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किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री रामविचार नेताम….

किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री रामविचार नेताम….

 रायपुर: धान के कटोरे के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ अब परंपरागत धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण अनुकूल स्थायी कृषि के एक नए युग में अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए चौतरफा रणनीति पर काम शुरू हो गया है। केन्द्रीय कृषि विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में कृषि मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज इस आशय की जानकारी दी।

कृषि मंत्री  नेताम ने सम्मेलन में राज्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का कृषि ढांचा अब एक बड़े बदलाव की ओर है। हमारी सरकार ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के जरिए राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवारों, जिनमें 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत जिसमें 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसान शामिल हैं, के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज की गई 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि और तिलहन के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि हमारा किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वहीं खरीफ 2026 में हम अरहर, उड़द और मूंग के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर हाथ को काम और हर खेत को सही समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित खाद उपलब्ध कराना है।

राज्य में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और रणनीतिक तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि कृषि तकनीक, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रबंधन से खेती की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि खरीफ 2026 के लिए हमारी तैयारियां पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीक-आधारित हैं। राज्य के किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। सीमांत किसानों को जहां एकमुश्त उर्वरक दिया जा रहा है, वहीं यूरिया की कालाबाजारी और अत्यधिक खपत को रोकने के लिए लघु व बड़े किसानों को 20 से 25 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार में यूरिया देने की व्यवस्था की गई है। हम डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पूरी खरीद और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त  परदेशी ने कांफ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके साथ ही तिलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के बीज वितरण से तिलहनी फसलों के क्षेत्र में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र में फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

सुशासन तिहार 2026: टेम्पू में 30 मई को आयोजित होगा जनसमस्या निवारण शिविर…..

सुशासन तिहार 2026: टेम्पू में 30 मई को आयोजित होगा जनसमस्या निवारण शिविर…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन लगातार जारी है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाते हुए आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसी क्रम में 30 मई 2026 को जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में 13 गांवों के ग्रामीण शामिल होकर अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
शिविर में सुरजूला, रजला, खुटापानी, घाघरा, करदना, टेम्पू, मुटू, पोड़ीपटकोना, चडि़या, सोगड़ा, मनोरा, खोगा एवं डुमरटोली के ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन प्रस्तुत करेंगे, जिनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही प्राप्त आवेदनों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता एवं निष्ठापूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर: मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

महासभा में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुडि़यों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राज्यपाल रमेन डेका से पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने की सौजन्य भेंट….

राज्यपाल रमेन डेका से पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने की सौजन्य भेंट….

 रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपनी पर्वतारोहण उपलब्धियों तथा आगामी अभियानों की जानकारी राज्यपाल को दी।

सुश्री अंकिता गुप्ता वर्तमान में कबीरधाम (कवर्धा) पुलिस लाइन में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में लद्दाख स्थित यूटी कांगड़ी पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक पहुंचकर छत्तीसगढ़ की पहली महिला पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया था। इसके अलावा उन्होंने यूरोपीय महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।

भेंट के दौरान सुश्री अंकिता ने राज्यपाल को बताया कि उनकी अगली योजना अफ्रीका महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट किलिमंजारो पर आरोहण करने की है। उन्होंने अपने अब तक के पर्वतारोहण अभियानों, अनुभवों और भविष्य की तैयारियों से भी राज्यपाल को अवगत कराया।
राज्यपाल रमेन डेका ने अंकिता गुप्ता के साहस, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा प्रतिभाओं की ऐसी सफलताएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अंकिता को उनके आगामी अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें हरसंभव सहयोग देने की बात कही।

