कवर्धा। खुद की शादी की तैयारियों लगे किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रवि चंद्रवंशी को दुष्कर्म के आरोप में रविवार को गिरफ्तार किया गया है। उसकी गिरफ्तारी रायपुर से की गई है। आरोपित पर शादी का झांसा देकर पिछले दस वर्षों से मुस्लिम युवती से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि पांडातराई क्षेत्र की एक 28 वर्षीय युवती ने महिला थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बताया है कि आरोपित रवि चंद्रवंशी से उसकी मुलाकात लगभग 10 साल पहले पढ़ाई के दौरान पांडातराई में हुई थी। जान-पहचान बढऩे पर आरोपित ने शादी का प्रस्ताव रखा। आरोप है कि 15 अगस्त, 2016 को रवि ने पहली बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद शादी का झांसा देकर वह लगातार पीडि़ता का शोषण करता रहा। इसके बाद छह मार्च 2021 को आरोपित ने कथित तौर पर एक विवाह इकरारनामा लिखवाया और आर्य समाज में शादी का सर्टिफिकेट बनवाकर पीडि़ता को भ्रम में रखा। इसके बावजूद उसने सामाजिक रूप से शादी स्वीकार नहीं की और अलग-अलग होटलों में ले जाकर शोषण जारी रखा। आखिरी बार 12 फरवरी को रायपुर के एक होटल में शारीरिक संबंध बनाए गए। अब आरोपित ने अलग समाज का हवाला देकर शादी से इनकार कर दिया है और किसी अन्य लड़की से सगाई कर ली है। मई के पहले सप्ताह में विवाह करने की तैयारी कर रहा था। पीडि़ता का आरोप है कि रिपोर्ट करने पर आरोपित उसे और उसके परिवार को जान से मारने और उठाने की धमकी दे रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार हर बिंदु पर जांच की जाएगी।
बालोद। बालोद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां बारातियों से भरी एक बस में अचानक आग लग गई। यह घटना NH-30 मार्ग पर पुरुर थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा के पास की बताई जा रही है। जिसके कारण बस में आग लगने से लोगो में डर का माहोल बन गया।
जांजगीर-चांपा। से इस वक्त की जरूरी खबर, जहां भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया है। जिला अस्पताल जांजगीर-चांपा और नागरिक सुरक्षा स्वास्थ्य सेवाओं ने आम लोगों से हीटवेव यानी लू से बचाव के लिए जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। निर्देशों के मुताबिक, दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। प्यास न लगने पर भी लगातार पानी पीते रहें और यात्रा के दौरान अपने साथ पानी जरूर रखें।
रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार को जांजगीर-चांपा जिले के प्रवास पर रहेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर करीब 1 बजे शिवरीनारायण क्षेत्र के ग्राम तेंदुवाधाम पहुंचेंगे।
यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति प्रस्तावित है, जहां वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के शुभारंभ अवसर पर शामिल हो सकते हैं।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से भी मुलाकात कर सकते हैं। कार्यक्रम के बाद वे शाम तक रायपुर लौटने की तैयारी में रहेंगे और रात लगभग 9 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचने का कार्यक्रम है।
भिलाई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं दुर्ग सम्भाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने बताया है कि भिलाई जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंडल की हाल ही में जारी की गई सूची की घोषणा स्थगित कर दी गई है। श्री पाणिग्रही ने स्पष्ट किया कि संगठन के संज्ञान में यह बात आई है कि जारी की गई सूची में कुछ गंभीर तकनीकी विसंगतियां रह गई थीं। पार्टी की रीति-नीति और सांगठनिक मापदण्डों की पारदर्शिता को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से वर्तमान सूची की घोषणा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं दुर्ग सम्भाग प्रभारी श्री पाणिग्रही ने कहा कि जिला मंडल की पिछली सूची में कुछ तकनीकी त्रुटियाँ पाई गई थीं, जिसे सुधारना आवश्यक है। कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए श्री पाणिग्रही ने कहा कि पार्टी हितों को सर्वोपरि रखते हुए, सभी पहलुओं पर पुनः विचार कर एक नई और त्रुटिहीन सूची शीघ्र ही जारी की जाएगी।
दुर्ग। सिटी कोतवाली पुलिस ने सटोरियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह के 5 मुख्य संचालकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह गोवा, रायपुर और दुर्ग सहित कई राज्यों से अपना नेटवर्क फैलाया हुआ था।
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा है कि यह गिरोह इंटरनेट, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम कॉल के जरिए संपर्क में रहता था और सट्टे के अवैध पैसे के लेनदेन के लिए म्यूल अकाउंट और फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करते थे। गिरोह प्रतिदिन 10 से 15 लाख रुपये और महीने में करीब 4 से 5 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन हो रहा था। सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि प्रकरण में पूर्व में हुई 6 गिरफ्तारियों के बाद, साइबर टीम ने तकनीकी और बैंकिंग ट्रेल का पीछा किया। जांच की कड़ी गोवा तक जा पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने गिरोह के ऊपरी स्तर पर सक्रिय 5 आरोपियों को दबोचा। आरोपी राहुल रंगवानी देवपुरी रायपुर, सोविंद यादव उर्फ राजू यादव प्रयागराज उत्तर प्रदेश, संदीप कापसे गोंदिया महाराष्ट्र, अमन अली खुर्सीपार भिलाई और हुसैन अली खुर्सीपार भिलाई को पुलिस ने धरदबोचा है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से सट्टा संचालन में प्रयुक्त होने वाला हाईटेक सामान जब्त करते हुए 2 लाख 70 हजार रुपये कैश, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, वाई-फाई राउटर, 45 बैंक पासबुक, 76 एटीएम कार्ड, 10 चेक बुक, 5 सिम कार्ड, 2 पैन कार्ड बरामद किया है।
