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रायपुर में खुलेंगे 7 नए रजिस्ट्री कार्यालय, 14 जगहों पर मिलेगी जमीन-मकान की रजिस्ट्री सुविधा

रायपुर में खुलेंगे 7 नए रजिस्ट्री कार्यालय, 14 जगहों पर मिलेगी जमीन-मकान की रजिस्ट्री सुविधा

 रायपुर। जमीन, मकान या प्लॉट की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए राहत की खबर है। अब रजिस्ट्री से जुड़े काम के लिए लोगों को मुख्य कार्यालय तक लंबी दूरी तय करने और घंटों इंतजार करने की परेशानी से जल्द राहत मिल सकती है। प्रशासन ने रायपुर में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके तहत शहर के अलग-अलग बाहरी क्षेत्रों में 7 नए रजिस्ट्री कार्यालय शुरू करने की तैयारी की जा रही है। नए केंद्र शुरू होने के बाद शहर में कुल 14 स्थानों पर रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध होगी।

जानकारी के अनुसार, रायपुर में प्रतिदिन करीब 400 जमीनों की रजिस्ट्री होती है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण मुख्य रजिस्ट्री कार्यालय में लगातार भीड़ बनी रहती है। रजिस्ट्री कराने आने वाले लोगों को कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले लोगों के साथ-साथ बुजुर्गों और महिलाओं को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भीड़ के कारण कई बार कार्यालय में बैठने के लिए पर्याप्त जगह तक उपलब्ध नहीं हो पाती। गर्मी और बारिश के दौरान लोगों की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं।

प्रशासन ने आउटर क्षेत्रों में नए रजिस्ट्री कार्यालय खोलने के लिए भवनों की तलाश शुरू कर दी है। टाटीबंध-हीरापुर, अमलीडीह-अवंति विहार और बीरगांव-सिलतरा सहित अन्य बाहरी क्षेत्रों में नए केंद्र खोलने की तैयारी है। इन कार्यालयों के शुरू होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के लोगों को रजिस्ट्री के लिए मुख्य कार्यालय तक जाने की जरूरत कम होगी। वे अपने नजदीकी केंद्र पर ही जमीन, मकान और प्लॉट का पंजीयन करा सकेंगे।

नए रजिस्ट्री कार्यालयों में आधुनिक डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा मिलने से दस्तावेजों और पंजीयन से जुड़े काम अधिक सुविधाजनक तरीके से किए जा सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा लोगों को लंबी कतारों में खड़े होकर इंतजार करने से भी राहत मिल सकती है।

सात नए केंद्र शुरू होने के बाद रायपुर में कुल 14 स्थानों पर जमीन रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। प्रशासन के अनुसार, शहर में बढ़ते पंजीयन कार्य और लोगों की संख्या को देखते हुए रजिस्ट्री कार्यालयों का विस्तार जरूरी हो गया है। नए केंद्र शुरू होने से मुख्य कार्यालय का दबाव कम होने के साथ ही लोगों को अपने क्षेत्र के नजदीक रजिस्ट्री की सुविधा मिल सकेगी।

Weather Update: मानसून ने लिया यूटर्न, प्रदेश के 21 जिलों में येलो अलर्ट जारी, आकाशीय बिजली के साथ जमकर बरसेंगे बदरा

Weather Update: मानसून ने लिया यूटर्न, प्रदेश के 21 जिलों में येलो अलर्ट जारी, आकाशीय बिजली के साथ जमकर बरसेंगे बदरा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 21 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है

इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, बेमेतरा, बलौदाबाजार, महासमुंद, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा शामिल हैं

हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावन

अलर्ट वाले जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक के दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है। ऐसे में मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव के बीच प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, विभिन्न कार्यक्रम में होंगे शामिल

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, विभिन्न कार्यक्रम में होंगे शामिल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री के दिनभर के कार्यक्रम को लेकर समय-सारिणी जारी की गई है। इसके तहत वह मंत्री टंक राम वर्मा के निवास पर पहुंचने के साथ ही तीज मिलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मंत्रालय और मुख्यमंत्री निवास में भी उनके कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 2 बजे मंत्री टंक राम वर्मा के निवास पहुंचेंगे। यहां से उनका अगला कार्यक्रम तीज मिलन समारोह का है। मुख्यमंत्री दोपहर 2:30 बजे से 3:30 बजे तक आयोजित ‘तीज मिलन’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे कार्यक्रम में मौजूद लोगों से मुलाकात करेंगे।इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला शाम 3:40 बजे मंत्रालय स्थित महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर पहुंचेगा। यहां 3:40 बजे से शाम 5 बजे तक मुख्यमंत्री का समय आरक्षित रखा गया है। मंत्रालय से निकलने के बाद मुख्यमंत्री साय शाम 5:30 बजे मुख्यमंत्री निवास, सिविल लाइन रायपुर पहुंचेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री निवास में शाम 6 बजे से 7 बजे तक एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 

अनुशासन, आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ लक्ष्य की ओर बढऩे की प्रेरणा देता है खेल - साव

अनुशासन, आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ लक्ष्य की ओर बढऩे की प्रेरणा देता है खेल - साव

 00 विद्याभारती मध्यक्षेत्र क्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव आज चांपा के सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विद्याभारती मध्यक्षेत्र क्षेत्रीय कबड्डी खेलकूद प्रतियोगिता-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समापन कार्यक्रम में विजेता टीम को मोमेन्टो, प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। सांसद कमलेश जांगड़े भी समापन कार्यक्रम में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यक्रम में कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए खेलना बेहद जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। विद्यार्थियों और युवाओं को प्रतिदिन खेल के लिए समय देना चाहिए। मैदान में बहाया गया पसीना शरीर में ऊर्जा और जीवन में उत्साह बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि विद्या भारती विद्यार्थियों और युवाओं के जीवन को अनुशासन तथा संस्कारों से जोड़ते हुए उन्हें अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल में कोई जीतता है तो कोई हारता है, लेकिन सीखते सभी हैं। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और ऊर्जा प्रदान करता है तथा लक्ष्य की दिशा में आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। एक अच्छा खिलाड़ी अनुशासित जीवन जीता है और ऊर्जा से भरपूर रहता है।
साव ने कहा कि जब कोई बच्चा छोटा होता है और चलने का प्रयास करता है, तो वह कई बार गिरता है, लेकिन हर बार उठकर दोबारा चलने का प्रयास करता है। अंतत: वही बच्चा चलना और दौडऩा सीख जाता है। इसी प्रकार जीवन में बार-बार असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर पुन: प्रयास करना चाहिए। मन, समर्पण और संकल्प के साथ किए गए प्रयास से सफलता प्राप्त की जा सकती है। आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरा व्यक्ति ही जीवन में आगे बढ़ता है। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर और अधिक मजबूती के साथ आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल और खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

