नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

 स्मार्ट मीटर से पारदर्शी बिजली व्यवस्था, सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ

– मासिक खपत के आंकड़ों में नहीं हुई वृद्धि, 43 लाख परिसरों में लग चुके स्मार्ट मीटर
– 1.10 लाख से अधिक सोलर प्लांट स्थापित, प्रतिदिन 500 से अधिक नए प्लांट लग रहे
– स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता और ऊर्जा बचत को बढ़ावा

रायपुर -  छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से आधुनिक तकनीक को अपनाते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सुधार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की पारदर्शी निगरानी संभव हो रही है, वहीं पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से घरेलू उपभोक्ता सौर ऊर्जा का लाभ लेकर बिजली बिल में कमी के साथ केंद्र एवं राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

प्रदेश में कुल 52 लाख 28 हजार घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनमें से 47 लाख से अधिक उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। वर्ष 2025-26 में 200 यूनिट से कम मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 41.40 लाख, 200 से 400 यूनिट वाले उपभोक्ताओं की संख्या 6.85 लाख तथा 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2.71 लाख थी। वर्ष 2026-27 में क्रमशः इनकी संख्या 42.40 लाख, 7.34 लाख और 2.56 लाख है। इस प्रकार विगत वर्ष की तुलना में मासिक खपत में अप्रत्याशित वृद्धि नहीं हुई है, यह सामान्य वार्षिक ग्रोथ के अनुसार ही है। खपत की वृद्धि स्मार्ट मीटर और गैर स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं में एक ही अनुपात में है। 

स्मार्ट मीटर से खपत में कोई अवांछित वृद्धि नहीं: मई 2025 से जुलाई 2026 तक के विभिन्न महीनों के आंकड़ों एवं विश्लेषण से यह निष्कर्ष सामने आया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण उपभोक्ताओं की बिजली खपत में किसी भी प्रकार की अवांछित वृद्धि नहीं हुई है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अधिक विद्युत बिल आने की शिकायत है, तो उसके परिसर में चेक मीटर लगाने का भी प्रावधान है।

स्मार्ट मीटर लगाने का प्रावधान:-

स्मार्ट मीटर लगाने हेतु छत्तीसगढ़ में 13 जुलाई 2022 को डी.पी.आर. स्वीकृत किया गया, इसका टेंडर 11 अप्रैल 2023 को प्रकाशित किया गया। मई 2023 में कंपनियों को प्रदेश में 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का एल.ओ.ए. जारी किया गया। वर्तमान में लगभग 43 लाख उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 7,780 उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया गया है। इन सभी परिसरों में चेक मीटर और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत का अंतर निर्धारित मानक सीमा के भीतर ही पाया गया है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण विनियम 2026 के अनुसार सभी उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है।

उपभोक्ताओं को मिल रही ऊर्जा राहत: घरेलू क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं की मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। प्रदेश में लगभग 15 लाख बीपीएल (एलपीएस) श्रेणी के उपभोक्ता हैं, जिन्हें 30 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। 31 से 100 यूनिट तक बिजली का उपयोग करने वाले बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत अतिरिक्त छूट/सहायता भी दी जा रही है।

सूर्यघर योजना से बिजली बिल में कमी: पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को दोहरा लाभ मिल रहा है। ऐसे उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य अथवा अपेक्षाकृत काफी कम हुआ है। योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा 3 किलोवाट क्षमता के प्लांट पर अधिकतम 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान है। सोलर प्लांट की लागत राशि की व्यवस्था के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 6 प्रतिशत से भी कम ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

अब तक पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश के लाभार्थी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार द्वारा 661 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकार द्वारा 225 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 11 हजार 713 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें से 35 हजार से अधिक सोलर उपभोक्ताओं के बिल जीरो आ रहें हैं। पिछले वर्ष की तुलना में 60 हजार से अधिक लाभार्थी उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं।

पीएम सूर्यघर योजना के प्रति बढ़ते रुझान के चलते प्रदेश में अब प्रतिदिन 500 से अधिक सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ता जो 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत के कारण मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे, वे भी तेजी से सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाकर योजना की सब्सिडी के साथ मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। अनेक उपभोक्ताओं के सोलर प्लांट लगने से उनके बिजली बिल में कमी आई है और वे निचले वाले स्लैब में शिफ्ट हुए हैं। इससे 200 यूनिट और 400 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि हुई है।

इस प्रकार राज्य सरकार विद्युत उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण और ऊर्जा सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उपभोक्ता सेवा में पारदर्शिता बढ़ाने तथा सेवाओं को अधिक सुविधायुक्त बनाने की दिशा में भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

प्रदेश में मासिक खपतवार घरेलू उपभोक्ता विवरण निम्नानुसार हैः-

मासिक खपत यूनिट

200 से कम

200 – 400

400 से अधिक

उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2025 – 26

41.4

6.85

2.71

उपभोक्ता संख्या (लाख में) वर्ष जुलाई 2026 – 27

42.4

7.34

2.56

निष्कर्षः- 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत करने वाले उपभोक्ता पी.एम. सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लांट लगा कर 400 यूनिट से कम खपत के दायरे में शामिल हुए हैं एवं 200 से 400 यूनिट वाले स्लैब के उपभोक्ता 200 से कम यूनिट वाले स्लैब में आ गए हैं।

सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 सत्य, अहिंसा और सादगी के आदर्श हमें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर किया नमन

नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और मानवता के मार्ग पर चलते हुए पूरी दुनिया को शांति और सद्भाव का संदेश दिया। उनके विचारों में समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और आत्मनिर्भर भारत की भावना निहित थी। उनका जीवन हमें सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का स्मरण करते हुए कहा कि उनका सादगीपूर्ण जीवन, दृढ़ नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका दिया ‘जय जवान-जय किसान’ का मंत्र देश की सुरक्षा और समृद्धि में हमारे जवानों तथा किसानों के अमूल्य योगदान को रेखांकित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन एवं आदर्श हमें जनकल्याण, सुशासन और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना बनी श्रमिक परिवार का सहारा, बच्चों की पढ़ाई की राह हुई आसान

