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BREAKING :छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति

BREAKING :छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, सरकार ने गठित की उच्च स्तरीय समिति

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। राज्य सरकार ने UCC लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करने और इसका प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट और सुझाव सरकार को सौंपेगी। राज्य सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी।

समिति में प्रशासनिक, कानूनी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल किया गया है, ताकि UCC के सभी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जा सके। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघन सिंह और एम. के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को सदस्य बनाया गया है। समिति में कानून, प्रशासन और सामाजिक विषयों के विशेषज्ञों को शामिल करने का उद्देश्य समान नागरिक संहिता के प्रभावों का व्यापक मूल्यांकन करना है।

विवाह, तलाक और उत्तराधिकार जैसे विषयों का होगा अध्ययन
सरकार द्वारा गठित समिति राज्य में UCC लागू करने से जुड़े विभिन्न कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी। इसमें विशेष रूप से विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण जैसे विषयों को शामिल किया गया है। समिति यह देखेगी कि वर्तमान में राज्य में लागू कानूनों और समान नागरिक संहिता के प्रावधानों के बीच क्या अंतर है। इसके अलावा यह भी अध्ययन किया जाएगा कि UCC लागू होने पर सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। समिति को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह सभी संबंधित विषयों पर विशेषज्ञों की राय लेकर एक संतुलित प्रारूप तैयार करे।

जनता और विशेषज्ञों से लिए जाएंगे सुझाव
समान नागरिक संहिता के प्रारूप को तैयार करने के लिए समिति आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, कानून विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेगी। सरकार का उद्देश्य है कि UCC को लेकर सभी वर्गों की राय और सुझावों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की जाए। समिति सुझावों का अध्ययन करने के बाद अपनी अनुशंसाएं सरकार के सामने प्रस्तुत करेगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में लागू समान नागरिक संहिता से जुड़ी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाएगा।

अन्य राज्यों के UCC मॉडल का होगा परीक्षण
समिति देश के उन राज्यों में लागू समान नागरिक संहिता की व्यवस्था का भी अध्ययन करेगी, जहां इसे लागू किया जा चुका है या इसके लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी और व्यवहारिक प्रारूप तैयार करने में मदद मिलेगी। समिति यह भी देखेगी कि UCC लागू करने के लिए किन विधायी और प्रशासनिक बदलावों की आवश्यकता होगी। इसके आधार पर सरकार को आगे की कार्रवाई के लिए सुझाव दिए जाएंगे।

सरकार को सौंपेगी ड्राफ्ट और अनुशंसाएं
समिति समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार कर राज्य शासन को सौंपेगी। इसके साथ ही समिति आवश्यक विधायी और प्रशासनिक अनुशंसाएं भी उपलब्ध कराएगी, ताकि सरकार आगे की प्रक्रिया तय कर सके। समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश या राज्य में नागरिकों के लिए व्यक्तिगत कानूनों में समानता स्थापित करना है। इसके अंतर्गत अलग-अलग समुदायों से जुड़े व्यक्तिगत मामलों के लिए समान नियम बनाने की व्यवस्था पर विचार किया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समिति गठन के बाद अब इसकी कार्यप्रणाली, सुझाव प्रक्रिया और रिपोर्ट पर सभी की नजरें रहेंगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही राज्य में UCC लागू करने को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल समिति को राज्य में समान नागरिक संहिता की संभावनाओं, कानूनी स्थिति और सामाजिक प्रभावों का अध्ययन कर एक विस्तृत प्रारूप तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

Weather Update: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई, जबकि राजधानी रायपुर में भी रविवार दोपहर तेज बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, मनेन्द्रगढ़ में सर्वाधिक 8 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा बिल्हा और मैनपुर में 7-7 सेंटीमीटर, पटना में 6 सेंटीमीटर तथा मुंगेली, गरियाबंद, जनकपुर-भरतपुर, रामानुजगंज, बैकुंठपुर, लोरमी, लालपुर थाना, मगरलोड और चिरमिरी में 5-5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कई अन्य जिलों में भी 3 से 4 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई।

सोमवार को राजधानी रायपुर में मौसम सुहावना रहने की संभावना है। आसमान में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड और उससे सटे बिहार के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण, उत्तर बिहार से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय द्रोणिका तथा उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी छत्तीसगढ़ के ऊपर बने एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। इसके चलते अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है।

विभाग ने राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, दुर्ग सहित कई अन्य जिलों के लिए अगले तीन घंटे के दौरान बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

गीदम समिति ने रचा इतिहास, 38 वर्षों में सबसे अधिक कीमत पर बिका तेंदूपत्ता,10 हजार 909 रुपये प्रति मानक बोरा तक मिली रिकॉर्ड

गीदम समिति ने रचा इतिहास, 38 वर्षों में सबसे अधिक कीमत पर बिका तेंदूपत्ता,10 हजार 909 रुपये प्रति मानक बोरा तक मिली रिकॉर्ड

 रायपुर:  छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की गीदम प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति ने तेंदूपत्ता विक्रय में 38 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास रच दिया है। 16 जुलाई 2026 को आयोजित ऑनलाइन निविदा में गीदम समिति के तेंदूपत्ते को 10,909 प्रति मानक बोरा तक का ऐतिहासिक मूल्य प्राप्त हुआ है।

दंतेवाड़ा जिले की प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति गीदम ने तेंदूपत्ता विक्रय में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा आयोजित ऑनलाइन निविदा में समिति का तेंदूपत्ता 10 हजार 609 रुपये और 10 हजार 909 रुपये प्रति मानक बोरा की रिकॉर्ड दर पर बिका। यह गीदम समिति के 38 वर्षों के इतिहास में तेंदूपत्ता विक्रय की सबसे अधिक कीमत है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे वनाश्रित परिवारों की आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया और गुणवत्तापूर्ण कार्यप्रणाली का लाभ अब सीधे तेंदूपत्ता संग्रहकों तक पहुंच रहा है।

करीब 4 हजार संग्राहक परिवारों को मिलेगा बोनस का लाभ

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता रिकॉर्ड दर पर बिकने से समिति को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी। इसका लाभ बोनस के रूप में समिति से जुड़े करीब 4 हजार तेंदूपत्ता संग्रहक परिवारों को मिलेगा। इससे वनाश्रित परिवारों की आय बढ़ेगी और उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

