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मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण बना जनआंदोलन

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में जल संरक्षण बना जनआंदोलन

 00 वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिले में तेज़ी से हो रहे रोजगार, जल संरक्षण एवं हरित विकास के कार्य
00 एमसीबी जिले में मंत्री जायसवाल ने मोर गांव-मोर पानी अभियान एवं एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम का किया शुभारंभ
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी जी राम जी) के अंतर्गत पूरे प्रदेश में रोजगार सृजन, जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है। मोर गांव-मोर पानी अभियान के माध्यम से राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है। अभियान के तहत प्रदेशभर में लाखों मानव-दिवस का रोजगार सृजित होने के साथ-साथ जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण कर भू-जल संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के जनपद पंचायत खडग़वां अंतर्गत ग्राम पंचायत बरदर में जन सम्मेलन, एक पेड़ मां के नाम वृहद वृक्षारोपण एवं मोर गांव-मोर पानी जनभागीदारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा मनेन्द्रगढ़ विधायक श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने वृक्षारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं कंटूर ट्रेंच की खुदाई कर जल संरक्षण का संदेश दिया और कहा कि जल संरक्षण केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढिय़ों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिकाधिक जनभागीदारी के साथ जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। ग्राम पंचायत बरदर में 52 एकड़ क्षेत्र में समेकित जल संरक्षण एवं हरित विकास मॉडल विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 30 एकड़ क्षेत्र में कंटूर ट्रेंच एवं अन्य जल संरक्षण कार्यों के माध्यम से वर्षाजल के संग्रहण और भू-जल संवर्धन की व्यवस्था विकसित की गई है, जबकि 22 एकड़ क्षेत्र में लगभग 2,000 फलदार एवं अन्य पौधों का रोपण प्रारंभ किया गया है। जल संरक्षण और हरित विकास का यह मॉडल ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।
मोर गांव-मोर पानी अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों से इस क्षेत्र में लगभग 200 लाख लीटर भू-जल रिचार्ज क्षमता विकसित हुई है। इससे भविष्य में सिंचाई, पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादकता तथा पर्यावरण संरक्षण को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा वीबी जी राम जी के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण तथा आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत को जल-सुरक्षित, हरित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।

खाद वितरण में खैरागढ़ जिला प्रदेश में प्रथम, 83.82 प्रतिशत उर्वरक का हुआ वितरण

खाद वितरण में खैरागढ़ जिला प्रदेश में प्रथम, 83.82 प्रतिशत उर्वरक का हुआ वितरण

 खाद वितरण में खैरागढ़ जिला प्रदेश में प्रथम, 83.82 प्रतिशत उर्वरक का हुआ वितरण

रायपुर - खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को समय पर रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए किए गए सुनियोजित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला उर्वरक वितरण के मामले में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। 09 जुलाई 2026 की स्थिति में जिले में कुल 21,452 टन रासायनिक खाद का भंडारण किया गया, जिसमें से 17,980 टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। इस प्रकार जिले में 83.82 प्रतिशत उर्वरक वितरण दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।

कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल द्वारा खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरक भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। उनके निर्देशन में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक तथा सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खाद की उपलब्धता, परिवहन और वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की गई। यही कारण है कि जिले में किसानों को आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध हो रही है तथा वितरण व्यवस्था बिना किसी बाधा के संचालित हो रही है।

कृषि विभाग के अनुसार जिले की सभी सेवा सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में जिले के किसी भी क्षेत्र से खाद की कमी की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। किसानों को डीएपी, यूरिया एवं अन्य आवश्यक उर्वरक सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा मांग के अनुरूप निरंतर आपूर्ति भी की जा रही है।

नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं सहकारिता विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत से ही समितियों में उर्वरकों का अग्रिम भंडारण कराया गया था। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में प्रतिदिन वितरण की समीक्षा की जा रही है। समितियों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त खाद भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सेवा सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल कृषि विभाग अथवा संबंधित समिति को अवगत कराएं। प्रशासन द्वारा खरीफ सीजन में किसानों को आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने समय पर खाद उपलब्ध होने पर संतोष व्यक्त किया है। विकासखंड खैरागढ़ के सेवा सहकारी समिति मदुराकोही के किसान  कोमल राम ने बताया कि इस वर्ष समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और उन्हें बिना किसी परेशानी के आवश्यक उर्वरक मिल गया। उन्होंने कहा कि समय पर खाद मिलने से बुआई एवं फसल प्रबंधन के कार्य सुचारू रूप से हो रहे हैं।

वहीं विकासखंड छुईखदान के किसान शिवकुमार ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार व्यवस्था अधिक बेहतर है। उन्हें खाद के लिए भटकना नहीं पड़ा और आवश्यकता अनुसार उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो गया। उन्होंने जिला प्रशासन एवं सहकारी समितियों की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि समय पर खाद मिलने से किसानों को काफी राहत मिली है।

रायपुर में जाम से मिलेगी राहत, QRT को ट्रैफिक पुलिस की 10 नई हाई-स्पीड बाइक्स

रायपुर में जाम से मिलेगी राहत, QRT को ट्रैफिक पुलिस की 10 नई हाई-स्पीड बाइक्स

 रायपुर. राजधानी रायपुर में ट्रैफिक समस्या पर प्रभावी रूप से एक्शन लेने के लिए पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम को 10 नई तेज रफ्तार बाइक प्रदान की गई है. अब ट्रैफिक पुलिस भीड़ भरी सड़क पर जल्द पहुंचकर लगे जाम को क्लियर कराएगी.

