटना पड़ रहा था, वहीं अब कई दुकानों में चावल नहीं होने से हितग्राही खाली हाथ लौट रहे हैं। खबर प्रकाशन के बाद रविवार को अवकाश होने के बावजूद नागरिक आपूर्ति निगम ने गोदामों को खुला रखा और उन दुकानों में शक्कर का भंडारण कराया, जहां से शक्कर की लगातार मांग की जा रही थी। इन दुकानों में शक्कर पहुंचने के बाद हितग्राहियों को राहत मिली है, लेकिन कई दुकानों में अब चावल का स्टॉक नहीं होने से हितग्राहियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।

इन दुकानों में चावल नहीं
उचित मूल्य दुकानों में जहां पिछले कुछ दिनों से चावल का स्टॉक नहीं है। उनमें आईडी क्रमांक-
441001168, 441001343, 441001066, 441001026, 441001356, 441001259, 441001197, 441001098, 441001261, 441001152,441001100, 441001031, 441001276, 44101009, 441001350,441001202, 441001146, 441001169,441001257, 441001258 आदि दुकानें हैं, जिनमें कहीं एपीएल तो कहीं बीपीएल चावल तो कहीं-कहीं दोनों कोटे का चावल का भंडारण नहीं हो पाया है।

नहीं मिली है शिकायत
रायपुर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि, सारा कार्य अब ऑनलाइन हो रहा है। कोई गोदाम प्रभारी डिमांड पत्र ऑफलाइन या पैसों की मांग कर रहा है, ऐसी शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत आएगी तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वजन कम कर मुनाफाखोरी : खाद्य तेलों के पैकेट 1 सितंबर से एक लीटर वाले ही मिलेंगे

वजन कम कर मुनाफाखोरी : खाद्य तेलों के पैकेट 1 सितंबर से एक लीटर वाले ही मिलेंगे

 रायपुर। खाद्य तेलों में करीब एक साल से वजन कम करके जो मनमाने दाम वसूलने का खेल चल रहा था, उस पर अब केंद्र सरकार ने पूरी तरह से बैन लगा दिया है। अब उत्पादक कंपनियों ने पहले की तरह ही एक लीटर का पाउच बनाना प्रारंभकर दिया है। कम वजन वाले पाउच की सप्लाई अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। छूट मिलने के बाद एक लीटर के स्थान पर 650, 750 और 800 एमएल के पाउच बनाकर ग्राहकों को भ्रम में डालकर ठगने का काम किया गया।

कम वजन की छूट जिस मकसद से दी गई थी, उसके स्थान पर ग्राहक लूट रहे थे। ऐसे में केंद्र सरकार ने ग्राहकों को राहत देने के लिए वजनों का एक बार फिर से मानक तय कर दिया है। लेकिन इसी के साथ कंपनियों और कारोबारियों को अपना पुराना स्टाक खपाने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया है। किसी भी हाल में एक सितंबर के बाद कम वजन वाले खाद्य तेलों के पाउच नहीं बिकेंगे। 

पारंपरिक पैकिंग व्यवस्था
खाद्य तेलों में पहले सभी कंपनियों के एक लीटर के ही पाउच आते थे। इसी के साथ पांच लीटर के साथ 15 किलो का टिन का तेल आता था। लेकिन गरीब परिवारों को जो एक लीटर का पाउच नहीं ले पाते हैं, उनको राहत देने के लिए तेल की उत्पादक कंपनियों को कम वजन करके पाउच बनाने की छूट दी गई थी, ताकि गरीब परिवार अपने बजट के हिसाब से कम वजन वाले तेल के पाउच लेकर अपना काम चला सके। 

अब एक लीटर का आएगा पाउच
डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष प्रेम पाहूजा ने बताया कि, केंद्र सरकार ने वापस एक बार सभी कंपनियों के खाद्य तेलों को एक लीटर का बनाने का आदेश जारी किया है। अब 31 अगस्त के बाद कम वजन वाले पाउच नहीं बिकेंगे। कंपनियों ने कम वजन वाले पाउच की सप्लाई बंद कर दी है।

छूट में होने लगी लूट
लूट केंद्र सरकार ने तो गरीब परिवारों को राहत देने के लिए खाद्य तेलों के पाउच को किसी भी वजन में बनाने की छूट दी थी। लेकिन इस छूट में कई कंपनियां करने लगी। छूट मिलने के बाद इसके पैक अलग-अलग कंपनियां अपनी मर्जी से कर रही थी तो इसमें कीमत का खेल हो रहा था। कम वजन के कारण दाम ज्यादा देने पड़ रहे थे। एक उदाहरण हरेली तेल का ही लेते हैं। इस तेल के दाम हमेशा कीर्ति गोल्ड के सोया तेल से कम से कम पांच रुपए कम रहते हैं, लेकिन कम वजन के कारण इसके दाम उससे ज्यादा हो गए है। इसके पीछे वजन का खेल है। 

1 लीटर के नाम पर 800 ML बेचना अब नहीं चलेगा
हरेली ने एक लीटर का पैक ही बंद कर दिया। एक लीटर के स्थान पर 730 ग्राम यानी 800 एमएल का पैक लाया गया। इसके चिल्हर में दाम 130 रुपए हैं। यानी एक लीटर के दाम हो गए 162.50 रुपए। इतने दाम तो कीर्ति गोल्ड के भी नहीं है। कीर्ति गोल्ड एक लीटर का इस समय चिल्हर में 150 से 155 रुपए बिक रहा है। ज्यादातर कंपनियों ने अपने एक लीटर के पैक को कम वजन का कर दिया था तो उसके दाम बढ़ गए थे। अब कंपनियों का यह खेल पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध : अब हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग, हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध : अब हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग, हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के इस्तेमाल पर हाईकोर्ट निगरानी रखेगा। मुख्य सचिव ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया कि मई और जून 2026 के  दौरान पूरे प्रदेश में व्यापक स्वच्छता, और जागरूकता प्लास्टिक जब्ती अभियान चलाए गए। 

बिलासपुर में 386 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया, जबकि रायपुर में 7.26 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। हाईकोर्ट ने इन प्रयासों को संतोषजनक बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि मामले की मॉनिटरिंग जारी रहेगी। कोर्ट ने मुख्य सचिव से नए 

प्लास्टिक बैन पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका
दरअसल , रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया कि राज्य सरकार ने प्लास्टिक कैरी बैग, डिस्पोजेबल कप, प्लेट, गिलास, चम्मच, स्ट्रॉ, थर्माकोल की सजावटी सामग्री, 200 मिलीलीटर से कम क्षमता वाली पीईटी बोतलों और विज्ञापन में इस्तेमाल होने वाले फ्लेक्स-बैनर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, दवाइयों की पैकेजिंग और 50 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाले दूध के पैकेट जैसी आवश्यक वस्तुओं को नियमों के तहत छूट दी गई है।

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: जंगल में मिला नक्सल डंप, भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ ऑटोमेटिक हथियार जब्त

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: जंगल में मिला नक्सल डंप, भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ ऑटोमेटिक हथियार जब्त

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने आज सर्चिंग अभियान चलाकर नक्सली डंप का खुलासा किया है। इस दौरान भारी मात्रा में गोला, बारूद और हथियार बरामद किया गया। 

पढ़िए पूरी खबर

दरअसल, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह के मार्गदर्शन में 24 अगस्त को जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने एरिया डोमिनेशन के साथ सर्चिंग की। यह सर्चिंग थाना भेज्जी क्षेत्र के ग्राम भण्डारपदर और मुनुरकोंडा के पहाड़ी-जंगल क्षेत्र में चलाया गया।

इलाके में सर्चिंग अभियान तेज

सर्चिंग के दौरान ग्राम भण्डारपदर के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए डम्प का पता चला। टीम ने डम्प की सघन तलाशी ली, जिसमें ऑटोमेटिक हथियारों सहित विभिन्न देशी हथियार, बीजीएल लांचर, बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा नक्सली गतिविधियों में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री भी सुरक्षा बलों ने जब्त की है। बरामदगी के बाद इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया गया है।

