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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

 शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई सार्थक चर्चा, छत्तीसगढ़ में सेवाओं के विस्तार पर दिया जोर

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु  मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव, नवाचार और सेवा भावना से जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर द्वारा पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की। उन्होंने इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

मुख्यमंत्री  साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विश्व के लगभग 25 देशों से आए 100 से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार होनी चाहिए। मूल्य आधारित शिक्षा ही संवेदनशील नागरिकों और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।

मुख्यमंत्री ने  सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा संचालित साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का भी अवलोकन किया। साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों तक पोषण सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के लगभग 300 युवाओं को यहां नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सेवा भाव से प्रेरित दक्ष स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के बीच सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है, जो सेवा, संवेदना और सुशासन के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।

डिप्टी सीएम साव ने कोरबा को दी 73 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, बोले- सत्ता सेवा का माध्यम है

डिप्टी सीएम साव ने कोरबा को दी 73 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, बोले- सत्ता सेवा का माध्यम है

 ० 36.37 करोड़ रुपये के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 37.45 करोड़ रुपये के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण

० उद्योग, वाणिज्य, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन रहे उपस्थित
० प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कराया गया गृहप्रवेश, सौंपी आवास की चाबी

कोरबा। प्रदेश के डिप्टी सीएम और कोरबा जिला प्रभारी मंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सुनालिया नहर मार्ग स्थित बहुप्रतीक्षित मल्टीलेवल पार्किंग का लोकार्पण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने नगर पालिक निगम द्वारा दादरखुर्द में आयोजित लोकार्पण, भूमिपूजन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के गृहप्रवेश कार्यक्रम में शामिल होकर कोरबा जिले को 73 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 36 करोड़ 37 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 37 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की लागत के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।इस अवसर पर उद्योग, वाणिज्य, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर, महापौर संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वार्ड पार्षद सुनीता साहू सहित अन्य पार्षद, अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

डिप्टी सीएम साव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। गरीबों के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि, आज कोरबा को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है और ऊर्जाधानी कोरबा निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

साव ने कहा कि, सरकार के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शासन का प्रत्येक रुपया जनता के हित और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का भी अब बेहतर एवं जनहितकारी उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए है और जनता की यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।

डिप्टी सीएम ने मंत्री लखनलाल देवांगन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि, बीते ढाई वर्षों में जिले में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (एएचपी) के हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि, आज केवल आवास की चाबी ही नहीं, बल्कि उनके जीवन में नई खुशियों का भी प्रवेश हुआ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में यहां सड़क, आंगनबाड़ी सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री के मार्गदर्शन में जिले के विकास के लिए लगातार राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। इनमें से कुछ पूर्ण भी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों, गरीबों एवं आम नागरिकों को लाभान्वित किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि, नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री का जिले को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए आभार व्यक्त किया। नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने नगर निगम की विभिन्न गतिविधियों एवं विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।

हितग्राहियों को सौंपी गई आवास की चाबी
डिप्टी सीएम साव एवं उद्योग मंत्री देवांगन ने दादरखुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों हिमांशु सोनी, मधुमिता बनर्जी, संतोषी साहू, लक्ष्मी श्रीवास, लक्ष्मी महंत, प्रियंका महंत, उतरा सोनी, दिलबाई, सुदेवबाई सहित अन्य हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर गृहप्रवेश कराया। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत किया वृक्षारोपण डिप्टी सीएम साव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं अन्य अतिथियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में “एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इन विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन
डिप्टी सीएम साव ने जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें दर्री बराज-कोहडिय़ा मार्ग स्थित बेलगरी नाला पर 9 करोड़ 11 लाख 68 हजार रुपये की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, कुदमुरा-श्यांग मार्ग के गुरमा नाला पर 5 करोड़ 5 लाख 62 हजार रुपये, लेमरू-श्यांग मार्ग के लमटी नाला पर 3 करोड़ 74 लाख 34 हजार रुपये की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, नगर पालिक निगम क्षेत्र में आजीविका संवर्धन हेतु 90 लाख 96 हजार रुपये की लागत से दुकान निर्माण, बालको मार्ग (ढेंगुरनाला क्रॉसिंग) से दर्री मुख्य मार्ग तक 4 करोड़ 45 लाख 11 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण एवं चैड़ीकरण,

वार्ड क्रमांक 31 में विभिन्न नाली एवं कलवर्ट निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 25 शिवाजीनगर, वार्ड क्रमांक 49 प्रगतिनगर तथा वार्ड क्रमांक 52 अयोध्यापुरी में 1500 केएल क्षमता के ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन, बाउंड्रीवॉल एवं स्विच रूम निर्माण, आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत कुदमुरा में आदिवासी कन्या आश्रम, कोरबा में प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, कटघोरा में पोस्ट-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य शामिल हैं।

इन विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण
डिप्टी सीएम साव ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पतुरियाडांड अंतर्गत करहिया नाला पर 40 लाख रुपये की लागत से स्लैब कलवर्ट निर्माण, रामपुर एवं पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजनाओं, तुमान-पुटूवा मार्ग के अहिरन नदी पर 11 करोड़ 50 लाख 45 हजार रुपये की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, सिरली गांड़ा घाट मार्ग एवं झांझ गांड़ा घाट मार्ग पर पितनी नदी में उच्चस्तरीय पुलों, नहर रोड स्थित नवीन पानी टंकी के समीप 17 करोड़ 4 लाख 22 हजार रुपये की लागत से निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग तथा घंटाघर चैक में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया।

घंटाघर चैक में किया गया तिरंगे का ध्वजारोहण
डिप्टी सीएम साव ने आज वार्ड क्रमांक 27 स्थित घंटाघर चैक में स्थापित विशाल राष्ट्रीय ध्वज के लोकार्पण उपरांत तिरंगे का ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, राष्ट्र की आन, बान और शान का प्रतीक हमारा तिरंगा अब इस विशाल खम्बे पर पूरे गौरव के साथ लहराएगा और नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

नंदनवन जंगल सफारी बना पर्यटकों की पहली पसंद, वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा का अनूठा केंद्र

