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CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून, बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून, बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर से प्रदेश में बारिश का प्रभाव ज्यादा दिखाई देने लगेगा और कुछ जिलों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।

रविवार को भी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में मौसम को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और गरियाबंद के लिए तेज बारिश, आकाशीय बिजली और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सुकमा, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से 22 से 25 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। 22 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं प्रदेश से मानसून की विदाई 29 सितंबर के बाद शुरू होने के संकेत हैं।

राजधानी रायपुर में भी रविवार को मौसम बदला हुआ नजर आ सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मानपुर में सबसे अधिक 6 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि नारायणपुर में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। दुर्गकोंदल, अंतागढ़, रायपुर शहर, लालपुर थाना और पखांजूर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बावजूद रायपुर में दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहा।

वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य - उप मुख्यमंत्री शर्मा

वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य - उप मुख्यमंत्री शर्मा

 00 जल संरक्षण से लेकर सड़क, स्कूल, पंचायत भवन, आजीविका, कृषि, पशुपालन और आपदा प्रबंधन के कार्य शामिल

00 छत्तीसगढ़ के बजट में 4 हजार करोड़ का प्रावधान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगा विस्तार
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास को रोजगार, आजीविका और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जोडऩे की दिशा में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मिशन के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या अब 318 से बढ़ाकर 375 कर दी गई है। 
उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने अनुमेय कार्यों की संख्या में वृद्धि पर हर्ष जताते हुए कहा कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अनुमेय कार्यों की संख्या 318 से बढ़कर 375 होने से विकास कार्यों को गति प्राप्त होगी और ग्रामीण विकास सुदृढ होगा। छत्तीसगढ़ शासन ने मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान का लाभ केवल मजदूरी भुगतान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से गांवों में ऐसी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करेंगी। शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए वीबी-जीरामजी के तहत 3,354.85 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन प्रदान किया गया है। मिशन के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन की गई है। रोजगार के दिनों में वृद्धि, मजदूरी दर में सुधार और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का यह समन्वय ग्रामीण परिवारों की आर्थिक सुरक्षा तथा गांवों के समग्र विकास को नई गति देगा।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत/2047 की परिकल्पना में गांवों को विकास की केंद्रीय इकाई के रूप में महत्व दिया है। वीबी-जीरामजी के माध्यम से रोजगार, आजीविका, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अधोसंरचना को एक साथ जोडऩे का प्रयास इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को नई दिशा मिली है।

वीबी-जीरामजी से अब होंगे 375 प्रकार के अनुमेय कार्य - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

क्यूआर कोड से मिलेगी अनुमेय कार्यों की जानकारी
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि वीबी-जीरामजी के अंतर्गत 375 अनुमेय कार्यों को 4 मुख्य श्रेणियों और 30 उप-श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। इनमें 68 प्रकार के व्यक्तिगत कार्य, 99 प्रकार के मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्य तथा समूह और सामुदायिक उपयोगिता से जुड़े कार्य शामिल हैं। अनुमेय कार्यों की जानकारी प्रत्येक ग्रामीण तक आसानी से पहुंचे, इसके लिए राज्य में क्यूआर कोड भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से ग्रामीण अनुमेय कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
2027 तक हर बालिका के लिए स्कूलों में शौचालय का लक्ष्य
वीबी-जीरामजी की कार्य-सूची में शासकीय विद्यालयों की अधोसंरचना को विशेष महत्व दिया गया है। विद्यालयों में शौचालयों की मरम्मत, अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, प्रयोगशालाएं, रसोई शेड, परिसर की दीवार और खेल मैदान जैसे कार्य इसके अंतर्गत किए जा सकेंगे। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा मेरी बेटी-मेरा अभिमान अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 26 जनवरी 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। यह पहल बालिकाओं की गरिमा, स्वच्छता और विद्यालयों में बेहतर सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
हर गांव में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय की दिशा में आगे बढ़ रहा राज्य
ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सामुदायिक अधोसंरचना के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा हर गांव में मुक्तिधाम निर्माण का संकल्प लिया गया है। 6,524 गांवों में प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वीबी-जीरामजी में श्मशान घाट तथा अन्य सामुदायिक अधोसंरचना से संबंधित निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को भी अनुमेय बनाया गया है। इसके अतिरिक्त जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10 हजार से अधिक बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा।
जल सुरक्षा से लेकर भूजल पुनर्भरण तक
अनुमेय कार्यों की पहली मुख्य श्रेणी में जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनमें नहर, बाढ़ नियंत्रण चौनल, चेकडैम, गली प्लग, भूमिगत डाइक, तालाबों का पुनर्जीवन, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट और रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल, सिंचाई कुएं, माइक्रो एवं ड्रिप सिंचाई चौनल, वाटरशेड भूमि का पुनरुद्धार, वनीकरण एवं पौधरोपण, मृदा-नमी संरक्षण तथा रूफटॉप वर्षाजल संचयन जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से गांवों में जल संचयन क्षमता बढ़ाने, भूजल पुनर्भरण, सिंचाई सुविधा के विस्तार और कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। व्यक्तिगत और सामुदायिक दोनों स्तरों पर जल संरक्षण से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण एवं रखरखाव को भी इसमें स्थान दिया गया है।
सड़क, स्कूल, पंचायत भवन और स्वच्छता सहित मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचना
कार्यों की दूसरी मुख्य श्रेणी में ग्रामीण अधोसंरचना से संबंधित है। इसमें ग्रामीण सड़कें, पुलिया एवं क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाएं, ग्राम संपर्क सुविधाएं, ग्राम पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्रामीण पुस्तकालय, सार्वजनिक भवन, स्कूल अधोसंरचना, रसोई शेड, अतिरिक्त कक्ष, प्रयोगशालाएं, स्कूल परिसर की दीवारें और खेल मैदान जैसे कार्य शामिल हैं। इसके साथ श्मशान घाट, कब्रिस्तान, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता परिसर, अपशिष्ट पृथक्करण एवं संग्रहण केंद्र, सौर प्रकाश व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, पार्किंग एवं परिवहन शेड सहित अन्य सामुदायिक सुविधाओं के निर्माण और विकास को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत अनुमेय ग्रामीण आवास कार्य तथा जल जीवन मिशन के तहत निर्मित जलापूर्ति परिसंपत्तियों की मरम्मत एवं रखरखाव भी इस श्रेणी में शामिल हैं।
आजीविका के साथ स्थानीय स्तर पर आय के अवसर
कार्यों की तीसरी मुख्य श्रेणी आजीविका संबंधी अधोसंरचना की है। इसके अंतर्गत प्रशिक्षण-सह-कौशल विकास केंद्र, स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्कशेड, ग्रामीण हाट एवं साप्ताहिक बाजार, खाद्यान्न एवं कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, कृषि मूल्य श्रृंखला से जुड़ी संरचनाएं, स्वयं सहायता समूह एवं फेडरेशन स्तर के भवन, वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप इकाइयां, सिल्विपास्चर, डेयरी एवं दुग्ध संग्रहण केंद्र, पशु आश्रय, मत्स्य पालन अधोसंरचना, नर्सरी एवं पौधरोपण तथा भवन निर्माण सामग्री के उत्पादन से जुड़े कार्य शामिल हैं। कृषि आधारित प्रसंस्करण को भी इस श्रेणी में स्थान दिया गया है। मिनी फ्लोर मिल, खाद्य प्रसंस्करण, तेल प्रसंस्करण, एकीकृत कृषि प्रसंस्करण, वन उत्पाद प्रसंस्करण, हस्तशिल्प प्रसंस्करण, जैव-अवक्रमणीय उत्पाद प्रसंस्करण तथा बांस शिल्प जैसी गतिविधियों के लिए अधोसंरचना विकसित की जा सकेगी। इससे स्थानीय संसाधनों के स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमिता को मिलेगा आधार
स्व-सहायता समूहों के लिए वर्कशेड और समूह स्तर की गतिविधियों के लिए अधोसंरचना को अनुमेय कार्यों में शामिल किए जाने से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को आवश्यक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध कराने के अवसर बढ़ेंगे। वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, नर्सरी, कृषि उत्पाद भंडारण, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियां ग्रामीण परिवारों के लिए आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायक होंगी।
आपदा और चरम मौसम से निपटने के लिए भी होंगे कार्य
चौथी मुख्य श्रेणी में अति विषम मौसमी घटनाओं के न्यूनीकरण और आपदा सजगता से संबंधित कार्य शामिल हैं। इनमें चक्रवात आश्रय, बाढ़ आश्रय, तटबंध, मिट्टी एवं गेबियन संरचनाएं, रिटेनिंग वॉल, बाढ़ सुरक्षा दीवार, लेवल बेंच टेरेस, अपलैंड बेंच टेरेस, स्थिरीकरण तालाब, आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों का पुनर्स्थापन, विंडब्रेक एवं शेल्टरबेल्ट पौधरोपण तथा वन अग्नि प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं।वन अग्नि प्रबंधन के अंतर्गत फायर ब्रेक हेज, वन अग्नि रेखा और फ्यूल बफर जोन सहित अन्य सहायक कार्य भी अनुमेय हैं। इससे प्राकृतिक आपदाओं और चरम मौसमी परिस्थितियों के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा तथा सार्वजनिक और सामुदायिक परिसंपत्तियों की संरक्षण क्षमता को मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि वीबी-जीरामजी केवल ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गांवों की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय आजीविका को मजबूत करने और टिकाऊ ग्रामीण अधोसंरचना विकसित करने का व्यापक अवसर है। 375 अनुमेय कार्यों के माध्यम से रोजगार को परिसंपत्ति निर्माण और परिसंपत्तियों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए विकसित गांव की दिशा में ठोस आधार तैयार किया जा रहा है।

लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना

लखपति दीदी बनाने में मददगार बन रही छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना

 लेखक -धनंजय राठौर संयुक्त संचालक ,जनसंपर्क, रायपुर
रायपुर।
महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की मासिक राशि छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के लिए घर-गृहस्थी में मदद से कहीं ज्यादा साबित हो रही है। यह राशि कर्ज, स्वयं सहायता समूहों और आजीविका के अवसरों के साथ मिलकर महिलाओं की आय का स्थायी जरिया बन रही है। महतारी वंदन योजना राज्य की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है, जिसमें लगभग 68 लाख महिला लाभार्थी शामिल हैं। इस योजना के तहत लाभार्थियों को अब तक 31 किस्तों में 20,075.38 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इस साल राज्य के बजट में इस योजना के लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी योजना की पूरक महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत नवंबर 2024 से अब तक लगभग 41,124 लाभार्थियों ने 102.38 करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले स्वरोजगार ऋण का लाभ उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, ष्इस योजना के तहत मिलने वाले लोन से सब्जी बेचने, कारीगरी और दूसरे छोटे-मोटे काम करने वाली महिलाओं को अपना कारोबार बढ़ाने और घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलती है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के श्लखपति दीदीश् के विजन को साकार करने में भी मदद मिल रही है।
इनकी कहानियां बनीं मिसाल
रानू कैवर्त, आंदी गांव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
सिलाई, कपड़े और किराने के कारोबार के साथ-साथ बटेर और देसी मुर्गी पालन एवं हैचरी का काम करके सालाना 3 लाख रुपये की आमदनी।
सीता मरावी, गुडुमदेवारी
किराने की दुकान के लिए बैंक से 25 हजार और मुर्गी पालन के लिए स्वयं सहायता समूह से 50 हजार रुपये का लोन लेकर सालाना कमाई 2.5 लाख रुपये तक पहुंचाई।
सुमन लता वाकरे, गुडुमदेवारी
स्वयं सहायता समूह से 15 हजार रुपये लेकर किराने की दुकान शुरू की, बाद में बैंक लोन से विस्तार किया। अब सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई।
केजू बाई सलामे, रामगढ़, मोहला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी
महतारी वंदन के हर महीने मिलने वाले 1,000 रुपये का इस्तेमाल किराने के सामान का स्टॉक भरने में करती हैं, जिससे बिक्री बढ़ी और वे लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
10 मार्च, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल मौजूदगी में शुरू हुई महतारी वंदन योजना ने लखपति दीदी के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई है। प्रदेश में स्वयं-सहायता समूहों की 13.85 लाख महिला सदस्य पहले ही लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा लखपति दीदी भ्रमण योजना के तहत भी बजटीय प्रावधान किया गया है, ताकि लखपति दीदियां देश भर के व्यापारिक और आर्थिक केंद्रों के साथ-साथ प्रमुख शक्तिपीठों का भी दौरा कर सकें।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर साय सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा, 5 ट्रैक्टर किए जब्त

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर साय सरकार की त्वरित कार्रवाई, अवैध रेत परिवहन पर कसा शिकंजा, 5 ट्रैक्टर किए जब्त

 00 खनिज विभाग ने कोलबिर्रा क्षेत्र में की कार्रवाई

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शी, जवाबदेह एवं संवेदनशील प्रशासन को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सीएम हेल्पलाइन एवं ग्रामीणों से प्राप्त शिकायतों पर खनिज विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते हुए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त किया है।
शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंची खनिज विभाग की टीम
जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोलबिर्रा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायत प्राप्त होने पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई की। जांच के दौरान रेत का अवैध परिवहन करते पाए गए 5 ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर लिया गया। जब्त सभी वाहनों को कोटमी चौकी में सुरक्षित रखा गया है। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

शिकायतों के निराकरण में प्रशासन की तत्परता
कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की गंभीरता एवं गुणवत्तापूर्ण जांच करते हुए समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुरूप जिले में नागरिकों से प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित शिकायतों पर विशेष निगरानी रखते हुए नियमित जांच की जा रही है। इससे एक ओर जहां खनिज संपदा के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर शासन की व्यवस्था के प्रति आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।
अवैध खनन और परिवहन पर लगातार जारी रहेगा अभियान
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। विभाग द्वारा प्राप्त शिकायतों की जांच के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण और निगरानी की जा रही है, ताकि खनिज संसाधनों के अवैध दोहन को रोका जा सके। इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी श्री आदित्य मानकर एवं खनिज विभाग के स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन की यह कार्रवाई मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप जनशिकायतों के त्वरित निराकरण, कानून के प्रभावी पालन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

CG Crime News- एक ही गांव, साथ जीने-मरने की कसमें और फिर एक फंदा! युवक-युवती की लाश मिलने से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस….

