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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की सौजन्य भेंट

 सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के साझा प्रयासों को और सशक्त बनाने पर दिया गया जोर

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से जशपुर क्षेत्र का झारखंड से वर्षों पुराना आत्मीय जुड़ाव रहा है, जिसने दोनों राज्यों के लोगों के बीच विश्वास और निकटता को निरंतर मजबूत किया है।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से विकास के नए अवसर सृजित होंगे तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।

 छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार

छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार

 निगम प्रबंधन एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य करार

कर्मचारियों ने जताया निगम प्रबंधन का आभार निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू जी की अहम भूमिका

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी।

इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष  चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष  चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री के सुशासन में खुशहाल हो रहे किसान

मुख्यमंत्री के सुशासन में खुशहाल हो रहे किसान

 मुख्यमंत्री के सुशासन में खुशहाल हो रहे किसान

जशपुर में सहकारी समितियों के माध्यम से किफायती दरों पर मिल रहा खाद-बीज
समय पर उपलब्धता से किसानों को राहत, खेती की लागत हुई कम

रायपुर। सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर और रियायती दरों पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। जशपुर जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खेती के लिए आवश्यक उर्वरक एवं कृषि सामग्री किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ खेती-किसानी करना भी आसान हुआ है। जिले की सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में खाद वितरण का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। किसान प्रतिदिन अपनी निकटतम सहकारी समिति से यूरिया, डीएपी तथा अन्य उर्वरक निर्धारित दरों पर प्राप्त कर रहे हैं। इससे किसानों को निजी दुकानों पर अधिक कीमत चुकाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।

किसानों ने बताया कि पहले खाद-बीज खरीदने के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे और अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी। कई बार खेती के लिए ब्याज पर पैसे लेने या कर्ज का सहारा लेना पड़ता था। अब सरकारी व्यवस्था के कारण समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और खेती का खर्च भी कम हुआ है। जशपुर जिले की महिला किसान मंजुला भगत ने बताया कि पहले खाद और यूरिया के लिए काफी परेशान होना पड़ता था, लेकिन अब सहकारी समिति से आसानी से और कम कीमत पर सभी आवश्यक सामग्री मिल जाती है।

उन्होंने कहा कि, इससे खेती करना आसान हुआ है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है। पहले खेती के लिए ब्याज पर पैसे लेने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसी आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने सीएम विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है।

शासन द्वारा किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरी, डीएपी 1,350 रुपये, सुपर फॉस्फेट (पाउडर) 551 रुपये, सुपर फॉस्फेट (दानेदार) 591 रुपये, जिंकयुक्त सुपर फॉस्फेट 576 रुपये, टीएसपी 1,300 रुपये, एनपीके 1,850 रुपये एवं 1,990 रुपये तथा पोटाश 1,975 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उचित मूल्य पर मिल रहे हैं और खेती को नई मजबूती मिल रही है।

मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक

मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक

 0-विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

रायपुर--मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए है।

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव  ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव  राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव  नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिवएस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव  बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव  भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

स्वेच्छानुदान मद से सुदूर वनांचल स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल, मांझीगुडा को 10 कंप्यूटर प्रदत्त

स्वेच्छानुदान मद से सुदूर वनांचल स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल, मांझीगुडा को 10 कंप्यूटर प्रदत्त

 रायपुर-- राज्यपाल  रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई थी।

लोक भवन  में आज राज्यपाल ने विद्यालय के लिए कंप्यूटरों का औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया। इन कंप्यूटरों के माध्यम से सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ज्ञान और कौशल का विकास होगा।  

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा (जिला बस्तर) के प्राचार्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण

  आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति

प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को मिलेगा आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय व्यापारिक परिसर

रायपुर / छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा रायपुर के डूमरतराई में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण समारोह अब 8 जुलाई 2026 को आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का लोकार्पण एवं नामकरण कर इसे प्रदेशवासियों और व्यापारियों को समर्पित करेंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को प्रस्तावित था, किन्तु अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह समारोह 8 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह अत्याधुनिक थोक बाजार व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुगम यातायात व्यवस्था, सुव्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे प्रदेश के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा।

डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे व्यापारियों को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित व्यावसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं समग्र थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिलेगी।

यह नवीन थोक बाजार प्रदेश के व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसरों का सृजन करते हुए रायपुर को एक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली यह परियोजना उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराएगी।

लोकार्पण एवं नामकरण समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद  लक्ष्मी वर्मा, विधायक  राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा एवं  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, गणमान्य नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।

डूमरतराई का नवीन थोक बाजार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के पोस्टर का किया विमोचन

