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नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन सरकार ने असंभव कार्य किया संभव : साव

नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन सरकार ने असंभव कार्य किया संभव : साव

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर में नक्सलवाद के सफाये के 100 दिन पूर्ण होने पर कहा कि, नक्सलवाद का ख़ात्मा एक असंभव सा दिखने वाला काम डबल इंजन सरकार ने कर दिखाया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की प्रभावी रणनीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में पीछे रह गया था। अब सरकार का लक्ष्य बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोडऩा है। सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने योजनाबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है।
साव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में बस्तर संभाग के 5 जिलों का दौरा किया। इस दौरान सड़क, पेयजल, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। सरकार तेजी से आधारभूत संरचना विकसित कर रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकाय चुनावों को लेकर कहा कि दिसंबर-जनवरी में चुनाव प्रस्तावित हैं और चुनाव आयोग अपनी तैयारियां शुरू कर चुका है। भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। भाजपा सालभर जनता के बीच रहकर काम करने वाली पार्टी है।

रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक

रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक

 रायपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जल संरक्षण से जुड़े मामले में देश के तीन क्रिकेट स्टेडियमों को अगली सुनवाई तक उसकी अनुमति के बिना किसी भी खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक लगा दी है। इन स्टेडियमों ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) और एनजीटी की ओर से जारी कई नोटिस के बावजूद अपना जवाब दाखिल नहीं किया। एनजीटी का यह अंतरिम आदेश इन मैदानों के रखरखाव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित पानी के स्थान पर भूजल या ताजा जल के इस्तेमाल पर और भूजल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित नहीं करने से जुड़े मामले में दिया गया है।

इसी अप्रैल में एनजीटी ने देश के छह क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस जारी किया था। उनसे पूछा गया था कि मैदान और पिच के रखरखाव में इस्तेमाल किए जाने वाले पानी के स्रोत की जानकारी नहीं देने के कारण उनकी गतिविधियों पर रोक क्यों न लगाई जाए। स्टेडियमों में रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नई दिल्ली का अरूण जेटली स्टेडियम, जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम, मुंबई का डॉ डीवाई पाटिल स्टेडियम, लखनऊ का भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम और कटक का बाराबती स्टेडियम शामिल थे।

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए जताया आभार

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने तथा उन्हें शासकीय सेवा में लाभ का अवसर प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इसे खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन, संसाधन और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का निर्णय युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव निरंतर बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त आधार हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने जारी की महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त, 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डीबीटी से 626.25 करोड़ रुपये अंतरित

29 किश्तों में अब तक 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचे

‘लखपति दीदी’ सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मिल रही नई मजबूती

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की किश्त के साथ योजना के अंतर्गत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण का जो व्यापक अभियान चल रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार उसी संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रवास के दौरान माताएं और बहनें स्वयं उन्हें बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अनेक महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, कई ने सिलाई-कढ़ाई एवं स्वरोजगार अपनाया है, जबकि बड़ी संख्या में परिवारों ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में इसका उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ये अनुभव इस योजना की वास्तविक सफलता और उसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव के प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के साथ-साथ ‘लखपति दीदी’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई है। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को भी नई मजबूती मिली है।

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू- मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू- मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

 स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू- मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर - प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।
 
स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।

 इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

Transfer: छत्तीसगढ़ में 24 IPS अधिकारियों का तबादला, यहां देखें पूरी तबादला सूची

Transfer: छत्तीसगढ़ में 24 IPS अधिकारियों का तबादला, यहां देखें पूरी तबादला सूची

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 24 अधिकारियों का तबादला किया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों की नवीन पदस्थापना तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगी। 

जारी आदेश के तहत कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP), पुलिस महानिरीक्षकों (IG), उप पुलिस महानिरीक्षकों (DIG) सहित वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में जिला पुलिस प्रशासन के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय, बटालियन और रेंज स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि प्रशासनिक आवश्यकता और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह तबादला आदेश जारी किया गया है। आदेश में विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

पूरी तबादला सूची नीचे देखें।

  

मेडिकल कॉलेज परिसर बना हरित विकास का प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया पौधरोपण

मेडिकल कॉलेज परिसर बना हरित विकास का प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया पौधरोपण