रायपुर। नगर निगम मुख्यालय में आज विशेष सामान्य सभा की बैठक होने जा रही है, जिसमें महिला सशक्तिकरण और जागरूकता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जोड़ रहा है, वहीं विपक्ष ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताया है।
अभनपुर। अभनपुर थाना क्षेत्र में साढ़े चार साल की मासूम बच्ची के साथ घिनौनी हरकत का दर्दनाक मामला सामने आया है।पुलिस के अनुसार पड़ोस में रहने वाले 23 वर्षीय युवक ने घटना को अंजाम दिया, जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। बच्ची का प्राथमिक उपचार कराया गया है और मामले की जांच जारी है।
इस घटना ने समाज को बड़ा संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा केवल घर तक सीमित नहीं, बल्कि आसपास के माहौल पर भी सतर्क नजर रखना जरूरी है।
रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता देखी और संग्राहकों को हो रहे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंत्री कश्यप ने दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। वन मंत्री ने संग्राहकों से सीधे संवाद कर उन्हें “तेंदूपत्ता तिहार” की बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव, परिक्षेत्र अधिकारी दहिकोंगा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
रायपुर, 26 अप्रैल 2026 - दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए।
राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, कमिश्नर सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।
पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन
रायपुर, 26 अप्रैल 2026 / प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोंडागांव जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का संतुलित एवं समावेशी उपयोग सुनिश्चित करते हुए मछुआरों और मछली पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत भूमि एवं जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही मत्स्य उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर जिले के ग्राम सातगांव के श्री गंगाधर नेताम आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पोंड लाइनर तकनीक से तालाब का निर्माण कराया है। इस पर कुल 14 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें उन्हें 8 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस तकनीक की मदद से वे कम स्थान में अधिक उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि साल के दो सीजन में लगभग 35 क्विंटल तक मछली का उत्पादन होता है। जिससे सालाना लगभग 03 से 04 लाख रुपए तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। गंगाधर नेताम ने बताया कि विभाग द्वारा योजना के लाभ के साथ साथ विभागीय अधिकारियों द्वारा सतत तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला। जिससे उन्हें मछली पालन के कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली। गंगाधर जैसे कई किसान इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।
पोंड लाइनर तकनीक से कम जगह में अधिक उत्पादन
पोंड लाइनर तकनीक एक आधुनिक विधि है, जिसमें तालाब या जलाशय के तल और किनारों पर विशेष प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पानी के रिसाव को रोकना और जल का संरक्षण करना है। यह तकनीक मत्स्य पालन, कृषि सिंचाई और वर्षा जल संचयन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। लाइनर के उपयोग से पानी का रिसाव लगभग पूरी तरह रुक जाता है, जिससे कम पानी में भी लंबे समय तक उपयोग संभव होता है। मत्स्य पालन में पानी की स्थिरता बनी रहने से मछलियों की वृद्धि तेज होती है और उत्पादन बढ़ता है। इसके साथ ही बार-बार पानी भरने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे लागत कम होती है और लाभ बढ़ता है।
स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान
रायपुर, 26 अप्रैल 2026 / यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।

एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।
बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।
छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।
अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।
संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।
इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।
काले हिरण के बारे में:
काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।
00 प्रदेश की प्रतिभा का विश्व स्तर पर बढ़ा गौरव, मंत्री अग्रवाल ने की मुलाकात कर दी बधाई
