नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
CG Rain Alert : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम…..

CG Rain Alert : छत्तीसगढ़ के कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी, जानें कहां कैसा रहेगा मौसम…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में 11 सितंबर को मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है। मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

इतिहास किताबें खोजें

आने वाले दो दिनों के भीतर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और ज्यादा तेज हो सकती हैं। खासकर दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में बादलों की आवाजाही और बारिश की रफ्तार दोनों में बढ़त देखने को मिलेगी। इन क्षेत्रों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विभाग ने दी सख्त चेतावनी

पूर्वानुमान को देखते हुए मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। 11 सितंबर को राज्य में एक-दो जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज बिजली गिर सकती है। इस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान वे खुले मैदानों या खेतों में जाने से पूरी तरह बचें।

बारिश का यह नया दौर राज्य के तापमान पर भी सीधा असर डालेगा। अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। पारा नीचे जाने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी और हवा में एक हल्की ठंडक का अहसास बढ़ने लगेगा। इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में कोई बड़ा उलटफेर होने की संभावना नहीं है।

खराब मौसम के बीच भूलकर भी न करें ये गलतियां

मौसम की इस तल्खी को देखते हुए आम जनता और किसानों दोनों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। गरज-चमक के समय किसी पक्के मकान या सुरक्षित जगह पर ही शरण लें। बड़े और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने की भूल बिल्कुल न करें, साथ ही बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खुले में रखी अपनी फसल या मंडी में पड़ी उपज को तुरंत किसी ढके हुए स्थान पर शिफ्ट कर ल

ब्रेकिंग : आबकारी विभाग ने तीन अफसर सस्पेंड, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

ब्रेकिंग : आबकारी विभाग ने तीन अफसर सस्पेंड, इस वजह से हुई कार्रवाई, जाने पूरा मामला…!!

 रायपुर। प्रदेश में शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित कीमत से अधिक दर पर शराब बेचने की पुष्टि होने के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम और जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है

190 रुपए की शराब 200 रुपए में बेची

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की टीम ने 07 सितंबर 2026 को महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्मक्रेता के माध्यम से कराए गए सत्यापन में दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता क्रमांक 01 दिनेश्वर ध्रुव द्वारा विदेशी मदिरा बैगपाईपर व्हिस्की का 01 नग पाव शासन द्वारा निर्धारित विक्रय दर 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेचना पाया गया। इसके बाद पुनः खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता क्रमांक 02 गुलाब डहरीया द्वारा भी यही मदिरा 190 रुपये के स्थान पर 200 रुपये में बेची गई। इस तरह 02 नग पाव की खरीद में निर्धारित 380 रुपये के स्थान पर 400 रुपये वसूल किए गए यानी दोनों विक्रयकर्ताओं द्वारा कुल 20 रुपये अधिक लिए गए। मामले में दोनों विक्रयकर्ताओं के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।

प्रभार क्षेत्र में अनियमितता पर नितेश सिंह बैस निलंबित

विभाग ने इस मामले को संबंधित प्रभार क्षेत्र में प्रभावी निगरानी के अभाव और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला माना। इसके बाद नितेश सिंह बैस आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी महासमुंद को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग, दुर्ग (छग) निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

कांकेर में अवैध शराब निर्माण की बड़ी तैयारी का खुलासा

इधर, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई में एक सूने/बंद किराए के मकान से अवैध मदिरा निर्माण से संबंधित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई में 4409 नग खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम तथा 3380 ढक्कन सहित अन्य सामग्री जब्त की गई है। जब्त सामग्री में 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की भरी हुई, कुल 5.400 लीटर, कीमत 3600 रुपये भी शामिल है। इसके अलावा विभिन्न ब्रांडों के स्टीकर एवं होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये बताई गई है। कुल खाली बोतल/पौवा की संख्या 4409 नग है, जिसकी कीमत 22,045 रुपये बताई गई है। वहीं विभिन्न प्रकार के कुल 3380 नग ढक्कन भी बरामद किए गए हैं।

रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित पर भी गिरी गाज

यह प्रकरण रानू मरकाम, आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी भानुप्रतापपुर के प्रभार क्षेत्र में आता है। उनके क्षेत्र में इतनी गंभीर अनियमितता पाए जाने को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं शिथिल नियंत्रण का परिचायक मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय जिला आबकारी अधिकारी, कांकेर रहेगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

इसी मामले में मधुकर श्याम हरित, सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी, जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विरुद्ध भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, कर्तव्य के प्रति उदासीनता तथा प्रभावी पर्यवेक्षण एवं सतत निगरानी के अभाव को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। उनका निलंबन मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

अन्य अधिकारियों से मांगा गया जवाब

महासमुंद के इसी अधिक दर पर बिक्री वाले मामले में विभाग ने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। दीपक ठाकुर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी तथा अजय कुमार पाण्डेय, सहायक जिला आबकारी अधिकारी को कारण बताओ सूचना जारी कर 07 दिवस के भीतर समाधानकारक उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

मदिरा दुकानों की निगरानी और सख्त होगी

विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रदेश में मदिरा की निर्धारित विक्रय दर से अधिक वसूली, अवैध शराब निर्माण तथा निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले की कार्रवाई के माध्यम से मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

जलग्रहण प्रबंधन के तहत अधिक से अधिक भूमिगत वृद्धि और आजीविका के कार्यो पर जोर

जलग्रहण प्रबंधन के तहत अधिक से अधिक भूमिगत वृद्धि और आजीविका के कार्यो पर जोर

 राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की बैठक सम्पन्न

रायपुर- मुख्य सचि विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की नवमीं बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों aको जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन के संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाइन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने प्रदेश में जलग्रहण के तहत किए जाने वाले कार्यों में अधिक से अधिक भूमिगत जलसंग्रहण के कार्यों को कराने की बात कही। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा आजीविका गतिविधियों के कार्यों को शामिल करने के निर्देश अधिकारियेां को दिए है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिले। बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पौधा रोपण सहित अमृत सरोवर, स्टापडेम, चेकडेम सहित अन्य जलसंग्रहण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रमों की वर्ष 2021 से अब तक किए गए कार्यों प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में वाटरशेड विकास कार्यक्रम- प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का प्रारंभिक प्रतिवेदन प्रस्ताव तैयार करने के क्षेत्रफल अनुमोदन के प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जलग्रहण प्रबंधन क्षेत्र विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत आजीविका की गतिविधियों के अंतर्गत डेयरी, मुर्गीपालन, मत्स्य पालन, बकरी पालन, शुकर पालन, बत्तख पालन, मधुमक्खी पालन, ड्रीम, स्पींकलर, पंप मोटर, पंप, अगरबत्ती उत्पादन, सब्जी उत्पादन, आटा चक्की, दाल पिसाई मशीन, मशाला पिसाई मशीन इत्यादि कार्यों को शामिल करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जल संग्रहण संरचानाओं के कार्यों जैस-चेकडेम, स्टापडेम, कुंआ, फार्म पॉण्ड, अरदन डेम, सिंचाई तालाब, डबरी, वृक्षारोपण तथा मृदा एवं नमी संरक्षण संरचना के कार्यों से प्रदेश में अतिरिक्त सिंचाई रकबा की वृद्धि हुई है, इससे राज्य के किसानों को लाभ हुआ है।

बैठक में पीसीसीएफ  अरूण पाण्डेय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचि सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, वन विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नाबार्ड, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड सहित शासी परिषद के अन्य सदस्य शामिल हुए।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रायपुर में आईटीएमएस के सुचारू संचालन को लेकर बैठक सम्पन्न हुई

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में रायपुर में आईटीएमएस के सुचारू संचालन को लेकर बैठक सम्पन्न हुई

रायपुर- मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राजधानी रायपुर में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के सुचारू और सतत संचालन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, वित्तीय दायित्वों और तकनीकी उन्नयन सहित इसके भविष्य में विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में आईटीएमएस से जुड़े लंबित वित्तीय दायित्वों की समीक्षा के साथ सिस्टम के नियमित संचालन एवं रखरखाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने आईटीएमएस के प्रभावी संचालन के लिए वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और दीर्घकालिक योजना तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कैमरों और तकनीकी संसाधनों के उन्नयन पर जोर

बैठक में आईटीएमएस के अंतर्गत लगाए गए उपकरणों, कैमरों, सर्वर और सॉफ्टवेयर को समयानुकूल अपग्रेड करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप सिस्टम को आधुनिक बनाने की आवश्यकता बताई, ताकि यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

नई सड़कों और जंक्शनों तक होगा विस्तार

आईटीएमएस को रायपुर की नई सड़कों, प्रमुख कॉरिडोर और जंक्शनों तक विस्तारित करने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए आवश्यक तकनीकी एवं वित्तीय संसाधनों का आकलन कर चरणबद्ध तरीके से विस्तार की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार किया गया।

बैठक में आईटीएमएस के संचालन, रखरखाव, तकनीकी उन्नयन और भविष्य के विस्तार के लिए दीर्घकालिक वित्तीय रोडमैप तैयार करने की आवश्यकता पर भी सहमति बनी।

बैठक में डीजीपी  अरुण देव गौतम, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, एडीजीपी श्री दीपांशु काबरा, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार, रायपुर कलेक्टर श्री गौरव कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सपरिवार देखी फिल्म ‘हनुमान अंश’

राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सपरिवार देखी फिल्म ‘हनुमान अंश’

 मुख्यमंत्री साय ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की

भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है : मुख्यमंत्री साय

नीम करौली बाबा का जीवन मानव सेवा, प्रेम और भक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण : मुख्यमंत्री

भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फिल्में नई पीढ़ी को अपने संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम

मंत्रिपरिषद के सदस्य एवं निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्ष भी रहे उपस्थित

रायपुर/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जोरा मॉल के सिनेमाघर में सपरिवार फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी सपरिवार उपस्थित रहे। मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों ने भी फिल्म देखी।

फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री साय ने ‘हनुमान अंश’ को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली ऐसी प्रेरणादायी फिल्में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचनी चाहिए। फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिकाधिक दर्शकों, विशेषकर युवाओं को भारत की समृद्ध संत परंपरा और उसके जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाया है। संतों ने अपने जीवन और आचरण के माध्यम से समाज को मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है। नीम करौली बाबा का जीवन भी इसी महान परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि मानव सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीम करौली बाबा ने अत्यंत सरल शब्दों और सहज जीवन के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया। उनके विचारों में मानवता और सभी के प्रति समान भाव सर्वोपरि रहा। उनका यह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की सामर्थ्य रखता है।

मुख्यमंत्री साय ने फिल्म के निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों एवं पूरी टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम है। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा पर आधारित सकारात्मक फिल्में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक शक्ति उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपराओं और जीवन मूल्यों में निहित है। सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी रूप में समाज तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास हैं।

जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जल संरक्षण और हर घर तक स्वच्छ पेयजल हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को मिशन मोड में करें पूरा - मुख्यमंत्री साय

मार्च 2028 तक सभी जल संरचनाओं को पूर्ण करने के निर्देश, गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर

जल जीवन मिशन की जिलेवार नियमित समीक्षा करें कलेक्टर, बाधाओं का तत्काल करें समाधान

पूर्ण हो चुके कार्यों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश

कोरिया, धमतरी और राजनांदगांव सहित अन्य जिलों के बेहतर प्रदर्शन की मुख्यमंत्री ने की सराहना

रायपुर -जल संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा विषय है। प्रदेश में जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हो और प्रत्येक परिवार को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिले, इस लक्ष्य के साथ राज्य सरकार जल संचय और जल जीवन मिशन के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने जल संचय जन भागीदारी अभियान की जिलेवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग हो और निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में काम किया जाए।

जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण अभियान

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संरक्षण को केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाया जाना चाहिए। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के अनेक जिलों ने जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य किए हैं। अब सभी जिलों को अपने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर परिणाम के लिए प्रयास करना होगा।

मुख्यमंत्री ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से अभियान की जिलेवार प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कोरिया, धमतरी राजनांदगांव सहित अन्य जिलों में जल संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अनुभव और कार्यप्रणाली का लाभ अन्य जिलों को भी मिलना चाहिए, ताकि पूरे प्रदेश में जल संरक्षण के प्रयासों को समान गति मिल सके।

जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो ने बैठक में बताया कि जल संचय जन भागीदारी अभियान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। उन्होंने बताया कि सभी जिलों को इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने के साथ उससे बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ के जल संरक्षण मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण के प्रयास तभी दीर्घकालिक परिणाम देंगे, जब शासन के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। जनभागीदारी की इसी शक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़ को जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थायी रूप से स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संचय जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत सभी जिलों के नोटिफाइड नक्शे तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। अभियान की मुख्य सचिव स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए तथा जहां भी कमियां सामने आएं, उन्हें तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों।

