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Jashpur Women Empowerment: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

Jashpur Women Empowerment: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का किया शुभारंभ

 Jashpur Women Empowerment News: रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले के बगिया कैंप कार्यालय से ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना की शुरुआत की। योजना के तहत 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि नियमित आय और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों को साड़ी और मिठाई भेंट कर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला है। पिछले रक्षाबंधन पर 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे, जबकि इस बार 50 महिलाओं को इसका लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि रायपुर में भी 92 महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं और ई-रिक्शा चला रही महिलाएं प्रतिमाह करीब 15 हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं। सरकार महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़कर नए रोजगार अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

‘जशपुर एक्सप्रेस’ के माध्यम से महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका का साधन मिलने के साथ यात्रियों को भी आवागमन की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं किराना, सब्जी व्यवसाय और अन्य छोटे उद्यमों के साथ अब परिवहन क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं।

बगिया को करीब 3 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बगिया में करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले विश्राम गृह का भूमिपूजन किया। इसके अलावा यादव मोहल्ला तक बनने वाली सीसी सड़क के निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है।

रक्षाबंधन के इस कार्यक्रम में महिलाओं और मुख्यमंत्री के बीच आत्मीय संवाद भी हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा तथा प्रदेश के विकास के लिए निरंतर काम करने की प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अधिकारी और बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं मौजूद रहीं।

बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बहनों का सम्मान, सशक्तिकरण और खुशहाली से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 जशपुर। रक्षाबंधन के अवसर पर जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम केरसई में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र की महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों से संवाद करते हुए कहा कि उनका सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन से परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव बनाते हैं। उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं महतारी वंदन योजना के जरिए करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है।

 केरसई और आसपास के गांवों में कई निर्माण कार्यों की घोषणा

रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री ने केरसई क्षेत्र के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। घासीमुंडा में नया प्राथमिक शाला भवन, केरसई तालाब का सौंदर्यीकरण, मिनी स्टेडियम, केरसई और घासीमुंडा के बजरंग बली मंदिरों का जीर्णोद्धार सहित कई कार्य शामिल हैं। इसके अलावा अरुण के घर तक सीसी सड़क, गढ़वामुड़ा यादव बस्ती में सामुदायिक भवन, घासीमुंडा में सामुदायिक भवन और ऊपरकछार में महतारी सदन बनाने की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केरसई में करीब 84.69 लाख रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्कूल, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को सरकार प्राथमिकता दे रही है।

 स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रही महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। स्व-सहायता समूहों के जरिए महिलाएं अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। ड्रोन दीदियों के माध्यम से आधुनिक तकनीक में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। जशपुर की महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराकर स्वरोजगार के नए अवसर दिए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गांव की महिलाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलें। महिलाओं की आर्थिक मजबूती से परिवार की स्थिति बेहतर होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है।

 किसानों और गरीब परिवारों के लिए योजनाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर उपलब्ध कराने का काम जारी है। इसके साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर दिया जा रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज कराने की अपील की। साथ ही मुख्यमंत्री बिजली बिल राहत योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का आग्रह किया।

 जशपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जिले में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज, एमसीएच यूनिट, फिजियोथेरेपी, नर्सिंग और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है, ताकि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख न करना पड़े।

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किया गया। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत आयुषी को पासबुक दी गई। स्वामित्व योजना के तहत पांच हितग्राहियों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। सरस्वती स्व-सहायता समूह को एक लाख रुपए की सहायता का चेक भी प्रदान किया गया।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरे प्रदेश की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

UCC Debate: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर मंथन, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने दिए सुझाव

UCC Debate: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता पर मंथन, सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने दिए सुझाव

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में व्यापक परिचर्चा आयोजित की गई। UCC के लिए गठित समिति के सदस्यों के समक्ष धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ विभिन्न आयोग, निगम और मंडल के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव साझा किए। बैठक में समाज प्रमुखों, प्रबुद्धजनों और जनप्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही।

समिति के सदस्य सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त अधिकारी ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े ने प्रतिभागियों से UCC के विभिन्न पहलुओं पर राय ली। समिति संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लेखित नीति-निर्देशक तत्वों के अनुरूप प्रदेश के लिए समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने की दिशा में सुझाव जुटा रही है।

 विवाह, तलाक और उत्तराधिकार में समानता पर जोर

प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का उद्देश्य धर्म, जाति और पंथ से अलग सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान कानूनी व्यवस्था तैयार करना है। चर्चा में महिलाओं और पुरुषों को वैवाहिक एवं संपत्ति संबंधी मामलों में समान अधिकार देने तथा मौखिक तलाक जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने जैसे विषयों पर भी सुझाव सामने आए।

बैठक में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष ललित माखीजा, क्रिश्चियन समाज के जान राजेश पॉल, मुस्लिम समाज के अध्यक्ष सलाम रिजवी, गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष इंद्रजीत छाबड़ा सहित विभिन्न संगठनों और आयोगों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।

