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CG TRANSFER : स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 25 चिकित्सा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

CG TRANSFER : स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 25 चिकित्सा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। विभाग ने 25 चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों की पदस्थापना में बदलाव करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पदस्थ चिकित्सा अधिकारियों को स्थानांतरित कर नवीन पदस्थापना दी गई है। तबादला सूची में रायपुर, महासमुंद, सुकमा, बेमेतरा, धमतरी, सूरजपुर, कोरिया, सरगुजा, बिलासपुर और मुंगेली समेत कई जिलों के अधिकारी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण: मुख्यमंत्री साय

श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण: मुख्यमंत्री साय

 00 श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता

00 विश्वकर्मा जयंती पर राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने श्रमिक हित में की तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं

00 शहरों में बनेंगे सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र, पंजीकृत श्रमिकों के लिए शुरू होगी ई-बाइक सहायता योजना
00 असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदी के लिए अब 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपए की मिलेगी सहायता

00 1.43 लाख से अधिक श्रमिकों के खातों में 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित
00 100 श्रमिक दीदियों को मिली ई-रिक्शा की चाबी, मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

00 श्रमिक परिवार की प्रतिभावान बेटी मनिंदर कौर की इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के श्रमवीर अपने परिश्रम, पुरुषार्थ और पसीने से समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की नई इबारत लिख रहे हैं। गांवों के खेत-खलिहानों से लेकर शहरों की ऊंची इमारतों तक, सड़कों और पुलों से लेकर सिंचाई परियोजनाओं, उद्योगों और अधोसंरचना के निर्माण तक प्रदेश की प्रगति की हर तस्वीर में हमारे श्रमिक भाई-बहनों की मेहनत समाहित है। छत्तीसगढ़ ने अपने गठन के 25 वर्षों में विकास के जो नए प्रतिमान स्थापित किए हैं, उनके पीछे हमारे मेहनतकश हाथों का बड़ा योगदान है। यही हाथ आने वाले वर्षों में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी साकार करेंगे।

मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रदेशभर से आए हजारों श्रमिक भाई-बहनों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और भगवान विश्वकर्मा से छत्तीसगढ़ की सुख, शांति, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण और सृजन के आराध्य हैं। वे हमें श्रम के सम्मान और अपने हुनर पर गर्व करने की प्रेरणा देते हैं। सही मायनों में हमारे श्रमिक भाई-बहन ही विकसित छत्तीसगढ़ के विश्वकर्मा हैं। राज्य सरकार श्रमिकों के परिश्रम का सम्मान करने के साथ उनके जीवन में सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की सोच स्पष्ट है कि विकास का लाभ उस श्रमिक तक भी पहुंचे, जिसके श्रम से विकास की नींव तैयार होती है। श्रमिक को उसके परिश्रम का पूरा सम्मान मिले, उसे सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिले, परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बने और उसके बच्चों को आगे बढऩे के समान अवसर मिलें - इसी उद्देश्य के साथ सरकार श्रमिक कल्याण की योजनाओं को लगातार विस्तार दे रही है।

श्रमवीरों के परिश्रम और पसीने से हो रहा समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री साय ने राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में श्रमिक भाई-बहनों की सुविधा, आवागमन और स्वरोजगार को ध्यान में रखते हुए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने शहरों में रोजगार की तलाश में विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने वाले श्रमिकों के लिए सर्वसुविधायुक्त आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। इन केंद्रों में श्रमिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सम्मानजनक और सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने पंजीकृत श्रमिकों के आवागमन को सुगम बनाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करने के उद्देश्य से ई-बाइक सहायता योजना प्रारंभ करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि काम के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करने वाले श्रमिकों के लिए आवागमन की सुविधा सीधे तौर पर उनकी आजीविका और जीवन की सहजता से जुड़ी है। मुख्यमंत्री साय ने असंगठित क्षेत्र के रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए दी जाने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे परंपरागत रिक्शा चालकों को आधुनिक साधन अपनाने, अपनी आय बढ़ाने और स्वरोजगार को अधिक मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाना है। श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और युवाओं को आगे बढऩे के अवसर उपलब्ध कराकर एक सशक्त श्रमिक परिवार का निर्माण करना सरकार की प्राथमिकता है।

1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को 51.32 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात

महासम्मेलन में मुख्यमंत्री  साय ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में 51 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि अंतरित की। उन्होंने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के लिए 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से लेकर उनके बच्चों की शिक्षा, विवाह सहायता और आर्थिक सशक्तीकरण तक जीवन के विभिन्न चरणों में ये योजनाएं श्रमिक परिवारों का संबल बन रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार द्वारा विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों तक पहुंचाई गई है। उन्होंने प्रदेश के सभी पात्र श्रमिकों से श्रम विभाग में अपना पंजीयन कराने और योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय


श्रमेव जयते के मूलमंत्र के साथ श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमेव जयते के मूलमंत्र को साकार करते हुए राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि संसाधनों की कमी किसी श्रमिक परिवार के प्रतिभावान बच्चे के सपनों की राह में बाधा न बने। श्रमिक का बच्चा भी देश के श्रेष्ठ विद्यालय में पढ़े, उच्च शिक्षा प्राप्त करे और अपनी प्रतिभा के बल पर जीवन में ऊंची उड़ान भरे - सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना के पहले वर्ष 100 बच्चों को इसका लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों की शिक्षा का पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आगे बढऩे में भी सरकार सहयोग कर रही है।
मनिंदर की सफलता बनी श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों की मिसाल
महासम्मेलन में एक प्रेरक क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिक परिवार की प्रतिभाशाली बेटी मनिंदर कौर को लैपटॉप और एक लाख 75 हजार रुपए का चेक प्रदान किया। मनिंदर ने अपनी प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर एनआईटी सूरत में प्रवेश सुनिश्चित किया है। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च अब श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मनिंदर को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता केवल एक बेटी की उपलब्धि नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए प्रेरणा है। आर्थिक परिस्थितियां प्रतिभा की उड़ान को सीमित न करें, इसके लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य के लिए दिन-रात परिश्रम करते हैं। सरकार उनके इस सपने को अपना संकल्प मानकर आगे बढ़ा रही है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए मजबूत आधार दिया जा रहा है।
100 श्रमिक दीदियों के हाथों में ई-रिक्शा की चाबी, आत्मनिर्भरता की राह हुई आसान
मुख्यमंत्री साय ने महासम्मेलन में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के अंतर्गत 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी और हरी झंडी दिखाकर उन्हें रवाना किया। ई-रिक्शा प्राप्त करने वाली महिलाओं के चेहरे पर आत्मनिर्भर भविष्य का उत्साह दिखाई दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय और श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने हितग्राही श्रीमती यशोदा विश्वकर्मा के ई-रिक्शा में सवारी भी की। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं से आत्मीय बातचीत की और उन्हें नए स्वरोजगार के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पूरे परिवार को सशक्त बनाती है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक बहनों को ऐसे साधन और अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे वे अपने परिश्रम के बल पर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें और परिवार की आर्थिक प्रगति में मजबूत भागीदार बनें।

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श्रमिक बहनों के साथ बैठकर मुख्यमंत्री ने किया भोजन
राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन के दौरान आत्मीयता से भरा दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आईं श्रमिक बहनों के साथ बैठकर दोपहर के भोजन में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने भोजन के दौरान श्रमिक बहनों से सहजता से बातचीत की। उन्होंने उनके कामकाज, परिवार और बच्चों की पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि उन्हें श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं और योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी है, जब उनका लाभ पात्र श्रमिक तक सरलता और समय पर पहुंचे। उन्होंने श्रमिक बहनों से संवाद के दौरान उनके अनुभव भी जाने। मुख्यमंत्री को अपने बीच बैठकर सहजता से भोजन करते और परिवार के सदस्य की तरह बातचीत करते देखकर श्रमिक बहनों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
डिजिटल तकनीक से योजनाओं को बनाया जा रहा सरल और पारदर्शी
मुख्यमंत्री श्री साय ने महासम्मेलन में राज्य की नवीन उपकर कटौती वेबसाइट का शुभारंभ किया तथा पीवीसी एवं क्यूआर कोड युक्त नवीन श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रशासनिक सुविधा के लिए नहीं, बल्कि श्रमिकों के जीवन को आसान बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ पंजीयन से लेकर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन नेशन-वन राशन कार्ड व्यवस्था से रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने वाले श्रमिकों को बड़ी सुविधा मिली है। अब श्रमिक देश के अलग-अलग हिस्सों में काम करते हुए भी राशन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इसी तरह पीएफ व्यवस्था में तकनीकी सुधारों से रोजगार या कार्यस्थल बदलने पर भी श्रमिकों के लिए खाते से जुड़ी सुविधाओं की निरंतरता आसान हुई है।
हजारों श्रमिकों के साथ मुख्यमंत्री ने जलाया आशीर्वाद का दीया
विश्वकर्मा जयंती के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर ने महासम्मेलन को विशेष स्वरूप दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूरे छत्तीसगढ़ की ओर से प्रधानमंत्री श्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महासम्मेलन में उपस्थित हजारों श्रमिक भाई-बहनों के साथ आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित किया। श्रमिकों ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, श्रमिक, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गई हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करने का आग्रह किया।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय


श्रमिकों तक समय पर पहुंच रहा योजनाओं का लाभ: श्रम मंत्री देवांगन
श्रम एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचा रही है। डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में पहुंचने से व्यवस्था अधिक पारदर्शी हुई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। पहले 100 बच्चों को योजना का लाभ दिया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 200 बच्चों तक कर दिया गया है।
श्री देवांगन ने कहा कि दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत सहायता राशि को एक लाख रुपए से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए किया गया है। आज के कार्यक्रम में 100 श्रमिक दीदियों को ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। यह पहल श्रमिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय

सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से श्रमिकों तक योजनाएं पहुंचाना लक्ष्य रू डॉ. रामप्रताप सिंह
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोडऩे के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र श्रमिक को विभागीय योजनाओं की जानकारी मिले और उनका लाभ बिना किसी कठिनाई के प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अटल करियर निर्माण योजना भी संचालित की जा रही है। प्रदेश में अब तक 25 श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन कर बड़ी संख्या में श्रमिकों को योजनाओं और आर्थिक सहायता से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि श्रमिक कल्याण में डिजिटल तकनीक के उपयोग की छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है और मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रदेश की डिजिटल पहल का प्रस्तुतीकरण किया गया।
श्रमिक परिवारों के सशक्तीकरण से मजबूत होगा छत्तीसगढ़: सांसद बृजमोहन अग्रवाल
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए लोगों से अपने घर, आंगन और मोहल्लों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और महिलाओं को ई-रिक्शा के माध्यम से स्वरोजगार से जोडऩे जैसी पहल श्रमिक परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में रोजगार मेले का आयोजन कर लगभग तीन हजार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय

इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बड़ी संख्या में श्रमिक भाई-बहन उपस्थित थे।

 

श्रमिकों का सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके परिवारों का उज्ज्वल भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री श्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है : मुख्यमंत्री साय

 00 विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ देता रहेगा अपना सशक्त योगदान

0 प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख की सराहना: साय ने प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्त किया हृदय से आभार

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को निरंतर नई ऊर्जा और दिशा देता रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के द्वारा उनके आलेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, विशेषकर बस्तर में आए परिवर्तन और विकसित भारत के निर्माण में प्रदेश की भूमिका को रेखांकित किए जाने के संदर्भ में आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स में लिखा है कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी का स्नेह और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को सदैव मिलता रहा है। उनके विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है और राष्ट्र की प्रगति में अपना सशक्त योगदान देता रहेगा।  

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आलेख को साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और विशेष रूप से बस्तर में आए परिवर्तन को रेखांकित किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा इस बात का बड़ा उदाहरण है कि आज देश की प्रगति केवल महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। बस्तर में आया बड़ा बदलाव इसकी जीवंत तस्वीर है और यह बताता है कि विकास की मुख्यधारा से जुड़कर जनजातीय समाज भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री  साय के आलेख का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका को विस्तार से रेखांकित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव  साय ने अपने आलेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को सेवा, सुशासन, अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ते हुए गुजरात के पुनर्निर्माण से लेकर विकसित भारत के व्यापक लक्ष्य तक की यात्रा का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की अवधारणा गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और जनजातीय समाज की आकांक्षाओं से जुड़ी है।

मुख्यमंत्री  साय ने आलेख में छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर में हो रहे बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि कभी हिंसा और पिछड़ेपन के कारण चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर आज शांति, विकास, पर्यटन और नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से दूरस्थ जनजातीय अंचल भी विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री साय ने आलेख में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के कर्मयोग ने भारत को नया आत्मविश्वास दिया है और अब देश के सामने विकसित भारत का लक्ष्य है। इस राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ केवल सहभागी नहीं, बल्कि अपनी मेहनत, प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभा के बल पर एक मजबूत भागीदार की भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा है कि गांव से शहर तक विकास की ऐसी यात्रा को आगे बढ़ाना छत्तीसगढ़ का संकल्प है, जिसमें समृद्धि के साथ संस्कृति, आधुनिकता के साथ परंपरा तथा प्रगति के साथ प्रकृति का संतुलन बना रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने आलेख के माध्यम से यह संकल्प व्यक्त किया है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण के महायज्ञ में पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ अपना योगदान देगा। प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के बीते 25 वर्ष सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रहे हैं तथा आने वाला समय विकसित भारत और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का है।

 पंडित वामन राव लाखे की 154 वी जयंती मनाई गई

पंडित वामन राव लाखे की 154 वी जयंती मनाई गई

स्कूल स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत
रायपुर :- शिक्षा प्रचारक समिति द्वारा संचालित महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय एवं वामन राव लाखे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सहकारिता के जनक शिक्षाविद पंडित वामन राव लाखे जी की 154 वी जयंती मनाई गई इस अवसर पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री अंजनी कुमार शुक्ला पूर्व अध्यक्ष निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग रायपुर लोक गायक श्री दिलीप सारंगी शिक्षाविद एवं ट्रस्टी श्री अजय तिवारी श्री अनिल तिवारी ट्रस्टी आरके गुप्ता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी वामन  राव लाखे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर भारती यादव प्राचार्य श्रीमती मंजू साहू श्रीमती आशा इत्यादि सहित महाविद्यालय विद्यालय के शिक्षक शिक्षकों की विशेष उपस्थिति रही इस अवसर पर कार्यक्रम मुख्य अतिथि श्री अंजनी कुमार शुक्ला ने कहा कि लाखे जी विराट व्यक्तित्व के धनी थे उन्होंने गरीब किसान लोगों की सहायता के लिए कानूनी लड़ाइयां लड़ी लाखे जी राष्ट्र पिता महात्मा गांधी से प्रभावित होकर देश की आजादी के आंदोलन में भाग लिया पत्रकारिता के क्षेत्र में साहित्य के क्षेत्र में पत्र पत्रिकाओं का संपादन कर नेतृत्व किया उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना की गई है जो आज निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है लाखे जी जिला सहकारी बैंक की स्थापना की बलौदा बाजार में किसान राइस मिल की स्थापना की और बाल गंगाधर तिलक से प्रभावित होकर विदेशी वस्त्र के बहिष्कार के आंदोलन में शामिल हुए होम रूल आंदोलन का हिस्सा बने इस तरह उनके विराट व्यक्तित्व को पहचाना जा सकता है जरूर इस बात की है कि ऐसे नेतृत्व को जीवनी में पढ़कर शिक्षा ली जाए लोक गायक दिलीप सारंगी ने बात रखी और कहा कि उनका सौभाग्य है की वह एक ऐसे शिक्षण संस्थान के हिस्सा बने जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वामन राव लाखे को समर्पित कर शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विकास कर रहा है कार्यक्रम में  शिक्षाविद अजय तिवारी अनिल तिवारी सहकारिता के जनक लाखे जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उनके कार्यों को प्रेरणादाई बताया दोनों शिक्षाविदों में कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को प्रेरणा देने के लिए लाखे जी के बताएं मार्गों को अपनाते हुए एक नया रास्ता आरंभ करना पड़ेगा आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी ने आभार प्रदर्शन किया और लाखे जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की शिक्षिका डॉक्टर किरण अग्रवाल ने किया आयोजन के दौरान जिन बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताओं में पुरस्कृत किया गया उनमें चित्रकला में हुसैन निराला पायल विश्वकर्मा चेतन सोना सौम्या ठाकुर गौहर परवीन जाह्नवी बारिक बेस्ट ऑफ़ द वेस्ट प्रतियोगिता में अफरीदी कुमारी जरीना बानो जरीन खान चंचल सोना निबंध प्रतियोगिता में जितेश कुमार चंद्रवंशी यशी देवांगन रंगोली प्रतियोगिता में कुमारी तरवीन पायल विश्वकर्मा अल्फिया हर्षिका पायल मारकंडे जाह्नवी बारिक आदि को पुरस्कृत किया गया है
धन्यवाद ज्ञापन डॉ देवाशीष मुखर्जी ने किया
एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़, 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य

एआई क्षेत्र में नई उड़ान भरने को तैयार छत्तीसगढ़, 500 करोड़ के मुख्यमंत्री एआई मिशन से संवरेगा युवाओं और तकनीक का भविष्य

 विशेष लेख - धनंजय राठौर सयुक्त संचालक, जनसंपर्क
रायपुर।
दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में छत्तीसगढ़ भी अब एक नई छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार एआई को विकास, रोजगार और सुशासन के नए अवसरों से जोडऩे के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। खेती-किसानी से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासन तक हर क्षेत्र में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और जनसेवा के विभिन्न क्षेत्रों में एआई के प्रभावी उपयोग से रोजगार और नवाचार के नए अवसर सृजित करते हुए हम विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी तरह संकल्पित हैं।
500 करोड़ रुपये का मुख्यमंत्री एआई मिशन
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 500 करोड़ रुपये के मुख्यमंत्री एआई मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल एआई तकनीक अपनाने वाला राज्य नहीं, बल्कि इसके उपयोग और नवाचार में सिरमौर बनाना है। इस मिशन के तहत प्रदेश में 100 एआई लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत लगभग 6 लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय अधिकारी- कर्मचारियों को एआई के उपयोग से जोड़ा जाएगा। साथ ही, शासन की 50 से अधिक सेवाओं को एआई के जरिए अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को जॉब सीकर (नौकरी तलाशने वाला) की बजाय जॉब क्रिएटर (नौकरी पैदा करने वाला) बनाने के लिए मशीन लर्निंग और डेटा साइंस का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कृषि, स्वास्थ्य और प्रशासन में एआई का प्रयोग
इस मिशन का दायरा केवल आईटी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे धरातल पर आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए उतारा जा रहा है। कृषि मौसम, फसल, कीट और रोगों के आंकड़ों के विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक सलाह मिल सकेगी। एआई आधारित तकनीक से जांच, रोग पहचान और स्वास्थ्य संसाधनों के प्रबंधन में सुधार होगा।
सुशासन एवं उद्योग
सरकारी पोर्टलों (जैसे सेवा सेतु) के विस्तार और एआई के उपयोग से योजनाओं की मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाया जा रहा है। वहीं उद्योगों में उत्पादकता और ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी। कारखानों में रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के उपयोग से उत्पादन की गति बढ़ती है और त्रुटियाँ कम होती हैं। ्रढ्ढ सेंसर मशीनों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं और खराबी आने से पहले ही चेतावनी दे देते हैं, जिससे लागत बचती है। उद्योगों में व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को समझने और 24&7 सहायता प्रदान करने के लिए ्रढ्ढ संचालित टूल का उपयोग किया जाता है।
नवा रायपुर बन रहा तकनीक और एआई का नया हब
नवा रायपुर को आईटी, एआई और डाटा सेंटर के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ लगभग 1 हजार करोड़ रुपये के निवेश से एआई आधारित डाटा सेंटर और एआई एसईजेड विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, नवा रायपुर में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का निर्णय लिया गया है। एनआईटी रायपुर और ट्रिपल आईटी नवा रायपुर में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और स्टार्टअप को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
नवा रायपुर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर
नवा रायपुर अटल नगर में देश का पहला एआइ आधारित डेटा सेंटर सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ में विकसित हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि आम जनता के लिए भी बड़े बदलाव लेकर आएगा। प्रदेश के युवाओं को बेहतर करियर के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही एआइ तकनीक का फायदा किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को भी मिलेगा। डिजिटल सेवाएं मजबूत होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेगा।

राज्यपाल डेका से मंत्री वर्मा ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से मंत्री वर्मा ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में उच्च शिक्षा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  टंकराम वर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

लोकभवन में मनाया गया विश्वकर्मा जयंती

लोकभवन में मनाया गया विश्वकर्मा जयंती

 रायपुर। लोकभवन में आज विश्वकर्मा जयंती धूमधाम से मनाई गई। राज्यपाल  रमेन डेका एवं प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने भगवान विश्वकर्मा का विधि विधान से पूजा अर्चना कर देश-प्रदेश के खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे एवं लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सेवा से सशक्तिकरण तक-बदलती जिंदगी की कहानियां लिख रहा सेवा संकल्प अभियान

सेवा से सशक्तिकरण तक-बदलती जिंदगी की कहानियां लिख रहा सेवा संकल्प अभियान

 00 शासकीय योजनाओं का लाभ बन रहा महिलाओं के आत्मविश्वास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का आधार

विशेष लेख - डॉ. दानेश्वरी संभाकर उप संचालक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में जनसेवा का अर्थ केवल योजनाओं और कार्यक्रमों के संचालन तक सीमित नहीं है। जनसेवा का वास्तविक अर्थ तब सामने आता है, जब शासन की पहल किसी परिवार की जरूरत पूरी करती है, किसी मां को मातृत्व के दौरान संबल देती है, किसी महिला को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर देती है और किसी बच्चे को कुपोषण से बाहर निकालकर स्वस्थ जीवन की ओर ले जाती है। इसी सोच को जनभागीदारी से जोडऩे का माध्यम बन रहा है सेवा संकल्प अभियान। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के साथ उन्हें आगे बढऩे के अवसर उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं का प्रभाव अब आंकड़ों के साथ-साथ उन लोगों की कहानियों में भी दिखाई दे रहा है, जिनके जीवन में शासन की योजनाओं ने नई राह खोली है।
महतारी वंदन से आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की ओर कदम
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रूपए की सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। अब तक 31 किश्तों में 68 लाख रूपए से अधिक महिलाओं को 20 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि कई महिलाओं के लिए परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और छोटे व्यवसाय शुरू करने का माध्यम बनी है।
जांजगीर-चांपा की श्रीमती उर्मिला यादव ने योजना से प्राप्त राशि को बचाकर आर्टिफिशियल गहनों का व्यवसाय शुरू किया। अब वे घर और साप्ताहिक हाट-बाजारों में गहने बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। इसी जिले की श्रीमती ज्योति कसेर ने आर्थिक सहयोग से पापड़ व्यवसाय शुरू किया। ग्राम सरहर की श्रीमती सुमित्रा कर्ष ने श्रृंगार सामग्री की दुकान शुरू की, जबकि कुसुम देवी पाण्डेय ने अपनी दुकान का विस्तार किया।

कबीरधाम की सतरूपा गंधर्व योजना से मिली राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और बचत के लिए कर रही हैं। वहीं कोण्डागांव की श्यामबती कोर्राम अपनी दोनों बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में राशि जमा कर रही हैं और परिवार के पौष्टिक आहार की जरूरत भी पूरी कर रही हैं।
इन उदाहरणों से स्पष्ट होता है कि आर्थिक सहायता का प्रभाव केवल वर्तमान जरूरतों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह परिवार के भविष्य की योजनाओं का आधार भी बन सकता है।
संकट में सुरक्षा, सम्मान के साथ सहायता
महिला सशक्तिकरण का अर्थ आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन भी है। इसी उद्देश्य से प्रदेश के सभी 33 जिलों में 42 सखी वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं। घरेलू हिंसा, उत्पीडऩ अथवा अन्य संकट की स्थिति में महिलाओं को यहां कानूनी सहायता, चिकित्सकीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। यह व्यवस्था संकटग्रस्त महिला को केवल सहायता नहीं देती, बल्कि उसे यह भरोसा भी देती है कि कठिन परिस्थिति में शासन उसके साथ खड़ा है।
बेटी के विवाह में आर्थिक संबल
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों का विवाह बड़ी जिम्मेदारी होती है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ऐसे परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। योजना के तहत अब तक 24 हजार 336 बालिकाओं का सामूहिक विवाह कराया जा चुका है और प्रत्येक जोड़े के विवाह के लिए 50 हजार रूपए की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल विवाह के आर्थिक बोझ को कम करने के साथ बेटियों के सम्मानपूर्वक विवाह में परिवारों को सहयोग प्रदान कर रही है।
समूह की ताकत से स्वरोजगार की राह
महिला सशक्तिकरण को स्थायी आधार देने के लिए महिलाओं को आजीविका और उद्यमिता से जोडऩा भी जरूरी है। महिला समृद्धि योजना के अंतर्गत अब तक 42 हजार 878 महिला समूहों को 129.46 करोड़ रूपए का रियायती ऋण उपलब्ध कराया गया है। रियायती ऋण से महिला समूह अपने छोटे व्यवसाय और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। सामूहिक प्रयास से महिलाएं न केवल आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि परिवार और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं।
मातृत्व का संबल, स्वस्थ बचपन की नींव
सेवा संकल्प की भावना मातृत्व और बाल स्वास्थ्य तक भी पहुंचती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से पात्र गर्भवती महिलाओं और माताओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे गर्भावस्था के दौरान पोषण, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक देखभाल में मदद मिलती है। कबीरधाम की श्रीमती संजू तिवारी को पहले बच्चे के जन्म पर 5 हजार रूपए तथा दूसरी संतान बालिका होने पर 6 हजार रूपए की सहायता मिली। उन्होंने इस राशि का उपयोग दूध, फल, पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर किया। बेमेतरा की श्रीमती मुकेश्वरी साहू ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन से योजना की जानकारी प्राप्त कर इसका लाभ लिया और सहायता राशि का उपयोग पोषण एवं स्वास्थ्य जांच में किया।
वहीं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी की बालिका हिमांशी कोवाची हमर स्वस्थ लइका कार्यक्रम के माध्यम से अति गंभीर कुपोषण से सामान्य श्रेणी में पहुंची। 16 सप्ताह के विशेष पोषण प्रबंधन के दौरान उसका वजन 9.2 किलोग्राम से बढ़कर 11.50 किलोग्राम हुआ। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियमित गृहभेंट, वजन मापन, स्वास्थ्य परीक्षण और पोषण संबंधी मार्गदर्शन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बने।
सेवा संकल्पकृआंकड़ों से आगे, बदलाव की पहचान
इन उदाहरणों में सेवा संकल्प अभियान की वास्तविक भावना दिखाई देती है। उर्मिला यादव के लिए योजना की राशि स्वरोजगार का आधार बनी, श्यामबती कोर्राम के लिए बेटियों के भविष्य की सुरक्षा का माध्यम, संकटग्रस्त महिलाओं के लिए सखी वन स्टॉप सेंटर सुरक्षा और सहायता का भरोसा बना और हिमांशी के लिए सतत पोषण प्रबंधन स्वस्थ जीवन की ओर बढऩे का अवसर बना। यही सेवा संकल्प अभियान की विशेषता है-यह योजनाओं को केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए बदलावों के रूप में देखने और सामने लाने का प्रयास है।
जब शासन की सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचती है, तो वह केवल आर्थिक सहयोग नहीं रहती। वह किसी महिला के लिए आत्मविश्वास बनती है, किसी परिवार के लिए उम्मीद, किसी बेटी के लिए सुरक्षित भविष्य और किसी बच्चे के लिए स्वस्थ जीवन की शुरुआत। छत्तीसगढ़ की इन बदलती कहानियों में जनसेवा की सार्थकता दिखाई देती है। सेवा से संकल्प, संकल्प से संबल और संबल से सशक्तिकरण-यही वह यात्रा है, जिसे सेवा संकल्प अभियान जन-जन तक पहुंचा रहा है।

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: मुख्यमंत्री साय

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: मुख्यमंत्री साय

 00 मुख्यमंत्री निवास में भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

00 मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को दी विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी  आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों, विशेषकर श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों, अभियंताओं, तकनीशियनों तथा उद्योग और निर्माण क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनकी आराधना हमें अपने ज्ञान, हुनर और परिश्रम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देती है। विश्वकर्मा जयंती केवल हमारी आस्था और परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम की प्रतिष्ठा, कौशल के सम्मान और सृजन की शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्रदेश और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। खेत-खलिहानों से लेकर कारखानों तक, छोटे-छोटे प्रतिष्ठानों से लेकर बड़े उद्योगों तक और पारंपरिक शिल्प से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हमारे कुशल हाथ अपने परिश्रम और प्रतिभा से विकास को आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सदैव मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा की रही है। हमारे शिल्पकारों और कारीगरों ने पीढिय़ों से अपने हुनर के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजा है। वहीं आज के श्रमिक, अभियंता और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े युवा आधुनिक छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का यह समन्वय प्रदेश के विकास को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि सृजन और राष्ट्र निर्माण की शक्ति है। प्रत्येक श्रमिक के परिश्रम और प्रत्येक कारीगर के हुनर का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ के श्रमिक, कारीगर और निर्माण से जुड़े लाखों हाथ अपने परिश्रम से प्रदेश की प्रगति को निरंतर गति दे रहे हैं। उनका श्रम और कौशल समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती हमें यह संदेश भी देती है कि हम अपने प्रत्येक कार्य को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ करें। बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आज की आवश्यकता है। कौशलयुक्त और परिश्रमी मानव संसाधन के बल पर ही हम आत्मनिर्भर, आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की कि वे प्रदेश के सभी श्रमवीरों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों, अभियंताओं और उद्यमियों को अपने कार्य में निरंतर सफलता प्रदान करें तथा उनके कौशल और परिश्रम से छत्तीसगढ़ प्रगति, समृद्धि और खुशहाली के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

छत्तीसगढ़ में फिर बारिश का दौर! मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट, जानिए अपने जिले का हाल

छत्तीसगढ़ में फिर बारिश का दौर! मौसम विभाग ने जारी किया नया अपडेट, जानिए अपने जिले का हाल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में फिलहाल बारिश का दौर कुछ कमजोर नजर आ रहा है, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 19 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इस दौरान कई हिस्सों में बादल सक्रिय रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

कुछ इलाकों में हुई हल्की बारिश

पिछले 24 घंटे के मौसम पर नजर डालें तो प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। हालांकि एक-दो स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौसमी बारिश फिलहाल सामान्य के आसपास बनी हुई है, लेकिन अब तक कुल बारिश में करीब 5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।

19 सितंबर से बढ़ सकती है बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर से छत्तीसगढ़ में बारिश का वितरण बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता में भी इजाफा हो सकता है। इसके चलते प्रदेश के ज्यादा क्षेत्रों में बारिश देखने को मिल सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

वहीं, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। बारिश का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग देखने को मिल सकता है।

गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा

बारिश के साथ कुछ इलाकों में मौसम खराब होने की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। अगले दो दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।

 

बिजली चमकने और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

दुर्ग में सबसे ज्यादा तापमान

पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला। दुर्ग में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 17 सितंबर को मौसम आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

रायपुर में फिलहाल भारी बारिश के बजाय बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम की गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

19 सितंबर के बाद मौसम पर रहेगी नजर

मौसम विभाग के अनुसार अभी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सीमित हैं, लेकिन 19 सितंबर के बाद बारिश का दायरा और तीव्रता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। गरज-चमक और वज्रपात की संभावनाओं को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज, मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा…..

छत्तीसगढ़ में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति तेज, मुख्य सचिव ने की कल्याणकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन की समीक्षा…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति और प्रत्येक पात्र परिवार तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से शुरू किए गए महत्वाकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की प्रगति को लेकर आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने इस दौरान सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैश-बोर्ड पर दर्ज योजनाओं के क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किए जाने की चल रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की।

डैश-बोर्ड के माध्यम से पारदर्शिता और निगरानी

सुघ्घर छत्तीसगढ़ ग्रामीण योजना के तहत शासन की विभिन्न योजनाओं के सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए एक विशेष राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड तैयार किया गया है। इस डैश-बोर्ड पर राज्य एवं केंद्र शासन की हितग्राही मूलक योजनाओं के सर्वेक्षित हितग्राहियों की सूची दर्ज है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि इस राज्य-स्तरीय डैश-बोर्ड में शासन की सभी योजनाओं की जिलेवार संतृप्ति का स्पष्ट विवरण होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता और त्वरित गति से योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

प्रमुख योजनाओं की समीक्षा

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं के संतृप्तिकरण की स्थिति पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। प्रधानमंत्री किसान योजना एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राशन कार्ड एवं मुफ्त राशन वितरण, जॉब कार्ड एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महतारी वंदन योजना, कौशल विकास कार्यक्रम, प्रधानमंत्री जन-धन योजना व अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं के साथ ही, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आयोजित बैठक के कार्यवाही विवरण के अनुसार संतृप्ति अभियान की प्रगति, ग्रेन्यूल आंकड़ों, बस्तर संभाग के अंतर्गत संतृप्तिकरण, नियद नेल्ला नार-2.0 और सुघ्घर छत्तीसगढ़ पोर्टल में राशन कार्ड के आधार पर हितग्राहियों की सूची की भी गहन समीक्षा की गई।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सुशासन एवं अभिसरण और सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

CG- पिता का दोस्त ही निकला दरिंदा, चिप्स देने के बाद मासूम बच्ची से की घिनौनी हरकत……

CG- पिता का दोस्त ही निकला दरिंदा, चिप्स देने के बाद मासूम बच्ची से की घिनौनी हरकत……

 रायपुर। राजधानी रायपुर के संतोषी नगर इलाके में 8 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची के परिचित पड़ोसी ने घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। बच्ची ने विरोध किया और आरोपी के चंगुल से निकलकर वहां से भाग गई। परिजनों की शिकायत के बाद टिकरापारा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना के बाद परिजनों ने मामले की शिकायत टिकरापारा थाने में की है। पुलिस ने आरोपी सुलेमान कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पॉक्सो एक्ट, छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम को आरोपी नाबालिग के घर में घुसा था। उसने पहले नाबालिग को चिप्स दिया। इसके बाद उसके साथ जबरदस्ती करने और रेप की कोशिश करने का आरोप है। नाबालिग ने विरोध किया और आरोपी के चंगुल से खुद को छुड़ाकर वहां से भाग गई। शिकायत मिलने के बाद टिकरापारा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी सुलेमान कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।

नगर निगम का बुलडोजर एक्शन, ले आउट से बाहर बने 40 मकानों पर चलाया बुलडोजर, इलाके में अफरा-तफरी का माहौल……

नगर निगम का बुलडोजर एक्शन, ले आउट से बाहर बने 40 मकानों पर चलाया बुलडोजर, इलाके में अफरा-तफरी का माहौल……

 रायपुर। राजधानी के भाठागांव स्थित रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम की टीम एक्सीवेटर लेकर पहुंची और स्वीकृत लेआउट से बाहर बनाए गए 40 मकानों को ढहा दिया। निगम के अनुसार, इन मकानों का निर्माण स्वीकृत लेआउट के दायरे से बाहर बिना अनुमति के किया गया था। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम मौके पर मौजूद रही।

बुलडोजर कार्रवाई से पहले संबंधित बिल्डरों और मकान मालिकों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया था। आज सुबह जोन क्रमांक 6 की टीम 12 एक्सीवेटर के साथ मकानों को तोड़ने पहुंची। विवाद की स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी

जोन क्रमांक 6 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने बताया, यहां जलभराव, पानी, बिजली और नाली से जुड़ी शिकायतें भी मिली थीं। जांच के दौरान लेआउट के बाहर किए गए निर्माण सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। निगम का कहना है कि कार्रवाई के बाद संबंधित बिल्डरों ने लेआउट के बाहर आगे कोई निर्माण नहीं करने का भरोसा दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई भी नियमानुसार की जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने विरोध जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से कार्रवाई रोकने और प्रभावित परिवारों के मकानों के नियमितीकरण की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि, यदि कॉलोनी में अवैध प्लाटिंग या निर्माण हुआ है तो केवल मकान मालिकों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने जमीन के डायवर्सन, रजिस्ट्री और निर्माण की अनुमति से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। फिलहाल रावतपुरा फेस-2 में निगम की कार्रवाई जारी है।

 छत्तीसगढ़ में अब नहीं होगी सरकारी राशन की हेराफेरी! PDS सिस्टम में बदलाव करने जा रही साय सरकार…

छत्तीसगढ़ में अब नहीं होगी सरकारी राशन की हेराफेरी! PDS सिस्टम में बदलाव करने जा रही साय सरकार…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की आपूर्ति में हेरफेर रोकने के लिए साय सरकार ने एक बड़ा फैसला लेने जा रही है। सरकार अब पीडीएस चावल की बोरियों पर बारकोड लगाने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके तहत सरकार मिलर से निकलने वाले चावल की बोरियों में बारकोड लगाएगी। इससे चावल की सप्लाई को ट्रैक किया जा सकेगा और बीच रास्ते में चावल बदलने या हेरफेर की आशंका पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि नया सिस्टम इस साल दिसंबर से लागू हो जाएगा।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में कई जगहों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल में हेरफेर की खबरें सामने आ रही थी। इसे रोकने के लिए पीडीएस चावल की बोरी पर बारकोड लगाया जाएगा। बताया जा रहा है कि मिलर के सप्लाई के वक्त ही यह कोड बोरियों पर चिपकाया जाएगा। इससे पीडीएस चावल में होने वाले कथित ‘रोलिंग खेल’ पर रोक लगेगी और चावल की सप्लाई को ट्रैक किया जा सकेगा।

ब्रेकिंग : राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हुए तबादले, जानिए किसे कहां की मिली जिम्मेदारी, देखें आदेश…!!

ब्रेकिंग : राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के हुए तबादले, जानिए किसे कहां की मिली जिम्मेदारी, देखें आदेश…!!

 रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की सूची जारी की हैं। लिस्ट में उप सचिव स्तर के अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

देखें आदेश…

बड़ी खबर: झीरम घाटी के 10 गुनहगारों को फांसी, 13 साल बाद मिला न्याय!

बड़ी खबर: झीरम घाटी के 10 गुनहगारों को फांसी, 13 साल बाद मिला न्याय!

 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में 13 साल बाद अदालत ने सजा का ऐलान कर दिया है। जगदलपुर स्थित राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की विशेष अदालत ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इससे पहले 5 सितंबर 2026 को अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था।

25 मई 2013 को हुए इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई थी। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 27 से 31 तक बताई गई है, जबकि हालिया रिपोर्टों में 27 लोगों की मौत का उल्लेख किया गया है। यह हमला छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में शामिल है।

25 मई 2013 को हुआ था झीरम घाटी हमला

25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा सुकमा से जगदलपुर की ओर लौट रही थी। इसी दौरान बस्तर के दरभा क्षेत्र स्थित झीरम घाटी में माओवादियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले को निशाना बनाया।रिपोर्टों के अनुसार, माओवादियों ने पहले विस्फोट किया और उसके बाद काफिले पर भारी गोलीबारी की। इस हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल, बस्तर टाइगर के नाम से चर्चित महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और कांग्रेस नेता उदय मुदलियार समेत कई लोग मारे गए।हमले में सुरक्षा बलों के जवान भी शहीद हुए थे। इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में गहरा असर पड़ा और नक्सली हिंसा को लेकर देशभर में चिंता बढ़ी।

13 साल बाद 10 आरोपियों को दोषी ठहराया गया

झीरम घाटी मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली। 5 सितंबर 2026 को जगदलपुर की NIA विशेष अदालत ने मामले में सुनवाई का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने सजा सुनाने के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की थी।बुधवार को अदालत ने सभी 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई NIA के विशेष न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे।

11 आरोपियों के खिलाफ शुरू हुई थी कार्रवाई

इस मामले में शुरुआत में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई थी। हालांकि, ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। इसके बाद 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई जारी रही।इसके अलावा चार्जशीट में कई अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था, लेकिन वे अदालत की कार्यवाही में पेश नहीं हुए और उन्हें फरार या वांछित आरोपियों की सूची में रखा गया। रिपोर्टों के अनुसार, 28 अन्य आरोपी अब भी फरार बताए गए हैं।

किन धाराओं में हुई दोषसिद्धि?

मामले में आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की साजिश और हत्या से जुड़ी धाराओं के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA और आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी ठहराए जाने की जानकारी सामने आई है।कुछ रिपोर्टों में कई गंभीर धाराओं के तहत मृत्युदंड दिए जाने का उल्लेख है। हालांकि, सजा के विस्तृत आधार और किन-किन धाराओं में मृत्युदंड सुनाया गया है, इसकी अंतिम पुष्टि अदालत के विस्तृत आदेश से ही होगी।

हमले में मारे गए थे कांग्रेस के कई बड़े नेता

झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं की हत्या हुई थी। इनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:

  • नंद कुमार पटेल - तत्कालीन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
  • दिनेश पटेल - नंद कुमार पटेल के बेटे
  • महेंद्र कर्मा - वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष
  • विद्याचरण शुक्ल - पूर्व केंद्रीय मंत्री
  • उदय मुदलियार - कांग्रेस नेता
  • कई कांग्रेस कार्यकर्ता और सुरक्षा कर्मी

इस हमले को छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेतृत्व पर हुआ बड़ा हमला माना गया, क्योंकि इसमें पार्टी की राज्य इकाई के कई शीर्ष नेता एक साथ मारे गए थे।

दोषियों के पास हाईकोर्ट में अपील का अधिकार

मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद भी मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोषियों के पास उच्च न्यायालय में अपील करने का कानूनी अधिकार है। मृत्युदंड के मामलों में हाईकोर्ट की ओर से सजा की पुष्टि की प्रक्रिया भी आवश्यक होती है।दोषियों को अपील के लिए 30 दिन का समय दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय में जा सकता है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया में सजा की समीक्षा, अपील और अन्य कानूनी विकल्प शामिल हो सकते हैं।

झीरम घाटी मामले में आगे क्या होगा?

NIA की विशेष अदालत से दोषसिद्धि और मृत्युदंड का फैसला आने के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। हाईकोर्ट में अपील और मृत्युदंड की पुष्टि के अलावा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कथित व्यापक साजिश से जुड़े सवाल भी इस मामले में चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।13 साल बाद आया यह फैसला झीरम घाटी हमले के पीड़ित परिवारों और छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि, दोषियों को दी गई सजा पर अंतिम कानूनी स्थिति उच्च न्यायालय और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

BREAKING : आज 17 सितंबर को सभी जिलों में मनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम, CM साय रायपुर में रहेंगे मौजूद, GAD ने जारी की मंत्रियों-सांसदों और विधायकों की सूची

BREAKING : आज 17 सितंबर को सभी जिलों में मनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम, CM साय रायपुर में रहेंगे मौजूद, GAD ने जारी की मंत्रियों-सांसदों और विधायकों की सूची

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक “सेवा संकल्प अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 17 सितंबर को राज्य के सभी 33 जिलों में “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम आयोजित होगा। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी कर सभी जिलों के लिए विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची जारी कर दी है।

राजधानी रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा रायपुर जिले के अन्य कार्यक्रमों में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी।

देखें जिलों में अतिथियों की सूची:

रायपुर: विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
मुंगेली: तोखन साहू, केंद्रीय मंत्री
बिलासपुर: अरुण साव, उप मुख्यमंत्री
बस्तर: विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री
बलरामपुर-रामानुजगंज: रामविचार नेताम, मंत्री
बेमेतरा: दयाल दास बघेल, मंत्री
नारायणपुर: केदार कश्यप, मंत्री
कोरबा: लखन लाल देवांगन, मंत्री
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री
रायगढ़: ओ.पी. चौधरी, मंत्री
बलौदाबाजार-भाटापारा: टंकराम वर्मा, मंत्री
सूरजपुर: लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री
सरगुजा: राजेश अग्रवाल, मंत्री
गरियाबंद: बृजमोहन अग्रवाल, सांसद
दुर्ग: विजय बघेल, सांसद
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: संतोष पाण्डेय, सांसद
कोरिया: चिंतामणी महाराज, सांसद
महासमुंद: रूपकुमारी चौधरी, सांसद
जशपुर: राधेश्याम राठिया, सांसद
सक्ती: कमलेश जांगड़े, सांसद
बीजापुर: महेश कश्यप, सांसद
बालोद: भोजराज नाग, सांसद
सारंगढ़-बिलाईगढ़: देवेन्द्र प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद
कोंडागांव: लता उसेंडी, विधायक
जांजगीर-चांपा: अमर अग्रवाल, विधायक
राजनांदगांव: धरम लाल कौशिक, विधायक
धमतरी: अजय चन्द्राकर, विधायक
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, विधायक
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही: प्रणव कुमार मरपची, विधायक
कांकेर: विक्रम उसेंडी, विधायक
दंतेवाड़ा: चैतराम अटामी, विधायक
सुकमा: रूप सिंह मण्डावी, अध्यक्ष (छ.ग. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग)

डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य - शर्मा

डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य - शर्मा

 00 मेडिकल कॉलेज कवर्धा में नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ

00 उप मुख्यमंत्री और सांसद ने विद्यार्थियों का किया स्वागत, विद्यार्थियों से जानी तैयारी और सफलता की कहानी

00 पहले दिन गले में स्टेथोस्कोप, कंधे पर एप्रॉन... आंखों में डॉक्टर बनने का सपना, प्रथम बैच की शुरू हुई पढ़ाई
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने बड़ा लक्ष्य रखा और डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन डॉक्टर बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। लक्ष्य केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतर आगे बढऩे की यात्रा है। हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि डॉक्टर बनकर समाज के लिए अच्छा कार्य करना होना चाहिए।

कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा और सांसद  संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फुल देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की। मेडिकल कॉलेज के इतिहास के इस पहले दिन विद्यार्थियों ने अतिथियों के साथ अपने संघर्ष, तैयारी और सपनों को साझा किया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि जिस परिवार और समाज ने विद्यार्थियों को आगे बढऩे का अवसर दिया है, उसके प्रति सेवा का भाव हमेशा बनाए रखना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य की तैयारी निरंतर जारी रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव नहीं होना चाहिए। सफलता किसी एक व्यक्ति का परिणाम नहीं होती, बल्कि परिवार और सभी के संयुक्त प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे डॉक्टर बनने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

सांसद  संतोष पाण्डेय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत के बाद यहां तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन यह अंत नहीं, बल्कि शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है, तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है। इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा भाव और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जानी तैयारी और सफलता की कहानी
प्रथम बैच के विद्यार्थियों के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग के अनुभव और प्रवेश परीक्षा के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी तैयारी और सफलता की कहानी साझा की। किसी ने ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की, तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को आधार बनाया।
पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया
संवाद के दौरान राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन दूसरे प्रयास में सफल हुईं। उन्होंने बताया कि पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया, बल्कि गलतियों को पहचानकर सुधार करने और लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन कर सफलता हासिल की। भिलाई निवासी हर्षिता तीसरे प्रयास में सफल हुईं। भिलाई निवासी अंशिता सिंह के पिता ने बताया कि बेटी की तैयारी में उन्होंने मार्गदर्शन के साथ मॉक टेस्ट में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि भिलाई का पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल भी तैयारी में सहायक रहा।

उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि वे प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करते थे और किताबों तथा डिजिटल स्क्रीन का कितना उपयोग करते थे। विद्यार्थियों ने बताया कि वे करीब 8 घंटे पुस्तकों से और 3 से 4 घंटे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पढ़ाई करते थे। एक विद्यार्थी ने किताब और स्क्रीन के उपयोग का अनुपात 50-50 प्रतिशत बताया। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण कुछ विद्यार्थियों को रोज 7 से 8 घंटे तक स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ती थी। संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रवेश परीक्षा के अनुभव भी पूछे। विद्यार्थियों ने परीक्षा के स्तर, तैयारी के दौरान आई चुनौतियों और सफलता तक पहुंचने के अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, अधिष्ठाता डॉ प्रतिभा जैन शाह, सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र तूरे सहित जनप्रतिनिधि और डॉक्टर उपस्थित रहे।

भैयाथान क्षेत्र में 34 करोड़ से अधिक के सड़क विकास कार्यों की मंत्री राजवाड़े ने दी सौगात

भैयाथान क्षेत्र में 34 करोड़ से अधिक के सड़क विकास कार्यों की मंत्री राजवाड़े ने दी सौगात

 00 बेहतर सड़कें ग्रामीण विकास की मजबूत नींव, गुणवत्तापूर्ण निर्माण से बढ़ेंगे विकास के अवसर

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान क्षेत्रवासियों को सड़क विकास की बड़ी सौगात देते हुए 34 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों का कार्यप्रारम्भ पूजन किया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी तथा क्षेत्र में विकास की गति को नई दिशा मिलेगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं। मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ती है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। सरकार का प्रयास है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना पहुंचे और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं का लाभ किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को मिलेगा।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत और टिकाऊ अधोसंरचना ही विकास कार्यों का स्थायी लाभ लोगों तक पहुंचा सकती है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा तक 18 किलोमीटर सड़क का होगा चौड़ीकरण
कार्यप्रारम्भ पूजन किए गए प्रमुख कार्यों में डुमरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा मार्ग का चौड़ीकरण एवं उन्नयन शामिल है। लगभग 30.41 करोड़ रुपये की लागत से 18 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत बिटुमिनस कंक्रीट एवं शोल्डर कार्य के साथ 6,570 मीटर नाली, 300 मीटर टो-वॉल, 140 मीटर रिटेनिंग वॉल, 8 एचपीसी तथा 7 स्लैब पुलियों का निर्माण किया जाएगा। सड़क के उन्नयन से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आवागमन सुविधा बेहतर होगी।

दर्रीपारा-दनौली मार्ग से झम्मनपारा को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
इसी क्रम में झम्मनपारा में दर्रीपारा से दनौली तक 3.20 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भी कार्यप्रारम्भ पूजन किया गया। इस कार्य के लिए 374.76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना में 3.20 किलोमीटर सड़क, 0.90 किलोमीटर सीसी रोड, 1,200 मीटर नाली, 90 मीटर रिटेनिंग वॉल तथा 6 एचपीसी पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील की
कार्यक्रम के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों से सेवा संकल्प अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से सेवा और जनकल्याण के कार्यों को नई गति दी जा सकती है।

छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में बड़ा फेरबदल : 165 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले..देखें पूरी लिस्ट..!!

छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में बड़ा फेरबदल : 165 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले..देखें पूरी लिस्ट..!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 165 अधिकारी-कर्मचारियों की पदस्थापना में बदलाव किया है। जारी तबादला आदेश में विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को नई जगह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें जिला आबकारी अधिकारी से लेकर मैदानी अमले और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक के नाम शामिल हैं।

12 जिला आबकारी अधिकारियों का भी तबादला
तबादला सूची के अनुसार प्रदेश के 12 जिला आबकारी अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है। इसके साथ ही 31 सहायक जिला आबकारी अधिकारी और 57 आबकारी उप निरीक्षकों के कार्यस्थल में भी बदलाव किया गया है। विभाग में किए गए इस फेरबदल में केवल अधिकारी स्तर तक ही बदलाव सीमित नहीं रहा। मैदानी अमले के साथ कार्यालयीन और सहायक कर्मचारियों को भी स्थानांतरित किया गया है।  

कांस्टेबल से ड्राइवर-चपरासी तक बदले गए
आदेश के तहत आबकारी विभाग के 39 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल का भी तबादला किया गया है। वहीं 12 क्लर्क तथा 14 ड्राइवर और चपरासियों को भी नई जगह पदस्थ किया गया है। इस तरह विभाग की ओर से जारी सूची में कुल 165 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं।

किस श्रेणी में कितने तबादले?

  • 12 जिला आबकारी अधिकारी
  • 31 सहायक जिला आबकारी अधिकारी
  • 57 आबकारी उप निरीक्षक
  • 39 हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल
  • 12 क्लर्क
  • 14 ड्राइवर एवं चपरासी

आबकारी विभाग के इस व्यापक फेरबदल के बाद अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेशानुसार नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालना होगा। 

जिला आबकारी अधिकारी

SS
CC

सहायक जिला आबकारी अधिकारी

VV
DV
VV

आबकारी उप निरीक्षक 

Excise Sub-Inspector
Excise Sub-Inspector
Excise Sub-Inspector
Excise Sub-Inspector

आबकारी हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल

Excise Constable
Excise Constable
Excise Constable

आबकारी क्लर्क

Excise Clerk
Excise Clerk

आबकारी ड्राइवर और चपरासी

Excise Driver and Peon
Excise Driver and Peon

आशीर्वाद का दीया' : दीये की रोशनी से विकसित भारत के संकल्प तक

आशीर्वाद का दीया' : दीये की रोशनी से विकसित भारत के संकल्प तक

 रायपुर--दीया भारतीय जीवन और संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है। वह विश्वास का प्रतीक है, आशा का प्रतीक है और अंधकार के बीच उजाले की निरंतर तलाश का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीप जब किसी घर की देहरी पर जलता है, तो उसका प्रकाश सीमित होते हुए भी मन में एक बड़ा विश्वास जगाता है कि अंधकार कितना भी गहरा हो, उजाले की एक किरण उसके सामने खड़ी हो सकती है। यही भाव 17 सितंबर की शाम 7 बजे छत्तीसगढ़ के घर-घर में जलने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ को विशेष अर्थ देता है। यह केवल एक दीप प्रज्ज्वलन नहीं, बल्कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनने जा रहा है।

17 सितंबर देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का अवसर है। बीते वर्षों में इस दिन को सेवा, जनभागीदारी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प से जोड़ने की परंपरा मजबूत हुई है। इस बार ‘आशीर्वाद का दीया’ उसी भाव को एक नई अभिव्यक्ति देता है। यह दीपक उन करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतीक है, जो वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में देखना चाहते हैं। यह उस छत्तीसगढ़ की कल्पना का भी प्रतीक है, जो अपनी प्राकृतिक संपदा, श्रमशक्ति, संस्कृति और प्रतिभा के बल पर विकसित भारत की यात्रा में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाए।

विकास की चर्चा अक्सर बड़े आंकड़ों, बड़ी परियोजनाओं और बड़े निवेश के संदर्भ में होती है, लेकिन विकास का सबसे मानवीय चेहरा उस समय दिखाई देता है, जब किसी गरीब परिवार को अपना पक्का घर मिलता है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों परिवारों के जीवन में इसी बदलाव को संभव बनाया है। एक पक्का घर केवल ईंट, सीमेंट और छत का निर्माण नहीं होता। वह परिवार की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य की स्थिरता का आधार बनता है। किसी मां के लिए वह बारिश में बच्चों को सुरक्षित रखने का भरोसा है, किसी पिता के लिए वर्षों की चिंता से मुक्ति है और किसी बच्चे के लिए पढ़ाई तथा सपनों के लिए अपना एक सुरक्षित संसार है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास निर्माण की गति ने ग्रामीण विकास को एक नई दिशा दी है।

 इसी तरह उज्ज्वला योजना की एक रसोई में पहुंची गैस की लौ, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर तक पहुंचा नल का पानी, आयुष्मान भारत के जरिए मिला स्वास्थ्य सुरक्षा कवच और जनधन योजना से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा परिवार, ये सब विकास के अलग-अलग चेहरे हैं। इनके बीच एक साझा सूत्र है और वह है सामान्य नागरिक के जीवन को आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना। सरकारी योजनाओं की सफलता केवल इस बात से नहीं मापी जा सकती कि कितने लाभार्थियों को लाभ मिला, बल्कि इस बात से भी मापी जानी चाहिए कि उस लाभ ने उनके जीवन में कितना भरोसा पैदा किया।

विकसित भारत की यात्रा में महिला शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ की ‘बिहान’ जैसी पहल ने ग्रामीण महिलाओं को केवल बचत समूहों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों, उद्यमिता और बाजार से जोड़ने का रास्ता खोला है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आज कृषि, पशुपालन, प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद और विभिन्न स्थानीय व्यवसायों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। ‘लखपति दीदी’ की अवधारणा इसी परिवर्तन को एक व्यापक लक्ष्य देती है। जब एक महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो उसका प्रभाव केवल उसके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता। उसका परिवार मजबूत होता है, बच्चों की शिक्षा बेहतर होती है और पूरे गांव की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आती है।

किसान के जीवन में समृद्धि विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियादी शर्त है। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी कृषि, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और राज्य की कृषक उन्नति योजना जैसी पहलों ने किसान को आर्थिक सहारा देने के साथ कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आधार तैयार किया है। अब कृषि को केवल उत्पादन की प्रक्रिया मानने के बजाय उसे मूल्यवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता है। खेत से निकलने वाली उपज यदि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्कृत हो, उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग हो तथा उसे बेहतर बाजार मिले, तो किसान की आय और ग्रामीण रोजगार दोनों बढ़ सकते हैं। एकीकृत कृषि, किसान उत्पादक संगठन और स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयां इसी दिशा में महत्वपूर्ण कड़ियां बन सकती हैं।

गांवों का विकास सड़क, पानी, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान जैसे प्रयासों का महत्व उन क्षेत्रों में और बढ़ जाता है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मूलभूत सुविधाओं की पहुंच स्वयं एक चुनौती रही है। सड़क किसी गांव तक केवल वाहन नहीं पहुंचाती, वह बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अवसर भी पहुंचाती है। इसलिए ग्रामीण अधोसंरचना का निर्माण वास्तव में सामाजिक और आर्थिक अवसरों का विस्तार है।

छत्तीसगढ़ का विकास तब पूर्ण माना जाएगा, जब बस्तर से सरगुजा तक और मैदानी क्षेत्रों से लेकर वनांचलों तक विकास के अवसर समान रूप से पहुंचें। आदिवासी क्षेत्रों की अपनी संस्कृति, कला, परंपरा, वन संपदा और जीवन पद्धति है। इनकी विशिष्टता को संरक्षित रखते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना विकास का महत्वपूर्ण आयाम है। बस्तर के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना तथा पर्यटन की संभावनाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ना ऐसे प्रयास हैं, जिनसे विकास और विरासत एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं।

इसी व्यापक सोच को दीर्घकालिक दिशा देता है ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन@2047’। ‘अंजोर’ यानी उजाला। यह नाम अपने भीतर एक बड़ी कल्पना समेटे हुए है, ऐसा छत्तीसगढ़ जो आर्थिक रूप से सशक्त हो, सामाजिक रूप से समावेशी हो, तकनीकी रूप से सक्षम हो और अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को साथ लेकर आगे बढ़े। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, पर्यटन, कौशल, सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों को एक साथ जोड़कर भविष्य की विकास यात्रा का रोडमैप तैयार करना इसी सोच का हिस्सा है। वर्ष 2030, 2035 और 2047 के अलग-अलग पड़ावों के साथ तैयार यह विजन वर्तमान की आवश्यकताओं और भविष्य की आकांक्षाओं के बीच एक सेतु का काम करता है।

 विकास की अगली यात्रा में तकनीक की भूमिका भी निर्णायक होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सेवाएं, स्टार्टअप, नवाचार और नई अर्थव्यवस्था के अवसर युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खोल सकते हैं। छत्तीसगढ़ के 2026-27 के बजट में अधोसंरचना, एआई, पर्यटन, स्टार्टअप और खेल जैसे क्षेत्रों के लिए नए मिशनों की परिकल्पना इसी बदलती दुनिया के अनुरूप भविष्य की तैयारी को दर्शाती है। इसका उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं को तकनीक का निर्माता और उपयोगकर्ता दोनों बनाना है।

लेकिन विकास की दौड़ में प्रकृति को पीछे छोड़ दिया गया तो भविष्य का उजाला अधूरा रह जाएगा। छत्तीसगढ़ की पहचान उसके जंगलों, नदियों, पहाड़ों और जल संसाधनों से है। इसलिए जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को विकास के केंद्र में रखना आवश्यक है। ‘मोर गांव, मोर पानी’, ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बारी’ जैसे प्रयास इस बात की ओर संकेत करते हैं कि ग्रामीण विकास को जल, मिट्टी, हरियाली और स्थानीय आजीविका के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले समय का विकास वही होगा जो आर्थिक समृद्धि के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी कायम रख सके।

 दरअसल, विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना केवल सरकार की योजनाओं से पूरा नहीं होगा। योजनाएं दिशा दे सकती हैं, संसाधन उपलब्ध करा सकती हैं और व्यवस्था को गति दे सकती हैं, लेकिन विकास को जनआंदोलन बनाने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। किसान को अपनी खेती में नई तकनीक अपनानी होगी, युवा को नए कौशल सीखने होंगे, महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में आगे आना होगा, गांवों को अपने जल और पर्यावरण की जिम्मेदारी उठानी होगी और नागरिकों को विकास के साथ अपने कर्तव्यों को भी जोड़ना होगा। जब सरकार की योजनाएं और समाज की भागीदारी एक साथ आगे बढ़ेंगी, तभी विकास का प्रभाव स्थायी और व्यापक होगा।

यही कारण है कि ‘आशीर्वाद का दीया’ महज एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा भाव है। यह उस मां की आशा का दीप है, जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और बेहतर भविष्य देना चाहती है। यह किसान की उम्मीद का दीप है, जो अपनी मेहनत का उचित मूल्य चाहता है। यह युवा के सपने का दीप है, जो अपने हुनर के बल पर आगे बढ़ना चाहता है। यह महिला के आत्मविश्वास का दीप है, जो परिवार और समाज की आर्थिक शक्ति बनना चाहती है। यह उस आदिवासी परिवार के विश्वास का दीप है, जो अपनी संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ना चाहता है।

17 सितंबर की शाम 7 बजे जब हजारों-लाखों घरों में दीप जलेंगे, तब हर दीपक अपने भीतर एक अलग कहानी लिए होगा। किसी के लिए वह बेहतर शिक्षा का सपना होगा, किसी के लिए पक्के घर का संतोष, किसी के लिए रोजगार की उम्मीद और किसी के लिए आत्मनिर्भरता की आकांक्षा। लेकिन इन सभी दीपों की रोशनी मिलकर एक बड़ा संदेश देगी, विकास तभी सार्थक है, जब वह हर घर तक पहुंचे और हर व्यक्ति को अपने भविष्य पर भरोसा करने का अवसर दे।

वर्ष 2047 अभी दूर है, लेकिन भविष्य की नींव आज ही रखी जाती है। विकसित भारत का संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाने का संकल्प है, जिसमें अवसर व्यापक हों, संसाधनों का बेहतर उपयोग हो, तकनीक जनकल्याण का माध्यम बने और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी यात्रा में विकसित छत्तीसगढ़ का सपना भी आकार ले रहा है।

इसलिए 17 सितंबर का ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि उस भविष्य की ओर उठाया गया सामूहिक कदम है, जिसे देश और प्रदेश मिलकर गढ़ना चाहते हैं। यह दीप हमें याद दिलाता है कि बड़े परिवर्तन हमेशा किसी बड़ी शुरुआत से नहीं, कभी-कभी एक छोटे से प्रकाश से भी शुरू होते हैं। एक दीप घर में जले, एक संकल्प मन में जगे और उस प्रकाश से विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ की राह और अधिक उजली हो, यही ‘आशीर्वाद का दीया’ का वास्तविक अर्थ है। आशीर्वाद का दीया विकास के संकल्प की लौ है।

झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड के दोषियों को दी गई मृत्युदंड की सजा है न्याय की जीत - सीएम साय

झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड के दोषियों को दी गई मृत्युदंड की सजा है न्याय की जीत - सीएम साय

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का वह पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी कटु स्मृतियां हमें लंबे समय तक पीड़ा देती रहेंगी। इस जघन्य कम्युनिस्ट हिंसा में हमने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों को भी खोया है। मामले में दोषी पाए गए दस माओवादियों को जगदलपुर एनआईए कोर्ट द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा न्याय की जीत है। एनआईए ने जिस तरह इस जांच को अंजाम तक पहुंचाया, उसकी भी सराहना होनी चाहिए।

आज प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लौह संकल्प और उनके दृढ़ नेतृत्व में हमने सशस्त्र माओवाद के चंगुल से प्रदेश को मुक्त कराया है। दशकों से माओवादी हिंसा झेल रहा बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर आगे बढ़ रहा है। यह अवसर विशेषकर जनजाति समाज की लाश पर राजनीति करने वालों और आतंक को बौद्धिक एवं वैचारिक समर्थन देने वालों के लिए आत्मचिंतन का भी अवसर है। दिमागी नक्सल भी यह जान लें कि निहित स्वार्थ के कारण किसी भी आतंक को प्रश्रय और आसरा देने का परिणाम सबके लिए विनाशकारी ही होता है। भारतीय लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध लडऩे वाले आतंक का भस्मासुर किसी विचार या क्षेत्र की सरहद को नहीं मानता है। यह समझकर उन्हें अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए।झीरम के उस क्रूर हमले में अपने प्राण गंवाने वाली सभी दिवंगत आत्माओं को नमन। विनम्र श्रद्धांजलि।

श्रमवीरों को आज सीएम साय करेंगे सम्मानित

श्रमवीरों को आज सीएम साय करेंगे सम्मानित

 रायपुर। भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर 17 सितंबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रमिकों के सम्मान, उनके योगदान को रेखांकित करने और श्रम शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे।

सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाला यह महासम्मेलन प्रदेश के श्रमवीरों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर होगा। निर्माण से लेकर उद्योग, कृषि, सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में अपने परिश्रम से प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले श्रमिक इस आयोजन के केंद्र में रहेंगे।

बस्तर-सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बैंकिंग नेटवर्क का करें विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर-सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बैंकिंग नेटवर्क का करें विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा से वित्तीय समावेशन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री  साय

मुख्यमंत्री  साय ने एचडीएफसी बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लोगो का किया विमोचन

रायपुर-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एचडीएफसी बैंक द्वारा छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं के 25 वर्ष पूर्ण किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्राहकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तैयार किए गए विशेष लोगो का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री साय ने बैंक के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मजबूत और सर्वसुलभ बैंकिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिछले वर्षों में बैंकिंग सेवाओं में तेजी से विस्तार हुआ है और डिजिटल तकनीक ने वित्तीय सेवाओं को पहले से अधिक सहज बनाया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों और व्यावसायिक केंद्रों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक भी समान रूप से पहुंचे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बैंकिंग नेटवर्क का और विस्तार करते हुए विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा अंचल के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और जनजातीय बहुल है। इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अधिक अवसर मिलेंगे और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उन तक पहुंच सकेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गांव के नजदीक बैंक की शाखा या बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होने का प्रभाव केवल बैंकिंग लेन-देन तक सीमित नहीं रहता। इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक परिणाम होते हैं। ग्रामीणों को अपने खाते से संबंधित सामान्य कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, उनका समय और संसाधन बचता है तथा बचत और औपचारिक बैंकिंग के प्रति उनका विश्वास बढ़ता है। ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने से परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की सहज उपलब्धता सुशासन की व्यवस्था को भी मजबूत करती है। बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार का लाभ नागरिकों के साथ-साथ शासन को भी मिलता है, क्योंकि इससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा आती है। किसानों को कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण तथा छोटे व्यवसायियों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी आसानी से उपलब्ध हो सकती है। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बैंकिंग संस्थाएं यदि इन समूहों तक ऋण, वित्तीय साक्षरता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को और मजबूत करें तो महिलाओं की उद्यमशीलता को बड़ा संबल मिल सकता है। आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं अपने परिवार के साथ पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास छत्तीसगढ़ में ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिसमें युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के भी अधिक से अधिक अवसर मिलें। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता है। उनके विचारों और उद्यमशीलता को वित्तीय सहयोग से जोड़ने में बैंक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास के नए दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में अधोसंरचना के विस्तार के साथ उद्योग, व्यापार, कृषि, सेवा क्षेत्र और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के इन अवसरों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और आर्थिक संभावनाओं को संसाधनों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसी युवा को अपना व्यवसाय प्रारंभ करना हो, किसी महिला समूह को अपने उत्पादों का विस्तार करना हो, किसी किसान को अपनी आय बढ़ाने के लिए नई गतिविधि शुरू करनी हो अथवा किसी छोटे व्यापारी को अपना कारोबार आगे बढ़ाना हो - सुलभ वित्तीय सहायता उनके प्रयासों को नई दिशा दे सकती है।

मुख्यमंत्री  साय ने वित्तीय साक्षरता पर भी जोर देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन, बचत, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना भी आवश्यक है। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाकर लोगों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की यात्रा में सरकार के साथ निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में निवेश, उद्यमिता, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग संस्थाएं राज्य सरकार की विकासपरक पहलों में महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एचडीएफसी बैंक अपने अनुभव और व्यापक बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास एवं वित्तीय समावेशन में अपनी सहभागिता को आने वाले वर्षों में और विस्तार देगा।

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ में एचडीएफसी बैंक की 25 वर्षों की यात्रा को महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह अवसर बीते वर्षों की उपलब्धियों के साथ भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का भी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बैंक आने वाले समय में शहरों के साथ गांवों, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में अपनी पहुंच बढ़ाकर अधिक से अधिक परिवारों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ेगा।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड  अरुण मेदीरत्ता, ब्रांच बैंकिंग हेड सेंट्रल इंडिया  प्रतीक शर्मा सहित बैंक के माई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सेवा के 25 वर्ष, सुशासन का संकल्प और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान

सेवा के 25 वर्ष, सुशासन का संकल्प और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान

 00 शिवरीनारायण के महानदी घाट पर जलेंगे एक लाख दीप, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों पर भी होगा दीप प्रज्वलन

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देश और प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान-2026 आयोजित किया जाएगा। सेवा, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर आयोजित यह अभियान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को जनभागीदारी के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।

अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों, जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा जनभागीदारी से जुड़े आयोजनों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से सेवा की भावना को सशक्त करने के साथ सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसी कड़ी में 17 सितंबर को शाम 7 बजे जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित महानदी घाट पर एक लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। यह दीप प्रज्वलन प्रधानमंत्री  मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा, जनसेवा के संकल्प और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रति सम्मान एवं शुभकामना का प्रतीक होगा। जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्वलित कर सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश दिया जाएगा।

सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रदेश में सेवा कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के माध्यम से नागरिकों को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को जनभागीदारी का व्यापक आधार देने का प्रयास किया जाएगा।

जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली गतिविधियों की आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के आयोजन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने-अपने घरों में दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन एवं सेवा संकल्प अभियान-2026 के इस विशेष अवसर में सहभागी बनने की अपील की है। साथ ही शिवरीनारायण के महानदी घाट पर आयोजित एक लाख दीप प्रज्वलन सहित जिलेभर में होने वाले विभिन्न आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता का आग्रह किया गया है।