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भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री साय

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी। विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत ञ्च2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।

रायपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

रायपुर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

 रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रायपुर पहुंचे। जहां एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका स्वागत किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत और मोतीलाल साहू भी मौजूद रहे।

बता दें कि, अमित शाह  निर्धारित समय से करीब आधे घंटे पहले रायपुर पहुंचे। जहां से वे सीधे एयरपोर्ट से सीधे मेफेयर होटल पहुंचे।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं।

  गृह मंत्री शाह अपने दौरे के दौरान वे कल नक्सलवाद को लेकर एक अहम और बड़ी बैठक लेंगे, जिसमें राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और नक्सल विरोधी रणनीति पर चर्चा होगी।

आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

आदिवासियों की संस्कृति में बसती है छत्तीसगढ़ की आत्मा - राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

 बस्तर-जगदलपुर ।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सुबह बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर पहुँचीं, जहाँ उन्होंने संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासियों की संस्कृति में छत्तीसगढ़ की आत्मा बसती है। उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के जयघोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरूआत की। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है, जहाँ सरकार अपनी संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राचीन विरासतों को संरक्षित करने के लिए बस्तर पंडुम जैसे आयोजन कर रही है। यह आयोजन आदिवासियों की गौरवशाली संस्कृति का जीवंत प्रतिबिंब है।

जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित इस शुभारंभ समारोह में बड़ी संख्या में आदिवासी कलाकार और विशाल जनसमूह मौजूद रहा। सभी को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि प्रदेश की विष्णुदेव सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय उत्थान के लिए निरंतर बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम जनमन, प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव उत्कर्ष अभियान तथा नियद नेल्ला नार जैसी योजनाओं के जरिए जनजातीय समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनजातीय बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए शासन के साथ-साथ समाज और उनके माता-पिता को भी आगे आना होगा। उन्होंने बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में प्राचीन परंपराओं की जड़ें आज भी मजबूत हैं। बस्तर पंडुम जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति ने बताया कि बस्तर पंडुम में 54 हजार से अधिक आदिवासी कलाकारों ने पंजीयन कराया है, जो अपनी सांस्कृतिक जड़ों से उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हिंसा का मार्ग छोड़कर माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं, लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बढ़ रही है। वर्षों से बंद विद्यालय पुनः खुल रहे हैं, दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में सड़कें और पुल-पुलियों का निर्माण हो रहा है तथा ग्रामीणजन विकास से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर की सुंदरता और संस्कृति सदैव लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है, किंतु दुर्भाग्यवश चार दशकों तक यह क्षेत्र माओवाद से ग्रस्त रहा, जिससे यहां के निवासियों को अनेक कष्ट झेलने पड़े।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत सरकार की माओवादी आतंक के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के परिणामस्वरूप वर्षों से व्याप्त भय, असुरक्षा और अविश्वास का वातावरण अब समाप्त हो रहा है। माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं और नागरिकों के जीवन में शांति लौट रही है। प्रदेश सरकार के प्रयासों और स्थानीय लोगों के सहयोग से आज बस्तर में विकास का नया सूर्याेदय हो रहा है। गाँव-गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। वर्षों से बंद विद्यालयों में अब बच्चों की कक्षाएँ फिर से संचालित हो रही हैं। राष्ट्रपति ने उपस्थित जनसमूह से अपनी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को सहेजने का आह्वान करते हुए बस्तर की जनजातीय परंपराओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बस्तर पंडुम जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव – राज्यपाल

राज्यपाल रमेन डेका शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर पंडुम कोई साधारण मेला नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय लोक संस्कृति का उत्सव है। यहाँ के लोकनृत्य, लोकगीत, पारंपरिक पहनावा, आभूषण, ढोल-नगाड़े और पारंपरिक व्यंजन मिलकर बस्तर की सुंदर तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि गौर नृत्य, परघौनी नृत्य तथा धुरवा, मुरिया, लेजा जैसे नृत्य बस्तर की सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। इस प्रकार के आयोजन हमारी आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। राज्यपाल ने कहा कि बस्तर की पहचान उसकी जनजातीय संस्कृति और परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, माड़िया, हल्बा, भतरा एवं परजा समाज के लोग पीढ़ियों से अपनी मूल परंपराओं को सहेजते आए हैं। जल, जंगल और जमीन के साथ सामंजस्य बस्तर की सबसे बड़ी ताकत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से कलाकारों को पहचान, सम्मान और आजीविका के अवसर मिलेंगे। लोककला तभी जीवित रहेगी जब कलाकार खुशहाल होंगे।

राज्यपाल डेका ने कहा कि ढोकरा कला छत्तीसगढ़ की शान है। बस्तर में निर्मित ढोकरा शिल्प की मूर्तियाँ देश-विदेश में लोकप्रिय हैं। यह कला जनजातीय शिल्पकारों की संस्कृति, मेहनत और कौशल का प्रमाण है। बस्तर की संस्कृति केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की लोक परंपराओं और विविधताओं का प्रतीक है।

बस्तर समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती – मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ दंतेश्वरी को नमन करते हुए कहा कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर पंडुम में आना केवल औपचारिक उपस्थिति नहीं, बल्कि बस्तर के लिए आशीर्वाद, जनजातीय समाज के लिए सम्मान और माताओं-बहनों के लिए अपनत्व है। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के जीवन, आस्था, बोली-भाषा, नृत्य-गीत, वेशभूषा, खान-पान और जीवन-दर्शन का जीवंत प्रतिबिंब है। बस्तर केवल जंगलों की धरती नहीं, बल्कि समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की धरती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर पंडुम के लिए इस वर्ष 12 विधाओं में 54 हजार से अधिक कलाकारों ने पंजीयन कराया, जिनमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वेशभूषा-आभूषण, शिल्प, चित्रकला, व्यंजन, पेय पदार्थ, आंचलिक साहित्य और वन-औषधियाँ शामिल हैं, जो बस्तर की संस्कृति की जीवंतता और समृद्धि को दर्शाती हैं।

अब नया बस्तर – डर की जगह भरोसा, हिंसा की जगह विकास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय था जब बस्तर को नक्सलवाद और हिंसा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज डर की जगह भरोसे ने और हिंसा की जगह विकास ने ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ गूँजती थी, आज वहाँ स्कूलों की घंटी बजती है। जहाँ कभी तिरंगा नहीं लहरा पाता था, आज वहाँ राष्ट्रगान की गूंज सुनाई देती है। गणतंत्र दिवस पर बस्तर संभाग के अति-संवेदनशील गाँवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया, जो लोकतंत्र और संविधान की जीत है।

नियद नेल्ला नार, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा अभियान विकास के मील के पत्थर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना, प्रधानमंत्री जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान आदिवासी क्षेत्रों में विकास के मील के पत्थर हैं। इन योजनाओं से दुर्गम क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएँ पहुँची हैं। नई पुनर्वास नीति के से जो लोग कभी बंदूक के रास्ते पर थे, वे अब सम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। चिल्कापल्ली, तेमेनार और हांदावाड़ा जैसे गाँवों में वर्षों बाद बिजली पहुँची है, यह केवल रोशनी नहीं, बल्कि आशा और भविष्य का उजाला है।

जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर और वैश्विक पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की पहचान वनोपज से भी है। तेंदूपत्ता संग्रहण दर बढ़ाई गई है, चरण-पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है तथा वन धन केंद्रों के माध्यम से वनोपज को उचित मूल्य और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गाँव को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गाँवों में शामिल किया गया है। चित्रकोट, तीरथगढ़, कांगेर घाटी और कोटमसर गुफाएँ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान हैं।

युवा अब हथियार नहीं, खेल और कला से बना रहे पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन यह सिद्ध करते हैं कि बस्तर के युवा अब हथियार नहीं, बल्कि खेल और कला के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। लाखों युवाओं और महिलाओं की भागीदारी इस बदलाव का सबसे सशक्त प्रमाण है।

बस्तर की नई पहचान को मजबूत करने का आह्वान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बस्तर आगमन ऐतिहासिक है। इससे कलाकारों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बेटियों के सपनों को उड़ान मिलेगी और बस्तर को नई ऊर्जा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर बस्तर को शांति, समृद्धि और संस्कृति का केंद्र बनाएँगे, जिस पर पूरे देश को गर्व हो। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया।

कोंडागांव बस्तर पंडुम पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया तथा कोण्डागांव और बास्तानार के कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरणदेव सिंह, सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अमित शाह के दौरे से पहले सुकमा में टूटी नक्सलवाद की कमर, 76 लाख के इनामी 21 खूंखार माओवादियों ने डाले हथियार

अमित शाह के दौरे से पहले सुकमा में टूटी नक्सलवाद की कमर, 76 लाख के इनामी 21 खूंखार माओवादियों ने डाले हथियार

 सुकमा।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर प्रवास से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलता हासिल की है। सुकमा जिले में 21 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था।

भारी हथियारों के साथ आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली पिछले कई वर्षों से बस्तर के जंगलों में सक्रिय थे। इनके पास से पुलिस को AK-47 राइफल, SLR (सेल्फ लोडिंग राइफल), BGL लॉन्चर (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) अन्य ऑटोमेटिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद अत्याधुनिक हथियार प्राप्त हुए हैं।

 IG और SP के सामने टेके घुटने

नक्सलियों ने बस्तर आईजी पी. सुंदरराज, सुकमा एसपी किरण चव्हाण और सीआरपीएफ डीआईजी आनन्द सिंह राजपुरोहित के समक्ष अपने हथियार डाले। आईजी पी. सुंदरराज ने इसे सुरक्षा बलों की ‘रणनीतिक जीत’ बताया है। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली बस्तर में हुई कई बड़ी और रक्तरंजित घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल रहे हैं।

अमित शाह के दौरे से पहले नक्सलियों में खौफ

गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही बस्तर के दौरे पर आने वाले हैं। उनके आगमन से पहले इतने बड़े पैमाने पर इनामी नक्सलियों का आत्मसमर्पण करना यह दर्शाता है कि शासन की ‘पुनर्वास नीति’ और सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण नक्सली संगठन अब बिखरने लगे हैं।

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग…..

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग…..

 रायपुर: शनिवार का दिन बस्तर के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब संभाग स्तरीय ‘बस्तर पण्डुम’ के शुभारंभ अवसर पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर की आदिम संस्कृति का सजीव और जीवंत स्वरूप प्रत्यक्ष रूप से देखा। इस गरिमामयी अवसर पर बास्तानार क्षेत्र के आदिवासी युवाओं द्वारा प्रस्तुत विश्व-प्रसिद्ध ‘गौर नृत्य’ ने पूरे परिसर को ढोल की थाप और घुंघरुओं की झनकार से गुंजायमान कर दिया। राष्ट्रपति ने इस मनोहारी प्रस्तुति का तन्मयता से अवलोकन करते हुए बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से महसूस किया।

बास्तानार के युवाओं द्वारा प्रस्तुत यह नृत्य केवल एक सांस्कृतिक प्रदर्शन भर नहीं था, बल्कि ‘दंडामी माड़िया’ (बाइसन हॉर्न माड़िया) जनजाति की परंपराओं, जीवन-दर्शन और सांस्कृतिक चेतना का एक जीवंत दस्तावेज था। जैसे ही नर्तक दल मंच पर उतरा, उनकी विशिष्ट वेशभूषा ने उपस्थित जनसमूह का ध्यान सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लिया। पुरुष नर्तकों के सिर पर सजे गौर के सींगों वाले मुकुट, जिन्हें कौड़ियों और मोरपंखों से अलंकृत किया गया था, बस्तर की वन्य संस्कृति तथा गौर पशु के प्रति आदिवासी समाज के गहरे सम्मान और श्रद्धा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त कर रहे थे। वहीं पारंपरिक साड़ियों और आभूषणों से सुसज्जित महिला नर्तकियों ने जब अपने हाथों में थमी ‘तिरूडुडी’ (लोहे की छड़ी) को भूमि पर पटकते हुए ताल दी, तो एक अद्भुत, गूंजती और लयबद्ध ध्वनि ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया।

राष्ट्रपति के समक्ष बास्तानार के युवाओं ने ‘गौर नृत्य’ से बिखेरे अद्भुत लोक-रंग

नृत्य के दौरान पुरुष नर्तकों ने गले में टंगे भारी ‘मांदरी’ (ढोल) को बजाते हुए जंगली भैंसे की आक्रामक, चंचल और ऊर्जावान मुद्राओं की प्रभावशाली नकल प्रस्तुत की। यह दृश्य दर्शकों को ऐसा अनुभव करा रहा था, मानो वे जंगल के सजीव और प्राकृतिक परिवेश के प्रत्यक्ष साक्षी बन गए हों। उल्लास और आनंद से परिपूर्ण इस नृत्य में माड़िया जनजाति की शिकार-परंपरा, साहस और अदम्य ऊर्जा स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती रही। गोलाकार घेरे में थिरकते युवक और उनके कदम से कदम मिलाती युवतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी बस्तर ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पूरी निष्ठा और गर्व के साथ संजोकर रखा है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में बास्तानार के कलाकारों द्वारा दी गई यह सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुति न केवल बस्तर पण्डुम की भव्य सफलता का प्रतीक बनी, बल्कि इसने बस्तर की लोक-कला, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक वैभव को राष्ट्रीय पटल पर पुनः प्रभावशाली ढंग से रेखांकित किया।

ब्रेकिंग : इस जिले में BEO का हुआ ट्रांसफर, हाईस्कूल प्राचार्य को मिला जिम्मा, देखें आदेश....

ब्रेकिंग : इस जिले में BEO का हुआ ट्रांसफर, हाईस्कूल प्राचार्य को मिला जिम्मा, देखें आदेश....

 रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक एकल आदेश जारी करते हुए बस्तर जिले के शिक्षा महकमे में आंशिक बदलाव किया है। विभाग ने प्रशासनिक आधार पर जगदलपुर जिले के विकासखंड शिक्षा अधिकारी के तौर पर सोनपुर, बकावंड ब्लॉक के हाईस्कूल के प्राचार्य अनिल दास को पदस्थ किया है। इस संबंध में विधिवत आदेश भी जारी कर दिया गया है।

देखें आदेश….

जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया अवलोकन

जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया अवलोकन

 रायपुर 7 फरवरी 2026/ बस्तर पंडुम के शुभारंभ समारोह में शामिल होने पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज बस्तर की माटी की सुगंध और आदिम जनजातीय परंपराओं पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर वहां मौजूद स्थानीय निवासियों और कारीगरों से प्रदर्शित कलाओं एवं उत्पादों की विस्तृत जानकारी ली।

राष्ट्रपति मुर्मु ने बस्तर पंडुम को आदिवासी विरासत को संजोने और उसे पूरी दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने एक-एक कर ढोकरा हस्तशिल्प कला, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस कला, लौह शिल्प, जनजातीय वेश-भूषा एवं आभूषण, तुम्बा कला, बस्तर की जनजातीय चित्रकला, स्थानीय व्यंजन तथा लोक चित्रों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसकी सराहना की।

बस्तर पंडुम आयोजन स्थल पर जनजातीय हस्तशिल्प आधारित प्रदर्शनी में ढोकरा कला से निर्मित सामग्रियों का विशेष प्रदर्शन किया गया। इस हस्तशिल्प में लॉस्ट वैक्स कास्टिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है। यह भारत की प्राचीन जनजातीय धातु कला है, जिसमें प्रकृति, देवी-देवताओं और ग्रामीण जीवन की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। ढोकरा की प्रत्येक कृति पूर्णतः हस्तनिर्मित होती है। इसके निर्माण में समाड़ी मिट्टी, मोम वैक्स, तार, पीतल, गरम भट्टी एवं सफाई मशीन का उपयोग किया जाता है। स्थानीय टेराकोटा कला को दर्शाती मिट्टी से बनी आकृतियों का भी प्रदर्शन किया गया, जो लोक आस्था, ग्रामीण जीवन और पारंपरिक विश्वासों को सजीव रूप में प्रस्तुत करती हैं।

प्रदर्शनी में लकड़ी की नक्काशी (Wood Carving) कला के माध्यम से सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति देखने को मिली। लकड़ी की मूर्तियां बनाने के लिए सागौन, बीजा, सिवनर एवं साल लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसमें कारीगर पारंपरिक औजारों से बारीक आकृतियां उकेरते हैं। इसी तरह सीसल कला से बने जूट के कपड़े एवं अन्य हस्तशिल्पों का भी राष्ट्रपति ने अवलोकन किया।

एक अन्य स्टॉल में बांस से बनी पारंपरिक उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया। वहीं गढ़ा हुआ लोहे की कला (Wrought Iron Art) से निर्मित कलाकृतियों ने भी राष्ट्रपति को विशेष रूप से आकर्षित किया।

जनजातीय आभूषणों को प्रदर्शित करने वाले स्टॉल ने राष्ट्रपति का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस स्टॉल में चांदी, मोती, शंख एवं विभिन्न धातुओं से हाथ से बनाए गए जनजातीय आभूषण (Tribal Jewellery) प्रदर्शित किए गए। ये आभूषण आदिवासी समुदायों की पहचान, सामाजिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं।
तुम्बा कला (Tumba Art) के अंतर्गत सूखी लौकी जैसी फली से बनाए गए पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शनी में रखी गई थीं। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण स्टॉल में बस्तर क्षेत्र की प्रमुख जनजातियां — दंडामी माढ़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा एवं हल्बा — की पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण संबंधित जनजातियों के युवक-युवतियों
द्वारा प्रदर्शित किए गए।

बस्तर पंडुम स्थल पर जनजातीय चित्रकला से जुड़ी जीवंत प्रदर्शनी का भी राष्ट्रपति मुर्मु ने अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में बस्तर की चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक प्रस्तुत की गई। बस्तर की कला में जंगल, लोक देवता, पर्व-त्योहार और दैनिक जीवन को सहज रंगों और प्रतीकों के माध्यम से उकेरा जाता है। यह चित्रकला पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है।

स्थानीय व्यंजन स्टॉल में जनजातीय दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली खाद्य सामग्री एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन किया गया। इसमें जोंधरी लाई के लड्डू, जोंधरा, मंडिया पेज, आमट, चापड़ा चटनी, भेंडा चटनी, कुलथी दाल, पान बोबो, तीखुर जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ पेय पदार्थ लांदा और सल्फी को प्रदर्शित किया गया।
लोक जीवन से संबंधित लोकचित्रों की प्रदर्शनी में बस्तर की संस्कृति और इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, लोकजीवन एवं लोक परंपराओं से जुड़ी तस्वीरों के साथ-साथ बस्तर के जनजातीय समाज और लोक संस्कृति से संबंधित साहित्य भी प्रदर्शित किया गया।

CG – प्राचार्य पर FIR दर्ज, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

CG – प्राचार्य पर FIR दर्ज, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

 बलरामपुर। स्कूल में छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। प्राचार्य ने प्राचार्य ने छात्रा के साथ स्कूल में छेड़छाड़ किया। अब मामले में परिजन की शिकायत पर पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। एफआईआर के बाद आरोपी प्राचार्य फरार हो गया है। मामला वाड्रफनगर पुलिस चौकी क्षेत्र का है।

वाड्रफनगर चौकी अंतर्गत शासकीय उमावि बरतीकला में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा ने स्कूल के प्राचार्य युवधन जायसवाल पर बैड टच का आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। छात्रा से स्कूल में प्राचार्य ने छेड़छाड़ की। छात्रा ने हिम्मत जुटा घर पहुंच मामले की जानकारी अपने परिजन को दी। जिसके बाद परिजन ने इस मामले की शिकायत वाड्रफनगर चौकी पुलिस से की है। शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में प्राचार्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है और पुलिस प्राचार्य की तलाश कर रही है। छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है तथा घटना के संबंध में अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे है। आरोपी प्राचार्य की गिरफ्तारी के लिए सभी संभावित ठिकानों पर पुलिस दबिश दे रही हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव का कहना है कि कि मामला संज्ञान में आने के बाद तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

CG – आइल फैक्ट्री में लगी भीषण आग : आसमान में छाया काले धुएं का गुबार, इलाके में मची अफरा-तफरी

CG – आइल फैक्ट्री में लगी भीषण आग : आसमान में छाया काले धुएं का गुबार, इलाके में मची अफरा-तफरी

 रायपुर। राजधानी रायपुर में थाना खमतराई स्थित आयल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग का धुंआ कई किलोमीटर दूर से नजर आ रहा है। फैक्ट्री में लगी आगजनी से फैक्ट्री के चारों तरफ अफरा-तफरी की स्थिति नजर आ रही है। मौके पर मौजूद दमकल की टीम आग को बुझाने में जुटी हुई है। फिलहाल, आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है।

धुएं का काला गुबार शहर में दूर-दूर तक देखने को मिल रहा है। राहत की बात ये है कि इस घटना में जनहानी नहीं हुई है। आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है और इस घटना के साथ ही नुकसान का भी आंकलन किया जा रहा है।

रायपुर मर्डर मिस्ट्री? तालाब में मिली लाश ने उड़ाए होश, पीएम रिपोर्ट में खुलेगा मौत का राज

रायपुर मर्डर मिस्ट्री? तालाब में मिली लाश ने उड़ाए होश, पीएम रिपोर्ट में खुलेगा मौत का राज

रायपुर।  राजधानी के पुरानी बस्ती से एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहाँ के प्रसिद्ध कंकाली तालाब में शनिवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सुबह सैर पर निकले लोगों ने जब तालाब के पानी में लाश देखी, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी।

दो से तीन दिन पुराना है शव

पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर गोताखोरों की मदद से शव को पानी से बाहर निकलवाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शव की स्थिति को देखकर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि यह 2 से 3 दिन पुराना है। पानी में रहने के कारण शव काफी फूल चुका है, जिससे तत्काल पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है।

हत्या या आत्महत्या? 

घटनास्थल पर मौजूद पुलिस की टीम आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। शहर के सभी थानों को गुमशुदगी की रिपोर्ट चेक करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस इस मामले को दो एंगल से देख रही है, क्या यह महज एक दुर्घटना या आत्महत्या है? या फिर किसी ने हत्या कर साक्ष्य छिपाने की नियत से शव को तालाब में फेंका है?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलेगा राज 

पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।

राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘बस्तर पंडुम-2026‘ का किया शुभारंभ, राज्यपाल और CM मौजूद... देखें LIVE

राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘बस्तर पंडुम-2026‘ का किया शुभारंभ, राज्यपाल और CM मौजूद... देखें LIVE

 जगदलपुर।  बस्तर के सांस्कृतिक इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने माई दन्तेश्वरी की पावन धरा पर कदम रखते ही तीन दिवसीय ‘बस्तर पंडुम-2026’ का दीप प्रज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के इस महाकुंभ के आगाज़ के साथ ही पूरा बस्तर उत्सव के रंग में सराबोर हो गया है।

उद्घाटन समारोह के दौरान मंच पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रेमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, गजेन्द्र यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व स्थानीय विधायक किरण सिंह देव सहित कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे बस्तर में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है।

 

राडा ऑटो एक्सपो में रिकॉर्ड 57,435 वाहनों की बिक्री

राडा ऑटो एक्सपो में रिकॉर्ड 57,435 वाहनों की बिक्री

 0-एक्सपो में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार, सरकार के खाते में गया करोड़ों रुपए का राजस्व 

रायपुर। मध्य भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल मेले रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के 'राडा ऑटो एक्सपो-26' में अब तक के सर्वाधिक 57,435 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें साढ़े 34 हजार से ज्यादा दोपहिया, साढ़े सोलह हजार कार और ट्रक, बस, ऑटो, छोटे-बड़े मालवाहक, लोडर समेत 6052 अन्य वाहनों की बिक्री हुई। राडा ऑटो एक्सपो में 3000 करोड़ से ज्यादा का कारोबार हुआ और राज्य सरकार के खाते में करोड़ों रुपए का राजस्व पहुंचा। राडा ऑटो एक्सपो में रिकॉर्डतोड़ बिक्री के लिए राडा के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार को धन्यवाद दिया है। इस संबंध में जानकारी के मुताबिक राडा द्वारा 9वें राडा ऑटो एक्सपो का आयोजन राजधानी के श्रीराम बिजनेस पार्क में किया गया। इस ऑटो एक्सपो के लिए छत्तीसगढ़ शासन ने आजीवन रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी थी। इसका जबर्दस्त प्रतिसाद मिला। लोगों ने जमकर खरीदारी की और बिक्री का नया रिकॉर्ड बना है। राडा के पदाधिकारियों ने बताया कि 8वें राडा ऑटो एक्सपो में 29000 वाहनों की बिक्री हुई थी। इससे सरकार को 800 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई थी। राडा के पदाधिकरियों ने बताया कि उन्हें प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक 57435 वाहनों की बिक्री हुई। इसमें 34,881 दोपहिया की बिक्री हुई। एक्सपो में बिके कारों की संख्या 16502 है और बस, ट्रक, तिपहिया समेत 6052 अन्य वाहन बिके हैं। पेट्रोल से चलने वाली बाइक के साथ ही ईवी दोपहियों की भी खरीदी की है।राडा ऑटो एक्सपो के गुरुवार को मिले आंकड़ों के मुताबिक इस बार 3 हजार करोड़ से ज्यादा के वाहन बिके हैं। इस बिक्री से सरकार के खाते में करोड़ों रुपए का राजस्व पहुंचा है। इस बार शासन की ओर से यातायात सुरक्षा अंशदान का भी प्रावधान किया गया था। उसमें भी 10 करोड़ रुपए से अधिक की राशि गई है। 

  मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री, परिवहन मंत्री को राडा ने दिया धन्यवाद---

राडा ऑटो एक्सपो में रिकॉर्डतोड़ बिक्री के लिए टीम राडा ने राज्य सरकार का आभार जताया है। राडा के अध्यक्ष श्री रविन्द्र भसीन, राडा के उपाध्यक्ष श्री कैलाश खेमानी, राडा के सचिव श्री विवेक अग्रवाल, राडा के कोषाध्यक्ष श्री मुकेश सिंघानिया, कैट के नेशनल वाइस चेयरमैन श्री अमर पारवानी, फाडा के पूर्व अध्यक्ष श्री मनीष राज सिंघानिया, राडा के पूर्व अध्यक्ष एवं फाडा छत्तीसगढ़ चेप्टर के अध्यक्ष श्री विवेक गर्ग, फाडा छत्तीसगढ़ चेप्टर के पूर्व अध्यक्ष श्री अनिल अग्रवाल, राडा के पूर्व अध्यक्ष श्री जयेश पिथालिया, श्री शशांक शाह ने राडा एक्सपो में 50 फीसदी रोड टैक्स में छूट दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी आर परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप को धन्यवाद दिया। राडा के ऑटो एक्सपो में पहली बार पूरे छत्तीसगढ़ के ग्राहकों को लाभ मिला। ऑटो एक्सपो-2026 के अंतर्गत सभी नागरिकों को अपने गृह जिले में ही वाहन पंजीयन कराने की सुविधा दी गई। इससे ग्राहक अपने नजदीक के डीलर्स के पास पहुंचे और वाहनों की खरीदी की। उन्होंने खरीदे गए वाहन पर अपने गृह जिले के परिवहन कार्यालय का पंजीयन चिन्ह (आरटीओ कोड) प्राप्त किया। 

राडा ऑटो एक्सपो में रिकॉर्ड 57,435 वाहनों की बिक्री

राडा ऑटो एक्सपो में रिकॉर्ड 57,435 वाहनों की बिक्री

आज पहली बार राष्ट्रपति बस्तर दौरे पर ,अमित शाह देर शाम रायपुर पहुंचेंगे

आज पहली बार राष्ट्रपति बस्तर दौरे पर ,अमित शाह देर शाम रायपुर पहुंचेंगे

 रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज पहली बार बस्तर दौरे पर पहुंच रही हैं। वे सुबह 11 बजे जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। बस्तर की कला, संस्कृति और आदिवासी परंपरा को करीब से देखेंगी

मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू सुबह भुवनेश्वर से जगदलपुर के लिए रवाना होंगी। 10.30 बजे जगदलपुर के मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट आएंगी। लालबाग मैदान में बस्तर पण्डुम कार्यक्रम में शामिल होंगी। सुबह 10.55 से 11.10 मिनट तक स्टॉल्स का अवलोकन करेंगी। राष्ट्रपति महोत्सव स्थल पर बस्तर पंडुम के अंतर्गत लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण करेंगी। वे बस्तर की पारंपरिक हस्तशिल्प, जनजातीय कलाओं, लोक वेशभूषा और स्थानीय उत्पादों का अवलोकन करेंगी। कलाकारों और शिल्पकारों से संवाद करेंगी। 

इसके पश्चात राष्ट्रपति मुख्य समारोह में भाग लेंगी, जहां छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। इस दौरान बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति पर आधारित पारंपरिक आदिवासी नृत्य, लोकगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बाद कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगी। बस्तर पण्डुम में मेहमानों के साथ होगा फोटोग्राफ सेशन शामिल होंगी। मांझी और चलकी के साथ राष्ट्रपति संवाद करेंगी। दोपहर 12.30 बजे मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से रायपुर रवाना होंगी। दोपहर 1.30 बजे रायपुर एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना होंगी।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को अपने तीन दिवसीय प्रवास पर आज देर शाम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचेंगे । इसके बाद आठ फरवरी को रायपुर में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी और अर्धसैनिक बलों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे।

 सायबर क्राइम पूरे शबाब पर सतर्क रहना ही समाधान: एसीपी पटेल

सायबर क्राइम पूरे शबाब पर सतर्क रहना ही समाधान: एसीपी पटेल

रायपुर- महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय रायपुर में कमिश्नरेट प्रभावशील होने के बाद पहला महत्वपूर्ण व्याख्यान सम्वाद से समाधान कार्यक्रम पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से  एसीपी तारकेश्वर पटेल ,  डीएसीपी  दीपक मिश्रा थाना प्रभारी कोतवाली सतीश सिंह एवं यातायात निरीक्षक भोई आदि की विशेष उपस्थिति रही वहीं आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी एवं  शिक्षक शिक्षिकाएं के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति रही आयोजन में पुलिस अधिकारियों ने ने संवाद से समाधान में साइबर अपराध पुलिस हेल्पलाइन नंबर सहित नशाखोरी को रोकने के लिए होने वाले प्रयासों को लेकर विस्तार से जानकारी रखी अधिकारियों ने बताया कि किस तरह के साइबर अपराध निरंतर सामने आ रहे हैं उन अपराधों से पुलिस किस तरह निराकरण कर रही है अधिकारियों ने विद्यार्थियों को जागरूक करने की कोशिश और पुलिस के महत्वपूर्ण नंबर बताएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन नंबरों का उपयोग कर विद्यार्थी अपने को अच्छी तरह सकें और आने वाले खतरे से बच सकें महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने भी संवाद से समाधान कार्यक्रम को पुलिस का एक महत्वपूर्ण अभियान बताया और कहा कि इस तरह के अभियान से जागरूकता बढ़ेगी और कॉलेज स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे बच्चियों को सुरक्षित रखने में मदद हो सकेगी उन्होंने बोला कि विद्यार्थियों को पुलिस से संवाद कर डर दूर करना चाहिए और अपराध दूर करने में भी मदद करनी चाहिए यातायात निरीक्षक  भोई यातायात के नियमों की जानकारी दी और हेलमेट की अनिवार्यता को समझाया ताकि एक सुरक्षित वाहन चलाने में विद्यार्थी सजग और सुरक्षित रहें उनके द्वारा सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तमाम प्रयासों की भी जानकारी दी गई जो बेहद सार्थक रही एडीसीपी दिनेश मिश्रा ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर के जरिए विद्यार्थी में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया इस दौरान विद्यार्थियों ने उनसे सवाल जवाब किया और अपने को संतुष्ट किया उन्होंने बताया कि पुलिस निरंतर अपराध को रोकने की दिशा में कदम बढ़ा रही है और आने वाले दिनों में इसकी बेहतर परिणाम सामने आएंगे कार्यक्रम में  प्राध्यापक ललित वर्मा, डॉ प्रेम,अनुपमा जैन, अपूर्व शर्मा, रामप्रसाद दुबे,सिमरन चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्रओं उपस्थित हुए कार्यक्रम का संचालन  प्रीतम दास ने की ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी ‘बस्तर पंडुम-2026’ का शुभारंभ — जनजातीय कला और परंपरा का होगा भव्य उत्सव……

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करेंगी ‘बस्तर पंडुम-2026’ का शुभारंभ — जनजातीय कला और परंपरा का होगा भव्य उत्सव……

 रायपुर: राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ ‘बस्तर पण्डुम-2026‘ का 7 फरवरी 2026 को शुभारंभ करेंगी। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 9 फरवरी तक आयोजित होगा। जनजातीय समाज के इस तीन दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ जनजातीय जीवनशैली, मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत सहेजने और प्रदर्शित करने का पर्व है। बस्तर पण्डुम लोककला और संस्कृति तथा स्थानीय परंपराओं से जुड़ा उत्सव है। यह उत्सव बस्तर जनजातीय बस्तर पण्डुम जानजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और उनकी समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। इस उत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की सांस्कृतिक को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति महोत्सव “बस्तर पंडुम 2026” का शुभारंभ समारोह 7 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे जगदलपुर में होगा। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री द्वय  अरुण साव और  विजय शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप विशेष रूप से शामिल होंगे।

बस्तर अंचल में पण्डुम पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस उत्सव में जनजातीय समाज की जीवनशैली के दर्शन होते है। इस बार पण्डुम पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 12 विधाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। युवा कलाकारों के माध्यम से बस्तर जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा व आभूषण, पूजा पद्धति, बस्तर शिल्प, जनजातीय चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य एवं बस्तर वन औषधि पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम में सांसद द्वय  भोजराज नाग और  महेश कश्यप, विधायक  किरण सिंहदेव, सुश्री लता उसेण्डी,  विक्रम उसेण्डी,  नीलकण्ठ टेकाम,  आशाराम नेताम,  चैतराम अटामी,  विनायक गोयल, सावित्री मनोज मंडावी,  लखेश्वर बघेल,  विक्रम मंडावी तथा महापौर  संजय पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।

स्थानीय जरूरतों और जन आकांक्षा के अनुरूप स्वीकृत होंगे विकास कार्य: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

स्थानीय जरूरतों और जन आकांक्षा के अनुरूप स्वीकृत होंगे विकास कार्य: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की प्रथम बैठक जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में प्राधिकरण के अंतर्गत स्वीकृत प्रमुख विकास कार्यों, प्राधिकरण मद से निर्माणाधीन कार्यों के अनुमोदन, प्रावधानित बजट तथा नवीन स्वीकृत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक उत्थान हेतु संचालित योजनाओं की प्रगति का आकलन करना तथा भावी विकास रणनीतियों का निर्धारण करना था, ताकि विकास का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।

मुख्यमंत्री साय ने प्राधिकरण के अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का समय पर एवं पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए और इसके लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी आवश्यक है।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिले के अंतर्गत स्वीकृत सभी विकास कार्यों, सेवाओं एवं कार्यक्रमों का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के हित को प्राथमिकता में रखते हुए सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों को अविलंब पूर्ण किया जाए।

स्वीकृत विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 तक स्वीकृत निर्माण एवं विकास कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगति की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे विकास कार्य जो अब तक अप्रारंभ हैं अथवा प्रगतिरत हैं, उन्हें चिन्हित करते हुए दो माह की समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला कलेक्टरों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की तथा समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत क्षेत्रीय नेतृत्व से परामर्श लेकर अल्पकालिक योजनाओं का निर्माण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तथा जन अपेक्षाओं के अनुरूप छोटे-छोटे निर्माण कार्यों की त्वरित स्वीकृति का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण के अंतर्गत राज्य के 35 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं के विकास, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रोत्साहन, शैक्षणिक सुविधाओं तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही शिक्षा एवं छात्रावासों के विकास पर प्रमुख रूप से जोर दिया गया है और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष  ललित चंद्राकर सहित अन्य विधायकगण एवं अन्य जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  बसवराजू एस, शासन के विभिन्न विभागों के सचिव, आईजी, कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरना एथनिक रिसॉर्ट जशपुर को प्रदान किया ग्रीन लीफ अवॉर्ड

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरना एथनिक रिसॉर्ट जशपुर को प्रदान किया ग्रीन लीफ अवॉर्ड

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जशपुर स्थित सरना एथनिक रिसॉर्ट को रिसॉर्ट एवं परिसर में स्वच्छता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के मानकों पर पूर्णतः उपयुक्त पाए जाने पर वर्ष 2025-26 हेतु प्रतिष्ठित ग्रीन लीफ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य को प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की अथक मेहनत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

ग्रीन लीफ अवॉर्ड पर्यटन क्षेत्र में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग का हिस्सा है। यह अवॉर्ड होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और अन्य पर्यटन इकाइयों को प्रदान किया जाता है जो उच्च स्वच्छता मानकों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के दिशा निर्देशों का पालन करते हैं।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने हाल के वर्षों में पर्यटन विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। बोर्ड ने इको-फ्रेंडली रिसॉर्ट्स, होमस्टे और ट्रेकिंग रूट्स विकसित कर पर्यटन राजस्व में वृद्धि दर्ज की। जशपुर के सरना एथनिक रिसॉर्ट को मिला यह सम्मान बोर्ड की स्वच्छता, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदाय सशक्तिकरण की नीतियों का जीवंत प्रमाण है। इससे राज्य में पर्यटन को नई गति मिलेगी।

Congress को बड़ा झटका: प्रदेश कांग्रेस PCC सचिव ने दिया इस्तीफा, संगठन पर लगाए बड़े आरोप

Congress को बड़ा झटका: प्रदेश कांग्रेस PCC सचिव ने दिया इस्तीफा, संगठन पर लगाए बड़े आरोप

 रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सचिव निवेदिता चटर्जी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र सौंपा है।

इस्तीफे में निवेदिता चटर्जी ने संगठन में लंबे समय से उपेक्षा और जिम्मेदारी न मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पिछले 11 वर्षों से वे पार्टी के लिए लगातार कार्य कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई ठोस जिम्मेदारी या अवसर नहीं दिया गया। निवेदिता चटर्जी ने अपने इस्तीफे में लिखा कि वह वर्ष 2014 से लगातार PCC सचिव के पद पर बनी रहीं, जबकि उनके सामने कई नेता ब्लॉक अध्यक्ष, विधायक और सांसद बने और बाद में प्रदेश अध्यक्ष जैसे बड़े पदों तक पहुंचे। उन्होंने लिखा कि मेरे सामने दीपक बैज ब्लॉक अध्यक्ष बने, विधायक बने, सांसद बने और अंततः प्रदेश अध्यक्ष भी बने, लेकिन मैं 2014 से आज तक सचिव ही रह गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी के कठिन समय में वह हमेशा संगठन के साथ खड़ी रहीं, लेकिन जब उन्हें समर्थन और सम्मान की जरूरत थी, तब पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया। निवेदिता ने पत्र में लिखा कि मैं पार्टी के साथ हर संघर्ष में रही लेकिन कठिन समय में पार्टी ने मेरा साथ नहीं दिया। इस्तीफे में उन्होंने संगठन के भीतर अनदेखी, अवसरों की कमी और लगातार उपेक्षा को अपने फैसले का मुख्य कारण बताया है। इस घटनाक्रम को कांग्रेस के भीतर बढ़ती असंतुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

3 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी

3 दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी

 रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे। जिसे लेकर मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। वे कल 7 फरवरी को शाम 4:40 को रायपुर एयरपोर्ट पहुचेंगे और वहां से निजी होटल के लिए रवाना होंगे।

इसके बाद गृहमंत्री शाह अगले दिन 8 फरवरी को सुबह 11:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल मीटिंग लेंगे और शाम 5:00 बजे से 06:10 मिनट तक शिफ्टिंग द लेंस थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे। यहां वे निजी होटल में ही रात्रि विश्राम करेंगे।

 केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 9 फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे सुबह 11:00 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और वहां से बाय रोड बस्तर पंडूम कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 12:05 से शाम 04:00 बजे तक कार्यक्रम में शामिल होंगे और शाम 4:20 को जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे ।

इलेट्रॉनिक शॉप में लगी भीषण आग, दुकान के अंदर फंसे युवक की जलने से हुई मौत

इलेट्रॉनिक शॉप में लगी भीषण आग, दुकान के अंदर फंसे युवक की जलने से हुई मौत

 जांजगीर चांपा। यहां के बलौदा बस स्टैंड के पास स्थित राजू इलेट्रॉनिक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस दौरान दुकान के अन्दर दुकान मालिक का बेटा राज कुमार फंस गया और जलने से उसकी मौत हो गई। फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और आग पर काबू पाने के बाद शव को बाहर निकाला गया

लोगों ने बताया कि बलौदा बस स्टैंड के पास राजू इलेट्रॉनिक दुकान से अचानक धुआं निकलता हुआ दिखा, जिसके बाद  दुकान में काम करने वाले लोग और मालिक मौके से निकल गए। दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और पूरी दुकान को कुछ ही मिनटों में आग ने अपनी लपेट में लिया, जिससे दुकान के अंदर रखा पूरा सामान जल गया है. दुकान मालिक को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है.

बताया जा रहा है कि दो मंजिला दुकान और तीसरे मंजिल मे निवास होने के कारण दुकान मालिक का बेटा  सामान को बचाने के लिए ऊपर ही रुक गया और आग की लपटे देखकर घर के अंदर का शटर बंद कर घुस गया, मगर जब आग पर काबू पाते हुए रेस्क्यू टीम शटर तोड़कर अंदर घुसी तो युवक जला हुआ मिला। इसके बाद शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए बलौदा अस्पताल भेज दिया गया।

ट्रैफिक पुलिस की टो वैन की टक्कर से 14 वर्षीय छात्र की मौत, बहन गंभीर

ट्रैफिक पुलिस की टो वैन की टक्कर से 14 वर्षीय छात्र की मौत, बहन गंभीर

 रायपुर । राजधानी में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 14 वर्षीय स्कूली छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत छत्तीसगढ़ क्लब के पास सुबह करीब 7:30 बजे हुआ।जानकारी के अनुसार, लभांडी निवासी अंश सतवानी (14) अपनी 10 वर्षीय बहन अनिशा सतवानी को स्कूल छोड़ने स्कूटर से जा रहा था। दोनों सिविल लाइन क्षेत्र के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। जैसे ही वे छत्तीसगढ़ क्लब के पास स्कूल की ओर मुड़े, पीछे से आ रही ट्रैफिक पुलिस की वाहन उठाने वाली टो वैन (क्रेन) अनियंत्रित हो गई और स्कूटर को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसा इतना भीषण था कि अंश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बहन अनिशा गंभीर रूप से घायल हो गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्ची को तत्काल एंबुलेंस के जरिए डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

चालक फरार, इलाके में आक्रोश
हादसे के बाद टो वैन का चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और घटना को लेकर आक्रोश जताया। सूचना पर पुलिस लाइन एसीपी रमाकांत साहू पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हादसे में शामिल वाहन ट्रैफिक पुलिस का लोडर वाहन है और चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।

पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी मृतक बच्चे के परिजनों को दी। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहर में भारी वाहनों की लापरवाही और ट्रैफिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र सीमा पर मुठभेड़, तीन नक्सली मारे गए, एक जवान शहीद, एक घायल

छत्तीसगढ़–महाराष्ट्र सीमा पर मुठभेड़, तीन नक्सली मारे गए, एक जवान शहीद, एक घायल

 छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह से नक्सली और जवानों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस नक्सल ऑपरेशन में अब तक तीन नक्सली ढेर हुए हैं। वहीं एक जवान के वीरगति प्राप्त होने की खबर है। दूसरी ओर एक जवान को एयरलिफ्ट कर अस्पताल पहुंचाया गया। मुठभेड़ स्थल से एके-47 और एक इंसास राइफल बरामद हुई है। हालांकि इसकी आधिकारिकतौर पर पुष्टी नहीं हुई है। जवानों ने नक्सलियों को चारों तरफ से घेर रखा है। दोनों तरफ से फायरिंग जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र पुलिस के विशेष दस्ता सी-60 ने नक्सलियों के खिलाफ यह ऑपरेशन चलाया। अबूझमाड़ के दुर्गम इलाके में सर्चिंग और डोमिनेटिंग ऑपरेशन के दौरान उन्हें नक्सलियों की मौजूदगी के सटीक जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है।

फिलहाल इलाके में नक्सल ऑपरेशन जारी है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुई हैं। ऑपरेशन खत्म होने के बाद पूरी जानकारी साझा की जायेगी। इससे पूर्व गुरुवार को बीजापुर जिले हुई मुठभेड़ में नक्सली कमांडर उधम सिंह मारा गया था। वहीं 46 लाख के इनामी 12 माओवादी ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें आठ महिला नक्सली भी शामिल थी। ये सभी माओवादी संगठन के ‘साउथ सब जोनल ब्यूरो’ से जुड़े थे। इन्होंने बस्तर पुलिस की ‘पूना मर्जेम’ (पुनर्वास से सामाजिक पुनर्स्थापन) पहल के तहत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने सरेंडर किया। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर इन्होंने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया।

इनमें सोमडू मड़काम (42) डिविजनल कमेटी मेंबर और कटेकल्याण एरिया कमेटी प्रभारी, हुंगी कुंजाम (19) और पायकी कुंजाम (22) शामिल हैं, जो अलग अलग यूनिट के पार्टी मेंबर थे। इन तीनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसके अलावा तीन अन्य नक्सलियों पर पांच-पांच लाख रुपये, एक पर दो लाख रुपये और पांच पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने एक एके 47 रायफल, दो सेल्फ लोडिंग रायफल (एसएलआर), 250 जिलेटिन स्टिक, 400 डेटोनेटर, बारूद से भरा एक प्लास्टिक ड्रम और कॉर्डेक्स वायर का एक बंडल भी पुलिस को सौंपा। अधिकारी ने बताया कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को तत्काल 5- 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी और सरकार की नीति के तहत उनका पुनर्वास किया जाएगा।

2024 से अब तक 888 नक्सलियों ने मुख्यधारा में की वापसी

पुलिस के अनुसार, बीजापुर जिले में एक जनवरी 2024 से अब तक 888 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है, जबकि 1,163 गिरफ्तार हुए और अलग अलग मुठभेड़ों में 231 मारे गए। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि माओवादी संगठन तेजी से अपने अंत की ओर बढ़ रहा है। दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा कैंप स्थापित होने, सड़क संपर्क बेहतर होने, लगातार सफल नक्सल विरोधी अभियानों और विकास योजनाओं की प्रभावी पहुंच से संगठन का आधार क्षेत्र लगातार सिमट रहा है।

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज संसद में अपने उद्बोधन के दौरान विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है। विकास की धारा अब बस्तर के गांव-गांव तक पहुंच रही है। कई ऐसे गांव हैं जहां पहली बार बस सेवा शुरू हुई और पूरे गांव ने इसे उत्सव की तरह मनाया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब कुछ जिलों को पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया था।

वहां रहने वाले करोड़ों लोगों की मौलिक आवश्यकताओं तक को नकार दिया गया था और उन्हें उसी अवस्था में जीने के लिए मजबूर कर दिया गया। इन क्षेत्रों में विकास के अभाव ने हालात को और बदतर बना दिया था। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि ऐसे जिलों को पनिशमेंट पोस्टिंग के लिए उपयुक्त माना जाने लगा था, जिससे वहां की व्यवस्था और अधिक बिगड़ती चली गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस सोच और संस्कृति को बदला गया। यह निर्णय लिया गया कि पिछड़े क्षेत्रों में योग्य, युवा और होनहार अधिकारियों को तैनात किया जाएगा और उन्हें पूरे तीन वर्ष का समय दिया जाएगा, ताकि वे स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। एक के बाद एक ठोस निर्णय लिए गए और आज उनके परिणाम देश देख रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद में प्रधानमंत्री के बस्तर में हुए विकास पर दिए गए वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है। यह क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है। यहां अनेक सुंदर जलप्रपात हैं, कुटुमसर जैसी विश्वविख्यात गुफा है, विशाल अबूझमाड़ का जंगल है और धुड़मारास गांव को विश्व पर्यटन संस्था द्वारा चयनित 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास इस पूरे क्षेत्र को छू नहीं पाया, जबकि बस्तर का क्षेत्रफल केरल राज्य से भी बड़ा है। अब स्थिति तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और विकास ने नई गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और उत्साह का परिणाम है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन पिछले वर्ष से किया जा रहा है। पिछले वर्ष इसमें 1 करोड़ 65 लाख युवाओं की भागीदारी रही, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3 करोड़ 91 लाख तक पहुंच गई है। इसी तरह बस्तर पंडुम का आयोजन भी पिछले वर्ष किया गया और इस वर्ष भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का शुभारंभ 7 तारीख को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से होगा, जबकि समापन 9 तारीख को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी कई बार बस्तर और बस्तर ओलंपिक का उल्लेख किया जाना पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और संभावनाओं का प्रतीक बन रहा है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि नीति, नीयत और नेतृत्व सही हो, तो दशकों की उपेक्षा को भी बदला जा सकता है।

Breaking : रिटायर्ड DIG कमलोचन कश्यप बने पुलिस मुख्यालय में OSD, आदेश जारी

Breaking : रिटायर्ड DIG कमलोचन कश्यप बने पुलिस मुख्यालय में OSD, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवानिवृत्त पुलिस उप महानिरीक्षक (Retiring DIG) कमलोचन कश्यप को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें पुलिस मुख्यालय, रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त किया है।

01 वर्ष के लिए मिली जिम्मेदारी

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कश्यप की यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के तहत की गई है। उनका कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 01 वर्ष की अवधि के लिए होगा।

PHQ में संभालेंगे मोर्चा

कश्यप को पुलिस मुख्यालय में रिक्त असंवर्गीय पद के विरुद्ध नियुक्त किया गया है। उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए शासन ने यह संविदा नियुक्ति प्रदान की है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनकी सेवा की अन्य शर्तें और नियम विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे।

CG Breaking : छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: रिटायर्ड DIG कमलोचन कश्यप बने पुलिस मुख्यालय में OSD, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का अंतिम दिन आज, 10 जनवरी के बाद टोकन कटाने वाले किसान होंगे पात्र

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का अंतिम दिन आज, 10 जनवरी के बाद टोकन कटाने वाले किसान होंगे पात्र

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद धान खरीदी की तारीख बढ़ाई गई थी। जिसमें 5 और 6 फरवरी को भी प्रदेश में धान खरीदी की जाएगी। इस फैसले से तीन श्रेणियों के किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं आज धान खरीदी का अंतिम दिन है। ऐसे में 10 जनवरी के बाद टोकन कटाने वाले किसान ही पात्र होंगे।

बता दें कि, 28,29 और 30 जनवरी के टोकनधारी किसान बेच सकेंगे अपना धान, पहले धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी थी। सीएम साय ने कहा था कि, समीक्षा में जानकारी मिली कि कुछ किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं, कुछ पंजीयन नहीं कर पाए। इसलिए समय अवधि बढ़ाई जा रही है। टोकन कट जाने के बाद भी प्रदेश के लगभग ढाई लाख किसानों का धान नहीं बिक पाया है।