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ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या, इतने नए जजों की नियुक्ति को मिली मंजूरी…

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या, इतने नए जजों की नियुक्ति को मिली मंजूरी…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 30 अक्टूबर को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में 6 लोगों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें 4 अधिवक्ता और 2 न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अधिवक्ता वर्ग से आनंद शुक्ला, रत्न निधि पुष्टि उर्फ आरएन पुष्टि उर्फ रतन पुष्टि, शशांक ठाकुर और सौरभ शर्मा के नामों को मंजूरी दी गई है। वहीं, न्यायिक अधिकारियों की श्रेणी से रजनीश श्रीवास्तव और बलराम प्रसाद वर्मा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की इस मंजूरी के बाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इन छह नामों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अन्नदाता किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : मुख्यमंत्री साय

अन्नदाता किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर।  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों की आवश्यकताओं को समझते हुए उनके हित में अनेक दूरगामी निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना इसका सशक्त उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी खेती संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के बनासकांठा में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के रूप में देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार 690 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना से आर्थिक संबल मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के 24.59 लाख से अधिक किसानों को मिले 498.48 करोड़ रुपए : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपए की राशि अंतरित की गई है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक 24 किस्तों में 11 हजार 776 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की गई है, जिससे सहायता वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को बीज, खाद, उर्वरक और खेती से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं के लिए समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रारंभ की गई है। इस योजना से विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों के संचालन में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अन्नदाताओं की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को समझकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दूरदर्शी पहल की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समस्त किसान परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि से ही गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कृषि क्षेत्र में बढ़ती आय, बेहतर सुविधाएं और आधुनिक तकनीक का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के आधार पर प्रभावित किसानों को आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवश्यक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन को प्राथमिकता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़ी है। किसानों की मेहनत और उनके हितों की रक्षा के लिए राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों के लिए खुलेंगे 360 नए उपार्जन केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों से 3 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था की गई है। यह दर देश में धान खरीदी के लिए दी जाने वाली सर्वाधिक दरों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ की जाएगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े तथा उपार्जन केंद्रों में उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 360 नए धान खरीदी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नए उपार्जन केंद्रों के खुलने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी। धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी भी अन्नदाता को धान बेचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। किसानों की सुविधा, उनकी मेहनत का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सिंचाई, आधुनिक कृषि और आय के वैकल्पिक स्रोतों को मिल रहा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए खेती को अधिक लाभकारी बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और कृषि आधारित आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन गतिविधियों से किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और आधुनिक एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के अन्नदाता किसान विकसित भारत के संकल्प की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। किसानों की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। वर्ष 2013-14 की तुलना में आज देश का कृषि बजट पांच गुना बढ़ चुका है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की व्यवस्था राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का महत्वपूर्ण उदाहरण है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

राजस्व मंत्री वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक संबल मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से किसानों को आर्थिक सहायता, कृषि संसाधन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। इससे किसानों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।

मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय के नए अवसर विकसित होंगे। इससे कृषि क्षेत्र अधिक लाभकारी बनेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में सभापति सविता चंद्राकर, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, सभापति गुरु सौरभ साहब, कृषि विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव और छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित कृषि विशेषज्ञ, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

 पोस्टर मेकिंग में छात्र-छात्राओं ने लिंग समानता और पर्यावरण सुरक्षा का मुद्दा उठाया

पोस्टर मेकिंग में छात्र-छात्राओं ने लिंग समानता और पर्यावरण सुरक्षा का मुद्दा उठाया

रायपुर :- महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय गांधी चौक रायपुर में आज से तीन दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ हुआ  शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी के द्वारा किया गया प्रतियोगिता के पहले चरण में पहले दिन तीन प्रतियोगिताएं आयोजित हुई इसमें मेहंदी सजाओ प्रतियोगिता वेस्ट फॉर बेस्ट प्रतियोगिता और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में 56 पार्टिसिपेंट्स ने हिस्सा लिया इसमें  प्रतियोगिता की विजेता गीतांजलि यादव बीसीए प्रथम वर्ष ने लैंगिक समानता का मुद्दा उठाया वहीं धृति स्थान बनाने वाली तांसीम खान बीकॉम पंचम सेमेस्टर की छात्रा ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को रेखांकित किया जबकि इसी प्रतियोगिता में तीसरा स्थान बनाने वाली प्रतिभागी ने पर्यावरण सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की प्रतियोगिता के निर्णायक अर्जुन नाग सोम गोस्वामी और विवेक प्रकाश साहू रहे जिन्होंने प्रतियोगियों के प्रदर्शन की सराहना की प्रतियोगिता के दूसरे सेगमेंट सलाद डेकोरेशन में रश्मि साहू प्रथम स्थान पर रही इन्होंने फल सब्जी के माध्यम से टेडी बेयर तैयार किया था दूसरा स्थान बनाने वाले प्रीति वर्मा ने क्लॉक को दर्शाया जबकि तीसरा स्थान बनाने वाले रमेश बघेल डीसीए फर्स्ट सेम ने पीकॉक बनाकर के अपनी कल्पना का अद्भुत चित्रण प्रस्तुत किया इस प्रतियोगिता के निर्णायक डॉक्टर श्रुति तिवारी डॉक्टर सुधीर जैन एवं सना खान रही प्रतियोगिता का बेहद आकर्षक सेगमेंट बेस्ट ऑफ़ वेस्ट मे प्रथम स्थान दीक्षा ने प्राप्त किया इन्होंने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की फोटो को बनाया था वही सेकंड स्थान प्राप्त करने वाली वीणा यादव ने फायर अलार्म को बनाकर लोगों में जागरूकता की बढ़ाने की कोशिश की है प्रतियोगिता के तीसरे स्थान पर वॉल डेकोरेशन कर गीतांजलि यादव जीत घोषित की गई इस प्रतियोगिता में डॉक्टर शिल्पा वाधवा डॉक्टर प्रेमचंद्राकार और श्रीमती जीवन ज्योति सिंह की उपस्थिति निर्णायक के रूप में रही प्रतियोगिता का अंतिम सेगमेंट मेहंदी सजाओ प्रतियोगिता में सानिया रश्मि पांडे आकांक्षा नायक ने भाग लिया इस प्रतियोगिता के निर्णायक शिक्षिका सोमा गोस्वामी और सुमन शर्मा अर्जुन नाग रहे इन सभी तीनों प्रतियोगिताओं में 150 से अधिक बच्चों ने भाग लिया और उत्साह पूर्वक माहौल में अपना प्रदर्शन किया । कार्यक्रम प्रभारी डॉ अनुपमा जैन सहित सभी प्राध्यापिका उपस्थित रहे ।