नंदनवन जंगल सफारी बना पर्यटकों की पहली पसंद, वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा का अनूठा केंद्र

 रायपुर। नवा रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी अब छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल हो चुका है। प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह स्थान रोमांचक सफारी अनुभव के साथ वन्यजीवों को करीब से जानने का अवसर प्रदान कर रहा है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली नंदनवन जंगल सफारी में शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी, लायन सफारी और जू जोन प्रमुख आकर्षण हैं। यहां पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने के साथ उनके संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को भी समझ सकते हैं।

नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर के नंदनवन मिनी जू के रूप में हुई थी। बाद में नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी विकसित की गई और 1 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन तथा लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए समय-समय पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

नंदनवन जंगल सफारी में शाकाहारी सफारी में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव देखे जा सकते हैं, वहीं टाइगर सफारी, भालू सफारी और सिंह सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव मौजूद हैं। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे विशेष वन्यजीव भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वन विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785 से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया।

नंदनवन जंगल सफारी में जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। नवा रायपुर के सेक्टर-39 में स्थित यह जंगल सफारी रायपुर से आसानी से पहुंच योग्य है। स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से इसकी दूरी लगभग 15 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से करीब 35 किलोमीटर है। सोमवार को जंगल सफारी पर्यटकों के लिए बंद रहती है।

Police Transfer : दुर्ग पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल…देखें LIST..!!

Police Transfer : दुर्ग पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल…देखें LIST..!!

दुर्ग। दुर्ग जिले में पुलिस विभाग ने प्रशासनिक कारणों से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया है। आगामी आदेश तक अस्थाई तौर पर कई पुलिसकर्मियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल के तहत थाना भिलाई नगर, रक्षित केंद्र दुर्ग सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ कर्मचारियों को पुलिस चौकी संवाबांधा में तैनात किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण और पदस्थापना की कार्रवाई की है। इस आदेश के तहत उप निरीक्षक पूर्ण बहादुर को थाना भिलाई नगर से स्थानांतरित कर पुलिस चौकी संवाबांधा का प्रभारी बनाया गया है। उन्हें चौकी की जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा प्रधान आरक्षक 389 राकेश सिंह, जो वर्तमान में रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ थे, उन्हें पुलिस चौकी संवाबांधा में पदस्थ किया गया है। वहीं थाना भिलाई नगर में पदस्थ प्रधान आरक्षक 1225 विनय साथ को भी पुलिस चौकी संवाबांधा भेजा गया है। पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश में आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। आरक्षक 1203 इशरार खान, आरक्षक 1578 बीरेन्द्र साहू और आरक्षक 185 दोलेस कुमार ठाकुर को पुलिस चौकी संवाबांधा में पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ आरक्षक 390 उदय निषाद को भी संवाबांधा चौकी में तैनाती दी गई है।

पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक कारणों से समय-समय पर पुलिस बल में फेरबदल किया जाता है, ताकि कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। नई पदस्थापना के बाद पुलिस चौकी संवाबांधा में नई टीम जिम्मेदारी संभालेगी। इस स्थानांतरण को क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। पुलिस चौकी में नए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती से क्षेत्र में गश्त व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आम जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।

दुर्ग पुलिस लगातार जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग स्तरों पर प्रशासनिक बदलाव करती रहती है। अधिकारियों का मानना है कि कर्मचारियों को अलग-अलग स्थानों पर नई जिम्मेदारी देने से कार्य प्रणाली में सुधार आता है और पुलिसिंग को प्रभावी बनाया जा सकता है। नई पदस्थापना के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल अपने नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कर्मचारियों से क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग, अपराधों पर नियंत्रण और जनता के साथ समन्वय बनाकर काम करने की अपेक्षा की गई है। पुलिस विभाग के इस आदेश के बाद संवाबांधा पुलिस चौकी में नई टीम के साथ कामकाज शुरू होगा। अब नई टीम के सामने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और पुलिस की छवि को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी।

पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई सहित आठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता

पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई सहित आठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता

 00 अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों को भी मिला प्रोत्साहन

00 संस्कृति विभाग ने वितरित किए सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा कलाकारों के कल्याण के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मंत्रालय के सभाकक्ष में कलाकार कल्याण कोष योजना तथा अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक वितरण का वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ कलाकारों, साहित्यकारों तथा युवा प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

 कलाकारों और साहित्यकारों के सम्मान-संवर्धन की दिशा में बड़ा कदम,


कार्यक्रम के दौरान पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पंडवानी कलाकार के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य सात वरिष्ठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को भी एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देकर उनके कला और साहित्य के क्षेत्र में दिए गए अविस्मरणीय योगदान का सम्मान किया गया। वहीं, अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों और विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी प्रतिभा को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन दिया गया।

संस्कृति विभाग ने वितरित किए सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक


कार्यक्रम में सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन तथा सिंधी अकादमी की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा जैदानी के हाथों हितग्राहियों एवं दिवंगत कलाकारों के परिजनों को प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए युवा पीढ़ी को उनकी परंपरा आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ लोककला, लोक साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। कलाकारों और साहित्यकारों ने अपने जीवनभर समाज को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का कार्य किया है। ऐसे में उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए संचालित योजनाएं न केवल कलाकारों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे ने कहा कि संस्कृति विभाग का उद्देश्य केवल कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि कलाकार कल्याण कोष योजना और अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं से प्रेरित होकर अधिक से अधिक युवा कला और साहित्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

संस्कृति विभाग ने वितरित किए सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक


इस अवसर पर डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन, डॉ. संजय कन्नौजे संचालक संस्कृति विभाग, सुश्री मोना सेन अध्यक्षा फिल्म विकास निगम, सुषमा जैदानी, अध्यक्षा सिंधी अकादमी तथा डॉ. अभिलाषा बेहार सचिव छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, कलाकार, साहित्यकार तथा दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजन उपस्थित रहे।
संस्कृति विभाग की यह पहल राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान तथा युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है। कलाकार कल्याण कोष योजना और छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन कला और साहित्य की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, कलाकारों को सम्मानजनक सहयोग उपलब्ध कराने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मिली त्वरित राहत: महज 8 दिनों में सुधरा हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मिली त्वरित राहत: महज 8 दिनों में सुधरा हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

 बिलासपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन बिलासपुर की सक्रिय पहल और विभागों की समयबद्ध कार्यवाही से लोगों को शीघ्र राहत मिल रही है। विकासखंड बिल्हा के ग्राम धमनी में खराब पड़े सार्वजनिक हैंडपंप की महज आठ दिनों में मरम्मत कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराना इसका एक प्रेरक उदाहरण है।

ग्राम धमनी निवासी राहुल यादव ने 28 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोहल्ले का सार्वजनिक हैंडपंप लगभग दो माह से खराब होने के कारण पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। शिकायत प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।विभाग के तकनीकी दल ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंप का निरीक्षण किया और खराबी का परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्रारंभ किया। निर्धारित समय-सीमा के भीतर 6 जुलाई 2026 को हैंडपंप को पूरी तरह दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को फिर से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया।

शिकायतकर्ता ग्रामीण राहुल यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत के त्वरित निराकरण पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर हुई कार्रवाई से पूरे मोहल्ले को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निराकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों की दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान कर उन्हें बेहतर और प्रभावी शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लोगों और प्रशासन के बीच भरोसे का सशक्त सेतु बनकर सुशासन की अवधारणा को मजबूत कर रही है।

 ’सेवा सेतु केंद्र बना आमजन के लिए भरोसे का केंद्र, एक दिन में मिला आय प्रमाण पत्र’

’सेवा सेतु केंद्र बना आमजन के लिए भरोसे का केंद्र, एक दिन में मिला आय प्रमाण पत्र’

 नारायणपुर। सीएम विष्णु देव साय की मंशानुरूप तथा कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिले में संचालित सेवा सेतु केंद्र आम नागरिकों को घर के नजदीक डिजिटल एवं समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से अब लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

जिले के ग्राम साकड़ीबेड़ा निवासी तेजराम भोयर ने अपने पुत्र मनोज भोयर की पढ़ाई के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। आवेदन के पश्चात मात्र एक दिवस के भीतर मनोज भोयर को आय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनकी आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया भी बिना किसी बाधा के पूरी हो सकी। तेजराम भोयर ने बताया कि पहले प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई बार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से उनका आवेदन शीघ्र स्वीकार किया गया और निर्धारित समय के भीतर प्रमाण पत्र भी उपलब्ध करा दिया गया।

उन्होंने इस त्वरित एवं पारदर्शी व्यवस्था पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन का आभार माना। तेजराम भोयर ने विशेष रूप से सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जनहितैषी सोच के अनुरूप संचालित सेवा सेतु केंद्र जैसी पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को घर के नजदीक ही डिजिटल और समयबद्ध शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। यह व्यवस्था सुशासन और नागरिक सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

द्वीप्ति योजना: छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बन रही हैं सौर ऊर्जा उद्यमी

द्वीप्ति योजना: छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बन रही हैं सौर ऊर्जा उद्यमी

 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की है। द्वीप्ति (DWEEPTI) योजना, अर्थात डिसेंट्रलाइज्ड वूमेन एम्पावरमेंट ऑन एनर्जी एंड पॉलिसी फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव इन्क्लूजन (Decentralised Women Empowerment on Energy and Policy for Transformative Inclusion), के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में विक्रेता, तकनीशियन, उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ मिलकर ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन मिशन के तहत इस नीति को विकसित किया है।

छत्तीसगढ पहला राज्य महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति को अपनाया है। योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करने, 50,000 हरित रोजगार सृजित करने तथा राज्य के पांच लाख परिवारों और 10,000 संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रशिक्षित ‘सोलर दीदी’ की जा रही है तैयार: योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) और जिला प्रशासनों के सहयोग से 12 जिलों के 13 संकुल स्तरीय संघो (सीएलएफ) को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अधिकृत विक्रेता के रूप में पंजीकृत किया गया है। महिलाओं को सौर संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव और जनजागरूकता का प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित ‘सोलर दीदी’ तैयार की जा रही हैं, जो अपने ही क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी।

प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर
सौर ऊर्जा प्रणाली को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए स्व-सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को आसान किश्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह वित्तीय मॉडल जहां स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है, वहीं महिला संचालित उद्यमों को टिकाऊ व्यवसाय विकसित करने का अवसर भी प्रदान करता है। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर तैयार कर रही है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच
यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच को भी प्रतिबिंबित करती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने पर बल देते रहे हैं, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका को सतत ग्रामीण विकास का आधार मानते हैं। द्वीप्ति योजना इन दोनों प्राथमिकताओं को एक साथ जोड़ते हुए महिलाओं को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की मुख्यधारा में ला रही है।

ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से है जोड़ना
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने कहा कि अब तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका मुख्य रूप से लाभार्थी तक सीमित रही है। ड्वीप्टि योजना इस सोच को बदलते हुए महिलाओं को विक्रेता, तकनीशियन, प्रबंधक और उद्यमी के रूप में स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के लखपति दीदी विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से जोड़ती है।

कबीरधाम में नीति से धरातल तक पहुंची पहल
द्वीप्ति योजना का प्रभाव अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। कबीरधाम इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने वाले शुरुआती जिलों में शामिल है। सीएसपीडीसीएल- आरएपीएम, रायपुर के सहयोग से जिला पंचायत कबीरधाम (बिहान) ने वंदे मातरम् क्लस्टर लेवल फेडरेशन, कवर्धा को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया। टाटा के तकनीकी सहयोग से बिहान के स्व-सहायता समूहों की लगभग 35 महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर जिले की पहली ‘सोलर दीदी’ टीम तैयार की गई।

पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर में
योजना के तहत पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर गांव में स्थापित किया गया। प्रगति आजीविका ग्राम संगठन के अंतर्गत माता भवानी स्व-सहायता समूह की सदस्य अंजनी पटेल इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होने वाली महिलाओं में शामिल हैं। अंजनी पटेल ने कहा, “इस कार्य ने हमारे लिए आजीविका का नया रास्ता खोला है। हमें गर्व है कि अब स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्वयं सोलर सिस्टम स्थापित कर रही हैं। इससे यह विश्वास बढ़ा है कि यह अनेक ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का मजबूत माध्यम बन सकता है।”

सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर
कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि यह पहल आजीविका संवर्धन और अक्षय ऊर्जा को एक साथ जोड़ने का सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि यह मॉडल महिलाओं के लिए कौशल आधारित और टिकाऊ आजीविका विकसित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर सिस्टम की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। कबीरधाम जिले में अब तक स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लगभग 40 ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं तथा कई संयंत्र स्थापित भी किए जा चुके हैं। राज्य के अन्य जिलों में द्वीप्ति योजना के विस्तार के साथ महिला नेतृत्व वाले पंजीकृत महासंघों, प्रशिक्षित स्थानीय तकनीशियनों और आसान वित्तीय व्यवस्था पर आधारित यह मॉडल छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर लागू किए जाने योग्य एक प्रभावी उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

द्वीप्ति योजना एक नजर में
• अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित किए जाएंगे।
• 50,000 हरित रोजगार सृजित होंगे।
• 5 लाख परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
• 10,000 संस्थानों को योजना से जोड़ा जाएगा।
• 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघ अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत।
• कबीरधाम में 35 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया।
• कबीरधाम जिले में रूफटॉप सोलर सिस्टम के 40 से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए।

दुर्ग जिले में मिले दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत को प्राकृतिक आवास में छोडा़ गया

दुर्ग जिले में मिले दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत को प्राकृतिक आवास में छोडा़ गया

 रायपुर। दुर्लभ श्वेतवर्णी करैत सर्प एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक अवस्था वाला जहरीला सांप है, जो हाल ही में छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में देखा गया है। शरीर में रंगद्रव्य (मेलानिन) की कमी के कारण इसका शरीर सफेद या हल्के रंग का नजर आता है।वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन की दिशा में छत्तीसगढ़ को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। दुर्ग वनमंडल के चरौदा क्षेत्र के पंचशील नगर में एक घर से मिले अत्यंत दुर्लभ श्वेतवर्णी (Leucistic) करैत सर्प का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण और उनके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में पुनर्वास को प्राथमिकता

यह कार्रवाई वन  एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है। वन विभाग द्वारा दुर्लभ वन्यजीवों के संरक्षण और उनके सुरक्षित प्राकृतिक आवास में पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। उल्लेखनीय है कि वन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार और वन बल प्रमुख  अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन के अनुरूप राज्य में वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के प्रयासों को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

दुर्लभ आनुवंशिक विशेषता के कारण सफेद दिखाई देता है करैत

विगत 21 जुलाई को पंचशील नगर में सफेद रंग का सांप होने की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और सर्प रेस्क्यूअर श्री विजय शर्मा मौके पर पहुंचे। सांप का सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद इसकी पहचान श्वेतवर्णी (Leucistic) करैत (Bungarus fasciatus) के रूप में हुई। श्वेतवर्णता एक दुर्लभ आनुवंशिक अवस्था है, जिसमें शरीर में रंगद्रव्य (मेलानिन) की कमी के कारण जीव का रंग सामान्य से अलग दिखाई देता है। इसी कारण यह करैत सामान्य करैत की तुलना में सफेद रंग का दिखाई देता है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार के दुर्लभ करैत का पाया जाना अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्लभ घटना है।

दक्षिण एशिया में भी बहुत कम दर्ज हुए हैं ऐसे मामले

श्वेतवर्णी करैत के मिलने की घटनाएं दक्षिण एशिया में बहुत कम दर्ज की गई हैं। भारत में महाराष्ट्र और ओडिशा सहित कुछ चुनिंदा स्थानों से ही इसके मिलने के अभिलेख उपलब्ध हैं। ऐसे में दुर्ग जिले में इस दुर्लभ करैत का मिलना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संपदा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्राकृतिक आवास में सुरक्षित छोड़ा गया

सर्प विशेषज्ञों से जांच के बाद करैत के श्वेतवर्णी होने की पुष्टि की गई। इसके बाद दुर्ग वनमंडलाधिकारी  दिपेश कपिल के निर्देश पर 23 जुलाई 2026 को दुर्ग आर.ए. के  प्रमोद यादव, सर्प मित्र विजय शर्मा और सर्प विशेषज्ञ  अविनाश मौर्य ने इसे राजनांदगांव वनमंडल के अंतर्गत कक्ष क्रमांक आर.एफ. 549 स्थित प्राकृतिक पर्यावास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया।

वन विभाग का यह कदम वन्यजीवों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

 

भारत भाग्य विधाता फिल्म के लेखक-निर्देशक तापडिय़ा तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी आचार्य से सौजन्य मुलाकात

भारत भाग्य विधाता फिल्म के लेखक-निर्देशक तापडिय़ा तथा फिल्म निर्माता आदि शर्मा ने की छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के एमडी आचार्य से सौजन्य मुलाकात

 00 चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के आकर्षक गंतव्य के रूप में विकसित करने पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। रायपुर में आयोजित इस बैठक में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य से भारत भाग्य विधाता फिल्म के डायरेक्टर  मनोज तापडिय़ा तथा फिल्म निर्माता  आदि शर्मा ने सौजन्य भेंट कर राज्य में विकसित की जा रही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की अवधारणा, उसकी संभावनाओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि छत्तीसगढ़ की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरें, जलप्रपात, वन क्षेत्र, जनजातीय संस्कृति तथा विविध प्राकृतिक लोकेशन राज्य को फिल्म निर्माण के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाते हैं। इन विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर राज्य को फिल्मांकन का आकर्षक गंतव्य बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

चर्चा के दौरान चित्रोत्पला फिल्म सिटी को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक ऐसे समग्र फिल्म परिसर के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया, जहाँ फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हों। साथ ही फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने, राज्य में फिल्म निर्माण गतिविधियों का विस्तार करने तथा इस क्षेत्र में निजी और संस्थागत सहयोग की संभावनाओं पर भी विस्तार से मंथन हुआ।
प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य ने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी का विकास छत्तीसगढ़ के फिल्म और पर्यटन क्षेत्र के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। इससे राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी, फिल्म निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी तथा स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, रचनात्मक युवाओं और फिल्म से जुड़े अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग के विकास से पर्यटन, आतिथ्य, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यवसायों को भी व्यापक लाभ मिलेगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि छत्तीसगढ़ को एक उभरते हुए फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों, निर्माताओं और निर्देशकों के साथ निरंतर संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। राज्य की प्राकृतिक संपदा, सांस्कृतिक विविधता और विकसित की जा रही आधुनिक फिल्म अवसंरचना के समन्वय से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माण के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। बैठक में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के विकास, फिल्म पर्यटन के विस्तार तथा भविष्य में फिल्म निर्माण और पर्यटन संवर्धन के क्षेत्र में पारस्परिक सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने उद्योगों के साथ बनाई दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति

महिला एवं बाल विकास विभाग ने उद्योगों के साथ बनाई दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति

 o सीएसआर साझेदारी से पोषण और बाल विकास कार्यक्रमों को मिलेगी नई गति

o “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे” – प्रमुख सचिव शहला निगार
o आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, कुपोषण उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और नवाचार आधारित परियोजनाओं पर विस्तृत मंथन

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से राज्य में पोषण, बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसी उद्देश्य से आज सिविल लाइंस स्थित सर्किट हाउस में विभाग और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दीर्घकालिक सहयोग की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार ने कहा कि महिलाओं और बच्चों का समग्र विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा संचालित योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में उद्योगों की सामाजिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से पोषण, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, महिला सशक्तिकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण तथा नवाचार आधारित गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने उद्योगों से विभाग के साथ दीर्घकालिक साझेदारी विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा, “आप सबके सहयोग से हम स्वर्णिम छत्तीसगढ़ बनाएंगे।”

महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने कहा कि विभाग तीन प्रमुख आयामों-महिला सशक्तिकरण, बच्चों का संरक्षण तथा बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण-पर निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सीएसआर सहयोग के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन, पोषण संवर्धन, स्वच्छ पेयजल, खेल सामग्री, स्वच्छता सुविधाएं तथा नवाचार आधारित गतिविधियों का विस्तार किया जा सकता है।

बैठक में विभाग द्वारा तैयार की गई संभावित सीएसआर परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई। इसमें कुपोषण उन्मूलन, आंगनबाड़ी केंद्रों का उन्नयन, पोषण वाटिका एवं मुनगा पौधारोपण, प्रारंभिक बाल विकास गतिविधियां, दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रम तथा क्षमता निर्माण जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई।

बैठक के दौरान उद्योगों के प्रतिनिधियों ने विभाग के प्रस्तावों में रुचि व्यक्त करते हुए विभिन्न योजनाओं में सहयोग की संभावनाओं पर अपने सुझाव साझा किए। यह निर्णय लिया गया कि विभाग और उद्योगों के बीच नियमित समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी तथा चरणबद्ध तरीके से सीएसआर परियोजनाओं को क्रियान्वित किया जाएगा।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सीएसआर सहयोग केवल अधोसंरचना विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा देगा। विभाग इसके लिए उद्योगों के साथ नियमित संवाद, समन्वय एवं समीक्षा की प्रभावी व्यवस्था विकसित करेगा।

उल्लेखनीय है कि सीएसआर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा ‘पंखुड़ी’ पोर्टल विकसित किया गया है। वहीं राज्य शासन द्वारा ‘सर’ (State CSR) पोर्टल का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से विभागीय प्राथमिकताओं और सीएसआर परियोजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने एसएएससीआई 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने एसएएससीआई 2026-27 के तहत सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

 00 समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार करने के दिए निर्देश

रायपुर। मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) 2026-27 के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे सुधार कार्यों एवं उनके क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागवार मासिक कार्ययोजना तैयार कर उसके अनुसार कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के तहत तय लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके।

बैठक में राज्यों को पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (एसएएससीआई) 2026-27 के तहत जारी दिशा-निर्देशों एवं विभिन्न परिचालन गाइडलाइंस के अनुरूप विभागवार सुधार कार्यों की प्रगति, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य-पूर्ति तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं वाणिज्यिक कर विभाग के सचिव मुकेश कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर, वित्त विभाग के विशेष सचिव  चंदन कुमार, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल  विवेक आचार्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

राज्यपाल डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

राज्यपाल डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। डेका ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के सबंद्ध में अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति गजराज पगारिया,  शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई दुर्ग के कुलाधिपति आईपी मिश्रा, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलाधिपति सुशील चंद्राकर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद और रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार, अंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति अभिषेक अग्रवाल, दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के सीईओ चिन्मय दावड़ा, कोलंबिया विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. कुलाधिपति हरजीत सिंह हूरा उपस्थित थे।

शीतकालीन सत्र में पारित होगा समान नागरिक संहिता - सीएम साय

शीतकालीन सत्र में पारित होगा समान नागरिक संहिता - सीएम साय

 रायपुर। कर्नाटक रवाना होने से पहले मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर कहा कि कांग्रेसी कश्मीर की तरह पत्थरबाजी में उतर आए हैं। लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार सबको है, लेकिन कश्मीर में जैसे पत्थरबाजी होती है, कांग्रेसी भी वैसे ही पत्थरबाजी में उतर आए हैं। कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई तो होगी ही। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए गठित कमेटी की बैठक होगी, जिसके बाद आने वाले शीतकालीन सत्र में इसे पारित किया जाएगा।

CG : नए विधानसभा भवन में गिरी फॉल्स सीलिंग,करोड़ों के निर्माण पर उठे सवाल

CG : नए विधानसभा भवन में गिरी फॉल्स सीलिंग,करोड़ों के निर्माण पर उठे सवाल

 रायपुर । छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन में फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस भवन में अधिकारी के कक्ष की छत का हिस्सा गिरने के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी परीक्षण और उपयोगिता प्रमाण पत्र को लेकर बहस तेज हो गई है।

अधिकारी के कक्ष में गिरी फॉल्स सीलिंग

रायपुर स्थित नए विधानसभा भवन में मुख्य सदन से लगे एक अधिकारी के कक्ष की फॉल्स सीलिंग अचानक गिर गई। छत के साथ स्टील के पाइप और फ्रेम भी नीचे आ गिरे। घटना के समय कमरे में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।

निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

घटना के बाद करोड़ों रुपये की लागत से बने नए विधानसभा भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भवन के अंदर इस तरह की घटना होती है तो इसकी तकनीकी जांच कर निर्माण सामग्री और कार्य गुणवत्ता की स्वतंत्र समीक्षा की जानी चाहिए।

RTI में उपयोगिता प्रमाण पत्र नहीं होने की जानकारी

सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने जवाब में बताया है कि नए विधानसभा भवन का उपयोगिता प्रमाण पत्र (Occupancy/Utility Certificate) उपलब्ध नहीं है। इसके बाद भवन के उपयोग और निर्माण प्रक्रिया को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी सार्वजनिक भवन को उपयोग में लाने से पहले निर्धारित तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाना आवश्यक होता है। फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या भवन के सभी हिस्सों का सुरक्षा परीक्षण पूरी तरह किया गया था।

स्वतंत्र जांच की मांग तेज

घटना के बाद तकनीकी विशेषज्ञों और जानकारों की ओर से निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग उठने लगी है। उनका कहना है कि भवन की संपूर्ण संरचनात्मक सुरक्षा का परीक्षण कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

 
 
Electricity New Rates: अगस्त से बदलेगा बिजली बिल का हिसाब, देखें नई प्रति यूनिट दरें और पूरा टैरिफ

Electricity New Rates: अगस्त से बदलेगा बिजली बिल का हिसाब, देखें नई प्रति यूनिट दरें और पूरा टैरिफ

 रायपुर: जून माह में देरी से हुई बिजली मीटर रीडिंग के कारण बढ़े बिल से परेशान उपभोक्ताओं को अब एक और झटका लगने वाला है। छत्तीसगढ़ विद्युत नियामक आयोग ने 1 जुलाई 2026 से लागू नई बिजली दरों का असर अगस्त में मिलने वाले बिजली बिलों में दिखाई देगा। नई दरों के तहत सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली टैरिफ में प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक की वृद्धि की गई है। 

बिजली दरों में बढ़ोतरी का असर घरेलू, गैर-घरेलू, व्यावसायिक और कृषि उपभोक्ताओं पर समान रूप से पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि पहले से बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिल में वृद्धि से आम परिवारों का मासिक बजट और प्रभावित होगा, वहीं छोटे व्यापारियों और किसानों की लागत भी बढ़ेगी।

ऐसे समझे बढ़े टैरिफ के दाम

  • खपत – पुरानी दर – वर्तमान दर
  • 0-100 यूनिट – 4.10 रुपए – 4.40 रुपए
  • 101-200 यूनिट – 4.20 रुपए – 4.50 रुपए
  • 201-400 यूनिट – 5.60 रुपए – 6 रुपए
  • 401-600 यूनिट – 6.60 रुपए – 7 रुपए
  • 601 यूनिट से अधिक – 8.30 रुपए – 8.80 रुपए
1 अगस्त से नया नियम लागू – छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों को पहले जमा करना होगा बिजली बिल

1 अगस्त से नया नियम लागू – छत्तीसगढ़ के सरकारी विभागों को पहले जमा करना होगा बिजली बिल

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों के बिजली भुगतान नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। नई व्यवस्था के तहत विभागों को बिजली उपयोग से पहले तीन महीने का अनुमानित बिल अग्रिम जमा करना होगा। राज्य के करीब 1.5 लाख सरकारी कनेक्शन इस व्यवस्था के दायरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि इससे बिजली बिल के बढ़ते बकाया पर नियंत्रण होगा और भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बन सकेगी। राज्यभर के करीब 1.5 लाख सरकारी बिजली कनेक्शन इस नई व्यवस्था के दायरे में आएंगे। इसके लिए विभागवार समूह बनाए गए हैं और प्रत्येक विभाग को एक अलग पहचान कोड जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि 1 अगस्त से सभी सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड बिजली प्रणाली लागू हो जाए।

तीन महीने का बिल जमा करना होगा

ऊर्जा विभाग ने सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे तीन महीने के अनुमानित बिजली बिल के बराबर राशि अग्रिम रूप से जमा करें। अग्रिम भुगतान के बाद संबंधित कार्यालयों के बिजली कनेक्शन प्रीपेड मोड में सक्रिय कर दिए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इससे बिजली भुगतान में पारदर्शिता आएगी और बकाया राशि बढ़ने की समस्या पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा।

स्मार्ट मीटर से होगी निगरानी

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अधिकांश सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली खपत की जानकारी रियल टाइम में उपलब्ध होगी और भुगतान की प्रक्रिया भी डिजिटल रूप से संचालित की जाएगी। इस तकनीक के जरिए विभाग अपनी बिजली खपत पर नजर रख सकेंगे और आवश्यकतानुसार खर्च का प्रबंधन कर पाएंगे।

CG ACCIDENT : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ़्तार कार, दो युवकों की मौत

CG ACCIDENT : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ़्तार कार, दो युवकों की मौत

 दुर्ग। भिलाई के सेंट्रल एवेन्यू रोड पर गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि तेज रफ्तार कार सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और भिलाई नगर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों युवकों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार हादसा सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच हुआ। शुरुआती जांच में पता चला है कि कार सेक्टर-9 से सेक्टर-6 की ओर जा रही थी। इसी दौरान सेंट्रल एवेन्यू रोड पर कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।

हादसे में दीपक गुप्ता (23) और कौशिक दास (15) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों भिलाई के सेक्टर-6 के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।

कैसे हुआ हादसा, जांच जारी

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसे के समय कार कौन चला रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ड्राइविंग सीट पर कौन था और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।

मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार हादसे की एक संभावित वजह मानी जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

CG : ACB की बड़ी कार्रवाई, महिला प्रधान आरक्षक 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

CG : ACB की बड़ी कार्रवाई, महिला प्रधान आरक्षक 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

