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मंत्री टंक राम वर्मा का सारंगढ़-बिलाईगढ़ का दो दिवसीय प्रवास, देंगे विकास कार्यों की सौगात और तिरंगा यात्रा का करेंगे नेतृत्व…..

मंत्री टंक राम वर्मा का सारंगढ़-बिलाईगढ़ का दो दिवसीय प्रवास, देंगे विकास कार्यों की सौगात और तिरंगा यात्रा का करेंगे नेतृत्व…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा 10 और 11 अगस्त को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे क्षेत्र को  स्वास्थ्य, शिक्षा, पशु चिकित्सा और आधारभूत संरचना से जुड़ी कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। साथ ही राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यक्रमों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

मंत्री वर्मा ​पहले दिन 10 अगस्त को पूर्वाह्न 11बजे सारंगढ़ सर्किट हाउस पहुँचेंगे, जहाँ वे कार्यकर्ताओं से भेंट-मुलाकात करेंगे। इसके बाद दोपहर वे पशु चिकित्सा विभाग भवन, ऑफिसर्स क्लब, जिला अस्पताल सारंगढ़-बिलाईगढ़ में अतिरिक्त कक्ष तथा बीपीएचयू भवन का उद्घाटन करेंगे। शिक्षा के क्षेत्र को मजबूती देते हुए वे शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय महाविद्यालय में जनभागीदारी मद से निर्मित नए कक्ष का लोकार्पण करेंगे और एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधारोपण भी करेंगे।

​दोपहर में मंत्री  वर्मा सावन महोत्सव, ग्राम छुहीपाली में वृहद वृक्षारोपण और मंडी प्रांगण में स्वामित्व योजना के तहत अधिकार अभिलेख वितरण कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। ​ मंत्री  वर्मा दूसरे दिन 11 अगस्त को मुख्य रूप से सामाजिक आयोजनों में व्यस्त रहेंगे। इस दौरान वे भारत माता चौक से रानी लक्ष्मीबाई कॉम्पलेक्स तक आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करेंगे।

वन्यजीव तस्करों पर कड़ी कार्रवाई, सांभर शिकार मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

वन्यजीव तस्करों पर कड़ी कार्रवाई, सांभर शिकार मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

 रायपुर। वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन मंत्री श्री केदार कश्यप के सख्त निर्देशों के बाद वन विभाग ने वन्यजीव तस्करों और शिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में मोहला वनमंडल के दक्षिण मानपुर क्षेत्र में सांभर का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

वनमण्डलाधिकारी  दिनेश कुमार पटेल ने बताया कि विगत 6 अगस्त की शाम को वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम पंचायत बागडोगरी के रेंगाटोला गांव (तहसील औंधी) में कुछ लोग सांभर का मांस पका रहे हैं। सूचना मिलते ही दक्षिण मानपुर के परिक्षेत्र अधिकारी और मानपुर के उपवनमंडलाधिकारी ने सर्च वारंट लेकर तुरंत मौके पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पका हुआ मांस बरामद किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि खेत में फंसे सांभर के बच्चे की कुल्हाड़ी से मारकर हत्या की गई थी। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियोंकृकाजूराम (पिता मसरूराम), रघुराम (पिता मनीराम) और राहुल (पिता सुकलु) को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सी.जी.एम.) न्यायालय, अंबागढ़ चौकी में पेश किया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में राजनांदगांव जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है।

इस संदर्भ में वन मंत्री  केदार कश्यप ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिकारियों के खिलाफ ऐसे ही कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे।

नुआखाई पर्व में शामिल होने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को विधायक मिश्रा ने दिया आमंत्रण

नुआखाई पर्व में शामिल होने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को विधायक मिश्रा ने दिया आमंत्रण

 रायपुर। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को रायपुर में आयोजित होने वाले नुआखाई पर्व में शामिल होने के लिए निमंत्रण पत्र देने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में विधायक पुरंदर मिश्रा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, सामाजिक समरसता और नुआखाई पर्व के सांस्कृतिक महत्व से भी अवगत कराया।

विधायक पुरंदर मिश्रा बताया कि नुआखाई केवल एक पर्व नहीं, बल्कि नई फसल, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पारिवारिक एकजुटता और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। भगवान  जगन्नाथ की पावन परंपरा से जुड़े इस आयोजन का छत्तीसगढ़ में विशेष सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। महामहिम राष्ट्रपति मुर्मू को नुआखाई पर्व में शामिल होने का आमंत्रण देना उनके लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का सान्निध्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और भगवान  जगन्नाथ की भक्ति परंपरा के लिए गौरव का विषय होगा। इससे प्रदेश की समृद्ध संस्कृति को देशभर में नई पहचान मिलेगी।

उन्होंने कहा कि नुआखाई पर्व हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का उत्सव है, जो लोगों को अपनी जड़ों, अपनी मिट्टी और अपनी परंपराओं से जोड़ता है। रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित होने वाला यह आयोजन श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम होगा।

तीन बहनों ने एक साथ पास की नीट परीक्षा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घर पहुंचकर दी बधाई

तीन बहनों ने एक साथ पास की नीट परीक्षा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घर पहुंचकर दी बधाई

 0-तीन बहनों का एक साथ मेडिकल में चयन पूरे प्रदेश के लिए है प्रेरणादायी उदाहरण- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर-- कबीरधाम जिले के नेउर गाँव की तीन प्रतिभाशाली बहनों किरण, ज्योति और सुमन महोबिया ने इस वर्ष नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज नेउर गाँव पहुंच, तीनों छात्राओं से उनके घर पर मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने छात्राओं की माता भगवती महोबिया और पिताराम महोबिया एवं परिजनों से भी मुलाकात की तथा तीनों बेटियों की इस उपलब्धि के लिए पूरे परिवार को बधाई दी और कहा कि एक ही परिवार की तीन बहनों का एक साथ मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफल होना न केवल पूरे परिवार के लिए खुशी का अवसर है, बल्कि क्षेत्र और जिले के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण है।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि एक ही घर में रहकर तीन बहनों का एक साथ नीट जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करना और सफलता हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से जिले के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी कि नियमित मेहनत, सही दिशा और दृढ़ संकल्प के साथ बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि तीनों बहनों की सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपने गाँव या घर पर रहकर सीमित संसाधनों के बीच बड़े लक्ष्य की तैयारी कर रहे हैं।

मुलाकात के दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने तीनों छात्राओं से उनकी स्कूली पढ़ाई, नीट परीक्षा की तैयारी और आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से कहा कि अब मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर पूरी लगन और मेहनत के साथ पढ़ाई करें तथा अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें और माता-पिता व परिवार के सपनों को अपने कार्यों और उपलब्धियों से पूरा करें। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

डॉक्टर बनकर क्षेत्र और समाज की सेवा का रखें भाव

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने छात्राओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। साथ ही उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढऩे के साथ अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करने का प्रयास करें, ताकि आपकी सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके।

घर पर की ऑनलाइन तैयारी, एक साथ पाई सफलता

तीनों बहनों ने घर पर रहकर ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से नीट परीक्षा की तैयारी की। पढ़ाई के दौरान तीनों एक-दूसरे का सहयोग करती रहीं और अपने लक्ष्य को लेकर लगातार प्रयासरत रहीं। उनकी यह उपलब्धि विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि दो बहनों ज्योति और सुमन ने अपने पहले ही प्रयास में नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है, दोनों ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बोड़ला से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। जबकि बड़ी बहन किरण ने अपने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की है।

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर हो रहा -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के युवा मंच कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब छत्तीसगढ़ समन्वित रूप से प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर है। सरगुजा से लेकर बस्तर तक पूरे प्रदेश के लक्ष्यकेंद्रित विकास के लिए  सरकार संकल्पित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए विशिष्टजनों सम्मानित किया।

