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खेती केवल आजीविका नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खेती केवल आजीविका नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: आधुनिक तकनीकों, नवाचारों और किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों के साथ आत्मीय चर्चा करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए तथा किसानों के प्रश्नों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि वे स्वयं किसान  परिवार से आते हैं और कम उम्र में ही खेती-किसानी तथा परिवार की जिम्मेदारियां संभालने का अवसर मिला। इसी कारण वे किसानों की जरूरतों, चुनौतियों और उनके संघर्ष को निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, आधुनिक तकनीकों और सुविधाओं का अभाव था, लेकिन आज कृषि क्षेत्र में बड़े परिवर्तन आए हैं। मशीनों, वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों के उपयोग से उत्पादकता बढ़ी है तथा किसानों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं तथा कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान गांवों में किसानों से सीधे संवाद के दौरान यह अनुभव हुआ है कि विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाला आत्मविश्वास ही सरकार की योजनाओं की वास्तविक सफलता है।

कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय, कम लागत और अधिक प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है तथा महिलाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके उपयोग से लागत कम होती है, उत्पादन क्षमता बढ़ती है तथा मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।

किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद और उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य और केंद्र सरकार द्वारा आगामी खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है तथा कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है।

कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम जैसी फसलों की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है तथा बदलते समय के अनुरूप किसानों को परंपरागत खेती के साथ-साथ बागवानी, प्राकृतिक कृषि, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज का युवा खेती को केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। यह परिवर्तन कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत सकारात्मक है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने में संकोच न करें। समय के साथ बदलती तकनीकों को अपनाकर सीमित लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीक ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।

CG- मुख्यमंत्री सचिवालय में फेरबदल:अधिकारियों के बीच नए सिरे से बांटा गया काम

CG- मुख्यमंत्री सचिवालय में फेरबदल:अधिकारियों के बीच नए सिरे से बांटा गया काम

 रायपुर- मुख्यमंत्री सचिवालय में अधिकारियों के कामों का पुनर्विभाजन किया गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय की ओर से जारी आदेश में पहले के कार्य विभाजन में आंशिक बदलाव करते हुए अलग-अलग सचिवों और अधिकारियों को विभागवार नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह आदेश मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद लागू कर दिया गया है।”

“प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह के पास रहेंगे अहम विभाग”

“प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय, नीति आयोग, मंत्रिपरिषद, एआईएस अधिकारियों के मामलों, जनघोषणा पत्र, विशेष परियोजनाओं और सीएम डैशबोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है।”

“इसके अलावा उनके पास सामान्य प्रशासन, वित्त, विधि एवं विधायी, खनिज साधन, वाणिज्य एवं उद्योग, गृह, जेल, परिवहन, पर्यटन, संस्कृति, खेल एवं युवा कल्याण, आदिम जाति विकास, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा का दायित्व रहेगा।”

“मुकेश बंसल करेंगे मुख्यमंत्री घोषणाओं की मॉनिटरिंग”

“सचिव मुकेश कुमार बंसल को मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा तथा मुख्यमंत्री सचिवालय के द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।”

“उनके पास जनसंपर्क, कृषि, पशुधन विकास, मछली पालन, सहकारिता, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, ऊर्जा, जल संसाधन, आबकारी तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभागों की समीक्षा का दायित्व रहेगा।”

“मुख्यमंत्री सहायता कोष की जिम्मेदारी पी. दयानंद को”

“सचिव पी. दयानंद मुख्यमंत्री सहायता कोष, विवेकाधीन निधि और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जुड़े मामलों को देखेंगे।”

“उन्हें लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य एवं  परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, जीएसटी, पंजीयन और संसदीय कार्य विभागों की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है।”

राहुल भगत को मुख्यमंत्री निवास और बस्तर की जिम्मेदारी

सचिव राहुल भगत मुख्यमंत्री निवास के समन्वय, बिल भुगतान तथा गैर-सरकारी सदस्यों के नामांकन संबंधी कार्य देखेंगे। साथ ही कुनकुरी और जशपुर जिले के विकास कार्यों की समीक्षा भी उनके जिम्मे रहेगी।

“रजत बंसल देखेंगे सुशासन तिहार और जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामले”

“विशेष सचिव रजत बंसल को सुशासन तिहार, सूचना का अधिकार (RTI) और सांसदों, विधायकों व अन्य जनप्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है।”

“वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आवास एवं पर्यावरण, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, ग्रामोद्योग और विमानन विभागों की समीक्षा करेंगे।”

“प्रभात मलिक संभालेंगे जनदर्शन और जनशिकायत”

“संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को जनदर्शन, जनशिकायत और मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के समय प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है।”

वे राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, नगरीय प्रशासन, आईटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, रोजगार और जन शिकायत निवारण विभागों से जुड़े मामलों की निगरानी करेंगे।

संभागवार अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय

“राज्य के पांच संभागों की निगरानी के लिए भी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है—”

“| संभाग | प्रभारी अधिकारी |
| ——– | —————- |
| रायपुर | मुकेश कुमार बंसल |
| बिलासपुर | पी. दयानंद |
| बस्तर | राहुल भगत |
| सरगुजा | रजत बंसल |
| दुर्ग | प्रभात मलिक |”

“इन अधिकारियों को अपने-अपने संभागों में शासन की योजनाओं की समीक्षा, महत्वपूर्ण घटनाओं की निगरानी और लंबित मामलों के निराकरण का दायित्व दिया गया है।”

अभनपुर क्षेत्र के 16 गांवों की 518 एकड़ जमीन आ रही नई रेल परियोजना के दायरे में

अभनपुर क्षेत्र के 16 गांवों की 518 एकड़ जमीन आ रही नई रेल परियोजना के दायरे में

 00 जिला प्रशासन ने प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों से 30 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने कहा 

रायपुर। नवा रायपुर को नई रेल कनेक्टिविटी देने और प्रस्तावित रेलवे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को गति प्रदान करने के लिए अभनपुर क्षेत्र के 16 गांवों की करीब 518 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी। जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करते हुए प्रभावित किसानों और भू-स्वामियों से 30 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने को कहा है। इससे पहले मंदिर हसौद क्षेत्र में अधिग्रहण की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई थी और अब परियोजना का दायरा अभनपुर तक पहुंच गया है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, मल्टी ट्रैकिंग परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 248 किलोमीटर लंबा रेल प्रोजेक्ट न केवल नवा रायपुर को नई रेल सुविधा से जोड़ेगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। यह कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को ओडिशा से बेहतर रेल संपर्क प्रदान करेगा, जिससे माल परिवहन, औद्योगिक निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। अधिग्रहण की जद में अभनपुर क्षेत्र के पलौद, गिरोला, परसदा, खट्टी, अभनपुर, उरला, सारखी, कोलर, खोरपा, ढोंढरा, बेलभाठा, तर्रा, जामगांव, नवागांव, थनौद और खरखराडीह सहित 16 गांव आएंगे। परियोजना को क्षेत्र के आर्थिक विकास और औद्योगिक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, हालांकि जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और ग्रामीणों की नजरें अब प्रशासनिक प्रक्रिया पर टिकी है।

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल डेका सख्त बोले, नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहीं

अवैध रेत उत्खनन पर राज्यपाल डेका सख्त बोले, नदियों के अस्तित्व से खिलवाड़ मंजूर नहीं

