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5वें सेमेस्टर में अटके छात्रों को मिली बड़ी राहत, अंतरिम प्रवेश देने की घोषणा, अध्यादेश में होगा संशोधन

5वें सेमेस्टर में अटके छात्रों को मिली बड़ी राहत, अंतरिम प्रवेश देने की घोषणा, अध्यादेश में होगा संशोधन

 सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति संवेदनशील- उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) लागू करने को प्रतिबद्ध सरकार

​रायपुर। ​प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत पढ़ रहे हजारों छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक बेहद संवेदनशील और बड़ा निर्णय लिया है। प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक-दो प्रश्नपत्रों (पेपर्स) में असफल होने के कारण 5वें सेमेस्टर में प्रवेश से वंचित हो रहे छात्रों को अब सरकार ने बड़ी राहत देते हुए अंतरिम (Provisional) प्रवेश देने की घोषणा की है।

इस फैसले से हजारों छात्रों का शैक्षणिक वर्ष (Academic Year) खराब होने से बच जाएगा। ​मामले की गंभीरता और युवाओं के हित को सर्वाेपरि रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि NEP के क्रियान्वयन में आ रही किसी भी व्यावहारिक अड़चन को दूर करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है।

​मंत्री वर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग और हमारी सरकार प्रदेश के युवा छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। राज्य में नई शिक्षा नीति (NEP)को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हम पूरी तरह कटिबद्ध हैं। इसे लागू करने की प्रक्रिया में यदि कोई भी व्यावहारिक समस्या या व्यवधान उत्पन्न होता है, तो युवाओं के स्वर्णिम भविष्य और उनके सर्वांगीण उत्थान को ध्यान में रखकर उसका त्वरित समाधान निकाला जाएगा।

इसी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सरकार ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि जो छात्र प्रथम या द्वितीय सेमेस्टर के एक या दो पेपर्स में अनुत्तीर्ण होने की वजह से 5 वें सेमेस्टर में दाखिला नहीं ले पा रहे थे, उन्हें अब 5 वें सेमेस्टर में अनंतिम रूप से प्रवेश दिया जाएगा। छात्रों के व्यापक हित को देखते हुए संबंधित अध्यादेश में समय रहते आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। सरकार प्रदेश के सभी युवाओं के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती है।

झीरम फैसले पर कांग्रेस का बड़ा हमला, दीपक बैज बोले- ‘आधा-अधूरा न्याय’

झीरम फैसले पर कांग्रेस का बड़ा हमला, दीपक बैज बोले- ‘आधा-अधूरा न्याय’

 रायपुर। झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जांच प्रक्रिया और फैसले को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेस वार्ता में फैसले को आधा-अधूरा न्याय बताते हुए कहा कि कांग्रेस अदालत के फैसले का सम्मान करती है, लेकिन झीरम हत्याकांड के पीछे कथित राजनीतिक साजिश का सच अब भी सामने नहीं आया है।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि एनआईए की जांच शुरू से दिशाहीन रही और राजनीतिक षड्यंत्र के पहलू की पर्याप्त जांच नहीं की गई। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब जांच में बड़ी संख्या में नक्सलियों की संलिप्तता का उल्लेख था, तो दोषसिद्धि केवल 10 आरोपियों तक ही क्यों सीमित रही। कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाई गई थी, यात्रा का मार्ग किसने और क्यों बदला और हमले की योजना किसने बनाई थी?

कांग्रेस ने एनआईए की शुरुआती एफआईआर में शामिल कथित बड़े नक्सली नेताओं के नाम बाद की चार्जशीट से हटाए जाने पर भी सवाल खड़े किए। पार्टी ने पूछा कि झीरम मामले में नामजद और बाद में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नेताओं से एनआईए ने पूछताछ क्यों नहीं की। कांग्रेस ने तत्कालीन मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीसी नक्सल और संदिग्ध आत्मसमर्पित नक्सलियों के नार्को टेस्ट की मांग भी उठाई।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि भाजपा नहीं चाहती कि झीरम हत्याकांड का पूरा सच सामने आए। हालांकि, ये कांग्रेस द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।प्रेस वार्ता में पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, सुशील आनंद शुक्ला समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

CG : गुरु-शिष्य के रिश्ते को किया शर्मसार, छात्राओं को पास कराने के बदले रखी गंदी शर्त, आरोपी गिरफ्तार…

CG : गुरु-शिष्य के रिश्ते को किया शर्मसार, छात्राओं को पास कराने के बदले रखी गंदी शर्त, आरोपी गिरफ्तार…

 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजकर संबंध बनाने का दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी शिक्षक की पहचान तिलक यदु के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, मामले में एक अन्य आरोपी भी शामिल है, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। वहीं, गिरफ्तार शिक्षक से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के सामने आने के बाद इलाके में भी चर्चा का माहौल है।

बताया जा रहा हैं कि आरोपी शिक्षक ने कक्षा की कुछ छात्राओं को मैसेज भेजकर परीक्षा में पास करने का झांसा दिया और संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। मामले में एक आदिवासी छात्रा ने घटना की शिकायत अपने परिजनों से की, जिसके बाद परिजनों ने अपनी बेटी के साथ थाने पहुंचे और शिक्षक को भी थाने बुलाया था। इस दौरान शिक्षक ने सार्वाजनिक रूप से माफी मांगकर मामले में शिकायत नहीं करने की बात छात्रा से कही थी। छात्रा ने आरोपी शिक्षक की नहीं सुनी और घटना की शिकायत दर्ज करवाने को लेकर थाने में अड़ी रही। आरोपी शिक्षक के खिलाफ अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया।

जानिए छात्रा द्वारा थाने में दी शिकायत

पीड़ित छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी शिक्षक तिलक यदु स्कूल में हिंदी व सामाजिक विज्ञान की क्लास लेता है। पिछले कुछ समय से शिक्षक द्वारा कक्षा 9 वीं में पास कराने का झांसा देकर अश्लील मैसेज छात्राओं को भेजता था। इतना ही नहीं शिक्षक ने मैसेज में संबंध बनाने का दबाव भी बनाया। आरोपी शिक्षक की हरकतों से परेशान होकर पीड़ित छात्रा ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजन तत्काल थाने पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना के संबंध में पूछताछ कर आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा हैं कि घटना में शामिल एक और आरोपी रमीज कुरैशी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

ओरछा, फरसगांव, खडग़वां, सोनहत, डौंडी, डोंगरगांव और धमधा में भी खुलेंगे लोक निर्माण विभाग के उप संभागीय कार्यालय

ओरछा, फरसगांव, खडग़वां, सोनहत, डौंडी, डोंगरगांव और धमधा में भी खुलेंगे लोक निर्माण विभाग के उप संभागीय कार्यालय

 00 कार्यों में गति लाने, विभागीय कसावट और कड़ी निगरानी के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यालय शुरू कर रहा पीडब्ल्यूडी

00 पुल-पुलियों के निर्माण में भी आएगी तेजी, बीजापुर, सुकमा, कोंडागांव, बालोद, सारंगढ़ और बैकुंठपुर जैसे दूरवर्ती जिलों में प्रारंभ होंगे सेतु उप संभागीय कार्यालय

रायपुर। सड़कों, भवनों और पुल-पुलियों के कार्यों में गति लाने तथा इनके निर्माण कार्यों में कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने लोक निर्माण विभाग दूरस्थ क्षेत्रों में भी कार्यालय शुरू कर रहा है। राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के 16 उप संभागीय, दो संभागीय और एक सेतु मंडल कार्यालय के साथ ही इन कार्यालयों के लिए सेट-अप की मंजूरी दे दी है। इनमें से ज्यादातर कार्यालय दूरस्थ क्षेत्रों में खोले जा रहे हैं। इनकी स्थापना से निर्माण कार्यों में तेजी के साथ ही विभागीय कामकाज में कसावट आएगी।

राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र के अंतर्गत 9 नए कार्यालयों की स्वीकृति प्रदान की है। इनमें जगदलपुर में अधीक्षण अभियंता कार्यालय, रायपुर में कार्यपालन अभियंता कार्यालय सेतु संभाग क्रमांक-2, तथा बीजापुर, सुकमा, कोण्डागांव, बालोद, मुंगेली, सारंगढ़ और बैकुंठपुर में अनुविभागीय अधिकारी (सेतु उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं। राज्य शासन ने भवन एवं सड़क निर्माण के लिए 10 नवीन कार्यालय भी मंजूर किए हैं। इनमें बैकुंठपुर में कार्यपालन अभियंता (कोरिया संभाग) कार्यालय तथा फरसगांव, ओरछा, डोंगरगांव, डौंडी, धमधा, आरंग, खडग़वां, सोनहत और बलौदाबाजार में अनुविभागीय अधिकारी (उप संभाग) कार्यालय शामिल हैं।

लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का लोकरंग पर्व, कल से 8 तक मुक्ताकाशी मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक

लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा रायपुर का लोकरंग पर्व, कल से 8 तक मुक्ताकाशी मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक

 00 संस्कृति, भरथरी-पंडवानी से लेकर पंथी, करमा, सुआ और ददरिया तक की होंगी मनमोहक प्रस्तुतियां

रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, लोकगाथाओं और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभागीय आयोजन 2026 के अंतर्गत तीन दिवसीय लोकरंग पर्व का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 6, 7 एवं 8 सितंबर को रायपुर स्थित मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रत्येक दिन शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा। लोकरंग पर्व के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध लोक विधाओं को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में प्रदेश की पारंपरिक लोकगाथाओं, लोकनाट्य, लोकगीत और लोकनृत्य की ऐसी रंगारंग प्रस्तुतियां देखने को मिलेंगी, जो छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और उसकी सांस्कृतिक पहचान को जीवंत करेंगी।
भरथरी और पंडवानी से लेकर पंथी-करमा तक
तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध लोक विधाओं भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा और गम्मत की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनके साथ सुआ, करमा और पंथी जैसे पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां भी दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकजीवन से जोड़ेंगी। वहीं बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत और संस्कार गायन जैसी लोक एवं पारंपरिक गायन शैलियों की प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को सामने लाया जाएगा।
लोक कलाकारों को मिलेगा मंच, नई पीढ़ी तक पहुंचेगी विरासत

लोकरंग पर्व केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी लोक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। लोकगीतों, लोकगाथाओं और पारंपरिक नृत्य-नाट्य शैलियों के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण एवं जनजातीय जीवन, सामाजिक परंपराओं और लोक आस्थाओं की झलक दर्शकों को देखने मिलेगी। आयोजन में पारंपरिक लोक विधाओं के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को मंच पर साकार करेंगे। लोक वाद्यों की धुन, पारंपरिक गीतों की मिठास और लोकनृत्यों की लय से मुक्ताकाशी मंच तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आएगा।
मुक्ताकाशी मंच पर तीन शाम संस्कृति के नाम
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश की लोककलाओं और लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ आम नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩा है। 6 से 8 सितंबर तक शाम 7 बजे से होने वाली प्रस्तुतियों में दर्शकों को छत्तीसगढ़ की अलग-अलग लोक विधाओं का विविधतापूर्ण संगम देखने को मिलेगा। लोकरंग पर्व के जरिए छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की जीवंत तस्वीर रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर उभरेगी, जहां लोकगाथाओं की कथात्मकता, लोकगीतों की मिठास, नृत्यों की थिरकन और पारंपरिक वाद्यों की गूंज मिलकर प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत करेगी।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह - वन मंत्री कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह - वन मंत्री कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को किया सम्मानित

रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे।

अनुशासन और संस्कारों से ही मिलती है सफलता: केदार कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढऩे से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने परिवार को पहली पाठशाला बताते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का मूल आधार है। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने तथा इसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली।

पुस्तक विमोचन और शिक्षकों का सम्मान
समारोह के दौरान लेखक  शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति पर आधारित लिखित पुस्तक बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां का विमोचन किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों ( सुमेर सिंह मंडावी, उषा किरण बैस,  धनसिंह बघेल आदि) को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष  इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष पिंकी उसेंडी, कलेक्टर नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रही।

BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सेहत में सुधार :13 को लौट सकते है छत्तीसगढ़!

BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सेहत में सुधार :13 को लौट सकते है छत्तीसगढ़!

 रायपुर. सड़क हादसे में घायल छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का स्वास्थ्य बेहतर अब बेहतर बताया जा रहा है. डॉक्टरों की निगरानी में उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है. इस महीने 12 या 13 सितंबर को वह छत्तीसगढ़ लौट सकते हैं.

दिल्ली से प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव बस्तर जिला भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में मोबाइल के जरिए जुड़े. इस दौरान उन्होंने करीब 7 मीनट तक बैठक को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि सेवा और समर्पण से संगठन मजबूत होता है. व्यक्तिगत परिस्थितियां कैसी भी हों, संगठन और समाजसेवा का संकल्प सर्वोपरि है. देव ने कार्यकर्ताओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कर्मपथ पर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया.

सड़क हादसे में घायल हुए थे किरण सिंह देव

बता दें कि 29 जुलाई को परिवार के साथ बागेश्वर धाम (छतरपुर मध्य प्रदेश) से लौटते समय उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के तालबेहट क्षेत्र में झांसी-ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर उनकी इनोवा आगे चल रही ट्रक से टकरा गई थी. इस सड़क दुर्घटना में किरण सिंह देव गंभीर रूप से घायल हो गए थे. दिल्ली मे मेदांता अस्पताल में उनका आपरेशन किया गया. तब से वह उनका उपचार वहीं चल रहा है. 

BREAKING : झीरम घाटी नक्सली हमले में आया बड़ा फैसला, सभी 10 आरोपी पाए गए दोषी

BREAKING : झीरम घाटी नक्सली हमले में आया बड़ा फैसला, सभी 10 आरोपी पाए गए दोषी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में आज बड़ा फैसला सामने आया है। NIA की विशेष अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। करीब 13 साल पुराने इस मामले के फैसले पर पूरे छत्तीसगढ़ की नजर टिकी हुई थी। न्यायधीश अजय सिंह राजपूत ने फैसला सुनाया है। अब दोषियों को किस अपराध में कितनी सजा मिलेगी, इस पर अदालत 16 सितंबर को सुनवाई करेगी।

25 मई 2013 को झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। NIA ने मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चला था, जिनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और अंतिम बहस के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था।

अब अदालत के फैसले के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा भी तय होगी। झीरम हमले में जान गंवाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों की निगाहें भी इस फैसले पर टिकी हुई थीं।

सभी 10 आरोपियों के नाम

  • प्रमिला कोडियाम उर्फ ज्योति (Pramila Kodiyam @ Jyoti)
  • बंजामी उर्फ सन्ना (Banjami @ Sanna)
  • अयाता मरकाम / अयाता माड़कम (Ayata Markam)
  • मुक्का मंडावी (Mukka Mandavi)
  • मड़कामी देवा (Madkami Deva)
  • कवासी कोसा (Kawasi Kosa)
  • चौतू उर्फ मुन्ना (Chautu @ Munna)
  • कोसा कवासी (Kosa Kawasi)
  • महादेव नाग (Mahadev Nag)
  • सुमित्रा (जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया था) / या अन्य सह-आरोपी जो इस ट्रायल का हिस्सा रहे.

कई बड़े नेताओं समेत 31 लोगों की मौत हुई थी

25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा’ का काफिला सुकमा में बड़ी सभा के बाद लौट रहा था. इसी दौरान झीरम घाटी के घने जंगलों में हथियारबंद माओवादियों ने काफिले पर हमला कर दिया. इस हमले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं समेत 31 लोगों की मौत हुई थी.

मरने वालों में तत्कालीन छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सलवा जुडूम के प्रमुख चेहरों में शामिल महेंद्र कर्मा और पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे. हमले में कई सुरक्षाकर्मी और कांग्रेस कार्यकर्ता भी मारे गए थे. गंभीर गोली लगने के बाद इलाज के दौरान विद्याचरण शुक्ल की भी मौत हो गई थी.

अदालत ने कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए

एनआईए ने इस मामले में 25 सितंबर 2014 को पहली चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें गिरफ्तार किए गए 9 आरोपियों के नाम शामिल थे. इसके बाद दो और संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद एनआईए ने 28 सितंबर 2015 को 35 आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. मामले में गिरफ्तार 11 आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई हुई, लेकिन इनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई. वहीं, 33 नामजद आरोपी अब भी फरार बताए गए हैं. अंतिम दलीलें पूरी होने से पहले अदालत ने कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए थे.

