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तीज मिलन समारोह में राजस्थान का घूमर, पंजाब का भांगड़ा और बंगाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

तीज मिलन समारोह में राजस्थान का घूमर, पंजाब का भांगड़ा और बंगाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

रायपुर। सामाजिक संस्था नव सृजन मंच द्वारा राजधानी रायपुर के अंबुजा मॉल में आयोजित दो दिवसीय तीज मिलन समारोह एवं महिला प्रतिभा प्रदर्शनी में देश की विविध लोक-संस्कृतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में राजस्थान का पारंपरिक घूमर नृत्य, पंजाब का जोशीला भांगड़ा तथा बंगाल की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा एवं नृत्य के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
समारोह में महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए मोहक स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉलों में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पाद, खाद्य सामग्री, सजावटी वस्तुएं, सौंदर्य एवं कॉस्मेटिक सामग्री सहित विभिन्न घरेलू उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आयोजन के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर और उद्यमिता को सामने लाने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
नव सृजन मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि तीज मिलन जैसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ महिलाओं की प्रतिभा और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता, भाईचारे और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम में नव सृजन मंच के कार्यकारी अध्यक्ष देवाशीष मुखर्जी, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, प्रसन्ना अवस्थी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
तीज मिलन कार्यक्रम की संयोजिका द्वय मनीषा सिंह, डॉ. प्रीति सतपथी, ने कहा की महिला प्रतिभागियों को मंच देने और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने संस्था निरंतर कार्य कर रही है इस अवसर पर संस्था नवसृजन मंच के सदस्यगण डॉ रश्मि चावरे, निधि झा, कीर्ति, सुनीता पाठक, अनामिका, मैरी, सविता मौर्य, बिन्नी तिवारी, अर्चना वोरा सहित मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, महिला उद्यमियों के स्टॉल एवं विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया। नव सृजन मंच ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कलाकारों, महिला उद्यमियों, अतिथियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों से मिलकर जाना हाल

राहत शिविर में प्रभावितों को स्वयं भोजन परोसकर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला

सुकमा में बाढ़ प्रभावित करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेंगे 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त

बाढ़ से हुई क्षति का शीघ्र आकलन कर आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा - प्रत्येक प्रभावित परिवार तक शीघ्र पहुंचे सहायता, राहत और पुनर्वास में नहीं हो कोई कमी

रायपुर 28 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बाढ़ से प्रभावित शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं जानीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। बाढ़ से जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के साथ राहत और पुनर्वास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने शबरीनगर में स्थापित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें स्वयं भोजन परोसकर आत्मीयता के साथ उनका हालचाल जाना।

मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों और हुए नुकसान की जानकारी ली तथा उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को समझते हुए सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 23 एवं 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि से सुकमा जिले के अनेक क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन एवं गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और आवश्यक स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण सबरी नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था। कोंटा क्षेत्र में प्रभावितों के 19 राहत केंद्रों में ठहरने, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं है।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों को देखा और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता से आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र प्रदान की जाए।

करीब 300 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ के कारण घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचने से प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे करीब 300 प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में हर संभव सहयोग दिया जाए। क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी हो। कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के बाद अब पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। जिन परिवारों ने इस आपदा में नुकसान सहा है, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए शासन की सहायता समय पर उन तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की

 छत्तीसगढ़ की बेटी ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से देश-प्रदेश का मान बढ़ाया : मुख्यमंत्री साय

प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर और प्रोत्साहन देगी राज्य सरकार

रायपुर, 28 सितंबर 2026/ एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य और छत्तीसगढ़ की बेटी सुश्री संजू देवी ने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सुश्री संजू देवी को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी को 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुश्री संजू देवी ने अपने उत्कृष्ट खेल, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं में अपार सामर्थ्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन मिले, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी से एशियन गेम्स के अपने अनुभवों और भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन के संबंध में आत्मीय बातचीत की। उन्होंने संजू देवी की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक खिलाड़ी की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि वह अपने साथ हजारों युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान देती है। संजू देवी की सफलता प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहे बच्चों और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगी।

उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला कबड्डी स्पर्धा में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता निखारने और देश-दुनिया के खेल मंचों तक पहुंचने के पर्याप्त अवसर मिलें। सुश्री संजू देवी जैसी प्रतिभाओं की उपलब्धियां इस संकल्प को और मजबूत करती हैं।

सुश्री संजू देवी ने सम्मान और प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मिला यह प्रोत्साहन उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

 संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार - मुख्यमंत्री साय

शासन से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹10 हजार की मदद की घोषणा

मकान, फसल और पशुधन की क्षति का संवेदनशीलता से सर्वे कर शीघ्र सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश

बाढ़ के बाद शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा

रायपुर 28 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री  साय जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचे और बाढ़ से प्रभावित परिवारों से आत्मीयतापूर्वक मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से खड़ी है तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10-10 हजार की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे और आकलन तेजी से पूरा कर पात्र परिवारों तक शासन की सहायता शीघ्र पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने डोंगाघाट में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, मकानों एवं घरेलू सामान को हुए नुकसान तथा वर्तमान में उपलब्ध कराई जा रही राहत के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न हो। भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री प्रभावित लोगों तक समय पर पहुंचाई जाए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इंद्रावती के जलस्तर और प्रभावित इलाकों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री  साय ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर तथा आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जिले में बारिश एवं बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों और शहरी क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्तर में बदलाव और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने की व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जलस्रोतों की सफाई एवं आवश्यक उपचार के साथ जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखा जाए।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता रखने और बीमारी के किसी भी संभावित प्रकोप पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य केवल बाढ़ का पानी उतरने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन को सामान्य बनाने तक आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से जारी रहें।

मकान, फसल और पशुधन की क्षति का शीघ्र हो आकलन

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नुकसान का वास्तविक आकलन कर संबंधित परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लेने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत कार्यों में मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक आवश्यक मदद समय पर पहुंचे।

हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुरूप भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर महापौर  संजय पाण्डेय, नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन, कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी  बी.एन. मीणा, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है हमारी सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है हमारी सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 बाढ़ के पानी के बीच नाव से बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचे वित्त मंत्री, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

जलमग्न गांवों में ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, अधिकारियों को तत्काल सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

रायपुर, 28 सितम्बर 2026/ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया तहसील के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। संकट की इस घड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी स्वयं प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव दल के साथ नाव के जरिए जलमग्न ग्राम बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की तथा बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों का जमीनी जायजा लिया।

चारों ओर पानी से घिरे गांवों में श्री चौधरी ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं का हालचाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी परेशानियों और तत्काल आवश्यकताओं के संबंध में सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षा तथा सहायता के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।

“आप चिंता न करें, सरकार और पूरा प्रशासन आपके साथ है”

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रभावित ग्रामीणों से कहा कि बाढ़ के कारण उत्पन्न इस कठिन परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन-प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने तथा जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता और उनका सुरक्षित बचाव सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन निरंतर जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। महानदी के जलस्तर और प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

 धान खरीदी नीति से लेकर जल प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की हुई समीक्षा

रायपुर, 28 सितंबर 2026/ मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों के साथ महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्धारित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए है।

बैठक में धान खरीफ विपणन वर्ष के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल योजनाओं और जल संसाधन विभाग को शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन और उपचार के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। नगरीय विकास विभाग को सिटी वाटर प्लान को विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। ग्राम सभा के आयोजन के लिए निर्धारित 15 से 22 अक्टूबर की अवधि में आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने को कहा गया। परिवहन विभाग को आगामी समय में ई-व्हीकल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने तथा खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलों की मॉनिटरिंग पर जोर

मुख्य सचिव ने जिलों में योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने को कहा गया, जिससे कलेक्टरों के स्तर पर प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने तथा अक्टूबर माह के लिए पारस पोर्टल से संबंधित प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ई-गजट पर निर्देशों की प्रतियां अपलोड करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि शासन द्वारा बनाए गए सभी विधिक, नियमो, निर्देशों की संदर्भ प्रति ई-गजट पर अपलोड की जाए, ताकि अधिकारियों और संबंधित विभागों को भविष्य में संदर्भ के लिए इनका आसानी से उपयोग किया जा सके। पेंशन से संबंधित मामलों की विभागवार समीक्षा करते हुए विभागध्यक्ष को प्रत्येक विभाग के लंबित प्रकरणों की संख्या, उनके निराकरण में लगे समय और प्रगति की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने तथा प्रत्येक विभाग को कर्मचारियों के क्षमता निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा गया।

30 सितंबर तक रिक्त पदों की जानकारी देने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव, 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं की तैयारियों और सेवा सेतु की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि वर्तमान में 38 विभागों की 907 सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने फायर सेफ्टी अधिनियम में आवश्यक सुधार की दिशा में कार्यवाही करने के साथ ही ’माय भारत पोर्टल’ से संबंधित गतिविधियों को भी गति देने के निर्देश दिए।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से होगी सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग

बैठक में गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाएगी और इसके बाद भारत सरकार को भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया कि इससे विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने बैठक के अंत में सभी विभागों को क्षमता निर्माण, विभागीय कार्यों की निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

 सरिया के राहत शिविर में माताओं-बहनों, बुजुर्गों और बच्चों से मिलकर जाना हाल, कहा—हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार

ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर जानी जरूरतें, अधिकारियों को राहत शिविर में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

रायपुर, 28 सितम्बर 2026/ महानदी के बढ़ते जलस्तर से रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया अंचल में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी आज प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचे। श्री चौधरी ने सरिया स्थित कन्या शाला में बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर वहाँ ठहरे ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

राहत शिविर में श्री चौधरी ने माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं के बीच बैठकर उनसे सीधे संवाद किया। उन्होंने बाढ़ के कारण उत्पन्न परेशानियों और परिवारों की आवश्यकताओं की जानकारी ली। मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपने जनप्रतिनिधि को अपने बीच पाकर प्रभावित ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बातें साझा कीं।

श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में आना पड़ा है। यह समय प्रभावित परिवारों के लिए कठिन जरूर है, लेकिन वे स्वयं को अकेला न समझें। शासन-प्रशासन उनके साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने राहत शिविर में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, दवाइयों, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में रह रहे किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखने के निर्देश दिए।

श्री चौधरी ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और महानदी के जलस्तर की सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करे।

उल्लेखनीय है कि महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रायगढ़ जिले के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तथा राहत शिविरों तक पहुंचाने के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

8.48 करोड़ की लागत से 30.70 किलोमीटर सड़कों का होगा निर्माण

8.48 करोड़ की लागत से 30.70 किलोमीटर सड़कों का होगा निर्माण

 00 ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों को आवागमन में मिलेगी सुविधा
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर जिले में दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को बजट स्वीकृति मिली है। कुल 30.70 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के लिए लगभग 8 करोड़ 48 लाख 28 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट विवरण के अनुसार, खर्रा से चिकनी भंडारपारा तक 17.50 किलोमीटर सड़क के लिए 5 करोड़ 8 लाख 98 हजार रुपये और कुंजनगर से जमदेई पटेलपारा तक 13.20 किलोमीटर सड़क के लिए 3 करोड़ 39 लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बेहतर सड़कें गांवों के विकास की आधारशिला हैं। सड़क संपर्क मजबूत होने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि भटगांव विधानसभा क्षेत्र सहित सूरजपुर जिले में सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों सड़क कार्य पूर्ण होने पर संबंधित गांवों का प्रमुख मार्गों से संपर्क बेहतर होगा। इससे ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों का आवागमन अधिक सुगम होगा।

सिंगापुर जाएंगे सीएम साय : 2 से 7 अक्टूबर तक निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ करेंगे संवाद

सिंगापुर जाएंगे सीएम साय : 2 से 7 अक्टूबर तक निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ करेंगे संवाद

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 2 से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे वहां होने वाले भारत-सिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में शामिल होंगे। यह सम्मेलन भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। हालांकि अभी इस कार्यक्रम का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया गया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की इस विदेश यात्रा के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

बताया गया है कि,  सम्मेलन में साय 4 से 6 अक्टूबर के बीच शामिल होंगे। उनके साथ सीएम सचिवालय के अधिकारियों के साथ उद्योग विभाग के वरिष्ट अधिकारी भी शामिल होंगे। सिंगापुर व्यापार महासंघ की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों की आर्थिक और औद्योगिक संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के सामने रख जाएगा। सम्मेलन में निवेश के अवसर, नए कारोबार बाजार तक पहुंच, औद्योगिक साझेदारी और दोन देशों की कंपनियों के बीच सहयोग पर चर्चा होगी।

हरियाणा-सिंगापुर बिजनेस फोरम और निवेश सम्मेलन
हरियाणा के मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल सूत्रों के अनुसार, इसी सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्र नायब सिंह सैनी भी शामिल होंगे। सिंगापुर की ओर से वहां के मंत्री स्तर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे सम्मेलन में भारत और सिंगापुर के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच निवेश और औद्योगिक साझेदार की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

छत्तीसगढ़ पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री श्री साय के लिए यह दौरा छत्तीसगढ़ को अंतर्राष्ट्रीय निवेश के नए केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर होगा। राज्य सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा, बिजली उपलब्धता, अधोसंरचना और निवेश के लिए बनाई गई नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा सकती है। राज्य की कोशिश केवल कच्चे खनिज के दोहन तक सीमित न रहकर खनिज आधारित उद्योगों में अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन, विनिर्माण, परिवहन एवं भंडारण, निर्यात और नई तकनीक आधारित उद्योगों को आकर्षित करने की है। सिंगापुर जैसे अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी केंद्र में मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

सीधे संवाद का अवसर
बताया गया है कि,  सम्मेलन में निवेशकों, उद्योगपतियों और विभिन्न कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संवाद होगा। इसके जरिए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं और राज्य में उद्योग लगाने के लिए उपलब्ध सुविधाओं को सीधे अंतर्राष्ट्रीय कारोबार समुदाय तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

CG- गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा: पिकअप में छिपाकर ले जा रहे थे करोड़ों का माल, 4.69 करोड़ की खेप के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार…

CG- गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा: पिकअप में छिपाकर ले जा रहे थे करोड़ों का माल, 4.69 करोड़ की खेप के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार…

 मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो पिकअप वाहनों से 4 करोड़ से ज्यादा का गांजा बरामद किया है। साथ ही 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, चौकी नागपुर और थाना पोड़ी पुलिस ने NH-43 पर नाकेबंदी के दौरान दो संदिग्ध पिकअप वाहनों को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से 9 क्विंटल 19 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 59 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल दोनों पिकअप वाहनों समेत कुल करीब 4.69 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया है।

6 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में अनिल टोप्पो (26), राजित इंद्रवार (20), विनय टेटे (33) और अरुप मिर्धा (22) निवासी सुंदरगढ़, ओड़िशा, जबकि अलबिरनी (25) और सुनीता (22) निवासी कटनी, मध्य प्रदेश शामिल हैं।

पूछताछ में सामने आया है कि गांजे की यह बड़ी खेप ओड़िशा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही थी। पुलिस अब मामले की End-to-End विवेचना कर रही है, ताकि गांजे की सप्लाई करने वाले स्रोत से लेकर अंतिम गंतव्य तक जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा (IPS) और पुलिस अधीक्षक MCB रत्ना सिंह (IPS) के निर्देशन में हुई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

इस कार्रवाई में नागपुर चौकी प्रभारी शेषनारायण सिंह (सउनि), एएसआई रामकृपाल सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला पुलिस MCB ने कहा है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

भारतीय संगीत में लता जी का अमूल्य योगदान सदैव याद किया जाएगा- मंत्री चौधरी

भारतीय संगीत में लता जी का अमूल्य योगदान सदैव याद किया जाएगा- मंत्री चौधरी

रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महान सुर साधिका, स्वर सम्राज्ञी और भारत रत्न लता मंगेशकर की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि अपनी अद्वितीय आवाज और संगीत साधना से लता जी ने भारतीय संगीत जगत में एक अमिट छाप छोड़ी है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि लता मंगेशकर ने दशकों तक अपनी मधुर आवाज से हिंदी सिनेमा के संगीत को नई ऊंचाइयां दीं। उनके स्वर में सजे असंख्य गीतों ने संगीत प्रेमियों के हृदय में विशेष स्थान बनाया और पीढिय़ों तक सुने जाने वाले कालजयी गीतों की समृद्ध विरासत देश को दी। उन्होंने कहा कि लता जी की आवाज में भारतीय संस्कृति, संवेदना और भावनाओं की अद्भुत अभिव्यक्ति थी। देशभक्ति के गीतों से लेकर भक्ति और भावप्रधान गीतों तक उनकी गायकी ने हर पीढ़ी को प्रभावित किया। संगीत के प्रति उनका समर्पण और साधना आने वाली पीढिय़ों के कलाकारों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। मंत्री चौधरी ने कहा कि भारतीय संगीत और कला जगत में लता मंगेशकर का अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी जयंती पर उन्हें सादर नमन।

ब्रेकिंग : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने सुकमा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

ब्रेकिंग : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने सुकमा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 राहत केंद्रों का किया निरीक्षण, प्रभावित लोगों से मुलाकात कर जाना हालचाल

राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो - मुख्यमंत्री

 रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बाढ़ प्रभावित सुकमा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और राहत केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री  साय ने राहत केंद्रों में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

 

सेवा की कहानी: अमृत सरोवर बना महिलाओं की आजीविका का आधार, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

सेवा की कहानी: अमृत सरोवर बना महिलाओं की आजीविका का आधार, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

 रायपुर - गांव में बना अमृत सरोवर अब जल संरक्षण के साथ ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का जरिया भी बन रहा है। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत बिरीमकेला के ज्योति स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अमृत सरोवर में मछली पालन शुरू कर आय की नई राह बनाई है। पहले किसी आयमूलक गतिविधि से नहीं जुड़ी इन महिलाओं को सरोवर के रूप में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन मिला तो उन्होंने सामूहिक प्रयास से इसे अपनी आजीविका का माध्यम बना लिया। पहली बार मछलियों की बिक्री से हुई आमदनी ने समूह का हौसला बढ़ाया है और अब महिलाओं ने दोबारा मछली पालन शुरू कर दिया है।

पहली बिक्री से मिली आमदनी ने बढ़ाया महिलाओं का हौसला

ज्योति स्व-सहायता समूह की सदस्य रजनी चौहान बताती हैं कि अमृत सरोवर मिलने के बाद समूह ने पहली बार मछली पालन की गतिविधि शुरू की। तैयार हुई मछलियों में से लगभग 15 किलो मछली की बिक्री की गई, जिससे समूह को पहली बार इस गतिविधि से आमदनी हुई।

मछली पालन से मिली इस शुरुआती सफलता ने समूह की महिलाओं को इसे आगे भी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। अब महिलाएं इस गतिविधि को नियमित आजीविका के साधन के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

दोबारा शुरू किया मछली पालन, नियमित आजीविका बनाने की तैयारी

रजनी बताती हैं कि समूह ने एक बार फिर अमृत सरोवर में मछलियां डाली हैं। इस बार 10 पैकेट डाले गए हैं। समूह की महिलाएं मिलकर मछली पालन का काम कर रही हैं और आने वाले समय में इससे अपनी आमदनी को और बढ़ाना चाहती हैं। अमृत सरोवर से जुड़ने से पहले समूह के पास ऐसी कोई आयमूलक गतिविधि नहीं थी। अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जल संसाधन का उपयोग करते हुए महिलाएं सामूहिक रूप से मछली पालन कर रही हैं। इससे उन्हें गांव में ही काम और आय का अवसर मिला है।

“आजीविका बढ़ाएंगे और अपने पैरों पर खड़े होंगे”

रजनी चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “पहले हम लोग समूह में कुछ नहीं करते थे। अब अमृत सरोवर मिला है, जिसमें मछली पालन कर रहे हैं और हमारी आजीविका बढ़ रही है। आगे भी हम लोग आजीविका बढ़ाएंगे और अपने पैरों पर खड़े होंगे।” उन्होंने समूह की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

जल संरक्षण के साथ आजीविका का भी बना माध्यम

सेवा संकल्प अभियान के तहत ज्योति स्व-सहायता समूह की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि गांव में तैयार जल संरचनाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। अमृत सरोवर में मछली पालन से रजनी और उनकी साथी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। अब उनका प्रयास इस गतिविधि को आगे बढ़ाकर अपनी आमदनी मजबूत करने और अपने पैरों पर खड़े होने का है।

महतारी वंदन योजना से लक्ष्मी मांझी की जिंदगी में आया बदलाव, सिलाई मशीन ने खोली आत्मनिर्भरता की राह

महतारी वंदन योजना से लक्ष्मी मांझी की जिंदगी में आया बदलाव, सिलाई मशीन ने खोली आत्मनिर्भरता की राह

 रायपुर :- महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई राह खोल रही है। योजना के तहत मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा रही हैं। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत गोरखपुर के आवास मोहल्ला निवासी लक्ष्मी मांझी की कहानी भी इसी बदलाव की एक प्रेरक मिसाल है।

लक्ष्मी मांझी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें लगातार आर्थिक सहायता मिल रही है। योजना की 31वीं किस्त की राशि भी उनके बैंक खाते में प्राप्त हुई है। इस आर्थिक सहायता ने उनके लिए न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करना आसान बनाया, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर भी दिया।

सिलाई मशीन खरीदकर शुरू किया स्वरोजगार

लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदने का निर्णय लिया। सिलाई मशीन मिलने के बाद उन्होंने घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। अब वे आसपास की महिलाओं और परिवार के लोगों के कपड़े सिलकर अपनी आय अर्जित कर रही हैं।

पहले जहां अपनी व्यक्तिगत जरूरतों और परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता रहती थी, वहीं अब सिलाई के काम से होने वाली आमदनी के माध्यम से लक्ष्मी मांझी परिवार की आर्थिक व्यवस्था में स्वयं योगदान दे रही हैं। घर से ही काम करने की सुविधा के कारण वे घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए स्वरोजगार भी कर पा रही हैं।

बच्चों की पढ़ाई में भी कर रहीं सहयोग

लक्ष्मी मांझी बताती हैं कि सिलाई से होने वाली आय और महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि का उपयोग वे परिवार की आवश्यकताओं के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी कर रही हैं। बच्चों की शैक्षणिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग कर पाना उनके लिए संतोष और आत्मविश्वास का विषय है।

वे कहती हैं कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत हुई है। इसी सहायता को बचाकर उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और आज यही मशीन उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है। इससे उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा है और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई शुरुआत हुई है।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से घरेलू जीवन भी हुआ आसान

लक्ष्मी मांझी को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन का लाभ भी प्राप्त हुआ है। इससे खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है और घरेलू कार्य पहले की तुलना में अधिक आसान हुए हैं। महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने से उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

सरकारी योजनाओं का लाभ बन रहा आत्मनिर्भरता का आधार

लक्ष्मी मांझी का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवारों को आगे बढ़ने और अपने लिए नए अवसर तैयार करने का रास्ता भी मिलता है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग उन्होंने अपनी जरूरतों के साथ-साथ स्वरोजगार शुरू करने में किया, जिससे अब वे स्वयं आय अर्जित कर रही हैं।

लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना सहित शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय जी के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से मिली सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है।

लक्ष्मी मांझी की यह कहानी इस बात की मिसाल है कि यदि आर्थिक सहायता का सही उपयोग किया जाए तो सरकारी योजनाएं परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का आधार भी बन सकती हैं।

रायपुर में गणेश झांकी आज : शाम 6 बजे से कई मार्ग बंद, देखें ट्रैफिक व पार्किंग प्लान

रायपुर में गणेश झांकी आज : शाम 6 बजे से कई मार्ग बंद, देखें ट्रैफिक व पार्किंग प्लान

 रायपुर - रायपुर में सोमवार 28 सितंबर को गणेश झांकी चल समारोह निकाला जाएगा। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया है। झांकी के दौरान भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। यह व्यवस्था सोमवार शाम 6 बजे से झांकी समाप्त होने तक लागू रहेगी।

यातायात पुलिस के अनुसार झांकी मार्ग पर केवल झांकी में शामिल वाहन और पैदल श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। आम लोगों से अपील की गई है कि जरूरी काम होने पर घर से निकलने से पहले वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर जाने से बचें।

गणेश झांकी का मुख्य चल समारोह शारदा चौक से शुरू होगा। इसके बाद झांकी जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदर बाजार, कंकालीपारा चौक, पुरानी बस्ती थाना तिराहा, लाखेनगर चौक, सुंदरनगर रोड और रायपुरा चौक होते हुए महादेव घाट विसर्जन स्थल पहुंचेगी।

इन रास्तों पर रहेगा यातायात प्रतिबंध

झांकी के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोकी जाएगी। शास्त्री चौक से जयस्तंभ चौक तक का मार्ग बंद रहेगा। इसके अलावा आश्रम तिराहा से शारदा चौक और जयस्तंभ चौक की ओर जाने वाले रास्तों पर भी प्रतिबंध रहेगा।

सुभाष नगर चौक और मौदहापारा की ओर से जयस्तंभ चौक जाने वाले मार्ग पर भी वाहन नहीं चल सकेंगे। फायर ब्रिगेड चौक से कोतवाली की तरफ जाने वाले रास्ते बंद रहेंगे।

बुढ़ापारा बिजली ऑफिस चौक से कोतवाली मार्ग, लाखेनगर चौक से पुरानी बस्ती थाना मार्ग, बुद्धेश्वर चौक से पुरानी बस्ती थाना मार्ग और कंकालीपारा से सदर बाजार-कोतवाली जाने वाले रास्तों पर भी यातायात प्रतिबंधित रहेगा।

पुलिस ने बताया कि झांकी आगे बढ़ने के साथ जरूरत के अनुसार ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। इससे शहर में जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा।

अलग-अलग इलाकों से आने वालों के लिए वैकल्पिक रास्ते

टाटीबंध की तरफ से आने वाले वाहन महोबा बाजार, चौबे कॉलोनी, समता कॉलोनी, तेलघानी नाका, रेलवे स्टेशन चौक और फाफाडीह चौक होते हुए शास्त्री चौक की ओर जा सकेंगे। इसके अलावा टाटीबंध से रिंग रोड नंबर-1 होते हुए पचपेड़ी नाका मार्ग का भी उपयोग किया जा सकेगा।

भनपुरी की ओर से आने वाले वाहन फाफाडीह चौक से रेलवे स्टेशन चौक और तेलघानी नाका होते हुए टाटीबंध की ओर जा सकेंगे। वाहन चालक फाफाडीह से शास्त्री चौक, कालीबाड़ी और पचपेड़ी नाका की तरफ भी जा सकते हैं।

तेलीबांधा क्षेत्र से आने वाले लोग तेलीबांधा चौक से शास्त्री चौक, फाफाडीह चौक और रेलवे स्टेशन की ओर जा सकेंगे। जरूरत पड़ने पर कालीबाड़ी मार्ग का उपयोग भी किया जा सकता है।

पचपेड़ी नाका की तरफ से आने वाले वाहन टिकरापारा चौक, कालीबाड़ी चौक, महिला थाना, शास्त्री चौक और फाफाडीह चौक होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंच सकेंगे।

श्रद्धालुओं के लिए पांच जगह बनाई गई पार्किंग

गणेश झांकी देखने आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था की है। लोगों से अपील की गई है कि वे सड़क किनारे वाहन खड़े करने से बचें। पंडरी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु मल्टीलेवल पार्किंग और रजबंधा मैदान की गलियों में वाहन पार्क कर सकेंगे।

सिविल लाइन की ओर से आने वाले लोगों के लिए शास्त्री मार्केट, सीरत मैदान और सुभाष स्टेडियम के आसपास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। टिकरापारा और कालीबाड़ी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु सप्रे शाला मैदान, इंडोर स्टेडियम और गांधी मैदान में वाहन खड़े कर सकेंगे।

गुढ़ियारी और समता कॉलोनी की ओर से आने वाले लोगों के लिए भैंसथान मैदान और जवाहर मार्केट पार्किंग तय की गई है। सुंदरनगर और रायपुरा क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु लाखेनगर चौक स्थित हिंद स्पोर्ट्स मैदान में वाहन पार्क कर सकेंगे।

 रायपुर पुलिस ने लोगों से की सहयोग की अपील

यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि 28 सितंबर को शाम 6 बजे के बाद झांकी मार्ग पर जाने से बचें। निर्धारित डायवर्शन और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें।

पुलिस के अनुसार गणेश झांकी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए बदलाव किए गए हैं। पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करने से लोगों को परेशानी से बचाया जा सकेगा।

झांकी समाप्त होने तक शहर के कुछ हिस्सों में यातायात दबाव बना रह सकता है। इसलिए वाहन चालक समय लेकर निकलें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।

CG- बॉयफ्रेंड से मिलने लॉज पहुंची युवती, कुछ देर बाद फांसी पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस….

CG- बॉयफ्रेंड से मिलने लॉज पहुंची युवती, कुछ देर बाद फांसी पर लटका मिला शव, जांच में जुटी पुलिस….

 धमतरी। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित सीजी-05 रेस्टोरेंट लॉज में कवर्धा की एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान पिंकी मानिकपुरी के रूप में बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

बताया जा रहा है कि पिंकी अपने बॉयफ्रेंड से मिलने धमतरी आई थी। दोनों लॉज के एक कमरे में ठहरे हुए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। विवाद के कुछ देर बाद युवती कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटकी मिली।

घटना के बाद युवती की मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी हुई है।

CG में अक्टूबर छुट्टियों से भरा, 1 स्थानीय, 7 ऐच्छिक और 2 शासकीय अवकाश घोषित…

CG में अक्टूबर छुट्टियों से भरा, 1 स्थानीय, 7 ऐच्छिक और 2 शासकीय अवकाश घोषित…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अक्टूबर के लिए शासकीय अवकाश, स्थानीय अवकाश व ऐच्छिक अवकाश की घोषणा की गई है। यह अवकाश अलग-अलग तारीखों पर लागू होगा।

जारी  सरकारी कलेंडर के मुताबिक, अक्टूबर में दो शासकीय अवकाश, एक स्थानीय अवकाश और 7 एच्छिक अवकाश रहेगा।

नीचे देखें अवकाश की पूरी जानकारी
शासकीय अवकाश
02/10/2026 – महात्मा गांधी जन्म दिवस
20/10/2026 – दशहरा (विजयादशमी)
स्थानीय अवकाश
19/10/2026 – महाष्टमी
ऐच्छिक अवकाश
01/10/2026 – डॉ. सैयदना साहब जी जन्म दिवस

09/10/2026 – प्राणनाथ जयंती
10/10/2026 – सर्व पितृमोक्ष अमावस्या
11/10/2026 अग्रसेन जयंती
20/10/2026 – दशहरा (महानवमी)
26/10/2026 – महर्षि वाल्मिकी जयंती /महाराजा अजमोढ़ देव जयंती/टेकचन्द जी महाराज का समाधि उत्सव/कुवॉर पूर्णिमा “करम परब” (त्यौहार)

29/10/2026 – करवाचौथ व्रत
दशहरा, दीपावली और शीतकालीन की छुट्टी घोषित
राज्य  सरकार ने दशहरा, दीपावली, शीतकालीन अवकाश की घोषणा की हैं।स्कूल शिक्षा विभाग ने दशहरा पर 5 दिन, दीपावली पर 5 दिन और शीतकालीन पर भी 5 दिनों के अवकाश का ऐलान किया गया हैं।

दशहरा अवकाश
दशहरा पर 5 दिन का अवकाश घोषित किया गया हैं। यह अवकाश 17 अक्टूबर से शुरू होगा और 21 अक्टूबर तक रहेगा।
दीपावली अवकाश
दीपावली पर 5 दिन के अवकाश का ऐलान स्कूल शिक्षा विभाग ने किया हैं। 6 नवंबर से दीपावली की छुट्टी शुरू होगी और 10 नवंबर तक रहेगी।

शीतकालीन अवकाश

वहीं, शीतकालीन पर भी 5 दिनों के अवकाश की घोषणा की गई हैं। यह अवकाश 24 दिसंबर से शुरू होकर 28 दिसंबर तक रहेगा।स्कूल शिक्षा विभाग ने कुल 15 दिनों के अवकाश की घोषणा की गई।

ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी

ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी

 00 374.96 लाख की लागत से तैयार जल संरचना बनी सिंचाई, निस्तारी और मवेशियों के पेयजल का आधार

रायपुर। ग्रामीणों की एक मांग ने आज सरगुजा जिले के सकालो और आसपास के क्षेत्र में जल उपलब्धता की तस्वीर बदल दी है। मवेशियों के लिए पेयजल और निस्तारी की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर निर्मित सकालो मुरना बांध अब सिंचाई, निस्तारी और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। बांध से खरीफ की 30 हेक्टेयर और रबी की 15 हेक्टेयर फसल को पानी मिल रहा है। इस तरह कुल 45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को खेती में सहूलियत मिली है।
ग्रामीणों की जरूरत बनी बांध निर्माण की पहल का आधार
अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सकालो में ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए पेयजल संकट और निस्तारी की समस्या को देखते हुए जल संसाधन विभाग से सकालो मुरना में बांध निर्माण की मांग की थी। ग्रामीणों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने स्थल का मुआयना किया और बांध निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा। सकालो मुरना बांध निर्माण योजना को 30 जनवरी 2023 को 374.96 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू किया गया और 15 जून 2024 को बांध का निर्माण पूर्ण हुआ।

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी: ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी


पूरी क्षमता से भरा बांध, आसपास के क्षेत्र में बढ़ा जलस्तर
वर्तमान में सकालो मुरना बांध पूरी क्षमता से भरा हुआ है। बांध में पर्याप्त जलभराव होने से सकालो मुरना के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ा है। इससे निस्तारी और जल संकट की समस्या से राहत मिलने के साथ मवेशियों के लिए भी पेयजल की उपलब्धता बेहतर हुई है। स्थानीय स्तर पर जल संग्रहण की सुविधा विकसित होने से ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है और क्षेत्र में जल संरक्षण को भी मजबूती मिली है।
45 हेक्टेयर खेती को मिला सिंचाई का सहारा
बांध का बड़ा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिल रहा है। इससे लगभग 30 हेक्टेयर खरीफ और 15 हेक्टेयर रबी फसल के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध हो रहा है। कुल 45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में पानी की सुविधा मिलने से किसानों के लिए खेती करना आसान हुआ है। रबी सीजन में भी पानी की उपलब्धता ने किसानों के लिए खेती की संभावनाओं को मजबूत किया है। सिंचाई का स्थानीय स्रोत उपलब्ध होने से खेती को सहारा मिलने के साथ किसानों की आजीविका को भी संबल मिला है।
जल संरक्षण के साथ आवागमन की भी मिली सुविधा
सकालो मुरना बांध का लाभ केवल जल संग्रहण और सिंचाई तक सीमित नहीं है। बांध निर्माण के बाद आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में भी सुविधा मिली है। इस प्रकार ग्रामीणों की मांग पर तैयार हुई यह जल संरचना सिंचाई, निस्तारी, मवेशियों के पेयजल और आवागमन जैसी कई जरूरतों को पूरा कर रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सकालो मुरना बांध की यह सेवा की कहानी बताती है कि स्थानीय जरूरत के अनुरूप तैयार जल संरचना किस तरह पूरे क्षेत्र में बदलाव का आधार बन सकती है। जल संसाधन संभाग क्रमांक-01, अम्बिकापुर द्वारा निर्मित यह बांध आज जल संरक्षण के साथ किसानों की खेती और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों को सहारा देने वाली महत्वपूर्ण परिसंपत्ति बन गया है।

राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से भी माफी मांगनी चाहिए : मुख्यमंत्री साय

राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से भी माफी मांगनी चाहिए : मुख्यमंत्री साय

 00 बार-बार जनता से ठुकरायी जा रही कांग्रेस अब देश के संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने पर आमादा

00 चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इण्डी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश, भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह ध्वस्त
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि लगभग सौ बार चुनाव हार चुके कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब बौखलाहट में लगातार देशद्रोही आचरण पर उतारू हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस अब देश की तमाम संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, लगातार झूठ और फरेब के राजनीति कर देश को बदनाम करने में जुटी हुई है।  साय रविवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त द्वय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साबित हो गया है कि आयोग में मतभेद संबंधी कांग्रेस के तमाम दावे न केवल खोखले हैं, बल्कि जान-बूझ कर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की राहुल गांधी की सोची-समझी साजिश है। केंद्रीय चुनाव आयोग की संयुक्त प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। यह फिर से साबित हो गया है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ झूठ, सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उसका झूठ फिर से बेनकाब हो गया है।  साय ने कहा कि अपने संयुक्त बयान में आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए। भारत के चुनाव आयोग की दुनियाभर में साख है। उसकी निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है। कांग्रेस को ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस संबंध में अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट भी कोरी कल्पना के अलावा कुछ नहीं है। समाचार में कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे जिस पत्र का जिक्र है, वह न तो किसी किसी नीतिगत विषय से संबंधित है, न ही एसआईआर से संबंधित। वह सामान्य प्रशासकीय विषय था। वैसे भी चुनाव आयोग सीधे राष्ट्रपति के प्रति जिम्मेदार है, इसलिए कैबिनेट सचिव को किसी नीतिगत मामले पर पत्र लिखने का कोई तुक ही नहीं है, न ही आयुक्तों ने ऐसा कोई पत्र लिखा है। श्री साय ने इस बात पर अफसोस जताया कि जिन विषयों को सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुका है, उसके खिलाफ भी कांग्रेस झूठ फैला रही है। फॉर्म-6 के घोषणापत्र समेत अनेक विषयों पर सर्वोच्च न्यायालय से पहले ही पक्ष में निर्णय आ चुका है, फिर भी कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नाकाम कोशिश करती रहती है। कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब भी कांग्रेस जनता की अदालत में पराजित होती है, वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढऩे लगती है। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट और कड़े वक्तव्य ने विपक्ष के सभी झूठ और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी ने शनिवार को बैठक कर एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जिसमें यह स्पष्ट कर दिया गया है कि देशभर में संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई, 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। इसके बावजूद विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रियाओं पर झूठा कीचड़ उछालने का घिनौना काम कर रहा था। श्री साय ने कहा कि देश की जनता भली-भाँति जानती है कि जितने भी राज्यों में चुनाव संपन्न हुए हैं, वे पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से संपन्न हुए हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जब चुनाव हारते हैं, तो कभी ईवीएम पर, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर तो कभी चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाते हैं। चुनाव आयोग के इस पूर्ण और सर्वसम्मत बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व को देश और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक आदतन अपराधी की तरह राहुल गांधी लगातार संविधान का निरादर कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। हर बार और हर मंच पर मुंह की खाते हैं, बार-बार माफी मांगते हैं और फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है। इससे पहले ईवीएम पर सवाल उठाते थे। उसे ब्लैक बॉक्स कहते थे लेकिन उसी ईवीएम से जीत कर स्वयं भी सांसद हैं। और अनेक राज्यों में उनकी न केवल सरकार है बल्कि 600 से अधिक विधायक और 99 लोकसभा सदस्य हैं, जो इसी चुनाव प्रक्रिया और इसी ईवीएम से चुन कर आए हैं। जीत जाने पर सरकार भी बनाना, विधायक और सांसद आदि भी बनना, इसी चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेकर राजनीति करना और उसी पर लगातार प्रहार करना। साय ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस आज राहुल गांधी की अज्ञानता का शिकार होकर पेड़ की उसी डाली को काट रही है जिस पर वह बैठी है। दु:खद यह है कि जिस थाली में खाती है, उसी में लगातार छेद करने की कांग्रेस करती है।
साय ने कहा कि राहुल गांधी भारत को बदनाम करने का कोई मौ$का नहीं छोड़ते हैं। यहाँ तक कि अमेरिका के दौरों में भी राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहा कि भारत में सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही है और उस पर सरकार का कड़ा नियंत्रण है। राहुल गांधी उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा सीमा पार की गई ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक को भी खून के दलाली कह देने जैसा शर्मनाक बयान दे दिया था। उनके द्वारा की गई ऐसी हरकतों की एक लंबी सूची है। श्री साय ने कहा कि बात चाहे ईवीएम की हो या कैग की, जाँच एजेंसियों की या फिर कोर्ट की। सबकी अवमानना करने, रंगे हाथ पकड़े जाने पर माफी मांग कर भाग खड़े होने और फिर अगले दिन से वही ऊल-जुलूल कहते रहने को कांग्रेस ने अपनी नीति बना ली है। दशकों तक देश पर एकछत्र शासन करने वाली कांग्रेस की ऐसी दुर्गति वास्तव में शर्मिंदा करती है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को 2018 में इकतरफा और ऐतिहासिक बहुमत मिला था। वह इसी चुनाव प्रक्रिया द्वारा ईवीएम से ही मिला था। वह तब तीनों राज्य जीत गई थी। अभी भी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 35 विधायक हैं। क्या वे सभी यह मानते हैं कि गलत प्रक्रिया से चुनकर आए हैं? अगर वे यह मानते हैं कि उनके निर्वाचन की प्रक्रिया सही नहीं है तो क्या उन्हें विधायक रहने का नैतिक अधिकार है? कांग्रेस के हर जन प्रतिनिधि को यह सवाल स्वयं से पूछना चाहिए। जीत गए तो प्रक्रिया अच्छी और हारे तो गलत, ऐसा नहीं होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता का$फी समझदार है। कांग्रेस की ऐसी हरकतों की वजह से उसका रहा-सहा जनाधार भी समाप्त हो जायेगा। वास्तव में राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब सौ चुनाव हार चुकी कांग्रेस ने अब खुद को इतिहास के कूड़ेदान में फेके जाने लायक बना लिया है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री साय

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री साय

 00 अंतागढ़ के लामकन्हार में सुनी मन की बात की 138वीं कड़ी

00 प्रधानमंत्री मोदी ने की छत्तीसगढ़ के हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान की सराहना
00 मुख्यमंत्री ने कहा - छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित नवाचारों को मिल रही राष्ट्रीय पहचान
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को मन की बात के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय


प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और वोकल फॉर लोकल तक विभिन्न विषयों पर किया संवाद
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा वोकल फॉर लोकल सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


छत्तीसगढ़ के नवाचारों की मन की बात में लगातार हो रही चर्चा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मन की बात में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी मन की बात में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


एक पेड़ मां के नाम के तहत लगाया अमरूद का पौधा
मन की बात कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण,  अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी

CG : छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया दो पिकअप भरकर गांजा, 8 क्विंटल माल जब्त, 7 हिरासत में

CG : छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया दो पिकअप भरकर गांजा, 8 क्विंटल माल जब्त, 7 हिरासत में

 एमसीबी। जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हाईवे पुलिस चौकी नागपुर और थाना पोड़ी पुलिस ने चेकिंग के दौरान गांजा से भरे दो पिकअप वाहनों को पकड़ा है। दोनों वाहन ओडिशा से मध्यप्रदेश की ओर जा रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पिकअप वाहनों की जांच के दौरान उनमें बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। हाईवे पुलिस चौकी प्रभारी के अनुसार, बरामद गांजे की मात्रा करीब 8 क्विंटल बताई जा रही है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों और तीन महिलाओं समेत कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे मध्यप्रदेश में कहां पहुंचाया जाना था।

पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों और बरामद गांजे को जब्त कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में गांजा तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

छत्तीसगढ़ में बारिश से राहत के आसार,आज से घटेगी बारिश की तीव्रत,17 जिलों में हल्की बारिश की संभावना

छत्तीसगढ़ में बारिश से राहत के आसार,आज से घटेगी बारिश की तीव्रत,17 जिलों में हल्की बारिश की संभावना

 रायपुर – छत्तीसगढ़ में दो दिन की बारिश के बाद अब राहत के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज से प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि,प्रदेश के 17 जिलों में हल्की बारिश होने के आसार बने हुए हैं। लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर के नदी-नाले और बांध उफान पर हैं। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। वहीं, सितंबर महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है, हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

CM साय का आज कांकेर दौरा,अंतागढ़ में सुनेंगे मन की बात,रायपुर के कई कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

CM साय का आज कांकेर दौरा,अंतागढ़ में सुनेंगे मन की बात,रायपुर के कई कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर जिले के अंतागढ़ और रायपुर के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री एकलव्य विद्यालय शालाभंजदर पहुंचकर आयोजित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मौजूद लोगों से संवाद भी करेंगे। अंतागढ़ के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर लौटेंगे। रायपुर में दोपहर 2:45 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचेंगे,जहां वे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला पहुंचेंगे। यहां आयोजित ‘नरेंद्र मोदी के जन्म शताब्दी वर्ष उद्घाटन समारोह’ में मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

राजधानी में फिर सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी और दो बच्चों की चाकू मारकर की हत्या

राजधानी में फिर सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी और दो बच्चों की चाकू मारकर की हत्या

 रायपुर।  राजधानी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। माना थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों की चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी भुनेश्वर साहू ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो बच्चों पर चाकू से हमला कर उनकी जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया।

घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल, इस वारदात के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आने का इंतजार है।

 
 
 
मदकूद्वीप की पुरातात्विक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में स्वर्गीय शांताराम का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मदकूद्वीप की पुरातात्विक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में स्वर्गीय शांताराम का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  साय ने मदकूद्वीप में समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम को अर्पित किए श्रद्धासुमन

स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में समर्पित उद्यान का किया लोकार्पण

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने लगाया कल्पवृक्ष का पौधा, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा - सेवा, संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण के प्रति उनका समर्पण भावी पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक महत्व के हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। मुख्यमंत्री  साय मदकूद्वीप की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय  शांताराम के वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय  शांताराम की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से निर्मित उद्यान का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह उद्यान केवल उनकी स्मृतियों को संजोने का स्थान नहीं होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके सेवाभाव, सामाजिक सरोकारों और अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति समर्पण से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय  शांताराम के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि मदकूद्वीप हमारी समृद्ध पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस धरोहर के संरक्षण और इसके महत्व को पुनः प्रतिष्ठित करने में स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने निःस्वार्थ भाव से इस क्षेत्र की सेवा की और मदकूद्वीप के ऐतिहासिक तथा आध्यात्मिक महत्व को व्यापक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपराओं, इतिहास और उन लोगों से बनती है, जो इन धरोहरों को सहेजने के लिए अपना जीवन लगा देते हैं। स्वर्गीय  शांताराम ऐसे ही व्यक्तित्व थे। उनके प्रयासों के कारण मदकूद्वीप आज श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों तथा शोधकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी रहा उल्लेखनीय योगदान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम की सेवा यात्रा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं रही। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। बैतलपुर में शिव मंदिर के निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपने जीवन से सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी समाज के बीच जीवंत हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराते रहेंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी प्राचीन धरोहरें केवल अतीत की स्मृतियां नहीं हैं, बल्कि हमारी पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि हैं। इनके संरक्षण में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वर्गीय  शांताराम जैसे समाजसेवियों ने यह दिखाया कि दृढ़ संकल्प और सेवाभाव से कोई व्यक्ति अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

स्वर्गीय शांताराम की स्मृतियों और सेवाभाव को संजोए रखेगा उद्यान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम की स्मृति में समर्पित यह उद्यान उनके जीवन और कार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान लोगों को प्रकृति के निकट लाने के साथ उनके द्वारा किए गए सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की स्मृतियों को भी जीवंत रखेगा।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजना केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब समाज स्वयं अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए आगे आता है, तब संस्कृति और परंपराओं का यह प्रवाह पीढ़ी-दर-पीढ़ी और मजबूत होता जाता है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्ष

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष हमारी प्रकृति और जीवन का आधार हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मां के प्रति हमारे प्रेम और कृतज्ञता के भाव को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने की सुंदर पहल है।

उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है, जब लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजा जाए। पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के स्थलों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी हम अपनी समृद्ध विरासत को उसके मूल स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचा सकेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, पूर्व राज्यपाल  रमेश बैस, मंत्री  दयाल दास बघेल एवं  लखन लाल देवांगन, विधायक  धरमलाल कौशिक,  अमर अग्रवाल,  सुशांत शुक्ला एवं  पुन्नू लाल मोहले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।