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के पोस्टर का किया विमोचन

 00 योजना के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के जन-जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने योजना के तहत बीमा क्लेम प्राप्त करने वाले प्रदेश के 6 हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपए के चेक प्रदान किए। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों में 12 हजार लोगों को कुल 240 करोड़ रुपए की बीमा राशि वितरित की जा चुकी है।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना आम नागरिकों के जीवन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का सशक्त माध्यम बनी है। मात्र 436 रुपए के वार्षिक अंशदान वाली यह योजना परिवारों को कठिन परिस्थितियों में संबल और भविष्य के प्रति भरोसा देने का कार्य कर रही है। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ अमित झिंगरन, बिजनेस स्ट्रेटजी प्रेसीडेंट संतोष चाको, वेस्ट जोन के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव और भोपाल रीजन के रीजनल डायरेक्टर अमित कुमार साहा भी मौजूद थे।

CG – SECL कर्मी की मौत : दोस्तों के साथ गया था पिकनिक मनाने, ऐसे हुआ हादसे का शिकार

CG – SECL कर्मी की मौत : दोस्तों के साथ गया था पिकनिक मनाने, ऐसे हुआ हादसे का शिकार

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित सतरेंगा में पिकनिक मनाने गए एक SECL कर्मी की नदी में डूबने से मौत हो गई। नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव नदी से बरामद किया। इस हादसे के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कोरबा निवासी सुभांशु ध्रुव (24) के रूप में हुई है। सुभांशु ध्रुव अपने पांच दोस्तों के साथ सतरेंगा पिकनिक मनाने गया था। इस दौरान सभी दोस्त नदी में बने एक टापू तक जाने की कोशिश कर रहे थे। बीच रास्ते से सुभांशु ने वापस लौटने का फैसला किया, लेकिन इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया।

आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उसे बचाने और ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना श्यांग पुलिस और लेमरु थाना पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी शुरू की, लेकिन रात के अंधेरे और पानी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।

सुबह नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दिनभर चली कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम सुभांशु का शव पानी से बाहर निकाला जा सका।

सुभांशु की मौत उसके परिवार के लिए दूसरा सबसे बड़ा झटका है। चार साल पहले उसके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद सुभांशु को अनुकंपा नियुक्ति के तहत SECL में नौकरी मिली थी। वह पिछले ढाई साल से SECL कोरबा क्षेत्र की सेंट्रल वर्कशाप में कार्यरत था। घर का एकमात्र कमाने वाला बेटा होने के कारण उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री साय आज दो अहम विभागों की करेंगे समीक्षा

मुख्यमंत्री साय आज दो अहम विभागों की करेंगे समीक्षा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंगलवार काे राजधानी रायपुर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दिन की शुरुआत विधानसभा सत्र से पहले स्पीकर हाउस में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात के साथ होगी। इसके बाद वे मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ बैठक करेंगे।

दोपहर मुख्यमंत्री वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की हाईलेवल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इन बैठकों में विभागों की योजनाओं, कार्यों की प्रगति और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे, जहां विधानसभा सत्र और संगठनात्मक रणनीति पर मंथन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रहार: आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रहार: आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगते ही मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और प्रदेशभर में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड और ओडिशा के पास बने अवदाब के प्रभाव से सोमवार 7 जुलाई को मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। हालांकि 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।

बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान पेंड्रा रोड में 30.8 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान राजनांदगांव में 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बलौदाबाजार में सर्वाधिक 20 सेंटीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा राजिम में 18 सेंटीमीटर, लवन में 17 सेंटीमीटर तथा गिधौरी, टुंड्रा, भाटापारा में 16-16 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। बलौदा, गोबरा नवापारा और बिलाईगढ़ में 15-15 सेंटीमीटर तथा राजनांदगांव, अकलतरा, तिल्दा, चंद्रपुर और खरोरा समेत कई क्षेत्रों में 14 सेंटीमीटर वर्षा हुई। रायपुर शहर, धमतरी, बिलासपुर, आरंग, चांपा, मुंगेली और सक्ती सहित अनेक इलाकों में 8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

राजधानी रायपुर में सोमवार को भी आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। अगले दो दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बने रहने के संकेत हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

Politics: विधानसभा मानसून सत्र से पहले BJP विधायक दल की अहम बैठक आज, जनहित से जुड़ें विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा

Politics: विधानसभा मानसून सत्र से पहले BJP विधायक दल की अहम बैठक आज, जनहित से जुड़ें विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की जाएगी। यह बैठक नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) में शाम 7 बजे से शुरू होगी। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य और भाजपा के सभी विधायक शामिल होंगे।

