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रायगढ़ में विकास को मिल रही नई रफ्तार, हर क्षेत्र में मजबूत हो रही सुविधाओं की नींव: वित्त मंत्री ओपी चौधरी……

रायगढ़ में विकास को मिल रही नई रफ्तार, हर क्षेत्र में मजबूत हो रही सुविधाओं की नींव: वित्त मंत्री ओपी चौधरी……

 रायपुर: प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के साथ रायगढ़ शहर में नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना के विस्तार के लिए भी लगातार योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओपी चौधरी ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता ऐसे विकास कार्यों को धरातल पर उतारना है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिले और रायगढ़ आने वाले वर्षों में आधुनिक, सुविधायुक्त एवं व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो।

वित्त मंत्री चौधरी ने वार्ड क्रमांक 28 पंजरी प्लांट में 33 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन एवं शासकीय स्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं वार्ड क्रमांक 9 नवागढ़ी में 8 लाख रुपए की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों से स्थानीय नागरिकों को सामुदायिक गतिविधियों, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।

*समग्र विकास के साथ नागरिक सुविधाओं का विस्तार प्राथमिकता*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। विकास का उद्देश्य केवल बड़े निर्माण कार्य करना नहीं, बल्कि ऐसी सुविधाएं विकसित करना है, जिनसे आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में रायगढ़ शहर में 10 ऑक्सीजोन विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इससे शहर में हरित क्षेत्र का विस्तार होगा और नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ऑक्सीजोन के साथ सार्वजनिक स्थलों पर स्वास्थ्य, व्यायाम एवं मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जाएगा।

*रिंग रोड से मजबूत होगी शहर की अधोसंरचना*

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ की बढ़ती जरूरतों और यातायात के दबाव को देखते हुए शहर की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लगभग 600 करोड़ रुपए की लागत से रिंग रोड के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। रिंग रोड के निर्माण से शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य के अधोसंरचना विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

 चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में नालंदा परिसर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा जिले में नर्सिंग महाविद्यालय एवं फिजियोथेरेपी महाविद्यालय खोलने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि रायगढ़ में प्रयास विद्यालय पहले से संचालित है और आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, ताकि जिलेवासियों को उच्च गुणवत्ता की सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

*पंजरी प्लांट में ऑक्सीजोन और ओपन जिम की सौगात*

पंजरी प्लांट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने क्षेत्रवासियों के लिए पर्यावरण एवं स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण सौगात की घोषणा की। उन्होंने उपभोक्ता फोरम के पास ऑक्सीजोन विकसित करने तथा ओपन जिम स्थापित करने की घोषणा की। इससे क्षेत्र के नागरिकों को हरित वातावरण के साथ व्यायाम एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका

इस अवसर पर वित्त मंत्री  चौधरी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान करते हुए कहा कि हरित रायगढ़ के निर्माण में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, सभापति  डिग्रीलाल साहू,  सुरेश गोयल, पावन अग्रवाल,  आशीष ताम्रकार सहित पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

CG- ट्रेनी IPS पर 1 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायत के बाद कोर्ट का बड़ा एक्शन, CBI निदेशक और DGP को नोटिस जारी…

CG- ट्रेनी IPS पर 1 करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायत के बाद कोर्ट का बड़ा एक्शन, CBI निदेशक और DGP को नोटिस जारी…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में पदस्थ ट्रेनी आईपीएस पर एक करोड़ रिश्वत लेने के आरोप के बाद पुलिस महकमे में हडकंप मचा हुआ है। शिकायतकर्ता ने सीबीआई कोर्ट दिल्ली, सुधांशु कौशिक की अदालत में परिवाद दायर किया है। साथ ही इस मामले से जुड़ा व्हाट्सऐप चैट और ऑडियो क्लीप भी सौंपा है। पीड़ित की शिकायत के बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी और सीबीआई निदेशक को नोटिस जारी किया है।

जानकारी के मुताबिक, हरियाणा निवासी आकाश कुमार पर अंबिकापुर के साइबर रेंज थाने में ठगी का मामला दर्ज है। मामला 20.15 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है। आकाश ने सीबीआई दिल्ली कोर्ट में परिवाद दायर कर बताया कि ठगी के केस की जांच के दौरान कार्रवाई को प्रभावित करने अंबिकापुर सीएसपी (ट्रेनी IPS) राहुल बंसल ने एक करोड़ की मांग की।

शिकायतकर्ता आकाश ने दावा किया कि रिश्वत की रकम हवाला नेटवर्क के जरिए IPS तक पहुंचाई गई थी। इस पूरे घटनाक्रम में एएसआई प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। बातचीत का स्क्रीन शॉट और ऑडियो रिकॉर्ड भी उनके पास है।

IPS, ASI और आरक्षक से मांगा गया है जवाब

पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने पूर्व में सीबीआई निदेशक को लिखित शिकायत देकर घटनाक्रम की जांच की मांग की थी, लेकिन शिकायत पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। पीड़ित ने शिकायत की काॅपी भी कोर्ट में पेश की है। कार्रवाई नहीं होने से दुखी शिकायतकर्ता ने दिल्ली सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में धारा 175 3, के तहत परिवाद दायर किया है। साथ ही आईपीएस राहुल बंसल, एएसआई प्रवीण राठौर, आरक्षक अंशुल शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7 ए, भारतीय न्याय संहिता बीएनएस 2023 की धारा 308 और 351 के तहत अपराध दर्ज करने की मांग की है। इस शिकायत पर सीबीआई कोर्ट ने आईपीएस समेत तीनों को नोटिस जारी कर जबाव मांगा है।

11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

बताया जा रहा हैं कि सीबीआई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी को 17 जुलाई को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी थी। मामले में डीजीपी के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से एक माह का समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया और 22 जुलाई तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। अब कोर्ट में मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को होगी।

CG-अवैध संबंध के शक ने लिया खूनी मोड़! पड़ोसन के घर पति को देखकर बेकाबू हुई पत्नी, फिर जो हुआ...

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 बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से हत्या का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी ने अपने पति को चरित्र शंका के चलते मौत के घाट उतार दिया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर जांच पड़ताल शुरु कर दी है।

पढ़िए पूरी खबर

यह पूरा मामला चरचा थाना अंतर्गत ग्राम तिलवन डांड के पिपरपारा का है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला बबली को शक था कि उसके पति जयवीर का अवैध संबंध पड़ोस की विधवा महिला के साथ चल रहा है। इसको लेकर अक्सर दोनों के बीच विवाद भी होता था।

इस तरह हुई मौत

6 अगस्त को बबली राशन दुकान से घर लौट रही थी, तभी उसको शक हुआ कि उसका पति विधवा महिला के साथ है और उसने महिला के घर में घुसकर तलाशी ली। इस दौरान जयवीर अंदर छिपा मिला। इसके बाद बबली आग बबूला हो गई और दोनों के बीच जमकर झूमा झटकी हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बबली ने जयवीर को धक्का दे दिया। मुंह के बल पत्थर पर गिरने से वह बेहोश हो गया, जिसके बाद उसे पड़ोसियों की मदद से घर ले जाया गया और फिर कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।

जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बबली को हिरासत में लिया और चरचा थाने में मामला दर्ज किया गया। मौत चोंट लगने से हुई या फिर कोई और वजह थी इसका खुलासा फोरेंसिक जांच के बाद ही होगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

CG Accident : नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा! अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को रौंदा, एक युवक की मौके पर मौत, दो की हालत गंभीर

CG Accident : नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा! अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को रौंदा, एक युवक की मौके पर मौत, दो की हालत गंभीर

 जांजगीर-चांपा। जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तरौद चौक के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान मनीष मरावी निवासी किरारी गांव के रूप में हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही अकलतरा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।

CG Police Transfer :  कमिश्नरेट में थाना प्रभारियों समेत 4 निरीक्षकों का ट्रांसफर, जानिए किसे मिली कौन-सी नई जिम्मेदारी….

CG Police Transfer :  कमिश्नरेट में थाना प्रभारियों समेत 4 निरीक्षकों का ट्रांसफर, जानिए किसे मिली कौन-सी नई जिम्मेदारी….

