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CG - दो तेज रफ्तार वाहनों की आमने-सामने टक्कर में लगी भीषण आग, जिंदा जलकर एक चालक की मौत

CG - दो तेज रफ्तार वाहनों की आमने-सामने टक्कर में लगी भीषण आग, जिंदा जलकर एक चालक की मौत

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां तमनार ब्लॉक स्थित झींगाबहाल क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दो तेज रफ्तार वाहनों की आमने-सामने सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे में एक वाहन चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरे वाहन के चालक को समय रहते बचा लिया गया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही तमनार पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए जिंदल उद्योग की फायर ब्रिगेड टीम को भी तत्काल बुलाया गया। दमकलकर्मी आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।

बिजली क्षेत्र में मजबूत हो रही आधारभूत संरचना, एक साल में बढ़े 1.61 लाख नए बिजली उपभोक्ता, 17 हजार कृषि पंपों को नया कनेक्शन

बिजली क्षेत्र में मजबूत हो रही आधारभूत संरचना, एक साल में बढ़े 1.61 लाख नए बिजली उपभोक्ता, 17 हजार कृषि पंपों को नया कनेक्शन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025-26 के दौरान बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार दर्ज किया गया है, जहां छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत 1502.86 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य कर बिजली व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इन प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश के लाखों घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिल रहा है, जिससे बिजली सेवाओं की पहुंच का दायरा बढ़ा है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बीते एक वर्ष में 17,184 कृषि पंपों का ऊर्जीकरण किया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर और नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिल रही है। वहीं उपभोक्ता सेवाओं को तेज और सरल बनाते हुए 1.61 लाख से अधिक नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए, जिससे नए घरों, दुकानों और छोटे उद्योगों को समय पर बिजली उपलब्ध हो सकी।

शहरी क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सैकड़ों कार्य किए गए, जिनमें लाइन अपग्रेडेशन, ट्रांसफॉर्मर स्थापना और नेटवर्क सुधार शामिल हैं। इससे शहरों में वोल्टेज संबंधी समस्याओं तथा बार-बार होने वाले फॉल्ट में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल रही है।
बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य में 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी लाइनों का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है तथा अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति की क्षमता और स्थिरता दोनों में सुधार हुआ है।ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए 92 गांवों और 146 बस्तियों तक बिजली सुविधा का विस्तार किया गया। वहीं जनजातीय क्षेत्रों में 19,641 घरों तक बिजली पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के 492 घरों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया, जो दुर्गम क्षेत्रों में कार्य निष्पादन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के लिए आरडीएसएस योजना के तहत 785.56 करोड़ रुपए की लागत से व्यापक तकनीकी कार्य किए गए, जिनमें फीडर पृथक्करण, ओवरलोड कम करना, नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित करना तथा हजारों किलोमीटर एलटी लाइन एवं केबल का उन्नयन और प्रतिस्थापन शामिल है। इन सुधारों का लाभ उपभोक्ताओं को स्थिर वोल्टेज, कम ट्रिपिंग और कम बिजली कटौती के रूप में मिल रहा है, जिससे घरेलू एवं व्यावसायिक गतिविधियां अधिक सुचारू हुई हैं।

अब न्याय होगा ऑनलाइन : छत्तीसगढ़ की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना बनी डिजिटल सुशासन की नई मिसाल

अब न्याय होगा ऑनलाइन : छत्तीसगढ़ की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना बनी डिजिटल सुशासन की नई मिसाल

 00 डिजिटल क्रांति से बदल रही है राजस्व न्याय व्यवस्था

लेखक - विष्णु प्रसाद वर्मा, सहायक संचालक
रायपुर।
भारत तेजी से डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ रहा है और इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और आमजन के लिए सहज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई राजस्व ई-कोर्ट परियोजना अब केवल एक तकनीकी व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण और शहरी नागरिकों के लिए न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और भरोसेमंद बनाने वाला प्रभावशाली माध्यम बन चुकी है।
वर्षों तक राजस्व मामलों में आम लोगों को तहसील, एसडीएम कार्यालय और कलेक्टर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती प्रकरण, खाता सुधार या भूमि विवाद जैसे मामलों में पेशी की तारीख जानने, आदेश की प्रति लेने या केस की स्थिति समझने में समय, धन और ऊर्जा तीनों की भारी खपत होती थी। कई बार बिचौलियों और भ्रष्टाचार का सामना भी करना पड़ता था। लेकिन अब वही पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। छत्तीसगढ़ की ई-कोर्ट परियोजना ने राजस्व न्यायालयों की पारंपरिक कार्यप्रणाली को बदलकर उसे पेपरलेस, स्मार्ट और जनकेंद्रित बना दिया है। नायब तहसीलदार से लेकर कलेक्टर और राजस्व मंडल तक की न्यायिक प्रक्रिया अब ऑनलाइन संचालित हो रही है। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

