लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
शहीद किसी एक परिवार या समाज के नहीं, पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

शहीद किसी एक परिवार या समाज के नहीं, पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं : सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर। कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान का परिचय देने वाले छत्तीसगढ़ के वीर शहीद कौशल यादव के शहीद दिवस पर शनिवार को राजधानी रायपुर के आकाशवाणी तिराहे पर उनकी प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शहीद कौशल यादव को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने केवल यादव समाज या छत्तीसगढ़ का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का गौरव बढ़ाया है। उनका बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

सांसद  अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद कौशल यादव ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। ऐसे वीर सपूतों को देश कभी भूल नहीं सकता। उन्होंने शहीद के माता-पिता और परिवारजनों को नमन करते हुए कहा कि ऐसे वीर पुत्र को जन्म देने वाला परिवार पूरे राष्ट्र के सम्मान का अधिकारी है।

उन्होंने कहा कि शहीद किसी एक परिवार, समाज या जाति के नहीं होते, बल्कि पूरे देश के होते हैं। उनका सम्मान करना और उनके बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

सांसद अग्रवाल ने रायपुर में सभी वीर सैनिकों और शहीदों की स्मृतियों को एक स्थान पर संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि शहर में एक “शहीद गैलरी” का निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि काली मंदिर के समीप पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग की दीवार के पास उपलब्ध स्थान पर सभी वीर शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित कर एक प्रेरणादायी शहीद गैलरी विकसित की जाए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में अनेक शहीदों की प्रतिमाएं अलग-अलग स्थानों पर स्थापित हैं, लेकिन यदि उन्हें एक स्थान पर सम्मानपूर्वक संजोया जाए तो यह रायपुर और छत्तीसगढ़ के बच्चों एवं युवाओं के लिए राष्ट्रभक्ति की एक जीवंत पाठशाला बन सकती है। यहां आने वाला हर व्यक्ति देश के वीरों के त्याग और पराक्रम से प्रेरणा प्राप्त करेगा।

सांसद  अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व सैनिकों का विशेष सम्मान करते हुए कहा कि आज यदि देश का प्रत्येक नागरिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण जीवन जी पा रहा है तो उसके पीछे भारतीय सेना के जवानों का त्याग, समर्पण और अदम्य साहस है। उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा का संकल्प लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि शहीद कौशल यादव की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणा-स्तंभ है।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शहीद कौशल यादव के नाम पर चौक निर्माण और प्रतिमा स्थापना के लिए यादव समाज तथा इस कार्य में सहयोग देने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल समाज में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त करेगी।

कार्यक्रम में नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष  संजय श्रीवास्तव, नगर निगम सभापति सूर्यकांत राठौर जी, जोन अध्यक्ष अंबर अग्रवाल, मुरली शर्मा, पार्षद अमर गिदवानी, भूतपूर्व सैनिक एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

परिवहन विभाग की समयबद्ध कार्रवाई हितग्राहियों ने जताया संतोष

परिवहन विभाग की समयबद्ध कार्रवाई हितग्राहियों ने जताया संतोष

 रायगढ़ । शासन की जनकल्याणकारी पहल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आम नागरिकों के लिए भरोसे का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है, जिससे नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और सहज तरीके से सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है। रायगढ़ जिले में भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के जरिए लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसी क्रम में रुद्रा बेहरा, विश्वनाथन मोहन राव एवं इलियास लोमगा ने ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही जिला परिवहन विभाग ने तीनों प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी शिकायतों का सफलतापूर्वक निराकरण कर दिया। समस्या का समाधान होने पर तीनों हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई हुई और समय पर समाधान मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सरल, सहज और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध करा रही है। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी समाधान हो। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन आज नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का मजबूत सेतु बनकर सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन की अवधारणा को साकार कर रही है।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश

 रायपुर। नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे देशभर के छात्रों की जीत करार देते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

वहीं, बिलासपुर में छात्रों और युवा संगठनों ने विजय रैली निकालकर अपना विरोध जारी रखने का ऐलान किया। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। इससे पहले नीट पेपर लीक मामले को लेकर उनके इस्तीफे की मांग करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ पिछले 36 दिनों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रही थी।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा, “एक प्रधान का इस्तीफा हो गया है। यह भारत के युवाओं की जीत है।” इसके बाद मीडिया से बातचीत में बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों के संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हार भी है। भूपेश बघेल ने सरकार की तुलना पौराणिक पात्र हिरण्यकश्यप से करते हुए कहा कि देश का जेन जेड वर्ग नरसिंह अवतार बनकर सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन के सामने सरकार और उसकी एजेंसियां टिक नहीं सकीं।

भाजपा पर हमला बोलते हुए बघेल ने सोनम वांगचुक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रोल टीम कभी सोनम वांगचुक को चीन का एजेंट बताती थी, जबकि बाद में सरकार के मंत्री उनके साथ नजर आए। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर भाजपा किसी के भी साथ खड़ी हो जाती है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बिलासपुर में छात्रों और विभिन्न युवा संगठनों ने विजय रैली निकाली। रैली के दौरान “छात्र एकता जिंदाबाद” और “एनटीए रद्द करो” जैसे नारे लगाए गए। रैली में शामिल छात्रों का कहना था कि उनकी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि केवल मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा।

परीक्षा प्रणाली में सुधार और एनटीए को लेकर उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के गठन के बाद यह पहला मौका माना जा रहा है जब किसी केंद्रीय मंत्री ने व्यापक विरोध के बीच इस्तीफा दिया है। हालांकि 2018 में तत्कालीन विदेश राज्य मंत्री एम.जे. अकबर ने भी पद छोड़ा था, लेकिन उनका इस्तीफा ‘मी टू’ अभियान के दौरान लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद आया था। अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा और एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर राष्ट्रीयस्तर पर बहस और तेज होने की संभावना है।

CG - कार्बन फैक्ट्री में लगी भीषण आग, आसमान में उठा काले धुएं का गुब्बारा, मंजर देख फैली दहशत

CG - कार्बन फैक्ट्री में लगी भीषण आग, आसमान में उठा काले धुएं का गुब्बारा, मंजर देख फैली दहशत

 कोरबा।  छत्तीसगढ़ के कोरबा शहर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया की एक कार्बन फैक्ट्री में शनिवार को भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री से उठती ऊंची-ऊंची लपटें और आसमान में छाया काले धुएं का घना गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते आग ने फैक्ट्री के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग से उठते घने धुएं के कारण आसपास का पूरा इलाका धुएं से भर गया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

वहीं घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दमकलकर्मी लगातार आग बुझाने में जुटे हुए हैं ताकि आग आसपास की अन्य इकाइयों तक न फैल सके। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। आग में किसी के हताहत होने या नुकसान की आधिकारिक जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है।

 प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद ही नुकसान और कारणों का स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।

CG : जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, शिवनाथ नदी में नहाने उतरे दो किशोर बहे, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी

CG : जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं, शिवनाथ नदी में नहाने उतरे दो किशोर बहे, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश जारी

 दुर्ग। जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गनियारी/पीपर छेड़ी स्थित शिवनाथ नदी में शनिवार को जन्मदिन मनाने पहुंचे दोस्तों के साथ बड़ा हादसा हो गया। नदी में नहाने के दौरान 8 दोस्तों में दो किशोर तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

जिला सेनानी दिनेश कुमार रावटे के निर्देश पर एसडीआरएफ की टीम ने गहरे पानी में डीप डाइविंग कर तलाश अभियान चलाया। रेस्क्यू के दौरान एक किशोर का शव बरामद कर पुलिस को सौंप दिया गया, जबकि दूसरे बालक की तलाश लगातार जारी है।

मृतक की पहचान रेहान खान (14 वर्ष), पिता नदीम खान, निवासी बॉम्बे आवास, उरला के रूप में हुई है।

एसडीआरएफ की टीम में प्रभारी धनीराम यादव सहित भूपेंद्र सिंह, चंद्रप्रताप, राजकुमार यादव, दिलीप, सूरज, राजू महानंद, महेश, रमेश, राजेश नेताम, कुंजेश, दिनेश, शारदा और भानुप्रताप शामिल हैं।

पुलिस मामले की जांच कर रही है, वहीं दूसरे लापता किशोर की तलाश के लिए एसडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान जारी है।

 
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गजेंद्र यादव का बयान, बोले- ‘उन्हें इस्तीफा वापस लेना चाहिए’

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर गजेंद्र यादव का बयान, बोले- ‘उन्हें इस्तीफा वापस लेना चाहिए’

 दुर्ग। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस ले लेना चाहिए और किसी एक व्यक्ति की गलती के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। गजेंद्र यादव ने कहा कि किसी भी विभाग में हजारों कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में किसी अन्य व्यक्ति की गलती के लिए मंत्री से इस्तीफा मांगना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी मंत्री नहीं चाहेगा कि उसके विभाग में पेपर लीक जैसी घटना हो।

उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गजेंद्र यादव ने कहा कि पुरानी मैकाले शिक्षा पद्धति में बदलाव और नई शिक्षा नीति (NEP) लागू करने में धर्मेंद्र प्रधान की अहम भूमिका रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में कई सुधार किए गए हैं, इसलिए धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा वापस लेना चाहिए।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदली नीलिमा की जिंदगी, सिलाई प्रशिक्षण ने दिया आत्मनिर्भरता का नया रास्ता

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से बदली नीलिमा की जिंदगी, सिलाई प्रशिक्षण ने दिया आत्मनिर्भरता का नया रास्ता

 00 घर से शुरू किया सफल स्वरोजगार

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना प्रदेश के युवाओं को हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोडऩे का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। योजना के तहत युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी योजना का लाभ लेकर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम मोहला की निवासी नीलिमा देवांगन ने अपने जीवन को नई दिशा दी है। आज वे अपने घर से सिलाई का सफल स्वरोजगार संचालित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ परिवार की आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
प्रशिक्षण ने बदला जीवन का नजरिया
नीलिमा देवांगन ने जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज, मोहला में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत सिलाई (टेलरिंग) ट्रेड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण की जानकारी उन्हें अपनी सहेलियों के माध्यम से मिली। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने प्रशिक्षण में प्रवेश लिया और पूरी लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सिलाई-कढ़ाई की आधुनिक तकनीकों, मशीन संचालन, परिधानों की कटिंग एवं सिलाई सहित व्यवसाय से जुड़ी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारियां दी गईं। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन ने उनके कौशल को निखारने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाया।

हुनर बना आजीविका का आधार, घर बैठे मिल रहा रोजगार
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद नीलिमा ने नौकरी की प्रतीक्षा करने के बजाय स्वयं का स्वरोजगार शुरू करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने घर से सिलाई का कार्य प्रारंभ किया और आज वे महिलाओं एवं बच्चों के विभिन्न प्रकार के कपड़ों की सिलाई कर रही हैं। स्वरोजगार के पहले ही माह से उन्हें लगभग 5 से 6 हजार रुपए प्रतिमाह की नियमित आय होने लगी। यह आय उनके परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और उनके जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
आत्मनिर्भरता के साथ बढ़ा आत्मविश्वास
नीलिमा देवांगन का कहना है कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ने उन्हें केवल एक हुनर ही नहीं दिया, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी प्रदान किया। आज वे सम्मानपूर्वक अपने परिवार का सहयोग कर रही हैं और भविष्य में अपने स्वरोजगार का विस्तार कर अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोडऩे की इच्छा रखती हैं।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
श्रीमती नीलिमा देवांगन अपनी सफलता का श्रेय कौशल विकास विभाग, जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज मोहला एवं जिला प्रशासन को देती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का मजबूत आधार बन रही है। यह योजना युवाओं को हुनर के साथ आत्मविश्वास भी दे रही है, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर बेहतर भविष्य का निर्माण कर रहे हैं।

जल संरक्षण से बदली किसानों की तस्वीर, राजपुर का सामुदायिक चेक डेम बना ग्रामीण समृद्धि का मॉडल

जल संरक्षण से बदली किसानों की तस्वीर, राजपुर का सामुदायिक चेक डेम बना ग्रामीण समृद्धि का मॉडल

 00 विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत बना चेक डेम किसानों के लिए साबित हुआ वरदान

00 भू-जल स्तर बढ़ा, 10 हेक्टेयर भूमि को मिली सिंचाई, 1671 मानवदिवस का हुआ रोजगार सृजन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए किए जा रहे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत राजपुर में निर्मित सामुदायिक चेक डेम आज जल संरक्षण, रोजगार सृजन और कृषि समृद्धि का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। इस परियोजना ने न केवल वर्षा जल को संरक्षित किया है, बल्कि किसानों को वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है।ग्राम पंचायत राजपुर में भागवत के खेत के समीप निर्मित इस सामुदायिक चेक डेम के निर्माण के लिए 16.02 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के पूर्ण होने तक कुल 15.69 लाख रुपए व्यय किए गए, जिसमें 2.79 लाख रुपए मजदूरी एवं 12.55 लाख रुपए सामग्री पर खर्च किए गए। इस कार्य से कुल 1671 मानवदिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे स्थानीय श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिला, पलायन में कमी आई और अनेक परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई।