नई दोपहिया वाहन मिलने के बाद क्यूआरटी को सदरबाजार, रामसागरपारा, तात्यापारा जैसे हेवी ट्रैफिक वाले क्षेत्र में पहुंचने में दिक्कत नहीं आएगी. यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) के जवानों को इमरजेंसी लाइट और सायरन से लैस आधुनिक बाइक उपलब्ध कराई गई हैं. इससे जाम की स्थिति में भीड़भाड़ वाले इलाकों तक टीम तेजी से पहुंच सकेगी.

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पुलिस कार्यालय परिसर में क्यूआरटी टीमों को शहर के संवेदनशील और जाम प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. इससे पहले उन्होंने यातायात अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्था की समीक्षा भी की. पुलिस के अनुसार, शहर में सुगम और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए सभी 10 क्यूआरटी टीमों को नए आधुनिक वाहनों से सुसज्जित किया गया है. साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि जाम की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात सामान्य कराए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

ट्रैफिक जाम के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने पर वे तुरंत यातायात हेल्पलाइन नंबर 94792 10632 पर सूचना दें. सूचना मिलते ही संबंधित ट्रैफिक थाने की क्यूआरटी टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु बनाने की कार्रवाई करेगी. इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले सहित यातायात पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

CG Assembly :कल से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र,8 विधेयक और 1033 सवालों पर होगी चर्चा

CG Assembly :कल से शुरू होगा विधानसभा का मानसून सत्र,8 विधेयक और 1033 सवालों पर होगी चर्चा

 रायपुर- छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 17 जुलाई तक चलेगा, जिसमें कुल 5 बैठकें आयोजित की जाएंगी। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।इस मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार सदन में 8 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी। वहीं, विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 1033 सवाल विधायकों की ओर से लगाए गए हैं, जिनका जवाब सरकार सदन में देगी।

सत्र के दौरान किसानों की समस्याएं, रायपुर के नकटी गांव का मुद्दा, कानून-व्यवस्था, विकास कार्य, बिजली, पानी और अन्य जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है, जबकि सरकार भी अपने कामकाज और योजनाओं का पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में है। राजनीतिक तौर पर अहम माने जा रहे इस मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं। सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर टकराव देखने को मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ में मानसून अब भी सुस्त, सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा ,13 जुलाई से बारिश बढ़ने के आसार

छत्तीसगढ़ में मानसून अब भी सुस्त, सामान्य से 21 प्रतिशत कम वर्षा ,13 जुलाई से बारिश बढ़ने के आसार

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में उमस और गर्मी बढ़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अब तक सामान्य से करीब 21 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि 13 जुलाई से बारिश की गतिविधियां तेज होंगी, जिससे कई जिलों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बीते 24 घंटों के दौरान सरगुजा और बस्तर संभाग के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले पांच दिनों तक उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में रविवार को आसमान में बादलों का डेरा रहने की संभावना है। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मौसम बदलने की वजह

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। वहीं उत्तर-पश्चिम बिहार के आसपास भी एक अन्य सिस्टम बना हुआ है। इन दोनों मौसम प्रणालियों के असर से छत्तीसगढ़ में नमी बढ़ेगी और बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।

सबसे ज्यादा बारिश कहां?

पिछले 24 घंटों में डौरा कोचली में सबसे अधिक 4 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बलरामपुर, कुनकुरी, जशपुरनगर, वाड्राफनगर, दुलदुला और शंकरगढ़ में 3 सेंटीमीटर बारिश हुई। कई अन्य जिलों में भी 1 से 2 सेंटीमीटर तक वर्षा दर्ज की गई।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 
बस्तर के रघुचंद कर्रे का बिजली बिल हुआ शून्य-पीएम सूर्य घर योजना से

बस्तर के रघुचंद कर्रे का बिजली बिल हुआ शून्य-पीएम सूर्य घर योजना से

 रायपुर- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सरकार भारी सब्सिडी और आसान किश्तों पर लोन देती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बस्तर के परिवारों के लिए आर्थिक राहत और आत्मनिर्भरता का एक बड़ा माध्यम बनकर उभर रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण जिले के ग्राम तेलीमारेंगा निवासी हितग्राही  रघुचंद कर्रे हैं। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के तहत अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया है, जिससे वे न केवल बिजली के बढ़ते खर्च से मुक्त हुए हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाया है।

हर महीने 1500 रूपए के आर्थिक बोझ से मिली मुक्ति
          
रघुचंद कर्रे ने बताया कि वे पूर्व से बिजली के सामान्य उपभोक्ता हैं। सोलर प्लांट लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1,500 रूपए आता था, जो हर महीने उनके परिवार के बजट पर एक अतिरिक्त बोझ साबित होता था। जब उन्हें इस योजना के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर इसका लाभ उठाया।

सरकार से मिली 1.08 लाख रूपए की सब्सिडी
     
योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया गया। इस प्लांट की स्थापना के साथ ही उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 1 लाख 8 हजार रुपए की भारी सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे उनके लिए यह संयंत्र लगाना बेहद आसान और किफायती हो गया।

बिजली ग्रिड से जुड़ा सिस्टम, बिल हुआ नील
     
सोलर संयंत्र शुरू होने के बाद अब रघुचंद के घर की अधिकांश बिजली की आवश्यकताएं इसी से पूरी हो रही हैं। सोलर प्लांट से उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली सीधे बिजली कंपनी (ग्रिड) को मिल रही है, जिसके चलते उनका मासिक बिजली बिल अब लगभग शून्य (0) हो गया है।  रघुचंद कर्रे ने कहा कि पहले हर महीने करीब डेढ़ हजार रुपए बिजली बिल देना पड़ता था, जिससे परिवार का बजट प्रभावित होता था। अब बिल शून्य हो गया है और हर महीने अच्छी बचत हो रही है। यह योजना हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए जताया आभार
      
