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स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी - मंत्री वर्मा

स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी - मंत्री वर्मा

 00 खनिज निधि से संवरेगा ग्रामीण छत्तीसगढ़
00 बलौदाबाजार के स्कूलों में प्रार्थना शेड और उपस्वास्थ्य केंद्र में बनेगी बाउंड्री वॉल
रायपुर।
जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों को बढ़ाकर ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कायाकल्प किया जा रहा है। उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास पर खर्च किया जाता है। ?राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ?सरकार शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर बच्चों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड को जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से दो बड़ी सौगातें मिली हैं। सरकार ने ग्रामीण शिक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए स्कूलों में प्रार्थना शेड और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण को मंजूरी दे दी है।
सिमगा विकासखंड के ग्राम परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड के निर्माण के लिए प्रत्येक विद्यालय को 10 लाख रुपये (कुल 20 लाख रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।अक्सर ग्रामीण स्कूलों में प्रार्थना सभा, बालसभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद जैसी गतिविधियां खुले मैदान में होती हैं, जिससे बच्चों को कड़कती धूप, भारी बरसात या तेज ठंड का सामना करना पड़ता है। यह शेड न केवल सुबह की प्रार्थना के लिए, बल्कि बच्चों की बालसभा, सांस्कृतिक आयोजनों और परीक्षाओं के व्यवस्थित संचालन के लिए एक बेहतरीन मंच साबित होगा।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के प्रति भरोसा और आकर्षण दोनों बढ़ेगा।गांवों के स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी हैं। खनिज संसाधनों का उपयोग स्थानीय जनता का जीवनस्तर सुधारने में किया जा रहा है।
सुदृढ़ स्वास्थ्य अधोसंरचना- जांगड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र को 7 लाख रूपए
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सिमगा विकासखंड के ही ग्राम जांगड़ा के उपस्वास्थ्य केंद्र भवन में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 7 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। खुला और असुरक्षित परिसर होने के कारण मरीजों, परिजनों और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को होने वाली व्यावहारिक दिक्कतों से राहत मिलेगी। बाउंड्री वॉल बनने से अस्पताल परिसर व्यवस्थित होगा और यहाँ आने वाले ग्रामीणों के लिए बैठने व रुकने की व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी, जिससे लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
जन-केंद्रित विकास और डीएमएफ का सटीक उपयोग
मंत्री टंक राम वर्मा ने इन पहलों को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि इन तीनों स्तंभों को समान प्राथमिकता देकर मजबूत कर रही है। विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर सुदूर गांवों तक बुनियादी ढांचा पहुँचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। खनिज क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले संसाधनों (डीएमएफ) का वास्तविक उपयोग उसी क्षेत्र के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने और उनका जीवनस्तर सुधारने में किया जा रहा है, ताकि गांवों का हर बच्चा और नागरिक शहरों जैसी आधुनिक सुविधाओं के बीच सम्मान से रह सके।

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी

 00 12 जुलाई को रायपुर में प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के साथ होगी बैठक
रायपुर।
राज्य में मानसून-2026 के दौरान प्रमुख औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित वृक्षारोपण गतिविधियों की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में 12 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे बेबीलॉन कैपिटल, जी.ई. रोड, रायपुर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में राज्य की प्रमुख मीडियम एवं लार्ज स्केल औद्योगिक इकाइयों के प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर स्तर के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में मानसून-2026 के दौरान किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव, निगरानी व्यवस्था तथा उद्योगवार एक्शन प्लान की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 08 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव  राजू अगसिमनी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में औद्योगिक इकाइयों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में अब विभागीय मंत्री  ओ.पी. चौधरी स्वयं उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वृक्षारोपण अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्ययोजना पर आवश्यक मार्गदर्शन देंगे।
बैठक का उद्देश्य उद्योगों की सक्रिय सहभागिता से राज्य में हरित आवरण का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाना तथा वृक्षारोपण कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना है।

अटेंशन की होड़ में भ्रामक खबरें लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय-जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल

अटेंशन की होड़ में भ्रामक खबरें लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय-जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल

 रायपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना कार्यक्रम में मीडिया की बदलती चुनौतियों, जिम्मेदार पत्रकारिता और प्रेस क्लब के विकास पर हुई चर्चा

रायपुर। डिजिटल युग में तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य के बीच पत्रकारिता की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी पर गंभीर मंथन करते हुए जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि 'अटेंशन की होड़ में मिसलीडिंग (भ्रामक) खबरों का बढऩा लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में तथ्यपरक, संतुलित औरजिम्मेदार पत्रकारिता ही मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है। वे रायपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना कार्यक्रम में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे, जहां रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों ने भी मीडिया और जनसंपर्क विभाग के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और सतत संवाद को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और पत्रकारों की उपस्थिति में मीडिया की वर्तमान चुनौतियों, पत्रकारिता के मूल्यों तथा प्रेस क्लब के विकास को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

 सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन

11 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री साय ने दी नए आवास की चाबी

रायपुर - रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने तथा ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों से संबंधित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 लाख आवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 हितग्राहियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान कर सम्मानित किया तथा “मोर गांव मोर पानी “महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गठन के तुरंत बाद अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से विगत वित्तीय वर्ष में लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो एक वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास पूर्ण करने की उपलब्धि है। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) में ही 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। अर्थात प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यो पर एक पुस्तिका विमोचित की गई। उल्लेखनीय है कि यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया था। जनभागीदारी आधारित इस अभियान के अंतर्गत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा एवं वर्तमान वीबी- जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत आजीविका डबरी, नवा तरिया, कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जा रही है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा  सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

 जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

हर घर शुद्ध जल सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी, होगा सोशल ऑडिट

रायपुर :- छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता और सुचारू संचालन को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के अधिकारियों के साथ संचालन एवं रखरखाव नीति पर व्यापक चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

पंचायतों को हस्तांतरित होगी व्यवस्था

         बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में निर्मित सभी नल-जल योजनाओं का सफल संचालन शासन के निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण घरों में प्रतिदिन नल से शुद्ध जल मिले, इसके लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जाए। पेयजल योजनाओं की संस्थागत व्यवस्था को पूरी तरह से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसके लिए पंचायतों को हर आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इन योजनाओं का रखरखाव ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से होगा, जिससे जन-सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

सोशल ऑडिट और ग्राम सभाओं में चर्चा अनिवार्य

         पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं का सही संचालन और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति जांचने के लिए सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराया जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक गाँव की ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर अनिवार्य रूप से चर्चा सुनिश्चित की जाए।

वाटर मीटर लगाने और वित्तीय प्रबंधन पर विचार

       बैठक के दौरान योजना के दीर्घकालिक क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ। योजनाओं के रखरखाव के लिए बजट प्रबंधन और उचित जल शुल्क निर्धारण पर चर्चा हुई। जल की बर्बादी (क्षति) को कम करने और बेहतर राजस्व प्राप्ति के लिए भविष्य में बजट प्रावधानों के अनुसार वाटर मीटर लगाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पेयजल की गुणवत्ता का मूल्यांकन, विभिन्न स्तरों पर मॉनिटरिंग व्यवस्था, अनुपालन और सामुदायिक भागीदारी लेखा परीक्षा को लेकर अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।

       बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ नीति के प्रारूप और उसके विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित जल जीवन मिशन, पीएचई और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बंदूक की गूंज थमी, अब गूंजेगी पढ़ाई, 20 साल बाद गच्छनपल्ली में बना पक्का स्कूल

बंदूक की गूंज थमी, अब गूंजेगी पढ़ाई, 20 साल बाद गच्छनपल्ली में बना पक्का स्कूल

 0 बच्चों को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य

सुकमा। छत्तीसगढ के सुकमा जिले का गच्छनपल्ली गांव कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। लंबे समय तक यहां विकास कार्य प्रभावित रहे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में अब शासन की 'नियद नेल्ला नार' (आपका अच्छा गांव) योजना और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से गांव में बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है।
20 साल तक झोपड़ी में चलती रही पढ़ाई
करीब 20 वर्ष पहले नक्सली हिंसा में गांव का स्कूल भवन नष्ट हो गया था। इसके बाद बच्चों की पढ़ाई अस्थायी झोपड़ियों और आंगनबाड़ी भवन में चलती रही। सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चे शिक्षा से जुड़े रहे, लेकिन उन्हें सुरक्षित और बेहतर वातावरण नहीं मिल पा रहा था

नियद नेल्लानार योजना से बदली तस्वीर
जिला प्रशासन ने नियद नेल्ला नार योजना के तहत गच्छनपल्ली में नया पक्का स्कूल भवन बनाया। अब गांव के बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में पढ़ने का अवसर मिल रहा है। यह स्कूल भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि गांव के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया है।
ग्रामीणों ने खुशी से किया स्वागत
नए स्कूल भवन का शुभारंभ स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर सरपंच, उपसरपंच, पंच, पारंपरिक पुजारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वर्षों बाद अपने गांव में पक्का स्कूल देखकर ग्रामीणों की खुशी देखते ही बन रही थी।
शिक्षा के साथ बढ़ेगा विकास
कलेक्टर सुकमा श्री अमित कुमार ने कहा कि शासन का उद्देश्य नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। गच्छनपल्ली में नया स्कूल भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा।

उम्मीद और विश्वास की नई शुरुआत
गच्छनपल्ली की यह कहानी बताती है कि विकास और शिक्षा हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकती हैं। जहां कभी भय और सन्नाटा था, वहां आज बच्चों की पढ़ाई और मुस्कान की गूंज सुनाई दे रही है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से गांव में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है, जो आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।
यह स्कूल बच्चों के सपनों के विश्वास और विकास का सशक्त प्रतीक
गच्छनपल्ली का नया स्कूल इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो बदलाव केवल दिखाई नहीं देता, बल्कि लोगों के जीवन में महसूस भी होता है। यह स्कूल बच्चों के सपनों, ग्रामीणों के विश्वास और विकास की नई सोच का सशक्त प्रतीक बन गया है।

खरीफ सीजन ने पकड़ी रफ्तार, छत्तीसगढ़ में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसलों की बोनी…..

खरीफ सीजन ने पकड़ी रफ्तार, छत्तीसगढ़ में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसलों की बोनी…..

 रायपुर: प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेजी के साथ जारी है। राज्य में अब तक 20.14 लाख से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 41 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य  सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को भी कहा हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 7.78 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.62 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। 09 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 248.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.56 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.62 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 71 प्रतिशत है।

इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 7.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 57 प्रतिशत है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।

CG Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से, पांच दिनों तक कई अहम मुद्दों पर होगा मंथन

CG Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से, पांच दिनों तक कई अहम मुद्दों पर होगा मंथन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 13 से 17 जुलाई तक चलेगा, जिसमें कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी। सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण और जनहित के मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, पांच दिवसीय मानसून सत्र के लिए अब तक कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इन प्रश्नों के माध्यम से विभिन्न विभागों के कामकाज, योजनाओं की प्रगति और जनसमस्याओं पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के विधायकों ने भी अलग-अलग विभागों से जुड़े सवाल लगाए हैं।

सत्र के दौरान किसानों की समस्याएं, नकटी (लम्पी/फसल से जुड़े स्थानीय मुद्दे), बारिश और कृषि व्यवस्था, सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा कानून-व्यवस्था जैसे ज्वलंत मुद्दों के सदन में गूंजने के आसार हैं। विपक्ष सरकार को विभिन्न मामलों पर घेरने की रणनीति तैयार कर रहा है, वहीं सरकार भी अपने कार्यों और उपलब्धियों का पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में है।

इसके अलावा कई विधायकों ने ध्यानाकर्षण सूचनाएं भी दी हैं, जिनके माध्यम से अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण और तात्कालिक जनहित के मामलों को सदन में उठाया जाएगा। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान प्रदेश के कई अहम मुद्दों पर सार्थक चर्चा और जवाबदेही देखने को मिल सकती है।

अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी ज्यादा अल्कोहल वाली दवा, केंद्र सरकार ने बदले नियम

अब बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगी ज्यादा अल्कोहल वाली दवा, केंद्र सरकार ने बदले नियम

 नई दिल्ली।  दवाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल वाली ओरल (मुंह से ली जाने वाली) दवाएं बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के नहीं खरीदी जा सकेंगी। सरकार ने ऐसी दवाओं को Schedule H1 श्रेणी में शामिल कर दिया है, जिससे उनकी बिक्री और खरीद पर पहले की तुलना में अधिक सख्त निगरानी रहेगी।

नए नियम के लागू होने के बाद मेडिकल स्टोर संचालक बिना वैध डॉक्टर के पर्चे के इन दवाओं की बिक्री नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा फार्मेसियों को प्रत्येक बिक्री का पूरा रिकॉर्ड भी निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखना होगा।

किन दवाओं पर लागू होगा नया नियम?

