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स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

 सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में सरगुजा संभाग प्रथम और दुर्ग संभाग के विद्यार्थी  द्वितीय स्थान पर रहे 

स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
स्वतंत्रता दिवस समारोह: शालेय विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

रायपुर---राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड, पर आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में लगभग साढ़े 800 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला और संस्कृति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इन प्रस्तुतियों के बीच हुई स्पर्धा में छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के स्कूली विद्यार्थियों को पहला, छत्तीसगढ़ पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के विद्यार्थियों को दूसरा और मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने शील्ड-मेडल देकर सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के 286 स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान... जैसे रिमिक्स गीत पर देश भक्तिपूर्ण प्रस्तुति दी। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की तपस्या और मातृभूमि के अनंत प्रेम की कहानी को प्रदर्शित किया, साथ ही युवा शक्ति से लेस होकर नई ऊंचाईयों को छूते भारत को भी आकर्षक अंदाज में प्रस्तुति के माध्यम से दिखाया।
पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने सजता, संवरता, निखरता ये देश... गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से अनेक अवसरों पर होने वाले नृत्यों की भी सुन्दर छाप दर्शकों के बीच पेश की। स्कूल के बच्चों ने इस प्रस्तुति के माध्यम से अपने भावों को अपने कदमों की लय और ऊर्जा में पिरो कर राष्ट्र प्रेम की अटूट झलक भी प्रस्तुत की।  

मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 बच्चों द्वारा संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े...फ्यूजन गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य एवं गीत के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने सैनिकों के शौर्य, उनके त्याग और बलिदान की गाथा को जीवंत किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्वतंत्रता दिवस संदेश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का स्वतंत्रता दिवस संदेश

 प्यारे प्रदेशवासियों, जय जोहार...

आप सभी को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं...

स्वतंत्रता दिवस का यह पावन पर्व माँ भारती की वंदना का दिन है। आज हम भारत माता के उन सभी महान सपूतों को नमन कर रहे हैं, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। आज का दिन देश की एकता, अखण्डता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेकर यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का है।

भारत का महान स्वतंत्रता संग्राम महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान की अमर गाथा है। 

स्वतंत्रता के इस पावन अवसर पर हम धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और वीर गुंडाधुर के संघर्ष को श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा जैसे हमारे नायकों की स्मृति हमेशा हमें प्रेरित करती रहेगी। 

गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘‘पराधीन सपनेहुँ सुख नाहीं।‘‘ संत कबीर की वाणी और बाबा गुरु घासीदास जी के उद्घोष मनखे-मनखे एक समान ने स्वतंत्रता के संघर्ष को स्वर दिया। 

यह वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का है। उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने के लिए संघर्ष किया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। हमने भी छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 

स्वतंत्रता दिवस की यह वर्षगांठ कई अभूतपूर्व उपलब्धियां लेकर आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक नेतृत्व में नक्सल मुक्त भारत का संकल्प पूरा हो चुका है। आज पूरा देश वामपंथी उग्रवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने वाले हमारे वीर जवानों के पराक्रम तथा उनकी शहादत को नमन कर रहा है। 

माओवाद से मुक्त होकर बस्तर के हर कोने में लोग तिरंगा यात्रा के जरिए स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं। 

बस्तर की सर्वांगीण प्रगति, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के सबसे बड़े लक्ष्यों में शामिल है। इसका जीवंत उदाहरण है जगदलपुर में राष्ट्रीय स्तर की मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी सहित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सहभागिता की।

अब बस्तर के नवनिर्माण का स्वर्णिम समय है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0‘ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान‘ के जरिए हम विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा रहे हैं। 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से हम बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित कर रहे हैं।

बस्तर में नक्सल हिंसा के चलते बंद पड़े स्कूलों को हमने दोबारा प्रारंभ कराया। साथ ही 36 नए स्कूल भी स्वीकृत किए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे सुदूर क्षेत्रों में हम एजुकेशन सिटी विकसित कर रहे हैं।  

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान‘ के माध्यम से हमने बस्तर के 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर उनकी हेल्थ प्रोफाइल तैयार की है।

बस्तर में अभी 85 फीसदी परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपए से कम है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना‘ तैयार की गई है। 

सुरक्षा कैंप अब सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। वीर गुंडाधुर के गांव नेतानार से शुरू हुए सेवा डेरा में नागरिक सुविधाओं के साथ कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

बस्तर में इन्फ्रास्ट्रक्चर की मजबूत बुनियाद रखी जा रही है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित प्रणाली से जोड़ रहे हैं। 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए हम सड़कें बना रहे हैं। 

दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए हमने ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा‘ शुरू की है। इससे बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को लाभ मिल रहा है। 

मोदी की गारंटी के प्रभावी क्रियान्वयन से ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास‘‘ की भावना के अनुरूप हर वर्ग के जीवन में समृद्धि आई है। 
अन्नदाता हमारे भाग्य विधाता हैं। उनका सुख, समृद्धि और सम्मान हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हम 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से देश में धान का सर्वाधिक मूल्य उन्हें दे रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत एकमुश्त राशि का भुगतान हमने अन्नदाताओं को होली  के पहले ही करा दिया।  

हम फसल विविधता को प्रोत्साहित कर रहे हैं। ‘कृषक उन्नति योजना‘ के तहत धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी आदि फसल लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय हमने लिया है।

किसान भाइयों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने हमने सर्वोच्च प्राथमिकता से कार्य किया। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण उर्वरक आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद हमने छत्तीसगढ़ में खाद का संकट उत्पन्न नहीं होने दिया। 

प्रधानमंत्री जी की ‘सहकार से समृद्धि‘ की संकल्पना के अनुरूप हमने प्रदेश में 2028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण कर लिया है। इनमें से 1988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

श्रद्धेय अटल जी की नदियों को जोड़कर पानी की हर बूंद बचाने की सोच को आगे बढ़ाते हुए हमने ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना‘ के लिए 3,047 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। 

प्रदेश में सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए हमने 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी है। बंद पड़ी सिंचाई योजनाओं का अटल सिंचाई योजना के माध्यम से पुनरूद्धार कर रहे हैं। इंद्रावती नदी पर 2,000 करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।  

तेंदूपत्ता संग्राहकों को हम साढ़े पांच हजार रुपए प्रति मानक बोरा की दर से पारिश्रमिक दे रहे हैं। हमने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ‘चरण पादुका योजना‘ पुनः प्रारंभ की है। 

सुशासन तिहार के दौरान मुझे ग्रामीणों ने गृह प्रवेश में आमंत्रित किया, हमने उनके सपनों को पूरा किया है, उनके चेहरे की मुस्कान हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है। 

मोदी जी की गारंटी के तहत सबको आवास देने के संकल्प को पूरा करने हम एक दिन भी नहीं रूके। कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत करने के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत कर चुके हैं। प्रदेश में हर दिन औसतन 1600 घर बनाए जा रहे हैं। 

देश के निर्धन परिवारों को समर्पित ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना‘ एवं ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना‘ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

हमें माताओं-बहनों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। ‘महतारी वंदन योजना‘ के माध्यम से 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खाते में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। इससे वे अपनी और बच्चों की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करने के लिए अब आत्मनिर्भर हैं। 

