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CG: फर्जी इंश्योरेंस क्लेम का खुलासा: 44.80 लाख की दावा याचिका कोर्ट ने की खारिज

CG: फर्जी इंश्योरेंस क्लेम का खुलासा: 44.80 लाख की दावा याचिका कोर्ट ने की खारिज

 बिलासपुर। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने फर्जी तरीके से बीमा क्लेम हासिल करने की कोशिश का बड़ा खुलासा करते हुए 44 लाख 80 हजार रुपये की मुआवजा याचिका खारिज कर दी है। षष्टम अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी मनीषा ठाकुर ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया कि दुर्घटना एक कार से हुई थी, लेकिन बाद में बीमा राशि पाने के लिए साठगांठ कर मोटरसाइकिल को हादसे में शामिल दिखाया गया।

बेटे की मौत के बाद लगाया था मुआवजे का दावा

मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। आवेदिका मालती बंजारे और अविनल बंजारे ने दावा पेश करते हुए कहा था कि उनका 21 वर्षीय बेटा अंकित बंजारे 9 फरवरी 2023 को पल्सर बाइक से जा रहा था। इसी दौरान 36 मॉल के पास राहुल पात्रे ने लापरवाही से बाइक चलाते हुए उसे टक्कर मार दी, जिससे गंभीर रूप से घायल अंकित की इलाज के दौरान मौत हो गई।

अस्पताल रिकॉर्ड से खुली सच्चाई

सुनवाई के दौरान मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब वंदना अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय कुमार ने अदालत में बयान दिया कि भर्ती के समय मृतक की मां ने खुद बताया था कि हादसा कार की टक्कर से हुआ है। अस्पताल द्वारा तैयार पुलिस मेमो में भी दुर्घटना का कारण ‘कार से टक्कर’ दर्ज था।कोर्ट ने यह भी पाया कि बाद में पेश किए गए दस्तावेजों में ‘कार’ शब्द हटाकर उसकी जगह ‘मोटरसाइकिल’ लिखा गया था। अदालत ने इसे रिकॉर्ड में स्पष्ट हेरफेर माना।

गवाहों के बयान भी नहीं टिके

मामले में पेश किए गए कथित चश्मदीद गवाह के बयान भी अदालत को भरोसेमंद नहीं लगे। कोर्ट ने पाया कि गवाह घटना स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रहता था और उसके बयान में कई विरोधाभास थे। वहीं, मृतक के पिता द्वारा दुर्घटना के तीन दिन बाद अज्ञात वाहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर भी अदालत ने सवाल उठाए।

वाहन जांच रिपोर्ट भी पेश नहीं हुई

सुनवाई के दौरान संबंधित बाइक का कोई मैकेनिकल निरीक्षण रिपोर्ट या ऐसा तकनीकी साक्ष्य पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि दुर्घटना उसी वाहन से हुई थी। इस आधार पर अधिकरण ने माना कि आवेदक दुर्घटना में मोटरसाइकिल की संलिप्तता साबित करने में असफल रहे।

कोर्ट ने खारिज की पूरी याचिका

सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अधिकरण ने मोटर यान अधिनियम की धारा 166 के तहत दायर 44.80 लाख रुपये की मुआवजा याचिका को पूरी तरह निरस्त कर दिया। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि तथ्यों से छेड़छाड़ कर बीमा क्लेम लेने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।

छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम बढ़े, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत का दिखने लगा असर, जानिये कितनी बढ़ी कीमत

छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम बढ़े, पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमत का दिखने लगा असर, जानिये कितनी बढ़ी कीमत

 रायपुर । राजधानी रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ में निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। डीजल सप्लाई प्रभावित होने और परिवहन खर्च बढ़ने से अब सीमेंट बाजार भी इसकी चपेट में आ गया है। कारोबारियों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और ईंधन संकट के कारण माल ढुलाई प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर सीमेंट की कीमतों पर पड़ा है।

परिवहन महंगा, बढ़ी निर्माण लागत

सीमेंट व्यापारियों के मुताबिक डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत में तेजी आई है। एक ट्रक औसतन एक लीटर डीजल में करीब तीन किलोमीटर चलता है। ऐसे में लंबी दूरी तक माल पहुंचाने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। कारोबारियों का अनुमान है कि 500 से 600 किलोमीटर तक सीमेंट ढुलाई में ट्रांसपोर्ट लागत 500 से 1000 रुपये तक बढ़ गई है। यही वजह है कि कंपनियों ने अब सीमेंट के दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं।

प्रमुख कंपनियों ने बढ़ाए रेट

बाजार में कई नामी कंपनियों ने नई कीमतें लागू कर दी हैं। अल्ट्राटेक सीमेंट की एक बोरी अब 290 रुपये में बिक रही है, जबकि पहले इसका दाम 285 रुपये था। एसीसी सीमेंट में करीब 20 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और इसका भाव 285 रुपये प्रति बोरी पहुंच गया है। वहीं अंबुजा सीमेंट 288 रुपये प्रति बोरी और बंगर सीमेंट 260 रुपये प्रति बोरी के भाव पर बिक रहा है।

छोटे ब्रांडों पर ज्यादा असर

व्यापारियों का कहना है कि बड़ी companies की तुलना में छोटे सीमेंट ब्रांडों ने ज्यादा दाम बढ़ाए हैं। पहले 250 से 260 रुपये प्रति बोरी मिलने वाला जंगरोधक सीमेंट अब करीब 290 रुपये तक पहुंच गया है। सप्लाई बाधित होने और माल ढुलाई महंगी पड़ने से छोटे कारोबारियों पर ज्यादा दबाव बना है।

निर्माण कार्यों पर पड़ने लगा असर

सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री महंगी होने से मकान निर्माण, सरकारी प्रोजेक्ट और निजी बिल्डिंग निर्माण की लागत बढ़ने लगी है। बिल्डरों और ठेकेदारों का कहना है कि सरिया, सीमेंट और ट्रांसपोर्ट खर्च में लगातार हो रही वृद्धि से निर्माण बजट बिगड़ रहा है। उनका मानना है कि यदि डीजल संकट लंबा खिंचता है तो आने वाले दिनों में निर्माण सामग्री की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर,कई जिलों में पारा 45 डिग्री पार,राजधानी समेत पूरे प्रदेश में हीटवेव अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर,कई जिलों में पारा 45 डिग्री पार,राजधानी समेत पूरे प्रदेश में हीटवेव अलर्ट जारी

 रायपुर – छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी और लू के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

रायपुर सहित कई जिलों में मौसम विभाग ने हीटवेव अलर्ट जारी किया है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सबसे ज्यादा गर्मी महसूस की जा रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी पीने,हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचाव करने की सलाह भी दी गई है।

 
पलभर में टूटा सात जन्मों का रिश्ता..पति ने अपनी ही पत्नी की पीट-पीटकर की हत्या, मां का शव देख बेटे के उड़े होश

पलभर में टूटा सात जन्मों का रिश्ता..पति ने अपनी ही पत्नी की पीट-पीटकर की हत्या, मां का शव देख बेटे के उड़े होश

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। बांगो थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांधी नगर में पति ने अपनी ही पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, मानिकपुर गांधी नगर निवासी बलिराम मरावी काम से घर लौटा था। इसी दौरान घर में खाना नहीं बनने और शराब पीने के लिए पैसे मांगने को लेकर उसकी पत्नी संगीता मरावी से विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर बलिराम ने डंडे से पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