नक्सलियों के डम्प सामाग्रियों का विवरण

  • एसएलआर रायफल 01 नग।
  • 315 बोर रायफल – 01 नग ।
  • 410 मसकेट रायफल- 01 नग।
  • बीजीएल लांचर – 06 नग।
  • सिंगल शॉट राइफल 01 नग ।
  • 315 बोर देशी कट्टा – 01 नग।
  • 12 बोर रायफल – 05 नग।
  • भरमार बंदूक – 07 नग।
  • एसएलआर मैगजीन- 01 नग।
  • मैगजीन – 01 नग ।
  • बीजीएल सेल बड़ा – 08 नग ।
  • बीजीएल सेल मिड़ियम – 23 नग ।
  • बीजीएल सेल छोटा – 58 नग ।
  • देशी हैण्ड ग्रेनेड – 05 नग ।
  • बीजीएल मुण्डी – 08 नग ।
  • एके-47 जिंदा राउण्ड – 45 नग।
  • एसएलआर जिंदा राउण्ड – 196 नग।
  • इंसास रायफल जिंदा राउण्ड – 89 नग ।
  • 303.रायफल का जिंदा राउण्ड – 97 नग।
  • 315 रायफल का जिंदा राउण्ड – 20 नग ।
  • 12 बोर रायफल का जिंदा राउण्ड – 45 नग।
  • बीजीएल कॅर्टिज – 66 नग।
  • जिलेटीन स्टिक – 240 नग।
  • एके-47 रायफल खाली खोखा – 31 नग ।
  • 303 रायफल का खाली खोखा – 02 नग।
  • 12 बोर रायफल खाली खोखा – 10 नग
  • मैगजीन पौच – 18 नग ।
  • बीजीएल पौच – 07 नग ।
  • गन पाउडर – 18 किला (दो स्टील गुंडी में)।
  • एक्सीलेटर प्लग – 06 नग ।
  • टाईगर बम फटाका – 40 नग ।
  • काला वर्दी – 07 जोडी ।
  • कमर पौच- 10 नग ।
  • नीला ड्रम – 05 नग ।
  • कमर बेल्ट काला कलर- 32 नग ।
  • कमर बेल्ट हरा कलर – 22 नग ।
  • विषिल गार्ड – 11 नग ।
  • मंकी कैप – 07 नग ।
  • वेल्डर षिल्ड – 02 नग।
  • सोलर प्लेट 02 नग ।
  • रिबन – 03 नग ।
  • कपड़ा चैन – 05 मीटर।
  • पिट्टु बैग – 07 नग।
  • दवाईयां ।
  • अन्य दैनिक उपयोगी सामाग्री।
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की….

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की….

 रायपुर: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना तथा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं की व्यवहारिकता, वित्तीय पक्ष, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा नागरिकों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, समग्र योजना, समयबद्धता, वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे।

प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत रायपुर में ई-बसों के संचालन को व्यवस्थित, सुविधाजनक और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसों के रूट निर्धारित करते  समय रायपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करें, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक नागरिक सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें। उन्होंने प्रस्तावित बस रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन एवं कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे प्लान तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही पीपीपी मॉडल के आधार पर बस-स्टॉप्स की सूची तैयार करने तथा बस-स्टॉप्स का निर्धारण यात्रियों की सुविधा और आवश्यकता के अनुरूप करने को कहा।

प्रमुख सचिव ने यात्रियों की सुविधा और आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए युक्तिसंगत एवं सुविधाजनक किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस योजना को आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नवीन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बस-रूट, बस-स्टॉप, बसों की उपलब्धता एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं को तकनीक आधारित बनाते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।

बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों को मिशन अवधि की अंतिम निर्धारित तिथि 30 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में शेष एवं निर्माणाधीन आवासों की संख्या के आधार पर साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष ड्राइव चलाने तथा आवास निर्माण को मिशन मोड में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय स्तर पर आवासों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां आवश्यक समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने को कहा।

प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी जिले में शेष आवासों को पूर्ण कराने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनकी सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। आवास निर्माण में आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक व अन्य समस्याओं की समयबद्ध पहचान कर उनका निराकरण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हितग्राहियों के आवास निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके और निर्माण कार्य में गति बनी रहे।

बोरा ने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की योजनाओं के लिए चिन्हित क्लस्टरों, उनकी व्यवहार्यता तथा वित्तीय पक्षों का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाएं ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इनके क्रियान्वयन के लिए तकनीकी व्यवहार्यता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का स्पष्ट आकलन भी आवश्यक है। उन्होंने वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में राज्य सरकार एवं नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय दायित्व का समग्र आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में इन परियोजनाओं के संचालन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए अपेक्षित वित्तीय संसाधनों का यथार्थपरक अनुमान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों को आगे बढ़ाते समय राज्य सरकार पर पड़ने वाले संभावित दीर्घकालिक वित्तीय भार का स्पष्ट आकलन किया जाए, ताकि परियोजनाओं की वित्तीय संरचना व्यवहारिक एवं टिकाऊ हो।

बैठक में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत निजी क्षेत्र की संभावित सहभागिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सक्षम एवं अनुभवी निजी भागीदारों की उपलब्धता, परियोजना में निवेश के प्रति उनकी रुचि तथा उनकी अपेक्षाओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार, नगरीय निकायों एवं निजी क्षेत्र के बीच उत्तरदायित्वों और वित्तीय सहभागिता का संतुलित निर्धारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। उन्होंने प्रस्ताव को यथाशीघ्र अंतिम रूप देकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

15वें वित्त आयोग के कार्यों की बेहतर प्लानिंग और गैप एनालिसिस पर जोर

प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में अधिकारियों को 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग समुचित एवं दीर्घकालिक योजनाओं के आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों की योजना तैयार की जाए, जिससे सीमित संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने विशेष रूप से सड़कों की प्लानिंग पर जोर देते हुए कहा कि सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्यों को अलग-अलग एवं बिखरे हुए रूप में करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जाए। सड़कों से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यकता, यातायात दबाव, कनेक्टिविटी और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिकता तय करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने नगरीय निकायों में सैचुरेशन आधारित विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। इसके लिए उन्होंने गैप एनालिसिस तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक शहरी अधोसंरचना से संबंधित कमियों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा सके। गैप एनालिसिस के आधार पर कार्यों का चयन होने से विकास कार्य अधिक लक्षित, प्रभावी और परिणामोन्मुख होंगे।

गरियाबंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो करोड़ रुपये के गांजे के साथ पांच अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

गरियाबंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो करोड़ रुपये के गांजे के साथ पांच अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

 अंतरराज्यीय जांच नाके पर वाहन की तलाशी में 400 किलोग्राम गांजा बरामद, छह लाख 50 हजार रुपये नकद समेत वाहन और मोटरसाइकिल जब्त

गरियाबंद । ‘ऑपरेशन निश्चयÓ के तहत छत्तीसगढ़ के गरियाबंद पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 400 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र और ओडिशा के रहने वाले पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल छह लाख 50 हजार रुपये नकद, एक आयशर वाहन, एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देश और पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के मार्गदर्शन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों और जांच नाकों पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच एवं निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में 24 अगस्त की रात देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम खुटगांव स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-130 सी के जांच नाके पर पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान ओडिशा की ओर से नारंगी रंग का आयशर वाहन क्रमांक एमएच 06 बीडब्ल्यू 4144 आता दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन को रोककर जांच की। वाहन की छत पर काले रंग के तिरपाल से ढके संदिग्ध पैकेट दिखाई दिए।

तिरपाल हटाकर जांच करने पर अलग-अलग पैकेटों में गांजा बरामद हुआ। वाहन में सवार चालक और उसके साथी ने पूछताछ में अपना नाम संतोष अनंता मोहिते और सुमित सुभाष थोड़वे बताया। दोनों से पूछताछ के दौरान पता चला कि उनके आगे नीले रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल क्रमांक ओडी 08 डब्ल्यू 5814 चल रही है, जिस पर दो व्यक्ति रास्ता बताते हुए आगे जा रहे हैं।

पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल की तलाश कर उसमें सवार पंकज अनंता मोहिते और जलंधर खम्हारी को पकड़ा। वाहन की विधिवत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई में कुल 400 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपियों के पास गांजा के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने मौके से एक लाख 50 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, आयशर वाहन और मोटरसाइकिल जब्त की।

ओडिशा से गांजा उपलब्ध कराने वाला आरोपी भी गिरफ्तार
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गांजा उन्हें ओडिशा के कालाहांडी जिले के ग्राम डेंगागुड़ा निवासी विनोद दिसारी से प्राप्त हुआ था। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए ओडिशा पहुंचकर विनोद दिसारी को भी गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से गांजा की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल पांच लाख रुपये नकद जब्त किए गए।

इस तरह पुलिस ने गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचते हुए मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 20(बी)(द्बद्ब)(सी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपियों को गवाहों के समक्ष गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तार आरोपी
1.संतोष अनंता मोहिते, पिता अनंता मोहिते, उम्र 49 वर्ष, निवासी तलोजा पापड़ीचापड़ा, थाना खारघर, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र।
2.सुमित सुभाष थोड़वे, पिता सुभाष थोड़वे, उम्र 35 वर्ष, निवासी आलंदी, थाना पुणे, जिला पुणे, महाराष्ट्र।
3.पंकज अनंता मोहिते, पिता अनंता मोहिते, उम्र 47 वर्ष, निवासी खोपोली, थाना खालापुर, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र।
4.जलंधर खम्हारी, पिता घनश्याम खम्हारी, उम्र 43 वर्ष, निवासी ग्राम गहनामुड़ा, थाना कोकसर, जिला कालाहांडी, ओडिशा।
5.विनोद दिसारी, पिता पुरुषोत्तम दिसारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम डेंगागुड़ा, थाना आमपानी, जिला कालाहांडी, ओडिशा।

जब्त सामग्री
* 400 किलोग्राम अवैध गांजा, अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये।
* नारंगी रंग का आयशर वाहन क्रमांक एमएच 06 बीडब्ल्यू 4144, अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये।
* नीले रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल क्रमांक ओडी 08 डब्ल्यू 5814, अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये।
* तीन टच स्क्रीन मोबाइल फोन, अनुमानित कीमत 15 हजार रुपये।
* आरोपियों के कब्जे से एक लाख 50 हजार रुपये नकद।
* आरोपी विनोद दिसारी के कब्जे से गांजा की खरीद-बिक्री में प्रयुक्त पांच लाख रुपये नकद।

गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विवेचना जारी है।

तर्रीघाट हाई स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर….

तर्रीघाट हाई स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर….

 रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रीघाट स्थित शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का जायजा लिया तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद कर स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति एवं विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी ली।

शिक्षा मंत्री  यादव ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचि, पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों तथा भविष्य के लक्ष्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री  यादव ने शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पाठ्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर निगरानी रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ाई जाए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित हो सके।

बच्चों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश

विद्यालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव से खुलकर संवाद किया और विद्यालय से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने प्रार्थना स्थल पर डोमशेड निर्माण तथा विज्ञान कक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना तथा उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सपनों को दिशा देने का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, प्रतिभा और रुचियों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।

यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वसुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं एवं विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इसके लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

कोमाखान रेलवे स्टेशन पर 37 किलो गांजा जब्त, तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

कोमाखान रेलवे स्टेशन पर 37 किलो गांजा जब्त, तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

 महासमुंद । महासमुंद जिले की कोमाखान पुलिस ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 37.400 किलोग्राम गांजा, तीन मोबाइल फोन समेत 18.95 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि खेप को ओडिशा के भवानीपटना से राजस्थान के कोटा ले जाकर खपाने की तैयारी थी।

एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तीन संदिग्ध रेलवे स्टेशन परिसर में ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके बैगों से गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मादक पदार्थ को ओडिशा से लाकर राजस्थान पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।

पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ के साथ तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मामले में थाना कोमाखान में अपराध क्रमांक 130/2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C) एवं 29 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। त्वरित सूचना, प्रभावी समन्वय और सतर्क पुलिसिंग के चलते यह कार्रवाई सफल रही।

महतारी वंदन योजना से उमा सिंह अपनी बिटिया के भविष्य के लिए कर रहीं बचत

महतारी वंदन योजना से उमा सिंह अपनी बिटिया के भविष्य के लिए कर रहीं बचत

 रायपुर:प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए आर्थिक निर्णय लेने का अवसर देने वाली महतारी वंदन योजना ग्रामीण अंचल की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता अब महिलाओं के लिए केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने का माध्यम नहीं, बल्कि बचत और भविष्य की बेहतर योजना का आधार भी बन रही है।

सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खुटिया की निवासी उमा सिंह ने महतारी वंदन योजना से मिली आर्थिक सहायता को अपनी बिटिया के उज्ज्वल भविष्य से जोड़कर एक प्रेरणादायी पहल की है। उन्हें योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1,000 रूपए की राशि वे अपनी बेटी के नाम पर पोस्ट ऑफिस में जमा कर रही हैं। उनका उद्देश्य भविष्य में इस बचत का उपयोग बेटी की पढ़ाई-लिखाई और अन्य आवश्यकताओं के लिए करना है।

आज की छोटी बचत, कल बेटी के सपनों की बड़ी उड़ान
उमा सिंह बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली राशि उनके लिए आर्थिक सहारा है। उन्होंने इस राशि को तत्काल खर्च करने के बजाय अपनी बेटी के भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है। उनका मानना है कि नियमित रूप से की जा रही यह छोटी-सी बचत आने वाले समय में बेटी की शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहयोग बनेगी।
उमा सिंह की यह पहल बताती है कि शासन की योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग महिलाएं अपनी प्राथमिकताओं के अनुरूप किस तरह परिवार के भविष्य को मजबूत बनाने में कर रही हैं। नियमित राशि ने उनमें बचत की आदत विकसित करने के साथ आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ाया है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनी योजना
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। योजना की राशि से महिलाएं घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, बचत और भविष्य की जरूरतों के लिए भी आर्थिक आधार तैयार कर रही हैं।
उमा सिंह ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि  विष्णु भैया ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से उन्हें अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत करने का अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए अपनी बिटिया के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण शुरुआत है।
जब महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलता है, तो वे केवल अपनी वर्तमान जरूरतें ही पूरी नहीं करतीं, बल्कि आने वाले कल की मजबूत नींव भी तैयार करती हैं। महतारी वंदन योजना की राशि से शुरू हुई उनकी यह बचत आज उनकी बेटी के सपनों को सुरक्षित करने की दिशा में एक उम्मीद बन गई है। 

PWD में लागू होगा 'वमिस', सम्पूर्ण कार्यप्रणाली होगी पारदर्शी

PWD में लागू होगा 'वमिस', सम्पूर्ण कार्यप्रणाली होगी पारदर्शी

 निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए कैबिनेट ने दी है मंजूरी

रायपुर। लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क एण्ड अकाउंट्स मैनेजमेंट इंटीग्रेशन सिस्टम (WAMIS) लागू किया जाएगा। 'वमिस' (WAMIS) से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन तथा गुणवत्ता की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। इस प्रणाली से निर्माण कार्यों की पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान की प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा कार्यों की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। इससे निर्माण परियोजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी और जवाबदेह होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में विगत 5 अगस्त को हुई कैबिनेट की बैठक में लोक निर्माण विभाग में 'वमिस' को लागू करने की मंजूरी दी गई है। सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा, जिसके बाद अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। राज्य कैबिनेट का यह निर्णय उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव द्वारा विभाग में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर लगातार दिए जा रहे जोर की परिणति है। लोक निर्माण विभाग में डिजिटल कार्य-संस्कृति की दिशा में राज्य शासन की यह महत्वपूर्ण पहल है।उप मुख्यमंत्री साव लोक निर्माण विभाग में प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया को कागजी औपचारिकताओं से मुक्त कर पूर्णतः ऑनलाइन एवं अभिलेख-आधारित करने लगातार जोर दे रहे थे। राज्य कैबिनेट की मोहर के बाद अब इसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में प्रचलित कार्य एवं लेखा प्रबंधन प्रणालियों के तुलनात्मक अध्ययन तथा सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित एवं अनेक राज्यों में सफलतापूर्वक संचालित 'वमिस' (WAMIS) को छत्तीसगढ़ की आवश्यकताओं के अनुरूप सर्वाधिक उपयुक्त पाया गया। इसी आधार पर प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।

