नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मिशन अमृत 2.0 से शहरों में बढ़ेगी हरियाली, नागरिकों को मिलेंगे बेहतर और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों उद्यानों के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। शहरों में ऐसे सार्वजनिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जहां हरियाली और स्वच्छ वातावरण के साथ बच्चों को खेलने, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों को व्यायाम, पैदल भ्रमण और विश्राम की बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नए उद्यानों का विकास इसी सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्रीसाय के मार्गदर्शन और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देशन में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन उद्यानों का निर्माण एक वर्ष के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में विकसित होने वाले इन उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे। व्यापक पौधरोपण के साथ ही नागरिकों की अलग-अलग आयु वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उद्यानों में बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, पैदल भ्रमण के लिए पाथवे, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान, प्रकाश व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन को ध्यान में रखते हुए वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

निर्माण के बाद उद्यानों के बेहतर रख-रखाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पांच वर्षों तक इन परिसरों का संचालन एवं संधारण चयनित निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाएगा। इससे उद्यानों में विकसित हरियाली, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित होगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि तेजी से विकसित हो रहे शहरों में अधोसंरचना के विस्तार के साथ पर्यावरण और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी आवश्यक है। मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से विकसित किए जा रहे ये उद्यान केवल हरित क्षेत्र नहीं होंगे, बल्कि बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होंगे।

उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण से इन परिसरों का हरित स्वरूप समृद्ध होगा। साथ ही ओपन जिम, पाथवे, खेल एवं विश्राम की सुविधाएं लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए बेहतर वातावरण प्रदान करेंगी। वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं पर्यावरण संरक्षण के साथ जल संवर्धन के प्रयासों को भी मजबूती देंगी।

हरित और सुविधायुक्त शहरों के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही सरकार: उप मुख्यमंत्री  अरुण साव

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय क्षेत्रों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और सुविधायुक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत इन परियोजनाओं से शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ने के साथ नागरिकों को मनोरंजन, व्यायाम और विश्राम के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार का विशेष जोर इस बात पर है कि निर्माण कार्य केवल अधोसंरचना तैयार करने तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव भी सुनिश्चित हो। इसी उद्देश्य से इन उद्यानों के निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा संचालन एवं संधारण की व्यवस्था की गई है। इससे विकसित सुविधाओं का लाभ नागरिकों को लंबे समय तक मिल सकेगा।

अहिवारा में 2.07 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होगा उद्यान

अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर आधुनिक उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उद्यान परिसर में करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे। यहां सोलर लाइट की व्यवस्था के साथ बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, युवाओं एवं अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम, बैठने एवं विश्राम के लिए स्थान तथा सुगम आवागमन के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो के निर्माण के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

मुंगेली में 3.52 करोड़ रुपए से 3.08 एकड़ में विकसित होगा हरित परिसर

मुंगेली नगर पालिका के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तीनों परियोजनाओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा उद्यान होगा।

यहां लगभग 4,453 पौधों का रोपण किया जाएगा। बच्चों के लिए प्ले-एरिया एवं खेल उपकरण, नागरिकों के लिए ओपन जिम और बैठने की सुविधा तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे विकसित किए जाएंगे। टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी बनाया जाएगा।

कांकेर में 1.69 करोड़ रुपए से बनेगा आधुनिक उद्यान

कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके निर्माण के लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। नागरिकों के बैठने एवं विश्राम के लिए निर्धारित स्थान, बच्चों के लिए प्ले-इक्वीपमेंट, स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम तथा पैदल भ्रमण के लिए पाथवे तैयार किया जाएगा। उद्यान में सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो की सुविधा के साथ वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।

गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयसीमा  में पूरे किए जाएंगे कार्य

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के माध्यम से नगरीय क्षेत्रों में हरित अधोसंरचना को मजबूत करने और नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्थल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अहिवारा, मुंगेली और कांकेर में प्रस्तावित उद्यान इसी दिशा में विकसित किए जा रहे हैं।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थानीय नागरिकों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय

कैंसर के खिलाफ जंग में आधुनिक इलाज के साथ जरूरी है मरीज का मनोबल: CM साय

 रायपुर। कैंसर के विरुद्ध लड़ाई केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है। मरीज को आधुनिक और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने के साथ उसका मनोबल बनाए रखना तथा उसे यह विश्वास दिलाना भी उतना ही आवश्यक है कि इस कठिन लड़ाई में वह अकेला नहीं है। चिकित्सकों का संवेदनशील व्यवहार और परिवार एवं समाज का भावनात्मक सहयोग मरीज के भीतर बीमारी से लड़ने का हौसला बढ़ाता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर में बालको मेडिकल सेंटर द्वारा आयोजित चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कैंसर आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। कैंसर का नाम सुनते ही मरीज के साथ पूरा परिवार चिंता और अनिश्चितता से घिर जाता है। बीमारी का प्रभाव केवल मरीज के शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसकी मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ता है। इसलिए कैंसर के उपचार में समग्र दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि चिकित्सक जब आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ मरीज से जुड़ते हैं तो वे केवल बीमारी का उपचार नहीं करते, बल्कि मरीज और उसके परिवार के लिए विश्वास और हौसले का आधार भी बनते हैं। चिकित्सा विज्ञान में हो रही प्रगति के साथ मानवीय संवेदना का यह पक्ष कैंसर के विरुद्ध लड़ाई को और मजबूत बनाता है।

समय पर पहचान से बढ़ती हैं प्रभावी उपचार की संभावनाएं

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कैंसर से लड़ाई में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक बीमारी की समय पर पहचान है। शुरुआती अवस्था में कैंसर की पहचान होने पर प्रभावी उपचार की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की समय पर स्क्रीनिंग और रोकथाम को प्राथमिकता दी है।

मुख्यमंत्री साय ने कॉन्क्लेव में उपस्थित विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे ऐसी आधुनिक तकनीकों, अनुसंधानों और प्रभावी उपायों पर विचार करें, जिनसे कैंसर की जल्द पहचान हो सके और उपचार को अधिक सस्ता, सुलभ तथा आम लोगों की पहुंच में लाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कॉन्क्लेव चिकित्सा जगत के अनुभव, शोध और नवाचार को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच हैं। यहां होने वाला विचार-विमर्श भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और उपचार पद्धतियों को नई दिशा देने में सहायक होगा।

प्रदेश में लगातार मजबूत हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना

मुख्यमंत्री ने चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। आज शासकीय और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर इनकी संख्या 15 हो गई है। इसके साथ ही पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन चिकित्सा संस्थानों में कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आवश्यक विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए दूर न जाना पड़े और उन्हें अपने राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो।

आर्थिक कठिनाई उपचार में न बने बाधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी के समय उपचार के खर्च की चिंता परिवार की परेशानी को और बढ़ा देती है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कठिनाई किसी जरूरतमंद व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान की है। पात्र परिवारों को योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक उपचार की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को 25 लाख रुपए तक की उपचार सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य यही है कि बीमारी के कठिन समय में परिवार को आर्थिक चिंता के बजाय मरीज के स्वास्थ्य और उपचार पर ध्यान देने का संबल मिले।

बस्तर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री ने चौथे बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत लगभग 34 लाख लोगों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई है। इनमें करीब 40 हजार लोगों में विभिन्न बीमारियों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा गया है।

उन्होंने कहा कि व्यापक स्क्रीनिंग का उद्देश्य बीमारी की शुरुआती अवस्था में ही पहचान करना और मरीज को समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। सरगुजा सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी कैंसर सहित गंभीर बीमारियों की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

नवा रायपुर में आकार ले रही 5 हजार बिस्तरों की मेडिसिटी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में 5 हजार बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यह परियोजना प्रदेश में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने कहा कि मेडिसिटी के विकसित होने से प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी और छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

स्वस्थ नागरिक विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए अपना विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ तभी प्रभावी योगदान दे सकेगा, जब प्रदेश का प्रत्येक नागरिक स्वस्थ और सशक्त होगा।

उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति में चिकित्सकों, शोधकर्ताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समाज डॉक्टरों को अत्यंत सम्मान की दृष्टि से देखता है, क्योंकि वे कठिन परिस्थितियों में लोगों का जीवन बचाने और उन्हें स्वस्थ जीवन देने का कार्य करते हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चौथा बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव कैंसर की रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग, शोध और आधुनिक उपचार के क्षेत्र में उपयोगी निष्कर्षों तथा नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा। यहां देश-दुनिया के विशेषज्ञों द्वारा साझा किए जा रहे अनुभव और नवाचार छत्तीसगढ़ में कैंसर के विरुद्ध सामूहिक प्रयासों को नई दिशा और मजबूती देंगे।

