जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शराब के नशे में पत्नी और बच्चे से विवाद के बाद घर से निकले युवक की चार दिन बाद संदिग्ध हालत में लाश बरामद हुई। ससुराल पक्ष के द्वारा डंडे से मारकर व गला दबाकर हत्या की गई थी। पामगढ़ पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मंडी रोड पर स्थित पाइप गोदाम में भीषण आग लग गई है। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ आग बुझाने में जुट गई है। यह घटना भाटापारा शहर थाना क्षेत्र की है।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर आग बुझाने का काम किया जा रहा है। आग किस वजह से लगी है अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। फिलहाल आग पर काबू पाया जा रहा है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
रायपुर। भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आम जनता तक पहुचने तथा आपसी सहभागिता एवं सहमति से विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह विशेष लोक अदालत 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह आगामी 09 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत आरंभ होकर 21, 22 एवं 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों का निराकरण सम्पन्न होगा।
विशेष लोक अदालत का आयोजन सर्वोच्च न्यायालय परिसर में 21, 22, 23 अगस्त को किया जाएगा। जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित मामलों को भी शामिल किया जाएगा। इस दौरान पूर्व सुलह बैठको का आयोजन राज्य, जिला, तालुका एवं उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति के मध्यस्थता केन्द्र में किया जाएगा। वार्ता की प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारभ हो चुकी है। इस समाधान शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय में लम्बित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह के माध्यम से निष्पादन करना है। अधिवक्ता वादीगणों एवं संबंधित सभी पक्षों से अपील की गई है कि, सक्रिय रूप से भाग ले एवं आपसी सहमति से समाधान की दिशा में प्रयास करें।
सुलाह बैठक में पक्षकार शारीरिक एवं अभासी माध्यम से भी सम्मिलित हो सकते है, इस बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थता एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी सहयोग प्रदान करेगें। अपने मामले को समाधान समारोह विशेष लोक अदालत में सम्मिलित करने केे लिए सर्वोच्च न्यायालय के वेबसाईट पर गुगल फार्म भरना होगा फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई। अधिक जानकारी एवं समाधान के लिए वन स्टाप सेन्टर (बार रूम) के सम्पर्क नम्बर, या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायपुर से भी सम्पर्क कर सकते है।
विशेष-लेख : डॉ. दानेश्वरी सम्भाकर (उप संचालक, जनसंपर्क संचालनालय)
रायपुर। किसी भी राष्ट्र की प्रगति का पैमाना वहां की माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य होता है। इस दिशा में छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जरिए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो आज देशभर के लिए एक मॉडल बन चुकी है। राज्य में इस योजना को केवल सरकारी आंकड़े बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के रूप में लागू किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना छत्तीसगढ़ में सुरक्षित मातृत्व और समृद्ध समाज के बीच की एक मजबूत कड़ी बन गई है। संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनभागीदारी का यह संगम छत्तीसगढ़ की माताओं और नवजात शिशुओं के भविष्य को उज्ज्वल और सुरक्षित बना रहा है।
योजना का स्वरूप और वित्तीय संबल
1 जनवरी 2017 से संचालित इस योजना का मूल उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके पोषण स्तर में सुधार लाना है। छत्तीसगढ़ में मातृ वंदना योजना के तहत पहली जीवित संतान के जन्म पर 5 हजार की सहायता दी जाती है। कन्या भ्रुण हत्या रोकने और बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने हेतु दूसरी संतान के रूप में बेटी होने पर 6 हजार की विशेष सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे तौर पर प्रसव पूर्व जांच, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव जैसी आवश्यक स्वास्थ्य प्रक्रियाओं से जुड़ी है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मिशन मोड पर कार्य
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में राज्य ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूरस्थ आदिवासी अंचलों तक इस योजना को पहुंचाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले ने ‘डोर-टू-डोर‘ पंजीयन सुनिश्चित किया है।
सफलता के आंकड़े- छत्तीसगढ़ देश में अव्वल
छत्तीसगढ़ ने डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी भुगतान प्रणाली (डीबीटी) के प्रभावी उपयोग में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपलब्धियों का ग्राफ कुछ इस प्रकार है। बढ़ता पंजीयन वर्ष 2023-24 में 1 लाख 75 हजार 797 महिलाओं का पंजीयन हुआ, जो 2024-25 में बढ़कर 2 लाख 19 हजार 012 हो गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 (फरवरी तक) में 2 लाख 04 हजार 138 महिलाओं का पंजीयन कर राज्य ने 93.3 प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। आवेदनों के परीक्षण और केंद्र से स्वीकृति दिलाने में छत्तीसगढ़ 83.87 प्रतिशत की दर के साथ देश में सबसे आगे है।
शिकायत निवारण और लाभार्थियों की संतुष्टि’
केवल योजना लागू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लाभार्थियों की समस्याओं का समाधान भी जरूरी है। छत्तीसगढ़ ने लगभग 93 प्रतिशत शिकायतों का त्वरित निराकरण कर सुशासन की एक नई इबारत लिखी है।
कुपोषण के विरुद्ध एक सशक्त हथियार
यह योजना आर्थिक सहायता से कहीं अधिक स्वास्थ्य क्रांति का हिस्सा है। समय पर मिलने वाली इस राशि ने माताओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराया है, जिससे एनीमिया जैसी गंभीर चुनौतियों से लड़ने में मदद मिली। स्वस्थ शिशु जन्म दर में वृद्धि हुई, मातृ मृत्यु दर में प्रभावी कमी आई।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा की अनुशंसा पर कवर्धा विधानसभा के अलग-अलग ग्रामों में निर्माण कार्यां के लिए 19 लाख 50 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। निर्माण कार्य के लिए कलेक्टर गोपाल वर्मां द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी कवर्धा को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अनुशंसा से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के कवर्धा शहर के वार्ड क्रमांक 16 मां दंतेश्वरी वार्ड में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रूपए और वार्ड 13/14 में महर्षि कश्यप चैक निर्माण के लिए 9 लाख 75 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य शासन ने आज देर शाम एक अहम आदेश जारी करते हुए प्रदेश के 43 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इस बड़े फेरबदल को सरकार की प्रशासनिक कसावट और कार्यप्रणाली में सुधार के तौर पर देखा जा रहा है।
जारी ट्रांसफर सूची के मुताबिक कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, वहीं विभागीय स्तर पर भी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। कुछ अफसरों को महत्वपूर्ण विभागों की कमान सौंपी गई है, जबकि कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी के साथ दूसरे स्थान पर भेजा गया है।
सूत्रों के मुताबिक, यह बदलाव आगामी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और प्रशासनिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अफसरों को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
राजनीतिक नजरिए से भी इस ट्रांसफर को अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे सरकार की रणनीतिक तैयारी और ग्राउंड लेवल पर पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
देखिये बदले गए सभी IAS अफसरों की सूची
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखण्ड-तिल्दा के भाटापारा नहर प्रणाली हेतु रेगुलेटर, क्रास रेगुलेटर, स्केप गेट एवं हाईस्ट अरेंजमेंट आदि का निर्माण, जीर्णोद्धार एवं उन्नयन और गेटों के पेंटिंग, रबर सील का कार्य हेतु 03 करोड़ 64 लाख 44 हजार की राशि स्वीकृत किये गये हैं। नहर प्रणाली के कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले के विकासखण्ड-धमतरी के अंतर्गत रविशंकर सागर बाँध गंगरेल के निरीक्षण गृह परिसर एवं दाँयी ओर गार्डन का बाऊण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 45 लाख 72 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के कार्यों को पूर्ण कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी परियोजना जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले में सुशासन तिहार 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों में शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी कड़ी में 7 मई 2026 को जशपुर जिले के बगीचा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम पंचायत नन्हेसर, दुलदुला जनपद के ग्राम सिमड़ा एवं फरसाबहार जनपद के ग्राम बनगांव में शिविर आयोजित किया जाएगा। नन्हेसर के शिविर में नन्हेसर, चम्पा, ईचोली, बेडेकोना, फुलझर, बेडार, उकई, कोदोपारा, चलनी, मरंगी, एकम्बा, छिछली अ, डुमरकोना एवं हर्राडीपा के ग्रामीण शामिल होंगे। सिमड़ा के शिविर में सिमड़ा, केंदापानी, मयूरचुन्दी, गटटीबुडा, गोडअम्बा, चटकपुर, सिरिमकेला, सपधरा, करडेगा, मकरीबंधा, डोभ, चराईडांड, भूसडीटोली, खटंगा एवं बासुदेवपुर के ग्रामीण शामिल होंगे। इसी प्रकार ग्राम बनगांव के शिविर में बनगांव, धौरासांड, हेटघींचा, खुटगांव, फरसाबहार, तुबा, पण्डरीपानी, बोखी, कन्दईबहार, पगुराबहार, भगोरा, मेण्डरबहार, सहसपुर एवं सीमाबारी के ग्रामीणजन अपनी समस्याओं एवं मागों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक अपने आवेदन लिखित रूप में शिविरों में प्रस्तुत करेंगे, जिनका निराकरण किया जाएगा। यह पहल प्रशासन को आमजन के और अधिक निकट लाने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनेगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने निवास क्षेत्र के संबंधित शिविर में उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि उनकी समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने सुशासन तिहार के सुचारू संचालन के लिए नोडल एवं विभागीय अधिकारियों को विभिन्न दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए है।
00 धमधा में 7 करोड़ के कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन
रायपुर। लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत पहुंचे उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने धमधा नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन की घोषणा की। धमधावासी लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। नगर पालिका के रूप में उन्नयन के बाद शहर को विकास कार्यों के लिए और ज्यादा मिलेगी तथा विकास कार्यों में तेजी आएगी। लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने वाली उप मुख्यमंत्री साव की इस घोषणा से धमधा के सुव्यवस्थित विकास तथा जनसुविधाएं विकसित करने के कामों को और अधिक गति मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री साव ने अपने धमधा प्रवास के दौरान करीब 7 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इसमें 4 करोड़ 60 लाख रुपए के कार्यों का लोकार्पण और 2 करोड़ 39 लाख रुपए के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। उन्होंने शहर के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की। साव ने बताया कि विगत दो वर्षों में धमधा नगर पंचायत के विकास के लिए 13 करोड़ रुपए दिए गए हैं। प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के विकास के लिए सक्रियता और गंभीरता से काम किए जा रहे है
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, दुर्ग के सांसद विजय बघेल, विधायकगण डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ईश्वर साहू और ललित चन्द्राकर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, धमधा नगर पंचायत की अध्यक्ष श्वेता अग्रवाल, उपाध्यक्ष ब्रिजेन्द्र दानी, जनपद पंचायत के अध्यक्ष लिमन साहू और पूर्व मंत्री जागेश्वर साहू सहित सुरेन्द्र कौशिक, जितेन्द्र वर्मा, प्रीतपाल बेलचंदन, पार्षदगण एवं जनप्रतिनिधि भी इस दौरान मौजूद थे।
00 पुलिस प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के दिए गए हैं निर्देश
रायपुर। पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर फुलबासन यादव से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा घटना की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के डिप्टी CM विजय शर्मा पश्चिम बंगाल दौरे से लौटने के बाद कई अहम मुद्दों पर खुलकर बोले। उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर कहा कि देश में अवैध प्रवेश रोकने के लिए अब ठोस और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के रास्ते घुसपैठ होती है, लेकिन वहां की सरकार द्वारा केंद्र की एजेंसियों को जरूरी सहयोग नहीं दिया गया। अब इस दिशा में बेहतर समन्वय और व्यवस्था पर काम किया जाएगा, ताकि घुसपैठ पर लगाम लग सके। पद्मश्री फूलबासन यादव के कथित अपहरण मामले पर भी डिप्टी CM ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि एक परिचित महिला ने सेल्फी के बहाने उन्हें गाड़ी तक बुलाया, जिसके बाद घटना हुई। पूरे मामले की जांच जारी है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की बात कही गई है।वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगामी छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी तैयारियां तेज हो गई हैं। 19 मई को प्रस्तावित इस दौरे के मद्देनजर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज समीक्षा बैठक करेंगे। डिप्टी CM ने बताया कि इस दौरान केंद्र और राज्य के बीच समन्वय से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, और इस बार महत्वपूर्ण बैठक जगदलपुर में आयोजित की जाएगी।
CM की समीक्षा बैठक पर क्या कहा ?वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 19 मई को छत्तीसगढ़ के दौरे पर आने वाले हैं, जिसकी तैयारियों को लेकर आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समीक्षा बैठक करेंगे। इसको लेकर डिप्टी CM विजय शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पिछले साल 24-25 जून को बनारस में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदूओं पर चर्चा हुई, जिसमें केंद्र और राज्यों की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी शामिल थी। इस वर्ष यह अहम बैठक छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित की जाएगी, जिसकी तैयारियों को लेकर आज सीएम के मार्गदर्शन में बैठक आयोजित है।
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक चलाए गए राज्य स्तरीय ऑपरेशन तलाश अभियान में गरियाबंद पुलिस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है।
पुलिस महानिदेशक के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत गरियाबंद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर गुमशुदा लोगों की तलाश तेज की। अभियान के दौरान कुल 68 गुमशुदा व्यक्तियों—जिनमें 47 महिलाएं, 14 पुरुष और 7 बालिकाएं शामिल हैं—को सुरक्षित बरामद कर उनके परिजनों को सुपुर्द किया गया।इस सफलता से जहां गुमशुदा लोगों के परिवारों में खुशियां लौटी हैं, वहीं पुलिस की सक्रियता और संवेदनशीलता भी सामने आई है। गरियाबंद पुलिस ने अन्य राज्यों और जिलों में जाकर भी लगातार प्रयास कर गुमशुदा लोगों का पता लगाया।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी गुमशुदगी की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके
रायगढ़। मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला निवेश प्रोत्साहन समिति की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर परिसर रायगढ़ के सृजन सभा कक्ष में आयोजित हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में औद्योगिक निवेश को गति देना, निवेशकों को सुगम वातावरण उपलब्ध कराना और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम के अंतर्गत लंबित मामलों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निवेशकों से जुड़े सभी प्रकरणों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक विकास जिले की आर्थिक उन्नति का आधार है, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं होगी। इस दौरान ब्याज अनुदान, स्थायी पूंजी निवेश अनुदान, उत्पादन प्रमाण-पत्र, परियोजना प्रतिवेदन, मंडी शुल्क व स्टाम्प शुल्क छूट तथा मार्जिन मनी अनुदान जैसे मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई।साथ ही लैंड बैंक, औद्योगिक भूमि उपलब्धता और भूमि हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उद्योग प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। श्रमिक सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सभी उद्योगों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन, मशीनों के नियमित निरीक्षण और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में अपूर्व प्रियेश टोप्पो, पूजा बंसल तथा अंजू नायक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
रायपुर। रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी में विकास की नई ऊंचाइयों को स्पर्श करते हुए 419 लाख रुपए से अधिक के विभिन्न जनहितकारी कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। यह पहल उनके दूरदर्शी नेतृत्व, विकासोन्मुख सोच और जनता के प्रति अटूट समर्पण को दर्शाती है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भाठागांव जोन क्रमांक 6 के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड क्रमांक 61 में लगभग ₹179 लाख के कार्यों का भूमिपूजन किया।
पुराने जोन कार्यालय (राजस्व विभाग) के पास सामुदायिक भवन निर्माण – ₹110 लाख
ढेबर सिटी मेन रोड में आर.सी.सी. नाली निर्माण – ₹12.61 लाख
अवधपुरी में ब्यूटी पार्लर के पास नाली निर्माण कार्य – ₹9.83 लाख
भाठागांव अवधपुरी में पाइपलाइन विस्तार कार्य – ₹10.84 लाख
भंचाली ज्वेलर्स से सत्यम ठाकुर के घर तक सी.सी. रोड निर्माण – ₹9 लाख
बंजारी नगर जनविकास समिति सामुदायिक भवन में अतिरिक्त कक्ष निर्माण – ₹5 लाख
सचिन जायसवाल के घर से नवीन साहू के घर तक 800 मीटर रोड निर्माण
केलाबाड़ी रोड, हनुमान वाटिका, भाठागांव में विकास कार्य – ₹5 लाख
मठपुरैना में आंगनबाड़ी केंद्र एवं सामुदायिक भवन निर्माण – ₹11 लाख
अवधपुरी में जनता गैरेज के पास सी.सी. नाली निर्माण – ₹5 लाख शामिल है।
इसके अतिरिक्त
महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक 65 में कुल लागत: ₹240.91 लाख विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।
नए कार्यों का भूमिपूजन (₹216.61 लाख)
जिसमें दंतेश्वरी मंदिर से तरुण पटेल एस.टी.डी. दुकान तक नाला निर्माण 86.16 लाख रुपए,
*गणपत सिंधी स्कूल के बाजू से सिन्हा किराना स्टोर्स तक आर.सी.सी. नाला निर्माण 94.88 लाख रुपए
* महाराजबंध तालाब एम.आर. रोड से दरगाह तक सी.सी. रोड एवं नाली निर्माण – ₹7.08 लाख
* नाथ किराना से शक्ति मंदिर तक नाली निर्माण – ₹9.52 लाख
* राधास्वामी नगर, प्रोफेसर कॉलोनी में पाइपलाइन कार्य एवं इंटरकनेक्शन – ₹4.99 लाख
* बिजली ऑफिस के पीछे से सत्यदेव वर्मा के घर तक सी.सी. रोड निर्माण – ₹13.98 लाख
इसके अतिरिक्त ₹24.30 लाख के कार्यों का लोकार्पण किया।
महाराजबंध तालाब नया रोड, महामाई पारा में सामुदायिक भवन पर कक्ष निर्माण, शीतलालय एवं बोरवेल – ₹14.30 लाख
डॉ. राधाबाई नवीन कन्या महाविद्यालय के पास, शीतला मंदिर, मठपारा में सामुदायिक भवन निर्माण – ₹10 लाख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए “वार्ड में 2 करोड़ 40 लाख रुपया के विकास कार्यों की शुरुआत और 40 लाख रुपया के कार्यों का लोकार्पण क्षेत्र की प्रगति में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा”।
“प्रोफेसर कॉलोनी के नागरिकों की पुरानी मांग को पूरा करते हुए लगभग डेढ़ करोड़ रुपया की लागत से नाले का निर्माण शुरू किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की जल-भराव की समस्या का स्थायी समाधान होगा”।
“विकास का यह कारवां यहीं नहीं रुकेगा; रिंग रोड को जोड़ते हुए 7 लाख रुपया के अन्य कार्य भी जल्द पूरे किए जाएंगे”।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि “विकास केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर किए गए कार्यों से दिखाई देता है। हमारा लक्ष्य रायपुर के प्रत्येक वार्ड को मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित कर एक आदर्श शहर के रूप में विकसित करना है।”
उनके नेतृत्व में हो रहे इन व्यापक कार्यों से जल निकासी व्यवस्था सुदृढ़ होगी, आवागमन सुगम बनेगा और नागरिकों को बेहतर सामुदायिक सुविधाएं प्राप्त होंगी।
कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी जी, महापौर मिनल चौबे जी, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर जी, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर जी, सुश्री मोना सेन जी, मनोज वर्मा जी, जोन अध्यक्ष बद्री गुप्ता जी, अंबर अग्रवाल जी, मुरली शर्मा जी, विजय अग्रवाल जी, पार्षद रवि सोनकर जी, दीपक जायसवाल स्वप्निल मिश्रा, अंजलि गोलछा जी, पार्षद श्रीमती जयश्री नायक, सरिता वर्मा,मंडल अध्यक्ष केदार धनगर समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि नगर निगम के अधिकारी और गणमान्यजन उपस्थित रहे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में मंगलवार शाम तेज अंधड़ और झमाझम बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली।
बारिश और तेज हवाओं के कारण उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। पूरे प्रदेश में पारा 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मंगलवार को रायपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं, आंधी-तूफान और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
वहीं दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अगले पांच दिनों तक हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम खराब रह सकता है। विभाग ने कई स्थानों पर बिजली गिरने और अंधड़ चलने की चेतावनी भी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिक एच. पी. चंद्रा ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और अलग-अलग ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय होने से प्रदेश का मौसम प्रभावित हो रहा है। कश्मीर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश और दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
इसके अलावा दक्षिण मध्य प्रदेश से बिहार तक उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए द्रोणिका गुजर रही है, जिसका असर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। इसी वजह से कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।
रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक 6 मई को रायपुर शहर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा। गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। राजधानी में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
रायपुर। राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल के गठन का आदेश जारी कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल का विलय अब छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल में कर दिया गया है।
राज्य शासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की वरिष्ठ अधिकारी रेणु जी. पिल्ले (1991 बैच) को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल की अध्यक्ष हैं और छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही हैं।
आदेश में बताया गया है कि नई जिम्मेदारी के साथ-साथ रेणु जी. पिल्ले माध्यमिक शिक्षा मंडल के अतिरिक्त प्रभार में भी यथावत बनी रहेंगी।

रायपुर। प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत देने के लिए प्रशासन द्वारा त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम सपघरा के सुखबासुपारा में नलकूप खनन कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर पेयजल समस्या के समाधान की मांग की थी। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने नलकूप खनन कराया, जिससे अब ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल गई है। नलकूप शुरू होने के साथ ही गांव में खुशी का माहौल है। अब लोगों को पानी के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने इस त्वरित पहल के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन का आभार जताते हुए इसे भीषण गर्मी के बीच बड़ी सौगात बताया है।
00 बलौदा बाजार में सुशासन सेल्फी बना आकर्षण का केन्द्र
रायपुर। राज्य शासन के निर्देशानुसार जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित रूप से सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत बलौदा बाजार जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड भाटापारा के ग्राम मोपर,पलारी के ग्राम ससहा, कसडोल के ग्राम डेराडीह एवं नगर पंचायत पलारी में जनसमस्या निवारण समाधान शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हितग्राहियों को विभिन्न योजना के तहत सामग्री, चेक और सम्मान पत्र दिया गया। इसमें खाद्य विभाग द्वारा राशन कार्ड, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड व चश्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा जॉब कार्ड, पीएम आवास योजना आवास की चाबी, मछली पालन विभाग द्वारा 2 महाजाल व आइस बॉक्स, उद्यानि$की विभाग द्वारा फलदार पौधे,समाज कल्याण विभाग द्वारा भारत माता वाहिनी को सीटी व छड़ी टीबी मुक्त गांव के सरपंच को महात्मा गांधी $की प्रतिमा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा बच्चों को स्पोर्ट्स किट शामिल हैं।
समाधान शिविरों के जरिए मौके पर ही फाइल तैयार हो रही है और वहीं तुरंत निपटारा भी किया जा रहा है, इसमें नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन जैसे राजस्व मामलों के साथ-साथ मनरेगा की लंबित मजदूरी, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली, ट्रांसफार्मर और पेयजल, आधार कार्ड, राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन, पेंशन, श्रम कार्ड, जैसी विभिन्न विभागों के योजनाओं से लाभ लेने विशेष रूप से शामिल किया गया है।
इन शिविरों में केवल आवेदन स्वीकार करने तक सीमित नहीं रहा जाएगा, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मौके पर ही दिया जाएगा और प्रत्येक आवेदन का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया गया है। शिविर में जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा अपने अपने विभागों की जानकारी देते हुए योजनाओं के बारे में बताया और योजनाओं का लाभ लेने प्रेरित किया।
सुशासन सेल्फी बना आकर्षण का केंद्र
समाधान शिविर में आकर्षक सुशासन सेल्फी का निर्माण किया गया। शिविर में आने वाले ग्रामीण इसमें सेल्फी लेने उत्साहित नजर आये। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शिशुवती महिलाओं को सुपोषण किट प्रदान किया गया स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैम्प भी लगाया गया। तेज गर्मी को देखते हुए इस कैम्प में ओआरएस घोल की भी व्यवस्था की गई थी।
00 कुकरेल शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार अब जन-जन की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 1 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित समाधान शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता तब दिखी, जब प्राप्त 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया।
मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए अधिकारी खुद गाँव पहुँच रहे हैं। जो आवेदन मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें समय-सीमा के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसे 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य,राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों पर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सीधे लाभान्वित किया गया।
शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना भी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई है। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के तहत जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अगले शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि साय सरकार के सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके।
00 बलरामपुर में सुशासन तिहार की बैठक में मुख्यमंत्री ने जताई थी गहरी नाराजगी
00 बारिश से पहले यातायात सुगम बनाने पर जोर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सख्त निर्देश के बाद पत्थलगांव से कुनaकुरी के बीच अपूर्ण सड़क भाग के मरम्मत कार्य में अब आई तेजी। विगत दिवस बलरामपुर में आयोजित सरगुजा संभाग के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस सड़क की खराब स्थिति और मरम्मत में हो रही देरी पर नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा था कि अपूर्ण सड़क के कारण आमजन को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है और आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए इस मार्ग का शीघ्र सुधार अत्यंत आवश्यक है। इसके बाद विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई शुरू करते हुए मरम्मत कार्य को प्राथमिकता में रखा गया है।
शासन के प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी पत्र अनुसार पत्थलगांव-कुनकुरी मार्ग के अपूर्ण भाग के मरम्मत हेतु पूर्व में प्रस्तुत प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए कार्य तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। मरम्मत कार्य को जोनल एजेंसी के माध्यम से शीघ्र शुरू किया जाएगा। यदि जोनल एजेंसी उपलब्ध नहीं होती है, तो संबंधित संभागों के प्रचलित अनुबंध के अंतर्गत भी कार्य संपादित किया जा सकेगा। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग के कार्यपालन अभियंता अंबिकापुर को निर्देशित किया गया है कि वे मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक अपना मुख्यालय कुनकुरी में स्थापित करें, ताकि कार्यों की सतत निगरानी और त्वरित क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोडऩे के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे कार्य में किसी प्रकार की ढिलाई न हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस कार्य को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि सड़क मरम्मत में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। इस पहल से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि बरसात के दौरान संभावित बाधाओं से भी राहत मिलेगी।मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तेज हुई यह कार्रवाई क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी और लंबे समय से लंबित इस सड़क सुधार कार्य को अब गति मिल रही है ।
रायपुर। रायपुर जिले के संभागीय कार्यालय विद्युत यांत्रिकी भारी संयत्र संभाग रायपुर जल संसाधन विभाग के अधीनस्थ विभिन्न कार्यालयों में संचार प्रणाली आधुनिकीकरण यथा कम्प्यूटर प्रिंटर एवं नेटवर्क प्रणाली आदि कार्य के लिए 04 करोड़ 98 लाख 02 हजार रुपये प्रशासकीय स्वीकृत किये गये हैं।
00 वित्तमंत्री शामिल हुए शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ 1.0 कार्यक्रम में
रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ 1.0 को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में बस्तर के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।वित्त मंत्री ने कहा कि देश की चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ते भारत में बस्तर के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बस्तर के युवाओं को वन उत्पाद, पर्यटन, कला-संस्कृति और कृषि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में नवाचार के साथ कार्य कर क्षेत्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवा आर्थिक रूप से सशक्त बनकर समाज निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर आज नई आशा और नई दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है। कार्यक्रम में पूना मारगेम से जुड़े साथियों की भागीदारी का स्वागत करते हुए बस्तर के विकास में सहभागी बनने की बात कही। अपने संबोधन में उन्होंने कई प्रेरणादायक उदाहरण साझा किए, जिनमें लोगों ने विपरीत परिस्थितियों से निकलकर नवाचार के माध्यम से आर्थिक प्रगति हासिल की। चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने स्वयं नौकरी छोड़कर कृषि व्यवसाय अपनाया और आत्मनिर्भरता हासिल की। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि माँ सरस्वती के उपासक बनेंगे तो माँ लक्ष्मी स्वयं साथ आएंगी, आज का युग ज्ञान आधारित है, इसलिए युवाओं को अपनी क्षमता और कौशल का निरंतर विकास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी सिखाते हैं। अनुशासन के साथ ईमानदारी से प्रयास कर ही बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है। साथ ही उन्होंने युवाओं को उद्यमिता (इंटरप्रेन्योरशिप) में जोखिम लेने की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बस्तर की पूर्व परिस्थितियों और दंतेवाड़ा जिले में कलेक्टर के रूप में अपने कार्यकाल के अनुभवों का भी उल्लेख किया, जिससे उपस्थित युवाओं को प्रेरणा मिली। विश्व विद्यालय द्वारा बस्तर के युवाओं हेतु नवाचार के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की भी उन्होंने सराहना की। कार्यक्रम में शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मनोज कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे ।
रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बस्तर स्थित शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में आयोजित इनोवेशन महाकुंभ 1.0 में पहुंचकर विभिन्न स्टॉल्स का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तथा बस्तर के युवाओं द्वारा विकसित नवाचारों को करीब से देखा और उनके प्रयासों की सराहना की।
वित्त मंत्री चौधरी ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि यदि हम माँ सरस्वती के उपासक बनेंगे, तो माँ लक्ष्मी स्वयं हमारे साथ आएंगी। उन्होंने ज्ञान और कौशल को सफलता की कुंजी बताते हुए युवाओं को निरंतर सीखने और खुद को विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज का दौर ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है, जिसमें नवाचार और तकनीकी कौशल की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को अपने विचारों को प्रदर्शित करने का मंच मिलता है और उन्हें आगे बढऩे की दिशा मिलती है। कार्यक्रम में उपस्थित नवाचारकर्ताओं ने अपने-अपने प्रोजेक्ट्स और आइडियाज प्रस्तुत किए, जिनमें तकनीक, कृषि, शिक्षा और स्थानीय समस्याओं के समाधान से जुड़े कई उपयोगी मॉडल शामिल रहे।
वित्त मंत्री ने इन प्रयासों को सराहनीय बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवा नई सोच और ऊर्जा के साथ विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। इनोवेशन महाकुंभ 1.0 जैसे आयोजन प्रदेश में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहे हैं।
रायपुर। कहते हैं कि यदि हौसले बुलंद हों और शासन का साथ मिले, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है सरगुजा जिले के भिट्ठीकला की रहने वाली ममता ने। ममता, जो कि वर्तमान में बीएससी नर्सिंग तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, आज अपनी पढ़ाई को लेकर निश्चिंत हैं और इसका श्रेय वे छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को देती हैं।
संघर्षों के बीच जागी उम्मीद की किरण
ममता के जीवन का सफर आसान नहीं था। पिता स्व. मोटू राम के निधन के बाद घर की पूरी जिम्मेदारी उनकी माता प्यारो बाई के कंधों पर आ गई। माँ ने हार नहीं मानी और एक पंजीकृत श्रमिक के रूप में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण किया। संसाधनों की कमी के बावजूद प्यारो बाई का सपना अपनी बेटी को उच्च शिक्षा दिलाना था, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार के श्रम विभाग ने साकार किया है।
मेधावी शिक्षा सहायता ने आसान हुई राह
ममता ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग के माध्यम से नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत 45,000 रुपए की वार्षिक सहायता प्राप्त हुई है। इस राशि ने उनके शिक्षण शुल्क और पढ़ाई से संबंधित अन्य खर्चों के बोझ को कम कर दिया है। उन्होंने बताया कि मेरी मम्मी एक मजदूर हैं, फिर भी उन्होंने हमें कभी पीछे मुडऩे नहीं दिया। श्रम विभाग से मिली इस आर्थिक सहायता की वजह से मैं आज अपनी नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर पा रही हूँ और अपने उज्ज्वल भविष्य का सपना देख पा रही हूँ।
योजना के लिए व्यक्त किया आभार
अपनी सफलता का श्रेय देते हुए ममता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और श्रम विभाग के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए सशक्त माध्यम बनी है। जिससे पढऩे और आगे बढऩे का सपना साकार हुआ है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से ममता जैसी हजारों बेटियाँ अब न केवल शिक्षित हो रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ रही हैं।





























