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नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन : कृषि मंत्री नेताम

नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को कम लागत में मिलेगा बेहतर उत्पादन : कृषि मंत्री नेताम

 रायपुर: पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। वर्तमान में राज्य में 9.29 लाख मीट्रिक टन विभिन्न प्रकार के रासायनिक खाद का स्टॉक गोदामों और सोसायटियों में उपलब्ध है। जबकि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रयास से केन्द्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को इस खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। राज्य सरकार किसानों के धान बुआई एवं उत्पादन प्रभावित न हो इस उद्देश्य से तरल नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का स्टॉक भी समानांतर रूप से भण्डारित करने की रणनीति पर भी कार्य कर रही है।

वहीं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किसानों को नैनो डीएपी उर्वरक के उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। कृषि क्रांति की ओर एक कदम” अभियान के अंतर्गत नैनो डीएपी को फॉस्फोरस एवं नाइट्रोजन युक्त उन्नत तरल उर्वरक के रूप में किसानों के बीच प्रचारित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में अधिक एवं संतुलित उत्पादन प्राप्त किया जा सके।

कृषि विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार नैनो डीएपी के उपयोग से किसानों को संतुलित पोषण, बेहतर परिणाम एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ठोस डीएपी पर निर्भरता में कमी आएगी तथा उर्वरक उपयोग की दक्षता में वृद्धि होगी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एक एकड़ क्षेत्र में परंपरागत डीएपी के उपयोग की तुलना में नैनो डीएपी के उपयोग से लागत में कमी संभव है। जहां 50 किलोग्राम डीएपी पर लगभग 1350 रुपये की लागत आती है, वहीं 25 किलोग्राम डीएपी एवं 500 मिली नैनो डीएपी के संयुक्त उपयोग से लगभग 1275 रुपये की लागत आती है।

कृषि विभाग ने नैनो डीएपी के उपयोग की वैज्ञानिक विधि भी किसानों को बताई है। प्रथम चरण में आधार खाद के रूप में 25 किलोग्राम डीएपी अथवा 75 किलोग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट अथवा 38 किलोग्राम 12-32-16 मिश्रित उर्वरक का उपयोग करने की सलाह दी गई है। दूसरे चरण में बीज उपचार हेतु 150 मिली नैनो डीएपी को 3 लीटर पानी में मिलाकर बीज उपचार करने तथा पौध उपचार हेतु 250 मिली नैनो डीएपी को 50 लीटर पानी में घोलकर पौधों की जड़ों को उपचारित करने की जानकारी दी गई है। तीसरे चरण में फसल रोपाई के लगभग 30 दिन बाद 250 मिली नैनो डीएपी को 125 लीटर पानी में मिलाकर खड़ी फसल में छिड़काव करने की सलाह दी गई है।

मंत्री  नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।

कृषि मंत्री  नेताम ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश के गोदामों एवं समितियों में लगभग 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो।

कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर नैनो डीएपी का उपयोग करने तथा उर्वरक प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की है, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ खेती की लागत को भी कम किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर बन रहा हाई-टेक उद्योगों का नया केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर बन रहा हाई-टेक उद्योगों का नया केंद्र

 रायपुर: छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) को मंजूरी मिल गई है। पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग आधारित एसईजेड स्थापित करने की स्वीकृति मिली है, जहां सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।

यह परियोजना इसलिए खास है क्योंकि इसके जरिए छत्तीसगढ़ में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होगा। इसके साथ ही राज्य तकनीक आधारित और उच्च मूल्य वाले उद्योगों की नई दुनिया में कदम रखेगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ तकनीक आधारित निवेश और आधुनिक विनिर्माण का नया केंद्र बनकर उभरेगा।

नवा रायपुर में बनने वाला यह विशेष आर्थिक क्षेत्र राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने, नए निवेश आकर्षित करने और छत्तीसगढ़ को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही कौशल विकास, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

अनुमान है कि इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य में कुशल युवाओं के लिए हाई-टेक उद्योगों में काम करने के नए रास्ते खुलेंगे और तकनीकी कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों के लिए बन रहे सकारात्मक माहौल का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और निवेश अनुकूल नीतियों के जरिए भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत वातावरण तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “सेमीकंडक्टर तकनीक भविष्य की जरूरत है। नवा रायपुर में राज्य का पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होना केवल उद्योग की शुरुआत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा, तकनीकी कौशल बढ़ेगा और राज्य नई औद्योगिक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा।”

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) की LEADS 2025 रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को स्थलरुद्ध राज्यों की श्रेणी में “हाई परफॉर्मर” माना गया है। यह राज्य की बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, औद्योगिक संपर्क और निर्यात क्षमता को दर्शाता है। नवा रायपुर का यह नया एसईजेड छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

खरीफ की तैयारी में किसानों को नहीं होगी परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खरीफ की तैयारी में किसानों को नहीं होगी परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खेतों की जुताई के लिए ट्रैक्टरों तथा सिंचाई पंपों हेतु किसानों को आवश्यकता अनुसार डीजल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।

मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और खरीफ सीजन की तैयारी में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने खाद्य विभाग, जिला प्रशासन तथा ऑयल कंपनियों को निर्देशित किया है कि किसानों को डीजल समय पर और बिना किसी कठिनाई के उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा है कि आगामी खरीफ सीजन में खेती के लिए किसानों को डीजल सुगमता से प्राप्त हो, इसका ध्यान सभी ऑयल कंपनी और जिला प्रशासन द्वारा विशेष रूप से रखा जाये।

उल्लेखनीय है कि खाद्य विभाग द्वारा 22 मई 2026 को जारी निर्देशानुसार पेट्रोल एवं डीजल के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों से ड्रम एवं जरीकेन में ईंधन प्रदाय पर प्रतिबंध लगाया गया है।हालांकि किसानों की जरूरतों और खरीफ सीजन की तैयारियों को देखते हुए इस व्यवस्था में आवश्यक छूट प्रदान की गई है, ताकि खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई कार्य बाधित न हों।

खाद्य सचिव  रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी है कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल एवं डीजल की उपलब्धता पर्याप्त है। वर्तमान में प्रदेश में 4 करोड़ 03 लाख लीटर पेट्रोल तथा 5 करोड़ 55 लाख लीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। वहीं, 24 मई 2026 को राज्य को 23 लाख 33 हजार लीटर पेट्रोल तथा 62 लाख 40 हजार लीटर डीजल प्राप्त हुआ है। राज्य में आवश्यकतानुसार पेट्रोल एवं डीजल की नियमित आपूर्ति जारी है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर किसानों को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों की जुताई, बोवाई और सिंचाई के लिए किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों को आवश्यक समन्वय और सतत निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

 

राजस्व प्रकरणों का तय समय-सीमा में हो निराकरण: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

