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हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे, डेढ़ लाख की आय

हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे, डेढ़ लाख की आय

 रायपुर। हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश में राष्ट्रप्रेम के साथ महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आ रही है। बलरामपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने हाथों से तिरंगा ध्वज तैयार कर रही हैं। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार का नया अवसर भी प्रदान कर रही है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में तैयार किए गए तिरंगे अब सी-मार्ट के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। नागरिक इन हस्तनिर्मित तिरंगों को खरीदकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में फहरा रहे हैं।

 

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी

 


जिले में 07 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में 06 स्व-सहायता समूहों की 30 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से तिरंगा निर्माण कार्य से जुड़ी हुई हैं। महिलाओं ने अब तक 10 हजार तिरंगे तैयार किए हैं। इनमें से 2500 तिरंगे सी-मार्ट में बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए, जिनमें 2490 तिरंगों की बिक्री हो चुकी है। तिरंगों की कीमत उनके आकार के अनुसार 30, 50 और 100 रुपये निर्धारित की गई है। इस कार्य से समूहों को अब तक लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है।
महिलाएं कपड़े की कटिंग, सिलाई, तीनों रंगों के संयोजन तथा अशोक चक्र लगाने तक की पूरी प्रक्रिया स्वयं कर रही हैं। इससे न केवल उनके कौशल का विकास हो रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।

 

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी

 


भवानी समूह की सदस्य सुधा प्रजापति ने बताया कि देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे को अपने हाथों से तैयार करना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वहीं समूह से जुड़ी रिंकी सोनी ने कहा कि सी-मार्ट के साथ-साथ जनपद पंचायत मुख्यालयों में भी तिरंगों की बिक्री की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार तिरंगे खरीदकर हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ सकें।
प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सी-मार्ट को प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया गया है। इससे स्थानीय महिलाओं के हुनर को पहचान मिलने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

 रायपुर। विधानसभा सचिवालय में 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उमंग एवं उल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाया जाएगा । विधान सभा परिसर में प्रात: 8.30 बजे ध्वजारोहण होगा । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक खुला रखा गया है।

विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय हुए शामिल

संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर - इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी है। इसलिए विभाजन की विभीषिका और उससे मिले सबक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्मरण रखना आवश्यक है। विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में अक्षुण्ण रखने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इस त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और अपनों से बिछड़ने के लिए विवश कर दिया। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली। जिन्होंने अपनी आंखों से उस दौर की भयावहता देखी, उनमें से अधिकांश आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की स्मृतियों में वह पीड़ा आज भी जीवित है।

उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोगों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना किया। अपना सब कुछ पीछे छोड़कर उन्होंने नए स्थानों पर लगभग शून्य से जीवन की शुरुआत की। अपने अथक परिश्रम, पुरुषार्थ और जीवटता से उन्होंने स्वयं को पुनः स्थापित किया और देश तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष और साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों के बलिदान और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को उचित सम्मान देने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस केवल अतीत की पीड़ा को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि उस त्रासदी से सीख लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह जानना आवश्यक है कि देश की स्वतंत्रता के साथ विभाजन के समय लाखों देशवासियों को कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी से गुजरना पड़ा था। इतिहास का स्मरण इसलिए भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का यह संकल्प एकजुट और सशक्त समाज की नींव पर ही साकार होगा। छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों और उनकी पीढ़ियों के साथ राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने प्रसिद्ध साहित्यकार अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित अपनी फिल्म ‘पिंजर’ के माध्यम से विभाजन की त्रासदी और मानवीय पीड़ा को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है।

समारोह में विभाजन का दंश झेलने वाले विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और उनके परिवारजनों ने अपने अनुभव एवं स्मृतियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से उस त्रासदी को झेलने वाले अनेक लोग आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी पीढ़ियां उनकी स्मृतियों और संघर्ष की विरासत को संजोए हुए हैं। इन अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इतिहास के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

संगठित रहेंगे तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा : डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी

समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा। राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि 14 अगस्त के इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प दोहराएं कि भारत की एकता और अखंडता पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों के संघर्ष और त्याग को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे अधिकारी थे। उन्होंने अपने घर, संपत्ति और अपनों को खोया, फिर भी कठिन परिस्थितियों में नए सिरे से जीवन खड़ा किया और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। उनके संघर्ष और पुरुषार्थ को भी देश की स्मृतियों में उचित स्थान मिलना चाहिए।

डॉ. द्विवेदी ने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण का दायित्व सिरिल रेडक्लिफ को सौंपा गया था, जो जुलाई 1947 में भारत आए थे। उन्हें बहुत कम समय में सीमा निर्धारण का अत्यंत जटिल कार्य पूरा करना था, जबकि भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना से उनका परिचय सीमित था। उन्होंने कहा कि विभाजन से उपजी पीड़ा और उसके परिणामों को समझना आज भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि इतिहास से मिली सीख ही भविष्य के लिए हमें सचेत करती है।

उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली शक्तियों के प्रति हमें सदैव सजग रहना होगा। राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री  साय मौन जुलूस में हुए शामिल

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक आयोजित मौन जुलूस में भी शामिल हुए। मौन जुलूस के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विस्थापन और विभाजन का दंश झेलने वाले लाखों परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन की विभीषिका का स्मरण किया।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा एवं मोतीलाल साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, संत युधिष्ठिर लाल जी, स्वामी शिवस्वरूपानंद जी, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज कुमार झा,  यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन….

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन….

 रायपुर: रायगढ़ के स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आज छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति की साधारण सभा (स्वशासी समिति) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। बैठक में वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत / निर्माण कार्यों हेतु रू. 50 करोड़ का अनुमोदन दिया गया। साथ ही लोक निर्माण विभाग को ये हिदायत दी गयी कि कार्य गुणवत्ता पूर्ण और दिखने में भी बेहतर होना चाहिए। चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय में भर्ती मरीजों का आयुष्मान योजना से आवश्यकतानुसार, अति आवश्यक आकस्मिक दवाईयों को नियमानुसार क्रय किये जाने की मंजूरी प्रदान की गई । इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को उच्च स्तरीय जांच सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय हेतु आवश्यक टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, कम्प्यूटर ऑपरेटर, इत्यादि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के आवश्यकता अनुसार पदों पर आऊटसोर्स के माध्यम से भर्ती किये जाने का निर्णय भी स्वशासी समिति द्वारा लिया गया।

समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ में एड्स मरीजों के लिये ART सेटर प्रारंभ करने एवं कैंसर मरीजों के लिये कीमोथेरेपी की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इस दौरान बैठक में समिति द्वारा एमबीबीएस एवं एमएस/ एमडी के प्रत्येक लेक्चर हॉल ,डेमो हॉल को हाईटक बनाने हेतु इंटरेक्टिव पैनल लगाये जाने सहित चिकित्सकों एवं छात्र-छात्राओं को पेपर पब्लिकेशन, वर्कशॉप, कांफ्रेंस अधिक संख्या में आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन

बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मरीज हित में तत्काल आवश्यकता संबंधी दवाईयाँ, केमिकल्स, किट्स, ग्लासवेयर इत्यादि छोटी-छोटी सामग्रियों के शीघ्र क्रय हेतु सभी क्लिनिकल विभागाध्यक्षों को स्वशासी मद से अग्रिम राशि रू. 5000/- प्रदान कर जिला कोषालय के माध्यम से नियमित बजट से समायोजन किया जा रहा है। अतएव विभागाध्यक्षों को दिये जा रहें अग्रिम राशि को स्वशासी मद से व्यय मान्य किया जाने की स्वीकृति प्रदान की गई ।

बैठक में लिए गए निर्णयों से चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुंच में व्यापक सुधार होने की अपेक्षा व्यक्त की गई। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करते हुए आमजन को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाजन के पीड़ितों को दी विनम्र श्रद्धांजलि…..

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाजन के पीड़ितों को दी विनम्र श्रद्धांजलि…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलने वाले लाखों निर्दाेष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

’विभाजन देश के इतिहास की एक अत्यंत पीड़ादायक त्रासदी’

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि 1947 का विभाजन भारत के इतिहास का एक अत्यंत दुखद अध्याय था। इस दौरान असंख्य लोगों ने अपनों को खोया और लाखों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर बेघर होना पड़ा। यह वेदना देश की सामूहिक स्मृति में दर्ज है। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी निर्दाेष लोगों के त्याग, असीम संघर्ष और पीड़ा को याद करने का अवसर है, जिन्होंने उस भयावह दौर का सामना किया।

’राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर बल’

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह दिवस हमें सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे की डोर को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। हमें इस त्रासदी से सीख लेते हुए समाज में प्रेम, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। एक एकजुट, समरस और संगठित समाज ही एक सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण की असली आधारशिला है। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने विभाजन की विभीषिका में अपनी जान गंवाने वाले सभी निर्दाेष नागरिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सरगुजा जिले के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी छात्र-छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की। अंबिकापुर क्षेत्र के सात शासकीय विद्यालयों के लगभग 50 विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री साय ने आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभव, रुचियों तथा भविष्य के सपनों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौर में देखा गया सपना और उसे पूरा करने के लिए किया गया परिश्रम जीवन की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सफलता का अर्थ केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना नहीं है। आज युवाओं के लिए शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, खेल, तकनीक, प्रशासन, उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी प्रतिभा और रुचि होती है। आवश्यकता इस बात की है कि वह अपनी क्षमता को पहचाने, सही लक्ष्य चुने और पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसे हासिल करने में जुट जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रदेश की विभिन्न प्रतिभाओं और उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तित्वों के प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विस्तार हुआ है। आज छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित हैं, जहां प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के मन में नई जिज्ञासा पैदा करने के साथ उनके सपनों को नया विस्तार देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्रीसाय ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से परिचित कराने और उन्हें भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने माता-पिता, विद्यालय तथा प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के संपूर्ण जीवन की नींव होता है। जिस प्रकार किसी मजबूत भवन के लिए उसकी नींव मजबूत होना आवश्यक है, उसी प्रकार उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, परिश्रम और समय का सदुपयोग आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण समय का उपयोग अपने लक्ष्य को पहचानने, ज्ञान अर्जित करने और व्यक्तित्व निर्माण में करने का आह्वान किया।शैक्षणिक भ्रमण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनकालों, बकिरमा, सुखरी, रामपुर, मेंड्राकला एवं करजी तथा शासकीय सेजेस केशवपुर के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी), ट्राइबल म्यूजियम और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय सहित विभिन्न प्रमुख संस्थानों एवं स्थलों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने इन संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन के अवसरों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। राजधानी और नवा रायपुर के प्रमुख संस्थानों को नजदीक से देखने का अनुभव विद्यार्थियों के लिए उत्साहवर्धक रहा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य पायल सिंह तोमर सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

राजनांदगांव में राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का समापन- डॉ. रमन सिंह और अरुण साव ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह….

राजनांदगांव में राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का समापन- डॉ. रमन सिंह और अरुण साव ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह….

 रायपुर: दिग्विजय स्टेडियम, राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए, विशेष अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और सांसद श्री संतोष पाण्डेय उपस्थित रहे। एलिगेंट कॉमर्स एवं आईटी कॉलेज तथा एनआरसीए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 125 से अधिक बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान अतिथियों ने स्वयं बच्चों के साथ शतरंज की बाजियां खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया।

छोटे पौधे ही बनते हैं विशाल बरगद

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जैसे वृक्षारोपण के समय एक छोटा पौधा बाद में विशाल बरगद बनता है, वैसे ही आज के ये बाल-खिलाड़ी भविष्य में ग्रैंडमास्टर और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनेंगे। उन्होंने कहा कि खेल में हार-जीत से निराश होने के बजाय सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।

जो खेलेगा, वही खिलेगा

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश ‘जो खेलेगा, वही खिलेगा’ का जिक्र करते हुए कहा कि खेल का मैदान केवल खिलाड़ी ही नहीं बनाता, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ दृष्टिकोण भी विकसित करता है। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी की सराहना की।

एक ही परिसर में बहुआयामी खेल सुविधाएं

डॉ. रमन सिंह ने बताया कि दिग्विजय स्टेडियम में बास्केटबॉल, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसी गतिविधियों का एक साथ संचालन युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर वातावरण प्रदान कर रहा है।

विजेताओं का सम्मान

कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों द्वारा प्रतियोगिता के विजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, दिग्विजय स्टेडियम के सचिव श्री रमेश पटेल, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

ब्रेकिंग : अध्यक्ष एवं सदस्यों का मनोनय, विभाग ने जारी किया आदेश,जानिए किसे मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट……

ब्रेकिंग : अध्यक्ष एवं सदस्यों का मनोनय, विभाग ने जारी किया आदेश,जानिए किसे मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के अभिकरणों-प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को मनोनयन किया गया है। सूची में कई लोगों के नाम शामिल हैं। 

देखें पूरी सूची….

