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व्यापारियों की सुविधा हेतु तेलीबांधा की यातायात व्यवस्था होगी सुव्यवस्थित - थौरानी

व्यापारियों की सुविधा हेतु तेलीबांधा की यातायात व्यवस्था होगी सुव्यवस्थित - थौरानी

 रायपुर। तेलीबांधा क्षेत्र के व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही यातायात समस्याओं के निराकरण हेतु 30 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान यातायात पुलिस और नगर निगम के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने जमीनी स्तर पर ट्रैफिक जाम और पार्किंग की अव्यवस्थाओं का जायजा लिया।

विदित हो कि कुछ दिन पूर्व ही तेलीबांधा क्षेत्र के व्यापारियों के एक समूह ने नगर निगम एवं यातायात विभाग द्वारा किये गये कार्यवाही से आहत होकर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी से मुलाकात कर क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव और उससे व्यापार पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव से अवगत कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री थौरानी ने तत्काल यातायात पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क साधा, जिसके फलस्वरूप आज यह संयुक्त निरीक्षण सुनिश्चित हुआ।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को संबोधित करते हुए चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश थौरानी ने कहा कि तेलीबांधा रायपुर का एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। बढ़ते यातायात और अव्यवस्थित पार्किंग को लेकर वहां पर लाइट पोल के अंदर गाड़ियां पार्क करना सुनिश्चित किया गया। साथ ही टेªफिक जाम को कम करने एवं यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिये रोड के लेफ्ट टर्न को हमेशा खाली रखा जाये। हमने अधिकारियों को स्पष्ट सुझाव दिए हैं कि सड़कों से अतिक्रमण हटाया जाए। प्रशासन के सहयोग से हम जल्द ही यहाँ एक आदर्श यातायात व्यवस्था लागू करेंगे ताकि ग्राहकों को दुकान तक पहुँचने में कोई बाधा न हो और व्यापार फल-फूल सके।

निरीक्षण के दौरान कालीबाड़ी यातायात थाना के एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला एवं एसीपी सतीश ठाकुर ने ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग, वन-वे की संभावनाओं और अवैध पार्किंग पर चर्चा की। नगर निगम के अभियंताओं ने फुटपाथ और ड्रेनेज के पास की बाधाओं को हटाने हेतु कार्ययोजना बनाने की बात कही।
इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी, सलाहकार- मोहनलाल तेजवानी, अमर गिदवानी, कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष- राजकुमार तारवानी, दिलीप इसरानी, प्रकाश लालवानी, राजकिशोर नत्थानी, मंत्री-भरत पमनानी, पंकज जैन, एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला, एसीपी सतीश ठाकुर, नगर निगम कार्यपालन अभियंता टावरे जी, उप अभियंता नरेश साहू, जोन क्रमांक 3 नगर निवेश अक्षय भारद्वाज, संतोष सीमा साहू पार्षद एवं अध्यक्ष जल विभाग नगर निगम, महेश ध्रुव पार्षद तथा पहलाज खेमानी, रमेश मंगलानी, विमल धामेजानी, राम जसूजा, प्रहलाद मटलानी, महेश गोविन्दानी, राहुल बुधरानी, मनीष खोड़ियार, अजय चैधरी, संजय राहुजा आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मंत्री अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि

मंत्री अग्रवाल ने स्वर्गीय विवेक अंधारे को दी श्रद्धांजलि

 रायपुर। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निज सहायक श्री दीपक अंधारे के चचेरे भाई एवं बंदरचुआ, कुनकुरी निवासी जोगेश्वर अंधारे के सुपुत्र स्वर्गीय विवेक अंधारे के निधन उपरांत आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने का संबल दिया।
मंत्री अग्रवाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि स्वर्गीय श्री विवेक अंधारे का अल्पायु में असामयिक निधन अत्यंत पीड़ादायक एवं हृदय विदारक है। उन्होंने कहा कि ऐसी अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन सभी को मिलकर परिवार का संबल बनना चाहिए। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस गहन दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। दशगात्र कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं क्षेत्रवासियों ने दिवंगत के व्यक्तित्व और उनके सरल स्वभाव को स्मरण करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने 176 शिक्षकों को किया निलंबित, 14 का वेतन रोका, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने 176 शिक्षकों को किया निलंबित, 14 का वेतन रोका, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण के तहत 15310 सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याताओं का युक्तियुक्तकरण के तहत ट्रांसफर किया था। आंकड़े बताते हैं, 25 अप्रैल की तिथि में 303 शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं की। डीपीआई के रिकार्ड के अनुसार इनमें से एक दर्जन से ज्यादा शिक्षक कोर्ट चले गए हैं, बाकी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो शिक्षकों का वेतन रोका गया है। बता दें, राज्य सरकार बार-बार चेतावनी दी जा रही है, इसके बाद भी शिक्षक आदेश की नाफरमानी कर रहे हैं। अब राज्य सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।

युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद संबंधित स्कूल में ज्वाइनिंग ना करने वाले 176 शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों के एक दर्जन से ज्यादा शिक्षकों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाई कोर्ट में चुनाैती देने वालों में सबसे ज्यादा शिक्षक सक्ती जिले के हैं। सात शिक्षकों ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद संबंधित स्कूल में ज्वाइनिंग ना देने वाले में कांकेर जिले के शिक्षकों की संख्या सबसे ज्यादा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में कांकेर जिले के 72 शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया है।

14 शिक्षकों का सैलेरी ब्रेक

राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 14 शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया है। इसमें कोंडागांव जिले के सबसे ज्यादा 12 शिक्षक हैं।

48 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच

स्कूल शिक्षा विभाग ने 48 शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच संस्थित कर दिया है। बता दें, जिन शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है, इनमें से अधिकांश को आरोप पत्र भी दिया गया है।

पढ़िए जिलेवार स्थिति

बीजापुर एक शिक्षिका निलंबित

बस्तर तीन शिक्षक निलंबित, एक का रोका गया वेतन

कोंडागांव जिला, 23 सहायक शिक्षक निलंबित, 12 का वेतन रुका, दो का प्रस्ताव डीपीआई को

सुकमा जिला 9 शिक्षक निलंबित

कांकेर जिला 72 शिक्षक निलंबित

दुर्ग जिला 2 शिक्षक निलंबित दो को विभागीय जांच आरोप पत्र

बेमेतरा 6 शिक्षकों को विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र, एक का प्रकरण कोर्ट में

कबीरधाम 7 शिक्षकों को विभागीय जांच के लिए आरोप पत्र, दो शिक्षक निलंबित, एक संभाग से एक जिले से

