लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
कृषि शिक्षा में भी हैं करियर, नवाचार और उद्यमिता के असीमित अवसर

कृषि शिक्षा में भी हैं करियर, नवाचार और उद्यमिता के असीमित अवसर

 रायपुर।कृषि अब केवल पारंपरिक खेती तक सीमित क्षेत्र नहीं रह गई है, बल्कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, उद्यमिता, टिकाऊ कृषि और बाजारोन्मुख अवसरों से जुड़ा व्यापक एवं रोजगारोन्मुख क्षेत्र बन चुकी है। ऐसे बदलते परिदृश्य में बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि विद्यार्थियों को सरकारी सेवाओं से लेकर अनुसंधान, कृषि व्यवसाय, एग्री-टेक, खाद्य प्रसंस्करण और उद्यमिता तक अनेक करियर विकल्प उपलब्ध कराती है। छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में संभावनाएं विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। राज्य की धान आधारित कृषि प्रणालियां, दलहन एवं तिलहन, उद्यानिकी, पशुपालन, वनोपज आधारित आजीविका, पारंपरिक एवं जनजातीय कृषि तथा कृषि-प्रसंस्करण क्षेत्र कृषि शिक्षा और व्यावसायिक विकास के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। प्रशिक्षित कृषि स्नातक उत्पादकता बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन तथा   कृषि मूल्य श्रृंखला के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। चार वर्षीय बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को कृषि विज्ञान, मृदाविज्ञान, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन, जैव प्रौद्योगिकी, कीट विज्ञान, पादप रोग विज्ञान, उद्यानिकी, कृषि अर्थशास्त्र, कृषि प्रसार, कृषि मौसम विज्ञान, कृषि सूक्ष्म जीव विज्ञान और कृषि व्यवसाय प्रबंधन जैसे विविध विषयों का बहुविषयक ज्ञान प्रदान करता है। इससे विद्यार्थी उच्च शिक्षा, रोजगार, अनुसंधान और उद्यमिता के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं।

कृषि स्नातकों के लिए सरकारी विभागों, कृषि प्रसार, ग्रामीण विकास, कृषि विपणन, बीज संगठनों तथा विभिन्न कृषि विकास कार्यक्रमों में अवसर उपलब्ध हैं। बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र में कृषि ऋण, ग्रामीण बैंकिंग, कृषि वित्त, फसल बीमा, विकास बैंकिंग और किसान उत्पादक संगठनों से जुड़े अवसर भी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। निजी क्षेत्र में बीज, उर्वरक, फसल संरक्षण, जैव-इनपुट, कृषि यंत्र, खाद्य प्रसंस्करण, एग्री-टेक, कृषि विपणन और आपूर्ति श्रृंखला जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। भविष्य की कृषि में ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस सटीक कृषि, डिजिटल कृषि, जलवायु-स्मार्ट कृषि, कृषि डेटा विश्लेषण, स्मार्ट सिंचाई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकों की भूमिका बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञता के साथ डिजिटल एवं तकनीकी कौशल रखने वाले युवा इन उभरते क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकते हैं। बी.एससी. कृषि युवाओं को नौकरी तलाशने वाले से नौकरी देने वाले बनने का अवसर भी प्रदान करती है। नर्सरी, बीज उत्पादन, मशरूम उत्पादन, संरक्षित खेती, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशी, कस्टम हायरिंग सेंटर, ड्रोन आधारित कृषि सेवाएं, मृदा एवं जल परीक्षण, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण तथा डिजिटल कृषि परामर्श जैसे क्षेत्रों में युवा अपना उद्यम स्थापित कर सकते हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर कृषि शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विश्वविद्यालय में प्रायोगिक कक्षाओं, खेत प्रयोगों, शैक्षणिक भ्रमण, अनुभवात्मक अधिगम और कृषक समुदाय के साथ संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया जाता है। 

विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं, विश्वस्तरीय चावल अनुसंधान सुविधाओं तथा छ।ठस् मान्यता प्राप्त कीटनाशी अवशेष विश्लेषण प्रयोगशाला जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्ळज्ञट के पास 22,000 से अधिक पारंपरिक धान जर्मप्लाज्म का समृद्ध संग्रह भी है, जो फसल सुधार, जैव विविधता संरक्षण, जलवायु अनुकूलन तथा भविष्य की खाद्य सुरक्षा से संबंधित अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संसाधन है। विद्यार्थियों के व्यावसायिक विकास के लिए विश्वविद्यालय ने करियर मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट तंत्र विकसित किया है, जिसके अंतर्गत कैंपस प्लेसमेंट, करियर परामर्श, उद्योग संवाद, कौशल विकास, व्यक्तित्व विकास, व्यावसायिक अभिमुखीकरण और पूर्वछात्र सहभागिता के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। प्रवेश परामर्श 2026-27 के अंतर्गत कक्षा 12वीं उत्तीर्ण ऐसे विद्यार्थी, जिनकी रुचि विज्ञान, प्रकृति, प्रौद्योगिकी, ग्रामीण विकास, व्यवसाय या उद्यमिता में है, बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि के माध्यम से सरकारी सेवा, बैंकिंग, अनुसंधान, उच्च शिक्षा, कृषि व्यवसाय, एग्री-टेक, खाद्य प्रसंस्करण, परामर्श, उद्यमिता एवं ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। अभ्यर्थियों को पात्रता, काउंसलिंग, सीट उपलब्धता, शुल्क एवं आवेदन प्रक्रिया के लिए प्ळज्ञट की नवीनतम आधिकारिक प्रवेश अधिसूचना का अवलोकन करने की सलाह दी गई है। कृषि चुनें, ज्ञान चुनें, नवाचार चुनें, उद्यमिता चुनें। बी.एससी. (ऑनर्स) कृषि ज्ञान, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अवसरों को जोड़ते हुए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बन सकती है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान

छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान

 0 मंत्री अग्रवाल ने गिनाईं उपलब्धियां, 2028 तक नई पर्यटन पहचान का लक्ष्य

00 छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक नक्शे पर लाने की तैयारी
00 चित्रकोट, सिरपुर से लेकर धार्मिक पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग तक व्यापक कार्ययोजना
रायपुर।
पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज अपने विभागों की उपलब्धियों, योजनाओं और आगामी प्राथमिकताओं की जानकारी मीडिया के माध्यम से आम जनता तक पहुंचाई। अग्रवाल आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया से रूबरू हुए। प्रेस वार्ता में पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे, संस्कृति विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की डीजीएम श्रीमती पूनम शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
छत्तीसगढ़ पर्यटन को मिलेगी वैश्विक उड़ान, संस्कृति और विरासत को भी नई पहचान
प्रेस वार्ता की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन द्वारा छत्तीसगढ़ पर्यटन से संबंधित महत्वपूर्ण उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति के साथ हुई। मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभागीय उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, बस्तर और सरगुजा की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सिरपुर जैसी ऐतिहासिक विरासत तथा मां दंतेश्वरी और मां महामाया जैसे प्रमुख आस्था केंद्रों की समृद्ध विरासत प्रदान की है। सरकार का लक्ष्य इन प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संपदाओं को देश और दुनिया के सामने नई पहचान दिलाना है। 
पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहन
मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि पिछले लगभग ढाई वर्षों में पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। फिल्म पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेंटर के विकास की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 350 करोड़ है।

61 ट्रेनों से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या-काशी के दर्शन
अग्रवाल ने बताया कि सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के अंतर्गत आईआरसीटीसी के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों का सफल संचालन किया जा चुका है। इनके माध्यम से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी के दर्शन कराए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है। 
होमस्टे और स्थानीय रोजगार पर विशेष जोर
पर्यटन मंत्री ने बताया कि पर्यटन का वास्तविक लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से होमस्टे और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और युवाओं को पर्यटन से जोडऩे के अवसर बढ़ेंगे। पर्यटन व्यवसाय के औपचारिक पंजीकरण में भी वृद्धि हुई है। वर्तमान में लगभग 390 से अधिक टूर ऑपरेटर एवं ट्रैवल एजेंट तथा 26 होटल पंजीकृत हैं। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, फिल्म निर्माण, पर्यटन संचालन और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर कम से कम 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। 
चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने की तैयारी
मंत्री ने बताया कि बस्तर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन आकर्षणों में से एक बताते हुए चित्रकोट को केवल जलप्रपात के रूप में नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। वहीं सिरपुर के विस्तृत पर्यटन विकास के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मैनपाट और जशपुर जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन क्षेत्रों में भी पर्यटक सुविधाओं एवं अनुभव को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। 
भोरमदेव कॉरिडोर के लिए 145.99 करोड़ स्वीकृत
धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा 145 करोड़ 99 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। रतनपुर महामाया मंदिर क्षेत्र सहित अन्य क्षेत्रों के विकास के लिए भी प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे गए हैं।

डिजिटल पर्यटन को मिल रहा विस्तार
मंत्री ने बताया कि आज का पर्यटक अपनी यात्रा की शुरुआत मोबाइल फोन से करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विभाग की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग, डिजिटल सूचना और पर्यटन सुविधाओं को एकीकृत किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से लगभग 6 करोड़ 48 लाख तथा पर्यटन इकाइयों से लगभग ?31 करोड़ 75 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ है। 
2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान बनाने का लक्ष्य
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि 2028 तक छत्तीसगढ़ पर्यटन की नई पहचान देश और दुनिया के सामने स्थापित करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत अगले पांच वर्षों में प्रतिवर्ष 100 करोड़ के वित्तीय प्रावधान की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रस्तावित पर्यटन नीति-2026 में सतत विकास, निजी निवेश, समुदाय आधारित पर्यटन और स्थानीय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी। 
18 पर्यटन संपत्तियों के विकास में निजी भागीदारी
मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की 18 पर्यटन संपत्तियों को लीज-सह-विकास मॉडल के माध्यम से निजी क्षेत्र की भागीदारी से विकसित करने की योजना है। इससे लगभग 500 करोड़ का निवेश आकर्षित होने तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 500 से 1,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। 
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर छत्तीसगढ़ की ब्रांडिंग
पर्यटन मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन पहचान को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे ले जाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। इको-एथनिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिए छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मंचों पर भागीदारी, फिल्म एवं ओटीटी आधारित प्रचार, अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटरीच तथा अंतरराष्ट्रीय इन्फ्लुएंसर फैम टूर जैसे प्रयास प्रस्तावित हैं। 
कलाकारों के कल्याण और संस्कृति संरक्षण पर विशेष जोर
पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि संस्कृति विभाग की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कलाकारों और साहित्यकारों के कल्याण को प्रमुखता देते हुए कलाकार कल्याण कोष चिकित्सा अनुदान योजना के अंतर्गत पिछले ढाई वर्षों में 70 कलाकारों को लगभग 30 लाख 3 हजार की सहायता प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 20 कलाकारों को 15 लाख 30 हजार की सहायता दी जा चुकी है। इसी तरह मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना के माध्यम से नृत्य, संगीत, लोकनाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी भाषा में लेखन तथा अन्य शिल्प एवं लोककलाओं से जुड़े कलाकारों और लेखकों को संरक्षण एवं आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 87 कलाकारों को लगभग 19 लाख 8 हजार की राशि प्रदान की गई है। 
407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों और साहित्यकारों को पेंशन
संस्कृति मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों की आर्थिक सुरक्षा के लिए संचालित मासिक वित्तीय सहायता योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में 407 आर्थिक रूप से अभावग्रस्त वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को ?82 लाख 12 हजार की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई है। वर्तमान वर्ष में अब तक 121 वरिष्ठ कलाकारों एवं साहित्यकारों को योजना का लाभ दिया जा चुका है। 
संस्कृति को नई पीढ़ी से जोडऩे की पहल
संस्कृति श्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सूचीबद्ध 89 विशिष्ट मेला-मड़ई, उत्सव-महोत्सव एवं समारोहों का आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से पूरे वर्ष किया जा रहा है। एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय परंपराओं, तीज-त्योहार, यात्रा, मेला-मड़ई तथा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धार्मिक स्थलों पर सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए आदि पर्व पंचांग तैयार किया जा रहा है। संस्कृति अग्रवाल ने बताया कि बस्तर की लोकपरंपरा और जनजातीय संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने के लिए पिछले दो वर्षों से ग्रामीण, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष बस्तर पंडुम-2026 के विजेता कलाकार दलों, मांझी-चालकी प्रतिनिधियों तथा पद्मश्री विभूतियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से आत्मीय भेंट एवं सम्मान का अवसर मिला। 
लोककलाओं और लोकवाद्यों के संरक्षण के लिए नए आयोजन
संस्कृति श्री अग्रवाल ने कहा कि पावस प्रसंग, रंगतरंग, रंगपरब और लोकरंग पर्व जैसे आयोजनों के माध्यम से शास्त्रीय नृत्य-संगीत, लोकवाद्य, लोकनाट्य तथा पंडवानी, भरथरी, ददरिया, जसगीत, करमा, पंथी, बांसगीत और देवारगीत जैसी पारंपरिक लोकविधाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोडऩा है। 
संस्कृति का डिजिटल आर्काइव तैयार
संस्कृति अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को आने वाली पीढिय़ों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से विस्तृत डिजिटल आर्काइव तैयार किया जा रहा है। यह प्रदेश की सांस्कृतिक स्मृतियों, लोक परंपराओं और विरासत को डिजिटल स्वरूप में संरक्षित करने की महत्वपूर्ण पहल है। 
सांस्कृतिक संस्थाओं को 7.85 करोड़ से अधिक की सहायता
संस्कृति अग्रवाल ने कहा कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से कार्य कर रही अशासकीय सांस्कृतिक एवं साहित्यिक संस्थाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 363 निजी संस्थाओं को 854 सांस्कृतिक आयोजनों के लिए 7 करोड़ 85 लाख 3 हजार की आर्थिक अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। 
नई फिल्म नीति की तैयारी
पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ फिल्म नीति-2021 में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। संशोधनों के साथ नवीन फिल्म नीति तैयार की जाएगी, जिससे प्रदेश के प्राकृतिक एवं खूबसूरत स्थलों पर फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन मिलेगा और पात्र फिल्मों को सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। 
सिरपुर को विश्व धरोहर की दिशा में आगे बढ़ाने की पहल
पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग की उपलब्धियों में सिरपुर को विश्व धरोहर के रूप में स्थापित करने की पहल प्रमुख है। सिरपुर में बौद्ध, जैन और हिंदू स्थापत्य परंपराओं का अद्भुत सह-अस्तित्व है। सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा यूनेस्को के मानकों के अनुरूप नॉमिनेशन डोजियर तैयार कर भारत सरकार को प्रस्तुत किया गया है। 
63 संरक्षित स्मारकों के संरक्षण पर कार्य
पर्यटन, संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 63 राज्य संरक्षित स्मारकों का संरक्षण किया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 12 राज्य संरक्षित स्मारकों में संरक्षण, उन्नयन और पर्यटकीय सुविधाओं के विकास के लिए फेसलिफ्टिंग की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सरकार का दृष्टिकोण है कि धरोहर संरक्षण और संवर्धन के साथ पर्यटन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिले। 
रायपुर संग्रहालय में नई गैलरी, पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो
संस्कृति मंत्री ने बताया कि महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, रायपुर के उन्नयन के लिए नई रियासत गैलरी की स्थापना तथा वर्तमान गैलरियों के उन्नयन एवं विकास का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पुरखौती मुक्तांगन में लाइट एंड साउंड शो तथा संध्याकालीन कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इसके लिए शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय नायकों के साथ छत्तीसगढ़ की मूर्त एवं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं को केंद्र में रखकर स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है। 
12 लाख पृष्ठों का डिजिटल अभिलेखीकरण
संस्कृति मंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ से संबंधित लगभग 12 लाख पृष्ठों का डिजिटलीकरण कर रायपुर लाया गया है। इन डिजिटल अभिलेखों को वेब अभिलेखागार पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए कैटलॉग एवं मेटाडेटा तैयार किया जा रहा है। 
2750 वर्ष पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण
संस्कृति मंत्री ने बताया कि पुरातत्व विभाग द्वारा अब तक 11 पुरास्थलों का उत्खनन कराया जा चुका है। रायपुर जिले के आरंग तहसील में लखौली के पास रीवां के मृत्तिकागढ़ में हुए पुरातात्विक उत्खनन से लगभग 2750 साल पुरानी मानव बसाहट के प्रमाण सामने आए हैं। उत्खनन में प्रारंभिक ऐतिहासिक काल से लेकर कलचुरी काल तक के अवशेष तथा विभिन्न राजवंशों के सोने, चांदी और तांबे के सिक्के मिले हैं। 
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन और संस्कृति का विकास केवल नए पर्यटन स्थलों और आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्थानीय रोजगार, आर्थिक गतिविधियों, कलाकारों के कल्याण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना है। उन्होने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक, सांस्कृतिक, इको-एथनिक और आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में हमारी सरकार दीर्घकालिक योजना के साथ आगे बढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ में होगी देश की पहली राज्य स्तरीय हॉकी लीग

छत्तीसगढ़ में होगी देश की पहली राज्य स्तरीय हॉकी लीग

प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव और प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी लीग –  अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का किया अनावरण

रायपुर- छत्तीसगढ़ में हॉकी की नई तस्वीर गढ़ने की तैयारी है। राज्य के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन का आयोजन किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने वाली यह लीग देश के किसी भी राज्य में आयोजित होने वाली पहली राज्य-स्तरीय हॉकी लीग होगी, जिसे हॉकी इंडिया लीग की तर्ज पर पूरी तरह प्रोफेशनल और व्यावसायिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। आयोजन की संभावित तिथियों 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक लीग के मुकाबले खेले जाएंगे।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राजधानी रायपुर के नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने लॉन्चिंग कार्यक्रम में लीग के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की युवा हॉकी प्रतिभाओं को बड़ा मंच उपलब्ध कराना और उन्हें देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने तथा उनसे सीखने का अवसर देना है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष श्री फिरोज अंसारी सहित अनेक विभागीय अधिकारी भी लीग के लॉन्चिंग कार्यक्रम में मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की समृद्ध परंपरा रही है और राज्य में अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगी और प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव तथा प्रतिस्पर्धी वातावरण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

श्री साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। ये टीमें प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और खेल प्रतिभा को एक मंच पर लेकर आएंगी।

लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग के माध्यम से भारतीयता की भावना को दर्शाया गया है, जबकि आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेशवासियों की निरंतर प्रगति और आगे बढ़ने की भावना का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन "चलव रे संगी, हॉकी खेलबो" रखी गई है। छत्तीसगढ़ी बोली में यह टैगलाइन अपनत्व और आमंत्रण का भाव लिए हुए है, जिसका अर्थ है—"चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।"

लीग का आधिकारिक शुभंकर "बघवा" नामक बाघ है। यह छत्तीसगढ़ के घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीव विरासत का प्रतीक है। बघवा साहस, शक्ति और निडरता का संदेश देता है तथा खिलाड़ियों की जुझारू भावना और मैदान पर अपना दबदबा कायम करने की आकांक्षा को प्रदर्शित करता है।

प्रतियोगिता में सभी छह टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। इन मुकाबलों के आधार पर अंक तालिका में शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल के बाद विजेता टीम का फैसला फाइनल मुकाबले में होगा। मैचों के दौरान सभी अंपायर और तकनीकी अधिकारी हॉकी इंडिया द्वारा नियुक्त किए जाएंगे, जिससे प्रतियोगिता में तकनीकी गुणवत्ता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग केवल खेल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहेगी। टूर्नामेंट के दौरान प्रतिदिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे दर्शकों को रोमांचक हॉकी मुकाबलों के साथ मनोरंजन का भी अनुभव मिलेगा। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है।

मेरी सगी बहन नहीं... आज माधुरी जी ने वह कमी पूरी कर दी : राखी बंधवाकर भावुक हुए मुख्यमंत्री साय

मेरी सगी बहन नहीं... आज माधुरी जी ने वह कमी पूरी कर दी : राखी बंधवाकर भावुक हुए मुख्यमंत्री साय

  शहीद उप निरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी माधुरी वर्मा ने बांधी राखी तो भावुक हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर--रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में आज राखी की एक ऐसी डोर बंधी, जिसमें भाई-बहन का निश्छल स्नेह भी था, शहादत का सम्मान भी और वर्षों तक नक्सल हिंसा का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति आत्मीयता भी। बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित 'स्नेह की डोर कार्यक्रम में नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त उप निरीक्षक  युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस आत्मीय क्षण में मुख्यमंत्री भावुक हो उठे।  

मुख्यमंत्री  साय ने भावुक स्वर में कहा,  'मेरी कोई सगी बहन नहीं है। हम लोग भाई ही भाई हैं। आज माधुरी जी ने मेरी कलाई पर राखी बांधी है। मुझे सगी बहन से भी बढ़कर बहन मिली है। 'मुख्यमंत्री के इन शब्दों के साथ पूरा वातावरण भावुक हो उठा। एक ओर वह बहन थी, जिसने मातृभूमि और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपने जीवनसाथी को खोया था, दूसरी ओर प्रदेश का मुखिया था, जिसने उसकी राखी को केवल रक्षा सूत्र नहीं, बल्कि जीवनभर निभाए जाने वाले भाई-बहन के आत्मीय रिश्ते के रूप में स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री ने माधुरी वर्मा को भरोसा दिलाया कि शहीद  युगल किशोर वर्मा का परिवार उनका अपना परिवार है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार कभी अकेले नहीं हैं। उनके सुख-दु:ख, सम्मान और भविष्य की चिंता करना सरकार का दायित्व ही नहीं, बल्कि हम सभी का आत्मीय कर्तव्य है। आज बहन माधुरी ने राखी बांधी है तो एक भाई के रूप में उनके परिवार के प्रति जिम्मेदारी और भी गहरी हो गई है।

मुख्यमंत्री  साय ने शहीद उप निरीक्षक  युगल किशोर वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपने वीर जवानों और उनके परिवारों का सदैव ऋणी रहेगा। हमारे जवानों ने अपना आज इसलिए न्योछावर किया, ताकि छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढिय़ों का कल सुरक्षित हो सके।

ब्रेकिंग : सहायक प्राध्यापकों को मिला प्रमोशन का तोहफा, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश……

ब्रेकिंग : सहायक प्राध्यापकों को मिला प्रमोशन का तोहफा, चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर शासकीय मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों को सह प्राध्यापक के पद पर पदोन्नत कर दिया है। पदोन्नति देने के साथ ही पदस्थापना आदेश जारी कर दिया है।

पढ़िए क्या लिखा है पदोन्नति व पदस्थापना आदेश में

राज्य शासन, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत् सहायक प्राध्यापकों को सह प्राध्यापक के पद पर वेतनमान रूपये लेवल-18 बी 123900-217100/-में पदोन्नत करते हुए, कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पदस्थ करता है।

पदोन्नति आदेश जारी होने के दिनांक से 10 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण नहीं करने की स्थिति में पदोन्नति स्वयंमेव निरस्त मानी जाएगी एवं आगामी 01 वर्षों के लिए पदोन्नति से Debar कर दिया जाएगा। उक्त पदोन्नति आरक्षण के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका क्रमांक WP(PIL) No. 91/2019, WPs No. 9778/2019 एवं अन्य याचिकाओं में पारित निर्णय के अध्याधीन रहेगी।

आईसीएआर-एनआईबीएसएम द्वारा ‘पोषण वाटिका’ पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, 62 किसान हुए लाभान्वित, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल…..

आईसीएआर-एनआईबीएसएम द्वारा ‘पोषण वाटिका’ पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, 62 किसान हुए लाभान्वित, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल…..

 रायपुर: आईसीएआर-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान (एनआईबीएसएम), रायपुर द्वारा किसानों के बीच घरेलू पोषण सुरक्षा, आहार विविधता और सुरक्षित खाद्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “पोषण वाटिका” पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बरोंदा, मुर्रा, बेलटुकरी, देवगांव, कुर्रा और कथुरड गांवों के 62 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 10 महिला किसान भी शामिल थीं।

संतुलित आहार स्वास्थ्य के लिए जरूरी: डॉ. पी. के. राय

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. पी. के. राय ने किया। उन्होंने पोषण वाटिका के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि घर पर ताजी, पौष्टिक और रसायन मुक्त सब्जियों व फलों की उपलब्धता परिवार की सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिन परिवारों के पास पर्याप्त भूमि नहीं है, वे आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण वाटिका विकसित कर सकते हैं, जिससे समुदाय स्तर पर कुपोषण दूर करने में मदद मिलेगी।

उन्नत तकनीकों और जैविक खेती पर जोर

संयुक्त निदेशक एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पंकज शर्मा ने किसानों को स्थानीय जलवायु के अनुसार पोषण वाटिका प्रबंधन के व्यावहारिक सुझाव दिए । बारिश कम होने पर सही आकार के गड्ढे बनाकर, उनमें गोबर की सड़ी खाद मिलाकर फलदार पौधे लगाएं। जलभराव से बचाव के लिए उचित जल निकासी का प्रबंध करें और अधिक नमी वाले क्षेत्रों में सब्जियों के लिए ऊंची उठी हुई (रेज़्ड) क्यारियां तैयार करें। अनावश्यक रासायनिक कीटनाशकों के प्रयोग से बचकर पारंपरिक और पर्यावरण-अनुकूल जैविक उपायों को अपनाएं।

सब्जियों के बीज और पौधों का वितरण

कार्यक्रम के अंत में किसानों को पोषण वाटिका स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्नत किस्म के अमरूद और नींबू के पौधों के साथ-साथ 18 प्रकार की सब्जियों (पालक, धनिया, मेथी, भिंडी, लौकी, तोरी, मूली आदि) के बीज निशुल्क वितरित किए गए। इस अवसर पर स्थानीय सरपंच श्रीमती कंचन गायकवाड़ एवं श्री संतोष कुर्रे विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल समन्वय प्रधान वैज्ञानिक डॉ. के. सी. शर्मा द्वारा किया गया।

कवर्धा की प्रतिभा एक दिन बनेगी देश का गौरव -उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

कवर्धा की प्रतिभा एक दिन बनेगी देश का गौरव -उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा…..

 रायपुर: मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर सफलता हासिल करने वाले कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 171 मेधावी विद्यार्थियों के लिए यह दिन खास और यादगार रहा। पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम, कवर्धा में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के चेक एवं प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। कवर्धा में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित इस समारोह में वनांचल क्षेत्र के विद्यालयों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इस पहल ने ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा को पहचान और प्रोत्साहन देने का संदेश दिया।

समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों के साथ  समय बिताया, उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जाना तथा उनके सवालों और जिज्ञासाओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरक पुस्तकें भी भेंट कीं, ताकि उनमें पढ़ने और सीखने की आदत को और बढ़ावा मिले। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों के साथ सेल्फी लेकर उनके साथ खुशियां भी साझा कीं। कार्यक्रम की एंकर अनुराधा दुबे ने भी अपनी प्रेरक और उत्साहवर्धक बातों से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। पूरे समारोह में विद्यार्थियों में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। सम्मान, संवाद और प्रोत्साहन से भरे इस आयोजन ने मेधावी विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को और निखारने तथा भविष्य में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए नई ऊर्जा दी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा की धरती प्रतिभाओं से भरी हुई है। आज सम्मानित हो रहे ये मेधावी विद्यार्थी अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर आने वाले समय में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे। कवर्धा की यह प्रतिभा आगे चलकर न केवल जिले और प्रदेश का नाम रोशन करेगी, बल्कि एक दिन देश का गौरव बनेगी।

मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 5-5 हजार रुपये तथा कक्षा 12वीं में 90 प्रतिशत अथवा उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही सभी चयनित विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री रामकुमार भट्ट, श्री रामकिंकर वर्मा, श्री निर्मल द्धिवेदी, श्री हरीश लुनिया, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, डीएफओं श्री निखिल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओं श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, स्कूली विद्यार्थी, पालकगण, शिक्षक, शाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष उपस्थित थे।

जो करना है, पूरे मन से कर डालो- उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जो करना है वह पूरे मन से कर डालो। जो दिल में है, उसे पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। सकारात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने में संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य और जुनून के लिए पूरा प्राण लगा देना चाहिए। संसाधनों की कमी को कभी अपनी सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि आज के समय में ऐसी कई ताकतें हैं, जो युवाओं के मन में गुस्सा भरने का प्रयास करती हैं। इससे सचेत रहने की जरूरत है।

युवाओं की ऊर्जा का उपयोग समाज और राष्ट्रहित में हो
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नवजवानों में बहुत तेज और ऊर्जा होती है। इस ऊर्जा का उपयोग समाज की भलाई और देश को आगे बढ़ाने में होना चाहिए। समाज का हित, अपने बड़ों का हित और देश का हित सबसे बड़ी बात है। भारत की परंपरा सदैव पूरे समाज और राष्ट्र के हित में सोचने की रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी अवधारणा भारत की ताकत है और युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सजग रहते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सभी युवा अपने जीवन में आगे बढ़ें, तरक्की और उन्नति करें। अपने पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए पूरी मेहनत और समर्पण के साथ प्रयास करना चाहिए।

विद्यार्थियों से सीधा संवाद, पढ़ाई को लेकर पूछे सवाल
समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। कक्षा 12वीं के छात्र राकेश जांगड़े ने उनसे पूछा कि विद्यार्थी जीवन में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए वे परीक्षा की तैयारी पहले से करते थे या प्रथम आने का जुनून रहता था। इस पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के दौरान कक्षा में शिक्षक की बातों पर पूरा ध्यान देना चाहिए। केवल रटने के बजाय विषय को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रथम आने का जुनून रखने के बजाय विषय को अच्छी तरह समझने परध्यान देना चाहिए। जब विषय की समझ मजबूत होगी तो विद्यार्थी किसी भी प्रश्न का उत्तर आत्मविश्वास के साथ दे सकेगा।

कक्षा 10वीं की छात्रा मृदुला श्रीवास्तव ने विद्यार्थी जीवन से जुड़ा सवाल करते हुए पूछा कि जब विज्ञान की पढ़ाई के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं होते थे, तब वे किस तरह आगे बढ़े। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि  समय और संसाधनों की कमी कभी किसी को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी को अपनी प्रगति में बाधा नहीं बनने देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षकों के प्रति सम्मान रखने और कक्षा में शिक्षक द्वारा पढ़ाए जा रहे विषय पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।

विद्यार्थियों के साथ गुरुजन, शाला प्रबंध के अध्यक्ष और जनप्रतिनिधियों भी हुए सम्मानित

उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा की पहल पर आयोजित इस समारोह में मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्कूल के प्राचार्य व शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को भी सम्मानित किया गया।

वनवासियों का हित और सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप

वनवासियों का हित और सुरक्षा सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप

 रायपुर: वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति (आईडीसी) की 322वीं बैठक आयोजित हुई। यह बैठक नया रायपुर स्थित मंत्री  कश्यप के निवास/कार्यालय में आयोजित थी। बैठक में वर्ष 2026 में संग्रहित एवं गोदामीकृत तेंदूपत्तों के विक्रय के लिए द्वितीय चरण की कार्यवाही तथा वर्ष 2025 सीजन के क्रेता करारनामा समाप्त तेंदूपत्ता लॉट के विक्रय के लिए प्राप्त निविदाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वन बल प्रमुख  अरूण कुमार पाण्डेय, एमडी वनोपज संघ संजीता गुप्ता, प्रभारी अपर प्रधान वन संरक्षक एस. जगदीसन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री ओ.पी. यादव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक  माथेश्वरन व्ही. कार्यकारी निदेशक वन  एस.वेंकटचलम् सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में तेंदूपत्ता व्यापार, क्रेताओं की नियुक्ति, वनोपजों की बिक्री और वन्यजीवों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री  कश्यप ने वनवासियों के आर्थिक हितों के साथ उनकी सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

वनवासियों का हित और सुरक्षा सर्वाेपरि

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वनवासियों के आर्थिक सशक्तीकरण और उनकी सुरक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। तेंदूपत्ता व्यापार में पारदर्शिता और समयबद्ध निर्णयों से संग्राहकों को लाभ मिलेगा। वहीं, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

तेंदूपत्ता के 40 लॉट के लिए 15 खरीदार नियुक्त

बैठक में वर्ष 2026 सीजन में संग्रहित और भंडारित तेंदूपत्ता लॉटों के विक्रय की समीक्षा की गई। 4 अगस्त 2026 को हुई द्वितीय चक्र की ऑनलाइन ई-निविदा के आधार पर 40 लॉट के लिए 15 खरीदारों को नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं।

इसी तरह वर्ष 2025 सीजन के अनुबंध समाप्त तेंदूपत्ता लॉटों के लिए द्वितीय चक्र की ई-निविदा के माध्यम से 6 लॉट के लिए 3 खरीदारों को नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं। इस प्रक्रिया से तेंदूपत्ता व्यापार में पारदर्शिता और समयबद्धता को बढ़ावा मिलेगा।

पिछली बैठक के निर्णयों की हुई समीक्षा

बैठक में समिति की 321वीं बैठक में लघु वनोपज संघ से संबंधित लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी लेने के साथ प्रगति की सराहना की गई।

कांकेर में भालू के हमलों को रोकने बनेगी विशेष कार्ययोजना

बैठक में कांकेर जिले और आसपास के वन क्षेत्रों में भालुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों की सुरक्षा का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। मानव-वन्यजीव संघर्ष और जनहानि को रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

भालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में वन विभाग को लगातार निगरानी रखने और ग्रामीणों को  समय पर सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, ग्रामीणों और वनवासियों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया, ताकि लोग वन्यजीवों की गतिविधियों के प्रति सतर्क रहें और किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

तेंदूपत्ता से आर्थिक मजबूती, सुरक्षा से बढ़ेगा भरोसा

राज्य सरकार की प्राथमिकता वनवासियों को उनकी मेहनत का उचित लाभ दिलाने के साथ ही वन क्षेत्रों में सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। तेंदूपत्ता सहित लघु वनोपज के व्यापार में पारदर्शी व्यवस्था से संग्राहकों के आर्थिक हित मजबूत होंगे, वहीं मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए किए जा रहे प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सुरक्षा और भरोसा बढ़ाएंगे।

बहनों की आत्मनिर्भरता और चेहरे की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी खुशी - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बहनों की आत्मनिर्भरता और चेहरे की मुस्कान ही हमारी सबसे बड़ी खुशी - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रक्षाबंधन से पहले ‘विष्णु भैया’ ने बहनों को दिया स्नेह और सम्मान का उपहार

प्रदेश की 67 लाख से अधिक महतारियों के खातों में पहुंची महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त, ₹631 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित

रायपुर- भाई-बहन के अटूट स्नेह के पावन पर्व रक्षाबंधन से पहले आज बालोद जिले के डौंडीलोहारा में एक आत्मीय और भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। प्रदेश की लाखों बहनों के ‘विष्णु भैया’ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश की 67 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में ₹631 करोड़ 38 लाख से अधिक की राशि अंतरित की। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि हमारी माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री  साय का माताओं-बहनों ने आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी बहनों के बीच पहुंचकर उनसे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और महतारी वंदन योजना से उनके जीवन में आए बदलावों के अनुभव सुने। इस अवसर पर बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में कुल ₹631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 की राशि अंतरित की गई।

बहनों के लिए ‘विष्णु भैया’ का रक्षाबंधन उपहार

मुख्यमं साय ने कहा कि सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन के ठीक पहले मातृशक्ति के सम्मान के इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही बहनों के खातों में पहुंचाने का निर्णय लिया, ताकि त्योहार की खुशियां और बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया भाव पैदा किया है। अब हमारी माताओं-बहनों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे इस राशि का उपयोग अपने स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों में कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में लगभग ₹20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जो गारंटी दी थी, राज्य सरकार उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रही है।

बहनों ने ‘विष्णु भैया’ को सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी

समारोह का सबसे आत्मीय अवसर तब आया, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली नियमित राशि ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी दिया है।

मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों को ध्यान से सुना और कहा कि जब कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बचाकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है अथवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो इस योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उसके सपनों को पंख मिलें और उसकी सफलता से पूरा परिवार सशक्त हो।

लखपति दीदी से ड्रोन दीदी तक - महिलाएं बन रहीं विकास की नेतृत्वकर्ता

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी बहनें आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद एवं अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर वे किसानों को सेवाएं देने के साथ अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण की यही यात्रा विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।

डौंडीलोहारा और बालोद को मिली विकास की बड़ी सौगात

महतारी वंदन सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बालोद जिले को विकास कार्यों की अनेक सौगातें भी दीं। उन्होंने लगभग ₹102 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन की स्वीकृति, खरखरा जलाशय की पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय के शीर्ष कार्य वियर के साथ नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग कार्य की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर ₹5 करोड़ की लागत से पुलिया निर्माण तथा डौंडीलोहारा विकासखंड में लगभग ₹19 करोड़ की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग निर्माण की भी घोषणा की।

समारोह में 3.2 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबे उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग तथा 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।

मोदी की गारंटी से हर वर्ग के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज सहित प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में मोदी की गारंटी के प्रमुख वादों को तेजी से पूरा करते हुए जनकल्याण और विकास को नई गति दी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा किया जा रहा है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदकर उनके परिश्रम को सम्मान दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों से ₹5500 प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदा जा रहा है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के माध्यम से भूमिहीन परिवारों को आर्थिक संबल दिया जा रहा है। रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का पुण्य अवसर मिला है।

नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर विकास की नई रोशनी में बस्तर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दशकों तक बस्तर नक्सलवाद के कारण विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से आज बस्तर शांति और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन दुर्गम क्षेत्रों में कभी विकास कार्य पहुंचाना कठिन था, वहां आज सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से उनके गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना के साथ ही विकास, पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। आने वाले समय में बस्तर छत्तीसगढ़ के विकास की नई पहचान बनेगा।

विकसित भारत के साथ बनाएंगे विकसित छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए नए अवसर, जनजातीय अंचलों का विकास और गरीब परिवारों के जीवन में खुशहाली - इन्हीं मजबूत आधारों पर विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

समारोह को संबोधित करते हुए कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन से पूर्व माताओं-बहनों के सम्मान में आयोजित समारोह की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति दे रही है।

पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडे ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के अंतरण को मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं सहित सभी वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया।

इस अवसर पर कांकेर सांसद  भोजराज नाग, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं और नागरिक उपस्थित थे।

ब्रेकिंग : घर के अंदर मिली पति-पत्नी की लाश, बाहर से लगा था ताला! 3-4 दिन बाद खुला डबल मर्डर का राज, मचा हड़कंप…

ब्रेकिंग : घर के अंदर मिली पति-पत्नी की लाश, बाहर से लगा था ताला! 3-4 दिन बाद खुला डबल मर्डर का राज, मचा हड़कंप…

 मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में एक मकान के अंदर पति-पत्नी के शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों की लाशें संदिग्ध परिस्थितियों में मिली हैं और शुरुआती जानकारी के मुताबिक शव करीब तीन से चार दिन पुराने बताए जा रहे हैं। घटना की जानकारी सामने आते ही इलाके में हड़कंप मच गया।

मामला लोरमी थाना क्षेत्र के नवलपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि मकान के भीतर पति-पत्नी के शव मिले। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

घर से तेज दुर्गंध आने के बाद स्थानीय पड़ोसियों ने तुरंत इसकी सूचना लोरमी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घर में बाहर से ताला लगा हुआ था, जिसे तोड़कर पुलिस भीतर दाखिल हुई। पुलिस के मुताबिक मामला प्रथम दृष्टया हत्या का लग रहा है। दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

मृतकों की पहचान नंद कुमार कश्यप और उनकी पत्नी गौरी कश्यप के रूप में हुई है। घर के बाहर ताला बंद होने और शवों की हालत को देखते हुए प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए लोरमी पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक और साइबर सेल की टीम भी मौके पर पहुंची है। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। वहीं साइबर सेल की मदद से हर संभावित एंगल पर जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे की वजह क्या है और घटना के पीछे किसका हाथ है।

‘विष्णु भैया’ की पहल बनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव,महतारी वंदन की राशि से संवर रहा भविष्य…

‘विष्णु भैया’ की पहल बनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव,महतारी वंदन की राशि से संवर रहा भविष्य…

 रायपुर. 25 अगस्त 2026. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना अनेक परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। महतारी वंदन योजना से मिल रहा आर्थिक संबल महिलाओं के हाथों को मजबूती दे रहा है। इससे वे अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रही हैं। कांकेर के शांतिनगर निवासी पुष्पा विश्वकर्मा के लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि अपनी दोनों बेटियों के सपनों को सुरक्षित भविष्य देने का संकल्प बन गई है।

पुष्पा विश्वकर्मा ने बताया कि महतारी वंदन योजना की राशि उन्हें नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। उन्होंने इस राशि को अपने घरेलू खर्च में उपयोग करने के बजाय अपनी दोनों बेटियों के सुकन्या समृद्धि खातों में जमा करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि आज की छोटी-छोटी बचत ही कल बेटियों की उच्च शिक्षा और बड़े सपनों को पूरा करने में बड़ी मददगार बनेंगी। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि मेरे लिए सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि मेरी बेटियों के भविष्य को संवारने का एक अवसर है। इस राशि को उनकी बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए बचा रही हूं। महतारी वंदन की राशि उनके लिए आने वाले कल की बड़ी उम्मीद बन चुकी है। वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए कहती हैं कि ‘विष्णु भैया’ की इस योजना से हर महीने मिल रही राशि मेरी बेटियों के भविष्य के लिए काम आ रही है।

पर्यटन और संस्कृति विभाग की उपलब्धियों पर मंत्री राजेश अग्रवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस

पर्यटन और संस्कृति विभाग की उपलब्धियों पर मंत्री राजेश अग्रवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस

 रायपुर : रायपुर में पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास-धर्मस्व विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों को लेकर मंत्री राजेश अग्रवाल ने सचिव डॉ. एस. भारती दासन के साथ संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।

श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगी बड़े स्कूलों में मुफ्त शिक्षा, CM साय बोले- आपकी सफलता ही हमारी सबसे बड़ी खुशी

श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगी बड़े स्कूलों में मुफ्त शिक्षा, CM साय बोले- आपकी सफलता ही हमारी सबसे बड़ी खुशी

 मुख्यमंत्री ने श्रमिक परिवारों के बच्चों का किया सम्मान, उनके साथ बैठकर किया भोजन और साझा किए अपने जीवन के अनुभव

रायपुर। श्रमिक हमारे विकास की मजबूत नींव हैं। अपने परिश्रम से वे सड़कें, भवन, पुल और विकास की अनेक संरचनाएं खड़ी करते हैं। ऐसे श्रमिक परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। श्रमिक परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे, अपने सपनों को पूरा करेंगे, तभी विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का संकल्प भी साकार होगा।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने योजना के अंतर्गत अध्ययनरत बच्चों से आत्मीय संवाद किया और शिक्षा, खेल, कला तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों को 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को आज व्यवस्थित यूनिफॉर्म में, आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी में संवाद करते और शिक्षा के साथ खेल तथा अन्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते देखकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। इन बच्चों का आत्मविश्वास इस बात का प्रमाण है कि उचित अवसर और अच्छी शिक्षा मिले तो कोई भी परिस्थिति प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।

उन्होंने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले वर्ष 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस वर्ष इसका विस्तार करते हुए 200 बच्चों को योजना के अंतर्गत प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में शिक्षा का अवसर दिया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों से चयनित प्रतिभावान बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित विद्यालयों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना कभी श्रमिक परिवारों के लिए कठिन सपना हुआ करता था, आज राज्य सरकार उस सपने को साकार कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना केवल बच्चों को अच्छे विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की योजना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर वातावरण, आत्मविश्वास और अपने सपनों को पूरा करने के लिए समान अवसर देने की पहल है।

श्रमिकों के परिश्रम से खड़ी होती है विकास की मजबूत बुनियाद*

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश और देश के निर्माण में श्रमिकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि शहरों की ऊंची इमारतों से लेकर गांवों की सड़कों तक और बड़े पुलों से लेकर विकास की अनेक अधोसंरचनाओं के पीछे श्रमिकों का परिश्रम है। सरकार का दायित्व है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए 67 प्रकार की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल उन्नयन, रोजगार और आवास सहित जीवन के विभिन्न चरणों में सहायता देने वाली योजनाएं शामिल हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि इन योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र श्रमिकों तक पहुंचे और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा हो।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के साथ उनके परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

शिक्षा विकास का मूलमंत्र, परिस्थितियां नहीं रोक सकतीं आगे बढ़ने का रास्ता

मुख्यमंत्री  साय ने बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, शिक्षा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अभी से बड़े सपने देखें और तय करें कि भविष्य में किस क्षेत्र में जाकर देश और प्रदेश की सेवा करना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर बनना चाहता है, कोई इंजीनियर, वैज्ञानिक या प्रशासनिक अधिकारी, तो कोई व्यवसाय, समाजसेवा अथवा अन्य क्षेत्र में जाना चाहता है। लक्ष्य कोई भी हो, उसकी मजबूत नींव शिक्षा ही है। इसलिए बच्चों को मिले इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आज उच्च शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान उपलब्ध हैं। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा हेतु ऋण तथा विदेश में अध्ययन के लिए सहायता जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। सरकार चाहती है कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें।

*नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी खुल रहे शिक्षा और विकास के नए द्वार*

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के बाद प्रदेश के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। जिन क्षेत्रों में कभी शिक्षा और विकास की पहुंच कठिन थी, वहां अब नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के वही अवसर मिलें, जो बड़े शहरों के बच्चों को उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को ध्येय मानकर छत्तीसगढ़ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ रही है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सिद्धि के लिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और विकास के अवसर पहुंचाना आवश्यक है। श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

*ढाई वर्षों में श्रमिकों के खातों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता*

श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में श्रमिकों और उनके परिवारों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार नई पहल की जा रही है। श्रम विभाग के तीन मंडलों के माध्यम से वर्तमान में 67 प्रकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ श्रमिकों को दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 774 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खातों में अंतरित की गई है। सरकार का प्रयास है कि श्रमिक का बच्चा परिस्थितियों के कारण अपने सपनों को सीमित न करे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, वैज्ञानिक, उद्यमी अथवा अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र में ऊंचाइयां हासिल करे।

श्रम मंत्री ने बताया कि बदलते रोजगार परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए श्रमिक कल्याण योजनाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। पार्सल डिलीवरी से जुड़े श्रमिकों को वाहन खरीदने के लिए सहायता तथा चरवाहों को आर्थिक सहायता देने जैसी नई योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए प्रत्येक परिवार को विकास की यात्रा में साथ लेकर चलना होगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर दे रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का आह्वान किया।

डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना ने ऐसे परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए प्रतिष्ठित विद्यालयों के द्वार खोले हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर जीवन में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ने और अपने माता-पिता तथा छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

*किसी का सपना आईएएस बनना, किसी को मिला अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास*

समारोह में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत अध्ययनरत विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों की बातों में नए अवसर मिलने की खुशी के साथ भविष्य के बड़े सपनों का आत्मविश्वास भी दिखाई दिया।

राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत बीजापुर के अतीश ने बताया कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उन्हें इतने प्रतिष्ठित विद्यालय में पढ़ने का अवसर मिलेगा। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के कारण उन्हें पढ़ाई के साथ खेल और अन्य गतिविधियों में अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला है। अतीश ने मुख्यमंत्री के सामने आईएएस अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का अपना सपना भी साझा किया।

रुंगटा पब्लिक स्कूल में अध्ययनरत कबीरधाम की छात्रा इशिका डाहरे ने बताया कि पहले उन्हें विश्वास नहीं था कि वे अंग्रेजी में सहजता से बात कर पाएंगी। नए विद्यालय में मिले वातावरण और अवसरों ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है। विद्यार्थियों के अभिभावकों ने भी मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में अपने बच्चों को पढ़ाना उनके लिए कठिन था, लेकिन इस योजना ने उनके बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने को साकार किया है।

बच्चों के बीच सहज हुए मुख्यमंत्री, साथ बैठकर किया भोजन

समारोह का सबसे आत्मीय दृश्य उस समय देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय श्रमिक परिवारों के बच्चों के साथ दोपहर का भोजन करने बैठे। मुख्यमंत्री बच्चों के बीच सहजता से बैठे और परिवार के सदस्य की तरह उनसे बातचीत करते रहे। औपचारिक कार्यक्रम से अलग इस संवाद में बच्चों ने भी मुख्यमंत्री से खुलकर सवाल किए।

किसी ने मुख्यमंत्री के बचपन के बारे में पूछा, तो किसी ने उनकी पढ़ाई, पसंदीदा भोजन और जीवन के संघर्षों के बारे में जानना चाहा। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए बच्चों के प्रत्येक सवाल का जवाब दिया और अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्हें मेहनत, अनुशासन और निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री की सहजता और आत्मीयता ने बच्चों को खासा प्रभावित किया। एक बच्चे ने उत्साह के साथ कहा - “मुख्यमंत्री जी हमारे अच्छे टीचर जैसे हैं। उनसे जितने भी सवाल पूछो, वे परेशान नहीं होते और हर सवाल का जवाब देते हैं।” बच्चों ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ बैठकर भोजन करना, उनसे खुलकर बातें करना और अपने सपने साझा करना उनके लिए ऐसा अनुभव है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने बच्चों से कहा कि उनकी सफलता ही सरकार और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी खुशी होगी। वे खूब पढ़ें, अपने सपनों को बड़ा रखें और जब जीवन में सफल हों तो समाज तथा अपने प्रदेश के प्रति अपने दायित्व को भी हमेशा याद रखें।

उल्लेखनीय है कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण प्रतिभावान बच्चों के अवसर सीमित न होने देना और उन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक  पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, उपाध्यक्ष  किशोर महानंद, श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी, श्रमिक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर 25 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले राजधानी रायपुर में आज भाई-बहन के स्नेह और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर जब स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने रक्षा सूत्र बांधे तो पूरा वातावरण आत्मीयता, सम्मान और कृतज्ञता के भाव से भर उठा।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पूर्व नक्सली मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए शहीद उपनिरीक्षक  युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने शहीद  वर्मा के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का बंधन नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक है। हमारे वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़े रहने का यह रिश्ता सदैव अटूट रहेगा।

नक्सलवाद के अंत से बहनों को मिला सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार*

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने के लिए हमारे सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस का परिचय दिया है और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ हमारी बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है। अब वह  समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए युग का मार्ग प्रशस्त किया है। इस परिवर्तन में बस्तर की जनता का विश्वास और सहयोग भी महत्वपूर्ण रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास से वंचित रहे क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर तेजी से पहुंचाए जा रहे हैं। सरकार का संकल्प बस्तर को देश के श्रेष्ठ और विकसित आदिवासी अंचलों में शामिल करना है।

*जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी*

‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के लगभग 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं, दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी और राष्ट्र तथा समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय और अद्भुत दृश्य पहली बार देखा है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए घर-परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने वाले जवानों को जब इतनी बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी तो रक्षाबंधन का पर्व अपने व्यापक अर्थ में साकार होता दिखाई दिया। हमारे जवान केवल सीमाओं और समाज के सुरक्षा प्रहरी नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों के भाई भी हैं।

इस अवसर पर सुरक्षा बलों के जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जवानों का सम्मान किया।

*बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : मुख्यमंत्री*

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों-करोड़ों बहनों का अपार स्नेह और आशीर्वाद मिला है। बहनों का यही विश्वास और अपनापन जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण आज शासन की नीतियों के केंद्र में है। छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। लखपति दीदी अभियान ने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है और प्रदेश की 13 लाख 85 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास का नेतृत्व भी कर रही हैं।

*रक्षाबंधन से पहले लगभग 68 लाख बहनों को 631 करोड़ रुपये*

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन पर्व को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में लगभग 68 लाख बहनों के बैंक खातों में करीब 631 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें, अपने छोटे-बड़े निर्णय स्वयं ले सकें और अपने त्योहार पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री  साय को भी रक्षा सूत्र बांधा। मुख्यमंत्री ने बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए उनके सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प*

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा देश के वीर जवानों के प्रति सदैव सम्मान का भाव रखने का संकल्प दिलाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों का दायित्व नहीं है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करे तथा राष्ट्रविरोधी शक्तियों के विरुद्ध सजग रहे। जवानों के प्रति सम्मान की भावना समाज और नई पीढ़ी में और मजबूत हो, ‘स्नेह की डोर’ जैसे आयोजन इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के संकल्प और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने साहस के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लड़ी है।

उन्होंने कहा कि एक  समय नक्सल हिंसा के कारण अनेक परिवारों ने अपने बेटे, भाई और जीवनसाथी खोए, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। वह दिन दूर नहीं जब किसी बहन को यह नहीं कहना पड़ेगा कि उसका भाई ड्यूटी पर गया था और लौटकर नहीं आया। उन्होंने समाज से वैचारिक रूप से भी सजग रहने और देश की एकता-अखंडता को कमजोर करने वाली प्रवृत्तियों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

*रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स*

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों द्वारा तैयार पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स—‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ का शुभारंभ किया।

‘हरित पोषणम्’ के माध्यम से आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे तथा सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ महिलाओं और समुदाय को पोषण अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना है।

‘प्रोजेक्ट निरामय’ के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जांच में स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाए जाने पर आवश्यकतानुसार निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।

‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के माध्यम से रायपुर में प्रत्येक माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से युवाओं को सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ना है।

‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।

‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के माध्यम से जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की पहल की जाएगी।

इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक  सुनील सोनी, विधायक  पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कांवड़िया, महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, स्कूली विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया

मुख्यमंत्री ने संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सोमवार को निवास कार्यालय में संसदीय संकुल विकास परियोजना मिनवाखाड़ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया।

इस अवसर पर कृषि एवं आदिम जाति विकास मंत्री  रामविचार नेताम, विधायक  प्रबोध मिंज उपस्थित थे।

प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत : एक ही फंदे पर झूल गए युवक-युवती, पास में मिली मोटर साइकिल, मौके पर पहुंची पुलिस….

प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत : एक ही फंदे पर झूल गए युवक-युवती, पास में मिली मोटर साइकिल, मौके पर पहुंची पुलिस….

 सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। लटोरी चौकी क्षेत्र में जंगल के भीतर एक पेड़ पर एक ही फंदे से युवक और युवती के शव लटके मिले हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों के कपल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। घटना सूरजपुर जिले के लटोरी चौकी क्षेत्र की है।

सरगुजा और सूरजपुर सीमा पर कल्याणपुर के कोटबहरा जंगल में खुखड़ी बीनने गए लोगों ने एक पेड़ पर फांसी के फंदे से युवक-युवती के शव लटके देखे। लोगों ने फौरन इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे।

मौके पर फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है। टीम के पहुंचने के बाद दोनों शवों को नीचे उतारा जाएगा। उनके पास कोई पहचान पत्र मिलने पर शिनाख्त हो सकेगी। युवक-युवती ने एक ही फंदे से फांसी लगाई है। इससे दोनों के प्रेमी जोड़े होने की आशंका है।

घटनास्थल के पास ही HF डिलक्स बाइक CG 15 DG 3422 खड़ी मिली। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों बाइक से मौके पर पहुंचे थे। हालांकि, मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मर्ग कायम कर जांच पड़ताल में जुटी गई है।

शवों की स्थिति को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि युवक-युवती ने सोमवार को ही फांसी लगाई होगी। पुलिस को आशंका है कि दोनों सूरजपुर या सरगुजा जिले के रहने वाले हो सकते हैं। लटोरी चौकी प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि शव मिलने की सूचना मिली है। पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे हैं। मृतकों की पहचान की कोशिश की जा रही है।

नहीं भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र : ईमेल पर 30 मिनट पहले मिलेगी सॉफ्टकॉपी, इसके प्रिंटआउट से ही परीक्षा

नहीं भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र : ईमेल पर 30 मिनट पहले मिलेगी सॉफ्टकॉपी, इसके प्रिंटआउट से ही परीक्षा

 रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विवि अब संबद्ध महाविद्यालयों को प्रश्नपत्र प्रेषित नहीं करेगा। इसके स्थान पर महाविद्यालयों के प्राचार्य को प्रश्नपत्र ईमेल किए जाएंगे। ये ईमेल भी पासवर्ड प्रोटेक्टेट रहेंगे। अर्थात ईमेल में लॉग-इन करने के बाद उक्त मेल को खोलने के लिए पुनः पासवर्ड की आवश्यकता होगी। ये पासवर्ड विवि द्वारा प्राचार्यों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे। ईमेल पर प्राप्त प्रश्नपत्रों के प्रिंटआउट निकालकर छात्रों को वितरित किए जाएंगे।

20 अगस्त को लीक हुए कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र पश्चात आगमी सभी परीक्षाओं के लिए यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। भविष्य की परीक्षाओं के लिए पृथक रणनीति बनाई जा रही है, ताकि पुनः इस तरह की स्थिति निर्मित ना हो। गौरतलब है कि,  बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीट विज्ञान की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। परीक्षा आयोजित होने के कुछ घंटे पहले ही लीक प्रश्नपत्र सोशल साइट्स में वायरल हो गए थे। जांच में इसके पूर्व आयोजित परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लीक होने की जानकारी सामने आई।

उच्च तकनीक का इस्तेमाल 
पुलिस खुलासे के अनुसार, इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38 वर्ष) है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ले जाने का काम कर रहा था। 17 अगस्त को आरोपी ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। इसके बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र का लिफाफा चुपके से अपने घर ले गया। 

छात्र अजय नायक को 11,000 रुपए में बेचा
वहां उसने सुई और नुकीले औजार से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। आरोपी ने यह लीक कंटेंट अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11,000 रुपए में बेचा, जिसके बाद यह प्रश्न पत्र अन्य छात्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गया। चूंकि पूरी घटना को अंजाम देने उच्च तकनीक का प्रयोग किया गया, इसलिए प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने भी उच्च तकनीकी विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

2 आरोपी अभी भी फरार
100 से अधिक पुलिस टीमों ने डिजिटल साक्ष्य खंगाले। इसके बाद आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाई। प्रकरण में 2 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग तथा महाविद्यालयों के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने आगामी बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया जाएगा। विवि ने महाविद्यालयों को भी परीक्षा कार्य में पूर्ण सावधानी व पारदर्शिता बरतने निर्देश दिए हैं।

राशन दुकानों में पहुंची शक्कर : नागरिक आपूर्ति निगम ने छुट्टी के दिन कराया भंडारण, हितग्राहियों को मिली राहत

राशन दुकानों में पहुंची शक्कर : नागरिक आपूर्ति निगम ने छुट्टी के दिन कराया भंडारण, हितग्राहियों को मिली राहत

रायपुर। राजधानी रायपुर के नागरिक आपूर्ति निगम ने हरिभूमि डॉट कॉम में खबर प्रकाशित होने के बाद त्वरित संज्ञान लिया है। रविवार को साप्ताहिक अवकाश होने के बावजूद निगम ने विशेष व्यवस्था करते हुए गोदामों से गाड़ियों के जरिए राशन दुकानों तक शक्कर का भंडारण पूरा कराया। शक्कर की सप्लाई शुरू होने से लगातार परेशान हो रहे हितग्राहियों ने राहत की सांस ली है और वितरण सुचारू हो गया है।

हालांकि, शक्कर की किल्लत दूर होते ही राशन व्यवस्था में एक नया संकट खड़ा हो गया है। अब शहर की कई राशन दुकानों में एपीएल (APL) और बीपीएल (BPL) चावल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। शक्कर मिलने की उम्मीद में राशन दुकानों तक पहुंच रहे कार्डधारियों को अब चावल न मिलने के कारण एक बार फिर खाली हाथ बैरंग लौटना पड़ रहा है।भंडारण की कमी आ गई है, जिसके कारण कार्डधारकों को अब चावल नहीं मिल पा रहा  है। नागरिक आपूर्ति निगम के जिला अधिकारी दुकानों में भंडारण की कमी के लिए ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि अनुबंध के अनुसार ट्रांसपोर्ट एजेंसियों कम गाड़ियां लगा रही हैं, जिसके कारण डिमांड के अनुसार भंडारण कराने में दिक्कत आ रही है।

पीडीएस दुकानों में नहीं थम रही राशन की किल्लत
हरिभूमि की पड़ताल में जानकारी मिली कि, दो दिन पहले तक कई दुकानों में शक्कर का भंडारण नहीं होने से हितग्राहियों को वापस लौटना पड़ रहा था, वहीं अब कई दुकानों में चावल नहीं होने से हितग्राही खाली हाथ लौट रहे हैं। खबर प्रकाशन के बाद रविवार को अवकाश होने के बावजूद नागरिक आपूर्ति निगम ने गोदामों को खुला रखा और उन दुकानों में शक्कर का भंडारण कराया, जहां से शक्कर की लगातार मांग की जा रही थी। इन दुकानों में शक्कर पहुंचने के बाद हितग्राहियों को राहत मिली है, लेकिन कई दुकानों में अब चावल का स्टॉक नहीं होने से हितग्राहियों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।

इन दुकानों में चावल नहीं
उचित मूल्य दुकानों में जहां पिछले कुछ दिनों से चावल का स्टॉक नहीं है। उनमें आईडी क्रमांक-
441001168, 441001343, 441001066, 441001026, 441001356, 441001259, 441001197, 441001098, 441001261, 441001152,441001100, 441001031, 441001276, 44101009, 441001350,441001202, 441001146, 441001169,441001257, 441001258 आदि दुकानें हैं, जिनमें कहीं एपीएल तो कहीं बीपीएल चावल तो कहीं-कहीं दोनों कोटे का चावल का भंडारण नहीं हो पाया है।

नहीं मिली है शिकायत
रायपुर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि, सारा कार्य अब ऑनलाइन हो रहा है। कोई गोदाम प्रभारी डिमांड पत्र ऑफलाइन या पैसों की मांग कर रहा है, ऐसी शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत आएगी तो जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वजन कम कर मुनाफाखोरी : खाद्य तेलों के पैकेट 1 सितंबर से एक लीटर वाले ही मिलेंगे

वजन कम कर मुनाफाखोरी : खाद्य तेलों के पैकेट 1 सितंबर से एक लीटर वाले ही मिलेंगे

 रायपुर। खाद्य तेलों में करीब एक साल से वजन कम करके जो मनमाने दाम वसूलने का खेल चल रहा था, उस पर अब केंद्र सरकार ने पूरी तरह से बैन लगा दिया है। अब उत्पादक कंपनियों ने पहले की तरह ही एक लीटर का पाउच बनाना प्रारंभकर दिया है। कम वजन वाले पाउच की सप्लाई अब पूरी तरह बंद कर दी गई है। छूट मिलने के बाद एक लीटर के स्थान पर 650, 750 और 800 एमएल के पाउच बनाकर ग्राहकों को भ्रम में डालकर ठगने का काम किया गया।

कम वजन की छूट जिस मकसद से दी गई थी, उसके स्थान पर ग्राहक लूट रहे थे। ऐसे में केंद्र सरकार ने ग्राहकों को राहत देने के लिए वजनों का एक बार फिर से मानक तय कर दिया है। लेकिन इसी के साथ कंपनियों और कारोबारियों को अपना पुराना स्टाक खपाने के लिए 31 अगस्त तक का समय दिया है। किसी भी हाल में एक सितंबर के बाद कम वजन वाले खाद्य तेलों के पाउच नहीं बिकेंगे। 

पारंपरिक पैकिंग व्यवस्था
खाद्य तेलों में पहले सभी कंपनियों के एक लीटर के ही पाउच आते थे। इसी के साथ पांच लीटर के साथ 15 किलो का टिन का तेल आता था। लेकिन गरीब परिवारों को जो एक लीटर का पाउच नहीं ले पाते हैं, उनको राहत देने के लिए तेल की उत्पादक कंपनियों को कम वजन करके पाउच बनाने की छूट दी गई थी, ताकि गरीब परिवार अपने बजट के हिसाब से कम वजन वाले तेल के पाउच लेकर अपना काम चला सके। 

अब एक लीटर का आएगा पाउच
डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष प्रेम पाहूजा ने बताया कि, केंद्र सरकार ने वापस एक बार सभी कंपनियों के खाद्य तेलों को एक लीटर का बनाने का आदेश जारी किया है। अब 31 अगस्त के बाद कम वजन वाले पाउच नहीं बिकेंगे। कंपनियों ने कम वजन वाले पाउच की सप्लाई बंद कर दी है।

छूट में होने लगी लूट
लूट केंद्र सरकार ने तो गरीब परिवारों को राहत देने के लिए खाद्य तेलों के पाउच को किसी भी वजन में बनाने की छूट दी थी। लेकिन इस छूट में कई कंपनियां करने लगी। छूट मिलने के बाद इसके पैक अलग-अलग कंपनियां अपनी मर्जी से कर रही थी तो इसमें कीमत का खेल हो रहा था। कम वजन के कारण दाम ज्यादा देने पड़ रहे थे। एक उदाहरण हरेली तेल का ही लेते हैं। इस तेल के दाम हमेशा कीर्ति गोल्ड के सोया तेल से कम से कम पांच रुपए कम रहते हैं, लेकिन कम वजन के कारण इसके दाम उससे ज्यादा हो गए है। इसके पीछे वजन का खेल है। 

1 लीटर के नाम पर 800 ML बेचना अब नहीं चलेगा
हरेली ने एक लीटर का पैक ही बंद कर दिया। एक लीटर के स्थान पर 730 ग्राम यानी 800 एमएल का पैक लाया गया। इसके चिल्हर में दाम 130 रुपए हैं। यानी एक लीटर के दाम हो गए 162.50 रुपए। इतने दाम तो कीर्ति गोल्ड के भी नहीं है। कीर्ति गोल्ड एक लीटर का इस समय चिल्हर में 150 से 155 रुपए बिक रहा है। ज्यादातर कंपनियों ने अपने एक लीटर के पैक को कम वजन का कर दिया था तो उसके दाम बढ़ गए थे। अब कंपनियों का यह खेल पूरी तरह से बंद हो जाएगा।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध : अब हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग, हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध : अब हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग, हाईकोर्ट करेगा मानिटरिंग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन के इस्तेमाल पर हाईकोर्ट निगरानी रखेगा। मुख्य सचिव ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश कर बताया कि मई और जून 2026 के  दौरान पूरे प्रदेश में व्यापक स्वच्छता, और जागरूकता प्लास्टिक जब्ती अभियान चलाए गए। 

बिलासपुर में 386 किलो प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया, जबकि रायपुर में 7.26 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। हाईकोर्ट ने इन प्रयासों को संतोषजनक बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि मामले की मॉनिटरिंग जारी रहेगी। कोर्ट ने मुख्य सचिव से नए 

प्लास्टिक बैन पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका
दरअसल , रायपुर निवासी नितिन सिंघवी ने इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया कि राज्य सरकार ने प्लास्टिक कैरी बैग, डिस्पोजेबल कप, प्लेट, गिलास, चम्मच, स्ट्रॉ, थर्माकोल की सजावटी सामग्री, 200 मिलीलीटर से कम क्षमता वाली पीईटी बोतलों और विज्ञापन में इस्तेमाल होने वाले फ्लेक्स-बैनर पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। हालांकि, दवाइयों की पैकेजिंग और 50 माइक्रोन से अधिक मोटाई वाले दूध के पैकेट जैसी आवश्यक वस्तुओं को नियमों के तहत छूट दी गई है।

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: जंगल में मिला नक्सल डंप, भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ ऑटोमेटिक हथियार जब्त

सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता: जंगल में मिला नक्सल डंप, भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ ऑटोमेटिक हथियार जब्त

 सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने आज सर्चिंग अभियान चलाकर नक्सली डंप का खुलासा किया है। इस दौरान भारी मात्रा में गोला, बारूद और हथियार बरामद किया गया। 

पढ़िए पूरी खबर

दरअसल, पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) रोहित शाह के मार्गदर्शन में 24 अगस्त को जिला बल, डीआरजी और बस्तर फाइटर्स की संयुक्त टीम ने एरिया डोमिनेशन के साथ सर्चिंग की। यह सर्चिंग थाना भेज्जी क्षेत्र के ग्राम भण्डारपदर और मुनुरकोंडा के पहाड़ी-जंगल क्षेत्र में चलाया गया।

इलाके में सर्चिंग अभियान तेज

सर्चिंग के दौरान ग्राम भण्डारपदर के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए डम्प का पता चला। टीम ने डम्प की सघन तलाशी ली, जिसमें ऑटोमेटिक हथियारों सहित विभिन्न देशी हथियार, बीजीएल लांचर, बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा नक्सली गतिविधियों में उपयोग होने वाली अन्य सामग्री भी सुरक्षा बलों ने जब्त की है। बरामदगी के बाद इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया गया है।

नक्सलियों के डम्प सामाग्रियों का विवरण

  • एसएलआर रायफल 01 नग।
  • 315 बोर रायफल – 01 नग ।
  • 410 मसकेट रायफल- 01 नग।
  • बीजीएल लांचर – 06 नग।
  • सिंगल शॉट राइफल 01 नग ।
  • 315 बोर देशी कट्टा – 01 नग।
  • 12 बोर रायफल – 05 नग।
  • भरमार बंदूक – 07 नग।
  • एसएलआर मैगजीन- 01 नग।
  • मैगजीन – 01 नग ।
  • बीजीएल सेल बड़ा – 08 नग ।
  • बीजीएल सेल मिड़ियम – 23 नग ।
  • बीजीएल सेल छोटा – 58 नग ।
  • देशी हैण्ड ग्रेनेड – 05 नग ।
  • बीजीएल मुण्डी – 08 नग ।
  • एके-47 जिंदा राउण्ड – 45 नग।
  • एसएलआर जिंदा राउण्ड – 196 नग।
  • इंसास रायफल जिंदा राउण्ड – 89 नग ।
  • 303.रायफल का जिंदा राउण्ड – 97 नग।
  • 315 रायफल का जिंदा राउण्ड – 20 नग ।
  • 12 बोर रायफल का जिंदा राउण्ड – 45 नग।
  • बीजीएल कॅर्टिज – 66 नग।
  • जिलेटीन स्टिक – 240 नग।
  • एके-47 रायफल खाली खोखा – 31 नग ।
  • 303 रायफल का खाली खोखा – 02 नग।
  • 12 बोर रायफल खाली खोखा – 10 नग
  • मैगजीन पौच – 18 नग ।
  • बीजीएल पौच – 07 नग ।
  • गन पाउडर – 18 किला (दो स्टील गुंडी में)।
  • एक्सीलेटर प्लग – 06 नग ।
  • टाईगर बम फटाका – 40 नग ।
  • काला वर्दी – 07 जोडी ।
  • कमर पौच- 10 नग ।
  • नीला ड्रम – 05 नग ।
  • कमर बेल्ट काला कलर- 32 नग ।
  • कमर बेल्ट हरा कलर – 22 नग ।
  • विषिल गार्ड – 11 नग ।
  • मंकी कैप – 07 नग ।
  • वेल्डर षिल्ड – 02 नग।
  • सोलर प्लेट 02 नग ।
  • रिबन – 03 नग ।
  • कपड़ा चैन – 05 मीटर।
  • पिट्टु बैग – 07 नग।
  • दवाईयां ।
  • अन्य दैनिक उपयोगी सामाग्री।
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की….

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की समीक्षा की….

 रायपुर: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना तथा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं की व्यवहारिकता, वित्तीय पक्ष, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा नागरिकों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, समग्र योजना, समयबद्धता, वित्तीय व्यवहार्यता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए निर्धारित लक्ष्यों की समय-सीमा में पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुमित अग्रवाल भी बैठक में मौजूद थे।

प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत रायपुर में ई-बसों के संचालन को व्यवस्थित, सुविधाजनक और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसों के रूट निर्धारित करते  समय रायपुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को शामिल करें, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके और अधिक से अधिक नागरिक सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें। उन्होंने प्रस्तावित बस रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन एवं कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे प्लान तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही पीपीपी मॉडल के आधार पर बस-स्टॉप्स की सूची तैयार करने तथा बस-स्टॉप्स का निर्धारण यात्रियों की सुविधा और आवश्यकता के अनुरूप करने को कहा।

प्रमुख सचिव ने यात्रियों की सुविधा और आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए युक्तिसंगत एवं सुविधाजनक किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस योजना को आधुनिक एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए नवीन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए। बस-रूट, बस-स्टॉप, बसों की उपलब्धता एवं यात्री सुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं को तकनीक आधारित बनाते हुए ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाए, जिससे यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।

बोरा ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन आवासों को मिशन अवधि की अंतिम निर्धारित तिथि 30 सितम्बर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में शेष एवं निर्माणाधीन आवासों की संख्या के आधार पर साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष ड्राइव चलाने तथा आवास निर्माण को मिशन मोड में पूर्ण करने को कहा। उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय स्तर पर आवासों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और जहां निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां आवश्यक समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने को कहा।

प्रमुख सचिव ने जिला कलेक्टरों को भी जिले में शेष आवासों को पूर्ण कराने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने तथा उनकी सतत समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से लंबित आवासों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाए। आवास निर्माण में आने वाली तकनीकी, प्रशासनिक व अन्य समस्याओं की समयबद्ध पहचान कर उनका निराकरण सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने हितग्राहियों के आवास निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि का भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि हितग्राहियों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके और निर्माण कार्य में गति बनी रहे।

बोरा ने बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना की योजनाओं के लिए चिन्हित क्लस्टरों, उनकी व्यवहार्यता तथा वित्तीय पक्षों का विस्तृत परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाएं ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इनके क्रियान्वयन के लिए तकनीकी व्यवहार्यता के साथ-साथ दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता का स्पष्ट आकलन भी आवश्यक है। उन्होंने वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में राज्य सरकार एवं नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय दायित्व का समग्र आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में इन परियोजनाओं के संचालन एवं अन्य आवश्यकताओं के लिए अपेक्षित वित्तीय संसाधनों का यथार्थपरक अनुमान तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावों को आगे बढ़ाते समय राज्य सरकार पर पड़ने वाले संभावित दीर्घकालिक वित्तीय भार का स्पष्ट आकलन किया जाए, ताकि परियोजनाओं की वित्तीय संरचना व्यवहारिक एवं टिकाऊ हो।

बैठक में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के अंतर्गत निजी क्षेत्र की संभावित सहभागिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सक्षम एवं अनुभवी निजी भागीदारों की उपलब्धता, परियोजना में निवेश के प्रति उनकी रुचि तथा उनकी अपेक्षाओं का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य सरकार, नगरीय निकायों एवं निजी क्षेत्र के बीच उत्तरदायित्वों और वित्तीय सहभागिता का संतुलित निर्धारण सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, ताकि परियोजनाओं का क्रियान्वयन व्यावहारिक एवं दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जा सके। उन्होंने प्रस्ताव को यथाशीघ्र अंतिम रूप देकर आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

15वें वित्त आयोग के कार्यों की बेहतर प्लानिंग और गैप एनालिसिस पर जोर

प्रमुख सचिव  बोरा ने बैठक में अधिकारियों को 15वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि का उपयोग समुचित एवं दीर्घकालिक योजनाओं के आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों में उपलब्ध संसाधनों और स्थानीय आवश्यकताओं का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों की योजना तैयार की जाए, जिससे सीमित संसाधनों का अधिकतम प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने विशेष रूप से सड़कों की प्लानिंग पर जोर देते हुए कहा कि सड़क निर्माण एवं उन्नयन के कार्यों को अलग-अलग एवं बिखरे हुए रूप में करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना एवं भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजनाबद्ध तरीके से किया जाए। सड़कों से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यकता, यातायात दबाव, कनेक्टिविटी और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन करते हुए प्राथमिकता तय करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव ने नगरीय निकायों में सैचुरेशन आधारित विकास पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन कर यह सुनिश्चित किया जाए कि आवश्यक नागरिक सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। इसके लिए उन्होंने गैप एनालिसिस तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक शहरी अधोसंरचना से संबंधित कमियों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जा सके। गैप एनालिसिस के आधार पर कार्यों का चयन होने से विकास कार्य अधिक लक्षित, प्रभावी और परिणामोन्मुख होंगे।

गरियाबंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो करोड़ रुपये के गांजे के साथ पांच अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

गरियाबंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो करोड़ रुपये के गांजे के साथ पांच अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

 अंतरराज्यीय जांच नाके पर वाहन की तलाशी में 400 किलोग्राम गांजा बरामद, छह लाख 50 हजार रुपये नकद समेत वाहन और मोटरसाइकिल जब्त

गरियाबंद । ‘ऑपरेशन निश्चयÓ के तहत छत्तीसगढ़ के गरियाबंद पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 400 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र और ओडिशा के रहने वाले पांच अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजा की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल छह लाख 50 हजार रुपये नकद, एक आयशर वाहन, एक मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज के निर्देश और पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के मार्गदर्शन में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों और जांच नाकों पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच एवं निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में 24 अगस्त की रात देवभोग थाना क्षेत्र के ग्राम खुटगांव स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-130 सी के जांच नाके पर पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान ओडिशा की ओर से नारंगी रंग का आयशर वाहन क्रमांक एमएच 06 बीडब्ल्यू 4144 आता दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन को रोककर जांच की। वाहन की छत पर काले रंग के तिरपाल से ढके संदिग्ध पैकेट दिखाई दिए।

तिरपाल हटाकर जांच करने पर अलग-अलग पैकेटों में गांजा बरामद हुआ। वाहन में सवार चालक और उसके साथी ने पूछताछ में अपना नाम संतोष अनंता मोहिते और सुमित सुभाष थोड़वे बताया। दोनों से पूछताछ के दौरान पता चला कि उनके आगे नीले रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल क्रमांक ओडी 08 डब्ल्यू 5814 चल रही है, जिस पर दो व्यक्ति रास्ता बताते हुए आगे जा रहे हैं।

पुलिस टीम ने मोटरसाइकिल की तलाश कर उसमें सवार पंकज अनंता मोहिते और जलंधर खम्हारी को पकड़ा। वाहन की विधिवत तलाशी और जब्ती की कार्रवाई में कुल 400 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपियों के पास गांजा के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं था। पुलिस ने मौके से एक लाख 50 हजार रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन, आयशर वाहन और मोटरसाइकिल जब्त की।

ओडिशा से गांजा उपलब्ध कराने वाला आरोपी भी गिरफ्तार
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गांजा उन्हें ओडिशा के कालाहांडी जिले के ग्राम डेंगागुड़ा निवासी विनोद दिसारी से प्राप्त हुआ था। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए ओडिशा पहुंचकर विनोद दिसारी को भी गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से गांजा की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल पांच लाख रुपये नकद जब्त किए गए।

इस तरह पुलिस ने गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचते हुए मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम की धारा 20(बी)(द्बद्ब)(सी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपियों को गवाहों के समक्ष गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया।

गिरफ्तार आरोपी
1.संतोष अनंता मोहिते, पिता अनंता मोहिते, उम्र 49 वर्ष, निवासी तलोजा पापड़ीचापड़ा, थाना खारघर, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र।
2.सुमित सुभाष थोड़वे, पिता सुभाष थोड़वे, उम्र 35 वर्ष, निवासी आलंदी, थाना पुणे, जिला पुणे, महाराष्ट्र।
3.पंकज अनंता मोहिते, पिता अनंता मोहिते, उम्र 47 वर्ष, निवासी खोपोली, थाना खालापुर, जिला रायगढ़, महाराष्ट्र।
4.जलंधर खम्हारी, पिता घनश्याम खम्हारी, उम्र 43 वर्ष, निवासी ग्राम गहनामुड़ा, थाना कोकसर, जिला कालाहांडी, ओडिशा।
5.विनोद दिसारी, पिता पुरुषोत्तम दिसारी, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम डेंगागुड़ा, थाना आमपानी, जिला कालाहांडी, ओडिशा।

जब्त सामग्री
* 400 किलोग्राम अवैध गांजा, अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये।
* नारंगी रंग का आयशर वाहन क्रमांक एमएच 06 बीडब्ल्यू 4144, अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये।
* नीले रंग की ग्लैमर मोटरसाइकिल क्रमांक ओडी 08 डब्ल्यू 5814, अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये।
* तीन टच स्क्रीन मोबाइल फोन, अनुमानित कीमत 15 हजार रुपये।
* आरोपियों के कब्जे से एक लाख 50 हजार रुपये नकद।
* आरोपी विनोद दिसारी के कब्जे से गांजा की खरीद-बिक्री में प्रयुक्त पांच लाख रुपये नकद।

गरियाबंद पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विवेचना जारी है।

तर्रीघाट हाई स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर….

तर्रीघाट हाई स्कूल पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विद्यार्थियों से किया संवाद; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर दिया जोर….

 रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव ने आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रीघाट स्थित शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर का जायजा लिया तथा शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से संवाद कर स्कूल में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पाठ्यक्रम की प्रगति एवं विद्यालय की आवश्यकताओं की जानकारी ली।

शिक्षा मंत्री  यादव ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचि, पसंदीदा विषय, पढ़ाई में आने वाली कठिनाइयों तथा भविष्य के लक्ष्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि मजबूत एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है।

विद्यालय निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री  यादव ने शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, पाठ्यक्रम को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर निरंतर निगरानी रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में विद्यार्थियों की भागीदारी भी बढ़ाई जाए, ताकि बच्चों का सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास सुनिश्चित हो सके।

बच्चों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश

विद्यालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव से खुलकर संवाद किया और विद्यालय से जुड़ी अपनी आवश्यकताओं एवं समस्याओं से अवगत कराया। विद्यार्थियों ने प्रार्थना स्थल पर डोमशेड निर्माण तथा विज्ञान कक्षा के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की मांग रखी। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना तथा उनकी आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री  यादव ने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उनके सपनों को दिशा देने का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, प्रतिभा और रुचियों को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।

यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शासकीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वसुलभ शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवश्यक सुविधाएं एवं विकास के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें, इसके लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

कोमाखान रेलवे स्टेशन पर 37 किलो गांजा जब्त, तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

कोमाखान रेलवे स्टेशन पर 37 किलो गांजा जब्त, तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार

 महासमुंद । महासमुंद जिले की कोमाखान पुलिस ने अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 37.400 किलोग्राम गांजा, तीन मोबाइल फोन समेत 18.95 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि खेप को ओडिशा के भवानीपटना से राजस्थान के कोटा ले जाकर खपाने की तैयारी थी।

एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि तीन संदिग्ध रेलवे स्टेशन परिसर में ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके बैगों से गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि मादक पदार्थ को ओडिशा से लाकर राजस्थान पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।

पुलिस ने बरामद मादक पदार्थ के साथ तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मामले में थाना कोमाखान में अपराध क्रमांक 130/2026 दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C) एवं 29 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। त्वरित सूचना, प्रभावी समन्वय और सतर्क पुलिसिंग के चलते यह कार्रवाई सफल रही।