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वन मंत्री कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण, संग्राहकों से किया सीधा संवाद

वन मंत्री कश्यप ने दहिकोंगा तेंदूपत्ता फड़ का किया निरीक्षण, संग्राहकों से किया सीधा संवाद

 रायपुर। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने रविवार को कोंडागांव जिले के दहिकोंगा स्थित तेंदूपत्ता फड़ का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तेंदूपत्ता की गुणवत्ता देखी और संग्राहकों को हो रहे ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मंत्री  कश्यप ने दो संग्राहकों के मोबाइल में स्वयं ऑनलाइन एंट्री कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। वन मंत्री ने संग्राहकों से सीधे संवाद कर उन्हें “तेंदूपत्ता तिहार” की बधाई और शुभकामनाएं दीं तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े श्रमिकों की आय बढ़ाने और उनकी सुविधाओं में सुधार के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर कोंडागांव के वन मंडलाधिकारी  चूड़ामणि सिंह, संयुक्त वन मंडलाधिकारी डॉ. आशीष कोटरिवार, परिक्षेत्र अधिकारी कोंडागांव, परिक्षेत्र अधिकारी दहिकोंगा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

वन मंत्री ने संग्राहकों से किया सीधा संवाद

छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

छत्तीसगढ़ में सामूहिक विवाह बना सामाजिक एकता का उत्सव, मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

 रायपुर, 26 अप्रैल 2026 - दुर्ग जिले के ग्राम भरर (जामगांव-आर) में आयोजित तहसील स्तरीय विशाल कर्मा महोत्सव एवं सामूहिक आदर्श विवाह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और परंपरा का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जहां मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सहभागिता करते हुए 13 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखमय दांपत्य जीवन एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने 13 नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने साहू समाज भवन पाटन में शेड निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही ग्राम भरर पंचायत में शौचालय एवं शेड निर्माण तथा ग्राम पंचायत में सीसी रोड निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने की घोषणा भी की, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने साहू समाज को छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और गौरवशाली समाज बताते हुए माता कर्मा के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माता कर्मा की भक्ति और सेवा भावना समाज के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रही है। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय ताराचंद साहू को भी नमन किया और उनके साथ कार्य करने के अपने अनुभव साझा किए।

राज्य सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले 28 महीनों में राज्य में सुशासन स्थापित करने के साथ-साथ “मोदी की गारंटी” को पूरा करने की दिशा में ठोस कार्य किए गए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि राज्य में 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है। किसानों को बकाया बोनस राशि का भुगतान, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी तथा “महतारी वंदन योजना” के माध्यम से महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं और सिलाई-कढ़ाई, किराना दुकान सहित अन्य छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा  कि “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत दो वर्षों में लगभग 42 हजार लोगों को लाभ मिला है । उन्होंने बस्तर क्षेत्र में नक्सल समस्या के उन्मूलन और विकास कार्यों में आई तेजी को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

ऊर्जा क्षेत्र की पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की शुरुआत मार्च 2026 में की गई है, जो उन उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिनका बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। “मोर बिजली ऐप” के माध्यम से उपभोक्ता मोबाइल से ऑनलाइन पंजीकरण कर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं। इस योजना के तहत बकाया राशि पर लगने वाले ब्याज या सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट दी जा रही है। 

उन्होंने कहा कि गांव-गांव में अटल डिजिटल केंद्र खोलकर डिजिटल सेवाओं को सुलभ बनाया जा रहा है, जबकि प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। राज्य में सुशासन को सुदृढ़ करने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है।

इस अवसर पर सांसद  विजय बघेल, कमिश्नर  सत्यनारायण राठौर, कलेक्टर  अभिजीत सिंह, अध्यक्ष जिला साहू संघ  नंदलाल साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड  जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से गंगाधर बने सफल मत्स्य उद्यमी, पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से गंगाधर बने सफल मत्स्य उद्यमी, पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

 पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

रायपुर, 26 अप्रैल 2026 / प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोंडागांव जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का संतुलित एवं समावेशी उपयोग सुनिश्चित करते हुए मछुआरों और मछली पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत भूमि एवं जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही मत्स्य उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर जिले के ग्राम सातगांव के श्री गंगाधर नेताम आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पोंड लाइनर तकनीक से तालाब का निर्माण कराया है। इस पर कुल 14 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें उन्हें 8 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस तकनीक की मदद से वे कम स्थान में अधिक उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि साल के दो सीजन में लगभग 35 क्विंटल तक मछली का उत्पादन होता है। जिससे सालाना लगभग 03 से 04 लाख रुपए तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। गंगाधर नेताम ने बताया कि विभाग द्वारा योजना के लाभ के साथ साथ विभागीय अधिकारियों द्वारा सतत तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला। जिससे उन्हें मछली पालन के कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली।  गंगाधर जैसे कई किसान इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।

पोंड लाइनर तकनीक से कम जगह में अधिक उत्पादन

पोंड लाइनर तकनीक एक आधुनिक विधि है, जिसमें तालाब या जलाशय के तल और किनारों पर विशेष प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पानी के रिसाव को रोकना और जल का संरक्षण करना है। यह तकनीक मत्स्य पालन, कृषि सिंचाई और वर्षा जल संचयन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। लाइनर के उपयोग से पानी का रिसाव लगभग पूरी तरह रुक जाता है, जिससे कम पानी में भी लंबे समय तक उपयोग संभव होता है। मत्स्य पालन में पानी की स्थिरता बनी रहने से मछलियों की वृद्धि तेज होती है और उत्पादन बढ़ता है। इसके साथ ही बार-बार पानी भरने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे लागत कम होती है और लाभ बढ़ता है।