सांसद  कमलेश जांगड़े ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यालयों में विद्यार्थियों को अनुशासन और शिष्टाचार की शिक्षा दी जाती है, जो उनके जीवन में एक अच्छा इंसान बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थी शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं खिलाडिय़ों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
पूर्व संसदीय सचिव  अंबेश जांगड़े, पूर्व सांसद कमला देवी पाटले, जिला पंचायत की अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका चांपा के अध्यक्ष  प्रदीप नामदेव, नगर पालिका जांजगीर-नैला की अध्यक्ष रेखा देवा गढ़ेवाल, जिला पंचायत के सदस्य राजकुमार साहू,  हनुमान प्रसाद,  शान्ति कुमार सोनी, प्रशांत सिंह ठाकुर, रजनी सत्तु साहू, अमर सुल्तानिया, इंजी रवि पांडेय, कार्तिकेश्वर स्वर्णकार,  सलीम मेमन,  कमल देवांगन,  जुड़ावन सिंह ठाकुर और  सुधीर देव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी एवं खिलाड़ी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

CG : टीआई, एसआई, एएसआई समेत 38 पुलिसकर्मियों के हुए तबादले, जानिए किसे कहां की मिली जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

CG : टीआई, एसआई, एएसआई समेत 38 पुलिसकर्मियों के हुए तबादले, जानिए किसे कहां की मिली जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के तबादले हुए हैं। एसपी गौरव राय ने यह सूची जारी की हैं।

देखें आदेश….

 

महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने किया रक्तदान

महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के 50 से अधिक विद्यार्थियों ने किया रक्तदान

रायपुर :- महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय, रायपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में 18 सितंबर 2026 को विशाल स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। महाविद्यालय के सभागार में आयोजित इस शिविर का संचालन प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी और राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डॉ. लक्ष्मीकांत साहू के मार्गदर्शन में हुआ।

 
शिविर में 500 विद्यार्थियों व प्राध्यापकों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई। नेत्र परीक्षण, रक्तचाप, ब्लड शुगर, ईसीजी और आरबीएस सहित विभिन्न जांचें की गईं। एसजी नेत्र चिकित्सालय के विकास, बृजेश और विवेक ने विद्यार्थियों का नेत्र परीक्षण किया। वहीं, आईएलएस चिकित्सालय के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जावेत्री ने अपनी टीम के साथ छात्राओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया।
 
शिवनाथ ब्लड सेंटर,  गुरुद्वारा देवेंद्र नगर से मेडिकल सोशल वर्कर मिस निधि और उनकी तकनीशियन टीम ने विद्यार्थियों की रक्त संबंधी जांच की तथा स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व और प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन दिया। शिविर में 50 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर सामाजिक उत्तरदायित्व और मानव सेवा की मिसाल पेश की।
 
आयोजन को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ स्वयंसेवकों दुर्गेश साहू, गुलशन, प्रशांत, प्रांजल, लिपाक्षी, महक, आकांक्षा, शिल्पी, कृष्णा, सिमरन, तनुजा, अंशिका, अनुप्रिया, प्रखर, पलक साहू, कनक और आर्यन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने शिविर को स्वास्थ्य जांच और रक्तदान से आगे बढ़ाकर सामाजिक जागरूकता, सहयोग और मानवीय संवेदना का प्रभावी मंच बना दिया।
इस आयोजन के माध्यम से युवाओं ने संदेश दिया कि स्वस्थ, जागरूक और संवेदनशील विद्यार्थी ही सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा के लिए रक्तदान को प्रोत्साहित करने वाला यह शिविर महाविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रेरणादायी उदाहरण रहा।
मन में बरसों से बसी थी रामलला के दर्शन की आस, साय सरकार की योजना से पूरा हुआ डोमन-पार्वती का सपना

मन में बरसों से बसी थी रामलला के दर्शन की आस, साय सरकार की योजना से पूरा हुआ डोमन-पार्वती का सपना

 00 कबीरधाम के दंपती ने विशेष ट्रेन से पहुंचकर किए रामलला और बाबा विश्वनाथ के दर्शन
रायपुर।
छत्तीसगढ़ शासन की रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए आस्था के केंद्रों तक पहुंचने का सहज और सुविधाजनक माध्यम बन रही है। कबीरधाम जिले के ग्राम बबई निवासी  डोमन साहू और उनकी पत्नी पार्वती साहू के लिए यह यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि वर्षों से मन में संजोए एक सपने के साकार होने का अवसर बनी।
डोमन साहू बताते हैं कि प्रभु श्री राम के दर्शन की इच्छा उनके मन में लंबे समय से थी। परिवार की आर्थिक एवं अन्य परिस्थितियों के कारण वे अयोध्या धाम जाकर रामलला के दर्शन नहीं कर पा रहे थे। ऐसे में छत्तीसगढ़ शासन की श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना उनके लिए आशा और अवसर लेकर आई। योजना के माध्यम से उन्हें अपनी पत्नी श्रीमती पार्वती साहू के साथ अयोध्या धाम जाने और प्रभु श्री रामलला के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। साथ ही उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी किए।
डोमन साहू ने कहा कि वर्षों से मन में रामलला के दर्शन की इच्छा थी। जब पत्नी के साथ अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्री रामलला के दर्शन किए तो मन भावुक हो गया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना ने उनके जैसे सामान्य परिवारों के लिए तीर्थयात्रा को आसान बनाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज अयोध्या में भव्य श्री राम मंदिर में रामलला के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए अत्यंत भावुक और अविस्मरणीय अनुभव है।
22 जनवरी 2024 को अयोध्या में नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ था। इस ऐतिहासिक अवसर के बाद अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन हो रहा है। इसी आस्था को छत्तीसगढ़ शासन की श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना श्रद्धालुओं के लिए यात्रा की सुविधाओं से जोड़ रही है।
श्रद्धालुओं को कवर्धा से दुर्ग रेलवे स्टेशन तक निःशुल्क बस सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके बाद विशेष ट्रेन से उन्हें काशी एवं अयोध्या धाम ले जाया गया। पूरी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन, नाश्ता और चाय की व्यवस्था के साथ स्वास्थ्य सुविधा के लिए चिकित्सकीय दल की व्यवस्था भी की गई।
श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के साथ अयोध्या धाम पहुंचकर श्री रामलला के दर्शन किए। लंबे समय से तीर्थयात्रा की इच्छा रखने वाले अनेक श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा आस्था, श्रद्धा और आत्मिक संतोष का अनुभव लेकर आई।
श्री डोमन साहू और श्रीमती पार्वती साहू की कहानी इस बात की एक झलक है कि जब धार्मिक आस्था से जुड़ी यात्रा में परिवहन, भोजन और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों, तो सामान्य परिवार भी अपने वर्षों पुराने तीर्थदर्शन के सपने को पूरा कर सकते हैं। श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना इसी उद्देश्य से श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से अयोध्या धाम और काशी की यात्रा का अवसर प्रदान कर रही है।
डोमन साहू दंपती के लिए अयोध्या की यह यात्रा अब उनके जीवन की ऐसी स्मृति बन गई है, जिसे वे लंबे समय तक संजोकर रखेंगे। वर्षों से मन में बसे रामलला के दर्शन का सपना जब अपनी पत्नी के साथ पूरा हुआ, तो उनके लिए यह यात्रा आस्था के साथ-साथ जीवन के एक अधूरे संकल्प के पूर्ण होने का भावुक अवसर भी बन गई।