क्या है 'वमिस'?
'वमिस' (Work & Accounts Management Integration System) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौ‌द्योगिकी मंत्रालय के अधीन संस्थान सी-डैक, पुणे द्वारा विकसित एक एकीकृत प्रणाली है, जो किसी भी निर्माण कार्य के सम्पूर्ण जीवन-चक्र... प्रारंभिक प्रस्ताव से लेकर कार्य पूर्णता एवं अंतिम भुगतान तक को डिजिटल रूप में संचालित करती है। इस प्रणाली में कार्यों की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति, ई-प्राक्कलन (e-Estimate) एवं अनुमानित लागत का ऑनलाइन निर्धारण, ई-प्रोक्योरमेंट (निविदा प्रक्रिया) से एकीकरण, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB) मापन पुस्तिका का डिजिटलीकरण, ठेकेदारों के देयकों (बिल) की ऑनलाइन तैयारी एवं भुगतान, मासिक लेखा, कैशबुक एवं बजट आबंटन के विरुद्ध व्यय का प्रबंधन, जियो-टैग्ड छायाचित्रों सहित कार्यों की गुणवत्ता एवं भौतिक प्रगति की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएँ एक ही प्लेटफॉर्म पर समाहित हैं।

लोक निर्माण विभाग के कार्यों में आएंगे ये बदलाव
राज्य में 'वमिस' के लागू होने के बाद कार्य के सभी स्तरों में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसमें प्रत्येक कार्य की स्वीकृति, निविदा, मापन एवं भुगतान का डिजिटल अभिलेख उपलब्ध रहेगा। इससे निर्माण कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। वरिष्ठ अधिकारी एवं शासन स्तर पर कार्यों की भौतिक तथा वित्तीय प्रगति की समवर्ती निगरानी संभव होगी।

'वमिस' से ठेकेदारों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। देयकों की ऑनलाइन प्रक्रिया से ठेकेदारों को भुगतान में विलंब कम होगा और परियोजनाओं की गति बढ़ेगी। अधिकांश प्रक्रियाओं में मानवीय हस्तक्षेप कम से कम होने तथा मापन एवं बिलिंग प्रक्रिया के डिजिटलीकरण से त्रुटि तथा अनियमितता की संभावना घटेगी।

इस प्रणाली से लेखा संधारण में भी सुधार आएगा। महालेखाकार कार्यालय को प्रस्तुत की जाने वाली मासिक लेखा प्रविष्टियाँ इससे स्वतः तैयार हो जाएंगी। विभागीय परिसंपत्तियों एवं व्यय का एकीकृत डेटाबेस हमेशा उपलब्ध रहने से विभागीय फैसलों और नीतियों के निर्धारण में भी सहायता मिलेगी।
"शासन का संकल्प है कि जनता के धन से बनने वाला प्रत्येक निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हो और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण हो। 'वमिस' (WAMIS) के माध्यम से लोक निर्माण विभाग की सम्पूर्ण कार्यप्रणाली पारदर्शी, अभिलेख-आधारित और जवाबदेह बनेगी।" - अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

 
 
 

 

 

तीन साल बाद फिर धमाल मचाएंगे अमलेश और मन, ‘तोर मयारु मोर मयारु’ का ट्रेलर लॉच

तीन साल बाद फिर धमाल मचाएंगे अमलेश और मन, ‘तोर मयारु मोर मयारु’ का ट्रेलर लॉच

 रायपुर। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के स्टार कॉमेडी किंग अमलेश नागेश और  मन कुरैशी की जोड़ी तीन साल बाद एक बार फिर बड़े पर्दे पर धमाल मचाने को तैयार हैं। नीलजय फिल्म्स के बैनर तले बनी फ़िल्म ‘तोर मयारु मोर मयारु’ में अमलेश नागेश आधुनिक यूट्यूबर माही के किरदार में नजर आएंगे। वहीं मन कुरैशी भावुक और दिल जीत लेने वाले बैंड मास्टर महिंदर की भूमिका में दिखेंगे।

‘तोर मयारु मोर मयारु’ के निर्माता प्रणय गर्ग और को-प्रोड्यूसर निशेष त्रिपाठी हैं। निर्देशन की कमान राहुल प्रताप सिंह ने संभाली हैl   तोर मयारु मोर मयारु’ को प्रसिद्ध फिल्म मेकर मनीष मानिकपुरी प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म का ट्रेलर 22 अगस्त को राजधानी रायपुर के एक सितारा हॉटल में छत्तीसगढ़ फ़िल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समेत सतीश जैन, मनोज वर्मा, संतोष जैन, योगेश अग्रवाल, मोहन सुंदरानी, लखी सुंदरानी, अनुमोद राजवैद्य, अनुपम वर्मा, अनिरुद्ध दुबे एवं पवन सिंह के जैसी हस्तियों की मौजूदगी में लॉन्च हुआ।फिल्म में संजय महानंद, सतीश जैन, उपासना वैष्णव, उर्वशी साहू, रजनीश झांझी, प्रदीप शर्मा, हेमलाल कौशल, अंजलि चौहान और क्रांति दीक्षित जैसे दिग्गज कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।

रोमांस और कॉमेडी से भरपूर फिल्म  में लोक गीतों की मिठास और पुरानी परंपराओं को भी रुपहले पर्दे पर उतारा गया है। सोशल मीडिया के जुनून वाली नई पीढ़ी का  स्टाइल फिल्म में देखने को मिलेगा।

फिल्म की नायिका इशिका यादव चुलबुली गांव की लड़की तथा काजल सोनबेर शहर की स्मार्ट लड़की ‘गायत्री’ के किरदार में नजर आएंगी। अमलेश,  मन, इशिका व काजल इन चार मुख्य किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती कहानी में हंसी, रोमांस और भावनाओं का खूबसूरत मेल है। फिल्म में सात मनमोहक गीत हैं, जिनके लिए अनुराग शर्मा, अल्का चंद्राकर और अनुपमा निश्रा जैसे सुरीले गायकों ने अपनी आवाज दी है। संगीत नवलदास मानिकपुरी, अनुराग शर्मा और परवेज खान का है।पारिवारिक मनोरंजन के तौर पर बनाई गई ‘तोर मयारु मोर मयारु’ में कॉमेडी, रोमांस और भावनाओं का ऐसा संगम है, जो दर्शकों को शुरुआत से अंत तक बांधे रखने का दम रखता है। ट्रेलर लॉच कार्यक्रम का संचालन आरजे नमित ने किया।

 

 
 

 

 

छत्तीसगढ़ NSUI में बड़ा फेरबदल, 48 घंटे में 9 नियुक्तियां रद्द; संगठन में मची हलचल

छत्तीसगढ़ NSUI में बड़ा फेरबदल, 48 घंटे में 9 नियुक्तियां रद्द; संगठन में मची हलचल

 रायपुर : छत्तीसगढ़ NSUI में संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। 20 अगस्त को जारी आदेश के जरिए चार विधानसभा अध्यक्षों और पांच जिलाध्यक्षों समेत कुल 9 पदों पर नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। हालांकि, नियुक्ति के महज 48 घंटे बाद ही संगठन ने सभी फैसलों को रद्द कर दिया। अचानक नियुक्तियां वापस लिए जाने से NSUI के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

क्रिप्टो ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा, 17 लोगों से 1.80 करोड़ की ठगी; दो भाइयों पर FIR

क्रिप्टो ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने का झांसा, 17 लोगों से 1.80 करोड़ की ठगी; दो भाइयों पर FIR