 जनजातीय परंपराओं को सुरक्षित रखने पर भी चर्चा

UCC के प्रारूप को लेकर जनजातीय समाज की विशिष्ट परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्थाओं के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की बात सामने आई। समिति प्रदेश के अलग-अलग जिलों में फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और जन-संवाद के माध्यम से नागरिकों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों और कानून विशेषज्ञों की राय जुटा रही है।

बैठक में राज्य नीति आयोग, खाद्य आयोग, महिला आयोग, गौ सेवा आयोग, राज्य अल्पसंख्यक आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए। परिचर्चा के जरिए छत्तीसगढ़ के लिए पारदर्शी, समावेशी और जनहितैषी UCC का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने साइंस ऑन व्हील्स को दिखाई हरी झंडी, अब स्कूलों तक पहुंचेगी प्रयोगों की चलती-फिरती विज्ञानशाला

मुख्यमंत्री ने साइंस ऑन व्हील्स को दिखाई हरी झंडी, अब स्कूलों तक पहुंचेगी प्रयोगों की चलती-फिरती विज्ञानशाला

 00 अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन जैसे विषयों को प्रयोगों और मॉडलों के जरिए समझेंगे विद्यार्थी

00 साय ने कहा - बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने में उपयोगी होगी पहल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बगिया स्थित कैंप कार्यालय से ‘साइंस ऑन व्हील्स’ वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मोबाइल विज्ञानशाला के जरिए विद्यार्थियों को स्कूलों में ही वैज्ञानिक प्रयोगों, मॉडलों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान एवं तकनीक की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। खासतौर पर ऐसे क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों तक पहुंच सीमित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए उन्हें किताबों से आगे बढ़कर प्रयोगों से सीखने का अवसर देना जरूरी है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ विद्यार्थियों में सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान तलाशने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही इनके व्यावहारिक पक्ष से जोड़ना जरूरी है।

 अंतरिक्ष, रोबोटिक्स और जल संरक्षण को प्रयोगों से समझेंगे बच्चे

‘साइंस ऑन व्हील्स’ में विद्यार्थियों के लिए चार प्रमुख मॉड्यूल तैयार किए गए हैं। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के जरिए बच्चे ब्रह्मांड और स्पेस साइंस की जानकारी हासिल करेंगे। रोबोटिक्स के माध्यम से उन्हें आधुनिक तकनीक और भविष्य के तकनीकी कौशल से परिचित कराया जाएगा।

वहीं सतत विकास मॉड्यूल के जरिए पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की समझ विकसित की जाएगी। जल निस्पंदन के माध्यम से विद्यार्थी स्वच्छ पानी, जल संरक्षण और इससे जुड़े वैज्ञानिक तरीकों को प्रयोग करके समझ सकेंगे।

 बच्चों में वैज्ञानिक सोच और समस्या समाधान की क्षमता होगी विकसित

इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल विज्ञान के प्रयोग दिखाना नहीं, बल्कि उनमें विज्ञान और तकनीक के प्रति लंबे समय तक रुचि पैदा करना है। गतिविधियों और मॉडलों के जरिए बच्चों को खुद सवाल पूछने, उत्तर खोजने और नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इससे विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। बदलती तकनीकी दुनिया के अनुरूप बच्चों को तैयार करने में भी यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है।

 तीन राज्यों में लागू हो रहा प्रोजेक्ट

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से ‘साइंस ऑन व्हील्स’ परियोजना छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में संचालित की जा रही है। इसे प्लक्ष विश्वविद्यालय, IDYM फाउंडेशन और IIT मंडी के सहयोग से लागू किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में इस पहल के जरिए विज्ञान की व्यावहारिक शिक्षा को विद्यार्थियों तक पहुंचाने और उन्हें नई तकनीक तथा नवाचार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

 रायपुर राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के 6 अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक दूसरे स्थान में पदस्थ किया है जिसमें अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त भी शामिल है। 
सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव क्लेमेन्टीना लकड़ा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के मुताबिक देवनारायण कश्यप राप्रसे, पी.-2010, प्रवर श्रेणी आयुक्त, नगर पालिक निगम, अंबिकापुर (सरगुजा) से उप सचिव, छ.ग. शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, मंत्रालय, चित्रकांत चाली ठाकुर राप्रसे, आर.आर.-2014, श्रेणी प्रवर अपर कलेक्टर, कोण्डागांव से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नारायणपुर, सुश्री दिप्ती गौते राप्रसे, आर.आर.-2014, प्रवर श्रेणी अपर कलेक्टर, बलौदाबाजार भाटापारा से परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर, गुड्डू लाल जगत राप्रसे, आर.आर.-2014, प्रवर श्रेणी अपर कलेक्टर, बेमेतरा से उप सचिव, छ.ग. शासन, श्रम विभाग, मंत्रालय, विनय कुमार अग्रवाल, राप्रसे, आर.आर.-2015, प्रवर श्रेणी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, नारायणपुर से आयुक्त, नगर पालिक निगम, अंबिकापुर (सरगुजा), डॉ ऋतु वर्मा राप्रसे, आर.आर.-2015, प्रवर श्रेणी उप सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (कक्ष-6 एवं 7) अतिरिक्त प्रभार-परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर से परीक्षा नियंत्रक, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, नवा रायपुर अटल नगर के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त, शेष यथावत् रखा गया है।

बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनीं बिलासपुर की महिलाएं, पशु आहार संयंत्र से मिला रोजगार और नियमित आय….

