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'राखी का रिश्ता, भरोसे का साथ - विष्णु भैया संग विकास की बात'

'राखी का रिश्ता, भरोसे का साथ - विष्णु भैया संग विकास की बात'

 कम लागत में राखियां बनाकर आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ रहीं बिहान की महिलाएं

घरेलू और स्थानीय संसाधनों का रचनात्मक उपयोग, सीजनल गतिविधियों से बढ़ा आजीविका का आधार

रायपुर- छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं समूह के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों को अपनाते हुए आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरगुजा जिले के अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत किशुन नगर की जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल बनकर उभरी हैं। समूह की महिलाएं मौसम और त्योहारों के अनुरूप सीजनल गतिविधियों का चयन कर अपनी आय के नए अवसर तैयार कर रही हैं।
रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए इन दिनों समूह की महिलाएं घर में उपलब्ध सामग्री और स्थानीय संसाधनों से आकर्षक राखियां तैयार कर रही हैं। चावल, गेहूं, मक्का और कोहड़े के बीज सहित अन्य सामग्री को रंगकर और सजाकर सुंदर राखियां बनाई जा रही हैं। वहीं रेशमी धागे, ऊन और अन्य सजावटी सामग्री आवश्यकतानुसार बाजार से खरीदी जाती है। इससे राखियों की उत्पादन लागत कम रहती है और महिलाओं को बेहतर आय अर्जित करने का अवसर मिलता है।

12 महिलाओं ने मिलकर संवारी आजीविका
समूह की सदस्य सुश्री सोनाली सिंह ने बताया कि जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह में कुल 12 महिलाएं हैं। सभी सदस्य मिलकर अलग-अलग मौसम और त्योहारों के अनुरूप आजीविका गतिविधियों का संचालन करती हैं। वर्तमान में राखी निर्माण का कार्य किया जा रहा है। तैयार राखियों को विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाकर तथा घर से भी बेचा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने से पहले महिलाओं के पास आय के सीमित साधन थे। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, योजनाओं और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा और वे आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने लगीं।

घरेलू सामग्री से तैयार हो रहीं आकर्षक राखियां
समूह की सदस्य सुश्री दीप्ति चौधरी बताती हैं कि राखी निर्माण में घरेलू सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। पुराने बीज, चावल, गेहूं और मक्के के दानों को आकर्षक रंग देकर उनसे अलग-अलग डिजाइन तैयार किए जाते हैं। इसके साथ रेशमी धागे, ऊन और अन्य सजावटी सामग्री का उपयोग कर राखियों को आकर्षक रूप दिया जाता है।
समूह की महिलाएं अपने खाली समय में एक साथ बैठकर राखियां तैयार करती हैं। त्योहार के दौरान मांग बढ़ने पर उत्पादन भी बढ़ा दिया जाता है। तैयार राखियों की बिक्री बाजार में लगाए गए छोटे-छोटे स्टॉल और घर से की जा रही है। इस तरह महिलाएं पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को आय के साधन में बदल रही हैं।

तीन वर्षों से सीजनल गतिविधियों से जुड़ी महिलाएं
समूह की सदस्य सुश्री आशा रवि ने बताया कि समूह की महिलाएं पिछले लगभग तीन वर्षों से कम लागत में घरेलू सामग्री से राखियां तैयार कर रही हैं। समूह की सभी महिलाएं मिलकर इस कार्य में भागीदारी करती हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें रोजगार और आजीविका की विभिन्न गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला है।
उन्होंने बताया कि समूह से जुड़ने से महिलाओं को नई गतिविधियां सीखने, घर से बाहर निकलकर आर्थिक कार्यों में भागीदारी करने और अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर मिला है। इससे महिलाओं के आत्मविश्वास के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है।

सीजन के अनुसार बदलती गतिविधियां, बढ़ते आय के अवसर
जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं वर्षभर मौसम और त्योहारों के अनुरूप अलग-अलग गतिविधियों का चयन करती हैं। इससे उन्हें एक ही व्यवय पर निर्भर रहने के बजाय आय के अनेक अवसर मिलते हैं। समूह के माध्यम से सामूहिक रूप से कार्य करने से उत्पादन, प्रशिक्षण, बाजार और बिक्री में भी एक-दूसरे का सहयोग मिलता है।
राखी निर्माण जैसी गतिविधियों ने महिलाओं को यह अवसर दिया है कि वे घर और आसपास उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर कम लागत में उत्पाद तैयार करें और उन्हें बाजार तक पहुंचाकर आय अर्जित करें। यह पहल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रही है।

“बहनों की तरक्की, परिवार की शान-विष्णु भैया का यही अभियान”
जय मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बिहान योजना के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त होने, अपने हुनर को पहचान देने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।
किशुन नगर की इन महिलाओं की कहानी बताती है कि स्थानीय संसाधनों, सामूहिक प्रयास और सरकारी योजनाओं का सहयोग मिल जाए तो छोटे स्तर की गतिविधियां भी महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकती हैं। रक्षाबंधन के लिए तैयार की जा रही ये राखियां केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, स्वावलंबन और बदलती आर्थिक भूमिका की भी पहचान बन रही हैं।

महतारी वंदन से सजी रक्षाबंधन की खुशियां, तारागिरी ने अपने पैसों से खरीदी भाई के लिए राखी

महतारी वंदन से सजी रक्षाबंधन की खुशियां, तारागिरी ने अपने पैसों से खरीदी भाई के लिए राखी

 महतारी वंदन योजना की राशि से त्योहार की तैयारियां हुईं आसान, आर्थिक संबल से बढ़ा उत्साह

रायपुर, 23 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस वर्ष रायगढ़ शहर के इंदिरा नगर वार्ड क्रमांक 7 की निवासी तारागिरी गोस्वामी के लिए यह पर्व और भी खास बन गया है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त इस माह की राशि से उन्होंने अपने भाई के लिए राखी खरीदी और त्योहार की तैयारियां कीं। आर्थिक सहयोग मिलने से उनके परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां और बढ़ गई हैं।

त्योहार की जरूरतों में काम आई योजना की राशि

तारागिरी गोस्वामी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए अपनी जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। इस बार उन्होंने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग राखी खरीदने में किया। अब वे अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार के अवसर पर अपनी जरूरत के अनुसार खर्च करने के लिए राशि उपलब्ध होना उनके लिए खुशी की बात है। इससे उन्हें रक्षाबंधन की तैयारियों के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।

आर्थिक आत्मनिर्भरता से बढ़ा आत्मविश्वास

तारागिरी गोस्वामी ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान कर रही है। योजना की राशि महिलाएं अपनी आवश्यकताओं, परिवार की जरूरतों और त्योहारों की तैयारियों में अपनी सुविधा के अनुसार उपयोग कर पा रही हैं। इससे उनमें आर्थिक आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो रही हैं।

उनके लिए इस बार रक्षाबंधन केवल भाई की कलाई पर प्रेम और विश्वास का धागा बांधने का पर्व नहीं, बल्कि आर्थिक संबल से मिली आत्मनिर्भरता और खुशी का अवसर भी है।

मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभार

तारागिरी गोस्वामी ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विष्णु भैया द्वारा संचालित इस योजना से मिलने वाली नियमित राशि महिलाओं के लिए उपयोगी सहारा बन रही है।उन्होंने कहा कि योजना की राशि से राखी खरीदने और त्योहार की तैयारी करने से उनके चेहरे पर खुशी है। वे इस रक्षाबंधन को अपने परिवार के साथ पूरे उत्साह और उल्लास से मनाएंगी।

महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं दे रही, बल्कि उन्हें अपनी जरूरतों और खुशियों के लिए स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है। इस रक्षाबंधन पर तारागिरी के हाथों में राखी और चेहरे पर मुस्कान, महिला सशक्तिकरण की एक सुखद तस्वीर प्रस्तुत कर रही है।

मिट्टी से गढ़ी आत्मनिर्भरता की कहानी, गृहणी से लखपति दीदी बनने तक सावित्री का सफर

मिट्टी से गढ़ी आत्मनिर्भरता की कहानी, गृहणी से लखपति दीदी बनने तक सावित्री का सफर

 00 बिहान से जुड़कर शुरू किया कुम्हारी का कारोबार, दीये-मटके और गमले बनाकर हर माह कमा रहीं 8 से 9 हजार रुपये

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका के नए अवसर उपलब्ध करा रही है। बचत, ऋण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं अपने पारंपरिक हुनर को आय के साधन में बदल रही हैं। रायगढ़ जिले की ग्राम पंचायत सियारपाली की सावित्री राणा की कहानी इसी बदलाव की प्रेरक मिसाल है।

गृहणी से बनीं आत्मनिर्भर उद्यमी
बिहान योजना से जुड़ने से पहले सावित्री राणा एक सामान्य गृहणी थीं। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच उनके पास अपनी आय का कोई स्वतंत्र साधन नहीं था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत शुरू की और समूह के माध्यम से मिले वित्तीय सहयोग तथा बैंक ऋण का उपयोग अपनी आजीविका शुरू करने में किया।
सावित्री ने अपने पारंपरिक हुनर को पहचानते हुए मिट्टी के दीये, मटके, गमले, गुल्लक सहित विभिन्न उपयोगी एवं सजावटी वस्तुओं का निर्माण शुरू किया। मेहनत और लगन से उन्होंने कुम्हारी के पारंपरिक कार्य को व्यवस्थित व्यवसाय का रूप दिया। आज उनकी मासिक आय लगभग 8 से 9 हजार रुपये तक पहुंच गई है और वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

समूह का सहारा, ऋण से मजबूत हुआ कारोबार
सावित्री राणा कृष्णा स्वयं सहायता समूह और जागृति ग्राम संगठन से जुड़ी हैं। बिहान योजना के माध्यम से उन्हें नियमित बचत के साथ आंतरिक वित्तीय सहयोग और ऋण की सुविधा मिली। आजीविका गतिविधि शुरू करने के लिए उन्होंने आरएफ से 4 हजार रुपये और सीआईएफ से 8 हजार रुपये का सहयोग प्राप्त किया।
इसके बाद उन्होंने बैंक से पहली बार 30 हजार रुपये और दूसरी बार 20 हजार रुपये का ऋण लेकर अपने कुम्हारी व्यवसाय को विस्तार दिया। वर्तमान में उन्होंने बैंक से 1 लाख रुपये का ऋण लिया है, जिसमें से अब केवल 30 हजार रुपये की राशि शेष है। अपने व्यवसाय से प्राप्त आय के माध्यम से वे नियमित रूप से ऋण की अदायगी भी कर रही हैं।

मिट्टी से गढ़ रहीं खुशहाली
सावित्री बताती हैं कि कुम्हारी का काम अब उनके लिए केवल पारंपरिक व्यवसाय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का माध्यम बन गया है। वे मांग और मौसम के अनुसार अलग-अलग उत्पाद तैयार करती हैं। त्योहारों के समय दीयों की मांग बढ़ने पर वे अधिक संख्या में दीये तैयार करती हैं, वहीं सामान्य दिनों में मटके, गमले, गुल्लक और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुओं का निर्माण करती हैं।
तैयार उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देती है। बिहान योजना से जुड़ने के बाद उनमें आर्थिक निर्णय लेने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जो सावित्री पहले परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, आज वही अपने हुनर के बल पर परिवार की आय बढ़ाने में सहभागी बन चुकी हैं।

“बहनों की तरक्की, परिवार की शान -विष्णु भैया ने बढ़ाया बहनों की मान”
सावित्री राणा की सफलता यह दर्शाती है कि जब महिलाओं को संगठन, वित्तीय सहयोग और स्वरोजगार के अवसर मिलते हैं, तो वे अपने पारंपरिक हुनर को भी मजबूत आजीविका में बदल सकती हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बिहान जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास भी दे रही है।
प्रशासन द्वारा बिहान योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने, वित्तीय सहायता एवं बैंक ऋण उपलब्ध कराने, कौशल आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के बीच बचत, स्वरोजगार और उद्यमिता की भावना मजबूत हो रही है।
मिट्टी से दीया गढ़ते-गढ़ते सावित्री राणा ने अपने जीवन में भी उम्मीद और आत्मनिर्भरता का उजाला भर लिया है। गृहणी से अपनी आजीविका संचालित करने वाली महिला बनने का उनका सफर इस बात की मिसाल है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर से परिवार ही नहीं, बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे सकती हैं।

छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव, प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के कण-कण में विराजमान हैं देवाधिदेव महादेव, प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सपत्नीक शिव महापुराण कथा में हुए शामिल, व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की

पांच शक्तिपीठों का चारधाम की तर्ज पर हो रहा विकास, धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को मिल रही नई पहचान

 रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालु कर चुके हैं रामलला के दर्शन

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का मिल रहा अवसर

रायपुर -- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिवस कथा श्रवण करने पहुंचे। मुख्यमंत्री  साय ने विधि-विधान से व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

विशाल संख्या में उपस्थित शिवभक्तों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। यह हम सभी के लिए सौभाग्य का अवसर है। हजारों श्रद्धालुओं को शिव महापुराण कथा के माध्यम से धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है। आज उन्हें भी सपत्नीक इस पुण्य कथा के श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। प्रदेश के चारों दिशाओं में अलग-अलग स्वरूपों में भगवान महादेव विराजमान हैं। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम में भोरमदेव, राजिम में कुलेश्वर महादेव, चम्पारण में चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद में भूतेश्वर महादेव, सिरपुर में गंधेश्वर महादेव और जशपुर में मधेश्वर महादेव सहित अनेक प्राचीन शिवधाम हमारी आस्था और आध्यात्मिक विरासत के केंद्र हैं। छत्तीसगढ़ के कण-कण में देवाधिदेव महादेव की कृपा है और उनके आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर खुशहाली एवं समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव के साथ ही छत्तीसगढ़ में आदिशक्ति के अनेक पवित्र स्वरूप विराजमान हैं। राज्य सरकार प्रदेश की इस समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं का विस्तार होने के साथ प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिले।राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुनः प्रारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा और दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। 

मुख्यमंत्री  साय ने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि वे शिव महापुराण कथा के माध्यम से देश-दुनिया में भगवान शिव की महिमा, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्पात नगरी भिलाई में लगातार तीसरी बार शिव महापुराण कथा का आयोजन होना यहां के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और धर्म के प्रति अनुराग का परिचायक है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति, सहयोगियों और सभी शिवभक्तों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर वैशाली नगर विधायक  रिकेश सेन, संभागायुक्त  सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, कलेक्टर  अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  विजय अग्रवाल, आयोजन समिति के  दया सिंह सहित समिति के पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया रुद्राभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना; भव्य कांवड़ यात्रा में हुए शामिल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया रुद्राभिषेक, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना; भव्य कांवड़ यात्रा में हुए शामिल

 गुढ़ियारी से हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना

रायपुर। पवित्र श्रावण मास के अवसर पर राजधानी रायपुर में भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। गुढ़ियारी स्थित मारुति मंगलम परिसर में आयोजित इस धार्मिक आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। उन्होंने भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों को श्रावण मास की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति का विशेष अवसर है। कांवड़ यात्रा हमारी आस्था, भक्ति और समर्पण की अनुपम अभिव्यक्ति है।

गुढ़ियारी के मारुति मंगलम परिसर से हजारों कांवड़िए पवित्र जल लेकर महादेव घाट स्थित भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। शिवभक्तों के जयघोष और भक्ति से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव भी है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ शामिल होते हैं, जिससे आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता मजबूत होती है।

मुख्यमंत्री ने भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव मंदिर के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि महादेव घाट में विराजमान भगवान हटकेश्वरनाथ के प्रति प्रदेशवासियों की गहरी आस्था है। श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता और लोक-संस्कृति के साथ-साथ समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं से भी है। राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत, रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मीनल चौबे सहित जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सुशासन तिहार: जनविश्वास, जनकल्याण और विकास की नई पहचान

सुशासन तिहार: जनविश्वास, जनकल्याण और विकास की नई पहचान

 o विशेष लेख : तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज

o तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज तिहारू भी जान गया है, क्या है सुराज

रायपुर। सुशासन तिहार छत्तीसगढ़ शासन की एक संवेदनशील पहल है, जिसका उद्देश्य गाँवों और शहरों के द्वार पर पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना और शासन-प्रशासन के प्रति जनविश्वास को मजबूत करना है। सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में गत माह आयोजित इस अभियान के तहत जनता से सीधे संवाद और विकास कार्यों को गति दी जाती है। अधिक जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ शासन पोर्टल पर जा सकते हैं। बस्तर का आयतु हो या सरगुजा जिले का तिहारू, धमतरी जिले के आदिवासी बहुल नगरी अंचल के ईतवारी राम कमार अपनी बात बेबाकी से प्रदेश के सीएम साय के समक्ष खड़े होकर कह सकता है कि साहब हमारे यहां पीडीएस यानी सरकारी उचित मूल्य की दुकान का अनाज एवं अन्य खाद्यान सामग्री किफायती दर पर और सही समय पर मिल रहा है अथवा नहीं ? सुशासन जो कि गुड गवर्नेस कहने पर आसानी से लोगों के जहन में बसता है इसका वास्तविक अर्थ है ऐसा शासन जो लोक-केंद्रित हो, पारदर्शी हो और जिसमें जनता की आवाज सर्वाेपरि हो।

समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रशासन की सहजता से पहुंच
पिछले दिनों सफलता पूर्वक सम्पन्न सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने औचक ग्रामीणों के बीच पहुँचकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया। सुशासन का वास्तविक अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि शासन को इस प्रकार संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना है कि उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुंचे। सुशासन तिहार इसी सोच का जीवंत उदाहरण है। इसी मंशा से प्रदेश के सुदूरवर्ती इलाकों के लोगों ने भी गाँव की चौपाल में अपने मुखिया के समक्ष विभिन्न सार्वजनिक जरूरतों के बारे में प्रमुखता से अपनी बात रखी। चाहे वह हेण्डपम्प की हो या तालाब में घाट का निर्माण, सामुदायिक भवन, आंगनबाडी भवन, पहुंचमार्ग का निर्माण अथवा विद्युत लाईन का विस्तार, मध्यान्ह भोजन की बात हो या स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति के संबंध में अपनी बातें रखीं।

सीएम साय के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान
सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह और शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर स्तर पर शिविर का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की छोटी-छोटी सार्वजनिक जरूरतों को मौके पर ही तुरन्त अपनी मंजूरी प्रदान की। गांव वालों के बीच हेलीकॉप्टर का अचानक उतरना लोगों के लिए कौतूहल का विषय होता है, उनके बीच प्रदेश के मुखिया उनके दुःख-दर्द का हालचाल जानने आए हैं, वह भी बैशाख-जेठ महिने की तपती दोपहरी में। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीण भी सहज होकर आत्मीयता से अपनी बात रखते। मुख्यमंत्री भी उनकी सार्वजनिक जरूरतों की मांग को मौके पर ही पूरा कर देते। सीएम साय के नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों की विभिन्न समस्याओं का यथा संभव तुरन्त समाधान करने इस वर्ष पूरे प्रदेश में 01 मई से 10 जून 2026 तक सुशासन तिहार संचालित किया गया।

ग्रामीणों से चौपाल में समस्याओं तथा जरूरतों की भी ली जानकारी
छत्तीसगढ़ में सरकार और जनता के बीच परस्पर संवाद के एक प्रभावी माध्यम के रूप में सुशासन तिहार संचालित हुआ जो सफलता पूर्वक सम्पन्न हो गया। इस वर्ष भी प्रदेश के सभी 33 जिलों के 146 विकासखण्डों में शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के अभियान दलों का गठन कर उन्हें गांवों में भेजा गया। राज्य में कुल 11 हजार 693 ग्राम पंचायतों के अन्तर्गत गांव की संख्या 19 हजार 820 के आसपास हैं। अभियान के तहत् विभिन्न विभागों के हजारों अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग जत्थों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गांवों में रात रूक कर ग्रामीणों से चौपाल में उनकी समस्याओं तथा जरूरतों की जानकारी भी ली।

शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन
त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी इस अभियान में भाग लिया। मुख्यमंत्री और सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों तथा प्रभारी सचिवों ने इस दौरान विभिन्न जिलों के गांवों का आकस्मिक दौरा कर सुशासन तिहार का सुचारू संचालन सुनिश्चित करते हुए शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों का मूल्यांकन भी किया। अभियान के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत अन्त्योदय अन्न योजना, अनाज भण्डारण और वितरण की स्थिति, भौगोलिक दृष्टि से पहुंचविहीन क्षेत्रों में मानसून के पहले आवश्यक वस्तुओं के समुचित भण्डारण, बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए अमृत नमक वितरण की भी समीक्षा की गई।

श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, राजस्व – प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा
महात्मा गांधी नरेगा तथा अन्य रोजगार मूलक कार्यों की प्रगति और उनमें लगे श्रमिकों के मजदूरी भुगतान, राजस्व – प्रकरणों के निराकरण के अंतर्गत आविवादित नामांतरण, बटवारा और सीमांकन के मामलों की स्थिति, पेयजल व्यवस्था और पेयजल स्त्रोंतो की साफ-सफाई सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान, निर्मल ग्राम योजना, विद्युत व्यवस्था, ट्रांसफार्मरों और विद्युत लाईनों के समुचित रख-रखाव, कृषि पम्पों के विद्युतिकरण और एकल बत्ती कनेक्शन से संबंधित शासकीय प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं पेंशन, निराश्रित पेंशन और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

77 घंटे बाद खत्म हुआ इंतजार : ब्लू वॉटर से मिला आदिल का शव, तीन दिनों से चल रहा था सर्च ऑपरेशन

77 घंटे बाद खत्म हुआ इंतजार : ब्लू वॉटर से मिला आदिल का शव, तीन दिनों से चल रहा था सर्च ऑपरेशन

 रायपुर। नकटी गांव स्थित ब्लू वॉटर में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान की तलाश आखिरकार 77 घंटे बाद पूरी हुई। तीन दिनों से जारी सर्च ऑपरेशन के दौरान देर रात आदिल का शव पानी की सतह पर आ गया। शव मिलने की खबर के बाद मौके पर मौजूद परिजनों में मातम पसर गया।

तीन दिनों तक SDRF-NDRF ने चलाया सर्च ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, आदिल खान नकटी गांव के ब्लू वॉटर में डूब गया था। घटना के बाद से ही SDRF और NDRF की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। गोताखोरों और रेस्क्यू टीमों ने पानी में कई घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन शुरुआती दो दिनों में आदिल का कोई सुराग नहीं मिल सका।

देर रात पानी की सतह पर आया शव
लगातार 77 घंटे की तलाश के बाद देर रात आदिल का शव पानी की सतह पर दिखाई दिया। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला। घटना के बाद से ही आदिल के परिजन मौके पर मौजूद रहकर उसके मिलने का इंतजार कर रहे थे।

परिवार में पसरा मातम
आदिल का शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। जिस उम्मीद के साथ परिजन तीन दिनों से मौके पर डटे हुए थे, वह आखिरकार दुखद खबर में बदल गई। पुलिस ने शव को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया है।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर तेज हुआ मानसून, आज कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर तेज हुआ मानसून, आज कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों तक उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई है। वहीं बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के चलते आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियों में और तेजी आने के संकेत हैं।

रामचंद्रपुर में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों में प्रदेश में सबसे ज्यादा 5 सेंटीमीटर बारिश रामचंद्रपुर में दर्ज की गई। मौसम के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में दर्ज हुआ। प्रदेश में मौसमी वर्षा सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम रही है।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 23 अगस्त को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहने की संभावना है। शहर के कुछ हिस्सों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

अगले 24 घंटे में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। अगले दो दिनों के बाद भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

कई जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट

रविवार सुबह मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश तथा आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में अगले तीन घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट बताया गया है।

वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

बंगाल की खाड़ी में बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने बारिश और आकाशीय बिजली की स्थिति को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषकर गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

 
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पवित्र श्रावण मास में अपने निवास में किया रुद्राभिषेक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पवित्र श्रावण मास में अपने निवास में किया रुद्राभिषेक

 भगवान शिव से प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज पवित्र श्रावण मास की बेला पर राजधानी रायपुर के सिविल लाइंस स्थित अपने निवास में सपरिवार भगवान शिव के रुद्राभिषेक में शामिल हुए। मुख्यमंत्री  साय ने पूर्ण विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की मंगल कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के परिवारजन और भक्तजन उपस्थित थे।

शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र, भावी पीढ़ी को शिक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र, भावी पीढ़ी को शिक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री कंवर समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई सामाजिक सेवा और दायित्वों के निर्वहन की शपथ

जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकाaर पूरी प्रतिबद्धता से कर रही कार्य

नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास ने पकड़ी रफ्तार, जनजातीय युवाओं के लिए खुल रहे नए अवसर

कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 1.55 करोड़ रुपए से अधिक की राशि देने की घोषणा

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने कंवर समाज के सामुदायिक भवन परिसर में लगाया सिंदूर का पौधा

रायपुर - शिक्षा समाज के विकास का मूल मंत्र है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी भावी पीढ़ी को मिलने वाली शिक्षा, संस्कार और अवसरों पर निर्भर करती है। समाज का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बच्चे की प्रतिभा को आगे बढ़ने का अवसर मिले, यह हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज विकास समिति के प्रदेश अध्यक्ष सहित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि कंवर समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। संत गहिरा गुरु जैसे महान संतों और समाज के पुरोधाओं ने शिक्षा, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता का जो मार्ग दिखाया है, उसी पर आगे बढ़ते हुए नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर काम करना होगा।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को सामाजिक सेवा और अपने दायित्वों के निष्ठापूर्वक निर्वहन की शपथ दिलाई। कार्यक्रम के प्रारंभ में उन्होंने प्रकृति शक्ति तथा कंवर समाज के पुरोधाओं को नमन किया। इस अवसर पर समाज के युवक-युवतियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

मुख्यमंत्री साय ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज द्वारा सौंपा गया दायित्व समाज को आगे ले जाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी निष्ठा, समर्पण और सामूहिक भावना के साथ समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्य करें।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कंवर समाज के पदाधिकारियों का पूरा निर्वाचन निर्विरोध और सर्वसम्मति से संपन्न होना समाज की एकता और संगठन की मजबूती का प्रमाण है। समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसे आने वाली पीढ़ियों तक और मजबूत बनाकर पहुंचाना होगा। उन्होंने स्मरण किया कि एक समय कंवर समाज अलग-अलग इकाइयों में बंटा हुआ था, लेकिन वरिष्ठजनों और समाज के पुरोधाओं के प्रयासों से सभी को एक सूत्र में जोड़ा गया। उन्होंने महाराष्ट्र से आए कंवर समाज के प्रतिनिधियों और सगा-बंधुओं का भी छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत किया।

*शिक्षा से खुलते हैं जीवन में आगे बढ़ने के अनेक रास्ते*

मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शासकीय नौकरी प्राप्त करना नहीं है। एक सफल उद्यमी, व्यापारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी अच्छी शिक्षा आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति को निर्णय लेने की क्षमता देती है और समाज को प्रगति की दिशा दिखाती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 17 प्रयास विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समाज के सक्षम और प्रबुद्ध लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की शिक्षा में सहयोग करें और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

*मोदी की गारंटी से जनकल्याण को मिली नई गति*

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए वादों को तेजी से पूरा करने का प्रयास किया है। सरकार गठन के दूसरे ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 आवास बनाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की जा रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि उनके खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में चरण पादुका योजना पुनः प्रारंभ की गई है और तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। प्रदेश के लगभग भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से बुजुर्गों की तीर्थयात्रा की इच्छा पूरी की जा रही है।  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से पिछले ढाई वर्षों में 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

*जनजातीय समाज का सम्मान और विकास सरकार की प्राथमिकता*

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर जनजातीय समाज की बेटी श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्रपति के रूप में विराजमान होना पूरे जनजातीय समाज के लिए गौरव का विषय है। पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा देने के लिए अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण का श्रेय भी श्रद्धेय अटल जी को जाता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और जनजातीय परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के लिए अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6 हजार 661 गांवों को शामिल किया गया है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से सड़क, आवास, बिजली, राशन कार्ड और नल से जल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम जनमन के अंतर्गत देशभर में बन रही लगभग 4 हजार किलोमीटर सड़कों में से 2 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें छत्तीसगढ़ में बन रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 57 एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार की सुविधा दे रही हैं।

*नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर में विकास की नई सुबह*

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर का एक बड़ा भू-भाग चार दशकों से अधिक समय तक नक्सलवाद की त्रासदी के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य चुनौतीपूर्ण थे, आज वहां सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं।

उन्होंने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से ढाई वर्षों में 500 से अधिक गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया गया है। बस्तर में व्यापक स्वास्थ्य अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और गंभीर अथवा लंबे समय से बीमार 40 हजार से अधिक लोगों को बेहतर उपचार के लिए रेफर किया गया है। शांति और विश्वास के नए वातावरण के साथ बस्तर में शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी खुल रहे हैं।

*प्राकृतिक संसाधनों की समृद्धि बनेगी विकसित छत्तीसगढ़ की ताकत*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर राज्य है। प्रदेश में आयरन ओर, कोयला, बॉक्साइट, लिथियम, टिन, सोना और हीरा जैसे बहुमूल्य खनिज संसाधन उपलब्ध हैं। बस्तर की वनोपज के वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की आय बढ़े और रोजगार के नए अवसर तैयार हों।

उन्होंने कहा कि कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में भी तेजी से अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। किसानों के खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए पिछले ढाई वर्षों में 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है और इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कंवर समाज से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सेवा के साथ प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व राज्यसभा सांसद  नंदकुमार साय ने कहा कि कंवर समाज छत्तीसगढ़ की जनजातीय समाज व्यवस्था का महत्वपूर्ण घटक है। शिक्षा समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है। कोई भी बालक-बालिका शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समाज को सामूहिक प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि कंवर समाज सहित प्रदेश की 42 जनजातियों का छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। समाज को शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए संगठित होकर कार्य करने की आवश्यकता है।

कंवर समाज विकास समिति के अध्यक्ष  हरवंश सिंह मिरी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पद के साथ समाज की एकता, सेवा, शिक्षा, संस्कार और उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी जुड़ी होती है। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को समाज के नवनिर्माण और विकास की नई संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन कंवर भवन भविष्य में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

*सामुदायिक भवनों के लिए 1.55 करोड़ रुपए से अधिक की सौगात*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में कंवर समाज के विभिन्न सामुदायिक भवनों के निर्माण, विकास और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इनमें रायपुर के लाभांडी में नवनिर्माणाधीन कंवर भवन के विकास एवं आवश्यक अधोसंरचना के लिए 70 लाख रुपए, राजनांदगांव के छुरिया परिक्षेत्र में कंवर समाज भवन के लिए 25 लाख रुपए, कंवर पैंकरा समाज सर्कल तमोरा में सामुदायिक शेड के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम खैरझिटी में आदिवासी कंवर (पैंकरा) समाज के सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, महासमुंद जिले के पथरी परिक्षेत्र के ग्राम नरतोरा में सामाजिक भवन के लिए 10 लाख रुपए, ग्राम झलप में सामाजिक भवन के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 20 लाख रुपए तथा गरियाबंद जिले के ग्राम जोजरा में कंवर समाज भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए शामिल हैं।

*‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में लगाया सिंदूर का पौधा*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने लाभांडी स्थित कंवर समाज के नवनिर्माणाधीन सामुदायिक भवन परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत सिंदूर का पौधा लगाया। मुख्यमंत्री के साथ समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों, वरिष्ठ सगा-जनों और प्रबुद्धजनों ने भी पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री  ननकीराम कंवर, महासचिव  शिव कुमार कंवर, कार्यकारी अध्यक्ष  थान सिंह दीवान, महिला प्रभाग की अध्यक्ष सविता साय, कोषाध्यक्ष श्री प्रेम सिंह कंवर,  आर.के. साय,  भीम सिंह कंवर सहित कंवर समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

महतारी वंदन से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति : मुख्यमंत्री साय

महतारी वंदन से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति : मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्रकार निशा द्विवेदी की पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का किया विमोचन

महतारी वंदन योजना से महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की कहानियों को पुस्तक में किया गया है संकलित

योजना के प्रभाव का जमीनी दस्तावेज है ‘महतारी वंदन अभिनंदन’

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी द्वारा लिखित पुस्तक ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का विमोचन किया। दो भागों में प्रकाशित इस पुस्तक में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों, उनके अनुभवों और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों को संकलित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुस्तक के प्रकाशन पर पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना ने प्रदेश की महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास और परिवार के निर्णयों में उनकी भूमिका को भी मजबूत किया है। यह योजना महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनकी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहायक बन रही है। अनेक महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई, पोषण, स्वास्थ्य, घरेलू आवश्यकताओं और बचत के लिए कर रही हैं। नियमित रूप से अपने खाते में राशि मिलने से महिलाओं में आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का भाव मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना की वास्तविक सफलता उसके लाभार्थियों के जीवन में दिखाई देने वाले परिवर्तन से मापी जाती है। ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ में योजना से जुड़ी महिलाओं के अनुभवों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इस तरह की पुस्तकें शासन की योजनाओं के सामाजिक प्रभाव को समझने के साथ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बनती हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई। योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। योजना की 30 किश्तों के माध्यम से अब तक लगभग 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कौशल विकास और आजीविका के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि इसमें महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाओं के अनुभवों और उनकी संवेदनाओं को शब्द दिए गए हैं। किसी योजना का वास्तविक प्रभाव जानने के लिए हितग्राहियों के बीच जाकर उनसे संवाद करना और उनके जीवन में आए बदलावों को समझना आवश्यक होता है।

 रजवाड़े ने कहा कि गांव-गांव जाकर महिलाओं से मिलना, उनके अनुभवों को समझना, योजना से उनके जीवन में आए परिवर्तन का आकलन करना और फिर उन अनुभवों को पुस्तक के रूप में संजोना चुनौतीपूर्ण कार्य है। पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी ने इस पुस्तक के माध्यम से महतारी वंदन योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को जमीनी स्तर पर सामने लाने का सार्थक प्रयास किया है। उन्होंने लेखिका को पुस्तक के प्रकाशन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पुस्तक की लेखिका पत्रकार सुश्री निशा द्विवेदी ने बताया कि ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ के दोनों भागों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की ऐसी महिलाओं की कहानियों और अनुभवों को स्थान दिया गया है, जिन्हें महतारी वंदन योजना से आर्थिक संबल मिला है। पुस्तक में यह बताने का प्रयास किया गया है कि नियमित आर्थिक सहायता ने महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ उनके आत्मविश्वास और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता को किस प्रकार प्रभावित किया है।

इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त  रजत बंसल, गौरी शंकर श्रीवास, सुश्री शताब्दी पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बिहान से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का नया आधार, मछली पालन से बढ़ेंगे आजीविका के अवसर

बिहान से ग्रामीण परिवारों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का नया आधार, मछली पालन से बढ़ेंगे आजीविका के अवसर

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने लखनपुर में मछली बीज वितरण कार्यक्रम में की सहभागिता, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर दिया जोर

रायपुर । राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ एवं आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद पंचायत लखनपुर के तत्वावधान में ग्राम पंचायत स्तरीय मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने सहभागिता करते हुए ग्रामीण परिवारों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांव के लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। मछली पालन जैसे स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल का बेहतर उपयोग करते हुए अधिक से अधिक परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ा जाए। मछली बीज वितरण जैसी पहल से ग्रामीणों को मछली पालन के लिए आवश्यक आधार मिलेगा और वे इसे आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से न केवल परिवार मजबूत होता है, बल्कि पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है।

अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह ‘बिहान’ अभियान की सबसे बड़ी ताकत हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। शासन की योजनाओं का लाभ इन समूहों तक पहुंचाकर उन्हें कृषि, पशुपालन, मछली पालन, लघु उद्यम तथा अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के माध्यम से विकास की दृष्टि से प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि विकास की मुख्यधारा से गांव का प्रत्येक परिवार जुड़े और स्थानीय स्तर पर ही आय के पर्याप्त साधन विकसित हों।

मंत्री  अग्रवाल ने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और वह अपने पैरों पर खड़ा हो सके। उन्होंने मछली पालन से जुड़े हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।

कार्यक्रम के दौरान मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण हितग्राहियों को मछली बीज का वितरण किया गया। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की योजनाओं से उन्हें अपने गांव में ही आय का नया साधन प्राप्त हो रहा है।

कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक  प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

 
 नगरीय निकायों को एल्डरमैन निधि के 9.44 करोड़ जारी, अरुण साव ने दिए सदुपयोग के निर्देश

नगरीय निकायों को एल्डरमैन निधि के 9.44 करोड़ जारी, अरुण साव ने दिए सदुपयोग के निर्देश

 रायपुर। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों हेतु कुल 9 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि जारी की है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत एल्डरमैन निधि की प्रथम किस्त की 50 प्रतिशत राशि विभाग द्वारा जारी की गई है। इस मद से मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की अनुशंसा पर विकास कार्य किए जाते हैं ।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को ये राशि जारी कर दी है। साव ने नगरीय निकायों को इस निधि का सदुपयोग करते हुए राज्य की शहरी आबादी तक योजनाओं का समुचित लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा राज्य के 10 नगर निगमों में एल्डरमैन निधि के कुल 2 करोड़ 7 लाख रुपए जारी किए गए हैं। 53 नगर पालिकाओं में कुल 3 करोड़ 93 लाख रुपए और 102 नगर पंचायतों में कुल 3 करोड़ 44 लाख 25 हजार रुपए की एल्डरमैन निधि विभाग द्वारा जारी की गई है।

वॉश एंड वॉश ब्लैक करेंसी स्कैम का पर्दाफाश : 4 करोड़ से ज्यादा कैश के साथ अंतरराज्यीय गिरोह के 7 आरोपी गिरफ्तार

वॉश एंड वॉश ब्लैक करेंसी स्कैम का पर्दाफाश : 4 करोड़ से ज्यादा कैश के साथ अंतरराज्यीय गिरोह के 7 आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर।  राजधानी पुलिस ने ‘वॉश एंड वॉश’ ब्लैक करेंसी स्कैम के एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 7 आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले पेपर, कांच की प्लेट्स समेत अन्य सामग्री और दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने रायपुर में एक व्यक्ति को 1.13 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया था। मामले में पहले ही दो महिला आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह प्रकरण में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुणे के रिसॉर्ट में रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी

पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन, चैट, संपर्क नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच से गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने पुणे पहुंचकर करीब एक सप्ताह तक आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी।

पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर बुला रहे हैं। टीम ने मौके पर रेड की, जहां 7 आरोपी पीड़ित से करोड़ों रुपये की रकम लेकर ठगी करते हुए पकड़े गए।

2005 से ठगी करने का दावा

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य वर्ष 2005 से सक्रिय हैं और देश के अलग-अलग राज्यों में 100 से अधिक लोगों से ठगी करने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने छत्तीसगढ़ के अलावा नोएडा, पुणे, बड़ौदा, उदयपुर, दिल्ली समेत कई शहरों में वारदातों को अंजाम दिया।

गिरोह के मुख्य सरगना के रूप में ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन/शेट्टी/रेड्डी और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर** के नाम सामने आए हैं।

रकम दोगुनी करने का झांसा

पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को प्रभावशाली लोगों और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताकर लोगों का विश्वास जीतते थे। इसके बाद बड़े निवेश, फंड रिलीज, विदेशी तकनीक और केमिकल के नाम पर पीड़ितों से बड़ी रकम ली जाती थी।

गिरोह द्वारा ‘वॉश-वॉश’ ब्लैक करेंसी स्कैम के जरिए काले कागज या नकली नोटों को विशेष केमिकल से असली भारतीय मुद्रा में बदलने का झूठा प्रदर्शन किया जाता था। इसके लिए पहले से तैयार असली नोटों का इस्तेमाल कर पीड़ितों का भरोसा जीता जाता था। बाद में अलग-अलग बहानों से पीड़ितों से लगातार रकम वसूली जाती थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पीड़ितों को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, राजस्थान, गुजरात और अन्य शहरों के महंगे होटलों में बुलाकर खुद को प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर पेश करते थे। कई मामलों में गिरोह के सदस्य निजी गनमैन के साथ भी रहते थे, ताकि पीड़ितों पर प्रभाव बनाया जा सके।

दो आरोपी पहले भी जा चुके हैं जेल

पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन पहले भी ठगी के मामले में मुंबई में जेल जा चुका है। वहीं मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर भी मुंबई और वाराणसी में ठगी के मामलों में जेल निरुद्ध रह चुका है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 330/26, धारा 318(4), 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

गिरफ्तार आरोपी

01. ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी पिता रामआश्रय श्रीवास्तव उम्र 46 साल निवासी सेक्टर 51 समस्तपुर गुड़गांव हरियाणा। हाल पता – फ्लैट नंबर बी/205 सीडी हाईट्स नालासोपारा थाना नालासोपारा मुम्बई।

02. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी पिता सत्यप्रकाश श्रीवास्तव उम्र 52 वर्ष निवासी पाण्डेयपुर लालपुर थाना वाराणसी उत्तरप्रदेश।

03. मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर पिता स्व. एस एस लाल श्रीवास्तव उम्र 55 वर्ष निवासी एस एच 8/54 बी 9 शिवपुर थाना शिवपुर जिला वाराणसी उत्तरप्रदेश।

04. विवेक सिंह पिता स्व. शिवरतन सिंह उम्र 48 साल निवासी लहौरा वीर जगत गंज थाना चेतगंज जिला वाराणसी उत्तरप्रदेश।

05. शुभम पांडेय पिता महेंद्र पांडेय उम्र 37 साल निवासी चंदवत थाना चंदवत जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश। हाल पता – ए विंग फ्लैट नंबर 411 रॉयल पॉम अपार्टमेंट थाना गोरेगांव गोरेगांव ईस्ट मुम्बई।

06. योगेन्द्र चौहान पिता स्व. रामानंद चौहान उम्र 48 साल निवासी ग्राम सेनापुर पोस्ट बडनपुर थाना केराकत जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश।

07. बालमुकुंद दीक्षित पिता वेदप्रकाश दीक्षित उम्र 40 साल निवासी ग्राम खटारा पोस्ट भौंरा थाना केराकत जिला जौनपुर उत्तरप्रदेश।

पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और देशभर में की गई ठगी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ के इस जिले में H1N1 की एंट्री से मचा हड़कंप, 2 साल की मासूम हुई संक्रमित; स्वास्थ्य विभाग सतर्क…..

छत्तीसगढ़ के इस जिले में H1N1 की एंट्री से मचा हड़कंप, 2 साल की मासूम हुई संक्रमित; स्वास्थ्य विभाग सतर्क…..

दुर्ग। जिले में स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। एक निजी अस्पताल में भर्ती 2 साल 11 माह की बच्ची H1N1 पॉजिटिव पाई गई है। जिले में यह स्वाइन फ्लू का पहला पुष्ट मामला बताया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए अलर्ट जारी कर दिया है।

बताया जा रहा है कि बच्ची को तेज बुखार और फ्लू जैसे लक्षण होने पर दो दिन पहले निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू की आशंका हुई, जिसके बाद बच्ची का RT-PCR टेस्ट कराया गया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई।

फिलहाल बच्ची का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

सिविल सर्जन डॉ. आशीषन कुमार मिंज ने बताया कि बच्ची को तेज बुखार और फ्लू जैसे अन्य लक्षणों के कारण दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रारंभिक जांच में स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर बच्ची का आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया गया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर H1N1 वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई।

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए हैं। विभाग की टीम संक्रमित बच्ची के घर और आसपास के क्षेत्र में सर्वे कर रही है। संक्रमण के संभावित प्रसार को रोकने के लिए बच्ची के परिवार के अन्य सदस्यों के भी सैंपल लेकर जांच की गई है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और संक्रमण के प्रसार की आशंका को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशिक्षित स्वच्छता निरीक्षक संघ ने उपमुख्यमंत्री साव से की मुलाकात, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग

प्रशिक्षित स्वच्छता निरीक्षक संघ ने उपमुख्यमंत्री साव से की मुलाकात, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग

 रायपुर। छत्तीसगढ़ स्वच्छता निरीक्षक संघ, मुख्यालय रायपुर के पदाधिकारियों एवं प्रशिक्षित डिप्लोमाधारी स्वच्छता निरीक्षक अभ्यर्थियों ने आज जनदर्शन कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव से सौजन्य भेंट कर राज्य के नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं में रिक्त स्वच्छता निरीक्षक पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु ज्ञापन सौंपा।
संघ ने अवगत कराया कि वर्ष 2018 में 54 पदों पर भर्ती के पश्चात पिछले 6-7 वर्षों से स्वच्छता निरीक्षकों के अनेक पद रिक्त हैं। वर्तमान में अधिकांश सफाई कार्य एजेंसियों एवं ठेकेदारों के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जबकि उनके प्रभावी निरीक्षण, मॉनिटरिंग एवं पर्यवेक्षण के लिए प्रशिक्षित स्वच्छता निरीक्षकों की आवश्यकता है। उपमुख्यमंत्री साव ने आवेदन पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को आवश्यक एवं उचित कार्रवाई हेतु तत्काल निर्देशित किया। संघ ने इस पहल का स्वागत करते हुए शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होने की उम्मीद जताई।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सुखीराम पटेल, उपाध्यक्ष नेमचंद बंजारे, सचिव बिशेसर जोगी, सहसचिव सुमीत तंबोली, दुर्ग संभाग अध्यक्ष संदीप कुरें, रायपुर संभाग अध्यक्ष ईश्वरी महोबिया, बिलासपुर संभाग अध्यक्ष मनीष पटेल, सरगुजा संभाग अध्यक्ष मनोज सिदार, बस्तर संभाग अध्यक्ष दीया देवनाथ, मीडिया प्रभारी हेमंत दास मानिकपुरी तथा सलाहकार देवनारायण जायसवाल सहित संघ के अन्य प्रशिक्षित डिप्लोमाधारी सदस्य उपस्थित रहे और भर्ती की मांग का समर्थन किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने 32 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन

उप मुख्यमंत्री साव ने 32 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन

 0 नए बस स्टैंड के लिए 6.50 करोड़ और नगर पालिका कार्यालय के लिए 3.50 करोड़ की घोषणा

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने आज महासमुंद में 31 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन किया। वे शहर के लोहिया चौक में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में महासमुंद के नए बस स्टैंड को सुविधायुक्त और आधुनिक बस स्टैंड के रूप में विकसित करने 6 करोड़ 50 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने नगर पालिका के नए कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ 50 लाख रुपए की भी घोषणा की।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरों के समग्र और संतुलित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश की दशा और दिशा बदलने का कार्य किया है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी शहर स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनें। उन्होंने कहा कि राज्य के छह जिलों को स्वच्छता के क्षेत्र में पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। सरकार बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 38 नालंदा परिसर स्वीकृत किए गए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक-एक गारंटी को पूरा करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि घर बैठे मिल रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 12 हजार 666 करोड़ रुपए के पुल-पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। महासमुंद जिले में भी विभिन्न विकास कार्यों के लिए 468 कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चारों ओर सड़कों और अधोसंरचना के विकास को गति दी जा रही है। महासमुंद के विकास के लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। श्री साव ने कहा कि आने वाले समय में महासमुंद को देश का नंबर-1 स्वच्छ शहर बनाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि सभी मिलकर संकल्प लें कि ये शहर हमारा है, यहां का मान-सम्मान मेरा सम्मान है और यहां का गौरव मेरा गौरव है

विधायक  योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव के मार्गदर्शन में महासमुंद के विकास को लगातार प्राथमिकता मिल रही है। महासमुंद लगातार विकास की ओर अग्रसर है और सभी के सहयोग से जिले को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि महासमुंद का गौरव पथ और तुमगांव रोड निर्माणाधीन है। नहर लिंकिंग रोड स्वीकृत हो चुका है तथा सड़कों के कार्यों के टेंडर भी जारी हो चुके हैं। सीकासेर का पानी कोडार तक पहुंच रहा है। सिरपुर बैराज भी स्वीकृत हो चुका है। विधायक  सिन्हा ने महासमुंद शहर के विकास के लिए रिंग रोड की आवश्यकता पर जोर देते हुए नए बस स्टैंड तथा नए कार्यालय भवन की मांग उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
नगर पालिका अध्यक्ष  निखिल कांत साहू ने महासमुंद को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बढ़ती जनसंख्या और शहर के विस्तार को देखते हुए महासमुंद नगर पालिका को नगर निगम बनाने की मांग रखी। 
पूर्व राज्य मंत्री  पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला स्काउट एवं गाइड संघ के जिलाध्यक्ष  येतराम साहू, छ.ग. राज्य स्काउट गाइड के मुख्य आयुक्त  इंद्रजीत सिंह खालसा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष पवन पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष  देवीचंद राठी और कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह सहित पार्षदगण, ऐल्डरमेन स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक कार्यक्रम में मौजूद थे।

जिले में 30 अगस्त को नीट-पीजी परीक्षा 2026 आयोजित

जिले में 30 अगस्त को नीट-पीजी परीक्षा 2026 आयोजित

 रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित नीट-पीजी परीक्षा 2026 का आयोजन 30 अगस्त को किया जाएगा। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक संचालित होगी। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर रायपुर उपेन्द्र किण्डो एवं पुलिस विभाग से सहायक पुलिस आयुक्त सुश्री नंदनी ठाकुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।


रक्षाबंधन से पहले बहनों को विष्णु भैया का महतारी वंदन उपहार

रक्षाबंधन से पहले बहनों को विष्णु भैया का महतारी वंदन उपहार

 o रक्षाबंधन से पहले बहनों को विष्णु भैया का महतारी वंदन उपहार

o 30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित
o महतारी वंदन की राशि से बहनें मनाएंगी रक्षाबंधन का पर्व, घर-परिवार की खुशियों में बढ़ेगा आर्थिक संबल

रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले छत्तीसगढ़ की बहनों को सीएम विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त के रूप में विशेष उपहार दिया है। 7 अगस्त 2026 को जारी 30वीं किस्त के साथ प्रदेश की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 19,444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है। रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल के साथ पर्व की खुशियों को और बढ़ाने वाली सौगात बन गई है। सीएम साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना अब महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। योजना के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे डीबीटी के माध्यम से महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है।
रायगढ़- राशी कँवर
मनेन्द्रगढ़- गायत्री श्रीवास्तव
सुरजपुर – मेनका रजवाड़े
सुरजपुर- गणेश्वरी प्रजापति (रामनगर)
7159 (4)- सुरजपुर- शहनाज बेगम (सोहागपुर)
7159 (5) – सक्ती- हेमंत बंजारे

रक्षाबंधन से पहले खाते में पहुंची राशि, बहनों के चेहरे पर खुशी
रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस बार पर्व से पहले महतारी वंदन की राशि मिलने से महिलाओं में विशेष उत्साह है। महिलाएं इस राशि से भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने के साथ-साथ घर-परिवार की जरूरतों को पूरा करते हुए रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि, सीएम साय ने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि देकर बहनों की खुशियों को दोगुना कर दिया है। उनके लिए यह केवल एक हजार रुपये की मासिक सहायता नहीं, बल्कि अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं लेने का भरोसा और सम्मान का अहसास है।
जांजगीर-चांपा- शबीना बेगम
कोरबा- शकुंतला कुर्रे
मुंगेली- अनीता गंधर्व

हर महीने की सहायता बनी परिवारों का सहारा
सूरजपुर जिले की तेज कुमारी,मंजू रजवाड़े, पुनिया प्रजापति,शहनाज बेगम, गणेश्वरी प्रजापति, मेनका रजवाड़े और लता केंवट जैसी महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन की राशि से वे बच्चों की पढ़ाई, कॉपी-किताब, पौष्टिक भोजन और दैनिक जरूरतों को पूरा कर पा रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर भी यह राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

बचत से स्वरोजगार तक की नई राह
महतारी वंदन योजना का सकारात्मक प्रभाव केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं है। अनेक महिलाओं ने नियमित मिलने वाली राशि को बचाकर स्वरोजगार की नींव रखी है। मुंगेली विकासखंड के ग्राम घुठेरा की अनीता गंधर्व ने महतारी वंदन से मिली राशि को बचाकर मुंगेली के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में मनिहारी एवं सिलाई दुकान शुरू की। आज वे प्रतिदिन 500 से 1,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू खर्च में सहयोग कर रही हैं।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सरखों की शबीना बेगम ने योजना की राशि से अपनी चूड़ी दुकान में नया सामान और चूडि़यों की विविधता बढ़ाई। इससे ग्राहकों की संख्या और आमदनी दोनों में वृद्धि हुई है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की गायत्री श्रीवास्तव ने राशि बचाकर सेकेंड हैंड सिलाई-पिको मशीन खरीदी। अब वे सिलाई के साथ पिको का काम भी कर आय बढ़ा रही हैं। रायगढ़ की राशी कँवर ने भी महतारी वंदन की किस्तों से सिलाई मशीन खरीदी, जो उनके लिए आजीविका और आत्मनिर्भरता का साधन बन गई है।

भविष्य की सुरक्षा का भी भरोसा
कोरबा की शकुंतला कुर्रे महतारी वंदन की राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य के साथ अपनी बेटी ध्रीयांशी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में बचत करने में कर रही हैं। सक्ती जिले की हेमंत बंजारे, मोहला जिले की देवकी निषाद और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की अनीता गुप्ता भी योजना की राशि से घरेलू जरूरतों और छोटे व्यवसाय को मजबूती दे रही हैं।

30 किस्तों ने बनाया भरोसे का मजबूत आधार
1 मार्च 2024 से शुरू हुई महतारी वंदन योजना की 30 किस्तों की निरंतरता ने महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल दिया है। इस भरोसे के कारण महिलाएं अपनी जरूरतों के अनुसार खर्च, बचत और निवेश की योजना बना पा रही हैं। कई महिलाएं सिलाई, मनिहारी, चूड़ी व्यवसाय और अन्य छोटे स्वरोजगार से जुड़कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।

महतारी वंदन से खुशहाल परिवार, सशक्त मातृशक्ति
महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की घरेलू निर्णयों में भागीदारी को मजबूत करने के साथ बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च को बढ़ावा दिया है। महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से परिवारों में आर्थिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ा है।
रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की 30वीं किस्त इस बदलाव की एक सुखद तस्वीर पेश कर रही है। प्रदेश की बहनें इस राशि से राखी और मिठाई खरीदने के साथ अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते हुए भाई-बहन के स्नेह का पर्व पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएंगी।
महतारी वंदन योजना की यह कहानी केवल आर्थिक सहायता की कहानी नहीं है। यह उस विश्वास की कहानी है, जिसमें सीएम साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति को सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की नई ताकत मिल रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों के खातों में पहुंची राशि उनके लिए ’‘विष्णु भैया का उपहार’’ बनकर पर्व की खुशियों को और खास बना रही है।

28 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, इन इलाकों में बरसेंगे बादल

28 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना, इन इलाकों में बरसेंगे बादल

 अगले सात दिन बारिश का अलर्ट जारी

रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने 22 से 28 अगस्त तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, 22 से 25 अगस्त के बीच बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं 26 से 28 अगस्त तक भी कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा असर
अगले सप्ताह बारिश का प्रभाव खासतौर पर मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर भारी से अतिभारी बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर बढऩे की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान मौसम प्रणाली भी बारिश के लिए अनुकूल बनी हुई है। 21 अगस्त के मौसम विभाग के बुलेटिन में उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और आसपास के क्षेत्र में निम्न दबाव क्षेत्र बने रहने की जानकारी दी गई है।

रायपुर में भी बारिश के आसार
राजधानी रायपुर में भी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 22 अगस्त को शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे की संभावना है। इसके बाद भी अगले सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। पिछले 24 घंटे में रायपुर में बारिश अपेक्षाकृत कम रही और करीब 5.2 मिमी पानी दर्ज किया गया। वहीं नवा रायपुर समेत कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई।

प्रदेश में अब तक 774.7 मिमी बारिश
मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ में अब तक 774.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश से करीब 7 फीसदी कम है। इस अवधि तक प्रदेश में 829.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। वहीं रायपुर जिले में स्थिति प्रदेश के औसत से अलग है। जिले में अब तक 808.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 10 फीसदी अधिक है।

27 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं रहा है। आंकड़ों के मुताबिक 6 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि 27 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। आने वाले दिनों में होने वाली बारिश से यह अंतर और बदल सकता है। मानसून सीजन आधिकारिक रूप से 30 सितंबर तक रहता है। इसके बाद भी कई बार मानसून की वापसी अक्टूबर तक होती है, इसलिए सितंबर में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना बनी रहती है।

इन इलाकों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों में राजपुर और बिहारपुर में 4-4 सेमी, डोंगरगढ़ में 3 सेमी, जबकि जनकपुर-भरतपुर और दुर्ग में 2-2 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रेंगाखारकला, सारागांव, राजनांदगांव, साल्हेवारा, प्रेमनगर, पिपरिया, कोटाडोल, भैरमगढ़, गीदम, खरोरा, पसान, चांपा, केल्हारी, मोहला और घुमका में भी बारिश हुई। लगातार बारिश का असर नवा रायपुर के सेंध तालाब पर भी दिखाई दे रहा है। तालाब पानी से लगभग लबालब हो चुका है। जलभराव के बाद यहां का नजारा और आकर्षक हो गया है।

तालाब किनारे सड़क और कृत्रिम टापू का काम
सेंध तालाब के किनारे सड़क निर्माण का काम चल रहा है। इसके अलावा तालाब के बीच में कृत्रिम टापू भी बनाया गया है। फिलहाल बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित है और काम रुका हुआ है।

अगले सात दिन बारिश पर नजर
ताजा चेतावनी के मुताबिक 22 से 28 अगस्त तक छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर बना रह सकता है। ऐसे में अगले सप्ताह राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढऩे की संभावना है।

जनजातीय कारीगरों के हुनर को मिलेगा व्यापक बाजार, 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए स्टॉल

जनजातीय कारीगरों के हुनर को मिलेगा व्यापक बाजार, 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने लगाए स्टॉल

00 ट्राइफेड से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर
रायपुर।
धमतरी जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता (एम्पैनलमेंट) मेला आयोजित किया गया। इसे जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन ट्राइफेड और जिला प्रशासन ने मिलकर आयोजित किया था, जिसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय बाजार दिलाना है।
जिले के जनजातीय कारीगरों, कलाकारों और उद्यमियों के पारंपरिक हुनर को स्थानीय बाजार से निकालकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बाजारों से जोडऩे की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनजातीय कारीगरों को बेहतर बाजार, पहचान, विपणन और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को लाइवलीहुड कॉलेज में एक दिवसीय जनजातीय कारीगर सूचीबद्धता मेला आयोजित किया गया। मेले में जिले के 20 कलाकारों एवं कारीगरों ने अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए। पात्र कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों, वन धन विकास केंद्रों, किसान उत्पादक संगठनों तथा जनजातीय उद्यमियों को ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने का अवसर प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल जनजातीय कलाकारों को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने के लिए प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगी। ट्राइफेड से सूचीबद्ध होने के बाद कारीगरों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों, जनजातीय भारत बिक्री केंद्रों, मेलों तथा विभिन्न विपणन गतिविधियों में भाग लेने के अवसर मिलेंगे। इससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार और कारीगरों को आय के नए अवसर प्राप्त होंगे।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आजीविका से जुड़ी गतिविधियां केवल आय का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम भी हैं। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जनजातीय समाज की पारंपरिक कला, कौशल और प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित उत्पादों को आधुनिक बाजार से जोड़ा जाए। उन्होंने कारीगरों से कहा कि आज इंटरनेट और सोशल मीडिया का दौर है। अपने उत्पादों और हुनर को सोशल मीडिया के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर कारीगर सीधे ग्राहकों तक पहुंच बना सकते हैं और अपने उत्पादों की बाजार क्षमता बढ़ा सकते हैं।

BREAKING: IGKV पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा: प्रोफेसर समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

BREAKING: IGKV पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा: प्रोफेसर समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

  रायपुर- छत्तीसगढ़ में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की कीटशास्त्र परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोई छात्र नहीं, बल्कि एक कृषि कॉलेज का प्रोफेसर निकला. आरोप है कि प्रोफेसर ने परीक्षा के सीलबंद लिफाफे में छेड़छाड़ कर प्रश्नपत्र की जानकारी हासिल की और उसे 11 हजार रुपये में छात्रों को बेच दिया. रायपुर पुलिस की साइबर और क्राइम टीम ने 36 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए प्रोफेसर समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. 

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 28 कृषि महाविद्यालयों में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के एजीसीएच-221 (कीटशास्त्र) विषय की परीक्षा आयोजित होनी थी. परीक्षा शुरू होने से पहले 20 अगस्त की सुबह विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली. इसके साथ ही छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र के कुछ सवाल वायरल होने की जानकारी दी.

साइबर जांच से खुली पूरे नेटवर्क की परतें

मामला सामने आने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और अन्य डिजिटल सामग्री का तकनीकी विश्लेषण किया. जांच अधिकारियों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस मोबाइल नंबर, अकाउंट या डिजिटल माध्यम से साझा किया था.

डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा, लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच के आधार पर पुलिस ने वायरल सामग्री की पूरी श्रृंखला तैयार की. इसी दौरान जांच की कड़ी दुर्ग निवासी अनुज मिंज तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस टीम वहां रवाना हुई और उससे पूछताछ की गई.

100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने 36 घंटे में किया खुलासा

पेपर लीक मामले की जांच के लिए रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग पुलिस टीमों को भेजा गया. 100 से अधिक पुलिसकर्मियों ने लगातार 36 घंटे तक तकनीकी और मैदानी जांच की. जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया और मामले में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने पेपर लीक के आरोपियों को किया गिरफ्तार.

प्रोफेसर ने ऐसे किया प्रश्नपत्र लीक

पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया है, जो वर्ष 2019 से दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है. जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त को वह कृषि महाविद्यालय रायपुर में अपने कॉलेज की उत्तरपुस्तिकाएं जमा करने गया था. वहीं से उसे आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के सीलबंद पैकेट सौंपे गए. वह सभी पैकेट कॉलेज ले गया, लेकिन 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र अपने घर ले आया.

आरोप है कि उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से सीलबंद लिफाफे में बेहद छोटा छेद किया. इसके बाद मोबाइल कैमरा लिफाफे के अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की. रिकॉर्डिंग से मिली जानकारी के आधार पर उसने प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार की और उसे छात्रों को बेच दिया.

11 हजार रुपये में हुआ प्रश्नपत्र का सौदा

पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया ने प्रश्नपत्र की जानकारी अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेची थी. बाद में यह प्रश्नपत्र अन्य छात्रों तक भी पहुंचाया. जांच में सामने आया कि अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया था. इसके बाद प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.Latest and Breaking News on NDTV

पेपर लीक करने के लिए शामिल डिवाइस को पुलिस ने जब्त किया.  

आरोपियों से बरामद हुए अहम सबूत

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सुजा, कॉपी और फेविकोल सहित कई महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की है. इन बरामद वस्तुओं को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि इन्हीं के जरिए प्रश्नपत्र के साथ छेड़छाड़ और उसे रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था.

दो आरोपी अब भी फरार

पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच एजेंसियों के अनुसार इस नेटवर्क से जुड़े दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं. उनकी तलाश लगातार जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है. मामले में थाना तेलीबांधा में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 की धारा 4, 5 और 10 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत अपराध दर्ज किया है.

कौन-कौन हुए गिरफ्तार

पुलिस ने जिन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं. सभी छात्र दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज से जुड़े बताए गए हैं.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से की सौजन्य भेंट

 छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण को लेकर हुई चर्चा

दूरस्थ और जनजातीय अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जे.पी. नड्डा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय मंत्री  नड्डा से उनके स्वास्थ्य एवं कुशलक्षेम की जानकारी ली और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का विशेष फोकस इस बात पर है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके निकट ही गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं तक स्वास्थ्य तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ, वनांचल एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता और आधुनिक उपचार सुविधाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने की दिशा में प्राथमिकता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा को प्रदेश में केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, गंभीर बीमारियों के उपचार, स्वास्थ्य बीमा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में व्यापक बदलाव आया है। आयुष्मान भारत सहित केंद्र सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिली है। छत्तीसगढ़ सरकार भी केंद्र की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जे.पी. नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को और गति मिलेगी तथा विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के नागरिकों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तेजी से पूरा होगा।

 

परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं, गड़बड़ी पर होगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

परीक्षाओं की शुचिता से कोई समझौता नहीं, गड़बड़ी पर होगी कठोर कार्रवाई : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 आईजीकेवी की परीक्षा में प्रश्नपत्र प्रसारित होने के मामले को मुख्यमंत्री ने लिया गंभीरता से

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति गठित, पुलिस में एफआईआर दर्ज

प्रश्नपत्र कहां से और कैसे हुआ प्रसारित, इसकी तह तक जाएगी जांच

दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा : मुख्यमंत्री

विद्यार्थियों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता सर्वोपरि, परीक्षाओं में गड़बड़ी पर जीरो टॉलरेंस की नीति

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पूर्व सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित होने के मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। साथ ही प्रकरण में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की तकनीकी जांच में साइबर सेल की भी सहायता ली जा रही है, ताकि प्रश्नपत्र के प्रसारण की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। भर्ती हो या शैक्षणिक परीक्षा, उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और उनका भविष्य हमारे लिए सर्वोपरि है। इस मामले की पूरी तह तक जाकर जांच की जाएगी। प्रश्नपत्र कहां से बाहर आया, किसने इसे प्रसारित किया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, प्रत्येक तथ्य सामने लाया जाएगा। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,200 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित होने की शिकायत सामने आई थी। मामले की गंभीरता और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। निरस्त परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएगी।

गठित जांच समिति द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करने के साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्रोत से बाहर आया, किन माध्यमों से आगे प्रसारित हुआ और इसकी पहुंच कहां तक रही। पुलिस एवं साइबर सेल द्वारा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने संबंधित अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखना सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसी किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा, जिससे मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के हित प्रभावित हों।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर उसके सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा प्रारंभ होने तक की पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने को कहा गया है, ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के बाद बस्तर में विकास की नई गति : मुख्यमंत्री साय

नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता के बाद बस्तर में विकास की नई गति : मुख्यमंत्री साय

 नई औद्योगिक नीति से निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को मिला नया विस्तार

नवा रायपुर बन रहा शिक्षा और नई तकनीक का उभरता केंद्र

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से चेन्नई के पत्रकारों के दल ने की सौजन्य भेंट

रायपुर-- लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास की दौड़ में पीछे रहे बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का नया दौर शुरू हुआ है। सुरक्षा के साथ-साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में तेजी से काम किया जा रहा है। बस्तर की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को विकास से जोड़कर क्षेत्र के लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना हमारी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री साय ने विगत दिवस मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्र सूचना कार्यालय, चेन्नई के निदेशक  पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए चेन्नई के पत्रकारों के दल  से चर्चा के दौरान यह बात कही। 

मुख्यमंत्री  साय ने पत्रकारों से छत्तीसगढ़ में विकास की बदलती तस्वीर, बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता के बाद तेज हुई विकास गतिविधियों, राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति, निवेश एवं रोजगार की संभावनाओं तथा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे विस्तार पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती थी। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर तेजी से शांति और विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलवाद के कारण शासन की पहुंच कठिन थी, वहां आज विकास की योजनाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, राशन, बैंकिंग और आजीविका की सुविधाओं में वृद्धि हुई है। सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर में विकास और समृद्धि की ऐसी मजबूत नींव तैयार करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की भी अपार संभावनाएं हैं। यहां के प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, वन संपदा, जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं की विशिष्ट पहचान है। शांति स्थापित होने के साथ पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के लिए नए अवसर बन रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बस्तर की विशिष्टताओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले तथा पर्यटन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अधिक अवसर सृजित हों।

मुख्यमंत्री  साय ने पत्रकारों को राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और कृषि संपदा से समृद्ध होने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन और नए एवं उभरते क्षेत्रों के उद्योगों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। सरल प्रक्रियाओं और उद्योग अनुकूल वातावरण के कारण देश-विदेश के निवेशकों का छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि राज्य अब परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। पर्याप्त विद्युत उपलब्धता, मजबूत अधोसंरचना, देश के मध्य में भौगोलिक स्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए अनुकूल बनाती है। सरकार का विशेष जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर तैयार हों।

मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के महत्वपूर्ण एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं।  उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के इन संस्थानों की उपलब्धता से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर अपने ही राज्य में मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर भी लगातार काम कर रही है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा फैब के शॉल भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के प्रसिद्ध महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त  रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी  आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।