रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने आयोग की गतिविधियों से राज्यपाल को अवगत कराया।
रायपुर। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अश्वनी नगर स्थित गौसिया मस्जिद के पास 30 अगस्त की रात 11 बजे डंगनिया निवासी अहमद खान (22) के ऊपर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर हत्या करने वाले चार नाबालिग युवकों को पुलिस ने ट्रेन से दूसरी जगह भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपियो को बिलासपुर व एक आरोपी को स्थानीय स्तर पर पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ और जांच में पुलिस के सामने यह तथ्य आया है कि वारदात को आपसी रंजिश के चलते अंजाम दिया गया। पुलिस अब हिरासत में लिए गए सभी नाबालिगों से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की पूरी वजह तथा घटनाक्रम की कडिय़ां जोडऩे में जुटी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 30 अगस्त की रात करीब 11 बजे पुरानी बस्ती पुलिस को अश्वनी नगर में एक युवक डंगनिया निवासी अहमद खान (22) के गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल एम्स रायपुर लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू की। हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के ट्रेन के जरिए रायपुर से बाहर भागने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस ने आरपीएफ पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया और आरोपियों की तलाश तेज कर दी। पुलिस की तत्परता के चलते तीन आरोपियों को बिलासपुर में, जबकि एक आरोपी को स्थानीय स्तर पर हिरासत में लिया गया। इस तरह मामले में कुल चार आरोपियों को पकड़ा गया। पकड़े गए सभी आरोपी नाबालिग है। पकड़े गए आरोपियों में से एक नाबालिग कुछ दिन पहले ही लूट के एक अन्य मामले में बाल संप्रेक्षण गृह से बाहर आया था। बाहर आने के कुछ ही समय बाद वह इस हत्या की वारदात में शामिल हो गया। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
रायपुर। रायपुर जिले के अटारी गांव स्थित नंदनवन को अब एक नए और आकर्षक स्वरूप में पुनर्विकसित किया जाएगा। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों ने मुख्य सचिव श्री विकासशील के समक्ष नंदनवन पुनर्विकास की प्रस्तावित परियोजना का प्रस्तुतिकरण दिया।
परियोजना की मुख्य बातें
नंदनवन के कायाकल्प और विकास कार्य में लगभग 50 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है। पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत यह पूरी परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर आधारित होगी। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बॉटनिकल गार्डन को नए सिरे से पुनर्जीवित और विकसित किया जाएगा। मुख्य सचिव ने परियोजना में पर्यटकों की सुविधा और आकर्षण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न जन-सुविधाएं विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव द्वारा दिए गए समीक्षा बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, छत्क्। के सीईओ चंदन कुमार समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
00 मुख्यमंत्री ने किया TIN पोर्टल का शुभारंभ
00 TIN पोर्टल से टिन संग्राहक जनजातीय हितग्राहियों को मिलेगा पारदर्शी और उचित मूल्य
00 LME आधारित मूल्य निर्धारण से बाजार भाव के अनुरूप भुगतान, DBT से सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राशि
00 डिजिटल रजिस्ट्रेशन, क्यूआर आधारित सत्यापन, एसएमएस अलर्ट और रियल टाइम मॉनिटरिंग से पूरी प्रक्रिया होगी पारदर्शी
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज संसाधनों के सतत एवं समावेशी विकास के साथ जनजातीय समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से विकसित TIN (ट्राइबल इंसेंटिव्स ऑन नेचुरल रिसोर्सेज़) पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान केंद्रीय कोयला और खान राज्यमंत्री सतीश चंद्र दुबे, केंद्रीय शहरी आवासन राज्य मंत्री तोखन साहू और सीएमडीसी के चेयरमैन सौरभ सिंह सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।
यह पोर्टल बस्तर संभाग के जनजातीय समुदायों द्वारा संग्रहित टिन अयस्क के क्रय से लेकर परिवहन, बिक्री, मूल्य निर्धारण और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी, तकनीक-सक्षम और समयबद्ध बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। पोर्टल में लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) आधारित मूल्य निर्धारण की व्यवस्था की गई है, जिससे टिन संग्राहकों को बाजार की स्थिति के अनुरूप अधिक पारदर्शी मूल्य मिल सकेगा। वहीं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से विक्रय की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंचेगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी, भुगतान में देरी की संभावना घटेगी और जनजातीय परिवारों को अपने प्राकृतिक संसाधनों से मिलने वाले आर्थिक लाभ का अधिक प्रत्यक्ष एवं समयबद्ध लाभ मिलेगा।
टिन खरीदी की पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल, हर चरण की होगी निगरानी
TIN पोर्टल के माध्यम से टिन अयस्क के संग्रहण से लेकर भुगतान तक प्रत्येक चरण को डिजिटल वर्कफ्लो से जोड़ा गया है। इसमें डिजिटल हितग्राही पंजीयन एवं पहचान, बैंकिंग सेवाओं का एकीकरण, क्यूआर कोड आधारित स्मार्ट सत्यापन, स्मार्ट कार्ड/पहचान सुविधा, ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन, भुगतान राशि की स्वचालित गणना, ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग और संपूर्ण ऑडिट ट्रेल जैसी सुविधाएं शामिल हैं। सीएमडीसी मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों और क्रय केंद्रों तक रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी विकसित की गई है। पोर्टल के माध्यम से हितग्राहियों को डिजिटल संचार, एसएमएस अलर्ट और भुगतान एवं लेन-देन की स्थिति की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल संग्राहकों को अपने टिन की बिक्री और भुगतान की जानकारी समय पर मिलेगी, बल्कि सीएमडीसी के लिए स्टॉक, राजस्व, भुगतान और क्रय प्रक्रिया की निगरानी भी अधिक प्रभावी होगी।
06 टिन क्रय केंद्रों से खरीदी, 03 नए केंद्र प्रस्तावित
सीएमडीसी द्वारा वर्तमान में बस्तर संभाग में 06 टिन क्रय केंद्रों के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों से टिन अयस्क की खरीदी की जा रही है। इनमें दंतेवाड़ा जिले के बचेली, कटेकल्याण और चिकपाल तथा सुकमा जिले के तोंगपाल, नामा और चिंतलनार में संचालित क्रय केंद्र शामिल हैं। अधिक से अधिक जनजातीय संग्राहकों को स्थानीय स्तर पर टिन विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में 03 नए टिन संग्रहण एवं क्रय केंद्र स्थापित करने की योजना है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के संग्राहकों को अपने उत्पाद को बाजार तक ले जाने में होने वाली कठिनाइयों में कमी आएगी और अधिक हितग्राही औपचारिक एवं पारदर्शी क्रय व्यवस्था से जुड़ सकेंगे।
टिन क्रय व्यवस्था में लागू हुई नई SOP, प्रक्रिया होगी सरल और किफायती
TIN पोर्टल के साथ CMDC द्वारा टिन अयस्क की खरीदी से बिक्री तक की प्रक्रिया के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी तैयार कर लागू की गई है। इसके तहत प्रत्येक क्रय केंद्र के लिए अलग सैंपलिंग की व्यवस्था, सैंपल की संख्या को 12 से घटाकर 6 करना, प्रत्येक सैंपल का मानकीकरण 50 ग्राम करना तथा परीक्षण परिणामों को लेकर असहमति की स्थिति में री-एनालिसिस का प्रावधान किया गया है। इससे प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होने के साथ परीक्षण एवं विश्लेषण से जुड़ी लागत में भी कमी आएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मासिक विश्लेषण शुल्क को 14,400 रुपए से घटाकर 7,200 रुपए किया गया है तथा इन सुधारों से CMDC को लगभग 10 लाख रुपए वार्षिक तक की संभावित बचत का अनुमान है। क्रय, बिक्री और परिवहन दरों के नियमित निर्धारण से पूरी प्रक्रिया में स्पष्टता भी बढ़ेगी।
LME आधारित मूल्य से उचित मूल्य, DBT से सीधे खाते में भुगतान
TIN पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में LME आधारित मूल्य निर्धारण और DBT भुगतान व्यवस्था शामिल है। इससे टिन के अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य में होने वाले बदलावों को ध्यान में रखते हुए अधिक पारदर्शी मूल्य व्यवस्था विकसित होगी। विक्रय राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से हितग्राहियों को भुगतान के लिए किसी मध्यस्थ पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। बैंकिंग प्रणाली से एकीकरण के कारण भुगतान अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय होगा। साथ ही डिजिटल भुगतान व्यवस्था जनजातीय समुदायों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ते हुए वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा देगी।
टिन संग्रहण को आजीविका से जोड़ने की दिशा में पहल
बस्तर के दक्षिणी क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय लंबे समय से टिन अयस्क का संग्रहण करते रहे हैं। वर्ष 2013 में दंतेवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पांच टिन अयस्क संग्रहण सहकारी समितियों का गठन किया गया था। अब TIN पोर्टल इसी सामुदायिक व्यवस्था को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए टिन संग्रहण को अधिक व्यवस्थित एवं स्थायी आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित करने का प्रयास है। इससे प्राकृतिक संसाधनों से मिलने वाले आर्थिक लाभ को स्थानीय समुदायों तक सीधे पहुंचाने, उनकी आय बढ़ाने और आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत करने में मदद मिलेगी।
टिन खरीदी से जनजातीय हितग्राहियों को लगातार मिला आर्थिक लाभ
CMDC द्वारा जनजातीय हितग्राहियों से टिन अयस्क की खरीदी के माध्यम से लगातार आर्थिक लाभ पहुंचाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707.2 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए लगभग 90.82 लाख रुपए, जबकि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20,895.335 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए लगभग 3.81 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया।
सरकार और CMDC के लिए भी बनेगा मजबूत डिजिटल गवर्नेंस प्लेटफॉर्म