छत्तीसगढ़ का बरनवापारा अभयारण्य बना विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरणों के पुनर्जीवन का मजबूत उदाहरण

छत्तीसगढ़ का बरनवापारा अभयारण्य बना विलुप्ति के कगार पर पहुंचे काले हिरणों के पुनर्जीवन का मजबूत उदाहरण

 स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचान

रायपुर, 26 अप्रैल 2026 / यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए  सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।

स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।

स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण

एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।
बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।
अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।

संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।

इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।

काले हिरण के बारे में:
काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।

छत्तीसगढ़ की बेटी शिवानी सोनी ने रचा इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित

छत्तीसगढ़ की बेटी शिवानी सोनी ने रचा इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित

00 प्रदेश की प्रतिभा का विश्व स्तर पर बढ़ा गौरव, मंत्री अग्रवाल ने की मुलाकात कर दी बधाई
रायपुर।
 अम्बिकापुर की प्रतिभाशाली गोल्फ खिलाड़ी शिवानी सोनी ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सर्वाधिक अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली छत्तीसगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी के रूप में शिवानी को ‘इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा सम्मानित किया गया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने उनसे भेंट कर उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि जब बेटियाँ अपनी मेहनत और प्रतिभा से सफलता के नए आयाम स्थापित करती हैं, तो पूरा समाज गर्व महसूस करता है। शिवानी सोनी की उपलब्धि न केवल युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभा का वैश्विक मंच पर सशक्त प्रमाण भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और ऐसे खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

इस अवसर पर शिवानी सोनी ने भी मंत्री  अग्रवाल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलना गर्व की बात है और वह आगे भी बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने के लिए पूरी मेहनत करेंगी। शिवानी की इस उपलब्धि से अम्बिकापुर सहित पूरे प्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है तथा यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

CG ACCIDENT : तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को मारी ठोकर, दोनों की मौत

CG ACCIDENT : तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को मारी ठोकर, दोनों की मौत

 बालोद।  जिले में रविवार को हुए सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना अछोली गांव के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।

घटना देवरी थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक दोनों युवक भुरकाभाट गांव के रहने वाले थे। वे किसी काम से बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान अछोली गांव के पास सामने से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

ड्राइवर को हिरासत में लिया

सूचना मिलते ही देवरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। आरोपी ट्रक ड्राइवर को मौके से ही हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में ट्रक चालक की लापरवाही सामने आई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। ट्रक को जब्त कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मन की बात में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री साय

मन की बात में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री साय

 00 प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण प्रयासों की सराहना कर बढ़ाया प्रदेश का मान

00 जनभागीदारी और नवाचार को राष्ट्रीय मंच पर मिल रही पहचान उत्साहजनक

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात में छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण के प्रयासों का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का लगातार जिक्र होना न केवल राज्य की पहचान को सुदृढ़ करता है, बल्कि प्रदेशवासियों के मनोबल को भी नई ऊंचाई प्रदान करता है।

'मन की बात' में छत्तीसगढ़ का निरंतर जिक्र गौरव की बात : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय


मुख्यमंत्री  साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में विशाल जनसमूह के साथ मन की बात की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मन की बात आज देश के जनमानस को जोडऩे वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए देश के कोने-कोने में हो रहे नवाचार, जनभागीदारी और जमीनी स्तर के उत्कृष्ट प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक अभिभावक की तरह देशवासियों से संवाद करते हुए न केवल प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग को सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस संवाद के माध्यम से लोगों में सहभागिता की भावना मजबूत होती है और राष्ट्र निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रयासों को नई ऊर्जा मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में काले हिरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना राज्य के लिए विशेष सम्मान का विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति प्रदेश की प्रतिबद्धता मजबूत है। साथ ही, यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि बांस को पेड़ की श्रेणी से अलग कर विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद इसके उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं की आय में सकारात्मक बदलाव आया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा पवन ऊर्जा की आवश्यकता और संभावनाओं पर दिए गए विशेष जोर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस दिशा में निरंतर और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने एक अनूठी पहल करते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ घर से लाए गए छत्तीसगढ़ी व्यंजनों को साझा कर साथ में भोजन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी विश्वास, अपनापन और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, अजय जामवाल, अखिलेश सोनी, रमेश ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

काले हिरण संरक्षण पर प्रधानमंत्री की सराहना से छत्तीसगढ़ गौरवान्वित, वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मंत्री राजवाड़े

काले हिरण संरक्षण पर प्रधानमंत्री की सराहना से छत्तीसगढ़ गौरवान्वित, वन्य जीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार: मंत्री राजवाड़े

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज गरियाबंद जिले के छुरा नगर में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 133वें एपिसोड का श्रवण किया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों की सराहना किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में वन्यजीव संरक्षण को नई गति मिली है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। एक समय विलुप्ति के कगार पर पहुंच चुकी काले हिरण की प्रजाति का पुन: दिखाई देना राज्य सरकार के प्रभावी प्रयासों का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वन क्षेत्रों के संरक्षण, प्राकृतिक आवासों के संवर्धन तथा जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि मन की बात कार्यक्रम समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। यह कार्यक्रम देशवासियों को सामाजिक, पर्यावरणीय और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर प्रेरित करता है तथा जनभागीदारी की भावना को मजबूत करता है।

इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री रोहित साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर कश्यप सहित विभिन्न जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : साव

