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नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, प्रत्येक मापदंड पर दिखे ठोस सुधार- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं, प्रत्येक मापदंड पर दिखे ठोस सुधार- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर: उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नवीन आपराधिक कानूनों के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है तथा इसके लिए कानून में उल्लिखित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जानी चाहिए।

नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री  शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की बेहतर स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए हर स्तर पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी मापदंडों में सुधार की गति बनाए रखने के निर्देश दिए।

एफआईआर से न्यायालय तक की प्रक्रिया हो त्वरित

कार्यात्मक दक्षता के मापदंड पर सुधार के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआईआर और चार्जशीट सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि विवेचना से लेकर विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो। इसी मापदंड के अंतर्गत उन्होंने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नाफिस) तथा ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाने के लिए सभी थानों को तकनीकी एवं कार्यात्मक दृष्टि से शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए।  शर्मा ने यह भी कहा कि ई-समन जारी होने के बाद उसकी तामील शीघ्र सुनिश्चित की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए।

प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत लंबित अधिसूचनाएं शीघ्र जारी हों

गृह मंत्री  शर्मा ने प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत आवश्यक अधिसूचनाएं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ-साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है, तभी नए कानूनों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंच सकेगा।

राज्य स्तरीय कठिनाइयों के समाधान पर विचार-विमर्श

बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर आ रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी), नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों के साथ इनके तकनीकी और प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर केंद्रीय स्तर से सहयोग अथवा तकनीकी समाधान अपेक्षित है, उन पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण कराया जाए, जिससे छत्तीसगढ़ नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में और बेहतर प्रदर्शन कर सके।

बैठक में महानिदेशक एनसीआरबी श्री अमित गर्ग, महानिदेशक बीपीआरडी श्री आलोक मित्तल, गृह विभाग की प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत एवं श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, महानिदेशक जेल श्री हिमांशु गुप्ता, संचालक अभियोजन श्री प्रदीप गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, सीएपीटी भोपाल श्री अनिल किशोर यादव उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, जिले के पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी, तथा दिल्ली से एनसीआरबी एवं एनआईसी के अन्य अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए।

क्या है एनसीएलआई डैशबोर्ड

नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से तीनों नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशव्यापी क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।

आत्मनिर्भरता की नई मिसाल- खेतों से मशरूम उत्पादन तक मिथिला दीदी ने लिखी सफलता की नई कहानी

आत्मनिर्भरता की नई मिसाल- खेतों से मशरूम उत्पादन तक मिथिला दीदी ने लिखी सफलता की नई कहानी

 रायपुर :पारंपरिक कृषि पर निर्भरता से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ने वाली ग्रामीण महिलाओं की सूची में अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी का नाम भी जुड़ गया है। अपनी कड़ी मेहनत, सूझबूझ और शासकीय योजनाओं के सही क्रियान्वयन के बदौलत मिथिला दीदी ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।

सीमित आय से आर्थिक मजबूती की ओर’
        महिलाओं में आत्मनिर्भरता की जो लहर उठ रही हैए उसका एक प्रेरणादायक उदाहरण बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी हैए जिनके लिए मशरूम उत्पादन की खेती वरदान साबित हुई है। शुरुआत में परिवार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे घर का खर्च चलाना कठिन हो रहा था। इस चुनौती से निपटने के लिए मिथिला दीदी ने अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।

’1 लाख 50 हजार रूपए की शुरुआती पूंजी से सफर का आगाज’
        मशरूम उत्पादन का व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्होंने सखी क्लस्टर संगठन से ऋण 1 लाख 20 हजार रूपए, अपनी व्यक्तिगत बचत से 30 हजार रूपए इस प्रकार कुल शुरुआती लागतरू 1 लाख 20 हजार रूपए से मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू की। शुरुआती दौर में यह कार्य नया था, लेकिन सीखने की ललक और निरंतर प्रयासों से जल्द ही मशरूम उत्पादन एक सफल आजीविका गतिविधि में बदल गया। शुरुआती दौर में तापमान नियंत्रण, मार्केटिंग और तकनीकी जानकारी की कमी जैसी कई समस्याएं सामने आईं। लेकिन मिथिला दीदी ने प्रशिक्षण लेकर और आपसी सहयोग से इन सभी चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।

’हर माह 50 हजार रूपए की आय और प्रेरणादायक पहल’
        बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन के चलते स्थानीय बाजारों में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी। वर्तमान में मिथिला दीदी अपने घर से ही मशरूम उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बेचती हैं और प्रतिमाह लगभग 50 हजार रूपए की आमदनी अर्जित कर रही हैं। उनकी यह सफलता आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है।

’सुशासन नीति और बेहतर मॉनिटरिंग का परिणाम’
         मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की सतत् मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर मार्गदर्शन से सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के नए अवसर गढ़ रही हैं। आज आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीन पर उतारते हुए यह संदेश दे रही है कि छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 8 अधिकारियों के पदस्थापना आदेश जारी

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 8 अधिकारियों के पदस्थापना आदेश जारी

 सूरजपुर।  जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार 8 पुलिस अधिकारियों की अस्थायी रूप से नई पदस्थापना की गई है। अधिकारियों को वर्तमान पदस्थापना से हटाकर अलग-अलग थानों और चौकी में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जारी आदेश के मुताबिक, प्रतापपुर, प्रेमनगर, विश्रामपुर, ओड़गी और सूरजपुर थाना सहित बरबदई चौकी में अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। कुछ थाना प्रभारियों को दूसरे थानों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि चौकी प्रभारियों में भी बदलाव किया गया है।

आदेश में अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कार्यमुक्त करने और आमद की सूचना पुलिस अधीक्षक कार्यालय को देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

CG : वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 18 अधिकारियों को मिली पदोन्नति, देखें पूरी सूची

CG : वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 18 अधिकारियों को मिली पदोन्नति, देखें पूरी सूची

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने वन विभाग में कार्यरत 18 अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए उन्हें सहायक वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत किया है। इस संबंध में विभाग की ओर से 7 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 में पदोन्नति दी गई है। इन अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना अलग-अलग वन मंडलों और वन क्षेत्रों में है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सहायक वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत किया जाता है। पदोन्नति के बाद अधिकारियों की नई पदस्थापना का आदेश अलग से जारी किया जाएगा।

इस फैसले के बाद वन विभाग के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। नई पदस्थापना के आदेश जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पदोन्नत अधिकारियों को किन स्थानों पर नई जिम्मेदारी दी जाती है।

यह आदेश नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन से जारी किया गया है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार जारी किया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव की ओर से इसे डिजिटल रूप से प्रमाणित किया गया है

पदोन्नति के बाद अब संबंधित अधिकारियों की नई पदस्थापना को लेकर अलग आदेश जारी किया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। विभाग के इस फैसले को वन प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

