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मुख्यमंत्री साय ने किया प्रोजेक्ट चक्र का शुभारंभ, 25 ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री साय ने किया प्रोजेक्ट चक्र का शुभारंभ, 25 ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 रायपुर । श्रम दिवस के अवसर पर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग द्वारा संचालित प्रोजेक्ट चक्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने प्रोजेक्ट चक्र के प्रथम चरण में 25 ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रायपुर जिले एवं राजधानी की कनेक्टिविटी और आम लोगों की सुविधा के लिए प्रोजेक्ट चक्र संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ई-दीदी रिक्शा योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। शहर के आसपास के गांवों से महिलाएं ई-रिक्शा चलाने शहर आएंगी, जिससे आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, विधायक  सुनील सोनी, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित थे।

कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

 00 9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया

00 छत्तीसगढ़ सरकार की रोजगार और कौशल विकास पहल से युवाओं को मिल रहे अवसर
विशेष लेख : धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसम्पर्क (रायपुर)

रायपुर। युवाओं को विकास के केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ की  विष्णु देव साय की सरकार कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और खेल क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है। पिछले करीब तीन वर्षों में जब से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभाली है, युवाओं को सक्षम, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा और प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ते हुए राज्य की युवा आबादी को विकास की नई ताकत में बदलना है। लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल, आत्मनिर्भर, नवाचारी और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार मानव संसाधन के रूप में विकसित करना है।
18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राज्य के 26 जिलों में करीब 18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, 35 हजार और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है, ताकि प्रशिक्षण को उद्योगों और बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार बनाया जा सके।
युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा, युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। हमारा प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध हो। युवा सशक्तीकरण विकसित छत्तीसगढ़ के हमारे विजन का केंद्र है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप है। 
पारदर्शी भर्ती पर फोकस
युवा केंद्रित एजेंडे में रोजगार के साथ सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है।
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार द्वारा नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्थासरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर देने के लिए सीजी-एसीई पहल शुरू की है। इसके तहत नीट, क्लैट, जेईई, यूपीएससी, सीजीपीएससी, बैंकिंग, एसएससी और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार
युवा विकास की रणनीति में विष्णु देव साय सरकार ने उच्च शिक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया है। राज्य के पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के कॉलेज शामिल हैं। इसी तरह, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विकसित किए गए हैं। आने वाले समय में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी इनके विस्तार की योजना है।

विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

 रायपुर :- हनुमंत प्रसादी वितरण समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी विश्वकर्मा पूजा के पावन पर्व पर भाठागांव बस स्टैंड रोड साहू ऑटो सेंटर राधास्वामी नगर पास विश्वकर्मा भगवान के पूजा उपरांत महाभण्डारे का आयोजन समिति द्वारा किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने विश्वकर्मा भगवान की जयकारे के साथ महाभंडारे का प्रसाद ग्रहण किये साथ ही छत्तीसगढ़ की सुख शांति समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना किये महाभण्डारे में समिति के सदस्यों द्वारा प्रशांत पाण्डेय विजय पाण्डेय स्वर्णजीत साहू  भरत पाण्डेय साहू ऑटो सेंटर के मालिक मुकेश साहू दीपेश सिन्हा टिकेश यादव राजू यादव अभिनव शर्मा अनुभव शर्मा सुरेश शर्मा प्रतीक अग्रवाल रविन्द्र चंद्राकर विनय देवांगन विनय वर्मा गीतांश वर्मा शिव्या वर्मा खेमू साहू रोशनी साहू  रिंकी मुकेश साहू चंद्रहास यादव दीपक मिश्रा दिलीप पंडा श्याम डेकोरा सुशांत अग्रवाल देव कुमार पप्पू हरपाल प्रकाश यादव विकाश कश्यप संजू देवांगन विक्की मोटवानी  तमेश साहू नरेंद्र इंदर पंकज नीलेश रवि यदु कृष्णकांत कमलेश रविन्द्र साहू तुलसी भैय्या किशोर एवं  सुरक्षा बल पुलिस प्रसाशन और समस्त समिति के सदस्य एवं मोहल्ले वासियो का सहयोग प्राप्त हुआ जिसके फल स्वरूप महाभण्डारे का कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ

भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

 00 नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस

00 सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा छत्तीसगढ़

 

00 छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों की नई संभावनाओं का केंद्र
00 मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में किया इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ
00 देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी तीन दिवसीय औद्योगिक मेले में ले रहे हिस्सा

 
 
 

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, पर्याप्त मानव संसाधन और देश के मध्य में अनुकूल भौगोलिक स्थिति हमारी स्वाभाविक ताकत है। राज्य सरकार इन खूबियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं है। हम सरकार को उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और एक्सीलरेटर के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि निवेश का प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग के धरातल पर स्थापित होने तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले। मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक आयोजन के लिए रायपुर का चयन किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता बढ़ती है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक गतिविधियों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है।

 
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर उद्योग और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं। 18 से 20 सितम्बर तक आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों की भागीदारी इस आयोजन के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक मेला केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है। यह उद्यमियों के बीच संवाद, अनुभव, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे, नई संभावनाओं पर चर्चा होगी और युवाओं को उद्योग तथा उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

 

 भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली नई गति
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेशकों को प्रोत्साहन, नए एवं उभरते सेक्टरों को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और प्रसन्नता की बात है कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक आधार को विविधता देने के लिए आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न नए और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य प्रारंभ होना इस बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ नए उद्योगों और तकनीक आधारित कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।

निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल, सरकार बनेगी सहभागी
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसी भी राज्य में उद्योग तभी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, जब निवेशकों को नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं मिलें। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम किया है, ताकि निवेशकों को विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय पर आवश्यक भूमि, अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि उद्यमी अपना समय और ऊर्जा प्रक्रियागत जटिलताओं में लगाने के बजाय उत्पादन, नवाचार, विस्तार और रोजगार सृजन में लगाएं।
खनिज, ऊर्जा और वन संपदा छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल है। कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिज यहां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इन संसाधनों का प्रदेश के भीतर अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन हमारी औद्योगिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। प्रदेश में इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा सहित अनेक प्रकार की लघु वनोपज और औषधीय संसाधन उपलब्ध हैं। इनका वैज्ञानिक प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन कर वनांचल में उद्योग एवं रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय समुदायों और जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के भी नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता का एक और मजबूत आधार है। प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है। ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। पर्याप्त बिजली, जल संसाधन, मानव संसाधन, प्राकृतिक संपदा और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ छत्तीसगढ़ को उद्योगों के लिए स्वाभाविक रूप से अनुकूल बनाता है।
स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़ेगा औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब उससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। इसीलिए नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। अधिक संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा औद्योगिक विकास है, जिसमें प्रदेश का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला न रहे, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमशीलता के बल पर रोजगार देने वाला भी बने। एमएसएमई और स्टार्टअप इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक, बाजार और उद्यमिता के अवसरों से जोडऩे के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