 रायपुर: जिले के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर परसगढ़ी में शुक्रवार को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और विकास का अनूठा संगम देखने को मिला। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बोनस चेक वितरित किए तथा “तुहर पौधा तुहर द्वार“ योजना के अंतर्गत पौधों के निःशुल्क वितरण हेतु विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात स्वास्थ्य मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने चंदन, मौलश्री, अशोक, आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में “एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान को जनभागीदारी का आंदोलन बनाएं और प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की भी मजबूत नींव हैं।

इसी वर्ष शुरू होगा मेडिकल कॉलेज, एमसीबी को मिलेगी नई पहचान

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि परसगढ़ी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी वर्ष प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह मेडिकल कॉलेज न केवल एमसीबी जिले बल्कि सरगुजा संभाग, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों तथा मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण संस्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वादियों और हरित वातावरण के बीच स्थित यह परिसर प्रदेश के सबसे आकर्षक मेडिकल कॉलेज परिसरों में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क राष्ट्रीय स्तर की धरोहर है तथा पाराडोल और चिरमिरी रेलवे स्टेशनों की निकटता से इस संस्थान की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इससे भविष्य में चिकित्सा  शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एमसीबी जिले को नई पहचान मिलेगी।

हरियाली बढ़ाने के लिए 16 लाख पौधे, दो लाख पौधे होंगे निःशुल्क वितरित

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन देते हुए वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले में वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत 16 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। वहीं ष्तुहर पौधा तुहर द्वारष् योजना के माध्यम से जिले के नागरिकों को 2 लाख पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक परिवार पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़ सके। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा हरित संकल्प अभियान भी संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत नागरिक अपने लगाए गए पौधों के साथ फोटो विभाग के व्हाट्सएप नंबर 8770045481 पर भेज सकते हैं। सर्वाधिक पौधे लगाने एवं उनके बेहतर संरक्षण करने वाले प्रतिभागियों को विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा तथा लगाए गए पौधों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला बोनस, विकास कार्यों का भी किया उल्लेख

स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान जिले की 11 लघु वनोपज सहकारी समितियों के लिए वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण का बोनस चेक वितरित किया। उन्होंने कहा कि यह राशि समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहकों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, मानसिक रोग अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, पॉलीटेक्निक कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, नालंदा परिसर, 220 बिस्तरों वाले अस्पताल, हसदेव नदी पर पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। साथ ही सिद्धेश्वर मंदिर तक लगभग छह किलोमीटर सड़क निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान“ का उद्घोष करते हुए सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला अध्यक्ष चंपादेवी पावले, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर राम नरेश राय, कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक सुश्री रतना सिंह, कमांडेंट संजय शर्मा, वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

 
 उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का किया पोस्टर विमोचन, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का किया पोस्टर विमोचन, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना

 उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का किया पोस्टर विमोचन, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना
सतीश थौरानी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर व्यापारी हित एवं प्रदेश की समृद्धि के लिए मांगी मनोकामनाएँ

रायपुर - भगवान जगन्नाथ की पावन भक्ति, आस्था एवं सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित “जोहार जगन्नाथ” कार्यक्रम के अंतर्गत माननीय उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान जगन्नाथ से छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली एवं निरंतर विकास की कामना की।
 
इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेम्बर का प्रतिनिधिमंडल ए.टी. पैलेस, कोतवाली चौक, रायपुर पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने भगवान जगन्नाथ के दिव्य दर्शन कर प्रदेश की उन्नति, व्यापारी वर्ग की निरंतर प्रगति, व्यापार में समृद्धि तथा समस्त प्रदेशवासियों के सुखद एवं मंगलमय जीवन के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की।
 
इस अवसर पर अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया, डायरेक्टर नितिन बरड़िया, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष सतीश थौरानी, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी सहित चेम्बर के समस्त पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने भगवान जगन्नाथ की विधिवत पूजा-अर्चना, महाआरती एवं पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, व्यापार एवं उद्योग की निरंतर उन्नति तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
 
इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास एवं जनकल्याण की मंगलकामना की।
 
उल्लेखनीय है कि “जोहार जगन्नाथ” कार्यक्रम के माध्यम से भगवान जगन्नाथ की भक्ति, संस्कृति एवं परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने का उद्देश्य है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन, पूजा-अर्चना एवं महाप्रसाद का लाभ प्राप्त कर अपनी मनोकामनाएँ भगवान के श्रीचरणों में अर्पित कर रहे हैं।

शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव – राजेश अग्रवाल

शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव – राजेश अग्रवाल

 रायपुर - पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के पी. एम.  स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर, अध्ययन सामग्री वितरित कर तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए नवीन शैक्षणिक सत्र के सफल एवं प्रेरणादायी होने की मंगलकामना की।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आज का विद्यार्थी ही कल के सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माता बनेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है।

पी. एम.  स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

इसके पश्चात शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि साइकिल वितरण जैसी योजनाएं बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से हो रही सशक्त – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से हो रही सशक्त – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹175 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से सशक्त हो रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह परियोजना राज्य के रेल नेटवर्क को और अधिक सक्षम एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही माल एवं यात्री परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और रेलवे परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख रेल, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति प्रदान करेगी।

छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच
        
समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।

सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता
       
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।

कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
        
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
        
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, सचिव  भीम सिंह, सचिव  धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक  तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम  अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सेवा सेतु’ केंद्र से 24 घंटे में मिला आय प्रमाण पत्र, समय पर हुआ छात्रा का कॉलेज प्रवेश

सेवा सेतु’ केंद्र से 24 घंटे में मिला आय प्रमाण पत्र, समय पर हुआ छात्रा का कॉलेज प्रवेश

रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य शासन की डिजिटल पहल ‘सेवा सेतु पोर्टल’ आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह पोर्टल शासकीय सेवाओं को सरल, त्वरित और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में राजनांदगांव जिले से एक सुखद मामला सामने आया है, जहां सेवा सेतु केंद्र की तत्परता से मात्र 24 घंटे के भीतर एक छात्रा का आय प्रमाण पत्र बन गया और उसका कॉलेज में प्रवेश सुनिश्चित हो सका।

अंतिम तिथि पास होने से चिंतित था परिवार
            
राजनांदगांव जिले के विकासखंड डोंगरगांव के ग्राम आयबांधा निवासी  तोरण लाल अपनी पुत्री निकिता के उच्च शिक्षा (कॉलेज) में प्रवेश को लेकर काफी चिंतित थे। कॉलेज में दाखिले के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्य था और प्रवेश की अंतिम तिथि बेहद नजदीक आ चुकी थी। समय पर प्रमाण पत्र न मिलने की आशंका से पूरा परिवार परेशान था।

ऑनलाइन आवेदन के बाद 24 घंटे में समाधान
       
इसी दौरान तोरण लाल को डोंगरगांव में स्थित ‘सेवा सेतु केंद्र’ की जानकारी मिली। वे तुरंत आवश्यक दस्तावेजों के साथ केंद्र पहुंचे। केंद्र संचालक ने उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई और 22 जून 2026 को उनका ऑनलाइन आवेदन दर्ज किया। डिजिटल प्रक्रिया के त्वरित निराकरण (Fast-track Processing) के चलते मात्र 24 घंटे के भीतर ही आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इसके चलते निकिता का कॉलेज में प्रवेश बिना किसी बाधा के समय-सीमा के भीतर हो गया।

समय और धन दोनों की हो रही बचत          

अपनी खुशी साझा करते हुए हितग्राही तोरण लाल ने कहा, “पहले शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए विभिन्न दफ्तरों के कई चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। लेकिन सेवा सेतु केंद्र की डिजिटल व्यवस्था से हमारा काम बेहद सरल और कम समय में हो गया। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से मेरी बेटी का भविष्य सुरक्षित हुआ है।”

घर बैठे मिल रहीं 400 से अधिक सेवाएं

‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे या अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, राजस्व संबंधी सेवाएं, राशन कार्ड और पेंशन सहित 400 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से उठा रहे हैं। यह व्यवस्था आम जनता को समयबद्ध सेवाएं देने के साथ-साथ उनके समय और धन की बड़ी बचत कर रही है, जिसके लिए नागरिकों ने राज्य सरकार की इस डिजिटल पहल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में पहुंचने लगी बोनस राशि

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में पहुंचने लगी बोनस राशि

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल और वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) का वितरण शुरू हो गया है। राज्य स्तरीय सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर 3 जुलाई से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत धरमजयगढ़ जिला वनोपज सहकारी यूनियन के संग्राहकों के बैंक खातों में 17 करोड़ 43 लाख रुपये ऑनलाइन अंतरित किए जा रहे हैं।

