बलरामपुर। बलरामपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार सुबह बलरामपुर भाजपा कार्यालय पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान CM साय ने पांच राज्यों के चुनावी रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुरुआती रुझान भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। यह जनता के विश्वास और भाजपा सरकार के कार्यों का परिणाम है।
पश्चिम बंगाल में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा। कुल 293 सीटों पर दो चरणों में मतदान कराया गया था। राज्य में रिकॉर्ड मतदान दर्ज हुआ, जो 92 प्रतिशत से अधिक रहा। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने की कोशिश में हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी भी सत्ता में आने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
- राजनीतिक रूप से सबसे अहम सीटों में शामिल भवानीपुर पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर तृणमूल कांग्रेस (AITC) के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं शुभेंदु अधिकारी, जो BJP का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस से प्रदीप प्रसाद और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM) से श्रीजीव बिस्वास भी इस मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं।
| गठबंधन | बढ़त (Lead) | जीत (Win) | कुल सीट |
| तृणमूल कांग्रेस (TMC+) | 103 | 0 | 105 |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 145 | 0 | 140 |
| (CONG) | 2 | 0 | 2 |
| वाम मोर्चा (LEFT) | 1 | 0 | 1 |
| OTH (अन्य) | 3 | 0 | 3 |
Assam Results:
असम में कुल 126 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान हुआ था और यहां भी वोटिंग प्रतिशत 85 फीसदी से अधिक रहा। राज्य में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में बीजेपी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की उम्मीद कर रही है। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भी लंबे समय बाद सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है।
| गठबंधन | बढ़त (Lead) | जीत (Win) | कुल सीट |
| BJP+ | 84 | 0 | 84 |
| (CONG+) | 26 | 0 | 26 |
| OTH | 1 | 0 | 1 |
Tamil Nadu Results:
तमिलनाडु में 234 सीटों के लिए मतदान हुआ और यहां रिकॉर्ड 85.14 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्य में फिलहाल द्रविड़ मुनेत्र कषगम की सरकार है, जिसका नेतृत्व एम के स्टालिन कर रहे हैं। वहीं विपक्ष में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम और एनडीए गठबंधन है। इस बार थलापति विजय की पार्टी भी मैदान में उतरकर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश कर रही है।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 (LIVE अपडेट)
| गठबंधन | बढ़त | जीत | कुल सीट |
| DMK+ (सत्तारूढ़ गठबंधन) | 58 | 0 | 58 |
| AIADMK+ (मुख्य विपक्षी) | 44 | 0 | 44 |
| TVK (विजय की पार्टी) | 82 | 0 | |
| OTH (NTK एवं अन्य) | 1 | 0 | 1 |
Kerala Results:
केरल में 140 सीटों के लिए एक चरण में मतदान हुआ, जिसमें 78.27 प्रतिशत वोटिंग हुई। यहां पी विजयन के नेतृत्व में एलडीएफ सरकार सत्ता में है और वह फिर से जीत दोहराने की कोशिश में है।
केरल विधानसभा चुनाव परिणाम 2026 (LIVE अपडेट)
| गठबंधन | बढ़त | जीत | कुल सीट |
| LDF (वामपंथी गठबंधन) | 6 | 0 | 6 |
| UDF (कांग्रेस गठबंधन) | 25 | 0 | 25 |
| BJP+ (NDA) | 9 | 0 | 6 |
| OTH (अन्य) | 1 | 0 | 1 |
Puducherry Results:
वहीं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मतदान हुआ, जहां लगभग 90 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। यहां एन रंगास्वामी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन सत्ता में है और आज के नतीजे तय करेंगे कि सत्ता बरकरार रहेगी या बदलाव होगा।
| गठबंधन / पार्टी | बढ़त (Leading) | जीत (Won) | कुल सीटें (Total) |
| NDA (BJP+) | 4 | 0 | 4 |
| INDIA (CONG+) | 1 | 0 | |
| अन्य (OTH) | 0 | 0 | 0 |
रायपुर। रायपुर में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जहां सोमवार सुबह से ही राजधानी में आसमान बादलों से घिरा हुआ है और प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर ओलावृष्टि, वज्रपात और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों में सुकमा और जगरगुंडा में 2-2 सेमी तथा जगदलपुर में 1 सेमी बारिश दर्ज की गई, वहीं राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और जगदलपुर में न्यूनतम 21.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और द्रोणिका जैसी कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट भी शुरू हो सकती है। राजधानी रायपुर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, जिससे गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बलरामपुर जिला प्रवास के दौरान ‘ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान’ (RSETI) पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पशु सखियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कक्ष का अवलोकन करते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली और प्रशिक्षणार्थियों से ‘जय बिहान’ कहकर आत्मीय अभिवादन किया। उन्होंने विशेष रूप से पशुपालन का प्रशिक्षण ले रही पशु सखियों से संवाद करते हुए उनके अनुभवों को जाना और उनके प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के बगरा क्लस्टर अंतर्गत ग्राम केवली की अनुराधा