CG Crime News- एक ही गांव, साथ जीने-मरने की कसमें और फिर एक फंदा! युवक-युवती की लाश मिलने से मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस….

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां युवक और युवती की लाश एक ही फंदे पर लटकी मिली। घटना की सूचना मिलते ही लेमरू थाना प्रभारी लोकनाथ यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरु कर दी है।

पढ़िए पूरी खबर

यह पूरा मामला लेमरु थाना क्षेत्र के वनांचल ग्राम अरतेरा की है।मृतकों की पहचान मुकेश यादव (21 वर्ष) और मुनिता (18 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और दोनों गांव में ही पले-बढ़े थे।

पुलिस ने जताई ये आशंका

पुलिस की प्रारंभिक जांच में मामला प्रेम संबंध से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही आशंका जताई जा रही है कि प्रेम संबंध असफल होने पर दोनों ने पेड़ पर फांसी का फंदा बनाया और अपनी जान दे दी।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

लेमरू थाना प्रभारी लोकनाथ यादव ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही दोनों की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

CG : सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई: अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा, 2 मशीनें और 30 बोरा गुटखा जब्त

CG : सेंट्रल जीएसटी की बड़ी कार्रवाई: अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा, 2 मशीनें और 30 बोरा गुटखा जब्त

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने रविवार को कुम्हारी के स्टेशन चौक इलाके में छापेमारी की, जहां एक पुराने बिल्डिंग के अंदर सितार कंपनी का गुटखा बनाया जा रहा था। इस दौरान गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली 2 मशीनें और करीब 30 बोरा गुटखा जब्त किया गया है।

जीएसटी अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि, गुटखा निर्माण और उसकी बिक्री से जुड़े कारोबार में टैक्स संबंधी नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। इसके अलावा गोदाम में रखे बाकी सामान और दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, अभी अधिकारियों से ऑफिशियल कोई भी जानकारी नहीं दी है।

जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम को कुम्हारी के स्टेशन चौक क्षेत्र में अवैध रूप से गुटखा तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर रविवार को सेंट्रल जीएसटी इंटेलिजेंस की करीब 10 से 12 सदस्यों की टीम 3 वाहनों में मौके पर पहुंची।

अधिकारियों ने गोदाम के भीतर रखे सामान और गुटखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की जांच की। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने गुटखा बनाने वाली दो मशीनों को जब्त किया। इसके अलावा मौके से करीब 30 बोरा तैयार गुटखा भी बरामद किया गया।

शुरुआती जानकारी के अनुसार, जब्त सामान की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। हालांकि जब्त सामग्री की वास्तविक कीमत और उस पर लगने वाले टैक्स से संबंधित विस्तृत जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की संभावना है। जानकारी के अनुसार, जिस गोदाम में कार्रवाई की गई, उसके मालिक का नाम सुरेश गुप्ता बताया जा रहा है।

सेंट्रल जीएसटी की टीम गोदाम में मौजूद दस्तावेजों और बाकी सामग्री की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद सेंट्रल जीएसटी की टीम जब्त की गई मशीनों और गुटखे को अपने साथ लेकर रायपुर के लिए रवाना हुई। सामग्री की जांच और दस्तावेजों के मिलान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

आज ओडिशा दौरे पर सीएम साय : जानिए मिनट-टू-मिनट पूरा कार्यक्रम

आज ओडिशा दौरे पर सीएम साय : जानिए मिनट-टू-मिनट पूरा कार्यक्रम

 Raipur। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रविवार 20 सितंबर को ओडिशा दौरे पर रहेंगे। सीएम के जारी कार्यक्रम के अनुसार उनका पूरा दिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में बीतेगा। मुख्यमंत्री रायपुर से भुवनेश्वर पहुंचेंगे। यहां वे प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पुरी पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करेंगे और श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

सुबह रायपुर से शुरू होगा सीएम का दौरा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 9:50 बजे रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से कार के जरिए स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। करीब 10:10 बजे वे एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद सुबह 10:40 बजे इंडिगो की फ्लाइट से भुवनेश्वर के लिए रवाना होंगे।

करीब 11:45 बजे मुख्यमंत्री भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे कार के जरिए लोक भवन मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास जाएंगे। यहां दोपहर 1:30 बजे तक उनका आरक्षित कार्यक्रम रहेगा।

भुवनेश्वर में लिंगराज मंदिर में करेंगे पूजा

कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर करीब 1:30 बजे भुवनेश्वर के प्रसिद्ध लिंगराज मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे भगवान लिंगराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में कुछ समय रुकने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे पुरी के लिए रवाना होंगे।

पुरी पहुंचकर जगन्नाथ मंदिर में दर्शन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर करीब 3:30 बजे पुरी पहुंचेंगे। यहां मायफेयर होटल में उनका कुछ समय आरक्षित रहेगा। इसके बाद शाम 4:40 बजे वे भगवान जगन्नाथ मंदिर जाएंगे।

जगन्नाथ मंदिर में मुख्यमंत्री दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। करीब 5:15 बजे वे मंदिर से निकलकर वापस होटल के लिए रवाना होंगे।

श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में होंगे शामिल

शाम 5:25 बजे मुख्यमंत्री पुरी के होटल रुमानी पहुंचेंगे। यहां गोपाल बल्लभ रोड स्थित श्रीमद् भागवत कथा स्थल पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री रात में पुरी के मायफेयर होटल में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन के कार्यक्रम के अनुसार उनका आगे का दौरा जारी रहेगा।

 
BREAKING :महानदी जल विवाद पर CM साय का बड़ा बयान,बोले- जल्द होगा समाधान

BREAKING :महानदी जल विवाद पर CM साय का बड़ा बयान,बोले- जल्द होगा समाधान

 रायपुर – ओडिशा दौरे पर रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महानदी जल विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर दोनों राज्यों के बीच लगातार चर्चा चल रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बीते दिनों दिल्ली में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के दोनों मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में महानदी जल विवाद को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सीएम साय ने कहा कि इस पूरे विषय को अब केंद्रीय जल आयोग यानी CWC को सौंप दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले का समाधान बहुत जल्द निकल जाएगा। 

CG - आकाशीय बिजली का कहर : 3 की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल

CG - आकाशीय बिजली का कहर : 3 की मौत, 3 गंभीर रूप से घायल

 जांजगीर-चांपा-  छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शनिवार को अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के बलौदा विकासखंड के महुदा गांव में शनिवार को बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद लगभग चार बजे महुदा गांव निवासी कुछ लोग अपने खेतों में काम करने गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए सभी पास में स्थित एक झोपड़ी में चले गए। इसी दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिरने से वहां मौजूद छह लोग इसकी चपेट में आ गए।

बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने बताया कि हादसे में नरेश खैरवार, रामभरोस पटेल और तुलसीराम पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अंजू पटेल, दुलारा बाई और बैसाखू गंभीर रूप से घायल हो गए।

सिन्हा ने बताया कि सूचना मिलते ही घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।

अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में शनिवार को ही जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सीमेंट कार्पोरेशन आफ इंडिया (सीसीआई) की सीमेंट फैक्टरी के करीब आकाशीय बिजली गिरने से 55 वर्षीय दूज राम जटवार की मौत हो गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर मामलों की जांच शुरू कर दी है।