ई-कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधान - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री ने राजस्व ई-कोर्ट परियोजना को सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जनता के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। राजस्व मामलों में वर्षों से चली आ रही जटिलताओं को समाप्त करने के लिए ई-कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधान बनकर सामने आई है। अब नागरिकों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार न्याय प्रक्रिया को लोगों के मोबाइल तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता बढऩे से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका स्वत: समाप्त होगी तथा आम लोगों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, ई-गवर्नेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि जनता को सम्मानपूर्वक और समयबद्ध सेवाएं देने का माध्यम है।
पारदर्शिता और जवाबदेही की नई व्यवस्था
ई-कोर्ट प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आवेदन प्राप्त होते ही उसका ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है और तत्काल डिजिटल पावती जारी होती है। इससे आवेदक को यह भरोसा मिल जाता है कि उसका आवेदन रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है और अब उसे किसी कर्मचारी या दलाल के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। इसके बाद की पूरी प्रक्रियाकृजैसे नोटिस जारी करना, इश्तहार प्रकाशित करना, पक्षकारों को सूचना भेजना, सुनवाई की तारीख तय करना और अंतिम आदेश पारित करना सभी ऑनलाइन दर्ज होते हैं। प्रत्येक कार्रवाई डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहती है, जिससे किसी भी स्तर पर हेरफेर की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे यह देख सकते हैं कि उनके मामले में पिछली तारीख पर क्या कार्यवाही हुई, अगली पेशी कब है और आदेश जारी हुआ है या नहीं। इससे न्यायालयों के बाहर लगने वाली भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ में उल्लेखनीय कमी आई है।
किसानों और ग्रामीण नागरिकों के लिए बड़ी राहत
राजस्व मामलों का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भू-स्वामियों पर पड़ता है। पहले किसानों को एक छोटी सी जानकारी के लिए भी पूरे दिन का समय निकालकर तहसील मुख्यालय जाना पड़ता था। कई बार केवल अगली तारीख जानने में ही मजदूरी और किराए का नुकसान हो जाता था। अब ई-कोर्ट व्यवस्था ने यह परेशानी काफी हद तक समाप्त कर दी है। किसान अपने गांव के लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या मोबाइल फोन के माध्यम से ही अपने प्रकरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिल रही है। डिजिटल न्याय व्यवस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन के प्रति विश्वास को भी बढ़ाया है। जब लोगों को अपने आवेदन की ऑनलाइन पावती और हर कार्रवाई की जानकारी समय पर मिलने लगती है, तो पारदर्शिता स्वत: स्थापित होती है।
विवादित जमीनों की जानकारी अब सार्वजनिक
ई-कोर्ट परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि विचाराधीन भूमि विवादों की जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। इससे जमीन खरीदने वाले लोग पहले ही जांच कर सकते हैं कि संबंधित खसरा नंबर पर कोई विवाद या न्यायालयीन प्रकरण लंबित तो नहीं है। यह व्यवस्था फर्जीवाड़े, अवैध बिक्री और धोखाधड़ी रोकने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है। पहले कई लोग विवादित भूमि खरीदकर वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर काटते रहते थे, लेकिन अब पारदर्शी ऑनलाइन रिकॉर्ड के कारण ऐसी घटनाओं में कमी आई है।
तकनीक के सहारे मजबूत हुआ प्रशासन
राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली के सफल संचालन के लिए प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे न्यायालयों के कार्य निष्पादन की गति बढ़ी है और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हुई है। डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित सर्वर में संग्रहीत होने से अब फाइलों के गुम होने, फटने या रिकॉर्ड में छेड़छाड़ जैसी समस्याएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। प्रशासनिक निगरानी भी आसान हुई है क्योंकि उच्च अधिकारी किसी भी न्यायालय की कार्यवाही ऑनलाइन मॉनिटर कर सकते हैं।
मोबाइल में कोर्ट की दिशा में बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ की यह पहल वास्तव में मोबाइल में कोर्ट की अवधारणा को साकार करती दिखाई देती है। अब नागरिकों को केवल जानकारी लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आदेश की कॉपी डाउनलोड करने से लेकर केस की स्थिति जानने तक अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ई-कोर्ट व्यवस्था ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और तकनीक का सही समन्वय हो, तो शासन को वास्तव में जनसुलभ बनाया जा सकता है। यह पहल ई-गवर्नेंस को स्मार्ट गवर्नेंस में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
सुशासन की दिशा में प्रभावी पहल
छत्तीसगढ़ सरकार की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि आम जनता को न्याय व्यवस्था से सीधे जोडऩे का अभिनव प्रयास है। इसने प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की है तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्वरित और भरोसेमंद बनाया है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में छत्तीसगढ़ की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। यह परियोजना दर्शाती है कि तकनीक का उपयोग केवल सुविधाएं बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि शासन को अधिक उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए भी किया जा सकता है। राजस्व न्यायालयों की यह डिजिटल यात्रा वास्तव में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के सपने को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।जहां न्याय, पारदर्शिता और सुविधा अब लोगों की उंगलियों पर उपलब्ध है।

सीजीपीएससी भर्ती घोटाला : सोनवानी, ध्रुव, आरती व ललित के यहां ईडी की दबिश

सीजीपीएससी भर्ती घोटाला : सोनवानी, ध्रुव, आरती व ललित के यहां ईडी की दबिश

 रायपुर-धमतरी-भिलाई-राजनांदगांव। सीजीपीएससी भर्ती घोटाला प्रकरण में ईडी की टीम बुधवार को पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, जेके ध्रुव और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक व सहायक नियंत्रक ललित गनवीर के ठिकानों पर दबिश दी। समाचार लिखे जाने तक ईडी की कार्रवाई जारी है।

जांच एजेंसी की टीम भिलाई के सेक्टर-10 स्थित रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के निवास तथा रायपुर स्थित आरती वासनिक के घर पहुंची। इसके साथ ही ईडी की टीम बुधवार को पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के धमतरी के पास गृह ग्राम सरबदा पहुंची और जांच पड़ताल कर रही है। इसके अलावा राजनांदगांव के स्टेशन पारा स्थित ललित गनवीर के घर पर छापेमारी की। रायपुर में कटोरा तालाब स्थित आरती वासनिक और भिलाई में जेके धुव्र के निवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान परिसर के बाहर सुरक्षा बल के जवान भी तैनात रहे। सोनवानी, ध्रुव और वासनिक वर्तमान में जेल में हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 की चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में हेरफेर कर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया तथा प्रश्नपत्र लीक किए गए।

CGBSE Second Main Exam 2026 : CGBSE ने जारी की 10वीं-12वीं द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा 2026 की समय-सारणी, जानिए कब से शुरू होंगे एग्जाम