डिजिटल व्यवस्था से भुगतान में पारदर्शिता

राज्य  सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण, बोनस, छात्रवृत्ति, बीमा और अन्य लघु वनोपज योजनाओं में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से संग्रहकों के बैंक खातों में राशि सीधे जमा की जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध हुई है।

सामूहिक प्रयासों से मिली ऐतिहासिक सफलता

वन मंत्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि के लिए मुख्य वन संरक्षक, दंतेवाड़ा वनमंडलाधिकारी, जिला लघु वनोपज सहकारी संघ, समिति के पदाधिकारियों, फड़ मुंशियों और सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से गीदम समिति ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वनाश्रित परिवारों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए लघु वनोपज के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आने वाले समय में भी तेंदूपत्ता और अन्य लघु वनोपज से जुड़े परिवारों को बेहतर आर्थिक लाभ दिलाने के प्रयास जारी रहेंगे।

CG – बारिश बनी आफत : भारी बारिश से ढह गया पुलिया, दो दर्जन से ज्यादा गांवों का टूटा संपर्क, जन जीवन अस्त व्यस्त

CG – बारिश बनी आफत : भारी बारिश से ढह गया पुलिया, दो दर्जन से ज्यादा गांवों का टूटा संपर्क, जन जीवन अस्त व्यस्त

 सूरजपुर। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उत्तर छत्तीसगए़ सूरजपुर जिले के गोबरी नदी पर बना रपटा पुल टूट गया, इससे दो दर्जन से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। डबरीपारा, बासापारा, शिवप्रसाद नगर सहित दर्जनों गांव, जो नेशनल हाइवे-43 से जुड़े हैं, उनका संपर्क प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि यह पुल एक महीने पहले ही बना था। बता दें,छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी हैं।

मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट पर नजर डालें तो, प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ में अब तक 307.2 मिमी बारिश

छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय है। 1 जून से 18 जुलाई तक प्रदेश में औसतन 307.2 मिमी बारिश हो चुकी है। यह पिछले 10 वर्षों की इसी अवधि की औसत बारिश (375.4 मिमी) का 81.8% है। शनिवार को प्रदेश में औसतन 17.7 मिमी बारिश दर्ज की गई।

जलाशय का हिस्सा बहा, 125 लोग सुरक्षित निकाले गए

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा स्थित कर्रा नाला जलाशय का एक हिस्सा भी तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने एहतियातन 125 लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया है। वहीं बिलासपुर में लगातार बारिश से नेशनल हाईवे-49 पर कई फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित रहा।

48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल और उत्तरी झारखंड के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन, सक्रिय मानसून ट्रफ और अन्य मौसमी सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

शिक्षा के क्षेत्र में सुकमा की नई उड़ान: ‘क्षितिज’ कोचिंग के 32 विद्यार्थियों ने NEET-UG 2026 में किया शानदार प्रदर्शन

शिक्षा के क्षेत्र में सुकमा की नई उड़ान: ‘क्षितिज’ कोचिंग के 32 विद्यार्थियों ने NEET-UG 2026 में किया शानदार प्रदर्शन

 रायपुर: सुकमा जिले के दूरस्थ और ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित निःशुल्क ‘क्षितिज’ JEE-NEET कोचिंग सेंटर के 32 विद्यार्थियों ने NEET-UG 2026 की क्वालिफाइंग कटऑफ पार कर जिले का नाम रोशन किया है। इनमें से 13 विद्यार्थियों के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में प्रवेश लेने की प्रबल संभावना है।

शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

आदिवासी और ग्रामीण परिवार के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग से मिला सपनों को पंख

सुकमा के आदिवासी और ग्रामीण परिवारों से आने वाले इन विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी आसान नहीं थी। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर उनके लिए नई उम्मीद बनकर सामने आया।
यहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क कोचिंग, नियमित मार्गदर्शन और परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से NEET-UG जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि के लिए वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और शुभकामनाएं दी है।

प्रशासन के मार्गदर्शन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

यह उपलब्धि जिला प्रशासन की शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के कुशल नेतृत्व तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर और जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी. आर. मण्डावी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया गया।
प्रशिक्षण प्रदाता संस्था ‘कैंप एकेडमी’ के अनुभवी शिक्षकों सूरज सिंह, सोनम सिंह, निधि चौहान और राजनीश पटेल ने विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं, विषयवार मार्गदर्शन और परीक्षा की रणनीति के माध्यम से तैयार किया।

सफलता से बढ़ा विद्यार्थियों का आत्मविश्वास

‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों की इस सफलता से जिले के अन्य विद्यार्थियों में भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उत्साह बढ़ा है। दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या संसाधन की मोहताज नहीं होती। यदि सही मार्गदर्शन, बेहतर अवसर और निरंतर मेहनत मिले, तो सुदूर गांवों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।

युवा वर्ग में आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदम

जिला प्रशासन ने NEET-UG 2026 में सफल सभी विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई दी है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। ‘क्षितिज’ कोचिंग सेंटर की यह उपलब्धि सुकमा में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव की प्रेरणादायक कहानी है। कभी कठिन परिस्थितियों से जूझने वाले इस जिले के विद्यार्थी आज डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और उसे पूरा करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। यह सफलता सुकमा के युवाओं के नए आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

रक्षाबंधन पर बिखरेगा हरियाली का संदेश: रायगढ़ में स्व-सहायता समूह की दीदियों ने तैयार कीं अनोखी बीज राखियां

रक्षाबंधन पर बिखरेगा हरियाली का संदेश: रायगढ़ में स्व-सहायता समूह की दीदियों ने तैयार कीं अनोखी बीज राखियां

 रायपुर: क्षाबंधन पर केवल भाई-बहन का प्रेम ही नहीं, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का संदेश भी दिया जा सकता है। पेड़ों को राखी बांधकर उन्हें अपनी रक्षा का वचन देना और मिट्टी से बने इको-फ्रेंडली पौधे वाली राखियों का इस्तेमाल पर्यावरण को हरा-भरा रखने में मदद करता है।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्व-सहायता समूहों की दीदियां इस बार रक्षाबंधन के पर्व को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने की एक अनूठी मिसाल पेश कर रही हैं। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला पंचायत रायगढ़ और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के सहयोग से जिले भर में पर्यावरण-अनुकूल बीज राखियां तैयार की जा रही हैं।

