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ब्रेकिंग : IFS अरुण कुमार पाण्डेय बने नए PCCF, वी. श्रीनिवास राव की लेंगे जगह, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश…..

ब्रेकिंग : IFS अरुण कुमार पाण्डेय बने नए PCCF, वी. श्रीनिवास राव की लेंगे जगह, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश…..

 रायपुर। राज्य सरकार ने आईएफएस अरूण पांडे को प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख के तौर पर नियुक्त कर दिया है। मंत्रालय से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। वह व्ही. श्रीनिवासन राव की जगह लेंगे।

देखें आदेश की कॉपी

CG – होटल में मर्डर : ब्लेड से गला रेतकर महिला की हत्या, पति और बेटे पर भी किया हमला

CG – होटल में मर्डर : ब्लेड से गला रेतकर महिला की हत्या, पति और बेटे पर भी किया हमला

 गरियाबंद। गरियाबंद जिले से सनसनी खेज मामला सामने आया है। जहां एक होटल में आरोपी ने महिला समेत परिवार के चार सदस्यों पर धारदार ब्लेड से हमला कर दिया। सनसनीखेज वारदात में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मौके पर मौजूद दोनों बेटे और पति गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान 45 वर्षीय छबनीता यादव के रूप में हुई है। पूरा मामला देवभोग थाना क्षेत्र के दीवानमुड़ा गांव का है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी देवी सिंह ने होटल पहुंचकर महिला की गर्दन पकड़ कर ब्लेड चला दिया। वहां मौजूद पति और दोनों बेटे कुछ समझ पाते उससे पहले वारदात को अंजाम दे चुका था। बचाव के लिए आए बेटे के गर्दन और पति के पेट पर भी ब्लेड से हमला किया और मौके से फरार हो गया। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई।

घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने लहूलुहान हालत में पति बेटे ने पत्नी को देवभोग अस्पताल लेकर आए, प्राथमिक उपचार शुरू हुआ। डॉक्टर प्रकाश साहू ने महिला को मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी को हिरासत में लिया गया।

थाना प्रभारी फैजुल शाह ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ जारी है। वारदात के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पंचनामा और अन्य आवश्यक कार्रवाई के बाद अपराध पंजीबद्ध किया जाएगा। शव को मैच्युरी पहुंचा दिया गया है।

विश्व ऊदबिलाव दिवस पर विशेष : उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के जल स्रोतों में ऊदबिलाव की मौजूदगी के मिले प्रमाण

विश्व ऊदबिलाव दिवस पर विशेष : उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के जल स्रोतों में ऊदबिलाव की मौजूदगी के मिले प्रमाण

 रायपुर: विश्व ऊदबिलाव दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। गरियाबंद जिले के उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के जल स्रोतों में ऊदबिलाव (ओटर) की प्रमाणिक उपस्थिति दर्ज की गई है। यह सफलता प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन तथा वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा के संयुक्त शोध प्रयासों से संभव हुई है।

गरियाबंद वनमंडल के डीएफओ वरुण जैन के सहयोग से लगाए गए कैमरा ट्रैप में ऊदबिलाव के स्पष्ट चित्र प्राप्त हुए हैं। इससे यह प्रमाणित हुआ है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व का जलीय पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ है और यह दुर्लभ वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास बना हुआ है।

स्वस्थ जल स्रोतों के जैव संकेतक हैं ऊदबिलाव

ऊदबिलाव स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोतों में निवास करने वाला संवेदनशील वन्यजीव है। यह नदियों, तालाबों और अन्य मीठे जल स्रोतों की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण जैव संकेतक माना जाता है। इसकी उपस्थिति किसी क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता की समृद्धि को दर्शाती है।

विश्वभर में ऊदबिलाव की 13 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से भारत में तीन यूरेशियन ऊदबिलाव, स्मूद-कोटेड ऊदबिलाव और एशियाई स्मॉल-क्लॉड ऊदबिलाव प्रजातियां पाई जाती हैं। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ में इन तीनों प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की जा चुकी है, जो राज्य की समृद्ध जैव विविधता का प्रमाण है।

विश्व ऊदबिलाव दिवस का उद्देश्य

हर वर्ष 27 मई को विश्व ऊदबिलाव दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य ऊदबिलाव प्रजातियों के संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और उनके सामने मौजूद खतरों की ओर ध्यान आकर्षित करना है।
प्राकृतिक आवास का नुकसान, जल स्रोतों का प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, अवैध शिकार एवं तस्करी और मानव-वन्यजीव संघर्ष आदि ऊदबिलाव के लिए प्रमुख खतरे हैं।

छत्तीसगढ़ में संरक्षण के लिए लगातार हो रहा शोध

छत्तीसगढ़ में ऊदबिलाव संरक्षण की दिशा में वर्ष 2021 से निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसके बाद राज्य शासन के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा को ऊदबिलाव पर शोध और संरक्षण अध्ययन का दायित्व सौंपा गया। छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड के नेतृत्व में कोरबा, कांकेर, गरियाबंद और बस्तर संभाग में कैमरा ट्रैप एवं मैदानी अध्ययन के माध्यम से ऊदबिलाव की उपस्थिति, व्यवहार, आवास और प्रजनन संबंधी जानकारी संकलित की जा रही है। छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा की शोधकर्ता श्रीमती निधि सिंह के नेतृत्व में तैयार अध्ययन रिपोर्ट वन विभाग को सौंपी गई है। अध्ययन से राज्य के विभिन्न जिलों में ऊदबिलाव की उपस्थिति के प्रमाण प्राप्त हुए हैं।

जनजागरूकता से बढ़ी संरक्षण की उम्मीद

वन विभाग और विज्ञान सभा द्वारा स्कूलों, कॉलेजों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव यह है कि अब स्थानीय मछुआरे और ग्रामीण ऊदबिलाव के संरक्षण के प्रति अधिक संवेदनशील हुए हैं तथा कई क्षेत्रों से इनके रेस्क्यू की सूचना स्वयं लोगों द्वारा दी जा रही है।

वन विभाग की अपीलरू जल स्रोतों को रखें स्वच्छ

वन विभाग और छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा ने आमजन से अपील की है कि जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और प्राकृतिक स्थलों पर प्लास्टिक, कांच तथा अन्य अपशिष्ट न फैलाएं। जंगलों में आग लगने की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊदबिलाव का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामुदायिक सहभागिता से ही यह संभव है। स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित जल स्रोतों के संरक्षण से ही इस दुर्लभ वन्यजीव का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है।

CG – खेत में मिली महिला की सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी, हत्या या फिर….

CG – खेत में मिली महिला की सड़ी-गली लाश, इलाके में फैली सनसनी, हत्या या फिर….

 धमतरी। जिले के कुरूद थाना क्षेत्र के मारौद गांव से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां खेत में एक महिला का सड़ा-गला शव मिला। घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना कुरूद थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

मृतका की पहचान भैंसबोड़ निवासी पर्वत बाई साहू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महिला पिछले चार दिनों से लापता थी। परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। इसी बीच मंगलवार को मारौद गांव के खेत में शव मिलने की सूचना सामने आई।

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो शव काफी हद तक सड़ चुका था। शव की स्थिति को देखते हुए मौत के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतका मानसिक रूप से विक्षिप्त बताई जा रही है। हालांकि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IAS, IPS और IFS अधिकारियों का DA बढ़ा, देखें राज्य सरकार का जारी आदेश…!!

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IAS, IPS और IFS अधिकारियों का DA बढ़ा, देखें राज्य सरकार का जारी आदेश…!!

 रायपुर। अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। अब इन अफसरों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। इसका लाभ प्रदेश के आईएएस, आईपीएस और आईएएस अफसरों को मिलेगा।

देखें आदेश….

CG IPS : छत्तीसगढ़ कैडर के दो IPS अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी, नीतू कमल और डी श्रवण केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी में IG पद के लिए इंपैनल

CG IPS : छत्तीसगढ़ कैडर के दो IPS अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी, नीतू कमल और डी श्रवण केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी में IG पद के लिए इंपैनल

 रायपुर :- छत्तीसगढ़ कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। 2008 बैच की आईपीएस नीथू कमल और डी श्रवण को केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों में इंस्पेक्टर जनरल यानी IG स्तर के पदों के लिए इंपैनल किया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में दोनों अधिकारियों का नाम शामिल होने के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है।

गृह मंत्रालय की सूची में छत्तीसगढ़ का दबदबा

केंद्र सरकार की ओर से जारी इस सूची में देशभर के 2001 से 2008 बैच तक के कुल 67 आईपीएस अधिकारियों को IG और DIG स्तर के पदों के लिए चुना गया है। इस सूची में छत्तीसगढ़ कैडर के दो अधिकारियों का शामिल होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

प्रशासनिक हलकों में इसे छत्तीसगढ़ कैडर की मजबूत पकड़ और अधिकारियों की कार्यकुशलता से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों अधिकारियों ने केंद्रीय एजेंसियों में अपने काम से मजबूत पहचान बनाई है।

CBI में अहम जिम्मेदारी संभाल रहीं नीथू कमल

आईपीएस नीथू कमल फिलहाल CBI में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी भूमिका निभाई है। जांच और प्रशासनिक क्षमता के कारण वे लंबे समय से केंद्रीय एजेंसियों में भरोसेमंद अधिकारी मानी जाती हैं। अब IG पद के लिए इंपैनल होने के बाद उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ सकती हैं।

NIA में डी. श्रवण की मजबूत पकड़

वहीं आईपीएस डी. श्रवण वर्तमान में NIA में सेवाएं दे रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा और संवेदनशील मामलों की जांच में उनकी भूमिका को काफी अहम माना जाता है। केंद्रीय एजेंसियों में उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने उन्हें इस महत्वपूर्ण सूची में जगह दी है। सुरक्षा मामलों की समझ और फील्ड अनुभव को उनकी बड़ी ताकत माना जा रहा है।

क्यों अहम माना जा रहा यह इंपैनलमेंट

IG स्तर पर इंपैनल होना सिर्फ पदोन्नति नहीं माना जाता, बल्कि यह केंद्र सरकार के भरोसे का संकेत भी होता है। जिन अधिकारियों का नाम इस सूची में शामिल होता है, उन्हें भविष्य में केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और महत्वपूर्ण संस्थानों में बड़ी जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छत्तीसगढ़ कैडर की राष्ट्रीय स्तर पर साख और मजबूत होगी। साथ ही राज्य के दूसरे अधिकारियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।

सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की तैयारी

गृह मंत्रालय की यह सूची ऐसे समय आई है जब केंद्र सरकार सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक मजबूत करने पर जोर दे रही है। अनुभवी और जांच एजेंसियों में काम कर चुके अधिकारियों को उच्च जिम्मेदारियों में लाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ जैसे नक्सल प्रभावित राज्य में काम कर चुके अधिकारियों का अनुभव केंद्रीय एजेंसियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि नीथू कमल और डी श्रवण कुमार  जैसे अधिकारियों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका के लिए तैयार माना जा रहा है।

FAQ

नीथू कमल और डी. श्रवण को कौन सी जिम्मेदारी मिली है?
दोनों IPS अधिकारियों को IG स्तर के पदों के लिए इंपैनल किया गया है।
नीथू कमल अभी किस एजेंसी में कार्यरत हैं?
नीथू कमल फिलहाल CBI में प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रही हैं।
डी. श्रवण वर्तमान में कहां पदस्थ हैं?
डी. श्रवण अभी NIA में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
IG इंपैनलमेंट क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
यह केंद्र सरकार के भरोसे और भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों का संकेत माना जाता है।

कवर्धा को मिली नई सौगात- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया “मित्र मिलन चौपाटी” का भव्य लोकार्पण

कवर्धा को मिली नई सौगात- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया “मित्र मिलन चौपाटी” का भव्य लोकार्पण

 रायपुर: कवर्धा शहरवासियों को एक बड़ी सौगात देते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नगर के हृदय स्थल में नवनिर्मित “मित्र मिलन चौपाटी” का लोकार्पण किया। इस अत्याधुनिक चौपाटी के प्रारंभ होने से नागरिकों को विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। यह स्थल खानपान के साथ-साथ परिवारों और मित्रों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने के लिए एक प्रमुख आकर्षक केंद्र बनेगा। चौपाटी परिसर में रंग-रोगन, आधुनिक सजावट, रंग-बिरंगी लाइटिंग, सुव्यवस्थित पार्किंग, शुद्ध पेयजल और सर्वसुविधायुक्त शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

गुमटी व्यवसायियों को मिला सम्मान और स्थायी ठिकाना

उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मित्र मिलन चौपाटी शहर के परिवारों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य साबित होगी। इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जो छोटे फुटकर व्यवसायी पहले सड़कों और चौक-चौराहों पर असुरक्षित ढंग से गुमटी लगाकर व्यवसाय करने को मजबूर थे, उन्हें अब एक स्थायी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया गया है। इससे न केवल उनका स्वरोजगार सुरक्षित होगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।

फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार

कवर्धा में प्रगति पर हो रह हैं ऐतिहासिक विकास कार्य

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कवर्धा शहर तेजी से आधुनिकता और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने शहर में जारी विभिन्न परियोजनाओं का विवरण साझा किया। पूर्ण हो चुके प्रमुख कार्यो में वीर स्तंभ चौक, शिवाजी चौक का सौंदर्यीकरण कार्य प्रमुख हैं। भोरमदेव कॉरिडोर और मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी, भोजली तालाब पाथवे का चौड़ीकरण, हनुमंत वाटिका का निर्माण, ठाकुरदेव चौक से बस स्टैंड तक सुगम पहुंच मार्ग प्रगतिरत है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें नियमित रूप से इसकी कड़ाई से निगरानी कर रही है। बाईपास को जोड़ने के लिए 10 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ का निर्माण किया जा रहा है।

फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार

इसके साथ ही नालंदा लाइब्रेरी, शिव वाटिका, बूढ़ा महादेव परिसर उन्नयन, विशाल डोम निर्माण और पुराने अस्पताल परिसर के जीर्णाेद्धार का कार्य जारी है। बुजुर्गों के मनोरंजन और बैठक के लिए जल्द ही सियान सदन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त एसडीएम कार्यालय और शुगर फैक्ट्री परिसर में क्रमशः श्बलराम सदनश् एवं श्किसान सदनश् का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है।

शिक्षा क्षेत्र में नवाचार और शहर की स्वच्छता

शर्मा ने बताया कि युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए भोरमदेव विद्यापीठ में पीएससी और व्यापम की निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है। साथ ही जिले के 50 शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की जा चुकी है। उन्होंने नगर पालिका के सामने भी जल्द ही एक और नई चौपाटी शुरू करने की घोषणा की और शहर को धूल-रहित व स्वच्छ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

फुटकर व्यापारियों को मिला स्थायी व्यवसाय का ठिकाना, सुरक्षित हुआ रोजगार

यातायात व्यवस्था में आएगा सुधार- नगर पालिका अध्यक्ष

नगर पालिका अध्यक्ष चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी ने कहा कि कवर्धा वासियों का वर्षों पुराना इंतजार आज समाप्त हुआ है। इस चौपाटी के बनने से फुटकर व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है और शहर की यातायात व्यवस्था भी पहले से अधिक सुगम व व्यवस्थित होगी। इस लोकार्पण कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, जनपद उपाध्यक्ष गणेश तिवारी, नगर पालिका उपाध्यक्ष  पवन जायसवाल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में गणमान्य शहरवासी उपस्थित थे।

ब्रेकिंग : नंदनवन और जंगल सफारी इतने दिन के लिए हुए बंद, इस वजह से लिया गया फैसला…!!

ब्रेकिंग : नंदनवन और जंगल सफारी इतने दिन के लिए हुए बंद, इस वजह से लिया गया फैसला…!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है और नौतपा भी लग गया है। इसी को देखते हुए नवा रायपुर में स्थित नंदनवन जंगल सफारी को दो दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है, जिसका आदेश में जारी कर दिया है।

जारी आदेश के मुताबिक, अत्यधिक गर्मी, तापमान में बढ़ोतरी और वन्य प्राणियों के स्वास्थ्य को देखते हुए नंदनवन जंगल सफारी को 28 और 29 मई को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यानी की पर्यटक दो दिनों तक जंगल सफारी की सैर और वन्य प्राणियों का दीदार नहीं कर पाएंगे।

देखें आदेश….

सहकारिता की मजबूती से किसानों को बनाया जाए आत्मनिर्भर- मुख्य सचिव विकासशील

सहकारिता की मजबूती से किसानों को बनाया जाए आत्मनिर्भर- मुख्य सचिव विकासशील

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने राज्य की सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों तक खाद, बीज, दवा, बैंकिंग और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं सुलभता से पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राज्य के कृषकों को सशक्त बनाने के लिए सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सहकारी समिति का संचालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्राथमिक कृषि साख समितियों को बहुआयामी स्वरूप प्रदान करने के लिए उन्हें दुग्ध, मत्स्य पालन और लघु वनोपज के कार्यों से सीधे जोड़ा जाए।

अन्न भंडारण और जनकल्याणकारी सुविधाओं की समीक्षा

मंत्रालय में आयोजित राज्य सहकारी विकास समिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में समितियों के गठन, उद्देश्यों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सहकारी क्षेत्र के अंतर्गत पैक्स (च्।ब्ै) गोदामों के निर्माण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। समितियों के माध्यम से प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी आवश्यक सुविधाएं ग्रामीण अंचलों में विस्तारित करने पर जोर दिया गया।

राष्ट्रीय समितियों से जुड़ेंगे पैक्स, डिजिटल बैंकिंग को मिलेगा बढ़ावा

राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व

बैठक में राज्य की सभी पैक्स समितियों को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति और राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति की अनिवार्य सदस्यता दिलाने की रणनीति पर चर्चा की गई।

मक्का एवं दलहन का उपार्जन

समर्थन मूल्य पर मक्का और दलहन के सुचारू उपार्जन हेतु पैक्स समितियों एवं किसानों का पंजीयन छब्ब्थ् और छ।थ्म्क् के आधिकारिक पोर्टल्स पर करने के निर्देश दिए गए हैं।

माइक्रो एटीएम और रूपे कार्ड

ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पैक्स, दुग्ध एवं मत्स्य सहकारी समितियों में माइक्रो एटीएम (डपबतव ।ज्ड) स्थापित करने तथा सभी सदस्यों को रूपे (त्नचंल) , किसान क्रेडिट कार्ड (ज्ञब्ब्) उपलब्ध कराने के कार्यों की समीक्षा की गई।

शक्कर कारखानों में इथेनॉल प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्य सचिव ने राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों में मल्टीफील्ड इथेनॉल संयंत्रों के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने के लिए तत्काल समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राज्य के शहरी सहकारी बैंकों को अम्ब्रेला संगठन से जोड़ने, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग शुरू करने, पैक्स कम्प्यूटरीकरण, पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की स्थापना, समितियों के लिए श्रैंकिंग फ्रेमवर्कश् तैयार करने तथा पैक्स के माध्यम से ग्रामीण पाइप जलापूर्ति योजनाओं के संचालन की प्रगति का भी मूल्यांकन किया गया।

इस बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना और आयुक्त सहकारिता  महादेव कावरे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इनके साथ ही खाद्य, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य सहकारी बैंक (अपैक्स बैंक), भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण, एफसीआई (थ्ब्प्), राज्य भंडारगृह निगम, नाबार्ड (छ।ठ।त्क्), राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (छब्क्ब्), राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक  रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित संचालन प्रारंभ

तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति साप्ताहिक एक्सप्रेस का नियमित संचालन प्रारंभ

 रायपुर- बिलासपुर। दक्षिण मध्य रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं बेहतर रेल संपर्क को ध्यान में रखते हुए ट्रेन संख्या 17433/17434 तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति साप्ताहिक एक्सप्रेस के नियमित संचालन का निर्णय लिया गया है। यह ट्रेन वर्तमान में संचालित विशेष ट्रेन संख्या 07051/07152 तिरुपति-रक्सौल-तिरुपति साप्ताहिक विशेष ट्रेन का नियमित रूप होगी।

ट्रेन संख्या 17433 तिरुपति-रक्सौल एक्सप्रेस 1 जून से तिरुपति से प्रस्थान करेगी। वहीं ट्रेन संख्या 17434 रक्सौल-तिरुपति एक्सप्रेस 4 जून से रक्सौल से संचालित होगी।* गाड़ी संख्या 17433 तिरुपति-रक्सौल साप्ताहिक एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को 1 जून से तिरुपति से प्रात: 08.15 बजे प्रस्थान कर रेणिगुंटा जंक्शन 08.36/08.38 बजे, कुडप्पा 10.18/10.20 बजे, यर्रगुन्तला 10.53/10.55 बजे, ताडिपत्रि 11.53/11.55 बजे, गुंतकल जंक्शन 13.20/13.30 बजे, आदोनि 14.18/14.20 बजे, रायचूर 15.40/15.42 बजे, कृष्णा 16.08/16.18 बजे, विकाराबाद जंक्शन 19.38/19.40 बजे, लिंगमपल्ली 20.38/20.40 बजे, सिकंदराबाद जंक्शन 21.25/21.35 बजे, चर्लापल्ली 21.58/22.00 बजे, काजीपेट 23.28/23.30 बजे, पेद्दपल्ली 00.23/00.25 बजे, मंचिर्याल 00.59/01.00 बजे, सिरपुर कागजनगर 01.54/01.56 बजे, बल्हारशाह 03.50/04.00 बजे, चांदाफोर्ट 04.15/04.17 बजे, वडसा 05.53/05.55 बजे, गोंदिया जंक्शन 07.30/07.40 बजे, दुर्ग 10.00/10.05 बजे, रायपुर जंक्शन 10.45/10.50 बजे, बिलासपुर जंक्शन 13.20/13.30 बजे, झारसुगुड़ा जंक्शन 18.05/18.07 बजे, राउरकेला 19.40/19.48 बजे, हटिया 22.50/22.55 बजे, रांची 23.05/23.15 बजे, मुरी जंक्शन 00.35/00.40 बजे, बोकारो स्टील सिटी 01.40/01.50 बजे, चंद्रपुरा 02.21/02.23 बजे, धनबाद जंक्शन 03.43/03.50 बजे, बराकर 04.31/04.32 बजे, चित्तरंजन 05.02/05.04 बजे, मधुपुर जंक्शन 06.01/06.03 बजे, जसीडीह जंक्शन 06.39/06.41 बजे, झाझा 08.00/08.05 बजे, किऊल जंक्शन 08.51/08.53 बजे, बरौनी जंक्शन 10.40/10.50 बजे, समस्तीपुर जंक्शन 12.15/12.20 बजे, दरभंगा जंक्शन 13.28/13.33 बजे तथा सीतामढ़ी जंक्शन 14.55/15.00 बजे होते हुए 17.00 बजे रक्सौल पहुंचेगी।

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 17434 रक्सौल-तिरुपति साप्ताहिक एक्सप्रेस 4 जून 2026 से प्रत्येक गुरुवार को रक्सौल से प्रात: 03.15 बजे प्रस्थान कर सीतामढ़ी जंक्शन 04.42/04.47 बजे, दरभंगा जंक्शन 07.00/07.05 बजे, समस्तीपुर जंक्शन 08.13/08.18 बजे, बरौनी जंक्शन 09.20/09.30 बजे, किऊल जंक्शन 10.38/10.40 बजे, झाझा 12.20/12.25 बजे, जसीडीह जंक्शन 12.58/13.00 बजे, मधुपुर जंक्शन 13.25/13.27 बजे, चित्तरंजन 14.20/14.22 बजे, बराकर 15.09/15.10 बजे, धनबाद जंक्शन 16.15/16.20 बजे, चंद्रपुरा 17.21/17.23 बजे, बोकारो स्टील सिटी 18.20/18.25 बजे, मुरी 19.33/19.35 बजे, रांची 21.05/21.10 बजे, हटिया 21.25/21.30 बजे, राउरकेला 00.12/0.:17 बजे, झारसुगुड़ा जंक्शन 01.43/01.45 बजे, बिलासपुर जंक्शन 04.40/04.50 बजे, रायपुर जंक्शन 06.20/06.25 बजे, दुर्ग 07.15/07.20 बजे, गोंदिया जंक्शन 09.20/09.30 बजे, वडसा 10.48/10.50 बजे, चांदाफोर्ट 12.33/12.35 बजे, बल्हारशाह 12.50/12.55 बजे, सिरपुर कागजनगर 13.44/13.45 बजे, मंचिर्याल 14.35/14.36 बजे, पेद्दपल्ली 14.58/15.00 बजे, काजीपेट 16.28/16.30 बजे, चर्लापल्ली 18.28/18.30 बजे, सिकंदराबाद जंक्शन 18.55/19.05 बजे, लिंगमपल्ली 19.38/19.40 बजे, विकाराबाद 20.08/20.10 बजे, कृष्णा 00.05/00.15 बजे, रायचूर 00.38/00.40 बजे, आदोनि 01.38/01.40 बजे, गुंतकल जंक्शन 02.45/02.50 बजे, ताडिपत्रि 03.48/03.50 बजे, यर्रगुन्तला 04.48/04.50 बजे, कुडप्पा 05.23/05.25 बजे तथा रेणिगुंटा जंक्शन 07.50/07.52 बजे होते हुए शनिवार को प्रात: 09.30 बजे तिरुपति पहुंचेगी।

प्रमुख वाणिज्यिक ठहराव - यह ट्रेन मार्ग में रेणिगुंटा, गुंतकल जंक्शन, रायचूर, कृष्णा, सिकंदराबाद, काजीपेट, मंचिर्याल, सिरपुर कागजनगर, चांदाफोर्ट, वडसा, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, झारसुगुड़ा, राउरकेला, रांची, धनबाद, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा एवं सीतामढ़ी सहित अनेक महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव प्रदान करेगी।
कोच संरचना - यह ट्रेन 24 आईसीएफ कोचों के साथ संचालित की जाएगी, जिसमें 3 एसी कोच, 5 एसी थ्री टियर, 10 स्लीपर कोच तथा 4 सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल रहेंगे। नागपुर मंडल के गोंदिया स्टेशन सहित मध्य भारत एवं दक्षिण भारत के यात्रियों को इस नई नियमित सेवा से विशेष लाभ प्राप्त होगा तथा दक्षिण भारत एवं बिहार क्षेत्र के बीच रेल संपर्क और अधिक सुदृढ़ होगा।

मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाए : आबकारी मंत्री देवांगन

मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर रोक लगाए : आबकारी मंत्री देवांगन

 00 पड़ोसी राज्यों से आने वाली शराब रोक लगाने के दिए निर्देश

रायपुर। प्रदेश के वाणिज्यिक कर (आबकारी) मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय में विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और आगामी महीनों के लिए जिलेवार विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आबकारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति हेतु ठोस रणनीति अपनाने, दुकानवार समीक्षा करने और अनुशासन के साथ कार्य संपादन के निर्देश दिए। बैठक में वाणिज्यिक कर आबकारी विभाग सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त  पदुम सिंह एल्मा, विशेष सचिव आबकारी  देवेन्द्र भारद्वाज, आबकारी मुख्यालय, बेवरेजेस कारपोरेशन, मार्केटिंग कारपोरेशन के अधिकारियों सहित जिले से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। 

आबकारी मंत्री  देवांगन ने राज्य की अंतरराज्यीय सीमाओं पर स्थित आबकारी जांच चौकियों को अन्य राज्यों की मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों के सुचारू संचालन की निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिला अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि मदिरा के अवैध परिवहन एवं बिक्री पर कोचियों के विरूद्ध प्रभावी कार्य करें। सभी जिला अधिकारी यह सुनिश्चित करें आबकारी उपनिरीक्षक एवं नीचे का अमला अवैध शराब बिक्री करने वाले के विरूद्ध समझौता न करें। इसके अलावा विभाग में प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं की मांग के अनुसार मदिरा स्कंध (स्टाक) का संधारण सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया किया मदिरा दुकानों में उपभोक्ताओं के मांग के अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री न हो। उन्होंने अधिकारियों को मदिरा दुकानों में नियम और अनुशासन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। दुकानों में उपलब्ध मदिरा को नियमानुसार दरों सहित रैकों में प्रदर्शित करने कहा गया, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शिता और सुविधा मिल सके।

मंत्री ने बैठक में राजस्व लक्ष्य की जिलेवार समीक्षा करते हुए जिन जिलों ने अब तक लक्ष्य की प्राप्ति की है, उन्हें सतत् कार्य जारी रखने के निर्देश दिए गए। वहीं लक्ष्य से पीछे चल रहे जिलों को इसके कारणों की दुकानवार समीक्षा कर कमी की पूर्ति हेतु विस्तृत कार्य-योजना बनाकर तत्परता से अमल में लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों को इस बात की स्पष्ट हिदायत दी कि मदिरा में किसी प्रकार की मिलावट न होने पाए। इसके लिए सभी जिला अधिकारियों को समय-समय पर आकस्मिक निरीक्षण करने और वहां पाई गई अनियमितताओं पर तत्काल कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, दुकानों में पेटीएम या अन्य कैशलेस भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पृथक काउंटर की व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए।

आबकारी सचिव कंगाले ने प्रदेश में संचालित बारों, क्लबों, होटलों और ढाबों की आकस्मिक जांच करने तथा समय पश्चात संचालन अथवा अवैध मदिरा विक्रय करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और विक्रय पर सख्त नियंत्रण रखने हेतु आवश्यकता पडऩे पर पुलिस विभाग से सहयोग लेने के निर्देश दिए गए।

अबूझमाड़ का धोबे गांव- जहां कभी बंदूकें गूंजती थीं, वहां अब नलों से बह रही विकास की धारा

अबूझमाड़ का धोबे गांव- जहां कभी बंदूकें गूंजती थीं, वहां अब नलों से बह रही विकास की धारा

 नारायणपुर। अबूझमाड़ का धोबे गांव- जहां कभी बंदूकें गूंजती थीं, वहां अब नलों से बह रही विकास की धाराÓविकास की असली परीक्षा तब होती है जब वह समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचे। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 94 किलोमीटर दूर, घने जंगलों और दुर्गम पहाडिय़ों के बीच बसा अबूझमाड़ का धोबे गांव आज इसी बदलते भारत और बदलते छत्तीसगढ़ की एक जीती-जाती मिसाल बन चुका है। जो इलाका कभी सिर्फ नक्सली हलचलों और विकास से दूरी के लिए जाना जाता था, आज वहां जल जीवन मिशन ने उम्मीदों का एक नया सवेरा ला दिया है। अबूझमाड़ के इस सुदूर अंचल में पहली बार घर-घर शुद्ध पेयजल की सुविधा पहुंची है, जिसने ग्रामीणों की जिंदगी की पूरी तस्वीर ही बदल कर रख दी है।

’अबूझमाड़ का धोबे गांव- जहां कभी बंदूकें गूंजती थीं, वहां अब नलों से बह रही विकास की धारा’

पूर्व में संघर्षों का दौर नदी-नालों के दूषित पानी से जंग
वर्षों तक धोबे गांव के ग्रामीणों के लिए सुबह की शुरुआत पानी के बड़े संघर्ष के साथ होती थी। अत्यंत दुर्गम क्षेत्र होने के कारण यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा तो दूर, पीने का साफ पानी मिलना भी एक बड़ी चुनौती थी। गांव के लोग पीने के पानी के लिए पूरी तरह से स्थानीय नदी, नालों और झरनों पर निर्भर थे। पहाड़ों से बहकर आने वाला यह पानी न सिर्फ दूषित होता था, बल्कि इसके उपयोग से ग्रामीण लगातार जलजनित बीमारियों की चपेट में रहते थे। विशेषकर महिलाओं और बच्चों का एक बड़ा समय सिर्फ पीने का पानी ढोने में ही बीत जाता था।
जल जीवन मिशन- ऐसे बदली धोबे गांव की तस्वीर
ग्रामीणों की इस दशकों पुरानी और बेहद संवेदनशील समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन और जल जीवन मिशन की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में कदम रखा। विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा की चुनौतियों को पार करते हुए गांव में योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू किया गया। बिजली की अनिश्चितता से निपटने के लिए गांव में 10-10 हजार लीटर क्षमता वाले दो सोलर आधारित जल टैंक स्थापित किए गए। ऊबड़-खाबड़ रास्तों और घने जंगलों के बीच लगभग 1375 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। गांव के सभी 40 परिवारों को श्हर घर जलश् योजना के तहत नल कनेक्शन से जोड़ा गया।
अंतिम छोर तक विकास की दस्तक
नारायणपुर की कलेक्टर ने इस सफलता पर कहा कि शासन की प्राथमिकता दूरस्थ और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक हर हाल में मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। जल जीवन मिशन के माध्यम से अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम है। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पूरी पारदर्शिता से पहुँचे।
खुशहाली की नई दस्तक- आसान हुई जिंदगी
आज धोबे गांव के हर घर के आंगन में लगे नल से जब स्वच्छ और शीतल जल बहता है, तो ग्रामीणों के चेहरे की खुशी देखते ही बनती है। अब न तो पानी के लिए मीलों पैदल चलना पड़ता है और न ही दूषित पानी के कारण बीमार होने का डर सताता है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे इस दूरदराज के गांव में भी कभी नल से साफ पानी आएगा। सरकार के इस प्रयास ने हमारी दैनिक जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है। यह हमारे लिए सिर्फ पानी नहीं, बल्कि एक नया जीवन है। जल जीवन मिशन ने यहाँ सिर्फ पानी नहीं पहुँचाया है, बल्कि ग्रामीणों के मन में शासन और व्यवस्था के प्रति एक अटूट विश्वास भी पैदा किया है।

वन्यजीव संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग की बड़ी पहल- जून के पहले सप्ताह में शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण

वन्यजीव संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ वन विभाग की बड़ी पहल- जून के पहले सप्ताह में शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण

 00 राष्ट्रीय विशेषज्ञ देंगे वन्यजीवों के पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की बारीकियों का प्रशिक्षण

00 हाथी शावकों की सुरक्षा और वैज्ञानिक स्वास्थ्य प्रबंधन को मिलेगी नई मजबूती

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों और उनके शावकों की सुरक्षा तथा संरक्षण को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए वन विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में जून 2026 के प्रथम सप्ताह में एक उच्च स्तरीय राज्य स्तर पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों की असमय मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच करना, उनका बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन सुनिश्चित करना तथा भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है। इस कार्यक्रम का विषय लर्निंग फ्रॉम डेड एसेंशियलस ऑफ मोर्टेलिटी इनवेस्टिगेशन ऑफ एशियन एलिफेंट फॉर ऑफिसियल ऑफ छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट डिपार्टमेंट रखा गया है।

देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विशेषज्ञ देंगे व्यावहारिक प्रशिक्षणa
इस उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम में देश के ख्यातिलब्ध और प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ मुख्य रूप से शामिल होकर मैदानी अमले का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें शामिल होंगे डॉ. पराग निगम, डॉ. कारिकलन, डॉ. तपेन्द्र सैनी, डॉ. जैन करण भरत जैसे राष्ट्रीय विशेषज्ञ उपस्थित वन अधिकारियों और वन्यप्राणी पशु चिकित्सकों को हाथियों एवं अन्य वन्यजीवों में होने वाली जटिल बीमारियों की समय पर पहचान, उनके सटीक उपचार, वैज्ञानिक पोस्टमार्टम प्रक्रिया तथा आधुनिक फॉरेंसिक जांच की बारीकियों का व्यावहारिक व तकनीकी प्रशिक्षण देंगे।
पिछली घटनाओं केस स्टडी से बनेगी नई रणनीति
वन विभाग ने इस प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यावहारिक बनाने के लिए पिछली घटनाओं से सीखने पर जोर दिया है। प्रशिक्षण के दौरान पिछले दो वर्षों में रायगढ़ और धरमजयगढ़ वनक्षेत्रों में हुई हाथी शावकों की मृत्यु से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की जाएगी। संबंधित वनमंडलाधिकारी इन मामलों से जुड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच रिपोर्ट और विशेषज्ञ संस्थानों के निष्कर्षों को पटल पर रखेंगे। राष्ट्रीय विशेषज्ञ इन सभी रिपोर्टों का तकनीकी विश्लेषण कर भविष्य के लिए अचूक सुरक्षात्मक सुझाव देंगे।
बड़ी संख्या में शामिल होंगे मैदानी अधिकारी और पशु चिकित्सक

इस विशेष प्रशिक्षण सत्र में राज्य के सभी चिडिय़ाघरों और संरक्षित क्षेत्रों में पदस्थ वन्यप्राणी पशु चिकित्सक, हाथी प्रभावित क्षेत्रों के सभी वनमंडलाधिकारी, उप-वनमंडलाधिकारी, वनक्षेत्रपाल तथा पशुपालन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक अनिवार्य रूप से भाग लेंगे। उल्लेखनीय है कि वन विभाग द्वारा इससे पूर्व विगत 7 अप्रैल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 150 से अधिक अधिकारियों और चिकित्सकों को प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब जून में आयोजित होने वाले इस उन्नत प्रशिक्षण के जरिए मैदानी अमले को तकनीकी रूप से पूर्णत: दक्ष बनाया जाएगा। वन विभाग का अंतिम लक्ष्य वन्यजीवों के बीमार होने या उनकी मृत्यु की स्थिति में त्वरित, पारदर्शी और वैज्ञानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है, ताकि छत्तीसगढ़ के जंगलों में हाथियों और अन्य वन्यप्राणियों का संरक्षण पूरी मजबूती के साथ किया जा सके।

सूरजपुर सूपाझरिया जलाशय के जीर्णोद्धार के लिए 3.15 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

सूरजपुर सूपाझरिया जलाशय के जीर्णोद्धार के लिए 3.15 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति

 00 मरम्मत के बाद 82 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बहाल होगी

रायपुर। राज्य शासन ने सूरजपुर जिले के विकासखंड ओडग़ी स्थित सूपाझरिया जलाशय योजना के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए 3 करोड़ 15 लाख 95 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। मरम्मत कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इस नहर जीर्णोद्धार कार्य से ओडग़ी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की स्थायी सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सूपाझरिया जलाशय के जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण होने पर जलाशय की रूपांकित सिंचाई क्षमता 82 हेक्टेयर पूरी तरह बहाल हो जाएगी। इससे क्षेत्र के किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी। शासन ने कार्य को स्वीकृत राशि और निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कार्य शुरू करने से पहले सक्षम अधिकारी से ड्रॉइंग-डिजाइन का अनुमोदन और तकनीकी स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही कम से कम 75 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा जारी की जाएगी। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि भू-अर्जन स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाए और किसी अन्य मद की बचत राशि का उपयोग बिना पूर्व स्वीकृति के न हो। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है, तो निर्माण शासकीय भूमि पर ही कराया जाए। निविदा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बस्तर का मांझीपाल बना छत्तीसगढ़ का नया इको-टूरिज्म हब, देश-विदेश के पर्यटकों को कर रहा आकर्षित

बस्तर का मांझीपाल बना छत्तीसगढ़ का नया इको-टूरिज्म हब, देश-विदेश के पर्यटकों को कर रहा आकर्षित

 00 बैम्बू राफ्टिंग, आमचो लाड़ी होमस्टे और जनजातीय संस्कृति का अनूठा संगम दे रहा प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत अनुभव

रायपुर। प्रकृति की अनुपम छटा, जनजातीय संस्कृति की आत्मीयता और रोमांच से सराबोर बस्तर अंचल का खूबसूरत ग्राम मांझीपाल आज छत्तीसगढ़ के सबसे तेजी से उभरते इको-टूरिज्म केंद्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में स्थित यह मनोरम स्थल अपने घने जंगलों, स्वच्छ कांगेर नदी और ग्रामीण परिवेश की सादगी के कारण देश-विदेश के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन गया है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा बस्तर में इको-टूरिज्म, ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए की गई विशेष पहल का ही परिणाम है कि आज मांझीपाल वैश्विक मानचित्र पर चमक रहा है। इस मॉडल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय समुदायों को रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

बस्तर का मांझीपाल बना छत्तीसगढ़ का नया इको-टूरिज्म हब, देश-विदेश के पर्यटकों को कर रहा आकर्षित
मांझीपाल की सबसे बड़ी यूएसपी यहाँ बहने वाली निर्मल कांगेर नदी है। नदी की शांत जलधारा में स्थानीय आदिवासियों द्वारा तैयार पारंपरिक बांस की नावों पर होने वाली बैम्बू राफ्टिंग पर्यटकों को बेहद रोमांचित कर रही है। राफ्टिंग के दौरान सैलानी घने जंगलों की हरियाली, नदी के किनारों की प्राकृतिक सुंदरता और दुर्लभ पक्षियों की चहचहाहट के बीच प्रकृति को बेहद करीब से महसूस करते हैं। यह गतिविधि केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बस्तर के जनजातीय समुदायों की पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को भी जीवंत करती है।मांझीपाल में स्थित आमचो लाड़ी होमस्टे आज बस्तर की पारंपरिक संस्कृति और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से समझने का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन गया है। अपनी अनूठी और आत्मीय मेजबानी, बस्तरिया व्यंजनों के स्वाद और पारंपरिक परिवेश के कारण यह होमस्टे विदेशी पर्यटकों के बीच भी तेजी से अपनी पैठ बना रहा है। आधुनिक शहरों की भागदौड़ से दूर यहाँ आने वाले पर्यटक स्थानीय रीति-रिवाजों को जीते हैं, जंगल का आनंद लेते हैं, बर्ड वॉचिंग (पक्षी अवलोकन) करते हैं और बस्तर के पारंपरिक जीवन के साथ आत्मिक जुड़ाव महसूस करते हैं।

राज्य सरकार की कम्युनिटी-बेस्ड टूरिज्म (सामुदायिक सहभागिता आधारित पर्यटन) नीति का सीधा और सकारात्मक असर अब बस्तर के ग्रामीण अंचलों में देखने को मिल रहा है। मांझीपाल के पर्यटन हब बनने से स्थानीय आदिवासी युवाओं को प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड, राफ्टिंग संचालक, होमस्टे प्रबंधन और बस्तरिया हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) की बिक्री के जरिए सीधे तौर पर स्थायी रोजगार मिल रहा है। इससे न केवल पलायन पर रोक लगी है, बल्कि जनजातीय परंपराओं और स्थानीय विरासत के संरक्षण को भी एक नई दिशा मिली है।

बस्तर का मांझीपाल बना छत्तीसगढ़ का नया इको-टूरिज्म हब, देश-विदेश के पर्यटकों को कर रहा आकर्षित

कैसे पहुँचें मांझीपाल
पर्यटकों के लिए मांझीपाल पहुँचना बेहद सुगम और आसान है। यह खूबसूरत पर्यटन स्थल जिला मुख्यालय जगदलपुर से मात्र 35 से 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जगदलपुर से दरभा मार्ग होते हुए बेहतरीन पक्की सड़क द्वारा निजी वाहन या स्थानीय टैक्सी से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है। निकटतम रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा भी जगदलपुर में ही स्थित है, जिससे देश के किसी भी कोने से यहाँ का आगमन सुलभ हो जाता है। प्रकृति संरक्षण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर पर्यटन मॉडल का बेहतरीन उदाहरण पेश करता मांझीपाल आज सिर्फ एक घूमने की जगह नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की एक नई और गौरवशाली पहचान बन चुका है।

मुख्य सचिव ने ई-प्रगति पोर्टल पर जियोटैग फोटो के साथ रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने ई-प्रगति पोर्टल पर जियोटैग फोटो के साथ रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में ई-प्रगति पोर्टल में दर्ज राज्य की अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं के कार्यों में तेजी लाई जाए और आ रही बाधाओं को तत्काल दूर कर नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाली निर्माण एजेंसियों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ई-प्रगति पोर्टल की 5 प्रमुख परियोजनाएं
समीक्षा बैठक में विशेष रूप से पोर्टल पर दर्ज राज्य की 5 अति-महत्वपूर्ण परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की गई। वर्किंग वुमेन हॉस्टल, उसलापुर (बिलासपुर), वर्किंग वुमेन हॉस्टल, कोनी (बिलासपुर), 4ळ स्टेशन क्टछ मोबाइल टॉवर स्थापना (बिलासपुर), मोबाइल टॉवर हेतु विद्युत अधोसंरचना परियोजना (बिलासपुर) और सिकारसर कोडार रिसीवर लिंक कैनाल (गरियाबंद जिला)
साप्ताहिक मॉनिटरिंग और कड़े प्रशासनिक निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे प्रत्येक परियोजना की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट ई-पोर्टल पर फोटो जियोटैग (च्ीवजव ळमव.जंह) के साथ अनिवार्य रूप से अपलोड करें, ताकि कार्यों की वास्तविक स्थिति की पारदर्शी मॉनिटरिंग हो सके। उन्होंने जिलों में मोबाइल टॉवर स्थापना के मार्ग में आ रही भूमि आवंटन या अन्य तकनीकी दिक्कतों को संबंधित कलेक्टरों से समन्वय कर शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलों के कलेक्टरों को व्यक्तिगत रूप से रुचि लेकर ई-प्रगति पोर्टल की परियोजनाओं की दैनिक समीक्षा करने और उनमें तेजी लाने को कहा है।
इस समीक्षा बैठक में मंत्रालय से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (टब्) के माध्यम से राज्य के 21 जिलों के कलेक्टर शामिल हुए, जिनमें बीजापुर, कांकेर, कोरबा, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, नारायणपुर, रायगढ़, सुकमा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बलरामपुर, धमतरी, गरियाबंद, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, दंतेवाड़ा एवं कोण्डागांव शामिल हैं।

CG – घर में पिता कर रहा था दोस्तों के साथ शराब पार्टी, गुस्साएं बेटे ने उठाया ये खौफनाक कदम

CG – घर में पिता कर रहा था दोस्तों के साथ शराब पार्टी, गुस्साएं बेटे ने उठाया ये खौफनाक कदम

 रायपुर। तिल्दा से 70 साल के बुजुर्ग पिता की हत्या का सनसनीखेज वारदात सामने आया है। शराब की लत से परेशान बेटे ने बुजुर्ग पिता की लड़की से मार-मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान संतु कोठरी के रूप में हुई है, जो रेलवे का रिटायर्ड कर्मचारी था। पूरा मामला तिल्दा थाना क्षेत्र का है।

जानिए पूरा मामला

घटना तिल्दा थाना क्षेत्र की है। तिल्दा नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड 4 में संतु कोठारी 70 वर्ष अपने परिजनों के साथ रहता था। संतु शराब का आदि था और शराब को लेकर बेटे से विवाद होता रहता था। संतु अपने घर में दोस्तों के साथ शराब पार्टी कर रहा था। इसी दौरान बेटा वीरेंद्र कोठारी 40 वर्ष वहां आ पहुंचा। बेटे ने पिता की हरकतें देख उसे डांट-फटकर लगाई। इसी बीच पिता शराब के नशे में बेटे से विवाद करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और बेटे बीरेंद्र कोठारी ने घर में रखी लकड़ी से पिता पर वार कर दिया।

घटना में बुजुर्ग के सीने, शरीर समेत अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिता की मौत के बाद रात भर शव को घर में ही रखा था। सुबह वार्ड पार्षद को सूचना मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी बीरेंद्र कोठारी उर्फ राजू 40 वर्ष को गिरफ्तार किया गया।

फिलहाल मामले में पुलिस अपराध दर्ज कर आगे की जांच कार्रवाई कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। लोग घटना की ही चर्चा कर रहे है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन

 00 महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति

00 बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता - साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें। आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

राज्यपाल रमेन डेका ने की 'पीएम-जनमन योजना समीक्षा

राज्यपाल रमेन डेका ने की 'पीएम-जनमन योजना समीक्षा

 रायपुर-छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका आज लोक भवन में पीएम-जनमन (प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान) योजना की प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हैं।

ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले,पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये कई अहम फैसले,पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंत्रिमंडल की अहम बैठक संपन्न हो गई है। यह बैठक शाम 6 बजे मंत्रालय में आयोजित की गई थी। बैठक में कई बड़े मुद्दों पर फैसले लिए गए है।

1. मंत्रिपरिषद ने राज्य के विभिन्न विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, मंडलों और स्थानीय निकायों में जमा स्क्रैप और अनुपयोगी सामग्रियों के पारदर्शी एवं व्यवस्थित निस्तारण के लिए भारत सरकार के उपक्रम मेटल स्क्रैप ट्रेडिंग कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (MSTC) के साथ सेलिंग एजेंसी अनुबंध की अवधि को आगामी तीन वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया है।

यह अनुबंध नवंबर 2019 से प्रभावी है तथा 31 मई 2026 को समाप्त हो रहा था। MSTC के अत्याधुनिक ई-नीलामी प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर के खरीदार प्रतिस्पर्धी बोली लगाकर स्क्रैप सामग्री खरीद सकते हैं, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है और राज्य को बेहतर मूल्य प्राप्त होता है।

इस व्यवस्था से राज्य में स्क्रैप निस्तारण की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, तकनीक आधारित और राजस्वोन्मुख हुई है। इस निर्णय से विभागों को अलग-अलग निविदा और विज्ञापन प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी, प्रशासनिक समय और संसाधनों की बचत होगी, साथ ही कार्यालय परिसरों में स्वच्छता और स्थान प्रबंधन भी बेहतर होगा।

2. मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल को सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए “छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम” में संशोधन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि “छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल अधिनियम, 2026” लागू होने के बाद पूर्व के छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल का विलय नए कर्मचारी चयन मण्डल में हो चुका है। साथ ही उसकी सभी परिसंपत्तियां एवं देनदारियां भी नए मण्डल में शामिल हो गई हैं।

3. राज्य मंत्रिपरिषद ने सड़क निर्माण कार्यों में 01 अप्रैल 2026 के पश्चात बिटुमिन (डामर) की कीमतों में हुई असाधारण और अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए, राज्य के हित और निर्माण कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 की अवधि के लिए अनुबंधित ठेकेदारों को सीमित एवं आंशिक मूल्य राहत (क्षतिपूर्ति) प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यह राहत केवल बिटुमिन मूल्य में हुई असाधारण वृद्धि के प्रभाव को कम करने हेतु निर्धारित फार्मूले के आधार पर दी जाएगी तथा अन्य निर्माण घटकों पर अनुबंध में पूर्व से प्रावधानित एस्केलेशन नियम यथावत लागू रहेंगे। वैश्विक परिस्थितियों और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि के कारण डामरीकरण कार्य प्रभावित होने लगे थे, जिससे सड़क निर्माण और संधारण कार्यों की गति बाधित होने की आशंका थी। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा भी राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं हेतु इसी प्रकार की राहत के निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क निर्माण कार्य प्रभावित न हों और विकास कार्यों की गति बनी रहे, जिससे जनता को निर्धारित समय पर सड़क निर्माण कार्यों का लाभ मिल सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं

 रायपुर-- छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद पर ऐतिहासिक 12 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा कि 26 मई 2014 से शुरू हुआ यह 12 वर्षों का कार्यकाल देश के इतिहास में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प का जीवंत प्रतीक रहा है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने अंत्योदय के लक्ष्य को साकार किया है।

Óयोजनाओं से आया क्रांतिकारी व्यापक बदलावÓ

 चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं ने समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाया है। जनधन योजना, आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीबों, किसानों और माताओं-बहनों के जीवन को गरिमापूर्ण बनाया है। डिजिटल इंडिया अभियान ने युवाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं और देश में अभूतपूर्व पारदर्शिता सुनिश्चित की है।

Óनव-निर्माण और सबका साथ, सबका विकासÓ

वित्त मंत्री ने आगे कहा कि यह कालखंड देश के नव-निर्माण और  'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयासÓ की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से आगे बढ़ाने वाला रहा है। इन 12 वर्षों में भारत ने वैश्विक पटल पर विकास, सुशासन, डिजिटल परिवर्तन और जनकल्याण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अद्वितीय राष्ट्र-समर्पण, निरंतर जनता-सेवा और सुशासन के लिए उनका हार्दिक अभिनंदन करते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की।

ब्रेकिंग : बकरीद अवकाश की तारीख में हुआ बदलाव, अब इस तारीख को रहेगी सार्वजनिक छुट्‌टी, देखें आदेश…!!

ब्रेकिंग : बकरीद अवकाश की तारीख में हुआ बदलाव, अब इस तारीख को रहेगी सार्वजनिक छुट्‌टी, देखें आदेश…!!

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नेईद-उल-जुहा (बकरीद) की छुट्टी की तारीख में बदलाव किया है। पहले 27 मई को घोषित अवकाश अब 28 मई को रहेगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।

सामान्य प्रशासन विभाग की जारी अधिसूचना में कहा गया है कि विभाग की पूर्व अधिसूचना क्रमांक GENS-1001/86/2025-GAD-5 06 नवंबर 2025 में वर्ष 2026 के लिए घोषित सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाशों की सूची में बकरीद के लिए 27 मई का अवकाश निर्धारित था। अब राज्य शासन ने आंशिक संशोधन करते हुए 28 मई 2026 को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित किया है। इस निर्णय के बाद राज्य के सभी शासकीय कार्यालय, स्कूल-कॉलेज और अन्य सरकारी संस्थान 28 मई को बंद रहेंगे।

CG : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

CG : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

अवैध मुरुम उत्खनन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, तीन हाईवा वाहन जब्त

अवैध मुरुम उत्खनन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, तीन हाईवा वाहन जब्त

 जांजगीर-चांपा।  जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र में अवैध मुरुम उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं में हड़कंप मचा दिया है। बारगांव में चल रहे अवैध उत्खनन पर एसडीएम के निर्देश पर छापेमार कार्रवाई की गई, जहां मौके से एक चैन माउंटेन मशीन और तीन हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला।

दरअसल, प्रशासन को लगातार बारगांव क्षेत्र में अवैध रूप से मुरुम उत्खनन किए जाने की शिकायत मिल रही थी। शिकायतों के आधार पर एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मौके पर दबिश दी। टीम को देखकर उत्खनन में लगे लोगों में भगदड़ मच गई। कार्रवाई के दौरान मौके से एक चैन माउंटेन मशीन और तीन हाईवा वाहन जब्त किए गए।
सभी वाहनों को थाना पामगढ़ की सुपुर्दगी में सौंप दिया गया है, जहां आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  वहीं मशीन में डीजल नहीं होने के कारण उसे फिलहाल चालक के सुपुर्द किया गया। प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जिले में अवैध खनन और उत्खनन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबार में जुड़े लोगों में हड़कंप का माहौल बना हुआ है।