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सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री पहुंचे चंदागढ़, बरगद की छांव में सजी जनचौपाल

सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री पहुंचे चंदागढ़, बरगद की छांव में सजी जनचौपाल

 रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में पहुंचकर संवेदनशील और जनकेंद्रित शासन की एक प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जैसे ही चंदागढ़ में उतरा, ग्रामीणों ने उत्साह और आत्मीयता के साथ उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री सीधे पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम भैंसामुड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने बजरंग बली मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद गांव के बीचों-बीच बरगद के विशाल पेड़ की शीतल छांव में जनचौपाल सजी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार 1 मई से 10 जून तक आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना है, ताकि समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वे जनता की समस्याएं सुनने आए हैं और ग्रामीणों की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामवासियों से राशन, नमक, शक्कर की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था, बिजली, पटवारी से संबंधित समस्याओं सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

जनचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री साय ने लखपति दीदी सुमिला कोरवा और  पुष्पलता चौहान से आत्मीय संवाद किया और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने जाना कि महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं ईंट निर्माण, किराना दुकान और बीसी सखी जैसे कार्यों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 8 लाख लखपति दीदी बन जा चुकी हैं, जबकि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संख्या 3 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन है।

मुख्यमंत्री साय ने ग्राम चंदागढ़ और भैंसामुड़ा के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सामुदायिक भवन निर्माण, मिनी स्टेडियम निर्माण, सीसी रोड निर्माण तथा बच्चों के लिए क्रिकेट किट और यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को सामुदायिक भवन के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी जायजा लिया। कलावती चौहान ने बताया कि गांव में महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को मिल रहा है, जिस पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की स्थिति की जानकारी ली और चरण पादुका योजना के लाभ के संबंध में भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में  रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से आमजन को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से अब आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं और ग्रामीणों को ऑनलाइन बैंकिंग एवं अन्य सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को उनका लाभ समय पर मिले। इस अवसर पर विधायक पत्थलगांव गोमती साय, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

 

उप मुख्यमंत्री शर्मा, वन मंत्री कश्यप और सांसद पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री शर्मा, वन मंत्री कश्यप और सांसद पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

 00 घने जंगलों के बीच रोमांच का नया सफर, वन्यजीव, पहाड़ और झरनों के बीच पर्यटकों को मिलेगा अनोखा अनुभव

00 भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा से शुरू होगी 36 किमी की जंगल सफारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रकृति और रोमांच के संगम के रूप में विकसित भोरमदेव जंगल सफारी का आज भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा एवं वन मंत्री  केदार कश्यप, सांसद  संतोष पाण्डेय ने फीता काटकर इस बहुप्रतीक्षित परियोजना का लोकार्पण किया। लगभग 36 किलोमीटर लंबी यह जंगल सफारी घने वनों, ऊँची पहाडिय़ों और समृद्ध जैव विविधता के बीच पर्यटकों को न केवल रोमांचक अनुभव देगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक सौंदर्य के बीच इको-टूरिज्म के नक्शे पर नई पहचान भी मिलेगी। करीब 352 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभ्यारण्य में 36 किलोमीटर लंबा जंगल सफारी रूट तैयार किया गया है। सफारी का मुख्य प्रवेश द्वार भोरमदेव मंदिर के समीप करियाआमा क्षेत्र में बनाया गया है, जहां से पर्यटक प्रवेश करेंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

शुभारंभ कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा नेचर गाइड को जिप्सी की चाबी एवं टेंट कैंपिंग सामग्री प्रदान की गई तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बर्तन किट वितरण किया गया। इसके बाद अतिथियों द्वारा दूरदूरी जलप्रपात तक सफारी भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, वीरेंद्र साहू, पूर्व संसदीय सचिव सियाराम साहू, पूर्व संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, लोकचंद साहू, अध्यक्ष, संयुक्त वन प्रबंधन समिति थवरझोल जग्गू सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत चौरा दुर्गा लांझे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) सह मुख्य वन्यजीव वार्डन रायपुर अरुण कुमार पाण्डेय, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर श्री गुरूनाथन एन., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला, कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र कुमार छवई, डीएफओ  निखिल अग्रवाल, सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी घने जंगलों के बीच विकसित एक रोमांचक और अद्वितीय पर्यटन स्थल है, जहाँ पर्यटक प्राकृतिक परिवेश में खुले वातावरण में वन्यजीवों को नजदीक से देख सकेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र के मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। विशेष रूप से, स्थानीय युवक-युवतियाँ पर्यटकों के लिए गाइड के रूप में कार्य कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जंगल, जल और पहाड़ सदैव से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते रहे हैं और यही किसी भी क्षेत्र को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़, विशेषकर भोरमदेव क्षेत्र, प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है, जहाँ के घने जंगल, पर्वत और सुरम्य दृश्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण अत्यंत आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहाँ आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित किया जा रहा है और आने वाले समय में इसे और अधिक भव्य एवं सुविधाजनक बनाया जाएगा। वन मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। सफारी के संचालन में वाहन चालक और गाइड के रूप में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि के साथ-साथ क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कबीरधाम जिले को एक बड़ी सौगात मिली है। भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र में भोरमदेव जंगल सफारी की शुरुआत पर्यटन और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है। सफारी प्रारंभ होने से अब प्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी पर्यटक यहाँ आकर विभिन्न वन्यजीवों और प्राकृतिक वैभव का अनुभव कर सकेंगे। सांसद श्री पाण्डेय ने भोरमदेव जंगल सफारी के शुभारंभ पर सभी जनप्रतिनिधियों, वन विभाग और क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह पहल निश्चित रूप से कबीरधाम को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया की इस सफारी का उद्देश्य न केवल पर्यटकों को प्राकृतिक सौंदर्य से जोडऩा है, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देना है। सफारी मार्ग को इस प्रकार विकसित किया गया है कि पर्यटक घने जंगलों, पहाडिय़ों, नदियों और घास के मैदानों के बीच प्रकृति को उसके वास्तविक स्वरूप में अनुभव कर सकें।
भोरमदेव जंगल सफारी केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय रोजगार सृजन और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का सशक्त माध्यम है। इस पहल से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है, साथ ही स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ प्राप्त होगा। राज्य सरकार द्वारा विकसित यह परियोजना छत्तीसगढ़ को इको-टूरिज्म के मानचित्र पर एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पर्यटकों एवं प्रकृति प्रेमियों से अपील है कि वे इस नई पहल का हिस्सा बनें और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता एवं सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करें।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किया भोरमदेव जंगल सफारी का शुभारंभ