फेंकने पर अंकुरित होंगे देसी बीज

इन राखियों की सबसे विशेष बात यह है कि इन्हें धान, मक्का, भुट्टा, सेमी, करेला और बरबटी जैसे विभिन्न देसी बीजों से बेहद आकर्षक ढंग से बनाया जा रहा है। यदि त्योहार के बाद यह राखी मिट्टी में मिल जाती है या बाहर फेंक दी जाती है, तो इसमें लगे बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेंगे। इससे भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

गांव-गांव में दिख रहा उत्साह

जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस अभियान को लेकर महिलाओं में भारी उत्साह है। धरमजयगढ़ के ग्राम दुलियामुड़ा-कोयलार में कृष्णा स्व-सहायता समूह की सक्रिय महिला कविता राठिया ने आकर्षक बीज राखियां तैयार कर मिसाल पेश की है। रायगढ़ के बैसपाली, जुनवानी, लोइंग, गोपालपुर, संबलपुरी, लैलूंगा, तमनार के लिबरा गांव (जननी समूह), घरघोड़ा के बड़ेगुमड़ा (गायत्री समूह) और पुसौर के पुटकापुरी क्लस्टर सहित जिले भर की कृषि सखियां और महिलाएं इस कार्य में जुटी हुई हैं।

सातों विकासखंडों से चुनी जाएगी सर्वश्रेष्ठ बीज राखी*

रायगढ़ जिले के सभी सातों विकासखंडों में इस रचनात्मकता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए कल यानी 20 जुलाई को जिले के सभी सात विकासखंडों से एक-एक सर्वश्रेष्ठ बीज राखी का चयन किया जाएगा। चयन का आधार राखी की आकर्षक डिज़ाइन, देसी बीजों का उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश जैसी खूबियों को बनाया जाएगा।

जिले के शीर्ष अधिकारियों को राखी बांधेंगी विजेता दीदियां

प्रतियोगिता में चुनी जाने वाली सातों विकासखंडों की विजेता दीदियों को 27 जुलाई को एक विशेष गरिमामय समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर ये दीदियां स्वयं कलेक्टर सहित जिले के शीर्ष अधिकारियों को अपने हाथों से बनाई हुई बीज राखी बांधेंगी। बिहान की दीदियों द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अब केवल एक प्रतियोगिता न रहकर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का एक बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है।

CG – मुख्यमंत्री विष्णुदेव इस स्कूल से करेंगे राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ, पूर्व सीएम भूपेश बघेल सहित कई दिग्गज होंगे शामिल…

CG – मुख्यमंत्री विष्णुदेव इस स्कूल से करेंगे राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ, पूर्व सीएम भूपेश बघेल सहित कई दिग्गज होंगे शामिल…

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन 20 जुलाई को दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में किया जाएगा। दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे। उप मुख्यमंत्री एवं दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय और अन्य अतिथि पहली बार विद्यालय में प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर तथा मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत करेंगे। शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ाना, विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे शामिल

समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल, पाटन विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर, अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव, साजा विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय तथा तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू भी उपस्थित रहेंगे।

इसके अलावा जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष कीर्ति नायक, जिला पंचायत सदस्य नीलम चन्द्राकर, जनपद सदस्य संतोषी ठाकुर तथा ग्राम पंचायत जामगांव (एम) की सरपंच तुलसी सिन्हा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। विभाग ने अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर बच्चों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

सरकारी नौकरी : युवाओ के लिए सुनहरा मौका, बस्तर फाइटर्स में इतने पदों पर होगी भर्ती, स्थानीय युवाओं को मिलेगी नौकरी

सरकारी नौकरी : युवाओ के लिए सुनहरा मौका, बस्तर फाइटर्स में इतने पदों पर होगी भर्ती, स्थानीय युवाओं को मिलेगी नौकरी

 रायपुर। छत्तीसगढ़  सरकार ने बस्तर संभाग के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बस्तर फाइटर्स के 5,800 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना, स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना तथा बस्तर में स्थायी शांति और विकास को बढ़ावा देना है।

सरकार के अनुसार भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। पहले चरण में 1,500 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद शेष पदों पर भी क्रमवार भर्ती की जाएगी।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्राथमिकता का लाभ

सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में बस्तर संभाग के स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। स्थानीय भाषा, संस्कृति, भौगोलिक परिस्थितियों और क्षेत्र की सामाजिक संरचना की बेहतर समझ रखने वाले युवाओं को सुरक्षा बल में शामिल कर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।

चयनित अभ्यर्थियों को नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को सशक्त करने तथा नक्सल विरोधी अभियानों में सहयोग की जिम्मेदारी दी जाएगी।

केंद्रीय अर्धसैनिक बलों पर निर्भरता होगी कम

राज्य सरकार की योजना के अनुसार भविष्य में बस्तर में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की संख्या चरणबद्ध तरीके से कम की जाएगी। उनकी जगह स्थानीय युवाओं से गठित बस्तर फाइटर्स सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे।

सरकार का मानना है कि स्थानीय युवाओं की भागीदारी से सुरक्षा अभियानों में बेहतर समन्वय होगा और लोगों तथा सुरक्षा बलों के बीच विश्वास भी मजबूत होगा। इससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।

पत्नी की हत्या : पति बना हैवान, फावड़ा से हमला कर पत्नी को बेरहमी से उतरा मौत के घाट, इस वजह दिया वारदात को अंजाम…

पत्नी की हत्या : पति बना हैवान, फावड़ा से हमला कर पत्नी को बेरहमी से उतरा मौत के घाट, इस वजह दिया वारदात को अंजाम…

 खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। छत्तीसगढ़ के केसीजी जिले से हत्या का मामला सामने आया है। जहां पति ने पत्नी पर फावड़े से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। दोनों के बीच में बैंक लोन को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद पति ने फावड़े से हमला कर पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी का नाम तारण चतुर्वेदी है।

जानिए घटनाक्रम

जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता कुन्ती बाई बघेल निवासी ग्राम मुंदगांव थाना डोंगरगढ़ द्वारा थाना ठेलकाडीह में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके दामाद तारण चतुर्वेदी ने अपनी पत्नी सुरूज बाई चतुर्वेदी के सिर पर फावड़े से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। खून से लथपथ हालत में बेटी को उपचार के लिए शंकराचार्य अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया था। रिपोर्ट पर थाना ठेलकाडीह में आरोपी के विरुद्ध धारा 296 एवं 115(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जाँच शुरू की गई।