CGBSE Second Main Exam 2026 : CGBSE ने जारी की 10वीं-12वीं द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा 2026 की समय-सारणी, जानिए कब से शुरू होंगे एग्जाम

रायपुर।  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा की समय-सारणी जारी कर दी है। मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 12वीं की परीक्षाएं 8 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक तथा 10वीं की परीक्षाएं 9 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएंगी। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक संचालित होंगी।

मंडल के अनुसार हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षा हिंदी विषय से 8 जुलाई को शुरू होगी और 22 जुलाई को जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र तथा अन्य विषयों की परीक्षा के साथ समाप्त होगी। वहीं हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा 9 जुलाई को गणित विषय से प्रारंभ होकर 21 जुलाई को ड्राइंग एवं पेंटिंग सहित अन्य विषयों की परीक्षा के साथ संपन्न होगी।
परीक्षा केंद्रों में विद्यार्थियों को सुबह 9 बजे तक उपस्थित होना अनिवार्य होगा। उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण सुबह 9:05 बजे तथा प्रश्नपत्रों का वितरण सुबह 9:10 बजे किया जाएगा। उत्तर लेखन कार्य सुबह 9:15 बजे से शुरू होगा।

 

 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की नई सौगात दी, 73.53 लाख के उपकरण वितरित

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की नई सौगात दी, 73.53 लाख के उपकरण वितरित

 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने जिला प्रशासन एवं सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के 252 दिव्यांग हितग्राहियों को 73 लाख 53 हजार रुपये की लागत के सहायक उपकरण वितरित किए।

जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, एलिम्को तथा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (एआईसी) के सहयोग से आयोजित विशेष शिविर में दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए। यह उपकरण सीएसआर (CSR) मद, एडीआईपी (ADIP) योजना के तहत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (ए.आई.सी.) एवं एलिम्को के सहयोग से प्रदाय करते हुए इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए और दिव्यांगजन भी समाज की अमूल्य शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण साधन हैं।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिला दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव पहला जिला है जहां 40 प्रतिशत वाले दिव्यांग हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल सहित अत्याधुनिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह प्रयास दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के चिन्हांकन से लेकर उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया अत्यंत संवेदनशीलता और समर्पण के साथ संपन्न की गई है। ऐसे प्रयास शासन की जनकल्याणकारी सोच को धरातल पर साकार करते हैं।

कार्यक्रम में कुल 326 सहायक उपकरणों का वितरण किए गए, जिनमें 113 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 69 ट्राइसाइकिल, 49 व्हीलचेयर, 28 बैसाखी, 38 वॉकिंग स्टिक, 5 सुगम्य केन, 12 टीएलएम किट, 8 सीपी चेयर, 2 सिलिकॉन कुशन तथा 2 स्मार्ट फोन शामिल हैं। हितग्राहियों में राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के 77, डोंगरगांव जनपद के 75, छुरिया जनपद के 64 तथा डोंगरगढ़ जनपद के 36 दिव्यांगजन शामिल रहे।

अपने उद्बोधन के अंत में डॉ. रमन सिंह ने सभी हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन उपकरणों का सदुपयोग कर वे अपने जीवन को और अधिक सक्षम, सुरक्षित एवं स्वावलंबी बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिव्यांगजन आत्मनिर्भरता की दिशा में नए आयाम स्थापित करेंगे और समाज के लिए प्रेरणा बनेंगे।

इस अवसर पर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय जी, महापौर मधुसूदन यादव जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

जन्मदिवस पर मौसमी फलों और लड्डू से तौले गए वित्त मंत्री ओपी चौधरी

जन्मदिवस पर मौसमी फलों और लड्डू से तौले गए वित्त मंत्री ओपी चौधरी

 रायपुर: वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जन्मदिवस के अवसर पर रायगढ़ में क्षेत्रवासियों ने अनूठे अंदाज में उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्हें मौसमी फलों एवं लड्डुओं से तौलकर शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, समर्थक और शुभचिंतक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वित्त मंत्रीओपी चौधरी ने भावुक होते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्रवासियों द्वारा उन्हें जन्मदिवस पर विभिन्न फलों एवं मिठाइयों से तौलना उनके जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान क्षेत्रवासियों के स्नेह, प्रेम और उन पर किए गए अटूट विश्वास का प्रतीक है।

चौधरी ने सभी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपनापन और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी शुभचिंतकों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों को जन्मदिवस पर मिली शुभकामनाओं और स्नेह के लिए धन्यवाद दिया।कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उल्लास से भरा रहा तथा उपस्थित लोगों ने वित्त मंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।

विकास की नई इबारत लिख रहा बिलासपुर, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता

विकास की नई इबारत लिख रहा बिलासपुर, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता

 रायपुर: केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर के पुत्रीबाई स्कूल सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शिविर में कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही ही वास्तविक सुशासन है। सुशासन तिहार ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान और गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 12 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से अरपा राम सेतु से शनिचरी रपटा तक सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य तथा 5 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक आरसीसी बॉक्स निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 18 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक के लागत के इन विकास कार्यों से शहर की अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया।

मुख्य अतिथि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और सशक्त बनाने का अभिनव अभियान है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। श्री साहू ने कहा कि बिलासपुर आज तेजी से बदलती हुई न्यायधानी के रूप में उभर रहा है। फोरलेन सड़कों का निर्माण, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयास तथा कोपरा जलाशय का रामसर साइट के रूप में चयन इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। बिलासपुर के समग्र विकास के लिए आवश्यक हर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासन के प्रति उसका बढ़ता विश्वास ही सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सुशासन तिहार ने शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम तैयार किया है, जिससे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। विगत दो वर्षों में जिले में 412 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत और संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी और न्यायधानी को प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में शामिल किया जाएगा। श्री साव ने पुत्रीबाई सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवॉल एवं शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।

