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महतारी वंदन योजना पर बड़ा अपडेट, अगली किस्त पर संकट! इन महिलाओं का रुक सकता है भुगतान…

महतारी वंदन योजना पर बड़ा अपडेट, अगली किस्त पर संकट! इन महिलाओं का रुक सकता है भुगतान…

 रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता राशि जिले की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है, लेकिन अब 20 हजार से अधिक महिलाओं के सामने इस राशि के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। कारण है ई-केवाईसी प्रक्रिया का अधूरा रह जाना। यदि 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई, तो इन महिलाओं की अगली किस्त अटक सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 3 लाख 18 हजार महिलाओं का ई-केवाईसी किया जाना है। इनमें से अब तक 2 लाख 98 हजार महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 20 हजार 116 महिलाओं का ई-केवाईसी अभी भी लंबित है। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि सभी पात्र हितग्राही अंतिम तिथि से पहले प्रक्रिया पूरी करा लें।

ई-केवाईसी की सबसे बड़ी चुनौती उन महिलाओं के सामने आ रही है जो बुजुर्ग हैं, दिव्यांग हैं या  स्वास्थ्य कारणों से केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं भी हैं जो रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में चली गई हैं। कई मामलों में बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अंगूठे का निशान मशीन से मेल नहीं खा रहा है, जिससे प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी टिकवेंद्र जाटवार ने बताया कि विभाग ऐसे सभी मामलों का अलग से रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। जिन महिलाओं का सत्यापन तकनीकी कारणों से नहीं हो पा रहा है या जो जिले से बाहर हैं, उनकी जानकारी संकलित कर शासन को भेजी जाएगी ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।

ई-केवाईसी अभियान के दौरान विभाग को कई ऐसे मामले भी मिले हैं जिनमें योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अब तक सूची में दर्ज थे। विभाग अब ऐसे हितग्राहियों के नाम हटाकर रिकॉर्ड अपडेट कर रहा है।जब वर्ष 2024 में महतारी वंदन योजना शुरू हुई थी, तब जिले में करीब 3 लाख 25 हजार महिलाएं लाभान्वित हो रही थीं। लगातार सत्यापन और डेटा अपडेट होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 3 लाख 18 हजार रह गई है। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

लंबित मामलों को जल्द पूरा करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और विभागीय कर्मचारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो घर-घर पहुंचकर सत्यापन कर रही है।विशेष रूप से उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जो उम्र, बीमारी या दिव्यांगता के कारण च्वाइस सेंटर नहीं जा सकतीं। विभाग ने लंबित हितग्राहियों की सूची तैयार कर संबंधित कर्मचारियों को सौंप दी है, ताकि अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी पूरा कराया जा सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराया गया, तो लाभार्थियों की अगली किस्त प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील कर रहा है।

महतारी वंदन योजना की राशि कई परिवारों के मासिक खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ हजारों महिलाओं की चिंता बढ़ गई है और वे किसी भी तरह अपनी ई-केवाईसी पूरी कराने की कोशिश में जुटी हुई हैं।

बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा विशेष ऑडिट

बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा विशेष ऑडिट

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश

राज्यभर में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की होगी व्यापक जांच

जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय
रायपुर-
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राज्य में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और विशेष ऑडिट के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव श्री विकास शील ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान के अंतर्गत बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों एवं फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधा, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही भवनों की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में निकासी एवं राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए जाएं तथा गंभीर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद

 कैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

रायपुर-- उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के लिए ऐतिहासिक खबर सामने आई है। हाल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी आशियाना बनाने की ओर बढ़ रही है।

’संरक्षण प्रयासों का दिखने लगा सकारात्मक परिणाम’

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघिन की उपस्थिति इन प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। वन विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

’बेहतर आवास का मिला प्रमाण’
  
लंबे समय से बाघों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे उदंती-सीतानदी के लिए यह घटनाक्रम बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ या बाघिन का किसी वन क्षेत्र को स्थायी निवास चुनना वहां के बेहतर आवास, पर्याप्त शिकार आधार और सुरक्षित वातावरण का प्रमाण होता है। बाघिन की नियमित उपस्थिति पूरे परिदृश्य के पुनर्जीवन और संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है।

’बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा’

वन अधिकारियों के मुताबिक कैमरा ट्रैप में बाघिन स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरी दिख रही है। उसकी गतिविधियों से स्पष्ट है कि वह क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह क्षेत्र फिर से बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा।

’संरक्षण प्रयासों का मिला परिणाम’  

