CG Weather Update— रविवार को वीकेंड पर घूमने का प्लान बना रहे रायपुरवासियों के लिए मौसम विभाग ने चिंताजनक अपडेट जारी किया है। लालपुर स्थिति मौसम केंद्र ने रायपुर, गरियाबंद और धमतरी समेत मध्य छत्तीसगढ़ के आठ प्रमुख जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है । मौसम वैज्ञानिकों ने राजधानी समेत मैदानी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और जलभराव की आशंका जताते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है ।
मानसून ट्रफ और शियर जोन का प्रभाव: क्यों बिगड़ा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मुख्य मानसून द्रोणिका जैसलमेर, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए सीधी और डाल्टनगंज के रास्ते गुजर रही है। इसके साथ ही 24 डिग्री उत्तर अक्षांश पर हवा का एक पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से राज्य में लगातार नमी आ रही है।
शनिवार को रायपुर 33 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया था, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को रायपुर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन दोपहर बाद तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश की संभावना बनी हुई है ।
मौसम केंद्र का आधिकारिक बयान
“मानसून द्रोणिका और ऊपरी हवा के चक्रवाती तंत्र के कारण अगले 24 घंटों में मैदानी और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय अपनाएं।”
— मौसम केंद्र रायपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)
किन जिलों में कौन-सा अलर्ट?
मौसम केंद्र ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं:
रेड अलर्ट (60-80 km/h हवाएं और भारी बारिश): रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और बिलासपुर।
येलो अलर्ट (40 km/h हवाएं): बीजापुर, दंतेवाड़ा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर।
आम जनता और यात्रियों के लिए गाइडलाइन
रेड अलर्ट वाले इलाकों में निचले स्थानों पर जलभराव और दृश्यता कम होने से यातायात बाधित हो सकता है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को जलभराव वाले रास्तों, उफान पर मौजूद नदी-नालों और पुराने पुल-पुलियों से दूर रहने का निर्देश दिया है। बारिश और आंधी के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय न लें ।
बलौदाबाजार। बलौदाबाजार में एक बड़े कारोबारी के ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई की खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की टीम ने पीतल कारोबारी राजकुमार सराफ के आवास समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचकर जांच शुरू की है। देर रात शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ED और आयकर विभाग की टीमें कारोबारी से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और व्यावसायिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। जांच के दौरान विभिन्न दस्तावेजों और खातों से संबंधित जानकारी खंगाले जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की नकदी, दस्तावेज या अन्य सामग्री जब्त की गई है या नहीं।
यह कार्रवाई किस विशेष इनपुट, शिकायत या मामले के आधार पर की जा रही है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियों की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
एक साथ ED और आयकर विभाग की टीम पहुंचने की खबर के बाद शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, जांच पूरी होने और एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक वजह और जांच में मिले तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोरबा। जिले के सलोरा-छुरी गांव में शनिवार को बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब 25 से 30 किसान खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। घटना कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी बकरा बाजार स्थित खेत की है।
पश्चिम बंगाल तट पर बने लो प्रेशर एरिया का असर अब छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में अब तक संभागीय स्तर पर वर्षा सामान्य बनी हुई है और सामान्य से 19% कम (-19%) रिकॉर्ड की गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 59% ज्यादा बारिश और सरगुजा में सबसे कम 49% बारिश हुई है।
आकाशीय बिजली की चपेट में आए 3 किसान
शनिवार को कोरबा के सलोरा-छुरी गांव में 25 से 30 किसान एक साथ खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान खेत की मेढ़ पर आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से तीन किसान गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद खेत में मौजूद अन्य किसानों ने तीनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कटघोरा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों में बहुरंन (44) लक्ष्मी चंद (48) और श्याम साहू (58) शामिल है, तीनों सलोरा-छुरी के ही रहने वाले थे।
आज का मौसम
रविवार को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
तापमान का हाल
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।
अगले दो दिन का आउटलुक
अगले 48 घंटों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है।
रायपुर का मौसम
रायपुर शहर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कारगिल विजय दिवस की गौरवमयी वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य एवं अटूट संकल्प को कोटि-कोटि नमन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम, वीरता और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे वीर जवानों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का त्याग, बलिदान और शौर्य प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके अदम्य साहस के कारण देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और भारत का गौरव अक्षुण्ण है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव राष्ट्रवासियों के हृदय में अमिट रहेगा। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।
रायपुर- विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि- धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन में प्रत्येक दायित्व का निर्वहन सदैव निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ किया है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने पद से त्यागपत्र देने का उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है। राष्ट्रसेवा के उनके सतत प्रयास निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करते रहें। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।
00 वन मंत्री कश्यप की पहल पर बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के समर्थन में दौड़ेंगे युवा और नागरिक
रायपुर। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के प्रति दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है द्य बाघ हमारे पर्यावरण और जंगल के संतुलन को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। द्यअवैध शिकार और वनों की कटाई के कारण बाघों की जान को खतरा है, जिसे रोकने के लिए यह दिन प्रेरित करता है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई 2026 (अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस) के अवसर पर रन फॉर इंद्रावती मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में बाघ, वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वहां की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगी।
दो श्रेणियों में होगी मैराथन
प्रतियोगिता 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 10 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार 7 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 5 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 4 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं 5 किलोमीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य
इच्छुक प्रतिभागी पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों से समय रहते अपना पंजीयन पूरा करने की अपील की गई है।
सुबह 7 बजे होगी मैराथन की शुरुआत
रन फॉर इंद्रावती मैराथन 29 जुलाई को प्रात: 7 बजे इंदिरा स्टेडियम, बीजापुर से प्रारंभ होगी। प्रतिभागियों को चेस्ट नंबर का वितरण सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक किया जाएगा।
00 धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही का उदाहरण
00 कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांके, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को जनता ने नकारा : मुख्यमंत्री
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिद्धांतनिष्ठ राजनीति में विश्वास रखने वाला दल है। भाजपा सत्ता को अधिकार नहीं, बल्कि जनता और राष्ट्र की सेवा का माध्यम मानती है। भारतीय जनता पार्टी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है और सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, पारदर्शिता तथा जवाबदेही हमारी कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नैतिक आधार पर दिया गया त्यागपत्र इसी राजनीतिक संस्कृति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा में पद से बड़ा सिद्धांत होता है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही स्वीकार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भाजपा की राजनीतिक संस्कृति और कांग्रेस की कार्यशैली में यही मूलभूत अंतर है। भाजपा सिद्धांतों और जवाबदेही के आधार पर निर्णय लेती है, जबकि कांग्रेस का इतिहास सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और नैतिक मूल्यों की अनदेखी से भरा पड़ा है। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सवालों के जवाब में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उसे अपने पूरे राजनीतिक इतिहास का आत्ममंथन करना चाहिए। आज कांग्रेस अपनी कथनी और करनी के अंतर के कारण पूरे देश में जनता का विश्वास लगातार खो रही है। उसे यह चिंतन करना चाहिए कि जनता उससे लगातार दूर क्यों होती जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में छत्तीसगढ़ के लाखों बेटा-बेटियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया गया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास तोड़ा। प्रतिभाशाली युवाओं के साथ अन्याय हुआ और पूरी चयन प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के युवाओं से स्पष्ट वादा किया था कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर सीजीपीएससी मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। भाजपा सरकार ने अपने संकल्प को निभाते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। आज जांच आगे बढ़ रही है और तत्कालीन अध्यक्ष सहित अन्य दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। हमारी सरकार में कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और सुशासन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
00 मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी मन की बात की 136वीं कड़ी
00 प्रधानमंत्री मोदी ने कैच द रेन अभियान के तहत कोरबा में जल संरक्षण के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की
00 जल संचयन को जन-अभियान बनाने का किया आह्वान, मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 136वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मन की बात कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में मन की बात कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।
कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना
मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैच द रेन अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैच द रेन अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।
जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।
कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
हर घर तिरंगा अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।
स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में वोकल फॉर लोकल की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।
मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री श्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था - तीनों के हित में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से 'एक पेड़ माँ के नामÓ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोडऩा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।
00 30 जुलाई को प्रदेश में पहली बार आयोजित होगा ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’
00 महतारी वंदन योजना की लाखों हितग्राही महिलाओं के साथ समाज के सभी वर्गों की होगी सहभागिता
00 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पौधों का वितरण, व्यापक तैयारियों में जुटा प्रशासन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक अभिनव पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर प्रदेश में पहली बार ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ का आयोजन 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ किया जाएगा। इस अनूठे अभियान का उद्देश्य मातृशक्ति को पर्यावरण संरक्षण के महाअभियान से जोड़ते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप बालोद जिला प्रशासन ने इस अभियान की व्यापक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। वन, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित सभी संबंधित विभाग समन्वित रूप से अभियान को सफल बनाने में जुटे हैं। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 2 लाख 45 हजार महिलाओं के साथ-साथ अन्य इच्छुक महिलाओं एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं तथा अन्य इच्छुक महिलाओं को निःशुल्क पौधों का वितरण किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों के सहयोग से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर पौधे उपलब्ध करा रही हैं, ताकि प्रत्येक महिला 30 जुलाई को अपने घर, आंगनबाड़ी अथवा उपयुक्त स्थान पर पौधरोपण कर सके। महिलाओं ने भी इस महाअभियान को लेकर उत्साहपूर्वक तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। अभियान के अंतर्गत पौधरोपण के लिए आवश्यक पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पौधरोपण के बाद हितग्राही निर्धारित सेल्फी लिंक पर पौधे के साथ अपनी तस्वीर अपलोड कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान के लिए डिजिटल प्रमाण-पत्र भी प्राप्त कर सकेंगे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए जनभागीदारी आधारित अभियानों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ मातृशक्ति, प्रकृति और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्भुत संगम बनकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CGPSC भर्ती घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हो गई है। CBI जांच के बाद अब ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच करेगी। ED ने जेल में बंद CGPSC के पूर्व चेयरमैन एवं रिटायर्ड IAS अधिकारी टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार कर लिया है। टामन की गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने रायपुर के स्पेशल कोर्ट में गिरफ्तारी के लिए अनुमति मांगी थी। अब कस्टोडियल रिमांड में लेकर पूछताछ की जाएगी। माना जा रहा है कि पूछताछ में भर्ती प्रक्रिया में पैसों के लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क का खुलासा होगा।
CBI ने 2 साल पहले CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी को गिरफ्तार किया था। उनके साथ बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को भी गिरफ्तार किया गया था। CBI का आरोप है कि CGPSC की भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को डिप्टी कलेक्टर, DSP समेत अन्य पदों पर चयनित कराने के लिए अवैध लेन-देन हुआ।
CBI के मुताबिक, सोनवानी के कार्यकाल में PSC में हुई भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। आरोप है कि, उन्होंने अपने कई करीबी रिश्तेदारों और कांग्रेस नेताओं और अधिकारियों के 18 रिश्तेदारों की नौकरी लगवाई है। जांच में पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत मिले हैं।
रायपुर। कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले छत्तीसगढ़ के वीर शहीद कौशल यादव के शहीद दिवस पर शनिवार को राजधानी रायपुर के आकाशवाणी तिराहे पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शहीद कौशल यादव को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने केवल यादव समाज या छत्तीसगढ़ का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव बढ़ाया है। उनका बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
