CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |
CG : दीपावली से पहले करंट हादसे ने उजाड़ा परिवार, पति और बेटे के बाद पत्नी की भी मौत

CG : दीपावली से पहले करंट हादसे ने उजाड़ा परिवार, पति और बेटे के बाद पत्नी की भी मौत

 बलौदाबाजार।  घर में सफाई के दौरान हुए दर्दनाक करंट हादसे में घायल वर्षा गुप्ता की भी शनिवार, 7 नवंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई। वह रायपुर के एक निजी अस्पताल में उपचाररत थीं। इस हादसे में पहले ही उनके पति और प्रतिष्ठित कपड़ा कारोबारी राकेश गुप्ता तथा 22 वर्षीय बेटे मोनू गुप्ता की जान जा चुकी थी। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से बलौदाबाजार में शोक का माहौल है।

सफाई के दौरान हुआ था हादसा

जानकारी के मुताबिक, घर में सफाई के दौरान लोहे के पाइप में करंट प्रवाहित हो गया था। इसकी चपेट में राकेश गुप्ता, उनकी पत्नी वर्षा गुप्ता और बेटा मोनू गुप्ता आ गए थे। बताया जा रहा है कि एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में तीनों करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए थे।

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से शोक

हादसे के बाद तीनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया था। शुक्रवार को राकेश गुप्ता और उनके बेटे मोनू गुप्ता का निधन हो गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल वर्षा गुप्ता ने शनिवार दोपहर रायपुर के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक ही परिवार के तीन लोगों की असमय मौत से शहरवासी स्तब्ध हैं। कारोबारी जगत में भी शोक व्याप्त है।

 
CG- नौकरी का बड़ा मौका! छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में इतने पदों पर भर्ती, ऑनलाइन फॉर्म भरना शुरू……

CG- नौकरी का बड़ा मौका! छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी में इतने पदों पर भर्ती, ऑनलाइन फॉर्म भरना शुरू……

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की तीनों कंपनियों (जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन) में बड़े पैमाने पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा 38 अलग-अलग श्रेणियों में कुल 1,501 रिक्त पदों के लिए विस्तृत भर्ती विज्ञापन जारी किया गया है।इस भर्ती अभियान में द्वितीय श्रेणी के 195 पद तथा तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 1,306 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 की शाम 8 बजे से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 26 नवंबर 2026 की रात 11.55 बजे तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन व परीक्षा शुल्क जमा कर सकते हैं।

भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें

तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी ही आवेदन करने के पात्र होंगे। हर पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा एवं अन्य पात्रता संबंधी विस्तृत जानकारी भर्ती विज्ञापन में दी गई है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 6 नवंबर 2026 को शाम 8 बजे से प्रारंभ की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 26 नवंबर 2026 की रात 11.55 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क भी इसी तिथि और समय तक नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड अथवा यूपीआई के माध्यम से जमा किया जा सकेगा।

प्रमुख पदों का विवरण

कुल 1,501 पदों में सबसे अधिक संख्या डाटा एंट्री ऑपरेटर (609 पद) और कनिष्ठ अभियंता (167 पद – इलेक्ट्रिकल) की है।

1. इंजीनियरिंग एवं तकनीकी पद

सहायक अभियंता – इलेक्ट्रिकल (92), मैकेनिकल (26), सिविल (20), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन (10), कंप्यूटर साइंस (2), सूचना प्रौद्योगिकी (2)।

कनिष्ठ अभियंता – इलेक्ट्रिकल (167 पद — जनरेशन- 11, ट्रांसमिशन- 32, डिस्ट्रीब्यूशन- 124), सिविल (26), मैकेनिकल (12), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन (9), कंप्यूटर साइंस (1), सूचना प्रौद्योगिकी (1) प्रोग्रामर – 3 पद।

2. डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) — कुल 609 पद

डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी- 450 पद

जनरेशन कंपनी- 95 पद

ट्रांसमिशन कंपनी- 64 पद

3. प्लांट अटेंडेंट ग्रेड-III एवं तकनीकी स्टाफ

अटेंडेंट (प्लांट) ग्रेड-III इलेक्ट्रीशियन (90), फिटर (84), इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक (45), इलेक्ट्रॉनिक्स (45), टर्नर (36)।

4. सुरक्षा एवं अग्निशमन पद

फायर ऑफिसर (1), सब फायर ऑफिसर (6), फायर अटेंडेंट ग्रेड-II (45), सुरक्षा अधिकारी (3), सुरक्षा निरीक्षक (10), सुरक्षा उप निरीक्षक (19)।

5. मेडिकल, फाइनेंस एवं अन्य प्रशासकीय पद

चिकित्सा और स्वास्थ्य

सहायक फार्मासिस्ट (25), सहायक स्टाफ नर्स (18), चिकित्सा अधिकारी (15), सहायक लैब तकनीशियन (6), सहायक ड्रेसर (5), सहायक रेडियोग्राफर (3), सहायक ईसीजी तकनीशियन (3)।

प्रशासनिक और लेखा

लेखा अधिकारी / सहायक प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) (15), आशुलिपिक / स्टेनोग्राफर ग्रेड-III (अंग्रेजी: 12, हिंदी: 13), सहायक विधि अधिकारी (8), सहायक औद्योगिक संबंध अधिकारी (8), शिफ्ट केमिस्ट (6)।

ब्रेकिंग : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विशेष सहायक को हटाया, ब्रजेश वाजपेयी की नई पदस्थापना, देखिए आदेश…

ब्रेकिंग : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विशेष सहायक को हटाया, ब्रजेश वाजपेयी की नई पदस्थापना, देखिए आदेश…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में इन दिनों प्रशासनिक फेरबदल और तबादलों को लेकर हलचल तेज है। इसी बीच एक और महत्वपूर्ण आदेश सामने आया है। राज्य शासन ने उप संचालक ब्रजेश कुमार वाजपेयी को स्कूल शिक्षा मंत्री की निजी स्थापना से कार्यमुक्त कर दिया है। उन्हें अब राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), शंकर नगर, रायपुर में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

29 अक्टूबर 2026 को स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन से जारी इस आदेश के बाद विभागीय गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। शिक्षकों के तबादलों को लेकर चल रही हलचल के बीच मंत्री की निजी स्थापना से एक अधिकारी को हटाए जाने को भी लोग अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कुछ चर्चाओं में इसे तबादला विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि शासन के आदेश में ऐसी किसी वजह का उल्लेख नहीं किया गया है।

जारी आदेश के मुताबिक, ब्रजेश कुमार वाजपेयी राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा में उप संचालक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें पूर्व में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग तथा विधायी कार्य विभाग के मंत्री की निजी स्थापना में विभागीय कार्यों के संपादन के लिए आदेशित किया गया था।

अब राज्य शासन ने उन्हें मंत्री की निजी स्थापना से कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद उनकी सेवाएं प्रतिनियुक्ति पर लेते हुए नई पदस्थापना की गई है।