एआई के युग में शिक्षक बनें विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग की दें सीख : राज्यपाल डेका

एआई के युग में शिक्षक बनें विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग की दें सीख : राज्यपाल डेका

 00 शिक्षक नई पीढ़ी के निर्माता, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : साय

00 लोकभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन

00 प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षक राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित, चार शिक्षकों को मिला राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार
रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चार उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा भी की।

समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल  रमेन डेका ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका भी व्यापक हो रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों का नई तकनीकों से परिचित होना आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी तकनीक का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप उपयोग है। उन्होंने कहा कि एआई हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं। शिक्षक विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग ज्ञान अर्जित करने, नवाचार करने और अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रेरित करें। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज गूगल और डिजिटल तकनीक के माध्यम से हमारे पास सूचनाओं का विशाल संसार उपलब्ध है। इसके बावजूद हमें यह ध्यान रखना होगा कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास को प्रभावित न करे। दुनिया के अनेक देशों में विद्यार्थियों द्वारा स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर गंभीर विचार-विमर्श हो रहा है। तकनीक हमें जानकारी उपलब्ध करा सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन, प्रेरणा और जीवन की सही दिशा गुरु से ही मिलती है। इसलिए बदलते समय में शिक्षक की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, कौशल आधारित, बहुभाषी और विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार किया है। आने वाले समय में शिक्षा के स्वरूप में व्यापक बदलाव देखने को मिलेंगे। ऐसे में शिक्षकों को निरंतर अपने ज्ञान और कौशल को अद्यतन करना होगा। साथ ही विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें सही विषय और करियर चुनने में मार्गदर्शन देना होगा। विद्यार्थियों की काउंसलिंग भी शिक्षक की महत्वपूर्ण भूमिका का हिस्सा है। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षण केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक महान और गरिमामय दायित्व है। शिक्षक अपने ज्ञान के साथ-साथ अपने आचरण से भी विद्यार्थियों को शिक्षित करते हैं। बच्चे अपने शिक्षकों को आदर्श के रूप में देखते हैं, इसलिए शिक्षकों को अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ निर्वहन करना चाहिए। प्रत्येक विद्यार्थी कैसे आगे बढ़े, उसकी प्रतिभा कैसे निखरे और उसका भविष्य कैसे बेहतर बने, यह शिक्षक की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए राज्यपाल  डेका ने कहा कि शिक्षक दिवस उन्हें प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की अपनी यात्रा की याद दिलाता है। पहले शिक्षक और विद्यार्थी के बीच आदर, आत्मीयता और विश्वास का अत्यंत गहरा संबंध होता था। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षक पूरी सेवा भावना और समर्पण के साथ विद्यार्थियों का भविष्य संवारते थे। यही समर्पण और आत्मीयता शिक्षक-विद्यार्थी संबंध की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का संबंध केवल कक्षा तक सीमित नहीं होता। शिक्षक विद्यार्थी के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षक अपने विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता और विशेष प्रतिभा को पहचानें तथा उन्हें जीवन में सही दिशा चुनने के लिए प्रेरित करें। राज्यपाल श्री डेका ने शासकीय सेवा में स्थानांतरण को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि जहां भी दायित्व मिले, उसे सहजता से स्वीकार कर पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और समर्पण से छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
शिक्षा का उद्देश्य सक्षम नागरिक और श्रेष्ठ समाज का निर्माण : मुख्यमंत्री साय

समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को शुभकामनाएं दीं और राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों के समर्पण, कठिन परिश्रम, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान है। शिक्षक वास्तव में राष्ट्र और नई पीढ़ी के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रही है। हमारे यहां शिक्षा का उद्देश्य कभी केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करना नहीं रहा, बल्कि व्यक्ति को ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना रहा है। ऐसी शिक्षा ही व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शैक्षणिक अवसर पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करते हुए शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोडऩे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक, सामाजिक और भाषायी विविधता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में स्थानीय आवश्यकताओं को भी महत्व दिया जा रहा है। बस्तर अंचल में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देने की पहल की गई है। इससे बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज और प्रभावी बन रही है। शासकीय विद्यालयों में पैरेंट्स-टीचर मीट को बढ़ावा देकर अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ा जा रहा है।

 AI के युग में शिक्षक बनें विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग की दें सीख : राज्यपाल श्री डेका

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के अंतर्गत किया गया है। इन विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय प्रारंभ किए जा रहे हैं। शिक्षकों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को भी सरकार ने प्राथमिकता के साथ पूरा किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं। इन प्रयासों से दूरस्थ अंचलों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगे बढऩे के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का हमारा लक्ष्य है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में शिक्षा विभाग तथा हमारे शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। आज जिन बच्चों को शिक्षक ज्ञान, संस्कार और कौशल दे रहे हैं, वही आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ और देश के विकास का नेतृत्व करेंगे। इसलिए एक शिक्षक का योगदान केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव आने वाली पीढिय़ों और पूरे समाज पर पड़ता है।

एआई आधारित स्मार्ट स्कूलों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा : स्कूल शिक्षा मंत्री
समारोह के विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा में आधुनिक तकनीक और नवाचार के उपयोग को निरंतर बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में एआई आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए विविध गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री  यादव ने इस अवसर पर आगामी वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों की घोषणा की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार
राज्य स्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों को विशिष्ट राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कोरबा जिले के  कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग जिले की प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की श्रीमती प्रियंका गोस्वामी को  गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक तथा सहायक शिक्षक एल.बी. संवर्ग के कुल 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों के योगदान और नवाचारी प्रयासों की सराहना करते हुए अतिथियों ने उनसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालक लोक शिक्षण  ऋतुराज रघुवंशी ने आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

CG – 3 की मौत : सड़क पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, दो नाबालिग और अधेड़ ने गंवाई जान…

CG – 3 की मौत : सड़क पर मौत बनकर दौड़ी रफ्तार, दो नाबालिग और अधेड़ ने गंवाई जान…

 कोरबा/अभनपुर। छत्तीसगढ़ में अलग-अलग सड़क हादसों ने तीन परिवारों को गहरा सदमा दिया है। कोरबा और अभनपुर में हुए दो सड़क हादसों में दो नाबालिग समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसों के बाद दोनों घटनास्थलों पर मातम पसरा रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर मामले में मर्ग कायम किया है। फिलहाल पुलिस दोनों घटनाओं की जांच में जुटी है।

पहली घटना कोरबा जिले के दीपका थाना क्षेत्र के ग्राम लिटियाखार की है, जहां तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिससे बाइक में सवार दो नाबालिगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान करण चौहान (16) पिता बृजलाल और राजा नेटी (14) पिता कैलाश के रूप में हुई है। दोनों तिवरता से लिटियाखार लौट रहे थे।

मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण बाइक बेकाबू होकर पेड़ से जा टकराई। सिर पर गंभीर चोट लगने से दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर दीपका पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को जब्त किया। पीएम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा.

दूसरी घटना अभनपुर के मानिकचौरी रेलवे क्रॉसिंग के पास राजिम-रायपुर मुख्य मार्ग पर हुई, जिसमें अज्ञात वाहन की ठोकर से 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान नायकबांधा अभनपुर निवासी देवाराम साहू (48) के रूप में की गई है। अभनपुर पुलिस ने घटना में अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।

ब्रेकिंग : AAP को बड़ा झटका, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने दिया इस्तीफा, इस वजह से छोड़ी पार्टी…

ब्रेकिंग : AAP को बड़ा झटका, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने दिया इस्तीफा, इस वजह से छोड़ी पार्टी…

 रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) छत्तीसगढ़ में संगठन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आज अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और छत्तीसगढ़ प्रभारी मुखेश अहलावत को भेजा है।

उत्तम जायसवाल ने इस्तीफा पत्र में कहा है कि उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम किया, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों और पार्टी की कार्यप्रणाली को देखते हुए अब उन्हें अपने उद्देश्य की पूर्ति होती दिखाई नहीं दे रही है।

इस्तीफा पत्र में प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ने संगठन की मौजूदा कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा है कि आम आदमी पार्टी से जुड़ने का उनका उद्देश्य कभी पद या व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ हासिल करना नहीं था। उनका लक्ष्य प्रदेश में पार्टी को मजबूत करना और आम लोगों के हित में संघर्ष करना था। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के लिए गांवों से लेकर प्रदेश स्तर तक लगातार मेहनत की। उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं और संगठन के प्रति निष्ठा के बावजूद मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी की दिशा स्पष्ट नजर नहीं आ रही है।

उत्तम जायसवाल ने अपने पत्र में 2023 विधानसभा चुनाव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान प्रदेश के पुराने, समर्पित और संघर्षशील कार्यकर्ताओं ने जिस तरह की उपेक्षा और अपमान महसूस किया, उसका असर संगठन पर पड़ा। चुनाव के बाद भी पार्टी की कार्यप्रणाली में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के इतने महत्वपूर्ण पद पर रहने के बावजूद उन्हें छत्तीसगढ़ को लेकर पार्टी का कोई स्पष्ट रोडमैप दिखाई नहीं दे रहा है। उनके अनुसार, पद से अधिक उनके लिए आत्मसम्मान, संघर्ष और वर्षों से साथ खड़े कार्यकर्ताओं का सम्मान महत्वपूर्ण है।

जायसवाल ने कहा कि किसी पार्टी की असली ताकत बड़े पदों पर बैठे लोग नहीं, बल्कि जमीन पर उसका झंडा उठाकर संघर्ष करने वाले कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी उनके इस्तीफे को केवल एक पदाधिकारी का त्यागपत्र न मानकर वर्षों तक संघर्ष करने वाले समर्पित कार्यकर्ता की पीड़ा, अनुभव और छत्तीसगढ़ के भविष्य से जुड़ी गंभीर चिंता के रूप में देखेगी। इस्तीफा पत्र के अंत में उत्तम जायसवाल ने प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष पद से अपना त्यागपत्र प्रस्तुत करते हुए इसे स्वीकार करने का अनुरोध किया है।

नक्सलमुक्त क्षेत्रों में शिक्षा की नई भोर, छत्तीसगढ़ में नक्सलमुक्त क्षेत्रों में स्कूलों में बजने लगी घंटी…..

