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सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडलीपार द्वारा जांच प्रकिया को त्वरित करने दिए निर्देश*

नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय प्रक्रिया को त्वरित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, सरल एवं त्वरित बनाने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीसीटीएनएस के संचालन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों, विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल के एकीकरण तथा न्यायिक एवं पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूर्णत: डिजिटल और समयबद्ध बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस के माध्यम से न्याय प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को अधिक सुगम, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाया जाए।

ई-एफआईआर से ई-फोरेंसिक तक सभी डिजिटल मॉड्यूल के प्रभावी संचालन पर जोर

बैठक में ई-एफआईआर, ई-चालान, ई-साक्ष्य, मेडलीपार, ई-प्रिजन, ई-फोरेंसिक, सीआईएस, न्याय श्रुति तथा अन्य डिजिटल प्रणालियों को सीसीटीएनएस के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मॉड्यूलों के बीच समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध हो सके।

 
 

ई-साक्ष्य के लिए सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा

 

 शर्मा ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण पूरी दक्षता के साथ किया जा सके। उन्होंने अच्छा कार्य करें वाले जिलों को प्रोत्साहित कर उन

न्याय श्रुति को शीघ्र किया जाएगा गो-लाइव

बैठक में न्याय श्रुति प्रणाली को शीघ्र प्रारंभ करने पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराकर न्याय श्रुति प्रणाली को जल्द से जल्द गो-लाइव किया जाए, जिससे न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में होंगे ई-साइनिंग पैड

बैठक में प्रार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में दुर्ग, बिलासपुर तथा रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में तथा राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए जाएं। इससे शिकायतकर्ताओं के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया सरल होगी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसके बाद पूरे राज्य में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

आईसीजेएस के पांचों स्तंभों को मजबूत करने पर जोर

शर्मा ने नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के सभी पांचों स्तंभों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक तथा अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।

मेडलीपार से जुड़ेंगे जिला अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल जांच एवं रिपोर्ट की प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर सभी जिला अस्पतालों को मेडलीपार प्रणाली से जोडऩे तथा प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस पूरी प्रणाली को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।

एनसीआरबी और एनआईसी मिलकर दूर करेंगे तकनीकी समस्याएं

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीबीआर) के अधिकारियों से कहा कि वे राज्य में आकर ऑनबोर्डिंग के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सीसीटीएनएस की सभी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।

निजी अस्पतालों को भी सीसीटीएनएस से जोडऩे की पहल

शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से सीसीटीएनएस प्रणाली से जोडऩे के प्रयास किए जाएं। इससे मेडिकल साक्ष्यों के आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने दुर्ग जिले में ऑनलाइन सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

एफएसएल की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की समीक्षा करते हुए सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने तथा जांच की समय-सीमा तय कर उसे न्यूनतम करने के निर्देश दिए। साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यक भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, सचिव  हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक  ध्रुव गुप्ता, एनसीआरबी एवं सीसीटीएनएस के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंगलदास ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मनोनीत

मंगलदास ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मनोनीत

 रायपुर / राज्य शासन द्वारा  मंगलदास ठाकुर ग्राम छुरिया डोंगरी, जिला-राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किए गए है। इस आशय का आदेश आदिम जाति विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन से जारी किया गया है।

TRANSFER NEWS : 6 पुलिस अधिकारियों के किए तबादले, देखें लिस्ट

TRANSFER NEWS : 6 पुलिस अधिकारियों के किए तबादले, देखें लिस्ट

 दुर्ग। जिले की पुलिस व्यवस्था में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कारणों से 6 निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक के तबादला आदेश जारी किए हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

“माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है…” खेत में रोपा लगाते दिखे मंत्री टंक राम वर्मा

“माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है…” खेत में रोपा लगाते दिखे मंत्री टंक राम वर्मा

 तिल्दा नेवरा। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा खेतों में धान की रोपाई करते नजर आए। उन्होंने खेत की मिट्टी से अपने जुड़ाव को साझा करते हुए कहा कि किसान परिवार से होने के कारण खेतों में काम करना और अन्न उगाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना उनके लिए हमेशा गर्व और आत्मीयता का विषय रहा है।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा, “माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है और सदैव बना रहेगा।” उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों में लहलहाती फसल उनके सपनों, मेहनत और परिवार के भविष्य की उम्मीद होती है।

उन्होंने किसानों के योगदान को देश की अर्थव्यवस्था और समाज की मजबूती का आधार बताते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

इस दौरान मंत्री का खेत में धान रोपाई करते हुए अंदाज किसानों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

BREAKING: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : ASP और DSP अधिकारियों को EOW/ACB में मिली जिम्मेदारी

BREAKING: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : ASP और DSP अधिकारियों को EOW/ACB में मिली जिम्मेदारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस विभाग के 10 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर में पदस्थ किया है। इस संबंध में मंत्रालय, महानदी भवन से आदेश जारी किया गया है।

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CG : साय सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो मंत्रियों के निजी स्टाफ में नई नियुक्तियां

CG : साय सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो मंत्रियों के निजी स्टाफ में नई नियुक्तियां