युवा मंच कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में नक्सलवाद एक बड़ी बाधा थी। हमारी सरकार के गठन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद विषय पर हुई बैठक में यह तथ्य हमारे सामने आया कि देश में शेष नक्सल समस्या का अधिकांश हिस्सा छत्तीसगढ़ में ही था। ऐसे में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति से एक डेडलाइन तय हुई और हमारे सुरक्षाबल के जवानों ने अदम्य साहस का प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ को नक्सलमुक्त बना दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन के विकास की अपार संभावना है। बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात नियाग्रा के नाम से प्रसिद्ध है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया है। वहाँ बम्बू राफ्टिंग जैसी पर्यटन गतिविधियां संचालित हैं और होम स्टे में पर्यटक आकर रुक रहे हैं। राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई उद्योग नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में धर्मांतरण रोकने सबसे सख्त कानून लाने वाला प्रदेश है। प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करवाने वालों पर अब कड़ी कार्यवाही की जा रही है। अन्य प्रदेशों के कानूनों का विस्तार से अध्ययन करके छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य बिल लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। पीएससी में भ्रष्टाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई है। प्रदेश में अब पीएससी से लेकर सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हो रही हैं और युवाओं के साथ उनके अभिभावक भी अब भर्ती प्रक्रिया को लेकर निश्चिंत हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार युवाओं से लगातार संवाद कर रही है। उनके सभी सुझावों का स्वागत है। युवा ही हमारे देश का भविष्य हैं। विकास की नीति निर्माण में युवाओं के सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ एक आदिवासी बहुल राज्य है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेई ने जनजातीय विकास के लिए आदिम जाति कल्याण मंत्रालय का गठन किया। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में छत्तीसगढ़ के 6 हजार गांवों को शामिल किया गया है। हमारे प्रदेश में 5 विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं, जिनके उत्थान के लिए हम कटिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। शिक्षा के बिना विकास संभव नहीं है। आज छत्तीसगढ़ में हर स्तर पर स्कूल संचालित हैं। हर ब्लॉक में कॉलेज हैं। बस्तर के नक्सलमुक्त होने के बाद वहां एजुकेशन सिटी बनायी जा रही है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।राज्य में शिक्षा मिशन पर भी काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के निकटवर्ती राज्यों में भी आदिवासी बहुलता है, इसे देखते हुए हमारा प्रयास है कि राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी भी स्थापित हो। जिसका लाभ इस क्षेत्र के जनजातीय बच्चों को मिल सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में  स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। आज हमारे प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। पांच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिल गई है। जिनमें कुल 250 सीटें स्वीकृत हुई हैं और इसी वर्ष से पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। बस्तर में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बन गया है। अब वहां ब्रेन ट्यूमर का भी इलाज हो रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। 40 हजार लोगों का उपचार भी हुआ है। बस्तर मुन्ने और नियद नेल्लानार योजना के तहत लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश की नई उद्योग नीति के तहत हमने 8 लाख करोड़ के एमओयू साइन किए हैं, इसका असर धरातल पर भी दिखने लगा है। सेमीकंडक्टर प्लांट, एआई डाटा सेंटर, टेक्सटाइल जैसे सैक्टर में कार्य चल रहा है। ऐसे उद्यमी जो अपने 1000 युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे उनके लिए विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। बरसात के बात रोजगार मेला भी लगाया जाएगा, जहां विभिन्न उद्योगों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगें इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के पदाधिकारीगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास को मिल रही गति: वित्त मंत्री ओपी चौधरी

शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास को मिल रही गति: वित्त मंत्री ओपी चौधरी

 रायपुर: प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने शनिवार को रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर 1 करोड़ 92 लाख 7 हजार रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इन कार्यों में आंगनबाड़ी भवन, मंगल भवन, सामुदायिक भवन, सांस्कृतिक मंच, शासकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, खेल मैदान में अहाता और शेड निर्माण जैसे जनोपयोगी कार्य शामिल हैं।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि गांवों का विकास  सरकार की प्राथमिकता है। विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब उसकी सुविधा समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पुसौर क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया है, वे सीधे ग्रामीणों की आवश्यकताओं से जुड़े हैं। आंगनबाड़ी भवनों से बच्चों को बेहतर वातावरण मिलेगा, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों से विद्यार्थियों के लिए अध्ययन-अध्यापन की सुविधाएं बढ़ेंगी, वहीं मंगल भवन, सामुदायिक भवन और सांस्कृतिक मंच ग्रामीणों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयोगी साबित होंगे।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास की गति को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। गांवों में सड़क, शिक्षा,  स्वास्थ्य, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ ऐसी अधोसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे ग्रामीणों का जीवन अधिक सुविधाजनक बने। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्णता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

लारा और लोहाखान में 94.97 लाख रुपये के कार्यों का भूमिपूजन

पुसौर क्षेत्र के ग्राम पंचायत लारा में 7.25 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण तथा डीपापारा में 31.55 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन दोनों कार्यों की कुल लागत 38.80 लाख रुपये है। मंगल भवन के निर्माण से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।

इसी क्रम में ग्राम लोहाखान में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन, 10.27 लाख रुपये की लागत से शासकीय प्राथमिक शाला में दो अतिरिक्त कक्ष तथा 31.55 लाख रुपये की लागत से मंगल भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन कार्यों की कुल लागत 56.17 लाख रुपये है। आंगनबाड़ी भवन से बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जबकि अतिरिक्त कक्षों के निर्माण से विद्यालय में अध्ययन-अध्यापन के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध होगा।

देवलसुर्रा और दर्रीपाली में शिक्षा, खेल एवं सांस्कृतिक सुविधाओं का विस्तार

ग्राम देवलसुर्रा में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन तथा 5.50 लाख रुपये की लागत से बीच बस्ती में सांस्कृतिक मंच निर्माण का भूमिपूजन किया गया। इससे बच्चों के लिए बेहतर आंगनबाड़ी सुविधा उपलब्ध होने के साथ ग्रामीणों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान मिलेगा।

वहीं ग्राम दर्रीपाली में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन, 13.10 लाख रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड में अहाता निर्माण तथा 10.27 लाख रुपये की लागत से प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण का भूमिपूजन किया गया। इन कार्यों की कुल लागत 37.72 लाख रुपये है। क्रिकेट ग्राउंड में अहाता निर्माण से खेल मैदान को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी, जबकि अतिरिक्त कक्ष से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा।

महलोई और आरमुड़ा में भी विकास कार्यों को मिली गति

ग्राम पंचायत महलोई में 15.18 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। यह भवन ग्रामीणों के सामाजिक, सार्वजनिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए उपयोगी होगा। इसके साथ ही महलोई में उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित शेड का लोकार्पण किया गया। इससे स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों एवं उनके परिजनों को सुविधा मिलेगी।

वहीं ग्राम आरमुड़ा में 14.35 लाख रुपये की लागत से आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। भवन के निर्माण से गांव के बच्चों को आंगनबाड़ी की बेहतर, सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध होगी।

गांवों की जरूरतों के अनुरूप हो रहे विकास कार्य

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित न रहें, बल्कि उनका सीधा और दीर्घकालिक लाभ ग्रामीणों को मिले। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर निगरानी रखने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पुसौर क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी ग्रामीणों की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

इस अवसर पर जनपद पंचायत पुसौर की अध्यक्ष हेमलता हरिशंकर चौहान, जिला पंचायत सदस्यब्रजेश गुप्ता, जनपद पंचायत सदस्य हेमालिनी प्रकाश गुप्ता, जनपद पंचायत सदस्यकृष्ण प्रधान सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के मुख्य कार्यक्रम में करेंगे ध्वजारोहण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के मुख्य कार्यक्रम में करेंगे ध्वजारोहण

 केन्द्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू बिलासपुर, उपमुख्यमंत्री  अरूण साव दुर्ग और विजय शर्मा बस्तर में फहराएंगे ध्वज

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव जिला मुख्यालय में करेंगे ध्वजारोहण

रायपुर -- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आगामी 15 अगस्त, को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में राजधानी रायपुर के पुलिस मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं मुख्यालय जिला बिलासपुर में केन्द्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, दुर्ग में उप मुख्यमंत्री  अरुण साव तथा बस्तर में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सरगुजा में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद में खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में वन मंत्री  केदार कश्यप, कबीरधाम में उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहपण करेंगे। इसी प्रकार रायगढ़ में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कांकेर में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, जशपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, बालोद में  स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, बलौदाबाजार में सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सांसद विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में सांसद  संतोष पांडेय ध्वजारोहण करेंगे।

इसी प्रकार कोंडागांव में सांसद  भोजराज नाग, बलरामपुर में सांसद चिंतामणि महाराज, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया, गरियाबंद में सांसद  रूपकुमारी चौधरी, सक्ती में सांसद कमलेश जांगड़े, बीजापुर में सांसद  महेश कश्यप, सुकमा में राज्यसभा सांसद  देवेंद्र प्रताप सिंह और मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ध्वजारोहण करेंगे।

जिला कोरबा में विधायक अमर अग्रवाल, धमतरी में विधायक  अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विधायक धरमजीत सिंह, मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक पुन्नूलाल मोहले, कोरिया में विधायक  भैय्या लाल राजवाड़े और नारायणपुर जिला मुख्यालय में विधायक सुश्री लता उसेंडी स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। इस अवसर पर समस्त मुख्य अतिथि जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

 

असम के बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 करोड़, CM साय ने हिमंत बिस्वा सरमा से की फोन पर चर्चा