बिलासपुर नगर निगम के सभापति श्री विनोद सोनी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, श्री बंधुलाल मौर्य, श्री राजेश सिंह, श्रीमती सुनीता जगत, श्री विजय ताम्रकार, श्री लक्ष्मीनारायण कश्यप और श्री मोहित जायसवाल सहित पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

 रायपुर: प्रदेश में इन दिनों सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है, इसी क्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोनांतर्गत वार्ड क्र. 20, 31 एवं 32 में 02 करोड़ 76 लाख रूपये के लागत वाले 05 नये विकास कार्य कराये जाएंगे। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन उनके हाथों किया गया। इस अवसर निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर एवं पार्षद अशोक चावलानी एवं अन्य पार्षद व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।

नगर पालिक निगम केारबा द्वारा मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से 20 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 20 पथर्रीपारा चंदा यादव घर से सामुदायिक भवन तक भुनेश्वर तिवारी घर से गणेश चौक तक सी.सी. रोड एवं नाली का निर्माण, इसी मद से 15 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 32 स्थित नर्सिंग कालेज के सामने से केशवदास के घर तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार अधोसंरचना मद से 97 लाख 08 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में नवीन स्टाल से भद्राशन गली, काली मंदिर गली से दर्शन घर कबीर आश्रम से संजय नगर तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण, इसी मद से 94 लाख 49 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में दुर्गा पण्डाल से ब्लूवर्ड स्कूल तक एवं ब्लू बर्ड स्कूल से उच्च जलागार डॉ. अरोरा गली, सिसोदिया घर से बंझोर गली में रोड डामरीकरण कार्य तथा अधोसंरचना मद से ही 49 लाख 64 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 अंतर्गत काली मंदिर से आर.पी.नगर शिवनगर मोड़ तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य भी कराया जाना हैं, पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन किया गया।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन देना हमारी सरकार का संकल्प 

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश व प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन आमजनता को देना तथा राज्य में सुशासन स्थापित करना, हमारी सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होने कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद अब 12 वर्षाे से देश के प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन पर आज तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, इसी प्रकार डॉ.रमन सिंह 15 वर्षाे तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे, उन पर भी कभी कोई आरोप नहीं लगा, वहीं विगत सवा दो वर्ष से सहज, सरल स्वभाव के धनी  विष्णुदेव साय राज्य के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उन पर भी कोई आरोप नहीं लगा। उद्योग मंत्री  देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के जिलों को जिला खनिज न्यास मद की बहुत बड़ी सौगात दी है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही विकास कार्याे हेतु पर्याप्त फंड की व्यवस्था हो रही है तथा व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी ने हमें छत्तीसगढ़ राज्य का तोहफा दिया था, और अब नरेन्द्र मोदी हमारे छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं।

जनता जनार्दन का भरोसा टूटने नहीं दिया जाएगा

इस अवसर पर महापौर   संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा की जनता ने पूरे भरोसे के साथ उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन को कोरबा का विधायक चुना तथा मुझे कोरबा के महापौर का दायित्व सौपा, मैं वचन देती हूॅं कि जनताजनार्दन का यह भरोसा कभी भी टूटने नहीं दिया जाएगा, हम सब कोरबा की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खडे़ रहेंगे। उन्होने कहा कि जनताजनार्दन की इच्छा का सम्मान करना, उनकी समस्याओं का त्वरित निदान करना तथा सहज रूप से सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, हमारा प्रथम कर्तव्य है तथा हम सब जनप्रतिनिधि सम्पूर्ण इच्छाशक्ति के साथ इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि कुछ वर्षाे से कोरबा विकास में पिछड़ गया था, किन्तु अब पुनः तेजी से विकास हो रहा है।

निगम के प्रत्येक वार्ड में हो रहे विकास कार्य – इस अवसर पर सभापति  नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन मंे कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर संजूदेवी राजपूत के मार्गदर्शन में निगम के सभी वार्ड में व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं, मुझे प्रसन्नता है कि वार्डाे के विकास कार्याे में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है, केवल कोरबा क्षेत्र की जनता की इच्छा, मांग व उनकी आवश्यकता के अनुरूप ही सभी वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि देश में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के कारण ही विगत दो वर्षाे में निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्याे को स्वीकृति मिली है।

बरसों को इंतजार खत्म हुआ 

इस अवसर पर पार्षद एवं पूर्व सभापति श्री अशोक चावलानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि रेलवे लाईन बस्ती के इस मार्ग को बरसों से सड़क बनने का इंतजार था, मुझे खुशी है कि आज यह इंतजार खत्म हुआ है, उद्योग मंत्री श्री देवांगन व महापौर श्रीमती राजपूत के द्वारा आज यहॉं अन्य विकास कार्याे के साथ-साथ इस सड़क के निर्माण का  कार्य का शुभारंभ कराया गया है। उन्होने कहा कि मैं उद्योग मंत्री श्री देवांगन व महापौर श्रीमती राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं कि उनके मार्गदर्शन में अब पोड़ीबहार क्षेत्र की समस्याएं जल्द दूर होंगी, उन्होने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता हो रही है कि निगम क्षेत्र में प्रतिदिन करोड़ों रूपये के नये विकास कार्य प्रारंभ कराये जा रहे हैं, लोगों की बरसों की समस्याएं दूर की जा रही है।