पिछले कुछ वर्षों में उदंती-सीतानदी में आवास सुधार और वन्यजीव संरक्षण के लिए व्यापक कार्य हुए हैं। सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूती, सैकड़ों कृत्रिम जलस्रोत-झिरियों का निर्माण, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों का पुनर्स्थापन, अतिक्रमण हटाकर वनभूमि की वापसी और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने जैसे कदम उठाए गए हैं। बाघिन की मौजूदगी को इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।

’निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी’  

कैमरा ट्रैप की तस्वीरों-वीडियो ने वन अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में नई ऊर्जा भर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन के स्थायी बसने से यह रिजर्व मध्य भारत के प्रमुख बाघ आवासों में फिर अपनी पहचान बना सकता है और भविष्य में अन्य बाघों के आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा।

’बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने प्रयास’

वन विभाग ने बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व संरक्षण गतिविधियां और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि यह सिर्फ एक बाघिन की मौजूदगी नहीं, बल्कि प्रकृति की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जंगलों के पुनर्जीवन की कहानी है।

राज्यपाल रमेन डेका ने “प्रारंभ” पत्रिका के विशेषांक का किया विमोचन

राज्यपाल रमेन डेका ने “प्रारंभ” पत्रिका के विशेषांक का किया विमोचन

 रायपुर-राज्यपालरमेन डेका द्वारा “सोसायटी फॉर एम्पावरमेंट” द्वारा प्रकाशित पत्रिका “प्रारंभ” का आज विमोचन किया गया। इस विशेषांक का संपादन डॉ. रूपेन्द्र कवी, उपसचिव (संवैधानिक प्रकोष्ठ), लोकभवन, रायपुर द्वारा किया गया है।

यह विशेषांक “प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की प्रासंगिकता” विषय पर आधारित है, जिसमें जनजातीय ज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण के परंपरागत दृष्टिकोणों को समाहित किया गया है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह अंक वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने संपादकीय टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की।

छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर--छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए)की स्थापना का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी थे।

मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है तथा बड़ी संख्या में दक्ष आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता तैयार किए हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जहां अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। जनजातीय अंचलों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध विरासत भी मौजूद है। ऐसे में यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि एआईआईए की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। इससे आयुर्वेद आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और शोध सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

 साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास को भी नई गति देगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने राज्य में विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वाेच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने इतिहास और विरासत को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है।

मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी तथा वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के अप्रतिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास भी, विरासत भी के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को भी समान रूप से संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, स्वाभिमान और संघर्ष की भावना का संचार किया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  पुरंदर मिश्रा, विधायक  भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत
वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत
वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत

1 जुलाई से लागू होगी वीबी जी राम जी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल

1 जुलाई से लागू होगी वीबी जी राम जी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल

 ग्राम सभाओं के माध्यम से दी जा रही योजना की जानकारी, मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीणों ने दिया जनजागरूकता का संदेश

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी की मानव श्रृंखला द्वारा जागरूकता की सराहना

रायपुर- प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से लागू की जा रही वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला स्तर पर लगातार प्रशिक्षण, बैठकें और ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी दी जा रही है।

’सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने बनाई मानव श्रृंखला’
योजना के प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के विभिन्न गांवों में आयोजित ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजना की जानकारी प्राप्त की तथा इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग का संकल्प लिया। इसी क्रम में बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला की ग्राम पंचायत सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए अनूठी पहल करते हुए मानव श्रृंखला का निर्माण किया। ग्रामीणों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर “वीबी जी राम जी - गांव की प्रगति, हम सबकी जिम्मेदारी”, “रोजगार और आजीविका का नया संबल” तथा “समृद्ध गांव, सशक्त परिवार” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। 

’केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना’ 
 केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने एक्स अकॉउंट से पोस्ट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आई इस तस्वीर को देखकर मन आनंद और उत्साह से भर गया। यह तस्वीर गाँव की जनता के जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी बेमेतरा जिले के इन प्रयासों की सराहना करते हुए अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि यह मानव श्रृंखला बन रही है, जो योजना के प्रति जन-जागरूकता का प्रतीक बनी हुई है।

’पात्र परिवारों को लाभ दिलाने और जानकारी पहुंचाने लिया संकल्प’
मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि योजना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में जनभागीदारी का एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने तथा अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प भी लिया।

’ग्राम सभा मे अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी’
ग्राम सभाओं में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वीबी - जीरामजी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

’अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण’
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 30 जून 2026 तक पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा हितग्राहियों का प्रशिक्षण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई न आए और पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके।

