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दरिंदगी की हदें पार : 2 देवरों ने भाभी का किया रेप, पति की मौत के बाद घर में अकेली पाकर बनाया हवस का शिकार

दरिंदगी की हदें पार : 2 देवरों ने भाभी का किया रेप, पति की मौत के बाद घर में अकेली पाकर बनाया हवस का शिकार

 गौरेला पेण्ड्रा मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में विधवा महिला से उसी के दो देवरों ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। यह घटना गौरेला थाना क्षेत्र की है।

जाने पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला के पति का निधन करीब 10 साल पहले हो गया था। पति की मौत के बाद महिला घर में अकेली थी। इसी का फायदा उठाते हुए महिला के रिश्ते में लगने वाले दो देवरों ने अलग-अलग समय पर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने पहले भी इस घटना की रिपोर्ट लिखाने और कानूनी कार्रवाई के लिए काफी कोशिश की थी।

गौरेला थाना प्रभारी शानिप रात्रे ने बताया कि पीड़ित महिला द्वारा आवेदन देने के बाद वे करीब एक साल के लिए किसी अन्य स्थान पर चली गई थीं। उनके द्वारा जो मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया था वो भी लगातार गलत या बंद आ रहा था, जिसके कारण पुलिस उनसे संपर्क नहीं कर पा रही थी। अब उनके वापस आने पर तत्काल दोनों मामले दर्ज किए गए हैं।

इस मामले में ​भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (दुष्कर्म) के तहत दो अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पीड़ित महिला की शिकायत अनुसार दोनों घटनाएं अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा, अलग समय और अलग परिस्थितियों में की गई थीं, अतः कानूनी रूप से दो पृथक मामले दर्ज करना आवश्यक था। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी हैं।

जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

जनता के प्रति संवेदनशीलता ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की हुई व्यापक समीक्षा

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनाने, राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जनसेवा में संवेदनशीलता बढ़ाने के निर्देश

रायपुर-- शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें, ताकि नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।

 बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी ली गई।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को मजबूत और भरोसेमंद मंच बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और जवाबदेही पर सख्ती

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

सुशासन तिहार, पेयजल और स्वास्थ्य तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा योजनाओं का लाभ तेजी से लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत और आवेदन का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ मौसमी बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

ईंधन, खरीफ तैयारी और किसानों के हितों पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।

ड्रोन दीदी, आवास, स्वास्थ्य और ऊर्जा योजनाओं की समीक्षा

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जाए, जिससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित कर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया जाए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए।

शिक्षा गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री  साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, सांसद  विजय बघेल, विधायक  ईश्वर साहू,  मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, दुर्ग संभागायुक्त  सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक  अभिषेक शांडिल्य सहित बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा को दी 105 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा को दी 105 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 सड़क, स्वास्थ्य, बाल संरक्षण और आधारभूत अधोसंरचना को मिली नई मजबूती

विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार का संकल्प - मुख्यमंत्री साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिले को 105 करोड़ 4 लाख 69 हजार रुपये के विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी।  विशेष बात यह रही कि अचानक आए अंधड़, तेज तूफान और बारिश के बावजूद विकास कार्यों का शुभारंभ नहीं रुका और मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से सभी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन संपन्न कराया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, जनता के विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता अटल है। उन्होंने कहा कि मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम स्थल में बदलाव करना पड़ा, लेकिन विकास कार्यों को प्रारंभ करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी गई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध सोच का परिचायक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों के जीवन में सुविधा, विश्वास और अवसरों का विस्तार है। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कार्य सीधे आम नागरिकों के जीवन स्तर को प्रभावित करते हैं और राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव, प्रत्येक किसान, प्रत्येक महिला और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री साय ने 78 करोड़ 1 लाख 33 हजार रुपये की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें बेरला-कोदवा-देवरबीजा-कर्मु मार्ग का दो-लेन मजबूतीकरण, भेड़नी-सल्धा-सिंधोरी मार्ग, बहिंगा-तिवरैया-सिमगा पहुंच मार्ग, सोढ़-रेवे-देवरबीजा-अकोला-खाती-सौरी मार्ग, मुड़पार खुर्द-जमघट पहुंच मार्ग, मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल संप्रेषण गृह निर्माण, नगर सेना प्रशासकीय भवन निर्माण, गुदेली-कंडरका मार्ग सहित विभिन्न ग्रामों में सीसी रोड, नाली एवं सामुदायिक अधोसंरचना निर्माण कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने 27 करोड़ 3 लाख 36 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें नवनिर्मित हमर क्लिनिक, बोर खनन कार्य तथा विभिन्न सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमर क्लिनिक जैसी सुविधाएं लोगों को उनके निकट बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं बल्कि विकास की जीवनरेखा होती हैं। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांवों को शहरों से और किसानों को बाजारों से जोड़ने के लिए आधारभूत अधोसंरचना के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। बेमेतरा जिले में स्वीकृत ये परियोजनाएं क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी तथा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा, गुणवत्ता मानकों और पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं और राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे तथा कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिले में आज जिन विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है, वे विकसित बेमेतरा और विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत आधार सिद्ध होंगे।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों को मिल रहा सम्मान और सुरक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद

बैलगाड़ी में निकली बारात, 21 जोड़े बंधे परिणय सूत्र में

बेमेतरा में नर्सिंग कॉलेज की घोषणा

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया। सामाजिक परंपराओं, वैदिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक उल्लास के बीच आयोजित इस समारोह में जिले के 21 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। शुभ मुहूर्त में वर-वधुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर मुख्यमंत्र साय ने बेमेतरा जिले को एक महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की, जिससे जिले में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के लिए वरदान

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के विवाह को लेकर परिवारों को आर्थिक चिंताओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना ने हजारों परिवारों को राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता राशि को बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है, जिससे पात्र परिवारों को और अधिक सहयोग प्राप्त हो सके।

बेटियों के सम्मान और सुरक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना भी इसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो जरूरतमंद परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक संबल प्रदान करती है।

विधायक दीपेश साहू ने प्रस्तुत किया सामाजिक समरसता का आदर्श

मुख्यमंत्री  साय ने बेमेतरा विधायक दीपेश साहू की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सामूहिक विवाह समारोह में स्वयं विवाह कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह पहल युवाओं को सादगीपूर्ण विवाह, सामाजिक समरसता और अनावश्यक खर्चों में कमी लाने का सकारात्मक संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और सामाजिक समानता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बारिश को बताया शुभ संकेत

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य के दौरान वर्षा होना इंद्रदेव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन भी प्रकृति के आशीर्वाद से संपन्न हुआ है, जो नवदंपतियों के सुखद और समृद्ध भविष्य का शुभ संकेत है।

बैलगाड़ी में निकली बारात बनी आकर्षण का केंद्र

समारोह का एक प्रमुख आकर्षण पारंपरिक बैलगाड़ी में निकाली गई बारात रही। जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने उत्साहपूर्वक इसमें भाग लिया। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लोक-सांस्कृतिक माहौल और जनसहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस आयोजन ने ग्रामीण संस्कृति और सामाजिक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

मौसम परिवर्तन के बीच पुराने रेस्ट हाउस में संपन्न हुआ आशीर्वाद समारोह

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम मूल रूप से बेसिक स्कूल ग्राउंड में आयोजित होना था, लेकिन शाम के समय मौसम खराब होने और तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नवविवाहित जोड़ों एवं उनके परिजनों की सुविधा और सुरक्षा के मद्देनजर आशीर्वाद समारोह को पुराने रेस्ट हाउस परिसर में स्थानांतरित किया गया। यहां मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वयं उपस्थित होकर नवदंपतियों से आत्मीय मुलाकात की तथा उन्हें सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय वैवाहिक जीवन के लिए शुभाशीष प्रदान किया।

नवदंपतियों को मिला शासन की योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित उपहार सामग्री एवं आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*सामूहिक विवाह सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक*

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, सद्भाव और समरसता के प्रतीक हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक सामाजिक व्यय में कमी आती है तथा समाज में समानता और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने सभी नवदंपतियों से अपने वैवाहिक जीवन को प्रेम, विश्वास, सहयोग, संस्कार और आपसी सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

*जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति*

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, मंत्री  दयाल दास बघेल, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद  संतोष पाण्डेय, सांसद  विजय बघेल, साजा विधायक ईश्वर साहू, पंडरिया विधायकभावना बोहरा, धरसींवा विधायक  अनुज शर्मा, राजिम विधायक रोहित साहू, अभनपुर विधायक इन्द्र कुमार साहू, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बसना विधायक संपत अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, नवदंपतियों के परिजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

गांवों में अमराई की परंपरा पुनर्जीवित करने की जरूरत: बृजमोहन

गांवों में अमराई की परंपरा पुनर्जीवित करने की जरूरत: बृजमोहन

 00 आम प्रदर्शनी में शामिल विभिन्न श्रेणियों के उत्कृष्ट प्रादर्शों को किया गया पुरस्कृत 

00 कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय आम महोत्सव का भव्य समापन 

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का समापन करते हुए सांसद रायपुर  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है।  अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पaर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, विभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष  मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया।

उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

7 से 19 जून के बीच निरस्त की गई 76 एक्सप्रेस सहित 86 ट्रेनें बहाल

7 से 19 जून के बीच निरस्त की गई 76 एक्सप्रेस सहित 86 ट्रेनें बहाल

 रायपुर-बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर जोन से यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने 7 जून से 19 जून के बीच अस्थायी रूप से निरस्त की गई कुल 86 ट्रेनों के संचालन को फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है। इनमें 76 एक्सप्रेस और 10 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। यह फैसला चांपा स्टेशन पर चल रहे चौथी रेल लाइन के निर्माण कार्य (नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य) के कारण लिए गए पूर्व निर्णय को वापस लेते हुए किया गया है। रेलवे ने बताया कि यात्रियों की भारी असुविधा को देखते हुए इस कार्य को आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इन ट्रेनों के दोबारा शुरू होने से छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। लंबे रूट की ट्रेनें फिर से अपने निर्धारित समय और पूरे मार्ग पर संचालित होंगी।

