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BREAKING : छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, अब 2015 नहीं, 2024 तक शहर में रहने वालों को मिलेगा PM आवास का लाभ

BREAKING : छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, अब 2015 नहीं, 2024 तक शहर में रहने वालों को मिलेगा PM आवास का लाभ

 रायपुर।  शहरी गरीबों के आशियाने के सपने को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगरीय निकायों में रहने वाले परिवारों के हित में संवेदनशील फैसला लेते हुए राज्य शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि को 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर अब 31 अगस्त 2024 कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से विगत 9 वर्षों से शहरों में रह रहे लोगों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय हजारों शहरी परिवारों के लिए पक्के घर का नया अवसर लेकर आया है। “आवास से सम्मान, सम्मान से सशक्तीकरण” के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य शासन का यह महत्वपूर्ण कदम है।

 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में शासन ने शहरी गरीबों एवं जरूरतमंद परिवारों के आवास के सपने को साकार करने के लिए संवेदनशील और दूरदर्शी निर्णय लिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत हितग्राहियों के निवास की वैधता के निर्धारण के लिए नई कट-ऑफ-तिथि 31 अगस्त 2024 निर्धारित करते हुए इसका आदेश मंत्रालय से जारी कर दिया है।
 
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि शासन द्वारा इस आशय का आदेश प्रसारित कर दिया गया है। पूर्व में निर्धारित 31 अगस्त 2015 की तिथि में संशोधन से राज्य के नगरीय क्षेत्रों में निवासरत अधिक पात्र परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 का लाभ ले सकेंगे। यह निर्णय शहरी क्षेत्रों की बदलती आवश्यकताओं, बढ़ती आबादी तथा गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों की वास्तविक आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
 
हर पात्र परिवार तक पक्के आवास की पहुंच
 
राज्य शासन का यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए आवास” के संकल्प तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की गरीब कल्याण की प्राथमिकता को मजबूत करता है। इससे शहरी क्षेत्रों में निवासरत अधिक जरूरतमंद परिवारों का पारदर्शी सर्वेक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं पात्रता परीक्षण कर उन्हें योजना के दायरे में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस निर्णय से किराये के आवासों, अस्थायी बस्तियों या अपर्याप्त आवासीय परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे पात्र परिवारों को सुरक्षित, पक्के और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। पक्का आवास केवल छत नहीं, बल्कि परिवारों के लिए सुरक्षा, स्थायित्व, गरिमा और बच्चों के बेहतर भविष्य का आधार है।
 
एएचपी परियोजनाओं में बसाहट को मिलेगी गति
 
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्मित अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) परियोजनाओं में पात्र हितग्राहियों का चयन एवं आबंटन अब और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। विस्तारित कट-ऑफ तिथि से हितग्राही आधार व्यापक होगा, जिससे अधिक परिवार योजनाबद्ध आवासीय परिसरों में सम्मानपूर्वक बस सकेंगे। एएचपी परिसरों में सुव्यवस्थित बसाहट को प्रोत्साहन के साथ ही पानी, बिजली, सड़क, स्वच्छता, सामुदायिक भवन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित होगा। शहरी गरीब परिवारों को बेहतर आवासीय वातावरण से जोड़ने के साथ-साथ यह पहल स्वस्थ, सुरक्षित और समावेशी शहरों के निर्माण में भी सहायक होगी।
 
एएचपी आवासों के निर्माण में अच्छी प्रगति, 29267 आवास पूर्ण
 
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) के अंतर्गत अच्छी प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश में एएचपी घटक के अंतर्गत अब तक 36 हजार 969 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 29 हजार 267 आवास पूर्ण हो चुके हैं, जो स्वीकृत आवासों का लगभग 79 प्रतिशत है। शेष 7702 आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में प्रगतिरत है। यह प्रगति राज्य सरकार की गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं हितग्राही-केंद्रित आवास निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
 
30 हजार से अधिक परिवारों को आवास आबंटित
 
राज्य में एएचपी के अंतर्गत निर्मित एवं उपलब्ध आवासों में से अब तक 30 हजार 438 आवासों का आबंटन किया जा चुका है। इनमें से 21 हजार 923 परिवार अपने पक्के आवासों में निवास प्रारंभ कर चुके हैं। इन परिवारों के लिए पक्का आवास केवल भवन नहीं, बल्कि सुरक्षित जीवन, सामाजिक सम्मान, बच्चों की बेहतर शिक्षा और परिवार के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार है।
 
हर पात्र परिवार तक पक्के आवास की पहुंच
 
राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक पात्र शहरी परिवार को सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक आवास से जोड़ना है। संशोधित कट-ऑफ तिथि राज्य सरकार की जनसंवेदनशील कार्यशैली और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
 
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों को संशोधित प्रावधानों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों के चिन्हांकन, सत्यापन और आवास आबंटन की कार्यवाही प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हितग्राहियों का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के दिशा-निर्देशों तथा पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
 
प्रमुख सचिव ने निकायों को दी समय-सीमा
 
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने नगरीय निकायों के आयुक्तों एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को संशोधित आदेश का पालन करते हुए 15 दिनों में आवास से वंचितों को भागीदारी में किफायती आवास का लाभ दिलाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल को इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनहितैषी इस योजना में किसी भी प्रकार की कोताही व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने नगरीय निकाय में जाकर नवीन पात्रता से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर एएचपी आवास का नियमानुसार आबंटन प्राप्त करें।
 
केंद्र और राज्य सरकार से आवास के लिए अनुदान
 
प्रधामंनत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के एएचपी घटक अन्तर्गत स्लम में निवासरत् शहरी गरीब आवासहीन परिवारों के व्यवस्थापन हेतु केन्द्र सरकार द्वारा प्रति आवास 1.50 लाख रुपए एवं राज्य शासन द्वारा 2.50 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। इसमें हितग्राहियों को अपना अंशदान केवल 75 हज़ार रुपए प्रति आवास आसान किश्तों में जमा करने की सुविधा प्रदान की गई है।
 
इसी प्रकार एएचपी घटक अन्तर्गत शहरी क्षेत्रों में किराये में निवासरत् कमज़ोर आय वर्ग के पात्र परिवारों को स्वयं का पक्का मकान दिए जाने हेतु केन्द्र सरकार द्वारा प्रति आवास 1.50 लाख रुपए अनुदान प्रदान किया जाता है एवं राज्य शासन द्वारा आवास निर्माण हेतु नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाती है। इसमें हितग्राहियों को अपना अंशदान 3.25 लाख रुपए प्रति आवास, आसान किश्तों में जमा कराने की सुविधा प्रदान की गई है। राज्य शासन द्वारा नगरीय निकायों के माध्यम से सभी हितग्राहियों को उनके हितग्राही अंशदान जमा कराने में सहुलियत के लिए निरन्तर लोन मेला का आयोजन भी किया जा रहा है।
 
“प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 में हितग्राही चयन की कट-ऑफ तिथि 31 अगस्त 2024 तक बढ़ाने से शहरी क्षेत्रों के अधिक पात्र एवं जरूरतमंद परिवार पक्के आवास के लाभ से जुड़ सकेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को साकार करते हुए हमारी सरकार हर गरीब परिवार को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।” – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
 
“राज्य सरकार ने शहरी गरीबों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 में हितग्राही चयन की कट-ऑफ तिथि 31 अगस्त 2024 तक निर्धारित की है। इससे अधिक पात्र परिवारों को पक्के आवास का अवसर मिलेगा और एएचपी परियोजनाओं में हितग्राही चयन एवं योजनाबद्ध बसाहट को नई गति मिलेगी। हमारा लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास से जोड़ना है।” – उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव
रायपुर : निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

रायपुर : निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर मंथन

 मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन BOCW शुरू

रायपुर, 12 सितंबर 2026/ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ('National Conference on BOCW') का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के निर्माण श्रमिकों के सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।

इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री  मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल और छत्तीसगढ़ के श्रम सचिव श्री हिम शिखर गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा मंडल सचिव  गिरीश रामटेके ने किया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों ने श्रमिक हित में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। साथ ही निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भविष्य की रणनीतियों पर रणनीति तैयार की जा रही है। यह आयोजन देश के निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक - राज्यपाल डेका

डिजिटल एडिक्शन आज किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक - राज्यपाल डेका

 00 आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में 504 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधियां 

00 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित

रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए, जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई

विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह
राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।

विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।
विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढऩा चाहिए
डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।

श्री रानी सती मंदिर में 50वें भादों अमावस्या महोत्सव के भव्य आयोजन में शामिल हुए राज्यपाल

श्री रानी सती मंदिर में 50वें भादों अमावस्या महोत्सव के भव्य आयोजन में शामिल हुए राज्यपाल

 00 राज्यपाल रमेन डेका ने सपरिवार पहुंचकर किया पूजन-अर्चन, लिया दादी जी का आशीर्वाद

रायपुर। राजा तालाब स्थित श्री रानी सती मंदिर में दो दिवसीय 50वां भादों अमावस्या महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के दूसरे दिन 11 सितंबर को सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में भक्तजन परिवार सहित दादी जी के दर्शन, पूजन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। दिनभर मंदिर परिसर जय श्री रानी सती दादी माँ की एवं  जय दादी की के जयघोष से गूंजता रहा। देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही और पूरा मंदिर परिसर भक्तिभाव से सराबोर नजर आया।

सुबह 7 बजे मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने दादी जी के दर्शन किए और विधि-विधान से जाट-धोक पूजन किया। भक्तों ने रोली की टिक्की, अक्षत, मेहंदी, मौली, काजल, पुष्प एवं दक्षिणा अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, अखंड सौभाग्य एवं बच्चों की उन्नति के लिए दादी जी से प्रार्थना की। मंदिर में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों एवं बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। दोपहर 2 बजे समता कॉलोनी निवासी श्रीमती बीना मित्तल के सान्निध्य में सामूहिक मंगल पाठ का आयोजन हुआ। इसमें लगभग 2100 महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी परिधान में लाल-पीली चुनरी धारण कर भाग लिया। पुरुष श्रद्धालु भी पारंपरिक कुर्ता-पायजामा में मंगल पाठ में शामिल हुए। मंगल पाठ के दौरान दादी जी के जीवन प्रसंगों को भजनों के माध्यम से जन्म उत्सव, विवाह उत्सव, मुकलावा उत्सव एवं गजरा उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया। मंगल पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूबा रहा।

इसी भक्तिमय वातावरण के बीच छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने सपरिवार श्री रानी सती मंदिर पहुंचकर दादी जी के दर्शन एवं पूजन-अर्चन किया तथा दादी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति द्वारा महामहिम राज्यपाल जी का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उनका सपरिवार मंदिर आगमन श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आनंद एवं गौरव का क्षण रहा। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल जी ने श्रद्धापूर्वक दादी जी के दर्शन कर प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उनके साथ ओएसडी श्री अशोक झुंझुनवाला भी उपस्थित रहे।

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी : मुख्यमंत्री साय

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों और अवसरों की नहीं होगी कमी : मुख्यमंत्री साय

 00 प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार, रायपुर में 60 करोड़ की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी

00 जशपुर के पंडरापाठ में 20-25 करोड़ की लागत से आर्चरी अकादमी, वनांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण

00 शासन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को दी जाएगी विशेष जिम्मेदारी
00 बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को मिल रहा बड़ा मंच, खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं को तराशने पर जोर

00 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर किए जाएंगे प्रयास
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढऩे के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार करने के साथ खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाडिय़ों को आगे बढऩे के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए खेल अधोसंरचना के विकास के साथ प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोडऩे की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। इन समूहों के सहयोग को खेलों के विकास से जोड़ा जाए तो खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणामों को करीब से देखा है। यदि अलग-अलग उद्योग समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो प्रदेश में खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों से जुड़े विषयों, उनकी आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाडिय़ों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।

रायपुर में 60 करोड़ की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाडिय़ों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
पंडरापाठ में बनेगी आर्चरी अकादमी, वनांचल की नैसर्गिक प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर अंचल में तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में यह खेल जीवन और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इन प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बड़े खेल मंचों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जशपुर के पंडरापाठ में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। अकादमी के माध्यम से जशपुर सहित आसपास के वनांचल के प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रही नई प्रतिभाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक ने दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। राज्य सरकार बस्तर ओलंपिक का आयोजन प्रत्येक वर्ष करेगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास के नए वातावरण के बीच खेलों को भी नई गति देने का समय है। क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और असाधारण क्षमता है। उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे का भी प्रभावी माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी चाहे किसी बड़े शहर से हो या दूरस्थ गांव और वनांचल से, उसे आगे बढऩे के समान अवसर मिलें।
खेल अलंकरण की पुन: शुरुआत से खिलाडिय़ों का बढ़ा उत्साह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाडिय़ों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। प्रधानमंत्री खिलाडिय़ों से नियमित संवाद करते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन का उत्साहवर्धन करते हैं। इससे देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है और खिलाडिय़ों का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ प्रदेश के खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुन: शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। खेल प्रतिभाओं को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए प्रयास करेगा छत्तीसगढ़
बैठक में 40वें नेशनल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में कराने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भी गंभीरता से आगे बढऩे का समय है। 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलती है, तो इसके आयोजनों को बस्तर से भी जोडऩे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। बस्तर में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है। राष्ट्रीय स्तर का बड़ा खेल आयोजन यहां के युवाओं को प्रेरणा देने के साथ देश-दुनिया के सामने बदलते और आगे बढ़ते बस्तर तथा छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर प्रस्तुत करने का अवसर भी बनेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजन से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को और गति मिलेगी, स्थानीय खिलाडिय़ों को देश के श्रेष्ठ खिलाडिय़ों को करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित होगी।

वनांचल में तीरंदाजी और मलखम्ब की अपार संभावनाएं : वन मंत्री कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खेल अधोसंरचना के निर्माण और खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद खेल अलंकरण समारोह आयोजित कर खिलाडिय़ों को सम्मानित करने से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में तीरंदाजी जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देने की है। बस्तर के जनजातीय युवा मलखम्ब में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। सामूहिक खेलों के साथ व्यक्तिगत खेलों में भी खिलाडिय़ों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है।
सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते हैं। इससे खिलाडिय़ों का आत्मविश्वास बढ़ा है और भारतीय खिलाड़ी दुनिया के विभिन्न खेल मंचों पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी छत्तीसगढ़ में खिलाडिय़ों और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। खेल अलंकरण की पुन: शुरुआत और उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने जैसे निर्णयों ने खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने खेल संबंधी विषयों में बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दिए जाने की पहल का स्वागत किया।
अन्य जिलों में भी गठित किए जाएंगे जिला ओलंपिक संघ
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया ने पिछली एग्जीक्यूटिव बॉडी बैठक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों, संघ की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में 23 जून को ओलंपिक दिवस के आयोजन, विभिन्न खेल गतिविधियों, नेशनल गेम्स, खेल संघों की आवश्यकताओं और आगामी गतिविधियों के लिए जरूरी बजटीय प्रावधानों पर चर्चा हुई। संघ की आय-व्यय की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रदेश में वर्तमान जिला ओलंपिक संघों के अतिरिक्त अन्य जिलों में भी जिला ओलंपिक संघ गठित करने के लिए समिति बनाए जाने पर सहमति प्रदान की गई। हैंडबॉल एसोसिएशन सहित विभिन्न खेल संघों से जुड़े विषयों तथा प्रदेश में खेल गतिविधियों के विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष श्री विजय बघेल, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री शरद शुक्ला, श्री रमेश कुमार श्रीवास्तव और श्री सुनील कुमार अग्रवाल समेत छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

CG – मदिरा प्रेमियों के लिए जरूरी खबर, अब नगदी में नहीं खरीद पाएंगे शराब, ऐसे करना होगा पेमेंट, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश…

CG – मदिरा प्रेमियों के लिए जरूरी खबर, अब नगदी में नहीं खरीद पाएंगे शराब, ऐसे करना होगा पेमेंट, आबकारी विभाग ने जारी किया आदेश…

 रायपुर। प्रदेश की कई प्रीमियम शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से ज्यादा दाम पर शराब बेची जा रही है। यानी ग्राहकों से बोतल पर तय MRP से अधिक पैसे लिए जा रहे हैं। ओवररेट की शिकायतों को खत्म करने के लिए अब आबकारी विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने प्रदेश के सभी प्रीमियम शराब दुकानों को कैशलेस करने का फैसला लिया है। इस संबंध में आबकारी विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।

सिर्फ ऑनलाइन माध्यम करना होगा पेमेंट

जारी आदेश के अनुसार, अब प्रदेश के कोई भी प्रीमियम शॉप पर ग्राहक कैश में भुगतान नहीं कर पाएंगे। यानी आपको शराब खरीदने के बाद पेमेंट सिर्फ ऑनलाइन माध्यम करना होगा। इसके लिए सभी प्रीमियम शॉपर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। जिन्हें स्कैन कर ग्राहक भुगतान कर सकेंगे।

आपको बता दें कि यह कैशलैस सिस्टम एक अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसका आदेश प्रदेश की 49 प्रीमियम शराब दुकानों के लिए जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था का मकसद शराब दुकानों पर होने वाली ओवररेट की शिकायतों पर लगाम लगाना और बिक्री-भुगतान में पारदर्शिता लाना है।

CG – अंधविश्वास का खूनी खेल : जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार…

CG – अंधविश्वास का खूनी खेल : जादू-टोने के शक में बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या, 3 आरोपी गिरफ्तार…

 जगदलपुर। दंतेवाड़ा जिले में अंधविश्वास के चलते बुजुर्ग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गीदम थाना क्षेत्र के समलूर गांव में 65 वर्षीय सुखराम सोढ़ी पर जादू-टोना करने का शक था। इसी शक के चलते आरोपियों ने बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के मुताबिक, उईकापारा निवासी सुखराम सोढ़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उनके चेहरे, गाल, कान और माथे पर चोट के निशान मिले थे। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गांव में सुखराम सोढ़ी पर जादू-टोना करने का शक किया जा रहा था। इसी संदेह और नाराजगी के चलते आरोपियों ने बुजुर्ग की हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस ने संदेह के आधार पर पूछताछ की तो धनीराम भोगामी उर्फ मोटू, बिनेश सोढ़ी उर्फ बीनू और मंगतू सोढ़ी की संलिप्तता सामने आई। आरोपियों के बताए अनुसार पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का पट्टा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।

तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

Train Cancelled: त्योहारों के सीजन में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, 13 और 14 सितंबर को रद्द रहेंगी कई यात्री ट्रेनें

Train Cancelled: त्योहारों के सीजन में रेल यात्रियों को बड़ा झटका, 13 और 14 सितंबर को रद्द रहेंगी कई यात्री ट्रेनें

 रायपुर। Train Cancelled: उरकुरा रेलवे स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का काम किया जा रहा है, जिसका असर रेल यातायात पर पड़ेगा। रेलवे ने इस कार्य के चलते 13 और 14 सितंबर को कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे के इस फैसले से रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

13 सितंबर को ये ट्रेनें रहेंगी रद्द

68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू

68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू

68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू

68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू

58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर

58206 रायपुर-इतवारी पैसेंजर

68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू

14 सितंबर को इन ट्रेनों का परिचालन रद्द

58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर

58206 इतवारी-रायपुर पैसेंजर

68745 कोरबा-रायपुर मेमू

उरकुरा स्टेशन यार्ड में चल रहे रीमॉडलिंग कार्य के कारण ट्रेनों को रद्द किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन पहुंचने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो।

22 सितंबर से बसों का अनिश्चितकालीन महाबंद, प्रदेशभर में थम सकते हैं 12 हजार बसों के पहिए

22 सितंबर से बसों का अनिश्चितकालीन महाबंद, प्रदेशभर में थम सकते हैं 12 हजार बसों के पहिए

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर यातायात महासंघ ने 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन महाबंद का ऐलान किया है। हड़ताल के दौरान प्रदेशभर में करीब 12 हजार बसों का संचालन प्रभावित होने की संभावना है।

रोजाना 4.80 लाख यात्रियों पर पड़ेगा असर

बसों के पहिए थमने से प्रदेश में रोजाना सफर करने वाले करीब 4 लाख 80 हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि मांगों पर समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। यातायात महासंघ की प्रमुख मांगों में यात्री बस किराए में बढ़ोतरी शामिल है। इसके अलावा बस मालिक सिंगल स्लीपर बसों के लिए सिंगल टैक्स व्यवस्था लागू करने की मांग भी कर रहे हैं।

ई-बसों के संचालन को लेकर भी मांग

बस ऑपरेटरों ने ई-बसों के संचालन को लेकर भी अपनी मांग रखी है। उनका कहना है कि ई-बसों को केवल नगर निगम सीमा के भीतर ही संचालित करने की शर्त तय की जाए, ताकि निजी बस संचालकों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

800 बस ऑपरेटर बस स्टैंड पर करेंगे विरोध

 महाबंद के तहत प्रदेशभर के करीब 800 बस ऑपरेटर अपनी बसें बस स्टैंड पर खड़ी कर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। महासंघ के इस फैसले से अंतरजिला और लंबी दूरी की बस सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। अगर सरकार और बस संचालकों के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो 22 सितंबर से शुरू होने वाला यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रह सकता है। इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।

सेवा संकल्प अभियान : प्रदेश के सभी उचित मूल्य दुकानों में 17 सितंबर को जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

सेवा संकल्प अभियान : प्रदेश के सभी उचित मूल्य दुकानों में 17 सितंबर को जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रदेशभर के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में 17 सितंबर की संध्या ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्वलित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राशनकार्डधारियों और आम नागरिकों की जनभागीदारी के साथ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को सशक्त किया जाएगा।

खाद्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलें के खाद्य नियंत्रकों एवं खाद्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में 17 सितंबर की संध्या राशनकार्डधारियों एवं आम नागरिकों के माध्यम से आशीर्वाद का दीप अनिवार्य रूप से प्रज्वलित कराया जाए।

इस अवसर पर उचित मूल्य दुकानों में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक राशनकार्डधारियों एवं नागरिक इस जनभागीदारी अभियान से जुड़ सकें।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से प्रदेश में जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए सेवा, सुशासन और सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उचित मूल्य दुकानों में जलने वाला ‘आशीर्वाद का दीप’ इसी सामूहिक सहभागिता और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा।

राजस्व और वन मंत्री ने किया निःशुल्क पीएससी-व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का शुभारंभ

राजस्व और वन मंत्री ने किया निःशुल्क पीएससी-व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का शुभारंभ

 रायपुर- बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी प्रतिभाओं को तराशने और उनके प्रशासनिक सेवाओं में जाने के सपनों को साकार करने के लिए नारायणपुर में एक बेहद सराहनीय पहल की शुरुआत हुई है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (DMFT) निधि से संचालित निःशुल्क पीएससी एवं व्यापम आवासीय कोचिंग सेंटर का विधिवत शुभारंभ किया।