 सरगुजा। क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में रकम दोगुनी करने और हर महीने कमीशन देने का झांसा देकर 17 लोगों से 1 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि निवेश के नाम पर रकम लेने के बाद आरोपियों ने न तो मुनाफा दिया और न ही मूलधन लौटाया। रकम वापस मांगने पर दोनों भाइयों ने मोबाइल बंद कर दिया और परिवार सहित फरार हो गए। मामले में अंबिकापुर के गांधीनगर थाना पुलिस ने बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ क्षेत्र निवासी दो सगे भाइयों अक्षय लाल टोप्पो और संतोष टोप्पो के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

मामले की शिकायत ग्राम आरा, थाना राजपुर निवासी प्रभु नारायण ने एसएसपी राजेश अग्रवाल से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर बड़ी रकम ली गई, लेकिन बाद में उसे वापस नहीं किया गया। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने शिकायत की जांच की। जांच के दौरान आरोपियों को रकम दिए जाने की पुष्टि होने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अलग-अलग गांवों के कुल 17 लोगों से रकम ली थी। इनमें टेनू राम से 1.27 लाख, गवर साय से 40 हजार, पंकज चौधरी से 8 लाख, जुगेश्वर बेक से 6.60 लाख, संजीवन से 3.20 लाख, शिवशंकर बेक से 2 लाख और कृपाशंकर बेक से 3.50 लाख रुपये लेने का आरोप है।

इसके अलावा गोविंद से 13.50 लाख, जंगला मिंज से 2.50 लाख, शिवपाल तिर्की से 13 लाख, दयाशंकर बेक से 2 लाख, ओडिशा के बसंत कुमार ओगर से 50 लाख, किशोर कलू से 5 लाख, संदीप दास से 40 लाख, गांधी टोप्पो से 4.20 लाख, शिकायतकर्ता प्रभु नारायण से 20.85 लाख और भूपेंद्र सिंह से 5.20 लाख रुपये लेने की बात जांच में सामने आई है।

बताया गया है कि आरोपियों ने 29 दिसंबर 2024 से 5 अगस्त 2025 के बीच नकद, चेक और फोन-पे के जरिए लोगों से रकम ली। शुरुआत में निवेशकों को मुनाफे का भरोसा दिलाया गया, लेकिन जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो आरोपी लगातार टालमटोल करने लगे। बाद में दोनों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और परिवार के साथ फरार हो गए।

गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब मामले में रकम के लेन-देन, अन्य संभावित पीड़ितों और आरोपियों से जुड़े आर्थिक नेटवर्क की जांच कर रही है।

CG – मवेशियों के खून से सनी सड़क, मवेशियों के झुंड को ट्रक ने रौंदा, 14 की दर्दनाक मौत, मौके पर मची अफरा-तफरी…

CG – मवेशियों के खून से सनी सड़क, मवेशियों के झुंड को ट्रक ने रौंदा, 14 की दर्दनाक मौत, मौके पर मची अफरा-तफरी…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई। बसंतपुर थाना क्षेत्र के रेवाडीह स्थित राज इंपीरियल होटल के पास सड़क पर बैठे मवेशियों के झुंड में तेज रफ्तार ट्रक घुस गया। हादसे में करीब 14 मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ  समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में मवेशी सड़क पर बैठे हुए थे। इसी दौरान तेज गति से गुजर रहे ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद सड़क पर मवेशियों के शव बिखर गए, जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने के बाद संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला गया।

हादसे के बाद नेशनल हाईवे की काऊ कैचर टीम और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर इन दिनों बड़ी संख्या में गौवंश सड़कों पर नजर आ रहा है।

लोगों के मुताबिक, सड़क पर बैठे मवेशी वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशी आने से गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। शहर की कई सड़कों पर मवेशियों के सड़क किनारे या बीच मार्ग में बैठे रहने की समस्या लगातार सामने आती रही है। भारी वाहनों और तेज रफ्तार यातायात वाले मार्गों पर यह स्थिति वाहन चालकों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हादसे के बाद बेसहारा और आवारा मवेशियों की पहचान, उनकी देखरेख और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों को हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से ही प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।

मवेशियों के लिए सुरक्षित शेल्टर, नियमित निगरानी और सड़कों से मवेशियों को हटाने की व्यवस्था लगातार प्रभावी तरीके से चलाने की जरूरत बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम, नेशनल हाईवे से जुड़े अमले और संबंधित विभागों से सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि कुछ दिनों के लिए अभियान चलाकर मवेशियों को हटाना पर्याप्त नहीं है।

राजनांदगांव की यह घटना सड़क सुरक्षा और पशु संरक्षण दोनों से जुड़ा गंभीर सवाल खड़ा करती है। करीब 14 मवेशियों की मौत के बाद अब जरूरत है कि प्रशासन सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी रोकने और उनके लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

 गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के दिए निर्देश

लापरवाही और धीमा प्रगति पर होगी कार्रवाई

रायपुर, 24 अगस्त 2026- उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयावधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबे समय से लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्दी पूरा करने को कहा। 

उप मुख्यमंत्री  साव ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्ध प्रगति को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों से कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों एवं संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

 साव ने बैठक में शासन की प्राथमिकता के अनुरूप विकास कार्यों को गति देते हुए उनका लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा एवं स्थल निरीक्षण करते हुए प्रगति पर कड़ी नजर रखने को कहा। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और कार्यों की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की बात कही।

श्रावण के अंतिम सोमवार को अमरकंटक पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

श्रावण के अंतिम सोमवार को अमरकंटक पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 मां नर्मदा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

कांवडि़यों के बीच बैठकर ग्रहण किया प्रसाद

मां नर्मदा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की
मां नर्मदा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर-- श्रावण मास के अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने मध्यप्रदेश के पवित्र तीर्थस्थल अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा के दर्शन किए। उन्होंने नर्मदा उद्गम स्थल स्थित नर्मदा कुंड में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने जलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का पूजन किया और प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने नर्मदा कुंड एवं नर्मदा उद्गम स्थल के पवित्र परिसर में पूजा-अर्चना कर मां नर्मदा का आशीर्वाद लिया। श्रावण मास के अंतिम सोमवार को अमरकंटक में श्रद्धा और आस्था का विशेष वातावरण रहा। इस दौरान  शर्मा ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जनकल्याण की भावना को सर्वाेपरि रखते हुए प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

कांवडि़यों के बीच आत्मीयता से बिताया समय

अमरकंटक प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कांवडि़यों के बीच भी पहुंचे। उन्होंने मृत्युंजय आश्रम में कांवडि़यों को भोजन प्रसादी वितरित की और उनके साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से आत्मीय बातचीत कर उनकी कांवड़ यात्रा, यात्रा मार्ग और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। कांवडि़यों के साथ सहजता से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी यात्रा के अनुभव भी सुने।

भोरमदेव-अमरकंटक कांवड़ यात्रा के लिए विशेष व्यवस्थाएं

 

 
 

उल्लेखनीय है कि अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक लगभग 150 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा मार्ग पर कांवडि़यों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन और रात्रि विश्राम सहित आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। कांवडि़यों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस पेट्रोलिंग दल भी तैनात किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

 

मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था

अमरकंटक स्थित मृत्युंजय आश्रम में कांवडि़यों के लिए निःशुल्क भोजन एवं रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। यहां श्रद्धालुओं को दाल-भात, सब्जी के साथ खीर, पूरी और हलवा सहित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे लंबी कांवड़ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को विश्राम के साथ पौष्टिक भोजन की सुविधा मिल रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कांवडि़यों की सुविधा और सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सावन माह के इस पवित्र अवसर पर भोरमदेव से अमरकंटक तक श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि सभी भक्तजन श्रद्धा, उत्साह और सुरक्षित वातावरण में अपनी कांवड़ यात्रा पूरी कर सकें।

मुख्यमंत्री साय 25 अगस्त को महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त की राशि करेंगे जारी

मुख्यमंत्री साय 25 अगस्त को महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त की राशि करेंगे जारी

 डौण्डीलोहारा में आयोजित समारोह में 67 लाख 28 हजार 918 बहनों के खाते में 631 करोड़ से अधिक की राशि का करेंगे अंतरण