असम के बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 करोड़, CM साय ने हिमंत बिस्वा सरमा से की फोन पर चर्चा

 रायपुर। असम में बाढ़ से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मानवीय संवेदना और अंतरराज्यीय सहयोग की भावना के साथ बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से 5 करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह राशि असम में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग के लिए प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से दूरभाष पर चर्चा कर राज्य में बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता असम के अपने भाई-बहनों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।

CG-काले कागज से असली नोट बनाने का झांसा,50 हजार की ठगी के आरोपी गिरफ्तार

CG-काले कागज से असली नोट बनाने का झांसा,50 हजार की ठगी के आरोपी गिरफ्तार

 जांजगीर-चांपा । जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र में काले कागज को केमिकल के जरिए असली नोट में बदलने का झांसा देकर ठगी करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये ठगने की कोशिश की थी, लेकिन सतर्कता के चलते रकम बच गई।

पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। इसके बाद काले कागज को विशेष केमिकल से असली नोट में बदलने का झांसा देकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती थी।

मामले में पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड शिवप्रसाद मनहर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार शिवप्रसाद मनहर पूर्व में भी नकली नोट से जुड़े मामलों में चालान हो चुका है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से केमिकल पाउडर, 6 नग काले कागज और 3 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान के आधार पर पुलिस ठगी के तरीके और आरोपियों के नेटवर्क की जांच कर रही है।

मामले में सायबर थाना और नवागढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

CG-जमानत के लिए श्मशान में तंत्र-मंत्र…! चीफ जस्टिस की फोटो रखकर अनुष्ठान,मचा हड़कंप

CG-जमानत के लिए श्मशान में तंत्र-मंत्र…! चीफ जस्टिस की फोटो रखकर अनुष्ठान,मचा हड़कंप

 बिलासपुर - छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से जमानत से जुड़ा एक बेहद अजीब मामला सामने आया है। जेल में बंद रिश्तेदार को जमानत दिलाने के लिए एक व्यक्ति कथित तौर पर तांत्रिक के बताए रास्ते पर चल पड़ा। आरोप है कि श्मशान घाट में तांत्रिक अनुष्ठान के दौरान छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तस्वीर भी रखी गई थी

मामला सिपत थाना क्षेत्र के देवरी गांव का है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात ग्रामीणों ने श्मशान घाट में चार लोगों को संदिग्ध गतिविधियां करते देखा। ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन तीन लोग मौके से भाग निकले। वहीं ऋषिकेश कुमार को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

तांत्रिक के वीडियो से मिला ‘जमानत’ का तरीका

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में ऋषिकेश ने बताया कि उसका रिश्तेदार प्रियांशु चाकू मारने के एक मामले में अन्य आरोपियों के साथ गिरफ्तार हुआ था। इनमें से एक आरोपी को जमानत मिल चुकी थी, जबकि बाकी की जमानत अर्जियां अदालत में लंबित थीं।

बताया गया कि ऋषिकेश और उसके तीन साथी सोशल मीडिया पर एक तांत्रिक का वीडियो देखने के बाद श्मशान घाट पहुंचे थे। वीडियो में कथित तौर पर दावा किया गया था कि एक विशेष अनुष्ठान करने से आरोपी को जमानत मिल सकती है।

मछली, नींबू, सिंदूर और तस्वीरें बरामद

पुलिस ने मौके से कथित अनुष्ठान में इस्तेमाल सामान बरामद किया है। इनमें मछली, नींबू, सिंदूर और कई तस्वीरें शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद तस्वीरों में एक तस्वीर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की, जबकि दूसरी आरोपी प्रियांशु की और तीसरी चाकू मारने की घटना के पीड़ित की थी।

बिलासपुर एसपी रजनेश सिंह के मुताबिक मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस कथित अनुष्ठान के पीछे किसकी भूमिका थी और अन्य तीन लोग कौन थे।

पुलिस की सख्त चेतावनी

पुलिस ने लोगों को ऐसे अंधविश्वास और कथित तांत्रिक उपायों से दूर रहने की चेतावनी दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तांत्रिक अनुष्ठान से अदालत से जमानत नहीं मिल सकती। कानून अपना काम करता है और आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होता है।

रेलवे ट्रैक के पास मिला 28 वर्षीय अज्ञात युवक का शव, पहचान में जुटी पुलिस

रेलवे ट्रैक के पास मिला 28 वर्षीय अज्ञात युवक का शव, पहचान में जुटी पुलिस

 रायपुर। राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना 8 अगस्त 2026 की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

पुलिस के अनुसार, युवक की उम्र करीब 28 वर्ष है। उसकी कद-काठी सामान्य है, बाल काले और छोटे हैं तथा चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ है। घटना के समय उसने काले रंग की टी-शर्ट और नीली जींस पहन रखी थी। पुलिस ने मृतक के हुलिए और पहनावे की जानकारी सार्वजनिक करते हुए लोगों से पहचान में सहयोग की अपील की है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि युवक रेलवे ट्रैक के पास किन परिस्थितियों में पहुंचा था और उसकी मौत कैसे हुई। घटनास्थल के आसपास भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक रायपुर का रहने वाला था या किसी अन्य स्थान से यहां आया था।मृतक की पहचान के लिए पुलिस आसपास के थाना क्षेत्रों से भी जानकारी जुटा रही है। हाल के दिनों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों से भी मृतक की पहचान का मिलान किया जा सकता है।

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को उक्त हुलिए के युवक के बारे में जानकारी हो या उसके परिवार का कोई सदस्य हाल ही में लापता हुआ हो, तो थाना आमानाका, रायपुर में सूचना दें। पहचान होने के बाद पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएगी। शव का पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया भी की जा रही है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिला 14.20 लाख रुपए का अनुदान, एकीकृत कृषि प्रणाली बनी समृद्धि का आधार

राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिला 14.20 लाख रुपए का अनुदान, एकीकृत कृषि प्रणाली बनी समृद्धि का आधार

 o संरक्षित खेती और उद्यानिकी से जशपुर के किसान अनारथ साय ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

o ऑयल पाम से लेकर आम-लीची, स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी की खेती से बढ़ी आय

जशपुर। सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसानों को पारंपरिक धान की खेती के साथ उद्यानिकी, संरक्षित खेती और फसल विविधीकरण को अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान अब आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाते हुए अपनी आय के नए स्रोत तैयार कर रहे हैं। जशपुर जिले के ग्राम पतराटोली के किसान अनारथ साय ऐसे ही प्रगतिशील कृषक हैं, जिन्होंने उद्यानिकी आधारित एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाकर खेती को आर्थिक मजबूती का आधार बनाया है।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन से संरक्षित खेती को मिला बढ़ावा
किसान अनारथ साय ने उद्यानिकी विभाग की योजना का लाभ लेते हुए राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत एक एकड़ क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित कर संरक्षित खेती की शुरुआत की है। इसमें वे ग्राफ्टेड टमाटर की आधुनिक तकनीक से खेती कर रहे हैं। संरक्षित वातावरण में फसल उत्पादन से बेहतर गुणवत्ता, मौसम के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षा और उत्पादन प्रबंधन में सुविधा मिल रही है। शेडनेट हाउस की स्थापना में कुल 28 लाख 40 हजार रुपए की लागत आई, जिसमें उद्यानिकी विभाग की ओर से 14 लाख 20 हजार रुपए का अनुदान प्रदान किया गया। विभागीय सहयोग और आधुनिक तकनीक के माध्यम से किसान ने खेती को नई दिशा दी है।

ऑयल पाम की खेती से बढ़ा आय का दायरा
अनारथ साय उद्यानिकी विभाग से लाभ लेकर ऑयल पाम की खेती भी कर रहे हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन सहित विभिन्न उद्यानिकी योजनाओं से मिले प्रोत्साहन ने उन्हें पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर लाभकारी एवं दीर्घकालिक फसलों को अपनाने का अवसर दिया है। ऑयल पाम जैसी फसल को अपनाकर किसान अपनी कृषि भूमि का बेहतर उपयोग कर रहे हैं और भविष्य के लिए स्थायी आय का आधार तैयार कर रहे हैं।

आम और लीची के बगीचे से तैयार किया दीर्घकालिक आय का आधार
किसान अनारथ साय ने समेकित उद्यानिकी विकास योजना के तहत 2 हेक्टेयर क्षेत्र में आम एवं लीची का बगीचा भी विकसित किया है। फलदार पौधों की यह बागवानी उन्हें आने वाले वर्षों में निरंतर उत्पादन और आय का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने मुख्य उद्यानिकी फसलों के बीच उपलब्ध खाली भूमि का भी बेहतर उपयोग किया है। यही सोच उनकी खेती को एकीकृत एवं बहुआयामी बनाती है।

एक ही खेत में कई फसलें, सालभर आय का रास्ता
अनारथ साय ने बागवानी फसलों के बीच खाली स्थान का सदुपयोग करते हुए अंतरवर्ती खेती (इंटरक्रॉपिंग) को अपनाया है। वे स्ट्रॉबेरी, टमाटर और फूलगोभी जैसी फसलों का उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे एक ओर भूमि का अधिकतम उपयोग हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग फसलों से अलग-अलग समय पर आय प्राप्त हो रही है। किसान का यह प्रयोग जशपुर के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है।

फसल विविधीकरण से खेती बनी अधिक लाभकारी
किसान अनारथ साय का मानना है कि, एक ही फसल पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न फसलों को एकीकृत रूप से अपनाने से खेती में जोखिम कम किया जा सकता है और आय के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उनके अनुसार कम लागत में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए वर्षभर आय प्राप्त करने की दिशा में एकीकृत कृषि प्रणाली बेहद उपयोगी है।

जशपुर में बदल रही खेती की तस्वीर
अनारथ साय की सफलता यह दर्शाती है कि, शासन की योजनाओं का लाभ लेकर किसान आधुनिक तकनीक, संरक्षित खेती, उद्यानिकी और फसल विविधीकरण को अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं। जशपुर जैसे कृषि प्रधान जिले में ऐसे प्रगतिशील किसान न केवल स्वयं आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि आसपास के किसानों को भी पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई तकनीकों और लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जशपुर में उद्यानिकी और संरक्षित खेती का बढ़ता दायरा किसानों की आय में वृद्धि के साथ जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई पहचान दे रहा है।

राजधानी में मर्डर, पाइप के अंदर छिपाया गया था युवक की लाश,3 दिन से था लापता

राजधानी में मर्डर, पाइप के अंदर छिपाया गया था युवक की लाश,3 दिन से था लापता

 रायपुर। राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र के रावाभाठा स्थित बांधा मैदान में एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान करीब 22 से 23 वर्षीय पवन तांडन के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि पवन तांडन पिछले कुछ दिनों से लापता था और परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। करीब चार दिन बाद उसका शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव जिस स्थिति में मिला है, उसे देखते हुए युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, पवन तांडन 5 अगस्त 2026 से लापता था। वह घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा था। काफी समय तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार के लोगों और परिचितों ने आसपास के इलाकों में युवक को खोजने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इस दौरान परिवार लगातार उसके वापस लौटने की उम्मीद कर रहा था।

इसी बीच रावाभाठा क्षेत्र के बांधा मैदान में कंक्रीट कल्वर्ट और पानी के पाइप के पास एक शव मिलने की सूचना सामने आई। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही खमतराई थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव की पहचान की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके बाद मृतक की पहचान पवन तांडन के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि शव पानी के पाइप के अंदर छिपा हुआ मिला। शव जिस स्थान पर मिला और जिस तरह से उसे छिपाया गया था, उससे पुलिस भी मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को पाइप के अंदर छिपाया गया होगा। हालांकि हत्या की पुष्टि अभी नहीं हुई है और मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम तथा पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी। FSL की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण कर रही है, ताकि घटना से जुड़े किसी भी सुराग को तलाशा जा सके। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पवन तांडन आखिरी बार किसके साथ देखा गया था और 5 अगस्त को घर से निकलने के बाद वह कहां गया। उसके मोबाइल फोन, परिचितों और आसपास के लोगों से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है। पुलिस युवक के पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रम को जोड़कर मामले की कड़ियां तलाशने का प्रयास कर रही है।

मृतक के शव मिलने के बाद परिजनों की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बताई जा रही है। युवक के लापता होने के बाद परिवार उसकी तलाश कर रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद उसका शव मिलने से परिवार को गहरा सदमा लगा है। घटना की जानकारी फैलने के बाद बांधा मैदान और आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ भी जुट गई। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा रहा है और FSL की जांच के आधार पर भी पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवक की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा शव को पाइप के अंदर किसने और क्यों छिपाया।

CM साय की पहल से खिलाड़ियों को मिले नए पंख, खेल बजट ₹304 करोड़; आधुनिक सुविधाओं से तैयार हो रहा नया स्पोर्ट्स हब

CM साय की पहल से खिलाड़ियों को मिले नए पंख, खेल बजट ₹304 करोड़; आधुनिक सुविधाओं से तैयार हो रहा नया स्पोर्ट्स हब

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार लगातार खेल अधोसंरचना को मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन, सम्मान और रोजगार के अवसर देने के साथ ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे लाने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य में मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन के तहत ₹100 करोड़ और छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के लिए ₹57 करोड़ का प्रावधान किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ बनने के समय खेल एवं युवा कल्याण विभाग का बजट करीब 4 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर ₹304 करोड़ हो गया है।

खेल अधोसंरचना पर बड़ा फोकस
राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट और हॉकी स्टेडियम के साथ स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। रायगढ़ और कुनकुरी में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को मंजूरी दी गई है। बलौदाबाजार में करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से इंडोर स्टेडियम और नवा रायपुर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण जारी है। तिल्दा-नेवरा और मोपका में बहुउद्देशीय हॉल तथा बलौदाबाजार में 8-लेन सिंथेटिक ट्रैक भी तैयार किया जा रहा है।ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में खेलो इंडिया लघु केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों में हॉकी, तीरंदाजी, मलखंभ, कुश्ती और फुटबॉल जैसे खेलों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

अकादमियों में खिलाड़ियों को मिल रही सुविधाएं
रायपुर की तीरंदाजी और बालिका हॉकी अकादमी में 80 खिलाड़ियों को निशुल्क प्रशिक्षण, आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा दी जा रही है। गैर-आवासीय अकादमियों में 130 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न खेलों में प्रशिक्षण ले रहे हैं।बिलासपुर के बहतराई केंद्र को भारत सरकार ने स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का दर्जा दिया है, जहां करीब 180 खिलाड़ी हॉकी, एथलेटिक्स, तीरंदाजी और कबड्डी में अभ्यास कर रहे हैं। शिवतराई उपकेंद्र में भी 45 खिलाड़ी तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं।

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बढ़ी छत्तीसगढ़ की चमक
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। 2024 के खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 7 पदक जीते। पहले खेलो इंडिया पैरा गेम्स में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने 5 पदक हासिल किए। 2025 के खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 14 पदक जीते।गोवा में आयोजित 37वें नेशनल गेम्स में छत्तीसगढ़ के 72 खिलाड़ियों ने 25 पदक जीते, जबकि उत्तराखंड में हुए 38वें नेशनल गेम्स में 58 खिलाड़ियों ने 16 पदक हासिल किए।

ज्ञानेश्वरी यादव को 30 लाख और DSP पद
हाल ही में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव को राज्य सरकार ने 30 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उन्हें आउट ऑफ टर्न पदोन्नति देकर DSP बनाने का भी ऐलान किया है।ज्ञानेश्वरी ने महिलाओं की 53 किलोग्राम भार वर्ग स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि को प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि उनकी सफलता राज्य की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा है।

ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए बड़ी प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री साय ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है।क्रिकेट में शशांक सिंह और अमनदीप तथा हॉकी में रेणुका यादव जैसे खिलाड़ी छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रहे हैं। वहीं बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षी कश्यप ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

बस्तर के बाद अब सरगुजा ओलंपिक
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष से सरगुजा ओलंपिक की भी शुरुआत की गई है। बस्तर ओलंपिक में सात जिलों के 1.65 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।इसके अलावा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी से भी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिली है।

खेल विभाग में भर्ती और नए पद
खेल गतिविधियों को मजबूत करने के लिए छह नए जिलों में खेल अधिकारी के पद सृजित किए गए हैं। विभाग में 44 प्रशिक्षकों, 4 जिला खेल अधिकारियों, 23 सहायक ग्रेड-3 और 8 वार्डनों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।सरकार ने सभी जिलों में खेल संघों के गठन और उनके पंजीयन को बढ़ावा देने के साथ ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया है।

गांव और स्कूलों से तैयार होंगे खिलाड़ी
सरकार की योजना स्कूलों में प्रतिदिन खेल का एक पीरियड सुनिश्चित करने और पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की है। जिला खेल अधिकारियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और उभरती प्रतिभाओं की प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को आधुनिक तकनीक, नए खेल उपकरण, अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य जमीनी स्तर पर खेल संस्कृति विकसित करने, प्रतिभाओं की समय पर पहचान करने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने का है। इन प्रयासों के जरिए छत्तीसगढ़ को आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

रायपुर में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 2.961 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

रायपुर में गांजा तस्करी का भंडाफोड़, 2.961 किलो गांजे के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर। राजधानी में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तेलीबांधा पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जोरा ओवरब्रिज के पास सर्विस रोड से दो आरोपियों को 2.961 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजे से भरे तीन पैकेट और परिवहन में इस्तेमाल वाहन CG 04 P 7506 भी जब्त किया गया है।पुलिस के मुताबिक, 7 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जोरा ओवरब्रिज के पास दो व्यक्ति गांजा लेकर बिक्री की फिराक में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर तेलीबांधा पुलिस और ANTF की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान दिनेश ध्रुव (23) निवासी मंदिर हसौद और कोमल धीवर (29) निवासी तेलीबांधा के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद पीले रंग के थैले से तीन पैकेट बरामद हुए, जिनमें गांजा पाया गया। वजन करने पर कुल 2.961 किलोग्राम गांजा मिला।पुलिस ने गांजा और वाहन को जब्त कर दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 341/2026 दर्ज किया है। आरोपियों पर धारा 20(बी) NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

आमापाली में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने लगाई जन चौपाल, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

आमापाली में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने लगाई जन चौपाल, सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

 रायपुर: वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमापाली में आयोजित जन चौपाल में ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से क्षेत्र के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानीय आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की।

जन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायत आमापाली की माताओं-बहनों की एक प्रेरणादायी पहल भी सामने आई। महिलाओं ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्राप्त राशि में से अपनी इच्छा से धनराशि एकत्रित कर भगवान जगन्नाथ मंदिर के प्रारंभिक निर्माण कार्य के लिए समर्पित की। महिलाओं की इस पहल की वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सराहना की।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि आमापाली की बहनों ने स्वेच्छा और संकल्प के साथ राशि एकत्रित कर मंदिर निर्माण में सहयोग दिया है। यह महिलाओं के आर्थिक योगदान के साथ-साथ सामाजिक सहभागिता और नेतृत्व की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ समाज और सामुदायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि महिलाओं का यह स्वैच्छिक योगदान समाज में आपसी सहयोग, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है। आमापाली की बहनों की यह पहल अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायी है।

वित्त मंत्री  चौधरी ने इस सराहनीय पहल के लिए ग्राम पंचायत आमापाली की सभी माताओं-बहनों और सहभागी नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी बात सुनना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करना राज्य सरकार की जनकल्याण एवं सुशासन की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस व 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस

10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस व 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस

 00 प्रदेश के 1.10 करोड़ बच्चों और किशोरों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाकर कृमि संक्रमण से बचाने का अभियान

00 राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राज्यभर में चलेगा विशेष अभियान, अभिभावकों से बच्चों को दवा अवश्य खिलाने की अपील

रायपुर। बच्चों की सेहत, पढ़ाई और बेहतर भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी लेकिन अक्सर अनदेखी समस्या है पेट में होने वाला कृमि संक्रमण। यही संक्रमण कई बार बच्चों में कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, भूख न लगना, बार-बार बीमार पडऩा तथा पढ़ाई में एकाग्रता की कमी जैसी समस्याओं का कारण बनता है। इन चुनौतियों से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश में 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राज्यभर में 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की खुराक खिलाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित इस राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य केवल कृमि संक्रमण का उपचार करना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर पोषण, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी है। अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ बच्चों एवं किशोर किशोरियों तक पहुंच उन्हें कृमि मुक्ति हेतु एल्बेंडाजोल खिलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शासकीय एवं निजी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों तथा अन्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर दवा सेवन करवाने की व्यवस्था की गई है।

कृमि संक्रमण मुख्य रूप से अस्वच्छ वातावरण के कारण फैलता है। ये संक्रमण आमतौर पर खुले में शौच और खराब स्वच्छता के कारण मिट्टी के संक्रमित होने, संक्रमित मिट्टी के संपर्क के बाद बिना हाथ धोए भोजन करने, दूषित पानी पीने या दूषित भोजन खाने, मानव मल से दूषित मिट्टी पर नंगे पैर चलने तथा शौच के बाद हाथ नहीं धोने जैसी परिस्थितियों में फैलते हैं। संक्रमण होने पर बच्चों के शरीर को भोजन से पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाएं नियमित दवा सेवन को बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का प्रभावी उपाय मानती हैं।

अभियान के अंतर्गत 1 से 2 वर्ष आयु के बच्चों को एल्बेंडाजोल की आधी गोली तथा 2 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोरों को पूरी गोली निर्धारित मानकों के अनुसार खिलाई जाएगी। दवा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की निगरानी में खिलाई जाएगी, जिससे इसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।  मैदानी स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों, शिक्षकों तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को केवल एक स्वास्थ्य कार्यक्रम न मानें, बल्कि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखें। यदि कोई बच्चा 10 अगस्त को किसी कारणवश दवा नहीं खा पाता है, तो उसे मॉप-अप दिवस 17 अगस्त को कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। इस दवा सेवन से बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की समस्या कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा उनकी शैक्षणिक क्षमता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। इसलिए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस एवं मॉप-अप दिवस पर कृमिनाशक दवा अवश्य खिलाने का आग्रह किया गया है।

सेन समाज सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता का मजबूत आधार : मुख्यमंत्री साय

सेन समाज सनातन परंपराओं और सामाजिक समरसता का मजबूत आधार : मुख्यमंत्री साय

 00 केश शिल्पियों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, समाज की मांगों पर गंभीरता से होगा विचार

00 मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सेन समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। इस समाज ने सदियों से भारतीय समाज की सामाजिक व्यवस्था, संस्कारों और समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महान नेता का इस समाज से होना पूरे सेन समाज के लिए गौरव की बात है। सेन समाज केवल अपनी पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जन्म से लेकर विवाह और मृत्यु तक समाज के प्रत्येक संस्कार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। यह समाज सनातन परंपराओं और संस्कारों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री साय आज राजधानी रायपुर के चिकित्सा महाविद्यालय परिसर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में आयोजित सेन शक्ति सम्मेलन एवं केश शिल्पी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सेन समाज को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेन समाज के कल्याण के लिए केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुआ था। उन्होंने कहा कि सेन समाज और अन्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उस समय अनेक महत्वपूर्ण पहल की गईं। सैलून संचालन के लिए सेन समाज के लोगों को किट, कुम्हारों को बैटरी चलित चाक और बढ़ई समाज के लोगों को कारपेंट्री किट देने की शुरुआत भी इसी दिशा में की गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेन समाज की आज की आवश्यकताओं और मांगों पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करेगी।

संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि सेन जी महाराज के नाम पर नया रायपुर में चौक का नामकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में नामकरण के लिए कमेटी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने सेन समाज के विकास और कल्याण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों को आगे बढ़ा रहा सेन समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुनर और प्रतिभा का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर वंचित वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष के प्रतीक रहे हैं। आज उनके सुपुत्र  रामनाथ ठाकुर केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सेन समाज से विधायक रिकेश सेन और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समाज की सेवा और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब केश शिल्प कल्याण बोर्ड को युवा नेतृत्व मिला है, निश्चित रूप  गौरी शंकर श्रीवास के नेतृत्व में सेन समाज को आगे बढ़ाने का काम तेजी से होगा।

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के अनुरूप हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से पारंपरिक हुनर और छोटे-छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता, ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को भी सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने ग्रामीण और सामान्य परिवेश में रहकर उत्कृष्ट कार्य किया है। इससे देश में हुनर और श्रम के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हुई है।

 

 
 

ढाई साल में मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे किए
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने का काम तेजी से किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं और प्रतिदिन लगभग 1500 से 1600 मकानों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और किसानों से किए गए वादों को भी पूरा किया गया है। प्रदेश में किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की जा रही है और 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी किसानों को दिया गया है।

 

70 लाख माताओं-बहनों को हर माह मिल रहा महतारी वंदन का लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में हर महीने 1000 रुपए की राशि भेजी जा रही है। ढाई वर्षों में इस योजना के माध्यम से 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया रामलला का दर्शन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को भी पुन: शुरू किया गया है। प्रदेश के बुजुर्ग माता-पिता की तीर्थ यात्रा की इच्छा को पूरा करने के लिए सरकार अपने खर्च पर उन्हें देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा करा रही है।

 
 

भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 5 लाख से अधिक भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए पारिश्रमिक में वृद्धि की गई है और चरण पादुका योजना को पुन: शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। पुलिस, बिजली और सहकारिता सहित विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसर दिए गए हैं। शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। नई उद्योग नीति के माध्यम से लगभग डेढ़ लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश को अब तक 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और अनेक क्षेत्रों में काम शुरू हो गया है।
समाज के पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं
मुख्यमंत्री साय ने सेन समाज के पदाधिकारियों और सामाजिक प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के पात्र लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समाज के जो बेटे-बेटियां किसी योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें उसका लाभ दिलाने में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
बिजली बिल समाधान योजना का लाभ लेने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में बिजली बिलों का भुगतान नहीं होने के कारण कई परिवारों पर एक साथ बड़ी राशि का बिल आ गया है। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत पंजीयन कराने पर पात्र उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत दी जा रही है तथा सरचार्ज आदि भी माफ किया जा रहा है। उन्होंने पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की।
80 हजार घरों में लग चुके हैं सोलर सिस्टम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से प्रदेश में घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने का काम तेजी से चल रहा है। प्रदेश में अब तक लगभग 80 हजार घरों में सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनमें करीब 40 हजार घरों में बिजली बिल शून्य आ रहा है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने का आग्रह किया।
सेवा सेतु से घर बैठे मिल रही 700 से अधिक सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा सेतु शुरू किया है। इसमें 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। नागरिक घर बैठे मोबाइल के माध्यम से जाति, आय, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्रों और अन्य सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से सीधे दर्ज करा सकते हैं शिकायत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है। इसके माध्यम से लोग घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि तहसीलदार, इंजीनियर, थाना प्रभारी से लेकर सचिव स्तर तक के लगभग 8 हजार अधिकारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं। शिकायतों के समाधान के लिए एल-1, एल-2, एल-3 और एल-4 स्तर पर व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि अब लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सेन समाज के लिए श्री गौरीशंकर श्रीवास का चयन कर बहुत सही निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष का दूसरा नाम गौरीशंकर श्रीवास है। वे लगातार समाज के लिए कार्य कर रहे हैं और समाज को आगे बढ़ाने की ललक उनके भीतर है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक रिकेश सेन भी विधानसभा में सेन समाज और समाज के विभिन्न विषयों को सक्रियता के साथ उठाते हैं। उन्होंने कहा कि सेन समाज हजारों वर्षों से गांव और सामाजिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण धुरी रहा है। जन्म, विवाह और मृत्यु सहित जीवन के प्रत्येक संस्कार में सेन समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि सेन समाज के लोग केवल सेवा करने वाले नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा माने जाते हैं और समाज में उनका गहरा विश्वास और संबंध रहा है। उन्होंने भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर को वंचित वर्गों के संघर्ष का बड़ा प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व में विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सेन शक्ति सम्मेलन सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सेन समाज के कौशल विकास के लिए कौशल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे आवश्यकतानुसार नए ट्रेड और प्रशिक्षण को जोडऩे के सुझाव दें, ताकि समाज के युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।
छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर श्रीवास ने कहा कि आज का दिन सेन समाज के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने केश शिल्पी कल्याण बोर्ड का गठन कर इसे सेन समाज को समर्पित किया था और अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बोर्ड को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सेन समाज के लोगों ने निस्वार्थ भाव से सेवा की। उन्होंने समाज के उत्थान और कल्याण से जुड़ी विभिन्न आवश्यकताओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने सेन समाज प्रदेश भर से आए प्रशिक्षित युवाओं को किट वितरण किया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक रिकेश सेन, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, रजककार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, खाद्य आयोग के अध्यक्ष संदीप शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, कर्पूरी ठाकुर विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रघुवीर श्रीवास, संचालक समाज कल्याण श्री रणबीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में सेन समाज के प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।

पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहल- रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का शुभारंभ

पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार की बड़ी पहल- रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में तीन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का शुभारंभ

 00 राशन की कतार से मिलेगी मुक्ति, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए 24&7 घंटे खाद्यान्न- मंत्री बघेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडएस) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने आज प्रदेश के पहले तीन अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम का रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस नवाचार के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां ग्रेन एटीएम के माध्यम से हितग्राहियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पीडएस प्रणाली में पारदर्शिता के लिए राज्य सरकार बड़ी पहल है। 
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के माध्यम से राशनकार्डधारी हितग्राही अब अपनी सुविधा के अनुसार 24&7 घंटे चावल प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए मशीन की स्क्रीन पर राशनकार्डधारी को अपना आधार नंबर अथवा राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकेगा। इस सुविधा से उचित मूल्य की दुकानों में राशन लेने के लिए लगने वाली कतार और समय की बाध्यता से हितग्राहियों को राहत मिलेगी।
वन नेशन.वन राशनकार्ड से दूसरे राज्यों के हितग्राहियों को भी सुविधा
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत यह है कि छत्तीसगढ़ के राशनकार्डधारियों के साथ.साथ अन्य राज्यों के राशनकार्डधारी भी वन नेशन, वन राशनकार्ड योजना के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त कर सकेंगे। इससे प्रवासी श्रमिकों और अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले हितग्राहियों के लिए भी राशन प्राप्त करना आसान होगा।

छत्तीसगढ़ ग्रेन एटीएम संचालित करने वाला देश का पांचवां राज्य
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम वर्तमान में उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में संचालित हो रहे हैं। अब छत्तीसगढ़ भी ग्रेन एटीएम संचालित करने वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। प्रदेश में तीन ग्रेन एटीएम की शुरुआत पीडीएस व्यवस्था में तकनीक और नवाचार के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
2500 किलोग्राम तक खाद्यान्न भण्डारण क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की भण्डारण क्षमता लगभग 2500 किलोग्राम है। मशीन में चावल की लोडिंग पूर्णत: स्वचालित प्रणाली से होगी। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बाद मशीन निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी। इससे खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा।
गरीब से लेकर हर हितग्राही के लिए समय की बचत
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार के मार्गदर्शन में पीडीएस व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अब हितग्राही अपने अन्य कार्यों के बाद अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय राशन प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रेन एटीएम के उपयोग से समय की बचत होगी और उचित मूल्य दुकानों में भीड़ तथा कतार की समस्या कम होगी। अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुरू होने से छत्तीसगढ़ में राशन वितरण व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनेगी। तकनीक आधारित यह पहल हितग्राहियों को समय की बचत के साथ सम्मानजनक तरीके से खाद्यान्न प्राप्त करने की सुविधा देगी और पीडीएस में पारदर्शिता को नई मजबूती प्रदान करेगी।
पारदर्शी पीडीएस की दिशा में प्रभावी कदम
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि सुश्री नजीऩो हॉसीमोनी ने छत्तीसगढ़ सरकार को इस नवाचार के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना राज्य सरकार, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल तथा खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले के प्रयासों से संभव हुई है। उन्होंने इसे पारदर्शी एवं प्रभावी पीडीएस प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। शुभारंभ अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडे, विधायक मोतीलाल साहू, खाद्य विभाग की संचालक डॉ. फरिहा आलम नागरिक आपूर्ति निगम की एमडी श्रीमती इफ्फत आरा, अपर संचालक श्री नीलिमा एल्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, हितग्राही उपस्थित थे।

शिक्षा विभाग की तबादला सूची जारी, 700 शिक्षको के हुए ट्रांसफर, विभिन्न कारणों से 400 नाम रुके

शिक्षा विभाग की तबादला सूची जारी, 700 शिक्षको के हुए ट्रांसफर, विभिन्न कारणों से 400 नाम रुके

 00 अगले चरण में ऑनलाइन तबादले की तैयारी पर भी मंथन
रायपुर।
प्रदेश के शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर आखिरकार शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। स्थानांतरण के लिए तैयार की गई सूची में व्यापक स्तर पर छंटनी और परीक्षण के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।विभागीय स्तर पर तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1,600 शिक्षकों के नाम शामिल थे। इसके बाद सूची की समीक्षा करते हुए समन्वय से संख्या कम करने के निर्देश दिए गए और करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई। अंतिम परीक्षण में भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 400 नामों को सूची से बाहर कर दिया गया। इसके बाद शेष शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं।इन मामलों में नहीं हुआ स्थानांतरण-शिक्षा विभाग द्वारा स्थानांतरण प्रक्रिया में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता दी गई। युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षक, एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक, ऐसे शिक्षक जिनके स्थानांतरण से विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरण तथा अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों का परीक्षण करते हुए उन्हें अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया।विभाग का स्पष्ट मानना रहा कि किसी शिक्षक के स्थानांतरण के कारण विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।अनुशंसा और प्राप्त आवेदनों के आधार पर तैयार हुई थी सूची। सूत्रों के अनुसार, स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों एवं विभिन्न स्तरों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे। इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तक कई स्तरों पर जांच के बाद करीब 400 नामों को हटाया गया।अब अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी होने के साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को लेकर चल रहा इंतजार समाप्त हो गया है।
शिक्षक स्थानांतरण की वर्तमान प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग अब भविष्य की स्थानांतरण व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सरल एवं तकनीक आधारित बनाने पर भी विचार कर रहा है। विभागीय स्तर पर शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था लागू करने को लेकर मंथन जारी है।यदि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होती है तो शिक्षक निर्धारित पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन, आवेदन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तथा समयबद्ध निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में अन्य राज्यों में लागू ऑनलाइन स्थानांतरण प्रणालियों का भी अध्ययन किया जा रहा है। तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं के परीक्षण के बाद शासन स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।फिलहाल वर्तमान स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत अंतिम सूची में शामिल शिक्षकों के आदेश जारी हो चुके हैं, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों की नजरें अब नए पदस्थापना स्थल पर टिक गई हैं।

छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों के तबादले, रायपुर सहित कई जिलों में बदले DFO, देखें किसे मिली कहां की जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ में 24 IFS अधिकारियों के तबादले, रायपुर सहित कई जिलों में बदले DFO, देखें किसे मिली कहां की जिम्मेदारी

 रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने भारतीय वन सेवा के 24 पदाधिकारी का तबादला किया है. इसमें 2013 बैच के गणवीर धम्मशील को वन उप संरक्षक बलोदा बाजार से विशेष सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग नया रायपुर में प्रतिनियुक्ति दी गई है.वहीं 2013 बैच के उत्तम कुमार गुप्ता को उपबंध संरक्षक बस्तर जगदलपुर से प्रभारी मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी एवं क्षेत्रीय निदेशक इंद्रावती टाइगर रिजर्व जगदलपुर बनाया गया है. 2013 बैच के ही धूलेश प्रसाद साहू को वन उप संरक्षक से सूरजपुर से वन उप संरक्षक मनेंद्रगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है.

वन उप संरक्षक खैरागढ़ 2014 बैच के भारतीय वन सेवा के पदाधिकारी पंकज राजपूत को वन उप संरक्षक रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं लोकनाथ पटेल को रायपुर से सरगुजा अंबिकापुर भेजा गया है. भाकर खलखो को कोरिया से प्रभारी वन संरक्षक कार्य आयोजना वनमंडल सरगुजा अंबिकापुर की जिम्मेदारी दी गई है. संदीप बलगा उप संचालक इंद्रावती टाइगर रिजर्व बीजापुर से वन उप संरक्षक पूर्व भानुप्रतापपुर और त् तटेटी उप संचालक हाथी रिजर्व सरगुजा अंबिकापुर से वन उप संरक्षक महासमुंद पदस्थ हुए हैं.

Indian Forest Service officers Transfer

2015 बैच के भारतीय वन सेवा के पदाधिकारी मयंक पांडेय को महासमुंद डीएफओ से गरियाबंद का डीएफओ बनाया गया है. वही सत्यदेव शर्मा को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम से धरमजयगढ़ का डीएफओ बनाया गया है. श्रीनिवास तातेेती को धर्मगढ़ डीएफओ से कटघोरा का डीएफओ बनाया गया है. संजय यादव को छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम से वन उप संरक्षक खैरागढ़ प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है.

Indian Forest Service officers Transfer
1,000 की मदद बनी प्रीति के सपनों की ताकत, महतारी वंदन से सिलाई सीखकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

1,000 की मदद बनी प्रीति के सपनों की ताकत, महतारी वंदन से सिलाई सीखकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

 00 30वीं किस्त के साथ खाते में पहुंचे 30 हजार; बच्चों की पढ़ाई संभालने के साथ हुनर को आजीविका बनाने की तैयारी

रायपुर। आज जब महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने हुनर को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, ऐसे समय में महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का प्रभावी माध्यम बन रही है। योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1,000 की सहायता ने मनेन्द्रगढ़ विकासखंड की निवासी प्रीति साह को भी अपने सपनों को आकार देने का अवसर दिया है। 07 अगस्त 2026 को महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी होने के साथ प्रीति साह को अब तक कुल 30,000 की सहायता प्राप्त हो चुकी है। 30वीं किस्त मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी है। प्रीति बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली राशि परिवार की जरूरतों में सहयोग करने के साथ उन्हें अपने लिए कुछ नया सीखने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
आर्थिक सहायता से सीखा सिलाई का हुनर
प्रीति साह ने बताया कि वे योजना से मिलने वाली 1,000 की राशि का उपयोग सिलाई सीखने के साथ-साथ बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों और उनकी पढ़ाई से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करती हैं। सिलाई सीखने के लिए आर्थिक सहायता मिलने से वे अपने हुनर को निखार रही हैं।उनका लक्ष्य है कि सिलाई का हुनर पूरी तरह सीखने के बाद इसे आगे चलकर आजीविका का साधन बनाया जाए। इस दिशा में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित सहायता उनके लिए शुरुआती पूंजी और प्रोत्साहन दोनों का काम कर रही है। प्रीति कहती हैं कि अपने लिए कोई नया कौशल सीखने का अवसर मिलना उनके लिए बड़ी बात है। आज वे सिलाई सीख रही हैं और आने वाले समय में इसी हुनर के माध्यम से अपनी आय का जरिया तैयार करने का सपना देख रही हैं।
बच्चों की पढ़ाई में भी बन रही भागीदार
परिवार की जिम्मेदारियों के बीच बच्चों की शिक्षा प्रीति की प्राथमिकता है। वे बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली राशि से बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलती है। कॉपी-किताब और अन्य आवश्यकताओं जैसे छोटे खर्चों में यह राशि परिवार के बजट को सहारा देती है। इस तरह महतारी वंदन योजना की सहायता प्रीति के लिए दोहरी भूमिका निभा रही है एक और वह अपने कौशल को मजबूत कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर बच्चों की शिक्षा में भी आर्थिक सहयोग दे रही हैं।
सहायता से सिर्फ जरूरत नहीं, भविष्य भी संवार रही हूं

प्रीति साह के लिए योजना की मासिक राशि अब केवल घरेलू खर्च में सहयोग तक सीमित नहीं है। वे इसका उपयोग अपने भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए भी कर रही हैं। सिलाई सीखने का निर्णय उनके आत्मनिर्भर बनने की इच्छा को दर्शाता है। वे बताती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें यह भरोसा मिला है कि वे अपनी जिम्मेदारियों के साथ अपने लिए भी कुछ कर सकती हैं। बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपने हुनर को विकसित करना उनके लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला अनुभव है।

30वीं किस्त पर चेहरे पर खुशी, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी होने पर प्रीति साह ने खुशी जाहिर की। अब तक प्राप्त 30,000 की राशि उनके लिए लगातार मिल रहे आर्थिक सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं को अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ कुछ नया सीखने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है। प्रीति साह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में सहायता मिल रही है। उन्होंने 30वीं किस्त जारी होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। प्रीति साह की कहानी बताती है कि आर्थिक सशक्तिकरण की शुरुआत हमेशा बड़ी पूंजी से नहीं होती। कभी-कभी नियमित मिलने वाली छोटी-सी सहायता भी किसी महिला के भीतर छिपे हुनर को अवसर देती है। आज प्रीति अपने बच्चों की जरूरतों में सहयोग करते हुए सिलाई सीख रही हैं और कल इसी हुनर को अपनी आजीविका बनाने की दिशा में बढ़ रही हैं-यही महतारी वंदन योजना की सार्थकता की एक जीवंत तस्वीर है।

बिजली कंपनी में 1235 पदों पर भर्ती: सीएम साय के निर्देश से युवाओं को मिलेगा रोजगार

बिजली कंपनी में 1235 पदों पर भर्ती: सीएम साय के निर्देश से युवाओं को मिलेगा रोजगार

 रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज में जल्द ही 1235 विभिन्न पदों पर भर्ती होगी। माननीय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के कुशल मार्गदर्शन में जारी इस भर्ती विज्ञापन से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। इन पदों में सहायक अभियंता से लेकर कनिष्ठ अभियंता, संयंत्र परिचारक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, फायर ऑफिसर, विधि विभाग, वित्त अधिकारी और सुरक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। यह भर्ती राज्य की तीनों प्रमुख विद्युत कंपनियों - जनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन - में की जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रिक्त पदों पर अविलंब भर्ती करने के निर्देश दिए थे। उनके इन निर्देशों के अनुरूप, पॉवर कंपनियों में बड़ी संख्या में हो रही यह भर्ती न केवल हजारों युवाओं को रोजगार प्रदान करेगी, बल्कि उपभोक्ताओं तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के लिए आवश्यक मानव संसाधन की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद यह पहला अवसर है जब विद्युत क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में भर्तियां एक साथ निकाली गई हैं।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के अध्यक्ष  सुबोध कुमार सिंह ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री महोदय की मंशा के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया को तेज गति से संपन्न करने के निर्देश दिए हैं। राज्य बनने के बाद से प्रदेश में उपभोक्ताओं की संख्या और बिजली की मांग में जबरदस्त वृद्धि हुई है। जहाँ राज्य गठन के समय करीब 18.91 लाख उपभोक्ता थे, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 67 लाख हो गई है। इसी प्रकार, विद्युत मांग 1334 मेगावाट से बढ़कर 7083 मेगावाट तक पहुंच गई है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोरबा पश्चिम में 1320 मेगावाट का सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है, साथ ही पारेषण और वितरण प्रणाली को भी मजबूत किया जा रहा है। इन सभी कार्यों के सुचारू संचालन और रखरखाव के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता आवश्यक है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) विभाग द्वारा जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार, कुल 1235 पदों में द्वितीय श्रेणी के 189, तृतीय श्रेणी के 711 और चतुर्थ श्रेणी के 335 पद भरे जाएंगे। इनमें छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी में 547, ट्रांसमिशन कंपनी में 96, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में 415 और तीनों कंपनियों के कॉमन कैडर के लिए 177 पद शामिल हैं। सबसे अधिक डाटा एंट्री ऑपरेटर के 400, प्लांट अटेंडेंट के 300, सहायक अभियंता के 146 और कनिष्ठ अभियंता के 122 पद हैं। विस्तृत जानकारी, पात्रता, नियम व शर्तें तथा आवेदन प्रक्रिया कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट www.cspc.co.in पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार को मिली रफ्तार, वार्षिक बजट आवंटन बढ़कर 7,470 करोड़

छत्तीसगढ़ में रेलवे विस्तार को मिली रफ्तार, वार्षिक बजट आवंटन बढ़कर 7,470 करोड़

 00 प्री-2014 स्तर की तुलना में औसत वार्षिक रेल बजट आवंटन में 24 गुना वृद्धि, 36 परियोजनाओं पर चल रहा काम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे के बुनियादी ढांचे और रेल नेटवर्क के विस्तार को पिछले एक दशक में बड़ी गति मिली है। रेल मंत्रालय के अनुसार, राज्य में रेलवे से जुड़ी आधारभूत संरचना और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए वार्षिक बजट आवंटन प्री-2014 स्तर की तुलना में 24 गुना बढ़ गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ को रेलवे परियोजनाओं के लिए 7,470 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जबकि वर्ष 2009-14 के दौरान औसत वार्षिक आवंटन केवल 311 करोड़ था।

राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने छत्तीसगढ़ में चल रहे रेल विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे विस्तार का विशेष जोर यात्री सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ आदिवासी, पिछड़े और खनिज बहुल क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने तथा माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि पर है।
नई रेल पटरियों के निर्माण में 17 गुना तेजी
छत्तीसगढ़ में नई रेल लाइन के निर्माण और कमीशनिंग की गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2009-14 के दौरान जहां औसतन 6.4 किलोमीटर प्रति वर्ष नई रेल लाइन शुरू की जा रही थी, वहीं वर्ष 2014 से 2026 के बीच यह औसत बढ़कर 109.29 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गया। इस अवधि में कुल 1,311 किलोमीटर नई रेल पटरियों को कमीशन किया गया है।
2,398 किलोमीटर की 36 परियोजनाएं सक्रिय
1 अप्रैल 2026 तक छत्तीसगढ़ में कुल 36 रेल परियोजनाएं सक्रिय हैं इनमें 8 नई रेल लाइन और 28 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 2,398 किलोमीटर है और इनके लिए कुल ?48,202 करोड़ की लागत स्वीकृत की गई है। इनमें से 1,151 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा कर कमीशन किया जा चुका है।
पूरी हो चुकी प्रमुख रेल परियोजनाएं
छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को पूरा किया जा चुका है। इनमें प्रमुख रूप से दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन: 95 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ?1,628 करोड़ खर्च किए गए। यह स्टील संयंत्रों को आवश्यक कच्चे माल के स्रोतों से जोडऩे में महत्वपूर्ण है। चांपा-झारसुगुड़ा तीसरी लाइन: 152 किलोमीटर लंबी परियोजना पर ?1,227 करोड़ खर्च किए गए। इससे भारी माल ढुलाई वाले रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ी है। रायपुर-टिटलागढ़ दोहरीकरण: 203 किलोमीटर लंबी परियोजना ?1,171 करोड़ की लागत से पूरी की गई। खरसिया-कोरिछापार नई रेल लाइन: 43 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर ?851 करोड़ खर्च किए गए। इससे प्रमुख खनन क्षेत्रों को रेल कनेक्टिविटी मिली है।
इन बड़ी परियोजनाओं पर चल रहा काम
राज्य में कई महत्वपूर्ण नई रेल लाइन और दोहरीकरण परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनमें खरसिया-परमलकसा नई डबल लाइन: 278 किलोमीटर, लागत 7,854 करोड़। गेवरा रोड-पेंड्रा रोड नई रेल लाइन: 135 किलोमीटर, लागत 3,724 करोड़। रावघाट-जगदलपुर नई रेल लाइन: 140 किलोमीटर, लागत ?3,513 करोड़। यह परियोजना बस्तर क्षेत्र में रेल नेटवर्क के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। खरसिया-धरमजयगढ़ नई रेल लाइन: 122 किलोमीटर, लागत 3,407 करोड़।
आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेगी रेल
छत्तीसगढ़ के ऐसे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोडऩे के लिए भी प्रयास तेज किए गए हैं, जहां अभी तक रेल कनेक्टिविटी नहीं है। हाल के वर्षों में 2,455 किलोमीटर लंबाई के 14 फाइनल लोकेशन सर्वे स्वीकृत किए गए हैं। महत्वपूर्ण रेल मार्गों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है। इनमें अंबिकापुर-रामानुजगंज-गढ़वा रोड/बरवाडीह: 262 किलोमीटर, सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर: 218 किलोमीटर, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा: 292 किलोमीटर। इसके अलावा आदिवासी और खनिज क्षेत्रों को जोडऩे वाले कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों का फील्ड सर्वे भी जारी है। इनमें गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली (490 किमी), कोठागुडेम-किरंदुल (180 किमी) और धमतरी-बांसकोट-अमरावती-कोंडागांव (183 किमी) शामिल हैं।
यात्री सुविधाओं में भी विस्तार
बढ़ती यात्री मांग को देखते हुए भारतीय रेलवे ने छत्तीसगढ़ में 18 प्रमुख नई ट्रेन सेवाएं शुरू की हैं। राज्य को आधुनिक और तेज रेल सेवाओं से जोडऩे के लिए वर्तमान में 2 जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हैं। इनमें दुर्ग-विशाखापट्टनम और बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा उधना-ब्रह्मपुर अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी भी राज्य से होकर संचालित होती है। स्थानीय और क्षेत्रीय यात्रियों की सुविधा के लिए रायपुर-अंतागढ़ डेमू सहित कई मेमू और डेमू सेवाएं भी शुरू की गई हैं। रायपुर, राजिम और अभनपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जा रहा है।

एम्स रायपुर के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

एम्स रायपुर के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन

 00 2 सितंबर को होगा दीक्षांत समारोह, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल विशिष्ट अतिथि के रूप में होंगी शामिल

रायपुर। भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तृतीय दीक्षांत समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दीक्षांत समारोह 2 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) अशोक जिंदल ने अपनी धर्मपत्नी उषा जिंदल के साथ नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया। उपराष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की सहमति प्रदान की।

इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल जिंदल ने उपराष्ट्रपति को एम्स रायपुर द्वारा पिछले वर्षों में रोगी सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, डिजिटल स्वास्थ्य और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में हासिल की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने संस्थान में रोबोटिक सर्जरी, किडनी प्रत्यारोपण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित स्वास्थ्य अनुसंधान, जैव-चिकित्सकीय नवाचार तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों में हुई प्रगति से भी अवगत कराया। उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में एम्स रायपुर की भूमिका की सराहना की। उन्होंने आयुष्मान भारत तथा अन्य सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में संस्थान के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

तृतीय दीक्षांत समारोह एम्स रायपुर की शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर, सुपर स्पेशियलिटी, डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) तथा संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान के विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में उपाधियां प्रदान की जाएंगी। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगी। 2 सितंबर को आयोजित होने वाले इस दीक्षांत समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों, संकाय सदस्यों, उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों तथा आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। समारोह एम्स रायपुर की स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता की दिशा में जारी यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय होगा।