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राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे : विजय शर्मा

राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे : विजय शर्मा

 उप मुख्यमंत्री शर्मा की राहुल गांधी को खुली चुनौती : जब संसद/सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो तो वह अपनी पुरानी आदत के अनुसार गायब न हों

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी युवाओं के मुद्दों की आड़ में देश में अराजकता और भ्रम फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार युवाओं और जनता के मुद्दों पर बेहद संवेदनशील है, जबकि राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए विरोध प्रदर्शनों का सहारा ले रहे हैं। शर्मा मंगलवार को यहाँ अपने नया रायपुर स्थित निवास पर आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि देश में लोकतंत्र के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार ऐसे प्रदर्शनों का स्वागत करती है। लेकिन जब प्रदर्शनों के नाम पर राष्ट्रीय सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया जाता है या भारत के पड़ोसी देशों (जैसे नेपाल, बांग्लादेश या पाकिस्तान) जैसी अस्थिर परिस्थितियों को भारत में निर्मित करने का गर्हित एजेण्डा चलाने का प्रयास किया जाता है, तो यह अत्यन्त चिंताजनक और अस्वीकार्य हो जाता है। राहुल गांधी और उनका दल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से नरेंद्र मोदी सरकार को हरा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

BREAKING : शराब घोटाला : रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की ईडी रिमांड, 17 अगस्त को फिर होगी पेशी

BREAKING : शराब घोटाला : रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की ईडी रिमांड, 17 अगस्त को फिर होगी पेशी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने ईडी की मांग स्वीकार करते हुए रामगोपाल अग्रवाल को पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। अब ईडी उनसे शराब घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 17 अगस्त 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल की पेशी ईडी की विशेष अदालत में होनी थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। ईडी ने अदालत में दलील दी कि कथित वित्तीय लेन-देन, शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए अग्रवाल से विस्तृत पूछताछ जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी।

अनवर ढेबर के सामने बैठाकर भी हुई पूछताछ
बताया जा रहा है कि शराब घोटाला मामले में ईडी रामगोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका, विभिन्न स्तरों पर हुए वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के साथ उनके संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम का लेन-देन किस माध्यम से हुआ और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।

इससे पहले रविवार को रामगोपाल अग्रवाल को सेंट्रल जेल में शराब घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अनवर ढेबर के सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। अब ईडी की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड के दौरान जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

कोर्ट पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल
रामगोपाल अग्रवाल की कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जिला न्यायालय पहुंचे। उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बघेल ने कहा कि जांच एजेंसी के पास ठोस सबूत नहीं हैं और कार्रवाई परेशान करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कथित गवाहों को लेकर भी सवाल उठाए और कार्रवाई का विरोध किया।

3400 करोड़ के कथित शराब घोटाले की जांच
छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में कथित घोटाले को लेकर ईडी और राज्य की अन्य जांच एजेंसियां लंबे समय से जांच कर रही हैं। ईडी का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है। इस मामले में कई आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ और कार्रवाई पहले भी हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार, कोयला लेवी मामले में रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ईओडबल्यू- एसीबी ने रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया। अब ईडी की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड के दौरान मामले में उनकी कथित भूमिका और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता जी के नाम पर राज्य सरकार द्वारा राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा

 00 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन

रायपुर। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।

75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन


75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।
21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

हरेली पर नवा रायपुर में जुटेगा छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व, CM साय समेत दिग्गज होंगे शामिल; ‘हरेली अऊ गृह प्रवेश’ का भव्य आयोजन

हरेली पर नवा रायपुर में जुटेगा छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व, CM साय समेत दिग्गज होंगे शामिल; ‘हरेली अऊ गृह प्रवेश’ का भव्य आयोजन

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और लोक-परंपरा के प्रतीक पर्व ‘हरेली’ के अवसर पर नवा रायपुर में एक भव्य और गरिमामय आयोजन होने जा रहा है। राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा द्वारा आयोजित इस विशेष ‘हरेली अऊ गृह प्रवेश’ कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित शासन और संगठन का शीर्ष नेतृत्व शिरकत करेगा।

​बुधवार 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक नवा रायपुर के सेक्टर 24 के एम-12 स्थित आवास परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव व विजय शर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व का विशेष धार्मिक और कृषि महत्व है। इस दिन किसान अपने हल-नागर और कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल व राज्य की सुख- समृद्धि की कामना करते हैं। गृह प्रवेश और हरेली के इस दोहरे शुभ अवसर पर मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रदेशवासियों और शुभचिंतकों को सहर्ष ‘नेवता’ (निमंत्रण) भेजकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवानों और लोक-संस्कृति के इस उल्लास में शामिल होने का आग्रह किया है।

मिनीमाता की पुण्यतिथि पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन

मिनीमाता की पुण्यतिथि पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन

 रायपुर-- छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने नारी सशक्तिकरण की प्रखर आवाज और छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाते हुए महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद के रूप में मिनीमाता जी का सार्वजनिक जीवन प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका संघर्ष, सेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करता है।

ओपी चौधरी ने कहा कि मिनीमाता जी के आदर्शों और विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनका जीवन आने वाली पीढिय़ों को सामाजिक न्याय, समानता और नारी सम्मान के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

सीएम के नवा रायपुर निवास में मनेगी हरेली तिहार

सीएम के नवा रायपुर निवास में मनेगी हरेली तिहार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12अगस्त को हरेली का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास को पारंपरिक अंदाज में सजाया जा रहा है। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास को ग्रामीण थीम पर सजाया जा रहा है।

गांव के मेलों में लगने वाले झूलों को भी सीएम हाउस में लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली त्योहार मनाने के लिए पहुंचने वाले नेता और ङ्कढ्ढक्क भी गेड़ी चढ़ते दिखेंगे। नेता-मंत्री, विधायक पारंपरिक झूलों झूलते दिखेंगे।

कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों को भी शामिल किया जाएगा। कलाकार छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखाएंगे। मुख्यमंत्री निवास को भी इसी थीम के मुताबिक सजाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण

 00 नगरवासियों को मिलेंगी खेल एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने की सुविधा

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मेलाभाठा के समीप नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का लोकार्पण किया। उन्होंने फुटबॉल को किक कर गोल दागकर खेल मैदान का शुभारंभ किया। साव ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा देश की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और महान क्रांतिकारियों के अमर बलिदानों का पर्याय है। उनके सपनों को संजोकर व सहेजकर रखने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है।उप मुख्यमंत्री साव ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि जिन महान देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को वर्षों की गुलामी से आजादी दिलाई, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्रांतिवीरों के बलिदान से मिली आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर, विश्व गुरू और सोने की चिडिय़ा बनाने में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को व्यापक सुविधाएं मुहैया होंगी, साथ ही युवक-युवतियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म भी मिलेगा।

साव ने बताया कि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेट-लिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि कांकेर जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं के लिए यह मिनी स्टेडियम एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। विधायक आशाराम नेताम ने कार्यक्रम में नगरवासियों को बधाई देते हुए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा नगर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष किरण नरेटी तथा नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक ने भी नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं इनडोर हॉल के लोकार्पण की बधाई देते हुए इसे कांकेर शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर भी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।

7 करोड़ की लागत से मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम, 2.40 करोड़ से बना है बहुउद्देशीय इनडोर हॉल
कांकेर में लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम तथा 2.40 करोड़ रुपए से बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का निर्माण किया गया है। मिनी स्टेडियम में फुटबॉल ग्राउण्ड, क्रिकेट बॉक्स, बास्केटबॉल ग्राउण्ड, रनिंग ट्रैक सहित विभिन्न खेलों के नेट प्रैक्टिस की सुविधा है। इसी तरह मल्टीपरपज इनडोर हॉल में बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कुश्ती सहित अलग-अलग खेलों के इनडोर अभ्यास की सुविधा है। आउटडोर जिम की भी सुविधा यहां है। इसके निर्माण से नगरवासियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल मैदान एवं बेहतर तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री शर्मा होंगे शामिल, नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली

बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री शर्मा होंगे शामिल, नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली

 00 महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहण

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है
यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।

 
 

शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान
तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा।

 

आने वाली पीढिय़ां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें
इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढिय़ां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढिय़ों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।
महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी
बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।
तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा

बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।
बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगी
तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़
प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचान
बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।

Hareli 2026: छत्तीसगढ़ में क्या है हरेली का महत्व, खेती-किसानी से लेकर प्रकृति और लोकसंस्कृति तक जुड़ी है इसकी पहचान

Hareli 2026: छत्तीसगढ़ में क्या है हरेली का महत्व, खेती-किसानी से लेकर प्रकृति और लोकसंस्कृति तक जुड़ी है इसकी पहचान

 रायपुर।  हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कृषि परंपरा का बेहद महत्वपूर्ण पर्व है। इसे प्रदेश का प्रमुख पारंपरिक लोकपर्व माना जाता है। सावन के मौसम में जब चारों ओर हरियाली छा जाती है और खेतों में फसलें लहलहाने लगती हैं, तब हरेली का उत्सव ग्रामीण जीवन में नई उमंग लेकर आता है। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा नहीं है, बल्कि किसान, खेती, पशुधन, प्रकृति और गांव की सामुदायिक संस्कृति को भी अपने साथ जोड़ता है। हरेल से त्योहा की शुरूआत होती है और इसे छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार भी कहा जाता है, जिसे बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा।

खेती-किसानी से जुड़ा है हरेली का रिश्ता

हरेली का सबसे बड़ा महत्व खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर किसान अपने कृषि उपकरणों की साफ-सफाई कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा और खेती में इस्तेमाल होने वाले दूसरे औजारों को सम्मानपूर्वक पूजा जाता है। दरअसल, किसान के लिए कृषि उपकरण केवल काम करने का साधन नहीं होते, बल्कि उसकी मेहनत और आजीविका का आधार होते हैं। इसलिए हरेली के दिन इन उपकरणों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।

हरियाली और प्रकृति का संदेश

‘हरेली’ शब्द का संबंध हरियाली से माना जाता है। सावन में बारिश के बाद खेत-खलिहान और गांव का प्राकृतिक परिवेश हरा-भरा हो जाता है। ऐसे समय में मनाया जाने वाला यह पर्व इंसान और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है। आज के समय में हरेली का संदेश पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा जा सकता है। पेड़-पौधों, जल और मिट्टी के संरक्षण की भावना इस लोकपर्व को और अधिक प्रासंगिक बनाती है। छत्तीसगढ़ शासन ने भी हरेली को प्रकृति प्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी से जोड़कर पौधारोपण का संदेश दिया है।

गेड़ी और पारंपरिक खेल बनाते हैं पर्व को खास

हरेली की पहचान केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। गांवों में इस दिन गेड़ी चढ़ने की परंपरा खास आकर्षण का केंद्र रहती है। बच्चे और युवा गेड़ी पर चढ़कर अपनी कला और संतुलन का प्रदर्शन करते हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पारंपरिक खेल और ग्रामीण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक जीवनशैली और लोक संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलता है।

पशुधन के प्रति सम्मान का पर्व

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खेती के साथ पशुधन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसलिए हरेली के दौरान पशुओं की देखभाल और उनसे जुड़ी परंपराओं को भी विशेष स्थान मिलता है। किसान अपने पशुधन के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह परंपरा बताती है कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति में इंसान, पशु, खेत और प्रकृति को एक-दूसरे से अलग नहीं माना जाता था।

लोकव्यंजन और उत्सव का माहौल

हरेली के दिन घरों में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान बनाए जाते हैं। परिवार और गांव के लोग मिलकर त्योहार की खुशियां मनाते हैं। लोकगीत, पारंपरिक आयोजन और आपसी मेल-मिलाप इस पर्व की रौनक बढ़ाते हैं। यही वजह है कि हरेली केवल किसानों का त्योहार नहीं रह गया है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सामूहिक सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। छत्तीसगढ़ लोकपर्व के साथ लोक व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है, छत्तीसगढ़ में हरेली के लिए भी कुछ खास व्यंजन हर घर में पकाए जाते हैं, जैसे- गुड़ के चीले, ठेठरी, खुरमी और गुलगुला भजिया।

नई पीढ़ी के लिए हरेली का संदेश

 आधुनिक दौर में जब खेती और ग्रामीण जीवन में तेजी से बदलाव आ रहा है, तब हरेली जैसे लोकपर्व हमारी जड़ों से जुड़ने का अवसर देते हैं। यह पर्व याद दिलाता है कि हमारी समृद्धि का आधार मिट्टी, पानी, खेती और प्रकृति से जुड़ा है। हरेली इसलिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी, किसान की मेहनत, हरियाली और लोकसंस्कृति का उत्सव है। यही इसकी सबसे बड़ी पहचान और खासियत है।

CG : बेरोजगार युवाओं के लिए खबर, 12 और 13 अगस्त को प्लेसमेंट कैम्प आयोजन

CG : बेरोजगार युवाओं के लिए खबर, 12 और 13 अगस्त को प्लेसमेंट कैम्प आयोजन

 बलौदाबाजार।  कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के बेरोजगार युवाओं को सुरक्षा जवान एवं सुरक्षा सुपरवाईजर के रूप में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जनपद पंचायत मुख्यालयों में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा।

जिला कौशल विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार एस. आई.एस. इंडिया कम्पनी लिमिटेड जशपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा जनपद स्तर पर प्लेसमेंट केम्प का आयोजन किया जाएगा।

उक्त काउंसलिंग कैम्प 12 अगस्त को जनपद पंचायत भाटापारा एवं 13 अगस्त को जनपद पंचायत बलौदाबाजार में प्रातः 10 से 4 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जायेगा। कैम्प में चयनित अभ्यर्थियों को सुरक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त कर 15 से 25 हजार रूपए तक मासिक वेतन प्रदान किया जायेगा।

 
‘हरेली तिहार’ पर छत्तीसगढ़ में छुट्टी का ऐलान, कल सभी सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

‘हरेली तिहार’ पर छत्तीसगढ़ में छुट्टी का ऐलान, कल सभी सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

 Government Offices Closed Tomorrow: छत्तीसगढ़ में 12 अगस्त को हरेली का तिहार मनाया जाएगा. राज्य सरकार ने 12 अगस्त (बुधवार) को हरेली पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. जिसके चलते कल सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे.

‘हरेली तिहार’ पर कल रहेगी छुट्टी

इस दिन प्रदेशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल समेत सभी कॉलेज, सरकारी दफ्तर व बैंक भी बंद रहेंगे. आदेश के अनुसार निजी और शासकीय शिक्षण संस्थानों में भी छुट्टी रहेगी. बताया जा रहा है कि बुधवार को प्रदेशभर में धूमधाम से हरेली पर्व मनाया जाएगा. वहीं मुख्यमंत्री निवास में भी हरेली पर्व को लेकर खास आयोजन किया जाएगा.

क्या है हरेली तिहार?

हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली तिहार मनाया जाता है. इस दिन यह तिहार 24 जुलाई को मनाया जाएगा. यह तिहार कृषि कार्यों की शुरुआत का प्रतीक होता है. इस दिन किसान अपने कृषि औजार जैसे- हल, नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल को साफ कर पूजा करते हैं.

इस अलावा गाय और बैलों को नहलाकर सजाते हैं. महिलाएं इस दिन गुड़ का चीला बनाती है. इसका भोग कृषि औजारों और पशुधन को लगाया जाता है. किसान पूजा कर भोग लगाने के बाद भगवान से हरी-भरी फसल की सुरक्षा के लिए कामना करते हैं.

इस दिन क्या-क्या होता है?

  • हरेली के दिन घर-घर गुड़ का चीला के अलावा पारंपरिक पकवान जैसे गुलगुल भजिया आदि बनाए जाते हैं. इसके अलावा इस दिन बांस से गेड़ी बनाई जाती है.
  • बच्चे और युवा इकट्ठा होकर गेड़ी खेलते हैं. साथ ही गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है.
  • इसके अलावा हरेली के दिन खेत और घरों में नीम की टहनी टांगने की भी परंपरा है. इसके साथ ही हरेली के दिन युवाओं के बीच नारियल फेंक प्रतियोगिता भी की जाती है.

खेतों में होती है पूजा

हरेली तिहार के दिन किसान खेतों में जाकर पूजा-पाठ करते हैं. वह भगवान से फसल की समृद्धि, कीटों से रक्षा और घर में लक्ष्मी के वास की कामना करते हैं.

युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव

युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव

 शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा की तिथियां टकराने से अभ्यर्थियों को हो रही थी परेशानी, मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित संज्ञान

अब सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा 02, 03 एवं 04 नवम्बर को होगी आयोजित

मुख्यमंत्री  साय ने कहा - परीक्षा तिथियों के टकराव से कोई भी पात्र युवा अवसर से वंचित न रहे

रायपुर --- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा और सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तिथियां एक साथ होने से अभ्यर्थियों को हो रही परेशानी का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को परीक्षा तिथियों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए थे।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 की संशोधित तिथियां घोषित कर दी हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसके साथ मुख्य परीक्षा के आयोजन के लिए 24, 25 एवं 26 अक्टूबर 2026 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई थीं। इसी दौरान 25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी आयोजित होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।

अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को युवाओं के हित में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 का आयोजन 02, 03 एवं 04 नवम्बर 2026 को किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि युवाओं का हित हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का हर अवसर मिले और केवल परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण कोई भी पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अथवा परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी किसी व्यावहारिक समस्या के कारण उनके सामने दो अवसरों में से किसी एक को चुनने की विवशता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके भविष्य से जुड़े विषयों पर तत्परता से निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों को पृथक से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचत

रायपुर --छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।

राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।

खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचत

GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।

GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।

खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।

GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि

छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।

राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।  हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय, कचहरी चौक, रायपुर में आज...नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उनके शैक्षणिक जीवन के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय, कचहरी चौक, रायपुर में आज...नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उनके शैक्षणिक जीवन के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

  रायपुर- श्रीमती प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय, कचहरी चौक, रायपुर में आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उनके शैक्षणिक जीवन के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय श्री अजय तिवारी जी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय विद्यालय समिति ने की। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्री मदन तालेड़ा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने माँ सरस्वती का पूजन कर छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शैक्षणिक जीवन की मंगलकामना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री अजय तिवारी जी ने नवप्रवेशित छात्राओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के भविष्य की नींव रखने वाला महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से अध्ययन करने, अनुशासनपूर्ण जीवन जीने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्राएँ अपने ज्ञान, संस्कार एवं प्रतिभा के माध्यम से अपने परिवार के साथ-साथ अपने शहर, राज्य और राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करें।
मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को जीवन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों का साहस एवं धैर्य के साथ सामना करने का संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को जीवन में सदैव सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने, सही मार्ग का चयन करने तथा अहंकार से दूर रहते हुए प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, विनम्रता, आत्मविश्वास एवं मानवीय मूल्यों के साथ आगे बढ़ने से प्राप्त होती है।
दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह एवं उमंग देखने को मिली।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ संगीता घई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम ने नवप्रवेशित छात्राओं के महाविद्यालयीन जीवन के लिए एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी शुरुआत प्रदान की। कार्यक्रम मे महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।
Mahtari Vandan Yojana Update: अब अविवाहितों को भी मिलेगा महतारी वंदन योजना का लाभ!

Mahtari Vandan Yojana Update: अब अविवाहितों को भी मिलेगा महतारी वंदन योजना का लाभ!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रही है। अब 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी योजना के तहत आर्थिक सहायता देने की तैयारी है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रदेश के जिलों में सर्वे कराया जा रहा है। योजना के विस्तार के बाद 40 वर्ष से अधिक उम्र की ऐसी अविवाहित महिलाओं के नाम भी लाभार्थियों की सूची में जोड़े जाएंगे, जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं।

जिलों में कराया जा रहा सर्वे

महिला एवं बाल विकास विभाग 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं की जानकारी जुटाने के लिए जिलों में सर्वे शुरू कराया जा रहा है। सर्वे के माध्यम से ऐसी महिलाओं की संख्या और उनकी पात्रता से संबंधित जानकारी एकत्र की जा रही है। विभागीय स्तर पर प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं की संख्या एक लाख से अधिक बताई जा रही है।

योजना का बढ़ेगा दायरा

बता दें कि महतारी वंदन योजना के तहत वर्तमान में पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। अब अविवाहित महिलाओं को शामिल करने की तैयारी के बाद योजना का दायरा और बढ़ जाएगा। हालांकि, अविवाहित महिलाओं को लाभ देने के लिए अंतिम पात्रता शर्तें और प्रक्रिया सरकार की ओर से स्पष्ट किया जाना बाकी है।

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक, छात्रवृत्ति स्वीकृति और जनसुनवाई को लेकर दिए सख्त निर्देश…..

प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक, छात्रवृत्ति स्वीकृति और जनसुनवाई को लेकर दिए सख्त निर्देश…..

 रायपुर: आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने कहा कि पीएम जनमन (PM-JANMAN) योजना के तहत देश के दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बहुउद्देशीय केंद्रों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिनका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। । धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य आदिवासी बहुल गांवों में बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक विकास को बेहतर बनाना है।

आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान विभागीय योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर संभाग के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं परियोजना प्रशासकों की उच्चस्तरीय बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल सहित संभाग के संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

*समय-सीमा में छात्रवृत्ति और जनसुनवाई के प्रभावी आयोजन पर जोर*

बैठक के दौरान प्रमुख सचिव  बोरा ने विद्यार्थियों के हित में छात्रवृत्ति की स्वीकृति निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने जल्द से जल्द संस्था प्रमुखों की बैठक आयोजित करने को कहा। इसके साथ ही, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 13 से 15 अगस्त तक गाँवों के आदि सेवा केंद्रों में आयोजित होने वाली जनसुनवाई की तैयारियों की समीक्षा की गई। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर जनसुनवाई को पूरी तरह प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

*विभागीय योजनाओं की समीक्षा*

आवासीय विद्यालय व कोचिंग संस्थान प्रयास व एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में प्रवेश व संचालन की स्थिति तथा विद्यार्थियों की कोचिंग हेतु संस्था चयन प्रक्रिया की समीक्षा की गई। पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित बहुउद्देशीय केंद्रों के संचालन, धरती आबा अभियान के स्वीकृत कार्यों तथा प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जारी निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई। पठन सामग्री, गणवेश (यूनिफॉर्म) के समय पर वितरण, विद्यार्थी पोषण उपवन तथा पीएचडीटीजी (PHDTG) सर्वे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण और विलेज वेरिफिकेशन सर्वे पर विशेष बल दिया गया।

*योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना ज़रूरी*

बैठक में प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि विभागीय योजनाओं का उद्देश्य केवल प्रशासनिक स्वीकृति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक और प्रत्यक्ष लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और मैदानी स्तर पर आने वाली समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए।

BREAKING : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, नगरीय निकायों में अब ‘पति-पुत्र, भाई, बहन’ नहीं संभाल सकेंगे महिला जनप्रतिनिधियों का काम, लगाई गई रोक

BREAKING : राज्य सरकार का बड़ा फैसला, नगरीय निकायों में अब ‘पति-पुत्र, भाई, बहन’ नहीं संभाल सकेंगे महिला जनप्रतिनिधियों का काम, लगाई गई रोक

 रायपुर।  राज्य शासन ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक लगा दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरपालिक (लोकसभा सदस्य या राज्य विधानसभा के सदस्य या राज्य सभा के सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएँ) नियम, 2022 में संशोधन कर अधिसूचना प्रकाशित की है।

छत्तीसगढ़ राजपत्र में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ नगरपालिक नियम, 2022 में नवीन संशोधन के अनुसार किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नाम-निर्दिष्ट अथवा नियुक्त नहीं किया जाएगा। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह प्रतिबंध सभी नगरीय निकायों में लागू हो गया है।

निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक

निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक

 राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना

रायपुर-- राज्य शासन ने नगरीय निकायों में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पारिवारिक सदस्यों के प्रतिनिधियों के रूप में नाम-निर्देशन पर रोक लगा दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस संबंध में छत्तीसगढ़ नगरपालिक (लोकसभा सदस्य या राज्य विधानसभा के सदस्य या राज्य सभा के सदस्य द्वारा प्रतिनिधि के रूप में नाम निर्देशन हेतु अर्हताएँ) नियम, 2022 में संशोधन कर अधिसूचना प्रकाशित की है।

