लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
700 पदों पर जल्द शुरू होगी सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती

700 पदों पर जल्द शुरू होगी सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती

 सीजीपीएससी  के माध्यम से होगी भर्ती

रायपुर- राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प और युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग को नया कलेवर देने और सालों से अटके प्रशासनिक मामलों को सुलझाने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा की अध्यक्षता में मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए।  

प्रदेश के उच्च शिक्षा इतिहास में युवाओं के लिए इसे सबसे बड़ा दिन कहा जा सकता है। बैठक में सबसे बड़ा और अहम फैसला लेते हुए मंत्री  टंक राम वर्मा ने सहायक प्राध्यापक के 700 रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोई रुकावट या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, विभाग के अन्य खाली पदों को भरने के लिए भी शासन को तत्काल नया प्रस्ताव भेजने का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया है। सीजीपीएससी  के माध्यम से होने वाली प्राध्यापकों की सीधी भर्ती के दस्तावेज सत्यापन कार्य को भी अब युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।  

महाविद्यालयों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास ली। उन्होंने कड़े लहजे में निर्देश दिया कि 31 जुलाई 2026 तक स्नातक प्राचार्यों की पदोन्नति का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। नए शिक्षा सत्र में छत्तीसगढ़ का कोई भी स्नातक कॉलेज बिना नियमित प्राचार्य के नहीं रहेगा, क्योंकि वर्तमान सरकार के एजेंडे में  'शिक्षा की गुणवत्ता सबसे ऊपर है।  

पदोन्नति का रास्ता साफ, कर्मचारियों और अतिथि प्राध्यापकों की सुनी गई मांग

प्राध्यापकों और विभागीय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए बैठक में कई संवेदनशील निर्णय लिए गए। पुराने नियम से मिलेगी तरक्की साल 2019 से पहले के बचे हुए सहायक प्राध्यापकों को 1990 के नियमों के तहत ही प्राध्यापक पद पर प्रमोट किया जाएगा, जिससे उनकी वरिष्ठता सुरक्षित रहेगी। सहायक प्राध्यापकों के वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी वेतनमान की सूचियां लगभग तैयार हैं, जिन्हें जल्द ही जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से संघर्षरत अतिथि प्राध्यापकों की जायज मांगों को ध्यान में रखते हुए, उनकी सेवा शर्तों में सुधार के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार तुरंत एक्शन लेने जा रही है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सहायक ग्रेड-3 और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्तियां अब 'राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएंगी।  

  ग्रामीण और आदिवासी अंचल के छात्र अब फर्राटेदार बोलेंगे अंग्रेजी

राज्य सरकार ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के होनहारों के लिए एक अनोखी पहल की है। अब महाविद्यालयों में  '90 घंटे, 90 दिनÓ का विशेष अंग्रेजी संप्रेषण  कोर्स चलाया जाएगा। इस अनूठे अभियान से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भीतर का संकोच दूर होगा और वे देश-दुनिया के युवाओं के साथ कदम से कदम मिला सकेंगे। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में शासन के शैक्षणिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। 

 वित्तीय अनियमितता पर ज़ीरो टॉलरेंस: बजट आवंटन में कोई पक्षपात नहीं

बजट प्रबंधन को लेकर मंत्री  वर्मा ने वित्तीय शुचिता का संदेश देते हुए कहा कि विभाग में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है। अब किसी भी कॉलेज को बजट जारी करने से पहले प्रशासनिक अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। नए महाविद्यालयों के विकास के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाएंगे, ताकि किसी भी संस्थान को कम या ज्यादा राशि मिलने की शिकायत का मौका न मिले।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अब स्नातकोत्तर  में भी होगा विस्तार

छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह आत्मसात करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 4 साल के सफल स्नातक पाठ्यक्रम के बाद अब स्नातकोत्तर को भी एन.ई.पी. के दायरे में लाने की मुकम्मल तैयारी शुरू हो गई है। वर्तमान में एन.ई.पी. के 5वें और 6वें सेमेस्टर के लिए केंद्रीय अध्ययन मंडल की सूची को अंतिम रूप देकर लोक भवन की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने 'अपर संचालकÓ के पद को 'प्राचार्यÓ के पद से पूरी तरह अलग करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, प्राचार्यों के कार्यकाल का ऑडिट करने के लिए प्रदेश के लेखा उत्तीर्ण कर्मचारियों की विशेष सेवाएं ली जाएंगी, जिससे लंबित जांच और ऑडिट के मामलों का तुरंत निपटारा हो सके।इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त सहित मंत्रालय के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।

रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन

रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, सहकारिता को नई दिशा देने जुटेंगे प्रदेशभर के प्रतिनिधि

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में 3 और 4 जुलाई को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप करेंगे। 

इस आयोजन का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाना, किसानों और सहकारी संस्थाओं को सशक्त करना तथा "सहकार से समृद्धि" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। सम्मेलन में प्रदेशभर से सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।

3 जुलाई को होगी सहकार संकल्प दौड़
सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत 3 जुलाई को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव, तेलीबांधा में सहकार संकल्प दौड़ आयोजित की जाएगी। इस दौड़ का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सहकारिता के संदेश को आमजन तक पहुंचाना है।

दो दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन
3 और 4 जुलाई को सुबह 11 बजे से कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में सहकारी नीतियों, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। 

प्रदेशभर के सहकारिता प्रतिनिधि होंगे शामिल
सम्मेलन में अपेक्स बैंक, राज्य सहकारी संघ, मार्कफेड, लघु वनोपज सहकारी संघ, हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, अन्त्यावसायी वित्त एवं विकास निगम सहित विभिन्न जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष, सहकारिता क्षेत्र के विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि अपनी सहभागिता देंगे।

सहकार से समृद्धि का मिलेगा संदेश
सहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक ने प्रदेश के किसानों, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, युवाओं और आम नागरिकों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है। यह आयोजन सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास, किसान सशक्तीकरण और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा।

 

एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

 एआई मिशन के जरिए युवाओं को कौशल, रोजगार और नवाचार के मिलेंगे नए अवसर

शासन-प्रशासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए एआई आधारित व्यवस्था होगी विकसित

मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु और डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक  

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास एवं विस्तार, मोबाइल नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेवा सेतु, ई-प्रगति पारस (प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देने के विभिन्न आयामों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रभावी माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से शासन-प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को एआई के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में प्रस्तुत विजन दस्तावेज में बताया गया कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे और उद्योगों तथा व्यवसायों को नई गति मिले। इस मिशन के अंतर्गत पांच प्रमुख स्तंभों - एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग - पर कार्य किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा सेट तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग तथा उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अत्याधुनिक एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

बैठक में सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई उपयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता का संरक्षण, नियमित तकनीकी ऑडिट तथा केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी, प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा, एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें।

बैठक में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टॉवर स्थापित कर राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसके अतिरिक्त 577 नए मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 171 प्रकरणों का निराकरण आगामी एक माह के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भारतनेट फेज-3 की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा गांवों तक एफटीटीएच सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो सकें और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिनमें 111 होस्टेड तथा 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में संचालित 16 हजार 726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु के माध्यम से 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए 94.3 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे सेवाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा डिजिटल निगरानी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 

बैठक में मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक , सुशासन तथा अभिसरण विभाग के संयुक्त एवं  चिप्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर  मयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 10 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 10 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन

 रायपुर: केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज बिलासपुर के मंगला स्थित माता चौरा में लगभग 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें क्षेत्र के विकास को गति देने वाले कई कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से मंगला सहित आसपास के क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं बेहतर होंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। विधायक सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष  राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत के अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

विकास कार्यों का समय पर लोकार्पण हमारी कार्य संस्कृति :  तोखन साहू

केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से विकास कार्यों को गति मिली है। अब केवल भूमिपूजन नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों का लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई गति मिली है। सड़क, रेल, पेयजल और शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार बड़े कार्य हो रहे हैं। बिलासपुर को महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। रेलवे के विस्तार, स्टेशनों के उन्नयन और अन्य विकास कार्यों से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

*पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध : श्री अरुण साव*

उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले दो वर्षों में बिलासपुर नगर निगम को 437 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  साव ने मंगला मुक्तिधाम के लिए 50 लाख रुपये तथा सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

कार्यक्रम को विधायक सुशांत शुक्ला ने भी संबोधित किया। बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर  प्रकाश सर्वे, दीपक सिंह, मोहित जायसवाल और पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

जनदर्शन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

जनदर्शन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड लखनपुर की ग्राम पंचायत परसोंडी पहुंचकर ग्रामीणजनों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने पेयजल, सड़क, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा,  स्वास्थ्य तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मंत्री  अग्रवाल के समक्ष रखे। मंत्री  अग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, जहां आम नागरिक अपनी बात सीधे रख सकता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है।

उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मंत्री  अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए।

जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री राजेश अग्रवाल के सहज, सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हुए अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करने पर आभार व्यक्त किया। जनदर्शन के इस कार्यक्रम ने शासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली

 रायपुर: शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने बैठक में शिक्षा मंत्री  यादव ने शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बस्तर के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसके लिए अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करना है, साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों-शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार, नियमित उपस्थिति और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी की आवश्यकता बताई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों के आधार रूट को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्कूलों को केंद्रित कर गणित, अंग्रेजी, हिंदी पर फोकस करें। साथ ही चरणबद्ध तरीके से कैलेंडरवार, शालावार, विषयवार समय-सारणी के साथ पढ़ाई करवाएँ और रिवीजन टेस्ट की गतिविधि करवायें ।

बुधवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित बैठक में शिक्षा मंत्री  यादव संभाग स्तरीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह एवं संचालक  ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर  आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ  प्रतीक जैन सहित संभाग के शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक  एचआर सोम, सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान आधार बेस एप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके एप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति की जानकारी ली गई। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नेटवर्क विहीन स्कूलों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने कहा गया। शिक्षा मंत्री ने अन्य विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को मूल पदस्थापना में वापस भेजने के निर्देशों के पालन की समीक्षा की।

उन्होंने बसाहटवार प्राथमिक शालाओं की जानकारी, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद विद्यालयों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना, बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणाम में जिलों के प्रदर्शन पर चर्चा की। जिलों के पोटा केबिन में अंतर जिला स्कूली बच्चों को एडमिशन देने के निर्देश दिए, साथ ही वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु पिछले वर्षों के प्रश्नों का विषय आधारित यूनिट टेस्ट और तिमाही परीक्षा करवाने के निर्देश दिए । उन्होंने इसके लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को कमजोर स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त एवं युक्तियुक्तकरण किए गए शिक्षक पदों की स्थिति (ई एवं टी संवर्ग), स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना एवं गैप एनालिसिस की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा छात्र हितग्राही योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, गणवेश वितरण, पाठ्य पुस्तकों का वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन व न्यौता भोजन, शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद स्कूल का विकास पीएम श्री स्कूल के तर्ज पर करने के लिए जोर दिया। साथ ही जर्जर स्कूल भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करवाने और स्कूलों के छोटे-छोटे आवश्यकता वाले कार्यों को जरूरत के आधार पर बजट का उपयोग करने की बात कही। मंत्री ने निर्देशित किया कि पाठय पुस्तक का वितरण शत-प्रतिशत किया जाए, स्कूलों एवं संकुलों में अवितरित किताबों का रिकार्ड संधारित किया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को संभाग में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

बैठक से पूर्व शिक्षा मंत्री ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजनान्तर्गत लक्षित वर्ग के स्कूली छात्राओं को निःशुल्क सायकल एवं गिफ्ट प्रदान कर उन्हे मेहनत एवं लगन के साथ पढ़ाई करने की समझाईश दी।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान देने और लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2026-27 के वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों के लिए कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा, वहीं विलुप्त होती लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।

संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष प्रदेशभर में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन करता है, जिनमें शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोकसंगीत, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां शामिल रहती हैं। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए पावस प्रसंग (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य), रंगतरंग वाद्ययंत्र संगम, रंगपरब नाट्य श्रृंखला तथा लोकरंग पर्व के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा।

विशेष रूप से लोकरंग पर्व के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं एवं लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा, गम्मत, सुआ, करमा, पंथी, बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत, संस्कार गायन सहित अन्य पारंपरिक लोकविधाओं में दक्ष कलाकार आवेदन कर सकते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की लोक-सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराना है।

आवेदन करने वाले कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों का चिन्हारी पंजीकरण होना आवश्यक है तथा समूह प्रस्तुति के इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, द्वितीय तल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्यवसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित ई-मेल ैंदेातपजपण्तंरइींेीं/हउंपसण्बवउ के माध्यम से भी आवेदन भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

संस्कृति विभाग ने आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की है। विभाग ने प्रदेश के पात्र कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की अपील की है।

भाजपा सहयोग केंद्र के जनदर्शन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुनीं आमजन की समस्याएं, प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

भाजपा सहयोग केंद्र के जनदर्शन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुनीं आमजन की समस्याएं, प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

 रायपुर/ आज प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित ..सहयोग केंद्र..में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन अपनी समस्याएं एवं सुझाव लेकर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कहा गया कि सहयोग केंद्र’ संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसके जरिए न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है,बल्कि आम नागरिकों को भी अपनी समस्याएं सीधे सरकार के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम के दौरान अपनी समस्याओं का त्वरित निराकरण होने से लोगों ने संतोष व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से रवि कुमार की समस्या का त्वरित समाधान