सफारी के दौरान पर्यटकों को विभिन्न इन आकर्षक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा
टेडगा सालेह ग्रास लैंड - जहाँ नीलगाय, हिरण एवं विविध पक्षी प्रजातियाँ सहज रूप से देखी जा सकती हैं।
जैतपुरी (धन डबरा) ग्रास लैंड - संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुँचने का रोमांचक मार्ग।
बर खोल्हा व्यू प्वाइंट - चारों ओर फैले पर्वतीय दृश्यों का मनमोहक दृश्य और प्राकृतिक प्रतिध्वनि का अनूठा अनुभव।
बकोदा ग्रासलैंड - साल एवं बाँस के घने वन, जो प्राकृतिक स्वागत द्वार का आभास कराते हैं।
दूरदूरी झरना - जलधारा की मधुर ध्वनि और शीतल वातावरण, जो मन को सुकून प्रदान करता है।
भाई-बहन कोरा - स्थानीय जनश्रुतियों से जुड़ा एक सांस्कृतिक एवं भावनात्मक स्थल।
बाज़ार डोंगरी - सीधी ढलान वाली पहाड़ी, जो साहसिक अनुभव को और अधिक रोमांचक बनाती है।
कारियाआमा - प्राचीन शनि मंदिर एवं ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान, जहाँ की पौराणिक कथा इस क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाती है।

सादगी और अपनापन: सुशासन तिहार में बच्चों संग मुख्यमंत्री साय ने खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला

सादगी और अपनापन: सुशासन तिहार में बच्चों संग मुख्यमंत्री साय ने खेला क्रिकेट, बढ़ाया हौसला

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान ग्राम भैंसामुड़ा में एक बेहद आत्मीय और उत्साहवर्धक दृश्य देखने को मिला, जब वे शासकीय प्राथमिक शाला चंदागढ़ के स्कूल परिसर में अचानक पहुंच गए। विद्यालय पहुंचते ही उनकी नजर मैदान में क्रिकेट खेल रहे बच्चों पर पड़ी, जिनका जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों की इस ऊर्जा ने मुख्यमंत्री को इतना आकर्षित किया कि वे बिना औपचारिकता के सीधे मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेलने लगे। मुख्यमंत्री को अपने बीच खेलते देख बच्चों की खुशी दोगुनी हो गई और पूरा वातावरण उत्साह और उल्लास से भर उठा।

इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से सहज संवाद करते हुए उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खेल के प्रति रुचि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से पूछा कि वे नियमित रूप से खेलते हैं या नहीं और किस खेल में उनकी विशेष रुचि है। बच्चों के साथ इस आत्मीय संवाद के बीच उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं की क्या स्थिति है और किन-किन संसाधनों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

मैदान में मौजूद खिलाड़ी प्रकाश ठाकुर से भी मुख्यमंत्री ने चर्चा कर उनके अनुभवों और खेल से जुड़े पहलुओं के बारे में जाना, जिससे स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी उन्हें मिल सकी। बच्चों के उत्साह और खेल के प्रति उनकी रुचि को देखते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि स्कूल के विद्यार्थियों के लिए आवश्यक क्रिकेट किट और स्पोर्ट्स ड्रेस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर खेल सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने कौशल का समुचित विकास कर सकें और आगे बढऩे के अवसर प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री का यह दृष्टिकोण खेल और शिक्षा के संतुलित विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने ग्राम पंचायत के सरपंच श्री रोशन प्रताप सिंह से भी बातचीत कर गांव की स्थिति, चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गांव के समग्र विकास के लिए आवश्यक पहल सुनिश्चित की जाए, ताकि बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी संतुलित प्रगति हो सके। मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा केवल एक प्रशासनिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों के साथ बिताए गए उनके सहज और प्रेरणादायक क्षणों ने ग्रामीणों के मन में विशेष उत्साह और विश्वास का वातावरण निर्मित किया। यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि शासन जब जमीनी स्तर पर पहुंचकर सीधे संवाद करता है, तो वह केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं करता, बल्कि लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार भी करता है।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना का शंखनाद: बस्तर के प्रगणक ने दुर्गम क्षेत्र में रचा इतिहास

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना का शंखनाद: बस्तर के प्रगणक ने दुर्गम क्षेत्र में रचा इतिहास

 रायपुर। भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण—मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों में शुक्रवार से आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। इस राष्ट्रव्यापी महाभियान के सफल संचालन हेतु राज्य में 51,300 प्रगणक एवं 9,000 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गये हैं, जो 30 मई तक घर-घर जाकर डेटा संकलन का कार्य संपन्न करेंगे।

बस्तर की मिसाल: दुर्गम क्षेत्र गाटम में पहले ही दिन कार्य पूर्ण

जनगणना कार्य के प्रथम दिवस ही बस्तर जिले के तोकापाल तहसील स्थित अत्यंत दुर्गम क्षेत्र के ग्राम 'गाटमÓ से एक उत्साहजनक खबर आई। यहाँ के प्रगणक ने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन ग्राम का कार्य पूर्ण कर लिया। प्रगणक की इस उपलब्धि ने प्रशासनिक स्तर पर न केवल प्रशंसा बटोरी है, बल्कि पूरे राज्य के फील्ड कार्यकर्ताओं के बीच भारी उत्साह का संचार किया है। जनगणना निदेशालय ने इसे राष्ट्र सेवा के प्रति एक उत्कृष्ट मिसाल बताया है।
सख्त रुख: ड्यूटी से नदारद 44 कर्मियों पर गाज
एक ओर जहाँ निष्ठा की मिसाल पेश की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन सख्त है। रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनगणना ड्यूटी में लगाए गए 44 कर्मचारी कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें नगर निगम आयुक्त द्वारा तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। संबंधित प्रशासन द्वारा इन कर्मियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इंकार करना इस अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।
डिजिटल जनगणना और स्व-गणना की सफलता
देश में पहली बार जनगणना पूर्णत: डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जिसमें प्रगणक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से 33 प्रश्नों की जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक उपलब्ध स्व-गणना विकल्प के माध्यम से 1,49,862 परिवारों ने वेब पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर अपनी सीधी भागीदारी सुनिश्चित की है।
गोपनीयता की पूर्ण गारंटी
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां जनगणना अधिनियम 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत पूर्णत: गोपनीय रखी जाएंगी। इस जानकारी का उपयोग किसी भी प्रकार की पुलिस जांच, टैक्स निर्धारण या कानूनी साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकता और न ही यह सूचना का अधिकार के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। इसका एकमात्र उद्देश्य भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीति निर्माण में सहयोग करना है।

सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री साय पहुंचे लखपति दीदी सुमिला की किराना दुकान, लौंग-इलायची से हुआ आत्मीय स्वागत

सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री साय पहुंचे लखपति दीदी सुमिला की किराना दुकान, लौंग-इलायची से हुआ आत्मीय स्वागत

 00 मुख्यमंत्री ने खुद चुकाया सामान का मूल्य, मुद्रा लोन से शुरू हुई दुकान बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल 

00 लखपति दीदी की कहानी से मुख्यमंत्री हुए प्रभावित
रायपुर।
 प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान लखपति दीदी सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।
मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।

सुशासन तिहार: मुख्यमंत्री साय पहुंचे लखपति दीदी सुमिला की किराना दुकान, लौंग-इलायची से हुआ आत्मीय स्वागत

मुख्यमंत्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री श्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए। उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है। सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।
सुमिला ने बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि आपने अपनी मेहनत से लखपति दीदी का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप करोड़पति दीदी भी बनेंगी। मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।

गोद में उठाया, चश्मा पहनाया... भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप

गोद में उठाया, चश्मा पहनाया... भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप

 00 नन्हीं मानविका के सपनों को मिला मुख्यमंत्री का स्नेहिल स्पर्श

00 डॉक्टर बनना है सुनकर मुस्कुराए मुख्यमंत्री, बढ़ाया हौसला

रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में एक ऐसा आत्मीय और भावुक क्षण सामने आया, जिसने वहां मौजूद प्रत्येक व्यक्ति के मन को गहराई से छू लिया और पूरे वातावरण को संवेदनाओं से भर दिया। यह दृश्य उस मानवीय स्पर्श का जीवंत उदाहरण बन गया, जहां शासन और संवेदना एक साथ दिखाई देते हैं।
सुशासन तिहार के दौरान जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नजर 4 वर्षीय नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी, वे सहज भाव से उसके पास पहुंच गए। उनके इस स्वाभाविक और अनायास कदम ने पूरे माहौल को एक अलग ही अपनत्व के वातावरण में बदल दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्नेहपूर्वक बच्ची को अपनी गोद में उठाया और मुस्कुराते हुए उससे आत्मीय संवाद करने लगे। उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और व्यवहार की सरलता इस बात को दर्शा रही थी कि सच्चा नेतृत्व वही होता है, जो लोगों के बीच जाकर उनके अपनेपन को महसूस करता है।

गोद में उठाया, चश्मा पहनाया... भैंसामुड़ा में दिखा मुख्यमंत्री का आत्मीय रूप

मुख्यमंत्री साय के पूछने पर मासूमियत भरी आवाज़ में जब मानविका ने तुतलाते हुए कहा - मुझे डॉक्टर बनना है, तो उस छोटे-से वाक्य में एक बड़े सपने की झलक साफ दिखाई दे रही थी। यह सुनकर मुख्यमंत्री साय के चेहरे पर सहज और स्नेहिल मुस्कान उभर आई। उन्होंने पूरे अपनत्व के साथ बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह संवाद भले ही कुछ क्षणों का रहा, लेकिन उसमें जो भावनात्मक गहराई थी, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को यह महसूस कराया कि छोटे बच्चों के सपनों को भी सही प्रोत्साहन देने का कार्य भी मुख्यमंत्री का रहे हैं। इसी आत्मीयता में मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पास रखा चश्मा निकालकर बड़े प्यार से बच्ची को पहनाया और उसे पुचकारते हुए उसका हौसला बढ़ाया।
मानविका की माता श्रीमती दीपांजलि चौहान ने बताया कि उनकी बेटी मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर बेहद उत्साहित थी और उनसे मिलकर अत्यंत खुश हुई। उन्होंने इस स्नेहपूर्ण व्यवहार के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके परिवार के लिए एक यादगार अनुभव बन गया है। यह पूरा प्रसंग संवेदनशील और जनसरोकार से जुड़े नेतृत्व का सजीव उदाहरण बन गया, जहां शासन केवल योजनाओं और नीतियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्नेह, संवाद और विश्वास के माध्यम से सीधे लोगों के दिलों तक अपनी जगह बनाता है।

मुख्यमंत्री ने ईंट जोड़कर किया श्रमदान, भैंसामुड़ा में पीएम आवास निर्माण का किया औचक अवलोकन

मुख्यमंत्री ने ईंट जोड़कर किया श्रमदान, भैंसामुड़ा में पीएम आवास निर्माण का किया औचक अवलोकन

 00 कच्ची झोपड़ी से पक्के घर तक का सपना हो रहा साकार,हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने जताया आभार

रायपुर। सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जशपुर जिला प्रवास के दौरान एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम भैंसामुड़ा में देखने को मिला, जिसने ग्रामीणों के मन में गहरी छाप छोड़ी। विकासखंड पत्थलगांव के इस दूरस्थ गांव में पहुंचकर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों का औचक निरीक्षण किया। गांव से गुजरते समय उनकी नजर हितग्राही अनुसुइया पैंकरा के निर्माणाधीन घर पर पड़ी, जिसके बाद वे तुरंत वाहन से उतरकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने न केवल कार्य की गुणवत्ता को परखा, बल्कि वहां कार्यरत श्रमिकों से आत्मीय संवाद भी किया। उन्होंने उनके परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि यही मेहनत प्रदेश के विकास की वास्तविक ताकत है। इस दौरान मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सादगी का एक अनूठा उदाहरण तब सामने आया, जब उन्होंने स्वयं करणी उठाकर सीमेंट-गारा से ईंट जोड़ते हुए श्रमदान किया। मुख्यमंत्री को अपने हाथों से निर्माण कार्य में सहभागी होते देख वहां उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे। यह दृश्य केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त संदेश बन गया।
हितग्राही अनुसुइया पैंकरा ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि उनका वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उन्हें पक्का घर मिल रहा है, जिससे उनके परिवार का जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगा। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर चंदागढ़ के राजमिस्त्री  मोहन चक्रेश से भी चर्चा की। उन्होंने उनके रोजगार, दैनिक मजदूरी और पारिवारिक स्थिति के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री  साय की यह पहल केवल एक औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता, सहभागिता और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण बन गई। इस घटना ने ग्रामीणों के मन में शासन के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया। इस दौरान पत्थलगांव क्षेत्र की विधायक गोमती साय और अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर  रोहित व्यास सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों से महकेगा नारी शक्ति का स्वावलंबन

छत्तीसगढ़ की जड़ी-बूटियों से महकेगा नारी शक्ति का स्वावलंबन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल की गोद में छिपी अमूल्य औषधि संपदा अब केवल स्वास्थ्य का आधार नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के आर्थिक स्वावलंबन का नया अध्याय बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन की जिस परिकल्पना को साकार कर रही है, उसे वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम के मार्गदर्शन में धरातल पर उतार रहा है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं

पारंपरिक ज्ञान को वैज्ञानिक पहचान
वनांचल में बिखरे पारंपरिक ज्ञान को महज एक स्मृति न रहने देने के संकल्प के साथ बोर्ड ने इसे वैज्ञानिक पद्धति से जोडऩे का निर्णय लिया है। इसके तहत उन स्थानीय वैद्यों और जानकारों का चिन्हांकन शुरू किया गया है, जिनके पास असाध्य रोगों के उपचार का अद्भुत ज्ञान है। बोर्ड का प्रयास इन महिलाओं को एक उचित मंच प्रदान करना है, ताकि उनकी विशेषज्ञता का लाभ समाज को मिले और वे स्वयं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर सकें। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उस विरासत का सम्मान है जिसे ग्रामीण महिलाओं ने सदियों से सहेजकर रखा है। छत्तीसगढ़ में पारंपरिक जड़ी-बूटी और जनजातीय ज्ञान को अब आधुनिक विज्ञान के माध्यम से नई पहचान मिल रही है। राज्य के वनों में छिपे औषधीय खजाने को वैज्ञानिक आधार पर प्रमाणित कर, उसे आजीविका के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है।
संग्रहण से प्रसंस्करण तक- उद्यमिता की नई उड़ान
आर्थिक मोर्चे पर सबसे बड़ा बदलाव तब दिखाई दे रहा है, जब जड़ी-बूटियों का संग्रहण करने वाली महिलाएं अब संग्राहक से आगे बढ़कर निर्माता की भूमिका में नजर आ रही हैं। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, महिला स्व-सहायता समूहों को औषधि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के उन्नत गुर सिखाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल औषधीय पौधों का संरक्षण कर रही है, बल्कि वनवासियों और लघु वन उपज संग्राहकों की आय में वृद्धि करके उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है। छत्तीसगढ़ में 1500 से अधिक सक्रिय वैद्यों के ज्ञान को सहेजने और जड़ी-बूटियों के विपणन के लिए छत्तीसगढ़ जनजातीय स्थानीय स्वास्थ्य परंपराएं और औषधीय पादप बोर्ड सक्रिय रूप से काम कर रहा है। यह संस्था हर्बल उत्पादों की खेती, मूल्य संवर्धन, और मार्केटिंग में तकनीकी सहायता और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करती है।
औषधि पादप बोर्ड की नई कार्ययोजना से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं ग्रामीण महिलाएं
छत्तीसगढ़ में जड़ी-बूटी मूल्य संवर्धन एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से राज्य के समृद्ध वन संसाधनों को वैज्ञानिक तरीके से संसाधित (प्रोसेस) करके उनके आर्थिक मूल्य को बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड के तहत इन उत्पादों को बढ़ावा दे रही है। जब ये महिलाएं वनों से प्राप्त कच्ची सामग्री को साफ कर, सुखाकर उसे चूर्ण, अर्क या तेल के रूप में परिवर्तित करती हैं, तो उत्पाद की कीमत और गुणवत्ता कई गुना बढ़ जाती है। इस मूल्य संवर्धन का सीधा आर्थिक लाभ उनके बैंक खातों तक पहुँच रहा है, जिससे बिचौलियों का वर्चस्व पूरी तरह समाप्त हो गया है। गिलोय, कालमेघ, बहेड़ा, सफेद मूसली, जंगली हल्दी, गुड़मार, अश्वगंधा, और शतावरी जैसी महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों से अर्क और उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। 65 से अधिक लघु वन उपज प्रजातियों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी और उनका प्रसंस्करण किया जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ को एक प्रमुख हर्बल स्टेट के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम है।

छत्तीसगढ़ हर्बल्स को वैश्विक पहचान
छत्तीसगढ़, जिसे जड़ीबूटि गढ़ भी कहा जाता है, अपने घने जंगलों, विशेषकर बस्तर में 160 से अधिक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों का प्राकृतिक खजाना है। यहाँ की मिट्टी में अश्वगंधा, सर्पगंधा, गोक्षुरा (गोखरू), कुटकी और तिखुर जैसी औषधियां पाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं। बाजार की चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए बोर्ड ने विपणन (मार्केटिंग) तंत्र को पारदर्शी बनाया है। प्रदेश के छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड को सशक्त करने के लिए प्रदर्शनियों और रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से इन उत्पादों को सीधे शहरी उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के व्होकल फार लोकल और मुख्यमंत्री के लखपति दीदी अभियान को सफल बनाने में यह रणनीति संजीवनी का कार्य कर रही है।
नर्सरी प्रबंधन और स्थानीय रोजगार
जड़ी बूटियों को किचिन गार्डन, होम गार्डन में खिड़की, बालकनी, टेरिस पर गमलों, या अन्य कंटेनरों में कभी भी उगाया जा सकता है। कंटेनर गार्डनिंग या ग्रो बैग में जड़ी-बूटियां उगाने का एक फायदा यह भी है कि जड़ी-बूटी को उसकी जरूरत के आधार पर मिट्टी, पोषक तत्व, सूर्य प्रकाश और नमी के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है तथा गमलों में उगाई गई प्रत्येक जड़ी-बूटी (हर्बल) को उसकी आदर्श स्थितियां दे सकते हैं। पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से औषधीय पौधों की 'मदर नर्सरीÓ विकसित करने की जिम्मेदारी महिला समूहों को सौंपी जा रही है। इससे दुर्लभ जड़ी-बूटियों की प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए बारहमासी रोजगार के द्वार खुल गए हैं, जिससे वनांचल से होने वाले पलायन पर भी अंकुश लगा है।
समृद्ध नारी, सशक्त छत्तीसगढ़
राज्य शासन का यह समेकित दृष्टिकोण इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड केवल एक प्रशासक की नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है। सामूहिक नेतृत्व और संस्थागत सुधारों पर जोर देने से आज छत्तीसगढ़ की बेटियां आत्मनिर्भर बन रही हैं। वनांचल की महिलाओं के चेहरे पर उपजी मुस्कान एक समृद्ध और स्वावलंबी छत्तीसगढ़ की सच्ची तस्वीर पेश कर रही है।

शराब घोटाले पर ईडी का बड़ा एक्शन: 13 ठिकानों पर छापे, करोड़ों की नगदी और सोना जब्त

शराब घोटाले पर ईडी का बड़ा एक्शन: 13 ठिकानों पर छापे, करोड़ों की नगदी और सोना जब्त

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की है। एजेंसी की टीम ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग/भिलाई सहित कुल 13 ठिकानों पर दबिश दी, जहां से भारी मात्रा में नकदी और सोना जब्त किया गया।

ईडी द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत 30 अप्रैल 2026 को की गई। तलाशी अभियान के दौरान शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, व्यवसायियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के परिसरों को खंगाला गया, जिन पर घोटाले से जुड़ी अवैध कमाई को छिपाने या संचालित करने का संदेह था।

करोड़ों की बरामदगी
छापेमारी के दौरान एजेंसी को बड़ी सफलता मिली। कुल मिलाकर लगभग 5.39 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई, जिसमें करीब 53 लाख रुपये नकद, लगभग 3.23 किलोग्राम सोना (करीब 4.86 करोड़ रुपये मूल्य), इसके अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।

घोटाले की परतें खुलीं
ईडी की जांच धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एफआईआर के आधार पर चल रही है। जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन वसूली का एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय था।

इस नेटवर्क में कथित तौर पर राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, आबकारी विभाग के अधिकारी, शराब कारोबारी और लाइसेंसधारी शामिल थे, जो मिलकर अवैध वसूली की सुनियोजित साजिश चला रहे थे।

अब तक की कार्रवाई
ईडी अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है
लगभग 380 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं
81 आरोपी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ 6 अभियोजन शिकायतें दायर

इन मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जारी है।

जांच जारी
ईडी का कहना है कि हालिया छापेमारी में मिले सबूतों से जांच को और मजबूती मिली है। आने वाले समय में और कुर्की, गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में अब तक की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है, जिसने पूरे नेटवर्क को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

सीएम साय ने ‘लखपति दीदी’ सुमिला की दुकान में की खरीदारी

सीएम साय ने ‘लखपति दीदी’ सुमिला की दुकान में की खरीदारी

 मुद्रा लोन से शुरू हुई दुकान बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

रायपुर। सुशासन तिहार के दौरान रविवार को जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में मुख्यमंत्री साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंच गए। यह दुकान ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा द्वारा संचालित है, जिन्होंने अपनी मेहनत और संकल्प से आत्मनिर्भरता की मिसाल कायम की है।

मुख्यमंत्री साय का हेलीकॉप्टर गांव में उतरते ही वे सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला कोरवा भावुक हो उठीं और उन्होंने परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने सुमिला से बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। चर्चा के दौरान पता चला कि सुमिला ने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की शुरुआत की थी। आज उनकी दुकान में रोजमर्रा के सामान के साथ-साथ फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य जरूरी वस्तुएं मिलती हैं।

मुख्यमंत्री साय ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से पैसे निकालकर भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से मना किया, तो मुख्यमंत्री साय ने मुस्कुराते हुए कहा कि “यह आपके मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।” उन्होंने सुमिला के परिश्रम की सराहना करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्र में रहकर लोगों की जरूरतों का ध्यान रखना बेहद सराहनीय है और यह अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा है।

सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में अपने परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी दुकान गांव में अच्छी तरह चल रही है और परिवार की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुकी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ाई करती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त की है और गर्मी की छुट्टियों में दुकान में उनका हाथ बटा रही है।

सुमिला ने आगे बताया कि उनके परिवार के पास ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन भी है, जिसे गांव के लोग खेती और शादी-ब्याह के कार्यों में किराए पर लेते हैं। वे दुकान के साथ-साथ घर और खेती की जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने सुमिला की मेहनत और जज्बे की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि “आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम हासिल किया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।”
मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि यह सुशासन तिहार के उस उद्देश्य को भी सार्थक करता नजर आया, जिसमें शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद स्थापित करने की परिकल्पना की गई है।

 

 

 

शहादत को सलाम…IED ब्लास्ट में शहीद 4 जवानों को आखिरी विदाई

शहादत को सलाम…IED ब्लास्ट में शहीद 4 जवानों को आखिरी विदाई

 कांकेर: छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर शनिवार को IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए।  आज उन चार शहीद जवानों को नारायणपुर पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी गई।

सर्च ऑपरेशन पर निकले थे जवान

बता दें कि शनिवार 2 मई को DRG की टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इस दौरान जवानों को नक्सलियों द्वारा प्लांटेट IED मिला था, जिसे बाहर निकालकर निष्क्रीय किया जा रहा था. तभी IED विस्फोट हो गया। IED की चपेट में आकर 3 जवान इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा, कॉन्स्टेबल संजय गढपाले घटनास्थल पे शहीद हो गए। वहीं 1 घायल जवान कॉन्स्टेबल परमानंद कोर्राम को एयरलिफ्ट कर रायपुर के देवेंद्र नगर स्थित अस्पताल में लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी।

शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

आज रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को नारायणपुर पुलिस लाइन में लाया गया, जहां तिरंगे में लिपटे शहीद जवानों को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सभी शहीदों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। वहीं पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिसके बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को उनके गृह ग्राम के लिए रवाना किया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

Breaking : शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, व्याख्याता, शिक्षकों के हुए तबादले, देखें आदेश..!!

Breaking : शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, व्याख्याता, शिक्षकों के हुए तबादले, देखें आदेश..!!

 रायपुर। कर्मचारियों और शिक्षकों के तबादले पर फिलहाल तो बैन लगा हुआ है, लेकिन बैंक डोर से शिक्षकों के तबादले अभी भी हो रहे है। व्याख्याता और सहायक शिक्षकों के ट्रांसफर का दो अलग अलग आदेश सामने आया है।

देखें आदेश….

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार अंतर्गत अपने प्रदेशव्यापी दौरे का आज कर रहे हैं आगाज

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार अंतर्गत अपने प्रदेशव्यापी दौरे का आज कर रहे हैं आगाज

 रायपुर--राज्य शासन के महत्वपूर्ण अभियान सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री श्री साय आज  पुलिस लाइन हेलीपेड रायपुर से रवाना हुए.

इस अभियान में मुख्यमंत्री  श्री साय आम नागरिकों से रूबरू होकर सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं  एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति का लेंगे फीडबैक.

उल्लेखनीय है  कि 1 मई से प्रारम्भ सुशासन तिहार 10 जून तक जारी रहेगा..मुख्यमंत्री के साथ दौरे पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल भी रवाना  हुए.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार अंतर्गत अपने प्रदेशव्यापी दौरे का आज कर रहे हैं आगाज

पश्चिम बंगाल में होगा बड़ा खेला, कमल खिलने का दावा: डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस और ममता पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल में होगा बड़ा खेला, कमल खिलने का दावा: डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस और ममता पर साधा निशाना

 रायपुर। बंगाल चुनाव परिणाम को लेकर सियासी गलियारों में आज हलचल तेज है। इस बीच डिप्टी सीएम अरुण साव ने पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों को लेकर बड़ा दावा किया है। साव ने दो टूक शब्दों में कहा है कि 4 मई को जब नतीजे आएंगे, तो ममता बनर्जी का किला ढह चुका होगा।

पश्चिम बंगाल में ममता का खेला खत्म, खिलेगा कमल

डिप्टी सीएम अरुण साव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि पूरा देश 4 मई की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, बंगाल की जनता ने इस बार घुसपैठियों का साथ देने वाली ममता सरकार को सबक सिखाने का मन बना लिया है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि साव ने फीडबैक के आधार पर दावा किया है कि इस बार पश्चिम बंगाल में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जनता का रुझान भाजपा की तरफ साफ दिख रहा है और 4 मई को TMC के साथ खेला होने वाला है।

असम और पांडिचेरी में भी जीत का पक्का भरोसा

साव सिर्फ बंगाल तक ही नहीं रुके, उन्होंने अन्य चुनावी राज्यों पर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि असम और पांडिचेरी में भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने और बनाने में सफल होगी। साव के मुताबिक, इन 5 राज्यों के परिणाम देश की राजनीति की दिशा बदल देंगे। रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब तुष्टिकरण की राजनीति से ऊब चुकी है और विकास चाहती है।

महंगाई पर कांग्रेस के प्रदर्शन को बताया पाकिस्तान प्रेम

प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में आज कांग्रेस महंगाई को लेकर बड़ा मोर्चा खोलने जा रही है। इस पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। साव ने तंज कसते हुए कहा कांग्रेस पार्टी का पाकिस्तान के प्रति प्रेम अब दुनिया के सामने उजागर हो गया है। पाकिस्तान में कांग्रेस के नेता हीरो की तरह पेश किए जाते हैं। महंगाई पर शोर मचाने वाली कांग्रेस अपने पसंदीदा देश पाकिस्तान के हालात देख ले। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में महंगाई दर दुनिया के कई विकसित देशों की तुलना में काफी कम है।

रायपुर से लेकर दिल्ली तक नतीजों का इंतजार

छत्तीसगढ़ भाजपा के दिग्गज नेता का यह बयान तब आया है जब कल यानी 4 मई को नतीजों का पिटारा खुलने वाला है। रायपुर के जयस्तंभ चौक से लेकर मंत्रालय के गलियारों तक अब सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि क्या वाकई बंगाल में साव का दावा सच साबित होगा? प्रशासन ने भी नतीजों के बाद किसी भी तरह के जश्न या प्रतिक्रिया को लेकर अपनी नजरें गढ़ी हुई हैं।

CG : वाटर फिल्टर प्लांट में भीषण आग — दमकल टीम ने समय रहते पाया काबू, बड़ा हादसा टला

CG : वाटर फिल्टर प्लांट में भीषण आग — दमकल टीम ने समय रहते पाया काबू, बड़ा हादसा टला

 दुर्ग ।  दुर्ग के पद्मनापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीआईटी कॉलेज के पास स्थित वाटर फिल्टर प्लांट के ऑफिस में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही दुर्ग अग्निशमन कार्यालय से दमकल की टीम तुरंत मौके पर रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि प्लांट के कमरे से तेज आग की लपटें और धुआं निकल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फायर फाइटर्स ने केमिकल होने की आशंका के बीच बीए सेट का इस्तेमाल कर धुएं से भरे कमरे के अंदर प्रवेश किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

अग्निशमन कर्मियों की तत्परता और सूझबूझ के चलते आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। फिलहाल आग लगने का कारण अज्ञात बताया जा रहा है। इस ऑपरेशन में जिला अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में अग्निशमन दल प्रभारी शरद मेश्राम सहित धर्मेंद्र, नागेश, दीवहार, खेमराज, पवित्र और राहुल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समय पर कार्रवाई और टीमवर्क के चलते मौके पर किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

CG CRIME : अवैध रिश्ते के शक ने ली जान, मारपीट के बाद महिला की मौत; आरोपी महिला गिरफ्तार

CG CRIME : अवैध रिश्ते के शक ने ली जान, मारपीट के बाद महिला की मौत; आरोपी महिला गिरफ्तार

 कबीरधाम । कबीरधाम जिले के कुकदूर थाना क्षेत्र के ग्राम रोकनी में एक महिला की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया कि यह मामला आपसी विवाद और मारपीट से जुड़ा है, जिसमें गंभीर रूप से घायल महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार सोनकली बैगा (22) को उसके पति जेठूराम बैगा ने गंभीर हालत में जिला अस्पताल कवर्धा में भर्ती कराया था, जहां 27 अप्रैल 2026 को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक सूचना पर थाना कवर्धा में मामला दर्ज किया गया, जबकि घटना स्थल कुकदूर क्षेत्र में होने के कारण वहां मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि मृतका का पड़ोसी अर्जुन बैगा के साथ कथित अवैध संबंध था। 21 अप्रैल को अर्जुन बैगा की पत्नी मंदाकिनी बैगा ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। इसी दौरान गुस्से में आकर मंदाकिनी बैगा ने बांस के डंडे से सोनकली बैगा पर हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घायल महिला किसी तरह अपने घर पहुंची, जहां परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी मंदाकिनी बैगा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। इस घटना ने एक बार फिर आपसी विवाद के खतरनाक अंजाम को उजागर कर दिया है।

 
CG WEATHER : मौसम ने लिया यू-टर्न — तेज गर्मी के बाद अंधड़, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

CG WEATHER : मौसम ने लिया यू-टर्न — तेज गर्मी के बाद अंधड़, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