बिहान योजना से आत्मनिर्भर बनीं बिलासपुर की महिलाएं, पशु आहार संयंत्र से मिला रोजगार और नियमित आय….

 रायपुर: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के तहत बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित ग्राम अकलतरी की जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। राखी के अवसर पर श्लखपति दीदियोंश् की यह सफलता राज्य में महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण की कहानी बयां कर रही है।

समूह की दीदियां संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का कर रही हैं गुणवत्तापूर्ण निर्माण

पशु आहार संयंत्र (ब्ंजजसम थ्ममक च्संदज) की स्थापना ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार तथा बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। समूह की महिलाओं ने अपनी पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़कर गांव में बिलासा पशु आहार संयंत्र का संचालन शुरू किया है। समूह की दीदियां खुद ही इस संयंत्र में पशु एवं पक्षी आहार का गुणवत्तापूर्ण निर्माण किया जा रहा है। संयंत्र संचालन, मशीनरी ऑपरेटर, पैकेजिंग, लोडिंग-अनलोडिंग और गुणवत्ता जांच (फनंसपजल ब्वदजतवस) के लिए तकनीकी व गैर-तकनीकी कर्मचारियों की आवश्यकता होती है।

संयंत्र की मुख्य विशेषताएं और उपलब्धियां

छोटे या मध्यम स्तर का पशु आहार प्लांट शुरू करके कम लागत में मैन्युफैक्चरिंग व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। जय भारत महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संयंत्र में फीड ग्राइंडर एवं मिक्सर, फीड पैलेट और फीड क्रम्बल मशीनें जैसे आधुनिक मशीनों को स्थापित की गई हैं। समूह की दीदियां खुद ही संयंत्र संचालन, आहार निर्माण, पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) का पूरा काम संभाल रही हैं, जिसमें महिलाओं की पूर्ण भागीदारी है।

स्थानीय स्तर पर ही पशु व पक्षी आहार उपलब्ध होने से ग्रामीण पशुपालकों और कुक्कुट पालकों के समय तथा परिवहन खर्च में भारी बचत हो रही है। यह पहल न केवल महिलाओं को नियमित आय प्रदान कर रही है, बल्कि गांव की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। विष्णुदेव साय  सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप बिहान योजना महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। अकलतरी गांव का यह सफल प्रयास अन्य महिला समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की आधारशिला : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पंडरीपानी में बुधवार को इस पावन पर्व की यही भावना उस समय और जीवंत हो उठी, जब बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनके प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम में भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के साथ बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति  सरकार के संकल्प की झलक दिखाई दी।

ग्राम पंडरीपानी में आयोजित ‘रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने बहनों से आत्मीय संवाद किया और उनकी बातें सुनीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और सुखद भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराने का भी अवसर है। छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलें और परिवार तथा समाज के निर्णयों में उनकी भूमिका और मजबूत हो, इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत आधारशिला है। जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है और परिवार की समृद्धि से समाज एवं प्रदेश की प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। राज्य सरकार की योजनाओं के केंद्र में माताओं-बहनों का सम्मान, स्वावलंबन और बेहतर भविष्य है।

*पंडरीपानी को विकास कार्यों की सौगात*

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर ग्राम पंडरीपानी में लगभग ₹64 लाख के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें महतारी सदन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी सदन गांव की महिलाओं के लिए सामूहिक प्रयासों, आर्थिक गतिविधियों और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनेगा।

महतारी सदन में महिलाओं के लिए बैठक कक्ष, प्रशिक्षण की सुविधा, रसोईघर और शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे महिला स्व-सहायता समूहों और महिला संगठनों को अपनी बैठकें, प्रशिक्षण तथा विभिन्न आजीविका गतिविधियां संचालित करने के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक स्थान उपलब्ध होगा।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में ग्राम पंचायत फरसाबहार और भेलवा में भी महतारी सदन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मुख्य मार्ग से दानी मोड़ा बस्ती तक सड़क निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बेहतर अधोसंरचना के निर्माण के साथ महिलाओं और ग्रामीण परिवारों के जीवन को सुविधाजनक बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

ज्योग्राफिक मैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना

*महतारी वंदन ने बहनों को दिया आर्थिक आत्मविश्वास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यह राशि बहनों को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए हाल ही में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। त्योहार को देखते हुए सितंबर माह की राशि अग्रिम रूप से जारी की गई, ताकि बहनें उत्साह और उल्लास के साथ रक्षाबंधन का पर्व मना सकें।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके कौशल को अवसरों से जोड़ना और परिवार तथा समाज के विकास में उनकी भूमिका को और मजबूत करना सरकार का व्यापक उद्देश्य है। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की बहनें आज अनेक आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं।

सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी लेना

*शासन की सेवाएं अब और आसान, समाधान भी तेज*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य शासन की सुविधाओं को सरलता और पारदर्शिता के साथ लोगों तक पहुंचाना है। इसी दिशा में सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। इससे नागरिकों को अनेक शासकीय सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। वहीं, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरलता से पहुंचे और उसकी समस्या का समयबद्ध समाधान हो, इसी सोच के साथ तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है।

*महिला स्व-सहायता समूहों को मिला आर्थिक संबल*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला स्व-सहायता समूहों को उनकी आर्थिक और आजीविका गतिविधियों के विस्तार के लिए सहायता राशि के चेक प्रदान किए। मोंगरा स्व-सहायता समूह, भगोरा; वैष्णवी स्व-सहायता समूह, कंदईबहार और चांद स्व-सहायता समूह, कंदईबहार को ₹1.50-₹1.50 लाख तथा प्रतिज्ञा समूह, बड़ा बस्ती को ₹1 लाख की सहायता प्रदान की गई।

पंडरीपानी में रक्षाबंधन एवं बहनों से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महिला समूहों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। आर्थिक सहायता से समूहों को अपने स्वरोजगार और आजीविका संबंधी कार्यों का विस्तार करने में मदद मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर सृजित होंगे।

*बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना*

कार्यक्रम में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत बालिका मीनाक्षी यादव और श्रेया पैंकरा को खाता पासबुक प्रदान की गई। इस अवसर पर बेटियों के सुरक्षित भविष्य और वित्तीय सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना  सरकार की प्राथमिकता है।

स्वामित्व योजना के हितग्राहियों को मिले अधिकार अभिलेख*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में स्वामित्व योजना के अंतर्गत पांच हितग्राहियों को पट्टे भी वितरित किए। इनमें ग्राम बोखी की हरावती, ग्राम वानगांव की जगमनी, ग्राम कोनपारा की राजमनी, ग्राम भगोरा की लक्ष्मी तथा ग्राम तेलाइन की सुमित्रा शामिल हैं। इससे हितग्राहियों को अपनी संपत्ति पर अधिकार के साथ दस्तावेजी सुरक्षा भी प्राप्त होगी।

पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं मुख्यमंत्री : गोमती साय*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने उपस्थित माताओं-बहनों का आत्मीय अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिलाओं के सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को शासन की प्राथमिकताओं में रखा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है, वहीं महतारी सदन के माध्यम से गांवों में महिलाओं को अपनी बैठकों, प्रशिक्षण और गतिविधियों के लिए सम्मानजनक स्थान उपलब्ध हो रहा है।

गोमती साय ने पंडरीपानी में एसबीआई की शाखा शुरू होने को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पूरे छत्तीसगढ़ की बहनों के ‘विष्णु भैया’ हैं और बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम में विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्षेत्र की माताएं-बहनें उपस्थित थीं।

सीएम साय का जशपुर दौरा आज, कई विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन

सीएम साय का जशपुर दौरा आज, कई विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। साथ ही वे ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों का जायजा भी लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय सुबह 11:30 बजे ग्राम केराडीह पहुंचेंगे। यहां आयोजित कार्यक्रम में वे क्षेत्र के लिए विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री ग्राम गारियाट पहुंचेंगे, जहां वे महतारी सदन का दौरा करेंगे। यहां भी कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

 कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दोपहर 2:20 बजे पंडरापानी हेलिपैड से रायपुर के लिए रवाना होंगे। इसके बाद वे करीब शाम 3:50 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को जशपुर जिले में विकास कार्यों को गति देने और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन की त्रासदी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन की त्रासदी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

 रायपुर -- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने नेपाल में भीषण बाढ़ एवं भूस्खलन से हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत एकजुटता के साथ नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति, शोकसंतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने तथा लापता लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना की है।

नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन जारी

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निर्देश पर सुरक्षित वापसी और आवश्यक सहायता के लिए सरकार तत्पर

रायपुर -- नेपाल में बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

प्रदेश के नागरिक अथवा उनके परिजन सहायता एवं आवश्यक जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन 1070 तथा दूरभाष +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक के साथ खड़ी है। फंसे नागरिकों की सुरक्षित वापसी एवं आवश्यक सहायता के लिए सरकार पूरी तत्परता से कार्य कर रही है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ में कई जगह भारी बारिश के आसार, 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ में कई जगह भारी बारिश के आसार, 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम

 रायपुर । छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अगले 24 घंटे तक प्रभावी रह सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। सरगुजा संभाग को छोडक़र बाकी सभी संभागों के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक की मौसमी वर्षा लगभग सामान्य है। सामान्य बारिश की तुलना में फिलहाल करीब 2 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया है।

