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Police Transfer : पुलिस विभाग में फेरबदल, तीन अधिकारियों को मिली नवीन पदस्थापना, देखें आदेश…!!

Police Transfer : पुलिस विभाग में फेरबदल, तीन अधिकारियों को मिली नवीन पदस्थापना, देखें आदेश…!!

 गरियाबंद। गरियाबंद जिले में पुलिस विभाग में नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उप-निरीक्षक जयप्रकाश नेताम को थाना प्रभारी फिंगेश्वर के पद से हटाकर रक्षित केंद्र संबद्ध सायबर सेल (फिंगेश्वर क्षेत्र) भेजा गया है। वहीं प्रशिक्षु उप-निरीक्षक हेमंत कुमार साहू को थाना फिंगेश्वर से पदस्थापित करते हुए थाना प्रभारी फिंगेश्वर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सहायक उप निरीक्षक जीवन लाल साहू को रक्षित केंद्र गरियाबंद से स्थानांतरित कर थाना देवभोग में पदस्थ किया गया है।

देखें आदेश

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री राजेश अग्रवाल

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर : सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े।

हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

‘सेवा संकल्प अभियान‘ से जुड़कर जनभागीदारी को मजबूत करने का आह्वान
मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने मंत्री  अग्रवाल से अपने अनुभव साझा किए और योजना से मिले लाभ के संबंध में जानकारी दी। हितग्राहियों ने बताया कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है। मंत्री  अग्रवाल ने हितग्राहियों की बातों को सुना और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित सुझावों पर भी चर्चा की।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्की छत देकर उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव तभी तैयार होगी, जब प्रत्येक परिवार के पास सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत करते हुए सेवा और सामाजिक सरोकारों की इस भावना को और व्यापक बनाया जा सकता है।

सरगुजा संभाग में सड़क अधोसंरचना को मिलेगी ऐतिहासिक मजबूती, 6 जिलों में 44 मुख्य सड़क कार्यों के लिए 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति….

सरगुजा संभाग में सड़क अधोसंरचना को मिलेगी ऐतिहासिक मजबूती, 6 जिलों में 44 मुख्य सड़क कार्यों के लिए 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति….

 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा संभाग के विकास और सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संभाग के सभी छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए 44 मुख्य सड़क कार्यों हेतु कुल 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत नई सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण, डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण, फोरलेन निर्माण और आवश्यक स्थानों पर पुल-पुलिया का निर्माण किया जाएगा।

सरगुजा जिला

अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग के 5 किमी हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 69.10 करोड़ रुपए तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी फोरलेन के लिए 61.34 करोड़ रुपए स्वीकृत। लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्रों में असकला-दोरना मार्ग, सोनतराई-मैनपाट मार्ग (26.33 करोड़) सहित विभिन्न मार्गों और पुलियों के सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।

सूरजपुर जिला

भटगांव विधानसभा क्षेत्र के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर 63 किमी मार्ग के लिए 64.93 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा कल्याणपुर-लटोरी मार्ग (40.93 करोड़), विशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (32.24 करोड़) और सूरजपुर के 17 किमी रिंग रोड के मजबूतीकरण (16.39 करोड़) सहित कई अन्य मार्ग संवरेंगे।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिला

परसवार से चलगली 18 किमी उन्नयन मार्ग के लिए 38.80 करोड़ रुपए, वाड्रफनगर- जनकपुर-बलंगी मार्ग के लिए 35.32 करोड़ रुपए, तथा कामेश्वरनगर-लुरगी मार्ग के लिए 25.69 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।

जशपुर जिला

लुड़ेग-बागबहार-तपकरा-लवाकेरा 55.80 किमी राज्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 40.32 करोड़ रुपए, पत्थलगांव के पहाड़ी भागों के उन्नयन हेतु 36.85 करोड़ रुपए, और बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग के लिए 34.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।

सड़कें बनेंगी विकास की जीवनरेखा

इन व्यापक सड़क परियोजनाओं से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक लाभ होंगे। कृषि और व्यापार को गति मिलेगी, किसानों के कृषि उत्पाद आसानी से बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर होगा स्वास्थ्य और शिक्षा, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से गांवों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ त्वरित गति से पहुँचेगा। 1,093.73 करोड़ रुपए की लागत वाली ये 44 परियोजनाएं सरगुजा संभाग के समग्र विकास, निवेश और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होंगी।

विशेष लेख : जब हुनर को मंच और अनुभव को अवसर मिलता है, तब बदलता है भविष्य

विशेष लेख : जब हुनर को मंच और अनुभव को अवसर मिलता है, तब बदलता है भविष्य

 एनएसटीआई से मिलेगी कौशल को नई पहचान, 45 वर्ष की आयु सीमा से अनुभव को लाभ-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अवसरों का विस्तार

(एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

रायुपर, 15 सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय तक ‘धान के कटोरे’ के रूप में रही है। खेतों में लहलहाती फसलें प्रदेश की समृद्धि की कहानी कहती हैं, लेकिन बदलते समय के साथ छत्तीसगढ़ ने विकास की अपनी यात्रा में नए आयाम जोड़े हैं। अब कृषि के साथ उद्योग, तकनीक के साथ कौशल और रोजगार के साथ उद्यमिता भी प्रदेश की नई पहचान बन रही है। इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत प्रदेश के युवा और अनुभवी मानव संसाधन हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के हालिया निर्णय इसी सोच को आगे बढ़ाते दिखाई देते हैं। एक ओर नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना होने से युवाओं को आधुनिक कौशल का मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किया जाना अनुभव और क्षमता को नए अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय है।

सपनों को डिग्री के साथ हुनर भी चाहिए

आज का युवा केवल शिक्षा नहीं, रोजगारपरक कौशल चाहता है। उद्योगों की बदलती जरूरतों के बीच ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का महत्व बढ़ गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्राम तेंदुवा में एनएसटीआई की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष करीब एक हजार तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में लगभग तीन हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। हजारों युवाओं के सपनों से जुड़ा अवसर है। इससे कोई तकनीकी कौशल हासिल करेगा, कोई उद्योग से जुड़ेगा, तो कोई अपना उद्यम शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

कौशल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह

एनएसटीआई की स्थापना होने से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। आज कौशल केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की क्षमता है। गांव और कस्बे के युवा को भी उद्यमशील बनने का अवसर मिलेगा। एक प्रशिक्षित युवा नौकरी तलाशने वाला बनने के साथ नौकरी देने वाला उद्यमी भी बन सकता है। यही कौशल से उद्यमिता और रोजगार से आत्मनिर्भरता की यात्रा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के युवाओं से अक्सर कहते हैं कि ऐसा कार्य करें जो युवाओं को रोजगार देने वाला बने, ताकि उनकी नई पहचान बन सके।

उम्र बढ़ी तो अवसरों का दायरा भी बढ़ा

अधिकतम आयु सीमा को 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय उन लोगों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है, जिनके पास अनुभव, कार्यकुशलता और जिम्मेदारियों का व्यावहारिक ज्ञान है। उम्र बढ़ने के साथ अनुभव बढ़ता है और अनुभव किसी भी व्यवस्था की महत्वपूर्ण पूंजी है। वर्षों तक काम कर चुके लोगों ने व्यवस्था को करीब से समझा है और चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे अनुभव का बेहतर उपयोग नई जिम्मेदारियों में किया जाना संस्थाओं को अधिक सक्षम बना सकता है।

युवा ऊर्जा और अनुभवी हाथ साथ चलें

विकास की मजबूत तस्वीर तब बनती है, जब युवा ऊर्जा और अनुभवी सोच साथ आती है। युवा नई तकनीक और नए विचार लाते हैं, जबकि अनुभवी वर्ग व्यावहारिक समझ और परिस्थितियों से निपटने का अनुभव देता है। एनएसटीआई युवाओं के हुनर को मंच देगा, तो आयु सीमा में वृद्धि अनुभवी वर्ग की क्षमता को अवसर। दोनों निर्णय मिलकर प्रदेश की मानव पूंजी को मजबूत करने की दिशा दिखाते हैं।

छत्तीसगढ़ का भविष्य केवल उसकी प्राकृतिक संपदा से नहीं, बल्कि उसके लोगों की क्षमता से तय होगा। जब हुनर को मंच, अनुभव को अवसर और सपनों को सही दिशा मिलेगी, तब विकास आंकड़ों से निकलकर लोगों की जिंदगी में दिखाई देगा। यही नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर है, जहां कौशल से रोजगार, अनुभव से अवसर और अवसर से आत्मनिर्भरता की राह तैयार हो रही है। इसी तरह के निर्णयों से छत्तीसगढ़ सरकार सेवा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने किया ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ की ट्रॉफी का अनावरण, गोल्फ में हाथ आजमाकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर ले रहे हिस्सा, 18 विदेशी खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपना कौशल