पार्टी संगठन की ओर से सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है और समय पर पहुंचने के निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, विभिन्न विभागों की तैयारियों, विपक्ष के संभावित मुद्दों पर जवाबी रणनीति तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विधायी और विकासात्मक विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।बता दें कि, इसके साथ ही सरकार की प्राथमिकताओं और सदन में समन्वित भूमिका को लेकर भी मंथन किया जाएगा। भाजपा विधायक दल की इस बैठक को आगामी मानसून सत्र की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सदन के एजेंडे और सरकार की रणनीति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

CG Cabinet : साय कैबिनेट की अहम बैठक कल, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

CG Cabinet : साय कैबिनेट की अहम बैठक कल, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित होगी। 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत निर्णयों पर अंतिम मुहर लगा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में आगामी मानसून सत्र के लिए सरकार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा के साथ-साथ विधायी एजेंडे को अंतिम रूप देने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में प्रदेश के विकास कार्यों, जनहित से जुड़े मुद्दों और विभिन्न विभागों की लंबित योजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जा सकते हैं।

 सरकार विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों और प्रश्नों को लेकर भी अपनी रणनीति तैयार करेगी। इसी उद्देश्य से विभागों की तैयारियों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस कैबिनेट बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद 13 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों और जनहित से जुड़े विषयों को सदन में प्रस्तुत कर सकती है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रनिष्ठा, त्याग और संकल्प का प्रेरक उदाहरण : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रनिष्ठा, त्याग और संकल्प का प्रेरक उदाहरण : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

 रायपुर: देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा, प्रखर शिक्षाविद्  डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में व्याख्यान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भारत माता एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलित किया तथा उनके राष्ट्रनिर्माण में योगदान को नमन किया।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, शिक्षा, सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा और अदम्य साहस का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया और भारतीय लोकतंत्र तथा राष्ट्रीय एकता को नई दिशा प्रदान की। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। इस अवसर पर उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के राष्ट्र के प्रति योगदान का भी स्मरण किया।

*सकारात्मक सोच, स्पष्ट लक्ष्य और अनुशासन ही सफलता की कुंजी*

युवाओं को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन, निरंतर परिश्रम और सकारात्मक सोच से प्राप्त होती है। व्यक्ति जैसा सोचता है, वैसा ही बनता है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय से पहले उसके परिणामों पर विचार करना चाहिए तथा अपने निर्णयों की जिम्मेदारी स्वयं स्वीकार करनी चाहिए। असफलताओं के लिए दूसरों को दोष देने के बजाय आत्ममंथन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति अपनानी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आधुनिकता के साथ अपनी संस्कृति, भाषा और परंपराओं पर गर्व करने का भी आह्वान किया।

युवा संवाद में विद्यार्थियों के सवालों का दिया जवाब

कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए प्रशासनिक सेवा, प्रतियोगी परीक्षाओं, महिला सशक्तिकरण, व्यक्तित्व विकास एवं स्वास्थ्य से जुड़े प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रशासनिक सेवा में करियर संबंधी प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम है। इसके लिए दृढ़ संकल्प, अनुशासित अध्ययन और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग की तैयारी के लिए विशेष योजना के तहत दिल्ली भेज रही है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का बेहतर अवसर मिल सके।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर उन्होंने कहा कि सफलता के लिए लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। समय का सदुपयोग, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन, आत्मअनुशासन और निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत संकल्प रखने वाले व्यक्ति की राह नहीं रोक सकतीं।

*बेटियों को आगे बढ़ने के लिए अवसरों का लाभ उठाना होगा*

महिला सशक्तिकरण पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में वित्त मंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि बेटियां आत्मविश्वास के साथ उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने सपनों को साकार करें।

*स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन सफलता की पहली शर्त*

स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों का उत्तर देते हुए  चौधरी ने युवाओं को नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और व्यायाम अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही किसी भी बड़ी सफलता की पहली शर्त हैं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विनय चौहान, महापौर  जीवर्धन चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष हेमलता चौहान, नगर निगम सभापति  डिग्री लाल साहू, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के उत्कृष्ट स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया तथा विश्वविद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंटकर अभिनंदन किया गया।

सहकारिता बनेगी किसानों की समृद्धि का नया आधार – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

