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रायपुर में शराब दुकान से जुड़े कर्मचारी ही निकले अवैध सप्लायर, 160 पाव शराब के साथ 7 गिरफ्तार

रायपुर में शराब दुकान से जुड़े कर्मचारी ही निकले अवैध सप्लायर, 160 पाव शराब के साथ 7 गिरफ्तार

 रायपुर। अवैध शराब के खिलाफ रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरंग क्षेत्र में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सफेद रंग की आर्टिका कार से 160 पाव देशी मसाला शराब बरामद की है। पकड़ी गई शराब की मात्रा 28.800 बल्क लीटर और कीमत करीब 16 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सरकारी शराब दुकान का सुपरवाइजर, सेल्समैन और मल्टी वर्कर शामिल हैं। इनके अलावा एक सरकारी शिक्षक और वाहन चालक समेत अन्य लोग भी पकड़े गए हैं। पुलिस ने शराब के परिवहन में इस्तेमाल आर्टिका कार सहित कुल 8.16 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।

पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आर्टिका कार क्रमांक CG 04 QB 5200 से गुल्लू शराब दुकान से शराब लेकर रानीसागर की तरफ अवैध बिक्री के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने पर आरंग पुलिस ने रानीसागर स्थित हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका। कार में चालक समेत छह लोग मिले। तलाशी के दौरान 160 पाव देशी मसाला शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने शराब को अवैध रूप से बेचने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने करीब 8 लाख रुपये कीमत की कार भी जब्त कर ली।

गिरफ्तार आरोपियों में उबारन दास पुरेना गुल्लू शराब दुकान का सुपरवाइजर, सुरेश बांधे मल्टी वर्कर और राजेश काटले सेल्समैन बताया गया है। वहीं तिरीत राम बांधे ग्राम अमोदी में शिक्षक है। अन्य आरोपियों की पहचान वाहन चालक भरत रात्रे, दिलीप कुमार कुर्रे और भागवत बारले के रूप में हुई है। सभी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध शराब सप्लाई के इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और शराब किन-किन स्थानों पर पहुंचाई जा रही थी।

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल, इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल, इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये

 रायपुर, 14 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ के बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड स्थित तारापुर गांव की महिलाओं ने अपनी लगन और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। 'मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व सहायता समूह' की ग्रामीण महिलाओं ने इस गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) प्रतिमाएं बनाकर महज कुछ हफ्तों में 1.80 लाख रुपये की बंपर कमाई की है।

​शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से बिना किसी हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किए 52 मनमोहक गणेश प्रतिमाएं तैयार की थीं। बाजार में आते ही इन पर्यावरण-हितैषी मूर्तियों की भारी मांग देखने को मिली और पूरा स्टॉक हाथों-हाथ बिक गया।

​समूह की सदस्य शांति नागवंशी ने खुशी जताते हुए कहती हैं कि अपनी मेहनत से गढ़ी मूर्तियों की पूजा होते देखना और स्वयं की कमाई हासिल करना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा में करेंगे।
​सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुई तारापुर की इन महिलाओं की यह पहल न केवल पूरे जिले में सराही जा रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दे रही है l

सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर की संध्या हर घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के कार्यों से जुड़ने की अपील की

‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की शुभकामनाओं के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प का बने प्रतीक : मुख्यमंत्री  साय

रायपुर 14 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने की अपील की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपनी अपील में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के परिप्रेक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता से इस अभियान को जनसेवा और जनभागीदारी का व्यापक उत्सव बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान सेवा के भाव को जन-जन तक पहुंचाने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को सहभागिता के साथ निभाने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और विकास की योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पक्का आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। विकास की प्रत्येक उपलब्धि के केंद्र में आम नागरिकों के पूरे होते सपने, उनका बढ़ता आत्मविश्वास और जीवन में आती खुशहाली है।

17 सितंबर की संध्या जलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों से एक विशेष और आत्मीय अपील भी की है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को संध्या 7 बजे प्रत्येक परिवार अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाए और अपने आसपास के लाभार्थी परिवारों को भी इस पहल से जोड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीया प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन के लिए छत्तीसगढ़वासियों की शुभकामनाओं का प्रतीक होने के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प का भी प्रतीक बने।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश ने गरीब कल्याण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ते हुए आगे बढ़ने की नई ऊर्जा प्राप्त की है। इसी भावना के अनुरूप सेवा संकल्प अभियान के दौरान समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का कोई न कोई कार्य करे। जब सेवा का भाव जनभागीदारी से जुड़ता है, तभी वह समाज में व्यापक और स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब हमारे गांव विकसित हों, शहर आगे बढ़ें और प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े। सेवा संकल्प अभियान इस सामूहिक संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ को छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जुड़कर विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें।

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से कराया परिचित

सिरपुर सहित प्रदेश की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार कर रही निरंतर प्रयास

एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी

रायपुर 14 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री  साय ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान भारत और जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ते संवाद सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ यह संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की मजबूत नींव है। युवाओं तथा विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से यह संबंध आने वाली पीढ़ियों में और अधिक मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया और जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप दिखाई देती है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है।

उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को जानें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का एक स्थायी संबंध स्थापित करें।

मुख्यमंत्री ने साझा किए जापान यात्रा के अनुभव

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी जापान यात्रा से जुड़े अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिस प्रकार सहेजकर रखा है, वह प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और जापान के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शिक्षा और तकनीक से खुलेंगी सहयोग की नई संभावनाएं

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीक विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। भारत और जापान के शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों, शोध और नवाचार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा सकता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम दो देशों के बीच केवल संस्थागत संबंध ही नहीं बनाते, बल्कि युवाओं के बीच मित्रता और आपसी समझ का मजबूत आधार भी तैयार करते हैं।

भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की आत्मीयता से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी

जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि रायपुर में उन्हें अत्यंत आत्मीय अनुभव हुआ। यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज एवं आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।

विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और उसके सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्होंने मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को पुस्तकों और कक्षाओं से आगे बढ़कर यहां के समाज, संस्कृति और जीवनशैली के माध्यम से समझने का अवसर दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के अनुभव सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सहजता, आत्मीयता और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यहां से छत्तीसगढ़ की सुखद स्मृतियां लेकर जाएं और भविष्य में पुनः प्रदेश आएं।

एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों में दिखाई विशेष रुचि

छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप की गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली।

विशेष रूप से ऐसे स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया, जो तकनीक के माध्यम से आम लोगों की दैनिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, अनुसंधान और नवाचार आधारित सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई।

उल्लेखनीय है कि भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत एहिमे यूनिवर्सिटी का 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ आया है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने प्रवास के दौरान एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों का भ्रमण किया और शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।

प्रतिनिधिमंडल के भ्रमण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को समझना भी शामिल है। इसी क्रम में छात्र प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर का भ्रमण करेगा। यहां विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध विरासत, स्थापत्य, कला और सांस्कृतिक इतिहास को करीब से जानेंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को छत्तीसगढ़ प्रवास के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की यात्राएं दो देशों की नई पीढ़ी को एक-दूसरे की संस्कृति, उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और जापान के युवाओं के बीच यह संवाद भविष्य में मित्रता, ज्ञान, नवाचार और साझी प्रगति के नए अध्याय लिखेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर  दिलीप सिंह सिसोदिया, डॉ. समीर बाजपेयी, आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर सी.के. मोहन, उद्योग विभाग के अतिरिक्त संचालक संजय गजघाटे, उपसंचालक  अमय त्रिपाठी, चिप्स के ज्वाइंट सीईओ  अनुपम आशीष टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

CG : SSB कैंप में जवान ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप, जांच में जुटे अधिकारी

CG : SSB कैंप में जवान ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप, जांच में जुटे अधिकारी

 भानुप्रतापपुर। अंतागढ़ के पास कुहचे गांव में स्थित SSB कैंप में सोमवार को एक SSB जवान ने खुद को सर्विस रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे हड़कंप मच गया। संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटे हैं।

जानकारी के मुताबिक, मृतक का नाम आनंद प्रकाश तिवारी बताया जा रहा है, जो कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और कुहचे स्थित SSB कैंप में हवलदार के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि अज्ञात कारणों के चलते उसने सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही कैंप के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटे हैं। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके के लिए रवाना किया गया है।

फिलहाल जवान ने यह कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

 
 
 
 
Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI से आरक्षक तक 27 पुलिसकर्मियों के तबादले, आदेश जारी

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI से आरक्षक तक 27 पुलिसकर्मियों के तबादले, आदेश जारी

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है। इस संबंध में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों समेत 27 पुलिसकर्मियों की नई पदस्थापना की गई है।  तबादला सूची में जिले के कई थानों, चौकियों और पुलिस शाखाओं में तैनात कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। नई पदस्थापना के तहत कुछ पुलिसकर्मियों को थानों से चौकियों में भेजा गया है, जबकि कई कर्मचारियों को रक्षित केंद्र और अलग-अलग पुलिस शाखाओं से विभिन्न थानों में पदस्थ किया गया है। 

