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सुरक्षाबलों को सर्चिंग में मिला नक्सल डंप, 2 टिफिन बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

सुरक्षाबलों को सर्चिंग में मिला नक्सल डंप, 2 टिफिन बम सहित भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद

 सुकमा. आज रविवार को सुकमा में जवानों को बड़ी सफलता मिली. सुकमा के कोंटा थाना क्षेत्र के पहाड़ी जंगलों में चलाए गए सर्चिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली उपयोगी सामग्री बरामद की गई, जिसमें कुल 8 किलो वजन के दो टिफिन बम भी शामिल हैं.

जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर ग्राम बेलपोच्चा से गोमपाड़ की ओर जाने वाले मार्ग के समीप घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया गया. रविवार सुबह करीब 11 बजे जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने इलाके में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग की. इसी दौरान टीम को नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखा गया डंप मिला.

सुरक्षा बलों ने डंप से 4 बंडल कोडेक्स वायर, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन, 1 बंडल फ्यूज वायर और 3 बंडल बिजली वायर बरामद किए. इसके अलावा वायर रहित अवस्था में दो टिफिन बम मिले, जिनमें एक का वजन 5 किलो और दूसरे का 3 किलो, यानी कुल 8 किलो है. दोनों बम को बीडीएस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया. दो स्टील टिफिन, दो प्लास्टिक डस्टबिन, एक बैटरी और अन्य नक्सली उपयोगी सामग्री भी बरामद की गई है.

CG: गणेश उत्सव में इस बार नहीं बजेगा DJ! झांकी और मूर्ति की ऊंचाई को लेकर प्रशासन ने तय किए नए नियम

CG: गणेश उत्सव में इस बार नहीं बजेगा DJ! झांकी और मूर्ति की ऊंचाई को लेकर प्रशासन ने तय किए नए नियम

 Ganesh Utsav 2026: भिलाई में गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने दुर्ग पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डीआईजी विजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले के 50 से अधिक बड़े और मध्यम गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों की बैठक लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एएसपी शोभराज अग्रवाल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर, सीएसपी भिलाई नगर निशांत पाठक और सीएसपी छावनी प्रशांत सिंह पैकरा मौजूद रहे।

प्रवेश-निकास पर कैमरे रात में दो सदस्य रहेंगे

पुलिस ने पंडालों में प्रवेश-निकास, मुख्य मूर्ति स्थल और पार्किंग क्षेत्र में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने कहा है। रात में पंडाल की सुरक्षा के लिए समिति के कम से कम दो सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतार व प्रवेश-निकास व्यवस्था के साथ पर्याप्त वॉलेंटियर और सुरक्षा गार्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।

रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर पर रोक

सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन पर उपकरण जब्त करने के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पंडाल और विसर्जन झांकी में नशे का सेवन तथा जबरन चंदा वसूली पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

केवल धार्मिक गीतों की अनुमति

विसर्जन झांकी निर्धारित मार्ग से ही निकालनी होगी। प्रत्येक झांकी में अधिकतम तीन वाहन—गणेश वाहन, झांकी वाहन और जनरेटर-डीजे वाहन—की अनुमति होगी। झांकी की अधिकतम ऊंचाई 15 फीट और प्रत्येक झांकी में कम से कम आठ वॉलेंटियर रखना अनिवार्य होगा। विसर्जन के दौरान तलवार, भाला, डंडा या अन्य हथियार रखने पर रोक रहेगी। झांकियों में केवल धार्मिक गीतों की अनुमति होगी।

सडक़ रोककर पार्किंग या वसूली नहीं

पंडाल और पार्किंग के लिए सडक़ अथवा आवागमन मार्ग बाधित नहीं करने तथा पहले से पार्किंग स्थल चिह्नित करने कहा गया है। अनधिकृत पार्किंग शुल्क वसूली मिलने पर कार्रवाई होगी। झूले, मनोरंजन उपकरण और तकनीकी मशीनरी लगाने से पहले संबंधित विभाग से तकनीकी प्रमाण-पत्र लेना होगा। पंडालों में फायर, सुरक्षा और इलेक्ट्रिसिटी ऑडिट कराने के साथ अग्निशमन उपकरण, रेत और पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए।

छत्तीसगढ़ सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत! दिल्ली-मुंबई समेत 66 बड़े अस्पतालों में करा सकेंगे इलाज, जानें नियम

छत्तीसगढ़ सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत! दिल्ली-मुंबई समेत 66 बड़े अस्पतालों में करा सकेंगे इलाज, जानें नियम

 CG Government Employees: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिजनों के इलाज के लिए अधिमान्य निजी अस्पतालों की नई सूची जारी की है। इसके तहत कर्मचारी अब दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद समेत दूसरे राज्यों के 66 बड़े निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। सूची में देश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों को शामिल किया गया है। हालांकि, प्रदेश में पदस्थ कर्मचारियों को इन अस्पतालों में इलाज के लिए रेफरल लेटर लेना अनिवार्य होगा। 

मेदांता से अपोलो तक कई बड़े अस्पताल शामिल

अधिमान्य अस्पतालों की सूची में मेदांता, सर गंगाराम अस्पताल, शेल्बी, जसलोक, सीएमसी, कोकिलाबेन, शंकर नेत्रालय और अपोलो जैसे प्रमुख अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में गंभीर और जटिल बीमारियों के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। दूसरे राज्यों में इलाज कराने की सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई कर्मचारी बेहतर और एडवांस उपचार के लिए देश के बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करते हैं।

प्रदेश के कर्मचारियों के लिए रेफरल जरूरी

छत्तीसगढ़ में पदस्थ सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिजनों को अधिमान्य अस्पतालों में इलाज कराने के लिए रेफरल लेटर लेना होगा। वहीं, दिल्ली में सेवा दे रहे कर्मचारियों को वहां के अधिमान्य अस्पतालों में इलाज के लिए सीधे जाने की सुविधा होगी।

2024 में सीमित अस्पतालों को लेकर उठे थे सवाल

इससे पहले वर्ष 2024 में इलाज के लिए महज कुछ अस्पतालों को अधिमान्यता दिए जाने पर अधिकारी-कर्मचारियों ने सवाल उठाए थे। सीमित विकल्प होने के कारण कर्मचारियों को अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने में परेशानी होती थी। नई सूची में 66 बड़े निजी अस्पताल शामिल किए जाने से कर्मचारियों के पास इलाज के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।

प्रदेश में 100 से ज्यादा अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा

सरकारी कर्मचारियों के लिए केवल दूसरे राज्यों के अधिमान्य अस्पताल ही विकल्प नहीं हैं। प्रदेश के 100 से ज्यादा अस्पतालों में भी वे नियमानुसार इलाज करा सकते हैं। हालांकि, गंभीर या जटिल बीमारी की स्थिति में कई कर्मचारी बेहतर विशेषज्ञता और आधुनिक सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों को प्राथमिकता देते हैं।

पहले करना होगा इलाज का भुगतान

अधिमान्य अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था कैशलेस नहीं है। कर्मचारी को पहले अस्पताल में इलाज का खर्च स्वयं वहन करना होगा। इलाज पूरा होने के बाद अस्पताल से मिले बिल के आधार पर राशि के रिअंबर्समेंट की प्रक्रिया होगी।

मेडिकल बिल पास होने के बाद खाते में आएगी राशि

बड़े मेडिकल बिलों को चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत किया जाता है। इलाज से जुड़े दस्तावेज और बिलों की जांच के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। बिल स्वीकृत होने के बाद इलाज में खर्च हुई निर्धारित राशि कर्मचारी के बैंक खाते में जमा कराई जाती है।

एडवांस इलाज के लिए बढ़ेंगे विकल्प

नई अधिमान्य अस्पताल सूची का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और उनके परिजनों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए देश के प्रमुख निजी अस्पतालों तक पहुंच उपलब्ध कराना है। 66 अस्पतालों को सूची में शामिल किए जाने से कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिल सकेंगे।

आज BJP किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे शामिल

आज BJP किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति बैठक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे शामिल

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ की एक दिवसीय महत्वपूर्ण प्रदेश कार्यसमिति बैठक आगामी 31 अगस्त को रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ में आयोजित की जा रही है। यह बैठक सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक विभिन्न सत्रों में संपन्न होगी।

​कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। दिनभर चलने वाले विभिन्न संगठनात्मक सत्रों में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहकर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

बैठक के समापन सत्र में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जी कार्यकर्ताओं को अपना मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और उनके उद्बोधन के साथ ही कार्यसमिति का विधिवत समापन होगा।

​इस बैठक में केंद्र व राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं, संगठनात्मक विस्तार एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में किसान मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

उपरोक्त जानकारी प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर भाजपा किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ ने दी।

 
हाथी का खौफ! जंगल गए ग्रामीण का हाथी से हुआ सामना, हमले में मौके पर ही दर्दनाक मौत, गांव में पसरी दहशत….

हाथी का खौफ! जंगल गए ग्रामीण का हाथी से हुआ सामना, हमले में मौके पर ही दर्दनाक मौत, गांव में पसरी दहशत….

 सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिल में हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत हो गई है. जजवाल गांव के पास जंगल गए ग्रामीण का हाथी से सामना हो गया. घटना के बाद गांव वाले दहशत में आ गए. वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर सतर्क हो गई है.

जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत जजवाल गांव के आसपास हाथी पहुंच गया. शनिवार रात जंगल गए ग्रामीण पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद जंगल से गुजर रहे अन्य ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी. उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी.

जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मृतक के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. हाथी के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के चलते ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है.

भीषण हादसा! कार-बाइक की जोरदार भिड़ंत के बाद पुल से नीचे गिरे दोनों वाहन, एक की मौत, दूसरा युवक लापता….

भीषण हादसा! कार-बाइक की जोरदार भिड़ंत के बाद पुल से नीचे गिरे दोनों वाहन, एक की मौत, दूसरा युवक लापता….

 पिथौरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक भीषण हादसा हुआ है, जहां जोक नदी के पुराने पुल पर कार और बाइक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार और बाइक पुल के नीचे जा गिरी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और एक युवक लापता बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है।

पढ़िए पूरी खबर

यह हादसा सांकरा थाना क्षेत्र में हुई है। बताया जा रहा है कि कार में चार लोग सवार थे। रविवार को वो जोक नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान कार बाइक से जा भिड़ी और फिर बाइक के साथ कार भी नदी में गिर गई।

एक की मौत, एक लापता

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह से कार सवार तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन एक की मौत हो गई। वही बाइक सवार युवक गहरे पानी में लापता हो गया है।

चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान

इधर घटना की सूचना मिलते ही सांकरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके साथ ही लापता युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने हादसे को लेकर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।

नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नारी शक्ति सम्मान समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया।

सम्मानित महिलाएं हमारी बेटियों के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सम्मानित महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं का सम्मान वास्तव में उस नारी शक्ति का सम्मान है, जो परिवार को संस्कार देती है, समाज को दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। लक्ष्मी-नारायण, उमा-महेश्वर, सिया-राम और राधा-कृष्ण जैसे संबोधन हमारी उस सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं, जिसमें नारी को शक्ति, करुणा, सृजन और संस्कार का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी भावना को योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।

महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का भी बने सशक्त माध्यम

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उनका सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन का अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा इस दायित्व के निर्वहन में उपयोगी सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में राज्य महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और पीड़ित महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आयोग गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे तथा महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करे। महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि किसी भी कठिन परिस्थिति में शासन और उसकी संस्थाएं संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी हैं।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिले नए अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को नई पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने के अभूतपूर्व अवसर मिले हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आसीन होना पूरे देश की नारी शक्ति के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि विकसित भारत की यात्रा महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी संकल्प के साथ प्रदेश की मातृशक्ति को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ रही है।

महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। गांवों की महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई,  स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बहनों के खातों में सहायता राशि समय से पहले अंतरित की। प्रदेश की माताओं-बहनों की खुशियां और उनकी आवश्यकताएं सरकार की प्राथमिकता हैं।

13.85 लाख से अधिक लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं अब ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन का प्रमाण है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

‘महतारी गौरव वर्ष’ मातृशक्ति के योगदान को समर्पित

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने के साथ उनके लिए नए अवसरों के सृजन का भी वर्ष है।

उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा से लेकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तक सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत प्रदेश में 6 हजार 671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, ताकि बेटियों को विद्यालयों में बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान तीन महतारी सदनों का लोकार्पण भी किया गया है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

महिलाओं के नाम संपत्ति से मजबूत हो रहा आर्थिक आधार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है तथा परिवार में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में दी जा रही रियायतों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था दोनों में सकारात्मक परिवर्तन जरूरी है। हमारी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिले तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित न्याय मिले – सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि जब एक बेटी पढ़ती है तो एक पीढ़ी शिक्षित होती है और जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उनके उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है। नारी के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करें। आज यह सुखद अवसर है कि महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के पिता श्री कृपाराम साहू भी अपनी पुत्री को महत्वपूर्ण दायित्व संभालते हुए देख रहे हैं।उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों के सशक्तिकरण और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना न परिवार की प्रगति संभव है और न ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी सशक्त, खुशहाल और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। यह प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में आयोग की लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई मजबूती दी है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक  पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर  मीनल चौबे, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, संतजन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं।

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुस्लिम समाज की बैठक 1 सितंबर को रायपुर में…..

समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुस्लिम समाज की बैठक 1 सितंबर को रायपुर में…..

 रायपुर: राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और इसके लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उक्त समिति को सुझाव देने के लिए रायपुर मुस्लिम समाज की ओर से एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया है। यह जानकारी छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड (कैबिनेट मंत्री दर्जा) के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने दी है।

1 सितंबर को गुरु घासीदास ऑडिटोरियम में होगी बैठक

मुस्लिम समाज की यह बैठक 01 सितंबर 2026, मंगलवार को स्थान- गुरु घासीदास ऑडिटोरियम, कार्यालय छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड के सामने, कलेक्ट्रेट चौक, रायपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक में मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों द्वारा दिए गए सुझावों को एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए रायपुर की समस्त मस्जिदों में जुमा को ऐलान के माध्यम से सूचना दी गई है।

दो प्रतियों में लिखित सुझाव लाने की अपील

आयोजकों ने अपील की है कि UCC के संबंध में सुझाव लिखित में अध्यक्ष, समान नागरिक संहिता समिति, छत्तीसगढ़ के नाम से संबोधित करते हुए दो प्रतियों में प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शहर काजी जनाब कारी डॉ. मोहम्मद इमरान अशरफी साहब और अध्यक्षता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता जनाब फैसल रिजवी साहब उपस्थित रहेंगे। मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए सुझावों को बैठक में एकत्रित कर शाम 04:00 बजे समान नागरिक संहिता (UCC) समिति, छत्तीसगढ़ के माननीय सदस्यों के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जाएगा।

विष्णु भैया की पहल से तालाब बना महिलाओं की तरक्की का आधार, मछली पालन से सशक्त हुईं मनोरा और दुलदुला की महिलाएं

विष्णु भैया की पहल से तालाब बना महिलाओं की तरक्की का आधार, मछली पालन से सशक्त हुईं मनोरा और दुलदुला की महिलाएं

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं और विभागीय सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ मछली पालन जैसे लाभकारी व्यवसाय को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं।

जशपुर जिले के मनोरा और दुलदुला विकासखंड की महिला स्व-सहायता समूहों ने शासकीय तालाबों को अपनी आजीविका का आधार बनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। शासकीय तालाबों के दीर्घकालीन पट्टे, विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और समूह की महिलाओं की मेहनत ने मछली पालन को उनके लिए आय का मजबूत जरिया बना दिया है।

भभरी में तालाब बना समृद्धि का माध्यम

जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा के ग्राम भभरी में कमल महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं पिछले तीन वर्षों से ग्राम पंचायत के 0.700 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले शासकीय तालाब में 10 वर्षीय पट्टे के माध्यम से मछली पालन कर रही हैं। समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और विभागीय मार्गदर्शन से मछली पालन को सफल आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित किया है।

समूह द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3 क्विंटल मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे करीब 6 लाख रुपये का वार्षिक विक्रय प्राप्त हो रहा है। इस आय से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। अब वे घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा,  स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक खर्चों को भी बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।

सिमड़ा की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में दीप महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी पिछले तीन वर्षों से 0.800 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले शासकीय तालाब में मछली पालन कर रही हैं। समूह ने संगठित प्रयासों और निरंतर मेहनत से इस गतिविधि को आय के प्रभावी साधन में बदल दिया है।

समूह द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3.30 क्विंटल मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लगभग 6.93 लाख रुपये का वार्षिक विक्रय प्राप्त हो रहा है। इससे समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई हैं।

शासकीय योजनाओं ने खोले आत्मनिर्भरता के नए रास्ते

महिला स्व-सहायता समूहों को शासकीय तालाबों का पट्टा उपलब्ध कराने, तकनीकी मार्गदर्शन देने और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। मछली पालन से प्राप्त आय ने महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर दिया है।

समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले आय के सीमित साधनों के कारण परिवार का खर्च चलाना चुनौतीपूर्ण था। मछली पालन शुरू करने के बाद नियमित आय का माध्यम मिला और अब वे स्वयं अपनी आजीविका गतिविधियों का संचालन करने के साथ आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

कमल महिला स्व-सहायता समूह और दीप महिला स्व-सहायता समूह की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ, सामूहिक प्रयास और सही मार्गदर्शन मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। आज इन समूहों की महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ गांव की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी योगदान दे रही हैं।

मुश्किलों से निकलीं अनिता, दीदी ई-रिक्शा ने दी आत्मनिर्भरता की राह, रोज कमा रहीं 700-800

मुश्किलों से निकलीं अनिता, दीदी ई-रिक्शा ने दी आत्मनिर्भरता की राह, रोज कमा रहीं 700-800

 00 बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाने का सपना हो रहा साकार

00 अनीता ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, बोलीं विष्णु भैया बढ़ा रहे हमारा मान

रायपुर। जिंदगी ने जब अनिता साहू से उनके पति का साथ छीन लिया, तब सामने सिर्फ जिम्मेदारियां थीं। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और आने वाले कल की चिंता। मुश्किल दौर में उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। आज वही अनिता अपने संघर्ष को अपनी ताकत बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
रायपुर के राम नगर की रहने वाली अनिता साहू को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रम विभाग की दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ मिला। आर्थिक अनुदान और अपनी कुछ राशि लगाकर उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। अब वे खुद ई-रिक्शा चलाकर प्रतिदिन करीब 700 से 800 रुपए कमा रही हैं। इससे परिवार को हर महीने करीब 18 से 22 हजार रुपए की आय और बचत का सहारा मिल रहा है। अनिता बताती हैं कि पति के निधन के बाद बच्चों की जिम्मेदारी अकेले संभालना बेहद मुश्किल था। तनाव के बीच सबसे बड़ी चिंता बच्चों की पढ़ाई को लेकर थी। पहले वे घर पर छोटी-सी दुकान चलाती थीं, लेकिन आमदनी इतनी नहीं थी कि परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें।

पति के जाने के बाद लगा कि बच्चों को कैसे पढ़ाऊंगी, घर कैसे चलाऊंगी। बहुत तनाव था। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं छोड़ी। योजना का लाभ मिला और ई-रिक्शा मेरे लिए सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत बन गया। आज अनिता की मेहनत का सबसे खूबसूरत हिस्सा उनके बच्चों का भविष्य है। वे अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रही हैं और उनके बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। मेरे बच्चे खूब पढ़ें और उनका भविष्य अच्छा बने, यही मेरी सबसे बड़ी इच्छा है। वे जितना पढ़ेंगे, मैं उनके लिए उतनी ही मेहनत करूंगी। 

ई-रिक्शा ने अनिता को कमाई का जरिया देने के साथ बच्चों के स्कूल आने-जाने के खर्च में भी राहत दी है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने के बजाय मेहनत के दम पर अपने घर की जिम्मेदारी उठा रही हैं। अनीता कहती है कि विष्णु भैया ने हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह सहारा दिया है। आज मैं अपने बच्चों के लिए खुद कमा रही हूं और उनका भविष्य संवारने का सपना देख पा रही हूं। इसके लिए अपने विष्णु भैया का दिल से आभार।

महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की नीलामी के लिए नवा रायपुर में कल होगा रोड शो का आयोजन

महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की नीलामी के लिए नवा रायपुर में कल होगा रोड शो का आयोजन

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू और  सतीश चंद्र दुबे भी होंगे शामिल

टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ, होंगे कई महत्वपूर्ण समझौते

नीलाम प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन की भी होगी समीक्षा

रायपुर--- छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र के विकास, निवेश और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त पर रोड शो का आयोजन कल 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

रोड शो में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारी, खनन क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
भारत सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त के अंतर्गत 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए रखा गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज तथा 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स शामिल हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। ये खनिज देश की ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक प्रौद्योगिकी, औद्योगिक विकास और रणनीतिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
           
 मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होगा उद्घाटन सत्र

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात वंदे मातरम् और राष्ट्रगान होगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव उद्घाटन उद्बोधन देंगे। इसके पश्चात भारत सरकार के खान सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष द्वारा संबोधन किया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के उद्बोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में अपना संबोधन देंगे।

टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ

रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की जाएंगी। मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में टिन पोर्टल तथा ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा।
 इस अवसर पर सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू, कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। साथ ही माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।

तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और निवेश के अवसरों पर होगी चर्चा

दोपहर 2 बजे से आयोजित तकनीकी सत्र में खनिज ब्लॉक्स की नीलामी, निवेश और अन्वेषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड द्वारा नीलामी के लिए प्रस्तावित खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा।
तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और विशेषज्ञों के साथ नीलामी प्रक्रिया, खनिज संसाधनों की संभावनाओं तथा निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श होगा।

नीलाम प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा

रोड शो के पश्चात दोपहर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। खनन परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी। इसके बाद माइन विजिट भी प्रस्तावित है।
यह रोड शो छत्तीसगढ़ सहित देश में महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण और खनन को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। केंद्र और राज्य सरकार, उद्योग जगत तथा खनन क्षेत्र के अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से खनिज क्षेत्र में निवेश और नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।

रंग-तरंग में सजेगा छत्तीसगढ़ का लोक-संगीत, संस्कृति और आधुनिक सुरों का संगम….

रंग-तरंग में सजेगा छत्तीसगढ़ का लोक-संगीत, संस्कृति और आधुनिक सुरों का संगम….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और आधुनिक सुरों के अनूठे संगम को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘रंग तरंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 1, 2 एवं 3 सितंबर 2026 को प्रतिदिन शाम 7 बजे से रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा।

‘रंग तरंग’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को नए और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों के साथ संगीत की विभिन्न विधाओं का संगम देखने-सुनने को मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें समकालीन संगीत के साथ जोड़कर व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।

लोक वाद्यों की गूंज के साथ सजेगी संगीत की महफिल

‘रंग तरंग’ को संस्कृति, रंगों और सुरों का फ्यूजन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जुड़े वाद्ययंत्रों और कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पारंपरिक वाद्यों की धुनों के साथ आधुनिक संगीत का मेल दर्शकों को सांस्कृतिक विरासत का नया अनुभव प्रदान करेगा।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया मंच

तीन दिवसीय इस आयोजन के जरिए प्रदेश की विविध लोक परंपराओं, संगीत शैलियों और वाद्य संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी जीवंत लोक कलाओं और संगीत परंपराओं से रही है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ ही आम लोगों, विशेषकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘रंग तरंग’ में लोक और आधुनिकता का यह मेल दर्शकों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को करीब से जानने का अवसर भी बनेगा।

तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रायपुरवासियों और प्रदेश की कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। ‘रंग तरंग’ छत्तीसगढ़ की लोकधुनों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक संगीत को एक ही मंच पर लाकर संस्कृति के विविध रंगों को सुरों की तरंगों में पिरोने की पहल है।

बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रम : साय

बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस फैला रही भ्रम : साय

 00 रूटीन प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़ना पूरी तरह भ्रामक

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है और इस संबंध में जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिस सुनवाई को बिजली के निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी रूटीन प्रक्रिया का अर्थ यह कतई नहीं है कि सरकार बिजली का निजीकरण करने जा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कांग्रेस हमेशा की तरह इस विषय में भी दुष्प्रचार कर जनता को गुमराह करने और गलतफहमी पैदा करने का प्रयास कर रही है। प्रदेशवासियों को ऐसे भ्रामक प्रचार से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।

भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक कल, मुख्यमंत्री साय व कृषि मंत्री नेताम का होगा मार्गदर्शन

भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक कल, मुख्यमंत्री साय व कृषि मंत्री नेताम का होगा मार्गदर्शन

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की एक दिवसीय महत्वपूर्ण प्रदेश कार्यसमिति बैठक कल 31 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित की जा रही है। यह बैठक प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक विभिन्न सत्रों में संपन्न होगी।
भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। दिनभर चलने वाले विभिन्न संगठनात्मक सत्रों में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय तथा केंद्रीय मंत्री तोखन साहू सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। बैठक के समापन सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय कार्यकर्ताओं को अपना मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और उनके उद्बोधन के साथ ही कार्यसमिति का विधिवत समापन होगा। इस बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं, संगठनात्मक विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में किसान मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार दूसरे वर्ष प्रदान करेगा विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026, प्रत्येक विजेता को मिलेगा 11 हजार व मेमेंटो

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार दूसरे वर्ष प्रदान करेगा विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026, प्रत्येक विजेता को मिलेगा 11 हजार व मेमेंटो

 00 होटल से टूर ऑपरेटर, होमस्टे, इको-टूरिज्म, एडवेंचर पर्यटन और सोशल मीडिया तक 10 श्रेणियों में होंगे विश्व पर्यटन दिवस 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने, पर्यटन से जुड़े उद्यमियों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026 प्रदान किए जाएंगे। इस पुरस्कार योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले होटल, पंजीकृत टूर ऑपरेटर, जिले, पर्यटन स्टार्टअप, रिसॉर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र, होमस्टे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, इको-टूरिज्म साइट और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को सम्मानित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत कुल 10 श्रेणियों में एक-एक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं मेमेंटो प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
पर्यटन की पूरी श्रृंखला को प्रोत्साहित करने पर जोर
विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026 की खासियत यह है कि इसमें पर्यटन को केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को भी सम्मान के दायरे में शामिल किया गया है। आतिथ्य, पर्यटन संचालन, जिला पर्यटन प्रबंधन, उद्यमिता, रिसॉर्ट सेवाएं, पर्यटक सहायता, होमस्टे, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार दूसरे वर्ष प्रदान करेगा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’

पुरस्कार की 10 श्रेणियां हैं—
1. सर्वश्रेष्ठ होटल
2. सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर
3. सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड
4. सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार
5. सीटीबी स्टार परफॉर्मर - सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट
6. सीटीबी स्टार परफॉर्मर - पर्यटक सूचना केंद्र
7. सर्वश्रेष्ठ होमस्टे
8. सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
9. सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड
10. सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड
बेहतर सेवाओं और नवाचार को मिलेगा सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होटल श्रेणी में राज्य के आतिथ्य क्षेत्र में प्रभावशाली सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले पर्यटन उद्यम को सम्मानित किया जाएगा। इसमें एमआईसीई सुविधाओं, पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय प्रदर्शन, वार्षिक कारोबार और आयोजित कार्यक्रमों की संख्या जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। पर्यटन प्रचार, सतत पर्यटन, सीएसआर गतिविधियों और रोजगार सृजन में योगदान को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर का चयन आवास, परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, मनोरंजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी, इटिनरेरी एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से पर्यटन का प्रचार तथा वेबसाइट और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
पर्यटन विकास में उत्कृष्ट जिले को भी मिलेगा सम्मान
सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड के तहत उस जिले का चयन किया जाएगा, जिसने पर्यटन के व्यापक विकास, संवर्धन, गंतव्य प्रबंधन तथा घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बेहतर कार्य किया हो। पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की उपलब्धता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, हरित उपाय, प्रकृति आधारित गतिविधियां, कृषि एवं ग्रामीण जीवनशैली, संस्कृति, मत्स्य पालन, पर्यटकों के लिए विशिष्ट अनुभव और पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार दूसरे वर्ष प्रदान करेगा ‘विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026’

युवा उद्यमियों और पर्यटन स्टार्टअप को मिलेगा मंच
पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार रखा गया है। इसके माध्यम से ऐसे स्टार्टअप और व्यक्तिगत उद्यमियों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिन्होंने नवाचार एवं अनुकरणीय गतिविधियों के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य किया है।
यह पुरस्कार पर्यटन क्षेत्र में नए विचारों, तकनीक, सेवाओं एवं व्यावसायिक मॉडलों के माध्यम से पर्यटन को अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धी बनाने वाले उद्यमियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करेगा।

रिसॉर्ट और पर्यटक सूचना केंद्रों की सेवाओं को भी पहचान
सीटीबी स्टार पर$फॉर्मर की दो श्रेणियों में पर्यटन बोर्ड की प्रीमियम एवं बजट श्रेणी की इकाइयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिसॉर्ट तथा उल्लेखनीय बुकिंग उपलब्ध कराने वाले पर्यटक सूचना केंद्रों को सम्मानित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट के चयन में टर्नओवर, लाभप्रदता और अधिभोग प्रतिशत जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। वहीं पर्यटक सूचना केंद्रों का मूल्यांकन पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए बुकिंग उपलब्ध कराने में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इन पुरस्कारों के माध्यम से पर्यटन बोर्ड की इकाइयों में बेहतर सेवा, ग्राहक संतुष्टि, प्रभावी संचालन तथा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

होमस्टे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वालों का सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होमस्टे श्रेणी में घरेलू पर्यटन से अर्जित राजस्व, वार्षिक वृद्धि दर, बुकिंग की संख्या और घरेलू पर्यटकों की संख्या जैसे मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा। पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं, ग्राहक समीक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली, दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुविधाएं तथा होमस्टे की विशिष्ट अवधारणा को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा। होमस्टे के माध्यम से स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोडऩे, स्थानीय उत्पादों एवं व्यंजनों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर सृजित करने वाले प्रयासों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।

डिजिटल दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन की ब्रांडिंग करने वालों को पुरस्कार
सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेणी भी शामिल की गई है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आधारित रील्स, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से राज्य के पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की पहुंच, पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन तथा उपलब्ध होने पर कारोबार संबंधी विवरण को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, ऐतिहासिक स्थलों, वन्यजीव, साहसिक गतिविधियों और अन्य पर्यटन आकर्षणों को डिजिटल माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रचारित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहन मिलेगा।
सतत पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता
सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड के जरिए पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को सम्मानित किया जाएगा। परियोजना का छत्तीसगढ़ में स्थित होना और कम से कम दो वर्षों से संचालित होना आवश्यक है। नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, स्थानीय समुदायों—विशेषकर आदिवासी एवं ग्रामीण आबादी—की भागीदारी, स्थानीय वनस्पति एवं जीव-जंतुओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर सृजित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने वाली पहलों को भी मूल्यांकन में विशेष महत्व दिया जाएगा।
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने वालों को भी सम्मान
छत्तीसगढ़ में कैंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां संचालित करने वाले श्रेष्ठ संचालक को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड दिया जाएगा। गंतव्य प्रबंधन, घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल तथा गतिविधियों से प्राप्त राजस्व प्रमुख मूल्यांकन मानदंड होंगे। इसके साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण साहसिक अनुभव उपलब्ध कराने, नए एडवेंचर प्रोडक्ट विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक गंतव्यों को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित एवं प्रचारित करने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा।
15 सितंबर तक करें आवेदन
पुरस्कार की सभी श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं एवं संबंधित पर्यटन क्षेत्र के पात्र हितधारक अपनी प्रविष्टियां it@visitcg.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की वेबसाइट
https://tourism.cgstate.gov.in/ पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है। प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन राज्य पर्यटन विभाग/निर्णायक समिति द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता एवं मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।
उत्कृष्टता को प्रोत्साहन और छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई पहचान

विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार, सतत पर्यटन और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक प्रदर्शन के साथ स्वच्छता, सतत पर्यटन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया है। यह पहल होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, टूर ऑपरेटर, स्टार्टअप, जिले, पर्यटक सूचना केंद्र, कंटेंट क्रिएटर और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को अपने उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का अवसर देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिका गृह की बेटियों के साथ सुनी मन की बात

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बालिका गृह की बेटियों के साथ सुनी मन की बात

 00 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों ने बेटियों को दिया आगे बढ़ने का संदेश
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने आज शासकीय बालिका गृह, शंकर नगर रायपुर में बेटियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने बेटियों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके सपनों, उत्साह और आत्मविश्वास को करीब से जाना।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बेटियों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विचारों को सुनना उनके लिए बेहद आत्मीय और सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच, नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम में बेटियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि हर बेटी को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आगे बढ़ने के समान अवसर और अपने सपनों को पूरा करने का अधिकार मिले, यही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि शासकीय बालिका गृह में रहने वाली बेटियों के सपनों को उड़ान देने के लिए उन्हें बेहतर वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बेटियों में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

 00 नारी शक्ति सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं का मुख्यमंत्री ने किया सम्मान

00 महिलाओं को अधिकार, अवसर और आत्मनिर्भरता से जोडऩा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

00 महतारी गौरव वर्ष में मातृशक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण को मिल रहा नया आयाम
00 प्रदेश में 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, 481 महतारी सदनों का हो रहा निर्माण
रायपुर।
जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नारी शक्ति सम्मान समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया।
सम्मानित महिलाएं हमारी बेटियों के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं का सम्मान वास्तव में उस नारी शक्ति का सम्मान है, जो परिवार को संस्कार देती है, समाज को दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। लक्ष्मी-नारायण, उमा-महेश्वर, सिया-राम और राधा-कृष्ण जैसे संबोधन हमारी उस सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं, जिसमें नारी को शक्ति, करुणा, सृजन और संस्कार का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी भावना को योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।

महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का भी बने सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उनका सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन का अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा इस दायित्व के निर्वहन में उपयोगी सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में राज्य महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और पीडि़त महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आयोग गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे तथा महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करे। महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि किसी भी कठिन परिस्थिति में शासन और उसकी संस्थाएं संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिले नए अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को नई पहचान, सम्मान और आगे बढऩे के अभूतपूर्व अवसर मिले हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आसीन होना पूरे देश की नारी शक्ति के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि विकसित भारत की यात्रा महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी संकल्प के साथ प्रदेश की मातृशक्ति को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ रही है।
महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। गांवों की महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बहनों के खातों में सहायता राशि समय से पहले अंतरित की। प्रदेश की माताओं-बहनों की खुशियां और उनकी आवश्यकताएं सरकार की प्राथमिकता हैं।

13.85 लाख से अधिक लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं अब ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन का प्रमाण है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
महतारी गौरव वर्ष मातृशक्ति के योगदान को समर्पित
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने के साथ उनके लिए नए अवसरों के सृजन का भी वर्ष है। उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा से लेकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तक सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मेरी बेटी, मेरा अभिमान पहल के तहत प्रदेश में 6 हजार 671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, ताकि बेटियों को विद्यालयों में बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान तीन महतारी सदनों का लोकार्पण भी किया गया है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

महिलाओं के नाम संपत्ति से मजबूत हो रहा आर्थिक आधार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है तथा परिवार में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में दी जा रही रियायतों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था दोनों में सकारात्मक परिवर्तन जरूरी है। हमारी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिले तथा आवश्यकता पडऩे पर त्वरित न्याय मिले - सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जब एक बेटी पढ़ती है तो एक पीढ़ी शिक्षित होती है और जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीडि़त और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उनके उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है। नारी के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करें। आज यह सुखद अवसर है कि महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के पिता  कृपाराम साहू भी अपनी पुत्री को महत्वपूर्ण दायित्व संभालते हुए देख रहे हैं।उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों के सशक्तिकरण और पीडि़त महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना न परिवार की प्रगति संभव है और न ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी सशक्त, खुशहाल और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। यह प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में आयोग की लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई मजबूती दी है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक  पुरंदर मिश्रा, विधायक  मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, संतजन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं।

मन की बात देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों और प्रेरक प्रयासों को देती है राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री साय

मन की बात देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों और प्रेरक प्रयासों को देती है राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री साय

 00 निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्रहित में कार्य करने वाले लोगों को देश के सामने लाते हैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

00 नशामुक्त युवा, विकसित भारत के संकल्प में समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी

00 अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की ऊंची उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर प्रदेश को गर्व
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित निरंजन धर्मशाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 137वीं कड़ी का श्रवण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मन की बात केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी का देश के 140 करोड़ नागरिकों से आत्मीय संवाद का सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे नवाचारों, प्रेरक प्रयासों और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले लोगों की उपलब्धियों को पूरे देश के सामने रखते हैं।

‘मन की बात’ देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचारों और प्रेरक प्रयासों को देती है राष्ट्रीय पहचान : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देशवासियों को प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम की प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इसमें ऐसे अनेक विषयों और व्यक्तित्वों का उल्लेख करते हैं, जिनके बारे में सामान्यत: देश के लोगों को जानकारी नहीं मिल पाती। इससे जहां अच्छे कार्य करने वाले लोगों का उत्साह बढ़ता है, वहीं उनके प्रयास लाखों देशवासियों के लिए प्रेरणा बनते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे देश के दूरस्थ गांवों और छोटे-छोटे क्षेत्रों में अनेक लोग बिना किसी प्रचार और स्वार्थ के समाज तथा राष्ट्रहित में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। कोई पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहा है, कोई स्वच्छता के लिए कार्य कर रहा है, तो कोई स्थानीय संसाधनों के माध्यम से नवाचार कर अपने क्षेत्र में बदलाव ला रहा है। प्रधानमंत्री मोदी मन की बात के माध्यम से ऐसे सामान्य लोगों के असाधारण कार्यों को राष्ट्रीय पहचान देते हैं। इससे देश में सकारात्मकता और जनभागीदारी की भावना मजबूत होती है तथा दूसरे लोगों को भी कुछ नया और बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है।

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी


नशामुक्त युवा, विकसित भारत के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने आज नशामुक्त युवा, विकसित भारत के संकल्प को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। युवा शक्ति विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में युवाओं को नशे से दूर रखना परिवार, समाज और राष्ट्र सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल किसी एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसके दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज को झेलने पड़ते हैं। स्वस्थ, समर्थ और ऊर्जावान युवा पीढ़ी ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से नशामुक्ति के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने और युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


हर घर तिरंगा में दिखा देशवासियों का राष्ट्रप्रेम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मन की बात में हर घर तिरंगा अभियान के प्रति देशवासियों के अभूतपूर्व उत्साह का भी उल्लेख किया। अभियान के अंतर्गत 8 करोड़ से अधिक देशवासियों ने तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड की। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रध्वज के प्रति देशवासियों के सम्मान, गौरव और गहरे भावनात्मक जुड़ाव की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा आज जन-जन का अभियान बन चुका है। ऐसे अभियान राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने के साथ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका और कर्तव्यों का स्मरण कराते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


पीएम स्वनिधि से मातृशक्ति को मिल रही आर्थिक संबल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की भी चर्चा की। रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसायों से जुड़ी महिलाओं को योजना के माध्यम से अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों में लगभग 46 प्रतिशत महिलाएं हैं और देशभर में करीब 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर अपने छोटे व्यवसायों को नई गति दे रही हैं। आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपने परिवार को मजबूत बनाती है, बल्कि समाज और देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए निरंतर नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
स्वच्छता केवल अभियान नहीं, जन-जन का संकल्प बने
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है। स्वच्छता में स्थायी परिवर्तन तभी संभव है, जब यह केवल सरकारी अभियान न रहकर प्रत्येक नागरिक की आदत और जिम्मेदारी बने। उन्होंने कहा कि जब किसी गांव, शहर अथवा क्षेत्र के लोग स्वयं अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संकल्प लेते हैं, तो उसका प्रभाव केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उस स्थान की पहचान और वहां के लोगों के जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव आता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, मोहल्ले, गांव, शहर और आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
अंतरिक्ष विज्ञान में बेटियों की उड़ान, छत्तीसगढ़ की महिमा राजपूत पर गर्व

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज भारत की बेटियां अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रही हैं। उनकी आकांक्षाओं की उड़ान अब धरती से अंतरिक्ष तक पहुंच चुकी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मन की बात में मिशन शक्ति सैट जैसे प्रेरक प्रयास का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से भारत सहित विभिन्न देशों की हजारों छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी को समझने, सीखने और नवाचार से जुडऩे का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रदेश की महिमा राजपूत भी इस महत्वपूर्ण मुहिम का हिस्सा बनी हैं। उन्होंने महिमा राजपूत को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। उनकी उपलब्धियां प्रदेश की दूसरी बेटियों को भी बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित करती हैं।

मन की बात में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेश के लिए गौरव
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मन की बात की विभिन्न कडिय़ों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक अवसरों पर छत्तीसगढ़ और यहां के उल्लेखनीय प्रयासों का उल्लेख किया है। बस्तर ओलंपिक से लेकर मल्हार में मिले प्राचीन ताम्रपत्रों और काले हिरण के संरक्षण तक, छत्तीसगढ़ की विशिष्टताओं और उपलब्धियों को प्रधानमंत्री ने देशवासियों के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के नवाचारों, संस्कृति, विरासत और सकारात्मक प्रयासों को राष्ट्रीय मंच पर स्थान दिया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गौरव की बात है। इससे छत्तीसगढ़ के अच्छे कार्यों को देशभर में पहचान मिलने के साथ प्रदेश के लोगों का उत्साह भी बढ़ता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मन की बात की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे सकारात्मक कार्यों को एक सूत्र में जोड़ती है। यह कार्यक्रम नागरिकों को स्वच्छता, आत्मनिर्भरता, नवाचार, समाजसेवा और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों के लिए प्रेरित करने के साथ जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है। प्रधानमंत्री मोदी का यह सतत संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध जगाकर विकसित भारत के निर्माण में अपना सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक  मोतीलाल साहू एवं  पुरंदर मिश्रा, संतजन, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

CG CRIME : लिफ्ट लेने के लिए स्कूटी सवारों को रोकना पड़ा भारी, विवाद के बाद युवक को मारा चाकू, इलाज के दौरान मौत

CG CRIME : लिफ्ट लेने के लिए स्कूटी सवारों को रोकना पड़ा भारी, विवाद के बाद युवक को मारा चाकू, इलाज के दौरान मौत

 भिलाई।  ढिल्लन होटल के सामने नेहरू नगर चौक पर रात्रि 11:30 बजे के करीब चाकू बाजी की घटना में घायल 26 साल के युवक की इलाज के दौरान सुबह-सुबह अस्पताल में मौत हो गई कैंप 01 का युवक चिचोला जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था।

चाकू मारने वाला युवक दो स्कूटी में सवार चार युवक और एक लड़की वारदात के बाद अंडर ब्रिज होते हुए टाउनशिप की ओर भागने की जानकारी मिली है घायल युवक के साथ खड़ा दूसरा युवक आरोपियों की बाइक का नंबर नहीं देख पाया है सुपेला पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं सुपेला पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश में लगी हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक शिव कुमार सिंह पिता अवधेश सिंह 151 D सुभाष चौक कैंप 01 का निवासी था अपने दोस्त दोस्त शिशांत के साथ बाइक में नेहरू नगर चौक पहुंचे , शिव कुमार सिंह को चिचोला जाना था वहाँ दुकान चलाते है, शिव कुमार लिफ्ट लेने के लिए ट्रक को रुकवा रहा था, ट्रक नहीं रुकने से स्कूटी सवार (3 लोग ,2 लड़का 1 लड़की ) को रोक दिया।

उसी बात पे बहस हुआ इनके बीच , स्कूटी सवार एक लड़के ने उसे चाकू मार दिया, शिवकुमार को लेफ्ट पैर में सामने की तरफ़ थाइ के ऊपर, चाकू मारकर युवक के घायल होकर गिरने पर स्कूटी सवार लोग नेहरू नगर चौक (ब्रिज के नीचे) से अंडर ब्रिज की तरफ़ भाग गए। घायल युवक के शिव कुमार सिंह को पुलिस इलाज के लिए हाईटेक अस्पताल ले गई हाइटेक हॉस्पिटल के डॉक्टर इलाज के लिए शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भेज दिए जहां आज सुबह युवक की मौत हो गई।

CG में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता : नक्सली डंप बरामद, भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त, नक्सली सदस्य भी गिरफ्तार

CG में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता : नक्सली डंप बरामद, भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त, नक्सली सदस्य भी गिरफ्तार

 बीजापुर। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बासागुड़ा और डीआरजी की संयुक्त टीम ने ग्राम पेगड़ापल्ली के जंगल क्षेत्र से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की है। कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध नक्सली सदस्य को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, अभियान के दौरान ग्राम पेगड़ापल्ली के जंगल में घेराबंदी कर बोगम लखमू पिता पाण्डू (39 वर्ष), निवासी चिन्नागेलूर, थाना तर्रेम को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के चिन्नागेलूर DAKMS सदस्य के रूप में काम करने और नक्सलियों की विस्फोटक सामग्री को छिपाने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की।
आरोपी के कब्जे से तलाशी के दौरान पुलिस ने 50,050 रुपये नगद, एक BGL लॉन्चर, 18 BGL सेल, 12 तीर बम, एक हैंड ग्रेनेड, .303 के 15 जिंदा राउंड, 31 BGL कार्ट्रिज, एक INSAS खाली मैगजीन, बिजली के वायर, तीन राउंड चार्जर और एक ईमीटर लीड बरामद किया।
पुलिस ने बरामद सभी सामग्रियों को विधिवत सीलबंद कर पंचनामा तैयार किया। मामले में आरोपी के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

इतिहास, संस्कृति और स्वदेशी से आत्मनिर्भरता तक—‘मन की बात’ में देश की विकास यात्रा के विविध आयामों पर प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश

इतिहास, संस्कृति और स्वदेशी से आत्मनिर्भरता तक—‘मन की बात’ में देश की विकास यात्रा के विविध आयामों पर प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश

 पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने शासकीय आवास में सुना ‘मन की बात’ का 137वां संस्करण, कहा—प्रधानमंत्री का संवाद जनभागीदारी और राष्ट्रनिर्माण की भावना को देता है नई ऊर्जा

रायपुर--- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज रायपुर स्थित अपने शासकीय आवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया। इस अवसर पर अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक उपस्थित रहे।

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देश की विविध उपलब्धियों, सामाजिक सरोकारों, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। कार्यक्रम में इतिहास को डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने के अभिनव प्रयासों से लेकर युवाओं को नशे से दूर रखने, स्वच्छता, स्थानीय उद्यमिता, कृषि में वैज्ञानिक नवाचार और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुखता से सामने आए।

डिजिटल माध्यमों से इतिहास और विरासत के संरक्षण पर जोर

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने इतिहास और देश की समृद्ध विरासत को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए सहेजने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने ऐसे प्रयासों को आने वाली पीढ़ियों को अपने अतीत, गौरव और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत हमारी पहचान और हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इतिहास, लोक परंपराओं, कला और सांस्कृतिक धरोहरों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से संरक्षित करना समय की आवश्यकता है। इससे हमारी विरासत आने वाली पीढ़ियों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।

नशा मुक्त युवा और विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ अभियान के तहत ड्रग फ्री इंडिया के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को रचनात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगाने पर विशेष जोर दिया गया।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि युवा शक्ति भारत के भविष्य की आधारशिला है। स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सकते हैं। समाज के हर वर्ग को मिलकर युवाओं के लिए सकारात्मक और प्रेरक वातावरण तैयार करना होगा।

तिरंगा यात्रा ने जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना

प्रधानमंत्री ने अगस्त माह में देशभर में आयोजित भव्य तिरंगा यात्राओं का उल्लेख करते हुए इनमें लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी को राष्ट्रभावना की अभिव्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है।

रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आत्मनिर्भर बनाने में पीएम स्वनिधि की भूमिका

‘मन की बात’ में छोटे रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली पीएम स्वनिधि योजना का भी उल्लेख किया गया। इस योजना के माध्यम से छोटे उद्यमियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग और आत्मनिर्भरता का अवसर मिल रहा है।

 अग्रवाल ने कहा कि छोटे व्यवसाय हमारे स्थानीय अर्थतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जब एक छोटा दुकानदार, ठेला संचालक या रेहड़ी-पटरी व्यवसायी अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा होता है, तो इसका सीधा लाभ उसके परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है।

स्वच्छता को निरंतर जनआंदोलन बनाए रखने का संदेश

प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की निरंतरता पर भी चर्चा की और स्वच्छता को केवल किसी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत और सामाजिक जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि स्वच्छता और पर्यटन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। स्वच्छ पर्यटन स्थल न केवल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करते हैं। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

अमरनाथ यात्रा और आध्यात्मिक पर्यटन की समृद्ध परंपरा

प्रधानमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुई  अमरनाथ जी की पावन यात्रा का उल्लेख करते हुए देश की आध्यात्मिक एवं धार्मिक यात्रा परंपरा की व्यापकता को रेखांकित किया। भारत में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।

 

अग्रवाल ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक यात्राएं हमारी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखती हैं। छत्तीसगढ़ भी राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की नगरी और अनेक प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के माध्यम से देश की आध्यात्मिक पर्यटन परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

कृषि में आधुनिक विज्ञान और नवाचार से किसानों की समृद्धि

प्रधानमंत्री ने किसानों की आय और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक वैज्ञानिक नवाचारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कृषि में नई तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों का उपयोग किसानों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप अधिक सक्षम बनाने में सहायक है।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि कृषि में विज्ञान और तकनीक का समावेश किसानों के लिए नए अवसर खोल रहा है। आधुनिक नवाचारों के साथ स्थानीय अनुभव और पारंपरिक ज्ञान का समन्वय खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बना सकता है।

‘Vocal for Local’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार

प्रधानमंत्री ने स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘Vocal for Local’ के मंत्र को भी दोहराया। स्थानीय उत्पादों को अपनाने और उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने से कारीगरों, शिल्पकारों, छोटे उद्यमियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

अग्रवाल ने कहा कि हमारे स्थानीय शिल्प, हस्तकला, लोककलाएं और पारंपरिक उत्पाद केवल वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान के वाहक हैं। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से संस्कृति का संरक्षण होने के साथ-साथ कलाकारों और कारीगरों की आजीविका भी मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे सकारात्मक कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे संवाद समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और नागरिकों को अपने स्तर पर राष्ट्रहित में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों नागरिकों को एक-दूसरे से जोड़ने और देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे रचनात्मक प्रयासों को साझा करने का सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री जी का मार्गदर्शन हमें अपनी संस्कृति, पर्यावरण, स्थानीय अर्थव्यवस्था, युवा शक्ति और विकास के लिए निरंतर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।

CG : एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध का असर, दूध से बने पनीर की कीमतों में बढ़ोतरी

CG : एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध का असर, दूध से बने पनीर की कीमतों में बढ़ोतरी