10 हजार घनमीटर से अधिक जल संरक्षण क्षमता
12 मीटर स्पैन वाले इस चेक डेम की 10,080 घनमीटर जल संरक्षण क्षमता पूरे क्षेत्र की जल व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रही है। पहले जहां वर्षा का अधिकांश पानी बहकर नालों में चला जाता था, वहीं अब वही पानी संरक्षित होकर धीरे-धीरे भू-जल भंडार को समृद्ध कर रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि आसपास के कुएं, हैंडपंप और बोरवेल का जलस्तर उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है तथा गर्मियों में भी पानी की उपलब्धता पहले की तुलना में बेहतर बनी रहती है।
खेती हुई आत्मनिर्भर, किसानों की बढ़ी आय
इस परियोजना का लाभ श्री भगवाता सुखराम, श्री बुसाहु राम सिंह, श्रीमती चितरेखा पुनित, श्री ईष्वरी मधुर सिंह तथा श्री केवल पचरू सहित अनेक किसानों को मिल रहा है। पहले जहां खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर थी, वहीं अब किसान खरीफ के साथ-साथ रबी और सब्जी फसलों की भी सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलने से उत्पादन में वृद्धि हुई है, खेती की लागत कम हुई है और किसानों की आय में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। तकनीकी सहायक सुश्री पूजा पटेल के अनुसार चेक डेम का निर्माण सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है तथा इससे लगभग 10 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकती है। यह संरचना जल संरक्षण के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने, सूखे की स्थिति में किसानों को राहत प्रदान करने तथा टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जल संरक्षण से गांव को मिला स्थायी समाधान
ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक के अनुसार चेक डेम बनने के बाद वर्षा जल गांव में ही संरक्षित हो रहा है, जिससे खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है और किसानों को समय पर सिंचाई उपलब्ध हो जाती है। किसानों का कहना है कि अब फसल खराब होने की चिंता काफी कम हो गई है तथा खेती अधिक लाभकारी बन गई है। राजपुर का यह सामुदायिक चेक डेम आज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, ग्रामीण रोजगार और कृषि समृद्धि का एक सफल एवं प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है। यह परियोजना इस बात का सशक्त प्रमाण है कि यदि वर्षा जल की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण किया जाए तो जल संकट का स्थायी समाधान संभव है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा एवं नई दिशा दी जा सकती है।

‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत : वनमंत्री केदार कश्यप

‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत : वनमंत्री केदार कश्यप

 रायपुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप आज जगदलपुर स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव 2026 और ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ अभियान में शामिल हुए। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

 ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत

 ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत

पौधारोपण ही भविष्य का संकल्प  

वनमंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति हमारी भावनाओं को मजबूत करता है। उन्होंने नागरिकों से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। समाज की सक्रिय भागीदारी से ही हरित छत्तीसगढ़ और समृद्ध बस्तर का सपना साकार होगा।

 ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत

 ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ से हरित भविष्य का संकल्प होगा और मजबूत

1.5 एकड़ क्षेत्र में 630 पौधों का रोपण  

वन महोत्सव के दौरान शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर जगदलपुर के लगभग 1.5 एकड़ क्षेत्र में 630 फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। इसके बाद ‘ग्रीन कैनवास’ अभियान के तहत वनमंत्री सहित जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हस्ताक्षर किए।

630 पौधों को गोद लेकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी ली

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जिला संघ बस्तर ने रोपे गए सभी 630 पौधों को गोद लेकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी ली। वनमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पौधारोपण तभी सफल होगा जब लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्ष बनें और आने वाली पीढ़ियों को छाया, शुद्ध हवा और जीवन प्रदान करें।

हितग्राहियों को मिली आर्थिक सहायता 

कार्यक्रम में वन विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को 35.98 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि और डमी चेक वितरित किए गए। लाभार्थियों में तेंदूपत्ता संग्राहक कल्याण योजना, प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, मालिक मकबूजा योजना, किसान वृक्ष मित्र योजना और मानव- वन्यप्राणी द्वंद्व राहत योजना के हितग्राही शामिल रहे।

इस अवसर पर बस्तर सांसद  महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक  किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, इंजीनियरिंग कालेज परिवार के सदस्यों, वन विभाग के कर्मचारी और पर्यावरण संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

CG : गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुलपति ने 5 साल पूरे होने पर दी थी पार्टी…गाना गाते समय हार्ट-अटैक से हुई मौत…

CG : गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में कुलपति ने 5 साल पूरे होने पर दी थी पार्टी…गाना गाते समय हार्ट-अटैक से हुई मौत…

 बिलासपुर। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में गाना गाते समय हार्ट अटैक आने से प्रोफेसर की मौत हो गई। प्रोफेसर की मौत के बाद कार्यक्रम को बंद कर दिया गया। 

जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रो. आलोक चक्रवाल के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर पार्टी का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में अन्य प्राध्यापकों के साथ छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार सिंह भी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गाना भी गाया। इसके बाद असहज महसूस करने पर वे बाथरूम चले गए, जहां अन्य लोगों को गिरे मिले। जांच के बाद स्थिति का अंदाजा लगते ही कार्यक्रम बंद किया गया।

कैंपस की एंबुलेंस नहीं पहुंची, रजिस्ट्रार अपनी कार से ले गए अस्पताल

छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. शैलेंद्र कुमार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलवाई गई, लेकिन वह नहीं पहुंची। इसके बाद रजिस्ट्रार अश्वनी दीक्षित अपनी कार से उन्हें अस्पताल लेकर गए।

बताया जाता है कि जहां कार्यक्रम चल रहा था, वहां से महज 100 मीटर की दूरी पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित है, जहां एंबुलेंस उपलब्ध रहती है, लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। इसलिए रजिस्ट्रार अपनी कार से उन्हें व्यापार विहार स्थित एलाइट अस्पताल लेकर गए। यह भी चर्चा है कि विश्वविद्यालय से अस्पताल की दूरी लगभग 8.4 किलोमीटर है। ऐसे में उन्हें अस्पताल पहुंचाने में भी समय लगा।

शराब घोटाले के ओवरटाइम स्कैम में 4 आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत, 10-10 लाख के मुचलके पर मिली नियमित जमानत

शराब घोटाले के ओवरटाइम स्कैम में 4 आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत, 10-10 लाख के मुचलके पर मिली नियमित जमानत

 बिलासपुर। चर्चित शराब घोटाला मामले से जुड़े ओवरटाइम स्कैम में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चार आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने आरोपी संजीव जैन और राजीव द्विवेदी समेत चार आरोपियों को 10-10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो सक्षम जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के सामने कई अहम तर्क रखे। बचाव पक्ष ने कंपनी के मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट संचालन में सिद्धार्थ सिंघानिया की भूमिका का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कॉन्ट्रैक्ट का संचालन उनके द्वारा किया जा रहा था, लेकिन उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया। वहीं, कंपनी के निदेशकों को आरोपी बनाया गया, जबकि उनकी भूमिका अलग थी।

बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि शराब घोटाले के मूल मामले में संजीव जैन को गवाह बनाया गया था, जबकि उसी से जुड़े कथित ओवरटाइम घोटाले में उन्हें आरोपी बना दिया गया। पक्ष ने कहा कि मैनपावर कॉन्ट्रैक्ट से जुड़े अधिकांश कामकाज सिद्धार्थ सिंघानिया के नियंत्रण में थे। सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से बताया गया कि जांच पूरी हो चुकी है और 18 मई 2026 को चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। उन्होंने जांच एजेंसी के नोटिस पर लगातार उपस्थित होकर सहयोग किया था। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज होने के करीब 18 महीने बाद 4 मई 2026 को उनकी गिरफ्तारी की गई।

बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि इसी मामले के एक अन्य सह-आरोपी को पहले ही हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिल चुकी है। ऐसे में समानता के आधार पर अन्य आरोपियों को भी राहत दिए जाने की मांग की गई। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की प्रत्यक्ष भूमिका स्पष्ट रूप से सामने नहीं आती। कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि जांच पूरी हो चुकी है, चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने संजीव जैन, राजीव द्विवेदी समेत चारों आरोपियों को नियमित जमानत प्रदान कर दी।

धमतरी में बढ़ते आत्महत्या के मामले चिंताजनक: 6 महीने में 174 मौतें, माना जा रहा है नशे को बड़ा कारण

धमतरी में बढ़ते आत्महत्या के मामले चिंताजनक: 6 महीने में 174 मौतें, माना जा रहा है नशे को बड़ा कारण

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में जिले में 174 लोगों ने आत्मघाती कदम उठाया। आंकड़ों के अनुसार, 180 दिनों की इस अवधि में कुछ दिनों को छोड़ दें तो लगभग हर दिन एक आत्महत्या का मामला सामने आया। पुलिस और विशेषज्ञों के मुताबिक, इन घटनाओं के पीछे पारिवारिक विवाद, प्रेम संबंध, आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव जैसे कई कारण सामने आए हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में मामलों में नशे की आदत एक प्रमुख वजह के रूप में सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि, अत्यधिक नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे वह तनाव या गुस्से में गलत निर्णय ले सकता है।

आत्महत्या करने वालों में युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। अधिकांश मामलों में फांसी लगाने और कुछ मामलों में जहरीले पदार्थ के सेवन की बात सामने आई है। मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि, मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना बेहद जरूरी है। तनाव या परेशानी से जूझ रहे लोगों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। परिवार और समाज को संवेदनशील होकर उनकी बात सुननी चाहिए और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेनी चाहिए। समय पर सहयोग से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

सचिन पायलट का छत्तीसगढ़ दौरा 28 जुलाई को, नीट मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदर्शन में हो सकते हैं शामिल

सचिन पायलट का छत्तीसगढ़ दौरा 28 जुलाई को, नीट मुद्दे पर कांग्रेस के प्रदर्शन में हो सकते हैं शामिल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट 28 जुलाई को रायपुर पहुंचेंगे। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि, पायलट नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।

हालांकि, पायलट के दौरे का विस्तृत कार्यक्रम अभी प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी नहीं किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दौरे के दौरान संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक कर आगामी रणनीति और संगठन को मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किए जाने की संभावना है।

सचिन पायलट का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब कांग्रेस प्रदेश में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने में जुटी है। इससे पहले 25 जून को पायलट रायपुर आए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया था। उस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, अगले 2 दिन भारी बारिश के आसार; रायपुर समेत कई जिलों में अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम, अगले 2 दिन भारी बारिश के आसार; रायपुर समेत कई जिलों में अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल कुछ कमजोर नजर आ रही है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सर्वाधिक बारिश का आंकड़ा 3 सेमी तक पहुंचा, जबकि कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक औसत से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के ब्रेक के बाद अब पूरे प्रदेश में जोरदार बारिश के लिए नए सिस्टम का इंतजार है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। शुक्रवार को तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और दुर्ग सबसे गर्म रहे, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में आज आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बादलों के साथ कुछ स्थानों पर बारिश की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून धीरे-धीरे कमजोर होने लगा था। इस बीच जम्मू-कश्मीर और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने अरब सागर से आने वाली नमी युक्त हवाओं को अपनी ओर खींच लिया है। असम और बिहार में मानसूनी गतिविधियां बढ़ रही हैं। छत्तीसगढ़ में मानसून ब्रेक जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश का दायरा सीमित रह सकता है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार सुबह 10 बजे तक कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

वहीं अगले दो दिनों में उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। ऐसे में लोगों को मौसम में बदलाव के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

 
 
छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू, 21 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू, 21 अगस्त तक कर सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGESB) ने लोक शिक्षण संचालनालय के प्रस्ताव के आधार पर सहायक शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा आयोजित करने के संबंध में आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है, जो 21 अगस्त 2026 तक चलेगी।

सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य आवश्यक विवरण सही-सही दर्ज करना होगा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी सूचना में बताया गया है कि सहायक शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा की संभावित तिथि 11 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। हालांकि परीक्षा कार्यक्रम में आवश्यकता के अनुसार बदलाव किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर CGESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाली सूचनाओं को देखते रहें।

भर्ती परीक्षा के आयोजन के लिए प्रदेश के 16 जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण अभ्यर्थियों की संख्या और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन के दौरान अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा केंद्र का चयन करने का अवसर दिया जा सकता है। आवेदन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को निर्धारित परीक्षा शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। भुगतान के लिए ऑनलाइन बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या अन्य उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा सकेगा। अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क भुगतान करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि गलत जानकारी या भुगतान संबंधी समस्या के कारण आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

छत्तीसगढ़ शासन के नियमानुसार स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा शुल्क वापसी की व्यवस्था भी की गई है। राज्य के ऐसे स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो भर्ती परीक्षा में शामिल होंगे, उन्हें परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। शुल्क वापसी की राशि उसी बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिसका उपयोग अभ्यर्थी ने ऑनलाइन आवेदन करते समय परीक्षा शुल्क भुगतान के लिए किया होगा। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा शुल्क वापसी की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन के समय अपने बैंक खाते की सही जानकारी देना आवश्यक होगा। गलत बैंक विवरण या किसी अन्य तकनीकी समस्या की स्थिति में शुल्क वापसी में परेशानी आ सकती है

सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियों को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है। इसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण नियम, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश शामिल हैं। प्रदेश में लंबे समय से सरकारी शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर सकते हैं। शिक्षक पदों पर भर्ती होने से प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षा से संबंधित विस्तृत जानकारी, आवेदन प्रक्रिया, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य निर्देश आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

अभ्यर्थी CGESB और व्यापम की वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश के युवाओं ने इस भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का स्वागत किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने अब परीक्षा की तैयारी तेज करने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, अभ्यर्थियों को परीक्षा तिथि को ध्यान में रखते हुए विषयवार तैयारी, पुराने प्रश्न पत्रों का अभ्यास और नियमित रिवीजन पर ध्यान देना चाहिए। सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के माध्यम से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। आने वाले दिनों में भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी अन्य जानकारियां भी कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी की जाएंगी।

वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को दिखाई हरी झंडी

वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने निःशुल्क पौधा वितरण वाहन को दिखाई हरी झंडी