इधर उपचार के दौरान सुरूज बाई चतुर्वेदी की मौत हो गई। सूचना मिलते ही मर्ग कायम कर जांच की गई। जांच में मामला हत्या पाए जाने पर धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता जोड़ी गई। आरोपी की तलाश के दौरान स्मृति नगर चौकी पुलिस के सहयोग से भिलाई स्थित उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। आरोपी तारण चतुर्वेदी सूर्या मॉल के समीप एक होटल में खाना खाते मिला, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसकी पत्नी बैंक से लिए गए ऋण को चुकाने के लिए प्रतिदिन विवाद व दबाव बनाती थी, जिससे परेशान होकर उसने फावड़े से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त एक फावड़ा तथा घटना के समय पहने हुए बनियान व बरमूडा बरामद किया।

आरोपी

तारण चतुर्वेदी पिता भागी चतुर्वेदी 28 वर्ष निवासी ग्राम फत्तेपुर, थाना ठेलकाडीह, जिला केसीजी।

आरोपी को आज गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

CG -जुड़वा बच्चे होने की बाद अचानक मातम में बदलीं खुशियां, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए ये गंभीर आरोप….

CG -जुड़वा बच्चे होने की बाद अचानक मातम में बदलीं खुशियां, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए ये गंभीर आरोप….

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में शारदा विहार स्थित आयुष्मान चिकित्सालय में जुड़वा बच्चों के जन्म की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गई, जब दो में से एक बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि समय रहते बच्चे को बेहतर इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया।

जानिए पूरा मामला

जानकारी के मुताबिक, परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा ने पत्नी को प्रसव के लिए शारदा विहार स्थित आयुष्मान चिकित्सालय में भर्ती कराया था, जहां उसने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। लंबे इंतजार के बाद घर में दो नन्हे मेहमान आने से पूरा परिवार खुश था।

दोनों बच्चों का वजन भी सामान्य था, लेकिन जन्म के कुछ घंटे बाद ही एक बच्चे के शरीर पर पीलिया के लक्षण दिखने लगे। परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को दी।

परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद चिकित्सकों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि हम लोग हैं ना, घबराइए मत। इसके बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई, जब स्थिति ज्यादा खराब हुई, तो परिजनों के दबाव में आकर अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को बिलासपुर रेफर किया, जहां एक बच्चे की मौत हो गई और दूसरे की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद परिजनों ने आयुष्मान चिकित्सालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन के साथ चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। हंगामा की सूचना पर मानिकपुर चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामला को शांत कराकर जांच शुरु कर दी है।

मोदी की गारंटी, सुशासन की नीति और जनकल्याण की प्रतिबद्धता से बदल रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मोदी की गारंटी, सुशासन की नीति और जनकल्याण की प्रतिबद्धता से बदल रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 सुशासन, किसान कल्याण और सामाजिक समरसता से सशक्त हो रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

रायपुर में झेरिया यादव समाज के सामाजिक भवन के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा

ग्राम बरौदा में नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण

रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास, किसानों की समृद्धि, महिलाओं के सशक्तिकरण, पारदर्शी सुशासन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने ढाई वर्षों में अधिकांश मोदी गारंटियों को पूरा कर जनविश्वास को मजबूत किया है।

मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के ग्राम-बरौदा में आयोजित झेरिया यादव समाज के महासम्मेलन एवं सामाजिक भवन लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने रायपुर में झेरिया यादव समाज के सामाजिक भवन के लिए 15  लाख रुपये की घोषणा की तथा  ग्राम बरौदा में नवनिर्मित सामाजिक भवन का लोकार्पण भी किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यादव समाज भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और गौ-सेवा की समृद्ध परंपरा का संवाहक है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने वाला यह समाज धर्म, सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि संगठित और जागरूक समाज ही मजबूत राष्ट्र की आधारशिला होता है तथा ऐसे सामाजिक सम्मेलन समाज सुधार और सामाजिक एकता को नई दिशा देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के लिए 32 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

 किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान का मूल्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। किसान कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

 महतारी वंदन योजना से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि अंतरित की जा रही है। इस योजना ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई मजबूती प्रदान की है और परिवारों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाई है।

 बस्तर में शांति और विकास का नया दौर

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद था, लेकिन अब वहां शांति और विकास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है तथा विकास की मुख्यधारा अंतिम गांव तक पहुंच रही है।

रामलला दर्शन योजना से आस्था को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार  'विकास भी और विरासत भी के मूलमंत्र पर कार्य कर रही है।

सुशासन और डिजिटल सेवाओं से आसान हो रहा जनजीवन

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना की गई है। सरकारी सेवाओं को पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने के लिए प्रक्रियाओं का तेजी से डिजिटलीकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक 24 घंटे, सप्ताह के सातों दिन अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विभिन्न विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों को चार स्तरीय व्यवस्था से जोड़ा गया है। साथ ही प्रत्येक पंचायत में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां नागरिकों को विभिन्न प्रमाणपत्र और सरकारी सेवाएं एक ही स्थान पर आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।

कार्यक्रम में विधायक  अनुज शर्मा,  रामकुमार यादव, छत्तीसगढ़ झेरिया यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष  जगनीक यादव,  भगत सिंह यादव, आशा संतोष यादव सहित प्रदेशभर से आए समाज के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

राम-नामी को 'सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात-मुख्यमंत्री साय

राम-नामी को 'सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की बात-मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में छत्तीसगढ़ के अद्वितीय रामनामी समुदाय की अटूट रामभक्ति, संस्कृति और समृद्ध विरासत पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म 'राम-नामी को 'सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देशक  भरतबाला गणपति जी एवं पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में उन्होने कहा है कि रामनामी समाज की अनूठी परंपरा हमारी लोक संस्कृति का गौरवशाली प्रतीक है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाएगा।

बस्तर संभाग के 5,800 युवाओं को सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे - कश्यप

बस्तर संभाग के 5,800 युवाओं को सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर मिलेंगे - कश्यप

 जगदलपर। वन मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दिए जाने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बस्तर के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, क्षेत्र की सुरक्षा और समग्र विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इससे बस्तर संभाग के लगभग 5,800 स्थानीय युवाओं के लिए सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभावी मार्गदर्शन में बस्तर आज विकास, विश्वास और अवसरों के नए युग की ओर बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की स्पष्ट नीति और निरंतर प्रयासों से बस्तर में विकास कार्यों को नई गति मिली है तथा युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और बेहतर भविष्य के अनेक द्वार खुले हैं।
मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार जनहितकारी और दूरदर्शी निर्णय ले रही है। बस्तर फाइटर्स भर्ती में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय इसी संवेदनशील और विकासोन्मुखी सोच का परिणाम है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय बस्तर के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा। केदार कश्यप ने कहा कि स्थानीय युवा अपनी भाषा, संस्कृति, भौगोलिक परिस्थितियों और सामाजिक परिवेश से भली-भांति परिचित हैं। उनकी सहभागिता से सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी, प्रशासन एवं आमजन के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर, सुरक्षित और विकसित बस्तर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साय सरकार का यह निर्णय बस्तर के युवाओं के विश्वास को मजबूत करेगा और क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

जन्मदिन पर डिप्टी सीएम शर्मा ने लगाया हरियाली का संकल्प, मेडिकल कॉलेज परिसर में हुआ बड़ा वृक्षारोपण अभियान

जन्मदिन पर डिप्टी सीएम शर्मा ने लगाया हरियाली का संकल्प, मेडिकल कॉलेज परिसर में हुआ बड़ा वृक्षारोपण अभियान

 रायपुर। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने अपने जन्मदिवस को पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ खास बनाया। कवर्धा मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित वृक्षारोपण महाअभियान-2026 में उन्होंने पौधारोपण कर लोगों से प्रकृति संरक्षण में भागीदारी की अपील की। इस दौरान हजारों लोगों ने हिस्सा लेकर फलदार और विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों ने उत्साह के साथ पौधे रोपे। डिप्टी सीएम ने कहा कि, कवर्धा का निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज केवल एक इमारत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा की बड़ी धरोहर है।

उन्होंने जानकारी दी कि, मेडिकल कॉलेज इसी शैक्षणिक सत्र से 50 सीटों के साथ शुरू करने की तैयारी है। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलेगा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी मजबूती मिलेगी। डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि, पौधारोपण केवल पर्यावरण बचाने का अभियान नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने हरीतिमा टीम और सभी संगठनों की सराहना करते हुए कहा कि, जनभागीदारी से ही हरित और विकसित भविष्य का निर्माण संभव है। उन्होंने मेडिकल कॉलेज निर्माण कार्य को तय समय में पूरा करने का भी निर्देश दिया।

जन्मदिन पर विजय शर्मा का स्वच्छता संदेश, कचरा पृथक्करण को जनआंदोलन बनाने की अपील

जन्मदिन पर विजय शर्मा का स्वच्छता संदेश, कचरा पृथक्करण को जनआंदोलन बनाने की अपील

 रायपुर । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत-ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने अपने जन्मदिन के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर ग्रामीण नागरिकों से स्वच्छता को जनभागीदारी का अभियान बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि "स्वच्छता में ही भगवान का वास होता है" और स्वच्छ गांव ही स्वस्थ, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर समाज की आधारशिला हैं। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का पालन कर इसे जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शौचालय निर्माण जनआंदोलन बना, उसी तरह अब हर घर से कचरे का पृथक्करण भी जनभागीदारी के साथ सुनिश्चित करना होगा।

चार रंगों के डिब्बों में होगा कचरे का पृथक्करण
जिला पंचायत द्वारा जिले की 60 ग्राम पंचायतों में स्रोत पर कचरा पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। इसके तहत प्रत्येक परिवार को चार रंगों के डिब्बों में अलग-अलग प्रकार का कचरा रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

हरा डिब्बा – गीला एवं जैविक कचरा
नीला डिब्बा – सूखा कचरा
लाल डिब्बा – सेनेटरी एवं खतरनाक कचरा
काला डिब्बा – ई-वेस्ट

नियमों के तहत मिश्रित कचरा देना दंडनीय होगा। साथ ही गीले कचरे से कम्पोस्ट निर्माण, सूखे कचरे की रीसायकलिंग और प्रत्येक वार्ड में स्वच्छता समितियों के गठन पर भी जोर दिया जाएगा।

'स्वच्छ छत्तीसगढ़, स्वस्थ छत्तीसगढ़' का आह्वान
विजय शर्मा ने कहा कि यदि हर परिवार अपने घर से ही कचरे का पृथक्करण शुरू करेगा तो गांव बीमारियों से सुरक्षित रहेंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी नागरिकों से 'स्वच्छ छत्तीसगढ़, स्वस्थ छत्तीसगढ़' के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनने की अपील की।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में स्वच्छता दीदियों के माध्यम से ग्राम पंचायतों में घर-घर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के जिला समन्वयक संजय सोनी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री का यह संदेश ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति देगा।

mausam upadate: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में जमकर बरसेंगे बादल

mausam upadate: छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में जमकर बरसेंगे बादल

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में इन दिनों मानसूनी गतिविधां तेज हैं. लो प्रेशर सिस्टम बनने के प्रभाव से शनिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। वहीं उत्तर और मध्य क्षेत्रों के कुछ जगहों पर जमकर बादल बसरे हैं । बिलासपुर के बाद कुसमी में सिर्फ 24 घंटे में ही 28 सेमी पानी गिर गया।

मौमस विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक प्रदेश के उत्तर और मध्य में भारी से बहुत भारी बारिश होगी। वहीं अधिकांश स्थानों पर बारिश होने की आशंका जताई गई है। शनिवार को सबसे ज्यादा तापमान पेंड्रा रोड में 31.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?
अगर आप आज रायपुर शहर या आसपास के इलाकों में घुमने जाने वाले हैं, तो रेनकोट और छत्री साथ लेकर निकलने। मौसम विभाग ने आसमान में बादल छाए रहने और बादल गरजने-चमकने के साथ बारिश होने की संभावना जताई है. रविवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब रह सकता है।