TIN पोर्टल केवल भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह टिन की पूरी मिनरल वैल्यू चेन के डिजिटल प्रबंधन की व्यवस्था है। इससे सरकार को रियल टाइम राजस्व एवं क्रय संबंधी जानकारी प्राप्त होगी, जबकि CMDC को कागजी कार्यवाही कम करने, स्टॉक ट्रैकिंग, ऑडिट अनुपालन, भुगतान और क्रय केंद्रों की निगरानी में सुविधा मिलेगी। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर भविष्य की नीतियों और योजनाओं के लिए भी बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे। इस प्रकार TIN पोर्टल छत्तीसगढ़ के खनिज संसाधनों को जनजातीय आजीविका से जोड़ने वाली ‘मिनरल-टू-लाइवलीहुड’ पहल के रूप में सामने आया है। LME आधारित पारदर्शी मूल्य निर्धारण, DBT, डिजिटल पहचान, बैंकिंग एकीकरण, रियल टाइम मॉनिटरिंग और मानकीकृत SOP के माध्यम से इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बस्तर के टिन संग्राहक जनजातीय हितग्राहियों को उनके संसाधनों का अधिकतम, पारदर्शी और समयबद्ध आर्थिक लाभ मिल सके।
सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच हुआ महत्वपूर्ण एमओयू, कौशल विकास और वित्तीय सहयोग को मिलेगी गति
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू किया गया। इस समझौते से खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग, टिन संकलित करने वाले हितग्राहियों को पारदर्शी भुगतान और मूल्य संवर्धन का लाभ मिलेगा।
रायपुर। सितंबर और अक्टूबर में रेल यात्रियों की मुश्किलें बढऩे वाली हैं। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल के बंडामुंडा केबिन (ए) से राउरकेला सेक्शन के बीच पांचवीं लाइन के कमीशनिंग कार्य के चलते दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे प्रशासन इस दौरान अलग-अलग चरणों में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य और ट्रैफिक ब्लॉक लेगा। इसके चलते निर्धारित तिथियों पर कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग और समय में बदलाव किया गया है। ट्रेनों के प्रभावित होने का असर छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों के यात्रियों पर पड़ेगा।
रेलवे के अनुसार, 25 से 30 सितंबर तथा 1, 2, 4, 5, 6, 7, 11, 12 और 13 अक्टूबर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस इतवारी और टाटानगर से चलने वाली 18109/18110 इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस रद्द रहेगी। इसी अवधि में 18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस का परिचालन भी प्रभावित रहेगा। वहीं, बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस भी 26 सितंबर से 14 अक्टूबर के बीच निर्धारित तिथियों पर रद्द रहेगी।
28 सितंबर और 12 अक्टूबर को 12767 नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस तथा 30 सितंबर और 14 अक्टूबर को 12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 29 सितंबर को 01001 एलटीटी-सांतरागाछी स्पेशल और 1 अक्टूबर को 01002 सांतरागाछी-एलटीटी स्पेशल इसके अलावा, 1 और 13 अक्टूबर को 18641 हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस तथा 2 और 14 अक्टूबर को 18642 दुर्ग-हटिया एक्सप्रेस का परिचालन रद्द रहेगा। 9 अक्टूबर को 22843 बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस और 10 अक्टूबर को 22844 बक्सर-बिलासपुर एक्सप्रेस रद्द रहेगी। 10 अक्टूबर को 12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस और 12 अक्टूबर को 12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी। 13 अक्टूबर को 12262 हावड़ा-सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस तथा 14 अक्टूबर को 12261 सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस रद्द रहेगी। वहीं, 1 अक्टूबर को 13288/13287 आरा-दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस का परिचालन भी रद्द रहेगा।
1 और 12 अक्टूबर को 18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से चलेगी। यह ट्रेन कटक, संबलपुर सिटी, झारसुगुड़ा रोड और ईब के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश जाएगी। वहीं, 13 अक्टूबर को हावड़ा से रवाना होने वाली 12860 हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से दो घंटे देरी से रवाना होगी।
रायपुर, 31 अगस्त 2026 | रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में सोमवार को एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने नए तबादला आदेश जारी करते हुए एक सहायक उपनिरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और 23 आरक्षकों की पदस्थापना में बदलाव किया है। इस तरह ताजा आदेश में कुल 25 पुलिसकर्मी प्रभावित हुए हैं। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में पिछले कुछ महीनों से लगातार अलग-अलग स्तर पर तबादले और नई जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। इससे पहले भी थाना, क्राइम ब्रांच और अन्य इकाइयों में अधिकारियों-कर्मचारियों की पदस्थापना बदली जा चुकी है।
23 आरक्षकों के थाने और इकाइयां बदलीं
ताजा आदेश में सबसे ज्यादा बदलाव आरक्षक स्तर पर किया गaया है। कुल 23 आरक्षकों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। इसके अलावा एक सहायक उपनिरीक्षक और एक प्रधान आरक्षक की पदस्थापना भी बदली गई है। तबादला आदेश जारी होने के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। विस्तृत सूची में किस पुलिसकर्मी को किस थाना या इकाई में भेजा गया है, यह आधिकारिक आदेश से स्पष्ट होगा।
कमिश्नरेट बनने के बाद लगातार हो रहे बदलाव
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद प्रशासनिक ढांचे में लगातार बदलाव देखने को मिले हैं। मई 2026 में भी बड़े स्तर पर 136 पुलिसकर्मियों की पदस्थापना बदली गई थी। उस सूची में SI, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के कर्मचारी शामिल थे। इसके बाद 6 अगस्त को एक अन्य आदेश में 34 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया था, जिसमें SI, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक शामिल थे।
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जरूरत के हिसाब से पोस्टिंग
पुलिस विभाग में इस तरह की पदस्थापनाएं आम तौर पर प्रशासनिक जरूरत, कानून-व्यवस्था और विभिन्न थाना क्षेत्रों में उपलब्ध बल के संतुलन को देखते हुए की जाती हैं। हालांकि ताजा आदेश में प्रत्येक पुलिसकर्मी की पदस्थापना बदलने का व्यक्तिगत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है। इसलिए इन तबादलों को किसी कार्रवाई या अनुशासनात्मक कदम के रूप में लिखना सही नहीं होगा, जब तक आदेश में ऐसा स्पष्ट उल्लेख न हो।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने जारी किया आदेश
तबादला आदेश पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला की ओर से जारी किया गया है। रायपुर कमिश्नरेट में इससे पहले भी उनकी ओर से विभिन्न थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किए जा चुके हैं। जुलाई में DCP और थाना स्तर पर भी प्रशासनिक फेरबदल हुआ था। ताजा तबादला सूची के बाद अब संबंधित पुलिसकर्मी नए थाना क्षेत्रों और इकाइयों में जिम्मेदारी संभालेंगे।
00 मुख्यमंत्री साय के प्रयासों से जिले में खेल अधोसंरचना को मिलेगा नया आयाम
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला मुख्यालय जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 5 करोड़ 49 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरूण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति दी गई है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण से जशपुर जिले के खिलाडिय़ों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने और जिला स्तर से आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए बेहतर मंच मिलेगा। जशपुर जिले में फुटबॉल के प्रति खिलाडिय़ों और युवाओं में विशेष उत्साह एवं रुचि को देखते हुए यह स्टेडियम खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे जिले में नियमित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और खेल आयोजनों के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जशपुर जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल सुविधाओं के विस्तार पर लगातार जोर दिया जा रहा है। फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए मिली यह स्वीकृति जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
00 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स में आत्मनिर्भरता से मजबूत होगी भारत की आर्थिक और सामरिक शक्ति
00 छत्तीसगढ़ के 5 क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की हो रही नीलामी, मुख्यमंत्री ने निवेशकों से किया सक्रिय भागीदारी का आह्वान
00 मुख्यमंत्री साय ने ई-रेत संगवारी और टिन पोर्टल का किया शुभारंभ
00 सीएमडीसी का इंडियन ओवरसीज बैंक और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू, वित्तीय सहयोग और कौशल विकास को मिलेगी गति
रायपुर। छत्तीसगढ़ में उपलब्ध समृद्ध खनिज संपदा और क्रिटिकल मिनरल्स की व्यापक संभावनाएं प्रदेश को विकास के नए क्षितिज पर ले जाने की क्षमता रखती हैं। हमारा लक्ष्य केवल धरती से खनिज निकालना नहीं, बल्कि अन्वेषण से उत्खनन, प्रसंस्करण से मूल्य संवर्धन और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग से रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन छत्तीसगढ़ में विकसित करना है। इससे प्रदेश में निवेश बढ़ेगा, नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स आने वाले समय में देश की आर्थिक प्रगति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और सामरिक सुरक्षा के प्रमुख आधार होंगे। आज के तेजी से बदलते वैश्विक और तकनीकी परिदृश्य में इन खनिजों का महत्व बहुत आगे बढ़ चुका है। रक्षा उद्योग से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तक आधुनिक अर्थव्यवस्था के लगभग हर उभरते क्षेत्र के लिए इन खनिजों की विश्वसनीय उपलब्धता आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-रेत संगवारी पोर्टल और टिन पोर्टल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) द्वारा इंडियन ओवरसीज बैंक तथा पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ महत्वपूर्ण एमओयू भी किए गए।
विकसित भारत के लिए क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता आवश्यक
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से दुनिया की प्रमुख आर्थिक और तकनीकी शक्तियों में अपनी जगह बना रहा है। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के माध्यम से देश में क्रिटिकल मिनरल्स के अन्वेषण, प्रसंस्करण और इनसे जुड़े उन्नत उद्योगों के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया के सभी प्रमुख देश अपने रणनीतिक संसाधनों और उनकी सप्लाई चेन को सुरक्षित करने में जुटे हैं। ऐसे समय में भारत के लिए क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की उपलब्धता में आत्मनिर्भर होना आर्थिक आवश्यकता के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

रक्षा से एआई तक - नई अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं क्रिटिकल मिनरल्स
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का रक्षा उद्योग तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय रक्षा क्षमताओं और स्वदेशी तकनीक की प्रभावशीलता को दुनिया ने देखा। आधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण में अनेक स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए एक मजबूत और आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के लिए इनकी सुरक्षित और निरंतर आपूर्ति जरूरी है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार एआई, सेमीकंडक्टर, बैटरी, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डिजिटल प्रौद्योगिकी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के लिए लिथियम, ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, वैनेडियम, निकेल और क्रोमियम जैसे खनिज अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भविष्य की अर्थव्यवस्था में इनकी भूमिका लगातार बढऩे वाली है।
क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के पास बड़ी संभावनाएं
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख खनिज संपन्न राज्यों में है और अब क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी प्रदेश नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। कटघोरा और बस्तर में लिथियम एवं दुर्लभ मृदा तत्व, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम एवं गैलियम, बालोद में फास्फोराइट तथा महासमुंद में निकेल, क्रोमियम और ग्लाकोनाइट की संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की नीलामी की आठवीं किश्त में देश के 7 राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक्स शामिल हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के 5 ब्लॉक्स हैं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से इन ब्लॉक्स की नीलामी में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि यह केवल खनिज ब्लॉक हासिल करने का अवसर नहीं है। यह अन्वेषण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, नवाचार और नए उद्योगों के माध्यम से छत्तीसगढ़ तथा देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का अवसर है। ये क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स विकसित भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण धुरी बन सकते हैं।

पूरी मिनरल वैल्यू चेन छत्तीसगढ़ में विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच खनिज उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। हमारा प्रयास है कि खनिज आधारित उद्योगों की पूरी वैल्यू चेन प्रदेश में विकसित हो। अन्वेषण और उत्खनन के बाद खनिज बाहर भेजने के बजाय उनका प्रसंस्करण, वैल्यू एडिशन और उनसे संबंधित एडवांस मैन्युफैक्चरिंग प्रदेश में हो, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम आर्थिक लाभ छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों को मिले। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे आधुनिक उद्योगों में क्रिटिकल मिनरल्स की आवश्यकता होगी। खनिज संसाधनों की निकट उपलब्धता प्रदेश को इन उद्योगों के लिए स्वाभाविक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेगी।
नई औद्योगिक नीति और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से निवेश को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार नए जमाने के उद्योगों को छत्तीसगढ़ की ओर आकर्षित करने के लिए निवेश अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। नई औद्योगिक नीति में उभरते और भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों के लिए अनेक प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम के माध्यम से कम एवं मध्यम जोखिम वाले उद्योगों के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को सरल किया गया है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से विभिन्न अनुमतियों और एनओसी की प्रक्रिया भी सुगम हुई है। उन्होंने कहा कि पूंजी निवेश सहायता, स्टांप शुल्क एवं विद्युत शुल्क में छूट, ब्याज अनुदान और रोजगार आधारित प्रोत्साहन सहित विभिन्न सुविधाएं निवेशकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य में खनिज संपदा, ऊर्जा, भूमि, कनेक्टिविटी और औद्योगिक अधोसंरचना की उपलब्धता क्रिटिकल मिनरल आधारित उद्योगों के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करती है।

खनिज राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ का खनिज राजस्व लगभग 400 करोड़ रुपए था। ढाई वर्ष पहले यह लगभग 12 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से प्राप्त राजस्व का उपयोग प्रदेश के विकास और जनकल्याण में किया जा रहा है। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय लोगों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने उद्योग जगत और निवेशकों से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि आज पूरा देश छत्तीसगढ़ की ओर देख रहा है। प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और तेजी से औद्योगिक एवं आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह रोड शो छत्तीसगढ़ में निवेश, तकनीकी सहयोग और नई साझेदारियों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा तथा प्रदेश को देश की क्रिटिकल मिनरल वैल्यू चेन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता देश की रणनीतिक आवश्यकता : केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे
केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स में आत्मनिर्भरता भारत की आर्थिक और रणनीतिक शक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। लंबे समय तक देश अनेक महत्वपूर्ण खनिजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ इस दिशा में तेजी से काम हुआ है। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग वाहनों, इनवर्टर और ई-रिक्शा से लेकर जहाजों तथा आधुनिक रक्षा उपकरणों तक में होता है। उन्होंने निवेशकों, युवाओं और स्टार्टअप्स से इस क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल खनिजों का दोहन नहीं, बल्कि सतत और जिम्मेदार खनन को बढ़ावा देना है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाए।

खनन के साथ सुनियोजित और टिकाऊ विकास भी जरूरी : केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच छत्तीसगढ़ के पास अपनी समृद्ध खनिज संपदा और मजबूत औद्योगिक आधार के बल पर नई संभावनाओं को साकार करने का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की सफलता केवल उनके आवंटन से नहीं मापी जानी चाहिए। इसका वास्तविक प्रभाव अन्वेषण, निवेश, प्रोसेसिंग सुविधाओं की स्थापना, तकनीकी विकास, वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन के रूप में दिखाई देना चाहिए। खनन और औद्योगिक निवेश के साथ आवास, परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी नागरिक सुविधाओं का सुनियोजित विकास भी जरूरी है। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है।
निवेशकों को हर स्तर पर मिलेगा हैंडहोल्डिंग सपोर्ट - मुख्य सचिव विकास शील
मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कहा कि राज्य सरकार खनिज क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए 43 सेवाओं को रिस्क रेटेड अप्रोच के तहत अधिसूचित किया गया है। लो और मीडियम रिस्क गतिविधियों के लिए सेल्फ डिक्लेरेशन तथा हाई रिस्क गतिविधियों के लिए आवश्यक अनुमति की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक परियोजनाओं की समयबद्ध स्थापना के लिए रणनीतिक परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और भूमि अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खनन क्षेत्र में सर्वे, एनफोर्समेंट, परिवहन, रॉयल्टी भुगतान और नीलामी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाया जा रहा है तथा भविष्य में ट्रांसपोर्ट सिस्टम को और अधिक तेज तथा पेपरलेस बनाने का लक्ष्य है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण, वन, भूमि अधिग्रहण एवं अन्य आवश्यक स्वीकृतियों में निवेशकों को सक्रिय हैंडहोल्डिंग सपोर्ट दे रही है। अब खनिज ब्लॉक्स की नीलामी लैंड शेड्यूलिंग के बाद की जा रही है, जिससे निवेशकों को भूमि, वन क्षेत्र एवं संबंधित प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी पहले ही उपलब्ध हो सके। मुख्य सचिव ने निवेशकों से केवल खदानों में निवेश तक सीमित न रहते हुए पूरी मिनरल वैल्यू चेन और डाउनस्ट्रीम उद्योगों में निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने वाले नए बिजनेस मॉडल विकसित करने पर भी जोर दिया।

देश में अब तक 56 क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की सफल नीलामी
भारत सरकार के खान मंत्रालय के सचिव श्री केशव चंद्र ने कहा कि भारत के वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों की ओर तेजी से आगे बढऩे के साथ क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। ये खनिज इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, रक्षा, एयरोस्पेस और उर्वरक सहित अनेक उन्नत उद्योगों के लिए जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी का अधिकार मिलने के बाद अब तक 88 ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है, जिनमें 56 ब्लॉक्स की सफलतापूर्वक नीलामी हो चुकी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की खनिज संभावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि भारत के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़ के कटघोरा लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक से हुई। आठवीं किश्त में 7 राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक्स में से 5 छत्तीसगढ़ में हैं।