 
 
 भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

बस्तर में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक संभावनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जलप्रपात, घने वन, प्राकृतिक स्थल और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। होम-स्टे जैसी पहलों के माध्यम से पर्यटन को सीधे स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए उद्यमियों से आग्रह किया कि वे औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को भी देखें और प्रदेश में उपलब्ध निवेश की विविध संभावनाओं को करीब से समझें।
उद्योगों की लंबी उड़ान के लिए तैयार है छत्तीसगढ़: उपमुख्यमंत्री साव
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का 14वां संस्करण छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उद्योगों के क्षेत्र में नई और लंबी उड़ान के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों से आए उद्यमियों को एक-दूसरे के उत्पाद, तकनीक, नवाचार और अनुभव को समझने तथा नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने का अवसर देगा। उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं के साथ प्रदेश के पर्यटन और तीर्थ स्थलों को भी देखने का आग्रह किया।
निवेश प्रस्ताव अब धरातल पर ले रहे आकार: उद्योग मंत्री देवांगन
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लागू नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। सरकार के प्रयासों से प्रदेश में निवेश प्रस्ताव आने के साथ उनका क्रियान्वयन भी धरातल पर दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटे और बड़े नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिनसे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। अलग-अलग सेक्टरों में संवाद और कार्यशालाओं के माध्यम से उद्यमियों को राज्य की नीतियों तथा उपलब्ध अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
लघु उद्योग भारती के श्री प्रकाश चंद्र गुप्त ने कहा कि संगठन पिछले 32 वर्षों से देश के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को संगठित करने तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को केंद्र एवं राज्य सरकारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में लघु और विकेंद्रीकृत उद्योगों की समृद्ध परंपरा रही है। वर्तमान समय में इन्हें आधुनिक बाजार, नई तकनीक और मजबूत व्यावसायिक नेटवर्क से जोडऩे की आवश्यकता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी उद्देश्य से उद्यमियों को साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन में उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ नए व्यावसायिक संपर्क बनाने, नवाचार साझा करने और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं पर संवाद करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया अवलोकन, उद्यमियों से जाना उनके नवाचारों के बारे में
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 में देश और प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मेले के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों, तकनीकों एवं नवाचारों की जानकारी ली। प्रदर्शनी में पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों एवं उपचार पद्धतियों से लेकर आधुनिक मशीनरी, आईटी और नवीन तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और औद्योगिक प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद कर उनकी व्यावसायिक गतिविधियों, नवीन तकनीकों और औद्योगिक अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश अवसरों और उद्योगों के लिए विकसित किए जा रहे अनुकूल वातावरण पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन को देशभर के उद्यमियों के बीच संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए लघु उद्योग भारती के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आयोजन की तैयारियों और औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों, सदस्यों एवं प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों, सामर्थ्य और नई संभावनाओं के साथ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े सभी प्रकार के उद्योगों के लिए सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देशभर के उद्यमियों का आह्वान किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की संभावनाओं को समझें, निवेश करें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी तथा देशभर से आए उद्यमी एवं औद्योगिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

48 लाख के पैकेज का दावा कर रचाई शादी, खुली नौकरी की सच्चाई तो पत्नी ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

48 लाख के पैकेज का दावा कर रचाई शादी, खुली नौकरी की सच्चाई तो पत्नी ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

 बिलासपुर। शादी से पहले 48 लाख रुपये सालाना पैकेज और अच्छी नौकरी का दावा करने के बाद विवाह करने वाले युवक को लेकर बिलासपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पत्नी ने आरोप लगाया है कि युवक ने अपनी नौकरी और आय से जुड़ी गलत जानकारी देकर शादी के लिए रिश्ता तय कराया। शादी के बाद कथित तौर पर वास्तविक स्थिति सामने आने पर विवाद शुरू हो गया।

जानकारी के मुताबिक, रिश्ता तय होने के दौरान युवक ने खुद को अच्छी नौकरी में कार्यरत बताते हुए करीब 48 लाख रुपये सालाना पैकेज मिलने की बात कही थी। युवक की नौकरी और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी के आधार पर दोनों परिवारों ने शादी के लिए सहमति दी।

शादी के बाद युवती को कथित तौर पर पता चला कि युवक की वास्तविक नौकरी और आय, शादी से पहले बताई गई जानकारी से अलग है। इसके बाद युवती ने युवक और उसके परिवार पर तथ्यों को छिपाने और गलत जानकारी देकर विवाह कराने का आरोप लगाया।

युवती का कहना है कि शादी का निर्णय लेते समय युवक की नौकरी और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी परिवार के लिए महत्वपूर्ण थी। आरोप है कि इसी जानकारी को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रिश्ता तय कराया गया।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और शादी से पहले युवक द्वारा नौकरी तथा वेतन को लेकर किए गए दावों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस युवक की नौकरी, आय, वेतन संबंधी रिकॉर्ड और शादी से पहले परिवारों के बीच साझा की गई जानकारी की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले ने शादी तय करने से पहले नौकरी, आय और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारियों की पुष्टि किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 19 सितंबर से बढ़ेगी बारिश; 20-21 को भारी बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 19 सितंबर से बढ़ेगी बारिश; 20-21 को भारी बारिश के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां धीमी जरूर हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर फिर तेज होने की संभावना है। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ ही हिस्सों में हल्की बारिश हुई। अब तक राज्य में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 19 सितंबर से बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो दुर्ग में अधिकतम 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पेण्ड्रारोड में न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फिलहाल राज्य में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 18 और 19 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 19 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। मौसम खराब होने पर लोगों को खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है।

20 और 21 सितंबर को मानसून का असर अधिक व्यापक रहने की संभावना है। मौसम केंद्र के अनुसार, इन दोनों दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश का सिलसिला 21 सितंबर के बाद भी पूरी तरह थमने के आसार नहीं हैं। 22 और 23 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी बनी रहेगी। हालांकि, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

राजधानी रायपुर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 19 सितंबर के बाद बारिश बढ़ने से राजधानी में तापमान और गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।

बड़ा हादसा : तालाब में डूबने से तीन मासूमों की मौत, पूरे गांव में पसरा मातम

बड़ा हादसा : तालाब में डूबने से तीन मासूमों की मौत, पूरे गांव में पसरा मातम

 कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम नुनेरा में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की जान चली गई। तीनों बच्चे गांव के तालाब में नहाने गए थे, जहां डूबने से उनकी मौत हो गई। घटना की खबर सामने आते ही मृतक बच्चों के परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।