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना बनी श्रमिक परिवार का सहारा, बच्चों की पढ़ाई की राह हुई आसान

 रायपुर- मेहनत-मजदूरी से परिवार चलाने वाले श्रमिकों के लिए बच्चों की अच्छी शिक्षा का खर्च कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे परिवारों के बच्चों की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण प्रभावित न हो, इसके लिए श्रम विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना सहारा बन रही है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बचरवार निवासी निर्माण श्रमिक  राजेश कुमार पाण्डेय का परिवार भी इस योजना से लाभान्वित हो रहा है। उनके दो बच्चों को छात्रवृत्ति मिलने से पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिला है।

 राजेश कुमार पाण्डेय निर्माण श्रमिक के रूप में मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी में घर की रोजमर्रा की जरूरतों के साथ बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाना उनके लिए आसान नहीं था। इसके बावजूद उनकी इच्छा थी कि आर्थिक परिस्थितियां बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बनें और उन्हें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

ऐसे समय में मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना ने परिवार को आर्थिक संबल दिया। योजना के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा पहली से लेकर उच्च शिक्षा तक अध्ययन के लिए निर्धारित वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।  पाण्डेय के दो बच्चों को इसका लाभ मिलने से उनकी शिक्षा से संबंधित आवश्यक खर्चों को पूरा करने में परिवार को मदद मिली है।

 पाण्डेय बताते हैं कि बच्चों की पढ़ाई उनके लिए हमेशा प्राथमिकता रही है। आमदनी सीमित होने के कारण शिक्षा से जुड़े खर्चों की चिंता बनी रहती थी, लेकिन छात्रवृत्ति मिलने से यह आर्थिक दबाव कुछ कम हुआ है। अब वे बच्चों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने और उन्हें बेहतर भविष्य देने के लिए अधिक विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

योजना का लाभ मिलने पर  राजेश पाण्डेय ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवार अपनी मेहनत से परिवार की जरूरतें पूरी करते हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च कई बार उनके लिए कठिन हो जाता है। ऐसे में छात्रवृत्ति के रूप में मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके जैसे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहयोग है।

मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा से जुड़े रहने और आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ग्राम बचरवार के  राजेश पाण्डेय के परिवार की कहानी बताती है कि ऐसी सहायता सीमित आय वाले श्रमिक परिवारों के लिए बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने में उपयोगी साबित हो रही है।

Police Transfer: 21 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला, DGP ने जारी किया आदेश

Police Transfer: 21 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला, DGP ने जारी किया आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला हुआ है। इस संबंध में DGP अरुण देव गौतम ने आदेश जारी किया है। जारी अलग-अलग आदेशों में पुलिस स्थापना बोर्ड के निर्णय के अनुसार अधिकारियों-कर्मचारियों को नई पदस्थापना दी गई है। इस ट्रांसफर लिस्ट में 15 पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा 5 अधिकारियों को स4सी, पुलिस मुख्यालय रायपुर में पदस्थ किया गया है। वहीं कुछ अधिकारियों के पूर्व जारी तबादला आदेश में संशोधन किया गया है, जबकि एक आरक्षक को उसकी मूल पदस्थापना इकाई में वापस भेजा गया है।

इन पुलिस अधिकारियों का हुआ तबादला

सिद्धार्थ मिश्रा — महासमुंद से मानव अधिकार आयोग, रायपुर
बृजेश सिन्हा — मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से सूरजपुर
अनिल शर्मा — खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से रायगढ़
सनीप कुमार रात्रे — गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से बिलासपुर
समीर शर्मा — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से सुकमा
रजनीश कौशिक — बीजापुर से जीआरपी, रायपुर
आनंद शुक्ला — बीजापुर से कांकेर
यमुनेश्वर जोशी — नारायणपुर से बस्तर
शिवेंद्र कुमार राजपूत — नारायणपुर से कांकेर
कपिल देव पांडेय — सामान्य शाखा, पुलिस मुख्यालय से बेमेतरा
योगेश वर्मा — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से बीजापुर
आशीष कुमार गौतम — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से बीजापुर
देवेंद्र कुमार — बी.शा., पीएच.डी., रायपुर से दंतेवाड़ा
विष्णु प्रताप सिंह चौहान — मानव अधिकार आयोग, रायपुर से महासमुंद
वीरेंद्र मनहर (उप निरीक्षक) — राजनांदगांव से अअवि., पुलिस मुख्यालय, रायपुर

इन 5 अधिकारियों को स4सी में किया गया पदस्थ

विमलेश दुबे — निरीक्षक, बीजापुर से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
रूपेन्द्र देवांगन — निरीक्षक, अअवि., पुलिस मुख्यालय, रायपुर से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
राजश्री मौर्य — निरीक्षक, रायपुर नगरीय से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
सत्यम साहू — निरीक्षक, कोरबा से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर
हृदय शंकर पटेल — अवर निरीक्षक, एसआईए, रायपुर से स4सी, पुलिस मुख्यालय, रायपुर

संशोधित स्थानांतरण

संग्राम सिंह — निरीक्षक, राजनांदगांव से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का पूर्व स्थानांतरण संशोधित, अब कबीरधाम पदस्थ
आदित्य प्रताप सिंह — आरक्षक, जांजगीर-चांपा से वापस मूल पदस्थापना इकाई रायपुर

देखिये आदेश की कॉपी-

वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी :- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

वरिष्ठजनों का अनुभव हमारी शक्ति और उनकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी :- मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

 रायपुर / अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा में सियान सेवा महाकुंभ आयोजित किया गया। समाज कल्याण तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने वरिष्ठजनों को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं और उनसे संवाद किया। कार्यक्रम में 4 हजार से अधिक वरिष्ठजन लाभान्वित हुए।

महाकुंभ में नई सियान आशीष सेवा योजना के अंतर्गत 80 वर्ष से अधिक आयु के 1810 वरिष्ठ नागरिकों को सम्पूर्ण भारत में निशुल्क यात्रा के लिए बस पास प्रदान किए गए। इसके साथ ही आवश्यकता के अनुसार 2 हजार छड़ियां, एक हजार श्रवण यंत्र और 20 ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। बस पास से वरिष्ठजनों को यात्रा में सुविधा मिलेगी, जबकि सहायक उपकरण उनकी रोजमर्रा की गतिविधियों को सुगम बनाएंगे।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि वरिष्ठजन हमारी सांस्कृतिक विरासत और जीवन अनुभव के संवाहक हैं। उन्होंने अपने परिश्रम से परिवार और समाज को मजबूत आधार दिया है। उनका सम्मान करने के साथ उनके अनुभव को समाज के विकास में भी स्थान देना चाहिए। उन्होंने कहा, “वरिष्ठजन केवल कल की विरासत नहीं हैं, बल्कि आज के विकास के सहभागी हैं।” विकसित भारत के संकल्प और नवा अंजोर-अंजोर 2047 की सोच में वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।

राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का वृद्धजन कल्याण का संकल्प पेंशन तक सीमित नहीं है। वरिष्ठजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा, देखभाल, आवागमन, सामाजिक सहभागिता और गरिमापूर्ण जीवन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 400 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री पेंशन योजना के लिए 450 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से वर्तमान में प्रदेश के 15,90,080 वरिष्ठजन लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर पात्र हितग्राही तक सहायता समय पर, पारदर्शिता के साथ और सम्मानपूर्वक पहुंचे।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इसके माध्यम से अब तक 2 लाख 55 हजार 845 वरिष्ठजनों को आध्यात्मिक यात्रा का लाभ मिला है। तीर्थयात्रा कई वरिष्ठजनों की जीवनभर की इच्छा होती है और यह योजना उन्हें उस इच्छा को पूरा करने का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि सियान आशीष सेवा योजना के बस पास भी वरिष्ठजनों की यात्रा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

मंत्री राजवाड़े ने सियान हेल्पलाइन 155326 की जानकारी देते हुए कहा कि आवश्यकता के समय वरिष्ठजनों को सहायता और भरोसा मिलना चाहिए। उन्होंने वृद्धाश्रमों, अटल वयो अभ्युदय योजना, प्रशामक देखरेख गृह और सियान गुड़ी जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग का प्रयास वरिष्ठजनों को सुरक्षित, आत्मीय और सम्मानपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। उनका ध्यान ऐसे समाज के निर्माण पर है, जहां वरिष्ठजन स्वस्थ और सक्रिय रहें तथा परिवार और समुदाय से जुड़े रहें।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि वरिष्ठजनों के जीवन में आई सुविधा और उनके चेहरे की मुस्कान से आंकी जानी चाहिए। उन्होंने सभी से सुरक्षा, सहभागिता और गरिमा के तीन संकल्प लेने का आह्वान किया। श्रीमती राजवाड़े ने कहा, “आपका अनुभव हमारी शक्ति है, आपकी गरिमा हमारी जिम्मेदारी है और आपकी सहभागिता विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान है।”

*रायपुर जिला प्रशासन की विशेष पहल*

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर रायपुर जिला प्रशासन ने ‘प्रोजेक्ट सियान आशीष सेवा’ और ‘प्रोजेक्ट सियान श्रम सम्मान’ की शुरुआत की। प्रोजेक्ट सियान आशीष सेवा के तहत जिले के 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को देशभर में यात्रा के लिए निःशुल्क बस पास उपलब्ध कराने की पहल की गई है।

प्रोजेक्ट सियान श्रम सम्मान के अंतर्गत श्रम विभाग में लंबे समय से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संबंधित योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसके तहत 60 वरिष्ठ श्रमिकों को लाभ प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई। पात्र निर्माण श्रमिकों के लिए 60 वर्ष की आयु के बाद मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत 1500 रुपये मासिक पेंशन तथा तीन वर्ष से पंजीकृत 59 से 60 वर्ष आयु के श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता का प्रावधान है। रायपुर जिले की इस पहल का उद्देश्य पात्र वरिष्ठ श्रमिकों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

कार्यक्रम में सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष  लोकेश कावड़िया, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय श्रीवास्तव, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  गौरीशंकर श्रीवास तथा विधायक  पुरंदर मिश्रा एवं  मोतीलाल साहू उपस्थित रहे। समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, रायपुर कलेक्टर  गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, संचालक  गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठजन भी मौजूद थे।

‘महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार’- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

‘महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार’- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि महानदी हमारी जीवनधारा और हमारी समृद्धि का आधार है। महानदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के जनजीवन, कृषि और संस्कृति से जुड़ी जीवनदायिनी नदी है। उन्होंने कहा कि हम सबका प्रयास है कि महानदी के जल के बेहतर प्रबंधन से दोनों राज्यों में सिंचाई व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके तथा नई परियोजनाओं के द्वार खुल सकें।

मुख्यमंत्री साय आज नई दिल्ली में महानदी के बेहतर जल प्रबंधन और छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा के हितों के अनुरूप समाधान को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शामिल हुए। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति रही। बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में दोनों राज्यों की डबल इंजन सरकारें आपसी संवाद, सहयोग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

आस्था पर चोट : सतनामी समाज के आराध्य गुुरु बालक दास की मूर्ति की खंडित, आक्रोशित ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम

आस्था पर चोट : सतनामी समाज के आराध्य गुुरु बालक दास की मूर्ति की खंडित, आक्रोशित ग्रामीणों ने उठाया ये बड़ा कदम

 गरियाबंद। गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर में सतनामी समाज के आराध्य गुरु बालक दास की मूर्ति खंडित किए जाने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लामबंद होकर फिंगेश्वर थाना पहुंचे सैकड़ों महिला-पुरुषों ने जमकर हंगामा मचाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