नियद नेल्लानार 2.0 बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

नियद नेल्लानार 2.0 बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात कर उनके द्वारा बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि “बस्तर और बस्तरवासियों से हमें गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री  साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर, उसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय आत्मीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश, विशेष रूप से बस्तर, जनजातीय समाज और बस्तरवासियों के सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने गोडबोले दंपति का सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनत्व, विश्वास और मानवीय संवेदना पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोडबोले दंपति ने जनजातीय समाज तक पहुंचकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया, कुपोषण, टीबी, मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलायी तथा शिक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय समाज के बीच बने रहना और सेवा करते रहना असाधारण समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोडबोले दंपति केवल चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के आत्मीय सहयोगी के रूप में कार्य करते रहे हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी गोडबोले दंपति ने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और मानवता को सर्वाेपरि रखते हुए जनजातीय समाज के बीच लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि जब भय और असुरक्षा का वातावरण था, तब भी इनका बस्तर और उसके लोगों के प्रति विश्वास और प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि इस प्रदेश, इसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े रहने से सिद्ध होता है और गोडबोले दंपति ने इसे अपने जीवन से प्रमाणित किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि गोडबोले दंपति को बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि वे केवल यहां कार्य नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में पूरी तरह रच-बस गए हैं तथा उसे आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में संवाद स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का मजबूत रिश्ता बनाया है। यही कारण है कि आज वे स्वयं कहते हैं कि अब बस्तर छोड़ने का उनका मन नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम से उनका स्वयं का जुड़ाव रहा है और वे जानते हैं कि आश्रम के संस्कार सेवा, समर्पण और समाज के प्रति आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और आत्मीय सहयोग पहुंचाने के विचार से जुड़े हैं तथा यह कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार करता है।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति से संवाद करते हुए बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सूक्ष्म स्तर के प्रयासों और कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ लोगों तक शासन, सेवाएं और अवसर भी पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जनसेवा से जोड़ते हुए व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार सुरक्षा कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, जनसेवा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित कर रही है और वहां विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, सुरक्षा और विश्वास का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन और सतत प्रयासों का परिणाम है।

चर्चा के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेरणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कैलाश गुफा, वहां संचालित संस्कृत विद्यालय, आश्रम तथा सरगुजा अंचल की यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने जुड़ाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि गोडबोले दंपति ने केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, जनजातीय जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को भी आत्मसात किया है।
मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि गोडबोले दंपति की समर्पण और सेवा की भावना पूरे छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई चेतना को मजबूत करेगा।

Police Transfer : एसपी ने इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट की जारी, थानेदार भी बदले, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…

Police Transfer : एसपी ने इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट की जारी, थानेदार भी बदले, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में 7 निरीक्षकों की ट्रांसफर सूची जारी की गई है। लिस्ट में निरीक्षक निलेश पाण्डेय को कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिलासपुर की सम्बद्धता समाप्त कर थाना रतनपुर भेजा गया है।

देखें पूरी लिस्ट….

CG – आपत्तिजनक हालत में युवक के साथ पकड़ाई एक बच्चे की मां, फिर जो हुआ…..

CG – आपत्तिजनक हालत में युवक के साथ पकड़ाई एक बच्चे की मां, फिर जो हुआ…..

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से शर्मनाक घटना सामने आई है। जहां एक बच्चे की मां को एक युवक के साथ आपत्तिजनक हालत में लोगों ने पकड़ा। किसी ने इस स्थिति का वीडियो भी बना लिया। वीडियो बनाने के बाद इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल भी कर दिया है। लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में कराई है।

महिला अपने बच्चे के साथ रिसदा बस्ती में रहती है, जबकि पति मजदूरी के लिए बाहर जाता है। कभी-कभी बच्चे को भी साथ ले जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है, महिला की हरकतों से बस्ती का माहौल लगातार खराब हो रहा है और उसके इस तरह के व्यवहार से उसका पति भी परेशान रहता है। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी का कहना है, मामले में बस्ती वालों के बयान दर्ज किया गया है।

बाइक सवार युवक महिला के घर पहुंचा। युवक जब महिला के साथ भीतर चला गया तब मोहल्ले का एक व्यक्ति मोबाइल के साथ पहुंचा,इस दौरान युवक और महिला आपत्तिजनक स्थिति में मिले। उसने चुपके से वीडियो बना लिया और उसके बाद मोहल्ले में शोर मचाकर घर के भीतर जो कुछ चल रहा है, उसका खुलासा कर दिया। मोहल्लेवाले महिला के घर की ओर शाेर मचाते बढ़ रहे थे, इसी बीच युवक मोटर साइकिल छोड़कर भाग खड़ा हुआ। हंगामा के बीच जिसने इस अंतरंग पल का वीडियो बनाया था, उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया है। मोहल्लेवासियों ने फरार युवक, महिला दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पुलिस से की है।

CG – बंद कमरे में मिली महिला की लाश, दूसरी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, जताई जा रही ये आशंका

CG – बंद कमरे में मिली महिला की लाश, दूसरी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, जताई जा रही ये आशंका