CG Job Alert: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का मौका! मेडिकल कॉलेज के 448 पदों पर भर्ती का रास्ता खुला

CG Job Alert: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का मौका! मेडिकल कॉलेज के 448 पदों पर भर्ती का रास्ता खुला

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ अंबिकापुर के राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 448 पदों पर भर्ती के विज्ञापन रद्द करने के फैसले को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच ने मनमाना कार्रवाई करार दिया है।

हाई कोर्ट ने 23 अप्रैल 2025 की सामान्य सभा के फैसले को निरस्त करते हुए पुरानी भर्ती प्रक्रिया उसी चरण से दोबारा शुरू करने और तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है, केवल भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलता, लेकिन चल रही भर्ती को बिना ठोस और उचित कारण के बीच में रद्द भी नहीं किया जा सकता।

448 पदों के लिए मिले थे 55,335 आवेदन

याचिकाकर्ताओं आदित्य सैनी, युवराज लिंगम, टिकेश्वर राम, सुभद्रा पैकरा, खेल साय, गौरव गोंड, दिलेश्वर राम, सोनम सिदार, प्रमोद जायसवाल और वृंदावती ने अधिवक्ता पवन श्रीवास्तव के माध्यम से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि 20 जुलाई 2022 और वर्ष 2023 में जारी संशोधित विज्ञापनों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी।

चयन सूची तैयार होने के बाद 23 अगस्त 2023 को दस्तावेज सत्यापन होना था, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। बाद में भर्ती रद्द कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के माध्यम से नई भर्ती कराने का निर्णय लिया गया।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि सामान्य सभा की बैठक में विभिन्न पदों के लिए एक लाख से अधिक आवेदन मिलने और भर्ती में ज्यादा समय लगने को विज्ञापन रद्द करने का आधार बताया गया था, जबकि महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने 19 जून 2025 को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को भेजे पत्र में तृतीय श्रेणी के 63 पदों के लिए 10,374 और चतुर्थ श्रेणी के 385 पदों के लिए 44,961 आवेदन दर्ज किए थे। यानी कुल 448 पदों के लिए 55,335 आवेदनों को शामिल किया गया था।

राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी ने कहा, किसी अभ्यर्थी को भर्ती में शामिल होने या दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए जाने भर से नियुक्ति का पक्का अधिकार नहीं मिलता। प्रशासन को भर्ती का तरीका बदलने का अधिकार है और फैसला संस्थागत हित में लिया गया था।

याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच ने कहा, सरकार भर्ती प्रक्रिया रद्द कर सकती है, लेकिन इसके लिए सद्भावनापूर्ण, तर्कसंगत और कानून के अनुरूप कारण होना जरूरी है। आवेदन संख्या में बड़े अंतर का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। यह भी नहीं बताया गया कि पुरानी प्रक्रिया पूरी करना असंभव क्यों था या उसे रद्द करना क्यों जरूरी था। भर्ती में किसी ऐसी अवैधता या प्रक्रिया संबंधी खामी का भी उल्लेख नहीं किया गया, जिसके कारण उसे बंद करना आवश्यक होता।

कोर्ट ने भर्ती रद्द करने का फैसला और उससे संबंधित कार्रवाई निरस्त कर अधिकारियों को पुरानी भर्ती विज्ञापन के आधार पर प्रक्रिया फिर शुरू करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन कर अभ्यर्थियों की तुलनात्मक मेरिट के अनुसार चयन करना होगा। निर्धारित नियमों के तहत पात्र और मेरिट के आधार पर नियुक्ति के हकदार अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त होने से तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी।

ब्रेकिंग : भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन,78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर…

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 दुर्ग - दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र सहित दुर्ग-भिलाई और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है।

“डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उनका राजनीतिक जीवन लंबा रहा है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी थीं। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1999 में वे दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके थे।”

CG- चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी: पुरानी रंजिश में युवक पर किया ताबड़तोड़ हमला, इलाके में दहशत का माहौल