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका ने प्रदेश की नदियों और बड़े नालों में हो रहे अवैध व बेतरतीब रेत उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरण और जल संसाधनों की सुरक्षा के लिए इस पर तत्काल व प्रभावी रोक लगाने के कड़े निर्देश दिए हैं। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि रेत राज्य के विकास और बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निर्माण के लिए एक अनिवार्य खनिज है, परंतु इसके अनियंत्रित और अंधाधुंध दोहन से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुँच रही है।

लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्यपाल ने खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद से इस संवेदनशील विषय पर विस्तृत चर्चा की और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में रेत खनन पूरी तरह से वैज्ञानिक, सुनियोजित और व्यवस्थित तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि विकास की रफ्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच एक आदर्श संतुलन बना रहे।

राज्यपाल ने अवैध उत्खनन से होने वाले दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंधाधुंध खुदाई के कारण नदियों का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। नदी के तल में अत्यधिक गहराई तक खुदाई होने से उनकी जलधारण क्षमता घट रही है, जिसका सीधा प्रतिकूल असर भू-जल स्तर पर पड़ रहा है। नदी तटों के तीव्र कटाव की समस्या बढ़ रही है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्रोत सूख रहे हैं और जलीय जैव विविधता के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नदियों व बड़े नालों की जल क्षमता को बनाए रखने तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अब दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।

भविष्य की कार्ययोजना पर बात करते हुए राज्यपाल डेका ने निर्देश दिए कि रेत खनन से प्रभावित क्षेत्रों का गहन वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इसके लिए आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद ली जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि खनन के सटीक आकलन, तकनीकी अध्ययन और सर्वे के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई आई टी) जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग लिया जा सकता है।

राज्यपाल ने कहा कि निर्माण कार्यों के लिए रेत बेहद जरूरी है, लेकिन इसका दोहन निर्धारित नियमों और वैज्ञानिक मानकों के दायरे में ही होना चाहिए। उन्होंने खनिज विभाग को निर्देशित किया कि अवैध उत्खनन और परिवहन पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी रखी जाए। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए संपूर्ण खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जाए।

डबरी से समृद्धि : मत्स्य पालन और सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भर बने किसान वासम अब्बैया

डबरी से समृद्धि : मत्स्य पालन और सब्जी उत्पादन से आत्मनिर्भर बने किसान वासम अब्बैया

 00 खेत में डबरी, जीवन में खुशहाली : मनरेगा योजना से बीजापुर के किसान की आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत निर्मित डबरियां अब बीजापुर जिले के किसानों के लिए आय बढ़ाने और खेती को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही हैं। जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और अतिरिक्त रोजगार के उद्देश्य से बनाई जा रही इन डबरियों से ग्रामीण किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। जनपद पंचायत भोपालपटनम की ग्राम पंचायत चेरपल्ली के किसान  वासम अब्बैया इसकी प्रेरक मिसाल हैं। जिसकी सराहना वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप ने भी की है।
मनरेगा से मिली डबरी, बढ़ी खेती की संभावनाएं
करीब 2 एकड़ कृषि भूमि वाले किसान वासम अब्बैया की निजी भूमि पर वित्तीय वर्ष 2023-24 में मनरेगा के तहत 2.25 लाख रुपये की लागत से डबरी का निर्माण कराया गया। इस कार्य से 993 मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ और 104 जॉब कार्डधारी परिवारों को काम मिला।

मत्स्य पालन से हुई अतिरिक्त कमाई
डबरी बनने के बाद वासम अब्बैया ने उसमें मत्स्य पालन शुरू किया। पहली बार में उन्होंने लगभग 20 किलोग्राम मछली बेचकर करीब 35 हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की। वर्तमान में डबरी में 40 किलोग्राम मछली बीज डाला गया है, जिससे आने वाले समय में और अधिक आमदनी की उम्मीद है।
सब्जी उत्पादन से मिला लाभ
डबरी के किनारों पर उन्होंने सेमी, बरबट्टी और लौकी जैसी सब्जियों की खेती भी शुरू की। इन सब्जियों के विक्रय से उन्हें लगभग 40 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ। इससे परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
सिंचाई सुविधा से संभव हुई दोहरी फसल
डबरी में वर्षभर उपलब्ध पानी के कारण अब उनकी पूरी कृषि भूमि में नियमित सिंचाई हो रही है। पहले वे केवल वर्षा आधारित खेती करते थे, लेकिन अब सिंचाई सुविधा मिलने से पहली बार दोहरी फसल लेने में सफल हुए हैं। इससे खेती की उत्पादकता और आय दोनों बढ़ी हैं।
जल संरक्षण के साथ आजीविका का सशक्त साधन
रोजगार सहायक कु. रीता यालम के अनुसार, मनरेगा के तहत निर्मित डबरियां जल संरक्षण के साथ-साथ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का सशक्त माध्यम बन रही हैं। इनसे सिंचाई सुविधा बढऩे के साथ मत्स्य पालन और सब्जी उत्पादन जैसी आजीविका गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
ग्रामीण विकास की दिशा में प्रभावी पहल
बीजापुर जिले में डबरी निर्माण कार्य जल संरक्षण, रोजगार सृजन और सतत कृषि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। किसान वासम अब्बैया की सफलता यह साबित करती है कि मनरेगा के तहत निर्मित परिसंपत्तियां ग्रामीण किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में प्रभावी योगदान दे रही हैं।

रायपुर में विकसित होगा विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी एवं वेलनेस सेंटर

रायपुर में विकसित होगा विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी एवं वेलनेस सेंटर

 00 क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के उन्नयन हेतु पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना

रायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा राजधानी रायपुर स्थित क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन एवं रख-रखाव के लिए लाइसेंस आधार पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी मॉडल के तहत एजेंसी नियुक्त करने की महत्वपूर्ण परियोजना प्रस्तावित की गई है। यह पहल रायपुर को एक आधुनिक एवं प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी तथा वेलनेस डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।

परियोजना के तहत क्लब परिसर में स्क्वैश कोर्ट, टेनिस कोर्ट, जिम, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल, बिलियर्ड रूम तथा टेबल टेनिस हॉल जैसी आधुनिक खेल एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित एवं संचालित की जाएंगी। साथ ही वर्तमान अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण भी किया जाएगा।
वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि यह परियोजना रायपुर को एक नए प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे राज्य में निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा गुणवत्तापूर्ण शहरी अधोसंरचना विकास को नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्वींस क्लब ऑफ इंडिया की विशेष आवास योजना के अंतर्गत सांसद एवं विधायक वर्ग के 108 सदस्यों की विशेष सदस्यता पूर्ववत जारी रहेगी। परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान वर्तमान सदस्यों के हितों एवं सुविधाओं का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।

मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि परियोजना को लाइसेंस, डेवलप, ऑपरेट एवं ट्रांसफर मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित योजना के अनुसार क्लब की मौजूदा सुविधाओं का बेहतर संचालन एवं प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा तथा टेनिस कोर्ट क्षेत्र के रिक्त भूभाग पर लगभग 61 कमरों वाले आधुनिक आवासीय एवं हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना में लगभग 25 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास होने के साथ-साथ दीर्घकालिक राजस्व सृजन, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि तथा रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। परियोजना की लाइसेंस अवधि 20 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसमें अतिरिक्त 10 वर्ष तक विस्तार का प्रावधान रहेगा।

देव ने कहा कि शहर के प्रमुख क्षेत्रों से उत्कृष्ट सड़क संपर्क एवं बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह परियोजना निवेशकों और उपयोगकर्ताओं दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी। इसके माध्यम से राजधानी में उच्चस्तरीय आतिथ्य, खेल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का नया केंद्र विकसित होगा।

