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टाटीबंध चौक से रेलवे स्टेशन तक फिर दौड़ेंगी आठ मिनी सिटी बसें, किराया होगा 25 रुपये

टाटीबंध चौक से रेलवे स्टेशन तक फिर दौड़ेंगी आठ मिनी सिटी बसें, किराया होगा 25 रुपये

 रायपुर। रायपुर शहर में आठ नई मिनी सिटी बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। इन बसों के शुरू होने से शहरवासियों को सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी। ये बसें टाटीबंध चौक से रेलवे स्टेशन और पचपेड़ी नाका होते हुए आईएसबीटी तक चलेंगी। यात्रियों के लिए टाटीबंध से रेलवे स्टेशन तक किराया 25 रुपये तय किया गया है। संचालन की शुरुआत 45 दिनों के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही है। बसें हर 15 से 20 मिनट में उपलब्ध होंगी, जिससे शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों को इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इसके लिए दो रूट तय किए गए है जिनमें पहला रूट टाटीबंध चौक से शुरू होकर आमापारा होते हुए रेलवे स्टेशन तक रहेगा। वहीं दूसरा रूट अंतरराज्यीय बस स्टैंड भांटागांव से शुरू होकर संतोषी नगर चौक होते हुए पचपेड़ी नाका चौक, सिद्धार्थ चौक, कालीबाड़ी और घड़ी चौक से रेलवे स्टेशन तक का है। बसों में यात्रा के लिए लगभग दो रुपये प्रति किलोमीटर का किराया लगेगा। इन मिनी बसों का उद्देश्य शहर के भीतर आवागमन को सरल बनाना और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है। बसों के संचालन से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। ये बसें शुरुआती दौर में सुबह साढ़े छह बजे से चलेंगी। ट्रायल के तौर पर बसें फिलहाल दो रूटों पर चलेंगी।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शौर्य चक्र से सम्मानित छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज अधिकारियों को दी बधाई

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शौर्य चक्र से सम्मानित छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज अधिकारियों को दी बधाई

 रायपुर--वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु  द्वारा 'रक्षा अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों के अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण है। विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्होंने जिस वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन वीर अधिकारियों ने अपने साहसिक कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनका यह सम्मान छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यपरायणता के मार्ग पर आगे बढऩे के लिए प्रेरित करेगा।

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश को उनके शौर्य और समर्पण पर गर्व है।

 रायपुर में 11 जून को नहीं आएगा पानी, इन 42 इलाकों में जलापूर्ति रहेगी बाधित

रायपुर में 11 जून को नहीं आएगा पानी, इन 42 इलाकों में जलापूर्ति रहेगी बाधित

 रायपुर। रायपुर में 11 जून को शहर के 42 इलाकों में शाम की पानी सप्लाई बंद रहेगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) रावणभाटा उपकेंद्र में 33 केवी लाइन पर मेंटेनेंस और केबल कनेक्टिविटी का काम करेगी। इसके चलते शहर के 80 एमएलडी, न्यू 80 एमएलडी और 150 एमएलडी फिल्टर प्लांट कुछ समय के लिए बंद रहेंगे।नगर निगम जलकार्य विभाग के मुताबिक, 11 जून को सुबह नियमित जलापूर्ति के बाद शाम को इन प्लांटों से जुड़े 42 जलागारों में पानी नहीं दिया जाएगा। हालांकि 12 जून की सुबह से जलापूर्ति फिर सामान्य हो जाएगी।इन इलाकों में प्रभावित रहेगी सप्लाईडंगनिया, गंज, गुढ़ियारी, न्यू राजेंद्र नगर, श्याम नगर, तेलीबांधा, शंकर नगर, खमतराई, भनपुरी, भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डीडी नगर, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मंडी, मोवा, सड्डू, व्लदल सिवनी, रामनगर, कचना, आमासिवनी, देवपुरी, मोतीबाग, बोरियाखुर्द, जोरा, रायपुरा, कुकरबेड़ा, बैरन बाजार (नया), देवेंद्र नगर (नया) और संजय नगर समेत अन्य क्षेत्रों में शाम की जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।

CG Train Cancelled: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 10 से 12 जून तक रद्द रहेंगी कई ट्रेनें, चेक करें लिस्ट..!!

CG Train Cancelled: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 10 से 12 जून तक रद्द रहेंगी कई ट्रेनें, चेक करें लिस्ट..!!

 रायपुर। गर्मियों के सीजन में हर कोई अपने दोस्तों और परिजनों के साथ घूमने जाने का प्लान बनाता है। लेकिन अगर आप भी कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले इस खबर को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि रेलवे ने एक बार फिर 8 मेमू-डेमू ट्रेनों को रद्द किया है। इस फैसले के चलते अब रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

दरअसल, नागपुर मंडल के रसमड़ा स्टेशन पर अधोसंरचना विकास से जुड़ा काम किया जाएगा। यहां मालगोदाम लाइन को जोड़ने के लिए विशेष ब्लॉक लिया जाएगा। इसी के तहत प्री-नॉन इंटरलॉकिंग से जुड़े तकनीकी कार्य किए जाएंगे। जिसके चलते 10 से 12 जून तक 8 मेमू-डेमू ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया गया है।  इसी के साथ ही दो पैसेंजर ट्रेनें गंतव्य से पहले दुर्ग स्टेशन पर समाप्त होंगी।

 
 

 10 से 12 जून के बीच निम्न रूटों पर चलने वाली मेमू और डेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं डोंगरगढ़ से बिलासपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन दुर्ग स्टेशन से शुरू होगी। वहीं रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की अपील की है ताकी परेशानियों से बचा जा सके।

 

ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

रायपुर – डोंगरगढ़

डोंगरगढ़ – रायपुर

डोंगरगढ़ – गोंदिया

गोंदिया – डोंगरगढ़

इतवारी – गोंदिया

गोंदिया – इतवारी

इतवारी – बालाघाट

बालाघाट – इतवारी

 पुरुषोत्तम मास में श्री जैतू साव मठ परिसर में लगाए गए 11 फलदार वृक्ष

पुरुषोत्तम मास में श्री जैतू साव मठ परिसर में लगाए गए 11 फलदार वृक्ष

रायपुर। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतू साव मठ परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत 11 फलदार वृक्षों का रोपण किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, मातृ सम्मान एवं धार्मिक पुण्य अर्जन का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में आम, अमरूद, जामुन, नींबू सहित विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित जनों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महेंद्र अग्रवाल, अजय तिवारी, सुमित तिवारी, उज्जवल ठाकुर, सौरभ मिश्र एवं दीपक पाठक ,संदिप उपाध्याय उपस्थित रहे। सभी ने वृक्षारोपण को समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस माह में किए गए दान, सेवा, जप, तप एवं वृक्षारोपण का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। विशेष रूप से फलदार वृक्ष लगाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीव-जंतुओं, पक्षियों और मानव समाज को भी दीर्घकालीन लाभ मिलता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक आज , कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक आज , कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आज यानी 9 जून को आयोजित होगी। बैठक सुबह 11 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी।

जानकारी के अनुसार, बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लग सकती है। सबसे महत्वपूर्ण विषय राज्य के 5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए लंबे समय से लंबित कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर माना जा रहा है। इस योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

 इसके अलावा प्रदेश की बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर नीति पर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा हो सकती है। कर्मचारियों और अधिकारियों की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में जल्द होगी मानसून की एंट्री, अगले 4 दिनों में बस्तर में देगा दस्तक, तेज आंधी तूफान का अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में जल्द होगी मानसून की एंट्री, अगले 4 दिनों में बस्तर में देगा दस्तक, तेज आंधी तूफान का अलर्ट जारी

 रायपुर।दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरलम में दस्तक दे दी है। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून की एंट्री नहीं हुई है लेकिन राज्य में मौसम का मिजाज बदल गया है। दिनभर तेज धूप और भीषण गर्मी के बाद शाम होते ही हल्की बारिश होने लगती है। वहीं कहा जा रहा है कि,  छत्तीसगढ़ में अगले 4 से 5 दिनों में मानसून की दस्तक मिलने की संभावना है।

वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 4 दिनों में बस्तर क्षेत्र में मानसून की एंट्री हो सकती है। इसके संकेत छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में पहले ही दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड से तेलंगाना तक सक्रिय द्रोणिका प्रणाली का असर राज्य में बारिश के लिए जिम्मेदार है। हाल ही में प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक 20 मिमी बारिश चंद्रपुर में रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और निर्देशों का पालन करें और संभावित आपदा से बचाव के लिए तैयार रहें।

CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुपेबेड़ा क्षेत्र को मिलेगी स्वच्छ पेयजल की सौगात

CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुपेबेड़ा क्षेत्र को मिलेगी स्वच्छ पेयजल की सौगात

 गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और जनजीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़े क्षेत्र सुपेबेड़ा तथा आसपास के गांवों के लिए बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय योजना तेजी से मूर्त रूप ले रही है। सुपेबेड़ा जल प्रदाय योजना के लिए 10 करोड़ 34 लाख 32 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य को 5 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल प्रदाय योजना की टेस्टिंग प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ होने की संभावना है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के पूर्ण होने पर सुपेबेड़ा, सागुनबाड़ी, मोटरापारा, निष्ठीगुड़ा, सेंधमुड़ा, खोकसरा, खम्हारगुड़ा, परवापाली एवं ठिरलीगुड़ा सहित कुल 9 गांवों के नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। योजना के अंतर्गत सेंधमुड़ा घाट क्षेत्र में तेल नदी पर इंटेकवेल का निर्माण किया जा रहा है। सुपेबेड़ा में 75 हजार लीटर क्षमता वाले उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया जा चुका है तथा जल शोधन (फिल्टर) संयंत्र का कार्य प्रगति पर है। यहां से शुद्ध पेयजल की पंपिंग कर संबंधित गांवों में निर्मित अलग-अलग जल टंकियों तक पहुंचाया जाएगा, जहां से घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

इस योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 2 हजार 74 परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन का लाभ मिलेगा। जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थाई समाधान मिलेगा। जिला मुख्यालय गरियाबंद में संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुपेबेड़ा एवं आसपास के गांवों में जल उपलब्धता को और सुदृढ़ करने के लिए 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की है। इससे क्षेत्र में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा पेयजल स्रोतों की स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

यह योजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने, महिलाओं एवं बच्चों की जल संग्रहण संबंधी कठिनाइयों को कम करने तथा ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील पहल का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जिससे देवभोग विकासखंड के हजारों ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

सीएम साय और सांसद कंगना रनौत ने 26/11 के असली हीरोज को समर्पित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का देखा विशेष प्रदर्शन

सीएम साय और सांसद कंगना रनौत ने 26/11 के असली हीरोज को समर्पित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का देखा विशेष प्रदर्शन

 रायपुर। राजधानी रायपुर के ज़ोर द मॉल में आगामी हिंदी फिल्म भारत भाग्य विधाता की विशेष प्री-स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, फिल्म की मुख्य अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत सहित प्रदेश के अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।

यह फिल्म देश के इतिहास के सबसे दर्दनाक आतंकी हमलों में से एक 2008 Mumbai attacks के दौरान मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने कामा अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और सहयोगी कर्मचारियों की सच्ची कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करती है। आतंकियों की गोलियों और विस्फोटों के बीच बिना किसी हथियार के अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों मरीजों और नागरिकों की जान बचाने वाले इन कर्मवीरों के साहस को फिल्म में जीवंत रूप से दर्शाया गया है।

 
 छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन 1076 शुरू, अब कॉल और WhatsApp से दर्ज करें शिकायत

छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन 1076 शुरू, अब कॉल और WhatsApp से दर्ज करें शिकायत

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को महानदी भवन मंत्रालय में इस सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने हेल्पलाइन कॉल सेंटर का अवलोकन भी किया। इस नई व्यवस्था के जरिए अब प्रदेश के लोग अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा सकेंगे।

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर नागरिक सफाई व्यवस्था में लापरवाही, पेंशन से जुड़ी समस्याएं, पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार जैसी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि शिकायतों का तय समयसीमा में प्रभावी और संतोषजनक समाधान किया जाएगा।

लोग टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करने के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और WhatsApp चैटबॉट के जरिए भी शिकायत भेज सकेंगे। साथ ही शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

 
13 वर्षीय सुमाना कुंडू के अंग दान से दो को मिला नया जीवन

13 वर्षीय सुमाना कुंडू के अंग दान से दो को मिला नया जीवन

00 एम्स रायपुर ने दर्ज किया अपना पहला बाल चिकित्सा मृत अंग दान
रायपुर।
साहस और मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए, रायपुर की 13 वर्षीय सुमाना कुंडू के परिवार ने गंभीर न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका संबंधी) जटिलताओं के बाद उन्हें ब्रेन डेड (मस्तिष्क मृत) घोषित किए जाने पर अंगदान की सहमति दी। उनके इस निस्वार्थ निर्णय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में दो जीवन रक्षक किडनी ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) को सफल बनाया, जिससे एंड-स्टेज किडनी रोग से पीडि़त मरीजों को नया जीवन और नई उम्मीद मिली है।

यह बच्ची पिकनोडाईसोस्टोसिस से पीडि़त थी, जो एक बेहद दुर्लभ अनुवांशिक विकार (जेनेटिक डिसऑर्डर) है। इस बीमारी में हड्डियां असामान्य रूप से घनी लेकिन बेहद कमजोर हो जाती हैं। बचपन से ही वह गंभीर इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन (मस्तिष्क के भीतर अत्यधिक दबाव) से जूझ रही थी, जिसके लिए उनके मस्तिष्क में वेंट्रिकुलोपेरिटोनियल (वीपी) शंट डाला गया था। बीते वर्षों में, शंट के बार-बार खराब होने के कारण उनकी कई सर्जिकल रीविज़न (दुरुस्तीकरण) की गईं, और अंतत: सेकेंडरी ऑप्टिक एट्रोफी के कारण उनकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। वह एम्स रायपुर में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी टीमों के सहयोग से बाल रोग विभाग (पीडियाट्रिक्स) की विशेष देखरेख में थीं। 29 मई को गंभीर न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं के कारण उन्हें पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पिकू) में भर्ती कराया गया था। बहुविषयक (मल्टीडिसीप्लिनरी) मेडिकल टीम के गहन उपचार और निरंतर प्रयासों के बावजूद, उनकी स्थिति बिगड़ती गई और अंतत: उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।

इस कठिन घड़ी में, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर अंबे पटेल और विनीता पटेल ने शोक संतप्त परिवार को मृत अंगदान के बारे में परामर्श दिया। अद्भुत करुणा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए, परिवार ने दोनों किडनियां दान करने की सहमति दे दी। इसके बाद, स्थापित प्रतीक्षा सूची नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो-छत्तीसगढ़) के माध्यम से अंगों का आवंटन किया गया। दान की गई एक किडनी रायपुर टाटीबंध निवासी एक 15 वर्षीय लड़के को प्रत्यारोपित की गई, जो पिछले तीन वर्षों से डायलिसिस पर निर्भर था, जबकि दूसरी किडनी मध्य प्रदेश के बालाघाट के एक 45 वर्षीय मरीज को दी गई, जो पिछले पांच वर्षों से डायलिसिस करा रहे थे। दोनों ट्रांसप्लांट प्रक्रियाएं पूरी तरह सफल रहीं और दोनों प्राप्तकर्ता किडनी ट्रांसप्लांट आईसीयू में तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। इस जटिल सर्जिकल ट्रांसप्लांट को यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अमित आर. शर्मा, डॉ. दीपक बिस्वाल और डॉ. राघवेंद्र ने नेफ्रोलॉजी टीम (जिसमें डॉ. विनय राठौर और डॉ. नीलम मरावी शामिल थे) और एनेस्थिसियोलॉजी टीम (जिसका नेतृत्व प्रो. मोनिका खेत्रपाल और डॉ. सरिता रामचंद्रानी कर रही थीं) के साथ मिलकर अंजाम दिया। यह ऐतिहासिक चिकित्सा उपलब्धि बाल रोग, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थिसियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागों और सोटो-छत्तीसगढ़ के आपसी और सुचारू समन्वय के प्रयासों से ही संभव हो सकी।

इस बड़ी चिकित्सा उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए डॉ. विनय राठौर ने कहा कि यह एम्स रायपुर में आठवां मृत अंगदाता अंगदान था और संस्थान का पहला बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक) मृत अंगदान था। उन्होंने आगे बताया कि एम्स रायपुर अब तक कुल 99 किडनी ट्रांसप्लांट कर चुका है, जिसमें मृत दाताओं से प्राप्त 14 किडनियां शामिल हैं, और यह प्रक्रिया संस्थान का तीसरा पीडियाट्रिक किडनी ट्रांसप्लांट है।

एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कुंडू परिवार के इस निर्णय की सराहना की और इसे करुणा व सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंगदान एक ऐसा शक्तिशाली माध्यम है जो कई जिंदगियां बचा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने जटिल ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं के प्रबंधन में एम्स रायपुर की बढ़ती विशेषज्ञता की भी पुष्टि की।

इस अवसर पर स्ह्रञ्जञ्जह्र छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. वरुण अग्रवाल ने कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। एक परिवार का निर्णय कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आता है। वहीं मीडिया कंसल्टेंट गीतिका ब्रह्मभट्ट त्रिपाठी ने कहा कि सुमना का अंगदान समाज में अंगदान जागरूकता का एक प्रेरक उदाहरण है, जो लोगों को मृत्यु के बाद भी जीवन बांटने की प्रेरणा देगा।

यह अंगदान न केवल दो मरीजों के लिए जीवनदान साबित हुआ, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश भी देता है कि मृत्यु के बाद भी किसी का जीवन अनेक लोगों के जीवन में आशा का प्रकाश बन सकता है।
मानवता के प्रति परिवार के इस असाधारण और अभूतपूर्व योगदान के सम्मान में मृत किशोरी को संस्थान द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दिया गया। उनकी यह अनमोल विरासत उन लोगों के जीवन के माध्यम से हमेशा जीवित रहेगी जिन्हें उन्होंने एक नया जीवन दिया है।

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

 रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।

बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

मर्दापाल अंचल को 4.06 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मर्दापाल अंचल को 4.06 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

 00 वनमंत्री केदार कश्यप ने किया भूमिपूजन और लोकार्पण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मर्दापाल अंचल की 23 ग्राम पंचायतों में 4 करोड़ 6 लाख 67 हजार रूपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर इन बुनियादी विकास कार्यों का विधि-विधान से भूमिपूजन किया।

इन स्वीकृत विकास कार्यों में मुख्य रूप से सड़क, पुलिया, स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, रंगमंच और अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को एक नई गति प्राप्त होगी। ग्राम चांगे लगभग 77.96 लाख रूपए की लागत से पुलिया, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सीसी सड़क, रंगमंच और सामुदायिक भवन निर्माण। ग्राम मूलनार में लगभग 90.79 लाख रूपए की लागत से पुलिया, बाउंड्रीवाल, सीसी सड़क तथा अन्य बुनियादी ढांचागत विकास, ग्राम बड़ेकुरुषनार लगभग 88.14 लाख रूपए की लागत से पुलिया, रंगमंच, आहाता, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सांस्कृतिक भवन और पंचायत भवन का निर्माण, ग्राम बेचा लगभग 21.79 लाख की लागत से रंगमंच एवं माध्यमिक शाला भवन का भूमिपूजन और लोकार्पण, अन्य ग्राम पंचायतें रानापाल, कोंगेरा, मुंगवाल और चेरंग में 28 लाख रूपए तथा हथकली, मटवाल, पेरमापाल, नरिहा और आदनार में लगभग 1 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक भवन, सीसी सड़क, शाला भवन और पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया, शामिल है।
इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सुदूर गांवों तक विकास की मुख्यधारा पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सड़क, शिक्षा, सामुदायिक अधोसंरचना और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। श्अटल डिजिटल सुविधा केंद्रोंश् के माध्यम से अब ग्रामीणों को सभी जरूरी शासकीय सेवाओं का लाभ उनके अपने गांव में ही मिल सकेगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि सुशासन के माध्यम से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाकर हर गांव को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है।

साय कैबिनेट की अहम बैठक कल: कई अहम मुद्दों पर लगेगी मुहर

साय कैबिनेट की अहम बैठक कल: कई अहम मुद्दों पर लगेगी मुहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंगलवार 9 जून को महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है जिसमें स्वास्थ्य,तबादला सहित अनेक अहम विषयों पर चर्चा के बाद इस पर मुहर लगाई जा सकती है।
कैबिनेट की बैठक 11 बजे शुरू होगी। इस बैठक में राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सरकार फैसला ले सकती है। लंबे समय से लंबित प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना को हरी झंडी दे सकती है। इस योजना के लागू होने पर राज्य के पांच लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को इलाज के दौरान पहले भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी और सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसी के साथ कैबिनेट में तबादला नीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है,जिस पर मुहर लग सकती है।

CG Transfer : इस विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले, 165 का हुआ ट्रांसफर...देखिये लिस्ट..!!

CG Transfer : इस विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले, 165 का हुआ ट्रांसफर...देखिये लिस्ट..!!

 Chhattisgarh Transport Department Transfers: 8 जून 2026, छत्तीसगढ़ के अलग अलग विभागों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के लिए लगातार फेरबदल किये जा रहे हैं. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में बड़े पैमाने में बदलाव किया गया है. एक साथ 165 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया गया है. प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के कर्मचारी को इधर से उधर किया गया है.

निरीक्षकों और आरक्षकों का तबादला

तबादले और नई पोस्टिंग को लेकर परिवहन आयुक्त कार्यालय की तरफ से आदेश जारी किया गया है. जिसके अनुसार, 46 परिवहन निरीक्षकों, 50 परिवहन उपनिरीक्षकों, 16 सहायक उपनिरीक्षकों, 35 प्रधान आरक्षकों और 18 आरक्षकों का तबादला हुआ है.

देखिये लिस्ट

 

 

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली सुहानो की जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली सुहानो की जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर

 सूरजपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद पंचायत प्रेमनगर की ग्राम पंचायत पार्वतीपुर जिले में एक आदर्श ग्राम के रूप में उभरकर सामने आई है। यहां प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाते हुए उनके पक्के घर के सपने को साकार किया जा रहा है।

जनपद मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पार्वतीपुर सामाजिक समरसता का उदाहरण है, जहां सभी जाति एवं धर्म के लोग निवास करते हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन से गांव के लोगों की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से गरीब परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत में प्रतिवर्ष लगभग 55 से 60 आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जाता है। योजना की सफलता के पीछे हितग्राहियों को आवास निर्माण के प्रति जागरूक करना, नियमित संगोष्ठियों का आयोजन तथा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय प्रमुख कारण रहे हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रेमनगर, विकासखंड समन्वयक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), तकनीकी सहायक, सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के संयुक्त प्रयासों से पात्र परिवारों तक योजना का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है।

इसी ग्राम पंचायत की निवासी सुहानो, पति जयराम, इस योजना की सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। खेती-बाड़ी पर निर्भर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले काफी कमजोर थी। परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रहता था, जो बरसात के दिनों में रहने योग्य नहीं रह जाता था। छत से पानी टपकता था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। सुहानो बताती हैं कि वे हमेशा अपने परिवार के लिए एक मजबूत और सुरक्षित घर का सपना देखती थीं, लेकिन सीमित आय के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त सहायता के माध्यम से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ और आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक आवास में रह रहा है।

सुहानो कहती हैं, अब बरसात के दिनों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। बच्चों को बेहतर वातावरण मिला है और मैं स्वयं पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर महसूस करती हूं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरे परिवार का जीवन बदल दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से ग्राम पंचायत पार्वतीपुर में गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यह ग्राम पंचायत आज ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

सुरक्षाबलों ने नक्सली डंप किया बरामद, हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद

सुरक्षाबलों ने नक्सली डंप किया बरामद, हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद

 दंतेवाड़ा। जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर 195 वीं वाहिनी सीआरपीएफ द्वारा ग्राम तोड़मा के समीप पारसुली नाला क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार एवं विस्फोटक सामग्री को बरामद किया गया है।

बारसूर पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना के आधार पर 195 वीं वाहिनी सीआरपीएफ द्वारा जिला पुलिस बारसूर तथा बम निरोधक निष्क्रियकरण दस्ता के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान ग्राम तोड़मा के जंगल क्षेत्र में पारसुली नाला के निकट एक संदिग्ध छिपा हुआ डंप बरामद किया गया। टीम के द्वारा क्षेत्र को घेराबंदी किया गया तथा बीडीडीएस टीम द्वारा जांच एवं तलाशी के उपरांत डंप को सुरक्षित रूप से खोला गया। डंप से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण, विस्फोटक सामग्री एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई।

बरामद नक्सल सामग्री में 1 पाइप आईईडी, 2 प्रेशर कुकर आईईडी (05 लीटर), 01 बीजीएल, 01 राइफल .303, 01 एयर राइफल, विभिन्न प्रकार के कारतूस, मैगजीन, वायरलेस सेट, इंटरसेप्टर, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, 51 एमएम बम, बुलेट प्रूफ प्लेट, दूरबीन, नक्सली वर्दी, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट एवं अन्य विस्फोटक निर्माण में प्रयुक्त सामग्री शामिल है। डंप स्थल की गहन तलाशी के दौरान लगभग 50 मीटर दूरी पर अतिरिक्त 2 प्रेशर कुकर आईईडी एवं 1 पाइप बम भी बरामद किए गए। बीडीडीएस टीम द्वारा सभी बातों का पालन करते हुए इन विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।

मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक  ललित चंद्राकर, महासचिव ओमप्रकाश धीवर,  नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

 रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव श्री प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन

चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन

 आयुर्वेदिक परंपरा और स्वस्थ बाल्य जीवन के महत्व को किया रेखांकित

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।

अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर,  विनोद चंद्राकर,  पूनम चंद्राकर, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

 

समृद्ध, संगठित और शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

समृद्ध, संगठित और शिक्षित समाज ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 चंद्रनाहू कुर्मी क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री, समाज की एकता और संगठन शक्ति की सराहना

छाती-झूरानवागांव सड़क, नवीन हायर सेकेंडरी भवन, नगर पंचायत और नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि की घोषणा

रायपुर- संगठित, शिक्षित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र निर्माण की वास्तविक शक्ति होता है। समाज जितना सशक्त होगा, राष्ट्र उतना ही प्रगतिशील, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चन्द्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के 55वें केंद्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस गौरवशाली समाज के केंद्रीय अधिवेशन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि चन्द्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज समृद्ध परंपराओं, सामाजिक चेतना, संगठन क्षमता और उत्कृष्ट मूल्यों का वाहक है। यह वही समाज है जिसने देश को छत्रपति शिवाजी महाराज और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान व्यक्तित्व दिए हैं, जिनके आदर्श आज भी राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोई भी समाज शिक्षा, संगठन, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के बल पर निरंतर आगे बढ़ता है। चन्द्रनाहू समाज ने कृषि, शिक्षा, प्रशासन, राजनीति, सामाजिक सेवा और उद्यमिता सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की नई पीढ़ी शिक्षा, तकनीकी दक्षता और नवाचार के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने छाती से झूरानवागांव तक सड़क निर्माण, ग्राम छाती को भविष्य में नगर पंचायत का दर्जा प्रदान करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने, नवीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण तथा समाज के लिए नवा रायपुर में सामाजिक भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने जोरदार स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐसे अधिवेशन केवल सामाजिक आयोजन नहीं होते, बल्कि समाज को संगठित, जागरूक और सशक्त बनाने के प्रभावी मंच होते हैं। जब समाज के लोग एकत्र होकर विचार-विमर्श करते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पीढ़ी के लिए दिशा निर्धारित करते हैं, तब सामाजिक एकता और विकास की नई संभावनाएं जन्म लेती हैं।

उन्होंने समाज द्वारा प्रशासनिक सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यवसाय तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान व्यक्तियों और विद्यार्थियों के सम्मान की सराहना करते हुए कहा कि सम्मान की संस्कृति समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और उत्कृष्टता को बढ़ावा देती है। ऐसे प्रयास युवाओं को आगे बढ़ने और नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनती है। राज्य सरकार विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शिक्षा के विस्तार के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने समाज के उद्यमियों और व्यवसायियों से राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति का अध्ययन करने और निवेश के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति में युवाओं, उद्यमियों और निवेशकों के लिए अनेक प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने समाज की सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर पर आधारित पुस्तक ‘अद्भुत श्री तुलसी चरितायणम्’ का विमोचन भी किया। इस दौरान प्रशासनिक सेवाओं, विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों तथा अन्य क्षेत्रों में चयनित और कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों के साथ-साथ शैक्षणिक एवं खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  दिनेश चंद्राकर ने समाज का प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि केंद्रीय अधिवेशन का यह 55वां वर्ष समाज की संगठनात्मक शक्ति, सामाजिक जागरूकता और निरंतर प्रगति का प्रतीक है।

इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, विधायक  अजय चंद्राकर, विधायक  ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक  विनोद चंद्राकर,  लालबहादुर चंद्रवंशी,  पूनम चंद्राकर, समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से बदल रही किसानों की तस्वीर, जशपुर के सुधीर बने प्रेरणा स्रोत

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से बदल रही किसानों की तस्वीर, जशपुर के सुधीर बने प्रेरणा स्रोत

 00 आधुनिक खेती, उन्नत बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से बढ़ी पैदावार, किसानों की आय में हो रहा इजाफा

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जशपुर जिले में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कृषि-केंद्रित नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि विशेषज्ञों का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसका परिणाम यह है कि किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के किसान  सुधीर लकड़ा इस परिवर्तन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। लगभग 3.40 हेक्टेयर कृषि भूमि के स्वामी  लकड़ा को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे उनकी खेती अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और टिकाऊ बनी है।

आत्मा योजना के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, कृषि यंत्रों एवं ट्रैक्टर की सुविधा तथा सौर सुजला योजना के तहत सोलर सिंचाई व्यवस्था ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। कृषि विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन ने उन्हें आधुनिक खेती की विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें पारंपरिक धान फसल के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का उत्पादन की सलाह दी। विभाग से प्राप्त 8 किलोग्राम नि:शुल्क उन्नत बीज का उपयोग कर उन्होंने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की। वैज्ञानिक पद्धति, संतुलित पोषण प्रबंधन और समय-समय पर तकनीकी सलाह के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिकता की नई पहल
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से जिले में फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि मशीनीकरण, भंडारण क्षमता विकास तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अनाज, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीजों और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा देकर मानसून पर निर्भरता कम करने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को घटाने तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव
श्री सुधीर लकड़ा बताते हैं कि योजना से प्राप्त उन्नत बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी है। बेहतर उत्पादन के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में संचालित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना आज जशपुर सहित प्रदेश के किसानों के लिए समृद्धि का नया माध्यम बन रही है। आधुनिक कृषि तकनीकों और शासकीय सहयोग के माध्यम से यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाते हुए कृषि क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन कर रही है।

सीजीएमएससी के गोदामों में 400 से अधिक दवाइयाँ उपलब्ध, 150 से अधिक दवाओं की आपूर्ति प्रक्रिया जारी

सीजीएमएससी के गोदामों में 400 से अधिक दवाइयाँ उपलब्ध, 150 से अधिक दवाओं की आपूर्ति प्रक्रिया जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (सीजीएमएससी) द्वारा राज्य के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में सीजीएमएससी के विभिन्न गोदामों में 400 से अधिक प्रकार की दवाइयाँ उपलब्ध हैं, जिनका स्वास्थ्य संस्थानों की मांग के अनुसार नियमित रूप से वितरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लगभग 150 अन्य दवाओं के लिए क्रय आदेश जारी किए जा चुके हैं तथा उनकी आपूर्ति विभिन्न चरणों में प्रगति पर है। इन दवाओं की प्राप्ति के साथ राज्य में दवा उपलब्धता और अधिक सुदृढ़ होगी।

सीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार सामान्य रोगों एवं स्वास्थ्य सेवाओं में उपयोग होने वाली अनेक महत्वपूर्ण दवाएँ वर्तमान में गोदामों में उपलब्ध हैं। इनमें उच्च रक्तचाप (बी पी) के उपचार हेतु एम्लोडिपिन, एनालाप्रिल एवं टेल्मिसार्टन,(डायबिटीज) मधुमेह के लिए ग्लाइमिप्राइड एवं इंसुलिन,बुखार एवं दर्द के लिए पैरासिटामोल 500 मि.ग्रा. टैबलेट, पैरासिटामोल 650 मि.ग्रा. टैबलेट तथा पैरासिटामोल आईवी इंजेक्शन उपलब्ध हैं। इसके साथ ही दर्द निवारक डाइक्लोफेनाक सोडियम इंजेक्शन,संक्रमण के उपचार हेतु एमोक्सिसिलिन, एमोक्सिसिलिन + क्लैवुलैनिक एसिड (375 एवं 625 मि.ग्रा.), सेफिक्सिम टैबलेट आईपी 200 मि.ग्रा., मेट्रोनिडाजोल इंजेक्शन तथा अन्य एंटीबायोटिक्स भी उपलब्ध हैं।

इसी प्रकार डिहाइड्रेशन एवं आपातकालीन उपचार के लिए डीएनएस, डेक्सट्रोज 5' इंजेक्शन, ओआरएस सैशे, पेट संबंधी समस्याओं के उपचार हेतु ओमेप्राजोल कैप्सूल, पैंटोप्राजोल इंजेक्शन एवं डाइसाइक्लोमाइन टैबलेट, एलर्जी के लिए सेट्रिजिन टैबलेट तथा कृमि संक्रमण के उपचार हेतु एल्बेंडाजोल टैबलेट जैसी आवश्यक दवाएँ भी उपलब्ध हैं। ट्रामा केयर से संबंधित दवाओं में जीवन रक्षक एंटीरेबिस, एंटीस्नेक, एसिटाइल कॉलिन, अमिकासिन, हाइयर एंटीबायोटिक, हेमोफिलिक फैक्टर्स, समस्त प्रकार की दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सीजीएमएससी द्वारा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। मलेरिया, डायरिया, वायरल बुखार, श्वसन संक्रमण एवं अन्य मौसमी बीमारियों के उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं प्राइमैक्वीन, क्वीनिन सल्फेट आदि का पर्याप्त भंडारण किया गया है। मलेरिया रोधी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक वर्तमान में उपलब्ध है तथा अतिरिक्त मात्रा में कई दवाओं की आपूर्ति भी शीघ्र प्राप्त होने वाली है। इसके अतिरिक्त कंज्यूमेबल सर्जिकल सामग्रियों की बात की जाये तो सिरिंज, नीडल, गॉज, कॉटन, ऑपरेशन थिएटर में आवश्यक सामग्रियां, ग्लव्स, इंस्ट्रूमेंट, आकस्मिक चोटों के उपचार हेतु सभी वेयरहाउसों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

राज्य में स्वास्थ्य संस्थाओं (पीएचसी, सीएचसी, जिला अस्पताल, शहरी स्वास्थ्य केंद्र) के स्तर पर न्यूनतम आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सीजीएमएससी एवं स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों द्वारा लगभग 100 महत्वपूर्ण जीवनरक्षक एवं अत्यावश्यक दवाओं की पहचान की जा रही है। इस विशेष पहल के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन प्रमुख दवाओं का पर्याप्त स्टॉक राज्य के सभी सीजीएमएससी गोदामों में हर समय उपलब्ध रहे, ताकि किसी भी परिस्थिति में स्वास्थ्य संस्थानों को दवाओं की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए सी जी एम एस सी, आईटी आधारित नवाचारों और डैशबोर्ड मॉनिटरिंग प्रणाली पर गहन पड़ताल करके सुधारों एवं अन्य आवश्यक कार्य पर सतत जुड़ा हुआ है

स्वास्थ्य संस्थानों से प्राप्त मांग के अनुसार दवाओं की नियमित आपूर्ति की जा रही है तथा दवा उपलब्धता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए खरीद एवं आपूर्ति संबंधी कार्यवाही निरंतर जारी है। आमजनमानस को भ्रामक, स्वास्थ्य सेवाओं की छवि खराब करने एवं अपूर्ण जानकारी समेत फैलने वाली अनर्गल खबरों से सचेत रहकर सीजीएमएससी के पब्लिक पोर्टल में दवाओं की स्वयं अवलोकन करने की अपेक्षा की जाती है, जिससे वास्तविक जरूरत मंदों को समय पर सही स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके । राज्य की स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण एवं नि:शुल्क उपचार हेतु आवश्यक दवाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री साय से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने की सौजन्य भेंट

 पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय और विकास संबंधी विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिवादन किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  साय और साध्वी निरंजन ज्योति के बीच पिछड़ा वर्ग के कल्याण, सामाजिक न्याय, शैक्षणिक उन्नयन तथा सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है तथा शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समाज को निरंतर मिल रहा है।

साध्वी निरंजन ज्योति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की भूमिका, कार्यप्रणाली तथा पिछड़ा वर्ग के अधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने आयोग द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों, योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी विस्तार से बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष  नेहरू निषाद सहित आयोग के सदस्यगण उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े विषयों पर केंद्र एवं राज्य सरकारों को सुझाव प्रदान करता है तथा उनके विकास की प्रगति का मूल्यांकन करता है। आयोग पिछड़ा वर्गों के हितों की रक्षा हेतु बनाए गए संवैधानिक एवं विधिक प्रावधानों के क्रियान्वयन की निगरानी भी करता है।

उप मुख्यमंत्री साव ने स्वच्छता दीदियों के नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा किट प्रदान करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री साव ने स्वच्छता दीदियों के नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा किट प्रदान करने के दिए निर्देश

 जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल कर हेतु पंचायतों और ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडे, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहलकरने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो।

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।