पदोन्नत अधिकारियों की पूरी सूची नीचे देखें

मोदी सरकार ने ओबीसी समाज को दिया सम्मान और अधिकार, भाजपा के नेतृत्व में सशक्त हो रहा पिछड़ा वर्ग : केन्द्रीय राज्यमंत्री साहू

मोदी सरकार ने ओबीसी समाज को दिया सम्मान और अधिकार, भाजपा के नेतृत्व में सशक्त हो रहा पिछड़ा वर्ग : केन्द्रीय राज्यमंत्री साहू

 रायपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा की संभागीय बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू शामिल हुए। उन्होंने ओबीसी समाज की एकजुटता, सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन की मजबूती पर विस्तार से अपने विचार रखे। तोखन साहू ने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू एवं उनकी पूरी टीम को प्रदेश के कोने-कोने में जाकर ओबीसी समाज को जोडऩे, जागरूक करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग की लगभग 67 जातियाँ आती हैं। हमारी जातियाँ भले अलग-अलग हों, लेकिन हमारी परंपराएं, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्य एक हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमें किसी छोटे दायरे में नहीं बंधना है, बल्कि अपनी एकजुटता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बनाना है। साहू ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य ओबीसी समुदाय और तेली समाज से निकले बेटे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मिला है। यह पूरे ओबीसी समाज के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ओबीसी समाज से दो प्रधानमंत्री बने हैं—एच. डी. देवगौड़ा जी (1996-1997), वोक्कालिगा समुदाय से औरनरेंद्र मोदी जी (2014 से निरंतर), घांची/तेली समुदाय से। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी मेहनत और संघर्ष से देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर यह साबित किया है कि नए भारत में अवसर किसी परिवार की जागीर नहीं, बल्कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हासिल किए जा सकते हैं।
ओबीसी अधिकारों के संघर्ष का इतिहास
 साहू ने कहा कि 1953 में काका कालेलकर आयोग का गठन हुआ और 1955 में उसकी रिपोर्ट आई, लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
1979 में मोरारजी देसाई जी की सरकार में मंडल आयोग का गठन हुआ। आयोग ने 1980 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की।

1990 में वी.पी. सिंह जी की सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर ओबीसी आरक्षण लागू किया, जिसके बाद 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी मामले में इसे संवैधानिक मान्यता दी।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद लंबे समय तक पिछड़ा वर्ग आयोग को वह अधिकार नहीं मिले, जो उसे मिलने चाहिए थे। आजादी के बाद लगभग 75 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में करीब छह दशक तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन पिछड़े वर्गों के सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
मोदी सरकार में ओबीसी सशक्तीकरण को नई मजबूती
श्री तोखन साहू ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद सामाजिक न्याय को केवल बातों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उसे धरातल पर उतारा गया। उन्होंने कहा कि 2018 में 102वें संविधान संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया और उसे सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां प्रदान की गईं। 2019 में अलग से मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय बनाया गया, जिससे मछुआरा समाज और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को लाभ मिला। उन्होंने बताया कि 2017 में क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये सालाना की गई, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को आरक्षण का लाभ मिल सके। ओबीसी समुदाय की छोटी-बड़ी सभी जातियों तक आरक्षण का लाभ समान रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि 2021 में नीट के ऑल इंडिया कोटा की एमबीबीएस और पीजी सीटों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इससे हर वर्ष लगभग 4,000 ओबीसी युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 105वें संविधान संशोधन के माध्यम से राज्य सरकारों को अपनी ओबीसी सूची तैयार करने का अधिकार वापस दिया गया। श्री साहू ने कहा कि यही वास्तविक सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। भाजपा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने ओबीसी समाज को सम्मान, अधिकार और अवसर देने का कार्य किया है। उन्होंने ओबीसी समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामलाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश ओबीसी मोर्चा प्रभारी लखन साहू, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा अशोक साहू सहित संगठन के पदाधिकारी, ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सीजीआईटी रायपुर में छह दिवसीय एआईसीटीई–अटल फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ

सीजीआईटी रायपुर में छह दिवसीय एआईसीटीई–अटल फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ

 एआई और सौर ऊर्जा से बनेगा स्मार्ट ऊर्जा भविष्य

रायपुर। ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों और नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं सौर ऊर्जा के एकीकरण पर केंद्रित छह दिवसीय एआईसीटीई–अटल फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का शुभारंभ 7 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीजीआईटी), रायपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का विषय “Artificial Intelligence Integrated Solar Energy Systems for Smart and Sustainable Power Generation” रखा गया है।
 
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं को सौर ऊर्जा प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन तथा आधुनिक डिजिटल तकनीकों के उपयोग से परिचित कराना है। छह दिनों तक चलने वाले इस फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में देश के विभिन्न प्रतिष्ठित तकनीकी एवं शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों के साथ अपने तकनीकी अनुभव, शोध कार्य तथा औद्योगिक क्षेत्र में अपनाई जा रही नवीन तकनीकों को साझा करेंगे।
 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. अभिताब दुबे, अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय, छत्तीसगढ़ तथा संरक्षक डॉ. प्रो. एम. आर. खान, प्राचार्य, सीजीआईटी रायपुर की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय की जिम्मेदारी डॉ. अजय त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा निभाई जा रही है।
 
कार्यक्रम के प्रथम दिन सौर ऊर्जा विशेषज्ञ इंजी. शैलेन्द्र कुमार शुक्ल, जो विद्युत मंडल के पूर्व चेयरमैन, क्रेडा के पूर्व अध्यक्ष तथा वर्तमान में ईआईकॉन सोलर कंपनी के मालिक हैं, ने सौर पीवी प्रणालियों की वर्तमान औद्योगिक स्थिति, तकनीकी विकास एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे बदलावों, फोटोवोल्टिक तकनीक की बढ़ती उपयोगिता तथा भविष्य में स्मार्ट सौर ऊर्जा प्रणालियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ऊर्जा की बढ़ती मांग, पर्यावरण संरक्षण तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए सौर ऊर्जा आने वाले समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
 
इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए सौर ऊर्जा से संबंधित शोध-पत्र चर्चा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न शोध विषयों पर प्रतिभागियों ने विचार-विमर्श किया। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को नवीनतम शोध प्रवृत्तियों, शोध पद्धतियों तथा सौर ऊर्जा के क्षेत्र में संभावित अनुसंधान विषयों की जानकारी प्राप्त हुई।
 
द्वितीय तकनीकी सत्र में डॉ. आर. एन. पटेल, प्रोफेसर, एनआईटी रायपुर ने घरेलू सौर पीवी संयंत्रों के बीच स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन एवं विद्युत साझाकरण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों के माध्यम से घरेलू स्तर पर उत्पादित सौर ऊर्जा का अधिकतम एवं प्रभावी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने ऊर्जा उत्पादन, खपत, भंडारण एवं विद्युत साझाकरण को स्मार्ट तकनीकों से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
 
कार्यक्रम के प्रथम दिन के अंत में प्रतिभागियों के लिए प्रायोगिक एवं हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को सौर ऊर्जा प्रणालियों के व्यावहारिक पहलुओं तथा स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन से संबंधित तकनीकों को समझने का अवसर मिला।
 
