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CRIME NEWS: शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा, युवक से 6 लाख की ठगी, टेलीग्राम चैनल से फंसाया जाल में

CRIME NEWS: शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा, युवक से 6 लाख की ठगी, टेलीग्राम चैनल से फंसाया जाल में

 रायपुर।  राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर एक युवक से करीब 6 लाख रुपए की ठगी कर ली गई।

बताया जा रहा है कि आरोपी महिला ने टेलीग्राम चैनल के जरिए युवक से संपर्क किया और खुद को शेयर ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर कम समय में बड़ा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में आरोपी ने युवक का विश्वास जीतने के लिए फर्जी प्रॉफिट और ट्रेडिंग स्क्रीनशॉट भेजे। इसके बाद अलग-अलग बहानों से धीरे-धीरे युवक से लाखों रुपए विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवा लिए।
जब युवक ने अपने पैसे वापस मांगने की कोशिश की तो आरोपी ने जवाब देना बंद कर दिया और टेलीग्राम चैनल भी बंद कर दिया। खुद के साथ ठगी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने टिकरापारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ट्रांजेक्शन डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर शेयर ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर दिए जा रहे लालच से सतर्क रहें।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर व छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम के कोच अमय मिले सीएम से

पूर्व भारतीय क्रिकेटर व छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम के कोच अमय मिले सीएम से

 रायपुर। रायपुर स्थित निवास में आज पूर्व भारतीय क्रिकेटर एवं छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम के कोच अमय खुरासिया नेे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के युवा क्रिकेट प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने, खेल अधोसंरचना को सशक्त बनाने और छत्तीसगढ़ में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने संबंधी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।इस अवसर पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री अमित चिमनानी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री ने स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें किया नमन

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी ही नहीं बल्कि राष्ट्रचेतना, साहस और सामाजिक जागरण के प्रखर प्रतीक थे। उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के लिए अपना संपूर्ण जीवन संघर्ष और तपस्या में समर्पित किया। कठिन परिस्थितियों और यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संकल्प कभी डगमगाया नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर ने समाज में व्याप्त छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाई और सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सतत प्रयास किया। उनकी लेखनी, विचार और कर्म आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित, आत्मगौरव और सामाजिक सद्भाव की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर सावरकर अपने विचारों से आज भी हमारी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्श पथ पर अग्रसर होते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। इस अवसर पर वित्तमंत्री श्री ओपी चौधरी, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा भी उपस्थित थे।

तकनीक, पारदर्शिता और गरीब कल्याण- यही है डबल इंजन सरकार की पहचान : चौधरी

तकनीक, पारदर्शिता और गरीब कल्याण- यही है डबल इंजन सरकार की पहचान : चौधरी

 00 केंद्रीय कैबिनेट ने सारथक - पीडीएस योजना को दी मंजूरी, राशन वितरण व्यवस्था होगी और अधिक पारदर्शी एवं आधुनिक

रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीब कल्याण और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में लगातार ऐतिहासिक निर्णय ले रही है। इसी क्रम में केंद्रीय कैबिनेट ने राशन परिवहन, हैंडलिंग एवं पीडीएस ऑटोमेशन सहायता योजना (सारथक - पीडीएस) को एकीकृत अम्ब्रेला योजना के रूप में जारी रखने की मंजूरी दी हैचौधरी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम एवं प्रभावी बनाएगी। अगले पांच वर्षों में इस योजना पर लगभग 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता

चौधरी ने कहा कि एआई, जीपीएस, क्यूआर कोड जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र हितग्राहियों तक खाद्यान्न एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी और सुगमता से पहुंचेगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और जरूरतमंद लोगों को समय पर लाभ मिलना सुनिश्चित होगा।

सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना

वित्त मंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और सारथक - पीडीएस योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

सुकमा के दूरस्थ गांवों तक पहुंचा शासन, शिविरों से ग्रामीणों को मिला त्वरित लाभ

सुकमा के दूरस्थ गांवों तक पहुंचा शासन, शिविरों से ग्रामीणों को मिला त्वरित लाभ

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का सुशासन मॉडल अब सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। सुकमा जिले के अत्यंत दूरस्थ गांवों में आयोजित ‘बस्तर मुन्ने एवं सुशासन तिहार’ शिविरों के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों को उनके घर-द्वार पर मिल रहा है। प्रशासनिक अधिकारी स्वयं गांवों का दौरा कर ग्रामीणों की समस्याओं को सुन रहे हैं और मौके पर ही उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहे हैं। इस जमीनी पहल से ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ा है।