गुप्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बिहान योजना से जुड़कर पशु सखी के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वे गांव में पशुओं का सर्वे कर पशु चिकित्सकों को सहयोग प्रदान करती हैं तथा ग्रामीणों को पशुपालन से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं बीमारियों के प्रति जागरूक करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा प्रदान किए जा रहे प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्य को और अधिक दक्षता के साथ करने में सहायता मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास और स्वरोजगार को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि RSETI जैसे संस्थान न केवल प्रशिक्षण के केंद्र हैं, बल्कि ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अब तक 16 बैचों में कुल 510 प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न उद्यमी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म उद्यमिता के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
रायपुर: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज रायगढ़ जिले के स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने विभिन्न महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया।

इन परियोजनाओं में नवीन फिजियोथेरेपी महाविद्यालय भवन, 100 बिस्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (एमसीएच) अस्पताल हेतु स्टाफ क्वार्टर तथा 10 बिस्तरीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भवन का निर्माण शामिल है। फिजियोथेरेपी कॉलेज भवन के लिए 1393.71 लाख रुपये, एमसीएच अस्पताल स्टाफ क्वार्टर के लिए 393.79 लाख रुपये तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के लिए 280.57 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से रायगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के स्वास्थ्य तंत्र को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है, जिससे पैरामेडिकल शिक्षा को प्रोत्साहन मिल रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह केवल उपचार पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन शैली का समग्र विज्ञान है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसे व्यापक स्तर पर विकसित किया जाएगा, ताकि लोग प्राकृतिक तरीकों से स्वस्थ रह सकें और दवाओं पर निर्भरता कम हो।

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जिन परियोजनाओं का भूमिपूजन हुआ है, वे जिले के भविष्य को नई दिशा देने वाली हैं। उन्होंने जानकारी दी कि रायगढ़ में नर्सिंग कॉलेज, आधुनिक लाइब्रेरी, नदी तट विकास सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जो समग्र विकास को गति प्रदान करेंगी।
कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए, जिससे उन्हें विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष श्री दीपक महस्के, सांसद श्री राधेश्याम राठिया, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
00 यह सफलता नई यात्रा की शुरुआत-विद्यार्थियों को आगे बढने का संदेश
00 प्रतिस्पर्धी दौर में निरंतर प्रयास आवश्यक-वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी
00 प्रदेश टॉप-10 में रायगढ़ के 8 विद्यार्थियों ने बनाई जगह
रायपुर। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश के टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले रायगढ़ जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। रायगढ़ स्थित उनके कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें लैपटॉप, मार्गदर्शिका पुस्तक एवं 25,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की, ताकि उनकी उच्च शिक्षा में सहयोग मिल सके।

इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा में टॉप करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन यह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में विद्यार्थियों को आईसीएसई एवं सीबीएसई जैसे अन्य बोर्डों के छात्रों के साथ भी प्रतिस्पर्धा करनी होती है, इसलिए निरंतर अध्ययन, अनुशासन, समय प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे इस उपलब्धि को प्रेरणा बनाकर आगे भी ईमानदारी एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े तथा अपने ज्ञान और कौशल का निरंतर विकास करते रहें।

गौरतलब है कि रायगढ़ जिले के कुल 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश की मेरिट सूची में स्थान बनाकर जिले का गौरव बढ़ाया है। कक्षा 12वीं में कृष महंत (97.80 प्रतिशत, तृतीय स्थान), लोकनाथ मेहर (97.20 प्रतिशत, छठवां स्थान), शीतल साहू (96.80 प्रतिशत, आठवां स्थान), बबीता पटेल एवं लिसिका वर्मा (96.60 प्रतिशत, संयुक्त नौवां स्थान) तथा अंजली झा (96.40 प्रतिशत, दसवां स्थान) शामिल हैं। वहीं कक्षा 10वीं में गिरिजा प्रधान (98.33 प्रतिशत, पांचवां स्थान) एवं अहसान अली (97.83 प्रतिशत, आठवां स्थान) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया।

विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास को दिया। सीमित संसाधनों के बावजूद कठिन परिश्रम कर यह उपलब्धि हासिल करने वाले ये विद्यार्थी अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