प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : साव

 00 उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स सत्र की अध्यक्षता की, छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों को किया साझा

00 केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय जल्दी ही युवा मामलों पर भी आयोजित करेगा विशेष चिंतन शिविर

रायपुर। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाडिय़ों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।

 प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : श्री अरुण साव


उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाडिय़ों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाडिय़ों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया। साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही बनेगा भारत वैश्विक खेल शक्ति, मजबूत खेल व्यवस्था से ही ओलंपिक में सफलता संभव : श्री अरुण साव

चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके। आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाडिय़ों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
आज का अंतिम सत्र माई भारत की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके। चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

पहाड़ी कोरवा बेटी शाम कुमारी के सपनों को मिले पंख, पढ़ाई के साथ मिला रोजगार

पहाड़ी कोरवा बेटी शाम कुमारी के सपनों को मिले पंख, पढ़ाई के साथ मिला रोजगार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं, सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी पहाड़ी कोरवा की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना स्वयं के दम पर पूरा कर रही हैं।

शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में वार्ड आया के पद पर पदस्थ शाम कुमारी

सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी. अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा में वार्ड आया के पद पर पदस्थ किया गया है।
पढ़ाई का खर्च अब खुद उठा सकेंगी शाम कुमारी
अपनी खुशी साझा करते हुए शाम कुमारी कहती हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रोजगार मिलने से अब राह आसान हो गई है। उन्होंने बताया, मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे रोजगार का अवसर मिला है। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूँ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूँ।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के प्रति संवेदनशील है प्रशासन

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (क्कङ्कञ्जत्र) के युवाओं को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक युवती को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्ति किया गया है। शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन सरगुजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे ये कदम समाज में नया हौसला भर रहे हैं। शाम कुमारी का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी एक संदेश है कि शासन की योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

मन की बात हम सभी के लिए प्रेरणादायक : देव

मन की बात हम सभी के लिए प्रेरणादायक : देव

 00 केंद्रीय राज्यमंत्री साहू व कौशिक ने सरगाँव में सुना प्रसारण

रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कालीपुर के बूथ क्रमांक 14 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही,मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सेठिया, सीमांचल दास, मनोज पटेल, आरेंद्र, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप, जनपद सदस्य अनिता नागे , संरपंच सरिता भोयर,तेमल कश्यप, प्रदीप गुहा,लाला पटेल, अनंत राम , खगेश्वर भाजपा भोयर,सुरेश ठाकुर,धासीराम ,उदय दुबे,राधे पन्द्रै,प्रेम ठाकुर,व पदाधिकारी, ग्रामीण जन उपस्थित थे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम हम सभी के लिये प्रेरणादायक है। मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी समाज के विभिन्न प्रेरणादायी पहलुओं, देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी नई जानकारी व नये कार्यों सहित अनेक विषयों का संदेश देशवासियों से साझा करते हैं। जनभागीदारी के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प का बड़ा संदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम का आधार है। श्री देव ने कहा कि मन की बात के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की करोड़ों करोड़ जनता से सीधे संवाद स्थापित करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देने हम सभी भी आगे आयें।

 

 
 

केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने बिल्हा विधानसभा के सरगांव नगर पंचायत बूथ क्रमांक 121 में मन की बात का श्रवण किया। इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरयलाल कौशिक, पार्टी के पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

 

टिफिन मीटिंग में दिखी संगठन की आत्मीयता और एकजुटता, मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ किया भोजन

टिफिन मीटिंग में दिखी संगठन की आत्मीयता और एकजुटता, मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ किया भोजन

 रायपुर। मन की बात कार्यक्रम के उपरांत छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने अपने साथ लाए टिफिन से भजिया और टमाटर की चटनी कार्यकर्ताओं को स्वयं परोसी और सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया। आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप फरा, विधायक पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ठेठरी, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुँचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया।
मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वत: समाप्त हो जाते हैं।  साय ने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

CG CRIME : दुर्ग में डबल मर्डर, पत्थर से सिर कुचला तो यहां टंगिया मारकर ले ली जान, 48 घंटे में 5 हत्याओं से फैली सनसनी

CG CRIME : दुर्ग में डबल मर्डर, पत्थर से सिर कुचला तो यहां टंगिया मारकर ले ली जान, 48 घंटे में 5 हत्याओं से फैली सनसनी

 दुर्ग। जिले में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। पिछले 48 घंटों के भीतर 5 हत्याओं ने इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। वहीं रविवार को ताजा दो मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पत्थर से सिर कुचलकर हत्या

पहला मामला जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के करहीडीह का है, जहां एक युवक की बेरहमी से पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। घटना सांस्कृतिक भवन के पास की बताई जा रही है, जहां सुबह राहगीरों ने लहूलुहान हालत में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान नारायण निषाद के रूप में हुई है, जो पिछले तीन वर्षों से यहां रह रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और हर एंगल से जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में घटना देर रात की बताई जा रही है। फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है।

टंगिया मारकर युवक की हत्या

वहीं दूसरी घटना भिलाई के खुर्सीपार थाना क्षेत्र के बापूनगर की है, जहां आपसी रंजिश के चलते एक युवक की टंगिया मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान विक्रम सोना के रूप में हुई है, जो फेब्रिकेशन का काम करता था। बताया जा रहा है कि आरोपी और मृतक के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। सुबह फिर से झगड़ा बढ़ा, जिसके बाद आरोपी ने टंगिया से हमला कर दिया। गंभीर हालत में परिजन उसे सुपेला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

खुर्सीपार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ जारी है। लगातार हो रही इन वारदातों ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है। पुलिस दोनों ही मामलों में जांच कर रही है और आरोपियों की पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है।

सुशासन तिहार 2026 : त्वरित समाधान, जनसंवाद और विकास को समर्पित साय सरकार का महाअभियान…

सुशासन तिहार 2026 : त्वरित समाधान, जनसंवाद और विकास को समर्पित साय सरकार का महाअभियान…

 रायपुर। सुशासन तिहार 2026 से जन-जन तक पहुंचने जा रही है छत्तीसगढ़ की साय सरकार। यह तिहार विश्वास और विकास का महाअभियान बन कर सामने आ रहा है। सुशासन तिहार 2026, छत्तीसगढ़ की धरती पर शासन व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बनने जा रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में चलने वाला यह अभियान एक प्रशासनिक कार्यक्रम होने के साथ ही साथ जनता और सरकार के बीच भरोसे का सेतु बनाने का सशक्त माध्यम भी बनने जा रहा है।

1 मई से 10 जून 2026 तक चलने वाले इस महाअभियान से राज्य के हर गांव, हर वार्ड और हर नागरिक तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। सुशासन तिहार 2026 मे सिर्फ समस्याओं को सुना ही नहीं जाएगा बल्कि उनका तत्काल समाधान भी सुनिश्चित किया जाएगा।

“सरकार आपके द्वार” पर आधारित होगा सुशासन तिहार

लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है जनता, और जब प्रशासन जनता के नजदीक पहुंचता है तब सच्चे अर्थों में स्थापित होता है सुशासन। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसी सोच के साथ “सुशासन तिहार” की अवधारणा को आगे बढ़ाया है।

इस तिहार के मूल मे हैं कि प्रशासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वो गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुनेगा। सुशासन तिहार मे ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों का समूह बनाकर और शहरी क्षेत्रों में वार्डों के क्लस्टर बनाकर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित होगा कि राज्य के दूर-दराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी शासकीय योजनाओ और सेवाओं का लाभ आसानी पहुंचाया जा सके।

शिकायतों को निराकरण तक पहुंचाएगा समाधान शिविर

सुशासन तिहार का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष होगा, जन समस्या निवारण शिविर। इन शिविरों में प्राथमिकता के आधार पर नागरिकों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाएगा।

समाधान शिविर मे भूमि संबंधी विवाद (नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन), मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, बिजली और पानी से जुड़ी समस्याएं, हैंडपंप सुधार, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस शिविर में हर आवेदन का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से कर जाएगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही की नई मिसाल होगी सुशासन तिहार 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्पष्ट निर्देश है कि हर आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी अनिवार्य रूप से दी जाए। सुशासन तिहार 2026, प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने और जनता का सरकार पर भरोसा मजबूत करने वाली एक शानदार पहल है।

अब लोग सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचेंगे साथ ही उन्हें यह भरोसा भी रहेगा कि उनकी समस्या दर्ज हो चुकी है जिसका समाधान निश्चित समय सीमा में हो ही जाएगा।

जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से सफल होगा सुशासन तिहार 2026

सुशासन तिहार एक ऐसा प्रशासनिक कार्यक्रम होने जा रहा है जिसमे जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी एक मिसाल बनेगई। इस अभियान में राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव और प्रभारी सचिव समय-समय पर शिविरों में अपनी सक्रिय उपस्थिति देंगे। जनप्रतिनिधि समस्याओं का समाधान करते हुए और विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करते हुए जनता से सीधे संवाद कर उनका फीडबैक भी लेंगे। पूरी-पूरी उम्मीद है कि यह व्यवस्था शासन को और अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाएगी।

जारी रहेगी समीक्षा और सुधार की सतत प्रक्रिया

सुशासन तिहार के दौरान केवल शिविर के साथ ही जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठकें भी आयोजित की जाएंगी जिसमे प्राप्त आवेदनों की स्थिति, उनके निराकरण की प्रगति, विकास कार्यों की गति और आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसकी निगरानी के लिए राज्य स्तर पर अलग से बिंदुवार पत्रक तैयार किए जाएंगे जो यह तय करेगा कि अभियान अपने उद्देश्यों को पूरी तरह पूरा कर रहा है या नहीं।

लंबित मामलों के समाधान का महाअभियान

सुशासन तिहार के आरंभ होने से पहले ही मुख्यमंत्री ने 30 अप्रैल तक सभी लंबित मामलों के समाधान के निर्देश दे दिए हैं उनका यह कदम दर्शाता है कि सरकार नए आवेदनों के साथ ही पुराने लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से हल करना चाहती है।विशेष रूप से भूमि विवाद,मनरेगा भुगतान, प्रमाण पत्र जारी करना जैसे लंबित मामलों पर तेज़ी से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

गरीब और वंचित वर्ग पर किया जा रहा है खास फोकस

सरकारी योजनाओं से वंचित लोगों को मिलेगा सुशासन तिहार का सबसे बड़ा लाभ, इसी तारतम्य मे उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ अब सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। राज्य के साय सरकार की यह पहल सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रहा है।

सुशासन तिहार 2026 से होगा ग्रामीण विकास गतिमान

सुशासन तिहार 2026 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले शिविरों से न सिर्फ वहाँ की समस्याओं का समाधान होगा बल्कि गांवों के विकास को रफ्तार भी मिलेगा। ग्रामीण जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले कारकों जैसे हैंडपंपों की मरम्मत, बिजली की दुरुस्ती और मनरेगा भुगतान इन मुद्दों पर भी काम किया जाएगा। ग्रामीणों की इन समस्याओं का त्वरित समाधान देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा छत्तीसगढ़ का सुशासन तिहार।

एक प्रशासनिक क्रांति बनने जा रहा है सुशासन तिहार

व्यापक दृष्टिकोण से देखने पर महसूस होता है सुशासन तिहार 2026 छत्तीसगढ़ में एक प्रशासनिक क्रांति की बड़ी शुरुआत है। साय सरकार की यह पहल, शासन को और भी जवाबदेह बनाएगी, प्रशासन को जनता के करीब लाने का काम करेगी, पारदर्शिता को बढ़ावा देगी साथ ही विकास कार्यों को रफ्तार देगी। जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ को मजबूत बनाने की एक सशक्त योजना है सुशासन तिहार। क्यों की यह जनता की भागीदारी से सफल होने वाला अभियान है।

यह अभियान प्रदेश के नागरिकों के लिए संदेश भी है कि वे वोटर होने के साथ ही साथ व्यवस्था के सक्रिय भागीदार भी हैं। इस अभियान को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ अमल मे लाकर छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।

CG- दिल दहला देने वाली घटना: एक ही पेड़ पर फंदे से लटके मिले महिला और युवक के शव, इलाके में मचा हड़कंप…!!

CG- दिल दहला देने वाली घटना: एक ही पेड़ पर फंदे से लटके मिले महिला और युवक के शव, इलाके में मचा हड़कंप…!!

 बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद से महिला और युवक के आत्महत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. बलोद थाना क्षेत्र के एक खेत में रविवार सुबह दोनों की एक ही पेड़ पर फंदे से लटकी हुई लाश मिली है. खेत से गुजरने वाले ग्रामीणों की सबसे पहले शवों पर नजर पड़ी. घटना की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया है.

जानकारी के मुताबिक, ग्रामीणों की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को सुरक्षित फंदे से उतारकर पंचनामा कार्रवाई की. दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए. प्रारंभिक जांच में महिला का नाम (40) संतोषी यादव और युवक 25 वर्षिय थलेश खरांशु बताया रहा है.

एक ही गांव में रहते थे महिला और युवक 

दोनों मृतक अर्जुन्दा थाना इलाके के गबदी गांव के निवासी बताए जा रहे हैं. वहीं महिला के शादीशुदा है, जिसका 19 साल का एक बेटा भी है. फिलहाल पुलिस मामले में संभावित एंगल से जांच कर रही है. दोनों मृतकों के बीच रिश्ता भी सामने की आशंका है. ग्रामीणों और परिजनों से घटना को लेकर पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है.

बेरहम बेटे की करतूत: विवाद के बाद मां पर फावड़े से हमला कर उतारा मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार….जानिए पूरा मामला..!!

बेरहम बेटे की करतूत: विवाद के बाद मां पर फावड़े से हमला कर उतारा मौत के घाट, आरोपी गिरफ्तार….जानिए पूरा मामला..!!

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में बेरहम बेटे की शर्मनाक करतूत सामने आई है। विवाद के बाद अपनी ही मां पर फावड़े से हमला कर उसकी जान ले ली। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैली हुई है। वहीं, पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, ग्राम रैरूमाखुर्द निवासी गणपत दास महन्त (60 वर्ष) ने 25 अप्रैल को चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह शिवा पेट्रोल पम्प के सामने किराना दुकान चलाता है। उसका छोटा पुत्र आर्यन दास महन्त इस बात से नाराज रहता था कि परिवार उसके भाई-बहनों को उससे अधिक महत्व देता है, जिस कारण उसका व्यवहार परिवार के प्रति खिन्न था। 24 अप्रैल की रात गणपत, उसकी पत्नी फुलबाई महन्त (55 साल) और पुत्र आर्यन दुकान में सोए थे।

25 अप्रैल की सुबह आर्यन शौच से लौटने के बाद अपनी मां को दुकान से बाहर खींचकर जमीन पर गिराया और घर में रखे गोबर फेंकने वाले फावड़े से गर्दन पर लगातार वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी फावड़ा लेकर अपने पिता को भी मारने दौड़ा, जिस पर गणपत अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला और पुलिस को सूचना दी।

रिपोर्ट पर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विजय एक्का द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 109/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर त्वरित पतासाजी कर आरोपी आर्यन दास महन्त (20 वर्ष) को हिरासत में लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा भी जब्त किया गया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश व ASP अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी, चौकी प्रभारी उप निरीक्षक विजय एक्का, प्रधान आरक्षक चिंतामणि कुर्रे की अहम भूमिका रही।

शादी की खुशियां मातम में बदली: तेज रफ्तार हाईवा की टक्कर से 4 साल के मासूम की मौत, मां गंभीर घायल, गांव में पसरा मातम…

शादी की खुशियां मातम में बदली: तेज रफ्तार हाईवा की टक्कर से 4 साल के मासूम की मौत, मां गंभीर घायल, गांव में पसरा मातम…

 धरसीवां। विधानसभा थाना क्षेत्र के दौंदेकला गांव में आज एक दर्दनाक हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। वैवाहिक समारोह के दौरान एक अनियंत्रित हाईवा ने मां-बेटे को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे 4 साल के मासूम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व उपसरपंच ढेलूराम वर्मा की पुत्री के विवाह समारोह में चूलमाटी की रस्म चल रही थी। इस दौरान महिलाएं पैदल जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाईवा ने अचानक मां-बेटे को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मासूम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास स्थित उद्योगों के भारी वाहन गांव के रास्तों से तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

‘बंटी-बबली’ स्टाइल में ठगी: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर महिला से 91 लाख और कारोबारी से 5 लाख ठगे, दंपति पर केस दर्ज…

‘बंटी-बबली’ स्टाइल में ठगी: शेयर ट्रेडिंग के नाम पर महिला से 91 लाख और कारोबारी से 5 लाख ठगे, दंपति पर केस दर्ज…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के ठग दंपति का बड़ा कारनामा सामने आया है। बंटी–बबली की तर्ज पर ठग दंपति ने शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा होने का झांसा देकर, शहर की एक महिला से 91 लाख और बिहार निवासी एक व्यक्ति से पांच लाख रुपए ठग लिए। पुलिस ने दोनों मामलों में दो अलग-अलग धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। दोनों मामले सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

पहला मामला सरकंडा निवासी शिल्पी श्रीवास्तव से जुड़ा हुआ है। उनकी मुलाकात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक जिम में उसलापुर श्री श्याम परिसर निवासी सोनाली सरकार और उसके पति अभिजीत सरकार से होती थी। दोनों दंपति ने शिल्पी श्रीवास्तव का भरोसा जीत कर उससे दोस्ती की और शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा होने का झांसा दिया। लगातार शिल्पी श्रीवास्तव को शेयर ट्रेडिंग में पैसे लगाने के लिए प्रेरित करते रहे। उनके झांसे में आकर शिल्पी श्रीवास्तव ने मार्च 24 से मार्च 25 के बीच किश्तों में महिला से कुल 91 लाख रुपए ले लिए। फिर जब भी फायदे की बात पूछी जाती तो हर बार पीड़ित महिला को ठग दंपत्ति शेयर में उछाल और गिरावट का झांसा देकर टाल देते थे।

दंपति ने शिल्पी श्रीवास्तव को कुल एक करोड़ 47 लाख रुपए लौटाने का वादा किया था। इसलिए मोटे मुनाफे के लालच में आकर महिला शिकायत नहीं कर रही थीं। लगातार रकम वापस नहीं मिलने पर महिला को ठगी का एहसास हुआ और उसने सिविल लाइन थाने में इसकी शिकायत की। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

इसके अलावा ठग दंपति ने बिहार निवासी अनुराग सिंह से ट्रेडिंग में मुनाफा होने की बात कह सितंबर से नवंबर 2024 के बीच 5 लाख रुपए ले लिए फिर रकम वापस नहीं की। अनुराग सिंह की शिकायत पर भी पुलिस ने अपराध कायम किया है और मामले को विवेचना में लिया है।

रायपुर सेंट्रल जेल में गूंजा सदाचार का मंत्र: गायत्री परिवार ने विचाराधीन बंदियों को पढ़ाया नैतिक शिक्षा का पाठ

रायपुर सेंट्रल जेल में गूंजा सदाचार का मंत्र: गायत्री परिवार ने विचाराधीन बंदियों को पढ़ाया नैतिक शिक्षा का पाठ

 रायपुर। राजधानी स्थित केंद्रीय जेल के 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के विचाराधीन बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए जेल प्रशासन के सहयोग से गायत्री परिवार रायपुर द्वारा एक विशेष 'नैतिक शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकासÓ सत्र का आयोजन किया गया। 6 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराध का मार्ग त्यागकर नेक इंसान बनने के लिए प्रेरित करना था।

जेल महानिदेशक श्री हिंमाशु गुप्ता के मार्गदर्शन और जेल अधीक्षक श्री योगेश सिंह के विशेष सहयोग से इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। जेल प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आध्यात्मिक और नैतिक कार्यक्रमों से बंदियों के व्यवहार में सकारात्मक सुधार, उनका आत्मविश्वास बढ़ाना तथा उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि वह भविष्य में समाज के मुख्य धारा में पुन: स्थापित हो सके।

समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ के परिव्राजक भाई श्री नीलम सिंह सिन्हा ने प्रतिदिन बंदियों को अनुशासित जीवन और सदाचार की शिक्षा दी। उन्होंने पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी के दार्शनिक विचारों को साझा करते हुए कहा कि मनुष्य मूल रूप से एक भटका हुआ देवता है। उसके भीतर ईश्वरीय क्षमता (देवत्व) मौजूद है, लेकिन वासना, तृष्णा और अहंकार के कारण वह अपनी असली पहचान भूल गया है। आत्म-साधना और सत्कर्मों के जरिए कोई भी व्यक्ति पुन: देवत्व को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बंदियों को यह विश्वास दिलाया कि मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है और अतीत की गलतियों को सुधार कर एक उज्जवल भविष्य की नींव रखी जा सकती है। इस दौरान बंदियों को ध्यान योग, व्यक्तित्व विकास, जीवन प्रबंधन एवं संस्कार निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा नियमित ध्यान एवं योग सत्रों के माध्यम से उनके अंदर आत्म नियंत्रण, तनाव प्रबंधन एवं मानसिक शांति की भावना विकसित की गई। 

इस कार्यक्रम का समापन दीप महायज्ञ के साथ हुआ। इस दौरान बंदियों को गायत्री परिवार के संस्थापक युगदृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा रचित सत् संकल्प का पाठ कराया गया। सभी बंदियों ने बुराई को छोड़कर नेक रास्ते पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। गायत्री परिवार के मीडिया प्रभारी प्रज्ञा प्रकाश निगम ने जानकारी दी कि स्थानीय प्रशासन के सहयोग से गायत्री परिवार द्वारा बंदियों के सुधार हेतु इस प्रकार के कार्यक्रम केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों की जेलों में भी निरंतर चलाए जा रहे हैं। इस अवसर पर गायत्री परिवार से डॉक्टर सुखराम साहू, तोरण साहू, जगन्नाथ साहू, दिनेश निषाद, गौरव कृष्ण दास सहित जेल शिक्षक - श्री शशांक दीवान एवं नेतराम नकतोड़े विशेष रूप से उपस्थित रहे। 

जेल प्रशासन ने बताया कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं सुधारात्मक कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे बंदियों के सर्वांगीण विकास एवं पुनर्वास के उद्देश्य को साकार किया जा सके।

बैज नारी शक्ति के भावनात्मक पहलुओं से दूर हैं : कश्यप

बैज नारी शक्ति के भावनात्मक पहलुओं से दूर हैं : कश्यप

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयानों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि नारी वन्दन अधिनियम का लोकसभा में कांग्रेस यदि समर्थन करती तो आज परिस्थितियाँ कुछ और होतीं, लेकिन कांग्रेस ने इस बिल का विरोध करके मातृ शक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है और अब जले पर नमक छिड़कने का काम कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज कर रहे हैं।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कश्यप ने कहा कि जिस तरह से विशेष सत्र को लेकर बैज का बयान आया है, वह बेहद ही निंदनीय है। हम विधानसभा में मातृ भावनाओं के मुताबिक मुद्दे पर चर्चा कर मातृ शक्ति की हितों की रक्षा को लेकर संकल्प लेंगे। श्री कश्यप ने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ नारी शक्ति वन्दन अधिनियम एक दिन जरूर लोकसभा में पारित होगा। इसकी चिंता बैज को नहीं करनी चाहिए। उनके लिए तो मातृ वन्दन का मतलब ही कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की नेत्रियाँ सोनिया गांधी व प्रियंका वाड्रा है। इसके अलावा देश की मातृ शक्ति से कांग्रेसियों का कोई जुड़ाव नहीं है। यदि होता तो कांग्रेस जरूर इस बिल का समर्थन करती।

मुख्यमंत्री से सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लोकसभा सांसद  विष्णु दत्त शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने  शर्मा का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें शॉल एवं बस्तर आर्ट की आकर्षक प्रतिकृति भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उनके बीच विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। 

शर्मनाक वारदात: 3 साल की बच्ची को बहलाकर ले गया नशेड़ी युवक, हाथ-पैर बंधी मिली मासूम, जनता में आक्रोश

शर्मनाक वारदात: 3 साल की बच्ची को बहलाकर ले गया नशेड़ी युवक, हाथ-पैर बंधी मिली मासूम, जनता में आक्रोश

 दुर्ग । दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के पुरैना इलाके से एक बेहद संवेदनशील और चिंता बढ़ाने वाली घटना सामने आई है। यहां 3 साल की मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई, जिसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि पड़ोस में रहने वाला एक युवक बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने साथ ले गया था। जब काफी देर तक बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की।

तलाश के दौरान बच्ची पुरैना से लगे एनएसपीसीएल ग्राउंड के पास मिली, जहां उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। यह नजारा देखकर परिजन और स्थानीय लोग सन्न रह गए। सूचना मिलते ही पुरानी भिलाई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बिना देर किए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। बच्ची को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका डॉक्टरी परीक्षण और उपचार किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्ची के साथ क्या हुआ। प्रारंभिक जानकारी में बच्ची की हालत सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

यह मामला समाज के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है। मासूम बच्चों को अकेला न छोड़ें, उन्हें जागरूक करें और आसपास के माहौल पर नजर रखें। समय पर सतर्कता और तुरंत कार्रवाई से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, पारा 45 डिग्री पार, कई जिलों में हीटवेव अलर्ट, बस्तर में बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, पारा 45 डिग्री पार, कई जिलों में हीटवेव अलर्ट, बस्तर में बारिश के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है और मध्य इलाकों में गर्म हवाओं का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में मौसम शुष्क रहा, जबकि राजनांदगांव सबसे गर्म जिला रहा, जहां 45.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवा आने के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। 26 अप्रैल को एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने और अंधड़ चलने की संभावना है। कुछ इलाकों में वज्रपात के भी आसार हैं। बारिश का मुख्य असर बस्तर संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है।

राजधानी रायपुर में आज भी ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बने रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

मौसम विभाग ने गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, रायपुर, बलौदा बाजार, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पानी अधिक पीने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

युवा फेस्ट-2026 का भव्य समापन: दायरा बैंड के सुरों पर थिरका धमतरी…

युवा फेस्ट-2026 का भव्य समापन: दायरा बैंड के सुरों पर थिरका धमतरी…

 रायपुर: धमतरी के पीजी कॉलेज परिसर में आयोजित दो दिवसीय ‘युवा फेस्ट-2026’ का आज अत्यंत उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायक माहौल में समापन हुआ। इस महाकुंभ ने न केवल युवाओं की प्रतिभा को एक सशक्त मंच प्रदान किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम से पूरे शहर को ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया। अपने ओजस्वी उद्बोधन में मंत्री  वर्मा ने कहा कि ​युवा फेस्ट जैसे आयोजन न केवल युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर देते हैं, बल्कि उनमें नवाचार और आत्मविश्वास का संचार भी करते हैं।

आज का युवा ही ‘विकसित भारत-2047’ का मुख्य आधार स्तंभ है। स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलकर आप सभी राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका सुनिश्चित करें। ​उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की युवा-कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए युवाओं से इनका लाभ उठाकर राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।

