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सेवा ही संकल्प अभियान के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है: मुख्यमंत्री साय

सेवा ही संकल्प अभियान के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना है: मुख्यमंत्री साय

 00 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता रहा है

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि केंद्र सरकार ने राज्य से नक्सल समस्या के उन्मूलन के लिए हर संभव सहयोग दिया है।  साय ने जोर देकर कहा कि पिछले वर्षों में नरेंद्र मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक नक्सलवाद का प्रभावी सफाया रहा है। साय शनिवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा एवं जन-समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आहूत प्रदेशस्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री साय ने अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के गहरे आत्मीय संबंधों को रेखांकित किया और पुरानी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि राज्य निर्माण के समय नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रभारी थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक जिले का सघन दौरा कर संगठन को मजबूती दी थी। यही कारण है कि उनका छत्तीसगढ़ से बहुत पुराना और अटूट नाता है। प्रधानमंत्री बनने के बाद भी वे निरंतर राज्य के विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ स्वीकृत कर रहे हैं। साय ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर सहित पूरे वनांचल क्षेत्र के वनवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। जो लोग नक्सल प्रभाव के कारण विकास की मुख्यधारा से कटे हुए थे, उन्हें अब बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और उन्नत जीवन शैली का अधिकार मिल रहा है। इसी क्रम में श्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर भी चर्चा की। साय ने पार्टी कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे सेवा ही संकल्प अभियान के माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर लाभार्थियों तक पहुँचें। साय ने अपने सम्बोधन में वरिष्ठ भाजपा नेता शिवप्रकाश को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री का दायित्व मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दीं।

सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी प्रधानमंत्री मोदी संगठन सर्वोपरि की भावना का पालन करते हैं - शिवप्रकाश
भाजपा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदैव असम्भव को सम्भव कर दिखाया है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण भूकम्प की त्रासदी झेल चुके गुजरात का पुनरुत्थान है। उन्होंने गुजरात को देश के सबसे अग्रणी राज्यों में स्थापित कर एक मिसाल पेश की, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। देश की जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए प्रधानमंत्री ने भारत को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। मेक इन इंडिया की सफलता और 24 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना धरातल पर दिख रहे बदलाव का प्रमाण है। आज देश में विश्वस्तरीय रेलवे, अत्याधुनिक हवाई अड्डे और मजबूत राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाया जा रहा है। केन्द्र सरकार की नीतियों के केंद्र में महिला सशक्तीकरण रहा है। जन-धन खातों के जरिए सीधे लाभ, राशन कार्ड में महिला को परिवार का मुखिया बनाना और तीन तलाक जैसी कुप्रथा से मुक्ति दिलाकर महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार दिया गया है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति का साहसिक कदम हो या भव्य राम मंदिर निर्माण के दशकों पुराने संकल्प की सिद्धि, सरकार ने देश की आस्था और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। शिवप्रकाश ने कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर रहते हुए भी नरेंद्र मोदी संगठन सर्वोपरि की भावना का पालन करते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठकों में सामान्य कार्यकर्ता की भाँति बैठना और सभी संगठनात्मक प्रोटोकॉल का पालन करना उनके अगाध समर्पण को दर्शाता है। मन की बात और परीक्षा पे चर्चा जैसे मंचों के जरिए प्रधानमंत्री समाज के हर वर्ग-बुजुर्गों से लेकर युवाओं और बच्चों तक-से निरंतर जीवन्त सम्पर्क बनाए रखते हैं।

यह अभियान सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा - डॉ. कविता पाटीदार
भाजपा राष्ट्रीय मंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. कविता पाटीदार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा के ऐतिहासिक कार्यकाल के प्रति आभार व्यक्त करने तथा विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने के लिए आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी अभियानों का विवरण साझा किया। डॉ. पाटीदार ने कहा कि यह अभियान मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का व्यापक जनांदोलन बनेगा। इसमें हर गाँव, शहर, बूथ और परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। भाजपा राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. पाटीदार ने माहभर चलने वाले इस अभियान के कार्यक्रमों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि प्रत्येक बूथ पर हर परिवार दीप प्रज्जवलन कर प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सेवा समर्पण के प्रति आभार प्रकट करेगा और विकसित भारत 2047 का संकल्प लेगा। 25 करोड़ बच्चों के सपनों के भारत के तहत राष्ट्रव्यापी ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिता के तहत देशभर के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में छात्रों के लिए मोदी सरकार के सेवा कार्यों और विकसित भारत की संकल्पना पर भाषण व ड्राइंग प्रतियोगिताएँ आयोजित होंगी। इसी प्रकार नमो सेवा गाथा, आंगन का उत्सव, कहानी बदलाव की, विकसित भारत संकल्प यात्रा, सेवा ज्योति यात्रा, वडनगर से वाराणसी जल जन और सेवा संकल्प यात्रा, सेवा मेरा योगदान जिसके तहत 25 सेवा गतिविधियां, सेवा सेतु अभियान, रंगोली राष्ट्र, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज, जनसेवक महाकुंभ (पंचायत से पार्लियामेंट) कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. पाटीदार ने सभी कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आह्वान किया कि वे 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले इस सेवा महाभियान से जुड़कर 25 वर्षों के सेवा कार्यों में से एक कार्य चुनकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।

संगठन महामंत्री साय ने संगठनात्मक विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया
भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कार्यशाला में संगठनात्मक विषय पर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया और आगामी कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। श्री साय ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार विभिन्न 13 कार्यकर्मो पर प्रकाश डालते हुए प्रदेश, जिला एवं मंडलस्तरीय संरचना निर्माण करने का निर्देश दिया। साथ ही श्री साय ने प्रदेश के पश्चात जिला एवं जिले के पश्चात मण्डल की कार्यशाला करने का निर्देश दिया। सभी 13 कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए जिसमें आशीर्वाद का दिया से लेकर अन्य सभी कार्यक्रमों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए वहीं मंत्रियों, सांसदों एवं पदाधिकारियों को दायित्व प्रदाय किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन सेवा और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है - जैन
भाजपा प्रदेश महामंत्री और कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक यशवंत जैन ने आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि पार्टी हर साल सेवा पखवाड़ा आयोजित करती रही है, लेकिन इस बार का आयोजन ऐतिहासिक और व्यापक होगा। श्री जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन सेवा और गरीब कल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए जितनी भी जनकल्याणकारी योजनाएँ लागू कीं, उनका मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी तक सेवा भाव को पहुंचाना और जन-जन में सेवा की भावना को स्थापित करना है। श्री जैन ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा 13 प्रमुख कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिनका आयोजन बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक किया जाएगा। अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया (17 सितंबर), आंगनबाड़ी सम्मान, सपनों का भारत प्रतियोगिता, सेवा ज्योति यात्रा (7 अक्टूबर), जन-जल सेवा यात्रा सहित विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए है। 

कार्यक्रम का संचालन भाजपा प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडेय ने किया एवं आभार प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्रही ने माना। इस दौरान कार्यशाला में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, जिलाध्यक्ष एवं भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहें।

लक्ष्य हासिल करने के लिए जुनून जगाएं और मेहनत करें: राज्यपाल रमेन डेका

लक्ष्य हासिल करने के लिए जुनून जगाएं और मेहनत करें: राज्यपाल रमेन डेका

 चाम्पा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण

​वरिष्ठ शिक्षकों, मेधावी विद्यार्थियों और रोजगार प्राप्त युवाओं का सम्मान

​रायपुर-- राज्यपाल रमेन डेका आज बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम चाम्पा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण किया। साथ ही, वरिष्ठ शिक्षकों, 10वीं व 12वीं के मेधावी छात्रों, पीएटी (PAT) में चयनित विद्यार्थियों और 'हम होंगे कामयाब' योजना के तहत रोजगार प्राप्त 9 युवाओं को सम्मानित किया।

जुनून और कड़ी मेहनत ही सफलता की कुंजी- राज्यपाल

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि नवनिर्मित सभाकक्ष से विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सांस्कृतिक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने शिक्षक-छात्र संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षकों को अपने आचरण से छात्रों का रोल मॉडल बनना चाहिए। छात्रों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुनून पैदा करें और उसे हकीकत में बदलने के लिए निरंतर कड़ी मेहनत करें। नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि यह नीति कौशल विकास और विषय विशेषज्ञता हासिल करने में सहायक है।

डिजिटल तकनीक का संतुलित उपयोग जरूरी

मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्यपाल ने छात्रों से अपील की कि वे तकनीक का इस्तेमाल केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही करें। सोशल मीडिया और एआई (AI) सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग आत्ममंथन और सृजनात्मक को कम कर देता है।

ऐतिहासिक और गौरव का क्षण: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्यपाल के आगमन को चाम्पा गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अपने स्कूली दिनों को याद करते हुए कहा कि शिक्षक न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी कराते हैं। उन्होंने छात्रों को असफलताओं से न घबराकर कड़ी मेहनत जारी रखने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम को पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर ​ राज्यपाल ने अपनी स्वर्गीय माता चम्पावती डेका की स्मृति में स्कूल परिसर में अमलताश का पौधा रोपा। राजस्व मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी एक पेड़ माँ के नाम पौधरोपण किया।

कार्यक्रम में  'बिहान' योजना की आजीविका दीदियों द्वारा लगाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। इस दौरान दीदियों ने उन्हें धान और चावल के बीजों से निर्मित हस्तनिर्मित राखी बांधी, जिसकी राज्यपाल ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।

समारोह में ​शिक्षक व शिक्षाविद  एस.एम. पाध्ये, डॉ. निशा झा, डॉ. डी.एन. राय, और भूषण धुरंधर तथा​प्रतिभावान छात्र जिज्ञासु वर्मा (12वीं स्टेट टॉपर), साक्षी वर्मा, अमित कुमार टंडन (10वीं), तथा पीएटी चयनित प्रवीण डहरिया, ममता साहू एवं मयंक वर्मा को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

CG – सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों की ठगी, पुलिस-होमगार्ड भर्ती के नाम पर बेरोजगारों को बनाया शिकार, ऐसे हुआ खुलासा

CG – सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों की ठगी, पुलिस-होमगार्ड भर्ती के नाम पर बेरोजगारों को बनाया शिकार, ऐसे हुआ खुलासा

 दुर्ग। जिले में  सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर बेरोजगारों और उनके परिवारों से लाखों रुपये ठगने वाले दो आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। पुलिस विभाग और नगर सेना (होमगार्ड) में भर्ती कराने के नाम पर कुल ₹20 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों को सुपेला और पुलगांव पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक आरोपी पिछले काफी समय से फरार चल रहा था जिसे रायपुर से दबोचा गया, वहीं दूसरे आरोपी ने 15 किस्तों में लाखों रुपये ऐंठे थे। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पहला मामला स्मृति नगर चौकी (थाना सुपेला) का है, जहां आरोपी तोपचंद धनकर ने एक महिला के पति को चालक और भाई को पुलिस में आरक्षक बनवाने का झांसा देकर ₹14 लाख से अधिक ऐंठ लिए थे। आरोपी के खिलाफ पहले से स्थाई वारंट लंबित थे और वह फरार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रायपुर के उरला से गिरफ्तार किया और उसके पास से मोबाइल व दस्तावेज बरामद किए।

वहीं दूसरा मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है, जहां इसरार खान नामक आरोपी ने नगर सेना के बड़े अधिकारियों से पहचान का दावा कर एक महिला के पति से 15 किस्तों में ₹6.30 लाख ठग लिए। नौकरी न मिलने पर जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आया। पीड़िता की शिकायत पर पुलगांव पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा। ASP मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि “जिले में शासकीय नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले दो अलग-अलग आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सुपेला क्षेत्र में पुलिस विभाग में नौकरी का झांसा देकर 14 लाख रुपये और पुलगांव क्षेत्र में नगर सेना में भर्ती के नाम पर 6.30 लाख रुपये की ठगी की गई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। आम जनता से अपील है कि किसी भी प्रकार के प्रलोभन में आकर पैसे का लेन-देन न करें।”

मेहनत, हुनर और सरकारी सहयोग से बदली कमलेश की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’….

मेहनत, हुनर और सरकारी सहयोग से बदली कमलेश की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’….

 रायपुर: गांव की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता केवल एक सपना नहीं, बल्कि सही अवसर, मार्गदर्शन और मेहनत के साथ हासिल की जा सकने वाली उपलब्धि है। मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत मंझगवा की श्रीमती कमलेश यादव ने इसे अपनी मेहनत और लगन से साबित कर दिखाया है। कभी छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश आज अपनी मेहनत, हुनर और शासकीय योजनाओं से मिले सहयोग के बल पर ‘लखपति दीदी’ के रूप में नई पहचान बना रही हैं।

कमलेश यादव वंदना महिला स्वसहायता समूह से जुड़ीं और समूह की अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय प्रयास शुरू किए। स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आरएफ (रिवॉल्विंग फंड), सीआईएफ (कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड) और बैंक ऋण के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए कमलेश ने अपने गांव में चिकन स्टोर का व्यवसाय शुरू किया। व्यवसाय के संचालन के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने के लिए सिलाई कार्य को भी जारी रखा।

दो आय के साधनों से मजबूत हुई परिवार की आर्थिक स्थिति

कमलेश ने एक ही आय के साधन पर निर्भर रहने के बजाय अपने हुनर और उपलब्ध अवसरों का बेहतर उपयोग किया। चिकन स्टोर के व्यवसाय के साथ सिलाई कार्य से होने वाली आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निरंतर मेहनत, व्यवसाय के प्रति लगन और आय के विविध साधनों के कारण उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक हो गई।

यह उपलब्धि कमलेश के लिए केवल आर्थिक सफलता नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत भी है। आज वे अपने परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान देने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं।

समूह से जुड़ना बना बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव

कमलेश यादव बताती हैं कि महिला स्वसहायता समूह से जुड़ना उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग और आगे बढ़ने का अवसर मिला। उन्होंने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग अपने व्यवसाय को खड़ा करने में किया और अपने हुनर को आय के साधन में बदलने का प्रयास किया।

उनका कहना है कि स्वसहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं दिया, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दिया। आज अपनी मेहनत से अर्जित आय के कारण वे स्वयं को अधिक आत्मनिर्भर महसूस करती हैं और भविष्य में अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं।