अन्य मेधावी विद्यार्थियों को भी किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में वित्त मंत्री श्री चौधरी ने स्नेहा पांडा और निकिता दास को भी सम्मानित किया। स्नेहा पांडा ने सीबीएसई परीक्षा में 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए, जबकि निकिता दास नेएमएससी गणित में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 79.94 प्रतिशत के साथ मेरिट सूची में छठवां स्थान हासिल किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी डॉ.के.व्ही.राव सहित शिक्षा विभाग के अधिकारीगण, संबंधित शाला के प्राचार्य एवं व्याख्याता और विद्यार्थियों के पालकगण उपस्थित थे।
00 40 दिवसीय ‘सुशासन तिहार’ में गांव-गांव पहुंच रहा प्रशासन(लेखक-एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास होता है। सरकारें योजनाएं बनाती हैं, बजट प्रस्तुत करती हैं और विकास के दावे करती हैं, लेकिन इन सबकी सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब उनका लाभ आम नागरिक तक पहुंचे और लोग स्वयं अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन महसूस करें। छत्तीसगढ़ में इसी सोच को साकार करने के लिए ‘सुशासन तिहार’ जैसे अभिनव अभियान की शुरुआत की गई है।
1 मई से 10 जून तक चलने वाला यह 40 दिवसीय अभियान शासन को सीधे जनता के द्वार तक ले जाने का एक प्रभावी प्रयास है। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी गांव-गांव और शहरों के वार्डों में पहुंचकर आमजन की समस्याएं सुन रहे हैं और उनका समाधान कर रहे हैं। खास बात यह है कि यह पहल केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि संवाद, सहभागिता और समाधान पर केंद्रित है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की इस अभियान में सक्रिय भागीदारी इसे और अधिक प्रभावशाली बनाती है। उनका विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हकीकत का आकलन करना और आम जनता से सीधा संवाद करना यह दर्शाता है कि नेतृत्व केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी प्रतिबद्ध है। तेज गर्मी और प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच उनकी यह सक्रियता प्रशासनिक तंत्र के लिए भी एक प्रेरणा है।
‘सुशासन तिहार’ का मूल उद्देश्य शासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख बनाना है। जब अधिकारी सीधे गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, तो न केवल वास्तविक स्थिति स्पष्ट होती है, बल्कि लोगों के भीतर यह विश्वास भी मजबूत होता है कि उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। इस प्रकार की पहल प्रशासन में संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व दोनों को सुदृढ़ करती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 'लोगों की सुनें, उन्हें सुनाएं नहीं' की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों का व्यवहार ही शासन की छवि तय करता है। इसलिए आमजन के साथ संवाद करते समय शालीनता, धैर्य और सम्मान अनिवार्य होना चाहिए। जब कोई नागरिक शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह अनुभव होना चाहिए कि उसकी बात गंभीरता से सुनी जा रही है।
प्रदेश में आयोजित समाधान शिविर इस अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जहां पंचायत और वार्ड स्तर पर लोगों से आवेदन लेकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। इसमें जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है, जिससे शासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
हालांकि, इस पहल की वास्तविक सफलता उसके दीर्घकालिक प्रभाव और निरंतरता पर निर्भर करती है। निश्चित ही राज्य सरकार ‘सुशासन तिहार’ से प्राप्त अनुभवों के आधार पर प्रशासनिक व्यवस्था में स्थायी सुधार करेंगे और यह संवाद की यह प्रक्रिया भी लगातार जारी रहेगी। ‘सुशासन तिहार’ एक अभियान नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह इस बात का संकेत है कि यदि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और संवेदनशीलता बनी रहे, तो विकास की राह न केवल सशक्त होती है, बल्कि अधिक समावेशी बनेगी।
00 स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की अध्यक्षता में मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में स्वशासी समिति की बैठक संपन्न
00 बैठक में वित्त मंत्री चौधरी सहित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति, स्वास्थ्य अधोसंरचना सुदृढ़ करने पर जोर
रायपुर। स्व. श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ में आज छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति (स्वशासी समिति) की साधारण सभा आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत पूर्व बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा से हुई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में सुविधाओं के विस्तार, गुणवत्ता सुधार और अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
मरीजों को उन्नत एवं त्वरित जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रंगीन डॉप्लर, मेमोग्राफी (स्तन जांच मशीन), आर्थ्रोस्कोपी (जोड़ दूरबीन जांच), इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री (प्रतिरक्षा ऊतक रसायन जांच), हार्मोन जांच तथा एमआरआई मशीन की खरीदी को स्वीकृति दी गई। इन सुविधाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर उच्च स्तरीय जांच सेवाएं उपलब्ध होंगी और उपचार की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बैठक में अस्पताल परिसर में जनऔषधि केंद्र के साथ अमृत औषधि केंद्र प्रारंभ करने तथा मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए 24 घंटे कैंटीन संचालन की स्वीकृति दी गई। साथ ही शहर से मेडिकल कॉलेज तक आवागमन सुगम बनाने के लिए सिटी बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए चिकित्सा उपकरणों के वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) और समग्र रखरखाव अनुबंध (CMC) को भी स्वीकृति प्रदान की गई। आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने हेतु वार्ड बॉय, स्टाफ नर्स सहित विभिन्न पदों पर भर्ती के संबंध में निर्णय लिए गए।