58 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में बोनस

वनमंडलाधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक, जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित धरमजयगढ़ ने बताया कि जिला यूनियन की 58 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में बोनस वितरण किया जा रहा है। वर्ष 2023 के संग्रहण सीजन में जिला यूनियन की 59 समितियों के माध्यम से 70,945.485 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया था। इसके लिए 46,840 संग्राहकों को कुल 17.43 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
जिला यूनियन की प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति बोरो को सबसे अधिक 4,710.58 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से बोनस मिला है। इसके बाद प्राथमिक समिति रायमेर को 4,616.76 रुपये प्रति मानक बोरा का प्रोत्साहन पारिश्रमिक प्राप्त हुआ है।

ऑनलाइन भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता

वन विभाग द्वारा बोनस राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ऑनलाइन भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और आसान बनी है तथा संग्राहकों को समय पर राशि मिल रही है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों ने बताया कि इस बोनस राशि से वे खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। समय पर मिली आर्थिक सहायता से न केवल संग्राहकों को राहत मिली है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति: मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति: मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को दी मंजूरी

 रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच से प्रेरित है। OTS योजना-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई गति मिलेगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। OTS योजना-2026 ऐसे आबंटितियों के लिए एक सकारात्मक अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, अनावश्यक न्यायालयीन विवाद कम होंगे, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। यह निर्णय नवा रायपुर को देश के अग्रणी नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के अंतर्गत जो आबंटी परियोजना का विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें आबंटित भूमि समर्पित कर अनुबंध से बाहर होने का विकल्प भी मिलेगा। इससे अनावश्यक न्यायालयीन विवादों में कमी आएगी तथा भूमि का प्रभावी एवं शीघ्र उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोगों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।

एनआरडीए के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय हानि नहीं होगी, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।

OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय नवा रायपुर के नियोजित, संतुलित और तीव्र शहरी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

किसानों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बनेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

किसानों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बनेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

 00 बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा के 30 से अधिक गांवों में शेड-सह-चबूतरा निर्माण को मंजूरी

00 हर केंद्र को मिलेंगे 10-10 लाख रुपये
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बलौदाबाजार जिले के ग्रामीण अंचलों में धान खरीदी व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और किसान हितैषी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला खनिज न्यास निधि से जिले के धान उपार्जन केंद्रों में बड़े पैमाने पर शेड-सह-चबूतरा निर्माण के कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह पहल विशेष रूप से बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के उन हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, जो हर खरीफ सीजन में अपनी फसल बेचने इन केंद्रों पर पहुंचते हैं। प्रशासनिक आदेश के अनुसार जिले के 30 से अधिक धान उपार्जन केंद्रों की तस्वीर बदलने के लिए प्रत्येक केंद्र को 10 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसकी आधिकारिक मंजूरी 23 जून 2026 को जारी की गई।
यह निर्माण नहीं, किसान सुविधा का विस्तार है - मंत्री टंक राम वर्मा

इस जनहितैषी पहल पर बात करते हुए राज्य के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान करने और खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान उपार्जन केंद्रों में शेड और चबूतरों का निर्माण केवल एक ढांचागत काम नहीं, बल्कि किसान सुविधा का बुनियादी विस्तार है। क्डथ् निधि का मुख्य उद्देश्य ही खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जिससे जनता को सीधा लाभ मिले। इस अधोसंरचनात्मक सुधार से केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और किसानों को एक बेहतर व सुविधाजनक माहौल मिलेगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय से साफ है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले धान खरीदी केंद्रों को मजबूत कर, सरकार सीधे तौर पर किसानों के हितों को सुरक्षित कर रही है।
इन क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना के तहत सिमगा विकासखंड के सकरी, भटभेरा, गोरदी, जांगड़ा, केसली, हिरमी, सुहेला, सकलोर, शिकारी-केसली, रावन, मोहरा, बिटकुली, नवापारा, फूलवारी, फरहदा, जरौद और हथबंद जैसे प्रमुख केंद्रों में निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसी तरह बलौदाबाजार विकासखंड के सकरी, लटुवा, रिसदा, रसेड़ा, मोहतरा, कुकुरदी, बलौदाबाजार, धंवई, सलौनी, देवरी, दशरमा, खम्हरिया (चांपा), करमदा और अर्जुनी के उपार्जन केंद्रों का भी कायाकल्प किया जाएगा।
खुले में धान रखने की मजबूरी से मिलेगी मुक्ति
अब तक पुख्ता इंतजाम न होने के कारण किसानों को अपनी मेहनत की उपज खुले आसमान के नीचे रखनी पड़ती थी, जिससे अचानक होने वाली बारिश, तेज धूप और जमीन की नमी से धान खराब होने का खतरा हमेशा बना रहता था। अब नए शेड और ऊंचे चबूतरों के बन जाने से फसल पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। इसके साथ ही केंद्रों पर तौल (तुलवाई) और बोरियों के भंडारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे कामकाज में तेजी आएगी और किसानों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से पामगढ़ क्षेत्र को बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से पामगढ़ क्षेत्र को बड़ी सौगात