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से रवि कुमार की समस्या का त्वरित समाधान

 राशन कार्ड की त्रुटि दूर होने से फिर मिलने लगा राशन

रायपुर। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 इसी दिशा में नागरिकों और शासन-प्रशासन के बीच एक भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है, जहां प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी रवि कुमार बर्मन को राशन कार्ड में तकनीकी त्रुटि के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 15 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने मामले की जांच की। जांच में राशन कार्ड में तकनीकी त्रुटि पाए जाने पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसका संशोधन किया गया। इसके बाद राशन कार्ड पुनः सक्रिय हो गया, जिससे बर्मन को फिर से नियमित रूप से राशन मिलने लगा। साथ ही वे अन्य पात्रतानुसार शासकीय योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।
समस्या के शीघ्र निराकरण से संतुष्ट रवि कुमार बर्मन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करने वाले शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनकर लोगों का विश्वास जीत रही है।

 
 
 

 

 

सेवा सेतु बना आम लोगों का सहाराः सन्नू हेमला को समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र

सेवा सेतु बना आम लोगों का सहाराः सन्नू हेमला को समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और सुशासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा संचालित सेवा सेतु पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रही है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित अन्य आवश्यक शासकीय प्रमाण-पत्र सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र

बीजापुर जिले के गंगालूर तहसील अंतर्गत ग्राम गंगालूर निवासी सन्नू हेमला ने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आय प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके आवेदन का निराकरण कर उन्हें आय प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्रमाण-पत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये प्रमाणित की गई।

सेवा सेतु केंद्र के प्रबंधक  रामू हेमला ने उन्हें प्रमाण-पत्र सौंपा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

हितग्राही ने जताया आभार

सन्नू हेमला ने बताया कि पहले ऐसे प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन करना बहुत आसान रहा। निर्धारित समय पर प्रमाण-पत्र मिलने से उनके आवश्यक कार्य भी समय पर पूरे हो सके।उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की जनहितैषी एवं संवेदनशील पहल तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीणों के लिए बहुत लाभकारी हैं और शासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत कर रही हैं।

डिजिटल सेवाओं से मजबूत हो रहा सुशासन

जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा संचालित सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह सहित विभिन्न शासकीय प्रमाण-पत्र और सेवाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल शासन की डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

सेवा सेतु की सफलता यह साबित करती है कि तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक भी सरकारी सेवाएं आसानी से पहुंचाई जा सकती हैं। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं तथा शासन के प्रति उनका भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

 रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को बस्तर अंचल के महारानी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल की गौरवशाली पहचान के अनुरूप मानवीय संवेदनाओं के साथ मरीजों को बेहतर उपचार एवं सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल को आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल की वर्तमान 200 बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर 300 शैयायुक्त करने के निर्देश देते हुए नए सेटअप तथा अस्पताल भवन उन्नयन का प्रस्ताव विभाग को भेजने कहा।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डायलिसिस सेंटर एवं कैंसर यूनिट के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की अंदरूनी सड़कों की मरम्मत भी शीघ्र करवाने कहा। उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ईसीजी यूनिट तथा ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और उपचार के लिए आए मरीजों तथा उनके परिजनों से आत्मीयता से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अटल आरोग्य लैब का भी निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक उपकरणों की शीघ्र स्थापना कर सभी 134 प्रकार की जांच सुविधाएं जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर महारानी अस्पताल में केक काटकर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से समर्पण और सेवा भाव के साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।

 

शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग बैठकर सिखाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग बैठकर सिखाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

 नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया स्वागत, गणवेश व जूते वितरित कर दी शुभकामनाएं

रायपुर। शाला प्रवेशोत्सव के अंतर्गत शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, आदर्श कन्या शाला एवं जेआरडी विद्यालय में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया तथा नवीन शिक्षा सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गणवेश एवं जूते भी वितरित किए गए।

शिक्षा मंत्री  यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों की नियमित पढ़ाई, विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका परिवार होता है और अभिभावकों का सहयोग ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है।

विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाएगी।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री श्री यादव  सीधे कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े सुने और स्वयं भी सरल एवं रोचक तरीके से उन्हें पहाड़ा सिखाया। साथ ही बच्चों को पढ़ाई को आनंददायक बनाने के लिए प्रेरित किया।

 विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्होंने उनके सपनों, भविष्य की आकांक्षाओं एवं लक्ष्यों पर चर्चा की तथा मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और निरंतर मेहनत से आगे बढ़ने का संदेश दिया।

शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने छात्राओं एवं शिक्षकों से भी संवाद करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए छात्राओं से पूरी लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन कर अपने परिवार, समाज एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करने का आह्वान किया।

वीबी जीरामजी लागू होते ही पहले ही दिन श्रमिकों को मिली सौगात, मजदूरी दर में हुई 13 प्रतिशत की वृद्धि

वीबी जीरामजी लागू होते ही पहले ही दिन श्रमिकों को मिली सौगात, मजदूरी दर में हुई 13 प्रतिशत की वृद्धि

 रायपुर। वीबी जी राम जी के लागू होने के पहले दिन ही श्रमिकों को बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। जहां भारत सरकार द्वारा विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए नई मजदूरी दरें अधिसूचित की गई हैं। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी दर को 261 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके तहत मजदूरी दर में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अभूतपूर्व है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण आजीविका को और मजबूती मिलेगी।

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संशोधित मजदूरी दर निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के लिए अकुशल हस्त कार्य हेतु मजदूरी दर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकार द्वारा वीबी जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है ।

भोपालपट्टनम के ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला से किया स्वागत

आज से वीबी जीरामजी पूरे देश के साथ राज्य में भी लागू हो गयी है। जिसका पूरे राज्य में श्रमिकों द्वारा उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। कार्य स्थलों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके तहत आज बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम तहसील के तामलापल्ली ग्राम के ग्रामीणों ने मिलकर मानव श्रृंखला का निर्माण कर वीबी जी राम जी का स्वागत किया। इसी प्रकार राज्य के हर ग्राम में वीबी जी राम जी के आगमन को एक उत्सव की तरह मनाते सभी को योजना की जानकारी दी जा रही है।

2 जुलाई को ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से प्रदेश में शुभारंभ

2 जुलाई को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, वहीं प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

भोपालपट्टनम के ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला से किया स्वागत

आज से वीबी जीरामजी पूरे देश के साथ राज्य में भी लागू हो गयी है। जिसका पूरे राज्य में श्रमिकों द्वारा उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। कार्य स्थलों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके तहत आज बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम तहसील के तामलापल्ली ग्राम के ग्रामीणों ने मिलकर मानव श्रृंखला का निर्माण कर वीबी जी राम जी का स्वागत किया। इसी प्रकार राज्य के हर ग्राम में वीबी जी राम जी के आगमन को एक उत्सव की तरह मनाते सभी को योजना की जानकारी दी जा रही है।

2 जुलाई को ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से प्रदेश में शुभारंभ

2 जुलाई को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, वहीं प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था अब श्रमिकों को प्राप्त होगी। वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका पर जोर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

 
 
शिक्षा में AI का प्रभावी उपयोग और मजबूत परीक्षा प्रणाली समय की आवश्यकता : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

शिक्षा में AI का प्रभावी उपयोग और मजबूत परीक्षा प्रणाली समय की आवश्यकता : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य  बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि बदलते वैश्विक परिवेश में भारत की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बुधवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बतौर सदस्य सहभागिता की।

बैठक में नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा प्रक्रिया से प्राप्त सीख, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार, तथा शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को अधिकतम करने की रणनीतियों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

अग्रवाल ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य एक विश्वसनीय और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। इसलिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को और अधिक सक्षम, पारदर्शी तथा तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में नई तकनीकों का समावेश केवल डिजिटल बदलाव तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होना चाहिए।

बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक, सदस्य  रवि शंकर प्रसाद समेत आने सदस्यगण, अंतरिक्ष विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन, उच्चतर शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक डॉ. अभिषेक सिंह सहित शिक्षा जगत के अनेक विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि समिति में हुए व्यापक विचार-विमर्श से प्राप्त सुझाव देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होंगे।

 
 
मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को दी गई सम्मानपूर्ण विदाई

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को दी गई सम्मानपूर्ण विदाई

 श्रम मंत्री देवांगन ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं

रायपुर। राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर  राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी  चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री के संकल्प से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर

मुख्यमंत्री के संकल्प से कुनकुरी में आकार ले रहा आधुनिक नालंदा परिसर

 00 250 सीटर अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र से युवाओं को मिलेगी महानगरों जैसी सुविधा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सलियाटोली में 4.37 करोड़ रुपये की लागत से 250 सीटर सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह परिसर क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन का वातावरण उपलब्ध कराएगा। मुख्यमंत्री साय ने 21 जून 2025 को इस परियोजना का भूमिपूजन किया था।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में नालंदा परिसर विकसित किए जा रहे हैं। जशपुर जिले में जिला मुख्यालय जशपुर और कुनकुरी के सलियाटोली में ऐसे आधुनिक परिसर बनाए जा रहे हैं, जहां विद्यार्थियों को विशाल पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और तकनीकी सुविधाओं से युक्त अध्ययन वातावरण मिलेगा। यह परिसर विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन खुला रहेगा।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा परिसर
नालंदा परिसर में इंडोर और आउटडोर दोनों प्रकार के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थी प्राकृतिक वातावरण के बीच विकसित ऑक्सी रीडिंग जोन में भी अध्ययन कर सकेंगे। परिसर को पर्यावरण अनुकूल अवधारणा के साथ विकसित किया जा रहा है, जहां सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन तथा 50 से अधिक देशी पौधों का रोपण किया जाएगा।
ज्ञान के साथ स्वास्थ्य और नवाचार पर भी रहेगा फोकस
परिसर में विद्यार्थियों की समग्र आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप इसे स्वायत्त एवं स्ववित्तपोषित संचालन मॉडल पर विकसित किया जा रहा है।
डिजिटल लाइब्रेरी और अत्याधुनिक प्रबंधन प्रणाली
नालंदा परिसर की लाइब्रेरी में 50 हजार से अधिक पुस्तकें उपलब्ध होंगी। इसके साथ डिजिटल लाइब्रेरी, हाई-स्पीड वाई-फाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की विशेष पुस्तकें तथा ई-लर्निंग संसाधनों की सुविधा भी रहेगी। परिसर में आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान, आरएफआईडी से पुस्तकों की ट्रैकिंग तथा आधुनिक सॉफ्टवेयर आधारित पुस्तक प्रबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। यह नालंदा परिसर जशपुर जिले के युवाओं को अपने क्षेत्र में ही महानगरों के समान आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की बेहतर तैयारी का सशक्त केंद्र बनेगा।

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो बाघ की खाल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो बाघ की खाल के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

 सीमावर्ती क्षेत्र में संयुक्त अभियान की सफलता, न्यायालय ने भेजा न्यायिक हिरासत में

रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख के निर्देशन में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग की संयुक्त टीम ने दो बाघों की खाल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कांकेर जिले के पश्चिम भानुप्रतापपुर स्थित बांदे परिक्षेत्र में छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर गोपनीय सूचना के आधार पर की गई।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के निवासी ब्येश्वर और बाबूराव के रूप में हुई है। दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से अनुसूची-1 में शामिल संरक्षित वन्यजीव बाघ की दो खालों की अवैध तस्करी कर रहे थे। संयुक्त टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) के उत्तरी एवं मध्य क्षेत्र, राज्य उडऩदस्ता दल (छत्तीसगढ़ वन विभाग), एंटी पोचिंग यूनिट (यूएसटीआर) तथा स्थानीय वन अमले ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है तथा जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति सरकार की सख्ती
छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण और वन्यजीव की अवैध तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। वन विभाग द्वारा विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित निगरानी और संयुक्त अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिससे वन्यजीवों के संरक्षण को और अधिक मजबूत बनाया जा सके। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वन विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।

नकटी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने से पहले सरकार ने प्रभावित परिवारों को दिया पक्का आवास

नकटी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने से पहले सरकार ने प्रभावित परिवारों को दिया पक्का आवास