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ाने की स्वीकृति दी गई। बाल एवं शिशु रोग विभाग के गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और उसे निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए गए, ताकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों को बेहतर उपचार मिल सके।
मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक अध्ययन कक्ष एवं खेल मैदान विकसित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे उनके समग्र विकास को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने चिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता स्वर्गीय डॉ. विनित जैन के उल्लेखनीय योगदान को स्मरण करते हुए अस्थिरोग विभाग का नामकरण उनके नाम पर करने तथा उनकी प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
बैठक में लिए गए निर्णयों से चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुंच में व्यापक सुधार होने की उम्मीद जताई गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कर आमजन को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।
तिल्दा नेवरा। एक तरफ जहां समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं…वहीं ऐसी घटनाएं उन दावों पर सवाल खड़े कर देती हैं…आखिर कब सुरक्षित होंगी मासूम बेटियां…?
एक तरफ जहां समाज में बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते है वहीं ऐसी घटनाएं उन दावों पर सवाल खड़े कर देती हैं आखिर कब सुरक्षित होंगी मासूम बेटियां?एक मासूम जो खुशी के माहौल में शामिल होने आई थी…आज अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है…ये घटना सिर्फ एक खबर नहीं… बल्कि समाज के लिए एक बड़ा सवाल है…सवाल यह है की आखिर कब थमेगा ऐसे अपराधों का सिलसिला…?
अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है, बेखौफ मासूम बच्चे अपराधियों के निशाने पर हैं।आखिर कब तक मासूमों की सुरक्षा से समझौता होता रहेगा?दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
गरियाबंद। रसोई गैस सिलेंडर की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने जिले में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर जिलाध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व में जिला व ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘अनोखे प्रदर्शन’ के जरिए महंगाई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस भवन से रैली निकालकर तिरंगा चौक की ओर कूच किया। हाथों में तख्तियां लेकर “महंगाई कम करो” और “गैस सिलेंडर के दाम वापस लो” जैसे नारे लगाते हुए कार्यकर्ता आगे बढ़े, लेकिन पुलिस की सख्ती के चलते रैली को जय स्तंभ चौक पर ही रोक दिया गया।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि तिरंगा चौक को इसलिए चुना गया, ताकि उनकी आवाज सीधे सत्ता के गलियारों तक पहुंचे और सरकार आम जनता की पीड़ा को समझ सके।
इस दौरान पवन सोनकर, रमेश शर्मा, सन्नी मेमन, नीरज ठाकुर (प्रभारी महामंत्री), छगन यादव, अमित मिरी, प्रेम सोनवानी, रमीज़ राजा, जुनैद खान, चंद्रभूषण चौहान, चेतन सिन्हा, राम नारायण साहू, रमेश वर्मा, योगेश्वरी साहू, हेमलता सिन्हा, पदमा यादव, प्रकाश कोमर्रा, अनीश मेमन, घनश्याम ओगरे, भुनेश्वर सिन्हा, बुढ़ान सिंह ठाकुर, प्रहलाद यादव और नरेंद्र सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री साय ने लखपति दीदी सुमिला कोरवा और पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।
मुख्यमंत्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले। इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
00 घने जंगलों के बीच रोमांच का नया सफर, वन्यजीव, पहाड़ और झरनों के बीच पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव
00 भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा से शुरू होगी 36 किमी की जंगल सफारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया। लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाडिय़ों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे।

शुभारंभ कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, लोकचंद साहू, अध्यक्ष, संयुक्त वन प्रबंधन समिति थवरझोल जग्गू सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत चौरा दुर्गा लांझे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन रायपुर अरुण कुमार पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर श्री गुरूनाथन एन., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र कुमार छवई, डीएफओ निखिल अग्रवाल, सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, स्थानीय युवक-युवतियाँ पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और अधिक भव्य एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सफारी के संचालन में वाहन चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कबीरधाम जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। सफारी प्रारंभ होने से अब प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहाँ आकर विभिन्न वन्यजीवों और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कर सकेंगे। सांसद श्री पाण्डेय ने भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ पर सभी जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल निश्चित रूप से कबीरधाम को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया की इस सफारी का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से जोडऩा है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देना है। सफारी मार्ग को इस प्रकार विकसित किया गया है कि पर्यटक घने जंगलों, पहाडिय़ों, नदियों और घास के मैदानों के बीच प्रकृति को उसके वास्तविक स्वरूप में अनुभव कर सकें।
भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटकों एवं प्रकृति प्रेमियों से अपील है कि वे इस नई पहल का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करें।

सफारी के दौरान पर्यटकों को विभिन्न इन आकर्षक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा
टेडगा सालेह ग्रास लैंड - जहाँ नीलगाय, हिरण एवं विविध पक्षी प्रजातियाँ सहज रूप से देखी जा सकती हैं।
जैतपुरी (धन डबरा) ग्रास लैंड - संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुँचने का रोमांचक मार्ग।
बर खोल्हा व्यू प्वाइंट - चारों ओर फैले पर्वतीय दृश्यों का मनमोहक दृश्य और प्राकृतिक प्रतिध्वनि का अनूठा अनुभव।
बकोदा ग्रासलैंड - साल एवं बाँस के घने वन, जो प्राकृतिक स्वागत द्वार का आभास कराते हैं।
दूरदूरी झरना - जलधारा की मधुर ध्वनि और शीतल वातावरण, जो मन को सुकून प्रदान करता है।
भाई-बहन कोरा - स्थानीय जनश्रुतियों से जुड़ा एक सांस्कृतिक एवं भावनात्मक स्थल।
बाज़ार डोंगरी - सीधी ढलान वाली पहाड़ी, जो साहसिक अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाती है।
कारियाआमा - प्राचीन शनि मंदिर एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान, जहाँ की पौराणिक कथा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।
इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी। बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढऩे के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके। मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।
रायपुर। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में शुक्रवार से आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। इस राष्ट्रव्यापी महाभियान के सफल संचालन हेतु राज्य में 51,300 प्रगणक एवं 9,000 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गये हैं, जो 30 मई तक घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य संपन्न करेंगे।
बस्तर की मिसाल: दुर्गम क्षेत्र गाटम में पहले ही दिन कार्य पूर्ण
जनगणना कार्य के प्रथम दिवस ही बस्तर जिले के तोकापाल तहसील स्थित अत्यंत दुर्गम क्षेत्र के ग्राम 'गाटमÓ से एक उत्साहजनक खबर आई। यहाँ के प्रगणक ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन ग्राम का कार्य पूर्ण कर लिया। प्रगणक की इस उपलब्धि ने प्रशासनिक स्तर पर न केवल प्रशंसा बटोरी है, बल्कि पूरे राज्य के फील्ड कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह का संचार किया है। जनगणना निदेशालय ने इसे राष्ट्र सेवा के प्रति एक उत्कृष्ट मिसाल बताया है।
सख्त रुख: ड्यूटी से नदारद 44 कर्मियों पर गाज
एक ओर जहाँ निष्ठा की मिसाल पेश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन सख्त है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनगणना ड्यूटी में लगाए गए 44 कर्मचारी कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें नगर निगम आयुक्त द्वारा तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। संबंधित प्रशासन द्वारा इन कर्मियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इंकार करना इस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
डिजिटल जनगणना और स्व-गणना की सफलता
देश में पहली बार जनगणना पूर्णत: डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिसमें प्रगणक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से 33 प्रश्नों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक उपलब्ध स्व-गणना विकल्प के माध्यम से 1,49,862 परिवारों ने वेब पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर अपनी सीधी भागीदारी सुनिश्चित की है।
गोपनीयता की पूर्ण गारंटी
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्णत: गोपनीय रखी जाएंगी। इस जानकारी का उपयोग किसी भी प्रकार की पुलिस जांच, टैक्स निर्धारण या कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता और न ही यह सूचना का अधिकार के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। इसका एकमात्र उद्देश्य भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्माण में सहयोग करना है।
00 मुख्यमंत्री ने खुद चुकाया सामान का मूल्य, मुद्रा लोन से शुरू हुई दुकान बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
00 लखपति दीदी की कहानी से मुख्यमंत्री हुए प्रभावित
रायपुर। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान लखपति दीदी सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए। उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है। सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।
सुमिला ने बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि आपने अपनी मेहनत से लखपति दीदी का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप करोड़पति दीदी भी बनेंगी। मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
00 नन्हीं मानविका के सपनों को मिला मुख्यमंत्री का स्नेहिल स्पर्श