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने दो मंत्रियों की निजी स्थापना (पर्सनल स्टाफ) में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उप मुख्यमंत्री अरुण साव की टीम में नए अधिकारियों की पदस्थापना की है। इनमें एक नियुक्ति को विशेष प्रकरण मानते हुए पात्रता संबंधी शर्तों में भी छूट दी गई है, जिससे यह फैसला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक तथा वर्तमान में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सचिव के रूप में कार्यरत प्रतीक खरे की सेवाएं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की निजी स्थापना के लिए ली गई हैं। उन्हें अस्थायी रूप से विशेष सहायक के पद पर पदस्थ किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मंत्री कार्यालय के कामकाज को अधिक प्रभावी और समन्वित बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। प्रतीक खरे की नियुक्ति से जुड़ा आदेश इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें पात्रता संबंधी शर्तों को शिथिल करते हुए इसे विशेष प्रकरण के रूप में स्वीकृति दी गई है। सामान्य तौर पर निजी स्थापना में नियुक्तियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है, लेकिन इस मामले में विशेष अनुमति दिए जाने से प्रशासनिक हलकों में इसकी चर्चा हो रही है।
साय सरकार ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कार्यालय में भी नई पदस्थापना की है। जल संसाधन विभाग में कार्यरत सहायक अनुभाग अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ध्रुव को उनकी निजी स्थापना में सहायक ग्रेड-3 के पद के विरुद्ध अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। अरुण साव के पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे में उनकी निजी स्थापना में किया गया यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मंत्रियों के निजी स्टाफ में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय समन्वय, फाइलों के निपटारे और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। विशेष रूप से बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्रियों के कार्यालयों में दक्ष अधिकारियों की तैनाती को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शुरू, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर मंथन

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शुरू, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर मंथन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शुरू हुई। बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों और पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह और प्रदेश प्रभारी अजय जामवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।

बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना, बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, लता उसेंडी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय सहित भाजपा के अन्य प्रदेश पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हैं। बैठक को आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठन विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

 रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल की कल 22 जुलाई को होने जा रही है। कैबिनेट की बैठक नवा रायपुर के मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद फैसले लिए जाएंगे।

खुड़िया बांध बनेगा छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब, डिप्टी सीएम अरुण साव का मेगा प्लान

खुड़िया बांध बनेगा छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब, डिप्टी सीएम अरुण साव का मेगा प्लान

 लोरमी। मुंगेली जिले का लोरमी क्षेत्र, जहां प्रकृति ने अपनी खूबसूरती दिल खोलकर लुटाई है। इसी लोरमी में स्थित है ‘राजीव गांधी जलाशय’, जिसे स्थानीय लोग ‘खुड़िया बांध’ भी कहते हैं। इन दिनों यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। पहाड़ों की गोद में समाया यह बांध न सिर्फ किसानों के लिए जीवनदायिनी है, बल्कि इसमें एक बड़ा टूरिज्म हब बनने की असीम संभावनाएं छुपी हैं।

मॉनसून की दस्तक के साथ ही इसकी रंगत में चार चांद लग गए हैं। जलाशय के वेस्टवियर से दूधिया सफेद चादर की तरह बहते पानी के विहंगम नजारे को देखने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से सैलानी आ रहे हैं। अब सूबे के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इस क्षेत्र की तकदीर बदलने का खाका तैयार कर लिया है। आखिर क्या है खुड़िया बांध की जमीनी हकीकत और कैसे यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन का नया चेहरा बनेगा?

‘राजीव गांधी जलाशय’ लोरमी ब्लॉक मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम खुड़िया में स्थित है। तीन विशाल प्राकृतिक पहाड़ियों को आपस में जोड़कर बनाया गया इंजीनियरिंग का यह अद्भुत नमूना छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और ऐतिहासिक बांधों में से एक है। इन तीन पहाड़ियों के मध्य से होकर ‘मनियरी नदी’ बहती है। अंग्रेजी शासन काल में जब इस इलाके में कृषि की असीम संभावनाएं देखी गईं, तो साल 1927 में इस बांध को बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो तीन साल की कड़ी मशक्कत के बाद 1930 में पूरी हुई। उस दौर में यानी आज से करीब एक सदी पहले इसे बनाने में तकरीबन 99.4 लाख रुपयों की लागत आई थी। आज यह बांध सैलानियों के लिए सुकून का एक ऐसा ठिकाना है, जहां मोबाइल नेटवर्क भले ही गायब हो जाए, लेकिन दिल प्रकृति से जुड़ जाता है।

18.3 मीटर ऊंचे और करीब 1,218 मीटर लंबे इस विशाल बांध की कुल जल भराव क्षमता 61.2 मिलियन क्यूबिक मीटर है, लेकिन जब मॉनसून में इसका जलग्रहण क्षेत्र लबालब भर जाता है तो वेस्टवेयर से छलकते पानी का नजारा देखने लायक होता है, लेकिन विडंबना देखिए सालों से इस ऐतिहासिक और खूबसूरत पर्यटन स्थल को वह मुकाम नहीं मिल पाया, जिसका यह हकदार था। बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रचार-प्रसार का अभाव इसके विकास में रोड़ा बने रहे, मगर अब वक्त बदलने वाला है। स्थानीय विधायक और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस क्षेत्र के कायाकल्प का बड़ा ऐलान किया है। सरकार की योजना खुड़िया बांध और इससे सटे अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) को मिलाकर एक ‘इंटीग्रेटेड मेगा टूरिज्म सर्किट’ के रूप में विकसित करने की है, ताकि वाइल्डलाइफ और वॉटर टूरिज्म का डबल डोज पर्यटकों को अपनी ओर खींच सके।

