दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन एवं राजनीतिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा संभाग स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां की जा रही हैं, इसी क्रम में 17 सितंबर को शाम सवा लाख दिए जलाये जायेंगे जिसके तैयारी को लेकर आज जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, कलेक्टर, एसपी सहित जिला प्रशासन के साथ कार्यक्रम स्थल पुलिस लाइन का निरिक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
केबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की 25 वर्षों की राजनीतिक एवं जनसेवा यात्रा सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रथम की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक, विकास से विरासत तक प्रधानमंत्री जी ने हर कदम देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया है।
केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सेवा यात्रा केवल 25 वर्षों का पड़ाव नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास, परिश्रम और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाली यात्रा है। हर योजना, हर प्रयास और हर कदम देशहित एवं जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है।
यादव ने कहा कि सेवा का सफर संकल्प की नई उड़ान’ के भाव के साथ 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री जी की सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा एवं जनकल्याण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं भारतीय जनता पार्टी संगठन के समन्वय से संभाग स्तरीय विभिन्न सेवा गतिविधियां, जनकल्याणकारी कार्यक्रम एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाया जाएगा।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज विकसित भारत के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। 25 वर्षों की सेवा यात्रा हमें आने वाले वर्षों में और अधिक समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है।
शिक्षक बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं और उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं: मुख्यमंत्री साय
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर हर बच्चे तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए और ग्राम तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन निर्माण की घोषणा की
रायपुर। शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, उन्हें संस्कार और सही दिशा देते हैं तथा उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढि़यों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढि़यों तक पहुंचता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। हमारी यह समृद्ध ज्ञान परंपरा आज भी हमें प्रेरणा देती है। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।
हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना हमारा संकल्प
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार – हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहरों और गांवों में बेहतर अधोसंरचना का निर्माण विकास की गति को तेज करने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।
“मोर गांव मोर पानी” अभियान के उल्लेखनीय कार्यों का हुआ सम्मान
समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण को भविष्य की पीढि़यों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में किए गए प्रयासों की सराहना की। समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
जनकल्याण और सुशासन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वहीं तकनीक के उपयोग से शासन की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से तैयार होगी।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता: उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वाेपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थी का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढि़यों के लिए अमूल्य धरोहर है।
शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक: मंत्री दयाल दास बघेल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह ज्ञान का प्रकाश फैलाकर बच्चों का भविष्य संवारते हैं।
मंत्री बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
BRICS की अध्यक्षता भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण : मुख्यमंत्री
ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूती देगा भारत का नेतृत्व
रायपुर, 13 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर एक विश्वसनीय और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है। वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता और 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव का अवसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज न केवल अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है, बल्कि विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी वैश्विक मंचों पर सशक्त स्वर दे रहा है।
उन्होंने कहा कि “Building Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” की थीम के साथ भारत की BRICS अध्यक्षता वैश्विक सहयोग, नवाचार और सतत विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारत का दृष्टिकोण सदैव दुनिया को साथ लेकर चलने और साझा प्रगति के नए मार्ग तैयार करने का रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक मंचों पर सदैव स्पष्ट और दृढ़ रुख रखा है। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और तकनीक के माध्यम से जनसामान्य के जीवन में बदलाव का भारत का मॉडल आज दुनिया के लिए प्रेरणा बन रहा है। BRICS जैसे मंच इन अनुभवों और विकास की संभावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका देश और राज्यों के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी लेकर आ रही है। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारत का नेतृत्व वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने और साझा समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
रायपुर। तिल्दा के पास हथबंद गांव में स्वामी आत्मानंद स्कूल के मुख्य गेट के गिरने से 7 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवम यादव के रूप में हुई है, जो अपने रिश्तेदारों के यहां हथबंद आया हुआ था। शनिवार को शिवम स्कूल के मुख्य गेट के पास खेल रहा था। इसी दौरान जर्जर पिलर से जुड़ा लोहे का भारी गेट अचानक उसके ऊपर गिर गया। हादसे में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्कूल के जर्जर पिलर और गेट को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत की जरूरत को लेकर पहले भी ध्यान दिलाया गया था, लेकिन इस ओर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई। हादसे के बाद सिमगा एडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि गेट और पिलर की खराब स्थिति की जानकारी जिम्मेदारों को थी या नहीं और सुरक्षा के लिए समय रहते क्या कदम उठाए गए थे। मासूम की मौत ने स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कवर्धा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार 12 सितम्बर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका न्यायालय के स्तर से लेकर उच्च न्यायालय तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया गया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशध्अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय कबीरधाम एवं तहसील न्यायालय पण्डरिया में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया गया।
नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने हेतु जिला न्यायालय के प्रवेश द्वार पर सेल्फी प्वाइंट बनाया गया था, जिसमे पक्षकार अपनी मनमोहक फोटो तस्वीरों के माध्यम से जीवंत रख रहे थे। उक्त लोक अदालत में जिले में कुल 12 खण्डपीठ गठित किया गया था, जिसमें से 11 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कबीरधाम तथा 01 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पण्डरिया में गठित की गई थी। जिसमें राजीनामा योग्य समस्त दाण्डिक मामले, चेक बाउन्स के प्रकरण, समस्त प्रकार के व्यवहार वाद प्रकरण, मोटर दुर्घटना से उत्पन्न दावा प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण, इसके साथ ही प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व वाद प्रकरण) यथा बिजली बिल, दूरभाष, बैंक लोन, जल कर से संबंधित प्रकरण रखे गये थे।
उल्लेखनीय है कि, नेशनल लोक अदालत के खण्डपीठ क्रमांक 01 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कबीरधाम कु संघरत्ना भतपहरी द्वारा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में कुल 5225000 रूपये का अवार्ड राशि पारित किया गया। खण्डपीठ क्रमांक 02 में परिवार न्यायालय कबीरधाम में पीठासीन अधिकारी प्रवीण कुमार प्रधान, द्वारा परिवार न्यायालय में वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण में कुल 25 प्रकरणों में 161700 रूपये का निराकरण करते हुए वैवाहिक संबंधों में मधुरता स्थापित करते हुए सुखद दाम्पत्य का पुर्नस्थापन किया गया।
खण्डपीठ क्रमांक 03 में पीठासीन अधिकारी योगिता विनय वासनिक द्वारा विद्युत प्रकरण में कुल 247727 रूपये राशि का वसूली करते हुए प्रकरण का निराकरण किया गया। इसी अनुक्रम में राजस्व न्यायालय में कुल 22932 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार जिला कबीरधाम अंतर्गत परिवार न्यायालय, कबीरधाम में उक्त लोक अदालत में नगर पालिका कबीरधाम द्वारा जलकर तथा अन्य कर से संबंधित मामलों में 221 .प्रकरण में 138689 रूपये की वसूली की गई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 28953 लंबित प्रकरण में कुल 7260583 रूपये का निराकरण किया गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार को मौसम ने कई बार करवट ली। कहीं आसमान में घने बादल छाए रहे तो कहीं रुक-रुककर बारिश ने लोगों को भिगोया। बस्तर में सक्रिय मौसम सिस्टम का असर रायपुर और दुर्ग संभाग तक भी दिखाई दिया। मौसम विभाग ने रविवार को भी कई इलाकों में बारिश के संकेत दिए हैं, जबकि सोमवार के बाद मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने की उम्मीद है।
रविवार को कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। हालांकि सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब आगे बढ़ रहा है। इसके चलते सोमवार के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है।
फिलहाल मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर पूरी तरह थमने के बजाय हल्की से मध्यम बारिश के रूप में जारी रह सकता है।
सितंबर में अब तक दो मौसम सिस्टम हुए सक्रिय
सितंबर के 12 दिन बीत चुके हैं और इस दौरान प्रदेश में दो मौसम सिस्टम बने हैं। इनके प्रभाव से अब तक छत्तीसगढ़ में करीब 84 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं रायपुर जिले में अब तक 97.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।
मौजूदा मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर बस्तर क्षेत्र में देखने को मिला है। इसके अलावा रायपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में भी इसका प्रभाव रहा।
शनिवार को रात में बारिश के बाद सुबह कुछ समय के लिए आसमान साफ रहा। इसके बाद अचानक मौसम बदला और घने बादल छा गए। कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई। शाम तक बादलों की घनी चादर के कारण दिन में ही रात जैसा नजारा दिखाई देने लगा।
धनोरा में 140 मिमी बारिश, बस्तर में 100 मिमी
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कोंडागांव के धनोरा में 140 मिमी बारिश हुई, जबकि बस्तर में 100 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा माकड़ी, भानपुरी, अंबागढ़ चौकी और छुरा में 80-80 मिमी बारिश हुई। वहीं फरसगांव, मोहला, बालोद, चारामा, बस्तानार और गादीरास समेत कई क्षेत्रों में करीब 70-70 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
राजधानी रायपुर में शनिवार शाम साढ़े पांच बजे तक करीब 2 सेमी बारिश दर्ज की गई।
आने वाले दिनों में कमजोर पड़ेगा मानसून
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के आगामी दिनों में प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। हालांकि मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में बनी हुई है, इसलिए बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होने की संभावना फिलहाल नहीं है।
पिछले साल सितंबर महीने में रायपुर जिले में 284 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस बार भी सितंबर में बारिश का आंकड़ा इसके आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
00 साइबर ठगी होते ही 1930 पर तत्काल संपर्क करें, जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाएं - विजय शर्मा
रायपुर। छत्तीसगढ़ को साइबर अपराधों से मुक्त और सुरक्षित डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से नई गति मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए 9 मॉड्यूल वाले वीडियो पाठ्यक्रम साइबर संकल्प का शुभारंभ किया।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। बैंकिंग, खरीदारी, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाओं सहित अनेक कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए साइबर संकल्प एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं और प्रत्येक मॉड्यूल लगभग 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के माध्यम से नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी
विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देश में बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन हो रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीक का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहना होगा। शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
धमतरी। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तीजा त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। बहन को तीजा के मौके पर मायके लाने गए भाई और बहन की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना पुरूर थाना क्षेत्र की है। बड़े गौरी गांव निवासी दामेश्वर सिन्हा शनिवार को अपनी बहन नीता सिंह को तीजा के लिए लेने मोखा गांव पहुंचे थे। दोनों बाइक से वापस बड़े गौरी लौट रहे थे। इसी दौरान पुरूर के पास तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे में दामेश्वर और नीता गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पिकअप को जब्त कर लिया है और आरोपी चालक की तलाश कर रही है। हादसे की वजह की भी जांच की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशभर में प्रस्तावित सेवा संकल्प अभियान के परिप्रेक्ष्य में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, संकल्प और परिणामों की यात्रा है। यह सामान्य परिवार से निकले एक व्यक्ति के असाधारण पुरुषार्थ की यात्रा है। साय शनिवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सार्वजनिक जीवन हमारे लिए प्रेरणादायी है
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान उन करोड़ों परिवारों की ओर से धन्यवाद की अभिव्यक्ति है, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं से सकारात्मक परिवर्तन आया है। मोदी का सार्वजनिक जीवन हमारे लिए प्रेरणादायी है। वे राष्ट्र निर्माण में प्रतिबद्धता और प्रामाणिकता के साथ जुटे हैं। उनका अनुशासन, समर्पण और जनता के प्रति सेवा का भाव हो, तभी अपने उद्देश्यों में सफल हो सकते हैं। मोदी के छत्तीसगढ के साथ विशेष अपनत्व के रिश्ते की चर्चा करते हुए साय ने कहा कि मोदी जब संगठन के पदाधिकारी थे, तब बस्तर जैसे सुदूर अंचल में जगह-जगह प्रवास करते थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी छत्तीसगढ़ के साथ विकास के कई मोर्चों पर अनुभवों का आदान-प्रदान होता रहा है। प्रधानमंत्री ने जनसेवा के अपने 25 वर्ष के कार्यकाल में जनकल्याण के अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं। पिछले एक दशक में देश के लगभग 25 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले हैं। यह बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर आधारित गरीब कल्याण की योजनाएँ किस बड़े बदलाव का माध्यम बनी हैं। गरीब कल्याण इस दौर की सबसे बड़ी पहचान रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश के 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है।
छत्तीसगढ़ के 41 लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुँच रहा है
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.51 लाख किसानों को अब तक 11,277 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई गई है। श्री मोदी ने मातृशक्ति के जीवन में भी बड़ा बदलाव लाया है। उज्ज्वला योजना से छत्तीसगढ़ की लगभग 39 लाख 54 हजार महिलाओं को धुएँ से मुक्ति मिली। जल जीवन मिशन ने माताओं-बहनों की एक और बड़ी परेशानी कम की। छत्तीसगढ़ के 41 लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुँच रहा है। जनजातीय समाज के प्रति प्रधानमंत्री जी की संवेदनशीलता का विशेष महत्व रेखांकित करते हुए श्री साय ने कहा कि पहली बार देश को श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में जनजातीय समाज से महिला राष्ट्रपति मिलीं। प्रधानमंत्री की पहल पर भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की गई। यह जनजातीय अस्मिता के प्रति उनके भीतर के आदरभाव को व्यक्त करता है। इसी प्रकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गाँवों के समग्र विकास पर काम हो रहा है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवार के पक्के घर के सपने को साकार किया। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बन रहे हैं। 'पीएम जनमन योजना' से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँची हैं।
ऑपरेशन सिंदूर देश के राजनीतिक नेतृत्व की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की एकता और अखण्डता को मजबूती मिली है। एक ओर जहाँ उनके नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किया गया, वहीं बाह्य और आन्तरिक सुरक्षा को मजबूती दी गई। उरी आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक, पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर देश के राजनीतिक नेतृत्व की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है। बस्तर में नक्सलियों के खात्मे की चर्चा करते हुए श्री साय ने कहा कि श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के परिणामस्वरूप देश तथा हमारे प्रदेश को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से मुक्ति मिली है। बस्तर के घने जंगलों से लाल आंतक का हमेशा के लिए सूर्यास्त हो चुका है। बस्तर में शांति का नया सूर्योदय हुआ है।
एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री जी को अपना आशीर्वाद प्रदान करें
मुख्यमंत्री साय ने सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा पर रोशनी डालते हुए बताया कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिवस की शाम 7 बजे पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घर में एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री जी को अपना आशीर्वाद प्रदान करें। 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों तथा प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों की विशेष भागीदारी रहेगी। इस दौरान आम नागरिक एवं विभिन्न योजनाओं के हितग्राही भी अपने घरों में एक दीप जलाकर अपनी शुभकामना और आशीर्वाद व्यक्त करेंगे। हमारे बच्चों और युवाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। लगभग 25 हजार शिक्षण संस्थानों और 50 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी का लक्ष्य है। 'मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा के अंतर्गत ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएँ होंगी। विद्यालय स्तर पर 18 सितम्बर को ड्राइंग तथा 19 सितम्बर को प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता प्रस्तावित है। श्री साय ने बताया कि 'नमो सेवा-अनकही कहानियां' के माध्यम से नुक्कड़ नाटक और सांगीतिक प्रस्तुतियों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं तथा छत्तीसगढ़ में आए बदलाव को आम लोगों तक पहुँचाया जाएगा।
'सेवा संकल्प यात्रा' के माध्यम से बदलते बस्तर को देश के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी माताओं और बच्चों को केंद्र में रखकर 'आंगन मिलन सेवा' आयोजित की जाएगी। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, स्वास्थ्य, मातृ-शिशु देखभाल, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के सम्मान जैसी गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। 'सेवा मेरा योगदान' के अंतर्गत 23 से 25 सितम्बर तक नागरिकों और संस्थाओं को कम-से-कम एक सेवा कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जाँच, जल संरक्षण, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सहयोग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी गतिविधियां शामिल हैं। साय ने कहा कि 29 सितंबर को 'सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम होगा। जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत-2047 की भावना पर रंगोली बनाई जाएगी। इसमें विद्यार्थी, एनएसएस, एनसीसी कलाकार और आम नागरिक भाग लेंगे। 'सेवा संकल्प यात्रा' के माध्यम से बदलते बस्तर को देश के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। 'सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार' अभियान में ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में हितग्ग्राहीमूलक योजनाओं के स्वीकृति-पत्र दिए जाएंगे, राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण किए जाएंगे और केंद्र सरकार की योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाएगा। साय ने कहा कि इस अभियान में जल संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया है। 'जल जन सेवा संकल्प के अंतर्गत जल स्रोतों की साफ-सफाई, जल चौपाल, जल संचय, नदी घाट स्वच्छता जैसी गतिविधियाँ होंगीं।
भारतीय जनता पार्टी अन्त्योदय के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 7 अक्टूबर को 'सेवा ज्योति कलश यात्रा' के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को ग्राम, जिला और राज्य स्तर तक पहुँचाया जाएगा। युवाओं और नवाचार के लिए 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज' आयोजित किया जाएगा। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को 'सुशासन सेवा संवाद' के साथ होगा। इसकी अवधारणा 'जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट' की है, जिसमें सेवा और सुशासन के अनुभवों को व्यापक मंच मिलेगा। इस अभियान के दौरान हमारे सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी लाभार्थियों के पास पहुँचेंगे। उनसे प्रत्यक्ष संवाद करेंगे और उनके अनुभव भी प्राप्त करेंगे। साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अन्त्योदय के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है। हमारे कार्यकर्ताओं के लिए यह समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्तियों से मिलने और संवाद करने का अवसर है। इस अभियान के जरिए बूथ स्तर तक हम उन सभी लोगों के पास पहुँचेंगे जिनके जीवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और उनकी नीतियों की बदौलत गुणात्मक बदलाव आया है। साय ने बताया कि पार्टी, मोर्चा और प्रकोष्ठ अपने-अपने लक्षित वर्ग तक सघन सम्पर्क करेंगे। इस अभियान से जुड़ी प्रत्येक पहल को सफल बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता पूरी प्रामाणिकता से जुटेगा। श्री साय ने कहा कि इस पूरे अभियान में मीडिया के साथियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानियाँ यदि संचार माध्यमों के जरिए जन-जन तक पहुँचती हैं तो समाज में एक अच्छा वातावरण भी बनता है।
मुख्यमंत्री साय ने समस्त प्रदेशवासियों से इस अभियान में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आग्रह करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सेवा संकल्प अभियान की प्रत्येक पहल समाज के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का बोध कराएगी। हम सब मिलकर सेवा संकल्प अभियान को छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी का उत्सव बनाएँ। सेवा के भाव से जुड़ें, समाज के लिए अपना योगदान दें और प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रेसवार्ता में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा राष्ट्रीय मंत्री सिध्दार्थ शंभू, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन मौजूद रहे।
रायपुर :- छत्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है. बता दें में आज और कल कई ट्रेनें रद्द रहेंगी. दरअसल, उरकुरा स्टेशन यार्ड में रीमॉडलिंग का काम चल रहा है जिसके चलते यह आदेश जारी किया गया है.
ये ट्रेनें हुईं रद्द
आज रद्द रहने वाली ट्रेनों में रायपुर-बिलासपुर मेमू 68728 का परिचालन रद्द रहेगा. आज बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू 68734 नहीं चलेगी. आज गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू 68733 भी रद्द रहेगी. आज बिलासपुर-रायपुर मेमू 68719 का परिचालन रद्द है. आज कोरबा-रायपुर पैसेंजर 58203 नहीं चलेगी. आज रायपुर-इतवारी पैसेंजर 58206 का परिचालन रद्द रहेगा. आज रायपुर-गेवरा रोड मेमू 68746 रद्द रहेगी.
कल भी ये ट्रेनें होंगी रद्द
कल रद्द रहने वाली ट्रेनों की बात करें तो कल रायपुर-कोरबा पैसेंजर 58204 रद्द रहेगी. कल इतवारी-रायपुर पैसेंजर 58206 भी रद्द रहेगी. कल कोरबा-रायपुर मेमू 68745 का परिचालन रद्द रहेगा.
एक नजर में पढ़ें कैंसल्ड ट्रेनों का नाम
आज रायपुर-बिलासपुर मेमू 68728 का परिचालन रहेगा रद्द
आज बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू 68734 नहीं चलेगी
आज गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू 68733 रहेगी रद्द
आज बिलासपुर-रायपुर मेमू 68719 का परिचालन रद्द
आज कोरबा-रायपुर पैसेंजर 58203 नहीं चलेगी
आज रायपुर-इतवारी पैसेंजर 58206 का परिचालन रद्द
आज रायपुर-गेवरा रोड मेमू 68746 रहेगी रद्द
कल रायपुर-कोरबा पैसेंजर 58204 रहेगी रद्द
कल इतवारी-रायपुर पैसेंजर 58206 भी रहेगी रद्द
कल कोरबा-रायपुर मेमू 68745 का परिचालन रद्द रहेगा
नहीं रूकेगी ये लोकल ट्रेनें
वहीं दूसरी ओर संरक्षा एवं आवश्यक अधोसंरचना कार्यों को ध्यान में रखते हुए रायपुर रेल मंडल के रायपुर-दुर्ग सेक्शन में स्थित ‘C’ एवं ‘D’ केबिन पर कुछ मेमू पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है. यह व्यवस्था 13 सितंबर 2026 से 15 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. इस अवधि में कई ट्रेनों का संबंधित केबिन पर ठहराव नहीं होगा.
‘C’ केबिन पर ठहराव हटाई गई गड़िया
(1) 68703 रायपुर–दुर्ग मेमू पैसेंजर
(2) 68705 रायपुर–डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर
(3) 68764 रायपुर–तोड़ोकी मेमू पैसेंजर
(4) 68717 रायपुर–दुर्ग मेमू पैसेंजर
(5) 68709 रायपुर–डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर
‘D’केबिन पर ठहराव हटाई गई गड़िया
(1) 68730 डोंगरगढ़–रायपुर मेमू पैसेंजर
(2) 68702 दुर्ग–रायपुर मेमू पैसेंजर
(3) 68704 दुर्ग–रायपुर मेमू पैसेंजर
(4) 68765 तोड़ोकी–रायपुर मेमू पैसेंजर
(5) 68708 दुर्ग–रायपुर मेमू पैसेंजर
(6) 68706 डोंगरगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर
रायपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा, समर्पण और जनकल्याणकारी नेतृत्व की यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर प्रदेशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस एक माह के अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी जिले में अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए टास्क फोर्स समिति का गठन कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सभी विभागों द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
धमतरी में 10 लाख दीयों से होगा सेवा और समर्पण का संदेश
अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत धमतरी जिले में लगभग 10 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्य आयोजन रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर एवं महानदी घाट में होगा। इसके साथ ही कर्णेश्वर महादेव मंदिर सिहावा, अंगारमोती माता मंदिर गंगरेल, विंध्यवासिनी माता मंदिर धमतरी सहित जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। इसके अलावा पीएम जनमन आवासों, अटल आवासों तथा आम नागरिकों के घरों में भी दीप जलाकर सेवा एवं समर्पण का संदेश दिया जाएगा। प्रशासन ने इसे जन-जन की सहभागिता वाला कार्यक्रम बनाने की दिशा में व्यापक तैयारी की है।
जनभागीदारी से अभियान को मिलेगा व्यापक स्वरूप
राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प में सहभागी बनें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिला समूहों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से अभियान के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के सभी कार्यक्रमों का आयोजन गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए ताकि सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
रायपुर: नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास आज तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का साक्षी बना। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत में मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की तरह सजाया गया था। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश की सजावट के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच माताओं-बहनों ने पूरे उत्साह के साथ तीजा-पोरा की खुशियां साझा कीं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटियों और बहनों के मायके आने की सुंदर परंपरा है। आज प्रदेशभर से आप सभी बहनें मेरे घर आई हैं, इसलिए मुख्यमंत्री निवास आज आप सभी का मायका है। अपने भाई के घर आपका आना मेरे लिए सौभाग्य और आनंद की बात है। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय संबोधन के साथ पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा-पोरा हमारी माटी, परिवार, रिश्तों, खेती-किसानी, पशुधन और लोकजीवन से जुड़ा जीवंत उत्सव है। हरेली से शुरू होने वाली छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहारों की सुंदर श्रृंखला हमारे सामाजिक और पारिवारिक जीवन को आत्मीयता के सूत्र में बांधती है। हमारी लोक परंपराएं पीढ़ियों को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का काम करती हैं।

शिव-पार्वती की पूजा कर मांगी प्रदेश की सुख-समृद्धि
कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की माताओं-बहनों सहित सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा का पर्व माता पार्वती की तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था से जुड़ा हुआ है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। हमारी माताएं और बहनें आज भी इस महान परंपरा को श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की माताओं-बहनों के सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य के साथ छत्तीसगढ़ के निरंतर विकास और खुशहाली की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पोरा का पर्व हमारी कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खेती-किसानी केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है। तीजा और पोरा का यह संगम हमारी लोकसंस्कृति की उसी आत्मीयता और व्यापकता को अभिव्यक्त करता है।
सुपोषित छत्तीसगढ़ के लिए ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान
तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया और अभियान के लोगो का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक मिनरल्स से भरपूर है। इसकी पत्तियां और फलियां पोषण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। विशेषकर महिलाओं और बच्चों के आहार में इसका उपयोग बेहतर पोषण में सहायक हो सकता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि अपने घरों और आसपास मुनगा लगाएं और इसके पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाएं। घर-घर मुनगा लगाने की यह पहल जनभागीदारी के माध्यम से सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत करेगी।

राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, सुपोषण रथ करेगा जागरूक
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के पोस्टर का विमोचन किया और उपस्थित माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में पोषण माह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सुपोषण रथ भी अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर पोषण संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां और सुपोषित बच्चा स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं। केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा बेहतर भविष्य के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी से पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को और गति दी जा रही है।

नन्हे बच्चों को खीर खिलाकर कराया अन्नप्राशन
कार्यक्रम में आत्मीयता का एक विशेष दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उनके स्वस्थ, खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
तीजा-पोरा के पारिवारिक उत्सव के बीच अन्नप्राशन संस्कार और पोषण से जुड़ी गतिविधियों ने कार्यक्रम को सुपोषण के संदेश से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री ने बच्चों की माताओं से भी आत्मीय संवाद किया और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण की जानकारी ली।
महतारी वंदन से माताओं-बहनों को मिल रहा आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि माताओं-बहनों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रवास के दौरान माताओं-बहनों से मिलने पर इस योजना से उनके जीवन में आए बदलाव की अनेक प्रेरक कहानियां सामने आती हैं। कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही है, तो कोई सिलाई मशीन खरीदकर आजीविका का साधन तैयार कर रही है। अनेक माताएं-बहनें सब्जी-भाजी, किराना दुकान और छोटे व्यवसायों में इस राशि का उपयोग कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के हाथ में अपनी राशि होने से उनमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ी है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आजीविका, कौशल, स्वामित्व और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध हों।
लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक – बदल रही मातृशक्ति की तस्वीर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। छत्तीसगढ़ में 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य 8 लाख महिलाओं का था। यह उपलब्धि माताओं-बहनों की मेहनत, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि महिलाएं अब पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर अनेक नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़कर महिलाएं ‘डीलर दीदी’ बन रही हैं। निर्माण क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में काम कर रही हैं। खेती में आधुनिक तकनीक अपनाते हुए ‘ड्रोन दीदी’ खेतों में उर्वरक और दवाइयों का छिड़काव कर आय के नए अवसर तैयार कर रही हैं। कई ड्रोन दीदियां एक दिन में 20 से 25 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लगभग सात हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दानसरा की माताओं-बहनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने का प्रेरणादायी संकल्प लिया है। उन्होंने इसे मातृशक्ति की आस्था, सामूहिकता और दृढ़ संकल्प का सुंदर उदाहरण बताया।
महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहन, स्वामित्व से बढ़ रहा आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें संपत्ति में स्वामित्व देने की दिशा में भी राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को अवसर, सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय में भागीदारी देना है। सरकार इसी व्यापक सोच के साथ माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।
हर जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत का संकल्प
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण हो रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं और इनमें से साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के लिए 3 लाख 65 हजार नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर हर जरूरतमंद परिवार के पक्के घर के सपने को तेजी से साकार कर रही है।
मुख्यमंत्री निवास में साकार हुआ छत्तीसगढ़ी गांव का परिवेश
तीजा-पोरा तिहार के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया था। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, पारंपरिक खिलौनों और ग्रामीण परिवेश के बीच प्रदेश की लोकसंस्कृति की जीवंत झलक दिखाई दी। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग बिखेर दिए।
माताओं-बहनों ने फुगड़ी, रस्साकशी और कुर्सी दौड़ में उत्साह से भाग लिया। मेहंदी लगवाने और झूला झूलने के साथ उन्होंने तीजा के मायके वाले उल्लास का आनंद लिया। मुख्यमंत्री निवास का पूरा वातावरण ऐसा था मानो प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की लोक परंपराएं एक ही आंगन में साकार हो उठी हों।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास वास्तव में माताओं-बहनों के मायके में बदल गया है। हमारी कामना है कि प्रदेश की हर माता और बहन के सपनों को नई उड़ान मिले, उनके परिवारों में सुख-समृद्धि बनी रहे और मातृशक्ति की भागीदारी से छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।
तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति का पर्व : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की माताओं-बहनों को तीजा-पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना की 31 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। यह योजना माताओं-बहनों को आर्थिक संबल देने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान को पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए माताओं-बहनों से अपने घरों और आसपास मूनगा लगाने तथा इसे नियमित आहार में शामिल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्रीमती वीणा सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री शहला निगार, विभिन्न संस्थाओं की पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।
रायपुर: छत्तीसगढ़ को साइबर अपराधों से मुक्त और सुरक्षित डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ को आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से नई गति मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए 9 मॉड्यूल वाले वीडियो पाठ्यक्रम ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया।
‘साइबर संकल्प’ के माध्यम से सरल भाषा में डिजिटल सुरक्षा की जानकारी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। बैंकिंग, खरीदारी, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाओं सहित अनेक कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए ‘साइबर संकल्प’ एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं और प्रत्येक मॉड्यूल लगभग 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के माध्यम से नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी।
डिजिटल क्रांति के साथ डिजिटल सुरक्षा भी जरूरी – श्री विजय शर्मा
विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देश में बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन हो रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीक का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहना होगा। श्री शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें तत्काल कॉल
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो घबराने या देर करने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को ठगी की राशि को रोकने और पीड़ित तक वापस पहुंचाने की कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व सामने आया, पीड़ित ने साझा की आपबीती
कार्यक्रम में साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को साइबर ठगी के वास्तविक स्वरूप से अवगत कराया। एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के शिकार डॉ. सेन ने बताया कि किस प्रकार उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर अपराधियों ने अपने जाल में फंसाया। उन्होंने समय रहते पुलिस से संपर्क किया। गोल्डन ऑवर में पुलिस को सूचना मिलने के कारण 60 लाख रुपये की ठगी की राशि वापस प्राप्त हो सकी। उनकी आपबीती ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि साइबर ठगी के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है और तत्काल पुलिस अथवा 1930 पर सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।
विद्यार्थियों से ‘साइबर जागरूकता के दूत’ बनने का आह्वान
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा अभियान का सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग तकनीक का सबसे अधिक उपयोग करता है और उसके पास डिजिटल जागरूकता को समाज के बड़े वर्ग तक पहुंचाने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों में बुजुर्गों, माता-पिता और अन्य परिजनों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में बताएं। सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, ओटीपी, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में सावधानी बरतने के लिए लोगों को जागरूक करें।
साइबर क्राइम वालंटियर बनकर जन-जागरूकता में दें योगदान
कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम वालंटियर पहल संचालित की जा रही है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्वयं, अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों से भी इसमें सहभागी बनने की अपील की गई।
500 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय तथा रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ साइबर धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) श्री अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) श्री प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर श्री अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला एवं कुलसचिव श्री शैलेंद्र पटेल सहित पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
साइबर अपराधों के नए तरीकों की दी जानकारी
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप से सावधान रहने तथा ऑनलाइन सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन करने की सलाह दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौरव मंडल ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, उनके तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा ‘साइबर जागृति अभियान’
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के तरीकों तथा साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
रायपुर: पर्यावरण संरक्षण और हरियाली संवर्धन के संदेश के साथ आज कुंवरपुर, लखनपुर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सहभागिता की। उन्होंने कार्यक्रम में पौधरोपण कर आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित जीवन के लिए हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता हैं।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी ओर से एक अनमोल उपहार है। पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। हमें पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लेना होगा। जब जनभागीदारी के साथ हर व्यक्ति अपने आसपास हरियाली बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी हम एक स्वच्छ, सुंदर और संतुलित पर्यावरण का निर्माण कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा और बदलता पर्यावरणीय स्वरूप हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और गंभीरता से समझने का संदेश दे रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनका संरक्षण करना समय की आवश्यकता है।
पौधरोपण के साथ संरक्षण का भी लें संकल्प
मंत्री अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों से आग्रह किया कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक पौधे को वृक्ष बनने में कई वर्ष लगते हैं, इसलिए उसकी सुरक्षा और देखभाल करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पौधरोपण करना।
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे वृक्ष तैयार करना होना चाहिए जो आने वाले वर्षों में समाज को स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान करें। हर परिवार यदि कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का संकल्प करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
हरियाली बढ़ाने में सामूहिक प्रयास जरूरी
कुंवरपुर में आयोजित कार्यक्रम ने स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ सामूहिक भागीदारी का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधरोपण में सहभागिता करते हुए हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन देती है और अब प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभाने का समय हमारा है। हम सभी मिलकर अपने गांव, शहर और जिले को अधिक हरा-भरा बनाने का प्रयास करें। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध वातावरण और बेहतर जीवन देना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, खेत, विद्यालय, सार्वजनिक स्थलों और उपलब्ध अन्य स्थानों पर पौधरोपण करें तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से चलाया गया पर्यावरण संरक्षण का अभियान निश्चित रूप से दूरगामी परिणाम देगा।
कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री साहू, जिला पंचायत सदस्य विजय अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष शशिकला सिंह, जनपद उपाध्यक्ष कामेश्वर राजवाड़े, पार्षद दिनेश साहू, सुभाष अग्रवाल, राजेंद्र जायसवाल, सुरेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और पौधों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कुंवरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम पौधा लगाएं, पर्यावरण बचाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य बनाएं के संदेश के साथ संपन्न हुआ।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय से धान के कटोरे के रूप में रही है, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार की पहल से राज्य की कृषि अब पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ रही है। खेत में बेहतर उत्पादन से लेकर आधुनिक तकनीक, सिंचाई, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच बनाने की कोशिशों ने खेती को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के व्यापक बदलाव का माध्यम बना दिया है। इसका असर फसल उत्पादन के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।
छत्तीसगढ़ में पारंपरिक धान की खेती के अलावा अदरक, गेंदा फूल, बागवानी, और मछली पालन जैसी आधुनिक और नगदी फसलों की खेती से किसानों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। किसान अब केवल धान तक सीमित न रहकर अदरक, गेंदा और अन्य फूलों की खेती से प्रति एकड़ लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। युवा किसान मछली पालन, मुर्गी पालन और बागवानी को एक साथ जोड़कर खेतों को आय का मुख्य केंद्र बना रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक, ऑटोमैटिक रीपर और आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग से श्रम लागत कम हो रही है और पैदावार बढ़ रही है।
विष्णु देव साय की सरकार के ढाई वर्षों से ज्यादा के शासन में राज्य में खेती का रकबा बढ़ने के साथ उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खरीफ फसलों के उत्पादन में करीब 17 प्रतिशत और रबी फसलों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बदलाव केवल अधिक भूमि पर खेती होने का परिणाम नहीं है, बल्कि बेहतर बीज, उर्वरक, सिंचाई और कृषि यंत्रीकरण तक किसानों की बढ़ती पहुंच भी इसकी महत्वपूर्ण वजह है।
कृषि नीति का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष किसान की आय और फसल चयन से जुड़ा है।किसानों को उत्पादन के साथ आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में भी पिछले ढाई वर्षों में उल्लेखनीय काम हुआ है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत खरीफ फसल के धान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ी आदान सहायता के रूप में 24,73,762 किसानों को 13,289 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। गन्ना प्रोत्साहन योजना के तहत 1 करोड़ 3 लाख 34 हजार क्विंटल से ज्यादा गन्ने की खरीदी कर 32 हजार 955 किसानों को 64.95 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। फसल बीमा के दायरे में भी खरीफ सीजन में 15.92 लाख से अधिक तथा रबी सीजन में 2.99 लाख किसानों को शामिल किया गया।

किसानों को उत्पादन के साथ आर्थिक सुरक्षा देने के लिए विष्णु देव साय सरकार की कृषक उन्नति योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खरीफ 2023 से 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की गई है।
धान छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल है, इसीलिए छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। मगर अब राज्य सरकार फसलों के विविधीकरण पर जोर दे रही है ताकि किसान अन्य फसलों का भी उत्पादन कर सकें। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि के रूप में किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ दे रही है। इस योजना के तहत किसानों को अरहर, मूंग, उड़द और चना जैसी दलहन फसलेंतथा सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी और तील जैसी तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके अलावा मक्का, कपास और कोदो, कुटकी, रागी व बाजरा जैसे मोटे अनाजों की खेती करने पर भी इस राशि का लाभ मिलेगा।किसानों की आय को मजबूत करने के साथ जोखिम कम करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये सहित अब तक 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

खेती में नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के किसान इन तकनीकों को अपनाने में पीछे नहीं हैं। गांवों में खुले ‘फार्म मशीनरी बैंक’ से छोटे किसानों को किराये पर महंगी मशीनें मिल रही हैं, जिससे उनकी मेहनत और लागत घट रही है। ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ के तहत ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का विस्तार हुआ है, जिससे पानी की भारी बचत हो रही है। इसके साथ ही, पिछले वर्ष 57 हजार से अधिक किसानों का प्राकृतिक खेती अपनाना कृषि के टिकाऊ भविष्य को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ की कृषि कहानी का एक और महत्वपूर्ण अध्याय बागवानी है। पिछले ढाई वर्षों में बागवानी का क्षेत्र 8.42 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। फल, सब्जी, मसाले और फूलों के साथ तेल पाम और बांस जैसी फसलों का विस्तार नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। अब चुनौती उत्पादन बढ़ाने से आगे बढ़कर उसे बाजार, प्रसंस्करण और बेहतर मूल्य से जोड़ने की है। इसी दिशा में पैक हाउस और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी अधोसंरचनाएं विकसित करने की तैयारी है।
रायपुर। शहरी गरीबों के आशियाने के सपने को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नगरीय निकायों में रहने वाले परिवारों के हित में संवेदनशील फैसला लेते हुए राज्य शासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के लिए निवास की वैधता की कट-ऑफ तिथि को 31 अगस्त 2015 से बढ़ाकर अब 31 अगस्त 2024 कर दिया है। सरकार के इस निर्णय से विगत 9 वर्षों से शहरों में रह रहे लोगों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय हजारों शहरी परिवारों के लिए पक्के घर का नया अवसर लेकर आया है। “आवास से सम्मान, सम्मान से सशक्तीकरण” के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य शासन का यह महत्वपूर्ण कदम है।
मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन BOCW शुरू
रायपुर, 12 सितंबर 2026/ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकारों (BOCW) के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक हितों को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मुंबई में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ('National Conference on BOCW') का शुभारंभ हुआ। 11 और 12 सितंबर 2026 तक आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के निर्माण श्रमिकों के सुरक्षित, सम्मानजनक और समृद्ध भविष्य पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, मध्यप्रदेश के श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और छत्तीसगढ़ के श्रम सचिव श्री हिम शिखर गुप्ता सहित विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन में छत्तीसगढ़ राज्य का प्रतिनिधित्व भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा मंडल सचिव गिरीश रामटेके ने किया। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों ने श्रमिक हित में लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं, श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और नए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। साथ ही निर्माण श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भविष्य की रणनीतियों पर रणनीति तैयार की जा रही है। यह आयोजन देश के निर्माण श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
00 आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में 504 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधियां
00 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में वर्ष 2025 एवं वर्ष 2026 शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक प्रदान किए गए, जिनमें 19 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल तथा 16 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया शामिल हैं। स्नातकोत्तर एवं स्नातक स्तर पर कुल 504 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गई
विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचने सलाह
राज्यपाल श्री डेका ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं, जबकि हम उस दौर के विद्यार्थी हैं, जब शिक्षा चाक ,पेंसिल पुस्तकों और गुरुओं के माध्यम से प्राप्त करते थे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज बहुत जरूरी है, लेकिन इसका उपयोग उतना ही होना चाहिए, जितना मानव समाज के हित में आवश्यक है। आज डिजिटल एडिक्शन किसी भी अन्य एडिक्शन से अधिक खतरनाक हो गया है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके दुष्प्रभावों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर एनर्जी, क्लाइमेट चेंज और माइक्रो प्लास्टिक आज दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। 21वीं सदी में विकास के साथ उसके दूसरे पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा और सतत विकास को प्राथमिकता देनी होगी।
विद्यार्थियों पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहें
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को भगवत गीता के कर्मयोग का संदेश देते हुए कहा कि कर्म ही जीवन है। हमें इस बात की चिंता किए बिना कि दूसरे हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अपने कर्म, पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपका ज्ञान कोई आपसे नहीं छीन सकता। अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनें और सही रास्ते पर आगे बढ़ें।
विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढऩा चाहिए
डेका ने कहा कि विद्यार्थियों ने ज्ञान और डिग्री इसलिए हासिल की है कि उसका उपयोग मानव समाज के हित में हो। विज्ञान, तकनीक और इनोवेशन का उद्देश्य मानव जीवन को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में है और यह देश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अब छत्तीसगढ़ को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में समाज के प्रत्येक वर्ग की भूमिका महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने जीवन का रोडमैप तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से सफलता की ओर आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य एवं डिफेंस साइंटिस्ट डॉ. वी. सतीश रेड्डी तथा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रोफेसर आर.पी. कौशिक ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। स्वागत भाषण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. शिव दयाल पांडे ने दिया और विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की शासी परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्य, अधिष्ठाता, प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं एवं उनके पालक उपस्थित थे।
00 राज्यपाल रमेन डेका ने सपरिवार पहुंचकर किया पूजन-अर्चन, लिया दादी जी का आशीर्वाद
रायपुर। राजा तालाब स्थित श्री रानी सती मंदिर में दो दिवसीय 50वां भादों अमावस्या महोत्सव श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के दूसरे दिन 11 सितंबर को सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। बड़ी संख्या में भक्तजन परिवार सहित दादी जी के दर्शन, पूजन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे। दिनभर मंदिर परिसर जय श्री रानी सती दादी माँ की एवं जय दादी की के जयघोष से गूंजता रहा। देर शाम तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बनी रही और पूरा मंदिर परिसर भक्तिभाव से सराबोर नजर आया।
सुबह 7 बजे मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने दादी जी के दर्शन किए और विधि-विधान से जाट-धोक पूजन किया। भक्तों ने रोली की टिक्की, अक्षत, मेहंदी, मौली, काजल, पुष्प एवं दक्षिणा अर्पित कर अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, अखंड सौभाग्य एवं बच्चों की उन्नति के लिए दादी जी से प्रार्थना की। मंदिर में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों एवं बुजुर्गों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। दोपहर 2 बजे समता कॉलोनी निवासी श्रीमती बीना मित्तल के सान्निध्य में सामूहिक मंगल पाठ का आयोजन हुआ। इसमें लगभग 2100 महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी परिधान में लाल-पीली चुनरी धारण कर भाग लिया। पुरुष श्रद्धालु भी पारंपरिक कुर्ता-पायजामा में मंगल पाठ में शामिल हुए। मंगल पाठ के दौरान दादी जी के जीवन प्रसंगों को भजनों के माध्यम से जन्म उत्सव, विवाह उत्सव, मुकलावा उत्सव एवं गजरा उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया। मंगल पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिरस में डूबा रहा।
इसी भक्तिमय वातावरण के बीच छत्तीसगढ़ के महामहिम राज्यपाल रमेन डेका ने सपरिवार श्री रानी सती मंदिर पहुंचकर दादी जी के दर्शन एवं पूजन-अर्चन किया तथा दादी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति द्वारा महामहिम राज्यपाल जी का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। उनका सपरिवार मंदिर आगमन श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष आनंद एवं गौरव का क्षण रहा। इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल जी ने श्रद्धापूर्वक दादी जी के दर्शन कर प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। उनके साथ ओएसडी श्री अशोक झुंझुनवाला भी उपस्थित रहे।
00 प्रदेश में खेल अधोसंरचना का तेजी से हो रहा विस्तार, रायपुर में 60 करोड़ की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी
00 जशपुर के पंडरापाठ में 20-25 करोड़ की लागत से आर्चरी अकादमी, वनांचल की प्रतिभाओं को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
00 शासन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को दी जाएगी विशेष जिम्मेदारी
00 बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से दूरस्थ अंचलों की प्रतिभाओं को मिल रहा बड़ा मंच, खेल उत्कर्ष मिशन से प्रतिभाओं को तराशने पर जोर
00 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर किए जाएंगे प्रयास
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। आवश्यकता है कि उनकी समय पर पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढऩे के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार करने के साथ खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के खिलाडिय़ों को आगे बढऩे के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी मीटिंग एवं जनरल काउंसिल मीटिंग को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता और पदक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के अनुरूप तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए खेल अधोसंरचना के विकास के साथ प्रशिक्षण और प्रतिभा चयन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोडऩे की पहल में तेजी लाने की बात कही। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अनेक बड़े उद्योग समूह कार्यरत हैं। इन समूहों के सहयोग को खेलों के विकास से जोड़ा जाए तो खिलाडिय़ों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग जगत और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणामों को करीब से देखा है। यदि अलग-अलग उद्योग समूह विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ जुड़कर सहयोग करें, तो प्रदेश में खेलों के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे और खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस दिशा में सुनियोजित ढंग से पहल करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। खेल संघों से जुड़े विषयों, उनकी आवश्यकताओं और शासन स्तर पर जरूरी प्रक्रियाओं को अधिक सुगम बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष रूप से छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खेल संघों की आवश्यकताओं और विभिन्न प्रस्तावों पर शासन स्तर पर प्रभावी समन्वय सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि खेलों के विकास से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान हो और खिलाडिय़ों को योजनाओं तथा सुविधाओं का पूरा लाभ मिले, इसके लिए शासन और खेल संगठनों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है।
रायपुर में 60 करोड़ की लागत से बन रही आर्चरी अकादमी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना विकसित करने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। रायपुर में लगभग 60 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण भी किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से प्रदेश के खिलाडिय़ों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अभ्यास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी खेल अधोसंरचना तैयार करने का प्रयास है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और आवश्यक संसाधनों के साथ अपनी क्षमता को निखार सकें। इससे प्रदेश के खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
पंडरापाठ में बनेगी आर्चरी अकादमी, वनांचल की नैसर्गिक प्रतिभाओं को मिलेगा अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर अंचल में तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के युवाओं में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा है। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में यह खेल जीवन और परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इन प्रतिभाओं को आधुनिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर बड़े खेल मंचों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जशपुर के पंडरापाठ में लगभग 20 से 25 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जा रही है। अकादमी के माध्यम से जशपुर सहित आसपास के वनांचल के प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को अपने क्षेत्र में ही आधुनिक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। इससे ग्रामीण और जनजातीय अंचलों की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रही नई प्रतिभाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक ने दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच उपलब्ध कराया है। राज्य सरकार बस्तर ओलंपिक का आयोजन प्रत्येक वर्ष करेगी। सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे आने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति और विकास के नए वातावरण के बीच खेलों को भी नई गति देने का समय है। क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि और असाधारण क्षमता है। उन्हें उचित प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराकर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार किए जा सकते हैं। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे का भी प्रभावी माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी चाहे किसी बड़े शहर से हो या दूरस्थ गांव और वनांचल से, उसे आगे बढऩे के समान अवसर मिलें।
खेल अलंकरण की पुन: शुरुआत से खिलाडिय़ों का बढ़ा उत्साह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाडिय़ों को अभूतपूर्व प्रोत्साहन मिला है। प्रधानमंत्री खिलाडिय़ों से नियमित संवाद करते हैं और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके प्रदर्शन का उत्साहवर्धन करते हैं। इससे देश में खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण बना है और खिलाडिय़ों का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ प्रदेश के खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुन: शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें आवश्यक आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। खेल प्रतिभाओं को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए प्रयास करेगा छत्तीसगढ़
बैठक में 40वें नेशनल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में कराने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भी गंभीरता से आगे बढऩे का समय है। 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिलती है, तो इसके आयोजनों को बस्तर से भी जोडऩे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। बस्तर में शांति, विकास और विश्वास का नया वातावरण बन रहा है। राष्ट्रीय स्तर का बड़ा खेल आयोजन यहां के युवाओं को प्रेरणा देने के साथ देश-दुनिया के सामने बदलते और आगे बढ़ते बस्तर तथा छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर प्रस्तुत करने का अवसर भी बनेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों जैसे बड़े आयोजन से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास को और गति मिलेगी, स्थानीय खिलाडिय़ों को देश के श्रेष्ठ खिलाडिय़ों को करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित होगी।
वनांचल में तीरंदाजी और मलखम्ब की अपार संभावनाएं : वन मंत्री कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। खेल अधोसंरचना के निर्माण और खिलाडिय़ों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट में आवश्यक प्रावधान किए जा रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद खेल अलंकरण समारोह आयोजित कर खिलाडिय़ों को सम्मानित करने से प्रदेश की खेल प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में तीरंदाजी जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और उचित मार्गदर्शन देने की है। बस्तर के जनजातीय युवा मलखम्ब में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। सामूहिक खेलों के साथ व्यक्तिगत खेलों में भी खिलाडिय़ों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिए जाने की आवश्यकता है।
सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल गतिविधियों का तेजी से विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाडिय़ों से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन करते हैं। इससे खिलाडिय़ों का आत्मविश्वास बढ़ा है और भारतीय खिलाड़ी दुनिया के विभिन्न खेल मंचों पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी भावना के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी छत्तीसगढ़ में खिलाडिय़ों और खेल अधोसंरचना के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। खेल अलंकरण की पुन: शुरुआत और उत्कृष्ट खिलाडिय़ों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने जैसे निर्णयों ने खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ाया है। उन्होंने खेल संबंधी विषयों में बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दिए जाने की पहल का स्वागत किया।
अन्य जिलों में भी गठित किए जाएंगे जिला ओलंपिक संघ
छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया ने पिछली एग्जीक्यूटिव बॉडी बैठक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में हासिल उपलब्धियों, संघ की गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में 23 जून को ओलंपिक दिवस के आयोजन, विभिन्न खेल गतिविधियों, नेशनल गेम्स, खेल संघों की आवश्यकताओं और आगामी गतिविधियों के लिए जरूरी बजटीय प्रावधानों पर चर्चा हुई। संघ की आय-व्यय की जानकारी भी प्रस्तुत की गई। प्रदेश में वर्तमान जिला ओलंपिक संघों के अतिरिक्त अन्य जिलों में भी जिला ओलंपिक संघ गठित करने के लिए समिति बनाए जाने पर सहमति प्रदान की गई। हैंडबॉल एसोसिएशन सहित विभिन्न खेल संघों से जुड़े विषयों तथा प्रदेश में खेल गतिविधियों के विस्तार पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष श्री विजय बघेल, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री शरद शुक्ला, श्री रमेश कुमार श्रीवास्तव और श्री सुनील कुमार अग्रवाल समेत छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।
रायपुर। प्रदेश की कई प्रीमियम शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से ज्यादा दाम पर शराब बेची जा रही है। यानी ग्राहकों से बोतल पर तय MRP से अधिक पैसे लिए जा रहे हैं। ओवररेट की शिकायतों को खत्म करने के लिए अब आबकारी विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने प्रदेश के सभी प्रीमियम शराब दुकानों को कैशलेस करने का फैसला लिया है। इस संबंध में आबकारी विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है।
सिर्फ ऑनलाइन माध्यम करना होगा पेमेंट
जारी आदेश के अनुसार, अब प्रदेश के कोई भी प्रीमियम शॉप पर ग्राहक कैश में भुगतान नहीं कर पाएंगे। यानी आपको शराब खरीदने के बाद पेमेंट सिर्फ ऑनलाइन माध्यम करना होगा। इसके लिए सभी प्रीमियम शॉपर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। जिन्हें स्कैन कर ग्राहक भुगतान कर सकेंगे।
आपको बता दें कि यह कैशलैस सिस्टम एक अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इसका आदेश प्रदेश की 49 प्रीमियम शराब दुकानों के लिए जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था का मकसद शराब दुकानों पर होने वाली ओवररेट की शिकायतों पर लगाम लगाना और बिक्री-भुगतान में पारदर्शिता लाना है।
जगदलपुर। दंतेवाड़ा जिले में अंधविश्वास के चलते बुजुर्ग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गीदम थाना क्षेत्र के समलूर गांव में 65 वर्षीय सुखराम सोढ़ी पर जादू-टोना करने का शक था। इसी शक के चलते आरोपियों ने बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।
वारदात के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, उईकापारा निवासी सुखराम सोढ़ी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। उनके चेहरे, गाल, कान और माथे पर चोट के निशान मिले थे। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गांव में सुखराम सोढ़ी पर जादू-टोना करने का शक किया जा रहा था। इसी संदेह और नाराजगी के चलते आरोपियों ने बुजुर्ग की हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने संदेह के आधार पर पूछताछ की तो धनीराम भोगामी उर्फ मोटू, बिनेश सोढ़ी उर्फ बीनू और मंगतू सोढ़ी की संलिप्तता सामने आई। आरोपियों के बताए अनुसार पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का पट्टा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में हत्या से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
रायपुर। Train Cancelled: उरकुरा रेलवे स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का काम किया जा रहा है, जिसका असर रेल यातायात पर पड़ेगा। रेलवे ने इस कार्य के चलते 13 और 14 सितंबर को कई मेमू और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन रद्द करने का निर्णय लिया है। रेलवे के इस फैसले से रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
13 सितंबर को ये ट्रेनें रहेंगी रद्द
68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू
68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू
68733 गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू
68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू
58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर
58206 रायपुर-इतवारी पैसेंजर
68746 रायपुर-गेवरा रोड मेमू
14 सितंबर को इन ट्रेनों का परिचालन रद्द
58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर
58206 इतवारी-रायपुर पैसेंजर
68745 कोरबा-रायपुर मेमू
उरकुरा स्टेशन यार्ड में चल रहे रीमॉडलिंग कार्य के कारण ट्रेनों को रद्द किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि स्टेशन पहुंचने से पहले संबंधित ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बस यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर यातायात महासंघ ने 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन महाबंद का ऐलान किया है। हड़ताल के दौरान प्रदेशभर में करीब 12 हजार बसों का संचालन प्रभावित होने की संभावना है।
रोजाना 4.80 लाख यात्रियों पर पड़ेगा असर
बसों के पहिए थमने से प्रदेश में रोजाना सफर करने वाले करीब 4 लाख 80 हजार यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि मांगों पर समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। यातायात महासंघ की प्रमुख मांगों में यात्री बस किराए में बढ़ोतरी शामिल है। इसके अलावा बस मालिक सिंगल स्लीपर बसों के लिए सिंगल टैक्स व्यवस्था लागू करने की मांग भी कर रहे हैं।
ई-बसों के संचालन को लेकर भी मांग
बस ऑपरेटरों ने ई-बसों के संचालन को लेकर भी अपनी मांग रखी है। उनका कहना है कि ई-बसों को केवल नगर निगम सीमा के भीतर ही संचालित करने की शर्त तय की जाए, ताकि निजी बस संचालकों के कारोबार पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
800 बस ऑपरेटर बस स्टैंड पर करेंगे विरोध
महाबंद के तहत प्रदेशभर के करीब 800 बस ऑपरेटर अपनी बसें बस स्टैंड पर खड़ी कर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं। महासंघ के इस फैसले से अंतरजिला और लंबी दूरी की बस सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका है। अगर सरकार और बस संचालकों के बीच मांगों को लेकर सहमति नहीं बनती है, तो 22 सितंबर से शुरू होने वाला यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रह सकता है। इससे प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रदेशभर के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में 17 सितंबर की संध्या ‘आशीर्वाद का दीप’ प्रज्वलित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से राशनकार्डधारियों और आम नागरिकों की जनभागीदारी के साथ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को सशक्त किया जाएगा।
खाद्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी जिलें के खाद्य नियंत्रकों एवं खाद्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिले की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों में 17 सितंबर की संध्या राशनकार्डधारियों एवं आम नागरिकों के माध्यम से आशीर्वाद का दीप अनिवार्य रूप से प्रज्वलित कराया जाए।
इस अवसर पर उचित मूल्य दुकानों में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम का स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक राशनकार्डधारियों एवं नागरिक इस जनभागीदारी अभियान से जुड़ सकें।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से प्रदेश में जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए सेवा, सुशासन और सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उचित मूल्य दुकानों में जलने वाला ‘आशीर्वाद का दीप’ इसी सामूहिक सहभागिता और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा।






