नहाने के लिए तालाब गए थे तीनों बच्चे

मिली जानकारी के अनुसार, नुनेरा गांव निवासी इंदु अगरिया (7 वर्ष), राखी (8 वर्ष) और साधना (8 वर्ष) गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे गांव के तालाब की ओर गए थे। तीनों के काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को उनकी चिंता हुई। इसके बाद परिवार के लोग और ग्रामीण बच्चों की तलाश करते हुए तालाब के पास पहुंचे। तालाब के पास पहुंचने पर ग्रामीणों को बच्चों के कपड़े और चप्पल किनारे पड़े मिले। इससे लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। इसी दौरान तालाब में एक बच्चे का शव दिखाई दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने पानी में तलाश शुरू की। तलाश के दौरान अन्य दोनों बच्चों के शव भी बरामद कर लिए गए।

एक साथ तीन मासूम बच्चों की मौत की खबर सुनते ही उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन बेसुध हो गए, वहीं घटना की जानकारी गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। तीनों बच्चों की मौत के बाद नुनेरा गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच भी इस हादसे को लेकर गहरा शोक देखा जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों का मर्ग पंचनामा तैयार किया और मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

हादसे की परिस्थितियों की जांच जारी

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि तीनों बच्चे तालाब में किस स्थिति में पहुंचे और हादसा कैसे हुआ। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पुलिस ग्रामीणों और परिजनों से जानकारी जुटा रही है। फिलहाल प्रारंभिक तौर पर मामला तालाब में डूबने से मौत का बताया जा रहा है। पुलिस की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। तीन मासूम जिंदगियों के असमय चले जाने से नुनेरा गांव में गम का माहौल है। 

CG- मां बम्लेश्वरी के दर्शन की अधूरी रह गई इच्छा, मां के दरबार से बस 100 सीढ़ियां दूर थी महिला, दर्शन से पहले ही थम गई सांसें…

CG- मां बम्लेश्वरी के दर्शन की अधूरी रह गई इच्छा, मां के दरबार से बस 100 सीढ़ियां दूर थी महिला, दर्शन से पहले ही थम गई सांसें…

 डोंगरगढ़। मां बम्लेश्वरी के दर्शन की इच्छा लेकर महाराष्ट्र से डोंगरगढ़ पहुंची 67 वर्षीय महिला की मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई। दादी माता मंदिर के पास महिला ने सीने में दर्द की शिकायत की और वहीं बैठ गईं। परिजनों की सूचना मिलते ही मंदिर ट्रस्ट की टीम ने तत्काल मदद पहुंचाई। महिला को रोपवे के जरिए नीचे लाया गया, जिसके बाद एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।

मृतका की पहचान भंडारा जिले के डोंगरगांव निवासी निर्मला बोरकर के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह निर्मला अपनी छोटी बहन सुलोचना और भाभी के साथ पावर हाउस क्षेत्र से पैदल मां बम्लेश्वरी मंदिर के लिए निकली थीं। परिजनों के मुताबिक, गर्मी अधिक होने के कारण सीढ़ियां चढ़ते समय उन्होंने रास्ते में नींबू पानी भी पिया था।

दादी माता मंदिर के पास अचानक बैठ गईं

परिजनों के अनुसार, मंदिर की ओर धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ते हुए तीनों दादी माता मंदिर के पास पहुंचीं। इसी दौरान निर्मला अचानक बैठ गईं। उन्होंने परिजनों से सीने में दर्द होने की बात कही। उनकी हालत बिगड़ती देख परिजन तत्काल मंदिर कार्यालय पहुंचे और घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और महिला को नीचे लाने की व्यवस्था शुरू की। बताया गया कि उस समय मेंटेनेंस के चलते रोपवे बंद था। महिला की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद ट्रस्ट ने तत्काल रोपवे चालू कराया। निर्मला के साथ उनकी बहन और भाभी को भी रोपवे के जरिए नीचे लाया गया।

इसके बाद ट्रस्ट की एंबुलेंस से निर्मला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पहली बार मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने पहुंची थीं

निर्मला की छोटी बहन सुलोचना ने बताया कि 15 सितंबर को पावर हाउस क्षेत्र स्थित उनके घर में गृह प्रवेश का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निर्मला एक दिन पहले डोंगरगढ़ आई थीं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने की इच्छा जताई थी।

सुलोचना के मुताबिक, निर्मला इससे पहले कभी डोंगरगढ़ नहीं आई थीं। गुरुवार सुबह दोनों बहनें अपनी भाभी के साथ मंदिर के लिए निकली थीं। वे सीढ़ियां धीरे-धीरे चढ़ते हुए दादी माता मंदिर के पास तक पहुंची थीं, लेकिन मंदिर पहुंचने से करीब 100 सीढ़ियां पहले ही निर्मला की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

बहन की मौत के बाद सुलोचना भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि निर्मला पहली बार मां बम्लेश्वरी के दर्शन करना चाहती थीं, लेकिन दर्शन से पहले ही उनकी मौत हो गई।

निर्मला के पति रमेश बोरकर किसान हैं। परिवार में उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं।

ट्रस्ट ने जताई संवेदना

मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट डोंगरगढ़ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बताया कि दादी माता मंदिर के पास दर्शन के लिए जा रही महिला ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। परिजनों द्वारा मंदिर कार्यालय में सूचना दिए जाने के बाद ट्रस्ट की ओर से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई।

उन्होंने बताया कि मेंटेनेंस के लिए बंद रोपवे को तत्काल चालू कराया गया और महिला को नीचे लाया गया। इसके बाद ट्रस्ट की एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। ट्रस्ट समिति ने घटना पर संवेदना व्यक्त की है।

प्रदेश में 1.50 करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्ज्वलित

प्रदेश में 1.50 करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्ज्वलित

 सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश

सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश

रायपुर-- प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया। प्रदेशभर में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए 1.50 करोड़ से अधिक दीये प्रज्वलित किए। गांव से लेकर शहर तक विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के प्रति जनभावनाएं व्यक्त की गईं।

सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के तहत जनभागीदारी से गूंजा सेवा, सुशासन और संकल्प का संदेश

‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने सामूहिक रूप से दीये जलाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दीं। अनेक स्थानों पर दीपों से आकर्षक आकृतियां एवं संदेश भी बनाए गए।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में सेवा और जनभागीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिला। मंदिरों, चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मैदानों में बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित हुए और दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक बदलाव के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य सेवा और सुशासन की भावना को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज के विभिन्न वर्गों को रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ना है।