शासन के आदेश के अनुसार, ब्रजेश कुमार वाजपेयी को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), शंकर नगर, रायपुर में उप संचालक के पद पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। उनकी यह पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।नक्शे देखें

स्कूल शिक्षा विभाग में पिछले कुछ समय से शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर चर्चाएं बनी हुई हैं। इसी माहौल के बीच मंत्री की निजी स्थापना से ब्रजेश वाजपेयी को कार्यमुक्त किए जाने के फैसले ने प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है।

विभागीय गलियारों में कुछ लोग इस घटनाक्रम को तबादला विवाद से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी निजी स्थापना से कार्यमुक्ति का तबादला विवाद से कोई सीधा संबंध है या यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में ब्रजेश कुमार वाजपेयी को मंत्री की निजी स्थापना से कार्यमुक्त कर SCERT रायपुर में उप संचालक के रूप में पदस्थ करने का स्पष्ट उल्लेख है। आदेश में कार्यमुक्त किए जाने के पीछे किसी विवाद या अन्य कारण का उल्लेख नहीं किया गया है।नक्शे देखें

फिलहाल इस प्रशासनिक बदलाव को लेकर विभागीय स्तर पर चर्चाएं जारी हैं। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में स्कूल शिक्षा विभाग में तबादलों और प्रशासनिक फेरबदल को लेकर और क्या फैसले सामने आते हैं।

ब्रेकिंग : धान खरीदी में बड़ी गड़बड़ी पर एक्शन, 9 केंद्र प्रभारी बर्खास्त, 4 कर्मचारियों से होगी लाखों की वसूली…..

ब्रेकिंग : धान खरीदी में बड़ी गड़बड़ी पर एक्शन, 9 केंद्र प्रभारी बर्खास्त, 4 कर्मचारियों से होगी लाखों की वसूली…..

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी में गड़बड़ी और अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन केंद्रों में अप्रत्याशित कमी और अनियमितताएं पाए जाने पर 13 कर्मचारियों पर गाज गिरी है। इनमें 9 केंद्र प्रभारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि 4 अन्य कर्मचारियों से वसूली की कार्रवाई की जा रही है। इतना ही नहीं, प्रशासन ने सभी 13 कर्मचारियों को इस साल की धान खरीदी प्रक्रिया से भी बाहर कर दिया है। कार्रवाई की जद में मनोहरा, केसली, कामता, निपनिया, बिटकुली, खैरा, सिंगारपुर, कर्मदा, छेरकापुर, खरतोरा, करहीबाजार और मोहभट्टा समेत 13 उपार्जन केंद्रों के कर्मचारी आए हैं।

15 नवंबर से 181 केंद्रों में शुरू होगी धान खरीदी

जिले में आगामी 15 नवंबर से 181 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासन ने व्यवस्था को दुरुस्त करने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में लापरवाही, अनियमितता या किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

किसानों को पारदर्शी खरीदी व्यवस्था का इंतजार

पिछले खरीफ विपणन वर्ष में उपार्जन केंद्रों में सामने आई अनियमितताओं के बाद इस बार प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है। अब देखना होगा कि 181 केंद्रों में शुरू होने वाली धान खरीदी कितनी पारदर्शी और व्यवस्थित रहती है।

किसानों को उम्मीद है कि इस बार उन्हें धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और उनकी उपज की खरीदी निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर होगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत मिला है कि धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों पर अब सख्ती बरती जाएगी।

मां-बेटे की संदिग्ध मौत : एक की फर्स पर तो दूसरे की बिस्तर पर मिली लाश, 4 दिन से कमरे में बंद थे शव, बदबू आने पर खुला राज…

मां-बेटे की संदिग्ध मौत : एक की फर्स पर तो दूसरे की बिस्तर पर मिली लाश, 4 दिन से कमरे में बंद थे शव, बदबू आने पर खुला राज…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किराए के मकान के अंदर मां-बेटे की लाश मिलने से सनसनी फैल गई है। एक का शव फर्स और दूसरे की लाश बिस्तर पर पड़ी थी। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस और एफएसएल की टीम पहुंची है और मामले की जांच की जा रही है।छोटा अशोक नगर स्थित मकान में 52 वर्षीय जय जी देशमुख और उनके 25 वर्षीय बेटे हंसमुख के शव मिले हैं। दोनों पिछले करीब चार साल से यहां किराये पर रह रहे थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मां-बेटे पिछले तीन से चार दिनों से आसपास के लोगों को दिखाई नहीं दिए थे। कमरे से बदबू आने पर मामले का खुलासा हुआ।

जानकारी के मुताबिक, मां-बेटे के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और अंदर से बदबू आने की सूचना मिलने पर गुढ़ियारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो कमरे में दोनों के शव मिले।

पुलिस को कमरे के अंदर महिला का शव फर्श पर मिला, जबकि बेटे का शव बिस्तर पर पड़ा था। दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है।

मिली जानकारी के अनुसार, जय जी देशमुख ऑनलाइन टीचिंग का काम करती थीं। वहीं, उनका बेटा हंसमुख लंबे समय से बीमार था और उसका इलाज चल रहा था। दोनों के पिछले कुछ दिनों से बाहर नहीं दिखने के बाद भी किसी को उनकी स्थिति की जानकारी नहीं थी।

घटना की सूचना के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने कमरे की जांच कर जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। गुढ़ियारी थाना पुलिस मौके पर मौजूद है और मामले की जांच कर रही है।

फिलहाल मां-बेटे की मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

CG- पति को खा जाएगी बुरी आत्मा! तांत्रिक की डरावनी बातों में फंसी महिला, फिर जो हुआ…..

CG- पति को खा जाएगी बुरी आत्मा! तांत्रिक की डरावनी बातों में फंसी महिला, फिर जो हुआ…..

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अंधविश्वास के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कथित तांत्रिक ने महिला को घर में बुरी आत्मा का साया होने और उसके पति की जान को खतरा होने का डर दिखाया। इसके बाद पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान कराने के नाम पर महिला से 24 लाख 35 हजार 400 रुपये ऐंठ लिए। मामले में महिला ने मनीष महाराज उर्फ नंदी महाराज के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

जानिए पूरा मामला

ग्राम करगीखुर्द के छटनटिकरा निवासी मायावती कंवर (38 वर्ष) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जून 2026 में एक व्यक्ति उनके गांव पहुंचा था। उसने खुद को बाबा नंदी महाराज उर्फ मनीष महाराज बताते हुए महिला और उसके परिवार को डराया कि उसके परिवार पर किसी बुरी आत्मा का प्रभाव है और दावा किया, कुछ ही दिनों में उसके पति की मृत्यु हो सकती है। इससे परिवार भयभीत हो गया। आरोपी ने पूजा-पाठ और अनुष्ठान के जरिए समस्या दूर करने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में 1600 रुपये नकद लिए।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा ने बताया कि पीड़िता लिखित की शिकायत पर मोबाइल धारक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पीड़िता ने पुलिस से आरोपी के मोबाइल नंबर, यूपीआई, बैंक खातों और कॉल डिटेल सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच करने की मांग की है। साथ ही मंडला में रकम सौंपने के दौरान मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने और ठगी गई राशि की बरामदगी के लिए संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराने की मांग की है।