रेलवे द्वारा बहाल की गई प्रमुख पैसेंजर और मेमू ट्रेनें इस प्रकार हैं

ट्रेन नंबर: 68735 ट्रेन का नाम: रायगढ़-बिलासपुर मेमू रूट: रायगढ़ से बिलासपुर
ट्रेन नंबर: 68735 ट्रेन का नाम: रायगढ़-बिलासपुर मेमू रूट: रायगढ़ से बिलासपुर
ट्रेन नंबर: 68736 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-रायगढ़ मेमू रूट: बिलासपुर से रायगढ़

ट्रेन नंबर: 68745 ट्रेन का नाम: गेवरा रोड-रायपुर मेमू रूट: गेवरा रोड से रायपुर
ट्रेन नंबर: 68746 ट्रेन का नाम: रायपुर-गेवरा रोड मेमू रूट: रायपुर से गेवरा रोड

ट्रेन नंबर: 58203 ट्रेन का नाम: कोरबा-रायपुर पैसेंजर रूट: कोरबा से रायपुर

ट्रेन नंबर: 58204 ट्रेन का नाम: रायपुर-कोरबा पैसेंजर रूट: रायपुर से कोरबा

ट्रेन नंबर: 68733 / 68734 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू रूट: दोनों दिशाओं में

ट्रेन नंबर: 68731 / 68732 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू रूट: दोनों दिशाओं मे

ट्रेन नंबर: 68737 / 68738 ट्रेन का नाम: रायपुर-बिलासपुर-रायपुर मेमू रूट: दोनों दिशाओं मे

ट्रेन नंबर: 58210 ट्रेन का नाम: बिलासपुर-गेवरा रोड पैसेंजर रूट: बिलासपुर से गेवरा रोड
इन सभी ट्रेनों को अब अपने पूर्व निर्धारित समय और रूट के अनुसार चलाया जाएगा।
रेलवे ने देशभर में चलने वाली कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन भी दोबारा शुरू कर दिया है। इनमें शामिल हैं-
टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113/18114)
टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस (18109/18110)
दुर्ग-आरा साउथ एक्सप्रेस (13287/13288)
अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस (12833/12834)
हटिया-पुणे एक्सप्रेस (22845/22846)
पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस (20813/20814)
पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस (12905/12906)
ओखा-शालीमार एक्सप्रेस (22905/22906)
उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस (20971/20972)
गया-एलटीटी एक्सप्रेस (22357/22358)
वास्कोडिगामा-जसीडीह एक्सप्रेस (17321/17322)
हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस (17005/17006)
चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस (17007/17008)
श्रीगंगानगर-पुरी एक्सप्रेस (20471/20472)
भुज-शालीमार एक्सप्रेस (22829/22830)
रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस (22169/22170)
जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस (20827/20828)
पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस (12949/12950)
पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस (22865/22866)
पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस (20821/20822)
बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस (22843/22844)
मालदा टाउन-सूरत एक्सप्रेस (13425/13426)
नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस (12767/12768)
हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस (12811/12812)
हीराकुंड एक्सप्रेस (20807/20808) सहित अन्य ट्रेनें
बीच में समाप्त की गई ट्रेनें अब पूरे रूट पर चलेंगी
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन ट्रेनों को बीच में ही समाप्त करने का निर्णय लिया गया था, उसे वापस ले लिया गया है। अब ये ट्रेनें अपने पूरे मार्ग पर पहले की तरह संचालित होंगी-
68861/68862 - गोंदिया-झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर
18237 - कोरबा-अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस
18518 - विशाखापट्टनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस
18517 - कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस
12410 - नई दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन)-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस
12409 - रायगढ़-नई दिल्ली (हजरत निजामुद्दीन) गोंडवाना एक्सप्रेस
रूट परिवर्तन भी समाप्त
रेलवे ने अस्थायी रूप से बदले गए ट्रेनों के मार्ग को भी रद्द कर दिया है। अब सभी ट्रेनें अपने मूल रूट पर ही चलेंगी, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा समय और असुविधा से राहत मिलेगी।

बदरा जलाशय के बांध और नहर के कार्यों के लिए 4.17 करोड़ स्वीकृत

बदरा जलाशय के बांध और नहर के कार्यों के लिए 4.17 करोड़ स्वीकृत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने कोरिया जिले के विकासखण्ड सोनहत स्थित बदरा जलाशय के बांध एवं नहर के नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 17 लाख 75 हजार रुपए की स्वीकृति दी है। योजना के तहत प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने पर क्षेत्र के किसानों को 355 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे खरीफ और रबी दोनों फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
योजना के अंतर्गत कार्य कराने के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग, अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। विभाग ने कार्य को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। बदरा जलाशय के नवीनीकरण से क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और भू-जल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।

बेमेतरा सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्था, मुख्यमंत्री बोले दुर्ग संभागायुक्त करेंगे जांच

बेमेतरा सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्था, मुख्यमंत्री बोले दुर्ग संभागायुक्त करेंगे जांच

 रायपुर/बेमेतरा। बेमेतरा में जिले में रविवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्था को लेकर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की नाराजगी के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग संभागायुक्त से जांच कर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि मीडिया से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि बेमेतरा जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन आंधी-तूफान की वजह से कार्यक्रम स्थल को बदलना पड़ा। कलेक्टर ने कार्यक्रम से पहले उनसे चर्चा की थी। इस कार्यक्रम में विधायक दीपेश साहू सहित 23 जोड़ों ने विवाह किया था।

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश : जनता से अशिष्ट व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस, दुर्ग जनपद सीईओ निलंबित

मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश : जनता से अशिष्ट व्यवहार पर जीरो टॉलरेंस, दुर्ग जनपद सीईओ निलंबित

 00 मुख्यमंत्री की दो टूक : सुशासन में जवाबदेही सर्वोपरि, जनता से अशिष्ट व्यवहार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं

रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में आम जनता से अशिष्ट व्यवहार और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दुर्ग संभागायुक्त को दिए थे। मुख्यमंत्री  साय के निर्देशों के परिपालन में कमिश्नर दुर्ग ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत दुर्ग,  रूपेश कुमार पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

संभागायुक्त दुर्ग द्वारा जारी निलंबन आदेश में उल्लेखित है कि कलेक्टर दुर्ग से प्राप्त प्रस्ताव एवं ग्राम थनौद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में पाण्डेय द्वारा आम जनता से अशिष्ट व्यवहार संबंधी वीडियो क्लिप के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि उन्होंने शासन द्वारा आयोजित सुशासन तिहार एवं शिविर में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही तथा अशिष्टतापूर्ण व्यवहार किया। यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के विपरीत है। इस संबंध में संभागायुक्त दुर्ग द्वारा पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, किंतु उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाया गया।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के तहत प्रत्येक शासकीय सेवक को सदैव पूर्ण रूप से सत्यनिष्ठ एवं कर्तव्यपरायण रहना है तथा ऐसा कोई कार्य नहीं करना है, जो शासकीय सेवक के लिए अशोभनीय हो। नियम 3-क के खण्ड (क) के अनुसार, कोई भी शासकीय सेवक अपने पदीय कृत्यों के पालन में अशिष्टता से कार्य नहीं करेगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में शासन तंत्र आम नागरिकों के प्रति उत्तरदायी होता है, इसलिए प्रत्येक लोकसेवक द्वारा आम नागरिकों से शिष्ट व्यवहार को आचरण संहिता का महत्वपूर्ण घटक माना गया है। तदनुसार  रूपेश कुमार पाण्डेय को कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही एवं कदाचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

CG : छत्तीसगढ़ में तहसीलदार-नायब तहसीलदारों की हड़ताल, राजस्व समेत कई सरकारी काम प्रभावित होने के आसार

CG : छत्तीसगढ़ में तहसीलदार-नायब तहसीलदारों की हड़ताल, राजस्व समेत कई सरकारी काम प्रभावित होने के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार तुषार मानिक से कथित मारपीट के मामले ने अब बड़ा प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया है। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर आज से प्रदेशभर के अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। अधिकारियों के सामूहिक अवकाश पर जाने से राजस्व विभाग समेत कई सरकारी कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।

संघ का कहना है कि 29 मई को पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण तरीके से सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई गई थी। लेकिन अब तक मुख्य आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से अधिकारियों में भारी नाराजगी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और राजस्व अधिकारियों पर हमला करने वाले लोगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं होगी तो इससे सरकारी अधिकारियों का मनोबल टूटेगा और भय का माहौल बनेगा।

पूरा विवाद मैनपाट की राजापुर उप तहसील से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने जमीन से जुड़े एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराने के लिए 14 मई को आवेदन जमा किया था। आरोप है कि कई दिनों तक काम नहीं होने से नाराज होकर वह 27 मई को फिर उप तहसील कार्यालय पहुंचीं। सीमा धनकी का आरोप है कि जब उन्होंने नायब तहसीलदार तुषार मानिक से फाइल पर साइन करने की बात कही तो उन्होंने अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने के लिए कहा।

इसके बाद सीमा धनकी ने घटना की जानकारी विधायक रामकुमार टोप्पो को दी। आरोप है कि शाम को विधायक समर्थकों के साथ उप तहसील पहुंचे और वहां विवाद बढ़ गया। बताया जा रहा है कि उसी दौरान नायब तहसीलदार तुषार मानिक और एसडीएम फागेश सिन्हा भी मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि बातचीत के दौरान विधायक समर्थकों ने तुषार मानिक के साथ मारपीट शुरू कर दी। नायब तहसीलदार ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके समर्थक पहले से ही मारपीट की मंशा से आए थे। स्थिति बिगड़ने पर एसडीएम फागेश सिन्हा ने बीच-बचाव कर उन्हें वहां से बाहर निकाला।

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनाव के लिए मतदान जारी, 1300 से ज्यादा पदों पर वोटिंग

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत उपचुनाव के लिए मतदान जारी, 1300 से ज्यादा पदों पर वोटिंग

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम एवं उपचुनाव के लिए सोमवार को मतदान शुरू हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेशभर में कुल 1,310 रिक्त पदों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। मतदान शाम 5 बजे तक जारी रहेगा, जबकि मतगणना 4 जून को होगी और उसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक चुनाव में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष के 5 पद, पार्षद के 77 पद, जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद और पंच के 1,136 पदों के लिए मतदान कराया जा रहा है। नगरीय निकाय चुनाव में 31,928 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे, जबकि पंचायत चुनाव में 1,02,797 मतदाता वोट डालेंगे। नगर निकायों में सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक और पंचायत क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान होगा।

कबीरधाम जिले की नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद का उपचुनाव सबसे चर्चित मुकाबलों में शामिल है। यहां अध्यक्ष पद के लिए 6 प्रत्याशी मैदान में हैं। पूर्व अध्यक्ष संतोष मिश्रा के निधन के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। भाजपा ने सरिता संतोष मिश्रा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रोशन वैष्णव पर भरोसा जताया है। वहीं कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे अजय यादव मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। नगर पंचायत के 15 वार्डों में 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां कुल 5,142 मतदाता वोट डालेंगे।

सूरजपुर जिले की शिवनंदनपुर नगर पंचायत में भी आज मतदान हो रहा है। यहां अध्यक्ष पद के लिए भाजपा, कांग्रेस समेत तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं 15 वार्डों में पार्षद पद के लिए 52 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। मतदान के लिए 15 केंद्र बनाए गए हैं और कुल 4,642 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और चुनावी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बारिश से गर्मी हुई कम, तापमान में गिरावट; लेकिन जून के पहले पखवाड़े में हीटवेव का खतरा

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में बारिश से गर्मी हुई कम, तापमान में गिरावट; लेकिन जून के पहले पखवाड़े में हीटवेव का खतरा

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही ने लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत दी है। कई जिलों में तापमान में करीब 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की संभावना बनी रहेगी। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के कारण जून के पहले पखवाड़े में प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बन सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने में देरी हो रही है, जिससे इसके छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावित तारीख आगे खिसक सकती है। इसका असर खासतौर पर मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है, जहां गर्म हवाएं चलने और तापमान बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं बस्तर संभाग में नमी के कारण अत्यधिक गर्मी से कुछ राहत बनी रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री अधिक हो जाए या पारा 45 डिग्री तक पहुंच जाए, तब उस क्षेत्र को हीटवेव प्रभावित माना जाता है।

रविवार को प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। पेंड्रा में 7 मिमी, चंद्रपुर में 5 मिमी, अंबिकापुर और कुटरू में 4-4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा तमनार, मुंगेली, बसना, कोमाखान और बागबहरा समेत कई क्षेत्रों में भी बारिश हुई।

इस बीच राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

राजधानी रायपुर की बात करें तो मौसम विभाग ने आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ की संभावना जताई है। दिन का तापमान 42 डिग्री और रात का तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

  तंबाकू मुक्त विश्व की दिशा में कार्य करें -सुनीता चंसोरिया

तंबाकू मुक्त विश्व की दिशा में कार्य करें -सुनीता चंसोरिया

रायपुर :- राष्ट्रीय सेवा योजना दुर्गा महाविद्यालय द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस झूम मीटिंग के माध्यम से मनाया गया यह दिवस प्रतिवर्ष 31 में को मनाया जाता है विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 का थीम" आकर्षण का पर्दाफाश करना- निकोटिन और तंबाकू की लत का मुकाबला करना" इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को धूम्रपान के हानिकारक प्रभाव के बारे में बताना जागरूक करना है डॉ प्रतिभा मुखर्जी साहूकार प्राचार्य दुर्गा महाविद्यालय ने कहा कि तंबाकू में निकोटिन नामक हानिकारक रसायन होता है जो शरीर में कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है जैसे कैंसर हृदय  रोग फेफड़े का कैंसर दांतों का खराब होना हमें चाहिए कि हम तंबाकू से दूर रहे और दूसरों को भी इसके नुकसान के बारे में बताएं तंबाकू छोड़कर हम एक स्वस्थ सुरक्षित एवं खुशहाल जीवन की और कदम बढ़ा सकते हैं राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी सुनीता चंसोरिया ने बताया कि केंद्र सरकार ,छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन के साथ मिलकर नशा मुक्त भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं जिसमें वह स्कूल ,कॉलेज ,शहर के चौक चौराहों पर, गांव में रैली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में बताते हैं यह एक ऐसा नशा है जो धीरे-धीरे व्यक्ति के शरीर को अंदर से खोखला कर देता है अंत में विद्यार्थियों से आह्वान किया कि हमें अपने स्वास्थ्य को सर्वोपरि प्राथमिकता दें और तंबाकू मुक्त विश्व की दिशा में कार्य करें कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने भी अपने विचार रखें शैलेश वर्मा,सूर्यनारायण के व्रत, विकास,सूरज, लीकेश,दीपा यादव एवं अन्य विद्यार्थियों ने अपने सहभागिता दी

 
ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के 4 हिमाचल में मौत, घूमने गया था परिवार, तभी 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ के 4 हिमाचल में मौत, घूमने गया था परिवार, तभी 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार

 भिलाई। हिमाचल के चंबा में हुए हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। यात्रियों से भरी कार 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। कार में करीब 8 लोग सवार थे, जिनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में भिलाई के चार लोग भी शामिल हैं, जो एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतक परिवार बेंगलुरु में रहता था और हिमाचल घूमने के लिए गया था। मौके पर पहुंचे एसपी विजय कुमार सकलानी ने बताया कि हादसे की सूचना सबसे पहले स्थानीय लोगों से पुलिस को मिली। इसके बाद मौक पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गाड़ी जिस खाई में गिरी उसकी गहराई करीब 500 मीटर है।

भिलाई के 4 लोगों की हिमाचल में मौत, सभी एक परिवार के सदस्य

रअसल, भिलाई के अरविंद चंद्राकर बेंगलुरु में रहकर नौकरी करते थे। अरविंद परिवार सहित छुट्टियों में हिमाचल प्रदेश के चंबा घूमने के लिए गए थे। जिस गाड़ी में वो सवार थे, वो गाड़ी घाटी में बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में परिवार के मुखिया अरविंद चंद्राकर, पत्नी पिंकी चंद्राकर और उनके दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वक्त कार में कुल 8 लोग सवार थे। हादसे में सभी की जान चली गई।

भिलाई से परिजन हिमाचल के लिए हुए रवाना

हादसे के बाद शवों को निकालने के लिए मानव – श्रृंखला बनाई गई और शवों को खाई से बाहर निकाला गया। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में घंटों का वक्त लगा। हादसे में मरने वालों की पहचान होते ही हिमाचल पुलिस ने घटना की जानकारी अरविंद चंद्राकर के परिवार वालों को दी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और मोहल्ले में कोहराम मच गया। हिमाचल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मृतक अरविंद चंद्राकर के परिजन हिमाचल के लिए रवाना हो गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय दिनेश सेन को दी श्रद्धांजलि : शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय दिनेश सेन को दी श्रद्धांजलि : शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय   दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय  सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक  रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती।

उन्होंने स्वर्गीय  दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।

गांवों में अमराई की परंपरा पुनर्जीवित करने की जरूरत: बृजमोहन अग्रवाल

गांवों में अमराई की परंपरा पुनर्जीवित करने की जरूरत: बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शाें को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया।

समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, वभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया।

उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद – नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी 1 जून को रायगढ़ जिले में विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन एवं लोकार्पण

वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी 1 जून को रायगढ़ जिले में विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन एवं लोकार्पण

 रायपुर: वित्त मंत्री   ओ.पी. चौधरी 1 जून को रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सड़क, पहुंच मार्ग, मिनी स्टेडियम एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री चौधरी दोपहर 3:30 बजे मिडमिडा में हाई स्कूल पहुंच मार्ग के भूमिपूजन एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात शाम 4:15 बजे त्रिभोना में त्रिभोना से कोड़पाली पहुंच मार्ग एवं सड़क निर्माण कार्य के भूमिपूजन तथा सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेंगे।

शाम 5:00 बजे वे तुरंगा में मिनी स्टेडियम, शेड एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 5:45 बजे कोतासुरा में गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी शाम 6:30 बजे कोंडातराई पहुंचेंगे, जहां वे पुसौर-सुरजगढ़ मार्ग के भूमिपूजन, शेड, सीसी सड़क एवं यात्री प्रतीक्षालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहेंगे

मदिरा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर, आज बंद रहेंगे शराब दुकानें

मदिरा प्रेमियों के लिए बड़ी खबर, आज बंद रहेंगे शराब दुकानें

 गरियाबंद। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत छुरा के ग्राम पंचायत करकरा में सरपंच के 01 रिक्त पद के लिए 01 जून 2026 को उप निर्वाचन होना है। उप चुनाव नियत होने के कारण निर्विघ्न एवं निष्पक्षतापूर्वक निर्वाचन संपन्न कराने के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बीएस उइके ने मतदान क्षेत्र की सीमा से लगे 02 किलोमीटर की दूरी पर खड़मा के विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान को मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व शराब दुकान बंद करने के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है।

इस दौरान शुष्क दिवस में किसी भी अधिकृत एवं अनाधिकृत स्थानों से मदिरा का अवैध निर्माण, आधिपत्य परिवहन, क्रय-विक्रय, भण्डारण तस्करी न हो इस पर पूर्ण नियंत्रण रखने के निर्देश दिए है। साथ ही शिकायत प्राप्त होने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

नदी में तैरती मिली युवक की सड़ी-गली लाश, हत्या या फिर

नदी में तैरती मिली युवक की सड़ी-गली लाश, हत्या या फिर

 बिलासपुर। जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र सनसनी खेज मामला सामने आया है। अरपा नदी में एक अज्ञात युवक की सड़ी-गली लाश पानी में तैरती हुई मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। नदी के आसपास से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने जब शव को पानी में तैरते हुए देखा, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।

घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों और समय का खुलासा हो पाएगा।

जशपुर में शिक्षक गिरफ्तार: फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाकर बेटी को दिलाया था मुफ्त प्रवेश, भेजा गया जेल

जशपुर में शिक्षक गिरफ्तार: फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाकर बेटी को दिलाया था मुफ्त प्रवेश, भेजा गया जेल

 जशपुर । जिले में शासन की महत्वाकांक्षी शैक्षणिक योजना में फर्जीवाड़ा कर अनुचित लाभ लेने का मामला सामने आया है। पत्थलगांव पुलिस ने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाकर अपनी पुत्री का निःशुल्क प्रवेश कराने वाले एक शासकीय शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार ग्राम जामझोर निवासी चमर साय पैकरा (41 वर्ष), जो एक शासकीय शिक्षक है, ने अपनी वास्तविक आय छिपाकर मात्र 75 हजार रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र बनवाया। इसके साथ ही उसने मिथ्या शपथ पत्र प्रस्तुत कर अपनी पुत्री का प्रवेश पंडित जवाहरलाल नेह

फेसबुक पर युवती की दोस्ती पड़ी महंगी: अकाउंटेंट से 16 लाख की साइबर ठगी, क्रिप्टो निवेश के नाम पर बनाया शिकार

फेसबुक पर युवती की दोस्ती पड़ी महंगी: अकाउंटेंट से 16 लाख की साइबर ठगी, क्रिप्टो निवेश के नाम पर बनाया शिकार

 रायपुर। सोशल मीडिया पर हुई एक दोस्ती महालेखाकार कार्यालय में पदस्थ एक अकाउंटेंट को लाखों रुपये की चपत लगा गई। फेसबुक पर युवती बनकर बातचीत करने वाले साइबर ठग ने पहले दोस्ती की, फिर क्रिप्टोकरेंसी निवेश में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर 16 लाख रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दे दिया। मामले में विधानसभा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित की फेसबुक पर एक युवती के नाम से संचालित प्रोफाइल से दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने विश्वास हासिल कर लिया। कुछ समय बाद युवती ने खुद को निवेश की जानकार बताते हुए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की सलाह दी।

CG – बेमौसम बरसात: आकाशीय बिजली का कहर: दो गांवों में 27 मवेशियों की मौत, पशुपालकों ने मांगा मुआवजा

CG – बेमौसम बरसात: आकाशीय बिजली का कहर: दो गांवों में 27 मवेशियों की मौत, पशुपालकों ने मांगा मुआवजा

 जशपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। तपकरा थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में कुल 27 मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रभावित गांवों में शोक और चिंता का माहौल है, जबकि पशुपालकों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, तपकरा थाना क्षेत्र के अमडीहा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 12 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना पुराईनबंध गांव में हुई, जहां वज्रपात की चपेट में आने से 12 बकरियों और 3 अन्य मवेशियों की जान चली गई।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान पशु खुले क्षेत्र में मौजूद थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और बड़ी संख्या में पशु उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी।

सूचना मिलते ही राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों द्वारा मृत पशुओं का पंचनामा तैयार कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन के नियमानुसार सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

घटना से प्रभावित पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है, ऐसे में अचानक इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।

गौरतलब है कि इन दिनों छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह जारी की है।

प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

किसानों ने नैनो डीएपी के उपयोग को बताया लाभकारी, समितियों में समय पर मिल रहा है खाद-बीज

किसानों ने नैनो डीएपी के उपयोग को बताया लाभकारी, समितियों में समय पर मिल रहा है खाद-बीज

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2026 की फसलों (धान, दलहन, तिलहन आदि) के लिए सेवा सहकारी समितियों और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद व प्रमाणित बीजों का वितरण किया जा रहा है। इस बार पारंपरिक खादों के साथ-साथ वैकल्पिक उर्वरकों, जैसे नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

नैनो डीएपी से सुधरी फसलों की सेहत-किसान पवित्र सरकार

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड बलरामपुर के ग्राम संतोषीनगर निवासी किसान पवित्र सरकार ने सहकारी समिति बरदर की व्यवस्थाओं की सराहना की है। ढाई एकड़ कृषि भूमि के स्वामी  पवित्र सरकार ने बताया कि उन्होंने खरीफ सीजन की तैयारी के लिए समिति से यूरिया और नैनो डीएपी प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी के उपयोग से फसलों को जरूरी पोषक तत्व प्रभावी रूप से मिलते हैं, जिससे पौधों की शुरुआती वृद्धि बहुत अच्छी होती है। कम मात्रा में इस्तेमाल होने के बावजूद इसका असर बेहतरीन रहता है, जिससे लागत कम होती है और ले जाने में भी सुविधा रहती है। उन्होंने आगे कहा कि समिति में खाद वितरण की प्रक्रिया बेहद सरल और सुव्यवस्थित थी, जिससे उन्हें किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा

मुख्यमंत्री की सर्वाेच्च प्राथमिकता-खेती-किसानी की बेहतरी
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों को समृद्ध और खेती को सुगम बनाना है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप राज्य में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भंडारण और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए, ताकि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर सामग्रियां मिल सकें।

जिला प्रशासन की पैनी नजर- 37 समितियों में सुचारू वितरण
बलरामपुर की कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले की सभी 37 सहकारी समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित पारदर्शी व्यवस्था के तहत ही किसानों को कृषि सामग्रियां दी जा रही हैं।खरीफ फसल की बुवाई से पहले ही पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है और जिला प्रशासन द्वारा इसकी कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है।

समय पर कृषि आदानों (खाद-बीज) की उपलब्धता से जिले के किसानों का उत्साह बढ़ा है और आगामी खरीफ सीजन में बंपर पैदावार की उम्मीद मजबूत हुई है। इसके लिए स्थानीय किसानों ने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

जल संरक्षण के साथ मिल रहा बंपर रोजगार, मोर गांव, मोर तरिया अभियान से संवर रहे ग्रामीण क्षेत्र

जल संरक्षण के साथ मिल रहा बंपर रोजगार, मोर गांव, मोर तरिया अभियान से संवर रहे ग्रामीण क्षेत्र

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के तहत बिलासपुर जिले में मोर गांव, मोर तरिया अभियान को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ गांवों में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत नींव भी तैयार हो रही है। राज्य सराकर के जल संरक्षण अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य, मस्तूरी में काम तेज
अभियान के तहत बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत मस्तूरी की ग्राम पंचायत बोहारडीह में नवीन तरिया (तालाब) निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत वर्षाकाल शुरू होने से पहले निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी सीजन में वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके।
जिले में 38 नवीन तालाबों को मिली मंजूरी
जल संकट के स्थाई समाधान के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में कुल 38 नवीन तरिया (तालाब) निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी स्वीकृत तालाबों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि वर्षाकाल में पानी रोकने की मजबूत व्यवस्था विकसित हो। इन तालाबों के निर्माण से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, मवेशियों के लिए निस्तारी की सुविधा होगी और गर्मियों में होने वाले जल संकट से मुक्ति मिलेगी।

ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिल रहा रोजगार
मोर गांव, मोर तरिया अभियान दोहरे लाभ के साथ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इन निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों को नियोजित किया गया है। गांवों में तालाबों के रूप में स्थाई जल संपदा का निर्माण हो रहा है। श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से पलायन पर रोक लगी है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।
गुणवत्ता पर विशेष नजर
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी निर्माण स्थलों की सतत मॉनिटरिंग (निगरानी) की जा रही है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।

सुरक्षित बचपन से ही बनेगा सशक्त भविष्य : मंत्री राजवाड़े

सुरक्षित बचपन से ही बनेगा सशक्त भविष्य : मंत्री राजवाड़े

 00 विश्व बाल सुरक्षा दिवस पर बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाल वातावरण सुनिश्चित करने की अपील

रायपुर। विश्व बाल सुरक्षा दिवस 1 जून के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र की सबसे अमूल्य धरोहर होते हैं। उनका सुरक्षित, स्वस्थ और स्नेहपूर्ण वातावरण में विकास होना एक मजबूत और संवेदनशील समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के प्रति हिंसा, उपेक्षा और शोषण की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं, जिन पर रोक लगाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। बच्चों की मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं को समझते हुए ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करना आवश्यक है, जहां वे निर्भय होकर अपने सपनों को साकार कर सकें। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि हर बच्चे की मुस्कान उसके सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन से जुड़ी होती है। यदि समाज बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहेगा, तभी आने वाली पीढ़ी आत्मविश्वासी, शिक्षित और संस्कारित बन सकेगी।

उन्होंने विश्व बाल सुरक्षा दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से यह संकल्प लेने की अपील की कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, बेहतर शिक्षा, स्नेह और संरक्षण प्रदान करने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, ताकि प्रदेश और देश का भविष्य मजबूत एवं उज्ज्वल बन सके।