आगे बढ़ेगा लो प्रेशर सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार 25 अगस्त को झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र फिलहाल उसी इलाके में सक्रिय है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। ऊंचाई बढऩे के साथ इसका झुकाव दक्षिण दिशा की ओर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ सकता है। सिस्टम के आगे बढऩे के साथ छत्तीसगढ़ में इसका प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिन में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

बारिश के कारण
तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है। हालांकि गरज-चमक और तेज हवा के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

10 जिलों में बारिश और बिजली का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह 7 बजे से अगले तीन घंटे के लिए प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 17 सेमी बारिश
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 17 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बाद ओडगी में 12 सेमी और राजिम में 11 सेमी बारिश हुई। कुटरू, गोबरा नवापारा और मस्तूरी में 10-10 सेमी बारिश दर्ज की गई। गंगालूर, भोपालपट्टनम और बीजापुर में 9-9 सेमी पानी गिरा। बिहारपुर, मंदिर हसौद, अकलतरा और कोरबा में 8-8 सेमी बारिश दर्ज हुई।

भैसमा, करतला, उसूर, माना-रायपुर एपी, भैरमगढ़, बोदरी, कुरूद और महासमुंद में 7-7 सेमी बारिश हुई। वहीं तमनार, रायपुर शहर, आरंग, लैलूंगा, छिंदगढ़, बलौदा बाजार, लाभांडी, बलौदा, खरोरा और सुकमा में 6-6 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के अन्य कई स्थानों पर भी 5 सेमी या इससे कम बारिश हुई।

तापमान में भी दिखा बदलाव
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला। पिछले 24 घंटे में दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के कारण अगले 24 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।

इसके बाद सिस्टम के आगे बढऩे पर बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि मानसून पूरी तरह कमजोर होने के बजाय कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश जारी रह सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरण

 रायपुर। राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।

कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र से नक्सल डम्प बरामद, 40 डेटोनेटर सहित विस्फोटक सामग्री जब्त

कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र से नक्सल डम्प बरामद, 40 डेटोनेटर सहित विस्फोटक सामग्री जब्त

 कांकेर। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत कांकेर पुलिस, बीएसएफ और बीडीएस टीम को बड़ी सफलता मिली है। थाना बांदे क्षेत्र के ग्राम कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सल डम्प बरामद किया। डम्प से 40 डेटोनेटर समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक एवं अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई है।पुलिस के अनुसार 25 अगस्त को जिला बल, बीएसएफ एवं बीडीएस टीम द्वारा कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में संयुक्त सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सुरक्षा बलों को नक्सल डम्प मिला।

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तलाशी के दौरान 40 नग डेटोनेटर, करीब 10 लीटर क्षमता का एक स्टील टिफिन जिसमें बारूद भरा हुआ था तथा करीब 5 लीटर क्षमता का एक अन्य स्टील टिफिन, जिसमें बारूद भरा हुआ था, बरामद किया गया। बरामद विस्फोटक पदार्थों को बीडीएस टीम द्वारा मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।

यह कार्रवाई बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा, बीएसएफ भानुप्रतापपुर के डीआईजी दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा तथा 94वीं वाहिनी बीएसएफ बांदे के 2आईसी एवं प्रभारी सेनानी सुभाष चंद्र के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में बीएसएफ 94वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर विपिन कुमार, इंस्पेक्टर अविनाश कुमार तथा बीएसएफ बीडीएस टीम के कमांडर उप निरीक्षक रोशन लाल मीणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पुलिस ने बताया कि नक्सल प्रभावित एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में जिला बल और बीएसएफ की संयुक्त सर्चिंग लगातार जारी है। सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।

रक्षाबंधन पर रेलवे की बड़ी सौगात : दुर्ग-रायगढ़ के बीच 3 दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

रक्षाबंधन पर रेलवे की बड़ी सौगात : दुर्ग-रायगढ़ के बीच 3 दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

 रायपुर। रक्षाबंधन के त्योहार पर ट्रेनों में बढऩे वाली भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे 27 से 29 अगस्त 2026 तक दुर्ग और रायगढ़ के बीच रक्षाबंधन पैसेंजर स्पेशल ट्रेन चलाएगा। गाड़ी संख्या 08834/08833 तीन फेरे लगाएगी। इस स्पेशल ट्रेन के चलने से दुर्ग, भिलाई, रायपुर, तिल्दा, भाटापारा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, खरसिया और रायगढ़ समेत रास्ते के कई स्टेशनों के यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा मिलेगी।

सुबह 10:30 बजे दुर्ग से रवाना होगी
गाड़ी संख्या 08834 दुर्ग से सुबह 10:30 बजे रवाना होगी और 11:25 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन तिल्दा नेवरा और भाटापारा समेत कई स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए बिलासपुर पहुंचेगी। यहां से जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, खरसिया सहित अन्य स्टेशनों से होकर ट्रेन शाम 7 बजे रायगढ़ पहुंचेगी।

