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जशपुर वनमण्डल ने रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

जशपुर वनमण्डल ने रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

 एक दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल प्रसार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड

00 मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को मिला आधिकारिक प्रमाण-पत्र

जशपुर। पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में जशपुर वनमण्डल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार एवं रोपण का कार्य संपादित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह प्रमाण-पत्र वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जशपुर में संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब शासन, प्रशासन और समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित आवरण में वृद्धि के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।

अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें देखने को मिली व्यापक जनसहभागिता रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। हजारों लोगों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन के रूप में विकसित हुआ और एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने किया जश लर्न का जिला स्तरीय शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने किया जश लर्न का जिला स्तरीय शुभारंभ

 अब फोन आधारित शिक्षण से पूरे जिले के बच्चों को मिलेगा गणित सीखने का अवसर

फरसाबहार में मिली सफलता के बाद जिले के सभी विकासखंडों में होगा विस्तार

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा के परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जश लर्न’ कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ विकसित करने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया संवाद, पूछा— क्या-क्या सीखे हो?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों वंदना यादव, नव्यता यादव, आयुषी तिर्की एवं कुसुम डडसेना से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि इस कार्यक्रम से उन्हें क्या सीखने को मिला और पढ़ाई में किस प्रकार लाभ हुआ।

ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसे गणितीय प्रश्न आसानी से हल कर लेती है। धनपुर की छात्रा वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब पढ़ाई में आनंद आने लगा है। बच्चों के अनुभव सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक, शिक्षक और अभिभावकों की संयुक्त सहभागिता से सीखने के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं।
डाइट के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रथम वर्ष के उन प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भावी शिक्षक समाज के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
फरसाबहार में मिले उत्साहजनक परिणाम
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा यूथ इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार विकासखंड में ‘जश लर्न’ कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी एवं चौथी के चयनित विद्यार्थियों को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया।
बच्चों की गणितीय दक्षताओं का आकलन कर उन्हें जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत अवधारणाओं में चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रही। डाइट जशपुर की प्रशिक्षु छात्रा सृष्टि ने बताया कि अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गणित में कमजोर बच्चों को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में नियमित फोन कॉल कर मूलभूत गणितीय कौशल सिखाए गए। इससे बच्चों को विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी सीखने का अवसर मिला

260 विद्यार्थियों को मिला लाभ, 75 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की दक्षता
पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाइट जशपुर के 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने फरसाबहार विकासखंड के 260 विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग एवं अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में दक्षता प्राप्त की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ तथा आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
अब जिले के सभी विकासखंडों में पहुंचेगा ‘जश लर्न’
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही है। कार्यक्रम के विस्तार से जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उनकी आधारभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डाइट जशपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, पालकगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

  त्वरित पहल से आवागमन और व्यवसाय दोनों को मिली नई दिशा

कवर्धा। संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग  जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की।
नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधान
कबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई।

आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मदद
स्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।
कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री  शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने सलियाटोली में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री साय ने सलियाटोली में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का किया निरीक्षण

 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र : मुख्यमंत्री

00 24 घंटे अध्ययन सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी, 50 हजार पुस्तकों और स्मार्ट सुविधाओं से सुसज्जित होगा नालंदा परिसर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के सलियाटोली ग्राम में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। लगभग 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस 250 सीटर अत्याधुनिक परिसर के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नालंदा परिसर युवाओं को अध्ययन, मार्गदर्शन और आत्मविकास के लिए एक आधुनिक एवं प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर जशपुर जिले के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि नालंदा परिसर के निर्माण का प्लिंथ लेवल कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। परिसर में विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां इंडोर एवं आउटडोर स्टडी जोन, ऑक्सी रीडिंग जोन, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई जोन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 50 हजार से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था की जाएगी। परिसर को पर्यावरण अनुकूल स्वरूप प्रदान करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी तथा 50 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। युवाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान व्यवस्था तथा आधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली जैसी स्मार्ट सुविधाएं इसे एक आधुनिक और तकनीक-सक्षम अध्ययन केंद्र का स्वरूप प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण शैक्षणिक केंद्र युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री साय

जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री साय

  कुनकुरी में जैविक किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए साय

00 औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन हेतु हुआ महत्वपूर्ण अनुबंध, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार

रायपुर। किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है।

किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों से जुडऩे का अवसर
कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।
उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान  सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।
औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बेहतर बाजार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी

किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24म7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।
कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल  रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष  सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले को दी 9.65 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले को दी 9.65 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण: सड़क, विद्युत और ग्रामीण अधोसंरचना को मिलेगी नई मजबूती

00 कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र के शुभारंभ से अनेक गांवों को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 9 करोड़ 65 करोड़ रुपये है, जिसमें 4 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सुविधाएं, अवसर और समृद्धि लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, विद्युत, स्वच्छता और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

