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मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026: आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026: आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान

 विशेष लेख - धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक व सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।

 

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे।

 

क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026

मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है।
28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत
राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है।
किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं।
योजना से होने वाले प्रमुख फायदे
सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है।
आसान किस्तों में भुगतान
बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है।
बिजली विच्छेदन का खतरा कम
बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है।
मानसिक तनाव से राहत
लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुडऩे का अवसर मिलता है।
योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें
योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है।
योजना की अवधि
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है।
जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोडऩे की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें।

उप मुख्यमंत्री साव से फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों ने की मुलाकात

उप मुख्यमंत्री साव से फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों ने की मुलाकात

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव से आज 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करने वाली सफलता पर टीम के सभी खिलाडिय़ों को बधाई दी।
हैदराबाद में आयोजित 6वीं फेडरेशन कप मिक्स्ड नेटबॉल चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। श्री साव से मुलाकात के दौरान टीम की मैनेजर एवं नेटबॉल संघ के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी - केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान

छत्तीसगढ़ का आजीविका मॉडल देशभर के लिए प्रेरणादायी - केंद्रीय राज्य मंत्री पासवान

 00 सेरीखेड़ी में अजा परियोजना और पिंक दीदी नवाचारों का किया निरीक्षण

00 महिला समूहों के आर्थिक स्वावलंबन की सराहना
रायपुर। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज रायपुर जिले के सेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर का दौरा किया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत संचालित इस केंद्र में उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं द्वारा संचालित अजा परियोजना और बेहतर बाजार लिंकेज की प्रशंसा करते हुए इसे देशभर के लिए एक अनुकरणीय मॉडल बताया।मंत्री श्री पासवान ने एकीकृत बकरी पालन मॉडल अजा के क्रियान्वयन को बारीकी से देखा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ा रही है, बल्कि वैज्ञानिक पशुपालन को भी नई दिशा दे रही है। आधुनिक शेड, नियमित टीकाकरण, पशु बीमा, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और जैविक खाद निर्माण जैसी व्यवस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के लिए बाजार की सुलभ उपलब्धता को अन्य राज्यों के लिए भी सीखने योग्य बताया।

पिंक दीदी और बिजनेस दीदी आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने नवा रायपुर में संचालित ई-ऑटो सेवा प्रोजेक्ट पिंक दीदी की सराहना की। उन्होंने हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने और कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है। एकीकृत बकरी पालन परियोजना, कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों, आजीविका सेवा केंद्र, के अलावा उन्होंने बिजनेस दीदी, मशरूम उत्पादन और कृषि आधारित अन्य गतिविधियों का भी अवलोकन किया।

घर संभालने वाली महिलाएं अब बनीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर
मंत्री पासवान ने कृषक उत्पादक समूह की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर महिलाओं से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान दीदियों ने साझा किया कि कैसे वे घर की चारदीवारी से निकलकर आज एक संगठित व्यवसाय का नेतृत्व कर रही हैं। मंत्री ने महुआ कुकीज का स्वाद लिया और समूह की दीदियों के कौशल की प्रशंसा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र को संगठित कर लाभ अर्जित करना ही वास्तविक सशक्तिकरण है।

अधिकारियों को योजनाओं के विस्तार के निर्देश
केंद्रीय राज्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के आजीविका मॉडल को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए अधिकारियों को इन योजनाओं के और अधिक विस्तार पर जोर देने को कहा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आजीविका मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं महिला समूहों को बेहतर कार्य के लिए बधाई देते हुए योजनाओं के और विस्तार पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव श्री भीम सिंह, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिस्वरांजन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने मल्टी यूटिलिटी सेंटर, सेरीखेड़ी (रायपुर) अजा परियोजना, पिंक दीदी ई-ऑटो, बिजनेस दीदी, एफपीओ से संवाद की और कहा कि छत्तीसगढ़ का ग्रामीण आजीविका मॉडल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।

सुशासन तिहार : संवेदनशील शासन, त्वरित समाधान और जन-विश्वास का नया अध्याय

सुशासन तिहार : संवेदनशील शासन, त्वरित समाधान और जन-विश्वास का नया अध्याय

 रायपुर--छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार अब केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-सरोकारों से जुड़ा एक सशक्त जन-आंदोलन बन चुका है। इस अभियान ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास की एक नई और अटूट कड़ी स्थापित की है। सुदूर वनांचलों से लेकर नगरीय निकायों तक, सरकार स्वयं जनता के द्वार पहुँचकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रही है।

 

0-जनता के द्वार पहुंची सरकार

       सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने आम आदमी को दफ्तरों के चक्कर काटने की विवशता से मुक्ति दिलाई है। प्रशासन स्वयं गांव-गांव पहुँचकर शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के आवेदन सीधे स्वीकार कर रहा है। इन समाधान शिविरों में बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जा रहा है, जो साय सरकार की अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।

 

0-त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन

        शिविरों के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता का अनूठा स्वरूप देखने को मिल रहा है। पेयजल संकट के समाधान हेतु तत्काल नए हैंडपंपों की स्वीकृति हो या अतिरिक्त राशन दुकान, सड़क, बिजली और आवास से जुड़े मामले, निर्णय मौके पर ही लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की स्पष्ट मंशा है कि जन-समस्याओं का समाधान समय-सीमा के भीतर हो। इसी के अनुरूप जिला प्रशासनों को जवाबदेह बनाते हुए अधिकारियों को पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाने हेतु निर्देशित किया गया है।

 

0-अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मिल रहा सीधा लाभ

       राज्य सरकार की योजनाओं का केंद्र बिंदु समाज का वंचित वर्ग है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हजारों परिवारों को पक्की छत मिल रही है। महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया जा रहा है। किसानों को सम्मान निधि, आधुनिक उपकरण और सिंचाई सुविधाओं का लाभ निरंतर मिल रहा है। शिविरों में आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, किसान किताब और जॉब कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों का तत्काल वितरण सरकार की क्रियान्वयन शक्ति को दर्शाता है।

 

0-प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता

        मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कड़ा संदेश दिया है कि जन-समस्याओं के प्रति लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है। कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सीधे जनता से संवाद कर समस्याओं का फीडबैक लेना प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित के प्रति उनकी गंभीरता को रेखांकित करता है, जिससे नागरिकों में शासन के प्रति गहरा भरोसा जगा है।  

 

0-जनभागीदारी से सुदृढ़ होता लोकतंत्र

       इस अभियान ने शासन व्यवस्था को अधिक सहभागी और जन-केंद्रित बनाया है। जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने सुशासन तिहार को लोकतंत्र के वास्तविक उत्सव में बदल दिया है। यह पहल केवल शिकायतों के निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोडऩे का माध्यम बन रही है।

 

0-नए छत्तीसगढ़ की आधारशिला

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा छत्तीसगढ़ की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। सुशासन तिहार इसी विजन का मूर्त रूप है। आज जब गांवों में समय पर समस्याओं का समाधान और योजनाओं का पारदर्शी लाभ मिल रहा है, तो यह विश्वास और भी प्रबल हो रहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से सुशासन और जनकल्याण के एक स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे संकल्पों की सिद्धि का एक महापर्व है। हमारी सरकार का मूल मंत्र है- ''जनता की सेवा ही सर्वोच्च प्राथमिकता'' । विगत कुछ समय से आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में जिस तरह आप सभी की सक्रिय भागीदारी दिख रही है, वह इस बात का प्रमाण है कि अब शासन और जनता के बीच की दूरियां मिट चुकी हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि अब आपको अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन स्वयं आपके द्वार खड़ा हो।

जहां कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी सपना था, वहां अब डॉक्टर दे रहे दस्तक : बस्तर के जंगलों तक पहुंची स्वास्थ्य क्रांति

जहां कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी सपना था, वहां अब डॉक्टर दे रहे दस्तक : बस्तर के जंगलों तक पहुंची स्वास्थ्य क्रांति

 0-दिल्ली में बस्तर विकास मॉडल पर मंथन :  केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अहम मुलाकात

0-पुराने सुरक्षा शिविर अब बन रहे जन सुविधा केंद्र

रायपुर--मुख्यमंत्री श्वष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में तेजी से बदल रहे हालात और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा उपस्थित थे।

बैठक में विशेष रूप से बस्तर में चल रहे 'मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान पर चर्चा हुई।मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह को बताया कि जिन इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी मुश्किल माना जाता था, वहां अब डॉक्टर, दवाइयां और स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से पहुंच रही हैं। दूरस्थ गांवों में पैदल जाकर लोगों की जांच की जा रही है और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर नि:शुल्क इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। मात्र एक महीने में 21.86 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच हो चुकी है और उनके डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार कर लिए गए हैं। हजारों मरीजों को समय पर उपचार और उच्च अस्पतालों में रेफर किया गया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर में अब पुराने सुरक्षा शिविर केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रह गए हैं। इन्हें धीरे-धीरे  'जन सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां गांव के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल रही हैं। इन केंद्रों के जरिए दूरस्थ  क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहली बार कई बुनियादी सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। ग्रामीण अब इलाज, बैंक खाते, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए दूर-दूर तक भटकने को मजबूर नहीं है

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की शुरुआत 13 अप्रैल 2026 से सुकमा से हुई है। इस अभियान में 36 लाख लोगों को लक्षित किया गया है। इसके अलावा बस्तर मुन्ने ( अग्रणी बस्तर) अभियान के जरिए 31 महत्वपूर्ण योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। जगदलपुर में नया सुपर स्पेशलिटी अस्पताल शुरू हो गया है, जहां अब बस्तर के लोगों को महंगे इलाज के लिए रायपुर या बिलासपुर नहीं जाना पड़ेगा। डायल-112 की नेक्स्ट जेन सेवा का विस्तार और पुराने सुरक्षा शिविरों को  'जन सुविधा केंद्र में बदलने की योजना भी बस्तर के स्थायी विकास की दिशा में अहम कदम हैं।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो इलाके कभी नक्सल प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे हुए थे, वहां आज सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। हाल ही में सुकमा के एक अत्यंत दुर्गम गांव से गंभीर मरीज को सैकड़ों किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाकर उपचार दिलाना इस बदलाव का बड़ा उदाहरण बना है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बस्तर के लिए तैयार विकास रोडमैप की जानकारी दी। इसमें सड़क, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री   नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन से बस्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह ने बस्तर में हो रहे विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का 18 और 19 मई को बस्तर प्रवास  संभावित है

सुशासन शिविर में 850 ग्रामीणों ने ली नशामुक्ति की शपथ

सुशासन शिविर में 850 ग्रामीणों ने ली नशामुक्ति की शपथ

 00 नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जनजागरूकता का दिया गया संदेशरायपुर। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत फर्सवानी, जनपद पंचायत सारंगढ़ में आयोजित सुशासन शिविर में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत लगभग 850 ग्रामीणों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। उपस्थित लोगों ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

सुशासन शिविर में 850 ग्रामीणों ने ली नशामुक्ति की शपथ

एशियाई मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का दमदार प्रदर्शन, जीते सिल्वर और कांस्य पदक

एशियाई मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव का दमदार प्रदर्शन, जीते सिल्वर और कांस्य पदक

 00 मंत्री राजवाड़े ने दी बधाई एवं शुभकामनाएंरायपुर। राजनांदगांव की युवा वेटलिफ्टर सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। 53 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए उन्होंने सिल्वर और कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उनकी इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव की सफलता प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने एशियाई स्तर पर जो उपलब्धि हासिल की है, वह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं और ज्ञानेश्वरी की यह उपलब्धि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश है। श्रीमती राजवाड़े ने विश्वास व्यक्त किया कि सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव आने वाले समय में देश के लिए और बड़े कीर्तिमान स्थापित करेंगी तथा युवा पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करेंगी।

राज्यपाल डेका से केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री पासवान ने किया सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री पासवान ने किया सौजन्य भेंट

 

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका से केंद्रीय राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने की सौजन्य भेंट

रायपुर: छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने मुलाकात की।

औपचारिक संवाद और शिष्टाचार

यह मुलाकात एक सौजन्य भेंट (Courtesy Meet) थी। बैठक के दौरान दोनों गणमान्य व्यक्तियों के बीच औपचारिक संवाद हुआ। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य आपसी शिष्टाचार को बनाए रखना और विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा करना था।

सम्मान और आत्मीय स्वागत

परंपरा के अनुरूप, राज्यपाल श्री रमेन डेका ने केंद्रीय राज्य मंत्री का अत्यंत आत्मीयता के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने अतिथि के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्हें:

  • शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

  • स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

 नाबालिक से अश्लील हरकत, आरोपी आरक्षक गिरफ्तार

नाबालिक से अश्लील हरकत, आरोपी आरक्षक गिरफ्तार

 राजनांदगांव।  थाना लालबाग अंतर्गत आरोपी के द्वारा एक नाबालिग से अश्लील हरकत करने का मामला सामने आया है। घटना की रिपोर्ट के बाद आरोपी के खिलाफ पाक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी 8वीं बटालियन में आरक्षक है।

राजनांदगांव शहर के पेन्ड्री स्थित आठवीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक के द्वारा एक नाबालिक के साथ अश्लील हरकत का मामला सामने आया है। घटना की रिपोर्ट के बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रार्थिया द्वारा थाने रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि बीते 11 मई को जब उनकी नाबालिग लड़की टीवी रिचार्ज का रकम देने आरोपी श्रवण भारती के घर गई थी।

आरोपी द्वारा नाबालिग लड़की के साथ अश्लील हरकत करते हुए उसके साथ जबरन गलत कार्य करने का प्रयास किया गया। घटना के दौरान पीड़िता की एक और अन्य नाबालिग पुत्री भी वहां मौजूद थी। रिपोर्ट पर थाना लालबाग में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपी आठवीं बटालियन के आरक्षक श्रवण भारती निवासी ग्राम बगेंद, थाना करीमुद्दीननगर जिला गाजीपुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया है ।
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 रायपुर का कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 रायपुर का कक्षा 12वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत

 रायपुर। पीएम श्री Kendriya Vidyalaya No. 2 Raipur ने CBSE कक्षा 12वीं परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करते हुए 100% परीक्षा परिणाम दर्ज किया है। विद्यालय के कुल 130 विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया तथा सभी विद्यार्थी सफल घोषित हुए। विद्यालय का औसत परीक्षा परिणाम 75.71 प्रतिशत रहा।

विद्यालय की छात्रा अनुष्का हरिश कुमार महोबिया ने 485/500 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अर्थशास्त्र में 100, बिजनेस स्टडीज में 99 तथा अकाउंटेंसी में 99 अंक प्राप्त किए।
द्वितीय स्थान पर आयुष्मिता पात्रो रहीं, जिन्होंने 478/500 अंक प्राप्त किए। वहीं चिन्मय बिसेन एवं नमिता रायदास ने 475/500 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। आदित्य मडके ने 474/500 अंक प्राप्त कर विद्यालय में चौथा स्थान प्राप्त किया।विद्यालय के प्राचार्य Sujit Saxena ने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को इस शानदार सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण एवं अभिभावकों के सहयोग का प्रतिफल है।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
छत्तीसगढ़ में मिशन मोड पर सरकार का फोकस, मुख्य सचिव ने योजनाओं की प्रगति पर की बड़ी बैठक

छत्तीसगढ़ में मिशन मोड पर सरकार का फोकस, मुख्य सचिव ने योजनाओं की प्रगति पर की बड़ी बैठक

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार अब विकास योजनाओं को मिशन मोड में संचालित करेगी। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न विभागों ने अपने-अपने मिशनों का प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार AI, खेल, पर्यटन, अधोसंरचना और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में तेज और लक्षित विकास के लिए विशेष मिशन चला रही है।

मुख्यमंत्री एआई मिशन के तहत छत्तीसगढ़ को नई तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की तैयारी है। युवाओं को AI आधारित स्टार्टअप्स के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और शासन व्यवस्था में भी AI तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा।
वहीं मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन के अंतर्गत प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने, थीम आधारित पर्यटन सर्किट विकसित करने और होमस्टे योजना को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन के तहत सड़कों, पुलों और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा, जबकि मुख्यमंत्री स्टार्टअप मिशन से युवाओं को उद्यमिता और नए व्यापारिक आइडियाज के लिए आर्थिक सहायता और सरल प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

CG WEATHER  छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, 16 मई से Heat Wave का अलर्ट; बारिश-अंधड़ की भी चेतावनी

CG WEATHER छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ेगी गर्मी, 16 मई से Heat Wave का अलर्ट; बारिश-अंधड़ की भी चेतावनी

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में बुधवार को हुई बारिश और तेज हवाओं से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन अब मौसम फिर करवट लेने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग रायपुर के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते 16 मई से मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में ग्रीष्म लहर यानी हीट वेव चलने की संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों में दुर्ग प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री रहा। राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले 5 दिनों तक प्रदेश के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन, तेज हवाएं और हल्की बारिश की संभावना जताई है। रायपुर में आज आंशिक बादल छाए रहने, शाम तक गरज-चमक और अंधड़ चलने के आसार हैं।
विभाग ने 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी भी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश से मणिपुर तक फैली पूर्व-पश्चिम द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में मौसम लगातार बदल रहा है।
Train Cancelled: छत्तीसगढ़ में रेलवे का बड़ा झटका : 77 ट्रेनें रद्द, कई के बदले रूट और कई घंटों लेट; देखिए पूरी लिस्ट

Train Cancelled: छत्तीसगढ़ में रेलवे का बड़ा झटका : 77 ट्रेनें रद्द, कई के बदले रूट और कई घंटों लेट; देखिए पूरी लिस्ट

 बिलासपुर।  गर्मी की छुट्टियों में ट्रेन से सफर करने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी वाली खबर सामने आई है। भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ से होकर गुजरने वाली 77 ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द करने का फैसला लिया है। यह ट्रेनें 8 जून से 19 जून 2026 के बीच प्रभावित रहेंगी। रेलवे प्रशासन के इस फैसले से छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों के लाखों यात्रियों पर असर पड़ने की आशंका है। खासतौर पर समर वेकेशन के दौरान ट्रेनों में पहले से ही भारी भीड़ रहती है, ऐसे में बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों को टिकट, यात्रा और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

इन ट्रेनों का बदला गया रूटकई ट्रेनें गंतव्य से पहले ही होंगी समाप्तकई ट्रेनें घंटों देरी से चलेंगीदेखें लिस्ट –

रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, चांपा रेलवे स्टेशन में चौथी रेल लाइन जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी वजह से बिलासपुर रेल मंडल ने कई ट्रेनों को रद्द करने, रूट बदलने और कुछ ट्रेनों को गंतव्य से पहले समाप्त करने का फैसला लिया है। रद्द की गई ट्रेनों में 65 एक्सप्रेस और 12 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। वहीं 8 ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा, 6 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया जाएगा और 5 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से संचालित होंगी।

रेलवे के इस फैसले का असर सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तर भारत के कई राज्यों के यात्रियों को भी इसका सामना करना पड़ेगा। खासकर लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

इन ट्रेनों का बदला गया रूट

रेलवे ने कई प्रमुख ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाने का फैसला लिया है। 11 और 13 जून को हावड़ा से चलने वाली 12222 हावड़ा-पुणे दुरंतो एक्सप्रेस अब झारसुगुड़ा, टिटलागढ़ और रायपुर होकर चलेगी। वहीं 13 और 15 जून को पुणे से चलने वाली 12221 पुणे-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस भी बदले हुए रूट से संचालित होगी।

 

इसके अलावा सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस, हावड़ा-सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस, एलटीटी-शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, शालीमार-एलटीटी ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रायपुर, टिटलागढ़ और झारसुगुड़ा के रास्ते चलाया जाएगा।

कई ट्रेनें गंतव्य से पहले ही होंगी समाप्त

रेलवे ने कई ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट करने का भी निर्णय लिया है। 8 से 19 जून तक गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर केवल बिलासपुर तक चलेगी। वहीं कोरबा-अमृतसर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिलासपुर से शुरू होगी और कोरबा से बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी।

इसी तरह विशाखापट्टनम-कोरबा लिंक एक्सप्रेस, कोरबा-विशाखापट्टनम लिंक एक्सप्रेस और गोंडवाना एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का संचालन भी आंशिक रूप से प्रभावित रहेगा।

कई ट्रेनें घंटों देरी से चलेंगी

रेलवे ने यात्रियों को यह भी जानकारी दी है कि कई ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से रवाना होंगी। पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस 3 घंटे देरी से चलेगी, जबकि सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस करीब ढाई घंटे लेट रहेगी। इसके अलावा जनशताब्दी एक्सप्रेस, हसदेव एक्सप्रेस और शिवनाथ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था कर लें।

 

देखें लिस्ट –

 

 

 

ट्रेन नंबर ट्रेन का नाम रद्द रहने की तारीख
18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 7 से 18 जून
18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 8 से 19 जून
18109/18110 टाटानगर-इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस 8 से 19 जून
13287 दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 12 से 16 जून
13288 आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 10 से 14 जून
12833/12834 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस 11 से 15 जून
12870 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस 12 जून
12869 सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस 14 जून
22846 हटिया-पुणे एक्सप्रेस 12 व 15 जून
22845 पुणे-हटिया एक्सप्रेस 14 व 17 जून
20813 पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस 10 जून
20814 जोधपुर-पुरी एक्सप्रेस 13 जून
12905 पोरबंदर-शालीमार एक्सप्रेस 10 व 11 जून
12906 शालीमार-पोरबंदर एक्सप्रेस 12 व 13 जून
22905 ओखा-शालीमार एक्सप्रेस 14 जून
22906 शालीमार-ओखा एक्सप्रेस 16 जून
22512 कामाख्या-एलटीटी एक्सप्रेस 13 जून
22511 एलटीटी-कामाख्या एक्सप्रेस 16 जून
20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस 13 जून
20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस 14 जून
22358 गया-एलटीटी एक्सप्रेस 10 जून
22357 एलटीटी-गया एक्सप्रेस 12 जून
17321 वास्कोडिगमा-जसीडीह एक्सप्रेस 12 जून
17322 जसीडीह-वास्कोडिगमा एक्सप्रेस 15 जून
17005 हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस 11 जून
17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस 14 जून
17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस 9 व 13 जून
17008 दरभंगा-चर्लपल्ली एक्सप्रेस 12 व 16 जून
20471 श्रीगंगानगर-पुरी एक्सप्रेस 14 जून
20472 पुरी-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस 17 जून
22830 शालीमार-भुज एक्सप्रेस 13 जून
22829 भुज-शालीमार एक्सप्रेस 16 जून
22169 रानी कमलापति-सांतरागाछी एक्सप्रेस 10 जून
22170 सांतरागाछी-रानी कमलापति एक्सप्रेस 11 जून
20828 सांतरागाछी-जबलपुर एक्सप्रेस 10 जून
20827 जबलपुर-सांतरागाछी एक्सप्रेस 11 जून
12949 पोरबंदर-सांतरागाछी एक्सप्रेस 12 जून
12950 सांतरागाछी-पोरबंदर एक्सप्रेस 14 जून
20917 इंदौर-पुरी हमसफर एक्सप्रेस 9 जून
20918 पुरी-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस 11 जून
22909 बलसाड-पुरी एक्सप्रेस 11 जून
22910 पुरी-बलसाड एक्सप्रेस 14 जून
22866 पुरी-एलटीटी एक्सप्रेस 9 जून
22865 एलटीटी-पुरी एक्सप्रेस 11 जून
20822 सांतरागाछी-पुणे एक्सप्रेस 13 जून
20821 पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 15 जून
22843 बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस 12 जून
22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस 13 जून
13425 मालदाटाउन-सूरत एक्सप्रेस 15 जून
13426 सूरत-मालदाटाउन एक्सप्रेस 15 जून
12767 नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस 17 जून
12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस 12 व 13 जून
12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस 14 व 15 जून
12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस 12 व 13 जून
20807 विशाखापटनम-अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस 13 व 14 जून
20808 अमृतसर-विशाखापटनम हीराकुंड एक्सप्रेस 9 व 12 जून
12251 यशवंतपुर-कोरबा एक्सप्रेस 11 व 14 जून
12252 कोरबा-यशवंतपुर एक्सप्रेस 11 व 15 जून
22648 तिरुअनंतपुरम नॉर्थ-कोरबा एक्सप्रेस 13 व 17 जून
22647 कोरबा-तिरुअनंतपुरम नॉर्थ एक्सप्रेस 10 व 11 जून
12151 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस 12 व 13 जून
12152 शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस 11 से 15 जून
18477/18478 पुरी-योगनगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 11 से 15 जून
ट्रेन नंबर ट्रेन का नाम रद्द रहने की तारीख
68735 रायगढ़-बिलासपुर मेमू पैसेंजर 8 से 19 जून
68736 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू पैसेंजर 7 से 18 जून
68745 गेवरारोड-रायपुर मेमू पैसेंजर 8 से 19 जून
68746 रायपुर-गेवरारोड मेमू पैसेंजर 7 से 18 जून
58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर 8 से 19 जून
58204 रायपुर-कोरबा पैसेंजर 7 से 18 जून
68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू 8 से 19 जून
68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू 8 से 19 जून
68737/68738 रायगढ़-бिलासपुर-रायगढ़ मेमू 8 से 19 जून
58210 बिलासपुर-गेवरारोड पैसेंजर

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत आवेदन के नियमों में किया बदलाव, अब बेल आवेदन में बतानी होगी विस्तृत जानकारी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत आवेदन के नियमों में किया बदलाव, अब बेल आवेदन में बतानी होगी विस्तृत जानकारी

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जमानत प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए अब जमानत के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में ज्यादा जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने बेल आवेदन के पुराने फॉर्मेट में बदलाव करते हुए नए नियम लागू किए हैं, ताकि मामलों की सुनवाई ज्यादा साफ और व्यवस्थित तरीके से हो सके। नए नियमों के तहत आरोपी को अपने केस से जुड़ी पूरी जानकारी देनी होगी, जैसे एफआईआर, गिरफ्तारी की तारीख, पुराने केस और पिछली जमानत अर्जियों का विवरण। यह नियम 11 मई 2026 से तुरंत लागू कर दिया गया है।

हाईकोर्ट द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय नियम, 2007 में संशोधन किया गया है। अदालत का मानना है कि पुराने फॉर्मेट में पर्याप्त जानकारी नहीं मिल पाने के कारण कई मामलों में सुनवाई के दौरान जरूरी तथ्यों को समझने में कठिनाई होती थी। इसी वजह से अब आवेदन प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाया गया है। नए नियमों के तहत जमानत आवेदन अब साधारण प्रारूप में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदकों को एक निर्धारित टेबल यानी टैबुलर फॉर्म में अपने केस से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी देनी होगी। अदालत का उद्देश्य है कि सुनवाई के समय जज के सामने मामले का पूरा रिकॉर्ड एक ही जगह उपलब्ध रहे।

हाईकोर्ट ने नए आवेदन फॉर्म को छह मुख्य भागों में विभाजित किया है। इनमें सबसे पहले केस से जुड़ी मूल जानकारी देनी होगी, जिसमें एफआईआर नंबर, दर्ज तारीख, संबंधित थाना और आरोपी पर लगाई गई धाराओं का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। साथ ही उन धाराओं में मिलने वाली अधिकतम सजा की जानकारी भी देनी होगी। अब जमानत आवेदन में गिरफ्तारी की तारीख और आरोपी द्वारा अब तक जेल में बिताई गई कुल अवधि की स्पष्ट जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है। इससे अदालत को यह समझने में आसानी होगी कि आरोपी कितने समय से हिरासत में है।

नए नियमों के तहत केस की वर्तमान स्थिति का पूरा ब्यौरा देना होगा। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि मामला जांच स्तर पर है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है या ट्रायल चल रहा है। साथ ही कुल गवाहों की संख्या और अब तक कितने गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं, इसकी जानकारी भी देनी होगी। यदि आवेदक के खिलाफ पहले से कोई अन्य एफआईआर दर्ज है, तो उसकी जानकारी भी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति -जैसे मामला लंबित है, आरोपी बरी हो चुका है या उसे सजा हो चुकी है - यह सब आवेदन में बताना होगा।

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी ने पहले कभी जमानत के लिए आवेदन किया था, तो उसकी जानकारी भी देनी होगी। इसमें यह बताना होगा कि आवेदन किस अदालत में लगाया गया था और उसका क्या परिणाम रहा। यदि आरोपी के खिलाफ कोई गैर-जमानती वारंट जारी हुआ हो या उसे कभी भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया हो, तो उसका विवरण भी नए टेबल फॉर्मेट में अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।

नगर पालिका व त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन मई-2026 के लिए सामान्य प्रेक्षक नियुक्त

नगर पालिका व त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन मई-2026 के लिए सामान्य प्रेक्षक नियुक्त

 कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, रायपुर के पत्र के अनुसार नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के उप निर्वाचन मई-2026 के संचालन एवं प्रेक्षण कार्य के लिए जिला कबीरधाम के नगर पंचायत सहसपुर लोहारा के अध्यक्ष पद तथा त्रिस्तरीय पंचायतों के रिक्त पंच एवं सरपंच पदों के उप निर्वाचन के लिए श्री लक्ष्मण सिंह (आई.एफ.एस. 2010), उप वन संरक्षक (रोकड़), प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख कार्यालय, छत्तीसगढ़ अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), अरण्य भवन, नवा रायपुर को सामान्य प्रेक्षक नियुक्त किया गया है। आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य प्रेक्षक के लाईजनिंग व्यवस्था के लिए श्री शिवेन्द्र भगत, उप वनमण्डलाधिकारी, सहसपुर लोहारा को लाईजनिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वे प्रेक्षक के आगमन, भ्रमण, ठहरने, सत्कार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का दायित्व निर्वहन सुनिश्चित करेंगे। प्रेक्षक के सहयोग के लिए श्री रामशरण कौशिक, राजस्व निरीक्षक, भू-अभिलेख शाखा, कबीरधाम और 2. श्री प्रदीप ठाकुर, डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, कार्यालय वनमण्डलाधिकारी, कवर्धा वनमण्डल मोबाईल नंबर +91-9098821899 की ड्यूटी लगाई गई है।

नेतानार में रात्रि विश्राम करेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, आयोजन की तैयारियां जोरों पर

नेतानार में रात्रि विश्राम करेंगे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, आयोजन की तैयारियां जोरों पर

 जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 18 मई को दो दिवसीय बस्तर प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरे को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने के लिए देश के चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी बस्तर पहुंचने वाले हैं। 

जगदलपुर से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित भूमकाल आंदोलन के जननायक गुंडाधुर का पैतृक गांव नेतानार में अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर चल रही है। यहां पर मैदान तैयार हो रहा है और टेंट के लिए बांस और बल्लियों को लगाने का काम शुरू हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सीआरपीएफ के जवानों के साथ भोजन कर रात्रि यहीं नेतानार में विश्राम करेंगे।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार नेतानार गांव कभी नक्सल गतिविधियों का बड़ा केंद्र हुआ करता था। इसी गांव में नक्सलियों ने फॉरेस्ट रेस्ट हाउस को आईईडी विस्फोट से उड़ा दिया था। इसके अलावा एक अन्य आईईडी विस्फोट में दरभा थाना प्रभारी समेत सात जवान बलीदान हुए थे। नक्सल प्रभाव खत्म होने के बाद पहली बार है कोई केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नेतानर गांव पहुंच रहे हैं। इससे गांव में उत्साह का माहौल है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने बताया कि आगामी 18 मई को केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर जिले के ग्राम नेतानार में पहुंचेगे और यहां मौजूद केन्द्रीय सुरक्षा बल के जवानों के साथ भोजन कर रात्रि यहीं नेतानार में विश्राम करेंगे। अगले दिन 19 मई को जगदलपुर के एक निजी होटल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होंगे । जिसमें उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश समेत छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल रहेंगे। केन्द्रीय मंत्री के बस्तर प्रवास को देखते हुये सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं।

सुशासन तिहार बना स्वास्थ्य का सहारा : वनांचल की महिलाओं तक पहुंची जांच और जागरूकता

सुशासन तिहार बना स्वास्थ्य का सहारा : वनांचल की महिलाओं तक पहुंची जांच और जागरूकता

 रायपुर। दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और किशोरियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं अक्सर चुनौती बनी रहती हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार अब इन इलाकों में उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रहा है। समाधान शिविरों के जरिए शासन न केवल लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहा है, बल्कि बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी गांव-गांव तक पहुंचा रहा है। इसी पहल के तहत कबीरधाम जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला में राज्य शासन और नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में स्वस्थ नारी अभियान शुरू किया गया है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समय पर पहचान कर उपचार उपलब्ध कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है।

सुशासन तिहार के समाधान शिविरों में महिलाओं और किशोरियों की नि:शुल्क एवं त्वरित हीमोग्लोबिन जांच की जा रही है। जांच के बाद जरूरत के अनुसार उपचार, रेफरल, आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का वितरण तथा पोषण और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी सलाह भी दी जा रही है। 04 मई 2026 को झलमला से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक तीन स्वास्थ्य शिविर लगाए जा चुके हैं। इन शिविरों में करीब 320 महिलाओं और किशोरियों की हीमोग्लोबिन जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एनीमिया के लक्षण, बचाव और संतुलित आहार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

डॉक्टरों ने महिलाओं को आयरन-फोलिक एसिड टेबलेट्स का नियमित सेवन करने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। खास बात यह रही कि कई महिलाओं ने पहली बार अपनी हीमोग्लोबिन जांच कराई, जिससे संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती पहचान संभव हो सकी। वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। स्वस्थ नारी अभियान केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाकर उन्हें बेहतर जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी कर रहा है।

राज्यपाल डेका ने अपने आधिकारिक काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या को किया कम

राज्यपाल डेका ने अपने आधिकारिक काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या को किया कम

 रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने अपने आधिकारिक काफिले (कारकेड) में चलने वाले वाहनों की संख्या कम कर दी है। उन्होंने आम जनता से भी मितव्ययता बरतने का आव्हान किया है।
राज्यपाल डेका ने प्रधानमंत्री की अपील को न केवल स्वयं लागू किया बल्कि राज्य शासन से भी यह अपेक्षा की है कि तत्काल इस दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाए। डेका ने प्रधानमंत्री द्वारा सभी उल्लेखित बिन्दुओं, निजी वाहन का उपयोग कम करते हुए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने तथा घरेलु संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के संबंध में आम जनता से विशेष अपील की है।

विस अध्यक्ष सिंह अब भ्रमण के दौरान करेंगे 4 वाहनों का प्रयोग कम

विस अध्यक्ष सिंह अब भ्रमण के दौरान करेंगे 4 वाहनों का प्रयोग कम

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत एक परिवार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे मुखिया के रूप में मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने समय की गंभीरता को देखकर भारत के हित में ईंधन संरक्षण एवं संसाधनों के सीमित उपयोग हेतु राष्ट्र से जो आह्वान किया है, उसका अनुसरण करते हुए मैंने यह निर्णय लिया है कि मेरे भ्रमणों के दौरान अब 4 वाहनों का प्रयोग कम किया जाएगा साथ ही मैं केवल अत्यावश्यक भ्रमण के लिए ही समय निकालूँगा। मोदी के आह्वान का सम्मान करते हुए मैं प्रदेशवासियों से भी यह अपील करता हूँ कि जहाँ तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग सुनिश्चित करें और ईंधन संरक्षण की इस मुहिम में अपना योगदान दें।

कुपोषण, बाल विवाह रोकथाम और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर प्रशासन सख्त, बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने निर्देश

कुपोषण, बाल विवाह रोकथाम और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर प्रशासन सख्त, बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने निर्देश

 00 महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने दिए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कुपोषण नियंत्रण तथा बाल संरक्षण को लेकर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर लगातार गंभीर पहल की जा रही है। इसी क्रम में सूरजपुर जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए

बैठक में कुपोषित एवं अल्पवजन बच्चों की स्थिति, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को रेडी टू ईट खाद्य सामग्री वितरण, आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्म भोजन व्यवस्था तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों से नियमित मॉनिटरिंग रिपोर्ट लेने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, आधार एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण, अपार आईडी, जन्म प्रमाण पत्र सुधार सहित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने विशेष शिविर आयोजित कर हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए। बाल विवाह रोकथाम को लेकर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बैठक में बाल विवाह की घटनाओं वाले क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही पोक्सो अधिनियम के तहत पीडि़तों को दी जाने वाली सहायता एवं राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

बैठक में आंगनबाड़ी भवनों एवं निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पीएचसी एवं सीएचसी भवनों को शीघ्र पूर्ण कर स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु कल्याण तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

देश-प्रदेश से नक्सल आतंक का सफाया होना इन सभी बलिदानी विभूतियों को सच्ची श्रद्धांजलि है - गृहमंत्री शर्मा

देश-प्रदेश से नक्सल आतंक का सफाया होना इन सभी बलिदानी विभूतियों को सच्ची श्रद्धांजलि है - गृहमंत्री शर्मा

 00 लोकतंत्र और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों को कभी भी राजनीति का उपकरण नहीं बनने देना चाहिए

00 कांग्रेस आंतरिक और वाह्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति करने से बजे

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में बुधवार को नक्सल उन्मूलन प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय ने विस्तृत जानकारी दी, जिसका वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने समर्थन किया। गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश की पहचान के साथ नासूर की तरह जुड़े माओवादी आतंक का सफाया होना डबल इंजन सरकार की एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि जिसे देश की शीर्ष उपलब्धियों में से एक के रूप में हमेशा स्मरण किया जाएगा। भारत की आंतरिक सुरक्षा पर सबसे बड़ी चुनौती करार दिए गए इस कम्यूनिस्ट आतंक की समाप्ति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी और डबल इंजन की सरकार के कारण संभव हो पाया है। समयबद्ध तरीके से 31 मार्च 2026 तक नक्सल उन्मूलन के संकल्प को सिद्ध कर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बना दिया है। नक्सल उन्मूलन की इस सफलता के पीछे हमारे सुरक्षा बलों का योगदान भी अभिनंदनीय है। हमारे सुरक्षा बलों, प्रदेश के दर्जनों नेताओं, राजनीतिक कार्यकर्ताओं, हजारों आदिवासियों के बलिदान के बाद यह संभव हो पाया है। भाजपा के भी सौ से अधिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधि, विधायक आदि ने इस नक्सल हमलों में अपने प्राणों की आहुति दी है। देश-प्रदेश से नक्सल आतंक का सफाया होना इन सभी बलिदानी विभूतियों को सच्ची श्रद्धांजलि है। लोकतंत्र और भारतीय संविधान की रक्षा की दृष्टि से यह उपलब्धि मील का पत्थर है।

भाजपा का यह स्पष्ट मत है कि आतंक किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकता। लोकतंत्र और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों को कभी भी राजनीति का उपकरण नहीं बनने देना चाहिए। निहित राजनीतिक स्वार्थ के लिए ऐसे आतंक को आसरा और प्रश्रय देने वाले राजनीतिक दलों को भी इससे सबक लेते हुए अपने संविधान विरोधी हरकतों से बाज आना चाहिए। नक्सल उन्मूलन की यह महान उपलब्धि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन की सरकार के कारण मिलना संभव हुआ है। विश्व के सबसे बड़े नेता हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी, गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का इस्पाती संकल्प और हमारे वीर जवानों की भुजा की ताकत से भारत की इस आतंक का सफाया संभव हो पाया है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के सफाए के संकल्प के बाद सभी जी-जान से जुट गए थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव सायजी के नेतृत्व में हमने एक बेहतर पुनर्वास नीति बनायी। पूना मारगेम- पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के माध्यम से हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं को पुनर्वास, सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन के अवसर प्रदान किए। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और विश्वास के वातावरण को और अधिक सुद्ढ बनाना है, कि बस्तर क्षेत्र में शांति और प्रगति की नई संभावनाएँ साकार हो सकें। हमने मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को यह विश्वास दिलाया कि वे अगर हिंसा हथियार त्याग देंगे तो शासन उनके सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्जवल भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। हर वह उपाय किये गए जिससे स्थायी रूप से वे मुख्यधारा के जीवन से जुड़ सकें।

30 मार्च 2026 को लोकसभा में श्री अमित शाहजी ने स्पष्ट किया कि एक समय जो वामपंथी उग्रवाद 12 राज्यों तक फैला हुआ था, देश के लगभग 17' भूभाग को प्रभावित करता था और करोड़ों लोगों को अपने प्रभाव क्षेत्र में रखता था, वह अब सिमटकर दो जिलों तक रह गया है। हम नक्सल मुक्त हो गए हैं। देश भर के नक्सल आतंक का 70 प्रतिशत से अधिक छत्तीसगढ़ और ख़ास कर बस्तर में बचा हुआ था, अब इस आतंक की समाप्ति के बाद बस्तर के जनजातीय बन्धु भी प्रदेश के विकास के साथ-साथ चल पायेंगे।

सामन्यतया यह बताया जाता रहा है कि नक्सलवाद को वंचितों का आंदोलन या विकास की विफलता का परिणाम था, लेकिन यह व्याख्या पूर्ण नहीं है। यदि गरीबी ही इसका मूल कारण होती, तो देश के अनेक ऐसे क्षेत्र जहाँ आर्थिक पिछड़ापन समान या उससे अधिक था, वो नक्सलवाद के केंद्र बनते। परंतु ऐसा नहीं हुआ। कुछ विशिष्ट क्षेत्र ही इसके प्रभाव में आए, और वही क्षेत्र दशकों तक इसके मुख्य आधार बने रहे। यह चयन संयोग नहीं कहा जा सकता। वास्तव में नक्सलवाद का मूल कारण विकास की कमी नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसने उन क्षेत्रों को चुना जहाँ राज्य की उपस्थिति सीमित थी और जहाँ अपने लिए आधार निर्मित करना संभव था। जिस तंत्र को अक्सर विकास की प्रतिक्रिया कहा जाता है, वह स्वयं विकास को बाधित करने वाला कारक भी रहा है।

यहां यह बात स्पष्ट तौर पर कहना होगा कि माओवादी आतंक को कांग्रेस द्वारा आसरा और प्रश्रय दिया जाता रहा है। जिस विकास की कमी को बहाना बनाया गया उस कमी की जिम्मेदार भी कांग्रेस ही रही है क्योंकि जब-जब और जहां जहां माओवादियों को पैर पसारने का बहाना मिला, वहां-वहां तब कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों का शासन ही था। बात चाहे नक्सलवाडी की हो, बिहार, आन्ध्र प्रदेश या अविभाजित मध्यप्रदेश की, हर जगह उस समय कांग्रेस का ही शासन रहा। इसके अलावा अनेक ऐसे साक्ष्य चीख-चीख कर कह रहे हैं कि कांग्रेस ने न केवल अपने बयानों से बल्कि कृत्यों से भी नक्सलवाद को खाद पानी देने, उसे संरक्षण देने का काम किया है। चाहे आदिवासियों के आन्दोलन 'सलवा जुडूमÓ को हतोत्साहित करने का विषय हो या उसके विरुद्ध फैसला देने वाले जज को कांग्रेस द्वारा उप राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया जाना, राहुल गांधी जी द्वारा झीरम हमले में नक्सलियों को क्लीन चिट देने का मामला हो या पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा झीरम का साक्ष्य जेब से नहीं निकालना, कांग्रेस के तमाम नेताओं द्वारा नक्सल समर्थक बयान दिलवाना हो या यूपीए के शासन में शहरी नक्सलियों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां देना, कांग्रेस ने हमेशा न केवल माओवादी विरोधी लड़ाई को कमजोर करने का काम किया बल्कि उसे प्रश्रय भी देते रहे।

छत्तीसगढ़ में वर्ष 2018 से 2023 के बीच 5 वर्षों तक कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, इस दौरान भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे। भूपेश बघेल की सरकार के दौरान कई ऐसे मामले देखने को मिले, जो स्पष्ट रूप कांग्रेस सरकार द्वारा माओवादियों के प्रति 'सॉफ्ट कॉर्नरÓ की भावना और परोक्ष सहयोग को उजागर करती है। यह सिलसिला शुरू हुआ वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से। कांग्रेस के लोग चुनाव में भी नक्सलियों से समर्थन मांगने से परहेज नहीं करते थे। जब इन नक्सलियों का ख़ात्मा किया जा रहा था, तब माओवादी समर्थकों के साथ-साथ कांग्रेस के नेता भी $फोर्स पर $फजऱ्ी एंकाउंटर का आरोप लगा रहे थे। नक्सल एनकाउंटर के बाद कांग्रेस पार्टी ने अलग-अलग मोर्चों से इस एनकाउंटर को फर्जी बताने से लेकर माओवादी आतंकियों को शहीद बताने का काम किया था। 

कांग्रेस की सरकार के समय भारत की आंतरिक सुरक्षा पर सबसे बड़ी चुनौती करार दिए गए माओवादी आतंक का खात्मा वास्तव में एक ऐसी उपलब्धि है जिसने हमारे लोकतंत्र को अत्यधिक सशक्त बनाया है, साथ ही भारतीय संविधान को भी उन क्षेत्रों में भी लागू होना संभव हुआ है जहां इससे पहले माओवादियों की अनुमति के बिना परिंदा भी पर नहीं मार सकता था।
इस महान उपलब्धि के लिए नरेंद्र मोदी, अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को अशेष अभिनन्दन। साथ ही कांग्रेस के लिए एक और सबक कि आंतरिक और वाह्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राजनीति करने से वह बाज आये। कांग्रेस को यह ध्यान रखना होगा कि क्षुद्र राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे आतंक को प्रश्रय न दे।

महतारी वंदन योजना में गड़बड़ी पर सख्ती ई-केवायसी के नाम पर शुल्क वसूलने वाले 4 सीएससी सेंटर ब्लॉक

महतारी वंदन योजना में गड़बड़ी पर सख्ती ई-केवायसी के नाम पर शुल्क वसूलने वाले 4 सीएससी सेंटर ब्लॉक

 रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं के ई-केवायसी कार्य में अनियमितता और शुल्क वसूली की शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। महासमुंद जिले में ई-केवायसी के एवज में हितग्राहियों से राशि मांगने के आरोप में 4 सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक कर दी गई है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर प्रोजेक्ट मैनेजर रायपुर की टीम ने जांच की। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत ई-केवायसी की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार की राशि लेना नियम विरुद्ध है।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय या सीएससी सेंटर में ई-केवायसी के नाम पर शुल्क मांगा जाता है, तो इसकी तत्काल शिकायत करें, ताकि संबंधित केंद्रों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

जिन सीएससी संचालकों की आईडी ब्लॉक की गई है, उनमें सरायपाली क्षेत्र के परशुराम रात्रे, राजू बरिहा और नरहरि कुमार तथा बसना क्षेत्र की वृंदावती भोई शामिल हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि योजना में गड़बड़ी या हितग्राहियों से अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : शासन बना बेटियों का संबल और सामूहिक विवाह बना सामाजिक बदलाव का उत्सव

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ में इन दिनों जब भी सामूहिक विवाह समारोहों में शहनाइयां गूंजती हैं, तो वह केवल दो लोगों के वैवाहिक बंधन में बंधने का अवसर नहीं होता, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और संवेदनशील शासन व्यवस्था का जीवंत उत्सव बन जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह योजना प्रदेश में सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख रही है। हजारों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने वाली यह पहल वास्तव में  'बेटियों के साथ सुशासन का आशीर्वादÓ बनकर उभरी है।

   मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने हजारों गरीब परिवारों की चिंताओं को कम करते हुए बेटियों के सपनों को नई पहचान दी है। यह योजना आज प्रदेश में सामाजिक समरसता, महिला सम्मान और जनकल्याण का ऐसा मॉडल बन चुकी है, जिसने यह साबित किया है कि शासन की योजनाएं यदि संवेदनशील सोच के साथ लागू हों, तो वे सीधे लोगों के जीवन में खुशियां ला सकती हैं।

 

 

गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों का विवाह अक्सर आर्थिक चिंता का बड़ा कारण बन जाता है। कई बार परिवार कर्ज लेने को मजबूर होते हैं, तो कई बार सामाजिक दबाव और फिजूलखर्ची उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर देती है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत की गई।

 

योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि विवाह को गरिमामय, सादगीपूर्ण और सामाजिक सहयोग का माध्यम बनाना है। यह योजना सामूहिक विवाहों को बढ़ावा देकर दहेज जैसी कुरीतियों पर भी प्रभावी रोक लगाने का काम कर रही है।

 

 

राज्य शासन ने योजना को और अधिक मानवीय स्वरूप देते हुए विधवा, अनाथ और निराश्रित कन्याओं को भी इसमें शामिल किया है, इससे यह योजना सामाजिक सुरक्षा और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई है।

 

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों तथा मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के कार्डधारी परिवारों की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को लाभ प्रदान किया जाता है।प्रत्येक कन्या विवाह हेतु शासन द्वारा अधिकतम 50 हजार रुपये तक सहायता दी जाती है। इसमें वर-वधु के लिए श्रृंगार सामग्री, उपहार सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही 35 हजार रुपये की राशि बैंक ड्राफ्ट के रूप में दी जाती है, जिससे नवदंपति आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ अपने नए जीवन और खुशहाल की शुरुआत कर सकें। विवाह आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी प्रति कन्या 8 हजार रुपये तक खर्च किया जाता है।

24 हजार से अधिक बेटियों के जीवन में आई नई खुशियांमुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 24 हजार से अधिक बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। यह केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि उन हजारों परिवारों की खुशी और राहत की कहानी है, जिनके लिए बेटियों का विवाह कभी बड़ी चिंता हुआ करता था।

प्रदेश सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3200 विवाहों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से 347 विवाह पहले ही संपन्न हो चुके थे, जबकि 8 मई 2026 को आयोजित राज्यव्यापी सामूहिक विवाह समारोहों में 1385 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस प्रकार अब तक कुल 1732 जोड़े वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत कर चुके हैं।

8 मई 2026 को प्रदेशभर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों ने छत्तीसगढ़ को उत्सवमय बना दिया। रायपुर से लेकर दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक हजारों लोगों ने इन आयोजनों में भाग लिया। हर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों और सादगी के साथ विवाह सम्पन्न हुए।

इन समारोहों की सबसे बड़ी खूबी इसकी समावेशी भावना रही। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और विशेष पिछड़ी जनजातियों के जोड़े अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह बंधन में बंधे। यह दृश्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े की संवेदनशील पहल

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस योजना को प्रभावी और जनहितकारी स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में विभाग द्वारा प्रदेशभर में सुव्यवस्थित सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जा रहे हैं।

श्रीमती राजवाड़े लगातार यह सुनिश्चित कर रही हैं कि हर आयोजन में नवदंपति और उनके परिजनों को गरिमापूर्ण वातावरण मिले। विवाह स्थलों की सजावट, गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था विभाग द्वारा सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल सहायता योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान और सामाजिक समानता का अभियान है।

6412 जोड़ों का विवाह और विश्व रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाई है। 10 फरवरी 2026 को आयोजित वृहद सामूहिक विवाह समारोह में 6412 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आयोजित यह कार्यक्रम ऐतिहासिक बन गया और इसके लिए छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

 यह उपलब्धि दर्शाती है कि सामूहिक विवाह केवल सामाजिक सहयोग का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और जनभागीदारी की मजबूत मिसाल भी बन सकता हैं।

 सुशासन का संवेदनशील चेहरा

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आज छत्तीसगढ़ में सुशासन के संवेदनशील और मानवीय स्वरूप का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बेटियों को सम्मान, परिवारों को आत्मविश्वास और समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम कर रही है।

सुशासन तिहार में प्रशासन पहुंचा ग्रामीणों के द्वार, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर दिया गया जोर

सुशासन तिहार में प्रशासन पहुंचा ग्रामीणों के द्वार, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण पर दिया गया जोर

 00 प्रभारी सचिव ने किया विभागीय स्टालों का निरीक्षण, दिव्यांगजनों को वितरित की गई व्हीलचेयर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप नारायणपुर जिला में सुशासन तिहार के अंतर्गत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम गोहड़ा, ग्राम पंचायत मालिंगनार, जनपद पंचायत नारायणपुर में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम में प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन कर संचालित योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राही मूलक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध सेवा प्रदाय तथा आमजन की समस्याओं के संवेदनशील निराकरण के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मौके पर ही अनेक आवेदनों का निराकरण किया गया। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं शिकायतें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कीं, जिनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया गया।
इस दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण के रूप में व्हीलचेयर वितरित की गई। व्हीलचेयर प्राप्त करने वाले हितग्राहियों ने खुशी जाहिर करते हुए शासन एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती

छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहली बार टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती

 00 लोक सेवा आयोग ने जारी किया अंतिम चयन परिणाम

00 वित्त मंत्री चौधरी ने कहा - युवा प्रतिभाओं को मिलेगा प्रदेश के नियोजित विकास में योगदान का अवसर
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा आवास एवं पर्यावरण विभाग अंतर्गत सहायक संचालक (योजना) के 21 पदों पर भर्ती के लिए अंतिम चयन परिणाम जारी कर दिया गया है। राज्य गठन के बाद यह पहला अवसर है जब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में सहायक संचालक (योजना) के पदों पर नियमित भर्ती की गई है।

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भर्ती केवल रिक्त पदों की पूर्ति नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के सुव्यवस्थित, वैज्ञानिक और दूरदर्शी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि नियोजित विकास, आधुनिक शहरों के निर्माण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नई नियुक्तियों से विभाग को युवा, प्रशिक्षित और ऊर्जावान अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जो प्रदेश के शहरों और कस्बों के विकास को नई गति देंगे।

मंत्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को अधिकतम रोजगार अवसर उपलब्ध कराने और शासन-प्रशासन में योग्य प्रतिभाओं को स्थान देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। यह चयन प्रक्रिया उसी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
छत्तीसगढ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी परिणाम के अनुसार लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 को आयोजित की गई थी तथा साक्षात्कार 12 मई 2026 को संपन्न हुआ। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची जारी की गई है। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के नियोजित और संतुलित विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अधिकारी अपने ज्ञान, कौशल और समर्पण से छत्तीसगढ़ के विकास में उल्लेखनीय योगदान देंगे।