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 25 अगस्त को बालोद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित बिहान दीदी एवं स्व-सहायता समूह के सम्मान समारोह के अवसर पर महतारी वंदन योजना के 31वीं किस्त 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खाते में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रूपये की राशि का अंतरण करेंगे। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णु भैय्या के द्वारा रक्षाबंधन के ठीक पूर्व महतारी वंदन योजना की राशि बहनों के खातें में सीधे अंतरण कर लाभान्वित करेंगे। राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से प्रतिमाह मिलने वाली राशि महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य तथा सुपोषण के लिए अत्यंत मददगार साबित हो रहा है। इसके अलावा इस राशि का उपयोग राज्य की महिलाओं के द्वारा बेटियों की सुरक्षित एवं सुखद भविष्य हेतु सुकन्या समृद्धि योजना में जमा करने के साथ-साथ विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के निष्पादन में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। महतारी वंदन योजना से अब तक 30 किस्तों में 19 हजार 444 करोड़ की सहायता राशि बहनों को प्रदान की जा चुकी है। ज्ञातव्य है कि सितंबर 2026 की 31वीं किस्त की सहायता राशि का भुगतान सितंबर माह में किया जाना है, लेकिन मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा बहनों को सौगात के तौर पर सितंबर माह की राशि को राखी त्योहार के पूर्व बहनोें के खातें में अंतरित किया जाएगा। 

श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रही उत्कृष्ट शिक्षा, उनके सपनों को पंख देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिल रही उत्कृष्ट शिक्षा, उनके सपनों को पंख देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 श्रमिक परिवारों के बच्चे आगे बढ़ेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना होगा पूरा

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों का किया सम्मान, उनके साथ बैठकर किया भोजन और साझा किए अपने जीवन के अनुभव

मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा - बड़े सपने देखें, खूब मेहनत करें और देश-प्रदेश की सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ें

1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के खातों में डीबीटी से अंतरित हुई 39.67 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि

श्रमिक कल्याण की 67 योजनाओं से मिल रही सामाजिक सुरक्षा, ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि सीधे श्रमिकों के खातों में

रायपुर 24 अगस्त 2026/ श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आज व्यवस्थित यूनिफॉर्म में, आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में संवाद करते और शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इन बच्चों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर और अच्छी शिक्षा मिले तो कोई भी परिस्थिति प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।

उन्होंने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष इसका विस्तार करते हुए 200 बच्चों को योजना के अंतर्गत प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा का अवसर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना कभी श्रमिक परिवारों के लिए कठिन सपना हुआ करता था, आज राज्य सरकार उस सपने को साकार कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल बच्चों को अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की योजना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर वातावरण, आत्मविश्वास और अपने सपनों को पूरा करने के लिए समान अवसर देने की पहल है।

श्रमिकों के परिश्रम से खड़ी होती है विकास की मजबूत बुनियाद

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश और देश के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि शहरों की ऊंची इमारतों से लेकर गांवों की सड़कों तक और बड़े पुलों से लेकर विकास की अनेक अधोसंरचनाओं के पीछे श्रमिकों का परिश्रम है। सरकार का दायित्व है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए 67 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल उन्नयन, रोजगार और आवास सहित जीवन के विभिन्न चरणों में सहायता देने वाली योजनाएं शामिल हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इन योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र श्रमिकों तक पहुंचे और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

शिक्षा विकास का मूलमंत्र, परिस्थितियां नहीं रोक सकतीं आगे बढ़ने का रास्ता

मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अभी से बड़े सपने देखें और तय करें कि भविष्य में किस क्षेत्र में जाकर देश और प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी, तो कोई व्यवसाय, समाजसेवा अथवा अन्य क्षेत्र में जाना चाहता है। लक्ष्य कोई भी हो, उसकी मजबूत नींव शिक्षा ही है। इसलिए बच्चों को मिले इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज उच्च शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हेतु ऋण तथा विदेश में अध्ययन के लिए सहायता जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। सरकार चाहती है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी खुल रहे शिक्षा और विकास के नए द्वार

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के बाद प्रदेश के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी शिक्षा और विकास की पहुंच कठिन थी, वहां अब नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के वही अवसर मिलें, जो बड़े शहरों के बच्चों को उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को ध्येय मानकर छत्तीसगढ़ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास के अवसर पहुंचाना आवश्यक है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ढाई वर्षों में श्रमिकों के खातों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता

श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक का बच्चा परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को सीमित न करे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, वैज्ञानिक, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में ऊंचाइयां हासिल करे।

श्रम मंत्री ने बताया कि बदलते रोजगार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए श्रमिक कल्याण योजनाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। पार्सल डिलीवरी से जुड़े श्रमिकों को वाहन खरीदने के लिए सहायता तथा चरवाहों को आर्थिक सहायता देने जैसी नई योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए प्रत्येक परिवार को विकास की यात्रा में साथ लेकर चलना होगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।

डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने ऐसे परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए प्रतिष्ठित विद्यालयों के द्वार खोले हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर जीवन में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ने और अपने माता-पिता तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

किसी का सपना आईएएस बनना, किसी को मिला अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास

समारोह में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों की बातों में नए अवसर मिलने की खुशी के साथ भविष्य के बड़े सपनों का आत्मविश्वास भी दिखाई दिया।

राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला है। अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का अपना सपना भी साझा किया।

रुंगटा पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि पहले उन्हें विश्वास नहीं था कि वे अंग्रेजी में सहजता से बात कर पाएंगी। नए विद्यालय में मिले वातावरण और अवसरों ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना उनके लिए कठिन था, लेकिन इस योजना ने उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने को साकार किया है।

बच्चों के बीच सहज हुए मुख्यमंत्री, साथ बैठकर किया भोजन

समारोह का सबसे आत्मीय दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ दोपहर का भोजन करने बैठे। मुख्यमंत्री बच्चों के बीच सहजता से बैठे और परिवार के सदस्य की तरह उनसे बातचीत करते रहे। औपचारिक कार्यक्रम से अलग इस संवाद में बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से खुलकर सवाल किए।

किसी ने मुख्यमंत्री के बचपन के बारे में पूछा, तो किसी ने उनकी पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और जीवन के संघर्षों के बारे में जानना चाहा। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बच्चों के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया और अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री की सहजता और आत्मीयता ने बच्चों को खासा प्रभावित किया। एक बच्चे ने उत्साह के साथ कहा - “मुख्यमंत्री जी हमारे अच्छे टीचर जैसे हैं। उनसे जितने भी सवाल पूछो, वे परेशान नहीं होते और हर सवाल का जवाब देते हैं।” बच्चों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठकर भोजन करना, उनसे खुलकर बातें करना और अपने सपने साझा करना उनके लिए ऐसा अनुभव है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने बच्चों से कहा कि उनकी सफलता ही सरकार और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी खुशी होगी। वे खूब पढ़ें, अपने सपनों को बड़ा रखें और जब जीवन में सफल हों तो समाज तथा अपने प्रदेश के प्रति अपने दायित्व को भी हमेशा याद रखें।

उल्लेखनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतिभावान बच्चों के अवसर सीमित न होने देना और उन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष  योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष किशोर महानंद, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, श्रमिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

विष्णु के सुशासन में गांव की बेटियां बन रहीं आत्मनिर्भर, बबली यादव ने फोटो कॉपी, मशरूम और महुआ व्यवसाय से बढ़ाई आय

विष्णु के सुशासन में गांव की बेटियां बन रहीं आत्मनिर्भर, बबली यादव ने फोटो कॉपी, मशरूम और महुआ व्यवसाय से बढ़ाई आय