समाज के महिला-पुरुषों ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। आराध्य गुरुदेव की मूर्ति तोड़े जाने से सतनामी समाज में आक्रोश को देखते हुए न केवल थाने में बल्कि मौके पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर जाना सड़क हादसे में घायलों का हाल

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अस्पताल पहुंचकर जाना सड़क हादसे में घायलों का हाल

 मरकाटोला घाट सड़क हादसे के घायलों और परिजनों से की मुलाकात, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

चार घायल स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ नेशनल हाईवे-30 स्थित मरकाटोला घाट पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल कवर्धा के लोगों से मिलने उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे। उन्होंने घायलों का कुशलक्षेम जाना और उनके परिजनों से मुलाकात कर उपचार की स्थिति की जानकारी ली।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने घायल रोमन सोरा से मुलाकात कर उनसे स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने परिजनों से भी उपचार और अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में चर्चा की। परिजनों ने उपचार व्यवस्था पर संतुष्टि व्यक्त की।

शर्मा ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से घायल के स्वास्थ्य और आगे के उपचार की जानकारी ली। चिकित्सकों ने बताया कि घायल के पैरों का ऑपरेशन किया जाना है। शारीरिक स्थिति सामान्य होने के बाद आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस पर उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ संतोष सोनकर, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सुंदरानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री  शर्मा हादसे के बाद से लगातार सभी घायलों के उपचार की जानकारी ले रहे हैं। एक घायल को उच्च स्तरीय उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां आयुष्मान कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार सुनिश्चित कराया जा रहा है। घायलों के परिजनों के ठहरने के लिए सेवा सदन में निःशुल्क व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई थी।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में भर्ती सभी घायलों को समुचित एवं बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। इस बीच स्वास्थ्य में सुधार के बाद चार घायलों अरमान कोसले, गणेश पात्रे, प्रदीप साहू और दीप चन्द्र को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।

छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक धरोहरों में बढ़ेंगी पर्यटक सुविधाएं

छत्तीसगढ़ की पुरातात्विक धरोहरों में बढ़ेंगी पर्यटक सुविधाएं

 भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण और छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के बीच महत्वपूर्ण एमओयू

संरक्षित स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों पर पेयजल, विश्राम स्थल, कैफेटेरिया, पार्किंग, साइट म्यूजियम सहित विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

ऐतिहासिक स्वरूप और मौलिकता को सुरक्षित रखते हुए विरासत पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

रायपुर, 01 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की समृद्ध पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ प्रदेश में विरासत पर्यटन को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारत सरकार और संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के मध्य बुधवार को महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) सम्पन्न हुआ। इस समझौते के माध्यम से प्रदेश के संरक्षणाधीन स्मारकों और पुरातात्विक स्थलों पर पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं एवं अधोसंरचना का सुनियोजित विकास किया जाएगा।

समझौते के तहत छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के अधिकारियों के परामर्श से संरक्षणाधीन स्मारकों एवं पुरातात्विक स्थलों के लिए पर्यटक सुविधाओं के समुचित विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी। इन योजनाओं के माध्यम से पुरातात्विक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ पर्यटन अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जाएगा।

पर्यटकों के लिए विकसित की जाने वाली सुविधाओं में शौचालय, स्वच्छ पेयजल, विश्राम स्थल, कैफेटेरिया, पार्किंग और क्लॉक रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ सूचना केंद्र, साइट म्यूजियम और साइनेज भी शामिल होंगे। विशेष रूप से समावेशी पर्यटन को ध्यान में रखते हुए ब्रेल साइनेज और टैक्टाइल पाथवे विकसित करने का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा लैंडस्केपिंग सहित पर्यटकों की आवश्यकता के अनुरूप अन्य अधोसंरचनाओं का भी विकास किया जा सकेगा।

पुरातात्विक धरोहरों की मौलिकता रहेगी सर्वोपरि

विकास कार्यों के दौरान ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के स्मारकों की मौलिकता और उनके मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। प्रस्तावित विकास कार्यों की डिजाइन, निर्माण सामग्री एवं संरचना इस प्रकार निर्धारित की जाएगी कि संबंधित स्मारक को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचे। सभी कार्य पुरातत्त्वीय अधिनियमों और नियमों के अनुरूप किए जाएंगे। परियोजनाओं का क्रियान्वयन भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही किया जाएगा।

केंद्र, राज्य, सीएसआर और पीपीपी से जुटाए जा सकेंगे संसाधन

पुरातात्विक स्थलों पर प्रस्तावित पर्यटक सुविधाओं एवं अधोसंरचना विकास के लिए संसाधन जुटाने की भी व्यापक व्यवस्था की गई है। परियोजनाओं के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ राज्य शासन की एजेंसियों, कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) तथा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के माध्यम से संसाधन जुटाए जा सकेंगे। विकसित सुविधाओं के रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ शासन अथवा शासन द्वारा अधिकृत एजेंसी की होगी।

योजना एवं क्रियान्वयन समिति करेगी निगरानी

विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारने और उनके क्रियान्वयन की सतत निगरानी के लिए “योजना एवं क्रियान्वयन समिति” का गठन किया जाएगा। यह समिति परियोजनाओं की योजना तैयार करने से लेकर विकास एवं प्रबंधन तक विभिन्न चरणों की निगरानी करेगी। इससे संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।

विरासत पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

यह समझौता ज्ञापन प्रदेश की पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटक सुविधाओं के विस्तार और विरासत पर्यटन के समन्वित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे पुरातात्विक महत्व के स्थलों पर पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त होगा और प्रदेश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने में सहायता मिलेगी।

एमओयू के अवसर पर भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण, भारत सरकार के महानिदेशक के प्रतिनिधि के रूप में मध्य क्षेत्र के निदेशक डॉ. टी. अरुण राज तथा रायपुर मंडल के अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. एम. कलिमुथु उपस्थित रहे। संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संचालक पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय डॉ. संजय कन्नौजे सहित विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए मंत्री अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश

खेत में मिली मासूम के लिए आगे आए मंत्री अग्रवाल, उपचार और सुरक्षा के दिए निर्देश

 00 मासूम का जीवन और उसकी सुरक्षा सर्वोपरि, उपचार के साथ मिले सुरक्षित वातावरण - अग्रवाल

रायपुर। सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में खुले खेत में असहाय अवस्था में मिली नवजात बच्ची की खबर सामने आने के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से फोन पर चर्चा कर नवजात को समुचित उपचार उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षित देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि इतनी छोटी बच्ची के उपचार और देखभाल में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं होनी चाहिए। बच्ची को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखते हुए आवश्यकता के अनुसार हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उसकी सुरक्षा और आगे के संरक्षण के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। घटना की जानकारी मिलने पर श्री अग्रवाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक नवजात बच्ची का इस तरह असहाय अवस्था में मिलना बेहद पीड़ादायक है। इस समय सबसे महत्वपूर्ण उसका जीवन, स्वास्थ्य और सुरक्षा है। बच्ची को केवल बेहतर उपचार ही नहीं, बल्कि सुरक्षित वातावरण और भविष्य के लिए आवश्यक संरक्षण भी मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्ची के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। उसके आगे के संरक्षण और पालन-पोषण से संबंधित प्रक्रिया में भी संबंधित विभाग संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं। दरिमा क्षेत्र में खेत के पास मिली नवजात बच्ची को ग्रामीणों की मदद से उपचार के लिए पहुंचाया गया था। बच्ची को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उसके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। अग्रवाल ने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि यह नन्ही बच्ची जल्द स्वस्थ हो और उसके जीवन में खुशियों की नई सुबह आए। इस मासूम को उपचार के साथ सुरक्षा, संरक्षण और आगे बढऩे के लिए सुरक्षित वातावरण मिले, यही हमारी प्राथमिकता है।

हर घर जल रिपोर्टेड गांवों में कल आयोजित होंगे जल अर्पण कार्यक्रम

हर घर जल रिपोर्टेड गांवों में कल आयोजित होंगे जल अर्पण कार्यक्रम

 00 जल जीवन मिशन के संचालक ने कलेक्टरों को जारी किया परिपत्र

रायपुर। जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल रिपोर्टेड ऐसे गांव जहां काम पूर्ण हो चुके है और 15 दिनों का सफल ट्रायल रन पूरा हो चुका है, उन गांवों में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर जल अर्पण कार्यक्रमों का आयोजन कर पेयजल योजनाओं को संचालन के लिए ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किए जाएंगे। जल जीवन मिशन के संचालक ने सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।

मिशन संचालक द्वारा कलेक्टरों को जारी परिपत्र में कहा गया है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के ऐसे हर घर जल रिपोर्टेड ग्राम, जहाँ पेयजल आपूर्ति योजनाओं से संबंधित कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुके हैं, किन्तु अब तक न तो उनका हर घर जल प्रमाणीकरण हुआ है और न ही संबंधित ग्राम पंचायत एवं समुदाय को योजनाओं का हस्तांतरण किया गया है, ऐसे सभी हर घर जल रिपोर्टेड ग्रामों में पेयजल आपूर्ति योजनाओं का न्यूनतम 15 दिनों का सफल ट्रायल रन पूर्ण करते हुए हर घर जल प्रमाणीकरण एवं जल अर्पण दिवस कार्यक्रम के माध्यम से योजनाओं को संबंधित ग्राम पंचायत एवं समुदाय को निर्धारित हैंडओवर-प्रोटोकॉल के अनुसार विधिवत हस्तांतरण किया जाना है।

मिशन संचालक ने 2 अक्टूबर को ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान अधिक से अधिक हर घर जल रिपोर्टेड ग्रामों में जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं के हस्तांतरण हेतु निर्धारित हैंडओवर-प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक मापदंडों का पूर्व सत्यापन एवं नियमानुसार दस्तावेजीकरण समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा है, ताकि विशेष ग्राम सभा में हस्तांतरण एवं प्रमाणीकरण की कार्यवाही सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

जिला जनसंपर्क कार्यालय के सहायक ग्रेड-1 अनिल सिंह को सेवानिवृत्ति पर दी गई भावभीनी विदाई

जिला जनसंपर्क कार्यालय के सहायक ग्रेड-1 अनिल सिंह को सेवानिवृत्ति पर दी गई भावभीनी विदाई

 रायपुर। जिला जनसंपर्क कार्यालय रायपुर में सहायक ग्रेड-01 के पद पर पदस्थ अनिल सिंह की सेवानिवृत्ति पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई देकर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की। अनिल सिंह ने 13 मार्च 1985 को भोपाल में जनसंपर्क विभाग से अपनी शासकीय सेवा की शुरुआत की थी। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद 4 नवंबर 2000 से 30 सितंबर 2026 तक उन्होंने छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग में अपनी सेवाएं दीं। अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने पूरी निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ विभागीय दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी सेवानिवृत्ति पर विदाई समारोह में जिला जनसंपर्क कार्यालय रायपुर के उप सचालक  लक्ष्मीकांत कोसरिया तथा सहायक संचालक सचिन शर्मा ने सिंह की सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। उन्होंने  सिंह को शॉल, और पुष्पगुच्छ भेट कर कर स्वस्थ, सुदीर्घ और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
जनसंपर्क संचालनालय के उप संचालक  सौरभ शर्मा तथा सहायक संचालक  सुनील त्रिपाठी ने उनके साथ कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि  सिंह का दायित्वों के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। जिला जनसंपर्क कार्यालय रायपुर के कर्मचारियों ने भी उन्हें भावभीनी विदाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की।

Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून का आखिरी दौर! अब साफ रहेगा आसमान, जानें मौसम का पूरा अपडेट

Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून का आखिरी दौर! अब साफ रहेगा आसमान, जानें मौसम का पूरा अपडेट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब मानसूनी गतिविधियों का असर धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है। सितंबर के समाप्त होने के साथ प्रदेश में मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित होने और मौसम के अपेक्षाकृत साफ रहने का दौर शुरू हो सकता है।