रघुचंद कर्रे ने आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और राज्य शासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बस्तर जिले के अन्य नागरिकों से भी इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उनका कहना है कि यह योजना न केवल जेब पर पड़ने वाले भारी खर्च को रोकती है, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने और स्वच्छ-हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आई रेल सुविधाओं के विकास में अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में आई रेल सुविधाओं के विकास में अभूतपूर्व गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर - छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास अब केवल नई रेल लाइनों के निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेश की औद्योगिक प्रगति, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, रोजगार, व्यापार और क्षेत्रीय संतुलित विकास का सबसे सशक्त आधार बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से पिछले ढाई वर्षों में रेलवे अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। रिकॉर्ड बजटीय निवेश, नई रेल लाइनों का निर्माण, मल्टी-ट्रैकिंग, दोहरीकरण, आधुनिक स्टेशन, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण तथा दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक रेल संपर्क के विस्तार ने छत्तीसगढ़ को देश के रेलवे मानचित्र पर अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है। वर्तमान में प्रदेश में ₹51 हजार करोड़ से अधिक लागत की रेल परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जो राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा रेलवे निवेश है और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला बन रहा है।

रेलवे क्षेत्र में हुआ रिकॉर्ड निवेश इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है। वर्ष 2014 से पहले छत्तीसगढ़ को रेल परियोजनाओं के लिए औसतन लगभग ₹300 करोड़ का वार्षिक बजट प्राप्त होता था, जबकि वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर ₹7,470 करोड़ तक पहुंच गया है। अर्थात एक दशक में रेलवे बजट में लगभग 24 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। यह केवल बजट में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रति केंद्र सरकार की विकास प्राथमिकताओं और राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता का परिचायक है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व   में डबल इंजन सरकार ने छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास को अभूतपूर्व गति दी है। उन्होंने कहा कि रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव की पहल पर जिस तेजी से नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है और उन पर कार्य प्रारंभ हुआ है, उसने प्रदेश के विकास की दिशा ही बदल दी है। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य और मध्य भारत का महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है। ऐसे में मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। रेलवे विकास से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे। दूरस्थ वनांचलों तक रेल पहुंचने से विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ना है। बस्तर, सरगुजा, जशपुर और अन्य दूरस्थ अंचलों में रेलवे पहुंचने से  विकास का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे अब केवल यात्रियों और माल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी साधन बन चुकी है। विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप हम छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी रेल एवं लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के इस विज़न को साकार करने की दिशा में प्रदेश में अनेक महत्वाकांक्षी रेल परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। रेल नेटवर्क के विस्तार में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 1853 से 2014 तक लगभग 161 वर्षों में जहां राज्य में करीब 1,100 रूट किलोमीटर रेल नेटवर्क विकसित हुआ था, वहीं अब छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क 2,200 रूट किलोमीटर से अधिक करने की दिशा में कार्य प्रगति पर है। लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक, शत-प्रतिशत रेल विद्युतीकरण, अत्याधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था तथा मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं ने रेलवे परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और ऊर्जा दक्ष बनाया है।

बस्तर अंचल में रावघाट रेल परियोजना विकास की नई धुरी बनकर उभरी है। दल्लीराजहरा से अंतागढ़ तक 77 किलोमीटर रेलखंड पर यात्री रेल सेवा प्रारंभ होने से हजारों ग्रामीण पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं। परियोजना के अगले चरण में तुमापाल (ताहोकी) से कोसरोण्डा तक पुल-पुलियों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है तथा रेल लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। कोसरोण्डा से रावघाट तक रेलवे अधोसंरचना का निर्माण भी अंतिम चरण में है। परियोजना पूर्ण होने पर रावघाट की लौह अयस्क खदानें सीधे भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ जाएंगी, जिससे उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई मजबूती मिलेगी। वहीं कोत्तावलसा-किरंदुल रेल लाइन के दोहरीकरण से बस्तर क्षेत्र में माल एवं यात्री परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल खरसिया-नवा रायपुर-परमालकसा रेल कॉरिडोर को ₹8,741 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। 278 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर कोलकाता-मुंबई रेल मार्ग का प्रभावी विकल्प बनेगा। इससे प्रदेश की लॉजिस्टिक्स लागत में प्रतिवर्ष लगभग ₹2,520 करोड़ की कमी आने का अनुमान है, अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता विकसित होगी तथा उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी।
डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन, कोरबा-अंबिकापुर, गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली, रावघाट-जगदलपुर, अंबिकापुर-बरवाडीह, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा, गेवरा-पेंड्रा, खरसिया-धरमजयगढ़ तथा बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन जैसी परियोजनाएं प्रदेश की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा दे रही हैं। विशेष रूप से धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर जिले को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों का लगभग ₹1,680 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। आधुनिक स्टेशन, वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, मेमू सेवाओं का विस्तार तथा रायपुर में विकसित की जा रही आधुनिक रेल परिचालन सुविधाएं प्रदेश की रेलवे व्यवस्था को नई पहचान दे रही हैं।

ऊर्जा क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को भी 755 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। इससे एसईसीएल और एमसीएल की खदानों से कोयले के परिवहन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश के ताप विद्युत संयंत्रों तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। साथ ही यात्री और मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुव्यवस्थित होगा।

रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹175 करोड़ की परियोजना को हाल ही में स्वीकृति प्रदान की गई है।इस परियोजना से रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही माल एवं यात्री परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और रेलवे परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि रेलवे के क्षेत्र में हो रहा अभूतपूर्व निवेश आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास, निवेश, रोजगार, व्यापार और आधुनिक अधोसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा। बस्तर से सरगुजा तक सुदृढ़ होती रेल कनेक्टिविटी विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है।

शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह, मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

शाला प्रवेश उत्सव में गूंजा शिक्षा का उत्साह, मंत्री राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी बच्चों का किया आत्मीय स्वागत