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है, यहां आए दिन अलग अलग जिलों से हत्या, चाकूबाजी, जैसे कई अपराधिक घटनाएं सामने आ रही है। ऐसा ही एक मामला राजधानी रायपुर से सामने आया है, जहां एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया है। जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

घटना कुशालपुर इलाके का है। जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते गजनी उर्फ जितेंद्र सेन पर चाकू से हमला किया गया। घटना देर रात की बताई जा रही है। जिसमें तीन सगे भाईयों अश्ववनी तिवारी, लखन तिवारी और प्रकाश तिवारी से पीड़ित गजनी से पुरानी रंजिश चल रही है, इसी दौरान देर रात कुशालपुर चौक पर आमना सामना हुआ और सभी में बहस के बाद आरोपी अश्वनी ने अपने साथ लाये चाकू से गजनी पर हाथ,गाल और पेट पर ताबड़तोड़ हमला किया। जिससे वो घायल हो गया।

पुरानी बस्ती थाना पुलिस को जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची औऱ मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम को भी आरोपियों की तलाश में लगाया गया जिसने देर रात पुरी वारदात का मुख्य आरोपी अश्वनी तिवारी को गिरफ्तार कर लिया लेकिन लखन तिवारी और प्रकाश तिवारी फरार हैं। फिलहाल पुरानी बस्ती थाना पुलिस हत्या का प्रयास का मामला दर्जकर दोनो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

 रायपुर के आसमान में गूंजा सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों का शोर, 2 नवंबर को होगा भव्य एयर शो

रायपुर के आसमान में गूंजा सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों का शोर, 2 नवंबर को होगा भव्य एयर शो

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी रायपुर के आसमान में रोमांच और रोमांचक करतबों का नजारा देखने को मिलेगा। 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध हेलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम ‘सारंग’ भव्य एयर शो प्रस्तुत करेगी। इस आयोजन से पहले शुक्रवार को रायपुर में पांच हेलीकॉप्टरों के साथ रिहर्सल की गई। शहर के अलग-अलग इलाकों के ऊपर से गुजरते हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

रायपुर के आसमान में शुक्रवार को उस वक्त रोमांचक नजारा देखने को मिला, जब भारतीय वायु सेना की सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टर शहर के ऊपर से गुजरे। हेलीकॉप्टरों की आवाज सुनकर लोग घरों की छतों और ऊंची इमारतों पर पहुंच गए और इस नजारे को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 2 नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र में सुबह 11 बजे से भव्य एयर शो का आयोजन किया जाएगा। इसमें सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टर आसमान में एक साथ उड़ान भरकर शानदार एरोबेटिक करतब दिखाएंगे। एयर शो को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। उम्मीद है कि इस भव्य हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सेंध लेक पहुंचेंगे।

 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि

आगामी 1 नवंबर 2026 से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत

प्रदेश के 3.85 लाख शासकीय कर्मचारियों और 1.50 लाख पेंशनरों को मिलेगा लाभ

दीपावली से पहले लिया गया निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों की खुशियां बढ़ाएगा : मुख्यमंत्री साय

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीपावली के पावन पर्व से पहले प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनरों की महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके तहत आगामी 1 नवंबर 2026 से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी।

इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 3 लाख 85 हजार शासकीय कर्मचारियों और 1 लाख 50 हजार पेंशनरों को लाभ मिलेगा। महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में वृद्धि से राज्य सरकार पर लगभग 36 करोड़ रुपए प्रतिमाह तथा 432 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान करने के साथ ही उनके परिवारों में त्योहार की खुशियों और उल्लास को बढ़ाएगा।

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएरू मुख्य सचिव विकासशील

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएरू मुख्य सचिव विकासशील

 शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएरू मुख्य सचिव विकासशील

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण निराकरण

15 नवंबर से पहले फसलों की गिरदावरी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश

मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई उच्चाधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर- मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

        मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज आम जनता की शिकायतों का निराकरण सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निराकरण के पश्चात इसकी जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

15 नवंबर तक गिरदावरी कार्य पूरा करने के निर्देश

        राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी 15 नवंबर से पूर्व सभी फसलों की गिरदावरी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कर लिया जाए। इसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी किसान के खेत की गिरदावरी छूट जाती है, तो वे ग्राम सभा में आवेदन देकर तत्काल इसे पूर्ण करवा सकते हैं।

निर्माण कार्यों में गति लाने पर जोर

        बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए 
लोक निर्माण विभाग ने शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा किया जाए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग के  नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए एक सुव्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना पर कार्य करने को कहा गया। बैठक के दौरान संस्कृति विभाग के अधिकारियों से राज्योत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली गई।

पारस पोर्टल और भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा

       बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 योजना में बिना किसी विलंब के प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया।

       बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश

चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश

चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

सर्वेक्षण और राहत वितरण में अनावश्यक विलंब न हो, किसानों को समय पर मिले सहायता : मुख्यमंत्री  साय

अन्नदाताओं के हितों की रक्षा और उन्हें हरसंभव संबल प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर राहत मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे।

मुख्यमंत्री  साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर सहायता राशि के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

छत्तीसगढ़ में EOW-ED की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-बिलासपुर-राजनांदगांव समेत कई जिलों में छापेमारी

छत्तीसगढ़ में EOW-ED की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-बिलासपुर-राजनांदगांव समेत कई जिलों में छापेमारी

