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मुख्यमंत्री साय से निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने की सौजन्य मुलाकात

 00 भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय : साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने डॉ. द्विवेदी का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के बीच भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य तथा सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है। उनके द्वारा ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने का कार्य उल्लेखनीय है। मुख्यमंत्री साय ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक चाणक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, उनके राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ी ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री  साय के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे।

तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक - टंक राम वर्मा

तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक - टंक राम वर्मा

 00 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में दें योगदान

00 15 अगस्त के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री ने नागरिकों से की हर घर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के मान-सम्मान की रक्षा करने की अपील

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर जिले के तिल्दा में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महिमा और देश के गौरवशाली इतिहास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हमारे तिरंगे का हरा रंग देश की शांति, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि इसके मध्य में स्थित अशोक चक्र हमें बिना रुके निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह ध्वज हमारी एकता और अखंडता का वह अनुपम प्रतीक है, जिसके मान-सम्मान की रक्षा के लिए देश के लाखों वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी है। 

स्वाभिमान से फहराएं तिरंगा, बनाए रखें ध्वज की गरिमा
राजस्व मंत्री  वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक 15 अगस्त के पावन अवसर पर अपने-अपने घरों में पूरे स्वाभिमान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं। इसके साथ ही उन्होंने ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहारूष्उत्सव के बाद राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए। सड़क, गली या किसी भी अनुचित स्थान पर तिरंगा गिरा हुआ न दिखाई दे, इस बात का ध्यान रखना हम सभी का परम नैतिक कर्तव्य है।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
देश के स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा रखते हुए वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक एक सशक्त, समर्थ व विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का जो दूरदर्शी विजन रखा गया है, उसे हम सब मिलकर साकार करेंगे।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, उपाध्यक्ष  पलक सुखमणि, पूर्व अध्यक्ष  महेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। देशभक्ति के नारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।a

राज्यपाल डेका ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का किया विमोचन

राज्यपाल डेका ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का किया विमोचन

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज रायपुर के 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश सुल्तानिया द्वारा लिखित पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का विमोचन किया। उन्होंने दिव्यांश के रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिव्यांश ने अपने दादा की प्रेरणा से इस पुस्तक की रचना की है। पुस्तक में एक युवा छात्र के दृष्टिकोण से ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़े विचारों, सवालों और उसकी अपनी समझ को सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है। कम उम्र में गंभीर और विचारपरक विषय पर पुस्तक लिखने के दिव्यांश के प्रयास को राज्यपाल ने सराहनीय बताया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने मास्टर दिव्यांश की दूसरी पुस्तक 'फ्रॉम पॉकेट मनी टू पोर्टफोलियो' के कवर को भी लॉन्च किया। यह पुस्तक बच्चों और युवाओं में कम उम्र से ही पैसे की बचत, निवेश और वित्तीय जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से छात्र द्वारा लिखी जा रही है। इसमें गुल्लक के माध्यम से बचत की आदत विकसित करने और बचाई गई राशि के उचित निवेश के विचार को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में पढऩे, लिखने और नए विषयों पर विचार करने की आदत विकसित करना उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दिव्यांश को अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की ललक को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दिव्यांश के पिता श्री सुधीर सुल्तानिया, माता श्रीमती सरिता सुल्तानिया सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

जैतूसाव मठ में आज से सावन झूला महोत्सव

जैतूसाव मठ में आज से सावन झूला महोत्सव

रायपुर। धर्म और परम्परा के ध्वजवाहक शहर के प्राचीनत्तम जैतू साव मठ में हर साल की भांति इस बार भी शुक्रवार 14 अगस्त से भव्य सावन झूला महोत्सव शुरु हो रहा है जो कि रक्षा बंधन पर्व तक चलेगा। आयोजन के संदर्भ में जानकारी देते हुए अजय तिवारी ने बताया किमहोत्सव के दौरान भगवान राधा कृष्ण जी भव्य व आकर्षक सोने चांदी से जडि़त 6 फीट ऊंचे झूले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। प्रतिदिन शाम चार बजे  राधाकृष्ण जी की झूलाआरती होगी,रोजाना अलग अलग प्रकार के व्यंजनों का प्रसादी लगेगा। महिला मंडल के सदस्य रोज शाम भक्ति सत्संग करेंगे।

 तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक  मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है" — विधायक मोतीलाल साहू CGIT,Raipur में आयोजित हुआ भव्य विशेष दिवस

"तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा ही सच्ची शिक्षा है।' - मोतीलाल साहू , विधायक ग्रामीण, छत्तीसगढ़

रायपुर: छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रायपुर में नए विद्यार्थियों के स्वागत और उनके सर्वांगीण विकास के लिए आयोजित पंद्रह दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम के अंतर्गत आज एक अत्यंत भव्य और गरिमामयी विशेष दिवस का आयोजन किया गया। ज्ञान, अनुशासन और संस्कृति के इस अनूठे संगम ने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं और अतिथियों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब जी को सादर आमंत्रित किया गया था। किन्हीं अपरिहार्य कारणों से वो कार्यक्रम में आ न सके परन्तु उन्होंने छात्रों के लिए प्रेरणादायक संदेश भेजा । वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक मोतीलाल साहू जी ने मंच की शोभा बढ़ाई।
समारोह में तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. अमिताभ दुबे, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान तथा इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक एवं विभागाध्यक्ष (बेसिक साइंसेस एंड ह्यूमैनिटीज) डॉ. श्वेता चौबे विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही सत्र में डॉ. आर. एस. परिहार, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल विभाग, डॉ. अजय गर्ग, विभागाध्यक्ष, सिविल विभाग, डॉ. अजय त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल विभाग, डॉ. एस. डी. दीवान, परीक्षा प्रभारी सहित अभिभावक, छात्र-छात्रा,  शिक्षक गण की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
अतिथियों का हुआ पारंपरिक स्वागत
विशिष्ट अतिथि के रूप में रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी का भी श्रीफल, राजकीय गमछा और पुष्पगुच्छ भेंट कर   आदर-सत्कार किया।

समारोह के दौरान इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मंच से पंद्रह दिनों तक चलने वाले इस विस्तृत इंडक्शन प्रोग्राम की रूपरेखा (Outline) प्रस्तुत की, जिसमें छात्रों के सर्वांगीण विकास और ओरिएंटेशन की पूरी कार्यप्रणाली समझाई गई। उन्होंने छात्रों को समझाइश देते हुए उनसे कहा कि, कक्षा कक्ष के ज्ञान के साथ-साथ नवाचार, रोबोटिक्स और सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा दिखाने से पीछे न हटें। अनुशासन, निरंतरता और कुछ नया सीखने की ललक ही आपको भीड़ से अलग एक सफल पेशेवर बनाएगी। यह मंच और यह संस्थान आपका अपना परिवार है, जहाँ आपकी हर उड़ान को सही दिशा और आसमान मिलेगा।

इसके बाद, संस्थान के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने महाविद्यालय की उपलब्धियों, उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाओं, संचालित पाठ्यक्रमों और भविष्य की संभावनाओं की विस्तृत व्याख्या की, जिससे नए विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और बढ़ा। उन्होंने छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए कहा कि,
तकनीकी शिक्षा की यह देहरी आपके सुनहरे भविष्य और सपनों को नया आकार देने का प्रथम चरण है।
इन पंद्रह दिनों का इंडक्शन प्रोग्राम आपके कॉलेज जीवन की मजबूत नींव साबित होगा, जो आपको हर चुनौती के लिए तैयार करेगा।
मुख्य अतिथि तकनीकी शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के माननीय मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब जी ने अपने प्रेरणादायक संदेश में छात्रों के लिए  विशेष बातें कहीं कि, ​तकनीकी शिक्षा केवल एक डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह देश और समाज के नवनिर्माण की सबसे बड़ी कुंजी है।
​अपनी सोच को किताबों तक सीमित न रखें; नवाचार (Innovation) और नए विचारों को अपनाकर समस्याओं का समाधान खोजना ही एक सच्चे इंजीनियर की पहचान है।
​असफलता से कभी न डरें, क्योंकि हर चुनौती आपके भीतर छिपी हुई असली प्रतिभा को बाहर निकालने का एक नया अवसर होती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के अगले चरण में छात्र-छात्राओं द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दी गईं। स्वागत नृत्य के साथ शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी बस्तरिया नृत्य, पंथी नृत्य, रोबोटिक्स प्रदर्शन, स्टार्टअप आइडियाज, एनएसएस की झलकियाँ और विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक और पारंपरिक  मराठी, बंगाली, असमी आदि  राज्यों के विशेष परिधानों के साथ साथ छत्तीसगढ़ के परिधानों का समायोजन सांस्कृतिक धरोहरों के रूप में मंच पर प्रस्तुत कर मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे।
विशिष्ट अतिथि रायपुर ग्रामीण के यशस्वी विधायक  मोतीलाल साहू जी  ने अपने उद्बोधन में नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और तकनीकी शिक्षा के साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। अनुशासन, अटूट लगन और निरंतर सीखने की जिज्ञासा ही वह मार्ग है जो आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगा। ​छत्तीसगढ़ के ये युवा केवल इस संस्थान का ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश का भविष्य हैं; अपनी पूरी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाएं और ऊंचे सपने देखें।
इस विशेष दिवस के सफल आयोजन ने सभी विद्यार्थियों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर दिया है।
 धन्यवाद ज्ञापन में सुश्री डॉ. शशिबाला किंडो ने उपस्थित सभी अतिथियों, पालकों, शिक्षकों, छात्रों, स्टाफ़ आदि को आभार व्यक्त कर किया। इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक डॉ. श्वेता चौबे ने मीडिया को  जानकारी साझा करते हुए सूचना दी कि, कार्यक्रम में सत्रवार क्या क्या आयोजन किया गया । उक्त कार्यक्रम प्रो. डॉ. एस. के. दबड़गाँव,  अनिल खत्री, डॉ. आर. एन. देवांगन, डॉ. जी. आर. बंजारे,  टी. के. देवांगन, प्रशांत साहू, डॉ. रानी पुष्पा बघेल,  आशीष सिंह ठाकुर, आदि की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ ।
राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह एवं छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन 14 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में

राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह एवं छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन 14 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में

 विभाजन की पीड़ा को स्मरण कर एकता और सद्भाव का संकल्प लेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथि, संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल करेंगे अध्यक्षता

रायपुर-- देश के इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में से एक वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी, विस्थापन, संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित राजभवन के पास पुरातत्व संचालनालय परिसर के मुक्ताकाशी मंच पर राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में विभाजन की त्रासदी से जुड़े छायाचित्रों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसके माध्यम से नई पीढ़ी को देश के विभाजन के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और संघर्ष से परिचित कराया जाएगा।

राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय मुख्य अतिथि होंगे, जबकि पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध निर्देशक, निर्माता एवं अभिनेता डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति  सच्चिदानंद शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखेंगे। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी भारत विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित चर्चित चलचित्र ‘पिंजर’ के निर्देशक तथा प्रसिद्ध धारावाहिक ‘चाणक्य’ में अपने अभिनय के लिए भी जाने जाते हैं।

समारोह में पीठाधीश्वर युधिष्ठिर लाल महाराज जी, पूज्य शदाणी दरबार तीर्थ, सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक गण  राजेश मूणत,  सुनील सोनी,  मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा,  अनुज शर्मा, रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन कुमार अग्रवाल तथा छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष  यशवंत जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे।

14 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ, लेकिन स्वतंत्रता के साथ देश को विभाजन की ऐसी भीषण त्रासदी से गुजरना पड़ा, जिसने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया। भारत के विभाजन के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर, गांव, जमीन-जायदाद और आजीविका छोड़कर अनजान स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। विभाजन के दौरान व्यापक हिंसा, अव्यवस्था और मानवीय पीड़ा का दौर देखने को मिला। असंख्य लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया और लाखों परिवारों का जीवन हमेशा के लिए बदल गया। भारत सरकार की विभाजन संबंधी ऐतिहासिक सामग्री में लगभग दो करोड़ लोगों के प्रभावित होने का उल्लेख मिलता है। 

 

 
 

इसी ऐतिहासिक पीड़ा और विभाजन के दौरान हुए संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2021 को प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य विभाजन के पीड़ितों और विस्थापित परिवारों के संघर्ष एवं बलिदान को सम्मान देना तथा वर्तमान और भावी पीढ़ियों को उस दौर की मानवीय त्रासदी से परिचित कराना है। 

 

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ केवल अतीत के दुखद घटनाक्रम को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह वर्तमान और भविष्य के लिए सीख लेने का अवसर भी है। इस दिवस का मूल संदेश सामाजिक विभाजन, वैमनस्य और दुर्भावना से ऊपर उठकर एकता, सामाजिक सद्भाव, मानवीय संवेदना और परस्पर सहयोग को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस दिवस की घोषणा करते हुए विभाजन के दौरान हिंसा और घृणा के कारण विस्थापित हुए लोगों के संघर्ष और बलिदान को स्मरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। सरकार के अनुसार, इस दिवस का उद्देश्य देशवासियों को यह याद दिलाना है कि सामाजिक सद्भाव और एकता को मजबूत रखना राष्ट्र की स्थायी जिम्मेदारी है। 

छायाचित्र प्रदर्शनी में दिखेगा विभाजन का मानवीय पक्ष

रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित होने वाली छायाचित्र प्रदर्शनी इस आयोजन का विशेष आकर्षण होगी। प्रदर्शनी में विभाजन से जुड़े ऐतिहासिक छायाचित्रों और घटनाओं के माध्यम से उस समय की परिस्थितियों को सामने लाया जाएगा। विस्थापन के लिए मजबूर परिवार, अपने घर-गांव छोड़कर जाते लोग, शरणार्थी शिविर, पलायन की पीड़ा और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियां नई पीढ़ी को इतिहास के उस अध्याय से जोड़ने का माध्यम बनेंगी।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देशभर में प्रदर्शनी, संगोष्ठी, मौन मार्च, चलचित्र प्रदर्शन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएगें। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय तथा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र द्वारा भी विभाजन की स्मृतियों को संरक्षित करने के लिए छायाचित्र प्रदर्शनियों, मौन मार्च, परिचर्चाओं, पुस्तकों के प्रकाशन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया है।  भारत सरकार की ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पहल के अंतर्गत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के लिए व्यापक छायाचित्र प्रदर्शनी सामग्री भी तैयार की गई है। इसका उद्देश्य विभाजन की घटनाओं और उसके मानवीय प्रभाव को दस्तावेजों, छायाचित्रों और व्यक्तिगत अनुभवों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है। 

इतिहास के दर्दनाक अध्याय को जानना नई पीढ़ी के लिए जरूरी

1947 का विभाजन केवल राजनीतिक सीमाओं के निर्धारण की घटना नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में आए व्यापक बदलाव की त्रासदी भी थी। अचानक खींची गई सीमाओं ने वर्षों से साथ रह रहे परिवारों, समुदायों और समाजों को प्रभावित किया। बड़ी संख्या में लोगों को अपने पुश्तैनी घर छोड़ने पड़े और नए स्थानों पर शून्य से जीवन शुरू करना पड़ा।

विभाजन की स्मृतियों को सामने लाने का उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास की उस पीड़ा को समझना है ताकि समाज भविष्य में हिंसा, घृणा और विभाजनकारी मानसिकता से बच सके। विभाजन की त्रासदी को याद करना भावी पीढ़ियों को उसके मानवीय मूल्य और प्रभाव समझाने तथा बेहतर भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रेरित करने का माध्यम है। 

विभाजन की स्मृतियों को संस्कृति और इतिहास से जोड़ने की पहल

 संस्कृति विभाग द्वारा रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम इसी व्यापक उद्देश्य की कड़ी है। संस्कृति के माध्यम से इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को देश के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक प्रसंगों से परिचित कराने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में इतिहास, साहित्य, संस्कृति और चलचित्र जगत से जुड़े वक्ताओं की उपस्थिति इसे विशेष वैचारिक आयाम प्रदान करेगी। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसे इतिहास और संस्कृति की पृष्ठभूमि पर सृजन करने वाले प्रसिद्ध निर्देशक तथा श्री सच्चिदानंद शुक्ला जैसे शिक्षाविद् एवं साहित्यिक दृष्टि रखने वाले वक्ता विभाजन की ऐतिहासिक और मानवीय परिस्थितियों पर अपने विचार साझा करेंगे।

छत्तीसगढ़ में स्मृति, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता का संदेश

छत्तीसगढ़ में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर सामने आ रहा है। एक ओर देश 15 अगस्त को अपनी स्वतंत्रता का गौरव मनाएगा, वहीं उससे एक दिन पहले 14 अगस्त को उन असंख्य लोगों के संघर्ष और बलिदान को याद किया जाएगा, जिन्होंने विभाजन की पीड़ा झेली। मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी और राज्य स्तरीय समारोह के माध्यम से लोगों को इतिहास के उस अध्याय को समझने का अवसर मिलेगा, जिसने स्वतंत्र भारत की यात्रा पर गहरा प्रभाव डाला। यह आयोजन देश की एकता, अखंडता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को और मजबूत करने का संदेश देगा।

14 अगस्त को दोपहर 12.30 बजे होगा राज्य स्तरीय समारोह

राज्य स्तरीय ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ समारोह 14 अगस्त 2026 को दोपहर 12.30 बजे रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, पुरातत्व संचालनालय, राजभवन के पास, सिविल लाइन में आयोजित होगा। समारोह के साथ छायाचित्र प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। यह आयोजन स्वतंत्रता के उल्लास के साथ इतिहास के दर्द को भी स्मरण करने की भारतीय परंपरा को मजबूत करेगा और यह संदेश देगा कि अतीत की त्रासदियों से सीख लेकर वर्तमान में सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्र की अखंडता को और मजबूत करना ही उन सभी पीड़ितों और विस्थापितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

CG : 15 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में बंद रहेंगी शराब दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किए निर्देश

CG : 15 अगस्त को पूरे छत्तीसगढ़ में बंद रहेंगी शराब दुकानें, आबकारी विभाग ने जारी किए निर्देश

 रायपुर।  स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त को शराब की सभी अधिकृत दुकानें बंद रहेंगी। राज्य सरकार ने 15 अगस्त को शुष्क दिवस घोषित किया है। इस दौरान प्रदेश में संचालित देशी और विदेशी मदिरा दुकानों के साथ अन्य निर्धारित मदिरा प्रतिष्ठानों में भी शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर की ओर से प्रदेश के सभी कलेक्टरों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देश के मुताबिक जिले में संचालित देशी मदिरा दुकान, विदेशी मदिरा दुकान, कम्पोजिट मदिरा दुकान और मद्य भंडारण भंडारागार को शुष्क दिवस के दौरान पूरी तरह बंद रखना होगा।

इसके अलावा एफएल-3 (ग) पर्यटन बार तथा संबंधित मदिरा भंडारण और दुकानों से जुड़े अहातों को भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। 15 अगस्त को किसी भी अधिकृत शराब दुकान या संबंधित प्रतिष्ठान से मदिरा की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

अवैध शराब की बिक्री पर भी रहेगी नजर

आबकारी विभाग ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि शुष्क दिवस के दौरान शराब का अवैध विक्रय, अवैध रूप से शराब रखना और उसका परिवहन न हो। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।

स्वतंत्रता दिवस के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ शराब की अवैध गतिविधियों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

15 अगस्त को नहीं मिलेगी शराब

यानी छत्तीसगढ़ में 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी और लोगों को इस दिन शराब की बिक्री नहीं की जाएगी। आबकारी विभाग ने सभी जिलों में आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं

 
 
श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि

श्यामगिरी में शहीद पूर्व विधायक स्व. भीमा मंडावी को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप ने दी श्रद्धांजलि

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा के श्यामगिरी पहुंचे। जहां उन्होंने श्यामगिरी में हुई 2019 वे घटना स्थल पर पहुंच कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। स्थानीय लोगों, चश्मदीदों और स्व. भीमा मंडावी के सहयोगियों ने घटना की विभीषिका को बयां किया।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने अरनपुर और श्यामगिरी में हुई घटनाओं के 13 शहीदों की याद में पौधरोपण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से आत्मीयता से मुलाकात की। मंत्री द्वय ने शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनसे चर्चा कर प्राप्त हो रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। इस संवेदनशील पल में सभी की आंखें नम हो गयीं जब उन्होंने अपने साथी रहे और तत्कालीन दंतेवाड़ा विधायक स्व.  भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी से मुलाकात की। सभी ने शहीदों की याद में मौन रखकर उन्हें याद किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि हम लोगों में से सभी ने नक्सल हिंसा में किसी ना किसी को खोया, किसी ने अपना मित्र, किसी ने भाई, पिता, रिश्तेदार, जानने वाले और किसी ने स्वजन को खोया है। उन्होंने बताया कि जब केन्जा नक्सली मनवा माटा अभियान के तहत नक्सल पीडि़त राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे तो एक छोटी सी बालिका ने बताया था कि कैसे उसने नक्सल हिंसा में अपने दोनों आंखों को खो दिया था।

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप आज ने कहा कि तिरंगा फहराने के लिए हमने बड़ा संघर्ष किया है। कई लोगों की शहादत के बाद आज हम शान से तिरंगा लहरा पा रहे हैं। पहले तिरंगा फहराने पर नक्सलियों द्वारा डराया जाता था, अब कोई भी हमें तिरंगा फहराने से रोकने वाला नहीं है। मतलब अब भारत का संविधान हर कोने में लागू होगा बिना किसी डर के। उन्होंने सभी से अपने घर के तिरंगा लगाने और अपने पड़ोसियों को भी प्रेरित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि अगर आप तिरंगा यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं तो सोशल मीडिया पर तिरंगा जरूर लगाएं और सभी को लगाने को कहें। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता जीत गयी और नक्सलवाद हार गया है। बस्तर की जनता के संकल्प ने नक्सलावाद को जड़ से मिटाने का कार्य किया है

ग्रामीणों की मांग पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नकुलनार से बचेली मार्ग का नामकरण शहीद भीमा मंडावी के नाम पर करने की अनुसंशा करने की बात कही इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने कलेक्टर को निर्देशित किया। इस अवसर पर सभी ने एक पेड़ शहीदों के नाम के तहत पौधारोपण किया और घटना स्थल से मिट्टी लेकर संग्रहित किया। इस दौरान सांसद महेश कश्यप, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुडामी, आईजी बस्तर  बद्री नारायण मीणा, कलेक्टर, एसपी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

समूह की महिलाओं से की चर्चा

उप मुख्यमंत्री ने वहां आई बिहान समूह की महिलाओं से चर्चा की और उन्हें लघु वनोपज प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लेकर कार्य करने को कहा। उन्होंने बताया कि अब छत्तीसकला ब्रांड के अंतर्गत अब शासन द्वारा सहायता बिहान उत्पादों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है जिसका अवश्य लाभ लें।

राष्ट्रपति भवन से लौटे बस्तर पंडुम विजेताओं से की मुलाकात

मंत्री द्वय ने राष्ट्रपति भवन में जाकर आई बस्तर पंडुम विजेता अरनपुर की मांदरी दल से मुलाकात कर उनसे बातें की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में महिलाओं से कहा कि पहले आप दिल्ली में राष्ट्रपति के पास गईं थीं अब राष्ट्रपति भी आपके घर आएंगी चाय पीने। जिसपर सभी ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि वो बस्तर आएं हम भी उनको अपने हांथों से खाना खिलाएंगे।

युवा अपने हौसलों को मजबूत करें और लक्ष्य हासिल करने निरंतर प्रयास करें : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी…..

युवा अपने हौसलों को मजबूत करें और लक्ष्य हासिल करने निरंतर प्रयास करें : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी…..

 रायपुर: उच्च शिक्षा विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना राज्य प्रकोष्ठ द्वारा गुरुवार को जिला ऑडिटोरियम, बलौदाबाजार में ‘नशामुक्त विकसित भारत, नशामुक्त सशक्त युवा’ एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर युवा नेतृत्व एवं कौशल विकास क्षमता कार्यशाला का आयोजन किया गया। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने युवाओं को जीवन की चुनौतियों का दृढ़ता से सामना करने और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल  उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा और सामर्थ्य निहित है। इस ऊर्जा को सही दिशा में लगाया जाए तो समाज और देश में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में अनेक युवाओं ने कम उम्र में ही असाधारण उपलब्धियां हासिल की हैं। आदि शंकराचार्य, स्वामी विवेकानंद, खुदीराम बोस और शहीद भगत सिंह जैसे महान व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।

मंत्री चौधरी ने कहा कि जीवन में कठिनाइयां आएं तो घबराकर हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए। कठिनाइयां हमारी राह में बाधक होने के साथ-साथ हमें मजबूत बनाने वाली साधक भी होती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क पर गड्ढे होने के कारण हम अपनी यात्रा नहीं रोकते, बल्कि उन्हें पार कर आगे बढ़ते हैं। इसी तरह जीवन की चुनौतियों को पार करते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने युवाओं से अपने भीतर जुनून पैदा करने और कुछ कर गुजरने की इच्छा रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सफलता के लिए चुनौतियों का सामना करने और सोच-समझकर जोखिम लेने की क्षमता भी विकसित करनी होगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है और नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 24 तक पहुंच चुकी है। राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय महत्व के अनेक संस्थान स्थापित हुए हैं, जिससे युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

 चौधरी ने कहा कि आज के दौर में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डिग्री के साथ कौशल भी आवश्यक है। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप कौशल विकसित कर बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार 200 युवाओं को यूपीएससी की निःशुल्क कोचिंग की सुविधा उपलब्ध करा रही है। साथ ही विभिन्न विभागों में सरकारी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।

मंत्री  चौधरी ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि यह युवाओं के लिए विचारों के आदान-प्रदान और सीखने का प्रभावी माध्यम है। इसका उपयोग सकारात्मक विचारों, ज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए। युवाओं को नकारात्मक एवं भ्रामक विषयों से दूरी बनाकर सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।

राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति राष्ट्र के सामने एक गंभीर चुनौती है। केवल नशे की आलोचना करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि इसके खिलाफ समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में युवा शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है। युवा यदि नशे के चंगुल में फंसते हैं तो इसका नुकसान पूरे राष्ट्र को होता है। उन्होंने संत रविदास के प्रकट उत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलते हुए छत्तीसगढ़ को विकसित और अग्रणी राज्य बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, पूर्व विधायकशिवरतन शर्मा, डॉ. सनम जांगड़े,  प्रमोद शर्मा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव  सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय कांकेर में राजस्व मंत्री वर्मा करेंगे ध्वजारोहण

स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय कांकेर में राजस्व मंत्री वर्मा करेंगे ध्वजारोहण

 कांकेर। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा कांकेर जिला मुख्यालय के नरहरदेव हाइयर सेकेंडरी स्कूल मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वाजारोहण करेंगे। मंत्री वर्मा परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित गरिमामय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद परेड का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन होगा। कार्यक्रम में हर्ष फायर और मार्च पास्ट के बाद शालेय छात्र-छात्राओं द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति तथा पुरस्कार वितरण किया जायेगा।

सुदृढ़ कृषि व्यवस्था और पारदर्शी सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

सुदृढ़ कृषि व्यवस्था और पारदर्शी सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

 o रायपुर: 15 अगस्त पर विशेष आलेख : ’सुदृढ़ कृषि व्यवस्था और पारदर्शी सुशासन से बदल रहा छत्तीसगढ़ के किसानों की तकदीर

रायपुर। देश 80वें स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मना रहा है। यह अवसर केवल स्वतंत्रता के गौरव का नहीं, बल्कि विकास की उस सतत् यात्रा का भी है, जिसने भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में खेती-किसानी को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उसे आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित और किसान-केंद्रित बनाने का व्यापक अभियान चलाया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन तथा कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के निर्देशन में कृषि विभाग ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने, उर्वरकों की सतत् निगरानी, पारदर्शी वितरण व्यवस्था तथा गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से ऐसा मॉडल विकसित किया है, जिसकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। छत्तीसगढ़ के किसानों को आत्मनिर्भर, समृद्ध बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है कि किसानों को समय पर प्रमाणित खाद-बीज उपलब्ध हो और किसी भी स्थिति में खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा नकली उर्वरकों का नुकसान किसानों को न उठाना पड़े। इसी सोच के परिणामस्वरूप खरीफ 2026 में प्रदेश में 48.69 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य के विरुद्ध 11 अगस्त तक 45.62 लाख हेक्टेयर अर्थात लगभग 94 प्रतिशत क्षेत्र में बोनी पूरी हो चुकी है। किसानों को अब तक 11.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरक तथा 4.55 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। उर्वरकों के 15.55 लाख मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 15.83 लाख मीट्रिक टन का भंडारण कर राज्य ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वयं अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सुगमता से प्रमाणित खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई हो। इसके साथ ही किसानों को खेती किसानी करने में किसी प्रकार की समस्या न हो, इस उद्देश्य से ठोस रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में तरल नैनो उर्वरक के प्रति किसानों को जागरूक करने का काम भी विभाग के माध्यम से किया जा रहा है।

कृषि क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि उर्वरकों की गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के नेतृत्व में विभाग ने नकली एवं अमानक उर्वरकों के विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया। वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में प्रवर्तन कार्रवाइयों में 11.20 गुना वृद्धि दर्ज हुई और कुल कार्रवाई 44 से बढ़कर 493 मामलों तक पहुंच गई। न्यायालयीन प्रकरण 4 से बढ़कर 65, जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 107, लाइसेंस निलंबन 3 से बढ़कर 106, लाइसेंस निरस्तीकरण 2 से बढ़कर 15 तथा विक्रय प्रतिबंध 33 से बढ़कर 189 मामलों तक पहुंचा। पहली बार ग्यारह एफआईआर दर्ज होना विभाग की शून्य सहिष्णुता नीति का प्रमाण है। इन कठोर कदमों ने किसानों का भरोसा मजबूत किया और कृषि आदानों की आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया।

सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रभाव केवल उर्वरकों तक सीमित नहीं है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली। किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टैक, ई-केवाईसी और डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर योजनाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया गया है।

कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार ने कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई और प्राकृतिक खेती पर विशेष बल दिया है। अब तक 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत लगभग 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार किया गया है। वहीं 57 हजार से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण और कम लागत वाली खेती को प्रोत्साहित किया गया है।

उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्रों में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़कर 8.91 लाख हेक्टेयर पहुंच चुका है। ऑयल पाम और बांस रोपण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि हाईटेक नर्सरी, पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज जैसी अधोसंरचनाएं तेजी से विकसित की जा रही हैं। पशुपालन में दुग्ध उत्पादन, डेयरी भुगतान व्यवस्था और मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार हुआ है, वहीं मत्स्य उत्पादन लगभग 23 प्रतिशत बढ़कर 9.59 लाख टन तक पहुंच गया है, जिससे छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों में शामिल हो चुका है।

कृषि विपणन और अधोसंरचना के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां सामने आई हैं। राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से प्रदेश की 21 मंडियां जुड़ चुकी हैं तथा कृषि अवसंरचना निधि के अंतर्गत 1,900 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 3,026 करोड़ रुपये की उपलब्धि प्राप्त हुई है। बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है तथा रायपुर की शासकीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला को एनएबीएल मान्यता मिलना राज्य की वैज्ञानिक कृषि व्यवस्था का प्रमाण है।

स्वतंत्रता के 79 वर्षों की इस ऐतिहासिक बेला पर छत्तीसगढ़ का कृषि परिदृश्य स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार की योजनाबद्ध नीति, प्रभावी प्रशासन, पारदर्शी व्यवस्था और किसानों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण ने खेती-किसानी को नई ऊर्जा प्रदान की है। गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता, कठोर गुणवत्ता नियंत्रण, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का समावेश और किसान-केंद्रित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रदेश के कृषि विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व, कृषि मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध कृषि व्यवस्था की दिशा में एक सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है।

हाईकोर्ट का अहम फैसला: दूसरी पत्नी के बेटे को भी मिल सकती है अनुकंपा नियुक्ति, जानें शर्त

हाईकोर्ट का अहम फैसला: दूसरी पत्नी के बेटे को भी मिल सकती है अनुकंपा नियुक्ति, जानें शर्त

 बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा है कि अगर किसी कर्मचारी की दो शादियां हुई हैं और दोनों पत्नियों से संतान हैं, तो नियमों के तहत दूसरी पत्नी से जन्मे बेटे को भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए योग्य माना जा सकता है। हालांकि, अगर एक ही श्रेणी में दो बेटे दावेदार हैं, तो प्राथमिकता उम्र में बड़े बेटे को दी जाएगी।

यह मामला मुंगेली जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धरमपुरा में पदस्थ पीएन के पद पर कार्यरत ईश्वर सिंह क्षत्रिय की मृत्यु के बाद सामने आया। ईश्वर सिंह का 29 सितंबर 2016 को सेवा के दौरान निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनके परिवार में अनुकंपा नियुक्ति को लेकर विवाद शुरू हुआ।

ईश्वर सिंह क्षत्रिय ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी उषा बाई से एक बेटा जितेंद्र सिंह था, जिसकी उम्र 35 वर्ष बताई गई है। वहीं दूसरी पत्नी मिलाडोकिन बाई से बेटा राजकुमार है।

पिता की मृत्यु के बाद दोनों बेटों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया। दोनों का दावा सामने आने के बाद यह सवाल खड़ा हुआ कि आखिर नियुक्ति का अधिकार किस बेटे को मिलेगा।

मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि दूसरी शादी से जन्मा बेटा भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए जायज और पात्र दावेदार हो सकता है।

हालांकि, एक ही श्रेणी में दो दावेदार होने की स्थिति में दोनों को समान प्राथमिकता नहीं दी जा सकती। ऐसी स्थिति में उम्र में बड़े भाई को पहले मौका दिया जाएगा।

यानी दूसरी पत्नी से जन्मे बेटे को सिर्फ इस आधार पर अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार से बाहर नहीं किया जा सकता कि वह दूसरी शादी से जन्मा है।

हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार के वर्ष 2013 के नियम और उसके संशोधित स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ही श्रेणी में दो दावेदार होने पर प्राथमिकता का स्पष्ट प्रावधान नहीं है।

कोर्ट ने ऐसे मामले में पटना हाईकोर्ट के एक पुराने फैसले और बिहार सरकार के मामले का हवाला दिया। उसमें भी दो भाई पात्र होने की स्थिति में ज्येष्ठता यानी उम्र में बड़े भाई को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी।

इस आधार पर हाईकोर्ट ने कहा कि यदि बड़ा भाई पात्र है और वह अनुकंपा लेने से इनकार करता है या इसके लिए अयोग्य पाया जाता है, तभी छोटे भाई के दावे पर विचार किया जा सकता है।

ईश्वर सिंह क्षत्रिय की सेवा के दौरान मृत्यु के बाद उनके दोनों बेटों ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। मामला सामने आने के बाद दोनों के दावे की स्थिति को लेकर विवाद हुआ।

हाईकोर्ट के फैसले का मुख्य बिंदु यह है कि दूसरी पत्नी से जन्मे बेटे को केवल उसके माता-पिता के वैवाहिक संबंध के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। पात्रता पूरी होने पर उसका दावा भी नियमों के तहत देखा जाएगा।

वहीं, जब एक ही श्रेणी में बड़े और छोटे दोनों भाई पात्र हों, तो पहले बड़े भाई के दावे पर विचार किया जाएगा। बड़े भाई के अयोग्य होने या नियुक्ति लेने से इनकार करने की स्थिति में छोटे भाई को मौका मिल सकता है।

 पुस्तकों और ज्ञान के उत्सव में सराबोर हुआ महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज, मनाया गया लाइब्रेरियन डे

पुस्तकों और ज्ञान के उत्सव में सराबोर हुआ महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज, मनाया गया लाइब्रेरियन डे

रायपुर। महंत लक्ष्मीनारायण दास कॉलेज में लाइब्रेरियन डे के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने महाविद्यालय की लाइब्रेरी में उपलब्ध सुविधाओं एवं उसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से पुस्तकालय आने, उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने तथा अध्ययन-अनुसंधान के लिए लाइब्रेरी को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।
महाविद्यालय की लाइब्रेरियन सुश्री निकिता प्रधान ने महान पुस्तकालय वैज्ञानिक डॉ. एस. आर. रंगनाथन के जीवन एवं योगदान की जानकारी देते हुए लाइब्रेरियन डे के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न डिजिटल एवं शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी दी तथा SOUL एवं INFLIBNET जैसी सुविधाओं के उपयोग के बारे में बताया।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के ज्ञान एवं बौद्धिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंटर-क्लास क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बी.बी.ए. तृतीय सेमेस्टर की अफसा शेख, जसगुण कौर, सिमरन सिंह एवं शीतल साहू के समूह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन लाइब्रेरियन सुश्री निकिता प्रधान ने किया, जबकि हिन्दी विभाग के प्राध्यापक प्रो. प्रीतम दास ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में पुस्तकालय के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ अध्ययन, पठन-पाठन एवं ज्ञानार्जन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

 
CG – पत्नी की इस आदत ने पति को किया परेशान, फिर सामने आई दिल दहला देने वाली घटना…

CG – पत्नी की इस आदत ने पति को किया परेशान, फिर सामने आई दिल दहला देने वाली घटना…

 पेंड्रा/गौरेला। गौरेला थाना क्षेत्र के ग्राम केवची में पारिवारिक विवाद के चलते एक पति ने अपनी पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका की पहचान बिरसिया बाई के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पति का नाम नंद बैगा बताया जा रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। ​

मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नंद बैगा अपनी पत्नी बिरसिया बाई के बिना बताए बार-बार घर से चले जाने की आदत से काफी समय से नाराज रहता था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। घटना के दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते काफी बढ़ गई। गुस्से में आकर नंद बैगा ने घर में रखे डंडे से बिरसिया बाई पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बिरसिया बाई की मौके पर ही मौत हो गई। ​घटना की सूचना मिलते ही गौरेला थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

पति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी पति नंद बैगा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न

 रायपुर, 13 अगस्त 2026- मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में मार्च 2026 और जून 2026 की तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र व राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार और सरकारी हितग्राही योजनाओं में वित्तीय सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

जनकल्याणकारी योजनाओं को दें प्राथमिकता

मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना किसी बाधा के त्वरित निपटारा करने के निर्देश दिए. उन्होंने बैंकर्स से कहा कि ऋण प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा की जाए.

किसानों को त्वरित केसीसी लोन

किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से शीघ्रता से लोन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया. इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों के लिए भी केसीसी वितरण की समीक्षा की गई. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों को खेती, पशुपालन और मछली पालन के लिए बेहद कम ब्याज (मात्र 4%) पर आसान लोन देती है. बिना किसी गारंटी के मिलने वाले इस लोन की सीमा को बढ़ाकर अब 2 लाख कर दिया गया है, जबकि कुल ऋण सीमा को 5 लाख तक किया गया है. 

बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष ध्यान

राज्य के बस्तर और सरगुजा संभागों में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए, वहां नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए. वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुसार, बिना बैंकिंग सुविधा वाले गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर बैंकिंग सेवाएं (शाखाएं या बीसी एजेंट) उपलब्ध कराने पर बल दिया गया.

वार्षिक ऋण योजना एवं सामाजिक सुरक्षा

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की गतिविधियों, जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई.

 इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) के प्रतिनिधियों सहित राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे.

छत्तीसगढ़ में निवेश की बड़ी छलांग, ग्रीन स्टील और माइनिंग में ₹13,800 करोड़ से ज्यादा के MoU

छत्तीसगढ़ में निवेश की बड़ी छलांग, ग्रीन स्टील और माइनिंग में ₹13,800 करोड़ से ज्यादा के MoU

 रायपुर, 13 अगस्त. छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने के संकेत हैं. राजधानी रायपुर में आयोजित पांचवें दो दिवसीय ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट के समापन अवसर पर स्टील और एल्युमिनियम सेक्टर में ₹13,800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित इस समिट में देशभर से उद्योगपति, विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल हुए.

10 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर
नए निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है. इससे राज्य के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समिट के सफल आयोजन के लिए CII का आभार जताते हुए कहा कि स्टील और माइनिंग सेक्टर पर दो दिनों तक हुए विचार-विमर्श का देश और प्रदेश को दूरगामी लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के अनुकूल वातावरण तैयार करने और पारदर्शी नीतियां लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

ग्रीन स्टील और आधुनिक तकनीक पर जोर
समिट में पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन स्टील उत्पादन, आधुनिक माइनिंग तकनीक और खनिज संसाधनों के टिकाऊ उपयोग पर विशेष चर्चा हुई. विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने कम कार्बन उत्सर्जन वाली तकनीकों को अपनाने तथा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार साझा किए.

औद्योगिक हब के रूप में मजबूत हो रही पहचान
दो दिनों तक चले सम्मेलन में छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन स्टील हब के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई. नए निवेश से राज्य में स्टील और एल्युमिनियम आधारित उद्योगों के विस्तार के साथ खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

समिट में हुए ₹13,800 करोड़ से अधिक के निवेश समझौतों को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ राज्य की राष्ट्रीय औद्योगिक पहचान और मजबूत होने की संभावना है.

हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में RPF और DRI की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 1.242 किग्रा विदेशी सोना बरामद, 2 संदिग्ध गिरफ्तार

हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस में RPF और DRI की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 1.242 किग्रा विदेशी सोना बरामद, 2 संदिग्ध गिरफ्तार

 रायपुर. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) क्राइम ब्रांच और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की एक संयुक्त और सटीक कार्रवाई में हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12262) से लगभग ₹1.96 करोड़ मूल्य का 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना बरामद किया गया है. रायपुर-नागपुर रेलखंड पर चलाए गए इस विशेष जांच अभियान के दौरान ट्रेन के कोच B-12 में यात्रा कर रहे दो संदिग्ध यात्रियों को भंडारा और नागपुर स्टेशन के बीच हिरासत में लिया गया.

रायपुर से नागपुर तक गहन चेकिंग अभियान
RPF क्राइम ब्रांच नागपुर के वरिष्ठ अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि हावड़ा से मुंबई की ओर जा रही दुरंतो एक्सप्रेस में विदेशी सोने की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए RPF क्राइम ब्रांच नागपुर, RPF रायपुर और DRI नागपुर की संयुक्त टीम का गठन किया गया.

ट्रेन के रायपुर स्टेशन पहुंचते ही टीम ने संदिग्ध डिब्बों की निगरानी शुरू कर दी. जांच करते हुए जब टीम कोच B-12 में पहुंची, तो वहां बैठे दो यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं. कड़ी पूछताछ और सामान की तलाशी लेने पर उनके पास से छिपाकर रखा गया विदेशी सोना बरामद हुआ.

बरामद सोने की सामग्री और अनुमानित मूल्य
तलाशी के दौरान संदिग्धों के कब्जे से निम्नलिखित कीमती सामान बरामद किया गया:

सोने के बिस्किट: 7 पीस (विदेशी मार्किंग के साथ)

सोने की छड़ (Gold Bar): 1 पीस

कुल वजन: लगभग 1.242 किलोग्राम

अनुमानित बाजार मूल्य: ₹1,96,34,307 (एक करोड़ छिानवे लाख चौंतीस हजार तीन सौ सात रुपये)

कस्टम्स एक्ट के तहत मामला दर्ज, बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
RPF ने प्रारंभिक कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को जप्त सोने सहित DRI नागपुर के सुपुर्द कर दिया है. DRI ने सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 (Customs Act, 1962) की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है.

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

सोने की यह विदेशी खेप भारत में किस सीमा से अवैध रूप से दाखिल कराई गई थी.

इसे मुंबई या किसी अन्य महानगर में किस सरगना तक पहुंचाया जाना था.

इस पूरे तस्करी सिंडिकेट में कौन-कौन से स्थानीय और अंतरराज्यीय कूरियर शामिल हैं.

DRI अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल ट्रांसक्रिप्शन और यात्रा इतिहास को खंगाला जा रहा है, ताकि सोने की इस अवैध तस्करी के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके.

ED RAID : छतीसगढ़ ED की बड़ी कार्रवाई, तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

ED RAID : छतीसगढ़ ED की बड़ी कार्रवाई, तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

 राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक बड़ी और अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. केंद्रीय जांच एजेंसी ED की संयुक्त टीमों ने शहर और आसपास स्थित तीन प्रमुख ठिकानों पर एक साथ दबिश दी है.

सुबह-सुबह तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल और रायपुर ED की अलग-अलग संयुक्त टीमों ने तड़के लगभग 6:00 बजे एक साथ तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की. जांच के दायरे में शहर का चर्चित प्रतिष्ठान 'भंसाली किराया भंडार' और सत्यम विहार स्थित 'नाहटा ग्रुप' के ठिकाने शामिल हैं.

टीमों के अचानक पहुंचने से परिसरों में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. कार्रवाई की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित ठिकानों के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है और बाहरी लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है.

वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की पड़ताल
ED के अधिकारी संबंधित ठिकानों पर मौजूद वित्तीय रिकॉर्ड, बही-खातों, बैंक खातों के विवरण और अन्य महत्वपूर्ण कागजात को गहनता से खंगाल रहे हैं. डिजिटल उपकरणों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है.

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
हालांकि, यह कार्रवाई किस विशिष्ट वित्तीय अनियमितता, धन शोधन (Money Laundering) या प्रकरण से जुड़ी है, इस संबंध में ED के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. माना जा रहा है कि दस्तावेजों की प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार….

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह इस संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।

दो वर्षीय पाठ्यक्रम और आधुनिक प्रशिक्षण

मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ-साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS), मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेड छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय आईटीआई संस्थानों में ही संचालित है, जिससे जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

रोजगार व स्वरोजगार के बेहतर अवसर

ई-व्हीकल के बढ़ते चलन से अधिकृत सर्विस सेंटरों, ई-व्हीकल निर्माण कंपनियों, चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी से संबंधित सेवा इकाइयों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित युवा खुद का सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

क्षेत्र का तेजी से हो रहा विकास

जीजामगांव क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नवीन आईटीआई भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य श्री योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए इस नवीन ट्रेड में प्रवेश लें।

जीजामगांव के नवीन आईटीआई में शुरू हुआ ‘मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल’ ट्रेड; युवाओं के लिए रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

प्रवेश प्रक्रिया और अन्य सौगातें

आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी, जिसमें जीजामगांव में नवीन आईटीआई की स्थापना भी शामिल थी।

CM साय आज लेंगे उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक,ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट में भी होंगे शामिल

CM साय आज लेंगे उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक,ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट में भी होंगे शामिल

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे एक निजी होटल में आयोजित ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे मंत्रालय पहुंचेंगे,जहां वे दोपहर 3 बजे तक कार्यालयीन कार्यों में व्यस्त रहेंगे। दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक लेंगे। इस दौरान विभागीय कामकाज, औद्योगिक गतिविधियों और प्रदेश में निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।

‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

‘आजादी की धुन’ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल

100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समां

रायपुर - राजधानी रायपुर की शाम  देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।

मुख्यमंत्री  साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष  अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन  इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

CG : जंगल में युवती का शव मिलने से मचा हड़कंप, पेड़ पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

CG : जंगल में युवती का शव मिलने से मचा हड़कंप, पेड़ पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस

 राजिम।  फिंगेश्वर क्षेत्र के बाबाकुटी जंगल से बुधवार शाम सामने आई एक घटना ने इलाके के लोगों को हैरान कर दिया। जंगल में सागौन के पेड़ से एक युवती का शव लटका दिखाई देने के बाद आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

फिंगेश्वर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया। मृतका की उम्र और पहचान से जुड़ी जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस अब आसपास के गांवों में पूछताछ कर युवती के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।

CG : विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ : उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल

CG : विजन 2047 की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ : उद्योगों से आत्मनिर्भर और समृद्ध भविष्य की नई पहल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ आज औद्योगिक विकास के ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां विकास का उद्देश्य केवल नए उद्योग स्थापित करना नहीं, बल्कि रोजगार, निवेश, आधुनिक तकनीक और क्षेत्रीय संतुलन के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए पारदर्शी, निवेश-अनुकूल और रोजगारोन्मुख वातावरण तैयार किया है। वहीं वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन के मार्गदर्शन में नई औद्योगिक नीतियों ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है और छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।

25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का किया भूमिपूजन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून 2026 में टेक्सटाइल पार्क की पहली यूनिट का भूमिपूजन किया। तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है।

प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार

बीते ढाई वर्षों में राज्य को 264 औद्योगिक परियोजनाओं से लगभग 8.22 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 1.72 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से 154 परियोजनाएं निर्माण, भूमि आवंटन अथवा उत्पादन के चरण तक पहुंच चुकी हैं, जबकि कई इकाइयां पहले ही उत्पादन प्रारंभ कर चुकी हैं। इसी अवधि में प्रदेश में 3,009 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुईं, जिनसे 50,807 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला। यह दर्शाता है कि सरकार की औद्योगिक नीतियां केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर परिणाम दे रही हैं।

विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन

राज्य सरकार द्वारा लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 ने उद्योगों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। विनिर्माण इकाइयों को 100 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र को 150 प्रतिशत तक वित्तीय प्रोत्साहन, एमएसएमई और सेवा उद्योगों को पहली बार विशेष लाभ, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फार्मा जैसे भविष्य के क्षेत्रों के लिए विशेष पैकेज तथा स्थानीय युवाओं के रोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रावधान इस नीति की प्रमुख विशेषताएं हैं। यही कारण है कि नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर एसईजेड और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश जैसी बड़ी पहलें आकार ले रही हैं।

ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वाेच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार ने ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। 150 से अधिक सेवाओं वाला नया सिंगल विंडो सिस्टम, निवेशकों के लिए एआई आधारित वाणी प्रणाली, 500 से अधिक प्रशासनिक सुधार तथा प्रक्रियाओं का सरलीकरण निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार कर रहा है। औद्योगिक विकास का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए राज्य में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए तथा 15 जिलों में 26 नए औद्योगिक कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरोरा में प्लास्टिक पार्क और नवा रायपुर में टेक्सटाइल, फार्मा एवं रेडीमेड गारमेंट पार्क जैसे प्रयास औद्योगिक आधार को और मजबूत बना रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना

हाल ही में विजन 2047 औद्योगिक विकास की संभावनाएं विषयक चर्चा में उद्योगमंत्री लखन लाल देवांगन ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना और निवेश को तेजी से धरातल पर उतारना है, ताकि स्थानीय युवाओं को अधिकतम अवसर मिल सकें। आने वाले वर्षों के लिए सरकार निर्यात नीति, स्टार्टअप एवं नवाचार नीति, कौशल विकास, इंटर्नशिप, एमएसएमई सशक्तिकरण और बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है, प्रदेश के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना है।

छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे

राज्य में नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश का वादा मिला है, जिससे अलग-अलग सेक्टर में 1.6 लाख से ज़्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होने की संभावना है। टेक्सटाइल और कपड़ों के अलावा, राज्य ने डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़े निवेश आकर्षित किए हैं। यह छत्तीसगढ़ के इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम और बिज़नेस-फ्रेंडली माहौल में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

 नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना

राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र (ज्मबीदपबंस ज्मगजपसमे) तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार

विजन 2047 की दिशा में छत्तीसगढ़ का यह औद्योगिक अभियान केवल आर्थिक विकास की कहानी नहीं, बल्कि एक ऐसे भविष्य का निर्माण है जहां निवेश, नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास मिलकर आत्मनिर्भर, विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के प्रयासों से प्रदेश आज उद्योगों की नई उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने सड़क एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को मार्च-2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने कहा

मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यों की समीक्षा के निर्देश, कहा साइट देखने के बाद ही तैयार करें निर्माण कार्यों के प्राक्कलन

गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर, ठेकेदारों को नियमित भुगतान के निर्देश

रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश दिए।  बंसल ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता  वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता  पी.एम. कश्यप और टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने फील्ड का दौरा कर और साइट देखने के बाद ही निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश विभागीय अभियंताओं को दिए। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने टाइम-लाइन के मुताबिक समय पर काम नहीं करने वाले, लापरवाही बरतने वाले और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए।

विभागीय सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने सुव्यवस्थित तथा योजनाबद्ध ढंग से काम करने को कहा। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत, बेहतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक निर्माण विभाग के रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति तथा न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की।

बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुविधा और नागरिकों की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले पांच वर्षों में सड़कों की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निविदा में कार्यपूर्णता के लिए उपयुक्त समय-सीमा के निर्धारण के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु, पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग तथा अन्य यूटिलिटीज की शिफ्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यपूर्णता के लिए समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद तीन महीनों के भीतर फाइनल बिल तैयार करने तथा ठेकेदारों को भुगतान के लिए भी एसओपी बनाने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए।

  1. बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं को विभिन्न आयोजनों के बिलों के भुगतान ठेकेदारों को तत्परता से एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव  एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक  शशांक पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता  वी.के. बेदिया और सुरेश भूपल तथा रायपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे। 
किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : साय

किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : साय

 00 किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी, उनकी आय बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर कर रही काम

00 हरेली के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास के गृह प्रवेश कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज हरेली तिहार के पावन अवसर पर नवा रायपुर में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा के नवीन शासकीय आवास में आयोजित गृह प्रवेश समारोह एवं हरेली उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन आवास में गृह प्रवेश की बधाई देते हुए उनके सुखी, समृद्ध और मंगलमय जीवन की कामना की। उन्होंने उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को भी छत्तीसगढ़ के प्रथम लोक पर्व हरेली की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली जैसे शुभ अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश इस अवसर को और भी विशेष बनाता है। हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन से गहराई से जुड़ा पर्व है। किसान इस दिन कृषि औजारों और गौवंश की पूजा कर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं तथा अच्छी वर्षा, भरपूर फसल और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। यह पर्व छत्तीसगढ़ की उस समृद्ध परंपरा का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति, खेती और लोकजीवन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।

किसानों की समृद्धि से ही समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ : साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार खेती-किसानी है। किसान प्रदेश की प्रगति की धुरी हैं और उनकी समृद्धि में ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि निहित है। राज्य सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती को लाभकारी बनाने और कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है। इससे किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खेती की उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक कृषि क्षेत्र को सुनिश्चित सिंचाई की सुविधा मिले, जिससे किसान वर्षा पर निर्भरता कम कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल परंपरागत खेती तक सीमित रहने के बजाय उन्हें कृषि से जुड़ी सहायक और आयमूलक गतिविधियों से जोडऩे पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तो गांव मजबूत होगा और गांव मजबूत होंगे तो विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की गति और तेज होगी। सरकार की नीतियों के केंद्र में अन्नदाता का हित है और खेती-किसानी को अधिक समृद्ध तथा लाभकारी बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
हरेली से शुरू होता है छत्तीसगढ़ के पर्वों का सिलसिला : डॉ. रमन सिंह
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। हरेली के साथ ही प्रदेश में तीज-त्योहारों का उल्लासपूर्ण सिलसिला प्रारंभ हो जाता है। आज पूरा छत्तीसगढ़ हरेली के रंग में रंगा हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश से किसानों में उत्साह है और बेहतर फसल की उम्मीद जगी है। उन्होंने ईश्वर से कामना की कि प्रदेश के खेत-खलिहान अच्छी फसल से लहलहाएं, किसानों के घरों में खुशहाली आए और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे। उन्होंने राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा एवं उनके परिजनों को नवीन शासकीय आवास में गृह प्रवेश के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
राम भजन की प्रस्तुति ने बनाया भक्तिमय वातावरण
हरेली तिहार और गृह प्रवेश के उल्लास के बीच राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने राम भजन की सुंदर प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में भक्तिमय वातावरण निर्मित कर दिया। उपस्थित अतिथियों और नागरिकों ने भजन का आनंद लिया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  मोतीलाल साहू एवं  इंद्रकुमार साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा के परिजन उपस्थित थे।