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मोदी-शाह गद्दार हैं’… राहुल गांधी के बयान से मचा सियासी तूफान, CM साय बोले- कांग्रेस मानसिक दिवालियापन की शिकार

मोदी-शाह गद्दार हैं’… राहुल गांधी के बयान से मचा सियासी तूफान, CM साय बोले- कांग्रेस मानसिक दिवालियापन की शिकार

 रायपुर।  रायबरेली की जनसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र Modi और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए ‘गद्दार’ बयान ने देश की राजनीति में नया बवाल खड़ा कर दिया है। बयान सामने आते ही भाजपा हमलावर हो गई और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया।

CM साय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी का यह बयान उनकी हताशा, राजनीतिक दिवालियापन और संकुचित सोच को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों के खिलाफ देश को मजबूत बनाया, भारत को दुनिया में निर्णायक शक्ति के रूप में स्थापित किया, उसी नेतृत्व को ‘गद्दार’ कहना 140 करोड़ देशवासियों का अपमान है।
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैसे संवैधानिक पदों की गरिमा राष्ट्र की गरिमा से जुड़ी होती है और राजनीतिक विरोध की आड़ में इस तरह की अपमानजनक भाषा लोकतंत्र के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दरअसल राहुल गांधी ने रायबरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि BJP-RSS ने देश और संविधान को बेचने का काम किया है, इसलिए नरेंद्र मोदी और अमित शाह गद्दार हैं। कांग्रेस ने इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
राज्यपाल डेका ने पर्यटन स्थलों का विकास एवं सुविधाएं बढ़ाने के दिए निर्देश

राज्यपाल डेका ने पर्यटन स्थलों का विकास एवं सुविधाएं बढ़ाने के दिए निर्देश

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक आचार्य ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान राज्य में पर्यटन स्थलों के विकास, विस्तार और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राज्यपाल ने पर्यटन क्षेत्र को अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव और आवश्यक निर्देश दिए।
राज्यपाल डेका ने बस्तर के चित्रकूट जलप्रपात, धमतरी जिले के गंगरेल तथा कोरबा जिले के बूका जलाशय में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग यहां आने के लिए आकर्षित हों। राज्यपाल ने पर्यटन स्थलों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास में बुजुर्ग पर्यटकों के लिए आवागमन और अन्य आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाए। राज्यपाल ने कोरबा जिले के बूका जलाशय में क्रूज सेवा शुरू करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने के साथ स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

23 से पहले निपटा ले एसबीआई बैंक के ग्राहक अपना काम, नहीं तो करना होगा 6 दिनों का इंतजार

23 से पहले निपटा ले एसबीआई बैंक के ग्राहक अपना काम, नहीं तो करना होगा 6 दिनों का इंतजार

 रायपुर। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहक बैंक से संबंधित जो भी कार्य है वही 23 मई से पहले कर लें नहीं तो उन्हें पूरे 6 दिनों का इंतजार करना पड़ेगा। इस मुख्य कारण यह है कि 23 मई को महीने का चौथा शनिवार (आधिकारिक अवकाश), 24 मई रविवार (साप्ताहिक अवकाश), 25 और 26 मई को एसबीआई कर्मचारी यूनियन देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे जिसमें छत्तीसगढ़ की भी 400 से अधिक शाखाओं के 2100 से अधिक कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। 27 और 28 मई को बकरीद (ईद-उल-अजहा) के चलते कई राज्यों में सरकारी छुट्टी रहेगी। इस दौरान एटीएम व इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी और एसबीआई की शाखाएं शुक्रवार, 29 मई को दोबारा खुलेंगी।

ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (एमपी सीजी में वर्कमेन यूनियन के नाम से जाना जाता है) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 25 और 26 मई को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यूनियन का आरोप है कि बैंक मैनेजमेंट कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े कई फैसले उनकी सहमति या बिना सलाह के लागू कर रहा है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। यूनियन ने मैनेजमेंट के सामने 16 मुख्य मांगें रखी हैं। इनमें ये सपोर्ट स्टाफ और मेसेंजर्स की भर्ती की मांग प्रमुख है। 20-22 वर्ष से मैसेंजर की और 7-8 वर्ष से सुरक्षा गार्डों की भर्ती नहीं की जा रही है। कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम में फंड मैनेजर बदलने की आजादी और सैलरी में हो रही असमानता, लंबित प्रमोशन देने, मेडिकल रिएंबर्समेंट बढ़ाने की भी मांग प्रमुख है।

इस 6 दिनों की लंबी बंदी के कारण चेक क्लियरेंस, ड्राफ्ट बनवाने और लोन संबंधी कागजी काम पूरी तरह ठप रहेंगे। हालांकि बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन राहत की बात यह है कि एसबीआई की ऑनलाइन नेट बैंकिंग, योनो ऐप और एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी, जिससे आप पैसों का ट्रांसफर आसानी से कर सकेंगे। 
इस संबंध में उप महासचिव रायपुर माड्यूल विजय बख्शी ने बताया कि बीते 18 महीने से चर्चा के बावजूद 16 मांगों को लेकर प्रबंधन हीला हवाला कर रहा है। आज भी दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठक होनी है उसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

जल जीवन मिशन से बदली ग्राम सोनझरी की तस्वीर, हर घर जल ग्राम के रूप में मिली नई पहचान

जल जीवन मिशन से बदली ग्राम सोनझरी की तस्वीर, हर घर जल ग्राम के रूप में मिली नई पहचान

 रायपुर। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सोनझरी में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों की जिंदगी बदल दी है। वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे इस गांव में अब हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। घर-घर नल कनेक्शन मिलने से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है और गांव को हर घर जल ग्राम के रूप में नई पहचान मिली है।

पहले ग्राम सोनझरी में खासकर गर्मी के दिनों में, गांव के लोगों को पानी के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ग्रामीणों, महिलाओं और बुजुर्गों को पानी लाने के लिए तपती धूप में दूर-दूर तक जाना पड़ता था और घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। पानी के इस इंतजाम में उनका काफी समय और मेहनत बर्बाद हो जाती थी, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी और बच्चों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ता था। इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत गांव में तेजी से काम किया गया। इसके अंतर्गत सोनझरी गांव में पाइपलाइन का विस्तार किया गया, जल स्रोतों को सुधारा गया और एक ऊंची पानी की टंकी का निर्माण किया गया। इसके बाद गांव के सभी घरों में घरेलू नल कनेक्शन देकर नियमित रूप से पानी की सप्लाई शुरू की गई।
गांव की एक बुजुर्ग निवासी पंचकुंवर बाई ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहले इस उम्र में दूर से पानी लाना उनके लिए सबसे मुश्किल काम था, और सुबह होते ही पानी की चिंता सताने लगती थी। लेकिन अब घर के पास ही साफ पानी मिलने से उनका जीवन बेहद आसान हो गया है। उन्होंने इसके लिए शासन और प्रशासन का आभार जताया है। सोनझरी गांव में आई इस बड़ी तब्दीली के बाद अब चौतरफा सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं। महिलाओं का कीमती समय बच रहा है, बच्चों की पढ़ाई अब बाधित नहीं होती और साफ पानी मिलने से जलजनित बीमारियों में भी भारी कमी आई है।
इस सफलता को आधिकारिक रूप देने के लिए बीते 13 मई 2026 को सोनझरी में एक ग्राम सभा का आयोजन किया गया था। इस बैठक में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ष्हर घर जलष् प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को पूरा किया गया और सोनझरी को आधिकारिक रूप से हर घर जल ग्राम घोषित कर दिया गया। पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन केवल पानी पहुंचाने की योजना नहीं है, बल्कि इसने ग्रामीण जीवन में सुविधा, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मान का नया सवेरा लाया है।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में गृह मंत्री शर्मा ने 54 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को दिखाई हरी झंडी