राजनादगांव दो शिक्षकों के खिलाफ आरोप पत्र एक संभाग से निलंबित

मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी पांच शिक्षक निलंबित, एक शिक्षक को हाई कोर्ट से मिला स्टे व एक निलंबित व विभागीय जांच, एक शिक्षक के खिलाफ आरोप पत्र

एमसीबी पांच शिक्षक निलंबित एवं विभागीय जांच, चार शिक्षक को आरोप पत्र

सरगुजा 10 शिक्षक निलंबित एवं विभागीय जांच, चार शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच, एक शिक्षक का प्रस्ताव उच्च कार्यालय को

बलरामपुर 24 शिक्षक निलंबित एवं आरोप पत्र, विभागीय जांच संस्थित, एक शिक्षक के खिलाफ आरोप पत्र

रायपुर तीन निलंबित

रायगढ़ चार शिक्षक निलंबित, दो को कोर्ट से स्टे,एक का वेतन रोका, तीन शिक्षक को एकतरफा कार्यमुक्त किया, एक विभागीय जांच

बिलासपुर दो शिक्षक के खिलाफ विभागयीय जांच, एक शिक्षक का मामला कोर्ट में

जांजगीर चांपा 17 शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच, एक शिक्षक मामला कोर्ट में, दो शिक्षक निलंबित

कोरबा दो शिक्षक के खिलाफ विभागीय जांच

सक्ती सात शिक्षकों का मामला हाई कोर्ट में लंबित

बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

बाल हितैषी पंचायत में कछिया ने प्रदेश में बनाया कीर्तिमान, मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

 00 शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा में जनभागीदारी से मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पंचायतों को सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब राज्य स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पहलों के बीच जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत कछिया ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। ग्राम पंचायत कछिया ने सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत पीएआई 2.0 सर्वे के 9 थीम में से थीम-3 (बाल हितैषी पंचायत) में 95.71 अंक प्राप्त कर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बन गई है।

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों, पंचायत अमले और ग्रामीणों को बधाई देते हुए इसे राज्य के अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणादायक बताया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सबका साथ, सबका विकास की भावना और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल का उत्कृष्ट उदाहरण है।
ग्राम पंचायत कछिया ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समग्र बाल हितैषी वातावरण विकसित किया है। पंचायत के प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों में कुल 155 बच्चे अध्ययनरत हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या उल्लेखनीय है। पंचायत द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा, विद्यालयों में उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता सुधार, पोषण और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, स्कूल प्रबंधन समिति के साथ समन्वय, स्वच्छता अभियान, सुरक्षित पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य जागरूकता, तथा ग्रामसभा में बच्चों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देना इस सफलता के प्रमुख आधार रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ समन्वय कर एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रारंभिक चरण में पलायन, आर्थिक स्थिति और जागरूकता की कमी के कारण बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। पंचायत ने घर-घर संपर्क, अभिभावक संवाद, नियमित समीक्षा बैठकें और सामुदायिक जागरूकता के माध्यम से इन चुनौतियों को दूर किया। ग्राम पंचायत ने बाल हितैषी गतिविधियों को स्थायी रूप देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है, जिसमें शत-प्रतिशत नामांकन, शून्य ड्रॉपआउट, नियमित मॉनिटरिंग, स्वच्छता अभियान और बाल सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।

श्रमिकों के परिश्रम से बन रही प्रदेश के विकास की मजबूत नींव - मंत्री राजवाड़े

श्रमिकों के परिश्रम से बन रही प्रदेश के विकास की मजबूत नींव - मंत्री राजवाड़े

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी श्रमिक भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

राजवाड़े ने कहा कि श्रमिकों के परिश्रम और समर्पण से देश और प्रदेश के विकास की मजबूत नींव तैयार हो रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार श्रमिकों के जीवन में खुशहाली और सुरक्षा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि इसी तरह राज्य में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार श्रमिकों और आम जनता के हित में योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है।

CG – सूटकेस में ये सामान लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची महिलाएं, सूटकेस खुलते ही पुलिस के उड़े होश….फिर जो हुआ…

CG – सूटकेस में ये सामान लेकर रेलवे स्टेशन पहुंची महिलाएं, सूटकेस खुलते ही पुलिस के उड़े होश….फिर जो हुआ…

 बिलासपुर। जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पुलिस ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सूटकेश में गौमांस ले जा रही दो महिलाओं को पकड़ा है। दोनों महिलाएं रायपुर की ओर से बिलासपुर पहुंची थीं और अपने साथ सूटकेश में लगभग 10 किलो से अधिक गौमांस भरकर ला रही थीं।

पुलिस को सूचना मिली थी, कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन में दो महिलाएं गौमांस लेकर पहुंची है, पुलिस ने चेकिंग की, तो संदेह हुआ, जिसके बाद सूटकेश की तलाशी ली गई। तलाशी में गौमांस मिलने पर दोनों महिलाओं को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने सूटकेश में गौमांस होने की बात स्वीकार कर ली है।

जानकारी मिलते ही कुछ गौसेवक भी थाने के बाहर एकत्रित हो गए, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। तोरवा थाना पुलिस ने दोनों महिलाओं के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरु कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गौमांस कहां से लाया गया था और इसका उद्देश्य क्या था।

रायपुर कला केंद्र में समर कैंप का भव्य शुभारंभ, 135 से अधिक बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी

रायपुर कला केंद्र में समर कैंप का भव्य शुभारंभ, 135 से अधिक बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की परिकल्पना तथा कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में कला केंद्र रायपुर में 15 दिवसीय समर कैंप के प्रथम बैच का भव्य शुभारंभ किया गया।

कैंप के पहले ही दिन बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने रंग-बिरंगी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए नई-नई विधाओं को सीखने की शुरुआत की। समर कैंप के अंतर्गत बच्चों को गायन, वादन, गिटार, कीबोर्ड, नृत्य, क्ले आर्ट, पेंटिंग, माटी कला तथा ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह समर कैंप तीन चरणों में आयोजित किया जा रहा है,1से 15 मई, 16 मई से 30 मई तथा 1 जून से 15 जून तक। अब तक 135 से अधिक बच्चों का पंजीयन हो चुका है, जो इस पहल के प्रति बच्चों और अभिभावकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। कैंप का समय प्रात: 7:30 बजे से 9:30 बजे तक निर्धारित है। प्रारंभिक 30 मिनट में योग और जुंबा कराया जा रहा है, जबकि शेष समय में बच्चों को उनकी रुचि अनुसार विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

कला केंद्र के नोडल अधिकारी  केदार पटेल ने बताया कि समर कैंप एवं कला केंद्र से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभिभावक 9109029034 एवं 9669039034 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि, फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि, फाइलेरिया व मलेरिया नियंत्रण में राज्य मॉडल की देशभर में सराहना

 00 फाइलेरिया उन्मूलन में बिहान मॉडल और मलेरिया मुक्त बस्तर पहल को नवाचार व जनभागीदारी के लिए सराहना

रायपुर। जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। 30 अप्रैल और 01 मई 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित नवाचार और समावेशिता पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन - भारत के भविष्य को आकार देने वाली सर्वोत्तम पद्धतियाँ में राज्य को फाइलेरिया और मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई गई नवाचारी पहलों पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल राज्य की स्वास्थ्य रणनीतियों की प्रभावशीलता को रेखांकित करता है, बल्कि सामुदायिक भागीदारी आधारित मॉडल की सफलता का भी प्रमाण है।

बिहान मॉडल ने बदली तस्वीर, महिला समूह बने बदलाव की धुरी
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में बिहान (स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। मिशन संचालन समूह - मानव संसाधन (एमएसजी-एचआर) के अंतर्गत इस मॉडल को देश की सर्वश्रेष्ठ नवाचारी और समावेशी पहल के रूप में मान्यता मिली, जिसमें पीसीआई इंडिया का तकनीकी सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा। मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान के दौरान महिलाओं ने घर-घर पहुंचकर न केवल दवा सेवन सुनिश्चित कराया, बल्कि समुदाय में व्याप्त भ्रांतियों को भी दूर किया। सामुदायिक बैठकों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों में भरोसा कायम किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि दवा सेवन से इनकार करने वाले लगभग 74 प्रतिशत लोगों को सहमति के लिए तैयार किया गया-जो इस मॉडल की सबसे बड़ी सफलता के रूप में उभरकर सामने आया।

 राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की दोहरी उपलब्धि


मलेरिया मुक्त बस्तर ने दुर्गम क्षेत्रों में दिखाई प्रभावशीलता
सम्मेलन में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को भी एक प्रभावी और परिणामोन्मुख पहल के रूप में विशेष सराहना मिली। बस्तर के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में संचालित इस अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) से समय पर जांच, त्वरित उपचार और दिन-7 व दिन-14 फॉलो-अप के माध्यम से पूर्ण इलाज सुनिश्चित किया गया। इस अभियान की खास उपलब्धि लक्षणहीन (स्पर्शोन्मुख) मरीजों की पहचान रही, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोडऩे में निर्णायक मदद मिली। इसके सकारात्मक परिणाम भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं- राज्य का एपीआई वर्ष 2019 में 1.97 से घटकर 2025 में 0.90 हो गया, जबकि बस्तर संभाग में यह 13.12 से घटकर 6.98 तक पहुंच गया।
अन्य राज्यों के लिए प्रेरक मॉडल
राष्ट्रीय मंच पर उपस्थित विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने छत्तीसगढ़ के बिहान आधारित सामुदायिक मॉडल और मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय बताया। कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली ये पहलें यह साबित करती हैं कि जनभागीदारी और स्थानीय रणनीतियों के माध्यम से जटिल स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान संभव है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी समुदाय आधारित, नवाचारयुक्त और क्षेत्र विशेष रणनीतियों को प्राथमिकता देते हुए जनस्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

बगिया के विष्णु का विकास विज़न- सुशासन से जन-जन तक पहुंचती सरकार

बगिया के विष्णु का विकास विज़न- सुशासन से जन-जन तक पहुंचती सरकार

00 डबल इंजन की रफ्तार, योजनाओं की बौछार- किसान, आदिवासी, महिला और युवा बने केंद्र में

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने श्सुशासनश् को केवल एक नारा नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सीमित समयावधि करीब 2 वर्ष 4 माह 17 दिन में ही सरकार ने विकास का जो खाका तैयार किया है, उसे भविष्य की बड़ी तस्वीर के रूप में देखा जा रहा है।

प्रदेश की पहचान ‘धान का कटोरा’ के रूप में रही है, लेकिन इस पहचान को सम्मान देने का काम हालिया नीतिगत निर्णयों में स्पष्ट दिखता है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय करना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि अन्नदाताओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने की पहल भी है। इसके साथ ही, तेंदूपत्ता संग्राहकों जिन्हें ‘हरा सोना’ से जुड़ा श्रमिक वर्ग कहा जाता है, के लिए पारिश्रमिक दर को 5500 रुपये करना और चरण पादुका वितरण जैसे निर्णयों ने आदिवासी क्षेत्रों में राहत पहुंचाई है।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही लगभग 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। बेघर और जरूरतमंद परिवारों को छत उपलब्ध कराना सुशासन की पहली सीढ़ी के रूप में देखा गया।राज्य सरकार ने 70 लाख से अधिक विवाहित महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि देने की पहल की। यह राशि भले सीमित लगे, लेकिन ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह आर्थिक संबल का काम कर रही है। यह कदम महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने की दिशा में केंद्र और राज्य के संयुक्त प्रयासों ने असर दिखाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति और संकल्प के साथ 31 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्ति का लक्ष्य एक बड़े बदलाव का संकेत देता है। इससे विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
विष्णु देव साय सरकार ने युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से श्छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोगश् से जुड़े मामलों में जांच कराना सरकार के जवाबदेही वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही, खेल गतिविधियों विशेषकर बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया गया है।

विगत वर्ष आयोजित ‘सुशासन तिहार’ को इस वर्ष भी 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखना, नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और प्रशासन को सीधे जनता से जोड़ना है। श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य के समन्वय को श्डबल इंजन सरकारश् के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि इस समन्वय से विकास योजनाओं को गति मिली है और इसका लाभ प्रदेश के लगभग तीन करोड़ नागरिकों तक पहुंच रहा है।

‘बगिया के विष्णु’ के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों ईब से इंद्रावती तक विकास का जो रोडमैप तैयार किया है, वह समावेशी विकास की अवधारणा को दर्शाता है। लक्ष्य स्पष्ट है, अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना।

छत्तीसगढ़ में सुशासन की यह यात्रा अभी श्प्रारंभिक चरणश् में है, लेकिन दिशा स्पष्ट दिखाई देती है। सरकार की प्राथमिकताओं में किसान, महिला, आदिवासी, युवा और ग्रामीण समाज केंद्र में हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ये नीतियां किस तरह स्थायी बदलाव का रूप लेती हैं, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि विकास की यह कहानी गति पकड़ चुकी है।

छत्तीसगढ़ में भूकंप से कांपी धरती, इस जिलें में महसूस किए गए भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौल…

छत्तीसगढ़ में भूकंप से कांपी धरती, इस जिलें में महसूस किए गए भूकंप के झटके, लोगों में दहशत का माहौल…

 गरियाबंद। देवभोग क्षेत्र में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। आज दोपहर करीब 2:20 बजे धरती हल्की कांपी, जिससे इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल है। लगातार आ रहे झटकों से ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं गरियाबंद जिले में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज आकाशीय बिजली गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, पिछले 36 घंटों के भीतर यह तीसरी बार है जब भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इससे पहले बीती रात 7:20 बजे भी धरती कांपी थी। वहीं एक दिन पहले आए झटके की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 0.7 दर्ज की गई थी। हालांकि झटके हल्के बताए जा रहे हैं और अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन बार-बार हो रही इस गतिविधि ने लोगों को डरा दिया है। कई ग्रामीण एहतियातन घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों पर समय बिताते नजर आए।

स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हल्के झटके भूगर्भीय हलचल का संकेत हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

Chhattisgarh Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 परिवहन अधिकारियों का तबादला

Chhattisgarh Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 20 परिवहन अधिकारियों का तबादला

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य के विभिन्न परिवहन अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से स्थानांतरण किया गया है। इस आशय का आदेश आज परिवहन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से जारी किया गया है। जारी आदेश के तहत क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ), सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) तथा अन्य अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थान से हटाकर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।  

इनमें प्रमुख रूप से कोरबा, धमतरी, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कांकेर, राजनांदगांव, बेमेतरा, सूरजपुर, गरियाबंद, जशपुर सहित कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। राज्य शासन ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित अधिकारी अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर अधिकतम 10 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करें। निर्धारित समयावधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जारी आदेश के मुताबिक विवेक सिन्हा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जिला परिवहन अधिकारी, कोरबा/पेण्ड्रा से जिला परिवहन अधिकारी, जांजगीर-चांपा, अब्दुल मुजाहिद, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, धमतरी से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर, मोहन साहू, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, कबीरधाम से जिला परिवहन अधिकारी, बलौदाबाजार, गौरव साहू, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, जांजगीर चांपा से जिला परिवहन अधिकारी, रायगढ़, अनिल भगत, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, कोरिया से अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, राजनांदगांव, प्रकाश रावटे, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, बालोद से जिला परिवहन अधिकारी, कांकेर, अतुल असैय्या, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जिला परिवहन अधिकारी, कोण्डागांव से जिला परिवहन अधिकारी, कोरबा, योगेश भण्डारी, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, सूरजपुर से जिला परिवहन अधिकारी, बालोद, किशनलाल माहौर, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, बीजापुर से जिला परिवहन अधिकारी, बेमेतरा, शिवभगत रावटे, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, सुकमा से जिला परिवहन अधिकारी, धमतरी, आनंद शर्मा एआरटीओ, अति. क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजनांदगांव से जिला परिवहन अधिकारी, मुंगेली, अमित प्रकाश कश्यप, सहायक परिवहन आयुक्त जिला परिवहन अधिकारी, रायगढ़ से जिला परिवहन अधिकारी, कोरिया, रामकुमार ध्रुव, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, महासमुंद से जिला परिवहन अधिकारी, कोण्डागांव, ऋषभ नायडू, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, कांकेर से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर, गौरव पाटले, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, दंतेवाड़ा से जिला परिवहन अधिकारी, कवर्धा, चुन्नूलाल देवांगन तकनीकी अधिकारी अधिकारी, जिला परिवहन बलौदाबाजार से परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर, रविन्द्र ठाकुर, एआरटीओ  जिला परिवहन अधिकारी, गरियाबंद से जिला परिवहन अधिकारी, दंतेवाड़ा, अरविंद भगत, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, बेमेतरा से जिला परिवहन अधिकारी, जशपुर, सुश्री युगेश्वरी वर्मा, एआरटीओ परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर से जिला परिवहन अधिकारी, गरियाबंद तथा विजय निकुंज, एआरटीओ जिला परिवहन अधिकारी, जशपुर से जिला परिवहन अधिकारी, सूरजपुर में नवीन पदस्थापना की गई है। 

यहां देखें आदेश की कॉपी

राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का हुआ तबादला

राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों का हुआ तबादला

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों की तबादला आदेश जारी किया है। जिसमें राकेश कुमार गोलछा आरआर 2016 बैच को संयुक्त कलेक्टर रायगढ़ से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग मंत्रालय में पदस्थ किया गया हैं। अशुल वर्मा आरआर 2022 बैच को डिप्टी कलेक्टर कोरिया से विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग मंत्रालय में पदस्थ किया गया हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार का 'सुशासन तिहार' आज से

छत्तीसगढ़ सरकार का 'सुशासन तिहार' आज से

 0-1 मई से 10 जून तक चलेगा अभियान, पहले दिन 14 जिलों में समाधान शिविर

 रायपुर--छत्तीसगढ़ में लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं को जल्दी और सीधे तरीके से सुलझाने के लिए आज से 'सुशासन तिहार 2026' की शुरुआत हो गई है। ये अभियान 10 जून तक पूरे प्रदेश में चलेगा। इस दौरान गांव और शहर दोनों जगह बड़े पैमाने पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोग अपनी शिकायतें सीधे अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। सरकार का फोकस इस बार साफ है, लंबित मामलों को जल्द निपटाना और लोगों को दफ्तरों के चक्कर से राहत देना। इसी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा है कि लोगों को आसान, पारदर्शी और तेज सेवाएं देना ही प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री सुशासन तिहार के दौरान किसी भी जिले में औचक निरीक्षण के लिए पहुंचेंगे।

 * -पहले चरण में लंबित मामलों के निराकरण पर फोकस-*  

अभियान शुरू होने से पहले ही कलेक्टरों को निर्देश दिए गए थे कि 30 अप्रैल तक लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। इसमें खास तौर पर इन मामलों पर ध्यान रखा जा रहा है।      * नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरण     * मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान     * हितग्राहीमूलक योजनाओं के बकाया भुगतान     * आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े मामले     * बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल (हैंडपंप) की समस्याएंइसके साथ ही पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया है    *  उज्ज्वला योजना    *  राशन कार्ड    *  आयुष्मान भारत योजना     * सामाजिक सुरक्षा पेंशन    *  ग्रामीण-शहरी दोनों इलाकों में तय फॉर्मेट में लगेंगे शिविरआज 14 जिलों में समाधान शिविर लगाए गए हैं।

 *  शहरी क्षेत्रों में वार्ड अनुसार शिविर * 

1 मई से 10 जून के बीच अलग-अलग जगहों पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे। गांवों में 15 से 20 पंचायतों को मिलाकर शिविर होंगे, जबकि शहरों में वार्ड के हिसाब से आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में मौके पर ही आवेदन लिए जाएंगे और जहां संभव होगा, वहीं समाधान या लाभ भी दिया जाएगा। कोशिश यह रहेगी कि हर आवेदन का निपटारा एक महीने के भीतर हो जाए। साथ ही लोगों को यह भी बताया जाएगा कि उनका आवेदन किस स्थिति में है। समाधान शिविरों में जनता की समस्याओं को सुलझाया जाएगा।