 रायपुर।  एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कोड़ेनार थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, एक मामले की जांच महिला हेड कांस्टेबल कर रही थी। शिकायत मिली थी कि महिला कांस्टेबल भयादोहन कर पैसे की डिमांड कर रही थी। दो पक्षों के बीच समझौता कराने के नाम पर प्रधान आरक्षक ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और ट्रैप की कार्रवाई की।

योजना के तहत शिकायतकर्ता ने केमिकल लगे नोट आरोपी प्रधान आरक्षक को दिए। रुपये लेते ही एसीबी की टीम ने थाने के भीतर पहुंचकर उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। कुछ देर बाद इस मामले में एसीबी की तरफ से विस्तार से जानकारी दी जायेगी।

 
ब्रेकिंग : अतिथि शिक्षकों की हड़ताल पर सरकार सख्त, इस तारीख तक स्कूल लौटने का अल्टीमेटम, नहीं लौटे तो सेवा होगी तत्काल समाप्त…

ब्रेकिंग : अतिथि शिक्षकों की हड़ताल पर सरकार सख्त, इस तारीख तक स्कूल लौटने का अल्टीमेटम, नहीं लौटे तो सेवा होगी तत्काल समाप्त…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में हड़ताल पर बैठे अतिथि शिक्षकों को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। सत्र के शुरूआत में ही पढ़ाई ठप होने पर छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कड़ा निर्देश जारी किया हैं।  सरकार ने साफ कहा हैं कि 27 जुलाई तक सभी अतिथि शिक्षक हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आएं। स्कूल नहीं लौटे तो ऐसे शिक्षकों की सेवा को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया जाएगा।

स्कूल शिक्षा विभाग ने शाला प्रबंध समिति को निर्देश देते हुए कहा हैं कि 27 जुलाई तक अतिथि शिक्षकों को ड्यूटी जाॅइन कराएं। काम पर नहीं लौटने पर कंडिका 7.3 के तहत शिक्षकों पर गाज गिरेगी।

स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होने पर बढ़ी सख्ती

विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में शिक्षण कार्य बाधित नहीं होना चाहिए। इसी कारण संबंधित शाला प्रबंधन समितियों (SMC) को निर्देशित किया गया है कि वे हड़ताली अतिथि शिक्षकों से संपर्क कर उन्हें निर्धारित तिथि तक कार्य पर वापस आने के लिए कहें।

27 जुलाई के बाद बदल जाएगी व्यवस्था

आदेश में साफ कहा गया है कि यदि अतिथि शिक्षक 27 जुलाई 2026 तक स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं, तो विभाग पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उनके स्थान पर वैकल्पिक अध्यापन व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। यानी स्कूलों में पढ़ाई किसी भी स्थिति में नहीं रुकेगी।

सभी जिलों में तत्काल पालन के निर्देश

लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा गया है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला स्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए और आवश्यक कार्रवाई समय पर पूरी की जाए।

CG – राजधानी में मिली महिला की लाश, इलाके में मचा हड़कंप, जताई जा रही ये आशंका, जांच में जुटी पुलिस…

CG – राजधानी में मिली महिला की लाश, इलाके में मचा हड़कंप, जताई जा रही ये आशंका, जांच में जुटी पुलिस…

 रायपुर। राजधानी रायपुर के मुजगहन थाना क्षेत्र के स्वागत विहार कॉलोनी में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। महिला का शव कॉलोनी के एक खुले प्लॉट में मिला है। मृतका की पहचान सुभद्रा बाई साहू (35 वर्ष) निवासी बोरियाकला के रूप में हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू की। घटना को लेकर इलाके में महिला के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मुजगहन थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना स्थल से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है।

CG – रिश्ते शर्मसार! पिता ने अपनी 12 साल की बेटी को बनाया हवस का शिकार, माँ की शिकायत पर कलयुगी पिता गिरफ्तार

CG – रिश्ते शर्मसार! पिता ने अपनी 12 साल की बेटी को बनाया हवस का शिकार, माँ की शिकायत पर कलयुगी पिता गिरफ्तार

 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक 37 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी ही 12 वर्षीय नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाया है। मामले में मां की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। 

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र का है। पीड़िता अपनी मां के साथ गुंडरदेही थाने पहुंची और हैवान पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

मामले में मामले में बालोद एडिशनल एसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि थाना गुंडरदेही में प्रार्थिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ उसके ही पिता द्वारा दुष्कर्म किया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव की घोषणा पर अमल, महामाया गेट के लिए 24.53 लाख स्वीकृत…

उप मुख्यमंत्री अरुण साव की घोषणा पर अमल, महामाया गेट के लिए 24.53 लाख स्वीकृत…

 रायपुर: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर पालिका में महामाया गेट के निर्माण के लिए 24 लाख 53 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा की गई घोषणा के अनुपालन में विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है। उप मुख्यमंत्री  साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।

अमलीपदर की रथयात्रा आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

अमलीपदर की रथयात्रा आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 महतारी वंदन योजना से माताओं और बहनों का बढ़ा आत्मविश्वास - मुख्यमंत्री साय

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं माता सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर 23 जुलाई 2026/अमलीपदर की ऐतिहासिक रथयात्रा छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। भगवान  जगन्नाथ सबको साथ लेकर चलने और लोककल्याण का संदेश देते हैं। महाप्रभु का आशीर्वाद प्रदेशवासियों पर सदैव बना रहे, यही उनकी प्रार्थना है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज गरियाबंद जिले के अमलीपदर में आयोजित भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा महापर्व को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज रथयात्रा महोत्सव में शामिल हुए और भगवान  जगन्नाथ, भगवान बलभद्र एवं माता सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा, राजिम विधायक  रोहित साहू, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष  राजीव लोचन महाराज सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए।

बिजली बिल समाधान योजना की अवधि सितंबर तक बढ़ी

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना की अंतिम तिथि, जो जून माह तक निर्धारित थी, उसे उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन माह बढ़ाकर सितंबर तक कर दिया गया है। उन्होंने लोगों से इस योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि सरकार आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ कम करने और उन्हें राहत प्रदान करने के लिए संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के माध्यम से प्रतिमाह पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सीधे राशि अंतरित की जा रही है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्त होना विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है और राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा वे स्वयं प्रतिदिन शिकायतों की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 42 हजार से अधिक शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है, जो सुशासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

बाल्टीजोर नाले पर बनेगा पुल

क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बाल्टीजोर नाले पर पुल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है तथा छत्तीसगढ़ तेजी से नक्सल मुक्त राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया आत्मीय संवाद

रथयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपना काफिला रोककर सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और विद्यालय की गतिविधियों के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके आग्रह पर बच्चों के साथ आत्मीयता से सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री का यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार उपस्थित लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की रही सहभागिता

रथयात्रा महापर्व में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक अनुष्ठानों, भक्ति संगीत और जयघोषों के बीच पूरा अमलीपदर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा। कार्यक्रम में कलेक्टर  बी.एस. उईके, पुलिस अधीक्षक  वेदव्रत सिरमौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त

 राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत

रायपुर- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव  अंकित आनंद एवं सीईओ चिप्स  मयंक अग्रवाल ने विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा डिजिटल नवाचारों के माध्यम से सुशासन सशक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित विकास में छत्तीसगढ़ बन रहा है, अग्रणी राज्य सेवा सेतु, भारतनेट, एआई और डिजिटल कनेक्टिविटी से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं मिल रही है।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य में डिजिटल सुशासन को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर कार्यरत है । नागरिक-केंद्रित सेवाओं के विस्तार, डिजिटल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, ए.आई. (AI), साइबर सुरक्षा एवं नवाचार आधारित शासन व्यवस्था के माध्यम से राज्य में तकनीक-संचालित प्रशासन को नई गति मिली है ।

सेवा सेतु पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने प्रेस को बताया कि सेवा सेतु बना नागरिक सेवाओं का सबसे बड़ा डिजिटल मंच सेवा सेतु राज्य की सबसे बड़ी एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा पहल के रूप में स्थापित हुआ है। 29 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री द्वारा इसका उन्नत संस्करण प्रारम्भ किया गया। वर्तमान में नागरिकों के लिए इस पोर्टल में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा विगत ढ़ाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए तथा 78 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन आदि सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता से नागरिकों को घर के निकट ही सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं । सेवा सेतु में ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस एवं व्हाट्सएप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं । इन तकनीकी नवाचारों से नागरिकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं सुनिश्चित हो रही हैं ।

वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार

अंकित आनंद ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देते हुए राज्य के दूरस्थ, वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों तक मोबाइल कनेक्टिविटी का तेजी से विस्तार किया जा रहा है । भारत सरकार से वित्त पोषित डिजिटल भारत निधि DBN) के अंतर्गत आकांक्षी जिला, एल डब्लू ई फेज़ II तथा 4G सैचुरेशन योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ गांवों में मोबाइल नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है । जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं । इसी क्रम में भारतनेट फेज-III के माध्यम से ग्राम पंचायतों को उच्च गुणवत्ता वाले ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा । इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारत सरकार से ₹3,928 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है । इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और फाइबर टू द होम (FTTH)  कनेक्टिविटी का विस्तार होगा ।

50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण 

युवाओं के लिए नई संभावनाएं राज्य में भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य के मूल निवासियों के लिए सी.एम. आईटी फेलोशिप प्रारंभ की गई है । अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के अंतर्गत आरक्षण नियमों के तहत 50 चयनित स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण के साथ विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है, जिससे राज्य के लिए दक्ष आईटी विशेषज्ञों का एक मजबूत समूह तैयार हो सके । 

विकसित  डिजिटल प्लेटफॉर्म से सुशासन को मिल रही है नई मजबूती

 इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने बताया कि तकनीक आधारित शासन को मिल रही नई मजबूती विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के लिए विकसित डिजिटल प्लेटफॉर्म सुशासन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं । खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ₹30,311.80 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ । एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS) के माध्यम से औद्योगिक अपशिष्ट के परिवहन एवं निस्तारण की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की गई है । वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 में 19 विभागों की 151 सेवाओं का एकीकरण कर निवेशकों को एकीकृत एवं समयबद्ध ऑनलाइन अनुमोदन उपलब्ध कराया जा रहा है । पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य की बड़ी अधोसंरचना परियोजनाओं की ऑनलाइन समीक्षा की जा रही है । बस्तर मुन्ने पोर्टल के माध्यम से नक्सल मुक्त जिलों (बस्तर संभाग के 07 जिले  एवं अन्य 3 जिले) में पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का प्रभावी लाभ दिलाने हेतु मॉनिटरिंग की जा रही है । वहीं डिजिटल द्वार के माध्यम से सभी विभागों के बीच सुरक्षित एवं मानकीकृत डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जा रही है ।

ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा 

भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभाग ने ए.आई. को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है । छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM)  के माध्यम से युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप एवं शासकीय अधिकारियों के लिए ए.आई. आधारित कौशल विकास एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा । राज्य में ए.आई. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, ए.आई. डेटा लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे नवाचार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे ।

चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन

साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार की संस्था सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य राशि रूपये 105.3 करोड़ की लागत से राज्य में चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना के लिए एमओयू किया गया है, जिसमें केंद्र एवं राज्य शासन दोनों के द्वारा बराबर राशि रुपये व्यय किये जायेंगे । प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन दिया जायेगा।

क्लाउड फर्स्ट नीति से मजबूत होगा डिजिटल इकोसिस्टम

डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है, जिसके माध्यम से सुरक्षित क्लाउड आधारित सेवाओं, डेटा सुरक्षा तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय स्तर पर मिली उल्लेखनीय पहचान इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की इन पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सराहना मिली है। आधार सेवाएं, जीआईएस परियोजना, अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, ई-प्रगति पोर्टल, एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली, वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 तथा कोर्ट केस मॉनिटरिंग सिस्टम को विभिन्न राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध

प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन की कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है । हमारी सरकार ए.आई., डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य

छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम बनाना नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, समावेशी विकास और नागरिक सशक्तिकरण का आधार बनाना है । इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग इसी संकल्प के साथ डिजिटल नवाचार को जनहित से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है ।