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ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IED धमाका, चपेट में आया सुरक्षाबल के तीन जवान, एक की हालत गंभीर

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IED धमाका, चपेट में आया सुरक्षाबल के तीन जवान, एक की हालत गंभीर

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले बड़ी खबर सामने आई है। जहां आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक ही हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। घटना थाना छोटबेठिया की है।

जानकारी के मुताबिक, आज 2 मई को थाना छोटेबेटिया जिला कांकेर-नारायणपुर के सीमा क्षेत्र में डी-माइनिंग एरिया डाॅमिनेशन सर्च ऑपरेशन के लिए टीम रवाना हुइ थी। जवानों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान आईईडी विस्फोट हुआ। ब्लास्ट जबरदस्त था, जिसमें 3 डीआरजी जवान घायल हो गए।

तीनों के चपेट में आने के बाद वहां मौजूद जवानों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाया। बताया जा रहा है कि 3 घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। डाॅक्टरों द्वारा तीनों घायल जवानों का उपचार जारी है। वहीं, घटना स्थल पर जवानों के द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है।

CG – नाबालिग ने की आत्महत्या : फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम…!!

CG – नाबालिग ने की आत्महत्या : फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम…!!

 बालोद। डौंडी थाना क्षेत्र के बंधिया पारा में 10वीं कक्षा में लगातार दो साल फेल होने से परेशान नाबालिग युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान राजवीर बघेल (उम्र 17 साल ) के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, राजवीर पिछले दो वर्षों से 10वीं की परीक्षा में असफल हो रहा था। पहले साल वह 6 विषयों में फेल हुआ था। इस वर्ष भी 5 विषयों में असफल रहने के कारण वह काफी तनाव में था। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजनों ने जब उसे फंदे पर लटका देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

दंतेवाड़ा पुलिस ने गुम हुए 141 मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे

दंतेवाड़ा पुलिस ने गुम हुए 141 मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे

 दंतेवाड़ा। इया आपलो सामान निया अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस ने आम जनता के गुम हुए मोबाइल और संपत्ति को वापस लौटाया है। इस विशेष अभियान के जरिए दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कुल 141 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे, जिनकी अनुमानित बाजार मूल्य 31 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कुमार वर्मन और साइबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने ष्टश्वढ्ढक्र पोर्टल की मदद से न सिर्फ जिले बल्कि उत्तरप्रदेश और आस-पास के जिलों जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर व कोंडागांव से भी गुम मोबाइल बरामद किए। दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों की सुविधा के लिए सायबर हेल्पलाइन नंबर 9479151665 जारी किया है। सायबर अपराधों से बचाव के लिए पुलिस ने सायबर संगवारी दंतेवाड़ा नामक व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया है, जिसमें रोजाना साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी। दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या बैंक/सोशल मीडिया गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें। सुरक्षा ही सावधानी है और सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव है, इसी संदेश के साथ पुलिस लगातार जागरूकता फैलाने में जुटी है।

 
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी: आरंग में अवैध प्लॉटिंग पर बढ़ी चिंता, नगर पालिका की भूमिका पर सवाल!

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी: आरंग में अवैध प्लॉटिंग पर बढ़ी चिंता, नगर पालिका की भूमिका पर सवाल!

 आरंग।  नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध प्लॉटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। बिना नगर पालिका के अनुमति कृषि भूमि को आवासीय भूखंडों में परिवर्तित कर खुलेआम बिक्री कर रहे है। इन कॉलोनी में जमीन क्रय करने वाले को भविष्य में गंभीर कानूनी और बुनियादी समस्याएं खड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।

इन मामलों में पालिका की भूमिका संदेह में है।

आरंग निकाय क्षेत्र के आउटर के वार्ड में कई स्थानों पर बिना लेआउट स्वीकृति और बिना आधारभूत सुविधाओं के ही प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसे भूखंड भविष्य में अवैध घोषित हो सकते हैं, जिससे खरीदारों को आर्थिक नुकसान और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है।

पूरे मामले में नगर पालिका परिषद आरंग और संबंधित विभागों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पालिका के द्वारा निरीक्षण और कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बढ़ रहे हैं। भूमि खरीदने से पूर्व को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित प्लॉट का लेआउट टी&सीपी से स्वीकृत हो, भूमि का डायवर्जन वैध हो तथा कॉलोनी में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 एवं संबंधित विकास नियंत्रण नियमों के तहत किसी भी भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने से पूर्व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से विधिवत अनुमति, लेआउट स्वीकृति तथा डायवर्जन अनिवार्य है। इसके अलावा, स्वीकृत कॉलोनी में सड़क, नाली, जल निकासी, पेयजल, विद्युत एवं सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना भी आवश्यक होता है। अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल रोक लगाने आरंग नगर पालिका की खामोशी संदेह में है।
मजदूर दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ खाया बोरे-बाशी

मजदूर दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ खाया बोरे-बाशी

 दुर्ग। मजदूर दिवस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने पारंपरिक “बोरे-बाशी” खाकर श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ जमीन पर बैठकर बोरे-बाशी का आनंद लिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मेहनतकश वर्ग की पहचान है।उन्होंने अपने संबोधन में श्रमिकों के योगदान को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।यह आयोजन न सिर्फ परंपरा को जीवित रखने का संदेश देता है, बल्कि मजदूर वर्ग के प्रति सम्मान और एकजुटता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
बढ़ती गर्मी और पेयजल की समस्या से लोग परेशान, बस स्टैंड में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा

बढ़ती गर्मी और पेयजल की समस्या से लोग परेशान, बस स्टैंड में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा

 सरगुजा। सरगुजा में बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, लेकिन अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में हालात और भी बदतर नजर आ रहे हैं,यहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है,खासकर पेयजल की कमी ने लोगों को परेशान कर दिया है,निगम प्रशासन के दावों के बीच व्यवस्थाओं की पोल खुलती दिख रही है।

अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में इन दिनों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,तेज गर्मी के बावजूद बस स्टैंड में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है,जिससे बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को प्यास और गर्मी दोनों से जूझना पड़ रहा है,यात्रियों का आरोप है कि निगम प्रशासन सिर्फ दावे कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नाकाफी हैं,वहीं इस पूरे मामले पर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप ने कहा है कि समस्या को संज्ञान में लिया गया है और जल्द ही पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी,अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक यात्रियों को राहत दिला पाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन

 बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार 2 मई को शहर आएंगे। वे यहां स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार सीएम साय दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे।

वे हेलीकाप्टर द्वारा दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड पहुंचेंगे। यहां से वे 4 बजे स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई जाएंगे। सीएम साय यहां आयोजित आल इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे। यहां से वे शाम 4 बजकर 45 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे. यहां से 4 बजकर 55 मिनट पर वे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जन्मदिन बना जन-उत्सव, 24 घंटे उमड़ा जनसैलाब

सांसद बृजमोहन अग्रवाल का जन्मदिन बना जन-उत्सव, 24 घंटे उमड़ा जनसैलाब

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति के चाणक्य और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल का 67वां जन्मदिन इस वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक जन-उत्सव बन गया। सेवा, समर्पण और सक्रियता के संगम अग्रवाल के जन्मदिन पर राजधानी रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उत्साह का माहौल रहा।

अपने आवास पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में अग्रवाल ने सपरिवार विधि-विधान से पूजन और हवन कर ईश्वर का आशीर्वाद लिया।

उन्होंने आहुतियां अर्पित करते हुए प्रदेश की खुशहाली, सुख-समृद्धि और जनता के कल्याण की कामना की। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडितों ने उन्हें रक्षा सूत्र बांधकर दीर्घायु का आशीर्वाद दिया। अग्रवाल ने कहा कि प्रभु का आशीर्वाद और जनता का स्नेह ही उनकी असली ताकत है, जो उन्हें जनसेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की ऊर्जा देता है।

24 घंटे लगा रहा प्रशंसकों का तांता

जन्मदिन की पूर्व संध्या यानी गुरुवार 30 अप्रैल की रात 11 बजे से ही उनके आवास पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। यह सिलसिला अगले 24 घंटों तक अनवरत चलता रहा। प्रदेश के कोने-कोने से आए हजारों प्रशंसकों ने अपने प्रिय नेता की लंबी आयु की कामना की।


अग्रवाल के समर्थकों ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी:

गरियाबंद के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गफ्फू मेमन ने बृजमोहन अग्रवाल की 40 वर्षों की ऐतिहासिक राजनीतिक यात्रा को दर्शाते हुए एक विशेष थीम आधारित केक कटवाया।
बृजमोहन के समर्थकों ने कहीं 67 किलो का विशाल केक काटा गया, तो कहीं उनके जीवन के 67 वर्षों के प्रतीक स्वरूप 67 अलग-अलग केक काटकर जश्न मनाया गया।

शहर के विभिन्न वार्डों और चौक-चौराहों पर समर्थकों ने 200 से अधिक केक काटकर अपनी खुशी का इजहार किया।

 

 

 

 

सेवा ही संकल्प: दान और पुण्य के कार्य

“सेवा को ही धर्म” मानने वाले बृजमोहन अग्रवाल के जन्मदिन पर शिक्षा और सहायता पर विशेष जोर दिया गया। उनके बच्चों के प्रति प्रेम और शिक्षा के प्रति समर्पण को देखते हुए कई कार्यक्रम आयोजित किए।
100 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस और शिक्षण किट प्रदान की गई।
जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल ने 5 भजन मंडलियों को स्पीकर सेट वितरित किए।

प्रदेश किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन्हें धान से तौला, वहीं सुशील शर्मा और टिंगू गोस्वामी ने अपने प्रिय नेता को लड्डुओं से तौला।
विनोद पाहवा, दीपक गुप्ता और हितेश अग्रवाल (खरोरा) द्वारा भव्य सुंदर कांड पाठ का आयोजन कर उनकी खुशहाली की प्रार्थना की गई।

दिग्गजों ने दी बधाई: दिल्ली से रायपुर तक गूंज

अग्रवाल के जन्मदिन पर सत्ता और विपक्ष, दोनों पक्षों के दिग्गजों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने फोन कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल रामेन डेका, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान, डॉ. वीरेंद्र कुमार, फग्गन सिंह कुलस्ते सहित पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व मंत्री रविंद्र चौबे ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजे।

जन्मदिन के अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राजिम विधायक रोहित साहू, पूर्व सांसद सुनील सोनी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक इंद्र कुमार साहू, महापौर मीनल चौबे, संजय श्रीवास्तव (अध्यक्ष न.न.), राजीव अग्रवाल (अध्यक्ष CSIDC), दीपक महास्के (चेयरमैन CGMSC), मोना सेन, केदार गुप्ता, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुशरण सिंह होरा, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (KTUJM), के कुलपति प्रोफेसर मनोज दयाल और उनकी पत्नी श्रीमती लीली सिन्हा दयाल सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि, उद्योगपतियों और गणमान्य नागरिकों ने बृजमोहन अग्रवाल को जन्मदिन की बधाई दी।

पूरे दिन शहर के विभिन्न स्थानों पर सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा, जो बृजमोहन अग्रवाल की लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी गहरी पैठ का प्रमाण है।

CG WEATHER : बदला मौसम का मिजाज, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

CG WEATHER : बदला मौसम का मिजाज, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार

 रायपुर । रायपुर समेत छत्तीसगढ़ में मौसम ने करवट ले ली है, जहां आसमान में बादल छाने और हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हुई, जबकि दुर्ग में सबसे अधिक 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया और अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 24.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों तक सभी संभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने के साथ बारिश के आसार हैं, जहां अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिक एच. पी. चंद्रा के मुताबिक, कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से उड़ीसा तक फैली द्रोणिका के प्रभाव से प्रदेश में यह बदलाव देखा जा रहा है।

इन मौसम प्रणालियों के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश, अंधड़ और वज्रपात की स्थिति बन सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन मौसम की अनिश्चितता बनी रहेगी।

“रेलवे अलर्ट: 10 ट्रेनें कैंसिल, कई डायवर्ट—सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट”

“रेलवे अलर्ट: 10 ट्रेनें कैंसिल, कई डायवर्ट—सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट”

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर जोन अंतर्गत गोंदिया स्टेशन पर शुरू हुए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड कार्य का असर अब साफ तौर पर ट्रेन परिचालन पर दिखने लगा है, जहां 3 मई से 22 मई 2026 तक करीब 20 दिनों के लिए कई ट्रेनों को रद्द, डायवर्ट और आंशिक रूप से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। रेलवे प्रशासन के मुताबिक इस दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर मेगा ट्रैक कार्य किया जाएगा, जिसमें पुराने वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक बनाया जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति, सुरक्षा और परिचालन क्षमता में सुधार होगा, लेकिन इसके चलते डाउन मेन लाइन पूरी तरह बंद रहेगी और यही वजह है कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है ।

इस अवधि में यात्रियों को सबसे ज्यादा झटका 10 ट्रेनों के पूर्ण रद्द होने से लगेगा, जिसमें टाटानगर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी एक्सप्रेस, डोंगरगढ़–गोंदिया पैसेंजर, गोंदिया–इतवारी पैसेंजर और रायपुर–इतवारी पैसेंजर जैसी महत्वपूर्ण गाड़ियां शामिल हैं, जो अलग-अलग तारीखों में पूरी तरह रद्द रहेंगी । इसके अलावा कई प्रमुख ट्रेनों के रूट भी बदले गए हैं, जैसे रीवा–इतवारी एक्सप्रेस और इतवारी–रीवा एक्सप्रेस अब अपने पारंपरिक जबलपुर–नैनपुर–बालाघाट–गोंदिया मार्ग की जगह छिंदवाड़ा होकर चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों के यात्रा समय और स्टॉपेज में बदलाव देखने को मिल सकता है ।

सिर्फ रद्द और डायवर्जन ही नहीं, बल्कि कई ट्रेनों को उनके गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोकने का भी फैसला लिया गया है। बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस और गोंदिया–बरौनी एक्सप्रेस को दुर्ग स्टेशन तक ही सीमित कर दिया गया है, वहीं विदर्भ एक्सप्रेस को अजनी स्टेशन तक चलाया जाएगा और गोंदिया तक का हिस्सा रद्द रहेगा। इसके साथ ही जबलपुर–गोंदिया, तिरोड़ी–गोंदिया और कटंगी–गोंदिया जैसी कई पैसेंजर ट्रेनों को ब्रम्हपुरी स्टेशन तक ही संचालित किया जाएगा, यानी गोंदिया के बीच का पूरा सेक्शन इस दौरान प्रभावित रहेगा ।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह मेगा ब्लॉक भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया जरूरी फैसला है, जिससे ट्रैक को आधुनिक बनाया जा सके और आने वाले समय में ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा बेहतर हो सके। हालांकि इस दौरान यात्रियों को असुविधा होना तय माना जा रहा है, खासकर उन लोगों को जो रोजाना इस रूट पर यात्रा करते हैं या जिनकी लंबी दूरी की यात्राएं पहले से तय हैं।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। इसके लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139, NTES मोबाइल ऐप और नजदीकी रेलवे स्टेशन से जानकारी लेने की सलाह दी गई है। फिलहाल गोंदिया स्टेशन पर चल रहा यह अपग्रेड कार्य जहां भविष्य में बेहतर रेल सेवा का रास्ता खोलेगा, वहीं वर्तमान में यात्रियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है ।

व्यापारियों की सुविधा हेतु तेलीबांधा की यातायात व्यवस्था होगी सुव्यवस्थित - थौरानी

व्यापारियों की सुविधा हेतु तेलीबांधा की यातायात व्यवस्था होगी सुव्यवस्थित - थौरानी

 रायपुर। तेलीबांधा क्षेत्र के व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्याओं के निराकरण हेतु 30 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान यातायात पुलिस और नगर निगम के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने जमीनी स्तर पर ट्रैफिक जाम और पार्किंग की अव्यवस्थाओं का जायजा लिया।

विदित हो कि कुछ दिन पूर्व ही तेलीबांधा क्षेत्र के व्यापारियों के एक समूह ने नगर निगम एवं यातायात विभाग द्वारा किये गये कार्यवाही से आहत होकर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी से मुलाकात कर क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और उससे व्यापार पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से अवगत कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री थौरानी ने तत्काल यातायात पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क साधा, जिसके फलस्वरूप आज यह संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित हुआ।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को संबोधित करते हुए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी ने कहा कि तेलीबांधा रायपुर का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित पार्किंग को लेकर वहां पर लाइट पोल के अंदर गाड़ियां पार्क करना सुनिश्चित किया गया। साथ ही टेªफिक जाम को कम करने एवं यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिये रोड के लेफ्ट टर्न को हमेशा खाली रखा जाये। हमने अधिकारियों को स्पष्ट सुझाव दिए हैं कि सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाए। प्रशासन के सहयोग से हम जल्द ही यहाँ एक आदर्श यातायात व्यवस्था लागू करेंगे ताकि ग्राहकों को दुकान तक पहुँचने में कोई बाधा न हो और व्यापार फल-फूल सके।

निरीक्षण के दौरान कालीबाड़ी यातायात थाना के एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला एवं एसीपी सतीश ठाकुर ने ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग, वन-वे की संभावनाओं और अवैध पार्किंग पर चर्चा की। नगर निगम के अभियंताओं ने फुटपाथ और ड्रेनेज के पास की बाधाओं को हटाने हेतु कार्ययोजना बनाने की बात कही।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, सलाहकार- मोहनलाल तेजवानी, अमर गिदवानी, कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष- राजकुमार तारवानी, दिलीप इसरानी, प्रकाश लालवानी, राजकिशोर नत्थानी, मंत्री-भरत पमनानी, पंकज जैन, एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला, एसीपी सतीश ठाकुर, नगर निगम कार्यपालन अभियंता टावरे जी, उप अभियंता नरेश साहू, जोन क्रमांक 3 नगर निवेश अक्षय भारद्वाज, संतोष सीमा साहू पार्षद एवं अध्यक्ष जल विभाग नगर निगम, महेश ध्रुव पार्षद तथा पहलाज खेमानी, रमेश मंगलानी, विमल धामेजानी, राम जसूजा, प्रहलाद मटलानी, महेश गोविन्दानी, राहुल बुधरानी, मनीष खोड़ियार, अजय चैधरी, संजय राहुजा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मंत्री अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि

मंत्री अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि

 रायपुर। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निज सहायक श्री दीपक अंधारे के चचेरे भाई एवं बंदरचुआ, कुनकुरी निवासी जोगेश्वर अंधारे के सुपुत्र स्वर्गीय विवेक अंधारे के निधन उपरांत आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संबल दिया।
मंत्री अग्रवाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे का अल्पायु में असामयिक निधन अत्यंत पीड़ादायक एवं हृदय विदारक है। उन्होंने कहा कि ऐसी अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सभी को मिलकर परिवार का संबल बनना चाहिए। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस गहन दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। दशगात्र कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने दिवंगत के व्यक्तित्व और उनके सरल स्वभाव को स्मरण करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने 176 शिक्षकों को किया निलंबित, 14 का वेतन रोका, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने 176 शिक्षकों को किया निलंबित, 14 का वेतन रोका, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण के तहत 15310 सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याताओं का युक्तियुक्तकरण के तहत ट्रांसफर किया था। आंकड़े बताते हैं, 25 अप्रैल की तिथि में 303 शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं की। डीपीआई के रिकार्ड के अनुसार इनमें से एक दर्जन से ज्यादा शिक्षक कोर्ट चले गए हैं, बाकी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो शिक्षकों का वेतन रोका गया है। बता दें, राज्य सरकार बार-बार चेतावनी दी जा रही है, इसके बाद भी शिक्षक आदेश की नाफरमानी कर रहे हैं। अब राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद संबंधित स्कूल में ज्वाइनिंग ना करने वाले 176 शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के एक दर्जन से ज्यादा शिक्षकों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाई कोर्ट में चुनाैती देने वालों में सबसे ज्यादा शिक्षक सक्ती जिले के हैं। सात शिक्षकों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद संबंधित स्कूल में ज्वाइनिंग ना देने वाले में कांकेर जिले के शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में कांकेर जिले के 72 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है।

14 शिक्षकों का सैलेरी ब्रेक

राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 14 शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है। इसमें कोंडागांव जिले के सबसे ज्यादा 12 शिक्षक हैं।

48 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच

स्कूल शिक्षा विभाग ने 48 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच संस्थित कर दिया है। बता दें, जिन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है, इनमें से अधिकांश को आरोप पत्र भी दिया गया है।