Chhattisgarh New Holiday Declared: छत्तीसगढ़ में एक और सरकारी छुट्टी का ऐलान.. इस दिन बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर

Chhattisgarh New Holiday Declared: छत्तीसगढ़ में एक और सरकारी छुट्टी का ऐलान.. इस दिन बंद रहेंगे सभी सरकारी दफ्तर

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ में अग्रवाल समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरा कर दिया है। शनिवार को अंबिकापुर में आयोजित अग्र महाकुंभ सम्मेलन के मंच से CM ने ऐलान किया कि अब प्रदेश में अग्रसेन जयंती के दिन सरकारी अवकाश रहेगा। घोषणा के साथ ही पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

अग्रसेन जयंती पर छुट्टी की घोषणा मुख्यमंत्री ने ऐसे समय की है, जब अंबिकापुर में अग्रवाल समाज का दो दिवसीय अग्र महाकुंभ सम्मेलन चल रहा है। होटल ग्रैंड वसंत में आयोजित इस आयोजन में प्रदेशभर से समाज के प्रतिनिधि जुटे हैं।

CM साय ने मंच से सुनाई बड़ी घोषणा

दो दिवसीय अग्र महाकुंभ सम्मेलन का आयोजन अंबिकापुर के होटल ग्रैंड वसंत में हो रहा है, जहां प्रदेशभर से अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि जुटे हैं। इसी मंच से मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्रसेन जयंती पर सरकारी छुट्टी घोषित की जा रही है। इसे दशम अग्र अलंकरण समारोह के तौर पर भी मनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद कार्यक्रम में मौजूद अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने इसका स्वागत किया। लंबे समय से अग्रसेन जयंती को लेकर समाज की ओर से अलग-अलग मांगें उठती रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री की यह घोषणा सम्मेलन की सबसे अहम खबर बन गई।

अग्रवाल समाज के योगदान को किया नमन

CM साय ने अपने संबोधन में अग्रवाल समाज के सामाजिक, व्यापारिक और शैक्षिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए छत्तीसगढ़ के विकास में अहम भूमिका निभाई है। सरकार समाज के इस योगदान को सम्मान देती है।

उन्होंने कहा कि समाज के लोगों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए प्रदेश के विकास में योगदान दिया है।

अंबिकापुर में जुटा अग्रवाल समाज

अग्रवाल समाज की ओर से आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम केवल सम्मेलन तक सीमित नहीं है। इसके साथ दशम अग्र अलंकरण समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। समारोह में समाज के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया जा रहा है।

मंच पर दिग्गजों की मौजूदगी

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज समेत बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। समाज की प्रतिभाओं को अलंकरण से सम्मानित भी किया गया।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. मुख्यमंत्री ने किस छुट्टी का ऐलान किया है?

— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर में घोषणा की है कि छत्तीसगढ़ में अब हर साल अग्रसेन जयंती के अवसर पर सरकारी अवकाश रहेगा।

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Q2. यह घोषणा कहां की गई?

— यह घोषणा अंबिकापुर के होटल ग्रैंड वसंत में चल रहे दो दिवसीय अग्र महाकुंभ सम्मेलन के मंच से की गई।

Q3. अग्र महाकुंभ सम्मेलन क्या है?

— यह अग्रवाल समाज का प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय सम्मेलन है, जिसमें दशम अग्र अलंकरण समारोह भी आयोजित हो रहा है और समाज की उल्लेखनीय प्रतिभाओं को सम्मानित किया जा रहा है।

Q4. कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद रहा?

— कार्यक्रम में CM विष्णुदेव साय के साथ कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, अमर अग्रवाल, सांसद चिंतामणि महाराज और प्रदेशभर से आए अग्रवाल समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टर्स ने किया हड़ताल का ऐलान, प्रदेशभर के अस्पतालों में लटकेगा ताला! जानिए क्या है मांगे?

छत्तीसगढ़ के जूनियर डॉक्टर्स ने किया हड़ताल का ऐलान, प्रदेशभर के अस्पतालों में लटकेगा ताला! जानिए क्या है मांगे?

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर चरमरा सकती है, प्रदेश के जूनियर डॉक्टर्स ने फिर 21 सितंबर से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अपनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टर हड़ताल करेंगे। एसोसिएशन की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्र जारी कर हड़ताल की सूचना दे दी गई है।

जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का कहना है कि मांगों को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया था, लेकिन मांगों पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते संगठन ने आंदोलन का फैसला लिया है।

वही कल शाम जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से भी मुलाकात की थी। मुलाकात के दौरान डॉक्टरों ने अपनी मांगों और लंबित मुद्दों को स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा।

एसोसिएशन का कहना है कि मांगों को लेकर लगातार बातचीत और पत्राचार के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। फिलहाल नजरें सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर हैं…क्या 21 सितंबर से पहले जूनियर डॉक्टरों की मांगों पर सहमति बनती है, या फिर प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल शुरू होगी।

झीरम घाटी हत्याकांड : NIA कोर्ट के फैसले का आदिवासी समाज ने किया विरोध, अब हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

झीरम घाटी हत्याकांड : NIA कोर्ट के फैसले का आदिवासी समाज ने किया विरोध, अब हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

 जगदलपुर. झीरम घाटी हत्याकांड में NIA कोर्ट के फैसले के बाद अब आदिवासी समाज भी खुलकर सामने आया है. अदालत ने मामले में 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है, लेकिन समाज का एक वर्ग इस फैसले से संतुष्ट नहीं है. जगदलपुर के परपा में हुई बैठक में बस्तर संभाग समेत करीब 6 से 7 जिलों से समाज के लोग और प्रभावित परिवारों के सदस्य शामिल हुए. बैठक में इन लोगों ने दावा किया कि जिन लोगों को सजा सुनाई गई है, वे झीरम की घटना में शामिल नहीं थे और उन्हें गलत तरीके से मामले में आरोपी बनाया गया.

हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देने की तैयारी

समाज के लोगों का कहना है कि गांवों में होने वाली बैठकों में ग्रामीणों का शामिल होना सामान्य बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे नक्सली गतिविधियों में शामिल थे. इसी आधार पर समाज अब इस मामले को आगे अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहा है.

चंदे के पैसे लड़ेंगे कानूनी लड़ाई, हर परिवार से 20 रुपये लेंगे

समाज ने फैसला लिया है कि हर गांव और हर परिवार से चंदा जुटाकर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी. इसके लिए प्रत्येक परिवार से 20 रुपए लेने की बात कही गई है. समाज का कहना है कि पहले हाईकोर्ट में अपील की जाएगी और अगर वहां से भी उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिलती है, तो सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई जारी रखी जाएगी.

जेल में बंद लोग निर्दोष : प्रकाश ठाकुर

सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर का कहना है कि प्रभावित परिवारों के साथ बैठक हुई है. झीरम हत्याकांड मामले में एनआईए के सुनाए गए फैसले से समाज संतुष्ट नहीं है. निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर जेल में बंद किया गया है. बैठक में प्रभावितों ने बताया कि उनके परिवार के लोग घटना के दौरान मौजूद ही नहीं थे. घटना की कोई जानकारी आसपास के किसी गांव वालों को नहीं थी. यह घटना वास्तव में बेहद दुखद है. लेकिन कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए लोग घटना में शामिल नहीं थे. वह नक्सली भी नहीं थे.

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने के कारण बैठक बुलाई जाती थी, तो वह जाते थे. मगर उन्होंने कभी भी नक्सल गतिविधियों में हिस्सा नहीं लिया. अब इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनौती देंगे, पक्ष में फैसला नहीं आने पर सुप्रिम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की तैयारी है.

असली नक्सली जी रहे आराम की जिंदगी : गंगा नाग

वहीं सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष गंगा नाग ने भी कहा कि प्रभावित परिवारों से चर्चा के बाद समाज को लगा कि सजा पाए लोग निर्दोष हैं. घटना के पीछे जो असली नक्सली थे, वह आज आराम की जिंदगी जी रहे हैं. इसी वजह से समाज एकजुट होकर उनके लिए कानूनी लड़ाई लड़ने जा रहा है.

झीरम के फैसले के बाद सामने आया यह विरोध इस मामले की कानूनी लड़ाई को एक नए चरण में ले जाता दिखाई दे रहा है.

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में स्थापित होंगे उद्यमिता विकास केंद्र, सीएम ने किया ट्रेड फेयर का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में स्थापित होंगे उद्यमिता विकास केंद्र, सीएम ने किया ट्रेड फेयर का शुभारंभ

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, दानशीलता, परोपकार और समाजसेवा की समृद्ध परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में अग्रवाल समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। व्यापार और व्यवसाय से आगे बढ़कर समाज के उद्यमियों ने उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और जनसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक समानता, करुणा, सहयोग और सहभागिता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उनका संदेश था कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और जो सक्षम हैं, वे जरूरतमंद लोगों का हाथ थामकर उन्हें भी प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएं। अग्रवाल समाज ने महाराजा अग्रसेन जी के इन आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने आचरण में उतारा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल सफल व्यापार और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थोपार्जन के साथ परमार्थ की भावना इस समाज की विशिष्टता रही है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों, धर्मशालाओं, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी संस्थाओं तथा अनेक जनसेवा गतिविधियों के माध्यम से समाज निरंतर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाता आया है।

कोरोना महामारी के कठिन समय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा था, तब अग्रवाल समाज ने आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सहायता की। मरीजों के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था हो, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाना हो अथवा स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों की मदद करना हो, समाज ने सेवाभाव का परिचय देते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में ऐसा सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जहां व्यापार और उद्योगों का विस्तार हो, निवेश बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित हों। उन्होंने कहा कि व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े अग्रवाल समाज के अनुभवी लोगों के सुझाव शासन की नीतियों को और अधिक व्यावहारिक एवं जनोपयोगी बनाने में सहायक रहे हैं।

महिला शक्ति और युवाओं की भागीदारी से समाज को मिलेगी नई ऊर्जा

मुख्यमंत्री साय ने अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना करते हुए कहा कि आज हमारी बेटियां और बहनें परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार, समाज और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई शक्ति प्रदान कर रही है।

उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित विशेष सत्र को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बदलते समय में नई पीढ़ी के सामने अवसरों का एक विशाल संसार है। युवाओं को अपने संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को अपनाना होगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे स्वयं को केवल नौकरी खोजने तक सीमित न रखें, बल्कि नए विचारों और उद्यमों के माध्यम से स्वयं आगे बढ़ें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर तैयार करें।

रोजगार केंद्रित औद्योगिक नीति से खुल रहे निवेश के नए द्वार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति 2024-30 को रोजगार केंद्रित बनाया गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने के साथ महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन को भी उद्योग का दर्जा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को अब तक लगभग 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन निवेश प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की उद्यमशीलता को नई दिशा देने के उद्देश्य से हाल ही में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इसके साथ ही 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इससे युवाओं को नई तकनीकों, कौशल, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों तथा मूल्य संवर्धित कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश और दुनिया के बड़े बाजारों से जोड़ना है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलेंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों को व्यापक पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा अंचल की आर्थिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश एवं रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।

उन्होंने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से आह्वान किया कि वे इन संभावनाओं से जुड़ें और अपने अनुभव तथा उद्यमशीलता के माध्यम से प्रदेश के युवाओं और छोटे उद्यमियों को भी आगे बढ़ने में सहयोग करें। बड़े और अनुभवी उद्यमियों का मार्गदर्शन नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में स्वास्थ्य एवं योग जैसे विषयों को शामिल किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार और कार्य की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति से ही स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है तथा स्वस्थ समाज ही निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

मुख्यमंत्री साय ने ‘दशम अग्र अलंकरण’ के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की और सम्मानित होने वाली सभी विभूतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान नई पीढ़ी को भी अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा अंबिकापुर, सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा सहित आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों और सदस्यों को अग्र महाकुंभ-2026 के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कामना की कि अग्रवाल समाज की उद्यमिता, सेवा, सहयोग और परोपकार की गौरवशाली परंपरा इसी तरह निरंतर आगे बढ़ती रहे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में समाज अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहे।

 
 
मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों उद्यानों के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जहां हरियाली और स्वच्छ वातावरण के साथ बच्चों को खेलने, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को व्यायाम, पैदल भ्रमण और विश्राम की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए उद्यानों का विकास इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्रीसाय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देशन में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन उद्यानों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में विकसित होने वाले इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे। व्यापक पौधरोपण के साथ ही नागरिकों की अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

निर्माण के बाद उद्यानों के बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों तक इन परिसरों का संचालन एवं संधारण चयनित निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे उद्यानों में विकसित हरियाली, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से विकसित किए जा रहे ये उद्यान केवल हरित क्षेत्र नहीं होंगे, बल्कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होंगे।

उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण से इन परिसरों का हरित स्वरूप समृद्ध होगा। साथ ही ओपन जिम, पाथवे, खेल एवं विश्राम की सुविधाएं लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेंगी। वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संवर्धन के प्रयासों को भी मजबूती देंगी।

हरित और सुविधायुक्त शहरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार: उप मुख्यमंत्री  अरुण साव

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और सुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ नागरिकों को मनोरंजन, व्यायाम और विश्राम के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य केवल अधोसंरचना तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव भी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से इन उद्यानों के निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण की व्यवस्था की गई है। इससे विकसित सुविधाओं का लाभ नागरिकों को लंबे समय तक मिल सकेगा।

अहिवारा में 2.07 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होगा उद्यान

अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे। यहां सोलर लाइट की व्यवस्था के साथ बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, युवाओं एवं अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो के निर्माण के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपए से 3.08 एकड़ में विकसित होगा हरित परिसर

मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा।

यहां लगभग 4,453 पौधों का रोपण किया जाएगा। बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, नागरिकों के लिए ओपन जिम और बैठने की सुविधा तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे विकसित किए जाएंगे। टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा।

कांकेर में 1.69 करोड़ रुपए से बनेगा आधुनिक उद्यान

कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। नागरिकों के बैठने एवं विश्राम के लिए निर्धारित स्थान, बच्चों के लिए प्ले-इक्वीपमेंट, स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। उद्यान में सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो की सुविधा के साथ वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।

गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा  में पूरे किए जाएंगे कार्य

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हरित अधोसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में प्रस्तावित उद्यान इसी दिशा में विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थानीय नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय

 रायपुर। कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है। इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है।

समय पर पहचान से बढ़ती हैं प्रभावी उपचार की संभावनाएं

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर स्क्रीनिंग और रोकथाम को प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री साय ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधानों और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा।

प्रदेश में लगातार मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना

मुख्यमंत्री ने चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। आज शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर इनकी संख्या 15 हो गई है। इसके साथ ही पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन चिकित्सा संस्थानों में कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

आर्थिक कठिनाई उपचार में न बने बाधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी के समय उपचार के खर्च की चिंता परिवार की परेशानी को और बढ़ा देती है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कठिनाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान की है। पात्र परिवारों को योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक उपचार की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य यही है कि बीमारी के कठिन समय में परिवार को आर्थिक चिंता के बजाय मरीज के स्वास्थ्य और उपचार पर ध्यान देने का संबल मिले।

बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री ने चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 34 लाख लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। इनमें करीब 40 हजार लोगों में विभिन्न बीमारियों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि व्यापक स्क्रीनिंग का उद्देश्य बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान करना और मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

नवा रायपुर में आकार ले रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना प्रदेश में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने कहा कि मेडिसिटी के विकसित होने से प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

स्वस्थ नागरिक विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ तभी प्रभावी योगदान दे सकेगा, जब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ और सशक्त होगा।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज डॉक्टरों को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है, क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों में लोगों का जीवन बचाने और उन्हें स्वस्थ जीवन देने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चौथा बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव कैंसर की रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, शोध और आधुनिक उपचार के क्षेत्र में उपयोगी निष्कर्षों तथा नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। यहां देश-दुनिया के विशेषज्ञों द्वारा साझा किए जा रहे अनुभव और नवाचार छत्तीसगढ़ में कैंसर के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को नई दिशा और मजबूती देंगे।

कैंसर मरीजों का तैयार होगा व्यवस्थित डेटाबेस : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चौथा छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञों का एक मंच पर आकर रोकथाम, स्क्रीनिंग, अनुसंधान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा करना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि बालको मेडिकल सेंटर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रदेश में 500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच के लिए प्रेरित करने का कार्य किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार कैंसर की समय पर पहचान के लिए स्क्रीनिंग का दायरा लगातार बढ़ा रही है। प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है। इससे कैंसर मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा और उनके उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का बेहतर ढंग से संधारण संभव होगा।

उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को भी मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्क्रीनिंग और रोकथाम के उपायों के माध्यम से बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो तथा मरीज को समय पर आवश्यक उपचार मिल सके।

‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर मंथन कर रहे हैं। कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस वर्ष स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है।

कैंसर की जांच और उपचार की नवीन तकनीकों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैंसर जागरूकता, प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग तथा जांच एवं उपचार की नवीनतम तकनीकों से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रतिनिधियों से आधुनिक तकनीकों की कार्यप्रणाली, कैंसर की समय रहते पहचान में उनकी उपयोगिता तथा उपचार के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों और नवाचारों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों से कैंसर की जांच और उपचार में उभरती नई संभावनाओं पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से यह जानकारी ली कि आधुनिक तकनीक और नवाचारों की सहायता से कैंसर की प्रारंभिक पहचान को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इन सुविधाओं को प्रदेश के आम नागरिकों, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक किस प्रकार अधिक सुलभता से पहुंचाया जा सकता है।

इस अवसर पर बालको मेडिकल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी, ई-कैंसर की प्रतिनिधि डॉ. सुज़ाना स्टेनवे, वाइस एडमिरल आरती सरीन सहित देश-विदेश से आए विशेषज्ञ चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।

CG- चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी : बदमाश ने झांकी से लौट रहे दो युवकों पर चाकू से किया वार, 10 दिन पहले ही जेल से आया था बाहर

CG- चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी : बदमाश ने झांकी से लौट रहे दो युवकों पर चाकू से किया वार, 10 दिन पहले ही जेल से आया था बाहर

 रायपुर। राजधानी रायपुर के डंगनिया इलाके से चाकूबाजी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, डंगनिया इलाके में पुरानी रंजिश के चलते एक सिरफिरे बदमाश ने झांकी से घर लौट रहे दो युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, इस खौफनाक वारदात में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, घायल युवकों की पहचान राजा साहू और आशीष भट्ट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राजा साहू और आशीष झांकी से प्रसाद छोड़ने अपने घर वापस जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पुराना विवाद और रंजिश पाले बैठे आरोपी अमन यादव ने उन्हें घेर लिया, दरअसल आरोपी अमन यादव की राजा साहू के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के तहत उसने राजा साहू पर चाकू से हमला कर दिया। जब राजा को चाकू मारता देख दोस्त आशीष भट्ट ने घर में मिठाई छोड़कर बीच-बचाव कर उसे बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने आशीष को भी नहीं बख्शा और उस पर भी चाकू से वार कर दिया। आरोपी ने दोनों युवकों के गाल पर चाकू से वार किए हैं। परिजनों के मुताबिक आरोपी अमन यादव कोई आम अपराधी नहीं है, वह पहले भी चोरी, लूट और NDPS एक्ट जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है।

10 दिन पहले ही जेल से आया था बाहर

हैरानी की बात यह है कि आरोपी महज 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था और बाहर आते ही उसने इस वारदात को अंजाम दे डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अमन यादव मौके से फरार हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है।

CG- शिक्षक हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा: शिक्षक ही निकला शिक्षक का हत्यारा, इस वजह से उतारा मौत के घाट…

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 आरंग। ग्राम बनचरौदा के पास महानदी तट पर शासकीय शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। आरंग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान शिक्षक की हत्या के आरोप में उसके ही स्कूल में पदस्थ साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों के लेन-देन और ब्याज को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है।

17 सितंबर को बनचरौदा के पास महानदी के किनारे एक अज्ञात शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान ग्राम रामपुर डंगनिया (चंपारण) निवासी शिवकुमार चंद्राकर (46 वर्ष) के रूप में हुई, जो ग्राम कुम्हारी स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षक थे। वे किसान नेता रूपन चंद्राकर के भतीजे थे।

मृतक के सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु व धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या की गई थी। घटनास्थल के पास ही उनकी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर ग्रामीण एएसपी अभिषेक कुमार झा, सीएसपी लंबोदर पटेल और आरंग थाना प्रभारी नरेश कुमार साहू फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और साक्ष्य एकत्र किए।

सीसीटीवी फुटेज और VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस की शक की सुई मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा की ओर घूमी। चरवाहे और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घटना वाले दिन शिवकुमार को अंतिम बार चंद्रप्रकाश की सफेद रंग की स्कूटी पर जाते देखा गया था।

पुलिस ने जब कुम्हारी स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK ऐप (Vidya Samiksha Kendra App) की लॉग रिपोर्ट का विश्लेषण किया, तो पूरा मामला साफ हो गया।

लोकेशन ऑफ कर निकला आरोपी: 17 सितंबर की सुबह 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल आया और निजी काम का बहाना बनाकर मोबाइल की लोकेशन ऑफ करके तुरंत बाहर निकल गया।