00 डॉक्टर बनना है सुनकर मुस्कुराए मुख्यमंत्री, बढ़ाया हौसला
रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।
सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है।

मुख्यमंत्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - मुझे डॉक्टर बनना है, तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।
मानविका की माता श्रीमती दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है। यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।
00 कच्ची झोपड़ी से पक्के घर तक का सपना हो रहा साकार,हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने जताया आभार
रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम भैंसामुड़ा में देखने को मिला, जिसने ग्रामीणों के मन में गहरी छाप छोड़ी। विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण किया। गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है। इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे। यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया।
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री मोहन चक्रेश से भी चर्चा की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री साय की यह पहल केवल एक औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गई। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया। इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक गोमती साय और अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर रोहित व्यास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल की गोद में छिपी अमूल्य औषधि संपदा अब केवल स्वास्थ्य का आधार नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का नया अध्याय बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन की जिस परिकल्पना को साकार कर रही है, उसे वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में धरातल पर उतार रहा है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।
पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक पहचान
वनांचल में बिखरे पारंपरिक ज्ञान को महज एक स्मृति न रहने देने के संकल्प के साथ बोर्ड ने इसे वैज्ञानिक पद्धति से जोडऩे का निर्णय लिया है। इसके तहत उन स्थानीय वैद्यों और जानकारों का चिन्हांकन शुरू किया गया है, जिनके पास असाध्य रोगों के उपचार का अद्भुत ज्ञान है। बोर्ड का प्रयास इन महिलाओं को एक उचित मंच प्रदान करना है, ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ समाज को मिले और वे स्वयं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सकें। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस विरासत का सम्मान है जिसे ग्रामीण महिलाओं ने सदियों से सहेजकर रखा है। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक जड़ी-बूटी और जनजातीय ज्ञान को अब आधुनिक विज्ञान के माध्यम से नई पहचान मिल रही है। राज्य के वनों में छिपे औषधीय खजाने को वैज्ञानिक आधार पर प्रमाणित कर, उसे आजीविका के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
संग्रहण से प्रसंस्करण तक- उद्यमिता की नई उड़ान
आर्थिक मोर्चे पर सबसे बड़ा बदलाव तब दिखाई दे रहा है, जब जड़ी-बूटियों का संग्रहण करने वाली महिलाएं अब संग्राहक से आगे बढ़कर निर्माता की भूमिका में नजर आ रही हैं। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, महिला स्व-सहायता समूहों को औषधि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के उन्नत गुर सिखाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल औषधीय पौधों का संरक्षण कर रही है, बल्कि वनवासियों और लघु वन उपज संग्राहकों की आय में वृद्धि करके उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। छत्तीसगढ़ में 1500 से अधिक सक्रिय वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और जड़ी-बूटियों के विपणन के लिए छत्तीसगढ़ जनजातीय स्थानीय स्वास्थ्य परंपराएं और औषधीय पादप बोर्ड सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह संस्था हर्बल उत्पादों की खेती, मूल्य संवर्धन, और मार्केटिंग में तकनीकी सहायता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करती है।
औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं
छत्तीसगढ़ में जड़ी-बूटी मूल्य संवर्धन एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से राज्य के समृद्ध वन संसाधनों को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित (प्रोसेस) करके उनके आर्थिक मूल्य को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत इन उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। जब ये महिलाएं वनों से प्राप्त कच्ची सामग्री को साफ कर, सुखाकर उसे चूर्ण, अर्क या तेल के रूप में परिवर्तित करती हैं, तो उत्पाद की कीमत और गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है। इस मूल्य संवर्धन का सीधा आर्थिक लाभ उनके बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे बिचौलियों का वर्चस्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। 65 से अधिक लघु वन उपज प्रजातियों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी और उनका प्रसंस्करण किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख हर्बल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम है।
छत्तीसगढ़ हर्बल्स को वैश्विक पहचान