नक्सलमुक्त क्षेत्रों में शिक्षा की नई भोर, छत्तीसगढ़ में नक्सलमुक्त क्षेत्रों में स्कूलों में बजने लगी घंटी…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद स्कूलों में घंटियां बजने लगी हैं, जो इस शिक्षक दिवस पर बस्तर और उसके आस-पास के क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक और भावुक बदलाव का प्रतीक है। जहाँ कभी बारूद की गंध और बंदूक की आवाजें हुआ करती थीं, वहाँ अब बच्चे राष्ट्रगान गा रहे हैं।

5 सितंबर को देशभर में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर ‘शिक्षक दिवस’ की धूमधाम रहेगी। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ का बस्तर और अन्य दूरस्थ अंचल एक नई उम्मीद के साथ मुस्कुरा रहा है। कभी बंदूक के साए और नक्सली खौफ के कारण दशक भर से बंद पड़े स्कूल आज फिर से गुलजार हो चुके हैं। दूर-दराज के गांवों में जब वर्षों बाद फिर से स्कूल की घंटी बजती है, तो वह केवल पढ़ाई की शुरुआत नहीं होती, बल्कि उस क्षेत्र में लौटते लोकतंत्र, शांति और सुरक्षा की गूंज होती है।

बंद पड़े स्कूल फिर से हुए संचालित

छत्तीसगढ़  सरकार की पुनर्वास, सुरक्षा और जन कल्याणकारी नीतियों (‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं) के प्रभाव से दक्षिण बस्तर के सुदूर नक्सल प्रभावित इलाकों में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है। बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे जिलों में लगभग दो से ढाई दशकों से बंद पड़े 600 से अधिक प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को जिला प्रशासन और पुलिस बल के सहयोग से दोबारा खोल दिया गया है। जो इमारतें कभी नक्सलियों द्वारा ध्वस्त कर दी गई थीं या सुरक्षा बलों के कैंप के लिए इस्तेमाल होती थीं, उन्हें फिर से संवारकर बाल-सुलभ रूप दिया गया है।

शिक्षकों का अदम्य साहस और समर्पण

नक्सलमुक्त होते क्षेत्रों में शिक्षा की लौ जलाने का वास्तविक श्रेय उन स्थानीय शिक्षकों को जाता है, जिन्होंने विपरीत और भयावह परिस्थितियों के बावजूद अपना कर्तव्य नहीं छोड़ा।

•    *स्थानीय भाषा में अध्यापन:* दूरस्थ वनांचल में नियुक्त शिक्षक न केवल बच्चों को बुनियादी अक्षर ज्ञान दे रहे हैं, बल्कि गोंडी, हलबी और डोरली जैसी स्थानीय बोलियों में संवाद कर बच्चों का स्कूल से जुड़ाव मजबूत कर रहे हैं।

•    समुदाय से संवाद:* शिक्षकों ने ग्रामीणों और नक्सलियों के डर से सहमे अभिभावकों के बीच जाकर उनका विश्वास जीता, जिससे आज सैकड़ों बच्चे वापस ब्लैकबोर्ड और किताबों से जुड़ चुके हैं।

तकनीक और नवाचार से जुड़ रहा बस्तर का बचपन

बस्तर संभाग के बीजापुर (जैसे पीड़िया, गंपूर, तमोड़ी गांव) और सुकमा के कई अंदरूनी इलाकों में सालों से बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोला गया है। नक्सलियों द्वारा जिन पक्के स्कूल भवनों को आईईडी से उड़ा दिया गया था, वहाँ ग्रामीणों ने प्रशासन के साथ मिलकर अस्थायी बांस और तिरपाल की झोपड़ियां (छप्पर) तैयार की हैं ताकि बच्चों की पढ़ाई न रुके। स्थानीय भाषाओं (जैसे गोंडी, हल्बी) की चुनौती से निपटने और बच्चों में विश्वास जगाने के लिए स्थानीय शिक्षित युवाओं को शिक्षा दूत  के रूप में नियुक्त किया गया है, जो इस शिक्षक दिवस के असली नायक हैं। पुनः संचालित हो रहे स्कूलों में अब केवल पुरानी लीक पर पढ़ाई नहीं हो रही है। राज्य शासन द्वारा इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:

•    *स्मार्ट क्लासेस और टैबलेट:* कई वनांचल स्कूलों में डिजिटल कंटेंट और टैबलेट के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

•    *खेलकूद और न्योता भोजन:* स्कूलों में मध्याह्न भोजन (न्योता भोजन) के साथ-साथ खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है, जिससे बच्चों की उपस्थिति में भारी उछाल आया है।

•    *सुरक्षित माहौल:* नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना के तहत कैंपों के आसपास सुरक्षा का दायरा बढ़ने से शिक्षक बिना किसी खौफ के रोजाना स्कूल पहुंच रहे हैं।

शिक्षक दिवस पर संदेश

छत्तीसगढ़ में इस बार का शिक्षक दिवस उन शिक्षकों को समर्पित है जो राज्य के सबसे कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में ‘शिक्षादूत’ बनकर कार्य कर रहे हैं। बंदूक की आवाज को दबाकर जब कलम और किताब की ताकत आगे बढ़ती है, तो समाज की नई तस्वीर बनती है। छत्तीसगढ़ के नक्सलमुक्त इलाकों मं। गूंजती स्कूलों की घंटी इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि शिक्षा ही बदलाव और शांति की सबसे मजबूत नींव है।

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने किया शंख अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, भक्तों के साथ किया हरे कृष्ण महामंत्र का घोष

रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से श्रद्धालुओं की तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हो रही पूरी

प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था केंद्रों को भव्य स्वरूप देने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य

रायपुर सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के  राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण के बीच मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं शंख अभिषेक किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी मानवता को जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का भी अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार युगों-युगों से भारतीय समाज को प्रेरित करते आ रहे हैं।

इस अवसर पर मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ के महामंत्र से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने भी भक्तवृंद के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष किया और वृंदावन बिहारीलाल के प्राकट्य उत्सव पर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया।

छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। हमारे गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थों और लोक परंपराओं में हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत है। इस गौरवशाली धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजना, उसका संवर्धन करना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम हैं, वहीं मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ एवं आस्था केंद्र प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को समृद्ध करते हैं। राज्य सरकार इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और उन्हें भव्य स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

हर श्रद्धालु को तीर्थ दर्शन का अवसर देने का प्रयास

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आस्था हमारे समाज की बड़ी शक्ति है। आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु तीर्थ दर्शन की अपनी अभिलाषा से वंचित न रहे, इस भावना के साथ राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है।

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुजनों के नाम लिखा आत्मीय पत्र

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुजनों के नाम लिखा आत्मीय पत्र

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के गुरुजनों के नाम आत्मीय पत्र लिखकर उन्हें सादर नमन किया है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्र में अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए बचपन के संघर्ष, उस दौर में शिक्षा प्राप्त करने की कठिनाइयों और आज शिक्षा के क्षेत्र में आए व्यापक बदलाव का भावपूर्ण उल्लेख किया है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे प्रत्येक बच्चे के भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानें और विशेष रूप से उन बच्चों का हाथ थामें, जो अभाव, संकोच अथवा किसी अन्य कारण से पीछे छूट रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने लिखा है  कि आज मुख्यमंत्री के दायित्व का निर्वहन करते हुए जब उन्हें प्रदेश के बच्चों के भविष्य और उनकी शिक्षा से जुड़े निर्णय लेने का अवसर मिलता है, तब अपने बचपन और विद्यार्थी जीवन के वे दिन और अधिक याद आते हैं। जीवन कितना भी आगे बढ़ जाए, अपने शिक्षकों के प्रति आदर और कृतज्ञता का भाव कभी कम नहीं होता।

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुजनों के नाम लिखा आत्मीय पत्र

बगिया के छोटे से स्कूल से शुरू हुआ शिक्षा का सफर

मुख्यमंत्री साय ने पत्र में अपने बचपन को याद करते हुए बताया है कि उनका जन्म जशपुर जिले के बगिया गाँव के एक साधारण किसान परिवार में हुआ और गाँव के स्कूल से ही उनकी शिक्षा की शुरुआत हुई। जीवन ने बहुत छोटी उम्र में उनकी कठिन परीक्षा ली। जब वे लगभग दस वर्ष के थे और चौथी कक्षा में पढ़ रहे थे, तभी पिता का साया सिर से उठ गया। परिवार, खेती और छोटे भाइयों की चिंता कम उम्र में ही उनके जीवन का हिस्सा बन गई।

