रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर मंत्रालय पहुंचेंगे। जहाँ दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में शामिल होकर विभागीय कार्यों की समीक्षा करेंगे वही दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मुख्यमंत्री कार्यालयीन कार्य करेंगे। वहीं शाम 5 बजकर 50 मिनट पर मुख्यमंत्री निवास से लोकभवन के लिए रवाना होंगे और 5 बजकर 55 मिनट पर लोकभवन पहुंचेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक छत्तीसगढ़ मंडपम्, लोकभवन में आयोजित “सांस्कृतिक संध्या” कार्यक्रम में शामिल होंगे।
रायपुर – समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर दुर्ग संभाग में आज से दो दिवसीय “जन-संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके जरिए UCC कमिटी सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर समन्वय स्थापित करने की दिशा में काम करेगी। जन-संवाद के दौरान सामान्य लोगों के साथ बैठक कर UCC को लेकर उनके विचार और सुझाव लिए जाएंगे। समिति का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग की बात सुनी जाए और उनके सुझावों को प्रस्तावित ड्राफ्ट में उचित स्थान मिल सके। इस जन-संवाद के जरिए समिति अलग-अलग वर्गों के लोगों से सीधे संवाद करेगी और UCC को लेकर उनकी राय,अपेक्षाओं और सुझावों को समझने का प्रयास करेगी। कमिटी का मानना है कि व्यापक जन-सहभागिता के जरिए तैयार होने वाला ड्राफ्ट अधिक समावेशी और सभी वर्गों की भावनाओं को ध्यान में रखने वाला हो सकेगा।
रायपुर: रायपुर प्रेस क्लब में रविवार को आयोजित महिला पत्रकारों का तीज महोत्सव पारंपरिक उल्लास, उमंग और आत्मीयता के रंगों से सराबोर रहा। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शामिल होकर महिला पत्रकारों का उत्साह बढ़ाया और तीज की खुशियों में सहभागी बनीं। उन्होंने महिला पत्रकारों के साथ विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लेने के साथ पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में रैंप वॉक भी किया। उनका सहज, आत्मीय और सादगीपूर्ण अंदाज आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में रहा।
तीज महोत्सव में राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा और विधायक भावना बोहरा भी विशेष रूप से शामिल हुईं। श्रीमती भावना बोहरा ने महिला पत्रकारों के साथ रैंप वॉक कर कार्यक्रम की रौनक बढ़ाई, वहीं लक्ष्मी वर्मा ने भी रैंप पर अपनी प्रस्तुति देकर महिला पत्रकारों के साथ तीज की खुशियां साझा कीं। जनप्रतिनिधियों की इस आत्मीय सहभागिता से महिला पत्रकारों का उत्साह और बढ़ा।
पारंपरिक परिधानों में दिखा सादगी और आत्मविश्वास
महोत्सव का सबसे खास आकर्षण रैंप वॉक रहा। महिला पत्रकारों ने पारंपरिक परिधानों में सादगी, सौंदर्य और आत्मविश्वास के साथ रैंप पर अपनी प्रस्तुति दी। वहीं श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का सिर पर पल्लू लेकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी अंदाज में रैंप पर उतरना विशेष रूप से सराहा गया। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह और तालियों की गूंज सुनाई दी।
खेल-प्रतियोगिताओं और मनोरंजन ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक
तीज महोत्सव के दौरान महिला पत्रकारों के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल और प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिला पत्रकारों ने उत्साहपूर्वक इनमें हिस्सा लिया और हंसी-मजाक तथा मस्ती के बीच आयोजन का आनंद लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया और उनकी प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया गया।
महिला पत्रकारों के योगदान की श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने की सराहना
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीज छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और महिलाओं के उल्लास से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा महिला पत्रकारों के लिए तीज महोत्सव का आयोजन सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए समाज की आवाज को मजबूती से सामने रखने का कार्य कर रही हैं। ऐसे आयोजन उन्हें व्यस्त कार्यदायित्वों के बीच आपसी संवाद, आत्मीयता और उत्सव का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी महिला पत्रकारों को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं।
राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने तीज को महिलाओं की खुशियों, आत्मीयता और सांस्कृतिक परंपराओं का पर्व बताते हुए महिला पत्रकारों को शुभकामनाएं दीं। विधायक भावना बोहरा ने कहा कि महिला पत्रकार समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं को साथ मिलकर खुशियां साझा करने और आपसी सहभागिता को मजबूत करने का अवसर देते हैं।
महिला पत्रकारों को दिए गए रिटर्न गिफ्ट
कार्यक्रम के समापन पर सभी महिला पत्रकारों को रिटर्न गिफ्ट प्रदान किए गए। उपहार पाकर महिला पत्रकारों में खासा उत्साह देखने को मिला। तीज के पारंपरिक रंग, रैंप वॉक की आकर्षक प्रस्तुतियां, खेल-प्रतियोगिताएं और आत्मीय मेलजोल ने पूरे प्रेस क्लब परिसर को उत्सव के माहौल में बदल दिया।
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी, महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू एवं भूपेश जांगड़े सहित आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली अमृता शर्मा, प्रियंका कौशल, मीनल शर्मा, आकांक्षा दुबे, विनीता मंडल, सोनल भारद्वाज, सुजाता साहा, अंबिका मिश्रा सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं प्रेस क्लब सदस्य उपस्थित रहे।
रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा तैयार किए गए नए वेब पोर्टल
cgpurc.cgstate.gov.in का क्लिक कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष श्री वी. के. गोयल सहित आयोग के अन्य सदस्य उपस्थित थे।
नए पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित महत्वपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इसमें अध्यादेश के आधार पर संचालित पाठ्यक्रमों का विवरण, अकादमिक कैलेंडर, प्रवेशित विद्यार्थियों की जानकारी, विद्यार्थियों की अंकसूची ,डिग्री तथा गत वर्षों के परीक्षा परिणाम अपलोड किए जाएंगे।
पोर्टल पर विश्वविद्यालयों द्वारा लिए जाने वाले शुल्क, कार्यरत अधिकारियों, विभिन्न समितियों एवं उनके सदस्यों तथा पीएचडी शोध-निर्देशकों की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा एनईपी-2020, नैक प्रत्यायन, अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू, स्किल डेवलपमेंट, इनोवेशन, स्टार्टअप, जॉब ओरिएंटेशन प्रोग्राम, कैंपस प्लेसमेंट और ई-लाइब्रेरी से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। पोर्टल में शैक्षणिक स्वीकृतियों, भरे एवं रिक्त पदों से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इससे निजी विश्वविद्यालयों की गतिविधियों में पारदर्शिता, सूचना की सुगमता और प्रभावी निगरानी को बढ़ावा मिलेगा।
तिल्दा नेवरा। राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की अनुशंसा पर बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में हाई मास्ट लाइट (High Mast Light) स्थापना हेतु 2 करोड़ 6 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
ग्रामीण अंचल में बुनियादी सुविधाओं और रात्रि में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों की सड़कों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों को रात्रि के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था से आच्छादित करने की दिशा में यह एक बड़ी पहल है।
मंत्री टंकराम वर्मा ने इस संबंध में कहा कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हाई मास्ट लाइट लगने से ग्रामीण अंचलों में सुरक्षा और सुविधा का नया वातावरण निर्मित होगा। मुख्य चौराहों और प्रमुख स्थलों पर हाई मास्ट लाइट लगने से रात्रि के समय आवागमन सुगम होगा, असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और गांव की सुंदरता में भी वृद्धि होगी।
’बलौदाबाजार जनपद के 13 गांवों में जगमगाएंगी हाई मास्ट लाइटें’
’बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के तिल्दा और सिमगा विकासखंड की 15 -15 ग्राम पंचायतों को 1.50 करोड़ रुपये स्वीकृत’ रायपुर और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए कुल 1 करोड़ 50 लाख रुपये की विकास राशि स्वीकृत की गई है। इस बजट से रायपुर जिले के तिल्दा और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड के अंतर्गत आने वाली 15 -15 ग्राम पंचायतों के लिए स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 5-5 नग हाई मास्ट लाइट की स्थापना के लिए 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
तिल्दा विकासखंड के लाभान्वित ग्राम पंचायतों में
सरारीडीह, खपरीकला, मोहगांव, निनवा, खैरखुट, चांपा, जोता, भुरसदा, सड्डू, सिनोधा, कोटा, भिलौनी, छपोरा, टोहडा, सतभाँवा शामिल है। इसी तरह सिमगा विकासखंड के लाभान्वित ग्राम पंचायतो में झीपन, भोथाडीह, हिरमी, शिकारी केशली, भालेसुर, रावन, सुहेला, जरौद, नवापारा, जांगड़ा, सकलोर, मोहभट्टा, खिलोरा , बरडीह, कुकराचुंदा शामिल है।
रायपुर- राज्य सरकार के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए ज़मीन के सीमांकन (Demarcation) की प्रक्रिया को बेहद आसान, पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है। अब ज़मीन मालिकों को नाप-जोख या सीमांकन के लिए तहसील कार्यालयों और सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
नए डिजिटल सिस्टम में सीमांकन आवेदन के लिए तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि सिर्फ लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर) और राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटिज़न पोर्टल या सेवासेतु के माध्यम से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगेद्य जिससे सीमांकन के ऑफलाइन या मैन्युअल आवेदन को म-बवनतज अंतर्गत तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था खत्म की जा रही है। आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर हो जाएंगे। एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा भी अपने रिपोर्ट ऑनलाइन जमा करने का प्रावधान भी इसमें शामिल किया जा रहा है, जिससे आवेदक को आवेदन के संबंध मे सभी स्तर के जानकारी उपलब्ध होती रहेगी।
राजस्व विभाग के भू-अभिलेख शाखा से जारी पत्र अनुसार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट (E-Court) सॉफ्टवेयर में ज़रूरी तकनीकी सुधार कर नया मॉड्यूल 7 दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गये हैं।
*सिर्फ आपत्ति होने पर ही जाना होगा तहसील*
नई व्यवस्था के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग से पूरी होगी। आवेदक को तहसील कार्यालय केवल तभी जाना पड़ेगा, जब सीमांकन के दौरान किसी पड़ोसी या अन्य पक्ष द्वारा कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई जाए। अगर मामला निर्विवाद है, तो आवेदक को एक बार भी दफ्तर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।
मैन्युअल व्यवस्था खत्म होने से दफ्तरों की अनचाही भाग-दौड़ और बिचौलियों का दखल पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। तय समय-सीमा के कारण मामलों के पेंडिंग रहने की समस्या दूर होगी और आवेदकों को निश्चित समय में सीमांकन रिपोर्ट मिल जाएगी।
*ई-गवर्नेंस की ओर एक और बड़ा कदम*
राजस्व विभाग नागरिकों की सुविधा के लिए पहले ही कई सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन कर चुका है। जिसमें डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II नागरिक घर बैठे खसरा और खतौनी की QR कोड वाली प्रमाणित कॉपी डाउनलोड कर सकते हैं। ज़मीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा उपलब्ध है। ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (Diversion) और नजूल ज़मीन के टैक्स रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई का स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है।
राजस्व विभाग की यह नई पहल राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने और आम लोगों की समस्याओं को पारदर्शी तरीके से हल करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
रायपुर: उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने नवीन आपराधिक कानूनों के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों तथा अधिकारियों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को अधिक त्वरित, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाना है तथा इसके लिए कानून में उल्लिखित प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जानी चाहिए।
नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में गृह मंत्री शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड की रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ की बेहतर स्थिति पर प्रसन्नता व्यक्त की। डैशबोर्ड के प्रत्येक मापदंड की बिंदुवार समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की रैंकिंग में और सुधार के लिए हर स्तर पर ठोस कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप जुलाई माह से राज्य की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उप मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी मापदंडों में सुधार की गति बनाए रखने के निर्देश दिए।
एफआईआर से न्यायालय तक की प्रक्रिया हो त्वरित
कार्यात्मक दक्षता के मापदंड पर सुधार के संबंध में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि एफआईआर और चार्जशीट सीधे न्यायालय तक पहुंचाने की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण की जाए, ताकि विवेचना से लेकर विचारण तक की प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो। इसी मापदंड के अंतर्गत उन्होंने नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नाफिस) तथा ई-साक्ष्य के उपयोग को बढ़ाने के लिए सभी थानों को तकनीकी एवं कार्यात्मक दृष्टि से शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। शर्मा ने यह भी कहा कि ई-समन जारी होने के बाद उसकी तामील शीघ्र सुनिश्चित की जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर चार्जशीट ऑनलाइन माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया जाए।
प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत लंबित अधिसूचनाएं शीघ्र जारी हों
गृह मंत्री शर्मा ने प्रशासकीय सुधार के अंतर्गत आवश्यक अधिसूचनाएं और प्रक्रियात्मक व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी व्यवस्थाओं के साथ-साथ मैदानी स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना भी उतना ही आवश्यक है, तभी नए कानूनों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक पहुंच सकेगा।
राज्य स्तरीय कठिनाइयों के समाधान पर विचार-विमर्श
बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस तथा इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन में राज्य स्तर पर आ रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी), नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (एनसीआरबी) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों के साथ इनके तकनीकी और प्रक्रियात्मक समाधान पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बिंदुओं पर केंद्रीय स्तर से सहयोग अथवा तकनीकी समाधान अपेक्षित है, उन पर समन्वय स्थापित कर शीघ्र निराकरण कराया जाए, जिससे छत्तीसगढ़ नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में और बेहतर प्रदर्शन कर सके।
बैठक में महानिदेशक एनसीआरबी श्री अमित गर्ग, महानिदेशक बीपीआरडी श्री आलोक मित्तल, गृह विभाग की प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारिक, गृह सचिव सुश्री नेहा चंपावत एवं श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, महानिदेशक जेल श्री हिमांशु गुप्ता, संचालक अभियोजन श्री प्रदीप गुप्ता, अपर पुलिस महानिदेशक श्री विवेकानंद सिन्हा, सीएपीटी भोपाल श्री अनिल किशोर यादव उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय पुलिस महानिरीक्षक, जिले के पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के मेडिको-लीगल नोडल अधिकारी और अभियोजन अधिकारी, तथा दिल्ली से एनसीआरबी एवं एनआईसी के अन्य अधिकारी बैठक में सम्मिलित हुए।
क्या है एनसीएलआई डैशबोर्ड
नेशनल क्रिमिनल लॉ इम्प्लीमेंटेशन (एनसीएलआई) डैशबोर्ड भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित एक केंद्रीकृत डिजिटल मंच है, जिसके माध्यम से तीनों नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के देशव्यापी क्रियान्वयन की प्रगति की निगरानी की जाती है।
रायपुर :पारंपरिक कृषि पर निर्भरता से निकलकर आत्मनिर्भरता की राह पकड़ने वाली ग्रामीण महिलाओं की सूची में अब सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी का नाम भी जुड़ गया है। अपनी कड़ी मेहनत, सूझबूझ और शासकीय योजनाओं के सही क्रियान्वयन के बदौलत मिथिला दीदी ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह बदल दिया है।
सीमित आय से आर्थिक मजबूती की ओर’
महिलाओं में आत्मनिर्भरता की जो लहर उठ रही हैए उसका एक प्रेरणादायक उदाहरण बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खोरीगांव की मिथिला नायक दीदी हैए जिनके लिए मशरूम उत्पादन की खेती वरदान साबित हुई है। शुरुआत में परिवार की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे घर का खर्च चलाना कठिन हो रहा था। इस चुनौती से निपटने के लिए मिथिला दीदी ने अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली के माध्यम से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ।
’1 लाख 50 हजार रूपए की शुरुआती पूंजी से सफर का आगाज’
मशरूम उत्पादन का व्यवसाय शुरू करने के लिए उन्होंने सखी क्लस्टर संगठन से ऋण 1 लाख 20 हजार रूपए, अपनी व्यक्तिगत बचत से 30 हजार रूपए इस प्रकार कुल शुरुआती लागतरू 1 लाख 20 हजार रूपए से मशरूम उत्पादन का कार्य शुरू की। शुरुआती दौर में यह कार्य नया था, लेकिन सीखने की ललक और निरंतर प्रयासों से जल्द ही मशरूम उत्पादन एक सफल आजीविका गतिविधि में बदल गया। शुरुआती दौर में तापमान नियंत्रण, मार्केटिंग और तकनीकी जानकारी की कमी जैसी कई समस्याएं सामने आईं। लेकिन मिथिला दीदी ने प्रशिक्षण लेकर और आपसी सहयोग से इन सभी चुनौतियों को अवसर में बदल दिया।
’हर माह 50 हजार रूपए की आय और प्रेरणादायक पहल’
बेहतर गुणवत्ता और उत्पादन के चलते स्थानीय बाजारों में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी। वर्तमान में मिथिला दीदी अपने घर से ही मशरूम उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बेचती हैं और प्रतिमाह लगभग 50 हजार रूपए की आमदनी अर्जित कर रही हैं। उनकी यह सफलता आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई है।
’सुशासन नीति और बेहतर मॉनिटरिंग का परिणाम’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन की सतत् मॉनिटरिंग और जमीनी स्तर पर मार्गदर्शन से सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के नए अवसर गढ़ रही हैं। आज आत्मनिर्भर भारत की सोच को जमीन पर उतारते हुए यह संदेश दे रही है कि छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
सूरजपुर। जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार 8 पुलिस अधिकारियों की अस्थायी रूप से नई पदस्थापना की गई है। अधिकारियों को वर्तमान पदस्थापना से हटाकर अलग-अलग थानों और चौकी में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जारी आदेश के मुताबिक, प्रतापपुर, प्रेमनगर, विश्रामपुर, ओड़गी और सूरजपुर थाना सहित बरबदई चौकी में अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। कुछ थाना प्रभारियों को दूसरे थानों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि चौकी प्रभारियों में भी बदलाव किया गया है।
आदेश में अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों को कार्यमुक्त करने और आमद की सूचना पुलिस अधीक्षक कार्यालय को देने के निर्देश जारी किए गए हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने वन विभाग में कार्यरत 18 अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए उन्हें सहायक वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत किया है। इस संबंध में विभाग की ओर से 7 सितंबर 2026 को आदेश जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार पदोन्नत अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 में पदोन्नति दी गई है। इन अधिकारियों की वर्तमान पदस्थापना अलग-अलग वन मंडलों और वन क्षेत्रों में है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सहायक वन संरक्षक के पद पर पदोन्नत किया जाता है। पदोन्नति के बाद अधिकारियों की नई पदस्थापना का आदेश अलग से जारी किया जाएगा।
इस फैसले के बाद वन विभाग के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। नई पदस्थापना के आदेश जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पदोन्नत अधिकारियों को किन स्थानों पर नई जिम्मेदारी दी जाती है।
यह आदेश नवा रायपुर अटल नगर स्थित महानदी भवन से जारी किया गया है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार जारी किया गया है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव की ओर से इसे डिजिटल रूप से प्रमाणित किया गया है
पदोन्नति के बाद अब संबंधित अधिकारियों की नई पदस्थापना को लेकर अलग आदेश जारी किया जाएगा। इसके बाद अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। विभाग के इस फैसले को वन प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
पदोन्नत अधिकारियों की पूरी सूची नीचे देखें

रायपुर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा की संभागीय बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू शामिल हुए। उन्होंने ओबीसी समाज की एकजुटता, सामाजिक सशक्तीकरण और संगठन की मजबूती पर विस्तार से अपने विचार रखे। तोखन साहू ने ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू एवं उनकी पूरी टीम को प्रदेश के कोने-कोने में जाकर ओबीसी समाज को जोडऩे, जागरूक करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग की लगभग 67 जातियाँ आती हैं। हमारी जातियाँ भले अलग-अलग हों, लेकिन हमारी परंपराएं, रहन-सहन और सांस्कृतिक मूल्य एक हैं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हमें किसी छोटे दायरे में नहीं बंधना है, बल्कि अपनी एकजुटता को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बनाना है। साहू ने कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व का विषय है कि भारत की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य ओबीसी समुदाय और तेली समाज से निकले बेटे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को मिला है। यह पूरे ओबीसी समाज के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ओबीसी समाज से दो प्रधानमंत्री बने हैं—एच. डी. देवगौड़ा जी (1996-1997), वोक्कालिगा समुदाय से औरनरेंद्र मोदी जी (2014 से निरंतर), घांची/तेली समुदाय से। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी मेहनत और संघर्ष से देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचकर यह साबित किया है कि नए भारत में अवसर किसी परिवार की जागीर नहीं, बल्कि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर हासिल किए जा सकते हैं।
ओबीसी अधिकारों के संघर्ष का इतिहास
साहू ने कहा कि 1953 में काका कालेलकर आयोग का गठन हुआ और 1955 में उसकी रिपोर्ट आई, लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
1979 में मोरारजी देसाई जी की सरकार में मंडल आयोग का गठन हुआ। आयोग ने 1980 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की।
1990 में वी.पी. सिंह जी की सरकार ने मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर ओबीसी आरक्षण लागू किया, जिसके बाद 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी मामले में इसे संवैधानिक मान्यता दी।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद लंबे समय तक पिछड़ा वर्ग आयोग को वह अधिकार नहीं मिले, जो उसे मिलने चाहिए थे। आजादी के बाद लगभग 75 वर्षों के राजनीतिक इतिहास में करीब छह दशक तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन पिछड़े वर्गों के सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
मोदी सरकार में ओबीसी सशक्तीकरण को नई मजबूती
श्री तोखन साहू ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद सामाजिक न्याय को केवल बातों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर उसे धरातल पर उतारा गया। उन्होंने कहा कि 2018 में 102वें संविधान संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया और उसे सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां प्रदान की गईं। 2019 में अलग से मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय बनाया गया, जिससे मछुआरा समाज और पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को लाभ मिला। उन्होंने बताया कि 2017 में क्रीमी लेयर की आय सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये सालाना की गई, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को आरक्षण का लाभ मिल सके। ओबीसी समुदाय की छोटी-बड़ी सभी जातियों तक आरक्षण का लाभ समान रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग का गठन किया गया।
उन्होंने कहा कि 2021 में नीट के ऑल इंडिया कोटा की एमबीबीएस और पीजी सीटों में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया। इससे हर वर्ष लगभग 4,000 ओबीसी युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि 105वें संविधान संशोधन के माध्यम से राज्य सरकारों को अपनी ओबीसी सूची तैयार करने का अधिकार वापस दिया गया। श्री साहू ने कहा कि यही वास्तविक सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास है। भाजपा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने ओबीसी समाज को सम्मान, अधिकार और अवसर देने का कार्य किया है। उन्होंने ओबीसी समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजय जामलाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रदेश ओबीसी मोर्चा प्रभारी लखन साहू, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी मोर्चा अशोक साहू सहित संगठन के पदाधिकारी, ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एआई और सौर ऊर्जा से बनेगा स्मार्ट ऊर्जा भविष्य
रायपुर। पारंपरिक खेती से हटकर हरी सब्जियों की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने वाले कई किसानों ने अपनी मेहनत और सूझबूझ से सफलता की नई कहानियां लिखी हैं, जिनमें ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती जैसी प्रेरणादायक मिसालें शामिल हैं, जो कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करती थी और आज लाखों की कमाई कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रिसोरा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़ी महिलाओं ने सामूहिक खेती के जरिए आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है। छोटे से भूखंड पर भी टमाटर, बैंगन, लौकी या करेला, खीरा जैसी सब्जियां उगाकर किसान प्रति बीघा या एकड़ कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। उजाला उत्पादक समूह से जुड़ी 35 महिला किसानों ने एकजुट होकर न केवल लागत घटाई, बल्कि 600 क्विंटल सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन कर करीब 6 लाख रूपए की आय अर्जित की है।

2 लाख रूपए की शुरुआती पूंजी से मिली नई उड़ान
वर्ष 2025 में गठित इस समूह का उद्देश्य सामूहिक प्रयास के ज़रिए उत्पादन बढ़ाना और बेहतर बाज़ार तलाशना था। आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए समूह को क्लस्टर से स्टार्टअप राशि 50 हजार रूपए, सखी क्लस्टर संगठन, बुदेली से ऋण 1 लाख 50 हजार रूपए, कुल शुरुआती पूंजी 2 लाख रूपए। इस पूंजी की मदद से महिलाओं ने अपने खेतों में वैज्ञानिक तकनीक अपनाते हुए लौकी, करेला और खीरा की खेती शुरू की।
600 क्विंटल सब्जियों की बंपर पैदावार
महिलाओं की कड़ी मेहनत और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खेतों में शानदार उत्पादन हुआ। सब्जी की फसल से बचत बढने लगी तो महिलाओं का हौसला बढ़़ा। इसके साथ ही फसल का दायरा बढ़ाने लगी, जिससे पैदावार में बढ़ोत्तरी होने लगी। महिलाओं ने सामूहिक खेती कर लौकी 250 क्विंटल, करेला 250 क्विंटल, खीरा 100 क्विंटल का उत्पादन की। कुल सब्जी उत्पादन 600 क्विंटल होने लगा।

बिचौलियों से मुक्ति, सीधे थोक बाजार से जुड़ाव
सफलता की सबसे बड़ी कड़ी महिलाओं की विपणन (मार्केटिंग) रणनीति रही। बिचौलियों पर निर्भर रहने के बजाय समूह की दीदियों ने अपनी उपज को सीधे थोक बाजार तक पहुंचाया। इससे फसल का उचित दाम मिला और कुल आय 6 लाख रूपए तक पहुंच गई।
सुशासन और जमीनी मॉनिटरिंग का असर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर निरंतर कार्य कर रही है। जिला प्रशासन द्वारा बेहतर क्रियान्वयन, मैदानी मार्गदर्शन और सतत् मॉनिटरिंग से योजनाओं का सीधा लाभ हितग्राहियों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रही हैं।
राज्यपाल ने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में कन्या छात्रावास, मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का किया शुभारंभ
रायपुर, 07 सितम्बर 2026/ राज्यपाल रमेन डेका ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में सावित्रीबाई फुले कन्या छात्रावास का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र का उद्घाटन भी किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है। सावित्रीबाई फुले ने महिला शिक्षा के प्रसार और नारी सशक्तिकरण के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके नाम पर कन्या छात्रावास का नामकरण छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह छात्रावास दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनकी उच्च शिक्षा और प्रतिभा विकास में सहायक होगा।
राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आगमन से मीडिया और पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। ऐसे समय में विश्वविद्यालय में स्थापित मेधा एआई एवं मीडिया शोध केंद्र विद्यार्थियों को नई तकनीकों को समझने तथा उनके जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। राज्यपाल डेका ने विश्वविद्यालय के प्रेरणा स्त्रोत स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे जी की प्रतिमा में श्रद्धा-सुमन अर्पित किये। उन्होंने स्व. ठाकरे जी के सानिध्य में बिताए गए अवसरों और प्रेरणादायी उद्धरणों को साझा किया।
डेका ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है और इसकी विश्वसनीयता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार का दायित्व है। समाचारों में तथ्य, सत्य और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के संबंध में समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पूर्ण पुष्टि आवश्यक है, क्योंकि एक समाचार का प्रभाव व्यक्ति और समाज दोनों पर पड़ सकता है।
डेका ने कहा कि सोशल मीडिया के वर्तमान दौर में सूचनाओं का तेजी से प्रसार हो रहा है, लेकिन सोशल मीडिया पर उपलब्ध प्रत्येक सामग्री सत्य हो, यह आवश्यक नहीं है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की जांच-पड़ताल के बाद ही समाचारों को प्रसारित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है। एक श्रेष्ठ पत्रकार वह नहीं जो सबसे पहले खबर दे, बल्कि वह है जो सही, तथ्यपरक और जिम्मेदारी के साथ खबर दे।
राज्यपाल ने प्रिंट मीडिया के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, एआई और सोशल मीडिया के आधुनिक दौर में भी प्रिंट मीडिया आज भी विश्वसनीय माध्यम समाज में बना हुआ है। पत्रकारिता को समाज के अंतिम व्यक्ति की आवश्यकताओं और समस्याओं को सामने लाने तथा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने उल्लेखनीय कार्य किए हैं, लेकिन वे व्यापक रूप से पहचाने नहीं जा सके। ऐसे अनसुने नायक-नायिकाओं के कार्यों को समाचारों और लेखों के माध्यम से समाज के सामने लाने से अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने तथा कम से कम एक हजार विद्यार्थियों का लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों की आवश्यक मान्यता सुनिश्चित करने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री मनोज दयाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आशुतोष मंडावी विभागाध्यक्ष प्रबंधन और आभार प्रदर्शन सुनील कुमार शर्मा कुलसचिव ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष, शिक्षक, प्राध्यापकगण, अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
दुर्ग 7 सितम्बर 2026। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक इमारत हादसे में दुर्ग जिले के एक परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे में 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में B.Com द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और सत्य निकेतन स्थित बॉयज पीजी में रहता था।
सत्य निकेतन में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे निर्माण और मरम्मत के दौरान इमारत का हिस्सा ढह गया। हादसे में अब तक छह लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। घटनास्थल दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के प्रमुख इलाके के पास है, जहां बड़ी संख्या में छात्रों के पीजी, हॉस्टल और खाने-पीने की दुकानें संचालित होती हैं।
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय इमारत में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। प्रारंभिक जानकारी में बेसमेंट में खुदाई और मरम्मत के दौरान एक पिलर खिसकने की वजह से इमारत के ढहने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, कैट एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव अभियान चलाया गया।
दुर्ग में परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
युवराज की मौत की खबर मिलते ही दुर्ग स्थित उसके परिवार में मातम पसर गया। पढ़ाई के लिए दिल्ली में रह रहे युवराज की हादसे में मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के नवनियुक्त माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र का शपथ ग्रहण समारोह आज रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में आयोजित किया गया। समारोह में वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस अवसर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, मंत्रीगण व विधायकगण , रजिस्ट्रार जनरल, पी.पी.एस., प्रोटोकॉल ऑफिसर, प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज, रायपुर सहित अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद 7 सितंबर 2026 को शाम 4:15 बजे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर स्थित मुख्य न्यायाधीश के कोर्ट रूम में उनके सम्मान में ओवेशन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में उच्च न्यायालय के न्यायाधीशगण, न्यायिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक 9 सितंबर 2026 को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में प्रदेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। चर्चा के बाद सरकार द्वारा कई अहम प्रस्तावों पर निर्णय लिया जा सकता है।
कैबिनेट बैठक को आगामी दिनों के लिए सरकार के बड़े फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों के साथ-साथ जनहित और प्रशासनिक विषयों पर भी चर्चा हो सकती है।
बैठक में किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी। सरकार के निर्णयों के बाद इससे जुड़े विस्तृत आदेश और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षकों को किया सम्मानित
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका शिक्षक दिवस पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।
राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।
मैनपुर। सुपरहिट फिल्म 'पुष्पा' की तर्ज पर गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से सागौन की अवैध तस्करी का एक अनूठा मामला सामने आया है। तस्करों ने नदी के बहाव और लकड़ी की बेड़ी बनाकर सागौन को पड़ोसी राज्य ओडिशा भेजने की योजना बनाई थी, जिसे वन विभाग की सतर्कता और स्मार्ट सर्विलांस ने समय रहते फेल कर दिया।
इस अंतरराज्यीय तस्करी के खुलासे के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी है। मामले की शुरुआत 22 अगस्त को हुई, जब उत्तर उदंती परिक्षेत्र के कुर्रुभाटा बीट (कक्ष क्रमांक-03) में नियमित गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को उदंती नदी के किनारे सागौन के एक पेड़ का ताजा कटा हुआ ठूंठ मिला। मौके पर सागौन का एक भारी लट्ठा अर्जुन के पेड़ की जड़ों से रस्सी के सहारे बंधा हुआ पाया गया।
पैरी नदी के बहाव में बहाकर ओडिशा भेजने वाले दो तस्कर गिरफ्तार
घटना की संवेदनशीलता को भांपते हुए वन अधिकारियों ने तुरंत स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम को सक्रिय किया और इलाके में कड़ी निगरानी शुरू कर दी। 26 अगस्त को निगरानी के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को सागौन के लड्डे के आसपास संदिग्ध हरकतें करते हुए देखा गया। तकनीकी सर्विलांस और मैदानी जांच के आधार पर उनकी पहचान बरगांव मैनपुर निवासी भोजलाल नागेश और गंगाराम विश्वकर्मा के रूप में हुई। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि आरोपी कटे हुए सागौन के लट्ठों को अस्थायी बेड़ी के रूप में बांधकर और नदी के तेज बहाव के सहारे ओडिशा खपाने की फिराक में थे।
ओडिशा तक फैला था नेटवर्क मुख्य आरोपी गिरफ्तार
छानबीन का दायरा बढ़ाने पर इस अंतरराज्यीय नेटवर्क में ओडिशा निवासी शोभाचंद्र नायक की संलिप्तता सामने आई। गरियाबंद पुलिस के सहयोग से उसे भी धर दबोचा गया। विभाग के अनुसार, शोभाचंद्र पहले भी वन अपराध के मामलों में वांछित रहा है। मुख्य आरोपियों की निशानदेही पर भोजलाल नागेश के घर से हाथ आरे और चिरान की गई साल की लकड़ी के साथ नदी में छिपाए गए सागौन के लट्ठे भी बरामद किए गए। दूसरे आरोपी गंगाराम से जुड़े मामले में करीब 0.95 घनमीटर सागौन का लट्ठा जब्त किया गया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कुछ धीमी नजर आ रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर कमजोर पड़ा है, जबकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हुई। प्रदेश में मौसमी बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।
हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। मौसम विभाग ने 8 से 10 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जिलों के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
रविवार को छत्तीसगढ़ में तापमान ने एक बार फिर बढ़त दिखाई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर और राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर में भी गर्मी का असर देखने को मिला। यहां अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की गतिविधियां कम होने और धूप निकलने से लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।
राजधानी रायपुर में 7 सितंबर को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग ने शहर में एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना जताई है।
रायपुर में आज अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
यानी राजधानी में पूरे दिन मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। कहीं-कहीं बादल छाने के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक 8 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। 8 सितंबर को सरगुजा और बलरामपुर जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।
इन इलाकों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार कहीं-कहीं मध्यम बारिश भी हो सकती है।
9 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर के साथ बिलासपुर, कोरबा और बलौदाबाजार जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मौसम को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की जरूरत है।
10 सितंबर को प्रदेश में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इस दिन रायपुर समेत करीब 16 जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है।
बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ कुछ क्षेत्रों में जलभराव और निचले इलाकों में पानी जमा होने जैसी स्थिति भी बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
फिलहाल प्रदेश में बारिश की रफ्तार धीमी जरूर हुई है, लेकिन मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यह स्थिति लंबे समय तक रहने वाली नहीं है। अगले 72 घंटे में मानसूनी गतिविधियां दोबारा सक्रिय होने की संभावना है।
8 से 10 सितंबर के बीच कई जिलों में बारिश बढ़ने के साथ तापमान में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में आने वाले तीन दिन छत्तीसगढ़ के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पी.ए.टी. एवं कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु काउंसिलिंग कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा पूर्व में निर्धारित ऑनलाइन पंजीयन एवं दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया 03 सितम्बर को पूर्ण हो चुकी है, जिसके बाद अब रिक्त सीटों को भरने की तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कुल 1,951 सीटों में से प्रथम चरण एवं स्पॉट काउंसिलिंग के माध्यम से 1,555 सीटों पर प्रवेश पहले ही पूर्ण हो चुका है। अब शेष बची 396 रिक्त सीटों को भरने के लिए कुल 577 पंजीकृत अभ्यर्थियों के बीच आगामी 07 और 08 सितम्बर 2026 को काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। इसके लिए पंजीकृत अभ्यर्थियों का ऑफलाइन दस्तावेज सत्यापन कृषि मंडपम, कृषि महाविद्यालय, रायपुर में प्रातः 9ः00 बजे से शाम 5ः30 बजे तक किया जाएगा, जहां अभ्यर्थियों को स्वयं उपस्थित होकर अपने सभी मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
दस्तावेज सत्यापन के पश्चात विश्वविद्यालय द्वारा 09 सितम्बर 2026 को दोपहर 3ः00 बजे प्रावीण्य (मेरिट) सूची जारी की जाएगी। इसके बाद सीट आवंटन और निर्धारित प्रवेश शुल्क जमा करने के लिए अभ्यर्थियों को केटेगरी के अनुसार कृषि महाविद्यालय, रायपुर में उपस्थित होना होगा। शेड्यूल के मुताबिक, पंजीकृत पी.ए.टी. उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 10 सितम्बर, कक्षा 12वीं उत्तीर्ण छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए 11 सितम्बर तथा अन्य राज्यों के कक्षा 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 12 सितम्बर 2026 की तिथि निर्धारित की गई है।
o शर्मा ने हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैयालाल की का जयघोष कर उत्सव का उल्लास और भी बढ़ा दिया
कवर्धा। डिप्टी सीएम एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा शनिवार को कवर्धा शहर के गांधी मैदान तथा भारत माता चौक में आयोजित दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा रानी की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम शर्मा ने परंपरा अनुसार सभी ग्वाला भाइयों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें दही हांडी उत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। यादव समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें पारंपरिक सम्मान स्वरूप खुमरी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, नितेश अग्रवाल सहित समस्त पार्षदगण, जनप्रतिनिधि, शहरवासी और यादव समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे। डिप्टी सीएम एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने समस्त शहरवासियों एवं प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी। उन्होंने मंच से ही सभी उपस्थित जनों के साथ “हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैयालाल की” का जयघोष कर उत्सव का उल्लास और भी बढ़ा दिया।
डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि गोविंदा उत्सव कवर्धा की गौरवशाली परंपरा है, जो समाज में एकता, भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हम सभी को धर्म, कर्म और कर्तव्य के प्रति प्रेरित करता है। कृष्ण लीला हमें यह संदेश देती है कि अन्याय और अधर्म पर सदैव धर्म की विजय होती है। शर्मा ने सभी युवाओं से आह्वान किया कि वे भगवान कृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज की सेवा में सक्रिय भूमिका निभाएं। दही हांडी उत्सव के दौरान हजारों की संख्या में शहरवासी, समाजजन और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। पूरा शहर कृष्ण भक्ति और जयघोष से गुंजायमान रहा।
कांग्रेस की राजनीति का पुराना चरित्र ‘फूट डालो और राज करो’, जहां जाते हैं वहां गुटबाजी करते हैं : मुख्यमंत्री साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एनआईए न्यायालय के हालिया निर्णय के बाद कांग्रेस की ओर से की जा रही बयानबाजी पर पलटवार करते हुए कहा कि संबंधित प्रकरण की जांच एनआईए को उस समय सौंपी गई थी, जब केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। लगभग 13 वर्षों तक इस मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया चली, 100 से अधिक गवाहों की गवाही हुई और तमाम तथ्यों एवं साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय का निर्णय सामने आया है। न्यायालय ने 10 लोगों को दोषी ठहराया है और 16 सितंबर को उनकी सजा का निर्धारण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को यह भी याद रखना चाहिए कि एनआईए किसी राज्य सरकार की नहीं, बल्कि देश की प्रमुख जांच एजेंसी है। जब यह प्रकरण एनआईए के पास गया, तब केंद्र में उनकी ही सरकार थी। इतने वर्षों तक जांच चली। यदि कांग्रेस के नेताओं के पास इस मामले से जुड़ा कोई तथ्य, प्रमाण या सबूत था तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने रखना चाहिए था। अब न्यायालय का फैसला आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी करना केवल सवालों से बचने का प्रयास है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब वे विपक्ष में थे, तब कहा करते थे कि सबूत जेब में लेकर घूम रहे हैं। सवाल यह है कि यदि उनके पास सबूत थे तो उन्होंने उन्हें एनआईए को क्यों नहीं सौंपा? जांच एजेंसी के सामने तथ्य रखने के लिए उनके पास पर्याप्त समय था। आरोप लगाना आसान है, लेकिन आरोपों को प्रमाणित करने के लिए तथ्य और साक्ष्य देने पड़ते हैं। न्यायिक प्रक्रिया राजनीतिक बयानों से नहीं, साक्ष्यों और तथ्यों से चलती है।
कांग्रेस में प्रभारियो के फेरबदल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति आज भी अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चल रही है। जहां कांग्रेस जाती है, वहां गुटबाजी और आपसी खींचतान शुरू हो जाती है। जनता के मुद्दों पर एकजुट होकर काम करने के बजाय कांग्रेस के नेता अपने ही दल के भीतर एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ने में व्यस्त रहते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रभार में बदलाव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब उन्हें पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब वहां भी उनका विरोध सामने आया था। शायद उसी का नतीजा है कि अब उनका प्रभार प्रदेश बदल दिया गया है। यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन जिस प्रकार उसके अपने नेताओं के बीच लगातार विरोध और खींचतान सामने आती है, उससे कांग्रेस की राजनीतिक कार्यसंस्कृति स्पष्ट दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने भीतर देखना चाहिए। एक तरफ उसके नेता न्यायिक निर्णयों पर सवाल खड़े करते हैं और दूसरी तरफ अपने ही संगठन में एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोलते रहते हैं। छत्तीसगढ़ की जनता राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम की राजनीति को भली-भांति समझती है। जनता को बयानबाजी नहीं, तथ्य और प्रमाण चाहिए।
रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
इंटरनेट और तकनीक का सदुपयोग करते हुए युवा सही दिशा में आगे बढ़े
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक
राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए।
देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर
राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
’शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित’
इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री
प्रदेशभर 845 खिलाड़ियों और 150 से अधिक ऑफिशियल्स ने की भागीदारी
बिलासपुर संभाग बना ओवरऑल चैंपियन
रायपुर. 6 सितम्बर 2026. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत इन प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्रदान करने की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उप मुख्यमंत्री साव ने आज बिलासपुर में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
उप मुख्यमंत्री साव ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल के मैदान में संघर्ष करने और पसीना बहाने वाले खिलाड़ी ही सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हैं। जो खेलेगा, वही खिलेगा। आज देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी खेल और खिलाड़ियों के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रहे हैं। खेलो इंडिया के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला है। राज्य सरकार ने बंद हो चुके खेल अलंकरण को पुनः प्रारंभ करने के साथ ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की है।
साव ने बताया कि हाल ही में 29 अगस्त को राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन स्वरूप एक करोड़ 74 लाख रुपए की राशि प्रदान की गई है। अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के अंतर्गत इस वर्ष के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से खेलों के विकास के साथ ही स्पोर्ट्स साइंस और खेल अधोसंरचना को भी मजबूत किया जाएगा।
3800 अंकों के साथ बिलासपुर बना ओवरऑल चैंपियन
26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों के 845 खिलाड़ियों एवं 150 से अधिक ऑफिशियल्स ने भाग लिया। चार दिवसीय प्रतियोगिता में बेसबॉल, तैराकी और वाटर पोलो की स्पर्धाएं आयोजित की गईं। बिलासपुर संभाग ने सभी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3800 अंकों के साथ ओवरऑल चौंपियन का खिताब अपने नाम किया।
प्रतियोगिता का आयोजन बिलासपुर के संजय तरण पुष्कर एवं छत्तीसगढ़ स्कूल खेल मैदान में किया गया। समापन समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और अन्य अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया।
शिक्षा के साथ खेल भी जरूरी : विधायक अमर अग्रवाल
बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि जीवन बहुआयामी है। शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहना भी आवश्यक है, जिसमें खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों के विकास के लिए बनाई गई नीतियों का परिणाम है कि आज भारतीय खिलाड़ी विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने खेलों के लिए आधारभूत अधोसंरचना विकसित करने का कार्य किया है।
खेल की प्रतिस्पर्धा भविष्य को बनाती है उज्ज्वल : विधायक धरमलाल कौशिक
बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि खेल के माध्यम से छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है और खेल के मैदान में होने वाली प्रतिस्पर्धा खिलाड़ियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाती है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के क्षेत्र में अपने परिवार, प्रदेश और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।
समापन समारोह में मस्तुरी विधायक दिलीप लहरिया, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, अपर कलेक्टर शिव कुमार बनर्जी, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर अश्वनी कुमार भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी वर्षा शर्मा, सहायक संचालक क्रीड़ा जी.डी. गर्ग, बीईओ बिल्हा भूपेंद्र कौशिक, मोहित जायसवाल और दीपक सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेलप्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद थे।





