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार सुबह रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव समेत प्रदेश के कई जिलों में दोनों एजेंसियों की टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। अलग-अलग टीमों द्वारा सुबह से ही दस्तावेजों की जांच और तलाशी ली जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई CGMSC और कोल मामले से जुड़ी हुई है। अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रदेश में हलचल मच गई है।

रायपुर में 3 से 4 ठिकानों पर ED की रेड

जानकारी के मुताबिक, राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने 3 से 4 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। टीम ने संबंधित परिसरों को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया।इस दौरान अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच एजेंसी को मामले से जुड़े अहम दस्तावेज और साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।फिलहाल रायपुर में ED की कार्रवाई जारी है।

CGMSC और कोल मामले से जुड़े हैं तार

सूत्रों के मुताबिक, ED और EOW की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के CGMSC और कोल घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।इसी सिलसिले में रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव समेत कई जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।दोनों जांच एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही हैं। इसमें वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच शामिल है।

कई जिलों में एक साथ जांच, बड़े नामों पर नजर

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक साथ हुई इस कार्रवाई को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसियां मामले से जुड़े लोगों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही हैं। जांच पूरी होने और एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही कार्रवाई की विस्तृत तस्वीर साफ हो सकेगी।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में EOW और ACB से 12 अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त, गृह विभाग में वापसी

BREAKING : छत्तीसगढ़ में EOW और ACB से 12 अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त, गृह विभाग में वापसी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ 12 अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग गृह विभाग को वापस कर दी हैं। इस संबंध में 23 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया है।जारी आदेश के अनुसार, पहले आदेश में पांच निरीक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है। इनमें वीरेंद्र चंद्रा, शरद चंद्रा, बृजेश कुरवाहा, संतराम सोनी और उमेश टंडन शामिल हैं।

वहीं, दूसरे आदेश में सात अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं वापस की गई हैं। इनमें पोरख पुरे और सौरभ द्विवेदी (निरीक्षक), जितेंद्र नंदे (उप निरीक्षक), निनेश लाल ध्रुव (सहायक उप निरीक्षक) तथा आरक्षक अभिषेक कुमार (435), रिश्ता दीवान (960) और मोहन ध्रुव (525) शामिल हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से गृह विभाग में वापस किया जा रहा है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है।

एक साथ 12 अधिकारी-कर्मचारियों की वापसी के आदेश के बाद पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के पीछे की वजह का आदेश में उल्लेख नहीं किया गया है।

छत्तीसगढ़ के 152 चिकित्सा अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त, आदेश जारी, देखें पूरी लिस्ट

छत्तीसगढ़ के 152 चिकित्सा अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त, आदेश जारी, देखें पूरी लिस्ट

  रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 152 चिकित्सा अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने का आदेश जारी किया है। 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के अधीन नियुक्त अधिकारियों को शामिल किया गया है।

विभाग के मुताबिक, इन चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसके आधार पर उनके नाम के सामने निर्धारित तिथियों से परिवीक्षा अवधि समाप्त की गई है।सूची में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को भेजने और विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

रायपुर। राज्य सरकार ने राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है। जारी आदेश में अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक राजस्व, राजस्व निरीक्षक एवं डाटा एंट्री आपरेटरों को इधर से उधर किया गया है।

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सुकमा में पुलिस को बड़ी सफलता: आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना पर भारी मात्रा में विस्फोटक और IED बरामद

सुकमा में पुलिस को बड़ी सफलता: आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना पर भारी मात्रा में विस्फोटक और IED बरामद

 सुकमा।  छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आत्मसमर्पित नक्सलियों से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने कुकानार थाना क्षेत्र के दुमनपारा और जोंगेरास के जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्चिंग अभियान चलाकर नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए डम्प का पता लगाया। यहां से दो टिफिन आईईडी, 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, जिलेटिन रॉड, जिंदा कारतूस सहित बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और नक्सली उपयोग की अन्य वस्तुएं बरामद की गईं।

पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को जिला बल, जिला रिजर्व गार्ड (DRG) और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने कुकानार थाना क्षेत्र के ग्राम दुमनपारा एवं जोंगेरास के जंगल-पहाड़ी इलाके में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का डम्प मिला। टीम ने सामग्री को सुरक्षित तरीके से बरामद किया। मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है।

दो टिफिन बम समेत 23 प्रकार की सामग्री बरामद

बरामद सामग्री में लगभग 5 किलोग्राम और 3 किलोग्राम के दो टिफिन आईईडी, 14 जिलेटिन रॉड, 315 बोर के 14 जिंदा कारतूस और 80 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर शामिल हैं। इसके अलावा 30 मीटर कॉडेक्स वायर, 15 मीटर सेफ्टी फ्यूज, लगभग 100 मीटर इलेक्ट्रिक वायर तथा सात बड़े और सात छोटे बीजीएल कारतूस भी बरामद किए गए।

सुरक्षा बलों को मौके से वायरलेस सेट और मैनपैक सेट की बैटरियां, दो वायरलेस चार्जर, तीन डीसी चार्जर, दो बीजीएल सेल निप्पल, कैमरा फ्लैश, कैलकुलेटर, तीन टू-पिन प्लग-सॉकेट सेट, चार मैगजीन पाउच, तीन काली वर्दी की पैंट, चार राइफल स्लिंग, एक हरी टी-शर्ट, दो कमर बेल्ट और एक नीले रंग का प्लास्टिक कंटेनर भी मिला।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में अभियान