रायपुर। अम्बिकापुर की प्रतिभाशाली गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी के रूप में शिवानी को ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा सम्मानित किया गया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनसे भेंट कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि जब बेटियाँ अपनी मेहनत और प्रतिभा से सफलता के नए आयाम स्थापित करती हैं, तो पूरा समाज गर्व महसूस करता है। शिवानी सोनी की उपलब्धि न केवल युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा का वैश्विक मंच पर सशक्त प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और ऐसे खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर शिवानी सोनी ने भी मंत्री अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना गर्व की बात है और वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करेंगी। शिवानी की इस उपलब्धि से अम्बिकापुर सहित पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है तथा यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
बालोद। जिले में रविवार को हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना अछोली गांव के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।
घटना देवरी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक दोनों युवक भुरकाभाट गांव के रहने वाले थे। वे किसी काम से बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान अछोली गांव के पास सामने से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
ड्राइवर को हिरासत में लिया
सूचना मिलते ही देवरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। आरोपी ट्रक ड्राइवर को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में ट्रक चालक की लापरवाही सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। ट्रक को जब्त कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
00 प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान
00 जनभागीदारी और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान उत्साहजनक
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ मन की बात की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मन की बात आज देश के जनमानस को जोडऩे वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज गरियाबंद जिले के छुरा नगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें एपिसोड का श्रवण किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों की सराहना किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में वन्यजीव संरक्षण को नई गति मिली है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। एक समय विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी काले हिरण की प्रजाति का पुन: दिखाई देना राज्य सरकार के प्रभावी प्रयासों का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वन क्षेत्रों के संरक्षण, प्राकृतिक आवासों के संवर्धन तथा जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि मन की बात कार्यक्रम समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। यह कार्यक्रम देशवासियों को सामाजिक, पर्यावरणीय और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर प्रेरित करता है तथा जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है।
इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
00 उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स सत्र की अध्यक्षता की, छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों को किया साझा
00 केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय जल्दी ही युवा मामलों पर भी आयोजित करेगा विशेष चिंतन शिविर
रायपुर। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाडिय़ों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाडिय़ों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके। आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाडिय़ों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
आज का अंतिम सत्र माई भारत की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं, सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी पहाड़ी कोरवा की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना स्वयं के दम पर पूरा कर रही हैं।
शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में वार्ड आया के पद पर पदस्थ शाम कुमारी
सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी. अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा में वार्ड आया के पद पर पदस्थ किया गया है।
पढ़ाई का खर्च अब खुद उठा सकेंगी शाम कुमारी
अपनी खुशी साझा करते हुए शाम कुमारी कहती हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रोजगार मिलने से अब राह आसान हो गई है। उन्होंने बताया, मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे रोजगार का अवसर मिला है। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूँ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूँ।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रति संवेदनशील है प्रशासन
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (क्कङ्कञ्जत्र) के युवाओं को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक युवती को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्ति किया गया है। शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन सरगुजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे ये कदम समाज में नया हौसला भर रहे हैं। शाम कुमारी का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी एक संदेश है कि शासन की योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
00 केंद्रीय राज्यमंत्री साहू व कौशिक ने सरगाँव में सुना प्रसारण
रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कालीपुर के बूथ क्रमांक 14 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही,मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सेठिया, सीमांचल दास, मनोज पटेल, आरेंद्र, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप, जनपद सदस्य अनिता नागे , संरपंच सरिता भोयर,तेमल कश्यप, प्रदीप गुहा,लाला पटेल, अनंत राम , खगेश्वर भाजपा भोयर,सुरेश ठाकुर,धासीराम ,उदय दुबे,राधे पन्द्रै,प्रेम ठाकुर,व पदाधिकारी, ग्रामीण जन उपस्थित थे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम हम सभी के लिये प्रेरणादायक है। मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी समाज के विभिन्न प्रेरणादायी पहलुओं, देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी नई जानकारी व नये कार्यों सहित अनेक विषयों का संदेश देशवासियों से साझा करते हैं। जनभागीदारी के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प का बड़ा संदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम का आधार है। श्री देव ने कहा कि मन की बात के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की करोड़ों करोड़ जनता से सीधे संवाद स्थापित करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देने हम सभी भी आगे आयें।
केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने बिल्हा विधानसभा के सरगांव नगर पंचायत बूथ क्रमांक 121 में मन की बात का श्रवण किया। इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरयलाल कौशिक, पार्टी के पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
रायपुर। मन की बात कार्यक्रम के उपरांत छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने अपने साथ लाए टिफिन से भजिया और टमाटर की चटनी कार्यकर्ताओं को स्वयं परोसी और सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया। आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप फरा, विधायक पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ठेठरी, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुँचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वत: समाप्त हो जाते हैं। साय ने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
दुर्ग। जिले में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। पिछले 48 घंटों के भीतर 5 हत्याओं ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। वहीं रविवार को ताजा दो मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्थर से सिर कुचलकर हत्या
पहला मामला जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के करहीडीह का है, जहां एक युवक की बेरहमी से पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। घटना सांस्कृतिक भवन के पास की बताई जा रही है, जहां सुबह राहगीरों ने लहूलुहान हालत में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान नारायण निषाद के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों से यहां रह रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में घटना देर रात की बताई जा रही है। फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है।
टंगिया मारकर युवक की हत्या
वहीं दूसरी घटना भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र के बापूनगर की है, जहां आपसी रंजिश के चलते एक युवक की टंगिया मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान विक्रम सोना के रूप में हुई है, जो फेब्रिकेशन का काम करता था। बताया जा रहा है कि आरोपी और मृतक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। सुबह फिर से झगड़ा बढ़ा, जिसके बाद आरोपी ने टंगिया से हमला कर दिया। गंभीर हालत में परिजन उसे सुपेला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खुर्सीपार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। लगातार हो रही इन वारदातों ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है। पुलिस दोनों ही मामलों में जांच कर रही है और आरोपियों की पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है।
रायपुर। सुशासन तिहार 2026 से जन-जन तक पहुंचने जा रही है छत्तीसगढ़ की साय सरकार। यह तिहार विश्वास और विकास का महाअभियान बन कर सामने आ रहा है। सुशासन तिहार 2026, छत्तीसगढ़ की धरती पर शासन व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बनने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलने वाला यह अभियान एक प्रशासनिक कार्यक्रम होने के साथ ही साथ जनता और सरकार के बीच भरोसे का सेतु बनाने का सशक्त माध्यम भी बनने जा रहा है।
1 मई से 10 जून 2026 तक चलने वाले इस महाअभियान से राज्य के हर गांव, हर वार्ड और हर नागरिक तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। सुशासन तिहार 2026 मे सिर्फ समस्याओं को सुना ही नहीं जाएगा बल्कि उनका तत्काल समाधान भी सुनिश्चित किया जाएगा।
“सरकार आपके द्वार” पर आधारित होगा सुशासन तिहार
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है जनता, और जब प्रशासन जनता के नजदीक पहुंचता है तब सच्चे अर्थों में स्थापित होता है सुशासन। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसी सोच के साथ “सुशासन तिहार” की अवधारणा को आगे बढ़ाया है।
इस तिहार के मूल मे हैं कि प्रशासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वो गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनेगा। सुशासन तिहार मे ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों का समूह बनाकर और शहरी क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर बनाकर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य के दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी शासकीय योजनाओ और सेवाओं का लाभ आसानी पहुंचाया जा सके।
शिकायतों को निराकरण तक पहुंचाएगा समाधान शिविर
सुशासन तिहार का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष होगा, जन समस्या निवारण शिविर। इन शिविरों में प्राथमिकता के आधार पर नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा।
समाधान शिविर मे भूमि संबंधी विवाद (नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन), मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, बिजली और पानी से जुड़ी समस्याएं, हैंडपंप सुधार, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शिविर में हर आवेदन का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से कर जाएगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल होगी सुशासन तिहार 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्पष्ट निर्देश है कि हर आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी अनिवार्य रूप से दी जाए। सुशासन तिहार 2026, प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने और जनता का सरकार पर भरोसा मजबूत करने वाली एक शानदार पहल है।
अब लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचेंगे साथ ही उन्हें यह भरोसा भी रहेगा कि उनकी समस्या दर्ज हो चुकी है जिसका समाधान निश्चित समय सीमा में हो ही जाएगा।
जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से सफल होगा सुशासन तिहार 2026
सुशासन तिहार एक ऐसा प्रशासनिक कार्यक्रम होने जा रहा है जिसमे जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी एक मिसाल बनेगई। इस अभियान में राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में अपनी सक्रिय उपस्थिति देंगे। जनप्रतिनिधि समस्याओं का समाधान करते हुए और विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करते हुए जनता से सीधे संवाद कर उनका फीडबैक भी लेंगे। पूरी-पूरी उम्मीद है कि यह व्यवस्था शासन को और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाएगी।
जारी रहेगी समीक्षा और सुधार की सतत प्रक्रिया
सुशासन तिहार के दौरान केवल शिविर के साथ ही जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जाएंगी जिसमे प्राप्त आवेदनों की स्थिति, उनके निराकरण की प्रगति, विकास कार्यों की गति और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए राज्य स्तर पर अलग से बिंदुवार पत्रक तैयार किए जाएंगे जो यह तय करेगा कि अभियान अपने उद्देश्यों को पूरी तरह पूरा कर रहा है या नहीं।
लंबित मामलों के समाधान का महाअभियान
सुशासन तिहार के आरंभ होने से पहले ही मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल तक सभी लंबित मामलों के समाधान के निर्देश दे दिए हैं उनका यह कदम दर्शाता है कि सरकार नए आवेदनों के साथ ही पुराने लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से हल करना चाहती है।विशेष रूप से भूमि विवाद,मनरेगा भुगतान, प्रमाण पत्र जारी करना जैसे लंबित मामलों पर तेज़ी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गरीब और वंचित वर्ग पर किया जा रहा है खास फोकस
सरकारी योजनाओं से वंचित लोगों को मिलेगा सुशासन तिहार का सबसे बड़ा लाभ, इसी तारतम्य मे उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ अब सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। राज्य के साय सरकार की यह पहल सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रहा है।
सुशासन तिहार 2026 से होगा ग्रामीण विकास गतिमान
सुशासन तिहार 2026 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले शिविरों से न सिर्फ वहाँ की समस्याओं का समाधान होगा बल्कि गांवों के विकास को रफ्तार भी मिलेगा। ग्रामीण जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले कारकों जैसे हैंडपंपों की मरम्मत, बिजली की दुरुस्ती और मनरेगा भुगतान इन मुद्दों पर भी काम किया जाएगा। ग्रामीणों की इन समस्याओं का त्वरित समाधान देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा छत्तीसगढ़ का सुशासन तिहार।
एक प्रशासनिक क्रांति बनने जा रहा है सुशासन तिहार
व्यापक दृष्टिकोण से देखने पर महसूस होता है सुशासन तिहार 2026 छत्तीसगढ़ में एक प्रशासनिक क्रांति की बड़ी शुरुआत है। साय सरकार की यह पहल, शासन को और भी जवाबदेह बनाएगी, प्रशासन को जनता के करीब लाने का काम करेगी, पारदर्शिता को बढ़ावा देगी साथ ही विकास कार्यों को रफ्तार देगी। जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ को मजबूत बनाने की एक सशक्त योजना है सुशासन तिहार। क्यों की यह जनता की भागीदारी से सफल होने वाला अभियान है।
यह अभियान प्रदेश के नागरिकों के लिए संदेश भी है कि वे वोटर होने के साथ ही साथ व्यवस्था के सक्रिय भागीदार भी हैं। इस अभियान को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ अमल मे लाकर छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद से महिला और युवक के आत्महत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बलोद थाना क्षेत्र के एक खेत में रविवार सुबह दोनों की एक ही पेड़ पर फंदे से लटकी हुई लाश मिली है. खेत से गुजरने वाले ग्रामीणों की सबसे पहले शवों पर नजर पड़ी. घटना की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया है.
