नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी

ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी

 00 374.96 लाख की लागत से तैयार जल संरचना बनी सिंचाई, निस्तारी और मवेशियों के पेयजल का आधार

रायपुर। ग्रामीणों की एक मांग ने आज सरगुजा जिले के सकालो और आसपास के क्षेत्र में जल उपलब्धता की तस्वीर बदल दी है। मवेशियों के लिए पेयजल और निस्तारी की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों की मांग पर निर्मित सकालो मुरना बांध अब सिंचाई, निस्तारी और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार बन गया है। बांध से खरीफ की 30 हेक्टेयर और रबी की 15 हेक्टेयर फसल को पानी मिल रहा है। इस तरह कुल 45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से किसानों को खेती में सहूलियत मिली है।
ग्रामीणों की जरूरत बनी बांध निर्माण की पहल का आधार
अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम सकालो में ग्रामीणों ने मवेशियों के लिए पेयजल संकट और निस्तारी की समस्या को देखते हुए जल संसाधन विभाग से सकालो मुरना में बांध निर्माण की मांग की थी। ग्रामीणों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग ने स्थल का मुआयना किया और बांध निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा। सकालो मुरना बांध निर्माण योजना को 30 जनवरी 2023 को 374.96 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। इसके बाद निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू किया गया और 15 जून 2024 को बांध का निर्माण पूर्ण हुआ।

रायपुर : सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी: ग्रामीणों की मांग पर बना सकालो मुरना बांध, जल संकट से मिली राहत और 45 हेक्टेयर खेती को मिला पानी


पूरी क्षमता से भरा बांध, आसपास के क्षेत्र में बढ़ा जलस्तर
वर्तमान में सकालो मुरना बांध पूरी क्षमता से भरा हुआ है। बांध में पर्याप्त जलभराव होने से सकालो मुरना के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी जलस्तर बढ़ा है। इससे निस्तारी और जल संकट की समस्या से राहत मिलने के साथ मवेशियों के लिए भी पेयजल की उपलब्धता बेहतर हुई है। स्थानीय स्तर पर जल संग्रहण की सुविधा विकसित होने से ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है और क्षेत्र में जल संरक्षण को भी मजबूती मिली है।
45 हेक्टेयर खेती को मिला सिंचाई का सहारा
बांध का बड़ा लाभ क्षेत्र के किसानों को मिल रहा है। इससे लगभग 30 हेक्टेयर खरीफ और 15 हेक्टेयर रबी फसल के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध हो रहा है। कुल 45 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में पानी की सुविधा मिलने से किसानों के लिए खेती करना आसान हुआ है। रबी सीजन में भी पानी की उपलब्धता ने किसानों के लिए खेती की संभावनाओं को मजबूत किया है। सिंचाई का स्थानीय स्रोत उपलब्ध होने से खेती को सहारा मिलने के साथ किसानों की आजीविका को भी संबल मिला है।
जल संरक्षण के साथ आवागमन की भी मिली सुविधा
सकालो मुरना बांध का लाभ केवल जल संग्रहण और सिंचाई तक सीमित नहीं है। बांध निर्माण के बाद आसपास के ग्रामीणों को आवागमन में भी सुविधा मिली है। इस प्रकार ग्रामीणों की मांग पर तैयार हुई यह जल संरचना सिंचाई, निस्तारी, मवेशियों के पेयजल और आवागमन जैसी कई जरूरतों को पूरा कर रही है। सेवा संकल्प अभियान के तहत सकालो मुरना बांध की यह सेवा की कहानी बताती है कि स्थानीय जरूरत के अनुरूप तैयार जल संरचना किस तरह पूरे क्षेत्र में बदलाव का आधार बन सकती है। जल संसाधन संभाग क्रमांक-01, अम्बिकापुर द्वारा निर्मित यह बांध आज जल संरक्षण के साथ किसानों की खेती और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों को सहारा देने वाली महत्वपूर्ण परिसंपत्ति बन गया है।

राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से भी माफी मांगनी चाहिए : मुख्यमंत्री साय

राहुल गांधी को चुनाव आयोग और देश से भी माफी मांगनी चाहिए : मुख्यमंत्री साय

 00 बार-बार जनता से ठुकरायी जा रही कांग्रेस अब देश के संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने पर आमादा