 रायपुर ।  छत्तीसगढ़ के मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां भीषण गर्मी के बाद अब आंधी, बादल और हल्की बारिश ने राहत के संकेत दिए हैं। राजधानी रायपुर में दिनभर तेज धूप के बाद शाम को आसमान में बादल छा गए और रात में तेज अंधड़ चला, वहीं प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।

प्रदेश में फिलहाल गर्मी का असर बना हुआ है, जहां राजनांदगांव में सबसे अधिक 43.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि उत्तर छत्तीसगढ़ में तापमान में करीब 4 डिग्री की बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक सभी संभागों में एक-दो स्थानों पर तेज हवाओं, मेघगर्जन, वज्रपात और हल्की बारिश की संभावना जताई है। खासतौर पर 4 और 5 मई को इन गतिविधियों में और तेजी आने की चेतावनी दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका (ट्रफ) पूर्वोत्तर मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम तक फैली हुई है, जिसका असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिख रहा है। इसके चलते रविवार को भी एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

रायपुर के लिए 3 मई का पूर्वानुमान बताता है कि आकाश आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और मेघगर्जन के साथ बारिश हो सकती है, जबकि अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। मौसम के इस अचानक बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, वहीं तेज हवाओं और वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

रायपुर-बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश में नया कानून लागू, जमीन विवाद हुआ तो सीधे कलेक्टर करेंगे फैसला

रायपुर-बिलासपुर समेत पूरे प्रदेश में नया कानून लागू, जमीन विवाद हुआ तो सीधे कलेक्टर करेंगे फैसला

 रायपुर : छत्तीसगढ़ में जमीन विवादों के समाधान को आसान और तेज बनाने के लिए विष्णुदेव साय सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे आम लोगों और किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

अब सीधे कलेक्टर के पास अपील

नए प्रावधानों के अनुसार, एसडीएम स्तर पर जमीन विवाद का समाधान नहीं होने पर अब अपील सीधे जिला कलेक्टर के पास की जा सकेगी। पहले इसके लिए संभागीय कमिश्नर कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

खत्म हुई कमिश्नर कोर्ट प्रक्रिया

इस संशोधन के बाद अब कमिश्नर कोर्ट जाने की आवश्यकता खत्म हो गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें पहले 30 से 50 किलोमीटर दूर संभाग मुख्यालय तक जाना पड़ता था।

30 से 90 दिन में होगा निपटारा

सरकार ने जमीन विवादों के समाधान के लिए समय सीमा भी तय कर दी है। अब ऐसे मामलों का निपटारा 30 से 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा, जिससे लंबित मामलों में तेजी आएगी।

अफसरों की जवाबदेही तय

यदि किसी मामले में सुनवाई में अनावश्यक देरी होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

निवेश और रोजगार को बढ़ावा

संशोधित धारा 59 के तहत औद्योगिक उपयोग की जमीनों को पुनर्मूल्यांकन से छूट दी गई है। इससे राज्य में निवेश बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। प्रशासन ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि नए कानून के तहत मामलों की सूची तैयार कर जल्द सुनवाई प्रक्रिया शुरू की जाए।

रायपुर पुलिस ने दिल्ली में पकड़ा इंटरनेशनल ड्रग्स गैंग…! BP मशीन में छुपाकर भेजी जा रही थी कोकीन

रायपुर पुलिस ने दिल्ली में पकड़ा इंटरनेशनल ड्रग्स गैंग…! BP मशीन में छुपाकर भेजी जा रही थी कोकीन

 रायपुर/दिल्ली : रायपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दिल्ली में दबिश देकर एक नाइजीरियन समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कोकीन सप्लाई रैकेट का खुलासा हुआ है, जो सीधे नाइजीरिया से ऑपरेट हो रहा था।

दरअसल, थाना देवेन्द्र नगर में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में एंटी क्राइम और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने 19 मार्च को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कृष्ण गोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया था। उसके पास से करीब 4.55 ग्राम कोकीन (कीमत ₹2.27 लाख), एक मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा कार और एक एप्पल आईफोन जब्त किया गया था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को ड्रग्स की सप्लाई एक इंटरनेशनल गिरोह के जरिए मिल रही थी, जिसका सरगना एक नाइजीरियन नागरिक है।

दिल्ली में रेड, नाइजीरियन गिरफ्तार

मिली जानकारी के आधार पर, पुलिस की एक टीम को दिल्ली भेजा गया, जहां तिलक नगर इलाके से दो आरोपियों सनी शर्मा और टोचकवु अफ़ामे उर्फ़ प्रिंस चार्ल्स (एक नाइजीरियाई नागरिक) को गिरफ़्तार कर लिया गया। आरोपियों ने बताया कि शक से बचने के लिए कोकीन को ब्लड प्रेशर मॉनिटर के डिब्बों के अंदर छिपाकर कूरियर के ज़रिए भेजा गया था।

नाइजीरिया से चल रहा था सिंडिकेट

पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क (Cocaine Bust) का संचालन नाइजीरिया में बैठा ‘चिची’ नाम का शख्स कर रहा था। आरोपी सन्नी शर्मा ने अपना बैंक खाता कमीशन पर इस नेटवर्क को दिया हुआ था। पुलिस ने आरोपी से लगभग ₹11 लाख की संपत्ति ज़ब्त की है, जिसमें ₹9.70 लाख नकद, 5 Apple iPhone और तीन चेकबुक शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ के पांच सिविल जजों के इस्तीफे से उठे सवाल, विधि विभाग ने कार्यमुक्त करने का जारी किया आदेश

छत्तीसगढ़ के पांच सिविल जजों के इस्तीफे से उठे सवाल, विधि विभाग ने कार्यमुक्त करने का जारी किया आदेश

 बिलासपुर।। विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने हाईकोर्ट की अनुशंसा पर प्रदेश के पांच सिविल जज जूनियर डिवीजन के त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए अप्रैल माह में उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया है।

बताया जा रहा है कि प्रदेश में न्यायिक सेवा में पदस्थ पांच सिविल जज जूनियर डिवीजन ने व्यक्तिगत कारण से अपने पद से त्यागपत्र दिया था। हाईकोर्ट ने जांच उपरांत पांचों के त्यागपत्र को मंजूर करने विधि एवं विधाई कार्य विभाग से अनुशंसा की थी।

इसी कड़ी में विधि एवं विधाई कार्य विभाग ने द्बिव सिंह सेंगर सिविल जज जूनियर डिवीजन दुर्ग, प्रिय दर्शन गोस्वामी चतुर्थ सिविल जज जूनियर डिवीजन महासमुंद, कुमारी नंदनी पटेल सिविल जज जूनियर डिवीजन रायपुर, कुमारी भामिनी राठी अष्ठम सिविल जज जूनियर डिवीजन रायपुर एवं अर्पित गुप्ता प्रथम सिविल जज जूनियर डिवीजन रायपुर के त्यागपत्र को स्वीकार करते हुए उन्हें कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया है। इस तरह 5 सिविल जज जूनियर डिवीजन के इस्तीफे और फिर इस्तीफे को स्वीकार किये जाने के मामले की न्याय जगत में जमकर चर्चा हो रही है। इन सभी ने भले ही व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा देने की बात कही है, मगर इस्तीफे की मूल वजह कुछ और होगी, ऐसा वरिष्ठ अधिवक्ताओं का मानना है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रभार के जिलों में सुशासन तिहार के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।

समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मनरेगा भुगतान, पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड वितरण, राजस्व प्रकरण, शिक्षा, जाति प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं पेयजल व्यवस्था सहित विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि सुशासन तिहार में विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए और कोई भी मामला समय-सीमा से बाहर न रहे। उन्होंने नक्शा-खसरा निःशुल्क उपलब्ध कराने, बंटवारा, सीमांकन और नामांतरण जैसे मामलों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिविरों की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं समाज प्रमुखों तक समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को ध्यान में रखते हुए सभी लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े दुर्ग, बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी

बैठक में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के प्रचार-प्रसार के लिए शिविरों में स्टॉल लगाने और डेमो देने की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजना की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खाद वितरण, विद्युत आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने, खराब बोर सुधारने, पाइपलाइन बिछाने और जरूरत पड़ने पर पानी टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर शिविर स्थलों पर पेयजल, कूलर और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। उन्होंने पुलिस विभाग को स्कूल-कॉलेजों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा साइबर अपराध, नशा और यातायात नियमों पर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े दुर्ग, बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी

सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने और ग्राम पंचायतों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर सुशासन तिहार को सफल बनाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश…..

वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

स्कूटी पर निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगर भ्रमण कर विकास कार्यों का लिया जायजा….

स्कूटी पर निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगर भ्रमण कर विकास कार्यों का लिया जायजा….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री अरुण साव ने आज लोरमी नगर में स्कूटी से भ्रमण कर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने रानीगांव में गार्डन, तालाब और मुक्तिधाम निर्माण कार्यों का जायजा लिया। श्री साव ने प्रवेश द्वार, नाली निर्माण और मनियारी नदी पर बन रहे पुल की प्रगति की जानकारी लेकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बस स्टैंड जिम में युवाओं से संवाद किया और स्लम स्वास्थ्य योजना के मेडिकल यूनिट का अवलोकन कर स्वास्थ्य सुविधाओं को परखा। साथ ही नालंदा परिसर (आधुनिक लाइब्रेरी) के निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया।

गलियों में लोगों से मिलकर जाना सुख-दुख, अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और समय पर काम पूरा करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने भ्रमण के दौरान बच्चों और महिलाओं से आत्मीय मुलाकात कर उनका सुख-दुख जाना। उन्होंने ब्राह्मण पारा में जादूगर द्वारा दिखाए जा रहे जादू का आनंद भी लिया। श्री साव ने लोरमी में अपने विधायक कार्यालय में स्थानीय नागरिकों के साथ विकास कार्यों पर चर्चा की और जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने राम्हेपुर स्थित शिव मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण करते हुए कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विकास से ही जनता का भरोसा मजबूत होता है।

गलियों में लोगों से मिलकर जाना सुख-दुख, अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और समय पर काम पूरा करने के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद, 51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी….

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद, 51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं।

पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना

इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद

प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई

प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है।

उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण

दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की।

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी

जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद

नागरिकों से अपील

प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर, 22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए, गेंदा उत्पादन से कोड़केल के किसान ने पेश की सफलता की मिसाल…..

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर, 22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए, गेंदा उत्पादन से कोड़केल के किसान ने पेश की सफलता की मिसाल…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं। उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक खेती कर किसान कम लागत में लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन मिलने के कारण किसान वैज्ञानिक पद्धति से अधिक उत्पादन ले रहे हैं। एक किसान आनंदराम सिदार की सफलता देखकर अब अन्य ग्रामीण भी परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

परंपरागत खेती के दौर में जहाँ किसान अक्सर कम मुनाफे से परेशान रहते हैं, वहीं रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के एक छोटे से गाँव कोड़केल के किसान श्री आनंदराम सिदार ने नवाचार से समृद्धि की नई इबारत लिखी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन की श्गेंदा क्षेत्र विस्तार योजनाश् का लाभ उठाकर आनंदराम ने अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है।

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर

धान बनाम गेंदा- मुनाफे का बड़ा अंतर

आनंदराम सिदार पहले पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर थे। वे 10 क्विंटल धान का उत्पादन कर मुश्किल से 31 हजार रुपए की कुल आय प्राप्त कर पाते थे, जिसमें से लागत काटकर उनके हाथ मात्र 22 हजार रुपए का लाभ आता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय का ग्राफ अचानक बदल गया।

तकनीकी सहयोग और बंपर उत्पादन

वर्ष 2025-26 के दौरान उद्यानिकी विभाग ने उन्हें उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। आनंदराम की मेहनत और विभागीय सहयोग का नतीजा यह रहा कि उन्होंने कुल उत्पादन लगभग 44 क्विंटल गेंदा फूल बेचकर
3 लाख रुपए से अधिक की कुल आमदनी हासिल की। धान की तुलना में बेहतर रिटर्न और कम समय में अधिक आय प्राप्त किया।

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर

क्षेत्र के किसानों के लिए बने रोल मॉडल

श्री सिदार की इस सफलता ने पूरे रायगढ़ जिले में गेंदा जैसी नगदी फसलों के प्रति अन्य किसानों का रुझान बढ़ा दिया है। अब क्षेत्र के कई किसान धान के स्थान पर फूलों की खेती को एक लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। आनंदराम सिदार का कहना है कि शुरुआत में जोखिम लग रहा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग और सही समय पर की गई देखरेख ने मेरी तकदीर बदल दी। आज मैं आत्मनिर्भर हूँ और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ।

विभाग की सक्रिय पहल

रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़ने के बाद आनंदराम सिदार का जीवन की दिशा ही बदल गई। उद्यानिकी विभाग की सक्रियता से फूलों की खेती अब एक टिकाऊ और मुनाफे वाले व्यवसाय के रूप में उभर रही है। विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।