 रायपुर। मिल्क पावडर वाले एनालॉग पर लगे प्रतिबंध का असर अब दूध से बनने वाले पनीर की डिमांड और कीमत पर होने लगा है। पूछपरख बढ़ने की वजह से दुग्ध उत्पादक कंपनियों समेत लोकल डेयरी संचालकों ने इसके दाम बढ़ा दिए हैं। देवभोग का पनीर अब 430 रुपए हो चुका है, वहीं अमूल और वचन के पनीर की कीमत 400 रुपए प्रतिकिलो हो गई है। स्थानीय स्तर पर बनाए जाने वाले पनीर की कीमत में भी 40 से 50 रुपए प्रतिकिलो तक बढ़ोतरी हुई है।

शासन ने एनालॉग पनीर पर 31 जुलाई को प्रतिबंध लगाया था, जिसके बाद दूध से बनाए जाने वाले पनीर की डिमांड बढ़ गई है। एनालॉग पनीर को सेहत के लिए नुकसान दायक माना गया था। पाबंदी के बाद स्थानीय कंपनियों में निर्माण के साथ अन्य राज्यों से सप्लाई बाधित हो गई थी।

एनालॉग की आपूर्ति जरूरत के हिसाब से थोक में बिना किसी परेशानी के होती थी। दूसरी ओर राज्य में दूध का उत्पादन सीमित मात्रा में होता है, इसलिए पनीर बनाने बनाने का काम भी सीमित मात्रा में सिमटकर रह गया। डिमांड बनी रही, जिसकी वजह मिल्कमेड पनीर की कीमतों में भी इजाफा हो गया।

देवभोग ने अपने पनीर का दाम किलो में 30 और चिल्हर में 50 रुपए तक बढ़ा दिया। वहीं वचन और अमूल के पनीर 380 से करीब चार सौ रुपए किलो तक हो गए। डेयरी के माध्यम से दूध का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने भी इसकी कीमत में इजाफा कर दिया।

राजधानी के टिकरापारा इलाके के कारोबारी ने बताया कि, उनके पास दूध से बना पनीर 400 रुपए किलो में उपलब्ध है। जुलाई तक इसकी कीमत 360 रुपए थी, मगर सप्लायरों ने इसके दाम बढ़ा दिए। एनालॉग पर लगे प्रतिबंध का असर यह भी हुआ कि राजधानी की हर छोटी-बड़ी मिठाई दुकानों में पनीर की उपलब्धता कम हो गई। अब इसकी बिक्री बड़ी दुकानों अथवा डेयरी में हो रही है।

 
 
थाने के बाहर लगे वाटर कूलर को छूते ही आए करंट की चपेट में युवक की मौत, बचाने पहुंचा आरक्षक भी झुलसा

थाने के बाहर लगे वाटर कूलर को छूते ही आए करंट की चपेट में युवक की मौत, बचाने पहुंचा आरक्षक भी झुलसा

 रायपुर। विधानसभा थाना परिसर में शनिवार को थाने के बाहर लगे वाटर कूलर को छूते ही एक युवक करंट की चपेट में आ गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उसे बचाने पहुंचे पुलिस आरक्षक भी करंट की चपेट में झुलस गया और उसे इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसान मृतक की पहचान रमेश ठाकुर (32) निवासी बिल्हा, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। रमेश किसी काम से विधानसभा थाना आया था। इसी दौरान वह थाना परिसर के बाहर लगे वाटर कूलर के पास पानी पीने पहुंचा। जैसे ही उसने वाटर कूलर को छुआ, उसे करंट लग गया और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। रमेश को करंट लगा देखकर आसपास मौजूद पुलिसकर्मी उसकी मदद के लिए दौड़े। इसी दौरान आरक्षक गुलाल वर्मा भी करंट की चपेट में आ गया और झुलस गए। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई। रमेश को बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घायल आरक्षक गणेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हादसे के बाद थाना परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस और विद्युत विभाग की जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सीएसईबी के अधिकारी और कर्मचारी भी थाना परिसर पहुंचे और वाटर कूलर समेत पूरे विद्युत कनेक्शन की जांच शुरू की। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वाटर कूलर में करंट कैसे आया और विद्युत प्रवाह बाहर तक कैसे पहुंचा। जांच के बाद ही हादसे की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी बारिश की रफ्तार, अगले 5 दिन भारी से बहुत भारी बारिश के आसार

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी बारिश की रफ्तार, अगले 5 दिन भारी से बहुत भारी बारिश के आसार

 CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। सितंबर की शुरुआत से पहले प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 30 अगस्त से 3 सितंबर तक कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की भी आशंका जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। अब बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।

30 अगस्त से बढ़ेगा बारिश का दायरा

मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बन रहा सिस्टम छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 30 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

बारिश का यह दौर 3 सितंबर तक सक्रिय रह सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 30 अगस्त को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रह सकता है। शहर और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

इन जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट

रविवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली और कोरिया समेत कई इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

इसके अलावा सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है।

शंकरगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के 29 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक शंकरगढ़ में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा ओडगी में 4 सेमी, करतला में 3 सेमी, जबकि छुरा, लटोरी, सूरजपुर, डोंगरगांव, कुसमी और छाल में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

महासमुंद, पोंडी बचरा, कोरबा, भैसमा, मरीं बंगला देवरी, लाल बहादुर नगर, सोनहत, माना-रायपुर एयरपोर्ट, राजपुर और बैकुंठपुर में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई।

मानसून में अब तक सामान्य से कम बारिश

छत्तीसगढ़ में मानसून सीजन के दौरान अब तक बारिश सामान्य से करीब 4 फीसदी कम दर्ज की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से इस कमी की भरपाई होने की उम्मीद है।

हालांकि, भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और आकाशीय बिजली जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।

 
छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तलाशने, तराशने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को तलाशने, तराशने और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

  रायपुर। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया। वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए 126 उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान किए गए। वहीं 540 अन्य खिलाड़ियों को भी नगद प्रोत्साहन राशि दी गई। इस तरह कुल 666 खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को 1 करोड़ 74 लाख 19 हजार रुपए की पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल के मैदान में खिलाड़ी का परिश्रम, अनुशासन और संघर्ष केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि इससे पूरे प्रदेश और देश का गौरव बढ़ता है। सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 156 खिलाड़ियों की सूची जारी की गई है, जिससे उनके लिए शासकीय सेवा में नियुक्ति का रास्ता खुला है।

खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए 100 करोड़ का मिशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों को नई ऊंचाई देने के लिए पांच मिशन पर काम किया जा रहा है। इनमें मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन प्रमुख है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार प्रतिभाओं की पहचान से लेकर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन, खेल अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंच के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

बस्तर और सरगुजा में प्रतिभाओं को मिल रहा मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस्तर ओलंपिक के पहले आयोजन में 1.65 लाख युवाओं ने भाग लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर 3.91 लाख हो गई। सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से भी स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है।

आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार

प्रदेश में कुनकुरी, रायगढ़ और रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं। नवा रायपुर में करीब 67 करोड़ रुपए की लागत से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। वहीं पंडरापाट में पहाड़ी कोरवा समुदाय की तीरंदाजी प्रतिभाओं को निखारने के लिए करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से अकादमी विकसित की जा रही है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उन्हें पहचानने, प्रशिक्षित करने और पर्याप्त अवसर देने की है। उन्होंने बिलासपुर खेल अकादमी की गीता यादव और मधु सिदार के एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन को प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिलने से देश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल बना है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों जैसे बड़े मंचों पर पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।

तीन वर्षों के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का सम्मान

समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी सहित विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में विधायक पुरन्दर मिश्रा, मोतीलाल साहू और सुनील सोनी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष नंद कुमार साहू, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के अध्यक्ष डॉ. विक्रम सिसोदिया सहित विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, खिलाड़ी और प्रशिक्षक मौजूद रहे।