राजस्व प्रकरणों का तय समय-सीमा में हो निराकरण: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज रायपुर तहसील कार्यालय और नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस अचानक दौरे से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों के निपटारे में कछुआ गति और लापरवाही सामने आने पर मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने आम जनता से जुड़े नामांतरण, त्रुटि सुधार, सीमांकन और बंटवारे जैसे संवेदनशील प्रकरणों में हो रहे विलंब को लेकर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और इन्हें शीघ्र निपटाने के कड़े निर्देश दिए। विशेष रूप से डायवर्सन (व्यपवर्तन) के मामलों में बेहद धीमी प्रगति पाए जाने पर मंत्री ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) रायपुर को जमकर फटकार लगाई।

​कार्यालयों में साफ-सफाई और फाइलों के रखरखाव दुरुस्त करने के निर्देश

​निरीक्षण के दौरान राजस्व मंत्री ने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने परिसर में फैली गंदगी और फाइलों के अव्यवस्थित रखरखाव पर अप्रसन्नता व्यक्त की। मंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि आम जनता की सुविधा के लिए कार्यालय में स्वच्छ वातावरण और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, साथ ही सभी शासकीय दस्तावेजों व फाइलों को पूरी तरह व्यवस्थित रखा जाए।

​विभिन्न शाखाओं और कोर्ट का सघन निरीक्षण

तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली को बारीकी से समझने के लिए राजस्व मंत्री स्वयं भुइयां शाखा, कानूनगो शाखा, WBN शाखा और मालजमादार शाखा पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों का भी सघन निरीक्षण किया। अदालती कार्यवाही की समीक्षा करते हुए उन्होंने साफ कहा कि राजस्व कोर्ट में सुनवाई निरंतर होनी चाहिए ताकि तारीख-पे-तारीख के चक्कर में आम जनता को परेशान न होना पड़े। लोग सुबह से आकर शाम तक बैठे रहते हैं और सुनवाई किए बिना अगली तारीख दे दी जाती है, यह रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​लंबित मामलों को शून्य करने का लक्ष्य

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आंकड़ों का ब्यौरा देते हुए बताया कि तहसील में अब तक दर्ज कुल 65,390 मामलों में से 64,702 का निराकरण किया जा चुका है और वर्तमान में केवल 688 मामले लंबित हैं। इस पर मंत्री ने बचे हुए सभी लंबित मामलों को भी समय-सीमा के भीतर तत्काल शून्य करने का टारगेट दिया।

​जनता से सीधा संवाद और त्वरित निराकरण

​मंत्री ने न केवल फाइलों को खंगाला, बल्कि परिसर में मौजूद आम जनता के बीच पहुंचकर उनसे सीधा संवाद भी किया। उन्होंने लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनीं और मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

​संभाग आयुक्त को राजस्व कार्यों का रोडमैप तैयार करने के निर्देश

तहसील कार्यालय के बाद मंत्री ने नवीन संभाग आयुक्त कार्यालय का रुख किया। वहां उन्होंने लंबित राजस्व मामलों को समय-सीमा के भीतर निपटाने के लिए संभाग आयुक्त को निर्देशित किया। कामकाज में कसावट लाने और कप्तानी की निगरानी को मजबूत करने के साथ ही मंत्री ने संभाग आयुक्त को संभाग के सभी जिलों में राजस्व कार्यों की वास्तविक प्रगति का एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।

भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं के ले रहे जानकारी, करा रहे निराकरण: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

भीषण गर्मी में मुख्यमंत्री गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं के ले रहे जानकारी, करा रहे निराकरण: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

 रायपुर: प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी व श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने आज सोमवार को नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगलानगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित सुशासन तिहार शिविर को संबोधित करते हुये आज कहा कि प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जनसमस्याओं के निराकरण हेतु सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, मुख्यमंत्री साय स्वयं गांव-गांव, गली-गली घूमकर जनसमस्याओं से रूबरू हो रहे हैं, उनका निराकरण करा रहे हैं तथा प्रदेश में सम्पूर्ण सुशासन की सरकार की संकल्पना को साकार कर रहे हैं।

यहां उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के दिशा निर्देशों के अनुरूप सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ कोरबा जिले एवं नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्र में भी सुशासन तिहार मनाया जा रहा है तथा इसके अंतर्गत शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। आज निगम का सातवॉं व अंतिम सुशासन तिहार शिविर सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने शिविर में उपस्थिति प्रदान करते हुये महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, सभापति  नूतन सिंह ठाकुर आयुक्त  आशुतोष पाण्डेय तथा पार्षदों व जनप्रतिनिधियों के साथ शिविर में लगाये गये जिले के विभिन्न विभागों व नगर पालिक निगम केारबा के विभिन्न काउंटरों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर महापौर, सभापति व आयुक्त के साथ ही पार्षद नरेन्द्र देवांगन, भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा आदि जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। इस अवसर पर दिये गये अपने उद्बोधन में उद्योग मंत्री  देवंागन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने विगत 11 वर्षाे के अपने कार्यकाल में देश का सम्मान विश्व स्तर पर बढ़ाया है, जिसके लिये हम प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय अपने कार्याे व योजनाओं से लगातार जनकल्याण का कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि हमारी सरकार जनहितकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन पर विश्वास रखती है तथा सरकार जो कहती है, वह करती भी है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है, उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है तथा उनकी बरसों पुरानी समस्याएं दूर हो रही हैं। उन्होने कहा कि नगर निगम कोरबा क्षेत्र में बड़ी सफलता के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किा गया है, जिसके लिये मैं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर तथा निगम के सभी पार्षदों को बधाई देता हूॅं।

नगर पालिक निगम कोरबा के सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत विकास नगर में आयेाजित हुआ निगम का सुशासन तिहार शिविर

10 वर्ष की समस्याएं हो रही दूर 
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुये महापौर संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जगह-जगह जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जा रहे हैं तथा विगत 10 वर्ष की समस्याएं दूर की जा रही हैं। उन्होने कहा कि शासन प्रशासन का यह प्रथम लक्ष्य है कि जनताजनार्दन की सभी समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए, केवल कागजी कार्यवाही न हों। महापौर राजपूत ने आगे कहा कि कोरबा के सभी 67 वार्डाे मंे बिना किसी भेदभाव के बडे़ पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं तथा उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन इन कार्याे हेतु लगातार फंड की व्यवस्था करा रहे हैं।

इस अवसर पर सभापति  नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि यह हमारी सरकार है जो समस्याओं का निराकरण भी बडे़ उल्लास के साथ सुशासन तिहार के रूप में करती है, सुशासन तिहार का यह आयोजन जनताजनार्दन को एक अच्छा शासन प्रशासन देने का संकल्प है, वरिष्ठ पार्षद  नरेन्द्र देवांगन ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एक मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्याे व नीतियों से छत्तीसगढ़ में सुशासन स्थापित कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद है कि उन्होने मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक के लिये शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन कराया है, अब योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों को मिल रहा है, बिचौलिया प्रथा समाप्त हो गई है। उन्होने कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन कोरबा क्षेत्र के एक-एक विकास कार्याे पर एक-एक समस्याओं पर लगातार नजर रख रहे हैं तथा उनके उत्साहवर्धन के परिणाम स्वरूप अधिकारी कर्मचारी भी पूरे उत्साह के साथ कार्य कर रहे हैं।