’1 जुलाई से प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ’
योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम सभाओं, चौपालों, पोस्टर-बैनर, मुनादी, रथ प्रचार एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से लोगों को योजना की जानकारी देने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह योजना गांवों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 1 जुलाई से योजना के लागू होने के साथ ही प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की भी उम्मीद है। 

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने भी लाइव आकर दी जानकारी
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी  मंगलवार को अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर लाइव आकर आगामी ग्राम सभा और वीबी जीरामजी के संबंध में लोगों को जानकारी दी और लोगों को योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया साथ ही उन्होंने लोगों के सवालों का भी समाधान किया।

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी

 हॉर्नबिल संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

’पीवीटीजी गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में बढ़ी मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या’

 रायपुर-- ‘हॉर्नबिल सफारी' से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है।

’‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का लिया गया निर्णय’ 

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।

’संरक्षण और आजीविका को साथ लेकर आगे बढ़ रहा वन विभाग’

 
 

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।

 

’चार वर्षों में बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी’

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

’हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका’

हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।

’प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण’

प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।

’स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार’

हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

’मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन’

रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है।

’वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र’

यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम

विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। मोबाइल नंबर - +91-7976688165, +91-7566510937
वेबसाइट -
https://udantisitanaditigerreserve.in/ पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

कृषक उन्नति योजना- छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला

कृषक उन्नति योजना- छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला

 0-धान के बदले वैकल्पिक फसलों की खेती पर मिलेगी 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ तक की सहायता’

0-छत्तीसगढ़ में फसल विविधीकरण को बढ़ावा- दलहन-तिलहन और मिलेट्स उगाने वाले किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि

 रायपुर-छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 में कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य लाभकारी फसलें लेने वाले किसानों के लिए भारी वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत जो किसान धान के बदले अन्य फसलें अपनाएंगे, उन्हें 15 हज़ार रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं खरीफ वर्ष 2026 में दलहन, तिलहन, मक्का और मोटे अनाजों (मिलेट्स) की खेती करने वाले कृषकों को 10 हज़ार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता प्रदान की जाएगी।
इन फसलों को मिलेगा योजना का लाभ
    सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रोत्साहन राशि का लाभ अरहर, उड़द, मूंगफली और तिल फसलों के उत्पादन पर मिलेगा। इसी तरह मक्का, रागी और लघु धान्य जैसे कोदो-कुटकी भी शामिल किया गया है। इस विशेष योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीकृत हैं और अपनी उपज (धान) सहकारी समितियों के माध्यम से बेचते हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल क्रॉप सर्वे/गिरदावरी के माध्यम से रकबे (भूमि क्षेत्र) की पुष्टि होने के बाद ही मान्य रकबे पर सहायता राशि का भुगतान किया जाएगा।
हजारों किसानों को मिला लाभ
    गत वर्ष 2025 में इस योजना के सफल क्रियान्वयन के चलते अकेले सारंगढ़- बिलाईगढ़ जिले में ही बड़े पैमाने पर किसानों को लाभान्वित किया गया। जिले में धान के बदले अन्य फसल लेने वाले 144 किसानों को 13 लाख रुपए की राशि वितरित की गई। दलहन- तिलहन व अन्य फसल उगाने वाले 10 हजार 408 किसानों के खातों में 2 करोड़ 91 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर की गई।
    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के उप संचालक कृषि ने क्षेत्र के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या समिति प्रबंधक से तुरंत संपर्क करें। किसान भाई कैरी फॉरवर्ड या नए पंजीयन के समय धान के बदले अन्य फसल या दलहन-तिलहन फसल बोए गए रकबा के विकल्प का चयन कर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराएं, ताकि समय पर प्रोत्साहन राशि उनके खातों में भेजी जा सके।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आवेदनों के त्वरित निराकरण से लोगों को मिल रही राहत

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आवेदनों के त्वरित निराकरण से लोगों को मिल रही राहत

 लम्बित प्रकरणों के निराकरण के लिए विभागों द्वारा की जा रही त्वरित कार्यवाही

रायपुर. --मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लोगों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है। प्रदेशभर में हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों की लगातार निगरानी एवं समीक्षा करते हुए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ शीघ्रता से प्राप्त हो रहा है।

कोरबा जिले में 23 जून की सुबह तक राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, विद्युत, पेयजल, खाद्य, समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित 1796 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 601 से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि 523 से अधिक आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। शेष प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार त्वरित कार्यवाही की जा रही है।

