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माँ का अपमान बर्दाश्त नहीं: विष्णुदेव साय ने साझा की भावुक कविता, राहुल गांधी को बिना नाम लिए नसीहत

माँ का अपमान बर्दाश्त नहीं: विष्णुदेव साय ने साझा की भावुक कविता, राहुल गांधी को बिना नाम लिए नसीहत

 00 माँ का सम्मान हमारी संस्कृति और संस्कारों का आधार
00 माँ की महिमा पर साझा किया भावपूर्ण वीडियो
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति में माँ के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावपूर्ण वीडियो साझा किया है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ अपनी भावनाओं को कविता की पंक्तियों में अभिव्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में उल्लेख किया है। माँ है ममता, माँ है करुणा, माँ जीवन का आधार है, माँ के चरणों में समर्पित पूरा ये संसार है। माँ का करे अपमान वो कुपुत्र ही कहलायेगा, माँ का करे तिरस्कार वो कहीं ठौर न पायेगा।
मुख्यमंत्री साय ने किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम लिए बिना अपने संदेश के माध्यम से माँ के प्रति सम्मान और मर्यादा बनाए रखने की सीख दी है। उन्होंने यह संदेश ऐसे समय साझा किया है, जब इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में एक कॉमेडी प्रस्तुति को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। उल्लेखनीय है कि इंदौर में आयोजित उक्त कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली और हाव-भाव की मिमिक्री की थी। प्रस्तुति के एक हिस्से में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ में मौजूद बुजुर्ग माताजी के लिए कुर्सी उपलब्ध कराने को कहने से जुड़े प्रसंग को भी शामिल किया गया। इसे लेकर भाजपा के अनेक नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि हास्य के नाम पर माँ और मातृशक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई। कार्यक्रम के दौरान श्री राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे और प्रस्तुति पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हुई है।
इसी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का माँ की महिमा और सम्मान को समर्पित संदेश सामने आया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय माँ के प्रति भारतीय समाज की श्रद्धा, संवेदना और संस्कार को केंद्र में रखा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय कवि ओम व्यास की माँ पर केंद्रित प्रसिद्ध काव्य रचना का वीडियो भी साझा किया। माँ के त्याग, ममता, वात्सल्य और संतान के जीवन में उनके अतुलनीय स्थान को अभिव्यक्त करती यह रचना सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय के संदेश का भाव स्पष्ट है कि माँ केवल एक संबंध नहीं, बल्कि ममता, करुणा, त्याग और संस्कार का स्वरूप है। भारतीय संस्कृति में माँ को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और उनका सम्मान सामाजिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा का अभिन्न हिस्सा है। वैचारिक अथवा राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन माँ के प्रति सम्मान की मर्यादा सदैव अक्षुण्ण रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई पंक्तियां इसी सांस्कृतिक चेतना को अभिव्यक्त करती हैं कि जिस माँ के स्नेह, त्याग और संस्कारों से व्यक्ति का जीवन आकार लेता है, उसका सम्मान प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

 00 सेवा संकल्प अभियान
विशेष लेख : विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं के पारंपरिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार युवाओं को केवल डिग्री देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।
सेवा का संकल्प: गुणवत्ता और समावेशी विकास का मिशन मोड
राज्य सरकार ने सेवा का संकल्प निभाते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष बजटीय संबल दिया जा रहा है। पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे। शैक्षणिक गुणवत्ता को शीर्ष पर ले जाने के लिए 3,000 से अधिक छात्र संख्या वाले उत्कृष्ट कॉलेजों को चिन्हित कर 36 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, अध्यापन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उद्योग जगत के व्यावहारिक विशेषज्ञों को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में परिसरों से जोड़ा जा रहा है।
सेवा आपके द्वार: वनांचल से शहरों तक उच्च शिक्षा की आसान पहुँच
सेवा आपके द्वार की भावना को चरितार्थ करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित आदिवासी और दूरस्थ वनांचल अंचलों में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। अब बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उनके अपने अंचल में ही उपलब्ध हो रही है। चार वर्षीय बी.एड. और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
कहानी बदलाव की: आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से युवाओं का सशक्तीकरण
यह बदलाव केवल व्यवस्थागत नहीं, बल्कि हर उस युवा की कहानी बदलाव की है जो कल तक केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित था। स्वावित्तीय पाठ्यक्रम नीति के तहत अब स्थानीय और वैश्विक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार किया जा रहा है। भविष्य में उपयोगी विभिन्न तकनीकों और कौशल को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों को प्रमुखता से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह स्थानीय व कृषि-आधारित उद्योग के तहत रेशम कीट पालन, टसर टेक्नोलॉजी, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन की शिक्षा युवाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करेंगे।
इन व्यावहारिक विषयों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के साथ रूश किए गए हैं, जिससे युवाओं को सीधी इंटर्नशिप, व्यावहारिक अनुभव और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है। रिसर्च, कौशल विकास, उद्योग समन्वय और वनांचल तक शिक्षा के विस्तार के इस संगम से छत्तीसगढ़ तेजी से देश के अग्रणी एजुकेशन हब के रूप में स्थापित हो रहा है।

नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत, विस अध्यक्ष सिंह और मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में होगा आयोजन

नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत, विस अध्यक्ष सिंह और मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में होगा आयोजन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, आत्मीयता और पारंपरिक तिहारों की मिठास को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा की मेजबानी में यह गरिमामय उत्सव 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से संध्या 4 बजे तक एम.-12, सेक्टर-24, अटल नगर, नवा रायपुर में संपन्न होगा। 
छत्तीसगढिय़ा अस्मिता और पारंपरिक पर्वों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में आयोजित इस विशेष समागम में प्रदेश की शीर्ष हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपनी धर्मपत्नी वीणा सिंह और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसके साथ ही राज्य के कई मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी इस सांस्कृतिक संध्या के साक्षी बनेंगे। 
इस आयोजन के संदर्भ में मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि ये आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता की मजबूत बुनियाद हैं। इस तीज मिलन उत्सव का मूल उद्देश्य अपनी समृद्ध परंपराओं और छत्तीसगढिय़ा संस्कृति की मिठास को आपस में बांटना तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर रखना है। इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, लोक-संस्कृति के रंगों और तीजा पर्व के आत्मीय अनुष्ठानों का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश घोषित

शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश घोषित

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक दशहरा अवकाश 17-21 अक्टूबर, दीपावली की 6-10 नवंबर और शीतकालीन अवकाश 24-28 दिसंबर तक होंगी। यह अवकाश सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों, डीएड, बीएड, और एमएड कालेजों में लागू होंगी।

