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लोककला की अमूल्य धरोहर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर सरकार सजग

लोककला की अमूल्य धरोहर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर सरकार सजग

 0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने ली जानकारी, परिजनों को हर संभव सहायता का दिया भरोसा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया में प्रतिष्ठित करने वाली सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्मविभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई के अस्वस्थ होने की सूचना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने तत्काल पहल की। उन्होंने अपने सहयोगी को एम्स रायपुर भेजकर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

मंत्री अग्रवाल ने दूरभाष पर तीजन बाई के परिजनों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि राज्य शासन उनकी चिकित्सा एवं आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उपचार संबंधी हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं की जीवंत प्रतीक है

अग्रवाल ने कहा कि तीजन बाई केवल लोक कलाकार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं की जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने अपनी अद्भुत गायन शैली, प्रभावशाली प्रस्तुति और लोककला के प्रति समर्पण से पंडवानी को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनके योगदान ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

एम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी

एम्स रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई का उपचार जारी है। चिकित्सकों की सतत निगरानी और बेहतर चिकित्सा प्रबंधन के चलते उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक उपचार दे रही है।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की सशक्त प्रतिनिधि हैं श्रीमती तीजन बाई

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा की पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई ने अपनी अनुपम कला साधना से न केवल पंडवानी परंपरा को संरक्षित किया, बल्कि नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोडऩे का भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनकी उपलब्धियां और कला यात्रा देशभर के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने लोककला को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया है, वह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मंत्री अग्रवाल ने ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ आज उनकी कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और चिकित्सकों के प्रयासों से श्रीमती तीजन बाई जल्द स्वस्थ होकर पुन: अपनी कला के माध्यम से लोगों को प्रेरित करेंगी।

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई पहचान

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई पहचान

 0 मुख्यमंत्री साय और वित्त मंत्री चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव

विशेष लेख - सुनील त्रिपाठी सहायक संचालक, जनसंपर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी सुधारों की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा नागरिकों के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाना है।

कभी लंबी कतारों, घंटों इंतजार, दस्तावेजों के सत्यापन में देरी और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने वाली पंजीयन प्रक्रिया अब पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है। पहले जहां एक साधारण रजिस्ट्री पूरी करने में 4 से 6 घंटे अथवा कई बार 1 से 2 दिन तक लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक डिजिटल व्यवस्थाओं की मदद से यही प्रक्रिया केवल 15 से 20 मिनट में पूरी हो रही है। इससे नागरिकों के समय, धन और ऊर्जा तीनों की बड़ी बचत हो रही है। राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट एवं विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले चरण में नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग, बेबीलॉन टॉवर रायपुर, श्रीराम बिजनेस पार्क, सड्डू, कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, कुनकुरी, अभनपुर तथा तिल्दा सहित 10 प्रमुख कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

इन नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों में अब नागरिकों को वेटिंग लाउंज, वातानुकूलित सुविधा, स्वच्छ एवं व्यवस्थित परिसर, नि:शुल्क वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, हेल्प डेस्क तथा प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे पंजीयन कार्यालय अब किसी आधुनिक सेवा केंद्र की तरह दिखाई देने लगे हैं।
रायगढ़ के लाभार्थी श्री आशीष अग्रवाल ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, पहले यहां आने पर निराशा महसूस होती थी, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल गया है। बैठने की अच्छी व्यवस्था है, एसी लगा है, ठंडे पानी की सुविधा है और पूरा वातावरण बेहतर हो गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

डिजिटल तकनीक के उपयोग से पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ी है। टोकन सिस्टम लागू होने से भीड़ और अव्यवस्था कम हुई है, वहीं बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से अतिरिक्त खर्च पर रोक लगी है। अब नागरिकों को व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, कैशलेस भुगतान, खसरा नंबर के माध्यम से संपत्ति की ऑनलाइन जानकारी तथा डिजीलॉकर जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं, जिससे दस्तावेज तुरंत और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो रहे हैं।
यह पूरी व्यवस्था तेजी से पेपरलेस और डिजिटल मॉडल की ओर बढ़ रही है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के विजन को धरातल पर उतारने का प्रभावी उदाहरण बन गया है।

छत्तीसगढ़ आज पुराने, जटिल और फाइलों के बोझ वाले सिस्टम को पीछे छोड़ते हुए आधुनिक डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य का यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल न केवल प्रदेश में सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रहा है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनता जा रहा है।

पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री साय

पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री साय

 00 पत्रकारिता ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन में निभाई ऐतिहासिक भूमिका