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में गृह मंत्री शर्मा ने 54 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 00 डायल-112 सेवा का विस्तार अब छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में - शर्मा

00 एक्के नंबर- सब्बो बर के तहत पुलिस, फायर, मेडिकल, महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन सहित सभी आपात सेवाएं अब एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध

रायपुर। राजधानी रायपुर में नागरिक सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आज रायपुर पुलिस परेड ग्राउंड में डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा का भव्य शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर 54 नवीन इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों को शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं के लिए रवाना किया गया। इस अवसर पर रायपुर (पश्चिम) विधायक राजेश मूणत, रायपुर (उत्तर) विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित कांबले, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता सिन्हा सहित शासन एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

उपमुख्य मंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व में डायल-112 सेवा केवल 16 जिलों तक सीमित थी, जिसे अब विस्तारित कर प्रदेश के सभी 33 जिलों में लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि रायपुर कमिश्नरेट क्षेत्र हेतु 33 ईआरवी एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु 21 ईआरवी सहित कुल 54 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु 4 विशेष हाईवे पेट्रोलिंग वाहन भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी वाहन अत्याधुनिक जीपीएस सिस्टम, स्मार्ट कंट्रोल एवं मॉनिटरिंग सिस्टम, कॉल रिकॉर्डिंग, रियल टाइम ट्रैकिंग एवं डिजिटल कम्युनिकेशन तकनीक से लैस हैं, जिससे सूचना प्राप्त होते ही त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। डायल-112 सेवा के माध्यम से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम राष्ट्रीय मानक के अनुरूप रखने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। गृह मंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना में तकनीकी एवं रणनीतिक सहयोग प्रदान करने हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

डायल-112 सेवा एक नंबर- सबकी मदद (एक्के नंबर, सब्बो बर) की अवधारणा पर आधारित है। इसके अंतर्गत नागरिकों को अब विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल 112 डायल कर पुलिस सहायता, फायर ब्रिगेड, मेडिकल इमरजेंसी, महिला हेल्पलाइन (1091), चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), आपदा प्रबंधन एवं हाईवे इमरजेंसी जैसी समस्त आपातकालीन सेवाओं का लाभ प्राप्त किया जा सकेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक  राजेश मूणत जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज तेजी से सुरक्षित एवं नक्सल मुक्त राज्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है तथा डायल-112 का नेक्स्ट जनरेशन मॉडल प्रदेश की आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत एवं सक्षम बनाएगा।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की अपील
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आकस्मिक, आपातकालीन अथवा संकट की स्थिति में बिना किसी संकोच के तत्काल डायल-112 सेवा का उपयोग करें। रायपुर पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, सहायता एवं त्वरित सेवा हेतु चौबीसों घंटे प्रतिबद्ध एवं तत्पर है।

CG TRANSFER : महिला बाल विकास विभाग में तबादले, बड़ी संख्या में अधिकारी भेजे गए इधर से उधर, देखें लिस्ट

CG TRANSFER : महिला बाल विकास विभाग में तबादले, बड़ी संख्या में अधिकारी भेजे गए इधर से उधर, देखें लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ महिला बाल विकास विभाग में बड़ी संख्या में तबादले हुए हैं। कई महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी को इधर से उधर किया गया है। तबादला आदेश के मुताबिक 30 पर्यवेक्षकों और 11 बाल विकास परियोजना अधिकारी बदले गए हैं।

 

 

उप मुख्यमंत्री शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम में 52-52 लाख की लागत से हो रहा मिनी स्टेडियम का निर्माण

उप मुख्यमंत्री शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम में 52-52 लाख की लागत से हो रहा मिनी स्टेडियम का निर्माण

00 मानसून पूर्व निर्माण पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से कबीरधाम जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 52-52 लाख रुपए की लागत से आधुनिक मिनी स्टेडियमों का निर्माण कराया जा रहा है। इन स्टेडियमों के निर्माण से ग्रामीण अंचलों के युवाओं को खेल प्रतिभा निखारने के साथ-साथ पुलिस, सेना एवं अन्य सुरक्षा बलों की भर्ती हेतु फिजिकल तैयारी करने में भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने सभी निर्माण कार्यों को मानसून पूर्व पूर्ण कर संबंधित ग्राम समितियों को हैंडओवर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उनके निर्देशों के पालन में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू ने विभिन्न ग्रामों में पहुंचकर निर्माणाधीन मिनी स्टेडियमों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर नरेन्द्र मानिकपुरी, आरईएस विभाग के अधिकारी, स्टेडियम समिति के सदस्य, ठेकेदार एवं संबंधित ग्रामों के सरपंच उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू ने कहा कि उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनके नेतृत्व में गांवों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को आगे बढऩे का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को नशे और भटकाव से दूर रखते हुए खेल एवं अनुशासन की ओर प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अधोसंरचना विकसित होने से युवाओं को अब अपने ही गांव में खेल अभ्यास एवं प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी करने का अवसर मिलेगा।

इससे युवाओं की प्रतिभा को नया मंच मिलेगा तथा खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होगा। उप मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देश पर स्टेडियमों के रख-रखाव एवं संचालन के लिए स्थानीय युवाओं की समिति भी गठित की गई है। यह समिति स्टेडियम की देखरेख, स्वच्छता एवं खेल गतिविधियों के संचालन में सहयोग करेगी। इससे युवाओं में जिम्मेदारी एवं सहभागिता की भावना भी विकसित होगी। उन्होंने ग्राम दौजरी, बैजलपुर, घुघरी कला, खारा, उसरवाही, तितरी, झलमला एवं चिल्फी में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियमों का निरीक्षण किया।

कृषि विवि में 29 से 31 मई तक होगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव

कृषि विवि में 29 से 31 मई तक होगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव

 00 आम की ढ़ाई सौ से अधिक देशी-विदेशी किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, छत्तीसगढ़ शासन तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 29, 30 एवं 31 मई को कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में राष्ट्रीय आम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय आम महोत्सव में आम की 250 से अधिक देशी एवं विदेशी किस्मों का प्रदर्शन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में आम की विभिन्न किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है जिसमें छत्तीसगढ़ एवं देश के विभिन्न राज्यों के आम उत्पादक शामिल होंगे। इस अवसर पर आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता भी आयोजित है। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की जा रही है जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन भी पंजीयन कर भागीदारी कर सकते हैं । आम महोत्सव में पंजीयन एवं प्रवेश पूर्णतया नि:शुल्क है। इस आयोजन में संस्थागत एवं व्यक्तिगत प्रतियोगी भी सहभागी हो सकते हैं।

कृषि विश्वविद्यालय में 29 से 31 मई तक होगा तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव

आम महोत्सव के प्रथम दिवस 29 मई को प्रात: 9 बजे से 12 बजे तक प्रविष्टियों का पंजीयन किया जाएगा। सामान्यजनों के अवलोकनार्थ यह प्रदर्शनी तीनों दिन रात्रिरू 9 बजे तक खुली रहेगी। प्रदर्शनी में आम की विभिन्न किस्मों के फल, आम के विभिन्न उत्पाद एवं आम के पौधे भी विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे। द्वितीय दिवस 30 मई को आम उगाने वाले कृषकों एवं जिज्ञासुओं के लिए 12 बजे से 4 बजे तक तकनीकी मार्गदर्शन एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता के आम की विभिन्न किस्मों का उत्पादन, आम के विभिन्न उत्पादों के प्रसंस्करण एवं उनके विपणन के साथ ही आम उत्पादन हेतु छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की जायेगी, जिससे नयी पीढ़ी के लोग आम उत्पादन की ओर आकृष्ट हो सकें । आम उत्पादन को पर्यावरण के संरक्षण के साथ एक स्वास्थ्यवर्धक व्यवसाय के रूप में अपनाने की जानकारी आम लोगों को प्रदान की जा जाएगी। तृतीय दिवस 31 मई को आम उत्पादक कृषकों एवं उद्यमियों की सफलता की कहानी उन्हीं की जुबानी 12 से 4 बजे तक सुनाई जाएगी। राष्ट्रीय आम महोत्सव के अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभागी न्यूनतम 5 से 10 आम प्रति किस्म के साथ भाग ले सकते हैं। आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिता में न्यूनतम 250 ग्राम आम के उत्पाद के साथ पंजीयन कर इस प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं।
राष्ट्रीय आम महोत्सव के अंतिम दिन प्रदर्शनी के अवलोकन के साथ ही प्रतिभागियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह का आयोजन भी किया जायेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय फल आम जो कि आम जनता का प्रिय फल है उसकी समस्त सामान्य एवं खास किस्मों और विशिष्ट उत्पादों से आमजनों को अवगत कराना तथा आम उत्पादन को रोजगार के साधन के रूप में अपनाने की जानकारी नागरिकों, महिलाओं, विद्यार्थियों, नव उद्यमियों एवं कृषकों को प्रदान करना है। विदित हो कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विगत दो वर्षों से राष्ट्रीय आम महोत्सव का भव्य एवं सफल आयोजन किया जा रहा है जिसका बहुत अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

एमसीबी जिले को मिली सुरक्षा की नई ताकत, स्वास्थ्य मंत्री ने डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा को दिखाई हरी झंडी

एमसीबी जिले को मिली सुरक्षा की नई ताकत, स्वास्थ्य मंत्री ने डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा को दिखाई हरी झंडी

 00 आपात स्थिति में मिलेगी और तेज मदद, जिले को मिली 8 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल

रायपुर। मनेंद्रगढ़ स्थित कोतवाली थाना परिसर में सुरक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिली, जब स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने डायल-112 फेज-टू (नेक्स्ट जेन) सेवा के तहत एमसीबी जिले को प्राप्त 8 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री  जायसवाल ने कहा कि आज एमसीबी जिले के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन है। डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा के माध्यम से जिले को आधुनिक तकनीक से लैस इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल एवं एम्बुलेंस की सौगात मिली है, जिससे आपातकालीन सेवाएं पहले से अधिक तेज, प्रभावी और भरोसेमंद बनेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिकों की सुरक्षा और त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

नई व्यवस्था से दुर्घटना, अपराध, स्वास्थ्य आपातकाल, महिला सुरक्षा, अग्निकांड और अन्य संकट की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि इन अत्याधुनिक वाहनों में जीपीएस सिस्टम, पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा, मोबाइल डेटा टर्मिनल (एमडीटी), स्मार्ट मोबाइल फोन सहित कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे घटनास्थल तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित होगी और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी भी बेहतर तरीके से की जा सकेगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक रतना सिंह ने बताया कि जिले को प्राप्त 8 इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल में से 7 वाहन 24 घंटे लगातार जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित किए जाएंगे, जबकि 1 वाहन को रिजर्व रखा गया है, ताकि किसी भी तकनीकी या आकस्मिक परिस्थिति में सेवाएं बाधित न हों। उन्होंने कहा कि इन वाहनों के संचालन से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुलिस सहायता और आपात सेवाओं की पहुंच और अधिक सशक्त होगी। आधुनिक तकनीक से लैस ये वाहन किसी भी आपदा, दुर्घटना या आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि डायल-112 सेवा वर्ष 2018 से प्रदेश में संचालित है, लेकिन फेज- टू नेक्स्ट जेन के तहत अब इसका विस्तार प्रदेश के सभी 33 जिलों तक कर दिया गया है। इस नई प्रणाली के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य सेवा, अग्निशमन सेवा, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन, आपदा प्रबंधन एवं राष्ट्रीय हाईवे सेवाओं को एकीकृत प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे नागरिकों को एक ही नंबर 112 पर समन्वित आपातकालीन सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

प्रदेशभर में इस परियोजना के तहत लगभग 400 इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल तैनात किए जा रहे हैं। साथ ही सेवाओं के सुचारू संचालन के लिए अत्याधुनिक प्राथमिक केंद्रीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र तथा बैकअप के रूप में द्वितीयक कमान एवं नियंत्रण केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जिससे तकनीकी बाधा की स्थिति में भी सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। डायल-112 नेक्स्ट जेन सेवा के शुभारंभ से जिले में सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

BREAKING : खारुन नदी में मिली अज्ञात व्यक्ति की लाश, जांच में जुटी पुलिस

BREAKING : खारुन नदी में मिली अज्ञात व्यक्ति की लाश, जांच में जुटी पुलिस

 रायपुर।  रायपुर में खारुन नदी से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद होने से सनसनी फैल गई है। शव पानी में काफी समय तक डूबा रहने के कारण पूरी तरह से विकृत हो चुका है, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया है।

प्रारंभिक जांच में मृतक पुरुष की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है, जिनकी लंबाई करीब 5 फीट 6 इंच है। मृतक ने पीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग का लोवर पहन रखा था, लेकिन उसके पास से कोई पहचान पत्र या अन्य सामान बरामद नहीं हुआ है।

घटना दीनदयाल उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आसपास के इलाकों में पहचान की कोशिश शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