कैंसर मरीजों का तैयार होगा व्यवस्थित डेटाबेस : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चौथा छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञों का एक मंच पर आकर रोकथाम, स्क्रीनिंग, अनुसंधान और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर अपने अनुभव साझा करना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने में सहायक होगा।

उन्होंने कहा कि बालको मेडिकल सेंटर द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से प्रदेश में 500 से अधिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर जांच के लिए प्रेरित करने का कार्य किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार कैंसर की समय पर पहचान के लिए स्क्रीनिंग का दायरा लगातार बढ़ा रही है। प्रदेश में कैंसर को नोटिफाई करने का निर्णय लिया गया है। इससे कैंसर मरीजों का व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जा सकेगा और उनके उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों का बेहतर ढंग से संधारण संभव होगा।

उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण को भी मिशन मोड में आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि स्क्रीनिंग और रोकथाम के उपायों के माध्यम से बीमारी की पहचान शुरुआती चरण में हो तथा मरीज को समय पर आवश्यक उपचार मिल सके।

‘Restoring Balance to Cancer Care’ थीम पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में देश-विदेश के प्रतिष्ठित चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ कैंसर की रोकथाम, स्क्रीनिंग, उपचार, अनुसंधान और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवाचारों पर मंथन कर रहे हैं। कॉन्क्लेव में 200 से अधिक राष्ट्रीय और 11 अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। इस वर्ष स्त्री रोग संबंधी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर पर विशेष रूप से चर्चा की जा रही है।

कैंसर की जांच और उपचार की नवीन तकनीकों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कैंसर जागरूकता, प्रारंभिक पहचान, स्क्रीनिंग तथा जांच एवं उपचार की नवीनतम तकनीकों से संबंधित विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन परियोजना का शुभारंभ भी किया।

मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रतिनिधियों से आधुनिक तकनीकों की कार्यप्रणाली, कैंसर की समय रहते पहचान में उनकी उपयोगिता तथा उपचार के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों और नवाचारों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों से कैंसर की जांच और उपचार में उभरती नई संभावनाओं पर भी चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से यह जानकारी ली कि आधुनिक तकनीक और नवाचारों की सहायता से कैंसर की प्रारंभिक पहचान को किस प्रकार अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है और इन सुविधाओं को प्रदेश के आम नागरिकों, विशेषकर दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक किस प्रकार अधिक सुलभता से पहुंचाया जा सकता है।

इस अवसर पर बालको मेडिकल सेंटर की डायरेक्टर डॉ. भावना सिरोही, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी, ई-कैंसर की प्रतिनिधि डॉ. सुज़ाना स्टेनवे, वाइस एडमिरल आरती सरीन सहित देश-विदेश से आए विशेषज्ञ चिकित्सक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित थे।

CG- चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी : बदमाश ने झांकी से लौट रहे दो युवकों पर चाकू से किया वार, 10 दिन पहले ही जेल से आया था बाहर

CG- चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी : बदमाश ने झांकी से लौट रहे दो युवकों पर चाकू से किया वार, 10 दिन पहले ही जेल से आया था बाहर

 रायपुर। राजधानी रायपुर के डंगनिया इलाके से चाकूबाजी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, डंगनिया इलाके में पुरानी रंजिश के चलते एक सिरफिरे बदमाश ने झांकी से घर लौट रहे दो युवकों पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया, इस खौफनाक वारदात में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, घायल युवकों की पहचान राजा साहू और आशीष भट्ट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राजा साहू और आशीष झांकी से प्रसाद छोड़ने अपने घर वापस जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पुराना विवाद और रंजिश पाले बैठे आरोपी अमन यादव ने उन्हें घेर लिया, दरअसल आरोपी अमन यादव की राजा साहू के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के तहत उसने राजा साहू पर चाकू से हमला कर दिया। जब राजा को चाकू मारता देख दोस्त आशीष भट्ट ने घर में मिठाई छोड़कर बीच-बचाव कर उसे बचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने आशीष को भी नहीं बख्शा और उस पर भी चाकू से वार कर दिया। आरोपी ने दोनों युवकों के गाल पर चाकू से वार किए हैं। परिजनों के मुताबिक आरोपी अमन यादव कोई आम अपराधी नहीं है, वह पहले भी चोरी, लूट और NDPS एक्ट जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुका है।

10 दिन पहले ही जेल से आया था बाहर

हैरानी की बात यह है कि आरोपी महज 10 दिन पहले ही जेल से छूटकर बाहर आया था और बाहर आते ही उसने इस वारदात को अंजाम दे डाला। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अमन यादव मौके से फरार हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है।

CG- शिक्षक हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा: शिक्षक ही निकला शिक्षक का हत्यारा, इस वजह से उतारा मौत के घाट…

CG- शिक्षक हत्याकांड में सनसनीखेज खुलासा: शिक्षक ही निकला शिक्षक का हत्यारा, इस वजह से उतारा मौत के घाट…

 आरंग। ग्राम बनचरौदा के पास महानदी तट पर शासकीय शिक्षक शिवकुमार चंद्राकर की हत्या के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। आरंग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान शिक्षक की हत्या के आरोप में उसके ही स्कूल में पदस्थ साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच पैसों के लेन-देन और ब्याज को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते वारदात को अंजाम देने की बात सामने आई है।

17 सितंबर को बनचरौदा के पास महानदी के किनारे एक अज्ञात शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान ग्राम रामपुर डंगनिया (चंपारण) निवासी शिवकुमार चंद्राकर (46 वर्ष) के रूप में हुई, जो ग्राम कुम्हारी स्थित शासकीय विद्यालय में शिक्षक थे। वे किसान नेता रूपन चंद्राकर के भतीजे थे।

मृतक के सिर और चेहरे पर किसी भारी वस्तु व धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर हत्या की गई थी। घटनास्थल के पास ही उनकी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए रायपुर ग्रामीण एएसपी अभिषेक कुमार झा, सीएसपी लंबोदर पटेल और आरंग थाना प्रभारी नरेश कुमार साहू फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और साक्ष्य एकत्र किए।

सीसीटीवी फुटेज और VSK ऐप की लॉग रिपोर्ट ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस की शक की सुई मृतक के साथी शिक्षक चंद्रप्रकाश वर्मा की ओर घूमी। चरवाहे और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि घटना वाले दिन शिवकुमार को अंतिम बार चंद्रप्रकाश की सफेद रंग की स्कूटी पर जाते देखा गया था।

पुलिस ने जब कुम्हारी स्कूल के सीसीटीवी फुटेज और शिक्षा विभाग के VSK ऐप (Vidya Samiksha Kendra App) की लॉग रिपोर्ट का विश्लेषण किया, तो पूरा मामला साफ हो गया।

लोकेशन ऑफ कर निकला आरोपी: 17 सितंबर की सुबह 9:35 बजे चंद्रप्रकाश स्कूल आया और निजी काम का बहाना बनाकर मोबाइल की लोकेशन ऑफ करके तुरंत बाहर निकल गया।

फर्जी उपस्थिति का प्रयास: दोपहर 12:50 बजे आरोपी स्कूल लौटा। पकड़े जाने के डर से उसने अपने फोन से लॉग इन न करके यह बहाना बनाया कि उसका फोन घर पर छूट गया है और दूसरे शिक्षक के फोन से अपनी उपस्थिति (Log-in) दर्ज कराई। ऐप की लॉग रिपोर्ट ने उसके इस झूठ को पकड़ लिया।

30 लाख की उधारी और 3 महीने का बकाया ब्याज बना हत्या का कारण
18 सितंबर को जब पुलिस ने संदेही चंद्रप्रकाश वर्मा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और मृतक पिछले 4 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे तथा साथ में रेत, रियल एस्टेट और बुलियन (शेयर/ट्रेडिंग) मार्केट में निवेश करते थे।

30 लाख रुपये का लेन-देन: इस कारोबार के सिलसिले में आरोपी ने शिवकुमार को लगभग 30 लाख रुपये उधार दिए थे, जिसके बदले में शिवकुमार ने ‘छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक’ के 3 ब्लैंक चेक दिए थे।

ब्याज न देने पर विवाद: आरोपी हर महीने ब्याज लेता था, लेकिन पिछले 3 महीनों से मृतक ब्याज नहीं दे रहा था और मांगने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देता था।

आक्रोश में आकर आरोपी ने हत्या का प्लान बनाया। 17 सितंबर की सुबह करीब 10:00 बजे दोनों कुम्हारी स्कूल के पास मिले और विवाद करते-करते बनचरौदा के सुनसान इलाके में पहुंच गए। वहां विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अपनी स्कूटी में पहले से रखे धारदार हथियार और हथौड़े से शिवकुमार के सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी।

साक्ष्य बरामद, आरोपी भेजा गया जेल
आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सफेद स्कूटी, धारदार हथियार, हथौड़ा, मृतक के 3 ब्लैंक चेक, मृतक का पर्स, दोनों के मोबाइल और आरोपी के खून से सने कपड़े, जूते व मोजे जब्त कर लिए हैं।

आरंग पुलिस ने आरोपी चंद्रप्रकाश वर्मा के खिलाफ अपराध क्रमांक 443/2026, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

CG- हवाई यात्रियों को बड़ा झटका! बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान हुई बंद, सामने आई ये बड़ी वजह…

CG- हवाई यात्रियों को बड़ा झटका! बिलासपुर-कोलकाता सीधी उड़ान हुई बंद, सामने आई ये बड़ी वजह…

 बिलासपुर। बिलासपुर से महानगरों तक सीधी विमान सेवा के सपने पर एक के बाद एक ग्रहण लगता जा रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और अंबिकापुर के बाद अब कोलकाता की सीधी फ्लाइट भी बंद हो गई है। एलायंस एयर की ओर से संचालित बिलासपुर-कोलकाता उड़ान को कम यात्री संख्या का हवाला देकर बंद कर दिया गया है।

कनेक्टिविटी पर सवाल

गौरतलब है कि बिलासपुर से संचालित विमान सेवाओं में इससे पहले भी कटौती की जा चुकी है। कभी फ्लाइट का समय बदला गया, तो कभी रूट में बदलाव किया गया। अब कोलकाता की सीधी कनेक्टिविटी भी खत्म होने से बिलासपुर की महानगरों से एयर कनेक्टिविटी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने इसे लेकर विरोध जता रही है।

तत्काल बहाल करने की मांग

समिति का आरोप है कि बिलासा एयरपोर्ट के साथ लगातार ऐसे प्रयोग किए जा रहे हैं। जिससे यहां की विमान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। समिति का कहना है कि पहले सीधी उड़ान को बदलकर अंबिकापुर से जोड़ा गया। इससे सफर का समय बढ़ा और किराया भी करीब दोगुना हो गया। इसके बाद कम यात्री संख्या का हवाला देकर अब सेवा बंद की जा रही है। समिति ने कोलकाता की सीधी उड़ान तत्काल बहाल करने की मांग की है। साथ ही राज्य सरकार से मुलाकात कर बिलासपुर की एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने की मांग करने की बात कही है।

CG – किराएदार ने शक में खेला खूनी खेल! विवाद के बाद मकान मालिक का गला दबाकर उतारा मौत के घाट…

CG – किराएदार ने शक में खेला खूनी खेल! विवाद के बाद मकान मालिक का गला दबाकर उतारा मौत के घाट…

 रायपुर। राजधानी से लगे राखी थाना क्षेत्र के ग्राम गनौद में चरित्र शंका और कथित अवैध संबंध के विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। मकान मालिक और किराएदार के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद आखिरकार खूनी संघर्ष में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, विवाद के दौरान किराएदार ने मकान मालिक का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद राखी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान वेद राम साहू (45 वर्ष) निवासी ग्राम गनौद के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपी पुरुषोत्तम धीवर उर्फ छोटू (25 वर्ष) है, जो ग्राम धमनी भाटापारा, वार्ड नंबर-2, थाना मंदिर हसौद, जिला रायपुर का रहने वाला बताया गया है।

जानकारी के मुताबिक पुरुषोत्तम धीवर पिछले करीब एक से दो वर्षों से वेद राम साहू के मकान में किराए से रह रहा था। इसी परिसर में वह ऑटो पार्ट्स की दुकान भी संचालित करता था। समय के साथ मकान मालिक को अपनी पत्नी और किराएदार के बीच कथित अवैध संबंध होने का शक हुआ। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर कहासुनी और विवाद होने लगा था।

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वेद राम साहू कथित संबंधों के शक को लेकर पुरुषोत्तम से विवाद करता था। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक दोनों के बीच गाली-गलौज और तनाव की स्थिति भी बनी रहती थी। हालांकि, इन आरोपों और संबंधों की वास्तविकता की पुष्टि जांच के जरिए ही होगी।

घटना वाले दिन भी इसी विवाद को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई। देखते ही देखते मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार इसी दौरान पुरुषोत्तम धीवर ने कथित तौर पर वेद राम साहू का गला दबा दिया। दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद राखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों तथा परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी पुरुषोत्तम धीवर उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और घटना से जुड़े परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विवाद की पूरी पृष्ठभूमि क्या थी और वारदात किन परिस्थितियों में हुई।

रायपुर ग्रामीण के ASP अभिषेक कुमार झा के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में भी मृतक और आरोपी की पहचान तथा घटनाक्रम की जानकारी दी गई है। फिलहाल पुलिस की विवेचना जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।

विशेष लेख:”सेवा_संकल्प_अभियान”

विशेष लेख:”सेवा_संकल्प_अभियान”

डिजिटल पंख: क्रेडिट बैंक और डिजीलॉकर से गढ़ी ‘कहानी बदलाव की’, पूरा हुआ ‘सेवा का संकल्प’

विष्णु प्रसाद वर्मा
सहायक संचालक

रायपुर,19 सितंबर 2026/ ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से शुरू हुई ‘एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट’ (ABC) और डिजीलॉकर एकीकरण योजना ने राज्य में शिक्षा का परिदृश्य पूरी तरह बदल दिया है। सत्र 2023-24 से लागू हुई यह व्यवस्था वर्ष 2026 में पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है, जिससे राज्य के 6.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य सुरक्षित और सुगम हो गया है।
​यह पहल छत्तीसगढ़ में सुदूर वनांचल से लेकर शहरी क्षेत्रों तक सुशासन और ‘सेवा आपके द्वार’ की अवधारणा को चरितार्थ कर रही है।

​डिजिटल लॉकर: सुरक्षा और स्वतंत्रता का आधार

​ नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) से जुड़े विश्वविद्यालयों के माध्यम से अब डिग्रियां और अंकसूचियां सीधे डिजीलॉकर में सुरक्षित हो रही हैं, जिससे प्रमाणपत्रों के गुम या खराब होने का जोखिम खत्म हो चुका है। डिजिटल दस्तावेज कानूनी रूप से मूल हार्ड कॉपी के समान मान्य हैं। इससे युवाओं को अब नौकरियों या प्रवेश के लिए यूनिवर्सिटी के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

​विद्यार्थियों के जीवन में ‘कहानी बदलाव की’

यह योजना विद्यार्थियों को “मल्टीपल एंट्री एंड एग्जिट” की स्वतंत्रता देती है। यदि बस्तर का कोई छात्र पारिवारिक परिस्थितियों के कारण दो वर्ष की पढ़ाई के बाद कॉलेज छोड़ता है, तो उसके कमाए हुए क्रेडिट उसकी ABC ID में सुरक्षित रहते हैं। कुछ वर्षों बाद वह रायपुर, बिलासपुर या देश के किसी भी विश्वविद्यालय में सीधे तीसरे वर्ष में दाखिला लेकर अपनी शिक्षा पूरी कर सकता है। पहले जहाँ पढ़ाई छूटने पर मेहनत ‘जीरो’ मानी जाती थी, वहीं अब क्रेडिट बैंक युवाओं के सपनों को टूटने से बचा रहा है।

​शत-प्रतिशत केंद्रीय सहयोग से व्यापक विस्तार

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई शत-प्रतिशत तकनीकी व वित्तीय सहायता से यह पूरी डिजिटल अवसंरचना राज्य को निःशुल्क प्राप्त हुई है।
​पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (रायपुर), अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय (बिलासपुर) और शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर) सहित राज्य के सभी 33 जिलों के शासकीय व निजी महाविद्यालय इस अभियान से जुड़ चुके हैं। सुकमा और बीजापुर से लेकर सरगुजा तक के छात्रों को देशव्यापी स्तर पर क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा देकर इस व्यवस्था ने डिजिटल फासले को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

जैतू साव मठ में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई राधा अष्टमी

 रायपुर- पुरानी बस्ती स्थित जैतू साव मठ में राधा अष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक आयोजन किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर राधारानी के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।


राधा अष्टमी के अवसर पर मठ में भगवान श्रीराधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया गया। भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रमों से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। श्रद्धालुओं ने राधारानी के जयकारे लगाए और प्रसाद ग्रहण किया।

मठ के श्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि - *राधा अष्टमी के पर्व पर प्रतिवर्ष मठ में विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। इस वर्ष भी यहां परंपरागत रूप से आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं* जिसमें दो बड़ी श्रद्धा भक्ति पूर्वक उपस्थित हुए हैं भविष्य में भी यही सिलसिला निरंतर चलता रहे यही प्रभु से प्रार्थना है। ट्रस्ट कमेटी के सदस्य अजय तिवारी ने इस गरिमामय कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में विशेष रूप से ट्रस्ट कमेटी के सचिव दाऊ महेंद्र अग्रवाल जी, अजय अग्रवाल, जगन्नाथ अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, दीपक पाठक, सुमित जी, महिला मंडल कीर्तन समिति, सहित स्थानीय श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों की सहभागिता सराहनी है।
CG : दंतैल हाथी की दस्तक: 10 किमी दायरे के गांवों में हाई अलर्ट; वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

CG : दंतैल हाथी की दस्तक: 10 किमी दायरे के गांवों में हाई अलर्ट; वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

 धमतरी। जिले के केरेगांव वन परिक्षेत्र के छुही बीट में इन दिनों दंतैल हाथी विचरण कर रहा है। हाथी की मौजूदगी से ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने हाथी की लोकेशन मिलने के बाद आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है।

वन विभाग ने गांवों में किया अलर्ट जारी
वन विभाग के मुताबिक, दंतैल हाथी फिलहाल कक्ष क्रमांक P-143 के आसपास मौजूद है. हाथी के आगे बढ़कर जोगीडीह के आबादी क्षेत्र और धमतरी केरेगांव रेंज की ओर जाने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए जोगीडीह, छुही, पीपरछेड़ी, बाजारकुर्रीडीह, साल्हेभाट, सिरौदकला और कमारपारा समेत आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बासीखाई, झुरातराई और भालुचुवा गांवों में भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।

हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है. पीपरछेड़ी और कमारपारा समेत प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके करीब न जाएं और उसे किसी भी तरह परेशान न करें. हाथी की सूचना तत्काल नजदीकी वन कर्मचारी को देने की अपील की गई है।

गरियाबंद की ओर से पहुंचा दंतैल
बताया जा रहा है कि यह दंतैल हाथी गरियाबंद की ओर से उत्तर सिंगपुर होते हुए केरेगांव रेंज में पहुंचा है. हाथी की गतिविधियों को देखते हुए उसके आसपास करीब 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाली बस्तियों को सतर्क किया गया है। वन विभाग की टीम हाथी की लगातार निगरानी कर रही है और उसकी गतिविधियों के आधार पर ग्रामीणों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : अरुण साव

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने आगे आएं इवेंट मैनेजर्स : अरुण साव

 'छत्तीसगढ़ में इवेंट मैनेजमेंट और पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं'

'इकॉन-2026' में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

रायपुर. उप मुख्यमंत्री  अरुण साव आज रायपुर में आयोजित 'इकॉन-2026' इवेंट एंड एंटरटेनमेंट कॉन्क्लेव में शामिल हुए। उन्होंने देशभर से आए इवेंट मैनेजर्स का स्वागत करते हुए कहा कि इवेंट मैनेजमेंट आज एक बड़े उद्योग के रूप में उभर रहा है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन स्थलों में अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश की नई औद्योगिक नीति में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ मैरिज डेस्टिनेशन के रूप में भी तेजी से उभर रहा है। इवेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के प्रयासों से प्रदेश को बड़ा लाभ मिल सकता है।

 साव ने देश के विभिन्न प्रदेशों से आए मेहमानों से छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग स्थानों की यात्रा करें और यहां की संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन की संभावनाओं से परिचित हों। छत्तीसगढ़ में बहुत कुछ है, जिसे देश-दुनिया तक पहुंचाने की आवश्यकता है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कॉन्क्लेव में सभी एक-दूसरे के अनुभव साझा करें और नए अवसरों पर मिलकर काम करें। इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में नवाचार से प्रदेश में पर्यटन एवं आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए सभी प्रतिभागियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

गोल्फ के ग्लोबल मैप पर उभर रहा नवा रायपुर, विश्वस्तरीय सुविधाएं बन रहीं पहचान : अरुण साव

 डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन में खलिन एच. जोशी बने विजेता, उप मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को किया पुरस्कृत

रायपुर. नवा रायपुर अब केवल आधुनिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन गोल्फ टूर्नामेंट-2026 के पुरस्कार वितरण समारोह में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने कहा कि नवा रायपुर का वर्ल्ड क्लास फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब छत्तीसगढ़ में गोल्फ के बढ़ते आकर्षण और विश्वस्तरीय खेल सुविधाओं की पहचान बन रहा है।  साव ने प्रतियोगिता के विजेता खलिन एच. जोशी सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार प्रदान किए और सभी प्रतिभागियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंटों का आयोजन यहां की खेल संभावनाओं को नई दिशा देता है। ऐसे आयोजन छत्तीसगढ़ की गोल्फ प्रतिभाओं के लिए बड़े मंच का काम करते हैं। देश-दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों की मौजूदगी में होने वाली प्रतियोगिताओं से स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की प्रेरणा मिलती है।

 साव ने डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन के सफल आयोजन के लिए पीजीटीआई अध्यक्ष  कपिल देव और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख खेल आयोजनों के मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर मंच देने के ऐसे प्रयास लगातार जारी रहेंगे। प्रदेश में आधुनिक खेल अधोसंरचना का विस्तार कर खिलाड़ियों के लिए ऐसे अवसर तैयार किए जाएंगे, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर सकें।

वेतन भुगतान में गड़बड़ी, प्रभारी प्राचार्य समेत 3 कर्मचारी निलंबित

वेतन भुगतान में गड़बड़ी, प्रभारी प्राचार्य समेत 3 कर्मचारी निलंबित

 महासमुंद। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में वेतन भुगतान में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में लोक शिक्षण संचालनालय ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर समेत तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबित कर्मचारियों में प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर, सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान शामिल हैं।

विभागीय आदेश के अनुसार, नारायण प्रसाद निर्मलकर पर जुलाई 2024 के वास्तविक वेतन और भत्तों में कथित तौर पर वृद्धि कर वेतन बिल तैयार करने और बढ़ी हुई राशि का कोषालय से आहरण कराने का आरोप है। इसके अलावा मई 2025 से जनवरी 2026 तक के नियमित वेतन बिलों में भी ऑनलाइन राशि बढ़ाकर भुगतान कराने की बात सामने आई है।

मामले को शासकीय नियमों की अनदेखी और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा मानते हुए तीनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। फिलहाल विभाग द्वारा वेतन बिलों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच में कथित अनियमितता में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका होने की भी पड़ताल की जा रही है।

CG Weather : उमस से मिलेगी राहत! छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन बारिश के आसार

CG Weather : उमस से मिलेगी राहत! छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन बारिश के आसार

 रायपुर। सितंबर के आखिरी दौर में छत्तीसगढ़ के मौसम में एक बार फिर बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। शनिवार से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और कुछ जगहों पर वज्रपात की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में भी बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार हैं।

शुक्रवार को रायपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में दिनभर उमस और गर्मी का असर देखने को मिला। हालांकि शाम के समय मौसम बदला और राजधानी में बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके असर से आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और बारिश का दौर बढ़ सकता है।

पिछले 24 घंटे में कई जगह हुई बारिश

प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम रही। शुक्रवार को राजनांदगांव में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश की बात करें तो पथरिया में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। सूरजपुर और बम्हनीडीह में 3-3 सेंटीमीटर, जबकि उसूर, जनकपुर-भरतपुर, बागबहरा और करतला में 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 19 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार यहां अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश की संभावना के चलते लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

अगले दो दिन बारिश का दौर जारी रहने के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 19 सितंबर को छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी संभावना है। अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर बारिश के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है।

विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़, निवेश के लिए है असीम संभावनाएं – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है छत्तीसगढ़, निवेश के लिए है असीम संभावनाएं – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अनछुए पर्यटन स्थलों से दुनिया को परिचित कराने की है जरूरत

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में हुए शामिल

रायपुर। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी ने देश को 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य दिया है। एक ऐसा भारत जिसकी ओर दुनिया चुनौतियों के समाधान की उम्मीद से देख रही है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में हमारा छत्तीसगढ़ राज्य अहम भूमिका निभाने में सक्षम है। हमारे पास देश की तरक्की को गति देने वाले सभी जरूरी संसाधन हैं। उच्च गुणवत्ता के बहुमूल्य खनिज,बिजली के साथ ही हमारे पास स्किल्ड वर्क फोर्स है।  उक्त बातें मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में आयोजित इकोनामिक टाइम्स द्वारा आयोजित विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026 में कही।

उन्होंने बताया विकसित भारत 2047 के अनुरूप ही हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहे है। हमनें इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किए है जिसके अनुरूप हमारी सरकार समयबद्ध रूप से मिशन मोड में कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा विकसित भारत की भव्य इमारत स्टील से तैयार होगी। छत्तीसगढ़ अभी देश का 20 प्रतिशत स्टील उत्पादित करता है। चिनाब नदी पर बना देश का सबसे ऊंचा पुल छत्तीसगढ़ के फौलादी स्टील से तैयार हुआ है।  माननीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी स्टील निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार नीतिगत प्रयास कर रहे हैं। हमने प्रदेश में स्टील के उत्पादन का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 45 मिलियन टन करने का रखा है। विकसित भारत के ग्रोथ इंजन को पावर चाहिए। छत्तीसगढ़ देश के 20 प्रतिशत कोयले का उत्पादन करता है। हम 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन करते हैं। हमने एनर्जी समिट किया,जिसमें साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव आये, जिन पर काम हो रहा है। कुछ ही वर्षों में 60 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।

उन्होंने आगे कहा आज छत्तीसगढ़ का कोर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। इसके पीछे बड़ी वजह हमारी नई औद्योगिक नीति है। हमने निवेश पर आकर्षक सब्सिडी दी है। कोई अपना उद्यम लगाना चाहे तो उनके लिए अनेक तरह के प्रोत्साहन हैं। पूंजी निवेश पर सब्सिडी है, ब्याज पर सब्सिडी है, कोई टेक्नालाजी खरीदना चाहे तो उस पर सब्सिडी है। स्टांप ड्यूटी में छूट है। हमनें खासकर पावर,आईटी, स्टील, टेक्सटाइल,फार्मा, फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर को विशेष प्रोत्साहित कर रहे है।

नई उद्योग नीति के तहत अब तक हमें 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं।

आज हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का स्वप्न साकार हुआ है। छत्तीसगढ़ के बस्तर ने लंबे समय तक माओवाद का दंश झेला, लेकिन अब यह क्षेत्र इको टूरिज्म के लिए नया डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और अद्भुत जैव विविधता से भरपूर बस्तर में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बस्तर की पहचान उसकी वास्तविक खूबसूरती और सांस्कृतिक समृद्धि के अनुरूप नहीं बन पाई। अब परिस्थितियां तेजी से बदली हैं और बस्तर शांति, विश्वास, विकास और पर्यटन की नई पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। बस्तर की इस बदलती तस्वीर को देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि बीते चार दशकों में बस्तर का नाम राष्ट्रीय मीडिया में अधिकांशतः नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में सामने आता रहा। इससे बस्तर की वास्तविक पहचान कहीं पीछे छूट गई। अब नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और क्षेत्र में स्थापित हो रहे शांति के वातावरण ने बस्तर के विकास के लिए नए द्वार खोले हैं। सड़क, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी नई संभावनाएं आकार ले रही हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा आप सभी बस्तर की वास्तविक खूबसूरती और वहां हो रहे बदलावों से परिचित हैं। राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से जब बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति और पर्यटन स्थलों की सकारात्मक कहानियां देश के सामने आएंगी तो लोगों की बस्तर के प्रति धारणा भी बदलेगी। उन्होंने कहा कि बस्तर को अब नक्सलवाद नहीं, बल्कि उसकी प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए जाना जाए – यह हम सभी का प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पर्यटन केवल किसी क्षेत्र की पहचान को विस्तार देने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का भी बड़ा आधार है। बस्तर में पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प, गाइड सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे। विशेष रूप से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बस्तर के हस्तशिल्प, वनोपज और स्थानीय उत्पादों को भी पर्यटन के माध्यम से बड़ा बाजार मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास को स्थायी स्वरूप देने के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रयास है कि देश-दुनिया से पर्यटक निर्भय होकर बस्तर आएं, यहां की प्राकृतिक सुंदरता और विशिष्ट संस्कृति को करीब से देखें तथा एक नए और बदलते बस्तर का अनुभव लेकर लौटें।

छत्तीसगढ़ मध्य भारत में हमारी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति, 3500 किलोमीटर से अधिक फैले हमारे राष्ट्रीय राजमार्ग और देश के सबसे तेजी से विकसित होते रेल नेटवर्क के चलते छत्तीसगढ़ पर अब सबकी नजर है। लाजिस्टिक के लिए हमारा प्रदेश बहुत उपयुक्त है। यहां से देश के हर कोने में आपूर्ति सबसे आसान है। हमने लाजिस्टिक नीति भी तैयार की है

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है। इस अवधि में देश ने विकास और जनकल्याण के अनेक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखा है। गरीबों के पक्के आवास से लेकर स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना तक जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है।

गढ़डोंगरी में अनोखा गणेश मंदिर, रोज मेहमान बनकर आते हैं 3 भालू, ग्रामीण मानते हैं जामवंत का रूप

गढ़डोंगरी में अनोखा गणेश मंदिर, रोज मेहमान बनकर आते हैं 3 भालू, ग्रामीण मानते हैं जामवंत का रूप

  बेलरगांव : धमतरी जिले से करीब 80 किलोमीटर और सिहावा क्षेत्र से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित गढ़डोंगरी गांव का प्राचीन गणेश मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के साथ-साथ वन्यजीवों की मौजूदगी के कारण भी चर्चा में है। गर्ग ऋषि पर्वत के नीचे स्थित इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान हर दिन तीन भालू प्रसाद खाने पहुंच रहे हैं।

भक्तों और मंदिर के पुजारियों के अनुसार, यह स्वयंभू गणेश मंदिर करीब 16वीं शताब्दी से यहां स्थित है। मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, लेकिन नवरात्रि के दौरान यहां एक अनोखा नजारा देखने को मिलता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, एक मादा भालू अपने दो बच्चों के साथ सुबह और शाम आरती के समय मंदिर परिसर में पहुंचती है। तीनों भालू कुछ देर मंदिर परिसर में घूमने के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं और फिर जंगल की पहाड़ियों की ओर लौट जाते हैं।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि नवरात्रि के दौरान बारहपाली समिति के सदस्य शाम के समय मंदिर परिसर में सेवा गीत और भजन-कीर्तन करने पहुंचते हैं। इसी दौरान भालुओं का भी मंदिर परिसर में आना-जाना देखा जाता है। श्रद्धालु भजन-कीर्तन और आरती में शामिल होते हैं, जबकि भालू मंदिर परिसर में कुछ समय रुकने के बाद वापस जंगल की ओर चले जाते हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मंदिर आने वाले तीन भालुओं में एक मादा और उसके दो बच्चे शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक इन भालुओं ने किसी श्रद्धालु या ग्रामीण को नुकसान नहीं पहुंचाया है। इसी वजह से स्थानीय भक्त इन्हें भगवान गणेश के प्रति आस्था से जोड़ते हुए जामवंत का स्वरूप मानते हैं।

गर्ग ऋषि पर्वत की तलहटी में स्थित यह गणेश मंदिर क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, मंदिर में विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमा स्वयंभू है और यह परंपरा करीब 16वीं शताब्दी से चली आ रही है।

हर वर्ष गणेश चतुर्थी और नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में भक्त भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना करते हैं। वहीं, भालुओं का नियमित रूप से मंदिर परिसर में पहुंचना यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कौतूहल और आकर्षण का विषय बना हुआ है।

छत्तीसगढ़ में स्कूलों से वेलनेस सेंटर तक पहुंचेगा योग, 1800 प्रशिक्षकों की तैयारी

छत्तीसगढ़ में स्कूलों से वेलनेस सेंटर तक पहुंचेगा योग, 1800 प्रशिक्षकों की तैयारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में योग को अब केवल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक सीमित रखने के बजाय नियमित गतिविधि के रूप में बढ़ावा देने की तैयारी है। राज्य सरकार योग को स्कूलों, छात्रावासों और वेलनेस सेंटरों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। शुरुआती चरण में करीब 1800 योग शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की तैयारी है। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और आम नागरिकों को नियमित योग अभ्यास से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, योग कक्षाओं के संचालन का समय, प्रशिक्षकों की तैनाती और निगरानी की व्यवस्था को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

सरकार की योजना के तहत स्कूलों और छात्रावासों में योग की नियमित कक्षाएं संचालित करने की तैयारी है। प्रशिक्षित योग शिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को योगासन, प्राणायाम और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में प्रशिक्षण दिया जा सकता है। हालांकि, प्रदेश के कितने स्कूलों में यह व्यवस्था लागू होगी और 1800 प्रशिक्षकों की संख्या किस आधार पर निर्धारित की गई है, यह तस्वीर विस्तृत कार्ययोजना जारी होने के बाद ही साफ होगी।

पिछले कई वर्षों से योग से जुड़ी गतिविधियां समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित होती थीं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन की जिम्मेदारी योग आयोग के माध्यम से निभाई जाती थी। इसके अलावा नियमित स्तर पर योग को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां सीमित रही हैं। शुरुआती दौर में योग प्रशिक्षण के लिए कुछ प्रशिक्षकों की नियुक्ति भी की गई थी, लेकिन बाद में उनका मानदेय बंद होने के कारण यह व्यवस्था आगे नहीं बढ़ सकी।

समाज कल्याण विभाग से जुड़ी विभिन्न अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद योग को स्वास्थ्य विभाग के अधीन लाया गया। सरकार का तर्क है कि योग को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना अधिक उपयुक्त है। देश में स्वास्थ्य से जुड़ी मान्य चिकित्सा पद्धतियों में योग को भी स्थान दिया गया है। हालांकि, योग शिक्षकों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से होगी और उनकी तैनाती कब तक की जाएगी, इसका विस्तृत खाका अभी सामने आना बाकी है।

सरकार योग को केवल शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित रखने के पक्ष में नहीं है। वेलनेस सेंटरों में भी योग आधारित स्वास्थ्य गतिविधियों को बढ़ाने की तैयारी है। इसका उद्देश्य लोगों को फिटनेस, मानसिक शांति और बेहतर जीवनशैली के प्रति जागरूक करना बताया जा रहा है। योजना लागू होने पर योग को प्राथमिक स्वास्थ्य और वेलनेस गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में विस्तार देखने को मिल सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अनुसार प्रदेश के चार नेचुरोपैथी महाविद्यालयों में से एक में योग का संचालन शुरू करने की तैयारी है। इससे योग और प्राकृतिक चिकित्सा को साथ लेकर आगे बढ़ने की योजना का संकेत मिलता है। हालांकि, एक संस्थान में योग संचालन से प्रदेशभर में प्रशिक्षकों की आवश्यकता किस तरह पूरी की जाएगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

पूरी योजना में करीब 1800 योग शिक्षकों की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण बिंदुओं में से एक है। इनकी सीधी नियुक्ति होगी या किसी अन्य माध्यम से प्रशिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। स्कूलों, छात्रावासों और वेलनेस सेंटरों में योजना की प्रभावशीलता केवल प्रशिक्षकों की संख्या पर ही नहीं, बल्कि उनकी योग्यता, नियमित उपस्थिति और निगरानी व्यवस्था पर भी निर्भर करेगी। अब नजर इस बात पर है कि सरकार इस योजना को किस समय तक लागू करती है और इसका लाभ विद्यार्थियों तथा आम लोगों तक किस स्तर पर पहुंचता है।

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में छुट्टियों में कटौती, दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश अब 5-5 दिन

छत्तीसगढ़ के स्कूलों में छुट्टियों में कटौती, दशहरा-दीपावली और शीतकालीन अवकाश अब 5-5 दिन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली विद्यार्थियों के लिए वर्ष 2026 का अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की तारीखें निर्धारित कर दी हैं। सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूलों में इन तीनों अवसरों पर पांच-पांच दिन का अवकाश रहेगा। इस तरह तीनों छुट्टियों को मिलाकर विद्यार्थियों को कुल 15 दिन की छुट्टी मिलेगी। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार अवकाश की अवधि घटाई गई है।

मुख्यमंत्री साय ने किया प्रोजेक्ट चक्र का शुभारंभ, 25 ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

मुख्यमंत्री साय ने किया प्रोजेक्ट चक्र का शुभारंभ, 25 ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

 रायपुर । श्रम दिवस के अवसर पर इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन एवं श्रम विभाग द्वारा संचालित प्रोजेक्ट चक्र का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री  साय ने प्रोजेक्ट चक्र के प्रथम चरण में 25 ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रायपुर जिले एवं राजधानी की कनेक्टिविटी और आम लोगों की सुविधा के लिए प्रोजेक्ट चक्र संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ई-दीदी रिक्शा योजना के तहत लाभान्वित किया गया है। शहर के आसपास के गांवों से महिलाएं ई-रिक्शा चलाने शहर आएंगी, जिससे आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, सांसद लक्ष्मी वर्मा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, विधायक  सुनील सोनी, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ  कुमार बिश्वरंजन सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित थे।

कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

कौशल, रोजगार, स्टार्टअप और आधुनिक शिक्षा पर सरकार का जोर, 18 हजार से अधिक युवाओं को मिला प्रशिक्षण

 00 9 हजार सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया

00 छत्तीसगढ़ सरकार की रोजगार और कौशल विकास पहल से युवाओं को मिल रहे अवसर
विशेष लेख : धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक, जनसम्पर्क (रायपुर)

रायपुर। युवाओं को विकास के केंद्र में रखते हुए छत्तीसगढ़ की  विष्णु देव साय की सरकार कौशल विकास, रोजगार, उच्च शिक्षा, उद्यमिता और खेल क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है। पिछले करीब तीन वर्षों में जब से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभाली है, युवाओं को सक्षम, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं और पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य शिक्षा और प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ते हुए राज्य की युवा आबादी को विकास की नई ताकत में बदलना है। लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें कुशल, आत्मनिर्भर, नवाचारी और भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार मानव संसाधन के रूप में विकसित करना है।
18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत राज्य के 26 जिलों में करीब 18 हज़ार 330 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। इस पर लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, 35 हजार और युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार ने युवाओं के कौशल विकास के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है, ताकि प्रशिक्षण को उद्योगों और बाजार की बदलती जरूरतों के अनुसार बनाया जा सके।
युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा, युवा छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत और भविष्य की उम्मीद हैं। हमारा प्रयास है कि हर युवा को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध हो। युवा सशक्तीकरण विकसित छत्तीसगढ़ के हमारे विजन का केंद्र है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप है। 
पारदर्शी भर्ती पर फोकस
युवा केंद्रित एजेंडे में रोजगार के साथ सरकारी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता को भी प्राथमिकता दी गई है। राज्य में करीब 9 हजार रिक्त सरकारी पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा क्लास-3 और क्लास-4 के पदों पर भर्ती को एकीकृत, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए नए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है।
युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सरकार द्वारा नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्थासरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर देने के लिए सीजी-एसीई पहल शुरू की है। इसके तहत नीट, क्लैट, जेईई, यूपीएससी, सीजीपीएससी, बैंकिंग, एसएससी और रेलवे जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार
युवा विकास की रणनीति में विष्णु देव साय सरकार ने उच्च शिक्षा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है। उच्च शिक्षा के बजट में करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2025-26 में इसे बढ़ाकर 1,822.75 करोड़ रुपये किया गया है। राज्य के पांच सरकारी कॉलेजों को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें जशपुर, रायपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार और रायगढ़ के कॉलेज शामिल हैं। इसी तरह, आईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की तर्ज पर कवर्धा, जशपुर, रायगढ़ और जगदलपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी विकसित किए गए हैं। आने वाले समय में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी इनके विस्तार की योजना है।

विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

विश्वकर्मा पूजा पर भाठागांव में भव्य महाभण्डारा: हजारों श्रद्धालुओं ने लिया महाप्रसाद

 रायपुर :- हनुमंत प्रसादी वितरण समिति द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी विश्वकर्मा पूजा के पावन पर्व पर भाठागांव बस स्टैंड रोड साहू ऑटो सेंटर राधास्वामी नगर पास विश्वकर्मा भगवान के पूजा उपरांत महाभण्डारे का आयोजन समिति द्वारा किया गया जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने विश्वकर्मा भगवान की जयकारे के साथ महाभंडारे का प्रसाद ग्रहण किये साथ ही छत्तीसगढ़ की सुख शांति समृद्धि के लिए भगवान से प्रार्थना किये महाभण्डारे में समिति के सदस्यों द्वारा प्रशांत पाण्डेय विजय पाण्डेय स्वर्णजीत साहू  भरत पाण्डेय साहू ऑटो सेंटर के मालिक मुकेश साहू दीपेश सिन्हा टिकेश यादव राजू यादव अभिनव शर्मा अनुभव शर्मा सुरेश शर्मा प्रतीक अग्रवाल रविन्द्र चंद्राकर विनय देवांगन विनय वर्मा गीतांश वर्मा शिव्या वर्मा खेमू साहू रोशनी साहू  रिंकी मुकेश साहू चंद्रहास यादव दीपक मिश्रा दिलीप पंडा श्याम डेकोरा सुशांत अग्रवाल देव कुमार पप्पू हरपाल प्रकाश यादव विकाश कश्यप संजू देवांगन विक्की मोटवानी  तमेश साहू नरेंद्र इंदर पंकज नीलेश रवि यदु कृष्णकांत कमलेश रविन्द्र साहू तुलसी भैय्या किशोर एवं  सुरक्षा बल पुलिस प्रसाशन और समस्त समिति के सदस्य एवं मोहल्ले वासियो का सहयोग प्राप्त हुआ जिसके फल स्वरूप महाभण्डारे का कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ

भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय

 00 नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस

00 सेमीकंडक्टर से ग्रीन एनर्जी तक, भविष्य के उद्योगों का नया गंतव्य बन रहा छत्तीसगढ़

 

00 छत्तीसगढ़ निवेश और उद्योगों की नई संभावनाओं का केंद्र
00 मुख्यमंत्री साय ने रायपुर में किया इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ
00 देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी तीन दिवसीय औद्योगिक मेले में ले रहे हिस्सा

 
 
 

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों, निवेशकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बनने और यहां उपलब्ध निवेश की व्यापक संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपनी पारंपरिक औद्योगिक ताकत के साथ नई अर्थव्यवस्था और उभरते उद्योगों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, पर्याप्त मानव संसाधन और देश के मध्य में अनुकूल भौगोलिक स्थिति हमारी स्वाभाविक ताकत है। राज्य सरकार इन खूबियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की भूमिका केवल उद्योगों के लिए नियामक की नहीं है। हम सरकार को उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और एक्सीलरेटर के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि निवेश का प्रस्ताव आने से लेकर उद्योग के धरातल पर स्थापित होने तक हर चरण में निवेशकों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था मिले। मुख्यमंत्री ने लघु उद्योग भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर के इस महत्वपूर्ण औद्योगिक आयोजन के लिए रायपुर का चयन किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई का विस्तार होने से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता बढ़ती है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक गतिविधियों का लाभ समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है।

 
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर उद्योग और उद्यमिता को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं। 18 से 20 सितम्बर तक आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमियों की भागीदारी इस आयोजन के महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह औद्योगिक मेला केवल उत्पादों और तकनीकों की प्रदर्शनी नहीं है। यह उद्यमियों के बीच संवाद, अनुभव, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे, नई संभावनाओं पर चर्चा होगी और युवाओं को उद्योग तथा उद्यमिता की दुनिया को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

 

 भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली नई गति
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग जगत, निवेशकों और विभिन्न हितधारकों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू की है। इस नीति का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है, जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेशकों को प्रोत्साहन, नए एवं उभरते सेक्टरों को बढ़ावा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश को बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और प्रसन्नता की बात है कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल कोयला, स्टील और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं है। राज्य सरकार प्रदेश के औद्योगिक आधार को विविधता देने के लिए आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न नए और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में लगभग 1100 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर परियोजना पर कार्य प्रारंभ होना इस बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। यहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ नए उद्योगों और तकनीक आधारित कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। राज्य में टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ रही है।

निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल, सरकार बनेगी सहभागी
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसी भी राज्य में उद्योग तभी तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, जब निवेशकों को नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं मिलें। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम किया है, ताकि निवेशकों को विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि उद्योगों को समय पर आवश्यक भूमि, अधोसंरचना और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार चाहती है कि उद्यमी अपना समय और ऊर्जा प्रक्रियागत जटिलताओं में लगाने के बजाय उत्पादन, नवाचार, विस्तार और रोजगार सृजन में लगाएं।
खनिज, ऊर्जा और वन संपदा छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से देश के सबसे समृद्ध राज्यों में शामिल है। कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिज यहां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इन संसाधनों का प्रदेश के भीतर अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन हमारी औद्योगिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। प्रदेश में इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा सहित अनेक प्रकार की लघु वनोपज और औषधीय संसाधन उपलब्ध हैं। इनका वैज्ञानिक प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन कर वनांचल में उद्योग एवं रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय समुदायों और जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के भी नए रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता का एक और मजबूत आधार है। प्रदेश में लगभग 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता है। ऊर्जा क्षेत्र में नए निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं और आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता को और बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। पर्याप्त बिजली, जल संसाधन, मानव संसाधन, प्राकृतिक संपदा और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ छत्तीसगढ़ को उद्योगों के लिए स्वाभाविक रूप से अनुकूल बनाता है।
स्थानीय युवाओं के रोजगार से जुड़ेगा औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब उससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। इसीलिए नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है। अधिक संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य ऐसा औद्योगिक विकास है, जिसमें प्रदेश का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला न रहे, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमशीलता के बल पर रोजगार देने वाला भी बने। एमएसएमई और स्टार्टअप इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक, बाजार और उद्यमिता के अवसरों से जोडऩे के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

 
 
 भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

बस्तर में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए व्यापक संभावनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योगों के साथ पर्यटन क्षेत्र में भी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार पर्यटन को रोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर के जलप्रपात, घने वन, प्राकृतिक स्थल और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। होम-स्टे जैसी पहलों के माध्यम से पर्यटन को सीधे स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए उद्यमियों से आग्रह किया कि वे औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को भी देखें और प्रदेश में उपलब्ध निवेश की विविध संभावनाओं को करीब से समझें।
उद्योगों की लंबी उड़ान के लिए तैयार है छत्तीसगढ़: उपमुख्यमंत्री साव
उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर का 14वां संस्करण छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उद्योगों के क्षेत्र में नई और लंबी उड़ान के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश के अलग-अलग हिस्सों से आए उद्यमियों को एक-दूसरे के उत्पाद, तकनीक, नवाचार और अनुभव को समझने तथा नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने का अवसर देगा। उद्योगों के विस्तार से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं के साथ प्रदेश के पर्यटन और तीर्थ स्थलों को भी देखने का आग्रह किया।
निवेश प्रस्ताव अब धरातल पर ले रहे आकार: उद्योग मंत्री देवांगन
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में लागू नई औद्योगिक नीति में निवेशकों को आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। सरकार के प्रयासों से प्रदेश में निवेश प्रस्ताव आने के साथ उनका क्रियान्वयन भी धरातल पर दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छोटे और बड़े नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिनसे रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। लघु उद्योगों को प्रोत्साहन, उद्यमियों की समस्याओं के समाधान और नए निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। अलग-अलग सेक्टरों में संवाद और कार्यशालाओं के माध्यम से उद्यमियों को राज्य की नीतियों तथा उपलब्ध अवसरों से जोड़ा जा रहा है।
लघु उद्योग भारती के श्री प्रकाश चंद्र गुप्त ने कहा कि संगठन पिछले 32 वर्षों से देश के सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को संगठित करने तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को केंद्र एवं राज्य सरकारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में लघु और विकेंद्रीकृत उद्योगों की समृद्ध परंपरा रही है। वर्तमान समय में इन्हें आधुनिक बाजार, नई तकनीक और मजबूत व्यावसायिक नेटवर्क से जोडऩे की आवश्यकता है। इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर इसी उद्देश्य से उद्यमियों को साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन में उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन के साथ नए व्यावसायिक संपर्क बनाने, नवाचार साझा करने और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं पर संवाद करने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया अवलोकन, उद्यमियों से जाना उनके नवाचारों के बारे में
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 में देश और प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मेले के विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और प्रदर्शित उत्पादों, तकनीकों एवं नवाचारों की जानकारी ली। प्रदर्शनी में पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों एवं उपचार पद्धतियों से लेकर आधुनिक मशीनरी, आईटी और नवीन तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और औद्योगिक प्रतिनिधियों से आत्मीय संवाद कर उनकी व्यावसायिक गतिविधियों, नवीन तकनीकों और औद्योगिक अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने उद्यमियों से छत्तीसगढ़ में उपलब्ध निवेश अवसरों और उद्योगों के लिए विकसित किए जा रहे अनुकूल वातावरण पर भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन को देशभर के उद्यमियों के बीच संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण सेतु बताते हुए लघु उद्योग भारती के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आयोजन की तैयारियों और औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पदाधिकारियों, सदस्यों एवं प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों, सामर्थ्य और नई संभावनाओं के साथ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े सभी प्रकार के उद्योगों के लिए सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने देशभर के उद्यमियों का आह्वान किया कि वे छत्तीसगढ़ आएं, यहां की संभावनाओं को समझें, निवेश करें और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी तथा देशभर से आए उद्यमी एवं औद्योगिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

48 लाख के पैकेज का दावा कर रचाई शादी, खुली नौकरी की सच्चाई तो पत्नी ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

48 लाख के पैकेज का दावा कर रचाई शादी, खुली नौकरी की सच्चाई तो पत्नी ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

 बिलासपुर। शादी से पहले 48 लाख रुपये सालाना पैकेज और अच्छी नौकरी का दावा करने के बाद विवाह करने वाले युवक को लेकर बिलासपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पत्नी ने आरोप लगाया है कि युवक ने अपनी नौकरी और आय से जुड़ी गलत जानकारी देकर शादी के लिए रिश्ता तय कराया। शादी के बाद कथित तौर पर वास्तविक स्थिति सामने आने पर विवाद शुरू हो गया।

जानकारी के मुताबिक, रिश्ता तय होने के दौरान युवक ने खुद को अच्छी नौकरी में कार्यरत बताते हुए करीब 48 लाख रुपये सालाना पैकेज मिलने की बात कही थी। युवक की नौकरी और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी के आधार पर दोनों परिवारों ने शादी के लिए सहमति दी।

शादी के बाद युवती को कथित तौर पर पता चला कि युवक की वास्तविक नौकरी और आय, शादी से पहले बताई गई जानकारी से अलग है। इसके बाद युवती ने युवक और उसके परिवार पर तथ्यों को छिपाने और गलत जानकारी देकर विवाह कराने का आरोप लगाया।

युवती का कहना है कि शादी का निर्णय लेते समय युवक की नौकरी और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी परिवार के लिए महत्वपूर्ण थी। आरोप है कि इसी जानकारी को गलत तरीके से प्रस्तुत कर रिश्ता तय कराया गया।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और शादी से पहले युवक द्वारा नौकरी तथा वेतन को लेकर किए गए दावों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस युवक की नौकरी, आय, वेतन संबंधी रिकॉर्ड और शादी से पहले परिवारों के बीच साझा की गई जानकारी की पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले ने शादी तय करने से पहले नौकरी, आय और अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारियों की पुष्टि किए जाने को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 19 सितंबर से बढ़ेगी बारिश; 20-21 को भारी बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 19 सितंबर से बढ़ेगी बारिश; 20-21 को भारी बारिश के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसूनी गतिविधियां धीमी जरूर हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर फिर तेज होने की संभावना है। रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कुछ ही हिस्सों में हल्की बारिश हुई। अब तक राज्य में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, 19 सितंबर से बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ सकती है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो दुर्ग में अधिकतम 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पेण्ड्रारोड में न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। फिलहाल राज्य में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 18 और 19 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 19 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता में बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। मौसम खराब होने पर लोगों को खुले स्थानों से बचने और सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी गई है।

20 और 21 सितंबर को मानसून का असर अधिक व्यापक रहने की संभावना है। मौसम केंद्र के अनुसार, इन दोनों दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश का सिलसिला 21 सितंबर के बाद भी पूरी तरह थमने के आसार नहीं हैं। 22 और 23 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी बनी रहेगी। हालांकि, अगले पांच दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

राजधानी रायपुर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शहर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 19 सितंबर के बाद बारिश बढ़ने से राजधानी में तापमान और गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।

बड़ा हादसा : तालाब में डूबने से तीन मासूमों की मौत, पूरे गांव में पसरा मातम

बड़ा हादसा : तालाब में डूबने से तीन मासूमों की मौत, पूरे गांव में पसरा मातम

 कोरबा। कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के ग्राम नुनेरा में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की जान चली गई। तीनों बच्चे गांव के तालाब में नहाने गए थे, जहां डूबने से उनकी मौत हो गई। घटना की खबर सामने आते ही मृतक बच्चों के परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।

नहाने के लिए तालाब गए थे तीनों बच्चे

मिली जानकारी के अनुसार, नुनेरा गांव निवासी इंदु अगरिया (7 वर्ष), राखी (8 वर्ष) और साधना (8 वर्ष) गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे गांव के तालाब की ओर गए थे। तीनों के काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को उनकी चिंता हुई। इसके बाद परिवार के लोग और ग्रामीण बच्चों की तलाश करते हुए तालाब के पास पहुंचे। तालाब के पास पहुंचने पर ग्रामीणों को बच्चों के कपड़े और चप्पल किनारे पड़े मिले। इससे लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। इसी दौरान तालाब में एक बच्चे का शव दिखाई दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने पानी में तलाश शुरू की। तलाश के दौरान अन्य दोनों बच्चों के शव भी बरामद कर लिए गए।

एक साथ तीन मासूम बच्चों की मौत की खबर सुनते ही उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन बेसुध हो गए, वहीं घटना की जानकारी गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। तीनों बच्चों की मौत के बाद नुनेरा गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच भी इस हादसे को लेकर गहरा शोक देखा जा रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों का मर्ग पंचनामा तैयार किया और मामले की जांच प्रारंभ कर दी है।

हादसे की परिस्थितियों की जांच जारी

पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि तीनों बच्चे तालाब में किस स्थिति में पहुंचे और हादसा कैसे हुआ। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पुलिस ग्रामीणों और परिजनों से जानकारी जुटा रही है। फिलहाल प्रारंभिक तौर पर मामला तालाब में डूबने से मौत का बताया जा रहा है। पुलिस की जांच और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। तीन मासूम जिंदगियों के असमय चले जाने से नुनेरा गांव में गम का माहौल है। 

CG- मां बम्लेश्वरी के दर्शन की अधूरी रह गई इच्छा, मां के दरबार से बस 100 सीढ़ियां दूर थी महिला, दर्शन से पहले ही थम गई सांसें…

CG- मां बम्लेश्वरी के दर्शन की अधूरी रह गई इच्छा, मां के दरबार से बस 100 सीढ़ियां दूर थी महिला, दर्शन से पहले ही थम गई सांसें…

 डोंगरगढ़। मां बम्लेश्वरी के दर्शन की इच्छा लेकर महाराष्ट्र से डोंगरगढ़ पहुंची 67 वर्षीय महिला की मंदिर की सीढ़ियां चढ़ते समय अचानक तबीयत बिगड़ गई। दादी माता मंदिर के पास महिला ने सीने में दर्द की शिकायत की और वहीं बैठ गईं। परिजनों की सूचना मिलते ही मंदिर ट्रस्ट की टीम ने तत्काल मदद पहुंचाई। महिला को रोपवे के जरिए नीचे लाया गया, जिसके बाद एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया।

मृतका की पहचान भंडारा जिले के डोंगरगांव निवासी निर्मला बोरकर के रूप में हुई है। गुरुवार सुबह निर्मला अपनी छोटी बहन सुलोचना और भाभी के साथ पावर हाउस क्षेत्र से पैदल मां बम्लेश्वरी मंदिर के लिए निकली थीं। परिजनों के मुताबिक, गर्मी अधिक होने के कारण सीढ़ियां चढ़ते समय उन्होंने रास्ते में नींबू पानी भी पिया था।

दादी माता मंदिर के पास अचानक बैठ गईं

परिजनों के अनुसार, मंदिर की ओर धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ते हुए तीनों दादी माता मंदिर के पास पहुंचीं। इसी दौरान निर्मला अचानक बैठ गईं। उन्होंने परिजनों से सीने में दर्द होने की बात कही। उनकी हालत बिगड़ती देख परिजन तत्काल मंदिर कार्यालय पहुंचे और घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और महिला को नीचे लाने की व्यवस्था शुरू की। बताया गया कि उस समय मेंटेनेंस के चलते रोपवे बंद था। महिला की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद ट्रस्ट ने तत्काल रोपवे चालू कराया। निर्मला के साथ उनकी बहन और भाभी को भी रोपवे के जरिए नीचे लाया गया।

इसके बाद ट्रस्ट की एंबुलेंस से निर्मला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पहली बार मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने पहुंची थीं

निर्मला की छोटी बहन सुलोचना ने बताया कि 15 सितंबर को पावर हाउस क्षेत्र स्थित उनके घर में गृह प्रवेश का कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निर्मला एक दिन पहले डोंगरगढ़ आई थीं। कार्यक्रम के बाद उन्होंने मां बम्लेश्वरी के दर्शन करने की इच्छा जताई थी।

सुलोचना के मुताबिक, निर्मला इससे पहले कभी डोंगरगढ़ नहीं आई थीं। गुरुवार सुबह दोनों बहनें अपनी भाभी के साथ मंदिर के लिए निकली थीं। वे सीढ़ियां धीरे-धीरे चढ़ते हुए दादी माता मंदिर के पास तक पहुंची थीं, लेकिन मंदिर पहुंचने से करीब 100 सीढ़ियां पहले ही निर्मला की तबीयत अचानक बिगड़ गई।

बहन की मौत के बाद सुलोचना भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि निर्मला पहली बार मां बम्लेश्वरी के दर्शन करना चाहती थीं, लेकिन दर्शन से पहले ही उनकी मौत हो गई।

निर्मला के पति रमेश बोरकर किसान हैं। परिवार में उनका एक बेटा और दो बेटियां हैं।

ट्रस्ट ने जताई संवेदना

मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट डोंगरगढ़ के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने बताया कि दादी माता मंदिर के पास दर्शन के लिए जा रही महिला ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। परिजनों द्वारा मंदिर कार्यालय में सूचना दिए जाने के बाद ट्रस्ट की ओर से तत्काल सहायता उपलब्ध कराई गई।

उन्होंने बताया कि मेंटेनेंस के लिए बंद रोपवे को तत्काल चालू कराया गया और महिला को नीचे लाया गया। इसके बाद ट्रस्ट की एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। ट्रस्ट समिति ने घटना पर संवेदना व्यक्त की है।