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह नियम उन ओरल दवाओं पर लागू होगा जिनमें 12 प्रतिशत से अधिक अल्कोहल मौजूद है और जिन्हें 30 मिलीलीटर से बड़े पैक में बेचा जाता है। इस फैसले का असर कुछ कफ सिरप, टॉनिक और अन्य अल्कोहल युक्त दवाओं पर पड़ सकता है।

अब तक कई ऐसी दवाएं मेडिकल स्टोर से केवल नाम बताकर खरीदी जा सकती थीं, लेकिन नए प्रावधान के बाद इन्हें लेने के लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा।

क्या है Schedule H1?

Schedule H1 ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बनाई गई एक विशेष श्रेणी है, जिसमें ऐसी दवाएं शामिल की जाती हैं जिनके उपयोग और बिक्री पर कड़ी निगरानी आवश्यक होती है।

इस श्रेणी में शामिल दवाओं की बिक्री के लिए:

  • डॉक्टर का वैध प्रिस्क्रिप्शन अनिवार्य होगा।
  • मेडिकल स्टोर को प्रत्येक बिक्री का रिकॉर्ड रखना होगा।
  • प्रिस्क्रिप्शन और बिक्री से जुड़े दस्तावेज निर्धारित समय तक सुरक्षित रखने होंगे।
  • नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्कोहल युक्त कुछ दवाओं के गलत इस्तेमाल और बिना चिकित्सकीय सलाह के सेवन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने, दवाओं के दुरुपयोग को कम करने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने यह कदम उठाया है।

सरकार का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद इन दवाओं की बिक्री अधिक पारदर्शी होगी और बिना चिकित्सकीय सलाह के इनके इस्तेमाल पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

रेडियो के ‘दीदी के गोठ’ से महिलाओं को आगे बढ़ने मिलती है प्रेरक और रोचक जानकारियां : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रेडियो के ‘दीदी के गोठ’ से महिलाओं को आगे बढ़ने मिलती है प्रेरक और रोचक जानकारियां : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 एक वर्ष में 12 एपिसोड के माध्यम से हजारों महिलाओं तक पहुँची सफलता की कहानियां

मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, 'बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका एवं ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का किया विमोचन

सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों का किया सम्मान, प्रदर्शनी का अवलोकन कर जाना नवाचारों का सफर

रायपुर- ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन गया है। इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भरता, आजीविका, नवाचार और स्वरोजगार से जुड़ी अत्यंत रोचक एवं प्रेरक जानकारियां मिल रही हैं। एक सफल दीदी की कहानी हजारों अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है और यही इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली दीदियों को सम्मानित किया तथा ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिलाओं से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ऑडिटोरियम परिसर में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ फोटो गैलरी का अवलोकन किया तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों एवं आजीविका गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दुर्ग जिले से वर्चुअल माध्यम से जुड़ीं लखपति दीदी विद्या निषाद से चर्चा की। निषाद ने बताया कि कोरोना काल में पति के निधन के बाद उन्हें बिहान समूह से प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कपड़े एवं फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष का सफल सफर पूरा कर लिया है और अब तक 12 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल दीदी अपनी संघर्ष एवं सफलता की कहानी स्वयं अपनी बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को देवी स्वरूप माना गया है। वेदों में कहा गया है - “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।” आज महिलाएं बिहान से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। कोई ड्रोन दीदी बनी है, कोई राजमिस्त्री, कोई ऑर्गेनिक खेती कर रही है, तो कोई सेटरिंग प्लेट , पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की लखपति दीदियां आने वाले समय में करोड़पति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने सुशासन तिहार के दौरान आरंग क्षेत्र के भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां मातृशक्ति द्वारा संचालित ‘गोट यूनिट’ में बकरी, मुर्गी एवं मछली पालन का एकीकृत मॉडल विकसित किया गया है, जिससे वह लखपति बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार पूरे प्रदेश की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को ढाई वर्षों में पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश को 18 लाख आवासों की स्वीकृति मिली, जिनमें से 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। अब तक 28 किश्तों के माध्यम से लगभग 18 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक बिजली, पानी, राजस्व, पुलिस सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए लगभग 8 हजार अधिकारी कार्य कर रहे हैं तथा वे स्वयं इसकी नियमित समीक्षा करते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के माध्यम से दो वर्षों से बकाया बिजली उपभोक्ताओं को सरचार्ज में राहत प्रदान की जा रही है, जिसके तहत अब तक 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और प्रेरणा का मंच बन चुका है। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में बिहान समूहों की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूर्ण हो चुके हैं तथा इसके लिए राज्य सरकार ने 26 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से ‘36 कला’ ब्रांड विकसित किया गया है। राज्य सरकार सभी समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है, जिससे महिलाएं अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें और उन्हें अपने परिश्रम का पूरा लाभ मिले। उन्होंने खैरागढ़ की ड्रोन दीदी का उदाहरण देते हुए बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से महिलाएं बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद बैंक सखी, पशु सखी, सीएससी संचालन तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की भूमिका और अधिक बढ़ेगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं समूहों के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बन रही हैं। महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज, प्रदेश और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। ‘दीदी के गोठ’ के माध्यम से प्रदेशभर की महिलाओं तक नवाचार, सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंच रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

एक वर्ष में 12 एपिसोड, प्रेरणा और नवाचार का सशक्त मंच

‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। कार्यक्रम से प्रदेश के 25 जिलों की 38 दीदियां जुड़ी हुई हैं, जो अपनी स्थानीय बोली में नवाचार, आजीविका और सफलता की कहानियां साझा करती हैं। आज 9 जुलाई को कार्यक्रम का 12वां एपिसोड प्रदेशभर में प्रसारित किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत अब तक प्रसारित 12 एपिसोड में लखपति दीदी, नियद नेल्ला नार, वनोपज संग्रहण, प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की भागीदारी, सरस मेला, ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी, नई चेतना 4.0, वित्तीय समावेशन, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, जनप्रतिनिधि बनीं महिलाओं की सफलता की कहानियां, लाइवस्टॉक, साइबर अपराध एवं बैंकिंग फ्रॉड से बचाव, ‘छत्तीसगढ़ कला’ ब्रांड तथा ‘दीदी के गोठ’ की एक वर्ष की प्रेरणादायी यात्रा जैसे विषयों पर जानकारी प्रसारित की गई है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप यदु, गुरु सौरभ साहेब, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक  तारन प्रकाश सिन्हा,  छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मिशन संचालक  अश्वनी देवांगन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में बिहान की दीदियां उपस्थित थीं।

शिक्षा में निवेश, आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी-उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

शिक्षा में निवेश, आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी-उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर- छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बच्चों को सुरक्षित माहौल देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जिला खनिज न्यास निधि से विभिन्न विकास कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के कई स्कूलों में नए किचन शेड, अतिरिक्त कक्षाएं और प्रार्थना शेड बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत सुविधाओं की कमी दूर होगी। 

जिले के कई सरकारी स्कूल लंबे समय से बैठक व्यवस्था (स्थान की कमी), मध्याह्न भोजन पकाने के लिए सुरक्षित जगह और खराब मौसम जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। डीएमएफ से स्वीकृत ये नए कार्य न केवल इन कमियों को दूर करेंगे, बल्कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।

​विकास कार्यों का लेखा-जोखार- कहां, क्या और कितना हुआ स्वीकृत
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बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्रामीण अंचलों में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला खनिज न्यास निधि से विकास कार्यों की सिलसिलेवार स्वीकृतियां दी गई हैं। इसकी शुरुआत 12 जून 2026 को सिमगा विकासखंड के अंतर्गत परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए क्रमशः 10-10 लाख रुपये जारी किए गए, जबकि इसी विकासखंड की फूलवारी और तिल्दाबांधा प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के लिए भी 20 लाख रुपये (10-10 लाख रुपये प्रति स्कूल) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।

इसके बाद 18 जून 2026 को बलौदाबाजार विकासखंड के प्राथमिक शाला चिचोली, मगरवाय, केशडबरी, और पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया-चापा व धवई में 5-5 लाख रुपये की लागत से कुल पांच किचन शेड मंजूर किए गए। इसी तारीख को करमनडीह और खम्हरिया यदु की प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।

अधोसंरचना विकास की इस कड़ी में 07 जुलाई 2026 को मिली, जिसमें सिमगा और बलौदाबाजार विकासखंड के 10 गांवों चंडी, फरहदा, केसली, मटिया,रवेली,भाटागांव, खैरघटा, कोलियारी, कुकुरदी और मगरवाय के स्कूलों को शामिल किया गया। इन सभी 10 शिक्षण संस्थानों में दो-दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण के लिए प्रति स्कूल 10 लाख रुपये के मान से कुल 1करोड़ रुपये की बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और पर्याप्त स्थान मिल सकेगा।

शिक्षा को आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना हमारा संकल्प- मंत्री टंक राम वर्मा

​इस महत्वपूर्ण सौगात पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का विजन सिर्फ भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि सुदूर गांवों तक ऐसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना ह,ै जो बच्चों के लिए शिक्षा के मार्ग को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बना सकें। ​उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का असली हकदार स्थानीय समाज है। हमारी सरकार खनिज प्रभावित क्षेत्रों की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए इस पैसे का सीधा लाभ वहां के बच्चों तक पहुंचा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा यह निवेश आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के निर्माण में निवेश है। जब बच्चों को बैठने के लिए अच्छे कमरे, मध्याह्न भोजन के लिए स्वच्छ किचन और प्रार्थना के लिए व्यवस्थित शेड मिलेगा, तो स्कूलों की उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता दोनों में सकारात्मक बदलाव दिखाई देगा।

निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पर सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित करने के निर्देश

निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पर सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित करने के निर्देश

 रायपुर- उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के निर्देश पर बोड़ला विकासखंड के दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत निर्मित सड़क के धंसने की शिकायत के बाद पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क की गुणवत्ता का वैज्ञानिक परीक्षण कराने के लिए कोर कटिंग कराई गई तथा विभिन्न तकनीकी मानकों पर सड़क की जांच की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि नवनिर्मित सड़क हैवी लोड वाहनों के आवागमन के कारण क्षतिग्रस्त हुई। जिस सड़क पर केवल 10-12 टन क्षमता वाले वाहनों के संचालन की अनुमति है, वहां 60-70 टन क्षमता तक रेत परिवहन करने वाले भारी वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामी से सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।

सहायक अभियंता और उप अभियंता को तत्काल निलंबित किए जाने के दिए निर्देश 

सचिव  सिंह ने दलदली मेन रोड खारिया से अगरी तक निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के कारण ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए। निर्माण कार्यों में मॉनीटरिंग और गुणवत्ता सुनिश्चित कराने में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे रितेश नायडू को तत्काल निलंबित किया गया। वहीं कार्यपालन अभियंता संतोष कुमार ठाकुर को निलंबित करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सड़क का जो हिस्सा क्षतिग्रस्त है उसे उखाड़कर पुनः बनवाने के निर्देश अधिकारियों को दिये गये हैं। वहीं पूरी सड़क के शोल्डर को गुणवत्तापूर्ण निर्माण के साथ सुधार करवाने के निर्देश दिये गये हैं।

ओवरलोड वाहन और शोल्डर निर्माण में खामी बना सड़क धंसने का मुख्य कारण     

जांच के दौरान अन्य तकनीकी मानकों का परीक्षण भी किया गया, जिसमें कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाया गया। जीएसबी एवं डब्ल्यूबीएम परतों के परीक्षण में ग्रेडेशन तथा कम्पैक्शन संतोषजनक रहा। वहीं बीटी कार्य के तहत पीएमसी एवं सील कोट के लिए किए गए बाइंडर कंटेंट  परीक्षण में 6 प्रतिशत परिणाम प्राप्त हुआ, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप है। तकनीकी जांच के दौरान यह पाया गया कि सड़क के शोल्डर का कॉम्पैक्शन निर्धारित मापदंड (100 प्रतिशत) से कम था। आर.डी. 1400 मीटर पर यह 95 प्रतिशत और आर.डी. 2100 मी. पर केवल 94.68 प्रतिशत पाया गया, जो कि मानकों से कम है। जांच में आर.डी. 1400 मी. पर निर्मित पुलिया के एप्रोच में बैकफिलिंग (मिट्टी भराई) का कार्य भी मापदंड के अनुसार नहीं किया गया था। इस वजह से वर्षाऋतु में बारिश का पानी शोल्डर से होते हुए सड़क के सब-बेस (निचली सतह) में घुस गया, जिससे सड़क के अंदरूनी हिस्से कमजोर हो गए।

पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा

सचिव  भीम सिंह ने कहा कि पीएम जनमन की सड़क पर भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क की क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों के चलने से सड़क को नुकसान पहुंचा है। ऐसे वाहनों के आवागमन को रोकने के लिए परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इस अवसर पर अधिक्षण अभियंता  अखिलेश तिवारी,  बलवंत पटेल,  अमित गुलहरे कार्यपालन अभियंता  संतोष ठाकुर, सहायक अभियंता  सौरभ देशमुख  मुरारी साहू, उप अभियंता जे रितेश नायडू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बस्तर की मातृशक्ति आज समाज में बदलाव की सशक्त वाहक- वन मंत्री केदार कश्यप

बस्तर की मातृशक्ति आज समाज में बदलाव की सशक्त वाहक- वन मंत्री केदार कश्यप

 रायपुर - बस्तर संभाग मुख्यालय स्थित पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में गुरुवार को आयोजित ‘दीदी के गोठ’ के 12वें संस्करण में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की प्रेरक तस्वीर देखने को मिली। बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों से आई हजारों महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान लखपति दीदियों की सफलता की कहानियों ने महिलाओं में आत्मविश्वास और स्वरोजगार के प्रति नया उत्साह जगाया।

महिलाएं बन रही हैं बदलाव की ताकत : केदार कश्यप
       
वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर की मातृशक्ति ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए आज समाज में परिवर्तन की सशक्त भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होता है, जब महिलाएं उन्हें अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। उन्होंने बताया कि बिहान योजना, मध्याह्न भोजन योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर की महिलाएं आज आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत हो रही हैं।

सरकारी योजनाओं से बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी          

बस्तर सांसद  महेश कश्यप ने कहा कि किसी भी समाज का विकास महिलाओं के सशक्तिकरण पर निर्भर करता है। उन्होंने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), लखपति दीदी योजना, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्रीआवास योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है।

स्वरोजगार से बदल रही महिलाओं की जिंदगी
       
चित्रकोट विधायक  विनायक गोयल ने कहा कि बस्तर की महिलाएं अब केवल परिवार की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं हैं। वे मुर्गीपालन, बकरीपालन, मत्स्यपालन, सब्जी उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर परिवार की आय बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  वेदवती कश्यप ने भी महिलाओं की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

लखपति दीदियों का हुआ सम्मान
          
कार्यक्रम में चपका की  नीतू झा, सुलेंगा की  सुगनी कश्यप और इरपा की  हेमबती नाग सहित कई सफल लखपति दीदियों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रमाण-पत्र और सहायता राशि के चेक भी प्रदान किए गए।

बिहान योजना से मिली नई पहचान
           
कार्यक्रम में कोंडागांव जिले की  नम्रता पटेल ने अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बिहान योजना के तहत बैंक लिंकेज और 5 लाख रुपये के ऋण की सहायता से उन्होंने अपने ‘अमृत तुल्य’ चाय एवं नाश्ता कैफे का विस्तार किया। आज उनके कैफे से प्रतिदिन लगभग 5 हजार रुपये की आय हो रही है।

आत्मनिर्भर बस्तर की दिशा में मजबूत कदम       

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने सरकारी योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। संवाद, सम्मान और प्रेरणा से भरपूर यह आयोजन महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बस्तर के संकल्प को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर  आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने “जोहार जगन्नाथ रथ” को झंडा दिखाकर किया रवाना

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने “जोहार जगन्नाथ रथ” को झंडा दिखाकर किया रवाना

 श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगी रथ

रायपुर :- उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने आज अपने नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय से “जोहार  जगन्नाथ रथ” को झंडा दिखाकर रवाना किया। विधायक  दीपेश साहू भी इस दौरान मौजूद थे।

श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगी रथ

माय एफएम 94.3 और एटी ज्वेलर्स द्वारा तैयार यह रथ प्रदेश के श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं और प्रार्थनाओं को जगन्नाथ धाम तक पहुंचाएगी। श्रद्धालु अपनी मनोकामना व प्रार्थना लिखकर इस रथ के कलश में समर्पित कर सकेंगे, जिसे 94.3 माय एफएम की टीम  जगन्नाथ धाम तक लेकर जाएगी। यह अभिनव पहल भगवान  जगन्नाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और मनोकामनाओं को उनके पावन धाम तक पहुँचाने का सुंदर माध्यम बनेगी। 

छत्तीसगढ़ बने देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान: मंत्री राजेश अग्रवाल

छत्तीसगढ़ बने देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दें विशेष ध्यान: मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने तथा प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से आज मंत्रालय में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में दोनों विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, विकास परियोजनाओं, अधोसंरचना निर्माण, प्रमुख पर्यटन स्थलों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पर्यटन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पर्यटन अधोसंरचना विकास, प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार, विभाग की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही संस्कृति विभाग द्वारा संचालित सांस्कृतिक संरक्षण, लोककला एवं लोक कलाकारों के संवर्धन, सांस्कृतिक आयोजनों, पुरातात्विक एवं धरोहर संरक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी संस्कृति विभाग के संचालक डॉक्टर संजय कन्नौजे द्वारा दी गई। संस्कृति विभाग की भी विस्तार से समीक्षा की गई

प्रस्तुतीकरण के उपरांत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने दोनों विभागों के कार्यों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गति, गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को नई दिशा मिल सके।

राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों और जनजातीय परंपराओं से समृद्ध राज्य है। इन सभी विशेषताओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राकृतिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पर्यटन स्थलों के साथ-साथ प्रदेश की लोककलाओं, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी व्यापक पहचान दिलाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएं।

उन्होंने पर्यटकों को बेहतर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्यटन अधोसंरचना को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा नए पर्यटन स्थलों के योजनाबद्ध विकास पर विशेष जोर दिया। साथ ही संस्कृति विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, पारंपरिक कला रूपों के संवर्धन, संग्रहालयों, सांस्कृतिक संस्थानों तथा सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक प्रभावी एवं जनभागीदारी आधारित बनाया जाए, जिससे नई पीढ़ी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सके।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने कहा कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी कार्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को पर्यटन एवं संस्कृति के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित किया जा सकता है।

बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की अवर सचिव रुचि शर्मा, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक  पूनम शर्मा सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बी. टेक - पाठ्यक्रमों हेतु ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रारंभ

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बी. टेक - पाठ्यक्रमों हेतु ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रारंभ

 रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 हेतु बी. टेक- (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी. टेक - (खाद्य प्रौद्योगिकी) पाठ्यक्रमों में प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। प्रवेश प्रक्रिया पी.ई.टी.-2026, जेईई और मेन्स - 2026 तथा 12वीं (गणित समूह) की प्रावीण्य सूची के आधार पर विश्वविद्यालय के प्रवेश नियम-2026 के अनुसार संपन्न की जाएगी। ऑनलाइन काउंसिलिंग में भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन दिनांक 10 जुलाई 2026 से 20 जुलाई 2026 (रात्रि 11ः00 बजे तक) उपलब्ध रहेगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित अवधि में ऑनलाइन पंजीयन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन पंजीकृत अभ्यर्थियों की प्रावीण्य सूची 23 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। इसके उपरांत निर्धारित कार्यक्रमानुसार 24 जुलाई 2026 से 30 जुलाई 2026 तक विभिन्न चरणों में पी.ई.टी. 2026, जेईई और मेन्स - 2026 तथा 12वीं (गणित समूह) के आधार पर सीट आवंटन, दस्तावेज सत्यापन एवं प्रवेश की कार्यवाही संपन्न की जाएगी। प्रवेश विज्ञापन, ऑनलाइन काउंसिलिंग समय-सारणी, ऑनलाइन पंजीयन दिशा-निर्देश, ऑनलाइन काउंसिलिंग दिशा-निर्देश, सीटों का विवरण एवं अन्य आवश्यक जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://igkv.ac.in पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि आवेदन करने से पूर्व सभी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करें तथा नवीनतम जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें। 

छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण-पत्र

छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान को मिला उत्कृष्ट प्रदर्शन का प्रमाण-पत्र

  राष्ट्रीय कार्यशाला में मिली बड़ी सराहना

रायपुर। जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण तथा जनजातीय अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (CG TRTI) को उसके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशंसा प्रमाण-पत्र (Certificate of EÛcellence) से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान ओडिशा के भुवनेश्वर में 07 और 08 जुलाई 2026 को देश के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों (TRTs) के सुदृढ़ीकरण के लिए आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन सत्र में प्रदान किया गया। कार्यशाला में देश के 29 राज्यों के जनजातीय अनुसंधान संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
’केंद्रीय मंत्रियों और विशेषज्ञों की गरिमामयी उपस्थिति’

इस दो दिवसीय कार्यशाला में भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री  जुएल उराव, राज्य मंत्री  दुर्गादास उइके, नीति आयोग के सदस्य  बाला सुब्रमणियम, ओडिशा सरकार के आदिमजाति विकास विभाग के मंत्री  नित्यानंद गोंड तथा भारत सरकार की जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। सभी अतिथियों ने प्रतिभागी संस्थानों को संबोधित करते हुए कार्यशाला के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
भविष्य की रणनीति और आधुनिक तकनीकों पर हुई चर्चा
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों के साथ जनजातीय अनुसंधान संस्थानों की कार्यप्रणाली, जनजातीय विकास के लिए अनुसंधान, आधुनिकीकरण, जी.आई.एस. (GIS), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (Innovation Ecosystem) जैसे विषयों पर गहन मंथन किया गया। इसके साथ ही नीति एवं योजना उन्मुख अनुसंधान की आवश्यकता, चुनौतियों और आगामी समय की रणनीतियों पर विस्तृत परिचर्चा की गई तथा विभिन्न राज्यों के TRTs द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा भी हुई।
छत्तीसगढ़ दल ने दर्ज कराई सक्रिय सहभागिता
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन और निर्देशन में छत्तीसगढ़ के दल ने इस राष्ट्रीय कार्यशाला में सक्रिय भूमिका निभाई। छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व संस्थान की संचालक हिना अनिमेष नेताम, संयुक्त संचालक गायत्री नेताम, सहायक अनुसंधान अधिकारी डॉ. अनिल विरूलकर एवं  योगेन्द्र निषाद ने किया।
निरंतर जारी है जनजातीय संस्कृति का संरक्षण
कार्यशाला के समापन अवसर पर मंच से भारत सरकार की जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान को जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण तथा जनजातीय अनुसंधान एवं विकास के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली संस्था के रूप में यह प्रशंसा प्रमाण-पत्र सौंपा।
गौरतलब है कि प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा के नेतृत्व और निर्देशन में छत्तीसगढ़ आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा राज्य की जनजातियों पर आधारित सामाजिक, सांस्कृतिक, कला कौशल तथा आर्थिक विकास से संबंधित अनुसंधान व प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के कार्य निरंतर और प्रभावी रूप से किए जा रहे हैं।

लोक निर्माण विभाग राज्य का ग्रोथ इंजन, विभाग पर अधोसंरचना विकसित करने की अहम जिम्मेदारी - साव

लोक निर्माण विभाग राज्य का ग्रोथ इंजन, विभाग पर अधोसंरचना विकसित करने की अहम जिम्मेदारी - साव

 उप मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा

 निर्माण कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और निरीक्षण के दिए निर्देश, ठेकेदारों से बेहतर समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने कहा

 सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश, अनुबंध अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने कहा
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने आज लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रत्येक कार्यों की प्रगति पर बारीक नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने फील्ड पर जाकर निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण और मॉनिटरिंग करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से बेहतर समन्वय और संवाद रख कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल और प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। 

उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की दक्षता और क्षमता फील्ड पर दिखनी चाहिए। उन्होंने प्रभावी एवं परिणाममूलक कार्यों के लिए समयानुकूल नई कार्यप्रणाली और कार्य संस्कृति अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाएं तत्परता से पूर्ण कर आगामी सितम्बर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए, जिससे कि बरसात के तत्काल बाद पूरी गति से काम शुरू हो सके। उन्होंने कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के बाद सभी प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर समय पर काम प्रारंभ कराने को कहा।
 साव ने बैठक में कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का 'ग्रोथ इंजन' है। राज्य में सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण के साथ ही सभी तरह की अधोसंरचना विकसित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी विभाग पर है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विभाग को भी अहम भूमिका निभाना है। उन्होंने इसके लिए पूरी सक्रियता और गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को काम का पुराना ढर्रा बदलने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के समय पर बिल तैयार करने और उनका हर महीने भुगतान करने के निर्देश दिए। 

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि फील्ड पर विभाग के काम और उनके परिणाम दिखने चाहिए। उन्होंने सड़कों और पुल-पुलियों सहित स्कूलों, कॉलेजों, ऑडिटोरियम, कार्यालयों, आवासगृहों एवं अन्य भवनों के निर्माण निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों के साथ अनुबंध में निर्धारित माइलस्टोन्स के अनुसार प्रगति सुनिश्चित कर समय-सीमा में काम पूरा कराने को कहा। उन्होंने सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं को भू-अर्जन के कार्यों में तेजी लाने इससे संबंधित कानूनों व नियमों की व्यापक एवं समग्र जानकारी के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए।

 साव ने पहुंचविहीन गांवों तक साल भर कनेक्टीविटी बनाए रखने के लिए सड़कों और पुलों के प्रस्ताव व प्राक्कलन प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को पुराने लंबित कार्यों से जुड़ी समस्याओं का तत्परता से निराकरण कर काम आगे बढ़ाने को कहा। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक-लिस्ट करने और उनके अनुबंध टर्मिनेट करने की कार्यवाही के निर्देश दिए।

लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल ने बैठक में अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा अनुशंसित कार्यों के साथ ही द्रुतगामी सड़कों व पुलों, पहुंचविहीन गांवों के लिए पक्की सड़कों, जिले की जरूरतों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों की प्राथमिकता तय कर आगामी 31 अगस्त तक नए कार्यों के प्राक्कलन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम के काम पूरा होने के बाद तत्काल इन्हें संबंधित विभागों या नगरीय निकायों को हैंडओवर करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव  एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंता और सभी संभागों के कार्यपालन अभियंता भी बैठक में मौजूद थे। 

श्रम मंत्री की बैठक में बड़ा फैसला- असंगठित श्रमिकों के लिए बनेंगी नई योजनाएं

श्रम मंत्री की बैठक में बड़ा फैसला- असंगठित श्रमिकों के लिए बनेंगी नई योजनाएं

 ई-रिक्शा सहायता का अनुदान बढ़ाकर हुआ एक लाख किया

रायपुर। छत्तीसगढ़ के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार करने और उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की प्रथम बैठक संपन्न हुई, जिसमें श्रमिकों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
ई-रिक्शा सहायता योजना का अनुदान दोगुना किया गया
बैठक में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया गया। इसके तहत ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत वर्तमान में दी जा रही 50 हजार रुपये की अनुदान राशि को बढ़ाकर सीधे एक लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इससे श्रमिक आसानी से अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकेंगे। 

डिलीवरी कार्य करने वाले कर्मकारों (गिग वर्कर्स), चरवाहों और मेधावी बच्चों के लिए बनेंगी नई योजनाएं असंगठित क्षेत्र के अलग-अलग वर्गों को सुरक्षा देने के लिए मंडल ने अपने दायरे का विस्तार किया है। डिलीवरी कार्य करने वाले कर्मकारों को अब मंडल के दायरे में शामिल करते हुए उनके लिए विशेष कल्याणकारी योजना तैयार की जाएगी। चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए एक पृथक (अलग) योजना बनाई जाएगी। असंगठित कर्मकारों के प्रतिभावान व मेधावी बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए नई प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी। श्रमिकों को मजबूत सामाजिक सुरक्षा कवर देने के लिए एक व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।

शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन के निर्देश
श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि असंगठित बोर्ड में पंजीकृत सभी श्रमिकों का अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन किया जाए, ताकि योजनाओं का सीधा और वास्तविक लाभ केवल पात्र श्रमिकों को ही मिल सके। उन्होंने पाम्पलेट और चित्रमय बुकलेट के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा हितग्राहियों के आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के भी निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण प्रथम बैठक में मंडल के सदस्य एवं विधायक  चैतराम अटामी, विधायक  सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एवं नोडल अधिकारी  एस.एल. जांगड़े, श्रम विभाग के उप सचिव  विपुल गुप्ता सहित वित्त विभाग एवं भारतीय जीवन बीमा निगम के महाप्रबंधक तथा उप श्रमायुक्त व प्रभारी अधिकारी  एस.एस. पैकरा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 आरंग विधानसभा के विकास को मिली नई गति, 128 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल 

ग्राम रीवा में 4 करोड़ रुपये के स्टॉप डैम निर्माण की घोषणा

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज आरंग विधानसभा क्षेत्र के नगर पंचायत समोदा में आयोजित कार्यक्रम में 128 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।  

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पंचायत रीवा में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से स्टॉप डैम निर्माण, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समोदा में अहाता निर्माण, नगर पंचायत समोदा के पंचायत भवन में प्रथम तल निर्माण तथा ग्राम तुलसी के हाई स्कूल को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय समोदा में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन, विकास और जनकल्याण ही हमारी सरकार की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि "मोदी की गारंटी, यानी गारंटी पूरा होने की गारंटी" केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी सरकार की कार्यशैली और जनविश्वास का प्रतीक है। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए हैं, जिनमें से 10 लाख से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदा जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के अंतर्गत अब तक 28 किश्तों में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच के साथ बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित प्रशासन स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचार और अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के साथ नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और सुलभ बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद, बीज एवं कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु के माध्यम से 520 से अधिक शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के जरिए शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सहकारिता, महिला सशक्तिकरण और जनकल्याण सरकार की प्राथमिकताओं में हैं। उन्होंने नागरिकों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आग्रह करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। पात्र उपभोक्ता "मोर बिजली" मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से सितंबर तक पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। 

कार्यक्रम में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आरंग विधानसभा क्षेत्र को अब तक 858 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन की नई दिशा स्थापित हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के अंतर्गत आंवला का पौधारोपण किया। उन्होंने सरस्वती साइकिल योजना के तहत कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल वितरित की तथा जिला प्रशासन के मिशन उत्कर्ष के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष  ध्रुव कुमार मिर्धा, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला,  कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, माओवादी कैंप ध्वस्त, हथियार और विस्फोटक बरामद

बस्तर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, माओवादी कैंप ध्वस्त, हथियार और विस्फोटक बरामद

 रायपुर. ओडिशा के नुआपड़ा जिले के पाटदर्हा संरक्षित वन में जवानों ने एक माओवादी कैंप ध्वस्त कर हथियार, विस्फोटक और अन्य सामान बरामद किया है। एसपी अमृतपाल सिंह व सीआरपीएफ-19वीं बटालियन के कमाडेंट दिलीपमणि त्रिपाठी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों बलों के संयुक्त अभियान में यह सफलता मिली है।

संयुक्त टीम की बम डिस्पोजल टीम बोडेन थानाक्षेत्र के पाटदर्हा संरक्षित वन के बारपट डोंगर के घने जंगलों और पहाड़ी इलाके में तलाशी पर निकली थी। इस दौरान जवानों ने माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा हुआ सामान बरामद किया। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह एक पुराना कैंप रहा होगा।

एके-47 के कारतूस, दो देसी बंदूकें जब्त
जवानों ने कैंप से दो देसी बंदूक, एक देसी कार्बाइन और मैगजीन, एके-47 की 29 नग गोलियां, एसएलआर की 54 नग गोलियां, दो टिफिन बम, एक खाली टिफिन करियर, आठ नग जिलेटिन स्टिक, एक मल्टीमीटर, एक 12 वोल्ट की बैटरी, डेढ़ किलो बारूद, यूरिया, वायर, सोलर प्लेट, चार्जर, डेटोनेटर, माओवादी साहित्य, वर्दी, बर्तन, मेडिकल किट आदि सामान बरामद किए।

माओवादियों से मुक्त हुआ जिला
केंद्रीय गृह मंत्री ने 31 मार्च 2026 तक जिले को माओवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया था, जिसे पूरा किया जा चुका है। छिटपुट नेटवर्क को खत्म करने और डंप बरामद करने लगातार सर्च और एरिए डामिनेशन अभियान चलाए जा रहे हैं।

एरिया डोमिनेशन के जरिए डंप खोज रहे सुरक्षा बल
हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने आक्रामक रणनीति अपनाई है। इससे सफलता भी मिली है। ‘एरिया डोमिनेशन’ के जरिए दुर्गम इलाकों में प्रवेश कर माओवादियों के पुराने डंप खोजे जा रहे हैं। खुफिया सूचनाओं पर आधारित ये सटीक ऑपरेशन माओवादी विचारधारा के प्रभाव को तेजी से कम कर रहे हैं। विशेषकर गृह मंत्रालय के निर्धारित लक्ष्यों के तहत, सुरक्षा बलों का बेहतर समन्वय और अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग नक्सलियों के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने में निर्णायक साबित हो रहा है।

डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 डुमरतराई थोक बाजार से व्यापार एवं राेजगार दोनों को मिलेगा बढ़ावा – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

डुमरतराई थोक बाजार फेस -2 का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर : परिसर में स्थापित होगी 15 फिट ऊंची प्रतिमा

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के डुमरतराई में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा विकसित नवीन थोक बाजार फेस-2 का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परिसर का नामकरण लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर किया जाएगा तथा यहां स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की तर्ज पर उनकी 15 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोकर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी। उनके नाम पर इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का नामकरण राष्ट्र निर्माण में उनके अद्वितीय योगदान के प्रति हमारी विनम्र श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार और रोजगार एक-दूसरे के पूरक हैं। जहां आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना विकसित होती है, वहां आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है, नए निवेश आकर्षित होते हैं और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। डुमरतराई का यह आधुनिक थोक बाजार रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के व्यापार को नई गति देगा तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाएगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस अत्याधुनिक परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था तथा आधुनिक व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के साथ-साथ ‘ईज ऑफ लिविंग’ को भी समान महत्व दे रही है। व्यापार, उद्योग और निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए अनेक सुधार लागू किए गए हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश की अधोसंरचना विकास परियोजनाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंडल द्वारा अपनाई गई नई कार्यसंस्कृति और कुशल प्रबंधन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति देंगे।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में व्यापारिक अधोसंरचना का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में डुमरतराई में आधुनिक थोक बाजार की जो परिकल्पना की गई थी, वह आज साकार हुई है। इससे व्यापारियों को आधुनिक सुविधाएं मिलने के साथ रायपुर की यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम होगी।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि नवीन थोक बाजार मंडल की गुणवत्ता, नवाचार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह परियोजना प्रदेश में व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी, व्यापारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि डुमरतराई थोक बाजार का विकास दो चरणों में किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए। द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की लागत से 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिली है।

छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए नया नियम, एक हेक्टेयर भूमि पर लगाने होंगे 2,500 पौधे

छत्तीसगढ़ में उद्योगों के लिए नया नियम, एक हेक्टेयर भूमि पर लगाने होंगे 2,500 पौधे

 रायपुर. प्रदेश में उद्योगों को अपने प्रत्येक हेक्टेयर क्षेत्र में न्यूनतम 2,500 पौधे लगाने होंगे। साथ ही त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) पौधारोपण को बढ़ावा देकर सघन ग्रीन बेल्ट विकसित करने और परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत हिस्से को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना अनिवार्य होगा।

राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल ने मानसून 2026 के दौरान औद्योगिक इकाइयों में पौधारोपण अभियान को लेकर निर्देश दिए हैं। मंडल के सदस्य सचिव राजू अगसिमनी ने उद्योगों के पौधारोपण कार्यक्रमों की प्रगति, संरक्षण, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पौधारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और उनकी जीवित रहने की दर सुनिश्चित करना भी उद्योगों की जिम्मेदारी है।

बरगद, पीपल, नीम, आम जैसी प्रजातियों का करें उपयोग
बैठक में उद्योगों को बरगद, पीपल, नीम, आम सहित स्थानीय एवं पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों के अधिकाधिक पौधे लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही परिसर के भीतर और बाहर दोनों स्थानों पर व्यापक स्तर पर पौधारोपण करने पर जोर दिया गया। पर्यावरणीय निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए सभी औद्योगिक इकाइयों को आनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (एनालाइजर) 24 घंटे चालू रखने और प्रत्येक तीन माह में उसका नियमित कैलिब्रेशन कराने के निर्देश भी दिए गए।

छत्तीसगढ़ में 41 प्रतिशत वन आवरण
भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) की ‘स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट’ के अनुसार, छत्तीसगढ़ के वन आवरण में उतार-चढ़ाव देखे गए हैं। राज्य में सघन वनों (Very Dense Forests) का क्षेत्र तुलनात्मक रूप से स्थिर है, किंतु मध्यम और खुले वनों के घनत्व में मानवीय हस्तक्षेप, खनन और औद्योगिक विस्तार के कारण प्रभाव पड़ा है। राज्य का कुल वनावरण भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 41 प्रतिशत है। वर्तमान में सरकार द्वारा ‘सघन वृक्षारोपण’ और ‘नगर वन’ जैसी योजनाओं से घटते वन घनत्व को संतुलित करने और पारिस्थितिक संतुलन बहाल करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।

BREAKING: छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल, 15 इंस्पेक्टर और एक SI का तबादला, DGP ने जारी किया आदेश

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक बार फिर बदलाव किया गया है। प्रदेश के 15 इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर का तबादला किया गया है। इस संबंध में आदेश डीजीपी अरुण देव गौतम ने जारी किया है।

समोदा में विकास महापर्व, मुख्यमंत्री ने दी 128 करोड़ से अधिक की सौगात

समोदा में विकास महापर्व, मुख्यमंत्री ने दी 128 करोड़ से अधिक की सौगात

 रायपुर। रायपुर जिले के समोदा में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और विष्णुदेव साय ने आरंग विधानसभा क्षेत्र को 128 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोला।

नगर पंचायत समोदा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आरंग विधानसभा का विकास सरकार की प्राथमिकता है और स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के लगातार प्रयासों से क्षेत्र में ढाई वर्षों में 858 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं। मुख्यमंत्री ने 128 करोड़ रुपये से अधिक की नई विकास सौगात देते हुए कहा कि भाजपा सरकार “मोदी की गारंटी” को धरातल पर उतार रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अब तक महतारी वंदन योजना की 27 किस्तें जारी कर चुकी है और इस योजना के तहत 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख गरीब परिवारों को स्वीकृति दी गई, जिनमें 10 लाख से अधिक मकानों का निर्माण जारी है।

धान खरीदी, किसानों को बोनस, रामलला दर्शन योजना, वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा और बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित होने के बाद पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आबकारी और कोयला घोटाले का उल्लेख किया और कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कई लोग जेल में हैं तथा कुछ जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों तक केवल लूट और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया, जबकि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है।