4 सहायक उप निरीक्षकों का तबादला

जारी आदेश के अनुसार चार ASI को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजेश दर्शन — थाना कोतवाली से चौकी खरसिया

उदय सिंह सिदार — चौकी खरसिया से थाना लैलूंगा

प्रेमसाय भगत — थाना लैलूंगा से थाना यातायात

राजकुमार सिदार — थाना यातायात से थाना भूपदेवपुर

6 प्रधान आरक्षकों को मिली नई पोस्टिंग

तबादला सूची में छह हेड कॉन्स्टेबल भी शामिल हैं। इन्हें जिले के अलग-अलग थानों में भेजा गया है।

शिवप्रसाद पैंकरा — रक्षित केंद्र से थाना घरघोड़ा

लाजरूस मिंज — रक्षित केंद्र से थाना घरघोड़ा

मनोज मरावी — थाना कोतवाली से थाना धरमजयगढ़

दिव्विजय दास वैष्णव — रक्षित केंद्र से थाना कोतवाली

रेखा नागरे — थाना पुसौर से थाना कोतवाली

बसंती खूंटे — रक्षित केंद्र से थाना पुसौर

आरक्षकों की भी बदली गई पदस्थापना

पुलिस विभाग ने 18 आरक्षकों को भी अलग-अलग थानों और शाखाओं में नई जिम्मेदारी दी है। सूची में साइबर थाना, यातायात, कोतवाली, चक्रधरनगर, खरसिया, लैलूंगा और अन्य इकाइयां शामिल हैं।

भूपेन्द्र राठौर — थाना कोतवाली से खरसिया

रोहित कुमार — खरसिया से कोतवाली

हरेन्द्रपाल जगत — कोतवाली से खरसिया

जितेश्वर चौहान — खरसिया से कोतवाली

संदीप कौशिक — साइबर थाना से कोतवाली

धीरेन्द्र पाण्डेय — रक्षित केंद्र से लैलूंगा

राकेश टोप्पो — रक्षित केंद्र से लैलूंगा

राजेश राठौर — थाना छाल में यथावत, संशोधन

जितेन्द्र कुर्रे — चक्रधरनगर से साइबर थाना

विक्रम कुजूर — पूंजीपथरा से चक्रधरनगर

ललित कुमार प्रधान — रक्षित केंद्र से पूंजीपथरा

दीपक प्रधान — रक्षित केंद्र से साइबर थाना

फिलमोन लकड़ा — यातायात से धरमजयगढ़

विकास कुमार तिर्की — लैलूंगा से यातायात

अनिता बेक — कोतवाली से साइबर थाना

कुमारी निराला — रक्षित केंद्र से कोतवाली

लीलावती एक्का — चौकी रैरुमाखुर्द से लैलूंगा

पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद

 रायगढ़ जिले में एक साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की नई पदस्थापना को पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। अलग-अलग थानों और शाखाओं में कर्मचारियों की तैनाती से स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। तबादले के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश

 बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश - स्वयं मौका मुआयना करें, मानसून में भी सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें

वर्षा ऋतु के बाद निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में लाएं तेजी, समयबद्ध रूप से पूर्ण हों सड़क निर्माण के कार्य - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 14 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर  अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्रीसाय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री  साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की शिकायत मिलते ही हो तत्काल कार्रवाई, दोषी बख्शे न जाएं-मुख्यमंत्री साय

दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की शिकायत मिलते ही हो तत्काल कार्रवाई, दोषी बख्शे न जाएं-मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित वातावरण से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता अपने बच्चों को विश्वास के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत की अनदेखी, उसे दबाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस प्रकरण के संदर्भ में सभी जिलों को व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है। छात्रावासों में अधीक्षकों एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों के मामले में केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था विकसित की जाए। विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन को भी यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता गंभीरता से ली जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा उन्हें डराने-धमकाने जैसी किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यक होने पर पीडि़त छात्राओं को काउंसलिंग एवं अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वाेपरि है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

 

विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’

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 घोलेंग में टेक्सटाइल प्रशिक्षण से रोजगार और स्वरोजगार की राह हो रही मजबूत

  •     सुनील त्रिपाठी सहायक संचालक
  •     नूतन सिदार सहायक संचालक

रायपुर---- कभी घर-आंगन और गांव की परंपराओं तक सीमित रहने वाला हुनर अब रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह बना रहा है। जशपुर जिले के ग्राम घोलेंग में पारंपरिक हस्तकरघा कला को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और बाजार की जरूरतों से जोड़कर महिलाओं और युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल स्थानीय हुनर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं को भी आकार दे रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के प्रयासों को निरंतर गति दी जा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं और युवाओं को आधुनिक तकनीक एवं कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है। घोलेंग का आजीविका परिसर इसी सोच को जमीन पर साकार करने का उदाहरण बन रहा है।

प्रशिक्षण के साथ उत्पादन, हुनर को आय से जोड़ने की पहल

ग्राम घोलेंग स्थित आजीविका परिसर में स्थानीय महिलाओं और युवाओं को टेक्सटाइल एवं हैंडलूम से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आदित्य बिरला ग्रुप, जिला प्रशासन, बिहान एवं टेक्सटाइल स्किल सेक्टर काउंसिल के संयुक्त प्रयास से संचालित यह पहल प्रशिक्षण को केवल कौशल सीखने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसके साथ उत्पादन गतिविधियों को भी विकसित करने पर जोर दे रही है।

घोलेंग में आजीविका से परंपरागत रूप से जुड़े लगभग 35 से 40 परिवारों एवं स्व सहायता समूहों की महिलाओं को हैंडलूम और टेक्सटाइल से संबंधित कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं आधुनिक तकनीक और मशीनों के माध्यम से कपड़ा तैयार करने के साथ शॉल, साड़ी और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने का हुनर सीख रही हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य स्पष्ट हैकृहाथों में हुनर आए और उस हुनर को आय का साधन भी मिले। प्रशिक्षण के साथ उत्पादन का अवसर मिलने से महिलाएं सीखे हुए कौशल को वास्तविक कार्य में उपयोग कर रही हैं और भविष्य में इसे अपनी नियमित आजीविका से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

परंपरा और तकनीक का संगम

जशपुर की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय हुनर से है। घोलेंग में इसी पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पादन की आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ डिजाइन, गुणवत्ता और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की जानकारी दी जा रही है।

इससे पारंपरिक हस्तकरघा कला को केवल सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित करने के बजाय उसे आधुनिक आर्थिक गतिविधि से जोड़ने का रास्ता तैयार हो रहा है। बेहतर डिजाइन और गुणवत्ता वाले उत्पादों को बाजार से जोड़ने की तैयारी के साथ स्थानीय हस्तकरघा उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

महिला स्व सहायता समूह बनेंगे आर्थिक बदलाव के वाहक

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी महिला स्व-सहायता समूह हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं अपने समूहों के माध्यम से उत्पादन गतिविधियों में भागीदारी कर सकेंगी। इससे समूह आधारित आजीविका को बढ़ावा मिलने के साथ महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित होने की संभावना है।

महिलाओं के आर्थिक रूप से सशक्त होने का प्रभाव केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहता। उनकी आय बढ़ने से परिवार की जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की शिक्षा और घरेलू आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत होती है। इस तरह घोलेंग में विकसित हो रही यह पहल महिला सशक्तिकरण से ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

युवाओं के लिए अपने क्षेत्र में रोजगार की नई संभावना

टेक्सटाइल क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन्हें रोजगारपरक कौशल प्रदान कर अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

स्थानीय स्तर पर कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। साथ ही प्रशिक्षित युवा भविष्य में स्वयं उत्पादन इकाई, समूह आधारित गतिविधि या अन्य स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

घोलेंग बनेगा हुनर, उत्पादन और बाजार के बीच सेतु

घोलेंग स्थित हैंडलूम प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र को भविष्य में कौशल, उत्पादन और बाजार के बीच मजबूत कड़ी के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। यहां तैयार होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन को बाजार की मांग से जोड़ने पर जोर है, ताकि स्थानीय प्रतिभा को स्थानीय और व्यापक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल सके।

यह पहल इस बात का उदाहरण है कि जब परंपरागत हुनर को आधुनिक कौशल, तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जाता है, तो वही हुनर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का आधार बन सकता है।

हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता जशपुर

घोलेंग में चल रही यह पहल केवल कपड़ा बनाने का प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि हुनर को सम्मान, कौशल को अवसर और अवसर को आय में बदलने की दिशा में एक प्रयास है। महिलाओं के हाथों में आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक हुनर है, युवाओं के सामने रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

जहां कभी हस्तकरघा केवल परंपरा की पहचान हुआ करता था, वहीं अब वही हुनर रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। घोलेंग से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में जशपुर के स्थानीय हुनर को नई पहचान देने के साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की एक प्रभावी मिसाल बन सकती है। 

नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में नशीली दवाओं, पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात, भंडारण एवं सेवन को नियंत्रित और प्रतिबंधित करने के उद्देश्य से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट लागू है। एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों की विवेचना में गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बढ़ाने तथा आरोपियों को प्रभावी ढंग से दोषसिद्ध कराने के उद्देश्य से आज कबीरधाम जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय कवर्धा में राजनांदगांव रेंज स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने भारत माता ए छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव सहित राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े पूरे नेटवर्क को पूरी ताकत से तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एनडीपीएस के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विवेचना को इस स्तर तक प्रभावी बनाया जाए कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को न्यायालय से दोषसिद्धि दिलाई जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि गवाहों की अनुपस्थिति जैसी परिस्थितियों में भी उपलब्ध वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रकरण को मजबूत बनाया जाए।

कार्यशाला में पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अजय यादव ने विवेचना अधिकारियों को एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में प्रभावी विवेचना, साक्ष्य संकलन एवं दोषसिद्धि के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने ऐसे प्रकरणों में गवाहों की अनुपस्थिति अथवा अन्य चुनौतियों के बावजूद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मजबूत प्रकरण तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छत्तीसगढ़ में हाल ही में सामने आए एनडीपीएस के प्रकरणों का उदाहरण देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ एवं उनके लोकेशन तथा संपर्कों की तस्दीक कर यह पता लगाया जाए कि नशीला पदार्थ कहां से लाया गया और कहां तक पहुंचाया जाना था।

उन्होंने कहा कि कार्रवाई को केवल सामने मौजूद आरोपी तक सीमित न रखते हुए पूरे तस्करी नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना और तस्करी की चैन को समाप्त करना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना में आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों, साक्ष्य संकलन, तकनीकी साक्ष्य के उपयोग, दस्तावेजी प्रक्रिया तथा न्यायालय में दोषसिद्धि के लिए आवश्यक बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी एवं विवेचना अधिकारी कार्यशाला में प्राप्त मार्गदर्शन को अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करते हुए नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।

एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई देश, समाज और युवाओं की सेवा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह देश, समाज, नौजवानों और आने वाली पीढ़ी की सेवा है। नशे के अवैध कारोबार से युवाओं को बचाने के लिए पुलिस को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां नशीले पदार्थों से संबंधित अवशेष अथवा गतिविधियों की जानकारी मिलती है, वहां उसकी तस्दीक कराई जाए तथा आवश्यकतानुसार सूचना तंत्र को मजबूत किया जाए। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी कैमरों सहित आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग किया जाए, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई जा सके।

नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक अंतिम व्यक्ति तक कार्रवाई करें सुनिश्चित

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तस्कर पुलिस की गिरफ्त में आते हैं, उनके लोकेशन, संपर्क, आवागमन तथा नशीले पदार्थ कहां से आए और कहां तक पहुंचाए जाने थे, इसकी गहन जानकारी जुटाई जाए। केवल एक तस्कर की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए तस्करी कराने वाले अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी और मजबूत विवेचना के माध्यम से एनडीपीएस के मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाए। न्यायालय में दंड उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों के आधार पर ही निर्धारित होता है, इसलिए प्रत्येक विवेचना अधिकारी के साक्ष्य संकलन की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गांजा तस्करी के स्रोतों की पहचान पर जोर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गांजे की तस्करी के कई मामलों में अन्य राज्य से जुड़े स्रोत सामने आए हैं। सरकार आधुनिक तकनीक के माध्यम से गांजे की अवैध खेती और तस्करी के स्रोतों की पहचान करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और जमीनी स्तर पर पुलिस की सक्रियता के समन्वय से नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों से कहा कि समाज को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं। एनडीपीएस के विरुद्ध कार्रवाई को रूटीन कार्य न मानते हुए मिशन के रूप में लेकर कार्य करें और अपने-अपने क्षेत्र को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के लिए ठोस एवं सकारात्मक परिणाम प्रस्तुत करें।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी सम्मानित

कार्यशाला के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने एनडीपीएस एक्ट के प्रकरणों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए आरोपियों को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

मोदी जी के 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर को पुलिस लाइन में सवा लाख दिए जायेंगे

मोदी जी के 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर को पुलिस लाइन में सवा लाख दिए जायेंगे

 दुर्ग। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन एवं राजनीतिक सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा संभाग स्तरीय सेवा संकल्प अभियान की तैयारियां की जा रही हैं, इसी क्रम में 17 सितंबर को शाम सवा लाख दिए जलाये जायेंगे जिसके तैयारी को लेकर आज जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, कलेक्टर, एसपी सहित जिला प्रशासन के साथ कार्यक्रम स्थल पुलिस लाइन का निरिक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
केबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी की 25 वर्षों की राजनीतिक एवं जनसेवा यात्रा सेवा, समर्पण और राष्ट्रप्रथम की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण है। जनसेवा से राष्ट्रसेवा तक, विकास से विरासत तक प्रधानमंत्री जी ने हर कदम देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया है।
केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की सेवा यात्रा केवल 25 वर्षों का पड़ाव नहीं, बल्कि करोड़ों देशवासियों के विश्वास, परिश्रम और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाली यात्रा है। हर योजना, हर प्रयास और हर कदम देशहित एवं जनकल्याण के लिए समर्पित रहा है।
यादव ने कहा कि सेवा का सफर संकल्प की नई उड़ान’ के भाव के साथ 17 सितंबर से प्रारंभ होने वाला यह अभियान प्रधानमंत्री जी की सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा एवं जनकल्याण की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनेगा।
अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन एवं भारतीय जनता पार्टी संगठन के समन्वय से संभाग स्तरीय विभिन्न सेवा गतिविधियां, जनकल्याणकारी कार्यक्रम एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेवा और समर्पण की भावना को आगे बढ़ाया जाएगा।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज विकसित भारत के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। 25 वर्षों की सेवा यात्रा हमें आने वाले वर्षों में और अधिक समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देती है।

जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 शिक्षक बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं और उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं: मुख्यमंत्री साय

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर हर बच्चे तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री*
मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए और ग्राम तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन निर्माण की घोषणा की

रायपुर। शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, उन्हें संस्कार और सही दिशा देते हैं तथा उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढि़यों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढि़यों तक पहुंचता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। हमारी यह समृद्ध ज्ञान परंपरा आज भी हमें प्रेरणा देती है। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना हमारा संकल्प
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार – हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहरों और गांवों में बेहतर अधोसंरचना का निर्माण विकास की गति को तेज करने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।

“मोर गांव मोर पानी” अभियान के उल्लेखनीय कार्यों का हुआ सम्मान
समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण को भविष्य की पीढि़यों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में किए गए प्रयासों की सराहना की। समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

जनकल्याण और सुशासन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वहीं तकनीक के उपयोग से शासन की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से तैयार होगी।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता: उप मुख्यमंत्री अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वाेपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थी का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढि़यों के लिए अमूल्य धरोहर है।

शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक: मंत्री दयाल दास बघेल
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह ज्ञान का प्रकाश फैलाकर बच्चों का भविष्य संवारते हैं।

मंत्री बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुई भारत की भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुई भारत की भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 BRICS की अध्यक्षता भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण : मुख्यमंत्री

ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूती देगा भारत का नेतृत्व

रायपुर, 13 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर एक विश्वसनीय और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है। वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता और 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव का अवसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज न केवल अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है, बल्कि विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी वैश्विक मंचों पर सशक्त स्वर दे रहा है।

उन्होंने कहा कि “Building Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” की थीम के साथ भारत की BRICS अध्यक्षता वैश्विक सहयोग, नवाचार और सतत विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारत का दृष्टिकोण सदैव दुनिया को साथ लेकर चलने और साझा प्रगति के नए मार्ग तैयार करने का रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक मंचों पर सदैव स्पष्ट और दृढ़ रुख रखा है। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और तकनीक के माध्यम से जनसामान्य के जीवन में बदलाव का भारत का मॉडल आज दुनिया के लिए प्रेरणा बन रहा है। BRICS जैसे मंच इन अनुभवों और विकास की संभावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका देश और राज्यों के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी लेकर आ रही है। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारत का नेतृत्व वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने और साझा समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