 सरकारी सहयोग से ग्रामीण महिलाओं को मिल रही नई उड़ान

ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वसहायता समूह महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों के माध्यम से उपलब्ध वित्तीय संसाधनों, बैंक ऋण और आजीविका संबंधी अवसरों का लाभ लेकर महिलाएं छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं और उन्हें आगे बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं।

कमलेश यादव की कहानी इसी बदलाव की एक प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने सरकारी सहयोग को अपनी मेहनत और हुनर के साथ जोड़कर एक छोटे व्यवसाय को आय का स्थायी साधन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर परिवार की आर्थिक स्थिति बदलने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बना सकती हैं।

‘लखपति दीदी’ बनकर दूसरी महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

एक समय अपने छोटे व्यवसाय को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाली कमलेश यादव आज एक सफल ग्रामीण महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं। उनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक होना उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है। ‘लखपति दीदी’ बनने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वसहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

अपनी सफलता के लिए कमलेश यादव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिल रहा सहयोग उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए नई उम्मीद और बेहतर भविष्य का रास्ता तैयार कर रहा है।

कमलेश यादव की सफलता की कहानी यह बताती है कि जब महिला की मेहनत को समूह का साथ, शासन का सहयोग और अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है, तो वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकती है।

बिहान से बहनों को मिला आर्थिक संबल, खीरे की खेती से सुभद्रा मंडल ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

बिहान से बहनों को मिला आर्थिक संबल, खीरे की खेती से सुभद्रा मंडल ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

 00 बहनों की खुशहाली एवं आत्मनिर्भरता का उपहार, विष्णु भैया की सरकार
रायपुर।
ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बिहान से जुडऩे के बाद महिलाओं को समूह के माध्यम से ऋण और आवश्यक सहयोग उपलब्ध हो रहा है, जिसका उपयोग वे कृषि, पशुपालन, मछली पालन, सब्जी उत्पादन सहित विभिन्न आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। इसी बदलाव की प्रेरक कहानी है अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सकालो की रहने वाली सुभद्रा मंडल की। काली माँ स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद सुभद्रा ने समूह के माध्यम से 1 लाख रुपए का ऋण लिया और इस राशि का उपयोग कर एक एकड़ भूमि में खीरे की खेती शुरू की। खेती के इस प्रयास के साथ उन्होंने अपनी आय बढ़ाने और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
पूंजी की कमी बनी थी खेती के विस्तार में बाधा
सुभद्रा मंडल बताती हैं कि पहले आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण वे खेती-बाड़ी को बड़े स्तर पर नहीं कर पाती थीं। परिवार की आमदनी सीमित थी और रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद खेती में निवेश के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध नहीं हो पाती थी। वे बताती हैं कि खेती को आय के अतिरिक्त और स्थायी साधन के रूप में विकसित करने की इच्छा थी, लेकिन पूंजी के अभाव में यह संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे समय में बिहान से जुडऩा उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया।
बिहान से मिला आर्थिक सहयोग, खेती को मिला विस्तार
सुभद्रा ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उन्हें अपनी आर्थिक गतिविधि को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। समूह के माध्यम से ऋण सुविधा प्राप्त होने पर उन्होंने कृषि को आजीविका का साधन बनाने का निर्णय लिया और एक एकड़ में खीरे की खेती शुरू की। वे कहती हैं कि ऋण ने उन्हें केवल खेती शुरू करने के लिए पूंजी ही उपलब्ध नहीं कराई, बल्कि अपने दम पर कुछ करने का आत्मविश्वास भी दिया। अब वे अपनी मेहनत से उत्पादन बढ़ाकर परिवार की आय में योगदान देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
खेती से आय बढ़ाने और लखपति दीदी बनने का लक्ष्य
सुभद्रा मंडल का कहना है कि खीरे की खेती से प्राप्त होने वाली आमदनी से परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में खेती से होने वाले लाभ को दोबारा आजीविका गतिविधियों में निवेश कर आय के स्थायी साधन को और मजबूत करने की योजना है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपनी मेहनत और निरंतर प्रयासों से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना तथा लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढऩा है। उनके लिए खेती अब केवल पारंपरिक कार्य नहीं, बल्कि परिवार की आय बढ़ाने और बेहतर भविष्य तैयार करने का माध्यम बन गई है।
विष्णु भैया के प्रति जताया आभार
सुभद्रा मंडल ने बिहान योजना से जोडऩे और आजीविका गतिविधि शुरू करने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान से जुडऩे के बाद उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने और अपनी मेहनत को आय के अवसर में बदलने का रास्ता मिला है। उन्होंने कहा कि समूह के माध्यम से मिला आर्थिक सहयोग उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढऩे का महत्वपूर्ण आधार बना है। अब वे खेती के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।
महिलाओं की मेहनत को मिल रहा संस्थागत सहयोग
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों के लिए आवश्यक सहयोग और ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। महिलाएं इन संसाधनों का उपयोग स्थानीय परिस्थितियों और अपनी रुचि के अनुरूप आजीविका गतिविधियों में कर रही हैं। सुभद्रा मंडल की कहानी इसी बदलाव का उदाहरण है, जहां स्व-सहायता समूह, संस्थागत ऋण और महिला की मेहनत ने मिलकर आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार की है। एक एकड़ में शुरू हुई खीरे की खेती अब उनके परिवार के लिए अतिरिक्त आय और बेहतर भविष्य की उम्मीद बन गई है।

CG : दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार 3 युवकों को कुचला, मौके पर मौत

CG : दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार 3 युवकों को कुचला, मौके पर मौत

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शनिवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार 3 युवकों को टक्कर मार दी। तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर के बाद ट्रक बाइक को 30 फीट तक घसीटता रहा। बाइक बुरी तरह डैमेज हो गई और तीनों के शव सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक समेत मौके से फरार हो गया।

घटना तखतपुर थाना क्षेत्र की जूनापारा पुलिस चौकी के पास की है। मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है। इसके अलावा आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। जूनापारा के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक बाइक को कुछ दूर तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे में तीनों युवकों को गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर आवाजाही बंद रही। सूचना मिलते ही जूनापारा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने भीड़ हटाकर यातायात व्यवस्था बहाल कराई।

पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया। मृतकों के पास तत्काल पहचान से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले हैं। पुलिस आसपास के गांवों में संपर्क कर मृतकों की पहचान कराने का प्रयास कर रही है।

पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार ट्रक और चालक की तलाश के लिए मुख्य मार्गों और आसपास के ढाबों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

BREAKING : IFS अधिकारी विवेक आचार्य को मिली नई जिम्मेदारी, बने छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कार्यकारी संचालक

BREAKING : IFS अधिकारी विवेक आचार्य को मिली नई जिम्मेदारी, बने छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कार्यकारी संचालक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी विवेक आचार्य को नई जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग की ओर से 29 अगस्त 2026 को जारी आदेश के अनुसार उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड, नवा रायपुर अटल नगर के कार्यकारी संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है।

आदेश में उल्लेख है कि सामान्य प्रशासन विभाग के 18 अगस्त 2026 के आदेश के तहत विवेक आचार्य, भा.व.से. (2006) की सेवाएं वन विभाग को वापस लौटाए जाने के बाद यह पदस्थापना की गई है। विवेक आचार्य वर्तमान में प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, रायपुर के पद पर कार्यरत थे। वन विभाग के आदेश के मुताबिक, उन्हें अगामी आदेश तक प्रतिनियुक्ति पर अस्थायी रूप से छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के कार्यकारी संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है।

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छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का ‘नया सवेरा’, कौशल, अनुसंधान और रोजगार से गढ़ा जा रहा भविष्य…..

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का ‘नया सवेरा’, कौशल, अनुसंधान और रोजगार से गढ़ा जा रहा भविष्य…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की तस्वीर अब केवल किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कौशल, तकनीक और रोजगार के नए आयाम गढ़ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार उच्च शिक्षा के परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। उद्देश्य स्पष्ट है—युवाओं को केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना। दूरस्थ अंचलों से लेकर बड़े शहरों के परिसरों तक, इस नई शैक्षणिक क्रांति की आहट साफ सुनी जा सकती है।

​गुणवत्ता का ‘मिशन मोड’: सुदृढ़ मॉनिटरिंग और वित्तीय संबल

​शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक और त्वरित सुधार लाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन’ की नींव रखी गई है। इस मिशन के तहत राज्य के महाविद्यालयों का चयन कर प्रतिवर्ष उनके ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष राशि स्वीकृत की जाएगी। यह व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसके लिए एक मजबूत मॉनिटरिंग तंत्र भी तैयार किया गया है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि स्वीकृत बजट का लाभ सीधे विद्यार्थियों तक पहुँचे।

उत्कृष्टता का नया पता: 36 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ महाविद्यालय

राष्ट्रीय शिक्षा नीति केअनुरूप, राज्य के हर जिले में बहुसंकायी और अनुसंधान-केंद्रित शिक्षण संस्थानों की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है। जिन महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या 3000 से अधिक है और जिनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है, उन्हें ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। ये 36 महाविद्यालय राज्य में शोध, नवाचार और उच्चस्तरीय अध्यापन के प्रमुख केंद्र बनकर उभरेंगे।

​भविष्य की तकनीक और हुनर: स्वावलंबन की ओर बढ़ते कदम

बदलते दौर के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक मांग के अनुरूप ढालने के लिए ‘स्ववित्तीय पाठ्यक्रम नीति’ लागू की जा रही है। इसके तहत स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रोजगारपरक और तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स, सेरीकल्चर (रेशम कीट पालन), फिशरीज और टसर टेक्नोलॉजी जैसे विषयों की पढ़ाई शुरू की जा रही है।​आधुनिक तकनीक व उद्यमिता के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन जैसे विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। इन सभी के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ-साथ राज्य के कौशल विकास व तकनीकी विभागों के साथ MoU किए हैं, ताकि युवाओं को सीधे उद्योग और व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा जा सके।

​समावेशी विकास: वनांचल तक पहुँच और नए अवसर

शिक्षा का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए दूरस्थ आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में नवीन महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। इसके साथ ही औद्योगिक प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के द्वार खुल सकें। शैक्षणिक क्षेत्र को और सशक्त बनाने के लिए चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन भी शुरू किया जा रहा है।

अनुभवी मार्गदर्शन और सुदृढ़ शिक्षक तंत्र

शिक्षा की गुणवत्ता तभी संभव है जब मार्गदर्शन देने वाले हाथ कुशल हों। इसी सोच के साथ उद्योग जगत और व्यावहारिक क्षेत्रों के विशेषज्ञों को ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में महाविद्यालयों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा विभाग में अध्यापन व्यवस्था को नई ऊर्जा देने के लिए शासकीय महाविद्यालयों में प्राध्यापक के 595 पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है।

एक उज्ज्वल भविष्य की नींव

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा का यह कायाकल्प केवल नीतिगत बदलाव नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के सपनों को उड़ान देने की एक ठोस पहल है। अनुसंधान, कौशल विकास, उद्योग-समन्वय और सुदृढ़ शिक्षक तंत्र के मेल से छत्तीसगढ़ तेज़ी से देश का एक प्रमुख ‘एजुकेशन हब’ बनने की ओर अग्रसर है।

छत्तीसगढ़ के 20 जिला कोर्ट में कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति, हाईकोर्ट ने जारी किया पदस्थापना आदेश

छत्तीसगढ़ के 20 जिला कोर्ट में कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति, हाईकोर्ट ने जारी किया पदस्थापना आदेश

 Court Manager Appointment: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश के अलग-अलग जिला न्यायालयों में कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति का आदेश जारी किया है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव ने 25 अगस्त 2026 को नियुक्ति आदेश जारी किया। इसके तहत हाईकोर्ट समेत प्रदेश के 20 जिला न्यायालयों में कोर्ट मैनेजरों की पदस्थापना की गई है। इन पदों के लिए कुछ महीने पहले आवेदन मंगाए गए थे। प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र उम्मीदवारों की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी होने के बाद अब उनकी नियुक्ति और पदस्थापना कर दी गई है।

 20 कोर्ट मैनेजरों की कहां हुई पदस्थापना?

जारी आदेश के अनुसार अंकित कुमार झा को हाईकोर्ट में कोर्ट मैनेजर के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके अलावा उदयन दुबे को दुर्ग जिला न्यायालय और संयोगिता सिंह को कमर्शियल कोर्ट रायपुर में नियुक्त किया गया है। रमाकांत पटेल को अंबिकापुर जिला कोर्ट, विरज कुमार देवांगन को कोरबा, राहुल वर्मा को कोरिया, अभिजीत रथ को महासमुंद और प्रवीण कुमार को रामानुजगंज जिला कोर्ट में पदस्थ किया गया है। आशुतोष कुमार को बेमेतरा, निधि नागवंशी को बिलासपुर और ऋचा पाठक को धमतरी जिला कोर्ट की जिम्मेदारी दी गई है।

इसके अलावा विजय कुमार साहू को कवर्धा, मनोज कुमार सिंह को रायपुर, प्रतिभा लकड़ा को कांकेर, बाम्पी दुबे को राजनांदगांव और कोमल भोई को जगदलपुर जिला कोर्ट में पदस्थ किया गया है। शैलेन्द्र सिंह भास्कर को दंतेवाड़ा, कमलेश कुमार गोरकर को कोंडागांव, देवेंद्र भगत को सूरजपुर और गोपाल सिंह नेताम को जशपुर जिला कोर्ट में कोर्ट मैनेजर नियुक्त किया गया है।

19 भृत्य पदों पर भी नियुक्ति

हाईकोर्ट की ओर से आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। इसके तहत 19 आवेदकों को भृत्य के पद पर नियुक्ति देने का आदेश जारी किया गया है। नियुक्त किए गए कर्मचारियों को निर्धारित समय में संबंधित कार्यालय में पहुंचकर पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। नियुक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी हाईकोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है।

3 साल की होगी परिवीक्षा अवधि

नियुक्त किए गए कोर्ट मैनेजरों की नियुक्ति तीन साल की परिवीक्षा अवधि के अधीन रहेगी। यदि कोई कर्मचारी परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी नहीं करता है तो उसकी परिवीक्षा अवधि को एक साल तक और बढ़ाया जा सकता है। स्थायी नियुक्ति होने तक कर्मचारी परिवीक्षा पर ही माना जाएगा। परिवीक्षा अवधि के दौरान जरूरत पड़ने पर बिना कारण बताए सेवा समाप्त भी की जा सकती है। यदि कर्मचारी खुद सेवा छोड़ना चाहता है तो उसे एक महीने पहले रजिस्ट्री को सूचना देनी होगी। तत्काल सेवा छोड़ने की स्थिति में एक महीने के वेतन के बराबर राशि जमा करनी होगी। इसी तरह यदि नियोक्ता कर्मचारी की सेवा समाप्त करता है तो एक महीने की पूर्व सूचना दी जाएगी या उसके बदले एक महीने का वेतन देकर तत्काल सेवा से अलग किया जा सकता है।

3 सितंबर तक करना होगा ज्वाइन

चयनित उम्मीदवारों को 3 सितंबर 2026 तक अपने निर्धारित पदस्थापना स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। तय समय सीमा में ज्वाइन नहीं करने और अतिरिक्त समय की अनुमति नहीं मिलने पर नियुक्ति से संबंधित पात्रता समाप्त की जा सकती है। कार्यभार ग्रहण करते समय उम्मीदवारों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जारी स्वस्थता प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। इस प्रमाण पत्र के लिए होने वाला खर्च संबंधित उम्मीदवार को स्वयं उठाना होगा। यदि सक्षम चिकित्सा अधिकारी की रिपोर्ट में उम्मीदवार को शारीरिक या मानसिक रूप से अस्वस्थ पाया जाता है, तो नियुक्ति आदेश निरस्त किया जा सकता है।

पुलिस सत्यापन और दस्तावेज भी जरूरी

नियुक्त उम्मीदवारों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाएगा। यदि रजिस्ट्री में जमा किए गए अनुप्रमाणन फार्म का पुलिस प्रमाणीकरण या सत्यापन प्रतिकूल पाया जाता है, तो नियुक्ति आदेश स्वतः निरस्त किया जा सकता है। कार्यभार ग्रहण करते समय उम्मीदवारों को अपने सभी शैक्षणिक और अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां भी पदस्थापना कार्यालय में प्रस्तुत करनी होंगी।

नौकरी के दौरान दूसरी जगह सीधे आवेदन पर रोक

हाईकोर्ट में सेवा के दौरान कर्मचारी किसी अन्य विभाग में किसी पद के लिए सीधे आवेदन नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा बिना पूर्व अनुमति के किसी स्कूल या कॉलेज में अध्ययन करने अथवा स्वाध्यायी छात्र के रूप में किसी परीक्षा में शामिल होने पर भी रोक रहेगी। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति पढ़ाई या परीक्षा में शामिल होता पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

 जाति प्रमाण पत्र का होगा सत्यापन

नियुक्ति को अनंतिम यानी Provisional रखा गया है। आरक्षित वर्ग से चयनित उम्मीदवारों के जाति या जनजाति प्रमाण पत्रों का संबंधित माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। यदि सत्यापन में प्रमाण पत्र गलत या दावा फर्जी पाया जाता है तो नियुक्ति समाप्त की जा सकती है। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के मामले में लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है। आरक्षित पदों पर चयनित उम्मीदवारों को कार्यभार ग्रहण करते समय निर्धारित प्रारूप में शपथ-पत्र भी जमा करना होगा।

वरीयता प्रावीण्य सूची के आधार पर होगी

चयनित उम्मीदवारों की वरीयता कोर्ट मैनेजरों की वरीयता सूची में सबसे अंतिम स्थान पर होगी। उनकी आपसी वरीयता कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से तय नहीं होगी, बल्कि चयन प्रक्रिया में जारी प्रावीण्य सूची में उनके क्रम के आधार पर निर्धारित की जाएगी।

न्यायालयों में लंबित मामलों के आदेशों के अधीन नियुक्ति

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट में लंबित SLP (C) No. 19668/2022 के अंतिम आदेश और छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में विचाराधीन WPS 4341/2026, WPS 4488/2026, WPS 4494/2026 और WPS 4758/2026 में आने वाले अंतिम आदेशों के अधीन रहेगी। इन शर्तों के अलावा नियुक्त कर्मचारियों की सेवा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सेवा नियम, 2017 के तहत संचालित होगी। नियुक्ति आदेश में दी गई सभी शर्तों का पालन करना चयनित उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य होगा।

ब्रेकिंग : दुर्ग के बाद इस जिले में फैला स्वाइन फ्लू, अफसर हुए संक्रमित, राजधानी के हॉस्पिटल में इलाज जारी…

ब्रेकिंग : दुर्ग के बाद इस जिले में फैला स्वाइन फ्लू, अफसर हुए संक्रमित, राजधानी के हॉस्पिटल में इलाज जारी…

 सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से स्वाइन फ्लू को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। जिले के एक अफसर के H1N1 वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल उनका इलाज रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में चल रहा है।

बताया जा रहा है कि अफसर के परिवार के अन्य सदस्य फिलहाल  स्वस्थ हैं। संक्रमण की जानकारी सामने आने के बाद सरगुजा  स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। स्वास्थ्य अमला मरीज की स्थिति पर नजर रखने के साथ ही संक्रमण को लेकर जरूरी सावधानियां बरत रहा है।

उत्तर छत्तीसगढ़ सरगुजा के सेंट्रल जेल से जुड़े aएक अधिकारी अपaने परिवार के साथ कांकेर गये थे। बुखार, सर्दी और सांस लेने में तकलीफ होने की शिकायत होने के कारण उनका इलाज किया जा रहा था। उनका H1N1 टेस्ट किया गया तो वे पॉजिटिव पाये गये। उन्हें रामकृष्ण हॉस्पिटल रायपुर में भर्ती कराया गया है।

नोडल अफसर बोले-कहां पीड़ित इसकी जानकारी फिलहाल नहीं

मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के नोडल अधिकारी डा. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि एक अधिकारी के H1N1 वायरस से पीड़ित होने की सूचना मिली है। वे परिवार सहित कांकेर गये थे। वे सरगुजा में रहते हुए स्वाइन फ्लू पीड़ित हुए या रायपुर, कांकेर के प्रवास के दौरान से पीड़ित हुए, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। डा. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य अमले ने उनके परिवार की कांट्रैक्ट ट्रेसिंग कर ली है। अन्य सभी लोग स्वस्थ हैं और कोई लक्षण नहीं मिला है। सरगुजा जिले में अन्य कोई व्यक्ति अभी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव नहीं है।

अलर्ट मोड पर स्वास्थ्य अमला

डा. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि सरगुजा में स्वास्थ्य अमला अलर्ट मोड पर है। गंभीर प्रभावित लोगों के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखने की व्यवस्था है। फिलहाल एच1एन1 वायरस की टेस्टिंग की सुविधा अंबिकापुर के वायरोलॉजी लैब में नहीं है। जांच के लिए सैंपल रायपुर भेजा जाएगा। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में फिलहाल स्वाइन फ्लू से निबटने के लिए एंटी वायरल दवाएं नहीं हैं। इसके लिए CGMSC को सूचित किया गया है। दवाओं की व्यवस्था के लिए कोशिश की जा रही है।

सरगुजा सीएमएचओ डा. पीएस मार्को ने लोगों से लगातार बुखार आने, सर्दी ठीक नहीं होने एवं सीने में जकड़न की शिकायत होने पर अपनी जांच अनिवार्य रूप से कराने की सलाह दी है। स्वाइन फ्लू की जानकारी समय रहते मिल जाने पर आसानी से इसका इलाज हो सकता है।

बचाव के लिए ये करें जरुरी उपाय, बरतें सावधानी

खांसी-छींक के समय मुंह और नाक ढकें
हाथ साबुन-पानी से धोएं या सैनिटाइजर लगाएं
लक्षण हो तो भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें
जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें
पर्याप्त आराम करें और तरल पदार्थों का सेवन करें
डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक का उपयोग ना करें

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य खेल अलंकरण…..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य खेल अलंकरण…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को 82 खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण प्रदान करेंगे। वे 5 टीमों के 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी देंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 29 अगस्त को शाम 4 बजे से राज्य राज्य खेल अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया है।

राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

राज्य खेल अलंकरण के गरिमामय समारोह में वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 125 उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कार व सम्मान दिए जाएंगे। इनमें शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी शामिल हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव राज्य खेल अलंकरण समारोह की अध्यक्षता करेंगे। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में इसमें शामिल होंगे। राज्य मंत्रिमंडल के सभी सदस्यगण, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, रायपुर जिले के सभी विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे और जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
Today Weather update: छत्तीसगढ़ में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, राजधानी समेत 22 जिलों में अलर्ट, जानें मौसम का हाल

Today Weather update: छत्तीसगढ़ में मानसून पकड़ेगा रफ्तार, राजधानी समेत 22 जिलों में अलर्ट, जानें मौसम का हाल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सावन माह के बाद भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने रहे सिस्टम के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन बारिश से राहत रही। इस दौरान तापमान 29 डिग्री से बढ़कर 31 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं, कि 29 अगस्त से प्रदेश में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों बढ़ेंगी। मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश में अब तक की मौसमी बारिश सामान्य से 3 प्रतिशत कम है।

रायपुर में आज कैसा रह सकता है मौसम ?
राजधानी में 29 अगस्त को दिनभर बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछार पड़ सकती है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

शुक्रवार को कहां-कहां हुई बारिश?
पिछले 24 घंटे में कुसमी में सर्वाधिक 7 सेमी बारिश हुई. रामानुजगंज और भैसमा में 6-6 सेमी, जबकि कुनकुरी, वाड्रफनगर, कोरबा और करतला में 5-5 सेमी बारिश दर्ज की गई. बलरामपुर, राजपुर, कांसाबेल, प्रतापपुर और पोड़ी में 4-4 सेमी बारिश हुई. अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री दुर्ग में और न्यूनतम 22.2 डिग्री पेण्ड्रा रोड में दर्ज किया गया।

इन इलाकों में आज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने कई जिलों में शनिवार सुबह बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हलकी वर्षा की संभावना जताई गई है।

खाड़ी में बन रहे सिस्टम बढ़ाएगा बारिश की रफ्तार
मौसम विभाग के मुताबिक, 29 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अगले 24 घंटे में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश तथा एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी है।

31 अगस्त को नवा रायपुर में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की 8वीं किश्त की नीलामी पर होगा रोड शो

31 अगस्त को नवा रायपुर में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की 8वीं किश्त की नीलामी पर होगा रोड शो

 00 1 सितंबर को नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा, माइन विजिट भी प्रस्तावित

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश, अन्वेषण और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त को लेकर रोड शो आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं श्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।

केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए शामिल किया गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इन खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना देश की खनिज सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के बाद वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष भी संबोधित करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कोयला और खान मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ
रोड शो के दौरान संचालक, भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा खनिज क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस अवसर पर टिन पोर्टल एवं ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पीटीआरएसयू के साथ एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।

तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और खनिज ब्लॉक्स पर होगी चर्चा

दोपहर 2 बजे से तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें एमईसीएल द्वारा ट्रेंच-वीआईआईआई के तहत नीलामी के लिए रखे गए खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा। तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खनिज ब्लॉक्स की संभावनाओं, नीलामी प्रक्रिया, निवेश के अवसर और खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। खान मंत्रालय के निदेशक द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ रोड शो का समापन होगा।
नीलाम खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा
रोड शो के बाद मेफेयर लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट प्रस्तावित है। रोड शो और समीक्षा बैठक के माध्यम से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण, नीलामी और खनन को गति देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा: बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा युवक खारुन नदी में डूबा, तलाश जारी

रक्षाबंधन के दिन दर्दनाक हादसा: बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा युवक खारुन नदी में डूबा, तलाश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया। महादेव घाट पर बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचे युवक की खारुन नदी में डूब गया। बताया जा रहा है कि अस्थि विसर्जन के बाद नदी में नहाते समय युवक गहरे पानी में चला गया और एनीकट के नीचे बने भंवर में फंसकर डूब गया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया।

बहन की अस्थियां विसर्जित करने पहुंचा था युवक

मृतक की पहचान रायपुरा के सतनामी पारा निवासी युधिष्ठिर सारंग (35 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, युधिष्ठिर अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए अपने जीजा और अन्य परिजनों के साथ महादेव घाट पहुंचा था। परिवार के लोगों ने विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया। इसके बाद युधिष्ठिर नदी में नहाने के लिए उतरा। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी की ओर चला गया।

नदी में पानी का बहाव तेज था और एनीकट के नीचे भंवर बना हुआ था। नहाते समय युधिष्ठिर इसी भंवर की चपेट में आ गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया। परिजनों और आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से नदी में युवक की तलाश शुरू की गई। हालांकि अभी तक युवक का शव बरामद नहीं किया जा सका है। इस हादसे से मृतक के परिवार में मातम पसर गया है।

छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी को मिलेगा नया विस्तार

छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण खनिजों की नीलामी को मिलेगा नया विस्तार

 31 अगस्त को नवा रायपुर में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की 8वीं किश्त की नीलामी पर होगा रोड शो

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू एवं सतीश चंद्र दुबे सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

1 सितंबर को नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा, माइन विजिट भी प्रस्तावित

रायपुर,  अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश, अन्वेषण और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने की दिशा में 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त को लेकर रोड शो आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं श्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।

केंद्र सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त में 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए शामिल किया गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। इन खनिजों की उपलब्धता बढ़ाना देश की खनिज सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के बाद वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान होगा। इसके पश्चात छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा सीएमडीसी के अध्यक्ष भी संबोधित करेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं कोयला और खान मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के संबोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ

रोड शो के दौरान संचालक, भूविज्ञान एवं खनन विभाग द्वारा खनिज क्षेत्र से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। इस अवसर पर टिन पोर्टल एवं ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही कोरन्डम कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पीटीआरएसयू के साथ एमओयू का आदान-प्रदान होगा। कार्यक्रम में माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।

तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और खनिज ब्लॉक्स पर होगी चर्चा

दोपहर 2 बजे से तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें एमईसीएल द्वारा ट्रेंच-VIII के तहत नीलामी के लिए रखे गए खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा। तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें खनिज ब्लॉक्स की संभावनाओं, नीलामी प्रक्रिया, निवेश के अवसर और खनन क्षेत्र में निजी भागीदारी से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। खान मंत्रालय के निदेशक द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ रोड शो का समापन होगा।

नीलाम खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा

रोड शो के बाद मेफेयर लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद माइन विजिट प्रस्तावित है।

रोड शो और समीक्षा बैठक के माध्यम से महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण, नीलामी और खनन को गति देने के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार, उद्योग जगत और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

Jashpur Women Empowerment: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

Jashpur Women Empowerment: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

 Jashpur Women Empowerment News: रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के बगिया कैंप कार्यालय से ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना की शुरुआत की। योजना के तहत 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि नियमित आय और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों को साड़ी और मिठाई भेंट कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला है। पिछले रक्षाबंधन पर 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे, जबकि इस बार 50 महिलाओं को इसका लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि रायपुर में भी 92 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं और ई-रिक्शा चला रही महिलाएं प्रतिमाह करीब 15 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़कर नए रोजगार अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

‘जशपुर एक्सप्रेस’ के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका का साधन मिलने के साथ यात्रियों को भी आवागमन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं किराना, सब्जी व्यवसाय और अन्य छोटे उद्यमों के साथ अब परिवहन क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं।

बगिया को करीब 3 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बगिया में करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले विश्राम गृह का भूमिपूजन किया। इसके अलावा यादव मोहल्ला तक बनने वाली सीसी सड़क के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।

रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम में महिलाओं और मुख्यमंत्री के बीच आत्मीय संवाद भी हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा तथा प्रदेश के विकास के लिए निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अधिकारी और बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।

बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 जशपुर। रक्षाबंधन के अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि उनका सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन से परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव बनाते हैं। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के जरिए करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है।

 केरसई और आसपास के गांवों में कई निर्माण कार्यों की घोषणा

रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री ने केरसई क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। घासीमुंडा में नया प्राथमिक शाला भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, मिनी स्टेडियम, केरसई और घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार सहित कई कार्य शामिल हैं। इसके अलावा अरुण के घर तक सीसी सड़क, गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन, घासीमुंडा में सामुदायिक भवन और ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केरसई में करीब 84.69 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार प्राथमिकता दे रही है।

 स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। ड्रोन दीदियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। जशपुर की महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर स्वरोजगार के नए अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गांव की महिलाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें। महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार की स्थिति बेहतर होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।

 किसानों और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर उपलब्ध कराने का काम जारी है। इसके साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर दिया जा रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का आग्रह किया।

 जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज, एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किया गया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आयुषी को पासबुक दी गई। स्वामित्व योजना के तहत पांच हितग्राहियों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपए की सहायता का चेक भी प्रदान किया गया।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरे प्रदेश की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

UCC Debate: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर मंथन, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने दिए सुझाव

UCC Debate: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर मंथन, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने दिए सुझाव

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में व्यापक परिचर्चा आयोजित की गई। UCC के लिए गठित समिति के सदस्यों के समक्ष धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ विभिन्न आयोग, निगम और मंडल के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव साझा किए। बैठक में समाज प्रमुखों, प्रबुद्धजनों और जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही।

समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त अधिकारी ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े ने प्रतिभागियों से UCC के विभिन्न पहलुओं पर राय ली। समिति संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लेखित नीति-निर्देशक तत्वों के अनुरूप प्रदेश के लिए समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने की दिशा में सुझाव जुटा रही है।

 विवाह, तलाक और उत्तराधिकार में समानता पर जोर

प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का उद्देश्य धर्म, जाति और पंथ से अलग सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। चर्चा में महिलाओं और पुरुषों को वैवाहिक एवं संपत्ति संबंधी मामलों में समान अधिकार देने तथा मौखिक तलाक जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने जैसे विषयों पर भी सुझाव सामने आए।

बैठक में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष ललित माखीजा, क्रिश्चियन समाज के जान राजेश पॉल, मुस्लिम समाज के अध्यक्ष सलाम रिजवी, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष इंद्रजीत छाबड़ा सहित विभिन्न संगठनों और आयोगों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

 जनजातीय परंपराओं को सुरक्षित रखने पर भी चर्चा

UCC के प्रारूप को लेकर जनजातीय समाज की विशिष्ट परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्थाओं के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की बात सामने आई। समिति प्रदेश के अलग-अलग जिलों में फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और जन-संवाद के माध्यम से नागरिकों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों और कानून विशेषज्ञों की राय जुटा रही है।

बैठक में राज्य नीति आयोग, खाद्य आयोग, महिला आयोग, गौ सेवा आयोग, राज्य अल्पसंख्यक आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए। परिचर्चा के जरिए छत्तीसगढ़ के लिए पारदर्शी, समावेशी और जनहितैषी UCC का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने साइंस ऑन व्हील्स को दिखाई हरी झंडी, अब स्कूलों तक पहुंचेगी प्रयोगों की चलती-फिरती विज्ञानशाला

मुख्यमंत्री ने साइंस ऑन व्हील्स को दिखाई हरी झंडी, अब स्कूलों तक पहुंचेगी प्रयोगों की चलती-फिरती विज्ञानशाला

 00 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन जैसे विषयों को प्रयोगों और मॉडलों के जरिए समझेंगे विद्यार्थी

00 साय ने कहा - बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने में उपयोगी होगी पहल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बगिया स्थित कैंप कार्यालय से ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मोबाइल विज्ञानशाला के जरिए विद्यार्थियों को स्कूलों में ही वैज्ञानिक प्रयोगों, मॉडलों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। खासतौर पर ऐसे क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक पहुंच सीमित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए उन्हें किताबों से आगे बढ़कर प्रयोगों से सीखने का अवसर देना जरूरी है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ विद्यार्थियों में सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान तलाशने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही इनके व्यावहारिक पक्ष से जोड़ना जरूरी है।

 अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और जल संरक्षण को प्रयोगों से समझेंगे बच्चे

‘साइंस ऑन व्हील्स’ में विद्यार्थियों के लिए चार प्रमुख मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिए बच्चे ब्रह्मांड और स्पेस साइंस की जानकारी हासिल करेंगे। रोबोटिक्स के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक और भविष्य के तकनीकी कौशल से परिचित कराया जाएगा।

वहीं सतत विकास मॉड्यूल के जरिए पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की समझ विकसित की जाएगी। जल निस्पंदन के माध्यम से विद्यार्थी स्वच्छ पानी, जल संरक्षण और इससे जुड़े वैज्ञानिक तरीकों को प्रयोग करके समझ सकेंगे।

 बच्चों में वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान की क्षमता होगी विकसित

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल विज्ञान के प्रयोग दिखाना नहीं, बल्कि उनमें विज्ञान और तकनीक के प्रति लंबे समय तक रुचि पैदा करना है। गतिविधियों और मॉडलों के जरिए बच्चों को खुद सवाल पूछने, उत्तर खोजने और नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इससे विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप बच्चों को तैयार करने में भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।

 तीन राज्यों में लागू हो रहा प्रोजेक्ट

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से ‘साइंस ऑन व्हील्स’ परियोजना छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में संचालित की जा रही है। इसे प्लक्ष विश्वविद्यालय, IDYM फाउंडेशन और IIT मंडी के सहयोग से लागू किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस पहल के जरिए विज्ञान की व्यावहारिक शिक्षा को विद्यार्थियों तक पहुंचाने और उन्हें नई तकनीक तथा नवाचार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

 रायपुर राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक दूसरे स्थान में पदस्थ किया है जिसमें अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त भी शामिल है। 
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव क्लेमेन्टीना लकड़ा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के मुताबिक देवनारायण कश्यप राप्रसे, पी.-2010, प्रवर श्रेणी आयुक्त, नगर पालिक निगम, अंबिकापुर (सरगुजा) से उप सचिव, छ.ग. शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय, चित्रकांत चाली ठाकुर राप्रसे, आर.आर.-2014, श्रेणी प्रवर अपर कलेक्टर, कोण्डागांव से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नारायणपुर, सुश्री दिप्ती गौते राप्रसे, आर.आर.-2014, प्रवर श्रेणी अपर कलेक्टर, बलौदाबाजार भाटापारा से परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर, गुड्डू लाल जगत राप्रसे, आर.आर.-2014, प्रवर श्रेणी अपर कलेक्टर, बेमेतरा से उप सचिव, छ.ग. शासन, श्रम विभाग, मंत्रालय, विनय कुमार अग्रवाल, राप्रसे, आर.आर.-2015, प्रवर श्रेणी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नारायणपुर से आयुक्त, नगर पालिक निगम, अंबिकापुर (सरगुजा), डॉ ऋतु वर्मा राप्रसे, आर.आर.-2015, प्रवर श्रेणी उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6 एवं 7) अतिरिक्त प्रभार-परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर से परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त, शेष यथावत् रखा गया है।

बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनीं बिलासपुर की महिलाएं, पशु आहार संयंत्र से मिला रोजगार और नियमित आय….

बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनीं बिलासपुर की महिलाएं, पशु आहार संयंत्र से मिला रोजगार और नियमित आय….

 रायपुर: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के तहत बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित ग्राम अकलतरी की जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राखी के अवसर पर श्लखपति दीदियोंश् की यह सफलता राज्य में महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी बयां कर रही है।

समूह की दीदियां संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का कर रही हैं गुणवत्तापूर्ण निर्माण

पशु आहार संयंत्र (ब्ंजजसम थ्ममक च्संदज) की स्थापना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। समूह की महिलाओं ने अपनी पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़कर गांव में बिलासा पशु आहार संयंत्र का संचालन शुरू किया है। समूह की दीदियां खुद ही इस संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जा रहा है। संयंत्र संचालन, मशीनरी ऑपरेटर, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और गुणवत्ता जांच (फनंसपजल ब्वदजतवस) के लिए तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।

संयंत्र की मुख्य विशेषताएं और उपलब्धियां

छोटे या मध्यम स्तर का पशु आहार प्लांट शुरू करके कम लागत में मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संयंत्र में फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर, फीड पैलेट और फीड क्रम्बल मशीनें जैसे आधुनिक मशीनों को स्थापित की गई हैं। समूह की दीदियां खुद ही संयंत्र संचालन, आहार निर्माण, पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) का पूरा काम संभाल रही हैं, जिसमें महिलाओं की पूर्ण भागीदारी है।

स्थानीय स्तर पर ही पशु व पक्षी आहार उपलब्ध होने से ग्रामीण पशुपालकों और कुक्कुट पालकों के समय तथा परिवहन खर्च में भारी बचत हो रही है। यह पहल न केवल महिलाओं को नियमित आय प्रदान कर रही है, बल्कि गांव की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। विष्णुदेव साय  सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बिहान योजना महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। अकलतरी गांव का यह सफल प्रयास अन्य महिला समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में बुधवार को इस पावन पर्व की यही भावना उस समय और जीवंत हो उठी, जब बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम में भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के साथ बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति  सरकार के संकल्प की झलक दिखाई दी।

ग्राम पंडरीपानी में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी बातें सुनीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराने का भी अवसर है। छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत हो, इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और परिवार की समृद्धि से समाज एवं प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में माताओं-बहनों का सम्मान, स्वावलंबन और बेहतर भविष्य है।

*पंडरीपानी को विकास कार्यों की सौगात*

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर ग्राम पंडरीपानी में लगभग ₹64 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए सामूहिक प्रयासों, आर्थिक गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा।

महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक कक्ष, प्रशिक्षण की सुविधा, रसोईघर और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को अपनी बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध होगा।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बेहतर अधोसंरचना के निर्माण के साथ महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन को सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

ज्योग्राफिक मैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना

*महतारी वंदन ने बहनों को दिया आर्थिक आत्मविश्वास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि बहनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए हाल ही में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। त्योहार को देखते हुए सितंबर माह की राशि अग्रिम रूप से जारी की गई, ताकि बहनें उत्साह और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकें।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को अवसरों से जोड़ना और परिवार तथा समाज के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करना सरकार का व्यापक उद्देश्य है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें आज अनेक आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।

सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लेना

*शासन की सेवाएं अब और आसान, समाधान भी तेज*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य शासन की सुविधाओं को सरलता और पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को अनेक शासकीय सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता से पहुंचे और उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान हो, इसी सोच के साथ तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है।

*महिला स्व-सहायता समूहों को मिला आर्थिक संबल*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को उनकी आर्थिक और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि के चेक प्रदान किए। मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को ₹1.50-₹1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को ₹1 लाख की सहायता प्रदान की गई।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला समूहों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। आर्थिक सहायता से समूहों को अपने स्वरोजगार और आजीविका संबंधी कार्यों का विस्तार करने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर सृजित होंगे।

*बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना*

कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। इस अवसर पर बेटियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना  सरकार की प्राथमिकता है।

स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को मिले अधिकार अभिलेख*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टे भी वितरित किए। इनमें ग्राम बोखी की हरावती, ग्राम वानगांव की जगमनी, ग्राम कोनपारा की राजमनी, ग्राम भगोरा की लक्ष्मी तथा ग्राम तेलाइन की सुमित्रा शामिल हैं। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार के साथ दस्तावेजी सुरक्षा भी प्राप्त होगी।

पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं मुख्यमंत्री : गोमती साय*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने उपस्थित माताओं-बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिलाओं के सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, वहीं महतारी सदन के माध्यम से गांवों में महिलाओं को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण और गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध हो रहा है।

गोमती साय ने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

सीएम साय का जशपुर दौरा आज, कई विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन

सीएम साय का जशपुर दौरा आज, कई विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। साथ ही वे ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का जायजा भी लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय सुबह 11:30 बजे ग्राम केराडीह पहुंचेंगे। यहां आयोजित कार्यक्रम में वे क्षेत्र के लिए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री ग्राम गारियाट पहुंचेंगे, जहां वे महतारी सदन का दौरा करेंगे। यहां भी कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

 कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 2:20 बजे पंडरापानी हेलिपैड से रायपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद वे करीब शाम 3:50 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को जशपुर जिले में विकास कार्यों को गति देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन की त्रासदी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन की त्रासदी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

 रायपुर -- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकसंतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।

नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर सुरक्षित वापसी और आवश्यक सहायता के लिए सरकार तत्पर

रायपुर -- नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी एवं आवश्यक सहायता के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।