छत्तीसगढ़, जिसे जड़ीबूटि गढ़ भी कहा जाता है, अपने घने जंगलों, विशेषकर बस्तर में 160 से अधिक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों का प्राकृतिक खजाना है। यहाँ की मिट्टी में अश्वगंधा, सर्पगंधा, गोक्षुरा (गोखरू), कुटकी और तिखुर जैसी औषधियां पाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। बाजार की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए बोर्ड ने विपणन (मार्केटिंग) तंत्र को पारदर्शी बनाया है। प्रदेश के छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड को सशक्त करने के लिए प्रदर्शनियों और रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से इन उत्पादों को सीधे शहरी उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के व्होकल फार लोकल और मुख्यमंत्री के लखपति दीदी अभियान को सफल बनाने में यह रणनीति संजीवनी का कार्य कर रही है।
नर्सरी प्रबंधन और स्थानीय रोजगार
जड़ी बूटियों को किचिन गार्डन, होम गार्डन में खिड़की, बालकनी, टेरिस पर गमलों, या अन्य कंटेनरों में कभी भी उगाया जा सकता है। कंटेनर गार्डनिंग या ग्रो बैग में जड़ी-बूटियां उगाने का एक फायदा यह भी है कि जड़ी-बूटी को उसकी जरूरत के आधार पर मिट्टी, पोषक तत्व, सूर्य प्रकाश और नमी के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है तथा गमलों में उगाई गई प्रत्येक जड़ी-बूटी (हर्बल) को उसकी आदर्श स्थितियां दे सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से औषधीय पौधों की 'मदर नर्सरीÓ विकसित करने की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंपी जा रही है। इससे दुर्लभ जड़ी-बूटियों की प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए बारहमासी रोजगार के द्वार खुल गए हैं, जिससे वनांचल से होने वाले पलायन पर भी अंकुश लगा है।
समृद्ध नारी, सशक्त छत्तीसगढ़
राज्य शासन का यह समेकित दृष्टिकोण इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड केवल एक प्रशासक की नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। सामूहिक नेतृत्व और संस्थागत सुधारों पर जोर देने से आज छत्तीसगढ़ की बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। वनांचल की महिलाओं के चेहरे पर उपजी मुस्कान एक समृद्ध और स्वावलंबी छत्तीसगढ़ की सच्ची तस्वीर पेश कर रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की है। एजेंसी की टीम ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग/भिलाई सहित कुल 13 ठिकानों पर दबिश दी, जहां से भारी मात्रा में नकदी और सोना जब्त किया गया।
ईडी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 30 अप्रैल 2026 को की गई। तलाशी अभियान के दौरान शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के परिसरों को खंगाला गया, जिन पर घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई को छिपाने या संचालित करने का संदेह था।
करोड़ों की बरामदगी
छापेमारी के दौरान एजेंसी को बड़ी सफलता मिली। कुल मिलाकर लगभग 5.39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें करीब 53 लाख रुपये नकद, लगभग 3.23 किलोग्राम सोना (करीब 4.86 करोड़ रुपये मूल्य), इसके अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
घोटाले की परतें खुलीं
ईडी की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एफआईआर के आधार पर चल रही है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन वसूली का एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय था।
इस नेटवर्क में कथित तौर पर राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, आबकारी विभाग के अधिकारी, शराब कारोबारी और लाइसेंसधारी शामिल थे, जो मिलकर अवैध वसूली की सुनियोजित साजिश चला रहे थे।
अब तक की कार्रवाई
ईडी अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है
लगभग 380 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं
81 आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ 6 अभियोजन शिकायतें दायर
इन मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जारी है।
जांच जारी
ईडी का कहना है कि हालिया छापेमारी में मिले सबूतों से जांच को और मजबूती मिली है। आने वाले समय में और कुर्की, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में अब तक की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है, जिसने पूरे नेटवर्क को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुद्रा लोन से शुरू हुई दुकान बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में मुख्यमंत्री साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि “यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।” उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है।
सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।
सुमिला ने आगे बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि “आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।”
मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।
कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। आज उन चार शहीद जवानों को नारायणपुर पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।
सर्च ऑपरेशन पर निकले थे जवान
बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।
शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब
आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
रायपुर। कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादले पर फिलहाल तो बैन लगा हुआ है, लेकिन बैंक डोर से शिक्षकों के तबादले अभी भी हो रहे है। व्याख्याता और सहायक शिक्षकों के ट्रांसफर का दो अलग अलग आदेश सामने आया है।
देखें आदेश….