सेवा संकल्प अभियान: डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: वसुंधरा परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर

सेवा संकल्प अभियान: डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: वसुंधरा परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर

 लेखक - विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सेवा के संकल्प के साथ एक ऐतिहासिक डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रही है। राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग द्वारा शुरू की गई वसुंधरा परियोजना के माध्यम से प्रदेश भर के पुराने और वर्तमान राजस्व अभिलेखों का संपूर्ण डिजिटलीकरण, संरक्षण तथा प्रमाणीकरण किया जा रहा है, जिससे आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।
सफलता का आधार: दंतेवाड़ा का क्रांतिकारी मॉडल
इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता की मजबूत नींव दंतेवाड़ा जिले के क्रांतिकारी मॉडल पर आधारित है। दंतेवाड़ा में पिछले एक वर्ष के दौरान 12 हजार से अधिक नागरिकों ने कियोस्क सेवाओं का लाभ उठाया और 15 हजार से अधिक जाति प्रमाण-पत्र मात्र एक से दो दिनों में जारी किए गए। इसके साथ ही सैकड़ों विवादित मामलों का त्वरित निराकरण संभव हुआ और अभिलेखों में छेड़छाड़ का एक भी मामला सामने नहीं आया।
विस्तृत खाका: 12.89 करोड़ पृष्ठों का डिजिटलीकरण
दंतेवाड़ा के इसी सफल प्रयोग से प्रेरणा लेते हुए अब पूरे राज्य में लगभग 12 करोड़ 89 लाख पृष्ठों के विभिन्न राजस्व अभिलेखों को डिजिटाइज़ करने का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत 22.72 करोड़ रुपए की लागत से 5.68 करोड़ पृष्ठ खसरा पांचसाला, 11.77 करोड़ रुपए की लागत से 2.94 करोड़ पृष्ठ क्च-1 रिकॉर्ड, 9.98 करोड़ रुपए की लागत से 2.49 करोड़ पृष्ठ नामांतरण व संशोधन पंजी, 2.13 करोड़ रुपए की लागत से 53.16 लाख पृष्ठ मिसल पंजी और 1.89 करोड़ रुपए की लागत से 47.29 लाख पृष्ठ अधिकार अभिलेख शामिल हैं। इसके अतिरिक्त निस्तार पत्रक, वाजिब-उल-अर्ज, रीनंबरिंग सूची, साधारण खसरा, नजूल शीट एवं व्यवर्तन पंजी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा।
वित्तीय ढांचा और समयबद्ध कार्यान्वयन
इस विशाल परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए 65.41 करोड़ रुपए की कुल एकमुश्त पूंजीगत लागत (कैपेक्स) और 50 लाख रुपए प्रति वर्ष का परिचालन व्यय तय किया गया है, जिसकी वित्तीय व्यवस्था राज्य के अधोसंरचना मद और केंद्र सरकार की डीआईएलआरएमपी 3.0 योजना से की जाएगी। योजना के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से अगले तीन महीनों के भीतर वसुंधरा पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया जाएगा, जिसके बाद कार्यदायी एजेंसियों का चयन कर एक वर्ष के भीतर सभी अभिलेखों के डिजिटलीकरण और सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
तकनीकी नवाचार: एआई और ब्लॉकचेन से सुरक्षा
वसुंधरा परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें आधुनिकतम तकनीकों का समावेश है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ओसीआर, डॉक्यूमेंट क्लासिफिकेशन और स्मार्ट सर्च इंजन की मदद से दशकों पुराने रिकॉर्ड भी पलक झपकते ही खोजे जा सकेंगे। वहीं अभिलेखों में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या हेरफेर को रोकने के लिए ब्लॉकचेन आधारित सुरक्षा, डिजिटल हस्ताक्षर और यूनिक क्यूआर व बारकोड प्रणाली लागू की जाएगी।
त्वरित सेवाएं और सुशासन का नया युग
इस योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद वर्तमान में नकल प्राप्ति में लगने वाला 3 से 7 दिनों का समय घटकर मात्र कुछ मिनटों का रह जाएगा और यह सेवा नागरिकों को 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। नागरिक अब वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, लोक सेवा केंद्रों और कियोस्क के माध्यम से घर बैठे आसानी से प्रमाणित अभिलेख प्राप्त कर सकेंगे। सुगम ऑनलाइन पेमेंट गेटवे और अधिकारियों के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाओं से आम जनता को राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह नवाचार न केवल भूमि विवादों और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाएगा, बल्कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और सुशासन के एक नए युग का सूत्रपात भी करेगा।

नवा रायपुर का श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बना बच्चों के दिल का सहारा,

नवा रायपुर का श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बना बच्चों के दिल का सहारा,

 रायपुर। राजधानी के नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों के निःशुल्क इलाज के लिए देशभर में मिसाल बन गया है। यहां जहां सामान्य अस्पतालों में दिल की सर्जरी का खर्च 3 लाख से 25 लाख तक होता है, वहीं यहां ऑपरेशन, जांच, दवा, रहना-खाना सब कुछ पूरी तरह मुफ्त है। यही वजह है कि इसे “द हॉस्पिटल विद ए हार्ट एंड विदाउट ए कैश काउंटर” कहा जाता है। अस्पताल लगभग 35 एकड़ में फैला है, जहां 200 बेड, 20 से अधिक डॉक्टर और 100 से अधिक नर्सें सेवा दे रही हैं।

इसके साथ ही यहां नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च सेंटर भी संचालित है, जहां लगभग 240 बच्चों को निःशुल्क नर्सिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। साथ ही श्री सत्य साईं संजीवनी मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में गर्भवती माताओं और शिशुओं को भी मुफ्त विशेष स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों ने अपनी कहानी साझा की।अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि इस अस्पताल का उद्देश्य ऐसे क्षेत्र में सेवा प्रदान करना है जो भौगोलिक दृष्टि से और बीमारियों के लिहाज से काफी पिछड़ा हुआ हो।’ सभी से प्रेम करो, सभी की सेवा करो’ के दिव्य सिद्धांत के तहत, साई संजीवनी ने जन्मजात हृदय रोग के क्षेत्र में देश के एकमात्र अस्पताल के रूप में अपनी यात्रा शुरू की, जो विशेष रूप से बाल हृदय देखभाल प्रदान करता है।