तिल्दा में जर्जर स्कूल गेट ने ली मासूम की जान, 7 वर्षीय बच्चे की दबने से मौत

तिल्दा में जर्जर स्कूल गेट ने ली मासूम की जान, 7 वर्षीय बच्चे की दबने से मौत

 रायपुर। तिल्दा के पास हथबंद गांव में स्वामी आत्मानंद स्कूल के मुख्य गेट के गिरने से 7 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवम यादव के रूप में हुई है, जो अपने रिश्तेदारों के यहां हथबंद आया हुआ था। शनिवार को शिवम स्कूल के मुख्य गेट के पास खेल रहा था। इसी दौरान जर्जर पिलर से जुड़ा लोहे का भारी गेट अचानक उसके ऊपर गिर गया। हादसे में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद ग्रामीणों ने स्कूल के जर्जर पिलर और गेट को लेकर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत की जरूरत को लेकर पहले भी ध्यान दिलाया गया था, लेकिन इस ओर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई। हादसे के बाद सिमगा एडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि गेट और पिलर की खराब स्थिति की जानकारी जिम्मेदारों को थी या नहीं और सुरक्षा के लिए समय रहते क्या कदम उठाए गए थे। मासूम की मौत ने स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नेशलन लोक अदालत में 28953 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण, 72.60 लाख रुपए से अधिक की राशि का निपटारा

नेशलन लोक अदालत में 28953 लंबित प्रकरणों का हुआ निराकरण, 72.60 लाख रुपए से अधिक की राशि का निपटारा

 कवर्धा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार 12 सितम्बर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य में तालुका न्यायालय के स्तर से लेकर उच्च न्यायालय तक सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया गया। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशध्अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय कबीरधाम एवं तहसील न्यायालय पण्डरिया में नेशनल लोक अदालत आयोजित किया गया।

नेशनल लोक अदालत को यादगार बनाने हेतु जिला न्यायालय के प्रवेश द्वार पर सेल्फी प्वाइंट बनाया गया था, जिसमे पक्षकार अपनी मनमोहक फोटो तस्वीरों के माध्यम से जीवंत रख रहे थे। उक्त लोक अदालत में जिले में कुल 12 खण्डपीठ गठित किया गया था, जिसमें से 11 खण्डपीठ जिला मुख्यालय कबीरधाम तथा 01 खण्डपीठ व्यवहार न्यायालय पण्डरिया में गठित की गई थी। जिसमें राजीनामा योग्य समस्त दाण्डिक मामले, चेक बाउन्स के प्रकरण, समस्त प्रकार के व्यवहार वाद प्रकरण, मोटर दुर्घटना से उत्पन्न दावा प्रकरण, कुटुम्ब न्यायालय में लंबित वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण, इसके साथ ही प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व वाद प्रकरण) यथा बिजली बिल, दूरभाष, बैंक लोन, जल कर से संबंधित प्रकरण रखे गये थे।

उल्लेखनीय है कि, नेशनल लोक अदालत के खण्डपीठ क्रमांक 01 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कबीरधाम कु संघरत्ना भतपहरी द्वारा मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में कुल 5225000 रूपये का अवार्ड राशि पारित किया गया। खण्डपीठ क्रमांक 02 में परिवार न्यायालय कबीरधाम में पीठासीन अधिकारी प्रवीण कुमार प्रधान, द्वारा परिवार न्यायालय में वैवाहिक विवाद से संबंधित प्रकरण में कुल 25 प्रकरणों में 161700 रूपये का निराकरण करते हुए वैवाहिक संबंधों में मधुरता स्थापित करते हुए सुखद दाम्पत्य का पुर्नस्थापन किया गया।

खण्डपीठ क्रमांक 03 में पीठासीन अधिकारी योगिता विनय वासनिक द्वारा विद्युत प्रकरण में कुल 247727 रूपये राशि का वसूली करते हुए प्रकरण का निराकरण किया गया। इसी अनुक्रम में राजस्व न्यायालय में कुल 22932 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार जिला कबीरधाम अंतर्गत परिवार न्यायालय, कबीरधाम में उक्त लोक अदालत में नगर पालिका कबीरधाम द्वारा जलकर तथा अन्य कर से संबंधित मामलों में 221 .प्रकरण में 138689 रूपये की वसूली की गई। इस प्रकार लोक अदालत में कुल 28953 लंबित प्रकरण में कुल 7260583 रूपये का निराकरण किया गया।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश का अलर्ट; जानें आज कैसा रहेगा मौसम

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश का अलर्ट; जानें आज कैसा रहेगा मौसम

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में शनिवार को मौसम ने कई बार करवट ली। कहीं आसमान में घने बादल छाए रहे तो कहीं रुक-रुककर बारिश ने लोगों को भिगोया। बस्तर में सक्रिय मौसम सिस्टम का असर रायपुर और दुर्ग संभाग तक भी दिखाई दिया। मौसम विभाग ने रविवार को भी कई इलाकों में बारिश के संकेत दिए हैं, जबकि सोमवार के बाद मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ने की उम्मीद है।

रविवार को कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार रविवार को रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। हालांकि सक्रिय मानसूनी सिस्टम अब आगे बढ़ रहा है। इसके चलते सोमवार के बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई गई है।

फिलहाल मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में बनी हुई है। ऐसे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर पूरी तरह थमने के बजाय हल्की से मध्यम बारिश के रूप में जारी रह सकता है।

सितंबर में अब तक दो मौसम सिस्टम हुए सक्रिय

सितंबर के 12 दिन बीत चुके हैं और इस दौरान प्रदेश में दो मौसम सिस्टम बने हैं। इनके प्रभाव से अब तक छत्तीसगढ़ में करीब 84 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं रायपुर जिले में अब तक 97.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है।

मौजूदा मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर बस्तर क्षेत्र में देखने को मिला है। इसके अलावा रायपुर और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में भी इसका प्रभाव रहा।

शनिवार को रात में बारिश के बाद सुबह कुछ समय के लिए आसमान साफ रहा। इसके बाद अचानक मौसम बदला और घने बादल छा गए। कहीं रिमझिम तो कहीं तेज बारिश हुई। शाम तक बादलों की घनी चादर के कारण दिन में ही रात जैसा नजारा दिखाई देने लगा।

धनोरा में 140 मिमी बारिश, बस्तर में 100 मिमी

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। कोंडागांव के धनोरा में 140 मिमी बारिश हुई, जबकि बस्तर में 100 मिमी बारिश दर्ज की गई।

इसके अलावा माकड़ी, भानपुरी, अंबागढ़ चौकी और छुरा में 80-80 मिमी बारिश हुई। वहीं फरसगांव, मोहला, बालोद, चारामा, बस्तानार और गादीरास समेत कई क्षेत्रों में करीब 70-70 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

राजधानी रायपुर में शनिवार शाम साढ़े पांच बजे तक करीब 2 सेमी बारिश दर्ज की गई।

आने वाले दिनों में कमजोर पड़ेगा मानसून

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सितंबर के आगामी दिनों में प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। हालांकि मानसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में बनी हुई है, इसलिए बारिश का दौर पूरी तरह खत्म होने की संभावना फिलहाल नहीं है।

पिछले साल सितंबर महीने में रायपुर जिले में 284 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। इस बार भी सितंबर में बारिश का आंकड़ा इसके आसपास पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

 
 
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने किया साइबर संकल्प का शुभारंभ, रविवि में 500 से अधिक विद्यार्थियों से से किया सीधा संवाद

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने किया साइबर संकल्प का शुभारंभ, रविवि में 500 से अधिक विद्यार्थियों से से किया सीधा संवाद

 00 साइबर ठगी होते ही 1930 पर तत्काल संपर्क करें, जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाएं - विजय शर्मा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को साइबर अपराधों से मुक्त और सुरक्षित डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान को पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से नई गति मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए 9 मॉड्यूल वाले वीडियो पाठ्यक्रम साइबर संकल्प का शुभारंभ किया।

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। बैंकिंग, खरीदारी, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाओं सहित अनेक कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए साइबर संकल्प एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं और प्रत्येक मॉड्यूल लगभग 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के माध्यम से नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी

विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देश में बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन हो रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीक का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहना होगा।  शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।

CG : बहन को तीज पर मायके लाने गए भाई और बहन की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर

CG : बहन को तीज पर मायके लाने गए भाई और बहन की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर

 धमतरी।  छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तीजा त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। बहन को तीजा के मौके पर मायके लाने गए भाई और बहन की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना पुरूर थाना क्षेत्र की है। बड़े गौरी गांव निवासी दामेश्वर सिन्हा शनिवार को अपनी बहन नीता सिंह को तीजा के लिए लेने मोखा गांव पहुंचे थे। दोनों बाइक से वापस बड़े गौरी लौट रहे थे। इसी दौरान पुरूर के पास तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे में दामेश्वर और नीता गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पिकअप को जब्त कर लिया है और आरोपी चालक की तलाश कर रही है। हादसे की वजह की भी जांच की जा रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम सब विकसित भारत के संकल्प के साक्षी बन रहे हैं - मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम सब विकसित भारत के संकल्प के साक्षी बन रहे हैं - मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आगामी 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक देशभर में प्रस्तावित सेवा संकल्प अभियान के परिप्रेक्ष्य में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष सेवा, सुशासन, संकल्प और परिणामों की यात्रा है। यह सामान्य परिवार से निकले एक व्यक्ति के असाधारण पुरुषार्थ की यात्रा है। साय शनिवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सार्वजनिक जीवन हमारे लिए प्रेरणादायी है

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान उन करोड़ों परिवारों की ओर से धन्यवाद की अभिव्यक्ति है, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं से सकारात्मक परिवर्तन आया है।  मोदी का सार्वजनिक जीवन हमारे लिए प्रेरणादायी है। वे राष्ट्र निर्माण में प्रतिबद्धता और प्रामाणिकता के साथ जुटे हैं। उनका अनुशासन, समर्पण और जनता के प्रति सेवा का भाव हो, तभी अपने उद्देश्यों में सफल हो सकते हैं। मोदी के छत्तीसगढ के साथ विशेष अपनत्व के रिश्ते की चर्चा करते हुए साय ने कहा कि मोदी जब संगठन के पदाधिकारी थे, तब बस्तर जैसे सुदूर अंचल में जगह-जगह प्रवास करते थे। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी छत्तीसगढ़ के साथ विकास के कई मोर्चों पर अनुभवों का आदान-प्रदान होता रहा है। प्रधानमंत्री ने जनसेवा के अपने 25 वर्ष के कार्यकाल में जनकल्याण के अनेक ऐतिहासिक कार्य किए हैं। पिछले एक दशक में देश के लगभग 25 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले हैं। यह बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन पर आधारित गरीब कल्याण की योजनाएँ किस बड़े बदलाव का माध्यम बनी हैं। गरीब कल्याण इस दौर की सबसे बड़ी पहचान रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश के 81 करोड़ लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के 41 लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुँच रहा है
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 25.51 लाख किसानों को अब तक 11,277 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाई गई है। श्री मोदी ने मातृशक्ति के जीवन में भी बड़ा बदलाव लाया है। उज्ज्वला योजना से छत्तीसगढ़ की लगभग 39 लाख 54 हजार महिलाओं को धुएँ से मुक्ति मिली। जल जीवन मिशन ने माताओं-बहनों की एक और बड़ी परेशानी कम की। छत्तीसगढ़ के 41 लाख 50 हजार ग्रामीण परिवारों तक नल से पानी पहुँच रहा है। जनजातीय समाज के प्रति प्रधानमंत्री जी की संवेदनशीलता का विशेष महत्व रेखांकित करते हुए श्री साय ने कहा कि पहली बार देश को श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में जनजातीय समाज से महिला राष्ट्रपति मिलीं। प्रधानमंत्री की पहल पर भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की गई। यह जनजातीय अस्मिता के प्रति उनके भीतर के आदरभाव को व्यक्त करता है। इसी प्रकार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ के 6,691 जनजातीय गाँवों के समग्र विकास पर काम हो रहा है। श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवार के पक्के घर के सपने को साकार किया। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बन रहे हैं। 'पीएम जनमन योजना' से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएँ पहुँची हैं।

 

ऑपरेशन सिंदूर देश के राजनीतिक नेतृत्व की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की एकता और अखण्डता को मजबूती मिली है। एक ओर जहाँ उनके नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को समाप्त किया गया, वहीं बाह्य और आन्तरिक सुरक्षा को मजबूती दी गई। उरी आतंकी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक, पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर देश के राजनीतिक नेतृत्व की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है। बस्तर में नक्सलियों के खात्मे की चर्चा करते हुए श्री साय ने कहा कि श्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के परिणामस्वरूप देश तथा हमारे प्रदेश को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से मुक्ति मिली है। बस्तर के घने जंगलों से लाल आंतक का हमेशा के लिए सूर्यास्त हो चुका है। बस्तर में शांति का नया सूर्योदय हुआ है।

 

एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री जी को अपना आशीर्वाद प्रदान करें
मुख्यमंत्री  साय ने सेवा संकल्प अभियान की रूपरेखा पर रोशनी डालते हुए बताया कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिवस की शाम 7 बजे पूरे देश के साथ छत्तीसगढ़ में भी दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। श्री साय ने प्रदेश के सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घर में एक दीप जलाकर प्रधानमंत्री जी को अपना आशीर्वाद प्रदान करें। 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों तथा प्रधानमंत्री आवास हितग्राहियों की विशेष भागीदारी रहेगी। इस दौरान आम नागरिक एवं विभिन्न योजनाओं के हितग्राही भी अपने घरों में एक दीप जलाकर अपनी शुभकामना और आशीर्वाद व्यक्त करेंगे। हमारे बच्चों और युवाओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा। लगभग 25 हजार शिक्षण संस्थानों और 50 लाख विद्यार्थियों की भागीदारी का लक्ष्य है। 'मेरे सपनों का भारत-चित्र सेवा के अंतर्गत ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिताएँ होंगी। विद्यालय स्तर पर 18 सितम्बर को ड्राइंग तथा 19 सितम्बर को प्रदर्शनी एवं भाषण प्रतियोगिता प्रस्तावित है। श्री साय ने बताया कि 'नमो सेवा-अनकही कहानियां' के माध्यम से नुक्कड़ नाटक और सांगीतिक प्रस्तुतियों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं तथा छत्तीसगढ़ में आए बदलाव को आम लोगों तक पहुँचाया जाएगा।

 

'सेवा संकल्प यात्रा' के माध्यम से बदलते बस्तर को देश के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा

 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी माताओं और बच्चों को केंद्र में रखकर 'आंगन मिलन सेवा' आयोजित की जाएगी। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण, स्वास्थ्य, मातृ-शिशु देखभाल, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता और आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के सम्मान जैसी गतिविधियाँ प्रस्तावित हैं। 'सेवा मेरा योगदान' के अंतर्गत 23 से 25 सितम्बर तक नागरिकों और संस्थाओं को कम-से-कम एक सेवा कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसमें रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता, स्वास्थ्य जाँच, जल संरक्षण, जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सहयोग, वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिजिटल साक्षरता और 'वोकल फॉर लोकल' जैसी गतिविधियां शामिल हैं।  साय ने कहा कि 29 सितंबर को 'सेवा के रंग, राष्ट्र के संग कार्यक्रम होगा। जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और विकसित भारत-2047 की भावना पर रंगोली बनाई जाएगी। इसमें विद्यार्थी, एनएसएस, एनसीसी कलाकार और आम नागरिक भाग लेंगे। 'सेवा संकल्प यात्रा' के माध्यम से बदलते बस्तर को देश के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। 'सेवा सेतु-सरकार आपके द्वार' अभियान में ब्लॉक और तहसील स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में हितग्ग्राहीमूलक योजनाओं के स्वीकृति-पत्र दिए जाएंगे, राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण किए जाएंगे और केंद्र सरकार की योजनाओं से भी लाभान्वित किया जाएगा। साय ने कहा कि इस अभियान में जल संरक्षण को भी विशेष महत्व दिया गया है। 'जल जन सेवा संकल्प के अंतर्गत जल स्रोतों की साफ-सफाई, जल चौपाल, जल संचय, नदी घाट स्वच्छता जैसी गतिविधियाँ होंगीं।

भारतीय जनता पार्टी अन्त्योदय के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 7 अक्टूबर को 'सेवा ज्योति कलश यात्रा' के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को ग्राम, जिला और राज्य स्तर तक पहुँचाया जाएगा। युवाओं और नवाचार के लिए 'सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज' आयोजित किया जाएगा। अभियान का समापन 17 अक्टूबर को 'सुशासन सेवा संवाद' के साथ होगा। इसकी अवधारणा 'जनसेवक महाकुंभ-पंचायत से पार्लियामेंट' की है, जिसमें सेवा और सुशासन के अनुभवों को व्यापक मंच मिलेगा। इस अभियान के दौरान हमारे सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी लाभार्थियों के पास पहुँचेंगे। उनसे प्रत्यक्ष संवाद करेंगे और उनके अनुभव भी प्राप्त करेंगे।  साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अन्त्योदय के मंत्र पर चलने वाली पार्टी है। हमारे कार्यकर्ताओं के लिए यह समाज के अन्तिम छोर पर खड़े व्यक्तियों से मिलने और संवाद करने का अवसर है। इस अभियान के जरिए बूथ स्तर तक हम उन सभी लोगों के पास पहुँचेंगे जिनके जीवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और उनकी नीतियों की बदौलत गुणात्मक बदलाव आया है। साय ने बताया कि पार्टी, मोर्चा और प्रकोष्ठ अपने-अपने लक्षित वर्ग तक सघन सम्पर्क करेंगे। इस अभियान से जुड़ी प्रत्येक पहल को सफल बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता पूरी प्रामाणिकता से जुटेगा। श्री साय ने कहा कि इस पूरे अभियान में मीडिया के साथियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानियाँ यदि संचार माध्यमों के जरिए जन-जन तक पहुँचती हैं तो समाज में एक अच्छा वातावरण भी बनता है।
मुख्यमंत्री  साय ने समस्त प्रदेशवासियों से इस अभियान में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लेने का आग्रह करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सेवा संकल्प अभियान की प्रत्येक पहल समाज के प्रति हमारे उत्तरदायित्व का बोध कराएगी। हम सब मिलकर सेवा संकल्प अभियान को छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी का उत्सव बनाएँ। सेवा के भाव से जुड़ें, समाज के लिए अपना योगदान दें और प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के संकल्प में विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें। प्रेसवार्ता में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा राष्ट्रीय मंत्री सिध्दार्थ शंभू, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन मौजूद रहे।

CG Tain Cancelled: यात्रियों के लिए जरूरी खबर! छत्तीसगढ़ में आज-कल कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले देखें पूरी लिस्ट

CG Tain Cancelled: यात्रियों के लिए जरूरी खबर! छत्तीसगढ़ में आज-कल कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले देखें पूरी लिस्ट

रायपुर :- छत्तीसगढ़ से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है. बता दें में आज और कल कई ट्रेनें रद्द रहेंगी. दरअसल, उरकुरा स्टेशन यार्ड में रीमॉडलिंग का काम चल रहा है जिसके चलते यह आदेश जारी किया गया है. 

ये ट्रेनें हुईं रद्द
आज रद्द रहने वाली ट्रेनों में रायपुर-बिलासपुर मेमू 68728 का परिचालन रद्द रहेगा. आज बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू 68734 नहीं चलेगी. आज गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू 68733 भी रद्द रहेगी. आज बिलासपुर-रायपुर मेमू 68719 का परिचालन रद्द है. आज कोरबा-रायपुर पैसेंजर 58203 नहीं चलेगी. आज रायपुर-इतवारी पैसेंजर 58206 का परिचालन रद्द रहेगा. आज रायपुर-गेवरा रोड मेमू 68746 रद्द रहेगी.

कल भी ये ट्रेनें होंगी रद्द

कल रद्द रहने वाली ट्रेनों की बात करें तो कल रायपुर-कोरबा पैसेंजर 58204 रद्द रहेगी. कल इतवारी-रायपुर पैसेंजर 58206 भी रद्द रहेगी. कल कोरबा-रायपुर मेमू 68745 का परिचालन रद्द रहेगा.

एक नजर में पढ़ें कैंसल्ड ट्रेनों का नाम

आज रायपुर-बिलासपुर मेमू 68728 का परिचालन रहेगा रद्द
आज बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू 68734 नहीं चलेगी
आज गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू 68733 रहेगी रद्द
आज बिलासपुर-रायपुर मेमू 68719 का परिचालन रद्द
आज कोरबा-रायपुर पैसेंजर 58203 नहीं चलेगी
आज रायपुर-इतवारी पैसेंजर 58206 का परिचालन रद्द
आज रायपुर-गेवरा रोड मेमू 68746 रहेगी रद्द
कल रायपुर-कोरबा पैसेंजर 58204 रहेगी रद्द
कल इतवारी-रायपुर पैसेंजर 58206 भी रहेगी रद्द
कल कोरबा-रायपुर मेमू 68745 का परिचालन रद्द रहेगा
नहीं रूकेगी ये लोकल ट्रेनें

वहीं दूसरी ओर संरक्षा एवं आवश्यक अधोसंरचना कार्यों को ध्यान में रखते हुए रायपुर रेल मंडल के रायपुर-दुर्ग सेक्शन में स्थित ‘C’ एवं ‘D’ केबिन पर कुछ मेमू पैसेंजर ट्रेनों के ठहराव अस्थायी रूप से निरस्त किया गया है. यह व्यवस्था 13 सितंबर 2026 से 15 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. इस अवधि में कई ट्रेनों का संबंधित केबिन पर ठहराव नहीं होगा.

‘C’ केबिन पर ठहराव हटाई गई गड़िया

(1) 68703 रायपुर–दुर्ग मेमू पैसेंजर

(2) 68705 रायपुर–डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर

(3) 68764 रायपुर–तोड़ोकी मेमू पैसेंजर

(4) 68717 रायपुर–दुर्ग मेमू पैसेंजर

(5) 68709 रायपुर–डोंगरगढ़ मेमू पैसेंजर

‘D’केबिन पर ठहराव हटाई गई गड़िया

(1) 68730 डोंगरगढ़–रायपुर मेमू पैसेंजर

(2) 68702 दुर्ग–रायपुर मेमू पैसेंजर

(3) 68704 दुर्ग–रायपुर मेमू पैसेंजर

(4) 68765 तोड़ोकी–रायपुर मेमू पैसेंजर

(5) 68708 दुर्ग–रायपुर मेमू पैसेंजर

(6) 68706 डोंगरगढ़–बिलासपुर मेमू पैसेंजर

सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने प्रदेशभर में तैयारियां तेज, 17 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम…..

सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने प्रदेशभर में तैयारियां तेज, 17 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम…..

 रायपुर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा, समर्पण और जनकल्याणकारी नेतृत्व की यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर प्रदेशभर में तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस एक माह के अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धमतरी जिले में अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक स्वरूप देते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान जिला प्रशासन ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए टास्क फोर्स समिति का गठन कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सभी विभागों द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों के अनुरूप आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं।

धमतरी में 10 लाख दीयों से होगा सेवा और समर्पण का संदेश

अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत धमतरी जिले में लगभग 10 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्य आयोजन रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर एवं महानदी घाट में होगा। इसके साथ ही कर्णेश्वर महादेव मंदिर सिहावा, अंगारमोती माता मंदिर गंगरेल, विंध्यवासिनी माता मंदिर धमतरी सहित जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा।   इसके अलावा पीएम जनमन आवासों, अटल आवासों तथा आम नागरिकों के घरों में भी दीप जलाकर सेवा एवं समर्पण का संदेश दिया जाएगा। प्रशासन ने इसे जन-जन की सहभागिता वाला कार्यक्रम बनाने की दिशा में व्यापक तैयारी की है।

जनभागीदारी से अभियान को मिलेगा व्यापक स्वरूप

राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री  टंकराम वर्मा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प में सहभागी बनें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिला समूहों और विभिन्न सामाजिक वर्गों से अभियान के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के सभी कार्यक्रमों का आयोजन गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से किया जाए ताकि सेवा, समर्पण और जनकल्याण का संदेश समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में उल्लास से मना तीजा-पोरा तिहार…..

‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में उल्लास से मना तीजा-पोरा तिहार…..

 रायपुर: नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास आज तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक आत्मीयता और मातृशक्ति के उल्लास का साक्षी बना। प्रदेश के विभिन्न अंचलों से बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत में मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की तरह सजाया गया था। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश की सजावट के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने पूरे परिसर को उत्सव के रंग में रंग दिया। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच माताओं-बहनों ने पूरे उत्साह के साथ तीजा-पोरा की खुशियां साझा कीं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटियों और बहनों के मायके आने की सुंदर परंपरा है। आज प्रदेशभर से आप सभी बहनें मेरे घर आई हैं, इसलिए मुख्यमंत्री निवास आज आप सभी का मायका है। अपने भाई के घर आपका आना मेरे लिए सौभाग्य और आनंद की बात है। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय संबोधन के साथ पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा-पोरा हमारी माटी, परिवार, रिश्तों, खेती-किसानी, पशुधन और लोकजीवन से जुड़ा जीवंत उत्सव है। हरेली से शुरू होने वाली छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहारों की सुंदर श्रृंखला हमारे सामाजिक और पारिवारिक जीवन को आत्मीयता के सूत्र में बांधती है। हमारी लोक परंपराएं पीढ़ियों को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ने का काम करती हैं।

‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में उल्लास से मना तीजा-पोरा तिहार

शिव-पार्वती की पूजा कर मांगी प्रदेश की सुख-समृद्धि

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की माताओं-बहनों सहित सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा का पर्व माता पार्वती की तपस्या, समर्पण और अटूट आस्था से जुड़ा हुआ है। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। हमारी माताएं और बहनें आज भी इस महान परंपरा को श्रद्धा के साथ आगे बढ़ा रही हैं। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की माताओं-बहनों के सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य के साथ छत्तीसगढ़ के निरंतर विकास और खुशहाली की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोरा का पर्व हमारी कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खेती-किसानी केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है। तीजा और पोरा का यह संगम हमारी लोकसंस्कृति की उसी आत्मीयता और व्यापकता को अभिव्यक्त करता है।

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सुपोषित छत्तीसगढ़ के लिए ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान

तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया और अभियान के लोगो का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक मिनरल्स से भरपूर है। इसकी पत्तियां और फलियां पोषण की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं। विशेषकर महिलाओं और बच्चों के आहार में इसका उपयोग बेहतर पोषण में सहायक हो सकता है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि अपने घरों और आसपास मुनगा लगाएं और इसके पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाएं। घर-घर मुनगा लगाने की यह पहल जनभागीदारी के माध्यम से सुपोषित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और मजबूत करेगी।

‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में उल्लास से मना तीजा-पोरा तिहार

राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ, सुपोषण रथ करेगा जागरूक

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के पोस्टर का विमोचन किया और उपस्थित माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में पोषण माह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सुपोषण रथ भी अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर पोषण संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां और सुपोषित बच्चा स्वस्थ समाज की मजबूत नींव हैं। केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा बेहतर भविष्य के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी से पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव को और गति दी जा रही है।

‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में उल्लास से मना तीजा-पोरा तिहार

नन्हे बच्चों को खीर खिलाकर कराया अन्नप्राशन

कार्यक्रम में आत्मीयता का एक विशेष दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन कराया। उन्होंने बच्चों को स्नेह और आशीर्वाद देते हुए उनके स्वस्थ, खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

तीजा-पोरा के पारिवारिक उत्सव के बीच अन्नप्राशन संस्कार और पोषण से जुड़ी गतिविधियों ने कार्यक्रम को सुपोषण के संदेश से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री ने बच्चों की माताओं से भी आत्मीय संवाद किया और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण की जानकारी ली।

महतारी वंदन से माताओं-बहनों को मिल रहा आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि माताओं-बहनों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रवास के दौरान माताओं-बहनों से मिलने पर इस योजना से उनके जीवन में आए बदलाव की अनेक प्रेरक कहानियां सामने आती हैं। कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बेटी के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में जमा कर रही है, तो कोई सिलाई मशीन खरीदकर आजीविका का साधन तैयार कर रही है। अनेक माताएं-बहनें सब्जी-भाजी, किराना दुकान और छोटे व्यवसायों में इस राशि का उपयोग कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के हाथ में अपनी राशि होने से उनमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ी है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आजीविका, कौशल, स्वामित्व और उद्यमिता के अवसर भी उपलब्ध हों।

लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक – बदल रही मातृशक्ति की तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। छत्तीसगढ़ में 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि निर्धारित लक्ष्य 8 लाख महिलाओं का था। यह उपलब्धि माताओं-बहनों की मेहनत, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की इच्छाशक्ति का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं अब पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर अनेक नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे घरों के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़कर महिलाएं ‘डीलर दीदी’ बन रही हैं। निर्माण क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में काम कर रही हैं। खेती में आधुनिक तकनीक अपनाते हुए ‘ड्रोन दीदी’ खेतों में उर्वरक और दवाइयों का छिड़काव कर आय के नए अवसर तैयार कर रही हैं। कई ड्रोन दीदियां एक दिन में 20 से 25 एकड़ खेतों में छिड़काव कर लगभग सात हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम दानसरा की माताओं-बहनों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां महिलाओं ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को एकत्र कर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने का प्रेरणादायी संकल्प लिया है। उन्होंने इसे मातृशक्ति की आस्था, सामूहिकता और दृढ़ संकल्प का सुंदर उदाहरण बताया।

महिलाओं के नाम संपत्ति को प्रोत्साहन, स्वामित्व से बढ़ रहा आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उन्हें संपत्ति में स्वामित्व देने की दिशा में भी राज्य सरकार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहन मिल रहा है।

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उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ महिलाओं को अवसर, सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय में भागीदारी देना है। सरकार इसी व्यापक सोच के साथ माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कार्य कर रही है।

हर जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत का संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण हो रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं और इनमें से साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के लिए 3 लाख 65 हजार नए प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार मिलकर हर जरूरतमंद परिवार के पक्के घर के सपने को तेजी से साकार कर रही है।

मुख्यमंत्री निवास में साकार हुआ छत्तीसगढ़ी गांव का परिवेश

तीजा-पोरा तिहार के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव की थीम पर विशेष रूप से सजाया गया था। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, पारंपरिक खिलौनों और ग्रामीण परिवेश के बीच प्रदेश की लोकसंस्कृति की जीवंत झलक दिखाई दी। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर में छत्तीसगढ़ी संस्कृति के रंग बिखेर दिए।

माताओं-बहनों ने फुगड़ी, रस्साकशी और कुर्सी दौड़ में उत्साह से भाग लिया। मेहंदी लगवाने और झूला झूलने के साथ उन्होंने तीजा के मायके वाले उल्लास का आनंद लिया। मुख्यमंत्री निवास का पूरा वातावरण ऐसा था मानो प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की लोक परंपराएं एक ही आंगन में साकार हो उठी हों।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज मुख्यमंत्री निवास वास्तव में माताओं-बहनों के मायके में बदल गया है। हमारी कामना है कि प्रदेश की हर माता और बहन के सपनों को नई उड़ान मिले, उनके परिवारों में सुख-समृद्धि बनी रहे और मातृशक्ति की भागीदारी से छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।

तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति का पर्व : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की माताओं-बहनों को तीजा-पोरा तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तीजा हमारी समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना की 31 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। यह योजना माताओं-बहनों को आर्थिक संबल देने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत कर रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान को पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए माताओं-बहनों से अपने घरों और आसपास मूनगा लगाने तथा इसे नियमित आहार में शामिल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्रीमती वीणा सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव सुश्री शहला निगार, विभिन्न संस्थाओं की पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

साइबर अपराध के खिलाफ जन-जागरूकता को नई गति, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ…..

साइबर अपराध के खिलाफ जन-जागरूकता को नई गति, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ को साइबर अपराधों से मुक्त और सुरक्षित डिजिटल राज्य बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘साइबर जागृति अभियान’ को आज पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से नई गति मिली। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए 9 मॉड्यूल वाले वीडियो पाठ्यक्रम ‘साइबर संकल्प’ का शुभारंभ किया।

‘साइबर संकल्प’ के माध्यम से सरल भाषा में डिजिटल सुरक्षा की जानकारी

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि आज डिजिटल तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। बैंकिंग, खरीदारी, शिक्षा, व्यापार और सरकारी सेवाओं सहित अनेक कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। डिजिटल सुविधाओं ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए ‘साइबर संकल्प’ एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत 9 वीडियो मॉड्यूल तैयार किए गए हैं और प्रत्येक मॉड्यूल लगभग 5 से 6 मिनट का है। इन वीडियो के माध्यम से नागरिकों को साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल सुरक्षा और साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी।

डिजिटल क्रांति के साथ डिजिटल सुरक्षा भी जरूरी – श्री विजय शर्मा

विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भारत डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। देश में बड़े पैमाने पर डिजिटल लेनदेन हो रहा है और डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधा जितनी तेजी से बढ़ रही है, उतनी ही तेजी से डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। साइबर अपराधी लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में तकनीक का उपयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहना होगा। श्री शर्मा ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं साइबर अपराधों से बचने के उपाय सीखें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से साइबर जागरूकता को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।

साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें तत्काल कॉल

उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है तो घबराने या देर करने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को ठगी की राशि को रोकने और पीड़ित तक वापस पहुंचाने की कार्रवाई करने में मदद मिलती है।

‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व सामने आया, पीड़ित ने साझा की आपबीती

कार्यक्रम में साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों को साइबर ठगी के वास्तविक स्वरूप से अवगत कराया। एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर धोखाधड़ी के शिकार डॉ. सेन ने बताया कि किस प्रकार उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर साइबर अपराधियों ने अपने जाल में फंसाया। उन्होंने समय रहते पुलिस से संपर्क किया। गोल्डन ऑवर में पुलिस को सूचना मिलने के कारण 60 लाख रुपये की ठगी की राशि वापस प्राप्त हो सकी। उनकी आपबीती ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि साइबर ठगी के बाद प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है और तत्काल पुलिस अथवा 1930 पर सूचना देना अत्यंत आवश्यक है।

विद्यार्थियों से ‘साइबर जागरूकता के दूत’ बनने का आह्वान

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा अभियान का सक्रिय सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग तकनीक का सबसे अधिक उपयोग करता है और उसके पास डिजिटल जागरूकता को समाज के बड़े वर्ग तक पहुंचाने की क्षमता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों में बुजुर्गों, माता-पिता और अन्य परिजनों को साइबर ठगी के नए तरीकों के बारे में बताएं। सोशल मीडिया, फर्जी कॉल, ओटीपी, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में सावधानी बरतने के लिए लोगों को जागरूक करें।

साइबर क्राइम वालंटियर बनकर जन-जागरूकता में दें योगदान

कार्यक्रम में बताया गया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम में जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से साइबर क्राइम वालंटियर पहल संचालित की जा रही है। इस पहल के माध्यम से नागरिक स्वयं, अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने में योगदान दे सकते हैं। विद्यार्थियों से भी इसमें सहभागी बनने की अपील की गई।

500 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय तथा रायपुर के विभिन्न महाविद्यालयों के 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विद्यार्थियों ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के साथ साइबर धोखाधड़ी, डिजिटल सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े विषयों पर संवाद किया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) श्री अमित कुमार, पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (तकनीकी सेवाएं) श्री प्रशांत अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रायपुर श्री अमित तुकाराम कांबले, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला एवं कुलसचिव श्री शैलेंद्र पटेल सहित पुलिस एवं विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

साइबर अपराधों के नए तरीकों की दी जानकारी

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अमित कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप से सावधान रहने तथा ऑनलाइन सुरक्षा के आवश्यक मानकों का पालन करने की सलाह दी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौरव मंडल ने विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों, उनके तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी। कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों से बचाव के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला ने मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति, उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा ‘साइबर जागृति अभियान’

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से प्रदेशवासियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के तरीकों तथा साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल उठाए जाने वाले कदमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

प्रकृति का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी: मंत्री राजेश अग्रवाल…..