शाम 7:40 बजे रायगढ़ से वापसी
वापसी में गाड़ी संख्या 08833 रायगढ़ से शाम 7:40 बजे दुर्ग के लिए रवाना होगी। ट्रेन रात 10:20 बजे बिलासपुर, 11:25 बजे भाटापारा और 12:40 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन सुबह करीब 2 बजे दुर्ग पहुंचने का निर्धारित समय है।

10 कोच की होगी स्पेशल ट्रेन
रेलवे के मुताबिक स्पेशल ट्रेन में कुल 10 आईसीएफ कोच लगाए जाएंगे। इनमें 8 जनरल कोच और 2 एसएलआरडी कोच शामिल हैं। त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेन चलने से नियमित ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ का दबाव कम होने और यात्रियों को सुविधाजनक सफर मिलने की उम्मीद है।

CG - अलग-अलग सड़क हादसों में 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

CG - अलग-अलग सड़क हादसों में 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात जिले में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, दो की मौत
पहला हादसा:-  बोरई थाना क्षेत्र के घुटकेल गांव के पास हुआ। यहां दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ा, ओडिशा निवासी अभय सतनामी और बरमारू समेत तीन लोग नगरी में अपने रिश्तेदार के यहां नहावन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के बाद तीनों एक ही बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान घुटकेल के पास उनकी बाइक सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से टकरा गई।

हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। सिहावा क्षेत्र में सड़क किनारे घायल मिला युवक, इलाज के दौरान मौत।

दूसरी घटना:-  सिहावा थाना क्षेत्र के मल्हारा गांव की है। यहां सुमंत शांडिल्य किसी काम से थाना गया था। वापस लौटने के दौरान वह गांव के पास सड़क हादसे में घायल अवस्था में मिला। ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी
दोनों सड़क दुर्घटनाओं की सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हादसों के कारणों की जांच कर रही है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : अनुकंपा नियुक्ति में शादीशुदा बेटी को भी नौकरी का अधिकार

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : अनुकंपा नियुक्ति में शादीशुदा बेटी को भी नौकरी का अधिकार

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि केवल शादीशुदा होने के आधार पर किसी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने दो शादीशुदा बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है।

डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच का फैसला पलटा 
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के पहले फैसले को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने संबंधित बैंक को दोनों अपीलकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।

शादी को अयोग्यता का आधार नहीं माना जा सकता
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि किसी महिला की वैवाहिक स्थिति को अनुकंपा नियुक्ति के लिए अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता। यानी सिर्फ इस वजह से कि बेटी की शादी हो चुकी है और उसे नौकरी के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

90 दिन के भीतर नियुक्ति के निर्देश
डिवीजन बेंच ने संबंधित बैंक को दोनों अपीलकर्ताओं के मामलों पर कार्रवाई करते हुए उनकी शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के आधार पर 90 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शादीशुदा बेटियों को केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर नियुक्ति से वंचित किए जाने के खिलाफ एक कानूनी आधार मिला है।

बड़ा हादसा : स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र सहित 3 की मौत

बड़ा हादसा : स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र सहित 3 की मौत

 कोरबा। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के चालक ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे बाइक सवार पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई है। दुर्घटना के बाद स्कार्पियो का चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

खोडरी मोड़ के पास हुआ हादसा
हरदीबाजार थानान्तर्गत ग्राम सरईसिंगार निवासी फूल सिंह 58 वर्ष पिता दौलत सिंह, नरसिंह सिंह 24 वर्ष पिता फूल सिंह और यशवंत सिंह पिता स्वर्गीय कमल सिंह बाइक. क्रमांक सीडी 12 बीजे 5644 पर सवार होकर ग्राम सराइसिंगार से गेवरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब 3 बजे कुसमुंडा थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम खोडरी मोड़ के पास पहुंचे थे कि विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी 12 बीयू 2420 के चालक ने तेजी व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। जिससे फूल सिंह और नरसिंह सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में एक घायल की इलाज के दौरान मौत  
यशवंत सिंह गंभीर रूप से घायल है, जिसे डायल-112 की मदद से मेडिकल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उपचार के उपरांत यशवंत की भी मौत हो गयी। बताया जाता है कि यशवंत भी उनका रिश्तेदार है। सड़क हादसे में पिता पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो जाने से गांव में शोक व्याप्त है।

दो बाइक में हुई भिड़ंत, दो युवकों की मौत
सर्वमंगला चौकी क्षेत्र में मंगलवार की शाम सर्वमंगला कनवेरी मार्ग के जोड़ा पुल के पास आमने सामने दो बाइक में जोरदार भिड़ंत हो गई। एक बाइक में तीन लोग सवार थे जबकि दूसरी बाइक में दो लोग सवार थे। दोनों बाइक के भिड़ंत होने से सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 

मेडिकल अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल हास्पिटल में दाखिल कराया गया है। जिसमें से दो लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि मृतकों में खम्हरिया लुतरा निवासी देवी प्रसाद निषाद और खिसोरा निवासी कोमल के रूप में की गई है। हादसा कैसे हुआ है यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जबकि घायलों की पहचान नहीं हो पायी है। सभी घायलों का उपचार मेडिकल हॉस्पिटल में चल रहा है।

छात्रों का 12 घंटे चक्काजाम : 400 विद्यार्थियों के लिए सिर्फ 3 शिक्षक, मंत्री के आश्वासन के बाद देर रात खत्म हुआ आंदोलन

छात्रों का 12 घंटे चक्काजाम : 400 विद्यार्थियों के लिए सिर्फ 3 शिक्षक, मंत्री के आश्वासन के बाद देर रात खत्म हुआ आंदोलन

 दुर्ग। पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों का गुस्सा मंगलवार 25 अगस्त को सड़क पर उतर आया। 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले करीब 400 छात्र-छात्राओं ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। लंबे समय तक चले इस प्रदर्शन से सड़क पर यातायात प्रभावित रहा।

शिक्षकों की कमी से पढ़ाई हो रही प्रभावित
विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में लगभग 400 बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्तमान में केवल 3 शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी के चलते कई विषयों की कक्षाएं नियमित नहीं हो पा रही हैं और पाठ्यक्रम पूरा करने में भी परेशानी आ रही है। आर्ट्स और कॉमर्स संकाय के छात्रों ने विशेष रूप से पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही।

21 अगस्त के प्रदर्शन के बाद भी नहीं बनी व्यवस्था
छात्रों ने बताया कि इसी मांग को लेकर 21 अगस्त को भी प्रदर्शन किया गया था। उस समय अधिकरियों ने जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया था। लेकिन अपेक्षित व्यवस्था नहीं होने पर विद्यार्थियों ने दोबारा आंदोलन शुरु कर दिया और मंगलवार को मुख्य मार्ग पर बैठ गए।

अधिकारियों की समझाइश भी रही बेअसर
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही SDOP, तहसीलदार, SDM और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर चक्काजाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या हल नहीं होगी, स्कूल में पर्याप्त शिक्षक तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।

मंत्री से बातचीत के बाद रात में खत्म हुआ चक्काजाम
काफी देर तक चले गतिरोध के बाद विद्यार्थियों की स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत कराई गई। मंत्री की ओर से शिक्षकों की कमी दूर करने का भरोसा मिलने के बाद रात करीब 12 बजे छात्रों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

चार नए शिक्षक भेजे गए, संख्या बढ़कर 7 हुई
प्रदर्शन के बाद स्कूल में 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था का गई है। इससे शिक्षकों की संख्या अब 3 से बढ़कर 7 होने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही नए प्राचार्य की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कॉमर्स विषय के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।

छात्रों की मांग अभी पूरी तरह पूरी नहीं
हालांकि विद्यार्थियों ने स्कूल में कुल 17 शिक्षकों की व्यवस्था की मांग रखी थी। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विरोध करना नहीं, बल्कि सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से सुनिश्चित कराना है। फिलहाल मंत्री के आश्वासन और शुरुआती शिक्षक व्यवस्था के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है। अब विद्यार्थियों को उम्मीद है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी जल्द पूरी होगी और पढ़ाई पटरी पर लौटेगी।

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक : दुर्ग-भिलाई में दो नए मरीज मिले, अब तक 3 केस, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक : दुर्ग-भिलाई में दो नए मरीज मिले, अब तक 3 केस, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दुर्ग और भिलाई में स्वाइन फ्लू के दो नए मरीज मिलने से चिंता बढ़ी है। दोनों मरीजों की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इससे पहले दुर्ग में करीब तीन साल की बच्ची में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। ताजा जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के तीन मरीज सामने आ चुके हैं।

इनमें से एक मरीज का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ा दी है। बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण का अधिक जोखिम होने के कारण विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में कितने मामले?
25 अगस्त की उपलब्ध रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में दो पुष्ट H1N1 मामले बताए गए थे—एक रायपुर और एक दुर्ग में। इसके बाद 26 अगस्त को दुर्ग-भिलाई में दो नए मरीज सामने आने की रिपोर्ट है। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है, इसलिए राज्य का आधिकारिक कुल आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की ताजा बुलेटिन से ही निश्चित माना जाना चाहिए।

कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू H1N1 वायरस से होने वाला इन्फ्लूएंजा संक्रमण है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद बिना हाथ धोए नाक, मुंह या आंखों को छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।

क्या हैं इसके लक्षण?
स्वाइन फ्लू में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। हालांकि केवल इन लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं की जा सकती; जांच के बाद ही संक्रमण की पुष्टि होती है।

बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
डॉक्टरों के मुताबिक छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर इम्युनिटी या पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखने, हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग की अपील है कि बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और चिकित्सकीय सलाह लें। वहीं, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने की भी सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ BJP में संगठनात्मक नियुक्तियां : 15 नगरीय निकायों के लिए प्रभारी-सहप्रभारियों की सूची जारी

छत्तीसगढ़ BJP में संगठनात्मक नियुक्तियां : 15 नगरीय निकायों के लिए प्रभारी-सहप्रभारियों की सूची जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक नियुक्तियों का ऐलान किया है। बीजेपी ने राज्य के सभी 15 नगरीय निकायों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की घोषणा कर दी है।

प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी नवीन मारकंडेय ने प्रभारी और सह-प्रभारियों की सूची जारी की है। पार्टी की ओर से यह जिम्मेदारी संगठन को नगरीय निकाय स्तर पर और मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से दी गई है। बीजेपी ने सभी 15 नगरीय निकायों के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

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संगठनात्मक गतिविधियों को मिलेगी मदद 
माना जा रहा है कि प्रभारी और सह-प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के समन्वय और पार्टी के कार्यक्रमों को गति देने का काम करेंगे। पार्टी नेतृत्व ने नगरीय निकाय स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने पर जोर दिया है। नई जिम्मेदारियों के साथ अब संबंधित प्रभारी और सह-प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।

विष्णु भैया का प्यार : महतारी वंदन योजना से मिला उपहार

विष्णु भैया का प्यार : महतारी वंदन योजना से मिला उपहार

 00 रक्षाबंधन पर 31वीं किस्त पाकर पदमनी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर। एमसीबी जिले की पदमनी ने रक्षाबंधन के पहले महतारी वंदन योजना की एक हजार रुपये मिलने पर मुख्यमंत्री मंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार जताया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में 631 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम नागपुर निवासी पदमनी वैष्णव भी इस सौगात से बेहद खुश हैं।पदमनी वैष्णव ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्योहार मनाएंगी।

उन्होंने कहा कि समय से पहले इस राशि का मिलना हम महिलाओं के लिए बेहद खुशी की बात है। त्योहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है।

पदमनी वैष्णव ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से बहनों के त्योहार की खुशियां और बढ़ी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

 00 मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की

00 प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार : साय

00 रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन
00 तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा, अब तक 10 हजार श्रद्धालु हुए लाभान्वित

00 एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा
00 बलरामपुर - रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोडऩे की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढिय़ों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान के अंतर्गत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, आईजी श्री दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

बेटियों की खुशहाली और उनके चेहरे की मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद - सीएम साय

बेटियों की खुशहाली और उनके चेहरे की मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद - सीएम साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बेटियों की खुशहाली और उनके चेहरे की मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले, आगे बढऩे का हौसला मिले और आत्मनिर्भर भविष्य के लिए हर जरूरी संबल मिले। बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी सफलता की नई कहानी लिखें - इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

5 सितंबर से प्रदेश के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे शिक्षा मंत्री यादव

5 सितंबर से प्रदेश के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे शिक्षा मंत्री यादव

 रायपुर। शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर से स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव निकलने वाले है। इस दौरान यदि स्कूलों की व्यवस्था ठीक नहीं मिली तो स्कूल प्रबंधकों को फटकार लगाने के साथ ही वे उन पर एक्शन भी ले सकते है। यादव ने कहा कि स्कूल घर की तरह है, वहां यदि कोई समस्या है तो उसमें सुधार करें। इस दौरान जेडी, डीईओ और बीईओ को दी चेतावनी दी कि 10 दिन का समय दिया जा रहा है सब सुधार लें। निरीक्षण के दौरान यदि व्यवस्था ठीक नहीं मिली तो किसी की खैर नहीं होगी। 

रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांध सकेंगी बहनें, सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक प्रवेश, दिशा-निर्देश जारी

रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांध सकेंगी बहनें, सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक प्रवेश, दिशा-निर्देश जारी

 रायपुर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों को राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जेल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 28 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल बहनों को ही बंदियों से मिलने और राखी बांधने केलिए जेल के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी।

जेल में प्रवेश और मुलाकात के लिए दिशा-निर्देश जारी

मुलाकात के लिए आने वाली बहनों के पास वैध पहचान-पत्र होना आवश्यक है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा कारणों से एक बंदी से मिलने और राखी बांधने के लिए अधिकतम 3 बहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बहनों को प्रति बंदी केवल 100 ग्राम मिठाई ले जाने की छूट होगी, जिसकी पहले जांच की जाएगी। मिठाई के अलावा अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मोबाइल, पर्स, नकदी और किसी भी प्रकार का कीमती सामान जेल के भीतर ले जाना सख्त मना है। जेल परिसर में इन्हें जमा कराने की कोई व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि वे ये सामान साथ न लाएं।

सुरक्षा के दृष्टिगत जेल प्रवेश से पहले महिला कर्मचारियों द्वारा तीन स्तरों पर तलाशी ली जा सकती है। केन्द्रीय जेल अधीक्षक ने सभी परिजनों से व्यवस्था बनाए रखने और तलाशी प्रक्रिया में जेल प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।