 रायपुर। जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम माणिकचौरी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गांव के एक मकान में 60 वर्षीय महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो एक महिला की लाश और दूसरी महिला अचेत अवस्था में पड़े मिली। गंभीर हालत में महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानिए पूरा मामला

रायपुर के अभनपुर थाना क्षेत्र का यह पूरा मामला है। ग्राम माणिकचौरी के एक घर में महिला की लाश मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मृत महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अचैत पड़ी दूसरी महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, शव दो से तीन दिन पुराना है। आशंका जताई जा रही हैं कि महिलाएं भीषण गर्मी और लू की वजह से बीमार हो गई, जिससे एक महिला की मौत हो गई।

वहीं, दूसरी गंभीर रूप से बीमार पड़ गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं एक कमरे में रहती थीं। आसपास के लोगों को जब कोई गतिविधि नहीं दिखाई और बदबू आने लगी तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की थी।

फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कार्रवाई कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा कि महिला की मौत का वास्तविक कारण क्या था। पुलिस मामले में आगे की जांच कार्रवाई कर रही है।

युवक-युवती की मौत : दोस्तों संग पिकनिक मनाने गए ​थे, लड़की को बचाने गया लड़का भी डूबा; दोनों शव बरामद…

युवक-युवती की मौत : दोस्तों संग पिकनिक मनाने गए ​थे, लड़की को बचाने गया लड़का भी डूबा; दोनों शव बरामद…

 गरियाबंद। जिले के पैरी नदी पर बने कूकदा पिकअप वियर में पिकनिक मनाने पहुंचे रायपुर के युवक-युवती की डूबने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब युवती नहाते समय गहरे पानी में चली गई और उसे बचाने उतरा युवक भी नदी की तेज गहराई में समा गया। काफी तलाश के बाद दोनों के शव बरामद किए गए।

जानकारी के मुताबिक, रायपुर के शंकर नगर इलाके से चार दोस्त गरियाबंद घूमने पहुंचे थे। सभी ने कूकदा पिकअप वियर के पास भोजन किया, जिसके बाद वे चेकडैम में नहाने उतरे। इसी दौरान 22 वर्षीय सिंपी सक्सेना अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए 30 वर्षीय पीयूष मंडल पानी में उतरा, लेकिन वह भी गहराई में फंस गया। देखते ही देखते दोनों पानी में समा गए।

घटना के बाद साथ मौजूद अन्य दो दोस्तों ने शोर मचाया और स्थानीय लोगों के साथ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए। एसडीओपी निशा सिन्हा ने बताया कि मामले में पाण्डुका थाना में मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

CG : VIP कल्चर छोड़ सरकारी योजना में शादी रचाएंगे ये विधायक,CM के साथ पूरा मंत्रिमंडल बनेगा साक्षी..

CG : VIP कल्चर छोड़ सरकारी योजना में शादी रचाएंगे ये विधायक,CM के साथ पूरा मंत्रिमंडल बनेगा साक्षी..

 बेमेतरा : बेमेतरा विधानसभा से बीजेपी विधायक एक बहुत ही शानदार काम करने जा रहे हैं। इस काम के जरिए वो अपनी सरलता और सहजता भी दिखा रहे हैं। ये पहल बीजेपी विधायक दीपेश साहू की ओर से की गई है। दरअसल दीपेश साहू 31 मई को बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले ‘मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह योजना’ के तहत शादी के बंधन में बंधेंगे और सिर पर सेहरा सजाएंगे। इस मौके पर CM के साथ ही पूरा मंत्रिमंडल रहेगा मौजूद।

बीजेपी विधायक दीपेश साहू की ओर से एक सराहनीय पहल

बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक दीपेश साहू की ओर से ये सराहनीय पहल की गई है। इस महीने की 31 मई को वो जिला मुख्यालय स्थित बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले ‘मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह योजना’ के तहत शादी के पावन रिश्ते में बंधेंगे। गौर करने वाली बात है कि छत्तीसगढ़ में इससे पहले शायद ही ऐसा मौका देखने को मिला होगा जब पहली बार कोई वर्तमान विधायक वीआईपी कल्चर से दूर होकर अपनी शादी को सादगी औऱ सरलता के साथ करेगा।

CM विष्णुदेव के साथ ही सारा मंत्रीमंडल बनेगा शादी का गवाह

वहीं विधायक दीपेश साहू के इस फैसले का जिला प्रशासन ने भी स्वागत किया है और इसके लिए आधिकारिक निमंत्रण पत्र भी जारी किए गए हैं। इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से शामिल होगें और अपना आशीर्वाद देंगे। वहीं इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विजय बघेल, अरुण साव के साथ ही विजय शर्मा भी शिरकत करेंगे । इसके अलावा विधायक भी विवाह में अपनी अपनी मौजूदगी दर्ज करांएगे।

24 जोड़े बंधेंगे शादी के पवित्र बंधन में

विधायक दीपेश साहू तरूणा साहू के साथ शादी रचाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र के 23 गरीब व जरूरतमंद जोड़ों की भी शादी करेंगे। लिहाजा विधायक दीपेश साहू की इस पहल को काफी सराहा जा रहा है क्योंकि विधायक होकर भी ऐसी सादगी से शादी करना काफी बड़ा कदम माना जा रहा है।

बलौदाबाजार आगजनी कांड: अमित समेत 3 आरोपियों को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

बलौदाबाजार आगजनी कांड: अमित समेत 3 आरोपियों को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी की घटना पर सख्त टिप्पणी की है। घटना में संलिप्त आरोपियों ने 7 से 8 हजार लोगों की भीड़ को उकसा कर 13 से 14 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस पर जानलेवा हमला कराया गया। समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाई कोर्ट ने बवाल, पथराव और कलेक्ट्रेट परिसर में आगजनी के मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल सहित तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार दशहरा मैदान में 10 जून 2024 को एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचे थे। आरोप है, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने मंच से भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उग्र कर दिया और भड़काया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई और बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। सैकड़ों वाहनों के साथ ही कलेक्टोरेट भवन को भी आग के हवाले कर दिया गया।

इस दौरान बीच-बचाव कर रहे और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल, अजय यादव, दिनेश वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

सुनवाई के दौरान अमित बघेल के वकील ने कोर्ट को बताया, 10 जून को बलौदाबाजार में हिंसा के समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच वे अपनी पत्नी ईश्वरी बघेल के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। वकील ने बताया, उस दौरान संजय कुमार सोनी के पक्ष में रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि हाई कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, पेश दस्तावेजों में ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि घटना के समय अमित बघेल रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दलील सच्चाई से परे नजर आती है। कोर्ट ने कहा, समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से कहा गया कि सह-आरोपी नोविल कुमार नवरंग को महज दो महीने चार दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए। इस पर राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने उनके तर्कों पर आपत्ति जताते हुए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखा। रिकॉर्ड के मुताबिक अमित बघेल के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले, अजय यादव के खिलाफ 13 मामले और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक मामला दर्ज है।

हाई कोर्ट ने कहा कि जिस सह-आरोपी को दो महीने में जमानत मिली थी, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था, जबकि इन आवेदकों के खिलाफ गंभीर मामलों की लंबी सूची मौजूद है। कोर्ट ने अमित बघेल की चार, अजय यादव की चार और दिनेश कुमार वर्मा की एक याचिका सहित 9 जमानत याचिकाएं एक साथ खारिज कर दी है।

Anti Naxal Operation : नक्सलियों को बड़ा झटका, जंगल में छिपी हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद

Anti Naxal Operation : नक्सलियों को बड़ा झटका, जंगल में छिपी हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद

 नारायणपुर/गढ़चिरौली।  माओवाद विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत चलाए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में जवानों ने घने जंगलों में संचालित नक्सलियों के गुप्त हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद की है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सली संगठन सुरक्षा बलों पर हमले, घात लगाकर वारदात और बड़े विस्फोटों को अंजाम देने के लिए जंगलों में गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक तैयार कर उन्हें जमीन के भीतर छिपाकर रखते थे। इनका इस्तेमाल नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था। आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान इस गुप्त हथियार भंडार और निर्माण केंद्र की जानकारी मिली थी, जिसके बाद विशेष अभियान शुरू किया गया।

संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उन्हें बनाने की सामग्री, 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लेथ मशीन, ग्राइंडर मशीन, मोटर, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की गई। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क नक्सलियों द्वारा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

अभियान में विशेष अभियान दल, डीआरजी और बीडीडीएस की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया। इलाके की गहन तलाशी के बाद बरामद खतरनाक विस्फोटकों और हथियार निर्माण सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि भविष्य में उनका इस्तेमाल किसी भी हिंसक गतिविधि में न हो सके।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियां लगातार कमजोर हो रही हैं, लेकिन सुरक्षा बल किसी भी खतरे को लेकर सतर्क हैं। इस कार्रवाई से नक्सलियों के हथियार निर्माण तंत्र और भविष्य की योजनाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – ₹10,021 करोड़ की बड़ी सौगात से गरीबों का पक्का घर सपना होगा पूरा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – ₹10,021 करोड़ की बड़ी सौगात से गरीबों का पक्का घर सपना होगा पूरा

 रायपुर। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ से अधिक की मदर सैंक्शन जारी की है। इस बड़े फैसले पर मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए इसे गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” देने का संकल्प तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ मकान बनाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पक्का घर हर परिवार के लिए सुरक्षा, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की पहचान होता है। इस राशि से छत्तीसगढ़ के हजारों पात्र हितग्राहियों को जल्द लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण कार्य को नई गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन सरकार गांव, गरीब और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में गरीबों के जीवन स्तर में तेजी से सुधार होगा।

 
Weather Update : छत्तीसगढ़ में नौतपा के बीच बदला मौसम का मिजाज, रायपुर समेत 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

Weather Update : छत्तीसगढ़ में नौतपा के बीच बदला मौसम का मिजाज, रायपुर समेत 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

 रायपुर. छत्तीसगढ़ में नौतपा के बीज मौसम का मिजाज बदल गया है. अंबिकापुर, सूरजपुर जैसे क्षेत्रों में बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से राहत मिली है. रायपुर समेत कई जिलों में मौसम विभाग ने तेज हवा और  बारिश को लेकर यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. लगभग 24 घंटों के बाद तापमान में गिरावट होने के आसार हैं. 

मौसम विभाग ने जानकारी दी कि पिछले 24 घटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चली. आज से पूरे प्रदेश में मेघगर्जन के साथ तेज हवा, वज्रपात और वर्षा होने की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना है. 

27 जिलों में अलर्ट जारी 

मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए 27 जिलों में बारिश, तेज रफ़्तार से चलने वाली आंधी, आकाशीय बिजली और बादल गरजने का अलर्ट जारी किया है. जशपुर, सुरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर और कोरिया में यलो अलर्ट जारी किया गया है.

रायपुर में आज आंधी-बारिश 

रायपुरवासियों को गर्मी से आज राहत मिलने के आसार हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. साथ ही वर्षा, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

CM साय आज राष्ट्रीय आम महोत्सव में होंगे शामिल…

CM साय आज राष्ट्रीय आम महोत्सव में होंगे शामिल…

 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णदेव साय आज कृषि विश्वविद्यालय में आज से शुरू होने वाले राष्ट्रीय आम महोत्सव-2026 में शामिल होंगे. वह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, वह दोपहर 3:50 बजे कृषि विश्वविद्यालय पहुंचेंगे. जहां वे शाम 4 से 5 बजे तक राष्ट्रीय आम महोत्सव-2026 शामिल होंगे. शाम 5:20 बजे वापस मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.

IGKV में आज से तीन दिवसीय आम महोत्सव 

रायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 29 से 31 मई तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव 2026 आयोजित होगा. इसका शुभारंभ 29 मई को शाम 4 बजे राज्यपाल रमेन डेका करेंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे. महोत्सव में देशी-विदेशी आमों की 250 से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी लगेगी. इसमें दशहरी, लंगड़ा, अल्फांसो, केसर, मालदा, तोतापरी, आम्रपाली, मल्लिका और मियाजाकी जैसी खास किस्में रहेंगी. तीनों दिनों में आम आधारित कई प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी. इनमें आम सजावट, मैंगो क्विज, फैंसी ड्रेस, बोनसाई, मॉडल प्रतियोगिता और आम से बने व्यंजन जैसे अचार, पना, आमरस, जैम व मिठाइयों की प्रतियोगिता शामिल हैं.

बस्तर के सुदूर अंचल की बेटियों को मिला कैंसर से सुरक्षा का कवच

बस्तर के सुदूर अंचल की बेटियों को मिला कैंसर से सुरक्षा का कवच

 00 बिंता पीएचसी में किशोरी बालिकाओं का विशेष एचपीवी टीकाकरण अभियान सफल

रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा बस्तर जिले के लोहंडीगुड़ा विकासखंड के अंतर्गत दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिंता में किशोरी बालिकाओं के लिए विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सत्र का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य 9 से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को भविष्य में होने वाले गंभीर कैंसरों से सुरक्षा प्रदान करना है।अभियान की प्रगति और व्यवस्थाओं का जायजा लेने जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण प्रक्रिया का निरीक्षण करने के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा वैक्सीन लगवाने आई बालिकाओं और उनके अभिभावकों से संवाद कर उन्हें जागरूक एवं प्रोत्साहित किया।

इस दौरान डॉ. मैत्री ने एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह टीका बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का मजबूत सुरक्षा कवच है। उन्होंने बताया कि समय पर लगाया गया यह टीका महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर तथा ओरल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम करने में सहायक है।
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 9 से 14 वर्ष आयु की बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित है।
बिंता पीएचसी में आयोजित इस विशेष टीकाकरण अभियान को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों, मितानिनों, स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले तथा स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सामूहिक प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्र में भी स्वास्थ्य जागरूकता और बेटियों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

पीएम जनमन योजना से जनजातीय परिवार को मिला पक्के घर का सपना

पीएम जनमन योजना से जनजातीय परिवार को मिला पक्के घर का सपना

 00 प्रमुख सचिव बोरा ने हितग्राही मुन्नीबाई को सौंपी आवास की चाबी

रायपुर। प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बुधवार को लोरमी जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत अचानकमार के ग्राम शिवलखार पहुंचकर पीएम जनमन आवास योजना के हितग्राही परिवार से मुलाकात की और हितग्राही मुन्नीबाई को नए पक्के आवास की चाबी सौंपकर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा लिया। इस दौरान प्रमुख सचिव ने हितग्राही परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष रूप से जनजातीय एवं दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जाए।

प्रमुख सचिव  बोरा ने कहा कि पीएम जनमन योजना जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध तरीके से योजनाओं का लाभ दिलाया जाए तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। हितग्राही  मुन्नीबाई ने पक्का आवास मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पहले कच्चे मकान में बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नए पक्के घर से परिवार को सुरक्षा और सम्मान का एहसास हुआ है। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत क्षेत्र में संचालित कार्यों और हितग्राहियों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी भी प्रमुख सचिव को दी। इस दौरान कलेक्टर  कुन्दन कुमार, डीएफओ  अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ  प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी एसडीएम  अजीत पुजारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि विश्वविद्यालय में अगले तीन दिनों तक बिखरी रहेगी आमों की बहार

कृषि विश्वविद्यालय में अगले तीन दिनों तक बिखरी रहेगी आमों की बहार

 राज्यपाल रमेन डेका कल तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभांरभ करेंगे

शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद एवं विधायक होंगे शामिल

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा राष्ट्रीय आम महोत्सव

रायपुर--इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में कल से अगले तीन दिनों तक आमों की बहार रहेगी और समूचा माहौल आममय रहेगा। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई, 2026 तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव 2026 का शुभांरभ राज्यपाल  रमेन डेका कल 29 मई को अपरान्ह 4 बजे करेंगे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय करेंगे। कृषि मंत्री  रामविचार नेताम तथा रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चन्द्रहास चन्द्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंन्द्रवंशी तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। यहां आम की उन्नत किस्मों के पौधे तथा फल विक्रय हेतु आमजनों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

’आम की देशी-विदेशी 250 से अधिक किस्में देखने को मिलेंगी’

राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भाग ले सकते हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया है।

’राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम पर केंद्रित विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी आयोजित’

आम महोत्सव में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। यहां छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादक किसान उनके द्वारा उत्पादित आमों की विभिन्न किस्मों का प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित हैं। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है। इस महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया निःशुल्क है।

राष्ट्रीय आम महोत्सव में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़ मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की जाएगी। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया जाएगा। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय आम के व्यंजन बनाना भी सिखाएंगी।

’आम उत्पादन, प्रसंस्करण तथा समस्या समाधान पर तकनीकी सत्र भी आयोजित होंगे’

आयोजन के प्रथम दिवस 29 मई को प्रातः 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके पश्चात सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी अवलोकनार्थ तीनों दिन सायः 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। द्वितीय दिवस 30 मई को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक ‘‘आम उत्पादन समस्या एवं समाधान’’ विषय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर आकृष्ट हो सकें । आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। तृतीय दिवस 31 मई को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा।

राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल ‘‘आम’’ जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों, विशिष्ट उत्पादों एवं भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए रोजगार के साधनों की जानकारी नागरिकों, महिलाओं, विद्यार्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है।

राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता में न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद के साथ पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन में पंजीयन एवं प्रवेश निःशुल्क है। अतः इस अवसर का लाभ प्राप्त करने हेतु सहभागी बनें।

पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पर्यटन के जरिए नई पहचान गढ़ेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 ०-छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि को दुनिया के सामने लाना हमारा उद्देश्य

०-हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे : मुख्यमंत्री

०-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को मिल रही नई गति

०-500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं: हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड ने दिखाई रुचि

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब देश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान गढऩे की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने, निवेश अनुकूल नीतियों और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण प्रदेश में पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं लगातार मजबूत हो रही हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निवास कार्यालय में पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटक सुविधाओं के विकास एवं विस्तार तथा हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। बैठक में देश की प्रतिष्ठित इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ उत्तर से दक्षिण तक नैसर्गिक विरासत की अमूल्य धरा है, जहां नदियां, पहाड़, घने जंगल, जलप्रपात, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और जनजातीय परंपराएं छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य दुनिया को छत्तीसगढ़ की वास्तविक सुंदरता, सांस्कृतिक समृद्धि और प्राकृतिक विविधता से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं और पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य में लगातार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और इसी क्रम में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ में निवेश की इच्छा जताई गई है, जो प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के निवेश से पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।

बैठक के दौरान इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के समक्ष अपने निवेश प्रस्ताव के महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए और बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है, जिसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस निवेश से प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा।

वित्त मंत्री ओ पी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है तथा सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है।

बैठक में यह भी बताया गया कि  पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के रास्ते व्यापक रूप से खुले हैं। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को आधुनिक अधोसंरचना, उच्चस्तरीय सुविधाओं और निवेश प्रोत्साहन नीतियों के माध्यम से विकसित करने की दिशा में विशेष पहल कर रही है। प्रदेश की बेहतर मानसूनी परिस्थितियां, समृद्ध प्राकृतिक संपदा और निवेश अनुकूल नीति पर्यटन विकास के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।

बैठक में उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेश प्रोत्साहन नीति तथा उपलब्ध इंसेंटिव्स की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई निवेशक 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश करता है अथवा 1000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है, तो उसे 'बी-स्पोक पॉलिसीÓ के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन एवं विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत संरचना, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं तथा पर्यटक सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

CG – तीन तलाक : तलाक, तलाक, तलाक! सड़क पर गूंजी आवाज, सरेराह पति ने पत्नी को दिया तीन तलाक

CG – तीन तलाक : तलाक, तलाक, तलाक! सड़क पर गूंजी आवाज, सरेराह पति ने पत्नी को दिया तीन तलाक

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से तीन तलाक का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बिलासपुर के फैमिली कोर्ट परिसर के सामने एक पति द्वारा अपनी पत्नी को सरेराह तीन बार ‘तलाक’ बोलकर रिश्ता खत्म करने और जान से मारने की धमकी दी है। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुस्लिम महिला अधिनियम, तीन तलाक कानून और जान से मारने की धमकी देने की विभिन्न धाराओं के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र निवासी मुस्लिम युवती की 2 साल पहले शहर के युवक से शादी हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल पक्ष और पति द्वारा उसे प्रताड़ित किया जाने लगा, जिससे तंग आकर वह अपने मायके लौट आई। मायके में रहते हुए पीड़िता ने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था, जिसकी जांच जारी है। इसके साथ ही महिला ने अपने गुजारे के लिए भरण-पोषण की मांग करते हुए अदालत की शरण ली थी। कुटुंब न्यायालय में मामले की पेशी के लिए पीड़िता अपने परिजनों के साथ पहुंची थी।

सुनवाई के दौरान पीड़ित महिला किसी जरूरी दस्तावेज की फोटोकॉपी कराने के लिए न्यायालय परिसर से बाहर सड़क पर आई थी। इसी दौरान आरोपी पति ने उसे रास्ते में रोक लिया। पति ने महिला पर उसका परिवार और जिंदगी तबाह करने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। उसने आवेश में आकर पत्नी से कहा कि ‘अब मुझे अपना चेहरा कभी मत दिखाना’ और सरेआम तीन बार ‘तलाक, तलाक, तलाक’ बोल दिया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। सिविल लाइन पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है और फरार आरोपी पति की तलाश कर रही है।

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इंस्पेक्टर, एसआई समेत 11 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें ट्रांसफर लिस्ट….!!

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इंस्पेक्टर, एसआई समेत 11 पुलिस अधिकारियों के हुए तबादले, देखें ट्रांसफर लिस्ट….!!

 जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में थाना प्रभारी, सब इंस्पेक्टर, एएसआई समेत 11 पुलिस अधिकारियों के तबादले हुए हैं। सूची को जिले के एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने जारी की है।

देखें लिस्ट…

छत्तीसगढ़ कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महिला महामंत्री ने छोड़ा कांग्रेस का हाथ, 14 महिला कार्यकर्ता भाजपा में हुई शामिल…!!

छत्तीसगढ़ कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, महिला महामंत्री ने छोड़ा कांग्रेस का हाथ, 14 महिला कार्यकर्ता भाजपा में हुई शामिल…!!

 जगदलपुर। जगदलपुर में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस की महिला महामंत्री कमल झज ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया, वहीं पूर्व महामंत्री अम्मा जी राव भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुईं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में करीब 14 महिला कार्यकर्ताओं ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान सभी का भाजपा गमछा और फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।

CG – इस दिन देशी-विदेशी मदिरा दुकान रहेगी बंद, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, जाने वजह…..

CG – इस दिन देशी-विदेशी मदिरा दुकान रहेगी बंद, कलेक्टर ने जारी किया आदेश, जाने वजह…..

 कांकेर। शराब प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। 30 मई को शराब की दुकान बंद रहेगी। इस संबंध में कलेक्टर ने आदेश भी जारी कर दिया है। इसके तहत चारामा क्षेत्र की देशी और विदेशी शराब दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी।

दरअसल, नगरपालिकाओं और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कांकेर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों में आम/उप निर्वाचन-2026 हेतु मतदान दिवस 30 मई को शुष्क दिवस घोषित किया है।

उन्होंने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उपधारा(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त तिथि को देशी एवं विदेशी मदिरा दुकान चारामा तथा देशी एवं विदेशी मदिरा अहाता चारामा को मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व अर्थात 30 मई 2026 को शाम 05 बजे से मतदान समाप्ति तक पूर्ण रूप से बंद रखने के लिए शुष्क अवधि/शुष्क दिवस घोषित किया गया है। अर्थात मतदान अवधि में संबंधित क्षेत्र में मदिरा का सम्पूर्ण संव्यवहार प्रतिबंधित रहेगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने हायर सेकंडरी स्कूल भवन का किया भूमिपूजन, 1.21 करोड़ की लागत से बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्कूल

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने हायर सेकंडरी स्कूल भवन का किया भूमिपूजन, 1.21 करोड़ की लागत से बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्कूल

 रायपुर : उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी में हायर सेकंडरी स्कूल भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने बताया कि स्कूल भवन के निर्माण के लिए 1 करोड़ 21 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। आज से निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हो गई है।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि अनुबंध के अनुसार स्कूल भवन का 8 महीने में पूरा किया जाना है। उन्होंने ठेकेदार को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य समय से पहले और पूरी गुणवत्ता के साथ हो, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। उन्होंने कहा कि जहां बच्चों का भविष्य तैयार होता है, उस स्कूल का अच्छा भवन बनना क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है।

CG – नौतपा के बीच आसमान से आई आफत, आकाशीय बिजली गिरने से युवक की दर्दनाक मौत

CG – नौतपा के बीच आसमान से आई आफत, आकाशीय बिजली गिरने से युवक की दर्दनाक मौत

 जगदलपुर/गरियाबंद। नौतपा की भीषण गर्मी के बीच जगदलपुर समेत आसपास के कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को तपती गर्मी से राहत पहुंचाई है। वहीं गरियाबंद जिले के देवभोग थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार देवभोग थाना क्षेत्र के माहुलकोट गांव में 34 वर्षीय युवक चितानंद भोई पेड़ के नीचे बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक मौसम खराब हुआ और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से झुलस गया। घटना इतनी भयावह थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से युवक को तत्काल देवभोग अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

पिछले कई दिनों से बस्तर संभाग में तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था। तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं से जनजीवन प्रभावित हो रहा था। दिनभर की चिलचिलाती गर्मी से लोग परेशान थे, लेकिन गुरुवार शाम अचानक मौसम बदल गया। आसमान में बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से आम लोगों को गर्मी से राहत मिली है।