 डोंगाकोहरौद बस्ती मार्ग निर्माण के लिए 605.09 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति

4.337 किलोमीटर लंबी सड़क बनने से ग्रामीणों को मिलेगा सुरक्षित और सुगम आवागमन का लाभ

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को मजबूत बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत पामगढ़दृलाहौद मार्ग स्थित डोंगाकोहरौद बस्ती तक सड़क निर्माण कार्य के लिए 605.09 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

 इस स्वीकृति के तहत 4.337 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। यह मार्ग लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रहा है। सड़क निर्माण से डोंगाकोहरौद बस्ती सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को वर्षभर सुरक्षित, सुगम और बेहतर आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी।

नई सड़क बनने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि उपज के परिवहन तथा अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी। राज्य सरकार ग्रामीण संपर्क मार्गों के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से हो रही सशक्त - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से हो रही सशक्त - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

 रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए ₹175 करोड़ की अतिरिक्त होमिंग सुविधा परियोजना को बताया छत्तीसगढ़ में रेल विकास की बड़ी उपलब्धि

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रेल परियोजना के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति किया आभार व्यक्त

रायपुर/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹175 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से सशक्त हो रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह परियोजना राज्य के रेल नेटवर्क को और अधिक सक्षम एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही माल एवं यात्री परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और रेलवे परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख रेल, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति प्रदान करेगी।

जल जीवन मिशन से बदली जशपुर के बिरहीपानी की तस्वीर, 129 घरों तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल

जल जीवन मिशन से बदली जशपुर के बिरहीपानी की तस्वीर, 129 घरों तक पहुंचा स्वच्छ पेयजल

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में दूरस्थ वनांचल गांवों तक पहुंच रही बुनियादी सुविधाएं 

महिलाओं को मिली राहत, जलजनित बीमारियों में आई कमी, ग्रामीणों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जशपुर जिले के जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित सीमांत ग्राम बिरहीपानी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। अब गांव के सभी 129 घरों में नल के माध्यम से नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

घने जंगलों से घिरे और भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम इस गांव में लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हो पाया था। जल जीवन मिशन से पहले ग्रामीण अपनी पेयजल आवश्यकताओं के लिए हैंडपंप, कुएं और ढोढ़ी जैसे पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर थे। गर्मी के मौसम में इन स्रोतों का जलस्तर घट जाने से पेयजल संकट गहरा जाता था और ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं एवं बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। असुरक्षित जल के उपयोग से जलजनित बीमारियों का खतरा भी बना रहता था।

इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम बिरहीपानी में संगठित पाइप जल प्रदाय प्रणाली विकसित की गई। योजना के तहत चार उच्च स्तरीय जलागारों का निर्माण किया गया तथा पूरे गांव में पाइपलाइन नेटवर्क बिछाया गया। इसके माध्यम से गांव के सभी 129 परिवारों को क्रियाशील फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) उपलब्ध कराए गए हैं।

आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। प्रत्येक परिवार को घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। इससे महिलाओं के समय और श्रम की उल्लेखनीय बचत हुई है तथा वे अब परिवार की देखभाल, बच्चों की शिक्षा और आजीविका संबंधी गतिविधियों में अधिक समय दे पा रही हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आई है और बच्चों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति भी बढ़ी है।

योजना के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव के लिए ग्राम स्तर पर जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जलापूर्ति व्यवस्था का सफल संचालन किया जा रहा है, जिससे योजना की सतत उपयोगिता सुनिश्चित हो रही है।

ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि घर-घर नल से जल उपलब्ध होने से उनका जीवन अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक बन गया है। ग्राम बिरहीपानी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रभावी क्रियान्वयन, जनसहभागिता और सुशासन के माध्यम से प्रदेश के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों में भी विकास की नई इबारत लिखी जा सकती है। 

सरकार
स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी - मंत्री वर्मा

स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी - मंत्री वर्मा

 00 खनिज निधि से संवरेगा ग्रामीण छत्तीसगढ़
00 बलौदाबाजार के स्कूलों में प्रार्थना शेड और उपस्वास्थ्य केंद्र में बनेगी बाउंड्री वॉल
रायपुर।
जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों को बढ़ाकर ग्रामीण छत्तीसगढ़ का कायाकल्प किया जा रहा है। उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास पर खर्च किया जाता है। ?राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ?सरकार शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर बच्चों को एक सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर वातावरण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए चौतरफा प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड को जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से दो बड़ी सौगातें मिली हैं। सरकार ने ग्रामीण शिक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए स्कूलों में प्रार्थना शेड और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण को मंजूरी दे दी है।
सिमगा विकासखंड के ग्राम परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड के निर्माण के लिए प्रत्येक विद्यालय को 10 लाख रुपये (कुल 20 लाख रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।अक्सर ग्रामीण स्कूलों में प्रार्थना सभा, बालसभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद जैसी गतिविधियां खुले मैदान में होती हैं, जिससे बच्चों को कड़कती धूप, भारी बरसात या तेज ठंड का सामना करना पड़ता है। यह शेड न केवल सुबह की प्रार्थना के लिए, बल्कि बच्चों की बालसभा, सांस्कृतिक आयोजनों और परीक्षाओं के व्यवस्थित संचालन के लिए एक बेहतरीन मंच साबित होगा।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के प्रति भरोसा और आकर्षण दोनों बढ़ेगा।गांवों के स्कूल सिर्फ किताबी ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास की धुरी हैं। खनिज संसाधनों का उपयोग स्थानीय जनता का जीवनस्तर सुधारने में किया जा रहा है।
सुदृढ़ स्वास्थ्य अधोसंरचना- जांगड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र को 7 लाख रूपए
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से सिमगा विकासखंड के ही ग्राम जांगड़ा के उपस्वास्थ्य केंद्र भवन में अहाता (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के लिए 7 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। खुला और असुरक्षित परिसर होने के कारण मरीजों, परिजनों और ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों को होने वाली व्यावहारिक दिक्कतों से राहत मिलेगी। बाउंड्री वॉल बनने से अस्पताल परिसर व्यवस्थित होगा और यहाँ आने वाले ग्रामीणों के लिए बैठने व रुकने की व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी, जिससे लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर नहीं भटकना पड़ेगा।
जन-केंद्रित विकास और डीएमएफ का सटीक उपयोग
मंत्री टंक राम वर्मा ने इन पहलों को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि इन तीनों स्तंभों को समान प्राथमिकता देकर मजबूत कर रही है। विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर सुदूर गांवों तक बुनियादी ढांचा पहुँचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। खनिज क्षेत्रों से प्राप्त होने वाले संसाधनों (डीएमएफ) का वास्तविक उपयोग उसी क्षेत्र के लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने और उनका जीवनस्तर सुधारने में किया जा रहा है, ताकि गांवों का हर बच्चा और नागरिक शहरों जैसी आधुनिक सुविधाओं के बीच सम्मान से रह सके।

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी

उद्योगों के वृक्षारोपण कार्यक्रमों की समीक्षा करेंगे आवास एवं पर्यावरण मंत्री चौधरी

 00 12 जुलाई को रायपुर में प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के साथ होगी बैठक
रायपुर।
राज्य में मानसून-2026 के दौरान प्रमुख औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित वृक्षारोपण गतिविधियों की समीक्षा तथा आगामी कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के लिए आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में 12 जुलाई 2026 को दोपहर 2 बजे बेबीलॉन कैपिटल, जी.ई. रोड, रायपुर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में राज्य की प्रमुख मीडियम एवं लार्ज स्केल औद्योगिक इकाइयों के प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर स्तर के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में मानसून-2026 के दौरान किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति, उनके प्रभावी क्रियान्वयन, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव, निगरानी व्यवस्था तथा उद्योगवार एक्शन प्लान की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 08 जुलाई 2026 को छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव  राजू अगसिमनी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में औद्योगिक इकाइयों को व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में अब विभागीय मंत्री  ओ.पी. चौधरी स्वयं उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर वृक्षारोपण अभियान की प्रगति की समीक्षा करेंगे तथा आगामी कार्ययोजना पर आवश्यक मार्गदर्शन देंगे।
बैठक का उद्देश्य उद्योगों की सक्रिय सहभागिता से राज्य में हरित आवरण का विस्तार करना, पर्यावरण संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाना तथा वृक्षारोपण कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करना है।