कलेक्टर अमित कुमार के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के मार्गदर्शन में 30 अप्रैल से विशेष शिविरों की शुरुआत की गई है। इन शिविरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी और मैदानी अमला एक ही स्थान पर मौजूद रहते हैं, जिससे ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है।

शिविरों के माध्यम से 1 हजार 13 लोगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा गया, 114 आयुष्मान कार्ड बनाए गए तथा 370 से अधिक मरीजों को मुफ्त दवाओं का वितरण किया गया। खाद्य विभाग द्वारा 414 राशन कार्ड वितरित किए गए, जबकि राजस्व विभाग ने बड़ी संख्या में जाति, निवास एवं जन्म प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी किए। पंचायत विभाग द्वारा जॉब कार्ड का वितरण, शौचालय निर्माण की स्वीकृतियां और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई हितग्राहियों को उनके नए पक्के मकानों की चाबियां सौंपकर उनके गृह प्रवेश का सपना साकार किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने ‘सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0’ के अंतर्गत 8,742 ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत 28 हजार 886 महिलाओं का सफलतापूर्वक ई-केवाईसी पूर्ण किया गया। शिविरों में 826 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा 907 बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया।

इसके अतिरिक्त कृषि, श्रम और ई-गवर्नेंस सेवाओं के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को अनेक हितग्राहीमूलक और समूह मूलक योजनाओं से मौके पर ही लाभान्वित किया गया। सुकमा जिले में आयोजित ये शिविर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल को जमीनी स्तर पर साकार करते हुए ग्रामीण विकास और जनसेवा का एक सशक्त उदाहरण पेश कर रहे हैं।

प्रमुख सचिव बोरा अचानकमार क्षेत्र का किया दौरा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर दिए निर्देश

प्रमुख सचिव बोरा अचानकमार क्षेत्र का किया दौरा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर दिए निर्देश

 0 एटीआर और खुड़िया में पर्यटन को बढ़ावा देने और युवाओं के कौशल उन्नयन पर दिया जोर

00 पीएम जनमन और धरती आबा अभियान की समीक्षा
रायपुर। प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव   सोनमणि बोरा जिले के लोरमी विकासखण्ड के अचानकमार क्षेत्र के दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जिले अचानकमार क्षेत्र स्थित शिवतराई सभाकक्ष में पीएम जनमन, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्रमुख सचिव   बोरा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाया जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने जन्म प्रमाण पत्रों को प्राथमिकता के आधार पर जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा। प्रमुख सचिव ने पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए एटीआर क्षेत्र में होम-स्टे सुविधा विकसित करने तथा खुड़िया में पर्यटन की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही आदिवासी युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने संबंधी कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि अचानकमार क्षेत्र में पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, जिनका बेहतर उपयोग कर स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सकता है।

सचिव बोरा ने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण से भी जोड़ा जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र हितग्राहियों को प्राथमिकता के साथ योजनाओं से लाभान्वित करने तथा धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत आश्रम एवं छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने आगामी शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने से पहले सभी स्कूलों और छात्रावासों में आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में प्रस्तावित विस्थापन की प्रगति, पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आवास, पेयजल और अन्य योजनाओं की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव ने मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी सेवाओं एवं पीवीटीजी बैगा समुदायों तक स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य शासकीय सुविधाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता का सर्वे कर विभिन्न योजनाओं का सैचुरेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
सचिव  बोरा ने कहा कि पीवीटीजी बैगा समुदाय में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता उन्हें शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने की है। इसके लिए अचानकमार क्षेत्र में लाइब्रेरी सुविधा विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कलेक्टर  कुन्दन कुमार, एसएसपी  भोजराम पटेल, डीएफओ श्री अभिनव कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ   प्रभाकर पाण्डेय, लोरमी एसडीएम  अजीत पुजारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

CG – पत्रकार को सड़क पर मिला लाखों का खजाना : ईमानदारी की मिसाल पेश कर पुलिस को लौटाया, सोना-चांदी और कैश देख पुलिस भी रह गई दंग

CG – पत्रकार को सड़क पर मिला लाखों का खजाना : ईमानदारी की मिसाल पेश कर पुलिस को लौटाया, सोना-चांदी और कैश देख पुलिस भी रह गई दंग

 बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से इंसानियत और ईमानदारी को गौरवान्वित करने वाला एक बेहद सराहनीय मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी एवं वरिष्ठ पत्रकार आनंद साहू ने लावारिस हालत में मिले लाखों रुपये के जेवर और नगदी से भरे बैग को पूरी ईमानदारी के साथ पुलिस के हवाले किया। इस घटना के बाद पूरे जिले में उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है।

जानकारी के मुताबिक, आनंद साहू रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान शहर के सिग्नल चौक स्थित एक दुकान के पास उन्हें काले रंग का बैग लावारिस हालत में पड़ा मिला। बैग की जांच करने पर उसमें सोने के आभूषण और करीब 40 हजार रुपये नकद मिले। आनंद साहू ने बिना देर किए बैग को बेमेतरा सिटी कोतवाली थाना पहुंचाकर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामले की जांच शुरू की।

जांच में पता चला कि यह बैग ग्राम अमोरा निवासी ज्वेलरी निर्माता विजय कुमार सोनी का था। बताया जा रहा कि वह रात में दुकान बंद कर अपने भाई के पास गए थे, तभी रास्ते में बैग गिर गया था। बैग में लगभग 20 तोला सोना और 40 हजार रुपये नगद मौजूद थे। बैग सुरक्षित मिलने के बाद ज्वेलरी व्यवसायी और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। वहीं आनंद साहू की ईमानदारी की पूरे बेमेतरा जिले में चर्चा हो रही है। लोग इसे आज के दौर में इंसानियत और नैतिकता की मिसाल बता रहे हैं।

कृषि विवि में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव कल से, 250 से अधिक किस्मों का किया जाएगा प्रदर्शन

कृषि विवि में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव कल से, 250 से अधिक किस्मों का किया जाएगा प्रदर्शन

 रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29, 30 एवं 31 मई, 2026 को कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का शुभारंभ 29 मई, 2026 को किया जाएगा। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 250 से अधिक किस्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। इस अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित हैं। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते है। इस महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया नि:शुल्क है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़ मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की जाएगी। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।

राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चैसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भाग ले सकते हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया है। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद - नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया जाएगा। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय आम के व्यंजन बनाना भी सिखाएंगी।

आयोजन के प्रथम दिवस 29 मई को प्रात: 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। इसके पश्चात सामान्यजनों के लिए प्रदर्शनी अवलोकनार्थ तीनों दिन साय: 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। द्वितीय दिवस 30 मई को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक आम उत्पादन समस्या एवं समाधान विषय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पाद एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर आकृष्ट हो सकें। आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। तृतीय दिवस 31 मई को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक आयोजित होगा।

राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल आम जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों, विशिष्ट उत्पादों एवं भविष्य में अधिक उत्पादन के लिए रोजगार के साधनों की जानकारी नागरिकों, महिलओं, विद्यार्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता में न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद के साथ पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। इस आयोजन में पंजीयन एवं प्रवेश नि:शुल्क है अत: इस अवसर का लाभ प्राप्त करने हेतु सहभागी बनें।

कांग्रेस का सनातन विरोधी चेहरा फिर उजागर, अब हिंदू बर्दाश्त नहीं करेगा : साव

कांग्रेस का सनातन विरोधी चेहरा फिर उजागर, अब हिंदू बर्दाश्त नहीं करेगा : साव

 00 कांग्रेस नेताओं में हिम्मत है तो अन्य धर्मों के संत महात्माओं के खिलाफ बोलकर दिखाएं

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का सनातन विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आया है। साधु-संतों और महात्माओं के खिलाफ की गई गलत टिप्पणियों को हिन्दू समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि किसी को भी संत महात्माओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है और इस प्रकार के बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं।नवा रायपुर अटल नगर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में मीडिया से चर्चा करते हुए  साव ने कांग्रेस नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि हिम्मत है तो वे किसी अन्य धर्म के संत-महात्माओं के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की मानसिकता लगातार समाज को आहत करने वाली रही है।

साव ने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस नेता अधिकारियों को धमकाने का प्रयास कर रहे हैं, वह लोकतंत्र में अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जनता ने चुनाव में सबक सिखाया है, वे अब अपनी हताशा और गुस्सा अधिकारियों पर निकाल रहे हैं। अधिकारियों को धमकाना और दबाव बनाने की कोशिश करना पूरी तरह अनुचित है। साव ने कहा कि कांग्रेस नेता आखिर किसके समर्थन में एकजुट हुए हैं। जिन पर आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं, उन्हें बचाने के लिए कांग्रेस नेताओं का एक साथ आना कांग्रेस के वास्तविक चरित्र को उजागर करता है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस का हाथ किन लोगों के साथ है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता सब कुछ देख और समझ रही है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है और समय आने पर जनता ऐसे व्यवहार का उचित जवाब देगी।