आयोजकों के अनुसार, वर्तमान समय में सौर ऊर्जा प्रणालियों में केवल विद्युत उत्पादन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऊर्जा उत्पादन एवं मांग का पूर्वानुमान, सिस्टम की निगरानी, फॉल्ट डिटेक्शन, अधिकतम विद्युत उत्पादन, ऊर्जा भंडारण तथा ग्रिड के साथ प्रभावी समन्वय भी आवश्यक हो गया है। इन सभी क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। एआई आधारित प्रणालियां मौसम, सौर विकिरण और ऊर्जा मांग जैसे विभिन्न आंकड़ों का विश्लेषण कर सौर विद्युत उत्पादन का पूर्वानुमान लगाने तथा ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती हैं।
 
छह दिवसीय इस कार्यक्रम में सौर फोटोवोल्टिक प्रणालियां, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन, ऊर्जा भंडारण, सौर ऊर्जा पूर्वानुमान, स्मार्ट ग्रिड तथा सौर ऊर्जा प्रणालियों के व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रतिभागियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण, शोध-पत्र चर्चा एवं विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर भी मिलेगा।
 
कार्यक्रम के आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम शिक्षकों को नवीनतम तकनीकी ज्ञान से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपने संस्थानों में एआई आधारित स्मार्ट एवं टिकाऊ ऊर्जा प्रणालियों पर शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सक्षम बनाएंगे। इससे देश में स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी।
बिहान से बदली राह : 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी

बिहान से बदली राह : 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी

रायपुर। पारंपरिक खेती से हटकर हरी सब्जियों की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने वाले कई किसानों ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से सफलता की नई कहानियां लिखी हैं, जिनमें  ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती जैसी प्रेरणादायक मिसालें शामिल हैं, जो कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करती थी और आज लाखों की कमाई कर रही हैं।

बिहान से बदली राह : 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। छोटे से भूखंड पर भी टमाटर, बैंगन, लौकी या करेला, खीरा जैसी सब्जियां उगाकर किसान प्रति बीघा या एकड़ कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। उजाला उत्पादक समूह से जुड़ी 35 महिला किसानों ने एकजुट होकर न केवल लागत घटाई, बल्कि 600 क्विंटल सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन कर करीब 6 लाख रूपए की आय अर्जित की है।

बिहान से बदली राह : 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी

2 लाख रूपए की शुरुआती पूंजी से मिली नई उड़ान

वर्ष 2025 में गठित इस समूह का उद्देश्य सामूहिक प्रयास के ज़रिए उत्पादन बढ़ाना और बेहतर बाज़ार तलाशना था। आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह को क्लस्टर से स्टार्टअप राशि 50 हजार रूपए, सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली से ऋण 1 लाख 50 हजार रूपए, कुल शुरुआती पूंजी 2 लाख रूपए। इस पूंजी की मदद से महिलाओं ने अपने खेतों में वैज्ञानिक तकनीक अपनाते हुए लौकी, करेला और खीरा की खेती शुरू की।

600 क्विंटल सब्जियों की बंपर पैदावार

महिलाओं की कड़ी मेहनत और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खेतों में शानदार उत्पादन हुआ। सब्जी की फसल से बचत बढने लगी तो महिलाओं का हौसला बढ़़ा। इसके साथ ही फसल का दायरा बढ़ाने लगी, जिससे पैदावार में बढ़ोत्तरी होने लगी। महिलाओं ने सामूहिक खेती कर लौकी 250 क्विंटल, करेला 250 क्विंटल, खीरा 100 क्विंटल का उत्पादन की। कुल सब्जी उत्पादन 600 क्विंटल होने लगा।  

बिहान से बदली राह : 35 महिला किसानों ने 600 क्विंटल सब्जी उगाकर लिखी सफलता की नई कहानी

बिचौलियों से मुक्ति, सीधे थोक बाजार से जुड़ाव

सफलता की सबसे बड़ी कड़ी महिलाओं की विपणन (मार्केटिंग) रणनीति रही। बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय समूह की दीदियों ने अपनी उपज को सीधे थोक बाजार तक पहुंचाया। इससे फसल का उचित दाम मिला और कुल आय 6 लाख रूपए तक पहुंच गई।

सुशासन और जमीनी मॉनिटरिंग का असर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर निरंतर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर क्रियान्वयन, मैदानी मार्गदर्शन और सतत् मॉनिटरिंग से योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।

पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता हो - राज्यपाल डेका

पत्रकारिता में सत्य, तथ्य और जनहित सर्वाेच्च प्राथमिकता हो - राज्यपाल डेका

 राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभ

रायपुर, 07 सितम्बर 2026/ राज्यपाल  रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन भी किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास में सहायक होगा।

राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने तथा उनके जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल  डेका ने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्त्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने स्व. ठाकरे जी के सानिध्य में बिताए गए अवसरों और प्रेरणादायी उद्धरणों को साझा किया।

 डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है।

डेका ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सूचनाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।

राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय माध्यम समाज में बना हुआ है। पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन वे व्यापक रूप से पहचाने नहीं जा सके। ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के कार्यों को समाचारों और लेखों के माध्यम से समाज के सामने लाने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने तथा कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी विभागाध्यक्ष प्रबंधन और आभार प्रदर्शन सुनील कुमार शर्मा कुलसचिव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

ब्रेकिंग : दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे ने छीन लिया CG का होनहार छात्र, DU में कर रहा था पढ़ाई… परिवार में पसरा मातम…

ब्रेकिंग : दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे ने छीन लिया CG का होनहार छात्र, DU में कर रहा था पढ़ाई… परिवार में पसरा मातम…

 दुर्ग 7 सितम्बर 2026। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे में दुर्ग जिले के एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे में 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में B.Com द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और सत्य निकेतन स्थित बॉयज पीजी में रहता था।

नए स्थान तलाशें

सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे निर्माण और मरम्मत के दौरान इमारत का हिस्सा ढह गया। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के प्रमुख इलाके के पास है, जहां बड़ी संख्या में छात्रों के पीजी, हॉस्टल और खाने-पीने की दुकानें संचालित होती हैं।

मरम्मत के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। प्रारंभिक जानकारी में बेसमेंट में खुदाई और मरम्मत के दौरान एक पिलर खिसकने की वजह से इमारत के ढहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, कैट एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान चलाया गया।

दुर्ग में परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

युवराज की मौत की खबर मिलते ही दुर्ग स्थित उसके परिवार में मातम पसर गया। पढ़ाई के लिए दिल्ली में रह रहे युवराज की हादसे में मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।

न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र ने ली छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ, देखें LIVE प्रसारण

न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र ने ली छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ, देखें LIVE प्रसारण

 रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के नवनियुक्त माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र का शपथ ग्रहण समारोह आज रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित किया गया। समारोह में वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस अवसर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, मंत्रीगण व विधायकगण , रजिस्ट्रार जनरल, पी.पी.एस., प्रोटोकॉल ऑफिसर, प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज, रायपुर सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद 7 सितंबर 2026 को शाम 4:15 बजे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर स्थित मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट रूम में उनके सम्मान में ओवेशन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

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CABINET MEETING : इस दिन होगी साय कैबिनेट की बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

CABINET MEETING : इस दिन होगी साय कैबिनेट की बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक 9 सितंबर 2026 को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। चर्चा के बाद सरकार द्वारा कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है।

कैबिनेट बैठक को आगामी दिनों के लिए सरकार के बड़े फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों के साथ-साथ जनहित और प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हो सकती है।

बैठक में किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। सरकार के निर्णयों के बाद इससे जुड़े विस्तृत आदेश और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

 
समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी : राज्यपाल डेका

समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी : राज्यपाल डेका

 ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षकों को किया सम्मानित

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका शिक्षक दिवस पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।

राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।

 

सुपरहिट फिल्म 'पुष्पा' की तर्ज पर सागौन तस्करी : वन विभाग और पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के मंसूबों पर फेरा पानी, 3 गिरफ्तार

सुपरहिट फिल्म 'पुष्पा' की तर्ज पर सागौन तस्करी : वन विभाग और पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के मंसूबों पर फेरा पानी, 3 गिरफ्तार

 मैनपुर। सुपरहिट फिल्म 'पुष्पा' की तर्ज पर गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से सागौन की अवैध तस्करी का एक अनूठा मामला सामने आया है। तस्करों ने नदी के बहाव और लकड़ी की बेड़ी बनाकर सागौन को पड़ोसी राज्य ओडिशा भेजने की योजना बनाई थी, जिसे वन विभाग की सतर्कता और स्मार्ट सर्विलांस ने समय रहते फेल कर दिया। 

इस अंतरराज्यीय तस्करी के खुलासे के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है। मामले की शुरुआत 22 अगस्त को हुई, जब उत्तर उदंती परिक्षेत्र के कुर्रुभाटा बीट (कक्ष क्रमांक-03) में नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को उदंती नदी के किनारे सागौन के एक पेड़ का ताजा कटा हुआ ठूंठ मिला। मौके पर सागौन का एक भारी लट्ठा अर्जुन के पेड़ की जड़ों से रस्सी के सहारे बंधा हुआ पाया गया। 

पैरी नदी के बहाव में बहाकर ओडिशा भेजने वाले दो तस्कर गिरफ्तार
घटना की संवेदनशीलता को भांपते हुए वन अधिकारियों ने तुरंत स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय किया और इलाके में कड़ी निगरानी शुरू कर दी। 26 अगस्त को निगरानी के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को सागौन के लड्डे के आसपास संदिग्ध हरकतें करते हुए देखा गया। तकनीकी सर्विलांस और मैदानी जांच के आधार पर उनकी पहचान बरगांव मैनपुर निवासी भोजलाल नागेश और गंगाराम विश्वकर्मा के रूप में हुई। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि आरोपी कटे हुए सागौन के लट्ठों को अस्थायी बेड़ी के रूप में बांधकर और नदी के तेज बहाव के सहारे ओडिशा खपाने की फिराक में थे।

ओडिशा तक फैला था नेटवर्क मुख्य आरोपी गिरफ्तार
छानबीन का दायरा बढ़ाने पर इस अंतरराज्यीय नेटवर्क में ओडिशा निवासी शोभाचंद्र नायक की संलिप्तता सामने आई। गरियाबंद पुलिस के सहयोग से उसे भी धर दबोचा गया। विभाग के अनुसार, शोभाचंद्र पहले भी वन अपराध के मामलों में वांछित रहा है। मुख्य आरोपियों की निशानदेही पर भोजलाल नागेश के घर से हाथ आरे और चिरान की गई साल की लकड़ी के साथ नदी में छिपाए गए सागौन के लट्ठे भी बरामद किए गए। दूसरे आरोपी गंगाराम से जुड़े मामले में करीब 0.95 घनमीटर सागौन का लट्ठा जब्त किया गया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में थमी बारिश की रफ्तार, बढ़ा तापमान; 8 से 10 सितंबर तक इन जिलों में बरसेंगे बादल

CG Weather : छत्तीसगढ़ में थमी बारिश की रफ्तार, बढ़ा तापमान; 8 से 10 सितंबर तक इन जिलों में बरसेंगे बादल

 CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कुछ धीमी नजर आ रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर कमजोर पड़ा है, जबकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई। प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। मौसम विभाग ने 8 से 10 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।

रविवार को छत्तीसगढ़ में तापमान ने एक बार फिर बढ़त दिखाई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर और राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।

राजधानी रायपुर में भी गर्मी का असर देखने को मिला। यहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की गतिविधियां कम होने और धूप निकलने से लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।

राजधानी रायपुर में 7 सितंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग ने शहर में एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है।

रायपुर में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

यानी राजधानी में पूरे दिन मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक 8 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। 8 सितंबर को सरगुजा और बलरामपुर जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

इन इलाकों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार कहीं-कहीं मध्यम बारिश भी हो सकती है।

9 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर के साथ बिलासपुर, कोरबा और बलौदाबाजार जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की जरूरत है।

10 सितंबर को प्रदेश में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस दिन रायपुर समेत करीब 16 जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।

बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ कुछ क्षेत्रों में जलभराव और निचले इलाकों में पानी जमा होने जैसी स्थिति भी बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

फिलहाल प्रदेश में बारिश की रफ्तार धीमी जरूर हुई है, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यह स्थिति लंबे समय तक रहने वाली नहीं है। अगले 72 घंटे में मानसूनी गतिविधियां दोबारा सक्रिय होने की संभावना है।

8 से 10 सितंबर के बीच कई जिलों में बारिश बढ़ने के साथ तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले तीन दिन छत्तीसगढ़ के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

CG : कृषि कॉलेज में एडमिशन का मौका! इस दिन होगी काउंसलिंग, 396 सीटों पर मिलेगा दाखिला

CG : कृषि कॉलेज में एडमिशन का मौका! इस दिन होगी काउंसलिंग, 396 सीटों पर मिलेगा दाखिला

 रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पी.ए.टी. एवं कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में निर्धारित ऑनलाइन पंजीयन एवं दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया 03 सितम्बर को पूर्ण हो चुकी है, जिसके बाद अब रिक्त सीटों को भरने की तैयारी की जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुल 1,951 सीटों में से प्रथम चरण एवं स्पॉट काउंसिलिंग के माध्यम से 1,555 सीटों पर प्रवेश पहले ही पूर्ण हो चुका है। अब शेष बची 396 रिक्त सीटों को भरने के लिए कुल 577 पंजीकृत अभ्यर्थियों के बीच आगामी 07 और 08 सितम्बर 2026 को काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों का ऑफलाइन दस्तावेज सत्यापन कृषि मंडपम, कृषि महाविद्यालय, रायपुर में प्रातः 9ः00 बजे से शाम 5ः30 बजे तक किया जाएगा, जहां अभ्यर्थियों को स्वयं उपस्थित होकर अपने सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

दस्तावेज सत्यापन के पश्चात विश्वविद्यालय द्वारा 09 सितम्बर 2026 को दोपहर 3ः00 बजे प्रावीण्य (मेरिट) सूची जारी की जाएगी। इसके बाद सीट आवंटन और निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा करने के लिए अभ्यर्थियों को केटेगरी के अनुसार कृषि महाविद्यालय, रायपुर में उपस्थित होना होगा। शेड्यूल के मुताबिक, पंजीकृत पी.ए.टी. उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 10 सितम्बर, कक्षा 12वीं उत्तीर्ण छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए 11 सितम्बर तथा अन्य राज्यों के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 12 सितम्बर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।

 
 
 
डिप्टी सीएम शर्मा कवर्धा में आयोजित दही हांडी उत्सव में हुए शामिल

डिप्टी सीएम शर्मा कवर्धा में आयोजित दही हांडी उत्सव में हुए शामिल

 o शर्मा ने हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैयालाल की का जयघोष कर उत्सव का उल्लास और भी बढ़ा दिया

कवर्धा। डिप्टी सीएम एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा शनिवार को कवर्धा शहर के गांधी मैदान तथा भारत माता चौक में आयोजित दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम शर्मा ने परंपरा अनुसार सभी ग्वाला भाइयों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें दही हांडी उत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। यादव समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें पारंपरिक सम्मान स्वरूप खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, नितेश अग्रवाल सहित समस्त पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, शहरवासी और यादव समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। डिप्टी सीएम एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने समस्त शहरवासियों एवं प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने मंच से ही सभी उपस्थित जनों के साथ “हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैयालाल की” का जयघोष कर उत्सव का उल्लास और भी बढ़ा दिया।

डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि गोविंदा उत्सव कवर्धा की गौरवशाली परंपरा है, जो समाज में एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हम सभी को धर्म, कर्म और कर्तव्य के प्रति प्रेरित करता है। कृष्ण लीला हमें यह संदेश देती है कि अन्याय और अधर्म पर सदैव धर्म की विजय होती है। शर्मा ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान कृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं। दही हांडी उत्सव के दौरान हजारों की संख्या में शहरवासी, समाजजन और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरा शहर कृष्ण भक्ति और जयघोष से गुंजायमान रहा।

झीरम के सबूत थे तो जांच एजेंसी को क्यों नहीं दिए, राजनीतिक बयानबाजी से सच नहीं बदलता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

झीरम के सबूत थे तो जांच एजेंसी को क्यों नहीं दिए, राजनीतिक बयानबाजी से सच नहीं बदलता : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 कांग्रेस की राजनीति का पुराना चरित्र ‘फूट डालो और राज करो’, जहां जाते हैं वहां गुटबाजी करते हैं : मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एनआईए न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद कांग्रेस की ओर से की जा रही बयानबाजी पर पलटवार करते हुए कहा कि संबंधित प्रकरण की जांच एनआईए को उस समय सौंपी गई थी, जब केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। लगभग 13 वर्षों तक इस मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया चली, 100 से अधिक गवाहों की गवाही हुई और तमाम तथ्यों एवं साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय का निर्णय सामने आया है। न्यायालय ने 10 लोगों को दोषी ठहराया है और 16 सितंबर को उनकी सजा का निर्धारण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को यह भी याद रखना चाहिए कि एनआईए किसी राज्य सरकार की नहीं, बल्कि देश की प्रमुख जांच एजेंसी है। जब यह प्रकरण एनआईए के पास गया, तब केंद्र में उनकी ही सरकार थी। इतने वर्षों तक जांच चली। यदि कांग्रेस के नेताओं के पास इस मामले से जुड़ा कोई तथ्य, प्रमाण या सबूत था तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने रखना चाहिए था। अब न्यायालय का फैसला आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी करना केवल सवालों से बचने का प्रयास है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब वे विपक्ष में थे, तब कहा करते थे कि सबूत जेब में लेकर घूम रहे हैं। सवाल यह है कि यदि उनके पास सबूत थे तो उन्होंने उन्हें एनआईए को क्यों नहीं सौंपा? जांच एजेंसी के सामने तथ्य रखने के लिए उनके पास पर्याप्त समय था। आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को प्रमाणित करने के लिए तथ्य और साक्ष्य देने पड़ते हैं। न्यायिक प्रक्रिया राजनीतिक बयानों से नहीं, साक्ष्यों और तथ्यों से चलती है।

कांग्रेस में प्रभारियो के फेरबदल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति आज भी अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चल रही है। जहां कांग्रेस जाती है, वहां गुटबाजी और आपसी खींचतान शुरू हो जाती है। जनता के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करने के बजाय कांग्रेस के नेता अपने ही दल के भीतर एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ने में व्यस्त रहते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रभार में बदलाव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब वहां भी उनका विरोध सामने आया था। शायद उसी का नतीजा है कि अब उनका प्रभार प्रदेश बदल दिया गया है। यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन जिस प्रकार उसके अपने नेताओं के बीच लगातार विरोध और खींचतान सामने आती है, उससे कांग्रेस की राजनीतिक कार्यसंस्कृति स्पष्ट दिखाई देती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने भीतर देखना चाहिए। एक तरफ उसके नेता न्यायिक निर्णयों पर सवाल खड़े करते हैं और दूसरी तरफ अपने ही संगठन में एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोलते रहते हैं। छत्तीसगढ़ की जनता राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम की राजनीति को भली-भांति समझती है। जनता को बयानबाजी नहीं, तथ्य और प्रमाण चाहिए।

राज्यपाल रमेन डेका ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में हुए शामिल, कहा-समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी…..

राज्यपाल रमेन डेका ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में हुए शामिल, कहा-समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी…..

 रायपुर: राज्यपाल  रमेन डेका शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

इंटरनेट और तकनीक का सदुपयोग करते हुए युवा सही दिशा में आगे बढ़े

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक

राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।

देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर

राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

’शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित’

इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

कार्यक्रम में संभागायुक्त  सुनील जैन, कलेक्टर  संजय अग्रवाल,  एसईसीएल के डायरेक्टर  बिरंची दास,  हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जो खेलेगा, वही खिलेगा... खेल प्रतिभाओं को तराशने और आगे बढ़ाने प्रतिबद्ध है सरकार : अरुण साव

जो खेलेगा, वही खिलेगा... खेल प्रतिभाओं को तराशने और आगे बढ़ाने प्रतिबद्ध है सरकार : अरुण साव

 राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

प्रदेशभर 845 खिलाड़ियों और 150 से अधिक ऑफिशियल्स ने की भागीदारी

बिलासपुर संभाग बना ओवरऑल चैंपियन

रायपुर. 6 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान करने की है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री  साव ने आज बिलासपुर में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।

उप मुख्यमंत्री  साव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल के मैदान में संघर्ष करने और पसीना बहाने वाले खिलाड़ी ही सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हैं। जो खेलेगा, वही खिलेगा। आज देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खेल और खिलाड़ियों के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। खेलो इंडिया के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला है। राज्य सरकार ने बंद हो चुके खेल अलंकरण को पुनः प्रारंभ करने के साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है।

साव ने बताया कि हाल ही में 29 अगस्त को राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ 74 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के अंतर्गत इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से खेलों के विकास के साथ ही स्पोर्ट्स साइंस और खेल अधोसंरचना को भी मजबूत किया जाएगा।

3800 अंकों के साथ बिलासपुर बना ओवरऑल चैंपियन

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों के 845 खिलाड़ियों एवं 150 से अधिक ऑफिशियल्स ने भाग लिया। चार दिवसीय प्रतियोगिता में बेसबॉल, तैराकी और वाटर पोलो की स्पर्धाएं आयोजित की गईं। बिलासपुर संभाग ने सभी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3800 अंकों के साथ ओवरऑल चौंपियन का खिताब अपने नाम किया।

प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर के संजय तरण पुष्कर एवं छत्तीसगढ़ स्कूल खेल मैदान में किया गया। समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव और अन्य अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया।

शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी : विधायक अमर अग्रवाल

बिलासपुर विधायक  अमर अग्रवाल ने कहा कि जीवन बहुआयामी है। शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना भी आवश्यक है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के विकास के लिए बनाई गई नीतियों का परिणाम है कि आज भारतीय खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने खेलों के लिए आधारभूत अधोसंरचना विकसित करने का कार्य किया है।

खेल की प्रतिस्पर्धा भविष्य को बनाती है उज्ज्वल : विधायक  धरमलाल कौशिक

बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने कहा कि खेल के माध्यम से छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है और खेल के मैदान में होने वाली प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के क्षेत्र में अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

समापन समारोह में मस्तुरी विधायक  दिलीप लहरिया, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष  राजा पाण्डेय, अपर कलेक्टर  शिव कुमार बनर्जी, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर  अश्वनी कुमार भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी  वर्षा शर्मा, सहायक संचालक क्रीड़ा  जी.डी. गर्ग, बीईओ बिल्हा भूपेंद्र कौशिक,  मोहित जायसवाल और  दीपक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेलप्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद थे।

‘नमस्ते’ योजना में छत्तीसगढ़ संयुक्त रूप से देश में प्रथम

‘नमस्ते’ योजना में छत्तीसगढ़ संयुक्त रूप से देश में प्रथम

 राज्य के 1428 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को पीपीई किट वितरित, 1374 के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए गए, 139 कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण

 
स्वच्छता कर्मियों हेतु आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए 47 ईआरएसयू और 14420 हेल्पलाइन का संचालन
 
उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने नगरीय निकायों और विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को दी बधाई, कहा स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियां सर्वोच्च प्राथमिकता
 
रायपुर. 6 सितम्बर 2026. सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देने में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। केंद्र सरकार की ‘नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन इकोसिस्टम’ (NAMASTE) योजना के अंतर्गत राज्यों के प्रदर्शन की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ के साथ आंध्रप्रदेश, ओडिशा, त्रिपुरा, उत्तरप्रदेश और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से देश में पहले स्थान पर हैं। 
 
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने इस उपलब्धि पर नगरीय निकायों, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों व 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन से जुड़े सभी मैदानी अमले को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण को बढ़ावा देकर जोखिमपूर्ण कार्यों को समाप्त करना और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्य का वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है।
 
 साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ का 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन में संयुक्त रूप से राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सामाजिक सुरक्षा, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के मशीनीकरण के लिए यहां किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह उपलब्धि स्वच्छता कर्मियों के सम्मान, सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था और स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य करने की ओर छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
 
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक 1487 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों का सर्वेक्षण कर 1465 कर्मियों का सत्यापन किया गया है। 169 नगरीय निकायों में 1428 कर्मियों को पीपीई (PPE) किट वितरित किए गए हैं और 1374 कर्मियों को आयुष्मान भारत कार्ड उपलब्ध कराया गया है। वहीं 139 सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण तथा 923 स्वच्छता कर्मियों को कार्यशाला आयोजित कर सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस साल 14 जुलाई को राज्य के सभी नगरीय निकायों में 'नमस्ते' दिवस का आयोजन किया गया था, जिनमें 15 हजार से अधिक स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने सहभागिता की थी। इन कार्यक्रमों में स्वच्छता कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण (OST), कर्मचारियों का सम्मान तथा पीपीई किट एवं आयुष्मान स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए थे। 
 
'नमस्ते' योजना के अंतर्गत वेस्ट पिकर्स के लिए भी व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। राज्य में 8527 वेस्ट पिकर्स की प्रोफाइलिंग की गई है, जिनमें से 6799 का सत्यापन किया जा चुका है। इनमें से 991 वेस्ट पिकर्स को पीपीई किट भी दिए जा चुके हैं। वहीं 512 वेस्ट पिकर्स को व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। अभी 6287 और वेस्ट पिकर्स को प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है। 
 
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता कर्मियों के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य में 47 ईआरएसयू (Emergency Response Sanitation Units) स्थापित किए गए हैं। 14 नगर निगमों, 24 जिला मुख्यालयों तथा 9 द्वितीय सर्वाधिक जनसंख्या वाले निकायों में ये ईआरएसयू स्थापित किए गए हैं। इनमें से 39 ईआरएसयू को सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराए जा चुके हैं। ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के माध्यम से आपातकालीन स्वच्छता सेवाओं के लिए त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित की जा रही है।
 
इस तरह हुआ राज्यों का मूल्यांकन
 
राज्यों में 'नमस्ते' योजना के क्रियान्वयन का मूल्यांकन 100 अंकों के निर्धारित पैमाने पर किया गया है। इसमें प्रोफाइल किए गए स्वच्छता कर्मियों के सत्यापन के लिए 20 अंक, एसयूवाय (SUY) के माध्यम से मशीनीकरण के लिए 10 अंक, ईआरएसयू एवं 14420 हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 अंक, सामाजिक सुरक्षा कवरेज के लिए 20 अंक तथा स्वच्छता मृत्यु से संबंधित मामलों में प्रवर्तन, मुआवजा एवं जवाबदेही के लिए 30 अंक निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त स्वच्छता मृत्यु के मामलों में नकारात्मक अंक का भी प्रावधान है। निर्धारित मूल्यांकन मानकों के आधार पर छत्तीसगढ़ ने संयुक्त रूप से प्रथम रैंक हासिल की है।
 
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित व गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने 2023 से संचालित है 'नमस्ते' योजना
 
सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मियों को सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण आजीविका, सामाजिक सुरक्षा तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 से 'नमस्ते' योजना शुरू की गई है। इसमें स्वच्छता कार्यों का मशीनीकरण बढ़ाने, असुरक्षित एवं खतरनाक तरीके से हाथ से सफाई की प्रथा को समाप्त करने तथा स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मृत्यु को शून्य (Zero Fatality) करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के अंतर्गत सीवर एवं सेप्टिक टैंक कर्मी (SSW), कचरा बीनने वाले (Waste Pickers), नाली साफ करने वाले तथा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) एवं फ़ीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) में कार्यरत कर्मियों को शामिल किया गया है।
 
योजना का क्रियान्वयन आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (NSKFDC) योजना की राष्ट्रीय कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य कर रहा है। छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
बस्तर की जनता जैसा विकास चाहेगी, वैसा ही होगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर की जनता जैसा विकास चाहेगी, वैसा ही होगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर में विकास को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील, मुख्यमंत्री ने कहा -स्थानीय जनता की इच्छा और हित सर्वोपरि

प्रदेश की बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरा सौभाग्य, एक भाई के नाते उनकी सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव संकल्पित - मुख्यमंत्री  साय

रायपुर 6 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर के विकास की दिशा वहां की जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही तय होगी। बस्तर की जनता को किसी प्रकार के भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है। सरकार क्षेत्र में कृषि, पर्यटन, पशुपालन सहित स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप आजीविका और विकास के अवसरों को आगे बढ़ा रही है। बस्तर के लोग जैसा विकास चाहेंगे, सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए बस्तर के विकास, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी।

बस्तर से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। आज जब नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक मुकाम पर पहुंची है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण बना है, तब कुछ लोग बस्तर की जनता के बीच यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे सरकार का उद्देश्य बड़े उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बस्तर का भविष्य वहां की जनता की आकांक्षाओं और इच्छाओं के अनुरूप ही तय होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में कभी साथ नहीं खड़े हुए अथवा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उसका समर्थन करते रहे, वे अब नए नैरेटिव के माध्यम से लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। बस्तर की जनता जागरूक है और ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझती है। हमारी सरकार का उद्देश्य बस्तर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए वहां के लोगों के जीवन में समृद्धि लाना है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में कृषि को सशक्त करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और पर्यटन की अपार संभावनाओं को अवसरों में बदलने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है। शांति स्थापित होने के साथ अब दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंच रहा है और स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि बस्तर अपनी विशिष्ट पहचान और समृद्ध संस्कृति को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे।

बहनों का ‘भैया’ कहना मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य

साक्षात्कार के दौरान प्रदेश की बहनों द्वारा विष्णु भैया नाम से पुकारे जाने और बहनों के मुख्यमंत्री से आत्मीय जुड़ाव को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की बहनें उन्हें ‘भैया’ कहकर पुकारती हैं और अपने परिवार का सदस्य मानती हैं। इससे बड़ा सौभाग्य उनके लिए और क्या हो सकता है ? बहनों से मिलने वाला स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक भाई के नाते प्रदेश की बहनों की सेवा, सुरक्षा और उनके जीवन में खुशहाली लाना उनका संकल्प है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश की हर बहन को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और वह आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। सरकार की प्रत्येक नीति और प्रत्येक निर्णय के केंद्र में छत्तीसगढ़ की जनता का हित है।

बस्तर के विकास से लेकर माताओं-बहनों के सशक्तीकरण तक सरकार का संकल्प स्पष्ट है - विकास ऐसा हो, जिसमें जनता की भागीदारी हो, स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान हो और उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बहनों संग साझा की पर्व की खुशियां

बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बहनों संग साझा की पर्व की खुशियां

 तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व, इसमें मातृशक्ति के प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित : मुख्यमंत्री  साय

प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहीं, 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी - मुख्यमंत्री  साय

छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का दिखा भव्य संगम, पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल हुईं माताएं-बहनें

चोरहादेवरी गांव अब ‘रामदेवरी’ के नाम से जाना जाएगा, मुख्यमंत्री ने की घोषणा

बेलतरा महोत्सव के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री ने की 30 लाख रुपए देने की घोषणा

रायपुर 6 सितम्बर 2026/ तीजा तिहार के उल्लास के बीच आज बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में सराबोर नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के बीच मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने तीजा तिहार की खुशियां साझा कीं और उन्हें पर्व की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है, जिसमें हमारी माताओं-बहनों का प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। इस पर्व पर विवाहित बेटियों के मायके आने और परिवार के साथ पर्व मनाने की हमारी परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। हमारी माताएं और बहनें भगवान शिव एवं माता पार्वती की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करती हैं। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ परिवार और समाज के आत्मीय रिश्तों को भी मजबूत बनाते हैं।

मुख्यमंत्री साय आज बहतराई स्टेडियम में आयोजित भव्य तीजा मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  सुशांत शुक्ला, भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सम्मान का सर्वोच्च स्थान मिला है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। घर-घर शौचालय निर्माण से महिलाओं की गरिमा और सुविधा सुनिश्चित हुई है। राशन कार्ड महिलाओं के नाम पर बनाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है। यह आर्थिक सहायता बहनों को अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार में उनकी भूमिका को और मजबूत कर रही है।

प्रदेश की 13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएं केवल शासकीय योजनाओं की लाभार्थी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा की सक्रिय भागीदार बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर हमारी बहनें विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं।

उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ हमारी बहनें आधुनिक तकनीक को अपनाकर भी आगे बढ़ रही हैं। ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। कहीं महिलाएं सेंटरिंग प्लेट के व्यवसाय से जुड़ी हैं तो कहीं ई-रिक्शा चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बस्तर से लेकर बिलासपुर तक हमारी माताएं-बहनें अपनी मेहनत, कौशल और आत्मविश्वास से सफलता की नई कहानियां लिख रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को उद्यमिता और उद्योगों से जोड़ने के लिए भी विशेष प्रोत्साहन दे रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की हर बहन को अपनी क्षमता और हुनर के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले और वह आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार तथा प्रदेश की समृद्धि में सहभागी बने।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है तथा यहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। सरकार का प्रयास है कि इन संभावनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और विकास की सुविधाएं गांव तथा लोगों के घर के नजदीक उपलब्ध हों।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का हमारा संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने में प्रदेश की मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब हमारी बहनें शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार मजबूत होंगे और प्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ेगा।

चोरहादेवरी गांव का नाम होगा ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए मिलेंगे 30 लाख रुपए

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगातें भी दीं। उन्होंने बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

हमारी संस्कृति और सामाजिक आत्मीयता को सहेजता है तीजा : उप मुख्यमंत्री श्री साव

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित तीजा मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ समाज में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। यह पर्व महिलाओं के जीवन में विशेष महत्व रखता है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि तीजा जैसे पारंपरिक पर्व हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का संदेश देते हैं।

बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें माताओं-बहनों की आस्था, त्याग और पारिवारिक प्रेम की सुंदर झलक दिखाई देती है। ऐसे आयोजन हमारी लोकपरंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।

झूले, मेहंदी और पारंपरिक रंगों से सराबोर हुआ बहतराई स्टेडियम

तीजा मिलन समारोह में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और नारी शक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के लिए आकर्षक झूलों, मेहंदी और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों की व्यवस्था की गई थी। भोजन और उपहार की विशेष व्यवस्था ने पर्व की खुशियों को और बढ़ाया। बच्चों ने भी उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर आयोजन का आनंद लिया। गीत-संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और उत्सवी माहौल से पूरा बहतराई स्टेडियम तीजा की खुशियों से सराबोर रहा।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पांडे, महापौर पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, संभागायुक्त  सुनील जैन, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, एसएसपी  रजनेश सिंह, नगर निगम कमिश्नर  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल दही हांडी उत्सव में हुए सम्मिलित

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल दही हांडी उत्सव में हुए सम्मिलित

 जशपुर के रंजीता स्टेडियम में उमड़ा आस्था और उत्साह का सैलाब, गोविंदाओं ने दिखाया साहस और सामूहिक शक्ति

श्रीकृष्ण के आदर्शों से प्रेरणा लेकर प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करें-श्री राजेश अग्रवाल

रायपुर, 6 सितंबर 2026। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर जशपुर के रंजीता स्टेडियम में आयोजित भव्य दही हांडी उत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सम्मिलित हुए। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों की मौजूदगी में उत्सव का उल्लास देखते ही बना। पूरे स्टेडियम परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने उत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं और गोविंदाओं का उत्साहवर्धन किया तथा सभी को दही हांडी उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। दही हांडी जैसे पारंपरिक उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं।

गोविंदाओं ने दिखाया साहस और सामूहिक शक्ति

उत्सव का मुख्य आकर्षण गोविंदा टोलियों द्वारा दही हांडी फोड़ने का रोमांचक प्रदर्शन रहा। एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर ऊंचाई तक पहुंचते गोविंदाओं ने साहस, विश्वास, अनुशासन और सामूहिक प्रयास का शानदार परिचय दिया। दही हांडी फूटते ही पूरा स्टेडियम ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव और मनोरंजन का अवसर नहीं, बल्कि सामूहिक शक्ति, सहयोग और विश्वास का प्रतीक है। जब समाज एकजुट होकर लक्ष्य की ओर आगे बढ़ता है, तो कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। गोविंदाओं की टोली का प्रत्येक सदस्य एक-दूसरे पर विश्वास करते हुए सामूहिक प्रयास करता है और यही एकजुटता समाज की सबसे बड़ी ताकत है।

संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विविधतापूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों से है। दही हांडी जैसे उत्सव हमारी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी संस्कृति हमारी पहचान है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि इन परंपराओं को संरक्षित करते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।”

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश में समाज को सही दिशा देने की अद्भुत शक्ति है। प्रेम, सद्भाव, कर्तव्य और लोककल्याण के उनके आदर्श आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं।

भक्ति के साथ सामाजिक समरसता का संदेश

रंजीता स्टेडियम में महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्सव में शामिल हुए। गोविंदाओं की टोलियों के प्रदर्शन के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बना।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा, “धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे अवसरों पर लोग अपने मतभेद भुलाकर एक साथ उत्सव मनाते हैं। इससे आपसी सद्भाव, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है। हमें भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर प्रेम, शांति और भाईचारे को आगे बढ़ाना चाहिए।”

आयोजकों, श्रद्धालुओं और गोविंदा टोलियों को दी शुभकामनाएं

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने दही हांडी उत्सव के सफल आयोजन के लिए आयोजकों, गोविंदा टोलियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की।

उन्होंने कहा कि जशपुर की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराएं जिले की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे आयोजन जशपुर की सांस्कृतिक जीवंतता को प्रदेश और देश के सामने प्रस्तुत करने के साथ सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करते हैं।

दही हांडी उत्सव के दौरान कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों और भजनों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया। “तेरे नैना हेरत हेरत, माखन चुराए नंदलाल…” जैसे भक्ति भाव से वातावरण गूंजता रहा। उमंग, उल्लास और कृष्ण भक्ति से सजे इस भव्य उत्सव ने जशपुर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की।

CG - गजपल्ला वॉटरफॉल में डूबा रायपुर का युवक, पर्यटकों में मचा हड़कंप, रेस्क्यू जारी

CG - गजपल्ला वॉटरफॉल में डूबा रायपुर का युवक, पर्यटकों में मचा हड़कंप, रेस्क्यू जारी

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध गजपल्ला वॉटरफॉल में आज एक बड़ा हादसा हुआ है, जहां रायपुर से पिकनिक मनाने पहुंचे युवक की डूबने से मौत हो गई। इस घटना से सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरु कर दिया है।

रायपुर से दोस्तों के साथ आया था पिकनिक मनाने

बताया जा रहा है कि युवक रायपुर से अपने पांच दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आया था। गजपल्ला वॉटरफॉल में नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। युवक के साथियों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को दी, जिसके बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। युवक के शव को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद है और पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे युवक

इधर, हादसे के बीच गजपल्ला वॉटरफॉल में पर्यटकों की लापरवाही भी सामने आई है। वॉटरफॉल क्षेत्र में कुछ युवक जोखिम भरे स्टंट करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्राकृतिक पर्यटन स्थल पर बेरोकटोक इस तरह के जानलेवा स्टंट किए जा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

युवक की डूबने से मौत की घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम, चेतावनी बोर्ड और निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।

Suicide : सीआरपीएफ कैंप में आरक्षक की पेड़ पर फांसी से लटकी मिली लाश, 15 साल से थे तैनात

Suicide : सीआरपीएफ कैंप में आरक्षक की पेड़ पर फांसी से लटकी मिली लाश, 15 साल से थे तैनात

 बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में भरनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पेड़ पर आरक्षक का शव फांसी से लटका मिला. वह शुक्रवार को ड्यूटी के बाद से लापता थे. मृतक की पहचान जयप्रकाश गहिर (33 साल) के रूप में हुई है. वह ओडिसा के बलांगीर जिले के ग्राम करबहाली के निवासी थे. पिछले 15 सालों से वह भरनी स्थित सीआरपीएफ कैंप में पोस्टेड थे.   

सकरी टीआई उमेश साहू ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जयप्रकाश शुक्रवार सुबह ड्यूटी खत्म करने के बाद कैंप से लापता हो गया था. वह अपने घर भी नहीं पहुंचा. बताया जा रहा है कि घर में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद वह घर से बाहर निकल गया और फिर वापस नहीं लौटा.

पेड़ पर लटका मिला आरक्षक का शव 

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को कुछ लोगों ने भरनी स्थित केंद्रीय विद्यालय के पास एक पेड़ पर आरक्षक का शव फांसी पर लटके होने की सूचना दी. मौके पर तत्काल पुलिस को रवाना किया गया. साथ ही सीआरपीएफ के अधिकारी और जवान भी मौके पर पहुंचे.

पंचनामा करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है. फिलहाल हर संभावित एंगल से पुलिस मामले की जांच कर रही है.