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साय सरकार उठाएगी श्रमिकों के बच्चों के पढ़ाई का पूरा खर्च, इस तारीख तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

साय सरकार उठाएगी श्रमिकों के बच्चों के पढ़ाई का पूरा खर्च, इस तारीख तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को राज्य के चयनित निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक अध्ययन की सुविधा प्रदान की जाएगी। विशेष बात यह है कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक फीस, छात्रावास, भोजन, गणवेश, लेखन सामग्री तथा अन्य आवश्यक खर्चों का पूरा वहन छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा किया जाएगा। इससे श्रमिक परिवारों को बच्चों की शिक्षा के आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में अध्ययन का अवसर प्राप्त होगा।

प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलना चाहिए, इसी सोच के अनुरूप राज्य सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर और श्रमिक वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना भी इसी दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है, जिससे श्रमिकों के बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिल रही है।

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र एवं पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को श्रम विभाग के पोर्टल www.shramevjayate.cg.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया 22 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 3 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की सुविधा श्रम विभाग के पोर्टल, निकटतम श्रम कार्यालय, लोक सेवा केंद्र तथा श्रमेव जयते एप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिससे अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें।

यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाएगी तथा शिक्षा के माध्यम से सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगी।

विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकताःगजेंद्र यादव

विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकताःगजेंद्र यादव

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा हेतु आज मंत्रालय स्थित महानदी भवन में स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों के सुचारु संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में मंत्री  यादव ने प्रदेश के सभी विद्यालयों में साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत कार्य, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, साइकिल वितरण तथा अति आवश्यक कार्यों के लिए जारी राशि के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराना विभाग की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। समीक्षा के दौरान विद्यालय छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को विशेष अभियान चलाकर 31 जुलाई 2026 तक पुनः विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षकों की VSK App  के माध्यम से शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को बारहखड़ी एवं 20 तक के पहाड़े तथा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े, हिंदी एवं अंग्रेजी की धाराप्रवाह रीडिंग अनिवार्य रूप से आनी चाहिए। इसके लिए विशेष प्रयास करने अधिकारियों को निर्देशित किए। शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने तथा शिक्षण व्यवस्था की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए ऐसे भवनों को चरणबद्ध रूप से डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए गए। भवनविहीन विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा किए जाने के निर्देश भी दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों की मूल पदस्थापना स्थल पर तत्काल वापसी सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए।

इसके अलावा रमसा (RMSA) प्राप्त विद्यालयों का नियमित निरीक्षण, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत केंद्रीकृत किचन व्यवस्था, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना तथा अन्य योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया एवं शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ 1 अप्रैल से किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2027-28 से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल का वितरण भी 1 अप्रैल को ही सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्री यादव ने कहा कि इस व्यवस्था से शासकीय विद्यालयों में भी निजी विद्यालयों की भांति समय पर पढ़ाई प्रारंभ होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूर्ण होगा तथा विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों में और अधिक सुधार आएगा।

बैठक में VSK App के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों को App पर पंजीयन एवं नियमित उपस्थिति दर्ज करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। वर्तमान माह की उपस्थिति के आधार पर किसी भी कर्मचारी या शिक्षक के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि जुलाई माह में स्कूल शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों का ।चच पर पंजीयन अनिवार्य होगा तथा जुलाई माह का वेतन App में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही देय होगा।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आयुक्त समग्र शिक्षा किरण कौशल तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक  ऋतुराज रघुवंशी ने भी अधिकारियों को विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार तथा शासन के निर्देशों का गंभीरता एवं समयबद्धता के साथ पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संभागीय संयुक्त संचालकों एवं जिला शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया।

सीएम साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह: 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा

सीएम साय ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह: 2036 पौधों के रोपण से ओलंपिक मेजबानी के संकल्प को दी नई ऊर्जा

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर नवा रायपुर के ग्राम पलोद में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ द्वारा आयोजित वृक्षारोपण एवं खिलाड़ी सम्मान समारोह में शामिल होकर रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए खेल और पर्यावरण संरक्षण को राष्ट्र निर्माण के दो महत्वपूर्ण आधार बताया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारत ने वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी का दावा प्रस्तुत किया है। इसी राष्ट्रीय संकल्प और आकांक्षा को प्रतीकात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए कार्यक्रम में 2036 पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल वृक्षारोपण अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, हरित और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी है।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना विकसित की जा रही है ताकि युवा अपनी प्रतिभा का पूरा प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की सफल मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है। वहीं बस्तर ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजन ने दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी क्षमता का परिचय दिया है, जो प्रदेश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह का प्रमाण है।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए खेल क्षेत्र में विशेष बजट प्रावधान कर रही है। साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की व्यवस्था की गई है, ताकि वे अधिक आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ देश एवं प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों तथा वन विभाग के खिलाड़ियों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए बेहतर वातावरण और आधुनिक अधोसंरचना का हो रहा विकास - मुख्यमंत्री श्री साय

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में खेलो इंडिया जैसी योजनाओं ने देश में खेल संस्कृति को नई पहचान दी है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अपार प्रतिभा है और सरकार उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक का आयोजन भी युवाओं को नई दिशा प्रदान कर रहा है। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिंह सिसोदिया, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय, बीएसएफ के आईजी  संजय पंत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्य सचिव विकासशील ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की अधिकारियों से ली जानकारी….

मुख्य सचिव विकासशील ने सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की तैयारियों की अधिकारियों से ली जानकारी….

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान शीघ्र ही प्रारंभ होगा। अभियान के तहत शासन की 31 जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा प्रत्येक पात्र परिवारों को पहुंचाया जाएगा। यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में प्रारंभ किया जाएगा। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में इस संबंध में अधिकारियों से की जा रही व्यापक तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उल्लेखनीय है सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना छत्तीसगढ़ शासन की नई पहल है। जिससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा सभी पात्र परिवारों को दिया जाएगा।

योजना के फायदें से कोई वंचित न रहें इसके लिए व्यापक कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सुघ्घर छत्तीसगढ़ के तहत अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के जरिये विस्तार से जानकारी दी। बैठक में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

साय सरकार की पहल से उच्च शिक्षा का सपना होगा साकार, हजारों विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया शुरू

साय सरकार की पहल से उच्च शिक्षा का सपना होगा साकार, हजारों विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति आवेदन प्रक्रिया शुरू

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा को सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सत्र 2026-27 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की राह में आने वाली बाधाओं को दूर कर उन्हें आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ राज्य के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक तथा आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों को मिलेगा। साय सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और हर युवा को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो।

शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया 20 जून 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जबकि नवीन आवेदन 1 अगस्त 2026 से स्वीकार किए जाएंगे। राज्य सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध और सुव्यवस्थित बनाते हुए जनवरी 2027 तक छात्रवृत्ति राशि के वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि विद्यार्थियों को समय पर आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके और उनकी पढ़ाई निर्बाध रूप से जारी रहे।

योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। पात्र विद्यार्थियों को आवेदन के समय स्थायी जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, पूर्व वर्ष की अंकसूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छात्रवृत्ति वितरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बना रही है। इसी उद्देश्य से छात्रवृत्ति की राशि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में जमा की जाएगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा विद्यार्थियों को बिना किसी विलंब के राशि प्राप्त होगी।

वर्ष 2026-27 से छात्रवृत्ति प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाने के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) को अनिवार्य किया गया है। साथ ही नई संस्थाओं के संस्था प्रमुखों एवं छात्रवृत्ति प्रभारियों के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी लागू की गई है। यह कदम पात्र विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ सही समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षा, कौशल विकास और युवाओं के सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना न केवल विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें उच्च शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करने और राज्य के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित करेगी।

राज्य शासन ने सभी पात्र विद्यार्थियों से निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा सकें।

MP-CG Transfer : बड़े पैमाने पर आयकर निरीक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

MP-CG Transfer : बड़े पैमाने पर आयकर निरीक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में पदस्थ आयकर निरीक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है। सूची में सैकड़ों अधिकारियों के नाम शामिल है। जारी लिस्ट में छत्तीसगढ़ में पदस्थ कई आयकर निरीक्षकों को मध्यप्रदेश भेजा गया है। वहीं, मध्यप्रदेश में पदस्थ अधिकारियों को छत्तीसगढ़ में पदस्थापना दी गई है।

नीचे देखें पूरी सूची....

छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का नया हब, मंत्रिपरिषद ने दी सीजी-सीबीजी नीति 2026 को मंजूरी

छत्तीसगढ़ बनेगा स्वच्छ ऊर्जा का नया हब, मंत्रिपरिषद ने दी सीजी-सीबीजी नीति 2026 को मंजूरी

 कृषि अवशेष, गोबर और जैविक अपशिष्ट से तैयार होगी हरित ऊर्जा, किसानों की आय बढ़ाने और निवेश को मिलेगा नया प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम

रायपुर, 23 जून 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस (CG-CBG) नीति 2026 को मंजूरी प्रदान की गई। यह नीति राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, हरित औद्योगिकीकरण, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

छत्तीसगढ़ में कृषि एवं फसल अवशेष, पैडी स्ट्रॉ, पशु गोबर, पशुधन अपशिष्ट, नगरीय ठोस अपशिष्ट, प्रेसमड, गन्ना अवशेष तथा नेपियर जैसी ऊर्जा फसलों से प्रतिवर्ष लगभग 1.65 लाख मेट्रिक टन कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन की संभावना है। इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी।

नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रतिवर्ष लगभग 2.16 लाख टन पेट्रोल एवं डीजल के समतुल्य ईंधन की आपूर्ति सीबीजी के माध्यम से की जा सकेगी। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के किसानों, गौपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए यह नीति नए अवसर लेकर आएगी। कृषि अवशेषों एवं जैविक अपशिष्टों के बेहतर उपयोग से किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।

सीबीजी संयंत्रों से सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त जैविक खाद के उपयोग से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी, भूमि की उर्वरता संरक्षित रहेगी और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा।

यह नीति राज्य को हरित विकास और जलवायु अनुकूल अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सीबीजी के उपयोग से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा छत्तीसगढ़ नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में प्रभावी योगदान दे सकेगा।

भारत सरकार द्वारा सतत एवं किफायती परिवहन को बढ़ावा देने के लिए संचालित SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) पहल के अनुरूप यह नीति तैयार की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों में छत्तीसगढ़ की यह पहल महत्वपूर्ण योगदान देगी।

राज्य में विकसित हो रहे सिटी गैस वितरण नेटवर्क तथा गैस अधोसंरचना का लाभ भी इस नीति को मिलेगा। इससे सीबीजी उत्पादन, वितरण और उपयोग की मजबूत पारिस्थितिकी विकसित होगी तथा निवेशकों को बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।

छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) द्वारा वर्ष 2024 से सीबीजी क्षेत्र में सक्रिय पहल की जा रही है। वर्तमान में रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी, अंबिकापुर, रायगढ़ और कोरबा सहित आठ स्थानों पर बीपीसीएल एवं गेल इंडिया लिमिटेड के निवेश से सीबीजी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन सभी परियोजनाओं के लिए भूमि आबंटन की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है।

राज्य में निजी क्षेत्र से भी सीबीजी उद्योग के प्रति उल्लेखनीय रुचि दिखाई गई है तथा लगभग 3,600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नई नीति लागू होने के बाद इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक विकास की संभावनाओं को और अधिक बल मिलेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित इस नीति के छह प्रमुख आधार स्तंभ हैं - आधारभूत अधोसंरचना सहायता, फीडस्टॉक आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, संयंत्र स्थापना एवं संचालन सहायता, जैव उर्वरक प्रबंधन एवं सहायक अधोसंरचना विकास, सीबीजी मांग सृजन एवं परिवहन क्षेत्र में एकीकरण तथा निवेश प्रोत्साहन एवं उद्योग विकास।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (CBDA) को राज्य की नोडल एजेंसी नामित किया गया है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह नीति छत्तीसगढ़ को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, हरित उद्योग, जैविक कृषि और सतत विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगी। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अनुशंसा पर कबीरधाम जिले के विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 1 करोड़ 64 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अनुशंसा पर कबीरधाम जिले के विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 1 करोड़ 64 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति

 रायपुर, 23 जून 2026/ उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा की अनुशंसा पर कलेक्टर  गोपाल वर्मां द्वारा कवर्धा विधानसभा के अलग-अलग ग्रामों में निर्माण कार्यां के लिए 01 करोड़ 64 लाख 69 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। निर्माण कार्य के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी कवर्धा, जनपद पंचायत कवर्धा, सहसपुर लोहारा, बोड़ला और विद्युत विभाग को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है। 
उपमुख्यमंत्री व कवर्धा विधायक  विजय शर्मा की अनुशंसा से कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के पेयजल व्यवस्था एवं विद्युत पंप कार्य, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला सारंगपुरकला, ग्राम सारंगपुरकला राशि 0.70 लाख रुपए, बोर (नलकूप) खनन कार्य, वार्ड क्रमांक 13, ग्राम बोटेसुर, ग्राम पंचायत भेण्ड्रा-राशि 0.60 लाख रुपए, सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, ग्राम पवनतरा  राशि 2.00 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, ग्राम सुरजपुरा (जं.) राशि 5.00 लाख रुपए, मंच निर्माण कार्य, ग्राम सरईपतेरा, ग्राम पंचायत सोनझरी राशि 1.50 लाख रुपए, सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, शीतला मंदिर के पास, ग्राम एवं ग्राम पंचायत बामी राशि 1.00 लाख रुपए, विद्युत पोल विस्तार कार्य, ग्राम गंडईखुर्द राशि 3.00 लाख रुपए, विद्युत पोल विस्तार कार्य (11 के.व्ही. तार स्कूल मैदान से स्थानांतरित), ग्राम राम्हेपुरखुर्द राशि 2.70 लाख रुपए, सी.सी. रोड निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 05, गुरुदास के घर से ओमप्रकाश के घर तक, ग्राम बोड़ला राशि 3.00 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन मरम्मत कार्य, ग्राम खारा राशि 1.69 लाख रुपए रंगमंच निर्माण कार्य, ग्राम मिनमिनिया मैदान राशि 4.00 लाख रुपए, सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, सतनाम भवन के पास, ग्राम तिलई भाठ, ग्राम पंचायत रघ्घूपारा राशि 1.50 लाख रुपए, गौठान निर्माण कार्य, माँ बंजारी मंदिर के पास, ग्राम दुर्जनपुर राशि 2.00 लाख रुपए, मुरुम सड़क निर्माण कार्य, ग्राम खैरबनाखुर्द राशि 3.00 लाख रुपए, गौठान निर्माण कार्य, गौ अभ्यारण्य के पास, ग्राम सरेखा राशि 5.00 लाख रुपए, मंच निर्माण कार्य, ग्राम एवं ग्राम पंचायत मिनमिनिया मैदान राशि 4.00 लाख रुपए, आंगनबाड़ी भवन मरम्मत कार्य, ग्राम एवं ग्राम पंचायत बैहरसरी राशि 1.00 लाख रुपए, सी.सी. रोड सह नाली निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 15, बांधाटोला रोड, नगर पंचायत सहसपुर लोहारा राशि 4.00 लाख रुपए। सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 14, कबीर कुटी के पास, शीतला मंदिर चौक, नगर पंचायत सहसपुर लोहारा राशि 6.50 लाख रुपये, रंगमंच निर्माण कार्य शाामिल है। 
    इसी तरह वार्ड क्रमांक 03, नगर पालिका परिषद कवर्धा राशि 2.00 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, गुरु गोविंद सिंह वार्ड क्रमांक 26, गुरूनाला के पास, कवर्धा राशि 5.00 लाख रुपए, सी.सी. रोड निर्माण कार्य, नरेश बौद्ध के घर से आनंद कुर्रे के घर तक, वार्ड क्रमांक 17, साधना नगर, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए,  रंगमंच निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 22, ठाकुरपारा, कवर्धा राशि 5.00 लाख रुपए,  सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, महामाया वार्ड क्रमांक 06, कवर्धा राशि 4.00 लाख रुपए, नाली निर्माण कार्य, राधाकृष्ण वार्ड क्रमांक 20, हैदर किराना स्टोर्स से अरुण जाधव के घर तक, कवर्धा, राशि 4.50 लाख रुपए, सी.सी. रोड निर्माण कार्य, कैलाश नगर वार्ड क्रमांक 03, मानसरोवर के पास, समीर भदर महाराज के घर से ओमकार चंद्रवंशी के घर तक, कवर्धा राशि 2.50 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, माँ काली वार्ड क्रमांक 24, दर्रीपारा, श्रीराम जिम के बाजू में, कवर्धा राशि 5.00 लाख रुपए, नाली निर्माण कार्य, मठपारा वार्ड क्रमांक 10, सियाराम यादव के घर से सकरी नदी तक, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, नाली निर्माण कार्य, मठपारा वार्ड क्रमांक 10, विरेन्द्र जायसवाल के घर से चंद्रवंशी के घर तक, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, मुक्तिधाम शेड निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 14, 15 एवं 16 हेतु, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, मंच निर्माण कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
माँ विंध्यवासिनी वार्ड क्रमांक 27, रेवाबंद तालाब के पास, कवर्धा राशि 10.00 लाख रुपए, सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 18, संत रविदास मंदिर भवन के पास, कवर्धा राशि 20.00 लाख रुपए, रंगमंच आहाता निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 22, ठाकुरपारा, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, चौक निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 26, घोटिया रोड, कवर्धा राशि 1.50 लाख रुपए, सामुदायिक भवन सह महिला प्रसाधन एवं चेंजिंग रूम निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 09, छिरपानी कॉलोनी मैदान, कवर्धा राशि 6.00 लाख रुपए, मुरुम सड़क निर्माण कार्य, अटल उद्यान से कलीम खान की निजी भूमि तक, मिनीमाता वार्ड क्रमांक 17, कवर्धा राशि 0.50 लाख रुपए, चौक निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 09-10, कवर्धा राशि 15.00 लाख रुपए,  आहाता निर्माण कार्य, मिनीमाता वार्ड क्रमांक 17, कुम्भकार सामाजिक भवन के पास, कवर्धा राशि 4.50 लाख रुपए, कांक्रीटीकरण कार्य, जुठेल साहू के घर से प्रकाश कौशिक के घर तक, वार्ड क्रमांक 25, ठाकुर देव वार्ड, कवर्धा राशि 3.00 लाख रुपए, कक्ष निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 11 एवं 12, शिव मंदिर के समीप, ग्राम बरपेलाटोला राशि 2.00 लाख रुपए, शेड निर्माण कार्य, शासकीय प्राथमिक शाला सैगोना, ग्राम सैगोना, ग्राम पंचायत मजगांव राशि 1.00 लाख रुपए, रंगमंच निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 01, ग्राम जिंदा राशि 1.50 लाख रुपए,  सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य, कबीर कुटी के पास, ग्राम मानपुर, ग्राम पंचायत सेमो राशि 1.50 लाख रुपए, मुरुम सड़क निर्माण कार्य, मेन रोड से मानक के खेत तक, ग्राम सोहागपुर, ग्राम पंचायत महराटोला राशि 3.00 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

सुकमा के सुदूर अंचलों में गूंजी शिक्षा की नई अलख

सुकमा के सुदूर अंचलों में गूंजी शिक्षा की नई अलख

 जगरगुंडा में भव्य शाला प्रवेशोत्सव, नवप्रवेशी बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत

शासन की योजनाओं का मिला सीधा लाभ, निःशुल्क पुस्तकें, कॉपियां और गणवेश वितरित

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशानुरूप और वन तथा जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में सुकमा जिले के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्र जगरगुंडा में संकुल स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सुदूर वनांचल के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।

’नवप्रवेशी बच्चों का किया गया विशेष स्वागत’

जगरगुंडा, सिलगेर, मिसिगुड़ा, मिलमपल्ली और बंजेपल्ली जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आए नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। पहली बार विद्यालय पहुंचे बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दे रही थी।

’मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान’

कार्यक्रम में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इससे बच्चों में शिक्षा के प्रति प्रेरणा और उत्साह का संचार हुआ। जनप्रतिनिधियों ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत कर अपने क्षेत्र और जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

’शासन की योजनाओं से बच्चों को मिली आवश्यक शिक्षण सामग्री’
राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत सभी नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, पेन तथा गणवेश वितरित किए गए। शिक्षा सत्र के पहले ही दिन आवश्यक सामग्री प्राप्त होने से बच्चों और अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

’शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य  कोरसा सन्नू सहित अन्य अतिथियों ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव है।

’शिक्षा से जुड़ रहा है सुदूर वनांचल’

जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शाला प्रवेशोत्सव अब केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का जनआंदोलन बन चुका है। शासन की योजनाओं और प्रशासन की सक्रिय पहल से अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में भी शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है।

’शिक्षा के उजाले की ओर बढ़ते कदम’

जगरगुंडा में आयोजित यह शाला प्रवेशोत्सव इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं और प्रशासन के सतत प्रयासों से अब सुकमा के सुदूर क्षेत्रों में भी शिक्षा की नई चेतना विकसित हो रही है। यह पहल सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और हर बच्चे को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले। कार्यक्रम में जनपद सदस्य जानकी कवासी,  जनप्रतिनिधि,  पूर्व छात्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, पालक और ग्रामीण उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त

 अवैध खनन और परिवहन पर सरकार का शिकंजा, अधिकारियों से अभद्रता करने वालों पर भी एफआईआर

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई लगातार तेज की जा रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा के अवैध दोहन तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने जैसी गतिविधियों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी कड़ी में संचालक भौमिकी एवं खनिकर्म तथा केंद्रीय खनि उड़नदस्ता प्रभारी  रजत बंसल के निर्देशन में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता और संबंधित जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों ने 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। शिकायतों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में विभिन्न स्थानों पर खनिजों के अवैध परिवहन में संलिप्त कुल सात वाहनों को जप्त किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त

जांच के दौरान मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बरबसपुर क्षेत्र में निम्न श्रेणी चूना पत्थर से लदे दो हाइवा, सूरजपुर जिले के लटोरी में रेत से भरा एक हाइवा तथा खड़गवां में एक टिप्पर पकड़ा गया। वहीं सरगुजा जिले के सकालो और अंबिकापुर क्षेत्र में रेत परिवहन कर रहे तीन टिप्परों पर कार्रवाई की गई। सभी वाहनों को खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत जप्त कर संबंधित थानों में सुरक्षित रखा गया है। कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में एक गंभीर घटना भी सामने आई। जांच कर रही टीम के साथ वाहन मालिक, चालक और उनके सहयोगियों द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच और धमकी दी गई तथा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत थाना गांधीनगर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान, 7 वाहन जप्त

खनिज विभाग ने दोहराया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि कानून का उल्लंघन करने, अधिकारियों को धमकाने अथवा अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य शासन का मानना है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और राजस्व हितों की रक्षा के लिए प्रभावी प्रवर्तन आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में संयुक्त निरीक्षण, निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

खनिज संपदा की नई उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

खनिज संपदा की नई उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरों की प्राप्ति ने प्रदेश को खनिज संपदा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा 200 टन बल्क सैंपल के परीक्षण एवं प्रसंस्करण के बाद कुल 5 हीरे प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट है। यह उपलब्धि क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं की पुष्टि करती है तथा भविष्य में बड़े पैमाने पर निवेश, राजस्व सृजन और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकती है।

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा राज्य शासन को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण, स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन तथा अन्वेषण ड्रिलिंग के आधार पर चिन्हित क्षेत्र से लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्रित कर परीक्षण किया गया। प्रसंस्करण के पश्चात प्राप्त पांच हीरों में दो जेम क्वालिटी तथा तीन अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी प्रबंधन और मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट तथा चूना पत्थर के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अब हीरा संभावनाओं की पुष्टि से प्रदेश की खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी तथा खनिज अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति केवल खनिजों के उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि खनिज आधारित उद्योगों, मूल्य संवर्धन इकाइयों और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। प्रदेश में खनिज संसाधनों के माध्यम से निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार खनिज, कृषि, उद्योग, अधोसंरचना और मानव संसाधन विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य कर रही है। बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र से प्राप्त यह सफलता प्रदेश की खनिज क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी तथा निवेश, रोजगार और समावेशी विकास के नए द्वार खोलेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक अन्वेषण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेश के अन्य संभावित क्षेत्रों में भी खनिज संपदा की खोज को गति मिलेगी, जिससे छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक चरण में प्राप्त यह सफलता भविष्य के विस्तृत अन्वेषण कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संकेत है। इससे क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना, संसाधन क्षमता और संभावित भंडारों के संबंध में व्यापक अध्ययन का मार्ग प्रशस्त होगा। आगामी सर्वेक्षणों एवं परीक्षणों से क्षेत्र की वास्तविक क्षमता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।

उल्लेखनीय है कि बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में किए गए बल्क सैंपल परीक्षण के परिणामस्वरूप प्राप्त हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है तथा आगे की कार्यवाही नियमानुसार और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप की जाएगी।

सुशासन तिहार से बुजुर्गों को मिला सामाजिक सुरक्षा का संबल, 1062 हितग्राहियों की वृद्धावस्था पेंशन हुई स्वीकृत…

सुशासन तिहार से बुजुर्गों को मिला सामाजिक सुरक्षा का संबल, 1062 हितग्राहियों की वृद्धावस्था पेंशन हुई स्वीकृत…

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में आयोजित सुशासन तिहार 2026 प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। जनसमस्या निवारण एवं समाधान शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करते हुए 1062 पात्र हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति प्रदान की गई है।

वृद्धावस्था पेंशन योजना की स्वीकृति मिलने से वरिष्ठ नागरिकों को नियमित आर्थिक सहायता के साथ सामाजिक सुरक्षा का संबल मिलेगा। विकासखंडवार लाभान्वित हितग्राहियों में अम्बिकापुर के 28, लखनपुर के 57, उदयपुर के 369, लुण्ड्रा के 134, बतौली के 325, सीतापुर के 84 तथा मैनपाट के 65 बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें समाधान शिविरों के माध्यम से योजना से जोड़ा गया है।

शिव कुमार दुबे को मिला सम्मानपूर्ण जीवन का भरोसा

ग्राम सखौली निवासी श्री शिव कुमार दुबे ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। समाधान शिविर में उनके आवेदन का त्वरित निराकरण करते हुए उन्हें पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। स्वीकृति पत्र प्राप्त होने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती उम्र में नियमित आय का कोई साधन नहीं होने से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पेंशन राशि मिलने से दैनिक जरूरतों की पूर्ति और जीवन-यापन में काफी सहूलियत होगी। उन्होंने कहा कि पहले ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जबकि अब शासन स्वयं गांव तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का निराकरण कर रहा है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में आ रहा सकारात्मक परिवर्तन

सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविरों का उद्देश्य शासन की सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। वृद्धावस्था पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन से बुजुर्गों को आर्थिक सहायता के साथ सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।
शिव कुमार दुबे जैसे हजारों वरिष्ठ नागरिक आज शासन की संवेदनशील और जनहितैषी पहल से लाभान्वित हो रहे हैं। सुशासन तिहार न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बना है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करने का प्रभावी अभियान भी सिद्ध हो रहा है।

टिश्यू कल्चर तकनीक से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ : वन मंत्री केदार कश्यप

टिश्यू कल्चर तकनीक से किसानों को मिलेगा अधिक लाभ : वन मंत्री केदार कश्यप

 रायपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप आज अरण्य भवन, नवा रायपुर में आज “सागौन प्रबंधन एवं उन्नत सागौन रोपण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में  शामिल हुए। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  अरुण पाण्डेय, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

सागौन है सुरक्षित और लाभकारी हरित निवेश

कार्यशाला को संबोधित करते हुए वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सागौन (टीक) का प्रबंधन और उन्नत रोपण उच्च गुणवत्ता वाली इमारती लकड़ी के उत्पादन और शानदार मुनाफे का सौदा है स उन्होंने कहा कि सागौन विश्व की सबसे मूल्यवान इमारती लकड़ियों में से एक है। इसकी मजबूती, टिकाऊपन और दीमक-रोधी गुणों के कारण इसे लकड़ी का राजा कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लोग भविष्य की सुरक्षा के लिए बैंक में निवेश करते हैं, उसी तरह सागौन का पौधा लगाना भी एक दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश है। इससे किसानों को भविष्य में बेहतर आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है।

टिश्यू कल्चर पौधों से बढ़ेगी उत्पादकता

वन मंत्री  कश्यप ने किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए बताया कि टिश्यू कल्चर तकनीक से तैयार सागौन के पौधे सामान्य पौधों की तुलना में तेजी से बढ़ते हैं। इन पौधों का तना सीधा और गुणवत्तापूर्ण होता है, जिससे बेहतर गुणवत्ता की लकड़ी प्राप्त होती है और किसानों की आय बढ़ती है।

उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

अंतरवर्ती फसलों से होगी अतिरिक्त आमदनी

कश्यप ने बताया कि किसान सागौन रोपण के शुरुआती वर्षों में पौधों के बीच खाली स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसलें लेकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। वहीं 8 से 10 वर्ष बाद वृक्षों की छंटाई (थिनिंग) से भी आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। राज्य शासन द्वारा निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष अनुदान दिया जा रहा है।

5 एकड़ तक के किसानों को 100 प्रतिशत अनुदान

छोटे और सीमांत किसानों के लिए 5 एकड़ तक सागौन रोपण पर 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इसके तहत प्रति पौधा 94.50 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।

बड़े वृक्षारोपण प्रकल्पों को 50 प्रतिशत सहायता

5 एकड़ से अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण करने वाले किसानों एवं संस्थाओं को 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने दी आधुनिक जानकारी

कार्यशाला में कोयम्बटूर से आईं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. रेखा आर. वारियर और डॉ. आर. यशोदा ने किसानों को उन्नत सागौन उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी के चयन, पौधों की देखभाल, रोग प्रबंधन तथा टिश्यू कल्चर आधारित पौधों की विशेषताओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया।

उन्नत सागौन रोपण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

छत्तीसगढ़ में सागौन उत्पादन की व्यापक संभावनाएं

विशेषज्ञों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की जलवायु और मिट्टी सागौन उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त है। बीजापुर, भोपालपटनम, कोटा, अंबागढ़ चौकी, रायगढ़, सराईपाली और नारायणपुर सहित कई क्षेत्रों में सागौन आधारित कृषि वानिकी किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है।

खेत में सागौन, हर किसान समृद्ध किसानों से अपील

कार्यशाला के समापन अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने किसानों से बड़े पैमाने पर सागौन रोपण अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि  श्खेत में सागौन, हर किसान समृद्धश् का संकल्प प्रदेश में हरित विकास और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखेगा।

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि….

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि….

 रायपुर: प्रखर राष्ट्रवादी नेता एवं महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आज लोक भवन में राज्यपाल  रमेन डेका ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर राज्यपाल ने डॉ. मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और को सुदृढ़ करने के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। लोक भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी

CG CABINET MEETING : साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले, पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय…..

CG CABINET MEETING : साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले, पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय…..

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1. मंत्रिपरिषद ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, सशक्तीकरण, विभागीय योजनाओं के अभिसरण और डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने के लिए आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए *’’विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना* छत्तीसगढ़’’ के प्रारूप का अनुमोदन किया है। भारत सरकार के अधिनियम, 2025 के अनुरूप लागू की जा रही इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी।

इस योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविकामूलक परिसंपत्तियों के विकास तथा ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत आधारित समेकित विकास, विभागीय योजनाओं के अभिसरण तथा पीएम गति शक्ति से समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। विकास कार्यों की बेहतर कार्ययोजना एवं निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्रणालियों का उपयोग करते हुए पारदर्शिता, सुशासन एवं जवाबदेही को सुदृढ़ किया जाएगा।

इस योजना के क्रियान्वयन में केंद्र एवं राज्य के व्यय का अनुपात 60ः40 रहेगा तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

2. मंत्रिपरिषद की बैठक में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से *’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* योजना प्रारंभ करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सृजन केंद्र (हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प आदि), प्रसंस्करण इकाइयां (दलहन, तिलहन, राइस मिल, डेयरी आदि), सेवा केंद्र (कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत, अटल डिजिटल केंद्र आदि), विपणन केंद्र तथा आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य उपलब्ध अधोसंरचना और मशीनरी का बेहतर उपयोग करते हुए स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे तथा स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को नोडल एजेंसी तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है।

*’’अटल आजीविका समृद्धि हाट’’* के माध्यम से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, सेवा व्यवसाय, डिजिटल तकनीक, हरित ऊर्जा तथा ग्रामीण बाजारों को नई गति मिलेगी और प्रदेश की ग्रामीण आजीविका को मजबूत आधार प्राप्त होगा।

3. मंत्रिपरिषद ने आज *“छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy), 2026”* के प्रारूप का भी अनुमोदन किया है। इस नीति के माध्यम से राज्य में उपलब्ध कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट एवं अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन कर उन्हें स्वच्छ गैसीय ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस में परिवर्तित किया जाएगा।

इस नीति से अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जैव उर्वरक उत्पादन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुसार राज्य में लगभग 5 लाख टन प्रतिवर्ष CBG उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य नोडल एजेंसी तथा ऊर्जा विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशासनिक आदेश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है।

ब्रेकिंग : बांध में पलटी 9 लोगों से भरी नाव, 3 ग्रामीण ग्रामीण डूबे, मची चीख पुकार, रेस्क्यू जारी

ब्रेकिंग : बांध में पलटी 9 लोगों से भरी नाव, 3 ग्रामीण ग्रामीण डूबे, मची चीख पुकार, रेस्क्यू जारी

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर से बड़ी खबर सामने आई है। जहां 9 ग्रामीणों से भरी नाव बतरा बांध में पलट गई। 6 लोगों ने तैरकर अपनी जान बचा ली मगर 3 ग्रामीण लापता हो गए हैं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और DDRF की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरु कर दिया है।

दरअसल, यह पूरा मामला करंजी चौकी क्षेत्र के बतरा इलाके का है। बताया जा रहा है कि प्रतिबंध के बाद भी रात अंधेरे में 9 लोग मछली पकड़ने के लिए बांध में गए थे। इस दौरान उनकी नाव पलट गई। घटना के बाद 6 लोगों ने किसी तरह से तैरकर अपनी जान तो बचा ली, मगर 3 लोग लापता हो गए।

इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस DDRF की टीम के साथ मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान में जुट गई है।

महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरों की प्राप्ति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम

महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में हीरों की प्राप्ति से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम

 प्रदेश में हीरा उद्योग, निवेश और रोजगार की संभावनाएं हुईं मजबूत

वैज्ञानिक अन्वेषण की सफलता से खनिज क्षेत्र में खुलेंगे नए अवसर, राज्य को मिलेगा राजस्व एवं आर्थिक विकास का नया स्रोत

खनिज संपदा की नई उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के विकास को मिलेगा नया आयाम : मुख्यमंत्री

रायपुर--छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र स्थित बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरों की प्राप्ति ने प्रदेश को खनिज संपदा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा 200 टन बल्क सैंपल के परीक्षण एवं प्रसंस्करण के बाद कुल 5 हीरे प्राप्त हुए हैं, जिनका कुल वजन 1.22 कैरेट है। यह उपलब्धि क्षेत्र में हीरा खनिजीकरण की संभावनाओं की पुष्टि करती है तथा भविष्य में बड़े पैमाने पर निवेश, राजस्व सृजन और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकती है।

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा राज्य शासन को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में किए गए वैज्ञानिक सर्वेक्षण, स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन तथा अन्वेषण ड्रिलिंग के आधार पर चिन्हित क्षेत्र से लगभग 200 टन खनिज सामग्री का बल्क सैंपल एकत्रित कर परीक्षण किया गया। प्रसंस्करण के पश्चात प्राप्त पांच हीरों में दो जेम क्वालिटी तथा तीन अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक अन्वेषण, पारदर्शी प्रबंधन और मूल्य संवर्धन आधारित औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पहले से ही देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल है और लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट तथा चूना पत्थर के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अब हीरा संभावनाओं की पुष्टि से प्रदेश की खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी तथा खनिज अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति केवल खनिजों के उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि खनिज आधारित उद्योगों, मूल्य संवर्धन इकाइयों और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। प्रदेश में खनिज संसाधनों के माध्यम से निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार खनिज, कृषि, उद्योग, अधोसंरचना और मानव संसाधन विकास के सभी क्षेत्रों में समान रूप से कार्य कर रही है। बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र से प्राप्त यह सफलता प्रदेश की खनिज क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी तथा निवेश, रोजगार और समावेशी विकास के नए द्वार खोलेगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैज्ञानिक अन्वेषण और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रदेश के अन्य संभावित क्षेत्रों में भी खनिज संपदा की खोज को गति मिलेगी, जिससे छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक चरण में प्राप्त यह सफलता भविष्य के विस्तृत अन्वेषण कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण संकेत है। इससे क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना, संसाधन क्षमता और संभावित भंडारों के संबंध में व्यापक अध्ययन का मार्ग प्रशस्त होगा। आगामी सर्वेक्षणों एवं परीक्षणों से क्षेत्र की वास्तविक क्षमता का अधिक सटीक आकलन किया जा सकेगा।

उल्लेखनीय है कि बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में किए गए बल्क सैंपल परीक्षण के परिणामस्वरूप प्राप्त हीरों को सुरक्षित अभिरक्षा में एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है तथा आगे की कार्यवाही नियमानुसार और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप की जाएगी।

जहां कभी आतंक और भय का माहौल था, वहां आज विकास, विश्वास और अवसरों का नया दौर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

जहां कभी आतंक और भय का माहौल था, वहां आज विकास, विश्वास और अवसरों का नया दौर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प और सुरक्षा बलों के शौर्य से बस्तर में लौटी शांति और विकास की नई रोशनी  - मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

रायपुर-प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को विकास और जनविश्वास की विजय बताते हुए कहा है कि सरकार ने नक्सलवाद और माओवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया था और आज उसके सकारात्मक परिणाम पूरे देश के सामने हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय, हिंसा और अविश्वास का वातावरण था, वहां आज विकास, सुशासन और नई संभावनाओं का युग प्रारंभ हो चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एक समय नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य नागरिक निरंतर भय के साये में जीवन जीने को मजबूर थे। लोगों को अपनी सुरक्षा, आजीविका और सम्मान की चिंता रहती थी। विकास कार्यों को आगे बढ़ाना अत्यंत कठिन था। सड़क निर्माण से लेकर संचार सुविधाओं के विस्तार तक हर प्रयास का हिंसक विरोध किया जाता था। कई बार निर्माण सामग्री को जला दिया जाता था, ठेकेदारों को धमकाकर भगा दिया जाता था और विकास कार्यों को रोकने की कोशिश की जाती थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बीते वर्षों में हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया, हजारों मोबाइल टावर स्थापित किए गए और दूरस्थ गांवों तक संचार सुविधाएं पहुंचाई गईं। बैंकिंग सेवाओं, डाक सेवाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया गया। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में विश्वास और अवसरों का विस्तार है।

प्रधानमंत्री  मोदी ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल बम, बंदूक और गोली के सहारे नहीं लड़ी गई। सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ जनसामान्य की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने पर भी समान रूप से ध्यान दिया। शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, गरीबों को अधिकार दिलाने और लोकतंत्र के प्रति विश्वास मजबूत करने के निरंतर प्रयास किए गए। इसी का परिणाम है कि आज नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आमजन का भरोसा लोकतांत्रिक व्यवस्था और विकास की प्रक्रिया में बढ़ा है।

प्रधानमंत्री ने बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां कभी आतंक और हिंसा का माहौल था, वहां आज युवाओं की ऊर्जा खेल और प्रतिभा के माध्यम से सामने आ रही है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में लाखों युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि अब वहां के युवा हिंसा के रास्ते को नहीं, बल्कि अवसर, शिक्षा, खेल और विकास के मार्ग को अपना रहे हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘नेशन फर्स्ट’ संकल्प, दूरदर्शी नेतृत्व और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस ने बस्तर सहित पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था, वहां आज विकास का आत्मविश्वास दिखाई देता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, बैंकिंग और जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच ने लोगों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति, सुरक्षा बलों की वीरता तथा स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद का अध्याय अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान हिंसा नहीं, बल्कि विकास, जनभागीदारी, खेल, पर्यटन और नई संभावनाओं से बन रही है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन और अंत्योदय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़  विकास और सुशासन का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा तथा बस्तर देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

 

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी - मुख्यमंत्री साय

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी - मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री ने बलिदान दिवस पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की

रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रख्यात शिक्षाविद्,भारत के प्रथम उद्योग मंत्री, राष्ट्रवादी चिंतक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना संपूर्ण जीवन देश सेवा के लिए समर्पित किया। उनके विचार, संघर्ष और त्याग भारतीय लोकतंत्र एवं राष्ट्रवादी चिंतन की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया तथा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। राष्ट्र की अखंडता और सांस्कृतिक अस्मिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रत्येक देशवासी के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्श और सिद्धांत हमें निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर ही हम राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह,  राम गर्ग सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में 510 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजनांदगांव में 510 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 333 विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

 फसल विविधीकरण, जल संरक्षण और किसान समृद्धि के मॉडल के रूप में उभर रहा है राजनांदगांव : मुख्यमंत्री श्री साय

कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन-तिलहन की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का प्रोत्साहन

सीएम हेल्पलाइन 1076, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं और बिजली बिल समाधान योजना से जनता को मिल रही राहत

रायपुर- किसानों की समृद्धि, गांवों का विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश में विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन एवं लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव जिले को 510 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की लागत के 333 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिवनाथ नदी के मोहारा मेला स्थल से ऑक्सीजन जोन तक सस्पेंशन ब्रिज, ईरा एनीकट निर्माण एवं संरक्षण कार्य, कुमरदा-गेंदाटोला-कल्लूबंजारी मार्ग निर्माण तथा घुमरिया व्यपवर्तन जीर्णोद्धार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजनांदगांव जिले ने फसल चक्र परिवर्तन और जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। यहां किसानों को पारंपरिक खेती के साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य लाभकारी फसलों की ओर प्रेरित किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन अथवा अन्य फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और अन्य किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि सुशासन को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने सीएम हेल्पलाइन 1076 प्रारंभ की है, जहां नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज कराकर निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इसी प्रकार ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के माध्यम से आय, जाति, निवास सहित विभिन्न विभागों की 400 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत प्रदान की जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के जरिए आम नागरिकों को बिजली बिल से दीर्घकालिक राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपने घरों में रूफटॉप सोलर लगाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप आवास, बिजली, पानी, सड़क और डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि फसल चक्र परिवर्तन एवं जल संरक्षण के लिए किसानों एवं ग्रामवासियों में जागृति लाने के लिए पद्मश्री फूलबासन बाई यादव महिला स्वहसहायता समूह की महिलाओं के साथ अप्रैल-मई की दोपहरी में यात्रा करती रही और एक अद्भुत कार्य किया गया। राजनांदगांव में फसल चक्र परिवर्तन होने से 
फसल विविधीकरण के लिए किसान प्रेरित हुए हैं।

कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन एवं एबीस एक्सपोर्ट के बीच किसानों के सोयाबीन उत्पाद की खरीदी के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों, कृषि सखी दीदियों, सरपंचों तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का सम्मान किया गया और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषकों को मिनी किट वितरित किए गए।

इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद  संतोष पांडे, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

 

राज्य सरकार का बड़ा फैसला: सहकारी बैंक अनियमितता पर कड़ा प्रहार

राज्य सरकार का बड़ा फैसला: सहकारी बैंक अनियमितता पर कड़ा प्रहार

 सैकड़ों किसानों को मिली राहत; खाद-बीज वितरण फिर शुरू

सहकारी बैंक की शाखाओं में वित्तीय अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई

दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर और विभागीय कार्रवाई

कृषि मंत्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयास रंग लाए, ईडी जांच का किया स्वागत

रायपुर--मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज तथा रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रभावित किसानों को राहत प्रदान की है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री  रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों और किसानों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण  दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप अब प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को पुनः खाद एवं बीज मिलना शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज तथा रामचंद्रपुर क्षेत्र की समितियों में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और गबन के मामलों ने सैकड़ों किसानों को प्रभावित किया था। अनियमितताओं के कारण किसानों को समय पर नकद ऋण, खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे, जिससे उनमें असंतोष का वातावरण बन गया था।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए बैंक प्रशासन और राज्य सरकार ने दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की। कई कर्मचारियों को निलंबित किया गया तथा संबंधित मामलों की जांच जारी है। जानकारी के अनुसार प्रभावित शाखाओं से जुड़े लगभग 497 किसानों की शिकायतों में 30 करोड़ 51 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।

सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से त्वरित कार्ययोजना बनाते हुए संबंधित समितियों को पात्र किसानों की सूची तैयार कर मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। सूची प्राप्त होने के बाद ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया तेज़ी से शुरू की जा रही है, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक खाद, बीज और अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकें।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता किसानों को सहूलियत प्रदान करना और उनकी कृषि गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। मंत्री नेताम ने यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है और उन्होंने ईडी की जांच का स्वागत किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि निष्पक्ष जांच से पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी तथा दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री  नेताम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों में भरोसा बढ़ा है। खाद-बीज वितरण व्यवस्था के पुनः शुरू होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है और आगामी कृषि सीजन की तैयारियों को नई गति मिली है। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और सहकारी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर छत्तीसगढ़ से गूंजेगा हरित भारत का संदेश

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर छत्तीसगढ़ से गूंजेगा हरित भारत का संदेश

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय करेंगे 2036 पौधों के वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पलौद में होगा आयोजन

रायपुर--अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर 23 जून को छत्तीसगढ़ में खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बीएसएफ कैंप, नया रायपुर स्थित ग्राम पलौद में विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री होंगे मुख्य अतिथि

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 1 बजे होगा। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति से खिलाड़ियों, खेल संगठनों तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ेगा।

2036 पौधों के रोपण का लक्ष्य

भारतीय ओलंपिक संघ के आह्वान पर इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 2036 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जलवायु संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

खेल और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश

इस आयोजन के माध्यम से खिलाड़ियों और युवाओं को खेलों के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। वृक्षारोपण अभियान प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण तथा स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ का मानना है कि मुख्यमंत्री की सहभागिता से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी। इससे खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ेगी।

हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार जनभागीदारी आधारित अभियान चला रही है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम खेल और प्रकृति के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा तथा ‘हरित छत्तीसगढ़-हरित भारत’ के संकल्प को और मजबूत करेगा।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, कई जिलों में झमाझम बारिश, गर्मी से मिली राहत, अगले 5 दिन बारिश-आंधी के आसार

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, कई जिलों में झमाझम बारिश, गर्मी से मिली राहत, अगले 5 दिन बारिश-आंधी के आसार

 रायपुर. गर्मी और उमस से परेशान हो रहे लोगों के लिए मानसून राहत बनकर आया है. काफी दिनों से दहलीज पर अटके मानसून ने 22 जून को छत्तीसगढ़ में एंट्री की, जिससे कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल गया. दंतेवाड़ा, बीजापुर, रायपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश हुई. इसके प्रभाव से तापमान में गिरावट भी हुई. मंगलवार सुबह राजधानी रायपुर में मौसम सुहावना बना हुआ है. 

मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक मध्य क्षेत्रों में तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री तक अधिक रहने की संभावना जताई है. वहीं प्रदेश में अगले 5 दिनों बारिश और आंधी की गतिविधि के आसार हैं. सोमवार को  एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. सबसे ज्यादा तापमान 40 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में, जबकि सबसे कम तापमान जगदलपुर 22.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.    

रायपुर में बारिश के संकेत

रायपुर में फिर बादल बरस सकते हैं. आसमान में बादल छाने, बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

इन इलाकों में बरस गए बादल 

प्रदेश में सबसे ज्यादा दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश हुई. बस्तर जिला के जगदलपुर में 5 सेमी और नानगुर में 2 सेमी, दंतेवाड़ा जिले के कुआकोंडा में 3 सेमी, कटेकल्याण और गीदम में 1 सेमी, बलरामपुर में 2 सेमी पानी गिरा. इसके अलावा भैरमगढ़, गादीरास में 1-1 सेमी बारिश हुई.

सिनोप्टिक सिस्टम

मौसम विभाग ने जानकारी दी कि औसत समुद्र तल पर मौसमी द्रोणिका राजस्थान से उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली हुई है। वहीं तेलंगाना से रायलसीमा और तमिलनाडु होते हुए मन्नार की खाड़ी तक एक द्रोणिका बना हुआ है।

बारिश और तेज हवा चलने की चेतावनी 

प्रदेश के कुछ स्थानों पर आज हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है. 50 किमी की रफ़्तार से तेज हवाएं चल सकती है. साथ ही गरज चमक के साथ वज्रपात के भी आसार हैं. दो दिन बाद इसी तरह का मौसम बने रह सकता है. वज्रपात और तेज हवा (40-50 KMPH) चलने की संभावना है.

CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की अहम बैठक आज...कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

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 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह 11 बजे अपने निवास से मंत्रालय के लिए रवाना होंगे. सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक मंत्रिपरिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे तक आर्थिक मामलों की मंत्रिपरिषद समिति की बैठक लेंगे. दोपहर 1:30 बजे से शाम 5 बजे तक मंत्रालय में शासकीय कार्यों में व्यस्थ रहेंगे. शाम 5 बजे मंत्रालय से ग्राम पलौद स्थित बीएसएफ कैंप के पास आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे और 5:10 बजे से 5:40 बजे तक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. मुख्यमंत्री शाम 6:10 बजे मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.

हाथी प्रभावित वनांचल में प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सुरक्षा की ढाल

हाथी प्रभावित वनांचल में प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सुरक्षा की ढाल

 -सूरजपुर के करमचन्द्र को मिला पक्का घर, हाथियों के भय और असुरक्षा से मिली राहत

रायपुर--छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले अनेक परिवारों के लिए सुरक्षित आवास केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ वन्यजीवों के खतरे का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है।

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघरा निवासी  करमचन्द्र का परिवार वर्षों तक मिट्टी और खपरैल से बने जर्जर कच्चे मकान में रहता था। यह गांव हाथियों के नियमित आवागमन वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां हर वर्ष हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों को भय और असुरक्षा के बीच जीवन यापन करना पड़ता है। कच्चे मकान की कमजोर दीवारें और छत परिवार की चिंता को और बढ़ा देती थीं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता मिलने के बाद  करमचन्द्र के जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई। योजना के अंतर्गत प्राप्त शासकीय सहायता तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अभिसरण से उपलब्ध श्रम सहयोग ने आवास निर्माण को गति प्रदान की। स्थानीय पंचायत, जनपद पंचायत और प्रशासनिक अमले के समन्वित प्रयासों से निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा कराया गया।

हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण निर्माण सामग्री को सुरक्षित रूप से निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों के सहयोग से सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। हाथियों की मौसमी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आवास का निर्माण समय पर पूर्ण किया गया।

आज  करमचन्द्र का परिवार मजबूत पक्के मकान में सुरक्षित जीवन बिता रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के समन्वय से निर्मित शौचालय ने परिवार की सुविधाओं में वृद्धि की है और खुले में जाने की आवश्यकता समाप्त हुई है। इससे वन्यजीवों से संभावित जोखिम भी कम हुआ है।

 करमचन्द्र बताते हैं कि पहले हाथियों के गांव के आसपास आने की सूचना मिलते ही पूरा परिवार भयभीत हो जाता था, लेकिन अब पक्के घर के कारण उन्हें सुरक्षा का विश्वास मिला है। उनके अनुसार यह आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन का आधार है।