 रायपुर- पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज स्वामी आत्मानंद गवर्नमेंट अंग्रेजी माध्यम स्कूल, उदयपुर में आयोजित विकासखंड स्तरीय ‘शाला प्रवेश उत्सव’ में सहभागिता कर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को मिठाई खिलाकर नवीन शैक्षणिक जीवन की शुभ शुरुआत कराई तथा अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं की।

इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि “हर बच्चे को गुणत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और संस्कारित समाज केa निर्माण की आधारशिला है। हमें ऐसा वातावरण तैयार करना होगा, जहां प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारते हुए अपने सपनों को साकार कर सके।”
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व निर्माण की पाठशाला भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने, नियमित विद्यालय आने तथा जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नवीन शैक्षणिक सत्र के अवसर पर सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकगण को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में परिवार और शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षित, जागरूक और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगे युवा: मंत्री रामविचार नेताम

कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगे युवा: मंत्री रामविचार नेताम

 कृषि एवं कृषक कल्याण तथा पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर- कृषि एवं कृषक कल्याण तथा पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि बलरामपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं को योजनाबद्ध ढंग से विकसित कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन आधारित कौशल विकास प्रशिक्षण तैयार कर युवाओं को गाइड, होम-स्टे, होटल प्रबंधन एवं अन्य पर्यटन सेवाओं से जोड़ने की प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि प्रशिक्षण के बाद प्रत्येक युवा को रोजगार या स्वरोजगार का अवसर मिल सके।

मंत्री नेताम शनिवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) शासी परिषद समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उन्होंने डीएमएफ अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वीकृत राशि का उद्देश्यपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करते हुए विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि उनका लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जिले के सर्वांगीण विकास के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की साझा निगरानी से विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। मंत्री नेताम ने किसानों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी सहकारी बैंकों में शेड तथा पर्याप्त बैठक व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक के दौरान मंत्री नेताम ने जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए तथा पिछले वर्ष स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

बैठक में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने अधूरे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने पर जोर देते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें तथा जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यों की नियमित जानकारी उपलब्ध कराएं।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के महत्वपूर्ण कार्यों, आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना, डीएमएफ अंतर्गत प्राप्ति एवं व्यय तथा प्रमुख विकास गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास एवं आजीविका, स्वच्छता, कृषि, उद्यानिकी तथा पशुपालन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाएगा।

बैठक में सामरी विधायक उद्देश्वरी पैंकरा, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेई सहित जिला खनिज संस्थान न्यास समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बस्तर गोंचा महापर्व 2026 का निमंत्रण लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिले प्रतिनिधि

बस्तर गोंचा महापर्व 2026 का निमंत्रण लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिले प्रतिनिधि

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में बस्तर गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात कर उन्हें गोंचा महापर्व-2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए महापर्व के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान  जगन्नाथ को पारंपरिक रूप से दी जाने वाली सलामी तुपकी चलाकर महापर्व की सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान किया।

प्रतिनिधिमंडल ने जगदलपुर शहर में विद्युत तारों को अंडरग्राउंड किए जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे शहर में विद्युत संबंधी समस्याओं का समाधान हुआ है तथा भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के सुचारु संचालन में आने वाली बाधाएँ भी समाप्त हो गई हैं।

360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष  वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि समाज अपनी 619 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व का आयोजन कर रहा है। भगवान  1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को  जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सिरहासार भवन (जनकपुरी) में संपन्न होगी, जहाँ महाप्रभु विराजमान होंगे।

इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  किरण सिंह देव, महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष  मुक्तेश पाण्डे सहित समिति के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन सरकार ने असंभव कार्य किया संभव : साव

नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन सरकार ने असंभव कार्य किया संभव : साव

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर में नक्सलवाद के सफाये के 100 दिन पूर्ण होने पर कहा कि, नक्सलवाद का ख़ात्मा एक असंभव सा दिखने वाला काम डबल इंजन सरकार ने कर दिखाया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ संकल्प, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी की प्रभावी रणनीति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में पीछे रह गया था। अब सरकार का लक्ष्य बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोडऩा है। सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने योजनाबद्ध ढंग से काम किया जा रहा है।
साव ने बताया कि उन्होंने हाल ही में बस्तर संभाग के 5 जिलों का दौरा किया। इस दौरान सड़क, पेयजल, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। सरकार तेजी से आधारभूत संरचना विकसित कर रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकाय चुनावों को लेकर कहा कि दिसंबर-जनवरी में चुनाव प्रस्तावित हैं और चुनाव आयोग अपनी तैयारियां शुरू कर चुका है। भारतीय जनता पार्टी हमेशा चुनाव के लिए तैयार रहती है। भाजपा सालभर जनता के बीच रहकर काम करने वाली पार्टी है।

रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक

रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक

 रायपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जल संरक्षण से जुड़े मामले में देश के तीन क्रिकेट स्टेडियमों को अगली सुनवाई तक उसकी अनुमति के बिना किसी भी खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक लगा दी है। इन स्टेडियमों ने केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) और एनजीटी की ओर से जारी कई नोटिस के बावजूद अपना जवाब दाखिल नहीं किया। एनजीटी का यह अंतरिम आदेश इन मैदानों के रखरखाव में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित पानी के स्थान पर भूजल या ताजा जल के इस्तेमाल पर और भूजल संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित नहीं करने से जुड़े मामले में दिया गया है।

इसी अप्रैल में एनजीटी ने देश के छह क्रिकेट स्टेडियमों को नोटिस जारी किया था। उनसे पूछा गया था कि मैदान और पिच के रखरखाव में इस्तेमाल किए जाने वाले पानी के स्रोत की जानकारी नहीं देने के कारण उनकी गतिविधियों पर रोक क्यों न लगाई जाए। स्टेडियमों में रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, नई दिल्ली का अरूण जेटली स्टेडियम, जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम, मुंबई का डॉ डीवाई पाटिल स्टेडियम, लखनऊ का भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम और कटक का बाराबती स्टेडियम शामिल थे।

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

मुख्यमंत्री से सौजन्य मुलाकात कर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए जताया आभार

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार द्वारा उत्कृष्ट खिलाड़ियों के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विशेष रूप से 20 विभिन्न खेलों के 156 खिलाड़ियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किए जाने तथा उन्हें शासकीय सेवा में लाभ का अवसर प्रदान करने के राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इसे खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा और उपलब्धियों के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता का सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए आवश्यक प्रोत्साहन, संसाधन और सम्मान मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर प्रदान करने का निर्णय युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा तथा प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देगा।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का गौरव निरंतर बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त आधार हैं।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विकास तथा खिलाड़ियों के हित में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।

आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने जारी की महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त, 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डीबीटी से 626.25 करोड़ रुपये अंतरित

29 किश्तों में अब तक 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचे

‘लखपति दीदी’ सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मिल रही नई मजबूती

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की किश्त के साथ योजना के अंतर्गत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण का जो व्यापक अभियान चल रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार उसी संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रवास के दौरान माताएं और बहनें स्वयं उन्हें बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अनेक महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, कई ने सिलाई-कढ़ाई एवं स्वरोजगार अपनाया है, जबकि बड़ी संख्या में परिवारों ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में इसका उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ये अनुभव इस योजना की वास्तविक सफलता और उसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव के प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के साथ-साथ ‘लखपति दीदी’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई है। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को भी नई मजबूती मिली है।

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू- मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू- मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

 स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू- मुख्य सचिव ने ली अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर - प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन प्रातः 9 बजे से होगा।
 
स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। समारोह स्थल पर परेड कार्यक्रम में भाग लेने वाली टुकड़ियों के निर्धारण एवं रिहर्सल हेतु पुलिस उप महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल द्वारा पुलिस महानिदेशक के मार्ग दर्शन में सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्था की जाएगी। इसी तरह से यातायात, पार्किंग,ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मंच/पंडाल व्यवस्था और बैठक व्यवस्था का निर्धारण आयुक्त नगर पालिक निगम रायपुर के द्वारा की जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले कार्यक्रमों का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग तथा संस्कृति विभाग द्वारा किया जाएगा। स्कूली बच्चों को सांस्कृतिक कार्यक्रम के रिहर्सल कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाओं कलेक्टर रायपुर द्वारा की जायेंगी।

 इसी तरह से स्वतंत्रता दिवस समारोह के संबंध में अन्य विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। जिला एवं तहसील स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों के निर्धारण के संबंध में शीघ्र ही निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर 7 से 15 अगस्त तक सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का गायन किया जाएगा। इसके लिए संस्कृति विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव कुमार सिंह, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सहित अन्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

Transfer: छत्तीसगढ़ में 24 IPS अधिकारियों का तबादला, यहां देखें पूरी तबादला सूची

Transfer: छत्तीसगढ़ में 24 IPS अधिकारियों का तबादला, यहां देखें पूरी तबादला सूची

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 24 अधिकारियों का तबादला किया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा 10 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों की नवीन पदस्थापना तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगी। 

जारी आदेश के तहत कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP), पुलिस महानिरीक्षकों (IG), उप पुलिस महानिरीक्षकों (DIG) सहित वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में जिला पुलिस प्रशासन के साथ-साथ पुलिस मुख्यालय, बटालियन और रेंज स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

सरकार का कहना है कि प्रशासनिक आवश्यकता और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से यह तबादला आदेश जारी किया गया है। आदेश में विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपते हुए तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

पूरी तबादला सूची नीचे देखें।

  

मेडिकल कॉलेज परिसर बना हरित विकास का प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया पौधरोपण

मेडिकल कॉलेज परिसर बना हरित विकास का प्रतीक : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया पौधरोपण

 रायपुर: जिले के निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर परसगढ़ी में शुक्रवार को हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और विकास का अनूठा संगम देखने को मिला। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा आयोजित वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बोनस चेक वितरित किए तथा “तुहर पौधा तुहर द्वार“ योजना के अंतर्गत पौधों के निःशुल्क वितरण हेतु विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात स्वास्थ्य मंत्री सहित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने चंदन, मौलश्री, अशोक, आंवला सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में “एक पेड़ माँ के नाम“ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस अभियान को जनभागीदारी का आंदोलन बनाएं और प्रत्येक परिवार कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की रक्षा नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की भी मजबूत नींव हैं।

इसी वर्ष शुरू होगा मेडिकल कॉलेज, एमसीबी को मिलेगी नई पहचान

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि परसगढ़ी में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी वर्ष प्रारंभ करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह मेडिकल कॉलेज न केवल एमसीबी जिले बल्कि सरगुजा संभाग, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों तथा मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण संस्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक वादियों और हरित वातावरण के बीच स्थित यह परिसर प्रदेश के सबसे आकर्षक मेडिकल कॉलेज परिसरों में अपनी पहचान बनाएगा। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क राष्ट्रीय स्तर की धरोहर है तथा पाराडोल और चिरमिरी रेलवे स्टेशनों की निकटता से इस संस्थान की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। इससे भविष्य में चिकित्सा  शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एमसीबी जिले को नई पहचान मिलेगी।

हरियाली बढ़ाने के लिए 16 लाख पौधे, दो लाख पौधे होंगे निःशुल्क वितरित

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन देते हुए वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिले में वन महोत्सव-2026 के अंतर्गत 16 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। वहीं ष्तुहर पौधा तुहर द्वारष् योजना के माध्यम से जिले के नागरिकों को 2 लाख पौधे निःशुल्क वितरित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक परिवार पर्यावरण संरक्षण अभियान से जुड़ सके। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा हरित संकल्प अभियान भी संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत नागरिक अपने लगाए गए पौधों के साथ फोटो विभाग के व्हाट्सएप नंबर 8770045481 पर भेज सकते हैं। सर्वाधिक पौधे लगाने एवं उनके बेहतर संरक्षण करने वाले प्रतिभागियों को विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा तथा लगाए गए पौधों की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिला बोनस, विकास कार्यों का भी किया उल्लेख

स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान जिले की 11 लघु वनोपज सहकारी समितियों के लिए वर्ष 2023 के तेंदूपत्ता संग्रहण का बोनस चेक वितरित किया। उन्होंने कहा कि यह राशि समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्राहकों तक पहुंचाई जाएगी, जिससे उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिले में मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज, मानसिक रोग अस्पताल, डायलिसिस सेंटर, पॉलीटेक्निक कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, नालंदा परिसर, 220 बिस्तरों वाले अस्पताल, हसदेव नदी पर पुल निर्माण सहित अनेक विकास कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। साथ ही सिद्धेश्वर मंदिर तक लगभग छह किलोमीटर सड़क निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने “जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान“ का उद्घोष करते हुए सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला अध्यक्ष चंपादेवी पावले, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, महापौर राम नरेश राय, कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, पुलिस अधीक्षक सुश्री रतना सिंह, कमांडेंट संजय शर्मा, वनमंडलाधिकारी चन्द्र कुमार अग्रवाल, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

 
 उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का किया पोस्टर विमोचन, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का किया पोस्टर विमोचन, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना

 उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जोहार जगन्नाथ कार्यक्रम का किया पोस्टर विमोचन, छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना
सतीश थौरानी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स की टीम ने भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर व्यापारी हित एवं प्रदेश की समृद्धि के लिए मांगी मनोकामनाएँ

रायपुर - भगवान जगन्नाथ की पावन भक्ति, आस्था एवं सांस्कृतिक परंपरा को समर्पित “जोहार जगन्नाथ” कार्यक्रम के अंतर्गत माननीय उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान जगन्नाथ से छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली एवं निरंतर विकास की कामना की।
 
इसी अवसर पर छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेम्बर का प्रतिनिधिमंडल ए.टी. पैलेस, कोतवाली चौक, रायपुर पहुँचा। प्रतिनिधिमंडल ने भगवान जगन्नाथ के दिव्य दर्शन कर प्रदेश की उन्नति, व्यापारी वर्ग की निरंतर प्रगति, व्यापार में समृद्धि तथा समस्त प्रदेशवासियों के सुखद एवं मंगलमय जीवन के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की।
 
इस अवसर पर अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के चेयरमैन तिलोकचंद बरड़िया, डायरेक्टर नितिन बरड़िया, छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष सतीश थौरानी, कोषाध्यक्ष निकेश बरड़िया, कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी सहित चेम्बर के समस्त पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने भगवान जगन्नाथ की विधिवत पूजा-अर्चना, महाआरती एवं पुष्पांजलि अर्पित कर प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, व्यापार एवं उद्योग की निरंतर उन्नति तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
 
इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ के श्रीचरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास एवं जनकल्याण की मंगलकामना की।
 
उल्लेखनीय है कि “जोहार जगन्नाथ” कार्यक्रम के माध्यम से भगवान जगन्नाथ की भक्ति, संस्कृति एवं परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने का उद्देश्य है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन, पूजा-अर्चना एवं महाप्रसाद का लाभ प्राप्त कर अपनी मनोकामनाएँ भगवान के श्रीचरणों में अर्पित कर रहे हैं।

शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव – राजेश अग्रवाल

शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव – राजेश अग्रवाल

 रायपुर - पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के पी. एम.  स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर, अध्ययन सामग्री वितरित कर तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए नवीन शैक्षणिक सत्र के सफल एवं प्रेरणादायी होने की मंगलकामना की।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आज का विद्यार्थी ही कल के सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माता बनेगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार कर रही है, ताकि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ सके। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन, परिश्रम और संस्कारों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है।

पी. एम.  स्वामी आत्मानन्द शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

इसके पश्चात शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि साइकिल वितरण जैसी योजनाएं बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का मंत्री  राजेश अग्रवाल ने अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित पर्यावरण भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की आधारशिला है।

कार्यक्रम के अंत में मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को नवीन शैक्षणिक सत्र के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सभी विद्यार्थी परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से हो रही सशक्त – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से हो रही सशक्त – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹175 करोड़ की परियोजना को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना अभूतपूर्व गति से सशक्त हो रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह परियोजना राज्य के रेल नेटवर्क को और अधिक सक्षम एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से रायपुर में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही माल एवं यात्री परिवहन की दक्षता बढ़ेगी और रेलवे परिचालन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी। इससे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप रेलवे अधोसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख रेल, औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति प्रदान करेगी।

छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ में एआई (AI) तकनीक से होगा पीएमजीएसवाई सड़कों का निरीक्षण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

 रायपुर- छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को सुधारने के लिए राज्य सरकार अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सड़कों की मॉनिटरिंग और मरम्मत कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री  विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

हर महीने वीडियो से होगी सड़कों की जांच
        
समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि इस नई तकनीक के तहत अब राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार कर लिया गया है। एआई तकनीक सड़कों पर मौजूद गड्ढों (पॉटहोल्स), दरारों और अन्य क्षतियों की अपने आप पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी। इससे सड़कों की श्रियल टाइमश् (वास्तविक स्थिति) की सटीक जानकारी मिलेगी और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचा जा सकेगा।

सर्वाधिक क्षतिग्रस्त सड़कों को मिलेगी प्राथमिकता
       
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि एआई तकनीक से प्राप्त आंकड़ों (डेटा) के आधार पर राज्य की सबसे ज्यादा खराब और क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान प्राथमिकता से की जाएगी। इसके बाद उनके संधारण (रखरखाव) की बजट कार्ययोजना तैयार कर तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग हो सकेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन अधिक सुगम व सुरक्षित बनेगा।

कल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
        
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कल से ही प्रायोगिक तौर पर (पायलट प्रोजेक्ट के रूप में) प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। इन शुरुआती निरीक्षणों से मिलने वाले परिणामों का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद इसे पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के इस उपयोग से सड़कों की आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत होने से जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
        
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव मती ऋचा शर्मा, सचिव  भीम सिंह, सचिव  धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक  तारन प्रकाश सिन्हा तथा संचालक एनआरएलएम  अश्वनी देवांगन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सेवा सेतु’ केंद्र से 24 घंटे में मिला आय प्रमाण पत्र, समय पर हुआ छात्रा का कॉलेज प्रवेश

सेवा सेतु’ केंद्र से 24 घंटे में मिला आय प्रमाण पत्र, समय पर हुआ छात्रा का कॉलेज प्रवेश

रायपुर - छत्तीसगढ़ राज्य शासन की डिजिटल पहल ‘सेवा सेतु पोर्टल’ आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह पोर्टल शासकीय सेवाओं को सरल, त्वरित और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचा रहा है। इसी कड़ी में राजनांदगांव जिले से एक सुखद मामला सामने आया है, जहां सेवा सेतु केंद्र की तत्परता से मात्र 24 घंटे के भीतर एक छात्रा का आय प्रमाण पत्र बन गया और उसका कॉलेज में प्रवेश सुनिश्चित हो सका।

अंतिम तिथि पास होने से चिंतित था परिवार
            
राजनांदगांव जिले के विकासखंड डोंगरगांव के ग्राम आयबांधा निवासी  तोरण लाल अपनी पुत्री निकिता के उच्च शिक्षा (कॉलेज) में प्रवेश को लेकर काफी चिंतित थे। कॉलेज में दाखिले के लिए आय प्रमाण पत्र अनिवार्य था और प्रवेश की अंतिम तिथि बेहद नजदीक आ चुकी थी। समय पर प्रमाण पत्र न मिलने की आशंका से पूरा परिवार परेशान था।

ऑनलाइन आवेदन के बाद 24 घंटे में समाधान
       
इसी दौरान तोरण लाल को डोंगरगांव में स्थित ‘सेवा सेतु केंद्र’ की जानकारी मिली। वे तुरंत आवश्यक दस्तावेजों के साथ केंद्र पहुंचे। केंद्र संचालक ने उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई और 22 जून 2026 को उनका ऑनलाइन आवेदन दर्ज किया। डिजिटल प्रक्रिया के त्वरित निराकरण (Fast-track Processing) के चलते मात्र 24 घंटे के भीतर ही आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इसके चलते निकिता का कॉलेज में प्रवेश बिना किसी बाधा के समय-सीमा के भीतर हो गया।

समय और धन दोनों की हो रही बचत          

अपनी खुशी साझा करते हुए हितग्राही तोरण लाल ने कहा, “पहले शासकीय दस्तावेज बनवाने के लिए विभिन्न दफ्तरों के कई चक्कर काटने पड़ते थे, जिससे समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था। लेकिन सेवा सेतु केंद्र की डिजिटल व्यवस्था से हमारा काम बेहद सरल और कम समय में हो गया। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से मेरी बेटी का भविष्य सुरक्षित हुआ है।”

घर बैठे मिल रहीं 400 से अधिक सेवाएं

‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से नागरिक अब घर बैठे या अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, राजस्व संबंधी सेवाएं, राशन कार्ड और पेंशन सहित 400 से अधिक शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से उठा रहे हैं। यह व्यवस्था आम जनता को समयबद्ध सेवाएं देने के साथ-साथ उनके समय और धन की बड़ी बचत कर रही है, जिसके लिए नागरिकों ने राज्य सरकार की इस डिजिटल पहल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में पहुंचने लगी बोनस राशि

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में पहुंचने लगी बोनस राशि

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल और वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वर्ष 2023 के तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) का वितरण शुरू हो गया है। राज्य स्तरीय सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर 3 जुलाई से शुरू हुई इस प्रक्रिया के तहत धरमजयगढ़ जिला वनोपज सहकारी यूनियन के संग्राहकों के बैंक खातों में 17 करोड़ 43 लाख रुपये ऑनलाइन अंतरित किए जा रहे हैं।

58 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में बोनस

वनमंडलाधिकारी एवं पदेन प्रबंध संचालक, जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित धरमजयगढ़ ने बताया कि जिला यूनियन की 58 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में बोनस वितरण किया जा रहा है। वर्ष 2023 के संग्रहण सीजन में जिला यूनियन की 59 समितियों के माध्यम से 70,945.485 मानक बोरा तेन्दूपत्ता संग्रहित किया गया था। इसके लिए 46,840 संग्राहकों को कुल 17.43 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया जा रहा है।
जिला यूनियन की प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति बोरो को सबसे अधिक 4,710.58 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से बोनस मिला है। इसके बाद प्राथमिक समिति रायमेर को 4,616.76 रुपये प्रति मानक बोरा का प्रोत्साहन पारिश्रमिक प्राप्त हुआ है।

ऑनलाइन भुगतान से बढ़ी पारदर्शिता

वन विभाग द्वारा बोनस राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ऑनलाइन भेजी जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और आसान बनी है तथा संग्राहकों को समय पर राशि मिल रही है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों ने बताया कि इस बोनस राशि से वे खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। समय पर मिली आर्थिक सहायता से न केवल संग्राहकों को राहत मिली है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति: मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति: मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को दी मंजूरी

 रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) द्वारा आबंटित भूखंडों एवं निर्मित परिसरों के आबंटितियों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026 को मंजूरी प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में राहत प्रदान करने के साथ-साथ लंबित प्रकरणों के समाधान, रुकी हुई परियोजनाओं को गति देने तथा नवा रायपुर में निवेश एवं विकास गतिविधियों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रत्येक निर्णय विकास को गति देने और जनहित में व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराने की सोच से प्रेरित है। OTS योजना-2026 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, लंबित प्रकरणों का निराकरण होगा और नवा रायपुर के समग्र एवं नियोजित विकास को नई गति मिलेगी।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार निवेशकों के लिए पारदर्शी, भरोसेमंद और विकासोन्मुख वातावरण तैयार करने के लिए निरंतर नीतिगत निर्णय ले रही है। OTS योजना-2026 ऐसे आबंटितियों के लिए एक सकारात्मक अवसर है, जो अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिलेगी, अनावश्यक न्यायालयीन विवाद कम होंगे, भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा तथा नवा रायपुर में निवेश एवं आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। यह निर्णय नवा रायपुर को देश के अग्रणी नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के अंतर्गत जो आबंटी परियोजना का विकास करने के इच्छुक नहीं हैं, उन्हें आबंटित भूमि समर्पित कर अनुबंध से बाहर होने का विकल्प भी मिलेगा। इससे अनावश्यक न्यायालयीन विवादों में कमी आएगी तथा भूमि का प्रभावी एवं शीघ्र उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

योजना लागू होने की तिथि से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी। इस अवधि में प्राप्त आवेदनों पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा। वर्तमान में विभिन्न भू-उपयोगों के अंतर्गत बड़ी संख्या में लंबित प्रकरण इस योजना से लाभान्वित हो सकेंगे।

एनआरडीए के अनुसार, योजना के अंतर्गत भूमि प्रीमियम में किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी तथा किसी भी भूमि का सेटलमेंट वर्तमान रिजर्व प्रीमियम मूल्य से कम पर नहीं किया जाएगा। इससे प्राधिकरण को कोई वित्तीय हानि नहीं होगी, जबकि पात्र आबंटितियों को ब्याज एवं अधिभार में लगभग 61.96 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।

OTS योजना-2026 के क्रियान्वयन से नवा रायपुर में रुकी हुई विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी, निवेशकों का विश्वास और सुदृढ़ होगा, मुकदमेबाजी में कमी आएगी तथा भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय नवा रायपुर के नियोजित, संतुलित और तीव्र शहरी विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

किसानों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बनेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

किसानों को बड़ी राहत: छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में बनेगा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

 00 बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा के 30 से अधिक गांवों में शेड-सह-चबूतरा निर्माण को मंजूरी

00 हर केंद्र को मिलेंगे 10-10 लाख रुपये
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बलौदाबाजार जिले के ग्रामीण अंचलों में धान खरीदी व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और किसान हितैषी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला खनिज न्यास निधि से जिले के धान उपार्जन केंद्रों में बड़े पैमाने पर शेड-सह-चबूतरा निर्माण के कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह पहल विशेष रूप से बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के उन हजारों किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, जो हर खरीफ सीजन में अपनी फसल बेचने इन केंद्रों पर पहुंचते हैं। प्रशासनिक आदेश के अनुसार जिले के 30 से अधिक धान उपार्जन केंद्रों की तस्वीर बदलने के लिए प्रत्येक केंद्र को 10 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिसकी आधिकारिक मंजूरी 23 जून 2026 को जारी की गई।
यह निर्माण नहीं, किसान सुविधा का विस्तार है - मंत्री टंक राम वर्मा

इस जनहितैषी पहल पर बात करते हुए राज्य के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की मेहनत का सम्मान करने और खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह सुचारू बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। धान उपार्जन केंद्रों में शेड और चबूतरों का निर्माण केवल एक ढांचागत काम नहीं, बल्कि किसान सुविधा का बुनियादी विस्तार है। क्डथ् निधि का मुख्य उद्देश्य ही खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है, जिससे जनता को सीधा लाभ मिले। इस अधोसंरचनात्मक सुधार से केंद्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और किसानों को एक बेहतर व सुविधाजनक माहौल मिलेगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय से साफ है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले धान खरीदी केंद्रों को मजबूत कर, सरकार सीधे तौर पर किसानों के हितों को सुरक्षित कर रही है।
इन क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
इस योजना के तहत सिमगा विकासखंड के सकरी, भटभेरा, गोरदी, जांगड़ा, केसली, हिरमी, सुहेला, सकलोर, शिकारी-केसली, रावन, मोहरा, बिटकुली, नवापारा, फूलवारी, फरहदा, जरौद और हथबंद जैसे प्रमुख केंद्रों में निर्माण कार्य कराया जाएगा। इसी तरह बलौदाबाजार विकासखंड के सकरी, लटुवा, रिसदा, रसेड़ा, मोहतरा, कुकुरदी, बलौदाबाजार, धंवई, सलौनी, देवरी, दशरमा, खम्हरिया (चांपा), करमदा और अर्जुनी के उपार्जन केंद्रों का भी कायाकल्प किया जाएगा।
खुले में धान रखने की मजबूरी से मिलेगी मुक्ति
अब तक पुख्ता इंतजाम न होने के कारण किसानों को अपनी मेहनत की उपज खुले आसमान के नीचे रखनी पड़ती थी, जिससे अचानक होने वाली बारिश, तेज धूप और जमीन की नमी से धान खराब होने का खतरा हमेशा बना रहता था। अब नए शेड और ऊंचे चबूतरों के बन जाने से फसल पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। इसके साथ ही केंद्रों पर तौल (तुलवाई) और बोरियों के भंडारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, जिससे कामकाज में तेजी आएगी और किसानों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।