गाँव में पाँचवीं तक पढ़ने के बाद आगे की शिक्षा के लिए उन्हें कुनकुरी जाना पड़ा। वहाँ लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में एक छोटे से कमरे में रहकर पढ़ाई की। आगे भी पढ़ने की इच्छा थी, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा का क्रम जारी नहीं रख सके। उन्होंने खेती की जिम्मेदारी संभाली और अपने छोटे भाइयों की पढ़ाई को आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय गाँव के एक बच्चे के लिए शिक्षा तक पहुँचना आज जितना सहज नहीं था। विद्यालय दूर होते थे, आवागमन के साधन सीमित थे, पढ़ाई के संसाधनों का अभाव था और आर्थिक कठिनाइयाँ भी कई बच्चों के सपनों की राह में बाधा बन जाती थीं।

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुजनों के नाम लिखा आत्मीय पत्र

स्लेट-तख्ती से स्मार्ट क्लास तक:मुख्यमंत्री ने याद किया शिक्षा का बदलता दौर

मुख्यमंत्री  साय ने अपने विद्यार्थी जीवन और वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि आज पीछे मुड़कर देखने पर यह सुखद अनुभूति होती है कि शिक्षा की दुनिया कितनी बदल गई है। जिस समय उनकी पीढ़ी ने स्लेट, तख्ती और चॉक से पढ़ाई शुरू की थी, आज उसी छत्तीसगढ़ के बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ रहे हैं। डिजिटल माध्यमों से दुनिया भर के ज्ञान तक उनकी पहुँच बनी है और वे विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक से जुड़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कभी दूरस्थ अंचलों में विद्यालय तक पहुँचना भी बच्चों के लिए चुनौती हुआ करता था, वहीं आज इन क्षेत्रों में बेहतर विद्यालय, आधुनिक शैक्षणिक संसाधन और नए अवसर बच्चों के द्वार तक पहुँच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा में आए इस व्यापक परिवर्तन के बावजूद एक बात तब भी सत्य थी और आज भी उतनी ही सत्य है- शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार शिक्षक ही है।

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुजनों के नाम लिखा आत्मीय पत्र

तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन शिक्षक ही बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाता है

मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरुजनों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीक बच्चों को जानकारी दे सकती है, पुस्तकें उन्हें ज्ञान दे सकती हैं और आधुनिक संसाधन सीखने की राह आसान कर सकते हैं, लेकिन किसी बच्चे के भीतर आत्मविश्वास जगाने, उसके संस्कार गढ़ने, उसकी प्रतिभा पहचानने और उसे एक अच्छा मनुष्य बनाने का सामर्थ्य एक संवेदनशील शिक्षक में ही होता है।

उन्होंने कहा कि उनके अपने जीवन में भी गुरुजनों से मिली सीख ने कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने का साहस दिया। यही कारण है कि वे शिक्षक को केवल पाठ पढ़ाने वाला नहीं, बल्कि जीवन की दिशा दिखाने वाला पथ-प्रदर्शक मानते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार का प्रयास है कि जिन अभावों और कठिनाइयों के कारण कभी किसी बच्चे की पढ़ाई रुक जाती थी, वे आज किसी बच्चे के सपनों के रास्ते में बाधा न बनें। कोई बच्चा केवल इसलिए पीछे न रह जाए कि उसका जन्म किसी छोटे गाँव, वनांचल अथवा दूरस्थ क्षेत्र में हुआ है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इसी सोच के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप छत्तीसगढ़ में शिक्षा को अधिक सहज, आधुनिक, व्यावहारिक और बच्चों की प्रतिभा के अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मातृभाषा और स्थानीय भाषाओं में सीखने के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। कौशल और व्यावहारिक ज्ञान को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है तथा डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों का विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि उन क्षेत्रों में भी विद्यालयों की घंटियाँ फिर सुनाई दे रही हैं, जहाँ परिस्थितियों के कारण वर्षों तक स्कूल बंद रहे थे। यह बदलाव केवल भवन, तकनीक और सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके केंद्र में प्रत्येक बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर देने का संकल्प है।

शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने गुरुजनों के नाम लिखा आत्मीय पत्र

मुख्यमंत्री ने कहा  कि हम ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना चाहते हैं, जहाँ किसी बच्चे की परिस्थितियाँ उसके सपनों की सीमा तय न करें।

हर बच्चे में छिपी हैं अनगिनत संभावनाएँ

मुख्यमंत्री श्री साय ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस संकल्प को धरातल पर उतारने की सबसे बड़ी शक्ति प्रदेश के शिक्षक हैं। शिक्षक के सामने कक्षा में बैठा हर बच्चा अपने भीतर अनगिनत संभावनाएँ लेकर आता है। कोई भविष्य का वैज्ञानिक हो सकता है, कोई खिलाड़ी, डॉक्टर, किसान, शिक्षक, कलाकार या जनसेवक।

उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे को स्वयं अपनी क्षमता का पता नहीं होता, लेकिन शिक्षक की पारखी दृष्टि उसकी प्रतिभा पहचान लेती है। शिक्षक द्वारा कहा गया प्रोत्साहन का एक वाक्य भी किसी बच्चे को जीवन भर आगे बढ़ने की शक्ति दे सकता है।

मुख्यमंत्री का गुरुजनों से विशेष आग्रह:पीछे छूट रहे बच्चे का हाथ थामिए

मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षक दिवस पर गुरुजनों से अत्यंत आत्मीय आग्रह करते हुए कहा कि हर बच्चे के भीतर छिपी संभावना को पहचानिए। विशेषकर उस बच्चे का हाथ अवश्य थामिए, जो अभाव में है, संकोच में है या किसी कारण पीछे छूट रहा है। हो सकता है आपका थोड़ा-सा विश्वास उसके पूरे जीवन की दिशा बदल दे।

उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का विश्वास किसी बच्चे के लिए जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन सकता है। इसलिए शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चे के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास, संस्कार और उसकी क्षमताओं को विकसित करना भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पत्र में अत्यंत भावपूर्ण ढंग से गुरुजनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस पर वे मुख्यमंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि कभी गाँव के एक छोटे से स्कूल में पढ़ने वाले उस विद्यार्थी के रूप में भी सभी गुरुजनों के प्रति कृतज्ञ हैं, जिसने अपने शिक्षकों से मिले संस्कार और सीख को जीवन की पूँजी माना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय बदल गया है, स्कूल बदल रहे हैं और पढ़ाने तथा सीखने के साधन भी बदल रहे हैं। आने वाले समय में आधुनिक तकनीक इन्हें और अधिक बदलेगी, लेकिन गुरु और शिष्य के बीच विश्वास, स्नेह और संस्कार का जो संबंध भारतीय परंपरा की आत्मा है, उसका महत्व कभी कम नहीं होगा।

हर स्कूल बने सपनों का द्वार, हर कक्षा संभावनाओं का संसार

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश के शिक्षकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर ऐसा छत्तीसगढ़ गढ़ें, जहाँ हर स्कूल सपनों का द्वार बने, हर कक्षा संभावनाओं का संसार बने और हर शिक्षक अपने विद्यार्थी के जीवन में आशा का दीप जलाए।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों के ज्ञान से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो, उनके संस्कारों से समाज समृद्ध हो और उनके मार्गदर्शन से छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाए, यही उनकी कामना है।

मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी गुरुजनों को सादर नमन करते हुए उनके  स्वस्थ, सुखी और यशस्वी जीवन की कामना की तथा सभी शिक्षकों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।

CG – जंगल की लकड़ियों का काला कारोबार! तीन राज्यों तक फैला था सिंडिकेट, 3 आरोपी गिरफ्तार…

CG – जंगल की लकड़ियों का काला कारोबार! तीन राज्यों तक फैला था सिंडिकेट, 3 आरोपी गिरफ्तार…

 रायगढ़ । जिले के वन क्षेत्र से खैर एवं तेंदू प्रजाति के लड़कियों की कटाई और उनके अवैध भंडारण के एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। धोखाधड़ी, भारतीय वन अधिनियम और संगठित अपराध की गंभीर धाराओं के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सिंडिकेट ओड़िशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश तक लकड़ियों की कटाई और तस्करी को अंजाम देता था।

जिला रायगढ़ के धरमजयगढ़, घरघोड़ा, तमनार वन परिक्षेत्र में ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनसे पेड़ों की अवैध कटाई कराया जा रहा था। लकड़ियों को रोहित मित्तल अपने गढउमरिया स्थित गोदाम में डंप कर अपने सहयोगी मनीष अग्रवाल के साथ वाहन मालिक भरत कुमार मेश्राम और सलाउद्दीन खान के साथ इन बेसकीमती लड़कियों को हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में अधिक मूल्य में ट्रांसपोर्टिंग के जरिए खपाया जा रहा था। आरोपियों ने लड़कियों की अवैध तस्करी को वैध दिखाने के लिए फर्जी तरीके से ट्रांसपोर्ट परमिट (टीपी) बनने और बड़ी चालाकी से राज्य के बाहर बेचकर मुनाफा कमा रहे थे।

इस इंटर स्टेट सिंडिकेट का वन विभाग रायगढ़ और जिला पुलिस रायगढ़ ने खुलासा किया है और सिंडिकेट में शामिल मुख्य आरोपी मनीष अग्रवाल, रोहित मित्तल और सलाउद्दीन खान के खिलाफ थाना जूमिल में धोखाधड़ी और वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर रिमांड पर भेजा गया। आरोपी भरत कुमार मेश्राम फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।