 रायगढ़। प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी रायगढ़ प्रवास के दौरान आज सुबह अपने निवास कार्यालय से वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, वन मंडल रायगढ़ की अभिनव पहल के तहत निःशुल्क पौधा वितरण वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के नागरिक केवल एक टोल-फ्री नंबर 8305186853 एवं 18002332631 पर कॉल कर अपने घर तक निःशुल्क पौधे मंगवा सकेंगे। इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, डीएफओ रायगढ़ अरविंद पीएम सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि वन विभाग ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के लोगों के लिए एक बेहद सराहनीय व्यवस्था शुरू की है। कोई व्यक्ति अपने घर, आंगन, बाड़ी, बगीचे, खेत, तालाब किनारे या किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर पौधा लगाना चाहता है, तो उसे केवल वन विभाग के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करना होगा। कॉल प्राप्त होने के बाद विभाग की टीम सीधे उसके घर पहुंचकर निःशुल्क पौधा उपलब्ध कराएगी। इससे लोगों को पौधों के लिए नर्सरी या कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और अधिक से अधिक लोग वृक्षारोपण से जुड़ सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान प्रकृति के प्रति सम्मान और मातृऋण चुकाने का प्रतीक है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे। तो आने वाले वर्षों में रायगढ़ हरियाली की नई पहचान बन सकता है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि वन विभाग द्वारा इस योजना के तहत अच्छी गुणवत्ता वाले स्वस्थ पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार फलदार, छायादार एवं अन्य उपयोगी प्रजातियों के पौधे प्राप्त कर सकेंगे। यदि कोई अपने घर या खेत में आम, अमरूद, नींबू अथवा अन्य फलदार पौधे लगाना चाहता है, तो उन्हें भी प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सफल होगा जब अच्छे और स्वस्थ पौधे लोगों तक आसानी से पहुंचेंगे, और वन विभाग इसी उद्देश्य से यह सेवा शुरू कर रहा है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां भी थोड़ी-सी जगह उपलब्ध हो-घर का परिसर, बगीचा, तालाब का किनारा, पार्क या अन्य सार्वजनिक स्थल वहां अवश्य पौधारोपण करें। उन्होंने कहा कि एक पेड़ केवल हरियाली नहीं देता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, शुद्ध पर्यावरण और बेहतर जीवन का आधार बनता है। उन्होंने नागरिकों से वन विभाग की इस जनहितैषी योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

अमलीडीह को मिली विकास कार्य की सौगात, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 2 करोड़ की लागत के सड़क निर्माण का किया भूमिपूजन

अमलीडीह को मिली विकास कार्य की सौगात, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 2 करोड़ की लागत के सड़क निर्माण का किया भूमिपूजन

 रायपुर:  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम अमलीडीह से कामनबोड़ तक 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 1.40 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इस सड़क का निर्माण क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है, जिसके पूरा होने से ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने शीतला माता मंदिर में भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपये की घोषणा कर ग्रामीणों को एक और सौगात दी।

भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क, पुल-पुलिया सहित सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय तक इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं आम जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही हैं, निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश  सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सड़क, आवास, बिजली, सिंचाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के कार्य को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। सरकार बनने के बाद प्रदेशभर में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, जिससे हजारों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अमलीडीह सहित कुरुवा पंचायत के अन्य आश्रित गांवों में पिछले दो वर्षों के दौरान 255 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है। इससे जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आवास के साथ-साथ गांवों में आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

उन्होंने बिजली व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फीडर सेपरेशन का व्यापक अभियान चलाया गया है। पहले एक फीडर से 8 से 9 गांव जुड़े रहते थे, जिसके कारण किसी एक गांव में तकनीकी खराबी आने पर कई गांवों की बिजली प्रभावित होती थी। अब इसे घटाकर 4 गांव प्रति फीडर कर दिया गया है, जिससे खराबी का त्वरित निराकरण और शीघ्र बिजली बहाली संभव हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि अमलीडीह में 52 लाख रुपए की लागत से फीडर सेपरेशन का कार्य कराया गया है। साथ ही कृषि पंपों के लिए अलग फीडर की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित और बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलेगी। अमलीडीह बस्ती क्षेत्र में 7 लाख रूपए की लागत से 1.20 किलोमीटर एलटी केबलिंग तथा 25 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली सुविधा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अमलीडीह में सड़क और बिजली के अलावा सीसी रोड, चेक डैम सहित अनेक विकास कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों के पूरा होने से गांव में आधारभूत अधोसंरचना मजबूत होगी, कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक गांव बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित होकर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बने।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता संतोष मिश्रा, जनपद अध्यक्ष दुर्गा पटेल, जनपद उपाध्यक्ष अशोक पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

 शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई सार्थक चर्चा, छत्तीसगढ़ में सेवाओं के विस्तार पर दिया जोर

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु  मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव, नवाचार और सेवा भावना से जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर द्वारा पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की। उन्होंने इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

मुख्यमंत्री  साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विश्व के लगभग 25 देशों से आए 100 से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार होनी चाहिए। मूल्य आधारित शिक्षा ही संवेदनशील नागरिकों और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।

मुख्यमंत्री ने  सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा संचालित साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का भी अवलोकन किया। साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों तक पोषण सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के लगभग 300 युवाओं को यहां नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सेवा भाव से प्रेरित दक्ष स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के बीच सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है, जो सेवा, संवेदना और सुशासन के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।

डिप्टी सीएम साव ने कोरबा को दी 73 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, बोले- सत्ता सेवा का माध्यम है

डिप्टी सीएम साव ने कोरबा को दी 73 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, बोले- सत्ता सेवा का माध्यम है

 ० 36.37 करोड़ रुपये के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 37.45 करोड़ रुपये के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण

० उद्योग, वाणिज्य, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन रहे उपस्थित
० प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कराया गया गृहप्रवेश, सौंपी आवास की चाबी

कोरबा। प्रदेश के डिप्टी सीएम और कोरबा जिला प्रभारी मंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने सुनालिया नहर मार्ग स्थित बहुप्रतीक्षित मल्टीलेवल पार्किंग का लोकार्पण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने नगर पालिक निगम द्वारा दादरखुर्द में आयोजित लोकार्पण, भूमिपूजन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के गृहप्रवेश कार्यक्रम में शामिल होकर कोरबा जिले को 73 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 36 करोड़ 37 लाख 94 हजार रुपये की लागत के 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 37 करोड़ 45 लाख 40 हजार रुपये की लागत के 7 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।इस अवसर पर उद्योग, वाणिज्य, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कँवर, महापौर संजू देवी राजपूत, नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वार्ड पार्षद सुनीता साहू सहित अन्य पार्षद, अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

डिप्टी सीएम साव ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है। गरीबों के कल्याण के लिए अनेक जनहितकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ आमजन को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि, आज कोरबा को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात मिली है और ऊर्जाधानी कोरबा निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

साव ने कहा कि, सरकार के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है। शासन का प्रत्येक रुपया जनता के हित और विकास के लिए खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) की राशि का भी अब बेहतर एवं जनहितकारी उपयोग हो रहा है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार शासन करने के लिए नहीं, बल्कि सेवा करने के लिए है और जनता की यह सेवा निरंतर जारी रहेगी।