प्रदेश में साफ रहा मौसम

बीते 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में बारिश की खास गतिविधि देखने को नहीं मिली और मौसम सामान्य रहा। इस दौरान राजनांदगांव में 34 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। दूसरी ओर पेंड्रा रोड में रात का तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

तापमान के इन आंकड़ों से संकेत मिल रहा है कि मानसून कमजोर पड़ने के साथ अब दिन और रात के मौसम में अंतर बढ़ने लगा है। दिन में जहां गर्मी महसूस हो रही है, वहीं रात के समय कुछ इलाकों में ठंडक का एहसास होने लगा है।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में भी मौसम के साफ रहने की संभावना है। बुधवार को रायपुर का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 1 अक्टूबर को राजधानी में आसमान मुख्यतः साफ रह सकता है।

इस दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। फिलहाल राजधानी में लगातार बारिश की स्थिति बनने के संकेत नहीं हैं।

मानसून की विदाई के बाद क्या बदलेगा?

दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के साथ प्रदेश में मौसम का स्वरूप धीरे-धीरे बदल सकता है। बारिश की गतिविधियों में कमी आने के बाद कई इलाकों में आसमान साफ रहने लगेगा। इसके साथ ही तापमान में भी धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, मानसून की वापसी के बाद भी मौसम में अचानक बड़ा बदलाव नहीं आएगा। अगले कुछ दिनों तक स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम में अंतर देखने को मिल सकता है।

 
 
CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को VIP सुविधा देना पड़ा भारी, जेल प्रशासन ने किया सस्पेंड, जाने पूरा मामला …!!

CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को VIP सुविधा देना पड़ा भारी, जेल प्रशासन ने किया सस्पेंड, जाने पूरा मामला …!!

 रायपुर। केंद्रीय जेल रायपुर में बंद छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के पूर्व चेयरमैन टामन सोनवानी को VIP सुविधा दिए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में निगरानी के लिए तैनात तीन जेल प्रहरियों में से एक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि दो अन्य के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनके मूल जेल अधीक्षकों को पत्र भेजा गया है। बता दें कि वीडियो में सोनवानी अस्पताल में परिजनों के साथ बिना हथकड़ी और बिना प्रहरी की मौजूदगी के बातचीत करते नजर आ रहे थे।

जानकारी के मुताबिक, टामन सोनवानी की निगरानी के लिए जेल प्रहरी संदीप कुमार माहेश्वरी, नागेंद्र कुमार महतो और पवन कुमार लहरे की ड्यूटी लगाई गई थी। VIP सुविधा का वीडियो सामने आने के बाद रायपुर जेल अधीक्षक ने संदीप कुमार माहेश्वरी को निलंबित कर दिया है। वह मूल रूप से बलौदाबाजार जिला जेल में पदस्थ था। वहीं अन्य दो प्रहरियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित जेल अधीक्षकों को पत्र भेजा गया है।

जेल के बाहर मंगोड़ी सेंटर से नशीला सामान बरामद
इसी बीच केंद्रीय जेल रायपुर की मंगोड़ी सेंटर पर जेल प्रशासन की दबिश में बड़ी मात्रा में गांजा, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के साथ 72 हजार रुपये नगद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान करीब 400 पैकेट सितार गुटखा, नशीली गोलियां, गांजा, तंबाकू और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। यह कार्रवाई मंगोड़ी सेंटर के संचालक राजेश वर्मा के खिलाफ की गई है, जो जेल प्रहरी के पद पर कार्यरत बताया गया है। आरोप है कि जेल के बाहर स्थित इस सेंटर से नशीला सामान जेल के अंदर सप्लाई किया जाता था।

प्रहरी के पास से भी मिला तंबाकू
जेल प्रशासन की कार्रवाई में मन्नत पुरैना नामक जेल प्रहरी के पास से भी 15 पैकेट तंबाकू मिलने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि प्रहरी नशीले सामान से जुड़े लेनदेन का ऑनलाइन भुगतान अपनी बेटी के बैंक खाते में लेता था। फिलहाल दोनों मामलों में जेल प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। हालांकि, अब तक उनके खिलाफ किसी बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के बाद से पिछले तीन दिनों से मंगोड़ी सेंटर बंद है।

अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को CM विष्णु देव साय ने सौंपे नियुक्ति पत्र

अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को CM विष्णु देव साय ने सौंपे नियुक्ति पत्र

 रायपुर। माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 30.09.2026 मंत्रालय महानदी भवन में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर बधाई दिया।

इस अवसर पर माननीय मंत्री ओपी चौधरी, लखन लाल देवांगन, मंत्री गजेंद्र यादव सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे। जरही निवासी रामनिवास गुप्ता के पुत्र रिंकेश कुमार गुप्ता को बधाई देने कई लोग पहुंचे जिनमें अभनपुर रायपुर के कई लोग शामिल है।

BREAKING:महानदी जल विवाद पर दिल्ली में हाईलेवल बैठक आज,अमित शाह की अध्यक्षता में होगी बैठक,CM साय और मोहन माझी होंगे शामिल

BREAKING:महानदी जल विवाद पर दिल्ली में हाईलेवल बैठक आज,अमित शाह की अध्यक्षता में होगी बैठक,CM साय और मोहन माझी होंगे शामिल

 रायपुर- महानदी जल विवाद को लेकर आज दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे। बैठक में दोनों राज्यों के बीच महानदी जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी है। इस दौरान दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। महानदी के जल उपयोग और बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक दोनों राज्यों के लिए अहम मानी जा रही है। बैठक में जल विवाद के समाधान को लेकर आगे की दिशा पर चर्चा हो सकती है।

मंत्री अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की सुनी समस्याएं और सुझाव, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

मंत्री अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की सुनी समस्याएं और सुझाव, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

 रायपुर। मंत्रालय, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों एवं आगंतुकों से मुलाकात की। मंत्री अग्रवाल ने सभी से आत्मीयता से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों की जानकारी ली।