जानिए क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष मई में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना मिली थी कि थाना जूटमिल क्षेत्र अंतर्गत जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित नरेश वल्द बजरंगलाल अग्रवाल सा. कबीर चौक रायगढ़ के गोदाम को रोहित मित्तल निवासी अग्रसेन कॉलोनी विकास नगर कोतरा रोड रायगढ़ द्वारा किराये पर लिया गया है। आसपास के वनक्षेत्रों से खैर एवं तेंदू प्रजाति के लकड़ियों को कटवाकर गढ़उमरिया स्थित गोदाम में ट्रैक्टर एवं पीकप के माध्यम से अवैध भंडारण किया गया था, जहां 05 मई 2025 को वन विभाग रायगढ़ की टीम ने गढ़उमरिया गोदाम में छापेमार कार्रवाई कर ट्रक क्रमांक सीजी 15 डी वी-7577 में लदा हुआ 42 नग तेंदू प्रजाति का लट्ठा 1.731 घन.मी. लोड था, जिसके साथ 01 नग वजन मशीन, 02 नग कुल्हाड़ी एवं 01 नग हथौड़ा एवं गोदाम में तेंदू एवं खैर प्रजाति के लट्ठा 146 नग 6.741 घन मीटर, जलाउ लकड़ी 09 चट्टा, कटर मशीन 01 नग को नरेश अग्रवाल के गोदाम ग्राम गढ़उमरिया में मौके पर जब्त किया गया था। रोहित मित्तल एवं उसके साथी लोग गोदाम से कहीं भाग गए थे। आरोपियों ने रेड टीम को लकड़ियों की ट्रासपोटिंग के संबंध में टीपी उपलब्ध कराया था।

उक्त टीपी पर जारीकर्ता वन परिक्षेत्र अधिकारी के हस्ताक्षर नही थे, जो प्रथम दृष्टिया फर्जी दस्तावेज प्रतीत हो रहा था। वन विभाग की जांच में एक बड़े और संगठित अपराध का मामला प्रतीत होने पर डीएफओ रायगढ़ ने वन क्षेत्रपाल संजय लकडा के माध्यम से 02 सितंबर 2026 को थाना जूमिल में 05 मई 2025 को जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित रोहित मित्तल के गोदाम में जब्ती कार्रवाई की आगे विस्तृत जांच के लिए आवेदन दिया, जिस पर थाना जूटमिल में अपराध क्रमांक 490/2026 धारा – 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) 3(5) + 111 BNS एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42 सहपठित धारा 41, 52 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

मामले में आगे विस्तृत जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। टीम ने मयंक मिश्रा के नेतृत्व में आरोपियों के इस पूरे सिंडिकेट में भूमिका की तस्दीकी की। प्रारंभिक विवेचना में पता चला कि आरोपी रोहित मित्तल इस अवैध कारोबार में जामटीकरा (गढ़उमरिया) स्थित गोदाम को किराये पर लेकर लकड़ियों की अवैध तरीके से कटाई कराकर अपने बिजनेश पार्टनर मनीष अग्रवाल के साथ गोदाम में लकड़ियों की गोदाम में छिलाई आदि कराकर ट्रांसपोटर भरत मेश्राम और सलाउद्दीन खान के साथ दूसरे राज्यों में लकड़ियों की तस्करी कराई जा रही थी। कल छापेमारी कर तीन आरोपी रोहित मित्तल, मनीष अग्रवाल और सलाउद्दीन खान को हिरासत में लिया गया। विवेचना में हिरासत में लिए गए आरोपियों के संबंध में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। भरत कुमार मेश्राम फरार है, मामले की विवेचना जारी है।

गिरफ्तार आरोपी

रोहित मित्तल पिता सुभाष मित्तल सा. अग्रसेन कालोनी विकास नगर कोतरा रोड रायगढ़
मनीष अग्रवाल पिता राधेश्याम अग्रवाल निवासी मकान नं 72/1, मुड़पार, बलौदाबाजार
सलाउद्दीन खान पिता इलाउद्दीन खान निवासी सरसींवा जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
वन विभाग ने गढ़उमरिया गोदाम में रेड मारकर ट्रक क्रमांक सीजी 15 डी वी-7577 में लदा हुआ 42 नग तेंदू प्रजाति का लट्ठा 1.731 घन.मी., 01 नग वजन मशीन, 02 नग कुल्हाड़ी एवं 01 नग हथौड़ा एवं गोदाम में तेंदू एवं खैर प्रजाति के लट्ठा 146 नग 6.741 घन मीटर, जलाउ लकड़ी 09 चट्टा, कटर मशीन 01 नग जब्त किया है।

CG – बेटी की शादी के लिए पिता ने लिया था लोन, खाते में आते ही ठग ने बिछाया ऐसा जाल कि उड़ गई पूरी रकम…

CG – बेटी की शादी के लिए पिता ने लिया था लोन, खाते में आते ही ठग ने बिछाया ऐसा जाल कि उड़ गई पूरी रकम…

 बिलासपुर। बेटी की शादी के लिए लोन लेने बैंक पहुंचे पिता को एक ठग ने हमदर्दी का झांसा देकर अपना शिकार बना लिया। आरोपी ने बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर पीड़ित से चेकबुक और ATM कार्ड ले लिया। इसके बाद चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से ढाई लाख रुपए निकाल लिए।

शिकायत के बाद मस्तूरी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ पहले से एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पढ़िए क्या है मामला?

ग्राम आंकडीह निवासी भुनेश्वर दास (44) को अपनी बेटी के विवाह के लिए रुपयों की जरूरत थी। तहसील कार्यालय में उसकी मुलाकात ग्राम सरगंवा निवासी रूपचंद मनहर (47) से हुई। रूपचंद ने मदद का भरोसा दिलाया और भुनेश्वर को एक्सिस बैंक की जयरामनगर शाखा ले जाकर जमीन के दस्तावेजों के आधार पर 4.50 लाख रुपए का लोन स्वीकृत करवा दिया।

लोन पास होने के बाद रूपचंद ने बैंक वेरिफिकेशन और कागजी जांच का बहाना बनाया और भुनेश्वर की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया। इसके बाद उसने चेक पर भुनेश्वर के फर्जी हस्ताक्षर किए और खाते से 2.50 लाख रुपए निकाल लिए। भुनेश्वर को इस धोखाधड़ी की भनक तब लगी, जब वह बेटी की शादी की तैयारियों के लिए पैसे निकालने बैंक पहुंचा। खाते से रकम गायब देखकर उसके होश उड़ गए।

पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 336, 338, 340, 296 और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर रूपचंद को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ करने पर उसने फर्जीवाड़े की बात कबूल कर ली। पुलिस के अनुसार, रूपचंद थाने का आदतन अपराधी है और साल 2025 से गुंडा फाइल खुली हुई है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सर्व यादव समाज की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन….

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सर्व यादव समाज की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन….

 रायपुर: डॉ. भीमराव ओपन थिएटर खेल मैदान, घंटाघर कोरबा में सर्व यादव समाज द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित भव्य शोभायात्रा एवं रैली में मुख्य अतिथि के तौर पर कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन एवं महापौर संजू देवी राजपूत शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर समस्त यादव समाज को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सर्व यादव समाज की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन

यादव समाज का स्नेह सदैव प्राप्त होता रहा है: मंत्री देवांगन

मंत्री  देवांगन ने कहा कि यादव समाज का स्नेह और आशीर्वाद मुझे सदैव प्राप्त होता रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद का ही फल है कि आज नगर एवं जिले में तेज गति से विकास कार्य किए जा रहे हैं। समाज की मांग के अनुरूप विकास कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करना हमारा संकल्प है।

 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सर्व यादव समाज की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन

’यादव समाज के लिए 75 लाख के विकास कार्य’  

मंत्री  देवांगन ने बताया कि यादव समाज की मांगों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जिनमें बालको शांति नगर स्थित राधाकृष्ण मंदिर के पास भवन के ऊपरी तल का निर्माण, जमनीपाली में सामुदायिक भवन निर्माण, शारदा विहार अमरैय्यापारा राधाकृष्ण मंदिर के ऊपरी तल का निर्माण  विस्तार कार्य 10-10  लाख रुपये का पूर्ण हो चुका है। इसी प्रकार  वैशाली नगर मिनी स्टेडियम के पास मंच निर्माण एवं कक्ष निर्माण 10  लाख रुपये प्रगतिरत है । लाटा मेन रोड में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति  मानिकपुर यादव मोहल्ले में भवन निर्माण के लिए – ’15 लाख रुपये’ की स्वीकृति शीघ्र की जाएगी ।

’महापौर ने सुनाया भजन’  

इस अवसर पर कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत ने जन्माष्टमी की बधाई देते हुए भगवान को समर्पित भजन भी सुनाया। कार्यक्रम में सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष  रमेश यदु, संरक्षक  कमलेश यादव, प्रदेश महामंत्री संतोष यादव, पार्षद  नरेंद्र देवांगन, महिला प्रकोष्ठ की संरक्षक हारबाई यादव,  प्रफुल्ल तिवारी, शोभायात्रा के संयोजक  रंजू यादव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण….

रायगढ़ की बदलेगी तस्वीर: विकास परियोजनाओं का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने किया मैराथन निरीक्षण….

 रायगढ़: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में रायगढ़ को आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में वित्त मंत्री  ओ.पी.चौधरी ने शुक्रवार को शहर की प्रमुख विकास परियोजनाओं का मैराथन निरीक्षण किया। उन्होंने ऑक्सीजोन, पुल, केलो रिवर फ्रंट, मरीन ड्राइव, नालंदा परिसर, खेल एवं सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं का जायजा लेते हुए गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

वित्त मंत्री  चौधरी ने दूध डेयरी ऑक्सीजोन से निरीक्षण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने गोवर्धनपुर में केलो नदी पर निर्माणाधीन पुल, खर्राघाट स्थित केलो रिवर फ्रंट, नालंदा परिसर, एसईसीएल रोड मरीन ड्राइव, कयाघाट पुल, मिनी स्टेडियम स्थित स्केटिंग रिंग, कौहाकुंडा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, स्टेडियम और एफसीआई ऑक्सीजोन का निरीक्षण किया। वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के विकास के लिए जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर और निर्माण एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि शहर की अधोसंरचना को मजबूत कर लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की गहन निगरानी की जा रही है, ताकि विकास कार्य तेजी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास के अनुरूप रायगढ़ में जिस स्तर की अधोसंरचना विकसित होनी चाहिए थी, वह लंबे समय तक अपेक्षित गति से नहीं बन पाई। इसके कारण शहर को यातायात, भारी वाहनों, दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अब इन चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए सुनियोजित तरीके से बड़े अधोसंरचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने रिंग रोड को रायगढ़ के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। घरघोड़ा रोड से झारसुगुड़ा रोड को जोड़ने के लिए प्रथम चरण में कार्य किया जा रहा है, जिस पर 400 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने की संभावना है।

भविष्य में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की तस्वीर जमीन पर स्पष्ट दिखाई देगी। हमारा प्रयास है कि शहर को बेहतर सड़क, पुल, हरित क्षेत्र, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं और मजबूत अधोसंरचना मिले, जिससे नागरिकों के जीवन में व्यापक बदलाव आए। निरीक्षण के दौरान महापौर  जीवर्धन चौहान, सभापति  डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, आयुक्त नगर निगम  बृजेश सिंह क्षत्रिय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी, इंजीनियर तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पीएम किसान सम्मान निधि की बचत से खरीदी पहली गाय, आज 10 गायों के साथ आत्मनिर्भर बने 75 वर्षीय परशुराम गुप्ता….

पीएम किसान सम्मान निधि की बचत से खरीदी पहली गाय, आज 10 गायों के साथ आत्मनिर्भर बने 75 वर्षीय परशुराम गुप्ता….

 रायपुर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए आर्थिक संबल के साथ नई आजीविका की राह भी खोल रही है। रायगढ़ जिले के ग्राम महापल्ली निवासी 75 वर्षीय किसान  परशुराम गुप्ता ने योजना से मिली राशि की बचत कर गौ-पालन शुरू किया और आज वे सफलतापूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहे हैं।

वर्ष 2020 में  गुप्ता ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की दो-दो हजार रुपये की किस्तों को बचाकर करीब 10 हजार रुपये की पूंजी जुटाई। इसी राशि से उन्होंने पहली गाय खरीदी और गौ-पालन की शुरुआत की। मेहनत और अनुभव के साथ उन्होंने धीरे-धीरे अपने पशुधन में वृद्धि की। आज उनके पास 10 गायें हैं और वे प्रतिदिन करीब 100 लीटर दूध का उत्पादन कर स्थानीय डेयरी में 40 रुपये प्रति लीटर की दर से विक्रय करते हैं। इससे उनका मासिक कारोबार लगभग 1.20 लाख रुपये तक पहुंच रहा है।

पीएम किसान सम्मान निधि की बचत से खरीदी पहली गाय, आज 10 गायों के साथ आत्मनिर्भर बने 75 वर्षीय श्री परशुराम गुप्ता

 परशुराम गुप्ता बताते हैं कि बचपन से ही उन्हें पशुपालन का शौक रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से मिली राशि ने उन्हें इस रुचि को आजीविका के साधन में बदलने के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराई। उनका कहना है कि शासन की योजनाओं से मिलने वाली छोटी-छोटी आर्थिक सहायता का सही और योजनाबद्ध उपयोग किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। 75 वर्ष की उम्र में भी  गुप्ता पूरे उत्साह से गौ-पालन में जुटे हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की बचत से शुरू हुआ उनका छोटा सा प्रयास आज एक सफल व्यवसाय का रूप ले चुका है। उनका अनुभव यह संदेश देता है कि मेहनत, अनुभव और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से उम्र आत्मनिर्भरता की राह में बाधा नहीं बनती।

CG – कोल्डड्रिंक की बोतल में शराब लेकर पहुंचा शिक्षक! ऐसे खुली पोल, BEO ने थमाया शो-कॉज नोटिस…

CG – कोल्डड्रिंक की बोतल में शराब लेकर पहुंचा शिक्षक! ऐसे खुली पोल, BEO ने थमाया शो-कॉज नोटिस…

गरियाबंद। जिले में एक शिक्षक पर शराब के नशे में स्कूल पहुंचकर बच्चों को पढ़ाने का आरोप लगा है। क्लासरूम में कोल्डड्रिंक की बोतल में महुए की शराब मिलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, शिक्षक ने शराब लेकर स्कूल आने से इनकार किया है। मामले में BEO ने शिक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। वहीं, अभिभावकों ने स्कूल में मिड-डे-मील को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बच्चों को तय मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है।

शराबखोरी के मामले में बीईओ ने शिक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की जांच के लिए टीम बना दी है। बीईओ का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला मैनपुर ब्लॉक के ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा का है।

ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा में 24 बच्चे अध्ययनरत हैं। स्कूल में 2 शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, जिसमें शिक्षक सतीश कुमार दुबे भी शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल समय के दौरान सतीश दुबे महुआ शराब के नशे में पाए गए।

मौके पर पहुंचे कुछ ग्रामीणों ने शिक्षक का वीडियो बना लिया। शिक्षक के इस तरह स्कूल पहुंचने को लेकर ग्रामीणों और पेरेंट्स में नाराजगी है। शराब के नशे में स्कूल आने वाले शिक्षक को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन को लेकर भी शिकायत की है। आरोप है कि बच्चों को निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। लंबे समय से बच्चों को सिर्फ दाल-चावल परोसे जाने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पीएम पोषण योजना के तहत निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं किया जा रहा है।

मैनपुर बीईओ देवनाथ बघेल ने बताया कि शिक्षक को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। साथ ही मामले की विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।

बस्तर क्षेत्र को हम देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाएंगे - सीएम साय

बस्तर क्षेत्र को हम देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाएंगे - सीएम साय

 रायपुर। तीन दिवसीय दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के जल सुरक्षा को लेकर शिखर सम्मेलन में शामिल हुए जहां उन्होंने कैच द रेन और जल संचय, जन भागीदारी को प्रस्तुत किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 5 प्रतिशत मॉडल पर अच्छा काम हुआ है जिसमें किसान अपनी जमीन का 5 प्रतिशत जल के लिए देता है, इसकी प्रशंसा पूरे देश में हुई है। 
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब डबल इंजन की सरकार बनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद मिला, गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और जवानों के अदम्य साहस से जो बस्तर चार दशकों से नक्सलवाद से पीडि़त था, वहाँ आज असंभव सा काम संभव हुआ है और नक्सलवाद समाप्त हुआ है। नक्सलवाद समाप्त हुआ है तो अब विकास को भी वहाँ पहुँचाने के लिए हम संकल्पित हैं। बस्तर क्षेत्र को हम देश का सबसे अच्छा आदिवासी संभाग बनाएंगे और इसके लिए वहां काम भी शुरु हो गया जो आप लोगों के सामने जल्द ही दिखेगा।

वन विभाग में 10 वर्ष से अधिक पदस्थ 966 तृतीय और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के कर्मी होंगे नियमित

वन विभाग में 10 वर्ष से अधिक पदस्थ 966 तृतीय और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के कर्मी होंगे नियमित

 00 वन विभाग के प्रस्ताव को सामान्य प्रशासन विभाग ने दी मंजूरी, मापदंड तय करने 4 सदस्यीय समिति का किया गठन

रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में 7000 दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिकता निधि के कार्यभारित कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है जिनमें इनमें से 10 वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत 966 तृतीय श्रेणी और 2,664 चतुर्थ श्रेणी के पदों पर 3630 कर्मियों का नियमितीकरण किया जाएगा, वहीं 10 वर्ष से कम वालों का स्थाईकरण किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की सहमति मिलने के बाद सेवा शर्तों और भर्ती नियमों का प्रारूप तैयार करने के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति को 15 दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद शासन स्तर पर नियमों को अधिसूचित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

वन विभाग ने 1-1-98 के बाद से कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भर्ती तथा सेवा शर्ते नियम, 2024 लागू करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अधिसूचना प्रारूप तैयार करने के लिए जैव विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव अमिताभ बाजपेयी की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। मुख्य वन संरक्षक, रायपुर वृत्त मणिवासगन एस. और वनमंडलाधिकारी, गरियाबंद मयंक पाण्डेय को सदस्य उप वन संरक्षक रौनक गोयल समिति के सदस्य सचिव बनाए गए हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के आदेश के अनुसार समिति को कर्मचारियों की भर्ती, सेवा शर्तों और संबंधित नियमों के सभी पहलुओं का परीक्षण करना होगा। इसके बाद अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करना होगा। समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

Train Cancelled : रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, कई ट्रेनें कैंसिल, कुछ के बदलेंगे रूट, यात्रा से पहले देखें लिस्ट….

Train Cancelled : रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, कई ट्रेनें कैंसिल, कुछ के बदलेंगे रूट, यात्रा से पहले देखें लिस्ट….

 बिलासपुर। अगर आप भी नवम्बर के पहले सप्ताह में ट्रेन से सफर करने वाले हैं तो आपके लिए जरुरी खबर है। बागडिही–झारसुगुड़ा चौथी लाइन के काम के चलते बिलासपुर जोन से जुड़ी कई ट्रेन 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच अलग-अलग तारीखों पर रद्द कर दी गई हैं। साथ ही कुछ के रूट में भी बदलाव किया गया है। 

जानकारी के मुताबिक़, दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के बागडिही स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग एवं बागडिही–झारसुगुड़ा के मध्य चौथी रेल लाइन के कमीशनिंग का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के लिए 1 एवं 2 नवम्बर 2026 को प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और 3 नवम्बर 2026 को नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य किया जाएगा। इसके चलते इस दौरान यात्रियों की सुविधा एवं संरक्षित रेल परिचालन को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से सम्बंधित 5 ट्रेनों को रद्द तथा 2 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा।

ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

इतवारी एक्सप्रेस- नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एवं टाटानगर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 18109/18110 नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी-टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस- 1 नवम्बर से 3 नवम्बर 2026 तक रद्द

मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस- मालदा टाउन से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 13425 मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस – 31 अक्टूबर 2026 को रद्द

सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस- सूरत से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 13426 सूरत-मालदा टाउन एक्सप्रेस- 2 नवम्बर 2026 को रद्द

तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस- तिरुपति से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस रद्द- 2 नवम्बर 2026 को रद

तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस- रक्सौल से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस- 5 नवम्बर 2026 को रद्द

2 नवम्बर को डायवर्टेड रुट से चलने वाली ट्रेनें

पुरी से चलने वली गाड़ी संख्या 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया कटक-सम्बलपुर सिटी-झारसुगुड़ा रोड-ईब के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश जाएगी.

योग नगरी ऋषिकेश से चलने वली गाड़ी संख्या 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग व्हाया ईब-झारसुगुड़ा रोड-सम्बलपुर सिटी-कटक के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश जाएगी.

एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में स्लीपर कोच की सुविधा

इसके अलावा रेलवे प्रशासन यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफ़र्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से गुजरने वाली गाड़ी संख्या 18030/18029 शालीमार-एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त स्लीपर कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराएगी. यह सुविधा गाड़ी संख्या 18030 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस में दिनांक 03 एवं 04 सितम्बर 2026 को तथा गाड़ी संख्या 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में दिनांक 05 एवं 06 सितम्बर 2026 को उपलब्ध रहेगी.

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पदस्थ 14 डॉक्टरों को मिली नई पदस्थापना

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में पदस्थ 14 डॉक्टरों को मिली नई पदस्थापना

 रायपुर। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में पदस्थ 14 चिकित्सकों की नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। विभाग की ओर से 3 सितंबर 2026 को जारी आदेश में अधिकारियों को वर्तमान जिम्मेदारी से हटाकर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पदस्थापना अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आदेश में संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नवीन पदस्थापना स्थल पर आदेश जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करना होगा। निर्धारित समय में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी को नियमानुसार स्वत: भारमुक्त माना जाएगा। संबंधित अधिकारियों को अपने वर्तमान पद से भारमुक्त कर नवीन पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त करने और इसकी प्रति चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग का यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।
इन 14 डॉक्टरों की बदली जिम्मेदारी
डॉ प्रतिभा जैन शाह प्राध्यापक, निश्चेतना विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम।
डॉ अजय कोसाम प्राध्यापक, शिशुरोग विभाग को प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम से प्राध्यापक, शिशुरोग विभाग, चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव।

डॉ0 गोपाल सिंह कंवर प्राध्यापक मेडिसीन विभाग को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबंद्ध चिकित्सालय कोरबा से प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जशपुर।
डॉ. एस.पी. कुजूर प्राध्यापक सर्जरी विभाग को अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, कुनकुरी जशपुर छ.ग. से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर, छ.ग.।

डॉ0 रविकांत दास प्राध्यापक, अस्थि रोग विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा
डॉ0 अविनाश मेश्राम संचालक सह प्राध्यापक, पैथोलाजी विभाग को प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से प्राध्यापक सह संचालक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग।

डॉ0 आर0 सी0 आर्या प्राध्यापक पैथोलॉजी विभाग को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से प्रभारी अधिष्ठाता, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर।

डॉ0 राकेश निगम प्राध्यापक निश्चेतना विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर।

डॉ0 ए0आर0 बेन प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर चांपा को प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, बिलासपुर।

डॉ0 ओंकार कश्यप प्राध्यापक बायोकमेस्ट्री विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर चांपा को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जांजगीर चांपा।

डॉ0 कुलदीप सांग प्राध्यापक दंतरोग को प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा से प्राध्यापक, दंत रोग विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग।
डॉ0 अमित अग्रवाल प्राध्यापक जर्नल सर्जरी विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग।
डॉ0 अरुणेश सिंह प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ को प्राध्यापक अस्थिरोग विभाग, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, अंबिकापुर।
डॉ0 जयपाल चंद्रवंशी प्राध्यापक मेडिसीन विभाग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ से प्रभारी अस्पताल अधीक्षक, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़।

CG Weather : जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम? रायपुर समेत इन इलाकों में बारिश के आसार

CG Weather : जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम? रायपुर समेत इन इलाकों में बारिश के आसार

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून अब भी सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई बारिश के कारण जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है। वहीं नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, मौसमी सब-डिविजनल बारिश सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम रही है।

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि 4 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना भी बनी हुई है।

जन्माष्टमी पर रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन राजधानी रायपुर में मौसम सामान्यतः बादलों से घिरा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।

रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?

प्रदेश के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सरगुजा और रायपुर संभाग में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश भी रिकॉर्ड की गई।

इस दौरान जगदलपुर में अधिकतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग ने क्या बताया?

मौसम विभाग के अनुसार 3 सितंबर तक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र उसी क्षेत्र में सक्रिय रहा। इसके साथ चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है।

इसके अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे लगे उत्तर मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है।

वहीं श्री गंगानगर, रोहतक, फतेहगढ़, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसम तंत्र के केंद्र से लेकर डाल्टनगंज और दीघा होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक एक ट्रफ के गुजरने की जानकारी मौसम विभाग ने दी है।

गुरुवार को इन इलाकों में हुई बारिश

बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पोंडी बचरा में सबसे ज्यादा 14 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

इसके अलावा—

  • कुसमी – 8 सेमी
  • दावरा कोचली – 6 सेमी
  • राजपुर – 5 सेमी
  • बिलासपुर – 5 सेमी
  • सूरजपुर – 5 सेमी
  • रामचंद्रपुर – 5 सेमी
  • जनकपुर-भरतपुर – 4 सेमी
  • रामानुजगंज – 4 सेमी
  • बिहारपुर – 4 सेमी
  • प्रेमनगर – 4 सेमी

वहीं अंबिकापुर, कोटाडोल, प्रतापपुर, गिधौरी तुंदरा, दरिमा, बेलगहना, सोनहत, बिल्हा, पामगढ़, खड़गवां, लटोरी, उदयपुर और रघुनाथ नगर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा बोदरी, बसना, लवन, शंकरगढ़, पटना, सकरी, चलगली, कुकदुर, कसडोल, पिथौरा, पचपेड़ी, बोदला और लखनपुर में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

प्रदेश के अधिकांश अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा दर्ज की गई।

4 सितंबर के बाद क्या बदलेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 4 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी। कुछ क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक वाली बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

जन्माष्टमी के दिन बारिश की संभावना को देखते हुए मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में जाने वाले लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।