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CG MISSING GIRLS : हॉस्टल से 3 छात्राएं गायब, इस डर से भागी छात्राएं

CG MISSING GIRLS : हॉस्टल से 3 छात्राएं गायब, इस डर से भागी छात्राएं

 कोंडागांव। कोंडागांव से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, यहां एकलव्य विद्यालय के छात्रावास से 3 छात्राएं अचानक गायब हो गई, छात्रों की गायब होने की खबर से छात्रावास में हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, गोलावंड छात्रावास के तीन छात्राएं बीती रात से लापता है, छात्रावास वार्डन की सूचना पर सरपंच, परिजन समेत सहायक आयुक्त छात्रावास पहुंचे। इसके साथ ही पुलिस थाने में भी सूचना दे दी गई है।

सहायक आयुक्त का दावा- भूत के भय से भागी छात्राएं

सहायक आयुक्त का ने दावा करते हुए कहा कि, तीनों छात्राएं भूत के डर से हॉस्टल से भाग निकले है, वहीं छात्राओं के परिजनों ने छात्रावास के अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाया है, उनका कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है।

बता दें कि रायपुर में पिछले शनिवार से रविवार के बीच 24 घंटे में गुमशुदगी की 159 FIR दर्ज की गई हैं। दर्ज मामलों में सबसे अधिक संख्या महिलाओं की है। कुल 78 महिलाएं लापता हैं, जिनमें गृहणियां, नवविवाहिता और कामकाजी महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 54 वयस्क पुरुष, 17 बच्चे व नाबालिग और 10 बुजुर्ग लापता हैं।

ब्रेकिंग : आकाशवाणी रायपुर के RNU प्रमुख विकल्प रंजन शुक्ला का निधन

ब्रेकिंग : आकाशवाणी रायपुर के RNU प्रमुख विकल्प रंजन शुक्ला का निधन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस वक्त की बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है, भारतीय सूचना सेवा के 1993 बैच के अधिकारी विकल्प शुक्ला का आज दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे वर्तमान में आकाशवाणी रायपुर में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत थे। उनके निधन से मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।

विकल्प रंजन शुक्ला आकाशवाणी रायपुर में क्षेत्रीय  समाचार एकांश के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। उनके दायित्वों में आकाशवाणी छत्तीसगढ़ से प्रसारित होने वाले प्रादेशिक समाचारों का संपादन, प्रसारण और समसामयिक कार्यक्रमों का संचालन शामिल था। इस भूमिका के तहत वे प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को रेडियो के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाने के कार्य से जुड़े थे।

भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी विकल्प रंजन शुक्ला ने अपने सेवाकाल में आकाशवाणी के अलावा प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) में भी जिम्मेदारियां निभाईं। सूचना एवं जनसंचार के क्षेत्र में उनका कार्य अनुभव रहा। उनके पेशेवर सफर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा समाचारों के संपादन और  सरकारी सूचना तंत्र से जुड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन से संबंधित था।

मीडिया जगत में शोक का माहौल

उनके निधन की खबर से पत्रकारिता और सूचना प्रसारण से जुड़े लोगों में शोक व्याप्त है। आकाशवाणी रायपुर के क्षेत्रीय समाचार एकांश में उनकी भूमिका और भारतीय सूचना सेवा में उनकी सेवाएं उनके कार्यक्षेत्र के महत्वपूर्ण पहलू रहे।

CG- भीषण सड़क हादसा: ट्रैक्टर से टकराई कार, आरक्षक समेत 2 की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे….

CG- भीषण सड़क हादसा: ट्रैक्टर से टकराई कार, आरक्षक समेत 2 की मौत, गाड़ी के उड़े परखच्चे….

 रायपुर। राजधानी रायपुर से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कार और ट्रैक्टर के बीच भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे में आरक्षक कमलेश वर्मा और रुपेश निषाद की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि गोपी साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम तर्रा निवासी आरक्षक कमलेश वर्मा अपने गांव के ही रुपेश निषाद और गोपी साहू के साथ रायपुर घूमने गए थे। रात में तीनों कार से वापस खरोरा की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान बरौंडा के पास खरोरा की ओर से आ रहे भूसे से भारी ट्रैक्टर ने कार को जोरदार टक्कर मार दी।

हादसा इतना जबरदस्त था कि कार के बुरी परखच्चे उड़ गए। हादसे में कमलेश और रुपेश की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं गोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इधर, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार और ट्रैक्टर के बीच टक्कर किन परिस्थितियों में हुई।बता दें कि कुछ दिन पहले ही तिल्दा से सिलतरा हुआ था स्थानांतरण आरक्षक कमलेश वर्मा पहले तिल्दा थाने में पदस्थ थे। कुछ समय पहले ही स्थानांतरण हो कर सिलतरा थाने आये थे।

CRIME : डबल मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर की मां-बेटे की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल

CRIME : डबल मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर की मां-बेटे की हत्या, बेटी गंभीर रूप से घायल

 डोंगरगढ़। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में डबल मर्डर की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के चौथना गांव में घर के अंदर मां और बेटे की हत्या कर दी गई, जबकि बेटी पर भी जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, चौथना गांव निवासी कमला सोनकर और उनके बेटे पर घर में घुसे आरोपी ने कथित तौर पर हमला कर दिया। हमले में दोनों की मौत हो गई। वहीं, परिवार की बेटी ममता सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय कमला सोनकर का पति घर से बाहर था। इसी दौरान घर में यह वारदात हुई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के पीछे पारिवारिक रंजिश की आशंका जताई जा रही है। वारदात में परिवार के ही एक रिश्तेदार की भूमिका होने का संदेह है। हालांकि, आरोपी की संलिप्तता और हत्या के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद डोंगरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस वारदात से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। मां-बेटे की हत्या के पीछे की वजह क्या है और हमले की परिस्थितियां कैसी थीं, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।

CG- प्रेमी से मिलने होटल गई युवती फिर जिंदा नहीं लौटी, इस हाल में मिली लाश

CG- प्रेमी से मिलने होटल गई युवती फिर जिंदा नहीं लौटी, इस हाल में मिली लाश

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में होटल के कमरे में युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर युवती से शादी करने से मुकरने, उसके साथ मारपीट करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

दोनों के बीच लंबे समय से चल रहा था प्रेम प्रसंग

यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना इलाके का है। मृतका की पहचान पिंकी मानिकपुरी (22) के रूप में हुई है, जो कवर्धा जिले की रहने वाली थी। बताया जा रहा है कि पिंकी और धमतरी के गोकुलपुर वार्ड 36 में रहने वाले टिकेश्वर उर्फ टिंकू साहू के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोप है कि टिकेश्वर ने उसे शादी का झांसा दिया था, लेकिन उसके अन्य लड़कियों के साथ भी संबंध थे।

पिंकी को जब इसकी भनक लगी तो वह 24 सितंबर को कवर्धा से धमतरी आई और होटल CG-05 के कमरा नंबर 106 में ठहरी। पुलिस के मुताबिक, 25 सितंबर की शाम टिकेश्वर उससे मिलने होटल पहुंचा। दोनों के बीच शादी को लेकर बातचीत हुई, लेकिन आरोपी ने शादी से साफ इनकार कर दिया। सिर्फ इनकार ही नहीं बल्कि गाली गलौज और हाथापाई तक की नौबत आई।

जांच में ये बात भी सामने आई कि आरोपी पहले भी पिंकी को मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करता था। इसी के चलते पिंकी ने 25 सितंबर को होटल के कमरे में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मौत के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर तफ्तीश शुरू की। सबूतों की बुनियाद पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 खुदकुशी के लिए उकसाने के तहत केस दर्ज किया।

अदालती रिमांड पर भेजा गया जेल
वहीं पुलिस ने आरोपी टिकेश्वर उर्फ टिंकू साहू को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे अदालती रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस का कहना है कि मामले में अभी तफ्तीश जारी है।

साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान में 5 लाख से अधिक कार्यक्रम, 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा जागरूकता का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा - साइबर जागृति अभियान का समापन नहीं, यह एक शुरुआत है; निरंतर जारी रहेगा अभियान

साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई से एफआईआर में कमी और ठगी की राशि की रिकवरी दर में वृद्धि : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

साइबर जागरूकता के लिए अभिनव पहल करने वाले जिलों और ट्रैफिक हैकाथॉन के विजेताओं का हुआ सम्मान

रायपुर / डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं और इनसे सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। हमें साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा, तभी हम साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

डिजिटल क्रांति ने जीवन आसान बनाया, अब साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया की परिकल्पना प्रस्तुत की थी, उस समय इतने विशाल देश और बड़ी ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की जाती थीं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गांव का सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहा है और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार ने जहां नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी रूप से जानकार व्यक्ति भी इनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तौर-तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

सात सप्ताह के अभियान से 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए सात सप्ताह के विशेष साइबर जागृति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने साइबर सुरक्षा के संदेश को शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों को केंद्र में रखकर अभिनव गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर नागरिकों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा विषय बन चुका है।

अभियान का समापन नहीं, यह एक नई शुरुआत है : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सात सप्ताह का यह अभियान समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन साइबर जागरूकता की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। विशेष रूप से युवाओं को साइबर जागरूकता के संवाहक के रूप में आगे आकर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।

रायपुर की यातायात व्यवस्था सुधारने युवाओं के अभिनव सुझावों पर होगा गंभीरता से विचार

मुख्यमंत्री श्री साय ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की सराहना करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी का बेहतर समन्वय आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक हैकाथॉन के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं ने राजधानी की यातायात समस्याओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी तथा जो समाधान उपयोगी और व्यवहारिक होंगे, उन्हें लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

दूरस्थ क्षेत्रों को परिवहन से जोड़ रही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा विकास की बुनियादी आवश्यकता है। सार्वजनिक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा प्रारंभ की गई है। विशेष रूप से वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण पहले बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाभ-हानि से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी है और इन मार्गों पर बस संचालन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा के दौरान उन्होंने स्वयं देखा है कि यह सेवा किस तरह लोगों के जीवन में सुविधा और खुशियां लेकर आई है।

डिजिटल लेनदेन में भारत की अग्रणी भूमिका, सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि आज दुनिया में होने वाले डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत भारत में हो रहा है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की बड़ी उपलब्धि है। डिजिटल लेनदेन ने लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों से सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के माध्यम से अभिनव पहल की है। अभियान के दौरान पुलिस ने धार्मिक आयोजनों, चौक-चौराहों, ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायतों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों तक पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।

श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई भी कर रही है। साइबर ठगी में उपयोग होने वाले म्यूल खाते खोलने में संलिप्त बैंककर्मियों से लेकर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों तक कार्रवाई की गई है। इन प्रयासों से साइबर अपराधों से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी गई राशि की रिकवरी की दर में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल पुलिस और प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समस्याओं का स्थायी समाधान जनभागीदारी और नवाचार से ही संभव है। इसी सोच के साथ ट्रैफिक हैकाथॉन आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने अनेक उपयोगी और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं।

