नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
Breaking News : राजधानी में होर्डिंग पोल से लटका मिला युवक का शव

Breaking News : राजधानी में होर्डिंग पोल से लटका मिला युवक का शव

 रायपुर. राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र में मंगलवार को सुबह-सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई है. एक कार शो रूम के पास अज्ञात युवक का होर्डिंग पोल में फांसी के फंदे से लटका शव मिला है. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया है.

 होर्डिंग पोल से लटका मिला शव

जानकारी के मुताबिक, पंडरी इलाके में मंगलवार सुबह एक कार शो रूम के पास होर्डिंग पोल में गमछा से लटका हुआ शव मिला है. घटना के बाद लोगों की भीड़ जुट गई. उन्होंने पुलिस को युवक की लाश मिलने की सूचना दी. जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है.

प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जो घटना को संदिग्ध बना रहे हैं. फिलहाल मृत युवक की पहचान नहीं हो पाई है. उसकी उम्र करीब 35 साल होने का अनुमान है.

सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी पुलिस

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद फोरेंसिक टीम सभी अहम साक्ष्य जुटाएगी. पंचानमा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा. शहर में गणेश विसर्जन के दौरान सामने आई सनसीखेज घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी. मामला आत्महत्या या हत्या का है, यह पूरी जांच के बाद सामने आएगा.

Breaking : बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला, देखें जंबो लिस्ट…!!

Breaking : बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला, देखें जंबो लिस्ट…!!

 रायपुर। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया है। कई जिलों के अपर कलेक्टर को इधर से उधर किया गया है।

देखें लिस्ट –

 

ब्रेल पुस्तक से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं की मिलेगी जानकारी – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

ब्रेल पुस्तक से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं की मिलेगी जानकारी – राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर, 29 सितंबर 2026/ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और प्रेरक जीवन प्रसंगों से सशक्त व जागरूक बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई विशेष ब्रेल पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का आज राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने विमोचन किया।

​इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि ज्ञान और अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ ब्रेल पुस्तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को न केवल उनके कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं से अवगत कराएगी, बल्कि इसमें शामिल संघर्ष से सफलता की गाथाएं उनके भीतर अटूट आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का नया हौसला भरेंगी। यह पहल हमारी सरकार के ‘समावेशी और सुलभ शिक्षा’ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

​सुगम्य शिक्षा की दिशा में अनूठा प्रयास

यह पुस्तक विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पूरी तरह से ब्रेल लिपि में तैयार की गई है। इसके माध्यम से दिव्यांगजनों के अधिकार, उनके लिए उपलब्ध अवसर तथा विषम परिस्थितियों को दरकिनार कर सफलता का परचम लहराने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों की कहानियों को विद्यार्थियों तक सहज एवं सुलभ रूप में पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया गया है।

​प्रतिष्ठित शिक्षिकाओं द्वारा संपादन

पुस्तक का उत्कृष्ट संपादकीय कार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य द्वारा किया गया है। दोनों शिक्षिकाएं लंबे समय से समावेशी शिक्षा और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सुलभ शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं।

​प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क वितरण

विमोचन के तुरंत बाद इस उपयोगी ब्रेल पुस्तक की प्रतियां छत्तीसगढ़ की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में वितरित की गईं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी बिना किसी बाधा के इसका लाभ उठा सकें। इस अवसर पर मौजूद अतिथियों और शिक्षाविदों ने इस पहल को दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जागरूकता और अधिकारों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह सार्थक प्रयास प्रदेश में समावेशी शिक्षा की नींव को मजबूत करने के साथ-साथ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के उज्ज्वल और स्वावलंबी भविष्य की राह प्रशस्त करेगा।

एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

 एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

रबी सीजन में मिलेगी बेहतर विद्युत व्यवस्था

रतलाम  ;- ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने उत्तरी मालवा क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए रतलाम के 220 केवी सबस्टेशन की क्षमता में वृद्धि की है। रतलाम सबस्टेशन में वर्ष 1988 में स्थापित सेकंड जेनरेशन के 160 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर नये थर्ड जेनरेशन तकनीक आधारित 220/132 केवी वोल्टेज स्तर का 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।

रतलाम जिले का पहला 200 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि रतलाम जिले में पहली बार इतनी उच्च क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इससे क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा आगामी रबी सीजन के दौरान किसानों और अन्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मालवा क्षेत्र का 5 वां और प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर

एमपी ट्रांसको रतलाम -मंदसौर के अधीक्षण अभियंता वाय आर मांडलेकर ने बताया कि रतलाम में ऊर्जीकृत हुआ यह पावर ट्रांसफार्मर प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर है। मालवा क्षेत्र में इस क्षमता का यह पांचवां पावर ट्रांसफार्मर है। इसके स्थापित होने से रतलाम 220 केवी सबस्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 520 एमवीए हो गई है।

जिले का 28 वां पावर ट्रांसफार्मर

यह रतलाम जिले का 28वां पावर ट्रांसफार्मर है। एमपी ट्रांसको जिले में अपने 10 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण व्यवस्था का संचालन कर रही है। इनमें 220 केवी के रतलाम, जावरा एवं सैलाना सबस्टेशन तथा 132 केवी के रतलाम, सैलाना, शिवगढ़, ताल, आलोट और बिलपांक सबस्टेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नगरा में एक स्विचिंग सबस्टेशन भी संचालित है।

नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के साथ ही रतलाम जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 2165 एमवीए की हो गई है।

इस्तीफे से खाली पद फ्रेश वैकेंसी, वेटिंग लिस्ट से नहीं होगी भर्ती: हाईकोर्ट

इस्तीफे से खाली पद फ्रेश वैकेंसी, वेटिंग लिस्ट से नहीं होगी भर्ती: हाईकोर्ट

 बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वेटिंग लिस्ट उम्मीदवारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस्तीफे के कारण खाली हुई किसी पद को पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता है। कोर्ट ने स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े एक मामले में यह बात कही है।

जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए दो उम्मीदवारों द्वारा लगाई गई याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के खाली पद फ्रेश वैकेंसी माने जाते हैं। जिन्हें भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।

क्या है मामला
दरअसल, मामला बिजली कंपनियों, स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर के पदों से जुड़ा हुआ है। जूनियर इंजीनियर पद में भर्ती के लिए आवेदन जारी किया गया था। यह आवेदन ओबीसी वर्ग के तहत 15 सितंबर 2023 को जारी किए गए थे। अक्टूबर में चयन लिस्ट जारी की गई। जिसमें भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता को सफलता नहीं मिली। उनका नाम वेटिंग लिस्ट में था।

चयन लिस्ट जारी होने के बाद कई चयनित उम्मीदवारों ने ज्वाइन करने के बादअपने पदों से इस्तीफा दे दिया। जिससे कई पद खाली हो गए। जिसके बाद भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता ने विभाग में आवेदन दिया कि वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाए। लेकिन विभाग ने उन दोनों के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया। जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई।

कोर्ट ने दिया फैसला
मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई चयनित उम्मीदवार ज्वाइन करने के बाद इस्तीफा दे देता है तो खाली हुआ पद फ्रेश वैकेंसी होती है। इसे पिछली चयन या प्रतीक्षा सूची को ऑपरेट करके नहीं भरा जा सकता है। बल्कि इस पद के लिए नए विज्ञापन के जरिए चयन प्रक्रिया करनी होगी।

CG : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, मंत्रालय में पदस्थ 38 अफसर हुए इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट..!!

CG : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, मंत्रालय में पदस्थ 38 अफसर हुए इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट..!!

 रायपुर. सामान्य प्रशासन विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. इसमें 38 अधिकारियों को अन्य विभाग में नई पदस्थापना दी गई है. इस संबंध में जीएडी ने आदेश जारी किया है.

जारी आदेश के अनुसार, अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक विभिन्न विभागों में पदस्थ किया गया है. इस फेरबदल में गृह, वित्त, जल संसाधन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, परिवहन, खनिज साधन, मछली पालन, लोकभवन सचिवालय समेत कई अन्य विभागों में अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है.

देखें आदेश की कॉपी

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क के संचालक बने IAS आशीष कुमार टिकरिहा, GAD ने जारी किया आदेश…

ब्रेकिंग: छत्तीसगढ़ जनसम्पर्क के संचालक बने IAS आशीष कुमार टिकरिहा, GAD ने जारी किया आदेश…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक स्तर पर एक अहम आदेश जारी करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी आशीष कुमार टिकरिहा को नई जिम्मेदारी सौंपी है। शासन ने उन्हें उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ संचालक, जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार देने का आदेश जारी किया है।

वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक हैं टिकरिहा
आशीष कुमार टिकरिहा 2021 बैच के IAS अधिकारी हैं और वर्तमान में छत्तीसगढ़ वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक (MD) के पद पर कार्यरत हैं। अब वे इसी जिम्मेदारी के साथ संचालक जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। 

dd

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश
राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश क्रमांक ESTB/2396/2026-GAD-2 में कहा गया है कि आशीष कुमार टिकरिहा को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ संचालक, जनसंपर्क का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है। शासन के इस आदेश के बाद जनसंपर्क संचालनालय की प्रशासनिक जिम्मेदारी भी अब आशीष कुमार टिकरिहा के पास रहेगी।

Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, अब घटेगी बारिश की रफ्तार; जानिए अब तक कहां कितनी हुई बारिश…

Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के संकेत, अब घटेगी बारिश की रफ्तार; जानिए अब तक कहां कितनी हुई बारिश…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अपडेट के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश और उससे लगे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, अब इसके कमजोर होने के साथ ही आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

प्रदेश में सामान्य से 5.6 फीसदी ज्यादा बारिश

एक जून से 26 सितंबर तक छत्तीसगढ़ में कुल 1150.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 1089.6 मिमी है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 5.6 फीसदी अधिक बारिश हुई है। प्रदेश के 14 जिलों में बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज की गई है।

सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले में हुई है। यहां 1551.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 71.1 फीसदी अधिक है। वहीं नारायणपुर में 1720.2 मिमी, गरियाबंद में 1462.1 मिमी, बालोद में 1311.8 मिमी, रायपुर में 1303.6 मिमी और धमतरी में 1301.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

रायपुर में सामान्य से 41.6 फीसदी ज्यादा बारिश

राजधानी रायपुर में भी इस सीजन बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ऊपर है। रायपुर में अब तक 1303.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 41.6 फीसदी अधिक है। गरियाबंद में सामान्य से 35.6 फीसदी, बालोद में 25.7 फीसदी और धमतरी में 22.2 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

इसके अलावा महासमुंद में सामान्य से 24.7 फीसदी और सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 35 फीसदी अधिक बारिश हुई है। दुर्ग जिले में अब तक 963.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 17.6 फीसदी ज्यादा है।

इन जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम

प्रदेश के कुछ जिलों में अब भी बारिश की कमी बनी हुई है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सामान्य से 20.3 फीसदी कम, बीजापुर में 19.1 फीसदी कम, जबकि सुकमा और बेमेतरा में 17.3 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है। कांकेर में भी सामान्य से 16.9 फीसदी कम बारिश हुई है।

सबसे कम बारिश वाले जिले:

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: 20.3% कम
बीजापुर: 19.1% कम
सुकमा: 17.3% कम
बेमेतरा: 17.3% कम
कांकेर: 16.9% कम

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल, कुनकुरी में 1.01 करोड़ के दो विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल, कुनकुरी में 1.01 करोड़ के दो विकास कार्यों को मिली स्वीकृति