प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद के दीये’ का यह आयोजन जनभागीदारी और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बना। हजारों स्थानों पर एक साथ प्रज्वलित हुए दीपों ने सेवा और संकल्प के संदेश को व्यापक स्वरूप दिया।

सवा लाख ‘आशीर्वाद के दीपों’ से जगमगाया खारुन तट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती

सवा लाख ‘आशीर्वाद के दीपों’ से जगमगाया खारुन तट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती

 प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय, जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण को मिली नई गति : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री महादेव घाट में आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में हुए शामिल

प्रधानमंत्री  मोदी के 76वें जन्मदिवस पर 1.25 लाख दीपों से आलोकित हुआ खारुन नदी का पावन तट

मुख्यमंत्री ने खारुन मैया की महाआरती में की सहभागिता, प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की

प्रधानमंत्री श्री मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक मनाया जा रहा ‘सेवा संकल्प अभियान’

रायपुर---

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर आज राजधानी रायपुर का महादेव घाट सवा लाख दीपों की ज्योति से जगमगा उठा। खारुन नदी के पावन तट पर आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय शामिल हुए और प्रदेशवासियों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। सवा लाख दीपों की एक साथ प्रज्वलित ज्योति से महादेव घाट का पूरा परिसर आलोकित हो उठा। श्रद्धा, आस्था और जनभागीदारी के इस अनुपम संगम के बीच खारुन मैया की भव्य महाआरती की गई।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में अनेक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री  मोदी दिन-रात 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में जुटे हैं और उनके नेतृत्व में आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए हुई महाआरती

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज खारुन मैया के पावन तट पर प्रज्वलित सवा लाख दीप प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रति छत्तीसगढ़वासियों के स्नेह, आत्मीयता और शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की।

विराट दीपोत्सव के दौरान साध्वी प्रज्ञा भारती एवं आचार्यों द्वारा विधि-विधान के साथ खारुन मैया की महाआरती की गई। मुख्यमंत्री  साय ने भी महाआरती में सहभागिता की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को समर्पित साध्वी प्रज्ञा भारती द्वारा रचित एवं स्वरबद्ध गीत का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया।

*प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश ने देखे ऐतिहासिक परिवर्तन*

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ऐसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय और परिवर्तन देखे हैं, जिनकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने से लेकर अयोध्या में भगवान  रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने तक देश ने नए आत्मविश्वास और सामर्थ्य का अनुभव किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रहित में बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। उनके दृढ़ संकल्प, स्पष्ट दृष्टि और राष्ट्रसेवा की भावना ने देश में विकास और जनकल्याण की गति को तेज किया है। आज भारत विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए शासन का केंद्र हमेशा गरीब और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति रहा है। इसी भावना के अनुरूप गरीब परिवारों को पक्का आवास, घर-घर शौचालय, जन-धन खाते, रसोई गैस कनेक्शन, खाद्यान्न सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रत्येक देशवासी को अपने परिवार का सदस्य मानकर ‘सबका साथ, सबका विकास’ के ध्येय के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनकी सरकार ने गरीब की छोटी से छोटी आवश्यकता और उसके जीवन को बेहतर बनाने वाली सुविधाओं को शासन की प्राथमिकता बनाया है।

प्रधानमंत्री के साथ काम करने का अवसर मेरे सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के साथ अपने कार्य अनुभव को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने, तब मुझे भी उनकी सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हुआ। उस दौरान मुझे उनकी कार्यशैली, अनुशासन, परिश्रम और जनसेवा के प्रति समर्पण को निकट से देखने और समझने का अवसर मिला।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का पूरा जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण और जनसेवा की प्रेरक यात्रा है। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करने तक उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा और सुशासन को समर्पित रहे हैं। यह देश का सौभाग्य है कि हमें ऐसा नेतृत्व मिला है, जिसने विश्व पटल पर भारत का मान और सम्मान बढ़ाया है।

*प्रधानमंत्री  मोदी का छत्तीसगढ़ से रहा है गहरा आत्मीय जुड़ाव*

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ गहरा आत्मीय जुड़ाव रहा है। प्रदेश के विकास को केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिला है। प्रधानमंत्री  मोदी की विकास दृष्टि में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से यहां के जनजातीय तथा दूरस्थ अंचलों के विकास को महत्वपूर्ण स्थान मिला है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक सफलता हासिल की है। वर्षों तक हिंसा और पिछड़ेपन का दंश झेलने वाले बस्तर में आज शांति और विकास के नए द्वार खुले हैं। सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाएं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं तथा विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोगों के जीवन में आ रहा यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई शक्ति दे रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि शांति के वातावरण में बस्तर की प्राकृतिक संपदा, पर्यटन, संस्कृति और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को स्थानीय लोगों की समृद्धि और रोजगार से जोड़ा जाए।

*जनसेवा के 25 वर्षों पर एक महीने तक ‘सेवा संकल्प अभियान’*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रारंभ हुआ है। यह अभियान प्रधानमंत्री श्री मोदी के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का अवसर है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता करते हुए सेवा के संकल्प को अपने गांव, शहर, मोहल्ले और समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया।

*सवा लाख दीपों ने दिया सामूहिक शुभकामनाओं का संदेश*

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज महादेव घाट पर सवा लाख दीप प्रज्वलित कर प्रदेशवासियों ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएं व्यक्त की हैं। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर में विभिन्न स्थानों पर लगभग 32 लाख दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति शुभकामनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दीप भारतीय संस्कृति में आशा, विश्वास, सकारात्मकता और प्रकाश का प्रतीक है। आज जलाया गया प्रत्येक ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना के साथ ही सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का भी प्रतीक है।

उन्होंने विराट दीपोत्सव एवं महाआरती के भव्य आयोजन के लिए आयोजकों, सनातन ध्वज वाहिनी के पदाधिकारियों, स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी विशाल जनभागीदारी ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया है।

इस अवसर पर विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम की संयोजक एवं राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा,  विधायक  राजेश मूणत एवं  मोतीलाल साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, कौशल्या साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष  राजीव लोचन महाराज, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, सनातन ध्वज वाहिनी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास पर जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने निवास पर जलाया ‘आशीर्वाद का दीया’

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना की

मुख्यमंत्री ने कहा - सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित प्रधानमंत्री के 25 वर्षों की यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणा

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर अपने निवास पर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित कर उनके स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण को स्मरण करते हुए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। गरीब कल्याण से लेकर सुशासन, अंत्योदय से लेकर आत्मनिर्भर भारत और विरासत के सम्मान से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक उनकी यह यात्रा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर छत्तीसगढ़ सहित देशभर में सेवा और जनभागीदारी का भाव दिखाई दे रहा है। ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी आत्मीय भावना की अभिव्यक्ति है। यह छोटा-सा दीप प्रधानमंत्री जी के प्रति प्रदेशवासियों के स्नेह, विश्वास और शुभकामनाओं का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रहा है। हमारा संकल्प है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा तथा जनजातीय समाज की आकांक्षाएं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की शक्ति बनें।

 

CG TRANSFER : स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 25 चिकित्सा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

CG TRANSFER : स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 25 चिकित्सा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। विभाग ने 25 चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की पदस्थापना में बदलाव करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पदस्थ चिकित्सा अधिकारियों को स्थानांतरित कर नवीन पदस्थापना दी गई है। तबादला सूची में रायपुर, महासमुंद, सुकमा, बेमेतरा, धमतरी, सूरजपुर, कोरिया, सरगुजा, बिलासपुर और मुंगेली समेत कई जिलों के अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण: मुख्यमंत्री साय

श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण: मुख्यमंत्री साय

 00 श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता

00 विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं

00 शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना
00 असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायता

00 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित
00 100 श्रमिक दीदियों को मिली ई-रिक्शा की चाबी, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

00 श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे।

मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के आराध्य हैं। वे हमें श्रम के सम्मान और अपने हुनर पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। सही मायनों में हमारे श्रमिक भाई-बहन ही विकसित छत्तीसगढ़ के विश्वकर्मा हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच स्पष्ट है कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचे, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिक को उसके परिश्रम का पूरा सम्मान मिले, उसे सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले, परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बने और उसके बच्चों को आगे बढऩे के समान अवसर मिलें - इसी उद्देश्य के साथ सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं को लगातार विस्तार दे रही है।

श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है। मुख्यमंत्री साय ने असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे परंपरागत रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढऩे के अवसर उपलब्ध कराकर एक सशक्त श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है।

1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

महासम्मेलन में मुख्यमंत्री  साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण तक जीवन के विभिन्न चरणों में ये योजनाएं श्रमिक परिवारों का संबल बन रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय


श्रमेव जयते के मूलमंत्र के साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमेव जयते के मूलमंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संसाधनों की कमी किसी श्रमिक परिवार के प्रतिभावान बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बने। श्रमिक का बच्चा भी देश के श्रेष्ठ विद्यालय में पढ़े, उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में ऊंची उड़ान भरे - सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के पहले वर्ष 100 बच्चों को इसका लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों की शिक्षा का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आगे बढऩे में भी सरकार सहयोग कर रही है।
मनिंदर की सफलता बनी श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों की मिसाल
महासम्मेलन में एक प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और एक लाख 75 हजार रुपए का चेक प्रदान किया। मनिंदर ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश सुनिश्चित किया है। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च अब श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मनिंदर को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता केवल एक बेटी की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए प्रेरणा है। आर्थिक परिस्थितियां प्रतिभा की उड़ान को सीमित न करें, इसके लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। सरकार उनके इस सपने को अपना संकल्प मानकर आगे बढ़ा रही है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूत आधार दिया जा रहा है।
100 श्रमिक दीदियों के हाथों में ई-रिक्शा की चाबी, आत्मनिर्भरता की राह हुई आसान
मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। ई-रिक्शा प्राप्त करने वाली महिलाओं के चेहरे पर आत्मनिर्भर भविष्य का उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही श्रीमती यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं से आत्मीय बातचीत की और उन्हें नए स्वरोजगार के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पूरे परिवार को सशक्त बनाती है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक बहनों को ऐसे साधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे अपने परिश्रम के बल पर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में मजबूत भागीदार बनें।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय

श्रमिक बहनों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन
राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन के दौरान आत्मीयता से भरा दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आईं श्रमिक बहनों के साथ बैठकर दोपहर के भोजन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से सहजता से बातचीत की। उन्होंने उनके कामकाज, परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी है, जब उनका लाभ पात्र श्रमिक तक सरलता और समय पर पहुंचे। उन्होंने श्रमिक बहनों से संवाद के दौरान उनके अनुभव भी जाने। मुख्यमंत्री को अपने बीच बैठकर सहजता से भोजन करते और परिवार के सदस्य की तरह बातचीत करते देखकर श्रमिक बहनों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
डिजिटल तकनीक से योजनाओं को बनाया जा रहा सरल और पारदर्शी
मुख्यमंत्री श्री साय ने महासम्मेलन में राज्य की नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया तथा पीवीसी एवं क्यूआर कोड युक्त नवीन श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ पंजीयन से लेकर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन नेशन-वन राशन कार्ड व्यवस्था से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों को बड़ी सुविधा मिली है। अब श्रमिक देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करते हुए भी राशन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह पीएफ व्यवस्था में तकनीकी सुधारों से रोजगार या कार्यस्थल बदलने पर भी श्रमिकों के लिए खाते से जुड़ी सुविधाओं की निरंतरता आसान हुई है।
हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने जलाया आशीर्वाद का दीया
विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर ने महासम्मेलन को विशेष स्वरूप दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूरे छत्तीसगढ़ की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महासम्मेलन में उपस्थित हजारों श्रमिक भाई-बहनों के साथ आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित किया। श्रमिकों ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करने का आग्रह किया।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय


श्रमिकों तक समय पर पहुंच रहा योजनाओं का लाभ: श्रम मंत्री देवांगन
श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचा रही है। डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले 100 बच्चों को योजना का लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है।
श्री देवांगन ने कहा कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत सहायता राशि को एक लाख रुपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किया गया है। आज के कार्यक्रम में 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। यह पहल श्रमिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय

सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से श्रमिकों तक योजनाएं पहुंचाना लक्ष्य रू डॉ. रामप्रताप सिंह
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोडऩे के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक को विभागीय योजनाओं की जानकारी मिले और उनका लाभ बिना किसी कठिनाई के प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अटल करियर निर्माण योजना भी संचालित की जा रही है। प्रदेश में अब तक 25 श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन कर बड़ी संख्या में श्रमिकों को योजनाओं और आर्थिक सहायता से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि श्रमिक कल्याण में डिजिटल तकनीक के उपयोग की छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की डिजिटल पहल का प्रस्तुतीकरण किया गया।
श्रमिक परिवारों के सशक्तीकरण से मजबूत होगा छत्तीसगढ़: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए लोगों से अपने घर, आंगन और मोहल्लों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और महिलाओं को ई-रिक्शा के माध्यम से स्वरोजगार से जोडऩे जैसी पहल श्रमिक परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में रोजगार मेले का आयोजन कर लगभग तीन हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित थे।

 