भूमिपूजन का कार्यक्रम के दौरान एमआईसी सदस्य अजय गोंड़, ममता यादव, पार्षद प्रताप सिंह कवंर, राकेश वर्मा, चन्द्रकली जायसवाल, पूर्व पार्षद दीप नारायण सिंह, वैभव शर्मा, दीप नारायण सोनी, आरिफ खान, अंजू मिश्रा, डी.एन.राय, बी.बी.राय, भगराशन पंडित, शिव जायसवाल, आशा सिंह, नमिता बैरागी, लक्ष्मी चौहान, नारायण सिंह, धनंजय सिंह, स्वरूप बंगाली, अजीत सेनगुप्ता, राजकुमार राठौर, टी.पी.गुप्ता, विक्की शर्मा, सुरेंद्र राजवाडे़, राहुल श्रीवास, बिन्दु सिन्हा, राजकुमार राठौर, स्वाति कश्यप, प्रीति चौहान, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, राहुल मिश्रा, अश्वनी दास आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

जन्मदिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण के प्रयासों को सराहा

जन्मदिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण के प्रयासों को सराहा

 रायपुर: जन्मदिवस के विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ स्थित ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचकर गौ-माता की सेवा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया और गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की।

गौ-सेवा सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक’

वित्त मंत्री  चौधरी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-माता की सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक है। अपने जन्मदिवस के अवसर पर गौ-माता की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत सुखद, संतोषजनक और प्रेरणादायी अनुभव है। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए इस गौशाला द्वारा किया जा रहा कार्य पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। गौवंश की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सेवाभावी कार्यकर्ताओं का जताया आभार’

चौधरी ने निस्वार्थ भाव से जुटे गौशाला के संचालकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं के समर्पण, कड़ी मेहनत और अटूट प्रयासों के कारण ही क्षेत्र में गौ-संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय और सकारात्मक कार्य हो रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर वित्त मंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस गरिमामय अवसर पर गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा

बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा

 रायपुर: नक्सलवाद के दंश को पीछे छोड़ छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अब बदलाव की एक नई और बेहद खूबसूरत इबारत लिख रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित जिला पुनर्वास केंद्र में रह रहे 113 आत्मसमर्पित युवाओं (42 महिलाएं और 71 पुरुष) के जीवन में वास्तव में नया सवेरा आ चुका है। कभी जंगलों में भटकने और हाथों में घातक हथियार थामने वाले ये युवा अब न सिर्फ समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, बल्कि पुनर्वास केंद्र के परिसर में पहली बार इनके द्वारा लगाए गए भारत माता की जय के नारे सुकमा के बदलते और सुरक्षित होते भविष्य की गवाही दे रहे हैं।

अनुशासित दिनचर्या और कौशल विकास पर जोर

पुनर्वास केंद्र में इन युवाओं की दिनचर्या अब पूरी तरह अनुशासित, सुरक्षित और रचनात्मक हो चुकी है। सुबह उठकर बागवानी (गार्डनिंग) और साफ-सफाई करने के बाद सभी युवा मिल-जुलकर नाश्ता और भोजन तैयार करते हैं। प्रशासन ने इनके बौद्धिक विकास के लिए दो विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की है, जो इन्हें प्रतिदिन सुबह-शाम अक्षर ज्ञान, बुनियादी गणित और अंग्रेजी सिखाते हैं। समाज का वैध और सम्मानित हिस्सा बनाने के लिए प्रशासन कलेक्ट्रेट के सिंगल विंडो रूम के माध्यम से इन सभी के आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड और वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज प्राथमिकता से बनाया जा रहा है। इसके साथ ही इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) भी दी जा रही है।

अत्याधुनिक हथियारों की जगह हाथों में आई वॉलीबॉल

प्रशासन की इस मानवीय पहल का सबसे खूबसूरत रंग खेल और मनोरंजन के मैदान में देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप, जब इन पूर्व नक्सलियों से उनके मनोरंजन और खेल की पसंद पूछी गई, तो सबसे ज्यादा रुझान वॉलीबॉल के प्रति दिखा। इसके बाद प्रशासन ने केंद्र में खेल प्रतियोगिता की शुरुआत की, जिसमें युवक-युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कभी अत्याधुनिक हथियार संभालने वाले इन हाथों में जब वॉलीबॉल आई, तो मैदान पर उनकी खेल प्रतिभा और किक देखकर हर कोई हैरान रह गया। ओयाम जोगा, वेको हुंगा और सोड़ी सोमड़ी जैसे युवा अब खेल के मैदान में अपना जौहर दिखाकर बेहद खुश और उत्साहित हैं।

डिजिटल युग से जुड़ाव मनोरंजन के साथ मिले 5G स्मार्टफोन

दिनभर की रचनात्मक गतिविधियों और खेल के बाद शाम को सभी युवा संगीत कक्ष में सुर-ताल मिलाते हैं, जिससे उनका भरपूर मनोरंजन होता है। वर्तमान डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए जिला प्रशासन ने इन युवाओं को 5G स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए हैं। इस आधुनिक तकनीक के जरिए देश-दुनिया की खबरों से कटे रहने वाले ये युवा अब समकालीन समाज और नई जानकारियों से सीधे जुड़ पा रहे हैं।

पुनर्वास का एक अनुकरणीय मॉडल

सुकमा जिला पुनर्वास केंद्र का यह मानवीय और विकासात्मक मॉडल साबित करता है कि यदि सही दिशा, उचित संसाधन और संवेदनशीलता मिले, तो मुख्यधारा से भटके हुए युवाओं को भी परिष्कृत कर देश की प्रगति का मजबूत स्तंभ बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना दिव्यांगजनों की उम्मीदों का सहारा

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना दिव्यांगजनों की उम्मीदों का सहारा

 00 तत्काल मिली बैटरी संचालित ट्राई सायकल, लाभार्थियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