टंक राम वर्मा पहुंचे ग्राम रिसदा, जनसमस्या निवारण शिविर में सुनी लोगों की समस्याएं

टंक राम वर्मा पहुंचे ग्राम रिसदा, जनसमस्या निवारण शिविर में सुनी लोगों की समस्याएं

 बलौदाबाजार :- बलौदाबाजार विधानसभा के ग्राम रिसदा में आज सुशासन तिहार 2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें टंक राम वर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक का वितरण किया।

मंत्री वर्मा ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में 1 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा और शासन की योजनाओं का सीधा लाभ गांव-गांव और शहर तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और सुशासन को मजबूत बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

 
 
 
 
पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल - बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी

पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल - बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी

 रायपुर। प्राय: सभी प्रकृति प्रेमियों का मानना है कि प्रकृति कभी भी अपना ऋण नहीं भूलती। यदि मनुष्य पूरी ईमानदारी से उसके संरक्षण की ओर एक कदम बढ़ाता है, तो प्रकृति उसे अपनी भव्यता से कई गुना वापस लौटाती है। छत्तीसगढ़ की पावन धरा, जो सदियों से अपनी नैसर्गिक संपदा और सघन वन क्षेत्रों के लिए विख्यात रही है, आज वन्यजीव संरक्षण के एक नए स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रही है। 

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित बारनवापारा वन्यजीव अभ्यारण्य (लगभग 245 वर्ग किमी) में काले हिरणों (ब्लैकबक) का सफलतापूर्वक पुनरुद्धार हुआ है, जहाँ इनकी संख्या अब 200 के करीब पहुँच गई है। 1970 के दशक में विलुप्त हो चुके इन हिरणों को 2018 की पुनरुद्धार योजना और 2026 तक के वैज्ञानिक प्रयासों से वापस लाया गया। हाल ही में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में जब बारनवापारा अभ्यारण्य के काले हिरणों की सफल वापसी का उल्लेख किया, तो यह केवल एक राज्य की उपलब्धि नहीं रही, बल्कि भारत के पर्यावरण मानचित्र पर वन्यजीव संरक्षण का एक नया अध्याय बन गई।

विशेष लेख : पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल - 'बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी'


विजन भरा नेतृत्व और प्रतिबद्धता- इस गौरवमयी उपलब्धि के सूत्रधार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय हैं। उन्होंने इस सफलता को राज्य की समृद्ध जैव विविधता और पर्यावरण के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिफल बताया है। मुख्यमंत्री श्री साय का मानना है कि प्रधानमंत्री की सराहना केवल एक प्रशंसा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वन विभाग और वहां के स्थानीय समुदायों के कठिन परिश्रम पर लगी राष्ट्रीय मुहर है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज विकास और पारिस्थितिकी तंत्र के बीच उस दुर्लभ संतुलन को साध रहा है, जिसकी आज पूरे विश्व को आवश्यकता है।
वैज्ञानिक रणनीति: विलुप्ति से पुनर्वास तक- बारनवापारा अभ्यारण्य में काले हिरणों का दिखाई देना एक समय दुर्लभ हो गया था। लेकिन वन मंत्री श्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के रणनीतिक निर्देशन ने इस असंभव लक्ष्य को वास्तविकता में बदल दिया। फरवरी 2026 का महीना छत्तीसगढ़ के वन इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जब विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में 30 काले हिरणों को उनके प्राकृतिक आवास में सॉफ्ट रिलीज पद्धति से मुक्त किया गया। यह प्रक्रिया केवल उन्हें जंगल में छोडऩे तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह सुनिश्चित करना था कि वे नए वातावरण में बिना किसी तनाव के रच-बस सकें। ब्लैकबक कंजर्वेशन सेंटर में बेहतर पोषण और वैज्ञानिक देखभाल से इनकी संख्या में वृद्धि हुई। 
प्रशासनिक इच्छाशक्ति और मैदानी संघर्ष - इस महाअभियान के पीछे उन जांबाज अधिकारियों और मैदानी अमले की मेहनत है, जिन्होंने दिन-रात एक कर दिया। मुख्य वन संरक्षक (रायपुर) श्रीमती सतोविशा समाजदार और वनमंडलाधिकारी (बलौदाबाजार) श्री धम्मशील गणवीर के नेतृत्व में फील्ड स्टाफ, जीव वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों की एक समर्पित टीम ने एक ढाल की तरह काम किया। वर्तमान में इन हिरणों की सुरक्षा के लिए हाई-टेक निगरानी प्रणाली, जीपीएस ट्रैकिंग और नियमित पेट्रोलिंग का उपयोग किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ वन विभाग की तकनीकी दक्षता का प्रमाण है।

विशेष लेख : पारिस्थितिकी बहाली का छत्तीसगढ़ मॉडल - 'बारनवापारा में काले हिरणों की वापसी'


रामपुर ग्रासलैंड : एक सुरक्षित भविष्य का पालना बारनवापारा अभ्यारण्य का यह मॉडल आज देश के अन्य राज्यों के लिए एक केस स्टडी बन सकता है। यहाँ केवल काले हिरण की प्रजाति का पुनर्वास नहीं हुआ, बल्कि उनके लिए एक संपूर्ण आवास तंत्र विकसित किया गया। रामपुर ग्रासलैंड का वैज्ञानिक प्रबंधन, प्राकृतिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार और घास की स्थानीय प्रजातियों का संवर्धन वे मुख्य कारक हैं, जिन्होंने काले हिरणों को वहां फलने-फूलने के लिए प्रेरित किया। इसके अतिरिक्त, स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व की एक अनूठी मिसाल पेश की है। काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यत: उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।
भविष्य की राह और राष्ट्रीय संदेश - बारनवापारा अभ्यारण्य में गूंजती काले हिरणों की चहल-कदमी और उनकी कुलाचें इस बात का जीवंत साक्ष्य हैं कि यदि इंसान प्रकृति के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी समझ ले, तो खोई हुई धरोहर को फिर से लौटाया जा सकता है। यह पहल आने वाली पीढिय़ों के लिए एक लिविंग लैबोरेटरी (जीवंत प्रयोगशाला) के रूप में कार्य करेगी, जहाँ वे प्रकृति के साथ तालमेल बिठाना सीख सकेंगी। 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात ने हमारे नवाचारों को एक वैश्विक मंच प्रदान किया है। छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जोड़कर एक ऐसे भविष्य का निर्माण कर रही है, जहाँ मनुष्य और वन्यजीव दोनों सुरक्षित हों।आज जब हम बारनवापारा अभ्यारण्य की खुली वादियों में कुलाचें भरते काले हिरणों को देखते हैं, तो ऐसा प्रतीत होता है कि प्रकृति स्वयं मुस्कुराते हुए छत्तीसगढ़ के इस सराहनीय प्रयास को अपना आशीर्वाद दे रही है। यह छत्तीसगढ़ के गौरव का वह उत्कर्ष है, जिसकी चमक अब पूरे देश को प्रेरित कर रही है।

आम जनता से शालीनता से पेश आएं अधिकारी - मुख्यमंत्री

आम जनता से शालीनता से पेश आएं अधिकारी - मुख्यमंत्री

 0-लोगों की सुनें, लोगों को सुनाएं नहीं - मुख्यमंत्री का अधिकारियों को दो टूक निर्देश 

0-शालीनता और संवेदनशीलता - यही हो प्रशासनिक अधिकारी की पहचान-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 

 रायपुर/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से  शासकीय अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ व्यवहार करें। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर शासकीय अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका आचरण शासन की छवि को प्रभावित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुनना प्रशासनिक अधिकारियों  का पहला कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समाधान पर केंद्रित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद तभी सार्थक है, जब उसमें संवेदना और समस्याओं का समाधान करने की नीयत हो।उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों में जनसमस्याओं के निराकरण को प्रभावी, सरल और भरोसेमंद बनाया जाए। जब कोई आम नागरिक किसी शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सकारात्मक अनुभव ही जनता के मन में विश्वास पैदा करता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभव से मापी जाती है। इसलिए अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें, लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता ही प्रशासन की असली ताकत है। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखने के लिए ईमानदारी के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता और विनम्रता भी जरूरी है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि व्यवहार से स्थापित होता है। यदि अधिकारी जनता के साथ सरल, सहज,  सहयोगात्मक और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण का तरीका हर समय अपनाते हैं, तो प्रशासन स्वयमेव अधिक प्रभावी हो जाता है और शिकायतों की संख्या स्वत: कम होने लगती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब प्रशासन हर नागरिक के लिए सुलभ, संवेदनशील और सम्मानजनक बने। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस भावना को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाकर आगे बढ़ें और हर व्यक्ति को यह अहसास दिलाएं कि सरकार उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार के दौरान वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के कार्य के साथ-साथ उनके व्यवहार पक्ष का भी अवलोकन करेंगे।उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के दौरान अधिकारियों की संवेदनशीलता, शालीनता और जवाबदेही को प्राथमिकता के साथ परखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए सुशासन तिहार 2026 का आयोजन 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे।इस दौरान पंचायत एवं वार्ड स्तर पर शिविरों में आवेदन स्वीकार कर जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा। सुशासन तिहार में  जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी तथा स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा औचक निरीक्षण और जनसमस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। 

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में सदैव रखा जाएगा याद - मुख्यमंत्री साय

महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में सदैव रखा जाएगा याद - मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री साय ने विशेष सत्र आयोजित करने के लिए विस अध्यक्ष डॉ. सिंह के प्रति किया आभार प्रकट

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि मातृशक्ति उनके लिए केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि सृजन, संस्कार और सामर्थ्य की आधारशिला है। इसी भावना के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा में महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर एक दिवसीय विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें संसद एवं देश की सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने के संकल्प पर व्यापक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की जो मजबूत नींव रखी गई है, उसी क्रम में उनकी राजनीतिक भागीदारी को भी सशक्त करना हमारा अगला महत्वपूर्ण कदम है। यह संकल्प देश की आधी आबादी को उनके अधिकारों से पूर्ण रूप से जोडऩे का एक सार्थक प्रयास है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण विषय पर विशेष सत्र आयोजित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में सदैव याद रखी जाएगी।

उन्होंने कहा कि इस विशेष सत्र में समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों से आई महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में अपने विचार रखे और महिलाओं के अधिकारों तथा उनके सशक्तिकरण के लिए सशक्त स्वर प्रदान किया। सदन में वरिष्ठ विधायकों और महिला नेतृत्व ने भी पूरे मनोयोग से चर्चा में भाग लेते हुए अपने विचार साझा किए और इस महत्वपूर्ण संकल्प का समर्थन किया। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट रूप से कहा कि नारी शक्ति के सम्मान और अधिकारों के मार्ग में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना न्यायसंगत नहीं है। यह विषय किसी दल या राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र के समग्र विकास और उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इस दिशा में हर सकारात्मक पहल का समर्थन आवश्यक है।

जिला प्रशासन एवं अदाणी फाउंडेशन की साझेदारी से रायपुर में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार

जिला प्रशासन एवं अदाणी फाउंडेशन की साझेदारी से रायपुर में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार

 तिल्दा नेवरा/ रायपुर। रायपुर जिले में कक्षा 10वीं एवं 12वीं के शासकीय विद्यालयों के बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रशासन के नेतृत्व में तथा अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से “मिशन उत्कर्ष” का संचालन किया गया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन जिला कलेक्टर द्वारा किया गया, जबकि समन्वय और क्रियान्वयन की जिम्मेदारी जिला शिक्षा विभाग ने निभाई।

पूर्व में रायपुर जिले की बोर्ड परीक्षा रैंकिंग लगभग 33वें स्थान के आसपास थी। इसे ध्यान में रखते हुए एक डेटा-केंद्रित शैक्षणिक मॉडल तैयार कर जिले के 215 शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में लागू किया गया। इस पहल के तहत कक्षा 10वीं के लगभग 16,100 तथा कक्षा 12वीं के लगभग 13,000 विद्यार्थियों को शामिल किया गया। इसमें हिंदी एवं अंग्रेज़ी माध्यम के साथ विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के विद्यार्थी शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान मासिक परीक्षाएँ, अर्धवार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों के प्रदर्शन का नियमित आकलन किया गया। विषयवार विश्लेषण के आधार पर विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम की निगरानी जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई, जिससे प्रशासनिक समन्वय बना रहा।

मिशन उत्कर्ष में अदाणी फाउंडेशन की भूमिका

मिशन उत्कर्ष के संचालन में अदाणी फाउंडेशन ने रणनीतिक सह-भागीदार के रूप में सहयोग दिया। फाउंडेशन द्वारा कार्यक्रम के लिए पूर्ण वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया गया। मासिक परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्रों की छपाई और उनके वितरण की व्यवस्था की गई। विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई तथा शैक्षणिक सहयोग के लिए विशेषज्ञ संस्था एलीमेंट्स (ELEMENTS) की नियुक्ति और प्रबंधन किया गया। इसके साथ ही परीक्षा परिणामों की ट्रैकिंग, विश्लेषण और मॉनिटरिंग प्रक्रिया में सहयोग दिया गया। शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए भी शैक्षणिक समर्थन उपलब्ध कराया गया, जिससे कार्यक्रम का संचालन तय ढांचे के अनुसार किया जा सका।

उल्लेखनीय परिणाम (शैक्षणिक सत्र 2025–26)

कक्षा 10वीं

जिला रैंक: 32 से बढ़कर 27
उत्तीर्ण प्रतिशत: 66.24% से बढ़कर 71.05%
कक्षा 12वीं

जिला रैंक: 25 से बढ़कर 15
उत्तीर्ण प्रतिशत: 79.94% से बढ़कर 84.79%
मेधा एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन

कक्षा 10वीं की टॉप-10 मेरिट सूची में 2 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया, जिनमें अधिकतम अंक 592 (98.67%) रहे। कक्षा 12वीं में टॉप-10 मेरिट सूची में 5 विद्यार्थियों ने स्थान बनाते हुए 96 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए।

कुल मिलाकर लगभग 29,000 विद्यार्थियों की भागीदारी के साथ यह पहल जिले के शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर में सुधार की दिशा में एक संगठित प्रयास के रूप में सामने आई है।

मिशन उत्कर्ष जिला प्रशासन और अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एक ऐसी पहल है, जिसने रायपुर जिले में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार की दिशा में ठोस आधार तैयार किया है और यह शैक्षणिक सहयोग के एक व्यावहारिक मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री साव ने दी श्रमिक दिवस की बधाई: कांग्रेस के बोरे बासी दिवस और बैठक पर साधा निशाना

उप मुख्यमंत्री साव ने दी श्रमिक दिवस की बधाई: कांग्रेस के बोरे बासी दिवस और बैठक पर साधा निशाना

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव का श्रमिक दिवस और सुशासन तिहार को लेकर बयान सामने आया है। अरुण साव ने श्रमिक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण मिले इसके लिए सरकार काम कर रही है। इसी के साथ ही उन्होंने कांग्रेस के बोरे बासी दिवस, कांग्रेस की बैठक और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के दौरे को लेकर निशाना भी साधा है।

श्रमिक दिवस की दी शुभकामनाएं
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने श्रमिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रमिकों के पसीने से विकसीत भारत का निर्माण हो रहा है। श्रम कानूनों में परिवर्तन कर सरकार उनके हित में काम कर रही हैं। श्रमिकों को सुरक्षित वातावरण मिले इसके लिए सरकार काम कर रही है।

सुशासन तिहार को लेकर दिया बयान
सुशासन तिहार को लेकर अरुण साव ने कहा कि आज से 10 जून तक सुशासन तिहार का आयोजन होने जा रहा है। निचले स्तर के अधिकारी से लेकर प्रदेश के मुखिया लोगों से मिलेंगे। साथ ही सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत भी जानेंगे। लोगों को किस तरह से लाभ मिल रहा है इसकी जानकारी लेंगे। वहीं उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनता के हित में काम कर रहे हैं। सरकार आपके गांव तक पहुंच रही है। अपनी समस्या जरुर बताएं ताकि छत्तीसगढ़ विकसीत हो।

बोरे बासी अभियान पर साधा निशाना
अरुण साव ने कांग्रेस के बोरे बासी अभियान को लेकर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस दिखावे की राजनीति की आदी रही है। बोरे बासी के घोटाले को जनता भूली नहीं। ये लोग काटा चम्मच से बोरे बासी खा रहे थे। प्रदेश के लोग नियमित रूप से बोरे बासी खाते हैं। यह कोई एक दिन का त्यौहार नहीं है। छत्तीसगढ़िया लोगों को बोरे बासी खिलाने का नाटक कांग्रेस बंद करे।

कांग्रेस की बैठक पर भी साधा निशाना
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस की बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं के अभियान का हश्र जनता ने देखा है। सभी राजनीतिक दलों को गतिविधि का अधिकार है। कांग्रेस जनहित और जनता से दूर जा चुकी है। कांग्रेस को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा।

सचिन पायलट के दौरे को लेकर बोला हमला
इसी के साथ ही उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सचिन पायलट के दौरे को लेकर भी जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का जनहित और सरोकार नहीं। जनता और देशहित से कोई लेना-देना नहीं है। जनता कांग्रेस से दूर जा चुकी है। कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी दूर जा चुके हैं। इसका कोई परिणाम नहीं आने वाला है।

 

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक ली करवट, कई जिलों में आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले, अगले 5 दिन अंधड़-बारिश का अलर्ट…!!

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक ली करवट, कई जिलों में आंधी-बारिश के साथ गिरे ओले, अगले 5 दिन अंधड़-बारिश का अलर्ट…!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली। भीषण गर्मी के बीच गरियाबंद और रायगढ़ जिले में ओले गिरे हैं। गुरुवार को गरियाबंद जिले के इंदागांव, उदंती, जुगाड़ क्षेत्र में तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान नेशनल हाइवे 130C इंदागांव से जुगाड़ तक बड़े-बड़े बर्फ के गोले बिछ गए। इस बदलाव ने लोगों को चौंका भी दिया और राहत भी दी।

मौसम का असर गरियाबंद के साथ लोरमी में भी दिनभर की गर्मी के बाद शाम को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई, जिससे लोगों को राहत मिली। वहीं जशपुर में तेज बारिश और हवाओं से कुछ इलाकों में पेड़ गिर गए और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। इस बदलाव ने एक तरफ गर्मी से राहत दी, तो दूसरी तरफ जनजीवन प्रभावित भी किया।

ओले इतने तेज थे कि नेशनल हाईवे 130C पर इंदागांव से जुगाड़ तक बड़े-बड़े ओले जमा हो गए। सड़क और आसपास के खेतों में सफेद परत बिछ गई, जो किसी बर्फबारी से कम नहीं लग रही थी। राहगीरों को कुछ समय के लिए रुकना पड़ा और कई जगहों पर यातायात धीमा हो गया। खेतों में बिछी यह बर्फ जैसी परत किसानों के लिए चिंता का कारण भी बन गई है।

तापमान में गिरावट से राहत

इस मौसम परिवर्तन का असर तापमान पर भी दिखने लगा है। अगले 2 दिनों में तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद अगले 3 दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। फिलहाल प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान जगदलपुर में 25.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।

5 दिन तक अंधड़ और बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 5 दिनों तक मौसम के ऐसे ही बने रहने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार सभी संभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ब्रेकिंग : इस विभाग में अधिकारी-कर्मचारियों के हुए तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट..!!

ब्रेकिंग : इस विभाग में अधिकारी-कर्मचारियों के हुए तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट..!!

 रायपुर। राज्य सरकार ने परिवहन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, कई जिलों के परिवहन अधिकारी को इधर से उधर किया गया है।

देखिये आदेश….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जशपुर प्रवास, बगिया में समृद्धि एम-कैड निर्माण कार्य का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज जशपुर प्रवास, बगिया में समृद्धि एम-कैड निर्माण कार्य का करेंगे शुभारंभ

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय 01 मई को जशपुर प्रवास पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे प्रातः 11:10 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपैड, रायपुर से प्रस्थान कर दोपहर 12:25 बजे विकासखंड कांसाबेल ग्राम बगिया पहुंचेंगे।मुख्यमंत्री दोपहर 01:00 बजे बगिया में ‘समृद्धि एम-कैड’ निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इसके पश्चात वे दोपहर 3.15 बजे विकासखंड कुनकुरी के ग्राम बंदरचुआं पहुंचकर अपने निज सहायक  दीपक अंधारे के चचेरे भाई स्वर्गीय  विवेक अंधारे के आकस्मिक निधन पर आयोजित ब्रह्मभोज कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शाम 4:25 बजे बगिया हेलीपैड से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

हादसे में मृतक परिवार को मिली बड़ी राहत: 2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत, सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद त्वरित कार्रवाई….

हादसे में मृतक परिवार को मिली बड़ी राहत: 2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत, सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद त्वरित कार्रवाई….

 रायपुर: प्रदेश सरकार की जनहितकारी पहल का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के एक पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है, जिससे कठिन समय में उन्हें महत्वपूर्ण सहारा मिला है।

हादसे में मृतक परिवार को मिली बड़ी राहत: 2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील अंतर्गत ग्राम फरदबहार निवासी स्वर्गीय विनोद साय की नदी में नहाने के दौरान पैर फिसल जाने से गंभीर चोट लग गई थी। परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा था।

मृतक की पत्नी चिरंजीवी पैंकरा ने अपनी समस्या को लेकर बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया और तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत सहायता की मांग की। प्रारंभिक स्तर पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासनिक पहल से प्रक्रिया में तेजी लाई गई और अंततः परिजनों को 2 लाख रुपए की बीमा सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई।

हादसे में मृतक परिवार को मिली बड़ी राहत: 2 लाख रुपए की सहायता स्वीकृत

सहायता राशि प्राप्त होने पर परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनके दुख की घड़ी में संवेदनशीलता के साथ मदद पहुंचाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की सक्रिय कार्यप्रणाली की भी सराहना की।

सीएम कैंप कार्यालय बगिया बन रहा जनविश्वास का केंद्र

बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय क्षेत्र के लोगों के लिए उम्मीद का केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं और त्वरित निराकरण पा रहे हैं।

स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, सड़क, राजस्व एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई से लोगों का भरोसा शासन-प्रशासन पर लगातार मजबूत हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि कैंप कार्यालय के माध्यम से शीघ्र और प्रभावी समाधान मिल रहा है।

सुदूर बीजापुर में चिकित्सा चमत्कार : अत्यंत दुर्लभ बीमारी से जूझते शिशु को बचाया

सुदूर बीजापुर में चिकित्सा चमत्कार : अत्यंत दुर्लभ बीमारी से जूझते शिशु को बचाया

 रायपुर: जिला अस्पताल बीजापुर के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक अत्यंत दुर्लभ एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित नवजात शिशु का सफलतापूर्वक उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया है।

ग्राम कोरसागुड़ा कोरसागुड़ा, बासागुड़ा विकासखण्ड उसूर निवासी शांति मोटू पूनेम के नवजात को 4 अप्रैल 2026 को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया था। जांच में शिशु को Staphylococcal Scalded Skin Syndrome नामक अत्यंत दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित पाया गया, जिसमें त्वचा जलने जैसी स्थिति में छिलने लगती है और संक्रमण तेजी से फैलता है। यह बीमारी बहुत ही कम मामलों में देखने को मिलती है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण के नेतृत्व में टीम ने 25 दिनों तक लगातार गहन उपचार, एंटीबायोटिक थेरेपी एवं विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान की। उपचार के दौरान शिशु की अत्यंत नाजुक और प्रभावित त्वचा की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरती गईं। शिशु को बाहरी संक्रमण और घर्षण से बचाने हेतु पारंपरिक एवं सहायक उपाय के रूप में स्वच्छ एवं स्टरलाइज किए गए केले के पत्तों का उपयोग किया गया। इन पत्तों को बिस्तर के रूप में इस प्रकार बिछाया गया कि नवजात की त्वचा को मुलायम और सुरक्षित सतह मिले, जिससे शरीर पर रगड़ कम हो और संक्रमण का खतरा घटे। साथ ही नियमित रूप से पत्तों को बदलकर स्वच्छता बनाए रखी गई, जिससे बच्चे को एक संक्रमण-रहित वातावरण मिल सके।

केले के पत्तों से किया गया विशेष देखभाल

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. आर. पुजारी एवं सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के मार्गदर्शन में उपचार सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस उपलब्धि में कलेक्टर श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे के मार्गदर्शन एवं सतत प्रशासनिक सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में मदद मिली।

शिशु के परिजनों ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने बच्चे के जीवित रहने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ के समर्पण, निरंतर देखभाल और अथक प्रयासों ने उनके बच्चे को नया जीवन दे दिया। उन्होंने इसे अपने परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं बताया और पूरे चिकित्सा दल के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

यह सफलता दर्शाती है कि अब दूरस्थ क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और जिला अस्पताल बीजापुर का SNCU क्षेत्रवासियों के लिए आशा का केंद्र बनकर उभर रहा है।

श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी: श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन

श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी: श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन

 रायपुर: अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर प्रदेश के श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने राज्य के श्रमिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सभी मेहनतकश श्रमिकों के सुखमय और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि 1 मई का दिन श्रमिकों के परिश्रम, समर्पण और योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का विशेष अवसर है।

मंत्री  देवांगन ने कहा कि श्रमिक समाज की आधारशिला हैं और उनके बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक खुशहाली के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंद वर्गों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों और उनके परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ तेजी से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित तीनों मंडलों- भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल, संगठित कर्मकार मंडल और राज्य सामाजिक सुरक्षा एवं श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मंत्री  देवांगन ने कहा कि बीते सवा दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। इससे न केवल श्रमिकों बल्कि उनके परिवारों के सामाजिक और आर्थिक स्तर में भी सुधार आया है।