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है : मुख्यमंत्री साय

 00 विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ देता रहेगा अपना सशक्त योगदान

0 प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख की सराहना: साय ने प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्त किया हृदय से आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को निरंतर नई ऊर्जा और दिशा देता रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के द्वारा उनके आलेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, विशेषकर बस्तर में आए परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका को रेखांकित किए जाने के संदर्भ में आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में लिखा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है। उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और राष्ट्र की प्रगति में अपना सशक्त योगदान देता रहेगा।  

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख को साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और विशेष रूप से बस्तर में आए परिवर्तन को रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा इस बात का बड़ा उदाहरण है कि आज देश की प्रगति केवल महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बस्तर में आया बड़ा बदलाव इसकी जीवंत तस्वीर है और यह बताता है कि विकास की मुख्यधारा से जुड़कर जनजातीय समाज भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री  साय के आलेख का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव  साय ने अपने आलेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को सेवा, सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए गुजरात के पुनर्निर्माण से लेकर विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य तक की यात्रा का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की अवधारणा गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और जनजातीय समाज की आकांक्षाओं से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री  साय ने आलेख में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि कभी हिंसा और पिछड़ेपन के कारण चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, विकास, पर्यटन और नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ जनजातीय अंचल भी विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने आलेख में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कर्मयोग ने भारत को नया आत्मविश्वास दिया है और अब देश के सामने विकसित भारत का लक्ष्य है। इस राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ केवल सहभागी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभा के बल पर एक मजबूत भागीदार की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा है कि गांव से शहर तक विकास की ऐसी यात्रा को आगे बढ़ाना छत्तीसगढ़ का संकल्प है, जिसमें समृद्धि के साथ संस्कृति, आधुनिकता के साथ परंपरा तथा प्रगति के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने आलेख के माध्यम से यह संकल्प व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण के महायज्ञ में पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ अपना योगदान देगा। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के बीते 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं तथा आने वाला समय विकसित भारत और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का है।

 पंडित वामन राव लाखे की 154 वी जयंती मनाई गई

पंडित वामन राव लाखे की 154 वी जयंती मनाई गई

स्कूल स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
रायपुर :- शिक्षा प्रचारक समिति द्वारा संचालित महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय एवं वामन राव लाखे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सहकारिता के जनक शिक्षाविद पंडित वामन राव लाखे जी की 154 वी जयंती मनाई गई इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अंजनी कुमार शुक्ला पूर्व अध्यक्ष निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग रायपुर लोक गायक श्री दिलीप सारंगी शिक्षाविद एवं ट्रस्टी श्री अजय तिवारी श्री अनिल तिवारी ट्रस्टी आरके गुप्ता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी वामन  राव लाखे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर भारती यादव प्राचार्य श्रीमती मंजू साहू श्रीमती आशा इत्यादि सहित महाविद्यालय विद्यालय के शिक्षक शिक्षकों की विशेष उपस्थिति रही इस अवसर पर कार्यक्रम मुख्य अतिथि श्री अंजनी कुमार शुक्ला ने कहा कि लाखे जी विराट व्यक्तित्व के धनी थे उन्होंने गरीब किसान लोगों की सहायता के लिए कानूनी लड़ाइयां लड़ी लाखे जी राष्ट्र पिता महात्मा गांधी से प्रभावित होकर देश की आजादी के आंदोलन में भाग लिया पत्रकारिता के क्षेत्र में साहित्य के क्षेत्र में पत्र पत्रिकाओं का संपादन कर नेतृत्व किया उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना की गई है जो आज निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है लाखे जी जिला सहकारी बैंक की स्थापना की बलौदा बाजार में किसान राइस मिल की स्थापना की और बाल गंगाधर तिलक से प्रभावित होकर विदेशी वस्त्र के बहिष्कार के आंदोलन में शामिल हुए होम रूल आंदोलन का हिस्सा बने इस तरह उनके विराट व्यक्तित्व को पहचाना जा सकता है जरूर इस बात की है कि ऐसे नेतृत्व को जीवनी में पढ़कर शिक्षा ली जाए लोक गायक दिलीप सारंगी ने बात रखी और कहा कि उनका सौभाग्य है की वह एक ऐसे शिक्षण संस्थान के हिस्सा बने जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वामन राव लाखे को समर्पित कर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहा है कार्यक्रम में  शिक्षाविद अजय तिवारी अनिल तिवारी सहकारिता के जनक लाखे जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनके कार्यों को प्रेरणादाई बताया दोनों शिक्षाविदों में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को प्रेरणा देने के लिए लाखे जी के बताएं मार्गों को अपनाते हुए एक नया रास्ता आरंभ करना पड़ेगा आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने आभार प्रदर्शन किया और लाखे जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की शिक्षिका डॉक्टर किरण अग्रवाल ने किया आयोजन के दौरान जिन बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत किया गया उनमें चित्रकला में हुसैन निराला पायल विश्वकर्मा चेतन सोना सौम्या ठाकुर गौहर परवीन जाह्नवी बारिक बेस्ट ऑफ़ द वेस्ट प्रतियोगिता में अफरीदी कुमारी जरीना बानो जरीन खान चंचल सोना निबंध प्रतियोगिता में जितेश कुमार चंद्रवंशी यशी देवांगन रंगोली प्रतियोगिता में कुमारी तरवीन पायल विश्वकर्मा अल्फिया हर्षिका पायल मारकंडे जाह्नवी बारिक आदि को पुरस्कृत किया गया है
धन्यवाद ज्ञापन डॉ देवाशीष मुखर्जी ने किया
एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़, 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य

एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़, 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य

 विशेष लेख - धनंजय राठौर सयुक्त संचालक, जनसंपर्क
रायपुर।
दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोडऩे के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।
500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में सिरमौर बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग
इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए उतारा जा रहा है। कृषि मौसम, फसल, कीट और रोगों के आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक सलाह मिल सकेगी। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में सुधार होगा।
सुशासन एवं उद्योग
सरकारी पोर्टलों (जैसे सेवा सेतु) के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ती है और त्रुटियाँ कम होती हैं। ्रढ्ढ सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं, जिससे लागत बचती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24&7 सहायता प्रदान करने के लिए ्रढ्ढ संचालित टूल का उपयोग किया जाता है।
नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब
नवा रायपुर को आईटी, एआई और डाटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डाटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
नवा रायपुर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर
नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा। प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।

राज्यपाल डेका से मंत्री वर्मा ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से मंत्री वर्मा ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में उच्च शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  टंकराम वर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