नवा रायपुर को मिलेगी नई रेलवे लाइन:जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू, रायगढ़-राजनांदगांव से कनेक्टिविटी होगी मजबूत

नवा रायपुर को मिलेगी नई रेलवे लाइन:जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू, रायगढ़-राजनांदगांव से कनेक्टिविटी होगी मजबूत

 रायपुर।  नवा रायपुर को नई रेलवे कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने नवा रायपुर-खरसिया-परमालकसा नई रेल लाइन परियोजना के लिए रायपुर जिले में आने वाली जमीनों की सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही जमीन लेने की शुरुआती प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। रेलवे ने प्रभावित जमीन मालिकों को दावा और आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय दिया है। इस नई रेल लाइन के बनने से नवा रायपुर की रायगढ़, राजनांदगांव और दूसरे इंडस्ट्रियल एरिया से सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे माल ढुलाई आसान होगी और इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिलेगा।

154 हेक्टेयर में फैली है परियोजना

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुदित भटनागर के मुताबिक, पूरी परियोजना करीब 154 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। पहले चरण में रायपुर जिले के अंदर करीब 12.95 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। रेलवे की ओर से जारी नोटिफिकेशन में मंदिर हसौद इलाके के धमनी, गुजरा, गनौद, रींवा, टेकारी, नारा, डिघारी और खौली समेत कई गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों के प्रभावित जमीन मालिकों से तय समय के भीतर दावा और आपत्ति देने को कहा गया है।

पीएम मोदी ने 2025 में दी थी मंजूरी

इस रेल परियोजना को केंद्र सरकार ने भी प्राथमिकता वाली योजना में रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2025 में देश की चार मल्टी ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी थी, जिसमें यह प्रोजेक्ट भी शामिल था। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लाइन शुरू होने के बाद रायपुर और आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया के लिए माल ट्रांसपोर्ट का नया विकल्प तैयार होगा। इसका फायदा बलौदाबाजार और आसपास के सीमेंट प्लांट, स्टील यूनिट और दूसरे उद्योगों को भी मिलेगा।

5वीं और 6वीं लाइन के तौर पर होगा डेवलपमेंट

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक नवा रायपुर-खरसिया-परमालकसा रेल परियोजना को पांचवीं और छठवीं लाइन के तौर पर डेवलप किया जाएगा। इससे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के व्यस्त रेल नेटवर्क पर दबाव कम होगा और नई राजधानी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी पहले से ज्यादा मजबूत होगी। फिलहाल नवा रायपुर को राजिम रेल कॉरिडोर से जोड़ने की योजना पर भी काम चल रहा है। वहीं अब रायगढ़ की दिशा में नई रेल लाइन बनने से राजधानी क्षेत्र के विस्तार को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

CG  : इंसानियत तार-तार, कलयुगी मां ने 2 दिन की नवजात बच्ची को तालाब में जिंदा फेंका, दम घुटने से मौत

CG : इंसानियत तार-तार, कलयुगी मां ने 2 दिन की नवजात बच्ची को तालाब में जिंदा फेंका, दम घुटने से मौत

 बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के बेलगहना चौकी अंतर्गत ग्राम नगोई के लमरीडबरी पारा से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक बेहद खौफनाक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहाँ एक अज्ञात कलयुगी माँ या परिजनों ने अपनी महज एक से दो दिन की नवजात बच्ची का जन्म छुपाने और लोक-लाज के डर से उसे जीवित ही गाँव के रामसागर तालाब के पानी में फेंक दिया था, जब गाँव की महिला बृजबाई की सूचना पर कोटवार निर्मलदास मानिकपुरी ग्रामीणों के साथ तालाब पहुँचे और उन्होंने देखा की पानी के ऊपर एक नवजात शिशु का शव औंधे मुँह तैरते हुए देखा गया।

पुलिस ने तत्काल मर्ग कायम कर जब शव को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जाँच के लिए भेजा, तो डॉक्टरों की रिपोर्ट में यह चौंकाने वाला और दिल दहला देने वाला खुलासा हुआ कि मासूम बच्ची की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसे जिंदा पानी में फेंकने के कारण फेफड़ों में पानी भरने और दम घुटने से उसकी तड़प-तड़प कर जान गई थी।