दिल्ली रेस्टोरेंट अग्नि दुर्घटना में जनहानि पर मुख्यमंत्री ने किया शोक व्यक्त

दिल्ली रेस्टोरेंट अग्नि दुर्घटना में जनहानि पर मुख्यमंत्री ने किया शोक व्यक्त

 रायपुर। बुधवार की सुबह दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में आग की दुर्घटना में हुई जनहानि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा कि यह समाचार अत्यंत दु:खद एवं हृदयविदारक है। इस हादसे में अपनों को खोने वाले सभी शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें, शोकसंतप्त परिवारों को इस कठिन घड़ी में धैर्य और संबल प्रदान करें तथा सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।

राज्यपाल डेका से मुख्य सचिव ने सौजन्य भेंट की

राज्यपाल डेका से मुख्य सचिव ने सौजन्य भेंट की

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में प्रदेश के मुख्य सचिव विकास शील ने सौजन्य भेंट की। भेंट के दौरान मुख्य सचिव ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यो की प्रगति से राज्यपाल को अवगत कराया।

एक्सप्रेस-वे से गुढिय़ारी आने-जाने वाले लोगों को कल से अगले 14 दिनों तक बदलना पड़ेगा रूट

एक्सप्रेस-वे से गुढिय़ारी आने-जाने वाले लोगों को कल से अगले 14 दिनों तक बदलना पड़ेगा रूट

 00 ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

रायपुर। रायपुर स्टेशन यार्ड के बिलासपुर एंड पर स्थित एक्सप्रेस-वे से गुढिय़ारी आने-जाने वाले लोगों को अगले 14 दिनों तक रूट बदलना पड़ेगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मेंटेनेंस कार्य के चलते गुढिय़ारी रेलवे अंडर ब्रिज को 4 जून से 18 जून तक इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक रेलवे स्टेशन की ओर से एक्सप्रेस-वे होते हुए गुढिय़ारी जाने वाले वाहन इस दौरान अंडरब्रिज से नहीं गुजर सकेंगे। रोजाना इस मार्ग का उपयोग करने वाले हजारों लोगों को वैकल्पिक रास्तों से सफर करना होगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा गुढिय़ारी रेलवे अंडरब्रिज-380 में मरम्मत और निर्माण कार्य किए जाने के चलते 4 जून से 18 जून 2026 तक इस मार्ग पर सड़क यातायात बंद रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को तेलघानी नाका ओवरब्रिज और चुनाभट्टी अंडर ब्रिज का उपयोग करने की सलाह दी है। पुलिस ने लोगों से अतिरिक्त समय लेकर निकलने और डायवर्जन प्लान का पालन करने की अपील की है।

रेलवे प्रशासन के मुताबिक रायपुर-गुढिय़ारी (बिलासपुर एंड) स्थित रेलवे समपार 380 में आवश्यक कवर शेड और पाइप डालने का काम किया जाएगा। इसके चलते रेलवे स्टेशन की ओर से गुढिय़ारी जाने वाले अंडरब्रिज मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोकने का फैसला लिया गया है।
रेलवे और ट्रैफिक विभाग का कहना है कि काम पूरा होने के बाद मार्ग को फिर से सामान्य आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।

6 से 9 जून तक होगा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 का आयोजन, अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी

6 से 9 जून तक होगा राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 का आयोजन, अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा-2025 की लिखित परीक्षा की समय-सारिणी घोषित कर दी गई है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार परीक्षा का आयोजन 6 जून से 9 जून 2026 तक निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में किया जाएगा। परीक्षा दो पालियों में प्रात: 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न होगी। 
जारी कार्यक्रम के अनुसार 6 जून 2026 को भाषा एवं निबंध, 7 जून को सामान्य अध्ययन- प्रथम एवं द्वितीय, 8 जून को सामान्य अध्ययन-तृतीय एवं चतुर्थ तथा 9 जून को सामान्य अध्ययन-पांचवीं की परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 सरगुजा (अंबिकापुर), बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर (जगदलपुर) एवं रायपुर के निर्धारित परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित की जाएगी

आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। आयोग ने स्प्ष्ट किया है कि प्रवेश पत्र दिनांक 25 मई 2026 को अभ्यर्थियों को जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाईट www.psc.cg.gov.in से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग कार्यालय द्वारा किसी भी अभ्यर्थी को पृथक से प्रवेश पत्र अथवा प्रवेश पत्र जारी किए जाने संबंधी कोई सूचना या एसएमएस व्यक्तिश: नहीं भेजा जाएगा।

CG - दो तेज रफ्तार वाहनों की आमने-सामने टक्कर में लगी भीषण आग, जिंदा जलकर एक चालक की मौत

CG - दो तेज रफ्तार वाहनों की आमने-सामने टक्कर में लगी भीषण आग, जिंदा जलकर एक चालक की मौत

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां तमनार ब्लॉक स्थित झींगाबहाल क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। दो तेज रफ्तार वाहनों की आमने-सामने सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। हादसे में एक वाहन चालक की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरे वाहन के चालक को समय रहते बचा लिया गया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही तमनार पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए जिंदल उद्योग की फायर ब्रिगेड टीम को भी तत्काल बुलाया गया। दमकलकर्मी आग बुझाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं। फिलहाल आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है।

बिजली क्षेत्र में मजबूत हो रही आधारभूत संरचना, एक साल में बढ़े 1.61 लाख नए बिजली उपभोक्ता, 17 हजार कृषि पंपों को नया कनेक्शन

बिजली क्षेत्र में मजबूत हो रही आधारभूत संरचना, एक साल में बढ़े 1.61 लाख नए बिजली उपभोक्ता, 17 हजार कृषि पंपों को नया कनेक्शन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025-26 के दौरान बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार दर्ज किया गया है, जहां छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत 1502.86 करोड़ रुपए से अधिक के कार्य कर बिजली व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इन प्रयासों का सीधा लाभ प्रदेश के लाखों घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को मिल रहा है, जिससे बिजली सेवाओं की पहुंच का दायरा बढ़ा है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बीते एक वर्ष में 17,184 कृषि पंपों का ऊर्जीकरण किया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर और नियमित बिजली उपलब्ध हो रही है। इससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी सहायता मिल रही है। वहीं उपभोक्ता सेवाओं को तेज और सरल बनाते हुए 1.61 लाख से अधिक नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए, जिससे नए घरों, दुकानों और छोटे उद्योगों को समय पर बिजली उपलब्ध हो सकी।

शहरी क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सैकड़ों कार्य किए गए, जिनमें लाइन अपग्रेडेशन, ट्रांसफॉर्मर स्थापना और नेटवर्क सुधार शामिल हैं। इससे शहरों में वोल्टेज संबंधी समस्याओं तथा बार-बार होने वाले फॉल्ट में कमी आई है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद बिजली आपूर्ति मिल रही है।
बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य में 33 केवी, 11 केवी एवं एलटी लाइनों का बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है तथा अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति की क्षमता और स्थिरता दोनों में सुधार हुआ है।ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए 92 गांवों और 146 बस्तियों तक बिजली सुविधा का विस्तार किया गया। वहीं जनजातीय क्षेत्रों में 19,641 घरों तक बिजली पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के 492 घरों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण किया गया, जो दुर्गम क्षेत्रों में कार्य निष्पादन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इन प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार के लिए आरडीएसएस योजना के तहत 785.56 करोड़ रुपए की लागत से व्यापक तकनीकी कार्य किए गए, जिनमें फीडर पृथक्करण, ओवरलोड कम करना, नए ट्रांसफॉर्मर स्थापित करना तथा हजारों किलोमीटर एलटी लाइन एवं केबल का उन्नयन और प्रतिस्थापन शामिल है। इन सुधारों का लाभ उपभोक्ताओं को स्थिर वोल्टेज, कम ट्रिपिंग और कम बिजली कटौती के रूप में मिल रहा है, जिससे घरेलू एवं व्यावसायिक गतिविधियां अधिक सुचारू हुई हैं।

अब न्याय होगा ऑनलाइन : छत्तीसगढ़ की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना बनी डिजिटल सुशासन की नई मिसाल

अब न्याय होगा ऑनलाइन : छत्तीसगढ़ की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना बनी डिजिटल सुशासन की नई मिसाल

 00 डिजिटल क्रांति से बदल रही है राजस्व न्याय व्यवस्था

लेखक - विष्णु प्रसाद वर्मा, सहायक संचालक
रायपुर।
भारत तेजी से डिजिटल प्रशासन की ओर बढ़ रहा है और इसी दिशा में छत्तीसगढ़ ने राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और आमजन के लिए सहज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य सरकार द्वारा लागू की गई राजस्व ई-कोर्ट परियोजना अब केवल एक तकनीकी व्यवस्था नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण और शहरी नागरिकों के लिए न्याय प्राप्ति की प्रक्रिया को सरल, त्वरित और भरोसेमंद बनाने वाला प्रभावशाली माध्यम बन चुकी है।
वर्षों तक राजस्व मामलों में आम लोगों को तहसील, एसडीएम कार्यालय और कलेक्टर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फौती प्रकरण, खाता सुधार या भूमि विवाद जैसे मामलों में पेशी की तारीख जानने, आदेश की प्रति लेने या केस की स्थिति समझने में समय, धन और ऊर्जा तीनों की भारी खपत होती थी। कई बार बिचौलियों और भ्रष्टाचार का सामना भी करना पड़ता था। लेकिन अब वही पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। छत्तीसगढ़ की ई-कोर्ट परियोजना ने राजस्व न्यायालयों की पारंपरिक कार्यप्रणाली को बदलकर उसे पेपरलेस, स्मार्ट और जनकेंद्रित बना दिया है। नायब तहसीलदार से लेकर कलेक्टर और राजस्व मंडल तक की न्यायिक प्रक्रिया अब ऑनलाइन संचालित हो रही है। इससे न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

ई-कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधान - मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री ने राजस्व ई-कोर्ट परियोजना को सुशासन और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा है कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और जनता के लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग तभी सार्थक माना जाएगा, जब उसका सीधा लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। राजस्व मामलों में वर्षों से चली आ रही जटिलताओं को समाप्त करने के लिए ई-कोर्ट व्यवस्था एक प्रभावी समाधान बनकर सामने आई है। अब नागरिकों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार न्याय प्रक्रिया को लोगों के मोबाइल तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता बढऩे से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका स्वत: समाप्त होगी तथा आम लोगों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, ई-गवर्नेंस केवल तकनीक नहीं, बल्कि जनता को सम्मानपूर्वक और समयबद्ध सेवाएं देने का माध्यम है।
पारदर्शिता और जवाबदेही की नई व्यवस्था
ई-कोर्ट प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें आवेदन प्राप्त होते ही उसका ऑनलाइन पंजीकरण किया जाता है और तत्काल डिजिटल पावती जारी होती है। इससे आवेदक को यह भरोसा मिल जाता है कि उसका आवेदन रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है और अब उसे किसी कर्मचारी या दलाल के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा। इसके बाद की पूरी प्रक्रियाकृजैसे नोटिस जारी करना, इश्तहार प्रकाशित करना, पक्षकारों को सूचना भेजना, सुनवाई की तारीख तय करना और अंतिम आदेश पारित करना सभी ऑनलाइन दर्ज होते हैं। प्रत्येक कार्रवाई डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रहती है, जिससे किसी भी स्तर पर हेरफेर की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। ई-कोर्ट पोर्टल के माध्यम से नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से घर बैठे यह देख सकते हैं कि उनके मामले में पिछली तारीख पर क्या कार्यवाही हुई, अगली पेशी कब है और आदेश जारी हुआ है या नहीं। इससे न्यायालयों के बाहर लगने वाली भीड़ और अनावश्यक भागदौड़ में उल्लेखनीय कमी आई है।
किसानों और ग्रामीण नागरिकों के लिए बड़ी राहत
राजस्व मामलों का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और भू-स्वामियों पर पड़ता है। पहले किसानों को एक छोटी सी जानकारी के लिए भी पूरे दिन का समय निकालकर तहसील मुख्यालय जाना पड़ता था। कई बार केवल अगली तारीख जानने में ही मजदूरी और किराए का नुकसान हो जाता था। अब ई-कोर्ट व्यवस्था ने यह परेशानी काफी हद तक समाप्त कर दी है। किसान अपने गांव के लोक सेवा केंद्र, चॉइस सेंटर या मोबाइल फोन के माध्यम से ही अपने प्रकरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से मजबूती मिल रही है। डिजिटल न्याय व्यवस्था ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन के प्रति विश्वास को भी बढ़ाया है। जब लोगों को अपने आवेदन की ऑनलाइन पावती और हर कार्रवाई की जानकारी समय पर मिलने लगती है, तो पारदर्शिता स्वत: स्थापित होती है।
विवादित जमीनों की जानकारी अब सार्वजनिक
ई-कोर्ट परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि विचाराधीन भूमि विवादों की जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। इससे जमीन खरीदने वाले लोग पहले ही जांच कर सकते हैं कि संबंधित खसरा नंबर पर कोई विवाद या न्यायालयीन प्रकरण लंबित तो नहीं है। यह व्यवस्था फर्जीवाड़े, अवैध बिक्री और धोखाधड़ी रोकने में अत्यंत प्रभावी साबित हो रही है। पहले कई लोग विवादित भूमि खरीदकर वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर काटते रहते थे, लेकिन अब पारदर्शी ऑनलाइन रिकॉर्ड के कारण ऐसी घटनाओं में कमी आई है।
तकनीक के सहारे मजबूत हुआ प्रशासन
राजस्व ई-कोर्ट प्रणाली के सफल संचालन के लिए प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में कंप्यूटर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली और हाई-स्पीड इंटरनेट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इससे न्यायालयों के कार्य निष्पादन की गति बढ़ी है और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हुई है। डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित सर्वर में संग्रहीत होने से अब फाइलों के गुम होने, फटने या रिकॉर्ड में छेड़छाड़ जैसी समस्याएं लगभग समाप्त हो चुकी हैं। प्रशासनिक निगरानी भी आसान हुई है क्योंकि उच्च अधिकारी किसी भी न्यायालय की कार्यवाही ऑनलाइन मॉनिटर कर सकते हैं।
मोबाइल में कोर्ट की दिशा में बड़ा कदम
छत्तीसगढ़ की यह पहल वास्तव में मोबाइल में कोर्ट की अवधारणा को साकार करती दिखाई देती है। अब नागरिकों को केवल जानकारी लेने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आदेश की कॉपी डाउनलोड करने से लेकर केस की स्थिति जानने तक अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ई-कोर्ट व्यवस्था ने यह साबित किया है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और तकनीक का सही समन्वय हो, तो शासन को वास्तव में जनसुलभ बनाया जा सकता है। यह पहल ई-गवर्नेंस को स्मार्ट गवर्नेंस में बदलने का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।
सुशासन की दिशा में प्रभावी पहल
छत्तीसगढ़ सरकार की राजस्व ई-कोर्ट परियोजना केवल तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि आम जनता को न्याय व्यवस्था से सीधे जोडऩे का अभिनव प्रयास है। इसने प्रशासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की है तथा न्यायिक प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्वरित और भरोसेमंद बनाया है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में छत्तीसगढ़ की यह पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। यह परियोजना दर्शाती है कि तकनीक का उपयोग केवल सुविधाएं बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि शासन को अधिक उत्तरदायी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए भी किया जा सकता है। राजस्व न्यायालयों की यह डिजिटल यात्रा वास्तव में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के सपने को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।जहां न्याय, पारदर्शिता और सुविधा अब लोगों की उंगलियों पर उपलब्ध है।

सीजीपीएससी भर्ती घोटाला : सोनवानी, ध्रुव, आरती व ललित के यहां ईडी की दबिश

सीजीपीएससी भर्ती घोटाला : सोनवानी, ध्रुव, आरती व ललित के यहां ईडी की दबिश

 रायपुर-धमतरी-भिलाई-राजनांदगांव। सीजीपीएससी भर्ती घोटाला प्रकरण में ईडी की टीम बुधवार को पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, जेके ध्रुव और पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक व सहायक नियंत्रक ललित गनवीर के ठिकानों पर दबिश दी। समाचार लिखे जाने तक ईडी की कार्रवाई जारी है।

जांच एजेंसी की टीम भिलाई के सेक्टर-10 स्थित रिटायर्ड आईएएस जेके ध्रुव के निवास तथा रायपुर स्थित आरती वासनिक के घर पहुंची। इसके साथ ही ईडी की टीम बुधवार को पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के धमतरी के पास गृह ग्राम सरबदा पहुंची और जांच पड़ताल कर रही है। इसके अलावा राजनांदगांव के स्टेशन पारा स्थित ललित गनवीर के घर पर छापेमारी की। रायपुर में कटोरा तालाब स्थित आरती वासनिक और भिलाई में जेके धुव्र के निवास पर ईडी की कार्रवाई के दौरान परिसर के बाहर सुरक्षा बल के जवान भी तैनात रहे। सोनवानी, ध्रुव और वासनिक वर्तमान में जेल में हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 की चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि चयन प्रक्रिया में हेरफेर कर कुछ अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया तथा प्रश्नपत्र लीक किए गए।

CGBSE Second Main Exam 2026 : CGBSE ने जारी की 10वीं-12वीं द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा 2026 की समय-सारणी, जानिए कब से शुरू होंगे एग्जाम

CGBSE Second Main Exam 2026 : CGBSE ने जारी की 10वीं-12वीं द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा 2026 की समय-सारणी, जानिए कब से शुरू होंगे एग्जाम

रायपुर।  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी द्वितीय मुख्य/अवसर परीक्षा की समय-सारणी जारी कर दी है। मंडल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 12वीं की परीक्षाएं 8 जुलाई से 22 जुलाई 2026 तक तथा 10वीं की परीक्षाएं 9 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक आयोजित की जाएंगी। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक संचालित होंगी।

मंडल के अनुसार हायर सेकेंडरी (12वीं) की परीक्षा हिंदी विषय से 8 जुलाई को शुरू होगी और 22 जुलाई को जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र तथा अन्य विषयों की परीक्षा के साथ समाप्त होगी। वहीं हाईस्कूल (10वीं) की परीक्षा 9 जुलाई को गणित विषय से प्रारंभ होकर 21 जुलाई को ड्राइंग एवं पेंटिंग सहित अन्य विषयों की परीक्षा के साथ संपन्न होगी।
परीक्षा केंद्रों में विद्यार्थियों को सुबह 9 बजे तक उपस्थित होना अनिवार्य होगा। उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण सुबह 9:05 बजे तथा प्रश्नपत्रों का वितरण सुबह 9:10 बजे किया जाएगा। उत्तर लेखन कार्य सुबह 9:15 बजे से शुरू होगा।

 

 

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की नई सौगात दी, 73.53 लाख के उपकरण वितरित

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की नई सौगात दी, 73.53 लाख के उपकरण वितरित

 राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने जिला प्रशासन एवं सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा राजनांदगांव जिले के 252 दिव्यांग हितग्राहियों को 73 लाख 53 हजार रुपये की लागत के सहायक उपकरण वितरित किए।

जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, एलिम्को तथा एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (एआईसी) के सहयोग से आयोजित विशेष शिविर में दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए। यह उपकरण सीएसआर (CSR) मद, एडीआईपी (ADIP) योजना के तहत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (ए.आई.सी.) एवं एलिम्को के सहयोग से प्रदाय करते हुए इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए और दिव्यांगजन भी समाज की अमूल्य शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि सहायक उपकरण केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण साधन हैं।
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिला दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव पहला जिला है जहां 40 प्रतिशत वाले दिव्यांग हितग्राहियों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल सहित अत्याधुनिक सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह प्रयास दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने और उनके जीवन को अधिक सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजनों के चिन्हांकन से लेकर उनकी आवश्यकता के अनुसार उपकरण उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया अत्यंत संवेदनशीलता और समर्पण के साथ संपन्न की गई है। ऐसे प्रयास शासन की जनकल्याणकारी सोच को धरातल पर साकार करते हैं।

कार्यक्रम में कुल 326 सहायक उपकरणों का वितरण किए गए, जिनमें 113 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, 69 ट्राइसाइकिल, 49 व्हीलचेयर, 28 बैसाखी, 38 वॉकिंग स्टिक, 5 सुगम्य केन, 12 टीएलएम किट, 8 सीपी चेयर, 2 सिलिकॉन कुशन तथा 2 स्मार्ट फोन शामिल हैं। हितग्राहियों में राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के 77, डोंगरगांव जनपद के 75, छुरिया जनपद के 64 तथा डोंगरगढ़ जनपद के 36 दिव्यांगजन शामिल रहे।

अपने उद्बोधन के अंत में डॉ. रमन सिंह ने सभी हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इन उपकरणों का सदुपयोग कर वे अपने जीवन को और अधिक सक्षम, सुरक्षित एवं स्वावलंबी बनाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दिव्यांगजन आत्मनिर्भरता की दिशा में नए आयाम स्थापित करेंगे और समाज के लिए प्रेरणा बनेंगे।

इस अवसर पर राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय जी, महापौर मधुसूदन यादव जी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

जन्मदिवस पर मौसमी फलों और लड्डू से तौले गए वित्त मंत्री ओपी चौधरी

जन्मदिवस पर मौसमी फलों और लड्डू से तौले गए वित्त मंत्री ओपी चौधरी

 रायपुर: वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जन्मदिवस के अवसर पर रायगढ़ में क्षेत्रवासियों ने अनूठे अंदाज में उनका सम्मान किया। इस दौरान उन्हें मौसमी फलों एवं लड्डुओं से तौलकर शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक, समर्थक और शुभचिंतक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वित्त मंत्रीओपी चौधरी ने भावुक होते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्रवासियों द्वारा उन्हें जन्मदिवस पर विभिन्न फलों एवं मिठाइयों से तौलना उनके जीवन के सबसे अनमोल क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान क्षेत्रवासियों के स्नेह, प्रेम और उन पर किए गए अटूट विश्वास का प्रतीक है।

चौधरी ने सभी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यह अपनापन और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के प्रति और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी शुभचिंतकों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों को जन्मदिवस पर मिली शुभकामनाओं और स्नेह के लिए धन्यवाद दिया।कार्यक्रम का माहौल उत्साह और उल्लास से भरा रहा तथा उपस्थित लोगों ने वित्त मंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की।

विकास की नई इबारत लिख रहा बिलासपुर, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता

विकास की नई इबारत लिख रहा बिलासपुर, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी प्रतिबद्धता

 रायपुर: केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव आज सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर के पुत्रीबाई स्कूल सामुदायिक भवन में आयोजित जिला स्तरीय शहरी समाधान शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। बिलासपुर के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शिविर में कहा कि जनता के प्रति जवाबदेही ही वास्तविक सुशासन है। सुशासन तिहार ने शासन के प्रति लोगों के विश्वास को और अधिक मजबूत किया है। न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान और गरिमा के अनुरूप विकसित करने के लिए लगातार बड़े पैमाने पर विकास कार्य किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में अतिथियों ने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत 12 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से अरपा राम सेतु से शनिचरी रपटा तक सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य तथा 5 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से कुंदन पैलेस से सहारे गली होते हुए बस स्टैंड तक आरसीसी बॉक्स निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कुल 18 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक के लागत के इन विकास कार्यों से शहर की अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया।

मुख्य अतिथि केंद्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को और सशक्त बनाने का अभिनव अभियान है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश विकास के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। श्री साहू ने कहा कि बिलासपुर आज तेजी से बदलती हुई न्यायधानी के रूप में उभर रहा है। फोरलेन सड़कों का निर्माण, एयरपोर्ट विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयास तथा कोपरा जलाशय का रामसर साइट के रूप में चयन इस क्षेत्र के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कार्य कर रही हैं। बिलासपुर के समग्र विकास के लिए आवश्यक हर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान और शासन के प्रति उसका बढ़ता विश्वास ही सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। सुशासन तिहार ने शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम तैयार किया है, जिससे लोगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिल रही है। उन्होंने कहा कि न्यायधानी बिलासपुर को उसकी पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। विगत दो वर्षों में जिले में 412 करोड़ 57 लाख रुपए से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत और संचालित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति आगे भी जारी रहेगी और न्यायधानी को प्रदेश के सबसे विकसित शहरों में शामिल किया जाएगा। श्री साव ने पुत्रीबाई सामुदायिक भवन में बाउंड्रीवॉल एवं शौचालय निर्माण के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।

बिलासपुर नगर निगम के सभापति श्री विनोद सोनी, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, श्री बंधुलाल मौर्य, श्री राजेश सिंह, श्रीमती सुनीता जगत, श्री विजय ताम्रकार, श्री लक्ष्मीनारायण कश्यप और श्री मोहित जायसवाल सहित पार्षदगण, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा में किया विकास कार्येा का भूमिपूजन

 रायपुर: प्रदेश में इन दिनों सुशासन तिहार आयोजित किया जा रहा है, इसी क्रम में नगर पालिक निगम कोरबा के कोसाबाड़ी जोनांतर्गत वार्ड क्र. 20, 31 एवं 32 में 02 करोड़ 76 लाख रूपये के लागत वाले 05 नये विकास कार्य कराये जाएंगे। प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत की अध्यक्षता में पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन उनके हाथों किया गया। इस अवसर निगम के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर एवं पार्षद अशोक चावलानी एवं अन्य पार्षद व जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट रूप से उपस्थित थे।

नगर पालिक निगम केारबा द्वारा मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से 20 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 20 पथर्रीपारा चंदा यादव घर से सामुदायिक भवन तक भुनेश्वर तिवारी घर से गणेश चौक तक सी.सी. रोड एवं नाली का निर्माण, इसी मद से 15 लाख रूपये की लागत से वार्ड क्र. 32 स्थित नर्सिंग कालेज के सामने से केशवदास के घर तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य कराया जाना हैं। इसी प्रकार अधोसंरचना मद से 97 लाख 08 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में नवीन स्टाल से भद्राशन गली, काली मंदिर गली से दर्शन घर कबीर आश्रम से संजय नगर तक आर.सी.सी. नाली का निर्माण, इसी मद से 94 लाख 49 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 में दुर्गा पण्डाल से ब्लूवर्ड स्कूल तक एवं ब्लू बर्ड स्कूल से उच्च जलागार डॉ. अरोरा गली, सिसोदिया घर से बंझोर गली में रोड डामरीकरण कार्य तथा अधोसंरचना मद से ही 49 लाख 64 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्र. 31 अंतर्गत काली मंदिर से आर.पी.नगर शिवनगर मोड़ तक सी.सी. रोड का निर्माण कार्य भी कराया जाना हैं, पोड़ीबहार में आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत के द्वारा इन सभी विकास कार्याे का भूमिपूजन किया गया।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन देना हमारी सरकार का संकल्प 

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि देश व प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन आमजनता को देना तथा राज्य में सुशासन स्थापित करना, हमारी सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होने कहा कि इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी लंबे समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के बाद अब 12 वर्षाे से देश के प्रधानमंत्री हैं लेकिन उन पर आज तक कोई भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा, इसी प्रकार डॉ.रमन सिंह 15 वर्षाे तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रहे, उन पर भी कभी कोई आरोप नहीं लगा, वहीं विगत सवा दो वर्ष से सहज, सरल स्वभाव के धनी  विष्णुदेव साय राज्य के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन उन पर भी कोई आरोप नहीं लगा। उद्योग मंत्री  देवांगन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने देश के जिलों को जिला खनिज न्यास मद की बहुत बड़ी सौगात दी है, जिससे स्थानीय स्तर पर ही विकास कार्याे हेतु पर्याप्त फंड की व्यवस्था हो रही है तथा व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी ने हमें छत्तीसगढ़ राज्य का तोहफा दिया था, और अब नरेन्द्र मोदी हमारे छत्तीसगढ़ को संवार रहे हैं।

जनता जनार्दन का भरोसा टूटने नहीं दिया जाएगा

इस अवसर पर महापौर   संजूदेवी राजपूत ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरबा की जनता ने पूरे भरोसे के साथ उद्योग मंत्री   लखनलाल देवांगन को कोरबा का विधायक चुना तथा मुझे कोरबा के महापौर का दायित्व सौपा, मैं वचन देती हूॅं कि जनताजनार्दन का यह भरोसा कभी भी टूटने नहीं दिया जाएगा, हम सब कोरबा की जनता के सुख-दुख में हमेशा साथ खडे़ रहेंगे। उन्होने कहा कि जनताजनार्दन की इच्छा का सम्मान करना, उनकी समस्याओं का त्वरित निदान करना तथा सहज रूप से सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना, हमारा प्रथम कर्तव्य है तथा हम सब जनप्रतिनिधि सम्पूर्ण इच्छाशक्ति के साथ इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होने कहा कि कुछ वर्षाे से कोरबा विकास में पिछड़ गया था, किन्तु अब पुनः तेजी से विकास हो रहा है।

निगम के प्रत्येक वार्ड में हो रहे विकास कार्य – इस अवसर पर सभापति  नूतन सिंह ठाकुर ने अपने उद्बोधन मंे कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन एवं महापौर संजूदेवी राजपूत के मार्गदर्शन में निगम के सभी वार्ड में व्यापक रूप से विकास कार्य हो रहे हैं, मुझे प्रसन्नता है कि वार्डाे के विकास कार्याे में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है, केवल कोरबा क्षेत्र की जनता की इच्छा, मांग व उनकी आवश्यकता के अनुरूप ही सभी वार्डाे में समान रूप से विकास कार्य कराये जा रहे हैं। उन्होने कहा कि देश में ट्रिपल इंजन की सरकार होने के कारण ही विगत दो वर्षाे में निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्याे को स्वीकृति मिली है।

बरसों को इंतजार खत्म हुआ 

इस अवसर पर पार्षद एवं पूर्व सभापति श्री अशोक चावलानी ने अपने उद्बोधन में कहा कि रेलवे लाईन बस्ती के इस मार्ग को बरसों से सड़क बनने का इंतजार था, मुझे खुशी है कि आज यह इंतजार खत्म हुआ है, उद्योग मंत्री श्री देवांगन व महापौर श्रीमती राजपूत के द्वारा आज यहॉं अन्य विकास कार्याे के साथ-साथ इस सड़क के निर्माण का  कार्य का शुभारंभ कराया गया है। उन्होने कहा कि मैं उद्योग मंत्री श्री देवांगन व महापौर श्रीमती राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं कि उनके मार्गदर्शन में अब पोड़ीबहार क्षेत्र की समस्याएं जल्द दूर होंगी, उन्होने कहा कि मुझे इस बात की प्रसन्नता हो रही है कि निगम क्षेत्र में प्रतिदिन करोड़ों रूपये के नये विकास कार्य प्रारंभ कराये जा रहे हैं, लोगों की बरसों की समस्याएं दूर की जा रही है।

भूमिपूजन का कार्यक्रम के दौरान एमआईसी सदस्य अजय गोंड़, ममता यादव, पार्षद प्रताप सिंह कवंर, राकेश वर्मा, चन्द्रकली जायसवाल, पूर्व पार्षद दीप नारायण सिंह, वैभव शर्मा, दीप नारायण सोनी, आरिफ खान, अंजू मिश्रा, डी.एन.राय, बी.बी.राय, भगराशन पंडित, शिव जायसवाल, आशा सिंह, नमिता बैरागी, लक्ष्मी चौहान, नारायण सिंह, धनंजय सिंह, स्वरूप बंगाली, अजीत सेनगुप्ता, राजकुमार राठौर, टी.पी.गुप्ता, विक्की शर्मा, सुरेंद्र राजवाडे़, राहुल श्रीवास, बिन्दु सिन्हा, राजकुमार राठौर, स्वाति कश्यप, प्रीति चौहान, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, राहुल मिश्रा, अश्वनी दास आदि के साथ काफी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

जन्मदिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण के प्रयासों को सराहा

जन्मदिवस के अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने की गौ-सेवा, संरक्षण के प्रयासों को सराहा

 रायपुर: जन्मदिवस के विशेष अवसर पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ स्थित ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल गौशाला पहुंचकर गौ-माता की सेवा की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने गौशाला परिसर का भ्रमण कर वहां संचालित विभिन्न गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया और गौ-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि सराहना की।

गौ-सेवा सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक’

वित्त मंत्री  चौधरी ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-माता की सेवा भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का अमूल्य प्रतीक है। अपने जन्मदिवस के अवसर पर गौ-माता की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होना मेरे लिए अत्यंत सुखद, संतोषजनक और प्रेरणादायी अनुभव है। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि गौ-संरक्षण और संवर्धन के लिए इस गौशाला द्वारा किया जा रहा कार्य पूरे समाज के लिए अनुकरणीय है। गौवंश की सुरक्षा और उनकी उचित देखभाल करना हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ हमारी सामाजिक जिम्मेदारी का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

सेवाभावी कार्यकर्ताओं का जताया आभार’

चौधरी ने निस्वार्थ भाव से जुटे गौशाला के संचालकों और सेवाभावी कार्यकर्ताओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं के समर्पण, कड़ी मेहनत और अटूट प्रयासों के कारण ही क्षेत्र में गौ-संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय और सकारात्मक कार्य हो रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर वित्त मंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। इस गरिमामय अवसर पर गौशाला प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा

बंदूक छोड़ थामा वॉलीबॉल सुकमा के पुनर्वास केंद्र में गूंजा भारत माता की जय का नारा

 रायपुर: नक्सलवाद के दंश को पीछे छोड़ छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला अब बदलाव की एक नई और बेहद खूबसूरत इबारत लिख रहा है। जिला प्रशासन द्वारा संचालित जिला पुनर्वास केंद्र में रह रहे 113 आत्मसमर्पित युवाओं (42 महिलाएं और 71 पुरुष) के जीवन में वास्तव में नया सवेरा आ चुका है। कभी जंगलों में भटकने और हाथों में घातक हथियार थामने वाले ये युवा अब न सिर्फ समाज की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं, बल्कि पुनर्वास केंद्र के परिसर में पहली बार इनके द्वारा लगाए गए भारत माता की जय के नारे सुकमा के बदलते और सुरक्षित होते भविष्य की गवाही दे रहे हैं।

अनुशासित दिनचर्या और कौशल विकास पर जोर

पुनर्वास केंद्र में इन युवाओं की दिनचर्या अब पूरी तरह अनुशासित, सुरक्षित और रचनात्मक हो चुकी है। सुबह उठकर बागवानी (गार्डनिंग) और साफ-सफाई करने के बाद सभी युवा मिल-जुलकर नाश्ता और भोजन तैयार करते हैं। प्रशासन ने इनके बौद्धिक विकास के लिए दो विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की है, जो इन्हें प्रतिदिन सुबह-शाम अक्षर ज्ञान, बुनियादी गणित और अंग्रेजी सिखाते हैं। समाज का वैध और सम्मानित हिस्सा बनाने के लिए प्रशासन कलेक्ट्रेट के सिंगल विंडो रूम के माध्यम से इन सभी के आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड और वोटर आईडी जैसे महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज प्राथमिकता से बनाया जा रहा है। इसके साथ ही इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण (स्किल ट्रेनिंग) भी दी जा रही है।

अत्याधुनिक हथियारों की जगह हाथों में आई वॉलीबॉल

प्रशासन की इस मानवीय पहल का सबसे खूबसूरत रंग खेल और मनोरंजन के मैदान में देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशा के अनुरूप, जब इन पूर्व नक्सलियों से उनके मनोरंजन और खेल की पसंद पूछी गई, तो सबसे ज्यादा रुझान वॉलीबॉल के प्रति दिखा। इसके बाद प्रशासन ने केंद्र में खेल प्रतियोगिता की शुरुआत की, जिसमें युवक-युवतियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कभी अत्याधुनिक हथियार संभालने वाले इन हाथों में जब वॉलीबॉल आई, तो मैदान पर उनकी खेल प्रतिभा और किक देखकर हर कोई हैरान रह गया। ओयाम जोगा, वेको हुंगा और सोड़ी सोमड़ी जैसे युवा अब खेल के मैदान में अपना जौहर दिखाकर बेहद खुश और उत्साहित हैं।

डिजिटल युग से जुड़ाव मनोरंजन के साथ मिले 5G स्मार्टफोन

दिनभर की रचनात्मक गतिविधियों और खेल के बाद शाम को सभी युवा संगीत कक्ष में सुर-ताल मिलाते हैं, जिससे उनका भरपूर मनोरंजन होता है। वर्तमान डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए जिला प्रशासन ने इन युवाओं को 5G स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए हैं। इस आधुनिक तकनीक के जरिए देश-दुनिया की खबरों से कटे रहने वाले ये युवा अब समकालीन समाज और नई जानकारियों से सीधे जुड़ पा रहे हैं।

पुनर्वास का एक अनुकरणीय मॉडल

सुकमा जिला पुनर्वास केंद्र का यह मानवीय और विकासात्मक मॉडल साबित करता है कि यदि सही दिशा, उचित संसाधन और संवेदनशीलता मिले, तो मुख्यधारा से भटके हुए युवाओं को भी परिष्कृत कर देश की प्रगति का मजबूत स्तंभ बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना दिव्यांगजनों की उम्मीदों का सहारा

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना दिव्यांगजनों की उम्मीदों का सहारा

 00 तत्काल मिली बैटरी संचालित ट्राई सायकल, लाभार्थियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

00 मुख्यमंत्री साय के प्रति जताया आभार
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह ग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसेमंद केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां पहुंचने वाले जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है, जिससे लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
इसी क्रम में मंगलवार को सहायता की अपेक्षा लेकर पहुंचे दो दिव्यांगजनों को तत्काल बैटरी संचालित ट्राई सायकल उपलब्ध कराई गई। ग्राम चंद्रपुर, तहसील पत्थलगांव निवासी त्रिनाथ पैंकरा तथा ग्राम घुघरी, तहसील बगीचा निवासी फूलसुंदरी बाई को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से बैटरी चलित ट्राई सायकल प्रदान की गई।

ट्राई सायकल प्राप्त होने पर दोनों हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें आवागमन और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी। इस सहायता से उनके जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का नया संचार हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के माध्यम से जरूरतमंदों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की पहल लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है तथा सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा की भावना को और अधिक मजबूती मिल रही है। जनसेवा और त्वरित समाधान के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आज क्षेत्र के जरूरतमंदों के लिए आशा, विश्वास और सहारे का सशक्त केंद्र बन गया है।

रायपुर में जेम्स पार्क और बिलासपुर में बनेगा आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर

रायपुर में जेम्स पार्क और बिलासपुर में बनेगा आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर

 00 मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की बैठक में लिया गया निर्णय
रायपुर।
मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय (महानदी भवन) में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की महत्वाकांक्षी औद्योगिक, वाणिज्यिक और बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को गति देने के लिए विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
’प्रमुख परियोजनाओं को मिली हरी झंडी’
रायपुर के कृषि उपज मंडी परिसर (मंडी रोड) में अत्याधुनिक रत्न एवं आभूषण पार्क (रायपुर जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क) बनाने की योजना है। बिलासपुर शहर में बढ़ते भारी वाहनों के दबाव और ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए एक विशाल सर्व-सुविधायुक्त ट्रांसपोर्ट नगर का निर्माण किया जाएगा। यहाँ बड़े गोडाउन, लॉजिस्टिक्स हब, व्यापक पार्किंग स्पेस, वाहन रिपेयरिंग सेंटर और चालकों के लिए रेस्ट एरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
नवा रायपुर में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों के लिए एक वर्ल्ड-क्लास कन्वेंशन सेंटर विकसित किया जाएगा। यह अत्याधुनिक बिजनेस हब कॉर्पाेरेट इवेंट्स, ग्लोबल बिजनेस मीट और प्रदर्शनियों के लिए उपयुक्त होगा, जिससे छत्तीसगढ़ में बिजनेस टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इन सभी बड़ी परियोजनाओं को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
’बैठक में उपस्थित अधिकारी’
इस उच्च स्तरीय बैठक में विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, नीति आयोग के सदस्य सचिव  आशीष भट्ट, वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा सहित छत्तीसगड राज्य औद्योगिक विकास निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी राहत, पहले चरण में 12 हजार से अधिक हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 12 करोड़

तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिली बड़ी राहत, पहले चरण में 12 हजार से अधिक हितग्राहियों के खातों में पहुंचे 12 करोड़

 00 मानसून से ठीक पहले भुगतान होने से वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों में मिलेगी मदद
रायपुर।
छत्तीसगढ़ सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए संग्रहण पारिश्रमिक (मजदूरी) दर में भारी बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 5500 रुपए का भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा, चरणपादुका योजना फिर से शुरू करके संग्राहकों को सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के तहत छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को आर्थिक संबल मिलना शुरू हो गया है। राज्य शासन द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक भुगतान की प्रक्रिया तेजी से प्रारंभ कर दी गई है। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के अंतर्गत प्रथम चरण में 12 हजार 379 संग्राहकों के बैंक खातों में 12 करोड़ रुपये की राशि सीधे ऑनलाइन (डीबीटी के माध्यम से) हस्तांतरित की गई है। 
जिले में कुल संग्राहक व मात्रा
बीजापुर जिले की 28 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के 45 लॉटों में कुल 40 हजार 716 संग्राहकों ने 65 हजार 430.359 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया है। शासन द्वारा निर्धारित 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से जिले के संग्राहकों को कुल 35.99 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक भुगतान किया जाना है। इसके अलावा 500 गड्डी से अधिक तेंदूपत्ता संग्रहण करने वाले संग्राहकों को शासन की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख तथा दुर्घटना से मृत्यु होने पर 4 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
प्रथम चरण में समिति-वार हुआ भुगतान
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार भुगतान के पहले चरण में जिले की प्रमुख समितियों के बैंक खातों में राशि सीधे (डीबीटी के माध्यम से) जमा की गई है। प्राथमिक वनोपज समिति लाभान्वित संग्राहक हस्तांतरित राशि गुडमा समिति के 1,912 संग्राहकों को 1.95 करोड़ रुपये, कुटरू समिति के 937 संग्राहकों को 1.29 करोड़ रुपये, तोयनार समिति के 961 संग्राहकों को 1.20 करोड़ रुपये तथा बरदेला समिति के 1,023 संग्राहकों को 1.11 करोड़ रुपये की राशि उनके बैंक खातों में सीधे जमा की गई है। इसके अलावा संतोषपुर, भैरमगढ़, माटवाड़ा, कोडोली, नैमेड़, भद्रकाली और चेरपल्ली सहित अन्य समितियों के संग्राहकों को भी लाखों रुपये का ऑनलाइन भुगतान किया गया है। शेष समितियों में संग्रहित मात्रा का सत्यापन और ऑनलाइन एंट्री का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, जिसके पूरा होते ही सभी पात्र संग्राहकों को भुगतान कर दिया जाएगा।
वनाश्रित परिवारों की आजीविका को संबल
वनोपज आधारित आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की यह पहल बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। तेन्दूपत्ता बिक्री से प्राप्त इस राशि का उपयोग वनाश्रित परिवार अपनी खेती-किसानी, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में करते हैं। मानसून के आगमन से ठीक पहले पारिश्रमिक राशि मिलने से किसानों और वनाश्रित परिवारों को खरीफ फसल की तैयारियों के लिए खाद-बीज आदि की व्यवस्था करने में विशेष सहायता मिलेगी। शासन की इस पारदर्शी और त्वरित ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

CG : सुशासन तिहार में उमड़ी भीड़, जनता की समस्याओं का मौके पर समाधान

 बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर के पुत्री भवन तिलक नगर में समाधान शिविर का आयोजन किया गया, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में चल रहे सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर में भी विभिन्न स्थानों पर समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। पाटलिपुत्र तिलक नगर में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। शिविर में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, लर्निंग लाइसेंस, आवास प्रमाण पत्र सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से जुड़े कार्यों का मौके पर ही निराकरण किया गया।

मीडिया से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि 1 मई से 10 जून तक चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य जनता की समस्याओं का उनके बीच जाकर समाधान करना है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों का शिविरों में पहुंचना सरकार के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। अधिकारी और कर्मचारी भीषण गर्मी में भी लोगों की समस्याओं का निराकरण करने में जुटे हुए हैं, जो सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है।