यदि सरकार का यह मास्टरप्लान धरातल पर उतरता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा लोरमी और खुड़िया के स्थानीय युवाओं को होगा। पर्यटकों की आमद बढ़ने से इलाके में गाइड, बोटिंग ऑपरेटर, और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे सेक्टर्स में सीधे नए रोजगार मिलेंगे। इसके अलावा, होम-स्टे और लोकल रेस्टोरेंट्स का चलन बढ़ने से ग्रामीणों की आय बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन के रुकने की भी संभावना है।

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न शासकीय और संगठनात्मक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। दिन की शुरुआत मंत्रालय में समीक्षा बैठक से होगी, जहां वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे मंत्रालय स्थित महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभाग की योजनाओं की प्रगति, विकास कार्यों की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।

 इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर में भाजपा प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचेंगे। यहां वे दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक मौजूद रहेंगे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के नेताओं के साथ विभिन्न बैठकों में शामिल होंगे। साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री का पूरा दिन प्रशासनिक समीक्षा और संगठनात्मक बैठकों में व्यस्त रहेगा।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून का असर तेज, अगले 1 हफ्ते तक बारिश की संभावना, कई जिलों में अलर्ट जारी

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून का असर तेज, अगले 1 हफ्ते तक बारिश की संभावना, कई जिलों में अलर्ट जारी

 रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून असर लगातार तेज होते जा रहा है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक बारिश होने की मौसम विभाग ने संभावना जताई है. राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह-सुबह बूंदाबादी हुई. साथ ही आसमान में बादलों ने डेरा डाला हुआ है. अगले चौबीस घंटे में भी ज्यादा प्रभाव उत्तरी इलाका में रहने के आसार हैं.

प्रदेश में गुरुवार से भारी बारिश का दूसरा दौर प्रारंभ हुआ था, जिसका असर अगले एक दो दिन में समाप्त होने की संभावना बन रही है. पिछले चौबीस घंटे में मानसूनी गतिविधि उत्तरी इलाके में ही सिमटी रही और कुछ एक इलाकों में अतिभारी से भारी वर्षा हुई.

क्या रायपुर में आज होगी बारिश ?

रायपुर शहर और आसपास के इलाकों में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने 21 जुलाई को आकाश में बादल छाने रहने के अलावा बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

कुछ दिनों तक थमेगी बारिश की गतिविधि

मौसम विशेषज्ञों मुताबिक 21 जुलाई को अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. भारी वर्षा का क्षेत्र एक दो स्थानों तक सीमित रह सकता है. कुछ दिन तक बारिश की गतिविधि में विराम लगा रहेगा, इसके बाद बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम तैयार होने की उम्मीद है, जो उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ता है, तो प्रदेश में अच्छी बारिश हो सकती है. पिछले चौबीस घंटे में प्रतापपुर में 11, लवन, बलौदाबाजार में 7-7, मनोरा में 6, दर्गी, ओडगी, पलारी, माना में 5 सेमी. तक पानी बरसा है.

जांजगीर-चांपा, बिलासपुर में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने कई जिलों में सुबह के समय बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा और मुंगेली में 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हलकी वर्षा के आसार हैं. इन इलाकों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, ज्ञानवती बैगा के जीवन में आई खुशहाली

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, ज्ञानवती बैगा के जीवन में आई खुशहाली

 रायपुर:  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम तवाडबरा की ज्ञानवती बैगा इसकी प्रेरणादायक मिसाल है।

ज्ञानवती बैगा अपने परिवार की आजीविका को मजबूत करने के लिए अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। इस व्यवसाय से होने वाली आय से वे परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ घरेलू जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बीच परिवार का पालन-पोषण करने वाली ज्ञानवती बैगा के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल बनकर सामने आई है।

उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की 29वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने नारियल व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में किया, जिससे उनके छोटे व्यवसाय को निरंतर गति मिली। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब उन्हें व्यवसाय चलाने के लिए पूंजी की चिंता कम हो गई है और वे पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना काम कर पा रही हैं।

ज्ञानवती बैगा का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का विश्वास दिया है। अब वे घर के खर्च और अपने व्यवसाय दोनों का बेहतर ढंग से संचालन कर पा रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है और भविष्य के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।

उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना वास्तव में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना परिवारों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान कर रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने तथा परिवार की आय में भागीदारी निभाने का अवसर मिल रहा है। ज्ञानवती बैगा जैसी अनेक महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और स्वावलंबन का नया अध्याय भी लिख रही है।

CG – राशन कार्ड बनवाने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, घर बैठे बनवाएं राशन कार्ड, जानें प्रक्रिया

CG – राशन कार्ड बनवाने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, घर बैठे बनवाएं राशन कार्ड, जानें प्रक्रिया

 रायपुर। राशन कार्ड बनवाने को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। राशन कार्ड बनवाने के लिए अब  सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ शासन ने राशन कार्ड से जुड़ी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करते हुए सेवा-सेतु पोर्टल के माध्यम से नए राशन कार्ड बनाने, परिवार के सदस्य जोड़ने और सदस्य हटाने (विलोपन) की सुविधा शुरू कर दी है। इससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।

नई व्यवस्था के तहत कवर्धा जिले के नागरिक अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और नि:शक्तजनश्रेणी के राशन कार्ड के लिए स्वयं सेवा-सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जिन लोगों के पास ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है, वे अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।