गुरु-शिष्य का रिश्ता शर्मसार! स्कूल के शिक्षक ने 11वीं की छात्रा को बनाया हवस का शिकार, घटना सामने आते ही मचा हड़कंप…

गुरु-शिष्य का रिश्ता शर्मसार! स्कूल के शिक्षक ने 11वीं की छात्रा को बनाया हवस का शिकार, घटना सामने आते ही मचा हड़कंप…

 सूरजपुर। गुरु को हमारी संस्कृति में भगवान से ऊपर का दर्जा दिया जाता है। लेकिन इस युग में इस पावन पवित्र रिश्ते को कई गुरुओं ने बदनाम कर दिया है। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से सामने आया है। यहां एक शिक्षक ने 11वीं की छात्रा से अपनी हवस का शिकार बना लिया। इतना ही नहीं आरोपी शिक्षक छात्रा को ब्लैकमेल करता था। मामले की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला भटगांव थाना क्षेत्र का है। यहां के एक स्कूल में छात्रा 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। शिक्षक पर उस पर बुरी नजर रखता था। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी तो उसने हवस का शिकार बना लिया। इतना ही नहीं आरोपी शिक्षक छात्रा को ब्लैकमेल करता था। छात्रा ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजनों ने इसकी शिकायत भटगांव थाने में की। फिलहाल पुलिस आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

CG : लिव-इन पार्टनर की हत्या, सेप्टिक टैंक में छिपाया शव; ऐसे खुला खौफनाक राज…..

CG : लिव-इन पार्टनर की हत्या, सेप्टिक टैंक में छिपाया शव; ऐसे खुला खौफनाक राज…..

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक ने अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में छिपा दिया। महिला रक्षाबंधन के मौके पर जब मायके नहीं पहुंची, तो परिजनों को शक हुआ। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई और सेप्टिक टैंक से महिला का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

जाने पूरा मामला

यह पूरा मामला श्यांग थाना अंतर्गत बरपाली गांव का है। बताया जा रहा है कि 33 वर्षीय संतोषी आरोपी मनोज उरांव के साथ लिव-इन में रह रही थी। वही उरांव नशे का आदी था। 27 अगस्त को उसने संतोषी के साथ मारपीट की थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपी ने उसके शव को बाड़ी के सेप्टिक टैंक में डालकर छिपा दिया और उसके भाईयों को गुमराह करते रहा।

रक्षाबंधन पर जब संतोषी घर नहीं पहुंची, तो उसके भाईयों ने खोजबीन शुरु की। इस दौरान उन्होंने घर के बाड़ी में सेप्टिक टैंक का ढक्कन खुला देखा और बदबू आने पर उसकी तलाशी ली, तो संतोषी का शव उसके अंदर मिला।

इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई और फिर पुलिस ने कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में शव को सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला। फिलहाल संतोषी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और 5 सितंबर से फरार आरोपी मनोज उरांव की तलाश शुरु कर दी गई है।

जिस पानी के लिए मीलों चलती थीं महिलाएं, अब साय सरकार में वही जल पहुंच रहा घर की चौखट तक

जिस पानी के लिए मीलों चलती थीं महिलाएं, अब साय सरकार में वही जल पहुंच रहा घर की चौखट तक

 00 प्रधानमंत्री मोदी के हर घर जल के संकल्प को साय सरकार ने गांव-गांव पहुंचाया, ग्राम पंडरी में जल जीवन मिशन से बदली जिंदगी की तस्वीर
रायपुर।
कभी पानी के लिए सुबह की पहली किरण के साथ ही घर से निकलना पड़ता था। सिर पर बर्तन रखकर दूर स्थित जलस्रोत तक जाना, घंटों इंतजार करना और फिर पानी लेकर वापस लौटना ग्राम पंडरी की महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। बच्चों के लिए भी पानी लाने में परिवार का हाथ बंटाना सामान्य बात थी। पानी की यह जद्दोजहद केवल समय ही नहीं लेती थी, बल्कि परिवार की दिनचर्या, बच्चों की पढ़ाई और महिलाओं के दूसरे जरूरी कामों को भी प्रभावित करती थी।
आज उसी ग्राम पंडरी की तस्वीर बदल गई है। घर के आंगन में लगा नल अब सिर्फ पानी आने का साधन नहीं, बल्कि बदलती ग्रामीण जिंदगी का प्रतीक बन गया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीण परिवारों को उनके घर पर ही स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है। पानी के लिए दूर जाने की मजबूरी कम हुई है और वर्षों से चली आ रही कठिनाई ने सुविधा का रूप ले लिया है।
आदिवासी बाहुल्य जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के मरवाही विकासखंड का ग्राम पंडरी आज इस बदलाव की जीवंत कहानी प्रस्तुत कर रहा है। गांव की  शीला केवट सहित अनेक महिलाओं के लिए नल से आने वाला पानी रोजमर्रा की जिंदगी में आई ऐसी सुविधा है, जिसका महत्व वही समझ सकता है जिसने कभी पानी के लिए लंबी दूरी तय की हो।
शीला केवट बताती हैं कि पहले पानी भरने के लिए घर के जरूरी काम छोड़कर दूर जाना पड़ता था। कई बार पानी लाने में सुबह का काफी समय निकल जाता था। अब घर में ही नल से पानी मिलने के कारण बहुत सुविधा हो गई है। समय बचता है और उस समय का उपयोग बच्चों, परिवार और दूसरे कामों में किया जा सकता है। उनके लिए नल से आने वाली पानी की हर धार घर की सुविधा के साथ परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद भी लेकर आती है।
ग्राम पंडरी की यह कहानी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के उस विजन से भी जुड़ती है, जिसमें ग्रामीण भारत के हर परिवार तक नल से जल पहुंचाने को प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को जल जीवन मिशन की घोषणा करते हुए ग्रामीण परिवारों तक घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का संकल्प देश के सामने रखा था। उस समय देश के 18.93 करोड़ ग्रामीण परिवारों में लगभग 3.23 करोड़, यानी करीब 17 प्रतिशत परिवारों के पास ही नल से जल की सुविधा थी।
जल जीवन मिशन की सोच केवल पाइप बिछाने और नल लगाने तक सीमित नहीं है। मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्भरण और ग्रे-वॉटर प्रबंधन जैसे उपायों को भी बढ़ावा देना है। साथ ही, मिशन को जनभागीदारी आधारित ‘जन आंदोलन’ के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया है।
ग्राम पंडरी में इस सोच का असर ग्रामीण जीवन में दिखाई देता है। जहां पहले पानी की चिंता दिन की शुरुआत के साथ ही सामने खड़ी रहती थी, वहीं अब घर में नल की सुविधा ने इस चिंता को काफी हद तक कम किया है। महिलाओं को पानी ढोने की कठिन मेहनत से राहत मिली है। बच्चों के लिए पढ़ाई और खेल का समय बढ़ा है तथा परिवारों को अपने दूसरे जरूरी कार्यों के लिए अधिक समय मिल रहा है।
जल जीवन मिशन के प्रभाव का एक महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं के जीवन में आया बदलाव है। पानी की व्यवस्था का बड़ा दायित्व परंपरागत रूप से महिलाओं पर रहा है। घर तक नल का पानी पहुंचने से उनके श्रम और समय की बचत होती है। यही बचा हुआ समय परिवार, बच्चों की शिक्षा, आजीविका और स्वयं के विकास में लगाया जा सकता है। जल जीवन मिशन की आधिकारिक सामग्री में भी महिलाओं और बालिकाओं को दूर से पानी लाने की कठिनाई से राहत को मिशन के महत्वपूर्ण प्रभावों में शामिल किया गया है।
गांव के लिए यह बदलाव केवल सुविधा का बदलाव नहीं है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में परिवर्तन है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिलता है। बच्चों और बुजुर्गों सहित पूरे परिवार को इसका लाभ मिलता है। पानी अब केवल गांव के किसी दूरस्थ स्रोत पर उपलब्ध संसाधन नहीं रहा, बल्कि घर की चौखट तक पहुंची बुनियादी सुविधा बन गया है।
केंद्र सरकार की पहल और राज्य सरकार के स्थानीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से ऐसी योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण परिवारों तक पहुंचता है। ग्राम पंडरी इसका उदाहरण है कि किसी योजना की सफलता केवल सरकारी आंकड़ों में नहीं, बल्कि उस महिला के चेहरे की मुस्कान में दिखाई देती है जिसे अब पानी के लिए सुबह-सुबह दूर नहीं जाना पड़ता।
जल जीवन मिशन के सात वर्षों की यात्रा में देश के अनेक गांवों की तरह ग्राम पंडरी में भी ‘नल से जल’ ने विकास की नई तस्वीर बनाई है। मिशन को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने 2026 में जल जीवन मिशन को दिसंबर 2028 तक जारी रखने का निर्णय लिया है और जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण जलापूर्ति सेवाओं की विश्वसनीयता, गुणवत्ता और दीर्घकालिक स्थिरता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ग्राम पंडरी में अब किसी घर के आंगन में नल से गिरती पानी की बूंदें केवल प्यास बुझाने वाली बूंदें नहीं हैं। वे उस बदलाव की कहानी कहती हैं, जिसमें महिलाओं का श्रम कम हुआ, बच्चों के लिए समय बढ़ा, परिवारों को सुविधा मिली और ग्रामीण जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास का नया भाव आया।
एक समय पानी की तलाश में दूर तक जाने वाला पंडरी आज अपने घरों में नल का पानी पाकर विकास की उस धारा से जुड़ चुका है, जिसका संकल्प देश ने सात वर्ष पहले लिया था। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर जल’ के विजन और जल जीवन मिशन के माध्यम से गांव-गांव पहुंचती यह सुविधा अब ग्रामीण भारत में ‘सहज जीवन’ की एक नई पहचान बन रही है।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल हरिचंदन से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल हरिचंदन से की सौजन्य भेंट

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने ओडिशा प्रवास के दौरान आज भुवनेश्वर में छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यपाल एवं वरिष्ठ राजनेता  विश्वभूषण हरिचंदन से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उनका कुशलक्षेम जाना तथा छत्तीसगढ़ में किए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों पर चर्चा कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से की शिष्टाचार भेंट

मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से की शिष्टाचार भेंट

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई।

माँ का अपमान बर्दाश्त नहीं: विष्णुदेव साय ने साझा की भावुक कविता, राहुल गांधी को बिना नाम लिए नसीहत

माँ का अपमान बर्दाश्त नहीं: विष्णुदेव साय ने साझा की भावुक कविता, राहुल गांधी को बिना नाम लिए नसीहत

 00 माँ का सम्मान हमारी संस्कृति और संस्कारों का आधार
00 माँ की महिमा पर साझा किया भावपूर्ण वीडियो
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माँ के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति में माँ के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावपूर्ण वीडियो साझा किया है। मुख्यमंत्री ने इसके साथ अपनी भावनाओं को कविता की पंक्तियों में अभिव्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में उल्लेख किया है। माँ है ममता, माँ है करुणा, माँ जीवन का आधार है, माँ के चरणों में समर्पित पूरा ये संसार है। माँ का करे अपमान वो कुपुत्र ही कहलायेगा, माँ का करे तिरस्कार वो कहीं ठौर न पायेगा।
मुख्यमंत्री साय ने किसी राजनीतिक व्यक्ति का नाम लिए बिना अपने संदेश के माध्यम से माँ के प्रति सम्मान और मर्यादा बनाए रखने की सीख दी है। उन्होंने यह संदेश ऐसे समय साझा किया है, जब इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में एक कॉमेडी प्रस्तुति को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। उल्लेखनीय है कि इंदौर में आयोजित उक्त कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की बोलने की शैली और हाव-भाव की मिमिक्री की थी। प्रस्तुति के एक हिस्से में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भीड़ में मौजूद बुजुर्ग माताजी के लिए कुर्सी उपलब्ध कराने को कहने से जुड़े प्रसंग को भी शामिल किया गया। इसे लेकर भाजपा के अनेक नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि हास्य के नाम पर माँ और मातृशक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाई गई। कार्यक्रम के दौरान श्री राहुल गांधी मंच पर मौजूद थे और प्रस्तुति पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज हुई है।
इसी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का माँ की महिमा और सम्मान को समर्पित संदेश सामने आया है। मुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय माँ के प्रति भारतीय समाज की श्रद्धा, संवेदना और संस्कार को केंद्र में रखा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय कवि ओम व्यास की माँ पर केंद्रित प्रसिद्ध काव्य रचना का वीडियो भी साझा किया। माँ के त्याग, ममता, वात्सल्य और संतान के जीवन में उनके अतुलनीय स्थान को अभिव्यक्त करती यह रचना सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय के संदेश का भाव स्पष्ट है कि माँ केवल एक संबंध नहीं, बल्कि ममता, करुणा, त्याग और संस्कार का स्वरूप है। भारतीय संस्कृति में माँ को सर्वोच्च स्थान दिया गया है और उनका सम्मान सामाजिक एवं सांस्कृतिक मर्यादा का अभिन्न हिस्सा है। वैचारिक अथवा राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन माँ के प्रति सम्मान की मर्यादा सदैव अक्षुण्ण रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई पंक्तियां इसी सांस्कृतिक चेतना को अभिव्यक्त करती हैं कि जिस माँ के स्नेह, त्याग और संस्कारों से व्यक्ति का जीवन आकार लेता है, उसका सम्मान प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक दायित्व है।

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

 00 सेवा संकल्प अभियान
विशेष लेख : विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं के पारंपरिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार युवाओं को केवल डिग्री देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।
सेवा का संकल्प: गुणवत्ता और समावेशी विकास का मिशन मोड
राज्य सरकार ने सेवा का संकल्प निभाते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष बजटीय संबल दिया जा रहा है। पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे। शैक्षणिक गुणवत्ता को शीर्ष पर ले जाने के लिए 3,000 से अधिक छात्र संख्या वाले उत्कृष्ट कॉलेजों को चिन्हित कर 36 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, अध्यापन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उद्योग जगत के व्यावहारिक विशेषज्ञों को प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के रूप में परिसरों से जोड़ा जा रहा है।
सेवा आपके द्वार: वनांचल से शहरों तक उच्च शिक्षा की आसान पहुँच
सेवा आपके द्वार की भावना को चरितार्थ करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित आदिवासी और दूरस्थ वनांचल अंचलों में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। अब बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उनके अपने अंचल में ही उपलब्ध हो रही है। चार वर्षीय बी.एड. और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
कहानी बदलाव की: आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से युवाओं का सशक्तीकरण
यह बदलाव केवल व्यवस्थागत नहीं, बल्कि हर उस युवा की कहानी बदलाव की है जो कल तक केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित था। स्वावित्तीय पाठ्यक्रम नीति के तहत अब स्थानीय और वैश्विक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार किया जा रहा है। भविष्य में उपयोगी विभिन्न तकनीकों और कौशल को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों को प्रमुखता से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह स्थानीय व कृषि-आधारित उद्योग के तहत रेशम कीट पालन, टसर टेक्नोलॉजी, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन की शिक्षा युवाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करेंगे।
इन व्यावहारिक विषयों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के साथ रूश किए गए हैं, जिससे युवाओं को सीधी इंटर्नशिप, व्यावहारिक अनुभव और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है। रिसर्च, कौशल विकास, उद्योग समन्वय और वनांचल तक शिक्षा के विस्तार के इस संगम से छत्तीसगढ़ तेजी से देश के अग्रणी एजुकेशन हब के रूप में स्थापित हो रहा है।

नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत, विस अध्यक्ष सिंह और मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में होगा आयोजन

नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत, विस अध्यक्ष सिंह और मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में होगा आयोजन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, आत्मीयता और पारंपरिक तिहारों की मिठास को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य तीज मिलन उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा की मेजबानी में यह गरिमामय उत्सव 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से संध्या 4 बजे तक एम.-12, सेक्टर-24, अटल नगर, नवा रायपुर में संपन्न होगा। 
छत्तीसगढिय़ा अस्मिता और पारंपरिक पर्वों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में आयोजित इस विशेष समागम में प्रदेश की शीर्ष हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपनी धर्मपत्नी वीणा सिंह और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसके साथ ही राज्य के कई मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी इस सांस्कृतिक संध्या के साक्षी बनेंगे। 
इस आयोजन के संदर्भ में मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि ये आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता की मजबूत बुनियाद हैं। इस तीज मिलन उत्सव का मूल उद्देश्य अपनी समृद्ध परंपराओं और छत्तीसगढिय़ा संस्कृति की मिठास को आपस में बांटना तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर रखना है। इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, लोक-संस्कृति के रंगों और तीजा पर्व के आत्मीय अनुष्ठानों का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश घोषित

शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश घोषित

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी शिक्षा सत्र के लिए दशहरा, दीपावली और शीतकालीन अवकाश की घोषणा कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक दशहरा अवकाश 17-21 अक्टूबर, दीपावली की 6-10 नवंबर और शीतकालीन अवकाश 24-28 दिसंबर तक होंगी। यह अवकाश सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों, डीएड, बीएड, और एमएड कालेजों में लागू होंगी।

सेवा संकल्प अभियान: डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: वसुंधरा परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर

सेवा संकल्प अभियान: डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: वसुंधरा परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर

 लेखक - विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सेवा के संकल्प के साथ एक ऐतिहासिक डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रही है। राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग द्वारा शुरू की गई वसुंधरा परियोजना के माध्यम से प्रदेश भर के पुराने और वर्तमान राजस्व अभिलेखों का संपूर्ण डिजिटलीकरण, संरक्षण तथा प्रमाणीकरण किया जा रहा है, जिससे आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी।
सफलता का आधार: दंतेवाड़ा का क्रांतिकारी मॉडल
इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता की मजबूत नींव दंतेवाड़ा जिले के क्रांतिकारी मॉडल पर आधारित है। दंतेवाड़ा में पिछले एक वर्ष के दौरान 12 हजार से अधिक नागरिकों ने कियोस्क सेवाओं का लाभ उठाया और 15 हजार से अधिक जाति प्रमाण-पत्र मात्र एक से दो दिनों में जारी किए गए। इसके साथ ही सैकड़ों विवादित मामलों का त्वरित निराकरण संभव हुआ और अभिलेखों में छेड़छाड़ का एक भी मामला सामने नहीं आया।
विस्तृत खाका: 12.89 करोड़ पृष्ठों का डिजिटलीकरण
दंतेवाड़ा के इसी सफल प्रयोग से प्रेरणा लेते हुए अब पूरे राज्य में लगभग 12 करोड़ 89 लाख पृष्ठों के विभिन्न राजस्व अभिलेखों को डिजिटाइज़ करने का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत 22.72 करोड़ रुपए की लागत से 5.68 करोड़ पृष्ठ खसरा पांचसाला, 11.77 करोड़ रुपए की लागत से 2.94 करोड़ पृष्ठ क्च-1 रिकॉर्ड, 9.98 करोड़ रुपए की लागत से 2.49 करोड़ पृष्ठ नामांतरण व संशोधन पंजी, 2.13 करोड़ रुपए की लागत से 53.16 लाख पृष्ठ मिसल पंजी और 1.89 करोड़ रुपए की लागत से 47.29 लाख पृष्ठ अधिकार अभिलेख शामिल हैं। इसके अतिरिक्त निस्तार पत्रक, वाजिब-उल-अर्ज, रीनंबरिंग सूची, साधारण खसरा, नजूल शीट एवं व्यवर्तन पंजी जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भी डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा।
वित्तीय ढांचा और समयबद्ध कार्यान्वयन
इस विशाल परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए 65.41 करोड़ रुपए की कुल एकमुश्त पूंजीगत लागत (कैपेक्स) और 50 लाख रुपए प्रति वर्ष का परिचालन व्यय तय किया गया है, जिसकी वित्तीय व्यवस्था राज्य के अधोसंरचना मद और केंद्र सरकार की डीआईएलआरएमपी 3.0 योजना से की जाएगी। योजना के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से अगले तीन महीनों के भीतर वसुंधरा पोर्टल और मोबाइल ऐप तैयार किया जाएगा, जिसके बाद कार्यदायी एजेंसियों का चयन कर एक वर्ष के भीतर सभी अभिलेखों के डिजिटलीकरण और सत्यापन का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।
तकनीकी नवाचार: एआई और ब्लॉकचेन से सुरक्षा
वसुंधरा परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसमें आधुनिकतम तकनीकों का समावेश है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित ओसीआर, डॉक्यूमेंट क्लासिफिकेशन और स्मार्ट सर्च इंजन की मदद से दशकों पुराने रिकॉर्ड भी पलक झपकते ही खोजे जा सकेंगे। वहीं अभिलेखों में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या हेरफेर को रोकने के लिए ब्लॉकचेन आधारित सुरक्षा, डिजिटल हस्ताक्षर और यूनिक क्यूआर व बारकोड प्रणाली लागू की जाएगी।
त्वरित सेवाएं और सुशासन का नया युग
इस योजना के पूर्ण रूप से लागू होने के बाद वर्तमान में नकल प्राप्ति में लगने वाला 3 से 7 दिनों का समय घटकर मात्र कुछ मिनटों का रह जाएगा और यह सेवा नागरिकों को 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। नागरिक अब वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, लोक सेवा केंद्रों और कियोस्क के माध्यम से घर बैठे आसानी से प्रमाणित अभिलेख प्राप्त कर सकेंगे। सुगम ऑनलाइन पेमेंट गेटवे और अधिकारियों के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाओं से आम जनता को राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह नवाचार न केवल भूमि विवादों और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाएगा, बल्कि राज्य में डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और सुशासन के एक नए युग का सूत्रपात भी करेगा।

नवा रायपुर का श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बना बच्चों के दिल का सहारा,

नवा रायपुर का श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बना बच्चों के दिल का सहारा,

 रायपुर। राजधानी के नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों के निःशुल्क इलाज के लिए देशभर में मिसाल बन गया है। यहां जहां सामान्य अस्पतालों में दिल की सर्जरी का खर्च 3 लाख से 25 लाख तक होता है, वहीं यहां ऑपरेशन, जांच, दवा, रहना-खाना सब कुछ पूरी तरह मुफ्त है। यही वजह है कि इसे “द हॉस्पिटल विद ए हार्ट एंड विदाउट ए कैश काउंटर” कहा जाता है। अस्पताल लगभग 35 एकड़ में फैला है, जहां 200 बेड, 20 से अधिक डॉक्टर और 100 से अधिक नर्सें सेवा दे रही हैं।

इसके साथ ही यहां नर्सिंग कॉलेज और रिसर्च सेंटर भी संचालित है, जहां लगभग 240 बच्चों को निःशुल्क नर्सिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। साथ ही श्री सत्य साईं संजीवनी मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में गर्भवती माताओं और शिशुओं को भी मुफ्त विशेष स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों ने अपनी कहानी साझा की।अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि इस अस्पताल का उद्देश्य ऐसे क्षेत्र में सेवा प्रदान करना है जो भौगोलिक दृष्टि से और बीमारियों के लिहाज से काफी पिछड़ा हुआ हो।’ सभी से प्रेम करो, सभी की सेवा करो’ के दिव्य सिद्धांत के तहत, साई संजीवनी ने जन्मजात हृदय रोग के क्षेत्र में देश के एकमात्र अस्पताल के रूप में अपनी यात्रा शुरू की, जो विशेष रूप से बाल हृदय देखभाल प्रदान करता है।

2012 में हुई थी शुरुआत, हर महीने 170 से ज्यादा सर्जरी
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार श्री सत्य साईं संजीवनी की शुरुआत नवंबर 2012 में अटल नगर, नया रायपुर में हुई थी। ‘सभी से प्रेम करो, सभी की सेवा करो’ के सिद्धांत पर चलने वाला यह देश का एकमात्र विशेष बाल हृदय अस्पताल है। यहां प्रतिदिन 100 बच्चों की जांच और हर महीने 150 से 170 से अधिक सर्जरी निःशुल्क की जाती हैं। अब तक देशभर में 45 हजार से ज्यादा सर्जरी और 21 देशों के बच्चों का इलाज हो चुका है।

बिहार से आए परिजन बोले – 20 दिन से रुके हैं, इलाज फ्री मिला
मरीज के परिजन ओम प्रकाश कुमार ने बताया कि वह बिहार के रहने वाले हैं और पिछले 20 दिनों से अस्पताल में रुके हैं। उनके बच्चे का 15 दिन से इलाज चल रहा है और अब डिस्चार्ज की तैयारी है। पूरा इलाज फ्री में हुआ है।

मरीज के पिता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वह भी बिहार से हैं और एक महीने से यहां हैं। अस्पताल में रहना, खाना और रुकने की व्यवस्था बिल्कुल मुफ्त दी गई है। उन्होंने बताया कि हम एक गरीब इंसान है जिस वजह से अन्य अस्पताल में इलाज करना बहुत ही मुश्किल था अब यहां मुक्त इलाज से हमारी आर्थिक स्थिति बाधा नहीं बनेगा। यह पर हमारे बच्चे का इलाज सही ढंग से किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के रणवीर का सपना – बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा
छत्तीसगढ़ के मरीज रणवीर पटेल ने बताया कि वह कई दिनों से अस्पताल में इलाज करा रहा है और बड़ा होकर डॉक्टर बनकर ऐसे ही पीड़ित लोगों का इलाज करेगा। उसके पिता वीरेंद्र पटेल ने कहा कि अस्पताल ने मेरे बच्चे को जीवन लौटाया है और इलाज सही तरीके से किया जा रहा है।

झारखंड के पनिश को पहले गुमराह किया गया
झारखंड के छतरपुर निवासी पनिश कुमार ने बताया कि शुरुआती इलाज में उसे हड्डी में छेद होना बताया गया था और वह दर-दर भटक रहा था। बाद में इस अस्पताल के बारे में पता चला तो यहां इलाज शुरू हुआ। उसके पिता ने बताया कि यहां सर्विस अच्छी है और सब कुछ निःशुल्क है।

CM साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन, राज्यपाल से मुलाकात के बाद लौटेंगे रायपुर

CM साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन, राज्यपाल से मुलाकात के बाद लौटेंगे रायपुर

 रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन है। मुख्यमंत्री आज ओडिशा के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री साय रायपुर के लिए रवाना होंगे। जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री साय दोपहर करीब 1:30 बजे रायपुर वापस लौटेंगे। इससे पहले आज वे ओडिशा के राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री साय ने अपने ओडिशा दौरे के पहले दिन ओडिशा के मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इसके साथ ही उन्होंने पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया और प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री के इस दो दिवसीय ओडिशा दौरे के दौरान विभिन्न मुलाकातों और धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहा। आज राज्यपाल से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री साय का ओडिशा दौरा पूरा होगा और वे वापस छत्तीसगढ़ लौटेंगे।

 
गांव की बेटी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, सुमन लता बनीं लखपति दीदी

गांव की बेटी ने लिखी आत्मनिर्भरता की कहानी, सुमन लता बनीं लखपति दीदी

 00 20 हजार से शुरू की किराना दुकान, आज सालाना एक लाख से अधिक की आय
रायपुर।
प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं एवं आजीविका गतिविधियों का सकारात्मक प्रभाव गांव-गांव में दिखाई दे रहा है। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत गुदुमदेवरी की श्रीमती सुमन लता वाकरे की कहानी ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, मेहनत और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल बनकर सामने आई है।
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी
श्रीमती सुमन लता वाकरे आज लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। कभी परिवार की आर्थिक परिस्थितियों को लेकर चिंतित रहने वाली सुमन लता ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी मेहनत और लगन से आर्थिक सशक्तिकरण की राह चुनी। वे माँ महामाया महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं और वर्तमान में समूह की सचिव के दायित्व का निर्वहन कर रही हैं। सुमन लता बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुडऩा उनके जीवन में बदलाव का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला और धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। समूह की गतिविधियों और उपलब्ध वित्तीय सहायता ने उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
15 हजार की आरएफ राशि से शुरू हुई आत्मनिर्भरता की राह
समूह के माध्यम से श्रीमती सुमन लता को 15 हजार रुपये की आरएफ राशि प्राप्त हुई। इसके बाद 60 हजार रुपये की सीआईएफ राशि में से 20 हजार रुपये का उपयोग कर उन्होंने गांव में किराना दुकान शुरू की। शुरुआत छोटे स्तर से हुई, लेकिन अपनी मेहनत, ग्राहकों के प्रति विश्वास और बेहतर संचालन के बल पर उन्होंने दुकान का लगातार विस्तार किया। व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लेकर अपनी दुकान में आवश्यक सामग्री बढ़ाई। आज उनकी किराना दुकान पहले की तुलना में काफी विस्तृत हो चुकी है और व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष एक लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हो रही है। आर्थिक गतिविधि के विस्तार ने न केवल उनके परिवार की आय को मजबूत किया, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया।
लखपति दीदी बनकर बनीं गांव की प्रेरणा
श्रीमती सुमन लता की सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब महिलाओं को संगठित होकर आगे बढऩे का अवसर, आर्थिक सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है, तो वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। स्व-सहायता समूह ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। किराना दुकान के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर सुमन लता ने लखपति दीदी बनने की उपलब्धि हासिल की है। उनकी कहानी गांव की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
महतारी वंदन योजना का भी मिला संबल
श्रीमती सुमन लता को महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों की राशि भी प्राप्त हो चुकी है। उनके अनुसार योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता ने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग दिया है। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, स्व-सहायता समूहों को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जोडऩे के साथ उन्हें विभिन्न आजीविका अवसरों का लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प से प्रेरित होकर गांव की महिलाएं अब सहायता की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं रोजगार और आय के साधन तैयार कर रही हैं। सुमन लता वाकरे की कहानी इसी बदलाव की जीवंत तस्वीर है, जहां समूह से मिला सहयोग, सरकारी योजनाओं का संबल और स्वयं की मेहनत मिलकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह तैयार कर रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान में सुमन लता की कहानी बनी प्रेरणा
सेवा संकल्प अभियान के परिप्रेक्ष्य में सुमन लता वाकरे की सफलता की कहानी ग्रामीण भारत में हो रहे सकारात्मक बदलाव को सामने लाती है। यह कहानी बताती है कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तब दिखाई देता है, जब लाभार्थी उन्हें अवसर में बदलकर अपनी मेहनत से नई उपलब्धियां हासिल करते हैं। गुदुमदेवरी की सुमन लता आज केवल अपने परिवार के लिए आय का मजबूत आधार नहीं बनी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका सफर यह संदेश देता है कि संगठित प्रयास, सरकारी योजनाओं का सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति मिलकर ग्रामीण महिलाओं के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