 
REAKING : पुलिस आरक्षकों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अंतिम आदेश जारी करने पर लगाई रोक

REAKING : पुलिस आरक्षकों के प्रमोशन पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अंतिम आदेश जारी करने पर लगाई रोक

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने प्रदेश में चल रही पुलिस कॉन्स्टेबल प्रमोशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। जस्टिस पीपी साहू ने पदोन्नति के संबंध में अंतिम आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन याचिका की अगली सुनवाई तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। 72 आरक्षकों द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने अंतरिम आदेश जारी किया है।

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में आरक्षकों की प्रमोशन प्रक्रिया जारी है। इस प्रक्रिया में नियमों के पालन नहीं होने का आरोप लगाया गया है। कोरबा जिले के अलग-अलग थानों में पदस्थ आरक्षक लव कुमार पात्रे, भूपेंद्र कुमार पटेल, विक्रम सिंह शांडिल्य समेत कुल 73 आरक्षकों ने पदोन्नति प्रक्रिया में अपनाई जाने वाली नियमों व शर्तों को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी बिलासपुर रेंज, एसपी कोरबा समेत अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।

याचिकाकर्ता आरक्षकों ने अपनी याचिका में कहा गया है, पुलिस मुख्यालय ने प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन इसमें उन आरक्षकों को भी शुरुआती नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठ मानकर प्रमोशन देने की तैयारी की जा रही है, जिन्होंने अपनी इच्छा से दूसरे जिले में ट्रांसफर कराया था।

याचिकाकर्ताओं का कहना है, छत्तीसगढ़ पुलिस एग्जीक्यूटिव फोर्स कांस्टेबल भर्ती, पदोन्नति, सेवा शर्त नियम 2007 में किए गए संशोधन के अनुसार अगर कोई कर्मचारी अपनी मर्जी से दूसरे जिले में ट्रांसफर लेता है, तो नए जिले की वरिष्ठता सूची में उसका नाम सबसे नीचे माना जाता है। याचिकार्ताओं का आरोप है, मौजूदा प्रमोशन प्रक्रिया में इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा है, यदि इस समय हाई कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिलती, तो नियमों के विपरीत 1 जून 2026 को फाइनल फिट लिस्ट जारी हो जाती। इससे लंबे समय से एक ही जिले में काम कर रहे आरक्षकों को नुकसान उठाना पड़ेगा। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया, पुलिस मुख्यालय के स्पष्टीकरण पत्र को इस याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। सरकार ने यह भी बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई याचिकाकर्ताओं के नाम भी फिट लिस्ट में शामिल हो सकते हैं।0

हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना, मामला सेवा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए कहा है, विभागीय पदोन्नति समिति अपनी प्रक्रिया जारी रख सकती है, लेकिन हाई कोर्ट की अनुमति के बिना अंतिम पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।

बिलासपुर संभाग में कुल 795 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक पद पर प्रमोशन के लिए योग्य पाया गया है। आईजी कार्यालय की ओर से जारी जिलेवार आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक बिलासपुर और रायगढ़ जिले से 230-230 आरक्षक योग्य पाए गए हैं। इसके अलावा कोरबा से 85, जांजगीर से 60, मुंगेली से 40, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 40, सारंगढ़-बिलाईगढ़ से 60, सक्ती जिले से 50 आरक्षक सूची में शामिल हैं।

बिलासपुर समेत कई पुराने जिलों के आरक्षक, प्रमोशन की संभावना बढ़ाने के लिए अपना ट्रांसफर नवगठित जिलों में कराते हैं। वहां वरिष्ठता सूची में आगे आने का फायदा मिल जाता है। ऐसे में प्रथम नियुक्ति तिथि के आधार पर उन्हें पहले पदोन्नति मिल जाती है। प्रमोशन मिलने के बाद कई आरक्षक हवलदार बनकर दोबारा अपने पुराने जिले में ट्रांसफर करा लेते हैं। पुलिस विभाग में लंबे समय से इस तरह का खेल चल रहा है।

CG : रायगढ़ को मिली 16 अत्याधुनिक डॉयल-112 ईआरव्ही वाहन की सौगात

CG : रायगढ़ को मिली 16 अत्याधुनिक डॉयल-112 ईआरव्ही वाहन की सौगात

 रायगढ़।  रायगढ़ जिले में सुरक्षा, त्वरित सहायता और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने डॉयल-112 फेज-2 नेक्स्ट जेनरेशन योजना के तहत 16 अत्याधुनिक इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल उपलब्ध कराए हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बुधवार को पुराना पुलिस लाइन, रायगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि नई डॉयल-112 सेवा के विस्तार से अब रायगढ़वासियों को किसी भी आपात स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना सरकार की सुरक्षा और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि अब पुलिस सहायता के साथ मेडिकल, फायर, आपदा प्रबंधन, महिला हेल्पलाइन, चाइल्ड हेल्पलाइन और नेशनल हाईवे सेवाएं भी 112 से जोड़ी गई हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि डॉयल-112 योजना 2018 से राज्य के 16 जिलों में संचालित थी, जिसे अब फेज-2 के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों तक विस्तारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 400 आधुनिक ईआरव्ही वाहन तैनात किए गए हैं, जिनमें से रायगढ़ जिले को 16 वाहन मिले हैं। इन वाहनों में पीटीजेड कैमरा, डैश कैमरा, जीपीएस, मोबाइल डेटा टर्मिनल और स्मार्ट मोबाइल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे घटनास्थल पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी। योजना के संचालन के लिए रायपुर में आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर सी-4 स्थापित किया गया है। कार्यक्रम में महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, एडिशनल एसपी अनिल सोनी सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। अंत में अतिथियों ने आधुनिक डॉयल-112 वाहनों को रवाना कर जिले को नई सुरक्षा व्यवस्था की सौगात दी।

21वीं सदी में कंटेंट क्रिएशन युवाओं के लिए असीम संभावनाओं का क्षेत्र : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

21वीं सदी में कंटेंट क्रिएशन युवाओं के लिए असीम संभावनाओं का क्षेत्र : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 रायगढ़ के क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स से संवाद कर साझा किए बदलते दौर के अवसरों पर विचार

रायपुर-- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज रायगढ़ में जिले के युवा कंटेंट क्रिएटर्स, डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स और सोशल मीडिया से जुड़े रचनात्मक युवाओं से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने 21वीं सदी में तकनीक, नवाचार और डिजिटल माध्यमों से उभर रही नई संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आज का दौर ज्ञान, रचनात्मकता और तकनीक का दौर है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने युवाओं को अपनी प्रतिभा को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का अभूतपूर्व अवसर दिया है। कंटेंट क्रिएशन अब केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक परिवर्तन का प्रभावशाली साधन बन चुका है।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ सहित छत्तीसगढ़ के युवा अपनी रचनात्मकता, स्थानीय संस्कृति और सकारात्मक सोच के माध्यम से राज्य की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने कंटेंट के जरिए प्रदेश की संस्कृति, पर्यटन, लोककला, सफलता की कहानियों और विकास कार्यों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करें।