2012 में हुई थी शुरुआत, हर महीने 170 से ज्यादा सर्जरी
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार श्री सत्य साईं संजीवनी की शुरुआत नवंबर 2012 में अटल नगर, नया रायपुर में हुई थी। ‘सभी से प्रेम करो, सभी की सेवा करो’ के सिद्धांत पर चलने वाला यह देश का एकमात्र विशेष बाल हृदय अस्पताल है। यहां प्रतिदिन 100 बच्चों की जांच और हर महीने 150 से 170 से अधिक सर्जरी निःशुल्क की जाती हैं। अब तक देशभर में 45 हजार से ज्यादा सर्जरी और 21 देशों के बच्चों का इलाज हो चुका है।

बिहार से आए परिजन बोले – 20 दिन से रुके हैं, इलाज फ्री मिला
मरीज के परिजन ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि वह बिहार के रहने वाले हैं और पिछले 20 दिनों से अस्पताल में रुके हैं। उनके बच्चे का 15 दिन से इलाज चल रहा है और अब डिस्चार्ज की तैयारी है। पूरा इलाज फ्री में हुआ है।

मरीज के पिता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वह भी बिहार से हैं और एक महीने से यहां हैं। अस्पताल में रहना, खाना और रुकने की व्यवस्था बिल्कुल मुफ्त दी गई है। उन्होंने बताया कि हम एक गरीब इंसान है जिस वजह से अन्य अस्पताल में इलाज करना बहुत ही मुश्किल था अब यहां मुक्त इलाज से हमारी आर्थिक स्थिति बाधा नहीं बनेगा। यह पर हमारे बच्चे का इलाज सही ढंग से किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के रणवीर का सपना – बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा
छत्तीसगढ़ के मरीज रणवीर पटेल ने बताया कि वह कई दिनों से अस्पताल में इलाज करा रहा है और बड़ा होकर डॉक्टर बनकर ऐसे ही पीड़ित लोगों का इलाज करेगा। उसके पिता वीरेंद्र पटेल ने कहा कि अस्पताल ने मेरे बच्चे को जीवन लौटाया है और इलाज सही तरीके से किया जा रहा है।

झारखंड के पनिश को पहले गुमराह किया गया
झारखंड के छतरपुर निवासी पनिश कुमार ने बताया कि शुरुआती इलाज में उसे हड्डी में छेद होना बताया गया था और वह दर-दर भटक रहा था। बाद में इस अस्पताल के बारे में पता चला तो यहां इलाज शुरू हुआ। उसके पिता ने बताया कि यहां सर्विस अच्छी है और सब कुछ निःशुल्क है।

CM साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन, राज्यपाल से मुलाकात के बाद लौटेंगे रायपुर

CM साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन, राज्यपाल से मुलाकात के बाद लौटेंगे रायपुर

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन है। मुख्यमंत्री आज ओडिशा के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री साय रायपुर के लिए रवाना होंगे। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री साय दोपहर करीब 1:30 बजे रायपुर वापस लौटेंगे। इससे पहले आज वे ओडिशा के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री साय ने अपने ओडिशा दौरे के पहले दिन ओडिशा के मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इसके साथ ही उन्होंने पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री के इस दो दिवसीय ओडिशा दौरे के दौरान विभिन्न मुलाकातों और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। आज राज्यपाल से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय का ओडिशा दौरा पूरा होगा और वे वापस छत्तीसगढ़ लौटेंगे।

 
गांव की बेटी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, सुमन लता बनीं लखपति दीदी

गांव की बेटी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, सुमन लता बनीं लखपति दीदी

 00 20 हजार से शुरू की किराना दुकान, आज सालाना एक लाख से अधिक की आय
रायपुर।
प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं आजीविका गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सुमन लता वाकरे की कहानी ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, मेहनत और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल बनकर सामने आई है।
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी
श्रीमती सुमन लता वाकरे आज लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। कभी परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को लेकर चिंतित रहने वाली सुमन लता ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से आर्थिक सशक्तिकरण की राह चुनी। वे माँ महामाया महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में समूह की सचिव के दायित्व का निर्वहन कर रही हैं। सुमन लता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुडऩा उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला और धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। समूह की गतिविधियों और उपलब्ध वित्तीय सहायता ने उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
15 हजार की आरएफ राशि से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की राह
समूह के माध्यम से श्रीमती सुमन लता को 15 हजार रुपये की आरएफ राशि प्राप्त हुई। इसके बाद 60 हजार रुपये की सीआईएफ राशि में से 20 हजार रुपये का उपयोग कर उन्होंने गांव में किराना दुकान शुरू की। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन अपनी मेहनत, ग्राहकों के प्रति विश्वास और बेहतर संचालन के बल पर उन्होंने दुकान का लगातार विस्तार किया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लेकर अपनी दुकान में आवश्यक सामग्री बढ़ाई। आज उनकी किराना दुकान पहले की तुलना में काफी विस्तृत हो चुकी है और व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। आर्थिक गतिविधि के विस्तार ने न केवल उनके परिवार की आय को मजबूत किया, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया।
लखपति दीदी बनकर बनीं गांव की प्रेरणा
श्रीमती सुमन लता की सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब महिलाओं को संगठित होकर आगे बढऩे का अवसर, आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। स्व-सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। किराना दुकान के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सुमन लता ने लखपति दीदी बनने की उपलब्धि हासिल की है। उनकी कहानी गांव की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
महतारी वंदन योजना का भी मिला संबल
श्रीमती सुमन लता को महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। उनके अनुसार योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग दिया है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे के साथ उन्हें विभिन्न आजीविका अवसरों का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित होकर गांव की महिलाएं अब सहायता की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं रोजगार और आय के साधन तैयार कर रही हैं। सुमन लता वाकरे की कहानी इसी बदलाव की जीवंत तस्वीर है, जहां समूह से मिला सहयोग, सरकारी योजनाओं का संबल और स्वयं की मेहनत मिलकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार कर रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान में सुमन लता की कहानी बनी प्रेरणा
सेवा संकल्प अभियान के परिप्रेक्ष्य में सुमन लता वाकरे की सफलता की कहानी ग्रामीण भारत में हो रहे सकारात्मक बदलाव को सामने लाती है। यह कहानी बताती है कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है, जब लाभार्थी उन्हें अवसर में बदलकर अपनी मेहनत से नई उपलब्धियां हासिल करते हैं। गुदुमदेवरी की सुमन लता आज केवल अपने परिवार के लिए आय का मजबूत आधार नहीं बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि संगठित प्रयास, सरकारी योजनाओं का सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