सिनोप्टिक सिस्टम 
मौसम विभाग के अनुसार गंगा के मैदानी इलाके वाले पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे उत्तरी झारखंड के ऊपर, समुद्र तल से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अभी भी बना हुआ है। समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका अब अमृतसर, करनाल, हरदोई, रांची और दीघा से होकर गुजर रही है और वहां से दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ रही है. दक्षिण ओडिशा और उसके आस-पास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 5.8 कि.मी की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

कई जिलों बारिश की चेतावनी जारी 
प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के वक्त बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है. कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हलकी वर्षा की संभावना जताई गई है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में हासिल हुई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में खनन क्षेत्र में हासिल हुई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

 सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच हुआ ऐतिहासिक एमओयू  

क्रिटिकल मिनरल्स के अनुसंधान एवं वैज्ञानिक विकास को मिलेगी नई दिशा

रायपुर/ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के  'क्रिटिकल मिनरल मिशन एवं  'आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक, सतत एवं मूल्यवर्धित उपयोग की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (सीएमडीसी) और जवाहरलाल नेहरू एल्युमिनियम अनुसंधान, विकास एवं डिजाइन केंद्र (जेएनएआरडीडीसी), नागपुर के मध्य आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व, सीएमडीसी के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, खनिज साधन विभाग के सचिव  पी. दयानंद,  तथा प्रबंध संचालक  रजत बंसल के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।  

एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, खनन, खनिज संसाधनों के मूल्य संवर्धन तथा क्रिटिकल मिनरल्स के विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही राज्य में उपलब्ध खनिज संपदा का योजनाबद्ध, समयबद्ध एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को गति मिलेगी।

एमओयू एक्सचेंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री पंकज कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में अनुसंधान आधारित खनिज विकास, नवाचार और संस्थागत सहयोग के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह साझेदारी राज्य एवं देश के खनिज क्षेत्र के लिए दूरगामी परिणाम देने वाली पहल साबित होगी। भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर ऑफ माइंस डॉ. बी.एल. गुर्जर ने सीएमडीसी एवं खनिज साधन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थाओं का तालमेल राज्य के खनिज क्षेत्र के विकास को नई गति प्रदान कर रहा है।  

कार्यक्रम में सीएमडीसी के महाप्रबंधक  यू.के. कुरैशी ने निगम की 25 वर्षों की विकास यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, संचालित खनिज परियोजनाओं, भविष्य की कार्ययोजनाओं तथा सेवा प्रदाता के रूप में निगम की सफल पहलों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में उपलब्ध खनिज संसाधनों की अपार संभावनाओं तथा उनके वैज्ञानिक एवं समावेशी दोहन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी। वहीं रीजनल कंट्रोलर ऑफ माइंस श्री प्रेम प्रकाश ने सीएमडीसी की टिन एवं कोरंडम परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं तथा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता एवं वैधानिक प्रक्रियाओं को मजबूती मिली है

जेएनएआरडीडीसी के वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि संस्थान रेड मड से गैलियम एवं वैनेडियम तथा बॉक्साइट के उप-उत्पादों से स्कैंडियम की पुनर्प्राप्ति (रिकवरी) पर महत्वपूर्ण अनुसंधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे शोध भारत को क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।एमओयू का औपचारिक आदान-प्रदान भारतीय खान ब्यूरो के कंट्रोलर जनरल एवं जेएनएआरडीडीसी के निदेशक श्री पंकज कुलश्रेष्ठ तथा सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक श्री संजय कनकने ने वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि सीएमडीसी एवं जेएनएआरडीडीसी के बीच यह सहयोग खनिज अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग तथा सतत खनन को नई दिशा देगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में खनिज क्षेत्र में हासिल यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, मूल्य संवर्धन और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को विकास का आधार बना रही है। यह पहल न केवल प्रधानमंत्री के क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध खनिज संपदा का सुनियोजित उपयोग कर राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक प्रगति को भी नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में सीएमडीसी के मुख्य महाप्रबंधक संजय कनकने ने स्वागत उद्बोधन दिया उन्होंने एमओयू को खनिज क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह साझेदारी भविष्य में राज्य के खनिज विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

धमतरी के सत्यांशु ने रचा इतिहास, स्वीडन में भारत के लिए जीता कांस्य पदक

धमतरी के सत्यांशु ने रचा इतिहास, स्वीडन में भारत के लिए जीता कांस्य पदक

 धमतरी। जिले के विशेष खिलाड़ी सत्यांशु दीप ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमतरी और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सार्थक स्कूल के छात्र सत्यांशु का चयन भारतीय स्पेशल ओलंपिक्स फुटबॉल टीम में हुआ था, जहां उन्होंने स्वीडन में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप-2026 में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

स्वीडन के गोथेनबर्ग में खेले गए टूर्नामेंट के स्पेशल ओलंपिक्स ट्रॉफी वर्ग में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत ने फिनलैंड को रोमांचक मैच में 2-1 से हराकर पदक हासिल किया। सत्यांशु की इस उपलब्धि पर धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि, यह पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि, सत्यांशु ने अनुशासन, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

उनकी सफलता अन्य विशेष बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी। समाज कल्याण विभाग की उप संचालक डॉ. मनीषा पांडे ने भी सत्यांशु की उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों, परिवार और संस्था के सहयोग से सत्यांशु ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई है। इससे पहले भी सत्यांशु खेलों में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने रोहतक में आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में लॉन्ग जंप में स्वर्ण और 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा और मेहनत के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: जंगल से मिला नक्सलियों का हथियारों का जखीरा, बीजीएल शेल भी बरामद

सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: जंगल से मिला नक्सलियों का हथियारों का जखीरा, बीजीएल शेल भी बरामद

 नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए जंगल में छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद किया है। बीएसएफ की 133वीं बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कोहकामेटा थाना क्षेत्र के कदेर गांव के जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान जमीन के नीचे छिपाया गया नक्सली डंप खोज निकाला।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि, नक्सलियों ने इस इलाके में हथियार और अन्य सामग्री छिपा रखी है। सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने सघन तलाशी अभियान चलाया। खुदाई के दौरान .303 और .315 रायफल, 12 बोर बंदूक, दो बीजीएल लॉन्चर, 44 बीजीएल शेल, बड़ी मात्रा में कारतूस, मैगजीन, संचार उपकरण, जीपीएस, आरएफ डिटेक्टर, एंटीना, मेडिकल सामग्री, नक्सली वर्दी, साहित्य, पेन ड्राइव और कई मेमोरी कार्ड बरामद किए गए।

बम निरोधक दस्ते ने बरामद बीजीएल शेल को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। पुलिस का कहना है कि, क्षेत्र में लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन से नक्सलियों के नेटवर्क और संसाधनों को कमजोर किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

सुकमा की बिहान दीदियों ने बदली तस्वीर, किचन गार्डन से बढ़ी आत्मनिर्भरता और पोषण सुरक्षा

सुकमा की बिहान दीदियों ने बदली तस्वीर, किचन गार्डन से बढ़ी आत्मनिर्भरता और पोषण सुरक्षा

 सुकमा। जिले की ग्रामीण महिलाएं अब अपने घरों में किचन गार्डन तैयार कर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की पहल से गांवों में जैविक सब्जियों का उत्पादन बढ़ रहा है, जिससे परिवारों को ताजी और पौष्टिक सब्जियां मिल रही हैं।

विकासखंड सुकमा के ग्राम डोडपाल में दंतेश्वरी स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपने घरों में बाड़ी विकसित कर विभिन्न प्रकार की मौसमी सब्जियां उगा रही हैं। समूह की सदस्य गंगी, कोसी और पूजा ने बताया कि पहले उन्हें किचन गार्डन की जानकारी नहीं थी, लेकिन बिहान के प्रशिक्षण और प्रशासन के मार्गदर्शन से उन्होंने सब्जी उत्पादन शुरू किया।

अब महिलाएं लौकी, करेला, बरबट्टी, तोरई, बैंगन, मिर्च और अन्य हरी सब्जियों के साथ मक्का की खेती भी कर रही हैं। इससे जहां परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं, वहीं बाजार से सब्जियां खरीदने का खर्च भी कम हुआ है। खास बात यह है कि, महिलाएं गोबर खाद और जैविक तरीकों का इस्तेमाल कर खेती कर रही हैं। इससे स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध होने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को किचन गार्डन से जोड़ना है, ताकि पोषण सुरक्षा, बचत और महिलाओं की आर्थिक मजबूती को बढ़ावा दिया जा सके।

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों का प्रभार बदला

पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों का प्रभार बदला

 रायगढ़। रायगढ़ पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। जिले में कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कई अधिकारियों और कर्मचारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। उमनि एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा 18 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत कई निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक और आरक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

जारी आदेश में अधिकारियों और कर्मचारियों को आगामी आदेश तक अस्थाई रूप से नई पदस्थापना में तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल में कई थाना प्रभारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को रक्षित केंद्र से थानों में भेजा गया है। आदेश के अनुसार, निरीक्षक रोशन कौशिक को रक्षित केंद्र रायगढ़ से थाना प्रभारी भूपदेवपुर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं निरीक्षक धर्माराम तिर्की को रक्षित केंद्र रायगढ़ से थाना प्रभारी कापू बनाया गया है। निरीक्षक रोहित बंजारे को थाना प्रभारी यातायात की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा निरीक्षक नारायण सिंह मरकाम, जो पहले थाना प्रभारी यातायात के पद पर पदस्थ थे, उन्हें अब थाना प्रभारी अजाक बनाया गया है। निरीक्षक अनुरंजन लकड़ा को थाना प्रभारी अजाक से हटाकर रक्षित केंद्र रायगढ़ में पदस्थ किया गया है। पुलिस विभाग के इस फेरबदल में निरीक्षक अमित कुमार तिवारी और उप निरीक्षक इगेश्वर यादव को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उप निरीक्षक इगेश्वर यादव को रक्षित केंद्र रायगढ़ से प्रभारी न्यायालय शाखा पुलिस कार्यालय रायगढ़ बनाया गया है।

थाना स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द को थाना कापू की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उप निरीक्षक विजय कुमार एक्का को चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द से थाना कोतवाली रायगढ़ भेजा गया है। उप निरीक्षक संजय नाग को थाना प्रभारी भूपदेवपुर से साइबर थाना की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सहायक उप निरीक्षक अमृत मिंज को थाना कोतवाली से रक्षित केंद्र रायगढ़ भेजा गया है। सहायक उप निरीक्षक राजेश दर्शन को रक्षित केंद्र रायगढ़ से थाना कोतवाली में पदस्थ किया गया है।

सहायक उप निरीक्षक प्रेमसाय भगत को थाना अजाक से थाना लैलूंगा भेजा गया है। वहीं सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह पटेल की पदस्थापना में संशोधन करते हुए उन्हें थाना जूटमिल में ही यथावत रखा गया है। प्रधान आरक्षक 313 लखेश्वर मानसर की पदस्थापना में भी संशोधन किया गया है। पहले उन्हें थाना लैलूंगा भेजा गया था, लेकिन संशोधित आदेश के अनुसार अब उनकी पदस्थापना थाना कोतवाली रायगढ़ में की गई है। इसके अलावा आरक्षक 664 जगमोहन ओग्रे को साइबर थाना से थाना कापू भेजा गया है।

आरक्षक 294 जोन प्रकाश टोप्पो को रक्षित केंद्र रायगढ़ से थाना तमनार में पदस्थ किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायगढ़ की ओर से जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी संबंधित थाना और चौकी प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। पुलिस विभाग ने इस आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज, सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों, रक्षित निरीक्षक रायगढ़ और संबंधित शाखाओं को भेजी है। पुलिस कंट्रोल रूम को भी संबंधित अधिकारियों की रवानगी और आमद की जानकारी तत्काल कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि यह प्रशासनिक बदलाव जिले में पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा थाना स्तर पर कामकाज में सुधार लाने के उद्देश्य से किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला एवं सत्र न्यायालय जगदलपुर का किया निरीक्षण

मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला एवं सत्र न्यायालय जगदलपुर का किया निरीक्षण

 जगदलपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय जगदलपुर का निरीक्षण कर न्यायालय परिसर में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न्यायिक कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुविधाजनक बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने सिविल न्यायालय के कक्ष, न्यायालय परिसर में निर्माणाधीन कार्यों, किलकारी केंद्र, परिवार न्यायालय, डिजिटाइजेशन एवं स्कैनिंग कक्ष, प्रतिलिपि अनुभाग, फास्ट ट्रैक कोर्ट, ई-सेवा केंद्र, दिव्यांगजनों के लिए शिकायत कक्ष, विशेष न्यायालय कक्ष, पीडि़त विश्राम कक्ष तथा ग्रंथालय भवन सहित विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया।

