रायपुर :- साहित्यिक सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आज राजभवन (लोक भवन) में लेखिका पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन माननीय राज्यपाल महोदय रमेन डेका जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।
रायपुर। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से दो हेरोइन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8.75 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलौदाबाजार निवासी ऋषि साहू और भिलाई निवासी हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों संदिग्ध गतिविधियों के दौरान अंतर्राज्यीय बस स्टैंड क्षेत्र में पकड़े गए। तलाशी लेने पर उनके पास से हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
प्रारंभिक जांच में पुलिस आरोपियों के नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क और हेरोइन की सप्लाई चेन के संबंध में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।
यह पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। ANTF की इस कार्रवाई को राजधानी में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।
रायगढ़। जिले से किसान द्वारा आत्महत्या की कोशिश का मामला सामने आया है। जहां केलो परियोजना के तहत खेत के बीच से नहर बनाने से नाराज एक किसान ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की है। किसान की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। पूरा मामला रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम लिंजीर का है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम लिंजीर निवासी रविशंकर गुप्ता अपनी कृषि भूमि के बीच से प्रस्तावित नहर निर्माण का विरोध कर रहे थे। प्रशासनिक अमला और पुलिस बल नहर निर्माण कार्य के लिए मौके पर पहुंचा था। महिला तहसीलदार की मौजूदगी में निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी, जिसका किसान ने विरोध किया।
परिजनों के मुताबिक, रविशंकर गुप्ता का कहना था कि नहर को उनकी खेती योग्य जमीन के बजाय पास स्थित शासकीय भूमि से निकाला जाए। उनका आरोप है कि केलो परियोजना के लिए पहले ही उनकी 7 से 8 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है, जिसके कारण वे और जमीन देने को तैयार नहीं थे। इसी बीच प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रुकने से आक्रोशित किसान ने जहर खा लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर अवस्था में किसान को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।
किसान के परिजनों ने तहसीलदार और पुलिस पर दबाव बनाकर जमीन खाली कराने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन की ओर से मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
रायपुर। राज्य शासन ने बिलासपुर में कोनी (सेंदरी)-मोपका बायपास सड़क के लिए 75 करोड़ 73 लाख रुपए की निविदा को मंजूरी दे दी है। इस राशि से 13.40 किलोमीटर फोरलेन सीमेंट क्रांकीट सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर संभाग क्रमांक-1 के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित समयावधि में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मापदंडों के अनुरूप सड़क का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा है।
लोक निर्माण विभाग ने कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्य का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्य किसी अन्य को सब-लेट नहीं किया जाएगा तथा कार्य संपादन के लिए पावर-ऑफ-अटॉर्नी मान्य नहीं होगी। राज्य शासन ने अनुबंध से पहले ठेकेदार से एपीएस (अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी) की राशि का एफडीआर प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।
00 464 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा होगी सुदृढ़, किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ
रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान स्थित बृजेश्वर सागर जलाशय योजना के नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 13 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा तथा किसानों को बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इस कार्य के पूर्ण होने पर 464 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिंचाई संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। बृजेश्वर सागर जलाशय के नवीनीकरण से भैयाथान क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। यह परियोजना क्षेत्र में जल संरक्षण एवं कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। साथ ही परियोजना के रेरा पंजीयन प्राप्त होने तक किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय एवं विक्रय संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण द्वारा जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित प्रमोटर ने भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3(1) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए परियोजना का रेरा पंजीयन कराए बिना सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्लॉटों की कीमतों तथा परियोजना से संबंधित जानकारी का विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार किया।
रेरा अधिनियम के अनुसार किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का पंजीयन कराए बिना उसका विज्ञापन, विपणन अथवा विक्रय नहीं किया जा सकता। प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीर मानते हुए अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत प्रमोटर पर 10 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। सीजीरेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित परियोजना में रेरा पंजीयन प्राप्त होने तक किसी भी प्रकार की बुकिंग, क्रय-विक्रय अथवा विक्रय संबंधी गतिविधियां संचालित नहीं की जाएंगी।