00 मुख्यमंत्री साय के प्रति जताया आभार
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह ग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां पहुंचने वाले जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है, जिससे लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
इसी क्रम में मंगलवार को सहायता की अपेक्षा लेकर पहुंचे दो दिव्यांगजनों को तत्काल बैटरी संचालित ट्राई सायकल उपलब्ध कराई गई। ग्राम चंद्रपुर, तहसील पत्थलगांव निवासी त्रिनाथ पैंकरा तथा ग्राम घुघरी, तहसील बगीचा निवासी फूलसुंदरी बाई को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से बैटरी चलित ट्राई सायकल प्रदान की गई।

ट्राई सायकल प्राप्त होने पर दोनों हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें आवागमन और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी। इस सहायता से उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का नया संचार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के माध्यम से जरूरतमंदों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की पहल लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है तथा सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की भावना को और अधिक मजबूती मिल रही है। जनसेवा और त्वरित समाधान के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आज क्षेत्र के जरूरतमंदों के लिए आशा, विश्वास और सहारे का सशक्त केंद्र बन गया है।

रायपुर में जेम्स पार्क और बिलासपुर में बनेगा आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर

रायपुर में जेम्स पार्क और बिलासपुर में बनेगा आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर

 00 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
रायपुर।
मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की महत्वाकांक्षी औद्योगिक, वाणिज्यिक और बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को गति देने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
’प्रमुख परियोजनाओं को मिली हरी झंडी’
रायपुर के कृषि उपज मंडी परिसर (मंडी रोड) में अत्याधुनिक रत्न एवं आभूषण पार्क (रायपुर जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क) बनाने की योजना है। बिलासपुर शहर में बढ़ते भारी वाहनों के दबाव और ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए एक विशाल सर्व-सुविधायुक्त ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया जाएगा। यहाँ बड़े गोडाउन, लॉजिस्टिक्स हब, व्यापक पार्किंग स्पेस, वाहन रिपेयरिंग सेंटर और चालकों के लिए रेस्ट एरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
नवा रायपुर में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों के लिए एक वर्ल्ड-क्लास कन्वेंशन सेंटर विकसित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक बिजनेस हब कॉर्पाेरेट इवेंट्स, ग्लोबल बिजनेस मीट और प्रदर्शनियों के लिए उपयुक्त होगा, जिससे छत्तीसगढ़ में बिजनेस टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इन सभी बड़ी परियोजनाओं को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
’बैठक में उपस्थित अधिकारी’
इस उच्च स्तरीय बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, नीति आयोग के सदस्य सचिव  आशीष भट्ट, वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा सहित छत्तीसगड राज्य औद्योगिक विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी राहत, पहले चरण में 12 हजार से अधिक हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 12 करोड़

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी राहत, पहले चरण में 12 हजार से अधिक हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 12 करोड़

 00 मानसून से ठीक पहले भुगतान होने से वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों में मिलेगी मदद
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए संग्रहण पारिश्रमिक (मजदूरी) दर में भारी बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, चरणपादुका योजना फिर से शुरू करके संग्राहकों को सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के तहत छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलना शुरू हो गया है। राज्य शासन द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक भुगतान की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ कर दी गई है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के अंतर्गत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के बैंक खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि सीधे ऑनलाइन (डीबीटी के माध्यम से) हस्तांतरित की गई है। 
जिले में कुल संग्राहक व मात्रा
बीजापुर जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में कुल 40 हजार 716 संग्राहकों ने 65 हजार 430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से जिले के संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक भुगतान किया जाना है। इसके अलावा 500 गड्डी से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले संग्राहकों को शासन की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
प्रथम चरण में समिति-वार हुआ भुगतान
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार भुगतान के पहले चरण में जिले की प्रमुख समितियों के बैंक खातों में राशि सीधे (डीबीटी के माध्यम से) जमा की गई है। प्राथमिक वनोपज समिति लाभान्वित संग्राहक हस्तांतरित राशि गुडमा समिति के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू समिति के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार समिति के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला समिति के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में सीधे जमा की गई है। इसके अलावा संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली और चेरपल्ली सहित अन्य समितियों के संग्राहकों को भी लाखों रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया है। शेष समितियों में संग्रहित मात्रा का सत्यापन और ऑनलाइन एंट्री का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके पूरा होते ही सभी पात्र संग्राहकों को भुगतान कर दिया जाएगा।
वनाश्रित परिवारों की आजीविका को संबल
वनोपज आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त इस राशि का उपयोग वनाश्रित परिवार अपनी खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। मानसून के आगमन से ठीक पहले पारिश्रमिक राशि मिलने से किसानों और वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों के लिए खाद-बीज आदि की व्यवस्था करने में विशेष सहायता मिलेगी। शासन की इस पारदर्शी और त्वरित ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

 बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर के पुत्री भवन तिलक नगर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में चल रहे सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर में भी विभिन्न स्थानों पर समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। पाटलिपुत्र तिलक नगर में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। शिविर में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, लर्निंग लाइसेंस, आवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

मीडिया से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 1 मई से 10 जून तक चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य जनता की समस्याओं का उनके बीच जाकर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का शिविरों में पहुंचना सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। अधिकारी और कर्मचारी भीषण गर्मी में भी लोगों की समस्याओं का निराकरण करने में जुटे हुए हैं, जो सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

 
 
 
CG : मधुमक्खियों के झुंड ने सास और दामाद पर किया हमला, महिला की मौत

CG : मधुमक्खियों के झुंड ने सास और दामाद पर किया हमला, महिला की मौत

 धमतरी।  जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सास और दामाद पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में सास की मौत हो गई और दामाद घायल हो गया है। यह घटना दुगली थाना क्षेत्र की है।

बताया जा रहा है कि पालगांव निवासी रामवती नेताम अपने दामाद के साथ सुबह जंगल में सराई बिनने गई थी। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने दोनों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से दोनों जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन बुजुर्ग महिला खुद को नहीं बचा सकीं। मधुमक्खियों के डंक से गंभीर रूप से घायल परिजनों और ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बहरहाल पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं हमले में घायल दामाद का उपचार किया गया और उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर... और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर... और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी

 00 कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान

00 मुख्यमंत्री साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर

रायपुर। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।
बंदूक से रोजगार तक का सफर
मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढिय़ों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार
बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।
अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।
बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

क्षेत्र का समग्र विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हर गांव तक पहुंचेगी विकास की रोशनी - चौधरी

क्षेत्र का समग्र विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हर गांव तक पहुंचेगी विकास की रोशनी - चौधरी

 00 वित्त मंत्री ने 32.15 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

रायपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने अपने जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर पुसौर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मिडमिडा, त्रिभौना, तुरंगा, कोतासुरा एवं कोड़ातराई का दौरा कर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास, भूमिपूजन एवं लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने का संकल्प दोहराया। इस दौरान कुल 32 करोड़ 15 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश और रायगढ़ की जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे विकास कार्यों के माध्यम से सार्थक करना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले का समग्र एवं संतुलित विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रत्येक गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है। गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे गांव और शहर के बीच विकास का अंतर कम हो सके। उन्होंने कहा कि आज जिन कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कें किसी भी क्षेत्र की प्रगति का आधार होती हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में आसानी होगी तथा स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। वहीं मिनी स्टेडियम जैसे निर्माण कार्य ग्रामीण युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढऩे का अवसर प्रदान करेंगे।

26.80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास
वित्त मंत्री  चौधरी ने 26 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक लागत के चार महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें त्रिभौना-कोड़पाली पहुंच मार्ग पर 2.80 करोड़ रुपये की लागत से 1.50 किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण कार्य। मिडमिडा हाईस्कूल पहुंच मार्ग पर 1.24 करोड़ रुपये की लागत से 0.70 किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण क मचिदा-कलमी मार्ग पर 3.04 करोड़ रुपये की लागत से 3.50 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य। कोड़ातराई- पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग पर 19.71 करोड़ रुपये की लागत से 6.70 किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण कार्य। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच और बेहतर बनेगी।

5.35 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने 5 करोड़ 34 लाख 82 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें लोक निर्माण विभाग द्वारा 3 करोड़ 92 लाख 39 हजार रुपये की लागत से निर्मित गोतमा-कोतासुरा मार्ग (3.50 किलोमीटर) प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा जिला खनिज न्यास निधि से 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित तुरंगा मिनी स्टेडियम का लोकार्पण किया गया। साथ ही जनपद पंचायत पुसौर क्षेत्र के ग्राम मिडमिडा, कोड़ातराई, त्रिभौना एवं तुरंगा में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री अधोसंरचना उन्नयन मद, विधायक निधि एवं मुख्यमंत्री घोषणा के तहत निर्मित सीसी रोड, सांस्कृतिक शेड, महतारी सदन, यात्री प्रतीक्षालय एवं अन्य जनसुविधा संबंधी कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
अंत में वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और आने वाले वर्षों में रायगढ़ विकास के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी एवं आदर्श जिला बनकर उभरेगा।

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज

  00 मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण, कहा - दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

00 बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर बना आधुनिक बेली ब्रिज: कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति

रायपुर। जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोडऩे वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।

कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक
भारतीय सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक
उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए।

बदलते बस्तर की नई पहचान
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

ब्रेकिंग : स्टील प्लांट में ब्लास्ट से लगी भीषण आग, घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप

ब्रेकिंग : स्टील प्लांट में ब्लास्ट से लगी भीषण आग, घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक स्टील प्लांट में मंगलवार सुबह ब्लास्ट के कारण भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। आरंग क्षेत्र स्थित मंदिर हसौद के मिवान स्टील लिमीटेड प्लांट में आग लगी है। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आग इतनी भयावह है कि काले धुंए का गुब्बार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे प्लांट में आग लगने की सूचना मिली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और प्लांट के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया।

स्थानीय लोगों की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव कार्य जारी है। फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। साथ ही अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मंदिर हसौद थाना प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि प्लांट के भीतर टर्बाइन लीकेज होने से आग लगी थी। राहत की बात रही कि घटना में जनहानि नहीं हुई। फायर ब्रिगेड की मदद से 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।

CG प्री-मानसून ने दी राहत, छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन मौसम रहेगा मेहरबान, कई इलाकों में होगी बारिश

CG प्री-मानसून ने दी राहत, छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन मौसम रहेगा मेहरबान, कई इलाकों में होगी बारिश

 रायपुर। पूरा भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। नौतपा के दौरान आसमान से बरस रही आग ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो जा रहा है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इस बिच छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश के असर से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से दिन के तापमान में कमी आई है और वातावरण अपेक्षाकृत सुहावना हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और कमी आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

पांच दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। अनुमान है कि कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश और तापमान में गिरावट के बावजूद राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर में भी मौसम ने बदला मिजाज

राजधानी रायपुर में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां फिलहाल अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राजधानी सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

CG – पूर्व कांग्रेस नेता ने की आत्महत्या : जेल से बाहर आते ही उठाया खौफनाक कदम, गौठान परिसर में फांसी लगाकर दी जान

CG – पूर्व कांग्रेस नेता ने की आत्महत्या : जेल से बाहर आते ही उठाया खौफनाक कदम, गौठान परिसर में फांसी लगाकर दी जान

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर से आत्महत्या का मामला सामने आया है। जहां पूर्व कांग्रेस नेता नवाज अली ने आत्मघाती कदम उठा लिया है। संजय नगर स्थित गौठान परिसर में फांसी के फंदे पर लटकी हुई लाश मिली है। घटना की खबर इलाके में फैलते ही हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कांग्रेस नेता जेल से बहार आया था।

जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले कोदागांव में एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें आरोप था कि नवाज अली की कार से पंचायत सचिव से ठोकर लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। तत्काल उसे स्थानियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व कांग्रेस नेता नवाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए जेल दाखिल किया था।

हाल ही में नवाज अली जेल से बहार आया था, जिसके बाद आत्मघाती कदम उठाया. फिलहाल सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को सुरक्षित नीचे उतारा और पंचनामा की कार्रवाई की। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने घटना के संबंध में मृतक के परिजनों और उनसे संबधित लोगों से पूछताछ कर रही है। आत्महत्या के असल वजह का कारण पता लगाने की कोशिश जारी है। इधर मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है

CG : 10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार

CG : 10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। यह घोषणा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए की गई है। वर्ष 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष 10 में स्थान बनाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रत्येक टॉपर बच्चे को कुल 2 लाख रुपये का चेक प्रदान किया जाएगा। इसमें 1 लाख रुपये नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। शेष 1 लाख रुपये दोपहिया वाहन खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे। यह सम्मान “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के तहत मिलेगा। मंडल सचिव गिरीश कुमार रामटेके ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से कार्यक्रम की तिथि और समय निर्धारित करने का आग्रह किया है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होना प्रस्तावित है। मंडल ने शीर्ष 10 बच्चों की सूची भी तैयार कर ली है। इस फैसले से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों में काफी खुशी है। श्रमिक नेताओं का मानना है कि यह योजना बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी।

यह सम्मान छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए है। वर्ष 2025-26 में होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शीर्ष 10 में आने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल उन्हीं बच्चों के लिए है जिनके माता-पिता मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं। मंडल सचिव ने 15 मई 2026 को डिजिटल हस्ताक्षर कर यह पत्र जारी किया था।

कार्यक्रम की तिथि तय होते ही राजधानी रायपुर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित होगा। यह समारोह महानदी भवन या किसी अन्य निर्धारित स्थल पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने हाथों से बच्चों को चेक और सम्मान प्रदान करेंगे। इस योजना से आर्थिक तंगी के कारण दबने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यह होनहार बच्चों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा।

 
CG : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को मिले 60 नए SI, थानों में शुरू होगी व्यावहारिक ट्रेनिंग

CG : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को मिले 60 नए SI, थानों में शुरू होगी व्यावहारिक ट्रेनिंग

 रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को 60 नए SI (उप निरीक्षक) मिले हैं। बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन सभी अधिकारियों को अब व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए शहर के कई थानों में पदस्थ किया गया है। रायपुर पुलिस कमिश्नर ने इसके लिए पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार, नए SI को कानून-व्यवस्था, अपराध जांच और पुलिसिंग के व्यावहारिक अनुभव के लिए अलग-अलग थानों में तैनात किया गया है।

सबसे अधिक तीन-तीन SI की पदस्थापना खम्हारडीह, खमतराई, कबीर नगर, गोलबाजार, मोहदापारा, कोतवाली, सिविल लाइन, टिकरापारा, पंडरी, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, डीडी नगर, उरला, तेलीबांधा, आमानाका, आजाद चौक और गंज थानों में की गई है। वहीं गुढ़ियारी, मुजगहन, सरस्वती नगर और देवेंद्र नगर थानों में दो-दो SI को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। नए अधिकारियों को अनुभवी पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मिलेगा। जिससे वे पुलिस कार्यप्रणाली, अपराध अनुसंधान और जनता से जुड़ी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

प्रशिक्षण अवधि नए SI के लिए बेहद महत्वपूर्ण

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशिक्षण अवधि नए SI के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान उन्हें थाना संचालन, अपराध नियंत्रण, शिकायतों के निराकरण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। रायपुर कमिश्नरेट में 60 नए SI की तैनाती से पुलिस बल को मजबूती मिलेगी और थानों में कार्यभार का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। साथ ही आम जनता को भी पुलिस सेवाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय: मुख्यमंत्री ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय: मुख्यमंत्री ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 रायपुर: सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 44-45 डिग्री की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनसहभागिता सुशासन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सुनना और समाधान करना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर यह जानना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। रायपुर में बैठकर जमीनी हकीकत का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा और इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े कनेरा का यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर है, जहां लोगों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही। कोंडागांव को मिली 152 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात सड़क, सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं से बदलेगी जनजातीय अंचल की तस्वीर

छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी।

इन कार्यों में जनता को त्वरित लाभ पहुंचाने वाले 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात

समाधान शिविर में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से सड़क, पर्यटन, सामाजिक अधोसंरचना और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।

बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा एक जागरूक गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चमन लाल और पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी श्री आनंद कुमार पवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बना है, उसी घर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली बिल शून्य हो गया है और  परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में  हमने “मोदी की गारंटी” के नाम से जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश को मात्र ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख गरीब  परिवारों के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही आवास स्वीकृत किए। आज छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है।

किसानों, माताओं और बहनों के लिए कई बड़ी पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिला बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से गांव में मिल रही 400 से अधिक सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए शहरों या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से 400 से अधिक सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन केंद्रों में बैंकिंग सेवाएं, प्रमाण पत्र, भुगतान सेवाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। आने वाले समय में मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग घर बैठे आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

जून से शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित होगी और तय अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

बिजली बिल समाधान योजना से मिल रही राहत

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान बढ़े बिजली बिलों से राहत देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि में छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है।

हर घर सोलर की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हर घर जल, हर घर बिजली, हर घर शौचालय और हर घर बैंक खाता अभियान सफल हुए हैं, उसी प्रकार अब हर घर सोलर लगाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लाखों परिवारों को सब्सिडी प्रदान कर रही हैं, जिससे लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।