राज्य शासन ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित समीक्षा कर लंबित प्रकरणों के निराकरण की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जा रही है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों को नवीन राशन कार्ड बनवाने, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन की स्वीकृति, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ, लंबित भुगतान, विद्युत व्यवस्था में सुधार, सड़क मरम्मत, पेयजल आपूर्ति, नालियों की सफाई, स्वच्छता कार्य, सीमांकन, नामांतरण तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों में त्वरित सहायता एवं राहत मिल रही है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को अधिक सरल, सुलभ एवं पारदर्शी बनाया है। शिकायतों और मांगों के प्रभावी निराकरण से लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। राज्य शासन का सतत प्रयास है कि हेल्पलाइन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित कर नागरिकों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाए।

 

CG : शादी का वादा, फिर इंकार, धोखा मिलने पर महिला टीचर ने उठाया आत्मघाती कदम, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

CG : शादी का वादा, फिर इंकार, धोखा मिलने पर महिला टीचर ने उठाया आत्मघाती कदम, आरोपी शिक्षक गिरफ्तार

 बलौदा बाजार। जिले में एक महिला शिक्षक की मौत के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि एक साथी शिक्षक ने विवाह का झांसा देकर महिला के साथ लंबे समय तक संबंध बनाए, लेकिन शादी की बात आने पर पीछे हट गया। इससे आहत महिला ने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना स्थल से मिले एक पत्र में मृतका ने अपनी मौत के लिए आरोपी शिक्षक को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने पत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।

पीड़िता ने प्रेग्नेंट होने और अबॉर्शन दी थी जानकारी

पीड़िता ने अपने लिखे पत्र में बताया कि आरोपी उसका लगातार शारीरिक शोषण कर रहा था और मानसिक रुप से प्रताड़ित कर रहा था. पीड़िता जब हालात से लड़ते-लड़ते हार गई तब उसने ये घातक कदम उठाने का फैसला लिया. सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि उसने बंद कमरे से लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो पाएगा कि पीड़िता प्रेग्नेंट थी या नहीं. जांच अधिकारी ने इतना जरूर बताया कि पीड़िता ने एक बार अपने रिश्तेदार को प्रेग्नेंट होने और अबॉर्शन करवाने की बात को लेकर कुछ जानकारी दी थी.

शादी का झांसा देकर किया शोषण

पीड़िता ने अपने लिखे पत्र में बताया कि आरोपी उसका लगातार शारीरिक शोषण कर रहा था और मानसिक रुप से प्रताड़ित कर रहा था. पीड़िता जब हालात से लड़ते-लड़ते हार गई तब उसने ये घातक कदम उठाने का फैसला लिया. सिटी कोतवाली पुलिस ने बताया कि उसने बंद कमरे से लाश को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो पाएगा कि पीड़िता प्रेग्नेंट थी या नहीं. जांच अधिकारी ने इतना जरूर बताया कि पीड़िता ने एक बार अपने रिश्तेदार को प्रेग्नेंट होने और अबॉर्शन करवाने की बात को लेकर कुछ जानकारी दी थी.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार कमरे की दीवार पर चिपकी हुई पर्चियां और हाथ से लिखे संदेश मिले हैं. इन संदेशों में पीड़िता ने आरोपी का नाम लिखते हुए उसे दोषी ठहराया है. पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि मृतिका जिस किराए के मकान में रहती थी, उसी मकान के बगल वाले कमरे में आरोपी भी रहता था. दोनों एक ही शासकीय विद्यालय में कार्यरत थे. इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी और आरोपी ने शादी का भरोसा देकर युवती को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसका शोषण किया.

मोबाइल फोन की जांच से हुई पुष्टि

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में विशेष जांच शुरू की गई. साइबर सेल की मदद से मृतिका और आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की गई. मोबाइल चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाए गए. जांच में मिले तकनीकी प्रमाणों से दोनों के संबंधों, गर्भवती होने और आरोपी द्वारा प्रताड़ना दिए जाने संबंधी तथ्यों की पुष्टि हुई. इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटनास्थल से मिले नोट, दीवार पर लिखे संदेश, मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच की गई. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी और मृतिका के बीच प्रेम संबंध थे. आरोपी ने शादी का झांसा देकर गलत काम किया. आरोपी की प्रताड़ना और धोखे से परेशान होकर मृतिका ने आत्मघाती कदम उठाया. पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी को को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी मूल रूप से पेंड्रा जिले के मरवाही थाना क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में बलौदाबाजार रह रहा था.

 
 
 
Cg Police Transfer : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा तबादला, 60 आरक्षकों का ट्रांसफर, देखिए पूरी लिस्ट

Cg Police Transfer : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में बड़ा तबादला, 60 आरक्षकों का ट्रांसफर, देखिए पूरी लिस्ट

 गरियाबंद। पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ 60 आरक्षकों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार थाना गरियाबंद में पदस्थ आरक्षकों को जिले के विभिन्न थानों एवं इकाइयों में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया है। यह आदेश आगामी निर्देश तक प्रभावशील रहेगा।

 

तबादला सूची में अमलीपदर, छुरा, देवभोग, फिंगेश्वर, मैनपुर, पाण्डुका और राजिम थाने के साथ ही आरक्षित केंद्र गरियाबंद की विभिन्न शाखाओं में पदस्थापना दी गई है। सबसे अधिक आरक्षकों की तैनाती छुरा, देवभोग, फिंगेश्वर और राजिम थाना क्षेत्रों में की गई है।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश क्रमांक 2801/2026 के अनुसार सभी स्थानांतरित आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश 24 जून 2026 को जारी किया गया।

 
 
 
 
सहकारिता सप्ताह को जनआंदोलन बनाने की तैयारी

सहकारिता सप्ताह को जनआंदोलन बनाने की तैयारी

 राज्य स्तरीय आयोजन को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने ली समीक्षा बैठक

29 जून से 6 जुलाई तक पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा सहकारिता सप्ताह

रायपुर-- भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित होने वाले सहकारिता सप्ताह की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने विभागीय अधिकारियों तथा विभिन्न सहकारी संस्थाओं एवं महासंघों के प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सहकारिता किसानों और ग्रामीण विकास का मजबूत आधार
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में सहकारिता क्षेत्र को नई पहचान मिली है। सहकारिता आज किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।

प्रत्येक जिले तक पहुंचे सहकारिता सप्ताह
मंत्री  कश्यप ने कहा कि सहकारिता सप्ताह केवल औपचारिक आयोजन न होकर जनभागीदारी का अभियान बने। इसके लिए राज्य के सभी जिलों, विकासखंडों और सहकारी समितियों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा किसानों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
जागरूकता और नवाचार पर रहेगा विशेष फोकस
 कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों में जागरूकता, सहभागिता और नवाचार को प्राथमिकता दी जाए। लोगों को सहकारी योजनाओं, उपलब्धियों और लाभों की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग सहकारिता से जुड़ सकें। 
विभिन्न वर्गों की होगी सक्रिय भागीदारी

मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकारिता सप्ताह के दौरान किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, वनोपज संग्राहकों तथा हस्तशिल्पियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूती मिलेगी।
सफलता की कहानियों को मिलेगी प्रमुखता
बैठक में राज्य स्तरीय प्रदर्शनी की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री कश्यप ने निर्देश दिए कि प्रदर्शनी में केवल आंकड़ों के बजाय सहकारिता से लाभान्वित हितग्राहियों की सफलता की कहानियां, नवाचार और जमीनी उपलब्धियां प्रदर्शित की जाएं, ताकि लोग सहकारिता की वास्तविक ताकत को समझ सकें।
’आधुनिक तकनीक और डिजिटल सेवाओं पर जोर’
मंत्री  कश्यप ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं, मूल्य संवर्धन और बेहतर विपणन व्यवस्था से जोड़ना समय की आवश्यकता है। सहकारिता सप्ताह के दौरान इन विषयों पर विशेष प्रदर्शन और चर्चा भी आयोजित की जाएगी।
’सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर हुई चर्चा’
  बैठक में जिला सहकारी बैंक, प्राथमिक कृषि साख समितियां, विपणन संघ, दुग्ध महासंघ, मत्स्य महासंघ, लघुवनोपज संघ और अन्य सहकारी संस्थाओं की भूमिका एवं उपलब्धियों की समीक्षा की गई। सभी संस्थाओं से अपनी उपलब्धियों और भावी योजनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का आग्रह किया गया।
’“सहकार से समृद्धि” को साकार करने का संकल्प’

मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि “सहकार से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि विकास की कार्यसंस्कृति का आधार है। हमारा लक्ष्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के प्रबंध संचालक  जितेंद्र शुक्ला,सहकारिता आयुक्त  रमेश शर्मा, एम डी अपेक्स बैंक श्री के एन कांडे, अपर आयुक्तह सहकारी संस्थाएं  सावित्री भगत सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं एवं महासंघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक,सीएम साय और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव मौजूद

भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक,सीएम साय और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव मौजूद

  संगठन और सरकार के एजेंडे पर हो रही चर्चा

रायपुर-भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बुधवार को भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक हो रही है। जिसमें संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी और डॉ. नवीन मार्कंडेय समेत प्रदेश स्तर के पदाधिकारी मौजूद हैं।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा, आगामी कार्यक्रमों की तैयारी और सरकार की योजनाओं को लेकर रणनीति पर चर्चा हो सकती है। साथ ही जिलों में चल रहे संगठनात्मक कार्यों और आगामी अभियानों को लेकर भी पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।

बैठक को लोकसभा और नगरीय निकाय चुनावों के बाद संगठन की अगली रणनीति तय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में प्रदेशभर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर फीडबैक लेने और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा होने की संभावना है।

 नैनो डीएपी से बदल रही खेती की तस्वीर

नैनो डीएपी से बदल रही खेती की तस्वीर

 रायपुर. 24 जून 2026- खेती में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर राज्य के किसान अब कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। बिलासपुर जिले के ग्राम कछार के प्रगतिशील किसान तिहारू राम साहू इसकी एक उत्कृष्ट मिसाल बनकर उभरे हैं। उन्होंने अपनी खेती में नैनो डीएपी का उपयोग कर न केवल उर्वरकों की लागत में कमी लाई, बल्कि फसल उत्पादन और गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हासिल किया।
किसान  तिहारू राम साहू ने बताया कि वे पहले पारंपरिक डीएपी उर्वरक का उपयोग करते थे, जिससे लागत अधिक आती थी। कृषि विभाग के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नैनो डीएपी का प्रयोग किया। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए। फसल की वृद्धि बेहतर हुई, पौधों का विकास संतुलित रहा तथा उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि वे लगभग सवा एकड़ में सब्जी के साथ अन्य फसलों की खेती करते है। नैनो डीएपी के उपयोग से खेतों में फसलें लहलहा रही है। उन्होंने सभी किसानों से नैनो डीएपी का उपयोग करने की अपील की है। 

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नैनो डीएपी एक आधुनिक एवं प्रभावी उर्वरक है, जो पौधों को आवश्यक पोषक तत्व अधिक दक्षता के साथ उपलब्ध कराता है। इसके उपयोग से रासायनिक उर्वरकों की खपत कम होती है। विभाग द्वारा किसानों को नैनो डीएपी एवं अन्य आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। तिहारू राम साहू की सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के अन्य किसान भी नैनो डीएपी के उपयोग की ओर अग्रसर हो रहे हैं। 

दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,केंद्रीय नेताओं से करेंगे मुलाकात

दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,केंद्रीय नेताओं से करेंगे मुलाकात

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दोपहर करीब ढाई बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दिल्ली में रात्रि विश्राम करेंगे। दौरे के दौरान उनकी केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की संभावना है। बताया जा रहा है कि इस दौरान राज्य के विकास कार्यों, केंद्र प्रायोजित योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री का यह दौरा अहम माना जा रहा है। 

अल-नीनो के मद्देनजर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने ली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी की जानकारी

अल-नीनो के मद्देनजर केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने ली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी की जानकारी

 रायपुर: अल-नीनो के प्रभाव से इस बार मानसून कमजोर रहने की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। सूखे की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कम अवधि वाली फसलों, दलहन-तिलहन पर जोर, बीज सुरक्षा और फसल बीमा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है। इस आशय की जानकारी कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री राम विचार नेताम ने केन्द्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दी। बैठक वीडियोकांफ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, संचालक कृषि  राहुल देव, संचालक अनुसंधान डॉ. विवके त्रिपाठी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मंत्री  नेताम ने बताया कि 
प्रदेश में 22 जून तक औसत वर्षा महज 30.8 मिलीमीटर दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से 58.3 मिलीमीटर कम है। खरीफ बोनी का लक्ष्य 48.69 लाख हेक्टेयर है, लेकिन अभी तक केवल 2 प्रतिशत क्षेत्र में ही बोनी हो पाई है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सरकार ने किसानों को संभावित घाटे से बचाने के लिए कई ठोस उपाय शुरू कर दिए हैं।

कृषि उत्पादन आयुक्त  परदेशी ने बताया कि कृषि विभाग ने कम अवधि वाली धान के किस्मों को बढ़ावा देने के साथ-साथ मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहनी और तिलहनी फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीजों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। उच्चहन भूमि में अनाज के साथ दलहन-तिलहन फसलों को अंतरवर्तीय फसल के रूप में लगाने की सलाह दी जा रही है। धान की जगह दलहन-तिलहन फसलों की ओर किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए करते हुए राज्य बीज निगम ने 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। सूखे प्रभावित 15 जिलों के लिए 1,22,095 क्विंटल बीज उपलब्ध कराया गया है, जिसमें से 48,449 क्विंटल किसानों तक पहुंच चुका है।