सात विषयों के माध्यम से गांव-शहर तक पहुंची साइबर जागरूकता

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित साइबर जागृति अभियान में प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों के समन्वय से सात विषय आधारित सप्ताहों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

अभियान में डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय धोखाधड़ी एवं यूपीआई सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार संबंधी ठगी, डेटा गोपनीयता और सामूहिक संकल्प जैसे विषयों पर विशेष रूप से नागरिकों को जागरूक किया गया।

विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में नागरिकों को ओटीपी और पासवर्ड किसी से साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने, फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों को पहचानने के तरीके बताए गए।

अभियान में युवाओं को ‘साइबर प्रहरी’ के रूप में जोड़कर उनके माध्यम से परिवार और समाज तक जागरूकता पहुंचाने की पहल की गई। नागरिकों को साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।

सोशल मीडिया पर 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज

साइबर जागृति अभियान में सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप के माध्यम से साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेश और जागरूकता सामग्री प्रसारित की गई।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के सहयोग से अभियान के दौरान 3,100 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज प्राप्त हुए। आई4सी ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान से जुड़ी कई पोस्ट साझा कर इसकी पहुंच को और व्यापक बनाया।

जिलों के नवाचारों ने साइबर जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ा

अभियान के दौरान विभिन्न जिलों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अनेक अभिनव प्रयोग किए। मुंगेली जिले में विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से लगभग 15 हजार ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। गरियाबंद जिले में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों की लगभग 493 महिलाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी देकर उनके माध्यम से परिवारों तक जागरूकता पहुंचाई गई।

दुर्ग जिले में ‘सुरक्षित दुर्ग, साइबर जागरूक दुर्ग’ अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटकों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से 15 हजार से अधिक नागरिकों को जागरूक किया। रायपुर जिले में आयोजित साइबर जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में प्राप्त हुईं। इन फिल्मों के माध्यम से लगभग दो लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचने का अनुमान है।

जांजगीर-चांपा जिले में ‘एक राखी साइबर जागृति के नाम’ अभियान के माध्यम से लगभग 1 लाख 61 हजार नागरिकों तक जागरूकता पहुंचाई गई। वहीं बिलासपुर जिले में आकाशवाणी के माध्यम से संचालित विशेष फोन-इन कार्यक्रम से लगभग आठ लाख श्रोताओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा। समारोह में इन अभिनव प्रयासों के लिए संबंधित जिलों को सम्मानित किया गया।

ट्रैफिक हैकाथॉन में युवाओं ने दिए भविष्य की यातायात व्यवस्था के समाधान

ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के ओवरऑल विजेता श्री कार्तिकेय पंत ने रायपुर के शंकर नगर टर्निंग पॉइंट की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ‘टैक्टिकल अर्बनिज्म’ की अवधारणा पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया।

उन्होंने उपलब्ध सड़क क्षेत्र के बेहतर उपयोग, स्पष्ट लेन मार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान, स्ट्रीट वेंडरों और ऑटोरिक्शा चालकों के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारण तथा यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए।

हैकाथॉन के प्रतिभागियों ने टाटीबंध चौक, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, आमापारा चौक, लोधीपारा चौक और शंकर नगर सहित राजधानी के प्रमुख यातायात दबाव वाले क्षेत्रों का अध्ययन कर पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षित पैदल मार्ग, सार्वजनिक परिवहन के एकीकरण, लेन मार्किंग तथा यातायात जाम कम करने से संबंधित समाधान प्रस्तुत किए।

एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स से स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के सुझाव

युवाओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के लिए भी अभिनव सुझाव प्रस्तुत किए। ‘रायपुर नेत्र’ और ‘दृष्टि’ जैसी प्रस्तावित परियोजनाओं में सीसीटीवी कैमरों और एआई तकनीक के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान, ट्रैफिक जाम की पूर्व सूचना तथा एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने जैसी परिकल्पनाएं शामिल रहीं।

ट्रैफिक हैकाथॉन के सफल आयोजन में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रस्तावों का दो चरणों में परीक्षण कर उनकी तकनीकी व्यवहार्यता, उपयोगिता और क्रियान्वयन की संभावनाओं का मूल्यांकन किया। आयोजन में शिवाशा फाउंडेशन का भी सहयोग रहा।

विधायक श्री राजेश मूणत ने कहा कि राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। यातायात से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना के साथ व्यावहारिक कदम उठाना आवश्यक है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रह्लाद रजक, विधायक श्री राजेश मूणत, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

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महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल : किसानों की समृद्धि और गरीबों के पक्के आवास के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री सेवा संकल्प कॉन्क्लेव में हुए शामिल, विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को किया सम्मानित

रायपुर, 9 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायपुर में समाचार चैनल एशियन न्यूज द्वारा आयोजित ‘सेवा संकल्प कॉन्क्लेव–जनसेवा का संकल्प, छत्तीसगढ़ का भविष्य’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों की जनसेवा, देश में आए व्यापक बदलाव तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और संकल्पों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना तेजी से साकार हो रहा है। दुनिया में भारत की पहचान एक मजबूत और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित हुई है। आर्थिक क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री  मोदी ने देशवासियों में आत्मविश्वास जगाया है और भारत को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा करते हुए 25 वर्ष पूरे किए हैं। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद उन्होंने भूकंप की भीषण त्रासदी से जूझ रहे गुजरात को न केवल पुनर्निर्माण की राह पर आगे बढ़ाया, बल्कि विकास का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया जिसकी चर्चा पूरे देश में हुई। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसी सेवाभाव, संकल्प और दूरदृष्टि के साथ देश को आगे बढ़ाया।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री  मोदी के साथ अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ से पुराना और आत्मीय जुड़ाव रहा है। उन्होंने प्रदेश के दूरस्थ अंचलों और बस्तर के क्षेत्रों में भी लंबा समय बिताया है और यहां की परिस्थितियों तथा जनजीवन को निकट से समझा है। वर्ष 2014 में उन्हें प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर कार्य करते हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का उनका मूलमंत्र देश की विकास यात्रा का आधार बना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपनी दृढ़ता का परिचय दिया है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को नए भारत के सामर्थ्य और संकल्प से परिचित कराया है। यह नया भारत किसी को छेड़ता नहीं है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान से खिलवाड़ करने वालों को जवाब देना भी जानता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से हमें सेवा की निरंतर प्रेरणा मिलती है। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के कठिन दौर में भारत ने अपनी वैज्ञानिक क्षमता और सेवा भावना का परिचय दिया। देश में विकसित वैक्सीन ने करोड़ों भारतीयों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ दुनिया के अनेक देशों तक मानवता और सहयोग का संदेश पहुंचाया। प्रधानमंत्री के इसी सेवाभाव से प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के सुख, समृद्धि और बेहतर भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

बस्तर में पहुंच रही विकास की रोशनी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में नक्सलवाद सबसे बड़ी बाधा रहा। मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद जनवरी 2024 में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक ली। उस समय देश में शेष नक्सल समस्या का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ में केंद्रित था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय तथा हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। बस्तर के लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सरकार का संकल्प है कि बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए युग का नेतृत्व करे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के हृदय स्थल में स्थित छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और खनिज संसाधनों से समृद्ध है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, टिन सहित अनेक महत्वपूर्ण खनिजों के विशाल भंडार हैं। प्रदेश में हीरा और सोना जैसे बहुमूल्य खनिजों की संभावनाएं भी मौजूद हैं। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए राज्य में उद्योग, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते ढाई वर्षों में राज्य के खनिज राजस्व में वृद्धि हुई है। शासन की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और राजस्व बढ़ाने के लिए डिजिटलीकरण को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। भ्रष्टाचार की संभावनाओं को समाप्त करते हुए प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती उर्वरा है और यहां के लोग परिश्रमी हैं। ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों के सरल स्वभाव, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है। इन्हीं विशेषताओं और उपलब्ध संसाधनों के बल पर छत्तीसगढ़ वर्ष 2047 तक अपने आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करेगा और विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी योगदान देगा।

महतारी वंदन योजना ने माताओं-बहनों को दिया आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला सशक्तीकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। एक दिन पहले दुर्ग से योजना की 32वीं किस्त जारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रवास के दौरान उन्हें माताओं-बहनों से संवाद का अवसर मिलता है। महिलाएं महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवश्यकताओं, बचत और स्वरोजगार के लिए कर रही हैं। अनेक महिलाओं ने इस राशि को जोड़कर सिलाई मशीन सहित आजीविका के साधन खरीदे हैं और अब वे हर महीने अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। कुछ माताओं ने अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खाते खुलवाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह माताओं-बहनों के आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। माताओं-बहनों के चेहरे पर दिखाई देने वाली खुशी सरकार के लिए सबसे बड़ा संतोष है।

किसानों की समृद्धि सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और किसान हमारे अन्नदाता हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस दिया गया। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। खेती के लिए उन्नत बीज, खाद और अन्य आवश्यक कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश का किसान समृद्ध हो और कृषि छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति का और मजबूत आधार बने।

गरीब के पक्के आवास का सपना हो रहा पूरा

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्र में सरकार की जिम्मेदारी संभालते ही स्पष्ट किया था कि उनकी सरकार गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित है। गरीब परिवारों के पक्के आवास, शौचालय, रसोई गैस सहित बुनियादी सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इन योजनाओं ने विशेष रूप से महिलाओं के जीवन में सम्मान, सुविधा और सुरक्षा बढ़ाई है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने गठन के बाद अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति देने का निर्णय लिया। आज प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में कोई भी पात्र गरीब परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के केंद्र में गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सुशासन, पारदर्शिता, जनकल्याण और विकास को साथ लेकर छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को विकास के अवसरों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाए।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता छत्तीसगढ़ की बेटी संजू देवी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और विशिष्टजनों को सम्मानित किया तथा उनकी उपलब्धियों की सराहना की।

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्य गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन जी महाराज सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, विभिन्न क्षेत्रों के विशिष्टजन तथा एशियन न्यूज के पदाधिकारी उपस्थित थे।

करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

करमा तिहार हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपरा और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

 कंवर समाज ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने प्रस्तुत किया अनुकरणीय उदाहरण

जनजातीय समाज की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री  साय

करमा परब महोत्सव में मुख्यमंत्री ने समाजजनों को दी शुभकामनाएं : युवाओं से शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का किया आह्वान

कंवर समाज के सामाजिक भवनों एवं सांस्कृतिक मंच के लिए 90 लाख रुपए तथा राजधानी में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा

रायपुर / करमा तिहार हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा, आस्था और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनुपम प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने के साथ प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और सामूहिकता का संदेश देता है। बदलते समय के बीच कंवर समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और रीति-रिवाजों को सहेजकर नई पीढ़ी के सामने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहना ही किसी समाज की वास्तविक शक्ति है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई द्वारा आयोजित भव्य करमा परब महोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री साय ने पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और करमा तिहार की खुशियां समाजजनों के साथ साझा कीं। उन्होंने भादो एकादशी व्रत एवं करमा तिहार की सभी समाजजनों और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कंवर समाज के लिए कोरबा जिले के मड़वारानी में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए, राजधानी रायपुर के टाटीबंध में सामाजिक भवन के लिए 25 लाख रुपए तथा कांकेर के ग्राम जेफरा में सांस्कृतिक मंच के लिए 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव के आयोजन के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए कंवर समाज युवा प्रभाग और सभी सामाजिक पदाधिकारियों की सराहना की।

प्रकृति और मानव जीवन के अटूट संबंध का उत्सव है करमा तिहार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि करमा तिहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच अटूट संबंध का उत्सव है। इस पर्व में करम डार की पूजा की जाती है। समाज के बेटे-बेटियां श्रद्धा और आस्था के साथ उपवास रखकर विधि-विधान से करम डार की पूजा-अर्चना करते हैं। रात्रि जागरण में पारंपरिक करमा गीत और नृत्य उत्सव में उल्लास भरते हैं। अगले दिन करम डार के विसर्जन के पश्चात व्रत का पारण किया जाता है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा प्रकृति के प्रति हमारी श्रद्धा, विश्वास और संरक्षण की भावना को अभिव्यक्त करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को कभी केवल संसाधन नहीं माना, बल्कि उसे जीवन का आधार और हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग माना है। जल, जंगल और जमीन के साथ हमारा रिश्ता केवल आवश्यकता का नहीं, बल्कि आस्था और आत्मीयता का भी है। करमा तिहार जैसी परंपराएं इसी संबंध को पीढ़ी-दर-पीढ़ी मजबूत करती आई हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण की इसी भावना को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के माध्यम से व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया है। देशभर में बड़ी संख्या में नागरिक इससे जुड़कर पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पौधरोपण को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

संस्कृति के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार भी जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कंवर समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ शिक्षा और सामाजिक सुधार की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। विशेष रूप से नशामुक्ति को लेकर समाज के भीतर हो रही सार्थक पहल सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है।

उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति के लिए शिक्षा, संस्कार, संगठन और जागरूकता आवश्यक हैं। हमारी युवा पीढ़ी आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़े, नए अवसरों का लाभ उठाए, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान और मूल्यों को भी हमेशा साथ लेकर चले। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा सामाजिक एकजुटता को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करमा परब महोत्सव का आयोजन युवा प्रभाग द्वारा किया जाना विशेष प्रसन्नता की बात है। यह इस बात का प्रमाण है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत को लेकर सजग है और उसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभा रही है।

जनजातीय समाज का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए जा रहे हैं। आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विराजमान हैं। यह पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने आत्मीयता के साथ कहा कि आज छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री भी आपके बीच का आपका अपना ‘विष्णु भैया’ है। हमारी सरकार जनजातीय समाज के प्रत्येक परिवार को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को पक्के आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी प्रकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से जनजातीय बहुल गांवों के समग्र विकास को गति दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी प्राथमिकता केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ जनजातीय समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में वास्तविक बदलाव आए।

युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, रोजगार और खेल पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय युवाओं सहित प्रदेश के सभी युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है। बस्तर अंचल में लंबे समय से बंद पड़े स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं की सुविधा के लिए दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 की गई है। इससे प्रदेश के अधिक युवाओं को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय रोजगार मेले के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। राज्य की नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि हमारे युवा केवल रोजगार प्राप्त करने वाले ही नहीं, बल्कि उद्यमी बनकर दूसरों को भी रोजगार देने वाले बनें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जनजातीय अंचलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें उचित अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध हों।

किसानों के हित में सरकार ने पूरे किए महत्वपूर्ण वादे

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार बनने के बाद किसानों से किया गया दो वर्षों के लंबित धान बोनस का वादा पूरा करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, सुशासन दिवस पर प्रदेश के किसानों के खातों में 3,716 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीद रही है। किसानों की आर्थिक समृद्धि और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। सरकार का प्रयास है कि खेती लाभकारी बने और अन्नदाता किसान के जीवन में खुशहाली आए।

वनांचल के परिवारों की आजीविका और सम्मान की चिंता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वनांचल में रहने वाले परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक को 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। इससे प्रदेश के लाखों तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहक भाई-बहनों के सम्मान और सुविधा को ध्यान में रखते हुए चरण पादुका योजना को भी पुनः प्रारंभ किया गया है। वनांचल के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें विकास के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।

महतारी वंदन से बढ़ा माताओं-बहनों का आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महतारी वंदन योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत लाखों महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति, बचत और छोटे स्तर पर आर्थिक गतिविधियां प्रारंभ करने में सहायक बन रही है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण पूरे परिवार और समाज को मजबूत करता है। महतारी वंदन योजना ने माताओं-बहनों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी नई मजबूती दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के पक्के घर के सपने को पूरा करना भी सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। आज प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

अपनी जड़ों से जुड़कर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनें

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि करमा तिहार जैसे पर्व हमारी सामाजिक एकता, सामूहिक चेतना और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना से परिचित होने का अवसर मिलता है।

उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए शिक्षा, सामाजिक सुधार, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ें। अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिक अवसरों का लाभ उठाएं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें।

अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष कौशल्या साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का सदैव पालन करना चाहिए। पर्यावरण के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ प्राकृतिक असंतुलन का कारण बनती है, इसलिए प्रकृति का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष डॉ. नंद कुमार साय, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रूप सिंह मंडावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्षअनुराग सिंह देव, पूर्व कैबिनेट मंत्री  ननकी राम कंवर, प्रदेश कंवर समाज के अध्यक्ष हरवंश सिंह मिरी, कंवर समाज रायपुर महानगर के अध्यक्ष  मनोहर सिंह पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी

गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी

 भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

अन्नदाता की खुशहाली और खेती को लाभकारी बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई सार्थक चर्चा, मुख्यमंत्री ने त्वरित पहल कर लिया किसान हितैषी निर्णय

रायपुर, 10 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शक्कर कारखानों में गन्ने की खरीदी अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किए जाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता की खुशहाली ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का आधार है। किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिले, खेती लाभकारी बने और किसान परिवार आर्थिक रूप से निरंतर सशक्त हों, इसके लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय से आज भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में संगठन मंत्री मनीष शर्मा, महामंत्री  नवीन शेष सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल थे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव और  विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

भेंट के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रदेश के किसानों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों के हितों से संबंधित विषय भी प्रमुखता से सामने आया। मुख्यमंत्री ने किसानों की भावनाओं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर त्वरित पहल की और शक्कर कारखानों के लिए गन्ने की खरीदी 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया।पेराई सत्र 2025- 26 में की गई खरीदी का भुगतान भी बढ़े हुए दर पर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि लागत को कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसानों के हितों को अपनी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में रखकर आगे बढ़ रही है। किसानों की आवश्यकताओं और समस्याओं के प्रति सरकार संवेदनशील है तथा किसान हित से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता से निर्णय लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण समृद्धि में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेती-किसानी मजबूत होगी तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की समृद्धि से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य मिले तथा कृषि उनके लिए सम्मानजनक और लाभकारी आजीविका का सशक्त माध्यम बने।

भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना किसानों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर प्रतिफल प्राप्त होगा।

29 एकड़ में मखाना तैयार, समूह की महिलाएं जल्द करेंगी हार्वेस्टिंग

29 एकड़ में मखाना तैयार, समूह की महिलाएं जल्द करेंगी हार्वेस्टिंग

 धमतरी। किसानों की आय में वृद्धि और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने खेती में नवाचार को बढ़ावा देने जिले में मखाना खेती की एक नई संभावना के रूप में उभर रही है। धान सहित पारंपरिक फसलों के साथ मखाना उत्पादन को प्रोत्साहित किया गया है। इस कड़ी में समूह की महिलाओं द्वारा 29 एकड़ में मखाना की खेती तैयाार है। 13 अक्टूबर को इसकी हार्वेस्टिंग का शुभारंभ किया जाएगा। उत्पादित मखाना को बेचने के बाद समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

केंद्र  सरकार की सेंट्रल सेक्टर स्कीम फार डेवलपमेंट आफ मखाना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में धमतरी जिले को तालाबों में मखाना की खेती (पान्ड कल्टीवेशन) के लिए 66 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य मिला था। इसके विरुद्ध जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 42 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना की खेती प्रारंभ की गई है। यह पहल जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने और किसानों को परंपरागत खेती के अतिरिक्त लाभकारी विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिले के ग्राम छाती और डांडेसरा में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा मखाना उत्पादन की पहल की गई है। शैलपुत्री स्व-सहायता समूह और नई किरण स्व-सहायता समूह के माध्यम से कुल 29 एकड़ क्षेत्र में उत्पादित मखाना की हार्वेस्टिंग की जा रही है। इससे महिला समूहों के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित होने के साथ सामूहिक उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। मखाना उत्पादन का हार्वेस्टिंग शुभारंभ कार्यक्रम 13 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य मखाना की खेती के अनुभवों को अन्य किसानों तक पहुंचाना और जिले में इसका विस्तार करना है।मखाना उत्पादन को जिले में व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए ग्राम सेनचुवा व विकासखंड धमतरी के किसानों को भी कार्यक्रम में शामिल होने कहा गया है। ये किसान आगामी वर्ष लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में मखाना की खेती करने की दिशा में पहल करेंगे। इससे जिले में कृषि विविधीकरण को नई गति मिलने तथा किसानों के लिए वैकल्पिक आय के अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

उप संचालक उद्यानिकी पूजा कश्यप साहू ने जिले के सभी विकासखंडों के किसानों से मखाना उत्पादन की संभावनाओं को समझने और 13 अक्टूबर को आयोजित हार्वेस्टिंग शुभारंभ कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। कार्यक्रम के माध्यम से किसान मखाना उत्पादन की प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और इसकी संभावनाओं से परिचित हो सकेंगे।

युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 युवा शक्ति की सक्रिय भागीदारी से ही होगा विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 युवाओं से मुख्यमंत्री ने किया आत्मीय संवाद

मुख्यमंत्री ने साझा किए अपने संघर्ष, जनसेवा और सार्वजनिक जीवन के अनुभव, युवाओं को दिया निष्ठा और संवेदनशीलता से कार्य करने का मंत्र

आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण और जिलों में मैदानी अनुभव से शासन की कार्यप्रणाली समझेंगे युवा फेलो

शिक्षा, कौशल, आधुनिक तकनीक और रोजगार के अवसरों से युवाओं को सशक्त बना रही राज्य सरकार

निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के अधिक अवसर सृजित करना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री साय

जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं, जनकल्याण को बनाएं अपने कार्य का उद्देश्य : मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के प्रतिभागियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं के सवालों के जवाब दिए और अपने छात्र जीवन, संघर्ष, पारिवारिक जिम्मेदारियों से लेकर जनसेवा और सार्वजनिक जीवन की यात्रा के अनुभव उनके साथ साझा किए। उन्होंने युवा फेलो से कहा कि वे इस अवसर का उपयोग केवल शासन की कार्यप्रणाली को समझने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने ज्ञान, कौशल और नवीन विचारों के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। युवाओं के पास शिक्षा, ऊर्जा, प्रतिभा और नए विचारों की शक्ति है। जब यही शक्ति जनकल्याण और समाज की बेहतरी से जुड़ती है तो बड़े परिवर्तन का आधार बनती है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर परिश्रम और प्रत्येक दायित्व का निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन सफलता के साथ आत्मसंतुष्टि भी प्रदान करता है।

संवाद के दौरान युवा प्रतिभागियों ने मुख्यमंत्री साय से फेलोशिप को लेकर उनकी अपेक्षाओं, सुशासन, शिक्षा, रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक, प्रदेश के विकास में युवाओं की भूमिका और उनके व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक जीवन की यात्रा से जुड़े अनेक प्रश्न किए। मुख्यमंत्री ने सभी प्रश्नों का सहजता और आत्मीयता से जवाब दिया।

विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित प्रदेश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत आज विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रगति करते हुए विश्व में अपनी सशक्त भूमिका स्थापित कर रहा है। इस यात्रा को और गति देने में युवाओं की भूमिका निर्णायक है।

उन्होंने युवा फेलो से कहा कि वे अपनी क्षमताओं को निरंतर निखारें, नए विचारों के साथ आगे आएं और शासन-प्रशासन के साथ कार्य करते हुए जनहित से जुड़े विषयों पर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करें। अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आए युवाओं के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप सीखने, अनुभव प्राप्त करने और अपनी प्रतिभा को प्रदेश के विकास में उपयोग करने का महत्वपूर्ण मंच है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिलों में कार्य के दौरान स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझना सबसे महत्वपूर्ण होगा। संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आंकड़ों, प्रमाणों और मैदानी अनुभव के आधार पर ऐसे सुझाव दिए जाएं, जिनसे योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

शिक्षा ने तय की लंबी यात्रा, आज प्रदेश में उपलब्ध हैं प्रतिष्ठित संस्थान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा विकास का मूल मंत्र है। युवा जहां भी अध्ययन करें, वहां से प्राप्त ज्ञान और अनुभव का उपयोग अपने समाज और प्रदेश की उन्नति में करें।

अपने छात्र जीवन को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाएं बहुत सीमित थीं। उन्हें अपने गांव बगिया से लगभग छह किलोमीटर दूर दूसरे गांव के विद्यालय में पांचवीं की बोर्ड परीक्षा देने जाना पड़ा था। स्कूलों के भवन कच्चे होते थे और बच्चों को बैठने के लिए अपने घर से चटाई अथवा जूट का बोरा लेकर जाना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज परिस्थितियां काफी बदल चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है। दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए रहने और भोजन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी राज्य सरकार सहायता उपलब्ध करा रही है।

शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल भी जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने युवाओं के लिए शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल को आवश्यक बताते हुए कहा कि बदलती अर्थव्यवस्था और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। जिलों में लाइवलीहुड कॉलेजों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के 30 आईटीआई का उन्नयन कर उन्हें उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में 700 से अधिक रोजगार मेलों के माध्यम से करीब 24 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। राजधानी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक नियोक्ताओं ने भाग लिया और लगभग पांच हजार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को उनकी क्षमता और कौशल के अनुरूप प्रदेश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध हों तथा वे रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार देने वाले उद्यमी भी बनें।

निवेश को रोजगार में बदलना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार और उद्यमिता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। महिला उद्यमियों तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश प्रस्ताव प्राप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें वास्तविक परियोजनाओं और रोजगार के अवसरों में परिवर्तित करना है। निवेश समझौतों के क्रियान्वयन की लगातार समीक्षा की जा रही है। 

अपने हाल के सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठकों में छत्तीसगढ़ की निवेश संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। प्रदेश की समृद्ध खनिज संपदा, विविध वनोपज और मजबूत औद्योगिक संभावनाएं विकास को नई गति देने में सक्षम हैं। सेमीकंडक्टर और टेक्सटाइल जैसे नए क्षेत्रों में निवेश से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने नवा रायपुर में लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित मेडिसिटी और पांच हजार बिस्तरों की अस्पताल सुविधाओं की परिकल्पना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी परियोजनाएं प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी पैदा करेंगी।

भविष्य की तकनीक के लिए युवाओं को तैयार करेगा एआई मिशन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक में दक्ष बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से एआई मिशन के लिए बजट में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की शिक्षा देने तथा लगभग डेढ़ हजार अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से दुनिया को बदल रही है। छत्तीसगढ़ के युवाओं को इस बदलाव में केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करना राज्य सरकार का प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने सुनाई संघर्ष की कहानी – कम उम्र में ही उठानी पड़ी परिवार की जिम्मेदारी

युवा फेलो द्वारा जीवन की प्रेरणा के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री साय ने अपने बचपन और संघर्ष के दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि लगभग दस वर्ष की उम्र में पिता के आकस्मिक निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। चार भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण मां, दादी और छोटे भाइयों की देखभाल के साथ खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी भी उन्हें संभालनी पड़ी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं बैलों से हल चलाने सहित खेती के विभिन्न कार्य किए। इन परिस्थितियों ने कम उम्र में ही उन्हें परिश्रम, जिम्मेदारी और कठिन परिस्थितियों का सामना करना सिखाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि वे गांव के सरपंच बनेंगे। निर्विरोध सरपंच चुने जाने के बाद उन्हें विधायक, सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में जनसेवा करने का अवसर मिला। जीवन में जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का उन्होंने प्रयास किया।

मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव को स्मरण करते हुए उनके धैर्य, सहजता और आत्मीय व्यवहार को अपने लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहना, लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सदैव उपलब्ध रहना उनके सार्वजनिक जीवन का आधार रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जो भी दायित्व मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएं। अपने कार्य के केंद्र में जनकल्याण को रखें। इससे मान-सम्मान और आत्मसंतुष्टि तो मिलती ही है, साथ ही प्रदेश, देश और समाज का भी भला होता है।

36 युवा फेलो समझेंगे शासन और योजनाओं का जमीनी क्रियान्वयन

इस अवसर पर सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि द्वितीय बैच में चयनित 36 युवा इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रबंधन, गणित, वाणिज्य और अर्थशास्त्र जैसे विविध विषयों की पृष्ठभूमि से आए हैं। इनमें कुछ प्रतिभागी अपने स्टार्टअप भी संचालित कर रहे हैं।

दो वर्षीय फेलोशिप कार्यक्रम में कुल पांच माह का अध्ययन एवं प्रशिक्षण तथा 19 माह का मैदानी अनुभव शामिल है। प्रारंभिक तीन माह आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी जिला प्रशासन के साथ जुड़कर योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और जनसेवाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझेंगे।

राहुल भगत ने प्रतिभागियों को प्रदेश का विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर छत्तीसगढ़ 2047’ पढ़ने और अपने सपनों के छत्तीसगढ़ को लेकर अपने विचार लिखने के लिए भी प्रेरित किया।

युवा फेलो ने मुख्यमंत्री के सामने रखीं जिज्ञासाएं

संवाद के दौरान युवा फेलो ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी जिज्ञासाएं रखीं तथा अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि, अनुभव और प्रदेश के विकास में योगदान देने की आकांक्षाओं से भी उन्हें अवगत कराया।

रायपुर की सुनीलिमा भारद्वाज ने मुख्यमंत्री से फेलोशिप के प्रतिभागियों से उनकी अपेक्षाओं के बारे में पूछा। प्रतिभागी खुशी ने सभी फेलो की ओर से अवसर के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिलों में कार्य करने से प्रशासन और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को समझने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। जशपुर के प्रतिभागी अंशुल ने अपनी शिक्षा और फेलोशिप से जुड़ने के उद्देश्य की जानकारी देते हुए प्रदेश से बाहर अध्ययन कर रहे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री का संदेश जानना चाहा।

मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों की बातों को आत्मीयता से सुना और उन्हें अपने ज्ञान, कौशल और अनुभव का उपयोग जनसेवा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में करने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आईआईएम रायपुर और ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के सहयोग से मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप संचालित की जा रही है। द्वितीय बैच के लिए कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) स्कोर और आईआईएम की चयन प्रक्रिया के माध्यम से 36 युवाओं का चयन किया गया है। इनमें दंतेवाड़ा, बस्तर और जशपुर सहित प्रदेश के 14 जिलों के युवा शामिल हैं।

फेलो प्रशिक्षण और मैदानी कार्य-अनुभव के आधार पर योजनाओं की निगरानी, नीतिगत विश्लेषण, विभागीय समन्वय तथा जनसेवाओं में सुधार के प्रयासों में सहयोग देंगे। द्वितीय बैच के तीन दिवसीय प्रशिक्षण एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम में राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, सुशासन की प्राथमिकताओं, लोक सेवा गारंटी, हितधारकों की पहचान तथा मैदानी कार्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक प्रोफेसर संजीव पराशर, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के उप सचिव सूरज साहू सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न

 रायपुर- मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गठित राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित औद्योगिक इकाइयों के लिए वार्षिक जल आबंटन प्रदाय की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्राथमिकता के आधार पर पेयजल आपूर्ति हेतु जल प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने हेतु जल संग्रहण एवं प्रदाय के लिए समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।

 बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित उद्योगों (स्पंज आयरन, पावर प्लांट, सीमेंट एवं अन्य विनिर्माण इकाइयों) को जलाशयों व नदियों से दिए जाने वाले वार्षिक जल प्रदाय एवं नए आबंटन प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गई। भू-जल प्रबंधन और जल संरक्षण पर जोर

 बैठक में राज्य भू-जल प्रबंधन एवं नियमन प्राधिकरण के गठन के संबंध में भी चर्चा हुई। औद्योगिक संस्थानों को स्वीकृत सीमा के भीतर ही जल उपयोग करने और जल शुल्क का समयबद्ध भुगतान करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने उद्योगों को जल संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) तकनीक अपनाने, वाटर रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करने तथा वर्षा जल संचयन प्रणालियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।

मिशन अमृत 2.0 के तहत 9 पेयजल योजनाओं को मंजूरी

बैठक में मिशन अमृत 2.0 तथा अन्य योजनाओं के अंतर्गत कुल 09 पेयजल प्रदाय योजनाओं के लिए स्वीकृत जल आबंटन की पुष्टि एवं अनुमोदन किया गया। इससे प्रदेश के नगरीय निकायों में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल के संतुलित बंटवारे पर बल दिया

  मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को कृषि, पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के बीच जल के संतुलित बंटवारे पर बल देने को कहा, ताकि आगामी शुष्क मौसम में पेयजल एवं कृषि सिंचाई पर कोई विपरीत प्रभाव न पड़े।

       बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी, भू-जल वैज्ञानिक सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।

गरबा ड्रेस में सिगरेट और पिस्टल दिखाने का मामला, तीन लड़कियों समेत 9 आरोपी गिरफ्तार

गरबा ड्रेस में सिगरेट और पिस्टल दिखाने का मामला, तीन लड़कियों समेत 9 आरोपी गिरफ्तार

 बिलासपुर.छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रास गरबा कार्यक्रम के दौरान बनाई गई एक रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में कुछ युवतियां गरबा की वेशभूषा में सिगरेट पीते और पिस्टलनुमा वस्तु लहराते नजर आ रही हैं।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है। इस मामले में सिविल लाइन थाने में अपराध दर्ज कर कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो गरबा टिकट और मेकअप के प्रचार-प्रसार के लिए बनाया गया था। वीडियो में गरबा की पारंपरिक वेशभूषा में युवतियों को सिगरेट पीते और पिस्टलनुमा वस्तु का प्रदर्शन करते देखा गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 299 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पाबंद करने के लिए बाउंड ओवर की प्रक्रिया भी जारी है।

धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर पुलिस की चेतावनी
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का आपत्तिजनक प्रदर्शन करने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने ऐसे मामलों में नियमों के तहत सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। वायरल रील को लेकर हुई इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर भी मामला चर्चा में है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर कोई भी सामग्री पोस्ट करने से पहले प्रकृति और संभावित प्रभाव का ध्यान रखें।

साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

साइबर अपराधों से सुरक्षा के लिए जनभागीदारी जरूरी, साइबर जागरूकता को जनआंदोलन बनाना होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर- डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं और इनसे सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। हमें साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा, तभी हम साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

 
डिजिटल क्रांति ने जीवन आसान बनाया, अब साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री  मोदी ने डिजिटल इंडिया की परिकल्पना प्रस्तुत की थी, उस समय इतने विशाल देश और बड़ी ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की जाती थीं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गांव का सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहा है और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार ने जहां नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी रूप से जानकार व्यक्ति भी इनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तौर-तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

सात सप्ताह के अभियान से 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए सात सप्ताह के विशेष साइबर जागृति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने साइबर सुरक्षा के संदेश को शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों को केंद्र में रखकर अभिनव गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर नागरिकों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा विषय बन चुका है।

अभियान का समापन नहीं, यह एक नई शुरुआत है : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सात सप्ताह का यह अभियान समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन साइबर जागरूकता की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। विशेष रूप से युवाओं को साइबर जागरूकता के संवाहक के रूप में आगे आकर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।

रायपुर की यातायात व्यवस्था सुधारने युवाओं के अभिनव सुझावों पर होगा गंभीरता से विचार

मुख्यमंत्री  साय ने ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 की सराहना करते हुए कहा कि राजधानी रायपुर का तेजी से विस्तार हो रहा है। बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ यातायात प्रबंधन की चुनौतियां भी बढ़ी हैं।  सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और यातायात को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी का बेहतर समन्वय आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक हैकाथॉन के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और विभिन्न संस्थाओं ने राजधानी की यातायात समस्याओं का अध्ययन कर व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करेगी तथा जो समाधान उपयोगी और व्यवहारिक होंगे, उन्हें लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

दूरस्थ क्षेत्रों को परिवहन से जोड़ रही मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा विकास की बुनियादी आवश्यकता है। सार्वजनिक परिवहन के साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण पहले ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा प्रारंभ की गई है। विशेष रूप से वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। ऐसे मार्गों पर 100 से अधिक बसों का संचालन किया जा रहा है, जहां आर्थिक रूप से लाभकारी नहीं होने के कारण पहले बस सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने लाभ-हानि से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी है और इन मार्गों पर बस संचालन से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ बस में यात्रा के दौरान उन्होंने स्वयं देखा है कि यह सेवा किस तरह लोगों के जीवन में सुविधा और खुशियां लेकर आई है।

डिजिटल लेनदेन में भारत की अग्रणी भूमिका, सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण : उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आज दुनिया में होने वाले डिजिटल लेनदेन का लगभग 50 प्रतिशत भारत में हो रहा है। यह प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान की बड़ी उपलब्धि है। डिजिटल लेनदेन ने लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों से सुरक्षा की चुनौती भी बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के माध्यम से अभिनव पहल की है। अभियान के दौरान पुलिस ने धार्मिक आयोजनों, चौक-चौराहों, ग्राम सभाओं, ग्राम पंचायतों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों तक पहुंचकर लोगों को ऑनलाइन ठगी तथा साइबर अपराधों से बचाव के तरीके बताए।

 शर्मा ने कहा कि पुलिस केवल जागरूकता तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर अपराधियों के पूरे नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई भी कर रही है। साइबर ठगी में उपयोग होने वाले म्यूल खाते खोलने में संलिप्त बैंककर्मियों से लेकर फर्जी सिम उपलब्ध कराने वालों तक कार्रवाई की गई है। इन प्रयासों से साइबर अपराधों से संबंधित एफआईआर में कमी आई है और ठगी गई राशि की रिकवरी की दर में भी वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल पुलिस और प्रशासन के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। समस्याओं का स्थायी समाधान जनभागीदारी और नवाचार से ही संभव है। इसी सोच के साथ ट्रैफिक हैकाथॉन आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं ने अनेक उपयोगी और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं।

सात विषयों के माध्यम से गांव-शहर तक पहुंची साइबर जागरूकता

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक संचालित साइबर जागृति अभियान में प्रदेश की 34 पुलिस इकाइयों के समन्वय से सात विषय आधारित सप्ताहों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।

अभियान में डिजिटल सुरक्षा, वित्तीय धोखाधड़ी एवं यूपीआई सुरक्षा, डिजिटल अरेस्ट, महिलाओं की ऑनलाइन सुरक्षा, रोजगार संबंधी ठगी, डेटा गोपनीयता और सामूहिक संकल्प जैसे विषयों पर विशेष रूप से नागरिकों को जागरूक किया गया।

विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में नागरिकों को ओटीपी और पासवर्ड किसी से साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने, फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों को पहचानने के तरीके बताए गए।

अभियान में युवाओं को ‘साइबर प्रहरी’ के रूप में जोड़कर उनके माध्यम से परिवार और समाज तक जागरूकता पहुंचाने की पहल की गई। नागरिकों को साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित किया गया।

सोशल मीडिया पर 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज

साइबर जागृति अभियान में सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग किया गया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सऐप के माध्यम से साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेश और जागरूकता सामग्री प्रसारित की गई।

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के सहयोग से अभियान के दौरान 3,100 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट साझा की गईं, जिन्हें 6.02 करोड़ से अधिक व्यूज प्राप्त हुए। आई4सी ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान से जुड़ी कई पोस्ट साझा कर इसकी पहुंच को और व्यापक बनाया।

जिलों के नवाचारों ने साइबर जागरूकता को जनभागीदारी से जोड़ा

अभियान के दौरान विभिन्न जिलों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अनेक अभिनव प्रयोग किए। मुंगेली जिले में विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से लगभग 15 हजार ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। गरियाबंद जिले में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व-सहायता समूहों की लगभग 493 महिलाओं को साइबर सुरक्षा की जानकारी देकर उनके माध्यम से परिवारों तक जागरूकता पहुंचाई गई।

दुर्ग जिले में ‘सुरक्षित दुर्ग, साइबर जागरूक दुर्ग’ अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटकों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से 15 हजार से अधिक नागरिकों को जागरूक किया। रायपुर जिले में आयोजित साइबर जागरूकता लघु फिल्म प्रतियोगिता में 11 राज्यों के 35 जिलों से 162 फिल्में प्राप्त हुईं। इन फिल्मों के माध्यम से लगभग दो लाख लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचने का अनुमान है।

जांजगीर-चांपा जिले में ‘एक राखी साइबर जागृति के नाम’ अभियान के माध्यम से लगभग 1 लाख 61 हजार नागरिकों तक जागरूकता पहुंचाई गई। वहीं बिलासपुर जिले में आकाशवाणी के माध्यम से संचालित विशेष फोन-इन कार्यक्रम से लगभग आठ लाख श्रोताओं तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा। समारोह में इन अभिनव प्रयासों के लिए संबंधित जिलों को सम्मानित किया गया।

ट्रैफिक हैकाथॉन में युवाओं ने दिए भविष्य की यातायात व्यवस्था के समाधान

ट्रैफिक हैकाथॉन-2026 के ओवरऑल विजेता  कार्तिकेय पंत ने रायपुर के शंकर नगर टर्निंग पॉइंट की यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए ‘टैक्टिकल अर्बनिज्म’ की अवधारणा पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किया।

उन्होंने उपलब्ध सड़क क्षेत्र के बेहतर उपयोग, स्पष्ट लेन मार्किंग, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान, स्ट्रीट वेंडरों और ऑटोरिक्शा चालकों के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारण तथा यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने से जुड़े सुझाव प्रस्तुत किए।

हैकाथॉन के प्रतिभागियों ने टाटीबंध चौक, तेलीबांधा मरीन ड्राइव, आमापारा चौक, लोधीपारा चौक और शंकर नगर सहित राजधानी के प्रमुख यातायात दबाव वाले क्षेत्रों का अध्ययन कर पार्किंग प्रबंधन, सुरक्षित पैदल मार्ग, सार्वजनिक परिवहन के एकीकरण, लेन मार्किंग तथा यातायात जाम कम करने से संबंधित समाधान प्रस्तुत किए।

एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स से स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के सुझाव

युवाओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स आधारित स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन के लिए भी अभिनव सुझाव प्रस्तुत किए। ‘रायपुर नेत्र’ और ‘दृष्टि’ जैसी प्रस्तावित परियोजनाओं में सीसीटीवी कैमरों और एआई तकनीक के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान, ट्रैफिक जाम की पूर्व सूचना तथा एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार करने जैसी परिकल्पनाएं शामिल रहीं।

ट्रैफिक हैकाथॉन के सफल आयोजन में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर और द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के प्रस्तावों का दो चरणों में परीक्षण कर उनकी तकनीकी व्यवहार्यता, उपयोगिता और क्रियान्वयन की संभावनाओं का मूल्यांकन किया। आयोजन में शिवाशा फाउंडेशन का भी सहयोग रहा।

विधायक  राजेश मूणत ने कहा कि राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा। यातायात से जुड़ी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना के साथ व्यावहारिक कदम उठाना आवश्यक है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रजककार बोर्ड के अध्यक्ष  प्रह्लाद रजक, विधायक  राजेश मूणत, रायपुर नगर निगम की महापौर मती मीनल चौबे, पुलिस महानिदेशक  अरुण गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक  अमित कुमार सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

सहायक शिक्षक भर्ती विज्ञापन में दिव्यांगता की श्रेणी के निर्धारण के संबंध में संशोधित अधिसूचना

सहायक शिक्षक भर्ती विज्ञापन में दिव्यांगता की श्रेणी के निर्धारण के संबंध में संशोधित अधिसूचना

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती वर्ष 2026 के अंतर्गत 2,292 पदों का संक्षिप्त विज्ञापन दिनांक 16 अप्रैल 2026 को जारी किया गया था। इसके पश्चात 24 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट पर विस्तृत विज्ञापन जारी किया गया तथा उसी दिन ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ हुई। आवेदन की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2026 निर्धारित थी।

समाज कल्याण विभाग द्वारा 25 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना में विभिन्न विभागों के पदों के लिए दिव्यांगता की चिह्नांकित श्रेणियों का उल्लेख किया गया था। उक्त अधिसूचना के अनुसार सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (B) श्रेणी का चिह्नांकन नहीं किया गया था। इसी आधार पर भर्ती के विस्तृत विज्ञापन में दिव्यांगता के आरक्षित पदों का निर्धारण किया गया तथा पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी को शामिल नहीं किया गया।

 इसके बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा 11 सितंबर 2026 को संशोधित अधिसूचना जारी की गई, जिसमें सहायक शिक्षक पद के लिए पूर्ण दृष्टिबाधित (B) श्रेणी को भी शामिल किया गया।

 संशोधित अधिसूचना जारी होने से पहले सहायक शिक्षक भर्ती का संक्षिप्त एवं विस्तृत विज्ञापन जारी किया जा चुका था और ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी थी। ऐसी स्थिति में संशोधित अधिसूचना के आधार पर पूर्ण दृष्टिबाधित श्रेणी को वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में शामिल करना विधिक एवं व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।

रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

रजिस्ट्री हुई और तुरंत हो गया नामांतरण, अजीत राम साहू को नहीं लगाने पड़े तहसील के चक्कर

 रायपुर- जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने और लंबे इंतजार की परेशानी अब तकनीक आधारित व्यवस्था से कम हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के श्री अजीत राम साहू ने इस बदलाव को स्वयं महसूस किया। पहले जिस नामांतरण के लिए उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था और काम पूरा होने का इंतजार करना पड़ता था, इस बार वह रजिस्ट्री के तुरंत बाद ही पूरा हो गया। पंजीयन विभाग की ऑटोम्यूटेशन सुविधा से उन्हें न केवल कार्यालयों की अनावश्यक दौड़भाग से राहत मिली, बल्कि समय की भी बचत हुई। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद में उन्होंने अपना अनुभव साझा किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं को सरल, सुगम, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रियाओं को आपस में जोड़ने के साथ आधार आधारित ई-केवाईसी जैसी सुविधाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति संबंधी कार्यों को अधिक सुविधाजनक बनाया जा रहा है। इन सुधारों का जमीनी प्रभाव जानने के लिए पंजीयन विभाग ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित कर रहा है।

पहले नामांतरण के लिए करना पड़ता था इंतजार, अब रजिस्ट्री के साथ ही पूरा हुआ काम

श्री अजीत राम साहू ने बताया कि पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण के लिए अलग से तहसील कार्यालय जाना पड़ता था। कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता था। इससे खेती-किसानी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए समय निकालने में भी परेशानी होती थी।

इस बार ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था से रजिस्ट्री के तुरंत बाद उनका नामांतरण पूरा हो गया। इससे उन्हें अलग से तहसील कार्यालय जाने और नामांतरण के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं पड़ी। श्री साहू ने बताया कि इस सुविधा से उनका समय बचा और संपत्ति से जुड़े आगे के कार्यों को पूरा करने में भी आसानी हुई।

ऑटोम्यूटेशन से रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया हुई आसान

पंजीयन विभाग द्वारा लागू ऑटोम्यूटेशन व्यवस्था के तहत संपत्ति का पंजीयन होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः आगे बढ़ती है। इससे पंजीयन और राजस्व विभाग की संबंधित प्रक्रियाओं के बीच समन्वय बेहतर हुआ है। नागरिकों को नामांतरण के लिए अलग से आवेदन करने और बार-बार संबंधित कार्यालयों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है।

इस व्यवस्था का विशेष लाभ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को मिल रहा है, जिन्हें पहले जमीन के नामांतरण के लिए तहसील और राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया जुड़ने से समय की बचत और अनावश्यक दौड़भाग में कमी आ रही है।

आधार आधारित ई-केवाईसी से पंजीयन में बढ़ रही पारदर्शिता

पंजीयन व्यवस्था में तकनीक का उपयोग केवल नामांतरण तक सीमित नहीं है। आधार आधारित ई-केवाईसी के माध्यम से क्रेता, विक्रेता और गवाहों की पहचान का सत्यापन किया जा रहा है। इससे पहचान संबंधी प्रक्रिया अधिक सुगम होने के साथ गलत पहचान के आधार पर पंजीयन की आशंका कम करने में मदद मिल रही है।

तकनीक आधारित इन सुधारों से पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाकर समय और अनावश्यक कार्यालयीन कार्यवाही को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

अजीत राम की कहानी—तकनीक से आसान हुआ जमीन का काम

श्री अजीत राम साहू ने रजिस्ट्री के तुरंत बाद नामांतरण होने और कार्यालयों के अतिरिक्त चक्कर से राहत मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने पंजीयन सेवाओं में किए गए सुधारों के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्री साहू का अनुभव बताता है कि पंजीयन व्यवस्था में तकनीकी सुधारों का लाभ सीधे आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। उनके लिए ऑटोम्यूटेशन केवल एक तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि लंबे इंतजार से मुक्ति, समय की बचत और संपत्ति संबंधी कार्यों को आसानी से पूरा करने का माध्यम बना है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत सामने आई अजीत राम साहू की यह कहानी पंजीयन सेवाओं में आ रहे बदलाव का उदाहरण है। जहां पहले रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए अलग से कार्यालयीन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, वहीं अब तकनीक के माध्यम से दोनों प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को सुविधा मिल रही है।

युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर

युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर

 युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर

कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की बड़ी पहल, चार संस्थाओं के साथ एमओयू

टीसीएस, अडानी समूह और नांदी फाउंडेशन के सहयोग से युवाओं को मिलेगा आधुनिक तकनीक एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण

आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर विशेष जोर

पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया से कराया गया थर्ड पार्टी मूल्यांकन

रायपुर,  छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल शैक्षणिक योग्यता तक सीमित न रखते हुए उन्हें आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुखी कौशल से सशक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में एवं कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग मंत्री गुरु खुशवंत साहेब के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रतिष्ठित औद्योगिक एवं प्रशिक्षण संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू), तकनीकी शिक्षा में नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत तथा प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

चार संस्थाओं के साथ एमओयू से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण

            दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला 2026 के समापन अवसर पर कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से चार संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) की पहल की गई। इन समझौतों के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सुविधा होगी।

          टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सहयोग से इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कंपनी की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधियों के अंतर्गत निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और उद्योगों में उपयोग होने वाले व्यावहारिक कौशल की जानकारी प्राप्त होगी।

         इसी प्रकार अडानी समूह के सहयोग से आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस पहल से विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता विकसित करने के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

          विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और रोजगार क्षमता में वृद्धि के लिए नांदी फाउंडेशन के सहयोग से सॉफ्ट स्किल, अंग्रेजी संवाद कौशल, साक्षात्कार की तैयारी एवं व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पिछले वर्ष इस संस्था के माध्यम से छह हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया गया था। इस वर्ष भी आईटीआई, पॉलिटेक्निक एवं कौशल विकास से जुड़े विद्यार्थियों को लगभग 48 से 50 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

           इसके अतिरिक्त जंगल सफारी में विभिन्न ट्रेडों से संबंधित कौशल प्रशिक्षण के लिए भी संस्थाओं के साथ एमओयू की पहल की जा रही है। इससे युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे।

पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने विशेष पहल

           प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के माध्यम से थर्ड पार्टी मूल्यांकन कराया गया है। इस मूल्यांकन में संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और अन्य आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया गया है। मूल्यांकन की रिपोर्ट का रोजगार मेला के समापन समारोह में मुख्यमंत्री साय, मंत्री तकनीकी शिक्षा साहेब, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा  सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने विमोचन किया। इसमें संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इन सुझावों के आधार पर पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के विकास और आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।

आईटीआई और पॉलिटेक्निक में शुरू होंगे आधुनिक तकनीक आधारित रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम

          राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों में पुराने एवं अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की समीक्षा कर नए रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और आधुनिक तकनीक से संबंधित पाठ्यक्रमों को शामिल किया जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी और व्यावहारिक दक्षता प्राप्त होगी। इससे वे बदलते औद्योगिक परिवेश में रोजगार की नई संभावनाओं का लाभ उठा सकेंगे।

डिजिटल रोजगार पोर्टल को स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की तैयारी

           कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग द्वारा डिजिटल रोजगार पोर्टल को भविष्य में स्किल मार्केट के रूप में विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इस पोर्टल पर उद्योगों की आवश्यकताओं, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध रिक्त पदों और रोजगार के इच्छुक युवाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की योजना है।

छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

          इस व्यवस्था के माध्यम से युवा अपनी योग्यता और कौशल के अनुसार ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वहीं उद्योग एवं नियोजक संस्थाएं अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का चयन कर सकेंगी। इससे रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी होगी। राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय, आधुनिक पाठ्यक्रम, डिजिटल रोजगार सेवाओं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के माध्यम से छत्तीसगढ़ के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।

बस्तर में बोधघाट परियोजना का मुद्दा गरमाया, प्रभावितों से मुलाकात करेंगे राहुल गांधी

बस्तर में बोधघाट परियोजना का मुद्दा गरमाया, प्रभावितों से मुलाकात करेंगे राहुल गांधी

 रायपुर. कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही छत्तीसगढ़ के दौरे पर आ सकते हैं। बोधघाट परियोजना को लेकर राहुल गांधी का बस्तर दौरा संभावित है। इसकी जानकारी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने दी है।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ग्रामीणों की आवाज उठाएगी। प्रदेश प्रभारी सुखदेव भगत ने बस्तर दौरे के दौरान ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी हैं। अब बहुत जल्द राहुल गांधी बोधघाट परियोजना को लेकर बस्तर दौरे पर आएंगे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे।

उत्तर प्रदेश से बिजली की खरीदी पर बोले पीसीसी चीफ
छत्तीसगढ़ में खुद बिजली का उत्पादन होता है। इसके बावजूद दूसरे राज्य से बिजली खरीदने की तैयारी की जा रही है। सरकार इस फैसले के जरिए राज्य की जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाएगी। उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही बिजली की दरें काफी बढ़ चुकी हैं और सरकार की नीतियों के चलते महंगाई बढ़ रही है। निजी कंपनियों को बिजली विभाग सौंपा जा रहा है।

रेल मंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे पर साधा निशाना
प्रदेश में पहले से ही ट्रेनों का संचालन प्रभावित है और ऐसे में रेल मंत्री छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। यह दौरा छत्तीसगढ़ की जनता की समस्याओं के समाधान के लिए नहीं बल्कि उद्योपतियों, कॉरपोरेट घरानों के हितों को साधने के लिए किया जा रहा है।

डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करें -मुख्य सचिव विकासशील

डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करें -मुख्य सचिव विकासशील

 डिजिटल क्रॉप सर्वे में शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करें -मुख्य सचिव विकासशील

फसल की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश

नक्शों की त्रुटियों के निराकरण और भूमि अभिलेखों को अद्यतन करने के लिए तकनीकी समाधान विकसित करने पर जोर

रायपुर - मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में डिजिटल क्रॉप सर्वे के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वे की प्रगति, भूमि अभिलेखों की पूर्णता और शत-प्रतिशत गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में फसलें बोई गई है, वहां उसकी वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए। संबंधित खसरों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि भूमि पर फसल लगी है या नहीं। फसल वाले क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पॉलीगॉन बनाकर जानकारी दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसल का सटीक और विश्वसनीय विवरण तैयार किया जाना चाहिए।

डिजिटल क्रॉप सर्वे का क्रॉस वेरिफिकेशन करने के निर्देश

       मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सर्वे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर टीम गठित कर विभिन्न जिलों में फील्ड वेरिफिकेशन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि सर्वे में दर्ज जानकारी का मौके पर सत्यापन किया जाए तथा कितने खसरों का सत्यापन हुआ है, कितने रिकॉर्ड सही पाए गए है, कहां त्रुटियां मिलीं है इसकी रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रुटिपूर्ण रिकॉर्ड को सुधारने के साथ ही सर्वे की आंतरिक जांच भी सुनिश्चित की जाए।उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों का धान की खेती, किसान पंजीयन और धान उपार्जन से संबंधित आंकड़ों के साथ तुलनात्मक परीक्षण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी का मिलान कर आवश्यक सुधार करने कहा है।

नक्शों की त्रुटियों के निराकरण के लिए तकनीकी समाधान तलाशें

        बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे के दौरान सामने आई प्रमुख बाधाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि नक्शों की अनुपलब्धता और अन्य तकनीकी समस्याओं के कारण कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। राजस्व विभाग इन समस्याओं के निराकरण के लिए उपयुक्त तकनीकी समाधान तलाशे। मुख्य सचिव ने कहा कि आवश्यकतानुसार नक्शों को अद्यतन करने की कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन मामलों में भौतिक सत्यापन और पॉलीगॉन सत्यापन आवश्यक है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूरा कर लिया जाए।

कलेक्टरों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें

        मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति और सत्यापन कार्यों की समीक्षा के लिए कलेक्टरों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के संबंधित अधिकारी गांवों और खेतों के रिकॉर्ड का सत्यापन करें तथा कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। सर्वे की नियमित निगरानी के साथ विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए।

     बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव सुरीना बाबा साहब कंगाले, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी,  संचालक उद्योग प्रभात मलिक, संचालक भू-अभिलेख विनीत नंदनवार, संचालक खाद्य फरिया आलम सिद्दीकी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर नवोदित छात्र छात्राओं ने पेश की सांस्कृतिक झलक

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर नवोदित छात्र छात्राओं ने पेश की सांस्कृतिक झलक

रायपुर :- महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय गांधी चौक रायपुर में आज राष्ट्रीय सेवा योजना का स्थापना दिवस एवं अभीउन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस अवसर पर कार्यक्रम में डॉ टी एल चंद्रा, निदेशक फोरेंसिक विभाग मुख्य अतिथि के रूप में मौजूदगी रही वही कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने की आयोजन में महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राओं के द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया जिसे उपस्थित अतिथियों से प्रशंसा मिली वहीं सांस्कृतिक आयोजन से पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ चंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना का मूल उद्देश्य सामाजिक सद्भावना को आगे बढ़ाना है उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा स्वच्छता सहित कई विषयों पर कार्य करके आम लोगों को जागृत और प्रेरित करने का कार्य करते हैं इससे समाज में एक स्वस्थ माहौल तैयार हो पता है जो समाज के विस्तार और सौंदर्य के लिए उत्तम है आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य ने भी विचार रखे और बताया कि महंत कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना की विद्यार्थी ग्रामों में जाकर किस तरह से स्वास्थ शिक्षा स्वस्थ मनोरंजन और साक्षरता के साथ स्वच्छता पर आम लोगों को प्रेरणा देने का काम करते हैं प्राचार्य ने कहा कि योजना से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में भी विकास हो पता है जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के इकाई के अध्यक्ष डॉ लक्ष्मीकांत साहू ने कहा कि महाविद्यालय से निरंतर मिलते सपोर्ट के कारण छत्तीसगढ़ प्रदेश के अलग-अलग जिलों और गांव में जाकर राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राएं हरियाली स्वच्छता स्वास्थ्य और शिक्षा के महत्वपूर्ण कार्यों में भाग लेते हैं और बच्चों सहित बुजुर्गों माता-पिता अन्य को भी प्रेरित करने का कार्य करते रहे हैं और एक मिसाल बना कर रखे हैं कि महंत कॉलेज के विद्यार्थियों ने किस तरह से कार्य राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्र में किया है इसके बाद राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र-छात्राओं ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया और सभी की प्रशंसा प्राप्त की, कार्यक्रम का सञ्चालन सिमरन व साथी ने किया

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, 31 नए स्थान राम वनगमन पथ के रूप में होंगे विकसित

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, 31 नए स्थान राम वनगमन पथ के रूप में होंगे विकसित

 रायपुर। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व एवं पुरातत्व विभाग की योजनाओं और विकास कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन विकास से जुड़ी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए धरातल पर परिणाम दिखाई देने चाहिए।

चित्रकोट को ग्लोबल डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी तेज

मंत्री अग्रवाल ने बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं दो सप्ताह के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में डीपीआर एवं प्रेजेंटेशन तैयार कर भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने को कहा। साथ ही सिरपुर पर्यटन विकास की तैयार डीपीआर का प्रस्तुतीकरण करने के निर्देश दिए।

144 पर्यटन स्थलों का सर्वेक्षण पूरा, 20 स्थलों पर प्राथमिकता से विकसित होंगी सुविधाएं

छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा प्रदेश के 144 पर्यटन स्थलों का गैप फिलिंग असेसमेंट पूरा कर लिया गया है। मंत्री श्री अग्रवाल ने सर्वेक्षण के आधार पर प्राथमिकता वाले 20 पर्यटन स्थलों में सार्वजनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं फास्ट ट्रैक आधार पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन सुविधाओं के संचालन एवं रखरखाव के लिए स्थानीय समितियों को जिम्मेदारी देने अथवा सुलभ इंटरनेशनल जैसी संस्थाओं का सहयोग लेने को कहा।

राम वनगमन पर्यटन परिपथ के 31 नए स्थलों पर दो माह में शुरू होंगे कार्य

मंत्री अग्रवाल ने राम वनगमन पर्यटन परिपथ के अंतर्गत पूर्व में विकसित स्थलों के अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा निर्मित पर्यटन इकाइयों, सार्वजनिक शौचालयों और कैफेटेरिया का संचालन स्थानीय समितियों को सौंपने के निर्देश दिए। उन्होंने नवीन चिह्नित 31 स्थलों पर विकास कार्यों के लिए डीपीआर, निविदा और एजेंसी चयन सहित सभी प्रक्रियाएं दो माह के भीतर पूरी कर कार्यादेश जारी करने तथा निर्माण कार्य प्रारंभ कराने को कहा। प्रथम चरण में चयनित 10 स्थलों के अतिरिक्त बस्तर के एक-दो महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करने तथा आवश्यक बजट प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने माता कौशल्या धाम चंदखुरी में प्रभु श्रीराम की नवीन प्रतिमा को स्थानांतरित कर मंदिर समिति से चर्चा कर जल्द से जल्द मूर्ति स्थापना के निर्देश दिए।

रामलला दर्शन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम की यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। आईआरसीटीसी द्वारा पेंट्री बोगी में तकनीकी समस्या के कारण ट्रेन उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में उन्होंने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के माध्यम से पृथक एजेंसी चयनित कर वैकल्पिक ट्रेन संचालन की आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

भोरमदेव कॉरिडोर की ऑनलाइन निगरानी, होमस्टे हितग्राहियों को शीघ्र मिलेगी सब्सिडी

मंत्री अग्रवाल ने भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा और तकनीकी निगरानी के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने तथा संबंधित एजेंसियों को नियमानुसार समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने होमस्टे नीति के अंतर्गत चयनित हितग्राहियों को कैपिटल सब्सिडी शीघ्र उपलब्ध कराने तथा तीन चरणों में सहायता राशि वितरण की आवश्यक तैयारी करने को कहा।

पर्यटन मंडल की जिन इकाइयों को तकनीकी कारणों से निजी संस्थाओं को लीज पर देना संभव नहीं है, उनका संचालन स्थानीय समितियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक पर्यटन इकाई में आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों और उनकी दूरी दर्शाने वाले बड़े सूचना बोर्ड लगाने को कहा गया।

पर्यटन मार्गों पर विकसित होंगे सुविधा केंद्र, परियोजनाओं की निगरानी के लिए इंजीनियरों की सेवाएं

मंत्री अग्रवाल ने पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रमुख पर्यटन मार्गों पर वेसाइड एमेनिटीज विकसित करने हेतु सभी जिला कलेक्टरों से समन्वय कर भूमि चिह्नित करने और पर्यटन मंडल का लैंड बैंक तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र एवं राज्य शासन की निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं की तकनीकी मॉनिटरिंग के लिए सर्विस प्रोवाइडर एजेंसी के माध्यम से इंजीनियरों की सेवाएं लेने पर सहमति प्रदान की।

बैठक में मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन की तैयारियों, कुदरगढ़ रोप-वे निर्माण, मंदिर परिसरों के तालाबों एवं झीलों के जीर्णाेद्धार, मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित लंबित कार्यों तथा स्वीकृत बजट के समयबद्ध उपयोग की भी समीक्षा की गई। मंत्री अग्रवाल ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों को जोड़कर मिनी सर्किट विकसित करने, स्थानीय टूर ऑपरेटरों एवं ट्रैवल एजेंटों के साथ कार्यशाला आयोजित करने तथा केंद्र सरकार की परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए।

कलाकारों के लिए डिजिटल पोर्टल होंगे सुदृढ़, पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण पर विशेष जोर

संस्कृति विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री अग्रवाल ने कलाकारों के पंजीयन हेतु संचालित चिन्हारी पोर्टल को अपडेट करने, कलाकार दलों के श्रेणी उन्नयन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के पारदर्शी आवंटन के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक पीठों के संबंधित विभागों को हस्तांतरण और पुनः संचालन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

पुरातत्व विभाग की समीक्षा में सिरपुर के सुरंग टीला और नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो का नियमित संचालन सुनिश्चित करने, अंबिकापुर जिला पुरातत्व संग्रहालय के उन्नयन तथा रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में ऐतिहासिक रियासतों से जुड़ी सामग्री के व्यवस्थित प्रदर्शन के निर्देश दिए गए। बैठक में युवा दर्शन योजना में खिलाड़ियों को शामिल करने तथा फिल्म सिटी एवं ट्राइबल कन्वेंशन सेंटर के कार्यों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई।

मंत्री अग्रवाल ने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने तथा अगली समीक्षा बैठक में प्रत्येक निर्देश पर की गई कार्रवाई का अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना भी आवश्यक है।

बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के उपसचिव अभिषेक गुप्ता, पर्यटन मंडल की उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा, राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगाई रोक, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश …

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा पर लगाई रोक, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश …

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस कृष्णराम महापात्र की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने भर्ती परीक्षा पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। यह याचिका भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग उम्मीदवारों के आरक्षण रोस्टर और विज्ञापन में निर्धारित शर्तों को लेकर दायर की गई थी।

यह पूरा मामला भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शर्तों और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए तय किए गए आरक्षण रोस्टर से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रूंगटा के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर विज्ञापन की वैधता को चुनौती दी गई थी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई कि शासन द्वारा जारी भर्ती विज्ञापनों में दिव्यांग उम्मीदवारों के आरक्षण का निर्धारण करते वक्त गंभीर खामियां बरती गई हैं। सामान्य प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के सर्कुलर का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया गया कि नियमों के तहत पूर्णतः दृष्टिबाधित उम्मीदवारों को आरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया है, जो उनके संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

अक्टूबर माह में प्रस्तावित थीं परीक्षाएं

कर्मचारी चयन आयोग द्वारा इन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। घोषित कार्यक्रम के मुताबिक:

11 अक्टूबर 2026 को सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा होनी थी।

25 अक्टूबर 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की जानी थी।

कैलेंडर देखें

हालांकि, हाईकोर्ट के इस स्थगन आदेश के बाद इन दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं के तय समय पर होने पर संशय के बादल मंडरा गए हैं।

2,292 पदों पर होनी है भर्ती

राज्य में कुल 2,292 पदों पर शिक्षकों की यह भर्ती प्रक्रिया प्रस्तावित है, जिन्हें ई-संवर्ग और टी-संवर्ग के बीच बांटा गया है:

ई-संवर्ग: 795 पद

टी-संवर्ग: 1,497 पद

कुल पद: 2,292

फिलहाल, अदालत के इस आदेश के बाद अभ्यर्थियों की नजरें राज्य  सरकार के जवाब और अगली सुनवाई पर टिकी हैं। परीक्षा से जुड़े किसी भी नए अपडेट या संशोधित तारीख के लिए परीक्षार्थियों को संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचनाओं का इंतजार करना होगा।

CG IPS Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

CG IPS Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में बड़ी प्रशासनिक फेरबदल की गई है। 18 IPS का तबादला किया गया है, जिसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, सहायक पुलिस आयुक्त ईशु अग्रवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) नारायणपुर बनाए गए हैं।

देखें पूरी लिस्ट-

  1. झा अमनकुमार रमनकुमार (भापुसे–2021)- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ऑप्स) जिला–बीजापुर से पुलिस अधीक्षक (एसआईए), पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर
  2. अजय कुमार (भापुसे–2021)- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ऑप्स) जिला–नारायणपुर से पुलिस अधीक्षक (एसआईबी), पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर
  3. आकाश श्री श्रीमाल (भापुसे–2021)- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ऑप्स) जिला भानूप्रतापपुर, जिला–कांकेर से सहायक पुलिस महानिरीक्षक (अ.अ.वि.), पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर
  4. अक्षय प्रमोद सबद्रा (भापुसे–2021)- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ऑप्स) जिला–नारायणपुर से सहायक पुलिस महानिरीक्षक (योजना/प्रबंध), पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर
  5. आकाश कुमार शुक्ला (भापुसे–2021)- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ऑप्स) एसटीएफ, बघेरा, जिला–दुर्ग से सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एस.एन.टी.एफ.), पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर
  6. रोहित कुमार शाह (भापुसे–2021)- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ऑप्स) जिला–सुकमा से सेनानी, 15वीं वाहिनी छ.स.बल, बीजापुर
  7. रविन्द्र कुमार मीणा (भापुसे–2021)- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, (ऑप्स) जिला–बीजापुर से पुलिस अधीक्षक (चिटफंड एवं महिला विरुद्ध अपराध), पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर
  8. धोत्रे सुमीतकुमार दत्ताहारी (भापुसे–2021)- नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर, जिला–बस्तर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), जिला–कांकेर
  9. ईशु अग्रवाल (भापुसे-2022)- सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), जिला नारायणपुर
  10. मयंक मिश्रा (भापुसे-2022)- नगर पुलिस अधीक्षक, रायगढ़, जिला रायगढ़ से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), जिला सुकमा
  11. वैशाली जैन (भापुसे-2022)- नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव, जिला राजनांदगांव से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), जिला जगदलपुर
  12. विमल कुमार पाठक (भापुसे-2022)- नगर पुलिस अधीक्षक, दर्री, जिला कोरबा से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), जिला नारायणपुर
  13. हर्षित मेहर (भापुसे-2022)- नगर पुलिस अधीक्षक, दुर्ग, जिला दुर्ग से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), जिला कोंडागांव
  14. राहुल बंसल (भापुसे-2022)- नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर, जिला सरगुजा से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स), जिला बीजापुर
  15. अंशिका जैन (भापुसे-2022)- प्रशिक्षु, जिला बिलासपुर से नगर पुलिस अधीक्षक, जगदलपुर, जिला जगदलपुर
  16. साकोर मानसी नानाभाउ (भापुसे-2023)- प्रशिक्षु, जिला रायपुर से सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय
  17. आदित्य कुमार (भापुसे-2024)- प्रशिक्षु, जिला राजनांदगांव से नगर पुलिस अधीक्षक, राजनांदगांव, जिला राजनांदगांव
  18. प्रतीक बंसोड़े (भापुसे-2024)- प्रशिक्षु, जिला कांकेर से नगर पुलिस अधीक्षक, अंबिकापुर, जिला सरगुजा

छत्तीसगढ़ के IPS संतोष सिंह को मिली नई जिम्मेदारी, संभालेंगे दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की कमान

छत्तीसगढ़ के IPS संतोष सिंह को मिली नई जिम्मेदारी, संभालेंगे दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की कमान

 रायपुर। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत छत्तीसगढ़ कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी संतोष सिंह को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) में CISF के डीआईजी के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर होगी।

संतोष सिंह को सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों के अनुभव को देखते हुए यह अहम दायित्व सौंपा गया है। दिल्ली और आसपास के शहरों को जोड़ने वाली मेट्रो सेवा में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में मेट्रो नेटवर्क, स्टेशनों और यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था उनके कार्यक्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।

271 स्टेशनों वाला दिल्ली मेट्रो नेटवर्क

दिल्ली मेट्रो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की प्रमुख सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था है। इसका नेटवर्क दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश और हरियाणा के आसपास के शहरों को भी जोड़ता है। वर्तमान में दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क में 271 स्टेशन हैं। मेट्रो में प्रतिदिन लाखों यात्री सफर करते हैं। हाल ही में 17 सितंबर को करीब 82.45 लाख यात्रियों की एक दिन में आवाजाही दर्ज की गई थी। ऐसे बड़े यात्री नेटवर्क की सुरक्षा व्यवस्था संभालना CISF के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में SP-SSP रह चुके हैं संतोष सिंह

IPS संतोष सिंह को छत्तीसगढ़ में विभिन्न जिलों में पुलिसिंग का लंबा अनुभव रहा है। वे प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोरिया, रायगढ़, महासमुंद, नारायणपुर और कोंडागांव में SP/SSP के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा वे सुकमा में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और दुर्ग में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इस तरह छत्तीसगढ़ के कुल 11 जिलों में अलग-अलग पदों पर काम करने का अनुभव उनके पास है।

सामुदायिक पुलिसिंग पर भी रहा फोकस

संतोष सिंह को पुलिसिंग के साथ सामुदायिक स्तर पर पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय से जुड़े प्रयोगों के लिए भी जाना जाता है। विभिन्न जिलों में एसपी के तौर पर कार्य करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था के साथ सामुदायिक पुलिसिंग को भी अपने कार्यक्षेत्र में शामिल किया।

हैदराबाद में भी संभाल चुके हैं महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारी

 

 
 

दिल्ली मेट्रो में नई जिम्मेदारी से पहले संतोष सिंह हैदराबाद में DIG साउथ ज़ोन-2 के रूप में तैनात थे। इस जिम्मेदारी के तहत वे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी कर्नाटक क्षेत्र में औद्योगिक एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों तथा पूर्वी तट के बंदरगाहों की सुरक्षा से जुड़े दायित्व संभाल रहे थे। अब उनकी नई पोस्टिंग दिल्ली में हुई है, जहां उन्हें देश के सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क में शामिल दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। नई जिम्मेदारी के तहत स्टेशनों, मेट्रो परिसरों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े CISF के कामकाज में उनकी भूमिका अहम होगी।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज साइबर जागृति अभियान और करमा तिहार कार्यक्रम में होंगे शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज साइबर जागृति अभियान और करमा तिहार कार्यक्रम में होंगे शामिल

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार,मुख्यमंत्री साय शाम 5 बजे दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम पहुंचेंगे,जहां वे साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री शाम 7 बजे इनडोर स्टेडियम में आयोजित करमा तिहार कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस दौरान वे कार्यक्रम में शामिल होकर करमा तिहार के आयोजन का हिस्सा बनेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रात 9 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।