प्राधिकरण ने पुन: स्पष्ट किया है कि बिना रेरा पंजीयन किसी भी भू-संपदा परियोजना का विज्ञापन, विपणन अथवा विक्रय करना कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीजीरेरा ने आम नागरिकों एवं संभावित गृह क्रेताओं से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पूर्व उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें तथा केवल पंजीकृत परियोजनाओं में ही निवेश करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की वित्तीय या कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।
00 मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा, मछुआरों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के समापन अवसर पर राज्य सरकार की मत्स्य विकास एवं मछुआ कल्याण योजनाओं के तहत सूरजपुर जिले के ओडग़ी विकासखंड स्थित कालामाजन जलाशय में मत्स्य पालन कार्य कर रही आदिवासी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, कालामाजन को राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम (एनएफडीपी) के अंतर्गत प्रमाण पत्र एवं मत्स्य जाल प्रदान किए गए। इस पहल से समिति के सदस्यों को आधुनिक मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने समिति के प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र एवं मत्स्य जाल वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री प्रतिनिधि श्री ठाकुर प्रसाद राजवाड़े ने की। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि राज्य शासन मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास, मछुआरों की आजीविका सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र मछुआ समितियों और हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।
जिला प्रशासन सूरजपुर के मार्गदर्शन में मत्स्य विभाग द्वारा जिले में मत्स्य विकास संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। कालामाजन जलाशय में कार्यरत समिति को मिली इस सहायता से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ सदस्यों की आय और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं आधुनिक मत्स्य पालन को प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कुसुम सिंह, जनपद पंचायत ओडग़ी की अध्यक्ष इन्द्रमणि पैकरा, मंडल अध्यक्ष सत्यनारायण पैकरा सहित जनप्रतिनिधियों, मत्स्य विभाग के अधिकारियों, समिति के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। लाभार्थी समिति के प्रतिनिधियों ने राज्य शासन, जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त संसाधनों से मत्स्य पालन गतिविधियों का विस्तार और बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
रायपुर। जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण, जिला रायपुर द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026-27 का समापन समारोह स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा रायपुर में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में निगम आयुक्त संबित मिश्रा उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान खिलाडिय़ों द्वारा कराते, किक बॉक्सिंग एवं वेटलिफ्टिंग खेलों का आकर्षक एवं रोमांचक प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। खिलाडिय़ों की प्रतिभा, अनुशासन एवं प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में शिविर का प्रतिवेदन पाठ किया गया। प्रतिवेदन में शिविर की अवधि, विभिन्न खेल विधाओं में सहभागिता, खिलाडिय़ों की संख्या तथा प्रशिक्षण से प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
खेल अधिकारी प्रवेश जोशी ने बताया कि 11 मई से 31 मई 2026 तक आयोजित 21 दिवसीय शिविर में 19 खेल विधाओं के कुल 1110 खिलाडिय़ों ने सहभागिता की। शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को खेलों से जोडऩा एवं नियमित खेल गतिविधियों के लिए प्रेरित करना रहा।समापन समारोह में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षकगण, खेल अधिकारी, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
रायपुर। खनिज विभाग द्वारा निरंतर अवैध उत्खनन पर कार्यवाही की जा रही है। खनिज विभाग की टीम ने डुलना, गोबरा नवापारा स्थित निम्न श्रेणी चूनापत्थर खदानों व क्रशर/भंडारण क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर दो क्रशर जप्त किये गये तथा खदान संचालन बंद कराया गया। दर्ज प्रकरणों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के अधीन अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
रायपुर। रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भारतीय रेल देशभर में फायर सेफ्टी ऑडिट कराएगी। इसके तहत स्टेशनों पर मौजूद अग्नि सुरक्षा इंतजामों की जांच की जाएगी और जहां भी सुधार की जरूरत होगी, वहां जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि यात्रियों और रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा को और बेहतर बनाया जा सके।