अटेंशन की होड़ में भ्रामक खबरें लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय-जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल

अटेंशन की होड़ में भ्रामक खबरें लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय-जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल

 रायपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना कार्यक्रम में मीडिया की बदलती चुनौतियों, जिम्मेदार पत्रकारिता और प्रेस क्लब के विकास पर हुई चर्चा

रायपुर। डिजिटल युग में तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य के बीच पत्रकारिता की विश्वसनीयता और जिम्मेदारी पर गंभीर मंथन करते हुए जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि 'अटेंशन की होड़ में मिसलीडिंग (भ्रामक) खबरों का बढऩा लोकतंत्र और समाज दोनों के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में तथ्यपरक, संतुलित औरजिम्मेदार पत्रकारिता ही मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है। वे रायपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना कार्यक्रम में पत्रकारों से संवाद कर रहे थे, जहां रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा भी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकारों ने भी मीडिया और जनसंपर्क विभाग के बीच बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और सतत संवाद को लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया। प्रेस क्लब के पदाधिकारियों और पत्रकारों की उपस्थिति में मीडिया की वर्तमान चुनौतियों, पत्रकारिता के मूल्यों तथा प्रेस क्लब के विकास को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

 सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण

मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया विमोचन

11 हितग्राहियों को मुख्यमंत्री साय ने दी नए आवास की चाबी

रायपुर - रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश में सरकार गठन के बाद 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण होने तथा ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान की उल्लेखनीय उपलब्धियों से संबंधित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 11 लाख आवास पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 हितग्राहियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान कर सम्मानित किया तथा “मोर गांव मोर पानी “महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने गठन के तुरंत बाद अपनी प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इनमें से विगत वित्तीय वर्ष में लगभग 6 लाख आवास पूर्ण किए गए, जो एक वर्ष में देश में सर्वाधिक आवास पूर्ण करने की उपलब्धि है। वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष के प्रथम 100 दिनों (1 अप्रैल से 9 जुलाई) में ही 1 लाख 51 हजार आवास पूर्ण किए गए हैं। अर्थात प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक आवास पूर्ण किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में ‘मोर गांव–मोर पानी’ महाअभियान के उत्कृष्ट कार्यो पर एक पुस्तिका विमोचित की गई। उल्लेखनीय है कि यह महाअभियान 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर प्रारंभ किया गया था। जनभागीदारी आधारित इस अभियान के अंतर्गत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा एवं वर्तमान वीबी- जीरामजी के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य स्वीकृत एवं क्रियान्वित किए जा रहे हैं। अभियान के तहत आजीविका डबरी, नवा तरिया, कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न जल संरचनाओं का निर्माण कर जल संरक्षण, भूजल संवर्धन एवं ग्रामीण आजीविका को नई दिशा दी जा रही है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा  सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।

जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

 जल जीवन मिशन 2.0 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव नीति पर उच्च स्तरीय बैठक संपन्न

हर घर शुद्ध जल सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी, होगा सोशल ऑडिट

रायपुर :- छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पेयजल योजनाओं की दीर्घकालिक स्थिरता और सुचारू संचालन को लेकर आज मंत्रालय (महानदी भवन) में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और छत्तीसगढ़ जल जीवन मिशन के अधिकारियों के साथ संचालन एवं रखरखाव नीति पर व्यापक चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

पंचायतों को हस्तांतरित होगी व्यवस्था

         बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि राज्य में निर्मित सभी नल-जल योजनाओं का सफल संचालन शासन के निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी ग्रामीण घरों में प्रतिदिन नल से शुद्ध जल मिले, इसके लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की जाए। पेयजल योजनाओं की संस्थागत व्यवस्था को पूरी तरह से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाएगा, जिसके लिए पंचायतों को हर आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। इन योजनाओं का रखरखाव ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के माध्यम से होगा, जिससे जन-सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

सोशल ऑडिट और ग्राम सभाओं में चर्चा अनिवार्य

         पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि योजनाओं का सही संचालन और गुणवत्तापूर्ण पेयजल की आपूर्ति जांचने के लिए सोशल ऑडिट (सामाजिक अंकेक्षण) कराया जाए। इसके साथ ही, प्रत्येक गाँव की ग्राम सभा में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति के मुद्दे पर अनिवार्य रूप से चर्चा सुनिश्चित की जाए।

वाटर मीटर लगाने और वित्तीय प्रबंधन पर विचार

       बैठक के दौरान योजना के दीर्घकालिक क्रियान्वयन के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से मंथन हुआ। योजनाओं के रखरखाव के लिए बजट प्रबंधन और उचित जल शुल्क निर्धारण पर चर्चा हुई। जल की बर्बादी (क्षति) को कम करने और बेहतर राजस्व प्राप्ति के लिए भविष्य में बजट प्रावधानों के अनुसार वाटर मीटर लगाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। पेयजल की गुणवत्ता का मूल्यांकन, विभिन्न स्तरों पर मॉनिटरिंग व्यवस्था, अनुपालन और सामुदायिक भागीदारी लेखा परीक्षा को लेकर अधिकारियों ने विस्तृत जानकारी दी।

       बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ नीति के प्रारूप और उसके विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित जल जीवन मिशन, पीएचई और अन्य संबद्ध विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बंदूक की गूंज थमी, अब गूंजेगी पढ़ाई, 20 साल बाद गच्छनपल्ली में बना पक्का स्कूल

बंदूक की गूंज थमी, अब गूंजेगी पढ़ाई, 20 साल बाद गच्छनपल्ली में बना पक्का स्कूल

 0 बच्चों को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य

सुकमा। छत्तीसगढ के सुकमा जिले का गच्छनपल्ली गांव कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था। लंबे समय तक यहां विकास कार्य प्रभावित रहे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में अब शासन की 'नियद नेल्ला नार' (आपका अच्छा गांव) योजना और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से गांव में बदलाव की नई कहानी लिखी जा रही है।
20 साल तक झोपड़ी में चलती रही पढ़ाई
करीब 20 वर्ष पहले नक्सली हिंसा में गांव का स्कूल भवन नष्ट हो गया था। इसके बाद बच्चों की पढ़ाई अस्थायी झोपड़ियों और आंगनबाड़ी भवन में चलती रही। सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चे शिक्षा से जुड़े रहे, लेकिन उन्हें सुरक्षित और बेहतर वातावरण नहीं मिल पा रहा था

नियद नेल्लानार योजना से बदली तस्वीर
जिला प्रशासन ने नियद नेल्ला नार योजना के तहत गच्छनपल्ली में नया पक्का स्कूल भवन बनाया। अब गांव के बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण में पढ़ने का अवसर मिल रहा है। यह स्कूल भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि गांव के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया है।
ग्रामीणों ने खुशी से किया स्वागत
नए स्कूल भवन का शुभारंभ स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर सरपंच, उपसरपंच, पंच, पारंपरिक पुजारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। वर्षों बाद अपने गांव में पक्का स्कूल देखकर ग्रामीणों की खुशी देखते ही बन रही थी।
शिक्षा के साथ बढ़ेगा विकास
कलेक्टर सुकमा श्री अमित कुमार ने कहा कि शासन का उद्देश्य नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करना है। गच्छनपल्ली में नया स्कूल भवन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा।

उम्मीद और विश्वास की नई शुरुआत
गच्छनपल्ली की यह कहानी बताती है कि विकास और शिक्षा हर चुनौती पर विजय प्राप्त कर सकती हैं। जहां कभी भय और सन्नाटा था, वहां आज बच्चों की पढ़ाई और मुस्कान की गूंज सुनाई दे रही है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से गांव में विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है, जो आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बनेगा।
यह स्कूल बच्चों के सपनों के विश्वास और विकास का सशक्त प्रतीक
गच्छनपल्ली का नया स्कूल इस बात का प्रमाण है कि जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, तो बदलाव केवल दिखाई नहीं देता, बल्कि लोगों के जीवन में महसूस भी होता है। यह स्कूल बच्चों के सपनों, ग्रामीणों के विश्वास और विकास की नई सोच का सशक्त प्रतीक बन गया है।

खरीफ सीजन ने पकड़ी रफ्तार, छत्तीसगढ़ में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसलों की बोनी…..

खरीफ सीजन ने पकड़ी रफ्तार, छत्तीसगढ़ में 20 लाख हेक्टेयर से अधिक रकबे में फसलों की बोनी…..

 रायपुर: प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेजी के साथ जारी है। राज्य में अब तक 20.14 लाख से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 41 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य  सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को भी कहा हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 7.78 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.62 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। 09 जुलाई 2026 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 248.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.56 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 3.62 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 71 प्रतिशत है।

इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 7.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 57 प्रतिशत है।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।