00 चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस और विपक्षी इण्डी गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश, भ्रम और मनगढ़ंत कहानियों की राजनीति पूरी तरह ध्वस्त
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि लगभग सौ बार चुनाव हार चुके कांग्रेस नेता राहुल गांधी अब बौखलाहट में लगातार देशद्रोही आचरण पर उतारू हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस अब देश की तमाम संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, लगातार झूठ और फरेब के राजनीति कर देश को बदनाम करने में जुटी हुई है।  साय रविवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आहूत पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त द्वय की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस से यह साबित हो गया है कि आयोग में मतभेद संबंधी कांग्रेस के तमाम दावे न केवल खोखले हैं, बल्कि जान-बूझ कर देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने और भारत की संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने की राहुल गांधी की सोची-समझी साजिश है। केंद्रीय चुनाव आयोग की संयुक्त प्रेस नोट से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है। यह फिर से साबित हो गया है कि कांग्रेस सिर्फ और सिर्फ झूठ, सनसनी और भ्रम फैलाने का काम कर रही है। उसका झूठ फिर से बेनकाब हो गया है।  साय ने कहा कि अपने संयुक्त बयान में आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर समेत सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए। भारत के चुनाव आयोग की दुनियाभर में साख है। उसकी निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का प्रतीक है। कांग्रेस को ऐसी हरकतों से बाज आना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस संबंध में अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट भी कोरी कल्पना के अलावा कुछ नहीं है। समाचार में कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे जिस पत्र का जिक्र है, वह न तो किसी किसी नीतिगत विषय से संबंधित है, न ही एसआईआर से संबंधित। वह सामान्य प्रशासकीय विषय था। वैसे भी चुनाव आयोग सीधे राष्ट्रपति के प्रति जिम्मेदार है, इसलिए कैबिनेट सचिव को किसी नीतिगत मामले पर पत्र लिखने का कोई तुक ही नहीं है, न ही आयुक्तों ने ऐसा कोई पत्र लिखा है। श्री साय ने इस बात पर अफसोस जताया कि जिन विषयों को सुप्रीम कोर्ट तक सही ठहरा चुका है, उसके खिलाफ भी कांग्रेस झूठ फैला रही है। फॉर्म-6 के घोषणापत्र समेत अनेक विषयों पर सर्वोच्च न्यायालय से पहले ही पक्ष में निर्णय आ चुका है, फिर भी कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नाकाम कोशिश करती रहती है। कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय तथ्यों का सम्मान करना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब भी कांग्रेस जनता की अदालत में पराजित होती है, वह अपनी खीझ और हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर झूठे आरोप मढऩे लगती है। निर्वाचन आयोग के स्पष्ट और कड़े वक्तव्य ने विपक्ष के सभी झूठ और दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगेंडा की हवा निकाल दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी ने शनिवार को बैठक कर एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जिसमें यह स्पष्ट कर दिया गया है कि देशभर में संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई, 2026 को इस प्रक्रिया को कानूनी रूप से वैध ठहराया है। इसके बावजूद विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और प्रक्रियाओं पर झूठा कीचड़ उछालने का घिनौना काम कर रहा था। श्री साय ने कहा कि देश की जनता भली-भाँति जानती है कि जितने भी राज्यों में चुनाव संपन्न हुए हैं, वे पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र रूप से संपन्न हुए हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जब चुनाव हारते हैं, तो कभी ईवीएम पर, कभी संवैधानिक संस्थाओं पर तो कभी चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाते हैं। चुनाव आयोग के इस पूर्ण और सर्वसम्मत बयान के बाद कांग्रेस नेतृत्व को देश और संवैधानिक संस्थाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक आदतन अपराधी की तरह राहुल गांधी लगातार संविधान का निरादर कर रहे हैं। संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं। हर बार और हर मंच पर मुंह की खाते हैं, बार-बार माफी मांगते हैं और फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। इसकी जितनी निंदा की जाय वह कम है। इससे पहले ईवीएम पर सवाल उठाते थे। उसे ब्लैक बॉक्स कहते थे लेकिन उसी ईवीएम से जीत कर स्वयं भी सांसद हैं। और अनेक राज्यों में उनकी न केवल सरकार है बल्कि 600 से अधिक विधायक और 99 लोकसभा सदस्य हैं, जो इसी चुनाव प्रक्रिया और इसी ईवीएम से चुन कर आए हैं। जीत जाने पर सरकार भी बनाना, विधायक और सांसद आदि भी बनना, इसी चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेकर राजनीति करना और उसी पर लगातार प्रहार करना। साय ने कहा कि वास्तव में कांग्रेस आज राहुल गांधी की अज्ञानता का शिकार होकर पेड़ की उसी डाली को काट रही है जिस पर वह बैठी है। दु:खद यह है कि जिस थाली में खाती है, उसी में लगातार छेद करने की कांग्रेस करती है।
साय ने कहा कि राहुल गांधी भारत को बदनाम करने का कोई मौ$का नहीं छोड़ते हैं। यहाँ तक कि अमेरिका के दौरों में भी राहुल गांधी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कहा कि भारत में सुप्रीम कोर्ट और न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही है और उस पर सरकार का कड़ा नियंत्रण है। राहुल गांधी उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा सीमा पार की गई ऐतिहासिक सर्जिकल स्ट्राइक को भी खून के दलाली कह देने जैसा शर्मनाक बयान दे दिया था। उनके द्वारा की गई ऐसी हरकतों की एक लंबी सूची है। श्री साय ने कहा कि बात चाहे ईवीएम की हो या कैग की, जाँच एजेंसियों की या फिर कोर्ट की। सबकी अवमानना करने, रंगे हाथ पकड़े जाने पर माफी मांग कर भाग खड़े होने और फिर अगले दिन से वही ऊल-जुलूल कहते रहने को कांग्रेस ने अपनी नीति बना ली है। दशकों तक देश पर एकछत्र शासन करने वाली कांग्रेस की ऐसी दुर्गति वास्तव में शर्मिंदा करती है। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस को 2018 में इकतरफा और ऐतिहासिक बहुमत मिला था। वह इसी चुनाव प्रक्रिया द्वारा ईवीएम से ही मिला था। वह तब तीनों राज्य जीत गई थी। अभी भी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के 35 विधायक हैं। क्या वे सभी यह मानते हैं कि गलत प्रक्रिया से चुनकर आए हैं? अगर वे यह मानते हैं कि उनके निर्वाचन की प्रक्रिया सही नहीं है तो क्या उन्हें विधायक रहने का नैतिक अधिकार है? कांग्रेस के हर जन प्रतिनिधि को यह सवाल स्वयं से पूछना चाहिए। जीत गए तो प्रक्रिया अच्छी और हारे तो गलत, ऐसा नहीं होता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश और प्रदेश की जनता का$फी समझदार है। कांग्रेस की ऐसी हरकतों की वजह से उसका रहा-सहा जनाधार भी समाप्त हो जायेगा। वास्तव में राहुल गांधी के नेतृत्व में करीब सौ चुनाव हार चुकी कांग्रेस ने अब खुद को इतिहास के कूड़ेदान में फेके जाने लायक बना लिया है। इस दौरान पत्रकार वार्ता में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री साय