मुख्य न्यायाधीश ने जिला न्यायालय परिसर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना विकास तथा न्यायिक सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही न्यायालय में आने वाले वादकारियों, अधिवक्ताओं एवं आम नागरिकों को बेहतर और सुगम न्यायिक सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोविंद नारायण जांगड़े, न्यायालय के अन्य न्यायाधीश एवं न्यायिक अधिकारी, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

रायपुर-बिलासपुर रूट की कई ट्रेनें प्रभावित, यात्रा से पहले स्टेटस जरूर जांचें

रायपुर-बिलासपुर रूट की कई ट्रेनें प्रभावित, यात्रा से पहले स्टेटस जरूर जांचें

 रायपुर| दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने रायपुर मंडल के भाटापारा-हथबंध सेक्शन में तीसरी रेल लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग सिस्टम की कमीशनिंग के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य शुरू किया है। इसके चलते 18 और 19 जुलाई को रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और झारसुगुड़ा रूट पर चलने वाली कई ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है।

रेलवे ने यात्रियों से सफर पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जांचने की अपील की है। इसके अलावा बिलासपुर में हुई भारी बारिश के कारण रेलवे स्टेशन और यार्ड में ट्रैक पर पानी भर गया, जिससे कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। कुछ ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कुछ का संचालन बीच मार्ग से किया गया।

18 और 19 जुलाई को इन ट्रेनों का बदला संचालन

68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू 18 और 19 जुलाई को बिलासपुर से ही रवाना होगी। गोंदिया से बिलासपुर के बीच यह ट्रेन रद्द रहेगी।

68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू 18 और 19 जुलाई को बिलासपुर में ही समाप्त होगी। बिलासपुर से गोंदिया के बीच इसका संचालन नहीं होगा।

रद्द की गई ट्रेनें

68734 बिलासपुर–कोरबा मेमू

68733 कोरबा–बिलासपुर मेमू

68719 बिलासपुर–रायपुर मेमू

68746 रायपुर–बिलासपुर मेमू

68745 बिलासपुर–रायपुर मेमू

इन ट्रेनों का संचालन बीच मार्ग से किया गया

68735 रायगढ़–बिलासपुर मेमू को चांपा स्टेशन पर ही समाप्त किया गया।

68738 बिलासपुर–रायगढ़ मेमू का संचालन चांपा स्टेशन से शुरू किया गया।

68728 रायपुर–बिलासपुर मेमू को दाधापारा स्टेशन से रायपुर के लिए रवाना किया गया।

रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस और समय जरूर जांच लें। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य और मौसम संबंधी परिस्थितियों के कारण परिचालन में बदलाव संभव है।

CM Helpline: जनता के भरोसे का सबसे सशक्त माध्यम बनी सीएम हेल्पलाइन, 42 हजार से अधिक शिकायतों का हुआ समाधान

CM Helpline: जनता के भरोसे का सबसे सशक्त माध्यम बनी सीएम हेल्पलाइन, 42 हजार से अधिक शिकायतों का हुआ समाधान

 रायपुर।  मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ने अपने संचालन के पहले ही महीने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। 13 जुलाई 2026 तक इसके माध्यम से 42 हजार 653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है। इनमें 13 हजार 600 शिकायतकर्ताओं ने समाधान से संतुष्ट होकर स्वयं सकारात्मक अभिमत के साथ अपने प्रकरण बंद कराए।

आमजन और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बना सीएम हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या का त्वरित, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसी उद्देश्य से शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 आज आमजन और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर उभर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 का अधिकाधिक उपयोग करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दें, ताकि हर जरूरतमंद नागरिक तक इस व्यवस्था का लाभ पहुँच सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने की सुविधा नहीं है, बल्कि यह सरकार की जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण है। हेल्पलाइन चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होती है। इसके लिए समर्पित कॉल सेंटर में पर्याप्त मानव संसाधन तैनात हैं, जो लगातार शिकायतें दर्ज कर संबंधित विभागों तक पहुँचाते हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की गई है तथा तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग आठ हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो रही है।

एक फोन कॉल के माध्यम से शिकायत दर्ज

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ऐसा प्रशासन विकसित कर रही है, जहाँ नागरिकों को अपनी समस्या लेकर कार्यालय-दर-कार्यालय भटकना न पड़े। अब केवल एक फोन कॉल के माध्यम से शिकायत दर्ज होती है, उसकी सतत मॉनिटरिंग होती है और निर्धारित समय-सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाता है। इससे शासन और जनता के बीच संवाद अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी हुआ है तथा प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित यह व्यवस्था सुशासन को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम बन रही है। आने वाले समय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का दायरा और अधिक व्यापक किया जाएगा, ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक भी त्वरित और गुणवत्तापूर्ण प्रशासनिक सेवाएँ पहुँच सकें।

सफलतापूर्वक हुआ शिकायतों का निराकरण

विभागवार आँकड़े बताते हैं कि ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों से संबंधित शिकायतें सर्वाधिक प्राप्त हुईं। वहीं समाधान के मामले में भी इन विभागों ने उल्लेखनीय कार्य करते हुए क्रमशः 3,066, 2,530 और 1,314 शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण किया।  महज एक माह में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 ने यह साबित कर दिया है कि जब शासन संवेदनशीलता, तकनीक और जवाबदेही के साथ कार्य करता है, तब सुशासन का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुँचता है। “समस्या तुंहर, समाधान हमर” की भावना के साथ संचालित यह पहल आज विकसित छत्तीसगढ़ के जन-केंद्रित, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन मॉडल की मजबूत पहचान बन चुकी है।

आत्मनिर्भर भारत की ऐतिहासिक उड़ान : विक्रम-1 की सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

आत्मनिर्भर भारत की ऐतिहासिक उड़ान : विक्रम-1 की सफलता पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

 भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता और नवाचार का सशक्त प्रतीक है विक्रम-1 : मुख्यमंत्री  साय

रायपुर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित भारत के पहले निजी कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन की नीतियों के फलस्वरूप आज भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नई पहचान बना रहा है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण इसी परिवर्तनकारी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।