​‘जादू बस्तर’ ने बिखेरा संगीत का जादू

कार्यक्रम के अंतिम दिन ‘दायरा बैंड’ (जादू बस्तर) की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। बैंड ने छत्तीसगढ़ी लोकधुनों और समकालीन फ्यूजन के ऐसे सुर छेड़े कि पूरा परिसर झूम उठा। लोक और आधुनिक संगीत के इस बेजोड़ मेल ने युवा पीढ़ी के साथ-साथ सभी आयु वर्ग के दर्शकों का मन मोह लिया।

​प्रशासन की सराहना और प्रतिभाओं का सम्मान

मंत्री  वर्मा ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, विशेषकर कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्री रामू रोहरा ने भी युवाओं से अपनी रचनात्मकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।

​समापन समारोह में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, खेल और नवाचार से जुड़ी 23 विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। पीजी कॉलेज ने इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रनिंग ट्रॉफी अपने नाम की।

​कौशल और संवाद का मंच

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने बताया कि फेस्ट का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा प्लेटफॉर्म देना था, जहाँ वे स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और कला-संस्कृति के व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए ऐसे आयोजन निरंतर करता रहेगा। शिक्षा विभाग और महाविद्यालय प्रशासन के सहयोग से संपन्न हुआ यह आयोजन जिले के युवाओं के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।

खेलों में समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ तैयार : साव

खेलों में समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ तैयार : साव

 00 श्रीनगर में खेल चिंतन शिविर में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री 

00 भारत को खेल शक्ति बनाने केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय तथा राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेशों के बीच गंभीर मंथन

00 पहले दिन मेडल स्ट्रेटजी, केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय तथा डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर हुई गंभीर चर्चा
रायपुर। राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के खेल मंत्रियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर आज श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर में प्रारंभ हुआ। इस राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन में केंद्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खेल मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ की ओर से उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार इस चिंतन शिविर में भागीदारी कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री साव ने इस मौके पर कहा कि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पूरे देश के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेगा।

साव ने बताया कि आज शिविर के पहले दिन केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के साथ देश में खेलों को नई दिशा देने पर मंथन किया गया। यह पहल न केवल नीतियों को मजबूत करेगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को आगे लाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप 2047 तक भारत को खेल महाशक्ति बनाने केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एकजुट होकर कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ के हर गांव और हर शहर से नए खिलाड़ी उभरें और देश-विदेश के खेल मंचों पर अपना परचम लहराएं, यह हमारा लक्ष्य है।
26 अप्रैल तक चलने वाला यह शिविर देश में खेलों के समग्र विकास, नीति सुधार, वैश्विक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को खेल शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस चिंतन शिविर का आयोजन किया गया है। 
चिंतन शिविर के पहले दिन के प्रमुख सत्रों में मेडल स्ट्रेटजी – खेलो इंडिया पर गहन मंथन किया गया। विभिन्न राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर खेल प्रशिक्षकों के पोटेंशियल को विकसित करने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही वर्ष 2048 तक भारत को ओलंपिक पदक तालिका में शीर्ष 5 देशों में शामिल करने के रोडमैप पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें स्पोर्ट्स साइंस के विस्तार एवं उसके प्रभावी उपयोग को खेल विकास का महत्वपूर्ण आधार माना गया। खेल मंत्रालय द्वारा इस पर निरंतर कार्य किया जा रहा है।

द्वितीय सत्र ‘खेलो भारत नीति – केंद्र एवं राज्य समन्वय को सुदृढ़ करना’ विषय पर आयोजित हुआ। इस सत्र में विभिन्न राज्यों के बेस्ट प्रेक्टिसेस को साझा किया गया। खिलाड़ियों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के प्रभावी उपयोग, प्रतिभा पहचान तथा खेल अकादमियों के मानकीकरण पर विशेष बल दिया गया। सत्र के दौरान विद्यालय स्तर पर खेलों को सशक्त बनाने के लिए शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य रूप से जोड़ने, खेल शिक्षकों की भर्ती एवं उन्हें उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने पर सहमति बनी। साथ ही खिलाड़ियों का समग्र डॉटा-बेस तैयार करने पर राज्यों एवं केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि प्रतिभाओं की सही पहचान सुनिश्चित हो सके।
इस सत्र में यह भी रेखांकित किया गया कि खिलाड़ियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ समर्पित होकर खेलना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक अवसर, सम्मान एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खिलाड़ियों के लिए ऐसी व्यवस्था (मॉडल) विकसित की जाए, जिससे वे नौकरी प्राप्त करने के बाद भी खेल जारी रखें और अपने खेल करियर को बीच में न छोड़ें।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति विकसित करने, जमीनी स्तर पर सुविधाओं के विस्तार तथा बच्चों को अधिक समय खेल गतिविधियों में देने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही खेल अधोसंरचना के निर्माण में विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
तीसरे सत्र में डोपिंग एवं खेल नैतिकता पर गंभीर चर्चा हुई। खेलों में प्रतिबंधित दवाईयों के उपयोग पर कड़े नियम बनाने तथा डोपिंग को अपराध की श्रेणी में लाने के विषय पर केंद्र सरकार एवं खेल मंत्रालय की सख्त नीति को दोहराया गया। इस सत्र में ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता  अभिनव बिंद्रा ने खेलों में सुरक्षित एवं पेशेवर वातावरण सुनिश्चित करने तथा खिलाड़ियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सेफ गॉर्डिंग ऑफिसर्स की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया।