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CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

 बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर के पुत्री भवन तिलक नगर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में चल रहे सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर में भी विभिन्न स्थानों पर समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। पाटलिपुत्र तिलक नगर में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। शिविर में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, लर्निंग लाइसेंस, आवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

मीडिया से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 1 मई से 10 जून तक चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य जनता की समस्याओं का उनके बीच जाकर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का शिविरों में पहुंचना सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। अधिकारी और कर्मचारी भीषण गर्मी में भी लोगों की समस्याओं का निराकरण करने में जुटे हुए हैं, जो सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है।

 
 
 
CG : मधुमक्खियों के झुंड ने सास और दामाद पर किया हमला, महिला की मौत

CG : मधुमक्खियों के झुंड ने सास और दामाद पर किया हमला, महिला की मौत

 धमतरी।  जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां सास और दामाद पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इस हमले में सास की मौत हो गई और दामाद घायल हो गया है। यह घटना दुगली थाना क्षेत्र की है।

बताया जा रहा है कि पालगांव निवासी रामवती नेताम अपने दामाद के साथ सुबह जंगल में सराई बिनने गई थी। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने दोनों पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से दोनों जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन बुजुर्ग महिला खुद को नहीं बचा सकीं। मधुमक्खियों के डंक से गंभीर रूप से घायल परिजनों और ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

बहरहाल पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं हमले में घायल दामाद का उपचार किया गया और उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर... और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी

जब मुख्यमंत्री रुके एक छोटी-सी किराना दुकान पर... और सामने थी बदलाव की बड़ी कहानी

 00 कभी बंदूक थामने वाले मासा तामो और जयमोती आज चला रहे हैं अपनी दुकान

00 मुख्यमंत्री साय ने पानी की बोतल खरीदकर बढ़ाया हौसला, कहा- यही है नए बीजापुर की तस्वीर

रायपुर। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के तहत आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचे। चौपाल के लिए जा रहे मुख्यमंत्री का काफिला अचानक एक छोटी-सी किराना दुकान के सामने रुक गया। बाहर से देखने पर यह एक सामान्य दुकान थी, लेकिन उसके भीतर संघर्ष, साहस और बदलाव की एक असाधारण कहानी छिपी थी।यह दुकान आत्मसमर्पित दंपत्ति मासा तामो और जयमोती की थी। मुख्यमंत्री दुकान के भीतर पहुंचे, दोनों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने दुकान से पानी की बोतल खरीदी और दोनों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही नए जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।
बंदूक से रोजगार तक का सफर
मासा तामो का बचपन गरीबी और अभावों में बीता। बचपन में पिता का साया उठ गया और पढ़ाई का अवसर कभी नहीं मिला। वर्ष 2007 में परिस्थितियों के कारण वह नक्सली संगठन से जुड़ गया। उधर जयमोती की कहानी भी संघर्षों से भरी रही। बचपन में माता-पिता का निधन हो गया और जीवन की कठिन परिस्थितियों ने उन्हें भी उसी रास्ते की ओर धकेल दिया। संगठन में दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में उन्होंने विवाह कर लिया। लेकिन समय के साथ दोनों ने महसूस किया कि हिंसा का रास्ता उनके भविष्य और आने वाली पीढिय़ों के लिए उचित नहीं है। अक्टूबर 2025 में उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।

पुनर्वास केंद्र बना नई जिंदगी का आधार
बीजापुर पुनर्वास केंद्र पहुंचने के बाद दोनों के जीवन में नया अध्याय शुरू हुआ। पहली बार उन्हें अक्षर ज्ञान मिला, कौशल विकास का प्रशिक्षण मिला और शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ा गया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता और अन्य आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इसी सहायता से कोण्डापल्ली में उनकी छोटी-सी किराना दुकान शुरू हुई।
अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है
मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान मासा और जयमोती ने बताया कि अब वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर रहे हैं। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि जीवन में ऐसा बदलाव आएगा, लेकिन सरकार की पुनर्वास नीति और प्रशासन के सहयोग ने उन्हें नई पहचान दी है।
बदलते बस्तर की जीवंत तस्वीर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मासा और जयमोती की कहानी केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की कहानी है। यह इस बात का प्रमाण है कि अवसर, विश्वास और सहयोग मिलने पर कोई भी व्यक्ति मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी सकता है।

क्षेत्र का समग्र विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हर गांव तक पहुंचेगी विकास की रोशनी - चौधरी

क्षेत्र का समग्र विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हर गांव तक पहुंचेगी विकास की रोशनी - चौधरी

 00 वित्त मंत्री ने 32.15 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास

रायपुर। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने अपने जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर पुसौर जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत मिडमिडा, त्रिभौना, तुरंगा, कोतासुरा एवं कोड़ातराई का दौरा कर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों का शिलान्यास, भूमिपूजन एवं लोकार्पण करते हुए क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने का संकल्प दोहराया। इस दौरान कुल 32 करोड़ 15 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रदेश और रायगढ़ की जनता ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे विकास कार्यों के माध्यम से सार्थक करना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले का समग्र एवं संतुलित विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और प्रत्येक गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर अग्रसर है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाना है। गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं का सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
चौधरी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे गांव और शहर के बीच विकास का अंतर कम हो सके। उन्होंने कहा कि आज जिन कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है, वे केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्र के हजारों लोगों के बेहतर भविष्य की मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कें किसी भी क्षेत्र की प्रगति का आधार होती हैं। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने में आसानी होगी तथा स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। वहीं मिनी स्टेडियम जैसे निर्माण कार्य ग्रामीण युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढऩे का अवसर प्रदान करेंगे।

26.80 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का शिलान्यास
वित्त मंत्री  चौधरी ने 26 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक लागत के चार महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इनमें त्रिभौना-कोड़पाली पहुंच मार्ग पर 2.80 करोड़ रुपये की लागत से 1.50 किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण कार्य। मिडमिडा हाईस्कूल पहुंच मार्ग पर 1.24 करोड़ रुपये की लागत से 0.70 किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण क मचिदा-कलमी मार्ग पर 3.04 करोड़ रुपये की लागत से 3.50 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य। कोड़ातराई- पुसौर-सूरजगढ़ मार्ग पर 19.71 करोड़ रुपये की लागत से 6.70 किलोमीटर सीसी सड़क निर्माण कार्य। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच और बेहतर बनेगी।

5.35 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने 5 करोड़ 34 लाख 82 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें लोक निर्माण विभाग द्वारा 3 करोड़ 92 लाख 39 हजार रुपये की लागत से निर्मित गोतमा-कोतासुरा मार्ग (3.50 किलोमीटर) प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा जिला खनिज न्यास निधि से 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित तुरंगा मिनी स्टेडियम का लोकार्पण किया गया। साथ ही जनपद पंचायत पुसौर क्षेत्र के ग्राम मिडमिडा, कोड़ातराई, त्रिभौना एवं तुरंगा में अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण, मुख्यमंत्री अधोसंरचना उन्नयन मद, विधायक निधि एवं मुख्यमंत्री घोषणा के तहत निर्मित सीसी रोड, सांस्कृतिक शेड, महतारी सदन, यात्री प्रतीक्षालय एवं अन्य जनसुविधा संबंधी कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।
अंत में वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और आने वाले वर्षों में रायगढ़ विकास के क्षेत्र में प्रदेश का अग्रणी एवं आदर्श जिला बनकर उभरेगा।

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज

विकास, विश्वास और सुशासन का सेतु बना कोण्डापल्ली का बेली ब्रिज

  00 मुख्यमंत्री साय ने किया निरीक्षण, कहा - दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

00 बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर बना आधुनिक बेली ब्रिज: कनेक्टिविटी और विकास को मिली नई गति

रायपुर। जहां कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास की राह में चुनौती बनती थीं, वहां आज आधुनिक अधोसंरचना नए अवसरों के द्वार खोल रही है। प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली पहुंचकर बीजापुर-पूवर्ती मार्ग पर निर्मित बेली ब्रिज का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल की निर्माण तकनीक, उपयोगिता और क्षेत्र के विकास में उसकी भूमिका की जानकारी लेते हुए इसे बदलते बस्तर की नई तस्वीर का प्रतीक बताया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत सुविधाएं केवल निर्माण कार्य नहीं हैं, बल्कि वे दूरस्थ क्षेत्रों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोडऩे वाले मजबूत माध्यम हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक हो।

कम समय, कम लागत और अधिक मजबूती की तकनीक
भारतीय सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित यह बेली ब्रिज बीजापुर-पूवर्ती सड़क परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बेली ब्रिज पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक किफायती, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। इनका निर्माण सामान्य पुलों की अपेक्षा लगभग पांच गुना कम लागत में किया जा सकता है तथा इन्हें मात्र एक माह के भीतर तैयार किया जा सकता है। दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित कनेक्टिविटी स्थापित करने के लिए यह तकनीक अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

बीजापुर में 21 बेली ब्रिज बने विकास के वाहक
उल्लेखनीय है कि बीजापुर जिले में अब तक 21 बेली ब्रिजों का निर्माण किया जा चुका है। इन पुलों के निर्माण से दूरस्थ गांवों तक आवागमन सुगम हुआ है तथा लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच में बड़ी राहत मिली है। इन संरचनाओं ने क्षेत्र में विकास और जनसेवाओं के विस्तार को नई गति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के श्रमिक और युवा ही विकास यात्रा के वास्तविक निर्माणकर्ता हैं। उन्होंने श्रमिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके अनुभव भी साझा किए।

बदलते बस्तर की नई पहचान
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर में अधोसंरचना विकास के माध्यम से नई संभावनाओं का निर्माण हो रहा है। कोण्डापल्ली का यह बेली ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और सुशासन का सशक्त प्रतीक है। यह उस नए बस्तर की पहचान है, जहां विकास अब दूरस्थ गांवों और दुर्गम अंचलों तक मजबूती से पहुंच रहा है तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

ब्रेकिंग : स्टील प्लांट में ब्लास्ट से लगी भीषण आग, घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप

ब्रेकिंग : स्टील प्लांट में ब्लास्ट से लगी भीषण आग, घटना से क्षेत्र में मचा हड़कंप

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में रायपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है। जहां एक स्टील प्लांट में मंगलवार सुबह ब्लास्ट के कारण भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। आरंग क्षेत्र स्थित मंदिर हसौद के मिवान स्टील लिमीटेड प्लांट में आग लगी है। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आग इतनी भयावह है कि काले धुंए का गुब्बार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे प्लांट में आग लगने की सूचना मिली। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और प्लांट के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया।

स्थानीय लोगों की सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल मौके पर पहुंच गई है। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव कार्य जारी है। फिलहाल आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। साथ ही अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मंदिर हसौद थाना प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि प्लांट के भीतर टर्बाइन लीकेज होने से आग लगी थी। राहत की बात रही कि घटना में जनहानि नहीं हुई। फायर ब्रिगेड की मदद से 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।

CG प्री-मानसून ने दी राहत, छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन मौसम रहेगा मेहरबान, कई इलाकों में होगी बारिश

CG प्री-मानसून ने दी राहत, छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिन मौसम रहेगा मेहरबान, कई इलाकों में होगी बारिश

 रायपुर। पूरा भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। नौतपा के दौरान आसमान से बरस रही आग ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सुबह होते ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर शुरू हो जा रहा है। कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है। इस बिच छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश के असर से प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से दिन के तापमान में कमी आई है और वातावरण अपेक्षाकृत सुहावना हो गया है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और कमी आने की संभावना है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियों के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

पांच दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कई क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। अनुमान है कि कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बारिश और तापमान में गिरावट के बावजूद राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर अंबिकापुर प्रदेश का सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

रायपुर में भी मौसम ने बदला मिजाज

राजधानी रायपुर में भी मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। यहां फिलहाल अधिकतम तापमान लगभग 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राजधानी सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

CG – पूर्व कांग्रेस नेता ने की आत्महत्या : जेल से बाहर आते ही उठाया खौफनाक कदम, गौठान परिसर में फांसी लगाकर दी जान

CG – पूर्व कांग्रेस नेता ने की आत्महत्या : जेल से बाहर आते ही उठाया खौफनाक कदम, गौठान परिसर में फांसी लगाकर दी जान

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर से आत्महत्या का मामला सामने आया है। जहां पूर्व कांग्रेस नेता नवाज अली ने आत्मघाती कदम उठा लिया है। संजय नगर स्थित गौठान परिसर में फांसी के फंदे पर लटकी हुई लाश मिली है। घटना की खबर इलाके में फैलते ही हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कांग्रेस नेता जेल से बहार आया था।

जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले कोदागांव में एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें आरोप था कि नवाज अली की कार से पंचायत सचिव से ठोकर लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। तत्काल उसे स्थानियों ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पूर्व कांग्रेस नेता नवाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए जेल दाखिल किया था।

हाल ही में नवाज अली जेल से बहार आया था, जिसके बाद आत्मघाती कदम उठाया. फिलहाल सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को सुरक्षित नीचे उतारा और पंचनामा की कार्रवाई की। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस ने घटना के संबंध में मृतक के परिजनों और उनसे संबधित लोगों से पूछताछ कर रही है। आत्महत्या के असल वजह का कारण पता लगाने की कोशिश जारी है। इधर मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है

CG : 10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार

CG : 10वीं-12वीं के टॉपर्स को मिलेंगे 2-2 लाख रुपये, शीर्ष 10 बच्चों की सूची तैयार

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। यह घोषणा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों के लिए की गई है। वर्ष 2025-26 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष 10 में स्थान बनाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रत्येक टॉपर बच्चे को कुल 2 लाख रुपये का चेक प्रदान किया जाएगा। इसमें 1 लाख रुपये नकद प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। शेष 1 लाख रुपये दोपहिया वाहन खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे। यह सम्मान “मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना” के तहत मिलेगा। मंडल सचिव गिरीश कुमार रामटेके ने मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से कार्यक्रम की तिथि और समय निर्धारित करने का आग्रह किया है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होना प्रस्तावित है। मंडल ने शीर्ष 10 बच्चों की सूची भी तैयार कर ली है। इस फैसले से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवारों में काफी खुशी है। श्रमिक नेताओं का मानना है कि यह योजना बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करेगी।

यह सम्मान छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित परीक्षाओं के लिए है। वर्ष 2025-26 में होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षा में शीर्ष 10 में आने वाले बच्चों को लाभ मिलेगा। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यह योजना केवल उन्हीं बच्चों के लिए है जिनके माता-पिता मंडल में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं। मंडल सचिव ने 15 मई 2026 को डिजिटल हस्ताक्षर कर यह पत्र जारी किया था।

कार्यक्रम की तिथि तय होते ही राजधानी रायपुर में भव्य सम्मान समारोह आयोजित होगा। यह समारोह महानदी भवन या किसी अन्य निर्धारित स्थल पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने हाथों से बच्चों को चेक और सम्मान प्रदान करेंगे। इस योजना से आर्थिक तंगी के कारण दबने वाली प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। यह होनहार बच्चों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा।

 
CG : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को मिले 60 नए SI, थानों में शुरू होगी व्यावहारिक ट्रेनिंग

CG : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को मिले 60 नए SI, थानों में शुरू होगी व्यावहारिक ट्रेनिंग

 रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट को 60 नए SI (उप निरीक्षक) मिले हैं। बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद इन सभी अधिकारियों को अब व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए शहर के कई थानों में पदस्थ किया गया है। रायपुर पुलिस कमिश्नर ने इसके लिए पदस्थापना आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार, नए SI को कानून-व्यवस्था, अपराध जांच और पुलिसिंग के व्यावहारिक अनुभव के लिए अलग-अलग थानों में तैनात किया गया है।

सबसे अधिक तीन-तीन SI की पदस्थापना खम्हारडीह, खमतराई, कबीर नगर, गोलबाजार, मोहदापारा, कोतवाली, सिविल लाइन, टिकरापारा, पंडरी, पुरानी बस्ती, राजेंद्र नगर, डीडी नगर, उरला, तेलीबांधा, आमानाका, आजाद चौक और गंज थानों में की गई है। वहीं गुढ़ियारी, मुजगहन, सरस्वती नगर और देवेंद्र नगर थानों में दो-दो SI को प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। नए अधिकारियों को अनुभवी पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मिलेगा। जिससे वे पुलिस कार्यप्रणाली, अपराध अनुसंधान और जनता से जुड़ी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

प्रशिक्षण अवधि नए SI के लिए बेहद महत्वपूर्ण

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशिक्षण अवधि नए SI के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान उन्हें थाना संचालन, अपराध नियंत्रण, शिकायतों के निराकरण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। रायपुर कमिश्नरेट में 60 नए SI की तैनाती से पुलिस बल को मजबूती मिलेगी और थानों में कार्यभार का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा। साथ ही आम जनता को भी पुलिस सेवाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय: मुख्यमंत्री ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

कोंडागांव के विकास का नया स्वर्णिम अध्याय: मुख्यमंत्री ने दी 152 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 रायपुर: सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा में आयोजित समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया, हितग्राहियों से संवाद किया तथा शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 44-45 डिग्री की भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में दूर-दूर से पहुंचे ग्रामीणों का उत्साह इस बात का प्रमाण है कि जनता का सरकार पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उपस्थित नागरिकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह जनसहभागिता सुशासन की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

सुशासन तिहार का उद्देश्य जनता के बीच जाकर सुनना और समाधान करना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं, बल्कि जनता के बीच पहुंचकर यह जानना है कि योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं। रायपुर में बैठकर जमीनी हकीकत का आकलन नहीं किया जा सकता, इसलिए सरकार गांव-गांव जाकर लोगों से सीधे संवाद कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 1 मई से प्रारंभ हुआ सुशासन तिहार 10 जून तक चलेगा और इस दौरान प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़े कनेरा का यह शिविर प्रदेश का 19वां जिला स्तरीय समाधान शिविर है, जहां लोगों का उत्साह और सहभागिता उल्लेखनीय रही। कोंडागांव को मिली 152 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात सड़क, सिंचाई और अधोसंरचना परियोजनाओं से बदलेगी जनजातीय अंचल की तस्वीर

छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग में बुनियादी सुविधाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कोंडागांव जिले के विकास का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने जिले को 152 करोड़ 18 लाख 84 हजार रुपये की लागत वाले 43 महत्वपूर्ण निर्माण एवं विकास कार्यों की सौगात दी।

इन कार्यों में जनता को त्वरित लाभ पहुंचाने वाले 96 करोड़ 30 लाख 63 हजार रुपये की लागत के 14 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 55 करोड़ 88 लाख 21 हजार रुपये की लागत के 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

बड़े कनेरा को मिली विकास कार्यों की बड़ी सौगात

समाधान शिविर में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं से सड़क, पर्यटन, सामाजिक अधोसंरचना और धार्मिक स्थलों के विकास को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने नारंगी नदी स्थित स्टॉप डेम सह पुलिया के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इसके साथ ही केशकाल–बांसकोट–माकड़ी–एरला मार्ग के 53 किलोमीटर लंबे मार्ग के मजबूतीकरण कार्य को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बड़े कनेरा से बड़ेबेंद्री, बाईकापदर और चिपावंड तक पुल-पुलियों सहित 12 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा बड़े कनेरा से नवागुड़ा तक पुल-पुलियों सहित 5 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य की घोषणा की।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए बड़े कनेरा में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भवन का निर्माण कराया जाएगा। वहीं कोसारटेडा में पर्यटन विकास कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्रामपुरी में गोंडवाना भवन तथा केशकाल में सर्व आदिवासी समाज भवन निर्माण की घोषणा भी की। इसके अलावा बड़े कनेरा स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है।

बड़े कनेरा बना जागरूकता और नवाचार का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े कनेरा एक जागरूक गांव के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चमन लाल और पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थी श्री आनंद कुमार पवार से मुलाकात का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस घर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बना है, उसी घर में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर पैनल भी स्थापित किया गया है। इससे बिजली बिल शून्य हो गया है और  परिवार ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे हुए पूरे

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में  हमने “मोदी की गारंटी” के नाम से जो वादे किए थे, उनमें से अधिकांश को मात्र ढाई वर्षों के भीतर पूरा कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रहे 18 लाख गरीब  परिवारों के लिए सरकार ने सत्ता संभालते ही आवास स्वीकृत किए। आज छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है और इस मामले में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है।

किसानों, माताओं और बहनों के लिए कई बड़ी पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है तथा 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है। साथ ही दो वर्षों का लंबित बोनस भी किसानों को प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। आने वाले समय में 10 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनवासियों को मिला बड़ा लाभ

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण की दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बच्चों को छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र से गांव में मिल रही 400 से अधिक सेवाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीणों को अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए शहरों या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के माध्यम से 400 से अधिक सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इन केंद्रों में बैंकिंग सेवाएं, प्रमाण पत्र, भुगतान सेवाएं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। आने वाले समय में मोबाइल एप के माध्यम से भी लोग घर बैठे आवेदन और प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेंगे।

जून से शुरू होगी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जून माह से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे। प्रत्येक शिकायत के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित होगी और तय अवधि में समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

बिजली बिल समाधान योजना से मिल रही राहत

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि कोरोना काल के दौरान बढ़े बिजली बिलों से राहत देने के लिए सरकार ने विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत बकाया राशि में छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। प्रदेश में लगभग 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है।

हर घर सोलर की दिशा में बढ़ रहा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हर घर जल, हर घर बिजली, हर घर शौचालय और हर घर बैंक खाता अभियान सफल हुए हैं, उसी प्रकार अब हर घर सोलर लगाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर लाखों परिवारों को सब्सिडी प्रदान कर रही हैं, जिससे लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास और सुशासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और इसी उद्देश्य से सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंच रहा है।

इस अवसर पर बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टेकाम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित थे।

वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों और युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में पांच विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वहीं विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के पांच राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।

हरिकोटा भ्रमण से बढ़ा बच्चों का आत्मविश्वास और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक क्षण तब रहा जब पीएम  स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय फरसगांव एवं विश्रामपुरी के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने हरिकोटा शैक्षणिक भ्रमण के अनुभव साझा किए।

विद्यार्थियों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, हरिकोटा में देखी गई वैज्ञानिक गतिविधियों, रॉकेट प्रक्षेपण प्रणाली, अंतरिक्ष अनुसंधान की प्रक्रियाओं तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रस्तुत की। बच्चों ने बताया कि इस भ्रमण ने उनके भीतर विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान के प्रति नई जिज्ञासा और उत्साह का संचार किया है।

बच्चों के सपनों को नई उड़ान दे रहे हैं शैक्षणिक भ्रमण

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया में सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे उनमें वैज्ञानिक सोच, नवाचार की भावना और बड़े लक्ष्य हासिल करने का आत्मविश्वास विकसित होता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को भी देश के प्रमुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक संस्थानों को देखने और समझने का अवसर मिले, ताकि वे अपने सपनों को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, नवाचार और ज्ञानार्जन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं।

सुशासन तिहार में सामुदायिक पुलिसिंग को मिली नई मजबूती, मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

सुशासन तिहार में सामुदायिक पुलिसिंग को मिली नई मजबूती, मुख्यमंत्री ने हेलमेट पहनकर दिया सड़क सुरक्षा का संदेश

 रायपुर: सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में आयोजित समाधान शिविर में सामुदायिक पुलिसिंग, सड़क सुरक्षा और जनजागरूकता से जुड़े अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कार्यक्रम में शामिल होकर पुलिस विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों का अवलोकन किया तथा समाज में सुरक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

हेलमेट पहनकर दिया सुरक्षा का संदेश

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम में छह हितग्राहियों को हेलमेट वितरित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं हेलमेट पहनकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया और लोगों से दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलमेट केवल एक सुरक्षा उपकरण नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण कवच है। यातायात नियमों का पालन कर हम स्वयं के साथ-साथ अपने  परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं।

‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने कोंडागांव पुलिस द्वारा तैयार की गई ‘उन्नयन’ पुस्तिका का विमोचन भी किया। यह पुस्तिका सामुदायिक पुलिसिंग, जनजागरूकता, पुनर्वास गतिविधियों तथा पुलिस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास तथा संवाद को मजबूत बनाने में ऐसे नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा

सामुदायिक पुलिसिंग के अंतर्गत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से वॉलीबॉल खेल किट का वितरण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नशे और नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। सामुदायिक पुलिसिंग की ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक वातावरण निर्माण करने के साथ-साथ युवाओं के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

सुशासन तिहार के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि शासन, प्रशासन और समाज के साझा प्रयासों से सुरक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।

वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है : मुख्यमंत्री साय

वर्षों तक विकास से वंचित रहे क्षेत्र में अब विकास की नई गाथा लिखी जा रही है : मुख्यमंत्री साय

 सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री साय पहुँचे अबूझमाड़ के गारपा, जन चौपाल में ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज साेमवार काे सुशासन तिहार के अंतर्गत नारायणपुर जिले के ओरछा विकासखंड स्थित अबूझमाड़ अंचल की ग्राम पंचायत गारपा में आयोजित जन चौपाल में पहुँचकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं उत्साह के साथ उनका भव्य स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं, विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच सीधे संवाद का सशक्त माध्यम है। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुँचाना तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा, जिसके कारण यहां विकास कार्य वर्षों तक बाधित रहे। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर और आदिवासी अंचलों के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अनेक बार बस्तर का दौरा कर क्षेत्र के विकास एवं शांति स्थापना के प्रयासों की लगातार समीक्षा कर चुके हैं। राज्य सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंचें। गारपा सहित आसपास के क्षेत्रों में सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं, जिससे लोगों का जीवन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी।

उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए धन और संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी तथा सभी आवश्यक कार्य प्राथमिकता के साथ पूर्ण किए जाएंगे।

जन चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से चर्चा की। महिलाओं ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ अपनी बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कृषि एवं आजीविका संबंधी विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा तथा पशुपालन और बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा। साथ ही वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत गारपा के सरपंच ने भूमि सुधार संबंधी त्रुटियों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री के समक्ष निवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांगों को पूरा करते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम गारपा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तुमेराड़ी में दो पुलियों के निर्माण, गारपा में एक किलोमीटर आंतरिक सीसी सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण, उप स्वास्थ्य केंद्र से राजकुमार के खेत तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण, मसपुर में मुख्य मार्ग से गुडरापारा तक एक किलोमीटर सड़क निर्माण तथा आश्रम शाला गारपा में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की।

अबूझमाड़ के गारपा में आयोजित यह जन चौपाल शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और विकास के नए अध्याय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

मुख्यमंत्री साय का आज बस्तर दौरे का दूसरा दिन, कांकेर में विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा

मुख्यमंत्री साय का आज बस्तर दौरे का दूसरा दिन, कांकेर में विकास कार्यों की करेंगे समीक्षा

 रायपुर/कांकेर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने दो दिवसीय बस्तर दौरे के दूसरे दिन आज मंगलवार को कांकेर में विकास और सुशासन तिहार को लेकर अहम बैठकें करेंगे। जिला पंचायत सभा में आयोजित समीक्षा बैठक में बस्तर संभाग के चार जिलों के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक सुशासन तिहार कार्यक्रम में शामिल होकर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेंगे। सरकार की प्राथमिकताओं और विकास कार्यों की प्रगति पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी करेंगे।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय महावीर सिंह राठौड़ और स्वर्गीय भारत मटियारा के परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर सकते हैं। कांकेर में उनके रात्रि विश्राम की भी संभावना है।

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

जीवन में ऐसा कार्य करें जिसमें केवल पाना नहीं, समाज को कुछ देना हो- राज्यपाल रमेन डेका

 राजभवन (लोक भवन) में बालिका गृह की बेटियों से राज्यपाल ने किया आत्मीय संवाद

अंगदान और देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों का हुआ सम्मान

रायपुर :- राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन  में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में एसओएस बालिका गृह, माना की बालिकाओं से आत्मीय संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेकर मानवता की सेवा का अनुकरणीय संदेश देने वाले 75 नागरिकों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने बालिका गृह की बेटियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वे समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं। शिक्षा, अनुशासन, आत्मविश्वास और कड़े परिश्रम के बल पर जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बालिकाओं से अपने सपनों को कभी छोटा न समझने और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ने का आह्वान किया।

पस्तकों से मिलता है स्थायी ज्ञान और आगे बढ़ने का साहस

राज्यपाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर उपलब्ध बहुत सी जानकारियां समय के साथ बदल जाती हैं, लेकिन पुस्तकों में संचित ज्ञान लंबे समय तक हमारा मार्गदर्शन करता है। उन्होंने बालिकाओं को नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने की सलाह दी। विशेष रूप से सफल विभूतियों की जीवनी पढ़ने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे यह समझने का अवसर मिलता है कि कैसे कठिन संघर्षों और निरंतर प्रयासों के बाद लोग सफलता के शिखर तक पहुंचे हैं। ऐसी प्रेरक कहानियां जीवन में आगे बढ़ने का साहस और संकल्प देती हैं। उन्होंने बालिकाओं से कहा कि जीवन में हमेशा ऐसा कार्य करने का प्रयास करें जिसमें केवल पाने की लालसा न हो, बल्कि दूसरों की मदद करने और समाज के कल्याण में योगदान देने का निस्वार्थ भाव हो। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने बालिकाओं से सीधे बातचीत कर उनकी जिज्ञासाओं और प्रश्नों के आत्मीय जवाब दिए। उन्होंने बालिकाओं को उपहार स्वरूप स्टेशनरी सामग्री भेंट की, वहीं बालिकाओं ने भी राज्यपाल को स्व-निर्मित उपहार भेंट कर अपना स्नेह व्यक्त किया।

मानव, पशु और प्रकृति के बीच संतुलन अनिवार्य

इस अवसर पर राज्यपाल ने पर्यावरण एवं जल संकट के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि मानव, पशु एवं प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इस संतुलन को कायम रखने में वृक्षों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए पेड़ों को बचाना और व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, ष्हमने कभी सोचा नहीं था कि एक दिन पानी भी खरीदकर पीना पड़ेगा। इसलिए जल का संवर्धन और संरक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि हमने आज पेड़ों को नहीं संभाला, तो आने वाले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ को गंभीर भू-जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इंसान ही स्वच्छ हवा और पानी को प्रदूषित कर रहा है, इसलिए इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी इंसान की ही है।

अंगदान और देहदान मानवता की सर्वाेच्च सेवा

राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ने से कई जरूरतमंद लोगों को नया जीवन मिल सकता है। इसी प्रकार, चिकित्सा शिक्षा और शोध ( Research ) के क्षेत्र में देहदान का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि जो लोग अंगदान और देहदान का संकल्प ले रहे हैं, वे समाज के सच्चे नायक हैं। उन्हें अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यह संवेदनशीलता और मानवता का सबसे उच्च भाव है, जिसे हर स्तर पर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

75 नागरिक और रायपुर कलेक्टर हुए सम्मानित

कार्यक्रम में राज्यपाल ने अंगदान एवं देहदान का संकल्प लेने वाले 75 नागरिकों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही, रायपुर जिले के कलेक्टर श्री गौरव सिंह को भी इस पुनीत क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा दुबे सहित राजभवन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, अंगदान व देहदान का संकल्प लेने वाले प्रबुद्ध नागरिक, बालिका गृह की बालिकाएं तथा उनके शिक्षक उपस्थित थे।

जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी

जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी

 0-सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मिली बैटरी चलित ट्रायसायकल, संघर्ष भरी जिंदगी को मिला नया सहारा

रायपुर :- जिंदगी कभी-कभी इंसान की परीक्षा इतनी कठिन लेती है कि हर दिन एक संघर्ष बन जाता है। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत करंजा-भिलाई, वार्ड क्रमांक 16 निवासी श्री तोपसिंग साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने परिवार का सहारा बनने के लिए एक छोटे से पान ठेले का संचालन करते रहे। लेकिन उनकी सबसे बड़ी परेशानी थी रोज दुकान तक पहुंचना।

चलने-फिरने में असमर्थ श्री साहू को हर दिन दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ता था। कई बार समय पर दुकान नहीं पहुंच पाने से आमदनी प्रभावित होती थी। शरीर की तकलीफ से ज्यादा उन्हें इस बात का दर्द था कि वे अपनी मेहनत के बावजूद आत्मनिर्भर नहीं बन पा रहे थे।इसी बीच उन्हें समाज कल्याण विभाग की उस योजना की जानकारी मिली, जिसके तहत दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। उम्मीद की एक नई किरण लेकर उन्होंने समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया।

31 मई 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत झाड़ूराम देवांगन स्कूल मैदान, दुर्ग में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में उनके जीवन का सबसे भावुक और यादगार पल आया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने अपने हाथों से उन्हें बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री साय के हाथों से ट्रायसायकल मिलते ही श्री तोपसिंग साहू की आंखें खुशी से नम हो उठीं। वर्षों से जिस परेशानी को वे अपनी किस्मत मान चुके थे, उसका समाधान अब उनके सामने था। उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह सिर्फ एक ट्रायसायकल नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने की नई ताकत है।

अब श्री साहू बिना किसी सहारे के अपनी दुकान तक पहुंचते हैं। उनके काम में नियमितता आई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जो रास्ते कभी मुश्किल लगते थे, अब वही रास्ते उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे हैं।

भावुक स्वर में श्री तोपसिंग साहू ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी परेशानी का समाधान इतनी संवेदनशीलता से होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके जीवन को नई उम्मीद और नई पहचान दी है।

महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

महिला सशक्तिकरण और मातृ-शिशु कल्याण योजनाओं से बदल रही जिंदगी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 बड़ेकनेरा में लाभार्थियों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री, महिलाओं, बच्चों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के तहत मिला लाभ’

’महतारी वंदन से आर्थिक संबल, मातृ वंदना से सुरक्षित मातृत्व और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई ताकत’

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और स्व-सहायता समूहों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण, सुरक्षित मातृत्व, पोषण और आत्मनिर्भरता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि जब किसी योजना का लाभ सीधे व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाता है, तभी सुशासन का उद्देश्य सार्थक होता है।

’प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से सुरक्षित मातृत्व को मिला बल’
    कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही श्रीमती मनिता मरकाम और श्रीमती खेमलता कोर्राम को लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व की मजबूत आधारशिला बन रही है।

’महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आर्थिक ताकत’
    महतारी वंदन योजना से लाभान्वित श्रीमती संतोषी भोयर, जो घर पर पार्लर संचालन करती हैं, तथा श्रीमती संपत्ति मानिकपुरी, जो सब्जी व्यवसाय से जुड़ी हैं, ने मुख्यमंत्री को बताया कि योजना से प्राप्त राशि घरेलू जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को सहारा देने में सहायक सिद्ध हो रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती परिवार और समाज दोनों को सशक्त बनाती है।

’अन्नप्राशन संस्कार से बच्चों के स्वस्थ भविष्य की कामना’

कार्यक्रम में अंजू कोर्राम एवं पद्मनी नेताम के बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। इस अवसर पर माताओं को शिशुओं के समुचित पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य देखभाल संबंधी जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों के जीवन के प्रारंभिक वर्षों में पोषण पर विशेष ध्यान देना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

’गोद भराई कार्यक्रम से मातृत्व का सम्मान’
    गोद भराई कार्यक्रम के अंतर्गत मनीता मरकाम और गुड़िया मरकाम को सम्मानित किया गया। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, सुरक्षित प्रसव और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज की आधारशिला होती है और गर्भवती महिलाओं की देखभाल सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
        
’सुपोषण किट वितरण से कुपोषण के खिलाफ अभियान को मजबूती’
    कार्यक्रम में काव्यांश और रौशनी को सुपोषण किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि सुपोषण किट के माध्यम से बच्चों और माताओं को आवश्यक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

सक्षम योजना और महिला कोष से आत्मनिर्भरता को नई दिशा’
कार्यक्रम में मनई यादव को सक्षम योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना महिलाओं को कौशल विकास, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का माध्यम बन रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ महिला कोष के अंतर्गत बड़ेकनेरा की एकता स्व-सहायता समूह को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत इकाई हैं और इनके माध्यम से महिलाओं में उद्यमिता, बचत और आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा मिल रहा है।

’किशोरियों को मिली हाइजीन किट, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर जोर’
कार्यक्रम में प्रिया नेताम, महिमा, नंदनी पटेल, पुष्पा नायक एवं हीना को हाइजीन किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किशोरियों में स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ किशोरी ही स्वस्थ परिवार और समाज के निर्माण की आधारशिला बनती है। कार्यक्रम में कंसोराम नेताम एवं गांधीराम नेताम को बच्चों की देखभाल तथा आंगनबाड़ी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में माता और पिता दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि परिवार की साझा जिम्मेदारी ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रखती है।

’जनकल्याणकारी योजनाओं से मजबूत हो रहा विश्वास’
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं, बच्चों और परिवारों के उत्थान के लिए संचालित योजनाएं प्रदेश को अधिक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि जब योजनाएं लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बनती हैं, तभी सुशासन का उद्देश्य पूर्ण होता है।

गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार: बड़ेकनेरा का सेवा सेतु मॉडल बना ग्रामीण सुशासन की नई मिसाल - साय

गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार: बड़ेकनेरा का सेवा सेतु मॉडल बना ग्रामीण सुशासन की नई मिसाल - साय

 00 मुख्यमंत्री ने अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का किया निरीक्षण, ग्रामीणों से लिया योजनाओं के प्रभाव का फीडबैक

00 अब प्रमाण पत्र से लेकर बैंकिंग, बीमा, पेंशन और ऑनलाइन सेवाएं गांव में ही उपलब्ध

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का निरीक्षण कर ग्रामीण डिजिटल सुशासन के अभिनव मॉडल सेवा सेतु की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता और प्रभाव के संबंध में जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को उनके गांव में ही सहज, सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु अभियान और अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं, जिनसे आमजन को सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है।

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान ग्राम की हितग्राही श्रीमती कौशल्या मानिकपुरी ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से महतारी वंदन योजना की राशि प्राप्त हो रही है, जिससे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से खेती-किसानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिली है।

इसी प्रकार श्रीमती सुमति मानिकपुरी, श्रीमती अमिल मानिकपुरी तथा श्रीमती पचमती बघेल ने मुख्यमंत्री को बताया कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनाया है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहारा दिया है। वृद्धावस्था पेंशन और महतारी वंदन योजना का लाभ प्राप्त कर रही श्रीमती वेंकटरमणा जंगम ने भी योजनाओं की नियमित उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने उनसे चर्चा करते हुए कहा कि सरकार प्रत्येक गरीब, किसान और महिला तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

गाँव के द्वार, डिजिटल सरकार का साकार हो रहा संकल्प
ग्राम पंचायत बड़ेकनेरा में संचालित सेवा सेतु अभियान शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को ग्रामीणों तक त्वरित, सरल और सुलभ तरीके से पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर अनेक शासकीय, वित्तीय और डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार होती दिखाई दे रही है।
एक ही छत के नीचे मिल रही दर्जनों डिजिटल और शासकीय सेवाएं

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में आवेदन प्रेषण के लिए मात्र 30 रुपये तथा प्रिंट आउट के लिए 5 रुपये प्रति पृष्ठ की दर से सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। केंद्र के माध्यम से आय, जाति, मूल निवासी प्रमाण पत्र, जन्म एवं मृत्यु पंजीयन, विवाह पंजीयन तथा भवन निर्माण अनुज्ञा जैसी सेवाएं ग्रामीणों को गांव में ही मिल रही हैं। इसके अतिरिक्त नगद आहरण, फंड ट्रांसफर, पेंशन सेवाएं, जीवन, सामान्य एवं कृषि बीमा, पैन कार्ड एवं पासपोर्ट आवेदन, बिजली बिल भुगतान, यात्रा टिकट बुकिंग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का ऑनलाइन पंजीयन भी इसी केंद्र के माध्यम से किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों का समय, श्रम और आर्थिक व्यय उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है।

हर माह 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन, स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र में सेवा सेतु मैनेजर के रूप में कार्यरत श्री संजय मिश्रा ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 15 से 20 लाख रुपये का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल ने न केवल ग्रामीणों को सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं, जिससे युवाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

ग्रामीणों के समय, श्रम और धन की बचत का माध्यम बना सेवा सेतु

बड़ेकनेरा के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब विभिन्न शासकीय सेवाओं और योजनाओं का लाभ गांव में ही उपलब्ध हो जाने से उन्हें दूरस्थ कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इससे समय, श्रम और धन की बचत हो रही है तथा शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। बड़ेकनेरा का सेवा सेतु मॉडल अब ग्रामीण डिजिटल सशक्तिकरण, पारदर्शी सेवा वितरण और सुशासन की नई मिसाल के रूप में उभर रहा है।

ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत बड़े कनेरा में मिलीं 150 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां

ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत बड़े कनेरा में मिलीं 150 वर्ष पुरानी दुर्लभ पांडुलिपियां

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया अवलोकन, कहा - प्राचीन ज्ञान परंपरा हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की अमूल्य धरोहर’

’उड़िया भाषा में लिखित पंजी, पुराण, पंचांग सहित कई महत्वपूर्ण ग्रंथ पीढ़ियों से परिवारों में सुरक्षित’

रायपुर :- छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ज्ञान परंपरा से जुड़े अमूल्य विरासत संरक्षण के प्रयासों को नई प्रेरणा देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अंतर्गत कोंडागांव जिले के ग्राम बड़े कनेरा का दौरा किया। यहां उन्होंने ज्ञान भारतम् अभियान के तहत संरक्षित लगभग 150 वर्ष पुरानी उड़िया भाषा में लिखित प्राचीन पांडुलिपियों का अवलोकन किया और उनके संरक्षण में जुटे परिवारों की सराहना की।
    
 मुख्यमंत्री साय ने ग्राम निवासी  रामूराम यादव से मुलाकात कर उनके पास सुरक्षित रखी गई आठ प्राचीन पांडुलिपियों को देखा तथा उनके इतिहास, उपयोग और संरक्षण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें केवल पुस्तकीय विरासत नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली की जीवंत पहचान हैं। इन्हें संरक्षित रखना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
    
 मुख्यमंत्री ने पीढ़ियों से इन पांडुलिपियों को सहेजकर रखने वाले परिवारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज की भागीदारी के बिना सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण संभव नहीं है। जिन परिवारों ने दशकों तक इन धरोहरों को सुरक्षित रखा है, वे वास्तव में हमारी ज्ञान-संपदा के संरक्षक हैं। इस अवसर पर बड़े कनेरा के  हरदू कश्यप, परमेश्वर मानिकपुरी, अमरावती के त्रिलोचन मानिकपुरी,  पुरसोती राम मौर्य तथा कोपरा ग्राम के चमरू नाग ने भी मुख्यमंत्री से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ये पांडुलिपियां उनके दादा-परदादाओं के समय से परिवारों में संरक्षित हैं और आज भी अत्यंत सावधानीपूर्वक सुरक्षित रखी जाती हैं।

संरक्षकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन पांडुलिपियों में पंजीयार, पंजी, पुराण, पंचांग तथा चक्रकूट पंचांग जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं, जिनका उपयोग परंपरागत ज्ञान, धार्मिक अनुष्ठानों, सामाजिक व्यवस्थाओं तथा ज्योतिषीय गणनाओं में किया जाता रहा है। इन ग्रंथों में स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विधानों और समय गणना की विशिष्ट प्रणालियों का भी उल्लेख मिलता है। मुख्यमंत्री  साय ने पांडुलिपियों के अध्ययन की प्रक्रिया, उन्हें पढ़ने-समझने की पारंपरिक पद्धतियों तथा वर्तमान समय में उनके संरक्षण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में प्राचीन ज्ञान-संपदा के संरक्षण, डिजिटलीकरण और व्यवस्थित दस्तावेजीकरण की दिशा में सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और ज्ञान परंपरा से जुड़ी रह सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित ज्ञान भारतम् अभियान देश की प्राचीन पांडुलिपियों, ज्ञान परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान भारत की बौद्धिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

कच्चे घर की चिंता से मिली मुक्ति, अब चैन की नींद सोएगा चमन लाल का परिवार

कच्चे घर की चिंता से मिली मुक्ति, अब चैन की नींद सोएगा चमन लाल का परिवार

 ख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कराया गृह प्रवेश

पक्का घर, सौर ऊर्जा और योजनाओं का संबल -एक परिवार की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव

रायपुर :- कभी बारिश की बूंदों के साथ टपकती छत, आंधी-तूफान की चिंता और कच्चे घर की असुरक्षा में गुजरती रातें… लेकिन अब वही परिवार पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून और सम्मान के साथ नई जिंदगी की शुरुआत कर रहा है। सुशासन तिहार के अंतर्गत आज कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राही चमन लाल पवार के नवनिर्मित आवास में सपरिवार गृह प्रवेश कराकर एक परिवार के वर्षों पुराने सपने को साकार किया।

मुख्यमंत्री  साय ने परिवार से आत्मीय संवाद करते हुए उनके जीवन में आए बदलाव की जानकारी ली और कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति के जीवन में वास्तविक परिवर्तन सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर एक विशेष उपलब्धि भी सामने आई। चमन लाल का आवास बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित किया गया है। यह पहल ग्रामीण विकास, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है। एक ही परिवार को आवास सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा सुविधा का लाभ मिलना शासन की समन्वित विकास सोच को भी प्रतिबिंबित करता है।

 चमन लाल पवार ने बताया कि वर्षों तक उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में छत टपकती थी और तेज हवा या खराब मौसम में पूरी रात चिंता में बीतती थी। बच्चों और परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना रहता था। उन्होंने कहा कि अब पक्का मकान मिलने के बाद जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास हुआ है।

पवार ने कहा कि अब बारिश और आंधी-तूफान की चिंता नहीं रहती। छत नहीं टपकेगी और पूरा परिवार चैन की नींद सो सकेगा। उन्होंने कहा कि यह मकान केवल एक घर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा, आत्मविश्वास और नए जीवन की शुरुआत है।

एक परिवार, कई जनकल्याणकारी योजनाओं का संबल

 चमन लाल का परिवार शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रहा है। उनकी पत्नी श्रीमती घंसतीन बाई तथा बहू श्रीमती संगीता पवार को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है। खेती-किसानी के लिए भी परिवार को विभिन्न शासकीय योजनाओं का सहयोग मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पीएम आवास और पीएम सूर्य घर का अभिनव संगम

परिवार ने अपने नए घर में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर सिस्टम भी स्थापित कराया है, जिससे घरेलू बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति हो रही है और बिजली खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है। यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की नई संभावनाओं को मजबूत करने वाला उदाहरण बन गया है।

बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास, जहां पीएम सूर्य घर योजना का लाभ भी जुड़ा है, शासन की बहु-आयामी और समन्वित विकास नीति का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह पहल केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित जीवन, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण जैसे व्यापक लक्ष्यों को भी आगे बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात के दौरान  चमन लाल पवार और उनके परिवार ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और पीएम सूर्य घर योजना ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।

ग्राम बड़ेकनेरा का यह परिवार इस बात का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है कि जब शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तब वे केवल सुविधाएं नहीं देतीं, बल्कि जीवन में सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीदों का संचार करती हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने व्यावसायिक परिसर का किया लोकार्पण

उप मुख्यमंत्री साव ने व्यावसायिक परिसर का किया लोकार्पण

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक श्री अरुण साव ने आज लोरमी के ग्राम पंचायत अमलडीही में नवनिर्मित व्यावसायिक परिसर का लोकार्पण किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि यह परिसर स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीणों के लिए नए रोजगार के अवसर सृजित करेगा। साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सरकार का संकल्प गांवों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जनसुविधाओं के विस्तार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों का विकास निरंतर जारी है।

सुशासन तिहार भूमिया में 973 आवेदन प्राप्त, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि का वितरण

सुशासन तिहार भूमिया में 973 आवेदन प्राप्त, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं सहायता राशि का वितरण

 तिल्दा-नेवरा। सुशासन तिहार ग्राम पंचायत भूमिया में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के राजस्व, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता की समस्याओं का समाधान गांव स्तर पर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री वर्मा ने भूमिया क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत सब स्टेशन निर्माण की घोषणा की, जिसका उपस्थित ग्रामीणों ने स्वागत किया।

शिविर में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में जिला पंचायत सभापति स्वाति वर्मा, जिला पंचायत सदस्य शैल महेंद्र साहू, जनपद सदस्य देवेन्द्र वर्मा, उतरा निषाद, गीतांजली ध्रुव, सेवती बैतल साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री साव ने आम पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, ग्रामीणों से योजनाओं का लिया फीडबैक

उप मुख्यमंत्री साव ने आम पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, ग्रामीणों से योजनाओं का लिया फीडबैक

 देवगुड़ी निर्माण के लिए 5 लाख देने की घोषणा

रायपुर । उप मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक अरुण साव ने आज लोरमी के ग्राम जरहापारा में आम पेड़ के नीचे जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने इस दौरान गांव में हुए विकास कार्यों पर चर्चा कर जनकल्याणकारी योजनाओं का फीडबैक लिया। उन्होंने जरहापारा में देवगुड़ी निर्माण के लिए 5 लाख रुपए देने की घोषणा की ' साव ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया। उन्होंने ग्रामीणों के आवेदनों के निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि डबल इंजन की सरकार वनांचलों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार जनमन योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से वन ग्रामों को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है।

जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी

जब मुख्यमंत्री साय ने थामा हाथ, तो दिव्यांग हितग्राही की जिंदगी में लौटी उम्मीद की रौशनी

 सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मिली बैटरी चलित ट्रायसायकल, संघर्ष भरी जिंदगी को मिला नया सहारा

रायपुर । जिंदगी कभी-कभी इंसान की परीक्षा इतनी कठिन लेती है कि हर दिन एक संघर्ष बन जाता है। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत करंजा-भिलाई, वार्ड क्रमांक 16 निवासी  तोपसिंग साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 80 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने परिवार का सहारा बनने के लिए एक छोटे से पान ठेले का संचालन करते रहे। लेकिन उनकी सबसे बड़ी परेशानी थी रोज दुकान तक पहुंचना।

चलने-फिरने में असमर्थ  साहू को हर दिन दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ता था। कई बार समय पर दुकान नहीं पहुंच पाने से आमदनी प्रभावित होती थी। शरीर की तकलीफ से ज्यादा उन्हें इस बात का दर्द था कि वे अपनी मेहनत के बावजूद आत्मनिर्भर नहीं बन पा रहे थे।इसी बीच उन्हें समाज कल्याण विभाग की उस योजना की जानकारी मिली, जिसके तहत दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। उम्मीद की एक नई किरण लेकर उन्होंने समाज कल्याण विभाग से संपर्क किया।

31 मई 2026 को सुशासन तिहार के अंतर्गत झाड़ूराम देवांगन स्कूल मैदान, दुर्ग में आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में उनके जीवन का सबसे भावुक और यादगार पल आया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने अपने हाथों से उन्हें बैटरी चलित ट्रायसायकल प्रदान की।
मुख्यमंत्री साय के हाथों से ट्रायसायकल मिलते ही  तोपसिंग साहू की आंखें खुशी से नम हो उठीं। वर्षों से जिस परेशानी को वे अपनी किस्मत मान चुके थे, उसका समाधान अब उनके सामने था। उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि यह सिर्फ एक ट्रायसायकल नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीने की नई ताकत है।

अब श्री साहू बिना किसी सहारे के अपनी दुकान तक पहुंचते हैं। उनके काम में नियमितता आई है और आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जो रास्ते कभी मुश्किल लगते थे, अब वही रास्ते उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहे हैं।
भावुक स्वर में  तोपसिंग साहू ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी परेशानी का समाधान इतनी संवेदनशीलता से होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि शासन की इस पहल ने उनके जीवन को नई उम्मीद और नई पहचान दी है।