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भाटापारा में सनसनीखेज वारदात: नाले के पास मिला 24 वर्षीय युवक का शव, गले पर चोट के निशान से हत्या की आशंका

भाटापारा में सनसनीखेज वारदात: नाले के पास मिला 24 वर्षीय युवक का शव, गले पर चोट के निशान से हत्या की आशंका

 बलौदाबाजार-भाटापारा। जिले के ग्राम सिमरिया (ब) में एक युवक का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 24 वर्षीय विक्रम मानिकपुरी, पिता प्रताप मानिकपुरी, निवासी सिमरिया (ब) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, 26 जुलाई 2026 की सुबह करीब 7 बजे ग्रामीणों ने बरसाती नाले के पास मुख्य मार्ग किनारे एक युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही भाटापारा ग्रामीण थाना पुलिस, साइबर सेल और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। वहीं, गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने की बात सामने आ रही है, जिससे पुलिस हत्या की आशंका से जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही अज्ञात आरोपियों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

सचिन पायलट का 28 जुलाई का रायपुर दौरा स्थगित, NEET मुद्दे पर होने वाली बैठक टली

सचिन पायलट का 28 जुलाई का रायपुर दौरा स्थगित, NEET मुद्दे पर होने वाली बैठक टली

 रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट का 28 जुलाई को प्रस्तावित रायपुर दौरा स्थगित कर दिया गया है। पायलट को NEET परीक्षा विवाद और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेताओं, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई पदाधिकारियों के साथ बैठक करनी थी।

प्रदेश कांग्रेस नेताओं के अनुसार, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद बने राजनीतिक हालात और नई दिल्ली में चल रही लगातार बैठकों के कारण पायलट का रायपुर दौरा टालना पड़ा। फिलहाल वे दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार करने में व्यस्त हैं।

हालांकि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि दौरा रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे स्थगित किया गया है। नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।

सचिन पायलट के दौरे को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी थीं। प्रस्तावित बैठक में NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों के भविष्य और केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों को लेकर चर्चा होनी थी। इसके अलावा पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक का कार्यक्रम भी तय था।

वित्त मंत्री चौधरी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को किया नमन

वित्त मंत्री चौधरी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को किया नमन

 रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कारगिल विजय दिवस की गौरवमयी वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य एवं अटूट संकल्प को कोटि-कोटि नमन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि, कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम, वीरता और राष्ट्र के प्रति सर्वाेच्च समर्पण का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे वीर जवानों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

उन्होंने कहा कि, कारगिल के वीर सैनिकों का त्याग, बलिदान और शौर्य प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके अदम्य साहस के कारण देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और भारत का गौरव अक्षुण्ण है। वित्त मंत्री ने कहा कि, कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव राष्ट्रवासियों के हृदय में अमिट रहेगा। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।

राज्यपाल रमेन डेका ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन अभियान को दिखाई हरी झंडी, जल बचाने और वृक्षारोपण का किया आह्वान

राज्यपाल रमेन डेका ने पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन अभियान को दिखाई हरी झंडी, जल बचाने और वृक्षारोपण का किया आह्वान

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘पर्यावरण संरक्षण एवं आपदा प्रबंधन’ राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अभियान में शामिल ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जन-जागरूकता अभियान 26 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक रायपुर से जबलपुर तक संचालित होगा, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन का संदेश पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मनुष्य, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के बीच संतुलन बनाए रखना पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान, जल संकट और प्रदूषण आज वैश्विक चुनौती बन चुके हैं और भविष्य में छत्तीसगढ़ को भी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अभी से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण पर गंभीरता से काम करना होगा।

राज्यपाल डेका ने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान की यह यात्रा केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जन-जागृति का माध्यम है। इसके जरिए लोगों को वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा, घने वनों, नदियों और समृद्ध जैव विविधता से भरपूर प्रदेश है, जिसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।

उन्होंने माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि प्राकृतिक आपदाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन बेहतर तैयारी, जन-जागरूकता और प्रभावी आपदा प्रबंधन से उनके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

राज्यपाल ने नागरिकों से पानी की हर बूंद बचाने, सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करने और वृक्षारोपण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी संतान की तरह उसकी देखभाल करे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

पीएम आवास योजना से साकार हो रहा लाखों परिवारों के अपने घर का सपना

पीएम आवास योजना से साकार हो रहा लाखों परिवारों के अपने घर का सपना

 O मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जरूरतमंदों को मिल रहा सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन

O जशपुर की फूलमती ठाकुर की बदली जिंदगी, कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक का सफर बना प्रेरणा

जशपुर। पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरी है। सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप गरीब और वंचित परिवारों का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। यह योजना केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन की नई शुरुआत भी दे रही है।

जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत तपकरा निवासी फूलमती ठाकुर की कहानी इस परिवर्तन की सशक्त मिसाल है। कभी उनका परिवार कच्चे मकान में रहने को विवश था। बरसात के दिनों में टपकती छत, भीगता सामान और असुरक्षित माहौल उनके जीवन की रोजमर्रा की चुनौती थी। हर वर्ष बारिश का मौसम नई परेशानियां लेकर आता था।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्का आवास स्वीकृत हुआ। शासन से मिली सहायता के माध्यम से उन्होंने अपना नया घर बनाया। आज उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा है। पक्का मकान मिलने से न केवल रहने की चिंता समाप्त हुई है, बल्कि परिवार के जीवन में स्थायित्व, आत्मविश्वास और नई आशा का संचार हुआ है।

फूलमती ठाकुर बताती हैं कि पहले कच्चे मकान में हर मौसम चिंता का कारण बन जाता था, लेकिन अब अपने पक्के घर में पूरा परिवार निश्चिंत होकर रह रहा है। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नई पहचान, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीने का अवसर दिया है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना हजारों जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। पक्के घर के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराकर यह योजना सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन रही है तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

‘मन की बात’ से विकसित भारत का संकल्प हुआ और मजबूत:पीएम के प्रेरक संदेशों का मंत्री राजवाड़े ने किया श्रवण

‘मन की बात’ से विकसित भारत का संकल्प हुआ और मजबूत:पीएम के प्रेरक संदेशों का मंत्री राजवाड़े ने किया श्रवण

 O कारगिल के वीरों को नमन, आत्मनिर्भर भारत, युवा शक्ति और जनभागीदारी पर प्रधानमंत्री का विशेष जोर

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने रविवार को नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पीएम नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, युवा शक्ति और आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित प्रेरक संदेशों को देश के विकास के लिए मार्गदर्शक बताया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में सर्वप्रथम कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि देश सदैव उनके शौर्य, पराक्रम और त्याग का ऋणी रहेगा।

अपने उद्बोधन में पीएम ने युवाओं की ऊर्जा, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और नवाचार की बढ़ती संस्कृति का उल्लेख करते हुए आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा तकनीकों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती पहचान को भारत की सामर्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। पीएम ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में जनभागीदारी से किए जा रहे प्रेरणादायी प्रयासों का विशेष उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से विकास के नए आयाम स्थापित किए जा सकते हैं और ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं।

कार्यक्रम के पश्चात मंत्री राजवाड़े ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि जन-जन को राष्ट्रहित, सेवा, कर्तव्य और सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करने वाला जनआंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री के विचार प्रत्येक नागरिक को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि,सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने के लिए महिला सशक्तिकरण, बाल विकास, सुपोषण, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में जनभागीदारी आधारित योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रही है। प्रधानमंत्री के प्रेरक संदेश राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान करते हैं।

नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 तस्कर गिरफ्तार

नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 3 तस्कर गिरफ्तार

 दुर्ग। जिले में नशीली दवाइयों और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ दुर्ग पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में थाना छावनी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जी.ई. रोड स्थित खंडहर पावर हाउस परिसर से अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500 नग प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट और बिक्री की रकम सहित कुल 2 लाख 550 रुपये की सामग्री जब्त की है।

पुलिस के अनुसार 26 जुलाई 2026 को थाना छावनी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जी.ई. रोड स्थित हीरो शोरूम के पीछे खंडहर पावर हाउस परिसर में कुछ लोग अवैध रूप से प्रतिबंधित नशीली दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और रेड कार्रवाई को अंजाम दिया। रेड कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ और तलाशी लेने पर उनके पास से नशीली दवाइयां बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500 नग (NRX) ALPRAZOLAM TABLETS IP 0.5 MG बरामद की। यह दवा प्रतिबंधित श्रेणी में आती है और इसका गलत इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है।

पुलिस ने बताया कि जब्त की गई नशीली टैबलेट की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख रुपये है। इसके अलावा आरोपियों के पास से बिक्री की नगद राशि 550 रुपये भी बरामद की गई। इस तरह पुलिस ने कुल 2 लाख 550 रुपये की सामग्री जब्त की है। मामले में थाना छावनी पुलिस ने अपराध क्रमांक 514/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22(सी) और 27ए के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय दुर्ग में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कमल थापा उम्र 29 वर्ष निवासी शर्मा कॉलोनी, मिलन चौक के पास कैम्प-02 भिलाई, प्रदीप साहू उम्र 34 वर्ष निवासी ढोलक पारा, न्यू गणेश चौक कैम्प-02 भिलाई और शहनवाज आलम उर्फ बिन्नी उम्र 26 वर्ष निवासी शारदा पारा, गांधी चौक, शर्मा आटा चक्की के पास कैम्प-02 भिलाई के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशीली दवाइयों का अवैध कारोबार युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है और समाज के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे कारोबारियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस द्वारा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है और सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि जिले में कहीं भी नशीली दवाइयों, मादक पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए जन सहयोग बेहद जरूरी है। पुलिस की इस कार्रवाई से नशीली दवाइयों के अवैध व्यापार में शामिल लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। दुर्ग पुलिस ने साफ किया है कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जमीन के हिसाब-किताब विवाद में जानलेवा हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

जमीन के हिसाब-किताब विवाद में जानलेवा हमला, 5 आरोपी गिरफ्तार

 दुर्ग। जिले में जमीन की खरीदी-बिक्री के हिसाब-किताब को लेकर हुए विवाद में जानलेवा हमला करने वाले पांच आरोपियों को मोहन नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल कार, मोटरसाइकिल और धारदार हथियार भी जब्त किया है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस टीम द्वारा लगातार की जा रही है। जानकारी के अनुसार घटना 25 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे की है। प्रार्थी विनय कुमार सिंह अपने जीजा नरेंद्र सिंह और साथी रूपेश यादव के साथ देवभूमि लेआउट स्थित कार्यालय पहुंचे थे।

बताया गया कि वहां जमीन की खरीदी-बिक्री से जुड़े हिसाब-किताब को लेकर बातचीत होनी थी। इसी दौरान कार्यालय में पहले से मौजूद आरोपियों के साथ विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए प्रार्थी पक्ष पर हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से हमला किया और जान से मारने की नीयत से धारदार हथियार एवं हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इस हमले में नरेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों को गंभीर चोटें आईं। मारपीट के दौरान नरेंद्र सिंह बेहोश होकर जमीन पर गिर गए, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रार्थी विनय कुमार सिंह ने थाना मोहन नगर पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और आरोपियों की तलाश शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में विक्की सिंह उम्र 41 वर्ष निवासी सुपेला भिलाई, रंजीत कुमार सिंह उम्र 43 वर्ष निवासी हुडको भिलाई, रोशन लाल साहू उम्र 44 वर्ष निवासी गौरा चौक थाना मोहन नगर दुर्ग, पप्पू कुमार सिंह उम्र 39 वर्ष निवासी सेक्टर-7 भिलाई और विजय मेनन उम्र 40 वर्ष निवासी हाउसिंग बोर्ड भिलाई शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों के मेमोरेंडम बयान के आधार पर घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद की है। इसमें एक धारदार हथियार, कार क्रमांक CG 07 CP 6008 और एक मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान घटना में पूर्व नियोजित साजिश और सामूहिक अपराध से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 115(2), 296, 351(3), 61(2) और 111 के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में गंभीर अपराधों और योजनाबद्ध तरीके से किए जाने वाले हमलों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। जमीन संबंधी विवादों में कानून हाथ में लेने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा के एक माह बाद भी NHM कर्मियों को नहीं मिला 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन,

मुख्यमंत्री की घोषणा के एक माह बाद भी NHM कर्मियों को नहीं मिला 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन,

 *परेशान कर्मियों ने की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायतों की बाढ़*

रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा किए एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी भुगतान नहीं हो सका है। इससे प्रदेशभर के NHM कर्मचारियों में नाराजगी और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की स्थायी निकाय समिति (EC) की बैठक में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों—33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन, नई HR पॉलिसी, चिकित्सा परिचर्या नियम, मेडिकल अवकाश के जिला स्तर पर अनुमोदन तथा वेतन वृद्धि—पर भी कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।

गौरतलब है कि रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हजारों NHM कर्मचारियों के समक्ष हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा की गई थी। कर्मचारियों का कहना है कि घोषणा के बाद भी आदेश जारी नहीं होना निराशाजनक है और इससे कर्मचारियों की अपेक्षाएँ प्रभावित हुई हैं।

प्रदेशभर के कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज करानी शुरू कर दी हैं। संघ के कर्मचारियों का कहना है कि यदि शीघ्र आदेश जारी कर हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करने के लिए बाध्य होंगे।

एन. एच. एम. कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी एवं प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने शासन से मांग की है कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शीघ्र आदेश जारी कर 33 दिन की हड़ताल अवधि का वेतन सहित लंबित मांगों का निराकरण किया जाए, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी व्यवधान के सुचारु रूप से संचालित होती रहें।

बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक

बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं जहां स्वरोजगार और आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं, वहीं समाजहित के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम खैरबार की लक्ष्मी यादव इसकी प्रेरक मिसाल हैं, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के साथ-साथ पोषण सखी के रूप में महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया है।

समूह से जुड़कर बदली जिंदगी लक्ष्मी यादव बताती हैं कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी चुनौतीपूर्ण था। ‘बिहान’ योजना से जुड़ने के बाद उन्हें पोषण सखी के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिससे उनकी आय का नियमित स्रोत बना और परिवार की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हुआ। पोषण सखी बनकर निभा रहीं सामाजिक जिम्मेदारी पोषण सखी के रूप में लक्ष्मी यादव गांव-गांव और घर-घर जाकर गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की जानकारी देती हैं। वे आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करती हैं। साथ ही कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके परिवारों को उचित पोषण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ रही है और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण को मजबूती मिल रही है।

आर्थिक सशक्तिकरण को मिला नया आधार लक्ष्मी यादव को पोषण सखी के रूप में प्रतिमाह लगभग 1,000 रुपये का मानदेय प्राप्त होता है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत मिलने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि भी परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक संबल साबित हो रही है। इस राशि का उपयोग वे बच्चों की शिक्षा, आवश्यकताओं और परिवार के दैनिक खर्चों में करती हैं। शासन की योजनाओं से बढ़ा आत्मविश्वास लक्ष्मी यादव का कहना है कि शासन की योजनाओं ने उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ समाज की सेवा करने का अवसर भी दिया है।

समूह से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक उन्नति के लिए संचालित योजनाएं ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। राज्य में ‘बिहान’, पोषण अभियान और महतारी वंदन योजना के समन्वित क्रियान्वयन से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। लक्ष्मी यादव जैसी महिलाएं आज स्वयं सशक्त होकर अन्य महिलाओं को भी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

शादी का झांसा देकर युवती से शोषण, आरोपी गिरफ्तार

शादी का झांसा देकर युवती से शोषण, आरोपी गिरफ्तार

 बिलासपुर। शादी का झांसा देकर युवती का दैहिक शोषण करने के आरोप में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को सिरगिट्टी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अमन यादव उर्फ राजा बीते 2 मई से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और लगातार अपने ठिकाने बदलकर बचने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी करते हुए आरोपी को उसके ससुराल से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में एक युवती ने आरोपी अमन यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे शादी करने का भरोसा दिलाया और इसी बहाने लंबे समय तक उसका दैहिक शोषण करता रहा। पीड़िता का कहना था कि आरोपी ने उसके साथ संबंध बनाए और शादी का वादा किया, लेकिन बाद में अपने वादे से मुकर गया।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर सिरगिट्टी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 296 के तहत अपराध दर्ज किया था। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी अमन यादव फरार हो गया था। पुलिस द्वारा लगातार उसकी तलाश की जा रही थी, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस जांच के दौरान कई स्थानों पर आरोपी की तलाश की गई। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन आरोपी हर बार पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां से निकल जाता था। लंबे समय तक फरार रहने के कारण पुलिस ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी थी। इसी बीच पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना मिली कि आरोपी अमन यादव चोरभट्ठी कला स्थित अपने ससुराल में छिपा हुआ है।

सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस ने बिना देरी किए एक टीम तैयार की और बताए गए स्थान पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो आरोपी ने खुद को बचाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि वह घर के छज्जे पर छिपा हुआ था। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को घेर लिया और काफी मशक्कत के बाद आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने लाया और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलने की कोशिश की थी। हालांकि पुलिस की लगातार निगरानी और सूचना तंत्र की मदद से उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया की जा रही है।

इस मामले में पुलिस द्वारा पीड़िता के बयान, घटनाक्रम और अन्य संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शादी का झांसा देकर शोषण से जुड़े मामलों में पुलिस पीड़ितों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करती है। ऐसे मामलों में आरोपी अक्सर पहचान और भरोसे का फायदा उठाकर अपराध करते हैं।

पुलिस का कहना है कि अपराध करने के बाद फरार रहने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। सिरगिट्टी पुलिस की इस कार्रवाई से लंबे समय से फरार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। पुलिस टीम ने सूचना संकलन, निगरानी और रणनीति के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। फिलहाल आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और न्यायालय के समक्ष आरोपी को प्रस्तुत किया जाएगा।

BREAKING NEWS : आकाशीय बिजली का कहर, 12 मवेशियों की मौत

BREAKING NEWS : आकाशीय बिजली का कहर, 12 मवेशियों की मौत

 उदयपुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत साल्ही में शनिवार को आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। तेज गर्जना और बारिश के बीच गिरी बिजली की चपेट में आने से 12 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृत मवेशियों में तीन बैल और नौ गाय शामिल हैं। इस घटना के बाद प्रभावित पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। जानकारी के अनुसार शनिवार को अचानक क्षेत्र में मौसम ने करवट बदली। आसमान में बादल छा गए और तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान ग्राम साल्ही के बैगापारा क्षेत्र में चर रहे मवेशी आकाशीय बिजली की चपेट में आ गए। बिजली गिरने से मौके पर मौजूद 12 मवेशियों ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया।

ग्रामीणों के अनुसार घटना के समय मवेशी खुले स्थान पर चर रहे थे। अचानक गिरी आकाशीय बिजली से किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। बिजली का प्रभाव इतना तेज था कि तीन बैल और नौ गायों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मृत मवेशियों को देखकर पशुपालकों में चिंता और दुख का माहौल फैल गया। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग और पशुपालन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों की टीम ने घटना की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और प्रभावित पशुपालकों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

पशुपालकों का कहना है कि मवेशी उनकी आजीविका का मुख्य आधार हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेती के साथ-साथ पशुपालन पर भी निर्भर रहते हैं। ऐसे में एक साथ इतने मवेशियों की मौत से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने बताया कि बैल खेती-किसानी के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि गाय भी ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक सहारा होती हैं। अचानक हुई इस घटना से पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने शासन से उचित राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि परिवारों को इस संकट से उबरने में मदद मिल सके।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार घटना की जांच और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया जाएगा। इसके बाद शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार सहायता राशि देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की जाती है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी जाती है। साल्ही गांव में हुई इस घटना के बाद प्रभावित परिवार प्रशासन से जल्द राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा से हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए शासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए। फिलहाल प्रशासन की टीम नुकसान का आकलन करने में जुटी हुई है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

नेशनल हाईवे-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग बनी जीवन रक्षक टीम

नेशनल हाईवे-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग बनी जीवन रक्षक टीम

 रायपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित हाईवे पेट्रोलिंग टीम लगातार प्रभावी भूमिका निभा रही है। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के अनुसार वर्ष 2026 के जनवरी से जून माह तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने 55 सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए 52 घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया, जिससे कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

डीसीपी ट्रैफिक डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग टीम 24 घंटे सक्रिय रहकर सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सहायता का कार्य कर रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचती है और घायलों को प्राथमिक सहायता देने के साथ उन्हें नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने का काम करती है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हाईवे पेट्रोलिंग का मुख्य उद्देश्य दुर्घटनाओं के बाद गोल्डन ऑवर में घायल व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। समय पर उपचार मिलने से गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसी उद्देश्य के साथ हाईवे पेट्रोलिंग टीम लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी रख रही है।

जनवरी से जून 2026 तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने सड़क दुर्घटनाओं के अलावा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। टीम द्वारा सड़क पर अवैध रूप से खड़े वाहनों और यातायात में बाधा बनने वाली वस्तुओं को हटाने का अभियान चलाया गया। इस दौरान जून माह तक कुल 6,359 अवैध पार्किंग में खड़े वाहनों को हटाया गया। इसके अलावा सड़क पर घूम रहे 833 मवेशियों को सुरक्षित हटाकर दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया गया। हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने कई स्थानों पर यातायात जाम की स्थिति का भी त्वरित समाधान किया, जिससे आम नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिली।

सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा यातायात पुलिस रायपुर को चार नए आधुनिक हाईवे पेट्रोल वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इन वाहनों में आपातकालीन सहायता के लिए आवश्यक उपकरण और आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं। नए वाहनों के शामिल होने से दुर्घटना स्थलों तक पहुंचने और राहत कार्य करने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। बेहतर निगरानी और तेज रिस्पॉन्स के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-53 के खारुन नदी पुल से महानदी पुल तक के मार्ग को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में हाईवे पेट्रोलिंग वाहन नियमित रूप से गश्त करते हैं।

पहले सेक्टर में खारुन नदी पुल से पचपेड़ी नाका चौक तक हाईवे पेट्रोलिंग वाहन तैनात है। दूसरे सेक्टर में पचपेड़ी नाका चौक से रिंग रोड-3 जंक्शन तक निगरानी की जा रही है। तीसरे सेक्टर में रिंग रोड-3 जंक्शन से लखोली टोल प्लाजा तक और चौथे सेक्टर में लखोली टोल प्लाजा से महानदी पुल तक हाईवे पेट्रोलिंग टीम सक्रिय है। पुलिस ने आम नागरिकों की सुविधा के लिए चारों सेक्टरों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके। हाईवे पेट्रोलिंग टीम दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।

पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज रफ्तार व लापरवाही से वाहन चलाने से बचें। किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में तत्काल पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दें, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर हाईवे पेट्रोलिंग की सक्रियता से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाना पुलिस की मानवीय सेवा और जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।

जैगूर में गूंजा ‘मन की बात’ का संदेश, प्रधानमंत्री को सुनने उमड़ा जनसैलाब

जैगूर में गूंजा ‘मन की बात’ का संदेश, प्रधानमंत्री को सुनने उमड़ा जनसैलाब

 रायपुर। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अंदरूनी क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत दरभा के जैगूर गांव में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें संस्करण का सामूहिक श्रवण किया गया। प्रधानमंत्री के संदेश को सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति, जनभागीदारी और विकास का उत्साह देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की।

उन्होंने भारतीय सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन करते हुए आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी रक्षा उत्पादन, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की भी सराहना की।

वनाधिकार पत्र से ग्रामीणों को मिला भूमि पर अधिकार
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जनकल्याण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने छह हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए। वनाधिकार पत्र मिलने से हितग्राहियों को अपनी भूमि पर वैधानिक अधिकार प्राप्त हुआ। उन्होंने नीट-2026 में सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मंत्री कश्यप ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का शुभारंभ करते हुए ग्रामीणों को तिरंगा भेंट किया। उन्होंने सभी लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने की अपील की।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत किया पौधारोपण
प्रधानमंत्री के आह्वान पर मंत्री कश्यप ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने ग्रामीणों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, जिला पंचायत सदस्य मैथियस कुजूर सहित जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्यगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस अवसर पर कलेक्टर विश्वदीप, डीएफओ डॉ. जाधव सागर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा सहित जिला पुलिस, वन विभाग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम जनभागीदारी, राष्ट्रभक्ति, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

9 दिन से लापता ग्रामीण का नदी किनारे मिला शव, झाड़ियों में फंसी मिली लाश

9 दिन से लापता ग्रामीण का नदी किनारे मिला शव, झाड़ियों में फंसी मिली लाश

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। रैरूमा चौकी क्षेत्र में 9 दिनों से लापता चल रहे 57 वर्षीय ग्रामीण का शव मांड नदी किनारे झाड़ियों में फंसा मिला। शव मिलने की सूचना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान भालूपखना निवासी मानसाय मांझी उम्र 57 वर्ष के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मानसाय मांझी 17 जुलाई को अपने घर से चचेरे भाई के यहां जाने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वह देर शाम तक घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की।

परिवार के लोगों ने आसपास के गांवों, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर मानसाय मांझी के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। लगातार तलाश के बाद भी जब ग्रामीण नहीं मिले तो परिजनों ने 23 जुलाई को रैरूमा चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। गुमशुदगी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और ग्रामीण की तलाश के प्रयास किए जा रहे थे। इसी बीच शनिवार शाम ग्राम चिड़ोडीह का एक ग्रामीण खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसकी नजर मांड नदी के किनारे झाड़ियों में फंसे एक शव पर पड़ी। नदी किनारे शव मिलने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्थानीय व्यक्ति ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद रैरूमा चौकी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर उसकी पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान शव की पहचान 9 दिनों से लापता मानसाय मांझी के रूप में हुई। पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मानसाय मांझी की मौत नदी में डूबने से हुई हो सकती है। संभावना जताई जा रही है कि वह नदी में नहाने के दौरान तेज बहाव की चपेट में आ गए होंगे और बहकर झाड़ियों में फंस गए होंगे।

हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद भालूपखना और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि मानसाय मांझी सामान्य जीवन जीने वाले व्यक्ति थे और अचानक उनकी मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रामीण नदी तक कैसे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।

आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत, गांव में पसरा मातम

आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत, गांव में पसरा मातम

 मुंगेली। जिले के बेलसरी गांव में रविवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां खेत में धान रोपाई का काम कर रहे एक किसान की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतक किसान की पहचान फलित राम साहू उम्र 29 वर्ष निवासी बेलसरी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही फास्टरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत मोहडण्डा के आश्रित ग्राम बेलसरी निवासी फलित राम साहू पिता बोधन साहू रविवार दोपहर करीब 1 बजे अपने खेत में धान रोपाई का कार्य कर रहे थे। मानसून के मौसम में किसान खेतों में कृषि कार्य में जुटे हुए हैं। इसी दौरान अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बताया जा रहा है कि बिजली सीधे किसान की चपेट में आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़े। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने जैसे ही बिजली गिरने की तेज आवाज सुनी, वे तुरंत घटनास्थल की ओर पहुंचे। ग्रामीणों ने किसान को बचाने और उपचार के लिए पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, वे मौके पर पहुंचे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार फलित राम साहू खेती-किसानी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना पर फास्टरपुर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों एवं परिजनों से घटना की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मृतक किसान परिवार की आजीविका का मुख्य साधन खेती था। ऐसे में परिवार को नियमानुसार मुआवजा और सहायता मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी से राहत मिल सकती है।

मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। प्रशासन ने भी लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि बारिश और गरज-चमक के समय खुले खेतों, ऊंचे स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने वाले किसानों को सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देकर प्राकृतिक आपदाओं से बचाव किया जा सकता है। मुंगेली जिले के बेलसरी गांव में हुई इस घटना ने एक बार फिर मानसून के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल फास्टरपुर पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं गांव में किसान की मौत के बाद शोक की लहर है।

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

 रायपुर। नो बैग डे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली बच्चों का शैक्षणिक बोझ और मानसिक तनाव कम करने की एक पहल है, जिसमें छात्र बिना किताबों के स्कूल जाते हैं। इस दिन खेलकूद, कला, और रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बस्तामुक्त विद्यालय शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रुनियाडीह में शनिवार को नो बैग डे के अवसर पर पोषण वाटिका निर्माण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम काa, जिसमें विद्यालय परिसर में पौधरोपण के साथ पोषण वाटिका के रख-रखाव के लिए विशेष श्रमदान किया गया।

यूथ एवं इको क्लब की अगुवाई में हुआ श्रमदान
संस्था प्रमुख सीमांचल त्रिपाठी ने बताया कि यूथ एवं इको क्लब की प्रभारी एम. टोप्पो के नेतृत्व में क्लब अध्यक्ष वर्षा राजवाड़े सहित छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने पोषण वाटिका से खरपतवार हटाकर पौधों की उचित देखभाल की और समाज को पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश दिया।

एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ माँ के नाम अभियान तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप शासकीय उद्यान दतिमा से पौधे प्राप्त किए गए। परिसर में नीम, पीपल, आम, पपीता, मुनगा एवं केला सहित विभिन्न प्रकार के फलदार व छायादार पौधे लगाए गए। इसके साथ ही पोषण वाटिका में बरबटी, लौकी और करेला की सब्जियों के बीज भी रोपे गए।

विद्यार्थियों के पोषण का जरिया बन रही वाटिका
संस्था प्रमुख ने बताया कि विद्यालय परिसर में पूर्व से ही आम, जामुन, कटहल, अमरूद, पपीता, केला और अनानास जैसे फलदार वृक्ष मौजूद हैं, जो विद्यार्थियों के दैनिक पोषण का मुख्य माध्यम बन रहे हैं। इस अवसर पर शिक्षक रिजवान अंसारी, सुमित्रा राजवाड़े, नान दईया तथा बाल कैबिनेट के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाकर कार्यक्रम को सफल बनाया।

प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल

प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में गूंजा कोरबा का जल संरक्षण मॉडल

 रायपुर। जल संरक्षण के क्षेत्र में कोरबा जिले के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को आज राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 136वें एपिसोड में कोरबा नगर पालिक निगम द्वारा कैच द रेन अभियान के अंतर्गत किए जा रहे वर्षा जल संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए इसे जल संवर्धन की प्रभावी पहल बताया। यह उपलब्धि कोरबा नगर पालिक निगम, जिला प्रशासन एवं जिलेवासियों के लिए गौरव का विषय है।

कैच द रेन’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन
कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन तथा नगर पालिक निगम, कोरबा के आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से अनेक नवाचारी एवं स्थायी पहल की गई हैं। ‘कैच द रेन’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत वर्षा जल का अधिकतम संचयन एवं भूजल स्तर में वृद्धि के लिए शहर में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। एसएएम-2.0 योजना के अंतर्गत शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर रिचार्ज वेल का निर्माण कराया गया है। इनका निर्माण नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (इसरो) के तकनीकी विशेषज्ञों के परामर्श से इंजेक्ट वेल पद्धति के अनुसार किया गया है। इन रिचार्ज वेल के माध्यम से भारी वर्षा के दौरान सड़कों एवं नालियों में बहने वाले वर्षा जल को सीधे भूगर्भ में पहुंचाया जा रहा है, जिससे जल का अपव्यय रुक रहा है तथा भूजल स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है।

1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित
नगर निगम ने वर्षा जल संचयन को जनभागीदारी से जोड़ते हुए शासकीय भवनों में 757 तथा निजी भवनों में 971, कुल 1,728 रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट स्थापित कराए हैं। साथ ही भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा जारी प्रत्येक भवन निर्माण अनुमति में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य प्रावधान के रूप में शामिल किया गया है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान
अनिवार्य इसके अतिरिक्त सामुदायिक भवनों, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों, आंगनबाड़ी भवनों, मंगल भवनों तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग पिट का प्रावधान अनिवार्य किया गया है। वर्तमान में 109 निर्माण कार्यों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर रिचार्ज
भूजल संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थित 95 अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त एवं ध्वस्त बोरवेलों का चिन्हांकन कर उन्हें रिचार्ज संरचनाओं के रूप में विकसित करने के लिए री-ड्रिलिंग की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे अनुपयोगी संसाधनों का उपयोग जल संरक्षण के लिए किया जा सकेगा। वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा

जल संरक्षण के साथ-साथ जिले में पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए भी व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा कोरबा एवं कटघोरा वनमंडल में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जा रहा है तथा वाटर हार्वेस्टिंग पिट के माध्यम से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। कोरबा वनमंडल में इस वर्ष ढाई लाख पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहन
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार जिले में 15 सितंबर तक एक पेड़ माँ के नाम सहित सघन वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा 18 जुलाई को “रन फॉर ग्रीन कोरबा” का आयोजन कर जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता से पौधरोपण किया गया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही बीबी-राम-जी अभियान के माध्यम से पौधों का वितरण कर सभी शासकीय कार्यालयों के परिसरों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में कोरबा के जल संरक्षण मॉडल का उल्लेख किया जाना इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर दूरदृष्टि, नवाचार और जनभागीदारी के साथ किए गए प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रेरणा बन सकते हैं। कोरबा नगर पालिक निगम का यह मॉडल अब जल संरक्षण के क्षेत्र में देश के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं
कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं निगमायुक्त आशुतोष पांडेय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों, संस्थानों एवं प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाएं स्थापित कर वर्षा जल संचयन को जनआंदोलन बनाएं तथा जल संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं। उन्होंने अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

CG Weather Update: रायपुर समेत इन जिलों में भारी बारिश और आंधी का रेड अलर्ट जारी, मौसम विभाग की चेतावनी

CG Weather Update: रायपुर समेत इन जिलों में भारी बारिश और आंधी का रेड अलर्ट जारी, मौसम विभाग की चेतावनी

 CG Weather Update— रविवार को वीकेंड पर घूमने का प्लान बना रहे रायपुरवासियों के लिए मौसम विभाग ने चिंताजनक अपडेट जारी किया है। लालपुर स्थिति मौसम केंद्र ने रायपुर, गरियाबंद और धमतरी समेत मध्य छत्तीसगढ़ के आठ प्रमुख जिलों में भारी बारिश, वज्रपात और 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है । मौसम वैज्ञानिकों ने राजधानी समेत मैदानी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और जलभराव की आशंका जताते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है ।

मानसून ट्रफ और शियर जोन का प्रभाव: क्यों बिगड़ा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में मुख्य मानसून द्रोणिका जैसलमेर, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए सीधी और डाल्टनगंज के रास्ते गुजर रही है। इसके साथ ही 24 डिग्री उत्तर अक्षांश पर हवा का एक पूर्व-पश्चिम शियर जोन सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से राज्य में लगातार नमी आ रही है।

शनिवार को रायपुर 33 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया था, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को रायपुर का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, लेकिन दोपहर बाद तेज गर्जना के साथ झमाझम बारिश की संभावना बनी हुई है ।

मौसम केंद्र का आधिकारिक बयान

“मानसून द्रोणिका और ऊपरी हवा के चक्रवाती तंत्र के कारण अगले 24 घंटों में मैदानी और मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की संभावना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आकाशीय बिजली से बचाव के उपाय अपनाएं।”
— मौसम केंद्र रायपुर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

किन जिलों में कौन-सा अलर्ट?

मौसम केंद्र ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं:

  • रेड अलर्ट (60-80 km/h हवाएं और भारी बारिश): रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और बिलासपुर।
  • ऑरेंज अलर्ट: सुकमा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, बालोद, राजनांदगांव, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली।
  • येलो अलर्ट (40 km/h हवाएं): बीजापुर, दंतेवाड़ा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर।

आम जनता और यात्रियों के लिए गाइडलाइन

रेड अलर्ट वाले इलाकों में निचले स्थानों पर जलभराव और दृश्यता कम होने से यातायात बाधित हो सकता है। जिला प्रशासन ने नागरिकों को जलभराव वाले रास्तों, उफान पर मौजूद नदी-नालों और पुराने पुल-पुलियों से दूर रहने का निर्देश दिया है। बारिश और आंधी के दौरान पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे आश्रय न लें ।

देर रात बड़े कारोबारी के ठिकानों पर ED और आयकर विभाग की दबिश, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी

देर रात बड़े कारोबारी के ठिकानों पर ED और आयकर विभाग की दबिश, दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच जारी

 बलौदाबाजार। बलौदाबाजार में एक बड़े कारोबारी के ठिकानों पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई की खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) की टीम ने पीतल कारोबारी राजकुमार सराफ के आवास समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचकर जांच शुरू की है। देर रात शुरू हुई इस कार्रवाई के बाद स्थानीय कारोबारी जगत में हलचल तेज हो गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, ED और आयकर विभाग की टीमें कारोबारी से जुड़े दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और व्यावसायिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। जांच के दौरान विभिन्न दस्तावेजों और खातों से संबंधित जानकारी खंगाले जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की नकदी, दस्तावेज या अन्य सामग्री जब्त की गई है या नहीं।

यह कार्रवाई किस विशेष इनपुट, शिकायत या मामले के आधार पर की जा रही है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियों की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

एक साथ ED और आयकर विभाग की टीम पहुंचने की खबर के बाद शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, जांच पूरी होने और एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई की वास्तविक वजह और जांच में मिले तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 
 
CG  : बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, खेत में रोपाई के दौरान हुआ हादसा

CG : बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत, खेत में रोपाई के दौरान हुआ हादसा

 कोरबा। जिले के सलोरा-छुरी गांव में शनिवार को बिजली गिरने से 3 किसानों की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब 25 से 30 किसान खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। घटना कटघोरा थाना क्षेत्र के छुरी बकरा बाजार स्थित खेत की है।

पश्चिम बंगाल तट पर बने लो प्रेशर एरिया का असर अब छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस सीजन में अब तक संभागीय स्तर पर वर्षा सामान्य बनी हुई है और सामान्य से 19% कम (-19%) रिकॉर्ड की गई है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 59% ज्यादा बारिश और सरगुजा में सबसे कम 49% बारिश हुई है।

आकाशीय बिजली की चपेट में आए 3 किसान

शनिवार को कोरबा के सलोरा-छुरी गांव में 25 से 30 किसान एक साथ खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इसी दौरान खेत की मेढ़ पर आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से तीन किसान गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना के बाद खेत में मौजूद अन्य किसानों ने तीनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कटघोरा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों में बहुरंन (44) लक्ष्मी चंद (48) और श्याम साहू (58) शामिल है, तीनों सलोरा-छुरी के ही रहने वाले थे।

आज का मौसम

रविवार को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

तापमान का हाल

प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ।

अगले दो दिन का आउटलुक

अगले 48 घंटों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है।

रायपुर का मौसम

रायपुर शहर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को किया नमन

वित्त मंत्री चौधरी ने कारगिल विजय दिवस पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य को किया नमन

 रायपुर। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कारगिल विजय दिवस की गौरवमयी वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य एवं अटूट संकल्प को कोटि-कोटि नमन करते हुए कारगिल युद्ध के अमर वीरों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है।
वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के पराक्रम, वीरता और राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है। विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे वीर जवानों ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का त्याग, बलिदान और शौर्य प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके अदम्य साहस के कारण देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और भारत का गौरव अक्षुण्ण है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि कारगिल के अमर शहीदों का बलिदान सदैव राष्ट्रवासियों के हृदय में अमिट रहेगा। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और राष्ट्रसेवा की भावना से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा के प्रति सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दिया-मुख्यमंत्री साय

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दिया-मुख्यमंत्री साय

  रायपुर- विष्णुदेव साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि- धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन में प्रत्येक दायित्व का निर्वहन सदैव निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ किया है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों, तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने पद से त्यागपत्र देने का उनका निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों, मर्यादा और सिद्धांतों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का परिचायक है। राष्ट्रसेवा के उनके सतत प्रयास निरंतर नई ऊँचाइयों को प्राप्त करते रहें। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर होगा रन फॉर इंद्रावती मैराथन का आयोजन

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर होगा रन फॉर इंद्रावती मैराथन का आयोजन

 00 वन मंत्री कश्यप की पहल पर बाघ एवं वन्यजीव संरक्षण के समर्थन में दौड़ेंगे युवा और नागरिक

रायपुर। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस हर साल 29 जुलाई को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को बचाने के प्रति दुनिया भर में जागरूकता बढ़ाना है द्य बाघ हमारे पर्यावरण और जंगल के संतुलन को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। द्यअवैध शिकार और वनों की कटाई के कारण बाघों की जान को खतरा है, जिसे रोकने के लिए यह दिन प्रेरित करता है।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप की पहल पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी, छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में 29 जुलाई 2026 (अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस) के अवसर पर रन फॉर इंद्रावती मैराथन का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों में बाघ, वन्यजीव, जैव विविधता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व और वहां की समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण के लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगी।
दो श्रेणियों में होगी मैराथन
प्रतियोगिता 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दो श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। पुरुष एवं महिला वर्ग के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। 10 किलोमीटर दौड़ में प्रतिभागियों को प्रथम पुरस्कार 7 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 5 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 4 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं 5 किलोमीटर दौड़ में प्रथम पुरस्कार 5 हजार रुपए, द्वितीय पुरस्कार 4 हजार रुपए और तृतीय पुरस्कार 3 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य
इच्छुक प्रतिभागी पोस्टर पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। पंजीयन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। सभी प्रतिभागियों से समय रहते अपना पंजीयन पूरा करने की अपील की गई है।
सुबह 7 बजे होगी मैराथन की शुरुआत
रन फॉर इंद्रावती मैराथन 29 जुलाई को प्रात: 7 बजे इंदिरा स्टेडियम, बीजापुर से प्रारंभ होगी। प्रतिभागियों को चेस्ट नंबर का वितरण सुबह 5:30 बजे से 6:30 बजे तक किया जाएगा।

भाजपा सिद्धांतनिष्ठ राजनीति में विश्वास करती है, राष्ट्रहित हमारे लिए सर्वोपरि : मुख्यमंत्री साय

भाजपा सिद्धांतनिष्ठ राजनीति में विश्वास करती है, राष्ट्रहित हमारे लिए सर्वोपरि : मुख्यमंत्री साय

 00 धर्मेंद्र प्रधान का त्यागपत्र सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही का उदाहरण

00 कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांके, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को जनता ने नकारा : मुख्यमंत्री

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सिद्धांतनिष्ठ राजनीति में विश्वास रखने वाला दल है। भाजपा सत्ता को अधिकार नहीं, बल्कि जनता और राष्ट्र की सेवा का माध्यम मानती है। भारतीय जनता पार्टी के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है और सार्वजनिक जीवन में नैतिकता, पारदर्शिता तथा जवाबदेही हमारी कार्यसंस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान द्वारा नैतिक आधार पर दिया गया त्यागपत्र इसी राजनीतिक संस्कृति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भाजपा में पद से बड़ा सिद्धांत होता है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही स्वीकार करना लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भाजपा की राजनीतिक संस्कृति और कांग्रेस की कार्यशैली में यही मूलभूत अंतर है। भाजपा सिद्धांतों और जवाबदेही के आधार पर निर्णय लेती है, जबकि कांग्रेस का इतिहास सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और नैतिक मूल्यों की अनदेखी से भरा पड़ा है। मुख्यमंत्री ने मीडिया के सवालों के जवाब में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उसे अपने पूरे राजनीतिक इतिहास का आत्ममंथन करना चाहिए। आज कांग्रेस अपनी कथनी और करनी के अंतर के कारण पूरे देश में जनता का विश्वास लगातार खो रही है। उसे यह चिंतन करना चाहिए कि जनता उससे लगातार दूर क्यों होती जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में छत्तीसगढ़ के लाखों बेटा-बेटियों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया गया। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने युवाओं का विश्वास तोड़ा। प्रतिभाशाली युवाओं के साथ अन्याय हुआ और पूरी चयन प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के युवाओं से स्पष्ट वादा किया था कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर सीजीपीएससी मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। भाजपा सरकार ने अपने संकल्प को निभाते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। आज जांच आगे बढ़ रही है और तत्कालीन अध्यक्ष सहित अन्य दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। हमारी सरकार में कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य की सुरक्षा, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और सुशासन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।