जब प्रधानमंत्री जी ने सेवा तीर्थ में प्रवेश किया, तब उन्होंने देश के समक्ष 6 करोड़ ‘लखपति दीदी‘ बनाने का लक्ष्य रखा था। मुझे खुशी है कि राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी‘ बन चुकी हैं। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ‘पीएम जनमन योजना‘ से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। 6 हजार 691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान‘ का लाभ पहुंच रहा है। 

‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना‘ से पिछले ढाई सालों में जनजातीय क्षेत्रों में 93 सड़कों का निर्माण पूरा किया गया जो कई सालों से अधूरी थीं। ‘पीएम जनमन योजना‘ से 1788 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण पूरा हुआ है, जो देश में सर्वाधिक है। 

वनाधिकार पत्र प्रदान करने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी है। वारिसों के पट्टों के नामांतरण की प्रक्रिया हमने आरंभ की है। पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमने टास्क फोर्स का गठन किया है। 

अवैध धर्मांतरण हमारे समाज, विशेष रूप से जनजातीय संस्कृति व सामाजिक ताने-बाने के लिए एक गंभीर चुनौती है। हमने इस पर रोक लगाने ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य कानून‘ लागू किया है। 

स्वामी विवेकानंद कहते थे कि ‘‘मुझे 100 ऊर्जावान युवा दे दीजिए, मैं भारत का रूपांतरण कर दूंगा।‘‘ यह कथन युवा शक्ति पर उनके अटूट विश्वास को व्यक्त करता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए हम रोजगार से लेकर नवाचार तक अवसरों के नए द्वार खोल रहे हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु हमने ऐतिहासिक सुधार किए हैं। हमने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों की भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया है। नियमित रूप से 7 कैटेगरी में भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में अनुचित साधनों तथा नकल को रोकने के लिए भी हमने विधानसभा में सख्त कानून पारित किया है। 

हमने पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की है। हमने ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल‘ के माध्यम से शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3946 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। बिजली कम्पनियों में 1235 पदों पर अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की जा रही है। 

हमारे एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालय के बच्चे इस वर्ष की नीट परीक्षा में बड़ी संख्या में सफल हुए हैं। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी तथा यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहयोग देने हम ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना‘ आरंभ कर रहे हैं। 

हमने अग्निवीरों के रोजगार के लिए बड़ा निर्णय लिया है। चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। 

हमारी नई औद्योगिक नीति युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमशीलता के नए द्वार खोल रही है। नई नीति में कोर सेक्टर के साथ ही इमर्जिंग सेक्टर को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इसका लाभ युवाओं तक पहुंचाने हम पीएम सेतु के तहत 30 आईटीआई का उन्नयन कर रहे हैं। वर्षाकाल के बाद हम जिला और प्रदेश स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन करेंगे। 

‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति‘ के तहत युवाओं के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए हमने 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया है। 

हमारी शैक्षणिक संस्थाएं नये विचारों को प्रोत्साहित करें, नये जमाने के अनुरूप युवाओं को तैयार करें, इसके लिए हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया है। प्रदेश में फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैम्पस, निफ्ट, नाइलिट जैसे संस्थान हम लेकर आये हैं। 

इसी सत्र से हम 5 मेडिकल कॉलेज- गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कवर्धा में आरंभ कर रहे हैं। छह शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित कर रहे हैं। 

हमने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन‘ को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों एवं डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

वैश्विक मंच पर हमारे राज्य के खिलाड़ी तिरंगा लहरा सकें, इसके लिए हम खेल अधोसंरचना का कायाकल्प कर रहे हैं तथा ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन‘ शुरू कर रहे हैं।

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को हमने डीएसपी के पद पर पदोन्नत करने तथा 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया है। हमने राज्य के 156  उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के दरवाजे खोल दिए हैं।

देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी हमें मिली, बढ़िया खेल हुए और यह तय हुआ कि अगले साल छत्तीसगढ़ में ही इन खेलों का आयोजन होगा।

स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। ‘आयुष्मान योजना‘ के माध्यम से हम राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी का निर्माण कर रहे हैं, जहां देश के विख्यात अस्पताल अपना कार्य करेंगे।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने से राज्य में संस्थागत प्रसव बढ़कर 96.2 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश में 326 संजीवनी एक्सप्रेस तथा 380 महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपात स्थिति में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं।

उद्योगों की सुगमता के लिए हमने ईज आफ डूइंग बिजनेस विधेयक पारित किया है। हमने वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे आवश्यक अनुमतियां पोर्टल के माध्यम से तय समय में मिल रही हैं। जनविश्वास अधिनियम के लागू होने से कारोबार अब आसान हो गया है।

नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेशकों को आकर्षित करने हमने देश-दुनिया में इन्वेस्टर कनेक्ट आयोजित किये हैं। इससे हमें अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

इस नीति के माध्यम से टेक्सटाइल जैसे बड़े पैमाने पर रोजगार देने वाले क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन हुआ है। इससे 46 सौ से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। 

मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। हम प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने जा रहे हैं। 

हम राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर तथा जांजगीर-चांपा एवं राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। 

हम देश का पहला एआई एस.ई.जेड. बना रहे हैं। साथ ही एआई डेटा सेंटर भी स्थापित हो रहा है। रायपुर, नवा रायपुर, दुर्ग-भिलाई को लेकर हमने स्टेट कैपिटल रीजन बनाया है। 

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पादन, पारेषण और वितरण- तीनों ही मोर्चो पर हम दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम कर रहे हैं। हमने एनर्जी समिट किया, जिसमें 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिन पर काम हो रहा है।

आर्थिक कठिनाई के कारण कोरोना काल में बहुत से उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाये थे, हमने ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना‘ के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया।

पावर ट्रांसमिशन कंपनी के ढांचागत विस्तार तथा आधुनिक तकनीक को अपनाने हमने आईपीओ लाने का निर्णय लिया है।

प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना‘ का लाभ ले रहे हैं। केंद्र के साथ ही हमारी सरकार द्वारा भी सब्सिडी देने से यह योजना और भी आकर्षक हो गई है। 

भारतमाला सड़कें हमें देश के प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों से जोड़ रही हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देगी। रावघाट-जगदलपुर जैसे रेल नेटवर्क पर काम होने से बस्तर तेजी से प्रगति की दिशा में बढ़ेगा। 

‘सीजी वायु योजना‘ के माध्यम से हम प्रदेश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों में हवाई सेवा का विस्तार कर रहे हैं। राज्य में विमानन प्रशिक्षण का ढांचा खड़ा करने हम फ्लाइंग ट्रेनिंग आर्गेनाइजेशन की स्थापना कर रहे हैं। 

दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी का विस्तार करने प्रदेश में ढाई सालों में 829 मोबाइल टॉवर स्थापित किये गये हैं। ‘भारतनेट 3.0 योजना‘ के माध्यम से 5 हजार 659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।

‘आदर्श शहर समृद्धि योजना‘ के माध्यम से हम 32 नगर पालिका और नगर पंचायतों में नागरिक जीवन को सुगम और सुरक्षित बनाने कार्य कर रहे हैं।

अधोसंरचना जरूरतों तथा तेज आर्थिक विकास के लिए काम करने के साथ ही हम पर्यावरण संरक्षण पर भी पूरा ध्यान दे रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के ‘एक पेड़ माँ के नाम अभियान‘ में हम अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगा चुके हैं। 