 रायपुर। कमिश्नरेट रायपुर में थाना प्रभारियों का ट्रांसफर हुआ है। 4 निरीक्षक इधर से उधर किए गए हैं, जिसका आदेश रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ संजीव शुक्ला ने जारी कर दिया है।

जारी आदेश के मुताबिक, निरीक्षक भुनेश्वर साहू को रक्षित केंद्र से यातायात, निरीक्षक मालिक राम को रक्षित केंद्र से यातायात, निरीक्षक कृष्णा साहू को रक्षित केंद्र से प्रभारी जिविशा और निरीक्षक चेतन चंद्राकर को रक्षित केंद्र से DSB प्रभारी बनाया गया है।

UCC पर डिप्टी CM विजय शर्मा का बड़ा बयान, बोले- ST समुदाय को रखा जाएगा दायरे से बाहर

UCC पर डिप्टी CM विजय शर्मा का बड़ा बयान, बोले- ST समुदाय को रखा जाएगा दायरे से बाहर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय को समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखा जाएगा। सरकार इस विषय पर सभी वर्गों से चर्चा और सुझाव लेकर आगे बढ़ रही है।

विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जनजातीय समाज की परंपराओं, संस्कृति और विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ST समुदाय को UCC से अलग रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी पक्षों की सहमति और व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय करना है।

डिप्टी मुख्यमंत्री ने बताया कि UCC को लेकर गठित समिति विभिन्न समाजों और वर्गों से सुझाव एवं फीडबैक ले रही है। समिति प्राप्त सुझावों का अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर सरकार आगे निर्णय लेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि अन्य समाजों के लिए एक समान कानून की व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन इस प्रक्रिया में सभी समुदायों की भावनाओं और हितों का ध्यान रखा जाएगा।

मातृशक्ति के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी

मातृशक्ति के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 630 करोड़ 55 लाख 54 हजार 300 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रमुख सचिव शहला निगार तथा संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य सरकार की उन प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान करना है।

उन्होंने कहा कि जब माताएं और बहनें आर्थिक रूप से सशक्त होती हैं, तब परिवार मजबूत होता है, बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है और समाज विकास की नई दिशा में आगे बढ़ता है। इसलिए मातृशक्ति का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह योजना केवल प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।

प्रदेश के लाखों परिवारों में यह राशि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोग हो रही है, जिससे महिलाओं की आर्थिक भूमिका और अधिक सशक्त हुई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अनेक महिलाएं महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का सदुपयोग करते हुए अपने बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर रही हैं। कई माताएं अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में नियमित निवेश कर रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, किराना दुकान, सब्जी विक्रय, पशुपालन, अगरबत्ती निर्माण तथा अन्य छोटे स्वरोजगार शुरू कर अपनी आय बढ़ाई है। इससे वे न केवल परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी प्रस्तुत कर रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। महतारी वंदन योजना इसी सोच का परिणाम है, जिसमें हर महीने बिना एक हजार रुपए की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई जा रही है। डीबीटी व्यवस्था ने पारदर्शिता बढ़ाई है और महिलाओं में शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा वित्तीय समावेशन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना इन सभी प्रयासों का महत्वपूर्ण आधार बनकर महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान प्रदान कर रही है।

1 मार्च 2024 से पूरे प्रदेश में लागू है योजना :
30 किस्तों में 19,444.33 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। आज जारी की गई 30वीं किस्त के बाद योजना के अंतर्गत वितरित कुल राशि बढ़कर 19 हजार 444 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक हो गई है।महतारी वंदन योजना का प्रभाव अब प्रदेश के लाखों परिवारों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है, घरेलू निर्णयों में उनकी भागीदारी मजबूत हुई है तथा बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ा है।

अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों तथा छोटे-छोटे व्यवसायों के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित करना प्रारंभ किया है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण ही समावेशी विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। महतारी वंदन योजना इसी सोच को साकार करते हुए मातृशक्ति के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर रही है तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

BREAKING NEWS : छत्तीसगढ़ में 5 प्रशिक्षु IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना

BREAKING NEWS : छत्तीसगढ़ में 5 प्रशिक्षु IAS अधिकारियों की नई पदस्थापना

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के प्रशिक्षु अधिकारियों की नई पदस्थापना संबंधी आदेश जारी किया है। 7 अगस्त 2026 को जारी इस आधिकारिक आदेश के तहत वर्ष 2020 और 2024 बैच के कुल पांच प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में फेज़-दो (Phase-II) का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद राज्य में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी अधिकारियों को 21 अगस्त 2026 को प्रशिक्षण से कार्यमुक्त होने के बाद अपने-अपने नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन अधिकारियों की नियुक्ति विभिन्न जिलों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर की गई है।

राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशिक्षु अधिकारियों को मैदानी प्रशासन का अनुभव प्रदान करना और राजस्व एवं विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपकर प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाना है। आदेश के अनुसार वर्ष 2020 बैच के आईएएस अधिकारी फड़तरे अनिकेत अशोक को भानुप्रतापपुर, जिला कांकेर में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नियुक्त किया गया है। वहीं वर्ष 2024 बैच के चार प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को भी अलग-अलग जिलों में एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें अरविंद कुमार टी. को बलौदाबाजार, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, अक्षय दोशी को डोंगरगढ़, जिला राजनांदगांव, क्षितिज गुरभेले को घरघोड़ा, जिला रायगढ़ तथा विपिन दुबे को कटघोरा, जिला कोरबा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर पदस्थ किया गया है।

शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अधिकारी लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में अपना फेज़-दो प्रशिक्षण पूरा करने और 21 अगस्त 2026 को कार्यमुक्त होने के बाद निर्धारित पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करेंगे। फेज़-दो प्रशिक्षण भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण चरण माना जाता है, जिसमें उन्हें जिला प्रशासन, नीति निर्माण, सुशासन, कानून व्यवस्था, राजस्व प्रबंधन और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक अनुभव प्रदान किए जाते हैं।

राज्य सरकार समय-समय पर प्रशासनिक आवश्यकताओं और अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुसार इस प्रकार की पदस्थापनाएं करती है। प्रशिक्षु अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दिए जाने का उद्देश्य उन्हें आम जनता से सीधे जुड़ने, प्रशासनिक चुनौतियों को समझने और शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का अनुभव देना होता है।

आदेश के अनुसार यह नियुक्तियां छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से जारी की गई हैं। आदेश पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। संबंधित जिलों के कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस आदेश को नियमित पदस्थापना प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद ये प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी अपने-अपने अनुविभागों में राजस्व प्रशासन, कानून व्यवस्था, विकास कार्यों की निगरानी तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शासन को उम्मीद है कि प्रशिक्षित युवा अधिकारी अपने प्रशासनिक कौशल और अनुभव के आधार पर संबंधित क्षेत्रों में बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में योगदान देंगे।

रक्षाबंधन पर डाक विभाग की विशेष पहल: 10 रुपये में मिलेगा राखी लिफाफा, राखी डाक के लिए लगाई गईं पीली विशेष पत्र पेटियां

रक्षाबंधन पर डाक विभाग की विशेष पहल: 10 रुपये में मिलेगा राखी लिफाफा, राखी डाक के लिए लगाई गईं पीली विशेष पत्र पेटियां

  00 1 से 29 अगस्त तक विशेष व्यवस्था, समय पर राखी पहुंचाने के लिए बनाए गए विशेष काउंटर

रायपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर भारतीय डाक विभाग ने बहनों की राखियां समय पर भाइयों तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। विभाग द्वारा तैयार विशेष राखी लिफाफा छत्तीसगढ़ के सभी प्रधान डाकघरों एवं उपडाकघरों में मात्र 10 रुपये में उपलब्ध कराया गया है। इस लिफाफे के माध्यम से राखी को स्पीड पोस्ट अथवा साधारण डाक से आसानी से भेजा जा सकता है।