खाद्य विभाग के अनुसार, अंत्योदय राशन कार्ड के लिए विशेष पिछड़ी जनजाति, विधवा या एकाकी महिलाएं, गंभीर असाध्य बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, दिव्यांग, निराश्रित, विमुक्त बंधुआ मजदूर तथा आवासहीन व्यक्तियों को संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। वहीं, प्राथमिकता राशन कार्ड के लिए भूमिहीन कृषि मजदूर, सीमांत एवं लघु किसान, असंगठित श्रमिक तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संबंधित प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।

ऑनलाइन आवेदन करने और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदक को एक रसीद क्रमांक मिलेगा, जिसकी सहायता से वह अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा। संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने पर डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त राशन कार्ड जारी किया जाएगा। हितग्राही अपने राशन कार्ड की प्रति संबंधित कार्यालय, लोक सेवा केंद्र अथवा सेवा-सेतु पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।

रायपुर सामूहिक मौत मामला: SIT जांच में मिले अहम सुराग, 2 हिरासत में

रायपुर सामूहिक मौत मामला: SIT जांच में मिले अहम सुराग, 2 हिरासत में

रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) लगातार जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच के दौरान आशंका जताई जा रही है कि बैटरी मैकेनिक सैयद शाहिद उर्फ सज्जू ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जहर दिया और इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा।

17 जुलाई को संजय नगर में सामने आई इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया। SIT अब घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सैयद शाहिद ने कथित रूप से अपनी पत्नी राबिया, बेटियों शाहिदा बेगम और इरशाबा परवीन तथा बेटे इरशाद अली को जहर दिया। इसके बाद उसने देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

CCTV फुटेज से तैयार की जा रही घटना की टाइमलाइन
जांच के दौरान पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, रात करीब 9 बजे सैयद शाहिद घर से निकलकर वॉशरूम की तरफ जाते हुए दिखाई दिया। वहीं कुछ अन्य फुटेज में वह शुक्रवार सुबह तक जीवित नजर आया है। पुलिस ने बताया कि घटना की सही टाइमलाइन तैयार करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक का बेटा रात करीब 1 बजे तक मोबाइल फोन पर सक्रिय था। पुलिस इन सभी गतिविधियों को जोड़कर घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है।

सूदखोरी और सट्टे के एंगल पर भी जांच
SIT ने जांच का दायरा केवल आर्थिक परेशानी तक सीमित नहीं रखा है। पुलिस अब सूदखोरी, सट्टेबाजी और संदिग्ध आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि शाहिद कुछ लोगों के संपर्क में था और उसके ऊपर कर्ज का दबाव था या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्ध सूदखोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इनमें एक व्यक्ति टिकरापारा क्षेत्र और दूसरा गोलबाजार इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शाहिद ने किन लोगों से पैसे उधार लिए थे और क्या उसे किसी तरह का मानसिक या आर्थिक दबाव दिया जा रहा था। इसके अलावा सट्टेबाजी से जुड़े किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

घटना से पहले सामान्य था व्यवहार, लेकिन उदास नजर आया शाहिद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन सैयद शाहिद कई परिचितों और दोस्तों से मिला था। उसने किसी से भी आर्थिक परेशानी, तनाव या किसी धमकी की बात नहीं कही थी। हालांकि उसके कुछ परिचितों ने पुलिस को बताया कि वह सामान्य बातचीत कर रहा था, लेकिन उसके चेहरे पर उदासी दिखाई दे रही थी। पुलिस अब उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की मानसिक स्थिति को समझा जा सके।

दोस्त की मौत का भी जांच में जुड़ा एंगल
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले शाहिद के करीबी दोस्त और गोलबाजार स्थित आजाद सैलून के संचालक कल्लू की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शाहिद उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचा था, लेकिन वहां पहुंचने तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि उस दिन शाहिद काफी मायूस दिखाई दे रहा था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है कि क्या दोस्त की मौत का उसके मानसिक हालात पर कोई असर पड़ा था।

कीटनाशक की दो खाली शीशियां मिलीं
पुलिस की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि शाहिद ने परिवार के सदस्यों को मिठाई में कीटनाशक मिलाकर खिलाया होगा। बताया जा रहा है कि सबसे अंत में घर लौटे बेटे को भी वही मिठाई दी गई। घटनास्थल से पुलिस को कीटनाशक की दो खाली शीशियां मिली हैं। इन्हें जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किस पदार्थ के सेवन से हुई।

पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट का इंतजार
एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि सामूहिक मौत मामले में सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। घटनास्थल की जांच फोरेंसिक टीम द्वारा की गई है और बरामद दस्तावेजों एवं अन्य सामानों को जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। एडीसीपी ने कहा कि फिलहाल मौत के स्पष्ट कारण सामने नहीं आए हैं। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़….

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़….

 रायपुर: प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। योजनागत उपलब्धियों के आधार पर राजनांदगांव प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 120 हितग्राहियों के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रकरणों में दस्तावेजों के सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

योजना के तहत अब तक 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ मिल चुका है। वहीं 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। ये परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुरूप सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। कई हितग्राही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।

योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से ‘पीएम सूर्य सभा’ आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी की जानकारी तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी मौके पर ही प्राप्त किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली व्यय में कमी लाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना है।

राजनांदगांव जिले की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभावी जनजागरूकता, समयबद्ध क्रियान्वयन और हितग्राही-केंद्रित प्रयासों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति का आधार बन रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर अमल, उद्यान निर्माण के लिए 95.3 लाख स्वीकृत…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर अमल, उद्यान निर्माण के लिए 95.3 लाख स्वीकृत…

 रायपुर: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सारंगढ़ नगर पालिका में उद्यान के निर्माण के लिए 95 लाख 30 हजार रुपए मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा सारंगढ़ में उद्यान निर्माण की घोषणा के अनुपालन में विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।साव ने उद्यान का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव  विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम संबंधी बैठक ली

मुख्य सचिव  विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम संबंधी बैठक ली

 छत्तीसगढ़ के CCTNS डैशबोर्ड स्कोर में सुधार के दिए कड़े निर्देश

रायपुर, 20 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकास शील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के कमजोर बिंदुओं को चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी  अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से मौजूद थे।

स्टेट स्कोरकार्ड में मिले 64.97 अंक, प्रशासनिक सुधार में पूर्ण अंक

बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने 'प्रशासनिक सुधार' और 'मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल' के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं।

जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट को सुदृढ़ करने पर जोर

मुख्य सचिव  विकास शील ने कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जाए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'न्याय श्रुति प्रणाली' को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्धारित 60 एवं 90 दिवस के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को देखते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पुलिस और गृह विभाग के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

दुर्ग को सीएम साय की बड़ी सौगात: NEET-JEE छात्रों के लिए छात्रावास, ऑडिटोरियम और एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा

दुर्ग को सीएम साय की बड़ी सौगात: NEET-JEE छात्रों के लिए छात्रावास, ऑडिटोरियम और एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा

 दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 में शिक्षा और खेल अधोसंरचना को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी छात्र संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश, स्कूल बैग तथा छात्राओं को साइकिल वितरित की। साथ ही राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिए आधुनिक कंपोजिट भवन, दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम, फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा NEET और JEE की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक और गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, पालक-शिक्षक बैठक और अन्य नवाचारों के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार भविष्य के भारत की पहचान होंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया तथा स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी शामिल हुए।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए नए शौचालयों का निर्माण, भाषा और गणितीय दक्षता बढ़ाने के अभियान तथा भारतीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आगामी वर्षों में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराए जाएं।

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव सम्पन्न… मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत…

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव सम्पन्न… मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत…

 - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

- शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ का आधार- मुख्यमंत्री  साय

- शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना के लिए की चार महत्वपूर्ण घोषणाएं

- शिक्षा विभाग के जेडी, डीईओ एवं बीईओ कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कॉम्पोजिट कार्यालय भवन का होगा निर्माण

- दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास की स्थापना की हुई घोषणा

दुर्ग, 20 जुलाई 2026/ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अंतर्गत राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय थे। स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चन्द्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त  सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, आयुक्त समग्र शिक्षा श्रीमती किरण कौशल तथा कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह भी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत, अध्ययन सामग्री एवं सायकल का वितरण-

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं अतिथियों ने विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को पुस्तकों एवं गणवेश का वितरण किया तथा कक्षा नवमी की पात्र छात्राओं को सायकल प्रदान की। कक्षा पहली के नवप्रवेशी विद्यार्थियों में भूपेन्द्र सिंह पहाड़ी, पार्थ यादव, वीर चंद्राकर, विवान ठाकुर, यश मारकंडे, डाली सिन्हा, दिव्यांशी, लावन्या साहू, लिशिका चंद्राकर एवं मानवी सेन शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से समाज और प्रदेश का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा ही विकास का मूल मंत्र है और राज्य सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और जीवन में सफलता का सबसे सशक्त आधार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्मार्ट क्लास, समय पर पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज जैसी अनेक अभिनव पहलें संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री  से ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं तथा 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं। दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीट क्षमता वाले छात्रावास की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है तथा बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में भी शिक्षा के नए केन्द्र विकसित किए जा रहे हैं। जगरगुंडा में एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है, जिससे वहां के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का महत्व सदैव सर्वाेच्च रहा है और राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से पढ़ाई के साथ संस्कार, कौशल और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अनेक नवाचार किए गए हैं और आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का होगा। आने वाले समय में प्रदेश के 9 हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास प्रारंभ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन तो दिया जाता ही है, न्यौता भोजन का भी आयोजन किया जाता है। न्यौता भोजन जन्मदिन, सालगिरह एवं निर्वाण दिवस की स्मृति में बच्चों को पौष्टिक भोजन कराया जाता है। निजी विद्यालयों की तर्ज पर प्रत्येक स्कूल में पीटीएम (पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग) की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अभिभावक अपने बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और कमियों से समय पर अवगत हो सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि आदिवासी युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए दिल्ली में 200 सीटर ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित किया जा रहा है, जहां इस साल 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण आवश्यक है और यह तभी संभव होगा जब प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की है। पहले जहां सैकड़ों स्कूल बिना शिक्षकों के संचालित हो रहे थे, वहां अब शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए अनेक नवाचार कर रही है। शिक्षा गुणवत्ता अभियान के बेहतर परिणाम सामने आए हैं और बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम भी उल्लेखनीय रहे हैं। उन्होंने कहा प्रदेश में सभी विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा की व्यवस्था विकसित की जा रही है। प्राथमिक स्तर पर हिन्दी, मध्य स्तर पर अंग्रेजी तथा गणितीय दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बालिकाओं के लिए 8 हजार से अधिक शौचालयों की व्यवस्था की जा रही है। विद्यार्थियों को महापुरुषों की जीवनी एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने, न्योता भोज और वैदिक परंपरा जैसे नवाचारों को भी विद्यालयों में बढ़ावा दिया जा रहा है। आगामी वर्षों में विद्यालयों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर 1 अप्रैल से प्रारंभ करने तथा पहले ही दिन पुस्तक एवं गणवेश उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

