लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
कल रायपुर में दौड़ेगा छत्तीसगढ़, होगा भव्य सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन

कल रायपुर में दौड़ेगा छत्तीसगढ़, होगा भव्य सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन

  सहकारिता, स्वास्थ्य और समृद्धि का संदेश देने एक साथ जुटेंगे प्रदेशवासी
रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग द्वारा सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के उद्देश्य से 3 जुलाई को राजधानी रायपुर में सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन सहकारिता की भावना के साथ, एक कदम समृद्ध छत्तीसगढ़ की ओर थीम पर आधारित होगा। इसका उद्देश्य लोगों में सहयोग, एकता, स्वास्थ्य और सामूहिक विकास का संदेश देना है।
सुबह 6 बजे मरीन ड्राइव से होगी शुरुआत
सहकार संकल्प दौड़ का आयोजन 3 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव (तेलीबांधा) में किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से नागरिक, युवा, विद्यार्थी, किसान, सहकारी संस्थाओं के सदस्य और विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेंगे।
विजेताओं को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
दौड़ में पुरुष और महिला वर्ग के प्रतिभागियों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इससे नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा।
सहकारिता और स्वस्थ जीवन का संदेश
सहकार संकल्प दौड़ केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि जनजागरण का अभियान है। इसके माध्यम से सहकारिता को मजबूत बनाने, समाज में सहयोग की भावना विकसित करने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया जाएगा।
इस आयोजन का उद्देश्य सहकारिता से समृद्धि, साथ चलें, साथ बढ़ें और स्वस्थ समाज, समृद्ध प्रदेश के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है।
अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील
छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग ने प्रदेश के सभी नागरिकों से इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की है। विभाग का मानना है कि जनभागीदारी से ही सहकारिता का अभियान और अधिक मजबूत होगा तथा समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प साकार होगा।

शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत...मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर वित्त मंत्री चौधरी की पहल से अब अल्पावधि ऋण सुविधा उपलब्ध

शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत...मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर वित्त मंत्री चौधरी की पहल से अब अल्पावधि ऋण सुविधा उपलब्ध

  ई-कोष से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से कर्मचारियों को मिलेगा त्वरित, पारदर्शी एवं सुरक्षित ऋण
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार वित्त मंत्री  ओपी चौधरी की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के शासकीय कर्मचारियों के लिए अल्पावधि ऋण की सुविधा प्रारंभ की है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को आकस्मिक वित्तीय आवश्यकताओं के समय त्वरित, सरल एवं पारदर्शी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें असुविधाजनक अथवा अनौपचारिक वित्तीय स्रोतों पर निर्भर न रहना पड़े। यह सुविधा राज्य शासन की ई-कोष प्रणाली से एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे कर्मचारियों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई और कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार शासकीय कर्मचारियों के कल्याण और उनकी आर्थिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आवश्यकता के समय कर्मचारियों को त्वरित, सरल और पारदर्शी वित्तीय सहायता उपलब्ध हो, इसी उद्देश्य से अल्पावधि ऋण सुविधा प्रारंभ की गई है। डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से यह सुविधा सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध होगी। हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से कर्मचारियों के हितों को निरंतर सुदृढ़ कर रही है।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार कर्मचारियों के हितों के संरक्षण और उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यह अल्पावधि ऋण सुविधा कर्मचारियों को आवश्यकता के समय त्वरित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी तथा उन्हें सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वित्तीय विकल्प प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पूर्णत: डिजिटल, पारदर्शी एवं सुरक्षित है। कर्मचारी ई-कोष के एम्प्लॉयी कॉर्नर के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ऋण से संबंधित सभी शर्तें, ब्याज दर, ईएमआई, शुल्क तथा की फैक्ट स्टेटमेंट जैसी आवश्यक जानकारियां पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि कर्मचारी पूरी जानकारी के आधार पर निर्णय ले सकें।
नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी अपनी पात्रता के अनुसार अल्पावधि ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के उपरांत ई-केवाईसी, डिजिटल प्रमाणीकरण तथा सहमति की प्रक्रिया पूर्ण होने पर ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया त्वरित रूप से पूरी की जाएगी। ऋण की मासिक किस्तों का भुगतान वेतन से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
वित्त विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पूरी व्यवस्था में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता एवं डिजिटल प्रमाणीकरण के उच्च मानकों का पालन किया जाएगा। कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी का उपयोग केवल उनकी सहमति से किया जाएगा तथा सभी लेन-देन सुरक्षित डिजिटल माध्यम से संपन्न होंगे। इस पहल से कर्मचारियों को आकस्मिक चिकित्सा, शिक्षा, पारिवारिक अथवा अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुदृढ़ होगी तथा औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक उनकी पहुंच और अधिक सुगम बनेगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में वित्त विभाग की यह पहल कर्मचारी हितैषी शासन, सुशासन और डिजिटल प्रशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ

 उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना - शर्मा
रायपुर।
ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी।  चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है। 

उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। 
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष  विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य  राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति
उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
मानव श्रृंखला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण
कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी राम जी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री  शर्मा, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, कर्मचारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, युवा तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर योजना का संदेश दिया। इस दौरान सभी ने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन तथा विकसित भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों को योजना के उद्देश्यों, लाभों एवं इसमें जनभागीदारी के महत्व से भी अवगत कराया गया।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वृहद स्तर पर हुआ पौधरोपण
पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढिय़ों के लिए स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंडरिया विधायक भावना बोहरा सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

मानवता, सेवा और संवेदना का जीवंत केंद्र है सोठी आश्रम: मुख्यमंत्री साय

मानवता, सेवा और संवेदना का जीवंत केंद्र है सोठी आश्रम: मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री ने भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम में सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास कार्यों का किया अवलोकन

सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जांजगीर-चांपा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान सोठी स्थित भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम पहुँचे। आश्रम आगमन पर संस्था के पदाधिकारियों एवं आश्रमवासियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आश्रम प्रमुख  सुधीर देव से संस्था की सेवा गतिविधियों, चिकित्सा सुविधाओं तथा पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा आश्रम द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम केवल एक सेवा संस्थान नहीं, बल्कि मानवता, करुणा और समर्पण का जीवंत केंद्र है। यहाँ वर्षों से समाज के उपेक्षित और जरूरतमंद लोगों की गरिमा के साथ सेवा की जा रही है, जो भारतीय संस्कृति के श्नर सेवा ही नारायण सेवाश् के आदर्श को साकार करती है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थान समाज में संवेदनशीलता, सेवा और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित  सिद्धि विनायक मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके सेवा भाव को नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रम के लिए नई एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि यह एम्बुलेंस आश्रमवासियों एवं जरूरतमंद मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने आश्रम परिसर का भ्रमण कर सेवा, स्वास्थ्य एवं पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने आश्रमवासियों से आत्मीय भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा उन्हें उपहार भी भेंट किए। इस दौरान उन्होंने गौशाला में गौमाता की पूजा-अर्चना कर हरा चारा अर्पित किया और गौसेवा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने आश्रम परिसर स्थित संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का निरीक्षण कर ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, बिलिंग कक्ष, एक्स-रे कक्ष, आईसीयू तथा ऑपरेशन थियेटर सहित विभिन्न इकाइयों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सालय में उपचाररत मरीजों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने पर बल दिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने धनवंतरी जनकल्याण समिति सोसायटी, रायपुर द्वारा संचालित नि:शुल्क कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव वाहन का भी अवलोकन किया। उन्होंने वाहन के माध्यम से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँचाई जा रही कैंसर जांच सेवाओं की जानकारी लेते हुए कहा कि समय पर जांच और उपचार गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा ऐसी पहल जनस्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब,सांसद कमलेश देवी जांगड़े, विधायक जगदलपुर  किरण सिंह देव, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ के अध्यक्ष  भोजराज देवांगन, आश्रम के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

BREAKING : दुर्ग, बस्तर और बिलासपुर संभाग में एल्डरमैन की नियुक्ति, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : दुर्ग, बस्तर और बिलासपुर संभाग में एल्डरमैन की नियुक्ति, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त कर दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के लिए आदेश जारी किया है। इससे पहले रायपुर और सरगुजा संभाग के लिए आदेश जारी हुआ था, जिसमें कुल 32 शहरी निकाय शामिल थे। रायपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा 11 एल्डरमैन नियुक्त किए गए थे। इन नियुक्तियों का काफी समय से इंतजार किया जा रहा था।

देखें लिस्ट

a

ब्रेकिंग : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया सहायक ग्रेड 2, PF की राशि जारी करने के एवज में की थी पैसों की मांग

ब्रेकिंग : रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया सहायक ग्रेड 2, PF की राशि जारी करने के एवज में की थी पैसों की मांग

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। विद्युत यांत्रिकी विभाग में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 को ACB ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जिसने अपने ही विभाग के बाबू से PF की राशि जारी करने के एवज में 10 हजार रुपए की मांग की थी।

जानकारी के मुताबिक, विद्युत यांत्रिकी विभाग में कार्यरत एक बाबू ने अपनी बेटी की शादी के लिए अपने PF से 5 लाख निकालने का आवेदन दिया था। आरोप है कि राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में सहायक ग्रेड 2 शिव कुमार ठाकुर ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत बाबू ने ACB से कर दी थी।

शिकायत के बाद ACB ने जाल बिछाया और सहायक ग्रेड 2 शिव कुमार ठाकुर को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल ACB की टीम आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

केंद्रीय मंत्री से मिली मंत्री राजवाड़े, बस्तर संभाग में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पोषण सेवाओं के विस्तार एवं महिला सशक्तिकरण पर हुई सार्थक चर्चा

केंद्रीय मंत्री से मिली मंत्री राजवाड़े, बस्तर संभाग में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पोषण सेवाओं के विस्तार एवं महिला सशक्तिकरण पर हुई सार्थक चर्चा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीय अन्नपूर्णा देवी से सौजन्य भेंट कर महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान मंत्री राजवाड़े ने अपने हालिया बस्तर संभाग प्रवास की जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में किए गए निरीक्षणों, जनसंवाद कार्यक्रमों तथा जमीनी स्तर पर प्राप्त अनुभवों एवं निष्कर्षों से केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों में संचालित योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों एवं संभावनाओं की भी जानकारी दी।
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, दूरस्थ क्षेत्रों में पोषण सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण तथा आगामी जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के सफल संचालन को लेकर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का मार्गदर्शन एवं सुझाव प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं को और अधिक प्रभावी, समावेशी एवं जनोन्मुखी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से महिलाओं और बच्चों के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

डीएमएफ से बदली खनन प्रभावित गांवों की तस्वीर, 181 लाख की सड़क ने विकास को दी रफ्तार

डीएमएफ से बदली खनन प्रभावित गांवों की तस्वीर, 181 लाख की सड़क ने विकास को दी रफ्तार

  मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरिया मार्ग का 4.40 किमी नवीनीकरण
रायपुर।
खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) निधि का प्रभावी उपयोग प्रदेश में बदलाव की नई मिसाल बन रहा है। कोरबा जिले में डीएमएफ से निर्मित मुढ़ापार-धतूरा-कोरबी-खम्हरि या सड़क ने वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या दूर कर हजारों ग्रामीणों के जीवन को आसान बना दिया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत की सुनियोजित कार्ययोजना के तहत डीएमएफ मद से 180.93 लाख रुपये की लागत से 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क का नवीनीकरण एवं सुदृढ़ीकरण किया गया। 15 अप्रैल 2026 को निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अब क्षेत्र के ग्रामीणों को वर्षभर सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल रही है। पहले बरसात के दौरान सड़क कीचड़ और जलभराव से भर जाती थी, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, मरीजों का उपचार, किसानों की उपज का परिवहन और ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं। अब बेहतर सड़क संपर्क से स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंच आसान होने के साथ किसानों को अपनी उपज समय पर बाजार तक पहुंचाने में भी सुविधा मिल रही है।
यह सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं बनी, बल्कि खनन प्रभावित गांवों के सामाजिक और आर्थिक विकास की नई आधारशिला साबित हुई है। बेहतर संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बढ़ी है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई गति दिखाई दे रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और डीएमएफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या के समाधान से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। यह परियोजना इस बात का उदाहरण है कि डीएमएफ निधि का योजनाबद्ध और जनहितकारी उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, वाहन जब्त और लाखों रुपये का अर्थदंड

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, वाहन जब्त और लाखों रुपये का अर्थदंड

 00 राजनांदगांव, बालोद, बलरामपुर और सरगुजा में ताबड़तोड़ अभियान, 

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध खनिज विभाग द्वारा सख्त और सतत अभियान चलाया जा रहा है। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत विभिन्न जिलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध रेत, पत्थर, मिट्टी एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों को जब्त किया गया है तथा नियमानुसार अर्थदंड एवं वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। शासन का उद्देश्य प्रदेश के खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करना है।

इसी क्रम में राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 52 प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए 18 लाख 95 हजार 600 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। इनमें अवैध उत्खनन के 9, परिवहन के 41 तथा भंडारण के 2 प्रकरण शामिल हैं। वहीं डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम आसरा में आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नदी में रेत उत्खनन प्रतिबंधित पाया गया तथा मौके पर कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली। बालोद जिले के ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन करते पाए जाने पर एक चेन माउंटेन (पीसी-130-7) मशीन को जब्त कर सील किया गया। संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कार्रवाई प्रारंभ की गई है।
बलरामपुर जिले में खनिज विभाग ने राजपुर क्षेत्र के ग्राम नरसिंहपुर और बसंतपुर में कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक टिपर जब्त किया। वहीं बसंतपुर स्थित फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई में अवैध रूप से भंडारित लगभग 90 घनमीटर रेत भी जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया। सरगुजा जिले में शिकायतों के आधार पर विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत एवं गिट्टी के उत्खनन और परिवहन में प्रयुक्त जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहनों को जब्त किया गया। सभी मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 तथा संशोधित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत कार्रवाई की जा रही है। संशोधित नियमों के अनुसार अब शमन शुल्क न्यूनतम 25 हजार रुपये अथवा 2 हजार रुपये प्रति टन, जो अधिक होगा, के आधार पर वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त खनिज का बाजार मूल्य भी वसूला जाएगा। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

Rain Alert : छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी

Rain Alert : छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो दिन भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से लगभग 60 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों में होने वाली व्यापक बारिश से वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की संभावना है। साथ ही लोगों को गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात के दौरान सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।

मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे के दौरान नारायणपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं महासमुंद, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, बस्तर और सुकमा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

इन जिलों में भी बारिश का असर रहेगा

मौसम विभाग के अनुसार जशपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मुंगेली, कोरबा, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बस्तर संभाग और आसपास के जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में वज्रपात की आशंका जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

मौसम विभाग ने बताया है कि 7 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी। अगले पांच दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है।

700 पदों पर जल्द शुरू होगी सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती

700 पदों पर जल्द शुरू होगी सहायक प्राध्यापकों की सीधी भर्ती

 सीजीपीएससी  के माध्यम से होगी भर्ती

रायपुर- राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प और युवाओं को रोजगार की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राज्य के उच्च शिक्षा विभाग को नया कलेवर देने और सालों से अटके प्रशासनिक मामलों को सुलझाने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा की अध्यक्षता में मंत्रालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसले लिए गए।  

प्रदेश के उच्च शिक्षा इतिहास में युवाओं के लिए इसे सबसे बड़ा दिन कहा जा सकता है। बैठक में सबसे बड़ा और अहम फैसला लेते हुए मंत्री  टंक राम वर्मा ने सहायक प्राध्यापक के 700 रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर कोई रुकावट या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही, विभाग के अन्य खाली पदों को भरने के लिए भी शासन को तत्काल नया प्रस्ताव भेजने का मार्ग प्रशस्त कर दिया गया है। सीजीपीएससी  के माध्यम से होने वाली प्राध्यापकों की सीधी भर्ती के दस्तावेज सत्यापन कार्य को भी अब युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।  

महाविद्यालयों में प्रशासनिक कसावट लाने के लिए उच्च शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास ली। उन्होंने कड़े लहजे में निर्देश दिया कि 31 जुलाई 2026 तक स्नातक प्राचार्यों की पदोन्नति का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए। नए शिक्षा सत्र में छत्तीसगढ़ का कोई भी स्नातक कॉलेज बिना नियमित प्राचार्य के नहीं रहेगा, क्योंकि वर्तमान सरकार के एजेंडे में  'शिक्षा की गुणवत्ता सबसे ऊपर है।  

पदोन्नति का रास्ता साफ, कर्मचारियों और अतिथि प्राध्यापकों की सुनी गई मांग

प्राध्यापकों और विभागीय कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए बैठक में कई संवेदनशील निर्णय लिए गए। पुराने नियम से मिलेगी तरक्की साल 2019 से पहले के बचे हुए सहायक प्राध्यापकों को 1990 के नियमों के तहत ही प्राध्यापक पद पर प्रमोट किया जाएगा, जिससे उनकी वरिष्ठता सुरक्षित रहेगी। सहायक प्राध्यापकों के वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी वेतनमान की सूचियां लगभग तैयार हैं, जिन्हें जल्द ही जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबे समय से संघर्षरत अतिथि प्राध्यापकों की जायज मांगों को ध्यान में रखते हुए, उनकी सेवा शर्तों में सुधार के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट पर सरकार तुरंत एक्शन लेने जा रही है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सहायक ग्रेड-3 और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्तियां अब 'राज्य कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएंगी।  

  ग्रामीण और आदिवासी अंचल के छात्र अब फर्राटेदार बोलेंगे अंग्रेजी

राज्य सरकार ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के होनहारों के लिए एक अनोखी पहल की है। अब महाविद्यालयों में  '90 घंटे, 90 दिनÓ का विशेष अंग्रेजी संप्रेषण  कोर्स चलाया जाएगा। इस अनूठे अभियान से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों के भीतर का संकोच दूर होगा और वे देश-दुनिया के युवाओं के साथ कदम से कदम मिला सकेंगे। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में शासन के शैक्षणिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। 

 वित्तीय अनियमितता पर ज़ीरो टॉलरेंस: बजट आवंटन में कोई पक्षपात नहीं

बजट प्रबंधन को लेकर मंत्री  वर्मा ने वित्तीय शुचिता का संदेश देते हुए कहा कि विभाग में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं है। अब किसी भी कॉलेज को बजट जारी करने से पहले प्रशासनिक अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। नए महाविद्यालयों के विकास के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाएंगे, ताकि किसी भी संस्थान को कम या ज्यादा राशि मिलने की शिकायत का मौका न मिले।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अब स्नातकोत्तर  में भी होगा विस्तार

छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह आत्मसात करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 4 साल के सफल स्नातक पाठ्यक्रम के बाद अब स्नातकोत्तर को भी एन.ई.पी. के दायरे में लाने की मुकम्मल तैयारी शुरू हो गई है। वर्तमान में एन.ई.पी. के 5वें और 6वें सेमेस्टर के लिए केंद्रीय अध्ययन मंडल की सूची को अंतिम रूप देकर लोक भवन की मंजूरी के लिए भेज दिया गया है।प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने 'अपर संचालकÓ के पद को 'प्राचार्यÓ के पद से पूरी तरह अलग करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, प्राचार्यों के कार्यकाल का ऑडिट करने के लिए प्रदेश के लेखा उत्तीर्ण कर्मचारियों की विशेष सेवाएं ली जाएंगी, जिससे लंबित जांच और ऑडिट के मामलों का तुरंत निपटारा हो सके।इस बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव, आयुक्त सहित मंत्रालय के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।

रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन

रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन और सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, सहकारिता को नई दिशा देने जुटेंगे प्रदेशभर के प्रतिनिधि

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में 3 और 4 जुलाई को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकार संकल्प दौड़ का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के सहकारिता विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप करेंगे। 

इस आयोजन का उद्देश्य सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाना, किसानों और सहकारी संस्थाओं को सशक्त करना तथा "सहकार से समृद्धि" के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। सम्मेलन में प्रदेशभर से सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, किसान और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।

3 जुलाई को होगी सहकार संकल्प दौड़
सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत 3 जुलाई को सुबह 6 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव, तेलीबांधा में सहकार संकल्प दौड़ आयोजित की जाएगी। इस दौड़ का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सहकारिता के संदेश को आमजन तक पहुंचाना है।

दो दिवसीय राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन
3 और 4 जुलाई को सुबह 11 बजे से कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन आयोजित होगा। सम्मेलन में सहकारी नीतियों, कृषि विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। 

प्रदेशभर के सहकारिता प्रतिनिधि होंगे शामिल
सम्मेलन में अपेक्स बैंक, राज्य सहकारी संघ, मार्कफेड, लघु वनोपज सहकारी संघ, हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ, अन्त्यावसायी वित्त एवं विकास निगम सहित विभिन्न जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्ष, सहकारिता क्षेत्र के विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि अपनी सहभागिता देंगे।

सहकार से समृद्धि का मिलेगा संदेश
सहकारिता विभाग और अपेक्स बैंक ने प्रदेश के किसानों, सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, युवाओं और आम नागरिकों से इस आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है। यह आयोजन सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण विकास, किसान सशक्तीकरण और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा।

 

एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

 एआई मिशन के जरिए युवाओं को कौशल, रोजगार और नवाचार के मिलेंगे नए अवसर

शासन-प्रशासन को अधिक दक्ष, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए एआई आधारित व्यवस्था होगी विकसित

मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु और डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की समीक्षा

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक  

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास एवं विस्तार, मोबाइल नेटवर्क सुदृढ़ीकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेवा सेतु, ई-प्रगति पारस (प्रोजेक्ट असेसमेंट रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम), सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स तथा विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इसके साथ ही युवाओं के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने तथा तकनीक आधारित सुशासन को नई गति देने के विभिन्न आयामों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य इस क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जनसेवा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रभावी माध्यम है। एआई के प्रभावी उपयोग से शासन-प्रशासन को अधिक सक्षम, पारदर्शी, त्वरित एवं नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के लोगों को एआई के लिए तैयार करना, व्यवसायों की उत्पादकता बढ़ाना, नागरिकों की आय में वृद्धि करना तथा बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास और दैनिक प्रशासनिक कार्यों में एआई के व्यापक उपयोग से आम नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके लिए राज्य में मजबूत एआई इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा तथा सुरक्षित, विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई के उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

बैठक में प्रस्तुत विजन दस्तावेज में बताया गया कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को एआई के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना है, जहां प्रत्येक नागरिक अपनी भाषा में एआई सीख सके, सरकार तकनीक आधारित भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे और उद्योगों तथा व्यवसायों को नई गति मिले। इस मिशन के अंतर्गत पांच प्रमुख स्तंभों - एआई कौशल विकास, नवाचार एवं स्टार्टअप, जागरूकता एवं आउटरीच, सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई तथा शासन में एआई के उपयोग - पर कार्य किया जाएगा। प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों तथा सरकारी कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, एआई एवं रोबोटिक्स क्लब तथा हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। महाविद्यालयों में एआई सर्टिफिकेशन कार्यक्रम, छात्र परियोजनाओं के लिए अनुदान, आईटीआई में एआई लैब तथा विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। राज्य में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, एआई आधारित स्टार्टअप, डेटा सेट तथा अनुसंधान परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त क्लाउड कंप्यूटिंग सुविधा, सीड फंडिंग तथा उद्योगों एवं शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से अत्याधुनिक एआई आधारित स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की भी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

बैठक में सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई उपयोग को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य स्तर पर एआई नीति तैयार की जाएगी, जिसमें डेटा सुरक्षा, नागरिकों की निजता का संरक्षण, नियमित तकनीकी ऑडिट तथा केंद्र सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। शासन में एआई के प्रभावी उपयोग के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी, प्रत्येक विभाग का अलग रोडमैप तैयार होगा, एआई नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी एआई पायलट परियोजनाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों को उनकी अपनी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भाषिणी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा, जिससे सरकारी सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बन सकें।

बैठक में मोबाइल नेटवर्क विस्तार की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में डीबीएन वित्तपोषित लगभग एक हजार मोबाइल टॉवर स्थापित कर राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसके अतिरिक्त 577 नए मोबाइल टावरों की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 406 टावरों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 171 प्रकरणों का निराकरण आगामी एक माह के भीतर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

भारतनेट फेज-3 की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि राज्य की 4,114 ग्राम पंचायतों को रिंग टोपोलॉजी आधारित आधुनिक नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही आईपी-एमपीएलएस आधारित एकीकृत नेटवर्क विकसित किया जाएगा तथा गांवों तक एफटीटीएच सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली इंटरनेट सेवाएं उपलब्ध हो सकें और डिजिटल सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 36 विभागों की 520 सेवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं, जिनमें 111 होस्टेड तथा 409 रीडायरेक्ट सेवाएं शामिल हैं। प्रदेशभर में संचालित 16 हजार 726 सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु के माध्यम से 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 37.52 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण करते हुए 94.3 प्रतिशत सफलता दर प्राप्त की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु में क्यूआर आधारित प्रमाण-पत्र सत्यापन, आधार प्रमाणीकरण, डिजिलॉकर एकीकरण, ट्रेजरी एवं ई-चालान प्रणाली तथा डीबीटी आधारित भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं, जिससे सेवाओं की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र, जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग प्रणाली तथा डिजिटल निगरानी जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई।अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी एवं आईटीईएस क्षेत्र को नई गति मिलेगी, निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। 

बैठक में मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक , सुशासन तथा अभिसरण विभाग के संयुक्त एवं  चिप्स के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर  मयंक अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 10 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 10 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन

 रायपुर: केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज बिलासपुर के मंगला स्थित माता चौरा में लगभग 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें क्षेत्र के विकास को गति देने वाले कई कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से मंगला सहित आसपास के क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं बेहतर होंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति मिलेगी। विधायक सुशांत शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष  राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत के अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

विकास कार्यों का समय पर लोकार्पण हमारी कार्य संस्कृति :  तोखन साहू

केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से विकास कार्यों को गति मिली है। अब केवल भूमिपूजन नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों का लोकार्पण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिलासपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई गति मिली है। सड़क, रेल, पेयजल और शहरी विकास के क्षेत्र में लगातार बड़े कार्य हो रहे हैं। बिलासपुर को महत्वपूर्ण परियोजनाओं की स्वीकृति मिली है। रेलवे के विस्तार, स्टेशनों के उन्नयन और अन्य विकास कार्यों से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

*पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध : श्री अरुण साव*

उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पिछले दो वर्षों में बिलासपुर नगर निगम को 437 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि नागरिकों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी और जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री  साव ने मंगला मुक्तिधाम के लिए 50 लाख रुपये तथा सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

कार्यक्रम को विधायक सुशांत शुक्ला ने भी संबोधित किया। बिलासपुर नगर निगम के कमिश्नर  प्रकाश सर्वे, दीपक सिंह, मोहित जायसवाल और पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सोमनाथ यादव सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित थे।

जनदर्शन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

जनदर्शन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज विकासखंड लखनपुर की ग्राम पंचायत परसोंडी पहुंचकर ग्रामीणजनों से आत्मीय भेंट-मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं, सुझावों एवं आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उन्होंने पेयजल, सड़क, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा,  स्वास्थ्य तथा अन्य स्थानीय आवश्यकताओं से जुड़े विषय मंत्री  अग्रवाल के समक्ष रखे। मंत्री  अग्रवाल ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का शीघ्र लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों से संवाद करते हुए मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन कार्यक्रम शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है, जहां आम नागरिक अपनी बात सीधे रख सकता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलती है।

उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह, विश्वास और सहयोग ही उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है। क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।

मंत्री  अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है, उनका शीघ्र निराकरण किया जाए।

जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री राजेश अग्रवाल के सहज, सरल एवं संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हुए अपनी समस्याओं को गंभीरता से सुनने और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करने पर आभार व्यक्त किया। जनदर्शन के इस कार्यक्रम ने शासन और आमजन के बीच संवाद, विश्वास और सहभागिता को और अधिक सुदृढ़ करने का कार्य किया।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बस्तर में शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक ली

 रायपुर: शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने बैठक में शिक्षा मंत्री  यादव ने शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके बेहतर एवं प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बस्तर के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इसके लिए अंदरूनी क्षेत्रों के स्कूलों को पुनर्जीवित करना है, साथ ही स्कूलों में विद्यार्थियों-शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता में सुधार, नियमित उपस्थिति और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए सभी स्तरों पर सतत निगरानी की आवश्यकता बताई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि बच्चों के आधार रूट को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्कूलों को केंद्रित कर गणित, अंग्रेजी, हिंदी पर फोकस करें। साथ ही चरणबद्ध तरीके से कैलेंडरवार, शालावार, विषयवार समय-सारणी के साथ पढ़ाई करवाएँ और रिवीजन टेस्ट की गतिविधि करवायें ।

बुधवार को बस्तर कलेक्टोरेट के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित बैठक में शिक्षा मंत्री  यादव संभाग स्तरीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह एवं संचालक  ऋतुराज रघुवंशी, कलेक्टर  आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ  प्रतीक जैन सहित संभाग के शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक  एचआर सोम, सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, डीएमसी, बीईओ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा के दौरान आधार बेस एप के माध्यम से कार्यालयीन अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति तथा वीएसके एप में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति की जानकारी ली गई। ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नेटवर्क विहीन स्कूलों की सूची कलेक्टर के माध्यम से उपलब्ध कराने कहा गया। शिक्षा मंत्री ने अन्य विभागों में पदस्थ शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को मूल पदस्थापना में वापस भेजने के निर्देशों के पालन की समीक्षा की।

उन्होंने बसाहटवार प्राथमिक शालाओं की जानकारी, नए विद्यालयों की आवश्यकता, बंद विद्यालयों को पुनः प्रारंभ करने की कार्ययोजना, बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षा परिणाम में जिलों के प्रदर्शन पर चर्चा की। जिलों के पोटा केबिन में अंतर जिला स्कूली बच्चों को एडमिशन देने के निर्देश दिए, साथ ही वार्षिक परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु पिछले वर्षों के प्रश्नों का विषय आधारित यूनिट टेस्ट और तिमाही परीक्षा करवाने के निर्देश दिए । उन्होंने इसके लिए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी को कमजोर स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक लेकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति, ड्रॉपआउट की स्थिति, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त एवं युक्तियुक्तकरण किए गए शिक्षक पदों की स्थिति (ई एवं टी संवर्ग), स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की कार्ययोजना एवं गैप एनालिसिस की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा छात्र हितग्राही योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, गणवेश वितरण, पाठ्य पुस्तकों का वितरण, सरस्वती सायकल योजना, मध्यान्ह भोजन व न्यौता भोजन, शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमों के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद स्कूल का विकास पीएम श्री स्कूल के तर्ज पर करने के लिए जोर दिया। साथ ही जर्जर स्कूल भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करवाने और स्कूलों के छोटे-छोटे आवश्यकता वाले कार्यों को जरूरत के आधार पर बजट का उपयोग करने की बात कही। मंत्री ने निर्देशित किया कि पाठय पुस्तक का वितरण शत-प्रतिशत किया जाए, स्कूलों एवं संकुलों में अवितरित किताबों का रिकार्ड संधारित किया जाए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को संभाग में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों एवं योजनाओं की प्रगति से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।

बैठक से पूर्व शिक्षा मंत्री ने कलेक्टोरेट परिसर में सरस्वती सायकल योजनान्तर्गत लक्षित वर्ग के स्कूली छात्राओं को निःशुल्क सायकल एवं गिफ्ट प्रदान कर उन्हे मेहनत एवं लगन के साथ पढ़ाई करने की समझाईश दी।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान देने और लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2026-27 के वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों के लिए कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा, वहीं विलुप्त होती लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।

संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष प्रदेशभर में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन करता है, जिनमें शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोकसंगीत, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां शामिल रहती हैं। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए पावस प्रसंग (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य), रंगतरंग वाद्ययंत्र संगम, रंगपरब नाट्य श्रृंखला तथा लोकरंग पर्व के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा।

विशेष रूप से लोकरंग पर्व के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं एवं लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा, गम्मत, सुआ, करमा, पंथी, बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत, संस्कार गायन सहित अन्य पारंपरिक लोकविधाओं में दक्ष कलाकार आवेदन कर सकते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की लोक-सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराना है।

आवेदन करने वाले कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों का चिन्हारी पंजीकरण होना आवश्यक है तथा समूह प्रस्तुति के इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, द्वितीय तल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्यवसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित ई-मेल ैंदेातपजपण्तंरइींेीं/हउंपसण्बवउ के माध्यम से भी आवेदन भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

संस्कृति विभाग ने आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की है। विभाग ने प्रदेश के पात्र कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की अपील की है।

भाजपा सहयोग केंद्र के जनदर्शन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुनीं आमजन की समस्याएं, प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

भाजपा सहयोग केंद्र के जनदर्शन में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुनीं आमजन की समस्याएं, प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश

 रायपुर/ आज प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित ..सहयोग केंद्र..में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का शीघ्र एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आमजन अपनी समस्याएं एवं सुझाव लेकर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर कहा गया कि सहयोग केंद्र’ संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसके जरिए न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है,बल्कि आम नागरिकों को भी अपनी समस्याएं सीधे सरकार के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है।

कार्यक्रम के दौरान अपनी समस्याओं का त्वरित निराकरण होने से लोगों ने संतोष व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से रवि कुमार की समस्या का त्वरित समाधान

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से रवि कुमार की समस्या का त्वरित समाधान

 राशन कार्ड की त्रुटि दूर होने से फिर मिलने लगा राशन

रायपुर। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 इसी दिशा में नागरिकों और शासन-प्रशासन के बीच एक भरोसेमंद माध्यम बनकर उभरी है, जहां प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम सेमरा निवासी रवि कुमार बर्मन को राशन कार्ड में तकनीकी त्रुटि के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 15 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभाग ने मामले की जांच की। जांच में राशन कार्ड में तकनीकी त्रुटि पाए जाने पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसका संशोधन किया गया। इसके बाद राशन कार्ड पुनः सक्रिय हो गया, जिससे बर्मन को फिर से नियमित रूप से राशन मिलने लगा। साथ ही वे अन्य पात्रतानुसार शासकीय योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।
समस्या के शीघ्र निराकरण से संतुष्ट रवि कुमार बर्मन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करने वाले शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनकर लोगों का विश्वास जीत रही है।

 
 
 

 

 

सेवा सेतु बना आम लोगों का सहाराः सन्नू हेमला को समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र

सेवा सेतु बना आम लोगों का सहाराः सन्नू हेमला को समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और सुशासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा संचालित सेवा सेतु पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रही है। इस पहल के माध्यम से नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित अन्य आवश्यक शासकीय प्रमाण-पत्र सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

समय पर मिला आय प्रमाण-पत्र

बीजापुर जिले के गंगालूर तहसील अंतर्गत ग्राम गंगालूर निवासी सन्नू हेमला ने सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आय प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया था। निर्धारित समय सीमा के भीतर उनके आवेदन का निराकरण कर उन्हें आय प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्रमाण-पत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उनकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये प्रमाणित की गई।

सेवा सेतु केंद्र के प्रबंधक  रामू हेमला ने उन्हें प्रमाण-पत्र सौंपा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध रही, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

हितग्राही ने जताया आभार

सन्नू हेमला ने बताया कि पहले ऐसे प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन करना बहुत आसान रहा। निर्धारित समय पर प्रमाण-पत्र मिलने से उनके आवश्यक कार्य भी समय पर पूरे हो सके।उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की जनहितैषी एवं संवेदनशील पहल तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं ग्रामीणों के लिए बहुत लाभकारी हैं और शासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत कर रही हैं।

डिजिटल सेवाओं से मजबूत हो रहा सुशासन

जिला प्रशासन बीजापुर द्वारा संचालित सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, निवास, विवाह सहित विभिन्न शासकीय प्रमाण-पत्र और सेवाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल शासन की डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है।

सेवा सेतु की सफलता यह साबित करती है कि तकनीक और सुशासन के बेहतर समन्वय से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक भी सरकारी सेवाएं आसानी से पहुंचाई जा सकती हैं। इससे लोगों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं तथा शासन के प्रति उनका भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

स्वास्थ्य मंत्री ने महारानी अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

 रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को बस्तर अंचल के महारानी अस्पताल का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को अस्पताल की गौरवशाली पहचान के अनुरूप मानवीय संवेदनाओं के साथ मरीजों को बेहतर उपचार एवं सेवा प्रदान करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल को आम लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिक सुविधाजनक और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अस्पताल की वर्तमान 200 बिस्तर क्षमता को बढ़ाकर 300 शैयायुक्त करने के निर्देश देते हुए नए सेटअप तथा अस्पताल भवन उन्नयन का प्रस्ताव विभाग को भेजने कहा।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डायलिसिस सेंटर एवं कैंसर यूनिट के निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अस्पताल परिसर की अंदरूनी सड़कों की मरम्मत भी शीघ्र करवाने कहा। उन्होंने अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सा कक्ष, ओपीडी, ईसीजी यूनिट तथा ब्लड बैंक का निरीक्षण किया और उपचार के लिए आए मरीजों तथा उनके परिजनों से आत्मीयता से चर्चा कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मंत्री ने अटल आरोग्य लैब का भी निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध जांच सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की तथा आवश्यक उपकरणों की शीघ्र स्थापना कर सभी 134 प्रकार की जांच सुविधाएं जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टर्स डे के अवसर पर महारानी अस्पताल में केक काटकर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों से समर्पण और सेवा भाव के साथ चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने का आह्वान किया।

 

शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग बैठकर सिखाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

शाला प्रवेशोत्सव: शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बच्चों संग बैठकर सिखाया पहाड़ा, स्मार्ट क्लास का किया लोकार्पण

 नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर किया स्वागत, गणवेश व जूते वितरित कर दी शुभकामनाएं

रायपुर। शाला प्रवेशोत्सव के अंतर्गत शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव आज दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के बोरसी स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, आदर्श कन्या शाला एवं जेआरडी विद्यालय में आयोजित प्रवेशोत्सव कार्यक्रमों में शामिल हुए। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर आत्मीय स्वागत किया तथा नवीन शिक्षा सत्र के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गणवेश एवं जूते भी वितरित किए गए।

शिक्षा मंत्री  यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों की नियमित पढ़ाई, विद्यालय में शत-प्रतिशत उपस्थिति तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला उनका परिवार होता है और अभिभावकों का सहयोग ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है।

विद्यालय में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित शिक्षण व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होगी तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाएगी।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री श्री यादव  सीधे कक्षाओं में पहुंचे और बच्चों के बीच बैठकर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पहाड़े सुने और स्वयं भी सरल एवं रोचक तरीके से उन्हें पहाड़ा सिखाया। साथ ही बच्चों को पढ़ाई को आनंददायक बनाने के लिए प्रेरित किया।

 विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्होंने उनके सपनों, भविष्य की आकांक्षाओं एवं लक्ष्यों पर चर्चा की तथा मन लगाकर अध्ययन करने, अनुशासन का पालन करने और निरंतर मेहनत से आगे बढ़ने का संदेश दिया।

शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने छात्राओं एवं शिक्षकों से भी संवाद करते हुए शिक्षा के साथ संस्कार, आत्मविश्वास एवं व्यक्तित्व विकास के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए छात्राओं से पूरी लगन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ अध्ययन कर अपने परिवार, समाज एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करने का आह्वान किया।

वीबी जीरामजी लागू होते ही पहले ही दिन श्रमिकों को मिली सौगात, मजदूरी दर में हुई 13 प्रतिशत की वृद्धि

वीबी जीरामजी लागू होते ही पहले ही दिन श्रमिकों को मिली सौगात, मजदूरी दर में हुई 13 प्रतिशत की वृद्धि

 रायपुर। वीबी जी राम जी के लागू होने के पहले दिन ही श्रमिकों को बड़ी सौगात प्राप्त हुई है। जहां भारत सरकार द्वारा विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अकुशल श्रमिकों के लिए नई मजदूरी दरें अधिसूचित की गई हैं। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

नई व्यवस्था के तहत छत्तीसगढ़ में ग्रामीण श्रमिकों की मजदूरी दर को 261 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके तहत मजदूरी दर में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अभूतपूर्व है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को आर्थिक लाभ मिलेगा तथा ग्रामीण आजीविका को और मजबूती मिलेगी।

भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के लिए संशोधित मजदूरी दर निर्धारित की गई है। अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के लिए अकुशल हस्त कार्य हेतु मजदूरी दर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकार द्वारा वीबी जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई है ।

भोपालपट्टनम के ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला से किया स्वागत

आज से वीबी जीरामजी पूरे देश के साथ राज्य में भी लागू हो गयी है। जिसका पूरे राज्य में श्रमिकों द्वारा उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। कार्य स्थलों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके तहत आज बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम तहसील के तामलापल्ली ग्राम के ग्रामीणों ने मिलकर मानव श्रृंखला का निर्माण कर वीबी जी राम जी का स्वागत किया। इसी प्रकार राज्य के हर ग्राम में वीबी जी राम जी के आगमन को एक उत्सव की तरह मनाते सभी को योजना की जानकारी दी जा रही है।

2 जुलाई को ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से प्रदेश में शुभारंभ

2 जुलाई को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, वहीं प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

भोपालपट्टनम के ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला से किया स्वागत

आज से वीबी जीरामजी पूरे देश के साथ राज्य में भी लागू हो गयी है। जिसका पूरे राज्य में श्रमिकों द्वारा उत्साह के साथ स्वागत किया जा रहा है। कार्य स्थलों पर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इसके तहत आज बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम तहसील के तामलापल्ली ग्राम के ग्रामीणों ने मिलकर मानव श्रृंखला का निर्माण कर वीबी जी राम जी का स्वागत किया। इसी प्रकार राज्य के हर ग्राम में वीबी जी राम जी के आगमन को एक उत्सव की तरह मनाते सभी को योजना की जानकारी दी जा रही है।

2 जुलाई को ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से प्रदेश में शुभारंभ

2 जुलाई को तिरुपति, आंध्रप्रदेश से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा, वहीं प्रदेश में यह कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम में शामिल होंगे।

 इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी, 15 दिवस के भीतर मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, डिजिटल जॉब कार्ड एवं तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली, समयबद्ध एवं पारदर्शी भुगतान व्यवस्था अब श्रमिकों को प्राप्त होगी। वीबी जीरामजी में जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण एवं टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास एवं आजीविका पर जोर दिया गया है। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा।

 
 
शिक्षा में AI का प्रभावी उपयोग और मजबूत परीक्षा प्रणाली समय की आवश्यकता : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

शिक्षा में AI का प्रभावी उपयोग और मजबूत परीक्षा प्रणाली समय की आवश्यकता : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य  बृजमोहन अग्रवाल का कहना है कि बदलते वैश्विक परिवेश में भारत की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, कौशल आधारित और रोजगारोन्मुख बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और भारत को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बुधवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बतौर सदस्य सहभागिता की।

बैठक में नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा प्रक्रिया से प्राप्त सीख, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार, तथा शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को अधिकतम करने की रणनीतियों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

अग्रवाल ने कहा कि देश के युवाओं का भविष्य एक विश्वसनीय और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली पर निर्भर करता है। इसलिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को और अधिक सक्षम, पारदर्शी तथा तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में ठोस सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में नई तकनीकों का समावेश केवल डिजिटल बदलाव तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसरों का सृजन होना चाहिए।

बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक, सदस्य  रवि शंकर प्रसाद समेत आने सदस्यगण, अंतरिक्ष विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन, उच्चतर शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के महानिदेशक डॉ. अभिषेक सिंह सहित शिक्षा जगत के अनेक विशेषज्ञों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि समिति में हुए व्यापक विचार-विमर्श से प्राप्त सुझाव देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण आधार सिद्ध होंगे।

 
 
मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को दी गई सम्मानपूर्ण विदाई

मंत्रालय के तीन अधिकारी-कर्मचारियों को दी गई सम्मानपूर्ण विदाई

 श्रम मंत्री देवांगन ने शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर दी शुभकामनाएं

रायपुर। राज्य शासन की सेवा में दीर्घकाल तक योगदान देने के उपरांत अधिवार्षिकी आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए तीन अधिकारी-कर्मचारियों के सम्मान में आज मंत्रालय महानदी भवन में सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके स्वस्थ, सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

सेवानिवृत्त होने वालों में श्रम विभाग के अवर सचिव कीर्तिवर्धन उपाध्याय, गृह विभाग के स्टाफ ऑफिसर  राजेश हीरा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के दफ्तरी  चैनसिंह शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ निभाई गई शासकीय सेवा सदैव प्रेरणादायी होती है। प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का योगदान शासन-प्रशासन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वस्थ, सुखद एवं सम्मानपूर्ण जीवन तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।