छत्तीसगढ़ राजपत्र में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ नगरपालिक नियम, 2022 में नवीन संशोधन के अनुसार किसी भी नगरीय निकाय में, निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि के पति, पुत्र, पुत्री, भाई, बहन अथवा किसी अन्य निकट पारिवारिक, सदस्य या नातेदार को उनके परोक्ष प्रतिनिधि अथवा समन्वयक व्यक्ति के रूप में नाम-निर्दिष्ट अथवा नियुक्त नहीं किया जाएगा। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह प्रतिबंध सभी नगरीय निकायों में लागू हो गया है।

मंत्री टंकराम वर्मा ने स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और उच्च शिक्षा से जुड़े भवनों का किया उद्घाटन

मंत्री टंकराम वर्मा ने स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और उच्च शिक्षा से जुड़े भवनों का किया उद्घाटन

 रायपुर । राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने सारंगढ़ प्रवास के दौरान जिले को स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा और पशु चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े कई विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 1.24 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित विभिन्न विभागीय भवनों का लोकार्पण किया। इन कार्यों से जिला मुख्यालय में बुनियादी सुविधाओं और अधोसंरचना को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

विभागीय भवनों का लोकार्पण
मंत्री टंकराम वर्मा ने 74 लाख 59 हजार रुपये की लागत से निर्मित पशु चिकित्सा विभाग के जिला कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के 50 लाख रुपये की लागत से तैयार BPHU के अतिरिक्त कक्ष, क्चक्क॥ भवन और जिला अस्पताल के मेडिसीन वार्ड का भी उद्घाटन किया।

उन्होंने शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का भी लोकार्पण किया। इस दौरान मंत्री ने ऑफिसर्स क्लब का उद्घाटन कर खेल गतिविधियों से भी जुड़ाव किया।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर सीड बॉल अभियान
मंत्री वर्मा ने पौधरोपण अभियान में भी हिस्सा लिया। परिसर में पौधे रोपने के साथ ही ग्राम छुहीपाली में आयोजित वृहद पर्यावरण कार्यक्रम में शामिल हुए और सीड बॉल के माध्यम से पौधरोपण किया। इसके बाद उन्होंने जिला कार्यालय के संयुक्त भवन यानी कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख
मंत्री ने मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के तहत किसान हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए। उन्होंने कहा कि अधिकार अभिलेख मिलने से हितग्राहियों को उनकी संपत्ति पर स्वामित्व का दस्तावेजी आधार मिलेगा और वे उपलब्ध वित्तीय एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

कार्यक्रम में विधायक उत्तरी जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, उपाध्यक्ष अजय नायक, जिला पंचायत सदस्य, पूर्व विधायक केराबाई मनहर सहित वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हरेली पर विष्णु सरकार का किसानों पर फोकस, समर्थन मूल्य पर 141.05 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी

हरेली पर विष्णु सरकार का किसानों पर फोकस, समर्थन मूल्य पर 141.05 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी

 रायपुर । हरेली तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खेती-किसानी को नया संबल मिला है। सरकार के अनुसार गांव, गरीब और किसान उसकी प्राथमिकता में हैं और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कई नीतिगत फैसले लिए गए हैं।

सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बीते खरीफ विपणन वर्ष में किसानों से समर्थन मूल्य पर 141.05 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। वहीं पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की गई।

सरकार का दावा है कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए रमन सरकार के पिछले दो वर्षों के बकाया धान बोनस की राशि 3716.38 करोड़ रुपये भी किसानों के खातों में अंतरित की गई है। सरकार का कहना है कि किसान खुशहाल होंगे तो प्रदेश के व्यापार और उद्योग को भी गति मिलेगी।

हरेली: खेती, परंपरा और आस्था का पर्व
छत्तीसगढ़ में हरेली को पहला प्रमुख तिहार माना जाता है। सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह पर्व हरियाली, खेती-किसानी, पशुधन और प्रकृति से जुड़ा हुआ है। बारिश के मौसम में जब खेत-खलिहान और आसपास का वातावरण हरियाली से भर जाता है, तब किसान अच्छी फसल और समृद्धि की कामना के साथ हरेली मनाते हैं।

हरेली के दिन किसान अपने कृषि उपकरणों की साफ-सफाई कर पूजा करते हैं। हल, नांगर, कुदाली, फावड़ा, गैती, टंगिया सहित खेती में उपयोग होने वाले अन्य औजारों को धोकर धूप-दीप से पूजा की जाती है। घरों में गुड़ का चीला और अन्य छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाए जाते हैं तथा कृषि औजारों को भोग लगाया जाता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में गांव के गुड़ी अथवा ठाकुरदेव की पूजा भी की जाती है। इस दौरान नारियल अर्पित कर परिवार, खेती और पशुधन की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

पशुधन की सेहत के लिए पारंपरिक उपाय
हरेली पर्व में पशुधन की पूजा और उनके स्वास्थ्य की रक्षा की भी परंपरा है। किसान गाय, बैल और बछड़ों को नहलाकर उनकी पूजा करते हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में आटे की औषधियुक्त लोंदी बनाकर पशुओं को खिलाने की परंपरा है।

पारंपरिक रूप से यादव समाज के लोग वन क्षेत्रों से कंद-मूल और जड़ी-बूटियां लाकर पशुओं के लिए औषधि उपलब्ध कराते रहे हैं। गांव के सहाड़ादेव अथवा ठाकुरदेव के पास इन वनौषधियों को तैयार कर किसानों को देने की परंपरा भी बताई जाती है।

गेड़ी के बिना अधूरा हरेली का उत्सव
हरेली तिहार और गेड़ी का संबंध बेहद खास है। ग्रामीण इलाकों में बच्चे और युवा इस दिन गेड़ी चढ़कर उत्सव का आनंद लेते हैं। पारंपरिक रूप से गेड़ी बांस से तैयार की जाती है। बांस में निश्चित दूरी पर कील लगाकर पैर रखने के लिए पउआ तैयार किए जाते हैं।

गेड़ी पर चलते समय निकलने वाली आवाज और गांव की गलियों में बच्चों-युवाओं का उत्साह हरेली के माहौल को खास बना देता है। हालांकि गांवों में सड़कों के कांक्रीटीकरण के बाद बारिश में कीचड़ की समस्या कम हुई है, लेकिन गेड़ी की परंपरा आज भी हरेली का अभिन्न हिस्सा बनी हुई है।

पारंपरिक खेल और छत्तीसगढ़ी व्यंजन
हरेली के दिन घरों में गुलगुल भजिया, गुड़हा चीला सहित कई पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। कृषि उपकरणों और गेड़ी की पूजा के बाद बच्चे और युवा गांव के खेल मैदानों में कबड्डी समेत विभिन्न खेलों में हिस्सा लेते हैं। महिलाएं और बहू-बेटियां नए वस्त्र पहनकर सावन झूला, बिल्लस, खो-खो और फुगड़ी जैसे पारंपरिक खेलों का आनंद लेती हैं। कई गांवों में नारियल फेंकने जैसी पारंपरिक गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं।

सामाजिक समरसता का संदेश
हरेली केवल कृषि और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। इस दिन समाज के विभिन्न वर्ग मिल-जुलकर पूजा और पारंपरिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं।

हरेली के माध्यम से किसान प्रकृति, कृषि उपकरणों और पशुधन के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। खेती-किसानी से जुड़ी परंपराओं और लोक संस्कृति को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में भी इस पर्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

बाघ नदी में 17 वर्षीय किशोर लापता, एनडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी

बाघ नदी में 17 वर्षीय किशोर लापता, एनडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी

 महासमुंद। जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई नदियां उफान पर हैं। इसी बीच पिथौरा थाना क्षेत्र में बाघ नदी के तेज बहाव में एक 17 वर्षीय किशोर डूबकर लापता हो गया। घटना के बाद से एनडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है, लेकिन 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद किशोर का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम कौडिय़ा निवासी 17 वर्षीय हरिशंकर ठाकुर बाघ नदी के पास गया था। इसी दौरान वह तेज बहाव की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी में बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण किशोर का पता नहीं चल सका

घटना की सूचना मिलते ही पिथौरा पुलिस मौके पर पहुंची और प्रशासन को जानकारी दी गई। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया और लगातार अलग-अलग हिस्सों में किशोर की तलाश की जा रही है।

तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में मुश्किल
नदी का जलस्तर बढ़ा होने और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एनडीआरएफ के जवान नदी के किनारों, गहरे हिस्सों और बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार खोजबीन कर रहे हैं। 24 घंटे से अधिक समय से अभियान जारी रहने के बावजूद हरिशंकर का कोई पता नहीं चल पाया है। इससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी चिंता और शोक का माहौल बना हुआ है।

पुलिस और प्रशासन की टीम एनडीआरएफ के साथ समन्वय बनाकर तलाश अभियान की निगरानी कर रही है। जलस्तर अधिक होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन को सावधानी के साथ चलाया जा रहा है।

प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों और नालों के पास नहीं जाने की अपील की है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को तेज बहाव वाले पानी से दूर रहने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव 11 अगस्त को कांकेर दौरे पर

उपमुख्यमंत्री अरुण साव 11 अगस्त को कांकेर दौरे पर

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मंगलवार, 11 अगस्त को कांकेर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे सुबह तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे और शासकीय नरहरदेव उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय परिसर स्थित मिनी स्टेडियम का लोकार्पण करेंगे।

इसके बाद उपमुख्यमंत्री विश्वनाथ गढ़ का दौरा करेंगे। दोपहर 12 बजे कांकेर से नया रायपुर के लिए रवाना होंगे।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सुनीं महिलाओं की समस्याएं

 जनसुनवाई में कई मामलों का हुआ निराकरण, भरण-पोषण और महिला सुरक्षा को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

रायपुर :- छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने आज रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में महिलाओं से जुड़े विभिन्न मामलों की सुनवाई की। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा तथा कार्यस्थल पर शोषण से संबंधित कुल 32 प्रकरणों पर विचार किया गया, जिनमें कई मामलों में दोनों पक्षों की उपस्थिति दर्ज हुई। इस अवसर पर आयोग की सदस्यगण सरला कोसरिया , ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका सोरी भी उपस्थित रहीं।

डॉ. ममता साहू ने सुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित निराकरण पर जोर दिया। आयोग की समझाइश से एक प्रकरण में 1500 रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण राशि देने पर सहमति बनी, जिससे संबंधित महिला को राहत मिली।

कार्यस्थल पर महिलाओं के आर्थिक शोषण से जुड़े मामलों को भी आयोग ने गंभीरता से लिया। इस संबंध में डॉ. साहू ने संबंधित महिलाओं को एफआईआर दर्ज कराने तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिक और सेवा क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करना आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

जनसुनवाई के दौरान पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण, घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में आयोग ने आवश्यक कानूनी परामर्श प्रदान करते हुए संबंधित पक्षों को विधिक प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित महिलाओं को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा, न्याय और आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डिप्टी सीएम साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डिप्टी सीएम साव ने 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का किया शुभारंभ

 राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और डिप्टी सीएम अरुण साव ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में जिला बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा आयोजित 25वीं छत्तीसगढ़ स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में अंडर-19 बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता 9 अगस्त से 13 अगस्त 2026 तक आयोजित की जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, राजनांदगांव में प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व की बात है। उन्होंने खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, वे उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि, राजनांदगांव में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, जूडो, कराटे और कुश्ती सहित विभिन्न खेलों में यहां के खिलाड़ी लगातार आगे बढ़ रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि, राजनांदगांव को खेल नगरी के रूप में और अधिक विकसित करने के लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। खिलाडिय़ों की आवश्यकता के अनुरूप मैदान, कोर्ट, प्रशिक्षण सुविधाएं और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, सरकार द्वारा खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर राशि का प्रावधान किया गया है। खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, कोचिंग और प्रशिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, खेल प्रतिभाओं को आगे बढऩे के लिए बेहतर अवसर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि, राजनांदगांव के बच्चे भी खेलों के प्रति उत्साह के साथ मैदानों में पहुंच रहे हैं। सुबह बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी, फुटबॉल और क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों का अभ्यास करते दिखाई देते हैं। यह राजनांदगांव की खेल संस्कृति और यहां की प्रतिभाओं की मजबूत नींव को दर्शाता है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि, वे अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि, राजनांदगांव के खिलाड़ी प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

डिप्टी सीएम साव ने सभी खिलाडिय़ों और आयोजकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि, राजनांदगांव संस्कारधानी के साथ-साथ अब खेलों की राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। ज्ञानेश्वरी यादव जैसे प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों ने विश्व स्तर पर राजनांदगांव का नाम रोशन किया है और जिले में ऐसी अनेक खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, पीएम मोदी के संदेश जो खेलेगा, वही खिलेगा को आत्मसात करते हुए खिलाड़ी पूरी लगन और मेहनत के साथ खेलें, आगे बढ़ें और देश का नाम रोशन करें।

डिप्टी सीएम साव ने कहा कि, प्रदेश में सरकार बनने के बाद खेल और खिलाडिय़ों की तरक्की एवं बेहतरी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों की लंबित घोषणा को पूरा करते हुए इस वर्ष 156 खिलाडिय़ों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया है, जो सरकार की खेलों और खिलाडिय़ों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि, प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास के साथ विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार बड़े आयोजन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के लिए 100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिसका उपयोग खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षण और खिलाडिय़ों की सुविधाओं के विकास के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, बैडमिंटन एसोसिएशन द्वारा अधोसंरचना के संबंध में प्रस्ताव दिए जाने पर आवश्यकतानुसार बजट का प्रावधान करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि, यह प्रतियोगिता सफल होगी और यहां से प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलकर प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करेंगे।

सांसद संतोष पाण्डेय ने प्रतियोगिता में शामिल खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, राजनांदगांव में वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी और बैडमिंटन सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि, राजनांदगांव के खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, जो जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उपस्थित खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, वे मेहनत और लगन के साथ खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ें। सांसद पाण्डेय ने दिग्विजय स्टेडियम परिसर में उपलब्ध भवन एवं अन्य संसाधनों का खिलाडिय़ों के हित में बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि, बैडमिंटन सहित अन्य खेलों के प्रशिक्षण एवं अभ्यास के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जानी चाहिए, ताकि राजनांदगांव के खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह सिसोदिया, राजगामी संपदा न्यास के अध्यक्ष पूर्णिमा साहू, कोमल सिंह राजपूत, रमेश पटेल,राजेश श्यामकर,योगेश बागड़ी और सीईओ जिला पंचायत दुर्गा प्रसाद अधिकारी सहित में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, जिला बैडमिंटन एसोसिएशन के पदाधिकारी, कोच, प्रशिक्षक एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।