प्रकृति का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी: मंत्री राजेश अग्रवाल…..

 रायपुर: पर्यावरण संरक्षण और हरियाली संवर्धन के संदेश के साथ आज कुंवरपुर, लखनपुर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सहभागिता की। उन्होंने कार्यक्रम में पौधरोपण कर आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ और सुरक्षित जीवन के लिए हमारी सबसे बड़ी आवश्यकता हैं।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी ओर से एक अनमोल उपहार है। पर्यावरण का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। हमें पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लेना होगा। जब जनभागीदारी के साथ हर व्यक्ति अपने आसपास हरियाली बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाएगा, तभी हम एक स्वच्छ, सुंदर और संतुलित पर्यावरण का निर्माण कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा और बदलता पर्यावरणीय स्वरूप हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और गंभीरता से समझने का संदेश दे रहा है। ऐसे में अधिक से अधिक पौधरोपण कर उनका संरक्षण करना समय की आवश्यकता है।

पौधरोपण के साथ संरक्षण का भी लें संकल्प
मंत्री  अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों से आग्रह किया कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि एक पौधे को वृक्ष बनने में कई वर्ष लगते हैं, इसलिए उसकी सुरक्षा और देखभाल करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पौधरोपण करना।

उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल पौधों की संख्या बढ़ाना नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे वृक्ष तैयार करना होना चाहिए जो आने वाले वर्षों में समाज को स्वच्छ हवा, छाया और बेहतर पर्यावरण प्रदान करें। हर परिवार यदि कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने का संकल्प करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

हरियाली बढ़ाने में सामूहिक प्रयास जरूरी

कुंवरपुर में आयोजित कार्यक्रम ने स्थानीय नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ सामूहिक भागीदारी का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने पौधरोपण में सहभागिता करते हुए हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूत किया।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रकृति हमें जीवन देती है और अब प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभाने का समय हमारा है। हम सभी मिलकर अपने गांव, शहर और जिले को अधिक हरा-भरा बनाने का प्रयास करें। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध वातावरण और बेहतर जीवन देना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने घर, खेत, विद्यालय, सार्वजनिक स्थलों और उपलब्ध अन्य स्थानों पर पौधरोपण करें तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से चलाया गया पर्यावरण संरक्षण का अभियान निश्चित रूप से दूरगामी परिणाम देगा।

कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सावित्री साहू, जिला पंचायत सदस्य  विजय अग्रवाल, जनपद पंचायत अध्यक्ष शशिकला सिंह, जनपद उपाध्यक्ष  कामेश्वर राजवाड़े, पार्षद दिनेश साहू, सुभाष अग्रवाल, राजेंद्र जायसवाल,  सुरेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरियाली संवर्धन और पौधों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कुंवरपुर में आयोजित यह कार्यक्रम पौधा लगाएं, पर्यावरण बचाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य बनाएं के संदेश के साथ संपन्न हुआ।

आधुनिक और नगदी फसलों की खेती ने बदली छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर, खेती ने पकड़ी नई रफ्तार, खेत से बाजार तक बदल रही तस्वीर…

आधुनिक और नगदी फसलों की खेती ने बदली छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर, खेती ने पकड़ी नई रफ्तार, खेत से बाजार तक बदल रही तस्वीर…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय से धान के कटोरे के रूप में रही है, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार की पहल से राज्य की कृषि अब पारंपरिक पहचान से आगे बढ़ रही है। खेत में बेहतर उत्पादन से लेकर आधुनिक तकनीक, सिंचाई, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण और बाजार तक पहुंच बनाने की कोशिशों ने खेती को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के व्यापक बदलाव का माध्यम बना दिया है। इसका असर फसल उत्पादन के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।

छत्तीसगढ़ में पारंपरिक धान की खेती के अलावा अदरक, गेंदा फूल, बागवानी, और मछली पालन जैसी आधुनिक और नगदी फसलों की खेती से किसानों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। किसान अब केवल धान तक सीमित न रहकर अदरक, गेंदा और अन्य फूलों की खेती से प्रति एकड़ लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं। युवा किसान मछली पालन, मुर्गी पालन और बागवानी को एक साथ जोड़कर खेतों को आय का मुख्य केंद्र बना रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक, ऑटोमैटिक रीपर और आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग से श्रम लागत कम हो रही है और पैदावार बढ़ रही है।

 विष्णु देव साय की सरकार के ढाई वर्षों से ज्यादा के शासन में राज्य में खेती का रकबा बढ़ने के साथ उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खरीफ फसलों के उत्पादन में करीब 17 प्रतिशत और रबी फसलों में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बदलाव केवल अधिक भूमि पर खेती होने का परिणाम नहीं है, बल्कि बेहतर बीज, उर्वरक, सिंचाई और कृषि यंत्रीकरण तक किसानों की बढ़ती पहुंच भी इसकी महत्वपूर्ण वजह है।

कृषि नीति का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष किसान की आय और फसल चयन से जुड़ा है।किसानों को उत्पादन के साथ आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में भी पिछले ढाई वर्षों में उल्लेखनीय काम हुआ है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत खरीफ फसल के धान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ी आदान सहायता के रूप में 24,73,762 किसानों को 13,289 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। गन्ना प्रोत्साहन योजना के तहत 1 करोड़ 3 लाख 34 हजार क्विंटल से ज्यादा गन्ने की खरीदी कर 32 हजार 955 किसानों को 64.95 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। फसल बीमा के दायरे में भी खरीफ सीजन में 15.92 लाख से अधिक तथा रबी सीजन में 2.99 लाख किसानों को शामिल किया गया।

आधुनिक और नगदी फसलों की खेती ने बदली छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

किसानों को उत्पादन के साथ आर्थिक सुरक्षा देने के लिए विष्णु देव साय सरकार की कृषक उन्नति योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खरीफ 2023 से 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों के बैंक खातों में सीधे 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की गई है।

धान छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल है, इसीलिए छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है। मगर अब राज्य सरकार फसलों के विविधीकरण पर जोर दे रही है ताकि किसान अन्य फसलों का भी उत्पादन कर सकें। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार प्रोत्साहन राशि के रूप में किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ दे रही है। इस योजना के तहत किसानों को अरहर, मूंग, उड़द और चना जैसी दलहन फसलेंतथा सोयाबीन, मूंगफली, सूरजमुखी और तील जैसी तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि दे रही है। इसके अलावा मक्का, कपास और कोदो, कुटकी, रागी व बाजरा जैसे मोटे अनाजों की खेती करने पर भी इस राशि का लाभ मिलेगा।किसानों की आय को मजबूत करने के साथ जोखिम कम करने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये सहित अब तक 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

आधुनिक और नगदी फसलों की खेती ने बदली छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

खेती में नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ के किसान इन तकनीकों को अपनाने में पीछे नहीं हैं। गांवों में खुले ‘फार्म मशीनरी बैंक’ से छोटे किसानों को किराये पर महंगी मशीनें मिल रही हैं, जिससे उनकी मेहनत और लागत घट रही है। ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ के तहत ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों का विस्तार हुआ है, जिससे पानी की भारी बचत हो रही है। इसके साथ ही, पिछले वर्ष 57 हजार से अधिक किसानों का प्राकृतिक खेती अपनाना कृषि के टिकाऊ भविष्य को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ की कृषि कहानी का एक और महत्वपूर्ण अध्याय बागवानी है। पिछले ढाई वर्षों में बागवानी का क्षेत्र 8.42 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। फल, सब्जी, मसाले और फूलों के साथ तेल पाम और बांस जैसी फसलों का विस्तार नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। अब चुनौती उत्पादन बढ़ाने से आगे बढ़कर उसे बाजार, प्रसंस्करण और बेहतर मूल्य से जोड़ने की है। इसी दिशा में पैक हाउस और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी अधोसंरचनाएं विकसित करने की तैयारी है।