रायपुर। पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर परिश्रम करते हुए सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हैं और समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मीडिया की सकारात्मक आलोचना केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि प्रशासन और सरकार को भी आत्ममंथन और बेहतर कार्य की दिशा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर के सुंदर सदन में आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा पर आधारित ऐसा अद्भुत आयोजन निश्चित रूप से अभिनंदनीय है। उन्होंने आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब को बधाई देते हुए कहा कि रायपुर प्रेस क्लब देश के पुराने और प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है, जिसका इतिहास समृद्ध और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता और पत्रकारों के सम्मान में आयोजित ऐसे कार्यक्रम प्रेस क्लब की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का सशक्त प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर की पत्रकारिता परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शहर ने पत्रकारिता जगत को अनेक शिखर पुरुष दिए हैं। उन्होंने मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र सहित अनेक प्रतिष्ठित संपादकों और पत्रकारों का स्मरण करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने पत्रकारिता की सशक्त और वैचारिक परंपरा को समृद्ध किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र की आधारशिला है और देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तक पत्रकारिता ने हमेशा परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि 30 मई 1826 को कोलकाता से श्री जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित देश के प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड ने भारतीय पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यह गौरवशाली यात्रा देशवासियों के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवर्षि नारद को आदि पत्रकार माना जाता है और इसी कारण पत्रकार बंधु नारद जयंती को सम्मानपूर्वक मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत रोचक और प्रेरक तथ्य है कि उदंत मार्तंड का प्रकाशन भी नारद जयंती के दिन आरंभ हुआ, जो इस बात का प्रतीक है कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सांस्कृतिक चेतना और सनातन मूल्यों से गहराई से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने राष्ट्रवादी चेतना को स्वर देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम के रूप में उपयोग किया। उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास लिखा जाएगा, तब छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। उन्होंने मां भारती के सपूत माधवराव सप्रे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ मित्र का संपादन कर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को जागृत और संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पत्रकारिता की चर्चा जब भी होगी, तब भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण स्वाभाविक रूप से होगा। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपनी पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय चेतना की जो अलख जगाई, उसने स्वतंत्र भारत में लाखों लोगों को प्रेरित किया। स्वदेश और राष्ट्रधर्म जैसे प्रकाशनों ने राष्ट्र चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारने का कार्य किया है और प्रदेश की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सलवाद उन्मूलन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा जनसहभागिता के साथ-साथ पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा और भटकाव के रास्ते पर जाने वाले लोगों को शांति, विकास और मुख्यधारा की ओर प्रेरित करने में पत्रकारों ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज जब मीडिया बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव, विकास, पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और बढ़ती संभावनाओं की खबरें सामने लाता है, तब देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनती है। जो बस्तर कभी बंदूक और हिंसा की खबरों से पहचाना जाता था, आज वही बस्तर पर्यटन, प्रकृति और विकास की नई संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा अत्यंत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि 1826 में जब उदंत मार्तंड की शुरुआत हुई, तब देश अंग्रेजी शासन के कठिन दौर से गुजर रहा था। ऐसे समय में पत्रकारिता ने अंधकार को सामने लाने के साथ समाज को उजाले की दिशा दिखाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा प्रदान करना है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत तक पत्रकारिता ने राष्ट्रधर्म और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समय के साथ बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित किया है, किंतु सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और नागरिक पत्रकारिता की अवधारणा ने कई नई चुनौतियां भी उत्पन्न की हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को शोधपरक, तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित बनाए रखना समय की आवश्यकता है, ताकि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और सामाजिक भूमिका और मजबूत हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित नवप्रदेश के विशेष अंक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी तथा दिनेश यदु की पुस्तक मैं अगहन हूं का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष श्री सुनील रामदास, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, प्रेस क्लब के पदाधिकारीगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, प्रेस क्लब के पदाधिकारीगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

श्री गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश : साय

श्री गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश : साय

 00 शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा तेलीबांधा में आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में हुए शामिल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज  गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में शामिल होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके महान बलिदान को मानवता, सत्य तथा सेवा की रक्षा का अमर संदेश बताया। इस अवसर पर  साय ने राहगीरों को शरबत एवं प्रसादी वितरित कर सेवा परंपरा में सहभागी बनते हुए समाज को परोपकार, संवेदना और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित  गुरु अर्जुन देव जी के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में उनके दिव्य जन्म से लेकर शहादत तक की प्रेरक और गौरवपूर्ण यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया था। इसमें गुरु गद्दी की प्राप्ति, हरमिंदर साहिब गुरुद्वारा के निर्माण, आदि ग्रंथ साहिब के संकलन, जहांगीर से वैचारिक संघर्ष, गिरफ्तारी, असहनीय यातनाओं के बीच अडिग आस्था का विस्तृत चित्रण शामिल था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्री गुरु अर्जुन देव जी त्याग, तपस्या, सत्य, सेवा और मानवता की महान प्रतिमूर्ति थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज को प्रेम, समानता, करुणा, समर्पण और मानव कल्याण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने अन्याय, अत्याचार और दमन के सामने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। असहनीय यातनाओं के बावजूद उनका धैर्य, साहस, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आज भी संपूर्ण मानवता के लिए अमर प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस पर आयोजित छबील सेवा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, भाईचारे और मानवता की जीवंत अभिव्यक्ति है। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाना निस्वार्थ मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सिक्ख परंपरा में छबील सेवा मानवता के प्रति समर्पण, सह-अस्तित्व और परोपकार की भावना को जीवंत बनाए रखने का माध्यम रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी को श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन, संघर्ष, आध्यात्मिक चेतना और महान बलिदान से परिचित कराने का अत्यंत सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इतिहास तभी जीवंत रहता है, जब नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के विचारों, मूल्यों और त्याग से जुड़ी रहती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों से गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सत्य, सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने इस गरिमामय एवं पुनीत आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज को साधुवाद भी दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य आपूर्ति निगम के

तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी : राजवाड़े

तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी : राजवाड़े

 00 विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर प्रदेशवासियों से नशे से दूर रहने की अपील

रायपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए गंभीर खतरा है।

समाज कल्याण मंत्री   राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। तंबाकू के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। स्कूलों, महाविद्यालयों तथा ग्राम पंचायतों में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके

समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने युवाओं से सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे से दूरी ही सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने सभी नागरिकों से तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

एनआईटी रायपुर में 66 करोड़ से अधिक की नई परियोजनाओं का शुभारंभ

एनआईटी रायपुर में 66 करोड़ से अधिक की नई परियोजनाओं का शुभारंभ

 00 नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और भारतीय ज्ञान परंपरा को मिला नया आधार

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में गुरुवार को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा सतत विकास से जुड़ी सात महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह आयोजित किए गए। इन परियोजनाओं के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं नवाचार संबंधी क्षमताओं को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव, डीन, प्राध्यापकगण, कर्मचारी, छात्र, पूर्व छात्र एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह में चार नई सुविधाओं का उदघाटन तथा तीन प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान गोल्डन टॉवर की दूसरी मंजिल पर लगभग 5,500 वर्गफुट क्षेत्र में विकसित एनआईटी रायपुर एफआईई इनक्यूबेशन सेंटर का उदघाटन किया गया। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह छत्तीसगढ़ का पहला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) समर्थित टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर है। वर्तमान में यह केंद्र क्लीन-टेक, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा बहुविषयक तकनीकी एकीकरण से जुड़े 50 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान कर रहा है।

इसके साथ ही गोल्डन टॉवर के सामने सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ भी किया गया। विद्युत मंत्रालय की रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल योजना के अंतर्गत स्थापित इस सुविधा में 60 किलोवाट क्षमता तक के दो एसी/डीसी चार्जर लगाए गए हैं। यह परियोजना स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
समारोह में गोल्डन टॉवर के समीप उच्च-वोल्टेज इम्पल्स परीक्षण प्रयोगशाला की आधारशिला भी रखी गई। लगभग 9.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस जी+2 परियोजना के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) द्वारा एक करोड़ रुपये की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहायता प्रदान की गई है। प्रस्तावित प्रयोगशाला विद्युत प्रणाली अभियांत्रिकी एवं उच्च-वोल्टेज अनुप्रयोगों में अनुसंधान, परीक्षण एवं प्रशिक्षण को नई दिशा देगी। परियोजना के अगले 15 माह में पूर्ण होने की संभावना है।

संस्थान के प्लेटिनम जुबली वर्ष के उपलक्ष्य में प्लेटिनम अतिथि गृह का भी शिलान्यास किया गया। लगभग 13.27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह जी+5 भवन 20 सुसज्जित कमरों, सम्मेलन कक्ष तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अतिथियों, विशेषज्ञों तथा गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत एवं आवास की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। परियोजना के 18 माह में पूर्ण होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त लगभग 25.57 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए जी+6 अकादमिक एनेक्स-ढ्ढ भवन का उद्घाटन किया गया। लगभग 4,800 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र वाले इस भवन में 35 कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें विभिन्न विभागों की कक्षाएँ एवं एनआईटीआरआर-एफआईई इनक्यूबेशन सेंटर संचालित होंगे।
समारोह के दौरान अकादमिक एनेक्स-ढ्ढ के पीछे प्रस्तावित मेकर्स्पेस एवं अनुसंधान सुविधा भवन की आधारशिला भी रखी गई। लगभग 16.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस जी+2 भवन में मेकर्स्पेस एवं टिंकरिंग प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिससे नवाचार एवं प्रोटोटाइप विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही उन्नत अनुसंधान कार्यों के लिए समर्पित अनुसंधान परियोजना ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा। यह परियोजना अगले 12 माह में पूर्ण होने की संभावना है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण केंद्रीय पुस्तकालय में भारतीय ज्ञान परंपरा अनुभाग का शुभारंभ रहा। भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र द्वारा स्थापित इस पुस्तकालय में भारतीय दर्शन, विज्ञान, साहित्य, गणित, आयुर्वेद, वास्तु, योग एवं अन्य पारंपरिक ज्ञान-विषयों से संबंधित पुस्तकें, पांडुलिपियाँ, जर्नल एवं संदर्भ सामग्री उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक शिक्षा एवं अनुसंधान से जोडऩा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं अकादमिक अध्ययन को प्रोत्साहित करना है।

छत्तीसगढ़ के इन कर्मचारियों को अब तक की सबसे बड़ी सौगात

छत्तीसगढ़ के इन कर्मचारियों को अब तक की सबसे बड़ी सौगात

 रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हित में स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शासन द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के साथ एम.ओ.यू. (MOU) निष्पादित किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है, जिसके तहत एनएचएम के उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को, जिनका वेतन खाता बैंक ऑफ इंडिया में संचालित है, ₹6 लाख का निःशुल्क लाइफ टर्म इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

यह बीमा कवर सामान्य मृत्यु की स्थिति में प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के लिए राज्य सरकार या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। साथ ही, बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तावित समस्त सुविधाएं कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि इस पहल से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हजारों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त लाभ मिलेगा तथा उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्राप्त होगा।

खौफनाक रहस्य : यहां कब्रों से बाहर बिखरी मिलीं इंसानी खोपड़ियां और हड्डियां, मचा हड़कंप

खौफनाक रहस्य : यहां कब्रों से बाहर बिखरी मिलीं इंसानी खोपड़ियां और हड्डियां, मचा हड़कंप

 दुर्ग। रायपुर नाका स्थित श्मशान घाट में ऐसा दृश्य सामने आया जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। श्मशान में मौजूद लोगों ने कब्र के पास मानव खोपड़ी, हड्डियां और झिल्‍ली में लिपटा कंकाल जैसे अवशेष पड़े देखे तो अफरा-तफरी मच गई। इतना ही नहीं पास में ही एक प्लास्टिक की थैली में बंधा हुआ मानव कंकाल भी बरामद किया गया। लोग इस बात को लेकर दहशत में हैं कि आखिर पूरी सावधानी के साथ दफनाए गए शवों को कब्र से बाहर कौन निकाल रहा है?

यह पूरा मामला रायपुर नाका शमशान घाट का है। श्मशान घाट में इंसानी अवशेष बिखरे होने की जानकारी स्थानीय पार्षद और नागरिकों ने तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्मृति नगर चौकी पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची। FSL की टीम ने गहन फॉरेंसिक जांच करते हुए तीन अलग-अलग कब्रों से बाहर निकले शरीर के अवशेषों को सैंपल के रूप में कलेक्ट किया है, ताकि उनकी वैज्ञानिक जांच की जा सके।

चौकी प्रभारी राजेश साहू ने किसी असामाजिक तत्वों या जानवरों द्वारा छेड़खानी की आशंका जताई है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल SP सुखनंदन राठौर ने कहा कि इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि बिना पूरी साइंटिफिक (वैज्ञानिक) जांच रिपोर्ट आए इस मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं होगा।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर निगम के खिलाफ भारी आक्रोश है। श्मशान घाट की इस बदहाली और सुरक्षा में चूक को देखते हुए नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट की मर्यादा बनाए रखने और सुरक्षा के लिए यहां तुरंत एक परमानेंट चौकीदार नियुक्त किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी असामाजिक तत्व ऐसी हरकत न कर सके।

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक ली करवट, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक ली करवट, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश

 छत्तीसगढ़। नवतपा के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई। रायपुर, अंबिकापुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद और आसपास के इलाकों में करीब एक घंटे तक जोरदार बारिश होती रही, जिससे मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। अचानक बदले मौसम के कारण कई जगह लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

बारिश इतनी तेज थी कि शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी से लबालब नजर आने लगीं। जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं। हालांकि गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश का जमकर आनंद लिया।

पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और तपिश के बीच इस बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति, जिलों को 2677 करोड़ से अधिक की राशि जारी

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति, जिलों को 2677 करोड़ से अधिक की राशि जारी

 00 मुख्यमंत्री ने कहा - हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता

00 प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण

00 महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां बनीं आत्मनिर्भर, 10 हजार से अधिक समूह निर्माण कार्य से जुड़े
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हर गरीब को पक्का घर का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्रदेश में 10 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां निर्माण सामग्री आपूर्ति कार्य से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

BREAKING: राजधानी के ज्वेलर्स दुकान में फिर चोरी का मामला, प्रसिद्ध ज्वेलर्स के दो सेल्समैन जेवर लेकर फरार

BREAKING: राजधानी के ज्वेलर्स दुकान में फिर चोरी का मामला, प्रसिद्ध ज्वेलर्स के दो सेल्समैन जेवर लेकर फरार

 रायपुर। रायपुर के देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स में लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। शोरूम के दो सेल्समैन करीब 30 लाख रुपये के जेवर लेकर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।

जानकारी के मुताबिक राजधानी के प्रतिष्ठित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के दो सेल्समैन करीब 30 लाख रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए थे। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए जेवर भी बरामद किए गए हैं। वहीं, मामले में शामिल दूसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच जारी है।

CG : बिस्किट फैक्ट्री में देर रात लगी भीषण आग, 4-5 करोड़ के नुकसान का अनुमान

CG : बिस्किट फैक्ट्री में देर रात लगी भीषण आग, 4-5 करोड़ के नुकसान का अनुमान

 रायपुर।  रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित मेटल पार्क में शुक्रवार देर रात बिस्किट की भारती फूड्स फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री से धुएं का गुबार उठने लगा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते फैक्ट्री को खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

करीब 4 से 5 करोड़ रुपए नुकसान का अनुमान
घटना के दौरान उरला थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। आसपास के इलाके को एहतियातन खाली कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग से फैक्ट्री की मशीनरी, कच्चा माल और तैयार सामान जलकर खाक हो गया। नुकसान का अनुमान करीब 4 से 5 करोड़ रुपए लगाया जा रहा है।

आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं
फैक्ट्री संचालक का नाम भारती कोड़वानी बताया जा रहा है। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

थाने में नाबालिग से अभद्रता के आरोप में एसपी का बड़ा एक्शन, TI और महिला हेड कांस्टेबल सस्पेंड

थाने में नाबालिग से अभद्रता के आरोप में एसपी का बड़ा एक्शन, TI और महिला हेड कांस्टेबल सस्पेंड

 राजनांदगांव।  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही पर एसपी ने सख्त एक्शन लिया है। रातभर थाने में नाबालिग बालिका और उसके परिवार को बैठाकर रखा गया। इस दौरान नाबालिग बालिका के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मामले में थाना प्रभारी और महिला हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रक्षित केंद्र में भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सोमनी थाना में यह अमानवीय घटना हुई. जहां के टीआई अरुण नामदेव ने एक नाबालिग बालिका को गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे गर्भवती बता दिया। इसके बाद नाबालिग और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा। इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात महिला प्रधान आरक्षण राजश्री सिंह ने नाबालिग से अभद्र व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने पर एसपी खुद मौके पर पहुंची और हड़काते हुए दोनों तत्काल निलंबित कर दिया।

आदेश जारी
एसपी कार्यालय से इस संबंध में आज जारी आदेश किया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता रहेगी।

इस वायरस को लेकर अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू; WHO ने दी ये चेतावनी

इस वायरस को लेकर अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू; WHO ने दी ये चेतावनी

 रायपुर। वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट पर जांच काउंटर बनाए गए हैं, जहां बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल आइसोलेशन और उपचार की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

अफ्रीकी देशों, खासकर कांगो और युगांडा में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक स्तर पर चिंता जताई है। इसके बाद भारत समेत कई देशों ने निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में कहा था कि देश में फिलहाल इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ICMR और अन्य एजेंसियों को सर्विलांस और टेस्टिंग के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षक प्रमोशन रद्द : शिक्षकों की पदोन्नति हुई रद्द, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, इस वजह से रद्द हुआ आदेश……

शिक्षक प्रमोशन रद्द : शिक्षकों की पदोन्नति हुई रद्द, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, इस वजह से रद्द हुआ आदेश……

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और मुंगेली शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक झटका लगा है। मुंगेली जिले में 9 सहायक शिक्षकों को जो प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति दी गई थी, उसे अब तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

जांच में सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश को गलत तरीके से समझकर ये प्रमोशन दिए गए थे। कोर्ट ने सिर्फ नियमों के तहत “विचार करने” को कहा था, लेकिन विभाग ने इसे सीधे पदोन्नति मानकर आदेश जारी कर दिया।

अब संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने पूरे मामले को गलत मानते हुए आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और अब पूरे प्रमोशन प्रकरण की दोबारा समीक्षा की संभावना भी जताई जा रही है।

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम जेवड़नखुर्द तथा बोड़ला विकासखंड के ग्राम मिनमीनिया में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों के बीच पहुंचे एवं आमजनों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच सादगी और आत्मीयता के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में दिव्यांगजनों की मांग पर त्वरित रूप से ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी भी सौंपी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत अनेक हितग्राहियों को लाभान्वित किया।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार में शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि बरपेलाटोला से सिंघनपुरी तक 2.5 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, मुख्य सड़क पोड़ी से उसलापुर नहर होते हुए बोधईकुंडा तक 4.5 करोड़ रुपए की सड़क, चरडोंगरी – कोठार मार्ग से सारंगपुरखुर्द नहर पार तक 2.6 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा सूरजपुर से मोहगांव तक 3.58 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा।

गांवों तक पहुंची प्रधानमंत्री आवास, शिविर में मिल रही निःशुल्क दस्तावेज सुविधा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लंबे समय तक आंदोलन चलाया गया था और  सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक के पहले ही प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना को शामिल किया गया और पहली कैबिनेट में ही 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि ग्राम मिनमीनिया में 21 गांवों और ग्राम जेवड़नखुर्द में 15 गांवों के लिए शिविर आयोजित किया गया है और सभी गांवों में आवास की भी स्वीकृति की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि नए हितग्राहियों को भी जोड़ने के लिए नया सर्वे भी कराया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। उप मुख्यमंत्रीशर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे है।

अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्मार्ट क्लास, महतारी सदन और मिनी स्टेडियम से गांवों में बढ़ रहीं सुविधाएंउप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है।  दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

सिंचाई परियोजना से किसानों को मिलेगा लाभ

उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। इसके साथ ही भोरमदेव फीडर, दियाबार जलाशय, नेवारी और कोठार जलाशय में करोड़ों रुपए की लागत से नहर विस्तार और उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना एजेंसी, अधिकारियों और हम सभी की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों से उन्होंने स्वयं निगरानी रखने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तत्काल देने की अपील की।

उप मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

 

 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 

अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल होकर दिया शुभाशीष

सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

सेवा सेतु से सशक्त होगा डिजिटल छत्तीसगढ़, 442 सेवाओं के साथ जनता तक पहुंचेगी सुशासन की नई व्यवस्था….

सेवा सेतु से सशक्त होगा डिजिटल छत्तीसगढ़, 442 सेवाओं के साथ जनता तक पहुंचेगी सुशासन की नई व्यवस्था….

 रायपुर: ‘जनता के द्वार डिजिटल सरकार’ का अर्थ है सरकारी योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों के घर तक पहुँचाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना। यह प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और आम जनता तक सीधी पहुँच सुनिश्चित करने की एक व्यापक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में बीजापुर जिले में लोक सेवा केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें अब ‘सेवा सेतु केंद्र’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।

डिजिटल सेवाओं से प्रशासन हुआ और अधिक नागरिक केंद्रि

 

 
 

‘सेवा सेतु’ व्यवस्था से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और नागरिक हितैषी बनी हैं। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है। अब लोक सेवा केंद्र ‘सेवा सेतु केंद्र’ और उनके ऑपरेटर ‘सेवा सेतु प्रबंधक’ कहलाएंगे। जिले के सभी विकासखंडों के सचिवों को इसके संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

 

73 से बढ़कर अब 442 सेवाएं उपलब्ध

पहले लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 73 सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब सेवा सेतु केंद्रों के जरिए 442 डिजिटल सेवाएं नागरिकों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल्स के जरिए अब लोग अपने स्मार्टफोन से ही जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पेंशन योजना, और बिजली बिल भुगतान जैसी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं।

अब नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर

नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को अब अलग-अलग सेवाओं के लिए राजस्व कार्यालय, जनपद पंचायत, नगर पालिका या अन्य विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक ही पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना, दस्तावेज अपलोड करना, आवेदन की स्थिति देखना और निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्राप्त करना संभव हो गया है।

गांव के पास ही मिलेगी डिजिटल सुविधा

ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों और प्रमाण-पत्रों के लिए अब तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें उनके गांव के नजदीक ही डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करके, नौकरशाही की दूरी को कम करती है और आम आदमी को सशक्त बनाती है।

व्हाट्सएप से भी मिलेगी सुविधा

तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सेवा सेतु सेवाओं को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। अब नागरिक घर बैठे व्हाट्सएप के माध्यम से सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन की स्थिति भी जान सकते हैं।

अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही मंच पर

सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, राजस्व प्रकरण, नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र प्रकाशन तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

समयबद्ध और पारदर्शी सेवा वितरण

प्रत्येक सेवा के लिए समय-सीमा निर्धारित होने से कार्यों के निराकरण में तेजी आई है। इससे सेवा वितरण अधिक पारदर्शी और प्रभावी हुआ है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल को मजबूत करते हुए डिजिटल छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करके, नौकरशाही की दूरी को कम करती है और आम आदमी को सशक्त बनाती है

नरहरपुर में फर्जी डॉक्टरों का जाल, बिना डिग्री कर रहे इलाज, प्रशासन मौन…!

नरहरपुर में फर्जी डॉक्टरों का जाल, बिना डिग्री कर रहे इलाज, प्रशासन मौन…!

 छत्तीसगढ़ कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम जामगांव सहित आसपास के कई गांवों में अवैध मेडिकल कारोबार का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। क्षेत्र में कई लोग बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री, प्रशिक्षण और वैध लाइसेंस के खुद को डॉक्टर बताकर खुलेआम ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर समाचार प्रकाशित होने और ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मेडिकल दुकानों की आड़ में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं, जहां सामान्य बीमारी से लेकर गंभीर मरीजों तक का इलाज किया जा रहा है। कम खर्च में बेहतर इलाज का लालच देकर गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों को अपनी ओर आकर्षित किया जाता है। बिना किसी विशेषज्ञता और पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था के मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं और इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

नीय लोगों का कहना है कि जब किसी मरीज की हालत ज्यादा गंभीर हो जाती है या तबीयत बिगड़ने लगती है, तब ऐसे कथित डॉक्टर मरीजों को निजी अस्पताल या सरकारी अस्पताल रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करते हैं। कई मामलों में मरीजों की हालत इलाज के दौरान बेहद गंभीर हो चुकी है, वहीं कुछ मामलों में मौत होने की भी बातें सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मरीज की हालत बिगड़ने या मौत होने के बाद सरकारी अस्पतालों को बदनाम करने की कोशिश की जाती है, जबकि शुरुआती इलाज इन्हीं अवैध क्लीनिकों में किया जाता है। लोगों का कहना है कि जिन व्यक्तियों द्वारा इलाज किया जा रहा है, उनके पास न कोई मेडिकल डिग्री है और न ही किसी प्रकार की वैध अनुमति, इसके बावजूद वे खुलेआम डॉक्टर बनकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं

नरहरपुर क्षेत्र के कई गांवों में इस प्रकार के अवैध मेडिकल सेंटर संचालित होने की जानकारी सामने आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों और अवैध मेडिकल कारोबार के खिलाफ तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।

क्षेत्र के ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि बार-बार शिकायत और समाचार प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी अवैध मेडिकल सेंटरों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों की जान सुरक्षित रह सके।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और खुद को डॉक्टर बताकर अवैध रूप से इलाज करने वालों पर कब तक कार्रवाई हो

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना - पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना - पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला

 00 श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने की विभागीय काम-काज समीक्षा

रायपुर। श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं श्रम मंत्री  लखन देवांगन के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इस दिशा में विभाागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय एस.एल. जांगड़े एवं सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव  गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव  विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान सचिव  गुप्ता ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिले। इस दिशा में विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रारंभ होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र से सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 से 200 कर दी गई है। इस योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों केा प्रदेश के निजि स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। श्रमायुक्त ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में सचिव सह श्रमायुक्त  गुप्ता ने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। उन्होंने कारखाने की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा, मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल योजनाओं की समीक्षा, इसके अलावा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर जिलेवार की गई निराकरण की समीक्षा की गई।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संगठित श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिए कल्याणकारी योजनाओं के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य संनिर्माण में लगे निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार के कल्याण हेतु छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों द्वारा श्रमिकों का पंजीयन किया जाकर उनके कल्याण हेतु योजनाओं का संचालन कर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

छत्तीसगढ़ में मैंगों टूरिज्म की अपार संभावनाएं – राज्‍यपाल डेका

छत्तीसगढ़ में मैंगों टूरिज्म की अपार संभावनाएं – राज्‍यपाल डेका

 00 राष्ट्रीय आम महोत्सव का उदघाटन किया राज्यपाल ने

00 भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है आम
रायपुर।
आम केवल एक फल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादों को बडे रूप में विकसित करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए राज्यपाल  रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के उदघाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने की।राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व में आम उत्पादन में अग्रणी है और देश में एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की विशेषताओें का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के उत्पादन से अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।


राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां और महोत्सव देश के विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादकों को एक-दूसरे की उन्नत खेती पद्धतियों, नई किस्मों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन की बहुत संभावनाएं है। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के व्यापक अवसर मौजूद है। मैंगों टूरिज्म की भी छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं है।
राज्यपाल ने कहा कि आम उत्पादन के साथ-साथ इसके वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को मिलकर कार्य करना चाहिए। श्री डेका ने कहा कि हमारे जीवन को ईको फैंडली बनाना आज की आवश्यकता है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना होगा। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर दिया।


मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आम फलों का राजा है। आम की पत्तियों और लकड़ियों का भी हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। हमारे घरों में मांगलिक कार्य होने पर हम आम की पत्तियों से तोरण बनाते है एवं आम की सूखी लकड़ियों का उपयोग हवन एवं पूजा में करते है।
इस महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियोें को इस महोत्सव का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। प्रदर्शनी मे बेर के आकार से लेकर बीजापुर के हाथीझुल जैसे बड़े किस्मों के आम भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप किसानों की आय दुगुनी करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और आम की खेती भी इस संकल्प को पूरा करने के लिए सहायक सिद्ध होगी। आम महोत्सव के उदघाटन पश्चात राज्यपाल  डेका और मुख्यमंत्री  साय ने आम उत्पादकों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी में आम के विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया ।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी सहित अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, किसान एवं बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

CG : भीषण गर्मी और हीट वेव से वन्यजीवों पर संकट, 15 वन्यजीवों की मौत, वन विभाग सतर्क

CG : भीषण गर्मी और हीट वेव से वन्यजीवों पर संकट, 15 वन्यजीवों की मौत, वन विभाग सतर्क

 खैरागढ़।  प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। खैरागढ़ वन क्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली के वन कक्ष क्रमांक 322 में 15 वन्यजीव और पक्षी मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में हीट वेव की आशंका वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में पड़ रही अत्यधिक गर्मी और हीट वेव के कारण यह घटना हुई हो सकती है। जांच को पुख्ता करने के लिए आसपास के जल स्रोतों और मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाए गए अस्थायी वाटर होल भीषण गर्मी से वन्यजीवों को राहत देने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में 3 अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं। इनमें नियमित रूप से पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं, ताकि वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। ट्रैप कैमरों से रखी जा रही निगरानी वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। ट्रैप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही वन अमला नियमित गश्त कर रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने बताया कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार विभाग पूरी गंभीरता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार, असामान्य स्थिति में या मृत अवस्था में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें। कंट्रोल रूम का नंबर जारी वन विभाग ने सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 247 तथा मोबाइल नंबर +91-9301321797 जारी किया है। विभाग ने कहा है कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

CG : ACB की बड़ी कार्रवाई, सुशासन तिहार शिविर में 40 हजार की रिश्वत लेते BEO ऑफिस का बाबू गिरफ्तार

CG : ACB की बड़ी कार्रवाई, सुशासन तिहार शिविर में 40 हजार की रिश्वत लेते BEO ऑफिस का बाबू गिरफ्तार

 कोरबा।  जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में चल रहे सुशासन तिहार समाधान शिविर में शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल से लंबित काम कराने के एवज में पैसे मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाया और शिविर स्थल पर ही कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में कटौती की एंट्री कराने के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि काम करने के एवज में बाबू प्रदीप मिश्रा ने उनसे 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर शिक्षक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद बिलासपुर ACB के डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने योजना बनाकर समाधान शिविर में दबिश दी। जैसे ही आरोपी बाबू ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ACB की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रदीप मिश्रा पर पहले भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं और विभागीय कार्रवाई भी हुई थी। इसके बावजूद वह लंबे समय से विभाग में पदस्थ था।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, ACB की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के तबादले, देखें आदेश

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के तबादले, देखें आदेश

 दुर्ग। जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई थाना प्रभारियों के तबादले किए गए हैं। इस संबंध में एसपी ने आदेश जारी कर दिया हैं। जारी आदेश के अनुसार श्रद्धा पाठक को अंजोरा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं अनिल पटेल को उतई थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा वंदिता पनिकर को बोरी थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

देखें आदेश

किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री रामविचार नेताम….

किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री रामविचार नेताम….

 रायपुर: धान के कटोरे के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ अब परंपरागत धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण अनुकूल स्थायी कृषि के एक नए युग में अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए चौतरफा रणनीति पर काम शुरू हो गया है। केन्द्रीय कृषि विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में कृषि मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज इस आशय की जानकारी दी।

कृषि मंत्री  नेताम ने सम्मेलन में राज्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का कृषि ढांचा अब एक बड़े बदलाव की ओर है। हमारी सरकार ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के जरिए राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवारों, जिनमें 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत जिसमें 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसान शामिल हैं, के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज की गई 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि और तिलहन के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि हमारा किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वहीं खरीफ 2026 में हम अरहर, उड़द और मूंग के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर हाथ को काम और हर खेत को सही समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित खाद उपलब्ध कराना है।

राज्य में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और रणनीतिक तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि कृषि तकनीक, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रबंधन से खेती की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि खरीफ 2026 के लिए हमारी तैयारियां पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीक-आधारित हैं। राज्य के किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। सीमांत किसानों को जहां एकमुश्त उर्वरक दिया जा रहा है, वहीं यूरिया की कालाबाजारी और अत्यधिक खपत को रोकने के लिए लघु व बड़े किसानों को 20 से 25 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार में यूरिया देने की व्यवस्था की गई है। हम डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पूरी खरीद और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त  परदेशी ने कांफ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके साथ ही तिलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के बीज वितरण से तिलहनी फसलों के क्षेत्र में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र में फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

सुशासन तिहार 2026: टेम्पू में 30 मई को आयोजित होगा जनसमस्या निवारण शिविर…..

सुशासन तिहार 2026: टेम्पू में 30 मई को आयोजित होगा जनसमस्या निवारण शिविर…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन लगातार जारी है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाते हुए आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसी क्रम में 30 मई 2026 को जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में 13 गांवों के ग्रामीण शामिल होकर अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
शिविर में सुरजूला, रजला, खुटापानी, घाघरा, करदना, टेम्पू, मुटू, पोड़ीपटकोना, चडि़या, सोगड़ा, मनोरा, खोगा एवं डुमरटोली के ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन प्रस्तुत करेंगे, जिनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही प्राप्त आवेदनों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता एवं निष्ठापूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।