राजमिस्त्री और रेजा-कुली के बच्चे अब पढ़ेंगे बड़े आवासीय स्कूलों में

  00 अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से नारायणपुर के श्रमिक परिवारों के सपनों को मिली नई उड़ान
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार के भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना नारायणपुर जिले के श्रमिक परिवारों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की एक नई और मजबूत राह तैयार कर रही है। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण जिन प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए केवल एक अधूरा सपना हुआ करता था, आज इस योजना की बदौलत उन्हीं संस्थानों के दरवाजे उनके मेधावी बच्चों के लिए पूरी तरह खुल गए हैं। जिले के पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान कर यह योजना उनके सपनों को पंख लगा रही है।
जिले के ग्राम खरगांव में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले रामधर दुग्गा के पुत्र साहिल दुग्गा का चयन जब राज्य के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार राजकुमार कॉलेज, रायपुर में हुआ, तो पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। रामधर भावुक होकर कहते हैं कि एक श्रमिक परिवार के लिए ऐसे बड़े विद्यालय में बच्चे को पढ़ाने की कल्पना करना भी आसान नहीं होता, लेकिन सरकार की इस पहल ने उनके बेटे की राह बेहद आसान कर दी है।
इसी तरह नारायणपुर के जगदीश मंदिर वार्ड की रहने वाली डिगेश्वरी जैन, जो स्वयं रेजा-कुली का कठिन काम करती हैं, अपनी पुत्री तेजल जैन के इस बड़े अवसर को लेकर बेहद उत्साहित हैं। तेजल का चयन दिल्ली पब्लिक स्कूल, राजनांदगांव में नि:शुल्क अध्ययन के लिए हुआ है। वहीं ओरछा तहसील के सुदूर ग्राम कुतुल की रेजा-कुली गणेशिया उसेंडी की बेटी दिप्ती उसेंडी और ग्राम बाकुलवाही के दयाल सिंह पात्र की पुत्री पूर्वी पात्र का चयन संस्कार द गुरुकुल, बस्तर में हुआ है। ग्राम बोरण्ड निवासी बेनु राम राना के पुत्र हिमांशु राना को भी कृष्णा एजुकेशन सोसायटी, भिलाई में रहकर पढऩे का बेहतरीन मौका मिला है।
यह योजना केवल नि:शुल्क शिक्षा का जरिया मात्र नहीं है, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के बच्चों के भीतर आत्मविश्वास का नया संचार कर उनके करियर को संवारने की एक मजबूत नींव साबित हो रही है। एक समृद्ध और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण पाकर बच्चे न केवल अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे, बल्कि भविष्य की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार हो सकेंगे। इस सुखद बदलाव से गदगद हितग्राही परिवारों ने श्रम विभाग के प्रति आभार जताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया है, जिनकी दूरगामी सोच से आज गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य संवर रहा है।

लघु उद्योगों और एमएसएमई को मजबूत बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप तैयार कर रही सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

लघु उद्योगों और एमएसएमई को मजबूत बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का रोडमैप तैयार कर रही सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 रायपुर: वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, उद्योग, रोजगार और निवेश की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण देश का लक्ष्य और ध्येय है। इसी विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ भी देश के अग्रणी राज्यों के साथ कदमताल करते हुए आगे बढ़े, इसके लिए राज्य  सरकार दीर्घकालिक रोडमैप के साथ काम कर रही है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के निर्माण के लिए स्पष्ट रोडमैप के साथ कार्य प्रारंभ किया है। विकास के साथ देश की विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अब लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है और आने वाले वर्षों में देश के विकास की गति को और तेज करने के लिए संरचनात्मक सुधारों तथा दीर्घकालिक नीतियों की आवश्यकता है।

‘छत्तीसगढ़ अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से 2047 के विकास का रोडमैप*

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के लिए ‘अंज़ोर विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार कराया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि राज्य को देश के साथ कदमताल करते हुए अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आगे बढ़ना है और राष्ट्र के विकास के महायज्ञ में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करनी है

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 का लक्ष्य केवल दूरगामी लक्ष्य नहीं है। इसके लिए 2030 और 2035 जैसे मध्यकालिक लक्ष्यों के साथ अल्पकालिक और वार्षिक लक्ष्य भी निर्धारित किए जा रहे हैं, ताकि दीर्घकालिक विजन को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके।

*दीर्घकालिक सोच के साथ आर्थिक सुधारों पर जोर*

मंत्री  चौधरी ने कहा कि देश के विकास के लिए दीर्घकालिक योजना और भविष्य को ध्यान में रखकर नीतियां बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले भी 21वीं सदी और विजन 2020 जैसे लक्ष्य निर्धारित किए, लेकिन उनके अनुरूप दीर्घकालिक रोडमैप और आवश्यक नीतिगत सुधारों का अभाव रहा। उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 का आर्थिक संकट देश के लिए गंभीर चुनौती था और उस दौर की आर्थिक परिस्थितियों से सबक लेते हुए भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत आधार तैयार करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप अनेक क्षेत्रों में दीर्घकालिक निर्णय लिए जा रहे हैं। नवीकरणीय ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में बड़े निवेश इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा हैं। इनका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की नींव तैयार करना है।

*एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण आधार*

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सर्विस सेक्टर का तेजी से विस्तार हुआ है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग और विशेष रूप से लेबर इंटेंसिव मैन्युफैक्चरिंग को और विस्तार देने की आवश्यकता है। रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने के लिए लघु उद्योगों, एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करने के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत करते हैं। इसलिए प्रदेश में एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

श्री चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में उद्योग जगत, उद्यमियों और लघु उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार का प्रयास है कि नीतिगत सुधारों, निवेश के अनुकूल वातावरण और उद्यमिता को प्रोत्साहन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता को नई गति दी जाए।

भगवान लिंगराज के दर्शन कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना….

भगवान लिंगराज के दर्शन कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भगवान लिंगराज के दर्शन और उनकी पावन भूमि पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को असीम शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री  साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और अद्भुत शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक भी हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला हमारी सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत का सुंदर दर्शन कराती है।

उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं देखने को मिलती हैं। ऐसी यात्राएं हमारी साझा सांस्कृतिक चेतना और आत्मीय संबंधों को और प्रगाढ़ करती हैं।

छत्तीसगढ़-ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर साय ने की माझी से चर्चा

छत्तीसगढ़-ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर साय ने की माझी से चर्चा

 00 मुख्यमंत्री साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से की सौजन्य भेंट
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज ओडिशा प्रवास के दौरान भुवनेश्वर में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री माझी ने साय का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच छत्तीसगढ़ और ओडिशा के आपसी सहयोग, विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा पड़ोसी राज्य होने के साथ ही सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच भी आत्मीय संबंध हैं। विकास और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से नागरिकों को लाभ मिलने के साथ ही पूरे क्षेत्र की प्रगति को भी नई गति मिलेगी।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून, बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर एक्टिव हुआ मानसून, बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार 22 सितंबर से प्रदेश में बारिश का प्रभाव ज्यादा दिखाई देने लगेगा और कुछ जिलों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।

रविवार को भी छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में मौसम को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव और गरियाबंद के लिए तेज बारिश, आकाशीय बिजली और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा सुकमा, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, रायगढ़, दुर्ग, बेमेतरा और कबीरधाम समेत कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र आगे बढ़कर मजबूत हो सकता है। इसके प्रभाव से 22 से 25 सितंबर के बीच छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। 22 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं प्रदेश से मानसून की विदाई 29 सितंबर के बाद शुरू होने के संकेत हैं।

राजधानी रायपुर में भी रविवार को मौसम बदला हुआ नजर आ सकता है। आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना है। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

इससे पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। मानपुर में सबसे अधिक 6 सेंटीमीटर बारिश हुई, जबकि नारायणपुर में 4 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। दुर्गकोंदल, अंतागढ़, रायपुर शहर, लालपुर थाना और पखांजूर में 3-3 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के बावजूद रायपुर में दिन का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहा।