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Breaking : कलेक्टर ने बदले 14 तहसीलदार और नायब तहसीलदार, देखें किसे कहाँ मिली जिम्मेदारी

Breaking : कलेक्टर ने बदले 14 तहसीलदार और नायब तहसीलदार, देखें किसे कहाँ मिली जिम्मेदारी

बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ट्रांसफर किया है। जारी आदेश के अनुसार जिले में कुल 14 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है।

 CG Transfer Breaking : कलेक्टर ने बदले 14 तहसीलदार और नायब तहसीलदार, देखें लिस्ट 

CG : मेडिकल कॉलेज परिसर में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

CG : मेडिकल कॉलेज परिसर में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

कोरबा। कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्पताल के बाहरी हिस्से में अचानक भीषण आग लग गई। काले धुएं का गुबार देख अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

मिली जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के बाहरी परिसर में भारी मात्रा में सूखे पत्ते जमा थे। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति की शरारत या जलती हुई वस्तु फेंकने के कारण इन पत्तों ने आग पकड़ ली। गर्मी और हवा के चलते आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और अस्पताल की मुख्य इमारतों की ओर बढ़ने लगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बिना देरी किए फौरन पुलिस और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। गनीमत रही कि आग अस्पताल के वार्डों तक नहीं पहुंची, वरना भारी जन-धन की हानि हो सकती थी।

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. के.के. सहारे ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि निश्चित रूप से यह किसी बाहरी व्यक्ति या शरारती तत्व की हरकत है। उन्होंने बताया कि सूखे पत्तों के कारण आग ने तेजी पकड़ी थी।

 

सीएम विष्णु देव साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सांसद बनने पर दी बधाई

सीएम विष्णु देव साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सांसद बनने पर दी बधाई

 रायपुर, 9 मार्च 2026 :  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने सौजन्य मुलाकात की।

मुख्यमंत्री साय ने लक्ष्मी वर्मा को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं, विकास से जुड़े मुद्दों तथा आमजन की अपेक्षाओं को सशक्त रूप से रखने में लक्ष्मी वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, विधायक अनुज शर्मा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित थे।

 
BREAKING : छत्तीसगढ़ में भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भाजपा की लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की फूलोदेवी नेताम निर्विरोध राज्यसभा सांसद निर्वाचित

रायपुर।  छत्तीसगढ़ से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस प्रत्याशी फूलोदेवी नेताम निर्विरोध रूप से राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुई हैं। सोमवार को दोनों नेताओं ने विधानसभा पहुंचकर अपना निर्वाचन प्रमाण पत्र प्राप्त किया। प्रमाण पत्र लेने के बाद दोनों सांसदों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की खुशी साझा की और गले मिलकर बधाई दी। इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि और समर्थक भी मौजूद रहे।

राज्यसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद दोनों उम्मीदवार निर्विरोध चुनी गईं। दोनों सांसदों ने पार्टी नेतृत्व और प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे राज्य और जनता के हितों को राज्यसभा में मजबूती से उठाएंगी।

यह राज्यसभा चुनाव छत्तीसगढ़ के लिए अनोखा रहा, क्योंकि पहली बार दोनों पार्टियों ने महिला को उम्मीदवार बनाया। राज्यसभा की पांच सीटों में से अब तीन पर महिला सांसद होंगी। फिलहाल, कांग्रेस की रंजीता रंजन का कार्यकाल मई में खत्म हो जाएगा। इस चुनाव के बाद छत्तीसगढ़ में बीजेपी के सदन में दो सदस्य होंगे, जबकि कांग्रेस के तीन सदस्य रहेंगे।

दोनों ही महिला नेताओं को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने में जातिगत और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखा गया। 2023 के विधानसभा चुनाव में दोनों नेताओं ने टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया था। अब राज्यसभा भेजकर दोनों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

फूलोदेवी नेताम बस्तर से आती हैं और कांग्रेस का बड़ा महिला चेहरा मानी जाती हैं। वह लगातार दूसरी बार राज्यसभा के लिए भेजी जा रही हैं और छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

लक्ष्मी वर्मा लंबे समय से भाजपा में सक्रिय रही हैं। वह प्रदेश उपाध्यक्ष और रायपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं। अब उन्हें राज्यसभा भेजा गया है।

फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर बैंक कर्मचारी ने पति-पत्नी से 40 लाख की ठगी, ऐसे दिया धोखा…जानिए पूरा मामला..!!

फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर बैंक कर्मचारी ने पति-पत्नी से 40 लाख की ठगी, ऐसे दिया धोखा…जानिए पूरा मामला..!!

 रायपुर। राजधानी रायपुर के ग्रामीण पुलिस ने आईडीबीआई के कर्मचारी को 40 लाख की ठगी मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फिक्स डिपाॅजिट के नाम पर दंपति को चूना लगाया। पीड़ितों को जब पता चला कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है तो उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद आरोपी को पकड़ा गया।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, धरसींवा निवासी नेरेंद्र वर्मा और उनकी पत्नी मनीषा वर्मा ने आईडीबीआई बैंख शाखा चरौदा में बैंक खाता खुलवाया, जिसमें दोनों ने 40 लाख रूपए जमा किये थे। दोनों इन रूपए को फिक्स डिपाॅजिट कराने के उद्देश्य से आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी राजा खुंटे से मिले। राजा खुंटे ने दोनों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो ब्लैंक चेक मांगे। दंपति ने आरोपी को सभी जरुरी दस्तावेज दे दिए, जिसके बाद उन्हें फिक्स डिपाॅजिट खाता खोलने की पावती दी गई।

दोनों ने 2023 में अपने-अपने नाम से 20-20 लाख रूपए फिक्स डिपाॅजिट करा दिए। 2 मार्च 2026 को दोनों को निजी कार्य के लिए रूपयों की आवश्यकता थी। दोनों ने बैंक के कर्मचारी राजा खुंटे से संपर्क किया। राजा खुंटे ने बताया कि उनके जमा रूपयों की हेराफेरी हो गई है, अभी राशि उपलब्ध नहीं है।

इसके बाद दंपति बैंक पहुंचे और जांच पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि राजा खुंटे ने उनके द्वारा दिए गए ब्लैंक चेक का दुरूपयोग कर खाते से 40 लाख रूपए निकाल लिए थे।

बैंक से मिली जानकारी के बाद पति-पत्नी सीधे धरसींवा थाने पहुंचे और इसकी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीण पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया और मामले में जांच कार्रवाई करते हुए राजा खुंटे को गिरफ्तार किया। आरोपी ने धोखाधड़ी की बात कबूल की है। फिलहाल इस मामले में पुलिस आगे की जांच कार्रवाई कर रही है।

 

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महापुरुषों के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी नई पीढ़ी- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 0-मुख्यमंत्री साय ने बीएसएस प्रणवानंद स्कूल के 'कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम' का किया अवलोकन  

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित बीएसएस प्रणवानंद स्कूल परिसर पहुंचकर  भारत माता की मूर्ति तथा भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री  साय ने स्कूल परिसर में स्थापित कल्चरल एंड हेरिटेज म्यूजियम का अवलोकन किया। स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने उन्हें संग्रहालय का विस्तृत भ्रमण कराया। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ संग्रहालय में प्रदर्शित स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, ऋषि-मुनियों तथा भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित मानव कल्याण से जुड़े कार्यों और गतिविधियों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्कूली बच्चों को भारत के समृद्ध इतिहास, ऋषि-मुनियों, महान चिंतकों, धर्म प्रवर्तकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान से परिचित कराने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और गौरवशाली रही है, जिसे हमारे ऋषि-मुनियों, विद्वानों और महापुरुषों ने अपने ज्ञान, तप और त्याग से और अधिक समृद्ध बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोडऩा अत्यंत आवश्यक है। इससे बच्चों में अपने राष्ट्र, संस्कृति और मूल्यों के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल द्वारा स्थापित यह संग्रहालय भावी पीढ़ी को हमारे धर्म, ग्रंथों, संस्कृति और परंपराओं से जोडऩे का प्रेरणादायक माध्यम बनेगा। इस अवसर पर स्कूल के सचिव स्वामी शिवरूपानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री  साय को शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। उल्लेखनीय है कि बीएसएस प्रणवानंद स्कूल में भारत के महान ऋषि-मुनियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं उनके जीवन और कार्यों की जानकारी के साथ स्थापित की गई हैं। इनमें महर्षि वेदव्यास, ब्रह्मर्षि विश्वामित्र, सुश्रुत, कणाद, आर्यभट्ट, रामानुजाचार्य, स्वामी विवेकानंद, राजा राममोहन राय, पृथ्वीराज चौहान, रानी लक्ष्मीबाई, खुदीराम बोस, महर्षि दयानंद और भगवान बिरसा मुंडा सहित अनेक महान विभूतियां शामिल हैं।इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती आनन्दिता घोष, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री आबे नोरिआकि ने की सौजन्य मुलाकात

  रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय कक्ष में जापान दूतावास के राजनीतिक मामलों के मंत्री  आबे नोरिआकि ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों के बीच छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश, आर्थिक सहयोग तथा विकास की संभावनाओं को लेकर सार्थक चर्चा हुई।  मुख्यमंत्री  साय ने  आबे नोरिआकि का शॉल ओढ़ाकर तथा भगवान राम की प्रतिमा भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर अपनी जापान यात्रा का जिक्र करते हुए आबे को प्रदेश सरकार की नई औद्योगिक नीति, निवेश को प्रोत्साहित करने वाली नीतियों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योगों के विकास के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध है, जिससे निवेशकों को आकर्षक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इस अवसर पर विधायक  किरण देव एवं विधायक  सुशांत शुक्ला उपस्थित थे।

राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने नियुक्त किए केंद्रीय पर्यवेक्षक, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को मिली बिहार की जिम्मेदारी

राज्यसभा चुनाव: भाजपा ने नियुक्त किए केंद्रीय पर्यवेक्षक, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को मिली बिहार की जिम्मेदारी

 रायपुर। राज्यसभा की रिक्त हो रही 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा. भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं. इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को बिहार का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

भाजपा ने बिहार सहित हरियाणा और ओडिशा के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए मैदान में छह उम्मीदवार हैं. इनमें एनडीए के प्रत्याशी बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री और जदयू नेता रामनाथ ठाकुर, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व विधायक शिवेश कुमार और राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उपेंद्र कुशवाहा ने पर्चा भरा है. वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने एडी सिंह को प्रत्याशी बनाया है.

बिहार में पेंच पांचवी सीट को लेकर फंसा है, जिसकी वजह से चुनाव की स्थिति बनी है. स्थिति को देखते हुए भाजपा ने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को बिहार में पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. इनके अलावा हरियाणा के लिए गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष सांघवी और ओडिशा के लिए महाराष्ट्र के फडणवीस सरकार में मंत्री चन्द्रशेखर बावनकुले को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है.

 

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में तापमान सामान्य से ऊपर, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में तापमान सामान्य से ऊपर, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी

 रायपुर — छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में भी तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बीते दिन प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई। इस दौरान सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रायपुर में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया।

द्रोणिका का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार से झारखंड होते हुए दक्षिण छत्तीसगढ़ तक समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर ऊपर एक द्रोणिका बनी हुई है। हालांकि इसके प्रभाव से फिलहाल प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

आज कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना जताई है और किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना है।

रायपुर का मौसम

रायपुर के लिए जारी स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक 9 मार्च को हल्की धुंध रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।


 

जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा स्व. दिलीप सिंह जूदेव का जीवन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा स्व. दिलीप सिंह जूदेव का जीवन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दीर्घ सामाजिक-राजनीतिक जीवन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और विशेष रूप से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया।

स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमन

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जूदेव जी के विचार, उनके आदर्श और सेवा का भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने में स्वर्गीय जूदेव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में आत्मगौरव की भावना सशक्त हुई और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार हुआ।

इस अवसर पर विधायक गोमती साय, विधायक रायमुनि भगत,  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

 

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महतारी वंदन योजना से मातृशक्ति को मिला आर्थिक संबल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर के लाल बहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026 में प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति समाज की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है और राज्य सरकार का हर निर्णय महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखकर लिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर महतारी वंदन योजना की 25वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित किए। इसके साथ ही इस योजना के अंतर्गत अब तक महिलाओं को 16 हजार 237 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने वाला जनकल्याणकारी अभियान बन चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 10 मार्च 2024 का वह दिन याद है, जब प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने महतारी वंदन योजना का शुभारंभ किया था। उसी समय यह संकल्प लिया गया था कि प्रदेश की प्रत्येक पात्र महिला के खाते में हर महीने निर्धारित तिथि पर एक हजार रुपये की राशि पहुंचेगी। पिछले 25 महीनों से यह संकल्प लगातार पूरा किया जा रहा है और इस किश्त के साथ अब तक प्रत्येक हितग्राही महिला को 25 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जो वादा किया था, उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि महतारी वंदन योजना को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष के बजट में 8 हजार 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह राशि माताओं-बहनों के जीवन में प्रत्यक्ष बदलाव ला रही है। महिलाएं इस सहायता का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतों, बचत और स्वरोजगार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों में आर्थिक स्थिरता बढ़ रही है और समाज के समग्र विकास को नई दिशा मिल रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की माताएं-बहनें केवल परिवार का संचालन ही नहीं करतीं, बल्कि वे उत्कृष्ट वित्तीय प्रबंधक भी होती हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का महिलाओं ने अत्यंत समझदारी से उपयोग किया है। किसी ने बेटियों के भविष्य के लिए बचत की, किसी ने स्वरोजगार शुरू किया, किसी ने परिवार के छोटे व्यवसाय को बढ़ाया, तो किसी ने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कर घर की स्थिति को मजबूत बनाया। यह इस योजना की सबसे बड़ी सफलता है कि महिलाओं ने इसे स्वयं और परिवार की उन्नति का माध्यम बनाया।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकार ने 15 हजार आवास स्वीकृत किए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित दूरस्थ अंचलों में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार अनेक स्तरों पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 21 हजार 754 बेटियों के विवाह कराए गए हैं। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 368 महतारी सदन बनाने की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 137 महतारी सदन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। ग्राम पंचायत स्तर पर इनका उपयोग महिलाओं की बैठकों, प्रशिक्षण, विपणन और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार पहल कर रही है। प्रदेश में अब तक 8 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया जा चुका है और अब सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 10 लाख लखपति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब केवल सहभागी नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई नेतृत्वकारी शक्ति बनकर उभर रही हैं। इसी दिशा में महिला स्वसहायता समूहों के माध्यम से रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः प्रारंभ कराया गया है और इसे चरणबद्ध रूप से प्रदेश के शेष जिलों में भी लागू किया जा रहा है, ताकि स्थानीय स्तर पर महिलाओं को व्यापक रोजगार के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से नक्सल प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पुनः प्रारंभ की गई हैं, बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू कराया गया है, बिजली पहुंची है, मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं तथा स्वच्छ पेयजल और बेहतर सड़कों की सुविधा दूरस्थ बसाहटों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि केवल सड़कों का निर्माण ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री बस सेवा योजना के माध्यम से बस्तर और सरगुजा अंचल के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी मजबूत की गई है, जिससे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी की नीतू साहू, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी, जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू तथा सरगुजा की निधि जायसवाल से संवाद किया।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की मिथलेश चतुर्वेदी ने बताया कि पति के निधन के बाद उनके सामने परिवार चलाने की बड़ी चुनौती थी। शासन से मिली सहायता राशि और महतारी वंदन योजना के संबल से उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया साधन शुरू किया, जिससे अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण आत्मसम्मान के साथ कर पा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर 69 लाख 48 हजार महिलाओं के खातों में 25वीं किश्त के रूप में 641 करोड़ 58 लाख रुपये अंतरित

धमतरी की नीतू साहू ने बताया कि मजदूरी से होने वाली सीमित आय के कारण बेटियों के भविष्य के लिए बचत करना कठिन था, लेकिन महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से उन्होंने अपनी दोनों बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाकर हर महीने बचत शुरू की है।

इसी तरह सरगुजा की निधि जायसवाल ने महतारी वंदन योजना से मिली राशि को बचाकर “निधि मेकओवर” नाम से ब्यूटी पार्लर शुरू किया, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की अनीता साहू ने सिलाई का कार्य प्रारंभ कर “अनीता सिलाई सेंटर” स्थापित किया। जांजगीर-चांपा की सरस्वती केंवट ने भी इस राशि को अपने परिवार के व्यवसाय में लगाकर आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अनुभव अत्यंत सुखद है कि महतारी वंदन योजना की राशि महिलाओं के हाथों में पहुंचकर परिवारों की तरक्की का आधार बन रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की माताएं-बहनें दूरदर्शिता, परिश्रम और आत्मविश्वास की अद्भुत मिसाल हैं। जब महिलाओं को अवसर और संबल मिलता है, तो वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे समाज को आगे बढ़ाने की शक्ति बन जाती हैं।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ‘लक्ष्मी सखी मिलेट कार्ट’ का शुभारंभ भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से पुनर्वासित महिलाओं को जोड़ा गया है, जिन्हें कृषि महाविद्यालय के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये महिलाएं मिलेट आधारित खाद्य सामग्री तैयार कर उसका विक्रय करेंगी, जिससे उन्हें सतत आजीविका और आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण और स्थानीय विपणन से जोड़कर विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में भी प्रावधान किए गए हैं।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को लागू करने की दिशा में गंभीरता से कार्य किया गया और उसी क्रम में महतारी वंदन योजना शुरू की गई। उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की लगभग 70 लाख माताएं-बहनें लाभान्वित हो रही हैं। यह योजना महिलाओं को घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष तथा सक्षम योजना के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने में सहयोग दे रही है।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रत्येक माह नियमित रूप से सहायता राशि प्रदान किया जाना सरकार की वचनबद्धता का प्रमाण है।विधायक जगदलपुर  किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से माताएं-बहनें आज घर-परिवार को खुशहाल बनाने के साथ प्रदेश के विकास में भी अहम योगदान दे रही हैं।

कार्यक्रम के आरंभ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी । कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सफलता की कहानियों पर आधारित एक पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री को फलों की टोकरी तथा धुरवा तुवाल भेंटकर योजना के लिए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक  चैतराम आटामी, बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष  श्रीनिवास राव मद्दी, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूपसिंह मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बस्तर के अध्यक्ष  दिनेश कश्यप, बस्तर संभाग के कमिश्नर  डोमन सिंह, आईजी  सुंदरराज पी., महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

 

‘नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी, अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए हम कृत संकल्पित‘‘- राज्यपाल रमेन डेका

‘नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी, अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए हम कृत संकल्पित‘‘- राज्यपाल रमेन डेका

रायपुर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के अवसर पर लोकभवन में महिला सम्मान समारोह और फूलों की होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, उद्यम और पत्रकारिता के क्षेत्र मेें उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाली महिलाएं शामिल हुई।

लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान

लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान

इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आदिवासी विकास के क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और समाज के सभी लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा के लिए उनके योगदान की सराहना की।  डेका ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी है और मेरी सरकार अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हम सभी के लिए एक गौरवशाली दिन है। यह दिन महिला समानता की दिशा में कार्य करने प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए, हम सभी को एक ऐसे विश्व के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता है जहाँ सभी महिलाओं को सशक्त, सम्मानित और समावेशी बनाया जा सके।

लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान

डेका ने कहा कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का एक शक्तिशाली साधन है। इसलिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ विकसित की हैं। इनमें से कुछ हैं महतारी वंदन योजना, जो समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना का उद्देश्य लड़कियों को लाभ पहुँचाना है।

लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान

इस अवसर पर स्पीकर के रूप में आमंत्रित डॉ. शम्पा चौबे ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए सबसे पहले अपनी मनःस्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। शिक्षिका रंजीता साहू ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने की यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज से हमें बहुत कुछ मिलता हैं उसे धीरे-धीरे कर समाज को लौटाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि लोकभवन के प्रति उनके मन में बहुत आदर है क्योंकि 2005 में उनके पति को तात्कालिक राज्यपाल श्री के. एम. सेठ ने शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था। इसलिए वे और उनके पति गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा की दिशा में काम कर रहे है।

उन्होंने 12 लाख रूपए का बैंक लोन लेकर वनांचल क्षेत्रों में 162 स्कूलों में स्मार्ट टी.व्ही. के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के लिए काम किया। इसके अलावा गुल्लक कार्यक्रम चलाकर बचत हेतु प्रेरित किया। अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री नेहा यादव ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि उनकी मां ने एक सिंगल पैरेंट के रूप में उनका पालन पोषण किया। जबकि उनके जन्म के पहले ही पिता द्वारा त्याग दिए जाने के बाद उनके पास आय का कोई जरिया नहीं था फिर भी उन्होंने अकेले ही अपनी बेटी को अच्छी परवरिश दी और अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया।

कार्यक्रम में डॉ प्रीति सतपथी ने महिलाओं से जुडे़ आवश्यक कानूनों और अधिनियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रदीपा प्रसन्ना ने वनांचल क्षेत्रों में कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाएं संघर्ष करते हुए भी मजबूती से अपने घर और समाज के विकास में योगदान दे रही हैं, जो प्रेरणादायक है।

राज्यपाल के गोद ग्राम से आए सोनपुरी जिला खैरागढ़ की निलेश्वरी वर्मा, सोहद्रा पाल, ग्राम बिजली गरियाबंद की हेम कुमारी निषाद, पुरईन निषाद, ग्राम टेमरी जिला बेमेतरा की रितु देवांगन, पूजा घृतलहरे का सम्मान किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, धरसींवा अनुबाला चक्रवर्ती, BETEO तिल्दा सामुदायिक विकासखण्ड अधिकारी सुश्री शिखा कुशवाहा, अस्पताल परिचालक AIIMS आरती देवांगन, माधूरी बरवा, महिला बाल विकास, निमोरा की सहायिका कार्यकर्ता रामवती साहू, महिला बाल विकास, तुता की सहायिका कार्यकर्ता लक्ष्मी यादव, नगर निगम, रायपुर सुपरवाईजर पिंकी तांडी, वर्षा तांडेकर, पं. रविशंकर शुक्ल विवि, रायपुर की कर्मचारी टी मोहिनी, कलेक्टोरेट, रायपुर ज्योति साहू, पूनम सिंह ठाकुर, सुजाता शेष, रूद्राणी सिंह राजपूत, गोपा सान्याल, डॉ. प्रीति सतपथी, लोकभवन कर्मचारी कुसुम मानिकपुरी, अन्नपूर्णना महोबिया, श्यामा वर्मा, महिला आरक्षक को सम्मानित किया गया। इस अवसर राज्यपाल ने जी. एस. टी. से संबंधित ई-बुक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक सोनालिका शुक्ला ने किया।

लोकभवन में आयी महिलाओं ने रंग पंचमी के अवसर पर फूलों वाली होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर महिला बाल विभाग द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना एवं लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

 रायपुर: जब समाज स्वयं अपने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेता है, तब नई पीढ़ी और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायपुर जिले के पारागांव में आयोजित चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने समाज के विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। साथ ही पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

मुख्यमंत्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महतारी वंदन योजना को दो वर्ष पूर्ण हो गए हैं और इस अवसर पर प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में योजना की 25वीं किश्त की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस समाज ने देश और प्रदेश को अनेक प्रतिभाशाली व्यक्तित्व दिए हैं। उन्होंने समाज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के माध्यम से 2000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिल रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है और किसानों के हित में राज्य सरकार लगातार निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि होली पर्व के पूर्व 25.28 लाख किसानों के खातों में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत 10 हजार 324 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई है।समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु 50 लाख और पारागांव में सीसी रोड निर्माण के लिए 20 लाख रुपये देने की घोषणा

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे बुजुर्गों और श्रद्धालुओं को विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 के बजट में राज्य के सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने समाज के युवाओं से आग्रह किया कि जो बेटा-बेटी उद्यम करना चाहते हैं, वे राज्य की नई उद्योग नीति का अध्ययन करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो चुका है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में  दीपक चंद्राकर (सिविल जज में चयनित), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (पीएससी में चयनित, वाणिज्यिक कर अधिकारी), डॉ. प्रीति करण चंद्राकर (हेड ऑफ डिपार्टमेंट, कंप्यूटर एंड साइंस, एनआईटी रायपुर), डॉ. करण चंद्राकर (आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल एवं फाइबर इंजीनियरिंग में पीएचडी), कु. लक्ष्मी चंद्राकर (इंडो-नेपाल टेस्ट सीरीज बॉल बैडमिंटन में गोल्ड मेडल), डॉ. दिव्या चंद्राकर एवं डॉ. राहुल चंद्राकर (एमबीबीएस, शासकीय चिकित्सालय महासमुंद) शामिल हैं।

कार्यक्रम को केबिनेट मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक ललित चंद्राकर तथा विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा ने भी संबोधित किया और समाज के संगठन, शिक्षा और सामाजिक विकास में योगदान की सराहना की। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

 

CG : आत्मानंद स्कूलों में 151 पदों पर भर्ती,इस तारीख तक मिलेगा मौका,जाने डिटेल…

CG : आत्मानंद स्कूलों में 151 पदों पर भर्ती,इस तारीख तक मिलेगा मौका,जाने डिटेल…

 रायपुर :- राजधानी रायपुर के 31 आत्मानंद स्कूलों में 151 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए 6 दिन में 10 हजार से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 मार्च है। भर्ती प्रक्रिया के तहत व्याख्याता, प्रधान पाठक, शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, सहायक शिक्षक, ग्रंथपाल, सहायक ग्रेड-3, भृत्य और चौकीदार पदों पर भर्ती की जाएगी।

व्याख्याता में हिन्दी, गणित, संस्कत, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, जीवविज्ञान, वाणिज्य, भौतिकी, रसायन विषय के साथ ही शिक्षक में अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान विषय के पद हैं। पदों पर चयन हेतु स्कूल, स्नातक और स्नातकोत्तर के प्राप्तांकों की गणना की जाएगी। वही केवल हिन्दी और संस्कृत के व्याख्याता पद के लिए ही अंग्रेजी माध्यम की बाध्यता नहीं है।

रायपुर के आत्मानंद स्कूलों में से पीएमश्री पं. आरडी तिवारी अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय आमापारा में 3 पद, गिरिजा शंकर मिश्र अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय रायपुरा में 7, स्वामी आत्मानंद शास. अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय त्रिमूर्तिनगर में 7 पदों पर भर्ती की जाएगी। भनपुरी स्कूल में 11, गुढ़ियारी में 11, चंदखुरी में 7, गनियारी में 7, रायखेड़ा में 8, खोरपा में 4, बरबंदा में 2, खरोरा के 3, गोगांव में 7, बूढ़ापारा में 2, गोबरा-नवापारा में 4, समोदा में 3, मंदिर हसौद में 2, सारागांव में 4, तिलक नगर में 3, सरोना में 2, मोहबा बाजार में 3, गुरुनानक चौक स्कूल में 1, लालपुर में 3, मोवा में 2, अभनपुर में 7, आरंग में 5, नेवरा में 8, भाठागांव में 6, माना कैंप में 6, कुंरा में 5, फाफाडीह में 5, राजातालाब में 3 पदों में भर्ती की जाएगी।

व्याख्याता के लिए बीएड के साथ ही संबंधित विषय में द्वितीय श्रेणी से स्नातकोत्तर उपाधि, प्रधान पाठक के लिए द्वितीय श्रेणी से स्नातक के साथ ही डीएड या बीएड या डीएलएड और टीईटी प्राथमिक स्तर उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। ऐसे ही शिक्षक के लिए 45% अंकों के साथ स्नातक व बीएड या डीएड या डीएलएड के साथ ही टीईटी पूर्व माध्यमिक स्तर उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कम्प्यूटर शिक्षक के लिए कम्प्यूटर साइंस या आईटी या कम्प्यूटर एप्लीकेशन साथ द्वितीय श्रेणी में स्नातक, व्यायाम शिक्षक के लिए 12वीं पास के साथ ही डीपीएड या बीपीएड में स्नातक होना अनिवार्य है।

सहायक शिक्षक के लिए 45% के साथ 12वीं व डीएड या डीएलएड उत्तीर्ण के साथ ही टीईटी प्राथमिक स्तर उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सहायक शिक्षक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए जीव विज्ञान या गणित विषय समूह के 12वीं उत्तीर्ण, ग्रंथपाल के लिए द्वितीय श्रेणी में स्नातक व बी लिब की उपाधि, सहायक ग्रेड 5 के लिए 12वीं पास के साथ डीसीए या पीजीडीसीए या आईटीआई कोपा उत्तीर्ण, भृत्य के लिए आठवीं पास ओर चौकीदार के लिए भी आठवीं पास होना चाहिए।

 

Breaking : CM साय के बस्तर दौरे से पहले डबल मर्डर, 2 युवकों की धारदार हथियार से हत्या

Breaking : CM साय के बस्तर दौरे से पहले डबल मर्डर, 2 युवकों की धारदार हथियार से हत्या

 बस्तर  : बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर के नगरनार थाना क्षेत्र में शनिवार रविवार दरमियान मध्यरात्रि लगभग डेढ़ बजे ग्राम कलचा के होली मेले में हुए दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। नगरनार थाना से मिली जानकारी के अनुसार 3 युवकों और नाबालिग ने मिलकर धारदार हथियारों से 2 युवकों की निर्मम हत्या कर दी।

इस घटना में साड़गुड़ निवासी उमेश बघेल और रोहित बघेल की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चार लोगों ने मिलकर किसी बात को लेकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही नगरनार पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

बता दें कि रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बस्तर प्रवास है और मुख्यमंत्री के प्रवास से पूर्व इस दोहरे हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई है।

 
CG : बाइक में फंसी साड़ी का पल्लू, शिक्षिका की दर्दनाक मौत, जानिए कैसे हुआ हादसा?

CG : बाइक में फंसी साड़ी का पल्लू, शिक्षिका की दर्दनाक मौत, जानिए कैसे हुआ हादसा?

 खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। शहर के प्रतिष्ठित वेसलियन इंग्लिश मीडियम स्कूल की एक वरिष्ठ शिक्षिका की सड़क हादसे में जान चली गई। यह हादसा तब हुआ जब शिक्षिका अपने बेटे के साथ बाइक पर स्कूल जा रही थीं और अचानक उनकी साड़ी का पल्लू बाइक के पिछले चक्के में फंस गया।

स्कूल से कुछ दूर पहले हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय शिक्षिका मर्सी बचइया रोज की तरह अपने बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर स्कूल जा रही थीं। स्कूल पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले अचानक उनकी साड़ी का पल्लू बाइक के पिछले पहिये की चपेट में आ गया। पल्लू खिंचने की वजह से शिक्षिका अनियंत्रित होकर सिर के बल सड़क पर गिर पड़ीं।

इलाज के दौरान तोड़ा दम

हादसे के तुरंत बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल खैरागढ़ ले जाया गया। सिर में गंभीर अंदरूनी चोट होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद दुर्ग के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया। स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें रायपुर AIIMS में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

CG – हैवानियत की हदें पार : घर के अंदर घुसकर महिला के साथ की दरिंदगी, प्राइवेट पार्ट में घोंपा चाकू, फिर जो हुआ….

CG – हैवानियत की हदें पार : घर के अंदर घुसकर महिला के साथ की दरिंदगी, प्राइवेट पार्ट में घोंपा चाकू, फिर जो हुआ….

 खैरागढ़छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से शर्मनाक घटना सामने आई है। गातापार थाना क्षेत्र के सांकरा गांव में नशे में धुत तीन युवकों ने घर में घुसकर एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि नशे की हालत में आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की और उसके प्राइवेट पार्ट पर चाकू से तीन बार वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह है पूरा मामला

खैरागढ़ जिले के गातापार थाना क्षेत्र के सांकरा गांव में एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां नशे में धुत तीन युवकों ने एक महिला के घर में घुसकर उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने महिला के साथ मारपीट की और चाकू से गंभीर वार किए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने महिला के प्राइवेट पार्ट पर भी तीन बार चाकू से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि वारदात के समय आरोपी नशे की हालत में थे और अचानक घर में घुसकर महिला के साथ बदसलूकी और हिंसा करने लगे।

जानकारी के अनुसार, घटना सांकरा गांव की बताई जा रही है। महिला उस समय अपने घर में मौजूद थी, तभी तीनों आरोपी वहां पहुंच गए। नशे में धुत आरोपियों ने पहले महिला से विवाद किया और फिर अचानक हमला कर दिया। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले। गंभीर रूप से घायल महिला को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार महिला को गहरी चोटें आई हैं और उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही गातापार थाना पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही है।

 

CG – 14 पटवारियों और एक राजस्व निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी,जाने पूरा मामला..!!

CG – 14 पटवारियों और एक राजस्व निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी,जाने पूरा मामला..!!

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला कार्यालय में राजस्व विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मसाहती सर्वेक्षण कार्यों सहित विभिन्न राजस्व संबंधी गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी लंबित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्ती के संकेत भी दिए।

बैठक के दौरान जिले में चल रहे कुल 113 मसाहती ग्रामों में सर्वेक्षण कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 8 ग्रामों का अंतिम प्रकाशन और 12 ग्रामों का प्रारंभिक प्रकाशन पूरा हो चुका है। जबकि शेष ग्रामों में मसाहती सर्वेक्षण का कार्य अभी प्रगति पर है।

कलेक्टर ने राजस्व निरीक्षकों और हल्का पटवारियों को ग्रामवार खसरों का सत्यापन करने, प्रारंभिक और अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और राजस्व अभिलेखों की स्वच्छ प्रति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान मसाहती ग्रामों में सर्वेक्षण कार्यों की अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। एक राजस्व निरीक्षक और 14 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण कार्यों की साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी और प्रगति नहीं होने पर आगे कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।

 

CG – अस्पताल में भर्ती मरीज ने उठाया खौफनाक कदम, इस हाल में मिला युवक, प्रबंधन पर लगा ये आरोप…..

CG – अस्पताल में भर्ती मरीज ने उठाया खौफनाक कदम, इस हाल में मिला युवक, प्रबंधन पर लगा ये आरोप…..

 बिलासपुर। राज्य के एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय सेंदरी में एक मनोरोगी मरीज ने अस्पताल के बाथरूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक महासमुंद जिले का निवासी बताया जा रहा है, जो एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने कोनी थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, मरीज लखन लाल साव (35) पिता स्व ईश्वर साव निवासी ग्राम बरना जिला महासमुंद बाथरूम में गया और वहां रोशनदान में मछा बांधकर फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि यहां मनोरोगी ऐसे हरकत कर सकते हैं, जिसे लेकर विशेष व्यवस्था बनाई जाती है ताकि वे अपने आप को नुकसान न पहुंचा सकें। इससे पहले भी यहां इस तरह की घटना हो चुकी है।

छत्तीसगढ़ मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के महामंत्री मुन्ना लाल निर्मलकर ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के संचालन पर हर साल लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन मरीजों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यही एकमात्र शासकीय मानसिक चिकित्सालय है, जहां अलग-अलग जिलों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है, जिससे इस तरह की घटना हो गई।

इस संबंध में कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि महासमुंद से आया मरीज लखन लाल साव कल बुधवार को इलाज के लिए मानसिक चिकित्सालय में भर्ती हुआ था। उसने पहले भी दो–तीन बार सुसाइड अटेम्प्ट किया था। मरीज के साथ टेंडर के रूप में उसकी पत्नी थी। मरीज और उसकी पत्नी का मोबाइल को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद मरीज की पत्नी मोबाइल से बात करने लगी। इस बीच बाथरूम में जाकर मरीज ने फांसी लगा ली। घटना में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बस्तर में होगा ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जारी करेंगे महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त….

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बस्तर में होगा ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जारी करेंगे महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त….

 रायपुर: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर बस्तर जिले में ‘वृहद महतारी वंदन सम्मेलन–2026’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे और सम्मेलन के दौरान प्रदेश की महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना की 25वीं किस्त जारी करेंगे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे।इस गरिमामय आयोजन में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं  अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा वन मंत्री  केदार कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक तथा विभिन्न आयोगों और मंडलों के पदाधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन मातृशक्ति के सम्मान, महिला सशक्तिकरण तथा महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर विभागीय स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा पोषण संबंधी कार्यक्रमों की जानकारी भी प्रदान की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 69 लाख से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। योजना के तहत 25वीं किस्त जारी होने के बाद अब तक कुल 16 हजार 237 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित हो जाएगी।

इस योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण पर भी विशेष ध्यान दे पा रही हैं। यह योजना महिलाओं के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल
साबित हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान बस्तर संभाग में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटी नक्सली महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विशेष पहल की जाएगी। इन महिलाओं को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से ब्याजमुक्त एक-एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को ‘लक्ष्मी-सखी मिलेट किट’ भी प्रदान की जाएगी। इन महिलाओं को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सहयोग से मिलेट (मोटे अनाज) आधारित खाद्य उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे इन उत्पादों के निर्माण और बिक्री के माध्यम से स्वरोजगार प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाला यह वृहद सम्मेलन महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं, स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही शामिल होंगी। यह आयोजन प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।

 

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी - मुख्यमंत्री साय

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी - मुख्यमंत्री साय

 00 छत्तीसगढ़ की महिलाएं आत्मनिर्भरता और नवाचार से बना रही हैं नई पहचान

00 अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रायपुर में लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम में लखपती दीदियों से किया आत्मीय संवाद

रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित लखपति दीदी संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6-7 लाख रुपये की आय हो रही है।
बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं। जशपुर जिले की लखपति दीदी अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं।

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री श्री साय

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, सचिव  भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त  महादेव कावड़े, कलेक्टर  गौरव सिंह, मिशन संचालक  अश्वनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।



 

विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़, वर्ष 2025 में 820 विदेशी पर्यटकों ने की छत्तीसगढ़ की यात्रा

विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़, वर्ष 2025 में 820 विदेशी पर्यटकों ने की छत्तीसगढ़ की यात्रा

 रायपुर। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, घने वन, झरनों की कलकल ध्वनि और ऐतिहासिक धरोहरों से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ अब धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। वर्ष 2025 के दौरान कुल 820 विदेशी पर्यटकों ने छत्तीसगढ़ की यात्रा की, जो यह संकेत देता है कि राज्य की अनछुई प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विविधता विदेशी सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। राज्य सरकार और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा विकसित की जा रही आधुनिक पर्यटन सुविधाएँ तथा बेहतर होती सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विदेशी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाओं को और मजबूत कर रही है।

छत्तीसगढ़ को 'पर्यटकों का स्वर्गÓ कहा जाता है, क्योंकि यहाँ प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे भव्य जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, सिरपुर और रतनपुर जैसे ऐतिहासिक-धार्मिक स्थल, बस्तर की अद्वितीय जनजातीय परंपराएँ और लोकनृत्य, सरगुजा के पर्वतीय क्षेत्र तथा जशपुर की शांत और हरित वादियाँ विदेशी सैलानियों को एक अलग अनुभव प्रदान करती हैं। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ उन पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है, जो प्रकृति के करीब रहकर स्थानीय संस्कृति को समझना चाहते हैं।

विदेशी सैलानियों के लिए आकर्षण का नया केन्द्र बन रहा छत्तीसगढ़

राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना, होटल और होम-स्टे सुविधाओं का विस्तार, पर्यटक मार्गदर्शकों का प्रशिक्षण, डिजिटल प्रचार-प्रसार तथा बुनियादी सुविधाओं के विकास जैसे प्रयासों से पर्यटकों को अधिक सुगम और सुरक्षित अनुभव मिल रहा है। इसके साथ ही राज्य में ग्रामीण पर्यटन, ईको-टूरिज्म और सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
बस्तर क्षेत्र विदेशी सैलानियों के लिए अत्यंत संभावनाशील पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है। यहाँ के प्राकृतिक जलप्रपात, घने वन, राष्ट्रीय उद्यान, आदिवासी जीवन शैली और प्रसिद्ध बस्तर दशहरा जैसे सांस्कृतिक आयोजन विश्वभर के पर्यटकों के लिए अनूठा अनुभव प्रस्तुत करते हैं। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान की जैव विविधता, चित्रकोट जलप्रपात की भव्यता और तीरथगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता बस्तर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान देते हैं। चित्रकोट फॉल्स के पास तीर्था गांव में प्रीमियम लक्जरी टेंट सिटी प्रस्तावित है। चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर की प्रकृति और संस्कृति गंतव्य के रूप में पुनर्विकसित करना है। राज्य सरकार की इन योजनाओं से बस्तर आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगा।
बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव भी पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण निर्मित हो रहा है। बेहतर सुरक्षा, सड़क संपर्क और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से न केवल देशी बल्कि विदेशी पर्यटकों का विश्वास भी बढ़ रहा है। इससे आने वाले समय में बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की मेंटर एवं हिवा कोचिंग एंड कंसल्टिंग की संस्थापक सुश्री किर्सी ह्यवैरिनेन की बस्तर की छह दिवसीय यात्रा ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय समुदायों की जीवन शैली की सराहना करते हुए इसे विश्व के लिए एक अनूठा पर्यटन अनुभव बताया। इस प्रकार की अंतरराष्ट्रीय यात्राएँ और सकारात्मक अनुभव विदेशों में छत्तीसगढ़ की छवि को और मजबूत करेंगे तथा भविष्य में अधिक विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने में सहायक होंगे।
सरगुजा और जशपुर क्षेत्र भी विदेशी सैलानियों के लिए अपार संभावनाएँ समेटे हुए हैं। सरगुजा के पर्वतीय वन क्षेत्र, मैनपाट का शांत और मनोहारी वातावरण, जशपुर की हरित घाटियाँ तथा वहाँ की प्राकृतिक जैव विविधता प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती है। इन क्षेत्रों में ईको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाएँ भी तेजी से विकसित हो रही हैं, जिससे विदेशी पर्यटकों के लिए नए अनुभवों के द्वार खुल रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार, पर्यटन मेलों में भागीदारी, डिजिटल प्लेटफार्मों के माध्यम से प्रचार तथा पर्यटन अवसंरचना के विकास जैसे कई कदम उठा रही है। साथ ही, स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और पारंपरिक उत्सवों को पर्यटन से जोड़कर छत्तीसगढ़ को एक विशिष्ट सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ विदेशी सैलानियों के लिए एक नया और आकर्षक पर्यटन केंद्र बनेगा। प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता, बेहतर होती सुविधाएँ और सुरक्षित वातावरण मिलकर राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

 

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफल प्रदेश के अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉल के जरिए दी बधाई

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में सफल छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों से वीडियो कॉल के माध्यम से संवाद कर उन्हें हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान खरसिया (रायगढ़) निवासी रौनक अग्रवाल, रायपुर निवासी संजय डहरिया, धमतरी जिले के परसवानी निवासी डायमंड सिंह ध्रुव तथा एमसीबी जिले के जनकपुर निवासी सुश्री दर्शना सिंह से बातचीत की। मुख्यमंत्री साय ने उनके परिवारजनों से भी संवाद करते हुए इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आप सभी युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन और धैर्य के बल पर प्रतिष्ठित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। आपकी यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ से युवाओं का सिविल सेवा में चयन होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह सिद्ध होता है कि छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों में भी प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमारे युवा अपने परिश्रम के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।मुख्यमंत्री साय ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के सपनों को नई ऊर्जा और दिशा देने वाली प्रेरणा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी प्रतिभाशाली युवा प्रशासनिक सेवाओं में रहते हुए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जनसेवा करेंगे तथा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

अग्रसेन महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वूमेन सेफ्टी और लीगल अवेयरनेस पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया

अग्रसेन महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वूमेन सेफ्टी और लीगल अवेयरनेस पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया

रायपुर :- यह दिन हमें महिलाओं के अद्भुत योगदान और उनके संघर्षों को याद दिलाता है। जैसा कहा गया है कि नारी कभी कमजोर नहीं होती, बस उसका संघर्ष अलग होता है। महिला दिवस के अवसर पर पुरानी बस्ती स्थित अग्रसेन महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस वूमेन सेफ्टी और लीगल अवेयरनेस पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में प्रिया राव ने समाज में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार और उसके विरुद्ध बने अधिकारों नियमों के बारे में छात्रों को बताया साथ ही कहा कि महिलाओं को राजनैतिक सामाजिक और आर्थिक रूप से ही सशक्त नहीं होना है आज के अनुसार डिजिटल अरेस्ट,सोशल हरासमेंट,वर्चुअल असॉल्ट की जानकारी और उससे बचने के तरीके का ज्ञान होना जरूरी है। इस आयोजन  महाविद्यालय के निर्देशक डॉ व्ही के अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को सशक्तिकरण की जरूरत नहीं होती वह खुद में स्वावलंबीऔर सशक्त होती है वह संसार की सृजनकर्ता कहलाती है उन्हें सुरक्षा देना समाज की जिम्मेदारी है।दूसरी प्रमुख वक्ता के रूप में आई इंस्पेक्टर प्रियंका शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए अपने जीवंत अनुभव को छात्रों में साझा किया बताया कि महिलाएं किस किस प्रकार से अत्याचार का शिकार होती है काम काजी महिलाओं के साथ कार्यक्षेत्र में होने वाले अत्याचार के बारे में जानकारी दी और आज के समय में  हो रहे साइबर क्राइम,डार्क वेव जैसे क्राइम के बारे में बताया साथ जरूरी अधिनियम और एक्ट के बारे में बताया।महाविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी डॉ अमित अग्रवाल ने कहा कि सशक्त नारी से सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
संगोष्ठी के अंत में समाज में अलग अलग क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले महिलाओं को सम्मानित किया गया 
शिक्षा के क्षेत्र में डॉ हेमलता बोरकर  ,  पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षा यादव, समाजकार्य के लिए मिथिला अग्रवाल,और वैकल्पिक चिकित्सा के क्षेत्र में नीलिमा अग्रवाल को सम्मानित किया गया।
 महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ यूलेंद्र राजपूत ने सभी का आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग की प्राध्यापक देविका परमार ने किया और कार्यक्रम प्रभारी समाजकार्य विभाग के विभागाध्यक्ष मो रफीक खान ने रहे।इस अवसर पर सभी महिला स्टाफ को फूल बूके देकर सम्मानित किया गया।संगोष्ठी में प्राचार्य सहित अन्य विभाग के विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक उपस्थित रहे.

 

 

बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान, आजीविकामूलक गतिविधियों से मिली फर्श से अर्श तक की मंजिल

बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान, आजीविकामूलक गतिविधियों से मिली फर्श से अर्श तक की मंजिल

 लेखक - धनंजय राठौर, सुरेन्द्र ठाकुर, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क 

रायपुर। सगो तेता स्व-सहायता समूह और बिहान से जुड़कर न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि अपने स्वाभिमान और आत्मविश्वास को भी नई पहचान दी है। आज कांकेर जिला के गांव ग्राम गढ़पिछवाड़ी की अन्य महिलाएं भी उनसे प्रेरणा लेकर आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। तेता ने अपनी इस सफलता का श्रेय भारत सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना और छत्तीसगढ़ शासन की पहल बिहान को देते हुए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और ‘लखपति दीदी’ बनने का अवसर प्रदान किया है। बिहान योजना ने सगो तेता के जीवन में  नवा बिहान ला दिया।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

सगो तेता ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पृथक् पहचान बना चुकी

कुछ कर गुजरने का जुनून और उस इच्छाशक्ति को शासन की छोटी सी मदद मिल जाए, तो कामयाबी की बुलंदी को फर्श से अर्श तक पहुंचने में देर नहीं लगती। कांकेर जिले की महिलाएं शासन के सहयोग से प्रशिक्षण तथा सहायता प्राप्त कर अपने हुनर को अंजाम दे रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम गढ़पिछवाड़ी की आदिवासी महिला सगो तेता आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पृथक् पहचान स्थापित कर चुकी हैं। उनकी कामयाबी यह साबित करती है कि मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और उचित अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी खुद के दम पर अपने समूह, परिवार और समाज के लिए मिसाल कायम कर सकती हैं।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

समूह ने बढाया आगे सगो को

एक समय था जब आर्थिक तंगी के कारण सगो को छोटी-छोटी जरूरतों को पूरी करने के लिए भी दूसरों का मुंह ताकना पड़ता था। आजीविका के एकमात्र साधन के रूप में खेती-बाड़ी तो थी, लेकिन सीमित संसाधनों और पारंपरिक तरीकों के कारण आय बहुत कम होती थी। वहीं बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों की चिंता उन्हें अक्सर परेशान करती थी। इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की जानकारी मिली। इससे प्रेरित होकर सगो बाई ने गांव की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर गायत्री स्व-सहायता समूह बनाया, जिसमें 10 महिलाएं शामिल हैं।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

खेतों में द्विफसली सिंचाई की मिली सुविधा

समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बिहान के अंतर्गत 60 हजार रुपये की सामुदायिक निवेश राशि प्राप्त हुई, जिसने उनके जीवन को नई दिशा दे दी। सगो तेता बताती हैं कि पहले उनके खेत में मोटरपंप (बोरवेल) नहीं था, जिसके कारण खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी और साल में धान की केवल एक ही फसल ले पाती थीं।  फिर उन्होंने स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर अपने खेत में बोर करवाया, जिससे अब उन्हें सिंचाई की सुविधा मिल गई है। इसका सकारात्मक परिणाम यह रहा कि अब वे अपने खेतों में साल में दोनों फसलें (खरीफ और रबी) ले रही हैं, जिससे उनकी आय में काफी वृद्धि हुई है।

बिहान योजना ने श्रीमती सगो तेता के जीवन में लाया नवा बिहान

आजीविकामूलक गतिविधियों ने बनाई लखपति दीदी

इसके साथ ही सगो बाई ने कई आजीविकामूलक गतिविधियां भी शुरू कीं। उन्होंने मशरूम पालन, छेना (कंडा) निर्माण, गोबर से जैविक खाद तैयार करना, रुई से तकिये बनाना, सब्जी उत्पादन, ईंट निर्माण और कपड़ों के विक्रय जैसे कार्य प्रारंभ किए। उनकी सतत् मेहनत रंग लाई और आज वे इन अलग-अलग गतिविधियों से प्रतिमाह लगभग 18 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इसी निरंतर आय और बचत के कारण पूरे क्षेत्र में वह आज ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचानी जा रही हैं।

जीवन में आया बड़ा बदलाव, महतारी वंदन योजना का भी मिल रहा लाभ

लखपति दीदी सगो तेता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसी आय के सहारे उन्होंने अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई करवाई, साथ ही अपने दो बच्चों की शादी भी करवा ली है। इसके बाद अब वे अपनी आजीविका से होने वाली आय से अपनी छोटी बेटी की शादी करने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह महतारी वंदन योजना का भी लाभ ले रही हैं, जिससे मिली रकम को वह बेटी के विवाह में किसी बड़े खर्च के लिए बचत कर रही हैं।