इस ऑडिट के तहत स्टेशन भवनों, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, फायर फाइटिंग सिस्टम, पानी की उपलब्धता, पंपिंग और स्प्रिंकलर सिस्टम समेत सभी महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेलवे स्टेशन आग जैसी किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हों। ऑडिट के दौरान यह भी जांच की जाएगी कि स्टेशनों पर लागू सभी फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है या नहीं। जहां भी कोई कमी पाई जाएगी, वहां सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जाएंगे।स्टेशनों की जांच के लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें बनाई जाएंगी। आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ एजेंसियों और राज्य फायर विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा। जहां सुधार की जरूरत होगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
भारतीय रेल लगातार रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम कर रही है। फायर सेफ्टी ऑडिट की यह पहल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है,जिससे रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।
रायपुर। राजधानी रायपुर के मौदहापार स्थित जय ऑटोमोबाइल में आज सुबह भीषण आग लग गई है। आग इतनी भयानक थी कि दूर-दूर तक धुएं के गुब्बारे नजर आ रहे थे। वहीं आगजनी की इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिसके बाद सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दमकल की चार से पांच गाड़ियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, रायपुर के मौदहापार इलाके में स्थित जय ऑटोमोबाइल में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया और दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। घटना के बाद स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की चार से पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।बताया गय कि, इस आगजनी में लाखों के रुपए के सामान जलकर खाक हो गए। वहीं दमकल कर्मी लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। हालांकि अब तक आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई। वहीं आग की तीव्रता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र को भी अलर्ट किया गया।
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां पुलगांव थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में एक महिला आरक्षक की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, खुर्सीडीह-बोरई मार्ग पर एक कार और मोटरसाइकिल के बीच टक्कर हो गई।
इस घटना में महिला आरक्षक हेमलता ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बालोद। जिले के डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। जहां गांव में 8 वर्षीय बालिका से कोटवार ने दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 50 वर्षीय आरोपी कोतवाल को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार मासूम बालिका अपनी सहेली के साथ गांव में खेल रही थी। इसी दौरान गांव के कोतवाल ने दोनों बच्चियों को अपने पास बुलाया। आरोपी ने पहले बालिका को चॉकलेट लेने के लिए दुकान भेजा। जब वह वापस लौटी तो उसने उसकी सहेली को किसी सामान के बहाने दुकान भेज दिया।
आरोप है कि सहेली के वहां से जाने के बाद आरोपी ने बालिका को टीवी दिखाने का झांसा दिया और अपने घर ले गया। घर के अंदर आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद बच्ची ने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद डौंडीलोहारा थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है।
बिलासपुर। बिलासपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के 58 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी कर शिक्षा के अधिकार कानून के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में डीईओ ने साफ कहा है, पूर्व में दिए गए निर्देशों और गरीब बच्चों के एडमिशन के दिए गए नामों के बाद भी एडमिशन नहीं दिया गया है। यह सीधेतौर पर केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों की अवहेलना है। अवहेलना और घोर उपेक्षा के चलते क्यों ना स्कूल की मान्यता समाप्त कर दी जाए।
डीईओ ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी करने के साथ ही ऐसे स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है, जिन्होंने गरीब बच्चों केा आरटीई के तहत प्रवेश नहीं दिया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को जारी नोटिस में लिखा है, अधिनियम 2009 अंतर्गत सत्र 2026-27 की प्रथम चरण की लाटरी में चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की उपरोक्त संदर्भित विषयांतर्गत लेख है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार कार्यवाही हेतु समस्त शालाओं को निर्देश जारी कर प्रवेश संबंधी कार्य को लाटरी में चयनित विद्यार्थियों की प्रवेश संबंधी कार्यवाही अपूर्ण है। उक्त कार्य आज दिनांक की स्थिति में भी प्रथम चरण की बरती जा लापरवाही को प्रदर्शित करता है।
डीईओने निर्देशित किया है, पूरी जानकारी अनिवार्यरूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। आगे लिखा है, अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध में आप अपना कारण बताए , आपके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक एवं शाला की मान्यता समाप्त करने संबंधी कार्यवाही किया जावेगा। जिसके लिए संस्था प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे।
धमतरी। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में 01 मई से 10 जून तक जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान एवं समाधान शिविरों का आयोजन किया गया। अभियान के अंतिम दिन आज जिले में दो क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए गए।
इनमें एक शिविर विकासखंड कुरूद के ग्राम बिरेझर तथा दूसरा विकासखंड नगरी के ग्राम संकरा में संपन्न हुआ। सुशासन तिहार के तहत जिले के चारों विकासखंडों धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी की कुल 24 ग्राम पंचायतों को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। शिविरों में ग्रामीण अपनी शिकायत, मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे। प्राप्त आवेदनों का विभागीय अधिकारियों द्वारा परीक्षण कर कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
विकासखंड कुरूद के ग्राम पंचायत बिरेझर में आयोजित क्लस्टर शिविर में ग्राम पंचायत बिरेझर, चटौद, मुल्ले, करगा, हथबंद, दरबा, कोंडापार, कोटगांव, खुरसेंगा, सरबदा एवं मूरा सहित कुल 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर में कुल 575 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 568 मांग संबंधी तथा 7 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल हैं। प्राप्त आवेदनों में से 135 मांगों एवं एक शिकायत का निराकरण मौके पर किया गया, जबकि अन्य आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
जिला पंचायत धमतरी के उपाध्यक्ष गौकरण साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और ऐसे शिविरों से लोगों को अपने गांव के समीप ही विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। साहू ने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव के निकट और समयबद्ध तरीके से किया जाए। सुशासन तिहार इसी उद्देश्य को लेकर आयोजित किया गया है, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।
उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण किया जा रहा है तथा पात्र आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा अपने गांव के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर हितग्राहियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराया जाए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण सामग्री, किट, निःशुल्क चश्मे एवं अन्य लाभकारी सामग्री वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नोनी योजना एवं पोषण कार्यक्रम के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरण, नेत्र परीक्षण एवं निःशुल्क चश्मा वितरण किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन एवं संगठित श्रमिक कार्ड से संबंधित प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
शिविर में जनपद पंचायत कुरूद के कृषि सभापति चंचल चन्द्रशेखर साहू, पूर्व जनपद सदस्य एवं अध्यक्ष डॉ. लोकेश साहू, ग्राम पंचायत बिरेझर की सरपंच नेहा भूपेन्द्र साहू, सचिव चन्द्रप्रकाश साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, सचिवगण, बिहान समूह की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा हितग्राहियों को प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी ली। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण सामग्री, किट, निःशुल्क चश्मे एवं अन्य लाभकारी सामग्री वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नोनी योजना एवं पोषण कार्यक्रम के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरण, नेत्र परीक्षण एवं निःशुल्क चश्मा वितरण किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन एवं संगठित श्रमिक कार्ड से संबंधित प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
बीजापुर। जिला बीजापुर के भोपालपटनम परियोजना अंतर्गत ग्राम मेट्टुपल्ली की बेटी छबीला यालम के जीवन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है। आर्थिक रूप से साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली छबीला के लिए यह योजना न केवल सम्मानजनक विवाह का माध्यम बनी, बल्कि आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव भी साबित हुई।
आर्थिक तंगी के बीच बेटी के विवाह की चिंता- छबीला के पिता बाबू यालम एवं माता सरिता यालम अपनी बेटी को पढ़ा-लिखाकर आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे। लेकिन जैसे-जैसे विवाह का समय नजदीक आया, सीमित आय के कारण विवाह के खर्चों को लेकर परिवार चिंतित रहने लगा। सामाजिक रीति-रिवाजों, भोज और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च परिवार की क्षमता से बाहर प्रतीत हो रहा था।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दिखाई राह- इसी दौरान क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुंतला मट्टी ने परिवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2026 को बीजापुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। जानकारी मिलते ही परिवार ने 25 जनवरी 2026 को आवेदन कर दिया।
सामूहिक विवाह में संपन्न हुआ गरिमामय विवाह- योजना के तहत ग्राम मेट्टुपल्ली निवासी पवन वासम के साथ छबीला यालम का विवाह 10 फरवरी 2026 को बीजापुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में पूर्ण हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। समारोह में वर-वधू और उनके परिवारों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया तथा विवाह की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शासन द्वारा सुनिश्चित की गईं।
50 हजार की सहायता बनी आत्मनिर्भरता की राह- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत छबीला को कुल 50,000 की सहायता प्राप्त हुई, जिसमें 15,000 मूल्य की उपहार सामग्री एवं आयोजन व्यय तथा 35,000 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की गई।
छबीला ने इस राशि का सदुपयोग करते हुए सिलाई मशीन खरीदी और स्वरोजगार की शुरुआत की। आज वे सिलाई कार्य के माध्यम से स्वयं आय अर्जित कर रही हैं। कुछ राशि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर खर्च करने के बाद शेष धनराशि को उन्होंने भविष्य की सुरक्षा के लिए बैंक में जमा कर रखा है।
सामाजिक समरसता और सशक्तिकरण का उदाहरण- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुधार का भी प्रभावी माध्यम बन रही है। सामूहिक विवाह से अनावश्यक खर्च और दहेज जैसी कुरीतियों पर अंकुश लग रहा है, वहीं विभिन्न समुदायों और परिवारों के बीच सामाजिक समरसता एवं भाईचारे को भी बढ़ावा मिल रहा है।
बेटी के सपनों को मिले नए पंख- आज छबीला यालम आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने नव-वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर चुकी हैं। स्वरोजगार के माध्यम से वे आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने उनके परिवार की वर्षों पुरानी चिंता को दूर कर एक सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने छबीला यालम के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत की है, जहां सम्मानजनक विवाह के साथ आत्मनिर्भरता का सपना भी साकार हो रहा है।
रायपुर। भीषण गर्मी और उमस से परेशान छत्तीसगढ़वासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 3 से 4 दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग ने 11 जून से प्रदेशभर में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है। पंजाब से पश्चिम बंगाल तक फैली द्रोणिका, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण और विदर्भ तक फैली अन्य द्रोणिका का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
पिछले 24 घंटों के दौरान अंबिकापुर में सबसे अधिक 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रायगढ़, बलरामपुर, सरगुजा, गरियाबंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कई क्षेत्रों में भी वर्षा हुई। वहीं तापमान की बात करें तो राजनांदगांव 44 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। राजधानी रायपुर में भी 11 जून को आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक के तबादले किए गए है। जारी आदेश के अनुसार 28 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है।
कई जिलों के डीईओ-बीईओ को इधर से उधर किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक एम. जी. सतीश कुमार को रायपुर के डीईओ बनाए गए हैं। वहीं रायपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कसावट और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 28 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, सहायक संचालकों एवं प्राचार्यों को विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।
अवर सचिव छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के अनुसार महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद सहित अनेक जिलों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं। वहीं लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक कार्यालयों तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पदोन्नति और वेतनमान वृद्धि का लाभ देते हुए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश के तहत कुल 83 अधिकारियों को उच्च वेतनमान प्रदान किया गया है। इनमें डिप्टी कलेक्टर स्तर के 43 अधिकारियों को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान तथा संयुक्त कलेक्टर स्तर के 40 अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ दिया गया है। शासन के इस फैसले से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में उत्साह का माहौल है।
43 डिप्टी कलेक्टरों को मिला प्रमोशन
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पहले आदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-12) में कार्यरत 43 अधिकारियों को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) प्रदान किया गया है। इनमें विभिन्न जिलों में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर और विभागीय अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों को उनकी पात्रता तिथि के अनुसार यह लाभ दिया गया है।
प्रमोशन सूची में बिलासपुर की डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, बलौदाबाजार-भाटापारा के अरुण कुमार सोनकर, महासमुंद के आशीष कर्मा, जशपुर के प्रशांत कुमार कुशवाहा, राजनांदगांव के गौतम चंद पाटिल, कोरिया के उमेश कुमार पटेल, गरियाबंद के विशाल कुमार महाराणा, नारायणपुर के सुमित कुमार गर्ग सहित कुल 43 अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
40 अधिकारियों को मिला प्रवर श्रेणी वेतनमान
वहीं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दूसरे आदेश में वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) में कार्यरत 40 अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान (लेवल-14) का लाभ दिया गया है। इनमें संयुक्त कलेक्टर, अवर सचिव, आयुक्त तथा विभिन्न विभागों में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इस सूची में संयुक्त कलेक्टर सिल्ली थॉमस, दिलेराम डाहिरे, स्निग्धा तिवारी, मनीष साहू, अभिषेक दीवान, रवि सिंह और नंद कुमार चौबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को उच्च वेतनमान प्रदान किया गया है।






रायपुर। जिले में 28 जून 2026 को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभा कक्ष में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायत भवनों समेत चिन्हित स्थानों पर पूर्व वर्षों की तरह पोलियो बूथ बनाए जाएं और सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।
बैठक में सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि जिले में कुल 1331 पोलियो बूथ बनाए जाएंगे। प्रत्येक बूथ पर चार टीकाकर्मी तैनात रहेंगे, जो दो टीमों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। इस अभियान के तहत जिले के 3 लाख 45 हजार 373 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान के दिन छूटने वाले बच्चों को दूसरे और तीसरे दिन घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे। जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ तक जरूर लेकर जाएं और उन्हें पोलियो की खुराक दिलाएं।
00 भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की विशेष बैठक में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री
नई दिल्ली-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की विशेष बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है।
साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।
उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया है। शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान में स्थित कुर्रीडीह जलाशय योजना के नवीनीकरण (जीर्णोद्धार) कार्यों के लिए 4 करोड़ 73 लाख 65 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। सरकार के इस कदम से न केवल जलाशय की जल भंडारण क्षमता में सुधार होगा, बल्कि भैयाथान विकासखंड के सैकड़ों किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
340 हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी
इस महत्वाकांक्षी योजना के पुनरुद्धार से क्षेत्र के कृषि परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। विभाग के अनुसार, जलाशय के जीर्णोद्धार और प्रस्तावित कार्यों के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के कुल 340 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई की पुख्ता सुविधा उपलब्ध होगी। इससे स्थानीय किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के दौरान पानी की किल्लत से मुक्ति मिलेगी।
मुख्य अभियंता (अम्बिकापुर) को मिली जिम्मेदारी
योजना के जमीनी क्रियान्वयन को गति देने के लिए जल संसाधन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर मुस्तैदी दिखाई है। इन विकास कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा कराने के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग (अम्बिकापुर) को औपचारिक प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखंड अभनपुर में संचालित अभनपुर उद्वहन सिंचाई योजना के विभिन्न कार्यों के लिए 7 करोड़ 58 लाख 46 हजार रुपए मंजूर की गई है। इस योजना के सुदृढ़ीकरण से अभनपुर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे न केवल रबी और खरीफ की फसलों की पैदावार बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
इस प्रशासनिक स्वीकृति के तहत योजना को सुचारू और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए नए एवं आधुनिक तकनीकी उपकरणों की खरीदी व स्थापना की जाएगी। स्वीकृत राशि से मुख्य रूप से कार्य किए जाएंगे। नए व उच्च क्षमता वाले मोटरपंप और कंट्रोल पैनल की स्थापना, कैपेसिटर और सेट स्टार्टर का आधुनिकीकरण, सुचारू जल प्रवाह के लिए रिफ्लेक्शन वाल्व, स्लूस वाल्वस और स्प्रिंग लोडेड वाल्व की फिटिंग, पानी को खेतों तक कुशलता से पहुंचाने के लिए नई डिलिवरी पाइप सहित अन्य आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था की जाएगी।
योजना के अंतर्गत होने वाले इन सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ और समय सीमा के भीतर पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसके लिए जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना (रायपुर) को विस्तृत प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।
रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं वीणा सिंह को 47वीं वैवाहिक वर्षगांठ की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि प्रभु राम से प्रार्थना है कि आप दोनों सदैव स्वस्थ, सुखी और प्रसन्न रहें तथा प्रभु आपको दीर्घायु, आरोग्य और आनंदमय दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद प्रदान करें।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। उक्त आदेश छत्तीसगढ़ शासन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव जनक प्रसाद पाठक के हस्ताक्षर से जारी हुआ।
जारी आदेश के मुताबिक कुमार, भा.व.से. (1992), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुश्रवण एवं मूल्यांकन) छ.ग., अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त निदेशक, छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
ओ पी यादव, भा.व.से. (1995), मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), छत्तीसगढ़, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन), छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ करता है।
शालिनी रैना, भा.व.से. (2001), अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन राजपत्रित/अराजपत्रित/समन्वय, कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), छत्तीसगढ़, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
माथेश्वरन व्ही. भा.व.से. (2006), प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं योजना) कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन), छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर एवं प्रभारी सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड, नवा रायपुर एवं प्रभारी सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण, नवा रायपुर को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास एवं योजना/बजट लेखा एवं लेखा परीक्षा) कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।





























