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भौतिक प्रगति के साथ अपनी समृद्ध परंपरा और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखना ही सच्चा विकास- मंत्री टंक राम वर्मा

भौतिक प्रगति के साथ अपनी समृद्ध परंपरा और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखना ही सच्चा विकास- मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर: ​बिलासपुर जिला स्थित बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित  भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन अमर वही होते हैं जो अपने सत्कर्मों से समाज का निर्माण करते हैं और इतिहास रचते हैं।

इस अवसर पर ​मंत्री ने 20 लाख रूपए से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमि पूजन किया। छत्तीसगढ़ निर्माण की पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि ​पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा गया था, और मार्ग में निरंतर आगे बढ़ने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उस सपने को साकार किया। यदि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण न हुआ होता, तो प्रदेश की स्थिति आज भी वैसी ही बनी रहती। आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी और अधोसंरचना के हर क्षेत्र में तेज़ी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और राजस्व का पूरा पैसा अब यहीं के सर्वांगीण विकास में उपयोग हो रहा है।

सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए  मंत्री वर्मा ने कहा कि कभी पूर्णतः कृषि पर आधारित हमारा समाज अब व्यवसाय, व्यापार और नौकरियों के क्षेत्र में भी तेज़ी से आगे बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन का स्तर बदला है; जिनके पास कभी साइकिल नहीं थी, वे आज दोपहिया, चारपहिया और हवाई यात्रा तक का आनंद ले रहे हैं। गांव-गांव में महज 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है। इस भौतिक प्रगति के साथ हम सभी को ​सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है।आधुनिकता के इस दौर में गांव-घर का पारस्परिक प्रेम और पारिवारिक मर्यादाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रगति के साथ-साथ अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को बनाए रखना बेहद अनिवार्य है, क्योंकि संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है। हमें एक ऐसे समाज का निर्माण करना होगा जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के दुख-सुख में खड़े रहने की भावना सदैव जीवंत रहे।

​वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और मार्गदर्शन से मिल रही काम करने की प्रेरणा: धरमलाल कौशिक

​कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक  धरमलाल कौशिक ने अपने उद्बोधन में वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और जीवन अनुभवों की महत्ता पर बल दिया। ​उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से भरा होता है, जिससे सीखकर, समझकर और पढ़कर संगठन व समाज सेवा के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। पृथक छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से लेकर आज तक प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज़ के क्षेत्रों तक भौतिक साधनों और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने आम नागरिक के जीवन को सुगम बनाया है। बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी,सरपंच ब्रजेश दुबे,जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

धमतरी को मिली सौगात, खुली प्रदेश की पहली कयाकिंग अकादमी, इको-टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

धमतरी को मिली सौगात, खुली प्रदेश की पहली कयाकिंग अकादमी, इको-टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

 धमतरी। जिले में जल पर्यटन और साहसिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रुद्री बांध परिसर में कयाकिंग अकादमी का शुभारंभ किया गया। इस पहल से जहां युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं रुद्री और गंगरेल क्षेत्र में इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रुद्री बांध परिसर में कयाकिंग अकादमी का शुभारंभ नगर निगम धमतरी के महापौर रामू रोहरा ने किया। गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ और कर्मा महिला स्व-सहायता समूह रुद्री के सहयोग से शुरू हुई यह अकादमी जिले में जल आधारित साहसिक गतिविधियों को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जल क्रीड़ा गतिविधियों का किया जाएगा विस्तार- कलेक्टर

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि आने वाले समय में यहां कयाकिंग के अलावा अन्य जल क्रीड़ा गतिविधियों का भी विस्तार किया जाएगा। जलाशय की जल गुणवत्ता में सुधार, प्रदूषण और दुर्गंध को जैविक तरीके से कम करने तथा जल क्रीड़ा स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से बायो-क्यूब भी लगाए जाएंगे। इससे पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। कयाकिंग अकादमी का उद्देश्य सिर्फ साहसिक खेलों को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाना भी है। इससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन आधारित आजीविका को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कयाकिंग पर्यटकों के लिए बनेगा नया आकर्षण- महापौर

महापौर रामू रोहरा ने कहा कि रुद्री बांध की प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम परिवेश को देखते हुए कयाकिंग पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा। इससे धमतरी के पर्यटन मानचित्र पर रुद्री और गंगरेल क्षेत्र को नई पहचान मिल सकती है।

महापौर रामू रोहरा और कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्वयं कयाक में बैठकर चप्पू चलाया और कयाकिंग का रोमांचक अनुभव लिया। अकादमी का संदेश है—“Paddle Your Way to Adventure – Live Life One Stroke at a Time”, जो युवाओं में साहस, आत्मविश्वास और प्रकृति से जुड़ाव की भावना को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

रुद्री बांध में शुरू हुई यह कयाकिंग अकादमी धमतरी में साहसिक पर्यटन, जल क्रीड़ा और स्थानीय रोजगार के नए अवसरों का रास्ता खोल सकती है। आने वाले समय में यहां अन्य जल गतिविधियों के विस्तार से रुद्री और गंगरेल क्षेत्र पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनने की उम्मीद है।

CG  : जादू-टोने के शक में 24 वर्षीय युवती की हत्या, रिश्तेदार पर आरोप

CG : जादू-टोने के शक में 24 वर्षीय युवती की हत्या, रिश्तेदार पर आरोप

 बलौदाबाजार। जिले के लवन थाना क्षेत्र के ग्राम चितावर में 24 वर्षीय शतरूपा ध्रुव की हत्या ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे जादू-टोने को लेकर पैदा हुआ शक वजह बना। इस मामले में शतरूपा के रिश्तेदार और पड़ोसी रामदयाल ध्रुव पर हत्या का आरोप है।

पत्नी की मौत का ठीकरा शतरूपा के परिवार पर
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पत्नी की मौत के बाद उसके मन में यह शक घर कर गया था कि शतरूपा की मां ने जादू-टोना किया है। यही शक धीरे-धीरे बदले की भावना में बदल गया। आरोप है कि इसी अंधविश्वास के चलते शतरूपा को निशाना बनाया गया और उसकी जान चली गई। सबसे भयावह बात यह है कि शतरूपा का आरोपी से कोई प्रत्यक्ष व्यक्तिगत विवाद नहीं बताया जा रहा था। बावजूद इसके, किसी दूसरे व्यक्ति के प्रति पैदा हुए शक और अंधविश्वास की कीमत एक 24 वर्षीय युवती को अपनी जिंदगी देकर चुकानी पड़ी।

जब अंधविश्वास बना हत्या की वजह
यह मामला सिर्फ एक हत्या की कहानी नहीं है, बल्कि उस सोच का खतरनाक चेहरा है, जिसमें बीमारी, मौत या परिवार में आने वाली किसी परेशानी का कारण वैज्ञानिक तरीके से तलाशने के बजाय जादू-टोना और टोना-टोटका मान लिया जाता है। अंधविश्वास की यही सोच कई बार किसी महिला को डायन बताने, किसी परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने और यहां तक कि हिंसा और हत्या तक पहुंच जाती है। डर, अफवाह और बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप जब दिमाग पर हावी हो जाते हैं, तो रिश्ते भी दुश्मनी में बदल जाते हैं।

आंकड़े भी डराने वाले
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022 में जादू-टोने के आरोप से जुड़े मामलों में 85 लोगों की हत्या हुई थी। वर्ष 2021 में यह संख्या 68 थी। वर्ष 2013 से 2022 के बीच ऐसे मामलों में 1,064 लोगों की जान गई। इन घटनाओं में महिलाओं को भी बड़ी संख्या में निशाना बनाया गया।

