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धरसींवा ब्लॉक के स्कूलों में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर, सरस्वती साइकिल योजना में अनियमितता के आरोप

धरसींवा ब्लॉक के स्कूलों में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही उजागर, सरस्वती साइकिल योजना में अनियमितता के आरोप

 रायपुर। धरसींवा विकासखंड के ग्राम परसतराई स्थित दाऊ पोषण लाल शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही एवं संवेदनशील मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासन की सरस्वती साइकिल योजना के तहत वितरित की जा रही साइकिलों की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है।

स्कूल परिसर में विद्यार्थियों की प्रार्थना के लिए बनाए गए प्रार्थना शेड को शिक्षा विभाग एवं संबंधित ठेकेदार की कथित मिलीभगत से साइकिलों के कल-पुर्जों का कबाड़घर बना दिया गया है। वहीं बाहरी ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा उसी स्थान पर साइकिलों की असेंबलिंग एवं रिपेयरिंग का कार्य किया जा रहा है।

मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी लेने पर बताया गया कि कई साइकिलों में आवश्यक पुर्जे उपलब्ध नहीं हैं, फिर भी उन्हें बिना पूर्ण रूप से तैयार किए ही विद्यार्थियों को वितरित कर दिया जाता है। यह शासन की योजना की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

वर्तमान भीषण वर्षा के मौसम में प्रार्थना शेड कबाड़ से भरा होने के कारण विद्यालय के मासूम छात्र-छात्राएं खुले में भीगते हुए प्रार्थना करने को मजबूर हैं। यह स्थिति शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

केवल परसतराई ही नहीं, बल्कि आसपास के विद्यालयों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। ग्राम मांढर के विद्यालय में बरसात के दौरान परिसर में पानी भर जाता है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और विद्यार्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

साइकिल वितरण की प्रभारी सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी वंदना शुक्ला पर भी क्षेत्र में अनुपस्थित रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में जानकारी लेने पर कबाड़ रखने की जिम्मेदारी से बचते हुए उच्च अधिकारियों का हवाला दिया गया। लगातार ऐसी शिकायतें भी प्राप्त हो रही हैं कि जिला शिक्षा अधिकारी आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के फोन रिसीव नहीं करते तथा ब्लॉक मुख्यालय में भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते, जिससे विद्यालयों के प्राचार्यों एवं शिकायतकर्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ता है।

यह पूरा मामला धरसींवा विकासखंड के छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

मांग हम शासन एवं प्रशासन से मांग करते हैं कि सरस्वती साइकिल योजना में हुई कथित अनियमितताओं, विद्यालय परिसर में प्रार्थना शेड के दुरुपयोग तथा शिक्षा विभाग की लापरवाही की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

CM साय ने मेदांता अस्पताल में किरण सिंह देव से की मुलाकात, सड़क हादसे के बाद जाना स्वास्थ्य हाल

CM साय ने मेदांता अस्पताल में किरण सिंह देव से की मुलाकात, सड़क हादसे के बाद जाना स्वास्थ्य हाल

 रायपुर/नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में सड़क हादसे में घायल हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का बेहतर इलाज दिल्ली-एनसीआर के गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में जारी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अस्पताल पहुंचे और उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से भी उपचार की जानकारी लेते हुए किरण सिंह देव के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों से किरण सिंह देव के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से भी चर्चा कर इलाज की प्रगति के बारे में जानकारी प्राप्त की।

बता दें कि छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और जगदलपुर विधायक किरण देव बुधवार को उत्तरप्रदेश में सड़क हादसे के शिकार हुए थे। हादसा झांसी-ललितपुर हाईवे पर उस समय हुआ था, जब वह परिवार के साथ बागेश्वर धाम से दर्शन कर लौट रहे थे। वापसी के दौरान झांसी-ललितपुर मार्ग पर सामने से आ रहे एक वाहन को बचाने की कोशिश में उनके चालक ने अचानक ब्रेक लगाया। इससे कार का संतुलन बिगड़ गया और कार ट्रक में घुस गई।

हादसे के वक्त किरण देव के साथ उनकी सुरक्षा में तैनात पीएसओ भी वाहन में मौजूद थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार में सफर कर रहे थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से किरण सिंह देव को तुरंत झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। इस हादसे में किरण सिंह देव का चालक भी घायल हुआ था।

जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालीन सुचारू संचालन के लिए जल संचय और जल संरक्षण जरूरी – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

जलापूर्ति योजनाओं के दीर्घकालीन सुचारू संचालन के लिए जल संचय और जल संरक्षण जरूरी – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा लोक  स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  अरुण साव आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल प्रमाणित गांवों की महिला सरपंचों के लिए ग्रामीण पाइपलाइन जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव पर राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए। उन्होंने नवा रायपुर स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (RGNGWTRI) में आयोजित कार्यशाला में महिला सरपंचों को संबोधित करते हुए कहा कि जल आपूर्ति की योजनाओं के लंबे समय तक सुचारू संचालन के लिए बारिश के पानी का संचय और जल संरक्षण आवश्यक है। यह भूजल को रिचार्ज करने के साथ ही दीर्घ काल तक जल स्रोतों में जल की उपलब्धता बनाए रखेगा।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यशाला में सरपंचों से गांवों में हर घर नल से जल पहुंचने के बाद ग्रामीणों, खासकर महिलाओं के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। उन्होंने नल जल योजनाओं के संचालन-संधारण के लिए पंचायतों द्वारा की गई व्यवस्था के बारे में पूछा। उन्होंने गांवों में जलस्रोतों, जल की गुणवत्ता के नियमित परीक्षण तथा रखरखाव शुल्क की भी जानकारी ली। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा यूनिसेफ और एसीई (Action for Community Development) संस्था के सहयोग से इस एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें करीब 100 महिला सरपंच शामिल हुईं।

कार्यशाला में हर घर जल प्रमाणित गांवों में नल जल योजनाओं के संचालन, संधारण और मरम्मत पर व्यापक विचार-विमर्श और बेस्ट प्रेक्टिसेस पर गहन चर्चा की गई। महिला सरपंचों ने इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत अपनी-अपनी पंचायतों में जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा नल जल योजना के संचालन-संधारण के अनुभव साझा किए। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने महिला सरपंचों को नल जल योजनाओं के सफल, निर्बाध और दीर्घकालीन संचालन के गुर बताए।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कार्यशाला में कहा कि जल आपूर्ति के लिए उपयोग हो रहे जल स्रोतों की देखभाल और सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है। इसके टिकाऊपन (Sustainability) पर ही योजना की दीर्घकालीन सफलता निर्भर है। उन्होंने कहा कि नल जल योजनाओं के काम पूर्ण होने तथा पंचायतों को इसके हस्तांतरण के बाद इसका संचालन व संधारण ग्राम पंचायतों को करना है। जल जीवन मिशन हमारे घर और हमारे गांव के लिए योजना है। ग्राम पंचायतों को गांववालों के साथ मिलकर जल आपूर्ति की व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना है।  साव ने जल स्तर बनाए रखने तथा भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने स्टॉपडैम बनाने और बारिश के पानी को संग्रहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी के प्राकृतिक बहाव के अवरोधों व अतिक्रमणों को हटाकर तालाबों को अच्छे से भरने की व्यवस्था सभी गांवों को करना चाहिए।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, राजीव गांधी राष्ट्रीय भूमि जल प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान की निदेशक सुश्री रूबी मुखर्जी और यूनिसेफ की जल एवं स्वच्छता विशेषज्ञ सुश्री श्वेता पटनायक ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता  के.के. मरकाम और अधीक्षण अभियंता  समीर गौड़ भी कार्यशाला में मौजूद थे।