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री साय

 00 अंतागढ़ के लामकन्हार में सुनी मन की बात की 138वीं कड़ी

00 प्रधानमंत्री मोदी ने की छत्तीसगढ़ के हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान की सराहना
00 मुख्यमंत्री ने कहा - छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित नवाचारों को मिल रही राष्ट्रीय पहचान
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को मन की बात के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है। इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है। इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया।

नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय


प्रधानमंत्री ने पोषण से लेकर स्वच्छता, पर्यावरण और वोकल फॉर लोकल तक विभिन्न विषयों पर किया संवाद
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा वोकल फॉर लोकल सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया। प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा अभियान की चर्चा की। इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


छत्तीसगढ़ के नवाचारों की मन की बात में लगातार हो रही चर्चा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी मन की बात में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का 5 प्रतिशत जल संचय मॉडल स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है। इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है। ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी मन की बात में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं। साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है। राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी


एक पेड़ मां के नाम के तहत लगाया अमरूद का पौधा
मन की बात कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढिय़ों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण,  अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

अंतागढ़ के लामकन्हार में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी

CG : छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया दो पिकअप भरकर गांजा, 8 क्विंटल माल जब्त, 7 हिरासत में

CG : छत्तीसगढ़ में यहां पकड़ाया दो पिकअप भरकर गांजा, 8 क्विंटल माल जब्त, 7 हिरासत में

 एमसीबी। जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हाईवे पुलिस चौकी नागपुर और थाना पोड़ी पुलिस ने चेकिंग के दौरान गांजा से भरे दो पिकअप वाहनों को पकड़ा है। दोनों वाहन ओडिशा से मध्यप्रदेश की ओर जा रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, दोनों पिकअप वाहनों की जांच के दौरान उनमें बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। हाईवे पुलिस चौकी प्रभारी के अनुसार, बरामद गांजे की मात्रा करीब 8 क्विंटल बताई जा रही है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों और तीन महिलाओं समेत कुल 7 लोगों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे मध्यप्रदेश में कहां पहुंचाया जाना था।

पुलिस ने दोनों पिकअप वाहनों और बरामद गांजे को जब्त कर लिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में गांजा तस्करी से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

छत्तीसगढ़ में बारिश से राहत के आसार,आज से घटेगी बारिश की तीव्रत,17 जिलों में हल्की बारिश की संभावना

छत्तीसगढ़ में बारिश से राहत के आसार,आज से घटेगी बारिश की तीव्रत,17 जिलों में हल्की बारिश की संभावना

 रायपुर – छत्तीसगढ़ में दो दिन की बारिश के बाद अब राहत के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज से प्रदेश में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है। हालांकि,प्रदेश के 17 जिलों में हल्की बारिश होने के आसार बने हुए हैं। लगातार बारिश के चलते प्रदेशभर के नदी-नाले और बांध उफान पर हैं। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। वहीं, सितंबर महीने में अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 5 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है, हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

CM साय का आज कांकेर दौरा,अंतागढ़ में सुनेंगे मन की बात,रायपुर के कई कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

CM साय का आज कांकेर दौरा,अंतागढ़ में सुनेंगे मन की बात,रायपुर के कई कार्यक्रम में लेंगे हिस्सा

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कांकेर जिले के अंतागढ़ और रायपुर के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री एकलव्य विद्यालय शालाभंजदर पहुंचकर आयोजित ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मौजूद लोगों से संवाद भी करेंगे। अंतागढ़ के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर लौटेंगे। रायपुर में दोपहर 2:45 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचेंगे,जहां वे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। इसके बाद शाम को मुख्यमंत्री वीआईपी रोड स्थित निरंजन धर्मशाला पहुंचेंगे। यहां आयोजित ‘नरेंद्र मोदी के जन्म शताब्दी वर्ष उद्घाटन समारोह’ में मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

राजधानी में फिर सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी और दो बच्चों की चाकू मारकर की हत्या

राजधानी में फिर सनसनीखेज वारदात: पति ने पत्नी और दो बच्चों की चाकू मारकर की हत्या

 रायपुर।  राजधानी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। माना थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और दो बच्चों की चाकू मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

जानकारी के अनुसार, आरोपी भुनेश्वर साहू ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो बच्चों पर चाकू से हमला कर उनकी जान ले ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया।

घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल, इस वारदात के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी सामने आने का इंतजार है।

 
 
 
मदकूद्वीप की पुरातात्विक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में स्वर्गीय शांताराम का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मदकूद्वीप की पुरातात्विक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण में स्वर्गीय शांताराम का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  साय ने मदकूद्वीप में समाजसेवी स्वर्गीय शांताराम को अर्पित किए श्रद्धासुमन

स्वर्गीय शांताराम की स्मृति में समर्पित उद्यान का किया लोकार्पण

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने लगाया कल्पवृक्ष का पौधा, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा - सेवा, संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण के प्रति उनका समर्पण भावी पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा

रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज मुंगेली जिले के पथरिया विकासखंड स्थित ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक महत्व के हरिहर क्षेत्र केदार मदकूद्वीप पहुंचे। मुख्यमंत्री  साय मदकूद्वीप की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले समाजसेवी स्वर्गीय  शांताराम के वार्षिक श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय  शांताराम की स्मृति को चिरस्थायी बनाए रखने के उद्देश्य से निर्मित उद्यान का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह उद्यान केवल उनकी स्मृतियों को संजोने का स्थान नहीं होगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके सेवाभाव, सामाजिक सरोकारों और अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति समर्पण से परिचित कराने का माध्यम भी बनेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने स्वर्गीय  शांताराम के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि मदकूद्वीप हमारी समृद्ध पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस धरोहर के संरक्षण और इसके महत्व को पुनः प्रतिष्ठित करने में स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने निःस्वार्थ भाव से इस क्षेत्र की सेवा की और मदकूद्वीप के ऐतिहासिक तथा आध्यात्मिक महत्व को व्यापक पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपराओं, इतिहास और उन लोगों से बनती है, जो इन धरोहरों को सहेजने के लिए अपना जीवन लगा देते हैं। स्वर्गीय  शांताराम ऐसे ही व्यक्तित्व थे। उनके प्रयासों के कारण मदकूद्वीप आज श्रद्धालुओं के साथ-साथ इतिहास, पुरातत्व और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों तथा शोधकर्ताओं के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।

सामाजिक और धार्मिक कार्यों में भी रहा उल्लेखनीय योगदान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम की सेवा यात्रा केवल मदकूद्वीप तक सीमित नहीं रही। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। बैतलपुर में शिव मंदिर के निर्माण, चिकित्सा सेवाओं के विस्तार तथा विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। नवागढ़ स्थित शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी उन्होंने उल्लेखनीय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के लिए किए गए निःस्वार्थ कार्य ही किसी व्यक्ति की सबसे बड़ी विरासत होते हैं। स्वर्गीय श्री शांताराम ने अपने जीवन से सेवा, सामाजिक दायित्व और सांस्कृतिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी समाज के बीच जीवंत हैं और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और विरासत के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराते रहेंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी प्राचीन धरोहरें केवल अतीत की स्मृतियां नहीं हैं, बल्कि हमारी पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य निधि हैं। इनके संरक्षण में समाज की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वर्गीय  शांताराम जैसे समाजसेवियों ने यह दिखाया कि दृढ़ संकल्प और सेवाभाव से कोई व्यक्ति अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।

स्वर्गीय शांताराम की स्मृतियों और सेवाभाव को संजोए रखेगा उद्यान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम की स्मृति में समर्पित यह उद्यान उनके जीवन और कार्यों के प्रति समाज की कृतज्ञता का प्रतीक है। यह स्थान लोगों को प्रकृति के निकट लाने के साथ उनके द्वारा किए गए सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों की स्मृतियों को भी जीवंत रखेगा।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि अपनी संस्कृति और विरासत को सहेजना केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। जब समाज स्वयं अपनी धरोहरों के संरक्षण के लिए आगे आता है, तब संस्कृति और परंपराओं का यह प्रवाह पीढ़ी-दर-पीढ़ी और मजबूत होता जाता है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत लगाया कल्पवृक्ष

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्ष हमारी प्रकृति और जीवन का आधार हैं। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान मां के प्रति हमारे प्रेम और कृतज्ञता के भाव को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने की सुंदर पहल है।

उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक है, जब लगाए गए पौधों की देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजा जाए। पर्यावरण संरक्षण केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मदकूद्वीप जैसे प्राकृतिक, पुरातात्विक और आध्यात्मिक महत्व के स्थलों का संरक्षण हमारी साझा जिम्मेदारी है। प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण के प्रयास साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी हम अपनी समृद्ध विरासत को उसके मूल स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचा सकेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, पूर्व राज्यपाल  रमेश बैस, मंत्री  दयाल दास बघेल एवं  लखन लाल देवांगन, विधायक  धरमलाल कौशिक,  अमर अग्रवाल,  सुशांत शुक्ला एवं  पुन्नू लाल मोहले सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  साय ने 21 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास: मदकू में 68.96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात, ट्रॉमा सेंटर और इको टूरिज्म सेंटर सहित कई बड़ी घोषणाएं

मुख्यमंत्री  साय ने 21 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास: मदकू में 68.96 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात, ट्रॉमा सेंटर और इको टूरिज्म सेंटर सहित कई बड़ी घोषणाएं

 सरगांव में खुलेगा ट्रॉमा सेंटर, मदकू द्वीप में बनेगा इको टूरिज्म सेंटर

आंगन मिलन सेवा, रक्तदान एवं नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर :-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मुंगेली जिले के ग्राम मदकू में 68 करोड़ 96 लाख 96 हजार रुपये की लागत के 21 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, बिजली, खेल और जनसुविधाओं के विस्तार से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। मुख्यमंत्री  साय ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा, रक्तदान एवं नि:शुल्क मेगा स्वास्थ्य शिविर’ में भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार का संकल्प है कि विकास की गति तेज हो और जनसेवा की पहुंच समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित हो। गांवों में अच्छी सड़कें हों, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों, माताओं और बच्चों को पर्याप्त पोषण मिले और गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक शासन की प्रत्येक योजना का लाभ सहजता से पहुंचे। इसी सोच के साथ हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को शासन के केंद्र में रखा है। उनके नेतृत्व में पिछले वर्षों में देश में विकास के साथ जनकल्याण का एक नया अध्याय लिखा गया है। छत्तीसगढ़ में भी हमारी सरकार प्रधानमंत्री जी की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनसेवा के संकल्प को जनभागीदारी से और मजबूत करने का माध्यम है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जनकल्याण की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी विस्तार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ है कि नागरिक को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकना न पड़े, उसकी समस्या का समय पर समाधान हो और शासन की योजनाओं का लाभ उसे आसानी से मिले। इसी उद्देश्य से सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बना रही है। ई-ऑफिस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों जैसी पहलों के माध्यम से शासन को नागरिकों के और करीब लाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन में बदलाव लाने का काम हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हमारा स्पष्ट प्रयास है कि पात्रता रखने वाला कोई भी परिवार जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में किसी योजना के लाभ से वंचित न रहे।

स्वस्थ माता और सुपोषित बच्चा मजबूत समाज की नींव

आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र हमारे बच्चों के पोषण और माताओं के स्वास्थ्य की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके संपूर्ण विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए उनके पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण और प्रारंभिक देखभाल पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आंगन मिलन के माध्यम से परिवार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और स्वास्थ्यकर्मी एक साथ बैठकर बच्चों के पोषण, गर्भवती माताओं की देखभाल, एनीमिया, टीकाकरण और स्वच्छता जैसे विषयों पर संवाद कर रहे हैं। यह पहल स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को पहुंचाने में इनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनकी सेवा और समर्पण के कारण शासन की अनेक योजनाएं घर-घर तक पहुंच रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माताओं-बहनों का सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे पहुंच रही है। यह राशि महिलाओं को अपनी और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक संबल प्रदान कर रही है।

समय पर जांच कराएं, अपने स्वास्थ्य को भी दें प्राथमिकता

मुख्यमंत्री  साय ने मेगा स्वास्थ्य शिविर में उपस्थित नागरिकों से स्वास्थ्य जांच की सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया सहित अनेक बीमारियों की समय रहते पहचान हो जाए तो उनका उपचार अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

उन्होंने माताओं-बहनों से विशेष रूप से आग्रह किया कि परिवार की देखभाल के साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। स्वस्थ माता ही स्वस्थ परिवार की आधारशिला है और स्वस्थ परिवारों से ही स्वस्थ एवं सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

रक्तदान करने वाले सेवाभावियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी अनजान जरूरतमंद को नया जीवन दे सकता है। समाज के लिए आगे बढ़कर रक्तदान करने वाले युवा और सभी सेवाभावी अभिनंदन के पात्र हैं।

मदकू की विरासत को विकास और पर्यटन से जोड़ेंगे

मुख्यमंत्री साय ने मदकू द्वीप के ऐतिहासिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत हमारी पहचान और हमारा गौरव है। इसका संरक्षण करने के साथ इसे नई पीढ़ी से जोड़ना भी हमारी जिम्मेदारी है। मदकू द्वीप में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से इसकी विशिष्ट पहचान को और मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित होंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। मदकू द्वीप जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाएगा, ताकि प्रदेश और देश के अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ की इस समृद्ध धरोहर से परिचित हो सकें।

स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और जनसुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं

मुख्यमंत्री  साय ने सरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ट्रॉमा सेंटर प्रारंभ करने तथा पिपर डोल और लमती की प्राथमिक शालाओं को मिडिल स्कूल में उन्नत करने की घोषणा की। उन्होंने ताला महोत्सव और मदकू द्वीप उत्सव के आयोजन के लिए 15-15 लाख रुपये तथा पथरिया के अवंती बाई लोधी कॉलेज में रानी अवंती बाई लोधी की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने मदकू द्वीप में इको टूरिज्म सेंटर की स्थापना के लिए 75 लाख रुपये, भाटापारा में इनडोर स्टेडियम निर्माण और भाटापारा क्षेत्र के 10 गांवों में प्रत्येक गांव में 10 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण की घोषणा की।

उन्होंने मदकू और तुमाढेठा में 33 केवी सब स्टेशन स्थापित करने, चंदखुरी की कोर बस्ती में भवन निर्माण के लिए 30 लाख रुपये तथा मदकू में सामुदायिक भवन निर्माण की भी घोषणा की।