 00 बिहान से मिला संबल, विष्णु भैया की योजनाओं ने बढ़ाया आत्मविश्वास
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लागू हो रहे विष्णु के सुशासन का लाभ गांव-गांव तक पहुंच रहा है। शासन की योजनाओं और ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत चुकतीपानी की बबली यादव ऐसी ही मेहनतकश महिला हैं, जिन्होंने विष्णु भैया की सरकार की योजनाओं से मिले अवसरों को अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से सफलता में बदला है।
बबली यादव जागृति महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उन्होंने समूह के माध्यम से ऋण प्राप्त कर कंप्यूटर खरीदा और अपने घर पर ही फोटो कॉपी एवं कंप्यूटर संबंधी कार्य शुरू किया। गांव में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। वहीं बबली को नियमित आय का साधन भी मिल गया। एक छोटे से प्रयास ने उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान दी और उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया।
बबली यादव ने अपनी आय बढ़ाने के लिए खेती-किसानी से जुड़े कार्यों को भी अपनाया। उन्होंने मशरूम उत्पादन शुरू किया, जिससे उन्हें अतिरिक्त आमदनी होने लगी। इसके साथ ही वे पीजी समूह के माध्यम से महुआ खरीदी का कार्य भी कर रही हैं। इस पहल से उन्हें आय का एक और साधन मिला है और स्थानीय स्तर पर ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़े हैं।
बबली यादव बताती हैं कि फोटो कॉपी एवं कंप्यूटर कार्य, मशरूम उत्पादन और महुआ खरीदी जैसे विभिन्न कार्यों से उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये तक हो जाती है। इससे वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने में सक्षम हुई हैं। उनका कहना है कि पहले जहां आर्थिक जरूरतों के लिए सीमित साधन थे, वहीं अब मेहनत और समूह से मिले सहयोग के कारण उनके पास आय के कई साधन हैं।
बबली यादव को प्रधानमंत्री आवास योजना और महतारी वंदन योजना का लाभ भी मिला है। शासन की विभिन्न योजनाओं से मिले सहयोग ने उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ उनके भीतर आगे बढ़ने का विश्वास पैदा किया है। वे कहती हैं कि विष्णु भैया की सरकार में गांव की महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने और अपने पैरों पर खड़े होने के अवसर भी मिल रहे हैं।
बबली अपनी सफलता का श्रेय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, स्व-सहायता समूह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को देती हैं। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं और आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
बबली यादव की कहानी इस बात का उदाहरण है कि विष्णु के सुशासन में योजनाओं का लाभ जब मेहनत और संकल्प से जुड़ता है, तो गांव की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगता है। आज बबली स्वयं आत्मनिर्भर बनने के साथ अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं। उनकी सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में हो रहे प्रयासों की एक सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करती है।

BREAKING : 31 IPS अधिकारियों के तबादले, पवन देव बने नगर सेना महानिदेशक, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : 31 IPS अधिकारियों के तबादले, पवन देव बने नगर सेना महानिदेशक, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर।  राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में आईपीएस अधिकारियों में फेरबदल किया है। इस संबंध में गृह विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार 31 आईपीएस अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है।

पवन देव (1992 बैच) को महानिदेशक, नगर सेना एवं नागरिक सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाएं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं गुरजिंदर पाल सिंह (1994 बैच) को महानिदेशक, प्रशिक्षण के साथ महानिदेशक, राज्य पुलिस अकादमी बनाया गया है।

एसआरपी कल्लूरी (1994 बैच) को प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदीप गुप्ता (1995 बैच) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशासन एवं चयन के साथ संचालक, अभियोजन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

इसी तरह विवेकानंद (1996 बैच) को वर्तमान कार्यों के साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वित्त, योजना एवं प्रबंध का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दीपांशु विजय काबरा (1997 बैच) को वर्तमान दायित्वों के साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, रेल एवं यातायात की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अमित कुमार (1998 बैच) को वर्तमान कार्य के अतिरिक्त अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का प्रभार दिया गया है। वहीं डॉ. आनंद छाबड़ा (2001 बैच) को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, तकनीकी सेवाएं, डायल-112 एवं दूरसंचार बनाया गया है।

ओमप्रकाश पॉल (2003 बैच) को पुलिस महानिरीक्षक, कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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सेना के सम्मान में राखी का धागा, नवा रायपुर के पोस्टकार्ड पर विद्यार्थियों ने लिखे भावपूर्ण संदेश

सेना के सम्मान में राखी का धागा, नवा रायपुर के पोस्टकार्ड पर विद्यार्थियों ने लिखे भावपूर्ण संदेश

 रायपुर :- रक्षाबंधन के पावन अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राखी में भारतीय सेना के जवानों के सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए भावनात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। ब्व्ै। ।तउल के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय सेना के अधिकारियों, जूनियर कमीशंड अधिकारियों एवं अन्य रैंक सहित कुल 72 सैन्यकर्मियों ने सहभागिता की।

बहनों ने बांधी राखी, जवानों को दिया सम्मान और विश्वास का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने सैन्यकर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। छात्राओं ने देश की सीमाओं की रक्षा में दिन-रात समर्पित जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और आभार व्यक्त किया। राखी के इस पवित्र धागे ने सैनिकों और विद्यार्थियों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत किया।
नवा रायपुर के पोस्टकार्ड पर देश के रक्षकों के नाम लिखी भावनाएं
कार्यक्रम की विशेष पहल के रूप में विद्यार्थियों ने नवा रायपुर के पोस्टकार्ड पर भारतीय सेना के जवानों के लिए अपने हाथों से व्यक्तिगत पत्र एवं संदेश लिखे। इन संदेशों में विद्यार्थियों ने सैनिकों के साहस, त्याग और देशसेवा के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उनके सुरक्षित रहने और देश की रक्षा में सदैव सफल होने की कामना की। बच्चों के इन भावपूर्ण संदेशों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
जवानों ने साझा किए अनुभव, विद्यार्थियों को दिया देशसेवा का संदेश
इस अवसर पर सैन्यकर्मियों ने विद्यार्थियों से संवाद किया और भारतीय सेना के जीवन, अनुशासन एवं कार्यप्रणाली से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने, जिम्मेदार नागरिक बनने और राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया। संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को सेना के जीवन को करीब से समझने और सैनिकों के समर्पण एवं चुनौतियों को जानने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्टेशन मुख्यालय, रायपुर के प्रशासनिक कमांडेंट कर्नल अभिषेक उनियाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समन्वय एवं संचालन में सूबेदार राज किशोर ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अवसर पर कर्नल अरिंदम मजूमदार, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों ने अपने संदेशों और भावनाओं के माध्यम से देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और राष्ट्रभक्ति का भाव प्रकट किया। नवा रायपुर के पोस्टकार्ड पर लिखे बच्चों के संदेशों में देश की सुरक्षा में तैनात सैनिकों के प्रति पूरे समाज की श्रद्धा और विश्वास की झलक दिखाई दी।

सेना के सम्मान में राखी का धागा, नवा रायपुर के पोस्टकार्ड पर विद्यार्थियों ने लिखे भावपूर्ण संदेश

CG : 108 फीट उंचे शिवलिंग का क्रेन से हुआ अद्भुत महा अभिषेक, दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

CG : 108 फीट उंचे शिवलिंग का क्रेन से हुआ अद्भुत महा अभिषेक, दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

राजनांदगांव। शहर की शिवलिंगाकार मां पाताल भैरवी मंदिर में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की दश्मी तिथि को मंदिर के 108 फीट उंचे शिवलिंग का महा अभिषेक किया गया। इस अदभुद अलौकिक और भव्य अभिषेक का दर्शन लाभ लेने हजारों लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हुए ।

शनिवार की रात्रि शहर में सिद्धपीठ मां पाताल भैरवी मंदिर के वृहद शिवलिंग पर क्रेन द्वारा बीस फीट ऊंचे कलश से 120 फिट ऊंचे क्रेन की सहायता से शिवलिंग का हल्दी दुग्ध से महा अभिषेक किया गया। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने हजारों श्रद्वालु मां पाताल भैरवी मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। सावन माह में विगत तीन वर्षों से तथागत पांडे और उनकी युवा टीम द्वारा यह आयोजन किया जा रहा है। उन्होने बताया कि इस कार्य में स्वतः जन सहयोग मिल रहा है। इस महा अभिषेक के लिए 120 फीट ऊंची क्रेन भिलाई से मंगाई गई थी।

 
 
मुख्यमंत्री साय ने किया जशपुर: एक परिचय पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री साय ने किया जशपुर: एक परिचय पुस्तक का विमोचन