महिला स्व-सहायता समूहों, FPO और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार- मंत्री टंक राम वर्मा

महिला स्व-सहायता समूहों, FPO और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार- मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर: कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि विश्वविद्यालयों में स्थापित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर (कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर) किसानों, युवाओं और नए उद्यमियों को कम लागत पर आधुनिक मशीनरी, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग और कौशल प्रशिक्षण की साझा सुविधा प्रदान करते हैं।  बिना बड़ी मशीनें खरीदे, उद्यमी यहाँ अपने कच्चे माल (जैसे फल, सब्जी, मसाले या मिलेट्स) से जूस, अचार, सॉस व अन्य उत्पाद बनाकर उनकी गुणवत्ता और बाजार का परीक्षण कर सकते हैं।

धमतरी जिले में कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के मूल्य संवर्धन और ग्रामीण उद्यमिता को नई पहचान देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), धमतरी में नवनिर्मित ‘माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर’ का भव्य लोकार्पण राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, उच्च शिक्षा  मंत्री श्री टंक राम वर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी सफलतापूर्वक समापन हुआ।

​वैज्ञानिक प्रसंस्करण से किसानों की आय दोगुनी करना मुख्य उद्देश्य: मंत्री टंक राम वर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उपजों का वैज्ञानिक विधि से प्रसंस्करण (Processing) करना किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। कृषि विज्ञान केंद्रों की भूमिका अब सिर्फ तकनीक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन्हें ग्रामीण उद्यमिता के पावरहाउस के रूप में विकसित किया जा रहा है। ‘प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’ से ग्रामीण युवाओं, स्व-सहायता समूहों और एफपीओ (FPO) को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं।

​महिला स्व-सहायता समूहों, FPO और युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के नए द्वार-मंत्री श्री टंक राम वर्मा

मंत्री श्री वर्मा ने इन्क्यूबेशन सेंटर में स्थापित आधुनिक मशीनों का निरीक्षण किया और प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर ब्रांडिंग, पैकेजिंग और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक सिखाकर स्थानीय लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

​स्थानीय उपजों को मिलेगा नया बाजार: कलेक्टर

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने इसे जिले के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इस सेंटर से स्थानीय कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे धमतरी के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की नई राहें खुलेंगी।

​तीन दिवसीय प्रशिक्षण में सीखे गुणवत्ता और मार्केटिंग के गुर

​तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान किसानों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ ​गुणवत्ता नियंत्रण एवं स्वच्छता ​आधुनिक पैकेजिंग व लेबलिंग ​FSSAI के मानक एवं नियम,​विपणन और ब्रांडिंग के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई।

इस कार्यक्रम में धमतरी महापौर  रामू रोहरा, पूर्व विधायक रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाए, कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता, खाद्य प्रसंस्करण विभागाध्यक्ष, जिला व्यापार उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान और महिला समूहों की सदस्याएं उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारी वर्षा को देखते हुए सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारी वर्षा को देखते हुए सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

 रेड एवं येलो अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरतने, संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी और समय पर राहत-बचाव सुनिश्चित करने के निर्देश

जन सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, तैयारियों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही वर्षा तथा मौसम विभाग द्वारा कई जिलों के लिए जारी रेड एवं येलो अलर्ट को देखते हुए सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को उच्च सतर्कता (हाई अलर्ट) पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि वे संभावित बाढ़ एवं जलभराव प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखें तथा संवेदनशील स्थानों की पहचान कर आवश्यक एहतियाती कदम तत्काल उठाएं। जिन क्षेत्रों में आवश्यकता हो, वहां लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि की संभावना न रहे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले में राहत एवं बचाव की समुचित तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। राहत शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों, प्राथमिक उपचार, बिजली, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध रहे। साथ ही वृद्धजनों, महिलाओं, बच्चों तथा दिव्यांगजनों जैसे संवेदनशील वर्गों की विशेष देखभाल सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), पुलिस, होमगार्ड, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत वितरण कंपनी तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता बनाए रखें। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों, उपकरणों, नावों तथा राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिस्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला एवं राज्य स्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाए तथा मौसम की स्थिति, जलाशयों के जलस्तर, नदी-नालों की स्थिति और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा की जाए। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य तत्काल प्रारंभ किए जाएं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, अनावश्यक रूप से नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन को दें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन की सतर्कता, समयबद्ध कार्रवाई और जनसहयोग से किसी भी संभावित आपदा का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।

बस्तर में सड़क विकास को मिलेगी नई गति : सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात

बस्तर में सड़क विकास को मिलेगी नई गति : सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से की मुलाकात

 भारतमाला परियोजना से जगदलपुर को जोड़ने और प्रमुख मार्गों के फोरलेन निर्माण की मांग

बस्तर के सभी जिला मुख्यालयों को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़ने के लिए विशेष पैकेज का प्रस्ताव

रायपुर-- दिल्ली प्रवास के दौरान बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  महेश कश्यप ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी से मुलाकात कर बस्तर क्षेत्र में सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपे। सांसद कश्यप ने बस्तर में सड़क संपर्क को मजबूत करने, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और उन्नयन की आवश्यकता पर जोर दिया।

         सांसद  कश्यप ने बताया कि सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों और प्रभावी रणनीति के कारण बस्तर में नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण हुआ है। इसके परिणामस्वरूप उद्योग, व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। इन संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आधुनिक और बेहतर सड़क नेटवर्क आवश्यक है।

प्रमुख मार्गों को फोरलेन बनाने का प्रस्ताव

        बस्तर सांसद ने एनएमडीसी स्टील प्लांट की गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जगदलपुर-नगरनार-ओडिशा सीमा मार्ग को फोरलेन बनाने की मांग की। इसके साथ ही जगदलपुर-दंतेवाड़ा-बीजापुर-भोपालपटनम-तेलंगाना सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी फोरलेन के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच आवागमन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात तक पर्यटकों की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग को भी चार लेन में विकसित करने की मांग की।

भारतमाला परियोजना से जोड़ने पर जोर

        बस्तर सांसद  कश्यप ने जगदलपुर को भारतमाला परियोजना के आर्थिक गलियारों से जोड़ने, शहर में यातायात का दबाव कम करने के लिए रिंग रोड और बायपास के निर्माण तथा बस्तर संभाग के सभी जिला मुख्यालयों को उच्च गुणवत्ता वाले राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने के लिए विशेष विकास पैकेज स्वीकृत करने का आग्रह किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए ब्लैक स्पॉट्स के सुधार, आवश्यक स्थानों पर पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का विषय भी प्रमुखता से उठाया।

        बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से बस्तर में व्यापार, रोजगार, पर्यटन और निवेश को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी। इससे बस्तर राष्ट्रीय विकास के मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से उभरेगा।

छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में  प्रमुख रेल परियोजनाओं को गति देने रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से की विस्तृत चर्चा

रेल नेटवर्क का विस्तार छत्तीसगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास का मजबूत आधार बनेगा : मुख्यमंत्री  साय

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं तथा लंबित रेल लाइनों की प्रगति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद  संतोष पांडे उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक, खनिज एवं कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय अंचलों के विकास तथा क्षेत्रीय संतुलित प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अधोसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है।

बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा ऐसे अनेक क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा लाखों नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा चुकी है तथा रेलवे द्वारा निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं - सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) तथा अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) - को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पर रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर आगामी कार्यवाही प्रारंभ करने का अनुरोध किया, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत हो सके तथा विकास एवं सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को गति मिले।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की सुगम आवाजाही, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।

 

वीएसके ऐप में तकनीकी त्रुटियों का होगा शीघ्र समाधान, तकनीकी समस्या के कारण किसी शिक्षक का वेतन नहीं कटेगा: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

वीएसके ऐप में तकनीकी त्रुटियों का होगा शीघ्र समाधान, तकनीकी समस्या के कारण किसी शिक्षक का वेतन नहीं कटेगा: शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

 लगभग डेढ़ लाख शिक्षक नियमित रूप से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर निभा रहे हैं अपनी जिम्मेदारी, शिक्षा मंत्री ने जताया आभार

85 प्रतिशत शिक्षक रोज लगाते है ऑनलाइन अटेंडेंस

रायपुर-- स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने कहा है कि शिक्षक संगठनों एवं शिक्षकों द्वारा VSK ऐप में आ रही तकनीकी त्रुटियों एवं एरर संबंधी शिकायतों को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि VSK ऐप में आने वाली तकनीकी समस्याओं के कारण किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा जाएगा। शिक्षकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।  यादव ने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीम को VSK ऐप में आ रही सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। लक्ष्य निर्धारित किया गया है कि 15 अगस्त तक ऐप में आ रही तकनीकी खामियों का समाधान कर इसे पूरी तरह सुचारु बनाया जाए, ताकि शिक्षकों को बिना किसी परेशानी के अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा मिल सके। 

शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के लगभग 1 लाख 75 हजार शिक्षकों में से लगभग डेढ़ लाख शिक्षक लगभग 85 प्रतिशत शिक्षक प्रतिदिन VSK ऐप के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि प्रदेश के शिक्षक नई तकनीक को अपनाते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं आधुनिक बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षक केवल शिक्षण कार्य ही नहीं, बल्कि डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सरकार उनके इस सहयोग, अनुशासन और समर्पण का सम्मान करती है। शिक्षकों के सुझावों और अनुभवों के आधार पर VSK ऐप को और अधिक सरल, उपयोगी एवं प्रभावी बनाया जाएगा।

 गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षकों के सम्मान, सुविधा और हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यदि किसी शिक्षक को तकनीकी कारणों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में कठिनाई आती है, तो उसके हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी। किसी भी शिक्षक को तकनीकी खामी का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों से अपील की कि वे पूर्व की भांति VSK ऐप का उपयोग करते रहें तथा यदि किसी प्रकार की तकनीकी समस्या या सुझाव हो तो उसे संबंधित अधिकारियों तक अवश्य पहुँचाएं। सरकार प्रत्येक सुझाव का सकारात्मक परीक्षण कर आवश्यक सुधार करेगी, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं तकनीक-सक्षम बन सके।

मुख्यमंत्री साय के विजन को रेखांकित करेगी मुस्कुराता बस्तर कार्टून कार्यशाला

मुख्यमंत्री साय के विजन को रेखांकित करेगी मुस्कुराता बस्तर कार्टून कार्यशाला

 00 मुस्कुराता बस्तर थीम पर जगदलपुर में होगी कार्टून कार्यशाला

00 स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगा वरिष्ठ कार्टूनिस्टों से प्रशिक्षण

रायपुर। छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए मुस्कुराता बस्तर थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम मुस्कुराता बस्तर इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।
इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट  माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।
कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। मुस्कुराता बस्तर अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोडऩे का रचनात्मक प्रयास है।

महानदी विवाद नहीं, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझा समृद्धि का आधार बने : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

महानदी विवाद नहीं, छत्तीसगढ़-ओडिशा की साझा समृद्धि का आधार बने : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 श्रमशक्ति भवन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़, ओडिशा की उच्चस्तरीय बैठक

नई दिल्ली, 30 जुलाई- नई दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में आज केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सीआर पाटिल की अध्यक्षता में महानदी जल विवाद के समाधान को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों की साझा जीवनरेखा है। यह किसानों, उद्योगों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ इस बैठक को विवाद की निरंतरता नहीं, बल्कि समाधान की नई शुरुआत के रूप में देखता है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओडिशा की सिंचाई, पेयजल और हीराकुंड परियोजना से जुड़ी चिंताओं का सम्मान करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों, आदिवासी क्षेत्रों, सूखा प्रभावित अंचलों और भविष्य की विकास आवश्यकताओं को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए सम्मानजनक, व्यावहारिक और दीर्घकालिक समाधान पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि दोनों राज्यों के विशेषज्ञ उपलब्ध जल के वैज्ञानिक आकलन, कम वर्षा वाले वर्षों के लिए साझा व्यवस्था तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्थायी संस्थागत तंत्र विकसित करें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक एवं तकनीकी स्तर पर अधिकतम मुद्दों का समाधान किया जाए और केवल नीतिगत विषय ही मंत्रिस्तरीय स्तर पर लाए जाएं।

साय ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सीआर पाटिल और केंद्रीय जल आयोग से निष्पक्ष तकनीकी सहयोग, समयबद्ध कार्ययोजना तथा दोनों राज्यों के बीच दीर्घकालिक समझौते का प्रारूप तैयार कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महानदी विवाद की रेखा नहीं, बल्कि सहयोग, विकास और भाईचारे का सेतु बने।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी संघवाद और संवाद आधारित दृष्टिकोण ने वर्षों पुराने जटिल विषयों के समाधान का सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रक्रिया से दोनों राज्यों के किसानों, नागरिकों और भावी पीढ़ियों का जल भविष्य सुरक्षित होगा।

बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय की बड़ी सौगात : बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली तक बनेगी 4.89 करोड़ की सड़क

मुख्यमंत्री साय की बड़ी सौगात : बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली तक बनेगी 4.89 करोड़ की सड़क

 00 बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, ग्रामीणों में खुशी की लहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में ग्रामीण अधोसंरचना विकास को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में जिले के बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 4 करोड़ 89 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस सड़क का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह सड़क लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल थी। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क निर्माण से वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या का स्थायी समाधान होगा।

नई सड़क बनने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। विशेष रूप से बारिश के मौसम में ग्रामीणों को होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी और गांवों की जिला मुख्यालय सहित अन्य क्षेत्रों तक पहुंच अधिक सुगम हो सकेगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क संपर्क का लगातार विस्तार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत सड़क परियोजनाएं न केवल आवागमन को सुगम बना रही हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई मजबूती प्रदान कर रही हैं। बनगाँव आश्रम चौक से मुड़ाटोली सड़क निर्माण की यह स्वीकृति क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

वित्त मंत्री चौधरी ने किया जीके इलेक्ट्रिक शोरूम का शुभारंभ

वित्त मंत्री चौधरी ने किया जीके इलेक्ट्रिक शोरूम का शुभारंभ

 00 स्थानीय व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा, आधुनिक सुविधाओं से ग्राहकों को होगा लाभ

रायपुर। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने रायगढ़ के कोतरा रोड स्थित जीके इलेक्ट्रिक शोरूम का विधिवत फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शोरूम का अवलोकन किया तथा संचालकों को नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ निरंतर विकास और व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। नए प्रतिष्ठानों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और उपभोक्ताओं को बेहतर एवं आधुनिक सेवाएं उपलब्ध होती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि शोरूम क्षेत्र के लोगों को गुणवत्तापूर्ण इलेक्ट्रिकल उत्पाद और उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करेगा।

चौधरी ने शोरूम संचालकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि व्यापार जगत की प्रगति से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलती है, जिससे समग्र विकास को बल मिलता है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, व्यापारीगण, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मृत्यु न हो यही हमारा लक्ष्य : स्वास्थ्य मंत्री

मलेरिया पर निर्णायक प्रहार जारी, एक भी मृत्यु न हो यही हमारा लक्ष्य : स्वास्थ्य मंत्री

 00 प्रदेश में एनॉलॉग पनीर पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश, मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान से 34 लाख से अधिक लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि प्रदेश सरकार दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बस्तर अंचल में संचालित मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके माध्यम से लाखों लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंची हैं तथा गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान और उपचार संभव हुआ है

रायपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34.29 लाख से अधिक नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जो लक्षित आबादी का लगभग 99 प्रतिशत है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग, मुख कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार प्रारंभ किया गया। वहीं 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा 10,938 उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी और उपचार सुनिश्चित किया गया।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मलेरिया के कुछ मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहा है। प्रदेश के स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम और मैदानी अमला गांव-गांव पहुंचकर जांच, उपचार, सर्वेक्षण और जनजागरूकता गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। मलेरिया नियंत्रण एवं उन्मूलन के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मलेरिया से एक भी मृत्यु न हो, यही हमारा लक्ष्य है। इसके लिए समय पर जांच, त्वरित उपचार, सतत निगरानी और सामुदायिक जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रणनीतिक कार्ययोजना, सतत निगरानी और जनसहभागिता के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है। वहीं राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक (एपीआई) 5.21 से घटकर 0.90 तक पहुंच गया है। यह उपलब्धि मलेरिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के सतत प्रयासों को दर्शाती है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव सम्पन्न हुए हैं। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की नियमित विशेषज्ञ जांच, उच्च जोखिम गर्भावस्थाओं की पहचान तथा आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश में 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस संचालित की गई हैं। जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक नागरिकों को समयबद्ध आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे दुर्घटना, प्रसूति एवं अन्य आपात परिस्थितियों में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सकी।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं को आमजन तक पहुंचाने के लिए एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के सहयोग से राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हब एंड स्पोक मॉडल, आईटी आधारित रिपोर्टिंग प्रणाली एवं गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को भी विश्वसनीय और समयबद्ध जांच सुविधियां उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। इससे स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आवश्यक तकनीकी एवं पैरामेडिकल मानव संसाधन उपलब्ध होंगे तथा प्रदेश के युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी शिक्षा एवं प्रशिक्षण के नए अवसर प्राप्त होंगे।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने खाद्य सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग एवं विक्रय पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रपति भवन के विशेष अतिथि बने बस्तर के मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान

राष्ट्रपति भवन के विशेष अतिथि बने बस्तर के मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान

 00 बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है : राष्ट्रपति मुर्मु

00 राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की जनजातीय संस्कृति का ऐसा वैभव देखने को मिला : केंद्रीय गृहमंत्री शाह

00 राष्ट्रपति ने स्वयं अतिथियों को भोजन परोसकर किया उनका सम्मान
00 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जताई बस्तर दशहरा और बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा
00 मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पहुँचा 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, राष्ट्रपति को भेंट की 300 वर्ष पुरानी झिटकू-मिटकी की अनुपम कलाकृति

रायपुर। बस्तर की लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक नेतृत्व की गौरवशाली विरासत ने आज राष्ट्रपति भवन में इतिहास रच दिया। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर पंडुम-2026 के विजेता प्रतिभागियों, परंपरागत जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था के प्रतिनिधियों, पद्मश्री सम्मानित विभूतियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति भवन में आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। भारतीय लोकतांत्रिक परंपरा में अत्यंत दुर्लभ और आत्मीय दृश्य तब देखने को मिला, जब राष्ट्रपति ने स्वयं सभी अतिथियों को भोजन परोसकर उनका सम्मान किया। राष्ट्रपति की इस सहज आत्मीयता ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया। प्रतिनिधिमंडल में उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, बस्तर के पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व के प्रतिनिधि, बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार, पद्मश्री सम्मानित विभूतियाँ, जनप्रतिनिधि तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहे।

राष्ट्रपति भवन के विशेष अतिथि बने बस्तर के मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से आत्मीय संवाद करते हुए बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोककला, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, मांझी-चालकी प्रणाली तथा बस्तर पंडुम के आयोजन के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कलाकारों और जनजातीय प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत भारत की अमूल्य धरोहर है और उसका संरक्षण पूरे देश का दायित्व है।
राष्ट्रपति ने जताई बस्तर आने की इच्छा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आग्रह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भविष्य में बस्तर दशहरा एवं बस्तर पंडुम में सम्मिलित होने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उनके हृदय को विशेष रूप से स्पर्श करता है। राष्ट्रपति ने भगवान जगन्नाथ की काष्ठ निर्मित प्रतिमा तथा बस्तर दशहरा की अद्वितीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका बस्तर दशहरा से विशेष आत्मीय संबंध रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि मांझी उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनके पिता भी मांझी थे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की परंपरागत नेतृत्व व्यवस्था सामाजिक एकता, सामुदायिक सहभागिता और सांस्कृतिक संरक्षण की सशक्त आधारशिला है।

राष्ट्रपति भवन के विशेष अतिथि बने बस्तर के मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान

बस्तर पंडुम ने संस्कृति को दिलाई नई पहचान
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उत्सव है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने बस्तर की वास्तविक सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे के साथ-साथ पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करते हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के कलाकार, शिल्पकार और युवा अपनी सांस्कृतिक अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
बस्तर विकास और शांति की नई पहचान बन रहा है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार के सतत प्रयासों और स्थानीय जनभागीदारी के परिणामस्वरूप बस्तर आज शांति, विकास और समृद्धि की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि बस्तर में आया यह सकारात्मक परिवर्तन पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है। उन्होंने मांझी एवं चालकी की भूमिका की विशेष प्रशंसा करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करते हुए सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
पहली बार राष्ट्रपति भवन में दिखा बस्तर का ऐसा वैभव - केंद्रीय गृह मंत्री शाह
इस अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि वे अनेक अवसरों पर राष्ट्रपति भवन आए हैं, किंतु पहली बार उन्होंने राष्ट्रपति भवन में बस्तर की पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल को एक साथ देखा है। उन्होंने कहा कि यह दृश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय गौरव का अद्भुत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री बोले - यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से बस्तर के प्रतिनिधिमंडल की यह आत्मीय भेंट पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर अंचल के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएँ और सांस्कृतिक विरासत देश के सर्वोच्च संवैधानिक मंच पर सम्मानित हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर आज शांति, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई प्रतिष्ठा दिलाई है तथा स्थानीय कलाकारों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को नया मंच प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जनजातीय समाज और उसकी संस्कृति से गहरा आत्मीय जुड़ाव है। उनके अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का निमंत्रण देते हुए कहा कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी तथा जनजातीय समाज का उत्साह और बढ़ेगा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया तथा भारत की लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक विरासत से जुड़े विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों और महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत हुआ।

राष्ट्रपति भवन के विशेष अतिथि बने बस्तर के मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और जनजातीय प्रतिनिधियों का हुआ विशेष सम्मान

राष्ट्रपति को भेंट की गई बस्तर की 300 वर्ष पुरानी झिटकू-मिटकी की अनुपम कलाकृति
मुख्यमंत्री Ÿविष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा झिटकू-मिटकी पर आधारित विशेष कलाकृति स्मृति-चिह्न स्वरूप भेंट की। यह कलाकृति बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्रेम, समर्पण, लोकआस्था और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है। लोकमान्यता के अनुसार कठिन अकाल के समय झिटकू और मिटकी ने अपने प्रेम, त्याग और समर्पण की ऐसी अमिट मिसाल प्रस्तुत की कि उन्हें देवतुल्य सम्मान प्राप्त हुआ। आज भी बस्तर अंचल में झिटकू को खोडिय़ा राजा तथा मिटकी को गप्पा देई के रूप में श्रद्धापूर्वक पूजा जाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, विशेष सचिव रजत बंसल, संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, बस्तर संभाग के आयुक्त डोमन सिंह, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग के संचालक संजय कन्नौजे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CG POLICE TRANSFER : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 33 पुलिसकर्मियों के तबादले... देखें लिस्ट…!!

CG POLICE TRANSFER : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 33 पुलिसकर्मियों के तबादले... देखें लिस्ट…!!

 सूरजपुर। जिले के नए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने पदभार संभालने के बाद बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 33 पुलिसकर्मियों के तबादले कर दिए हैं। इस सूची में कई थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के नाम शामिल हैं। इस बदलाव को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

देखें पूरी लिस्ट

 

 
 
 
 
सावन का शुभारंभ, शिव मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जलाभिषेक के लिए मंदिरों में लगी लंबी कतारें

सावन का शुभारंभ, शिव मंदिरों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, जलाभिषेक के लिए मंदिरों में लगी लंबी कतारें

 रायपुर। आज से सावन महीने की शुरुआत हुई। इस दौरान शिव मंदिर में लोग शिवलिंग पर जल चढ़ाने पहुंच रहे है। रायपुर शहर के प्राचीन शिव मंदिर महादेव घाट के हटकेश्वर महादेव मंदिर में सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालु की भीड़ उमड़ रही है। मंदिर में सावन को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारी की गई है।

मंदिर को लेकर ऐसी ऐसी मान्यता है कि नंदी के कानों में बताई मनोकामना भगवान भोलेनाथ सुनते हैं और पूरी करते हैं। रायपुर के कलचुरी वंश के राजाओं ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था। ऐसी मान्यता है कि यहां भगवान भोलेनाथ से मांगी गई मुरादें पूरी होती हैं। रायपुर शहर के लोग इस मंदिर के प्रति विशेष आस्था रखते हैं।

मंदिर के महंत सुरेश गिरी महराज ने बताया कि रायपुर शहर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली खारुन नदी तट पर ऐतिहासिक हटकेश्वर नाथ मंदिर है। ऐसा कहा जाता है कि 1402 ई में कल्चुरी राजा रामचंद्र के पुत्र ब्रह्मदेव राय के शासन काल में हाजीराज नाइक ने मंदिर का निर्माण कराया था। हरिद्वार के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर कुछ साल पहले खारुन नदी के उपर सड़क रूपी झूला बनाया गया है। जबसे यह झूला बना है। तबसे यहां सैलानियों की संख्या कई गुणा बढ़ चुकी है।

 
 CG - अब ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर मिलेगा शिक्षकों का वेतन, डीपीआई के निर्देश से बढ़ा विवाद

CG - अब ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर मिलेगा शिक्षकों का वेतन, डीपीआई के निर्देश से बढ़ा विवाद

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में अब शिक्षकों का वेतन उनकी ऑनलाइन उपस्थिति (ऑनलाइन अटेंडेंस) के आधार पर जारी किया जाएगा। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। नई व्यवस्था जुलाई माह से लागू होगी, जिसके तहत जितने दिनों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी, उतने दिनों का ही वेतन शिक्षकों को मिलेगा।

डीपीआई द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, शिक्षकों की उपस्थिति का सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा और उसी के आधार पर वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग का उद्देश्य उपस्थिति प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। हालांकि, इस फैसले के बाद प्रदेश के शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। विभिन्न शिक्षक नेताओं ने आदेश का विरोध करते हुए कहा है कि तकनीकी खामियों को दूर किए बिना इस व्यवस्था को लागू करना उचित नहीं है।

शिक्षक संगठनों का कहना है कि प्रदेश के कई दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। ऐसे में कई बार शिक्षक विद्यालय में उपस्थित होने के बावजूद ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं कर पाते। उनका कहना है कि यदि केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन दिया गया तो कई शिक्षकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।शिक्षक नेताओं ने मांग की है कि पहले ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम की तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, उसके बाद ही इसे वेतन भुगतान से जोड़ा जाए। फिलहाल डीपीआई के आदेश को लेकर शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है।

धरती का श्रृंगार हैं वृक्ष, प्रत्येक व्यक्ति पौधरोपण का संकल्प ले : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

धरती का श्रृंगार हैं वृक्ष, प्रत्येक व्यक्ति पौधरोपण का संकल्प ले : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर: वृक्ष धरती का श्रृंगार ही नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज गुरु पूर्णिमा एवं अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर वन विभाग द्वारा बिलासपुर के पंडित सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित वन महोत्सव में ये बातें कही। उन्होंने इस अवसर पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत पौधरोपण किया।साव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने वन विभाग के ‘‘पौधा तुंहर दुवार’’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण भी किया।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिक्षा के मंदिर में वृक्षारोपण होना अत्यंत सुखद एवं प्रेरणादायी है। गुरु त्याग, समर्पण और ज्ञान के प्रतीक होते हैं। आज का दिन गुरुओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर है। आज अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस भी है, जो हमें वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के महत्व की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मानव शरीर अनेक अंगों से मिलकर बना है, उसी प्रकार पृथ्वी पर जीवन के संतुलन के लिए वृक्ष अत्यंत आवश्यक हैं। जल संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और धरती को जीवनदायी बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का प्रतीक है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का दायित्व भी निभाना चाहिए।
विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने वन महोत्सव में कहा कि वन मानव जीवन और प्रकृति के संतुलन का आधार हैं। वनों की अंधाधुंध कटाई के दुष्परिणाम आज सामने आ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर एक पौधा अवश्य लगाए तथा उसके संरक्षण का संकल्प भी ले। सीसीएफ मनोज पांडे ने वन महोत्सव का महत्व बताते हुए कहा कि वर्ष 1950 से प्रारंभ हुआ यह अभियान आज भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का प्रभावी माध्यम बना हुआ है।

विधायक दिलीप लहरिया, महापौर पूजा विधानी, बिलासपुर जिला पंचायत के अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, बिल्हा जनपद पंचायत के अध्यक्ष  रामकुमार कौशिक, कुलपति डॉ. विरेन्द्र कुमार सारस्वत, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, वनमंडलाधिकारी  नीरज कुमार,  मोहित जायसवाल और  राजेश सिंह ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

सफलता की कहानी : सखी वन स्टॉप सेंटर बना सहारा, अवसाद से जूझ रही महिला को मिला नया जीवन..

सफलता की कहानी : सखी वन स्टॉप सेंटर बना सहारा, अवसाद से जूझ रही महिला को मिला नया जीवन..

 रायपुर- जीवन में अपनों को खोने का दुख किसी भी व्यक्ति को गहरे मानसिक आघात में डाल सकता है। ऐसे समय में यदि भावनात्मक और सामाजिक सहारा मिल जाए, तो जीवन को नई दिशा मिल सकती है। छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर ने ऐसी ही एक महिला को अवसाद और नशे की गिरफ्त से बाहर निकालकर उसे फिर से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया।

दंतेवाडा के आवंराभाटा क्षेत्र की रहने वाली प्रीति सिंह ने कुछ वर्ष पहले अपने पुत्र को बीमारी के कारण खो दिया था। इससे पहले उनके पति का भी निधन हो चुका था। लगातार मिले इन दुखद आघातों के कारण वह गहरे अवसाद में चली गईं और धीरे-धीरे शराब की आदी हो गईं। उन्होंने घर पर रहना छोड़ दिया और कई दिनों तक बिना भोजन के इधर-उधर भटकती रहीं।

*सूचना मिलते ही सखी सेंटर ने की मदद*

स्थानीय लोगों ने महिला की स्थिति की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को दी। इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची। महिला की मानसिक और नशे की स्थिति को देखते हुए 112 पुलिस सेवा की सहायता से उनका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें सखी सेंटर लाया गया।

सेंटर में उनकी नियमित देखभाल की गई। चिकित्सकों की निगरानी में उपचार कराया गया और लगातार काउंसलिंग के माध्यम से उनका मानसिक संबल बढ़ाया गया।

*काउंसलिंग से बढ़ा आत्मविश्वास*

काउंसलिंग के दौरान प्रीति सिंह ने बताया कि वह दूसरों के घरों में काम करके अपना जीवन चलाती थीं, लेकिन पति और पुत्र के निधन के बाद अकेलापन और तनाव उन्हें नशे की ओर ले गया।

सखी सेंटर के काउंसलरों ने उन्हें  स्वास्थ्य सुधार और सुरक्षित वातावरण में रहने की सलाह दी। हालांकि उन्होंने नारी निकेतन में रहने के बजाय अपनी बेटी के साथ रहने की इच्छा व्यक्त की।

*बेटी से मिलाया, परिवार से जोड़ा*

सखी सेंटर की टीम ने महिला की बेटी का पता लगाया और उसे अपनी मां की देखभाल के लिए प्रेरित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में सखी सेंटर की टीम ने प्रीति सिंह को पूरी तरह  स्वस्थ और नशा मुक्त होने के बाद सुरक्षित रूप से रायपुर में उनकी बेटी के पास पहुंचाया।

अपनी बेटी के साथ सुरक्षित पहुंचने के बाद प्रीति सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग और सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया।

*महिलाओं के लिए भरोसे का केंद्र*

यह कहानी दर्शाती है कि सखी वन स्टॉप सेंटर केवल संकट में फंसी महिलाओं को आश्रय ही नहीं देता, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग प्रदान कर जीवन की नई शुरुआत करने में भी मदद करता है। छत्तीसगढ़ शासन की यह पहल महिलाओं के संरक्षण, पुनर्वास और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी और संवेदनशील प्रयास है।

Weather update: छत्तीसगढ़ में मानसून फिर हुआ एक्टिव, अगले 24 घंटे में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जताई संभावना

Weather update: छत्तीसगढ़ में मानसून फिर हुआ एक्टिव, अगले 24 घंटे में होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जताई संभावना

 रायपुर। पश्चिम बंगाल के ऊपर बने गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के कारण सावन के पहले ही राजधानी रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान हुई इस मानसूनी बारिश ने जनजीवन को खासा प्रभावित किया है। आज से रायपुर समेत कई जिलों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है, हालांकि एक-दो जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होने के आसार है। भौगोलिकसंदर्भ

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम ?
पिछले 24 घंटों में बचेली में 20 सेंटीमीटर और रायपुर में 15 सेंटीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। बस्तर से लेकर रायपुर, मध्य छत्तीसगढ़, बिलासपुर और सरगुजा संभाग के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के चलते कई नदी-नाले ओवरफ्लो हो गए हैं।

रायपुर में जुलाई का रिकॉर्ड टूटा
रायपुर जिले में इस जुलाई माह में बारिश का नया रिकॉर्ड बन गया है। जिले में अब तक 59 सेंटीमीटर पानी बरस चुका है, जो सामान्य से 27% अधिक है। वहीं, पूरे प्रदेश में अब तक कुल 59 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 12% कम है।

मौसम का अगला मिजाज
मौसम विभाग के विशेषज्ञों का कहना कि मध्य छत्तीसगढ़ और उससे लगे अंदरूनी उड़ीसा के ऊपर स्थित गहरा अवदाब का क्षेत्र आगे बढ़ते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश पहुंचने की संभावना है। सिस्टम के आगे बढ़ने से बारिश की गतिविधि में कमी आ सकती है। भौगोलिकसंदर्भ

इन संभागों में बारिश की संभावना
आज अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जो मुख्य रूप से दुर्ग संभाग और बिलासपुर संभाग के पश्चिमी जिलों में केंद्रित रहने का अनुमान है।

रायपुर शहर के लिए स्थानीय पूर्वानुमान
30 जुलाई को आकाश मेघमय रहने और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने की संभावना है।

सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के BJP प्रदेश अध्यक्ष घायल,ट्रक से टकराई इनाेवा कार

सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ के BJP प्रदेश अध्यक्ष घायल,ट्रक से टकराई इनाेवा कार

 तालबेहट (ललितपुर)। झांसी-ललितपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार दोपहर 3 बजे एक सड़क हादसे में छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह गम्भीर रूप से घायल हो गए। उनकी इनोवा कार तालबेहट के टेकरी गांव के समीप पीछे से एक ट्रक में जा घुसी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन में सवार प्रदेश अध्यक्ष तथा चालक गम्भीर रूप से घायल हो गए। उनको गम्भीर हालत में उपचार के लिये झांसी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। हादसे में उनकी पत्नी और बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं। देर शाम प्रदेश अध्यक्ष को एयर लिफ्ट कराकर छत्तीसगढ़ ले जाने के प्रयास भी प्रारम्भ हो गए थे।

छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह अपने परिवार के साथ बुधवार को मध्य प्रदेश के दतिया स्थित माँ पीताम्बरा पीठ से दर्शन कर लौट रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे जैसे ही वह कोतवाली तालबेहट क्षेत्र अन्तर्गत टेकरी गांव के समीप स्थित महेन्द्र सिंह महाविद्यालय के पास पहुंचे तो उनकी इनोवा कार ट्रक में पीछे से घुस गई।

लोगों ने दी पुलिस को सूचना

टक्कर की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली तालबेहट पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कार में फँसे घायलों को बाहर निकालकर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तालबेहट पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं चालक गौतम कुमार की हालत गम्भीर होने पर दोनों को तत्काल मेडिकल कॉलेज झाँसी रिफर कर दिया, जबकि कार में सवार उनकी पत्नी और बच्चे सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

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उन्हें मामूली चोटें आने की जानकारी मिली है। घटना की सूचना मिलते ही उप-जिलाधिकारी तालबेहट अभिजीत सिंह व तालबेहट कोतवाल अशोक कुमार वर्मा भी अस्पताल पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भीषण थी कि इनोवा कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल मच गई। भाजपा नेता व अधिकारी मेडिकल कॉलेज पहुँचे। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत भी मेडिकल कॉलेज पहुँचे। हालत गम्भीर होने पर देर शाम प्रदेश अध्यक्ष को एयर लिफ्ट कराकर छत्तीसगढ़ ले जाने के प्रयास किए जा रहे थे।

महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशिऐलिटी अस्पताल में कराया भर्ती

छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष किरणदेव सिंह को उपचार के लिए महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशिऐलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, जिलाधिकारी गौरांग राठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति, अपर जिलाधिकारी (एडीएम), उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुँचे। बताया गया कि दतिया से लौटते समय उन्होंने सिद्धेश्वर मन्दिर में भोजन किया था। उस समय उनके साथ उनकी पत्नी, बेटी तथा अन्य परिजन भी मौजूद थे। सभी परिजन पूरी तरह सुरक्षित हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैलाशपति धाम में किया जलाभिषेक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैलाशपति धाम में किया जलाभिषेक

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम पंडरीपानी स्थित कैलाशपति धाम मनकामेश्वर शिव मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान मनकामेश्वर महादेव के दर्शन कर शिवलिंग पर जल अर्पित किया तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी उपस्थित थे।

गुरु पूर्णिमा पर कोसमनारा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना

गुरु पूर्णिमा पर कोसमनारा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना

 रायपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के ग्राम कोसमनारा स्थित प्रसिद्ध श्री श्री 108  सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है।

गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने के साथ आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा धाम लोगों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा श्रद्धालुओं को आत्मबल और शांति प्रदान करती है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र धाम में आकर पूजा-अर्चना करना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

BREAKING : स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले होंगे 101 उम्रकैदी रिहा

BREAKING : स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले होंगे 101 उम्रकैदी रिहा

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा मानवीय और सुधारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य की पांचों केंद्रीय जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 101 उम्रकैदियों को 14 अगस्त को समयपूर्व रिहा किया जाएगा। जेल प्रशासन ने इन कैदियों का चयन उनके अच्छे आचरण, अनुशासित व्यवहार, सुधार की प्रवृत्ति और जिला प्रशासन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किया है। राज्य सरकार की समयपूर्व रिहाई नीति और जेल अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिहाई से पहले प्रत्येक कैदी के मामले की विस्तृत समीक्षा की गई है, ताकि उनकी रिहाई से कानून-व्यवस्था या सामाजिक शांति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

जेल विभाग के अनुसार, इस वर्ष सबसे अधिक 48 उम्रकैदियों को केंद्रीय जेल बिलासपुर से रिहा किया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय जेल रायपुर से 20, केंद्रीय जेल दुर्ग से 16, केंद्रीय जेल जगदलपुर से 9 और केंद्रीय जेल अंबिकापुर से 8 कैदियों को रिहाई का लाभ मिलेगा। इन सभी कैदियों ने समयपूर्व रिहाई के लिए निर्धारित मानकों को पूरा किया है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी उम्रकैदी को समयपूर्व रिहाई देने का निर्णय केवल उसकी सजा की अवधि पूरी होने के आधार पर नहीं लिया जाता। इसके लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाता है। जेल में उसका अनुशासन, अन्य बंदियों और जेल कर्मचारियों के प्रति व्यवहार, सुधार की मानसिकता, पुनर्वास की संभावना तथा भविष्य में अपराध दोहराने की आशंका जैसे बिंदुओं को ध्यान में रखा जाता है। इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के बाद ही किसी कैदी का नाम समयपूर्व रिहाई की सूची में शामिल किया जाता है।

रिहाई की प्रक्रिया में संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। जेल प्रशासन प्रत्येक पात्र कैदी के संबंध में जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करता है। इन रिपोर्टों में यह आकलन किया जाता है कि संबंधित कैदी की रिहाई के बाद क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द या सार्वजनिक सुरक्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना तो नहीं है। यदि किसी मामले में प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त होती है, तो ऐसे कैदी को समयपूर्व रिहाई का लाभ नहीं दिया जाता।

जेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समयपूर्व रिहाई की नीति का उद्देश्य केवल सजा में राहत देना नहीं, बल्कि उन कैदियों को समाज में सम्मानपूर्वक दोबारा स्थापित होने का अवसर देना भी है, जिन्होंने जेल में रहते हुए अपने व्यवहार और सोच में सकारात्मक बदलाव लाया है। सुधारात्मक न्याय प्रणाली का मूल उद्देश्य अपराधियों को दंडित करने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने योग्य बनाना भी है। छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर पात्र बंदियों को समयपूर्व रिहाई देने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस प्रक्रिया के तहत केवल उन्हीं कैदियों का चयन किया जाता है, जिनका आचरण जेल में लगातार अच्छा रहा हो और जिनके बारे में यह विश्वास हो कि वे रिहाई के बाद सामान्य जीवन जीने का प्रयास करेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसे अवसर समाज में सुधार और पुनर्वास की भावना को मजबूत करते हैं।

जेल प्रशासन ने बताया कि 14 अगस्त को रिहाई से पहले सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। प्रत्येक कैदी के दस्तावेजों का सत्यापन, रिहाई आदेश, पहचान संबंधी प्रक्रियाएं और अन्य औपचारिक कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद चयनित कैदियों को औपचारिक रूप से जेल से रिहा किया जाएगा। रिहाई के बाद संबंधित जिला प्रशासन भी इन कैदियों के पुनर्वास पर ध्यान देगा। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि रिहा होने वाले व्यक्ति समाज में सामान्य जीवन जी सकें और दोबारा अपराध की ओर न बढ़ें। इसके लिए आवश्यक होने पर पुनर्वास और निगरानी से जुड़े कदम भी उठाए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि समयपूर्व रिहाई की यह व्यवस्था सुधारात्मक न्याय प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यदि कोई कैदी लंबे समय तक अनुशासित व्यवहार करता है, अपने आचरण में सुधार लाता है और समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करता है, तो उसे जीवन में नई शुरुआत करने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि इसके साथ ही कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए प्रत्येक मामले की गहन जांच और मूल्यांकन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 101 उम्रकैदियों की रिहाई का यह निर्णय न केवल सुधारात्मक न्याय व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि उन लोगों को भी नई शुरुआत का अवसर देगा, जिन्होंने जेल में रहते हुए अपने व्यवहार और जीवन दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया है।

BREAKING: IED बम की चपेट में आए दो नाबालिग, हालत नाजुक

BREAKING: IED बम की चपेट में आए दो नाबालिग, हालत नाजुक

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा पूर्व में लगाए गए प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) एक बार फिर आम लोगों के लिए खतरा बनकर सामने आए हैं। बुधवार को उसूर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में दो नाबालिग प्रेशर आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर घायल हो गए। इनमें एक सुकमा जिले से नीलम सराई जलप्रपात घूमने आए पर्यटक दल का सदस्य है, जबकि दूसरा ग्रामीण जंगल में मवेशी चराने के दौरान विस्फोटक पर पैर पड़ने से घायल हो गया। दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों और पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार पहली घटना उस समय हुई जब सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के ग्राम करीगुण्डम से 7-8 युवकों और नाबालिगों का एक समूह प्रसिद्ध नीलम सराई जलप्रपात घूमने आया था। बताया गया कि जलप्रपात से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले रास्ते में माओवादियों द्वारा पहले से लगाए गए प्रेशर आईईडी पर 13 वर्षीय सोढ़ी देवा, पिता हुंगा सोढ़ी, का पैर पड़ गया। इसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया। विस्फोट के कारण सोढ़ी देवा के दाहिने पैर की एड़ी में गंभीर चोट आई। घटना के तुरंत बाद उसके साथ मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। घायल को तत्काल उसूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।

दूसरी घटना उसी दिन उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम नम्बी के जंगल में हुई। पुलिस ने बताया कि गांव के दो ग्रामीण मवेशियों को चराने के लिए नम्बी जलधारा की ओर गए थे। इसी दौरान जंगल के रास्ते में माओवादियों द्वारा पहले से बिछाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से 15 वर्षीय विनोद कट्टम, पिता चन्द्रु कट्टम, घायल हो गया। विस्फोट में उसके दाहिने पैर की एड़ी में चोट आई। घटना के बाद उसके साथ मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण घटनास्थल तक पहुंचने वाला मार्ग काफी प्रभावित है। रास्ते में पड़ने वाले नाले में जलभराव होने से आवागमन में कठिनाई आ रही है। इसके बावजूद सुरक्षा बलों ने सावधानी बरतते हुए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और घायल तक पहुंचने का प्रयास किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने घायल को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजने की कार्रवाई की।

पुलिस का कहना है कि माओवादी अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रेशर आईईडी बिछा देते हैं। हालांकि इन विस्फोटकों की चपेट में कई बार निर्दोष ग्रामीण, बच्चे और जंगल में जाने वाले लोग भी आ जाते हैं। यही कारण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लोगों को सतर्क रहने और अनजान रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया है। बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में अन्य संभावित विस्फोटकों की तलाश कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे जंगलों और संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन या पुलिस से जानकारी अवश्य लें।

नीलम सराई जलप्रपात सहित बीजापुर के कई प्राकृतिक पर्यटन स्थल बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने और केवल सुरक्षित एवं निर्धारित मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। वहीं ग्रामीणों को भी जंगलों में मवेशी चराने या अन्य कार्यों के दौरान सतर्क रहने के लिए कहा गया है। इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों पहले लगाए गए प्रेशर आईईडी आज भी आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार ऐसे विस्फोटकों को खोजकर निष्क्रिय करने का अभियान चला रहे हैं, लेकिन दुर्गम जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।