पढ़िए जिलेवार स्थिति

बीजापुर एक शिक्षिका निलंबित

बस्तर तीन शिक्षक निलंबित, एक का रोका गया वेतन

कोंडागांव जिला, 23 सहायक शिक्षक निलंबित, 12 का वेतन रुका, दो का प्रस्ताव डीपीआई को

सुकमा जिला 9 शिक्षक निलंबित

कांकेर जिला 72 शिक्षक निलंबित

दुर्ग जिला 2 शिक्षक निलंबित दो को विभागीय जांच आरोप पत्र

बेमेतरा 6 शिक्षकों को विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र, एक का प्रकरण कोर्ट में

कबीरधाम 7 शिक्षकों को विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र, दो शिक्षक निलंबित, एक संभाग से एक जिले से

राजनादगांव दो शिक्षकों के खिलाफ आरोप पत्र एक संभाग से निलंबित

मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी पांच शिक्षक निलंबित, एक शिक्षक को हाई कोर्ट से मिला स्टे व एक निलंबित व विभागीय जांच, एक शिक्षक के खिलाफ आरोप पत्र

एमसीबी पांच शिक्षक निलंबित एवं विभागीय जांच, चार शिक्षक को आरोप पत्र

सरगुजा 10 शिक्षक निलंबित एवं विभागीय जांच, चार शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच, एक शिक्षक का प्रस्ताव उच्च कार्यालय को

बलरामपुर 24 शिक्षक निलंबित एवं आरोप पत्र, विभागीय जांच संस्थित, एक शिक्षक के खिलाफ आरोप पत्र

रायपुर तीन निलंबित

रायगढ़ चार शिक्षक निलंबित, दो को कोर्ट से स्टे,एक का वेतन रोका, तीन शिक्षक को एकतरफा कार्यमुक्त किया, एक विभागीय जांच

बिलासपुर दो शिक्षक के खिलाफ विभागयीय जांच, एक शिक्षक का मामला कोर्ट में

जांजगीर चांपा 17 शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच, एक शिक्षक मामला कोर्ट में, दो शिक्षक निलंबित

कोरबा दो शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच

सक्ती सात शिक्षकों का मामला हाई कोर्ट में लंबित

बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

 00 शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में जनभागीदारी से मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सबका साथ, सबका विकास की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया। ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

श्रमिकों के परिश्रम से बन रही प्रदेश के विकास की मजबूत नींव - मंत्री राजवाड़े

श्रमिकों के परिश्रम से बन रही प्रदेश के विकास की मजबूत नींव - मंत्री राजवाड़े

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी श्रमिक भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

राजवाड़े ने कहा कि श्रमिकों के परिश्रम और समर्पण से देश और प्रदेश के विकास की मजबूत नींव तैयार हो रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार श्रमिकों के जीवन में खुशहाली और सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह राज्य में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार श्रमिकों और आम जनता के हित में योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।

CG – सूटकेस में ये सामान लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची महिलाएं, सूटकेस खुलते ही पुलिस के उड़े होश….फिर जो हुआ…

CG – सूटकेस में ये सामान लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची महिलाएं, सूटकेस खुलते ही पुलिस के उड़े होश….फिर जो हुआ…

 बिलासपुर। जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पुलिस ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सूटकेश में गौमांस ले जा रही दो महिलाओं को पकड़ा है। दोनों महिलाएं रायपुर की ओर से बिलासपुर पहुंची थीं और अपने साथ सूटकेश में लगभग 10 किलो से अधिक गौमांस भरकर ला रही थीं।

पुलिस को सूचना मिली थी, कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन में दो महिलाएं गौमांस लेकर पहुंची है, पुलिस ने चेकिंग की, तो संदेह हुआ, जिसके बाद सूटकेश की तलाशी ली गई। तलाशी में गौमांस मिलने पर दोनों महिलाओं को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने सूटकेश में गौमांस होने की बात स्वीकार कर ली है।

जानकारी मिलते ही कुछ गौसेवक भी थाने के बाहर एकत्रित हो गए, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। तोरवा थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गौमांस कहां से लाया गया था और इसका उद्देश्य क्या था।

रायपुर कला केंद्र में समर कैंप का भव्य शुभारंभ, 135 से अधिक बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी

रायपुर कला केंद्र में समर कैंप का भव्य शुभारंभ, 135 से अधिक बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की परिकल्पना तथा कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कला केंद्र रायपुर में 15 दिवसीय समर कैंप के प्रथम बैच का भव्य शुभारंभ किया गया।

कैंप के पहले ही दिन बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए नई-नई विधाओं को सीखने की शुरुआत की। समर कैंप के अंतर्गत बच्चों को गायन, वादन, गिटार, कीबोर्ड, नृत्य, क्ले आर्ट, पेंटिंग, माटी कला तथा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह समर कैंप तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है,1से 15 मई, 16 मई से 30 मई तथा 1 जून से 15 जून तक। अब तक 135 से अधिक बच्चों का पंजीयन हो चुका है, जो इस पहल के प्रति बच्चों और अभिभावकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। कैंप का समय प्रात: 7:30 बजे से 9:30 बजे तक निर्धारित है। प्रारंभिक 30 मिनट में योग और जुंबा कराया जा रहा है, जबकि शेष समय में बच्चों को उनकी रुचि अनुसार विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कला केंद्र के नोडल अधिकारी  केदार पटेल ने बताया कि समर कैंप एवं कला केंद्र से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभिभावक 9109029034 एवं 9669039034 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि, फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि, फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना

 00 फाइलेरिया उन्मूलन में बिहान मॉडल और मलेरिया मुक्त बस्तर पहल को नवाचार व जनभागीदारी के लिए सराहना

रायपुर। जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित नवाचार और समावेशिता पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन - भारत के भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम पद्धतियाँ में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है।

बिहान मॉडल ने बदली तस्वीर, महिला समूह बने बदलाव की धुरी
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में बिहान (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। मिशन संचालन समूह - मानव संसाधन (एमएसजी-एचआर) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें पीसीआई इंडिया का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74 प्रतिशत लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया।

 राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि


मलेरिया मुक्त बस्तर ने दुर्गम क्षेत्रों में दिखाई प्रभावशीलता
सम्मेलन में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और दिन-7 व दिन-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया। इस अभियान की खास उपलब्धि लक्षणहीन (स्पर्शोन्मुख) मरीजों की पहचान रही, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोडऩे में निर्णायक मदद मिली। इसके सकारात्मक परिणाम भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं- राज्य का एपीआई वर्ष 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर संभाग में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया।
अन्य राज्यों के लिए प्रेरक मॉडल
राष्ट्रीय मंच पर उपस्थित विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने छत्तीसगढ़ के बिहान आधारित सामुदायिक मॉडल और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली ये पहलें यह साबित करती हैं कि जनभागीदारी और स्थानीय रणनीतियों के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान संभव है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समुदाय आधारित, नवाचारयुक्त और क्षेत्र विशेष रणनीतियों को प्राथमिकता देते हुए जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

बगिया के विष्णु का विकास विज़न- सुशासन से जन-जन तक पहुंचती सरकार

बगिया के विष्णु का विकास विज़न- सुशासन से जन-जन तक पहुंचती सरकार

00 डबल इंजन की रफ्तार, योजनाओं की बौछार- किसान, आदिवासी, महिला और युवा बने केंद्र में

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने श्सुशासनश् को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश की पहचान ‘धान का कटोरा’ के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें ‘हरा सोना’ से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोगश् से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है।

विगत वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को श्डबल इंजन सरकारश् के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है।

‘बगिया के विष्णु’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना।

छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी श्प्रारंभिक चरणश् में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।

छत्तीसगढ़ में भूकंप से कांपी धरती, इस जिलें में महसूस किए गए भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौल…

छत्तीसगढ़ में भूकंप से कांपी धरती, इस जिलें में महसूस किए गए भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौल…

 गरियाबंद। देवभोग क्षेत्र में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। आज दोपहर करीब 2:20 बजे धरती हल्की कांपी, जिससे इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। लगातार आ रहे झटकों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं गरियाबंद जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज आकाशीय बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, पिछले 36 घंटों के भीतर यह तीसरी बार है जब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले बीती रात 7:20 बजे भी धरती कांपी थी। वहीं एक दिन पहले आए झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 0.7 दर्ज की गई थी। हालांकि झटके हल्के बताए जा रहे हैं और अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बार-बार हो रही इस गतिविधि ने लोगों को डरा दिया है। कई ग्रामीण एहतियातन घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर समय बिताते नजर आए।

स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हल्के झटके भूगर्भीय हलचल का संकेत हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

Chhattisgarh Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 परिवहन अधिकारियों का तबादला

Chhattisgarh Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 परिवहन अधिकारियों का तबादला

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न परिवहन अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से स्थानांतरण किया गया है। इस आशय का आदेश आज परिवहन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ), सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) तथा अन्य अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थान से हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।  

इनमें प्रमुख रूप से कोरबा, धमतरी, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बेमेतरा, सूरजपुर, गरियाबंद, जशपुर सहित कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। राज्य शासन ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित अधिकारी अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर अधिकतम 10 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करें। निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जारी आदेश के मुताबिक विवेक सिन्हा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जिला परिवहन अधिकारी, कोरबा/पेण्ड्रा से जिला परिवहन अधिकारी, जांजगीर-चांपा, अब्दुल मुजाहिद, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, धमतरी से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर, मोहन साहू, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, कबीरधाम से जिला परिवहन अधिकारी, बलौदाबाजार, गौरव साहू, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, जांजगीर चांपा से जिला परिवहन अधिकारी, रायगढ़, अनिल भगत, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, कोरिया से अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, राजनांदगांव, प्रकाश रावटे, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, बालोद से जिला परिवहन अधिकारी, कांकेर, अतुल असैय्या, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जिला परिवहन अधिकारी, कोण्डागांव से जिला परिवहन अधिकारी, कोरबा, योगेश भण्डारी, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, सूरजपुर से जिला परिवहन अधिकारी, बालोद, किशनलाल माहौर, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, बीजापुर से जिला परिवहन अधिकारी, बेमेतरा, शिवभगत रावटे, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, सुकमा से जिला परिवहन अधिकारी, धमतरी, आनंद शर्मा एआरटीओ, अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजनांदगांव से जिला परिवहन अधिकारी, मुंगेली, अमित प्रकाश कश्यप, सहायक परिवहन आयुक्त जिला परिवहन अधिकारी, रायगढ़ से जिला परिवहन अधिकारी, कोरिया, रामकुमार ध्रुव, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, महासमुंद से जिला परिवहन अधिकारी, कोण्डागांव, ऋषभ नायडू, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, कांकेर से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर, गौरव पाटले, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, दंतेवाड़ा से जिला परिवहन अधिकारी, कवर्धा, चुन्नूलाल देवांगन तकनीकी अधिकारी अधिकारी, जिला परिवहन बलौदाबाजार से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर, रविन्द्र ठाकुर, एआरटीओ  जिला परिवहन अधिकारी, गरियाबंद से जिला परिवहन अधिकारी, दंतेवाड़ा, अरविंद भगत, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, बेमेतरा से जिला परिवहन अधिकारी, जशपुर, सुश्री युगेश्वरी वर्मा, एआरटीओ परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर से जिला परिवहन अधिकारी, गरियाबंद तथा विजय निकुंज, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, जशपुर से जिला परिवहन अधिकारी, सूरजपुर में नवीन पदस्थापना की गई है। 

यहां देखें आदेश की कॉपी

राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का हुआ तबादला

राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का हुआ तबादला

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों की तबादला आदेश जारी किया है। जिसमें राकेश कुमार गोलछा आरआर 2016 बैच को संयुक्त कलेक्टर रायगढ़ से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग मंत्रालय में पदस्थ किया गया हैं। अशुल वर्मा आरआर 2022 बैच को डिप्टी कलेक्टर कोरिया से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग मंत्रालय में पदस्थ किया गया हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार का 'सुशासन तिहार' आज से

छत्तीसगढ़ सरकार का 'सुशासन तिहार' आज से

 0-1 मई से 10 जून तक चलेगा अभियान, पहले दिन 14 जिलों में समाधान शिविर

 रायपुर--छत्तीसगढ़ में लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को जल्दी और सीधे तरीके से सुलझाने के लिए आज से 'सुशासन तिहार 2026' की शुरुआत हो गई है। ये अभियान 10 जून तक पूरे प्रदेश में चलेगा। इस दौरान गांव और शहर दोनों जगह बड़े पैमाने पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोग अपनी शिकायतें सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। सरकार का फोकस इस बार साफ है, लंबित मामलों को जल्द निपटाना और लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देना। इसी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा है कि लोगों को आसान, पारदर्शी और तेज सेवाएं देना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के दौरान किसी भी जिले में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचेंगे।

 * -पहले चरण में लंबित मामलों के निराकरण पर फोकस-*  

अभियान शुरू होने से पहले ही कलेक्टरों को निर्देश दिए गए थे कि 30 अप्रैल तक लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। इसमें खास तौर पर इन मामलों पर ध्यान रखा जा रहा है।      * नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरण     * मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान     * हितग्राहीमूलक योजनाओं के बकाया भुगतान     * आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े मामले     * बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल (हैंडपंप) की समस्याएंइसके साथ ही पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया है    *  उज्ज्वला योजना    *  राशन कार्ड    *  आयुष्मान भारत योजना     * सामाजिक सुरक्षा पेंशन    *  ग्रामीण-शहरी दोनों इलाकों में तय फॉर्मेट में लगेंगे शिविरआज 14 जिलों में समाधान शिविर लगाए गए हैं।

 *  शहरी क्षेत्रों में वार्ड अनुसार शिविर * 

1 मई से 10 जून के बीच अलग-अलग जगहों पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे। गांवों में 15 से 20 पंचायतों को मिलाकर शिविर होंगे, जबकि शहरों में वार्ड के हिसाब से आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में मौके पर ही आवेदन लिए जाएंगे और जहां संभव होगा, वहीं समाधान या लाभ भी दिया जाएगा। कोशिश यह रहेगी कि हर आवेदन का निपटारा एक महीने के भीतर हो जाए। साथ ही लोगों को यह भी बताया जाएगा कि उनका आवेदन किस स्थिति में है। समाधान शिविरों में जनता की समस्याओं को सुलझाया जाएगा।

टंक राम वर्मा पहुंचे ग्राम रिसदा, जनसमस्या निवारण शिविर में सुनी लोगों की समस्याएं

टंक राम वर्मा पहुंचे ग्राम रिसदा, जनसमस्या निवारण शिविर में सुनी लोगों की समस्याएं

 बलौदाबाजार :- बलौदाबाजार विधानसभा के ग्राम रिसदा में आज सुशासन तिहार 2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें टंक राम वर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण किया।

मंत्री वर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा और शासन की योजनाओं का सीधा लाभ गांव-गांव और शहर तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और सुशासन को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

 
 
 
 
पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल - बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी

पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल - बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी

 रायपुर। प्राय: सभी प्रकृति प्रेमियों का मानना है कि प्रकृति कभी भी अपना ऋण नहीं भूलती। यदि मनुष्य पूरी ईमानदारी से उसके संरक्षण की ओर एक कदम बढ़ाता है, तो प्रकृति उसे अपनी भव्यता से कई गुना वापस लौटाती है। छत्तीसगढ़ की पावन धरा, जो सदियों से अपनी नैसर्गिक संपदा और सघन वन क्षेत्रों के लिए विख्यात रही है, आज वन्यजीव संरक्षण के एक नए स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रही है। 

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य (लगभग 245 वर्ग किमी) में काले हिरणों (ब्लैकबक) का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार हुआ है, जहाँ इनकी संख्या अब 200 के करीब पहुँच गई है। 1970 के दशक में विलुप्त हो चुके इन हिरणों को 2018 की पुनरुद्धार योजना और 2026 तक के वैज्ञानिक प्रयासों से वापस लाया गया। हाल ही में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में जब बारनवापारा अभ्यारण्य के काले हिरणों की सफल वापसी का उल्लेख किया, तो यह केवल एक राज्य की उपलब्धि नहीं रही, बल्कि भारत के पर्यावरण मानचित्र पर वन्यजीव संरक्षण का एक नया अध्याय बन गई।

विशेष लेख : पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल - 'बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी'


विजन भरा नेतृत्व और प्रतिबद्धता- इस गौरवमयी उपलब्धि के सूत्रधार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हैं। उन्होंने इस सफलता को राज्य की समृद्ध जैव विविधता और पर्यावरण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिफल बताया है। मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि प्रधानमंत्री की सराहना केवल एक प्रशंसा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वन विभाग और वहां के स्थानीय समुदायों के कठिन परिश्रम पर लगी राष्ट्रीय मुहर है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास और पारिस्थितिकी तंत्र के बीच उस दुर्लभ संतुलन को साध रहा है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है।
वैज्ञानिक रणनीति: विलुप्ति से पुनर्वास तक- बारनवापारा अभ्यारण्य में काले हिरणों का दिखाई देना एक समय दुर्लभ हो गया था। लेकिन वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के रणनीतिक निर्देशन ने इस असंभव लक्ष्य को वास्तविकता में बदल दिया। फरवरी 2026 का महीना छत्तीसगढ़ के वन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जब विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में 30 काले हिरणों को उनके प्राकृतिक आवास में सॉफ्ट रिलीज पद्धति से मुक्त किया गया। यह प्रक्रिया केवल उन्हें जंगल में छोडऩे तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि वे नए वातावरण में बिना किसी तनाव के रच-बस सकें। ब्लैकबक कंजर्वेशन सेंटर में बेहतर पोषण और वैज्ञानिक देखभाल से इनकी संख्या में वृद्धि हुई। 
प्रशासनिक इच्छाशक्ति और मैदानी संघर्ष - इस महाअभियान के पीछे उन जांबाज अधिकारियों और मैदानी अमले की मेहनत है, जिन्होंने दिन-रात एक कर दिया। मुख्य वन संरक्षक (रायपुर) श्रीमती सतोविशा समाजदार और वनमंडलाधिकारी (बलौदाबाजार) श्री धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में फील्ड स्टाफ, जीव वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों की एक समर्पित टीम ने एक ढाल की तरह काम किया। वर्तमान में इन हिरणों की सुरक्षा के लिए हाई-टेक निगरानी प्रणाली, जीपीएस ट्रैकिंग और नियमित पेट्रोलिंग का उपयोग किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ वन विभाग की तकनीकी दक्षता का प्रमाण है।

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रामपुर ग्रासलैंड : एक सुरक्षित भविष्य का पालना बारनवापारा अभ्यारण्य का यह मॉडल आज देश के अन्य राज्यों के लिए एक केस स्टडी बन सकता है। यहाँ केवल काले हिरण की प्रजाति का पुनर्वास नहीं हुआ, बल्कि उनके लिए एक संपूर्ण आवास तंत्र विकसित किया गया। रामपुर ग्रासलैंड का वैज्ञानिक प्रबंधन, प्राकृतिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार और घास की स्थानीय प्रजातियों का संवर्धन वे मुख्य कारक हैं, जिन्होंने काले हिरणों को वहां फलने-फूलने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की एक अनूठी मिसाल पेश की है। काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यत: उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।
भविष्य की राह और राष्ट्रीय संदेश - बारनवापारा अभ्यारण्य में गूंजती काले हिरणों की चहल-कदमी और उनकी कुलाचें इस बात का जीवंत साक्ष्य हैं कि यदि इंसान प्रकृति के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी समझ ले, तो खोई हुई धरोहर को फिर से लौटाया जा सकता है। यह पहल आने वाली पीढिय़ों के लिए एक लिविंग लैबोरेटरी (जीवंत प्रयोगशाला) के रूप में कार्य करेगी, जहाँ वे प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना सीख सकेंगी। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात ने हमारे नवाचारों को एक वैश्विक मंच प्रदान किया है। छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जोड़कर एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रही है, जहाँ मनुष्य और वन्यजीव दोनों सुरक्षित हों।आज जब हम बारनवापारा अभ्यारण्य की खुली वादियों में कुलाचें भरते काले हिरणों को देखते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है कि प्रकृति स्वयं मुस्कुराते हुए छत्तीसगढ़ के इस सराहनीय प्रयास को अपना आशीर्वाद दे रही है। यह छत्तीसगढ़ के गौरव का वह उत्कर्ष है, जिसकी चमक अब पूरे देश को प्रेरित कर रही है।