मुख्यमंत्री ने कहा - नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एवं पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन

दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तरह भविष्य में प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए खिलाड़ियों का किया आत्मीय स्वागत, बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता देखने का दिया न्योता

रायपुर 15 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ तेजी से देश के उभरते स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार, प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों की मेजबानी से छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े टूर्नामेंट का नवा रायपुर में आयोजन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया तथा देश-विदेश से आए प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर स्वयं गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को गोल्फ खेलते देखकर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अतिथियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि नवा रायपुर में देश के प्रोफेशनल गोल्फ का इतना प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और दुनिया के श्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना प्रदेश में खेलों के लिए विकसित हो रहे अनुकूल वातावरण का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं रहता। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने एवं उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के बड़े आयोजन लगातार हों और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

पहले फिल्मों में देखते थे गोल्फ, आज छत्तीसगढ़ कर रहा बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी

मुख्यमंत्री साय ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था, जब हम गोल्फ के बारे में केवल सुना करते थे या फिल्मों में लोगों को गोल्फ खेलते देखते थे। आज बदलते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह प्रदेश के विकास के साथ यहां तेजी से विस्तार ले रही खेल संस्कृति का सुखद संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोल्फ को सामान्यतः उद्योगपतियों और संपन्न वर्ग से जुड़ा खेल माना जाता था, लेकिन समय के साथ इस खेल का दायरा बढ़ा है और बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी इससे जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी गोल्फ की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार गोल्फ को प्रोत्साहित करने, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाओं को मिल रहे नए अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल भव्य क्रिकेट स्टेडियम मौजूद है और विभिन्न खेल विधाओं के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन लगातार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा नहीं बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति व्यापक वातावरण तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजनों ने दूरस्थ अंचलों के हजारों बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच प्रदान किया है।

बस्तर में शांति और विकास के साथ युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। आज बस्तर शांति, विश्वास, विकास और नई संभावनाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त अभिव्यक्ति है। जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा और नक्सलवाद के कारण जाना जाता था, वहां आज खेल के मैदानों में युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलते बस्तर और बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों का सिलसिला प्रदेश की खेल यात्रा को एक नया आयाम प्रदान करेगा।

गोल्फ के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को भी जानें - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे देश-विदेश के खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देखने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब यहां से लौटें तो अपने साथ केवल टूर्नामेंट की यादें ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आत्मीय आतिथ्य और यहां की खूबसूरत स्मृतियां भी लेकर जाएं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को अनुपम सौंदर्य से समृद्ध किया है। बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है, सहित अनेक जलप्रपात, वन क्षेत्र और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसी तरह सरगुजा भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों, वनों और विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता के साथ समय निकालकर छत्तीसगढ़ को करीब से जानने और यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन से जुड़े सभी प्रायोजकों, प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

हर वर्ष छत्तीसगढ़ में हो गोल्फ का बड़ा टूर्नामेंट : कपिल देव

प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्री कपिल देव ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोफेशनल आयोजन किसी भी प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गोल्फ के साथ-साथ अन्य खेलों के विकास की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से निर्धारित की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुरूप छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए बेहद अनुकूल है और यहां खिलाड़ियों को मिल रहा आत्मीय आतिथ्य इसकी एक विशेष पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार आज दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

कपिल देव ने खेलों के प्रति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करने और बड़े प्रोफेशनल टूर्नामेंट के आयोजन को सहयोग देने के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

पीजीटीआई के सीईओ  अमनदीप चहल ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम जब भी छत्तीसगढ़ आती है, यहां उसका आत्मीय और भव्य स्वागत होता है। छत्तीसगढ़ में खेलने वाले खिलाड़ी यहां के वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर दोबारा यहां आकर खेलने की इच्छा व्यक्त करते हैं।छत्तीसगढ़ को अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ एक उभरते हुए गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचाना जाने लगा है।

उल्लेखनीय है कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का आयोजन न केवल देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ियों को एक प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध करा रहा है, बल्कि नवा रायपुर और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। राज्य में लगातार हो रहे बड़े खेल आयोजन, विकसित होती खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रहे नए अवसर छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में देश के प्रमुख स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

जशपुर में जनजातीय पर्यटन को बड़ी सौगात, पीएम-जुगा के तहत क्लस्टर होमस्टे परियोजना को मिली मंजूरी

जशपुर में जनजातीय पर्यटन को बड़ी सौगात, पीएम-जुगा के तहत क्लस्टर होमस्टे परियोजना को मिली मंजूरी

 00 बगीचा-मयाली-जशपुर क्षेत्र के 6 जनजातीय गांवों में विकसित होंगे 30 होमस्टे, स्थानीय परिवारों को पर्यटन से मिलेगा सीधा रोजगार और आय के नए अवसर

00 जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोडऩा सरकार की प्राथमिकता - पर्यटन मंत्री अग्रवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनजातीय पर्यटन को नई ऊंचाई देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पर्यटन से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत जशपुर जिले के बगीचा-मयाली-जशपुर क्लस्टर में क्लस्टर आधारित होमस्टे परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के माध्यम से जनजातीय अंचल के गांवों में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के साथ-साथ स्थानीय परिवारों को पर्यटन गतिविधियों से सीधे जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।

जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता-पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल


परियोजना के तहत किंकेल, कमतरा, डंगरी, महनई, सरुधाप और पंडरापाठ सहित 6 जनजातीय गांवों में कुल 30 नए होमस्टे विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक गांव में 5 होमस्टे तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। इस क्लस्टर के विकास पर लगभग 1.80 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। इसमें होमस्टे निर्माण के साथ गांव स्तर पर आवश्यक सामुदायिक सुविधाओं के विकास का भी प्रावधान किया गया है। यह परियोजना पारंपरिक होटल आधारित पर्यटन से आगे बढ़कर कम्यूनिटी बेस्ड को प्रोत्साहित करेगी। होमस्टे के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के बीच रहकर जशपुर की जनजातीय संस्कृति, खान-पान, लोक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवन को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। इससे पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढऩे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
प्रस्तावित होमस्टे स्थानीय परिवेश और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में सामुदायिक स्तर की सुविधाओं के लिए 5 लाख रुपये तक के कार्य प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने के साथ गांवों में सामूहिक उपयोग की आधारभूत सुविधाएं भी विकसित होंगी। क्लस्टर का चयन क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। प्रस्तावित गांव बगीचा और जशपुर नगर के साथ-साथ कैलाश गुफा, खुडिय़ारानी गुफा, बादलखोल अभयारण्य, रानीदाह जलप्रपात, देशदेखा पहाड़, लोरोघाट सहित अनेक प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के निकट स्थित हैं। होमस्टे सुविधा विकसित होने से पर्यटकों के लिए इन क्षेत्रों में ठहरने के बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे। इससे जशपुर में पर्यटकों की ठहरने की अवधि बढऩे की संभावना है और पर्यटन गतिविधियों का लाभ स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप से पहुंच सकेगा।

जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता-पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल


होमस्टे क्लस्टर का प्रभाव केवल आवास सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को आतिथ्य सेवा, स्थानीय व्यंजन, पर्यटक गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प तथा अन्य पर्यटन सेवाओं से जोडऩे की संभावनाएं विकसित होंगी। पर्यटकों की संख्या बढऩे के साथ स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प की मांग में भी वृद्धि हो सकती है। इस प्रकार पर्यटन गतिविधियां गांवों में रोजगार और आय के अनेक सहायक अवसरों को जन्म देंगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति प्रदेश की विशिष्ट पहचान है और सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संरक्षित करते हुए स्थानीय समुदायों को पर्यटन से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिले। उन्होंने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विशिष्ट लोक परंपराओं से समृद्ध क्षेत्र है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत स्वीकृत यह क्लस्टर होमस्टे परियोजना पर्यटन को गांवों तक पहुंचाने और स्थानीय परिवारों को इसके आर्थिक लाभ से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि पर्यटक जब जशपुर आएं तो वे यहां की प्रकृति के साथ-साथ जनजातीय जीवन, संस्कृति और परंपराओं को भी करीब से अनुभव करें। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं को पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में अवसर मिलने से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से विकसित पर्यटन मॉडल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि जशपुर की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता-पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल


पर्यटन का लाभ गांव और स्थानीय परिवारों तक पहुंचे - सौमिल रंजन चौबे
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े पर्यटन स्थलों अथवा होटल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव और स्थानीय परिवारों को भी इसका सीधा भागीदार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जशपुर का यह होमस्टे क्लस्टर स्थानीय संस्कृति, प्रकृति और आजीविका को एक साथ जोडऩे वाला मॉडल बनेगा। इससे पर्यटकों को प्रामाणिक छत्तीसगढ़ी अनुभव मिलेगा और जनजातीय परिवारों के लिए स्थायी आय के नए अवसर विकसित होंगे।

जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता-पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल


जशपुर को जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कदम
क्लस्टर होमस्टे परियोजना के माध्यम से जशपुर में पर्यटन का विस्तार प्रमुख पर्यटन स्थलों से आगे आसपास के गांवों तक होने की उम्मीद है। इससे पर्यटकों को स्थानीय जीवन का अनुभव मिलेगा और ग्रामीण समुदाय पर्यटन मूल्य-श्रृंखला का सक्रिय हिस्सा बनेगा। प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को एक साथ जोडऩे वाली यह पहल आने वाले समय में जशपुर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने किया ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ की ट्रॉफी का अनावरण, गोल्फ में हाथ आजमाकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर ले रहे हिस्सा, 18 विदेशी खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपना कौशल

मुख्यमंत्री ने कहा - नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एवं पीजीटीआई अध्यक्ष श्री कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन

दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तरह भविष्य में प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए खिलाड़ियों का किया आत्मीय स्वागत, बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता देखने का दिया न्योता

रायपुर 15 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ तेजी से देश के उभरते स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार, प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों की मेजबानी से छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े टूर्नामेंट का नवा रायपुर में आयोजन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया तथा देश-विदेश से आए प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष  कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर स्वयं गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को गोल्फ खेलते देखकर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अतिथियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि नवा रायपुर में देश के प्रोफेशनल गोल्फ का इतना प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और दुनिया के श्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना प्रदेश में खेलों के लिए विकसित हो रहे अनुकूल वातावरण का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं रहता। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने एवं उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के बड़े आयोजन लगातार हों और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

पहले फिल्मों में देखते थे गोल्फ, आज छत्तीसगढ़ कर रहा बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी

मुख्यमंत्री  साय ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था, जब हम गोल्फ के बारे में केवल सुना करते थे या फिल्मों में लोगों को गोल्फ खेलते देखते थे। आज बदलते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह प्रदेश के विकास के साथ यहां तेजी से विस्तार ले रही खेल संस्कृति का सुखद संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोल्फ को सामान्यतः उद्योगपतियों और संपन्न वर्ग से जुड़ा खेल माना जाता था, लेकिन समय के साथ इस खेल का दायरा बढ़ा है और बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी इससे जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी गोल्फ की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार गोल्फ को प्रोत्साहित करने, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाओं को मिल रहे नए अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल भव्य क्रिकेट स्टेडियम मौजूद है और विभिन्न खेल विधाओं के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन लगातार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा नहीं बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति व्यापक वातावरण तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजनों ने दूरस्थ अंचलों के हजारों बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच प्रदान किया है।

बस्तर में शांति और विकास के साथ युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। आज बस्तर शांति, विश्वास, विकास और नई संभावनाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त अभिव्यक्ति है। जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा और नक्सलवाद के कारण जाना जाता था, वहां आज खेल के मैदानों में युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलते बस्तर और बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों का सिलसिला प्रदेश की खेल यात्रा को एक नया आयाम प्रदान करेगा।

गोल्फ के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को भी जानें - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री  साय ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे देश-विदेश के खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देखने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब यहां से लौटें तो अपने साथ केवल टूर्नामेंट की यादें ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आत्मीय आतिथ्य और यहां की खूबसूरत स्मृतियां भी लेकर जाएं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को अनुपम सौंदर्य से समृद्ध किया है। बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है, सहित अनेक जलप्रपात, वन क्षेत्र और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसी तरह सरगुजा भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों, वनों और विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता के साथ समय निकालकर छत्तीसगढ़ को करीब से जानने और यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन से जुड़े सभी प्रायोजकों, प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

हर वर्ष छत्तीसगढ़ में हो गोल्फ का बड़ा टूर्नामेंट :  कपिल देव

प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्री कपिल देव ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोफेशनल आयोजन किसी भी प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गोल्फ के साथ-साथ अन्य खेलों के विकास की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से निर्धारित की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुरूप छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए बेहद अनुकूल है और यहां खिलाड़ियों को मिल रहा आत्मीय आतिथ्य इसकी एक विशेष पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार आज दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

 कपिल देव ने खेलों के प्रति मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करने और बड़े प्रोफेशनल टूर्नामेंट के आयोजन को सहयोग देने के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

पीजीटीआई के सीईओ  अमनदीप चहल ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम जब भी छत्तीसगढ़ आती है, यहां उसका आत्मीय और भव्य स्वागत होता है। छत्तीसगढ़ में खेलने वाले खिलाड़ी यहां के वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर दोबारा यहां आकर खेलने की इच्छा व्यक्त करते हैं।छत्तीसगढ़ को अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ एक उभरते हुए गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचाना जाने लगा है।

उल्लेखनीय है कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का आयोजन न केवल देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ियों को एक प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध करा रहा है, बल्कि नवा रायपुर और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। राज्य में लगातार हो रहे बड़े खेल आयोजन, विकसित होती खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रहे नए अवसर छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में देश के प्रमुख स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री साय, मीरा के पसरे से खरीदा आशीर्वाद का दीया

सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री साय, मीरा के पसरे से खरीदा आशीर्वाद का दीया

 00 तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही मीरा से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत, एक हजार देकर किया उसके श्रम और स्वावलंबन का सम्मान

00 मुख्यमंत्री ने पूछा - सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है? मीरा ने बताया - जनधन खाता खुला है, महतारी वंदन योजना की राशि भी मिल रही

रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए आज का दिन अचानक बेहद खास बन गया। रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया। 
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया। मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा। 

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है। महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने। शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है। बैंकिंग व्यवस्था से जुडऩे के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है। 
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें - इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है। उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है। जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है।
सेवा और जनभागीदा का प्रतीक बनेगा आशीर्वाद का दीया
मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का यह दीया सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाले आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है। इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि आशीर्वाद का दीया इसी भावना को अभिव्यक्त करता है। यह सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है। प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा।

सेवा को जन-जन का संकल्प बनाने का अभियान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा संकल्प अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ें। अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनें, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, जरूरतमंदों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प अवश्य लें। उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की सहायता, अपने आसपास स्वच्छता, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना अथवा समाज के हित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेश
तेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का यह दीया कई मायनों में खास बन गया। इसमें एक ओर मेहनत से आजीविका अर्जित कर रही महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान जुड़ा, तो दूसरी ओर सहज बातचीत में जनधन और महतारी वंदन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई। इसके साथ ही यही दीया अब आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह: राज्यपाल रमेन डेका

महाराजा चक्रधर सिंह की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचा रहा चक्रधर समारोह: राज्यपाल रमेन डेका

 महाराजा चक्रधर सिंह ने कला को राज-सिंहासन से ऊपर रखा, रायगढ़ घराने को दिलाई विश्व पहचान

23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में देश-प्रदेश के कलाकार देंगे प्रस्तुतियां

रायपुर, 15 सितम्बर 2026/ राज्यपाल  रमेन डेका ने संगीत, नृत्य और कला की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रायगढ़ की धरती पर 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह का सोमवार को महाराजा चक्रधर की तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत भव्य शुभारंभ किया। राज्यपाल  रमेन डेका ने समारोह का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल कला प्रस्तुतियों का मंच नहीं, बल्कि महाराजा चक्रधर सिंह की कला-साधना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। 14 से 23 सितम्बर तक रामलीला मैदान में आयोजित समारोह में देश-प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाएं भी गायन, वादन, नृत्य और लोककला की प्रस्तुतियां देंगी।

राज्यपाल ने कलाकारों का किया सम्मान

शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने समारोह में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों का सम्मान किया। पद्मश्री डॉ. उषा बारले, पद्मश्री श्री अनुज शर्मा सहित अन्य कलाकारों और कला गुरु स्वर्गीय वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह की सांस्कृतिक गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि चक्रधर समारोह महाराजा चक्रधर सिंह की कला साधना और उनकी दूरदृष्टि को स्मरण करने का अवसर है। रायगढ़ भारतीय शास्त्रीय कलाओं की महत्वपूर्ण धरोहर भूमि है और रायगढ़ घराने के कथक ने देश ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। महाराजा चक्रधर सिंह ने राजसिंहासन से अधिक महत्व कला को दिया। उन्होंने कलाकारों को संरक्षण दिया और संगीत, नृत्य एवं साहित्य को आमजन के जीवन से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह की कृतियां ‘नर्तन सर्वस्व’, ‘तालतोय निधि’ और ‘राग रत्न मंजूषा’ आज भी कला और साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण धरोहर हैं। उन्होंने अपनी साधना से यह सिद्ध किया कि कला किसी एक स्थान या केंद्र की मोहताज नहीं होती। जहां निरंतर साधना होती है, वही स्थान कला का तीर्थ बन जाता है। रायगढ़ की पहचान आज संगीत, घुंघरुओं की झंकार, तबले की थाप और नृत्य की भाव-भंगिमाओं से जुड़ी है।

राज्यपाल ने कहा कि चक्रधर समारोह अब केवल एक शासकीय या संस्थागत आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह रायगढ़ की सांस्कृतिक धड़कन बन चुका है। देश के प्रतिष्ठित कलाकारों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलना इस समारोह की विशेषता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में अपनी जड़ों के प्रति जुड़ाव पैदा करते हैं। युवाओं को परंपरा के साथ नवाचार को जोड़ते हुए कला को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पंथी, राउत नाचा, भरथरी, सुआ, करमा सहित आदिवासी नृत्य और लोकगीत हमारी सांस्कृतिक विविधता की पहचान हैं। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में एकता है और चक्रधर समारोह इसी सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

विकास के साथ सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण जरूरी

राज्यपाल ने कहा कि विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना भी जरूरी है। रायगढ़ औद्योगिक विकास के साथ-साथ अपनी कला और संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। पिछले वर्ष समारोह ने अपने 40 वर्ष पूरे किए और अब 41वां समारोह नई ऊर्जा और नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक पुनर्जागरण का माध्यम बनते हैं और कला को समाज से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने का माध्यम हैं। आज के डिजिटल युग में भी नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। अपनी जड़ों से जुड़ाव पिछड़ापन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और ताकत है। चक्रधर समारोह अतीत को याद करने के साथ-साथ उस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

महाराजा चक्रधर सिंह की अमूल्य रचनाओं और ग्रंथों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी- राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह

41वें चक्रधर समारोह के पावन अवसर पर राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह ने सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति के लिए हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके आगमन से समारोह की गरिमा और बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह की गौरवशाली परंपरा रही है कि इसका शुभारंभ राज्यपाल के करकमलों से होता है। राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह का जन्म 19 अगस्त 1905 को हुआ था। उन्होंने ऐसे समय भारतीय कला, संगीत और संस्कृति के संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया, जब हमारी अनेक सांस्कृतिक परंपराएं अपने मूल स्वरूप से दूर होती जा रही थीं। भारतीय संगीत और कला की उस गौरवशाली परंपरा को, जो मंदिरों, धार्मिक अनुष्ठानों और मांगलिक अवसरों के साथ जनजीवन से जुड़ी रही है, उसके मूल स्वरूप में संरक्षित रखने के लिए महाराजा चक्रधर सिंह ने उल्लेखनीय प्रयास किए। उन्होंने कहा कि महाराजा चक्रधर सिंह केवल एक शासक नहीं, बल्कि भारतीय कला और संस्कृति के महान संरक्षक थे। उनकी रचनाएं और उनके द्वारा सृजित ग्रंथ भारतीय संगीत एवं कला जगत की अमूल्य धरोहर हैं। इन महत्वपूर्ण ग्रंथों का संरक्षण, अध्ययन और व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस महान सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें। राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने बताया कि उन्होंने महाराजा चक्रधर सिंह की महत्वपूर्ण रचनाओं और ग्रंथों के संरक्षण एवं प्रकाशन का विषय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी रखा है, जिस पर प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दिखाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में इन अमूल्य ग्रंथों के प्रकाशन की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा महत्वपूर्ण पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार भारतीय संस्कृति, कला और गौरवशाली विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। महाराजा चक्रधर सिंह ने जिस उद्देश्य के साथ भारतीय कला और संस्कृति की महान परंपरा को संरक्षित और समृद्ध किया, उसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

चक्रधर समारोह बढ़ा रहा रायगढ़ की सांस्कृतिक विरासतः लोकसभा सांसद  राधेश्याम राठिया

लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। महाराजा चक्रधर सिंह ने संगीत और नृत्य के क्षेत्र में जो समृद्ध विरासत रायगढ़ को दी, उसे आगे बढ़ाने में यह समारोह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह को निरंतर नई ऊंचाइयों तक ले जाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान ने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत करते हुए आयोजन की सफलता के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, आयोजन समिति, मीडिया एवं रायगढ़वासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चक्रधर समारोह रायगढ़ की कला-संस्कृति की विशिष्ट पहचान है और इसे और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

संस्कृति समाज की आत्मा और कला उसकी जीवंत अभिव्यक्ति-कलेक्टर

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समारोह में उपस्थित राज्यपाल, जनप्रतिनिधियों, कलाकारों और कला प्रेमियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, अधिकारी-कर्मचारियों, तकनीकी टीम, स्वयंसेवकों, मीडिया प्रतिनिधियों और कला प्रेमी नागरिकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी समाज की आत्मा होती है और कला उसकी जीवंत अभिव्यक्ति। चक्रधर समारोह रायगढ़ की इसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से समारोह कला और संस्कृति के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, सभापति  डिग्री लाल साहू, गुरूपाल भल्ला, श्रीकांत सोमावार,  सुभाष पाण्डेय,  विकास केडिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  शशिमोहन सिंह, सहायक कलेक्टर  गोकुल आर.के, सहित अन्य गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के अधिकारी, कला-संस्कृति से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

गणेश वंदना से हुई 41 वें चक्रधर समारोह के कार्यक्रम की शुरुआत

वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों ने दी मनमोहक प्रस्तुति

सुर-ताल, छंद और घुंघरुओं की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 41वें अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह-2026 की पहली शाम का शुभारंभ रामलीला मैदान में गणेश वंदना के साथ हुआ। श्री वेदमणि सिंह ठाकुर के शिष्यों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना ने समारोह के वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

गणेश वंदना के बाद कलाकारों ने गायन और वादन की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। प्रस्तुति में प्रियंका साहू ने हारमोनियम पर संगत की। कुमारी सुनीता तिवारी, कुमारी ईश्वरी गुप्ता, कुमारी शुभांगी साहू, चवल कुमार पटेल,  वेदप्रकाश आदित्य और बसंत यादव ने गायन की प्रस्तुति दी। वाद्य संगीत में  देवलाल देवांगन ने पखावज,  शान्तनु पटेल ने तबला,  किशोर बारीक ने बाँसुरी तथा कुमारी शगुफ्ता बानो ने वायलिन वादन किया।  आनन्ददास महंत ने घुंघरू वादन के माध्यम से प्रस्तुति को और आकर्षक बनाया।

कार्यक्रम का निर्देशन प्रियंका साहू ने किया, जबकि श्री सुरेश कुमार चन्देल संयोजक रहे। कलाकारों की सधी हुई प्रस्तुतियों ने समारोह की पहली शाम को सुर और ताल से यादगार बना दिया। रामलीला मैदान में उपस्थित दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

नुआखाई समृद्ध कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाता के परिश्रम का उत्सव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नुआखाई समृद्ध कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाता के परिश्रम का उत्सव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने नुआखाई पर्व की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर 15 सितम्बर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के अनुपम उपहार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और सभी परिवारों की खुशहाली की मंगलकामना की है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नुआखाई समृद्ध कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। नई फसल के आगमन की खुशी में मनाया जाने वाला यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्न के सम्मान और किसान के अथक परिश्रम के प्रति आदर का भाव प्रकट करता है। खेतों में उपजी नई फसल केवल किसान की मेहनत का प्रतिफल नहीं, बल्कि प्रकृति की कृपा और हमारी कृषि प्रधान संस्कृति की समृद्धि का भी प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खेती-किसानी केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। हमारे अनेक पर्व और परंपराएं कृषि चक्र, प्रकृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ी हुई हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नुआखाई अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों और अपनी गौरवशाली परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। यह पर्व सामाजिक आत्मीयता, पारिवारिक एकजुटता और आपसी सद्भाव को भी मजबूत करता है। नई फसल की खुशियां जब परिवार और समाज मिलकर साझा करते हैं, तब लोकसंस्कृति और अधिक जीवंत तथा समृद्ध होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नुआखाई के पावन अवसर पर कामना करते हुए कहा कि प्रकृति की कृपा छत्तीसगढ़ पर सदैव बनी रहे। हमारे किसान साथियों के खेत हरे-भरे और फसलों से लहलहाते रहें, अन्न के भंडार भरें तथा अन्नदाताओं के घर-आंगन में समृद्धि आए। प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का संचार हो तथा आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव निरंतर मजबूत होता रहे।

विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान प्रदेशभर में होंगे जनसेवा के कार्यक्रम

विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान प्रदेशभर में होंगे जनसेवा के कार्यक्रम

 धनंजय राठौर

संयुक्त संचालक, (जनसंपर्क) रायपुर

‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित एक महीने का देशव्यापी अभियान है। इसका मकसद  मोदी के सेवा और विकास से जुड़े कामों को लोगों तक पहुंचाने के साथ जनसेवा के कार्यक्रमों को बढ़ाना है। इन कार्यक्रमों में रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, स्कूलों में प्रतियोगिताएं आदि शामिल हैं।

इस अभियान का उद्देश्य जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करना, विकसित भारत 2047 का सामूहिक संकल्प लेना, केन्द्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाना तथा प्रत्येक परिवार की सहभागिता के साथ व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

‘सेवा संकल्प अभियान’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के (मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में) निरंतर जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यकाल के सम्मान में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला एक राष्ट्रव्यापी अभियान है। सेवा गतिविधियां में नागरिकों को रक्तदान, वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य परीक्षण, जल संरक्षण और डिजिटल साक्षरता जैसी 25 सेवा गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। श्रमदान के रूप में नागरिकों से कम से कम 25 मिनट श्रमदान करने की अपील की गई है, जिसकी फोटो या वीडियो माई भारत पोर्टल पर अपलोड करने पर डिजिटल प्रमाण-पत्र मिलेगा।

विशेष कार्यक्रम के रूप में 17 सितम्बर 2026 को आशीर्वाद का दीया, नमो सेवा गाथा के तहत संभागीय मुख्यालय रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर (सरगुजा), और जगदलपुर (बस्तर), के आडिटोरियम में संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन से समन्वय कर प्रस्तावित तिथि अनुसार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। नमो सेवा गाथा अंतर्गत नुक्कड नाटक, नृत्य नाटिका जिले केस्थानीय कलाकार के माध्यम से सांस्कृतिक आयोजन किया जाएगा। सेवा सेतु अभियान (विकासखंडों में बहुउद्देशीय शिविर) और सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज जैसी अभिनव गतिविधियां आयोजित होंगी।

इन गतिविधियों का संचालन शासकीय विभागों के साथ-साथ नागरिकों तथा सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से भी किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में सभी आयु वर्ग की महिलायें, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रतिष्ठित व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, स्वैच्छिक संगठन, शैक्षणिक संस्थाएँ, स्वयं-सहायता समूहों, युवाओं, महिलाओं एवं आम नागरिकों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा।

कब से कब तक चलेगा अभियान

यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। 17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन है, जबकि 7 अक्टूबर को उनके सार्वजनिक पद पर 25 साल पूरे होंगे। 17 अक्टूबर 2026 को अभियान का समापन बड़े कार्यक्रम के साथ किया जाएगा।

प्रदेशभर में होंगे सेवा कार्यक्रम

अभियान के तहत 17 सितंबर से 7 अक्टूबर के बीच स्कूल और कॉलेजों में ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता सभी सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों में आयोजित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किये गए सेवा कार्यो और विकसित भारत की संकल्पना पर जानकारी दी जाएगी और ड्राइंग और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके अलावा रक्तदान शिविर, सफाई अभियान, प्रदर्शनियां, सेमिनार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जागरूकता गतिविधियां होंगी। ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे, जहां लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद दी जाएगी।

आंगन का उत्सव’ में पोषण और महिला-बाल कल्याण पर जोर

25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण तथा महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी हितग्राहियों को दी जाएगी। कार्यक्रमों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनका सम्मान भी किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कहानी बदलाव की’में सामने आएंगी सफलता की वास्तविक कहानियां

अभियान के दौरान ‘कहानी बदलाव की’ पहल के तहत शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों की वास्तविक सफलता की कहानियों का संकलन किया जाएगा। इन कहानियों के माध्यम से यह बताया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का प्रभाव किस तरह आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। हितग्राहियों की सफलता की कहानियां अन्य पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।

‘विकसित भारत’ पर रहेगा जोर

स्कूलों में विकसित भारत 2047 विषय पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। ‘नमो सेवा’ के तहत नुक्कड़ नाटक और आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगन मिलन सेवा’ जैसे कार्यक्रम भी रखे गए हैं। पिछले 25 वर्षों के सेवा कार्यो में, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं और देश में आए बदलावों की कहानी को एक सरल, भावनात्मक और संगीतपूर्ण नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से गाँव - गाँव तक पहुंचाया जाएगा। यह कार्य प्रदेशभर के स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत, सामुदायिक केंद्र एवं अन्य सार्वजानिक स्थलों पर आयोजित किया जाएगा ।

50 बदलाव वाले स्थानों का दौरा

‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत करीब 50 ऐसे स्थान चुने जाएंगे, जिन्हें बीजेपी मोदी सरकार के दौर में हुए बदलाव का उदाहरण मानती है। इनमें गुजरात की GIFT City और बस्तर जैसे स्थान शामिल हैं। सोशल मीडिया क्रिएटर्स को भी इन जगहों पर ले जाने की योजना है।

17 अक्टूबर को बड़ा समापन

अभियान के अंतिम दिन ‘जनसेवक महाकुंभ’ में पंचायत से संसद तक के करीब 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की योजना है। इस दौरान सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ की सभी छह कड़ियां गाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।

Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मौसम, अगले 48 घंटे बारिश के आसार

Weather Update: छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मौसम, अगले 48 घंटे बारिश के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून फिलहाल कमजोर स्थिति में है। बस्तर सहित कुछ क्षेत्रों में बीते दिन बारिश हुई, लेकिन रायपुर और आसपास के इलाकों में तेज धूप के चलते गर्मी बढ़ी। बारिश की कमी के कारण अधिकतम तापमान में भी इजाफा देखा जा रहा है। हालांकि वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। मौसम का यह बदलाव अगले दो दिनों तक देखने को मिल सकता है।

पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश?

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। माना में प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। वहीं पेण्ड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप निकलने के कारण उमस और गर्मी का असर महसूस हुआ। झारखंड की ओर बढ़ रहे मौसमी सिस्टम के कारण मंगलवार से बस्तर संभाग में भी बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

फिलहाल बंगाल की खाड़ी में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली स्पष्ट रूप से सक्रिय नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि गणेश पर्व के दौरान प्रदेश में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, शहर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

राजस्थान से जल्द विदा हो सकता है मानसून

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में वातावरण में नमी धीरे-धीरे कम हो सकती है। इसका असर खासकर रात के तापमान और मौसम में महसूस होगा।

देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के संकेत भी मिलने लगे हैं। राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के बाद करीब 19 सितंबर से मानसून की विदाई शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

हालांकि छत्तीसगढ़ में मानसून अभी कुछ समय और सक्रिय रह सकता है। सामान्य तौर पर प्रदेश में मानसून का प्रभाव 30 सितंबर तक माना जाता है, जबकि अक्टूबर के पहले पखवाड़े के दौरान इसकी पूरी तरह विदाई होने लगती है।

इन इलाकों में दर्ज हुई बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बड़े बचेली (दंतेवाड़ा) में सबसे ज्यादा 6 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा करतला (कोरबा), देवभोग (गरियाबंद), छाल (रायगढ़) और नया बाराद्वार (सक्ती) में 3-3 सेमी वर्षा हुई।

कवर्धा (कबीरधाम) और कटेकल्याण (दंतेवाड़ा) में 2-2 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं कशडोल, जगदलपुर, रायगढ़, सारागांव, पामगढ़, लालपुर थाना, मुंगेली, भैसमा, घरघोड़ा, बकावंड, खरसिया और बोड़ला में 1-1 सेमी वर्षा दर्ज हुई।

छत्तीसगढ़ का ये पिकनिक स्पॉट हुआ बंद.. जिला प्रशासन ने लगाई एंट्री पर रोक, बोर्ड पर लिखी चेतावनी…

छत्तीसगढ़ का ये पिकनिक स्पॉट हुआ बंद.. जिला प्रशासन ने लगाई एंट्री पर रोक, बोर्ड पर लिखी चेतावनी…

 जांजगीर-चाम्पा। जिले का मशहूर लेकिन खतरनाक पिकनिक स्पॉट देवरी को फिलहाल अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया है। यहाँ आने-जाने वालों के लिए चेतावनी बोर्ड भी लगा दिया गया है। लगातार हो रहे हादसे और जनहानि को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह बड़ा फैसला लिया है।

हालाँकि हादसों के बीच पहले भी इस स्पॉट में सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठते रहे है। लेकिन इस बार जिला कलेक्टर ने देवरी पिकनिक स्पॉट पर किसी की की भी आवाजाही पर रोक लगा दी है। इस पर्यटन वाले जगह पर अबतक 22 लोगों की मौत हो चुकी है। सभी की मौत डूबने से ही हुई है।

गौरतलब है कि, बीते शुक्रवार को देवरी के हसदेव नदी पर एक बड़ा हादसा सामने आया था। देवरी-चिचोली पिकनिक स्पॉट पर पिकनिक मनाने आए तीन छात्र गहरे पानी में डूब गए थे। तीन लोग नदी की तेज धारा में नहाने के लिए उतरे थे। नहाने के दौरान उनको नदी की गहराई का पता नहीं चला और वो तेज बहाव में बह गए।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुड़घुसरी में 1.48 करोड़ रुपए के तीन सड़क का किया भूमिपूजन….

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुड़घुसरी में 1.48 करोड़ रुपए के तीन सड़क का किया भूमिपूजन….

 रायपुर: वनांचल के गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड को बड़ी सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने ग्राम मुड़घुसरी में 1.48 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले तीन सड़क मार्गों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 15.40 किमी लंबाई के इन सड़क मार्गों के निर्माण से बैगा बाहुल्य क्षेत्र के ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार सहित अन्य जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर होगी। भूमिपूजन के अंतर्गत मुड़घुसरी से ठाकुरटोला मार्ग का 3.30 किलोमीटर, ठाकुरटोला से बांटीपथरा मार्ग का 4.00 किमी तथा सिंघारी से पांडातराई मार्ग का 8.40 किमी लंबाई में निर्माण किया जाएगा। इन मार्गों के बेहतर होने से वनांचल के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा मजबूत होने के साथ ही क्षेत्र में विकास कार्यों और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों का विकास शासन की प्राथमिकता है। सड़क सहित मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीणों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं का मार्ग भी खोलती है। सड़क मार्गों के नवीनीकरण से वनांचल के ग्रामीणों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। बेहतर सड़क सुविधा से विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और आम नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

इस अवसर पर पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी,  नितेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला  विजय पाटिल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे,  संतोष पटेल,  मनीराम साहू,  भुनेश्वर चंद्राकर,  रामकिंकर वर्मा,  खिलेश्वर साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से किया संवाद, सुनीं मांग और समस्याएं

भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने ग्रामवासियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से गांव में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा आवश्यक विकास कार्यों के संबंध में जानकारी ली और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति भी जानी। उन्होंने ग्रामीणों से प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने कहा। उन्होंने कहा कि गांव के विकास में ग्रामीणों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। शासन द्वारा विकास कार्यों और योजनाओं के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

नवा रायपुर में आज से सजेगा गोल्फ का रोमांच

नवा रायपुर में आज से सजेगा गोल्फ का रोमांच

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ का शुभारंभ

फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट में होगा उद्घाटन, क्रिकेट लीजेंड श्री कपिल देव और डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के सीईओ  अमनदीप जौहल होंगे शामिल

रायपुर- नवा रायपुर को गोल्फ खेल के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने और प्रदेश में खेल पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ का शुभारंभ 15 सितंबर को होगा। फेयरवे गोल्फ एंड लेक रिजॉर्ट, नवा रायपुर में आयोजित उद्घाटन समारोह एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

आयोजन में भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी एवं डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के अध्यक्ष कपिल देव तथा डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमनदीप जौहल की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी। राष्ट्रीय स्तर के खेल दिग्गजों की मौजूदगी से नवा रायपुर में आयोजित इस प्रतियोगिता को नई पहचान मिलने के साथ प्रदेश में गोल्फ और खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

सेरेमोनियल टी-ऑफ से होगा प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शाम 3:05 बजे सेरेमोनियल टी-ऑफ के साथ ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री एवं विशिष्ट अतिथियों की गोल्फ खिलाड़ियों से मुलाकात एवं प्रतियोगिता की ट्रॉफी का अनावरण किया जाएगा।

इसके पश्चात प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री एवं आयोजन से जुड़े अतिथि मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और प्रतियोगिता के उद्देश्यों तथा इससे जुड़ी संभावनाओं पर जानकारी साझा करेंगे।

नवा रायपुर को गोल्फ और खेल पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल

‘नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन का उद्देश्य प्रदेश में गोल्फ के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के साथ उभरती खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही नवा रायपुर की आधुनिक अधोसंरचना और खेल सुविधाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का भी यह महत्वपूर्ण अवसर है।

इस आयोजन से नवा रायपुर को आधुनिक खेल, गोल्फ और खेल पर्यटन के प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को बल मिलने की उम्मीद है। गोल्फ जैसे खेल के बड़े आयोजन से प्रदेश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिलने के साथ देशभर के खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ सकता है। ‘नवा रायपुर ओपन 2026’ नवा रायपुर की खेल क्षमता, आधुनिकता और उभरती खेल संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बनने जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परिवारजनों के साथ विधि-विधान से की गणपति की स्थापना और पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परिवारजनों के साथ विधि-विधान से की गणपति की स्थापना और पूजा-अर्चना

 गणेश चतुर्थी का पर्व हमारी समृद्ध संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक : मुख्यमंत्री साय

रायपुर-- गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर आज मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में भगवान  गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अपने परिवारजनों के साथ पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाज से विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान  गणेश बुद्धि, और विवेक के प्रतीक हैं। किसी भी शुभ कार्य का प्रारंभ भगवान गणेश की आराधना से करने की हमारी प्राचीन परंपरा रही है। गणेशोत्सव हमारी आस्था का पर्व होने के साथ ही समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकजुटता को सुदृढ़ करने वाला उत्सव भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में तीज-त्योहारों और उत्सवों का विशेष महत्व है। हमारे पर्व हमें अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ परिवार और समाज को भी एक सूत्र में पिरोते हैं। गणेशोत्सव का उल्लास भी हमें सामूहिकता, सद्भाव और लोकमंगल की भावना से जोड़ता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परिवारजन, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी  आलोक सिंह तथा मुख्यमंत्री निवास कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

रायपुर में शराब दुकान से जुड़े कर्मचारी ही निकले अवैध सप्लायर, 160 पाव शराब के साथ 7 गिरफ्तार

रायपुर में शराब दुकान से जुड़े कर्मचारी ही निकले अवैध सप्लायर, 160 पाव शराब के साथ 7 गिरफ्तार

 रायपुर। अवैध शराब के खिलाफ रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरंग क्षेत्र में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सफेद रंग की आर्टिका कार से 160 पाव देशी मसाला शराब बरामद की है। पकड़ी गई शराब की मात्रा 28.800 बल्क लीटर और कीमत करीब 16 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सरकारी शराब दुकान का सुपरवाइजर, सेल्समैन और मल्टी वर्कर शामिल हैं। इनके अलावा एक सरकारी शिक्षक और वाहन चालक समेत अन्य लोग भी पकड़े गए हैं। पुलिस ने शराब के परिवहन में इस्तेमाल आर्टिका कार सहित कुल 8.16 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।

पुलिस के मुताबिक 14 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आर्टिका कार क्रमांक CG 04 QB 5200 से गुल्लू शराब दुकान से शराब लेकर रानीसागर की तरफ अवैध बिक्री के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने पर आरंग पुलिस ने रानीसागर स्थित हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर वाहन को रोका। कार में चालक समेत छह लोग मिले। तलाशी के दौरान 160 पाव देशी मसाला शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपियों ने शराब को अवैध रूप से बेचने के लिए ले जाने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने करीब 8 लाख रुपये कीमत की कार भी जब्त कर ली।

गिरफ्तार आरोपियों में उबारन दास पुरेना गुल्लू शराब दुकान का सुपरवाइजर, सुरेश बांधे मल्टी वर्कर और राजेश काटले सेल्समैन बताया गया है। वहीं तिरीत राम बांधे ग्राम अमोदी में शिक्षक है। अन्य आरोपियों की पहचान वाहन चालक भरत रात्रे, दिलीप कुमार कुर्रे और भागवत बारले के रूप में हुई है। सभी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध शराब सप्लाई के इस नेटवर्क में और कौन लोग शामिल हैं और शराब किन-किन स्थानों पर पहुंचाई जा रही थी।

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल, इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल, इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये

 रायपुर, 14 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ के बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड स्थित तारापुर गांव की महिलाओं ने अपनी लगन और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। 'मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व सहायता समूह' की ग्रामीण महिलाओं ने इस गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) प्रतिमाएं बनाकर महज कुछ हफ्तों में 1.80 लाख रुपये की बंपर कमाई की है।

​शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से बिना किसी हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किए 52 मनमोहक गणेश प्रतिमाएं तैयार की थीं। बाजार में आते ही इन पर्यावरण-हितैषी मूर्तियों की भारी मांग देखने को मिली और पूरा स्टॉक हाथों-हाथ बिक गया।

​समूह की सदस्य शांति नागवंशी ने खुशी जताते हुए कहती हैं कि अपनी मेहनत से गढ़ी मूर्तियों की पूजा होते देखना और स्वयं की कमाई हासिल करना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा में करेंगे।
​सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुई तारापुर की इन महिलाओं की यह पहल न केवल पूरे जिले में सराही जा रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दे रही है l

सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर की संध्या हर घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के कार्यों से जुड़ने की अपील की

‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की शुभकामनाओं के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प का बने प्रतीक : मुख्यमंत्री  साय

रायपुर 14 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने की अपील की है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपनी अपील में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के परिप्रेक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता से इस अभियान को जनसेवा और जनभागीदारी का व्यापक उत्सव बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान सेवा के भाव को जन-जन तक पहुंचाने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को सहभागिता के साथ निभाने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और विकास की योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पक्का आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। विकास की प्रत्येक उपलब्धि के केंद्र में आम नागरिकों के पूरे होते सपने, उनका बढ़ता आत्मविश्वास और जीवन में आती खुशहाली है।

17 सितंबर की संध्या जलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों से एक विशेष और आत्मीय अपील भी की है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को संध्या 7 बजे प्रत्येक परिवार अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाए और अपने आसपास के लाभार्थी परिवारों को भी इस पहल से जोड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीया प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन के लिए छत्तीसगढ़वासियों की शुभकामनाओं का प्रतीक होने के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प का भी प्रतीक बने।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में देश ने गरीब कल्याण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ते हुए आगे बढ़ने की नई ऊर्जा प्राप्त की है। इसी भावना के अनुरूप सेवा संकल्प अभियान के दौरान समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का कोई न कोई कार्य करे। जब सेवा का भाव जनभागीदारी से जुड़ता है, तभी वह समाज में व्यापक और स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब हमारे गांव विकसित हों, शहर आगे बढ़ें और प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े। सेवा संकल्प अभियान इस सामूहिक संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ को छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जुड़कर विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें।

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से कराया परिचित

सिरपुर सहित प्रदेश की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार कर रही निरंतर प्रयास

एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी

रायपुर 14 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री  साय ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान भारत और जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ते संवाद सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ यह संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की मजबूत नींव है। युवाओं तथा विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से यह संबंध आने वाली पीढ़ियों में और अधिक मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया और जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप दिखाई देती है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है।

उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को जानें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का एक स्थायी संबंध स्थापित करें।

मुख्यमंत्री ने साझा किए जापान यात्रा के अनुभव

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी जापान यात्रा से जुड़े अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिस प्रकार सहेजकर रखा है, वह प्रेरणादायी है।

उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और जापान के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

शिक्षा और तकनीक से खुलेंगी सहयोग की नई संभावनाएं

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीक विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। भारत और जापान के शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों, शोध और नवाचार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा सकता है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम दो देशों के बीच केवल संस्थागत संबंध ही नहीं बनाते, बल्कि युवाओं के बीच मित्रता और आपसी समझ का मजबूत आधार भी तैयार करते हैं।

भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की आत्मीयता से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी

जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि रायपुर में उन्हें अत्यंत आत्मीय अनुभव हुआ। यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज एवं आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया।

विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और उसके सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्होंने मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को पुस्तकों और कक्षाओं से आगे बढ़कर यहां के समाज, संस्कृति और जीवनशैली के माध्यम से समझने का अवसर दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के अनुभव सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सहजता, आत्मीयता और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यहां से छत्तीसगढ़ की सुखद स्मृतियां लेकर जाएं और भविष्य में पुनः प्रदेश आएं।

एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों में दिखाई विशेष रुचि

छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप की गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली।

विशेष रूप से ऐसे स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया, जो तकनीक के माध्यम से आम लोगों की दैनिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, अनुसंधान और नवाचार आधारित सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई।

उल्लेखनीय है कि भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत एहिमे यूनिवर्सिटी का 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ आया है। प्रतिनिधिमंडल ने अपने प्रवास के दौरान एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों का भ्रमण किया और शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सा लिया।

प्रतिनिधिमंडल के भ्रमण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत को समझना भी शामिल है। इसी क्रम में छात्र प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर का भ्रमण करेगा। यहां विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध विरासत, स्थापत्य, कला और सांस्कृतिक इतिहास को करीब से जानेंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्यों को छत्तीसगढ़ प्रवास के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार की यात्राएं दो देशों की नई पीढ़ी को एक-दूसरे की संस्कृति, उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत और जापान के युवाओं के बीच यह संवाद भविष्य में मित्रता, ज्ञान, नवाचार और साझी प्रगति के नए अध्याय लिखेगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, एनआईटी रायपुर के प्रोफेसर  दिलीप सिंह सिसोदिया, डॉ. समीर बाजपेयी, आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर सी.के. मोहन, उद्योग विभाग के अतिरिक्त संचालक संजय गजघाटे, उपसंचालक  अमय त्रिपाठी, चिप्स के ज्वाइंट सीईओ  अनुपम आशीष टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

CG : SSB कैंप में जवान ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप, जांच में जुटे अधिकारी

CG : SSB कैंप में जवान ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, मचा हड़कंप, जांच में जुटे अधिकारी

 भानुप्रतापपुर। अंतागढ़ के पास कुहचे गांव में स्थित SSB कैंप में सोमवार को एक SSB जवान ने खुद को सर्विस रायफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली, जिससे हड़कंप मच गया। संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटे हैं।

जानकारी के मुताबिक, मृतक का नाम आनंद प्रकाश तिवारी बताया जा रहा है, जो कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और कुहचे स्थित SSB कैंप में हवलदार के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि अज्ञात कारणों के चलते उसने सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मामले की जांच में जुटी पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही कैंप के अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुटे हैं। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके के लिए रवाना किया गया है।

फिलहाल जवान ने यह कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

 
 
 
 
Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI से आरक्षक तक 27 पुलिसकर्मियों के तबादले, आदेश जारी

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI से आरक्षक तक 27 पुलिसकर्मियों के तबादले, आदेश जारी

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर फेरबदल किया गया है। इस संबंध में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों समेत 27 पुलिसकर्मियों की नई पदस्थापना की गई है।  तबादला सूची में जिले के कई थानों, चौकियों और पुलिस शाखाओं में तैनात कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। नई पदस्थापना के तहत कुछ पुलिसकर्मियों को थानों से चौकियों में भेजा गया है, जबकि कई कर्मचारियों को रक्षित केंद्र और अलग-अलग पुलिस शाखाओं से विभिन्न थानों में पदस्थ किया गया है। 

4 सहायक उप निरीक्षकों का तबादला

जारी आदेश के अनुसार चार ASI को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राजेश दर्शन — थाना कोतवाली से चौकी खरसिया

उदय सिंह सिदार — चौकी खरसिया से थाना लैलूंगा

प्रेमसाय भगत — थाना लैलूंगा से थाना यातायात

राजकुमार सिदार — थाना यातायात से थाना भूपदेवपुर

6 प्रधान आरक्षकों को मिली नई पोस्टिंग

तबादला सूची में छह हेड कॉन्स्टेबल भी शामिल हैं। इन्हें जिले के अलग-अलग थानों में भेजा गया है।

शिवप्रसाद पैंकरा — रक्षित केंद्र से थाना घरघोड़ा

लाजरूस मिंज — रक्षित केंद्र से थाना घरघोड़ा

मनोज मरावी — थाना कोतवाली से थाना धरमजयगढ़

दिव्विजय दास वैष्णव — रक्षित केंद्र से थाना कोतवाली

रेखा नागरे — थाना पुसौर से थाना कोतवाली

बसंती खूंटे — रक्षित केंद्र से थाना पुसौर

आरक्षकों की भी बदली गई पदस्थापना

पुलिस विभाग ने 18 आरक्षकों को भी अलग-अलग थानों और शाखाओं में नई जिम्मेदारी दी है। सूची में साइबर थाना, यातायात, कोतवाली, चक्रधरनगर, खरसिया, लैलूंगा और अन्य इकाइयां शामिल हैं।

भूपेन्द्र राठौर — थाना कोतवाली से खरसिया

रोहित कुमार — खरसिया से कोतवाली

हरेन्द्रपाल जगत — कोतवाली से खरसिया

जितेश्वर चौहान — खरसिया से कोतवाली

संदीप कौशिक — साइबर थाना से कोतवाली

धीरेन्द्र पाण्डेय — रक्षित केंद्र से लैलूंगा

राकेश टोप्पो — रक्षित केंद्र से लैलूंगा

राजेश राठौर — थाना छाल में यथावत, संशोधन

जितेन्द्र कुर्रे — चक्रधरनगर से साइबर थाना

विक्रम कुजूर — पूंजीपथरा से चक्रधरनगर

ललित कुमार प्रधान — रक्षित केंद्र से पूंजीपथरा

दीपक प्रधान — रक्षित केंद्र से साइबर थाना

फिलमोन लकड़ा — यातायात से धरमजयगढ़

विकास कुमार तिर्की — लैलूंगा से यातायात

अनिता बेक — कोतवाली से साइबर थाना

कुमारी निराला — रक्षित केंद्र से कोतवाली

लीलावती एक्का — चौकी रैरुमाखुर्द से लैलूंगा

पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने की कवायद

 रायगढ़ जिले में एक साथ बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की नई पदस्थापना को पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। अलग-अलग थानों और शाखाओं में कर्मचारियों की तैनाती से स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। तबादले के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश

अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश

 बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश - स्वयं मौका मुआयना करें, मानसून में भी सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें

वर्षा ऋतु के बाद निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में लाएं तेजी, समयबद्ध रूप से पूर्ण हों सड़क निर्माण के कार्य - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर 14 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर  अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्रीसाय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री  साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की शिकायत मिलते ही हो तत्काल कार्रवाई, दोषी बख्शे न जाएं-मुख्यमंत्री साय

दुर्व्यवहार अथवा उत्पीड़न की शिकायत मिलते ही हो तत्काल कार्रवाई, दोषी बख्शे न जाएं-मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा असुरक्षित वातावरण से संबंधित किसी भी शिकायत को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास बच्चों के लिए केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि उनके घर की तरह हैं। माता-पिता अपने बच्चों को विश्वास के साथ इन संस्थानों में भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन और संस्थान से जुड़े प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। बच्चों को सुरक्षित, भयमुक्त और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना हर परिस्थिति में सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। यदि किसी स्तर पर शिकायत की अनदेखी, उसे दबाने का प्रयास अथवा कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस प्रकरण के संदर्भ में सभी जिलों को व्यापक सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि जिले में संचालित बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि इन संस्थानों में सुरक्षा संबंधी निर्धारित व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन हो रहा है। छात्रावासों में अधीक्षकों एवं अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा व्यवस्था तथा बच्चों की शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की भी समीक्षा की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों के मामले में केवल शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई करने तक व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था विकसित की जाए। विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन को भी यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की उदासीनता गंभीरता से ली जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न अथवा उन्हें डराने-धमकाने जैसी किसी भी शिकायत की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यक होने पर पीडि़त छात्राओं को काउंसलिंग एवं अन्य जरूरी सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां निर्भय होकर पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने सपनों को पूरा करें, इसके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। प्रदेश के प्रत्येक आवासीय विद्यालय और छात्रावास में बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा सर्वाेपरि है। इस दिशा में लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

 

विशेष लेख : सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’

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 घोलेंग में टेक्सटाइल प्रशिक्षण से रोजगार और स्वरोजगार की राह हो रही मजबूत

  •     सुनील त्रिपाठी सहायक संचालक
  •     नूतन सिदार सहायक संचालक

रायपुर---- कभी घर-आंगन और गांव की परंपराओं तक सीमित रहने वाला हुनर अब रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह बना रहा है। जशपुर जिले के ग्राम घोलेंग में पारंपरिक हस्तकरघा कला को आधुनिक तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और बाजार की जरूरतों से जोड़कर महिलाओं और युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। यह पहल न केवल स्थानीय हुनर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं को भी आकार दे रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के प्रयासों को निरंतर गति दी जा रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं और युवाओं को आधुनिक तकनीक एवं कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया है। घोलेंग का आजीविका परिसर इसी सोच को जमीन पर साकार करने का उदाहरण बन रहा है।

प्रशिक्षण के साथ उत्पादन, हुनर को आय से जोड़ने की पहल

ग्राम घोलेंग स्थित आजीविका परिसर में स्थानीय महिलाओं और युवाओं को टेक्सटाइल एवं हैंडलूम से जुड़े कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आदित्य बिरला ग्रुप, जिला प्रशासन, बिहान एवं टेक्सटाइल स्किल सेक्टर काउंसिल के संयुक्त प्रयास से संचालित यह पहल प्रशिक्षण को केवल कौशल सीखने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसके साथ उत्पादन गतिविधियों को भी विकसित करने पर जोर दे रही है।

घोलेंग में आजीविका से परंपरागत रूप से जुड़े लगभग 35 से 40 परिवारों एवं स्व सहायता समूहों की महिलाओं को हैंडलूम और टेक्सटाइल से संबंधित कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं आधुनिक तकनीक और मशीनों के माध्यम से कपड़ा तैयार करने के साथ शॉल, साड़ी और अन्य उपयोगी उत्पाद बनाने का हुनर सीख रही हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य स्पष्ट हैकृहाथों में हुनर आए और उस हुनर को आय का साधन भी मिले। प्रशिक्षण के साथ उत्पादन का अवसर मिलने से महिलाएं सीखे हुए कौशल को वास्तविक कार्य में उपयोग कर रही हैं और भविष्य में इसे अपनी नियमित आजीविका से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

परंपरा और तकनीक का संगम

जशपुर की पहचान उसकी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय हुनर से है। घोलेंग में इसी पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को उत्पादन की आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ डिजाइन, गुणवत्ता और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने की जानकारी दी जा रही है।

इससे पारंपरिक हस्तकरघा कला को केवल सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित करने के बजाय उसे आधुनिक आर्थिक गतिविधि से जोड़ने का रास्ता तैयार हो रहा है। बेहतर डिजाइन और गुणवत्ता वाले उत्पादों को बाजार से जोड़ने की तैयारी के साथ स्थानीय हस्तकरघा उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं।

महिला स्व सहायता समूह बनेंगे आर्थिक बदलाव के वाहक

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी महिला स्व-सहायता समूह हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं अपने समूहों के माध्यम से उत्पादन गतिविधियों में भागीदारी कर सकेंगी। इससे समूह आधारित आजीविका को बढ़ावा मिलने के साथ महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित होने की संभावना है।

महिलाओं के आर्थिक रूप से सशक्त होने का प्रभाव केवल उनके परिवार तक सीमित नहीं रहता। उनकी आय बढ़ने से परिवार की जरूरतों की पूर्ति, बच्चों की शिक्षा और घरेलू आर्थिक निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत होती है। इस तरह घोलेंग में विकसित हो रही यह पहल महिला सशक्तिकरण से ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

युवाओं के लिए अपने क्षेत्र में रोजगार की नई संभावना

टेक्सटाइल क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को भी प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य उन्हें रोजगारपरक कौशल प्रदान कर अपने ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

स्थानीय स्तर पर कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। साथ ही प्रशिक्षित युवा भविष्य में स्वयं उत्पादन इकाई, समूह आधारित गतिविधि या अन्य स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

घोलेंग बनेगा हुनर, उत्पादन और बाजार के बीच सेतु

घोलेंग स्थित हैंडलूम प्रशिक्षण एवं उत्पादन केंद्र को भविष्य में कौशल, उत्पादन और बाजार के बीच मजबूत कड़ी के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। यहां तैयार होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइन को बाजार की मांग से जोड़ने पर जोर है, ताकि स्थानीय प्रतिभा को स्थानीय और व्यापक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिल सके।

यह पहल इस बात का उदाहरण है कि जब परंपरागत हुनर को आधुनिक कौशल, तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जाता है, तो वही हुनर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक मजबूती का आधार बन सकता है।

हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता जशपुर

घोलेंग में चल रही यह पहल केवल कपड़ा बनाने का प्रशिक्षण नहीं है, बल्कि हुनर को सम्मान, कौशल को अवसर और अवसर को आय में बदलने की दिशा में एक प्रयास है। महिलाओं के हाथों में आधुनिक तकनीक के साथ पारंपरिक हुनर है, युवाओं के सामने रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए स्थानीय स्तर पर नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

जहां कभी हस्तकरघा केवल परंपरा की पहचान हुआ करता था, वहीं अब वही हुनर रोजगार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। घोलेंग से शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में जशपुर के स्थानीय हुनर को नई पहचान देने के साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने की एक प्रभावी मिसाल बन सकती है।