शिकायत के मुताबिक, इसके बाद आरोपी फोन के माध्यम से लगातार संपर्क कर पूजा-पाठ के नाम पर रकम मांगता रहा। महिला ने परिचितों और रिश्तेदारों के माध्यम से अलग-अलग तारीखों में कुल 33,800 रुपये ऑनलाइन भुगतान किए। इसके बाद 31 अक्टूबर 2026 को आरोपी ने विशेष अनुष्ठान के लिए उसे मध्यप्रदेश के मंडला जिले के ग्राम किंदारी बुलाया। महिला का आरोप है कि उसने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर तथा घर से व्यवस्था कर 24 लाख रुपये जुटाए और ग्राम किंदारी पहुंचकर आरोपी को दिया। इस दौरान राजकुमार यादव भी उसके साथ मौजूद था। महिला के अनुसार, इस तरह आरोपी को कुल 24 लाख 35 हजार 400 रुपये दिए गए।

ब्रेकिंग : तीन पटवारी तत्काल प्रभाव से हुए निलंबित, इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला….!!

ब्रेकिंग : तीन पटवारी तत्काल प्रभाव से हुए निलंबित, इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला….!!

 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में प्रशासनिक कसावट लाते हुए कलेक्टर कार्यालय (भू-अभिलेख शाखा) ने शासकीय कार्यों के प्रति गंभीर लापरवाही, उदासीनता और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की लगातार अवहेलना करने वाले तीन पटवारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के प्रावधानों के तहत इन तीनों मैदानी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इन्हें कर्तव्य पर वापसी के संबंध में नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इन्होंने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही कार्य पर लौटे। तहसीलदार पेंड्रा की अनुशंसा और अनुविभागीय अधिकारी (रा.) पेंड्रा रोड के अनुमोदन पर यह कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान इनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पेंड्रा तय किया गया है।

कमलेश तंवर पर पदीय दायित्वों के निर्वहन में लगातार गंभीर लापरवाही बरतने और शासकीय कार्यों से अनुपस्थित रहने के आरोप हैं। बार-बार कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय मरवाही निर्धारित किया गया है।

प्रभात कुमार खरे के खिलाफ शासकीय कार्यों में अनुपस्थित रहने, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने और बिना अनुमति के निर्धारित मुख्यालय एवं कार्यालय से गायब रहने के मामले में कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय भी तहसील कार्यालय मरवाही निर्धारित किया गया है।

​नियमों के तहत मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता ​प्रशासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान इन सभी तीनों पटवारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

CG : छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, इस खास कार्यक्रम में होंगे शामिल

CG : छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, इस खास कार्यक्रम में होंगे शामिल

 रायपुर।   छत्तीसगढ़ की सियासत से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर पहुंचेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद यह उनका छत्तीसगढ़ का पहला दौरा होगा। उनके प्रस्तावित दौरे को प्रदेश की  राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, नितिन नबीन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों के मौजूद रहने की संभावना है।

CM के आमंत्रण पर आएंगे छत्तीसगढ़

बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आमंत्रण पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। उनके आगमन को लेकर पार्टी संगठन में तैयारियां शुरू हो सकती हैं। धरमजयगढ़ में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय नायकों के योगदान को याद किया जाएगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहला छत्तीसगढ़ दौरा

नितिन नबीन का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद पहली बार वे छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। उनके आगमन को प्रदेश बीजेपी संगठन के लिए भी अहम माना जा रहा है। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ संगठनात्मक गतिविधियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

जनजातीय गौरव दिवस का क्या है महत्व?

देश में हर साल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाता है। यह दिन महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए जनजातीय समाज के अधिकारों और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ी थी। छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है, ऐसे में जनजातीय गौरव दिवस का विशेष महत्व है। नितिन नबीन की मौजूदगी में धरमजयगढ़ में होने वाला यह आयोजन प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। 

इस दिन बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, होटल-रेस्टोरेंट में भी नॉनवेज पर बैन; उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

इस दिन बंद रहेंगी मांस-मटन की दुकानें, होटल-रेस्टोरेंट में भी नॉनवेज पर बैन; उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

 रायपुर। राजधानी रायपुर में दिवाली के अवसर पर मांस-मटन की बिक्री और नॉनवेज परोसने पर प्रतिबंध लगाया गया है। 8 नवंबर को रायपुर नगर निगम क्षेत्र की सभी मांस-मटन की दुकानें बंद रहेंगी। इसके साथ ही होटल और रेस्टोरेंट में भी मांसाहारी भोजन परोसने की अनुमति नहीं होगी। नगर निगम के इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

दुकानों से लेकर होटल-रेस्टोरेंट तक लागू रहेगा प्रतिबंध

दिवाली के मौके पर जारी निर्देशों के अनुसार, 8 नवंबर को नगर निगम क्षेत्र में मांस और मटन की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसका दायरा केवल खुले बाजार और दुकानों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में भी नॉनवेज भोजन तैयार करने और ग्राहकों को परोसने पर रोक रहेगी।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में मांस-मटन कारोबारियों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को निर्धारित आदेश का पालन करना होगा।

रायपुर नगर निगम क्षेत्र में लागू होगा आदेश

यह प्रतिबंध रायपुर नगर निगम की सीमा में आने वाले क्षेत्रों पर लागू रहेगा। 8 नवंबर को कारोबारियों को अपनी मांस-मटन की दुकानें बंद रखनी होंगी। वहीं, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को भी इस दिन नॉनवेज व्यंजन नहीं परोसने होंगे। दिवाली के अवसर पर लागू इस प्रतिबंध को लेकर संबंधित कारोबारियों और खाद्य प्रतिष्ठानों को निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता होगी।

दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार का कहर; धनतेरस की खुशियां मातम में बदलीं, सड़क हादसे में दो की मौत

दर्दनाक हादसा: छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार का कहर; धनतेरस की खुशियां मातम में बदलीं, सड़क हादसे में दो की मौत

 बेमेतरा।  छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में धनतेरस की सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। बेमेतरा-कवर्धा मार्ग पर सतनाम चौक के पास तेज रफ्तार कार ने दो अन्य कारों और एक ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। हादसे में एक महिला और एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच हुई। बताया जा रहा है कि एक परिवार गिरौदपुरी धाम से दर्शन कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने उनकी गाड़ी समेत अन्य वाहनों को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार से जा भिड़ी।

हादसे में महिला और युवक की मौत

शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृत युवक की पहचान बेमेतरा निवासी लक्की देशलहरे के रूप में हुई है। वहीं, मृत महिला ग्राम सोड़ की निवासी बताई जा रही है। हादसे में चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

नशे में वाहन चलाने की आशंका

हादसे के बाद चालक के कथित तौर पर नशे में होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों और चालक की स्थिति की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

धनतेरस के दिन हुए इस हादसे से दो परिवारों में मातम छा गया। फिलहाल घायलों की स्थिति और दुर्घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

 
 
 
 
दिवाली पर छत्तीसगढ़ के 4,670 परिवारों को मिला पक्के मकान का तोहफा, PM आवास योजना 2.0 के तहत केंद्र ने दी मंजूरी

दिवाली पर छत्तीसगढ़ के 4,670 परिवारों को मिला पक्के मकान का तोहफा, PM आवास योजना 2.0 के तहत केंद्र ने दी मंजूरी

 रायपुर। दीपावली के त्योहार पर छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों के लिए खुशखबरी सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के 4,670 परिवारों के लिए नए पक्के मकानों को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस स्वीकृति के बाद प्रदेश में आवास निर्माण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। खास बात यह है कि नए आवास प्रदेश के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे।

27 जिलों के 84 नगरीय निकायों को मिली सौगात

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत 4,670 नए आवासों का लाभ प्रदेश के अलग-अलग नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को मिलेगा। केंद्र सरकार की मंजूरी से उन परिवारों की अपने पक्के घर का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है, जो लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

बीएलसी घटक में आवासों की संख्या बढ़कर 60,623

नई स्वीकृति के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी (लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण) घटक के तहत छत्तीसगढ़ में स्वीकृत मकानों की संख्या बढ़कर 60,623 हो गई है। इस घटक के तहत पात्र हितग्राही अपने भूखंड पर स्वयं का पक्का मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता प्राप्त करते हैं।

बीएलसी और एएचपी मिलाकर 76,086 आवास स्वीकृत

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत बीएलसी और एएचपी (किफायती आवास साझेदारी) दोनों घटकों को मिलाकर अब तक कुल 76,086 आवासों को मंजूरी मिल चुकी है। इस स्वीकृति से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद और पात्र परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के प्रयासों को गति मिलेगी। दीपावली के अवसर पर मिली यह मंजूरी हजारों परिवारों के लिए अपने घर के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ी सौगात मानी जा रही है।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ रहा आत्मविश्वास

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ रहा आत्मविश्वास

 रायपुर- महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा संचालित महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ ही उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक सुरक्षा की भावना भी बढ़ा रही है। सरगुजा जिले की महिलाएं इस सहायता राशि का उपयोग अपनी घरेलू आवश्यकताओं, आजीविका गतिविधियों और परिवार की खुशियों के लिए कर रही हैं। ऐसी ही एक हितग्राही हैं अम्बिकापुर जनपद पंचायत कार्यालय में छोटी सी कैंटीन संचालित करने वाली  रानी सिंह, जिनके लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल का माध्यम बनी है।

छोटी सी कैंटीन से परिवार की जिम्मेदारी, महतारी वंदन से मिला अतिरिक्त सहारा

 रानी सिंह अम्बिकापुर जनपद पंचायत कार्यालय में कैंटीन संचालित कर अपनी आजीविका अर्जित करती हैं। कैंटीन के माध्यम से होने वाली आमदनी से वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। ऐसे में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए अतिरिक्त सहारा साबित हो रही है। इस राशि से उन्हें अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और त्योहारों से जुड़े छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

रानी सिंह बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिलना एक बड़ी राहत है। इससे महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। अपनी जरूरत के अनुसार राशि खर्च करने की सुविधा से महिलाओं में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

दीपावली से पहले खाते में आई राशि, लक्ष्मी पूजा की तैयारियों को लेकर दिखी खुशी

महतारी वंदन योजना की सहायता राशि मिलने पर रानी सिंह ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि दीपावली से पहले राशि प्राप्त होने से वे इस बार लक्ष्मी पूजा अच्छी तरह मना सकेंगी। पूजा के लिए दीये, बाती और अन्य आवश्यक सामग्री की खरीदी में इस राशि का उपयोग करेंगी।

उन्होंने भावुक होकर कहा, महतारी वंदन योजना से हर महीने आर्थिक सहायता मिल रही है। दीपावली से पहले ही मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने हमारे खाते में पैसा भेज दिया, जिससे मैं बहुत खुश हूं। इस बार लक्ष्मी पूजा अच्छे से मनाऊंगी। दीया-बाती और पूजा की जरूरी सामग्री खरीदूंगी। सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि अब इन छोटी-छोटी जरूरतों के लिए मुझे किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

हर महीने मिलने वाली सहायता से महिलाओं का बढ़ रहा आत्मविश्वास

 रानी सिंह का कहना है कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि उनके आत्मसम्मान और स्वावलंबन को मजबूत करने वाली पहल है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर पा रही हैं। इससे उन्हें परिवार की जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी सहयोग मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महिलाओं की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दी जा रही सहायता से महिलाओं में खुशी है। छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी अपने पास राशि उपलब्ध होना महिलाओं को आत्मनिर्भरता का एहसास कराता है।

महतारी वंदन योजना के माध्यम से राज्य शासन महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि महिलाओं को अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ ही छोटे-छोटे आर्थिक निर्णय स्वयं लेने में सक्षम बना रही है।

CG बाल संप्रेक्षण गृह के बाहर दिनदहाड़े कत्ल, युवक को चाकुओं से गोदा, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

CG बाल संप्रेक्षण गृह के बाहर दिनदहाड़े कत्ल, युवक को चाकुओं से गोदा, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम

 रायपुर। राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र में बाल संप्रेक्षण गृह के ठीक बाहर दिनदहाड़े हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां 18 वर्षीय युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि तीन महीने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए तीन नाबालिगों ने इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पुलिस ने तीनों अपचारी बालकों को हिरासत में ले लिया है।

मिली जानकारी केे अनुसार, मृतक की पहचान अश्विनी नगर के निवासी 18 वर्षीय सावन सेन के रूप में हुई है। बुधवार शाम करीब 4 बजे सावन अपने परिवार के 6 सदस्यों के साथ माना स्थित बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचा था। वहां हत्या के एक पुराने मामले में निरुद्ध अपचारी से मुलाकात के बाद जैसे ही वह मुख्य द्वार से बाहर निकला, पहले से घात लगाकर बैठे तीन नाबालिगों ने उसे घेर लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, तीनों ने सावन पर चाकू से दनादन वार कर दिए। अचानक हुए इस खूनी हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और माना थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल सावन को मेकाहारा अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में हिरासत में लिए गए तीनों नाबालिगों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि, करीब तीन महीने पहले पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में सावन ने उनमें से एक पर चाकू से हमला किया था। उसी रंजिश के चलते उन्होंने सावन की हत्या की साजिश रची थी। बुधवार को जैसे ही उन्हें सूचना मिली कि, सावन माना संप्रेक्षण गृह जा रहा है, तीनों वहां पहुंचे और वारदात को अंजाम दे दिया। तीनों आरोपी सरस्वती नगर थाना क्षेत्र की देवार बस्ती के रहने वाले हैं।

माना थाना पुलिस ने तीनों अपचारी बालकों को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस वारदात में इस्तेमाल चाकू की बरामद कर लिया है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

CG- आपत्तिजनक हालत में पत्नी को देख पति ने खोया आपा, नाबालिग को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, पत्नी की हालत नाजुक…..

CG- आपत्तिजनक हालत में पत्नी को देख पति ने खोया आपा, नाबालिग को पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, पत्नी की हालत नाजुक…..

 सरगुजा। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम डीपाडीह में पत्नी को नाबालिग के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखकर पति ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में युवक ने दोनों की बेरहमी से पिटाई कर दी। गंभीर हालत में दोनों को शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान नाबालिग ने दम तोड़ दिया, जबकि पत्नी की हालत नाजुक बताई जा रही है। मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र का है।

पढ़िए क्या है मामला?

ग्राम डीपाडीह जम्होर में गजेंद्र पैकरा के घर आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नाबालिग पंकज पैकरा (15 वर्ष) अपनी मां ललिता पैकरा के साथ पहुंचा था। 04 नवंबर बुधवार को सुबह करीब 10 बजे गजेंद्र पैकरा कहीं से अपने घर पहुंचा तो उसने घर में पंकज को अपनी पत्नी के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया।

दोनों को आपत्तिजनक अवस्था में देखकर गजेंद्र पैकरा ने डंडे से पंकज पैकरा एवं अपनी पत्नी की बेदम पिटाई कर दी। दोनों मौके पर बेहोश हो गए। मामले की जानकारी मिलने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने एंबुलेंस बुलाकर दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ भेजा।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ से दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। दोनों को यहां बुधवार शाम को एडमिट किया गया। इलाज के दौरान देर रात नाबालिग पंकज पैकरा की मौत हो गई। महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।

सूचना पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम किया और शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। अंबिकापुर पुलिस ने मर्ग डायरी बलरामपुर पुलिस को भेज दी है।

CG- मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के लिए बड़ी खबर, सरकारी कॉलेजों में 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

CG- मेडिकल की पढ़ाई करने वालों के लिए बड़ी खबर, सरकारी कॉलेजों में 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देखरेख क्षेत्र के 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ हो गया है। इनमें तीन डिप्लोमा और आठ स्नातक पाठ्यक्रम शामिल हैं। प्रवेश संबंधी जानकारी के लिए अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://cgdme.in का अवलोकन कर सकते हैं।

डिप्लोमा स्तर पर एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, डायलिसिस टेक्नोलॉजी तथा मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम शामिल हैं। स्नातक स्तर पर बैचलर ऑफ फिजिशियन एसोसिएट्स, बैचलर ऑफ साइंस हेल्थ इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ मेडिकल रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी, बैचलर्स ऑफ डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी, बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री तथा बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी साइंस शामिल हैं।

इनके माध्यम से विद्यार्थी चिकित्सा सेवाओं से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यक्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। प्रमुख कार्यक्षेत्रों में रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग, चिकित्सा प्रयोगशाला, एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस तथा ऑप्टोमेट्री शामिल हैं।

रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग का कार्यक्षेत्र एक्स-रे, सीटी और एमआरआई जाँच सेवाओं से जुडे क्षेत्र में रोजगार के द्वार खुलेंगे। चिकित्सा प्रयोगशाला का कार्यक्षेत्र पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं, रक्त बैंकों और शोध प्रयोगशालाओं तक विस्तृत है। इसी प्रकार एनेस्थीसिया एवं ऑपरेशन थिएटर से संबंधित भूमिकाएँ शल्य कक्ष, गहन चिकित्सा इकाई और आपातकालीन विभाग में होती हैं। डायलिसिस का कार्यक्षेत्र डायलिसिस इकाइयों एवं गुर्दा रोग विभाग तथा ऑप्टोमेट्री का कार्यक्षेत्र नेत्र अस्पतालों, दृष्टि जाँच केंद्रों में रोजगार की संभावना होगी ।

आवेदन जमा करने अथवा शुल्क का भुगतान करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक प्रवेश सूचनाओं का अवलोकन करने के लिए कहा गया है। प्रवेश की विस्तृत शर्तों और प्रक्रिया की प्रामाणिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी अधिसूचनाओं से प्राप्त की जा सकती है।

CG- 5 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती परीक्षा का नया शेड्यूल जारी, अब इस तारीख को होगा एग्जाम, देखें पूरा टाइम टेबल…..

CG- 5 हजार शिक्षक पदों पर भर्ती परीक्षा का नया शेड्यूल जारी, अब इस तारीख को होगा एग्जाम, देखें पूरा टाइम टेबल…..

रायपुर। अगर आप भी छत्तीसगढ़ से हैं और आप भी सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 5,000 नियमित पदों पर होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की नई तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। सहायक शिक्षक और शिक्षक भर्ती परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाकर दिसंबर कर दी गई है। वहीं व्याख्याता भर्ती परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 29 नवंबर को होगी।

परीक्षा शेड्यूल जारी

दरअसल, दिव्यांग अभ्यर्थियों (दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग मुक्त और माइल्ड एएसडी) द्वारा दायर याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट के 9 अक्टूबर 2026 के निर्देशानुसार चयन मंडल ने इन्हें दोबारा ऑनलाइन आवेदन का अवसर दिया था, जिसके चलते परीक्षा शेड्यूल में संशोधन करना पड़ा है।

अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए मिला समय

परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव के चलते अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है। लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार, नियमित भर्ती के तहत व्याख्याता के 854, शिक्षक के 1,654, सहायक शिक्षक के 2,292 और सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के 200 पद शामिल हैं। गौरतलब है कि सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा पहले 11 अक्टूबर और शिक्षक भर्ती परीक्षा 25 अक्टूबर को प्रस्तावित थी। अब दोनों परीक्षाओं की तारीख दिसंबर में निर्धारित की गई है।

दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए बढ़ाया अवसर

भर्ती परीक्षा के शेड्यूल में बदलाव के पीछे एक बड़ी वजह है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को आवेदन का समान अवसर देना। दरअसल, दिव्यांगता की कुछ श्रेणियों के उम्मीदवार पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद 9 अक्टूबर 2026 को कोर्ट ने आदेश जारी किया। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अब दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, सेरेब्रल पाल्सी, कुष्ठ रोग से मुक्त और माइल्ड एएसडी समेत अन्य श्रेणियों के अभ्यर्थियों को भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इसके लिए चयन मंडल ने 15 से 30 अक्टूबर तक दोबारा ऑनलाइन आवेदन करने का मौका दिया था।

यह रहेगा नया परीक्षा कार्यक्रम

व्याख्याता भर्ती: 29 नवंबर 2026 को सुबह 10 से दोपहर 12:15 बजे तक पांच संभागीय मुख्यालयों में परीक्षा होगी।

सहायक शिक्षक भर्ती: छह दिसंबर 2026 को प्रदेश के 16 जिला मुख्यालयों में परीक्षा आयोजित की जाएगी।

शिक्षक भर्ती: 20 दिसंबर 2026 को 16 जिला मुख्यालयों में परीक्षा होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय गुरुजी कोर्सेवाड़ा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय गुरुजी कोर्सेवाड़ा को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 - अहिवारा के शासकीय महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर करने की घोषणा

दुर्ग, 05 नवम्बर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज दुर्ग जिले के भिलाई-3 स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय पहुंचकर छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले मृदुभाषी, मिलनसार एवं अनुभवी व्यक्तित्व के धनी अहिवारा के विधायक स्वर्गीय  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा को पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश एवं क्षेत्र के विकास तथा अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय योगदान को याद किया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय  कोर्सेवाड़ा का निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके द्वारा समाज और प्रदेश के विकास के लिए किए गए कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय  कोर्सेवाड़ा को उनके वास्तविक नाम से अधिक लोग गुरुजी के नाम से ज्यादा जानते थे। उनका सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पण उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाता था। मुख्यमंत्री ने उनके साथ जुड़े आत्मीय प्रसंग को साझा करते हुए बताया कि जब स्वर्गीय  कोर्सेवाड़ा हैदराबाद में उपचार के लिए भर्ती थे, तब उन्होंने स्वयं फोन कर उनका हाल-चाल जाना था तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल को भी उनका हाल जानने के लिए हैदराबाद जाने के निर्देश दिए थे।

मुख्यमंत्री  साय ने आगे कहा कि अनुसूचित जाति के विकास, उत्थान और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए स्वर्गीयकोर्सेवाड़ा द्वारा किए गए कार्य ऐतिहासिक हैं। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने अहिवारा स्थित शासकीय महाविद्यालय का नामकरण स्वर्गीय  डोमन लाल कोर्सेवाड़ा के नाम पर किए जाने की घोषणा की।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री  गजेन्द्र यादव, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास  गुरु खुशवंत साहब, रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल एवं जगदलपुर के विधायक  किरण देव ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। उन्होंने स्वर्गीय  कोर्सेवाडा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाले। साथ ही अपनी भावभीनी श्रद्धांजली अर्पित की।

श्रद्धांजली सभा में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण व अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर, जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष कीर्ति नायक, कलेक्टर अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश के दूर-दराज से पहुंचे जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित थे।

लोकतंत्र को कमजोर करने और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ भाजपा ने निकाली लोकतंत्र बचाओ - अराजकता हटाओ पदयात्रा

लोकतंत्र को कमजोर करने और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ भाजपा ने निकाली लोकतंत्र बचाओ - अराजकता हटाओ पदयात्रा

 00 भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश, लोकतंत्र की जननी है हमारा देश : साय

रायपुर। भाजपा रायपुर जिला द्वारा आज राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में आयोजित लोकतंत्र बचाओ - अराजकता हटाओ पदयात्रा एवं विशाल रैली 10,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। रैली विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम के विरोध में निकाली गई, जिसमें रायपुर शहर की जनता आक्रोशित नजर आई और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की। विपक्ष द्वारा लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम पूरी तरह झूठा और जनता को गुमराह करने वाला है। जनता अब विपक्ष के इस भ्रमजाल में आने वाली नहीं है, क्योंकि देश की जनता जानती है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित है और संविधान की रक्षा के लिए भाजपा पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस और आईएनडीआई गठबंधन के लोग सरकार में बैठने और प्रधानमंत्री बनने की लालसा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विरोध करते-करते अब पूरे देश का विरोध करने पर उतारू हो गए हैं और देश में अराजकता फैलाकर जनता द्वारा चुनी हुई सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लोकतंत्र की जननी है, दुनिया के सभी देश हमारे लोकतंत्र की सराहना करते हैं। उन्होंने कहा कि जब ये चुनाव हार जाते हैं तो कभी ईवीएम में दोष लगाते हैं, कभी चुनाव आयोग में दोष लगाते हैं। जब जीत जाते हैं तो वही चुनाव आयोग उन्हें अच्छा लगने लगता है। कांग्रेस का यही दोहरा चरित्र उसकी हताशा को दर्शाता है।

साय ने कहा कि कांग्रेस और आईएनडीआई गठबंधन के लोग भाजपा-एनडीए के ऊपर वोट चोरी और लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हैं, जबकि खुद कांग्रेस का इतिहास ही लोकतंत्र की हत्या का इतिहास है। उन्होंने कहा कि मैं आपको बताना चाहता हूँ, जब देश आजाद हुआ और प्रधानमंत्री चुनने की बात आई, उस समय कांग्रेस के 12 नेता सरदार वल्लभभाई पटेल जी के पक्ष में थे। पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के पक्ष में एक भी नेता नहीं था। इसके बावजूद पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को प्रधानमंत्री बना दिया गया। तो असली वोट चोर कौन हुआ? वोट चोर कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा जी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में और हर जिला-जिला में लोकतंत्र बचाओ - अराजकता हटाओ पदयात्रा का आयोजन हो रहा है, ताकि जनता के सामने कांग्रेस की अराजक मानसिकता का सच लाया जा सके।

148 करोड़ जनता लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए सजग खड़ी है - देव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि आज रायपुर की इस पावन भूमि पर लोकतंत्र बचाओ - अराजकता हटाओ पदयात्रा का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा का महाअभियान है। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक दल अपने अस्तित्व के संकट से गुजर रहा है। आजादी के बाद जिस दल का पूरे देश में शासन हुआ करता था, आज वह गिने-चुने तीन-चार राज्यों में ही सिमट कर रह गया है। जनविरोधी नीतियां और देशविरोधी सोच आज उस दल का आवश्यक अंग बन चुकी हैं। लेकिन भारत में लोकतंत्र की जड़ें अत्यंत मजबूत हैं, यहां 148 करोड़ जनता लोकतंत्र, संविधान और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए सजग खड़ी है। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव हार जाती है तो कभी ईवीएम में दोष लगाती है, कभी चुनाव आयोग में दोष लगाती है, लेकिन जब जीत जाती है तो वही चुनाव आयोग उसे अच्छा लगने लगता है, यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है और यही उसकी हताशा को दर्शाता है, जबकि देश की जनता ने जनविरोधी और देशविरोधी राजनीति को हमेशा नकारा है और आगे भी नकारेगी।

कुछ तत्व विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को अस्थिर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं - बृजमोहन
भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कुछ तत्व प्रजातंत्र को संकट में डालकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत को अस्थिर करने का षड्यंत्र रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों से कुछ समूहों और नेताओं के द्वारा भारत को नेपाल बना देने, बांग्लादेश बना देने की धमकियां दी जा रही हैं। देश की जनता इस अराजक मानसिकता को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें अत्यंत मजबूत हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को देश की जनता पलकों पर बिठाकर रखती है, उन्हें अपना प्यार और समर्थन देती है। देश को अराजकता की ओर धकेलने वालों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।

 

 

 

भाजपा रायपुर जिले द्वारा आज राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ - अराजकता हटाओ रैली एवं पदयात्रा ऐतिहासिक रूप से सफल रही। यह रैली रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर एवं रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष श्याम नारंग के नेतृत्व में निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं आमजन शामिल हुए और रैली को सफल बनाया। रैली में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, महापौर मीनल चौबे, रायपुर शहर जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा, रायपुर ग्रामीण जिला प्रभारी सुरेंद्र पाटनी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता व 10 हजार से अधिक संख्या में आमजन मौजूद रहे।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 की कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक संपन्न

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 की कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक संपन्न

 रायपुर--मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 के अंतर्गत गठित कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित किए जा रहें सुधार प्रस्तावों, जोखिम-आधारित वर्गीकरण तथा ईओडीबी नियमों के चरणबद्ध क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई।   

बैठक के दौरान प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार उद्योगों एवं व्यवसायों को उनके संचालन के लिए भवनों के स्वरूप, ऊंचाई और निर्मित क्षेत्र के आधार पर कम जोखिम, स्व-प्रमाणीकरण और स्व-घोषणा के आधार पर तुरंत स्वीकृति व निरीक्षण से राहत, मध्यम जोखिम, थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन एवं अधिकृत विशेषज्ञों के प्रमाणीकरण के माध्यम से समयबद्ध मंजूरी के लिए नियमों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। 

बैठक में उच्च जोखिम, निर्धारित सुरक्षा मानकों, अग्निशमन नियमों और जन-सुरक्षा के आधार पर विभागीय भौतिक निरीक्षण के पश्चात त्वरित स्वीकृति,  विभागीय समीक्षा और सिंगल विंडो सिस्टम एकीकरण, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गठित जिला सशक्त समिति, कार्यकारी परिषद और कार्यकारी समिति की प्रक्रियाओं को समयबद्ध सीमा के भीतर अधिसूचित कर दिया गया है।   

बैठक में नगरीय प्रशासन, आबकारी, आवास एवं पर्यावरण, उद्योग, गृह-अग्निशमन, संस्कृति, जल संसाधन तथा लोक निर्माण विभाग के व्यावसायिक सेवाओं के जोखिम वर्गीकरण, लोक सेवा गारंटी समय-सीमा और सिंगल विंडो पोर्टल एकीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई।  मुख्य सचिव ने कहा कि सभी संबंधित विभाग ईओडीबी नियमों के प्रारूप पर अपने अंतिम सुझाव त्वरित रूप से प्रेषित करें, जिससे निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से मुक्ति मिले और प्रदेश में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को पारदर्शी, डिजिटल और सुगम वातावरण प्राप्त हो सके।  

बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष कुमार ठाकुर, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

डीएमएफ की कार्ययोजना में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को दें प्राथमिकता - राज्यपाल डेका

डीएमएफ की कार्ययोजना में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को दें प्राथमिकता - राज्यपाल डेका

 00 खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए दो वर्ष का रोडमैप तैयार करने के दिए निर्देश, बस्तर में विकास कार्यों पर विशेष जोर

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा है कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास और वहां के निवासियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए किया जाना चाहिए। इसके तहत पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए पर्यावरण संरक्षण आवश्यक है। इसके लिए सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के साथ पर्यावरणविदों का भी सहयोग लिया जाए।

राज्यपाल डेका आज लोक भवन में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की गतिविधियों, खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों तथा आगामी पांच वर्षों की कार्ययोजना के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने डीएमएफ की राशि के प्रभावी और सुनियोजित उपयोग के लिए कम से कम दो वर्ष का रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए डीएमएफ से आवश्यक कार्य किए जाएं। साथ ही उद्योगों से चर्चा कर पर्यावरणीय मानकों और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। पर्यावरण संरक्षण के कार्यों को अभियान के रूप में संचालित करने पर उन्होंने जोर दिया।
वैज्ञानिक तरीके से हो रेत का उत्खनन
राज्यपाल ने नदियों से रेत उत्खनन के संबंध में वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि रेत रहेगी तो पानी रहेगा और पानी रहेगा तो रेत रहेगी। रेत खदानों में वैज्ञानिक तरीके से उत्खनन को लेकर विशेष अभियान चलाने की बात भी कही।

जनता की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करें डीएमएफ की कार्ययोजना
राज्यपाल ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे आम जनता से संवाद करें और उनकी आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं को समझें। इसके अनुरूप डीएमएफ की कार्ययोजना तैयार की जाए। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों को भी विश्वास में लेना आवश्यक है। प्रशासन को जनता के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए और उन्हें स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कौन से कार्य किए जा सकते हैं तथा किन कार्यों को करना संभव नहीं है। उन्होंने डीएमएफ की नियमित बैठकें आयोजित करने को कहा, ताकि कार्यों की प्रगति की समीक्षा और आवश्यक निर्णय समय पर लिए जा सकें।
खनन प्रभावित क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाएं
राज्यपाल ने कहा कि डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण और विकास से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विशेष उद्देश्यों के लिए डीएमएफ के अंतर्गत कार्य निर्धारित किए जाते हैं, उन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। राज्यपाल ने बस्तर क्षेत्र में डीएमएफ के माध्यम से विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो लोग मुख्यधारा में लौट आए हैं, उन्हें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उनके पुनर्वास, सामाजिक सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि वे विकास की प्रक्रिया से जुड़ सकें।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के स्वास्थ्य और जीवनशैली पर दें ध्यान
राज्यपाल ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने इन जनजातीय समुदायों के लिए विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित करने तथा स्वास्थ्य एवं जीवनशैली में सुधार के लिए जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन समुदायों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएं और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। राज्यपाल ने कहा कि मनरेगा की तर्ज पर डीएमएफ के कार्यों में भी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही निर्मित परिसंपत्तियों के भौतिक सत्यापन पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि यह पता चल सके कि स्वीकृत कार्यों का वास्तविक क्रियान्वयन हुआ है और उनसे क्षेत्र के लोगों को लाभ मिल रहा है।
विस्थापित परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश
राज्यपाल ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में विस्थापित हुए लोगों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से विस्थापित परिवारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि प्रभावित और विस्थापित परिवारों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए उनके लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खनिज विभाग के सचिव श्री पी दयानंद ने राज्यपाल को डीएमएफ की गतिविधियों और कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ पोर्टल 2.0 के माध्यम से प्रत्येक परियोजना और कार्य की जानकारी उपलब्ध है। पोर्टल के जरिए कार्यों की स्थिति और प्रगति की निगरानी भी की जा रही है। बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, खनिज विभाग के अधिकारी तथा खनन प्रभावित विभिन्न जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।

CG TRANSFER : छत्तीसगढ़ वित्त विभाग में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारियों के हुए तबादले, देखिए लिस्ट

CG TRANSFER : छत्तीसगढ़ वित्त विभाग में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारियों के हुए तबादले, देखिए लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य वित्त सेवा संवर्ग के कई अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। जारी आदेश के तहत अलग-अलग पदों पर कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

 राज्यपाल डेका ने भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

रायपुर-  राज्यपाल रमेन डेका ने आज लोकभवन में असम राज्य सहित देश-विदेश में सांस्कृतिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले बहुमुखी प्रतिभा के धनी, भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, विधिक सलाहकार सत्यभामा अजय दुबे एवं लोकभवन के अधिकारियों. कर्मचारियों ने हजारिका के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

दिवंगत विधायक स्व. डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को उप मुख्यमंत्री शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

दिवंगत विधायक स्व. डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को उप मुख्यमंत्री शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 00 पुष्प अर्पित कर किया नमन, शोकाकुल परिजनों से मिलकर बंधाया ढांढस

रायपुर। दिवंगत विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए बुधवार को बालोद जिले में उनके गृह ग्राम भेंड्रा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए। इस अवसर पर उनके साथ शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद विजय बघेल, विधायक ललित चंद्राकर, सतनामी समाज की गुरू दीदी प्रियंका, पूर्व विधायक सांवलाराम डाहरे सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने दिवंगत स्व. डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन समाज और जनजीवन के लिए अपूरणीय क्षति है। सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान, जनसेवा के प्रति समर्पण और लोगों से उनके आत्मीय जुड़ाव को सदैव याद किया जाएगा। उनका स्नेह, सरल व्यवहार और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता लोगों के हृदय में हमेशा बनी रहेगी।

इस दौरान सभी ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस कठिन समय में उन्हें संबल प्रदान किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिजनों को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका दल्लीराजहरा के अध्यक्ष तोरन लाल साहू, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Jungle Safari Closed: दो दिन बंद रहेगा रायपुर का जंगल सफारी,जानिए वजह.....

Jungle Safari Closed: दो दिन बंद रहेगा रायपुर का जंगल सफारी,जानिए वजह.....

  Raipur Jungle Safari Closed: दीपावली के त्योहार के दौरान रायपुर के जंगल सफारी और जू घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों के लिए जरूरी खबर है। त्योहार को देखते हुए जंगल सफारी एवं जू को दो दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, 10 और 11 नवंबर को पर्यटकों को यहां प्रवेश नहीं मिलेगा। यानी इन दोनों दिनों में जंगल सफारी घूमने और वन्य प्राणियों को करीब से देखने की योजना बना रहे लोगों को अपना कार्यक्रम बदलना होगा।

10 और 11 नवंबर को नहीं मिलेगी एंट्री

कार्यालय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, रायपुर की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, 10 नवंबर और 11 नवंबर को जंगल सफारी एवं जू पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेंगे। इन दोनों दिनों में पर्यटकों को सफारी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे में दीपावली की छुट्टियों के दौरान परिवार और दोस्तों के साथ जंगल सफारी घूमने का प्लान बना रहे लोगों को तारीखों का विशेष ध्यान रखना होगा। पर्यटकों को सलाह है कि सफारी पहुंचने से पहले संचालन की तारीख और प्रवेश संबंधी जानकारी जरूर जांच लें, ताकि वहां पहुंचने के बाद निराश होकर वापस न लौटना पड़े।

वन्य प्राणियों को शोर और आतिशबाजी से बचाने की तैयारी

दीपावली के दौरान शहरों में पटाखे और आतिशबाजी का दौर चलता है। इसका असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि वन्य प्राणियों पर भी पड़ सकता है। तेज आवाज और अचानक होने वाले शोर से जानवरों में तनाव और घबराहट की स्थिति पैदा हो सकती है। जंगल सफारी में अलग-अलग प्रजातियों के वन्य प्राणी रहते हैं, जिनकी सुरक्षा और सामान्य दिनचर्या बनाए रखना वन विभाग की प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए त्योहार के दौरान पर्यटकों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा सफारी परिसर में सरकारी संपत्ति को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए भी यह कदम उठाया गया है।

CG Rain Alert: छत्तीसगढ़ में तूफान ‘मुरासु’ का तांडव, 16 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का यलो अलर्ट जारी

CG Rain Alert: छत्तीसगढ़ में तूफान ‘मुरासु’ का तांडव, 16 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली का यलो अलर्ट जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के कमजोर पड़ने के बाद भी मौसम का असर बना हुआ है। तूफान के बाद बने डिप्रेशन के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग ने 5 नवंबर को राज्य के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, पूर्वी तेलंगाना और उससे लगे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना यह अवदाब असल में चक्रवाती तूफान मुरासु का ही कमजोर हुआ रूप है। इसी मौसमी सिस्टम के प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि आज के लिए किसी भी जिले में भारी बारिश का कोई रेड या ऑरेंज अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन एहतियात के तौर पर दक्षिणी हिस्सों में थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है, क्योंकि इन इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या छिटपुट बारिश हो सकती है।

जैसे-जैसे बारिश की गतिविधियां कम होंगी, वैसे-वैसे प्रदेश के तापमान में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। तापमान के नीचे जाने से अब रात और सुबह के वक्त हल्की ठंड का अहसास और ज्यादा बढ़ जाएगा, जो ठंड की आहट साफ तौर पर बयां कर रहा है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों का तापमान

छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में आज का न्यूनतम और अधिकतम तापमान इस प्रकार प्रकार रहने की संभावना है:

• रायपुर: न्यूनतम तापमान 19°C और अधिकतम तापमान 30°C

• बिलासपुर: न्यूनतम तापमान 18°C और अधिकतम तापमान 30°C

पेंड्रा रोड: न्यूनतम तापमान 15°C और अधिकतम तापमान 28°C

• दुर्ग: न्यूनतम तापमान 18°C और अधिकतम तापमान 30°C

• राजनांदगांव: न्यूनतम तापमान 19°C और अधिकतम तापमान 30°C

• अम्बिकापुर: न्यूनतम तापमान 16°C और अधिकतम तापमान 27°C

• सूरजपुर: न्यूनतम तापमान 15°C और अधिकतम तापमान 28°C

6 नवंबर से साफ होने लगेगा मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कल यानी 6 नवंबर को प्रदेश में इक्का-दुक्का जगहों पर ही बहुत हल्की बारिश हो सकती है और इस दिन के लिए कोई चेतावनी भी नहीं है। इसके बाद 7, 8, 9 और 10 नवंबर को पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है। यानी आने वाले कुछ ही दिनों में बारिश का यह दौर थम जाएगा और आसमान साफ होने के साथ ही ठंडक धीरे-धीरे और जोर पकड़ेगी।