घटना के समय आरोपी का बुजुर्ग पिता भी घर पर मौजूद था। आसपास के लोगों की मदद से घायल संगीता को घर में लिटाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतिका का बेटा गांव गया हुआ था। घटना की सूचना मिलने पर जब वह घर पहुंचा तो मां का शव देखकर सदमे में आ गया।

हैरानी की बात यह रही कि वारदात के बाद भी आरोपी पति मौके पर ही मौजूद रहा। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।फिलहाल  पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है।

प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा - मॉडल उत्तर जारी, 30 मई तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

प्रयास आवासीय विद्यालय प्रवेश परीक्षा - मॉडल उत्तर जारी, 30 मई तक दावा-आपत्ति आमंत्रित

00 डाक से भेजे गए आवेदन नहीं होंगे स्वीकार, सहायक आयुक्त कार्यालय में स्वयं होना होगा उपस्थित
रायपुर।
मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रदेश में संचालित प्रयास बालक एवं कन्या आवासीय विद्यालयों के सत्र 2026-27 (कक्षा 9वीं) में प्रवेश के लिए आयोजित प्राक्चयन परीक्षा के मॉडल उत्तर जारी कर दिए गए हैं। गत 10 मई 2026 (रविवार) को आयोजित हुई इस परीक्षा के मॉडल उत्तर विभागीय वेबसाइट eklavya.cg.nic.in पर परीक्षार्थियों के अवलोकन हेतु उपलब्ध हैं।
30 मई शाम 5.30 बजे तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति
प्रयास आवासीय विद्यालय कक्षा 9वीं प्रवेश परीक्षा के प्रश्न-पत्र या उत्तरों से संबंधित किसी भी प्रकार की दावा एवं आपत्तियां 30 मई 2026 को सायं 5.30 बजे तक आमंत्रित की गई हैं। समय-सीमा समाप्त होने के पश्चात किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
दावा-आपत्ति के लिए इन नियमों का पालन है अनिवार्य
आवेदक को स्वयं उपस्थिति अनिवार्य, परीक्षार्थियों को अपनी दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए संबंधित जिले के सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और प्रामाणिक साक्ष्य संलग्न करना अनिवार्य है। बिना किसी ठोस प्रमाण के प्रस्तुत की गई दावा-आपत्तियों को पूर्णत: अमान्य कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि डाक, कूरियर या किसी अन्य अप्रत्यक्ष माध्यम से भेजी गई दावा-आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी।
विषय विशेषज्ञों का निर्णय होगा अंतिम
कार्यालय को प्राप्त होने वाली सभी दावा-आपत्तियों का सूक्ष्म परीक्षण विषय विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा किया जाएगा। जांच के पश्चात समिति द्वारा लिया गया निर्णय ही अंतिम एवं सर्वमान्य होगा, जिसके आधार पर अंतिम परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा।

राजनांदगांव बनेगा शतरंज का हब- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

राजनांदगांव बनेगा शतरंज का हब- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम में शतरंज का प्रशिक्षण ले रहे नन्हें खिलाड़यिों से आत्मीय मुलाकात की। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, आत्मविश्वास और खेल के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि राजनांदगांव अंचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। अब शतरंज को विशेष प्राथमिकता देते हुए राजनांदगांव जिले को राज्य के चेस हब (शतरंज केंद्र) के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने शहर को इस खेल का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए एक सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने तथा खिलाडि़यों को वर्षभर निरंतर उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व प्रतियोगिताएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार होंगे खिलाड़ी

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की उभरती खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के लिए सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा, दिग्विजय स्टेडियम अब केवल एक खेल का मैदान नहीं, बल्कि भविष्य के वैश्विक चौम्पियन तैयार करने की नर्सरी बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्टेडियम में खिलाडि़यों की सुविधा के लिए लगभग 29 लाख रुपए की लागत से आवश्यक आधारभूत संरचना व खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। शतरंज जैसे बौद्धिक खेल को बढ़ावा देने से युवाओं की ऊर्जा को एक सकारात्मक और नई दिशा मिलेगी।

7 वर्षीय माहिका की प्रतिभा से हुए अभिभूत

स्टेडियम भ्रमण के दौरान डॉ. रमन सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों से सौजन्य भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी कड़ी में उन्होंने कक्षा दूसरी में अध्ययनरत सात वर्षीय नन्हीं खिलाड़ी माहिका डाकलिया से विशेष मुलाकात की और उनकी खेल यात्रा की जानकारी ली। माहिका ने पूरे आत्मविश्वास के साथ बताया कि वे गत वर्ष ओडिशा के खुर्दा रोड में आयोजित राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के अंडर-7 आयु वर्ग में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। नन्हीं खिलाड़ी की इस बड़ी उपलब्धि और अद्भुत आत्मविश्वास से अभिभूत होकर डॉ. रमन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

रुद्रेश्वर धाम बनेगा आस्था, संस्कृति और आधुनिक पर्यटन का नया केंद्र, 20 करोड़ से संवरेगा रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर

रुद्रेश्वर धाम बनेगा आस्था, संस्कृति और आधुनिक पर्यटन का नया केंद्र, 20 करोड़ से संवरेगा रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर

 रायपुर: धमतरी शहर से लगे ग्राम रुद्री स्थित प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर को धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन दृष्टि से विकसित करने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की समग्र कॉरिडोर परियोजना तैयार की गई है। संस्कृति एवं पर्यटन के माध्यम से प्रस्तावित यह परियोजना तीन चरणों में विकसित की जाएगी।

परियोजना में पारंपरिक भारतीय मंदिर स्थापत्य शैली और आधुनिक अधोसंरचना का संतुलित समावेश किया गया है। मंदिर के मुख्य फसाड को शिखर, त्रिशूल, ॐ प्रतीक, तोरण द्वार, नंदी प्रतिमा, दीप स्तंभ एवं पत्थर आधारित पारंपरिक डिजाइन तत्वों से भव्य स्वरूप दिया जाएगा। विशेष बात यह है कि वर्तमान मंदिर संरचना को बिना क्षति पहुंचाए समग्र विकास कार्य किया जाएगा।

परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम क्षेत्र, प्रसाद एवं स्मृति दुकानें, फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वास्थ्य केंद्र, एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क, स्वच्छ शौचालय तथा दिव्यांगजन-अनुकूल रैम्प व्यवस्था विकसित की जाएगी। घाट क्षेत्र को सुरक्षित स्वरूप देते हुए रेलिंग युक्त विसर्जन कुंड एवं बैठने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी।

परियोजना के अंतर्गत गार्डन, सांस्कृतिक मंडप, रिवर फ्रंट कॉटेज, खुला मंच एवं भविष्य में मेरीन ड्राइव विकसित करने की अवधारणा भी शामिल है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, हरित क्षेत्र विकास एवं अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएँ प्रस्तावित हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परियोजना आस्था, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई दिशा देगी तथा यह धमतरी को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह परियोजना भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक अधोसंरचना का उत्कृष्ट समन्वय होगी। इससे क्षेत्रीय पर्यटन को गति मिलने के साथ स्थानीय रोजगार एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि रुद्रेश्वर धाम को ऐसा सांस्कृतिक परिसर विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहाँ श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ विश्वस्तरीय सुविधाएँ भी प्राप्त हों। यह परिसर भविष्य में धमतरी की सांस्कृतिक पहचान के रूप में स्थापित होगा।
महापौर  रामू रोहरा ने कहा कि रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर का विकास धमतरी शहर के लिए गौरव का विषय है। इससे शहर की धार्मिक पहचान मजबूत होगी और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय व्यापार एवं रोजगार को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों से वनांचल में सुशासन- पतरापारा और बराहनगर के ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ…

जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों से वनांचल में सुशासन- पतरापारा और बराहनगर के ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ…

 रायपुर: सबसे दूर सबसे पहलेष् एक प्रमुख प्रशासनिक और सामाजिक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सबसे दुर्गम, सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों (विशेष रूप से जनजातीय और आदिवासी बहुल गांवों) तक सरकारी सुविधाओं और विकास योजनाओं को सबसे पहले पहुँचाना है। दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदायों को स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड राजपुर के ग्राम पतरापारा और विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम बराहनगर में विशेष शिविरों का सफल आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल की।

पतरापारा शिविर-विशेष पिछड़ी जनजातियों को चौपाल पर राहत

जनपद पंचायत सीईओ  संजय दुबे के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पतरापारा में आयोजित शिविर में पतरापारा सहित डिगनगर, अमदरी, चंद्रगढ़ एवं करजी से बड़ी संख्या में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार पहुंचे। शिविर की मुख्य उपलब्धियां रहीं स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा 71 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी गईं। गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए मौके पर ही 21 पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में 11 स्थानीय किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर डिजिटल पंजीयन किया गया।

पतरापारा और बराहनगर के ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ

बराहनगर शिविर- राजस्व और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सीधा लाभ

रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम बराहनगर में जनपद सीईओ श्री रणवीर साय के नेतृत्व में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय सेवाओं से सीधा लाभान्वित किया गया। राजस्व एवं नागरिक सेवाएं के तहत राजस्व विभाग द्वारा मौके पर ही 6 जाति, 6 आय और 6 निवास प्रमाण पत्रों सहित कुल 27 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। खाद्य एवं श्रम विभाग के द्वारा खाद्य विभाग द्वारा 37 पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए तथा श्रम विभाग के अंतर्गत 10 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।

पशुधन एवं कृषि कल्याण विभाग द्वारा पशुधन विकास विभाग द्वारा 68 पशुपालकों को निःशुल्क पशु दवाओं का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने पीएम किसान सम्मान निधि के 6 लंबित प्रकरणों का सुधार किया, 2 किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन किया तथा 1 मृदा परीक्षण सैंपल लिया।  शिविर में 157 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 2 नए आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के तहत 2 हितग्राहियों को पेंशन तथा 1 हितग्राही को परिवार सहायता योजना की राशि स्वीकृत की गई।

पतरापारा और बराहनगर के ग्रामीणों को मिला बड़ा लाभ

दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित- जिला प्रशासन

गौरतलब है कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में इन शिविरों का संपादन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य फोकस पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से जिले के अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित हो सकी है।

नियद नेल्लानार योजना: कच्चापाल जलप्रपात के पास 'इन्द्रावती समूह' की महिलाएँ मुर्गी पालन से लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत…

नियद नेल्लानार योजना: कच्चापाल जलप्रपात के पास 'इन्द्रावती समूह' की महिलाएँ मुर्गी पालन से लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई इबारत…

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के अंदरूनी और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास की नई किरण पहुँचाने वाली ‘नियद नेल्लानार योजना’ अब ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। जिला प्रशासन के लगातार प्रयासों से ओरछा विकासखण्ड के ग्राम कच्चापाल में आजीविका के नए रास्ते खुले हैं। यहाँ की महिलाओं ने न सिर्फ आत्मनिर्भर बनने की ठानी है, बल्कि वे क्षेत्र के पर्यटन विकास में भी अपना योगदान देने के लिए तैयार हैं।

​प्रशासन का सहयोग, महिलाओं का हौसला

प्रशासन के कुशल निर्देशन में पशुधन विकास विभाग द्वारा ग्राम कच्चापाल के ‘इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह’ को एक नई ताकत मिली है। समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत लाभान्वित किया गया है।​विभाग द्वारा समूह के सदस्यों को आजीविका शुरू करने के लिए ​10 इकाई उन्नत नस्ल के चूजे और​गुणवत्तापूर्ण कुक्कुट आहार (दाना) दिया गया है।

​पर्यटन और आजीविका का शानदार संगम

​इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती पुनई ने जिला प्रशासन के इस सहयोग पर खुशी जताते हुए एक बेहतरीन बिजनेस मॉडल की उम्मीद जताई है। कच्चापाल जलप्रपात (Waterfall) अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। ​उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में कच्चापाल जलप्रपात होने के कारण पर्यटन की असीम संभावनाएँ हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों के कारण स्थानीय स्तर पर अंडा और मांस की मांग हमेशा बनी रहती है।

​आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ते कदम

​पहले जहाँ ग्रामीण महिलाओं के पास आय के सीमित साधन थे, वहीं अब इस कुक्कुट इकाई (Poultry Unit) के मिलने से वे मुर्गी पालन और अंडा उत्पादन का काम बड़े पैमाने पर करेंगी। जलप्रपात क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय दुकानों में सीधे सप्लाई होने से महिलाओं को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी। इस व्यवसाय से होने वाली आमदनी से समूह की महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त होंगी और उनके परिवारों का जीवन स्तर सुधरेगा। ​कच्चापाल की इन्द्रावती महिला स्व-सहायता समूह की यह कहानी इस बात का प्रतीक है कि अगर सही समय पर सही संसाधन और मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण अंचलों की महिलाएँ भी मुख्यधारा में शामिल होकर विकास की गति को तेज कर सकती हैं।

ब्रेकिंग : जनगणना कार्य में लापरवाही,एक और प्रगणक निलंबित…

ब्रेकिंग : जनगणना कार्य में लापरवाही,एक और प्रगणक निलंबित…

 बलौदाबाजार- जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वालों पर जिला प्रशासन द्वारा कड़े अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। जनगणना कार्य के दौरान मदिरा पान कर कार्य में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देशानुसार एक और प्रगणक को निलंबित कर दिया गया है।

तहसील सिमगा (ग्रामीण) अंतर्गत प्रगणक के तौर नियुक्त शासकीय प्राथमिक शाला औरेंठी के सहायक शिक्षक संजय कुमार नायक के कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने एवं कार्य स्थल पर मंदिरापान किये जाने संबंधी शिकायत पर प्राप्त होने पर सहायक शिक्षक संजय कुमार नायक का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिमगा में मेडिकल जांच कराये जाने पर मंदिरा सेवन किया जाना मेडिकल रिपोर्ट में प्रमाणित पाया गया है।

संजय कुमार नायक सहायक शिक्षक का उपरोक्त कृत्य भारत की जनगणना जैसे अतिमहत्यपूर्ण, समयबद्ध एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्य में लापरवाही, शासकीय कार्यों के प्रति घोर उपेक्षा एव कर्तव्य स्थल पर मद्यपान सेवन कर आना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आने एवं उनका आचरण सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 एवं जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 तथा 11 के विपरीत होने से छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलबित किया गया है।निलंबन अवधि में संबंधित का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार होगा तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

मिलकर काम करें, शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाएं - शंगीता आर.

मिलकर काम करें, शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाएं - शंगीता आर.

 00 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव ने समीक्षा बैठक के बाद दोपहर से शाम तक कार्यों का किया निरीक्षण

00 राजस्व वसूली को रखें प्राथमिकता में, बकाया राशि वसूलने दिसम्बर तक डेडलाइन

00 कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के निर्देश, निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने

कहारायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव  शंगीता आर. ने बिलासपुर पहुंचकर बिलासपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन भी देखा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में बिलासपुर नगर निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्व किसी भी निकाय की आधारशिला है। इसे प्राथमिकता में रखें और शत शत-प्रतिशत वसूली करें। उन्होंने पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की बकाया राशि 15 करोड़ रुपए की वसूली के लिए उन्होंने दिसम्बर 2026 तक डेडलाइन दिया। उन्होंने कहा कि नियमित और प्लेसमेंट समेत सभी कर्मचारियों का वेतन किसी भी सूरत में माह के प्रथम सप्ताह में हो जाना चाहिए।

विभागीय सचिव  शंगीता आर. ने बैठक में कहा कि टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हों और टेंडर जारी करने के बाद मियाद खत्म होते ही ठेका पाने वाले ठेकेदार से अनुबंध कर शीघ्र कार्य प्रारंभ कराएं, ताकि प्रोजेक्ट में देरी न हो। उन्होंने सचिव टेंडर में लगने वाले अत्यधिक समय समेत अन्य पहलुओं का विश्लेषण कर प्रक्रिया को तेज गति से करने के लिए योजना तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्माणाधीन तथा अधूरे कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए ताकि उसका लाभ नागरिकों को मिल सकें। सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने पीएम ई-बस सेवा के तहत मिलने वाले बसों के शीघ्र पहुंचने की उम्मीद जताई। उन्होंने कोनी में निर्माणाधीन चार्जिंग स्टेशन समेत डिपो को एक महीने के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। मधुबन में एजुकेशन हब के प्रथम चरण के तहत बन रहे नालंदा परिसर और एकेडमिक ब्लॉक को तेज गति से समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट से कई जिन्दगियां संवरेंगी।

शंगीता आर. ने पीएम आवास योजना के बीएलएसी घटक के तहत अप्रारंभ आवास निर्माण को लेकर अधिकारियों से कहा कि वे हितग्राहियों से मिलकर उन्हें तत्काल कार्य शुरू कराने के लिए प्रेरित करें। निगम द्वारा नियुक्त वार्ड नोडल ऑफिसर से सचिव ने कहा कि अपने प्रभार के वार्डों को आदर्श वार्ड बनाने पर कार्य करें जहां सड़क, पानी, बिजली और सफाई उत्कृष्ट रहें। इस तरह के वार्डों और उनके नोडल ऑफिसर्स को सम्मानित किया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने अच्छी स्वच्छता के लिए सभी घरों से रोज कचरा एकत्रित करने, सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और सामुदायिक शौचालयों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम स्वनिधि, पीएम आवास, पेंशन समेत सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों को निर्बाध रूप से मिलें, इसे भी सुनिश्चित करने को कहा।

बिलासपुर के कलेक्टर  संजय अग्रवाल, निगम कमिश्नर  प्रकाश कुमार सर्वे, सूडा के सीईओ  शशांक पाण्डेय, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक  पुलक भट्टाचार्य और बिलासपुर नगर निगम के अपर आयुक्त  खजांची कुम्हार समेत सभी अधिकारी, इंजीनियर और जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ भी बैठक में उपस्थित थे।
कछार प्लांट, डब्ल्यूटीपी और पीएम आवास पहुंची सचिव
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने समीक्षा बैठक के बाद शहर में विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पोर्ट्स कांप्लेक्स पहुंचकर वहां संचालित स्पोर्ट्स के विभिन्न एक्टिविटी का जायजा लिया। उन्होंने कोनी में निर्माणाधीन सिटी बस चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण कर इसे एक माह के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस डिपो के बाजू में स्थित आकांक्षीय शौचालय को भी देखा। उन्होंने शौचालय में खामियों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जल्द सुधार करने के निर्देश दिए। विभागीय सचिव ने कछार स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और अमृत मिशन के तहत बिरकोना स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भी अवलोकन किया। उन्होंने खमतराई में पीएम आवास का भी निरीक्षण किया।

शंगीता आर. ने मोपका गौठान स्थित एसआरएलएम सेंटर पहुंचकर वहां मौजूद स्वच्छता दीदियों से संवाद किया। उन्होंने स्वच्छता दीदियों से कहा कि अस्वच्छता के खिलाफ इस जंग में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। गीला-सूखा कचरा अलग करें, शत-प्रतिशत घरों से कचरा एकत्रित करें, लोगों को स्वच्छता के प्रति प्रेरित करें तथा सामूहिक एकता बनाएं रखें और अपने समूह का विकास करें। उन्होंने दीदियों से कहा कि मातृ शक्ति में अद्भुत क्षमता और योग्यता होती है। इसलिए आप सभी से अपील है कि स्वच्छता में क्रांति लाए और अपने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाएं। समूह की महिलाओं ने इस दौरान उन्हें खुद से तैयार किए गए उत्पाद भेंट किए। विभागीय सचिव ने निर्माण शुरू नहीं करने या अधूरा छोडऩे वाले पीएम आवास के बीएलसी हितग्राहियों से संवाद कर काम जल्द शुरू करने की अपील भी की।

गुरुसिंह सभा गुरुद्वारा द्वारा संचालित गुरुमत कैंप का समापन,246 बच्चों ने लिया हिस्सा

गुरुसिंह सभा गुरुद्वारा द्वारा संचालित गुरुमत कैंप का समापन,246 बच्चों ने लिया हिस्सा

 रायपुर। गुरुसिंह सभा गुरुद्वारा द्वारा संचालित गुरुमत कैंप का समापन समारोह आज गुरुद्वारा गुरुनानक नगर तेलीबांधा में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह गुरुमत कैंप 24 अप्रैल से प्रारंभ हुआ था, जिसमें कुल 246 बच्चों ने भाग लेकर गुरुमत, गुरबाणी, सिख इतिहास एवं नैतिक शिक्षा की विशेष जानकारी प्राप्त की। कैंप के दौरान बच्चों को गुरुमत सिखलाई के साथ-साथ सुंदर लेखन (कैलीग्राफी) एवं ड्रॉइंग प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिससे बच्चों की धार्मिक एवं रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहन मिला।

कैंप की सबसे विशेष उपलब्धि यह रही कि नौ बच्चों ने गुरु साहिब की चरणी लगकर अमृत छकने का सौभाग्य प्राप्त किया। पूरे कैंप के दौरान 45 शिक्षकों ने बच्चों को अलग-अलग समूहों में विभाजित कर अत्यंत समर्पण भाव से शिक्षा प्रदान की। प्रत्येक शिक्षक ने आठ से दस बच्चों की जिम्मेदारी संभालकर उन्हें अनुशासित एवं संस्कारित वातावरण में गुरुमत की शिक्षा दी।

समापन समारोह के अवसर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले सभी बच्चों को कौंसलेशन प्राइज एवं सम्मान प्रदान किए गए। इस एक माह के कैंप के दौरान संगतों द्वारा प्रतिदिन बच्चों के नाश्ते एवं सेवा की व्यवस्था बड़े प्रेम और सहयोग भाव से की गई, जिसके लिए गुरुद्वारा प्रबंधन समिति ने संगत का विशेष धन्यवाद किया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जगजीत सिंह खनूजा, जी.एस. भामरा, जसवीर सिंह घूम्मन, अमरजीत सिंह छावड़ा,  हरजीत सिंह तथा डॉ. सुरेंद्र सिंह टुटेजा विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए गुरुमत कैंप की सराहना की।

माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास के स्वास्थ्य लाभ हेतु राज्य सरकार सजग - मुख्यमंत्र विष्णु देव साय

माउंट एवरेस्ट विजेता अमिता श्रीवास के स्वास्थ्य लाभ हेतु राज्य सरकार सजग - मुख्यमंत्र विष्णु देव साय

 ०-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को समन्वय कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

रायपुर / जांजगीर-चांपा जिले की होनहार पर्वतारोही अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को 22 मई 2026 को सफलतापूर्वक फतह कर छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि अमिता ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और अथक मेहनत से प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का नया अध्याय रचा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ की बेटी ने विश्व की सर्वोच्च चोटी पर तिरंगा और हमारे प्रदेश का गौरव बढ़ाया। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर कहा कि समिट के बाद बेस कैंप लौटने के दौरान अत्यधिक ऊंचाई, शून्य से लगभग 40 डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान और ऑक्सीजन की कमी के कारण अमिता श्रीवास की तबीयत बिगडऩे की जानकारी मिली है। उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से रेस्क्यू कर काठमांडू स्थित नॉर्विक इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें गंभीर फ्रॉस्टबाइट एवं हाई एल्टीट्यूड संबंधी स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जानकारी मिलते ही राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक समन्वय स्थापित कर हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अमिता श्रीवास और उनके परिवार के साथ खड़ी है तथा उनके बेहतर उपचार के लिए निरंतर संपर्क और सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने अमिता के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि अमिता बिटिया शीघ्र पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर लौटें, यही हमारी कामना है। उनका साहस, धैर्य और हौसला हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। छत्तीसगढ़ को उन पर गर्व है।

CG Youth Congress Election : छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव का ऐलान, 29 मई से शुरू होगा नामांकन, इस उम्र के युवाओं को मिलेगा मौका…..

CG Youth Congress Election : छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस चुनाव का ऐलान, 29 मई से शुरू होगा नामांकन, इस उम्र के युवाओं को मिलेगा मौका…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में युवा कांग्रेस चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। संगठन की ब्लॉक और जिला समितियों के लिए नामांकन प्रक्रिया 29 मई से शुरू होगी और 13 जून तक चलेगी। ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर पदाधिकारियों के चुनाव के साथ-साथ सदस्यता अभियान भी चलाया जाएगा।

ब्लॉक और जिला कमेटियों के लिए नामांकन 29 मई से 13 जून तक भरे जाएंगे। वहीं प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के लिए 11 जून से 13 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। इसके बाद 15 जून से 18 जून तक स्क्रूटनी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस बार चुनाव और सदस्यता अभियान पूरी तरह ऑनलाAइन मोड में होगा। युवा कांग्रेस ने सदस्य बनने और चुनाव लड़ने के लिए उम्र सीमा 18 से 35 साल तय की है। आवेदन करने वाले युवाओं को लाइव फोटो, वोटर आईडी और उम्र संबंधी दस्तावेज डिजिटल रूप से अपलोड करने होंगे।

खास बात यह है कि आवेदन के साथ 8 सेकेंड का वीडियो अपलोड करना भी अनिवार्य किया गया है। इसमें उम्मीदवार को खुद अपनी जानकारी देनी होगी। चुनाव प्रक्रिया में ‘एक व्यक्ति-एक पद’ का नियम भी लागू रहेगा। यानी कोई भी उम्मीदवार सिर्फ एक पद के लिए ही नामांकन कर सकेगा। नामांकन दाखिल करते ही उसे पुराने पद से मुक्त माना जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री जैसे अहम पदों पर नियुक्ति राष्ट्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद होगी। इसके लिए उम्मीदवारों का दिल्ली में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने इंटरव्यू भी लिया जाएगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस चुनाव के जरिए संगठन विस्तार के साथ सदस्यता बढ़ाने पर भी खास फोकस रहेगा।

पीएम-जनमन योजना से दूरस्थ जनजातीय गांवों तक पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं

पीएम-जनमन योजना से दूरस्थ जनजातीय गांवों तक पहुंचीं स्वास्थ्य सेवाएं

 00 जंगल-पहाड़ के बीच इलाज की नई उम्मीद मोबाइल मेडिकल यूनिट

रायपुर। पहाड़ों और घने जंगलों से घिरे दूरस्थ जनजातीय गांवों में रहने वाले लोगों के लिए कभी इलाज कराना किसी चुनौती से कम नहीं था। मामूली बीमारी होने पर भी कई किलोमीटर पैदल चलकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना उनकी मजबूरी थी। कई बार समय पर इलाज नहीं मिलने से हालात गंभीर हो जाते थे। लेकिन अब पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट इन इलाकों के लोगों के जीवन में उम्मीद और राहत लेकर पहुंच रही है।

विशेष रूप से पीवीटीजी के लिए शुरू की गई यह पहल अब गांव-गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही है। जब आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस मोबाइल मेडिकल यूनिट किसी दूरस्थ बस्ती में पहुंचती है, तो ग्रामीणों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई देती है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बिना लंबी दूरी तय किए अपने गांव में ही डॉक्टर से जांच और उपचार प्राप्त कर रहे हैं। 
राज्य में इस योजना की शुरुआत 31 दिसम्बर 2025 को की गई थी। तब से मार्च 2026 तक 3103 लोगों का नि:शुल्क उपचार किया जा चुका है। इन यूनिट्स के माध्यम से न केवल मरीजों की जांच की जा रही है, बल्कि उन्हें आवश्यक दवाइयां और लैब जांच की सुविधा भी मुफ्त में उपलब्ध कराई जा रही है। मोबाइल मेडिकल यूनिट अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। इसमें ईसीजी मशीन, सक्शन मशीन, ऑटोस्कोप, ऑक्सीजन सिलेंडर और आपातकालीन स्ट्रेचर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इन सेवाओं के लिए अब ग्रामीणों को शहरों या स्वास्थ्य केंद्रों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
दूरस्थ गांवों में रहने वाले कई बुजुर्ग बताते हैं कि पहले बीमार होने पर इलाज के लिए पूरा दिन लग जाता था, लेकिन अब डॉक्टर खुद गांव तक पहुंच रहे हैं। गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भी समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार मिलने लगा है, जिससे ग्रामीणों में भरोसा और जागरूकता दोनों बढ़ रही है। स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट हर महीने औसतन 24 दिन निर्धारित रोस्टर के अनुसार गांवों का भ्रमण करती हैं। जिले में इस योजना के तहत तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। प्रत्येक यूनिट में एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स और लैब यूजर तैनात किए गए हैं, जो पूरी संवेदनशीलता के साथ ग्रामीणों की सेवा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 नवम्बर 2023 को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर पीएम-जनमन योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना का उद्देश्य देश के दूरस्थ जनजातीय समुदायों तक शासन की मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स इस उद्देश्य को जमीन पर साकार करती नजर आ रही हैं। आज ये यूनिट केवल इलाज का माध्यम नहीं हैं, बल्कि दूरस्थ जनजातीय परिवारों के लिए अब ये भरोसे, सुरक्षा और संवेदनशील शासन की पहचान बन चुकी हैं।

CG – नक्सलियों के दो बड़े डंप बरामद : 1000 डेटोनेटर, रायफल समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त

CG – नक्सलियों के दो बड़े डंप बरामद : 1000 डेटोनेटर, रायफल समेत भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक जब्त

 कांकेर। बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के प्रयासों के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। माओवाद के खात्मे की घोषणा तो हो गई, लेकिन जमीन के नीचे अभी भी कई विस्फोट छिपे हुए हैं। कांकेर-नारायणपुर सीमा पर रविवार को जवानों ने सर्चिंग के दौरान अहम सफलता हासिल की। कोयलीबेड़ा और छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के जंगलों में नक्सली डंप बरामद किया गया, जहां से बड़ी संख्या में 12 बोर रायफल, बीजीएल लांचर, नक्सल वर्दी समेत भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ है। इस कार्रवाई में पुलिस, डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस टीम की संयुक्त टीम शामिल रही।

कांकेर-नारायणपुर सीमा के ग्राम पल्लाहूर और जपमरका के बीच जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सल विरोध अभियान चलाया गया। इस दौरान गहन जांच में जंगल में जमीन के नीचे छिपा एक नक्सल डंप बरमाद किया गया। जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया। 1 कंट्रीमेड BGL लांचर, 25 BGL सेल, 4 इम्प्रोवाइज्ड फायर कार्टिज, 1 AK-47 का खाली कार्टिज, 5 किलो गन पाउडर, 10 बड़े सुतली बम, 3 नक्सली वर्दी, 1 सोलर चार्जर, 50 फीट वायर, मेडिकल किट और अन्य दैनिक उपयोगी सामान बरामद किया गया।

800 इलेक्ट्रिक और 200 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर

छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में शनिवार को ग्राम मरकाबेड़ा, आदनार और एलूर के जंगलों में सर्चिंग अभियान संचालित किया गया। इस कार्रवाई में डीआरजी कांकेर के उप निरीक्षक विजय कुलदीप, डीआरजी नारायणपुर सहायक उपनिरीक्षक नरेन्द्र ठाकुर और बीडीएस टीम बीएसएफ कमाण्डर के रोहिताश के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।

इस कार्रवाई में क्या-क्या मिला ?
12 बोर रायफल – 03 नग
BGL लांचर – 01 नग
BGL सेल – 06 नग
बारूद – 100 ग्राम
पोच – 01 नग
नक्सली वर्दी – 01 नग
इलेक्ट्रिक डेटोनेटर – 800 नग
नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर – 200 नग

नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में कांकेर और नारायणपुर पुलिस ने लगातार संयुक्त अभियान चला रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाई से नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने हेतु सघन सर्चिंग अभियान लगातार जारी रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में होगी इन पदों पर भर्ती, राज्य सरकार को जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरा करने के दिए निर्देश…

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, छत्तीसगढ़ में होगी इन पदों पर भर्ती, राज्य सरकार को जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरा करने के दिए निर्देश…

 रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को विशेष शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

सर्वोच्च न्यायालय में प्रकरण राजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य में आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ (छत्तीसगढ़) की ओर से कौस्तुभ शुक्ला, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया तथा अधिवक्ता पलाश तिवारी ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विस्तृत एवं प्रभावी पैरवी की। सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष राज्य शासन द्वारा प्रस्तुत हलफनामे में बताया गया कि राज्य में विशेष शिक्षकों के कुल 848 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 100 पदों के लिए 03 अक्टूबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। उक्त भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत भारतीय पुनर्वास परिषद (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता रखने वाले 62 शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष 38 पद शिक्षक पात्रता परीक्षा संबंधी विषय के कारण अब तक रिक्त हैं।

आरसीआई प्रशिक्षित शिक्षक संघ (छत्तीसगढ़) की ओर से प्रस्तुत पक्ष में यह रेखांकित किया गया कि वर्तमान में प्राथमिक स्तर पर 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन संविदा आधार पर कार्यरत हैं। माध्यमिक स्तर पर 85 विशेष शिक्षक निश्चित मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

सर्वोच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि इन सभी 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन एवं 85 विशेष शिक्षकों को उनके समस्त शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अभिलेखों सहित स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने का अवसर प्रदान किया जाए। यदि वे Rehabilitation Council of India (RCI) द्वारा निर्धारित योग्यता एवं अन्य आवश्यक पात्रताओं को पूर्ण करते हैं तो उनकी नियुक्ति पर विधि सम्मत विचार किया जाए। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि उपरोक्त 155 ब्लॉक रिसोर्स पर्सन एवं 85 विशेष शिक्षकों के मामलों पर निर्णय एवं पात्र उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात राज्य शासन शेष रिक्त पदों को भरने नई भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए स्वतंत्र होगा।

अपने आदेश में न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण तथ्य भी दर्ज किया कि छत्तीसगढ़ राज्य में 49,000 से अधिक विशेष आवश्यकता वाले बच्चे हैं। राज्य में लगभग 3981 विशेष शिक्षकों की आवश्यकता है। न्यायालय ने समावेशी शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। यह आदेश विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ में समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक हस्तक्षेप माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में यहां कार के अंदर चल रहा था ये घटिया काम, पुलिस ने मारी रेड तो नजारा देखकर उड़ गए होश….

छत्तीसगढ़ में यहां कार के अंदर चल रहा था ये घटिया काम, पुलिस ने मारी रेड तो नजारा देखकर उड़ गए होश….

 धमतरी। छहत्तीगढ़ के धमतरी में ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार के भीतर चल रहे सट्टे के खेल का पर्दाफाश किया है। सिटी कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जो कार के अंदर बैठकर सट्टा खिला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, नगदी और एक लग्जरी कार समेत करीब 5 लाख 40 हजार रुपये का सामान जब्त किया है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है।

कब और कैसे पकड़ाए आरोपी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीजी कॉलेज मैदान में कार के अंदर बैठकर मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा है। सूचना पर एक्शन लेते हुए पुलिस ने मौके पर दबिश दी और आमित वाधवानी के साथ विजय ग्वालानी उर्फ बब्बू ग्वालानी को पकड़ा, जो नेक्सॉन कार के अंदर बैठकर मोबाइल में “आल पैनल एक्सचेंज” एप्प में सट्टा खिला रहे थे।

5.40 लाख का सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो आईफोन, दो अन्य मोबाइल फोन, 5 हजार 200 रुपये नगद और टाटा नेक्सॉन कार जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 5 लाख 40 हजार रुपये बताई जा रही है।

जल्द हो सकते हैं एम्पायर के अन्य सदस्यों के खुलासे

मामले में सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। फिलहाल पुलिस साक्ष्यों की जांच कर रही है, जिससे इस एम्पायर के अन्य सदस्यों के खुलासे हो सकते हैं ।

CG शर्मनाक : कलयुगी पिता ने पार की दरिंदगी की हदें, अपनी ही नाबालिग बेटी से किया दुष्कर्म

CG शर्मनाक : कलयुगी पिता ने पार की दरिंदगी की हदें, अपनी ही नाबालिग बेटी से किया दुष्कर्म

 अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां कलयुगी पिता ने अपने ही 11 साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित मासूम ने अपने मां को आप बीती बताई। मां की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। वहीं वकील एसोसिएशन ने भी मामला सही पाए जाने पर आरोपी की पैरवी नहीं करने की बात है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जानकारी के मु ताबिक, आरोपी पहले भी महिला संबंधी अपराध में सजा काट चुका है।

CSP राहुल बंसल ने बताया कि दुष्कर्म की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी पहले भी महिला संबंधी अपराध में जेल जा चुका है।

UPSC EXAM: सिविल सर्विस का सपना लेकर पहुंचे हजारों युवा, बिलासपुर में UPSC परीक्षा संपन्न

UPSC EXAM: सिविल सर्विस का सपना लेकर पहुंचे हजारों युवा, बिलासपुर में UPSC परीक्षा संपन्न

 बिलासपुर। देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा आज पूरे देश के साथ-साथ न्यायधानी बिलासपुर में भी शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित की गई। परीक्षा को लेकर सुबह से ही अभ्यर्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी समय से पहले पहुंच गए थे।

बिलासपुर में यूपीएससी परीक्षा के लिए कुल 4 हजार 870 अभ्यर्थियों के लिए 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा की पहली पाली में लगभग 67 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।हॉर्नबिल टीवी की टीम ने शहर के कई परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया और परीक्षार्थियों से बातचीत की। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार का प्रश्नपत्र पिछले दो वर्षों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण रहा।

उनका कहना था कि कई प्रश्न काफी घुमाकर पूछे गए थे, जिसके कारण उत्तर देने में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा को संतुलित औरअपेक्षाकृत आसान बताया। उनका कहना था कि उन्होंने अच्छी तैयारी की थी और उन्हें भरोसा है कि आने वाले समय में उनका चयन जरूर होगा।विद्यार्थियों ने बताया कि इतिहास, भूगोल,विज्ञान, अर्थव्यवस्था और समसामयिक घटनाओं सहित लगभग सभी विषयों से यूपीएससी स्तर के प्रश्न पूछे गए थे। इतिहास से जुड़े कई प्रश्न विशेष रूप से रोचक और ज्ञानवर्धक थे। यूपीएससी के परीक्षा प्रभारी नारायण गबेल ने बताया कि परीक्षा अब तक पूरी तरह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई है। सभी केंद्रों पर प्रशासन की निगरानी बनी हुई है और किसी भी प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

एम्स रायपुर ने 10 माह के मासूम को दी नई जिंदगी, दुर्लभ हृदय सर्जरी में मिली बड़ी सफलता

एम्स रायपुर ने 10 माह के मासूम को दी नई जिंदगी, दुर्लभ हृदय सर्जरी में मिली बड़ी सफलता

 रायपुर। बाल हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर ने 10 माह के एक मासूम शिशु की दुर्लभ और अत्यंत जटिल हृदय शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक संपन्न की। शिशु एएलसीएपीए (एनॉमलस लेफ्ट कोरोनरी आर्टरी फ्रॉम द पल्मोनरी आर्टरी) नामक अत्यंत दुर्लभ और जानलेवा जन्मजात हृदय रोग से पीडि़त था। यह बीमारी लगभग तीन लाख नवजात शिशुओं में से किसी एक में पाई जाती है।

रायपुर जिले के रहने वाले इस शिशु को अत्यधिक जोखिमपूर्ण स्थिति के कारण कई स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार से मना कर दिया गया था। बाद में उसे एम्स रायपुर रेफर किया गया, जहां कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, रेडियोलॉजी और पीडियाट्रिक्स विभागों के विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम ने इस चुनौतीपूर्ण सर्जरी को अंजाम दिया।

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नाइक के अनुसार, एएलसीएपीए जन्मजात हृदय रोगों में सबसे दुर्लभ और जटिल बीमारियों में से एक है तथा दुनिया में केवल कुछ ही विशेष चिकित्सा केंद्र ऐसे गंभीर मामलों का उपचार करने में सक्षम हैं। शिशु को अत्यंत कमजोर हृदय क्षमता के साथ भर्ती किया गया था। उसका लेफ्ट वेंट्रिकुलर इजेक्शन फ्रैक्शन केवल 20 प्रतिशत था और गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन की स्थिति ने ऑपरेशन और उसके बाद की चुनौतियों को और अधिक बढ़ा दिया था।

यह जटिल शल्य चिकित्सा कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी टीम द्वारा सफलतापूर्वक की गई। सर्जरी के दौरान तथा बाद की जटिल एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर प्रबंधन की जिम्मेदारी डॉ. सुब्रत सिंघा और उनकी टीम ने संभाली। ऑपरेशन के बाद शुरुआती 24 घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहे, जिसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार गहन निगरानी और उन्नत जीवन रक्षक सहायता प्रदान की गई।सफल सर्जरी के बाद शिशु की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। ऑपरेशन के दूसरे दिन उसे वेंटिलेटर से हटा लिया गया और नौवें दिन स्वस्थ एवं स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

मुख्यमंत्री साय से सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर-नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल और मुख्यमंत्री के बीच सामाजिक समरसता, जनकल्याण तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने भी समाज के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज के विकास, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

वनांचलों में सुशासन की नई बयार: जनजातीय गरिमा उत्सव और सुशासन तिहार से बदला अंदरूनी गाँवों का माहौल

वनांचलों में सुशासन की नई बयार: जनजातीय गरिमा उत्सव और सुशासन तिहार से बदला अंदरूनी गाँवों का माहौल

 00 अधिकारियों ने पैदल भ्रमण कर जानी ज़मीनी हकीकत; जाटलूर, धोबे और हरवेल में उमड़ा जनसैलाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचलों में इन दिनों शासन की संवेदनशीलता और सक्रियता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिल रहा है, जिसने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को पूरी तरह पाट दिया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित सुशासन तिहार, जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान के तहत ओरछा विकासखंड के ग्राम जाटलूर, धोबे और हरवेल सहित कई अंदरूनी गाँवों में उत्सव जैसा माहौल है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज को सशक्त बनाना और विकास की मुख्यधारा से छूटे अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुँचाना है।
एसी कमरों से निकलकर ज़मीन पर उतरा प्रशासन
इस अभियान की सबसे प्रभावशाली तस्वीर तब सामने आई, जब कलेक्टर के दिशा-निर्देशन में प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की संयुक्त टीम ने सुदूर गाँवों का पैदल भ्रमण किया। उबड़-खाबड़ रास्तों और भौगोलिक चुनौतियों के बीच जब पूरी प्रशासनिक टीम ग्रामीणों के मोहल्लों और मजरों तक पहुँची, तो जनता में यह मजबूत संदेश गया कि सरकार अब सिर्फ बंद कमरों से आदेश जारी नहीं कर रही, बल्कि खुद जमीन पर आकर हकीकत परख रही है। जिले के आला अधिकारियों को अपने बीच इतनी सादगी से उपस्थित पाकर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
चौपाल पर ही मिलीं डिजिटल सेवाएँ और स्वास्थ्य सुविधाएं

इन विशेष शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को बहुत बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें छोटे-मोटे शासकीय कार्यों के लिए ब्लॉक मुख्यालयों के चक्कर काटने और आर्थिक बोझ उठाने से मुक्ति मिल गई है। शिविर स्थल पर ही आधार कार्ड, पहचान पत्र व अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेजों में सुधार और नए दस्तावेज बनाने की सुविधा तत्काल प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सक्रियता दिखाते हुए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का मौके पर ही स्वास्थ्य परीक्षण किया और नि:शुल्क दवाइयां वितरित कीं गई। इसी तरह कृषि, महिला एवं बाल विकास और पंचायती राज जैसे विभिन्न विभागों के स्टॉलों के जरिए जल, जंगल, जमीन के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा और पोषण की महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

जनविश्वास से सज रही सुशासन की नई इबारत
जब सरकार की मंशा विशुद्ध रूप से जनहित की हो, तो सुशासन केवल कागजी शब्द नहीं रहता, बल्कि गाँव-गाँव की सूरत बदलने वाली एक जीवंत ताकत बन जाता है। शिविरों में ग्रामीणों की यह भारी और स्वस्फूर्त भागीदारी इसी सकारात्मक बदलाव की गवाह है। विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से आयोजित इस महा-अभियान ने न केवल वनांचल के भाई-बहनों में शासन-प्रशासन के प्रति अटूट भरोसा जगाया है, बल्कि बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में विकास की एक नई और व्यावहारिक इबारत लिख दी है।

नौतपा कल से, सड़कें आज ही हो गई सुनी

नौतपा कल से, सड़कें आज ही हो गई सुनी

 रायपुर। नौतपा की शुरुआत कल यानी सोमवार से होने वाली है जो 2 जून तक चलेगा, इस दौरान हीट वेव चलने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है और तापमान 45 से 46 डिग्री तक रहेगा। आज रविवार होने के कारण लोग सुबह तो अपने घरों से निकले लेकिन दोपहर में सड़के सूनी हो गई क्योंकि सूर्यदेव की तपिस से बचना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा था और ऐसा लग रहा था मानो एक बार फिर शहर में लॉकडाउन लग गया हो।

सबसे व्यवस्तम शास्त्री चौक में जहां रोजाना हजारों की भीड़ देखी जाती थी लेकिन आज रविवार को भीषण गर्मी के तेवर के चलते सड़के सूनी हो गई है। शहर के प्रमुख बाजारों और चौक पर भी गिने चुने लोग खरीददारी करने पहुंचे थे और ऐसा लग रहा था मानों कोरोनाकाल के समय लगे लॉकडाउन जैसा हो। गर्मी का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर दिख रहा है जो दिनभर खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं। दोपहर में सड़कों पर काम कर रहे मजदूर, रिक्शा चालक और डिलीवरी ब्वॉय लगातार धूप और गर्म हवाओं के बीच काम कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि दोपहर में सड़क और लोहे की सतह इतनी गर्म हो जाती है कि कुछ मिनट खड़ा रहना भी मुश्किल हो जाता है और कल से तो नौतपा भी शुरु हो रहा है, इस दौरान और अधिक गर्मी पड़ेगी।

नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर मेडिसीन डॉ. योगेंद्र मल्होत्रा के मुताबिक भीषण गर्मी और लू का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। अस्पतालों की ओपीडी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉशन, उल्टी-दस्त, लो बीपी, चक्कर और यूरिन इन्फेक्शन के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों में हार्ट और सांस संबंधी दिक्कतें भी बढ़ी हैं। इस दौरान स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल का स्तर बढऩे से एंग्जायटी, घबराहट, बेचैनी, चिड़चिड़ापन और नींद की समस्या बढऩे लगती है। सिरदर्द, खुजली, मांसपेशियों में दर्द और चक्कर आना भी सामान्य लक्षण बन रहे हैं।

कानून व्यवस्था को तकनीक से सशक्त बनाने की अभिनव पहल - मंत्री अग्रवाल ने अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

कानून व्यवस्था को तकनीक से सशक्त बनाने की अभिनव पहल - मंत्री अग्रवाल ने अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी

 0 घटनास्थल पर ही होगी त्वरित वैज्ञानिक जांच, अपराध अनुसंधान को मिलेगी नई गति

रायपुर। प्रदेश में आधुनिक कानून व्यवस्था और वैज्ञानिक अपराध अनुसंधान को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर के पुलिस ग्राउंड में अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस गरिमामय अवसर पर लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार तकनीक आधारित सुशासन और सुदृढ़ कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रभावी कार्य कर रही है। मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत अपराध अनुसंधान प्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और तीव्र बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर है। अब साक्ष्यों के संकलन और प्रारंभिक परीक्षण के लिए लंबी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे जांच की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह वैन पुलिस विभाग के लिए एक चलती-फिरती अत्याधुनिक प्रयोगशाला की तरह कार्य करेगी। इस वैन के संचालन से घटनास्थल पर ही डिजिटल दस्तावेजीकरण, फोटोग्राफी, फिंगरप्रिंट और तकनीकी जांच तत्काल संभव हो सकेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले घटनास्थल से साक्ष्यों को मुख्य प्रयोगशाला तक भेजने में समय लगने के कारण उनके दूषित या नष्ट होने की आशंका रहती थी, लेकिन अब इस चुनौती का स्थायी समाधान हो गया है। इससे गंभीर अपराधों की विवेचना में लगने वाले समय में भारी कमी आएगी।

अत्याधुनिक सुविधाओं और उन्नत किट से सुसज्जित
यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन अत्याधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों से लैस है, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं। घटनास्थल संरक्षण एवं साक्ष्य संग्रहण किट, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन और नारकोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट सिस्टम और हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी उपकरण, बुलेट होल स्क्रीनिंग, बैलिस्टिक जांच और गनशॉट रेजिड्यू परीक्षण किट, कंप्यूटर आधारित त्वरित डेटा विश्लेषण एवं सुरक्षित साक्ष्य संरक्षण प्रणाली से लैस हैं।

साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली और सुशासन को बल
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी और साक्ष्य आधारित बनाना है। इस तकनीक के माध्यम से अदालतों में दोषियों के खिलाफ ठोस वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत किए जा सकेंगे, जिससे त्वरित न्याय की राह आसान होगी और निर्दोषों को राहत मिलेगी। यह नवाचार न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आम नागरिकों के मन में सुरक्षा और न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास को और अधिक गहरा करेगा। मंत्री श्री अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में यह कदम तकनीक आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। यह वैन एक चलती-फिरती वैज्ञानिक लैब है, जो हत्या, साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में घटनास्थल पर ही फिंगरप्रिंट, नारकोटिक्स और बैलिस्टिक जांच जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने का खतरा खत्म होगा और न्यायिक प्रक्रिया को गति मिलेगी। अपराधियों को समय पर सजा दिलाने और साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करने में यह वैन बेहद कारगर सिद्ध होगी।