हर घर तक नल से स्वच्छ जल पहुंचाना हमारा लक्ष्य

मुख्यमंत्री  साय ने बैठक में जल जीवन मिशन की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। प्रदेश के प्रत्येक घर तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जल जीवन मिशन के शेष कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाए। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में इसकी नियमित समीक्षा करें और जहां भी प्रशासनिक, तकनीकी अथवा क्रियान्वयन संबंधी बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराएं।
उन्होंने कहा कि केवल अधोसंरचना निर्माण ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि योजनाओं का वास्तविक लाभ परिवारों तक पहुंचे और लोगों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। इसके लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाए।

पूर्ण कार्यों के भुगतान में न हो अनावश्यक विलंब

मुख्यमंत्री  साय ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूर्ण हो चुके कार्यों के भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन कार्यों को निर्धारित मापदंड और गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण किया जा चुका है, उनका भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मिशन की नियमित समीक्षा करते हुए प्रेजेंटेशन में सामने आई कमियों और समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए। योजना से जुड़े सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से शेष कार्यों को गति दी जाए।

हर जिले की प्राथमिकता बने जल सुरक्षा

मुख्यमंत्री  साय ने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने जिलों में जल संरक्षण और हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संचय जन भागीदारी अभियान और जल जीवन मिशन सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इन प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन से जहां वर्तमान में लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा मिलेगी, वहीं भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव भी तैयार होगी।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। इसके लिए शासन-प्रशासन के साथ जनभागीदारी को और मजबूत करते हुए प्रत्येक जिले को अपनी पूरी क्षमता से कार्य करना होगा। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां जल का बेहतर संरक्षण हो, जल स्रोत सुरक्षित और समृद्ध हों तथा प्रत्येक परिवार को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल सहज रूप से उपलब्ध हो।

बैठक में मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, जल संसाधन विभाग के सचिव आर. एस. टोप्पो, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव अब्दुल कैसर हक, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अंतागढ़ के 122 जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष थामा भाजपा का दामन

अंतागढ़ के 122 जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के समक्ष थामा भाजपा का दामन

  00 साय ने दिलाई सदस्यता, कहा - संगठन को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के अन्तागढ़ विधानसभा क्षेत्र के 122 जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति और विकास कार्यों से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक सादे एवं गरिमामय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी को भाजपा का गमछा पहनाकर पार्टी में विधिवत प्रवेश कराया। सदस्यता लेने वालों में प्रमुख रूप से क्षेत्र के पंच, सरपंच, जनपद सदस्य एवं ग्राम पटेल शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय जनता पार्टी परिवार में अंतागढ़ क्षेत्र के सभी 122 जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों, जनपद सदस्यों और सम्मानीय ग्राम पटेलों का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों का यह विश्वास दर्शाता है कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार द्वारा बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी नीतियों पर जनता की अटूट आस्था है। सभी नवप्रवेशी जमीन से जुड़े हुए जनसेवक हैं, उनके भाजपा में आने से संगठन को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। हम सब मिलकर अंत्योदय के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ के हर गाँव और हर नागरिक तक विकास की किरण पहुँचाने के लिए निरन्तर कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, कांकेर जिला अध्यक्ष महेश जैन, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। नवप्रवेशी जनप्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र के चहुँमुखी विकास के लिए संगठन के साथ मिलकर पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प दोहराया।
पोला पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा के प्रतीक लोक-पर्व पोला की समस्त प्रदेशवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोला हमारे किसान भाइयों के परिश्रम, कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन पर्व है। श्री साय ने भगवान शिव और नंदी बैल से प्रार्थना की कि यह पावन त्योहार प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए।

नशे से दूर रहकर युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं – राज्यपाल रमेन डेक

नशे से दूर रहकर युवा अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं – राज्यपाल रमेन डेक

 रायपुर: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ संकल्प अभियान के अंतर्गत विगत एक माह से आयोजित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आज समापन हुआ। कार्यक्रम में कुलाधिपति एवं राज्यपाल  रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका ने कहा कि भारत युवाओं का देश है। किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी युवा पीढ़ी होती है। युवा देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की भी महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उनके विचार, संकल्प और सपने राष्ट्र की दिशा तय करते हैं। इसलिए युवा शक्ति को नशे जैसी बुराइयों से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को युवाओं को नशामुक्त बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से इस महाअभियान की शुरुआत की है। नशे के विरुद्ध लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। आज पारंपरिक नशे के साथ सूखे नशे का चलन भी बढ़ रहा है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है।

राज्यपाल ने कहा कि नशा व्यक्ति की सही और गलत में अंतर करने की क्षमता को प्रभावित करता है। नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति को दोषी मानने के बजाय उसके प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए काउंसलिंग और आवश्यकता पड़ने पर उपचार उपलब्ध कराना चाहिए। अधिक नशे से मनोवैज्ञानिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में मानसिक स्वास्थ्य एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।

डेका ने कहा कि नशे से किसी समस्या का समाधान नहीं होता। जीवन में परीक्षा का दबाव, करियर की चिंता, असफलता का भय और अपेक्षाओं का बोझ जैसी परिस्थितियां आती रहती हैं। इनसे बचने के लिए नशे का सहारा लेना समाधान नहीं है। समस्या से भागना समाधान नहीं, बल्कि उसका सामना करना ही वास्तविक साहस है।

उन्होंने युवाओं से अनुशासन, समय की पाबंदी और नियमित अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत से ज्ञान के साथ-साथ विभिन्न विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है। राज्यपाल ने डिजिटल एडिक्शन को भी गंभीर चुनौती बताते हुए युवाओं से डिजिटल माध्यमों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करने की अपील की।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हार्टफुलनेस आश्रम, हैदराबाद के संचालक श्री त्रिलोचन चावला ने नशा मुक्ति के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नशा मुक्त भारत अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ भी दिलाई। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सच्चिदानंद शुक्ला ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और माय भारत वॉलिंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को राज्यपाल ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शिक्षा पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ प्रोफेसर श्री राजीव चौधरी को भी राज्यपाल ने सम्मानित किया।

रेडक्रॉस एवं रोटरी संस्था द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर के लिए संस्था के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य, विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को मिला ए ग्रेड, राज्यपाल डेका से मिले कुलपति चंदेल

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को मिला ए ग्रेड, राज्यपाल डेका से मिले कुलपति चंदेल

 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने सौजन्य भेंट की। कुलपति डॉ. चंदेल ने राज्यपाल को अवगत कराया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को ए ग्रेड प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों एवं शिक्षण कार्यक्रमों को भी अधिमान्यता प्रदान की गई है। राज्यपाल  डेका ने इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।

जोखिमपूर्ण भवनो की जांच में होगी लापरवाही, तो तय होगी जवाबदेही – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

जोखिमपूर्ण भवनो की जांच में होगी लापरवाही, तो तय होगी जवाबदेही – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय….

रायपुर: विद्यार्थियों और नागरिकों के जीवन की सुरक्षा शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी घटना के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित खतरों की पहले से पहचान कर उन्हें दूर करना भी हमारी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सभी जिलों में हॉस्टल, पीजी, कोचिंग सेंटर, स्कूल तथा बड़े शैक्षणिक भवनों का तत्काल निरीक्षण एवं सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आएं, वहां समय-सीमा निर्धारित कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में स्वयं इसकी नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि शासन के निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखाई दे।

मुख्यमंत्री  साय ने स्कूलों, पुस्तकालयों, छात्रावासों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्थित पुराने एवं जर्जर भवनों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवन, जिनकी स्थिति जोखिमपूर्ण है अथवा जिनसे किसी प्रकार की जनहानि की आशंका हो सकती है, उनकी पहचान कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान हो और दुर्घटना की आशंका को पहले ही समाप्त कर दिया जाए। विशेष रूप से बच्चों और विद्यार्थियों से जुड़े संस्थानों में सुरक्षा मानकों के पालन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिलों में सुरक्षा से संबंधित निरीक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। केवल शिकायत अथवा दुर्घटना सामने आने के बाद कार्रवाई करने की प्रवृत्ति के स्थान पर सतत निगरानी और समय रहते सुधार की कार्यसंस्कृति विकसित करनी होगी।

’अवैध और मिलावटी शराब के विरुद्ध प्रदेशभर में सख्त अभियान चलाने के निर्देश’

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को अवैध एवं मिलावटी शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और परिवहन के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आबकारी विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों अथवा स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, बिक्री या मिलावट की आशंका हो, वहां संयुक्त टीमों के माध्यम से छापेमारी की जाए।

’सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाएं निगरानी, दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आवक पर लगे प्रभावी रोक’

उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान करते हुए संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब के निर्माण अथवा मिलावट में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

’लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों पर तत्काल अमल शुरू किया जाए तथा जिलों में की गई कार्रवाई की नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने किया स्वदेशी मेला के पोस्टर एवं ब्रोशर का विमोचन

मुख्यमंत्री ने किया स्वदेशी मेला के पोस्टर एवं ब्रोशर का विमोचन

 00 बस्तर से लेकर सरगुजा तक लगेंगे स्वदेशी मेले
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा जगदलपुर, बिलासपुर, रायपुर, भिलाई दुर्ग, राजनांदगाव एवं अंबिकापुर में आयोजित होने वाले इस वर्ष के स्वदेशी मेला के आधिकारिक ब्रोशर और पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच प्रांत के प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता एवं पूर्व मंत्री एवं विधायक अमर अग्रवाल सहित अमरजीत सिंह छाबड़ा, युगबोध अग्रवाल, अमर बंसल, सुब्रत चाकी, जसप्रीत सलूजा, मनीषा सिंह (रायपुर), डॉ. सुशील श्रीवास्तव, डॉ. प्रफुल्ल शर्मा, गुलशन ऋषिअरुणा दीक्षित (बिलासपुर), विष्णु साव, विनोद डड्ढा, योगेश बागड़ी (राजनांदगांव), दिनेश पाटील, अजय भसीन, शंकर सचदेव (भिलाई-दुर्ग) विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेला के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेलों से स्थानीय कारीगरों, स्व-सहायता समूहों और स्वदेशी उद्योगों को बड़ा प्रोत्साहन मिलता है। भारतीय विपणन विकास केंद्र द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले इन मेलों की तिथियों एवं स्थानों की विस्तृत जानकारी जल्द ही जारी की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू से हाहाकार, मरीजों का आंकड़ा 340 के पार

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू से हाहाकार, मरीजों का आंकड़ा 340 के पार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। 8 सितंबर को प्रदेश में एक दिन में 46 नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं और अब कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 344 पहुंच चुकी है। अब प्रदेश के 24 जिलों में इस बीमारी का संक्रमण फैल चुका है। सबसे ज्यादा 146 मरीज रायपुर से मिले हैं। अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से पीडि़त मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रायपुर के अलावा दुर्ग में 4, बिलासपुर और कोरबा में 3-3, जबकि बालोदाबाजार, बस्तर और महासमुंद में 2-2 नए मरीज मिले हैं। कुल 344 मरीजों में से 122 एक्टिव मरीज हैं।

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में उपचार जारी
अब तक प्रदेश में स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत दर्ज नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की निगरानी और उपचार कर रहा है। विशेषज्ञों ने बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह दवा नहीं लेने की अपील की है।

बच्चों और बुजुर्गों को डॉक्टरों की सलाह
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी सरकारी और जिला अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है। संदिग्ध मरीजों के लिए विशेष वार्ड बनाए जा रहे हैं और दवाओं का स्टॉक सुनिश्चित किया जा रहा है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीडि़त लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने, मास्क लगाने तथा लक्षण दिखने पर खुद से दवा न लेकर तुरंत टेस्ट कराने की सलाह दी है।

CG- CISF कैंप में गूंजी गोलियों की आवाज : दो राउंड फायरिंग… और CISF जवान की मौत, ऐसे हुआ हादसा

CG- CISF कैंप में गूंजी गोलियों की आवाज : दो राउंड फायरिंग… और CISF जवान की मौत, ऐसे हुआ हादसा

 दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बड़ी घटना हो गई। गोली लगने से सीआईएसएफ जवान की मौत हो गई। मृतक जवान सीआईएसएफ में प्रधान आरक्षक के पद पर थे। पुलिस ने घटना की जानकारी जवान के परिजनों को दे दी हैं। साथ ही घटनाक्रम में आगे की जांच कार्रवाई की जा रही है। घटना थाना बचेली क्षेत्र के सीआईएसएफ कैंप की है।

जानिए पूरा मामला

मृतक जवान का नाम दत्तात्राया पिता शिवाजी बी. वांगने निवासी अहिल्यानगर महाराष्ट्र के रहने वाले थे। बताया जा रहा हैं कि सीआईएसएफ कैंप बचेली अंतर्गत 10-11 ए कैंप के पोटाकेबिन क्रमांक-03 में प्रधान आरक्षक दत्तात्राया एके -47 रायफल की सफाई कर रहे थे।

दो राउंड फायर

इसी दौरान अचानक रायफल से दो राउंड फायर हो गया, जिससे गोली लगने से प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी जवानों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाया, जहां पर डाॅक्टरों ने परिक्षण के दौरान मृत घोषित कर दिया।

मृतक के शव को अपोलो अस्पताल एनएमडीसी बचेली की मरच्यूरी में रखा गया था। कार्रवाई एवं पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल दंतेवाड़ा भेजा गया है। मृतक के परिजन भी बचेली पहुंच चुके

दिल्ली में अवैध-जर्जर इमारतों पर MCD की बड़ी कार्रवाई, 34 ध्वस्त और 17 सील

दिल्ली में अवैध-जर्जर इमारतों पर MCD की बड़ी कार्रवाई, 34 ध्वस्त और 17 सील

 दिल्ली। सत्य निकेतन में पीजी की इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने राजधानी में खतरनाक, जर्जर और अनधिकृत इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत बुधवार को निगम ने 34 इमारतों को ध्वस्त किया, जबकि 17 संपत्तियों को सील किया गया। इसके अलावा 22 इमारतों के मालिकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

MCD के इस अभियान का उद्देश्य ऐसी इमारतों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना है, जो जर्जर, खतरनाक या भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई हैं। सत्य निकेतन में पीजी भवन हादसे के बाद राजधानी में ऐसी इमारतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद निगम ने विभिन्न इलाकों में निरीक्षण और कार्रवाई का अभियान शुरू किया।

सत्य निकेतन में सटे पीजी पर चला MCD का बुलडोजर
नगर निगम ने बुधवार को सत्य निकेतन में हादसे वाली इमारत से सटे छात्राओं के पांच मंजिला पीजी को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की। निगम की टीम ने पूरे दिन की कार्रवाई के बाद पीजी की एक मंजिल को ही तोड़ पाया। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। आसपास के रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया।सुरक्षा को देखते हुए घटनास्थल से सटे अन्य पीजी और फ्लैटों को भी खाली कराया गया। निगम की टीम ने गीता कॉलोनी में जर्जर मकानों तथा परमपुरी और लक्ष्मी नगर में निर्माणाधीन अवैध इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई की। इस दौरान कई संपत्तियों को ध्वस्त किया गया और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।निगम के मुताबिक, 17 संपत्तियों को सील किया गया, जबकि चार संपत्तियों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए।

कोरबा से अयोध्या के लिए रवाना हुआ 35 श्रद्धालुओं का दल, करेंगे श्रीरामलला के दर्शन

कोरबा से अयोध्या के लिए रवाना हुआ 35 श्रद्धालुओं का दल, करेंगे श्रीरामलला के दर्शन

कोरबा। भगवान श्रीरामलला के दर्शन की इच्छा रखने वाले कोरबा के 35 श्रद्धालुओं का दल अयोध्याधाम के लिए रवाना हुआ। नगर पालिक निगम कार्यालय साकेत भवन से सुबह श्रद्धालुओं की बस को हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत की गई। इस दौरान निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर सहित एमआईसी सदस्य और पार्षद मौजूद रहे।

यात्रा पर रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं का तिलक लगाकर और पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया। सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने सभी तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीरामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को रवाना करना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है।

श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को अयोध्या ले जाकर भगवान श्रीराम के दर्शन कराए जा रहे हैं। इस यात्रा का खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। कोरबा से रवाना हुआ दल पहले बस से बिलासपुर के उस्लापुर रेलवे स्टेशन पहुंचेगा। यहां से विशेष ट्रेन के माध्यम से श्रद्धालु अयोध्याधाम जाएंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। उन्होंने योजना की सराहना करते हुए सरकार के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर निगम के जनप्रतिनिधि, अधिकारी और अन्य लोग भी उपस्थित रहे।

 

 

पोला पर्व पर CM विष्णुदेव साय का कई कार्यक्रम, दुर्ग-भिलाई में करेंगे पोला उत्सव में शिरकत

पोला पर्व पर CM विष्णुदेव साय का कई कार्यक्रम, दुर्ग-भिलाई में करेंगे पोला उत्सव में शिरकत

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज पोला पर्व के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:30 बजे रायपुर से दुर्ग जिले के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री साय दोपहर 3 बजे ग्राम मडियापार पहुंचेंगे, जहां वे पोला महोत्सव 2026 कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शाम करीब 3:45 बजे भिलाई के रिसाली सेक्टर के लिए रवाना होंगे। शाम 4:30 बजे मुख्यमंत्री साय रिसाली के दशहरा मैदान में आयोजित पोला उत्सव कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इस दौरान वे पोला पर्व के आयोजन में शामिल होकर लोगों को पर्व की शुभकामनाएं देंगे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री साय शाम करीब 5:45 बजे तक रायपुर लौटेंगे। पोला पर्व को लेकर आयोजित इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। 

सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : मंत्री अरुण साव

सुबह शहर में निकलें अधिकारी, जमीनी हकीकत देखें और काम कराएं : मंत्री अरुण साव

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज राज्य के सभी नगर निगमों तथा जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ ही जवाबदेही से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्था नहीं, बल्कि शहर के भविष्य की योजनाएं बनाने, जनसुविधाएं उपलब्ध कराने तथा नागरिकों की कल्याणकारी संस्था है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और संचालक  नीलेशकुमार क्षीरसागर भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में कहा कि शहरों के विकास के काम तथा राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक समय पर पहुंचे, इसके लिए अधिकारी सक्रियता से काम करें। प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम स्वनिधि योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक पहुंचाएं। उन्होंने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों के सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने और संपत्ति कर जमा करने के लिए ज्यादा से ज्यादा निकायों में आनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निकायों के अभियंताओं से कहा कि वे निर्माण कार्यों में तेजी और गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा निर्माणाधीन कार्यों की कड़ाई से निरीक्षण करें। उन्होंने सप्ताह के अलग-अलग दिनों में राजस्व वसूली, निर्माण कार्यों, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए कार्य-पद्धति विकसित करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री ने अवैध कब्जों और अतिक्रमणों का पता चलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं का अतिरिक्त भार निकाय पर पड़ता है। उन्होंने निगम आयुक्तों और सीएमओ को प्रतिदिन प्रातः भ्रमण कर साफ-सफाई की व्यवस्था और निर्माण कार्यों के निरीक्षण के निर्देश दिए। इससे कार्यों की मैदानी हकीकत पता चलने के साथ ही शहर की समस्याओं और लोगों के फीडबैक की भी जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में निवेश और पर्यटन की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में शहरों की अधोसंरचना भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित होनी चाहिए।

साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक योजना बनाने पर जोर देते हुए शहरों के सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था तैयार करने को कहा। भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निकायों के अधिकारी ही शहर की छवि और विकास की दिशा तय करने वाले प्रमुख जिम्मेदार अधिकारी हैं, इसलिए पूरी क्षमता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करें।

शहरों की व्यवस्था ऐसी हो कि नागरिकों को निकाय की मौजूदगी का अहसास हो : श्री सोनमणि बोरा

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों से कहा कि नगरीय निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्यो और योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का निर्बाध और सुचारू संचालन भी है। तेजी से हो रहे शहरीकरण और बढ़ती जनआकांक्षाओं के अनुरूप निकायों को भविष्य की जरूरतों का रोडमैप तैयार कर उस पर प्रभावी ढंग से अमल करना होगा। शहरवासियों को निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए। उन्हें विभिन्न आयोजनों व कार्यक्रमों में सहभागी बनाया जाना चाहिए

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि नगरीय निकायों का काम संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसका कार्यक्षेत्र बेहद व्यापक है। नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों में आधुनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी निकायों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं और विकास कार्यों का असर कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। निगम आयुक्त और सीएमओ शहरी विकास और कल्याण की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।

उन्होंने शहरों में उपलब्ध खाली स्थानों का चिन्हांकन कर वहां सघन वृक्षारोपण कराने और ‘अर्बन फारेस्ट’ विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों का गंभीरता और सक्रियता से पालन करने को कहा। उन्होंने सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी समयबद्ध तरीके से नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए

समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन सभी नालंदा परिसरों को शीघ्र शुरू करने की दिशा में आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने पर भी जोर दिया गया। प्रमुख सचिव ने फर्नीचर, आइटी सुविधाओं, किताबों तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए राशि स्वीकृत कर जल्द टेंडर जारी करने के निर्देश दिए। सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता श्री रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता और संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

इन कार्यों की हुई समीक्षा

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं की अद्यतन स्थिति, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न राज्य प्रवर्तित योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, निकायों की टीम द्वारा प्रतिदिन मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

CG : एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र ने लगाई फांसी, मचा हड़कंप

CG : एकलव्य आवासीय विद्यालय में 10वीं के छात्र ने लगाई फांसी, मचा हड़कंप

 बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। डौंडी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 10वीं के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना के बाद विद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है।

कमरे नंबर 16 में फंदे से लटकी मिली लाश

जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान विनय कुमार, पिता कामता राम के रूप में हुई है। वह ग्राम रीवागहन खेरथा का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि आज सुबह विनय कुमार पीटी में शामिल होने नहीं गया था। इसके बाद जब पीटी से बाकी बच्चे वापस आए, तब उन्हें घटना की जानकारी हुई। छात्र को कमरे में फंदे पर लटका देख विद्यालय में हड़कंप मच गया। छात्र ने विद्यालय के कमरा नंबर 16 में फांसी लगाई है।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं मामले की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त भी मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली।

फिलहाल छात्र ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी में है। पीएम रिपोर्ट और मृतक छात्र के करीबियों से पूछताछ के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

CG Weather Today: मौसम फिर लेगा करवट! छत्तीसगढ़ में बारिश होगी तेज, 27 जिलों में येलो अलर्ट

CG Weather Today: मौसम फिर लेगा करवट! छत्तीसगढ़ में बारिश होगी तेज, 27 जिलों में येलो अलर्ट

  रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसमी सिस्टम अब छत्तीसगढ़ के मौसम पर असर डालने लगा है। इसके चलते प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने के आसार हैं। 10 सितंबर से कई इलाकों में बादल बरस सकते हैं, वहीं कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी रहेगा। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए प्रदेश के 27 जिलों के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

पिछले 24 घंटों में भी प्रदेश के कई इलाकों में बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि, अब तक राज्य में मौसमी बारिश सामान्य से 6 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी वर्षा के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान कई इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी संभावना है

मौसम खराब होने के दौरान खासतौर पर खुले इलाकों में सावधानी बरतने की जरूरत होगी। बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ या खुले स्थान के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जाती है।

मौसम विभाग ने 10 सितंबर को सुबह 7:15 बजे जिला स्तरीय नाउकास्ट जारी किया है। यह चेतावनी सुबह 10:15 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके मुताबिक कई जिलों में हल्की आंधी के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।

जिन जिलों के कुछ हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, उनमें सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर शामिल हैं।

इन इलाकों में हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। शहर में बारिश के साथ गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है।

रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बुधवार को राजधानी में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ, जहां पारा 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। पाली (कोरबा) में 4 सेमी बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि में सबसे अधिक रही। वहीं बिलासपुर के बेलगहना में 3 सेमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।

इसके अलावा हरदीबाजार (कोरबा) और नेरहरपुर (कांकेर) में 2-2 सेमी बारिश हुई। सकरी और कोटा (बिलासपुर), घुमका (राजनांदगांव), जशपुरनगर (जशपुर) और छिंदगढ़ (सुकमा) में 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई।

मौसम में बदलाव की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे बांग्लादेश तट के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।

इसके प्रभाव से 10 सितंबर को उत्तरी बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका भी जम्मू, देहरादून, पंतनगर, बस्ती, छपरा, पुरुलिया और दीघा होते हुए पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। इस दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं एक-दो जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

गरज-चमक और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर येलो अलर्ट वाले जिलों में स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखना जरूरी होगा।

ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, कई तहसीलदार हुए इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट…

ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, कई तहसीलदार हुए इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट…

 रायपुर। राज्य सरकार ने राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है। 57 तहसीलदार और नायब तहसीलदाराें को इधर से उधर किया गया है। इसका आदेश आज राजस्व विभाग ने जारी किया है।

CG Police Transfer : पुलिस विभाग में एक और तबादला, तीन थानों की बदली कमान,देखें आदेश…!!

CG Police Transfer : पुलिस विभाग में एक और तबादला, तीन थानों की बदली कमान,देखें आदेश…!!

 रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिसिंग व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने सात निरीक्षकों की पदस्थापना में बदलाव करते हुए नवीन जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब युवा टाउन प्लानर्स के कंधों पर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी अब युवा टाउन प्लानर्स के कंधों पर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

 रायपुर: शहरों का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों के अनुरूप किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी नवचयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य निर्माण के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। यह नियुक्ति विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने में महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री  साय ने नवचयनित अधिकारियों के माता-पिता और परिजनों को भी विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर योग्य बनाना और उन्हें जिम्मेदार पद पर प्रदेश तथा जनता की सेवा करते देखना प्रत्येक माता-पिता के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर होता है। आज इन युवाओं के जीवन में नई जिम्मेदारी की शुरुआत हो रही है और इसके साथ उनके परिवारों की अपेक्षाएं तथा प्रदेश की आशाएं भी जुड़ी हुई हैं।

राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में 17 नियुक्तियां, अब एक साथ 21 युवा अधिकारी

’मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि आज एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभागों को पर्याप्त मानव संसाधन और प्रोफेशनल क्षमता से सशक्त कर रही है

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार होने के साथ नगरों की सीमाएं बढ़ रही हैं और प्रमुख सड़कों तथा शहरों के आसपास नई बसाहटें विकसित हो रही हैं। आने वाले वर्षों में यह गति और तेज होगी। ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, परिवहन, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक योजना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने का कार्य नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है। एक अच्छी योजना शहर को व्यवस्थित बनाती है, नागरिक सुविधाओं को सुलभ करती है और भविष्य में अनियोजित विस्तार से उत्पन्न होने वाली समस्याओं को रोकती है। इसलिए आज नियुक्त हुए युवा अधिकारियों के कंधों पर भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

जनहित और पारदर्शिता को हमेशा सर्वाेच्च प्राथमिकता दे

मुख्यमंत्री  साय ने नवचयनित अधिकारियों को दायित्वबोध का संदेश देते हुए कहा कि शासकीय सेवा  जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। शासन में अधिकारी द्वारा लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें।

उन्होंने कहा कि शासन की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिसमें आम नागरिक को अपने छोटे से छोटे कार्य के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुविधा और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देना अधिकारियों का दायित्व है। उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करने का आह्वान किया।

विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भागीदारी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ देश इस लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की भी महत्वपूर्ण भूमिका है

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों के विकास की स्पष्ट दिशा तय करते हुए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर रू विजन 2047’ तैयार किया है। हमारा लक्ष्य ऐसा छत्तीसगढ़ बनाना है, जहां आधुनिक अधोसंरचना के साथ बेहतर नागरिक सुविधाएं हों, युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर हों और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें शासन-प्रशासन, युवाओं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

ढाई वर्षों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां प्रदान की गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं। विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया निरंतर जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए अवसरों का दायरा केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन के प्रावधान किए गए हैं। रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और रुचि के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।

पारदर्शी व्यवस्था से मिली नियुक्ति, उसी पारदर्शिता का लाभ जनता तक पहुंचाएं : श्री ओ.पी. चौधरी

वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अर्थव्यवस्था के विकास के साथ शहरी आबादी और शहरों का विस्तार बढ़ना स्वाभाविक है। इसलिए भविष्य की आवश्यकताओं का पहले से आकलन कर आधुनिक और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग करना समय की आवश्यकता है।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में पहले एक बार में तीन या चार सहायक संचालकों की नियुक्तियां होती थीं, लेकिन इस बार एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की प्रोफेशनल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि उनकी भर्ती पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है। अब उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि वे इसी पारदर्शिता और ईमानदारी को अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं। जब कोई नागरिक नक्शा स्वीकृति या अपने किसी अन्य कार्य के लिए विभाग के कार्यालय आए, तो उसे व्यवस्था में सरलता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता का अनुभव होना चाहिए।

नई पीढ़ी के अधिकारियों की ऊर्जा से विकास को मिलेगी नई गति: केदार कश्यप

वन मंत्री  केदार कश्यप ने नवचयनित अधिकारियों और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति प्रदेश के सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवचयनित अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनेंगे।

कार्यक्रम में विभागीय सचिव  अंकित आनंद, आयुक्त श्री अवनीश शरण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले, CM साय की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय….

कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले, CM साय की अध्यक्षता में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय….

   रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1.    मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा

इस मिशन का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर देने के साथ ही उन्हें जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाना और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार एवं नई तकनीक आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है।

2.    मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी दी है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार पहुंच एवं व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों में मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस नीति के तहत ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों और निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी। इस नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक एवं मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजारों से और मजबूती से जोड़ना है।

3.    मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

लगभग 200 करोड़ रूपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आज के उद्योगों की जरूरत के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना से प्रदेश के युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा नवा रायपुर को देश में कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

4.    मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी/अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत देते हुए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इस निर्णय से शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

5.    मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज उक्त भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है। इस निर्णय से दुर्ग में जिला न्यायालय के लिए आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा और न्यायिक अधोसंरचना को और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

बिहान योजना ने दिया आजीविका का सहारा, मुर्गी पालन से दंतेवाड़ा की रामबती ने कमाए 25 हजार रुपये….

बिहान योजना ने दिया आजीविका का सहारा, मुर्गी पालन से दंतेवाड़ा की रामबती ने कमाए 25 हजार रुपये….

 रायपुर: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (‘बिहान’) के तहत संचालित इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर योजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक प्रभावी जरिया बन रही है। दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा और दंतेवाड़ा विकासखंडों में बीते डेढ़ वर्षों से लागू इस योजना के जरिए लगभग 2,200 परिवारों को आजीविका के नए साधनों से जोड़ा जा चुका है।

’हिम्मत और मेहनत की मिसाल बनीं रामबती’

दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा विकासखंड के ग्राम मुड़ापारा की निवासी रामबती नाग ने इस योजना का लाभ उठाकर मुर्गी पालन की शुरुआत की। जिला प्रशासन के सहयोग से उन्हें जून माह में ₹80 प्रति चूजा की दर से 100 चूजे और दाना उपलब्ध कराया गया था। शुरुआती दौर में बीमारी के कारण करीब 25 से 30 चूजों की मृत्यु हो जाने से रामबती को झटका ज़रूर लगा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। बचे हुए चूजों का बेहतर रखरखाव और देखभाल करके उन्होंने अब तक करीब 25,000 रूपए की शुद्ध आय अर्जित कर ली है। रामबती अपने तैयार मुर्गों को 500 रूपए प्रति किलो की दर से बेचती हैं, जिनका औसतन वजन 1 से 3 किलोग्राम तक होता है।

’ब्रुडिंग केंद्रों से महिला उद्यमियों को दोहरा लाभ’

योजना के अंतर्गत एक विशेष पहल भी शुरू की गई है, जिसमें क्लस्टर स्तर पर महिलाओं को उद्यमी के रूप में तैयार किया जा रहा है। ये महिला उद्यमी बाहर से क्रॉस असील प्रजाति के ज़ीरो-डे चूजे लाती हैं और ब्रुडिंग केंद्र में 15 दिनों तक उनका पालन-पोषण करती हैं। इसके बाद इन स्वस्थ चूजों को समूह की अन्य महिलाओं को सौंपा जाता है, जिससे तैयार करने वाली उद्यमी और पालन करने वाली महिला, दोनों को आय का अवसर मिल रहा है।

’450 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को मिला रोजगार’

जिले के विभिन्न क्लस्टरों में अब तक लगभग 450 महिलाओं को मुर्गी पालन गतिविधि से जोड़ा गया है। महिलाओं को उनकी क्षमता और आवश्यकता के अनुसार 50 से 100 चूजे मुहैया कराए जाते हैं। बिहान योजना की इस पहल ने न केवल स्थानीय स्तर पर नियमित रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि रामबती जैसी सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास भरकर उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर खड़ा किया है।

आस्था, परंपरा और भव्यता के रंग में सजेगा ऐतिहासिक बस्तर दशहरा

आस्था, परंपरा और भव्यता के रंग में सजेगा ऐतिहासिक बस्तर दशहरा

 75 दिवसीय पर्व को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने का संकल्प, बलराम मांझी बने दशहरा समिति के नए उपाध्यक्ष

रायपुर। ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का अनूठा संगम विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा पर्व 2026 इस वर्ष भी पूरी भव्यता, आस्था और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया जाएगा। पर्व की तैयारियों, पूजा विधान, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न आयोजनों को लेकर मंगलवार को कलेक्टोरेट के प्रेरणा कक्ष में बस्तर दशहरा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बस्तर सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष  महेश कश्यप ने की।

बैठक में बस्तर राजपरिवार के  कमलचंद भंजदेव, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ  तन्मय खन्ना, दंतेवाड़ा से मां दंतेश्वरी के पुजारी जिया बाबा सहित समस्त मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरीन, पुजारी, प्रशासनिक अधिकारी एवं टेम्पल स्टेट समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

बलराम मांझी निर्विरोध नहीं, बहुमत से चुने गए नए उपाध्यक्ष

बैठक की शुरुआत औपचारिक प्रक्रियाओं के साथ हुई। इसके बाद बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन कराया गया। बचेली परगना के  बीरो मांझी ने  अर्जुन मांझी के नाम का प्रस्ताव रखा, जबकि सोनाबाल परगना के समुन्द मांझी ने  बलराम मांझी के नाम का प्रस्ताव किया। सदस्यों द्वारा हाथ उठाकर मतदान की प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें स्पष्ट बहुमत के आधार पर  बलराम मांझी को बस्तर दशहरा समिति का नया उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया।

नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष  बलराम मांझी ने देवसराय सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के संबंध में सुझाव दिए।

केवल पर्व नहीं, विश्व की अनूठी सांस्कृतिक विरासत

बैठक को संबोधित करते हुए सांसद एवं दशहरा समिति के अध्यक्ष श्री महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर दशहरा केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, जनभागीदारी और विश्व की अनूठी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने पर्व की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए एनएमडीसी प्रबंधन से सीएसआर मद के अंतर्गत प्रतिवर्ष कम से कम डेढ़ करोड़ रुपये की स्थायी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग करने की बात कही।

उन्होंने बताया कि बस्तर दशहरा के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से सकारात्मक चर्चा हुई है। सांसद ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाले इस विशिष्ट पर्व की मौलिकता और परंपरागत स्वरूप को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने पर्व अवधि के दौरान समानांतर आयोजनों की अनुमति नहीं देने, देवस्थलों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा प्रमुख पूजा विधान स्थलों पर सुरक्षा रेलिंग और पक्की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने का साझा संकल्प

बस्तर राजपरिवार के सदस्य एवं माटी पुजारी  कमलचंद भंजदेव ने बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1423 से निरंतर चली आ रही यह परंपरा मैसूर और कुल्लू दशहरा से भी प्राचीन है। उन्होंने बस्तर दशहरा को यूनेस्को की सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए सामूहिक प्रयास और साझा संकल्प को दोहराया।

उन्होंने मावली परघाव के लिए संबंधित स्थलों एवं मार्गों की विशेष साफ-सफाई, देवी-देवताओं और आंगा देव के सम्मानपूर्वक आगमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही मांझी-चालकी से पर्व के दौरान पारंपरिक वेशभूषा एवं पगड़ी धारण करने का आग्रह किया।

 भंजदेव ने मेंबर-मेंबरीन के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए मेंबरीन के मासिक मानदेय में वृद्धि करने का प्रस्ताव भी दशहरा समिति के समक्ष रखा।

1.21 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित

बैठक में दशहरा समिति के सचिव एवं तहसीलदार ने बस्तर दशहरा पर्व के लिए एक करोड़ 21 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया। उन्होंने पर्व के दौरान संपन्न होने वाले विभिन्न पूजा विधानों और उनसे जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी समिति के सदस्यों को दी।

बैठक में पूजा स्थलों, मार्गों, देवस्थलों, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। पर्व की विशिष्ट परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के साथ आयोजन को सफल बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए प्रशासन तैयार

कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा ने बस्तर दशहरा पर्व को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने पर्व से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने तथा सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया।

बैठक में मौजूद मांझी-चालकी, पुजारी, मेंबर-मेंबरीन और समिति के सदस्यों ने भी विभिन्न पूजा विधान एवं आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं के संबंध में सुझाव दिए। इस प्रकार बैठक में बस्तर दशहरा की ऐतिहासिक परंपरा, जनभागीदारी, धार्मिक आस्था और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं के समन्वय के साथ वर्ष 2026 के पर्व को भव्य एवं गरिमापूर्ण ढंग से आयोजित करने की रूपरेखा पर व्यापक चर्चा हुई।