  00 अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से नारायणपुर के श्रमिक परिवारों के सपनों को मिली नई उड़ान
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था, आज इस योजना की बदौलत उन्हीं संस्थानों के दरवाजे उनके मेधावी बच्चों के लिए पूरी तरह खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को पंख लगा रही है।
जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन जब राज्य के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार राजकुमार कॉलेज, रायपुर में हुआ, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रामधर भावुक होकर कहते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए ऐसे बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की राह बेहद आसान कर दी है।
इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कठिन काम करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के इस बड़े अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में नि:शुल्क अध्ययन के लिए हुआ है। वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन संस्कार द गुरुकुल, बस्तर में हुआ है। ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को भी कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई में रहकर पढऩे का बेहतरीन मौका मिला है।
यह योजना केवल नि:शुल्क शिक्षा का जरिया मात्र नहीं है, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का नया संचार कर उनके करियर को संवारने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है। एक समृद्ध और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण पाकर बच्चे न केवल अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे, बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे। इस सुखद बदलाव से गदगद हितग्राही परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया है, जिनकी दूरगामी सोच से आज गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

लघु उद्योगों और एमएसएमई को मजबूत बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप तैयार कर रही सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

लघु उद्योगों और एमएसएमई को मजबूत बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप तैयार कर रही सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 रायपुर: वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, उद्योग, रोजगार और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण देश का लक्ष्य और ध्येय है। इसी विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ भी देश के अग्रणी राज्यों के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़े, इसके लिए राज्य  सरकार दीर्घकालिक रोडमैप के साथ काम कर रही है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप के साथ कार्य प्रारंभ किया है। विकास के साथ देश की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है और आने वाले वर्षों में देश के विकास की गति को और तेज करने के लिए संरचनात्मक सुधारों तथा दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है।

‘छत्तीसगढ़ अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से 2047 के विकास का रोडमैप*

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए ‘अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार कराया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य को देश के साथ कदमताल करते हुए अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आगे बढ़ना है और राष्ट्र के विकास के महायज्ञ में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी है

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य केवल दूरगामी लक्ष्य नहीं है। इसके लिए 2030 और 2035 जैसे मध्यकालिक लक्ष्यों के साथ अल्पकालिक और वार्षिक लक्ष्य भी निर्धारित किए जा रहे हैं, ताकि दीर्घकालिक विजन को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके।

*दीर्घकालिक सोच के साथ आर्थिक सुधारों पर जोर*

मंत्री  चौधरी ने कहा कि देश के विकास के लिए दीर्घकालिक योजना और भविष्य को ध्यान में रखकर नीतियां बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी 21वीं सदी और विजन 2020 जैसे लक्ष्य निर्धारित किए, लेकिन उनके अनुरूप दीर्घकालिक रोडमैप और आवश्यक नीतिगत सुधारों का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 का आर्थिक संकट देश के लिए गंभीर चुनौती था और उस दौर की आर्थिक परिस्थितियों से सबक लेते हुए भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप अनेक क्षेत्रों में दीर्घकालिक निर्णय लिए जा रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की नींव तैयार करना है।

*एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण आधार*

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सर्विस सेक्टर का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और विशेष रूप से लेबर इंटेंसिव मैन्युफैक्चरिंग को और विस्तार देने की आवश्यकता है। रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने के लिए लघु उद्योगों, एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत करते हैं। इसलिए प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

श्री चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में उद्योग जगत, उद्यमियों और लघु उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि नीतिगत सुधारों, निवेश के अनुकूल वातावरण और उद्यमिता को प्रोत्साहन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को नई गति दी जाए।

भगवान लिंगराज के दर्शन कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना….

भगवान लिंगराज के दर्शन कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री  साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।

उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।

छत्तीसगढ़-ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर साय ने की माझी से चर्चा

छत्तीसगढ़-ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर साय ने की माझी से चर्चा

 00 मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री माझी ने साय का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी आत्मीय संबंध हैं। विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र की प्रगति को भी नई गति मिलेगी।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून, बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून, बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर से प्रदेश में बारिश का प्रभाव ज्यादा दिखाई देने लगेगा और कुछ जिलों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।

रविवार को भी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में मौसम को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और गरियाबंद के लिए तेज बारिश, आकाशीय बिजली और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सुकमा, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से 22 से 25 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। 22 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं प्रदेश से मानसून की विदाई 29 सितंबर के बाद शुरू होने के संकेत हैं।

राजधानी रायपुर में भी रविवार को मौसम बदला हुआ नजर आ सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मानपुर में सबसे अधिक 6 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि नारायणपुर में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। दुर्गकोंदल, अंतागढ़, रायपुर शहर, लालपुर थाना और पखांजूर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बावजूद रायपुर में दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहा।

वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य - उप मुख्यमंत्री शर्मा

वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य - उप मुख्यमंत्री शर्मा

 00 जल संरक्षण से लेकर सड़क, स्कूल, पंचायत भवन, आजीविका, कृषि, पशुपालन और आपदा प्रबंधन के कार्य शामिल

00 छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार करोड़ का प्रावधान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा विस्तार
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को रोजगार, आजीविका और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोडऩे की दिशा में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या अब 318 से बढ़ाकर 375 कर दी गई है। 
उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने अनुमेय कार्यों की संख्या में वृद्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या 318 से बढ़कर 375 होने से विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी और ग्रामीण विकास सुदृढ होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का लाभ केवल मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से गांवों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेंगी। शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए वीबी-जीरामजी के तहत 3,354.85 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन प्रदान किया गया है। मिशन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन की गई है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, मजदूरी दर में सुधार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का यह समन्वय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा तथा गांवों के समग्र विकास को नई गति देगा।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत/2047 की परिकल्पना में गांवों को विकास की केंद्रीय इकाई के रूप में महत्व दिया है। वीबी-जीरामजी के माध्यम से रोजगार, आजीविका, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को एक साथ जोडऩे का प्रयास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।

वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

क्यूआर कोड से मिलेगी अनुमेय कार्यों की जानकारी
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत 375 अनुमेय कार्यों को 4 मुख्य श्रेणियों और 30 उप-श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। इनमें 68 प्रकार के व्यक्तिगत कार्य, 99 प्रकार के मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्य तथा समूह और सामुदायिक उपयोगिता से जुड़े कार्य शामिल हैं। अनुमेय कार्यों की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए राज्य में क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अनुमेय कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
2027 तक हर बालिका के लिए स्कूलों में शौचालय का लक्ष्य
वीबी-जीरामजी की कार्य-सूची में शासकीय विद्यालयों की अधोसंरचना को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, प्रयोगशालाएं, रसोई शेड, परिसर की दीवार और खेल मैदान जैसे कार्य इसके अंतर्गत किए जा सकेंगे। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा मेरी बेटी-मेरा अभिमान अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। यह पहल बालिकाओं की गरिमा, स्वच्छता और विद्यालयों में बेहतर सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्य
ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सामुदायिक अधोसंरचना के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा हर गांव में मुक्तिधाम निर्माण का संकल्प लिया गया है। 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वीबी-जीरामजी में श्मशान घाट तथा अन्य सामुदायिक अधोसंरचना से संबंधित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी अनुमेय बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10 हजार से अधिक बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा।
जल सुरक्षा से लेकर भूजल पुनर्भरण तक
अनुमेय कार्यों की पहली मुख्य श्रेणी में जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनमें नहर, बाढ़ नियंत्रण चौनल, चेकडैम, गली प्लग, भूमिगत डाइक, तालाबों का पुनर्जीवन, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, सिंचाई कुएं, माइक्रो एवं ड्रिप सिंचाई चौनल, वाटरशेड भूमि का पुनरुद्धार, वनीकरण एवं पौधरोपण, मृदा-नमी संरक्षण तथा रूफटॉप वर्षाजल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से गांवों में जल संचयन क्षमता बढ़ाने, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई सुविधा के विस्तार और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव को भी इसमें स्थान दिया गया है।
सड़क, स्कूल, पंचायत भवन और स्वच्छता सहित मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचना
कार्यों की दूसरी मुख्य श्रेणी में ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित है। इसमें ग्रामीण सड़कें, पुलिया एवं क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं, ग्राम संपर्क सुविधाएं, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय, सार्वजनिक भवन, स्कूल अधोसंरचना, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, स्कूल परिसर की दीवारें और खेल मैदान जैसे कार्य शामिल हैं। इसके साथ श्मशान घाट, कब्रिस्तान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता परिसर, अपशिष्ट पृथक्करण एवं संग्रहण केंद्र, सौर प्रकाश व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, पार्किंग एवं परिवहन शेड सहित अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण और विकास को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अनुमेय ग्रामीण आवास कार्य तथा जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव भी इस श्रेणी में शामिल हैं।
आजीविका के साथ स्थानीय स्तर पर आय के अवसर
कार्यों की तीसरी मुख्य श्रेणी आजीविका संबंधी अधोसंरचना की है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशेड, ग्रामीण हाट एवं साप्ताहिक बाजार, खाद्यान्न एवं कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़ी संरचनाएं, स्वयं सहायता समूह एवं फेडरेशन स्तर के भवन, वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप इकाइयां, सिल्विपास्चर, डेयरी एवं दुग्ध संग्रहण केंद्र, पशु आश्रय, मत्स्य पालन अधोसंरचना, नर्सरी एवं पौधरोपण तथा भवन निर्माण सामग्री के उत्पादन से जुड़े कार्य शामिल हैं। कृषि आधारित प्रसंस्करण को भी इस श्रेणी में स्थान दिया गया है। मिनी फ्लोर मिल, खाद्य प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण, एकीकृत कृषि प्रसंस्करण, वन उत्पाद प्रसंस्करण, हस्तशिल्प प्रसंस्करण, जैव-अवक्रमणीय उत्पाद प्रसंस्करण तथा बांस शिल्प जैसी गतिविधियों के लिए अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। इससे स्थानीय संसाधनों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा आधार
स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड और समूह स्तर की गतिविधियों के लिए अधोसंरचना को अनुमेय कार्यों में शामिल किए जाने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को आवश्यक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ेंगे। वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, नर्सरी, कृषि उत्पाद भंडारण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियां ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायक होंगी।
आपदा और चरम मौसम से निपटने के लिए भी होंगे कार्य
चौथी मुख्य श्रेणी में अति विषम मौसमी घटनाओं के न्यूनीकरण और आपदा सजगता से संबंधित कार्य शामिल हैं। इनमें चक्रवात आश्रय, बाढ़ आश्रय, तटबंध, मिट्टी एवं गेबियन संरचनाएं, रिटेनिंग वॉल, बाढ़ सुरक्षा दीवार, लेवल बेंच टेरेस, अपलैंड बेंच टेरेस, स्थिरीकरण तालाब, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, विंडब्रेक एवं शेल्टरबेल्ट पौधरोपण तथा वन अग्नि प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।वन अग्नि प्रबंधन के अंतर्गत फायर ब्रेक हेज, वन अग्नि रेखा और फ्यूल बफर जोन सहित अन्य सहायक कार्य भी अनुमेय हैं। इससे प्राकृतिक आपदाओं और चरम मौसमी परिस्थितियों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक और सामुदायिक परिसंपत्तियों की संरक्षण क्षमता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीबी-जीरामजी केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गांवों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय आजीविका को मजबूत करने और टिकाऊ ग्रामीण अधोसंरचना विकसित करने का व्यापक अवसर है। 375 अनुमेय कार्यों के माध्यम से रोजगार को परिसंपत्ति निर्माण और परिसंपत्तियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए विकसित गांव की दिशा में ठोस आधार तैयार किया जा रहा है।

लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना

लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना

 लेखक -धनंजय राठौर संयुक्त संचालक ,जनसंपर्क, रायपुर
रायपुर।
महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए घर-गृहस्थी में मदद से कहीं ज्यादा साबित हो रही है। यह राशि कर्ज, स्वयं सहायता समूहों और आजीविका के अवसरों के साथ मिलकर महिलाओं की आय का स्थायी जरिया बन रही है। महतारी वंदन योजना राज्य की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है, जिसमें लगभग 68 लाख महिला लाभार्थी शामिल हैं। इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक 31 किस्तों में 20,075.38 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस साल राज्य के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी योजना की पूरक महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत नवंबर 2024 से अब तक लगभग 41,124 लाभार्थियों ने 102.38 करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले स्वरोजगार ऋण का लाभ उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ष्इस योजना के तहत मिलने वाले लोन से सब्जी बेचने, कारीगरी और दूसरे छोटे-मोटे काम करने वाली महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलती है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्लखपति दीदीश् के विजन को साकार करने में भी मदद मिल रही है।
इनकी कहानियां बनीं मिसाल
रानू कैवर्त, आंदी गांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
सिलाई, कपड़े और किराने के कारोबार के साथ-साथ बटेर और देसी मुर्गी पालन एवं हैचरी का काम करके सालाना 3 लाख रुपये की आमदनी।
सीता मरावी, गुडुमदेवारी
किराने की दुकान के लिए बैंक से 25 हजार और मुर्गी पालन के लिए स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का लोन लेकर सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये तक पहुंचाई।
सुमन लता वाकरे, गुडुमदेवारी
स्वयं सहायता समूह से 15 हजार रुपये लेकर किराने की दुकान शुरू की, बाद में बैंक लोन से विस्तार किया। अब सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई।
केजू बाई सलामे, रामगढ़, मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी
महतारी वंदन के हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये का इस्तेमाल किराने के सामान का स्टॉक भरने में करती हैं, जिससे बिक्री बढ़ी और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
10 मार्च, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल मौजूदगी में शुरू हुई महतारी वंदन योजना ने लखपति दीदी के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई है। प्रदेश में स्वयं-सहायता समूहों की 13.85 लाख महिला सदस्य पहले ही लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी भ्रमण योजना के तहत भी बजटीय प्रावधान किया गया है, ताकि लखपति दीदियां देश भर के व्यापारिक और आर्थिक केंद्रों के साथ-साथ प्रमुख शक्तिपीठों का भी दौरा कर सकें।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर साय सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा, 5 ट्रैक्टर किए जब्त

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर साय सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा, 5 ट्रैक्टर किए जब्त

 00 खनिज विभाग ने कोलबिर्रा क्षेत्र में की कार्रवाई

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सीएम हेल्पलाइन एवं ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों पर खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम
जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया गया। जब्त सभी वाहनों को कोटमी चौकी में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

शिकायतों के निराकरण में प्रशासन की तत्परता
कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गंभीरता एवं गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप जिले में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित शिकायतों पर विशेष निगरानी रखते हुए नियमित जांच की जा रही है। इससे एक ओर जहां खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर शासन की व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
अवैध खनन और परिवहन पर लगातार जारी रहेगा अभियान
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों की जांच के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोका जा सके। इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी श्री आदित्य मानकर एवं खनिज विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, कानून के प्रभावी पालन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

CG Crime News- एक ही गांव, साथ जीने-मरने की कसमें और फिर एक फंदा! युवक-युवती की लाश मिलने से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस….

CG Crime News- एक ही गांव, साथ जीने-मरने की कसमें और फिर एक फंदा! युवक-युवती की लाश मिलने से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस….

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां युवक और युवती की लाश एक ही फंदे पर लटकी मिली। घटना की सूचना मिलते ही लेमरू थाना प्रभारी लोकनाथ यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है।

पढ़िए पूरी खबर

यह पूरा मामला लेमरु थाना क्षेत्र के वनांचल ग्राम अरतेरा की है।मृतकों की पहचान मुकेश यादव (21 वर्ष) और मुनिता (18 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों गांव में ही पले-बढ़े थे।

पुलिस ने जताई ये आशंका

पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम संबंध से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि प्रेम संबंध असफल होने पर दोनों ने पेड़ पर फांसी का फंदा बनाया और अपनी जान दे दी।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

लेमरू थाना प्रभारी लोकनाथ यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही दोनों की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

CG : सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई: अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा, 2 मशीनें और 30 बोरा गुटखा जब्त

CG : सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई: अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा, 2 मशीनें और 30 बोरा गुटखा जब्त

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने रविवार को कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में छापेमारी की, जहां एक पुराने बिल्डिंग के अंदर सितार कंपनी का गुटखा बनाया जा रहा था। इस दौरान गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली 2 मशीनें और करीब 30 बोरा गुटखा जब्त किया गया है।

जीएसटी अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि, गुटखा निर्माण और उसकी बिक्री से जुड़े कारोबार में टैक्स संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। इसके अलावा गोदाम में रखे बाकी सामान और दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, अभी अधिकारियों से ऑफिशियल कोई भी जानकारी नहीं दी है।

जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम को कुम्हारी के स्टेशन चौक क्षेत्र में अवैध रूप से गुटखा तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर रविवार को सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की करीब 10 से 12 सदस्यों की टीम 3 वाहनों में मौके पर पहुंची।

अधिकारियों ने गोदाम के भीतर रखे सामान और गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच की। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने गुटखा बनाने वाली दो मशीनों को जब्त किया। इसके अलावा मौके से करीब 30 बोरा तैयार गुटखा भी बरामद किया गया।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, जब्त सामान की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। हालांकि जब्त सामग्री की वास्तविक कीमत और उस पर लगने वाले टैक्स से संबंधित विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, जिस गोदाम में कार्रवाई की गई, उसके मालिक का नाम सुरेश गुप्ता बताया जा रहा है।

सेंट्रल जीएसटी की टीम गोदाम में मौजूद दस्तावेजों और बाकी सामग्री की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सेंट्रल जीएसटी की टीम जब्त की गई मशीनों और गुटखे को अपने साथ लेकर रायपुर के लिए रवाना हुई। सामग्री की जांच और दस्तावेजों के मिलान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आज ओडिशा दौरे पर सीएम साय : जानिए मिनट-टू-मिनट पूरा कार्यक्रम

आज ओडिशा दौरे पर सीएम साय : जानिए मिनट-टू-मिनट पूरा कार्यक्रम

 Raipur। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार 20 सितंबर को ओडिशा दौरे पर रहेंगे। सीएम के जारी कार्यक्रम के अनुसार उनका पूरा दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में बीतेगा। मुख्यमंत्री रायपुर से भुवनेश्वर पहुंचेंगे। यहां वे प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पुरी पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करेंगे और श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

सुबह रायपुर से शुरू होगा सीएम का दौरा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 9:50 बजे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से कार के जरिए स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। करीब 10:10 बजे वे एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद सुबह 10:40 बजे इंडिगो की फ्लाइट से भुवनेश्वर के लिए रवाना होंगे।

करीब 11:45 बजे मुख्यमंत्री भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे कार के जरिए लोक भवन मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। यहां दोपहर 1:30 बजे तक उनका आरक्षित कार्यक्रम रहेगा।

भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर में करेंगे पूजा

कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे भुवनेश्वर के प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे भगवान लिंगराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में कुछ समय रुकने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे पुरी के लिए रवाना होंगे।

पुरी पहुंचकर जगन्नाथ मंदिर में दर्शन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर करीब 3:30 बजे पुरी पहुंचेंगे। यहां मायफेयर होटल में उनका कुछ समय आरक्षित रहेगा। इसके बाद शाम 4:40 बजे वे भगवान जगन्नाथ मंदिर जाएंगे।

जगन्नाथ मंदिर में मुख्यमंत्री दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। करीब 5:15 बजे वे मंदिर से निकलकर वापस होटल के लिए रवाना होंगे।

श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में होंगे शामिल

शाम 5:25 बजे मुख्यमंत्री पुरी के होटल रुमानी पहुंचेंगे। यहां गोपाल बल्लभ रोड स्थित श्रीमद् भागवत कथा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री रात में पुरी के मायफेयर होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन के कार्यक्रम के अनुसार उनका आगे का दौरा जारी रहेगा।

 
BREAKING :महानदी जल विवाद पर CM साय का बड़ा बयान,बोले- जल्द होगा समाधान

BREAKING :महानदी जल विवाद पर CM साय का बड़ा बयान,बोले- जल्द होगा समाधान

 रायपुर – ओडिशा दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महानदी जल विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर दोनों राज्यों के बीच लगातार चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दिनों दिल्ली में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के दोनों मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में महानदी जल विवाद को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सीएम साय ने कहा कि इस पूरे विषय को अब केंद्रीय जल आयोग यानी CWC को सौंप दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले का समाधान बहुत जल्द निकल जाएगा। 

CG - आकाशीय बिजली का कहर : 3 की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल

CG - आकाशीय बिजली का कहर : 3 की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल

 जांजगीर-चांपा-  छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शनिवार को अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के बलौदा विकासखंड के महुदा गांव में शनिवार को बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद लगभग चार बजे महुदा गांव निवासी कुछ लोग अपने खेतों में काम करने गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी पास में स्थित एक झोपड़ी में चले गए। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से वहां मौजूद छह लोग इसकी चपेट में आ गए।

बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने बताया कि हादसे में नरेश खैरवार, रामभरोस पटेल और तुलसीराम पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अंजू पटेल, दुलारा बाई और बैसाखू गंभीर रूप से घायल हो गए।

सिन्हा ने बताया कि सूचना मिलते ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में शनिवार को ही जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीमेंट कार्पोरेशन आफ इंडिया (सीसीआई) की सीमेंट फैक्टरी के करीब आकाशीय बिजली गिरने से 55 वर्षीय दूज राम जटवार की मौत हो गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर मामलों की जांच शुरू कर दी है।

Chhattisgarh New Holiday Declared: छत्तीसगढ़ में एक और सरकारी छुट्टी का ऐलान.. इस दिन बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर

Chhattisgarh New Holiday Declared: छत्तीसगढ़ में एक और सरकारी छुट्टी का ऐलान.. इस दिन बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ में अग्रवाल समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरा कर दिया है। शनिवार को अंबिकापुर में आयोजित अग्र महाकुंभ सम्मेलन के मंच से CM ने ऐलान किया कि अब प्रदेश में अग्रसेन जयंती के दिन सरकारी अवकाश रहेगा। घोषणा के साथ ही पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

अग्रसेन जयंती पर छुट्टी की घोषणा मुख्यमंत्री ने ऐसे समय की है, जब अंबिकापुर में अग्रवाल समाज का दो दिवसीय अग्र महाकुंभ सम्मेलन चल रहा है। होटल ग्रैंड वसंत में आयोजित इस आयोजन में प्रदेशभर से समाज के प्रतिनिधि जुटे हैं।

CM साय ने मंच से सुनाई बड़ी घोषणा

दो दिवसीय अग्र महाकुंभ सम्मेलन का आयोजन अंबिकापुर के होटल ग्रैंड वसंत में हो रहा है, जहां प्रदेशभर से अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि जुटे हैं। इसी मंच से मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्रसेन जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित की जा रही है। इसे दशम अग्र अलंकरण समारोह के तौर पर भी मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने इसका स्वागत किया। लंबे समय से अग्रसेन जयंती को लेकर समाज की ओर से अलग-अलग मांगें उठती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह घोषणा सम्मेलन की सबसे अहम खबर बन गई।

अग्रवाल समाज के योगदान को किया नमन

CM साय ने अपने संबोधन में अग्रवाल समाज के सामाजिक, व्यापारिक और शैक्षिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए छत्तीसगढ़ के विकास में अहम भूमिका निभाई है। सरकार समाज के इस योगदान को सम्मान देती है।

उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए प्रदेश के विकास में योगदान दिया है।

अंबिकापुर में जुटा अग्रवाल समाज

अग्रवाल समाज की ओर से आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम केवल सम्मेलन तक सीमित नहीं है। इसके साथ दशम अग्र अलंकरण समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। समारोह में समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया जा रहा है।

मंच पर दिग्गजों की मौजूदगी

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज समेत बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समाज की प्रतिभाओं को अलंकरण से सम्मानित भी किया गया।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. मुख्यमंत्री ने किस छुट्टी का ऐलान किया है?

— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ में अब हर साल अग्रसेन जयंती के अवसर पर सरकारी अवकाश रहेगा।

नएस्थान तलाशें

Q2. यह घोषणा कहां की गई?

— यह घोषणा अंबिकापुर के होटल ग्रैंड वसंत में चल रहे दो दिवसीय अग्र महाकुंभ सम्मेलन के मंच से की गई।

Q3. अग्र महाकुंभ सम्मेलन क्या है?

— यह अग्रवाल समाज का प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय सम्मेलन है, जिसमें दशम अग्र अलंकरण समारोह भी आयोजित हो रहा है और समाज की उल्लेखनीय प्रतिभाओं को सम्मानित किया जा रहा है।

Q4. कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद रहा?

— कार्यक्रम में CM विष्णुदेव साय के साथ कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, अमर अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज और प्रदेशभर से आए अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टर्स ने किया हड़ताल का ऐलान, प्रदेशभर के अस्पतालों में लटकेगा ताला! जानिए क्या है मांगे?

छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टर्स ने किया हड़ताल का ऐलान, प्रदेशभर के अस्पतालों में लटकेगा ताला! जानिए क्या है मांगे?

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर चरमरा सकती है, प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स ने फिर 21 सितंबर से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल करेंगे। एसोसिएशन की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर हड़ताल की सूचना दे दी गई है।

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि मांगों को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते संगठन ने आंदोलन का फैसला लिया है।

वही कल शाम जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से भी मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांगों और लंबित मुद्दों को स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा।

एसोसिएशन का कहना है कि मांगों को लेकर लगातार बातचीत और पत्राचार के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। फिलहाल नजरें सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर हैं…क्या 21 सितंबर से पहले जूनियर डॉक्टरों की मांगों पर सहमति बनती है, या फिर प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल शुरू होगी।

झीरम घाटी हत्याकांड : NIA कोर्ट के फैसले का आदिवासी समाज ने किया विरोध, अब हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

झीरम घाटी हत्याकांड : NIA कोर्ट के फैसले का आदिवासी समाज ने किया विरोध, अब हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

 जगदलपुर. झीरम घाटी हत्याकांड में NIA कोर्ट के फैसले के बाद अब आदिवासी समाज भी खुलकर सामने आया है. अदालत ने मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है, लेकिन समाज का एक वर्ग इस फैसले से संतुष्ट नहीं है. जगदलपुर के परपा में हुई बैठक में बस्तर संभाग समेत करीब 6 से 7 जिलों से समाज के लोग और प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल हुए. बैठक में इन लोगों ने दावा किया कि जिन लोगों को सजा सुनाई गई है, वे झीरम की घटना में शामिल नहीं थे और उन्हें गलत तरीके से मामले में आरोपी बनाया गया.

हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देने की तैयारी

समाज के लोगों का कहना है कि गांवों में होने वाली बैठकों में ग्रामीणों का शामिल होना सामान्य बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे नक्सली गतिविधियों में शामिल थे. इसी आधार पर समाज अब इस मामले को आगे अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है.

चंदे के पैसे लड़ेंगे कानूनी लड़ाई, हर परिवार से 20 रुपये लेंगे

समाज ने फैसला लिया है कि हर गांव और हर परिवार से चंदा जुटाकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी. इसके लिए प्रत्येक परिवार से 20 रुपए लेने की बात कही गई है. समाज का कहना है कि पहले हाईकोर्ट में अपील की जाएगी और अगर वहां से भी उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिलती है, तो सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी.

जेल में बंद लोग निर्दोष : प्रकाश ठाकुर

सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर का कहना है कि प्रभावित परिवारों के साथ बैठक हुई है. झीरम हत्याकांड मामले में एनआईए के सुनाए गए फैसले से समाज संतुष्ट नहीं है. निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर जेल में बंद किया गया है. बैठक में प्रभावितों ने बताया कि उनके परिवार के लोग घटना के दौरान मौजूद ही नहीं थे. घटना की कोई जानकारी आसपास के किसी गांव वालों को नहीं थी. यह घटना वास्तव में बेहद दुखद है. लेकिन कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए लोग घटना में शामिल नहीं थे. वह नक्सली भी नहीं थे.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने के कारण बैठक बुलाई जाती थी, तो वह जाते थे. मगर उन्होंने कभी भी नक्सल गतिविधियों में हिस्सा नहीं लिया. अब इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती देंगे, पक्ष में फैसला नहीं आने पर सुप्रिम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की तैयारी है.

असली नक्सली जी रहे आराम की जिंदगी : गंगा नाग

वहीं सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष गंगा नाग ने भी कहा कि प्रभावित परिवारों से चर्चा के बाद समाज को लगा कि सजा पाए लोग निर्दोष हैं. घटना के पीछे जो असली नक्सली थे, वह आज आराम की जिंदगी जी रहे हैं. इसी वजह से समाज एकजुट होकर उनके लिए कानूनी लड़ाई लड़ने जा रहा है.

झीरम के फैसले के बाद सामने आया यह विरोध इस मामले की कानूनी लड़ाई को एक नए चरण में ले जाता दिखाई दे रहा है.

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में स्थापित होंगे उद्यमिता विकास केंद्र, सीएम ने किया ट्रेड फेयर का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में स्थापित होंगे उद्यमिता विकास केंद्र, सीएम ने किया ट्रेड फेयर का शुभारंभ

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की समृद्ध परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापार और व्यवसाय से आगे बढ़कर समाज के उद्यमियों ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता, करुणा, सहयोग और सहभागिता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उनका संदेश था कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और जो सक्षम हैं, वे जरूरतमंद लोगों का हाथ थामकर उन्हें भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएं। अग्रवाल समाज ने महाराजा अग्रसेन जी के इन आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने आचरण में उतारा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल सफल व्यापार और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थोपार्जन के साथ परमार्थ की भावना इस समाज की विशिष्टता रही है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों, धर्मशालाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं तथा अनेक जनसेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज निरंतर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाता आया है।

कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, तब अग्रवाल समाज ने आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता की। मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाना हो अथवा स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की मदद करना हो, समाज ने सेवाभाव का परिचय देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में ऐसा सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जहां व्यापार और उद्योगों का विस्तार हो, निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित हों। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े अग्रवाल समाज के अनुभवी लोगों के सुझाव शासन की नीतियों को और अधिक व्यावहारिक एवं जनोपयोगी बनाने में सहायक रहे हैं।

महिला शक्ति और युवाओं की भागीदारी से समाज को मिलेगी नई ऊर्जा

मुख्यमंत्री साय ने अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां और बहनें परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार, समाज और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई शक्ति प्रदान कर रही है।

उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित विशेष सत्र को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बदलते समय में नई पीढ़ी के सामने अवसरों का एक विशाल संसार है। युवाओं को अपने संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को अपनाना होगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे स्वयं को केवल नौकरी खोजने तक सीमित न रखें, बल्कि नए विचारों और उद्यमों के माध्यम से स्वयं आगे बढ़ें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करें।

रोजगार केंद्रित औद्योगिक नीति से खुल रहे निवेश के नए द्वार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को अब तक लगभग 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की उद्यमशीलता को नई दिशा देने के उद्देश्य से हाल ही में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इससे युवाओं को नई तकनीकों, कौशल, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों तथा मूल्य संवर्धित कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ना है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलेंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा अंचल की आर्थिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश एवं रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

उन्होंने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से आह्वान किया कि वे इन संभावनाओं से जुड़ें और अपने अनुभव तथा उद्यमशीलता के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और छोटे उद्यमियों को भी आगे बढ़ने में सहयोग करें। बड़े और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में स्वास्थ्य एवं योग जैसे विषयों को शामिल किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार और कार्य की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति से ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है तथा स्वस्थ समाज ही निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने ‘दशम अग्र अलंकरण’ के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और सम्मानित होने वाली सभी विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को भी अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा अंबिकापुर, सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा सहित आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को अग्र महाकुंभ-2026 के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कामना की कि अग्रवाल समाज की उद्यमिता, सेवा, सहयोग और परोपकार की गौरवशाली परंपरा इसी तरह निरंतर आगे बढ़ती रहे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे।