BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |
प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने केरे गांव के होमस्टे का किया अवलोकन

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने केरे गांव के होमस्टे का किया अवलोकन

 ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उभर रही नई पहचान, स्थानीय आजीविका को मिल रहा संबल

सफल होमस्टे मॉडल और आत्मीय मेजबानी से बढ़ रही केरे गांव की लोकप्रियता

रायपुर--- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय से यह गांव प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।

सोमवार को जशपुर जिले के प्रभारी सचिव  अंकित आनंद ने विकासखंड जशपुर के ग्राम केरे में संचालित होमस्टे का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, पारंपरिक भोजन व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।

प्रभारी सचिव ने होमस्टे में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।

उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। गांव में वर्तमान में पांच होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन तथा पर्यटकों की बेहतर सेवा से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।

हाल ही में महुआ होमस्टे में ठहरे पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों ने इस पहल की सफलता को और मजबूती प्रदान की है। पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा उन्हें ताजा, पौष्टिक एवं घर में तैयार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां की स्वच्छता, शांत वातावरण, आत्मीय मेजबानी और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के अवसर की सराहना की।

प्रभारी सचिव  अंकित आनंद ने भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं तथा ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

जिला प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित कर रहा है। साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

सकारात्मक अनुभवों, बेहतर व्यवस्थाओं और लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

इस अवसर पर कलेक्टर  रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर  विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ श्री लोखित भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने की जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने की जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा

 स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश

दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहा

रायपुर- जशपुर जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने  जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ  पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।

जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।

कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें।

खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।

प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में कलेक्टर  रोहित व्यास ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय एवं क्रिटिकल केयर सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1 लाख 12 हजार 618 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 93 हजार 506 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।

जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 6 मॉडल अमृत सरोवर चयनित किए गए हैं। इसके अलावा आजीविका डबरी के 495, वाटर रिचार्ज के 461, पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार के 1,437 तथा सोक पिट निर्माण के 3,050 कार्य स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं।

समीक्षा बैठक में मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, मत्स्यपालन, पशुपालन, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सहित विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

CG – जवान ने की आत्महत्या : ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली

CG – जवान ने की आत्महत्या : ड्यूटी के दौरान सर्विस राइफल से खुद को मारी गोली

 कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में सीएएफ (CAF) कैंप में तैनात एक जवान ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मृतक जवान की पहचान जोगेंद्र नेताम के रूप में हुई है। एसपी ने थाना प्रभारी को सभी पहलुओं पर बारिकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं।

बताया जा रहा है कि मृतक जवान जोगेंद्र नेताम फरसगांव इलाके के उरंदाबेड़ा थाना अंतर्गत स्थित सीएएफ (CAF) कैंप में तैनात था। ड्यूटी के दौरान ही उसने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। घटना की जानकारी मिलते ही उरंदाबेड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। खून से लथपथ घायल जवान को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद जवान जोगेंद्र नेताम को मृत घोषित कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा तत्काल मर्च्युरी पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद मृत जवान के परिजनों से मुलाकात की। शुरुआती जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया जवान ने निजी कारणों के चलते मानसिक तनाव में आकर यह आत्मघाती कदम उठाया है।

CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

CG Police Transfer : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षकों के हुए तबादले...देखें लिस्ट..!!

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में 18 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है, जिनमें 4 एसआई, 2 एएसआई, 2 हेडकांस्टेबल और 10 कॉन्स्टेबल शामिल है। एसएसपी रजनेश सिंह ने तबादला का आदेश भी जारी कर दिया है।

देखें आदेश….

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक संपन्न, पढ़िए लिए गए सभी बड़े फैसले

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1. आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।

2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।

4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है।

इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।

भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया।

इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

टाटीबंध चौक से रेलवे स्टेशन तक फिर दौड़ेंगी आठ मिनी सिटी बसें, किराया होगा 25 रुपये

टाटीबंध चौक से रेलवे स्टेशन तक फिर दौड़ेंगी आठ मिनी सिटी बसें, किराया होगा 25 रुपये

 रायपुर। रायपुर शहर में आठ नई मिनी सिटी बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। इन बसों के शुरू होने से शहरवासियों को सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी। ये बसें टाटीबंध चौक से रेलवे स्टेशन और पचपेड़ी नाका होते हुए आईएसबीटी तक चलेंगी। यात्रियों के लिए टाटीबंध से रेलवे स्टेशन तक किराया 25 रुपये तय किया गया है। संचालन की शुरुआत 45 दिनों के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही है। बसें हर 15 से 20 मिनट में उपलब्ध होंगी, जिससे शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों को इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इसके लिए दो रूट तय किए गए है जिनमें पहला रूट टाटीबंध चौक से शुरू होकर आमापारा होते हुए रेलवे स्टेशन तक रहेगा। वहीं दूसरा रूट अंतरराज्यीय बस स्टैंड भांटागांव से शुरू होकर संतोषी नगर चौक होते हुए पचपेड़ी नाका चौक, सिद्धार्थ चौक, कालीबाड़ी और घड़ी चौक से रेलवे स्टेशन तक का है। बसों में यात्रा के लिए लगभग दो रुपये प्रति किलोमीटर का किराया लगेगा। इन मिनी बसों का उद्देश्य शहर के भीतर आवागमन को सरल बनाना और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है। बसों के संचालन से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। ये बसें शुरुआती दौर में सुबह साढ़े छह बजे से चलेंगी। ट्रायल के तौर पर बसें फिलहाल दो रूटों पर चलेंगी।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शौर्य चक्र से सम्मानित छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज अधिकारियों को दी बधाई

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने शौर्य चक्र से सम्मानित छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज अधिकारियों को दी बधाई

 रायपुर--वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु  द्वारा 'रक्षा अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों के अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण है। विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्होंने जिस वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन वीर अधिकारियों ने अपने साहसिक कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनका यह सम्मान छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यपरायणता के मार्ग पर आगे बढऩे के लिए प्रेरित करेगा।

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश को उनके शौर्य और समर्पण पर गर्व है।

 रायपुर में 11 जून को नहीं आएगा पानी, इन 42 इलाकों में जलापूर्ति रहेगी बाधित

रायपुर में 11 जून को नहीं आएगा पानी, इन 42 इलाकों में जलापूर्ति रहेगी बाधित

 रायपुर। रायपुर में 11 जून को शहर के 42 इलाकों में शाम की पानी सप्लाई बंद रहेगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) रावणभाटा उपकेंद्र में 33 केवी लाइन पर मेंटेनेंस और केबल कनेक्टिविटी का काम करेगी। इसके चलते शहर के 80 एमएलडी, न्यू 80 एमएलडी और 150 एमएलडी फिल्टर प्लांट कुछ समय के लिए बंद रहेंगे।नगर निगम जलकार्य विभाग के मुताबिक, 11 जून को सुबह नियमित जलापूर्ति के बाद शाम को इन प्लांटों से जुड़े 42 जलागारों में पानी नहीं दिया जाएगा। हालांकि 12 जून की सुबह से जलापूर्ति फिर सामान्य हो जाएगी।इन इलाकों में प्रभावित रहेगी सप्लाईडंगनिया, गंज, गुढ़ियारी, न्यू राजेंद्र नगर, श्याम नगर, तेलीबांधा, शंकर नगर, खमतराई, भनपुरी, भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डीडी नगर, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मंडी, मोवा, सड्डू, व्लदल सिवनी, रामनगर, कचना, आमासिवनी, देवपुरी, मोतीबाग, बोरियाखुर्द, जोरा, रायपुरा, कुकरबेड़ा, बैरन बाजार (नया), देवेंद्र नगर (नया) और संजय नगर समेत अन्य क्षेत्रों में शाम की जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।

CG Train Cancelled: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 10 से 12 जून तक रद्द रहेंगी कई ट्रेनें, चेक करें लिस्ट..!!

CG Train Cancelled: रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, 10 से 12 जून तक रद्द रहेंगी कई ट्रेनें, चेक करें लिस्ट..!!

 रायपुर। गर्मियों के सीजन में हर कोई अपने दोस्तों और परिजनों के साथ घूमने जाने का प्लान बनाता है। लेकिन अगर आप भी कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले इस खबर को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि रेलवे ने एक बार फिर 8 मेमू-डेमू ट्रेनों को रद्द किया है। इस फैसले के चलते अब रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

दरअसल, नागपुर मंडल के रसमड़ा स्टेशन पर अधोसंरचना विकास से जुड़ा काम किया जाएगा। यहां मालगोदाम लाइन को जोड़ने के लिए विशेष ब्लॉक लिया जाएगा। इसी के तहत प्री-नॉन इंटरलॉकिंग से जुड़े तकनीकी कार्य किए जाएंगे। जिसके चलते 10 से 12 जून तक 8 मेमू-डेमू ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया गया है।  इसी के साथ ही दो पैसेंजर ट्रेनें गंतव्य से पहले दुर्ग स्टेशन पर समाप्त होंगी।

 
 

 10 से 12 जून के बीच निम्न रूटों पर चलने वाली मेमू और डेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं डोंगरगढ़ से बिलासपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन दुर्ग स्टेशन से शुरू होगी। वहीं रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की अपील की है ताकी परेशानियों से बचा जा सके।

 

ये ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

रायपुर – डोंगरगढ़

डोंगरगढ़ – रायपुर

डोंगरगढ़ – गोंदिया

गोंदिया – डोंगरगढ़

इतवारी – गोंदिया

गोंदिया – इतवारी

इतवारी – बालाघाट

बालाघाट – इतवारी

 पुरुषोत्तम मास में श्री जैतू साव मठ परिसर में लगाए गए 11 फलदार वृक्ष

पुरुषोत्तम मास में श्री जैतू साव मठ परिसर में लगाए गए 11 फलदार वृक्ष

रायपुर। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर पुरानी बस्ती स्थित श्री जैतू साव मठ परिसर में "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत 11 फलदार वृक्षों का रोपण किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, मातृ सम्मान एवं धार्मिक पुण्य अर्जन का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में आम, अमरूद, जामुन, नींबू सहित विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया गया। उपस्थित जनों ने पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महेंद्र अग्रवाल, अजय तिवारी, सुमित तिवारी, उज्जवल ठाकुर, सौरभ मिश्र एवं दीपक पाठक ,संदिप उपाध्याय उपस्थित रहे। सभी ने वृक्षारोपण को समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण योगदान बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

वक्ताओं ने कहा कि सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस माह में किए गए दान, सेवा, जप, तप एवं वृक्षारोपण का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। विशेष रूप से फलदार वृक्ष लगाने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीव-जंतुओं, पक्षियों और मानव समाज को भी दीर्घकालीन लाभ मिलता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक आज , कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

CG Cabinet Meeting: साय कैबिनेट की बैठक आज , कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आज यानी 9 जून को आयोजित होगी। बैठक सुबह 11 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी।

जानकारी के अनुसार, बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लग सकती है। सबसे महत्वपूर्ण विषय राज्य के 5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए लंबे समय से लंबित कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर माना जा रहा है। इस योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

 इसके अलावा प्रदेश की बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर नीति पर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा हो सकती है। कर्मचारियों और अधिकारियों की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में जल्द होगी मानसून की एंट्री, अगले 4 दिनों में बस्तर में देगा दस्तक, तेज आंधी तूफान का अलर्ट जारी

छत्तीसगढ़ में जल्द होगी मानसून की एंट्री, अगले 4 दिनों में बस्तर में देगा दस्तक, तेज आंधी तूफान का अलर्ट जारी

 रायपुर।दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरलम में दस्तक दे दी है। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून की एंट्री नहीं हुई है लेकिन राज्य में मौसम का मिजाज बदल गया है। दिनभर तेज धूप और भीषण गर्मी के बाद शाम होते ही हल्की बारिश होने लगती है। वहीं कहा जा रहा है कि,  छत्तीसगढ़ में अगले 4 से 5 दिनों में मानसून की दस्तक मिलने की संभावना है।

वहीं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 4 दिनों में बस्तर क्षेत्र में मानसून की एंट्री हो सकती है। इसके संकेत छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में पहले ही दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई है। विशेषज्ञों के अनुसार, झारखंड से तेलंगाना तक सक्रिय द्रोणिका प्रणाली का असर राज्य में बारिश के लिए जिम्मेदार है। हाल ही में प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक 20 मिमी बारिश चंद्रपुर में रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग ने आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रदेशवासियों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और निर्देशों का पालन करें और संभावित आपदा से बचाव के लिए तैयार रहें।

CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुपेबेड़ा क्षेत्र को मिलेगी स्वच्छ पेयजल की सौगात

CG : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुपेबेड़ा क्षेत्र को मिलेगी स्वच्छ पेयजल की सौगात

 गरियाबंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और जनजीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़े क्षेत्र सुपेबेड़ा तथा आसपास के गांवों के लिए बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय योजना तेजी से मूर्त रूप ले रही है। सुपेबेड़ा जल प्रदाय योजना के लिए 10 करोड़ 34 लाख 32 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य को 5 जुलाई 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जल प्रदाय योजना की टेस्टिंग प्रक्रिया 30 जून से प्रारंभ होने की संभावना है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी योजना के पूर्ण होने पर सुपेबेड़ा, सागुनबाड़ी, मोटरापारा, निष्ठीगुड़ा, सेंधमुड़ा, खोकसरा, खम्हारगुड़ा, परवापाली एवं ठिरलीगुड़ा सहित कुल 9 गांवों के नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। योजना के अंतर्गत सेंधमुड़ा घाट क्षेत्र में तेल नदी पर इंटेकवेल का निर्माण किया जा रहा है। सुपेबेड़ा में 75 हजार लीटर क्षमता वाले उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण किया जा चुका है तथा जल शोधन (फिल्टर) संयंत्र का कार्य प्रगति पर है। यहां से शुद्ध पेयजल की पंपिंग कर संबंधित गांवों में निर्मित अलग-अलग जल टंकियों तक पहुंचाया जाएगा, जहां से घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

इस योजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 2 हजार 74 परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन का लाभ मिलेगा। जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थाई समाधान मिलेगा। जिला मुख्यालय गरियाबंद में संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुपेबेड़ा एवं आसपास के गांवों में जल उपलब्धता को और सुदृढ़ करने के लिए 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति भी प्रदान की है। इससे क्षेत्र में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन तथा पेयजल स्रोतों की स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

यह योजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने, महिलाओं एवं बच्चों की जल संग्रहण संबंधी कठिनाइयों को कम करने तथा ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच और संवेदनशील पहल का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जिससे देवभोग विकासखंड के हजारों ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

सीएम साय और सांसद कंगना रनौत ने 26/11 के असली हीरोज को समर्पित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का देखा विशेष प्रदर्शन

सीएम साय और सांसद कंगना रनौत ने 26/11 के असली हीरोज को समर्पित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का देखा विशेष प्रदर्शन

 रायपुर। राजधानी रायपुर के ज़ोर द मॉल में आगामी हिंदी फिल्म भारत भाग्य विधाता की विशेष प्री-स्क्रीनिंग का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, फिल्म की मुख्य अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत सहित प्रदेश के अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे।

यह फिल्म देश के इतिहास के सबसे दर्दनाक आतंकी हमलों में से एक 2008 Mumbai attacks के दौरान मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बने कामा अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और सहयोगी कर्मचारियों की सच्ची कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करती है। आतंकियों की गोलियों और विस्फोटों के बीच बिना किसी हथियार के अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों मरीजों और नागरिकों की जान बचाने वाले इन कर्मवीरों के साहस को फिल्म में जीवंत रूप से दर्शाया गया है।

 
 छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन 1076 शुरू, अब कॉल और WhatsApp से दर्ज करें शिकायत

छत्तीसगढ़ में CM हेल्पलाइन 1076 शुरू, अब कॉल और WhatsApp से दर्ज करें शिकायत

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को महानदी भवन मंत्रालय में इस सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने हेल्पलाइन कॉल सेंटर का अवलोकन भी किया। इस नई व्यवस्था के जरिए अब प्रदेश के लोग अपनी शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक पहुंचा सकेंगे।

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर नागरिक सफाई व्यवस्था में लापरवाही, पेंशन से जुड़ी समस्याएं, पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने, सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार जैसी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। सरकार का दावा है कि शिकायतों का तय समयसीमा में प्रभावी और संतोषजनक समाधान किया जाएगा।

लोग टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल करने के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और WhatsApp चैटबॉट के जरिए भी शिकायत भेज सकेंगे। साथ ही शिकायत की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

 
13 वर्षीय सुमाना कुंडू के अंग दान से दो को मिला नया जीवन

13 वर्षीय सुमाना कुंडू के अंग दान से दो को मिला नया जीवन

00 एम्स रायपुर ने दर्ज किया अपना पहला बाल चिकित्सा मृत अंग दान
रायपुर।
साहस और मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश करते हुए, रायपुर की 13 वर्षीय सुमाना कुंडू के परिवार ने गंभीर न्यूरोलॉजिकल (तंत्रिका संबंधी) जटिलताओं के बाद उन्हें ब्रेन डेड (मस्तिष्क मृत) घोषित किए जाने पर अंगदान की सहमति दी। उनके इस निस्वार्थ निर्णय ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में दो जीवन रक्षक किडनी ट्रांसप्लांट (गुर्दा प्रत्यारोपण) को सफल बनाया, जिससे एंड-स्टेज किडनी रोग से पीडि़त मरीजों को नया जीवन और नई उम्मीद मिली है।

यह बच्ची पिकनोडाईसोस्टोसिस से पीडि़त थी, जो एक बेहद दुर्लभ अनुवांशिक विकार (जेनेटिक डिसऑर्डर) है। इस बीमारी में हड्डियां असामान्य रूप से घनी लेकिन बेहद कमजोर हो जाती हैं। बचपन से ही वह गंभीर इंट्राक्रैनियल हाइपरटेंशन (मस्तिष्क के भीतर अत्यधिक दबाव) से जूझ रही थी, जिसके लिए उनके मस्तिष्क में वेंट्रिकुलोपेरिटोनियल (वीपी) शंट डाला गया था। बीते वर्षों में, शंट के बार-बार खराब होने के कारण उनकी कई सर्जिकल रीविज़न (दुरुस्तीकरण) की गईं, और अंतत: सेकेंडरी ऑप्टिक एट्रोफी के कारण उनकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई। वह एम्स रायपुर में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी टीमों के सहयोग से बाल रोग विभाग (पीडियाट्रिक्स) की विशेष देखरेख में थीं। 29 मई को गंभीर न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं के कारण उन्हें पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पिकू) में भर्ती कराया गया था। बहुविषयक (मल्टीडिसीप्लिनरी) मेडिकल टीम के गहन उपचार और निरंतर प्रयासों के बावजूद, उनकी स्थिति बिगड़ती गई और अंतत: उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।

इस कठिन घड़ी में, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर अंबे पटेल और विनीता पटेल ने शोक संतप्त परिवार को मृत अंगदान के बारे में परामर्श दिया। अद्भुत करुणा और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए, परिवार ने दोनों किडनियां दान करने की सहमति दे दी। इसके बाद, स्थापित प्रतीक्षा सूची नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (सोटो-छत्तीसगढ़) के माध्यम से अंगों का आवंटन किया गया। दान की गई एक किडनी रायपुर टाटीबंध निवासी एक 15 वर्षीय लड़के को प्रत्यारोपित की गई, जो पिछले तीन वर्षों से डायलिसिस पर निर्भर था, जबकि दूसरी किडनी मध्य प्रदेश के बालाघाट के एक 45 वर्षीय मरीज को दी गई, जो पिछले पांच वर्षों से डायलिसिस करा रहे थे। दोनों ट्रांसप्लांट प्रक्रियाएं पूरी तरह सफल रहीं और दोनों प्राप्तकर्ता किडनी ट्रांसप्लांट आईसीयू में तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। इस जटिल सर्जिकल ट्रांसप्लांट को यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अमित आर. शर्मा, डॉ. दीपक बिस्वाल और डॉ. राघवेंद्र ने नेफ्रोलॉजी टीम (जिसमें डॉ. विनय राठौर और डॉ. नीलम मरावी शामिल थे) और एनेस्थिसियोलॉजी टीम (जिसका नेतृत्व प्रो. मोनिका खेत्रपाल और डॉ. सरिता रामचंद्रानी कर रही थीं) के साथ मिलकर अंजाम दिया। यह ऐतिहासिक चिकित्सा उपलब्धि बाल रोग, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, एनेस्थिसियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागों और सोटो-छत्तीसगढ़ के आपसी और सुचारू समन्वय के प्रयासों से ही संभव हो सकी।

इस बड़ी चिकित्सा उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए डॉ. विनय राठौर ने कहा कि यह एम्स रायपुर में आठवां मृत अंगदाता अंगदान था और संस्थान का पहला बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक) मृत अंगदान था। उन्होंने आगे बताया कि एम्स रायपुर अब तक कुल 99 किडनी ट्रांसप्लांट कर चुका है, जिसमें मृत दाताओं से प्राप्त 14 किडनियां शामिल हैं, और यह प्रक्रिया संस्थान का तीसरा पीडियाट्रिक किडनी ट्रांसप्लांट है।

एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक, लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कुंडू परिवार के इस निर्णय की सराहना की और इसे करुणा व सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंगदान एक ऐसा शक्तिशाली माध्यम है जो कई जिंदगियां बचा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने जटिल ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं के प्रबंधन में एम्स रायपुर की बढ़ती विशेषज्ञता की भी पुष्टि की।

इस अवसर पर स्ह्रञ्जञ्जह्र छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक डॉ. वरुण अग्रवाल ने कहा कि अंगदान केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। एक परिवार का निर्णय कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आता है। वहीं मीडिया कंसल्टेंट गीतिका ब्रह्मभट्ट त्रिपाठी ने कहा कि सुमना का अंगदान समाज में अंगदान जागरूकता का एक प्रेरक उदाहरण है, जो लोगों को मृत्यु के बाद भी जीवन बांटने की प्रेरणा देगा।

यह अंगदान न केवल दो मरीजों के लिए जीवनदान साबित हुआ, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश भी देता है कि मृत्यु के बाद भी किसी का जीवन अनेक लोगों के जीवन में आशा का प्रकाश बन सकता है।
मानवता के प्रति परिवार के इस असाधारण और अभूतपूर्व योगदान के सम्मान में मृत किशोरी को संस्थान द्वारा औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दिया गया। उनकी यह अनमोल विरासत उन लोगों के जीवन के माध्यम से हमेशा जीवित रहेगी जिन्हें उन्होंने एक नया जीवन दिया है।

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

 रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है।

बैठक में ई-ऑफिस, ई अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की अद्यतन जानकारी रखने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता, गृह विभाग की सचिव श्रीमती नेहा चम्पावत, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री ईफ्फत आरा सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

मर्दापाल अंचल को 4.06 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

मर्दापाल अंचल को 4.06 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात

 00 वनमंत्री केदार कश्यप ने किया भूमिपूजन और लोकार्पण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को गति देने के लिए मर्दापाल अंचल की 23 ग्राम पंचायतों में 4 करोड़ 6 लाख 67 हजार रूपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर इन बुनियादी विकास कार्यों का विधि-विधान से भूमिपूजन किया।

इन स्वीकृत विकास कार्यों में मुख्य रूप से सड़क, पुलिया, स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, पंचायत भवन, रंगमंच और अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों का निर्माण शामिल है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र के समग्र विकास को एक नई गति प्राप्त होगी। ग्राम चांगे लगभग 77.96 लाख रूपए की लागत से पुलिया, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सीसी सड़क, रंगमंच और सामुदायिक भवन निर्माण। ग्राम मूलनार में लगभग 90.79 लाख रूपए की लागत से पुलिया, बाउंड्रीवाल, सीसी सड़क तथा अन्य बुनियादी ढांचागत विकास, ग्राम बड़ेकुरुषनार लगभग 88.14 लाख रूपए की लागत से पुलिया, रंगमंच, आहाता, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र, नवीन प्राथमिक शाला भवन, सांस्कृतिक भवन और पंचायत भवन का निर्माण, ग्राम बेचा लगभग 21.79 लाख की लागत से रंगमंच एवं माध्यमिक शाला भवन का भूमिपूजन और लोकार्पण, अन्य ग्राम पंचायतें रानापाल, कोंगेरा, मुंगवाल और चेरंग में 28 लाख रूपए तथा हथकली, मटवाल, पेरमापाल, नरिहा और आदनार में लगभग 1 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक भवन, सीसी सड़क, शाला भवन और पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया, शामिल है।
इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार सुदूर गांवों तक विकास की मुख्यधारा पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सड़क, शिक्षा, सामुदायिक अधोसंरचना और डिजिटल सेवाओं का विस्तार हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। श्अटल डिजिटल सुविधा केंद्रोंश् के माध्यम से अब ग्रामीणों को सभी जरूरी शासकीय सेवाओं का लाभ उनके अपने गांव में ही मिल सकेगा। उन्होंने आगे जोड़ा कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि सुशासन के माध्यम से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाकर हर गांव को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है।

साय कैबिनेट की अहम बैठक कल: कई अहम मुद्दों पर लगेगी मुहर

साय कैबिनेट की अहम बैठक कल: कई अहम मुद्दों पर लगेगी मुहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में मंगलवार 9 जून को महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है जिसमें स्वास्थ्य,तबादला सहित अनेक अहम विषयों पर चर्चा के बाद इस पर मुहर लगाई जा सकती है।
कैबिनेट की बैठक 11 बजे शुरू होगी। इस बैठक में राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े प्रस्तावों पर भी सरकार फैसला ले सकती है। लंबे समय से लंबित प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना को हरी झंडी दे सकती है। इस योजना के लागू होने पर राज्य के पांच लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधा लाभ मिलेगा। कर्मचारियों को इलाज के दौरान पहले भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी और सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसी के साथ कैबिनेट में तबादला नीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है,जिस पर मुहर लग सकती है।

CG Transfer : इस विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले, 165 का हुआ ट्रांसफर...देखिये लिस्ट..!!

CG Transfer : इस विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले, 165 का हुआ ट्रांसफर...देखिये लिस्ट..!!

 Chhattisgarh Transport Department Transfers: 8 जून 2026, छत्तीसगढ़ के अलग अलग विभागों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाने के लिए लगातार फेरबदल किये जा रहे हैं. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग में बड़े पैमाने में बदलाव किया गया है. एक साथ 165 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया गया है. प्रधान आरक्षक और आरक्षक स्तर के कर्मचारी को इधर से उधर किया गया है.

निरीक्षकों और आरक्षकों का तबादला

तबादले और नई पोस्टिंग को लेकर परिवहन आयुक्त कार्यालय की तरफ से आदेश जारी किया गया है. जिसके अनुसार, 46 परिवहन निरीक्षकों, 50 परिवहन उपनिरीक्षकों, 16 सहायक उपनिरीक्षकों, 35 प्रधान आरक्षकों और 18 आरक्षकों का तबादला हुआ है.

देखिये लिस्ट

 

 

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली सुहानो की जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली सुहानो की जिंदगी, कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर

 सूरजपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन से जनपद पंचायत प्रेमनगर की ग्राम पंचायत पार्वतीपुर जिले में एक आदर्श ग्राम के रूप में उभरकर सामने आई है। यहां प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाते हुए उनके पक्के घर के सपने को साकार किया जा रहा है।

जनपद मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पार्वतीपुर सामाजिक समरसता का उदाहरण है, जहां सभी जाति एवं धर्म के लोग निवास करते हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन से गांव के लोगों की आर्थिक स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से गरीब परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्राम पंचायत में प्रतिवर्ष लगभग 55 से 60 आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जाता है। योजना की सफलता के पीछे हितग्राहियों को आवास निर्माण के प्रति जागरूक करना, नियमित संगोष्ठियों का आयोजन तथा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय प्रमुख कारण रहे हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रेमनगर, विकासखंड समन्वयक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), तकनीकी सहायक, सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के संयुक्त प्रयासों से पात्र परिवारों तक योजना का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है।

इसी ग्राम पंचायत की निवासी सुहानो, पति जयराम, इस योजना की सफलता की एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। खेती-बाड़ी पर निर्भर उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पहले काफी कमजोर थी। परिवार एक जर्जर कच्चे मकान में रहता था, जो बरसात के दिनों में रहने योग्य नहीं रह जाता था। छत से पानी टपकता था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी। सुहानो बताती हैं कि वे हमेशा अपने परिवार के लिए एक मजबूत और सुरक्षित घर का सपना देखती थीं, लेकिन सीमित आय के कारण यह संभव नहीं हो पा रहा था। वर्ष 2024-25 में उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृति मिली। शासन से प्राप्त सहायता के माध्यम से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ और आज उनका परिवार एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक आवास में रह रहा है।

सुहानो कहती हैं, अब बरसात के दिनों में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। बच्चों को बेहतर वातावरण मिला है और मैं स्वयं पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर महसूस करती हूं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरे परिवार का जीवन बदल दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से ग्राम पंचायत पार्वतीपुर में गरीब परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। यह ग्राम पंचायत आज ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

सुरक्षाबलों ने नक्सली डंप किया बरामद, हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद

सुरक्षाबलों ने नक्सली डंप किया बरामद, हथियार व विस्फोटक सामग्री बरामद

 दंतेवाड़ा। जिले के बारसूर थाना क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर 195 वीं वाहिनी सीआरपीएफ द्वारा ग्राम तोड़मा के समीप पारसुली नाला क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए हथियार एवं विस्फोटक सामग्री को बरामद किया गया है।

बारसूर पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना के आधार पर 195 वीं वाहिनी सीआरपीएफ द्वारा जिला पुलिस बारसूर तथा बम निरोधक निष्क्रियकरण दस्ता के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। अभियान के दौरान ग्राम तोड़मा के जंगल क्षेत्र में पारसुली नाला के निकट एक संदिग्ध छिपा हुआ डंप बरामद किया गया। टीम के द्वारा क्षेत्र को घेराबंदी किया गया तथा बीडीडीएस टीम द्वारा जांच एवं तलाशी के उपरांत डंप को सुरक्षित रूप से खोला गया। डंप से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, संचार उपकरण, विस्फोटक सामग्री एवं अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई।

बरामद नक्सल सामग्री में 1 पाइप आईईडी, 2 प्रेशर कुकर आईईडी (05 लीटर), 01 बीजीएल, 01 राइफल .303, 01 एयर राइफल, विभिन्न प्रकार के कारतूस, मैगजीन, वायरलेस सेट, इंटरसेप्टर, डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, 51 एमएम बम, बुलेट प्रूफ प्लेट, दूरबीन, नक्सली वर्दी, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट एवं अन्य विस्फोटक निर्माण में प्रयुक्त सामग्री शामिल है। डंप स्थल की गहन तलाशी के दौरान लगभग 50 मीटर दूरी पर अतिरिक्त 2 प्रेशर कुकर आईईडी एवं 1 पाइप बम भी बरामद किए गए। बीडीडीएस टीम द्वारा सभी बातों का पालन करते हुए इन विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया।

मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मछुआरा समाज के उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर प्रदेश में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के विधानसभा पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह एवं समाजिक प्रगति चिंतन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए समाज हित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका योगदान समाज सदैव याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी विजन डॉक्यूमेंट 2047 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हसदेव-बांगो जलाशय में 37 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क स्थापित किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, निर्यात और मत्स्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं दुधवा जलाशय में वैज्ञानिक पद्धति से तिलापिया और पंगास मछली का पालन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क दुर्घटना बीमा प्रदान किया जा रहा है। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले मत्स्य पालकों को प्रतिवर्ष राज्योत्सव में बिलासा देवी केंवट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगरेल डूबान क्षेत्र समिति को ठेका पद्धति समाप्त कर पुनः मछली पालन की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि मछली पालन किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी व्यवसाय है और सरकार इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग दे रही है।

उन्होंने सुशासन तिहार के अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब तक 31 जिलों का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया गया है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतिम व्यक्ति तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की जल्द शुरुआत की भी घोषणा की, जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि मछुआरा समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और प्रदेश में मत्स्य पालन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मत्स्य पालकों के हितों की रक्षा और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने समाज के लोगों से नशामुक्ति का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों की शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होना होगा। उन्होंने आगामी जनगणना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।

कार्यक्रम को राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष गायत्री गायग्वाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधायक  ललित चंद्राकर, महासचिव ओमप्रकाश धीवर,  नंद कुमार सिंह धीवर सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

राष्ट्रीय कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

 रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता - मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी।

कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव श्री प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन

चंद्रनाहू कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने बच्चों को कराया स्वर्णप्राशन

 आयुर्वेदिक परंपरा और स्वस्थ बाल्य जीवन के महत्व को किया रेखांकित

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज धमतरी जिले के ग्राम छाती स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित चंद्रनाहू (चंद्राकर) कुर्मी-क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधिवेशन परिसर में लगाए गए विभिन्न प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया तथा बच्चों को स्वर्ण प्राशन संस्कार कराकर स्वस्थ एवं सशक्त बाल्य जीवन का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न संस्कारों की समृद्ध परंपरा रही है। स्वर्ण प्राशन भी ऐसे ही महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद में मिलता है। यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में सहायक माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि स्वर्ण प्राशन बच्चों में किए जाने वाले प्रमुख संस्कारों में से एक है। आयुर्वेद में इसे बाल स्वास्थ्य संवर्धन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना गया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में जिस प्रकार विभिन्न टीकों के माध्यम से बच्चों की प्रतिरक्षा क्षमता को मजबूत किया जाता है, उसी प्रकार आयुर्वेद में वैदिक काल से स्वर्ण प्राशन संस्कार के माध्यम से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का उल्लेख मिलता है। इसे आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन की पारंपरिक प्रक्रिया के रूप में भी देखा जाता है।

अधिवेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों से भेंट कर सामाजिक एकता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संबंध में चर्चा की। उन्होंने समाज द्वारा बच्चों एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

इस अवसर पर कुरूद विधायक अजय चंद्राकर,  विनोद चंद्राकर,  पूनम चंद्राकर, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष  दिनेश चंद्राकर सहित समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।