परदेशी ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के साथ नैनो उर्वरक और लाभकारी फसलों के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने बीमा कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर फसल नुकसान की भरपाई के लिए बीमा प्लान को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए हैं। ताकि किसानों को  आर्थिक क्षति से बचाया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अल-नीनो के प्राभाव कम होने वाली दलहन-तिलहन और कम अवधि की फसलों पर फोकस किया जा रहा है। साथ ही इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर अनुसंधान विभाग द्वारा अल-नीनो को ध्यान में रखते हुए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज, 24 घंटे में 75% प्रदेश कवर, कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार तेज, 24 घंटे में 75% प्रदेश कवर, कई जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। 22 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करने वाला मानसून महज 24 घंटे के भीतर राज्य के करीब 75 प्रतिशत हिस्से तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने कोरिया, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और कबीरधाम जिले के कुछ हिस्सों में भी जल्द मानसून पहुंचने की संभावना जताई है। अगले एक सप्ताह तक प्रदेशभर में मौसम के बदले रहने और बारिश की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं।

मंगलवार शाम राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और प्रदेशभर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। मंगलवार को सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान राजनांदगांव में 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। डौंडी और नांगर में सर्वाधिक 5-5 सेंटीमीटर वर्षा हुई। मैनपुर और धमतरी में 4-4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं कांकेर, दरभा, नगरी, राजनांदगांव, जगदलपुर, बड़े राजपुर और अन्य कई इलाकों में 3 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई जिलों में बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी जारी की है। कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद और महासमुंद जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।

इसके अलावा रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और बारिश के साथ बादल गरजने की संभावना है।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में बुधवार को भी मौसम सुहावना बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आसमान में बादल छाए रहेंगे, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बाल संप्रेक्षण गृह की खिड़की तोड़ 11 अपचारी बालक फरार, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

बाल संप्रेक्षण गृह की खिड़की तोड़ 11 अपचारी बालक फरार, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

 अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से बुधवार देर शाम हुई एक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। तेज बारिश और बिजली गुल होने की स्थिति का फायदा उठाते हुए 11 अपचारी बालक संप्रेक्षण गृह से फरार हो गए, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। घटना के बाद पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है और फरार बालकों की तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शाम के समय मौसम खराब होने के कारण इलाके में तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। अंधेरे और अव्यवस्था का फायदा उठाकर अपचारी बालकों ने पहले संप्रेक्षण गृह की एक खिड़की को तोड़ा और फिर परिसर के पीछे की दीवार फांदकर मौके से निकल गए। घटना की भनक लगते-लगते सभी बालक काफी दूर जा चुके थे।

सबसे बड़ी बात यह है कि घटना के समय मुख्य गेट पर सुरक्षा के लिए दो गार्ड तैनात थे। इसके बावजूद 11 बालकों का एक साथ फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि फरारी की योजना पहले से तैयार की गई थी और मौसम का फायदा उठाकर उसे अंजाम दिया गया।

घटना की जानकारी मिलते ही बाल संप्रेक्षण गृह के अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल गांधीनगर थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरे परिसर का निरीक्षण किया। फरार बालकों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक स्थानों और संभावित ठिकानों पर लगातार तलाशी अभियान चला रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी फरार बालकों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई और कहीं किसी कर्मचारी की लापरवाही तो इस घटना के पीछे जिम्मेदार नहीं है।

इस घटना ने न केवल बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा की जरूरत भी सामने ला दी है। फिलहाल पूरा प्रशासन फरार बालकों की तलाश में जुटा हुआ है और मामले की जांच जारी है।

साय सरकार उठाएगी श्रमिकों के बच्चों के पढ़ाई का पूरा खर्च, इस तारीख तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

साय सरकार उठाएगी श्रमिकों के बच्चों के पढ़ाई का पूरा खर्च, इस तारीख तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को राज्य के चयनित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाएगी। विशेष बात यह है कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस, छात्रावास, भोजन, गणवेश, लेखन सामग्री तथा अन्य आवश्यक खर्चों का पूरा वहन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया जाएगा। इससे श्रमिक परिवारों को बच्चों की शिक्षा के आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा।

प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए, इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर और श्रमिक वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना भी इसी दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है, जिससे श्रमिकों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र एवं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को श्रम विभाग के पोर्टल www.shramevjayate.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया 22 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की सुविधा श्रम विभाग के पोर्टल, निकटतम श्रम कार्यालय, लोक सेवा केंद्र तथा श्रमेव जयते एप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिससे अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाएगी तथा शिक्षा के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकताःगजेंद्र यादव

विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकताःगजेंद्र यादव

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा हेतु आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों के सुचारु संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मंत्री  यादव ने प्रदेश के सभी विद्यालयों में साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत कार्य, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, साइकिल वितरण तथा अति आवश्यक कार्यों के लिए जारी राशि के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। समीक्षा के दौरान विद्यालय छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को विशेष अभियान चलाकर 31 जुलाई 2026 तक पुनः विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षकों की VSK App  के माध्यम से शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को बारहखड़ी एवं 20 तक के पहाड़े तथा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े, हिंदी एवं अंग्रेजी की धाराप्रवाह रीडिंग अनिवार्य रूप से आनी चाहिए। इसके लिए विशेष प्रयास करने अधिकारियों को निर्देशित किए। शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने तथा शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ऐसे भवनों को चरणबद्ध रूप से डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए गए। भवनविहीन विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा किए जाने के निर्देश भी दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों की मूल पदस्थापना स्थल पर तत्काल वापसी सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए।

इसके अलावा रमसा (RMSA) प्राप्त विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत केंद्रीकृत किचन व्यवस्था, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना तथा अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया एवं शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ 1 अप्रैल से किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2027-28 से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल का वितरण भी 1 अप्रैल को ही सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री यादव ने कहा कि इस व्यवस्था से शासकीय विद्यालयों में भी निजी विद्यालयों की भांति समय पर पढ़ाई प्रारंभ होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण होगा तथा विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में और अधिक सुधार आएगा।

बैठक में VSK App के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को App पर पंजीयन एवं नियमित उपस्थिति दर्ज करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। वर्तमान माह की उपस्थिति के आधार पर किसी भी कर्मचारी या शिक्षक के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि जुलाई माह में स्कूल शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों का ।चच पर पंजीयन अनिवार्य होगा तथा जुलाई माह का वेतन App में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही देय होगा।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आयुक्त समग्र शिक्षा किरण कौशल तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक  ऋतुराज रघुवंशी ने भी अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा शासन के निर्देशों का गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।

सीएम साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह: 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा

सीएम साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह: 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के ग्राम पलोद में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होकर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए खेल और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के दो महत्वपूर्ण आधार बताया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा प्रस्तुत किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प और आकांक्षा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में 2036 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी है।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है ताकि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजन ने दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रमाण है।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल क्षेत्र में विशेष बजट प्रावधान कर रही है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा वन विभाग के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय, बीएसएफ के आईजी  संजय पंत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्य सचिव विकासशील ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की अधिकारियों से ली जानकारी….

मुख्य सचिव विकासशील ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की अधिकारियों से ली जानकारी….

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होगा। अभियान के तहत शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा प्रत्येक पात्र परिवारों को पहुंचाया जाएगा। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में प्रारंभ किया जाएगा। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में इस संबंध में अधिकारियों से की जा रही व्यापक तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल है। जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा सभी पात्र परिवारों को दिया जाएगा।

योजना के फायदें से कोई वंचित न रहें इसके लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ के तहत अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

साय सरकार की पहल से उच्च शिक्षा का सपना होगा साकार, हजारों विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया शुरू

साय सरकार की पहल से उच्च शिक्षा का सपना होगा साकार, हजारों विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया शुरू

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा। साय सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और हर युवा को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।

शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया 20 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि नवीन आवेदन 1 अगस्त 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। राज्य सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध और सुव्यवस्थित बनाते हुए जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके और उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रहे।

योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के समय स्थायी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पूर्व वर्ष की अंकसूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बना रही है। इसी उद्देश्य से छात्रवृत्ति की राशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में जमा की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों को बिना किसी विलंब के राशि प्राप्त होगी।

वर्ष 2026-27 से छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) को अनिवार्य किया गया है। साथ ही नई संस्थाओं के संस्था प्रमुखों एवं छात्रवृत्ति प्रभारियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है। यह कदम पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ सही समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना न केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करेगी।

राज्य शासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा सकें।

MP-CG Transfer : बड़े पैमाने पर आयकर निरीक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

MP-CG Transfer : बड़े पैमाने पर आयकर निरीक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में पदस्थ आयकर निरीक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है। सूची में सैकड़ों अधिकारियों के नाम शामिल है। जारी लिस्ट में छत्तीसगढ़ में पदस्थ कई आयकर निरीक्षकों को मध्यप्रदेश भेजा गया है। वहीं, मध्यप्रदेश में पदस्थ अधिकारियों को छत्तीसगढ़ में पदस्थापना दी गई है।

नीचे देखें पूरी सूची....