हमारी सरकार अटल जी द्वारा दिखाए सुशासन की राह पर चलती है। हमने पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली को अपनाया है। 

हमने ‘सीएम हेल्पलाइन 1076‘ आरंभ की है। इसके माध्यम से हमने अब तक 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया है। ‘सेवा सेतु पोर्टल‘ के माध्यम से शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हम स्मार्ट पंजीयन कार्यालय बना रहे हैं। रजिस्ट्री में अनेक रिफॉर्म करते हुए हमने ऑटो म्यूटेशन भी लागू किया। 

हमने ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान‘ शुरू किया है, जो जिले ‘नियद नेल्ला नार योजना‘ में शामिल नहीं हैं, उन जिलों में 31 योजनाओं का सेचुरेशन मोड में लाभ दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना‘ के प्रारंभ होने से रोजगार एवं विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। हम आज के इस पावन अवसर पर एक नया अभियान ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ शुरू कर रहे हैं। इसके तहत 6671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। ‘वीबी-जी राम जी योजना‘ से प्रदेश के 6524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। 

हमने 7 हजार 524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र‘ स्थापित किये हैं, जिनसे ग्रामीणों को डिजिटल एवं बैंकिंग सेवाएं आसानी से मिल पा रही हैं।

मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। प्रदेश में नये आपराधिक कानूनों के लागू होने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। साइबर अपराधों की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए राज्य में 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल 112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।

हम ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन‘ के जरिए बस्तर तथा सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास करेंगे। बस्तर ओलम्पिक, सरगुजा ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, खेल और प्राकृतिक सुंदरता को देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम किया है। राष्ट्रपति महोदया ने भी बस्तर की जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया। 

हम चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में तैयार कर रहे हैं और यहां टेंट सिटी का निर्माण कराएंगे। सिरपुर को भी हम विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित कर रहे हैं। 

लोक-संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। हमने पद्मविभूषण से सम्मानित लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई जी की विरासत को सहेजने ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण‘ प्रदान करने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सर्वांगीण विकास हेतु हम ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी‘ का निर्माण कर रहे हैं।

हमने संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। उनके नाम पर राज्य अलंकरण पुरस्कार भी दिया जाएगा।

आरंग के रीवां में हुए ऐतिहासिक उत्खनन के परिणाम उत्साहित करने वाले हैं। यहां 2750 साल पुरानी मानव बस्ती की खोज हुई है। यह खोज छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं प्राचीन सांस्कृतिक समृद्धि का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

हमारा सौभाग्य है कि हम ‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना‘ के माध्यम से 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन कराने के निमित्त बन सके। ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना‘ से भी हम 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराने का निमित्त बने हैं।

विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सबका सामूहिक लक्ष्य है। ऋग्वेद में मंत्र है -

‘‘संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्‘‘ 

आइए, इस वैदिक मंत्र के अनुरूप हम सभी मिलकर साथ चलें, मन और विचारों से एक होकर अपने इस उच्चतर लक्ष्य को प्राप्त करें। 

आप सभी को पुनः स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं
जय हिन्द, जय छत्तीसगढ़।

जनसम्पर्क संचालनालय में आयुक्त ने किया ध्वजारोहण

जनसम्पर्क संचालनालय में आयुक्त ने किया ध्वजारोहण

 रायपुर। जनसम्पर्क संचालनालय छोटा पारा रायपुर में 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस हर्षाेल्लास से मनाया गया। जनसंपर्क के आयुक्त  रजत बंसल ने जनसंपर्क संचालनालय छोटा पारा रायपुर में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर अपर संचालक  उमेश मिश्रा,  संजीव तिवारी, आलोक देव, हर्षा पौराणिक, संतोष मौर्य सहित संचालनालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मंत्रालय में स्वतंत्रता दिवस उत्साह से मनाया गया

मंत्रालय में स्वतंत्रता दिवस उत्साह से मनाया गया

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में गरिमामय कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत ने ध्वजारोहण किया और आयोजित परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में ’’राष्ट्रगान जन-गण-मन’’ एवं ’’राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्’’ का सामूहिक सुमधुर गायन किया गया।  चम्पावत ने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।

इंद्रावती भवन में आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश अवनीश शरण ने किया ध्वजारोहण

इंद्रावती भवन में आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश अवनीश शरण ने किया ध्वजारोहण

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभागाध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन अटल नगर, नवा रायपुर में आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश, गृह निर्माण मंडल  अवनीश कुमार शरण ने विभागध्यक्ष कार्यालय इंद्रावती भवन में ध्वजारोहण किया। उन्होंने विभागाध्यक्ष कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी इस अवसर पर अधिकारी, कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें किया नमन

 राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और जनकल्याण के प्रति समर्पित रहा कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सादगी, अनुशासन और कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता ने उन्हें बनाया सार्वजनिक जीवन का आदर्श : मुख्यमंत्री  साय

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में स्वर्गीय  कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने श्री ठाकरे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए राष्ट्र और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। सादगी, अनुशासन, निष्ठा और सेवाभाव उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने अपने आचरण और कार्यशैली से सार्वजनिक जीवन में उच्च आदर्श स्थापित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के साथ ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसकी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यही कारण है कि आज भी उनका जीवन और विचार सार्वजनिक जीवन में कार्य करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती हमें उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने का अवसर देती है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जनकल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय कुशाभाऊ ठाकरे को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेशवासियों से उनके सेवा, समर्पण और राष्ट्रनिष्ठा के आदर्शों को आत्मसात कर विकसित एवं समृद्ध भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

 

Independence Day : पुलिस परेड ग्राउंड से CM विष्णु देव साय ने किया ध्वजारोहण, देखें LIVE…

Independence Day : पुलिस परेड ग्राउंड से CM विष्णु देव साय ने किया ध्वजारोहण, देखें LIVE…

 रायपुर. 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज आजादी का जश्न मनाया जा रहा है. पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री साय राज्य स्तरीय समारोह में शामिल हुए. जहां उन्होंने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली.

Independence Day 2026: CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

Independence Day 2026: CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में 80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 15 अगस्त के मौके पर प्रदेशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के साथ विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि स्वतंत्रता का यह पावन पर्व देश के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए ‘जय हिंद, जय छत्तीसगढ़’ का संदेश दिया।

पुलिस परेड ग्राउंड में होगा राज्य स्तरीय समारोह

राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय यहां तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। इसके बाद वह प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।

मुख्यमंत्री अपने संबोधन में प्रदेश के विकास, सरकार की उपलब्धियों और आने वाले समय की योजनाओं को लेकर भी अपनी बात रख सकते हैं। समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी रहेगी।

राजनांदगांव में डॉ. रमन सिंह करेंगे ध्वजारोहण

राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथियों की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। राजनांदगांव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ध्वजारोहण करेंगे और परेड की सलामी लेंगे।

 

वहीं बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, दुर्ग में उप मुख्यमंत्री अरुण साव और बस्तर में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।

मंत्रियों को इन जिलों की जिम्मेदारी

सरगुजा में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा में वन मंत्री केदार कश्यप, कबीरधाम में उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ध्वजारोहण करेंगे।

इसके अलावा रायगढ़ में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, कांकेर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, जशपुर में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल और बालोद में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि होंगे।

सांसद भी संभालेंगे जिला मुख्यालयों की जिम्मेदारी

बलौदाबाजार-भाटापारा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में संतोष पांडेय, कोंडागांव में भोजराज नाग, बलरामपुर में चिंतामणि महाराज और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में राधेश्याम राठिया ध्वजारोहण करेंगे।

वहीं गरियाबंद में रूपकुमारी चौधरी, सक्ती में कमलेश जांगड़े, बीजापुर में महेश कश्यप, सुकमा में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा मुख्य अतिथि होंगी।

इन जिलों में विधायक करेंगे ध्वजारोहण

कोरबा में विधायक अमर अग्रवाल, धमतरी में अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में धरमजीत सिंह, मुंगेली में पुन्नूलाल मोहले, कोरिया में भैयालाल राजवाड़े और नारायणपुर में लता उसेंडी को मुख्य अतिथि की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संदेश का वाचन करेंगे।

स्वतंत्रता दिवस को लेकर प्रदेश में उत्साह

छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरकारी कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों और प्रमुख स्थानों पर तिरंगा फहराया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न आयोजनों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और उनके बलिदान को याद किया जाएगा।

राजधानी रायपुर में होने वाला राज्य स्तरीय समारोह इस पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे।

 
 
हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे, डेढ़ लाख की आय

हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी, स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तैयार किए 10 हजार तिरंगे, डेढ़ लाख की आय

 रायपुर। हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रदेश में राष्ट्रप्रेम के साथ महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आ रही है। बलरामपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं अपने हाथों से तिरंगा ध्वज तैयार कर रही हैं। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार का नया अवसर भी प्रदान कर रही है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के नेतृत्व में तैयार किए गए तिरंगे अब सी-मार्ट के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। नागरिक इन हस्तनिर्मित तिरंगों को खरीदकर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों में फहरा रहे हैं।

 

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी

 


जिले में 07 अगस्त से शुरू हुए इस अभियान में 06 स्व-सहायता समूहों की 30 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से तिरंगा निर्माण कार्य से जुड़ी हुई हैं। महिलाओं ने अब तक 10 हजार तिरंगे तैयार किए हैं। इनमें से 2500 तिरंगे सी-मार्ट में बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए, जिनमें 2490 तिरंगों की बिक्री हो चुकी है। तिरंगों की कीमत उनके आकार के अनुसार 30, 50 और 100 रुपये निर्धारित की गई है। इस कार्य से समूहों को अब तक लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई है।
महिलाएं कपड़े की कटिंग, सिलाई, तीनों रंगों के संयोजन तथा अशोक चक्र लगाने तक की पूरी प्रक्रिया स्वयं कर रही हैं। इससे न केवल उनके कौशल का विकास हो रहा है, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।

 

 हर घर तिरंगा अभियान में महिलाओं की भागीदारी

 


भवानी समूह की सदस्य सुधा प्रजापति ने बताया कि देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगे को अपने हाथों से तैयार करना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वहीं समूह से जुड़ी रिंकी सोनी ने कहा कि सी-मार्ट के साथ-साथ जनपद पंचायत मुख्यालयों में भी तिरंगों की बिक्री की जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार तिरंगे खरीदकर हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ सकें।
प्रशासन द्वारा स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सी-मार्ट को प्रभावी मंच के रूप में विकसित किया गया है। इससे स्थानीय महिलाओं के हुनर को पहचान मिलने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए खुला रहेगा

 रायपुर। विधानसभा सचिवालय में 15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस उत्साह, उमंग एवं उल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाया जाएगा । विधान सभा परिसर में प्रात: 8.30 बजे ध्वजारोहण होगा । स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधान सभा भवन नागरिकों के लिए प्रात: 10 बजे से सायं 5 बजे तक खुला रखा गया है।

विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

विभाजन की पीड़ा से सीख लेकर देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखना हम सभी का दायित्व : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय हुए शामिल

संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन का दंश झेलने वाले परिवारों के प्रति व्यक्त की संवेदना

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

रायपुर - इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि वर्तमान को दिशा देने और भविष्य को सुरक्षित बनाने की सीख भी है। इसलिए विभाजन की विभीषिका और उससे मिले सबक को पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्मरण रखना आवश्यक है। विभाजन की पीड़ा हमें देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में अक्षुण्ण रखने का संदेश देती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के संचालनालय पुरातत्व स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। समारोह में विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया तथा विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष, साहस और धैर्य को नमन किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन केवल भू-भाग और सीमाओं का बंटवारा नहीं था। इस त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-बार और अपनों से बिछड़ने के लिए विवश कर दिया। बंगाली, सिख और सिंधी समाज सहित अनेक समुदायों के लाखों परिवारों ने विस्थापन की असहनीय पीड़ा झेली। जिन्होंने अपनी आंखों से उस दौर की भयावहता देखी, उनमें से अधिकांश आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों और आने वाली पीढ़ियों की स्मृतियों में वह पीड़ा आज भी जीवित है।

उन्होंने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लोगों ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना किया। अपना सब कुछ पीछे छोड़कर उन्होंने नए स्थानों पर लगभग शून्य से जीवन की शुरुआत की। अपने अथक परिश्रम, पुरुषार्थ और जीवटता से उन्होंने स्वयं को पुनः स्थापित किया और देश तथा समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संघर्ष और साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों के बलिदान और विस्थापन का दंश झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को उचित सम्मान देने तथा नई पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय से परिचित कराने के उद्देश्य से 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। यह दिवस केवल अतीत की पीड़ा को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि उस त्रासदी से सीख लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति अपने संकल्प को और मजबूत करने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को यह जानना आवश्यक है कि देश की स्वतंत्रता के साथ विभाजन के समय लाखों देशवासियों को कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी से गुजरना पड़ा था। इतिहास का स्मरण इसलिए भी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो और समाज में एकता, सद्भाव तथा भाईचारे की भावना और मजबूत हो।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज भारत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत का यह संकल्प एकजुट और सशक्त समाज की नींव पर ही साकार होगा। छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में समाज के प्रत्येक वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विभाजन की विभीषिका झेलने वाले परिवारों और उनकी पीढ़ियों के साथ राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री साय ने समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. द्विवेदी ने प्रसिद्ध साहित्यकार अमृता प्रीतम के उपन्यास पर आधारित अपनी फिल्म ‘पिंजर’ के माध्यम से विभाजन की त्रासदी और मानवीय पीड़ा को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ अभिव्यक्त किया है।

समारोह में विभाजन का दंश झेलने वाले विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और उनके परिवारजनों ने अपने अनुभव एवं स्मृतियां साझा कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष रूप से उस त्रासदी को झेलने वाले अनेक लोग आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी पीढ़ियां उनकी स्मृतियों और संघर्ष की विरासत को संजोए हुए हैं। इन अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना इतिहास के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।

संगठित रहेंगे तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा : डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी

समारोह के मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि यदि समाज संगठित रहेगा तो राष्ट्र भी संगठित रहेगा। राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि 14 अगस्त के इस अवसर पर हम सभी यह संकल्प दोहराएं कि भारत की एकता और अखंडता पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

