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मुख्य सचिव ने सिंचाई परियोजनाओं को अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने सिंचाई परियोजनाओं को अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर

 00 परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक संपन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की 72वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जशपुर जिले के विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत प्रस्तावित योजना के हल्दीमुण्डा व्यपवर्तन शीर्ष कार्य, जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण एवं बहुद्देशीय उद्वहन सिंचाई योजना सहित बेमेतरा जिले की शिवनाथ नदी में ग्राम मोतिमपुर-बिरौदा एनीकट के बैराज में परिवर्तन एवं उद्वहन सिंचाई योजना के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित योजनाओं का पुन: री-मॉडलिंग एवं री-वर्क किया जाए, ताकि परियोजनाएं अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों-संरक्षण आधारित बन सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के निर्माण में जल संरक्षण, बेहतर वर्क मैनशिप और आधुनिक तकनीकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से नहर आधारित प्रणाली के स्थान पर समर्पित पाइपलाइन प्रणाली की व्यवहार्यता का भी गहन अध्ययन करने को कहा। उन्होंने कहा कि पाइप आधारित प्रणाली अधिक विश्वसनीय, जल की कम हानि वाली, कम लागत एवं समय में पूर्ण होने वाली हो सकती है तथा इससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी काफी कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना में ऑप्शन एनालिसिस अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि विभिन्न विकल्पों का तुलनात्मक अध्ययन कर सबसे प्रभावी और किफायती मॉडल का चयन किया जा सके। साथ ही, परियोजनाओं की आगामी 5 से 10 वर्षों की संचालन एवं रखरखाव की रणनीति भी पहले से स्पष्ट रूप से तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि नए प्रस्ताव तैयार करने से पहले वर्तमान में संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तुत सभी प्रस्तावों का पुन: परीक्षण कर आवश्यक सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे जनहितकारी परियोजनाओं का निर्माण सुनिश्चित हो सके।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एआई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें - रजत बंसल

एआई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें - रजत बंसल

 00 ज्ञान, संस्कार और संकल्प के साथ महंत कॉलेज में दीक्षारम्भ-2026 का भव्य आयोजन

00 महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रवाह का विमोचन
रायपुर। 
 महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालयीन जीवन, शैक्षणिक वातावरण और संस्थान की गतिविधियों से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रजत बंसल, जनसंपर्क आयुक्त एवं विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि  रजत बंसल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर सीखने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  प्रमोद दुबे ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गरिमामयी परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा अपने आचरण से परिवार, महाविद्यालय और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने अपने उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक नई और महत्वपूर्ण यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को विकसित करने के लिए उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढऩे का संदेश दिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रवाह का विमोचन भी किया गया। पत्रिका में महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। अतिथियों ने पत्रिका के प्रकाशन के लिए महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ दीं। वक्ताओं ने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में गुरु का मार्गदर्शन ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों की दिशा प्रदान करता है। गुरु के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता भारतीय संस्कृति की महान परंपरा है।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि  रजत बंसल एवं अध्यक्ष  प्रमोद दुबे सहित विशिष्ट अतिथियों का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन प्रो. प्रीतम कुमार दास एवं कृतज्ञता ज्ञापन डॉ. किरण अग्रवाल ने किया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के माध्यम से महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, अनुशासन और विभिन्न अवसरों से परिचित होने का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

गुरु व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज के उत्थान में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका: राजवाड़े

गुरु व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज के उत्थान में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका: राजवाड़े

 00 खैरा में गुरु सम्मान समारोह एवं महिला जागृति शिविर आयोजित

00 10 शिक्षकों, 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महतारी वंदन योजना की 10 जागरूक माताओं का हुआ सम्मान

रायपुर। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि गुरु केवल विषयों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और जीवन मूल्यों का विकास भी करते हैं। गुरु व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह बात सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा में आयोजित गुरु सम्मान समारोह एवं महिला जागृति शिविर को संबोधित करते हुए कही।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राजवाड़े ने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का योगदान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है और उनके मार्गदर्शन से ही विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होता है। मंत्री राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह देखकर प्रसन्नता होती है कि अनेक माताएं योजना से प्राप्त राशि का उपयोग अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा और भविष्य निर्माण में कर रही हैं। उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत बताया।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंच रहा है। कुपोषण नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल विकास से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में ओडग़ी क्षेत्र के 10 उत्कृष्ट शिक्षकों को विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा देने और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा महतारी वंदन योजना की राशि का सदुपयोग अपने बच्चों की शिक्षा में करने वाली 10 माताओं को भी सम्मानित किया गयाइस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी  शुभम बंसल ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान उनके उत्साहवर्धन के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में कुपोषित बच्चों को बाल संदर्भ सेवाओं से लाभान्वित कराने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन में कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