लोकभवन में मनाया गया विश्वकर्मा जयंती

लोकभवन में मनाया गया विश्वकर्मा जयंती

 रायपुर। लोकभवन में आज विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई। राज्यपाल  रमेन डेका एवं प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने भगवान विश्वकर्मा का विधि विधान से पूजा अर्चना कर देश-प्रदेश के खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे एवं लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सेवा से सशक्तिकरण तक-बदलती जिंदगी की कहानियां लिख रहा सेवा संकल्प अभियान

सेवा से सशक्तिकरण तक-बदलती जिंदगी की कहानियां लिख रहा सेवा संकल्प अभियान

 00 शासकीय योजनाओं का लाभ बन रहा महिलाओं के आत्मविश्वास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार

विशेष लेख - डॉ. दानेश्वरी संभाकर उप संचालक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में जनसेवा का अर्थ केवल योजनाओं और कार्यक्रमों के संचालन तक सीमित नहीं है। जनसेवा का वास्तविक अर्थ तब सामने आता है, जब शासन की पहल किसी परिवार की जरूरत पूरी करती है, किसी मां को मातृत्व के दौरान संबल देती है, किसी महिला को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर देती है और किसी बच्चे को कुपोषण से बाहर निकालकर स्वस्थ जीवन की ओर ले जाती है। इसी सोच को जनभागीदारी से जोडऩे का माध्यम बन रहा है सेवा संकल्प अभियान। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के साथ उन्हें आगे बढऩे के अवसर उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं का प्रभाव अब आंकड़ों के साथ-साथ उन लोगों की कहानियों में भी दिखाई दे रहा है, जिनके जीवन में शासन की योजनाओं ने नई राह खोली है।
महतारी वंदन से आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की ओर कदम
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रूपए की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। अब तक 31 किश्तों में 68 लाख रूपए से अधिक महिलाओं को 20 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि कई महिलाओं के लिए परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और छोटे व्यवसाय शुरू करने का माध्यम बनी है।
जांजगीर-चांपा की श्रीमती उर्मिला यादव ने योजना से प्राप्त राशि को बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। अब वे घर और साप्ताहिक हाट-बाजारों में गहने बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इसी जिले की श्रीमती ज्योति कसेर ने आर्थिक सहयोग से पापड़ व्यवसाय शुरू किया। ग्राम सरहर की श्रीमती सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान शुरू की, जबकि कुसुम देवी पाण्डेय ने अपनी दुकान का विस्तार किया।

कबीरधाम की सतरूपा गंधर्व योजना से मिली राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और बचत के लिए कर रही हैं। वहीं कोण्डागांव की श्यामबती कोर्राम अपनी दोनों बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा कर रही हैं और परिवार के पौष्टिक आहार की जरूरत भी पूरी कर रही हैं।
इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि आर्थिक सहायता का प्रभाव केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह परिवार के भविष्य की योजनाओं का आधार भी बन सकता है।
संकट में सुरक्षा, सम्मान के साथ सहायता
महिला सशक्तिकरण का अर्थ आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन भी है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी 33 जिलों में 42 सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। घरेलू हिंसा, उत्पीडऩ अथवा अन्य संकट की स्थिति में महिलाओं को यहां कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। यह व्यवस्था संकटग्रस्त महिला को केवल सहायता नहीं देती, बल्कि उसे यह भरोसा भी देती है कि कठिन परिस्थिति में शासन उसके साथ खड़ा है।
बेटी के विवाह में आर्थिक संबल
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ऐसे परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। योजना के तहत अब तक 24 हजार 336 बालिकाओं का सामूहिक विवाह कराया जा चुका है और प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए 50 हजार रूपए की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल विवाह के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ बेटियों के सम्मानपूर्वक विवाह में परिवारों को सहयोग प्रदान कर रही है।
समूह की ताकत से स्वरोजगार की राह
महिला सशक्तिकरण को स्थायी आधार देने के लिए महिलाओं को आजीविका और उद्यमिता से जोडऩा भी जरूरी है। महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत अब तक 42 हजार 878 महिला समूहों को 129.46 करोड़ रूपए का रियायती ऋण उपलब्ध कराया गया है। रियायती ऋण से महिला समूह अपने छोटे व्यवसाय और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। सामूहिक प्रयास से महिलाएं न केवल आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं।
मातृत्व का संबल, स्वस्थ बचपन की नींव
सेवा संकल्प की भावना मातृत्व और बाल स्वास्थ्य तक भी पहुंचती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से पात्र गर्भवती महिलाओं और माताओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल में मदद मिलती है। कबीरधाम की श्रीमती संजू तिवारी को पहले बच्चे के जन्म पर 5 हजार रूपए तथा दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रूपए की सहायता मिली। उन्होंने इस राशि का उपयोग दूध, फल, पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर किया। बेमेतरा की श्रीमती मुकेश्वरी साहू ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन से योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ लिया और सहायता राशि का उपयोग पोषण एवं स्वास्थ्य जांच में किया।
वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की बालिका हिमांशी कोवाची हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम के माध्यम से अति गंभीर कुपोषण से सामान्य श्रेणी में पहुंची। 16 सप्ताह के विशेष पोषण प्रबंधन के दौरान उसका वजन 9.2 किलोग्राम से बढ़कर 11.50 किलोग्राम हुआ। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियमित गृहभेंट, वजन मापन, स्वास्थ्य परीक्षण और पोषण संबंधी मार्गदर्शन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बने।
सेवा संकल्पकृआंकड़ों से आगे, बदलाव की पहचान
इन उदाहरणों में सेवा संकल्प अभियान की वास्तविक भावना दिखाई देती है। उर्मिला यादव के लिए योजना की राशि स्वरोजगार का आधार बनी, श्यामबती कोर्राम के लिए बेटियों के भविष्य की सुरक्षा का माध्यम, संकटग्रस्त महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर सुरक्षा और सहायता का भरोसा बना और हिमांशी के लिए सतत पोषण प्रबंधन स्वस्थ जीवन की ओर बढऩे का अवसर बना। यही सेवा संकल्प अभियान की विशेषता है-यह योजनाओं को केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए बदलावों के रूप में देखने और सामने लाने का प्रयास है।
जब शासन की सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचती है, तो वह केवल आर्थिक सहयोग नहीं रहती। वह किसी महिला के लिए आत्मविश्वास बनती है, किसी परिवार के लिए उम्मीद, किसी बेटी के लिए सुरक्षित भविष्य और किसी बच्चे के लिए स्वस्थ जीवन की शुरुआत। छत्तीसगढ़ की इन बदलती कहानियों में जनसेवा की सार्थकता दिखाई देती है। सेवा से संकल्प, संकल्प से संबल और संबल से सशक्तिकरण-यही वह यात्रा है, जिसे सेवा संकल्प अभियान जन-जन तक पहुंचा रहा है।

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: मुख्यमंत्री साय

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: मुख्यमंत्री साय

 00 मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

00 मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी  आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों तथा उद्योग और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है। विश्वकर्मा जयंती केवल हमारी आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों तक, छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े उद्योगों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हमारे कुशल हाथ अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है। हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढिय़ों से अपने हुनर के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है। वहीं आज के श्रमिक, अभियंता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक, कारीगर और निर्माण से जुड़े लाखों हाथ अपने परिश्रम से प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति दे रहे हैं। उनका श्रम और कौशल समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें यह संदेश भी देती है कि हम अपने प्रत्येक कार्य को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करें। बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ही हम आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि वे प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों को अपने कार्य में निरंतर सफलता प्रदान करें तथा उनके कौशल और परिश्रम से छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

छत्तीसगढ़ में फिर बारिश का दौर! मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट, जानिए अपने जिले का हाल

छत्तीसगढ़ में फिर बारिश का दौर! मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट, जानिए अपने जिले का हाल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में फिलहाल बारिश का दौर कुछ कमजोर नजर आ रहा है, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 19 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इस दौरान कई हिस्सों में बादल सक्रिय रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

कुछ इलाकों में हुई हल्की बारिश

पिछले 24 घंटे के मौसम पर नजर डालें तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। हालांकि एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसमी बारिश फिलहाल सामान्य के आसपास बनी हुई है, लेकिन अब तक कुल बारिश में करीब 5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

19 सितंबर से बढ़ सकती है बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में बारिश का वितरण बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता में भी इजाफा हो सकता है। इसके चलते प्रदेश के ज्यादा क्षेत्रों में बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

वहीं, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। बारिश का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग देखने को मिल सकता है।

गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा

बारिश के साथ कुछ इलाकों में मौसम खराब होने की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। अगले दो दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

 

बिजली चमकने और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

दुर्ग में सबसे ज्यादा तापमान

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला। दुर्ग में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 17 सितंबर को मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

रायपुर में फिलहाल भारी बारिश के बजाय बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

19 सितंबर के बाद मौसम पर रहेगी नजर

मौसम विभाग के अनुसार अभी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सीमित हैं, लेकिन 19 सितंबर के बाद बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। गरज-चमक और वज्रपात की संभावनाओं को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज, मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा…..

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज, मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की।

डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी

सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

CG- पिता का दोस्त ही निकला दरिंदा, चिप्स देने के बाद मासूम बच्ची से की घिनौनी हरकत……

CG- पिता का दोस्त ही निकला दरिंदा, चिप्स देने के बाद मासूम बच्ची से की घिनौनी हरकत……

 रायपुर। राजधानी रायपुर के संतोषी नगर इलाके में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची के परिचित पड़ोसी ने घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। बच्ची ने विरोध किया और आरोपी के चंगुल से निकलकर वहां से भाग गई। परिजनों की शिकायत के बाद टिकरापारा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना के बाद परिजनों ने मामले की शिकायत टिकरापारा थाने में की है। पुलिस ने आरोपी सुलेमान कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम को आरोपी नाबालिग के घर में घुसा था। उसने पहले नाबालिग को चिप्स दिया। इसके बाद उसके साथ जबरदस्ती करने और रेप की कोशिश करने का आरोप है। नाबालिग ने विरोध किया और आरोपी के चंगुल से खुद को छुड़ाकर वहां से भाग गई। शिकायत मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी सुलेमान कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

नगर निगम का बुलडोजर एक्शन, ले आउट से बाहर बने 40 मकानों पर चलाया बुलडोजर, इलाके में अफरा-तफरी का माहौल……

नगर निगम का बुलडोजर एक्शन, ले आउट से बाहर बने 40 मकानों पर चलाया बुलडोजर, इलाके में अफरा-तफरी का माहौल……

 रायपुर। राजधानी के भाठागांव स्थित रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम की टीम एक्सीवेटर लेकर पहुंची और स्वीकृत लेआउट से बाहर बनाए गए 40 मकानों को ढहा दिया। निगम के अनुसार, इन मकानों का निर्माण स्वीकृत लेआउट के दायरे से बाहर बिना अनुमति के किया गया था। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम मौके पर मौजूद रही।

बुलडोजर कार्रवाई से पहले संबंधित बिल्डरों और मकान मालिकों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया था। आज सुबह जोन क्रमांक 6 की टीम 12 एक्सीवेटर के साथ मकानों को तोड़ने पहुंची। विवाद की स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी

जोन क्रमांक 6 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने बताया, यहां जलभराव, पानी, बिजली और नाली से जुड़ी शिकायतें भी मिली थीं। जांच के दौरान लेआउट के बाहर किए गए निर्माण सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। निगम का कहना है कि कार्रवाई के बाद संबंधित बिल्डरों ने लेआउट के बाहर आगे कोई निर्माण नहीं करने का भरोसा दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई भी नियमानुसार की जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने विरोध जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कार्रवाई रोकने और प्रभावित परिवारों के मकानों के नियमितीकरण की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि, यदि कॉलोनी में अवैध प्लाटिंग या निर्माण हुआ है तो केवल मकान मालिकों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने जमीन के डायवर्सन, रजिस्ट्री और निर्माण की अनुमति से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। फिलहाल रावतपुरा फेस-2 में निगम की कार्रवाई जारी है।

 छत्तीसगढ़ में अब नहीं होगी सरकारी राशन की हेराफेरी! PDS सिस्टम में बदलाव करने जा रही साय सरकार…

छत्तीसगढ़ में अब नहीं होगी सरकारी राशन की हेराफेरी! PDS सिस्टम में बदलाव करने जा रही साय सरकार…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की आपूर्ति में हेरफेर रोकने के लिए साय सरकार ने एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। सरकार अब पीडीएस चावल की बोरियों पर बारकोड लगाने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत सरकार मिलर से निकलने वाले चावल की बोरियों में बारकोड लगाएगी। इससे चावल की सप्लाई को ट्रैक किया जा सकेगा और बीच रास्ते में चावल बदलने या हेरफेर की आशंका पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि नया सिस्टम इस साल दिसंबर से लागू हो जाएगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में कई जगहों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल में हेरफेर की खबरें सामने आ रही थी। इसे रोकने के लिए पीडीएस चावल की बोरी पर बारकोड लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि मिलर के सप्लाई के वक्त ही यह कोड बोरियों पर चिपकाया जाएगा। इससे पीडीएस चावल में होने वाले कथित ‘रोलिंग खेल’ पर रोक लगेगी और चावल की सप्लाई को ट्रैक किया जा सकेगा।