 00 जशपुर की विशिष्ट पहचान और विकास की संभावनाओं को देश-दुनिया के सामने लाने में उपयोगी सिद्ध होगा प्रकाशन : साय

00 भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने जशपुर के प्रशासन, सुशासन, विकास, संस्कृति और प्राकृतिक वैभव पर किया व्यापक अध्ययन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान दिल्ली के द्वारा प्रकाशित पुस्तक जशपुर : एक परिचय का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले के इतिहास, प्रशासनिक विकास, सुशासन की व्यवस्थाओं, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और विकास की संभावनाओं पर केंद्रित एक व्यापक अध्ययन है। पुस्तक में आजादी के बाद से जशपुर की प्रशासनिक व्यवस्था में आए बदलावों के साथ वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और कार्यप्रणाली का अध्ययन किया गया है। इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर के चेयरमैन भूतपूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन भूतपूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन भूतपूर्व मुख्य सचिव तथा वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त  अजय सिंह उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण प्रकाशन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा को बधाई देते हुए कहा कि जशपुर छत्तीसगढ़ के उन विशिष्ट अंचलों में है, जहां प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत के साथ विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जशपुर की पहचान उसके सुंदर पहाड़ों, घाटियों, नदियों, जलप्रपातों और घने वनों से तो है ही, यहां की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराएं इसे विशिष्ट बनाती हैं। उन्होंने कहा कि जशपुर की इन विशेषताओं के साथ जिले की विकास यात्रा और प्रशासनिक अनुभवों को एक पुस्तक के रूप में समेटना सराहनीय प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की विकास यात्रा को समझने के लिए वहां के इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का समग्र अध्ययन आवश्यक है। 'जशपुर : एक परिचयÓ इसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पुस्तक केवल जशपुर की वर्तमान तस्वीर प्रस्तुत नहीं करती, बल्कि समय के साथ जिले की प्रशासनिक संरचना और विकास प्रक्रिया में आए परिवर्तनों को समझने का अवसर भी प्रदान करती है।

साय ने कहा कि जशपुर का सांस्कृतिक और पारिस्थितिक स्वरूप छत्तीसगढ़ के मैदानी और औद्योगिक क्षेत्रों से अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित भू-भाग का हिस्सा होने के कारण यहां की भौगोलिक संरचना, जलवायु, वन संपदा और आजीविका के स्वरूप की अपनी विशिष्टताएं हैं। पीढिय़ों से यहां निवासरत जनजातीय समुदायों ने अपनी परंपराओं, जीवन-पद्धति और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व की संस्कृति को संरक्षित रखा है। यही विविधता जशपुर को अध्ययन और विकास, दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण बनाती है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बीते वर्षों में जशपुर ने अधोसंरचना, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की है। विकास की इस यात्रा में यह आवश्यक है कि स्थानीय विशेषताओं और जरूरतों को केंद्र में रखकर भविष्य की योजनाएं तैयार की जाएं। इस प्रकार के अध्ययन प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को गहराई से समझने और विकास की भावी प्राथमिकताएं तय करने में उपयोगी आधार प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार, रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार करते हुए स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। जशपुर में विकास और प्रकृति के बीच संतुलन की बड़ी संभावनाएं हैं। कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और महिला तथा युवा उद्यमिता को बढ़ावा देकर जिले की अर्थव्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के सबसे समृद्ध अंचलों में से एक है। यहां के पहाड़, वन, नदियां, जलप्रपात और सुरम्य घाटियां पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखती हैं। इसके साथ ही जनजातीय जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय खान-पान जशपुर को विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। जिले की इन खूबियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण जशपुर को व्यापक पहचान दिलाने में भी सहायक होगा।

साय ने कहा कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान ने देश में लोक प्रशासन के अध्ययन और उसकी गुणवत्ता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शोध, प्रशिक्षण, प्रकाशन और नीतिगत विमर्श के माध्यम से संस्थान ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने में निरंतर योगदान दिया है। जिला स्तर पर प्रशासन और विकास के अध्ययन की यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की विकास यात्रा को सही मायने में समझने के लिए जिलों और स्थानीय प्रशासन के अनुभवों को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन शासन और नागरिकों के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर सेवा प्रदाय और स्थानीय समस्याओं के समाधान तक जिला स्तर की प्रशासनिक व्यवस्था की केंद्रीय भूमिका होती है। ऐसे में किसी जिले की प्रशासनिक यात्रा, सफल प्रयोगों और चुनौतियों का दस्तावेजीकरण अन्य क्षेत्रों के लिए भी सीख और नवाचार का आधार बन सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जशपुर : एक परिचय प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और जशपुर के सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप को समझने की रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री सिद्ध होगी। यह पुस्तक जशपुर की विशिष्टताओं को व्यापक मंच पर सामने लाने के साथ जिले पर आगे होने वाले शोध और विकासपरक अध्ययनों को भी प्रेरित करेगी।

भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत हुआ जशपुर का अध्ययन
उल्लेखनीय है कि भारतीय लोक प्रशासन संस्थान नई दिल्ली द्वारा अपनी क्षेत्रीय शाखाओं को संबंधित राज्यों के कम से कम एक जिले का व्यापक अध्ययन करने का प्रोजेक्ट दिया गया है। इसका उद्देश्य आजादी के बाद जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था, शासन प्रणाली और कार्यप्रणाली में आए बदलावों के साथ उनकी विकास यात्रा का अध्ययन और दस्तावेजीकरण करना है। इस अध्ययन में वर्तमान प्रशासनिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं का आकलन करने के साथ भविष्य में बेहतर प्रशासन और विकास के लिए संभावित दिशा की पहचान पर भी जोर दिया गया है। इसी क्रम में भारतीय लोक प्रबंधन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर ने प्रदेश के 33 जिलों में से जशपुर का चयन किया।
जशपुर को अध्ययन के लिए चुने जाने के पीछे जिले की विशिष्ट भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण रही हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित जशपुर एक प्रमुख जनजातीय बहुल जिला है। इसकी सांस्कृतिक और पारिस्थितिक संरचना प्रदेश के मैदानी कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों से काफी अलग है। छोटानागपुर पठार के विस्तारित क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण जशपुर में ऊंचे भू-भाग, वन आधारित आजीविका और समृद्ध जनजातीय परंपराओं का अनूठा संगम दिखाई देता है।
जशपुर पर अपनी तरह का महत्वपूर्ण समग्र अध्ययन
पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि यह परंपरागत जिला गजेटियर नहीं, बल्कि जशपुर के विविध पक्षों को समेटने वाला संक्षिप्त समग्र दस्तावेज है। वर्ष 1998 में पृथक जिला बनने से पहले जशपुर, रायगढ़ जिले की एक तहसील था। जशपुर का पृथक जिला गजेटियर उपलब्ध नहीं होने के कारण अध्ययन में रायगढ़ जिला गजेटियर सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न प्रकाशनों, जनगणना 2011, शासकीय विभागों की रिपोर्ट और जिले से संबंधित प्रकाशित सामग्री का उपयोग किया गया है। इस अध्ययन की एक विशेषता यह भी है कि इसे किसी एक व्यक्ति द्वारा तैयार नहीं किया गया है, बल्कि जशपुर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारियों और सामूहिक सहयोग के आधार पर इसे स्वरूप दिया गया है। जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों से उपलब्ध आंकड़ों और सूचनाओं को संकलित कर जशपुर की समग्र तस्वीर प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
पुस्तक जशपुर के प्रशासन और विकास की यात्रा के साथ उसकी प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशिष्टताओं को भी सामने लाती है।भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा ने विश्वास व्यक्त किया है कि जशपुर के विविध पहलुओं पर केंद्रित यह प्रारंभिक समग्र अध्ययन भविष्य में जिले के इतिहास, प्रशासन, समाज, अर्थव्यवस्था, संस्कृति और विकास की संभावनाओं पर और अधिक विस्तृत शोध के लिए आधार बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने जशपुर : एक परिचय के प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह अध्ययन जशपुर के अतीत और वर्तमान को समझने के साथ उसके उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को नई दिशा देने में उपयोगी सिद्ध होगा।