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खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है: मंत्री राजेश अग्रवाल

खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है: मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल गांधी स्टेडियम, अंबिकापुर में सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संघर्ष करने का जज्बा भी सिखाते हैं। खेलों से बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनते हैं तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को पूरे समर्पण, ईमानदारी और खेल भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा का वास्तविक उद्देश्य प्रतिभा को निखारना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास जारी रखने और प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

समापन समारोह में फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता एवं उपविजेता टीमों को पदक और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को जिला स्तरीय सहभागिता प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। बालिका वर्ग के फाइनल में सरगुजा बॉयलर्स ने सरगुजा फाइटर्स को पराजित कर खिताब अपने नाम किया, जबकि बालक वर्ग के फाइनल में सरगुजा लायंस ने सरगुजा ब्लैक पैंथर्स को हराकर चौम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया।

जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप का आयोजन खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मैचों का अनुभव उपलब्ध कराने और जिले में बास्केटबॉल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच  राजेश प्रताप सिंह, पूर्व खिलाड़ी एवं समाजसेवी संजय अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री निशांत सिंह गोयल सहित खेल प्रेमी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजन समिति एवं जिला बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि  कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक  जे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी  सीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ होगी बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ होगी बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसके प्रभाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। आज 25 जून को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में कहीं न कहीं बारिश दर्ज की गई। दंतेवाड़ा और रायगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई। वहीं, बुधवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।

आज कैसा रहेगा मौसम?

आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में आज दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश और तेज अंधड़ चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

अगले दो दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जारी रहेंगी। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी।

 
CG – फिर बिना दुल्हन लिए वापस लौटी बारात, शादी के मंडप में हुआ कुछ ऐसा, दुल्हन से शादी से किया इंकार

CG – फिर बिना दुल्हन लिए वापस लौटी बारात, शादी के मंडप में हुआ कुछ ऐसा, दुल्हन से शादी से किया इंकार

 जांजगीर-चांपा। जिले में मुस्कान प्रधान ने नशे में धुत्त दूल्हे के साथ घर में आई बारात को बैरंग लौटाकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। मुस्कान की इस हिम्मत की दाद देते हुए पुलिस अधीक्षक ने उनका सम्मान करते हुए जिले का आईकॉन करार दिया। कोसमंदा की बेटी मुस्कान प्रधान ने वह काम किया है, जिसे करने की बहुत से लोग हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। 

मुस्कान के घर शराब पीकर दूल्हा बारात लेकर पहुंचा था। इस बात की जानकारी मिलते ही सोलह श्रृंगार कर बैठी ने मुस्कान ने शादी से इंकार कर दिया। दुल्हन के इंकार किया जाना दूल्हे पक्ष को मंजूर नहीं हुआ, और दुल्हन को ले जाने के लिए अड़ा रहा।

दुल्हन के इंकार और दूल्हे की जिद की वजह से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। लेकिन दूल्हे की हरकत को देखते हुए मुस्कान के परिवारवालों ने भी उसका साथ दिया। फिर भी जब दूल्हे पक्ष वाले नहीं माने तो फिर पुलिस का बुलाना पड़ा। आखिरकार पूरे माहौल को खिलाफ में देखते हुए बारात वापस खोखरा गांव लौट गई। 

मुस्कान के इंकार करने के पीछे एक बड़ा दर्द भी छिपा था। दरअसल, 10वीं कक्षा तक पढ़ी मुस्कान तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी है. मुस्कान का पिता भी शराबी था, जिसका शादी के 15 साल बाद निधन हो गया। परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते माता और भाई-बहनों की तकलीफ को देख चुकी मुस्कान ने अपनी जिंदगी को अपनी मां की तरह बर्बाद नहीं होने देने का निर्णय लिया।

शराबी दूल्हे को लौटाए जाने की केवल परिवार और गांव वाले के ही नहीं बल्कि प्रशासन भी मुस्कान के साथ खड़ा है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ महिला और सामाजिक संगठनों ने मुस्कान के इस साहसिक कदम का सम्मान किया। एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने मुस्कान को नशे के खिलाफ जिला का आइकान बताया। इसके साथ ही मुस्कान को काउंसलर की नियुक्ति दी गई है। यही नहीं पुलिस ने मुस्कान के कॉलेज तक ही शिक्षा का खर्च वहन करने का निर्णय लिया है।

ब्रेकिंग : ये IPS बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

ब्रेकिंग : ये IPS बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

 रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज के नए आईजी नियुक्त किए हैं। इसका आदेश आज गृह (पुलिस) विभाग ने जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ मीणा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

राज्य  सरकार द्वारा जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद मीणा अब बस्तर रेंज की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल होने के कारण यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार के आदेश के अनुसार यह पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

ब्रेकिंग : महतारी वंदन योजना में फिर से जुड़ेंगे नाम, जानिए कब से खुलेगा पोर्टल

ब्रेकिंग : महतारी वंदन योजना में फिर से जुड़ेंगे नाम, जानिए कब से खुलेगा पोर्टल

 रायपुर। महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। योजना से अब तक नहीं जुड़ पाईं विवाहित महिलाओं के लिए जल्द ही पोर्टल खोलने की तैयारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री की अनुमति मिल चुकी है, और अगले एक सप्ताह के भीतर पोर्टल शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने चर्चा में बताया कि पोर्टल खोलने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। सबसे पहले बस्तर संभाग के जिलों में पोर्टल खोला जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के अन्य संभागों में भी आवेदन और पंजीयन की सुविधा शुरू की जाएगी। इस माध्यम से सरकार का उद्देश्य उन पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहुंचाना है, जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर सकी हैं, या जिनका नाम योजना में शामिल नहीं हो पाया है।