चौधरी ने कहा कि 21वीं सदी में वही समाज और राज्य आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को अपनाते हुए नवाचार को प्रोत्साहित करेंगे। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि रचनात्मकता को अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जोड़ा जाए, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म सफलता के अनगिनत द्वार खोल सकते हैं।

संवाद के दौरान क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा डिजिटल मीडिया, कंटेंट निर्माण और युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की। सभी प्रतिभागियों ने वित्त मंत्री के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।

सुशासन तिहार 2026 :जनसमस्या निवारण शिविरों में जरूरतमंदों को मिल रही सहायक सामग्री और योजनाओं का लाभ

सुशासन तिहार 2026 :जनसमस्या निवारण शिविरों में जरूरतमंदों को मिल रही सहायक सामग्री और योजनाओं का लाभ

 0-समाज कल्याण विभाग ने श्रवण यंत्र एवं टेट्रापॉड का किया वितरण, नशामुक्ति के प्रति किया जागरूक

रायपुर--मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विभिन्न जिलों में जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। शिविरों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ जरूरतमंद हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया जा रहा है।

इसी क्रम में जिला खैरागढ़ में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया। शिविर में 2 श्रवण यंत्र एवं 1 टेट्रापॉड प्रदान कर हितग्राहियों को राहत पहुंचाई गई।

शिविर के दौरान विभागीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया तथा नागरिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता लाने हेतु लोगों को प्रेरित किया गया। प्राप्त मांग एवं शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण के लिए अधिकारियों द्वारा आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। शासन की पहल से आयोजित ऐसे शिविरों से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही समाधान और योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

आत्मनिर्भरता, पोषण और बदलाव की नई पहचान बनीं महिला स्व-सहायता समूह

आत्मनिर्भरता, पोषण और बदलाव की नई पहचान बनीं महिला स्व-सहायता समूह

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और कुपोषण मुक्ति को एक साथ जोड़ते हुए राज्य सरकार ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जिसने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आशा, आत्मविश्वास और आर्थिक स्थिरता की नई रोशनी जगाई है। आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार (रेडी-टू-ईट) के निर्माण एवं वितरण का दायित्व महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपकर सरकार ने महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में सशक्त भागीदारी का अवसर भी प्रदान किया है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रारंभ की गई यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा के समन्वित मॉडल के रूप में उभर रही है। पहले जहां पूरक पोषण आहार निर्माण का कार्य बाहरी एजेंसियों के माध्यम से किया जाता था, वहीं अब यह जिम्मेदारी गांव की महिलाओं ने संभाल ली है, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हुआ है और महिलाओं की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रही है।
राज्य सरकार ने प्रथम चरण में रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलें में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है। इन छह जिलें के 42 महिला स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण एवं वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार मिली है और वे अब संगठित रूप से उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण और वितरण का कार्य संभाल रही हैं।

प्रदेश का पहला रेडी-टू-ईट उत्पादन रायगढ़ जिले में प्रारंभ हुआ, जिसने पूरे राज्य के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। कोरबा जिले में 10, रायगढ़ में 10, सूरजपुर एवं बलौदाबाजार-भाटापारा में 7-7, बस्तर में 6 तथा दंतेवाड़ा में 2 महिला स्व-सहायता समूह इस कार्य से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों तक समय पर गुणवत्तापूर्ण पूरक पोषण आहार पहुंचाया जा रहा है।

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे महिलाओं की भूमिका केवल श्रमिक तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे प्रबंधन और निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा भी बनी हैं। उत्पादन इकाइयों में कार्यरत महिलाओं को मशीन संचालन, गुणवत्ता परीक्षण, पैकेजिंग, भंडारण वितरण और लेखा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है। आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित इन इकाइयों ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है।

सूरजपुर जिले में संचालित रेडी-टू-ईट निर्माण संयंत्र इस बदलाव की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। भैयाथान, प्रतापपुर और सूरजपुर विकासखंडों में संचालित संयंत्रों में महिलाएं पौष्टिक नमकीन दलिया और मीठा शक्ति आहार तैयार कर रही हैं। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘डी’, आयरन, कैल्शियम, जिंक और फोलिक एसिड जैसे आवश्यक पोषक तत्व शामिल हैं, जो बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

इन संयंत्रों में कार्यरत महिलाएं अब केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां नहीं निभा रहीं, बल्कि जिले के पोषण अभियान में महत्वपूर्ण भागीदार बन चुकी हैं। सूरजपुर जिले में निर्माण के साथ-साथ वितरण की जिम्मेदारी भी महिला समूहों को सौंपी गई है, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं आजीविका से जुड़ सकी हैं। लगभग 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार पहुंचाने के कार्य में सक्रिय रूप से लगी हुई हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पहल को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और बच्चों के बेहतर पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि यह योजना महिलाओं को रोजगार देने के साथ-साथ राज्य के पोषण स्तर में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

दरअसल, यह पहल केवल पोषण आहार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव की एक सशक्त कहानी भी है, जिन महिलाओं की पहचान कभी केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थी, वे आज उत्पादन इकाइयों का संचालन कर रही हैं। समूहों का नेतृत्व कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं। नियमित आय ने उनके जीवन में स्थिरता लाई है, आत्मविश्वास बढ़ाया है और समाज में उनकी भागीदारी को मजबूत किया है।

छत्तीसगढ़ में महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित यह मॉडल “पोषण के साथ सशक्तिकरण” की अवधारणा को वास्तविक रूप दे रहा है। यह पहल साबित कर रही है कि जब महिलाओं को अवसर और विश्वास मिलता है, तो वे न केवल अपने जीवन को बदलती हैं, बल्कि पूरे समाज के विकास की दिशा भी तय करती हैं।

 

‘सियान गुड़ी’ में बुजुर्गों को मिल रहा नया जीवन, थेरेपी से बदली जिंदगी

‘सियान गुड़ी’ में बुजुर्गों को मिल रहा नया जीवन, थेरेपी से बदली जिंदगी

 जशपुर में 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत, 32 को मिल रही नियमित फिजियोथेरेपी सुविधा

स्वास्थ्य जांच, परामर्श, योग-भजन और सुंदरकांड पाठ से मिल रहा मानसिक एवं शारीरिक संबल