फर्जी उपस्थिति का प्रयास: दोपहर 12:50 बजे आरोपी स्कूल लौटा। पकड़े जाने के डर से उसने अपने फोन से लॉग इन न करके यह बहाना बनाया कि उसका फोन घर पर छूट गया है और दूसरे शिक्षक के फोन से अपनी उपस्थिति (Log-in) दर्ज कराई। ऐप की लॉग रिपोर्ट ने उसके इस झूठ को पकड़ लिया।

30 लाख की उधारी और 3 महीने का बकाया ब्याज बना हत्या का कारण
18 सितंबर को जब पुलिस ने संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और मृतक पिछले 4 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे तथा साथ में रेत, रियल एस्टेट और बुलियन (शेयर/ट्रेडिंग) मार्केट में निवेश करते थे।

30 लाख रुपये का लेन-देन: इस कारोबार के सिलसिले में आरोपी ने शिवकुमार को लगभग 30 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसके बदले में शिवकुमार ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक’ के 3 ब्लैंक चेक दिए थे।

ब्याज न देने पर विवाद: आरोपी हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले 3 महीनों से मृतक ब्याज नहीं दे रहा था और मांगने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देता था।

आक्रोश में आकर आरोपी ने हत्या का प्लान बनाया। 17 सितंबर की सुबह करीब 10:00 बजे दोनों कुम्हारी स्कूल के पास मिले और विवाद करते-करते बनचरौदा के सुनसान इलाके में पहुंच गए। वहां विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार और हथौड़े से शिवकुमार के सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।

साक्ष्य बरामद, आरोपी भेजा गया जेल
आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक के 3 ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल और आरोपी के खून से सने कपड़े, जूते व मोजे जब्त कर लिए हैं।

आरंग पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा के खिलाफ अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

CG- हवाई यात्रियों को बड़ा झटका! बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान हुई बंद, सामने आई ये बड़ी वजह…

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 बिलासपुर। बिलासपुर से महानगरों तक सीधी विमान सेवा के सपने पर एक के बाद एक ग्रहण लगता जा रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और अंबिकापुर के बाद अब कोलकाता की सीधी फ्लाइट भी बंद हो गई है। एलायंस एयर की ओर से संचालित बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को कम यात्री संख्या का हवाला देकर बंद कर दिया गया है।

कनेक्टिविटी पर सवाल

गौरतलब है कि बिलासपुर से संचालित विमान सेवाओं में इससे पहले भी कटौती की जा चुकी है। कभी फ्लाइट का समय बदला गया, तो कभी रूट में बदलाव किया गया। अब कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी भी खत्म होने से बिलासपुर की महानगरों से एयर कनेक्टिविटी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने इसे लेकर विरोध जता रही है।

तत्काल बहाल करने की मांग

समिति का आरोप है कि बिलासा एयरपोर्ट के साथ लगातार ऐसे प्रयोग किए जा रहे हैं। जिससे यहां की विमान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। समिति का कहना है कि पहले सीधी उड़ान को बदलकर अंबिकापुर से जोड़ा गया। इससे सफर का समय बढ़ा और किराया भी करीब दोगुना हो गया। इसके बाद कम यात्री संख्या का हवाला देकर अब सेवा बंद की जा रही है। समिति ने कोलकाता की सीधी उड़ान तत्काल बहाल करने की मांग की है। साथ ही राज्य सरकार से मुलाकात कर बिलासपुर की एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की मांग करने की बात कही है।

CG – किराएदार ने शक में खेला खूनी खेल! विवाद के बाद मकान मालिक का गला दबाकर उतारा मौत के घाट…

CG – किराएदार ने शक में खेला खूनी खेल! विवाद के बाद मकान मालिक का गला दबाकर उतारा मौत के घाट…

 रायपुर। राजधानी से लगे राखी थाना क्षेत्र के ग्राम गनौद में चरित्र शंका और कथित अवैध संबंध के विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। मकान मालिक और किराएदार के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार खूनी संघर्ष में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान किराएदार ने मकान मालिक का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद राखी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान वेद राम साहू (45 वर्ष) निवासी ग्राम गनौद के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपी पुरुषोत्तम धीवर उर्फ छोटू (25 वर्ष) है, जो ग्राम धमनी भाटापारा, वार्ड नंबर-2, थाना मंदिर हसौद, जिला रायपुर का रहने वाला बताया गया है।

जानकारी के मुताबिक पुरुषोत्तम धीवर पिछले करीब एक से दो वर्षों से वेद राम साहू के मकान में किराए से रह रहा था। इसी परिसर में वह ऑटो पार्ट्स की दुकान भी संचालित करता था। समय के साथ मकान मालिक को अपनी पत्नी और किराएदार के बीच कथित अवैध संबंध होने का शक हुआ। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी और विवाद होने लगा था।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वेद राम साहू कथित संबंधों के शक को लेकर पुरुषोत्तम से विवाद करता था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दोनों के बीच गाली-गलौज और तनाव की स्थिति भी बनी रहती थी। हालांकि, इन आरोपों और संबंधों की वास्तविकता की पुष्टि जांच के जरिए ही होगी।

घटना वाले दिन भी इसी विवाद को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार इसी दौरान पुरुषोत्तम धीवर ने कथित तौर पर वेद राम साहू का गला दबा दिया। दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद राखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों तथा परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी पुरुषोत्तम धीवर उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद की पूरी पृष्ठभूमि क्या थी और वारदात किन परिस्थितियों में हुई।

रायपुर ग्रामीण के ASP अभिषेक कुमार झा के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में भी मृतक और आरोपी की पहचान तथा घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। फिलहाल पुलिस की विवेचना जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

विशेष लेख:”सेवा_संकल्प_अभियान”

विशेष लेख:”सेवा_संकल्प_अभियान”

डिजिटल पंख: क्रेडिट बैंक और डिजीलॉकर से गढ़ी ‘कहानी बदलाव की’, पूरा हुआ ‘सेवा का संकल्प’

विष्णु प्रसाद वर्मा
सहायक संचालक

रायपुर,19 सितंबर 2026/ ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से शुरू हुई ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने राज्य में शिक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल दिया है। सत्र 2023-24 से लागू हुई यह व्यवस्था वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है, जिससे राज्य के 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित और सुगम हो गया है।
​यह पहल छत्तीसगढ़ में सुदूर वनांचल से लेकर शहरी क्षेत्रों तक सुशासन और ‘सेवा आपके द्वार’ की अवधारणा को चरितार्थ कर रही है।

​डिजिटल लॉकर: सुरक्षा और स्वतंत्रता का आधार

​ नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) से जुड़े विश्वविद्यालयों के माध्यम से अब डिग्रियां और अंकसूचियां सीधे डिजीलॉकर में सुरक्षित हो रही हैं, जिससे प्रमाणपत्रों के गुम या खराब होने का जोखिम खत्म हो चुका है। डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से मूल हार्ड कॉपी के समान मान्य हैं। इससे युवाओं को अब नौकरियों या प्रवेश के लिए यूनिवर्सिटी के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

​विद्यार्थियों के जीवन में ‘कहानी बदलाव की’

यह योजना विद्यार्थियों को “मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट” की स्वतंत्रता देती है। यदि बस्तर का कोई छात्र पारिवारिक परिस्थितियों के कारण दो वर्ष की पढ़ाई के बाद कॉलेज छोड़ता है, तो उसके कमाए हुए क्रेडिट उसकी ABC ID में सुरक्षित रहते हैं। कुछ वर्षों बाद वह रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी भी विश्वविद्यालय में सीधे तीसरे वर्ष में दाखिला लेकर अपनी शिक्षा पूरी कर सकता है। पहले जहाँ पढ़ाई छूटने पर मेहनत ‘जीरो’ मानी जाती थी, वहीं अब क्रेडिट बैंक युवाओं के सपनों को टूटने से बचा रहा है।

​शत-प्रतिशत केंद्रीय सहयोग से व्यापक विस्तार

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई शत-प्रतिशत तकनीकी व वित्तीय सहायता से यह पूरी डिजिटल अवसंरचना राज्य को निःशुल्क प्राप्त हुई है।
​पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रायपुर), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (बिलासपुर) और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर) सहित राज्य के सभी 33 जिलों के शासकीय व निजी महाविद्यालय इस अभियान से जुड़ चुके हैं। सुकमा और बीजापुर से लेकर सरगुजा तक के छात्रों को देशव्यापी स्तर पर क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा देकर इस व्यवस्था ने डिजिटल फासले को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

 रायपुर- पुरानी बस्ती स्थित जैतू साव मठ में राधा अष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक आयोजन किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर राधारानी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।


राधा अष्टमी के अवसर पर मठ में भगवान श्रीराधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने राधारानी के जयकारे लगाए और प्रसाद ग्रहण किया।

मठ के श्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि - *राधा अष्टमी के पर्व पर प्रतिवर्ष मठ में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस वर्ष भी यहां परंपरागत रूप से आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं* जिसमें दो बड़ी श्रद्धा भक्ति पूर्वक उपस्थित हुए हैं भविष्य में भी यही सिलसिला निरंतर चलता रहे यही प्रभु से प्रार्थना है। ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने इस गरिमामय कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में विशेष रूप से ट्रस्ट कमेटी के सचिव दाऊ महेंद्र अग्रवाल जी, अजय अग्रवाल, जगन्नाथ अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, दीपक पाठक, सुमित जी, महिला मंडल कीर्तन समिति, सहित स्थानीय श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों की सहभागिता सराहनी है।
CG : दंतैल हाथी की दस्तक: 10 किमी दायरे के गांवों में हाई अलर्ट; वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

CG : दंतैल हाथी की दस्तक: 10 किमी दायरे के गांवों में हाई अलर्ट; वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

 धमतरी। जिले के केरेगांव वन परिक्षेत्र के छुही बीट में इन दिनों दंतैल हाथी विचरण कर रहा है। हाथी की मौजूदगी से ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने हाथी की लोकेशन मिलने के बाद आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है।

वन विभाग ने गांवों में किया अलर्ट जारी
वन विभाग के मुताबिक, दंतैल हाथी फिलहाल कक्ष क्रमांक P-143 के आसपास मौजूद है. हाथी के आगे बढ़कर जोगीडीह के आबादी क्षेत्र और धमतरी केरेगांव रेंज की ओर जाने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए जोगीडीह, छुही, पीपरछेड़ी, बाजारकुर्रीडीह, साल्हेभाट, सिरौदकला और कमारपारा समेत आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बासीखाई, झुरातराई और भालुचुवा गांवों में भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।

हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है. पीपरछेड़ी और कमारपारा समेत प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और उसे किसी भी तरह परेशान न करें. हाथी की सूचना तत्काल नजदीकी वन कर्मचारी को देने की अपील की गई है।

गरियाबंद की ओर से पहुंचा दंतैल
बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी गरियाबंद की ओर से उत्तर सिंगपुर होते हुए केरेगांव रेंज में पहुंचा है. हाथी की गतिविधियों को देखते हुए उसके आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली बस्तियों को सतर्क किया गया है। वन विभाग की टीम हाथी की लगातार निगरानी कर रही है और उसकी गतिविधियों के आधार पर ग्रामीणों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : अरुण साव

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : अरुण साव

 'छत्तीसगढ़ में इवेंट मैनेजमेंट और पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं'

'इकॉन-2026' में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

रायपुर. उप मुख्यमंत्री  अरुण साव आज रायपुर में आयोजित 'इकॉन-2026' इवेंट एंड एंटरटेनमेंट कॉन्क्लेव में शामिल हुए। उन्होंने देशभर से आए इवेंट मैनेजर्स का स्वागत करते हुए कहा कि इवेंट मैनेजमेंट आज एक बड़े उद्योग के रूप में उभर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के प्रयासों से प्रदेश को बड़ा लाभ मिल सकता है।

 साव ने देश के विभिन्न प्रदेशों से आए मेहमानों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों की यात्रा करें और यहां की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन की संभावनाओं से परिचित हों। छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ है, जिसे देश-दुनिया तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में सभी एक-दूसरे के अनुभव साझा करें और नए अवसरों पर मिलकर काम करें। इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नवाचार से प्रदेश में पर्यटन एवं आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

 डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन में खलिन एच. जोशी बने विजेता, उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत

रायपुर. नवा रायपुर अब केवल आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन गोल्फ टूर्नामेंट-2026 के पुरस्कार वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने कहा कि नवा रायपुर का वर्ल्ड क्लास फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब छत्तीसगढ़ में गोल्फ के बढ़ते आकर्षण और विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की पहचान बन रहा है।  साव ने प्रतियोगिता के विजेता खलिन एच. जोशी सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों का आयोजन यहां की खेल संभावनाओं को नई दिशा देता है। ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की गोल्फ प्रतिभाओं के लिए बड़े मंच का काम करते हैं। देश-दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों की मौजूदगी में होने वाली प्रतियोगिताओं से स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की प्रेरणा मिलती है।

 साव ने डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन के सफल आयोजन के लिए पीजीटीआई अध्यक्ष  कपिल देव और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख खेल आयोजनों के मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने के ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना का विस्तार कर खिलाड़ियों के लिए ऐसे अवसर तैयार किए जाएंगे, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर सकें।

वेतन भुगतान में गड़बड़ी, प्रभारी प्राचार्य समेत 3 कर्मचारी निलंबित

वेतन भुगतान में गड़बड़ी, प्रभारी प्राचार्य समेत 3 कर्मचारी निलंबित

 महासमुंद। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन भुगतान में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर समेत तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबित कर्मचारियों में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर, सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान शामिल हैं।

विभागीय आदेश के अनुसार, नारायण प्रसाद निर्मलकर पर जुलाई 2024 के वास्तविक वेतन और भत्तों में कथित तौर पर वृद्धि कर वेतन बिल तैयार करने और बढ़ी हुई राशि का कोषालय से आहरण कराने का आरोप है। इसके अलावा मई 2025 से जनवरी 2026 तक के नियमित वेतन बिलों में भी ऑनलाइन राशि बढ़ाकर भुगतान कराने की बात सामने आई है।

मामले को शासकीय नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा मानते हुए तीनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। फिलहाल विभाग द्वारा वेतन बिलों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में कथित अनियमितता में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका होने की भी पड़ताल की जा रही है।