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बस्तर तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

बस्तर तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप

 ०--13 अगस्त को सुकमा के दुर्गम इलाकों से गुजरेगी तिरंगा यात्रा

०--'हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश

रायपुर / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर 'बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 13 अगस्त को सुकमा जिले में होने वाली इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप भी शामिल होंगे।

राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है

मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित यह यात्रा बस्तर के उन गांवों और क्षेत्रों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित थे और अब शांति, सुरक्षा और विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। 'हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस यात्रा का उद्देश्य राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।

सुकमा के दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंचेगी यात्रा

13 अगस्त को तिरंगा यात्रा चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम होते हुए आवापल्ली और बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम किया जाएगा।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है

यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने लाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा और नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों एवं नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही तिरंगे और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा।

महिला बाइकर्स भी होंगी शामिल

बस्तर तिरंगा यात्रा में महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे। महिला बाइकर्स तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और जनप्रतिनिधि भी भाग लेंगे।

'एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत होगा पौधरोपण

यात्रा के दौरान प्रत्येक शहीद स्थल पर 'एक पेड़ शहीदों के नाम अभियान के तहत जितने लोग शहीद हुए हैं, उतने ही पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा युवाओं, विद्यार्थियों और खेल प्रतिभाओं से संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।

साइबर फ्रॉड पर बलौदाबाजार पुलिस अलर्ट, संदिग्ध कॉल और लिंक से रहें सावधान

साइबर फ्रॉड पर बलौदाबाजार पुलिस अलर्ट, संदिग्ध कॉल और लिंक से रहें सावधान

 बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले में ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि फर्जी कॉल, संदिग्ध मैसेज, अनजान लिंक या किसी भी तरह की डिजिटल धोखाधड़ी की कोशिश को नजरअंदाज न करें। ठगी होने से बच जाने पर भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को देना जरूरी है।

पुलिस के अनुसार साइबर ठग बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल करने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड, यूजर आईडी, कार्ड संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए।

समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को संदिग्ध मोबाइल नंबर, बैंक खाते, लिंक और अन्य डिजिटल माध्यमों की जांच करने में मदद मिलती है। इससे संभावित ठगी को रोकने और दूसरे लोगों को साइबर अपराध का शिकार होने से बचाने में भी सहायता मिल सकती है। यदि ऑनलाइन ठगी हो जाए या ठगी का प्रयास किया जाए तो तत्काल 1930 पर साइबर हेल्पलाइन से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के साथ नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल में भी सूचना दी जा सकती है।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराध के मामलों में चुप न रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों को दें।

छत्तीसगढ़ के पहले पर्व हरेली पर मुख्यमंत्री निवास में सजी लोक संस्कृति की जीवंत झांकी

छत्तीसगढ़ के पहले पर्व हरेली पर मुख्यमंत्री निवास में सजी लोक संस्कृति की जीवंत झांकी

 00 गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मा माने जाने वाले प्रथम पर्व हरेली का भव्य और सांस्कृतिक गरिमा से भरपूर आयोजन नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उत्साहपूर्वक किया गया। आयोजन ने राजधानी में छत्तीसगढ़ के गांवों की सोंधी खुशबू और पारंपरिक जीवन शैली को साकार कर दिया। मुख्यमंत्री निवास परिसर को नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों तथा पारंपरिक ग्रामीण सजावट से विशेष रूप से सजाया गया था। प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य परिसर तक छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक दिखाई दे रही थी। हरियाली, प्राकृतिक सजावट और लोक अलंकरण ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर


हरेली पर्व के अवसर पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों का विशेष आकर्षण देखने को मिला। गेड़ी दौड़ ने लोगों में रोमांच और उत्साह भर दिया, वहीं बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे ग्रामीण खेलों ने बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। इन खेलों के माध्यम से नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया। आयोजन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध चारों ओर फैल रही थी। ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित अनेक पारंपरिक पकवानों का स्वाद लोगों ने उत्साहपूर्वक लिया। ग्रामीण अंचलों में विशेष अवसरों पर बनाए जाने वाले इन व्यंजनों ने लोगों को अपने गांव और पारिवारिक उत्सवों की याद दिला दी।
लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी लोकगीत और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकार झूमते नजर आए। लोकधुनों पर उपस्थित जनसमूह भी तालियां बजाते और उत्साह से सहभागी बनते दिखाई दिए। आयोजन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और लोक कला की समृद्ध परंपरा का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण रहचुली रहा, जिसका आनंद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी ने लिया। ग्रामीण मेलों और पारंपरिक उत्सवों की पहचान मानी जाने वाली रहचुली ने आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंदमय वातावरण बना दिया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर


हरेली पर्व मूलत: कृषि और प्रकृति से जुड़ा उत्सव है। इस दिन किसान अपने कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस कार्यक्रम ने हरेली को केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता, कृषि परंपरा और सांस्कृतिक गौरव के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया। नया रायपुर में आयोजित यह भव्य आयोजन इस बात का प्रतीक बना कि छत्तीसगढ़ अपनी आधुनिक विकास यात्रा के साथ-साथ अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक खेलों, खानपान और ग्रामीण विरासत को भी समान सम्मान और संरक्षण दे रहा है। हरेली महोत्सव ने राजधानी में उपस्थित लोगों को छत्तीसगढ़ की मिट्टी, हरियाली और लोक जीवन से गहराई से जोडऩे का कार्य किया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों ने लौटाई गांव की यादें, लोकगीत-लोकनृत्य और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक से सराबोर हुआ नया रायपुर

नवा रायपुर मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार की धूम, देखें LIVE

नवा रायपुर मुख्यमंत्री निवास में हरेली तिहार की धूम, देखें LIVE

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हरेली तिहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास भी आज हरेली के रंग में रंगा नजर आ रहा है। परिसर में की गई पारंपरिक सजावट लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है। प्रवेश द्वार से लेकर परिसर के अलग-अलग हिस्सों तक हरेली पर्व की थीम के अनुरूप सजावट की गई है, जिसमें कृषि उपकरणों और ग्रामीण परिवेश की झलक देखने को मिल रही है।

मुख्यमंत्री निवास की यह सजावट छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित कर रही है. ऐसा प्रतीत हो रहा है, जैसे शहर के बीच मुख्यमंत्री निवास परिसर में छत्तीसगढ़ का एक छोटा-सा गांव जीवंत हो उठा हो. हरेली तिहार किसानों और खेती-किसानी से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन किसान कृषि उपकरणों की पूजा कर अच्छी फसल, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।