दुर्ग जिले को मिली शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना की चार बड़ी सौगातें-

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना को मजबूत करने संबंधी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने शिक्षा विभाग के जेडी, डीईओ एवं बीईओ कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कॉम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण, दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास की स्थापना की घोषणा की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्राविण्य छात्रवृत्ति परीक्षा वर्ष 2025-26 में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। इनमें कु. पायल रजनी (पीएमश्री विद्यालय, कुम्हारी) को राज्य में प्रथम स्थान, नैतिक आमटे (पीएमश्री विद्यालय, कुम्हारी) को सातवां स्थान तथा कु. श्रद्धा इंदौरिया (सेजेस, जंजगिरी) को राज्य में दसवां स्थान प्राप्त करने पर मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया, जहां विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल से जुड़े विभिन्न मॉडलों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने विद्यालय परिसर में कटहल, पुत्रंजीवा, सिंदूरी एवं मौलश्री के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में शामिल होकर आत्मीय संवाद किया।

छत्तीसगढ़ पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति, पर्यटन मंडल की 38 वीं संचालक मंडल बैठक में बनी रणनीति

छत्तीसगढ़ पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति, पर्यटन मंडल की 38 वीं संचालक मंडल बैठक में बनी रणनीति

 पर्यटन मंडल मुख्यालय में योजनाओं और परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा, आगामी पर्यटन गतिविधियों के रोडमैप पर हुआ मंथन

रायपुर, 20 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के संचालक मंडल की 38 वीं बैठक सोमवार को रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड मुख्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में पर्यटन क्षेत्र के समग्र विकास, वर्तमान योजनाओं की प्रगति, नई पर्यटन पहलों तथा आगामी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।

बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्षनीलू शर्मा ने की। इस अवसर पर पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन (भा.प्र.से.), छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य (भा.व.से.), अवर सचिव रुचि शर्मा, उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा, संस्कृति विभाग के संचालक  संजय कन्नौजे विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्य तथा पर्यटन मंडल के विभिन्न शाखा प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधारोपण और हरित पहल के संकल्प के साथ हुई। प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य ने टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा तथा पर्यटन सचिव डॉ. एस. भारतीदासन को पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वहीं, उपमहाप्रबंधक पूनम शर्मा ने विभिन्न विभागों के शासकीय सदस्यों का पौधा भेंट कर स्वागत किया।

बैठक के दौरान पर्यटन मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, पर्यटन अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक एवं सुविधायुक्त बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आगामी पर्यटन कार्यक्रमों, प्रचार-प्रसार गतिविधियों, निवेश संभावनाओं तथा पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक एवं जनजातीय पर्यटन संपदा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति प्रदान करने तथा भविष्य में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने की रणनीति पर सर्वसम्मति बनी। संचालक मंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्णयों से प्रदेश की पर्यटन पहचान और अधिक सशक्त होगी तथा छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान को और मजबूत करेगा।

​शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव - राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा

​शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव - राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा

 बलौदाबाजार विधानसभा ​क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत दी

रायपुर, 20 जुलाई 2026/ राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही एक समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार राज्य में गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। राज्य के विद्यालयों में छात्रों को भारतीय ज्ञान-परंपरा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन से जोड़ने के लिए शालाओं में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक का समावेश किया गया है। उन्होंने बलौदाबाजार विधानसभा ​क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत

रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत प्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

​संकल्प से ही प्राप्त होती है सिद्धि

​ देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी के विचारों को रेखांकित करते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सपने वे नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने तो वे हैं जो हमें सोने ही नहीं देते। ​सफलता की आधारशिला बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प पर टिकी होती है। जिस प्रकार एक अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का, शिक्षक अपने विद्यालय की उत्कृष्टता का और जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के विकास का सपना देखते हैं; ठीक उसी प्रकार विद्यार्थियों को भी उच्च लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत करनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संकल्प से सिद्धि के मंत्र को दोहराते हुए विद्यार्थियों को निरंतर प्रयासरत रहने का आह्वान किया।

​दृष्टिकोण बदलता है जीवन की दिशा

​कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद के संदेश उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए का स्मरण कराते हुए विद्यार्थियों में असीम ऊर्जा और सकारात्मक दृष्टिकोण का संचार किया गया। ​एक प्रेरक प्रसंग के माध्यम से मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि एक ही कार्य को करने वाले लोगों का दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकता है। जैसे बाँध निर्माण में लगे तीन मजदूरों में से सकारात्मक सोच वाले मजदूर ने अपने कार्य को जन-कल्याण और समृद्धि से जोड़कर देखा, ठीक उसी तरह विद्यार्थियों को भी अपनी पढ़ाई का उद्देश्य तय करना होगा। जब दृष्टिकोण स्पष्ट होता है, तो लक्ष्य प्राप्ति निश्चित हो जाती है।

​नई शिक्षा नीति 2020- भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कारों का समावेश

मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ​विष्णु देव साय सरकार द्वारा शिक्षा के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए जा रहे है। ​राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत राज्य में शिक्षा को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा (वेद, शास्त्र, रामायण एवं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर) से जोड़ा गया है। ​शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों में नैतिक मूल्य, विनम्रता, अनुशासन और अपने माता-पिता व बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का माध्यम बन रही है।

​बलौदाबाजार के विद्यालयों को मॉडल बनाने 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति

​ क्षेत्रीय अधोसंरचना विकास पर राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बलौदाबाजार विधानसभा ​क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण हेतु 3 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। ​बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था और बैठक व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जा रहा है। ​बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक व बौद्धिक विकास हेतु एक आधुनिक एवं भव्य रंगमंच के निर्माण की भी स्वीकृति दी गई।

​2047 तक छत्तीसगढ़ देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनेगा

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महतारी वंदन योजना और कृषक उन्नति योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ अधोसंरचनात्मक विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जब वर्ष 2047 में भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा, तब हमारा छत्तीसगढ़ भी देश का सबसे समृद्धशाली और सशक्त राज्य बनकर उभरेगा। ​कार्यक्रम में नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर सभी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर व मिठाई खिलाकर अभिनंदन किया गया तथा उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।

विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 नई पीढ़ी का भविष्य संवारना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

दुर्ग जिले को शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना की चार बड़ी सौगातें : नीट-जेईई के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन, ऑडिटोरियम एवं एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा

रायपुर 20 जुलाई 2026/ शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। शिक्षा संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को स्नेह पूर्वक आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें, बड़े सपने देखें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश एवं स्कूल बैग वितरित किए। साथ ही कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की होती है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को केवल बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज और भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों की छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री  साय ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल से जुड़े मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही भविष्य के भारत की पहचान होंगे और राज्य सरकार बच्चों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत कटहल, सिंदूरी एवं मौलश्री के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी सहभागिता की और आत्मीय संवाद करते हुए उनके अध्ययन, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. पायल रजनी, सातवां स्थान प्राप्त करने वाले नैतिक आमटे तथा दसवां स्थान प्राप्त करने वाली कु. श्रद्धा इंदौरिया को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए आठ हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण, भाषा एवं गणितीय दक्षता बढ़ाने के विशेष अभियान तथा भारतीय संस्कृति एवं महापुरुषों के जीवन से विद्यार्थियों को जोड़ने जैसे नवाचार शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं गणवेश उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर, साजा विधायक  ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष  राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष  जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त  सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

’मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ, गौ विज्ञान परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित

1.64 लाख से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता को बताया नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक सोच का सकारात्मक संकेत

सुरभि गौधाम योजना, गौशालाओं को बढ़ी सहायता और डेयरी विकास से गौपालन को मिलेगा नया विस्तार

रायपुर। गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टि का सुंदर समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण समृद्धि की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में गाय के वैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा अत्यंत सराहनीय पहल है।

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों एवं महाविद्यालयों के 1 लाख 64 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और प्रकृति संरक्षण के प्रति सजग हो रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज में गौ संरक्षण और संवर्धन के प्रभावी दूत बनेंगे।

गौ संरक्षण को जनभागीदारी से मिलेगा स्थायी आधार

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गौ संरक्षण के उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने परिवारों और आसपास के लोगों को गौसेवा एवं गौ संरक्षण के प्रति जागरूक करें तथा इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाएं।

न्योता भोज जैसी पहल सामाजिक सहभागिता का उदाहरण

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नए शिक्षा सत्र के साथ प्रदेश में शाला प्रवेश उत्सव और न्योता भोज जैसी अभिनव पहल संचालित की जा रही हैं। जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ अथवा माता-पिता की पुण्यतिथि जैसे विशेष अवसरों पर विद्यालयों में बच्चों के साथ भोजन कराने की परंपरा समाज और विद्यालय के बीच आत्मीय संबंध मजबूत कर रही है। इससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण भी प्राप्त हो रहा है तथा समाज की भागीदारी भी बढ़ रही है।

गोबर आधारित उत्पाद बन रहे रोजगार का नया माध्यम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गाय से प्राप्त दूध, दही, गोबर और गोमूत्र सहित प्रत्येक उत्पाद मानव जीवन के लिए उपयोगी है। आज गोबर से अनेक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जो स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार गोबर एवं गोमूत्र आधारित उत्पादों के निर्माण तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था भी करेगी, जिससे गौपालन आय का सशक्त माध्यम बन सके।

गौ संरक्षण के लिए सरकार के प्रभावी कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पंजीकृत गौशालाओं में प्रति गाय चारे के लिए दी जाने वाली सहायता राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। साथ ही सुरभि गौधाम योजना के माध्यम से आधुनिक सुविधाओं से युक्त गौधाम विकसित किए जा रहे हैं, जहां पशु चिकित्सक, चरवाहे तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बस्तर में डेयरी विकास का नया अध्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त होने के साथ अब विकास का नया दौर प्रारंभ हुआ है। कृषि एवं पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से देसी गाय उपलब्ध कराने की योजना प्रारंभ की गई है।उन्होंने कहा कि इस योजना से प्रदेश में दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब सरकार इस योजना का लाभ अन्य इच्छुक पशुपालकों, विशेषकर यादव समाज के लोगों तक भी पहुंचाने पर विचार कर रही है, जिससे डेयरी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी।

गौ सेवा से संस्कृति और मूल्यों से जुड़ रही नई पीढ़ी : स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव

स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा के माध्यम से हजारों बच्चों ने गौमाता के महत्व को समझा है। यह पहल नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ संरक्षण के लिए गौ अभ्यारण्य विकसित कर रही है, जहां गौवंश के लिए पर्याप्त चारा और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। देसी गाय के शुद्ध दूध के उत्पादन को बढ़ावा देकर आर्थिक स्वावलंबन के साथ जनस्वास्थ्य को भी मजबूती मिलेगी।

भारतीय ज्ञान परंपरा से परिचय करा रही है गौ विज्ञान परीक्षा

गौ सेवा गतिविधि के अखिल भारतीय संयोजक  अजीत महापात्र ने कहा कि गौ विज्ञान परीक्षा विद्यार्थियों को गाय के वैज्ञानिक महत्व तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का भाव विकसित हो रहा है।

गौ विज्ञान परीक्षा के विजेताओं का हुआ सम्मान

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने गौ विज्ञान परीक्षा के तीनों वर्गों के विजेताओं को सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 51 हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 31 हजार रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह परीक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष  राजीव लोचन जी महाराज, छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष  सुधीर गौतम,  चंद्रशेखर देवांगन, आत्मबोध अग्रवाल,  मनोज पांडेय,  गोपाल यादव सहित छत्तीसगढ़ राज्य गौ संरक्षण एवं संवर्धन समिति के पदाधिकारी, प्रदेशभर से आए गौ विज्ञान परीक्षा के प्रतिभागी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

CRIME : जमीन विवाद में शिक्षक की निर्मम हत्या, दिनदहाड़े चचेरे भाइयों ने गला रेतकर उतारा मौत के घाट

CRIME : जमीन विवाद में शिक्षक की निर्मम हत्या, दिनदहाड़े चचेरे भाइयों ने गला रेतकर उतारा मौत के घाट

 बलरामपुर/रामानुजगंज। सोमवार सुबह का सूरज अभी पूरी तरह चढ़ा भी नहीं था कि राधानगर गांव में एक भयानक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। 50 वर्षीय शिक्षक जयकरन जगते अपनी बाइक पर स्कूल जा रहे थे। घर से महज आधा किलोमीटर दूर, सड़क किनारे जहां मवेशी अक्सर विश्राम करते हैं, वहां पहले से घात लगाए बैठे उनके ही दो चचेरे भाई बृजमोहन (25) और हरिमोहन (24) अचानक उन पर टूट पड़े।

दोनों ने पहले हथौड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, फिर चाकू से उनका गला रेत दिया। जयकरन जगते लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस नृशंस हत्या ने पूरे गांव को सन्न कर दिया। घटना त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम राधानगर की है।

विवाद की जड़ क्या थी?
परिवार में जमीन का बंटवारा हो चुका था, लेकिन आरोपियों का कहना है कि जयकरन जगते उन्हें अपनी हिस्से की जमीन पर खेती करने नहीं दे रहे थे और नापने (सीमांकन) भी नहीं करा रहे थे। इस छोटे-से विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि रविवार को गांव में मीटिंग भी हुई थी। मीटिंग में भी दोनों पक्ष आमने-सामने रहे, लेकिन कोई हल नहीं निकला। नतीजा — सोमवार सुबह यह खूनी बदला। 

पुलिस एक्शन:
सूचना मिलते ही त्रिकुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। थाना प्रभारी व्यास नारायण चुरेन्द्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद ही मुख्य वजह नजर आ रहा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और आगे की जांच चल रही है।

परिवार का गुस्सा:
मृतक के परिजनों में आग लग गई। गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। आग को काबू में कर लिया गया, वरना पूरा घर जल जाता। गांव में तनाव का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। यह घटना परिवार के अंदरूनी कलह और छोटे-छोटे विवादों के कितने खतरनाक परिणाम हो सकते हैं, उसकी एक भयावह मिसाल बन गई है। छत्तीसगढ़ के इस ग्रामीण इलाके में आज भी जमीन को लेकर खून-खराबा जारी है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

सिम्स में भर्ती केंद्रीय जेल के कैदी की मौत, 20 साल की सजा काट रहा था बंदी

सिम्स में भर्ती केंद्रीय जेल के कैदी की मौत, 20 साल की सजा काट रहा था बंदी

 बिलासपुर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा काट रहे एक बंदी की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब चल रही थी और उसका केंद्रीय जेल अस्पताल में उपचार किया जा रहा था।

जानकारी के अनुसार, सोमवार को बंदी के सीने में अचानक तेज दर्द उठा, जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसे तत्काल बेहतर इलाज के लिए सिम्स रेफर किया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मृतक की पहचान प्रभु कुमार मनहर निवासी विद्याडीह टांगर, पचपेड़ी क्षेत्र के रूप में हुई है। वह पचपेड़ी थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था।

पुलिस के अनुसार, 9 सितंबर 2024 की रात आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। परिजनों की शिकायत पर पचपेड़ी थाना में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी नाबालिग को ट्रेन से महाराष्ट्र ले गया है।

इसके बाद पचपेड़ी पुलिस ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ मिलकर कार्रवाई की और आरोपी को महाराष्ट्र के अमलनेर रेलवे स्टेशन, जो भुसावल के पास स्थित है, से गिरफ्तार किया। पुलिस ने नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया था। पीड़िता के बयान के बाद मामले में बीएनएस की धारा 87 और 64 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी जोड़ी गई थी।

मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने प्रभु कुमार मनहर को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद था। बताया गया कि 15 जुलाई 2026 को उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसका लगातार इलाज चल रहा था।