पुलिस के मुताबिक, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के नेतृत्व एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीष कुंवर के मार्गदर्शन में नक्सल उन्मूलन अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है।

इसी अभियान के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर जंगलों और दुर्गम इलाकों में पहले से छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य सामग्री के डम्प की तलाश की जा रही है।

सर्चिंग अभियान रहेगा जारी

सुकमा पुलिस ने बताया कि जिले में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से एरिया डोमिनेशन एवं सर्चिंग अभियान लगातार जारी रहेंगे। जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों में छिपाकर रखी गई नक्सली सामग्री की बरामदगी के लिए सुरक्षा बल सतर्कता के साथ कार्रवाई कर रहे हैं।

 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुख्यमंत्री निवास से दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मुख्यमंत्री निवास से दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में होंगे शामिल

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे सोनतराई से सूर तक बनने वाली फोरलेन सड़क का भूमिपूजन करेंगे।

दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन, रायपुर से ही शामिल होंगे। कार्यक्रमों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

फोरलेन सड़क के भूमिपूजन को क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी और आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, बाबा कार्तिक उरांव जन्म शताब्दी समारोह के माध्यम से उनके योगदान को याद किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रमों को लेकर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

CG : सुकमा के 3 माओवादियों ने आंध्र प्रदेश में किया आत्मसमर्पण, हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला

CG : सुकमा के 3 माओवादियों ने आंध्र प्रदेश में किया आत्मसमर्पण, हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने का लिया फैसला

 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तीन माओवादियों ने आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वाले तीनों माओवादी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

चिंतलनार क्षेत्र के रहने वाले हैं तीनों माओवादी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों की पहचान माड़वी कोइंदा, हेमला रजनी और कोवासी जोगी के रूप में हुई है। तीनों सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र के पेंटापाड़ इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं।

बताया गया है कि ये माओवादी छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय थे। उन्होंने आंध्र प्रदेश पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर हिंसा का रास्ता छोड़ने का निर्णय लिया।

संगठन में भूमिका और इनाम की जानकारी का इंतजार

तीनों माओवादियों के आत्मसमर्पण को सीमावर्ती इलाकों में माओवादी गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, संगठन में उनकी भूमिका, उन पर घोषित इनाम और आत्मसमर्पण की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 
 
CG- सोशल मीडिया पर दोस्ती कर 13 साल की नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाया, शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, फिर जो हुआ…..

CG- सोशल मीडिया पर दोस्ती कर 13 साल की नाबालिग को प्रेमजाल में फंसाया, शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, फिर जो हुआ…..

 रायगढ। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। जहां सोशल मीडिया के जरिए एक 13 साल की नाबालिग से दोस्ती कर उसे भगा ले जाने और दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ममाला पुसौर थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को पुसौर थाना क्षेत्र की एक महिला ने सिटी कोतवाली में अपनी 13 वर्षीय बेटी की लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि, मेरी बेटी रायगढ़ में अपने परिचित के यहां रहकर पढ़ाई करती थी। 20 अक्टूबर की सुबह वह बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी।

वही परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल। इसके बाद इसकी शिकायत थानें मे दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले की कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज और जांच में जुट गई। जांच के दौरान नाबालिग के परिजनों और नाबालिग की दोस्तों से पूछताछ की गई। साथ ही उसके सोशल मीडिया अकाउंट की जांच की गई, जिसमें महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।

नाबालिग ने बताया कि, करीब 6 महीने पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से 18 वर्ष के उत्तम रावत उर्फ रिशु रावत से हुई। वह भांठापारा, निपनिया के रहने वाले है। इसके बाद दोनों के बीच सोशल मीडिया पर बातचीत होने लगी। आरोप है कि, युवक ने इसी जान-पहचान का फायदा उठाकर नाबालिग को अपने साथ चलने के लिए बहलाया-फुसला कर ले गया।

पुलिस ने बताया कि, आरोपी 19 अक्टूबर की रात रायगढ़ पहुंचा था। अगले दिन 20 अक्टूबर की सुबह उसने नाबालिग को रेलवे स्टेशन के पास बुलाया और ट्रेन में बैठाकर डोंगरगढ़ ले गया। आरोपी उसे डोंगरगढ़ में अपने दोस्त के घर ले गया। वहां चार दिनों तक रखा और शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

पुलिस से बचाने के लिए संदिग्ध युवक लगातार अलग-अलग जगहों में रह रहा था। पुलिस ने 26 अक्टूबर को नाबालिग सकूशल बरामद किया गया। नाबालिग की बरामदगी के बाद महिला पुलिस अधिकारी ने उसका बयान दर्ज किया। इसके साथ ही उसकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। नाबालिग के बयान और जांच के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 87, 65(1) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 जोड़ी है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी उत्तम रावत उर्फ रिशु रावत को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।

मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को दी 232 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को दी 232 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