 
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, अगले 4 दिन बारिश के आसार

CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, अगले 4 दिन बारिश के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसूनी गतिविधियों के बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज हो सकता है। खासकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले चार दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जिसमें बिलासपुर जिले के बोदरी में सबसे अधिक 7 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।

मौसम के इस बदलाव के बीच प्रदेश में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बताई गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश किसानों और खरीफ फसलों के लिए राहत लेकर आ सकती है।

कई इलाकों में हुई बारिश

मंगलवार को छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों में मौसम बदला रहा। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के बोदरी में सर्वाधिक 7 सेमी पानी गिरा।

इसके अलावा बिलासपुर, सकरी और पथरिया में 5-5 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। कुमरदा, दुलदुला, मरीं बंगला देवरी, गोबरा नवापारा और तखतपुर में 4-4 सेमी वर्षा हुई।

बैकुंठपुर, डोंडीलोहारा, बिल्हा, लालपुर थाना, कोटा और मुंगेली में 3-3 सेमी बारिश दर्ज की गई। वहीं छिंदगढ़, भाटापारा, अर्जुन्दा, मस्तूरी, राजिम, छुरा, भाखरा, छुरिया, दाढ़ी, पचपेड़ी और अंबागढ़ चौकी में 2-2 सेमी वर्षा हुई।

नांदघाट, कुरूद, गुरूर, चिरमिरी, पाटन, रामचंद्रपुर, गुंडरदेही, धमतरी, बलरामपुर, डोंगरगांव, नवागढ़, बरमकेला और अभनपुर में भी बारिश हुई। इन क्षेत्रों में करीब 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई।

जगदलपुर और दुर्ग में रहा सबसे ज्यादा तापमान

बारिश के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को जगदलपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा में 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बारिश और बादलों की मौजूदगी के कारण कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना रहा, जबकि कुछ इलाकों में उमस भी महसूस की गई।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है और गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बारिश होने से तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बादलों के बीच उमस का असर भी बना रह सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की एक बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसम सिस्टम हो सकता है।

फिलहाल उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास ऊपरी हवा में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से इसी क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो इसका असर मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है।

इसके साथ ही मानसून द्रोणिका भी सक्रिय बनी हुई है। यह बीकानेर से लेकर उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र, सीधी, रांची और दीघा होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।

मौसम प्रणालियों की इस सक्रियता के चलते छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश का सिलसिला बढ़ने की संभावना है।

उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर की संभावना

मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के दौरान प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में पहले से ही मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। नए सिस्टम के प्रभाव से इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।

किसानों के लिए बारिश हो सकती है राहत

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन में मानसून की बारिश का सीधा असर पड़ता है। खरीफ सीजन में धान समेत कई फसलों के लिए पर्याप्त बारिश बेहद जरूरी होती है। इस बार मौसमी बारिश सामान्य से 7 प्रतिशत कम रहने के कारण किसानों की नजर अब आगामी बारिश पर टिकी हुई है।

यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों को इसका फायदा मिल सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।

मौसम विभाग की नजर नए सिस्टम पर

बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र को लेकर मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। सिस्टम के बनने और आगे बढ़ने के बाद ही इसके प्रभाव और बारिश की तीव्रता को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

फिलहाल छत्तीसगढ़ में मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत हैं। अगले चार दिनों में विशेष रूप से उत्तरी जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश की स्थिति देखने को मिल सकती है।

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रायपुर पुलिस का विशेष अभियान, 130 असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई, 19 वारंट तामिल

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रायपुर पुलिस का विशेष अभियान, 130 असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई, 19 वारंट तामिल

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर नॉर्थ जोन पुलिस ने अड्डेबाजों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन के मार्गदर्शन में 2 दिन चले इस अभियान में लगभग 300 निगरानी/गुंडा तत्वों की चेकिंग की गई, जिसमें 130 लोगों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान आबकारी एक्ट में 100, आर्म्स एक्ट में 3 और प्रतिबंधात्मक धाराओं में 8 आरोपियों पर कार्रवाई हुई। साथ ही लंबे समय से फरार 6 स्थायी वारंटी सहित कुल 19 वारंट भी तामिल किए गए।

शराब, हथियार और असामाजिक तत्वों पर सख्ती
पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर दिनांक 10 और 11 अगस्त को थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पण्डरी एवं खम्हारडीह क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया गया।

इस दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करते 100 व्यक्तियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 36(च) के तहत गुढ़ियारी, खमतराई एवं खम्हारडीह थानों में कुल 63 प्रकरण दर्ज किए गए। अवैध रूप से धारदार हथियार लेकर घूमते 3 आरोपियों के खिलाफ खमतराई और पण्डरी थाने में आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। वहीं 8 गुंडा/निगरानी बदमाशों और संदिग्धों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया।

फरार वारंटी और चोरी के मामले में कार्रवाई
अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार 6 स्थायी वारंटी, 11 गिरफ्तारी वारंटी और 3 जमानती वारंट सहित कुल 19 वारंट तामिल किए।

इसी क्रम में थाना उरला में दर्ज अपराध क्रमांक 278/26 धारा 303 बीएनएस के चोरी के प्रकरण में विधि के साथ संघर्षरत बालक और कबाड़ी मुकेश दास को पकड़ा गया। पूछताछ में बालक ने चोरी की बात स्वीकार कर चोरी का सामान उक्त कबाड़ी को बेचना बताया। दोनों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई।

नॉर्थ जोन पुलिस ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस तक सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवैध शराब, हथियार, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

BREAKING : सीएम साय आज राजधानी में आयोजित कई कार्यक्रमो में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

BREAKING : सीएम साय आज राजधानी में आयोजित कई कार्यक्रमो में होंगे शामिल, यहां देखें शेड्यूल

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का दिनभर का कार्यक्रम निर्धारित है, जिसके तहत वे सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग आयोजनों में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे नया मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। यहां वे ‘हरेली विहार’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में हरेली का विशेष महत्व है। इसे प्रदेश के प्रमुख पारंपरिक त्योहारों में से एक माना जाता है। हरेली के अवसर पर कृषि उपकरणों की पूजा और प्रदेश की लोक परंपराओं से जुड़े आयोजन किए जाते हैं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2:25 बजे सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री एक अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे शाम 6:45 बजे मुख्यमंत्री निवास से रवाना होकर 7 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचेंगे। ऑडिटोरियम में शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक ‘आजादी की धुन’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे।

बड़ा हादसा: लोहे का दरवाजा खोलते ही महिला को लगा करंट, दर्दनाक मौत

बड़ा हादसा: लोहे का दरवाजा खोलते ही महिला को लगा करंट, दर्दनाक मौत

 बतौली। सरगुजा जिले के बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम झरगंवा में बिजली करंट की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। महिला घर में अकेली थी और घर के लोहे के दरवाजे को खोलने के दौरान उसमें प्रवाहित हो रहे करंट की चपेट में आ गई। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य खेत में रोपा लगाने गए थे। शाम को घर लौटने पर परिजनों ने महिला को दरवाजे से चिपका हुआ पाया।

लोहे के दरवाजे में उतरा था करंट
जानकारी के मुताबिक ग्राम झरगंवा निवासी रतिराम पैंकरा की बेटी सलीना पैंकरा (लगभग 25 वर्ष) सोमवार को घर में अकेली थी। परिवार के अन्य सदस्य खेत में रोपा लगाने गए हुए थे। इसी दौरान सलीना घर में लगे लोहे के दरवाजे को खोलने पहुंची। दरवाजे में घरेलू बिजली का करंट प्रवाहित हो रहा था। दरवाजे को छूते ही सलीना करंट की चपेट में आ गई और वहीं चिपक गई। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

खेत से लौटे परिजनों के उड़े होश
परिजन जब खेत में रोपा लगाने के बाद शाम को घर वापस लौटे तो सलीना को लोहे के दरवाजे में अचेत अवस्था में चिपका हुआ देखा। स्थिति देखते ही उन्हें घटना की जानकारी हुई। परिवार के सदस्य भी करंट प्रवाहित दरवाजे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
मृतका के पिता रतिराम पैंकरा ने बताया कि सलीना का विवाह हो चुका था, लेकिन वह करीब डेढ़ वर्ष से अपने मायके झरगंवा में रह रही थी। सोमवार को घर में अकेली रहने के दौरान वह दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद बतौली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है। पुलिस द्वारा घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। बिजली के लोहे के दरवाजे में करंट कैसे प्रवाहित हुआ, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच के बाद परिवार को मिलेगा मुआवजा
बिजली करंट से मौत के मामले में बिजली विभाग के एई आरपी सिंह ने बताया कि ऐसे मामलों में नियमानुसार मुआवजे का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के बाद पात्रता के अनुसार पीड़ित परिवार को मुआवजा प्रदान किया जाएगा। घटना ने घरेलू बिजली व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर लोहे के दरवाजे, ग्रिल और अन्य धातु की वस्तुओं में करंट उतरने की स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। ऐसे में बिजली से जुड़ी खराबी सामने आने पर तत्काल विद्युत विभाग को सूचना देना जरूरी है।

गुरु खुशवंत साहेब ने दी हरेली की बधाई : कहा- यह पर्व हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और समृद्धि का पर्व

गुरु खुशवंत साहेब ने दी हरेली की बधाई : कहा- यह पर्व हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और समृद्धि का पर्व

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार व अनुसूचित जाति मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।मंत्री गुरु खुशवंत ने कहा कि, हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की माटी, किसान, प्रकृति और हमारी समृद्ध लोक परंपराओं से जुड़ी भावनाओं का उत्सव है।

छत्तीसगढ़ की पहचान कृषि प्रधान प्रदेश के रूप में रही है और हरेली तिहार इसी कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हरेली के दिन किसान भाई अपने नांगर (हल), कृषि औजारों एवं खेती-किसानी में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं। यह परंपरा हमें याद दिलाती है कि अन्नदाता किसान और कृषि हमारे सामाजिक एवं आर्थिक जीवन की मजबूत नींव हैं। हरेली पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी देता है।

किसानों को सशक्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री श्री खुशवंत ने कहा कि, मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हित में निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, उनकी आय बढ़े और खेती-किसानी को अधिक लाभकारी बनाया जा सके, इस दिशा में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की किसान हितैषी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव प्रदेश के ग्रामीण अर्थतंत्र पर दिखाई दे रहा है। किसान सशक्त होंगे तो गांव मजबूत होंगे और गांव मजबूत होंगे तो छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेगा।

युवाओं के कौशल और रोजगार पर सरकार का विशेष फोकस
मंत्री श्री खुशवंत ने कहा कि, राज्य सरकार किसानों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को कौशल, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। आज के बदलते दौर में युवाओं को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना आवश्यक है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि कौशल के माध्यम से रोजगार देने वाला और आत्मनिर्भर युवा बने। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़कर उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील
मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की।उन्होंने कहा कि हरेली का संदेश ही हरियाली है। इसलिए इस हरेली पर हम सभी एक पौधा लगाएं, उसकी जिम्मेदारी लें और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरा-भरा छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लें।

छत्तीसगढ़ में हरेली की धूम : CM साय से लेकर पूर्व सीएम बघेल तक मनाएंगे पर्व, बस्तर में निकलेगी तिरंगा यात्रा

छत्तीसगढ़ में हरेली की धूम : CM साय से लेकर पूर्व सीएम बघेल तक मनाएंगे पर्व, बस्तर में निकलेगी तिरंगा यात्रा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज पारंपरिक पर्व हरेली तिहार की धूम देखने को मिलेगी। राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक अपने-अपने स्तर पर हरेली तिहार के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वहीं, बस्तर संभाग में आज 12 अगस्त से तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत होने जा रही है, जिसके जरिए पूर्व में नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ देशभक्ति का संदेश दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री निवास में मनाया जाएगा हरेली तिहार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज 12 अगस्त को राजधानी में ही रहेंगे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री निवास, नया रायपुर में सुबह से हरेली तिहार का आयोजन किया जाएगा। पारंपरिक छत्तीसगढ़ी रंग में सजे मुख्यमंत्री निवास में खेती-किसानी और लोक परंपराओं से जुड़े आयोजन आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
मुख्यमंत्री साय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हरेली तिहार कार्यक्रम में शामिल होंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 7 बजे से 8:30 बजे तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘आजादी की धुन’ कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद रात करीब 8:45 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

पूर्व CM भूपेश बघेल के निवास पर भी हरेली का आयोजन
हरेली तिहार के अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी रायपुर स्थित अपने निवास पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11:30 बजे से होगी। इस दौरान हरेली पर्व की पारंपरिक संस्कृति और छत्तीसगढ़ी लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।

बस्तर में आज से ‘तिरंगा यात्रा’, विजय शर्मा करेंगे नेतृत्व
इधर, बस्तर में तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ की शुरुआत होगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा 12 से 14 अगस्त तक बस्तर के पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे।

तिरंगा यात्रा नारायणपुर से शुरू होकर दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी तक पहुंचेगी। यात्रा के जरिए बस्तर के उन इलाकों में राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रभक्ति और लोकतांत्रिक विश्वास का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा, जो लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों के प्रभाव में रहे हैं।

एक ही दिन छत्तीसगढ़ में संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संगम
एक ओर जहां प्रदेशभर में हरेली तिहार के जरिए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और कृषि परंपराओं का उत्सव मनाया जाएगा, वहीं बस्तर में तिरंगा यात्रा के जरिए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया जाएगा। ऐसे में आज का दिन प्रदेश में लोक संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रभावना के संगम के रूप में खास रहने वाला है।

राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे : विजय शर्मा

राहुल गांधी युवाओं के मुद्दों की आड़ में अराजकता फैलाने का षड्यंत्र रच रहे : विजय शर्मा

 उप मुख्यमंत्री शर्मा की राहुल गांधी को खुली चुनौती : जब संसद/सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हो तो वह अपनी पुरानी आदत के अनुसार गायब न हों

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्ष की भूमिका पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी युवाओं के मुद्दों की आड़ में देश में अराजकता और भ्रम फैलाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार युवाओं और जनता के मुद्दों पर बेहद संवेदनशील है, जबकि राहुल गांधी सिर्फ राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए विरोध प्रदर्शनों का सहारा ले रहे हैं। शर्मा मंगलवार को यहाँ अपने नया रायपुर स्थित निवास पर आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि देश में लोकतंत्र के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार ऐसे प्रदर्शनों का स्वागत करती है। लेकिन जब प्रदर्शनों के नाम पर राष्ट्रीय सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाया जाता है या भारत के पड़ोसी देशों (जैसे नेपाल, बांग्लादेश या पाकिस्तान) जैसी अस्थिर परिस्थितियों को भारत में निर्मित करने का गर्हित एजेण्डा चलाने का प्रयास किया जाता है, तो यह अत्यन्त चिंताजनक और अस्वीकार्य हो जाता है। राहुल गांधी और उनका दल लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से नरेंद्र मोदी सरकार को हरा नहीं पा रहे हैं, इसलिए वे देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

BREAKING : शराब घोटाला : रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की ईडी रिमांड, 17 अगस्त को फिर होगी पेशी

BREAKING : शराब घोटाला : रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की ईडी रिमांड, 17 अगस्त को फिर होगी पेशी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। अदालत ने ईडी की मांग स्वीकार करते हुए रामगोपाल अग्रवाल को पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। अब ईडी उनसे शराब घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में पूछताछ करेगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें 17 अगस्त 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, रामगोपाल अग्रवाल की पेशी ईडी की विशेष अदालत में होनी थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में हुई। ईडी ने अदालत में दलील दी कि कथित वित्तीय लेन-देन, शराब कारोबार से जुड़े नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के लिए अग्रवाल से विस्तृत पूछताछ जरूरी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पांच दिन की रिमांड मंजूर कर दी।

अनवर ढेबर के सामने बैठाकर भी हुई पूछताछ
बताया जा रहा है कि शराब घोटाला मामले में ईडी रामगोपाल अग्रवाल की कथित भूमिका, विभिन्न स्तरों पर हुए वित्तीय लेन-देन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के साथ उनके संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित रकम का लेन-देन किस माध्यम से हुआ और उसका इस्तेमाल कहां किया गया।

इससे पहले रविवार को रामगोपाल अग्रवाल को सेंट्रल जेल में शराब घोटाले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अनवर ढेबर के सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। अब ईडी की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड के दौरान जांच को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

कोर्ट पहुंचे पूर्व सीएम भूपेश बघेल
रामगोपाल अग्रवाल की कोर्ट में पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जिला न्यायालय पहुंचे। उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए बघेल ने कहा कि जांच एजेंसी के पास ठोस सबूत नहीं हैं और कार्रवाई परेशान करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कथित गवाहों को लेकर भी सवाल उठाए और कार्रवाई का विरोध किया।

3400 करोड़ के कथित शराब घोटाले की जांच
छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में कथित घोटाले को लेकर ईडी और राज्य की अन्य जांच एजेंसियां लंबे समय से जांच कर रही हैं। ईडी का दावा है कि शराब कारोबार में करीब 3,400 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है। इस मामले में कई आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों से पूछताछ और कार्रवाई पहले भी हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार, कोयला लेवी मामले में रिमांड अवधि पूरी होने के बाद ईओडबल्यू- एसीबी ने रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाला मामले में भी गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया। अब ईडी की पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड के दौरान मामले में उनकी कथित भूमिका और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाज सेविका मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर किया नमन

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद और समाजसेविका स्वर्गीय मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में समाज से लेकर संसद तक अपनी आवाज उठाई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि समाज एवं महिलाओं के उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिनीमाता जी के नाम पर राज्य सरकार द्वारा राज्य अलंकरण पुरस्कार भी प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि मिनीमाता जी का सेवाभावी व्यक्तित्व हम सभी को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा

 00 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन

रायपुर। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।

75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन


75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।
21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

हरेली पर नवा रायपुर में जुटेगा छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व, CM साय समेत दिग्गज होंगे शामिल; ‘हरेली अऊ गृह प्रवेश’ का भव्य आयोजन

हरेली पर नवा रायपुर में जुटेगा छत्तीसगढ़ का शीर्ष नेतृत्व, CM साय समेत दिग्गज होंगे शामिल; ‘हरेली अऊ गृह प्रवेश’ का भव्य आयोजन

 रायपुर :  छत्तीसगढ़ की माटी की खुशबू और लोक-परंपरा के प्रतीक पर्व ‘हरेली’ के अवसर पर नवा रायपुर में एक भव्य और गरिमामय आयोजन होने जा रहा है। राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा द्वारा आयोजित इस विशेष ‘हरेली अऊ गृह प्रवेश’ कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित शासन और संगठन का शीर्ष नेतृत्व शिरकत करेगा।

​बुधवार 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक नवा रायपुर के सेक्टर 24 के एम-12 स्थित आवास परिसर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव व विजय शर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की गरिमामयी मौजूदगी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में हरेली पर्व का विशेष धार्मिक और कृषि महत्व है। इस दिन किसान अपने हल-नागर और कृषि औजारों की पूजा कर अच्छी फसल व राज्य की सुख- समृद्धि की कामना करते हैं। गृह प्रवेश और हरेली के इस दोहरे शुभ अवसर पर मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रदेशवासियों और शुभचिंतकों को सहर्ष ‘नेवता’ (निमंत्रण) भेजकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवानों और लोक-संस्कृति के इस उल्लास में शामिल होने का आग्रह किया है।

मिनीमाता की पुण्यतिथि पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन

मिनीमाता की पुण्यतिथि पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन

 रायपुर-- छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने नारी सशक्तिकरण की प्रखर आवाज और छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि मिनीमाता जी ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाते हुए महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद के रूप में मिनीमाता जी का सार्वजनिक जीवन प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका संघर्ष, सेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पण आज भी समाज को नई दिशा प्रदान करता है।

ओपी चौधरी ने कहा कि मिनीमाता जी के आदर्शों और विचारों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उनका जीवन आने वाली पीढिय़ों को सामाजिक न्याय, समानता और नारी सम्मान के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता रहेगा।

सीएम के नवा रायपुर निवास में मनेगी हरेली तिहार

सीएम के नवा रायपुर निवास में मनेगी हरेली तिहार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में 12अगस्त को हरेली का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास को पारंपरिक अंदाज में सजाया जा रहा है। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास को ग्रामीण थीम पर सजाया जा रहा है।

गांव के मेलों में लगने वाले झूलों को भी सीएम हाउस में लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री निवास में हरेली त्योहार मनाने के लिए पहुंचने वाले नेता और ङ्कढ्ढक्क भी गेड़ी चढ़ते दिखेंगे। नेता-मंत्री, विधायक पारंपरिक झूलों झूलते दिखेंगे।

कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों को भी शामिल किया जाएगा। कलाकार छत्तीसगढ़ी लोकगीतों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए प्रदेश की संस्कृति की झलक दिखाएंगे। मुख्यमंत्री निवास को भी इसी थीम के मुताबिक सजाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री साव ने बहुउद्देशीय मिनी स्टेडियम और इनडोर हॉल का किया लोकार्पण

 00 नगरवासियों को मिलेंगी खेल एवं अन्य गतिविधियां संचालित करने की सुविधा

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा कांकेर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज कांकेर में तिरंगा यात्रा के समापन अवसर पर मेलाभाठा के समीप नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का लोकार्पण किया। उन्होंने फुटबॉल को किक कर गोल दागकर खेल मैदान का शुभारंभ किया। साव ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा यात्रा देश की स्वाधीनता, आत्मनिर्भरता और महान क्रांतिकारियों के अमर बलिदानों का पर्याय है। उनके सपनों को संजोकर व सहेजकर रखने की जिम्मेदारी आप सभी के कंधों पर है।उप मुख्यमंत्री साव ने नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं बहुउद्देशीय इनडोर हॉल परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में कहा कि जिन महान देशभक्तों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश को वर्षों की गुलामी से आजादी दिलाई, उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। क्रांतिवीरों के बलिदान से मिली आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर, विश्व गुरू और सोने की चिडिय़ा बनाने में निश्चित तौर पर विद्यार्थियों की बड़ी भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को व्यापक सुविधाएं मुहैया होंगी, साथ ही युवक-युवतियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म भी मिलेगा।

साव ने बताया कि हाल ही में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने वेट-लिफ्टिंग में रजत पदक हासिल किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उम्मीद है कि कांकेर जिले की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं के लिए यह मिनी स्टेडियम एक बेहतर प्लेटफॉर्म साबित होगा। विधायक आशाराम नेताम ने कार्यक्रम में नगरवासियों को बधाई देते हुए खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा नगर को स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की। कांकेर जिला पंचायत की अध्यक्ष किरण नरेटी तथा नगर पालिका के अध्यक्ष अरुण कौशिक ने भी नवनिर्मित मिनी स्टेडियम एवं इनडोर हॉल के लोकार्पण की बधाई देते हुए इसे कांकेर शहर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर भी लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद थे।

7 करोड़ की लागत से मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम, 2.40 करोड़ से बना है बहुउद्देशीय इनडोर हॉल
कांकेर में लगभग 7 करोड़ रुपए की लागत से इस मल्टीपरपज मिनी स्टेडियम तथा 2.40 करोड़ रुपए से बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का निर्माण किया गया है। मिनी स्टेडियम में फुटबॉल ग्राउण्ड, क्रिकेट बॉक्स, बास्केटबॉल ग्राउण्ड, रनिंग ट्रैक सहित विभिन्न खेलों के नेट प्रैक्टिस की सुविधा है। इसी तरह मल्टीपरपज इनडोर हॉल में बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस, कुश्ती सहित अलग-अलग खेलों के इनडोर अभ्यास की सुविधा है। आउटडोर जिम की भी सुविधा यहां है। इसके निर्माण से नगरवासियों को स्थानीय स्तर पर आधुनिक खेल मैदान एवं बेहतर तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री शर्मा होंगे शामिल, नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली

बस्तर तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री शर्मा होंगे शामिल, नक्सल प्रभाव से बाहर आए गांवों तक पहुंचेगी बाइक रैली

 00 महिला बाइकर्स भी होंगी सहभागी, शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि के साथ स्मृति के लिए मिट्टी का होगा संग्रहण

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर अंचल में राष्ट्रभक्ति, शांति और विकास का संदेश लेकर बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। 12 से 15 अगस्त तक प्रस्तावित इस तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी शामिल होंगे। मोटरसाइकिलों के माध्यम से आयोजित होने वाली यह यात्रा बस्तर के उन क्षेत्रों और ग्रामों तक पहुंचेगी, जो कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे हैं और अब शांति, सुरक्षा एवं विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहे हैं। हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं गौरव की भावना को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

बस्तर अब विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है
यात्रा का उद्देश्य बस्तर की बदलती तस्वीर को देश-दुनिया के सामने रखना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा तथा नक्सल हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों और नागरिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करना है। यात्रा के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बस्तर अब अमन, विश्वास, शांति और विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा माध्यम से अब तिरंगा बस्तर के कोने कोने तक फहराया जायेगा और भारत का संविधान भी राज्य के कोने कोने में लागू होने का संदेश सभी को दिया जाएगा।

 
 

शहीद स्थलों पर श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का सम्मान
तिरंगा यात्रा के दौरान उन स्थानों पर विशेष रूप से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां बड़े नक्सली हमले हुए अथवा व्यापक जनहानि हुई थी। प्रत्येक शहीद स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ दो मिनट का मौन रखा जाएगा तथा शहीद परिवारों का सम्मान किया जाएगा।

 

आने वाली पीढिय़ां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें
इस यात्रा की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में शहीदों की शहादत वाले स्थानों की मिट्टी को श्रद्धापूर्वक संग्रहित एवं संरक्षित किया जाएगा। इस पवित्र मिट्टी को भविष्य में शहीदों के लिए निर्मित किए जाने वाले संग्रहालय में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आने वाली पीढिय़ां इन वीर शहीदों के त्याग और बलिदान से प्रेरणा ले सकें। यह पहल शहीदों की स्मृति को भावी पीढिय़ों तक पहुंचाने का भावनात्मक और ऐतिहासिक माध्यम बनेगी।
महिला बाइकर्स की विशेष भागीदारी
बस्तर तिरंगा यात्रा में वुमन बाइकर्स रैली की विशेष भागीदारी रहेगी। प्रत्येक जिले से बड़ी संख्या में बाइक राइडर शामिल होंगे और महिला बाइकर्स भी तिरंगा हाथ में लेकर इस यात्रा का हिस्सा बनेंगी। यात्रा में स्थानीय युवा, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, स्काउट-गाइड और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता रहेगी।
तीन दिनों में बस्तर के दुर्गम इलाकों तक पहुंचेगी तिरंगा यात्रा

बस्तर तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को यात्रा नारायणपुर से प्रारंभ होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोड़ेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम होगा। 13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, भुसारास घाटी, चिंगावरम, सुकमा, एर्राबोर, मनीकोंटा, दोरनापाल, पोलमपल्ली, बुर्कापाल, मिनपा-टाड़मेटला, चिंतलनार, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी। बीजापुर में रात्रि विश्राम होगा। 14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए कुर्रेगुट्टालु पहाड़ी पहुंचेगी, जहां यात्रा के अंतिम पड़ाव पर कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले कुर्रेगुट्टालु की पहाड़ी पर तिरंगा फहराया जाएगा।
बस्तर की संस्कृति और विकास की झलक भी दिखेगी
तिरंगा यात्रा के दौरान सांस्कृतिक संध्याओं में बस्तर के पारंपरिक लोकनृत्य, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल सेवाओं और विभिन्न शासकीय योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। पुनर्वासित युवाओं की सफलता की कहानियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
बस्तर की वादियों में होगी शांति की दौड़
प्रत्येक जिला मुख्यालय में बस्तर की वादियों के मध्य बस्तर शांति दौड़ का भी आयोजन किया जाएगा। विशाल तिरंगा मार्च, राष्ट्रगान, शहीद सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
तिरंगा यात्रा बनेगी नए बस्तर की पहचान
बस्तर तिरंगा यात्रा 2026 केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि शहादत को नमन, युवाओं को प्रेरित करने, सामाजिक एकता मजबूत करने और बस्तर की नई पहचान को देश के सामने रखने का अभियान है। तिरंगे के साथ बस्तर के गांवों और उन स्थानों तक पहुंचने वाली यह यात्रा उन इलाकों में विश्वास का संदेश लेकर जाएगी, जहां कभी हिंसा और भय का साया था।

Hareli 2026: छत्तीसगढ़ में क्या है हरेली का महत्व, खेती-किसानी से लेकर प्रकृति और लोकसंस्कृति तक जुड़ी है इसकी पहचान

Hareli 2026: छत्तीसगढ़ में क्या है हरेली का महत्व, खेती-किसानी से लेकर प्रकृति और लोकसंस्कृति तक जुड़ी है इसकी पहचान

 रायपुर।  हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और कृषि परंपरा का बेहद महत्वपूर्ण पर्व है। इसे प्रदेश का प्रमुख पारंपरिक लोकपर्व माना जाता है। सावन के मौसम में जब चारों ओर हरियाली छा जाती है और खेतों में फसलें लहलहाने लगती हैं, तब हरेली का उत्सव ग्रामीण जीवन में नई उमंग लेकर आता है। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा नहीं है, बल्कि किसान, खेती, पशुधन, प्रकृति और गांव की सामुदायिक संस्कृति को भी अपने साथ जोड़ता है। हरेल से त्योहा की शुरूआत होती है और इसे छत्तीसगढ़ का पहला त्योहार भी कहा जाता है, जिसे बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 12 अगस्त को मनाया जाएगा।

खेती-किसानी से जुड़ा है हरेली का रिश्ता

हरेली का सबसे बड़ा महत्व खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर किसान अपने कृषि उपकरणों की साफ-सफाई कर उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। नागर, गैंती, कुदाली, फावड़ा और खेती में इस्तेमाल होने वाले दूसरे औजारों को सम्मानपूर्वक पूजा जाता है। दरअसल, किसान के लिए कृषि उपकरण केवल काम करने का साधन नहीं होते, बल्कि उसकी मेहनत और आजीविका का आधार होते हैं। इसलिए हरेली के दिन इन उपकरणों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।

हरियाली और प्रकृति का संदेश

‘हरेली’ शब्द का संबंध हरियाली से माना जाता है। सावन में बारिश के बाद खेत-खलिहान और गांव का प्राकृतिक परिवेश हरा-भरा हो जाता है। ऐसे समय में मनाया जाने वाला यह पर्व इंसान और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को दर्शाता है। आज के समय में हरेली का संदेश पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा जा सकता है। पेड़-पौधों, जल और मिट्टी के संरक्षण की भावना इस लोकपर्व को और अधिक प्रासंगिक बनाती है। छत्तीसगढ़ शासन ने भी हरेली को प्रकृति प्रेम और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी से जोड़कर पौधारोपण का संदेश दिया है।

गेड़ी और पारंपरिक खेल बनाते हैं पर्व को खास

हरेली की पहचान केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। गांवों में इस दिन गेड़ी चढ़ने की परंपरा खास आकर्षण का केंद्र रहती है। बच्चे और युवा गेड़ी पर चढ़कर अपनी कला और संतुलन का प्रदर्शन करते हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर पारंपरिक खेल और ग्रामीण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। इन आयोजनों के जरिए नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक जीवनशैली और लोक संस्कृति से जोड़ने का अवसर मिलता है।

पशुधन के प्रति सम्मान का पर्व

छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में खेती के साथ पशुधन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसलिए हरेली के दौरान पशुओं की देखभाल और उनसे जुड़ी परंपराओं को भी विशेष स्थान मिलता है। किसान अपने पशुधन के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह परंपरा बताती है कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति में इंसान, पशु, खेत और प्रकृति को एक-दूसरे से अलग नहीं माना जाता था।

लोकव्यंजन और उत्सव का माहौल

हरेली के दिन घरों में पारंपरिक छत्तीसगढ़ी पकवान बनाए जाते हैं। परिवार और गांव के लोग मिलकर त्योहार की खुशियां मनाते हैं। लोकगीत, पारंपरिक आयोजन और आपसी मेल-मिलाप इस पर्व की रौनक बढ़ाते हैं। यही वजह है कि हरेली केवल किसानों का त्योहार नहीं रह गया है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सामूहिक सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन चुका है। छत्तीसगढ़ लोकपर्व के साथ लोक व्यंजनों के लिए भी जाना जाता है, छत्तीसगढ़ में हरेली के लिए भी कुछ खास व्यंजन हर घर में पकाए जाते हैं, जैसे- गुड़ के चीले, ठेठरी, खुरमी और गुलगुला भजिया।

नई पीढ़ी के लिए हरेली का संदेश

 आधुनिक दौर में जब खेती और ग्रामीण जीवन में तेजी से बदलाव आ रहा है, तब हरेली जैसे लोकपर्व हमारी जड़ों से जुड़ने का अवसर देते हैं। यह पर्व याद दिलाता है कि हमारी समृद्धि का आधार मिट्टी, पानी, खेती और प्रकृति से जुड़ा है। हरेली इसलिए सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी, किसान की मेहनत, हरियाली और लोकसंस्कृति का उत्सव है। यही इसकी सबसे बड़ी पहचान और खासियत है।

CG : बेरोजगार युवाओं के लिए खबर, 12 और 13 अगस्त को प्लेसमेंट कैम्प आयोजन

CG : बेरोजगार युवाओं के लिए खबर, 12 और 13 अगस्त को प्लेसमेंट कैम्प आयोजन

 बलौदाबाजार।  कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के बेरोजगार युवाओं को सुरक्षा जवान एवं सुरक्षा सुपरवाईजर के रूप में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जनपद पंचायत मुख्यालयों में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा।

जिला कौशल विकास प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार एस. आई.एस. इंडिया कम्पनी लिमिटेड जशपुर छत्तीसगढ़ के द्वारा जनपद स्तर पर प्लेसमेंट केम्प का आयोजन किया जाएगा।

उक्त काउंसलिंग कैम्प 12 अगस्त को जनपद पंचायत भाटापारा एवं 13 अगस्त को जनपद पंचायत बलौदाबाजार में प्रातः 10 से 4 बजे तक प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जायेगा। कैम्प में चयनित अभ्यर्थियों को सुरक्षाकर्मी के रूप में नियुक्त कर 15 से 25 हजार रूपए तक मासिक वेतन प्रदान किया जायेगा।

 
‘हरेली तिहार’ पर छत्तीसगढ़ में छुट्टी का ऐलान, कल सभी सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

‘हरेली तिहार’ पर छत्तीसगढ़ में छुट्टी का ऐलान, कल सभी सरकारी दफ्तर रहेंगे बंद

 Government Offices Closed Tomorrow: छत्तीसगढ़ में 12 अगस्त को हरेली का तिहार मनाया जाएगा. राज्य सरकार ने 12 अगस्त (बुधवार) को हरेली पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. जिसके चलते कल सभी सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे.

‘हरेली तिहार’ पर कल रहेगी छुट्टी

इस दिन प्रदेशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल समेत सभी कॉलेज, सरकारी दफ्तर व बैंक भी बंद रहेंगे. आदेश के अनुसार निजी और शासकीय शिक्षण संस्थानों में भी छुट्टी रहेगी. बताया जा रहा है कि बुधवार को प्रदेशभर में धूमधाम से हरेली पर्व मनाया जाएगा. वहीं मुख्यमंत्री निवास में भी हरेली पर्व को लेकर खास आयोजन किया जाएगा.

क्या है हरेली तिहार?

हर साल सावन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को हरेली तिहार मनाया जाता है. इस दिन यह तिहार 24 जुलाई को मनाया जाएगा. यह तिहार कृषि कार्यों की शुरुआत का प्रतीक होता है. इस दिन किसान अपने कृषि औजार जैसे- हल, नांगर, कोपर, दतारी, टंगिया, बसुला, कुदारी, सब्बल को साफ कर पूजा करते हैं.

इस अलावा गाय और बैलों को नहलाकर सजाते हैं. महिलाएं इस दिन गुड़ का चीला बनाती है. इसका भोग कृषि औजारों और पशुधन को लगाया जाता है. किसान पूजा कर भोग लगाने के बाद भगवान से हरी-भरी फसल की सुरक्षा के लिए कामना करते हैं.

इस दिन क्या-क्या होता है?

  • हरेली के दिन घर-घर गुड़ का चीला के अलावा पारंपरिक पकवान जैसे गुलगुल भजिया आदि बनाए जाते हैं. इसके अलावा इस दिन बांस से गेड़ी बनाई जाती है.
  • बच्चे और युवा इकट्ठा होकर गेड़ी खेलते हैं. साथ ही गेड़ी दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है.
  • इसके अलावा हरेली के दिन खेत और घरों में नीम की टहनी टांगने की भी परंपरा है. इसके साथ ही हरेली के दिन युवाओं के बीच नारियल फेंक प्रतियोगिता भी की जाती है.

खेतों में होती है पूजा

हरेली तिहार के दिन किसान खेतों में जाकर पूजा-पाठ करते हैं. वह भगवान से फसल की समृद्धि, कीटों से रक्षा और घर में लक्ष्मी के वास की कामना करते हैं.

युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव

युवाओं का हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तिथियों में बदलाव

 शिक्षक भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा की तिथियां टकराने से अभ्यर्थियों को हो रही थी परेशानी, मुख्यमंत्री ने लिया त्वरित संज्ञान

अब सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग एवं प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा 02, 03 एवं 04 नवम्बर को होगी आयोजित

मुख्यमंत्री  साय ने कहा - परीक्षा तिथियों के टकराव से कोई भी पात्र युवा अवसर से वंचित न रहे

रायपुर --- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के युवाओं के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए शिक्षक भर्ती परीक्षा और सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा की तिथियां एक साथ होने से अभ्यर्थियों को हो रही परेशानी का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को परीक्षा तिथियों में आवश्यक बदलाव के निर्देश दिए थे।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 की संशोधित तिथियां घोषित कर दी हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2024 की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम 04 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। इसके साथ मुख्य परीक्षा के आयोजन के लिए 24, 25 एवं 26 अक्टूबर 2026 की संभावित तिथियां निर्धारित की गई थीं। इसी दौरान 25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा भी आयोजित होने के कारण दोनों परीक्षाओं की तिथियों में टकराव की स्थिति बन गई थी। इससे दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने किसी एक परीक्षा से वंचित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी।

अभ्यर्थियों की इस व्यावहारिक समस्या की जानकारी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संज्ञान में आने पर उन्होंने तत्काल अधिकारियों को युवाओं के हित में समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा मुख्य परीक्षा की पूर्व निर्धारित तिथियों में परिवर्तन किया गया है। अब सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमांडर (मुख्य) परीक्षा-2024 का आयोजन 02, 03 एवं 04 नवम्बर 2026 को किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि युवाओं का हित हमारी सरकार के लिए सर्वोपरि है। प्रदेश के युवाओं को आगे बढ़ने का हर अवसर मिले और केवल परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण कोई भी पात्र अभ्यर्थी अवसर से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में प्रशासनिक अथवा परीक्षा कार्यक्रम से जुड़ी किसी व्यावहारिक समस्या के कारण उनके सामने दो अवसरों में से किसी एक को चुनने की विवशता नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील है और उनके भविष्य से जुड़े विषयों पर तत्परता से निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध है।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने मुख्य परीक्षा के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों को पृथक से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करने की सलाह दी है। इस संबंध में विस्तृत सूचना आयोग द्वारा अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों से आयोग की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने आगामी भर्ती परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य और सफलता के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, शासकीय खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से राज्य की खरीदी में एक वर्ष में 113 प्रतिशत की वृद्धि, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹130 करोड़ की बचत

रायपुर --छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। GeM के एक दशक पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही।

राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग तथा इसके माध्यम से शासकीय खरीदी के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए प्रदान किया गया है।

खुली प्रतिस्पर्धा से ₹130 करोड़ की बचत

GeM प्लेटफॉर्म पर पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन को ₹130 करोड़ की बचत हुई है। यह बचत विभागों द्वारा खरीदी के लिए अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है।

GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड शासकीय खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य शासन को कुल ₹235 करोड़ की बचत हुई है।

खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू है। साथ ही निविदा की शर्तों एवं तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे खरीदी की गुणवत्ता सुनिश्चित होने के साथ बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं और सेवाओं की उपलब्धता बनी रहे।

GeM से खरीदी में 113 प्रतिशत की वृद्धि

छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर ₹3,935 करोड़ पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

राज्य शासन द्वारा विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक साझा एवं पारदर्शी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के सुनियोजित प्रयासों से यह वृद्धि संभव हुई है। इससे अधिकाधिक शासकीय खरीदी खुली प्रतिस्पर्धा के दायरे में आई है और प्रत्येक लेन-देन में प्रतिस्पर्धी दर निर्धारण तथा पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर

GeM के व्यापक उपयोग से शासकीय खरीदी में छोटे उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई। यह निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है।

राज्य के प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं स्टार्टअप से खरीदी में सर्वाधिक 178 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

GeM ने उद्यमियों के लिए खोले शासकीय बाजार के द्वार : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे शासकीय मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है।  हमारी सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे। हम पारदर्शी शासकीय खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।

प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय, कचहरी चौक, रायपुर में आज...नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उनके शैक्षणिक जीवन के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय, कचहरी चौक, रायपुर में आज...नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उनके शैक्षणिक जीवन के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया

  रायपुर- श्रीमती प्रमिला गोकुलदास डागा कन्या महाविद्यालय, कचहरी चौक, रायपुर में आज दिनांक 11 अगस्त 2026 को नवप्रवेशित छात्राओं के स्वागत एवं उनके शैक्षणिक जीवन के शुभारंभ के अवसर पर दीक्षारंभ कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष, बाल संरक्षण आयोग तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय श्री अजय तिवारी जी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय विद्यालय समिति ने की। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष श्री मदन तालेड़ा जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने माँ सरस्वती का पूजन कर छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शैक्षणिक जीवन की मंगलकामना की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्री अजय तिवारी जी ने नवप्रवेशित छात्राओं को आशीर्वचन प्रदान करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के भविष्य की नींव रखने वाला महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से अध्ययन करने, अनुशासनपूर्ण जीवन जीने तथा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्राएँ अपने ज्ञान, संस्कार एवं प्रतिभा के माध्यम से अपने परिवार के साथ-साथ अपने शहर, राज्य और राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करें।
मुख्य अतिथि डॉ. वर्णिका शर्मा जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को जीवन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों का साहस एवं धैर्य के साथ सामना करने का संदेश दिया। उन्होंने छात्राओं को जीवन में सदैव सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने, सही मार्ग का चयन करने तथा अहंकार से दूर रहते हुए प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार, विनम्रता, आत्मविश्वास एवं मानवीय मूल्यों के साथ आगे बढ़ने से प्राप्त होती है।
दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित छात्राओं को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण से परिचित कराना तथा उन्हें उच्च शिक्षा के प्रति जागरूक, अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में विशेष उत्साह एवं उमंग देखने को मिली।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ संगीता घई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम ने नवप्रवेशित छात्राओं के महाविद्यालयीन जीवन के लिए एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी शुरुआत प्रदान की। कार्यक्रम मे महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ उपस्थित रहा।