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सियान गुड़ी बुजुर्गों के लिए देखभाल, स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक जुड़ाव का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रही है।
समाज कल्याण विभाग की इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत जिले में अब तक 94 वरिष्ठ नागरिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 32 बुजुर्गों को नियमित रूप से फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें शारीरिक समस्याओं से राहत मिल रही है।
हाल ही में जिला अस्पताल की विशेषज्ञ टीम, जिसमें चिकित्सा अधिकारी, मनोवैज्ञानिक, साइकेट्रिक नर्स और लैब तकनीशियन शामिल थे, इस टीम ने सियान गुड़ी और नशामुक्ति केंद्र के हितग्राहियों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं रक्त जांच किया। टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और काउंसिलिंग भी प्रदान की।
सियान गुड़ी में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से वरिष्ठ नागरिक विभिन्न मनोरंजक, सामाजिक और स्वास्थ्यवर्धक गतिविधियों में भाग लेते हैं। दिनभर की गतिविधियों के बाद शाम 6 बजे सभी पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों और कर्मचारियों की उपस्थिति में सुंदरकांड का पाठ किया जाता है, जिससे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का वातावरण बनता है। सियान गुड़ी से लाभान्वित वरिष्ठ नागरिकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केंद्र उनके लिए सम्मान, देखभाल और आत्मीयता का स्थान बन गया है।समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सियान गुड़ी पहुंचकर इस उपयोगी सुविधा का लाभ उठाएं।

नवा रायपुर अटल नगर: विकास, निवेश और आधुनिक भारत का उभरता स्मार्ट शहर

नवा रायपुर अटल नगर: विकास, निवेश और आधुनिक भारत का उभरता स्मार्ट शहर

 नवा रायपुर अटल नगर: उपलब्धियों से नई ऊँचाइयों की ओर

सुनील कुमार त्रिपाठी,सहायक संचालक

रायपुर-- छत्तीसगढ़ की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी नवा रायपुर अटल नगर आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में शामिल है। सुव्यवस्थित अधोसंरचना, हरित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति ने नवा रायपुर को भविष्य के भारत का आदर्श शहरी मॉडल बना दिया है। यह केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का उभरता हुआ केंद्र है।

स्मार्ट अधोसंरचना और शहरी सेवाओं में बड़ी उपलब्धियाँ

नवा रायपुर अटल नगर में 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पूरे शहर में दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे वर्तमान आबादी के साथ-साथ नए विकसित हो रहे सेक्टरों की आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सकेगी।

वर्षाजल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 10.66 किलोमीटर लंबी बायोस्वेल्स, रिचार्ज पिट्स और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र विकसित किए गए हैं। इन पहलों ने न केवल जल संरक्षण को मजबूत किया है, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन को भी सुदृढ़ किया है।

परिवहन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम

रायपुर-राजिम रेल सेवा का नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन तक विस्तार शहर की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान कर रहा है।

महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिंक ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। साथ ही, ई-बस संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और सेवा प्रारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह पहल हरित और टिकाऊ शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रहा एडूसिटी

नवा रायपुर के 13 सहकारी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है और दो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया गया है।

लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में एडूसिटी का विकास किया जा रहा है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे National Institute of Fashion Technology (NIFT), National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) और National Forensic Sciences University (NFSU), Narsee Monjee को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-7 में 17 एकड़ भूमि पर आवासीय विद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है।

मेडिसिटी: स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यहाँ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, धर्मशाला, होटल और आवासीय सुविधाएँ विकसित की जाएँगी।

इस परियोजना के तहत Bombay Hospital को 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, लगभग 50 एकड़ भूमि पर आवासीय विकास हेतु निजी निवेशकों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।

महिला सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण

कार्यरत महिलाओं के लिए 1,000 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना महिला सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।

इसके अतिरिक्त, प्रवासी श्रमिकों के लिए 1,100 क्षमता वाला सर्वसुविधायुक्त श्रमिक आवास भवन 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।
पर्यटन, संस्कृति और MICE गंतव्य के रूप में उभार

नवा रायपुर में 77 एकड़ भूमि पर सेवाग्राम तथा सेक्टर-39 में Art of Living Foundation को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र विकसित हो रहे हैं।

सेक्टर-4 और 10 में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में निजी निवेश के माध्यम से कन्वेंशन सेंटर कम स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जा रही है। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर और टेनिस, तैराकी, कुश्ती, तीरंदाजी तथा स्क्वैश जैसी खेल सुविधाएँ शामिल होंगी।

सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का उभरता हब

नवा रायपुर में राज्य का पहला SEZ आधारित एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश अपेक्षित है।

यहाँ भारत का पहला GaN तकनीक आधारित सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए भी भूमि आवंटित की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हुई है, जहाँ PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

सीबीडी क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आईटी कंपनियों को सुसज्जित कार्यालय स्थान उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में लगभग 1,000 युवा कार्यरत हैं और 2,000 अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना है।

सतत विकास और हरित पहल

“पीपल फॉर पीपल” अभियान के अंतर्गत 1 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे शहर के 26 प्रतिशत हरित क्षेत्र को संरक्षित और विस्तारित करने में मदद मिली है।

बायोस्वेल्स, रिचार्ज सिस्टम और हरित कॉरिडोर जैसे उपाय नवा रायपुर को पर्यावरण-अनुकूल और जल-संवेदनशील शहर के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

प्राधिकरण की आगामी कार्ययोजना

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण आने वाले वर्षों में शहर को और अधिक आधुनिक एवं निवेश-आकर्षक बनाने हेतु कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है:

सेरीखेड़ी और मंदिरहसौद क्षेत्र में लगभग 1,100 एकड़ पर 800 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास।

राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के एकीकृत विकास हेतु विशेष प्राधिकरण गठन।

500 एकड़ में मेडिसिटी और 200 एकड़ में एडूसिटी का विस्तार।

नवा रायपुर को IT, ITeS और AI हब के रूप में स्थापित करना।

वार्षिक पूंजीगत व्यय क्षमता को 1,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना।

वेलनेस सेंटर, वेडिंग डेस्टिनेशन, MICE कैपिटल और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहन।

प्रभावित ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास योजना के आधार पर आधुनिक अधोसंरचना विकास।

इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का तकनीकी उन्नयन।

सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने हेतु 40 नई ई-बसों का संचालन।

नई राजधानी, नए भारत की पहचान

नवा रायपुर अटल नगर आज योजनाबद्ध विकास, आधुनिक सुविधाओं और सतत शहरीकरण का सशक्त उदाहरण बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और हरित विकास के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति इसे न केवल छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है।

आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर निश्चित ही भारत के सबसे आधुनिक, निवेश-अनुकूल और जीवन गुणवत्ता से परिपूर्ण शहरों में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।

छत्तीसगढ़ में महंगाई के बीच अभिभावकों को एक और झटका, नए शिक्षा सत्र से बढ़ जाएगी सरकारी स्कूलों की फीस

छत्तीसगढ़ में महंगाई के बीच अभिभावकों को एक और झटका, नए शिक्षा सत्र से बढ़ जाएगी सरकारी स्कूलों की फीस

 रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने आगामी शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए सरकारी स्कूलों में स्थानीय शुल्क (लोकल फीस) में वृद्धि करने संबंधी आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद अब विद्यार्थियों को पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। यह निर्देश सरकारी स्कूलों के साथ-साथ स्वामी आत्मानंद स्कूलों और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।

जारी आदेश के अनुसार, हाई स्कूल स्तर के विद्यार्थियों को अब 410 रुपये की जगह 500 रुपये स्थानीय शुल्क के रूप में जमा करना होगा। यानी छात्रों को 90 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा। वहीं उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए शुल्क 445 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये कर दिया गया है। इस श्रेणी के छात्रों को अब 95 रुपये अधिक देने होंगे।

शिक्षा विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद नए शिक्षा सत्र में अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि विभाग का कहना है कि विद्यालयों की विभिन्न व्यवस्थाओं और संचालन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शुल्क में संशोधन किया गया है। आदेश के मुताबिक यह नई शुल्क दरें शिक्षा सत्र 2026-27 से प्रभावी रहेंगी।

बता दें कि प्रदेश में 56 हजार स्कूलों में लगभग 56 लाख विद्यार्थी हैं। इसमें से 44 लाख से ज्यादा विद्यार्थी सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत हैं। ऐसे में निर्धारित शुक्ल के अनुसार अरबों का फंड सरकारी स्कूलों के पास रहेगा।

ग्राम धनोरा में सुशासन तिहार का आयोजन, 14 किसानों को मिला डिजिटल किसान किताब…..

ग्राम धनोरा में सुशासन तिहार का आयोजन, 14 किसानों को मिला डिजिटल किसान किताब…..

 रायपुर: राज्य शासन की मंशानुरूप आम नागरिकों की समस्याओं एवं मांगों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिले में बस्तर मुन्ने एवं सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में कोण्डागांव जिले के केशकाल विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम धनोरा में तहसील कार्यालय के सामने विकासखण्ड स्तरीय क्लस्टर शिविर आयोजित किया गया।

शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष केशकाल नंदनी पोटाई, जिला पंचायत सदस्य  कपिल कान्त नाग, जनपद सदस्य  नमिता जैन सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस क्लस्टर शिविर में ग्राम कोरकोटी, खालेवेदी, चुड़ावा, बदवर, करमरी, बेलगांव, हिचका, सिलमड़ी कोठोड़ी, धनोरा, धुरवापारा, सुकबेड़ा, आचलापारा, कर्रारमेटा, भाटगांव, सवाला, बनियागांव एवं सिलाटी सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया।

शिविर में राजस्व विभाग द्वारा 14 किसानों को डिजिटल किसान किताब प्रदान की गई। इसके साथ ही 6 वनाधिकार खसरा, 1 वनाधिकार पुस्तिका, 1 ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, 4 जाति प्रमाण पत्र, 4 आय प्रमाण पत्र तथा 5 निवास प्रमाण पत्र वितरित किए गए। पंचायत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 8 हितग्राहियों को आवास की चाबी प्रदान की गई तथा 9 जॉब कार्ड वितरित किए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 3 आयुष्मान कार्ड एवं 6 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए। खाद्य विभाग ने 3 राशन कार्ड वितरित किए, वहीं उद्यान विभाग द्वारा 10 पौधों का वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा 1 अन्नप्राशन कार्यक्रम भी संपन्न कराया गया। शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित हितग्राहियों ने खुशी जताते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

’सुशासन तिहार में अलमा टोप्पो की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान’, ’जनसमस्या निवारण शिविर में हाथों-हाथ मिला राशन कार्ड

’सुशासन तिहार में अलमा टोप्पो की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान’, ’जनसमस्या निवारण शिविर में हाथों-हाथ मिला राशन कार्ड

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीणों के लिए राहत और भरोसे का प्रभावी माध्यम बन रहा है। जनसमस्या निवारण शिविरों के जरिए आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से सीधे जोड़ा जा रहा है।

सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत नानदमाली निवासी अलमा टोप्पो लंबे समय से राशन कार्ड नहीं बनने के कारण परेशान थीं। राशन कार्ड के अभाव में उनके परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न का लाभ नहीं मिल पा रहा था।

सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्होंने अपनी समस्या रखी। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए दस्तावेजों का परीक्षण किया और मौके पर ही उनका नया राशन कार्ड जारी कर दिया। राशन कार्ड प्राप्त होते ही अलमा टोप्पो के चेहरे पर खुशी साफ झलकने लगी।

अलमा टोप्पो ने बताया कि अब उनके परिवार को नियमित रूप से उचित मूल्य की दुकान से राशन मिल सकेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान गांव में ही हो गया और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका त्वरित समाधान कर रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव लगातार मजबूत हो रहा है।

सुशासन तिहार में त्वरित कार्रवाई : पोड़ियामी जोगा को मिला 1.10 लाख रुपये का बकरी शेड…..

सुशासन तिहार में त्वरित कार्रवाई : पोड़ियामी जोगा को मिला 1.10 लाख रुपये का बकरी शेड…..

 रायपुर: सुकमा जिले की जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के पटेलपारा निवासी पोड़ियामी जोगा को सुशासन तिहार के माध्यम से बड़ी राहत मिली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा उन्हें एक लाख 10 हजार रुपये की लागत से बकरी शेड निर्माण की सुविधा प्रदान की गई है। इससे उनके पशुपालन कार्य को नई मजबूती मिली है और आय बढ़ाने का रास्ता भी आसान हुआ है।

पोड़ियामी जोगा ने सुशासन तिहार 2025 के दौरान आयोजित शिविर में बकरी शेड निर्माण के लिए आवेदन दिया था। आवेदन मिलते ही प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शीघ्र स्वीकृति प्रदान की और तय समय-सीमा में बकरी शेड का निर्माण पूरा कराया गया।
बकरी शेड बनने से अब पशुओं की देखभाल बेहतर तरीके से हो रही है। इससे पशुपालन कार्य में सुविधा बढ़ी है और भविष्य में आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है।

हितग्राही जोगा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान हो रहा है और ग्रामीणों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़: दर्दनाक हादसा, रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से तीन युवकों की मौके पर ही मौत

छत्तीसगढ़: दर्दनाक हादसा, रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा की चपेट में आने से तीन युवकों की मौके पर ही मौत

 अभनपुर। अभनपुर-राजिम मार्ग पर देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बाइक सवार पहले सड़क पर आए मवेशी से टकरा गए, इसी दौरान पीछे से आ रहे रेत से भरे तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नायकबांधा, हसदा और उरला के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हादसे में शामिल हाईवा वाहन को जप्त कर लिया है। वहीं पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

 
CG WEATHER : उमस और तेज धूप से बढ़ी परेशानी, छत्तीसगढ़ में अगले 72 घंटे रहेंगे बेहद गर्म

CG WEATHER : उमस और तेज धूप से बढ़ी परेशानी, छत्तीसगढ़ में अगले 72 घंटे रहेंगे बेहद गर्म

 रायपुर । छत्तीसगढ़ में एक बार फिर भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ाने वाली है। हवा में बढ़ी नमी के कारण दिनभर चिपचिपी गर्मी महसूस की जा रही है, जिससे लोग हलाकान हैं। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले तीन से चार दिनों में प्रदेश के मध्य और उत्तर हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ेगा और ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बन सकती है। वहीं राजधानी रायपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी दर्ज की गई, लेकिन इससे गर्मी से राहत नहीं मिली। मंगलवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौसम वैज्ञानिक एच. पी. चंद्रा के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही दो द्रोणिकाएं भी बनी हुई हैं, जिनका असर मौसम पर देखने को मिल रहा है। हालांकि 20 मई को प्रदेश का मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन अगले चार दिनों में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के मध्य और उत्तर भागों में लू जैसे हालात बन सकते हैं। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वहीं मई के अंतिम दिनों में केरल तक मानसून पहुंचने के बाद छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।

ऑनलाइन फार्मेसी के अवैध तौर-तरीकों के खिलाफ कल दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने दिया पूर्ण समर्थन

ऑनलाइन फार्मेसी के अवैध तौर-तरीकों के खिलाफ कल दवा व्यापार बंद, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने दिया पूर्ण समर्थन

 रायपुर। ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अनियंत्रित कारोबार और इसके कारण आम जनता के स्वास्थ्य पर मंडराते गंभीर खतरे के विरोध में कल 20 मई, दिन बुधवार को प्रदेशव्यापी होलसेल और रिटेल दवा व्यापार बंद का आह्वान किया गया है। इस सिलसिले में डिस्ट्रिक ड्रगिस्ट एंड केमिस्ट एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री विनय कृपलानी एवं कंफेडरेशन ऑफ फॉर्म डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री वासुदेव जोतवानी ने संयुक्त रूप से चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में चेम्बर पदाधिकारियों से मुलाकात कर बंद को लेकर समर्थन मांगा।

दवा बाजार के इस बड़े संकट और जनहित के इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए चेम्बर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने व्यापारियों की एकजुटता का परिचय देते हुए इस बंद को अपना पूर्ण और नैतिक समर्थन देने की घोषणा की है। चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी ने बताया कि वर्तमान में ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा दवाओं पर अनियंत्रित और अत्यधिक छूट दी जा रही है, जो कि व्यापारिक नियमों के खिलाफ है।

कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने कहा कि चिंताजनक बात यह है कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बाजार में नकली दवाएं धड़ल्ले से खपायी जा रही हैं। इतना ही नहीं, सरकार द्वारा प्रतिबंधित और अत्यधिक संवेदनशील दवाएं, जिन्हें सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर की लिखित सलाह (पर्चे) पर ही दिया जाना कानूनी रूप से अनिवार्य है, वे भी इन ऑनलाइन साइट्स पर बिना किसी कड़े सत्यापन के धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। जिसका चेम्बर विरोध करता है तथा इसे रोकने हेतु प्रशासन से निर्देश देने की अपील करता है।

कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा अनियंत्रित छूट देना,नकली दवाएं के साथ साथ प्रतिबंधित दवाएं जो कि सिर्फ और सिर्फ डॉक्टर के सलाह पर ही दी जानी चाहिए धड़ल्ले से बेची जा रही है। यह स्थिति न केवल पारंपरिक दवा व्यापारियों के रोजगार को गर्त में धकेल रही है, बल्कि युवाओं में नशे और प्रतिबंधित दवाओं के दुरुपयोग को बढ़ावा देकर सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। इसी गंभीर विषय को लेकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तालाबंदी का निर्णय लिया गया है।

यही वजह है कि 20 मई को होने वाले इस प्रदेशव्यापी बंद के दौरान केवल और केवल हॉस्पिटल (अस्पतालों) के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर ही खुले रहेंगे, ताकि किसी भी मरीज को आपात स्थिति में भटकना न पड़े। इसके अलावा शहर और राज्य के सभी बाहरी व स्वतंत्र थोक और चिल्हर मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहेंगे। बैठक में उपस्थित समस्त पदाधिकारियों ने कहा है कि यह लड़ाई सिर्फ व्यापारियों के अस्तित्व की नहीं, बल्कि समाज के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है और चेम्बर ऑफ कॉमर्स से मिला यह समर्थन इस आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाएगा। चेम्बर ने दवा संगठनों को आश्वस्त किया है कि इस गंभीर मुद्दे पर व्यापारियों की आवाज को प्रशासन और शासन के समक्ष बेहद पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।

इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राधा किशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष अमरदास खट्टर, मंत्री भारत पमनानी, पंकज जैन, लोकेश साहू, कनफेडरेशन ऑफ फार्मा डीलर्स एसोसिएशन अध्यक्ष वासुदेव जोतवानी, जिला केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष विनय कृपलानी, कोषाध्यक्ष नितेश जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

हिमाचल की वादियों में छत्तीसगढ़ का हुनर, यूथ फेस्टिवल 2026 में शामिल होंगे जशपुर के 20 युवा

हिमाचल की वादियों में छत्तीसगढ़ का हुनर, यूथ फेस्टिवल 2026 में शामिल होंगे जशपुर के 20 युवा

 00 बीर (हिमाचल प्रदेश) में सजेगा राष्ट्रीय मंच; ट्रेकिंग के साथ कला, संस्कृति और प्रतिभा का होगा संगम

रायपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के होनहार युवा जल्द ही हिमाचल प्रदेश की ठंडी वादियों और ऊंचे पहाड़ों के बीच अपने हुनर का जलवा बिखेरेंगे।यूथ फेस्टिवल 2026 के तहत राष्ट्रीय स्तर के एक भव्य आयोजन में भाग लेने के लिए जशपुर जिले के 20 छात्र-छात्राओं का दल रवाना हो रहा है। यह राष्ट्रीय आयोजन हिमाचल प्रदेश के श्बीरश् में 21 मई से 24 मई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

 

 

के 18 से 24 वर्ष के आयु वर्ग के 20 युवाओं (छात्र-छात्राओं) का चयन जशपुर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस महोत्सव के लिए किया गया है। युवाओं की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए दल के साथ जिला स्तर के 02 प्रभारियों को भी भेजा गया है।

 

’पहाड़ों पर ट्रेकिंग और संस्कृति का महासंगम’
यह फेस्टिवल केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश भर के युवाओं के सपनों, कला, संस्कृति और आत्मविश्वास का एक जीवंत महोत्सव होगा। कार्यक्रम के दौरान जहाँ युवा हरे-भरे पहाड़ों पर एडवेंचर और ट्रेकिंग का अनुभव लेंगे, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस 4 दिवसीय आयोजन में गीत, संगीत, नृत्य आदि सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी जाएगी। भाषण प्रतियोगिताओं के साथ -साथ देश के विभिन्न राज्यों से आए युवाओं के साथ संवाद भी होगा। जशपुर के युवा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित कर राज्य का नाम रोशन करेंगे। यह यात्रा छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कुछ नया सीखने, नए मित्र बनाने और भारत की विविध संस्कृति को करीब से जानने का एक बेहतरीन और यादगार अवसर साबित होगी। यह महोत्सव युवाओं के उत्साह, ऊर्जा और सपनों को एक नई दिशा देगा।