Independence Day 2026: रायपुर में CM विष्णु देव साय करेंगे ध्वजारोहण, जानिए कौन कहां फहराएगा तिरंगा

Independence Day 2026: रायपुर में CM विष्णु देव साय करेंगे ध्वजारोहण, जानिए कौन कहां फहराएगा तिरंगा

 रायपुर।  स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय समारोहों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे तथा राज्य की विकास यात्रा और भावी योजनाओं को साझा करेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी सूची के अनुसार प्रमुख जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव जिला मुख्यालय में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता को संबोधित करेंगे। बिलासपुर जिला मुख्यालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, दुर्ग जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, बस्तर जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

सरगुजा जिला मुख्यालय में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिला मुख्यालय में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में वन मंत्री केदार कश्यप, कबीरधाम जिला मुख्यालय में उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

इसी प्रकार रायगढ़ जिला मुख्यालय में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कांकेर जिला मुख्यालय में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सूरजपुर जिला मुख्यालय में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा जिला के जिला मुख्यालय में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, जशपुर जिला मुख्यालय मेंपर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, बालोद जिला मुख्यालय में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के जिला मुख्यालय में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिला मुख्यालय में सांसद विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला के जिला मुख्यालय में सांसद संतोष पांडेय, कोंडागांव जिला मुख्यालय में सांसद भोजराज नाग, बलरामपुर जिला मुख्यालय में सांसद चिंतामणि महाराज, सारंगढ़-बिलाईगढ़  जिला के जिला मुख्यालय में  सांसद राधेश्याम राठिया स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

गरियाबंद जिला मुख्यालय में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सक्ती जिला मुख्यालय में सांसद कमलेश जांगड़े, बीजापुर जिला मुख्यालय में सांसद महेश कश्यप, सुकमा जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिला के जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

कोरबा जिला मुख्यालय में विधायक अमर अग्रवाल, धमतरीजिला मुख्यालय में विधायक अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला के जिला मुख्यालय में विधायक धरमजीत सिंह, मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक  पुन्नूलाल मोहले, कोरिया जिला मुख्यालय में विधायक भैया लाल राजवाड़े, नारायणपुर जिला मुख्यालय में विधायक लता उसेंडी, स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण के बाद जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

उत्कृष्ट टिकट चेकिंग प्रदर्शन करने वाले 14 रेलकर्मियों को मंडल रेल प्रबंधक ने किया सम्मानित

उत्कृष्ट टिकट चेकिंग प्रदर्शन करने वाले 14 रेलकर्मियों को मंडल रेल प्रबंधक ने किया सम्मानित

 रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के उत्साहवर्धन एवं उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना के उद्देश्य से आज मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर श्री दयानंद द्वारा जुलाई 2026 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले टिकट चेकिंग कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ सुस्कर विपुल विलासराव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री अविनाश कुमार आनंद सहित सम्बंधित कर्मचारी उपस्थित रहे ।

मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके समर्पण एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की गई। यह पहल टिकट चेकिंग स्टाफ के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगामी महीनों में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। टिकट चेकिंग कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे प्रभावी टिकट जांच कार्य से न केवल रेल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि यात्रियों को उचित टिकट के साथ यात्रा करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने से अन्य कर्मचारियों में भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं बेहतर प्रदर्शन की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

जुलाई 2026 माह में रायपुर रेल मंडल के स्टेशन टिकट चेकिंग, लाइन टिकट चेकिंग एवं रायपुर एवं दुर्ग स्क्वाड चेकिंग श्रेणियों के अंतर्गत सर्वाधिक टिकट चेकिंग आय अर्जित करने वाले प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष पांच-पांच कर्मचारियों कुल 14 टिकट चेकिंग स्टाफ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
टिकट चेकिंग लाइन स्टाफ में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए-  बी. एल. कैवर्त्य, टीटीई/ रायपुर,  श्याम लाल, टीटीई/ रायपुर,  देवरत मल, सीटीआई/ रायपुर, रवि के. महिलांग, टीटीई/ रायपुर,  एम. के. एस. पोर्टे, टीटीई/ दुर्ग सम्मानित हुए।

स्टेशन टिकट चेकिंग में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए - निरंजन कुमार, सीसीटीसी/ रायपुर,  के. सिमोन, सीसीटीसी/ दुर्ग,  त्रिलोकमणि सिन्हा, सीसीटीसी/ दुर्गअजीत कुमार, सीसीटीसी/ रायपुर सम्मानित हुए।
रायपुर एवं दुर्ग स्क्वाड में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए -  वाई. सुधाकर राव, सीनियर टीई/ रायपुर, शिप्रा घोष, टीटीई /दुर्ग, श्रीमती आर. डी. बर्मन, टीटीई /दुर्ग,  आकांक्षा टिट्टी, टीटीई /दुर्ग, श्रीमती पी. राम बाई, टीटीई /दुर्ग सम्मानित हुए।

स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी

स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी

रायपुर। 15 अगस्त 2026 को देशभर में मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को भव्य, उत्साहपूर्ण और व्यवस्थित रूप से आयोजित करने के लिए शासन द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, राज्य, जिला, उपमंडल और ग्राम पंचायत स्तरों पर आयोजित होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रमों का समय प्रात: 9 बजे के बाद निर्धारित किया गया है।
विभिन्न स्तरों पर आयोजन की रूपरेखा
राष्ट्रीय स्तर (दिल्ली) के लाल किले पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री को सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया जाएगा। राष्ट्रगीत के गायन और राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान, 21 तोपों की सलामी, वायु सेना के हेलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा, प्रधानमंत्री का संबोधन और त्रिरंगे गुब्बारे छोडऩा शामिल होगा।
राज्य स्तर
मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्र ध्वज फहराया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान, पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर तथा मुख्यमंत्री का जनता के नाम संबोधन होगा।
जिला व उपमंडल स्तर
जिला स्तर पर मंत्री, आयुक्त या जिला मजिस्ट्रेट और उपमंडल/प्रखण्ड स्तर पर उपमंडल अधिकारी द्वारा ध्वजारोहण, परेड और संबोधन आयोजित किया जाएगा।
पंचायत व ग्राम स्तर
सरपंच/ग्राम प्रधान द्वारा राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और ग्रामीणों को संबोधन का कार्यक्रम संपन्न होगा।
एक भारत श्रेष्ठ भारत और विशेष अभियान
स्वच्छता एवं पर्यावरण अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक जिले के प्रमुख स्थलों पर 15 दिन से एक महीने का स्वच्छ भारत अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्कूली छात्रों, एनसीसी, एनएसएस और सामाजिक समूहों की भागीदारी होगी। साथ ही सरकारी विभागों और शिक्षण संस्थानों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया जाएगा।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान
एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत राज्यों को अपने स्वतंत्रता दिवस समारोह में अन्य राज्यों के दलों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया गया है ताकि खान-पान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आपसी संबंधों को बढ़ावा मिल सके।
राजभवन में एट होम समारोह और बैंड प्रदर्शन
एट होम समारोह राजभवन/उपराज्यपाल निवास में शाम 6 बजे के बाद एट होम कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें सामान्य प्रोटोकॉल के अलावा दिव्यांगजनों, पद्म पुरस्कार विजेताओं, शहीदों के परिजनों, कोरोना योद्धाओं, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों, शिक्षकों और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों सहित समाज में योगदान देने वाले 25 से 50 विशेष आमंत्रण आरक्षित रहेंगे।
देशभर में बैंड प्रदर्शन
नागरिकों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए देशभर में लगभग 343 प्रमुख स्थानों पर पुलिस और सैन्य बैंड का प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। लोकभवन के कार्यक्रमों में स्कूली बैंडों की प्रतियोगिता के विजेताओं को भी प्रस्तुति का मौका दिया जाएगा।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 3 दिन सक्रिय रहेगा मानसून; कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 3 दिन सक्रिय रहेगा मानसून; कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बने नए मौसम तंत्र के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासतौर पर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान दुर्ग में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजधानी रायपुर के तापमान में भी करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिला। केल्हारी, कुटरू, सुकमा और वाड्रफनगर में करीब 5-5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बलरामपुर, सामरी और दंतेवाड़ा में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा हुई।