आयुक्त ने सर्वमंगला नगर जोन व निगम के उपलब्धियों पर रखा प्रतिवेदन 

इस अवसर पर आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय ने सर्वमंगला नगर जोन के विकास कार्याे व नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा प्राप्त उपलब्धियों पर अपना विस्तृत प्रतिवेदन शिविर में रखा। उन्होने बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत वर्ष 2023 से अब तक 05 करोड़ 83 लाख रूपये की लागत से 54 कार्य स्वीकृत किये गये थे, जिनमें 28 कार्य पूर्ण हो गये हैं, 13 कार्य प्रगति पर है तथा 13 कार्य निविदा में हैं। इस मौके पर उन्होने प्रधानमंत्री आवास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना, सम्पत्तिकर व जलकर की वसूली, श्रद्धांजलि योजना, विभिन्न राशन कार्ड आदि से लाभान्वित कराये गये हितग्राहियों के संबंध में विस्तार से जानकारी शिविर में प्रस्तुत की। आयुक्त पाण्डेय ने इस मौके पर कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित हों, इसके लिये कलेक्टर  कुणाल दुदावत ने वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित की है, जो आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करा रही हैं, आयुक्त पाण्डेय ने आगे बताया कि सर्वमंगला नगर जोनांतर्गत मॉं सर्वमंगला मंदिर परिसर को प्लास्टिक फ्री जोन बनाया गया है, वहीं शहर के सबसे ज्यादा स्थलों को कचरा मुक्त स्थल बनाकर सजाया, संवारा गया है।

हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित 

शिविर के दौरान शासन के विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को योजनाओं के लाभ से लाभान्वित किया गया। उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत व उपस्थित अतिथियों द्वारा हितग्राही चन्द्रशेखर व विष्णु प्रसाद को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवासगृह की चाबी प्रदान की गई। इसी प्रकार हितग्राही शांता बाई व प्रभा यादव को राशन कार्ड, गोपी देवगन को वृद्धावस्था पेंशन तथा गौरीशंकर साहू व मोहनबाई रत्नाकर को श्रवण यंत्र प्रदान किये गये।

इस अवसर पर भानुमति जायसवाल, रामाधार पटेल, आरती सिंह, प्रेमप्रकाश साहू, बहत्तर सिंह कंवर, मुकुंद सिंह कंवर, रामकुमार साहू, मनीष मिश्रा, प्रफुल्ल तिवारी, माधव जायसवाल, अपर आयुक्त विनय मिश्रा, उपायुक्त पवन वर्मा, कार्यपालन अभियंता राकेश मसीह, जोन कमिश्नर सुनील टांडे, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी आदि के साथ नगर निगम कोरबा व जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी व जनप्रतिनिधिगण एवं काफी संख्या में आमनागरिकगण उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण का किया निरीक्षण, बैठक लेकर की प्रगति की गहन समीक्षा….

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण का किया निरीक्षण, बैठक लेकर की प्रगति की गहन समीक्षा….

 रायपुर: स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव क्षेत्र में चल रहे 146 करोड़ रुपए के भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण कार्य को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज भोरमदेव स्थित सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक ली। बैठक में रायपुर से पहुंचे पर्यटन विभाग के एम डी  विवेक आचार्य भी मौजूद रहे। बैठक के पहले उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, निर्माण एजेंसीज के इंजिनियर्स और ठेकेदारों के साथ पूरे प्रोजेक्ट एरिया का भ्रमण कर चल रहे कार्यों का विस्तार से मुआयना किया। जिसके पश्चात उन्होंने बैठक लेकर परियोजना के हर हिस्से पर चल रहे काम और आगे की कार्ययोजना की बारी-बारी समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मंदिर परिसर, प्रवेश द्वार, संग्रहालय, पर्यटक सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों के प्रोजेक्ट प्लान के अनुसार बेस वर्क, परिसर की लैंडस्केपिंग व वृक्षारोपण, सरोवर के सौंदर्यीकरण जैसे बिंदुओं पर मैराथन समीक्षा हुई।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यह परियोजना आने वाले कई सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है, इसलिए हर कार्य मजबूत, टिकाऊ और मानक अनुसार होना चाहिए। उन्होंने सख्त और स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए और इसके लिए पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन बढ़ाया जाए। किसी भी स्थिति में कार्य में देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य कोई समस्या आती है तो उसकी जानकारी तुरंत दी जाए, आवश्यक काम प्रभावित नहीं होना चाहिए।

समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने हर सोमवार होने वाली प्रगति मॉनिटरिंग की जानकारी ली और अब तक हुए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड में मौजूद रहें और निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करें। उन्होंने पर्यटन विभाग के इंजीनियरों को भी निर्देशित किया कि वे निर्माण एजेंसियों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएं ताकि कार्य की गति और गुणवत्ता दोनों बनी रहे। बैठक के दौरान मंदिर परिसर, सरोवर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुआ तथा सरोदा डैम से जुड़े निर्माण कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई और उनकी प्रगति पर चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कॉरिडोर के प्रवेश द्वार, खंभों और दीवारों में फणी नागवंशी स्थापत्य शैली की स्पष्ट झलक दिखाई देनी चाहिए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक छत्तीसगढ़ की प्राचीन संस्कृति से जुड़ सकें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि द्वार पर स्थापित होने वाला नंदी प्रतिमा विशाल और आकर्षक हो जिससे परिसर का भव्य स्वरूप और अधिक प्रभावी दिखे।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने आदिवासी संग्रहालय के विकास और विस्तार पर भी जोर दिया और कहा कि भोरमदेव क्षेत्र की ऐतिहासिक और पौराणिक कथाओं को संग्रहालय में प्रभावी तरीके से प्रदर्शित किया जाए। साथ ही मंदिर निर्माण की पूरी कथा और इतिहास को भी वहां दर्शाया जाए ताकि पर्यटकों को जानकारी मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष शौचालय अलग-अलग और व्यवस्थित स्थानों पर बनाए जाएं तथा महिलाओं के लिए सुविधाजनक दूरी पर शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए पौधरोपण की पूरी तैयारी पहले से कर ली जाए। खुले क्षेत्रों में लैंडस्केपिंग को ध्यान रखते हुए पीपल, बरगद और नीम के पौधों का रोपण तुरंत शुरू किया जाए। बैठक में श्री राजीव लोचन महाराज, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनपद उपाध्यक्ष बोड़ला श्री नंद श्रीवास, श्री राम किंकर वर्मा सहित इंजीनियर, ठेकेदार और निर्माण एजेंसी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर बन रहा हाई-टेक उद्योगों का नया केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर बन रहा हाई-टेक उद्योगों का नया केंद्र