​जिला प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के आर्थिक रूप से कमजोर और संसाधनों के अभाव से जूझ रहे मेधावी युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक अनुकूल माहौल और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन देना है। कोचिंग सेंटर के पहले बैच के लिए पारदर्शी चयन प्रक्रिया के जरिए 50 प्रतिभावान अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिनमें 26 बालिकाएं और 24 बालक शामिल हैं।

​शुभारंभ समारोह के दौरान मंत्रियों और अतिथियों ने सभी चयनित विद्यार्थियों को बैग, कॉपी, मानक पुस्तकें, पेन और आवश्यक स्टडी किट भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इन अभ्यर्थियों को न केवल सर्वसुविधायुक्त निःशुल्क आवास और भोजन की सुविधा मिलेगी, बल्कि विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कक्षाओं के माध्यम से राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) और व्यापम जैसी कठिन परीक्षाओं की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी।

​आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त को इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो सेंटर की व्यवस्थाओं और गुणवत्ता पर सीधी नजर रखेगी। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, छोटेडोंगर सरपंच, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जिला शिक्षा अधिकारी और सहायक आयुक्त सहित अनेक जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कुपोषण पर कड़ा प्रहार : नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

कुपोषण पर कड़ा प्रहार : नारायणपुर के 13 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को अब रोजाना मिलेगा मुफ़्त पौष्टिक नाश्ता

 आंगनबाड़ियों में लड्डू योजना का भी आगाज़

​रायपुर- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले क अबूझमाड़ के प्रवेश द्वार नारायणपुर में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और नियमित शिक्षा की दिशा में एक नई और क्रांतिकारी शुरुआत हुई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के तहत जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत 13 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पौष्टिक नाश्ता योजना का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कुपोषण से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से पौष्टिक लड्डू वितरण कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। जिले के प्रभारी मंत्री श्री टंक राम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने इस दूरगामी पहल का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ किया और स्वयं अपने हाथों से नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नाश्ता परोसकर उनका उत्साहवर्धन किया।

​यह महत्वाकांक्षी पहल नारायणपुर और ओरछा (अबूझमाड़) विकासखंड के कुल 476 विद्यालयों में लागू की जा रही है, जिससे 13 हजार 15 स्कूली बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे। योजना के तहत हर विद्यार्थी को प्रतिदिन 150 ग्राम ताजा और सेहतमंद नाश्ता दिया जाएगा। बच्चों के स्वाद और पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए दिन के हिसाब से एक संतुलित मेन्यू तय किया गया है, जिसमें पोहा-फलीदाना, सूजी का उपमा, दलिया, चना, खड़ा मूंग और मूंगफली जैसे प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। भोजन तैयार करने वाली व्यवस्था को मजबूती देने के लिए जिले के 676 रसोइयों को 800 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त मानदेय भी दिया जा रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।

​यह कार्यक्रम न केवल नौनिहालों को कुपोषण के चक्र से बाहर निकालेगा, बल्कि दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, ठहराव सुनिश्चित करने और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़े रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस गरिमामय अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।

समान नागरिक संहिता पर रायशुमारी के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों से की गई चर्चा 

समान नागरिक संहिता पर रायशुमारी के लिए विभिन्न संगठनों व सामाजिक प्रतिनिधियों से की गई चर्चा 

 उच्च स्तरीय समिति द्वारा आयोजित द्विपक्षीय चर्चा में आमंत्रित किए गए सुझाव

 
रायपुर- समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के पूर्व राज्य स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा विस्तृत चर्चा एवं सुझाव के लिए दो दिवसीय  बैठक 10 सितंबर से आयोजित की गई, जिसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी एवं समिति के सदस्य  एम. के. राउत की अध्यक्षता में पीपीटी के माध्यम से समान नागरिक संहिता के वर्तमान नियमों एवं कानूनों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समिति के सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार उपस्थित थे।
पुराना सर्किट हाउस के सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय परामर्श बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों,  जनप्रतिनिधियों और राज्य आयोगों के प्रमुखों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की। दो दिनों तक चले इस गहन मंथन सत्र के दौरान मुख्य रूप से विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और विरासत, भरण-पोषण तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषयों पर सभी पक्षों से खुलकर सुझाव लिए गए।
 
इस दौरान गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति के प्रांतीय सचिव श्री गजानंद नुरूटी ने आदिवासी समाज की रूढ़िगत परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक ताने-बाने की रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आदिवासी समुदाय की मौलिक पहचान और अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें समान नागरिक संहिता के दायरे से पृथक रखने का औपचारिक अनुरोध किया। वहीं, दूसरी ओर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने समाज में लैंगिक समानता की पुरजोर वकालत की। उन्होंने महिला एवं पुरुष को समान अधिकार देने, बेटे और बेटी को संपत्ति में बराबर का उत्तराधिकार सौंपने, विवाह एवं तलाक का अनिवार्य पंजीयन कराने तथा संपत्ति व वसीयत से जुड़े स्पष्ट कानूनी प्रावधान स्थापित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने का सुझाव दिया। क्रिश्चन समाज के श्री राजेश जॉन पाल सहित समाज के आए प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव में कहा कि विवाह को ईश्वर के द्वारा बनाई गई अटूट जोड़ी मानी जाती है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता। लिव-इन संबंध को समाज द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
 
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा भी उपस्थित रहीं और उन्होंने बच्चों के अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। ​समिति के सदस्यों ने सभी प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों को बेहद गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न सामाजिक समूहों से प्राप्त इन सभी महत्वपूर्ण व्यावहारिक तथ्यों और सुझावों का गहराई से विश्लेषण किया जाएगा, ताकि एक समावेशी, संतुलित और निष्पक्ष मसौदा तैयार किया जा सके।
 
  बैठक में अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ अधिवक्ता  बृजेश पांडेय, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष  दिनेश देवांगन, अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष  प्रमोद तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती भारती राठौर ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को अधिक कारगर, स्पष्ट व पारदर्शी बनाने पर जोर देते हुए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। चर्चा बैठक के द्वितीय सत्र में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष डॉ. सुरेश मिश्रा तथा  आशीष बाजपेयी ने समान नागरिक संहिता पर अपने विचार एवं अभिमत समिति के समक्ष दर्ज कराया। इसी प्रकार मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉ. कुलदीप सोलंकी, डॉ. सुरभि दुबे तथा डॉ. के.पी. आजमानी ने समान नागरिक संहिता के क्रियान्वयन के संबंध में अपनी राय दी तथा उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों को सुझाव दिए।
विकास को गति देने छत्तीसगढ़ में भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव

विकास को गति देने छत्तीसगढ़ में भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव

 डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने के केंद्र के सुधारों के अनुरूप छत्तीसगढ़ की नई पहल

Negative List आधारित व्यवस्था से भूमि उपयोग होगा अधिक लचीला और व्यावहारिक, निवेश एवं विकास गतिविधियों को मिलेगी सहजता

रायपुर- छत्तीसगढ़ में विकास गतिविधियों को गति देने और भूमि उपयोग से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक सरल, स्पष्ट एवं व्यावहारिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। आवास एवं पर्यावरण विभाग ने छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम, 1984 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित संशोधन में विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों के लिए Negative List आधारित व्यवस्था अपनाने का प्रावधान किया गया है। यह पहल केंद्र सरकार के डीरिगुलेशन और अनुपालन बोझ कम करने के व्यापक सुधारों के अनुरूप है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का निरंतर प्रयास है कि नागरिकों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए तथा विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हो। भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित संशोधन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बदलती जरूरतों के अनुरूप विकास गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सुविधा होगी तथा प्रदेश में निवेश, रोजगार और अधोसंरचना विकास को गति मिलेगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नियमन को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे अधिक स्पष्ट, सरल, लचीला और परिणामोन्मुख बनाना है। Negative List आधारित व्यवस्था के माध्यम से प्रतिबंधित गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाएगा, जबकि अन्य गतिविधियों के लिए अनावश्यक नियामकीय बाधाएं कम होंगी। इससे बदलती आर्थिक एवं सामाजिक जरूरतों के अनुरूप भूमि उपयोग व्यवस्था अधिक व्यावहारिक बनेगी।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन@2047 के अनुरूप और भारत सरकार के डीरिगुलेशन एवं ईज ऑफ लिविंग से जुड़े सुधारों की दिशा में छत्तीसगढ़ लगातार नीतिगत सुधार कर रहा है। आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा पिछले दो वर्षों में ग्रामीण और शहरी विकास को गति देने के लिए अनेक सुधार किए गए हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियमों में प्रस्तावित यह बदलाव प्रदेश के आवासीय, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक विकास को नई गति देगा।

उन्होंने कहा कि इस सुधार से मास्टर प्लान में निर्धारित विभिन्न भूमि उपयोगों को अधिक लचीला, व्यावहारिक और समयानुकूल बनाया जा सकेगा। इसका लाभ आम नागरिकों को भी मिलेगा और भूमि उपयोग से संबंधित प्रक्रियाओं में आने वाली कठिनाइयों को कम करने का मार्ग प्रशस्त होगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य विकास की संभावनाओं को बढ़ाने के साथ-साथ नियोजित विकास और आवश्यक प्रतिबंधों के बीच संतुलन स्थापित करना है।

प्रतिबंधित गतिविधियों की स्पष्ट सूची, अन्य गतिविधियों के लिए व्यापक अवसर

प्रस्तावित संशोधन के अनुसार विभिन्न भूमि उपयोग श्रेणियों में केवल निर्धारित निषिद्ध गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाएगा। संबंधित भूमि उपयोग श्रेणी की Negative List में शामिल नहीं होने वाली गतिविधियों को अनुमत माना जाएगा। इससे वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में विकसित होने वाली नई गतिविधियों के लिए भी अधिक व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।

प्रस्ताव में आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक, सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, परिवहन, आमोद-प्रमोद तथा कृषि भूमि उपयोग के लिए अलग-अलग निषिद्ध गतिविधियों की सूची निर्धारित की गई है। इससे प्रत्येक क्षेत्र की प्रकृति, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और विकास की जरूरतों के अनुरूप स्पष्ट नियामकीय व्यवस्था विकसित होगी।

आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा और पर्यावरण को प्राथमिकता

आवासीय भूमि उपयोग के अंतर्गत प्रदूषणकारी उद्योगों, बड़े भंडारण, कबाड़खानों, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण, गैस गोदाम, पशुपालन एवं मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन जैसी गतिविधियों को निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है। इससे आवासीय क्षेत्रों की सुरक्षा, पर्यावरणीय गुणवत्ता और बेहतर जीवन-परिस्थितियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

विकास को गति देने छत्तीसगढ़ में भूमि उपयोग नियमों में बड़ा बदलाव

वाणिज्यिक भूमि उपयोग में नारंगी, लाल एवं नीली श्रेणी के उद्योगों, खतरनाक एवं विषाक्त रसायनों तथा विस्फोटक पदार्थों के भंडारण सहित पशुपालन, मछली पालन, डेयरी एवं कुक्कुट पालन, दाह संस्कार/कब्रिस्तान तथा खनन गतिविधियों को निषिद्ध करने का प्रावधान किया गया है।

वहीं औद्योगिक भूमि उपयोग में पूर्णतः आवासीय टाउनशिप, अनुमत कर्मचारी आवास को छोड़कर छात्रावास एवं शयनागार, विद्यालय, संक्रामक रोग अस्पताल, कारागार, बड़े परिवहन टर्मिनल, थोक व्यापार, तेल डिपो, पेट्रोलियम एवं ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण, गैस गोदाम तथा पर्यावरण के प्रति संवेदनशील और असंगत गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का प्रस्ताव है।

कृषि, सार्वजनिक और परिवहन क्षेत्रों के लिए भी स्पष्ट व्यवस्था

कृषि भूमि उपयोग में आवासीय अभिन्यास, किफायती जन आवास एवं एकीकृत उपनगर को छोड़कर बड़े वाणिज्यिक परिसर, खतरनाक वाणिज्यिक उपयोग, विभिन्न श्रेणी के उद्योग, उच्च घनत्व वाली आवासीय योजनाएं तथा बड़े मॉल जैसी गतिविधियों को निषिद्ध रखने का प्रस्ताव है।

इसी प्रकार सार्वजनिक एवं अर्द्ध-सार्वजनिक, परिवहन तथा आमोद-प्रमोद भूमि उपयोग के लिए भी असंगत, प्रदूषणकारी, खतरनाक एवं अत्यधिक भारी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से निषिद्ध किया गया है। इससे निर्धारित भूमि उपयोग और संबंधित क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।

नई अर्थव्यवस्था और बदलती जरूरतों के अनुरूप नियोजन

तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था के साथ नई सेवाओं, संस्थाओं, व्यवसायों और तकनीकी गतिविधियों के स्वरूप भी लगातार विकसित हो रहे हैं। ऐसे में पहले से तय गतिविधियों की लंबी सूची के बजाय स्पष्ट रूप से निर्धारित निषिद्ध गतिविधियों के आधार पर नियमन करने से नई और उभरती गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

प्रस्तावित व्यवस्था से अनावश्यक अनुपालन बोझ कम होने के साथ विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही निवेशकों के लिए अधिक स्पष्ट और पूर्वानुमानित नियामकीय वातावरण तैयार होगा। इससे प्रदेश के शहरों और कस्बों में नियोजित विकास को बढ़ावा देने के साथ आवास, व्यापार, सेवाओं और अधोसंरचना से जुड़ी बदलती जरूरतों को पूरा करने में भी सुविधा होगी।

नागरिकों और संबंधित पक्षों से मांगे गए सुझाव

प्रस्तावित संशोधन पर नागरिकों एवं संबंधित पक्षों से आपत्ति और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से 15 दिवस की अवधि में प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर शासन द्वारा विचार किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमों में प्रस्तावित संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा।

भूमि उपयोग नियमों में प्रस्तावित यह बदलाव छत्तीसगढ़ में सरल नियमन, कम अनुपालन बोझ, स्पष्ट नियोजन और विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार है। इससे प्रदेश की बदलती विकास आवश्यकताओं के अनुरूप नियोजन व्यवस्था को अधिक लचीला और भविष्य के लिए तैयार बनाने में मदद मिलेगी।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रकृति संरक्षण और मातृ सम्मान का संदेश

 केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती के जेठा में किया पौधरोपण

केंद्रीय मंत्री  चौहान ने लगाया कदम और मुख्यमंत्री  साय ने बादाम का पौधा

पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की प्रेरक पहल है ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान

रायपुर - पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का संदेश देते हुए केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा स्थित कॉलेज ग्राउंड में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया।

केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कदम का पौधा और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बादाम का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान की भावना को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ता है। अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी माँ के सम्मान में पौधा लगाने के साथ ही उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पौधरोपण के साथ पौधों की देखभाल और उन्हें वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी का भाव भी इस अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को केवल शासकीय प्रयास तक सीमित न रखते हुए उसे जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देने की पहल है। अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता से हरियाली बढ़ाने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण का संदेश अभियान के माध्यम से दिया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से देशभर में नागरिकों को पौधरोपण से जोड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में सक्ती जिले में केंद्रीय मंत्री  चौहान और मुख्यमंत्री  साय द्वारा किया गया पौधरोपण प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, बिलासपुर संभागायुक्त  सुनील जैन, विकसित भारत जीरामजी के आयुक्त  तारण प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर जयश्री जैन, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ  वासु जैन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

मिशन अमृत 2.0 : चार शहरों में तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 22.18 करोड़ स्वीकृत