कुसमी, जगरगुंडा, रघुनाथनगर, कटेकल्याण, बीजापुर, गीदम और तोंगपाल में करीब 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं दोर्नापाल, सरसीवा, लटोरी, जनकपुर-भरतपुर, सोनहत, कोटाडोल, छिंदगढ़ और बगीचा में लगभग 1-1 सेंटीमीटर बारिश हुई।

रायपुर में भी बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में शुक्रवार को मौसम बदला हुआ रह सकता है। सुबह से आसमान में बादल छाए रहने और कई इलाकों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में खराब मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

इन क्षेत्रों में मौसम के अचानक बिगड़ने और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की आशंका है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में यलो अलर्ट

इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है।

जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में भी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है। इस दौरान कई जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण रह सकते हैं, जहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

ऐसे में लोगों को तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति दिलीप सिंह जूदेव का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री साय

राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति दिलीप सिंह जूदेव का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित रहा। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा, उनके स्वाभिमान और सामाजिक जागरण के लिए उन्होंने आजीवन कार्य किया। समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय जुड़ाव था। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में उन्होंने समाज को संगठित करने, लोगों में आत्मविश्वास जगाने और उनकी आवाज को मजबूती देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  जूदेव जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढिय़ों को समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे। इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय से निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने की सौजन्य मुलाकात

 00 भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय : साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने डॉ. द्विवेदी का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के बीच भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य तथा सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है। उनके द्वारा ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने का कार्य उल्लेखनीय है। मुख्यमंत्री साय ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक चाणक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, उनके राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ी ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री  साय के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे।

तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक - टंक राम वर्मा

तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक - टंक राम वर्मा

 00 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में दें योगदान

00 15 अगस्त के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री ने नागरिकों से की हर घर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के मान-सम्मान की रक्षा करने की अपील

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर जिले के तिल्दा में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महिमा और देश के गौरवशाली इतिहास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हमारे तिरंगे का हरा रंग देश की शांति, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि इसके मध्य में स्थित अशोक चक्र हमें बिना रुके निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह ध्वज हमारी एकता और अखंडता का वह अनुपम प्रतीक है, जिसके मान-सम्मान की रक्षा के लिए देश के लाखों वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी है। 

स्वाभिमान से फहराएं तिरंगा, बनाए रखें ध्वज की गरिमा
राजस्व मंत्री  वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक 15 अगस्त के पावन अवसर पर अपने-अपने घरों में पूरे स्वाभिमान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं। इसके साथ ही उन्होंने ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहारूष्उत्सव के बाद राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए। सड़क, गली या किसी भी अनुचित स्थान पर तिरंगा गिरा हुआ न दिखाई दे, इस बात का ध्यान रखना हम सभी का परम नैतिक कर्तव्य है।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
देश के स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा रखते हुए वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक एक सशक्त, समर्थ व विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का जो दूरदर्शी विजन रखा गया है, उसे हम सब मिलकर साकार करेंगे।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, उपाध्यक्ष  पलक सुखमणि, पूर्व अध्यक्ष  महेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। देशभक्ति के नारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।a

राज्यपाल डेका ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का किया विमोचन

राज्यपाल डेका ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का किया विमोचन

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज रायपुर के 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश सुल्तानिया द्वारा लिखित पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का विमोचन किया। उन्होंने दिव्यांश के रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिव्यांश ने अपने दादा की प्रेरणा से इस पुस्तक की रचना की है। पुस्तक में एक युवा छात्र के दृष्टिकोण से ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़े विचारों, सवालों और उसकी अपनी समझ को सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है। कम उम्र में गंभीर और विचारपरक विषय पर पुस्तक लिखने के दिव्यांश के प्रयास को राज्यपाल ने सराहनीय बताया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने मास्टर दिव्यांश की दूसरी पुस्तक 'फ्रॉम पॉकेट मनी टू पोर्टफोलियो' के कवर को भी लॉन्च किया। यह पुस्तक बच्चों और युवाओं में कम उम्र से ही पैसे की बचत, निवेश और वित्तीय जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से छात्र द्वारा लिखी जा रही है। इसमें गुल्लक के माध्यम से बचत की आदत विकसित करने और बचाई गई राशि के उचित निवेश के विचार को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में पढऩे, लिखने और नए विषयों पर विचार करने की आदत विकसित करना उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दिव्यांश को अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की ललक को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दिव्यांश के पिता श्री सुधीर सुल्तानिया, माता श्रीमती सरिता सुल्तानिया सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

जैतूसाव मठ में आज से सावन झूला महोत्सव

जैतूसाव मठ में आज से सावन झूला महोत्सव

रायपुर। धर्म और परम्परा के ध्वजवाहक शहर के प्राचीनत्तम जैतू साव मठ में हर साल की भांति इस बार भी शुक्रवार 14 अगस्त से भव्य सावन झूला महोत्सव शुरु हो रहा है जो कि रक्षा बंधन पर्व तक चलेगा। आयोजन के संदर्भ में जानकारी देते हुए अजय तिवारी ने बताया किमहोत्सव के दौरान भगवान राधा कृष्ण जी भव्य व आकर्षक सोने चांदी से जडि़त 6 फीट ऊंचे झूले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। प्रतिदिन शाम चार बजे  राधाकृष्ण जी की झूलाआरती होगी,रोजाना अलग अलग प्रकार के व्यंजनों का प्रसादी लगेगा। महिला मंडल के सदस्य रोज शाम भक्ति सत्संग करेंगे।

 तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक  मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

"तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है।' - मोतीलाल साहू , विधायक ग्रामीण, छत्तीसगढ़