सांसद अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद कौशल यादव ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे वीर सपूतों को देश कभी भूल नहीं सकता। उन्होंने शहीद के माता-पिता और परिवारजनों को नमन करते हुए कहा कि ऐसे वीर पुत्र को जन्म देने वाला परिवार पूरे राष्ट्र के सम्मान का अधिकारी है।
उन्होंने कहा कि शहीद किसी एक परिवार, समाज या जाति के नहीं होते, बल्कि पूरे देश के होते हैं। उनका सम्मान करना और उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
सांसद अग्रवाल ने रायपुर में सभी वीर सैनिकों और शहीदों की स्मृतियों को एक स्थान पर संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शहर में एक “शहीद गैलरी” का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि काली मंदिर के समीप पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग की दीवार के पास उपलब्ध स्थान पर सभी वीर शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित कर एक प्रेरणादायी शहीद गैलरी विकसित की जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनेक शहीदों की प्रतिमाएं अलग-अलग स्थानों पर स्थापित हैं, लेकिन यदि उन्हें एक स्थान पर सम्मानपूर्वक संजोया जाए तो यह रायपुर और छत्तीसगढ़ के बच्चों एवं युवाओं के लिए राष्ट्रभक्ति की एक जीवंत पाठशाला बन सकती है। यहां आने वाला हर व्यक्ति देश के वीरों के त्याग और पराक्रम से प्रेरणा प्राप्त करेगा।
सांसद अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों का विशेष सम्मान करते हुए कहा कि आज यदि देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण जीवन जी पा रहा है तो उसके पीछे भारतीय सेना के जवानों का त्याग, समर्पण और अदम्य साहस है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शहीद कौशल यादव की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणा-स्तंभ है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शहीद कौशल यादव के नाम पर चौक निर्माण और प्रतिमा स्थापना के लिए यादव समाज तथा इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त करेगी।
कार्यक्रम में नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर जी, जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, मुरली शर्मा, पार्षद अमर गिदवानी, भूतपूर्व सैनिक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रायगढ़ । शासन की जनकल्याणकारी पहल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों के लिए भरोसे का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और सहज तरीके से सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है। रायगढ़ जिले में भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के जरिए लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
इसी क्रम में रुद्रा बेहरा, विश्वनाथन मोहन राव एवं इलियास लोमगा ने ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही जिला परिवहन विभाग ने तीनों प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया। समस्या का समाधान होने पर तीनों हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई हुई और समय पर समाधान मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सरल, सहज और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करा रही है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी समाधान हो। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आज नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन की अवधारणा को साकार कर रही है।
रायपुर। नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे देशभर के छात्रों की जीत करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
वहीं, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने विजय रैली निकालकर अपना विरोध जारी रखने का ऐलान किया। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। इससे पहले नीट पेपर लीक मामले को लेकर उनके इस्तीफे की मांग करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा, “एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। यह भारत के युवाओं की जीत है।” इसके बाद मीडिया से बातचीत में बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हार भी है। भूपेश बघेल ने सरकार की तुलना पौराणिक पात्र हिरण्यकश्यप से करते हुए कहा कि देश का जेन जेड वर्ग नरसिंह अवतार बनकर सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के सामने सरकार और उसकी एजेंसियां टिक नहीं सकीं।
भाजपा पर हमला बोलते हुए बघेल ने सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम कभी सोनम वांगचुक को चीन का एजेंट बताती थी, जबकि बाद में सरकार के मंत्री उनके साथ नजर आए। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर भाजपा किसी के भी साथ खड़ी हो जाती है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिलासपुर में छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों ने विजय रैली निकाली। रैली के दौरान “छात्र एकता जिंदाबाद” और “एनटीए रद्द करो” जैसे नारे लगाए गए। रैली में शामिल छात्रों का कहना था कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि केवल मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा।
परीक्षा प्रणाली में सुधार और एनटीए को लेकर उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के गठन के बाद यह पहला मौका माना जा रहा है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने व्यापक विरोध के बीच इस्तीफा दिया है। हालांकि 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने भी पद छोड़ा था, लेकिन उनका इस्तीफा ‘मी टू’ अभियान के दौरान लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद आया था। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा और एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर राष्ट्रीयस्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया की एक कार्बन फैक्ट्री में शनिवार को भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री से उठती ऊंची-ऊंची लपटें और आसमान में छाया काले धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते आग ने फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग से उठते घने धुएं के कारण आसपास का पूरा इलाका धुएं से भर गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
वहीं घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं ताकि आग आसपास की अन्य इकाइयों तक न फैल सके। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग में किसी के हताहत होने या नुकसान की आधिकारिक जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।
प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान और कारणों का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
दुर्ग। जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गनियारी/पीपर छेड़ी स्थित शिवनाथ नदी में शनिवार को जन्मदिन मनाने पहुंचे दोस्तों के साथ बड़ा हादसा हो गया। नदी में नहाने के दौरान 8 दोस्तों में दो किशोर तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
जिला सेनानी दिनेश कुमार रावटे के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम ने गहरे पानी में डीप डाइविंग कर तलाश अभियान चलाया। रेस्क्यू के दौरान एक किशोर का शव बरामद कर पुलिस को सौंप दिया गया, जबकि दूसरे बालक की तलाश लगातार जारी है।
मृतक की पहचान रेहान खान (14 वर्ष), पिता नदीम खान, निवासी बॉम्बे आवास, उरला के रूप में हुई है।
एसडीआरएफ की टीम में प्रभारी धनीराम यादव सहित भूपेंद्र सिंह, चंद्रप्रताप, राजकुमार यादव, दिलीप, सूरज, राजू महानंद, महेश, रमेश, राजेश नेताम, कुंजेश, दिनेश, शारदा और भानुप्रताप शामिल हैं।
पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरे लापता किशोर की तलाश के लिए एसडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी है।
दुर्ग। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए और किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। गजेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी विभाग में हजारों कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति की गलती के लिए मंत्री से इस्तीफा मांगना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी मंत्री नहीं चाहेगा कि उसके विभाग में पेपर लीक जैसी घटना हो।
उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गजेंद्र यादव ने कहा कि पुरानी मैकाले शिक्षा पद्धति में बदलाव और नई शिक्षा नीति (NEP) लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान की अहम भूमिका रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कई सुधार किए गए हैं, इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस लेना चाहिए।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश के युवाओं को हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोडऩे का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। योजना के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी योजना का लाभ लेकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम मोहला की निवासी नीलिमा देवांगन ने अपने जीवन को नई दिशा दी है। आज वे अपने घर से सिलाई का सफल स्वरोजगार संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ परिवार की आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
प्रशिक्षण ने बदला जीवन का नजरिया
नीलिमा देवांगन ने जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, मोहला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सिलाई (टेलरिंग) ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण की जानकारी उन्हें अपनी सहेलियों के माध्यम से मिली। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई-कढ़ाई की आधुनिक तकनीकों, मशीन संचालन, परिधानों की कटिंग एवं सिलाई सहित व्यवसाय से जुड़ी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनके कौशल को निखारने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया।
हुनर बना आजीविका का आधार, घर बैठे मिल रहा रोजगार
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद नीलिमा ने नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं का स्वरोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से सिलाई का कार्य प्रारंभ किया और आज वे महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई कर रही हैं। स्वरोजगार के पहले ही माह से उन्हें लगभग 5 से 6 हजार रुपए प्रतिमाह की नियमित आय होने लगी। यह आय उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
नीलिमा देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उन्हें केवल एक हुनर ही नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। आज वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं और भविष्य में अपने स्वरोजगार का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोडऩे की इच्छा रखती हैं।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
श्रीमती नीलिमा देवांगन अपनी सफलता का श्रेय कौशल विकास विभाग, जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज मोहला एवं जिला प्रशासन को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। यह योजना युवाओं को हुनर के साथ आत्मविश्वास भी दे रही है, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।
00 विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत बना चेक डेम किसानों के लिए साबित हुआ वरदान
00 भू-जल स्तर बढ़ा, 10 हेक्टेयर भूमि को मिली सिंचाई, 1671 मानवदिवस का हुआ रोजगार सृजन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए किए जा रहे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत राजपुर में निर्मित सामुदायिक चेक डेम आज जल संरक्षण, रोजगार सृजन और कृषि समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। इस परियोजना ने न केवल वर्षा जल को संरक्षित किया है, बल्कि किसानों को वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है।ग्राम पंचायत राजपुर में भागवत के खेत के समीप निर्मित इस सामुदायिक चेक डेम के निर्माण के लिए 16.02 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के पूर्ण होने तक कुल 15.69 लाख रुपए व्यय किए गए, जिसमें 2.79 लाख रुपए मजदूरी एवं 12.55 लाख रुपए सामग्री पर खर्च किए गए। इस कार्य से कुल 1671 मानवदिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिला, पलायन में कमी आई और अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।
10 हजार घनमीटर से अधिक जल संरक्षण क्षमता
12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की 10,080 घनमीटर जल संरक्षण क्षमता पूरे क्षेत्र की जल व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। पहले जहां वर्षा का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, वहीं अब वही पानी संरक्षित होकर धीरे-धीरे भू-जल भंडार को समृद्ध कर रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि आसपास के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है तथा गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता पहले की तुलना में बेहतर बनी रहती है।
खेती हुई आत्मनिर्भर, किसानों की बढ़ी आय
इस परियोजना का लाभ श्री भगवाता सुखराम, श्री बुसाहु राम सिंह, श्रीमती चितरेखा पुनित, श्री ईष्वरी मधुर सिंह तथा श्री केवल पचरू सहित अनेक किसानों को मिल रहा है। पहले जहां खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, वहीं अब किसान खरीफ के साथ-साथ रबी और सब्जी फसलों की भी सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से उत्पादन में वृद्धि हुई है, खेती की लागत कम हुई है और किसानों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। तकनीकी सहायक सुश्री पूजा पटेल के अनुसार चेक डेम का निर्माण सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है तथा इससे लगभग 10 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकती है। यह संरचना जल संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, सूखे की स्थिति में किसानों को राहत प्रदान करने तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जल संरक्षण से गांव को मिला स्थायी समाधान
ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक के अनुसार चेक डेम बनने के बाद वर्षा जल गांव में ही संरक्षित हो रहा है, जिससे खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और किसानों को समय पर सिंचाई उपलब्ध हो जाती है। किसानों का कहना है कि अब फसल खराब होने की चिंता काफी कम हो गई है तथा खेती अधिक लाभकारी बन गई है। राजपुर का यह सामुदायिक चेक डेम आज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, ग्रामीण रोजगार और कृषि समृद्धि का एक सफल एवं प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है। यह परियोजना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि यदि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जाए तो जल संकट का स्थायी समाधान संभव है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा एवं नई दिशा दी जा सकती है।
रायपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप आज जगदलपुर स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव 2026 और ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ अभियान में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
पौधारोपण ही भविष्य का संकल्प
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति हमारी भावनाओं को मजबूत करता है। उन्होंने नागरिकों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। समाज की सक्रिय भागीदारी से ही हरित छत्तीसगढ़ और समृद्ध बस्तर का सपना साकार होगा।
1.5 एकड़ क्षेत्र में 630 पौधों का रोपण
वन महोत्सव के दौरान शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर जगदलपुर के लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में 630 फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। इसके बाद ‘ग्रीन कैनवास’ अभियान के तहत वनमंत्री सहित जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हस्ताक्षर किए।
630 पौधों को गोद लेकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी ली
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बस्तर ने रोपे गए सभी 630 पौधों को गोद लेकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी ली। वनमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पौधारोपण तभी सफल होगा जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्ष बनें और आने वाली पीढ़ियों को छाया, शुद्ध हवा और जीवन प्रदान करें।
हितग्राहियों को मिली आर्थिक सहायता
कार्यक्रम में वन विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को 35.98 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि और डमी चेक वितरित किए गए। लाभार्थियों में तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजना, प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मालिक मकबूजा योजना, किसान वृक्ष मित्र योजना और मानव- वन्यप्राणी द्वंद्व राहत योजना के हितग्राही शामिल रहे।
इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग कालेज परिवार के सदस्यों, वन विभाग के कर्मचारी और पर्यावरण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बिलासपुर। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में गाना गाते समय हार्ट अटैक आने से प्रोफेसर की मौत हो गई। प्रोफेसर की मौत के बाद कार्यक्रम को बंद कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो. आलोक चक्रवाल के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर पार्टी का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में अन्य प्राध्यापकों के साथ छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार सिंह भी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गाना भी गाया। इसके बाद असहज महसूस करने पर वे बाथरूम चले गए, जहां अन्य लोगों को गिरे मिले। जांच के बाद स्थिति का अंदाजा लगते ही कार्यक्रम बंद किया गया।
कैंपस की एंबुलेंस नहीं पहुंची, रजिस्ट्रार अपनी कार से ले गए अस्पताल
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलवाई गई, लेकिन वह नहीं पहुंची। इसके बाद रजिस्ट्रार अश्वनी दीक्षित अपनी कार से उन्हें अस्पताल लेकर गए।
बताया जाता है कि जहां कार्यक्रम चल रहा था, वहां से महज 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है, जहां एंबुलेंस उपलब्ध रहती है, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। इसलिए रजिस्ट्रार अपनी कार से उन्हें व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल लेकर गए। यह भी चर्चा है कि विश्वविद्यालय से अस्पताल की दूरी लगभग 8.4 किलोमीटर है। ऐसे में उन्हें अस्पताल पहुंचाने में भी समय लगा।
बिलासपुर। चर्चित शराब घोटाला मामले से जुड़े ओवरटाइम स्कैम में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चार आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने आरोपी संजीव जैन और राजीव द्विवेदी समेत चार आरोपियों को 10-10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो सक्षम जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के सामने कई अहम तर्क रखे। बचाव पक्ष ने कंपनी के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट संचालन में सिद्धार्थ सिंघानिया की भूमिका का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट का संचालन उनके द्वारा किया जा रहा था, लेकिन उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया। वहीं, कंपनी के निदेशकों को आरोपी बनाया गया, जबकि उनकी भूमिका अलग थी।
बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि शराब घोटाले के मूल मामले में संजीव जैन को गवाह बनाया गया था, जबकि उसी से जुड़े कथित ओवरटाइम घोटाले में उन्हें आरोपी बना दिया गया। पक्ष ने कहा कि मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े अधिकांश कामकाज सिद्धार्थ सिंघानिया के नियंत्रण में थे। सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से बताया गया कि जांच पूरी हो चुकी है और 18 मई 2026 को चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने जांच एजेंसी के नोटिस पर लगातार उपस्थित होकर सहयोग किया था। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होने के करीब 18 महीने बाद 4 मई 2026 को उनकी गिरफ्तारी की गई।
बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि इसी मामले के एक अन्य सह-आरोपी को पहले ही हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। ऐसे में समानता के आधार पर अन्य आरोपियों को भी राहत दिए जाने की मांग की गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की प्रत्यक्ष भूमिका स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती। कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने संजीव जैन, राजीव द्विवेदी समेत चारों आरोपियों को नियमित जमानत प्रदान कर दी।
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में जिले में 174 लोगों ने आत्मघाती कदम उठाया। आंकड़ों के अनुसार, 180 दिनों की इस अवधि में कुछ दिनों को छोड़ दें तो लगभग हर दिन एक आत्महत्या का मामला सामने आया। पुलिस और विशेषज्ञों के मुताबिक, इन घटनाओं के पीछे पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध, आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव जैसे कई कारण सामने आए हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में मामलों में नशे की आदत एक प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि, अत्यधिक नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे वह तनाव या गुस्से में गलत निर्णय ले सकता है।
आत्महत्या करने वालों में युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। अधिकांश मामलों में फांसी लगाने और कुछ मामलों में जहरीले पदार्थ के सेवन की बात सामने आई है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि, मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना बेहद जरूरी है। तनाव या परेशानी से जूझ रहे लोगों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। परिवार और समाज को संवेदनशील होकर उनकी बात सुननी चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए। समय पर सहयोग से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट 28 जुलाई को रायपुर पहुंचेंगे। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि, पायलट नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, पायलट के दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी नहीं किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दौरे के दौरान संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक कर आगामी रणनीति और संगठन को मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है।
सचिन पायलट का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब कांग्रेस प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने में जुटी है। इससे पहले 25 जून को पायलट रायपुर आए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया था। उस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ कमजोर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक बारिश का आंकड़ा 3 सेमी तक पहुंचा, जबकि कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक औसत से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के ब्रेक के बाद अब पूरे प्रदेश में जोरदार बारिश के लिए नए सिस्टम का इंतजार है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। शुक्रवार को तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और दुर्ग सबसे गर्म रहे, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में आज आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बादलों के साथ कुछ स्थानों पर बारिश की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून धीरे-धीरे कमजोर होने लगा था। इस बीच जम्मू-कश्मीर और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाओं को अपनी ओर खींच लिया है। असम और बिहार में मानसूनी गतिविधियां बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का दायरा सीमित रह सकता है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार सुबह 10 बजे तक कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं अगले दो दिनों में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। ऐसे में लोगों को मौसम में बदलाव के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGESB) ने लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव के आधार पर सहायक शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा आयोजित करने के संबंध में आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है, जो 21 अगस्त 2026 तक चलेगी।
सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य आवश्यक विवरण सही-सही दर्ज करना होगा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि सहायक शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा की संभावित तिथि 11 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। हालांकि परीक्षा कार्यक्रम में आवश्यकता के अनुसार बदलाव किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर CGESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचनाओं को देखते रहें।
भर्ती परीक्षा के आयोजन के लिए प्रदेश के 16 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अभ्यर्थियों की संख्या और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा केंद्र का चयन करने का अवसर दिया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। भुगतान के लिए ऑनलाइन बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा सकेगा। अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क भुगतान करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि गलत जानकारी या भुगतान संबंधी समस्या के कारण आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क वापसी की व्यवस्था भी की गई है। राज्य के ऐसे स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो भर्ती परीक्षा में शामिल होंगे, उन्हें परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। शुल्क वापसी की राशि उसी बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिसका उपयोग अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क भुगतान के लिए किया होगा। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा शुल्क वापसी की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन के समय अपने बैंक खाते की सही जानकारी देना आवश्यक होगा। गलत बैंक विवरण या किसी अन्य तकनीकी समस्या की स्थिति में शुल्क वापसी में परेशानी आ सकती है
सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है। इसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण नियम, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश शामिल हैं। प्रदेश में लंबे समय से सरकारी शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर सकते हैं। शिक्षक पदों पर भर्ती होने से प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य निर्देश आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
अभ्यर्थी CGESB और व्यापम की वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश के युवाओं ने इस भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का स्वागत किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने अब परीक्षा की तैयारी तेज करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा तिथि को ध्यान में रखते हुए विषयवार तैयारी, पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास और नियमित रिवीजन पर ध्यान देना चाहिए। सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के माध्यम से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। आने वाले दिनों में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अन्य जानकारियां भी कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी की जाएंगी।