डॉ. द्विवेदी ने कहा कि विभाजन के कारण विस्थापित हुए लाखों लोगों के संघर्ष और त्याग को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे अधिकारी थे। उन्होंने अपने घर, संपत्ति और अपनों को खोया, फिर भी कठिन परिस्थितियों में नए सिरे से जीवन खड़ा किया और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया। उनके संघर्ष और पुरुषार्थ को भी देश की स्मृतियों में उचित स्थान मिलना चाहिए।

डॉ. द्विवेदी ने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण का दायित्व सिरिल रेडक्लिफ को सौंपा गया था, जो जुलाई 1947 में भारत आए थे। उन्हें बहुत कम समय में सीमा निर्धारण का अत्यंत जटिल कार्य पूरा करना था, जबकि भारत की भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संरचना से उनका परिचय सीमित था। उन्होंने कहा कि विभाजन से उपजी पीड़ा और उसके परिणामों को समझना आज भी उतना ही आवश्यक है, क्योंकि इतिहास से मिली सीख ही भविष्य के लिए हमें सचेत करती है।

उन्होंने कहा कि समाज को बांटने वाली शक्तियों के प्रति हमें सदैव सजग रहना होगा। राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री  साय मौन जुलूस में हुए शामिल

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय संचालनालय पुरातत्व से अंबेडकर चौक तक आयोजित मौन जुलूस में भी शामिल हुए। मौन जुलूस के माध्यम से विभाजन की त्रासदी में प्राण गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा विस्थापन और विभाजन का दंश झेलने वाले लाखों परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों और विद्यार्थियों ने मौन जुलूस में शामिल होकर विभाजन की विभीषिका का स्मरण किया।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा एवं मोतीलाल साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, संत युधिष्ठिर लाल जी, स्वामी शिवस्वरूपानंद जी, राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज कुमार झा,  यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय सहित जनप्रतिनिधिगण, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन….

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन….

 रायपुर: रायगढ़ के स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में आज छत्तीसगढ़ आरोग्य चिकित्सा शिक्षण एवं अनुसंधान समिति की साधारण सभा (स्वशासी समिति) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। बैठक में वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत / निर्माण कार्यों हेतु रू. 50 करोड़ का अनुमोदन दिया गया। साथ ही लोक निर्माण विभाग को ये हिदायत दी गयी कि कार्य गुणवत्ता पूर्ण और दिखने में भी बेहतर होना चाहिए। चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध चिकित्सालय में भर्ती मरीजों का आयुष्मान योजना से आवश्यकतानुसार, अति आवश्यक आकस्मिक दवाईयों को नियमानुसार क्रय किये जाने की मंजूरी प्रदान की गई । इन सुविधाओं के शुरू होने से मरीजों को उच्च स्तरीय जांच सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय हेतु आवश्यक टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, कम्प्यूटर ऑपरेटर, इत्यादि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के आवश्यकता अनुसार पदों पर आऊटसोर्स के माध्यम से भर्ती किये जाने का निर्णय भी स्वशासी समिति द्वारा लिया गया।

समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा चिकित्सा महाविद्यालय, रायगढ़ में एड्स मरीजों के लिये ART सेटर प्रारंभ करने एवं कैंसर मरीजों के लिये कीमोथेरेपी की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इस दौरान बैठक में समिति द्वारा एमबीबीएस एवं एमएस/ एमडी के प्रत्येक लेक्चर हॉल ,डेमो हॉल को हाईटक बनाने हेतु इंटरेक्टिव पैनल लगाये जाने सहित चिकित्सकों एवं छात्र-छात्राओं को पेपर पब्लिकेशन, वर्कशॉप, कांफ्रेंस अधिक संख्या में आयोजित करने का निर्देश दिया गया।

रायगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय भवन एवं चिकित्सालय भवन में विभिन्न मरम्मत/निर्माण कार्यों हेतु 50 करोड़ रूपए का मिला अनुमोदन

बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार मरीज हित में तत्काल आवश्यकता संबंधी दवाईयाँ, केमिकल्स, किट्स, ग्लासवेयर इत्यादि छोटी-छोटी सामग्रियों के शीघ्र क्रय हेतु सभी क्लिनिकल विभागाध्यक्षों को स्वशासी मद से अग्रिम राशि रू. 5000/- प्रदान कर जिला कोषालय के माध्यम से नियमित बजट से समायोजन किया जा रहा है। अतएव विभागाध्यक्षों को दिये जा रहें अग्रिम राशि को स्वशासी मद से व्यय मान्य किया जाने की स्वीकृति प्रदान की गई ।

बैठक में लिए गए निर्णयों से चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुंच में व्यापक सुधार होने की अपेक्षा व्यक्त की गई। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करते हुए आमजन को शीघ्र लाभान्वित किया जाए।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, महापौर  जीवर्धन चौहान, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी, अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, विभागाध्यक्ष एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाजन के पीड़ितों को दी विनम्र श्रद्धांजलि…..

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाजन के पीड़ितों को दी विनम्र श्रद्धांजलि…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान हिंसा और विस्थापन की त्रासदी झेलने वाले लाखों निर्दाेष नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

’विभाजन देश के इतिहास की एक अत्यंत पीड़ादायक त्रासदी’

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि 1947 का विभाजन भारत के इतिहास का एक अत्यंत दुखद अध्याय था। इस दौरान असंख्य लोगों ने अपनों को खोया और लाखों परिवारों को अपना घर-बार छोड़कर बेघर होना पड़ा। यह वेदना देश की सामूहिक स्मृति में दर्ज है। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी निर्दाेष लोगों के त्याग, असीम संघर्ष और पीड़ा को याद करने का अवसर है, जिन्होंने उस भयावह दौर का सामना किया।

’राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर बल’

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह दिवस हमें सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और भाईचारे की डोर को और मजबूत करने की प्रेरणा देता है। हमें इस त्रासदी से सीख लेते हुए समाज में प्रेम, सौहार्द और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ावा देना चाहिए। एक एकजुट, समरस और संगठित समाज ही एक सशक्त एवं विकसित भारत के निर्माण की असली आधारशिला है। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने विभाजन की विभीषिका में अपनी जान गंवाने वाले सभी निर्दाेष नागरिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बड़े सपने देखें और कड़ी मेहनत से उन्हें साकार करें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सरगुजा जिले के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी छात्र-छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की। अंबिकापुर क्षेत्र के सात शासकीय विद्यालयों के लगभग 50 विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री साय ने आत्मीय संवाद किया और उनके अनुभव, रुचियों तथा भविष्य के सपनों के बारे में जाना। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने और उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। इस दौर में देखा गया सपना और उसे पूरा करने के लिए किया गया परिश्रम जीवन की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हमेशा बड़े सपने देखने चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए पूरे मनोयोग से प्रयास करना चाहिए। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से जीवन में कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सफलता का अर्थ केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनना नहीं है। आज युवाओं के लिए शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, खेल, तकनीक, प्रशासन, उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी प्रतिभा और रुचि होती है। आवश्यकता इस बात की है कि वह अपनी क्षमता को पहचाने, सही लक्ष्य चुने और पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसे हासिल करने में जुट जाए। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रदेश की विभिन्न प्रतिभाओं और उपलब्धि हासिल करने वाले व्यक्तित्वों के प्रेरक प्रसंग भी सुनाए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर विस्तार हुआ है। आज छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित हैं, जहां प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण बच्चों के मन में नई जिज्ञासा पैदा करने के साथ उनके सपनों को नया विस्तार देते हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्रीसाय ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों को प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से परिचित कराने और उन्हें भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने माता-पिता, विद्यालय तथा प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन व्यक्ति के संपूर्ण जीवन की नींव होता है। जिस प्रकार किसी मजबूत भवन के लिए उसकी नींव मजबूत होना आवश्यक है, उसी प्रकार उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यार्थी जीवन में अनुशासन, परिश्रम और समय का सदुपयोग आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस महत्वपूर्ण समय का उपयोग अपने लक्ष्य को पहचानने, ज्ञान अर्जित करने और व्यक्तित्व निर्माण में करने का आह्वान किया।शैक्षणिक भ्रमण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनकालों, बकिरमा, सुखरी, रामपुर, मेंड्राकला एवं करजी तथा शासकीय सेजेस केशवपुर के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सरगुजा के ग्रामीण अंचलों से शैक्षणिक भ्रमण पर आए मेधावी विद्यार्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आईटी), ट्राइबल म्यूजियम और छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय सहित विभिन्न प्रमुख संस्थानों एवं स्थलों का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने इन संस्थानों की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्ययन के अवसरों और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। राजधानी और नवा रायपुर के प्रमुख संस्थानों को नजदीक से देखने का अनुभव विद्यार्थियों के लिए उत्साहवर्धक रहा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, जिला पंचायत सदस्य पायल सिंह तोमर सहित शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

राजनांदगांव में राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का समापन- डॉ. रमन सिंह और अरुण साव ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह….

राजनांदगांव में राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का समापन- डॉ. रमन सिंह और अरुण साव ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह….

 रायपुर: दिग्विजय स्टेडियम, राजनांदगांव में आयोजित राज्य स्तरीय जूनियर शतरंज प्रतियोगिता का भव्य समापन समारोह संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह शामिल हुए, विशेष अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और सांसद श्री संतोष पाण्डेय उपस्थित रहे। एलिगेंट कॉमर्स एवं आईटी कॉलेज तथा एनआरसीए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश भर से 125 से अधिक बालक-बालिकाओं ने हिस्सा लिया। समारोह के दौरान अतिथियों ने स्वयं बच्चों के साथ शतरंज की बाजियां खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया।

छोटे पौधे ही बनते हैं विशाल बरगद

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि जैसे वृक्षारोपण के समय एक छोटा पौधा बाद में विशाल बरगद बनता है, वैसे ही आज के ये बाल-खिलाड़ी भविष्य में ग्रैंडमास्टर और अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनेंगे। उन्होंने कहा कि खेल में हार-जीत से निराश होने के बजाय सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा भी दिलाया।

जो खेलेगा, वही खिलेगा

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश ‘जो खेलेगा, वही खिलेगा’ का जिक्र करते हुए कहा कि खेल का मैदान केवल खिलाड़ी ही नहीं बनाता, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ दृष्टिकोण भी विकसित करता है। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी की सराहना की।

एक ही परिसर में बहुआयामी खेल सुविधाएं

डॉ. रमन सिंह ने बताया कि दिग्विजय स्टेडियम में बास्केटबॉल, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल और शतरंज जैसी गतिविधियों का एक साथ संचालन युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर वातावरण प्रदान कर रहा है।

विजेताओं का सम्मान

कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों द्वारा प्रतियोगिता के विजेता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू, दिग्विजय स्टेडियम के सचिव श्री रमेश पटेल, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

ब्रेकिंग : अध्यक्ष एवं सदस्यों का मनोनय, विभाग ने जारी किया आदेश,जानिए किसे मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट……

ब्रेकिंग : अध्यक्ष एवं सदस्यों का मनोनय, विभाग ने जारी किया आदेश,जानिए किसे मिली जिम्मेदारी, देखें लिस्ट……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के अभिकरणों-प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं सदस्यों को मनोनयन किया गया है। सूची में कई लोगों के नाम शामिल हैं। 

देखें पूरी सूची….

Independence Day 2026: रायपुर में CM विष्णु देव साय करेंगे ध्वजारोहण, जानिए कौन कहां फहराएगा तिरंगा

Independence Day 2026: रायपुर में CM विष्णु देव साय करेंगे ध्वजारोहण, जानिए कौन कहां फहराएगा तिरंगा

 रायपुर।  स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय समारोहों के लिए मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री प्रदेशवासियों को संबोधित करेंगे तथा राज्य की विकास यात्रा और भावी योजनाओं को साझा करेंगे।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी सूची के अनुसार प्रमुख जिला मुख्यालयों में मुख्य अतिथि के रूप में राजनांदगांव जिला मुख्यालय में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता को संबोधित करेंगे। बिलासपुर जिला मुख्यालय में केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, दुर्ग जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, बस्तर जिला मुख्यालय में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

सरगुजा जिला मुख्यालय में आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिला मुख्यालय में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में वन मंत्री केदार कश्यप, कबीरधाम जिला मुख्यालय में उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला के जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

इसी प्रकार रायगढ़ जिला मुख्यालय में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, कांकेर जिला मुख्यालय में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सूरजपुर जिला मुख्यालय में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा जिला के जिला मुख्यालय में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, जशपुर जिला मुख्यालय मेंपर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, बालोद जिला मुख्यालय में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के जिला मुख्यालय में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिला मुख्यालय में सांसद विजय बघेल, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला के जिला मुख्यालय में सांसद संतोष पांडेय, कोंडागांव जिला मुख्यालय में सांसद भोजराज नाग, बलरामपुर जिला मुख्यालय में सांसद चिंतामणि महाराज, सारंगढ़-बिलाईगढ़  जिला के जिला मुख्यालय में  सांसद राधेश्याम राठिया स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

गरियाबंद जिला मुख्यालय में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सक्ती जिला मुख्यालय में सांसद कमलेश जांगड़े, बीजापुर जिला मुख्यालय में सांसद महेश कश्यप, सुकमा जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, मोहला-मानपुर- अम्बागढ़ चौकी जिला के जिला मुख्यालय में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

कोरबा जिला मुख्यालय में विधायक अमर अग्रवाल, धमतरीजिला मुख्यालय में विधायक अजय चंद्राकर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला के जिला मुख्यालय में विधायक धरमजीत सिंह, मुंगेली जिला मुख्यालय में विधायक  पुन्नूलाल मोहले, कोरिया जिला मुख्यालय में विधायक भैया लाल राजवाड़े, नारायणपुर जिला मुख्यालय में विधायक लता उसेंडी, स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण के बाद जनता के नाम मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे।

उत्कृष्ट टिकट चेकिंग प्रदर्शन करने वाले 14 रेलकर्मियों को मंडल रेल प्रबंधक ने किया सम्मानित

उत्कृष्ट टिकट चेकिंग प्रदर्शन करने वाले 14 रेलकर्मियों को मंडल रेल प्रबंधक ने किया सम्मानित

 रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल में टिकट चेकिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के उत्साहवर्धन एवं उनके उत्कृष्ट कार्य की सराहना के उद्देश्य से आज मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर श्री दयानंद द्वारा जुलाई 2026 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले टिकट चेकिंग कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ सुस्कर विपुल विलासराव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री अविनाश कुमार आनंद सहित सम्बंधित कर्मचारी उपस्थित रहे ।

मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके समर्पण एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की गई। यह पहल टिकट चेकिंग स्टाफ के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आगामी महीनों में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। टिकट चेकिंग कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे प्रभावी टिकट जांच कार्य से न केवल रेल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि यात्रियों को उचित टिकट के साथ यात्रा करने के लिए भी प्रोत्साहन मिलता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित करने से अन्य कर्मचारियों में भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं बेहतर प्रदर्शन की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

जुलाई 2026 माह में रायपुर रेल मंडल के स्टेशन टिकट चेकिंग, लाइन टिकट चेकिंग एवं रायपुर एवं दुर्ग स्क्वाड चेकिंग श्रेणियों के अंतर्गत सर्वाधिक टिकट चेकिंग आय अर्जित करने वाले प्रत्येक श्रेणी के शीर्ष पांच-पांच कर्मचारियों कुल 14 टिकट चेकिंग स्टाफ को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।
टिकट चेकिंग लाइन स्टाफ में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए-  बी. एल. कैवर्त्य, टीटीई/ रायपुर,  श्याम लाल, टीटीई/ रायपुर,  देवरत मल, सीटीआई/ रायपुर, रवि के. महिलांग, टीटीई/ रायपुर,  एम. के. एस. पोर्टे, टीटीई/ दुर्ग सम्मानित हुए।

स्टेशन टिकट चेकिंग में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए - निरंजन कुमार, सीसीटीसी/ रायपुर,  के. सिमोन, सीसीटीसी/ दुर्ग,  त्रिलोकमणि सिन्हा, सीसीटीसी/ दुर्गअजीत कुमार, सीसीटीसी/ रायपुर सम्मानित हुए।
रायपुर एवं दुर्ग स्क्वाड में सर्वाधिक आय अर्जित करने के लिए -  वाई. सुधाकर राव, सीनियर टीई/ रायपुर, शिप्रा घोष, टीटीई /दुर्ग, श्रीमती आर. डी. बर्मन, टीटीई /दुर्ग,  आकांक्षा टिट्टी, टीटीई /दुर्ग, श्रीमती पी. राम बाई, टीटीई /दुर्ग सम्मानित हुए।

स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी

स्वतंत्रता दिवस समारोह 2026 राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संबंध में महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी

रायपुर। 15 अगस्त 2026 को देशभर में मनाए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को भव्य, उत्साहपूर्ण और व्यवस्थित रूप से आयोजित करने के लिए शासन द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, राज्य, जिला, उपमंडल और ग्राम पंचायत स्तरों पर आयोजित होने वाले ध्वजारोहण कार्यक्रमों का समय प्रात: 9 बजे के बाद निर्धारित किया गया है।
विभिन्न स्तरों पर आयोजन की रूपरेखा
राष्ट्रीय स्तर (दिल्ली) के लाल किले पर आयोजित मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री को सशस्त्र बलों और दिल्ली पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया जाएगा। राष्ट्रगीत के गायन और राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान, 21 तोपों की सलामी, वायु सेना के हेलीकॉप्टरों से पुष्प वर्षा, प्रधानमंत्री का संबोधन और त्रिरंगे गुब्बारे छोडऩा शामिल होगा।
राज्य स्तर
मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्र ध्वज फहराया जाएगा। इसके साथ ही राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान, पुलिस, होमगार्ड, एनसीसी और स्काउट्स द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर तथा मुख्यमंत्री का जनता के नाम संबोधन होगा।
जिला व उपमंडल स्तर
जिला स्तर पर मंत्री, आयुक्त या जिला मजिस्ट्रेट और उपमंडल/प्रखण्ड स्तर पर उपमंडल अधिकारी द्वारा ध्वजारोहण, परेड और संबोधन आयोजित किया जाएगा।
पंचायत व ग्राम स्तर
सरपंच/ग्राम प्रधान द्वारा राष्ट्रगीत, ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और ग्रामीणों को संबोधन का कार्यक्रम संपन्न होगा।
एक भारत श्रेष्ठ भारत और विशेष अभियान
स्वच्छता एवं पर्यावरण अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक जिले के प्रमुख स्थलों पर 15 दिन से एक महीने का स्वच्छ भारत अभियान चलाया जाएगा, जिसमें स्कूली छात्रों, एनसीसी, एनएसएस और सामाजिक समूहों की भागीदारी होगी। साथ ही सरकारी विभागों और शिक्षण संस्थानों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया जाएगा।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान
एक भारत श्रेष्ठ भारत पहल के तहत राज्यों को अपने स्वतंत्रता दिवस समारोह में अन्य राज्यों के दलों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया गया है ताकि खान-पान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से आपसी संबंधों को बढ़ावा मिल सके।
राजभवन में एट होम समारोह और बैंड प्रदर्शन
एट होम समारोह राजभवन/उपराज्यपाल निवास में शाम 6 बजे के बाद एट होम कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसमें सामान्य प्रोटोकॉल के अलावा दिव्यांगजनों, पद्म पुरस्कार विजेताओं, शहीदों के परिजनों, कोरोना योद्धाओं, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों, शिक्षकों और स्वतंत्रता संग्राम के नायकों सहित समाज में योगदान देने वाले 25 से 50 विशेष आमंत्रण आरक्षित रहेंगे।
देशभर में बैंड प्रदर्शन
नागरिकों में देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए देशभर में लगभग 343 प्रमुख स्थानों पर पुलिस और सैन्य बैंड का प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। लोकभवन के कार्यक्रमों में स्कूली बैंडों की प्रतियोगिता के विजेताओं को भी प्रस्तुति का मौका दिया जाएगा।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 3 दिन सक्रिय रहेगा मानसून; कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, 3 दिन सक्रिय रहेगा मानसून; कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बने नए मौसम तंत्र के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। खासतौर पर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश इलाकों में अगले 48 घंटों के दौरान बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान दुर्ग में सबसे अधिक 32.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं राजधानी रायपुर के तापमान में भी करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखने को मिली।

इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश

बीते 24 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिला। केल्हारी, कुटरू, सुकमा और वाड्रफनगर में करीब 5-5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बलरामपुर, सामरी और दंतेवाड़ा में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा हुई।

कुसमी, जगरगुंडा, रघुनाथनगर, कटेकल्याण, बीजापुर, गीदम और तोंगपाल में करीब 2-2 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं दोर्नापाल, सरसीवा, लटोरी, जनकपुर-भरतपुर, सोनहत, कोटाडोल, छिंदगढ़ और बगीचा में लगभग 1-1 सेंटीमीटर बारिश हुई।

रायपुर में भी बारिश के आसार

राजधानी रायपुर में शुक्रवार को मौसम बदला हुआ रह सकता है। सुबह से आसमान में बादल छाए रहने और कई इलाकों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कई जिलों में खराब मौसम को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

इन क्षेत्रों में मौसम के अचानक बिगड़ने और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की आशंका है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में यलो अलर्ट

इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर समेत कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है।

जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली में भी बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।

अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रह सकती है। इस दौरान कई जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर देखने को मिलेगा। उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे मौसम के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण रह सकते हैं, जहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

ऐसे में लोगों को तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति दिलीप सिंह जूदेव का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री साय

राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति दिलीप सिंह जूदेव का समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्रद्धेय स्वर्गीय श्री दिलीप सिंह जूदेव जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया और राष्ट्र एवं समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रद्धेय दिलीप सिंह जूदेव जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पित रहा। जनजातीय समाज के हितों की रक्षा, उनके स्वाभिमान और सामाजिक जागरण के लिए उन्होंने आजीवन कार्य किया। समाज के अंतिम व्यक्ति के प्रति उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें जन-जन के हृदय में विशिष्ट स्थान दिलाया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  जूदेव जी का छत्तीसगढ़ की माटी और यहां के लोगों से गहरा आत्मीय जुड़ाव था। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में उन्होंने समाज को संगठित करने, लोगों में आत्मविश्वास जगाने और उनकी आवाज को मजबूती देने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  जूदेव जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सामाजिक सरोकार और अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार और आदर्श आने वाली पीढिय़ों को समाज एवं राष्ट्र के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते रहेंगे। इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव, प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी तथा छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय से निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय से निर्माता-निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने की सौजन्य मुलाकात

 00 भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को जन-जन तक पहुंचाने में डॉ. द्विवेदी का योगदान उल्लेखनीय : साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं अभिनेता पद्मश्री डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने डॉ. द्विवेदी का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर आत्मीय अभिनंदन किया। इस दौरान दोनों के बीच भारतीय इतिहास, संस्कृति, साहित्य तथा सिनेमा सहित विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय सिनेमा और टेलीविजन ने हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने अपने सृजन के माध्यम से भारतीय इतिहास, संस्कृति और साहित्य को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जन-जन तक पहुंचाया है। उनके द्वारा ऐतिहासिक और साहित्यिक विषयों को गंभीर शोध, संवेदनशीलता और सशक्त प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने का कार्य उल्लेखनीय है। मुख्यमंत्री साय ने दूरदर्शन के लोकप्रिय धारावाहिक चाणक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आचार्य चाणक्य के व्यक्तित्व, उनके राष्ट्रबोध और राजनीतिक दर्शन को डॉ. द्विवेदी ने जिस प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया, उसने देशभर के दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि इतिहास और संस्कृति से जुड़ी ऐसी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी सभ्यता, विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती हैं।

डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने मुख्यमंत्री  साय के आत्मीय स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, साहित्य और ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और जनजातीय परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। राज्य की लोककला, लोकसाहित्य और गौरवशाली विरासत में सृजन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रियंवदा सिंह जूदेव तथा  प्रबल प्रताप सिंह जूदेव उपस्थित थे।

तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक - टंक राम वर्मा

तिरंगा हमारी एकता और अखंडता का प्रतीक - टंक राम वर्मा

 00 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में दें योगदान

00 15 अगस्त के पावन अवसर पर राजस्व मंत्री ने नागरिकों से की हर घर तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय ध्वज के मान-सम्मान की रक्षा करने की अपील

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर जिले के तिल्दा में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की महिमा और देश के गौरवशाली इतिहास का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हमारे तिरंगे का हरा रंग देश की शांति, खुशहाली और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि इसके मध्य में स्थित अशोक चक्र हमें बिना रुके निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहने का संदेश देता है। यह ध्वज हमारी एकता और अखंडता का वह अनुपम प्रतीक है, जिसके मान-सम्मान की रक्षा के लिए देश के लाखों वीर सपूतों ने हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दी है। 

स्वाभिमान से फहराएं तिरंगा, बनाए रखें ध्वज की गरिमा
राजस्व मंत्री  वर्मा ने उपस्थित जनसमूह और प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिक 15 अगस्त के पावन अवसर पर अपने-अपने घरों में पूरे स्वाभिमान के साथ तिरंगा जरूर फहराएं। इसके साथ ही उन्होंने ध्वज की गरिमा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहारूष्उत्सव के बाद राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर हाल में सुरक्षित रहना चाहिए। सड़क, गली या किसी भी अनुचित स्थान पर तिरंगा गिरा हुआ न दिखाई दे, इस बात का ध्यान रखना हम सभी का परम नैतिक कर्तव्य है।
2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प
देश के स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा रखते हुए वर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री द्वारा भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने और वर्ष 2047 तक एक सशक्त, समर्थ व विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का जो दूरदर्शी विजन रखा गया है, उसे हम सब मिलकर साकार करेंगे।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा, उपाध्यक्ष  पलक सुखमणि, पूर्व अध्यक्ष  महेश अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा और विद्यालयों के शिक्षक उपस्थित रहे। देशभक्ति के नारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।a

राज्यपाल डेका ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का किया विमोचन

राज्यपाल डेका ने 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश की पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का किया विमोचन

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज रायपुर के 12 वर्षीय छात्र मास्टर दिव्यांश सुल्तानिया द्वारा लिखित पुस्तक थॉट्स अबाउट गॉड का विमोचन किया। उन्होंने दिव्यांश के रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिव्यांश ने अपने दादा की प्रेरणा से इस पुस्तक की रचना की है। पुस्तक में एक युवा छात्र के दृष्टिकोण से ईश्वर और आध्यात्मिकता से जुड़े विचारों, सवालों और उसकी अपनी समझ को सहज रूप में प्रस्तुत किया गया है। कम उम्र में गंभीर और विचारपरक विषय पर पुस्तक लिखने के दिव्यांश के प्रयास को राज्यपाल ने सराहनीय बताया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने मास्टर दिव्यांश की दूसरी पुस्तक 'फ्रॉम पॉकेट मनी टू पोर्टफोलियो' के कवर को भी लॉन्च किया। यह पुस्तक बच्चों और युवाओं में कम उम्र से ही पैसे की बचत, निवेश और वित्तीय जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से छात्र द्वारा लिखी जा रही है। इसमें गुल्लक के माध्यम से बचत की आदत विकसित करने और बचाई गई राशि के उचित निवेश के विचार को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि बच्चों में पढऩे, लिखने और नए विषयों पर विचार करने की आदत विकसित करना उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने दिव्यांश को अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता और सीखने की ललक को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर दिव्यांश के पिता श्री सुधीर सुल्तानिया, माता श्रीमती सरिता सुल्तानिया सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

जैतूसाव मठ में आज से सावन झूला महोत्सव

जैतूसाव मठ में आज से सावन झूला महोत्सव

रायपुर। धर्म और परम्परा के ध्वजवाहक शहर के प्राचीनत्तम जैतू साव मठ में हर साल की भांति इस बार भी शुक्रवार 14 अगस्त से भव्य सावन झूला महोत्सव शुरु हो रहा है जो कि रक्षा बंधन पर्व तक चलेगा। आयोजन के संदर्भ में जानकारी देते हुए अजय तिवारी ने बताया किमहोत्सव के दौरान भगवान राधा कृष्ण जी भव्य व आकर्षक सोने चांदी से जडि़त 6 फीट ऊंचे झूले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। प्रतिदिन शाम चार बजे  राधाकृष्ण जी की झूलाआरती होगी,रोजाना अलग अलग प्रकार के व्यंजनों का प्रसादी लगेगा। महिला मंडल के सदस्य रोज शाम भक्ति सत्संग करेंगे।