रायपुर--राज्य शासन के महत्वपूर्ण अभियान सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री श्री साय आज पुलिस लाइन हेलीपेड रायपुर से रवाना हुए.
इस अभियान में मुख्यमंत्री श्री साय आम नागरिकों से रूबरू होकर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति का लेंगे फीडबैक.
उल्लेखनीय है कि 1 मई से प्रारम्भ सुशासन तिहार 10 जून तक जारी रहेगा..मुख्यमंत्री के साथ दौरे पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल भी रवाना हुए.

रायपुर। बंगाल चुनाव परिणाम को लेकर सियासी गलियारों में आज हलचल तेज है। इस बीच डिप्टी सीएम अरुण साव ने पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर बड़ा दावा किया है। साव ने दो टूक शब्दों में कहा है कि 4 मई को जब नतीजे आएंगे, तो ममता बनर्जी का किला ढह चुका होगा।
पश्चिम बंगाल में ममता का खेला खत्म, खिलेगा कमल
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पूरा देश 4 मई की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, बंगाल की जनता ने इस बार घुसपैठियों का साथ देने वाली ममता सरकार को सबक सिखाने का मन बना लिया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि साव ने फीडबैक के आधार पर दावा किया है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता का रुझान भाजपा की तरफ साफ दिख रहा है और 4 मई को TMC के साथ खेला होने वाला है।
असम और पांडिचेरी में भी जीत का पक्का भरोसा
साव सिर्फ बंगाल तक ही नहीं रुके, उन्होंने अन्य चुनावी राज्यों पर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि असम और पांडिचेरी में भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने और बनाने में सफल होगी। साव के मुताबिक, इन 5 राज्यों के परिणाम देश की राजनीति की दिशा बदल देंगे। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब तुष्टिकरण की राजनीति से ऊब चुकी है और विकास चाहती है।
महंगाई पर कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया पाकिस्तान प्रेम
प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में आज कांग्रेस महंगाई को लेकर बड़ा मोर्चा खोलने जा रही है। इस पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। साव ने तंज कसते हुए कहा कांग्रेस पार्टी का पाकिस्तान के प्रति प्रेम अब दुनिया के सामने उजागर हो गया है। पाकिस्तान में कांग्रेस के नेता हीरो की तरह पेश किए जाते हैं। महंगाई पर शोर मचाने वाली कांग्रेस अपने पसंदीदा देश पाकिस्तान के हालात देख ले। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में महंगाई दर दुनिया के कई विकसित देशों की तुलना में काफी कम है।
रायपुर से लेकर दिल्ली तक नतीजों का इंतजार
छत्तीसगढ़ भाजपा के दिग्गज नेता का यह बयान तब आया है जब कल यानी 4 मई को नतीजों का पिटारा खुलने वाला है। रायपुर के जयस्तंभ चौक से लेकर मंत्रालय के गलियारों तक अब सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि क्या वाकई बंगाल में साव का दावा सच साबित होगा? प्रशासन ने भी नतीजों के बाद किसी भी तरह के जश्न या प्रतिक्रिया को लेकर अपनी नजरें गढ़ी हुई हैं।
दुर्ग । दुर्ग के पद्मनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीआईटी कॉलेज के पास स्थित वाटर फिल्टर प्लांट के ऑफिस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग अग्निशमन कार्यालय से दमकल की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि प्लांट के कमरे से तेज आग की लपटें और धुआं निकल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर फाइटर्स ने केमिकल होने की आशंका के बीच बीए सेट का इस्तेमाल कर धुएं से भरे कमरे के अंदर प्रवेश किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
अग्निशमन कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। फिलहाल आग लगने का कारण अज्ञात बताया जा रहा है। इस ऑपरेशन में जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अग्निशमन दल प्रभारी शरद मेश्राम सहित धर्मेंद्र, नागेश, दीवहार, खेमराज, पवित्र और राहुल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय पर कार्रवाई और टीमवर्क के चलते मौके पर किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।





