 रायपुर-छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवा रायपुर में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (स्श्र्वं) को मंजूरी मिल गई है। पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को नवा रायपुर में 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंजीनियरिंग आधारित एसईजेड स्थापित करने की स्वीकृति मिली है, जहां सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।

यह परियोजना इसलिए खास है क्योंकि इसके जरिए छत्तीसगढ़ में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होगा। इसके साथ ही राज्य तकनीक आधारित और उच्च मूल्य वाले उद्योगों की नई दुनिया में कदम रखेगा। इससे न केवल औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ तकनीक आधारित निवेश और आधुनिक विनिर्माण का नया केंद्र बनकर उभरेगा।

नवा रायपुर में बनने वाला यह विशेष आर्थिक क्षेत्र राज्य के निर्यात को बढ़ावा देने, नए निवेश आकर्षित करने और छत्तीसगढ़ को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही कौशल विकास, नवाचार और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

अनुमान है कि इस परियोजना से अगले पांच वर्षों में 1300 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही राज्य में कुशल युवाओं के लिए हाई-टेक उद्योगों में काम करने के नए रास्ते खुलेंगे और तकनीकी कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों के लिए बन रहे सकारात्मक माहौल का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी व्यवस्था और निवेश अनुकूल नीतियों के जरिए भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत वातावरण तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा,  'सेमीकंडक्टर तकनीक भविष्य की जरूरत है। नवा रायपुर में राज्य का पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होना केवल उद्योग की शुरुआत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के तकनीकी भविष्य की मजबूत नींव है। इससे युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा, तकनीकी कौशल बढ़ेगा और राज्य नई औद्योगिक पहचान के साथ आगे बढ़ेगा। '

छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की एलईएडीएस 2025 रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को स्थलरुद्ध राज्यों की श्रेणी में  'हाई परफॉर्मरमाना गया है। यह राज्य की बेहतर लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, औद्योगिक संपर्क और निर्यात क्षमता को दर्शाता है। नवा रायपुर का यह नया एसईजेड छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बस्तर के जंगलों में जिंदगी बांटने वाले गोडबोले दंपति को मिला पद्मश्री सम्मान, सीएम साय ने दी बधाई

बस्तर के जंगलों में जिंदगी बांटने वाले गोडबोले दंपति को मिला पद्मश्री सम्मान, सीएम साय ने दी बधाई

 बस्तर।  छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सुदूर और दुर्गम वनांचलों में वर्षों तक निःस्वार्थ भाव से चिकित्सा सेवा देने वाले डॉ. रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा दिए गए इस सम्मान ने पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित कर दिया है। गोडबोले दंपति ने अपना पूरा जीवन जनजातीय समाज की सेवा में समर्पित कर दिया और ऐसे इलाकों में स्वास्थ्य की रोशनी पहुंचाई, जहां कभी इलाज और जागरूकता की कल्पना तक मुश्किल थी।

वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़कर गोडबोले दंपति ने बस्तर के बारसूर जैसे घने जंगलों और दूरस्थ गांवों में रहकर आदिवासी परिवारों के बीच भरोसे का रिश्ता बनाया। उन्होंने न सिर्फ बीमार लोगों का नि:शुल्क इलाज किया बल्कि ग्रामीण और जनजातीय समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने, कुपोषण दूर करने और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने का बड़ा अभियान भी चलाया। कठिन परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने कभी सेवा का रास्ता नहीं छोड़ा।

स्थानीय लोगों के लिए गोडबोले दंपति सिर्फ डॉक्टर नहीं बल्कि जीवनदाता बन गए। वर्षों तक उन्होंने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में रहकर उन लोगों का इलाज किया, जो अस्पताल और दवाइयों से कोसों दूर थे। उनके प्रयासों से हजारों आदिवासी परिवारों को नई जिंदगी मिली और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी। यही वजह है कि आज बस्तर के लोग उन्हें सम्मान और विश्वास की नजर से देखते हैं।

उनकी यह सेवा सिर्फ चिकित्सा तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज में मानवता, संवेदनशीलता और करुणा की ऐसी मिसाल बनी जिसने कई लोगों को प्रेरित किया। गोडबोले दंपति ने साबित किया कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी स्वार्थ के समाज के सबसे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।

 
जल जीवन मिशन से बदली जशपुर के ग्राम बेंगटा की तस्वीर

जल जीवन मिशन से बदली जशपुर के ग्राम बेंगटा की तस्वीर

 रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित जल जीवन मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने का माध्यम बन रहा है। जशपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर जंगलों से घिरे ग्राम बेंगटा में इस योजना ने पेयजल संकट को दूर कर ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव में 10 किलोलीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार स्थापित किया गया है, जिसके माध्यम से ग्राम की दोनों बसाहटों के 61 परिवारों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

जल जीवन मिशन के लागू होने से पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए नाला और कुओं पर निर्भर रहना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता था। गर्मी के मौसम में जल संकट गहरा जाता था, वहीं बरसात में मटमैले और असुरक्षित पानी के कारण जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता था।

अब हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। इससे महिलाओं और बच्चों के समय की बचत हो रही है तथा महिलाएं आजीविका गतिविधियों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं। स्वच्छ पानी मिलने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है और जलजनित बीमारियों में कमी आई है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जशपुर द्वारा ग्राम बेंगटा को  'हर घर जलÓ प्रमाणित किया जा चुका है। ग्रामीणों ने कहा कि जल जीवन मिशन ने गांव में न केवल पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की है, बल्कि जीवन को अधिक सुरक्षित, सरल और बेहतर बनाया है।

बरकेला जलाशय के कार्यों के लिए 3.80 करोड़ रूपए स्वीकृत

बरकेला जलाशय के कार्यों के लिए 3.80 करोड़ रूपए स्वीकृत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखण्ड-मनेन्द्रगढ़ की बरकेला जलाशय योजना की नहरों के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 80 लाख 20 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 285 हेक्टेयर के विरूद्ध 254 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। योजना के कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

सड़क दुर्घटनाएं नहीं हों, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएं : मुख्य सचिव

सड़क दुर्घटनाएं नहीं हों, इसके लिए हर जरूरी कदम उठाएं : मुख्य सचिव

 00 ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश, प्रदेश में 150 स्थानों पर लगे ईव्ही चार्जिंग स्टेशन
रायपुर।
मुख्य सचिव  विकासशील ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए सभी समुचित और ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव आज मंत्रालय में सड़क सुरक्षा को लेकर आयोजित बैठक में अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। 
ब्लैक स्पॉट सुधारने पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए चिन्हित ब्लैक स्पॉट की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और वहां आवश्यक सुधार कार्य तत्काल किए जाएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय से सड़कों की स्थिति सुधारने के निर्देश दिए ताकि हादसों की आशंका खत्म हो सके।
सुप्रीम कोर्ट और केंद्र की योजनाओं की समीक्षा
बैठक में राज्य सड़क सुरक्षा कोष, माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फलोदी एवं रंगा रेड्डी सड़क दुर्घटना मामलों में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही पीएम राहत योजना और पीएम ई-ड्राईव योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने सर्वोच्च न्यायालय की कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने को कहा। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी सड़क दुर्घटना रेस्क्यू से संबंधित एसओपी के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। 
ईव्ही चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने पीएम ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना में तेजी लाने को कहा। उन्होंने परिवहन विभाग को निर्धारित स्थलों पर तत्काल ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक 150 स्थानों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। इन स्टेशनों पर पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत सब्सिडी भी दी जाती है। 
घायलों को मिलेगा कैशलेस इलाज
मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को त्वरित उपचार मिलना सबसे जरूरी है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत घायलों का अस्पताल में कैशलेस उपचार किया जाता है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, गृह-पुलिस, परिवहन तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत अब तक 282 सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के उपचार के लिए पंजीकरण किया गया है। मुख्य सचिव ने इस योजना के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की और इसे और प्रभावी बनाने को कहा। बैठक में परिवहन विभाग के सचिव एवं आयुक्त  एस. प्रकाश, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता सहित पुलिस, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, गर्भपात के बाद दोबारा प्रेग्नेंसी पर भी मिलेगा पूरा अवकाश

छत्तीसगढ़ हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, गर्भपात के बाद दोबारा प्रेग्नेंसी पर भी मिलेगा पूरा अवकाश

 बिलासपुर।  कामकाजी महिलाओं के मातृत्व अधिकारों को लेकर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि यदि किसी महिला कर्मचारी का गर्भपात हो जाता है, और वह उसके बाद दोबारा गर्भवती होती है, तो पिछला अवकाश उसके नए मातृत्व अवकाश के रास्ते में बाधा नहीं बनेगा। महिला अपने दूसरे गर्भधारण के लिए कानूनन पूरी मातृत्व छुट्टी पाने की हकदार है। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने महिला के वेतन से काटे गए 80,254 रुपए की रिकवरी को रद्द कर दिया है। मामले में जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया।

बता दें, कि भारतीय खाद्य निगम रायपुर में असिस्टेंट ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ महिला कर्मचारी वर्ष 2019 में गर्भवती हुई थीं। उनके जुड़वां बच्चे होने थे, लेकिन गंभीर चिकित्सीय जटिलताओं के चलते 25 अप्रैल 2019 को अस्पताल में उनका एक भ्रूण मिसकैरेज हो गया। डॉक्टरों की निगरानी और बेड रेस्ट के बाद उन्होंने 3 सितंबर 2019 को एक प्री-मैच्योर बेटी को जन्म दिया। इसके बाद उन्होंने मातृत्व अवकाश और नियमों के अनुसार मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए आवेदन किया। विभाग ने उन्हें केवल 68 दिनों का असाधारण अवकाश बिना वेतन के मंजूर किया, और लीव बैलेंस नहीं होने का हवाला देकर उनके वेतन से 80,254 रुपए की कटौती भी कर ली गई। इस पर महिला ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई।

मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता मातृत्व अवकाश और गर्भपात के नियमों के तहत कुल 90 दिनों की छुट्टी की हकदार है, जिसे विभाग कम नहीं कर सकता। कोर्ट ने लीव बैलेंस न होने के नाम पर महिला के वेतन से काटे गए 80,254 रुपए की रिकवरी को निरस्त कर दिया और रकम वापस करने के आदेश दिए। इसके अलावा महिला कर्मचारी के बाकी बचे 3 लाख 76 हजार 773 रुपए के मेडिकल बिलों के भुगतान पर निर्देश दिया है कि वे सभी दस्तावेजों की दोबारा से जांच कर तय उचित आदेश जारी करें। हाई कोर्ट ने मैटरनिटी बेनीफिट एक्ट, 1961 का हवाला देते हुए कहा कि मातृत्व अवकाश का अधिकार एक महिला का वैधानिक और संवैधानिक अधिकार है, यह उसके सम्मान, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़ा है।

 
BREAKING : ACB की बड़ी कार्रवाई, किसान से घूस लेते रंगे हाथ पकड़ाया पटवारी, मचा हड़कंप

BREAKING : ACB की बड़ी कार्रवाई, किसान से घूस लेते रंगे हाथ पकड़ाया पटवारी, मचा हड़कंप

 बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में राज्य के एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक घूसखोर पटवारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरा मामला साजा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम डोंगीतराई क्षेत्र का बताया जा रहा है। जहां तैनात पटवारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए एक सीधे-साधे किसान से उसके जायज काम के बदले मोटी रकम की मांग की थी। एसीबी की इस त्वरित और औचक कार्रवाई से पूरे राजस्व विभाग और शासकीय अमले में हड़कंप मच गया है।

जमीन बंटवारे के एवज में मांगी थी घूस

मिली जानकारी के अनुसार, डोंगीतराई क्षेत्र के एक स्थानीय पीड़ित किसान को अपनी कृषि भूमि के आपसी बंटवारे और उससे जुड़े राजस्व दस्तावेजों को दुरुस्त कराने की सख्त जरूरत थी। जब वह इस काम के लिए संबंधित हल्के के पटवारी के पास पहुंचा, तो पटवारी ने नियमानुसार काम करने के बजाय किसान को परेशान करना शुरू कर दिया। काफी चक्कर लगवाने के बाद पटवारी ने जमीन का बंटवारा करने और रिकॉर्ड को ऑनलाइन व ऑन-पेपर अपडेट करने के एवज में किसान के सामने 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग रख दी। किसान इस अनुचित मांग से बेहद परेशान था और रिश्वत देने के बिल्कुल पक्ष में नहीं था।

किसान ने ACB से लगाई न्याय की गुहार

पटवारी की लगातार बढ़ती जा रही पैसों की मांग और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार पीड़ित किसान ने कानून का सहारा लेने का मन बनाया। किसान ने चुपके से रायपुर/दुर्ग स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के कार्यालय में पहुंचकर आरोपी पटवारी के खिलाफ लिखित में एक लिखित शिकायत दर्ज करा दी। किसान ने अपनी शिकायत में साफ तौर पर बताया कि किस तरह सरकारी मुलाजिम उसके जायज काम को रोकने की धमकी देकर पैसों की उगाही करने पर आमादा है। एसीबी के आला अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत शिकायत का सत्यापन कराया और पटवारी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल (ट्रेप) बिछाने की तैयारी शुरू कर दी।

15 हजार रुपये के साथ पटवारी रंगे हाथ पकड़ाया

योजना के मुताबिक, एसीबी की टीम ने पीड़ित किसान को विशेष केमिकल (फिनोलफ्थलीन पाउडर) लगे हुए नोट देकर पटवारी के पास भेजा। जैसे ही किसान ने साजा तहसील के डोंगीतराई क्षेत्र में तय स्थान पर पहुंचकर पटवारी को रिश्वत के 15 हजार रुपये थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद खड़ी एसीबी की विशेष टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने पटवारी को मौके पर ही धर दबोचा। जब मौके पर ही रसायन युक्त पानी से पटवारी के हाथ धुलवाए गए, तो उसके हाथ उम्मीद के मुताबिक गुलाबी हो गए, जो इस बात का अकाट्य प्रमाण था कि उसने रिश्वत की रकम को अपने हाथों से छुआ और स्वीकार किया था। पुलिस अब आरोपी पटवारी के पुराने मामलों और उसकी संपत्ति की भी जांच कर रही है।

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री साय ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से की सौजन्य भेंट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच जनहित, सुशासन, शहरी विकास, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में राज्यों की सक्रिय भूमिका और आपसी सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर विभिन्न समसामयिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

रायपुर समेत प्रदेशभर में नौतपा शुरू: जानिए क्यों माना जाता है इसे साल का सबसे गर्म दौर

रायपुर समेत प्रदेशभर में नौतपा शुरू: जानिए क्यों माना जाता है इसे साल का सबसे गर्म दौर

 

 रायपुर। आज सोमवार (25 मई) से नौतपा की शुरुआत हो गई है। ज्योतिष और मौसम के लिहाज से यह साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।

 

मौसम विभाग के मुताबिक नौतपा के शुरुआती दिनों में छत्तीसगढ़ में तेज धूप और लू का असर बना रहेगा। खासकर रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार, महासमुंद और आसपास के जिलों में दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। 45 पार का असर जनजीवन पर भी दिखाई पड़ रहा है।  

 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में सूखा और गर्म मौसम बने रहने के संकेत हैं।

रायपुर शहर के लिए जारी लोकल फोरकास्ट में कहा गया है कि 25 मई को आसमान मुख्यत: साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 45 डिग्री से कुछ अधिक और न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं चल सकती हैं।

CG – काल बनकर खड़ा था ट्रैक्टर, तेज रफ्तार बाइक जा घुसी, 4 दोस्तों की हुई दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर…!!

CG – काल बनकर खड़ा था ट्रैक्टर, तेज रफ्तार बाइक जा घुसी, 4 दोस्तों की हुई दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर…!!

 बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सनावल थाना क्षेत्र में सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। चार युवकों की मौत हो गई। चारों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर साप्ताहिक बाजार डिंडा से अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान तभी पीपरपान मोड़ के पास एटा लोड ट्रैक्टर से जा टकराई। घटनास्थल पर दो युवकों ने दम तोड़ दिया। वहीं दो युवकों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, बाइक की रफ्तार काफी तेज थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल दो अन्य युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। वही मृतकों के परिजन ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर चालक गलत तरीके से ट्रैक्टर को पार्क किया था। किसी भी प्रकार का कोई रिफ्लेक्टर खड़ी ट्रैक्टर में नहीं लगाया गया था। जिसके कारण बाइक सवार यूको को कड़ी ट्रैक्टर दिखाई नहीं दी और युवक ट्रैक्टर से जा टकराये।

हादसे की सूचना मिलते ही सनावल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। एक साथ चार युवकों की मौत की खबर से गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल पर जुट गए। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

मारपीट हुई है…मदद चाहिए’ कहकर डिप्टी CM ने किया डायल- 112 पर कॉल, फिर हुआ बड़ा निरीक्षण…

मारपीट हुई है…मदद चाहिए’ कहकर डिप्टी CM ने किया डायल- 112 पर कॉल, फिर हुआ बड़ा निरीक्षण…

 बेमेतरा :छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बेमेतरा हाईवे पर खुद पीड़ित बनकर डायल-112 पर कॉल किया और पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम का औचक निरीक्षण किया। तय समय में टीम के पहुंचने के बाद उन्होंने ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ सेवा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत को परखा


छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने एक बार फिर अपने लीक से हटकर काम करने के अंदाज से सबको चौंका दिया है रायपुर से कवर्धा जाते समय गृहमंत्री ने बेमेतरा हाईवे पर अचानक रुककर डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा की कार्यप्रणाली का औचक निरीक्षण किया ​विशेष बात यह रही कि उन्होंने किसी वीआईपी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करने के बजाय, खुद एक आम पीड़ित बनकर सिस्टम की हकीकत जानने की कोशिश की

​क्या है पूरा मामला?​भवानी ढाबा के पास रुककर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने डायल-112 हेल्पलाइन पर कॉल किया। उन्होंने फोन पर जानकारी दी कि वे मारपीट और सड़क दुर्घटना का शिकार हुए हैं और उन्हें तुरंत मदद की जरूरत है। शिकायत दर्ज कराने के बाद वे हाईवे किनारे ही पुलिस टीम के पहुंचने का इंतजार करने लगे सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम बिना किसी देरी के निर्धारित समय के भीतर मौके पर पहुंच गई। सामने सूबे के गृहमंत्री को देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए ​सिस्टम की पारदर्शिता और रिस्पॉन्स टाइम की जांच ​डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने केवल औपचारिक निरीक्षण तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने एक आम नागरिक की तरह हेल्पलाइन पर कॉल कर सिस्टम की वास्तविक स्थिति, तकनीकी व्यवस्थाओं और पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता (Response Time) का गहन परीक्षण किया।
​जनता का भरोसा बढ़ाने की कोशिश
​निरीक्षण के बाद गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि इस तरह के प्रयासों का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं में जनता का भरोसा बढ़ाना है ​जवाबदेही तय होगी विशेषज्ञों का मानना है कि जब खुद गृहमंत्री इस तरह अचानक जमीनी स्तर पर उतरकर जांच करेंगे, तो सिस्टम की जवाबदेही तय होगी ​सेवाओं में सुधार इस औचक निरीक्षण से पुलिस सेवाओं में सुधार की संभावना मजबूत होगी और आपातकालीन स्थितियों में आम जनता को और तेजी से राहत मिल सकेगी

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लग सकती है मुहर

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की अहम बैठक बुलाई है। यह बैठक शाम 6 बजे मंत्रालय में आयोजित होगी। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और जनहित से जुड़े फैसलों पर मुहर लगा सकती है।

सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर में मुख्यमंत्री और मंत्री आम जनता से सीधे संवाद कर रहे हैं। ऐसे में यह बैठक राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री द्वारा हाल के दिनों में की गई घोषणाओं और विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों को कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।

प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए भी सरकार कुछ राहतकारी फैसले ले सकती है। बिजली, पानी, स्वास्थ्य और स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर गर्मी से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजामों को लेकर भी कैबिनेट में विचार हो सकता है।

CG: फर्जी इंश्योरेंस क्लेम का खुलासा: 44.80 लाख की दावा याचिका कोर्ट ने की खारिज

CG: फर्जी इंश्योरेंस क्लेम का खुलासा: 44.80 लाख की दावा याचिका कोर्ट ने की खारिज

 बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने फर्जी तरीके से बीमा क्लेम हासिल करने की कोशिश का बड़ा खुलासा करते हुए 44 लाख 80 हजार रुपये की मुआवजा याचिका खारिज कर दी है। षष्टम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी मनीषा ठाकुर ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि दुर्घटना एक कार से हुई थी, लेकिन बाद में बीमा राशि पाने के लिए साठगांठ कर मोटरसाइकिल को हादसे में शामिल दिखाया गया।

बेटे की मौत के बाद लगाया था मुआवजे का दावा

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आवेदिका मालती बंजारे और अविनल बंजारे ने दावा पेश करते हुए कहा था कि उनका 21 वर्षीय बेटा अंकित बंजारे 9 फरवरी 2023 को पल्सर बाइक से जा रहा था। इसी दौरान 36 मॉल के पास राहुल पात्रे ने लापरवाही से बाइक चलाते हुए उसे टक्कर मार दी, जिससे गंभीर रूप से घायल अंकित की इलाज के दौरान मौत हो गई।

अस्पताल रिकॉर्ड से खुली सच्चाई

सुनवाई के दौरान मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब वंदना अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय कुमार ने अदालत में बयान दिया कि भर्ती के समय मृतक की मां ने खुद बताया था कि हादसा कार की टक्कर से हुआ है। अस्पताल द्वारा तैयार पुलिस मेमो में भी दुर्घटना का कारण ‘कार से टक्कर’ दर्ज था।कोर्ट ने यह भी पाया कि बाद में पेश किए गए दस्तावेजों में ‘कार’ शब्द हटाकर उसकी जगह ‘मोटरसाइकिल’ लिखा गया था। अदालत ने इसे रिकॉर्ड में स्पष्ट हेरफेर माना।

गवाहों के बयान भी नहीं टिके

मामले में पेश किए गए कथित चश्मदीद गवाह के बयान भी अदालत को भरोसेमंद नहीं लगे। कोर्ट ने पाया कि गवाह घटना स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रहता था और उसके बयान में कई विरोधाभास थे। वहीं, मृतक के पिता द्वारा दुर्घटना के तीन दिन बाद अज्ञात वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर भी अदालत ने सवाल उठाए।

वाहन जांच रिपोर्ट भी पेश नहीं हुई

सुनवाई के दौरान संबंधित बाइक का कोई मैकेनिकल निरीक्षण रिपोर्ट या ऐसा तकनीकी साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि दुर्घटना उसी वाहन से हुई थी। इस आधार पर अधिकरण ने माना कि आवेदक दुर्घटना में मोटरसाइकिल की संलिप्तता साबित करने में असफल रहे।

कोर्ट ने खारिज की पूरी याचिका

सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने मोटर यान अधिनियम की धारा 166 के तहत दायर 44.80 लाख रुपये की मुआवजा याचिका को पूरी तरह निरस्त कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि तथ्यों से छेड़छाड़ कर बीमा क्लेम लेने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम बढ़े, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत का दिखने लगा असर, जानिये कितनी बढ़ी कीमत

छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम बढ़े, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत का दिखने लगा असर, जानिये कितनी बढ़ी कीमत

 रायपुर । राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डीजल सप्लाई प्रभावित होने और परिवहन खर्च बढ़ने से अब सीमेंट बाजार भी इसकी चपेट में आ गया है। कारोबारियों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और ईंधन संकट के कारण माल ढुलाई प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर सीमेंट की कीमतों पर पड़ा है।

परिवहन महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सीमेंट व्यापारियों के मुताबिक डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत में तेजी आई है। एक ट्रक औसतन एक लीटर डीजल में करीब तीन किलोमीटर चलता है। ऐसे में लंबी दूरी तक माल पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कारोबारियों का अनुमान है कि 500 से 600 किलोमीटर तक सीमेंट ढुलाई में ट्रांसपोर्ट लागत 500 से 1000 रुपये तक बढ़ गई है। यही वजह है कि कंपनियों ने अब सीमेंट के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

प्रमुख कंपनियों ने बढ़ाए रेट

बाजार में कई नामी कंपनियों ने नई कीमतें लागू कर दी हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट की एक बोरी अब 290 रुपये में बिक रही है, जबकि पहले इसका दाम 285 रुपये था। एसीसी सीमेंट में करीब 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और इसका भाव 285 रुपये प्रति बोरी पहुंच गया है। वहीं अंबुजा सीमेंट 288 रुपये प्रति बोरी और बंगर सीमेंट 260 रुपये प्रति बोरी के भाव पर बिक रहा है।

छोटे ब्रांडों पर ज्यादा असर

व्यापारियों का कहना है कि बड़ी companies की तुलना में छोटे सीमेंट ब्रांडों ने ज्यादा दाम बढ़ाए हैं। पहले 250 से 260 रुपये प्रति बोरी मिलने वाला जंगरोधक सीमेंट अब करीब 290 रुपये तक पहुंच गया है। सप्लाई बाधित होने और माल ढुलाई महंगी पड़ने से छोटे कारोबारियों पर ज्यादा दबाव बना है।

निर्माण कार्यों पर पड़ने लगा असर

सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री महंगी होने से मकान निर्माण, सरकारी प्रोजेक्ट और निजी बिल्डिंग निर्माण की लागत बढ़ने लगी है। बिल्डरों और ठेकेदारों का कहना है कि सरिया, सीमेंट और ट्रांसपोर्ट खर्च में लगातार हो रही वृद्धि से निर्माण बजट बिगड़ रहा है। उनका मानना है कि यदि डीजल संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में निर्माण सामग्री की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर,कई जिलों में पारा 45 डिग्री पार,राजधानी समेत पूरे प्रदेश में हीटवेव अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर,कई जिलों में पारा 45 डिग्री पार,राजधानी समेत पूरे प्रदेश में हीटवेव अलर्ट जारी

 रायपुर – छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी और लू के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

रायपुर सहित कई जिलों में मौसम विभाग ने हीटवेव अलर्ट जारी किया है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी पीने,हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की सलाह भी दी गई है।

 
पलभर में टूटा सात जन्मों का रिश्ता..पति ने अपनी ही पत्नी की पीट-पीटकर की हत्या, मां का शव देख बेटे के उड़े होश

पलभर में टूटा सात जन्मों का रिश्ता..पति ने अपनी ही पत्नी की पीट-पीटकर की हत्या, मां का शव देख बेटे के उड़े होश

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बांगो थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांधी नगर में पति ने अपनी ही पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, मानिकपुर गांधी नगर निवासी बलिराम मरावी काम से घर लौटा था। इसी दौरान घर में खाना नहीं बनने और शराब पीने के लिए पैसे मांगने को लेकर उसकी पत्नी संगीता मरावी से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर बलिराम ने डंडे से पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

घटना के समय आरोपी का बुजुर्ग पिता भी घर पर मौजूद था। आसपास के लोगों की मदद से घायल संगीता को घर में लिटाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतिका का बेटा गांव गया हुआ था। घटना की सूचना मिलने पर जब वह घर पहुंचा तो मां का शव देखकर सदमे में आ गया।

हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी पति मौके पर ही मौजूद रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।फिलहाल  पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।

प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा - मॉडल उत्तर जारी, 30 मई तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा - मॉडल उत्तर जारी, 30 मई तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

00 डाक से भेजे गए आवेदन नहीं होंगे स्वीकार, सहायक आयुक्त कार्यालय में स्वयं होना होगा उपस्थित
रायपुर।
मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रदेश में संचालित प्रयास बालक एवं कन्या आवासीय विद्यालयों के सत्र 2026-27 (कक्षा 9वीं) में प्रवेश के लिए आयोजित प्राक्चयन परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी कर दिए गए हैं। गत 10 मई 2026 (रविवार) को आयोजित हुई इस परीक्षा के मॉडल उत्तर विभागीय वेबसाइट eklavya.cg.nic.in पर परीक्षार्थियों के अवलोकन हेतु उपलब्ध हैं।
30 मई शाम 5.30 बजे तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
प्रयास आवासीय विद्यालय कक्षा 9वीं प्रवेश परीक्षा के प्रश्न-पत्र या उत्तरों से संबंधित किसी भी प्रकार की दावा एवं आपत्तियां 30 मई 2026 को सायं 5.30 बजे तक आमंत्रित की गई हैं। समय-सीमा समाप्त होने के पश्चात किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
दावा-आपत्ति के लिए इन नियमों का पालन है अनिवार्य
आवेदक को स्वयं उपस्थिति अनिवार्य, परीक्षार्थियों को अपनी दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और प्रामाणिक साक्ष्य संलग्न करना अनिवार्य है। बिना किसी ठोस प्रमाण के प्रस्तुत की गई दावा-आपत्तियों को पूर्णत: अमान्य कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि डाक, कूरियर या किसी अन्य अप्रत्यक्ष माध्यम से भेजी गई दावा-आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
विषय विशेषज्ञों का निर्णय होगा अंतिम
कार्यालय को प्राप्त होने वाली सभी दावा-आपत्तियों का सूक्ष्म परीक्षण विषय विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा किया जाएगा। जांच के पश्चात समिति द्वारा लिया गया निर्णय ही अंतिम एवं सर्वमान्य होगा, जिसके आधार पर अंतिम परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।

राजनांदगांव बनेगा शतरंज का हब- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

राजनांदगांव बनेगा शतरंज का हब- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में शतरंज का प्रशिक्षण ले रहे नन्हें खिलाड़यिों से आत्मीय मुलाकात की। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अब शतरंज को विशेष प्राथमिकता देते हुए राजनांदगांव जिले को राज्य के चेस हब (शतरंज केंद्र) के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने शहर को इस खेल का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने तथा खिलाडि़यों को वर्षभर निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व प्रतियोगिताएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार होंगे खिलाड़ी

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, दिग्विजय स्टेडियम अब केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि भविष्य के वैश्विक चौम्पियन तैयार करने की नर्सरी बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में खिलाडि़यों की सुविधा के लिए लगभग 29 लाख रुपए की लागत से आवश्यक आधारभूत संरचना व खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। शतरंज जैसे बौद्धिक खेल को बढ़ावा देने से युवाओं की ऊर्जा को एक सकारात्मक और नई दिशा मिलेगी।

7 वर्षीय माहिका की प्रतिभा से हुए अभिभूत

स्टेडियम भ्रमण के दौरान डॉ. रमन सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से सौजन्य भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी कड़ी में उन्होंने कक्षा दूसरी में अध्ययनरत सात वर्षीय नन्हीं खिलाड़ी माहिका डाकलिया से विशेष मुलाकात की और उनकी खेल यात्रा की जानकारी ली। माहिका ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बताया कि वे गत वर्ष ओडिशा के खुर्दा रोड में आयोजित राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-7 आयु वर्ग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। नन्हीं खिलाड़ी की इस बड़ी उपलब्धि और अद्भुत आत्मविश्वास से अभिभूत होकर डॉ. रमन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

रुद्रेश्वर धाम बनेगा आस्था, संस्कृति और आधुनिक पर्यटन का नया केंद्र, 20 करोड़ से संवरेगा रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर

रुद्रेश्वर धाम बनेगा आस्था, संस्कृति और आधुनिक पर्यटन का नया केंद्र, 20 करोड़ से संवरेगा रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर

 रायपुर: धमतरी शहर से लगे ग्राम रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन दृष्टि से विकसित करने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की समग्र कॉरिडोर परियोजना तैयार की गई है। संस्कृति एवं पर्यटन के माध्यम से प्रस्तावित यह परियोजना तीन चरणों में विकसित की जाएगी।

परियोजना में पारंपरिक भारतीय मंदिर स्थापत्य शैली और आधुनिक अधोसंरचना का संतुलित समावेश किया गया है। मंदिर के मुख्य फसाड को शिखर, त्रिशूल, ॐ प्रतीक, तोरण द्वार, नंदी प्रतिमा, दीप स्तंभ एवं पत्थर आधारित पारंपरिक डिजाइन तत्वों से भव्य स्वरूप दिया जाएगा। विशेष बात यह है कि वर्तमान मंदिर संरचना को बिना क्षति पहुंचाए समग्र विकास कार्य किया जाएगा।

परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम क्षेत्र, प्रसाद एवं स्मृति दुकानें, फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वास्थ्य केंद्र, एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क, स्वच्छ शौचालय तथा दिव्यांगजन-अनुकूल रैम्प व्यवस्था विकसित की जाएगी। घाट क्षेत्र को सुरक्षित स्वरूप देते हुए रेलिंग युक्त विसर्जन कुंड एवं बैठने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी।

परियोजना के अंतर्गत गार्डन, सांस्कृतिक मंडप, रिवर फ्रंट कॉटेज, खुला मंच एवं भविष्य में मेरीन ड्राइव विकसित करने की अवधारणा भी शामिल है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, हरित क्षेत्र विकास एवं अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएँ प्रस्तावित हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परियोजना आस्था, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई दिशा देगी तथा यह धमतरी को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह परियोजना भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक अधोसंरचना का उत्कृष्ट समन्वय होगी। इससे क्षेत्रीय पर्यटन को गति मिलने के साथ स्थानीय रोजगार एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि रुद्रेश्वर धाम को ऐसा सांस्कृतिक परिसर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहाँ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ विश्वस्तरीय सुविधाएँ भी प्राप्त हों। यह परिसर भविष्य में धमतरी की सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित होगा।
महापौर  रामू रोहरा ने कहा कि रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर का विकास धमतरी शहर के लिए गौरव का विषय है। इससे शहर की धार्मिक पहचान मजबूत होगी और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय व्यापार एवं रोजगार को भी नई ऊर्जा मिलेगी।