सहकारिता बनेगी किसानों की समृद्धि का नया आधार – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर: भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पाँच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक आयोजित सहकारिता सप्ताह का समापन कबीरधाम जिले के पीजी कॉलेज डोम, कवर्धा में जिला स्तरीय कृषक संगोष्ठी के साथ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद  संतोष पाण्डेय, पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी उपस्थित रहीं। संगोष्ठी के माध्यम से किसानों को सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि सहकारिता सप्ताह का समापन किसी अभियान का अंत नहीं, बल्कि नए संकल्प और नई शुरुआत का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज हमें सहकारिता को नई दिशा देने का संकल्प लेना होगा और इसे केवल पारंपरिक गतिविधियों तक सीमित न रखकर बहुआयामी विकास का मजबूत माध्यम बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सहकारिता का वास्तविक अर्थ है, सभी लोगों का एकजुट होकर साझा उद्देश्य के लिए कार्य करना। आज सहकारिता के माध्यम से धान उपार्जन और बैंकिंग जैसी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि इसे कोल्ड स्टोरेज, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन, गैस एजेंसी संचालन तथा अन्य रोजगारमूलक गतिविधियों तक भी विस्तारित किया जाए। इससे किसानों और ग्रामीणों की आय बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि जिले में पहले 90 सहकारी समितियां थीं, लेकिन अब 40 नई समितियों के गठन के बाद उनकी संख्या बढ़कर 138 हो गई है। उन्होंने कहा कि आज महान शिक्षाविद् और राष्ट्रचिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती भी है। इसी ऐतिहासिक तिथि पर भारत सरकार ने सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की थी, जिसका उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित करना तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

उप मुख्मं त्री ने कहा कि गांवों में सहकारिता की भावना स्वाभाविक रूप से मौजूद है। बस्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां लोग मिल-जुलकर अनेक कार्य करते हैं, जो सहकारिता की सशक्त मिसाल है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम का शक्कर कारखाना भी सहकारिता मॉडल की सफलता का उदाहरण है। गुजरात के बनासकांठा के अनुभव साझा करते हुए  शर्मा ने कहा कि वहां सहकारिता के माध्यम से दुग्ध उत्पादन के साथ कई मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जाते हैं और उसका लाभांश सभी सदस्यों में वितरित होता है। उन्होंने किसानों से सहकारिता को बहुआयामी जनआंदोलन बनाकर नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद  संतोष पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता का अर्थ है, साथ मिलकर कार्य करना और एक-दूसरे का सहयोग करना। उन्होंने कहा कि भारत के गांवों में प्राचीन काल से ही सहकारिता की भावना जीवंत रही है। गांवों में सुख-दुख, खेती-किसानी और सामाजिक कार्यों में लोग हमेशा मिलकर एक-दूसरे का साथ देते आए हैं, यही सहकारिता की वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद इस क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली है तथा आज मंत्रालय के पाँच वर्ष पूर्ण हो चुके हैं।

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा किसानों की मेहनत और समर्पण ने बनाया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता की वास्तविक ताकत और महत्व को सबसे बेहतर किसान ही समझते हैं। सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद इस क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है और यह केवल एक विचार नहीं, बल्कि जनभागीदारी का सशक्त आंदोलन बनकर उभरा है।

कार्यक्रम में 08 किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण, मछली कीट प्रदान किया। कार्यक्रम में निबंध, प्रश्नोत्तरी और चित्रकला प्रतियोगिता में 15 विजेता बालिकाओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  बिसेषर पटेल, कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण सदस्य  भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष  चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

समय पर मिला खाद, बीज और ऋण तो बढ़ा किसान का भरोसा…..

समय पर मिला खाद, बीज और ऋण तो बढ़ा किसान का भरोसा…..

 रायपुर: खेती में समय सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि किसान को बोआई से पहले खाद, बीज और ऋण समय पर मिल जाए तो अच्छी फसल की उम्मीद भी बढ़ जाती है। सुकमा जिले में इस खरीफ सीजन में प्रशासन की सक्रिय पहल ने यही भरोसा किसानों के बीच मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों तक खाद और उन्नत बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इससे किसानों को बिना किसी परेशानी के खरीफ की तैयारियां पूरी करने में मदद मिली है।

रानीबहाल गांव के प्रगतिशील किसान हड़मा राम मरकाम इसकी मिसाल हैं। लगभग 32 एकड़ कृषि भूमि वाले हड़मा राम को छिंदगढ़ सहकारी समिति के माध्यम से 3.50 लाख रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया। इस राशि से उन्होंने समय पर खाद और उन्नत बीज खरीदे तथा बोआई की तैयारियां पूरी कर लीं। उनका कहना है कि समय पर मिली इस सुविधा से आर्थिक दबाव कम हुआ और खेती का काम बिना किसी बाधा के शुरू हो सका।

जिला प्रशासन केवल कृषि आदानों की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। खाद-बीज की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और बिचौलियों पर भी प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं। इससे किसानों को उचित मूल्य पर कृषि सामग्री मिल रही है और उनमें भरोसा बढ़ा है।

पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को 8 जुलाई को मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार देंगे श्रद्धांजलि

पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को 8 जुलाई को मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार देंगे श्रद्धांजलि

 रायपुर: पंडवानी की अप्रतिम साधिका, पद्मविभूषण एवं डी.लिट. से सम्मानित डॉ.  तीजन बाई को 8 जुलाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्कृति विभाग द्वारा स्व. तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पण का यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, स्थित मुक्ताकाशी मंच से आयोजित होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ के पद्मश्री एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित लोक कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उस महान विभूति को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जिन्होंने पंडवानी जैसी लोकवाचिक परंपरा को गांव के चौपाल से उठाकर विश्व के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक मंचों तक पहुंचाया। गीत, संगीत, पंडवानी, लोकगायन और अन्य लोककलाओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना के उस स्वर्णिम अध्याय को नमन है, जिसे डॉ. तीजन बाई ने अपने संपूर्ण जीवन की साधना से रचा।

पद्मविभूषण तीजन बाई का निधन 5 जुलाई 2026 को हुआ। उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश और विश्व के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथ भारतीय लोककला का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय समाप्त हुआ, जिसने पंडवानी को नई प्रतिष्ठा, नई पहचान और वैश्विक सम्मान दिलाया।

24 अप्रैल 1956 को दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी पद्मविभूषण तीजन बाई का बचपन अत्यंत साधारण परिस्थितियों में बीता। महज 13 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पहला सार्वजनिक मंच प्रदर्शन किया और उसी समय यह संकल्प लिया कि वे पंडवानी को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाएंगी। उस दौर में महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेदमती शैली में बैठकर पंडवानी प्रस्तुत करने की परंपरा थी, लेकिन उन्होंने साहस के साथ कपालिक शैली में खड़े होकर पंडवानी प्रस्तुत की। अपनी दमदार आवाज, सशक्त अभिनय और प्रभावशाली भावाभिव्यक्तियों से उन्होंने पंडवानी को नई पहचान दिलाई और इसे जन-जन तक पहुंचाया।

प्रख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद डॉ. तीजन बाई ने 17 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर न केवल इस लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई। वे विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन गईं।

पांच दशक से अधिक समय तक उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी शैली में जीवंत किया। उनके मंचन में गायन, अभिनय, संवाद, भावाभिव्यक्ति और लोकभाषा का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने सिद्ध किया कि लोककला किसी क्षेत्र विशेष की धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की सांस्कृतिक विरासत है।

उनकी अनुपम कला साधना के लिए उन्हें पद्मश्री (1988), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), पद्मभूषण (2003), जापान का प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार (2018), पद्मविभूषण (2019) तथा डी.लिट. (मानद उपाधि) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। इन सम्मानों ने उनके गौरवशाली सांस्कृतिक योगदान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान की।

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम वास्तव में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण है। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी कला साधना, संघर्ष और पंडवानी की गौरवशाली परंपरा को साकार करेंगे।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा और त्याग का अनुपम उदाहरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रसेवा और त्याग का अनुपम उदाहरण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह में उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। धारा 370 का हटना, अंत्योदय की भावना पर आधारित विकास तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने वाले अनेक निर्णय उनके विचारों को मूर्त रूप देने वाले ऐतिहासिक कदम हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए राज्य के सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए 10 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक दूरदर्शी राजनेता ही नहीं, बल्कि विलक्षण शिक्षाविद भी थे। मात्र 33 वर्ष की आयु में विश्वविद्यालय के कुलपति बनने का गौरव प्राप्त करने वाले डॉ. मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने की उनकी प्रतिबद्धता ऐसी थी कि उन्होंने सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना स्वीकार किया।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में ‘एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान’ की व्यवस्था के विरुद्ध डॉ. मुखर्जी ने ऐतिहासिक संघर्ष किया और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज पूरा देश उनके त्याग और राष्ट्रनिष्ठा को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने देश के गौरवशाली इतिहास और भूले-बिसरे स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान दिलाने का कार्य किया है। हर घर तिरंगा जैसे जनआंदोलन ने राष्ट्रभक्ति की भावना को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने भी नया रायपुर स्थित शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के 14 वीर स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में विशेष दीर्घा स्थापित की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अंत्योदय के विचारों को आधार बनाकर कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्प पूरे किए गए हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। 500 से अधिक गांवों तक आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है, 700 से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा बस्तर अंचल में व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार अभियान संचालित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रसेवा, शिक्षा, त्याग और समर्पण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें तथा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।इस अवसर पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल, प्रबुद्धजन, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बारिश के मौसम में करंट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने विद्युत कंपनी ने जारी की एडवाइजरी

बारिश के मौसम में करंट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने विद्युत कंपनी ने जारी की एडवाइजरी

 रायपुर-बारिश का मौसम शुरू होते ही विद्युत करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। बिजली के खंभों, एचटी लाइनों, टूटे तारों तथा विद्युत उपकरणों के संपर्क में आने से हर वर्ष कई हादसे होते हैं, जिनमें कई बार लोगों की जान तक चली जाती है। इन दुर्घटनाओं से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी करते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। 

कंपनी ने कहा है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों एवं अन्य विद्युत उपकरणों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। यदि आंधी-तूफान या बारिश के दौरान बिजली के खंभे, तार अथवा अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त दिखाई दें, तो इसकी सूचना तत्काल कंपनी के टोल-फ्री नंबर 1912, मोर बिजली ऐप अथवा निकटतम वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में दें।

बारिश के दौरान बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों से दूर रहें। जहां विद्युत तार या उपकरण मौजूद हों, वहां पानी में करंट फैलने की संभावना रहती है। ऐसे स्थानों पर पानी में चलने या तैरने से बचें। विद्युत उपकरणों का उपयोग करते समय हाथ-पैर सूखे रखें तथा रबर या प्लास्टिक के जूते-चप्पलों का उपयोग करें। विभाग ने बताया कि बारिश से पहले सभी फीडरों, ट्रांसफार्मरों एवं विद्युत लाइनों का निरीक्षण और आवश्यक रखरखाव किया जा चुका है। इसके बावजूद नागरिकों की सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।

दुर्घटनाओं से बचने के लिए इन सावधानियों का रखें।

घरों, खेतों एवं अन्य स्थानों पर केवल गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपकरणों का उपयोग करें। खेत या बाड़ी की बाड़ तथा कंटीले तारों में बिजली प्रवाहित न करें। यह अवैध होने के साथ-साथ जानलेवा भी हो सकता है तथा संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 

विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों या अन्य उपकरणों में खराबी आने पर स्वयं सुधार करने का प्रयास न करें। बिजली की लाइनों के नीचे अथवा उनके समीप स्थायी या अस्थायी निर्माण न करें तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यदि कोई विद्युत तार टूटकर जमीन, नदी, नाले या तालाब में गिरा हुआ मिले, तो उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखें और तत्काल संबंधित लाइनमैन, कनिष्ठ अभियंता अथवा टोल-फ्री नंबर 1912 पर सूचना देकर विद्युत प्रवाह बंद कराएं।

बिजली की लाइनों से हुकिंग कर अनाधिकृत रूप से बिजली का उपयोग न करें। कपड़े सुखाने के लिए बिजली के खंभों या स्टे वायर का उपयोग न करें तथा कपड़े सुखाने वाले तार को विद्युत लाइनों से पर्याप्त दूरी पर रखें। अस्थायी विद्युत कनेक्शन के लिए कटे-फटे तारों का उपयोग न करें तथा बच्चों को विद्युत उपकरणों एवं लाइनों के आसपास खेलने से रोकें।

यदि कोई व्यक्ति करंट की चपेट में आ जाए तो यह करें-

सबसे पहले मुख्य स्विच बंद कर विद्युत प्रवाह तत्काल रोकें। यदि स्विच बंद करना संभव न हो, तो सूखी लकड़ी, सूखी रस्सी या सूखे कपड़े की सहायता से पीड़ित को बिजली के स्रोत से अलग करें। सीधे हाथ लगाने का प्रयास न करें। पीड़ित को सूखी जगह पर लिटाकर प्राथमिक उपचार दें, आवश्यकता होने पर कृत्रिम श्वास दें तथा तत्काल निकटतम अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री ए.के. अंबस्थ ने कहा कि भीषण गर्मी, आंधी-तूफान और बारिश के दौरान विद्युत व्यवस्था बनाए रखना बिजली कर्मियों के लिए चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। ऐसे मौसम में फॉल्ट ढूंढ़ने और उसे सुधारने के लिए कर्मचारियों को प्रतिकूल परिस्थितियों में लगातार कार्य करना पड़ता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि बिजली आपूर्ति बाधित होने पर घबराने के बजाय 5 से 10 मिनट प्रतीक्षा करें और आवश्यकता होने पर टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, लाइन कर्मचारियों को सुधार कार्य में सहयोग दें तथा विद्युत लाइनों एवं उपकरणों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। 

उन्होंने कहा कि विद्युत व्यवस्था के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन में उपभोक्ताओं का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण है। थोड़ी-सी सावधानी अपनाकर न केवल दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है, बल्कि लोगों के जीवन और संपत्ति की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है जान है तो जहान है।

 छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी में हज-2027 के ऑनलाइन आवेदन हेतु निःशुल्क ई-सुविधा केंद्र शुरू

 छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी में हज-2027 के ऑनलाइन आवेदन हेतु निःशुल्क ई-सुविधा केंद्र शुरू

 20 जुलाई 2026 तक भरे जाएंगे आवेदन, निर्धारित अवधि तक वैध पासपोर्ट अनिवार्य -मिर्ज़ा एजाज़ बेग