ASQ सर्वे में रायपुर माना एयरपोर्ट की बड़ी उपलब्धि, देश में दूसरा और दुनिया में 66वां स्थान हासिल

ASQ सर्वे में रायपुर माना एयरपोर्ट की बड़ी उपलब्धि, देश में दूसरा और दुनिया में 66वां स्थान हासिल

 रायपुर। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर ने यात्री सेवा गुणवत्ता के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) के एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) सर्वेक्षण 2026-27 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में रायपुर एयरपोर्ट ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के हवाई अड्डों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, विश्व स्तर पर रायपुर एयरपोर्ट को 66वीं रैंक मिली है।

सर्वेक्षण में रायपुर एयरपोर्ट को 4.93 ASQ रेटिंग प्राप्त हुई, जो एएआई के सभी हवाई अड्डों की औसत रेटिंग 4.88 से अधिक है। इस सूची में पुणे एयरपोर्ट ने 4.97 रेटिंग के साथ देश में पहला और विश्व स्तर पर 57वां स्थान हासिल किया है।

रायपुर एयरपोर्ट के बाद पटना, वाराणसी, देहरादून, कोलकाता, भुवनेश्वर, गोवा और इंदौर एयरपोर्ट ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अगले स्थान प्राप्त किए हैं।

एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) कार्यक्रम यात्रियों से सीधे मिले फीडबैक के आधार पर हवाई अड्डों की सेवाओं का मूल्यांकन करता है। इसमें स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, चेक-इन प्रक्रिया, प्रतीक्षा समय, कर्मचारियों का व्यवहार, यात्री सुविधाएं और यात्रा अनुभव जैसे कई मानकों को शामिल किया जाता है।

रायपुर एयरपोर्ट की इस उपलब्धि को अधिकारियों और कर्मचारियों, एयरलाइंस, सीआईएसएफ, ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के बेहतर समन्वय का परिणाम बताया गया है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता जारी रखने की बात कही है।

 ए आई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें- रजत बंसल

ए आई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें- रजत बंसल

ज्ञान, संस्कार और संकल्प के साथ महंत कॉलेज में दीक्षारम्भ-2026 का भव्य आयोजन
रायपुर, 29 जुलाई 2026 । स्थानीय महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालयीन जीवन, शैक्षणिक वातावरण और संस्थान की गतिविधियों से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया । कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रजत बंसल, विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता  प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर, सभापति एवं समाजसेवी ने की । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि  रजत बंसल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण चरण है । उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर सीखने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  प्रमोद दुबे ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनना है । उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गरिमामयी परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा अपने आचरण से परिवार, महाविद्यालय और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने अपने उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक नई और महत्वपूर्ण यात्रा का शुभारंभ है । उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया । उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को विकसित करने के लिए उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए । उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘प्रवाह’ का विमोचन भी किया गया । पत्रिका में महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है । अतिथियों ने पत्रिका के प्रकाशन के लिए महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ दीं । वक्ताओं ने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में गुरु का मार्गदर्शन ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों की दिशा प्रदान करता है । गुरु के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता भारतीय संस्कृति की महान परंपरा है ।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि  रजत बंसल एवं अध्यक्ष प्रमोद दुबे सहित विशिष्ट अतिथियों का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया । महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन प्रो. प्रीतम कुमार दास एवं कृतज्ञता ज्ञापन डॉ. किरण अग्रवाल ने किया । नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के माध्यम से महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, अनुशासन और विभिन्न अवसरों से परिचित होने का लाभ प्राप्त किया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे ।
CG : सिकासेर जलाशय से छोड़े गए 15 हजार क्यूसेक पानी से राजिम त्रिवेणी संगम में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट

CG : सिकासेर जलाशय से छोड़े गए 15 हजार क्यूसेक पानी से राजिम त्रिवेणी संगम में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट

 राजिम। लगातार हो रही बारिश और सिकासेर जलाशय से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम में जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

राजिम एसडीएम, राजिम थाना प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने त्रिवेणी संगम पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया।

इसके साथ ही कल से शुरू हो रहे पवित्र श्रावण मास को देखते हुए संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर की गई तैयारियों का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं और लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

लगातार बारिश और जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल की राखियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान

रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल की राखियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान

 00 बिहान से जुड़ी महिलाओं के अभिनव पहल से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

रायपुर। इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय उत्पादों की विशिष्ट पहचान को एक नई ऊंचाई देने जा रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्रसिद्ध विष्णु भोग धान और उसके सुगंधित चावल से तैयार की जा रही आकर्षक एवं कलात्मक राखियां इस बार बाजार में विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक बनने वाली ये राखियां केवल स्नेह का बंधन नहीं होंगी, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के संकल्प का भी संदेश देंगी।

राज्य शासन की ग्रामीण आजीविका संवर्धन की योजनाओं के तहत बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हस्तकला का अभिनव समन्वय करते हुए विष्णु भोग चावल से आकर्षक राखियां तैयार की हैं। रंग-बिरंगे धागों, पारंपरिक कलात्मक सजावट और सुगंधित विष्णु भोग चावल के संयोजन से निर्मित ये राखियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय कृषि उत्पादों की विशिष्टता को देशभर तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगी।

रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल की राखियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान


इस नवाचार को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें राखी निर्माण की आधुनिक एवं आकर्षक तकनीकों के साथ विपणन और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं आत्मविश्वास के साथ स्वयं राखियों का निर्माण कर रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी मजबूत हो रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर तैयार की गई इन विशेष राखियों की बिक्री के लिए रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट परिसर तथा विभिन्न ग्राम संगठन परिसरों में विशेष विक्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सीधे महिला समूहों से राखियां खरीदने का अवसर मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों का कहना है कि विष्णु भोग चावल से राखी निर्माण उनके लिए केवल अतिरिक्त आय अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक पहचान को भी नई दिशा दे रही है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित ऐसे नवाचार ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर सृजित कर रहे हैं तथा उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बना रहे हैं।
स्थानीय कृषि उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प को नवाचारों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाता रहा तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल प्रदेश और देशभर में नई पहचान स्थापित करेगा। यह स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण भी बन रही है।
इस रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल से तैयार की गई ये अनूठी राखियां भाई-बहन के अटूट स्नेह के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों के संरक्षण का प्रेरक संदेश भी देंगी। यह दर्शाती है कि पारंपरिक कृषि उत्पादों और स्थानीय कला का समन्वय न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर सकता है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आर्थिक समृद्धि का सशक्त आधार भी बन सकती है।

पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर - पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और सुशासन की सबसे मजबूत आaधारशिला है। पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर, हर मौसम और हर चुनौती के बीच दिन-रात जनता की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। उनके त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही आम नागरिक अपने घरों में निश्चिंत होकर जीवन जी पाते हैं। ऐसे समर्पित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित एक निजी सभागार में आयोजित ‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया और उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल और सेवा भावना का सम्मान है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के साहसी, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बीच उपस्थित होकर विशेष आत्मीयता और गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन जिस निष्ठा से करते हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने 199 किलोग्राम भार उठाकर न केवल देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि पुलिस बल के जवान सेवा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नक्सलवाद पर निर्णायक विजय में पुलिस बल की भूमिका ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास की गति को बाधित किया। प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण यह क्षेत्र हिंसा और भय के कारण अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आज बस्तर विकास, विश्वास और परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह की दृढ़ रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का अभियान था। हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना कठिन जंगलों में अभियान चलाया और प्रदेश को भयमुक्त बनाने का कार्य किया। यह विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अध्याय बनेगी।

घायल जवानों के जज़्बे ने दिलाया आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई बार अस्पतालों में नक्सल मोर्चे पर घायल पुलिस जवानों से मिलने का अवसर मिला। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की सेवा का अदम्य संकल्प दिखाई देता था। वे कहते थे कि  स्वस्थ होते ही फिर से मोर्चे पर लौटेंगे और नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी शक्ति बनकर सामने आया और इसी के परिणामस्वरूप प्रदेश नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता प्राप्त कर सका।

अच्छे कार्यों को समाज तक पहुँचाने में मीडिया की बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह समाज के सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर जनविश्वास को मजबूत करता है। पुलिस विभाग के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और सेवा भावना को समाज के सामने लाने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता समाज में विश्वास और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती है।

जनआकांक्षाओं को समझने का सशक्त माध्यम है मीडिया : डीजीपी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान द्वारा पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान किया जाना अत्यंत सराहनीय पहल है। पत्रकारिता समाज के सामने आदर्श स्थापित करती है और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देती है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से हमें समाज की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।

डीजीपी  गौतम ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति से सबसे अधिक राहत उन परिवारों को मिली है, जिनके बेटे, बेटियां, पति या पिता वर्षों तक बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा कर रहे थे। यह उपलब्धि पूरे पुलिस बल के साहस, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।

पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान

‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ के अंतर्गत पुलिसिंग में नवाचार, सामुदायिक पुलिसिंग, संवाद से समाधान, सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-मालखाना प्रबंधन, पिंक पेट्रोल यूनिट, महिला सुरक्षा, वूमेन हेल्पलाइन, साइबर अपराध नियंत्रण, अनुसंधान एवं अन्वेषण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  आर. कृष्णा दास, रायपुर पुलिस कमिश्नर  संजीव शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारीगण, पुलिसकर्मी एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Special Train: सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, रेलवे चलाएगा कई स्पेशल ट्रेन

Special Train: सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, रेलवे चलाएगा कई स्पेशल ट्रेन

 रायपुर।  सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस दौरान भगवान शिव के दर्शन के लिए झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बड़ी होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस वर्ष भी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है, जिससे यात्रियों को आरामदायक और कंफर्म सीट के साथ यात्रा करने का अवसर मिलेगा।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 08895/08896 नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी–मधुपुर–नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। यह ट्रेन कुल 5-5 फेरे लगाएगी और सावन के दौरान बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा प्रदान करेगी।

इन स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

यह स्पेशल ट्रेन गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को सीधे देवघर जाने की सुविधा मिलेगी।

कंफर्म सीटें अभी उपलब्ध

रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की विभिन्न तिथियों में एसी-3 और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कंफर्म सीटें अभी भी उपलब्ध हैं। ऐसे में श्रद्धालु समय रहते आरक्षण कर अपनी यात्रा सुनिश्चित कर सकते हैं।

भीड़ से बचने की सलाह

रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अंतिम समय की भीड़ और असुविधा से बचने के लिए पहले से टिकट बुक करा लें। इससे यात्रा सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी मुक्त रहेगी। रेलवे का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा उनकी प्राथमिकता है। विशेष ट्रेनों के संचालन का उद्देश्य देवघर जाने वाले यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना और श्रावणी मेले के दौरान अतिरिक्त भीड़ को सुचारु रूप से संभालना है।

बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव से सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश के आसार, अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव से सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश के आसार, अलर्ट जारी

 रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ दिखाई देने लगा है। मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के साथ ही प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। आने वाले दो से तीन दिनों में बारिश की गतिविधियां और अधिक तेज हो सकती हैं।

बीते 24 घंटों के दौरान महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में सबसे अधिक 154 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है, जबकि नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में विकसित कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है, जिसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी रहेगी। खासकर मध्य और पूर्वी छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश की संभावना अधिक है।प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही, तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अलर्ट जारी किए जाएंगे। लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी सतर्क मोड पर हैं।

विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री वर्मा

विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री वर्मा

 00 टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरी: 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

​रायपुर। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कुल 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान मंत्री वर्मा ने ग्राम टंडवा में 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा से झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा से बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

विकास का कोई विकल्प नहींः मंत्री श्री टंक राम वर्मा


​मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में भी इस मार्ग को स्वीकृति दिलाई गई थी, लेकिन तात्कालिक परिस्थितियों के कारण काम रुक गया था। अब न केवल सड़क की स्वीकृति मिली, बल्कि बोनस के रूप में दो प्रमुख सड़कों की सौगात मिली है। इस मार्ग के बनने से विद्यार्थियों, कामगारों, दुकानदारों और आम जनता को आवागमन में समय की बचत होगी और बड़ी सुविधा मिलेगी।​ उन्होंने पंचायत क्षेत्र के कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल में पंचायत में लगभग 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें शेड निर्माण, महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे जनहितकारी कार्य शामिल हैं।

टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरीः 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात


​छात्रों व युवाओं को दिया जीवन का संदेश
छात्र जीवन, प्रशासनिक तथा राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि राजनीति का असली अर्थ जनसेवा, गरीबों के आंसू पोंछना और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, न कि सत्ता का प्रदर्शन करना। ​छात्रों और युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति का कद उसकी तारीफ या बुराई से तय नहीं होता, बल्कि उसके कर्मों से तय होता है। हमें पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते रहना चाहिए। रामचरितमानस में भी कहा गया है कि 'परहित सरिस धर्म नहीं भाई'—अर्थात दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा धर्म है।
इस अवसर पर जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, शाला के प्राचार्य, शिक्षकगण, ग्रामीण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

 मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर जगदलपुर में होगी कार्टून कार्यशाला

स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगा वरिष्ठ कार्टूनिस्टों से प्रशिक्षण

बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और विकास की सकारात्मक तस्वीर को कार्टून कला के माध्यम से मिलेगी नई अभिव्यक्ति

रायपुर- छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम ‘मुस्कुराता बस्तर’ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।

इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट  माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार  शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का रचनात्मक प्रयास है।

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में हुए शामिल*

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि

छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, CM देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, CM देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

 रायपुरमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपसे प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी मुलाकात हुई थी और आज आपकी सफलता पर पुनः बात करके अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आपकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं विश्व मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय स्नेह, प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रदेशवासियों का स्नेह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का मान बढ़ाया है।

BIG NEWS : एक बार फिर आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, तीन की मौत, पांच अस्पताल में भर्ती

BIG NEWS : एक बार फिर आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, तीन की मौत, पांच अस्पताल में भर्ती

 मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य झुलस गए। शिवपुर में धान रोपाई के दौरान दो लोगों की जान चली गई, वहीं मंगोरा गांव में मवेशी चरा रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

धान रोपाई के दौरान गिरी बिजली
जानकारी के अनुसार, शिवपुर गांव में कुछ ग्रामीण खेतों में धान रोपाई का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आसपास मौजूद अन्य लोग भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

मवेशी चराने गया चरवाहा बना हादसे का शिकार
वहीं, ग्राम पंचायत मंगोरा में एक चरवाहा अपने मवेशियों को चराने के लिए निकला था। इसी दौरान आकाशीय बिजली उसके ऊपर गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम खराब बना हुआ है और बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

पांच घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में झुलसे पांच लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

आकाशीय बिजली की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर लोगों को बारिश के मौसम में सतर्क रहने की जरूरत का एहसास कराया है। प्रशासन ने भी खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में काम करने से बचने की अपील की है।

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल - साव

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल - साव

 00 उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ

00 छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे

00 राज्य में खेलों और खिलाडिय़ों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथन
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाडिय़ों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाडिय़ों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाडिय़ों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

साव ने विजन टू विक्ट्री थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोज सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाडिय़ों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाडिय़ों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाडिय़ों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाडिय़ों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाडिय़ों को मिलेगा।
कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान, ओलंपियन  जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

मुख्यमंत्री साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना


उल्लेखनीय है कि महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक पंडरिया भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

BREAKING : राजधानी के मेकाहारा अस्पताल में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

BREAKING : राजधानी के मेकाहारा अस्पताल में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

 रायपुर। राजधानी रायपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में मंगलवार को आग लगने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग अस्पताल के कैजुअल्टी (इमरजेंसी) वार्ड में लगी, जिसके बाद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर केजुअल्टी वार्ड और आसपास के हिस्सों को खाली कराया गया तथा मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक समय रहते अस्पताल प्रशासन, पुलिस और दमकल कर्मियों की सक्रियता से मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया। हालांकि किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप का माहौल है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

मुनगा बनेगा सुपोषित छत्तीसगढ़ का आधार : राजवाड़े

मुनगा बनेगा सुपोषित छत्तीसगढ़ का आधार : राजवाड़े

 00 घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा अभियान
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी रजवाड़े ने प्रदेशवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक मुनगा (सहजन) पौधे लगाने की अपील की है, ताकि कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण हो सके। विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों और घरों में सुपोषण वृक्ष-मुनगा अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि मुनगा, जिसे मदर्स ट्री कहा जाता है, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन से भरपूर है और यह बच्चों के विकास, मातृ स्वास्थ्य तथा एनीमिया रोकथाम में अत्यंत उपयोगी है। सरकार पोषण सुधार को जनभागीदारी आधारित अभियान बना रही है। आंगनबाड़ी और घरों में मुनगा पौधरोपण से पोषण जागरूकता और दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
जनप्रतिनिधियों से अपील
मंत्री ने सांसदों, विधायकों, पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में मुनगा पौधरोपण का नेतृत्व करने का आग्रह किया। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक पौधरोपण कर सुपोषण वाटिका विकसित करने पर जोर दिया।
सामूहिक भागीदारी
उन्होंने महिला समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, युवाओं और संगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। खेतों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए मुनगा पौधे पोषण, पर्यावरण और हरियाली तीनों को बढ़ावा देंगे। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि मुनगा का हर पौधा स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने आह्वान किया कि घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा—सुपोषित बचपन और स्वस्थ परिवार ही नए छत्तीसगढ़ की नींव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान जनसहयोग से एक सशक्त जन-आंदोलन बनेगा और छत्तीसगढ़ को सुपोषित और हरित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को दी बधाई

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ने बढ़ाया देश का गौरव, युवाओं के लिए बनी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव की प्रतिभाशाली खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विश्व स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा हासिल की गई यह सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प का सम्मान है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि प्रतिभा को समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का साथ मिले तो वैश्विक मंच पर भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने, खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएँ और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहाँ छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत और छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करती रहेंगी तथा प्रदेश के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बनेंगी।

CG – मौत का सफर : उफनते नाले में बही कार, पति-पत्नी लापता, रेस्क्यू जारी…

CG – मौत का सफर : उफनते नाले में बही कार, पति-पत्नी लापता, रेस्क्यू जारी…

 सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मानसून की भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। नाले से ऊपर बह रहे पानी के बावजूद कार सवार दंपति नाला पार कर रहे थे। तेज बहाव के कारण कार नाले में बह गई। इस दर्दनाक घटना में कार में सवार एक दम्पति लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश में प्रशासन और स्थानीय लोग जुटे हुए हैं। गनीमत यह रही कि कार के पूरी तरह बहने से पहले एक अन्य यात्री ने चलती गाड़ी से नाले में कूदकर अपनी सूझबूझ से जान बचा ली।

सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर माधोपाली के पास लात नाला पड़ता है। बीते दो तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदी के अलावा नाले भी उफान पर है। नाले के ऊपर से पानी बह रहा है। पानी का बहाव काफी तेज है। तेज बहाव वाले पानी में कार सवार दंपति ने नाले से निकलने की कोशिश की। नाले के बीच में आते ही पानी के तेज बहाव के कारण कार पर नियंत्रण नहीं रख पाए और बहाव तेज होने के कारण कारण बहकर नाले में जा गिरा। कार देवनारायण पटेल ड्राइव कर रहे थे, बाजू की सीट पर उनकी पत्नी बैठी थी।

कार मिली, पति-पत्नी का नहीं चल पाया पता

नाला से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर दूर बहकर कार चली गई थी। औरा चक्का के पास कार को बरामद कर लिया है। कार के भीतर पति पत्नी नहीं मिले। आशंका जताई जा रहा है, उफान और तेज बहाव के कारण बहकर आगे चले गए होंगे। बहरहाल सारंगढ़ पुलिस जांच में जुटी हुई है।

Monsoon Update: मानसून हुआ मेहरबान, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, जलभराव से बढ़ी परेशानी

Monsoon Update: मानसून हुआ मेहरबान, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, जलभराव से बढ़ी परेशानी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, भारी बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि, रविवार सुबह से ही रायपुर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि लोगों को आने-जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बारिश के चलते कुछ इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और व्यस्त मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। नगर निगम और प्रशासन की टीमें जलनिकासी की व्यवस्था को सुचारु करने में जुटी हुई हैं। इधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। वहीं, लगातार हो रही बारिश का लोग भरपूर आनंद भी लेते नजर आए। कई जगहों पर युवाओं और बच्चों ने बारिश का लुत्फ उठाया, जबकि मौसम सुहावना होने से शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ी। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बने मौसम तंत्र के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर,भोरमदेव मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर,भोरमदेव मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 9:30 बजे रायपुर से रवाना होंगे और 10:50 बजे भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे भोरमदेव से रवाना होंगे और दोपहर 12:50 बजे मुख्यमंत्री निवास, रायपुर लौटेंगे। वही शाम के कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में शामिल होंगे। इसके बाद वे शाम 5:30 बजे एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सभी निर्धारित कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शाम 6:45 बजे मुख्यमंत्री निवास वापस लौटेंगे।

 
छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता  वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और श्री रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में पहली बार मिला दुर्लभ श्वेत कॉमन करैत, छठा राज्य बना वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण खोज

छत्तीसगढ़ में पहली बार मिला दुर्लभ श्वेत कॉमन करैत, छठा राज्य बना वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण खोज

 दुर्ग/चरोदा। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चरोदा स्थित पंचशील नगर में एक अत्यंत दुर्लभ ल्यूसिस्टिक (Leucistic) कॉमन करैत (Bungarus caeruleus) मिलने से वन्यजीव एवं वैज्ञानिक जगत में उत्साह का माहौल है। यह दुर्लभ सांप 21 जुलाई 2026 की रात लगभग 9:10 बजे एक आवासीय मकान से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू एवं सुरक्षित रिलीज का कार्य वन विभाग , अविनाश मौर्य एवं विजय शर्मा द्वारा किया गया।

जांच के दौरान यह लगभग 2.5 से 3 फीट कॉमन करैत पाया गई। इसका पूरा शरीर लगभग सफेद था, जबकि आंखें सामान्य काले रंग की थीं। इसी कारण इसे अल्बिनो (Albino) नहीं बल्कि ल्यूसिस्टिक (Leucistic) माना गया। ल्यूसिज्म एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक अवस्था है, जिसमें शरीर के अधिकांश भाग का रंगद्रव्य (Pigmentation) कम हो जाता है, लेकिन आंखों का रंग सामान्य बना रहता है।

प्रारंभिक उपलब्ध वैज्ञानिक साहित्य के अनुसार, भारत में इस प्रकार के ल्यूसिस्टिक कॉमन करैत के बहुत कम प्रामाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर छत्तीसगढ़ इस दुर्लभ घटना का दस्तावेजीकरण करने वाला देश का छठा राज्य बन सकता है। हालांकि अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक शोध-पत्र के प्रकाशन एवं विस्तृत साहित्य समीक्षा के बाद होगी।

कॉमन करैत भारत के सबसे विषैले सर्पों में से एक है तथा इसे देश के “बिग फोर” विषैले सांपों में शामिल किया जाता है। इसका विष मुख्यतः न्यूरोटॉक्सिक (Neurotoxic) होता है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालता है। इसकी सबसे खतरनाक विशेषता यह है कि इसका दंश अक्सर बिना अधिक दर्द के होता है, जिससे कई बार पीड़ित व्यक्ति समय पर इसकी गंभीरता को समझ नहीं पाता। समय पर उपचार न मिलने पर श्वसन तंत्र प्रभावित होने से मृत्यु भी हो सकती है। भारत में अधिकांश गंभीर सर्पदंश इन्हीं चार प्रमुख विषैले सर्पों से जुड़े होते हैं, जिनमें कॉमन करैत भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ में विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान कॉमन करैत के दंश के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। हाल के दिनों में भी राज्य में करैत के काटने से कई मौतों की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे इस प्रजाति के प्रति जागरूकता और समय पर उपचार की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
वन्यजीव रेस्क्यूअर विशेषज्ञ अविनाश मौर्य ने बताया कि सफेद रंग होने के बावजूद यह सांप सामान्य कॉमन करैत जितना ही विषैला था। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी सफेद या अलग रंग के सांप को देखकर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें। ऐसे मामलों में तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम अथवा वन विभाग को सूचना दें।

रेस्क्यू के बाद वन विभाग ओर विशेषज्ञों के दिशा-निर्देशों के अनुसार सांप को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह खोज केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि भारतीय सर्प विज्ञान (Herpetology) के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दुर्लभ रिकॉर्ड पर आधारित विस्तृत वैज्ञानिक शोध-पत्र तैयार किया जा रहा है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित करने की तैयारी चल रही है। यदि यह रिकॉर्ड प्रकाशित होता है, तो यह छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जाएगी।

अंत में वन्यजीव रेस्क्यूअर अविनाश मौर्य ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल किसी पर्व या वर्षा ऋतु तक सीमित नहीं होना चाहिए। सांप सहित सभी वन्यजीव हमारी जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वर्षभर इनके संरक्षण के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। यदि कहीं कोई सांप अथवा अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे नुकसान पहुँचाने या मारने का प्रयास न करें। प्रशिक्षित रेस्क्यूअर अथवा वन विभाग को सूचना देकर उसे सुरक्षित बचाने में सहयोग करें। प्रत्येक जीव प्रकृति के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए उनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।