मुलाकात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं से मंत्री श्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री ने प्रत्येक आगंतुक की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर उनका यथासंभव शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिन मामलों में अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए जनता से निरंतर संवाद और उनकी समस्याओं को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार के बीच जनता का सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े रहना और उनकी बात सुनना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों की शिकायतों और सुझावों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
मंत्रालय में मंत्री से मिलने पहुंचे लोगों ने भी अपनी बात सुने जाने और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपने क्षेत्र के विकास, जनहित से जुड़े विषयों तथा अन्य आवश्यकताओं से संबंधित सुझाव भी साझा किए।

 

 
 

अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनता के सुझावों और अनुभवों से शासन को जमीनी स्तर की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।

 

युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

युवाओं को रोजगार, नागरिकों को सुगम सेवाएं और आधुनिक कौशल से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र

चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच हुआ एमओयू, नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच होगी और आसान

कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों में होगी एकरूपता, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी अधिक सेवाएं

सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन, 16 हजार से अधिक केंद्रों से मिल रही सुविधा

नवा रायपुर में स्थापित होगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा

लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संस्थान, प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री  साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है

नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री  साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है।

डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी  मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड  जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।

कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।

16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन

वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।

प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों तक भी विस्तारित होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना, सेवाओं की डिलीवरी को समयबद्ध बनाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। शासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या लेकर व्यवस्था के पीछे न जाना पड़े, बल्कि व्यवस्था स्वयं उसके समाधान के लिए जवाबदेह बने।

नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

संस्थान में लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का भी लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना भी आवश्यक है। यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा और कौशल संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर :  ओ.पी. चौधरी

आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नवा रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक शहर के निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की बुनियाद होती है और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 चौधरी ने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का आकर्षण स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान समय में रोजगार और करियर की संभावनाएं केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, उद्यमिता, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। राज्य सरकार सरकारी भर्तियों के साथ युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं का आह्वान किया कि जिस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सेवा का अवसर मिला है, उसी भावना के साथ वे अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

नागरिकों को केंद्रों पर स्पष्ट रूप से मिलेगी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी

सचिव  अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सेवा केंद्रों पर नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा तथा निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी नागरिकों को उपलब्ध होंगी। 

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।

नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ही बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नशामुक्त समाज के निर्माण का दिया संदेश

स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित - मुख्यमंत्री  साय

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह

युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री  साय

27 वर्षों से नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली जा रही पदयात्रा की मुख्यमंत्री ने की सराहना

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मुख्यमंत्री  साय ने पदयात्रा कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। पदयात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री  साय ने लाल चौक स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। नशा केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवा स्वस्थ होंगे, शिक्षित और कुशल होंगे तथा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग अपने परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में करे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी ने संयम, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया था। ऐसे में नशामुक्ति का यह अभियान उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोपरि रखा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासन की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण के भाव से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गुजरात के वडनगर से निकले बाइक राइडर्स का रायपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस यात्रा में बस्तर के युवा भी उत्साहपूर्वक सहभागी बने।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा, जिसके कारण वहां विकास की गति बाधित हुई। आज क्षेत्र में शांति और विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के लिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर सहित आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो नशे से दूर रहकर अपने सामर्थ्य, परिश्रम और नवाचार से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बने।

मुख्यमंत्री  साय ने विधायक  पुरंदर मिश्रा द्वारा विगत 27 वर्षों से नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे सामाजिक विषयों को लेकर पदयात्रा आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आता है। जब कोई अभियान समाज का अभियान बन जाता है, तभी उसके स्थायी और व्यापक परिणाम सामने आते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इन पदयात्राओं से प्रेरित होकर अब तक हजारों लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह भी अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा और विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा, एक स्वस्थ परिवार और एक जागरूक समाज मिलकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक  पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय श्रीवास्तव, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष  गौरीशंकर श्रीवास, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष  अमरजीत छाबड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।

CG- जवानों को मिली बड़ी सफलता, नक्सलियों का छिपाया हथियार और कारतूस बरामद…..

CG- जवानों को मिली बड़ी सफलता, नक्सलियों का छिपाया हथियार और कारतूस बरामद…..

 कांकेर। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कांकेर-गड़चिरौली (महाराष्ट्र) सीमा पर जंगल-पहाड़ी इलाके में संदिग्ध स्थान पर जवानों ने नक्सल डंप बरमाद किया है। नक्सलियों ने जमीन के नीचे हथियार के साथ प्रिंटर भी छिपा रखा था।

पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर को जिला बल, बीएसएफ और बीडीएस टीम की संयुक्त टीम ने ग्राम दागुनटोला-पुसगटटा के बीच जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को संदिग्ध स्थान पर नक्सल डंप मिला। तलाशी लेने पर इसमें हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई।

नक्सल डंप से बरामद हुई सामाग्री

एक सिंगल बैरल 12 बोर रायफल
एक डबल बैरल 12 बोर रायफल
11 कारतूस
दो प्रिंटर

अन्य नक्सल सामग्री

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कांकेर जिले के संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। जिला बल के साथ बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियान के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सघन सर्चिंग की जा रही है

अभियान का नेतृत्व बीएसएफ की 94वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर एचएन शर्मा और इंस्पेक्टर हनुमान सहाय मीणा ने किया। पुलिस के अनुसार, नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ से उप संचालक पशु चिकित्सा के पद पर हुई पदोन्नति, जाने किसे कहां मिली नई पदस्थापना,देखे आदेश…

पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ से उप संचालक पशु चिकित्सा के पद पर हुई पदोन्नति, जाने किसे कहां मिली नई पदस्थापना,देखे आदेश…

 रायपुर। पशुधन विकास विभाग ने 17 पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ (राजपत्रित, द्वितीय श्रेणी) को उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें (राजपत्रित, प्रथम श्रेणी) के पद पर पदोन्नत किया है. इस संबंध में आदेश जारी किया गया है.

पशुधन विकास विभाग ने यह पदोन्नति छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 6 जुलाई को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में गई अनुशंसा के अनुपालन में 17 पशु चिकित्सा सहायक यज्ञों (वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 ) को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से उप संचालक के पद पर वेतनमान 67300-213100 रुपए (वेतन मैट्रिक्स लेवल-13) में 23 जुलाई को जारी विभागीय समसंख्यक आदेश द्वारा पदोन्नत किया गया था.

CG – मदिरा प्रेमियों के लिए जरूरी खबर, इस दिन बंद रहेंगी शराब की सभी दुकानें, कलेक्टर ने जारी किया आदेश……

CG – मदिरा प्रेमियों के लिए जरूरी खबर, इस दिन बंद रहेंगी शराब की सभी दुकानें, कलेक्टर ने जारी किया आदेश……

 कोरबा। शराब प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अगले महीने अक्टूबर में एक दिन शराब की दुकानें बंद रहने वाली हैं। ऐसे में अगर आप भी शराब खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। दरअसल, 2 अक्टूबर को सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। इस दिन शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी। ऐसे में अगर आपको शराब खरीदनी है तो पहले से ही इसका ध्यान रखना होगा, वरना दुकान पहुंचने के बाद आपको खाली हाथ लौटना पड़ सकता है।

कोरबा कलेक्टर ने जारी किया आदेश

इस दिन गांधी जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर को जिले की सभी मदिरा दुकानें बंद रहेंगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 02 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित किया है। 02 अक्टूबर शुक्रवार को जिले में संचालित समस्त देशी-विदेशी मदिरा दुकानें, प्रीमियम, कम्पोजिट मदिरा दुकानें, एफएल 3, एफएल 3 क, अहाता पूर्णतः बंद रहेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मदिरा बंदी के पूर्व दिवस को निर्धारित समय पश्चात मदिरा दुकानों को सीलबंद करने तथा मदिरा बंदी दिवस को अवैध शराब बिक्री न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

इसके अलावा मुंगेली जिले में भी गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) पर 02 अक्टूबर को 01 दिन के लिए शुष्क दिवस घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने 02 अक्टूबर को (All liquor shops will remain closed on October 2) 01 दिन के लिए जिले के समस्त देशी मदिरा की दुकानें सी.एस.-2(घघ), देशी मदिरा की दुकानें सी.एस.-2(घघ कम्पोजिट), विदेशी मदिरा दुकान एफ.एल-1 (घघ), विदेशी मदिरा दुकान एफ.एल-1 (घघ कम्पोजिट) की फुटकर दुकानें, सी.एस.-2(ग-अहाता), सी.एस.-2(ग-कम्पोजिट अहाता), एफ.एल-1 (ख-अहाता), एफ.एल-1 (ख-कम्पोजिट अहाता) तथा एफ. एल. 3 होटल बार और होटल सिटी पैलेस बंद रखे जाने एवं जिले में स्थित आसवनी(डी.-1) मेसर्स भाटिया वाईन मर्चे. प्रा.लि. धूमा अंतर्गत एस.-1(ख), एफ.एल. 9, एफ.एल.9 (क) में मदिरा परेषण आयात-निर्यात व परिवहन पूर्णतः निषिद्ध किए जाने हेतु आदेश जारी किया है। कलेक्टर ने उपरोक्त आदेश का पालन कड़ाई से किये जाने के निर्देश दिए हैं।

CG- पोटकेबिन की पहली कक्षा की छात्रा की मौत, परिजनों ने छात्रावास अधीक्षिका पर ये गंभीर आरोप…..

CG- पोटकेबिन की पहली कक्षा की छात्रा की मौत, परिजनों ने छात्रावास अधीक्षिका पर ये गंभीर आरोप…..

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ऐर्राबोर पोटाकेबिन में पहली कक्षा की छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। छात्रावास से गंभीर हालत में घर लाने के बाद उसकी मौत हो गई। मृतिका के परिजनों ने छात्रावास अधीक्षिका पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए डीईओ ने जांच के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक, मेटटागुड़ा निवासी मड़कम देवे कोंटा विकासखण्ड क्षेत्रअंतर्गत ऐर्राबोर पोटाकेबिन में अध्ययनरत थी। पिछले कई दिनों से उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। सूचना मिलने के बाद परिजन बच्ची को घर वापस लाने के लिए 27 सितंबर को छात्रावास पहुंचे। इस दौरान बच्ची की हालत गंभीर थी। बाढ़ से मार्ग बाधित होने के कारण वह समय पर घर नहीं पहुंच पाए।

लगातार बिगड़ती तबीयत के बीच छात्रा को घर लाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद छात्रावास प्रबंधन और अधीक्षिका के खिलाफ परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि अधीक्षिका ने छात्रा की बिगड़ती तबीयत को गंभीरता से नहीं लिया। छात्रा के इलाज में लापरवाही बरती गई।

घटना की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जांच टीम गठित कर दी गई है।

Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक खत्म, कई अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगी मुहर, यहां देखें कैबिनेट के अहम फैसले

Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक खत्म, कई अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगी मुहर, यहां देखें कैबिनेट के अहम फैसले

 CG Cabinet Breaking : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी संशोधित नीति-2026 का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था।

मंत्रिपरिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए। अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।

3. मंत्रिपरिषद द्वारा पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।

अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क बनाने भारत सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव

भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क बनाने भारत सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव

 00 मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित
रायपुर।
भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीआरडीए) द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तावित परियोजना के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मास्टर प्लान, भूमि उपलब्धता, आवश्यक अधोसंरचना, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवस्था तथा की संचालन गाइडलाइन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्ताव को भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित है औद्योगिक पार्क
सीआरडीए द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लगभग 406.72 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस औद्योगिक पार्क में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
भारत सरकार को भेजा जाएगा परियोजना प्रस्ताव
स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे भारत सरकार को भेजे जाने के लिए अनुमोदित किया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव को सीआरडीए, भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों पर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी उमेश कुमार झा, एनआरडीए नवा रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित कलेक्टर रायपुर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।