6.74 करोड़ रुपये के 4 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन
मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कुल 6 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 31.68 लाख रुपये की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 10 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत पगुराबहार के बेहराटोली में भजनो घर के पास पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 220.82 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत चराईडांड़ के मलेरिया बस्ती से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 तक 2 किलोमीटर पहुंच मार्ग निर्माण तथा 412.48 लाख रुपये की लागत से घासीमुंडा से कोरवाटोली (ग्राम पंचायत कोहपानी) तक 3.10 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों की आवागमन सुविधा बेहतर होगी तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

2.90 करोड़ रुपये के 5 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कुल 2 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें ग्राम पंचायत जोकबहला के हरिजन बस्ती पहुंच मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत जोकारी में मधेश्वर महादेव पहाड़ मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत डोडापानी के डुमरटोली बस्ती में सीसी रोड निर्माण तथा ग्राम पंचायत हेठघींचा में उपरघींचा से घुड़ाजोर मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।

कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा
लोकार्पण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 2.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 33/11 केवी, 3.15 एमवीए विद्युत उपकेंद्र कुडूकेला का भी लोकार्पण किया।इस विद्युत उपकेंद्र के प्रारंभ होने से जामटोली, गड़बहार, टुकूपानी, बरटोली, पंडरा, सुखापोखर, जामचुवां, कुडूकेला, सरडीह, गिनाबहार, टोप्पो बागान, रेंगारघाट, सियावर चौक, चटकपुर, बेने, बासनटोली, कुहूमुड़ा, भेलवाटोली तथा नवापारा सहित अनेक गांवों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र के कृषि कार्यों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे विकास कार्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रतिभा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

प्रतिभा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

 00 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन, 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे कर सकते हैं आवेदन

रायपुर। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, नवाचार, साहस और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का सर्वोच्च बाल सम्मान माना जाता है, जो उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।

विभागीय जानकारी के अनुसार 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार के लिए पात्र हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अभिभावक, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं और अन्य व्यक्ति भी योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं। सभी आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के नवाचारी, प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी बच्चों से इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया है। आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए https://awards.gov.in/ पर विजिट किया जा सकता है।

नई चेतना 4.0 अभियान से जेंडर समानता की अलख, सुरक्षित और संवेदनशील समाज निर्माण का संकल्प

नई चेतना 4.0 अभियान से जेंडर समानता की अलख, सुरक्षित और संवेदनशील समाज निर्माण का संकल्प

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नई चेतना 4.0 अभियान के तहत प्रदेशभर में जेंडर आधारित भेदभाव एवं हिंसा के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा लैंगिक समानता पर आधारित सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है।

इसी कड़ी में बीजापुर सहित विभिन्न जिलों एवं ब्लॉक मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं, किशोरियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को जेंडर समानता, घरेलू हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह निषेध, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन सेवाओं तथा शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान प्रतिभागियों को महिलाओं एवं बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया। साथ ही समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने तथा महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों ने हिंसा, भेदभाव और असमानता से मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।

विभागीय अधिकारियों ने कहा कि नई चेतना 4.0 अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की एक जनभागीदारी आधारित पहल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समान अवसरों वाला वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

 योग फॉर हेल्दी एजिंग: स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में एक कदम

रायपुर। भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है।
प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।

 

 

 

CG – खड़े ट्रक से टकराई बाइक, 3 युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम, हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम…..

CG – खड़े ट्रक से टकराई बाइक, 3 युवकों ने मौके पर ही तोड़ा दम, हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम…..

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सुरजपुर जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक खड़े ट्रक से टकराने के कारण बाइक सवार तीन युवकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। यह घटना प्रतापपुर थाना इलाके में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, हादसे की वजह ट्रक ड्राइवर की बड़ी लापरवाही रही। आरोपी ड्राइवर ने पहले एक कार को टक्कर मारी और फिर ट्रक को सड़क पर ही लावारिस छोड़कर फरार हो गया। इसी दौरान एक ही बाइक पर सवार होकर आ रहे चार युवक सड़क पर खड़े इस ट्रक से सीधे जा टकराए। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीन युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया

हादसे की खबर फैलते ही शिवपुर इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय ग्रामीणों ने घटना स्थल पर इकट्ठा होकर जमकर हंगामा किया और ट्रक को आग के हवाले कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही प्रतापपुर थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मामला शांत कराते हुए जांच में जुट गई।

छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति वित्तीय प्रोत्साहनों को सीधे रोजगार सृजन से जोड़ेगी: वित्त मंत्री चौधरी

छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति वित्तीय प्रोत्साहनों को सीधे रोजगार सृजन से जोड़ेगी: वित्त मंत्री चौधरी

 ईपीएफओ रायपुर ने किया प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के क्षेत्रीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा एम्स सभागार, रायपुर में एक क्षेत्रीय राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के सफल क्रियान्वयन को रेखांकित करता है। देशव्यापी अभियान के तहत नई दिल्ली के विज्ञान भवन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली जुड़कर प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से देश भर के लाभार्थियों के खातों में लगभग 2,400 करोड़ की भारी प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। नई दिल्ली में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के समानांतर, रायपुर के इस आयोजन ने स्थानीय लाभार्थियों और नियोक्ताओं को सम्मानित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया, जहां औपचारिक अर्थव्यवस्था में प्रवेश को दर्शाते हुए नव-नियुक्त युवाओं को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने योजना के दोहरे लाभ पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि जहां एक ओर पहली बार औपचारिक क्षेत्र में नौकरी पाने वाले युवाओं को कार्यबल में शामिल होने पर महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर नियोक्ताओं को भी अतिरिक्त रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए प्रोत्साहित व पुरस्कृत किया जा रहा है।  अग्रवाल ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल से अकेले छत्तीसगढ़ राज्य में 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजित करने की अपार क्षमता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि रोजगार के ये नए अवसर न केवल युवाओं के जीवन को बदल रहे हैं, बल्कि व्यवस्थित रूप से भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत और गति प्रदान करेंगे।

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्रीओमप्रकाश चौधरी ने कार्यक्रम में बोलते हुए योजना के तहत 2,400 करोड़ के देशव्यापी रोलआउट की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति वास्तव में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लिए एक एकीकृत ऐड-ऑन के रूप में कार्य करेगी। इस राज्य-विशिष्ट ढांचे के तहत, स्थानीय उद्योगों और नियोक्ताओं को उनके द्वारा सृजित किए जाने वाले रोजगार के अवसरों की संख्या के आधार पर अतिरिक्त राज्य प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही चौधरी ने पूर्ववर्ती परिदृश्य की समीक्षा करते हुए कहा कि 2014 से पहले की शिक्षा प्रणाली वास्तविक बाजार की जरूरतों और आवश्यकताओं से काफी हद तक कटी हुई थी। उन्होंने रेखांकित किया कि 2014 के बाद कौशल प्रशिक्षण और व्यावसायिक कौशल की ओर किए गए निर्णायक बदलाव ने उद्योगों को एक अत्यंत सक्षम और रोजगार-तैयार कार्यबल उपलब्ध कराया है।

छत्तीसगढ़ के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्रधानमंत्री के दूरदर्शी आर्थिक दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे इस योजना ने श्रम क्षेत्र को औपचारिक रूप देने और कमजोर वर्ग के श्रमिकों को एक विश्वसनीय सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने में सफलता हासिल की है। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने शुरुआती स्तर पर ही इस योजना के क्रियान्वयन में शानदार सफलता और अनुपालन प्रदर्शित किया है।

रायपुर में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम देश भर में एक साथ 200 स्थानों पर चलाए जा रहे समन्वित राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा था, जिसमें राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों सहित करीब 70,000 शीर्ष स्तर के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और दूरदर्शन के माध्यम से विज्ञान भवन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण इन सभी केंद्रों पर किया गया। भारत सरकार की यह प्रमुख रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन योजना कुल 99,446 करोड़ के भारी-भरकम बजट के साथ दो साल की अवधि में देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां पैदा करने के बड़े लक्ष्य पर काम कर रही है।

संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन, आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख से अधिक की राहत सहायता

संकट की घड़ी में सहारा बना प्रशासन, आंधी-तूफान प्रभावित 474 परिवारों को 69 लाख से अधिक की राहत सहायता

 00 त्वरित कार्रवाई से संभले हालात, क्षतिग्रस्त मकानों और सार्वजनिक संपत्तियों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू
रायपुर।
प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं से प्रभावित नागरिकों को राज्य आपदा मोचन निधि के तहत तत्काल अनुग्रह राशि और राहत सामग्री प्रदान की जाती है। जनहानि, गंभीर चोट, और घर या संपत्ति के नुकसान की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार सुकमा जिले में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की घटना के बाद जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन में प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए गए।
प्रभावित परिवारों तक पहुंची त्वरित राहत
राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत आपदा प्रभावित नागरिकों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिले के 474 प्रभावित हितग्राहियों को कुल 69 लाख 32 हजार 700 रुपये की राहत राशि वितरित की गई। सबसे अधिक प्रभावित तोंगपाल क्षेत्र के परिवारों को प्राथमिकता देते हुए लगभग 36 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली।
पीडि़त परिवारों के साथ खड़ा रहा प्रशासन
आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार भ्रमण कर प्रभावित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया। जनहानि और पशुधन हानि से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत और सहायता से वंचित न रहे। प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में शासन और प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण की दिशा में पहल
आंधी-तूफान से जिले में 1,407 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन द्वारा क्षति का सर्वेक्षण कर पुनर्निर्माण और मरम्मत की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इसके साथ ही लगभग 2.5 करोड़ रुपये मूल्य की क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्तियों के सुधार और बहाली के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
तेजी से सामान्य हो रहा जनजीवन
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, सतत निगरानी और मानवीय दृष्टिकोण के कारण प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि आपदा की कठिन घड़ी में संवेदनशील शासन और त्वरित राहत व्यवस्था लोगों के लिए भरोसे और संबल का मजबूत आधार बन सकती है।

मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

मोदी सरकार के 12 वर्षों में रोजगार, गरीब कल्याण और अर्थव्यवस्था को मिली नई मजबूती: उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन

 विकसित भारत रोजगार योजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित, युवाओं और नियोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ

रायपुर-- प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार सृजन, गरीब कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रधानमंत्री के 12 वर्षों के कार्यकाल में भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। यह बात प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में कही।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका सीधा प्रसारण रायपुर स्थित एम्स ऑडिटोरियम में देखा गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
रोजगार सृजन को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आज 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। योजना के माध्यम से अब तक 15 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय राज्य मंत्री सुश्री शोभा करांदलाजे भी उपस्थित रहीं। योजना के अंतर्गत पहली बार नौकरी प्राप्त करने वाले युवाओं को एक माह के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रत्येक नई नियुक्ति पर अधिकतम 3,000 रुपये प्रतिमाह तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी, जिससे उद्योगों और संस्थानों में भर्ती को बढ़ावा मिलेगा।
श्रम मंत्री  देवांगन ने कहा कि 99 हजार 446 करोड़ रुपये के कुल व्यय वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का लक्ष्य अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार का सृजन करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ ऐसे लाभार्थी होंगे, जिन्हें पहली बार औपचारिक रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में श्रम एवं रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
मंत्री  देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति को उद्योग जगत का व्यापक समर्थन मिला है और इसके परिणामस्वरूप अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इससे प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में रोजगार, गरीबी उन्मूलन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति में युवाओं को बेहतर रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री  मोदी लगातार नवाचार आधारित योजनाएं लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनआईटी, आईआईटी, आईआईएम और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं। उद्योग विभाग को इन संस्थानों के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करनी चाहिए। नगरनार और बैलाडीला जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रशिक्षित युवाओं के लिए व्यापक रोजगार संभावनाएं उपलब्ध हैं।

कार्यक्रम में कर्मचारी भविष्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय के प्रमुख  जयवर्धन इंगले ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित अतिथियों ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली से प्रसारित प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी सुना।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया स्थल निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया स्थल निरीक्षण

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्रीअरुण साव ने आज अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान पुसौर विकासखंड के ग्राम लोहरसिंग में बन रहे इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के स्थल का निरीक्षण किया। वहां कुछ दिनों पहले ही इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टॉफ-रूम एवं पहुंच मार्ग का काम शुरू हुआ है।  साव ने कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।

रायगढ़ में 91 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 34 एकड़ में इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। यहां फुटबॉल, एथलेटिक्स, इनडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, हॉकी और तीरंदाजी सहित 18 खेलों की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यस्थल के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन के अनुसार समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य संपादित करने के निर्देश दिए।

 साव ने रायगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की सहायक संचालक प्रतिमा सागर को जिले में खेल संघों का गठन कर इनके माध्यम से खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने समय-समय पर इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले रायगढ़ जिले के खिलाड़ियों को विशेष रूप से सहयोग प्रदान करने के भी निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह आधुनिक खेल परिसर रायगढ़ और पूरे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य ऐसा विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना विकसित करना है, जहां राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं हो सके। यह सर्वसुविधायुक्त इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जिले में खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगा। कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, रायगढ़ नगर निगम के आयुक्त  बृजेश सिंह छत्री और लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  अमित कश्यप भी निर्माणाधीन इंटिग्रेटेड स्पोर्ट्स स्टेडियम के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।

स्वस्थ बच्चे ही देश का मजबूत भविष्य- राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

स्वस्थ बच्चे ही देश का मजबूत भविष्य- राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर: बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। राज्य के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने शुक्रवार को नगर भवन बलौदाबाजार में आयोजित कार्यक्रम में सुपोषित बचपन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं बच्चों को पौष्टिक लड्डू खिलाकर उन्हें कुपोषण से लड़ने और मजबूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया।


​ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने जिला प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए एक बेहद सकारात्मक सोच के साथ इस अभियान की शुरुआत हुई है। यदि हमारे बच्चे स्वस्थ रहेंगे, तभी देश का भविष्य भी मजबूत होगा। इस विशेष पौष्टिक लड्डू में कई तरह के उच्च पोषक तत्व शामिल हैं, जो बच्चों के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार लाएंगे। ​मंत्री  वर्मा ने माता-पिता की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ मानसिक विकास के लिए अच्छे संस्कार देना भी जरूरी है। उन्होंने माताओं से अपील की कि वे बच्चों को प्रेम के साथ अनुशासन भी सिखाएं और उन्हें देश का एक अच्छा नागरिक बनाएं।

कुपोषण के खिलाफ बलौदाबाजार की बड़ी पहल-सुपोषित बचपन अभियान का शंखनाद

​कलेक्टर ने कार्यक्रम में अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने कहा कि जिले के 1626 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1500 केंद्रों के लगभग 9000 बच्चे गंभीर एवं मध्यम कुपोषित चिन्हित किए गए हैं। इन सभी बच्चों को आगामी 6 माह के भीतर सुपोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के तहत इन बच्चों को सप्ताह में 6 दिन, प्रतिदिन सुबह 10 बजे आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका द्वारा एक-एक पौष्टिक लड्डू खिलाया जाएगा। इन लड्डुओं का निर्माण स्थानीय स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया जाएगा। इसमें गेहूं, बेसन, रागी, मुनगा (सहजन) पाउडर, गुड़, तिल और मूंगफली जैसे उच्च पौष्टिक पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। केवल लड्डू खिलाना ही काफी नहीं है, इसलिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका प्रतिदिन बच्चों के घर जाकर माता-पिता को सही देख-रेख और समय पर पोषण देने के प्रति जागरूक करेंगी।​

कुपोषण के खिलाफ बलौदाबाजार की बड़ी पहल-सुपोषित बचपन अभियान का शंखनाद

कलेक्टर ने बताया कि अभियान के तहत जिले के सभी 1200 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की विशेष देखभाल के तहत ​चिरायु टीम द्वारा सभी 1200 बच्चों का विशेष कार्ड बनाया जाएगा। ​सबसे पहले प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इनका गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां दी जाएंगी। इसके बाद आवश्यकतानुसार बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाएगा। इसके लिए 15-15 दिनों की रोटेशन लिस्ट तैयार की गई है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, बड़ी संख्या में माताएं और बच्चे उपस्थित थे।

टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से की चर्चा….

टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों एवं मुख्य सचिवों से की चर्चा….

 रायपुर: केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये नई दिल्ली से देश के सभी राज्यों के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रियों से टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर व्यापक चर्चा की। छत्तीसगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंस से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने भाग लिया और उन्होंने टीबी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में तेजी से कई गांव एवं ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हुए है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव  विकासशील भी छत्तीसगढ़ से शामिल हुए। वीडियो कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के मुख्य सचिव भी शामिल हुए।
 नड्डा ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के लिए हम सभी केन्द्र एवं राज्यों की सरकारें आपसी समन्वय से कार्य कर रहे है।

टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को सभी के सहयोग से पूरा कर लिया जाएगा। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने टीबी के मरीजों की तेजी से पहचान करने, इलाज में नियमिता, हाई रिस्क वाले क्षेत्रों में मरीजों की जांच एवं ईलाज तथा त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना जरूरी है। इसी तरह से जनप्रतिनिधियों के सहयोग एवं जनसहभागिता से कार्य करने पर बल दिया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अधिकारी भी शामिल हुए।

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष की अमर गाथा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा का जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा के संघर्ष की अमर गाथा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 150वीं जयंती वर्ष पर डोंडराही में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण

बिरसा मुंडा चौक के रूप में मिलेगी नई पहचान, विभिन्न विकास कार्यों के लिए 37 लाख रुपये की घोषणा

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा के ग्राम डोंडराही में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यह स्थल अब “बिरसा मुंडा चौक” के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन अन्याय, शोषण और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने जनजातीय अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन आज भी जनजातीय समाज सहित पूरे देश को अपने अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लेकर जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्र के विकास एवं सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु कुल 37 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने बैगाटोली कर्मा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपये, कुदमुरा नांदो टोली में रंगमंच निर्माण हेतु 8 लाख रुपये, कुदमुरा पतराटोली (डिबा टोली) में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये तथा केशव घर के समीप स्थित हनुमान मंदिर परिसर में मंच निर्माण के लिए 7 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा की।

जनजातीय विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 6,661 गांव इस योजना में शामिल हैं, जहां सड़क, पेयजल, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचना जनजातीय समाज के सम्मान और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने जशपुर को जनजातीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए कहा कि यहां स्थित अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों के भीतर पूरा किया है। सरकार गठन के 24 घंटे के भीतर 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिया जा रहा है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी की जा रही है। किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस भी प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा दर्शन योजनाओं से हजारों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

डिजिटल सेवाओं और जनसुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 6,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ हो चुके हैं, जहां आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भविष्य में प्रत्येक पंचायत में यह सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है, जिसमें शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की सतत निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए संचालित मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की जानकारी देते हुए कहा कि बकाया बिजली बिलों पर अधिभार पूरी तरह माफ किया जा रहा है। 

कार्यक्रम में अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय महामंत्री  योगेश बापट ने भी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष  शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष  यशप्रताप सिंह जूदेव, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जैविक खेती कार्यशाला में होंगे शामिल, कुनकुरी में विकास कार्यों की देंगे सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जैविक खेती कार्यशाला में होंगे शामिल, कुनकुरी में विकास कार्यों की देंगे सौगात

 20 जून को कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कुनकुरी में होगा आयोजन

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 20 जून को जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र में आयोजित जैविक खेती कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर वे क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे।

जिला प्रशासन जशपुर द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शनिवार, 20 जून को प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करना तथा कृषि क्षेत्र में नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी, सांसद  राधेश्याम राठिया, विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्षसालिक साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, अत्यावसायी राज्य सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष  सुरेन्द्र कुमार बेसरा, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं नगरीय निकायों के पदाधिकारियों, पत्रकारों तथा नागरिकों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। कार्यक्रम के दौरान जैविक खेती से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन भी दिया जाएगा तथा किसानों को आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर सुविधा के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मंत्री टंकराम वर्मा 

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर सुविधा के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मंत्री टंकराम वर्मा 

 रायपुर: शैक्षणिक सत्र 2026-27अंतर्गत शुक्रवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन बलौदाबाजार स्थित जिला ऑडिटोरियम में किया गया। मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा सहित विशिष्ट अतिथियों के द्वारा माँ सरस्वती एवं भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नवप्रवेशी छात्रों क़ो तिलक लगाकर व मुंह मीठा कर अभिनन्दन किया गया। साथ ही छात्रों को शिक्षण सामग्री एवं सरस्वती सायकल योजना अंतर्गत छात्राओं को सायकल वितरण किया गया। इस अवसर पर मिशन उत्कर्ष 2027 का भी शुभारम्भ किया गया।

मंत्री  वर्मा ने सभी नवप्रवेशी बच्चों क़ो शुभकामनायें देते हुए कहा कि बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह हमेशा बने रहना चाहिए। गुणात्मक शिक्षा एवं स्कूलों में बेहतर सुविधाओं के लिये हमारी सरकार प्रतिबद्ध हैं। जिले में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिये डीएमएफ से राशि स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया हैं जिससे 400 से अधिक शिक्षकों को मानदेय के आधार पर रखा जाएगा। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा क़ि निष्ठा और लगन के साथ मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। कठिनाई और बधाओं से घबराना नहीं हैं बल्कि उसका डट कर मुकबला करना है और जीवन में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ अच्छे संगत भी महत्वपूर्ण है। यदि हमारी संगति अच्छे लोगों से नहीं होगी तो हम भी उसके संगत में रहकर उसी तरह बन जाएंगे।

’जिला ऑडिटोरियम में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन’

कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा क़ि शाला प्रवेश उत्सव हर वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है ताकि नवप्रवेशी बच्चों को बेहतर वातावरण मिल सके। शाला प्रवेश उत्सव पूरे जिले में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया क़ि जिला प्रशासन द्वारा गुणात्मक शिक्षा एवं 10 व 12 वी कक्षा में बेहतर परिणाम के लिये मिशन उत्कर्ष 2027 की शुरआत किया गया हैं। इसके अंतर्गत जिले के उत्कृष्ट व्याख्याताओं का विषयवार टीम बनाया गया हैं जो जिन स्कूलों में किसी बिषय के शिक्षक नहीं होने पर ऑनलाइन क्लास लेंगे। इसके साथ ही मॉडल प्रश्न पत्र  तैयार कर हर माह बच्चों का टेस्ट लिया जाएगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पुलिस अधीक्षक ओ.पी.शर्मा, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल, चित्ररेखा साहु, डीईओ संदीप शर्मा, डीएमसी नरेंद्र वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।

अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रेत भरे 10 हाइवा जब्त जब्त

अवैध रेत परिवहन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, रेत भरे 10 हाइवा जब्त जब्त

 रायपुर।अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर बलौदाबाजार जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त टीम द्वारा औचक निरीक्षण व छापमारी की कार्यवाही भी लगातार की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार शुक्रवार को राज़स्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा अवैध रेत परिवहन करते 10 हाइवा को  जब्त किया गया।

एसडीएम सिमगा ने बताया क़ि शुक्रवार को प्रातः 6 बजे सिमगा के जायसवाल फैमिली ढाबा के पास राजस्य एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान हाइवा वाहन क्रमांक CG09JT3532, CGO9JQ9614,  CGOJJC8879, CG2591429,CG25G 7400, CG0O9JT 9184, CG25N2896,CG25P9074, CGO9JT9614, CGO9J50181 एवं CG09JS6362 में रेत परिवहन करते पाया गया।उक्त वाहनों को रोककर परिवहन पास मांग किये जाने पर वाहन क्रमांक GGO9JS 6362 के द्वारा परिवहन पाल प्रस्तुत किया गया एवं शेष 10 वाहन चालकों द्वारा परिवहन पास सबंधी कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया।वाहन चालक वाहन का चाबी निकालकर मौके से फरार हो गये। टीम द्वारा पंचनामा तैयार कर आगे की कार्यवाही की जा रही है।

किसानों को राहत: एमएसपी पर चना, मसूर और सरसों बेचने के लिए मिली 15 दिन अतिरिक्त मोहलत

किसानों को राहत: एमएसपी पर चना, मसूर और सरसों बेचने के लिए मिली 15 दिन अतिरिक्त मोहलत

 रायपुर: किसानों के हित में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए चना, मसूर और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की अवधि 15 दिन बढ़ा दी है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम में लिया गया यह निर्णय किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह फैसला केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के कृषि मंत्रियों की उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में लिया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से कृषि मंत्री रामविचार नेताम, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और कृषि संचालक राहुल देव शामिल हुए।

अब किसानों को मिलेगा ज्यादा समय

बैठक में तय किया गया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान किसानों को चना, मसूर और सरसों की उपज समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए 15 दिन अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इससे वे बाजार में कम कीमत मिलने की स्थिति से बच सकेंगे और डैच् का पूरा लाभ उठा सकेंगे।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने प्रदेश के किसानों से बढ़ाई गई अवधि का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी निकटतम सहकारी समिति में जाकर चना, मसूर और सरसों का विक्रय करें, ताकि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य का लाभ मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को किसी प्रकार की जानकारी या सहायता की आवश्यकता होने पर वे समिति प्रबंधक, कृषि विभाग के मैदानी अमले अथवा संबंधित जिले के उप संचालक कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

केंद्र सरकार का यह निर्णय किसानों की आय में वृद्धि और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे उन किसानों को विशेष राहत मिलेगी, जो तय समय सीमा के भीतर अपनी उपज का विक्रय नहीं कर पाए थे।

किसान हीरा सिंह ने रासायनिक खाद छोड़ अपनाया नैनो यूरिया और डीएपी,सुधरी मिट्टी की सेहत और बढ़ा उत्पादन

किसान हीरा सिंह ने रासायनिक खाद छोड़ अपनाया नैनो यूरिया और डीएपी,सुधरी मिट्टी की सेहत और बढ़ा उत्पादन

 रायपुर :- बलौदाबाजार भाटापारा जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुडेलिया के प्रगतिशील किसान हीरा सिंग ध्रुव क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक नई मिसाल बनकर उभरे हैं। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए उन्होंने पिछले वर्ष से अपने खेतों में रासायनिक खाद की जगह नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग शुरू किया । नैनो उर्वरकों के उपयोग से हीरा सिंग ध्रुव के खेतों में फसल का उत्पादन न केवल शानदार रहा, बल्कि फसलों की गुणवत्ता में भी भारी सुधार देखने को मिला है।

हीरा सिंग ध्रुव बताते हैं कि यह अत्याधुनिक नैनो उर्वरक न केवल बाजार में मिलने वाली रासायनिक बोरियों वाली खाद की तुलना में बेहद सस्ते हैं, बल्कि इनका परिवहन और खेतों में छिड़काव करना भी बहुत आसान है। इससे खेती की लागत में भारी कमी आई है और समय व मेहनत की भी बचत हुई है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इन लिक्विड उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उनकी जमीन की सेहत सुधरी है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 

इस बेहतरीन परिणाम से उत्साहित होकर किसान हीरा सिंग ध्रुव ने जिले और प्रदेश के सभी किसान भाइयों से विशेष अपील की है कि वे भी रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग को छोड़कर नैनो यूरिया और नैनो डीएपी को अनिवार्य रूप से अपनाएं, ताकि कम लागत में बेहतर मुनाफा कमाया जा सके और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को भी सुरक्षित रखा जा सके।

ब्रेकिंग : बहन के लिए मोमोज लेने गए थे 2 भाई, रास्ते में हो गई मौत, ऐसे हुए हादसे के शिकार

ब्रेकिंग : बहन के लिए मोमोज लेने गए थे 2 भाई, रास्ते में हो गई मौत, ऐसे हुए हादसे के शिकार

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर में सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बहन के लिए मोमोज लेकर लौट रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। बिलासपुर-कटघोरा नेशनल हाईवे पर कोयले से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर नाली निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में जा घुसा और पलट गया।

हादसे के दौरान बाइक सवार दोनों भाई ट्रेलर की चपेट में आ गए और उसके नीचे दब गए, हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया NHAI के विरोध के बाद नाली निर्माण का काम तो रोक दिया गया था, लेकिन खोदे गए गड्ढे की फिलिंग नहीं की गई। इसी लापरवाही ने दो भाइयों की जान ले ली। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के अनुसार बेलतरा निवासी संदीप रजक (23) और उसका छोटा भाई प्रदीप रजक (16) ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे। संदीप ट्रेलर ड्राइवर था, प्रदीप मैकेनिक का काम करता था। दोनों अपने परिवार के साथ बेलतरा के पास स्थित बेलपारा गांव में रहते थे।

बस स्टैंड के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने नेशनल हाईवे किनारे नाली निर्माण के लिए करीब 4 महीने पहले खोदाई की गई थी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया, लेकिन खुदाई वाला हिस्सा और निर्माण सामग्री सड़क किनारे ही पड़ी रही। बिलासपुर की ओर तेज रफ्तार से जा रहा कोयले से लदा ट्रेलर गड्ढा के पास पहुंचते ही ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और ट्रेलर पलट गया। उसी दौरान वहां से गुजर रहे बाइक सवार दोनों भाई चपेट में आ गए। ट्रेलर के नीचे दबने से दोनों भाइयों की जान चली गई।

रिश्तेदारों के अनुसार दोनों भाई काम खत्म करने के बाद होटल गए थे। वहां से अपनी बहन के लिए मोमोज लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रेलर को हटाकर दोनों शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

CG – स्कूली छात्र की हत्या : साथी ने चाकू मारकर उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

CG – स्कूली छात्र की हत्या : साथी ने चाकू मारकर उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तिल्दा थाना क्षेत्र से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां स्कूली छात्रों के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक छात्र ने दूसरे की चाकू मारकर हत्या कर दी है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, सासाहोली गांव के स्कूल में दोनों छात्रों के बीच किसी बात को लेकर मामूली कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मृतक छात्र ने अचानक चाकू से आरोपी छात्र पर हमला कर दिया। इस हमले में आरोपी छात्र घायल हो गया, लेकिन उसने उसके हाथ से चाकू छीन लिया।

इसके बाद आरोपी छात्र ने उसी चाकू से उसपर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

आरोपी छात्र भी चाकू लगने से घायल हुआ है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही तिल्दा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

दो साल बाद बेटे से मिली मां : समझाइश रंग लाई तो आंसुओं के साथ हुई घर वापसी

दो साल बाद बेटे से मिली मां : समझाइश रंग लाई तो आंसुओं के साथ हुई घर वापसी

 रायपुर। कभी परिवार की कलह से आहत होकर घर छोडऩे वाली 70 वर्षीय लच्छनी बाई ने शायद यह उम्मीद भी छोड़ दी थी कि एक दिन उनके बेटे उन्हें फिर अपने साथ घर ले जाएंगे, लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की पहल ने बिछड़े रिश्तों को फिर से जोड़ दिया। करीब दो वर्ष बाद बेटे को सामने देखकर वृद्ध मां की आंखें भर आईं और परिवार भी भावुक हो उठा।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के 'करूणाÓ एवं वरिष्ठ नागरिक अधिकार सशक्तिकरण अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद जिले की प्रभारी सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री चेतना ठाकुर ने आशियाना वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर के दौरान वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों से संवाद किया। बातचीत के दौरान ग्राम सेवईया (थाना पिथौरा) निवासी लच्छनी बाई ने अपने परिवार से बिछडऩे की कहानी सुनाई। लच्छनी बाई ने बताया कि परिवार में तीन बेटों के बीच लगातार विवाद और तनाव के कारण उन्होंने स्वयं घर छोडऩे का निर्णय लिया था। भटकते-भटकते उन्हें आशियाना वृद्धाश्रम का सहारा मिला, जहां वह पिछले दो से तीन वर्षों से रह रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी सचिव सुश्री चेतना ठाकुर ने अधिकार मित्र जितेंद्र पटेल के माध्यम से लच्छनी बाई के परिजनों का पता लगवाया और उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय बुलाया। वहां उन्होंने बेटों और पुत्रवधुओं को मां के प्रति अपने दायित्वों का एहसास कराया तथा उन्हें सम्मान, स्नेह और संवेदनशील व्यवहार के साथ घर ले जाकर देखभाल करने की समझाइश दी। 
इस समझाइश का असर हुआ और लच्छनी बाई के बेटे तथा पुत्रवधु उन्हें अपने साथ घर ले जाने के लिए सहमत हो गए। वर्षों बाद मां और बेटे के मिलन का भावुक दृश्य वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम कर गया। इस अवसर पर ठाकुर राम दीवान, अधिकार मित्र हरिचंद साहू, आशियाना वृद्धाश्रम की रूचि ठाकुर, भूमिका ध्रुव, साध्या तांडी तथा लीगल एड डिफेंस के कर्मचारी खेलसिंह पटेल भी उपस्थित रहे।