00 24.29 करोड़ के 63 विकास कार्यों का लोकार्पण और 208.20 करोड़ रुपये के 54 कार्यों का भूमिपूजन
00 सरगुजा अंचल सहित प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं को साकार करना हमारा संकल्प : साय
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सूरजपुर जिले को 232 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में 24 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 63 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 208 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत के 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर नगर पंचायत में 2 करोड़ 70 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा भी की।
साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार सरगुजा और बस्तर सहित प्रदेश के सभी क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाओं को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। हमारा संकल्प है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम गाँव तक पहुँचे और प्रत्येक नागरिक को आगे बढऩे के समान अवसर मिलें। साय ने प्रेमनगर नगर पंचायत में मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये तथा वार्ड क्रमांक 10, 11 एवं 12 से विश्रामगृह तक लगभग दो किलोमीटर बीटी सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ 20 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रेमनगर विधानसभा क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की आवश्यकताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा रखी गई माँगों के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज सूरजपुर जिले के लिए खुशी और गौरव का अवसर है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन जिले की प्रगति को नई गति देगा। इन कार्यों से नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुँच पाने पर क्षेत्रवासियों से खेद व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रेमनगर के लोगों से प्रत्यक्ष मुलाकात करने के लिए उत्सुक थे, लेकिन मौसम की बाधा के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने कार्यक्रम की बेहतर तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की सराहना की।

जल संचय जनभागीदारी अभियान में सूरजपुर की उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक
मुख्यमंत्री श्री साय ने जल संचय जनभागीदारी अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने पर सूरजपुर जिले के नागरिकों, कलेक्टर और जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि इस अभियान में सूरजपुर जिला प्रदेश में प्रथम और देश में चौथे स्थान पर है। यह उपलब्धि जनभागीदारी, जागरूकता और प्रशासन के समर्पित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते वर्षा चक्र, गिरते भूजल स्तर और पेयजल की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। वर्षा जल का संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सूरजपुर जिले ने इस दिशा में जो प्रयास किए हैं, वे अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण और जल संवर्धन को विशेष प्राथमिकता दे रही है। सूरजपुर जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन से संबंधित अधोसंरचना विकास के 2,212 कार्यों पर लगभग 130 करोड़ 56 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिलेगा, भूजल स्तर सुधारने में सहायता मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी हमारी सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
किसानों की समृद्धि और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है। किसानों को अपनी उपज बेचने में अधिक सुविधा मिले, इसके लिए प्रदेश में 360 नए धान खरीदी केंद्रों को स्वीकृति दी गई है। इससे किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक प्रतीक्षा करने से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों को धान की अंतर राशि भी एकमुश्त प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती की समृद्धि के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। हमारी सरकार का प्रयास है कि किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुँचे और वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इसके अतिरिक्त वर्षों पुरानी लगभग 1,500 सिंचाई योजनाओं की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों से नहरों, बांधों के गेट तथा अन्य सिंचाई संरचनाओं का सुधार होगा और किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
माताओं-बहनों के चेहरे की खुशी हमारी योजनाओं की सार्थकता : साय
साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना हमारी सरकार का महत्वपूर्ण संकल्प है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह आर्थिक सहायता पहुँचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास के दौरान जब वे योजना से लाभान्वित माताओं-बहनों से मिलते हैं और उनके चेहरों पर खुशी तथा आत्मविश्वास देखते हैं, तो उन्हें अत्यंत संतोष होता है। महिलाओं के जीवन में आ रहा यह सकारात्मक बदलाव ही हमारी योजनाओं की वास्तविक सार्थकता है।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है। विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, कमार, बैगा और अबूझमाडिय़ा जैसे विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों को पक्के आवास सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचल के परिवारों की आय बढ़ाने के लिए भी राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। इससे प्रदेश के लाखों वनवासी परिवारों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राकृतिक और वन संपदा स्थानीय लोगों की आजीविका तथा समृद्धि का मजबूत आधार बने, इसके लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण बना है। जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद के कारण विकास की गति बाधित थी, वहाँ अब सड़क, बिजली, पानी, आवास और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचलों में पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाने के लिए कार्य कर रही है। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को घर बैठे मिले शासकीय सेवाओं का लाभ
साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ है कि आम नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शुरुआत की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएँ दर्ज करा सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु के माध्यम से विभिन्न शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक अब मोबाइल के माध्यम से आवेदन कर घर बैठे प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से शासकीय सेवाओं के साथ बैंकिंग सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए बैंकों और सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
अंजोर विजन 2047 के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में बढ़ रहे कदम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध वन संपदा और मेहनतकश लोगों का प्रदेश है। यहाँ विकास की अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अंजोर विजन 2047 तैयार किया है और इसके अनुरूप मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के समान अवसर मिलें। उन्होंने प्रदेशवासियों से विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरगुजा संभाग में विकास कार्यों को मिल रही नई गति : कृषि मंत्री नेताम
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेमनगर अपने नाम के अनुरूप प्रेम और आत्मीयता से भरे लोगों का क्षेत्र है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित हम सभी यहाँ आकर क्षेत्रवासियों से मिलना चाहते थे, लेकिन प्रतिकूल मौसम के कारण कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुँच सके। उन्होंने इसके लिए क्षेत्रवासियों से खेद व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की सराहना की। नेताम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पूरे प्रदेश, विशेषकर सरगुजा संभाग के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिली है। राज्य सरकार सुनियोजित ढंग से अधोसंरचना निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुँचाने के लिए कार्य कर रही है। वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद स्वीकृत निर्माण कार्यों में और तेजी आएगी तथा आने वाले समय में सूरजपुर सहित पूरे सरगुजा संभाग में विकास के नए कार्य धरातल पर दिखाई देंगे।
उन्होंने कहा कि सूरजपुर जिला प्राकृतिक सुंदरता और संसाधनों से समृद्ध है तथा यहाँ विकास की व्यापक संभावनाएँ हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से प्रत्येक ग्राम पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकता तय कर विकास कार्य स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में एक-दो आवश्यक निर्माण कार्य प्रारंभ कराए जाएँ, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान हो और विकास का लाभ अंतिम गाँव तक पहुँचे।
महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही राज्य सरकार की योजनाएँ : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और जनकल्याण के कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं, किसानों, गरीब परिवारों और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित कर रही है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है। सड़क, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों का जीवन सुगम बन रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। महिलाओं और समाज के सभी वर्गों की आर्थिक मजबूती से ही प्रदेश की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने सूरजपुर जिले को विकास कार्यों की बड़ी सौगात मिलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास से सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, श्री भरत सिंह सिसोदिया तथा प्रेमनगर स्थित कार्यक्रम स्थल पर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंदमणि पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का किया वर्चुअल अनावरण

मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का किया वर्चुअल अनावरण

 00 स्वर्गीय लरंग साय जी का जीवन जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास के लिए समर्पित रहा : साय
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से बलरामपुर जिले के ग्राम चिरई-जसवंतपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय  लरंग साय जी की प्रतिमा का अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए जनसेवा, जनजातीय समाज के उत्थान और सरगुजा अंचल के विकास में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले को 202 करोड़ 65 लाख की लागत के 2,009 विकास कार्यों की सौगात दी। इनमें 156 करोड़ 68 लाख के 1,863 कार्यों का भूमिपूजन तथा 45 करोड़ 97 लाख के 146 पूर्ण कार्यों का लोकार्पण शामिल है।
मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय लरंग साय जी जनसेवा के प्रति समर्पित ऐसे जननेता थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन गरीबों, वंचितों, जनजातीय समाज और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित कर दिया। अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक, सांसद और मंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए सदैव जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। जनजातीय समाज के अधिकारों, सम्मान और विकास के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी प्रतिमा आने वाली पीढिय़ों को समाजसेवा, समर्पण और जनकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।
मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय लरंग साय जी के साथ अपने आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि जब वे पहली बार विधायक बने, तभी से उन्हें काका लरंग साय जी के निकट संपर्क में आने और उनके अनुभवों से सीखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि सांसद के रूप में दिल्ली में रहने के दौरान काका जी अक्सर उनके निवास पर आया करते थे और कई बार वहीं ठहरते थे। उन्होंने काका जी से कहा था कि जब भी वे दिल्ली आएँ, उनके लिए निवास पर एक कमरा हमेशा आरक्षित रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ भी स्वर्गीय लरंग साय जी के अत्यंत आत्मीय संबंध थे। अटल जी उनका विशेष सम्मान करते थे। काका जी का सहज स्वभाव, सरल जीवन और जनता के प्रति समर्पण उनकी विशिष्ट पहचान थी। सार्वजनिक जीवन में उनके आदर्श हम सभी के लिए सदैव अनुकरणीय रहेंगे।

विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे युवा, युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य से देश को बड़ी उम्मीदें : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे युवा, युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य से देश को बड़ी उम्मीदें : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर। विकसित भारत का सपना आज के युवाओं के लिए है और आने वाले समय में वही इसका नेतृत्व करेंगे। देश को युवाओं की प्रतिभा, ज्ञान और सामर्थ्य से बड़ी उम्मीदें हैं। इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा हासिल कर रहे युवाओं को अपने ज्ञान, अध्ययन और नवाचार का उपयोग केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसे समाज और राष्ट्रहित में लगाना चाहिए। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने रायपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में आयोजित दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में तकनीकी विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए ये बातें कही। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी योग्यता और क्षमता से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। कॉनक्लेव में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले, परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले युवा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी (Indian National Academy of Engineering) द्वारा दो दिनों के इस यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया था। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रुप में संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकसित भारत की परिकल्पना को लेकर काम कर रही है। देश में युवाओं को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर मिल रहे हैं। युवा अपनी योग्यता, ज्ञान और क्षमता के बल पर न केवल स्वयं आगे बढ़ सकते हैं, बल्कि भारत को भी दुनिया में नई पहचान दिला सकते हैं।

साव ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण आज की युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए हो रहा है। उन्होंने युवाओं से भावनात्मक संवाद करते हुए कहा कि हमारी पीढ़ी के लोग उस समय तक रहें या न रहें, लेकिन जब विकसित भारत दुनिया में अपने मान-सम्मान और गौरव के साथ खड़ा होगा, तब उसका नेतृत्व आज के युवा ही कर रहे होंगे। इसलिए विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्हें अभी से इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी समझते हुए योगदान देना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों ने इस दिशा में व्यापक विचार-विमर्श किया होगा। यहां से मिले विचार और अनुभव भविष्य में समाज तथा राष्ट्र के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवाहर लाल नेहरू एल्यूमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता, एनआईटी रायपुर के प्राध्यापकगण प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार भी यूथ कॉनक्लेव-कम-नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में शामिल हुए।

चक्रवात अर्नब का असर: छत्तीसगढ़ में बारिश से गिरा पारा, आज कहाँ भारी वर्षा की चेतावनी? देखें अपडेट

चक्रवात अर्नब का असर: छत्तीसगढ़ में बारिश से गिरा पारा, आज कहाँ भारी वर्षा की चेतावनी? देखें अपडेट

 रायपुर।  बारिश और ठंडी हवाओं ने छत्तीसगढ़ में दिन की गर्मी कम कर दी है। राजधानी रायपुर सहित कई इलाकों में बुधवार को बारिश हुई। मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, राजधानी का अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.8 डिग्री कम है। जगदलपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.5 डिग्री नीचे दर्ज किया गया।

आज इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना

मौसम केंद्र रायपुर के 28 अक्टूबर को जारी बुलेटिन के मुताबिक, गुरुवार को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की चेतावनी भी दी गई है।

रायपुर में दिनभर छाए रह सकते हैं बादल

राजधानी में गुरुवार को आसमान में बादल छाए रहने और कुछ दौर में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। अधिकतम तापमान लगभग 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान

शहर तापमान
रायपुर 26.1°C
माना एयरपोर्ट 25.8°C
बिलासपुर 27.8°C
पेंड्रा रोड 26.0°C
अंबिकापुर 27.5°C
जगदलपुर 24.4°C

ये आँकड़े मौसम केंद्र रायपुर की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट के हैं।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट और उसके बाद 3 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी की संभावना जताई है। बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

बैलेट पेपर की दुहाई देने वाली कांग्रेस बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी खाता नहीं खोल सकी : साय

बैलेट पेपर की दुहाई देने वाली कांग्रेस बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी खाता नहीं खोल सकी : साय

00 चुनाव ईवीएम से हो या बैलेट पेपर से, जीत के लिए जनता का विश्वास जरूरी, झूठे आरोप और शोर-शराबा नहीं
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि बार-बार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की दुहाई देने वाली कांग्रेस को अब बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनावों में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। विशेष रूप से कर्नाटक में अपनी सरकार होने के बावजूद कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनावी हार पर बार-बार मतदान प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करने वाली कांग्रेस अब अपनी इस पराजय के लिए किसे दोष देगी?
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी विफलताओं का ठीकरा मतदान प्रक्रिया पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस को समझना चाहिए कि चुनाव ईवीएम से हो या बैलेट पेपर से, जीत के लिए जनता का विश्वास जरूरी है, झूठे आरोप और राजनीतिक शोर-शराबा नहीं।

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता , माओवादियों द्वारा छिपाये गए हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता , माओवादियों द्वारा छिपाये गए हथियारों और विस्फोटकों का जखीरा बरामद

 छत्तीसगढ़- महाराष्ट्र सीमा से लगे गढ़चिरौली जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ अभियान चलाते हुए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया है। पुलिस को मिली सूचना के बाद विशेष अभियान टीम ने वांगेटूर थाना क्षेत्र के मचुवांचा जंगल में सर्च ऑपरेशन चलाया।

तलाशी के दौरान जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई 1 बैरल बोर राइफल, 3 सिंगल शॉट राइफल, 1 एयरगन, वायरलेस उपकरण, 100 सुतली बम और माओवादी वर्दी का कपड़ा बरामद किया गया। पुलिस ने विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया।

इस अभियान में पुलिस की विशेष टीम, इंटेलिजेंस सेल और बम निरोधक दस्ता (BDDS) शामिल रहा। पुलिस की इस कार्रवाई से माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा सामने आया है।

 
 
 
CG : सराफा व्यापारी से बड़ी लूट, 6 बदमाशों ने घाटी में रोककर किया हमला, 15 किलो चांदी और नकदी लेकर फरार

CG : सराफा व्यापारी से बड़ी लूट, 6 बदमाशों ने घाटी में रोककर किया हमला, 15 किलो चांदी और नकदी लेकर फरार

कवर्धा।  छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में सराफा व्यापारी से लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। दलदली के साप्ताहिक बाजार से बाइक पर घर लौट रहे व्यापारी को तरेगांव और बैजलपुर के बीच घाटी में छह बदमाशों ने रोक लिया। दो बाइक पर सवार होकर आए बदमाशों ने व्यापारी से बैग छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर डंडे से हमला कर दिया और चांदी के जेवरात समेत नकदी लूटकर फरार हो गए। घटना तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र की है। नक्शेदेखें

घाटी में घात लगाकर बैठे थे बदमाश

जानकारी के अनुसार, पांडातराई निवासी सराफा व्यापारी वेद प्रकाश सोनी मंगलवार को दलदली में साप्ताहिक बाजार गए थे। बाजार से बाइक पर घर लौटते समय तरेगांव और बैजलपुर के बीच घाटी में दो बाइक पर सवार छह अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने उनका बैग छीनने का प्रयास किया। व्यापारी के विरोध करने पर आरोपियों ने डंडे से हमला कर दिया और चांदी के जेवरात व नकदी लेकर मौके से फरार हो गए।

50 लाख की लूट की चर्चा, व्यापारी ने बताई अलग रकम

घटना के बाद व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआती जानकारी में करीब 50 लाख रुपये की लूट की बात सामने आई थी। हालांकि, एसडीओपी अखिलेश कौशिक के अनुसार, प्रार्थी ने करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और 15 किलो से अधिक चांदी लूटे जाने की शिकायत की है। लूटे गए सामान की वास्तविक कीमत का आकलन किया जाना बाकी है।

FIR दर्ज, सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी

मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस बदमाशों के भागने के संभावित रास्तों समेत घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।