00 सूर्य नमस्कार चौक के लिए 76.81 लाख और सामुदायिक भवन के लिए 24.83 लाख स्वीकृत
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप जशपुर जिले के कुनकुरी नगर में दो महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए कुल 1 करोड़ 1 लाख 64 हजार रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें सूर्य नमस्कार चौक और सामुदायिक भवन का निर्माण शामिल है। दोनों कार्यों की स्वीकृति मिलने से कुनकुरी में अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने ग्राम कलिबा में नवनिर्मित कलिबेश्वर महादेव मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान इन दोनों विकास कार्यों की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब दोनों कार्यों को अंतिम स्वीकृति मिलने के साथ ही इनके निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
कुनकुरी के वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास सूर्य नमस्कार चौक का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 76.81 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। चौक के विकसित होने से नगर को एक आकर्षक और व्यवस्थित सार्वजनिक स्थल मिलेगा। यह नगर की पहचान को नया स्वरूप देने के साथ नागरिकों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित होगा। वार्ड क्रमांक 06 में हनुमान टेकड़ी के पास ही सामुदायिक भवन का निर्माण भी किया जाएगा। इसके लिए 24.83 लाख रुपये की अंतिम स्वीकृति प्रदान की गई है। सामुदायिक भवन बनने से स्थानीय नागरिकों को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा के अनुरूप दोनों विकास कार्यों को स्वीकृति मिलने पर कुनकुरी नगरवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है। नगरवासियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाएं बढ़ेंगी और कुनकुरी के विकास को नई गति मिलेगी।

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा - डेका

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा - डेका

 00 तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ

00 सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया लोकार्पण 
रायपुर।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवाओ को सिर्फ नौकरी पाने के बारे में नहीं सोचना चाहिए, बल्कि अपने विचारों को उद्यम में बदलने का साहस भी रखना चाहिए। एक अच्छा विचार, सही मार्गदर्शन और उपयुक्त तकनीक के साथ आगे बढ़े तो वही नवाचार सफल स्टार्टअप का रूप ले सकता है और आगे चलकर अनेक लोगों के लिए रोजगार का माध्यम बन सकता है। राज्यपाल डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर रायपुर में छत्तीसगढ़ के युवाओं में नवाचार, उद्यमिता विकास और प्रौद्योगिकी के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण भी किया।

विचारों को उद्यम में बदलने का साहस रखें युवा-  श्री रमेन  डेका


राज्यपाल ने कहा कि हर क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। देश की बढ़ती आबादी की खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने के साथ नई तकनीकों और नए प्रयोगों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य के लिए आवश्यक मूलभूत खाद्य पदार्थों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता महत्वपूर्ण है। जब हमारी खाद्य आवश्यकताएं सुरक्षित होंगी, तभी हम विकास के अन्य क्षेत्रों पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नवाचार की सबसे बड़ी संभावनाएं हमारे अपने संसाधनों में हैं। कृषि, वनोपज, खाद्य प्रसंस्करण, मिलेट, जैविक खेती, पशुपालन और जनजातीय उत्पादों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए अपार अवसर हैं। कृषि और जैव-प्रौद्योगिकी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,


राज्यपाल ने कहा कि आज ऐसे नवाचारों की आवश्यकता है, जो किसानों की लागत कम करें, उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाएं, फसल के नुकसान को कम करें तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य और बाजार उपलब्ध कराने में मदद करें। ऐसे नवाचार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। उन्होंने किचन गार्डन और बाड़ी की अवधारणा को फिर से बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकती है। राज्यपाल ने युवाओं से कहा कि स्टार्टअप शुरू करने से पहले बाजार का सर्वेक्षण करें और उत्पाद या सेवा की मांग तथा बाजार की संभावनाओं को समझें। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले उसकी स्पष्ट योजना और रोडमैप तैयार करना चाहिए। योजनाबद्ध तरीके से आगे बढऩे पर सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं।

तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव का शुभारंभ,


उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए परिश्रम और प्रशिक्षण के साथ बाजार का सर्वेक्षण, प्रबंधन क्षमता और वित्तीय समझ भी महत्वपूर्ण है। शिक्षा के साथ युवाओं को कौशल प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के साथ आर्थिक विकास में योगदान दे सकें और दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। उन्होंने कहा कि देश इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है और नई शिक्षा नीति में भी कौशल एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया गया है। इस अवसर पर  डेका ने युवा नवाचारी उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन भी किया।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरिश चंदेल, आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर डॉक्टर राजीव प्रकाश, एनआईटी के डायरेक्टर डॉ समीर बाजपेई, नाबार्ड के अधिकारी, सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

मंत्री राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 00 अभनपुर के निमोरा और धुसेरा में ‘आंगन मिलन सेवा’ में हुईं शामिल; गोद भराई और अन्नप्राशन संस्कार में लिया भाग

00 आंगनबाड़ी से हर परिवार का जुड़ाव बच्चों के बेहतर पोषण की ताकत बनेगा- मंत्री राजवाड़े
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े आज अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के निमोरा और धुसेरा आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने बच्चों से आत्मीय बातचीत की, उन्हें चॉकलेट वितरित की और न्योता भोज में पौष्टिक भोजन कराया। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई तथा छोटे बच्चों के अन्नप्राशन संस्कार में भाग लेकर माताओं और परिवारों को शुभकामनाएं दीं।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 

 


सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित आंगन मिलन सेवा का उद्देश्य बच्चों के पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल विकास में परिवार तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। इसी भावना के साथ मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने दोनों केंद्रों में बच्चों, माताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताया। उन्होंने बच्चों से उनकी रुचियों के बारे में बात की और कार्यकर्ताओं से केंद्रों में संचालित पोषण एवं देखभाल संबंधी गतिविधियों की जानकारी ली।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


मंत्री राजवाड़े ने कहा कि बच्चे स्वस्थ रहेंगे और अच्छी तरह सीखेंगे, तभी उनका भविष्य मजबूत होगा। इसके लिए परिवार और आंगनबाड़ी केंद्र का निरंतर जुड़ाव जरूरी है। उन्होंने माताओं से बच्चों के भोजन में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध दाल, हरी सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि गोद भराई और अन्नप्राशन जैसे अवसर परिवारों से पोषण पर संवाद करने का भी माध्यम बनते हैं।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


कार्यक्रम के दौरान ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में मुनगा का पौधा लगाया गया। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने माताओं और महिलाओं को भी मुनगा के पौधे भेंट किए। उन्होंने उन्हें घर की बाड़ी या आसपास उपयुक्त स्थान पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। मंत्री ने कहा कि मुनगा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयोगी पौधा है। इसके पौधों को घरों और पोषण वाटिकाओं तक पहुंचाकर परिवारों को पौष्टिक आहार के एक अतिरिक्त स्रोत से जोड़ा जा सकता है।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


महिलाओं और ग्रामीणों से संवाद में मंत्री राजवाड़े ने महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों के आने का स्थान नहीं, बल्कि गर्भवती महिलाओं, माताओं और परिवारों तक पोषण, देखभाल तथा प्रारंभिक शिक्षा की जानकारी पहुंचाने का केंद्र हैं। समुदाय की सक्रिय भागीदारी से इन सेवाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

 

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को कराया न्योता भोज, माताओं को भेंट किए मुनगा के पौधे

 


कार्यक्रम में अभनपुर विधायक इंद्र कुमार साहू,स्थानीय जनप्रतिनिधि , आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति ने स्वीकार किया बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति ने स्वीकार किया बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण

  रायपुर - छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रतीक बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में देश की राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति  मुर्मु ने 23 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है।

राष्ट्रपति  मुर्मु को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का निमंत्रण पत्र सौंपने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री  तोखन साहू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल, बस्तर लोकसभा सांसद  महेश कश्यप तथा संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति की उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर

मां दंतेश्वरी को समर्पित बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट जनजातीय परंपराओं, लोक आस्था और सामुदायिक सहभागिता के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने फरवरी 2026 में जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम के अवसर पर बस्तर दशहरा को जनजातीय संस्कृति और भाईचारे को अनूठा उदाहरण बताया था। उन्होंने बस्तर की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था।

ऐसे में बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की प्रस्तावित उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, जनजातीय परंपराओं और लोक विरासत के लिए विशेष गौरव का अवसर होगी।

मुरिया दरबार बस्तर की जीवंत सामाजिक परंपरा

बस्तर दशहरा की परंपराओं में मुरिया दरबार का विशेष महत्व है। यह आयोजन बस्तर की सामाजिक एवं सामुदायिक व्यवस्था की जीवंत अभिव्यक्ति है। मुरिया दरबार के माध्यम से बस्तर की परंपराओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक प्रमुखों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाया जाता है।

बस्तर की संस्कृति और सामाजिक जीवन में मांझी एवं चालकी जैसे पारंपरिक पदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु ने जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी मांझी और चालकी की सामाजिक जीवन तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया था।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की ऐसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में है। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति यहां के जनजीवन, लोक आस्था, कला, परंपराओं और प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई है। राष्ट्रपति  मुर्मु की उपस्थिति से बस्तर की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि बस्तर की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार किया जाए।

 अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा हमारी सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण है। 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करना पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण होगा।

बस्तर की संस्कृति से राष्ट्रपति का विशेष जुड़ाव

महामहिम राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु का बस्तर की संस्कृति और जनजातीय विरासत से विशेष जुड़ाव रहा है। फरवरी 2026 में उन्होंने जगदलपुर में बस्तर पंडुम का उद्घाटन किया था। अपने संबोधन में उन्होंने बस्तर की प्राचीन संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और गुफाओं को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि बस्तर की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास को आगे बढ़ाना आवश्यक है।

जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी राष्ट्रपति ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने और जनजातीय समुदायों की विकास यात्रा में सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया था।

तीज मिलन समारोह में राजस्थान का घूमर, पंजाब का भांगड़ा और बंगाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

तीज मिलन समारोह में राजस्थान का घूमर, पंजाब का भांगड़ा और बंगाल की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

रायपुर। सामाजिक संस्था नव सृजन मंच द्वारा राजधानी रायपुर के अंबुजा मॉल में आयोजित दो दिवसीय तीज मिलन समारोह एवं महिला प्रतिभा प्रदर्शनी में देश की विविध लोक-संस्कृतियों का अद्भुत संगम देखने को मिला। समारोह में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम में राजस्थान का पारंपरिक घूमर नृत्य, पंजाब का जोशीला भांगड़ा तथा बंगाल की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा एवं नृत्य के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
समारोह में महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए मोहक स्टॉल भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। इन स्टॉलों में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पाद, खाद्य सामग्री, सजावटी वस्तुएं, सौंदर्य एवं कॉस्मेटिक सामग्री सहित विभिन्न घरेलू उत्पाद प्रदर्शित किए गए। आयोजन के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर और उद्यमिता को सामने लाने तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।
नव सृजन मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि तीज मिलन जैसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ महिलाओं की प्रतिभा और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक एकता, भाईचारे और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यक्रम में नव सृजन मंच के कार्यकारी अध्यक्ष देवाशीष मुखर्जी, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष किशोर महानंद, पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, प्रसन्ना अवस्थी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।
तीज मिलन कार्यक्रम की संयोजिका द्वय मनीषा सिंह, डॉ. प्रीति सतपथी, ने कहा की महिला प्रतिभागियों को मंच देने और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने संस्था निरंतर कार्य कर रही है इस अवसर पर संस्था नवसृजन मंच के सदस्यगण डॉ रश्मि चावरे, निधि झा, कीर्ति, सुनीता पाठक, अनामिका, मैरी, सविता मौर्य, बिन्नी तिवारी, अर्चना वोरा सहित मंच के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, महिला उद्यमियों के स्टॉल एवं विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया। नव सृजन मंच ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कलाकारों, महिला उद्यमियों, अतिथियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, पीड़ित परिवारों से मिलकर जाना हाल

राहत शिविर में प्रभावितों को स्वयं भोजन परोसकर मुख्यमंत्री ने बढ़ाया हौसला

सुकमा में बाढ़ प्रभावित करीब 300 परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से मिलेंगे 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त

बाढ़ से हुई क्षति का शीघ्र आकलन कर आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा - प्रत्येक प्रभावित परिवार तक शीघ्र पहुंचे सहायता, राहत और पुनर्वास में नहीं हो कोई कमी

रायपुर 28 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सुकमा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हाल जाना। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बाढ़ से प्रभावित शबरीनगर, श्रीनगर, लाइनपारा सहित विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत एवं स्वास्थ्य शिविरों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं एवं आवश्यकताएं जानीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। बाढ़ से जिन परिवारों के मकान, घरेलू सामान अथवा अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के साथ राहत और पुनर्वास के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने शबरीनगर में स्थापित राहत एवं स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री राहत शिविर में रह रहे प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे और उन्हें स्वयं भोजन परोसकर आत्मीयता के साथ उनका हालचाल जाना।

मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित परिवार के घर भी पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों और हुए नुकसान की जानकारी ली तथा उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों की कठिनाइयों को समझते हुए सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि 23 एवं 24 सितंबर को हुई अतिवृष्टि से सुकमा जिले के अनेक क्षेत्रों में बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति निर्मित हुई थी। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को तात्कालिक सहायता, सूखा राशन एवं गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन और आवश्यक स्वच्छता संबंधी उपाय भी किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कोंटा क्षेत्र में भी बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण सबरी नदी में जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे के गांवों के साथ कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में पानी भर गया था। कोंटा क्षेत्र में प्रभावितों के 19 राहत केंद्रों में ठहरने, भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं है।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों को देखा और प्रभावित परिवारों से बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ से मकानों, घरेलू सामान तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का प्राथमिकता से आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि शीघ्र प्रदान की जाए।

करीब 300 परिवारों को 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता

मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ के कारण घरों में रखे सामान को नुकसान पहुंचने से प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे करीब 300 प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। यह राशि आरबीसी 6-4 के तहत पात्रता के अनुसार मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सामान्य जीवन की ओर लौटने में हर संभव सहयोग दिया जाए। क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि के वितरण तक पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी हो। कोई भी पात्र परिवार सहायता से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत के बाद अब पुनर्वास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जाए। जिन परिवारों ने इस आपदा में नुकसान सहा है, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए शासन की सहायता समय पर उन तक पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता टीम की संजू देवी को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की

 छत्तीसगढ़ की बेटी ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से देश-प्रदेश का मान बढ़ाया : मुख्यमंत्री साय

प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर और प्रोत्साहन देगी राज्य सरकार

रायपुर, 28 सितंबर 2026/ एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य और छत्तीसगढ़ की बेटी सुश्री संजू देवी ने आज मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सुश्री संजू देवी को बधाई देते हुए उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी को 51 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुश्री संजू देवी ने अपने उत्कृष्ट खेल, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ और पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं में अपार सामर्थ्य है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और प्रोत्साहन मिले, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री ने सुश्री संजू देवी से एशियन गेम्स के अपने अनुभवों और भारतीय टीम के शानदार प्रदर्शन के संबंध में आत्मीय बातचीत की। उन्होंने संजू देवी की मेहनत और खेल के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक खिलाड़ी की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि वह अपने साथ हजारों युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान देती है। संजू देवी की सफलता प्रदेश के गांवों और छोटे शहरों में खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देख रहे बच्चों और युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगी।

उल्लेखनीय है कि जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला कबड्डी स्पर्धा में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में ईरान को पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल और खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। हमारा संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों से निकलने वाली प्रतिभाओं को भी अपनी क्षमता निखारने और देश-दुनिया के खेल मंचों तक पहुंचने के पर्याप्त अवसर मिलें। सुश्री संजू देवी जैसी प्रतिभाओं की उपलब्धियां इस संकल्प को और मजबूत करती हैं।

सुश्री संजू देवी ने सम्मान और प्रोत्साहन के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मिला यह प्रोत्साहन उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा।

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

 संकट की इस घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार - मुख्यमंत्री साय

शासन से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹10 हजार की मदद की घोषणा

मकान, फसल और पशुधन की क्षति का संवेदनशीलता से सर्वे कर शीघ्र सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश

बाढ़ के बाद शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा

रायपुर 28 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बस्तर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री  साय जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचे और बाढ़ से प्रभावित परिवारों से आत्मीयतापूर्वक मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से खड़ी है तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री  साय ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए शासन के प्रावधानों के तहत मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त प्रत्येक प्रभावित परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10-10 हजार की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे और आकलन तेजी से पूरा कर पात्र परिवारों तक शासन की सहायता शीघ्र पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने डोंगाघाट में बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने प्रभावितों से बाढ़ के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, मकानों एवं घरेलू सामान को हुए नुकसान तथा वर्तमान में उपलब्ध कराई जा रही राहत के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न हो। भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री प्रभावित लोगों तक समय पर पहुंचाई जाए। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं तथा जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए राहत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

इंद्रावती के जलस्तर और प्रभावित इलाकों का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री  साय ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर तथा आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जिले में बारिश एवं बाढ़ की स्थिति, प्रभावित गांवों और शहरी क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्तर में बदलाव और मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने की व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए।

बाढ़ का पानी उतरने के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। जलस्रोतों की सफाई एवं आवश्यक उपचार के साथ जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सक्रिय रखा जाए।

उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य शिविर लगाने, दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता रखने और बीमारी के किसी भी संभावित प्रकोप पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत कार्य केवल बाढ़ का पानी उतरने तक सीमित न रहें, बल्कि प्रभावित परिवारों के जीवन को सामान्य बनाने तक आवश्यक व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से जारी रहें।

मकान, फसल और पशुधन की क्षति का शीघ्र हो आकलन

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों, पशुधन और अन्य संपत्तियों का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नुकसान का वास्तविक आकलन कर संबंधित परिवारों को शासन के प्रावधानों के अनुसार सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सहायता से वंचित नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत शिविरों और प्रभावित बस्तियों में नियमित रूप से पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी लेने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत कार्यों में मानवीय संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक आवश्यक मदद समय पर पहुंचे।

हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा, राहत और उनके जीवन को जल्द से जल्द सामान्य बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और प्रभावित परिवारों को शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं के अनुरूप भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्थिति की लगातार निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कदम उठाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर महापौर  संजय पाण्डेय, नगर निगम सभापति  खेमसिंह देवांगन, कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी  बी.एन. मीणा, कलेक्टर  आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है हमारी सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

संकट की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है हमारी सरकार : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

 बाढ़ के पानी के बीच नाव से बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचे वित्त मंत्री, प्रभावित परिवारों से मिलकर जाना हाल

जलमग्न गांवों में ग्रामीणों से किया आत्मीय संवाद, अधिकारियों को तत्काल सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश

रायपुर, 28 सितम्बर 2026/ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया तहसील के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। संकट की इस घड़ी में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी स्वयं प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव दल के साथ नाव के जरिए जलमग्न ग्राम बोरिदा, ठेंगागुरी और तोरा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की तथा बाढ़ से उत्पन्न परिस्थितियों का जमीनी जायजा लिया।

चारों ओर पानी से घिरे गांवों में श्री चौधरी ने प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं का हालचाल जाना। उन्होंने ग्रामीणों से उनकी परेशानियों और तत्काल आवश्यकताओं के संबंध में सीधे बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षा तथा सहायता के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।

“आप चिंता न करें, सरकार और पूरा प्रशासन आपके साथ है”

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रभावित ग्रामीणों से कहा कि बाढ़ के कारण उत्पन्न इस कठिन परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शासन-प्रशासन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। किसी भी प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयां, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने तथा जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता और उनका सुरक्षित बचाव सुनिश्चित करने के लिए सरकार और प्रशासन निरंतर जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। महानदी के जलस्तर और प्रभावित गांवों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के दिए निर्देश

 धान खरीदी नीति से लेकर जल प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों की हुई समीक्षा

रायपुर, 28 सितंबर 2026/ मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिवों के साथ महत्वपूर्ण योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्धारित कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए है।

बैठक में धान खरीफ विपणन वर्ष के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल योजनाओं और जल संसाधन विभाग को शहरी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में जल प्रबंधन और उपचार के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। नगरीय विकास विभाग को सिटी वाटर प्लान को विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए। ग्राम सभा के आयोजन के लिए निर्धारित 15 से 22 अक्टूबर की अवधि में आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने को कहा गया। परिवहन विभाग को आगामी समय में ई-व्हीकल को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान देने तथा खाद्य विभाग को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी तैयार करने के निर्देश दिए गए।

जिलों की मॉनिटरिंग पर जोर

मुख्य सचिव ने जिलों में योजनाओं और विभागीय कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए स्कोर कार्ड को अंतिम रूप देने को कहा गया, जिससे कलेक्टरों के स्तर पर प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को प्रभावी बनाने तथा अक्टूबर माह के लिए पारस पोर्टल से संबंधित प्रस्तावों पर आईटी विभाग के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ई-गजट पर निर्देशों की प्रतियां अपलोड करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि शासन द्वारा बनाए गए सभी विधिक, नियमो, निर्देशों की संदर्भ प्रति ई-गजट पर अपलोड की जाए, ताकि अधिकारियों और संबंधित विभागों को भविष्य में संदर्भ के लिए इनका आसानी से उपयोग किया जा सके। पेंशन से संबंधित मामलों की विभागवार समीक्षा करते हुए विभागध्यक्ष को प्रत्येक विभाग के लंबित प्रकरणों की संख्या, उनके निराकरण में लगे समय और प्रगति की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एपीएआर को आईगॉट से लिंक करने तथा प्रत्येक विभाग को कर्मचारियों के क्षमता निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा गया।

30 सितंबर तक रिक्त पदों की जानकारी देने के निर्देश

मुख्य सचिव ने कर्मचारी चयन मंडल के लिए विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की जानकारी 30 सितंबर तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में लोक सेवा गारंटी अधिनियम, रिफॉर्म उत्सव, 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं की तैयारियों और सेवा सेतु की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बताया गया कि वर्तमान में 38 विभागों की 907 सेवाएं सेवा सेतु के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध हैं। मुख्य सचिव ने फायर सेफ्टी अधिनियम में आवश्यक सुधार की दिशा में कार्यवाही करने के साथ ही ’माय भारत पोर्टल’ से संबंधित गतिविधियों को भी गति देने के निर्देश दिए।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से होगी सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग

बैठक में गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत ने बताया कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाएगी और इसके बाद भारत सरकार को भेजी जाएंगी। उन्होंने बताया कि इससे विभिन्न विभागों से प्राप्त सूचनाओं की समेकित रिपोर्टिंग सुनिश्चित होगी। मुख्य सचिव ने बैठक के अंत में सभी विभागों को क्षमता निर्माण, विभागीय कार्यों की निगरानी और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ,पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

बाढ़ की मुश्किल घड़ी में अपनों के बीच पहुंचे वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी

 सरिया के राहत शिविर में माताओं-बहनों, बुजुर्गों और बच्चों से मिलकर जाना हाल, कहा—हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है सरकार

ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर जानी जरूरतें, अधिकारियों को राहत शिविर में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

रायपुर, 28 सितम्बर 2026/ महानदी के बढ़ते जलस्तर से रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र के सरिया अंचल में उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी आज प्रभावित ग्रामीणों के बीच पहुंचे। श्री चौधरी ने सरिया स्थित कन्या शाला में बनाए गए राहत शिविर पहुंचकर वहाँ ठहरे ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

राहत शिविर में श्री चौधरी ने माताओं-बहनों, बुजुर्गों, बच्चों और युवाओं के बीच बैठकर उनसे सीधे संवाद किया। उन्होंने बाढ़ के कारण उत्पन्न परेशानियों और परिवारों की आवश्यकताओं की जानकारी ली। मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपने जनप्रतिनिधि को अपने बीच पाकर प्रभावित ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बातें साझा कीं।

श्री चौधरी ने कहा कि बाढ़ के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में आना पड़ा है। यह समय प्रभावित परिवारों के लिए कठिन जरूर है, लेकिन वे स्वयं को अकेला न समझें। शासन-प्रशासन उनके साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ा है। प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने राहत शिविर में भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, दवाइयों, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में रह रहे किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की जरूरतों का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखने के निर्देश दिए।

श्री चौधरी ने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति और महानदी के जलस्तर की सतत निगरानी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रशासन पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करे।

उल्लेखनीय है कि महानदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रायगढ़ जिले के तटीय क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तथा राहत शिविरों तक पहुंचाने के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

8.48 करोड़ की लागत से 30.70 किलोमीटर सड़कों का होगा निर्माण

8.48 करोड़ की लागत से 30.70 किलोमीटर सड़कों का होगा निर्माण

 00 ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों को आवागमन में मिलेगी सुविधा
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से सूरजपुर जिले में दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को बजट स्वीकृति मिली है। कुल 30.70 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के लिए लगभग 8 करोड़ 48 लाख 28 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट विवरण के अनुसार, खर्रा से चिकनी भंडारपारा तक 17.50 किलोमीटर सड़क के लिए 5 करोड़ 8 लाख 98 हजार रुपये और कुंजनगर से जमदेई पटेलपारा तक 13.20 किलोमीटर सड़क के लिए 3 करोड़ 39 लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि बेहतर सड़कें गांवों के विकास की आधारशिला हैं। सड़क संपर्क मजबूत होने से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि भटगांव विधानसभा क्षेत्र सहित सूरजपुर जिले में सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दोनों सड़क कार्य पूर्ण होने पर संबंधित गांवों का प्रमुख मार्गों से संपर्क बेहतर होगा। इससे ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों का आवागमन अधिक सुगम होगा।

सिंगापुर जाएंगे सीएम साय : 2 से 7 अक्टूबर तक निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ करेंगे संवाद

सिंगापुर जाएंगे सीएम साय : 2 से 7 अक्टूबर तक निवेशकों और उद्योगपतियों के साथ करेंगे संवाद

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 2 से 7 अक्टूबर तक सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे वहां होने वाले भारत-सिंगापुर विकास एवं कारोबार सम्मेलन में शामिल होंगे। यह सम्मेलन भारत और सिंगापुर के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक साझेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। हालांकि अभी इस कार्यक्रम का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया गया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री की इस विदेश यात्रा के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

बताया गया है कि,  सम्मेलन में साय 4 से 6 अक्टूबर के बीच शामिल होंगे। उनके साथ सीएम सचिवालय के अधिकारियों के साथ उद्योग विभाग के वरिष्ट अधिकारी भी शामिल होंगे। सिंगापुर व्यापार महासंघ की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में भारत के विभिन्न राज्यों की आर्थिक और औद्योगिक संभावनाओं को अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के सामने रख जाएगा। सम्मेलन में निवेश के अवसर, नए कारोबार बाजार तक पहुंच, औद्योगिक साझेदारी और दोन देशों की कंपनियों के बीच सहयोग पर चर्चा होगी।

हरियाणा-सिंगापुर बिजनेस फोरम और निवेश सम्मेलन
हरियाणा के मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल सूत्रों के अनुसार, इसी सम्मेलन में हरियाणा के मुख्यमंत्र नायब सिंह सैनी भी शामिल होंगे। सिंगापुर की ओर से वहां के मंत्री स्तर के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे सम्मेलन में भारत और सिंगापुर के कारोबारी प्रतिनिधियों के बीच निवेश और औद्योगिक साझेदार की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

छत्तीसगढ़ पर रहेगी नजर
मुख्यमंत्री श्री साय के लिए यह दौरा छत्तीसगढ़ को अंतर्राष्ट्रीय निवेश के नए केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर होगा। राज्य सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, प्राकृतिक संसाधन, खनिज संपदा, बिजली उपलब्धता, अधोसंरचना और निवेश के लिए बनाई गई नीतियों की जानकारी निवेशकों को दी जा सकती है। राज्य की कोशिश केवल कच्चे खनिज के दोहन तक सीमित न रहकर खनिज आधारित उद्योगों में अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन, विनिर्माण, परिवहन एवं भंडारण, निर्यात और नई तकनीक आधारित उद्योगों को आकर्षित करने की है। सिंगापुर जैसे अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी केंद्र में मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस दिशा में महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।

सीधे संवाद का अवसर
बताया गया है कि,  सम्मेलन में निवेशकों, उद्योगपतियों और विभिन्न कारोबारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ संवाद होगा। इसके जरिए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं और राज्य में उद्योग लगाने के लिए उपलब्ध सुविधाओं को सीधे अंतर्राष्ट्रीय कारोबार समुदाय तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा।

CG- गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा: पिकअप में छिपाकर ले जा रहे थे करोड़ों का माल, 4.69 करोड़ की खेप के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार…

CG- गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा: पिकअप में छिपाकर ले जा रहे थे करोड़ों का माल, 4.69 करोड़ की खेप के साथ 6 तस्कर गिरफ्तार…

 मनेन्द्रगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो पिकअप वाहनों से 4 करोड़ से ज्यादा का गांजा बरामद किया है। साथ ही 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

दरअसल, चौकी नागपुर और थाना पोड़ी पुलिस ने NH-43 पर नाकेबंदी के दौरान दो संदिग्ध पिकअप वाहनों को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से 9 क्विंटल 19 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 59 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल दोनों पिकअप वाहनों समेत कुल करीब 4.69 करोड़ रुपये का मशरूका जब्त किया है।

6 आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में अनिल टोप्पो (26), राजित इंद्रवार (20), विनय टेटे (33) और अरुप मिर्धा (22) निवासी सुंदरगढ़, ओड़िशा, जबकि अलबिरनी (25) और सुनीता (22) निवासी कटनी, मध्य प्रदेश शामिल हैं।

पूछताछ में सामने आया है कि गांजे की यह बड़ी खेप ओड़िशा से मध्य प्रदेश ले जाई जा रही थी। पुलिस अब मामले की End-to-End विवेचना कर रही है, ताकि गांजे की सप्लाई करने वाले स्रोत से लेकर अंतिम गंतव्य तक जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा (IPS) और पुलिस अधीक्षक MCB रत्ना सिंह (IPS) के निर्देशन में हुई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

इस कार्रवाई में नागपुर चौकी प्रभारी शेषनारायण सिंह (सउनि), एएसआई रामकृपाल सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जिला पुलिस MCB ने कहा है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

भारतीय संगीत में लता जी का अमूल्य योगदान सदैव याद किया जाएगा- मंत्री चौधरी

भारतीय संगीत में लता जी का अमूल्य योगदान सदैव याद किया जाएगा- मंत्री चौधरी

रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महान सुर साधिका, स्वर सम्राज्ञी और भारत रत्न लता मंगेशकर की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि अपनी अद्वितीय आवाज और संगीत साधना से लता जी ने भारतीय संगीत जगत में एक अमिट छाप छोड़ी है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि लता मंगेशकर ने दशकों तक अपनी मधुर आवाज से हिंदी सिनेमा के संगीत को नई ऊंचाइयां दीं। उनके स्वर में सजे असंख्य गीतों ने संगीत प्रेमियों के हृदय में विशेष स्थान बनाया और पीढिय़ों तक सुने जाने वाले कालजयी गीतों की समृद्ध विरासत देश को दी। उन्होंने कहा कि लता जी की आवाज में भारतीय संस्कृति, संवेदना और भावनाओं की अद्भुत अभिव्यक्ति थी। देशभक्ति के गीतों से लेकर भक्ति और भावप्रधान गीतों तक उनकी गायकी ने हर पीढ़ी को प्रभावित किया। संगीत के प्रति उनका समर्पण और साधना आने वाली पीढिय़ों के कलाकारों को सदैव प्रेरित करती रहेगी। मंत्री चौधरी ने कहा कि भारतीय संगीत और कला जगत में लता मंगेशकर का अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनकी जयंती पर उन्हें सादर नमन।

ब्रेकिंग : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने सुकमा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

ब्रेकिंग : बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने सुकमा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 राहत केंद्रों का किया निरीक्षण, प्रभावित लोगों से मुलाकात कर जाना हालचाल

राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न हो - मुख्यमंत्री

 रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बाढ़ प्रभावित सुकमा पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया और राहत केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री  साय ने राहत केंद्रों में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने जिला प्रशासन से बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।

 

सेवा की कहानी: अमृत सरोवर बना महिलाओं की आजीविका का आधार, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

सेवा की कहानी: अमृत सरोवर बना महिलाओं की आजीविका का आधार, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े कदम

 रायपुर - गांव में बना अमृत सरोवर अब जल संरक्षण के साथ ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का जरिया भी बन रहा है। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत बिरीमकेला के ज्योति स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने अमृत सरोवर में मछली पालन शुरू कर आय की नई राह बनाई है। पहले किसी आयमूलक गतिविधि से नहीं जुड़ी इन महिलाओं को सरोवर के रूप में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधन मिला तो उन्होंने सामूहिक प्रयास से इसे अपनी आजीविका का माध्यम बना लिया। पहली बार मछलियों की बिक्री से हुई आमदनी ने समूह का हौसला बढ़ाया है और अब महिलाओं ने दोबारा मछली पालन शुरू कर दिया है।

पहली बिक्री से मिली आमदनी ने बढ़ाया महिलाओं का हौसला

ज्योति स्व-सहायता समूह की सदस्य रजनी चौहान बताती हैं कि अमृत सरोवर मिलने के बाद समूह ने पहली बार मछली पालन की गतिविधि शुरू की। तैयार हुई मछलियों में से लगभग 15 किलो मछली की बिक्री की गई, जिससे समूह को पहली बार इस गतिविधि से आमदनी हुई।

मछली पालन से मिली इस शुरुआती सफलता ने समूह की महिलाओं को इसे आगे भी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। अब महिलाएं इस गतिविधि को नियमित आजीविका के साधन के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

दोबारा शुरू किया मछली पालन, नियमित आजीविका बनाने की तैयारी

रजनी बताती हैं कि समूह ने एक बार फिर अमृत सरोवर में मछलियां डाली हैं। इस बार 10 पैकेट डाले गए हैं। समूह की महिलाएं मिलकर मछली पालन का काम कर रही हैं और आने वाले समय में इससे अपनी आमदनी को और बढ़ाना चाहती हैं। अमृत सरोवर से जुड़ने से पहले समूह के पास ऐसी कोई आयमूलक गतिविधि नहीं थी। अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जल संसाधन का उपयोग करते हुए महिलाएं सामूहिक रूप से मछली पालन कर रही हैं। इससे उन्हें गांव में ही काम और आय का अवसर मिला है।

“आजीविका बढ़ाएंगे और अपने पैरों पर खड़े होंगे”

रजनी चौहान ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “पहले हम लोग समूह में कुछ नहीं करते थे। अब अमृत सरोवर मिला है, जिसमें मछली पालन कर रहे हैं और हमारी आजीविका बढ़ रही है। आगे भी हम लोग आजीविका बढ़ाएंगे और अपने पैरों पर खड़े होंगे।” उन्होंने समूह की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

जल संरक्षण के साथ आजीविका का भी बना माध्यम

सेवा संकल्प अभियान के तहत ज्योति स्व-सहायता समूह की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि गांव में तैयार जल संरचनाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं के लिए आय के अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं। अमृत सरोवर में मछली पालन से रजनी और उनकी साथी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। अब उनका प्रयास इस गतिविधि को आगे बढ़ाकर अपनी आमदनी मजबूत करने और अपने पैरों पर खड़े होने का है।