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बड़ी कामयाबी: नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, जानिए कैसे खाकी की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी

बड़ी कामयाबी: नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़, जानिए कैसे खाकी की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी

 रायगढ़। जिले में नकली शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम धनागर में 240 लीटर नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने के बाद फरार मुख्य आरोपी विनय सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके विकास नगर स्थित निवास पर बड़ी दबिश दी। पुलिस ने मकान पर नोटिस चस्पा कर आरोपी को तीन दिनों के भीतर थाना कोतरारोड़ में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। घर पर ताला मिलने और परिवार के कई दिनों से अनुपस्थित होने की जानकारी के बाद नियमानुसार नोटिस चस्पा किया गया। गौरतलब है कि 8 जून 2026 की रात रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम धनागर में संचालित नकली शराब सिंडिकेट का पर्दाफाश किया था। कार्रवाई में करीब 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, फर्जी लेबल, नकली होलोग्राम और शराब निर्माण में प्रयुक्त सामग्री जब्त की गई थी। मामले में गिरफ्तार आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू पटेल ने पूछताछ में विनय सिंह ठाकुर और सुभाष पटेल के साथ मिलकर लंबे समय से इस कारोबार को संचालित करने की बात स्वीकार की थी।

इसके बाद 10 जून को फरार आरोपी सुभाष पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह स्प्रिट मिलाकर शराब की मात्रा बढ़ाता था और नकली लेबल व होलोग्राम लगाकर बाजार में खपाता था। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने फरार आरोपी विनय सिंह ठाकुर की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत ब्यौरा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

CG – स्कूल खुलते ही 8 शिक्षकों को शो-काॅज नोटिस जारी,जाने पूरा मामला..!!

CG – स्कूल खुलते ही 8 शिक्षकों को शो-काॅज नोटिस जारी,जाने पूरा मामला..!!

 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रवेशोत्सव के बीच लापरवाही बरतने वाले आठ शिक्षकों को नोटिस जारी किया गया है। शैक्षणिक सत्र के प्रथम दिवस पर बस्तर जिले के स्कूलों में एक तरफ जहाँ बच्चों के स्वागत की उत्सुकता दिखी, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक कसावट का कड़ा रुख भी सामने आया। नया सत्र शुरू होने के अवसर पर जिला मिशन समन्वयक अशोक पाण्डे एवं सहायक कार्यक्रम अधिकारी परमेश्वर पाण्डे द्वारा विकासखण्ड तोकापाल, लोहण्डीगुडा एवं बस्तर के विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं का जायजा लेना और बच्चों की उपस्थिति को प्रोत्साहित करना था।

इस औचक निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि विद्यालयों में नया सत्र शुरू होने की खुशी में प्रवेशोत्सव बेहद हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा था, जहाँ बच्चे नए उमंग के साथ अपनी कक्षाओं में पहुंचे थे।

हालांकि इस उत्सव के माहौल के बीच कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों और समन्वयकों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई। निरीक्षण के दौरान अनुशासनहीनता पाए जाने पर विकासखण्ड बस्तर एवं तोकापाल में कार्यरत 8 लापरवाह शिक्षकों एवं संकुल समन्वयकों को तत्काल कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर दिया गया। इन शिक्षकों के द्वारा यदि निर्धारित समयावधि में इन सभी की ओर से कोई संतोषप्रद जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो ऐसी स्थिति में संबंधितों के विरुद्ध एक दिवस का वेतन कटौती करने की कार्यवाही की जाएगी।

इस प्रशासनिक कार्यवाही के साथ ही स्कूलों के सुचारू संचालन को लेकर व्यापक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन का नियमित और गुणवत्तापूर्ण संचालन किया जाए। इसके साथ ही शिक्षकों को अपनी डेली डायरी को प्राथमिकता के साथ अनिवार्य रूप से लिखने को कहा गया है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियों का सही मूल्यांकन हो सके। सत्र के पहले ही दिन से एक अनुशासित माहौल बनाने के उद्देश्य से अधिकारियों ने समय पर बच्चों एवं शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और उसे अनिवार्य रूप से ऑनलाइन दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे।

दिल दहला देने वाला मामला : रील बनाने के चक्कर में चली गई महिला की जान

दिल दहला देने वाला मामला : रील बनाने के चक्कर में चली गई महिला की जान

 रायगढ़। रायगढ़ जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत कोष्टापारा में एक दिल दहला देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक 22 वर्षीय शादीशुदा महिला विशाखा देवांगन का सूने घर में फांसी के फंदे पर लटकते हुए करीब डेढ़ घंटे का लाइव वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड हुआ है।

पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर मर्ग कायम किया है और मामले की बारिकी से तफ्तीश शुरू कर दी है।यह पूरी घटना मंगलवार 16 जून 2026 की दोपहर की है। मृतका विशाखा के पति शुभम देवांगन एक जूता-चप्पल दुकान में काम करते हैं। घटना के वक्त उसकी सास जानु देवांगन और जेठ काम पर गए हुए थे। जब लौटे तो घर का दरवाजा बंद था। वेंटिलेटर से झांक कर देखने पर होश उड़ गए.,पड़ोसियों की मदद से जैसे तैसे घर में प्रवेश किया और पंखे से महिला को उतारा तब तक सांसे थम चुकी थी। पुलिस को जानकारी दी गई,पीएम से पहले पुलिस ने सारी कार्रवाई करते हुए जांच शुरु कर दी है। प्रथम दृष्टया मामला रील बनाने के चक्कर में नकली फांसी असली फांसी में तब्दील हो गई और महिला की जान चली गई। सोशल मीडिया देखकर न जाने और कब तक ऐसी अनहोनी करते रहेंगे लोग?

रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, राज्यपाल रमेन डेका समेत कई गणमान्य जनों ने दी श्रद्धांजलि

रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, राज्यपाल रमेन डेका समेत कई गणमान्य जनों ने दी श्रद्धांजलि

 रायपुर। वीरता, साहस और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रतीक वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर गुरुवार को लोकभवन में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण नमन किया और उनके अदम्य साहस तथा राष्ट्रभक्ति को याद किया।

राज्यपाल ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन देश के लिए समर्पण, संघर्ष और आत्मबल की प्रेरणादायक मिसाल है। उन्होंने स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जो वीरता दिखाई, वह आज भी देशवासियों को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देती है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित लोकभवन के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने वीरांगना के त्याग, शौर्य और बलिदान को स्मरण करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। लोकभवन में आयोजित यह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ, जहां रानी लक्ष्मीबाई के राष्ट्र के प्रति योगदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया गया। उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों को आत्मसात करने और देशहित में कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।

CG Weather Update: मानसून की दस्तक से पहले बदला मौसम का मिजाज, अगले 5 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट

CG Weather Update: मानसून की दस्तक से पहले बदला मौसम का मिजाज, अगले 5 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून के छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां भी तेजी से अनुकूल होती जा रही हैं।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि उमस अभी भी बनी हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में और कमी आने की संभावना है।

पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बुधवार को प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया।

इन जिलों में हुई बारिश

प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। दुर्ग जिले में सर्वाधिक 3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जशपुरनगर में 2 सेंटीमीटर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के केल्हारी में 1 सेंटीमीटर, जशपुर जिले के मनोरा में 1 सेंटीमीटर तथा बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर में 1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश के कारण कई इलाकों में मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

मौसम में बदलाव की वजह क्या है?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई मौसम प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर देखने को मिल रहा है। पंजाब से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार तक समुद्र तल पर एक मौसमी द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश से पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी विदर्भ और तेलंगाना होते हुए दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक द्रोणिका सक्रिय है।

वहीं पूर्वी विदर्भ और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में नमी बढ़ रही है और बारिश की गतिविधियों को बल मिल रहा है।

आज कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

अगले दो दिनों में बढ़ सकती है बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, जिससे जल्द ही प्रदेश के अधिक क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में 18 जून को आसमान आंशिक रूप से मेघमय रहने की संभावना है। शहर में गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शाम के समय मौसम में बदलाव और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

 POLICE TRANSFER : 61 पुलिस निरीक्षकों के तबादले, पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी

 POLICE TRANSFER : 61 पुलिस निरीक्षकों के तबादले, पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी

 रायपुर।  पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है। पुलिस मुख्यालय ने 61 पुलिस निरीक्षकों के तबादला आदेश जारी किये हैं। पुलिस स्थापना बोर्ड की मुहर लगने के बाद ये तबादला आदेश जारी किया गया है।

CG : राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष  बिड़ला का आत्मीय स्वागत

CG : राज्यपाल रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष  बिड़ला का आत्मीय स्वागत

 रायपुर।  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के रायपुर आगमन पर लोकभवन में उनका गर्मजोशी और आत्मीयता के साथ स्वागत किया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने  बिरला का अभिनंदन करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी उपस्थित रहे। सभी जनप्रतिनिधियों ने लोकसभा अध्यक्ष का स्वागत करते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

लोकभवन में आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण देखने को मिला। राज्यपाल  डेका ने लोकसभा अध्यक्ष  बिरला को शुभकामनाएं देते हुए उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी उनसे मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की। लोकसभा अध्यक्ष के रायपुर आगमन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी उत्साह का माहौल रहा। इस दौरान लोकभवन में गरिमामय वातावरण के बीच उनका सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा ने बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, अब खुद तय कर रही हैं तरक्की का सफर

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा ने बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, अब खुद तय कर रही हैं तरक्की का सफर

 आत्मनिर्भरता की नई उड़ान - अपनी शर्तों पर सफर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवाश् दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने महिलाओं की सुरक्षा, सुलभता और आत्मनिर्भरता को बढ़ाकर उनके जीवन स्तर में क्रांतिकारी सकारात्मक बदलाव किए हैं। सुकमा जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल (भेज्जी एवं चिंतागुफा क्षेत्र) की महिलाएं कल तक जिन रास्तों पर कदम बढ़ाने से पहले ग्रामीण महिलाओं को सौ बार सोचना पड़ता था, आज उन्हीं रास्तों पर वे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ने सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को न केवल आवागमन का एक सुरक्षित साधन दिया है, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर भी बनाया है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
इस योजना के शुरू होने से पहले महिलाओं को बाज़ार जाने, अस्पताल पहुँचने या किसी भी छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अनौपचारिक और असुरक्षित साधनों के कारण उन्हें भारी परेशानी और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। 
अपनी शर्तों पर सफर
गोद में नन्हा शिशु हो, सिर पर सामान की टोकरी हो या हाथ में गृहस्थी का बर्तन लिए गाँव की महिलाएँ अब बिना किसी हिचकिचाहट के अकेले सफर करती हैं। वे किसी पर बोझ नहीं हैं; अब वो अपना किराया खुद देती हैं और अपने काम खुद संभालती हैं। इस बस सेवा ने उस लाचारी और निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जो पहले के असुरक्षित और मनमाने निजी साधनों ने उन पर थोप रखी थी।

आर्थिक सशक्तिकरण को मिली रफ़्तार
योजना के अंतर्गत चलने वाली नियमित बसों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की माताएँ और बहनें अब अपने स्थानीय उत्पादों (जैसे वनोपज, सब्जियाँ और हस्तशिल्प) को आसानी से और सही समय पर बड़े बाज़ारों तक पहुँचा पा रही हैं। बिचौलियों का डर खत्म होने से उनकी आय में वृद्धि हुई है और वे अपने परिवार के भरण-पोषण में बराबर का योगदान दे रही हैं। आज विकास के इस दौर में गोद में शिशु, सिर पर टोकरी, हाथ में बर्तन लिए महिलाएँ अकेले स$फर करती हैं, अपना किराया खुद देती हैं। बस ने वह निर्भरता हटा दी जो अनौपचारिक साधनों ने थोप रखी थी। 
योजना की सफलता बयां करती एक सुखद जमीनी हकीकत
सचिव परिवहन एस. प्रकाश और अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  डी.रविशंकर ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा सिर्फ एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान का एक मज़बूत माध्यम बन चुकी है। यह योजना साबित करती है कि जब पहुँच आसान होती है, तो विकास की रफ़्तार खुद-ब-खुद बढ़ जाती है।
वनवासी महिलाओं ने जताया आभार
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और परिवहन एवं जिले के मंत्री  केदार कश्यप का वनवासी महिलाओं ने आभार व्यक्त करते हुए इस पहल के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

रायपुर नगर निगम में प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

रायपुर नगर निगम में प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

 रायपुर :- नगर पालिक निगम में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से आयुक्त संबित मिश्रा ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। जारी आदेश के तहत निगम के कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपते हुए उनके दायित्वों में बदलाव किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उपायुक्त जागृति साहू को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का सौंपा प्रभार

यह व्यवस्था आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से लागू रहेगी। निगम प्रशासन का मानना है कि इस निर्णय से नागरिक सेवाओं के संचालन में और अधिक समन्वय एवं दक्षता आएगी। वहीं उपायुक्त डॉ. अंजली शर्मा को भी उनके वर्तमान दायित्वों के अतिरिक्त प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का प्रभार सौंपा गया है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शहरी क्षेत्रों के छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में योजना के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी अब डॉ. अंजली शर्मा संभालेंगी।

स्वास्थ्य अधिकारी को मिली जोन आयुक्त की जिम्मेदारी

आयुक्त संबित मिश्रा ने निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही के कार्यभार में भी बदलाव किया है। उन्हें मुख्यालय स्वास्थ्य अधिकारी, प्रधानमंत्री स्वनिधि तथा पंजीयक जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। इसके स्थान पर उन्हें जोन क्रमांक-7 के प्रभारी जोन आयुक्त की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

नगर निगम प्रशासन के अनुसार, यह बदलाव प्रशासनिक आवश्यकता और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। निगम के विभिन्न विभागों में कार्यों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर इस प्रकार की व्यवस्थाएं की जाती हैं।

तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

आयुक्त द्वारा जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने अपने नए दायित्वों के अनुरूप कार्यभार संभालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से निगम के विभिन्न विभागों के कार्यों में तेजी आएगी और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

रायपुर नगर निगम में हुए इस प्रशासनिक बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे जन्म-मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रधानमंत्री स्वनिधि जैसी योजनाओं के संचालन में बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।

जैविक खेती से गांव होंगे समृद्ध, किसान बनेंगे आत्मनिर्भर : उप मुख्यमंत्री साव

जैविक खेती से गांव होंगे समृद्ध, किसान बनेंगे आत्मनिर्भर : उप मुख्यमंत्री साव

 00 आत्मा योजना अंतर्गत कृषि महाविद्यालय में जैविक कृषि कार्यशाला आयोजित

00 जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का किया गया सम्मान

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने आज बिलासपुर में कृषि विभाग की एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना अंतर्गत कृषि महाविद्यालय में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला में कहा कि जैविक खेती से गांव समृद्ध होंगे और किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। उप मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती अपनाने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप, सभापति अंबालिका साहू, अनुसुईया जागेंद्र कश्यप, रतनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष  लवकुश कश्यप, नगर निगम आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  संदीप अग्रवाल, डॉ आर.के.एस. तोमर,  राजेश सिंह,  राकेश तिवारी,  धीरेंद्र दुबे और  दिनेश कौशिक सहित कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि किसान धरती पुत्र हैं। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि गांवों की समृद्धि, किसानों की खुशहाली और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जैविक खेती समय की आवश्यकता है, क्योंकि रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य दोनों पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने किसानों से जैविक खेती को अपनाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा पशुपालन और गौसंवर्धन को कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांवों में आपसी सहयोग और सामुदायिक सहभागिता से ही आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है जिनसे किसानों को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि गांवों को फिर से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति गांव, किसान और जनभागीदारी में निहित है। किसानों का परिश्रम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ विविध एवं रसायनमुक्त खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही समृद्ध भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोडऩा है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कार्यशाला के दौरान जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान  जदूनंदन साहू,  हजारीलाल पटेल,  श्रद्धा मिश्रा एवं शिल्पी राजपूत सहित अन्य किसानों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञ  बृजलाल राठौर ने जैविक खेती की तकनीकों, लाभों एवं संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद प्राप्त करने के उपाय बताए। कार्यशाला में किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक उर्वरकों के उपयोग, प्राकृतिक खेती की तकनीकों तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया।

नवा रायपुर जंगल सफारी में दिखा भारत का सबसे छोटा कठफोड़वा

नवा रायपुर जंगल सफारी में दिखा भारत का सबसे छोटा कठफोड़वा

 00 बॉटेनिकल गार्डन में ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर की दुर्लभ मौजूदगी दर्ज

00 जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली नई पहचान

रायपुर। नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी के बॉटेनिकल गार्डन में पक्षी प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए एक सुखद समाचार सामने आया है। हाल ही में आयोजित बर्ड वॉक के दौरान वन्यजीव छायाकारों ने भारत के सबसे छोटे कठफोड़वों में से एक ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर को कैमरे में कैद किया। तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में इस दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

संरक्षित हरित क्षेत्र बन रहा वन्यजीवों का सुरक्षित आश्रय
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में नवा रायपुर का जंगल सफारी और बॉटेनिकल गार्डन जैव विविधता संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। यहां विकसित हरित वातावरण और संरक्षण उपायों के कारण अनेक पक्षी एवं वन्यजीवों को सुरक्षित आवास मिल रहा है। दुर्लभ पक्षियों की बढ़ती उपस्थिति इन प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।
क्या है ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर की विशेषता
ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर भारत के सबसे छोटे कठफोड़वों में शामिल है। इसकी लंबाई लगभग 13 से 15 सेंटीमीटर होती है। यह पक्षी पेड़ों की छाल पर बेहद फुर्ती से चढ़ता-उतरता है और अपनी विशिष्ट गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इसके सिर पर भूरे रंग का मुकुटनुमा भाग तथा शरीर पर काले-सफेद धब्बेदार पंख होते हैं, जो इसे आकर्षक और आसानी से पहचानने योग्य बनाते हैं।
पेड़ों का प्राकृतिक संरक्षक
यह छोटा पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपनी नुकीली चोंच की सहायता से यह पेड़ों की छाल में छिपे हानिकारक कीटों और लार्वा को खाकर पेड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसी कारण इसे पेड़ों का प्राकृतिक संरक्षक भी कहा जाता है।
जैव विविधता संरक्षण की सफलता का प्रमाण
आमतौर पर यह पक्षी घने और शांत जंगलों में पुराने वृक्षों पर पाया जाता है। शहरी क्षेत्र में इसकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि जंगल सफारी और बोटेनिकल गार्डन में विकसित पारिस्थितिकी तंत्र वन्यजीवों के लिए अनुकूल बन रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि प्रकृति संरक्षण और हरित विकास के प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।
प्रकृति संरक्षण के प्रति बढ़ेगी जागरूकता
ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर का यह रिकॉर्ड न केवल छत्तीसगढ़ की पक्षी विविधता को समृद्ध करता है, बल्कि आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देता है।

राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के बीच उच्चस्तरीय बैठक, विकसित छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंजोर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन

राज्य नीति आयोग और यूनिसेफ के बीच उच्चस्तरीय बैठक, विकसित छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंजोर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन

 रायपुर। राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा से आज यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे। बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।

विकसित छत्तीसगढ़ - जहाँ बच्चे हैं विकास की नींव
बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष  मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है। राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है।
राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।

देश में पहली बार - बाल कल्याण सूचकांक
राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा।
बस्तर अंजोर - आदिवासी एवं बाल विकास का ऐतिहासिक अवसर

बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3$4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं। यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी।

सामुदायिक जागरूकता, विश्वास निर्माण एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है। यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोडऩे पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।यूनिसेफ का सहयोग और विस्तार
यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया। बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी किसानों की भरोसेमंद साथी

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी किसानों की भरोसेमंद साथी

 शिकायत के त्वरित निराकरण से किसान को समय पर मिला खाद, खेती की तैयारी हुई सुचारु

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल का जमीनी स्तर पर दिख रहा सकारात्मक प्रभाव

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, जवाबदेही और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की दिशा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के जरिए आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे शासन के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हो रहा है।इसका सकारात्मक उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ विकासखंड निवासी किसान  राम बलारिक यादव हैं। खरीफ सीजन की तैयारियों के दौरान उन्हें समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण बोआई प्रभावित होने की चिंता सताने लगी थी। खेती-किसानी पर निर्भर किसान के लिए यह स्थिति काफी परेशानी भरी थी।

समस्या के समाधान के लिए  राम बलारिक यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। विभागीय अधिकारियों के प्रयासों से किसान को नियमानुसार खाद उपलब्ध कराया गया, जिससे वे समय पर अपनी खेती की तैयारियां पूरी कर सके और बोआई कार्य प्रभावित होने से बच गया।

राम बलारिक यादव ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी समस्या का इतनी शीघ्रता से समाधान हो जाएगा। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंची और समयबद्ध कार्रवाई होने से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन वास्तव में आम नागरिकों और किसानों की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बन रही है।

मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  साय नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वित

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष  रितेश जायसवाल सहित सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के वार्ड क्रमांक 06 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उपस्थित नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा की पूर्ति है। इससे क्षेत्र में सुनियोजित नगरीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच सेतु बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि शिवनंदनपुर के नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिवनंदनपुर में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन

शपथ ग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया।

समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में दो दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को उनके नवीन आवास की चाबियां सौंपी गईं।

महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के पोषण हेतु तैयार किए जाने वाले खिचड़ी, हलवा, खुरमा, बर्फी, कटुआ, गुलगुला तथा रेडी-टू-ईट पोषण आहार का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार का अवलोकन कर इसकी सराहना की। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली।

इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां के विद्यार्थियों द्वारा सोलर सैनिटेशन किट सहित विभिन्न नवाचारों एवं वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।

विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत फुटकर मत्स्य विक्रय उपकरण प्रदाय योजना के तहत कुंजनगर निवासी भारती केवट एवं श्रीमती तपेश्वरी राजवाड़े को आइस बॉक्स के साथ 6-6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।

सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं के तहत शिवनंदनपुर निवासी अमरूत को वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शिवनंदनपुर एवं कुरूवां के पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर योजना का लाभ प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद  चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक  भूलन सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, सरगुजा संभाग के आयुक्त  नरेंद्र दुग्गा, आईजी  दीपक झा, कलेक्टर रेना जमील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जनजातीय गौरव को सहेजते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री साय

जनजातीय गौरव को सहेजते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रही है सरकार : मुख्यमंत्री साय

 अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ेगा समाज , विकास में सरकार हर कदम पर साथ - मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर एवं पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम स्थल स्थित आदिवासी देवस्थल देवठाना में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कचना धुरवा की यह पवित्र भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने गोंडवाना भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित थे, लेकिन आज यहां शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए भी प्रदेशवासियों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरचार्ज माफी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीयन कराएं। प्रदेश में अब तक 757 करोड़ रुपए से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की मंशा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, बिजली ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कचना धुरवा गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। इनमें भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 27 लाख रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना हेतु 6 लाख रुपए तथा भवन के सौंदर्यीकरण हेतु 10 लाख रुपए की स्वीकृति शामिल है।

आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप लगभग ढाई एकड़ भूमि में यह भव्य भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों, किसानों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद  रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू  सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गोंड महासभा के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद को दी 603 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गरियाबंद को दी 603 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 76 विकास कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन एवं शिलान्यास

सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं विद्युत अधोसंरचना को मिलेगी नई मजबूती

विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित विशाल लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में जिलेवासियों को 603 करोड़ 46 लाख 32 हजार रुपये की लागत वाले 76 विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री  साय ने 86 करोड़ 75 लाख 52 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 46 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 516 करोड़ 70 लाख 80 हजार रुपये की लागत से प्रारंभ होने वाले 30 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों से जिले में सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, विद्युत एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा विकास को नई गति प्राप्त होगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं, युवाओं, आदिवासियों एवं गरीब परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सुशासन के माध्यम से योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत लगभग 757 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिलों में राहत दी जा रही है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली मुक्त योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों को बिजली खर्च से राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि सहकारी साख समितियों के नए केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे किसानों को ऋण, खाद, बीज एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए नैनो यूरिया के उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है, भूमि की उर्वरता बनी रहती है तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन और पारदर्शिता राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आम जनता की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। उन्होंने नागरिकों से इस सुविधा का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर नई पहचान स्थापित कर रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी और प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास की रोशनी पहुंचाई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार है। उन्होंने कहा कि गरियाबंद जिले में आज जिन विकास कार्यों की शुरुआत हुई है, उनसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, पेयजल, विद्युत तथा जनसुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार होगा और जिले के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरियाबंद जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और धार्मिक महत्व के कारण विशेष पहचान रखता है। छत्तीसगढ़ का प्रयाग कहलाने वाला राजिम, राजीव लोचन मंदिर तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार द्वारा इन धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि सुशासन तिहार के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना से क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुका है तथा 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जा रहा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से आह्वान किया कि वे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होकर ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में सहयोग करें जो अभी तक विद्यालय से बाहर हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के तत्काल बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। वर्तमान में प्रदेश में 26 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 19 लाख 70 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। पिछले ढाई वर्षों में 10 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से 18 हजार 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदी कर रही है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से अंतर की राशि का भुगतान भी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे लाखों संग्राहक परिवारों की आय में वृद्धि हुई है। चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के 41 लाख से अधिक परिवारों को नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं, जहां ग्रामीण बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मासिक खपत पर बिजली बिल में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गरियाबंद आदिवासी बहुल जिला है, जहां कमार और भुंजिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की उल्लेखनीय आबादी निवास करती है। प्रधानमंत्री जनमन योजना तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आवास एवं आजीविका के क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन लाया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज जिन विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है, वे गरियाबंद जिले को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को तेजी से पूरा कर रही है और सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम को महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूपकुमारी चौधरी एवं राजिम विधायक रोहित साहू ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

ब्रेकिंग : एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, घर में दो बच्चे और पिता की मिली लाश

ब्रेकिंग : एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, घर में दो बच्चे और पिता की मिली लाश

 जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा जिले में पिता और उसके दो बच्चों की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस और फॉरेंसिक की टीम पहुंची है। प्रारभिक जांच में पाया गया कि तीनों की मौत कीटनाशक जहर के सेवन से हुई है।

दरअसल, चौकी नैला क्षेत्र के ग्राम बिरकोनी में एक व्यक्ति व उसके दो बच्चों लाश मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई।

प्रारंभिक जांच में ज्ञात हुआ है कि मृतक रमेश कुमार पटेल का लगभग एक सप्ताह पूर्व अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, जिसके बाद उसकी पत्नी अपने मायके चली गई थी। बताया गया है कि 16 जून को रमेश कुमार पटेल अपनी पत्नी को वापस लाने उसके मायके गया था, किंतु पत्नी द्वारा वापस आने से इंकार करने पर वह अकेला घर लौट आया था।

आज सुबह लगभग 8 बजे मृतक का पिता परदेसी राम पटेल धान कुटवाने ग्राम कटनाई गया हुआ था। लगभग 11:30 बजे उसे सूचना मिली कि उसका पुत्र एवं दोनों नाती घर में मृत अवस्था में पड़े हुए हैं। सूचना पर घर पहुंचकर देखने पर रमेश कुमार पटेल तथा उसके दोनों बच्चे मृत पाए गए।

घटना की सूचना पर चौकी नैला पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल को सील कर मर्ग कायम किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे स्वयं घटनास्थल पहुंचीं। CSP खापर्डे ने बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौजूद अधिकारियों- कर्मचारियों को हर पहलू पर जांच के निर्देश दिए। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी बुलाया गया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 21 जून को प्रदेश में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर होगा विशेष कार्यक्रम

 जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि

सरगुजा में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन 

रायपुर-21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर  जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है।  जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है। 

राज्यपाल  रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे। 

जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री  रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री  दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री  केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री  लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री  ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री  टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री  गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।

विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों  में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद  विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद  संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद  चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद  राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद  महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद  भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुश्री लता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक  ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक  पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक  अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक  किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक चौतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।

किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है- उद्योग मंत्री देवांगन

किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है- उद्योग मंत्री देवांगन

 00 समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने

रायपुर। वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन आज रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना।  देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।

समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने


विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोडऩा।  देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित किया।

समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री ने


कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पदम  अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक  राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के  ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख  पदम गोयल, अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

राज्यपाल डेका ने गजराज बांध को शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में की पहल

 रायपुर- राज्यपाल  रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर  विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की। 
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्यो में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।  राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।

चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना से छत्तीसगढ़ के विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई शक्ति : साय

चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना से छत्तीसगढ़ के विकास और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई शक्ति : साय

 00 755 करोड़ की परियोजना को मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी एवं रेल मंत्री वैष्णव के प्रति जताया आभार

00 डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार: मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत 755 करोड़ रूपए की लागत से चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक प्रगति और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में रेल अधोसंरचना का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे विकास को नई गति मिल रही है।

उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी, परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी तथा भविष्य में अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कोरबा देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में महत्वपूर्ण पहचान रखता है और यहां से देश के विभिन्न हिस्सों तक कोयले की आपूर्ति होती है। चांपा-कोरबा रेल खंड साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) तथा महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) की खदानों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोडऩे वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस परियोजना के पूर्ण होने से कोयला परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक आधार और अधिक मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तीसरी रेल लाइन का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया दूरदर्शी निर्णय है। इससे अतिरिक्त माल परिवहन को सुगम बनाया जा सकेगा और रेल परिचालन अधिक दक्ष एवं प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह परियोजना केवल कोयला परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से उद्योगों को मजबूती मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे कोरबा, जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क, सुदृढ़ लॉजिस्टिक व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के विकास में और अधिक प्रभावी योगदान देने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ को रेल अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्राथमिकता मिली है। प्रदेश के रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, तीसरी-चौथी लाइन और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के विकास के माध्यम से कनेक्टिविटी को लगातार सशक्त किया जा रहा है। हाल ही में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया जाना भी इसी विकास दृष्टि का प्रमाण है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में स्वीकृति मिलना जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुरांचल को पहली बार रेल नेटवर्क से जोडऩे का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल एवं शहरी परिवहन अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विकास पर 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 1853 से 2014 तक 161 वर्षों में छत्तीसगढ़ में लगभग 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश का रेल नेटवर्क बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर से अधिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश की रेल परियोजनाओं के लिए जहां लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को 1,680 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 125 अधिकारियों-कर्मचारियों का हुआ तबादला, देखें  लिस्ट..!!

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 125 अधिकारियों-कर्मचारियों का हुआ तबादला, देखें  लिस्ट..!!

 बलरामपुर- रामानुजगंज जिले में पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने स्थानांतरण आदेश जारी करते हुए कुल 125 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया है।

देखें लिस्ट…

CG : रेत तस्करों ने पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और शिक्षक को जलाया जिंदा, दो की हालत गंभीर

CG : रेत तस्करों ने पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और शिक्षक को जलाया जिंदा, दो की हालत गंभीर

 कोरिया। रेत तस्करों ने मंगलवार की देर रात खौफनाक खूनी खेल को अंजाम देते हुए भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह और शिक्षक को जिंदा जलाकर मार दिया गया, जबकि दो लोगों को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया है। बताया जा रहा है कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों ने उनके घर के सामने उनकी फॉर्च्यूनर कार पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। 

सोनहत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवगई में मंगलवार रात दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। करीब 30 आरोपियों ने एक फॉर्च्यूनर वाहन पर हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया। घटना में फॉर्च्यूनर में सवार भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 40 से 60 प्रतिशत तक झुलसे घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल और बाद में अंबिकापुर रेफर किया गया। यहां एक और की मौत हो गई। जबकि 2 को रायपुर रेफर किया गया है जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। 

घटना रात 11 बजे की है, जैसे ही दो कार में भरत सिंह अपने साथियों के साथ नवगई गांव के अंदर पहुंचे आरोपियों ने पहले एक टिपर से फॉर्च्यूनर को कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन के दरवाजे जाम हो गए और अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई। बताया जा रहा है कि जो लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, उनके साथ भी मारपीट की गई। 

पूरा मामला रेत कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोपी नवगई गांव निवासी मनोज त्रिपाठी, उसके बेटे समेत करीब 30 की संख्या में हमलावरों ने वारदात को अंजाम दिया। इसके पूर्व मंगलवार की शाम मृतक और उसके साथियों ने अघोषित रेत ठेकेदार मनोज त्रिपाठी और उसके साथियों की पिटाई की थी। मामला थाने तक भी पहुंचा था। बताया जा रहा है कि रात में भी मृतक अपनी साथियों के साथ मनोज त्रिपाठी के घर के पास पहुंचा था। इसी दौरान उनके ऊपर हमला किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

 कल तक मानसून आने की संभावना : मौसम विभाग

 कल तक मानसून आने की संभावना : मौसम विभाग

 अगले पांच दिन गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हो रहा है मानसून का इंतजार,12 जून तक मानसून पहुंचने का अनुमान इस बार सही साबित नहीं हुआ। मौसम प्रणाली की धीमी गति और अनुकूल परिस्थितियां पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण मानसून की एंट्री टल गई है। अब मौसम विभाग ने 18 जून तक दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून पहुंचने के संकेत दिए हैं।

प्रदेश में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। इसके चलते कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश का दौर जारी है। रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में उमस और गर्मी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ सकती है और बस्तर के रास्ते प्रदेश में इसकी आधिकारिक एंट्री होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। वहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। दक्षिणी और मध्य छत्तीसगढ़ में मेघ गर्जन की गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं।

छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री आमतौर पर बस्तर संभाग के रास्ते होती है। इसके बाद धीरे-धीरे रायपुर समेत पूरे प्रदेश में आगे बढ़ता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत में बने सिस्टम का असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे रहा है।

घुघरी कला नाला व्यपवर्तन योजना के लिए 4.58 करोड़ स्वीकृत, 200 हेक्टेयर में मिलेगी सिंचाई की सौगात

घुघरी कला नाला व्यपवर्तन योजना के लिए 4.58 करोड़ स्वीकृत, 200 हेक्टेयर में मिलेगी सिंचाई की सौगात

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम घुघरी कला नाला में व्यपवर्तन योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 58 लाख 75 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी सिंचाई योजना के पूर्ण होने से स्थानीय किसानों को अपनी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। योजना के तहत क्षेत्र में कुल 200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। 
खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए 180 हेक्टेयर क्षेत्र में सुविधा मिलेगी। वहीं लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलो कीं सिंचाई का लाभ किसान उठा सकेंगे। इस योजना के पूरा होने से शंकरगढ़ विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। इस परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के लिए जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार (अम्बिकापुर) को आवश्यक प्रशासकीय निर्देश जारी कर दिए गए हैं।