डिप्टी सीएम ने मंत्री लखनलाल देवांगन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि, बीते ढाई वर्षों में जिले में उल्लेखनीय विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (एएचपी) के हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि, आज केवल आवास की चाबी ही नहीं, बल्कि उनके जीवन में नई खुशियों का भी प्रवेश हुआ है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में यहां सड़क, आंगनबाड़ी सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री के मार्गदर्शन में जिले के विकास के लिए लगातार राशि उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में जिले में लगभग एक हजार करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। इनमें से कुछ पूर्ण भी हो गये हैं। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। प्रदेश सरकार ने मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए किसानों, गरीबों एवं आम नागरिकों को लाभान्वित किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है।

महापौर संजू देवी राजपूत ने कहा कि, नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री का जिले को विकास कार्यों की सौगात देने के लिए आभार व्यक्त किया। नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने नगर निगम की विभिन्न गतिविधियों एवं विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।

हितग्राहियों को सौंपी गई आवास की चाबी
डिप्टी सीएम साव एवं उद्योग मंत्री देवांगन ने दादरखुर्द में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों हिमांशु सोनी, मधुमिता बनर्जी, संतोषी साहू, लक्ष्मी श्रीवास, लक्ष्मी महंत, प्रियंका महंत, उतरा सोनी, दिलबाई, सुदेवबाई सहित अन्य हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपकर गृहप्रवेश कराया। एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत किया वृक्षारोपण डिप्टी सीएम साव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन एवं अन्य अतिथियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर, दादरखुर्द में “एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इन विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन
डिप्टी सीएम साव ने जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें दर्री बराज-कोहडिय़ा मार्ग स्थित बेलगरी नाला पर 9 करोड़ 11 लाख 68 हजार रुपये की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, कुदमुरा-श्यांग मार्ग के गुरमा नाला पर 5 करोड़ 5 लाख 62 हजार रुपये, लेमरू-श्यांग मार्ग के लमटी नाला पर 3 करोड़ 74 लाख 34 हजार रुपये की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग निर्माण, नगर पालिक निगम क्षेत्र में आजीविका संवर्धन हेतु 90 लाख 96 हजार रुपये की लागत से दुकान निर्माण, बालको मार्ग (ढेंगुरनाला क्रॉसिंग) से दर्री मुख्य मार्ग तक 4 करोड़ 45 लाख 11 हजार रुपये की लागत से सीसी सड़क निर्माण एवं चैड़ीकरण,

वार्ड क्रमांक 31 में विभिन्न नाली एवं कलवर्ट निर्माण कार्य, वार्ड क्रमांक 25 शिवाजीनगर, वार्ड क्रमांक 49 प्रगतिनगर तथा वार्ड क्रमांक 52 अयोध्यापुरी में 1500 केएल क्षमता के ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन, बाउंड्रीवॉल एवं स्विच रूम निर्माण, आदिम जाति कल्याण विभाग के अंतर्गत कुदमुरा में आदिवासी कन्या आश्रम, कोरबा में प्री-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, कटघोरा में पोस्ट-मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन निर्माण तथा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से निर्माण कार्य शामिल हैं।

इन विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण
डिप्टी सीएम साव ने पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत पतुरियाडांड अंतर्गत करहिया नाला पर 40 लाख रुपये की लागत से स्लैब कलवर्ट निर्माण, रामपुर एवं पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल ग्राम योजनाओं, तुमान-पुटूवा मार्ग के अहिरन नदी पर 11 करोड़ 50 लाख 45 हजार रुपये की लागत से उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, सिरली गांड़ा घाट मार्ग एवं झांझ गांड़ा घाट मार्ग पर पितनी नदी में उच्चस्तरीय पुलों, नहर रोड स्थित नवीन पानी टंकी के समीप 17 करोड़ 4 लाख 22 हजार रुपये की लागत से निर्मित मल्टीलेवल पार्किंग तथा घंटाघर चैक में स्थापित राष्ट्रीय ध्वज का लोकार्पण किया।

घंटाघर चैक में किया गया तिरंगे का ध्वजारोहण
डिप्टी सीएम साव ने आज वार्ड क्रमांक 27 स्थित घंटाघर चैक में स्थापित विशाल राष्ट्रीय ध्वज के लोकार्पण उपरांत तिरंगे का ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, राष्ट्र की आन, बान और शान का प्रतीक हमारा तिरंगा अब इस विशाल खम्बे पर पूरे गौरव के साथ लहराएगा और नागरिकों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

नंदनवन जंगल सफारी बना पर्यटकों की पहली पसंद, वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा का अनूठा केंद्र

नंदनवन जंगल सफारी बना पर्यटकों की पहली पसंद, वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति शिक्षा का अनूठा केंद्र

 रायपुर। नवा रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी अब छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में शामिल हो चुका है। प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह स्थान रोमांचक सफारी अनुभव के साथ वन्यजीवों को करीब से जानने का अवसर प्रदान कर रहा है। 320.15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली नंदनवन जंगल सफारी में शाकाहारी सफारी, टाइगर सफारी, भालू सफारी, लायन सफारी और जू जोन प्रमुख आकर्षण हैं। यहां पर्यटक प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने के साथ उनके संरक्षण और जैव विविधता के महत्व को भी समझ सकते हैं।

नंदनवन की शुरुआत वर्ष 1979 में रायपुर के नंदनवन मिनी जू के रूप में हुई थी। बाद में नवा रायपुर में आधुनिक जंगल सफारी विकसित की गई और 1 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। जंगल सफारी का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों का संरक्षण, दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण एवं प्रजनन तथा लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यहां विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए समय-समय पर पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

नंदनवन जंगल सफारी में शाकाहारी सफारी में चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण जैसे वन्यजीव देखे जा सकते हैं, वहीं टाइगर सफारी, भालू सफारी और सिंह सफारी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। जू जोन में विभिन्न प्रजातियों के पक्षी, सरीसृप और अन्य वन्यजीव मौजूद हैं। यहां सफेद बाघ, दरियाई घोड़ा, घड़ियाल और क्लोन जंगली भैंसा ‘दीपाशा’ जैसे विशेष वन्यजीव भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। वन विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ी है। वर्ष 2025-26 में 3 लाख 24 हजार 785 से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया।

नंदनवन जंगल सफारी में जैव विविधता दिवस, विश्व बाघ दिवस और वन्यजीव सप्ताह जैसे अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है। नवा रायपुर के सेक्टर-39 में स्थित यह जंगल सफारी रायपुर से आसानी से पहुंच योग्य है। स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से इसकी दूरी लगभग 15 किलोमीटर और रेलवे स्टेशन से करीब 35 किलोमीटर है। सोमवार को जंगल सफारी पर्यटकों के लिए बंद रहती है।

Police Transfer : दुर्ग पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल…देखें LIST..!!

Police Transfer : दुर्ग पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल…देखें LIST..!!

दुर्ग। दुर्ग जिले में पुलिस विभाग ने प्रशासनिक कारणों से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया है। आगामी आदेश तक अस्थाई तौर पर कई पुलिसकर्मियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल के तहत थाना भिलाई नगर, रक्षित केंद्र दुर्ग सहित अन्य स्थानों पर पदस्थ कर्मचारियों को पुलिस चौकी संवाबांधा में तैनात किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण और पदस्थापना की कार्रवाई की है। इस आदेश के तहत उप निरीक्षक पूर्ण बहादुर को थाना भिलाई नगर से स्थानांतरित कर पुलिस चौकी संवाबांधा का प्रभारी बनाया गया है। उन्हें चौकी की जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा प्रधान आरक्षक 389 राकेश सिंह, जो वर्तमान में रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ थे, उन्हें पुलिस चौकी संवाबांधा में पदस्थ किया गया है। वहीं थाना भिलाई नगर में पदस्थ प्रधान आरक्षक 1225 विनय साथ को भी पुलिस चौकी संवाबांधा भेजा गया है। पुलिस विभाग द्वारा जारी आदेश में आरक्षक स्तर के कर्मचारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। आरक्षक 1203 इशरार खान, आरक्षक 1578 बीरेन्द्र साहू और आरक्षक 185 दोलेस कुमार ठाकुर को पुलिस चौकी संवाबांधा में पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ आरक्षक 390 उदय निषाद को भी संवाबांधा चौकी में तैनाती दी गई है।

पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक कारणों से समय-समय पर पुलिस बल में फेरबदल किया जाता है, ताकि कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके। नई पदस्थापना के बाद पुलिस चौकी संवाबांधा में नई टीम जिम्मेदारी संभालेगी। इस स्थानांतरण को क्षेत्र में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। पुलिस चौकी में नए अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती से क्षेत्र में गश्त व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आम जनता की शिकायतों के त्वरित निराकरण में मदद मिलने की उम्मीद है।

दुर्ग पुलिस लगातार जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग स्तरों पर प्रशासनिक बदलाव करती रहती है। अधिकारियों का मानना है कि कर्मचारियों को अलग-अलग स्थानों पर नई जिम्मेदारी देने से कार्य प्रणाली में सुधार आता है और पुलिसिंग को प्रभावी बनाया जा सकता है। नई पदस्थापना के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल अपने नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी कर्मचारियों से क्षेत्र में बेहतर पुलिसिंग, अपराधों पर नियंत्रण और जनता के साथ समन्वय बनाकर काम करने की अपेक्षा की गई है। पुलिस विभाग के इस आदेश के बाद संवाबांधा पुलिस चौकी में नई टीम के साथ कामकाज शुरू होगा। अब नई टीम के सामने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और पुलिस की छवि को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी।

पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई सहित आठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता

पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई सहित आठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को मिली आर्थिक सहायता

 00 अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं विद्यार्थियों को भी मिला प्रोत्साहन

00 संस्कृति विभाग ने वितरित किए सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा कलाकारों के कल्याण के उद्देश्य से संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मंत्रालय के सभाकक्ष में कलाकार कल्याण कोष योजना तथा अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक वितरण का वृहद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ कलाकारों, साहित्यकारों तथा युवा प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन का भावपूर्ण वातावरण देखने को मिला।

 कलाकारों और साहित्यकारों के सम्मान-संवर्धन की दिशा में बड़ा कदम,


कार्यक्रम के दौरान पद्मविभूषण स्व. डॉ. तीजन बाई अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त पंडवानी कलाकार के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य सात वरिष्ठ दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजनों को भी एक-एक लाख रुपये की सहायता राशि देकर उनके कला और साहित्य के क्षेत्र में दिए गए अविस्मरणीय योगदान का सम्मान किया गया। वहीं, अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों और विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता प्रदान कर उनकी प्रतिभा को नई ऊर्जा और प्रोत्साहन दिया गया।

संस्कृति विभाग ने वितरित किए सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक


कार्यक्रम में सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन तथा सिंधी अकादमी की अध्यक्षा श्रीमती सुषमा जैदानी के हाथों हितग्राहियों एवं दिवंगत कलाकारों के परिजनों को प्रदान किए गए। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने कला और साहित्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए युवा पीढ़ी को उनकी परंपरा आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ लोककला, लोक साहित्य और सांस्कृतिक परंपराओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध प्रदेश है। कलाकारों और साहित्यकारों ने अपने जीवनभर समाज को सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने का कार्य किया है। ऐसे में उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए संचालित योजनाएं न केवल कलाकारों का मनोबल बढ़ाती हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे ने कहा कि संस्कृति विभाग का उद्देश्य केवल कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, सृजनशीलता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा कि कलाकार कल्याण कोष योजना और अभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति योजना वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान और युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन योजनाओं से प्रेरित होकर अधिक से अधिक युवा कला और साहित्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

संस्कृति विभाग ने वितरित किए सहायता एवं छात्रवृत्ति राशि के चेक


इस अवसर पर डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन, डॉ. संजय कन्नौजे संचालक संस्कृति विभाग, सुश्री मोना सेन अध्यक्षा फिल्म विकास निगम, सुषमा जैदानी, अध्यक्षा सिंधी अकादमी तथा डॉ. अभिलाषा बेहार सचिव छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, कलाकार, साहित्यकार तथा दिवंगत कलाकारों एवं साहित्यकारों के परिजन उपस्थित रहे।
संस्कृति विभाग की यह पहल राज्य की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान तथा युवा प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है। कलाकार कल्याण कोष योजना और छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन कला और साहित्य की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने, कलाकारों को सम्मानजनक सहयोग उपलब्ध कराने तथा प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मिली त्वरित राहत: महज 8 दिनों में सुधरा हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से मिली त्वरित राहत: महज 8 दिनों में सुधरा हैंडपंप, ग्रामीणों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

 बिलासपुर। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। जिला प्रशासन बिलासपुर की सक्रिय पहल और विभागों की समयबद्ध कार्यवाही से लोगों को शीघ्र राहत मिल रही है। विकासखंड बिल्हा के ग्राम धमनी में खराब पड़े सार्वजनिक हैंडपंप की महज आठ दिनों में मरम्मत कर ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराना इसका एक प्रेरक उदाहरण है।

ग्राम धमनी निवासी राहुल यादव ने 28 जून 2026 को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोहल्ले का सार्वजनिक हैंडपंप लगभग दो माह से खराब होने के कारण पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। शिकायत प्राप्त होते ही जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।विभाग के तकनीकी दल ने मौके पर पहुंचकर हैंडपंप का निरीक्षण किया और खराबी का परीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य प्रारंभ किया। निर्धारित समय-सीमा के भीतर 6 जुलाई 2026 को हैंडपंप को पूरी तरह दुरुस्त कर पुनः चालू कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों को फिर से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हो गया।

शिकायतकर्ता ग्रामीण राहुल यादव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत के त्वरित निराकरण पर संतोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर हुई कार्रवाई से पूरे मोहल्ले को बड़ी राहत मिली है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशन में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ निराकरण किया जा रहा है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों की दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का यथाशीघ्र समाधान कर उन्हें बेहतर और प्रभावी शासकीय सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन लोगों और प्रशासन के बीच भरोसे का सशक्त सेतु बनकर सुशासन की अवधारणा को मजबूत कर रही है।

 ’सेवा सेतु केंद्र बना आमजन के लिए भरोसे का केंद्र, एक दिन में मिला आय प्रमाण पत्र’

’सेवा सेतु केंद्र बना आमजन के लिए भरोसे का केंद्र, एक दिन में मिला आय प्रमाण पत्र’

 नारायणपुर। सीएम विष्णु देव साय की मंशानुरूप तथा कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशन में जिले में संचालित सेवा सेतु केंद्र आम नागरिकों को घर के नजदीक डिजिटल एवं समयबद्ध शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से अब लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।

जिले के ग्राम साकड़ीबेड़ा निवासी तेजराम भोयर ने अपने पुत्र मनोज भोयर की पढ़ाई के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया। आवेदन के पश्चात मात्र एक दिवस के भीतर मनोज भोयर को आय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। समय पर प्रमाण पत्र मिलने से उनकी आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया भी बिना किसी बाधा के पूरी हो सकी। तेजराम भोयर ने बताया कि पहले प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई बार कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। लेकिन सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से उनका आवेदन शीघ्र स्वीकार किया गया और निर्धारित समय के भीतर प्रमाण पत्र भी उपलब्ध करा दिया गया।

उन्होंने इस त्वरित एवं पारदर्शी व्यवस्था पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन का आभार माना। तेजराम भोयर ने विशेष रूप से सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी जनहितैषी सोच के अनुरूप संचालित सेवा सेतु केंद्र जैसी पहल से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को घर के नजदीक ही डिजिटल और समयबद्ध शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। यह व्यवस्था सुशासन और नागरिक सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

द्वीप्ति योजना: छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बन रही हैं सौर ऊर्जा उद्यमी

द्वीप्ति योजना: छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं बन रही हैं सौर ऊर्जा उद्यमी

 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ते हुए एक अनूठी पहल की है। द्वीप्ति (DWEEPTI) योजना, अर्थात डिसेंट्रलाइज्ड वूमेन एम्पावरमेंट ऑन एनर्जी एंड पॉलिसी फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव इन्क्लूजन (Decentralised Women Empowerment on Energy and Policy for Transformative Inclusion), के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में विक्रेता, तकनीशियन, उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ मिलकर ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन मिशन के तहत इस नीति को विकसित किया है।

छत्तीसगढ पहला राज्य महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति को अपनाया है। योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करने, 50,000 हरित रोजगार सृजित करने तथा राज्य के पांच लाख परिवारों और 10,000 संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रशिक्षित ‘सोलर दीदी’ की जा रही है तैयार: योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) और जिला प्रशासनों के सहयोग से 12 जिलों के 13 संकुल स्तरीय संघो (सीएलएफ) को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अधिकृत विक्रेता के रूप में पंजीकृत किया गया है। महिलाओं को सौर संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव और जनजागरूकता का प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित ‘सोलर दीदी’ तैयार की जा रही हैं, जो अपने ही क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी।

प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर
सौर ऊर्जा प्रणाली को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए स्व-सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को आसान किश्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह वित्तीय मॉडल जहां स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है, वहीं महिला संचालित उद्यमों को टिकाऊ व्यवसाय विकसित करने का अवसर भी प्रदान करता है। यह पहल प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर तैयार कर रही है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच
यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन से जोड़ने की राज्य सरकार की व्यापक सोच को भी प्रतिबिंबित करती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर सृजित करने पर बल देते रहे हैं, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा सामुदायिक संस्थाओं की भूमिका को सतत ग्रामीण विकास का आधार मानते हैं। द्वीप्ति योजना इन दोनों प्राथमिकताओं को एक साथ जोड़ते हुए महिलाओं को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की मुख्यधारा में ला रही है।

ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से है जोड़ना
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने कहा कि अब तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका मुख्य रूप से लाभार्थी तक सीमित रही है। ड्वीप्टि योजना इस सोच को बदलते हुए महिलाओं को विक्रेता, तकनीशियन, प्रबंधक और उद्यमी के रूप में स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री के लखपति दीदी विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ऊर्जा आधारित आत्मनिर्भर आजीविका से जोड़ती है।

कबीरधाम में नीति से धरातल तक पहुंची पहल
द्वीप्ति योजना का प्रभाव अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। कबीरधाम इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने वाले शुरुआती जिलों में शामिल है। सीएसपीडीसीएल- आरएपीएम, रायपुर के सहयोग से जिला पंचायत कबीरधाम (बिहान) ने वंदे मातरम् क्लस्टर लेवल फेडरेशन, कवर्धा को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया। टाटा के तकनीकी सहयोग से बिहान के स्व-सहायता समूहों की लगभग 35 महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर जिले की पहली ‘सोलर दीदी’ टीम तैयार की गई।

पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर में
योजना के तहत पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर गांव में स्थापित किया गया। प्रगति आजीविका ग्राम संगठन के अंतर्गत माता भवानी स्व-सहायता समूह की सदस्य अंजनी पटेल इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होने वाली महिलाओं में शामिल हैं। अंजनी पटेल ने कहा, “इस कार्य ने हमारे लिए आजीविका का नया रास्ता खोला है। हमें गर्व है कि अब स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्वयं सोलर सिस्टम स्थापित कर रही हैं। इससे यह विश्वास बढ़ा है कि यह अनेक ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का मजबूत माध्यम बन सकता है।”

सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर
कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि यह पहल आजीविका संवर्धन और अक्षय ऊर्जा को एक साथ जोड़ने का सफल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।

जिला पंचायत कबीरधाम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि यह मॉडल महिलाओं के लिए कौशल आधारित और टिकाऊ आजीविका विकसित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर सिस्टम की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शुरुआती परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। कबीरधाम जिले में अब तक स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लगभग 40 ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं तथा कई संयंत्र स्थापित भी किए जा चुके हैं। राज्य के अन्य जिलों में द्वीप्ति योजना के विस्तार के साथ महिला नेतृत्व वाले पंजीकृत महासंघों, प्रशिक्षित स्थानीय तकनीशियनों और आसान वित्तीय व्यवस्था पर आधारित यह मॉडल छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर लागू किए जाने योग्य एक प्रभावी उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

द्वीप्ति योजना एक नजर में
• अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित किए जाएंगे।
• 50,000 हरित रोजगार सृजित होंगे।
• 5 लाख परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।
• 10,000 संस्थानों को योजना से जोड़ा जाएगा।
• 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघ अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत।
• कबीरधाम में 35 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया।
• कबीरधाम जिले में रूफटॉप सोलर सिस्टम के 40 से अधिक ऑर्डर प्राप्त हुए।