इस संवेदनशील मामले में जन्म छुपाने की नीयत से की गई हत्या की पुष्टि होने के बाद, बेलगहना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर लिया है और अब क्षेत्र की मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा कोटवारों के माध्यम से नवजात को जन्म देने वाली संदिग्ध महिलाओं व स्वास्थ्य केंद्रों का रिकॉर्ड खंगालकर आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने स्वर्गीय सेन को दी श्रद्धांजली

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने स्वर्गीय सेन को दी श्रद्धांजली

 दुर्ग । छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बुधवार संध्या लोकांगन परिसर वैशाली नगर भिलाई में आयोजित श्रद्धांजली सभा में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय दिनेश सेन के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजली दी। 


ज्ञात हो कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय दिनेश सेन का निधन 17 मई को हो गया। उनकी पावन स्मृति में विधायक सेन द्वारा श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस शोक की घड़ी में विधायक रिकेश सेन और उनके शोकाकुल परिजनों से मूलाकात कर ढांढस बंधाया। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

 

Holiday ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, इस दिन रहेगी छुट्टी

Holiday ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, इस दिन रहेगी छुट्टी

 कवर्धा। जिले के कलेक्टर गोपाल वर्मा ने 1 जून को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस दौरान शराब दुकान भी बंद रहेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर गोपाल वर्मा द्वारा उप निर्वाचन 2026 के तहत मतदान को ध्यान में रखते हुए 1 जून को सार्वजनिक व सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार नगरपंचायत सहसपुर लोहारा के अध्यक्ष पद तथा ग्राम पंचायत उड़ियाखुर्द के वार्ड क्रमांक-08 एवं ग्राम पंचायत पोलमी के वार्ड क्रमांक-14 के रिक्त पंच पदों के लिए 01 जून को मतदान कराया जाएगा। इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस पर सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश प्रभावशील रहेगा। निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अवकाश घोषित किया गया है।

यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग तथा राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के पालन में जारी किया गया है, ताकि संबंधित क्षेत्रों के मतदाता अपने मताधिकार का सुगमता से उपयोग कर सकें। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

लेडी SP का एक्शन : थाने की बैरक में शराब पार्टी करने वाले दो प्रधान आरक्षकों के खिलाफ की ये बड़ी कार्रवाई, मचा हड़कंप, जाने पूरा मामला

लेडी SP का एक्शन : थाने की बैरक में शराब पार्टी करने वाले दो प्रधान आरक्षकों के खिलाफ की ये बड़ी कार्रवाई, मचा हड़कंप, जाने पूरा मामला

 राजनांदगांव। जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना सोमनी में पदस्थ दो प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मी थाना परिसर स्थित बैरक में शराब सेवन करते पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक हेमंत अनंत और प्रधान आरक्षक भूपेंद्र कोचे 25 मई 2026 की रात करीब 10 बजे थाना सोमनी परिसर स्थित बैरक में शराब पार्टी करते पाए गए। मामले की जानकारी सामने आने के बाद इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई की गई।

आदेश में दोनों प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र राजनांदगांव संबद्ध किया गया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन और थाना परिसरों में अनुशासनहीनता को लेकर पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी, बावजूद इसके बैरक में शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।

राजनांदगांव पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है। वहीं पुलिस महकमे में इसे साफ संदेश माना जा रहा है कि ड्यूटी और विभागीय अनुशासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

BREAKING: प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबियत बिगड़ी, रायपुर एम्स के ICU में भर्ती

BREAKING: प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबियत बिगड़ी, रायपुर एम्स के ICU में भर्ती

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पंडवानी परंपरा को नई पहचान दिलाने वाली विख्यात लोक कलाकार तीजन बाई की तबीयत अचानक खराब हो गई। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। लोककला की जीवंत पहचान तीजन बाई को तबीयत बिगड़ने के बाद एम्स रायपुर लाया गया।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें प्राथमिक जांच के बाद सीधे मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर पल-पल की नजर बनाए हुए है। उनकी हालत स्थिर है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। पद्मविभूषण समान से सम्मानित तीजन बाई देश-विदेश में पंडवानी कला की अग्रदूत मानी जाती हैं। उनके स्वास्थ्य खराब होने की खबर फैलते ही कला प्रेमियों, कलाकारों और अनुयायियों में चिंता की लहर है।