उन्होंने बताया कि नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और निवेशक अनुकूल बनाने के लिए माइलस्टोन आधारित अनुपालन, समयबद्ध स्वीकृतियों, यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल और बीमा सिक्योरिटी बॉन्ड जैसे अनेक सुधार किए गए हैं। उन्होंने निवेशकों से इन अवसरों का लाभ उठाते हुए भारत के सुरक्षित और आत्मनिर्भर क्रिटिकल मिनरल इकोसिस्टम के निर्माण में भागीदार बनने का आग्रह किया।
वैज्ञानिक अन्वेषण और पारदर्शी व्यवस्था पर राज्य का विशेष जोर रू खनिज सचिव पी. दयानंद
खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि राज्य सरकार खनिज संपदा के सतत उपयोग, वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी नीलामी और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण सहित विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से वैज्ञानिक सर्वेक्षण, भू-आंकड़ों के संकलन और मैपिंग को मजबूत कर रही है। ऑनलाइन एवं पारदर्शी व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि संभावित खनिज क्षेत्रों को तेजी से उत्पादनशील खदानों में परिवर्तित किया जा सके। सरकार का लक्ष्य खनिज उत्खनन के साथ खनिज आधारित उद्योग, स्थानीय रोजगार, तकनीकी विकास और मूल्य संवर्धन को भी गति देना है।
ढाई वर्षों में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट, 2,800 किलोमीटर से अधिक जियोलॉजिकल सर्वे
खनिज विभाग के संचालक एवं सीएमडीसी के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश में सतत खनन पद्धतियों के साथ खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश को लगभग 16 हजार 700 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व प्राप्त हुआ, जो निर्धारित लक्ष्य का करीब 98 प्रतिशत है। खनिज राजस्व में वर्ष-दर-वर्ष लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं और 2,800 किलोमीटर से अधिक जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया गया है। प्रदेश में अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की गई है, जिनसे लगभग 4 लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लिथियम, ग्रेफाइट, वैनेडियम, गैलियम, गोल्ड, टंगस्टन, निकेल, क्रोमियम, कॉपर, लेड-जिंक और डायमंड सहित विभिन्न महत्वपूर्ण खनिजों की व्यापक संभावनाएं हैं। कटघोरा में लिथियम, बलरामपुर में ग्रेफाइट-वैनेडियम-गैलियम तथा बस्तर के टिन बेल्ट सहित विभिन्न क्षेत्रों में अन्वेषण एवं नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। खनिज ऑनलाइन 2.0, डीएमएफ 2.0 और ई-नीलामी जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के माध्यम से खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत की गई है। खदानों और माइनर मिनरल्स की निगरानी के लिए ड्रोन सर्वे का भी उपयोग किया जा रहा है।

ई-रेत संगवारी से पीएम आवास हितग्राहियों को सुविधा, टिन पोर्टल से आदिवासी परिवारों को मिलेगा उचित मूल्य
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-रेत संगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराने की व्यवस्था को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाया जाएगा। इसी प्रकार दंतेवाड़ा क्षेत्र में टिन से जुड़े आदिवासी समुदायों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से टिन पोर्टल शुरू किया गया है। इन डिजिटल पहलों से खनिज प्रशासन में तकनीक के उपयोग के साथ आम नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।
सीएमडीसी के दो महत्वपूर्ण एमओयू, कौशल विकास और वित्तीय सहयोग को मिलेगी गति
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू किया गया। इसके साथ ही कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए सीएमडीसी और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच भी एमओयू हुआ। इन समझौतों से खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग, कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और निवेश की संभावनाओं को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया गया तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई। कार्यक्रम में केंद्रीय खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री संदीप बसंत कदम सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनिज क्षेत्र से जुड़े निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स उपस्थित थे।
00 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप सदैव याद किया जाएगा
(एल.डी.मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मातृशक्ति के सम्मान और नारी शक्ति के प्रति आदर की परंपरा से जुड़ी हुई है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की आस्था से लेकर माता कौशल्या की धरती तक, छत्तीसगढ़ में मातृशक्ति सदैव सामाजिक जीवन के केंद्र में रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और स्वावलंबन को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। वर्ष 2026 को महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जाना इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार के 30 माह के कार्यकाल में महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है। योजना के अंतर्गत प्रदेश की करीब 68 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ परिवार के आर्थिक निर्णयों में अधिक भागीदारी का अवसर मिल रहा है।
रक्षाबंधन से पहले बहनों को आर्थिक संबल
रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि का अंतरण किया। 25 अगस्त को बालोद जिले में आयोजित कार्यक्रम में करीब 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहारों को पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें। रक्षाबंधन से पहले खातों में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों में सरकार की सहभागिता का संदेश भी लेकर आई।
स्नेह की डोर कार्यक्रम में दिखा आत्मीयता और सम्मान का भाव
विगत दिनों रक्षाबंधन के अवसर पर रायपुर में आयोजित स्नेह की डोर कार्यक्रम में स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधे। कार्यक्रम में सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव दिखाई दिया। कार्यक्रम का भावुक क्षण उस समय आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक श्री युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी।
प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राखी का यह धागा भाई-बहन के स्नेह के साथ-साथ शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है। अनेक जवानों ने राष्ट्र और प्रदेश की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। सरकार का प्रयास है कि नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग न उजड़े, किसी मां को अपना बेटा न खोना पड़े और किसी बहन को अपने भाई की सुरक्षा की चिंता न सताए।
महिला स्व-सहायता समूहों से बढ़ा आत्मनिर्भरता का दायरा
राज्य में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे का कार्य निरंतर किया जा रहा है। प्रदेश में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आय के स्थायी साधनों से जोडऩे पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी भी बढ़ी है। महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्थानीय स्तर पर विभिन्न उत्पादों का निर्माण एवं विपणन कर रही हैं। इससे उन्हें आय के अवसर प्राप्त हो रहे हैं और वे परिवार के साथ-साथ गांव के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
प्रदेशभर से मिला मुख्यमंत्री को बहनों का स्नेह
महतारी वंदन योजना की राशि रक्षाबंधन से पहले प्राप्त होने पर प्रदेश के विभिन्न जिलों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। सुकमा से कोरिया और राजनांदगांव से रायगढ़ तक प्रदेश के विभिन्न अंचलों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति स्नेह और विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें बड़े भाई के रूप में सम्मान दिया। महिलाओं ने कहा कि महतारी वंदन योजना से उन्हें अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायता मिल रही है। आर्थिक सहायता ने उनमें आत्मविश्वास बढ़ाया है और परिवार की आवश्यकताओं के लिए उन्हें अधिक सक्षम बनाया है।
राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की नारी शक्ति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं का सम्मान, स्वावलंबन और समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने तथा उन्हें विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। महतारी वंदन योजना, महिला स्व-सहायता समूहों और लखपति दीदी जैसे प्रयासों से छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों के खातों में पहुंची सहायता राशि ने इस विश्वास को और मजबूत किया है कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है।
सुकमा. आज रविवार को सुकमा में जवानों को बड़ी सफलता मिली. सुकमा के कोंटा थाना क्षेत्र के पहाड़ी जंगलों में चलाए गए सर्चिंग अभियान के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक और नक्सली उपयोगी सामग्री बरामद की गई, जिसमें कुल 8 किलो वजन के दो टिफिन बम भी शामिल हैं.
जानकारी के मुताबिक, आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर ग्राम बेलपोच्चा से गोमपाड़ की ओर जाने वाले मार्ग के समीप घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग अभियान चलाया गया. रविवार सुबह करीब 11 बजे जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने इलाके में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग की. इसी दौरान टीम को नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखा गया डंप मिला.
सुरक्षा बलों ने डंप से 4 बंडल कोडेक्स वायर, 10 डेटोनेटर, 17 जिलेटिन, 1 बंडल फ्यूज वायर और 3 बंडल बिजली वायर बरामद किए. इसके अलावा वायर रहित अवस्था में दो टिफिन बम मिले, जिनमें एक का वजन 5 किलो और दूसरे का 3 किलो, यानी कुल 8 किलो है. दोनों बम को बीडीएस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया. दो स्टील टिफिन, दो प्लास्टिक डस्टबिन, एक बैटरी और अन्य नक्सली उपयोगी सामग्री भी बरामद की गई है.
Ganesh Utsav 2026: भिलाई में गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न कराने दुर्ग पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डीआईजी विजय अग्रवाल के निर्देश पर जिले के 50 से अधिक बड़े और मध्यम गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों की बैठक लेकर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में एएसपी शोभराज अग्रवाल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर, सीएसपी भिलाई नगर निशांत पाठक और सीएसपी छावनी प्रशांत सिंह पैकरा मौजूद रहे।
प्रवेश-निकास पर कैमरे रात में दो सदस्य रहेंगे
पुलिस ने पंडालों में प्रवेश-निकास, मुख्य मूर्ति स्थल और पार्किंग क्षेत्र में पर्याप्त सीसीटीवी कैमरे लगाने कहा है। रात में पंडाल की सुरक्षा के लिए समिति के कम से कम दो सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग कतार व प्रवेश-निकास व्यवस्था के साथ पर्याप्त वॉलेंटियर और सुरक्षा गार्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं।
रात 10 बजे बाद लाउडस्पीकर पर रोक
सीएसपी हर्षित मेहर ने बताया कि रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन पर उपकरण जब्त करने के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पंडाल और विसर्जन झांकी में नशे का सेवन तथा जबरन चंदा वसूली पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
केवल धार्मिक गीतों की अनुमति
विसर्जन झांकी निर्धारित मार्ग से ही निकालनी होगी। प्रत्येक झांकी में अधिकतम तीन वाहन—गणेश वाहन, झांकी वाहन और जनरेटर-डीजे वाहन—की अनुमति होगी। झांकी की अधिकतम ऊंचाई 15 फीट और प्रत्येक झांकी में कम से कम आठ वॉलेंटियर रखना अनिवार्य होगा। विसर्जन के दौरान तलवार, भाला, डंडा या अन्य हथियार रखने पर रोक रहेगी। झांकियों में केवल धार्मिक गीतों की अनुमति होगी।
सडक़ रोककर पार्किंग या वसूली नहीं
पंडाल और पार्किंग के लिए सडक़ अथवा आवागमन मार्ग बाधित नहीं करने तथा पहले से पार्किंग स्थल चिह्नित करने कहा गया है। अनधिकृत पार्किंग शुल्क वसूली मिलने पर कार्रवाई होगी। झूले, मनोरंजन उपकरण और तकनीकी मशीनरी लगाने से पहले संबंधित विभाग से तकनीकी प्रमाण-पत्र लेना होगा। पंडालों में फायर, सुरक्षा और इलेक्ट्रिसिटी ऑडिट कराने के साथ अग्निशमन उपकरण, रेत और पानी की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए।
CG Government Employees: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिजनों के इलाज के लिए अधिमान्य निजी अस्पतालों की नई सूची जारी की है। इसके तहत कर्मचारी अब दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद समेत दूसरे राज्यों के 66 बड़े निजी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे। सूची में देश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों को शामिल किया गया है। हालांकि, प्रदेश में पदस्थ कर्मचारियों को इन अस्पतालों में इलाज के लिए रेफरल लेटर लेना अनिवार्य होगा।
मेदांता से अपोलो तक कई बड़े अस्पताल शामिल
अधिमान्य अस्पतालों की सूची में मेदांता, सर गंगाराम अस्पताल, शेल्बी, जसलोक, सीएमसी, कोकिलाबेन, शंकर नेत्रालय और अपोलो जैसे प्रमुख अस्पताल शामिल हैं। इन अस्पतालों में गंभीर और जटिल बीमारियों के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। दूसरे राज्यों में इलाज कराने की सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कई कर्मचारी बेहतर और एडवांस उपचार के लिए देश के बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करते हैं।
प्रदेश के कर्मचारियों के लिए रेफरल जरूरी
छत्तीसगढ़ में पदस्थ सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और उनके परिजनों को अधिमान्य अस्पतालों में इलाज कराने के लिए रेफरल लेटर लेना होगा। वहीं, दिल्ली में सेवा दे रहे कर्मचारियों को वहां के अधिमान्य अस्पतालों में इलाज के लिए सीधे जाने की सुविधा होगी।
2024 में सीमित अस्पतालों को लेकर उठे थे सवाल
इससे पहले वर्ष 2024 में इलाज के लिए महज कुछ अस्पतालों को अधिमान्यता दिए जाने पर अधिकारी-कर्मचारियों ने सवाल उठाए थे। सीमित विकल्प होने के कारण कर्मचारियों को अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज कराने में परेशानी होती थी। नई सूची में 66 बड़े निजी अस्पताल शामिल किए जाने से कर्मचारियों के पास इलाज के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध होंगे।
प्रदेश में 100 से ज्यादा अस्पतालों में भी इलाज की सुविधा
सरकारी कर्मचारियों के लिए केवल दूसरे राज्यों के अधिमान्य अस्पताल ही विकल्प नहीं हैं। प्रदेश के 100 से ज्यादा अस्पतालों में भी वे नियमानुसार इलाज करा सकते हैं। हालांकि, गंभीर या जटिल बीमारी की स्थिति में कई कर्मचारी बेहतर विशेषज्ञता और आधुनिक सुविधाओं के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों को प्राथमिकता देते हैं।
पहले करना होगा इलाज का भुगतान
अधिमान्य अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था कैशलेस नहीं है। कर्मचारी को पहले अस्पताल में इलाज का खर्च स्वयं वहन करना होगा। इलाज पूरा होने के बाद अस्पताल से मिले बिल के आधार पर राशि के रिअंबर्समेंट की प्रक्रिया होगी।
मेडिकल बिल पास होने के बाद खाते में आएगी राशि
बड़े मेडिकल बिलों को चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा स्वीकृत किया जाता है। इलाज से जुड़े दस्तावेज और बिलों की जांच के बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। बिल स्वीकृत होने के बाद इलाज में खर्च हुई निर्धारित राशि कर्मचारी के बैंक खाते में जमा कराई जाती है।
एडवांस इलाज के लिए बढ़ेंगे विकल्प
नई अधिमान्य अस्पताल सूची का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और उनके परिजनों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए देश के प्रमुख निजी अस्पतालों तक पहुंच उपलब्ध कराना है। 66 अस्पतालों को सूची में शामिल किए जाने से कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले की तुलना में अधिक विकल्प मिल सकेंगे।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ की एक दिवसीय महत्वपूर्ण प्रदेश कार्यसमिति बैठक आगामी 31 अगस्त को रायपुर स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ में आयोजित की जा रही है। यह बैठक सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक विभिन्न सत्रों में संपन्न होगी।
कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। दिनभर चलने वाले विभिन्न संगठनात्मक सत्रों में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय तथा केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहकर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
बैठक के समापन सत्र में प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री जी कार्यकर्ताओं को अपना मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और उनके उद्बोधन के साथ ही कार्यसमिति का विधिवत समापन होगा।
इस बैठक में केंद्र व राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं, संगठनात्मक विस्तार एवं आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में किसान मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
उपरोक्त जानकारी प्रदेश अध्यक्ष आलोक ठाकुर भाजपा किसान मोर्चा छत्तीसगढ़ ने दी।
सूरजपुर. छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिल में हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत हो गई है. जजवाल गांव के पास जंगल गए ग्रामीण का हाथी से सामना हो गया. घटना के बाद गांव वाले दहशत में आ गए. वन विभाग की टीम सूचना मिलने पर सतर्क हो गई है.
जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत जजवाल गांव के आसपास हाथी पहुंच गया. शनिवार रात जंगल गए ग्रामीण पर हाथी ने हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद जंगल से गुजर रहे अन्य ग्रामीणों की नजर शव पर पड़ी. उन्होंने तत्काल इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी.
जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मृतक के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है. हाथी के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के चलते ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. आसपास के गांवों में मुनादी कराई जा रही है.
पिथौरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक भीषण हादसा हुआ है, जहां जोक नदी के पुराने पुल पर कार और बाइक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार और बाइक पुल के नीचे जा गिरी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और एक युवक लापता बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पढ़िए पूरी खबर
यह हादसा सांकरा थाना क्षेत्र में हुई है। बताया जा रहा है कि कार में चार लोग सवार थे। रविवार को वो जोक नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान कार बाइक से जा भिड़ी और फिर बाइक के साथ कार भी नदी में गिर गई।
एक की मौत, एक लापता
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह से कार सवार तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन एक की मौत हो गई। वही बाइक सवार युवक गहरे पानी में लापता हो गया है।
चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान
इधर घटना की सूचना मिलते ही सांकरा पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इसके साथ ही लापता युवक की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने हादसे को लेकर आगे की कार्रवाई शुरु कर दी है।
रायपुर: जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। हमारी सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले और हर महिला आत्मविश्वास एवं आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नारी शक्ति सम्मान समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं हैं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाओं का सम्मान वास्तव में उस नारी शक्ति का सम्मान है, जो परिवार को संस्कार देती है, समाज को दिशा देती है और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है। लक्ष्मी-नारायण, उमा-महेश्वर, सिया-राम और राधा-कृष्ण जैसे संबोधन हमारी उस सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं, जिसमें नारी को शक्ति, करुणा, सृजन और संस्कार का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी भावना को योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है।
महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का भी बने सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उनका सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन का अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा इस दायित्व के निर्वहन में उपयोगी सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. ममता साहू के नेतृत्व में राज्य महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और पीड़ित महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। आयोग गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे तथा महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करे। महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि किसी भी कठिन परिस्थिति में शासन और उसकी संस्थाएं संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिले नए अवसर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को नई पहचान, सम्मान और आगे बढ़ने के अभूतपूर्व अवसर मिले हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान ने बेटियों के प्रति सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। महिलाओं की भागीदारी और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में भी ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का आसीन होना पूरे देश की नारी शक्ति के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। प्रधानमंत्री श्री मोदी की सोच है कि विकसित भारत की यात्रा महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना पूरी नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी संकल्प के साथ प्रदेश की मातृशक्ति को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ रही है।
महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया बहनों का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता को मजबूत करने का माध्यम बनी है। गांवों की महिलाएं इस राशि का उपयोग अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य तथा स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बहनों के खातों में सहायता राशि समय से पहले अंतरित की। प्रदेश की माताओं-बहनों की खुशियां और उनकी आवश्यकताएं सरकार की प्राथमिकता हैं।
13.85 लाख से अधिक लखपति दीदियां बनीं आत्मनिर्भरता की पहचान
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं अब ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।
प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक आर्थिक परिवर्तन का प्रमाण है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
‘महतारी गौरव वर्ष’ मातृशक्ति के योगदान को समर्पित
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह वर्ष छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने के साथ उनके लिए नए अवसरों के सृजन का भी वर्ष है।
उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा से लेकर महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तक सरकार व्यापक स्तर पर कार्य कर रही है। सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत प्रदेश में 6 हजार 671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, ताकि बेटियों को विद्यालयों में बेहतर और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने हेतु प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान तीन महतारी सदनों का लोकार्पण भी किया गया है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
महिलाओं के नाम संपत्ति से मजबूत हो रहा आर्थिक आधार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकार को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उनके नाम पर संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम जमीन और संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है तथा परिवार में उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में दी जा रही रियायतों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीयन महिलाओं के नाम पर हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था दोनों में सकारात्मक परिवर्तन जरूरी है। हमारी बेटियों को अच्छी शिक्षा मिले, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर मिलें, महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिले तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित न्याय मिले – सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि जब एक बेटी पढ़ती है तो एक पीढ़ी शिक्षित होती है और जब एक महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है। नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उनके उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष स्थान प्राप्त है। नारी के सम्मान और सशक्तिकरण के बिना समाज के समग्र विकास की कल्पना नहीं की जा सकती।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रत्येक माता-पिता का सपना होता है कि उनके बच्चे जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करें। आज यह सुखद अवसर है कि महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू के पिता श्री कृपाराम साहू भी अपनी पुत्री को महत्वपूर्ण दायित्व संभालते हुए देख रहे हैं।उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में महिला आयोग प्रदेश की माताओं-बहनों के सशक्तिकरण और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।
उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना न परिवार की प्रगति संभव है और न ही समाज एवं राष्ट्र का समग्र विकास। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ भी सशक्त, खुशहाल और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। यह प्रदेश में महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की दिशा में आयोग की लंबी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं। महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं ने महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को नई मजबूती दी है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत, छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्षगण, संतजन सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रबुद्ध महिलाएं उपस्थित थीं।
रायपुर: राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) कानून लागू करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और इसके लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है। उक्त समिति को सुझाव देने के लिए रायपुर मुस्लिम समाज की ओर से एक दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया है। यह जानकारी छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड (कैबिनेट मंत्री दर्जा) के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने दी है।
1 सितंबर को गुरु घासीदास ऑडिटोरियम में होगी बैठक
मुस्लिम समाज की यह बैठक 01 सितंबर 2026, मंगलवार को स्थान- गुरु घासीदास ऑडिटोरियम, कार्यालय छ.ग. राज्य वक्फ बोर्ड के सामने, कलेक्ट्रेट चौक, रायपुर में आयोजित की जाएगी। बैठक में मुस्लिम समाज के बुद्धिजीवियों द्वारा दिए गए सुझावों को एकत्रित किया जाएगा। इसके लिए रायपुर की समस्त मस्जिदों में जुमा को ऐलान के माध्यम से सूचना दी गई है।
दो प्रतियों में लिखित सुझाव लाने की अपील
आयोजकों ने अपील की है कि UCC के संबंध में सुझाव लिखित में अध्यक्ष, समान नागरिक संहिता समिति, छत्तीसगढ़ के नाम से संबोधित करते हुए दो प्रतियों में प्रस्तुत करें। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शहर काजी जनाब कारी डॉ. मोहम्मद इमरान अशरफी साहब और अध्यक्षता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता जनाब फैसल रिजवी साहब उपस्थित रहेंगे। मुस्लिम समाज द्वारा दिए गए सुझावों को बैठक में एकत्रित कर शाम 04:00 बजे समान नागरिक संहिता (UCC) समिति, छत्तीसगढ़ के माननीय सदस्यों के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जाएगा।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। शासन की योजनाओं और विभागीय सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अब पारंपरिक गतिविधियों के साथ-साथ मछली पालन जैसे लाभकारी व्यवसाय को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं।
जशपुर जिले के मनोरा और दुलदुला विकासखंड की महिला स्व-सहायता समूहों ने शासकीय तालाबों को अपनी आजीविका का आधार बनाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल पेश की है। शासकीय तालाबों के दीर्घकालीन पट्टे, विभागीय तकनीकी मार्गदर्शन और समूह की महिलाओं की मेहनत ने मछली पालन को उनके लिए आय का मजबूत जरिया बना दिया है।
भभरी में तालाब बना समृद्धि का माध्यम
जशपुर जिले के विकासखंड मनोरा के ग्राम भभरी में कमल महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं पिछले तीन वर्षों से ग्राम पंचायत के 0.700 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले शासकीय तालाब में 10 वर्षीय पट्टे के माध्यम से मछली पालन कर रही हैं। समूह की महिलाओं ने सामूहिक प्रयास और विभागीय मार्गदर्शन से मछली पालन को सफल आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित किया है।
समूह द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3 क्विंटल मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे करीब 6 लाख रुपये का वार्षिक विक्रय प्राप्त हो रहा है। इस आय से महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। अब वे घरेलू जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक खर्चों को भी बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं।
सिमड़ा की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा में दीप महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं भी पिछले तीन वर्षों से 0.800 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले शासकीय तालाब में मछली पालन कर रही हैं। समूह ने संगठित प्रयासों और निरंतर मेहनत से इस गतिविधि को आय के प्रभावी साधन में बदल दिया है।
समूह द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3.30 क्विंटल मछली का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे लगभग 6.93 लाख रुपये का वार्षिक विक्रय प्राप्त हो रहा है। इससे समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और वे आर्थिक रूप से पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई हैं।
शासकीय योजनाओं ने खोले आत्मनिर्भरता के नए रास्ते
महिला स्व-सहायता समूहों को शासकीय तालाबों का पट्टा उपलब्ध कराने, तकनीकी मार्गदर्शन देने और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक मजबूती का आधार बन रही है। मछली पालन से प्राप्त आय ने महिलाओं को परिवार की आर्थिक जरूरतों में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर दिया है।
समूह की महिलाओं का कहना है कि पहले आय के सीमित साधनों के कारण परिवार का खर्च चलाना चुनौतीपूर्ण था। मछली पालन शुरू करने के बाद नियमित आय का माध्यम मिला और अब वे स्वयं अपनी आजीविका गतिविधियों का संचालन करने के साथ आर्थिक निर्णयों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
कमल महिला स्व-सहायता समूह और दीप महिला स्व-सहायता समूह की सफलता यह साबित करती है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी लाभ, सामूहिक प्रयास और सही मार्गदर्शन मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। आज इन समूहों की महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ गांव की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में भी योगदान दे रही हैं।
00 बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाने का सपना हो रहा साकार
00 अनीता ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, बोलीं विष्णु भैया बढ़ा रहे हमारा मान
रायपुर। जिंदगी ने जब अनिता साहू से उनके पति का साथ छीन लिया, तब सामने सिर्फ जिम्मेदारियां थीं। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और आने वाले कल की चिंता। मुश्किल दौर में उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। आज वही अनिता अपने संघर्ष को अपनी ताकत बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।
रायपुर के राम नगर की रहने वाली अनिता साहू को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में श्रम विभाग की दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना का लाभ मिला। आर्थिक अनुदान और अपनी कुछ राशि लगाकर उन्होंने ई-रिक्शा खरीदा। अब वे खुद ई-रिक्शा चलाकर प्रतिदिन करीब 700 से 800 रुपए कमा रही हैं। इससे परिवार को हर महीने करीब 18 से 22 हजार रुपए की आय और बचत का सहारा मिल रहा है। अनिता बताती हैं कि पति के निधन के बाद बच्चों की जिम्मेदारी अकेले संभालना बेहद मुश्किल था। तनाव के बीच सबसे बड़ी चिंता बच्चों की पढ़ाई को लेकर थी। पहले वे घर पर छोटी-सी दुकान चलाती थीं, लेकिन आमदनी इतनी नहीं थी कि परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें।
पति के जाने के बाद लगा कि बच्चों को कैसे पढ़ाऊंगी, घर कैसे चलाऊंगी। बहुत तनाव था। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं छोड़ी। योजना का लाभ मिला और ई-रिक्शा मेरे लिए सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत बन गया। आज अनिता की मेहनत का सबसे खूबसूरत हिस्सा उनके बच्चों का भविष्य है। वे अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ा रही हैं और उनके बेहतर भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रही हैं। मेरे बच्चे खूब पढ़ें और उनका भविष्य अच्छा बने, यही मेरी सबसे बड़ी इच्छा है। वे जितना पढ़ेंगे, मैं उनके लिए उतनी ही मेहनत करूंगी।
ई-रिक्शा ने अनिता को कमाई का जरिया देने के साथ बच्चों के स्कूल आने-जाने के खर्च में भी राहत दी है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने के बजाय मेहनत के दम पर अपने घर की जिम्मेदारी उठा रही हैं। अनीता कहती है कि विष्णु भैया ने हम महिलाओं के लिए बड़े भाई की तरह सहारा दिया है। आज मैं अपने बच्चों के लिए खुद कमा रही हूं और उनका भविष्य संवारने का सपना देख पा रही हूं। इसके लिए अपने विष्णु भैया का दिल से आभार।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सतीश चंद्र दुबे भी होंगे शामिल
टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ, होंगे कई महत्वपूर्ण समझौते
नीलाम प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन की भी होगी समीक्षा
रायपुर--- छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र के विकास, निवेश और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के प्रभावी दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की 8वीं किश्त पर रोड शो का आयोजन कल 31 अगस्त को नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
रोड शो में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, सीएमडीसी के अध्यक्ष सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव, खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार के अधिकारी, खनन क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
भारत सरकार द्वारा क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की 8वीं किश्त के अंतर्गत 20 खनिज ब्लॉक्स को नीलामी के लिए रखा गया है। इनमें 3 माइनिंग लीज तथा 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स शामिल हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम, टंगस्टन सहित अन्य महत्वपूर्ण खनिज शामिल हैं। ये खनिज देश की ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक प्रौद्योगिकी, औद्योगिक विकास और रणनीतिक आवश्यकताओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होगा उद्घाटन सत्र
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10:30 बजे पंजीयन एवं चाय के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। दोपहर 12 बजे मुख्य अतिथि के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात वंदे मातरम् और राष्ट्रगान होगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग के सचिव स्वागत उद्बोधन देंगे। कार्यक्रम में खान मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव उद्घाटन उद्बोधन देंगे। इसके पश्चात भारत सरकार के खान सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव तथा छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष द्वारा संबोधन किया जाएगा। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे के उद्बोधन के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में अपना संबोधन देंगे।
टिन पोर्टल और ई-रेत सांगवारी पोर्टल का होगा शुभारंभ
रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ में खनिज क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की जाएंगी। मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में टिन पोर्टल तथा ई-रेत सांगवारी पोर्टल का शुभारंभ किया जाएगा।
इस अवसर पर सीएमडीसी और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच एमओयू, कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग के प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू का आदान-प्रदान भी किया जाएगा। साथ ही माइनर मिनरल्स पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन तथा तीन लाइमस्टोन माइनिंग लीज ब्लॉक्स के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है।
तकनीकी सत्र में नीलामी प्रक्रिया और निवेश के अवसरों पर होगी चर्चा
दोपहर 2 बजे से आयोजित तकनीकी सत्र में खनिज ब्लॉक्स की नीलामी, निवेश और अन्वेषण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड द्वारा नीलामी के लिए प्रस्तावित खनिज ब्लॉक्स पर प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। एसबीआई कैप्स द्वारा मिनरल ऑक्शन प्रोसेस एवं टेंडर डॉक्यूमेंट तथा एमएसटीसी द्वारा मिनरल ई-ऑक्शन प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। कंपोजिट लाइसेंस धारकों के लिए अन्वेषण व्यय की आंशिक प्रतिपूर्ति से संबंधित एनएमईडीटी योजना पर भी प्रस्तुतीकरण होगा।
तकनीकी सत्र के बाद ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों और विशेषज्ञों के साथ नीलामी प्रक्रिया, खनिज संसाधनों की संभावनाओं तथा निवेश के अवसरों पर विचार-विमर्श होगा।
नीलाम प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के संचालन की होगी समीक्षा
रोड शो के पश्चात दोपहर में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स के ऑपरेशनलाइजेशन और उनके संचालन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। खनन परियोजनाओं को तेजी से शुरू करने तथा विभिन्न स्तरों पर आवश्यक समन्वय को लेकर भी चर्चा होगी। इसके बाद माइन विजिट भी प्रस्तावित है।
यह रोड शो छत्तीसगढ़ सहित देश में महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के अन्वेषण और खनन को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। केंद्र और राज्य सरकार, उद्योग जगत तथा खनन क्षेत्र के अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से खनिज क्षेत्र में निवेश और नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और आधुनिक सुरों के अनूठे संगम को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘रंग तरंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक आयोजन 1, 2 एवं 3 सितंबर 2026 को प्रतिदिन शाम 7 बजे से रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा।
‘रंग तरंग’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता को नए और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में पारंपरिक लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों के साथ संगीत की विभिन्न विधाओं का संगम देखने-सुनने को मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य प्रदेश की लोक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें समकालीन संगीत के साथ जोड़कर व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है।
लोक वाद्यों की गूंज के साथ सजेगी संगीत की महफिल
‘रंग तरंग’ को संस्कृति, रंगों और सुरों का फ्यूजन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजन में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं से जुड़े वाद्ययंत्रों और कलाकारों की प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पारंपरिक वाद्यों की धुनों के साथ आधुनिक संगीत का मेल दर्शकों को सांस्कृतिक विरासत का नया अनुभव प्रदान करेगा।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया मंच
तीन दिवसीय इस आयोजन के जरिए प्रदेश की विविध लोक परंपराओं, संगीत शैलियों और वाद्य संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी जीवंत लोक कलाओं और संगीत परंपराओं से रही है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलने के साथ ही आम लोगों, विशेषकर युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘रंग तरंग’ में लोक और आधुनिकता का यह मेल दर्शकों के लिए मनोरंजन के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को करीब से जानने का अवसर भी बनेगा।
तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन रायपुरवासियों और प्रदेश की कला-संस्कृति में रुचि रखने वाले दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहेगा। ‘रंग तरंग’ छत्तीसगढ़ की लोकधुनों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और आधुनिक संगीत को एक ही मंच पर लाकर संस्कृति के विविध रंगों को सुरों की तरंगों में पिरोने की पहल है।
00 रूटीन प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़ना पूरी तरह भ्रामक
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिजली के निजीकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है और इस संबंध में जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिस सुनवाई को बिजली के निजीकरण से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी रूटीन प्रक्रिया का अर्थ यह कतई नहीं है कि सरकार बिजली का निजीकरण करने जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस हमेशा की तरह इस विषय में भी दुष्प्रचार कर जनता को गुमराह करने और गलतफहमी पैदा करने का प्रयास कर रही है। प्रदेशवासियों को ऐसे भ्रामक प्रचार से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की एक दिवसीय महत्वपूर्ण प्रदेश कार्यसमिति बैठक कल 31 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित की जा रही है। यह बैठक प्रात: 9 बजे से सायं 5 बजे तक विभिन्न सत्रों में संपन्न होगी।
भाजपा किसान मोर्चा की प्रदेश कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र का शुभारम्भ छत्तीसगढ़ शासन के कृषि मंत्री रामविचार नेताम करेंगे। दिनभर चलने वाले विभिन्न संगठनात्मक सत्रों में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय तथा केंद्रीय मंत्री तोखन साहू सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करेंगे। बैठक के समापन सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय कार्यकर्ताओं को अपना मार्गदर्शन प्रदान करेंगे और उनके उद्बोधन के साथ ही कार्यसमिति का विधिवत समापन होगा। इस बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी योजनाओं, संगठनात्मक विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक में किसान मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, कार्यसमिति सदस्य एवं जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
00 होटल से टूर ऑपरेटर, होमस्टे, इको-टूरिज्म, एडवेंचर पर्यटन और सोशल मीडिया तक 10 श्रेणियों में होंगे विश्व पर्यटन दिवस
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन क्षेत्र को नई पहचान देने, पर्यटन से जुड़े उद्यमियों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों के उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने तथा राज्य के पर्यटन स्थलों के विकास, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026 प्रदान किए जाएंगे। इस पुरस्कार योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले होटल, पंजीकृत टूर ऑपरेटर, जिले, पर्यटन स्टार्टअप, रिसॉर्ट, पर्यटक सूचना केंद्र, होमस्टे, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, इको-टूरिज्म साइट और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को सम्मानित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत कुल 10 श्रेणियों में एक-एक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक विजेता को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं मेमेंटो प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।
पर्यटन की पूरी श्रृंखला को प्रोत्साहित करने पर जोर
विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026 की खासियत यह है कि इसमें पर्यटन को केवल पर्यटन स्थलों तक सीमित न रखते हुए उससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को भी सम्मान के दायरे में शामिल किया गया है। आतिथ्य, पर्यटन संचालन, जिला पर्यटन प्रबंधन, उद्यमिता, रिसॉर्ट सेवाएं, पर्यटक सहायता, होमस्टे, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और साहसिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।

पुरस्कार की 10 श्रेणियां हैं—
1. सर्वश्रेष्ठ होटल
2. सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर
3. सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड
4. सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार
5. सीटीबी स्टार परफॉर्मर - सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट
6. सीटीबी स्टार परफॉर्मर - पर्यटक सूचना केंद्र
7. सर्वश्रेष्ठ होमस्टे
8. सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर
9. सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड
10. सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड
बेहतर सेवाओं और नवाचार को मिलेगा सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होटल श्रेणी में राज्य के आतिथ्य क्षेत्र में प्रभावशाली सेवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले पर्यटन उद्यम को सम्मानित किया जाएगा। इसमें एमआईसीई सुविधाओं, पिछले वित्तीय वर्ष के वित्तीय प्रदर्शन, वार्षिक कारोबार और आयोजित कार्यक्रमों की संख्या जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। पर्यटन प्रचार, सतत पर्यटन, सीएसआर गतिविधियों और रोजगार सृजन में योगदान को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ पंजीकृत टूर ऑपरेटर का चयन आवास, परिवहन, दर्शनीय स्थलों की यात्रा, मनोरंजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर किया जाएगा। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी, इटिनरेरी एवं प्रचार सामग्री के माध्यम से पर्यटन का प्रचार तथा वेबसाइट और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा।
पर्यटन विकास में उत्कृष्ट जिले को भी मिलेगा सम्मान
सर्वश्रेष्ठ जिला टूरिज्म प्रमोशन अवॉर्ड के तहत उस जिले का चयन किया जाएगा, जिसने पर्यटन के व्यापक विकास, संवर्धन, गंतव्य प्रबंधन तथा घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने की दिशा में बेहतर कार्य किया हो। पर्यटन स्थलों की स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, डस्टबिन की उपलब्धता, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, हरित उपाय, प्रकृति आधारित गतिविधियां, कृषि एवं ग्रामीण जीवनशैली, संस्कृति, मत्स्य पालन, पर्यटकों के लिए विशिष्ट अनुभव और पर्यटन के माध्यम से रोजगार सृजन जैसे पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।

युवा उद्यमियों और पर्यटन स्टार्टअप को मिलेगा मंच
पर्यटन क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्टार्टअप/उद्यमिता पुरस्कार रखा गया है। इसके माध्यम से ऐसे स्टार्टअप और व्यक्तिगत उद्यमियों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिन्होंने नवाचार एवं अनुकरणीय गतिविधियों के जरिए छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने का कार्य किया है।
यह पुरस्कार पर्यटन क्षेत्र में नए विचारों, तकनीक, सेवाओं एवं व्यावसायिक मॉडलों के माध्यम से पर्यटन को अधिक आकर्षक, सुविधाजनक एवं प्रतिस्पर्धी बनाने वाले उद्यमियों के प्रयासों को प्रोत्साहित करेगा।
रिसॉर्ट और पर्यटक सूचना केंद्रों की सेवाओं को भी पहचान
सीटीबी स्टार पर$फॉर्मर की दो श्रेणियों में पर्यटन बोर्ड की प्रीमियम एवं बजट श्रेणी की इकाइयों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले रिसॉर्ट तथा उल्लेखनीय बुकिंग उपलब्ध कराने वाले पर्यटक सूचना केंद्रों को सम्मानित किया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ रिसॉर्ट के चयन में टर्नओवर, लाभप्रदता और अधिभोग प्रतिशत जैसे मानकों को आधार बनाया जाएगा। वहीं पर्यटक सूचना केंद्रों का मूल्यांकन पूरे वर्ष पर्यटकों के लिए बुकिंग उपलब्ध कराने में उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इन पुरस्कारों के माध्यम से पर्यटन बोर्ड की इकाइयों में बेहतर सेवा, ग्राहक संतुष्टि, प्रभावी संचालन तथा पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
होमस्टे से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने वालों का सम्मान
सर्वश्रेष्ठ होमस्टे श्रेणी में घरेलू पर्यटन से अर्जित राजस्व, वार्षिक वृद्धि दर, बुकिंग की संख्या और घरेलू पर्यटकों की संख्या जैसे मानकों के आधार पर चयन किया जाएगा। पर्यटकों को दी जाने वाली सुविधाएं, ग्राहक समीक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली, दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुविधाएं तथा होमस्टे की विशिष्ट अवधारणा को भी मूल्यांकन में महत्व दिया जाएगा। होमस्टे के माध्यम से स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोडऩे, स्थानीय उत्पादों एवं व्यंजनों को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के अवसर सृजित करने वाले प्रयासों को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
डिजिटल दुनिया में छत्तीसगढ़ पर्यटन की ब्रांडिंग करने वालों को पुरस्कार
सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका को देखते हुए सर्वश्रेष्ठ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रेणी भी शामिल की गई है। छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों पर आधारित रील्स, वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से राज्य के पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को इस श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा। फेसबुक, इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की पहुंच, पिछले तीन वर्षों के प्रदर्शन तथा उपलब्ध होने पर कारोबार संबंधी विवरण को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय जीवन, ऐतिहासिक स्थलों, वन्यजीव, साहसिक गतिविधियों और अन्य पर्यटन आकर्षणों को डिजिटल माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रचारित करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहन मिलेगा।
सतत पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता
सर्वश्रेष्ठ इको टूरिज्म साइट अवॉर्ड के जरिए पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने वाली परियोजनाओं को सम्मानित किया जाएगा। परियोजना का छत्तीसगढ़ में स्थित होना और कम से कम दो वर्षों से संचालित होना आवश्यक है। नवीकरणीय ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, स्थानीय समुदायों—विशेषकर आदिवासी एवं ग्रामीण आबादी—की भागीदारी, स्थानीय वनस्पति एवं जीव-जंतुओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान जैसे मानकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इको-टूरिज्म के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर सृजित करने तथा पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन के बीच संतुलन स्थापित करने वाली पहलों को भी मूल्यांकन में विशेष महत्व दिया जाएगा।
साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने वालों को भी सम्मान
छत्तीसगढ़ में कैंपिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां संचालित करने वाले श्रेष्ठ संचालक को सर्वश्रेष्ठ एडवेंचर टूरिज्म अवॉर्ड दिया जाएगा। गंतव्य प्रबंधन, घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों की संख्या, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल तथा गतिविधियों से प्राप्त राजस्व प्रमुख मूल्यांकन मानदंड होंगे। इसके साथ ही पर्यटकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण साहसिक अनुभव उपलब्ध कराने, नए एडवेंचर प्रोडक्ट विकसित करने तथा छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक गंतव्यों को साहसिक पर्यटन के लिए विकसित एवं प्रचारित करने वाले प्रयासों को भी महत्व दिया जाएगा।
15 सितंबर तक करें आवेदन
पुरस्कार की सभी श्रेणियों के लिए आवेदन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इच्छुक व्यक्ति, संस्थाएं एवं संबंधित पर्यटन क्षेत्र के पात्र हितधारक अपनी प्रविष्टियां it@visitcg.in पर ई-मेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आवेदन पत्र छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की वेबसाइट https://tourism.cgstate.gov.in/ पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 है। प्राप्त आवेदनों का मूल्यांकन राज्य पर्यटन विभाग/निर्णायक समिति द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा। प्रत्येक श्रेणी में प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण संबंधित श्रेणी के लिए निर्धारित पात्रता एवं मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।
उत्कृष्टता को प्रोत्साहन और छत्तीसगढ़ पर्यटन को नई पहचान
विश्व पर्यटन दिवस पुरस्कार-2026 के माध्यम से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड पर्यटन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देने के साथ ही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नवाचार, सतत पर्यटन और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक प्रदर्शन के साथ स्वच्छता, सतत पर्यटन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी, रोजगार सृजन, डिजिटल प्रचार, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने जैसे पहलुओं को महत्व दिया गया है। यह पहल होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे, टूर ऑपरेटर, स्टार्टअप, जिले, पर्यटक सूचना केंद्र, कंटेंट क्रिएटर और एडवेंचर टूरिज्म संचालकों को अपने उत्कृष्ट कार्यों को सामने लाने का अवसर देगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और साहसिक पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
00 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों ने बेटियों को दिया आगे बढ़ने का संदेश
रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज शासकीय बालिका गृह, शंकर नगर रायपुर में बेटियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 137वां संस्करण सुना। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने बेटियों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनके सपनों, उत्साह और आत्मविश्वास को करीब से जाना।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बेटियों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को सुनना उनके लिए बेहद आत्मीय और सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशवासियों को सकारात्मक सोच, नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम में बेटियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि हर बेटी को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आगे बढ़ने के समान अवसर और अपने सपनों को पूरा करने का अधिकार मिले, यही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सुशासन सरकार बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि शासकीय बालिका गृह में रहने वाली बेटियों के सपनों को उड़ान देने के लिए उन्हें बेहतर वातावरण, आवश्यक सुविधाएं और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। बेटियों में आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।





