अधीक्षक डाकघर, रायगढ़ संभाग ने बताया कि राखी डाक के त्वरित निपटान के लिए 1 से 29 अगस्त 2026 तक विशेष पीले रंग की पत्र पेटियां स्थापित की गई हैं। रायगढ़ में ये विशेष पत्र पेटियां प्रधान डाकघर रायगढ़, चक्रधरनगर उपडाकघर, सदर बाजार उपडाकघर तथा कमला नेहरू पार्क में लगाई गई हैं। डाक विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी राखी डाक केवल इन पीले रंग की विशेष पत्र पेटियों में ही डालें, ताकि उसका शीघ्र प्रसंस्करण और समय पर वितरण सुनिश्चित किया जा सके। विभाग ने यह भी आग्रह किया है कि लिफाफे पर प्राप्तकर्ता का पूरा पता एवं पिनकोड स्पष्ट और साफ अक्षरों में अंकित करें, जिससे डाक वितरण में किसी प्रकार की असुविधा न हो।इसके अलावा, प्रधान डाकघर रायगढ़ में राखी डाक स्वीकार करने के लिए विशेष काउंटर भी बनाए गए हैं, जहां नागरिक अपनी राखियां आसानी से जमा कर सकते हैं। भारतीय डाक विभाग ने विश्वास जताया है कि अपनी सुदृढ़ एवं व्यापक डाक व्यवस्था के माध्यम से इस वर्ष भी रक्षाबंधन के अवसर पर लाखों बहनों के स्नेह का प्रतीक राखियां समय पर उनके भाइयों तक पहुंचाई जाएंगी।

समाज की एकजुटता सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति : अग्रवाल

समाज की एकजुटता सामाजिक विकास की सबसे बड़ी शक्ति : अग्रवाल

 00 रजवार समाज की बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने समाज की एकता, शिक्षा और युवाओं की भागीदारी पर दिया बल

रायपुर। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर में आयोजित रजवार समाज की महत्वपूर्ण बैठक एवं सम्मान समारोह में शामिल होकर समाज के वरिष्ठजनों, माताओं, बहनों और युवाओं से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर समाज की ओर से उनका पुष्पमालाओं से स्वागत एवं सम्मान किया गया। समाज के प्रतिनिधियों ने विभिन्न सामाजिक एवं विकास संबंधी विषयों पर मंत्री को अवगत कराया और समाज के उत्थान के लिए आवश्यक पहल की अपेक्षा व्यक्त की।

बैठक को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकजुटता, शिक्षा और आपसी सहयोग में निहित होती है। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढऩा चाहिए तथा वरिष्ठजनों के अनुभवों का लाभ लेकर नई पीढ़ी को संगठित एवं संस्कारित करना समय की आवश्यकता है। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। समाज से जुड़े जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने सामाजिक समरसता बनाए रखने, परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा शिक्षा के स्तर को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया। 
इस अवसर पर  अग्रवाल ने कहा कि रजवार समाज की बैठक में सम्मिलित होकर समाज के सभी वरिष्ठजनों, माताओं, बहनों एवं युवाओं से आत्मीय भेंट का अवसर मिला। इस दौरान आप सभी द्वारा दिए गए स्नेह, सम्मान और आत्मीय आतिथ्य के लिए मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। रजवार समाज का छत्तीसगढ़ के सामाजिक विकास, सांस्कृतिक विरासत और जनसेवा में योगदान सदैव प्रेरणादायी एवं अतुलनीय रहा है। रजवार समाज के सभी सम्मानित सदस्यों का हृदय से अभिनंदन एवं शुभकामनाएँ।

बैठक में समाज के वक्ताओं ने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने, प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के सहयोग, युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। 
सम्मेलन में उपस्थित समाजजनों ने मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए समाज के विकास एवं मार्गदर्शन में निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई। इस पर मंत्री अग्रवाल ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शासन और समाज को मिलकर कार्य करना होगा, तभी समावेशी और सतत विकास का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा। 
कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, संगठन की मजबूती, सामाजिक सद्भाव और विकास के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों ने इस आयोजन को सामाजिक जागरूकता, संगठनात्मक सशक्तीकरण और नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।

ढाई साल की उपलब्धियाँ- छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान

ढाई साल की उपलब्धियाँ- छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान

 00 श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता

रायपुर। पिछले ढाई साल में श्रम विभाग ने गढ़ी सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि की मिसाल। छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अनेक ऐतिहासिक पहल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने श्रमिक कल्याण को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे सुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार से जोड़ते हुए श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य किया है। वहीं श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में विभाग ने श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ तेज़ी और सरलता से पहुंचाने के लिए व्यापक सुधार किए हैं। 

’श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में हो रहा है सुधार’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है, इन योजनाओ के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। राज्य में संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों के हितों के संरक्षण के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। श्रमिकों के पंजीयन, सहायता और योजनाओं के लाभ को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए श्रम विभाग ने नई यूजर-फ्रेंडली वेबसाइट
https://shramevjayate.cg.gov.in/ श्रमेव जयते मोबाइल एप विकसित किया है, जिससे श्रमिक अब ऑनलाइन आवेदन, पंजीयन और अन्य सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर रहे हैं।

’रोजगार सृजन के साथ श्रमिक अधिकार भी हो रहा है मजबूत’
ढाई वर्षों में श्रम विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को भी मजबूत किया है। 5 नए जिलों (मोहला-मानपुर-अंबागढ़,चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, ,सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर एवं सक्ती) में श्रम अधिकारी कार्यालय की स्थापना हेतु 20 पदों का सृजन किया गया है। वर्तमान में 10 जिलों के सहायक श्रमायुक्त कार्यालय तथा 23 जिलों में श्रम पदाधिकारी कार्यालय संचालित है। इस प्रकार राज्य के सभी 33 जिलों में श्रम कार्यालयों का संचालन सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न पदों पर नियुक्तियां कर विभागीय क्षमता को भी बढ़ाया गया है। उद्योगों और श्रमिकों के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से श्रम कानूनों में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। दुकानों एवं स्थापना अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट, महिला श्रमिकों के लिए रात्रिकालीन कार्य की सुविधा, फैक्ट्री लाइसेंस की अवधि बढ़ाने जैसे अनेक निर्णयों ने रोजगार सृजन के साथ श्रमिक अधिकारों को भी मजबूत किया है। 
’लगभग 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित’
श्रम विभाग की उपलब्धियों में सबसे उल्लेखनीय सफलता श्रमिक पंजीयन और हितलाभ वितरण रही है। 1 जनवरी 2024 से 30 जून 2026 के बीच लगभग 12.65 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन किया गया। लगभग 17.82 लाख श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया गया, जिन पर लगभग 800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की गई। निर्माण श्रमिकों को लगभग 780 करोड़ रुपये तथा असंगठित श्रमिकों को लगभग 187 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। लाभ वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली लागू की गई है।

ढाई साल की उपलब्धियाँ- छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान


’मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24 घंटे, सात दिन संचालित’
मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केंद्रों की स्थापना श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 24 घंटे, सात दिन संचालित किया जा रहा है। संचालित राज्यभर में मोबाइल शिविर आयोजित कर लाखों श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और आवेदन संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के श्रमिकों को भी सरकारी सेवाओं का लाभ घर के समीप मिल रहा है। राज्य सरकार ने श्रमिक परिवारों के सामाजिक सुरक्षा कवच को भी मजबूत किया है। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत आवास सहायता राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये की गई है। मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, छात्रवृत्ति, श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिला है। 
’1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता’
महिला श्रमिकों के सम्मान और सुरक्षा की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना के अंतर्गत निर्माण एवं असंगठित क्षेत्र की 1.60 लाख से अधिक महिला श्रमिकों को मातृत्व सहायता प्रदान की गई। वहीं ’शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रमिकों के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए मेधावी शिक्षा सहायता, निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग तथा छात्रवृत्ति योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। हजारों विद्यार्थियों को इन योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे श्रमिक परिवारों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है।

ढाई साल की उपलब्धियाँ- छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान


’छत्तीसगढ़ का श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में श्रमिक कल्याण को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का जो संकल्प लिया गया है, उसे श्रम एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन के नेतृत्व में श्रम विभाग प्रभावी रूप से जमीन पर उतार रहा है। पारदर्शी व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, त्वरित सेवा, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिक सम्मान की भावना ने छत्तीसगढ़ को श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दी है। ढाई वर्षों की यह यात्रा केवल योजनाओं और आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि लाखों श्रमिक परिवारों के जीवन में आए विश्वास, सुरक्षा और समृद्धि की नई शुरुआत है।

कोसा की चमक अब वैश्विक बाजार तक : मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया छत्तीसगढ़ का प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब'

कोसा की चमक अब वैश्विक बाजार तक : मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया छत्तीसगढ़ का प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब'

 स्वदेशी को नई उड़ान : राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुनकरों एवं शिल्पकारों को 10.90 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता एवं पुरस्कार राशि प्रदान की

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बदलते बस्तर की प्रेरक तस्वीर : आत्मसमर्पित महिलाओं ने किया रैंप वॉक

प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

हथकरघा हमारी संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

नवाचारों से 'लोकल टू ग्लोबल' की यात्रा होगी और सशक्त: इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का शुभारंभ

रायपुर 7 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी एवं माटीकला बोर्ड के विभिन्न हितग्राहियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को 10 करोड़ 90 लाख रुपये से अधिक की अनुदान एवं पुरस्कार राशि वितरित की। इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ करते हुए उसके लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन किया। साथ ही उन्होंने हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर बुनकरों एवं शिल्पकारों को, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में इस दिवस को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ का कोसा, बस्तर की बुनाई तथा प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक डिज़ाइन, कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, विपणन तथा नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए अधिकांश वादों को राज्य सरकार ने पूरा किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। किसानों को धान खरीदी की अंतर राशि का भुगतान, भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना का पुनः संचालन सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचार-मुक्त शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। ई-ऑफिस व्यवस्था, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और घर बैठे शासकीय सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है।

बुनकरों के लिए सुशासन सरकार की बड़ी पहल

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों एवं शिल्पकारों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 469 आवासविहीन बुनकर परिवारों के लिए बुनकर शेड सह आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि इसी अवधि में आयोजित 47 प्रदर्शनियों के माध्यम से लगभग 10 करोड़ रुपये के हथकरघा उत्पादों की बिक्री हुई, जिससे बुनकरों को बेहतर बाजार उपलब्ध हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे ध्यान में रखते हुए पिछले ढाई वर्षों में 2,001 महिला स्व-सहायता समूहों को सिलाई पारिश्रमिक के रूप में 68 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा पाँच विक्रय भंडारों तथा केंद्रीय वस्त्रागार के माध्यम से विभिन्न शासकीय विभागों को 93 करोड़ रुपये के वस्त्र उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त बुनकरों द्वारा निर्मित 436 करोड़ रुपये के वस्त्रों की शासकीय खरीदी कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में देश के पाँच प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के हैंडलूम एवं हस्तशिल्प उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं, रायपुर में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल स्थानीय उत्पादों को आधुनिक विपणन मंच उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्थापित की जा रही है, जिससे 4,500 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को डिजाइन एवं टेक्सटाइल क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ का हैंडलूम उद्योग नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया बुनकरों का उत्साहवर्धन

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगभग 1 लाख 20 हजार परिवार हथकरघा एवं इससे संबंधित गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत किए जाने से इस क्षेत्र को नई पहचान और नई ऊर्जा मिली है।

उन्होंने सभी नागरिकों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक हथकरघा उत्पाद खरीदने का आग्रह करते हुए कहा कि बुनकरों की मेहनत, उनकी कला और हमारी समृद्ध परंपरा को जीवित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

ग्रामोद्योग मंत्री ने स्वदेशी आंदोलन की विरासत को किया याद

ग्रामोद्योग मंत्री  गजेंद्र यादव ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन ने देश में आत्मनिर्भरता की अलख जगाई थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कोसा साड़ी का देशभर में विशिष्ट स्थान है और राज्य सरकार हथकरघा, हस्तशिल्प तथा ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बुनकरों, शिल्पकारों और स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने स्वदेशी प्रदर्शनी एवं स्टॉलों का अवलोकन किया, खरीदी कोसा साड़ी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ, बिलासा हैंडलूम, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, सबरी एम्पोरियम तथा माटीकला बोर्ड सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कोसा, खादी, हस्तशिल्प, मृद्शिल्प एवं अन्य पारंपरिक उत्पादों का अवलोकन करते हुए कारीगरों से संवाद किया तथा उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को अधिकाधिक अपनाने और प्रोत्साहित करने का आह्वान किया। प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने हथकरघा स्टॉल से स्वयं तत्काल भुगतान कर कोसा साड़ी खरीदी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद ही बुनकरों और शिल्पकारों के श्रम एवं कौशल का सबसे बड़ा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस आत्मीय कदम से कार्यक्रम में उपस्थित बुनकरों और महिला कारीगरों का उत्साह दोगुना हो गया।

आत्मसमर्पित महिलाओं का रैंप वॉक बना आकर्षण का केंद्र

कार्यक्रम का सबसे प्रेरक और भावनात्मक क्षण वह रहा, जब बस्तर की आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं ने स्वदेशी फैशन शो में आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क एवं अन्य हैंडलूम परिधानों का आकर्षक प्रदर्शन किया। यह प्रस्तुति मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ती महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मानजनक पुनर्वास और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर की सशक्त अभिव्यक्ति थी। उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया, उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। उल्लेखनीय है कि इनमें से लगभग सभी महिलाएँ पहली बार रायपुर पहुँची थीं। यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों का हिस्सा बन गया।

मुख्यमंत्री ने 'कोशल फैब' प्रीमियम ब्रांड का शुभारंभ किया

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ब्रांड के लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन भी किया। 'लूम टू लग्जरी' की अवधारणा पर आधारित यह प्रीमियम ब्रांड छत्तीसगढ़ के कोसा एवं पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने तथा उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर एवं अन्य नवाचारों का शुभारंभ

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ द्वारा एनआईटी के सहयोग से विकसित इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया गया। इस डिजिटल पहल से उत्पादों के भंडारण, प्रबंधन, विपणन तथा वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

इस अवसर पर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत बुनकरों की डायरेक्टरी तथा टाई-डाई एवं बाँधनी रंगाई विषयक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। साथ ही जशपुर जिले के गोरिया में स्थापित होने वाली ग्लेजिंग यूनिट का शुभारंभ भी किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रामोद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को अनुदान एवं पुरस्कार राशि वितरित की। उन्होंने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 935 छात्र-छात्राओं को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। साथ ही 17 वरिष्ठ बुनकरों को सम्मान राशि देकर उनके उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा संचालनालय के माध्यम से 49 बुनकरों के लिए बुनकर शेड सह आवास निर्माण हेतु 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त पाँच बुनकर सहकारी समितियों को भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई तथा 85 बुनकरों को उन्नत करघे एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए। साइटसेवर्स इंडिया के सहयोग से नेत्र परीक्षण कराने वाले बुनकरों को चश्मों का भी वितरण किया गया। रेशम संचालनालय द्वारा सिल्क समग्र योजना के अंतर्गत 21 रेशम कृषकों को सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के हितग्राहियों को अनुदान राशि वितरित की गई।

इसी प्रकार हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा 30 शिल्पकारों को आधुनिक टूल किट तथा माटीकला बोर्ड द्वारा 70 पंजीकृत माटी शिल्पियों को विद्युत चाक प्रदान किए गए, जिससे उनके उत्पादन और आजीविका को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट बुनकरों को राज्य स्तरीय स्व. बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार तथा राजराजेश्वरी करुणामाता हथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया।

'सेल्फी विद स्वदेशी' अभियान से जुड़ने की अपील

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा 'सेल्फी विद स्वदेशी' अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद न केवल बुनकरों, शिल्पकारों और कारीगरों की आजीविका को सशक्त बनाती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पाद खरीदकर उसके साथ सोशल मीडिया पर सेल्फी साझा करने वाले प्रत्येक जिले के चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में सहभागिता कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा बुनकर संघ के अध्यक्ष  भोजराम देवांगन, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, संस्कृत विद्या मंडलम के अध्यक्ष राजेश राजपूत, सचिव  राजेश सिंह राणा, चुन्नीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में बुनकर, शिल्पकार और कारीगर उपस्थित थे।

बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण शहीदों के नाम पर किया जाएगा : शर्मा

बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण शहीदों के नाम पर किया जाएगा : शर्मा

 00 हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा अभियान राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भव्य माध्यम बनेगा : साव

00 पत्रकार वार्ता में प्रदेशभर में आयोजित होने वाले हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्रा की रूपरेखा साझा की

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी का हर घर तिरंगा और तिरंगा यात्रा अभियान देशभक्ति की लहर जगाने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व राष्ट्र निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भव्य और ऐतिहासिक माध्यम बनेगा।  साव ने शुक्रवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आहूत महती पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए प्रदेशभर में आयोजित होने वाले हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्रा की रूपरेखा साझा की।

 
 

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि बस्तर के वे नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्र, जहाँ अब तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया जा सका था, वहाँ इस वर्ष 15 अगस्त को तिरंगा लहराएगा। यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।  साव ने कहा कि वर्ष 2022 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति से जोडऩा, संवैधानिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना, सामाजिक समरसता तथा 'एक भारत श्रेष्ठ भारतÓ की भावना को सुदृढ़ करना है। इस दौरान प्रदेश की सभी 450 से अधिक भाजपा मण्डल इकाइयों, बड़े गाँवों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखण्ड मुख्यालयों में जन-जागरण हेतु तिरंगा यात्राएँ निकाली जाएंगीं।  साव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए नगरीय निकायों, जिला पंचायतों और पार्टी पदाधिकारियों की वर्चुअल बैठक संपन्न हो चुकी है, साथ ही रायपुर शहर एवं ग्रामीण जिलों की बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं। आगामी 10 अगस्त को राजधानी के मरीन ड्राइव से तिरंगा यात्रा का ऐतिहासिक शुभारम्भ सुबह 10 बजे होगा। इस यात्रा में मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट्स, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी, स्वयंसेवी संस्थाएँ, धर्माचार्य और विभिन्न समाजों के विशिष्ट जन शामिल होंगे। यात्रा को यादगार बनाने के लिए लोग पारंपरिक वेशभूषा, वाद्य यंत्रों, घोड़ों और सवारियों के साथ शामिल होंगे।

 

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  साव ने सोशल मीडिया पर डिजिटल तिरंगा अभियान की जानकारी देते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे हर घर, दुकान, संस्थान और कार्यालय पर तिरंगा लहराएँ तथा अपनी फोटो व वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करें। इससे पूरी दुनिया में यह संदेश जाएगा कि भारत अपनी आजादी का पर्व कितने गौरव और उल्लास के साथ मना रहा है!  साव ने कहा कि एक लम्बे संघर्ष, त्याग और बलिदान के बाद हमें आजादी मिली है। राष्ट्र निर्माताओं के योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का इससे बड़ा कोई माध्यम नहीं हो सकता।  साव ने प्रदेश के सभी वर्गों, संस्थाओं और नागरिकों से आग्रह किया कि वे हर घर तिरंगा अभियान और तिरंगा यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और राष्ट्र व संविधान के प्रति अपना सम्मान प्रकट करें।

बस्तर के कुख्यात स्थल अब बनेंगे'विख्यात : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए 15 अगस्त के अवसर पर समूचे बस्तर सम्भाग में आयोजित होने वाली ऐतिहासिक तिरंगा रैली और संगठन की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। श्री शर्मा ने कहा कि देश में राष्ट्रीय पर्वों के आगमन के साथ ही हर नागरिक के मन में देशभक्ति का भाव जागृत होता है और इसी राष्ट्रीयता के भाव को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इस बार सम्पूर्ण बस्तर में एक अभूतपूर्व अभियान चलाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने बताया कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से सन 2024 से 2026 तक स्वाधीनता दिवस व गणतंत्र दिवस के पाँच आयोजनों में बस्तर के उन दूरस्थ गाँवों में तिरंगा लहराया गया, जहाँ आजादी के बाद से कभी राष्ट्रध्वज नहीं लहराया था। इस वर्ष बीजापुर जिला के 33 गाँवों, सुकमा जिला के 50 गाँवों और नारायणपुर के 9 गाँवों में पहली बार तिरंगा लहराएगा। शर्मा ने स्पष्ट किया कि बस्तर के जो क्षेत्र पूर्व में नक्सली हिंसा और बड़ी घटनाओं के कारण कुख्यात हो गए थे, अब उन्हें विकास और राष्ट्रीय धारा से जोड़कर विख्यात बनाने का प्रयास किया जा रहा है। पूवर्ती, सिलगेर, दरभा जैसे संवेदनशील और दुर्गम क्षेत्रों को इस तिरंगा यात्रा के माध्यम से आपस में जोड़ा जाएगा। इस अभियान में बाइक रैली और युवाओं की भागीदारी की चर्चा करते हुए  शर्मा ने कहा कि भाजपा एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, आम नागरिक और स्थानीय युवा मिलकर पूरे बस्तर में भव्य बाइक रैली निकालेंगे। इसमें स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बस्तर के गौरव और स्वाभिमान से जुडऩे वाले सभी वर्ग के लोग भाग लेंगे।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने भाजयुमो द्वारा शहीदों के परिजनों को सम्मान और तिरंगा भेंट करने के कार्यक्रम की चर्चा करते हुए कहा कि 31 मार्च, 2026 तक बस्तर में चले नक्सल उन्मूलन अभियान व शांति स्थापना के इस पूरे उपक्रम में जिन वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, उनके घरों पर जाकर युवा मोर्चा व पार्टी कार्यकर्ता तिरंगा भेंट कर रहे हैं और शहीद परिवारों से आत्मीय मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं। नक्सली हिंसा से प्रभावित परिवारों के घरों तक भी पहुँचने का हमारा कार्यक्रम तय है।  शर्मा ने जानकारी दी कि इस 15 अगस्त के अवसर पर बस्तर संभाग में 500 से अधिक स्थानों, जिनमें स्कूल, प्रमुख चौराहे और सामुदायिक भवन शामिल हैं, का नामकरण देश व प्रदेश के अमर शहीदों के नाम पर किया जाएगा।  शर्मा ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दिशा-निर्देशों और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक काम हुआ है। पूर्व में जो असामाजिक व राष्ट्रविरोधी संगठन भारत के संविधान को मानने से इंकार करते थे, उनका प्रभाव अब समाप्त हो चुका है। इस बार 15 अगस्त को समूचे बस्तर संभाग के हर एक गाँव में भारत का संविधान पूर्णत: लागू होगा और तिरंगा शान से लहराएगा।

पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री तिरंगा अभियान के प्रदेश प्रभारी यशवंत जैन, प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश मंत्री अमित साहू, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही, जिला महामंत्री अमित मैशेरी, प्रदेश मीडिया सह संयोजक गोविन्दा गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी रोहित द्विवेदी मौजूद थे।

नांदघाट-मुंगेली रोड होगा फोरलेन, राज्य शासन ने मंजूर किए 21.81 करोड़

नांदघाट-मुंगेली रोड होगा फोरलेन, राज्य शासन ने मंजूर किए 21.81 करोड़

 00 उप मुख्यमंत्रीसाव के अनुमोदन के बाद राशि स्वीकृति का पत्र जारी

रायपुर। राज्य शासन ने बेमेतरा जिले के नांदघाट से मुंगेली जिला मुख्यालय तक टू-लेन सड़क के फोरलेन में उन्नयन के लिए 21 करोड़ 81 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 36.40 किमी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से राशि स्वीकृति के संबंध में प्रमुख अभियंता को परिपत्र जारी कर दिया है।

उप मुख्यमंत्री साव ने कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्रियों एवं संपूर्ण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर उत्तरदायित्व का निर्धारण करते हुए नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। लोक निर्माण विभाग ने प्रमुख अभियंता को कार्य की निविदा समय-सीमा में करने, निर्माण कार्य प्राक्कलन व कार्य संपादित करने में मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने निर्माण एजेंसी से अनुबंधित समय-सीमा में काम पूर्ण किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा है।

कार्य पूर्ण किये जाने के लिए अनावश्यक समय-सीमा वृद्धि नहीं किए जाने के भी निर्देश विभाग ने दिए हैं। अपरिहार्य एवं नियंत्रण से बाहर मान्य कारणों के आधार पर ही सक्षम अधिकारी द्वारा समय-सीमा में वृद्धि की जा सकेगी। निर्माण कार्य की समयावधि में वृद्धि नियमानुसार अर्थदंड सहित अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जीवन में संघर्ष से मिली सफलता ही इतिहास रचती है – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

जीवन में संघर्ष से मिली सफलता ही इतिहास रचती है – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर: रायपुर जिला के तिल्दा विकासखंड के ग्राम बहेसर और तुलसी मार्ग के बीच की दूरी को कम करने वाली नई सड़क के भूमिपूजन अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री  टंक राम वर्मा ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि जीवन में संघर्ष से मिली सफलता ही इतिहास रचती है। एक साधारण परिवार या मजदूर का बच्चा जब मेहनत के बल पर आईएएस या आईपीएस बनता है, तो वह पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है। उन्होंने युवाओं से महापुरुषों के विचारों से सीख लेते हुए बिना किसी नकारात्मक प्रतिस्पर्धा के एक-दूसरे के सहयोग से आगे बढ़ने का आह्वान किया।

42 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की हुई घोषणा

मंत्री वर्मा ने ​क्षेत्रीय जनभावनाओं और बुनियादी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की सौगात दी। जिसमें बहेसर में साइकिल स्टैंड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये, रंगमंच के समीप ज्योति कलश हेतु 5 लाख रुपये और रघुनंदन वर्मा के घर से मुख्य मार्ग तक सीसी रोड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा शामिल है। इसके साथ ही शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बहेसर के प्राथमिक शाला में दो नए कमरों के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये तथा जर्जर हो चुके पूर्व माध्यमिक शाला भवन के पुनर्निर्माण हेतु 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की। उन्होंने विश्वास जताया कि ये सभी कार्य क्षेत्र के विकास को एक नई दिशा देंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों से पूरे प्रदेश का कायाकल्प हो रहा है

​मंत्री  वर्मा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों से पूरे प्रदेश का कायाकल्प हो रहा है। छत्तीसगढ़ निरंतर विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एक प्राथमिक शाला के शिक्षक के रूप में अपनी सेवा की शुरुआत की थी। उनका उद्देश्य सत्ता, पैसा या रुतबा हासिल करना कभी नहीं रहा, बल्कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में ऐसे ऐतिहासिक कार्य करना है जिन्हें हमेशा याद रखा जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर काम कर रही है। किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल देने का कार्य कर रही है।

Weather Update : छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक भारी बारिश की संभावना, कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी

Weather Update : छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिनों तक भारी बारिश की संभावना, कई क्षेत्रों में अलर्ट जारी

 रायपुर. छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश स्थानों पर मध्यम वर्षा दर्ज की गई. उत्तरी इलाकों में भारी वर्षा हुई. अब तक मॉनसून की स्थिति सामान्य से सात प्रतिशत कम दर्ज की गई है. आने वाले दो दिनों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहने की उम्मीद जताई गई है. हालांकि कल यानी 8 अगस्त से बारिश की गतिविधियां धीमी हो सकती है.

इन इलाकों में हुई बारिश

प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई. सर्वाधिक 8 सेमी वर्षा रघुनाथ नगर और मालखरौदा में रिकॉर्ड की गई. इसके बाद सिमगा में 6 सेमी और सुहेला, दोरनापाल, जैजैपुर, गिधौरी, टुंड्रा, छाल और देवभोग में 5-5 सेमी बारिश हुई. वहीं भोथिया, बम्हनीडीह, पामगढ़, तमनार और नवागढ़ में 4-4 सेमी वर्षा दर्ज की गई. इसके अलावा पलारी, पिपरिया, मुंगेली, सेवरीनारायण, बिलाईगढ़, मनोरा, जगरगुंडा, बिल्हा, सीपत, तिल्दा, साल्हेवारा, कापू, बलौदाबाजार, कांसाबेल, अकलतरा, अड़भार, कवर्धा, कोरबा, पौड़ी उपरोड़ा, खड़गवा, पटना और बिलासपुर में 3-3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई. शेष अनेक स्थानों पर इससे कम वर्षा दर्ज की गई.

उत्तरी छत्तीसगढ़ में भारी वर्षा के आसार

मौसम विभाग ने अगले दो दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है. विशेषकर उत्तरी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है. हालांकि 8 अगस्त से वर्षा की तीव्रता और वितरण में कमी आने के संकेत हैं.

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ?

राजधानी रायपुर में सुबह के वक्त आसमान में बादल छाए हुए हैं. रुक-रुककर बूंदाबांदी भी हो रही है. मौसम विभाग ने आज शहर में वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है.

बारिश का अलर्ट जारी

प्रदेश के कई इलाकों में शुक्रवार सुबह बारिश होने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होने की संभावना जताई है. 

आज जारी होगी महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त, CM साय हितग्राही महिलाओं के खातों में करेंगे राशि ट्रांसफर

आज जारी होगी महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त, CM साय हितग्राही महिलाओं के खातों में करेंगे राशि ट्रांसफर

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दोपहर 1:30 बजे मुख्यमंत्री निवास से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी करेंगे। इस दौरान प्रदेश की पात्र हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में योजना की राशि सीधे अंतरित की जाएगी।इसी दिन राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के अवसर पर रायपुर में राज्य स्तरीय भव्य समारोह का भी आयोजन होगा। मुख्यमंत्री इस अवसर पर ‘कोशल फेब’ ब्रांड और ‘बिलासा’ लोगो का शुभारंभ करेंगे। साथ ही इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, बुनकर डायरेक्टरी और टाई-डाई विषय पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी करेंगे।

कार्यक्रम में 935 मेधावी विद्यार्थियों को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी। इसके अलावा 17 वरिष्ठ बुनकरों का सम्मान, 8 उत्कृष्ट बुनकरों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार, 49 बुनकरों को आवास निर्माण के लिए 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता तथा 5 बुनकर समितियों को भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

इसके साथ ही 85 बुनकरों को उन्नत उपकरण, रेशम कृषकों को आर्थिक सहायता, हस्तशिल्पियों को टूल-किट और जशपुर के गोरिया गांव में ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना के लिए 2.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की जाएगी।

राजधानी में सट्टा और नशे का अवैध कारोबार बेलगाम, कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहे सौदागर

राजधानी में सट्टा और नशे का अवैध कारोबार बेलगाम, कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहे सौदागर

 रायपुर। राजधानी रायपुर में सट्टा, गांजा, अवैध शराब और अन्य नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में दिनदहाड़े और देर रात तक बेखौफ तरीके से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। लोगों का कहना है कि समय-समय पर पुलिस कार्रवाई के बावजूद इन कारोबारों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।

शिकायतों के अनुसार, पुरानी बस्ती, लाखेनगर, नर्मदापारा, गुढ़ियारी, गोलबाजार, नेहरूनगर, कालीबाड़ी, खमतराई, तेलीबांधा, न्यू राजेंद्रनगर, कोटा, भनपुरी, कटोरातालाब, ईदगाहभाठा, अश्वनी नगर और अन्य इलाकों में लंबे समय से सट्टा, अवैध शराब और गांजा का कारोबार संचालित होने की बात कही जा रही है। आरोप है कि अब इन गतिविधियों में महिलाओं और नाबालिगों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि पुलिस द्वारा समय-समय पर छापेमार कार्रवाई की जाती है, लेकिन बड़े नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अवैध कारोबार दोबारा शुरू हो जाता है। लोगों ने राजधानी में सट्टा, जुआ और नशे के कारोबार पर सख्त एवं लगातार कार्रवाई की मांग की है।

साय सरकार के प्रयासों से मजबूत हो रहा स्वास्थ्य तंत्र, चिकित्सा शिक्षा और इलाज की सुविधाओं को मिली नई रफ्तार

साय सरकार के प्रयासों से मजबूत हो रहा स्वास्थ्य तंत्र, चिकित्सा शिक्षा और इलाज की सुविधाओं को मिली नई रफ्तार

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है। राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने, मेडिकल शिक्षा का दायरा बढ़ाने और आम नागरिकों तक बेहतर उपचार सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार नई परियोजनाओं पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराते हुए विकसित छत्तीसगढ़ की नींव को मजबूत करना है।

सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्वीकृति दिलाई है। साथ ही लंबे समय से लंबित कोरबा, कांकेर और महासमुंद मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्यों को गति दी गई है। नर्सिंग कॉलेजों और फिजियोथेरेपी संस्थानों के विस्तार से प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल का उन्नयन किया जा रहा है, जहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ डीएम कार्डियक कोर्स शुरू किया गया है। वहीं जगदलपुर में प्रदेश के दूसरे बड़े हार्ट सेंटर की स्थापना की तैयारी चल रही है, जिससे बस्तर और आसपास के जिलों के मरीजों को हृदय रोगों के उपचार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि स्वस्थ समाज ही विकसित राज्य की मजबूत नींव है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

सरकार का कहना है कि केंद्र के सहयोग से कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं को गति मिली है। भविष्य में छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) की स्थापना का भी प्रयास किया जा रहा है, जिससे आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और शिक्षा को नई दिशा मिलेगी तथा प्रदेश की औषधीय संपदा को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

बस्तर सहित दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट, स्वास्थ्य शिविर और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार कर ग्रामीण एवं आदिवासी आबादी तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। हाल ही में रायपुर स्थित चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री ने 103 करोड़ रुपये से अधिक की स्वास्थ्य अधोसंरचना परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। इनमें आधुनिक छात्रावास, कैंसर भवन का विस्तार तथा चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण शामिल है।

सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं के पूरा होने से चिकित्सा शिक्षा, सुपर स्पेशियलिटी उपचार, कैंसर चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा। राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करना है।

 उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं संस्थागत विकास के लिए सामूहिक प्रयासों के संकल्प के साथ पं. रविवि से सम्बद्ध निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों का संघ गठित

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं संस्थागत विकास के लिए सामूहिक प्रयासों के संकल्प के साथ पं. रविवि से सम्बद्ध निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों का संघ गठित

प्रथम बैठक में डॉ. मेघेश तिवारी अध्यक्ष, डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार उपाध्यक्ष एवं डॉ. देवाशीष मुखर्जी सचिव निर्वाचित 
रायपुर । पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से सम्बद्ध निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों के हितों, शैक्षणिक गुणवत्ता के संवर्धन तथा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से गठित एवं पंजीकृत निजी महाविद्यालय प्राचार्य कल्याण संघ की प्रथम बैठक विगत दिवस सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई ।
बैठक में सर्वसम्मति से विप्र महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मेघेश तिवारी को संघ का अध्यक्ष, दुर्गा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रतिभा मुखर्जी साहूकार को उपाध्यक्ष तथा महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी को सचिव व डॉ यूलेन्द्र राजूपत कोषाध्यक्ष निर्वाचित किया गया ।
नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के निर्वाचन पर उपस्थित सभी प्राचार्यों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संघ निजी महाविद्यालयों की शैक्षणिक उन्नति, प्रशासनिक समन्वय तथा विभिन्न साझा मुद्दों के समाधान के लिए प्रभावी भूमिका निभाएगा ।
बैठक में संघ के उद्देश्यों, भावी कार्ययोजना तथा संगठन की कार्यप्रणाली पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया । इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि संघ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध निजी महाविद्यालयों के साझा हितों की रक्षा, शैक्षणिक उत्कृष्टता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के हितों के संरक्षण तथा संस्थानों के समग्र विकास के लिए सकारात्मक एवं रचनात्मक पहल करेगा । साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ सतत संवाद एवं सहयोग की भावना से कार्य करते हुए उच्च शिक्षा के स्तर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए समन्वित प्रयास किए जाएंगे । बैठक में यह भी संकल्प व्यक्त किया गया कि संघ पारस्परिक सहयोग, अनुभवों के आदान-प्रदान तथा समन्वित प्रयासों के माध्यम से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएगा ।
उक्त आशय की जानकारी संघ के नवनिर्वाचित सचिव डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने प्रदान की ।
कांकेर : चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुनने और बोलने लगी

कांकेर : चिरायु योजना से 6 वर्षीय रिया को मिली नई जिंदगी, अब सुनने और बोलने लगी

 कांकेर। जिला मुख्यालय कांकेर के संजय नगर निवासी अमित सिंदूर की 6 वर्षीय पुत्री रिया सिंदूर, जो जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ थी, जिसका चिरायु योजना के तहत सफल इलाज किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निजी अस्पताल में महंगे उपचार का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं था, लेकिन सरकारी योजना की मदद से बच्ची को नया जीवन मिला।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि, चिरायु टीम के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान रिया की परीक्षण कर उसकी बीमारी संज्ञान में ली गई। इसके बाद उसे जांच के लिए एम्स रायपुर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कॉक्लियर इम्प्लांट की सलाह दी। निजी अस्पताल में इस उपचार पर लगभग 10 से 12 लाख रुपये का खर्च आता, लेकिन चिरायु योजना के अंतर्गत 06 जुलाई 2026 को एम्स रायपुर में उसका ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किया गया। ऑपरेशन के बाद रिया के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

वह अब सुनने और बोलने लगी है एवं एम्स रायपुर में थैरेपी किया जा रहा है। रिया के माता-पिता ने इस सफल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस उपचार को सफल बनाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोहित वर्मा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुनील सोनी, जिला सलाहकार डॉ. विनोद वैध, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशांक गुप्ता सहित चिरायु टीम के डॉ. ताराचंद साहू, डॉ. वंदना मंडावी, फार्मासिस्ट भारती मंडावी, एएनएम सुनीता सिन्हा और लैब टेक्नीशियन बिंदेश्वरी सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले,कवर्धा से सिमगा फोरलेन सड़क निर्माण का ज्ञापन सौपा

सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिले,कवर्धा से सिमगा फोरलेन सड़क निर्माण का ज्ञापन सौपा

 कवर्धा। क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर क्षेत्र की प्रमुख सड़क परियोजनाओं को लेकर चर्चा की। सांसद ने केंद्रीय मंत्री को पत्र सौंपते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 के अंतर्गत धवईपानी (छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक फोरलेन सड़क निर्माण, कवर्धा से खैरागढ़ तक सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण तथा कवर्धा शहर में नए बायपास सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग रखी।

सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि धवईपानी से कवर्धा होते हुए सिमगा तक राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 का मार्ग छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इसकी कुल लंबाई करीब 125 किलोमीटर है और इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। व्यापारिक गतिविधियों और यातायात के बढ़ते दबाव के कारण इस मार्ग पर अब फोरलेन सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में चिल्फी घाटी क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनती रहती है। विशेषकर भारी वाहनों के आवागमन के कारण कई बार घंटों तक यातायात प्रभावित होता है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फोरलेन सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। सांसद ने केंद्रीय मंत्री के सामने कवर्धा से खैरागढ़ तक सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का मुद्दा भी रखा। उन्होंने बताया कि यह सड़क कबीरधाम जिले को खैरागढ़ होते हुए राजनांदगांव जिले से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। वर्तमान में सड़क की स्थिति खराब होने के कारण वाहन चालकों और आम नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क की चौड़ाई कम होने से दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है।

उन्होंने इस मार्ग के निर्माण के लिए सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) से राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। इसके अलावा कवर्धा शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 के अंतर्गत नए बायपास सड़क निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कवर्धा क्षेत्र में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित होने से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की इन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को लेकर वह पहले भी केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर मांग पत्र सौंप चुके हैं।

मुलाकात के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद द्वारा रखी गई मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए तीनों प्रमुख सड़क परियोजनाओं के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। सांसद ने केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार छत्तीसगढ़ में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

इस दौरान सांसद पांडेय ने सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) के तहत राजनांदगांव से खैरागढ़ सड़क तथा राजनांदगांव से डोंगरगांव होते हुए मोहला-मानपुर सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए राशि स्वीकृत किए जाने पर भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। सांसद ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से आने वाले समय में कबीरधाम सहित पूरे क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।

रामलला दर्शन योजना: सीएम साय की रामलला दर्शन योजना से बुजुर्गों, महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का वर्षों पुराना सपना हो रहा साकार

रामलला दर्शन योजना: सीएम साय की रामलला दर्शन योजना से बुजुर्गों, महिलाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का वर्षों पुराना सपना हो रहा साकार

 o पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल से सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से रामलला एवं बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रवाना

रायपुर। सीएम साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनआस्था, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को जनकल्याण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों के वर्षों पुराने सपनों को साकार कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा, सेवा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में रवाना हुई।

रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भक्ति और उल्लास का अनूठा वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ स्टेशन पहुंचे। पूरा परिसर जय श्रीराम, हर-हर महादेव और जय सियाराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर अपने आराध्य के दर्शन का उत्साह और भावनात्मक खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। अनेक परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे, जहां परिजनों ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर यात्रियों को शुभ यात्रा की मंगलकामनाओं के साथ विदा किया।

भारत गौरव ट्रेन को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रीमती मंजूषा भगत (महापौर), हरविंदर सिंह टिनी (सभापति),नीरूपा सिंह (जिला पंचायत अध्यक्ष) सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, जिला प्रशासन तथा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हुए यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु रामलला के दिव्य दर्शन तथा काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन एवं पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा गया है। पूरी यात्रा का संचालन पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी के समन्वय से सुव्यवस्थित रूप से किया जा रहा है।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आरामदायक रेल यात्रा, स्वच्छ एवं सुरक्षित आवास, पौष्टिक शुद्ध शाकाहारी भोजन, पेयजल, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था तथा अनुभवी एस्कॉर्ट दल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा दिव्यांग यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सके।

सीएम साय की सोच है कि आर्थिक स्थिति किसी भी श्रद्धालु की आस्था के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी भावना के अनुरूप रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना केवल दर्शन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशवासियों को उनकी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन गई है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि, रामलला दर्शन योजना सीएम साय के संवेदनशील नेतृत्व की ऐसी जनकल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने का अभियान है। मैं सभी श्रद्धालुओं से प्रार्थना करता हूं कि, वे प्रभु श्रीराम और बाबा विश्वनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के कल्याण की कामना करें तथा यात्रा से लौटकर अपने अनुभव समाज के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों।

यात्रा पर रवाना होने वाले श्रद्धालुओं ने भी भावुक होकर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। अनेक बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने कहा कि, जीवनभर इच्छा होने के बावजूद आर्थिक परिस्थितियों के कारण अयोध्या और काशी की यात्रा संभव नहीं हो पाई थी, लेकिन सीएम साय की इस योजना ने उनका वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने कहा कि, सरकार ने उन्हें सम्मानपूर्वक भगवान श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के दर्शन का अवसर देकर उनके जीवन की सबसे बड़ी मनोकामना पूर्ण कर दी है। एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि, हमने कभी नहीं सोचा था कि, इतनी अच्छी व्यवस्था के साथ अयोध्या और काशी की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। सीएम साय और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने हम जैसे सामान्य परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया है। हम सभी उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

एक वरिष्ठ श्रद्धालु ने कहा कि, सरकार ने हमारी पूरी यात्रा की चिंता अपने ऊपर ले ली है। भोजन, आवास, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी व्यवस्थाएं होने से हम पूरी निश्चिंतता और श्रद्धा के साथ यात्रा कर रहे हैं। यह योजना वास्तव में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सीएम साय के नेतृत्व तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के सतत प्रयासों से संचालित रामलला दर्शन योजना आज प्रदेशवासियों की आस्था को सम्मान देने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह योजना श्रद्धालुओं को केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन ही नहीं करा रही, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकात्मता से भी जोड़ रही है। सरगुजा संभाग से रवाना हुई भारत गौरव ट्रेन इसी जनसेवा, सुशासन और जनआस्था के सशक्त समन्वय का प्रेरक उदाहरण है।

बलौदाबाजार में बड़ा सड़क हादसा, गड्ढे में उछली एम्बुलेंस, 6 लोग घायल

बलौदाबाजार में बड़ा सड़क हादसा, गड्ढे में उछली एम्बुलेंस, 6 लोग घायल

 बलौदाबाजार। जिले में खस्ताहाल सड़कों की समस्या एक बार फिर गंभीर सड़क हादसे की वजह बन गई। कसडोल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 130-बी (NH-130B) पर सड़क के गड्ढे से अनियंत्रित होकर एक एम्बुलेंस पलट गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को डायल-112 पुलिस टीम, स्थानीय ग्रामीणों और निजी एम्बुलेंस की मदद से कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। यह दुर्घटना गुरुवार दोपहर कसडोल-कटगी मुख्य मार्ग पर ग्राम पीसीद स्थित जायसवाल ढाबा के पास हुई।

जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस क्रमांक CG 04 PP 4032 रायपुर से मरीजों का इलाज कराकर ओडिशा के बरगढ़ जिले की ओर लौट रही थी। वाहन में मरीज, उनके परिजन, चालक और हेल्पर सहित कुल आठ लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही एम्बुलेंस ग्राम पीसीद के पास मुख्य सड़क पर बने पुल के नजदीक पहुंची, सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे से वाहन अचानक उछल गया।

नस्तीबद्ध तेज रफ्तार होने के कारण चालक एम्बुलेंस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क पर ही पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों तथा स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कसडोल थाना की डायल-112 (बाज-01) टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। आरक्षक आशुतोष बंजारे और चालक केशव प्रसाद साहू ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से एम्बुलेंस के भीतर फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान ग्राम छांछी के निजी एम्बुलेंस चालक हरनारायण साहू भी अपनी दो एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हादसे में घायल हुए लोगों में क्वाता भोई (60), नारायण हाथी (40), गोवर्धन खोड़िया (80), सरोज खड़िया (30), जगन्नाथ भाट (45) और हलधर खोड़िया (66) शामिल हैं।

सभी घायल ओडिशा के बरगढ़ जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं। दुर्घटना में किसी के सिर, किसी के हाथ-पैर, छाती, पीठ और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार छह घायलों में से दो की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जबकि अन्य चार लोगों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। राहत की बात यह रही कि एम्बुलेंस चालक और हेल्पर इस हादसे में सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि कसडोल-कटगी मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।

कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया और एम्बुलेंस को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और गड्ढों को भरने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने की जनसंपर्क विभाग के 'मुस्कुराता बस्तर' पहल की सराहना

मुख्यमंत्री साय ने की जनसंपर्क विभाग के 'मुस्कुराता बस्तर' पहल की सराहना

 कार्टून कला बच्चों में रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

कार्टून वॉच पत्रिका के संपादक  त्र्यंबक शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात

'मुस्कुराता बस्तर' प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की स्मारिका की भेंट

रायपुर 6 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में कार्टून वॉच के संपादक  त्र्यंबक शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री  साय को बस्तर में आयोजित 'मुस्कुराता बस्तर' अभियान के अंतर्गत कार्टून प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की विस्तृत जानकारी दी तथा इस अभिनव पहल पर आधारित स्मारिका भी भेंट की।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि कला समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। कार्टून केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों को सरल, सहज और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने की सशक्त विधा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो उनमें आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, तार्किक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कला, साहित्य, खेल और संस्कृति जैसी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।

उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच के द्वारा 'मुस्कुराता बस्तर' अभियान के तहत जगदलपुर सहित बस्तर अंचल के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्टून प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित कार्टूनिस्टों ने बच्चों को कार्टून कला की बारीकियों, रेखांकन, व्यंग्य की अभिव्यक्ति, दृश्य संप्रेषण और रचनात्मक सोच के विविध आयामों से परिचित कराया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने तथा सामाजिक विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।