रायपुर: छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में नए विद्यार्थियों के स्वागत और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आयोजित पंद्रह दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी विशेष दिवस का आयोजन किया गया। ज्ञान, अनुशासन और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और अतिथियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब जी को सादर आमंत्रित किया गया था। किन्हीं अपरिहार्य कारणों से वो कार्यक्रम में आ न सके परन्तु उन्होंने छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश भेजा । वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक मोतीलाल साहू जी ने मंच की शोभा बढ़ाई।
समारोह में तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अमिताभ दुबे, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान तथा इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष (बेसिक साइंसेस एंड ह्यूमैनिटीज) डॉ. श्वेता चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही सत्र में डॉ. आर. एस. परिहार, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल विभाग, डॉ. अजय गर्ग, विभागाध्यक्ष, सिविल विभाग, डॉ. अजय त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल विभाग, डॉ. एस. डी. दीवान, परीक्षा प्रभारी सहित अभिभावक, छात्र-छात्रा,  शिक्षक गण की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
अतिथियों का हुआ पारंपरिक स्वागत
विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी का भी श्रीफल, राजकीय गमछा और पुष्पगुच्छ भेंट कर   आदर-सत्कार किया।

समारोह के दौरान इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मंच से पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस विस्तृत इंडक्शन प्रोग्राम की रूपरेखा (Outline) प्रस्तुत की, जिसमें छात्रों के सर्वांगीण विकास और ओरिएंटेशन की पूरी कार्यप्रणाली समझाई गई। उन्होंने छात्रों को समझाइश देते हुए उनसे कहा कि, कक्षा कक्ष के ज्ञान के साथ-साथ नवाचार, रोबोटिक्स और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाने से पीछे न हटें। अनुशासन, निरंतरता और कुछ नया सीखने की ललक ही आपको भीड़ से अलग एक सफल पेशेवर बनाएगी। यह मंच और यह संस्थान आपका अपना परिवार है, जहाँ आपकी हर उड़ान को सही दिशा और आसमान मिलेगा।

इसके बाद, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने महाविद्यालय की उपलब्धियों, उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाओं, संचालित पाठ्यक्रमों और भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत व्याख्या की, जिससे नए विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और बढ़ा। उन्होंने छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए कहा कि,
तकनीकी शिक्षा की यह देहरी आपके सुनहरे भविष्य और सपनों को नया आकार देने का प्रथम चरण है।
इन पंद्रह दिनों का इंडक्शन प्रोग्राम आपके कॉलेज जीवन की मजबूत नींव साबित होगा, जो आपको हर चुनौती के लिए तैयार करेगा।
मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने प्रेरणादायक संदेश में छात्रों के लिए  विशेष बातें कहीं कि, ​तकनीकी शिक्षा केवल एक डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश और समाज के नवनिर्माण की सबसे बड़ी कुंजी है।
​अपनी सोच को किताबों तक सीमित न रखें; नवाचार (Innovation) और नए विचारों को अपनाकर समस्याओं का समाधान खोजना ही एक सच्चे इंजीनियर की पहचान है।
​असफलता से कभी न डरें, क्योंकि हर चुनौती आपके भीतर छिपी हुई असली प्रतिभा को बाहर निकालने का एक नया अवसर होती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र-छात्राओं द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। स्वागत नृत्य के साथ शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी बस्तरिया नृत्य, पंथी नृत्य, रोबोटिक्स प्रदर्शन, स्टार्टअप आइडियाज, एनएसएस की झलकियाँ और विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक और पारंपरिक  मराठी, बंगाली, असमी आदि  राज्यों के विशेष परिधानों के साथ साथ छत्तीसगढ़ के परिधानों का समायोजन सांस्कृतिक धरोहरों के रूप में मंच पर प्रस्तुत कर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
विशिष्ट अतिथि रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी  ने अपने उद्बोधन में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। अनुशासन, अटूट लगन और निरंतर सीखने की जिज्ञासा ही वह मार्ग है जो आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। ​छत्तीसगढ़ के ये युवा केवल इस संस्थान का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश का भविष्य हैं; अपनी पूरी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएं और ऊंचे सपने देखें।
इस विशेष दिवस के सफल आयोजन ने सभी विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है।
 धन्यवाद ज्ञापन में सुश्री डॉ. शशिबाला किंडो ने उपस्थित सभी अतिथियों, पालकों, शिक्षकों, छात्रों, स्टाफ़ आदि को आभार व्यक्त कर किया। इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मीडिया को  जानकारी साझा करते हुए सूचना दी कि, कार्यक्रम में सत्रवार क्या क्या आयोजन किया गया । उक्त कार्यक्रम प्रो. डॉ. एस. के. दबड़गाँव,  अनिल खत्री, डॉ. आर. एन. देवांगन, डॉ. जी. आर. बंजारे,  टी. के. देवांगन, प्रशांत साहू, डॉ. रानी पुष्पा बघेल,  आशीष सिंह ठाकुर, आदि की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ ।
राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह एवं छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन 14 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में

राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह एवं छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन 14 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में

 विभाजन की पीड़ा को स्मरण कर एकता और सद्भाव का संकल्प लेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल करेंगे अध्यक्षता

रायपुर-- देश के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में से एक वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी, विस्थापन, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित राजभवन के पास पुरातत्व संचालनालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में विभाजन की त्रासदी से जुड़े छायाचित्रों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसके माध्यम से नई पीढ़ी को देश के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष से परिचित कराया जाएगा।

राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति  सच्चिदानंद शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित चर्चित चलचित्र ‘पिंजर’ के निर्देशक तथा प्रसिद्ध धारावाहिक ‘चाणक्य’ में अपने अभिनय के लिए भी जाने जाते हैं।

समारोह में पीठाधीश्वर युधिष्ठिर लाल महाराज जी, पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक गण  राजेश मूणत,  सुनील सोनी,  मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन कुमार अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष  यशवंत जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

14 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, लेकिन स्वतंत्रता के साथ देश को विभाजन की ऐसी भीषण त्रासदी से गुजरना पड़ा, जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। भारत के विभाजन के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर, गांव, जमीन-जायदाद और आजीविका छोड़कर अनजान स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। विभाजन के दौरान व्यापक हिंसा, अव्यवस्था और मानवीय पीड़ा का दौर देखने को मिला। असंख्य लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया और लाखों परिवारों का जीवन हमेशा के लिए बदल गया। भारत सरकार की विभाजन संबंधी ऐतिहासिक सामग्री में लगभग दो करोड़ लोगों के प्रभावित होने का उल्लेख मिलता है। 

 

 
 

इसी ऐतिहासिक पीड़ा और विभाजन के दौरान हुए संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2021 को प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य विभाजन के पीड़ितों और विस्थापित परिवारों के संघर्ष एवं बलिदान को सम्मान देना तथा वर्तमान और भावी पीढ़ियों को उस दौर की मानवीय त्रासदी से परिचित कराना है। 

 

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ केवल अतीत के दुखद घटनाक्रम को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य के लिए सीख लेने का अवसर भी है। इस दिवस का मूल संदेश सामाजिक विभाजन, वैमनस्य और दुर्भावना से ऊपर उठकर एकता, सामाजिक सद्भाव, मानवीय संवेदना और परस्पर सहयोग को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दिवस की घोषणा करते हुए विभाजन के दौरान हिंसा और घृणा के कारण विस्थापित हुए लोगों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। सरकार के अनुसार, इस दिवस का उद्देश्य देशवासियों को यह याद दिलाना है कि सामाजिक सद्भाव और एकता को मजबूत रखना राष्ट्र की स्थायी जिम्मेदारी है। 

छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखेगा विभाजन का मानवीय पक्ष

रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित होने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी इस आयोजन का विशेष आकर्षण होगी। प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक छायाचित्रों और घटनाओं के माध्यम से उस समय की परिस्थितियों को सामने लाया जाएगा। विस्थापन के लिए मजबूर परिवार, अपने घर-गांव छोड़कर जाते लोग, शरणार्थी शिविर, पलायन की पीड़ा और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियां नई पीढ़ी को इतिहास के उस अध्याय से जोड़ने का माध्यम बनेंगी।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर में प्रदर्शनी, संगोष्ठी, मौन मार्च, चलचित्र प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा भी विभाजन की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए छायाचित्र प्रदर्शनियों, मौन मार्च, परिचर्चाओं, पुस्तकों के प्रकाशन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया है।  भारत सरकार की ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पहल के अंतर्गत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के लिए व्यापक छायाचित्र प्रदर्शनी सामग्री भी तैयार की गई है। इसका उद्देश्य विभाजन की घटनाओं और उसके मानवीय प्रभाव को दस्तावेजों, छायाचित्रों और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। 

इतिहास के दर्दनाक अध्याय को जानना नई पीढ़ी के लिए जरूरी

1947 का विभाजन केवल राजनीतिक सीमाओं के निर्धारण की घटना नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में आए व्यापक बदलाव की त्रासदी भी थी। अचानक खींची गई सीमाओं ने वर्षों से साथ रह रहे परिवारों, समुदायों और समाजों को प्रभावित किया। बड़ी संख्या में लोगों को अपने पुश्तैनी घर छोड़ने पड़े और नए स्थानों पर शून्य से जीवन शुरू करना पड़ा।

विभाजन की स्मृतियों को सामने लाने का उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास की उस पीड़ा को समझना है ताकि समाज भविष्य में हिंसा, घृणा और विभाजनकारी मानसिकता से बच सके। विभाजन की त्रासदी को याद करना भावी पीढ़ियों को उसके मानवीय मूल्य और प्रभाव समझाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रेरित करने का माध्यम है। 

विभाजन की स्मृतियों को संस्कृति और इतिहास से जोड़ने की पहल

 संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम इसी व्यापक उद्देश्य की कड़ी है। संस्कृति के माध्यम से इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को देश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रसंगों से परिचित कराने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में इतिहास, साहित्य, संस्कृति और चलचित्र जगत से जुड़े वक्ताओं की उपस्थिति इसे विशेष वैचारिक आयाम प्रदान करेगी। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसे इतिहास और संस्कृति की पृष्ठभूमि पर सृजन करने वाले प्रसिद्ध निर्देशक तथा श्री सच्चिदानंद शुक्ला जैसे शिक्षाविद् एवं साहित्यिक दृष्टि रखने वाले वक्ता विभाजन की ऐतिहासिक और मानवीय परिस्थितियों पर अपने विचार साझा करेंगे।

छत्तीसगढ़ में स्मृति, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश

छत्तीसगढ़ में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर सामने आ रहा है। एक ओर देश 15 अगस्त को अपनी स्वतंत्रता का गौरव मनाएगा, वहीं उससे एक दिन पहले 14 अगस्त को उन असंख्य लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद किया जाएगा, जिन्होंने विभाजन की पीड़ा झेली। मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी और राज्य स्तरीय समारोह के माध्यम से लोगों को इतिहास के उस अध्याय को समझने का अवसर मिलेगा, जिसने स्वतंत्र भारत की यात्रा पर गहरा प्रभाव डाला। यह आयोजन देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को और मजबूत करने का संदेश देगा।

14 अगस्त को दोपहर 12.30 बजे होगा राज्य स्तरीय समारोह

राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह 14 अगस्त 2026 को दोपहर 12.30 बजे रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, पुरातत्व संचालनालय, राजभवन के पास, सिविल लाइन में आयोजित होगा। समारोह के साथ छायाचित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन स्वतंत्रता के उल्लास के साथ इतिहास के दर्द को भी स्मरण करने की भारतीय परंपरा को मजबूत करेगा और यह संदेश देगा कि अतीत की त्रासदियों से सीख लेकर वर्तमान में सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्र की अखंडता को और मजबूत करना ही उन सभी पीड़ितों और विस्थापितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

CG : 15 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में बंद रहेंगी शराब दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किए निर्देश

CG : 15 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में बंद रहेंगी शराब दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किए निर्देश

 रायपुर।  स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त को शराब की सभी अधिकृत दुकानें बंद रहेंगी। राज्य सरकार ने 15 अगस्त को शुष्क दिवस घोषित किया है। इस दौरान प्रदेश में संचालित देशी और विदेशी मदिरा दुकानों के साथ अन्य निर्धारित मदिरा प्रतिष्ठानों में भी शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर की ओर से प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश के मुताबिक जिले में संचालित देशी मदिरा दुकान, विदेशी मदिरा दुकान, कम्पोजिट मदिरा दुकान और मद्य भंडारण भंडारागार को शुष्क दिवस के दौरान पूरी तरह बंद रखना होगा।

इसके अलावा एफएल-3 (ग) पर्यटन बार तथा संबंधित मदिरा भंडारण और दुकानों से जुड़े अहातों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। 15 अगस्त को किसी भी अधिकृत शराब दुकान या संबंधित प्रतिष्ठान से मदिरा की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

अवैध शराब की बिक्री पर भी रहेगी नजर

आबकारी विभाग ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि शुष्क दिवस के दौरान शराब का अवैध विक्रय, अवैध रूप से शराब रखना और उसका परिवहन न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

स्वतंत्रता दिवस के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ शराब की अवैध गतिविधियों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

15 अगस्त को नहीं मिलेगी शराब

यानी छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी और लोगों को इस दिन शराब की बिक्री नहीं की जाएगी। आबकारी विभाग ने सभी जिलों में आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं

 
 
श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि

श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे। जहां उन्होंने श्यामगिरी में हुई 2019 वे घटना स्थल पर पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और स्व. भीमा मंडावी के सहयोगियों ने घटना की विभीषिका को बयां किया।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने अरनपुर और श्यामगिरी में हुई घटनाओं के 13 शहीदों की याद में पौधरोपण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की। मंत्री द्वय ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर प्राप्त हो रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस संवेदनशील पल में सभी की आंखें नम हो गयीं जब उन्होंने अपने साथी रहे और तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक स्व.  भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी से मुलाकात की। सभी ने शहीदों की याद में मौन रखकर उन्हें याद किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि हम लोगों में से सभी ने नक्सल हिंसा में किसी ना किसी को खोया, किसी ने अपना मित्र, किसी ने भाई, पिता, रिश्तेदार, जानने वाले और किसी ने स्वजन को खोया है। उन्होंने बताया कि जब केन्जा नक्सली मनवा माटा अभियान के तहत नक्सल पीडि़त राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे तो एक छोटी सी बालिका ने बताया था कि कैसे उसने नक्सल हिंसा में अपने दोनों आंखों को खो दिया था।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज ने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए हमने बड़ा संघर्ष किया है। कई लोगों की शहादत के बाद आज हम शान से तिरंगा लहरा पा रहे हैं। पहले तिरंगा फहराने पर नक्सलियों द्वारा डराया जाता था, अब कोई भी हमें तिरंगा फहराने से रोकने वाला नहीं है। मतलब अब भारत का संविधान हर कोने में लागू होगा बिना किसी डर के। उन्होंने सभी से अपने घर के तिरंगा लगाने और अपने पड़ोसियों को भी प्रेरित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अगर आप तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो सोशल मीडिया पर तिरंगा जरूर लगाएं और सभी को लगाने को कहें। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता जीत गयी और नक्सलवाद हार गया है। बस्तर की जनता के संकल्प ने नक्सलावाद को जड़ से मिटाने का कार्य किया है

ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नामकरण शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की अनुसंशा करने की बात कही इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने कलेक्टर को निर्देशित किया। इस अवसर पर सभी ने एक पेड़ शहीदों के नाम के तहत पौधारोपण किया और घटना स्थल से मिट्टी लेकर संग्रहित किया। इस दौरान सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुडामी, आईजी बस्तर  बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर, एसपी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

समूह की महिलाओं से की चर्चा

उप मुख्यमंत्री ने वहां आई बिहान समूह की महिलाओं से चर्चा की और उन्हें लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर कार्य करने को कहा। उन्होंने बताया कि अब छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत अब शासन द्वारा सहायता बिहान उत्पादों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है जिसका अवश्य लाभ लें।

राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम विजेताओं से की मुलाकात

मंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन में जाकर आई बस्तर पंडुम विजेता अरनपुर की मांदरी दल से मुलाकात कर उनसे बातें की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में महिलाओं से कहा कि पहले आप दिल्ली में राष्ट्रपति के पास गईं थीं अब राष्ट्रपति भी आपके घर आएंगी चाय पीने। जिसपर सभी ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि वो बस्तर आएं हम भी उनको अपने हांथों से खाना खिलाएंगे।

युवा अपने हौसलों को मजबूत करें और लक्ष्य हासिल करने निरंतर प्रयास करें : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी…..

युवा अपने हौसलों को मजबूत करें और लक्ष्य हासिल करने निरंतर प्रयास करें : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी…..

 रायपुर: उच्च शिक्षा विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ द्वारा गुरुवार को जिला ऑडिटोरियम, बलौदाबाजार में ‘नशामुक्त विकसित भारत, नशामुक्त सशक्त युवा’ एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर युवा नेतृत्व एवं कौशल विकास क्षमता कार्यशाला का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल  उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और सामर्थ्य निहित है। इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जाए तो समाज और देश में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में अनेक युवाओं ने कम उम्र में ही असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस और शहीद भगत सिंह जैसे महान व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।

मंत्री चौधरी ने कहा कि जीवन में कठिनाइयां आएं तो घबराकर हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए। कठिनाइयां हमारी राह में बाधक होने के साथ-साथ हमें मजबूत बनाने वाली साधक भी होती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क पर गड्ढे होने के कारण हम अपनी यात्रा नहीं रोकते, बल्कि उन्हें पार कर आगे बढ़ते हैं। इसी तरह जीवन की चुनौतियों को पार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपने भीतर जुनून पैदा करने और कुछ कर गुजरने की इच्छा रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता के लिए चुनौतियों का सामना करने और सोच-समझकर जोखिम लेने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 24 तक पहुंच चुकी है। राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय महत्व के अनेक संस्थान स्थापित हुए हैं, जिससे युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

 चौधरी ने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिग्री के साथ कौशल भी आवश्यक है। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप कौशल विकसित कर बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार 200 युवाओं को यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। साथ ही विभिन्न विभागों में सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।

मंत्री  चौधरी ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए विचारों के आदान-प्रदान और सीखने का प्रभावी माध्यम है। इसका उपयोग सकारात्मक विचारों, ज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए। युवाओं को नकारात्मक एवं भ्रामक विषयों से दूरी बनाकर सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।

राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति राष्ट्र के सामने एक गंभीर चुनौती है। केवल नशे की आलोचना करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके खिलाफ समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा यदि नशे के चंगुल में फंसते हैं तो इसका नुकसान पूरे राष्ट्र को होता है। उन्होंने संत रविदास के प्रकट उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ को विकसित और अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायकशिवरतन शर्मा, डॉ. सनम जांगड़े,  प्रमोद शर्मा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय कांकेर में राजस्व मंत्री वर्मा करेंगे ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय कांकेर में राजस्व मंत्री वर्मा करेंगे ध्वजारोहण

 कांकेर। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा कांकेर जिला मुख्यालय के नरहरदेव हाइयर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वाजारोहण करेंगे। मंत्री वर्मा परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित गरिमामय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद परेड का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन होगा। कार्यक्रम में हर्ष फायर और मार्च पास्ट के बाद शालेय छात्र-छात्राओं द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति तथा पुरस्कार वितरण किया जायेगा।

सुदृढ़ कृषि व्यवस्था और पारदर्शी सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

सुदृढ़ कृषि व्यवस्था और पारदर्शी सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

 o रायपुर: 15 अगस्त पर विशेष आलेख : ’सुदृढ़ कृषि व्यवस्था और पारदर्शी सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

रायपुर। देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मना रहा है। यह अवसर केवल स्वतंत्रता के गौरव का नहीं, बल्कि विकास की उस सतत् यात्रा का भी है, जिसने भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में खेती-किसानी को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उसे आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित और किसान-केंद्रित बनाने का व्यापक अभियान चलाया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन तथा कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के निर्देशन में कृषि विभाग ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने, उर्वरकों की सतत् निगरानी, पारदर्शी वितरण व्यवस्था तथा गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों को आत्मनिर्भर, समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है कि किसानों को समय पर प्रमाणित खाद-बीज उपलब्ध हो और किसी भी स्थिति में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा नकली उर्वरकों का नुकसान किसानों को न उठाना पड़े। इसी सोच के परिणामस्वरूप खरीफ 2026 में प्रदेश में 48.69 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 11 अगस्त तक 45.62 लाख हेक्टेयर अर्थात लगभग 94 प्रतिशत क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है। किसानों को अब तक 11.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरक तथा 4.55 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। उर्वरकों के 15.55 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 15.83 लाख मीट्रिक टन का भंडारण कर राज्य ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सुगमता से प्रमाणित खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो। इसके साथ ही किसानों को खेती किसानी करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इस उद्देश्य से ठोस रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में तरल नैनो उर्वरक के प्रति किसानों को जागरूक करने का काम भी विभाग के माध्यम से किया जा रहा है।

कृषि क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि उर्वरकों की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के नेतृत्व में विभाग ने नकली एवं अमानक उर्वरकों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में प्रवर्तन कार्रवाइयों में 11.20 गुना वृद्धि दर्ज हुई और कुल कार्रवाई 44 से बढ़कर 493 मामलों तक पहुंच गई। न्यायालयीन प्रकरण 4 से बढ़कर 65, जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 107, लाइसेंस निलंबन 3 से बढ़कर 106, लाइसेंस निरस्तीकरण 2 से बढ़कर 15 तथा विक्रय प्रतिबंध 33 से बढ़कर 189 मामलों तक पहुंचा। पहली बार ग्यारह एफआईआर दर्ज होना विभाग की शून्य सहिष्णुता नीति का प्रमाण है। इन कठोर कदमों ने किसानों का भरोसा मजबूत किया और कृषि आदानों की आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया।

सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रभाव केवल उर्वरकों तक सीमित नहीं है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली। किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टैक, ई-केवाईसी और डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है।

कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार ने कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई और प्राकृतिक खेती पर विशेष बल दिया है। अब तक 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लगभग 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार किया गया है। वहीं 57 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण और कम लागत वाली खेती को प्रोत्साहित किया गया है।

उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्रों में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर पहुंच चुका है। ऑयल पाम और बांस रोपण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि हाईटेक नर्सरी, पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज जैसी अधोसंरचनाएं तेजी से विकसित की जा रही हैं। पशुपालन में दुग्ध उत्पादन, डेयरी भुगतान व्यवस्था और मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हुआ है, वहीं मत्स्य उत्पादन लगभग 23 प्रतिशत बढ़कर 9.59 लाख टन तक पहुंच गया है, जिससे छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों में शामिल हो चुका है।

कृषि विपणन और अधोसंरचना के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां सामने आई हैं। राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से प्रदेश की 21 मंडियां जुड़ चुकी हैं तथा कृषि अवसंरचना निधि के अंतर्गत 1,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 3,026 करोड़ रुपये की उपलब्धि प्राप्त हुई है। बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है तथा रायपुर की शासकीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल मान्यता मिलना राज्य की वैज्ञानिक कृषि व्यवस्था का प्रमाण है।

स्वतंत्रता के 79 वर्षों की इस ऐतिहासिक बेला पर छत्तीसगढ़ का कृषि परिदृश्य स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार की योजनाबद्ध नीति, प्रभावी प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और किसानों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने खेती-किसानी को नई ऊर्जा प्रदान की है। गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता, कठोर गुणवत्ता नियंत्रण, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का समावेश और किसान-केंद्रित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रदेश के कृषि विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध कृषि व्यवस्था की दिशा में एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।

हाईकोर्ट का अहम फैसला: दूसरी पत्नी के बेटे को भी मिल सकती है अनुकंपा नियुक्ति, जानें शर्त

हाईकोर्ट का अहम फैसला: दूसरी पत्नी के बेटे को भी मिल सकती है अनुकंपा नियुक्ति, जानें शर्त

 बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा है कि अगर किसी कर्मचारी की दो शादियां हुई हैं और दोनों पत्नियों से संतान हैं, तो नियमों के तहत दूसरी पत्नी से जन्मे बेटे को भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए योग्य माना जा सकता है। हालांकि, अगर एक ही श्रेणी में दो बेटे दावेदार हैं, तो प्राथमिकता उम्र में बड़े बेटे को दी जाएगी।

यह मामला मुंगेली जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धरमपुरा में पदस्थ पीएन के पद पर कार्यरत ईश्वर सिंह क्षत्रिय की मृत्यु के बाद सामने आया। ईश्वर सिंह का 29 सितंबर 2016 को सेवा के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनके परिवार में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हुआ।

ईश्वर सिंह क्षत्रिय ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी उषा बाई से एक बेटा जितेंद्र सिंह था, जिसकी उम्र 35 वर्ष बताई गई है। वहीं दूसरी पत्नी मिलाडोकिन बाई से बेटा राजकुमार है।

पिता की मृत्यु के बाद दोनों बेटों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। दोनों का दावा सामने आने के बाद यह सवाल खड़ा हुआ कि आखिर नियुक्ति का अधिकार किस बेटे को मिलेगा।

मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि दूसरी शादी से जन्मा बेटा भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए जायज और पात्र दावेदार हो सकता है।

हालांकि, एक ही श्रेणी में दो दावेदार होने की स्थिति में दोनों को समान प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। ऐसी स्थिति में उम्र में बड़े भाई को पहले मौका दिया जाएगा।

यानी दूसरी पत्नी से जन्मे बेटे को सिर्फ इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार से बाहर नहीं किया जा सकता कि वह दूसरी शादी से जन्मा है।

हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2013 के नियम और उसके संशोधित स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ही श्रेणी में दो दावेदार होने पर प्राथमिकता का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

कोर्ट ने ऐसे मामले में पटना हाईकोर्ट के एक पुराने फैसले और बिहार सरकार के मामले का हवाला दिया। उसमें भी दो भाई पात्र होने की स्थिति में ज्येष्ठता यानी उम्र में बड़े भाई को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।

इस आधार पर हाईकोर्ट ने कहा कि यदि बड़ा भाई पात्र है और वह अनुकंपा लेने से इनकार करता है या इसके लिए अयोग्य पाया जाता है, तभी छोटे भाई के दावे पर विचार किया जा सकता है।

ईश्वर सिंह क्षत्रिय की सेवा के दौरान मृत्यु के बाद उनके दोनों बेटों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। मामला सामने आने के बाद दोनों के दावे की स्थिति को लेकर विवाद हुआ।

हाईकोर्ट के फैसले का मुख्य बिंदु यह है कि दूसरी पत्नी से जन्मे बेटे को केवल उसके माता-पिता के वैवाहिक संबंध के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। पात्रता पूरी होने पर उसका दावा भी नियमों के तहत देखा जाएगा।

वहीं, जब एक ही श्रेणी में बड़े और छोटे दोनों भाई पात्र हों, तो पहले बड़े भाई के दावे पर विचार किया जाएगा। बड़े भाई के अयोग्य होने या नियुक्ति लेने से इनकार करने की स्थिति में छोटे भाई को मौका मिल सकता है।