बता दें कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। पोर्टल खुलने से बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं को राहत मिलेगी जो लंबे समय से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रही थीं।

पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगी। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

 रायपुर--छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री  जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोडऩे तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री  जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

एल-नीनो के असर से कम बारिश की आशंका, दलहन-तिलहन की खेती अपनाने पर सरकार देगी 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

एल-नीनो के असर से कम बारिश की आशंका, दलहन-तिलहन की खेती अपनाने पर सरकार देगी 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

 रायपुर। प्रदेश में इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को मौसम के अनुरूप फसल प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से अपलैंड एवं कम जलधारण क्षमता वाली भूमि में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।

कृषि विभाग के अनुसार कम वर्षा की संभावित परिस्थितियों में अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मूंगफली, तिल, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी जैसी फसलें बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। ये फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं तथा प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में किसानों के लिए जोखिम को कम करती हैं।

दलहन-तिलहन की खेती पर मिलेगा प्रोत्साहन

राज्य शासन द्वारा किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत अपलैंड क्षेत्रों में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर की जाती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी हैं वैकल्पिक फसलें

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन एवं तिलहन फसलें कम लागत में बेहतर उत्पादन देने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दलहनी फसलें भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में सहायक होती हैं, जिससे आगामी फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। साथ ही इन फसलों का बाजार मूल्य अपेक्षाकृत अच्छा होने से किसानों की आय में वृद्धि की संभावना रहती है।

अल्प अवधि की धान किस्मों के चयन की सलाह

कृषि विभाग ने मध्यम भूमि वाले क्षेत्रों के किसानों को भी संभावित कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अल्प अवधि में तैयार होने वाली धान किस्मों का चयन करने की सलाह दी है। इससे जल उपलब्धता की अनिश्चितता के बावजूद उत्पादन जोखिम को कम किया जा सकेगा।

कृषि विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल चयन करने, फसल विविधीकरण अपनाने तथा शासन की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है। विभाग का मानना है कि मौसम आधारित कृषि रणनीति अपनाकर किसान न केवल संभावित सूखे के प्रभाव को कम कर सकते हैं, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

 

CG : हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2026 के पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन परिणाम जारी

CG : हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2026 के पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन परिणाम जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल , रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन के परीक्षा परिणाम आज दिनांक 24 जून 2026 को जारी कर दिए गए हैं। परीक्षार्थी मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.cgbse.nic.in पर अपना अनुक्रमांक प्रविष्ट कर परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।

मोदी के 12 वर्ष: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से आत्मनिर्भर भारत की नई इबारत — बृजमोहन अग्रवाल

मोदी के 12 वर्ष: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से आत्मनिर्भर भारत की नई इबारत — बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के स्वर्णिम अध्याय की एक सुनहरी दास्तान है। विश्वास, विकास और जनकल्याण की यह एक नई गाथा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विकास, आत्मनिर्भरता, वैश्विक सम्मान और गरीब कल्याण का पर्याय बन चुके हैं। वे नए भारत, आत्मनिर्भरता और आत्म संबल का नया अध्याय हैं। पिछले 12 सालों में उनकी सरकार की

योजनाएं कागज से निकलकर जनता के जीवन तक सीधे सीधे पहुंचीं हैं। देश के सभी राज्यों में विकास की नई नई इबारतों के साथ छत्तीसगढ़ में रेलवे पर 50 हजार करोड़ और सड़कों पर 70 हजार करोड़ के कार्य अभी जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व तले देश ने विश्वास, विकास और जनकल्याण की अभूतपूर्व यात्रा की है। यह कालखंड केवल मोदी सरकार के कार्यकाल का नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण, गरीबों के सशक्तिकरण,किसानों के सम्मान, महिलाओं के उत्थान और देश के गौरव को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का स्वर्णिम अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बने हैं। 10 जून को उनके नेतृत्व के 12 साल पूरे हुए हैं।

इस दौरान देश में सुशासन, पारदर्शिता और सेवा भाव पर आधारित शासन व्यवस्था स्थापित हुई है, जिसके कारण जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है। मोदी सरकार ने पहली बार योजनाओं को जाति, वर्ग और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठाकर महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण पर केंद्रित किया। योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा है। यही कारण है कि आज देश का प्रत्येक नागरिक सरकार की योजनाओं को अपने जीवन में महसूस कर रहा है।

मोदी सरकार की सबसे बड़ी ताकत जनता का अटूट विश्वास है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यभार संभाला था तब देश के केवल 7 राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें थीं, जबकि आज 22 राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकारें हैं। यह जनता के भरोसे और सरकार की जनसेवा का ही सबसे सार्थक प्रमाण है। वर्तमान में

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है तथा लाखों करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचे हैं। इसी प्रभावी व्यवस्था के कारण देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अथाह मेहनत का ही सुफल परिणाम है। आज का भारत आतंकवाद और दुश्मनों के सामने झुकने वाला नहीं, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से मुंहतोड़ जवाब देने वाला नया भारत है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा और सम्मान दोनों लगातार मजबूत हुए हैं। जनधन योजना के माध्यम से 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए, जिनमें 32 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के हैं। इससे आर्थिक समावेशन को नई गति मिली है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलाव भी काफ़ी महत्वपूर्ण और अहम हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। अब 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आवास, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। तभी तो

देशभर में 4 करोड़ से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाए गए, 11 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए गए तथा 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर स्वच्छ भारत अभियान को जन आंदोलन बनाया गया

जल जीवन मिशन में 16 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया गया है, जिससे ग्रामीण जीवन और स्वास्थ्य दोनों में व्यापक सुधार आया है।

पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से लाखों रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को सहायता मिली है, जबकि मुद्रा योजना के तहत करोड़ों लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को नई ताकत मिली है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए भी मोदी सरकार के प्रयास सराहनीय हैं।

देश में पहली बार विशेष रूप से जनजातीय समुदायों, विशेषकर अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। मोदी के बहुआयामी नेतृत्व में

देश में सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। जहां पहले प्रतिदिन लगभग 11 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनते थे, वहीं आज यह गति 34 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

रेलवे के आधुनिकीकरण, विद्युतीकरण और अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से देशभर के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। मोदी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में विकास कार्य बेहद जनकल्याणकारी सिद्ध हो रहे हैं। पहले रेलवे के लिए वार्षिक बजट कुछ सौ करोड़ रुपये तक सीमित रहता था, वहीं आज छत्तीसगढ़ में ही लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है और प्रतिवर्ष लगभग 7 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा

छत्तीसगढ़ में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं संचालित हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारों जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई गति देंगी।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24 लाख से अधिक आवासों का निर्माण हुआ है। विष्णुदेव साय सरकार के गठन के बाद 18 लाख नए आवासों की स्वीकृति दी गई है, जो राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा आवास अभियान है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में 2902 किलोमीटर सड़कों के निर्माण सहित लगभग 2700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही कद्दावर नेतृत्व की वज़ह से आज हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया है।

कोरोना महामारी के दौरान भारत ने दुनिया को अपनी क्षमता दिखाई। देश ने न केवल अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की बल्कि वैक्सीन मैत्री अभियान के माध्यम से अनेक देशों की भी सहायता की।

आज देश की प्राचीन पुरातन

योग प्रणाली को विश्व के 177 से अधिक देशों ने स्वीकार किया है।

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अनुकरणीय पहल से ही यह सम्भव हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए गए सर्वोच्च सम्मान भारत की 140 करोड़ जनता के सम्मान का प्रतीक हैं। अब मोदी केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, निर्णायक नेतृत्व, आत्मनिर्भर भारत, वैश्विक सम्मान, गरीब कल्याण और नए भारत के संकल्प के प्रतीक हैं। आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी कार्यशैली से भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर किया है।

पिछले 12 सालों में मोदी जी ने जितने जनकल्याणकारी कार्य किए हैं, उतने कॉंग्रेस के पिछले 68 वर्षों के कार्यकाल में नहीं हुए। आज भारत की पहचान वैश्विक पटल पर सम्मान के साथ लगातार बढ़ती जा रही है, जो कि मोदी जी के नेतृत्व का ही सुनहरा परिणाम है।

देश में 500 सालों बाद राम मंदिर का निर्माण हो या कश्मीर से अनुच्छेद 370 का खात्मा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रहित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के ऐतिहासिक 4399 दिनों (मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों) के सफल कार्यकाल में अंत्योदय देश में हर जगह साकार हुआ है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना था कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े, सबसे गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए और उनके घर में उन्नति का ‘दीया’ जले। इस संकल्प को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धरातल पर उतारा है। और इस तरह ही अंत्योदय देश की ग्रामीण व्यवस्था में देखने को मिला है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के 4 करोड़ से अधिक गरीबों को पक्की छत प्रदान की गई है। पहले इसमें जहां मामूली राशि मिलती थी, वहीं आज पारदर्शिता के साथ 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिससे गरीबों के पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है।

गांव की महिलाओं और परिवारों के सपनों को पूरा करते हुए ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से हर घर में शुद्ध पेयजल और स्वच्छता के लिए घरों में शौचालय बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।

गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना एक वरदान सिद्ध हुई है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट ऑपरेशन, किडनी/लिवर की बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान कर मोदी जी ने गरीबों को आर्थिक तंगी से बड़ी राहत दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव-गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है और हर घर तक बिजली पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव, गरीब, किसान और नौजवानों के उत्थान की जो बयार बह रही है, वह वास्तव में ‘अंतिम व्यक्ति के उत्थान’ (अंत्योदय) का ही प्रमाण है। और असली भारत देश के गांव में बसने वाले उसी अंतिम व्यक्ति के प्राणों में बसता है।

Train Cancelled : छत्तीसगढ़ में आज से कई ट्रेनें रद्द, 29 जून तक यात्री रहेंगे प्रभावित, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट

Train Cancelled : छत्तीसगढ़ में आज से कई ट्रेनें रद्द, 29 जून तक यात्री रहेंगे प्रभावित, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन में अंडरब्रिज निर्माण कार्य के चलते आज 25 जून से कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया है। रेलवे द्वारा रिलीविंग गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य के कारण 25 से 29 जून 2026 तक 10 ट्रेनों को रद्द और 3 ट्रेनों के परिचालन में आंशिक बदलाव किया गया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस कार्य का असर रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी रूट पर चलने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।

आज (25 जून) रद्द रहने वाली ट्रेनें

68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर

58205 रायपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर

आज (25 जून) आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें

68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू: गोंदिया से नहीं चलेगी, बिलासपुर से प्रारंभ होगी।

68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू: बिलासपुर में ही समाप्त होगी, आगे गोंदिया तक नहीं जाएगी।

58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर: बिलासपुर तक ही चलेगी, बिलासपुर–रायपुर के बीच रद्द रहेगी।

रेलवे ने बताया कि 26, 28 और 29 जून को भी अलग-अलग ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसलिए जिन यात्रियों की यात्रा इन दिनों निर्धारित है, वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश- मोहर्रम जुलूस में डीजे व आतिशबाजी पर नहीं रहेगा वक्फ बोर्ड का प्रतिबंध

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश- मोहर्रम जुलूस में डीजे व आतिशबाजी पर नहीं रहेगा वक्फ बोर्ड का प्रतिबंध

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले पारंपरिक सामाजिक जुलूसों में डीजे , ब्रास बैंड, धुमाल और आतिशबाजी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले एक हालिया नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। 'सूफी इस्लामिक बोर्डÓ द्वारा दायर रिट याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए विवादित आदेश के क्रियान्वयन को आगामी सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।

अदालत ने माना कि चूंकि मोहर्रम पर्व के धार्मिक अनुष्ठान पहले से ही जारी हैं और मुख्य जुलूस 26 जून को है, इसलिए इस ऐन वक्त पर ऐसा प्रतिबंध लागू करने से समाज में अवांछित अशांति फैल सकती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। मामला छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर जारी किए गए एक प्रतिबंधात्मक दिशा-निर्देश से शुरू हुआ।

वक्फ बोर्ड ने बीती 11 जून 2026 को एक कड़ा आदेश जारी कर राज्य की सभी मोहर्रम कमेटियों और ताजिया आयोजकों को निर्देशित किया था कि वे मजहबी जुलूसों के दौरान डीजे, धुमाल, ब्रास बैंड और पटाखों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि किसी भी कमेटी ने इस नियम का उल्लंघन किया, तो उस पर 50,000 रुपये का दंडात्मक जुर्माना लगाया जाएगा। वक्फ बोर्ड के इसी आदेश को सूफी इस्लामिक बोर्ड ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

सूफी इस्लामिक बोर्ड के वकील देवेंद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट के समक्ष पुरजोर दलील दी कि वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किया गया यह नोटिस पूरी तरह से अवैध, मनमाना और उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। वकील ने तर्क दिया कि कानूनन छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पास इस तरह के दंडात्मक आदेश पारित करने या किसी धार्मिक आयोजन की पद्धतियों पर प्रतिबंध लगाने की वैधानिक शक्तियां नहीं हैं। ध्वनि प्रदूषण या कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना जिला प्रशासन और पुलिस का काम है, न कि वक्फ बोर्ड का।उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि मोहर्रम से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं और आगामी 26 जून 2026 को मुख्य पर्व है। इस नाजुक मोड़ पर ऐसा आदेश थोपने से अवाम में भारी आक्रोश पैदा होगा।

जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद ने मामले की तात्कालिकता और दोनों पक्षों के तर्कों का गहराई से अवलोकन किया। कोर्ट ने माना कि चूंकि मोहर्रम का मुख्य पर्व बेहद करीब है और मुस्लिम समाज की तैयारियां और कार्यक्रम गतिमान हैं, इसलिए इस मोड़ पर वक्फ बोर्ड के विवादित आदेश को जबरन लागू कराना समझदारी नहीं होगी। अदालत ने अंदेशा जताया कि इस आदेश को जबरन लागू करने से त्योहार मनाने वाले लोगों के बीच गहरा असंतोष और कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता सोसाइटी को राहत देते हुए शुद्ध रूप से एक अंतरिम उपाय के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए विवादित नोटिस के प्रभाव और संचालन पर आगामी सुनवाई तक पूर्णत: रोक लगाई जाती है। आदेश के तहत वर्तमान मोहर्रम जुलूसों के दौरान कमेटियों पर वक्फ बोर्ड का यह प्रतिबंध और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का नियम प्रभावी नहीं रहेगा। अदालत ने राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड के वकीलों को इस याचिका पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय प्रदान किया है। केस की अगली सुनवाई अगले महीने होगी।

तकनीक, नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं से कृषि बनेगी अधिक लाभकारी एवं आत्मनिर्भर: मंत्री राजेश अग्रवाल

तकनीक, नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं से कृषि बनेगी अधिक लाभकारी एवं आत्मनिर्भर: मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: लखनपुर (अंबिकापुर) स्थित जुनाडीह मल्टीप्लेक्स में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुना। कार्यक्रम में क्षेत्र के कृषक, जनप्रतिनिधि, कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि में नवाचार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज खेती केवल परंपरागत गतिविधि नहीं रह गई है, बल्कि तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों के माध्यम से इसे आधुनिक व्यवसाय का स्वरूप दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को बीज, सिंचाई, उर्वरक, कृषि यंत्रों और बाजार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि हो।

अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ अब गांव-गांव तक पहुंच रहा है। कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण और मूल्य संवर्धन जैसी पहलें किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि ही भविष्य की समृद्धि का आधार है।

कार्यक्रम में किसानों ने भी खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे तथा कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। मंत्री  अग्रवाल ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान और कृषि विकास के लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारा संकल्प है कि तकनीक, नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ में कृषि को और अधिक समृद्ध, आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाया जाए। किसान समृद्ध होंगे तो गांव समृद्ध होंगे और गांव समृद्ध होंगे तो छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उपस्थित किसानों ने ऐसे संवाद कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

 रायपुर: मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग को संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति बाहुल्य ईलाकों में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वहां के रहवासियों को सशक्त बनाने एवं उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्यो का प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैरलाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समूदायों के गरीब युवाओं एवं महिलाओं तथा तृतीय लिंग के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता माध्यम से उन्हें सशक्त बनायेगा एवं उनके सर्वांगिण विकास के लिए काम करेगा। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास के लिए कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे। युवाओं का उनकी रूचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न टेªडों में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि संस्था द्वारा केवल कौशल विकास ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम का विशेष जोर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

बैठक में बताया गया कि पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन झारखण्ड राज्य में शासन के साथ मिलकर कार्य किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के शक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। कल्याण गुरूकुल, कौशल कॉलेज, छत्तीसगढ़ के दूरदराज वनांचल क्षेत्रों मे स्थापित किए जाएंगे। छात्राओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियुक्ताओं से करार किया जाएगा। जिससे युवाओं को टेªनिंग पूरी होते ही पक्की नौकरी मिल सकें। संस्था द्वारा बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रमुख रूप से कार्य कर रहा है। स्थानीय भवनों जैसे-आईटीआई एवं छात्रावास को आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों गुरूकुल में बदला जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और अंदरूनी गांव से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लाया जा रहा है। इनी क्षेत्रों की युवाओं की शैक्षणिक योग्याता के अनुरूप कन्ट्रक्शन, मैनुफेक्चरिंग जैसे सेक्टर में शॉट में आवासीय टेªनिंग दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेजों को खोलने का भी कार्य किया जा रहा है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव एवं आयुष विभाग के संचालक राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस अब सप्ताह में दो दिन, केंद्रीय रेलवे मंत्रालय के फैसले का मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया स्वागत

अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस अब सप्ताह में दो दिन, केंद्रीय रेलवे मंत्रालय के फैसले का मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया स्वागत

 रायपुर: सरगुजा संभाग एवं उत्तर छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय रेलवे मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 22407/22408 अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के संचालन को साप्ताहिक से बढ़ाकर द्विसाप्ताहिक (सप्ताह में दो दिन) करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय का पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए जनहितैषी कदम बताया है।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस उत्तर छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा के रूप में कार्य करती है। दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रेन की आवृत्ति बढ़ाने की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय ने गंभीरता से लेते हुए पूरा किया है।

उन्होंने कहा कि ट्रेन के सप्ताह में दो दिन संचालन से यात्रियों को अधिक सुविधा और विकल्प उपलब्ध होंगे। विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों तथा गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की यात्रा करने वाले मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इससे यात्रा की प्रतीक्षा अवधि कम होगी और क्षेत्र की राजधानी दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों से बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। रेलवे के आधुनिकीकरण, नई रेल सेवाओं के विस्तार और यात्री सुविधाओं में लगातार वृद्धि का लाभ अब सरगुजा जैसे अंचलों तक भी पहुंच रहा है। यह निर्णय क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा।

उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय ने क्षेत्र की जनभावनाओं का सम्मान किया है। अग्रवाल ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर छत्तीसगढ़ को रेलवे क्षेत्र में और अधिक सुविधाएं, नई रेल सेवाएं तथा आधारभूत संरचना से जुड़ी नई सौगातें प्राप्त होंगी।

अग्रवाल ने कहा, “अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस को द्विसाप्ताहिक किए जाने का निर्णय सरगुजा संभाग के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी पहले से अधिक मजबूत होगी। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

यह निर्णय न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि सरगुजा क्षेत्र के आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा। क्षेत्रवासियों ने भी इस घोषणा का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और रेलवे मंत्रालय के प्रति खुशी व्यक्त की है।

रामगढ़ की ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाएगा रामगढ़ महोत्सव: मंत्री राजेश अग्रवाल

रामगढ़ की ऐतिहासिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाएगा रामगढ़ महोत्सव: मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: आषाढ़ माह के प्रथम दिवस पर 29 एवं 30 जून को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन स्थल रामगढ़ में दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। महोत्सव की तैयारियों एवं सफल आयोजन को लेकर मंगलवार को अंबिकापुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  राजेश अग्रवाल, वनमंडलाधिकारी  अभिषेक जोगावत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर रामसिंह ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  बनसिंह नेताम,  रामराज सिंह, स्थानीय जनप्रतिनिधि, आयोजन समिति के सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान महोत्सव के सफल संचालन हेतु एजेंडावार चर्चा की गई। पार्किंग व्यवस्था, रामजानकी मंदिर परिसर में सीताबेंगरा गुफा से मंदिर तक प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, स्टॉल सज्जा, राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, विद्यालयीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा आगंतुकों के लिए आवश्यक सुविधाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बस सुविधा उपलब्ध कराने का भी सुझाव दिया गया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि रामगढ़ केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। रामगढ़ महोत्सव के माध्यम से इसकी गौरवशाली पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक आस्था से समृद्ध रामगढ़ में इस वर्ष का महोत्सव पहले से अधिक भव्य और आकर्षक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, कवि सम्मेलन, विद्यालयीन सांस्कृतिक कार्यक्रम, शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियां तथा विविध सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी, जो आगंतुकों को भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं से रूबरू कराएंगी।

मंत्री  अग्रवाल ने स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और लोक संस्कृति को नई पहचान देना महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ विश्व की प्राचीनतम नाट्यशालाओं में से एक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है तथा यह स्थल संस्कृति, इतिहास, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम है।

कलेक्टर अजीत वसंत ने बैठक में संबंधित विभागों को सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध और जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रामगढ़ के ऐतिहासिक महत्व को केंद्र में रखकर व्यापक जनभागीदारी के साथ महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा में तैयारियां पूर्ण करें, ताकि आगंतुकों, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

रामगढ़ महोत्सव-2026 के माध्यम से न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। आयोजन से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त होने की उम्मीद है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग द्वारा महोत्सव को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

आकाशवाणी पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की विशेष भेंटवार्ता का प्रसारण 26 जून को

आकाशवाणी पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की विशेष भेंटवार्ता का प्रसारण 26 जून को

 रायपुर: स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव की आकाशवाणी द्वारा ली गई विशेष भेंटवार्ता का प्रसारण शुक्रवार, 26 जून 2026 को किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे से 10:25 बजे तक प्रसारित होगा। कार्यक्रम का प्रस्तुतीकरण प्रादेशिक समाचार एकांश, आकाशवाणी रायपुर द्वारा किया गया है। यह कार्यक्रम अपलिंक पर उपलब्ध रहेगा तथा इसका प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केंद्रों द्वारा रिले किया जाएगा, जिससे प्रदेशभर के श्रोता मंत्री  यादव के विचारों एवं विभागीय गतिविधियों से अवगत हो सकेंगे।

महतारी वंदन योजना पर बड़ा अपडेट, अगली किस्त पर संकट! इन महिलाओं का रुक सकता है भुगतान…

महतारी वंदन योजना पर बड़ा अपडेट, अगली किस्त पर संकट! इन महिलाओं का रुक सकता है भुगतान…

 रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता राशि जिले की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनी हुई है, लेकिन अब 20 हजार से अधिक महिलाओं के सामने इस राशि के बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। कारण है ई-केवाईसी प्रक्रिया का अधूरा रह जाना। यदि 30 जून तक ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई, तो इन महिलाओं की अगली किस्त अटक सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 3 लाख 18 हजार महिलाओं का ई-केवाईसी किया जाना है। इनमें से अब तक 2 लाख 98 हजार महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 20 हजार 116 महिलाओं का ई-केवाईसी अभी भी लंबित है। प्रशासन लगातार अपील कर रहा है कि सभी पात्र हितग्राही अंतिम तिथि से पहले प्रक्रिया पूरी करा लें।

ई-केवाईसी की सबसे बड़ी चुनौती उन महिलाओं के सामने आ रही है जो बुजुर्ग हैं, दिव्यांग हैं या  स्वास्थ्य कारणों से केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं भी हैं जो रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में चली गई हैं। कई मामलों में बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अंगूठे का निशान मशीन से मेल नहीं खा रहा है, जिससे प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी टिकवेंद्र जाटवार ने बताया कि विभाग ऐसे सभी मामलों का अलग से रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। जिन महिलाओं का सत्यापन तकनीकी कारणों से नहीं हो पा रहा है या जो जिले से बाहर हैं, उनकी जानकारी संकलित कर शासन को भेजी जाएगी ताकि उचित समाधान निकाला जा सके।

ई-केवाईसी अभियान के दौरान विभाग को कई ऐसे मामले भी मिले हैं जिनमें योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अब तक सूची में दर्ज थे। विभाग अब ऐसे हितग्राहियों के नाम हटाकर रिकॉर्ड अपडेट कर रहा है।जब वर्ष 2024 में महतारी वंदन योजना शुरू हुई थी, तब जिले में करीब 3 लाख 25 हजार महिलाएं लाभान्वित हो रही थीं। लगातार सत्यापन और डेटा अपडेट होने के बाद यह संख्या घटकर करीब 3 लाख 18 हजार रह गई है। विभाग का कहना है कि यह प्रक्रिया योजना में पारदर्शिता लाने और केवल पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

लंबित मामलों को जल्द पूरा करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों और विभागीय कर्मचारियों की संयुक्त टीम गठित की गई है, जो घर-घर पहुंचकर सत्यापन कर रही है।विशेष रूप से उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जो उम्र, बीमारी या दिव्यांगता के कारण च्वाइस सेंटर नहीं जा सकतीं। विभाग ने लंबित हितग्राहियों की सूची तैयार कर संबंधित कर्मचारियों को सौंप दी है, ताकि अंतिम तिथि से पहले अधिक से अधिक महिलाओं का ई-केवाईसी पूरा कराया जा सके।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराया गया, तो लाभार्थियों की अगली किस्त प्रभावित हो सकती है। ऐसे में प्रशासन लगातार जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी कराने की अपील कर रहा है।

महतारी वंदन योजना की राशि कई परिवारों के मासिक खर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ हजारों महिलाओं की चिंता बढ़ गई है और वे किसी भी तरह अपनी ई-केवाईसी पूरी कराने की कोशिश में जुटी हुई हैं।

बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा विशेष ऑडिट

बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा विशेष ऑडिट

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश

राज्यभर में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की होगी व्यापक जांच

जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय
रायपुर-
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राज्य में जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और विशेष ऑडिट के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में हुई अग्नि दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से सबक लेकर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नागरिकों, विद्यार्थियों और आमजन की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी विषय शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव श्री विकास शील ने राज्य के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों, मुख्य नगरपालिका अधिकारियों, अग्निशमन विभाग तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को विशेष निरीक्षण अभियान संचालित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान के अंतर्गत बहुमंजिला आवासीय भवनों, कोचिंग सेंटरों, ट्यूशन कक्षाओं, होटल, लॉज, मॉल, व्यावसायिक परिसरों एवं अन्य सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि विद्यार्थियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी संबंधित संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान अग्निशमन यंत्रों एवं फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता, वैध फायर एनओसी, आपातकालीन निकास मार्गों की व्यवस्था, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, विद्युत वायरिंग एवं उपकरणों की स्थिति, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्राथमिक उपचार सुविधा, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। साथ ही भवनों की क्षमता के अनुरूप लोगों की संख्या, पार्किंग व्यवस्था तथा आपदा की स्थिति में निकासी एवं राहत प्रबंधन की तैयारियों का भी परीक्षण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के संबंध में संबंधित संस्थानों को आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए जाएं तथा गंभीर अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद

 कैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

रायपुर-- उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के लिए ऐतिहासिक खबर सामने आई है। हाल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की तस्वीरें और वीडियो लगातार कैद हुए हैं। वन विभाग के अनुसार बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए इस क्षेत्र तक पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी आशियाना बनाने की ओर बढ़ रही है।

’संरक्षण प्रयासों का दिखने लगा सकारात्मक परिणाम’

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में बाघिन की उपस्थिति इन प्रयासों की सफलता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। वन विभाग द्वारा पिछले कुछ वर्षों में वन्यजीवों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगा है।

’बेहतर आवास का मिला प्रमाण’
  
लंबे समय से बाघों की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे उदंती-सीतानदी के लिए यह घटनाक्रम बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक बाघ या बाघिन का किसी वन क्षेत्र को स्थायी निवास चुनना वहां के बेहतर आवास, पर्याप्त शिकार आधार और सुरक्षित वातावरण का प्रमाण होता है। बाघिन की नियमित उपस्थिति पूरे परिदृश्य के पुनर्जीवन और संरक्षण प्रयासों की सफलता का संकेत है।

’बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा’

वन अधिकारियों के मुताबिक कैमरा ट्रैप में बाघिन स्वस्थ और आत्मविश्वास से भरी दिख रही है। उसकी गतिविधियों से स्पष्ट है कि वह क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रभाव क्षेत्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह क्षेत्र फिर से बाघों की स्थायी मौजूदगी का साक्षी बनेगा।

’संरक्षण प्रयासों का मिला परिणाम’  

पिछले कुछ वर्षों में उदंती-सीतानदी में आवास सुधार और वन्यजीव संरक्षण के लिए व्यापक कार्य हुए हैं। सघन गश्त, एंटी-पोचिंग नेटवर्क को मजबूती, सैकड़ों कृत्रिम जलस्रोत-झिरियों का निर्माण, क्षतिग्रस्त वन क्षेत्रों का पुनर्स्थापन, अतिक्रमण हटाकर वनभूमि की वापसी और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करने जैसे कदम उठाए गए हैं। बाघिन की मौजूदगी को इन्हीं प्रयासों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।

’निगरानी और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी’  

कैमरा ट्रैप की तस्वीरों-वीडियो ने वन अधिकारियों और वन्यजीव प्रेमियों में नई ऊर्जा भर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बाघिन के स्थायी बसने से यह रिजर्व मध्य भारत के प्रमुख बाघ आवासों में फिर अपनी पहचान बना सकता है और भविष्य में अन्य बाघों के आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा।

’बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने प्रयास’

वन विभाग ने बाघिन की सुरक्षा और अनुकूल आवास सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व संरक्षण गतिविधियां और सुदृढ़ करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि यह सिर्फ एक बाघिन की मौजूदगी नहीं, बल्कि प्रकृति की सकारात्मक प्रतिक्रिया और जंगलों के पुनर्जीवन की कहानी है।

राज्यपाल रमेन डेका ने “प्रारंभ” पत्रिका के विशेषांक का किया विमोचन

राज्यपाल रमेन डेका ने “प्रारंभ” पत्रिका के विशेषांक का किया विमोचन

 रायपुर-राज्यपालरमेन डेका द्वारा “सोसायटी फॉर एम्पावरमेंट” द्वारा प्रकाशित पत्रिका “प्रारंभ” का आज विमोचन किया गया। इस विशेषांक का संपादन डॉ. रूपेन्द्र कवी, उपसचिव (संवैधानिक प्रकोष्ठ), लोकभवन, रायपुर द्वारा किया गया है।

यह विशेषांक “प्राकृतिक एवं पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की प्रासंगिकता” विषय पर आधारित है, जिसमें जनजातीय ज्ञान एवं पर्यावरण संरक्षण के परंपरागत दृष्टिकोणों को समाहित किया गया है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने पत्रिका की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह अंक वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। उन्होंने संपादकीय टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान की।

छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के स्थापना का प्रस्ताव, अमित शाह से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर--छत्तीसगढ़ को आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान और उच्च शिक्षा के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, जनकल्याण और विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए)की स्थापना का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी थे।

मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि नई दिल्ली और पणजी में संचालित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान देश में आयुर्वेद आधारित चिकित्सा, अनुसंधान और नवाचार के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं। इन संस्थानों ने आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय से स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी है तथा बड़ी संख्या में दक्ष आयुर्वेद चिकित्सक और शोधकर्ता तैयार किए हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औषधीय संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जहां अनेक दुर्लभ औषधीय वनस्पतियां और जड़ी-बूटियां प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं। जनजातीय अंचलों में पारंपरिक औषधीय ज्ञान की समृद्ध विरासत भी मौजूद है। ऐसे में यहां अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना आयुर्वेद चिकित्सा और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि एआईआईए की स्थापना से प्रदेशवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी, वहीं युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में अध्ययन, अध्यापन और अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। इससे आयुर्वेद आधारित चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि संस्थान का लाभ केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मध्य भारत के व्यापक क्षेत्र को मिलेगा। पड़ोसी राज्यों के नागरिकों को भी बेहतर आयुर्वेदिक उपचार और शोध सुविधाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा।

 साय ने केंद्रीय बजट 2026 में देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना की घोषणा का उल्लेख करते हुए आग्रह किया कि इनमें से एक संस्थान छत्तीसगढ़ को प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संस्थान राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ रोजगार, अनुसंधान और ज्ञान आधारित विकास को भी नई गति देगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, अधोसंरचना विस्तार और जनहितकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी केंद्रीय गृह मंत्री को दी।केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने राज्य में विकास और जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वाेच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने इतिहास और विरासत को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है।

मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी तथा वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के अप्रतिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास भी, विरासत भी के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को भी समान रूप से संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, स्वाभिमान और संघर्ष की भावना का संचार किया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही है।

उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  पुरंदर मिश्रा, विधायक  भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय, रायपुर नगर निगम महापौर मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष  विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत
वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत
वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत

1 जुलाई से लागू होगी वीबी जी राम जी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल

1 जुलाई से लागू होगी वीबी जी राम जी योजना, ग्रामीण क्षेत्रों में उत्साह का माहौल

 ग्राम सभाओं के माध्यम से दी जा रही योजना की जानकारी, मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीणों ने दिया जनजागरूकता का संदेश

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी की मानव श्रृंखला द्वारा जागरूकता की सराहना

रायपुर- प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को आजीविका और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से लागू की जा रही वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) योजना को लेकर पूरे प्रदेश में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायतों, जनपद पंचायतों और जिला स्तर पर लगातार प्रशिक्षण, बैठकें और ग्राम सभाएं आयोजित कर ग्रामीणों को योजना के विभिन्न प्रावधानों एवं लाभों की जानकारी दी जा रही है।

’सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने बनाई मानव श्रृंखला’
योजना के प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रदेश के विभिन्न गांवों में आयोजित ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजना की जानकारी प्राप्त की तथा इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग का संकल्प लिया। इसी क्रम में बेमेतरा जिले के जनपद पंचायत बेरला की ग्राम पंचायत सांकरा एवं देवरी में ग्रामीणों ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए अनूठी पहल करते हुए मानव श्रृंखला का निर्माण किया। ग्रामीणों ने हाथों में जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर “वीबी जी राम जी - गांव की प्रगति, हम सबकी जिम्मेदारी”, “रोजगार और आजीविका का नया संबल” तथा “समृद्ध गांव, सशक्त परिवार” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। 

’केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की सराहना’ 
 केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने एक्स अकॉउंट से पोस्ट कर लिखा कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से आई इस तस्वीर को देखकर मन आनंद और उत्साह से भर गया। यह तस्वीर गाँव की जनता के जागरूकता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भी बेमेतरा जिले के इन प्रयासों की सराहना करते हुए अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट कर लिखा कि यह मानव श्रृंखला बन रही है, जो योजना के प्रति जन-जागरूकता का प्रतीक बनी हुई है।

’पात्र परिवारों को लाभ दिलाने और जानकारी पहुंचाने लिया संकल्प’
मानव श्रृंखला के माध्यम से ग्रामीणों ने यह संदेश दिया कि योजना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में जनभागीदारी का एक महत्वपूर्ण अभियान है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने तथा अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प भी लिया।

’ग्राम सभा मे अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी’
ग्राम सभाओं में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि वीबी - जीरामजी योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

’अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण’
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 30 जून 2026 तक पंचायत, ब्लॉक एवं जिला स्तर के सभी अधिकारी-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों तथा हितग्राहियों का प्रशिक्षण पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कठिनाई न आए और पात्र परिवारों को समय पर लाभ मिल सके।

’1 जुलाई से प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ’
योजना के प्रचार-प्रसार के लिए ग्राम सभाओं, चौपालों, पोस्टर-बैनर, मुनादी, रथ प्रचार एवं डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। वहीं सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से लोगों को योजना की जानकारी देने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह योजना गांवों में रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 1 जुलाई से योजना के लागू होने के साथ ही प्रदेश के लाखों ग्रामीण परिवारों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की भी उम्मीद है। 

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने भी लाइव आकर दी जानकारी
उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा भी  मंगलवार को अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर लाइव आकर आगामी ग्राम सभा और वीबी जीरामजी के संबंध में लोगों को जानकारी दी और लोगों को योजना का लाभ लेने को प्रेरित किया साथ ही उन्होंने लोगों के सवालों का भी समाधान किया।

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी

 हॉर्नबिल संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर

’पीवीटीजी गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में बढ़ी मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या’

 रायपुर-- ‘हॉर्नबिल सफारी' से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है।

’‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का लिया गया निर्णय’ 

छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी।

’संरक्षण और आजीविका को साथ लेकर आगे बढ़ रहा वन विभाग’

 
 

वन मंत्री श्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है।

 

’चार वर्षों में बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी’

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

’हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका’

हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है।

’प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण’

प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है।

’स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार’

हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।

’मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन’

रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है।

’वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र’

यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम

विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। मोबाइल नंबर - +91-7976688165, +91-7566510937
वेबसाइट -
https://udantisitanaditigerreserve.in/ पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।