 अतिक्रमण हटाने से प्रभावित 65 परिवारों का नया रायपुर में होगा सम्मानजनक पुनर्वास
रायपुर।
नया रायपुर के ग्राम नकटी की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास और मानवीय संवेदनशीलता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। शासन -प्रशासन ने अतिक्रमण प्रभावित 65 परिवारों को बेघर छोडऩे के बजाय उन्हें नया रायपुर अटल नगर के सेक्टर-30 स्थित सर्वसुविधायुक्त ईडब्ल्यूएस आवासों में बसाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रभावित परिवारों को केवल पक्का मकान ही नहीं, बल्कि बिजली, पेयजल, सड़क, सीवर, सामुदायिक भवन, उद्यान और अन्य शहरी सुविधाओं से युक्त आवासीय परिसर उपलब्ध कराया जा रहा है। पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी हो, इसके लिए आठ सदस्यीय समिति भी गठित कर दी गई है।
ग्राम नकटी की शासकीय भूमि पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा लगभग 38 एकड़ भूमि में से करीब 12 एकड़ भूमि विशेष योजना के लिए उपयोग होगी, जबकि शेष 26 एकड़ भूमि पर मंडल की स्ववित्तीय सामान्य आवास योजना विकसित की जाएगी। भूमि पर अवैध रूप से निवासरत परिवारों के पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने 65 पात्र परिवारों की सूची गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को सौंपी है। इस सूची में शामिल परिवारों को 29 जून 2026 को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सेक्टर-30 में निर्मित रिक्त ईडब्ल्यूएस आवासों का अस्थायी आवंटन कर दिया गया।
पुनर्वास को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखते हुए सरकार ने आवासों को रहने योग्य बनाने का काम भी तेज़ी से शुरू किया। आवासों में ट्यूबलाइट, पंखे और विद्युत व्यवस्था पूरी कर दी गई है । सरकार ने पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए मुख्यालय के अपर आयुक्त की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में उपयुक्त, कार्यपालन अभियंता, संपदा अधिकारी और सहायक अभियंताओं सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक पात्र परिवार को निर्धारित आवास मिले और पुनर्वास पूरी तरह पारदर्शी एवं बिना किसी अव्यवस्था के संपन्न हो।
सेक्टर-30 में कुल 1376 ईडब्ल्यूएस (जी+3) आवास निर्मित हैं। इनमें चतुर्थ तल पर उपलब्ध 109 रिक्त आवास पुनर्वास के लिए चिन्हित किए गए हैं। 31.45 वर्गमीटर (338.40 वर्गफीट) क्षेत्रफल वाले इन आवासों के परिसर में पक्की कंक्रीट सड़कें, वॉकिंग ट्रैक, सार्वजनिक उद्यान, सामुदायिक भवन, यूटिलिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सीवर नेटवर्क और नियमित जलापूर्ति जैसी सभी आवश्यक शहरी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता केवल शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक और स्थायी पुनर्वास सुनिश्चित करना है। इसी सोच के साथ आवासों के आवंटन से लेकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तक हर चरण की निगरानी की जा रही है ।

नगर पंचायत बम्हनीडीह के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह कल,मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

नगर पंचायत बम्हनीडीह के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह कल,मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

 रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत बम्हनीडीह में नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह 2 जुलाई 2026, गुरुवार को प्रात: 10:30 बजे आई.टी.आई. ग्राउंड, बम्हनीडीह में आयोजित किया जाएगा। समारोह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष  रमेश कुमार डडसेना तथा सभी नवनिर्वाचित पार्षद पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे।

समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री  अरुण साव करेंगे। जिले के प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब तथा जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष  अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े तथा जिला पंचायत जांजगीर-चांपा की अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थित रहेंगे।

लक्ष्मीनारायण कन्या विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव: गुरुकुल प्रेक्षागृह में हुआ भव्य आयोजन

लक्ष्मीनारायण कन्या विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव: गुरुकुल प्रेक्षागृह में हुआ भव्य आयोजन

 रायपुर :- लक्ष्मीनारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुरुकुल परिसर कालीबाड़ी रोड रायपुर में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन गुरुकुल प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ । मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉक्टर वर्णिका शर्मा जी उपस्थित हुई । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि  तरल मोदी अध्यक्ष भातखण्डे ललितकला शिक्षा समिति एवं अध्यक्षता अजय तिवारी जी उपाध्यक्ष ने किया ।  समिति की सचिव शोभा खण्डेलवाल, गुरुकुल महिला महाविद्यालय की प्राचार्या डॉक्टर संध्या गुप्ता के साथ कमलादेवी संगीत महाविद्यालय की प्राचार्या आरती सिंह विशेष रूप से उपस्थित हुईं । प्रवेश उत्सव में सर्वप्रथम मुख्य अथिति का स्वागत वंदन अभिनंदन किया गया । प्राचार्या मनीषा गहोई ने स्वागत भाषण के साथ प्रतिवेदन प्रतुत करते हुए अथितियों का स्वागत किया । अथितियों द्वारा नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर मुँह मीठा करवाया गया उन्हें कॉपी पुस्तक पेन वितरित किया गया । बच्चों के उत्साहवर्धन के लिए मुख्य अथिति एवम अन्य अतिथियों द्वारा आशीर्वचन उदबोधन किया गया । कार्यक्रम का संचालन सादिका सुल्ताना सिद्दिकी शिक्षिका ने किया । इस अवसर पर शाल श्रीफल से अतिथियों का स्वागत किया गया । विद्यालय की समस्त शिक्षिका, कर्मचारियों के साथ अध्ययनरत छात्राएं उपस्थिति होकर कार्यक्रम को सफल बनाया । पालक समिति के अध्यक्ष  हेमकरन देवांगन, उपाध्यक्ष श्रीमती गौरी सोनकर श्री ईंधन कलिहारी उपस्थित हुए ।

CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में फिर चली ट्रांसफर एक्सप्रेस, इस जिले में तहसीलदारों का हुआ तबादला

CG ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में फिर चली ट्रांसफर एक्सप्रेस, इस जिले में तहसीलदारों का हुआ तबादला

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में तहसीलदारों का फेरबदल किया गया है। इसका आदेश कलेक्टर ने जारी किया है। तबादला आदेश के मुताबिक आरंग, धरसीवां, मंदिर हसौद, खरोरा, गोबरा नवापरा के तहसीलदारों को इधर से उधर किया गया है।

देखें लिस्ट –

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी

नगरीय निकायों को महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि के 104.54 करोड़ जारी

 उपमुख्यमंत्री साव ने निधि का सदुपयोग कर शहरी आबादी को समुचित लाभ पहुंचाने के दिए निर्देश
रायपुर।
राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा तीनों तरह के निकायों में पार्षद निधि के रूप में 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए जारी किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। साव ने नगरीय निकायों को इन निधियों का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इस राशि से निकायों में मूलभूत विकास के कार्य किए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगमों में महापौर निधि तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि की 50-50 प्रतिशत राशि की प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपए जारी किए गए हैं। तीनों तरह की नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 73 करोड़ 38 लाख रुपए भी जारी किए गए हैं।
विभाग द्वारा 14 नगर निगमों में महापौर निधि के 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपए, 57 नगर पालिकाओं में अध्यक्ष निधि के 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपए तथा 121 नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं। वहीं पार्षद निधि के प्रथम किस्त (50 प्रतिशत) के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपए, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपए एवं नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपए जारी किए गए हैं।

आदिवासी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों के निराकरण हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश : मुख्य सचिव

आदिवासी हितों से जुड़े विभिन्न विषयों के निराकरण हेतु उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश : मुख्य सचिव

 फर्जी जाति प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज, रायपुर द्वारा प्रस्तुत आवेदन-पत्र में बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके निराकरण के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

बैठक में अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा एक्ट, 1996 एवं राज्य के पेसा नियम, 2022 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में नियुक्ति अथवा पदोन्नति प्राप्त करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई, आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति संबंधित अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आदिवासियों के हित संबंधित विषयों के समन्वित अध्ययन एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास विभाग तथा खनिज विभाग के सचिवों को सदस्य बनाकर एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण-पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी एवं सुदृढ़ हो तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। मुख्य सचिव ने आदिवासी विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति योजना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित करने तथा इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। 
बैठक में आदिम जाति विकास विभाग तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, सामान्य प्रशासन तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिवभीम सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CG Rain Alert : छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन झमाझम बारिश के आसार, 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी

CG Rain Alert : छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन झमाझम बारिश के आसार, 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी

 रायपुर। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे छत्तीसगढ़ में सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के अनुसार आज से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। अगले सात दिनों तक कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। वहीं 14 जिलों के लिए बारिश, तेज हवा, आकाशीय बिजली और गरज-चमक को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 

राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

3 जुलाई से और सक्रिय होगा सिस्टम

मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से रायपुर समेत मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं तथा कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने के आसार हैं। 

इन इलाकों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार कुसमी में 9 सेमी, पखांजूर में 7 सेमी, चंद्रपुर, मर्दापाल, गिधौरी और टुंड्रा में 5-5 सेमी, शिवरीनारायण, कोटा और दंतेवाड़ा में 4-4 सेमी तथा पौड़ी उपरोड़ा, गीदम, सामरी और दोरनापाल में 3-3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कई अन्य क्षेत्रों में 1 से 2 सेमी तक वर्षा दर्ज हुई।

4 जिलों में यलो अलर्ट

मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के लिए बलरामपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, कांकेर, कोंडागांव, कोरबा, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, नारायणपुर, रायगढ़, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में गरज-चमक, तेज हवा, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, 11 अधिकारियों को किया गया इधर से उधर, देखें लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, 11 अधिकारियों को किया गया इधर से उधर, देखें लिस्ट…!!

 रायपुर। राज्य शासन के श्रम विभाग में तबादला हुआ है। श्रम विभाग मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, 11 अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। सभी अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से आगामी आदेश तक नई पदस्थापना दी गई है।

देखें आदेश….