
भिलाई। हिमाचल के चंबा में हुए हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। यात्रियों से भरी कार 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। कार में करीब 8 लोग सवार थे, जिनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में भिलाई के चार लोग भी शामिल हैं, जो एक ही परिवार के सदस्य थे। मृतक परिवार बेंगलुरु में रहता था और हिमाचल घूमने के लिए गया था। मौके पर पहुंचे एसपी विजय कुमार सकलानी ने बताया कि हादसे की सूचना सबसे पहले स्थानीय लोगों से पुलिस को मिली। इसके बाद मौक पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। गाड़ी जिस खाई में गिरी उसकी गहराई करीब 500 मीटर है।
भिलाई के 4 लोगों की हिमाचल में मौत, सभी एक परिवार के सदस्य
रअसल, भिलाई के अरविंद चंद्राकर बेंगलुरु में रहकर नौकरी करते थे। अरविंद परिवार सहित छुट्टियों में हिमाचल प्रदेश के चंबा घूमने के लिए गए थे। जिस गाड़ी में वो सवार थे, वो गाड़ी घाटी में बेकाबू होकर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में परिवार के मुखिया अरविंद चंद्राकर, पत्नी पिंकी चंद्राकर और उनके दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वक्त कार में कुल 8 लोग सवार थे। हादसे में सभी की जान चली गई।
भिलाई से परिजन हिमाचल के लिए हुए रवाना
हादसे के बाद शवों को निकालने के लिए मानव – श्रृंखला बनाई गई और शवों को खाई से बाहर निकाला गया। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में घंटों का वक्त लगा। हादसे में मरने वालों की पहचान होते ही हिमाचल पुलिस ने घटना की जानकारी अरविंद चंद्राकर के परिवार वालों को दी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और मोहल्ले में कोहराम मच गया। हिमाचल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मृतक अरविंद चंद्राकर के परिजन हिमाचल के लिए रवाना हो गए हैं।
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने दुर्ग प्रवास के दौरान आज भिलाई स्थित लोकांगन परिसर पहुंचकर वैशाली नगर विधायक श्री रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय दिनेश सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय सेन के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर विधायक रिकेश सेन एवं शोक संतप्त परिजनों से आत्मीय मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में परिवार को धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी प्रियजन का वियोग जीवन की ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकती।
उन्होंने स्वर्गीय दिनेश सेन के निधन को परिवार एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा गणमान्यजन उपस्थित थे।
रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज यहां समापन करते हुए सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में आम को बहुत पवित्र माना गया है। भारतीय जनमानस में आम का एक विशिष्ट स्थान है आम के फल से लेकर पत्ते और लकड़ी तक का धार्मिक अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों में बड़ा महत्व है। पहले हर गांव में जन सहयोग से अमराई (आम का बगीचा) लगाने की परंपरा थी जो समय के साथ-साथ धीरे धीरे विलुप्त हो रही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि गांवों में अमराई लगाने की पंरपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर, संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी तथा प्रकृति की ओर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में 29 से 31 मई तक आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का आज समापन हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर थे। समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने की। समापन समारोह में आम महोत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी के अंतर्गत आम की व्यवसायिक किस्में, संकर किस्में, विशिष्ट किस्में, एक्जोटिक किस्में एवं अन्य देशी किस्में श्रेणियों में शामिल प्रादर्शाें को प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा सांत्वना पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव एक अनोखा और सफल आयोजन रहा, जिसमें देश भर के 400 से अधिक कृषक प्रतिभागियों द्वारा आम की 250 विभिन्न किस्मों के लगभग दो हजार प्रादर्श छत्तीसगढ़वासियों के अवलोकनार्थ रखे गए थे। इस आम महोत्सव को रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोगों का प्यार मिला और तीन दिनों तक आमों की इतनी सारी और विविध किस्मों को दखने के लिए दर्शक उमड़े रहे। तीन दिनों के आयोजन के दौरान 20 से 25 लाख रूपये के आम एवं पौधों की बिक्री होना आयोजन की सफलता को दर्शाता है। उन्होंने इस सफल आयोजन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों एवं कृषकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा संचालनालय उद्यानिकी एवं प्रकृति की ओर संस्था की सहयोग से विगत तीन वर्षों में लगातार तीसरी बार तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव आयोजित किया गया, जिसे आम नागरिकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। उन्होंने कहा कि आम महोत्सव में लगाई गई आम प्रदर्शनी को देखने हजारों लोग आए। महोत्सव के दौरान आम की किस्मों तथा व्यंजनों पर केन्द्रित विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। डॉ. चंदेल ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी वर्ष इस आम महोत्सव को और भी भव्य तथा विस्तृत रूप में आयोजित किए जाएंगे। डॉ. चंदेल ने बताया कि छत्तीसगढ़ की आबोहवा आम की खेती के लिए काफी उपयुक्त है। राज्य के 46 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में से लगभग ढ़ाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फलों की खेती की जा रही है, जिसमें एक लाख हेक्टेयर रकबे में आम का उत्पादन हो रहा है। आम से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हेतु भी पुरस्कार प्रदान किये गये। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने वाली उत्कृष्ट संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया।
समापन समारोह में राष्ट्रीय आम अनुसंधान संस्थान लखनऊ के पूर्व निर्देशक प्रसिद्ध आम वैज्ञानिक डॉ शैलेन्द्र राजन, वभागाध्यक्ष खाद्य विज्ञान एवं पोस्ट हार्वेस्ट टेक्लनोलॉजी (आईसीएआर) डॉ. दिनेश कुमार, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी तथा प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वर्ल्यानी मौजूद थे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील कृषक प्रतिभागी, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, विभिन्न कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों के कृषि वैज्ञानिक, किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आम महोत्सव में 29 से 31 मई, 2026 तक विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिसमें किसानों द्वारा उत्पादित आम की व्यावसायिक किस्मों के अंतर्गत दशहरी, लंगडा, बाम्बे ग्रीन, चौसा, मालदा, हिमसागर, सुन्दरजा, केसर, अलफान्सो, तोतापरी, नीलम, बैगनफल्ली, पैरी, सिन्दूरी, फज़ली आदि किस्मों की प्रतियोगिता आयोजित की गई। संकर किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत मल्लिका, आम्रपाली, पूसा अरूणिमा, अम्बिका, रत्ना, सिंधु, अर्का पुनीत किस्मों को शामिल किया गया है। विशिष्ट किस्मों की प्रतियोगिता के अंतर्गत हाथीझुल, नूरजहां, लड्डु, गुलाब खास किस्मों के उत्पादक भी भाग ले रहे हैं। एक्जोटिक (आयातित किस्म) की प्रतियोगिता में मियाजाकी, टॉमी एटकिन्स एवं गोल्डन नगेट्स किस्मों को शमिल किया गया।
उल्लेखनीय है कि इस आम महोत्सव में आम से बने विभिन्न व्यंजनों की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गई। आम की सजावट प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थी, महिलाएं तथा अन्य सामान्यजन ने भी भागीदारी की। आम महोत्सव के दौरान आम पर केंद्रित मैंगो क्विज़, मैंगो, फैंसी ड्रेस आदि प्रतियोगिताएं भी अयोजित की गई। इसके अलावा प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर आम से निर्मित उत्पादों की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागी आम से निर्मित उत्पाद – नेक्टर/आर.टी.एस., शर्बत, पना, आम के अचार, आम की चटनी, आम पापड़, आमरस, जैम एवं मिठाई आदि व्यंजनों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आम महोत्सव में प्रतिभागियों हेतु आम आधारित मॉडल एवं बोनसाई, आम आधरित सजावट प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से आम की ग्यारह गुठलियाँ लाने वाले व्यक्तियों को एक उन्नत किस्म के आम का पौधा दिया गया। प्रसिद्ध शेफ आकांक्षा रॉय ने आम के व्यंजन बनाना सिखाया। महोत्सव के तीनों दिन कृषि विशेषज्ञों द्वारा आम उत्पादक किसानों के लिए आयोजित तकनीकी सत्रों में आम उत्पादन प्रौद्योगिकी पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। आम उत्पादक किसानों को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
रायपुर: वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी 1 जून को रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे सड़क, पहुंच मार्ग, मिनी स्टेडियम एवं अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्री चौधरी दोपहर 3:30 बजे मिडमिडा में हाई स्कूल पहुंच मार्ग के भूमिपूजन एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके पश्चात शाम 4:15 बजे त्रिभोना में त्रिभोना से कोड़पाली पहुंच मार्ग एवं सड़क निर्माण कार्य के भूमिपूजन तथा सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेंगे।
शाम 5:00 बजे वे तुरंगा में मिनी स्टेडियम, शेड एवं सीसी सड़क लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 5:45 बजे कोतासुरा में गोतमा-कोतासुरा मार्ग के लोकार्पण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
अपने प्रवास के दौरान वित्त मंत्री श्री चौधरी शाम 6:30 बजे कोंडातराई पहुंचेंगे, जहां वे पुसौर-सुरजगढ़ मार्ग के भूमिपूजन, शेड, सीसी सड़क एवं यात्री प्रतीक्षालय के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होकर क्षेत्रवासियों को विकास कार्यों की सौगात देंगे। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय नागरिक एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहेंगे
गरियाबंद। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत छुरा के ग्राम पंचायत करकरा में सरपंच के 01 रिक्त पद के लिए 01 जून 2026 को उप निर्वाचन होना है। उप चुनाव नियत होने के कारण निर्विघ्न एवं निष्पक्षतापूर्वक निर्वाचन संपन्न कराने के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी बीएस उइके ने मतदान क्षेत्र की सीमा से लगे 02 किलोमीटर की दूरी पर खड़मा के विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान को मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व शराब दुकान बंद करने के लिए शुष्क दिवस घोषित किया है।
इस दौरान शुष्क दिवस में किसी भी अधिकृत एवं अनाधिकृत स्थानों से मदिरा का अवैध निर्माण, आधिपत्य परिवहन, क्रय-विक्रय, भण्डारण तस्करी न हो इस पर पूर्ण नियंत्रण रखने के निर्देश दिए है। साथ ही शिकायत प्राप्त होने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।
बिलासपुर। जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र सनसनी खेज मामला सामने आया है। अरपा नदी में एक अज्ञात युवक की सड़ी-गली लाश पानी में तैरती हुई मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। नदी के आसपास से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने जब शव को पानी में तैरते हुए देखा, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही सरकंडा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों और समय का खुलासा हो पाएगा।
जशपुर । जिले में शासन की महत्वाकांक्षी शैक्षणिक योजना में फर्जीवाड़ा कर अनुचित लाभ लेने का मामला सामने आया है। पत्थलगांव पुलिस ने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनाकर अपनी पुत्री का निःशुल्क प्रवेश कराने वाले एक शासकीय शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार ग्राम जामझोर निवासी चमर साय पैकरा (41 वर्ष), जो एक शासकीय शिक्षक है, ने अपनी वास्तविक आय छिपाकर मात्र 75 हजार रुपये वार्षिक आय का प्रमाण पत्र बनवाया। इसके साथ ही उसने मिथ्या शपथ पत्र प्रस्तुत कर अपनी पुत्री का प्रवेश पंडित जवाहरलाल नेह
रायपुर। सोशल मीडिया पर हुई एक दोस्ती महालेखाकार कार्यालय में पदस्थ एक अकाउंटेंट को लाखों रुपये की चपत लगा गई। फेसबुक पर युवती बनकर बातचीत करने वाले साइबर ठग ने पहले दोस्ती की, फिर क्रिप्टोकरेंसी निवेश में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर 16 लाख रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दे दिया। मामले में विधानसभा थाना पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित की फेसबुक पर एक युवती के नाम से संचालित प्रोफाइल से दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और आरोपी ने विश्वास हासिल कर लिया। कुछ समय बाद युवती ने खुद को निवेश की जानकार बताते हुए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की सलाह दी।
जशपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। तपकरा थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग घटनाओं में कुल 27 मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद प्रभावित गांवों में शोक और चिंता का माहौल है, जबकि पशुपालकों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, तपकरा थाना क्षेत्र के अमडीहा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से 12 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी घटना पुराईनबंध गांव में हुई, जहां वज्रपात की चपेट में आने से 12 बकरियों और 3 अन्य मवेशियों की जान चली गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान पशु खुले क्षेत्र में मौजूद थे, तभी अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और बड़ी संख्या में पशु उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों द्वारा मृत पशुओं का पंचनामा तैयार कर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद शासन के नियमानुसार सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। घटना से प्रभावित पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालन ही उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है, ऐसे में अचानक इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत से उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। गौरतलब है कि इन दिनों छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मौसम विभाग ने भी कई जिलों में वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह जारी की है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2026 की फसलों (धान, दलहन, तिलहन आदि) के लिए सेवा सहकारी समितियों और कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद व प्रमाणित बीजों का वितरण किया जा रहा है। इस बार पारंपरिक खादों के साथ-साथ वैकल्पिक उर्वरकों, जैसे नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही, उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
नैनो डीएपी से सुधरी फसलों की सेहत-किसान पवित्र सरकार
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड बलरामपुर के ग्राम संतोषीनगर निवासी किसान पवित्र सरकार ने सहकारी समिति बरदर की व्यवस्थाओं की सराहना की है। ढाई एकड़ कृषि भूमि के स्वामी पवित्र सरकार ने बताया कि उन्होंने खरीफ सीजन की तैयारी के लिए समिति से यूरिया और नैनो डीएपी प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी के उपयोग से फसलों को जरूरी पोषक तत्व प्रभावी रूप से मिलते हैं, जिससे पौधों की शुरुआती वृद्धि बहुत अच्छी होती है। कम मात्रा में इस्तेमाल होने के बावजूद इसका असर बेहतरीन रहता है, जिससे लागत कम होती है और ले जाने में भी सुविधा रहती है। उन्होंने आगे कहा कि समिति में खाद वितरण की प्रक्रिया बेहद सरल और सुव्यवस्थित थी, जिससे उन्हें किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा
मुख्यमंत्री की सर्वाेच्च प्राथमिकता-खेती-किसानी की बेहतरी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों को समृद्ध और खेती को सुगम बनाना है। मुख्यमंत्री के मंशानुरूप राज्य में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भंडारण और वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए, ताकि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर सामग्रियां मिल सकें।
जिला प्रशासन की पैनी नजर- 37 समितियों में सुचारू वितरण
बलरामपुर की कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जिले की सभी 37 सहकारी समितियों में खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण और सुव्यवस्थित वितरण सुनिश्चित किया गया है। शासन द्वारा निर्धारित पारदर्शी व्यवस्था के तहत ही किसानों को कृषि सामग्रियां दी जा रही हैं।खरीफ फसल की बुवाई से पहले ही पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है और जिला प्रशासन द्वारा इसकी कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है।
समय पर कृषि आदानों (खाद-बीज) की उपलब्धता से जिले के किसानों का उत्साह बढ़ा है और आगामी खरीफ सीजन में बंपर पैदावार की उम्मीद मजबूत हुई है। इसके लिए स्थानीय किसानों ने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों के तहत बिलासपुर जिले में मोर गांव, मोर तरिया अभियान को तेजी से अमलीजामा पहनाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ गांवों में जल सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण की एक मजबूत नींव भी तैयार हो रही है। राज्य सराकर के जल संरक्षण अभियान को एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मानसून से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य, मस्तूरी में काम तेज
अभियान के तहत बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत मस्तूरी की ग्राम पंचायत बोहारडीह में नवीन तरिया (तालाब) निर्माण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रशासन ने आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत वर्षाकाल शुरू होने से पहले निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि आगामी सीजन में वर्षा जल का अधिकतम संचयन सुनिश्चित किया जा सके।
जिले में 38 नवीन तालाबों को मिली मंजूरी
जल संकट के स्थाई समाधान के लिए जिले में व्यापक स्तर पर जल संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले में कुल 38 नवीन तरिया (तालाब) निर्माण कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इन सभी स्वीकृत तालाबों का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि वर्षाकाल में पानी रोकने की मजबूत व्यवस्था विकसित हो। इन तालाबों के निर्माण से क्षेत्र के भू-जल स्तर में सुधार होगा, फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, मवेशियों के लिए निस्तारी की सुविधा होगी और गर्मियों में होने वाले जल संकट से मुक्ति मिलेगी।
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर मिल रहा रोजगार
मोर गांव, मोर तरिया अभियान दोहरे लाभ के साथ ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इन निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों को नियोजित किया गया है। गांवों में तालाबों के रूप में स्थाई जल संपदा का निर्माण हो रहा है। श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से पलायन पर रोक लगी है और उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।
गुणवत्ता पर विशेष नजर
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सभी निर्माण स्थलों की सतत मॉनिटरिंग (निगरानी) की जा रही है, जिससे कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे किए जा सकें।
00 विश्व बाल सुरक्षा दिवस पर बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और खुशहाल वातावरण सुनिश्चित करने की अपील
रायपुर। विश्व बाल सुरक्षा दिवस 1 जून के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया है।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र की सबसे अमूल्य धरोहर होते हैं। उनका सुरक्षित, स्वस्थ और स्नेहपूर्ण वातावरण में विकास होना एक मजबूत और संवेदनशील समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों के प्रति हिंसा, उपेक्षा और शोषण की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं, जिन पर रोक लगाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। बच्चों की मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक आवश्यकताओं को समझते हुए ऐसा सकारात्मक वातावरण तैयार करना आवश्यक है, जहां वे निर्भय होकर अपने सपनों को साकार कर सकें। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि हर बच्चे की मुस्कान उसके सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन से जुड़ी होती है। यदि समाज बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग रहेगा, तभी आने वाली पीढ़ी आत्मविश्वासी, शिक्षित और संस्कारित बन सकेगी।
उन्होंने विश्व बाल सुरक्षा दिवस के अवसर पर सभी नागरिकों से यह संकल्प लेने की अपील की कि हर बच्चे को सुरक्षित बचपन, बेहतर शिक्षा, स्नेह और संरक्षण प्रदान करने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे, ताकि प्रदेश और देश का भविष्य मजबूत एवं उज्ज्वल बन सके।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले के गौरेला थाना क्षेत्र स्थित ग्राम लालपुर से घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना का मामला सामने आया है। जहां एक विवाहिता ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज में मोटरसाइकिल की मांग को लेकर लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना देने तथा गर्भावस्था के दौरान बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का दावा है कि पति की बर्बरता के कारण उसके नवजात बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता मीना पुरी (25) ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि ग्राम लालपुर निवासी सोनू पुरी के साथ उसका प्रेम प्रसंग था। 15 जून 2022 को सोनू उसे अपने घर ले गया था। इसके बाद 5 जून 2023 को दोनों का सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह हुआ।
मीना के अनुसार शादी के लगभग एक वर्ष बाद से उसके पति सोनू पुरी, सास राधाबाई और ससुर सोनसाय ने दहेज में मोटरसाइकिल की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी नहीं होने पर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि तीनों उसके साथ गाली-गलौज करते थे और अक्सर मारपीट भी करते थे।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि गर्भवती होने के बाद भी उसके साथ होने वाली प्रताड़ना नहीं रुकी। आवेदन के मुताबिक 11 अप्रैल 2026 को पति सोनू पुरी ने उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। आरोप है कि मारपीट के दौरान वह उसके पेट पर बैठ गया, जिससे वह बेहोश हो गई।
मीना का कहना है कि घटना के बाद गर्भ में पल रहे बच्चे की हलचल बंद हो गई और उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। इसके बावजूद उसे समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका।
पीड़िता की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर 15 अप्रैल 2026 को उसे जिला अस्पताल गौरेला में भर्ती कराया गया, जहां उसने एक बेटे को जन्म दिया। हालांकि जन्म के समय ही बच्चे की हालत गंभीर थी।
डॉक्टरों ने नवजात को बेहतर इलाज के लिए तत्काल बिलासपुर रेफर कर दिया। बिलासपुर के शिशु अस्पताल में करीब 10 दिनों तक उसका उपचार चला, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद मासूम को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान नवजात की मौत हो गई।
मीना पुरी ने अपने पति सोनू पुरी, सास राधाबाई और ससुर सोनसाय को प्रताड़ना तथा अपने नवजात बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पीड़िता अपने पिता के साथ गौरेला थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर: मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले को तकनीकी विकास, नवाचार और रोजगार के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए आज सिविल लाइन्स दुर्ग स्थित अत्याधुनिक आईटी पार्क का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह आईटी पार्क छत्तीसगढ़ के युवाओं के सपनों, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भर भविष्य की नई शुरुआत का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने वाला बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई और राज्य शासन के सहयोग से निर्मित यह आईटी पार्क युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनेगा।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में लगभग 40 आईटी कंपनियां यहां कार्यरत हैं तथा 100 से अधिक कंपनियों ने भविष्य में यहां अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सुशासन सरकार द्वारा पिछले वर्ष की गई घोषणा आज धरातल पर साकार हुई है, जो राज्य सरकार की प्रतिबद्धता, त्वरित क्रियान्वयन और विकासोन्मुख सोच का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब केवल खनिज और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, सूचना प्रौद्योगिकी और नवाचार आधारित विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुर्ग-भिलाई क्षेत्र शिक्षा, उद्योग और प्रतिभा का मजबूत केंद्र रहा है तथा आईटी पार्क की स्थापना से यह क्षेत्र तकनीकी नवाचार, डिजिटल सेवाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का उभरता हुआ हब बनेगा। इससे स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना अपने ही क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर प्राप्त होंगे।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी अधोसंरचना को नई गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन के मध्य एमओयू के माध्यम से इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया है तथा प्रारंभिक चरण में 40 कंपनियों ने यहां कार्य प्रारंभ करने की सहमति दी है।

उल्लेखनीय है कि लगभग 3,900 वर्गमीटर भूमि पर विकसित इस आधुनिक आईटी पार्क का कुल निर्मित क्षेत्रफल 2,907.26 वर्गमीटर है। परिसर में 40 बड़े कार्यालय कक्ष, पांच विशाल हॉल, मैस तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरे परिसर को बाउंड्रीवॉल से संरक्षित किया गया है। एमओयू के तहत देश की विभिन्न 40 आईटी कंपनियों ने यहां अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है। यह परियोजना जिले में रोजगार सृजन, कौशल विकास, तकनीकी निवेश और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने कहा - जनता के बीच पहुंचकर सरकार दे रही अपने काम का रिपोर्ट कार्ड
251 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और नगरीय अधोसंरचना को मिलेगी नई गति
दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन निर्माण की घोषणा
रायपुर 31 मई 2026/ सुशासन केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता के बीच जाकर अपने कार्यों का हिसाब दे, उनकी समस्याएं सुने और समाधान सुनिश्चित करे। इसी सोच के साथ राज्य सरकार सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन के बीच पहुंचकर अपना रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज दुर्ग जिले के स्वर्गीय झाड़ूराम देवांगन शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मैदान में आयोजित सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 739 करोड़ 38 लाख रुपए की लागत के विकास कार्यों की सौगात देते हुए 251 लोककल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 362 करोड़ 46 लाख रुपए की लागत के 98 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 376 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत के 153 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन
एवं शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजनाएं दुर्ग जिले के विकास को नई दिशा देने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएंगी।
मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग में सर्वसुविधायुक्त संयुक्त जिला कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि बेहतर प्रशासनिक अधोसंरचना से नागरिक सेवाओं में और अधिक पारदर्शिता, दक्षता और सुविधा सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक मई से प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन निरंतर जारी है और 10 जून तक राज्य के सभी 33 जिलों में यह अभियान संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आयोजित समाधान शिविरों के माध्यम से न केवल समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है, बल्कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी सीधे उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और कहा कि शासन अब कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता तक पहुंचकर सेवा देने की दिशा में कार्य कर रहा है। शिविर में युवाओं के ड्राइविंग लाइसेंस, मत्स्यपालकों को जाल वितरण, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, महिला समूहों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, आवास स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार ने राज्य में 18 लाख गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया था और खुशी की बात है कि सभी स्वीकृतियां जारी कर दी गई हैं। अब शीघ्र ही सभी आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने मातृशक्ति के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना लागू की है, जिसके तहत माताओं और बहनों के खातों में प्रतिमाह एक-एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक आत्मविश्वास परिवार और समाज दोनों को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण छत्तीसगढ़ लंबे समय से झेल रहे नक्सलवाद के दंश से निर्णायक रूप से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास, विश्वास और नए अवसरों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने नेतानार में स्थापित सेवा डेरा का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां ग्रामीणों और आदिवासियों को इमली प्रसंस्करण, ढेकी चावल, सिलाई और अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की सराहना करते हुए कहा कि बेमेतरा विधायक श्री दीपेश साहू द्वारा सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से परिणय सूत्र में बंधना समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश है। उन्होंने इसे सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक जनभागीदारी का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं का विस्तार कर रही है। उन्होंने बिजली समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को राहत, सुविधा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता देने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है, ताकि नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि इसके लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ ही 112 हेल्पलाइन के माध्यम से पुलिस, एम्बुलेंस, अग्निशमन एवं महिला सहायता सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं और बारहवीं परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले दुर्ग जिले के विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यही युवा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की आधारशक्ति हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज लोकार्पित आईटी पार्क दुर्ग के युवाओं के लिए रोजगार, नवाचार और तकनीकी अवसरों का नया द्वार खोलेगा। उन्होंने इसे जिले के आर्थिक और तकनीकी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने दुर्ग शहर में नालंदा परिसर और छात्रावास निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण मिलेगा और यहां से आईएएस, आईपीएस जैसे उच्च सेवाओं में चयनित होने वाले युवाओं की नई पीढ़ी तैयार होगी।
उन्होंने इंदिरा मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के भूमिपूजन को शहर के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे यातायात दबाव कम होगा, पार्किंग व्यवस्था सुदृढ़ होगी और व्यापारिक गतिविधियों को सुविधा मिलेगी।
समारोह को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने मुख्यमंत्री साय का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दुर्ग जिले को मिली 739 करोड़ रुपए से अधिक की विकास सौगात आने वाले समय में विकास का नया अध्याय लिखेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वामित्व योजना, लखपति दीदी, आयुष्मान भारत, महिला कोष ऋण योजना, आदिवासी छात्र प्रोत्साहन, मत्स्य विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास और कल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
सुशासन तिहार में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, विधायक ईश्वर साहू, अध्यक्ष तेलघानी बोर्ड जितेन्द्र साहू, खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, संभागायुक्त एस.एन. राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
कोरबा। जिले के पाली थाना क्षेत्र में शनिवार शाम तेज आंधी-तूफान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े तीन युवकों की पेड़ की भारी डाल गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना चोरका दांड गांव की है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार को सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ था। जिले के विभिन्न इलाकों में तेज बारिश और आंधी-तूफान देखा गया। शाम करीब 5 बजे पाली क्षेत्र में भी मौसम अचानक खराब हो गया और तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई।
इसी दौरान चोरका दांड गांव के तीन युवक शिवराम टेकाम (14 वर्ष), कमलेश बड़ा (18 वर्ष) और दिनेश तिर्की (17 वर्ष) कहीं से लौट रहे थे। तेज बारिश और आंधी से बचने के लिए तीनों एक बड़े पेड़ के नीचे रुक गए।
पेड़ के नीचे खड़े होने के कुछ ही देर बाद तेज आंधी के कारण पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर तीनों के ऊपर गिर गई। डाल इतनी भारी थी कि तीनों उसके नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों ने तुरंत डाल को हटाया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
इसी दौरान चोरका दांड गांव के तीन युवक शिवराम टेकाम (14 वर्ष), कमलेश बड़ा (18 वर्ष) और दिनेश तिर्की (17 वर्ष) कहीं से लौट रहे थे। तेज बारिश और आंधी से बचने के लिए तीनों एक बड़े पेड़ के नीचे रुक गए।
पेड़ के नीचे खड़े होने के कुछ ही देर बाद तेज आंधी के कारण पेड़ की एक बड़ी डाल टूटकर तीनों के ऊपर गिर गई। डाल इतनी भारी थी कि तीनों उसके नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया। ग्रामीणों ने तुरंत डाल को हटाया, लेकिन तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
कवर्धा। जिले के पांडातराई थाना क्षेत्र से हत्या का मामला सामने आया है। जहां सोढ़ा गांव के नाले के पास एक बोरी में युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम प्रसंग के चलते युवक की बेरहमी से हत्या की गई और पहचान छिपाने के लिए शव के कई टुकड़े कर बोरी में भरकर नाले के किनारे फेंक दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सोढ़ा गांव के ग्रामीणों ने नाले के पास तेज दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब संदिग्ध बोरी की जांच की तो उसके अंदर एक युवक का शव कई टुकड़ों में मिला। पुलिस ने शव की पहचान बैहरसरी निवासी कोमल वर्मा के रूप में की। बताया गया कि 28 मई को परिजनों ने पोड़ी चौकी में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। जांच के दौरान पता चला कि मृतक का गांव की ही एक महिला से प्रेम संबंध था। इसी बीच महिला के पति ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इससे नाराज पति ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर कोमल वर्मा की हत्या की साजिश रची और उसे मौत के घाट उतार दिया।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए उसके कई टुकड़े किए और उन्हें बोरी में भरकर सोढ़ा गांव के नाले के पास फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रामस्नेही और उसकी पत्नी मंदाकिनी वर्मा पोड़ी चौकी पहुंचे और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की पूरी घटना कबूल कर ली।
पुलिस ने आरोपी दंपति को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पांडातराई थाना और पोड़ी चौकी पुलिस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देश के कई विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर मल्हार का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर जिले के मल्हार में मिली पांडु वंश की तीन दुर्लभ ताम्रपट्टिकाओं का जिक्र करते हुए इसे देश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पीएम मोदी ने कहा कि ‘इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा भी है। इसलिए आज मैं इससे जुड़ी कुछ बातें आपसे साझा करना चाहता हूं। इनमें 21 बड़ी और तीन छोटी ताम्र पट्टिकाएं हैं। ये मुख्य रूप से राजा राजेंद्र चोला-प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राजराजा चोला के एक वचन को पूरा करने से जुड़ी हैं। इनमें आनइमंगलम् गांव को एक बौद्ध विहार को दान देने का उल्लेख है। इन ताम्र पट्टिकाओं में चोला वंश की उपलब्धियों का भी वर्णन मिलता है। इनसे पता चलता है कि चोला साम्राज्य की समुद्री शक्ति कितनी मजबूत थी। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ उनके संबंधों की जानकारी भी इनमें मिलती है।’
‘चोला साम्राज्य के समृद्ध इतिहास और संस्कृति पर हम सभी को बहुत गर्व है। साथियो, हमारी सरकार भारत की ऐसी अमूल्य धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के मल्हार में भी एक महत्वपूर्ण खोज हुई है। यहां तीन दुर्लभ ताम्र पट्टिकाएं मिली हैं। ये पांडुवंशी राजवंश के महर्षि बालार्जुन के शासनकाल से जुड़ी मानी जा रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये inscriptions छठी-सातवीं सदी के हैं यानि चौदह-सौ, पंद्रह-सौ साल पुराने ये ताम्र पट्टिकाएं प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई हैं। इनसे उस समय की शासन-व्यवस्था, धर्म और संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।’
00 भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णत: संकल्पित है
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) और लखपति दीदी योजना के तहत मिल रही युगान्तरकारी सफलताओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति गहरा आभार व धन्यवाद प्रकट किया है।
देव ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अंत्योदय के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। हर गरीब को पक्का घर देने के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को राज्य में जिस तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है, वह बेहद सराहनीय है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की केंद्रीय और राज्यांश राशि जारी करना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का रिकॉर्ड गति से निर्माण होना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 10.60 लाख से अधिक आवास सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन की सरकार गरीबों के कल्याण के लिए पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से कार्य कर रही है। देव ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए पक्के आवास उपलब्ध कराने का साय सरकार का यह प्रयास अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय कदम है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ में रोजाना 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 8,46,931 नए आवासों की बड़ी स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 10 हजार से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। देव ने कहा कि राज्य में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं और सरकार ने 10 लाख बहनों को इस श्रेणी में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही लखपति दीदी योजना की सराहना करते हुए देव ने कहा कि आवास निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े हजारों समूहों के माध्यम से अकेले निर्माण क्षेत्र से ही 10 हजार से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णत: संकल्पित है।
देव ने इन शानदार उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त कर्मठ जनता, हितग्राही परिवारों और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर मातृशक्ति को बधाई दी है। देव ने विश्वास जताया कि साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के नित नए मापदण्ड स्थापित करता रहेगा।
00 पीएम मोदी ने युवा धावक अनिमेष की ऐतिहासिक उपलब्धि और मल्हार की सांस्कृतिक धरोहर का किया उल्लेख
00 मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का मन की बात छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मन की बात आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडिय़ों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोडऩे के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।
साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढिय़ों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का मन की बात एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत - सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे।
00 लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में हुए शामिल
रायपुर। राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा रविवार को कबीरधाम जिले के ग्राम राम्हेपुर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा उनके आदर्शों और लोककल्याणकारी कार्यों को स्मरण किया।
समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण शासन, जनसेवा, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। अहिल्याबाई होलकर ने न केवल मालवा क्षेत्र को समृद्ध और सुशासित बनाया, बल्कि देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और जनहित के निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आस्था को सशक्त आधार प्रदान किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन महिला सशक्तिकरण, सुशासन, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धैर्य, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए समाज के लिए आदर्श स्थापित किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया और अपने शासनकाल में न्याय, समानता एवं लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर समाज के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल धनकर, विदेशी राम धुर्वे, जिलाध्यक्ष भाईराम पाली, मिलू साहू सहित जनप्रतिनिधिगण, गडरिया समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
-सहकारिता विभाग में सम्मान समारोह आयोजित, अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं
रायपुर-आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ महादेव कावरे (आईएएस) के सेवानिवृत्त होने पर नवा रायपुर में भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ एवं अपेक्स बैंक एम्प्लाइज यूनियन द्वारा आयोजित इस समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व तथा जनहितकारी कार्यों को स्मरण करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।
बीजापुर जिले के मूल निवासी महादेव कावरे की प्रारंभिक शिक्षा बीजापुर में हुई। उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों से की और रक्षा, रेलवे तथा राज्य प्रशासनिक सेवा में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। वे एसडीएम, एनआरडीए महाप्रबंधक, बेमेतरा एवं जशपुर के कलेक्टर तथा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
इसके अलावा उन्होंने सचिव आवास एवं पर्यावरण, सचिव आबकारी, गृह विभाग तथा संचालक कोष एवं लेखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सहकारिता विभाग में उनके कार्यकाल को पारदर्शिता, नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।
सम्मान समारोह में सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के.एन. कांडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने कावरे के प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।
रायपुर। रायपुर जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रातभर अभियान चलाया। कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक खनि प्रशासन राजेश मालवे और सहायक खनि अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम ने अवैध परिवहन कर रहे 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया। जानकारी के अनुसार 6 हाइवा अवैध रेत परिवहन करते पाए गए, जो नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लोड कर ला रहे थे, जबकि तुमगांव से 2 हाइवा अवैध रूप से बोल्डर परिवहन करते पकड़े गए।
जांच के दौरान वाहन चालकों के पास खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद सभी वाहनों को जब्त कर उपरवारा थाना और माना थाना के सुपुर्द किया गया। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कार्रवाई में सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा के साथ सैनिक लुकेश वर्मा, अज्जू मानिकपुरी और दयाराम साहू की अहम भूमिका रही। विभाग का कहना है कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
कवर्धा । कवर्धा जिले के पांडातराई थाना क्षेत्र में सामने आए एक खौफनाक हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। सोंढा गांव के एक खेत में बोरी के अंदर युवक का कई टुकड़ों में कटा शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने खेत की ओर से तेज बदबू आने पर जब आसपास तलाश की तो एक संदिग्ध बोरी दिखाई दी। शक होने पर इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पांडातराई थाना पुलिस ने जब बोरी खोली तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। बोरी में युवक का क्षत-विक्षत शव कई हिस्सों में कटा हुआ पड़ा था, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने हत्या के बाद पहचान छिपाने के इरादे से शव के टुकड़े कर खेत में फेंक दिया।
जांच के दौरान मृतक की पहचान बैहरसरी निवासी कोमल वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फारेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का माना जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ मृतक के संपर्कों और पुरानी रंजिशों की भी जांच कर रही है।इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों के बीच हत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।





