शतरूपा की मौत छोड़ गई बड़ा सवाल

शतरूपा की हत्या यह सवाल छोड़ गई है कि आखिर कब तक बीमारी, मौत और परेशानियों का जिम्मेदार किसी इंसान को ठहराकर उसके खिलाफ हिंसा की जाएगी? आधुनिक समाज में भी अगर बिना किसी प्रमाण के जादू-टोने का शक किसी की जान ले ले, तो यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना पर भी गंभीर सवाल है।

अंधविश्वास के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की जरुरत
अंधविश्वास के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। परिवार, स्कूल, समाज, सामाजिक संगठन और प्रशासन सभी को मिलकर वैज्ञानिक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देना होगा। शतरूपा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी मौत समाज को एक जरूरी संदेश दे रही है- शक को सच मान लेना खतरनाक है और अंधविश्वास को हिंसा का आधार बनने देना उससे भी ज्यादा खतरनाक।

महिला एवं बाल विकास विभाग में 50 पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) की सीधी भर्ती को मिली मंजूरी

महिला एवं बाल विकास विभाग में 50 पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) की सीधी भर्ती को मिली मंजूरी

 00 लंबे समय से रिक्त पदों पर भर्ती से विभाग को मिलेगी नई ऊर्जा, जमीनी स्तर पर पोषण अभियानों का होगा बेहतर क्रियान्वयन
रायपुर।
महिला सशक्तिकरण और नौनिहालों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध छत्तीसगढ़ सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से, विभाग के अंतर्गत पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजर) के 50 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती को आधिकारिक सहमति प्रदान कर दी गई है।
मैदानी स्तर पर विभाग की योजनाओं—विशेषकर आंगनबाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन, पोषण अभियानों की निगरानी, महत्वपूर्ण सामाजिक पहलों के क्रियान्वयन—में पर्यवेक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। लंबे समय से इन पदों के रिक्त होने के कारण मैदानी स्तर पर कार्य का दबाव था। इन 50 नए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से विभागीय ढांचे को ऐतिहासिक मजबूती मिलेगी और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे हितग्राहियों तक और अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा।
सुशासन के संकल्प को मिल रही सिद्धि
इस महत्वपूर्ण स्वीकृति पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व के चलते आज विभाग को यह अहम स्वीकृति मिली है। पर्यवेक्षकों की कमी से जमीनी स्तर पर मॉनिटरिंग में जो चुनौतियां आ रही थीं, वे अब दूर होंगी। हमारी सरकार माताओं और बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। इन नई नियुक्तियों से विभाग की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार आएगा और हमारी आंगनबाड़ी व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।
प्रस्ताव को मिली वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति
ज्ञात हो कि संचालनालय, महिला एवं बाल विकास द्वारा इन पदों की पूर्ति के लिए शासन से अनुमति मांगी गई थी। विभागीय मंत्री के निर्देश पर इस प्रक्रिया में तेजी लाई गई और 13 अगस्त 2026 को वित्त विभाग द्वारा 50 पर्यवेक्षकों की भर्ती के लिए विधिवत सहमति जारी कर दी गई है। इसके पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भी आदेश जारी कर भर्ती प्रक्रिया का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया गया है। इस बहुप्रतीक्षित फैसले से न केवल विभाग के कार्यों में गति आएगी, बल्कि प्रदेश की योग्य युवतियों और महिलाओं को शासकीय सेवा में आकर समाज के लिए कार्य करने का एक बड़ा अवसर भी प्राप्त होगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सैनिक भाइयों के लिए भेजे रक्षा सूत्र

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सैनिक भाइयों के लिए भेजे रक्षा सूत्र

 रायपुर: रक्षाबंधन के पावन अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सैनिक भाइयों के प्रति सम्मान, स्नेह और कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से संचालित ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सरगुजा की महिलाओं एवं स्काउट-गाइड द्वारा एकत्रित रक्षा सूत्र सैनिकों के लिए रवाना किए।  अंबिकापुर के सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने स्वयं रक्षा सूत्र भेजकर सैनिकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि यह लगातार चौथा वर्ष है, जब छत्तीसगढ़ की बहनों की ओर से देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के लिaए रक्षा सूत्र भेजे जा रहे हैं। यह अभियान प्रदेश की महिलाओं के सैनिक भाइयों के प्रति स्नेह, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के अवसर पर जब पूरा देश अपने परिवार के साथ खुशियां मनाता है, तब हमारे सैनिक भाई अपने परिवार से दूर रहकर देश की सीमाओं की सुरक्षा में डटे रहते हैं। उनके त्याग और समर्पण को नमन करते हुए बहनों की ओर से भेजा गया यह रक्षा सूत्र प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद का संदेश लेकर जवानों तक पहुंचेगा।

ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4 के तहत सरगुजा से सैनिकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ की बहनों का स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद

रक्षा सूत्र सैनिकों के लिए बहनों के स्नेह का संदेश

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि रक्षा सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि सैनिकों और देशवासियों के बीच भावनात्मक संबंध का प्रतीक है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताएं और बहनें देश के वीर जवानों को यह संदेश दे रही हैं कि पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने परिवार और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से दूर रहने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करते हैं। छत्तीसगढ़ की महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए रक्षा सूत्र जब सैनिक भाइयों की कलाइयों पर बंधेंगे, तो उनमें प्रदेश की बहनों के स्नेह और आशीर्वाद की अनुभूति होगी।

ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4 के तहत सरगुजा से सैनिकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ की बहनों का स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद

चौथे वर्ष में पहुंचा ‘सिपाही रक्षा सूत्र’ अभियान

अभियान के संयोजक एवं पूर्व सैनिक महासभा के अध्यक्ष श्री महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने बताया कि ‘सिपाही रक्षा सूत्र’ अभियान की शुरुआत बिलासपुर से हुई थी। वर्ष 2023 में लगभग 6 लाख 71 हजार, वर्ष 2024 में लगभग 9 लाख और वर्ष 2025 में 12 लाख 21 हजार रक्षा सूत्र सैनिकों तक भेजे गए। इस तरह पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ से लगभग 27 लाख 92 हजार रक्षा सूत्र सैनिकों के सम्मान में भेजे जा चुके हैं।

वर्ष 2026 में अभियान का चौथा चरण ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 21 लाख रक्षा सूत्र एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के माध्यम से थल सेना, जल सेना और वायु सेना के जवानों तक भी छत्तीसगढ़ की बहनों का रक्षा सूत्र पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र 0.4 के तहत सरगुजा से सैनिकों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ की बहनों का स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद

अंबिकापुर से जशपुर होते हुए रांची रवाना होंगे रक्षा सूत्र

अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के बाद रक्षा सूत्रों से भरी वाहन रैली जशपुर होते हुए रांची की ओर रवाना होगी। इसके बाद विभिन्न माध्यमों से देश के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात सैनिकों तक रक्षा सूत्र पहुंचाए जाएंगे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, पूर्व सांसद श्री कमल भान सिंह, श्री किसन सिंह, श्री भारत सिंह सिसौदिया, श्री विनोद हर्ष, श्रीमती अरुणा सिंह सहित जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक महासभा के पदाधिकारी, स्काउट-गाइड की सदस्याएं एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि…..

भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी श्रद्धांजलि…..

 रायपुर: भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे विराट व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने विचारों, सिद्धांतों, संवेदनशील नेतृत्व और राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने की भावना से सार्वजनिक जीवन में एक नई मिसाल कायम की। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का छत्तीसगढ़ से विशेष और आत्मीय संबंध रहा है। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ देश के नए राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ के गठन का निर्णय केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि यह प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं, पहचान और विकास की संभावनाओं को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय था। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी भी छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर अटल जी को राज्य के निर्माण की दूरदर्शी सोच वाला नेता बताते हुए उनके योगदान को स्मरण कर चुके हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने कहा कि अटल जी ने राजनीति में विचारों की गरिमा, संवाद की संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वाेच्च स्थान दिया। वे अपनी प्रभावशाली वाणी के साथ-साथ सहज, सरल और संवेदनशील व्यक्तित्व के लिए भी सदैव याद किए जाते रहेंगे। उन्होंने राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखा और विभिन्न विचारधाराओं के लोगों के साथ संवाद एवं समन्वय की लोकतांत्रिक परंपरा को मजबूत किया।

उन्होंने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं था। वे एक संवेदनशील कवि, प्रखर वक्ता और भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्र चेतना के सजग प्रतिनिधि थे। उनके विचारों में देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरा सम्मान और आधुनिक भारत के निर्माण की स्पष्ट दृष्टि दिखाई देती थी। उनकी सरकार के कार्यकाल में देश ने अधोसंरचना, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, परमाणु क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि अटल जी ने देश को विकास के साथ अपनी जड़ों और विरासत से जुड़े रहने का संदेश दिया। आज छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध लोककला, लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य को देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में अटल जी की दूरदर्शिता और विकास के साथ विरासत को सम्मान देने की सोच विशेष रूप से प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन और संस्कृति के विकास के प्रयासों में भी अटल जी की उस सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संपदा को विकास का आधार बनाया जा सकता है। राज्य की ऐतिहासिक धरोहरें, पुरातात्विक स्थल, जनजातीय संस्कृति, लोककलाएं, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन केंद्र छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। इनके संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन को रोजगार और आर्थिक अवसरों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को वर्ष 2014 में देश के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके राष्ट्र के प्रति आजीवन समर्पण और अतुलनीय योगदान का सम्मान है। अटल जी का जीवन हमें सिखाता है कि सार्वजनिक जीवन में सिद्धांत, संवेदनशीलता, राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का महत्व सर्वाेपरि है। उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए हम सभी को छत्तीसगढ़ के विकास, समृद्धि और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेना चाहिए।

अग्रवाल ने पुण्यतिथि पर श्रद्धेय  अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती और प्रदेश की जनता उनके ऐतिहासिक योगदान को सदैव कृतज्ञता के साथ स्मरण करती रहेगी। अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की कल्पना की थी, उसे विकसित, समृद्ध, आत्मविश्वासी और अपनी संस्कृति एवं विरासत पर गर्व करने वाला प्रदेश बनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन….

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, नए भारत के स्वप्नदृष्टा एवं पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’  अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों, दृढ़ संकल्प और सुशासन का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने देश के विकास और राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए भारत को नई दिशा प्रदान की।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में पोखरण परमाणु परीक्षण के निर्णायक कदम से भारत की रणनीतिक शक्ति को नई मजबूती मिली। साथ ही, उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढाँचे के विकास की मजबूत नींव रखी, जिसके दूरगामी परिणाम आज देश की प्रगति में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व और दूरदर्शिता से ही छत्तीसगढ़ को एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व मिला। छत्तीसगढ़ की जनता सदैव उनके योगदान को कृतज्ञता के साथ स्मरण करती रहेगी।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि अटल जी का अटूट राष्ट्रसमर्पण, सरल व्यक्तित्व, ओजस्वी विचार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता सदैव देशवासियों को प्रेरणा देती रहेगी। उनके आदर्शों पर चलते हुए विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

CG-इस स्टेशन में ट्रेन से उतरते ही मिलेगी किराये की बाइक,जानें कितना देना होगा किराया…

CG-इस स्टेशन में ट्रेन से उतरते ही मिलेगी किराये की बाइक,जानें कितना देना होगा किराया…

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर अपनी पहली बाइक रेंटल सेवा शुरू कर दी है। अब यात्रियों को स्टेशन से बाहर निकलने के बाद ऑटो या टैक्सी का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। वे अपनी जरूरत के मुताबिक बाइक किराये पर लेकर शहर में आसानी से सफर कर सकेंगे।

स्टेशन परिसर में कोच रेस्टोरेंट के पास शुरू की गई यह सेवा 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी। यात्री महज 100 रुपये में चार घंटे के लिए बाइक किराये पर ले सकते हैं। इसके लिए वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पहली बाइक रेंटल सेवा

रेलवे के अनुसार बिलासपुर स्टेशन पर शुरू की गई यह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की पहली बाइक रेंटल सेवा है। इसका उद्देश्य यात्रियों को स्टेशन से शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचने के लिए तेज, सुविधाजनक और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

सेवा का शुभारंभ प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक विजय कुमार ने फीता काटकर किया। इस दौरान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह समेत वाणिज्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

ऑटो-टैक्सी के इंतजार से मिलेगी राहत

बाइक रेंटल सुविधा शुरू होने से खासतौर पर उन यात्रियों को राहत मिलेगी, जिन्हें शहर में कम दूरी का सफर करना है। ट्रेन से उतरने के बाद यात्री ऑटो या टैक्सी का इंतजार किए बिना सीधे बाइक किराये पर लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

यह सुविधा पर्यटकों, छात्रों, व्यावसायिक यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है। यात्री अपनी सुविधा के अनुसार शहर के विभिन्न इलाकों में घूमने के लिए भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे।

24 घंटे मिलेगी सुविधा

बाइक रेंटल सेवा 24 घंटे और सातों दिन संचालित होगी। सेवा का लाभ लेने के लिए यात्री को वैध ड्राइविंग लाइसेंस और आधार कार्ड उपलब्ध कराना होगा।

जानें कितने घंटे का कितना किराया

रेलवे ने बाइक किराये की अलग-अलग दरें निर्धारित की हैं।

  • 4 घंटे तक — 100 रुपये
  • 4 से 8 घंटे — 200 रुपये
  • 8 से 16 घंटे — 300 रुपये
  • 16 से 24 घंटे — 400 रुपये

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बाइक रेंटल सुविधा शुरू होने से यात्रियों को स्टेशन से शहर तक आने-जाने के लिए एक नया, स्वतंत्र और किफायती विकल्प मिल गया है। रेलवे की यह पहल यात्री सुविधाओं के विस्तार और स्टेशनों पर आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

CG College Admission: कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तारीख बढ़ी, अब इस तारीख तक मिलेगा मौका…

CG College Admission: कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तारीख बढ़ी, अब इस तारीख तक मिलेगा मौका…

 रायपुर:-  छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए राहत की खबर आई है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी है।

सीटें खाली होने के कारण बढ़ाई डेट

पहले कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तिथि 14 अगस्त निर्धारित की गई थी। कई सीटें रिक्त रहने की स्थिति को देखते हुए विभाग ने विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर देने का फैसला लिया है।

CG – हाथियों का आतंक: जंगल में भैंस चरा रहे ग्रामीण पर नर हाथी ने किया हमला, मौके पर मौत

CG – हाथियों का आतंक: जंगल में भैंस चरा रहे ग्रामीण पर नर हाथी ने किया हमला, मौके पर मौत

बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में आज हाथियों का आतंक देखने को मिला। जहां शिवपुर के जंगल में भैंस चराने के दौरान एक ग्रामीण पर नर हाथी ने हमला कर दिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह नर हाथी झारखंड की ओर से क्षेत्र में पहुंचा है।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अलग-अलग चार हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जिसके चलते वन विभाग भी अलर्ट हो गया है।

वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही है और ग्रामीणों को जंगल एवं आसपास के इलाकों में जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। विभाग की ओर से लोगों से हाथियों से दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने की सलाह दी गई है।

इधर, घटना के बाद ग्रामीण के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।

ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए अधिकारियों को निर्देश…..

ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए अधिकारियों को निर्देश…..

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर विकासखंड के ग्राम कटकोना पहुंचकर क्षेत्रवासियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, आवश्यकताओं और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे विभिन्न विषयों की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं यथोचित निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

मंत्री  अग्रवाल ने ग्रामीणों से संवाद के दौरान उनकी बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में क्षेत्र की जनता से सीधे संवाद करना और उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। ग्रामीणों द्वारा बताई गई समस्याओं के संबंध में उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली और समस्याओं के निराकरण के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस दौरान ग्रामवासियों ने खदान से संबंधित विभिन्न विषय भी मंत्री  राजेश अग्रवाल के संज्ञान में लाए। ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से सुनते हुए मंत्री ने कहा कि इस विषय में ग्रामवासियों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले का यथोचित परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अग्रवाल ने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। विकास के साथ स्थानीय लोगों के हितों, सुविधाओं और अधिकारों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ग्रामवासियों के हितों की रक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना तथा क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करना सरकार की प्राथमिकता है।

ग्राम कटकोना में मंत्री अग्रवाल के साथ हुए संवाद के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न स्थानीय विषयों और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया। मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा उठाए गए विषयों पर संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ देखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की सहभागिता से ही विकास की दिशा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। ग्रामीणों की अपेक्षाओं और सुझावों को विकास कार्यों में शामिल करते हुए क्षेत्र को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। ग्रामवासियों ने मंत्री  राजेश अग्रवाल द्वारा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाने पर आभार व्यक्त किया।

विद्यार्थियों ने देखी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ‘वंदे मातरम’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी…..

विद्यार्थियों ने देखी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ‘वंदे मातरम’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी…..

 रायपुर: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी नागरिकों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तथा राज्य की सुशासन और विकास यात्रा को प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

इसी क्रम में बी.पी. पुजारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल, राजातालाब रायपुर के विद्यार्थियों ने शिक्षिकाओं के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विद्यार्थी मानवी साहू, पलक साहू, योगिता विश्वकर्मा, आनंदित बोस और युगती सोनकर शिक्षिका अनवरी जावेद शेख एवं सुनील महर के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचे। विद्यार्थियों ने विभिन्न छायाचित्रों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और प्रदर्शित सामग्री को उत्सुकता के साथ देखा तथा स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों की जानकारी प्राप्त की।

वंदे मातरम की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा

प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर केंद्रित खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रजागरण के प्रेरणादायी स्वर के रूप में इसकी भूमिका को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिल रहा है कि स्वतंत्रता केवल संघर्ष और बलिदान का परिणाम नहीं, बल्कि देशवासियों की एकजुटता, राष्ट्रप्रेम और दृढ़ संकल्प की भी गौरवगाथा है।

 विद्यार्थियों ने देखी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ‘वंदे मातरम’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी

’छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की गाथा’

प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग प्रदर्शित किए गए हैं। महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा प्रदेश में हुए सामाजिक और राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंग भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।

विभागीय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को छायाचित्रों और ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण से अवगत कराया।

’योजनाओं से बदली जिंदगी की तस्वीर’

प्रदर्शनी में राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है। महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं के माध्यम से विकास और सशक्तिकरण की तस्वीर प्रस्तुत की गई है।

महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी पहलों की जानकारी भी प्रदर्शनी में दी गई है। विद्यार्थियों ने इन योजनाओं के बारे में भी विशेष रुचि दिखाई।

’सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से विकसित छत्तीसगढ़ की झलक’

प्रदर्शनी में डिजिटल पंजीयन, सुशासन तिहार, हरित छत्तीसगढ़, शिक्षा एवं अधोसंरचना विस्तार सहित राज्य की विकास यात्रा को भी छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों की झलक भी यहां देखने को मिल रही है।

 विद्यार्थियों ने देखी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ‘वंदे मातरम’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी

’एआई तकनीक से विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव’

प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अनूठा संगम भी देखने को मिल रहा है। एआई आधारित विशेष पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। बच्चों और युवाओं में इस पहल को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इसके अलावा राज्य की विकास यात्रा, उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

’21 अगस्त तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी’

कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में आयोजित यह सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10ः30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी। विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास एवं वर्तमान विकास से परिचित कराने वाला अनुभव बताया।

CM साय ने किया रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार सुविधाओं को मिली नई मजबूती

CM साय ने किया रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ, छत्तीसगढ़ में कैंसर उपचार सुविधाओं को मिली नई मजबूती

 ० अत्याधुनिक सुविधाओं और मशीनरी का किया अवलोकन, मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल परिसर में नवनिर्मित रामकृष्ण केयर कैंसर इंस्टीट्यूट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में उपलब्ध आधुनिक उपचार सुविधाओं और मशीनरी का अवलोकन किया तथा अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को इस पहल के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने डॉ. संदीप दवे के भाई स्वर्गीय प्रदीप दवे को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल पिछले 36 वर्षों से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है। नए कैंसर इंस्टीट्यूट से मरीजों को जांच और उपचार की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेशवासियों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े और उन्हें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं छत्तीसगढ़ में ही मिलें। निजी क्षेत्र की ऐसी पहल से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

कैंसर की शुरुआती पहचान बेहद जरूरी : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कैंसर इंस्टीट्यूट के शुभारंभ को स्वास्थ्य क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर का असर केवल मरीज पर नहीं, बल्कि पूरे परिवार पर पड़ता है। नियमित स्क्रीनिंग और समय पर बीमारी की पहचान से उपचार की संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि नए संस्थान के शुरू होने से मरीजों को आधुनिक कैंसर उपचार के साथ अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ एक ही स्थान पर मिल सकेगा।

प्रदेश में बढ़ रहा मेडिकल और सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का दायरा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि नए कैंसर इंस्टीट्यूट के शुरू होने से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ी है। उन्होंने बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है और सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर और बिलासपुर में सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं के विस्तार से गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच बढ़ाना है। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक मोतीलाल साहू, चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

झीरम घाटी पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा : शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कहा- हौसले और विश्वास से बदल रहा बस्तर

झीरम घाटी पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा : शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कहा- हौसले और विश्वास से बदल रहा बस्तर

 सुकमा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा एवं संकल्प के नारों के साथ उन्हें याद किया।

झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका थी
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि, झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में हमने प्रदेश के वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। राज्य के नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय महेंद्र कर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार पटेल ,वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।

लोकतंत्र और विकास की राह हुई मजबूत
उन्होंने कहा कि, आज वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि, जिस ताकत ने बस्तर को वर्षों तक अपने भय और हिंसा के साये में रखा, जिसने संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को बस्तर के सुदूर अंचलों तक नहीं पहुंचने दिया, जिसने तिरंगे को फहराने से रोकने का प्रयास किया और विकास की गति को अवरुद्ध किया, उस ताकत को जड़ से उखाड़ फेंका गया है।

बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है
श्री शर्मा ने कहा कि, आज बस्तर फिर से खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। उन्होंने कहा कि, झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शहीदों के परिजनों से की मुलाकात, वीरों की मिट्टी की संग्रहित
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों से कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान किया।

हौसले और विश्वास से बदली तस्वीर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। बस्तर के युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। हमने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है। उन्होंने कहा कि, भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए  सरकार लगातार काम कर रही है। 

झीरम के दोषियों को रोल मॉडल मानने पर जताई चिंता
श्री शर्मा ने कहा कि, इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। यह परिवर्तन बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत है। उन्होंने कहा कि, झीरम की घटना में हमने अपने प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व खोया है परंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि, इस घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नक्सलियों को कुछ लोग अपना रोल मॉडल मानते हैं।

कलयुगी बेटे का खौफनाक कदम : मां की शराब की लत से तंग बेटे ने की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

कलयुगी बेटे का खौफनाक कदम : मां की शराब की लत से तंग बेटे ने की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक कलयुगी बेटे ने अपनी मां की शराब पीने की आदत से तंग आकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। मामला डौंडी थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतका का नाम 55 वर्षीय सुशीला गांवड़े है। वह ग्राम घोठिया का रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि, मृतका सुशीला गांवडे शराब पीने की आदी थी। इसी बात को लेकर अक्सर अपने बेटे लीकेश गांवडे के साथ विवाद होता था। रविवार को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। 

पुलिस पूछताछ में बेटे लीकेश ने कबूला अपना जुर्म
विवाद इतना बढ़ा कि, बेटे लीकेश ने लकड़ी के पाटा से मां के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस ने इस मामले की कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे 28 वर्षीय लीकेश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जूर्म कबूल लिया। 

राजधानी में खौफनाक वारदात : प्रेमिका को दूसरे दोस्त के साथ जाने से रोकने की कोशिश की तो कार से कुचल डाला

राजधानी में खौफनाक वारदात : प्रेमिका को दूसरे दोस्त के साथ जाने से रोकने की कोशिश की तो कार से कुचल डाला

रायपुर। राजधानी रायपुर में प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के बाद एक युवक की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आमानाका थाना क्षेत्र में एम्स अस्पताल के सामने एक युवक को कार से टक्कर मारने के बाद कुचलने का मामला सामने आया है। घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक युवक की एक युवती से करीब 3-4 साल से दोस्ती और प्रेम संबंध था। दोनों परिवारों के बीच शादी की बातचीत भी चल रही थी। इसी दौरान युवक ने युवती को उसके एक दोस्त के साथ कार में देखा, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद के दौरान युवक ने कार को रोकने की कोशिश की।

कार की बोनट पर चढ़ा युवक 
बताया जा रहा है कि कार चला रहे युवक ने पहले उसे टक्कर मारी। इसके बाद कार आगे बढ़ने लगी। युवक कार के बोनट पर चढ़ गया, लेकिन कार चालक ने वाहन नहीं रोका। करीब 200 मीटर तक कार चलने के बाद युवक सड़क पर गिर गया और पुलिस के मुताबिक कार उसके ऊपर चढ़ गई। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।

दोनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस 
घटना की सूचना मिलते ही आमानाका पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। CCTV और शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या का संदेह जताते हुए मामला दर्ज किया है। इस मामले में कार चला रहा युवक भरत मंगनानी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने युवती को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।  

अटल जी की पुण्यतिथि पर सीएम साय ने किया नमन : बोले- उनके सपनों का विकसित छत्तीसगढ़ बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि

अटल जी की पुण्यतिथि पर सीएम साय ने किया नमन : बोले- उनके सपनों का विकसित छत्तीसगढ़ बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे।

अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व से साकार हुआ छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, श्रद्धेय अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे। छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण उनके दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा और प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया। छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

अटल जी का स्नेह और मार्गदर्शन आज भी जनसेवा की राह में प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था। सीएम साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि, उन्हें स्वयं भी श्रद्धेय अटल जी का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। अटल जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।

राजनीति में संवेदनशीलता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक थे अटल जी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, श्रद्धेय अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। वे ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी।राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वोपरि रहा और मां भारती की सेवा उनके जीवन का सर्वोच्च ध्येय थी।

गांव, गरीब, किसान और जनजातीय समाज के उत्थान को बनाया विकास का आधार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।

जनजातीय विकास को नई दिशा देना अटल जी की दूरदर्शी सोच का प्रमाण
मुख्यमंत्री ने कहा कि, जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था। उन्होंने विकास की मुख्यधारा को गांव, गरीब, किसान, जनजातीय समाज और वंचित वर्गों तक पहुंचाने के लिए अनेक दूरदर्शी पहल कीं।

अटल जी के सुशासन और अंत्योदय के मार्ग पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी, उसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाना हम सभी का दायित्व है। उनकी  सरकार अटल जी के सुशासन, अंत्योदय और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रहा है। सरकार का प्रत्येक प्रयास गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रित है।

अटल जी के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि, श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन, विचार और आदर्श नेतृत्व सदैव देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि है।

CG Weather Update: आज घूमने का प्लान है तो संभलकर! छत्तीसगढ़ में 4 दिन बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट

CG Weather Update: आज घूमने का प्लान है तो संभलकर! छत्तीसगढ़ में 4 दिन बारिश का दौर, कई जिलों में अलर्ट

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के बाद अगर आप रविवार को कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम का अपडेट जरूर देख लें। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। वहीं उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। बीते 24 घंटों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश हुई, जबकि सरगुजा संभाग के कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसमी वर्षा की स्थिति फिलहाल सामान्य से करीब 8 फीसदी कम है। शनिवार को दुर्ग में प्रदेश का सबसे अधिक तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने शहर और आसपास के इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना जताई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। ऐसे में बाहर निकलने वालों को मौसम को ध्यान में रखकर ही अपना प्लान बनाना बेहतर होगा।

इन जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। इनमें बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम खराब रहने की संभावना है।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कोटाडोल में सबसे ज्यादा 13 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा शंकरगढ़ और पौड़ी उपरोड़ा में 11 सेंटीमीटर, जबकि सन्ना, दौरा कोचली और रघुनाथ नगर में 8 सेंटीमीटर बारिश हुई।

जनकपुर-भरतपुर में 7 सेंटीमीटर, बलरामपुर, वाड्रफनगर, चलगली और सामरी में 6 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं रतनपुर, कुनकुरी, बेलतरा, पचपेड़ी, भैसमा, कोरबा, बेलगहना, मनोरा, सकरी और मस्तूरी में करीब 5 सेंटीमीटर बारिश हुई।

पाली, बगीचा, रामचंद्रपुर, दुलदुला, सीपत, करतला और जगदलपुर में 4 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पेंड्रा, रामानुजगंज, मनेंद्रगढ़, कांसाबेल, कुसमी, कोंटा, बस्तर, जशपुरनगर, नवागढ़, मरवाही, पामगढ़, केल्हारी, पेंड्रा रोड, चांदो, बिलासपुर, अकलतरा, तोकापाल, सकोला, बैकुंठपुर और खड़गवां में 3 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई।

अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि उत्तरी इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश देखने को मिल सकती है। बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।

ऐसे में रविवार को बाहर घूमने निकलने वाले लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर आकाशीय बिजली और तेज बारिश की स्थिति में खुले स्थानों, पेड़ों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।

 
CG – बीमार ग्रामीण के लिए देवदूत बने DRG जवान, कंधे पर लादकर पहुंचाया अस्पताल, निभाया इंसानियत का फर्ज…..

CG – बीमार ग्रामीण के लिए देवदूत बने DRG जवान, कंधे पर लादकर पहुंचाया अस्पताल, निभाया इंसानियत का फर्ज…..

 सुकमा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ड्यूटी पर निकले डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) जवानों ने एक बार फिर वर्दी के साथ इंसानियत का फर्ज निभाया। जंगल क्षेत्र में गंभीर रूप से बीमार एक आदिवासी ग्रामीण को देखकर जवानों ने बिना देर किए उसकी मदद की। जवानों ने बीमार ग्रामीण को अपने कंधे पर लादकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसे समय पर उपचार मिल सका। डीआरजी जवानों की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।

जानकारी के अनुसार सुकमा जिले में डीआरजी जवान स्वतंत्रता दिवस की ड्यूटी के लिए क्षेत्र में रवाना हुए थे। इसी दौरान उन्हें भीमापुरम क्षेत्र में एक आदिवासी ग्रामीण के गंभीर रूप से बीमार होने की जानकारी मिली। ग्रामीण की हालत को देखते हुए जवानों ने बिना देर किए उसे अपने कंधे पर उठाया और अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाली। दुर्गम क्षेत्र होने के कारण मरीज को अस्पताल तक पहुंचाना आसान नहीं था। इसके बावजूद जवानों ने रास्ते की मुश्किलों की परवाह किए बिना बीमार ग्रामीण को कंधे पर लादकर सीआरपीएफ हॉस्पिटल, रायगुड़म तक पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने ग्रामीण का उपचार शुरू किया।

फिलहाल रायगुड़म स्थित सीआरपीएफ अस्पताल में आदिवासी ग्रामीण का इलाज जारी है। डीआरजी जवानों की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। सुरक्षा ड्यूटी के साथ-साथ जरूरतमंद ग्रामीण की मदद कर जवानों ने यह संदेश दिया कि वर्दी के पीछे संवेदनशीलता और मानवता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

CG – नक्सल गढ़ में आजादी का जश्न : 80 साल बाद सुकमा के 50 गांवों में फहराया गया तिरंगा, जहां कभी था खौफ का साया…

CG – नक्सल गढ़ में आजादी का जश्न : 80 साल बाद सुकमा के 50 गांवों में फहराया गया तिरंगा, जहां कभी था खौफ का साया…

 सुकमा। देश जहां 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित रहे 50 गांवों के लिए यह दिन इतिहास बन गया। दशकों तक दहशत के साये में रहने वाले इन गांवों में पहली बार ग्रामीणों ने बिना किसी डर के तिरंगे तले स्वतंत्रता दिवस मनाया। यह सिर्फ ध्वजारोहण नहीं, बल्कि नक्सल भय से आजादी और बदलते सुकमा की नई तस्वीर का प्रतीक बन गया।

कभी इन इलाकों में नक्सली प्रभाव के चलते राष्ट्रीय पर्व के दौरान काले झंडों का दबदबा दिखाई देता था। तिरंगा फहराना और खुले तौर पर स्वतंत्रता दिवस मनाना ग्रामीणों के लिए आसान नहीं था। अब हालात बदल रहे हैं और गांवों में तिरंगा शान से लहराने लगा है।

नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों और प्रशासन की कार्रवाई के बाद इन इलाकों में हालात तेजी से बदले हैं। 31 मार्च के बाद नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और प्रशासन की पहुंच भी बढ़ी है। जिन गांवों में कभी  सरकारी गतिविधियां चलाना और राष्ट्रीय पर्व आयोजित करना चुनौती माना जाता था, वहां अब ग्रामीण खुलकर तिरंगे के साथ नजर आ रहे हैं।

इस बार इन गांवों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ग्रामीण तिरंगे को सलामी देंगे। बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में इसे लेकर खास उत्साह है। उनके लिए यह सिर्फ झंडा फहराने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लंबे समय तक डर और बंदिशों के बीच रहने के बाद खुले माहौल में आजादी का जश्न मनाने का मौका है। गांवों में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर तैयारियां भी की जा रही हैं।

बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में लंबे समय तक राष्ट्रीय पर्व नक्सली विरोध और बंद के साये में रहे। कई जगहों पर ग्रामीण तिरंगा फहराने से भी डरते थे। अब वही तस्वीर बदलती नजर आ रही है। जहां कभी काले झंडे और बंदूक का साया था, वहां अब तिरंगा और राष्ट्रगान दिखाई-सुनाई दे रहा है। यह बदलाव ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों का योगदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

देश की आजादी में छत्तीसगढ़ के वीर नायकों का योगदान नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वतंत्रता दिवस पर सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा से विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर तक को एक मंच पर समेट रही प्रदर्शनी

‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और सुशासन की उपलब्धियों का सजीव प्रदर्शन

ऐतिहासिक टाउन हॉल और शहीद स्मारक के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने की 50-50 लाख रुपये देने की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा - अपनी विरासत को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़

21 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह 10.30 से रात 8 बजे तक आम नागरिक कर सकेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के योगदान, अमर सेनानियों के शौर्य एवं बलिदान, ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा और राज्य में सुशासन एवं विकास की उपलब्धियों को समेटे यह प्रदर्शनी अतीत के गौरव से वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की आकांक्षाओं तक छत्तीसगढ़ की यात्रा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदर्शनी के विभिन्न खंडों का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित दुर्लभ छायाचित्रों, दस्तावेजों एवं सूचनात्मक सामग्री में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए छत्तीसगढ़ की धरती के अनेक वीर सपूतों ने संघर्ष और बलिदान किया। उनके योगदान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरक गाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है। ऐसी प्रदर्शनियां युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के साथ उनमें राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल इतिहास का स्मरण नहीं कराती, बल्कि विरासत से प्रेरणा लेकर विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को भी सुदृढ़ करती है। एक ओर इसमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाएं हैं, तो दूसरी ओर जनकल्याणकारी योजनाओं, सुशासन, आधुनिक अधोसंरचना और नई तकनीक के माध्यम से बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर भी दिखाई गई है।

*‘वंदे मातरम्’—राष्ट्रजागरण के अमर स्वर की 150 वर्षों की यात्रा*

प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर केंद्रितs खंड है। इसमें ‘वंदे मातरम्’ की रचना से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन में इसके राष्ट्रजागरण के मंत्र के रूप में स्थापित होने तक की यात्रा को ऐतिहासिक संदर्भों और छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने देशवासियों को एक सूत्र में बांधने और मातृभूमि के लिए त्याग एवं बलिदान की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके स्वर ने स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। 150 वर्ष की इस ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शनी में विशेष स्थान देकर नई पीढ़ी को ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रभाव और उसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराया गया ह

*छत्तीसगढ़ के वीर सेनानियों की संघर्ष और बलिदान की गौरवगाथा*

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ की भूमिका को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानियों, जननायकों और अमर बलिदानियों के योगदान से जुड़े दुर्लभ छायाचित्र, दस्तावेज और ऐतिहासिक प्रसंग यहां दर्शकों को स्वतंत्रता आंदोलन के उस दौर से रूबरू कराते हैं, जब छत्तीसगढ़ की धरती पर भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष और जनजागरण की आवाज बुलंद हुई थी।

महात्मा गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास तथा यहां के सामाजिक एवं राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शनी में विशेष स्थान दिया गया है। इन ऐतिहासिक दस्तावेजों के माध्यम से नई पीढ़ी यह जान सकेगी कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ का योगदान कितना व्यापक और गौरवपूर्ण रहा है।

*टाउन हॉल और शहीद स्मारक के लिए 50-50 लाख रुपये की घोषणा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर की दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहरों - टाउन हॉल और शहीद स्मारक - के संरक्षण, साज-सज्जा एवं नवीनीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद स्मारक राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की स्मृतियों को संजोए हुए है, जबकि ऐतिहासिक टाउन हॉल रायपुर की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन धरोहरों का संरक्षण हमारी गौरवशाली विरासत के प्रति सम्मान की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘विरासत से विकास तक’ की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की गति के साथ प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की गरिमा भी अक्षुण्ण रहे। इन स्थलों को बेहतर स्वरूप मिलने से नई पीढ़ी अपने इतिहास, संस्कृति और बलिदान की परंपरा को और निकटता से जान सकेगी।

*योजनाओं ने बदली जिंदगी - महिलाओं से किसानों और युवाओं तक विकास की झलक*

प्रदर्शनी का एक महत्वपूर्ण खंड राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे आम नागरिकों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों पर केंद्रित है। इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और जरूरतमंद परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने वाली योजनाओं एवं पहलों को छायाचित्रों और सूचनात्मक सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों को मिल रहे संबल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने के साकार होने की तस्वीर यहां दिखाई गई है। युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार एवं नए अवसरों के विस्तार और श्रमिकों सहित विभिन्न वर्गों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

प्रदर्शनी यह संदेश देती है कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाना है।

*सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना से उभरते विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर*

प्रदर्शनी में राज्य की विकास यात्रा को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डिजिटल पंजीयन के माध्यम से प्रशासन में पारदर्शिता, सुशासन तिहार के माध्यम से जनसमस्याओं के समाधान, हरित छत्तीसगढ़ की दिशा में किए जा रहे प्रयास तथा शिक्षा और अधोसंरचना के विस्तार की झलक यहां देखने को मिलती है।

बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, औद्योगिक अधोसंरचना, निवेश और रोजगार के नए अवसरों सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को भी प्रदर्शित किया गया है। इस प्रकार प्रदर्शनी छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और तेजी से आकार लेते भविष्य को एक साथ प्रस्तुत करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष से हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा मिलती है और यही प्रेरणा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी ऊर्जा बनती है।

*एआई से जुड़ा विरासत और पर्यटन का अभिनव अनुभव*

प्रदर्शनी में आधुनिक तकनीक और छत्तीसगढ़ की विरासत का अभिनव संगम भी आकर्षण का केंद्र है। विशेष एआई आधारित पहल के माध्यम से आगंतुक प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थलों की पृष्ठभूमि के साथ अपनी डिजिटल तस्वीर तैयार करा सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

इस पहल के माध्यम से तकनीक का उपयोग कर नई पीढ़ी को प्रदेश की पर्यटन, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से रोचक तरीके से जोड़ने का प्रयास किया गया है। आगंतुक इन डिजिटल तस्वीरों को प्रदर्शनी की स्मृति के रूप में भी प्राप्त कर सकते हैं।

*विजिटर डायरी और विशेष डॉक्यूमेंट्री भी बनी आकर्षण का केंद्र*

प्रदर्शनी स्थल पर रखी गई विजिटर डायरी में आगंतुक स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रप्रेम और छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव दर्ज कर सकते हैं। राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास यात्रा पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने विजिटर बुक में अपने विचार दर्ज करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का यह उपयोगी प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों से प्रदर्शनी देखने की अपील करते हुए कहा कि अपने इतिहास और विरासत को जानना हमें वर्तमान के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराता है और बेहतर भविष्य के निर्माण की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास, विधायक  पुरंदर मिश्रा, जनसंपर्क आयुक्त  रजत बंसल, कलेक्टर गौरव सिंह, अपर संचालक उमेश मिश्रा,  संजीव तिवारी,  आलोक देव सहित जनसंपर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में यह सात दिवसीय प्रदर्शनी 15 से 21 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से रात 8 बजे तक आम नागरिकों के अवलोकन के लिए खुली रहेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित हुए पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारी…..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित हुए पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारी-कर्मचारी…..

 रायपुर: स्वतंत्रता दिवस के 80वें पावन अवसर पर आज राजधानी रायपुर स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गरिमामय राज्य स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के करकमलों से छत्तीसगढ़ पुलिस एवं नगर सेना के अधिकारियों तथा जवानों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा, असाधारण कार्यकुशलता और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित पदकों तथा राज्य स्तरीय पुरस्कारों से अलंकृत किया गया।

समारोह में रक्षित केन्द्र धमतरी के सहायक उप निरीक्षक  रामावतार सिंह राजपूत को उनकी 36 वर्षों से अधिक की निष्ठावान सेवा और आधारभूत प्रशिक्षण में उत्कृष्ट योगदान हेतु देश के सर्वाेच्च ’राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक-2026’ से सम्मानित किया गया। सराहनीय सेवाओं, अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं आधुनिक नवाचारों के लिए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों सहित कुल 10 पुलिसकर्मियों को ’सराहनीय सेवा हेतु भारतीय पुलिस पदक-2026’ प्रदान किया गया। इस पदक से अलंकृत होने वालों में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल (भा.पु.से.), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़  शशिमोहन सिंह (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक एटीएस नवा रायपुरराजश्री मिश्रा (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा (भा.पु.से.), सेनानी 7वीं वाहिनी छ.स.बल भिलाई श्रीमती निवेदिता पॉल, सेनानी 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद मनीषा ठाकुर रावटे, पुलिस उपायुक्त रायपु तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशेष आसूचना शाखा नवा रायपुर सुश्री उनैजा खातून अंसारी, सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छ.स.बल भिलाई  जयलाल मरकाम तथा प्लाटून कमाण्डर 20वीं वाहिनी छ.स.बल महासमुंद  हजारी लाल साहू शामिल हैं।

आपदा प्रबंधन, राहत कार्यों और जनसेवा में अद्वितीय भूमिका निभाने के लिए नगर सेना राजनांदगांव के नायक  उत्तम कुमार साहू को शिवनाथ नदी में बाढ़ बचाव कार्य तथा नगर सेना रायपुर के लांस नायक जोगेश्वर कुमार धीवर को उत्कृष्ट गोताखोरी व प्रशिक्षण कार्यों के लिए ’गृह रक्षक तथा नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा पदक-2026’ प्रदान किया गया।

कमजोर वर्गों, अनुसूचित जाति-जनजाति तथा महिला एवं बाल सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को वर्ष 2025 के राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कारों से नवाजा गया। इसके तहत जांजगीर-चांपा के सहायक उप निरीक्षक  रामेश्वर प्रसाद यादव को ’गुरु घासीदास पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) प्रदान किया गया। कमजोर वर्गों एवं महिला-बाल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर की निरीक्षक अर्चना धुरंधर को ’राज्यपाल पुरस्कार’ एवं ’रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार’ (प्रत्येक में 50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड) से अलंकृत किया गया। गरियाबंद की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री निशा सिन्हा को पीडि़तों को त्वरित न्याय दिलाने हेतु ’मुख्यमंत्री पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व रायपुर रेंज को रनिंग शील्ड), अजाक थाना बिलासपुर के निरीक्षक  उत्तम साहू को उत्कृष्ट थाना संचालन हेतु ’शहीद वीरनारायण सिंह पुरस्कार’ (50 हजार रुपये नकद व बिलासपुर रेंज को रनिंग शील्ड) तथा उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) बिलासपुर  डी.आर. टंडन को ’पुलिस महानिदेशक पुरस्कार’ (25 हजार रुपये नकद एवं प्रशंसा पत्र) से सम्मानित किया गया।

समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  विवेकानंद (भा.पु.से.) के संपूर्ण प्रभार तथा नगर पुलिस अधीक्षक दर्री (कोरबा)  विमल कुमार पाठक (भा.पु.से.) के नेतृत्व में भव्य परेड का आयोजन किया गया। परेड में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जिला पुलिस बल, जेल पुलिस, नगर सेना, एन.सी.सी. तथा विशेष शाखाओं की टुकडि़यों ने अनुशासित एवं आकर्षक मार्च पास्ट प्रस्तुत किया।

स्वतंत्रता दिवस-2026 : राज्यपाल डेका ने लोेकभवन में किया ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस-2026 : राज्यपाल डेका ने लोेकभवन में किया ध्वजारोहण

 रायपुर- राज्यपाल  रमेन डेका ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आज सुबह लोकभवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया एवं परेड की सलामी ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी भी उपस्थित थी। राज्यपाल ने लोकभवन सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने लोकभवन के कर्मचारियों के परिजनों एवं बच्चों से आत्मीयता से मुलाकात की और बच्चों को टॉफी-मिठाई वितरित की।   इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू सहित लोकभवन के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

राज्यपाल ने मोबाइल एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

राज्यपाल  रमेन डेका ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोकभवन से 6 मोबाइल एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये एम्बुलेस भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी  को  महारत्न कंपनी आरईसी के सीएसआर के अंतर्गत दी गई है। ये एम्बुलेंस उत्तर छत्तीसगढ़ के जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर जिले में निःशुल्क सेवा देंगी।

नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ अब शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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 विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की होगी महत्वपूर्ण भूमिका: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की घोषणा, 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए बनाए जाएंगे शौचालय

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस माँ भारती की वंदना, हमारे गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का पावन अवसर है।
मुख्यमंत्री  साय ने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर और वीर सावरकर सहित स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वतंत्रता और स्वाभिमान की अलख जगाने वाले धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा सहित जननायकों को भी श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी का संदेश - ‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं’, संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी का ‘मनखे-मनखे एक समान’ का उद्घोष हमें स्वतंत्रता, समानता और मानवीय गरिमा के मूल्यों की निरंतर प्रेरणा देता है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके राष्ट्रीय एकता के संकल्प का स्मरण किया।

बस्तर में शांति के साथ विकास का नया सूर्याेदय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साहसिक नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता मिली है। माओवाद से मुक्त बस्तर में आज तिरंगा यात्राओं के माध्यम से स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है। जो क्षेत्र कभी हिंसा और भय से प्रभावित थे, वहां आज शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन बदलते बस्तर की नई पहचान का प्रतीक है। अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं तथा वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू ‘सेवा डेरा’ के माध्यम से नागरिक सुविधाओं, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार की मजबूत बुनियाद तैयार की जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली प्रणाली से जोड़ने तथा 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने की दिशा में काम हो रहा है। ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ से बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल रही है।

अन्नदाता की समृद्धि हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं और उनका सुख, सम्मान तथा समृद्धि सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दे रही है। धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने पर ‘कृषक उन्नति योजना’ के अंतर्गत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना के अनुरूप प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा किया गया है और इनमें से 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

सिंचाई विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोड़ने की सोच को आगे बढ़ाते हुए ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।

अटल सिंचाई योजना के माध्यम से बंद पड़ी सिंचाई परियोजनाओं का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जा रहा है तथा ‘चरण पादुका योजना’ पुनः प्रारंभ की गई है।

हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की   स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ और ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

महिला सशक्तीकरण से परिवार और प्रदेश दोनों हो रहे मजबूत

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है। योजना के अंतर्गत अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं, वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ दिया जा रहा है। वनाधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टास्क फोर्स गठित की गई है।

युवाओं के लिए रोजगार से नवाचार तक खुल रहे नए द्वार

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वामी विवेकानंद के युवा शक्ति पर विश्वास का स्मरण करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक सुधार किए गए हैं। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है तथा परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जा रही है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय भी लिया गया है।

एआई मिशन से भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार होगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों तथा डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के अंतर्गत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थान स्थापित किए जा रहे हैं। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से प्रारंभ किए जा रहे हैं।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा आगे बढ़ने का पूरा अवसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी वैश्विक मंच पर तिरंगा लहराएं, इसके लिए खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ प्रारंभ किया जा रहा है। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है। राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के द्वार खोले गए हैं। देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी के बाद अगले वर्ष भी इन खेलों का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा।

निवेश और रोजगार का नया केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के माध्यम से कोर सेक्टर के साथ नए और उभरते क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जा रहे हैं। राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का पहला एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। रायपुर, नवा रायपुर और दुर्ग-भिलाई को शामिल करते हुए स्टेट कैपिटल रीजन का गठन किया गया है।

ऊर्जा, सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को मिल रही नई गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण तीनों क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम किया जा रहा है। एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है।

प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं। भारतमाला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति देंगे।

‘सीजी वायु योजना’ के माध्यम से प्रमुख हवाई अड्डों से हवाई सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ढाई वर्षों में दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा ‘भारतनेट 3.0’ के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।

सुशासन में तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता और नागरिक सुविधा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन के आदर्शों पर आगे बढ़ रही है। पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली अपनाई गई है। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और ‘सेवा सेतु पोर्टल’ के जरिए शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों की स्थापना, रजिस्ट्री में सुधार और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिक सेवाओं को सरल बनाया गया है। 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित कर ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना लागू नहीं है, वहां ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं का लाभ सेचुरेशन मोड में पहुंचाया जा रहा है।

‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान प्रारंभ करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ से प्रदेश में रोजगार एवं विकास का नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। योजना के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे।

मजबूत कानून-व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल-112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

पर्यटन और लोक-संस्कृति को मिलेगी वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय पहचान दी है।

चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रारंभ करने तथा छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश और उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार देने का निर्णय भी लिया गया है। उन्होंने आरंग के रीवां में उत्खनन के दौरान 2,750 वर्ष पुरानी मानव बस्ती की खोज को छत्तीसगढ़ की प्राचीन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रमाण बताया।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक तथा ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के माध्यम से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।

विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संदेश के समापन में कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र - “संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्।” का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर छत्तीसगढ़ और भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेकर, अपने कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना से हम विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करेंगे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

 सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में सरगुजा संभाग प्रथम और दुर्ग संभाग के विद्यार्थी  द्वितीय स्थान पर रहे 

स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

रायपुर---राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग साढ़े 800 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के स्कूली विद्यार्थियों को पहला, छत्तीसगढ़ पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के विद्यार्थियों को दूसरा और मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के 286 स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की तपस्या और मातृभूमि के अनंत प्रेम की कहानी को प्रदर्शित किया, साथ ही युवा शक्ति से लेस होकर नई ऊंचाईयों को छूते भारत को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।
पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने सजता, संवरता, निखरता ये देश... गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से अपने भावों को अपने कदमों की लय और ऊर्जा में पिरो कर राष्ट्र प्रेम की अटूट झलक भी प्रस्तुत की।  

मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 बच्चों द्वारा संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े...फ्यूजन गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सैनिकों के शौर्य, उनके त्याग और बलिदान की गाथा को जीवंत किया।