थाने की बैरक में शराब पार्टी करना पड़ा भारी, SP अंकिता शर्मा ने दो प्रधान आरक्षकों को किया सस्पेंड

थाने की बैरक में शराब पार्टी करना पड़ा भारी, SP अंकिता शर्मा ने दो प्रधान आरक्षकों को किया सस्पेंड

 राजनांदगांव। जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना सोमनी में पदस्थ दो प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मी थाना परिसर स्थित बैरक में शराब सेवन करते पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक हेमंत अनंत और प्रधान आरक्षक भूपेंद्र कोचे 25 मई 2026 की रात करीब 10 बजे थाना सोमनी परिसर स्थित बैरक में शराब पार्टी करते पाए गए। मामले की जानकारी सामने आने के बाद इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई की गई।

आदेश में दोनों प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र राजनांदगांव संबद्ध किया गया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन और थाना परिसरों में अनुशासनहीनता को लेकर पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी, बावजूद इसके बैरक में शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।

राजनांदगांव पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है। वहीं पुलिस महकमे में इसे साफ संदेश माना जा रहा है कि ड्यूटी और विभागीय अनुशासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, रायपुर समेत कई जिलों में हीटवेव अलर्ट

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, रायपुर समेत कई जिलों में हीटवेव अलर्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में नौतपा के दूसरे दिन भी भीषण गर्मी का असर जारी रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया, जिससे दिनभर सड़कें सूनी नजर आईं और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि बुधवार को कुछ इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज अंधड़, बारिश व ओलावृष्टि देखने को मिली, लेकिन इससे गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिल सकी।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आ रही हल्की नमी के कारण मौसम में बदलाव दर्ज किया गया। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और ओले गिरने की भी खबर है। इसके बावजूद मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ग्रीष्म लहर का असर बना रहा।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कबीरधाम में 44 डिग्री, बेमेतरा में 43.8 डिग्री, जांजगीर-चांपा में 43.7 डिग्री और राजधानी रायपुर में 43.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने रायपुर में आज भी हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आगामी दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है, हालांकि इसके बाद 2 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज हो सकती है।

भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

 00 छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।

नवा रायपुर में 302.67 करोड़ की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे
महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें
आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

रायपुर में 186.14 करोड़ की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।

बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही

 0-अवैध खनन पर शासन-प्रशासन सख्त : केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता की कार्रवाई में 4 हाईवा जब्त

0-राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और परिवहन पर हो रही कड़ी निगरानी

0-गहन समीक्षा, प्रशासनिक चौकसी और खनिज विभाग की सक्रियता से अवैध गतिविधियों पर लग रहा अंकुश

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के कड़े और स्पष्ट निर्देशों तथा राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग का मैदानी अमला लगातार सक्रियता के साथ कार्यवाही कर रहा है। शासन स्तर पर की जा रही गहन समीक्षा, सख्त निगरानी और प्रशासनिक चौकसी के परिणामस्वरूप अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगा है।

खनिज विभाग के सचिव एवं संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता तथा जिला स्तरीय टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 27 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता की संयुक्त टीम ने जिला रायपुर, महासमुंद एवं गरियाबंद क्षेत्र अंतर्गत सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

निरीक्षण के दौरान रायपुर जिले के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिरदा एवं घिवरा में गौण निम्न श्रेणी चूनापत्थर से भरे 01 हाईवा तथा रेत के 03 हाईवा को वैध अभिवहन पास एवं अनुमति के बिना खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए चारों हाईवा वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त वाहनों को आगामी आदेश तक रायपुर जिले के समीपस्थ विधानसभा एवं खरोरा थाना परिसर में अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। जांच के दौरान केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। शासन-प्रशासन की सख्ती, बढ़ी चौकसी और सतत निगरानी के कारण अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाही सुनिश्चित की जा रही है।

केंद्रीय कैबिनेट के SARTHAK-PDS फेज-2 निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

केंद्रीय कैबिनेट के SARTHAK-PDS फेज-2 निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

 टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को मिलेगा अधिक लाभ – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

AI, GPS और QR आधारित आधुनिक व्यवस्था से राशन वितरण होगा अधिक पारदर्शी और जवाबदेह

गरीब कल्याण को नई मजबूती देगा SARTHAK-PDS फेज-2, राज्यों को मिलेगा आर्थिक सहयोग

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के माध्यम से  एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग देकर वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों हितग्राहियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को नई मजबूती मिलेगी तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संकल्प को और बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल  राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा, सुविधा और सुशासन को और मजबूत करने का निर्णय है। उन्होंने गरीब कल्याण को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

 मुख्यमंत्री साय की घोषणा का हुआ पालन

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।

खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा।

जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी।

राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी

 0-वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई

0-जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

रायपुर-छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।

देवपुर समर कैंप में दिखी दुर्लभ प्रजाति

बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट हेमंत वर्मा ने की।

विशाल भारतीय गिलहरी की खासियत

विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है।

कानूनी संरक्षण प्राप्त दुर्लभ प्रजाति

यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है।

बच्चों में बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता

वनमंडलाधिकारी  धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार- 1 जुलाई से लागू होगा वीबी-जी-राम-जी मिशन, अब मिलेगा 125 दिनों का गारंटीड रोजगार

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार- 1 जुलाई से लागू होगा वीबी-जी-राम-जी मिशन, अब मिलेगा 125 दिनों का गारंटीड रोजगार

 मनरेगा की जगह लेगा नया कानून,  वीबी-जी-राम-जी मिशन का व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू’

रायपुर- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और स्थायी विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 (वीबी-जी-राम-जी मिशन) पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बलरामपुर जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है।
’मनरेगा के मुकाबले अब 25 दिन अधिक रोजगार’
केन्द्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इस नए कानून के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जबकि पूर्व में संचालित मनरेगा (डळछत्म्ळ।) के तहत यह सीमा केवल 100 दिनों की थी। वीबी-जी-राम-जी मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका सुदृढ़ीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है।
’योजना की मुख्य विशेषताएं और नियम’
ग्रामीण परिवार ग्राम पंचायतों के माध्यम से रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर काम देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित 15 दिनों की समयावधि में प्रशासन रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो पात्र हितग्राही को नियमतः बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए श्रमिकों की मजदूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (क्ठज्) के माध्यम से सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में भेजी जाएगी। योजना के तहत महिला श्रमिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष नीतिगत प्रावधान किए गए हैं।
’कार्यस्थल पर सुविधाएं’
सभी कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया, प्राथमिक उपचार (थ्पतेज ।पक ज्ञपज) और छोटे बच्चों की देखभाल (क्रेश) जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।
’इन कार्यों को दी जाएगी प्राथमिकता’
वीबी-जी-राम-जी मिशन के तहत जल संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण, पशुपालन, मत्स्य विकास, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति से ही जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन होगा।
’15 जून तक पुराने मनरेगा कार्य पूरे करने का लक्ष्य’
कलेक्टर के निर्देशानुसार, वर्तमान में जिले में चल रहे मनरेगा के पुराने व स्वीकृत कार्यों को तेजी से निपटाया जा रहा है। सभी जनपद पंचायतों को 15 जून 2026 तक अधिक से अधिक कार्य पूर्ण करने का डेडलाइन दिया गया है, ताकि मानसून आगमन से पहले अधूरे निर्माण कार्य पूरे हो सकें और बारिश के मौसम में सीधे वृक्षारोपण व जल संरक्षण के कार्यों को शुरू किया जा सके।
जिला प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इस नई कल्याणकारी योजना की बारीकियों को समझने, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों व ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील की

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

सुशासन तिहार : प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रीति साहू का पक्के घर का सपना हुआ साकार

सुशासन तिहार : प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रीति साहू का पक्के घर का सपना हुआ साकार

 सुशासन तिहार के शिविर में मिली “खुशियों की चाबी”, परिवार को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आयोजित सुशासन तिहार 2026 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। प्रदेशभर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बिलारी निवासी प्रीति साहू का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हुआ। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में निवास कर रहा था। बारिश के मौसम में घर में पानी टपकने तथा गर्मी के दिनों में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। सीमित संसाधनों के कारण सुरक्षित एवं पक्का घर बनाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत  प्रीति साहू को आवास स्वीकृत हुआ तथा योजना के तहत उन्हें निर्धारित राशि उपलब्ध कराई गई। शासन की सहायता से उनके नए पक्के मकान का निर्माण पूर्ण हुआ। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें उनके नए घर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई।

अपने सपनों का पक्का घर मिलने पर प्रीति साहू एवं उनके परिवार के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनहितकारी योजनाओं से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभान्वित भी किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।