मिशन अमृत 2.0 : चार शहरों में तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 22.18 करोड़ स्वीकृत

 बेमेतरा, जशपुर, डोंगरगढ़ और कांकेर में सहेजे जाएंगे तालाब, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल संवर्धन को मिलेगी मजबूती

शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित बनाने सरकार प्रतिबद्ध – उप मुख्यमंत्री  अरुण साव

रायपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राज्य के 4 शहरों में तालाबों के पुनर्जीवन के लिए 22 करोड़ 18 लाख रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय क्षेत्रों में जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने मिशन अमृत 2.0 के तहत बेमेतरा, जशपुर, डोंगरगढ़ और कांकेर के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा चारों शहरों में इन कार्यों के लिए आज प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

राज्य शासन द्वारा शहरों में तालाबों को पुनर्जीवित करने और उनके जीर्णोद्धार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मिशन अमृत 2.0 के वॉटर बॉडी रिज्यूविनेशन घटक के अंतर्गत 4 शहरों के लिए कुल 22 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। सूडा द्वारा स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों के पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और भूजल संवर्धन की मजबूती के काम किए जाएंगे।

मिशन अमृत (अटल शहरी नवीकरण एवं परिवर्तन मिशन) 2.0 के तहत सूडा द्वारा जशपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-9 में सती तालाब के पुनर्जीवन के लिए 4 करोड़ 17 लाख रुपए, कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-19, अघननगर में दुधावा तालाब के लिए 5 करोड़ 4 लाख रुपए, अहिवारा नगर पालिका में छटवा तालाब के लिए 9 करोड़ 60 लाख रुपए तथा डोंगरगढ़ नगर पालिका में सिंघोला बांधा तालाब के पुनर्जीवन के लिए 3 करोड़ 38 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। स्वीकृत राशि में इन परियोजनाओं के 5 वर्षों के संचालन एवं संधारण (O&M) के प्रावधान भी शामिल है। इनके निर्माण कार्यों की निगरानी भारत सरकार द्वारा नियुक्त थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट रिव्यू एंड मॉनिटरिंग एजेंसी (IRMA) द्वारा की जाएगी।

चारों कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने चारों निकायों में कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ, हरित और जल-सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 'अमृत मिशन 2.0' का मुख्य उद्देश्य हमारे पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना और नगरीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाना है। अहिवारा, कांकेर, जशपुरनगर और डोंगरगढ़ में स्वीकृत ये 4 परियोजनाएं न केवल हमारे प्राकृतिक जल निकायों का अस्तित्व बचाएंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव रखेंगी।

जल स्रोतों के संरक्षण और भूजल संवर्धन को मिलेगी मजबूती

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तालाब केवल जल संग्रहण के साधन नहीं हैं, बल्कि वे शहरों के पर्यावरणीय संतुलन और भूजल स्तर को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।  बोरा ने कहा कि इन तालाबों के पुनर्जीवन से जल संरक्षण और भूजल संवर्धन को मजबूती मिलेगी तथा नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं और पर्यावरणीय गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। उन्होंने चारों निकायों को सभी कार्यों को निर्धारित मापदंडों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार सुनिश्चित करने को कहा है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ति जिले में 121.70 करोड़ रुपए के 38 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ति जिले में 121.70 करोड़ रुपए के 38 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

 सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े विकास कार्यों से क्षेत्र में बढ़ेंगी सुविधाएं

रायपुर- केंद्रीय ग्रामीण विकास, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सक्ती जिले के ग्राम जेठा में आयोजित कार्यक्रम में जिले को लगभग 122 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। दोनों अतिथियों ने 121 करोड़ 70 लाख रुपए से अधिक की लागत के कुल 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

इनमें लगभग 79.25 करोड़ रुपए की लागत के 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा लगभग 42.46 करोड़ रुपए की लागत के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन कार्यों से जिले में सड़क संपर्क के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, प्रशासनिक और ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में लगभग 25.82 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा, बरतुंगा, तुलसीडीह, अण्डा, चरौदा होते हुए सपिया नहरपार तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तथा लगभग 15.30 करोड़ रुपए की लागत से छुहीपाली से कटेकोनी बड़े-कर्राखई-ठाकुरपाली होते हुए सेमराडीह तक 12 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण शामिल है। इसके साथ ही अण्डी-किरकार-जगमहन से सातबहिनिया तक सड़क, नगझर-नवापारा मार्ग और गुरेराडीह किरारी से केसला मुख्य मार्ग सहित विभिन्न सड़क परियोजनाओं का भूमिपूजन किया गया।

शिक्षा और युवाओं के लिए शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती के नवीन भवन, बेदराम शासकीय महाविद्यालय मालखरौदा में अतिरिक्त भवन तथा नवीन लाइवलीहुड संस्थान भवन का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न ग्रामों में उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तथा महिलाओं के लिए महतारी सदनों के निर्माण कार्यों की भी आधारशिला रखी गई।

लोकार्पित प्रमुख कार्यों में लगभग 14.35 करोड़ रुपए की लागत से मालखरौदा क्षेत्र में कलमी नहरपार से चिखली, छोटेकोट, बड़ेकोट, सिंघरा होते हुए बेल्हाडीह तक सड़क तथा लगभग 11.35 करोड़ रुपए की लागत से देवरघटा से कठरापाली, निमोही, सिंघीतराई, बेनीपाली होते हुए ओड़ेकेरा मुख्य मार्ग तक पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण शामिल है। बुंदेली-अड़भार मार्ग का भी लोकार्पण किया गया।

इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत स्थापित सोलर ड्यूल पंप, चन्द्रपुर एवं हसौद के नवीन तहसील कार्यालय भवन, डभरा, चन्द्रपुर एवं जैजैपुर के नवीन पुलिस थाना भवन, अड़भार पुलिस चौकी भवन, सुलौनी हाईस्कूल भवन, गोपालपुर प्रशिक्षण भवन तथा गोबरा में महतारी सदन सहित अन्य विकास कार्य जनता को समर्पित किए गए।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  कमलेश जांगड़े सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना किया साकार : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री  चौहान

पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मिल रही नई मजबूती : मुख्यमंत्री  साय

छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात

सक्ती में खुलेगा कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर में पीएम आवास सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर तक बढ़ी

केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने 2 लाख नवनिर्मित आवासों में कराया गृह प्रवेश

ग्रामीण विकास के कई नवाचारों और अभियानों का शुभारंभ, उत्कृष्ट लखपति दीदियों एवं पंचायतों का हुआ सम्मान

रायपुर- छत्तीसगढ़ में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने की दिशा में आज एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ा। सक्ती में आयोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के राज्यस्तरीय गृह प्रवेश समारोह में 2 लाख नवनिर्मित आवासों का गृह प्रवेश कराया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से उनके नए घरों की चाबी सौंपी गई।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की बड़ी सौगात दी। उन्होंने नवगठित सक्ती जिले में कृषि विज्ञान केंद्र खोलने तथा बस्तर संभाग में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे की समय-सीमा 31 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाने की घोषणा भी की। केंद्रीय मंत्री  चौहान ने अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति संबंधी पत्र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को सौंपा।

छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पीएम आवास हो रहे पूर्ण : केंद्रीय मंत्री श्री चौहान

केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण इसी संकल्प को जमीन पर साकार करने वाली महत्वपूर्ण योजना है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है और प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों की सराहना की।

केंद्रीय मंत्री  चौहान ने कहा कि सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के आवास, सड़क, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से गरीब परिवारों को केवल पक्की छत ही नहीं मिल रही, बल्कि उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, निःशुल्क राशन, स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से उनके जीवन में व्यापक बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिलकर कर रहे काम

केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। प्रदेश अब केवल धान के कटोरे के रूप में ही नहीं, बल्कि तेजी से सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बना रहा है। किसानों की आय बढ़ाने, कृषि में आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि सक्ती में कृषि विज्ञान केंद्र की स्थापना से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती, फसल विविधीकरण और कृषि संबंधी वैज्ञानिक मार्गदर्शन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगा।

गरीब का पक्का घर हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री  साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि श्री चौहान का छत्तीसगढ़ के प्रति विशेष स्नेह रहा है और उनके प्रत्येक प्रवास से प्रदेश को विकास की नई सौगातें मिली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आज अपने नए पक्के घर में प्रवेश कर रहे 2 लाख हितग्राही परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। राज्य सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि आवास सर्वे-2011 और आवास प्लस सर्वे के अंतर्गत आवासों के लक्ष्य की स्वीकृति मिल चुकी है। अब आवास प्लस-प्लस सर्वे में शामिल शेष पात्र परिवारों के लिए भी आवास स्वीकृत करने का अनुरोध केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से किया गया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

13.85 लाख बहनें बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में हमारी माताओं-बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और बिहान के माध्यम से महिलाओं को आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे बड़े बदलाव का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को लाभान्वित किया जा रहा है और अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है। महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि बिजली बिल समाधान योजना के अंतर्गत अब तक 750 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया बिजली बिल माफ किए जा चुके हैं।

ग्रामीण विकास के कई अभिनव अभियानों का शुभारंभ

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित 2 लाख आवासों के गृह प्रवेश के साथ ही विभिन्न ग्रामीण विकास अभियानों और नवाचारों का भी शुभारंभ किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश की चाबी प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत एआई आधारित जियो-टैग सत्यापन का शुभारंभ किया गया। विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बाड़ी’ अभियान प्रारंभ किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 270 नवीन इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टरों का विमोचन किया गया। साथ ही इन्क्यूबेशन प्रोग्राम ‘अथ उद्यमिता की ओर’ के अंतर्गत चैलेंज फंड इवेंट का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम में आजीविका के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली लखपति दीदियों एवं डीलर दीदियों तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली पंचायतों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया।

अंत्योदय के संकल्प के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ :  तोखन साहू

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय का चिंतन सरकार के लिए मार्गदर्शक है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसी भावना के अनुरूप गरीब, किसान, महिला और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में विकास को नई गति मिली है और गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही रोजगार एवं आजीविका के अवसर भी बढ़ रहे हैं।

कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद 11.50 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे। गरीब परिवारों के साथ नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों के आवास की भी चिंता की जा रही है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। गांवों में शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है। 26 जनवरी 2027 तक प्रदेश के प्रत्येक विद्यालय में बालिका शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मुक्तिधाम शेड और आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण भी वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत कराया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों पर बारकोड लगाया जा रहा है। नागरिक इसे स्कैन कर संबंधित विकास कार्य की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीण विकास में पारदर्शिता बढ़ने के साथ आम नागरिक भी विकास कार्यों की निगरानी में सहभागी बनेंगे।

कार्यक्रम के अंत में जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर सांसद कमलेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष द्रौपती कीर्तन चंद्रा सहित जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, लखपति दीदियां, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

भंडारा हादसे पर CM साय का बड़ा ऐलान, मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार

भंडारा हादसे पर CM साय का बड़ा ऐलान, मृतकों के परिजनों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार

 रायपुर: महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने छत्तीसगढ़ को झकझोर कर रख दिया है। पोला उत्सव में शामिल होने नागपुर जा रहे छत्तीसगढ़ के लोगों से भरी गाड़ी ट्रक से टकरा गई। हादसे में तीन बच्चों समेत 9 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इस दर्दनाक घटना के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ा फैसला लेते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। 

पोला की खुशियां मातम में बदलीं

महाराष्ट्र के भंडारा जिले में शुक्रवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। नागपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर पिंपलगांव के पास ट्रक और बोलेरो/पिकअप वाहन की भीषण टक्कर हुई। शुरुआती रिपोर्टों में 8 मौतों की जानकारी थी, जबकि बाद में मृतक संख्या बढ़कर 9 बताई गई।

मुख्यमंत्री साय ने बढ़ाया मदद का हाथ

हादसे की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख और घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के उपचार और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।

भंडारा पहुंची छत्तीसगढ़ शासन की टीम

हादसे के बाद छत्तीसगढ़ शासन की टीम भंडारा पहुंच चुकी है। टीम महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है। घायलों के उपचार, मृतकों की पहचान और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया में अधिकारी जुटे हैं।

गंभीर घायलों को नागपुर किया जा रहा रेफर

हादसे में घायल लोगों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर घायलों के बेहतर उपचार के लिए नागपुर में समुचित चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

आधी रात का हादसा बना काल

यह दुर्घटना भंडारा जिले के लाखनी क्षेत्र में पिंपलगांव रोड के पास हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वाहन ट्रक से टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और राहत-बचाव कार्य में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।

तीन मासूमों की भी मौत

दुर्घटना में तीन बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। इस खबर के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के संबंधित इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारों के लिए यह हादसा जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया है।

कवर्धा और खैरागढ़ से जुड़े मृतक

उपलब्ध जानकारी के अनुसार मृतकों में कवर्धा जिले के लोहारा क्षेत्र और खैरागढ़-चिचोला क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं। हादसे की सूचना संबंधित गांवों और परिवारों तक पहुंचते ही वहां मातम का माहौल बन गया।

सामने आए मृतकों के नाम

उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक जिन मृतकों के नाम सामने आए हैं, उनमें—

जंबाई रामावतार वर्मा, भांडेवाड़ी, नागपुर

मीनाक्षी राजकुमार वर्मा

धैर्य रूपेश उये, उम्र 4 वर्ष, चिचोला

स्वीटी रूपेश उइके, उम्र 6 वर्ष, चिचोला

गायत्री रूपेश उइके, उम्र 30 वर्ष, चिचोला

गणेशिया अरावत पटेल, उम्र 22 वर्ष, बांधटोला, कवर्धा

सरिता विजय वर्मा, उम्र 30 वर्ष, लोहारा, कवर्धा

मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल 7 मृतकों के नाम सामने आए हैं। शेष मृतकों की पहचान और नाम की आधिकारिक पुष्टि होने के बाद जानकारी अपडेट की जाएगी।

हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में शोक

नागपुर-रायपुर हाईवे पर हुए इस हादसे की खबर छत्तीसगढ़ पहुंचते ही संबंधित क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। तीन मासूम बच्चों समेत 8 लोगों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है।

साय सरकार का संवेदनशील संदेश

मुख्यमंत्री साय के निर्देश के बाद सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। शासन की टीम मौके पर रहकर घायलों के उपचार और परिजनों की मदद के लिए महाराष्ट्र प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है।

LPG Booking : राहत की खबर, एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए 45 दिन की टाइम लिमिट हुई समाप्त, जानिए अब कब कर पाएंगे बुकिंग…

LPG Booking : राहत की खबर, एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के लिए 45 दिन की टाइम लिमिट हुई समाप्त, जानिए अब कब कर पाएंगे बुकिंग…

 बिलासपुर। ग्रामीण और घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। पेट्रोलियम कंपनियों ने गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर बड़ा बदलाव किया है। पहले जहां अगले सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिनों का इंतजार करना पड़ता था, अब यह समय सीमा घटाकर 25 दिन कर दी गई है। यानी पिछली डिलीवरी के 25 दिन पूरे होने के बाद उपभोक्ता ऑनलाइन अगले सिलेंडर की बुकिंग करा सकेंगे। इस बदलाव से खासकर बड़े परिवारों और ज्यादा गैस खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच छिड़े युद्ध के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई लगातार बाधित हो रही थी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बने संकट के बाद एलपीजी की खपत को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने निर्माता कंपनियों के लिए जरुरी गाइड लाइन जारी किया था। नए सिलेंडर की बुकिंग के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

मिलेगी राहत, त्योहारी सीजन में सिलेंडर की चिंता होगी दूर

बड़े परिवार में एलपीजी सिलेंडर जल्दी खत्म होने की स्थिति में नई बुकिंग के लिए लंबा इंतजार करना मुश्किल के अलावा आर्थिक रूप से झटका लगता था। त्योहारी सीजन में अचानक गैस की खपत बढ़ने पर भी उपभोक्ता समय पर अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे। इससे रसोई गैस की संभावित किल्लत की चिंता भी कम होगी।

तीन लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सवा 3 लाख के करीब एलपीजी उपभोक्ता हैं। 45 दिनों की बुकिंग व्यवस्था के कारण अधिक खपत वाले परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब 25 दिन की अवधि लागू होने से इन उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। पेट्रोलियम कंपनियों ने बुकिंग प्रक्रिया को भी पहले की तरह सुविधाजनक रखा है, जिससे उपभोक्ता फोन और डिजिटल माध्यम से आसानी से सिलेंडर बुक करा सकेंगे।

पेट्रोलियम कंपनी ने 45 दिनों की समय-सीमा को समाप्त कर पूर्व की व्यवस्था लागू कर दी है। अब सभी गैस एजेंसियों के उपभोक्ताओं को 25 दिन के बाद अगला गैस सिलेंडर बुक कराने की सुविधा मिलेगी।

सेवानिवृत्ति प्रकरणों के त्वरित निपटारे और रिक्त पदों पर भर्ती के दिए निर्देश-मुख्य सचिव

सेवानिवृत्ति प्रकरणों के त्वरित निपटारे और रिक्त पदों पर भर्ती के दिए निर्देश-मुख्य सचिव

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार साधक सचिवों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। उन्होंने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सेवा निवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के प्रकरणों का निराकरण उनकी सेवानिवृत्ति से पहले ही सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए विभागवार नियतकालिक सूची तैयार करने के निर्देश सचिवों को दिए।

बैठक में विभागों में रिक्त पदों तथा बैकलॉग के पदों पर सेटअप तैयार कर त्वरित भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।

बैठक में लोक सेवा गारंटी, सूचना का अधिकार, सेवा सेतु, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन और ग्रामीण विकास की योजनाओं की समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अब तक लगभग 728 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं। अधिकारियों-कर्मचारियों को आईजीओटी प्लेटफॉर्म के तहत विभाग की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को प्रतिमाह 1 से 3 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों से संबंधित रि$फॉर्म (सुधार) की जानकारी तैयार करने को कहा, जिसका प्रदर्शन आगामी दिनों में आयोजित होने वाले रिफॉर्म उत्सव अभियान में किया जाएगा।
केंद्रीय खेल एवं युवा मंत्रालय के मेरा युवा भारत पोर्टल पर राज्य के स्कूलों व कॉलेजों के 15 से 29 वर्ष के युवाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिला समन्वयकों और प्राचार्यों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने को कहा गया है। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव  शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव  सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भंडारा सड़क दुर्घटना पर जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री के निर्देश पर घायलों और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अधिकारियों की टीम रवाना

रायपुर 11 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महाराष्ट्र के भंडारा जिले में नागपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई भीषण सड़क दुर्घटना में छत्तीसगढ़ के नागरिकों के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से निरंतर समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित उपचार और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ से अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल के लिए भेज दी गई है। छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।

हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिले, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिले, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 हर पात्र परिवार को समय पर और पूरा राशन मिले, किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में राशन वितरण की नियमित निगरानी के निर्देश

आमानारा में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया

रायगढ़ कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर ली जानकारी, पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश

शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान निलंबित, चिड़ोडी की राशन दुकान से की गई वैकल्पिक व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा – ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति न हो, खाद्य विभाग और जिला प्रशासन सुनिश्चित करें

रायपुर 11 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को उसके अधिकार का पूरा राशन समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राशन वितरण में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर तत्काल कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही तक निर्धारित मात्रा में और समय पर पहुंचे, यह संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में अधिकारी अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ राशन की उपलब्धता और वितरण की निगरानी करें।

मुख्यमंत्री  साय ने रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आमानारा गांव में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने रायगढ़ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और प्रभावित पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से कहा कि शिकायत से जुड़े वितरण अभिलेखों की समुचित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार अपने हक के खाद्यान्न से वंचित न रहे। ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और हितग्राहियों को वास्तव में दिए गए खाद्यान्न का मिलान कर किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जिला कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री श्री साय को अवगत कराया कि शिकायत सामने आते ही मामले की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पहाड़ी कोरवा परिवारों एवं अन्य हितग्राहियों को राशन मिलने में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में चिड़ोडी की राशन दुकान से संबद्ध किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के साथ ही जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सतत निगरानी की जाए, ताकि ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। हर हितग्राही को समय पर और गुणवत्ता के साथ राशन वितरण सुनिश्चित हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सहज, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से पहुंचाना हमारी सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। प्रत्येक पात्र परिवार को उसका अधिकार बिना किसी बाधा के मिले, इसके लिए अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही के साथ कार्य करें।

विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री साय

विकास कार्यों में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं, तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री साय

 00 सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

00 खामभाठा में निर्माणाधीन पुल से बच्चों और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया

00 गरियाबंद कलेक्टर से दूरभाष पर ली जानकारी, निश्चित समयसीमा में पुल निर्माण पूरा कराने के निर्देश
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में जनसुविधा से जुड़े विकास एवं निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी और कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों की नियमित निगरानी करें और जहां भी कार्य की गति धीमी है, वहां बाधाओं को तत्काल दूर कर काम में तेजी लाएं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। विशेष रूप से सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों में लेटलतीफी को गंभीरता से लिया जाएगा और अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड अंतर्गत खामभाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के कारण स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी की जानकारी मिलते ही इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने गरियाबंद कलेक्टर श्री रणबीर शर्मा से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली और निश्चित समयसीमा तय कर पुल का निर्माण गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही लेटलतीफी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण पूरा होने तक स्कूली बच्चों और क्षेत्रवासियों को किसी भी परिस्थिति में जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े, इसके लिए जिला प्रशासन तत्काल सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन पुल स्थल पर सुरक्षा के सभी आवश्यक प्रबंध तत्काल करने के निर्देश दिए। उन्होंने खुले एवं खतरनाक तरीके से लगे सरियों को सुरक्षित करने, गहरे गड्ढों और अन्य जोखिमपूर्ण स्थानों को दुरुस्त करने तथा आवश्यकता के अनुसार बैरिकेडिंग सहित सभी जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण में आ रही बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाए और कार्य में तेजी लाई जाए। अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृत विकास कार्यों का लाभ नागरिकों को निर्धारित समय पर मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुविधा और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं की मंजूरी से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : चौधरी

रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं की मंजूरी से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगी नई गति : चौधरी

 00 10,783 करोड़ की लागत से विभिन्न राज्यों में तीन रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी

रायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कैबिनेट ने देश के विभिन्न राज्यों में 10,783 करोड़ रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें छत्तीसगढ़ से जुड़ी बिलासपुर (उसलापुर) - पेंड्रा रोड तीसरी रेल लाइन तथा कटनी-पेंड्रा रोड चौथी रेल लाइन परियोजनाएं प्रदेश के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

वित्त मंत्री ने केंद्रीय कैबिनेट के इस महत्वपूर्ण निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इन रेलवे परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और आवागमन तथा माल परिवहन की क्षमता में विस्तार होगा। इससे प्रदेश के औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए निरंतर महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दे रही है। रेलवे अधोसंरचना का विस्तार प्रदेश की विकास यात्रा को और अधिक गति प्रदान करेगा। चौधरी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समस्त छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया।