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CG Train : ट्रेन से सफर करने वालों के लिए बड़ा अपडेट, यात्रा से पहले जरूर देख लें ये खबर

CG Train : ट्रेन से सफर करने वालों के लिए बड़ा अपडेट, यात्रा से पहले जरूर देख लें ये खबर

 बिलासपुर। रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है। चक्रधरपुर मंडल में रेलवे ट्रैक के नवीनीकरण का काम शुरू होने जा रहा है। इसके चलते अलग-अलग तारीखों में ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होगी। रेलवे ने काम को देखते हुए कुछ ट्रेनों को रद्द करने और कुछ के संचालन में बदलाव करने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था 24 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी।

चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक से जुड़े नवीनीकरण कार्य को पूरा करने के लिए रेलवे की ओर से मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार और शुक्रवार को काम किया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान रेल यातायात को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए कई ट्रेनों के फेरे रोकने और कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक रास्ते से चलाने का निर्णय लिया गया है।

इस दौरान टाटानगर-एनएससीबी इतवारी एक्सप्रेस, नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस, सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस और सांतरागाछी-पुणे हमसफर एक्सप्रेस की सेवाएं अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी। पुणे-सांतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस का परिचालन भी निर्धारित तिथियों में प्रभावित रहेगा।

टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस की सेवाएं नवंबर की 24 और 27 तारीख से लेकर जनवरी 2027 की 15 तारीख तक तय कार्यक्रम के अनुसार प्रभावित होंगी। वहीं नांदेड़-सांतरागाछी और सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस के फेरे भी नवंबर से जनवरी के बीच कई तारीखों पर रद्द किए गए हैं।

रेलवे ने दो ट्रेनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किया है। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस को निर्धारित दिनों में ईब, झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर सिटी और कटक के रास्ते पुरी ले जाया जाएगा। दूसरी ओर आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से कांद्रा और सीनी होकर दुर्ग पहुंचेगी।

अगर आपकी यात्रा नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच है, तो टिकट बुक करने या यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन का संचालन जरूर जांच लें। मेगा ब्लॉक के कारण किसी तारीख पर ट्रेन रद्द या डायवर्ट हो सकती है। रेलवे की ओर से जारी ताजा परिचालन जानकारी के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।

छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार, इफ्फत आरा को लोक आयोग तो राजेंद्र कटारा को मिली ये जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार, इफ्फत आरा को लोक आयोग तो राजेंद्र कटारा को मिली ये जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक कुमार अग्रवाल के अवकाश पर जाने के कारण उनके विभाग का अतिरिक्त प्रभार राजेंद्र कुमार कटारा को सौंपा गया है। वहीं इफ्फत आरा को सचिव, छत्तीसगढ़ लोक आयोग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

आईएएस दीपक कुमार अग्रवाल नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ एवं अतिरिक्त प्रभार सचिव, छत्तीसगढ़ लोक आयोग, 9 सितंबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक अवकाश पर हैं। उनकी अवकाश अवधि के दौरान आईएएस इफ्फत आरा विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ सचिव, छत्तीसगढ़ लोक आयोग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

इसके साथ ही आईएएस राजेंद्र कुमार कटारा विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार संचालक, आयुष एवं पंजीयक, फर्म एवं संस्थाएं को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

देखिए आदेश

युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें : मुख्यमंत्री साय

युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें : मुख्यमंत्री साय

 00 यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में युवाओं और स्टार्टअप उद्यमियों से किया सीधा संवाद

00 युवा शक्ति, नवाचार और स्टार्टअप्स की भागीदारी से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
00 मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान
00 नई औद्योगिक नीति से उद्यमिता को प्रोत्साहन, प्रदेश में अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव
00 कृषि और वन संपदा के वैल्यू एडिशन में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं
00 सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया अवलोकन
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमिता के बल पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाले बनें। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं, नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार युवाओं के विचारों को नवाचार और नवाचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए आवश्यक वातावरण, अधोसंरचना, तकनीकी सहयोग और प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों, युवा नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों को संबोधित करते हुए यह बात कही। 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का युवा केवल अवसर की प्रतीक्षा करने वाला युवा नहीं है, बल्कि अपनी प्रतिभा से नए अवसर गढऩे का सामर्थ्य रखता है। सरकार का दायित्व है कि उसके विचार को सही मंच, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और अनुकूल नीतिगत वातावरण मिले। इसी सोच के साथ राज्य में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
युवाओं के लिए 500 करोड़ रुपए की मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना
युवाओं के विचारों को व्यवसाय में बदलने में राज्य सरकार की भूमिका से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के बेटे-बेटियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति-2024 में भी नए उद्यमियों के लिए अनेक प्रोत्साहन रखे गए हैं। महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वर्गों की उद्यमिता को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर अधिक रोजगार सृजित करने वाले उद्योगों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से कहा कि वे नई औद्योगिक नीति का गंभीरता से अध्ययन करें और उसमें उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं। प्रदेश में नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, ताकि उद्योग लगाने के इच्छुक युवाओं और निवेशकों को अलग-अलग कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।

नई औद्योगिक नीति के बाद 8.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। निवेश की यह प्रक्रिया केवल प्रस्तावों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब परंपरागत उद्योगों के साथ-साथ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, ऊर्जा क्षमता, देश के मध्य में स्थित भौगोलिक स्थिति तथा लगातार मजबूत हो रही सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी निवेश और उद्यमिता के लिए छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को और सशक्त बना रही है।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की होगी निर्णायक भागीदारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देश के सामने रखा है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगभग 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से पूरा होगा। विशेष रूप से नई पीढ़ी को टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में आगे आना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम सहित महत्वपूर्ण मार्गों और अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाओं के विस्तार से छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंच और बेहतर होगी। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में मिलेगा।

किसान परिवार के अनुभव युवाओं से किए साझा
युवाओं के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने कृषक परिवार और गांव बगिया से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और स्वयं खेती-किसानी, हल चलाने तथा पशुपालन के कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसलिए कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के साथ उसमें छिपी संभावनाओं को भी वे निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है। आधुनिक तकनीक और नवाचार को कृषि से जोड़कर युवाओं के लिए उद्यमिता के व्यापक अवसर तैयार किए जा सकते हैं। कृषि के साथ जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य उभरते क्षेत्रों में युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग कर सकते हैं।
कृषि और वन संपदा के वैल्यू एडिशन में अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को खनिज, वन संपदा और कृषि जैव विविधता की अनुपम संपदा दी है। आवश्यकता इस बात की है कि इन संसाधनों का बेहतर वैल्यू एडिशन हो और उसका अधिक लाभ स्थानीय लोगों को मिले। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के वन क्षेत्रों में इमली, महुआ, सीताफल और औषधीय पौधों जैसी वनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इनके आधुनिक प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के माध्यम से युवा नए उद्यम खड़े कर सकते हैं। इससे वनांचल में स्थानीय स्तर पर रोजगार बढऩे के साथ वहां की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। एक युवा उद्यमी द्वारा सुगंधित चावल के निर्यात से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सही मायने में धान का कटोरा है। प्रदेश में जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसी अनेक विशिष्ट एवं सुगंधित धान की किस्में हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा धान की हजारों किस्मों का संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रहना है। प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात की पूरी श्रृंखला विकसित करनी होगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित स्टार्टअप्स के लिए भी नए बाजार एवं अवसर तैयार होंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं ने मुख्यमंत्री से खुलकर सवाल किए। स्टार्टअप फंडिंग से लेकर लोन में कोलेटरल की व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के सहयोग, रोजगार सृजन, हॉर्टिकल्चर विद्यार्थियों के कौशल के बेहतर उपयोग, सोशल मीडिया एवं इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम तथा प्रस्तावित फिल्म सिटी से पैदा होने वाले अवसरों तक अनेक विषय संवाद के केंद्र में रहे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ रोजगार और व्यवसाय की प्रकृति तेजी से बदल रही है। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं और बदलती तकनीक को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नई संभावनाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि असफलता से डरने के बजाय नए प्रयोग करने का साहस रखें। नया विचार तभी बदलाव का माध्यम बनता है, जब उसे परिश्रम, कौशल और उद्यमिता से जोड़ा जाए।

सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने यहां विकसित अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक उपकरणों और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सेंटर में स्थापित बायोसेफ्टी लेवल लैब, एनिमल कल्चर लैब, माइक्रोबियल सेल तथा प्लांट टिश्यू कल्चर लैब सहित विभिन्न आधुनिक प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। सेंटर में स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन स्पेस, ड्राई एवं वेट लैब, प्लग एंड प्ले ऑफिस, कॉमन इंस्ट्रूमेंटेशन लैब, एनालिटिकल टेस्टिंग तथा बेसिक से हाई-एंड उपकरणों की सुविधाएं विकसित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और स्टार्टअप्स के लिए केवल एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से एंटरप्राइज तक की यात्रा का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। यहां युवा अपने नवाचारी विचारों को अनुसंधान से आगे ले जाकर उपयोगी उत्पादों और सफल उद्यमों में बदल सकेंगे। इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स को मेंटरिंग, हैंडहोल्डिंग, तकनीक हस्तांतरण, उत्पाद विकास और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यार्थियों को डिसर्टेशन और इंटर्नशिप के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र अनुसंधान और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बनकर कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के इनोवेशन इकोसिस्टम को नई गति देगा।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत किया पौधरोपण
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत इन्क्यूबेशन सेंटर परिसर में मौलश्री का पौधा भी रोपा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोडऩे और अधिक से अधिक पौधरोपण एवं उनके संरक्षण का संदेश दिया।
एग्रीटेक से एआई और डीप-टेक तक नवाचारों का मंच बना कॉन्क्लेव
तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव में कृषि एवं एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स अपने नवाचारों, तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। कॉन्क्लेव के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योग जगत को एक साझा मंच मिला है, जहां नए विचारों को तकनीक, बाजार और निवेश से जोडऩे की संभावनाओं पर संवाद हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अवसर और सही मंच देने की है। सरकार युवाओं के सपनों और संकल्पों के साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और उद्यमिता के बल पर न केवल स्वयं आगे बढ़ेंगे, बल्कि हजारों दूसरे युवाओं के लिए रोजगार और अवसर भी पैदा करेंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा आगे बढ़ेंगे तो छत्तीसगढ़ आगे बढ़ेगा, और युवाओं के नवाचार को अवसर मिलेगा तो वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प और मजबूत होगा। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, युवा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

कृषि मंत्री नेताम के लगातार प्रयासों से छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्र की बड़ी सौगात, कृषि विकास के लिए मिले 181.99 करोड़

कृषि मंत्री नेताम के लगातार प्रयासों से छत्तीसगढ़ के किसानों को केंद्र की बड़ी सौगात, कृषि विकास के लिए मिले 181.99 करोड़

 00 केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने मंत्री नेताम को दी बधाई
रायपुर।
राष्ट्रीय कृषि मंत्रियों के सम्मेलन रबी अभियान 2026 के अवसर पर 28-29 सितंबर को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र और किसानों के हित में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 181.99 करोड़ रुपये की द्वितीय मद की राशि जारी किए जाने की जानकारी देते हुए मंत्री रामविचार नेताम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निरंतर प्रयासों से प्रदेश के किसानों को समृद्धि मिल रही है। भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को जारी 181.99 करोड़ रुपये में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 91.20 करोड़ रुपये तथा कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत 90.79 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस राशि से राज्य में कृषि से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा किसानों को इसका लाभ प्राप्त होगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने तथा राज्यों के साथ मिलकर कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस राशि का समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग करते हुए राज्य के किसानों तक इसका अधिकतम लाभ पहुंचाएगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के कृषि विकास और किसानों के हित में जारी इस राशि के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में कृषि क्षेत्र को नई गति मिल रही है। प्राप्त राशि का उपयोग कृषि क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने की दिशा में किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रबी अभियान 2026 के तहत देशभर के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन 28 एवं 29 सितंबर को आयोजित किया गया। सम्मेलन में कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों, किसानों के हित में संचालित योजनाओं तथा कृषि विकास की आगामी रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से सौजन्य मुलाकात हुई।

सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने मिशन मोड में करें काम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने मिशन मोड में करें काम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने की परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा

‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य के लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर तैयार करें विस्तृत कार्ययोजना

दुर्घटना की रोकथाम से लेकर घायल को समय पर उपचार तक मजबूत हो पूरी व्यवस्था : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार, परिवहन सुविधा से वंचित दूरस्थ अंचलों को प्राथमिकता से जोड़ने के निर्देश

कोंटा-जगरगुंडा जैसे दुर्गम क्षेत्र में मुख्यमंत्री बस सेवा से बदली तस्वीर, करीब 6 घंटे का सफर अब लगभग 45 मिनट में

पीएम-राहत और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार कर दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए नागरिकों को करें जागरूक

एचएसआरपी, वाहन फिटनेस, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन और ई-ट्रैक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश

पर्यटन स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर--- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से कार्य करें।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार—दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को विस्तृत और परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से जुड़ा विषय है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का प्रभावी पालन, वाहनों की तकनीकी फिटनेस, प्रशिक्षित चालक और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

ब्लैक स्पॉट पर तेजी से हों सुधारात्मक कार्य

मुख्यमंत्री  साय ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, योजनाओं का हो व्यापक प्रचार

मुख्यमंत्री साय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए कि सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं।

बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने में बड़ी मदद मिल सकती है।

दूरस्थ गांवों तक पहुंचे सार्वजनिक परिवहन, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार

मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा करते हुए इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार है। दूरस्थ गांव को बस सेवा से जोड़ने का अर्थ वहां के लोगों के लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलना है। शासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी सुगम, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा पहुंचे।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए।

कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा से दुर्गम क्षेत्र में आसान हुआ सफर

बैठक में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के सकारात्मक प्रभावों की भी जानकारी दी गई। कोंटा से जगरगुंडा के बीच पहली बार प्रारंभ हुई बस सेवा से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है।

बताया गया कि अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों से इस यात्रा में पहले लगभग छह घंटे तक का समय लग जाता था। बस सेवा प्रारंभ होने के बाद यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिन क्षेत्रों में वर्षों तक सार्वजनिक परिवहन सीमित रहा है, वहां नियमित बस सेवा आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

पर्यटन मिशन से जुड़े परिवहन विभाग, पर्यटन स्थलों तक बढ़े कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यटन मिशन के साथ परिवहन विभाग की भूमिका को प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। पर्यटकों के लिए सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को भी मिलेगा।

वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बनाएं और प्रभावी

मुख्यमंत्री श्री साय ने वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों की तकनीकी स्थिति का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। तकनीक आधारित व्यवस्था से फिटनेस जांच में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के नियमानुसार नवीनीकरण और फिटनेस संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एचएसआरपी अभियान में तेजी और लंबित चालानों की रिकवरी के निर्देश

मुख्यमंत्री ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के अभियान को सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के साथ वाहन मालिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने लंबित चालानों की रिकवरी में तेजी लाने और अत्याधुनिक चालान प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।

कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट से बढ़ेगी पारदर्शिता, योग्य चालकों को ही मिले लाइसेंस

बैठक में ड्राइविंग टेस्ट के लिए विकसित की जा रही ई-ट्रैक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित प्रणाली के माध्यम से कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था विकसित की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि आवश्यक प्रशिक्षण और दक्षता रखने वाले व्यक्ति ही वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिले प्रोत्साहन

बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा नई तकनीक आधारित परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि परिवहन विभाग की प्रत्येक व्यवस्था के केंद्र में आम नागरिक की सुरक्षा और सुविधा होनी चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, सुरक्षित एवं फिट वाहन, प्रशिक्षित चालक, आधुनिक तकनीक का उपयोग, बेहतर सड़क सुरक्षा प्रबंधन और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार - इन सभी मोर्चों पर एक साथ प्रभावी ढंग से काम करना होगा।

उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था ऐसी हो जो प्रदेश के लोगों का सफर आसान बनाने के साथ सुरक्षित भी बनाए। विभागीय समन्वय, आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन तंत्र को निरंतर मजबूत किया जाए।

बैठक में परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पारस पोर्टल से योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, अंतर्विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पारस पोर्टल से योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग, अंतर्विभागीय समन्वय से विकास कार्यों को मिलेगी गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  साय ने पारस पोर्टल के माध्यम से की प्रमुख योजनाओं एवं विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा

एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें, कोई भी वास्तविक किसान न रहे वंचित

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने के निर्देश, अधिक से अधिक परिवारों को जोड़कर विद्युत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाएं कदम

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का शीघ्र सर्वे कर पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचाएं राहत एवं सहायता

सड़क, पुल-पुलियों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों की बाधाएं अंतर्विभागीय समन्वय से तत्काल दूर करने के निर्देश

सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन में नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो सुनिश्चित

प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से होगी प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी के साथ विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में पारस पोर्टल के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और जनसेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री  साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि शासन की कार्यप्रणाली में अंतर्विभागीय समन्वय की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। अनेक विकास परियोजनाओं में एक से अधिक विभागों की अनुमति, सहभागिता अथवा सहयोग आवश्यक होता है। ऐसे में विभाग अलग-अलग स्तर पर कार्य करने के बजाय समन्वित दृष्टिकोण अपनाएं। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, अनावश्यक विलंब दूर होगा तथा समय और लागत दोनों की बचत होगी।

उन्होंने कहा कि पारस पोर्टल का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन कारणों की पहचान कर समाधान सुनिश्चित करना भी है, जिनके कारण कोई परियोजना या योजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। राज्य स्तर से लेकर जिलों तक सभी अधिकारी इसे परिणाम आधारित प्रशासन के प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करें।

एग्रीस्टैक में कोई भी पात्र किसान पंजीयन से न रहे वंचित

मुख्यमंत्री श्री साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक सरलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण आधारभूत व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिलों में विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक तथा डीसीएस से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। प्रत्येक वास्तविक किसान का पंजीयन सुनिश्चित हो और किसी पात्र किसान को धान विक्रय अथवा शासन की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में परेशानी न हो।

उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों से सीख लेते हुए इस वर्ष पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही के कारण यदि कोई पात्र किसान लाभ से वंचित होता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाए।

मुख्यमंत्री ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की जिलेवार प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अपेक्षाकृत पीछे चल रहे जिलों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में लापरवाही अथवा अपेक्षित सहयोग नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

बाढ़ प्रभावित परिवारों तक शीघ्र पहुंचे राहत और सहायता

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में विगत दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति तथा संचालित राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भारी बारिश से प्रदेश के 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं और बस्तर संभाग के जिलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ा है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को जनहानि, मकानों, पशुधन, अनाज तथा अन्य संपत्तियों को हुई क्षति का सर्वेक्षण शीघ्र पूरा करने और पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि यथाशीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि प्रदान करने तक की प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी की जाए।

मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों एवं स्वास्थ्य शिविरों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने हैंडपंपों का क्लोरीनीकरण कराने तथा नागरिकों को पानी उबालकर पीने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को यह भरोसा होना चाहिए कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। राहत और पुनर्वास के प्रत्येक कार्य में मानवीय संवेदना सर्वोपरि होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय योगदान देने वाले स्व-सहायता समूहों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की और कलेक्टरों को ऐसे समूहों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों तथा अन्य सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का आकलन कर जानकारी तत्काल शासन को भेजने को कहा, ताकि उनकी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जा सके। उन्होंने पात्र प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित अन्य संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिले अपेक्षित गति

मुख्यमंत्री  साय ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्रियान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

मुख्यमंत्री ने योजना के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वेंडर्स की संख्या बढ़ाने, सोलर दीदियों को प्रोत्साहित करने तथा हितग्राहियों के लिए ऋण की उपलब्धता को और सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा योजना में उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी का अधिक से अधिक पात्र परिवार लाभ उठा सकें, इसके लिए जिलों में व्यापक जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन दोनों आवश्यक हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को योजना में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए बैंकिंग सुविधा, वेंडर चयन से लेकर सोलर संयंत्र की स्थापना तक पूरी प्रक्रिया को हितग्राही के लिए सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश दिए।

सड़क और पुल-पुलियों के लंबित कार्यों की बाधाएं तत्काल दूर करें

मुख्यमंत्री श्री साय ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर सड़क संपर्क सीधे आम नागरिकों की सुविधा, आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने लंबित कार्यों और उनके कारणों की परियोजनावार जानकारी ली तथा संबंधित कलेक्टरों को भूमि संबंधी प्रकरणों और जिला स्तर पर लंबित अन्य प्रक्रियाओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण स्वीकृत विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों एवं प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली स्वीकृत सड़कों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग अथवा अन्य विभागों की अनुमति से संबंधित बाधाओं को अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से दूर किया जाए।

ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना को मिले प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री साय ने विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों में आवश्यक आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने इस दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गांवों में बुनियादी अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन में समयबद्ध हो शिकायतों का निराकरण

मुख्यमंत्री श्री साय ने सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों और आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुशासन की महत्वपूर्ण कसौटी है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को छोटी-छोटी सेवाओं और समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा हो तथा उसका समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे आम नागरिक के लिए शासन तक पहुंच आसान हो और उसकी समस्या के समाधान में लगने वाला समय कम हो।

योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, धरातल पर दिखे परिणाम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पारस पोर्टल प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण, विकास कार्यों तथा प्रमुख योजनाओं की प्रभावी निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। जिलों में विभिन्न विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें तथा ऐसी समस्याएं, जिनका समाधान राज्य स्तर से अपेक्षित है, उन्हें समय रहते सामने लाएं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल प्रगति की जानकारी लेना नहीं, बल्कि बाधाओं का समाधान कर योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाना और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और स्वीकृत विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे हों। पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य शासन, विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इसी परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को मजबूत किया जा रहा है।

बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एशियन गेम्स में भारत की बेटियों का स्वर्णिम प्रदर्शन देश के लिए गौरव का क्षण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

एशियन गेम्स में भारत की बेटियों का स्वर्णिम प्रदर्शन देश के लिए गौरव का क्षण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर--- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और स्वर्णिम उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरू ढांडा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। नीरू ढांडा ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर भारत का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स की 4×400 मीटर महिला रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य किरण पहल, पूवम्मा मचेत्तिरा, प्राची और विथ्या रामराज को भी हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय बेटियों ने अपने बेहतरीन तालमेल, गति और खेल कौशल से स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की बेटियों का यह स्वर्णिम प्रदर्शन उनके असीम सामर्थ्य और आत्मविश्वास का परिचायक है। भारतीय महिला खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर देश को निरंतर गौरवान्वित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में बड़े सपने देखने और उन्हें अपनी मेहनत एवं लगन से साकार करने की प्रेरणा देंगी।

मुख्यमंत्री  साय ने सभी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

 

ब्रेकिंग : खाद्य विभाग में ACB की रेड, रिश्वत लेते अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई से मचा हड़कंप…

ब्रेकिंग : खाद्य विभाग में ACB की रेड, रिश्वत लेते अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई से मचा हड़कंप…

 बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ACB की टीम ने नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त कार्यालय में दबिश देकर नागरिक आपूर्ति अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद विभागीय कार्यालय में हड़कंप मच गया। मामले में ACB की टीम आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।

ACB की टीम ने अचानक संयुक्त कार्यालय में दबिश देकर कार्रवाई की, जिसके बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान नागरिक आपूर्ति अधिकारी विद्यासागर गोपाल को 22 हजार की रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा गया।

ACB की टीम अब नागरिक आपूर्ति अधिकारी विद्यासागर गोपाल से बंद कमरे में पूछताछ कर रही है। कार्रवाई की खबर मिलते ही कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बीच भी हड़कंप मच गया। फिलहाल ACB की पूछताछ और कार्रवाई जारी है।

ब्रेकिंग : नायब तहसीलदारों को मिला प्रमोशन…बनाए गए तहसीलदार,देखें पूरी लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : नायब तहसीलदारों को मिला प्रमोशन…बनाए गए तहसीलदार,देखें पूरी लिस्ट…!!

  रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। राज्य में 19 नायब तहसीलदारों को पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति के साथ ही सभी अधिकारियों की नई जगह पर पदस्थापना भी की गई है। राजस्व विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के तहत पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

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Breaking News : राजधानी में होर्डिंग पोल से लटका मिला युवक का शव

Breaking News : राजधानी में होर्डिंग पोल से लटका मिला युवक का शव

 रायपुर. राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र में मंगलवार को सुबह-सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई है. एक कार शो रूम के पास अज्ञात युवक का होर्डिंग पोल में फांसी के फंदे से लटका शव मिला है. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया है.

 होर्डिंग पोल से लटका मिला शव

जानकारी के मुताबिक, पंडरी इलाके में मंगलवार सुबह एक कार शो रूम के पास होर्डिंग पोल में गमछा से लटका हुआ शव मिला है. घटना के बाद लोगों की भीड़ जुट गई. उन्होंने पुलिस को युवक की लाश मिलने की सूचना दी. जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है.

प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जो घटना को संदिग्ध बना रहे हैं. फिलहाल मृत युवक की पहचान नहीं हो पाई है. उसकी उम्र करीब 35 साल होने का अनुमान है.

सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी पुलिस

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद फोरेंसिक टीम सभी अहम साक्ष्य जुटाएगी. पंचानमा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा. शहर में गणेश विसर्जन के दौरान सामने आई सनसीखेज घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी. मामला आत्महत्या या हत्या का है, यह पूरी जांच के बाद सामने आएगा.

Breaking : बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला, देखें जंबो लिस्ट…!!

Breaking : बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला, देखें जंबो लिस्ट…!!

 रायपुर। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया है। कई जिलों के अपर कलेक्टर को इधर से उधर किया गया है।

देखें लिस्ट –

 

ब्रेल पुस्तक से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं की मिलेगी जानकारी – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

ब्रेल पुस्तक से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं की मिलेगी जानकारी – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर, 29 सितंबर 2026/ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और प्रेरक जीवन प्रसंगों से सशक्त व जागरूक बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई विशेष ब्रेल पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का आज राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने विमोचन किया।

​इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि ज्ञान और अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ ब्रेल पुस्तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को न केवल उनके कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं से अवगत कराएगी, बल्कि इसमें शामिल संघर्ष से सफलता की गाथाएं उनके भीतर अटूट आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का नया हौसला भरेंगी। यह पहल हमारी सरकार के ‘समावेशी और सुलभ शिक्षा’ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

​सुगम्य शिक्षा की दिशा में अनूठा प्रयास

यह पुस्तक विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पूरी तरह से ब्रेल लिपि में तैयार की गई है। इसके माध्यम से दिव्यांगजनों के अधिकार, उनके लिए उपलब्ध अवसर तथा विषम परिस्थितियों को दरकिनार कर सफलता का परचम लहराने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों की कहानियों को विद्यार्थियों तक सहज एवं सुलभ रूप में पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया गया है।

​प्रतिष्ठित शिक्षिकाओं द्वारा संपादन

पुस्तक का उत्कृष्ट संपादकीय कार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य द्वारा किया गया है। दोनों शिक्षिकाएं लंबे समय से समावेशी शिक्षा और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सुलभ शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं।

​प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क वितरण

विमोचन के तुरंत बाद इस उपयोगी ब्रेल पुस्तक की प्रतियां छत्तीसगढ़ की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में वितरित की गईं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी बिना किसी बाधा के इसका लाभ उठा सकें। इस अवसर पर मौजूद अतिथियों और शिक्षाविदों ने इस पहल को दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जागरूकता और अधिकारों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह सार्थक प्रयास प्रदेश में समावेशी शिक्षा की नींव को मजबूत करने के साथ-साथ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के उज्ज्वल और स्वावलंबी भविष्य की राह प्रशस्त करेगा।

एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

 एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

रबी सीजन में मिलेगी बेहतर विद्युत व्यवस्था

रतलाम  ;- ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने उत्तरी मालवा क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए रतलाम के 220 केवी सबस्टेशन की क्षमता में वृद्धि की है। रतलाम सबस्टेशन में वर्ष 1988 में स्थापित सेकंड जेनरेशन के 160 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर नये थर्ड जेनरेशन तकनीक आधारित 220/132 केवी वोल्टेज स्तर का 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।

रतलाम जिले का पहला 200 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि रतलाम जिले में पहली बार इतनी उच्च क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इससे क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा आगामी रबी सीजन के दौरान किसानों और अन्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मालवा क्षेत्र का 5 वां और प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर

एमपी ट्रांसको रतलाम -मंदसौर के अधीक्षण अभियंता वाय आर मांडलेकर ने बताया कि रतलाम में ऊर्जीकृत हुआ यह पावर ट्रांसफार्मर प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर है। मालवा क्षेत्र में इस क्षमता का यह पांचवां पावर ट्रांसफार्मर है। इसके स्थापित होने से रतलाम 220 केवी सबस्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 520 एमवीए हो गई है।

जिले का 28 वां पावर ट्रांसफार्मर

यह रतलाम जिले का 28वां पावर ट्रांसफार्मर है। एमपी ट्रांसको जिले में अपने 10 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण व्यवस्था का संचालन कर रही है। इनमें 220 केवी के रतलाम, जावरा एवं सैलाना सबस्टेशन तथा 132 केवी के रतलाम, सैलाना, शिवगढ़, ताल, आलोट और बिलपांक सबस्टेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नगरा में एक स्विचिंग सबस्टेशन भी संचालित है।

नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के साथ ही रतलाम जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 2165 एमवीए की हो गई है।

इस्तीफे से खाली पद फ्रेश वैकेंसी, वेटिंग लिस्ट से नहीं होगी भर्ती: हाईकोर्ट

इस्तीफे से खाली पद फ्रेश वैकेंसी, वेटिंग लिस्ट से नहीं होगी भर्ती: हाईकोर्ट

 बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वेटिंग लिस्ट उम्मीदवारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस्तीफे के कारण खाली हुई किसी पद को पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता है। कोर्ट ने स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े एक मामले में यह बात कही है।

जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए दो उम्मीदवारों द्वारा लगाई गई याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के खाली पद फ्रेश वैकेंसी माने जाते हैं। जिन्हें भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

क्या है मामला
दरअसल, मामला बिजली कंपनियों, स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर के पदों से जुड़ा हुआ है। जूनियर इंजीनियर पद में भर्ती के लिए आवेदन जारी किया गया था। यह आवेदन ओबीसी वर्ग के तहत 15 सितंबर 2023 को जारी किए गए थे। अक्टूबर में चयन लिस्ट जारी की गई। जिसमें भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता को सफलता नहीं मिली। उनका नाम वेटिंग लिस्ट में था।

चयन लिस्ट जारी होने के बाद कई चयनित उम्मीदवारों ने ज्वाइन करने के बादअपने पदों से इस्तीफा दे दिया। जिससे कई पद खाली हो गए। जिसके बाद भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता ने विभाग में आवेदन दिया कि वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाए। लेकिन विभाग ने उन दोनों के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया। जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई।

कोर्ट ने दिया फैसला
मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई चयनित उम्मीदवार ज्वाइन करने के बाद इस्तीफा दे देता है तो खाली हुआ पद फ्रेश वैकेंसी होती है। इसे पिछली चयन या प्रतीक्षा सूची को ऑपरेट करके नहीं भरा जा सकता है। बल्कि इस पद के लिए नए विज्ञापन के जरिए चयन प्रक्रिया करनी होगी।

CG : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, मंत्रालय में पदस्थ 38 अफसर हुए इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट..!!

CG : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, मंत्रालय में पदस्थ 38 अफसर हुए इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट..!!

 रायपुर. सामान्य प्रशासन विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. इसमें 38 अधिकारियों को अन्य विभाग में नई पदस्थापना दी गई है. इस संबंध में जीएडी ने आदेश जारी किया है.

जारी आदेश के अनुसार, अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक विभिन्न विभागों में पदस्थ किया गया है. इस फेरबदल में गृह, वित्त, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, परिवहन, खनिज साधन, मछली पालन, लोकभवन सचिवालय समेत कई अन्य विभागों में अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है.

देखें आदेश की कॉपी

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क के संचालक बने IAS आशीष कुमार टिकरिहा, GAD ने जारी किया आदेश…

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क के संचालक बने IAS आशीष कुमार टिकरिहा, GAD ने जारी किया आदेश…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक अहम आदेश जारी करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आशीष कुमार टिकरिहा को नई जिम्मेदारी सौंपी है। शासन ने उन्हें उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ संचालक, जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया है।

वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक हैं टिकरिहा
आशीष कुमार टिकरिहा 2021 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक (MD) के पद पर कार्यरत हैं। अब वे इसी जिम्मेदारी के साथ संचालक जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। 

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सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक ESTB/2396/2026-GAD-2 में कहा गया है कि आशीष कुमार टिकरिहा को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संचालक, जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है। शासन के इस आदेश के बाद जनसंपर्क संचालनालय की प्रशासनिक जिम्मेदारी भी अब आशीष कुमार टिकरिहा के पास रहेगी।

Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, अब घटेगी बारिश की रफ्तार; जानिए अब तक कहां कितनी हुई बारिश…

Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, अब घटेगी बारिश की रफ्तार; जानिए अब तक कहां कितनी हुई बारिश…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अपडेट के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अब इसके कमजोर होने के साथ ही आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

प्रदेश में सामान्य से 5.6 फीसदी ज्यादा बारिश

एक जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में कुल 1150.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1089.6 मिमी है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 5.6 फीसदी अधिक बारिश हुई है। प्रदेश के 14 जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज की गई है।

सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले में हुई है। यहां 1551.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 71.1 फीसदी अधिक है। वहीं नारायणपुर में 1720.2 मिमी, गरियाबंद में 1462.1 मिमी, बालोद में 1311.8 मिमी, रायपुर में 1303.6 मिमी और धमतरी में 1301.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

रायपुर में सामान्य से 41.6 फीसदी ज्यादा बारिश

राजधानी रायपुर में भी इस सीजन बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर है। रायपुर में अब तक 1303.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 41.6 फीसदी अधिक है। गरियाबंद में सामान्य से 35.6 फीसदी, बालोद में 25.7 फीसदी और धमतरी में 22.2 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

इसके अलावा महासमुंद में सामान्य से 24.7 फीसदी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 35 फीसदी अधिक बारिश हुई है। दुर्ग जिले में अब तक 963.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 17.6 फीसदी ज्यादा है।

इन जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम

प्रदेश के कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य से 20.3 फीसदी कम, बीजापुर में 19.1 फीसदी कम, जबकि सुकमा और बेमेतरा में 17.3 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। कांकेर में भी सामान्य से 16.9 फीसदी कम बारिश हुई है।

सबसे कम बारिश वाले जिले:

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: 20.3% कम
बीजापुर: 19.1% कम
सुकमा: 17.3% कम
बेमेतरा: 17.3% कम
कांकेर: 16.9% कम

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल, कुनकुरी में 1.01 करोड़ के दो विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल, कुनकुरी में 1.01 करोड़ के दो विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

00 सूर्य नमस्कार चौक के लिए 76.81 लाख और सामुदायिक भवन के लिए 24.83 लाख स्वीकृत
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 1 लाख 64 हजार रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें सूर्य नमस्कार चौक और सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। दोनों कार्यों की स्वीकृति मिलने से कुनकुरी में अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान इन दोनों विकास कार्यों की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब दोनों कार्यों को अंतिम स्वीकृति मिलने के साथ ही इनके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
कुनकुरी के वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास सूर्य नमस्कार चौक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 76.81 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। चौक के विकसित होने से नगर को एक आकर्षक और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थल मिलेगा। यह नगर की पहचान को नया स्वरूप देने के साथ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा। वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास ही सामुदायिक भवन का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए 24.83 लाख रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। सामुदायिक भवन बनने से स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप दोनों विकास कार्यों को स्वीकृति मिलने पर कुनकुरी नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। नगरवासियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी और कुनकुरी के विकास को नई गति मिलेगी।

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा - डेका

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा - डेका

 00 तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ

00 सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया लोकार्पण 
रायपुर।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओ को सिर्फ नौकरी पाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि अपने विचारों को उद्यम में बदलने का साहस भी रखना चाहिए। एक अच्छा विचार, सही मार्गदर्शन और उपयुक्त तकनीक के साथ आगे बढ़े तो वही नवाचार सफल स्टार्टअप का रूप ले सकता है और आगे चलकर अनेक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकता है। राज्यपाल डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर रायपुर में छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवाचार, उद्यमिता विकास और प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी किया।

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा-  श्री रमेन  डेका


राज्यपाल ने कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के लिए आवश्यक मूलभूत खाद्य पदार्थों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है। जब हमारी खाद्य आवश्यकताएं सुरक्षित होंगी, तभी हम विकास के अन्य क्षेत्रों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवाचार की सबसे बड़ी संभावनाएं हमारे अपने संसाधनों में हैं। कृषि, वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट, जैविक खेती, पशुपालन और जनजातीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। कृषि और जैव-प्रौद्योगिकी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,


राज्यपाल ने कहा कि आज ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है, जो किसानों की लागत कम करें, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाएं, फसल के नुकसान को कम करें तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने में मदद करें। ऐसे नवाचार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। उन्होंने किचन गार्डन और बाड़ी की अवधारणा को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकती है। राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का सर्वेक्षण करें और उत्पाद या सेवा की मांग तथा बाजार की संभावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी स्पष्ट योजना और रोडमैप तैयार करना चाहिए। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढऩे पर सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं।

तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,


उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए परिश्रम और प्रशिक्षण के साथ बाजार का सर्वेक्षण, प्रबंधन क्षमता और वित्तीय समझ भी महत्वपूर्ण है। शिक्षा के साथ युवाओं को कौशल प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे सकें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति में भी कौशल एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर  डेका ने युवा नवाचारी उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर डॉक्टर राजीव प्रकाश, एनआईटी के डायरेक्टर डॉ समीर बाजपेई, नाबार्ड के अधिकारी, सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 00 अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ में हुईं शामिल; गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग

00 आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा- मंत्री राजवाड़े
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के निमोरा और धुसेरा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की, उन्हें चॉकलेट वितरित की और न्योता भोज में पौष्टिक भोजन कराया। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में भाग लेकर माताओं और परिवारों को शुभकामनाएं दीं।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 

 


सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य बच्चों के पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास में परिवार तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। इसी भावना के साथ मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों केंद्रों में बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से उनकी रुचियों के बारे में बात की और कार्यकर्ताओं से केंद्रों में संचालित पोषण एवं देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


मंत्री राजवाड़े ने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह सीखेंगे, तभी उनका भविष्य मजबूत होगा। इसके लिए परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र का निरंतर जुड़ाव जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे अवसर परिवारों से पोषण पर संवाद करने का भी माध्यम बनते हैं।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में मुनगा का पौधा लगाया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने माताओं और महिलाओं को भी मुनगा के पौधे भेंट किए। उन्होंने उन्हें घर की बाड़ी या आसपास उपयुक्त स्थान पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि मुनगा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयोगी पौधा है। इसके पौधों को घरों और पोषण वाटिकाओं तक पहुंचाकर परिवारों को पौष्टिक आहार के एक अतिरिक्त स्रोत से जोड़ा जा सकता है।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद में मंत्री राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के आने का स्थान नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और परिवारों तक पोषण, देखभाल तथा प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी पहुंचाने का केंद्र हैं। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


कार्यक्रम में अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू,स्थानीय जनप्रतिनिधि , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति ने स्वीकार किया बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति ने स्वीकार किया बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण

  रायपुर - छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रतीक बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में देश की राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति  मुर्मु ने 23 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

राष्ट्रपति  मुर्मु को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का निमंत्रण पत्र सौंपने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री  तोखन साहू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, बस्तर लोकसभा सांसद  महेश कश्यप तथा संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति की उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर

मां दंतेश्वरी को समर्पित बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट जनजातीय परंपराओं, लोक आस्था और सामुदायिक सहभागिता के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने फरवरी 2026 में जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम के अवसर पर बस्तर दशहरा को जनजातीय संस्कृति और भाईचारे को अनूठा उदाहरण बताया था। उन्होंने बस्तर की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था।

ऐसे में बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की प्रस्तावित उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, जनजातीय परंपराओं और लोक विरासत के लिए विशेष गौरव का अवसर होगी।

मुरिया दरबार बस्तर की जीवंत सामाजिक परंपरा

बस्तर दशहरा की परंपराओं में मुरिया दरबार का विशेष महत्व है। यह आयोजन बस्तर की सामाजिक एवं सामुदायिक व्यवस्था की जीवंत अभिव्यक्ति है। मुरिया दरबार के माध्यम से बस्तर की परंपराओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक प्रमुखों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाया जाता है।

बस्तर की संस्कृति और सामाजिक जीवन में मांझी एवं चालकी जैसे पारंपरिक पदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी मांझी और चालकी की सामाजिक जीवन तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया था।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की ऐसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में है। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति यहां के जनजीवन, लोक आस्था, कला, परंपराओं और प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई है। राष्ट्रपति  मुर्मु की उपस्थिति से बस्तर की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि बस्तर की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार किया जाए।

 अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा हमारी सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण है। 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करना पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण होगा।

बस्तर की संस्कृति से राष्ट्रपति का विशेष जुड़ाव

महामहिम राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु का बस्तर की संस्कृति और जनजातीय विरासत से विशेष जुड़ाव रहा है। फरवरी 2026 में उन्होंने जगदलपुर में बस्तर पंडुम का उद्घाटन किया था। अपने संबोधन में उन्होंने बस्तर की प्राचीन संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और गुफाओं को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि बस्तर की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास को आगे बढ़ाना आवश्यक है।

जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी राष्ट्रपति ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने और जनजातीय समुदायों की विकास यात्रा में सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया था।

तीज मिलन समारोह में राजस्थान का घूमर, पंजाब का भांगड़ा और बंगाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

तीज मिलन समारोह में राजस्थान का घूमर, पंजाब का भांगड़ा और बंगाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

रायपुर। सामाजिक संस्था नव सृजन मंच द्वारा राजधानी रायपुर के अंबुजा मॉल में आयोजित दो दिवसीय तीज मिलन समारोह एवं महिला प्रतिभा प्रदर्शनी में देश की विविध लोक-संस्कृतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में राजस्थान का पारंपरिक घूमर नृत्य, पंजाब का जोशीला भांगड़ा तथा बंगाल की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा एवं नृत्य के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
समारोह में महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए मोहक स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉलों में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पाद, खाद्य सामग्री, सजावटी वस्तुएं, सौंदर्य एवं कॉस्मेटिक सामग्री सहित विभिन्न घरेलू उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आयोजन के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर और उद्यमिता को सामने लाने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
नव सृजन मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि तीज मिलन जैसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ महिलाओं की प्रतिभा और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता, भाईचारे और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम में नव सृजन मंच के कार्यकारी अध्यक्ष देवाशीष मुखर्जी, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, प्रसन्ना अवस्थी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
तीज मिलन कार्यक्रम की संयोजिका द्वय मनीषा सिंह, डॉ. प्रीति सतपथी, ने कहा की महिला प्रतिभागियों को मंच देने और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने संस्था निरंतर कार्य कर रही है इस अवसर पर संस्था नवसृजन मंच के सदस्यगण डॉ रश्मि चावरे, निधि झा, कीर्ति, सुनीता पाठक, अनामिका, मैरी, सविता मौर्य, बिन्नी तिवारी, अर्चना वोरा सहित मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, महिला उद्यमियों के स्टॉल एवं विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया। नव सृजन मंच ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कलाकारों, महिला उद्यमियों, अतिथियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों से मिलकर जाना हाल

राहत शिविर में प्रभावितों को स्वयं भोजन परोसकर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला

सुकमा में बाढ़ प्रभावित करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेंगे 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त

बाढ़ से हुई क्षति का शीघ्र आकलन कर आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा - प्रत्येक प्रभावित परिवार तक शीघ्र पहुंचे सहायता, राहत और पुनर्वास में नहीं हो कोई कमी

रायपुर 28 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बाढ़ से प्रभावित शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं जानीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। बाढ़ से जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के साथ राहत और पुनर्वास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने शबरीनगर में स्थापित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें स्वयं भोजन परोसकर आत्मीयता के साथ उनका हालचाल जाना।

मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों और हुए नुकसान की जानकारी ली तथा उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को समझते हुए सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 23 एवं 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि से सुकमा जिले के अनेक क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन एवं गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और आवश्यक स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण सबरी नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था। कोंटा क्षेत्र में प्रभावितों के 19 राहत केंद्रों में ठहरने, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं है।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों को देखा और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता से आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र प्रदान की जाए।

करीब 300 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ के कारण घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचने से प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे करीब 300 प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में हर संभव सहयोग दिया जाए। क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी हो। कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के बाद अब पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। जिन परिवारों ने इस आपदा में नुकसान सहा है, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए शासन की सहायता समय पर उन तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की

 छत्तीसगढ़ की बेटी ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से देश-प्रदेश का मान बढ़ाया : मुख्यमंत्री साय

प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर और प्रोत्साहन देगी राज्य सरकार

रायपुर, 28 सितंबर 2026/ एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य और छत्तीसगढ़ की बेटी सुश्री संजू देवी ने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सुश्री संजू देवी को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी को 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुश्री संजू देवी ने अपने उत्कृष्ट खेल, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं में अपार सामर्थ्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन मिले, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी से एशियन गेम्स के अपने अनुभवों और भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन के संबंध में आत्मीय बातचीत की। उन्होंने संजू देवी की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक खिलाड़ी की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि वह अपने साथ हजारों युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान देती है। संजू देवी की सफलता प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहे बच्चों और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगी।

उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला कबड्डी स्पर्धा में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता निखारने और देश-दुनिया के खेल मंचों तक पहुंचने के पर्याप्त अवसर मिलें। सुश्री संजू देवी जैसी प्रतिभाओं की उपलब्धियां इस संकल्प को और मजबूत करती हैं।

सुश्री संजू देवी ने सम्मान और प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मिला यह प्रोत्साहन उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

 संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार - मुख्यमंत्री साय

शासन से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹10 हजार की मदद की घोषणा

मकान, फसल और पशुधन की क्षति का संवेदनशीलता से सर्वे कर शीघ्र सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश

बाढ़ के बाद शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा

रायपुर 28 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री  साय जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचे और बाढ़ से प्रभावित परिवारों से आत्मीयतापूर्वक मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से खड़ी है तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10-10 हजार की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे और आकलन तेजी से पूरा कर पात्र परिवारों तक शासन की सहायता शीघ्र पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने डोंगाघाट में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, मकानों एवं घरेलू सामान को हुए नुकसान तथा वर्तमान में उपलब्ध कराई जा रही राहत के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न हो। भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री प्रभावित लोगों तक समय पर पहुंचाई जाए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इंद्रावती के जलस्तर और प्रभावित इलाकों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री  साय ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर तथा आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जिले में बारिश एवं बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों और शहरी क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्तर में बदलाव और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने की व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जलस्रोतों की सफाई एवं आवश्यक उपचार के साथ जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखा जाए।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता रखने और बीमारी के किसी भी संभावित प्रकोप पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य केवल बाढ़ का पानी उतरने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन को सामान्य बनाने तक आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से जारी रहें।

मकान, फसल और पशुधन की क्षति का शीघ्र हो आकलन

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नुकसान का वास्तविक आकलन कर संबंधित परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लेने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत कार्यों में मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक आवश्यक मदद समय पर पहुंचे।

हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुरूप भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर महापौर  संजय पाण्डेय, नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन, कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी  बी.एन. मीणा, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।