रायपुर, 06 जुलाई 2026 :- हज 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। हज यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी ने मुखर्जी बड़ा, बैरन बाजार स्थित अपने कार्यालय में निःशुल्क ई-हज सुविधा केंद्र प्रारंभ किया है।

छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज बताया कि इस केंद्र के माध्यम से हज 2027 के इच्छुक आवेदकों के ऑनलाइन आवेदन निःशुल्क भरे जा रहे हैं।
      
छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन  बेग ने बताया कि अनेक आवेदकों को ऑनलाइन आवेदन भरने में कठिनाई होती है। ऐसे में समय सीमा के भीतर आवेदन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से यह विशेष सुविधा उपलब्ध कराई गई है। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हज 2027 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास 31 दिसंबर 2027 तक वैध पासपोर्ट होना अनिवार्य है।

बेग ने हज यात्रा के इच्छुक सभी आवेदकों से निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व अपना ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी कार्यालय में इसके लिए एक विशेष काउंटर स्थापित किया गया है, जहां आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर आवेदक अपना ऑनलाइन आवेदन भरवा सकते हैं। अधिक जानकारी अथवा ऑनलाइन आवेदन संबंधी सहायता के लिए कार्यालय, छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी, मुखर्जी बड़ा, बैरन बाजार, रायपुर अथवा दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।

जिले की विशिष्ट पहचान विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान….

जिले की विशिष्ट पहचान विष्णुभोग चावल से मंत्री गुरु खुशवंत साहेब का सम्मान….

 रायपुर: कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला आगमन पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की विशिष्ट पहचान एवं स्थानीय आजीविका के प्रतीक विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर कलेक्टर ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जिले के स्व-सहायता समूहों की महिलाएं विष्णुभोग चावल का उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन कर रही हैं। अपनी विशिष्ट सुगंध, उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं पारंपरिक पहचान के कारण विष्णुभोग चावल जिले की विशेष पहचान बन चुका है तथा इससे ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को भी सशक्त आधार मिला है।

कृषि की समृद्ध परंपरा और समूहों की मेहनत का उत्कृष्ट उदाहरण विष्णुभोग चावल

विष्णुभोग चावल की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त कर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसकी सराहना करते हुए कहा कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का विष्णुभोग चावल जिले की समृद्ध कृषि परंपरा और महिला स्व-सहायता समूहों की मेहनत का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानीय उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने एवं बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, जिससे किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि हो तथा जिले की विशिष्ट पहचान प्रदेश ही नहीं, देशभर में स्थापित हो सके।

इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने एक समाचार पत्र के प्रधान संपादक  को भी विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर सम्मानित किया तथा जिले की इस विशिष्ट कृषि उपज एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक  मनोज खलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर वन मंत्री कश्यप ने अर्पित की पुष्पांजलि

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर वन मंत्री कश्यप ने अर्पित की पुष्पांजलि

 रायपुर, 06 जुलाई 2026/ वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने आज प्रखर राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर राजधानी के शारदा चौक स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर  कश्यप ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, राष्ट्रीय एकता और जनसेवा के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रेरणास्रोत है। उनके विचार आज भी समाज और युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक  पुरंदर मिश्रा, रमेश सिंह ठाकुर, छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

ग्रामीण परिवारों के भरोसे का नया सहारा ‘वीबी-जी राम जी’

ग्रामीण परिवारों के भरोसे का नया सहारा ‘वीबी-जी राम जी’

 125 दिन रोजगार, 300 रुपये मजदूरी

रायपुर-वीबी-जी राम जी [विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)] योजना ग्रामीण गरीबों, श्रमिकों और मेहनतकश मजदूर वर्गों के जीवन में भरोसे का नया सहारा बनी है। यह योजना मनरेगा का उन्नत और आधुनिक रूप है, जो ग्रामीण श्रमिकों के लिए 125 दिन के रोजगार की गारंटी देता है।

कांकेर के ग्राम बेवरती की राजेश्वरी यादव ने विकसित भारत - जी राम जी योजना के प्रति खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पहले उन्हें मनरेगा के तहत 261 रूपए प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी, जबकि अब योजना के तहत मजदूरी बढ़ाकर 300 रूपए प्रतिदिन कर दी गई है। इसके साथ ही अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार मिलने से उनकी आजीविका को और मजबूती मिलेगी।

 यादव ने कहा कि बढ़ी हुई मजदूरी और अतिरिक्त रोजगार के दिनों से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तथा घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह योजना ग्रामीण श्रमिकों के लिए बेहद लाभकारी है और इससे गांव के अनेक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने विकसित भारत - जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीणों को अधिक रोजगार और बेहतर मजदूरी उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम

 15 जुलाई से जशपुर में शुरू होगा नक्शा नवीनीकरण अभियान 

214 राजस्व ग्रामों की 710 जर्जर नक्शा शीटों का होगा नवीनीकरण, 766 ग्रामों की 2456 शीटों का परीक्षण

भूमि अभिलेख होंगे अधिक सटीक, पारदर्शी और अद्यतन, राजस्व सेवाओं में आएगी तेजी

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और जनहितैषी बनाने की दिशा में लगातार पहल की जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले में 15 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक व्यापक नक्शा नवीनीकरण अभियान संचालित किया जाएगा। कलेक्टर  रोहित व्यास ने वर्ष 2026-27 के लिए नक्शा नवीनीकरण रोस्टर जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

अभियान के तहत जिले के 27 राजस्व निरीक्षक मंडलों में पुराने एवं जीर्ण-शीर्ण नक्शों का परीक्षण और नवीनीकरण किया जाएगा। कुल 766 राजस्व ग्रामों की 2456 नक्शा शीटों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें 214 राजस्व ग्रामों की 710 जर्जर नक्शा शीटों का नवीनीकरण किया जाएगा। प्रत्येक राजस्व निरीक्षक मंडल के लिए अलग-अलग समय-सीमा निर्धारित करते हुए चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है।

रोस्टर के अनुसार 15 जुलाई से मनोरा एवं आस्ता मंडलों से अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जशपुर, लोदाम, आरा, कुनकुरी, नारायणपुर, गोरिया, दुलदुला, सिमड़ा, फरसाबहार, तपकरा, कोल्हेनझरिया, बगीचा, बिमड़ा, कुर्राेग, सरबकोम्बो, सन्ना, पंडरापाठ, कांसाबेल, दोकड़ा, पत्थलगांव, केराकछार, तमता, लुड़ेग, बागबहार और कोतबा सहित सभी चयनित राजस्व निरीक्षक मंडलों में 30 सितंबर तक अभियान पूरा किया जाएगा। 

कलेक्टर के निर्देशानुसार नक्शा नवीनीकरण के दौरान अभिलेखों की शुद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में कार्यालय आयुक्त, भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ को भेजना सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान के पर्यवेक्षण के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित पटवारियों को नियमानुसार आवश्यक संशोधन दर्ज करते हुए सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह अभियान भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इससे भूमि अभिलेख अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनेंगे, जिससे सीमांकन, नामांतरण, भू-अभिलेख सुधार सहित अन्य राजस्व संबंधी कार्यों का त्वरित, सरल और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित हो सकेगा।

 

मुख्यमंत्री साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर किया नमन

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मां भारती के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने राष्ट्र की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान देते हुए संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के दिखाए पथ पर अग्रसर होते हुए हम विकसित और सशक्त भारत का निर्माण करेंगे। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमता का उपयोग मानव कल्याण के लिए हो - राज्यपाल डेका

रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमता का उपयोग मानव कल्याण के लिए हो - राज्यपाल डेका

 00 राज्यपाल ने आज भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में रोबोटिक्स लैबोरेट्री का लोकार्पण किया। इस लैबोरेट्री की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेछानुदान मद से राशि प्रदान की गई है । इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने संबोधन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमता, रोबोटिक्स जैसे तकनीक हमारे जीवन को आसान बनाते है। लेकिन आधुनिक तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग मानव जीवन के कल्याण और समाज के विकास के लिए किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान केवल उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों से नहीं होती, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों से होती है जो ज्ञान के साथ मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय दें। प्रणवानंद अकादमी शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण को भी समान महत्व देती है यह प्रसन्नता का विषय है। राज्यपाल ने कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकें विश्व को नई दिशा दे रही हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को भी आत्मसात करना चाहिए। कोई भी नया आविष्कार या नवाचार मानवता के हित में होना चाहिए। मानव पर खुद का नियंत्रण होना चाहिए न कि कोई तकनीक उसे नियंत्रित करे।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों का संदेश देते हुए कहा कि जीवन में संतोष का विशेष महत्व है। हमें जो प्राप्त है, उसमें प्रसन्न रहना सीखना चाहिए तथा कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढऩा चाहिए। जीवन में उतार-चढ़ाव एवं चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन गिरने के बाद फिर से उठना और आगे बढऩा ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने कहा कि समाज ने हमें क्या दिया, यह सोचने के बजाय हमें यह विचार करना चाहिए कि हम समाज को क्या दे सकते हैं। समाज के प्रति सेवा, सहयोग, संवेदनशीलता और पड़ोसियों के प्रति आत्मीयता की भावना हमारे जीवन में आनंद लाता है। कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानंद ने स्वागत उद्बोधन दिया तथा प्राचार्य नीति यदुवंशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।