जानकारी के मुताबिक, ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को सुरक्षित फंदे से उतारकर पंचनामा कार्रवाई की. दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए. प्रारंभिक जांच में महिला का नाम (40) संतोषी यादव और युवक 25 वर्षिय थलेश खरांशु बताया रहा है.
एक ही गांव में रहते थे महिला और युवक
दोनों मृतक अर्जुन्दा थाना इलाके के गबदी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. वहीं महिला के शादीशुदा है, जिसका 19 साल का एक बेटा भी है. फिलहाल पुलिस मामले में संभावित एंगल से जांच कर रही है. दोनों मृतकों के बीच रिश्ता भी सामने की आशंका है. ग्रामीणों और परिजनों से घटना को लेकर पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है.
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बेरहम बेटे की शर्मनाक करतूत सामने आई है। विवाद के बाद अपनी ही मां पर फावड़े से हमला कर उसकी जान ले ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैली हुई है। वहीं, पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, ग्राम रैरूमाखुर्द निवासी गणपत दास महन्त (60 वर्ष) ने 25 अप्रैल को चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह शिवा पेट्रोल पम्प के सामने किराना दुकान चलाता है। उसका छोटा पुत्र आर्यन दास महन्त इस बात से नाराज रहता था कि परिवार उसके भाई-बहनों को उससे अधिक महत्व देता है, जिस कारण उसका व्यवहार परिवार के प्रति खिन्न था। 24 अप्रैल की रात गणपत, उसकी पत्नी फुलबाई महन्त (55 साल) और पुत्र आर्यन दुकान में सोए थे।
25 अप्रैल की सुबह आर्यन शौच से लौटने के बाद अपनी मां को दुकान से बाहर खींचकर जमीन पर गिराया और घर में रखे गोबर फेंकने वाले फावड़े से गर्दन पर लगातार वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फावड़ा लेकर अपने पिता को भी मारने दौड़ा, जिस पर गणपत अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला और पुलिस को सूचना दी।
रिपोर्ट पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विजय एक्का द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 109/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर त्वरित पतासाजी कर आरोपी आर्यन दास महन्त (20 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश व ASP अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विजय एक्का, प्रधान आरक्षक चिंतामणि कुर्रे की अहम भूमिका रही।
धरसीवां। विधानसभा थाना क्षेत्र के दौंदेकला गांव में आज एक दर्दनाक हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। वैवाहिक समारोह के दौरान एक अनियंत्रित हाईवा ने मां-बेटे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 4 साल के मासूम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व उपसरपंच ढेलूराम वर्मा की पुत्री के विवाह समारोह में चूलमाटी की रस्म चल रही थी। इस दौरान महिलाएं पैदल जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाईवा ने अचानक मां-बेटे को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास स्थित उद्योगों के भारी वाहन गांव के रास्तों से तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।





