68.96 करोड़ रुपये के 21 विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  साय ने 34 करोड़ 77 लाख 19 हजार रुपये की लागत से पूर्ण कार्यों का लोकार्पण और 34 करोड़ 19 लाख 77 हजार रुपये की लागत के नए कार्यों का शिलान्यास किया।

लोकार्पित कार्यों में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत लोरमी विधानसभा क्षेत्र में 20 करोड़ 07 लाख 61 हजार रुपये के आठ कार्य तथा बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ 68 लाख 06 हजार रुपये का एक कार्य शामिल है। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा पुलिस विभाग के कार्यों का भी लोकार्पण किया गया।

शिलान्यास किए गए कार्यों में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के तहत मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में 8 करोड़ 04 लाख 63 हजार रुपये का एक कार्य शामिल है। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मुंगेली विधानसभा क्षेत्र में 20 करोड़ 88 लाख 29 हजार रुपये के तीन तथा बिल्हा विधानसभा क्षेत्र में 4 करोड़ 83 लाख 85 हजार रुपये के दो कार्यों की आधारशिला रखी गई। बिल्हा क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के 43 लाख रुपये के कार्य का भी शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन विकास कार्यों से मुंगेली, लोरमी और बिल्हा विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य अधोसंरचना और अन्य जनसुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।

विकास के साथ विरासत का संरक्षण भी प्राथमिकता : केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने समाजसेवी स्वर्गीय श्री शांताराम सराफ को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर भी उनका स्मरण किया।

केंद्रीय राज्यमंत्री साहू ने कहा कि स्वर्गीय शांताराम सराफ ने मदकू द्वीप के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को सामने लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों से यहां उत्खनन कार्य हुआ और इस क्षेत्र के प्राचीन इतिहास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के साथ अपनी विरासत को सहेजने का कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के मार्ग पर चलते हुए गरीब कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

मदकू द्वीप की प्राचीन विरासत को मिलेगी नई पहचान : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मदकू द्वीप छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत को अपने भीतर समेटे हुए है और यह 11वीं सदी का महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र रहा है। राज्य सरकार मदकू द्वीप के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से भी इसके विकास को सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में सम्मानित सभी सेवाभावियों को बधाई दी।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्वर्गीय  शांताराम सराफ ने मदकू द्वीप के विकास और इसकी ऐतिहासिक पहचान को स्थापित करने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया। उनके कार्यों को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, पूर्व राज्यपाल  रमेश बैस, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री  दयाल दास बघेल, वाणिज्य एवं उद्योग तथा जिले के प्रभारी मंत्री  लखन लाल देवांगन, बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक, बिलासपुर विधायक  अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, मुंगेली विधायक  पुन्नूलाल मोहले, जिला पंचायत अध्यक्ष  श्रीकांत पांडेय, गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष  राजीव लोचन महाराज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
कार्यक्रम में बिलासपुर राजस्व संभाग के संभागायुक्त सुनील जैन, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  भोजराम पटेल सहित संबंधित अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राजभाषा आयोग के अध्यक्ष  प्रभात मिश्रा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की भेंट

राजभाषा आयोग के अध्यक्ष  प्रभात मिश्रा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की भेंट

 बेमेतरा में 26-27 सितंबर को होने वाले प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में शामिल होने का दिया न्योता

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सम्मेलन की सफलता के लिए दी अग्रिम शुभकामनाएं

प्रदेशभर के साहित्यकार, विद्वान और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधि होंगे शामिल

रायपुर :- छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और राजभाषा के विकास को समर्पित दो दिवसीय प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन 26 एवं 27 सितंबर को जिला बेमेतरा में किया जाएगा। सम्मेलन में प्रदेशभर के साहित्यकारों, विद्वानों, भाषा विशेषज्ञों और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता होगी। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ प्रदेश की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त  प्रभात मिश्रा ने आज मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। उन्होंने मुख्यमंत्री  साय को बेमेतरा में आयोजित होने वाले प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया। इस दौरान मिश्रा ने सम्मेलन के उद्देश्यों, आयोजन की तैयारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन के आयोजन के लिए  प्रभात मिश्रा एवं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सम्मेलन की सफलता के लिए अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए आयोजन के सफल एवं गरिमामय आयोजन की कामना की।

भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण पर होगा संवाद

बेमेतरा में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य से जुड़े रचनाकारों, साहित्यकारों तथा विद्वानों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन, साहित्य के विकास, राजभाषा के प्रभावी उपयोग तथा नई पीढ़ी में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति रुचि बढ़ाने जैसे विषयों पर संवाद और विचार-विमर्श होगा। साथ ही प्रदेश की लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से जुड़े विषयों पर भी विचार साझा किए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा विस्तार

छत्तीसगढ़ी भाषा प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराओं, लोकगीतों, लोककथाओं और जनजीवन की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा और साहित्य को नई पीढ़ी से जोड़ने तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार को गति देने का अवसर मिलता है। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की माटी, भाषा और संस्कृति की विशिष्ट पहचान को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में भी विचार-विमर्श किया जाएगा।

प्रदेशभर से साहित्यकार और भाषा प्रेमी होंगे शामिल

दो दिवसीय प्रांतीय राजभाषा सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से साहित्यकार, लेखक, कवि, विद्वान, भाषा प्रेमी और राजभाषा से जुड़े प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे रचनाकारों और संस्थाओं के बीच संवाद एवं समन्वय को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा आयोजित यह सम्मेलन भाषा और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय लोगों के लिए विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन के माध्यम से छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े प्रयासों को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्रदेश की माटी, भाषा और संस्कृति के गौरव को आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक सहभागिता को प्रोत्साहन मिलेगा।

सेवा और समर्पण से ही सशक्त समाज का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

सेवा और समर्पण से ही सशक्त समाज का निर्माण : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित अंत्योदय सेवा वंदन पर्व, ‘अनकही कहानियां’ सांस्कृतिक प्रस्तुति एवं वीरगाथा सम्मान समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में सेवा, समर्पण, साहस और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरक कहानियों को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से मंच पर जीवंत किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवाभाव पर केंद्रित ‘नमो सेवा गाथा’ का भी मंचन किया गया।

मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नागरिकों के साथ पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों, नागरिक सेवाओं तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े सेवाभावी व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र की सेवा में निष्ठापूर्वक योगदान देने वाले लोगों का सम्मान नई पीढ़ी को भी सेवा और कर्तव्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अंत्योदय का भाव हमारी विकास यात्रा का मूल आधार है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ पहुंचाना तथा उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ में भी इसी भावना के अनुरूप जनकल्याण और विकास के कार्यों को गति दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्वच्छता, स्वास्थ्य, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्यों में बढ़ती जनभागीदारी इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दे रही है।

लोककला और देशभक्ति के रंगों से सजा मंच

अंत्योदय सेवा वंदन पर्व में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और देशभक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। कलाकारों ने लोकगीत, जसगीत, भजन, राउत नाचा और पारंपरिक समूह नृत्यों के साथ बांसुरी वादन तथा नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने लोकगीत एवं समूह नृत्य प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं की जीवंत झलक दिखाई। दिव्यांग विद्यालय के बच्चों ने देशभक्ति समूह गीत प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से सभी का मन मोह लिया।
श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा विभिन्न समूहों से जुड़े प्रतिभागियों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वच्छता के संदेश पर आधारित विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी शमा अंजुम की उपस्थिति भी विशेष रही। ‘हमार संगी-साथी’ नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सामाजिक संदेश दिया गया। वहीं ड्रोन दीदी मती अंजना दास ने अपने पुत्र के साथ ‘मेरी यशोदा मैया’ गीत पर भावपूर्ण प्रस्तुति दी।

रायपुर शहर के साथ ही आरंग, अभनपुर, धरसींवा और खरोरा क्षेत्र के कलाकारों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। विविध अंचलों से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों ने अंत्योदय सेवा वंदन पर्व को छत्तीसगढ़ की लोककला, प्रतिभा और सामाजिक सहभागिता का व्यापक मंच बना दिया।

मुख्यमंत्री ने तीन नवाचारों का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस अवसर पर रायपुर जिला प्रशासन के तीन नवाचारों- ‘प्रोजेक्ट राहत’, ‘प्रोजेक्ट ध्वस्त’ और Advance AI – ‘ताकत है MY’ का शुभारंभ किया।

‘प्रोजेक्ट राहत’ के माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को आरबीसी 6(4) के अंतर्गत दी जाने वाली राहत राशि की प्रक्रिया को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाने की पहल की गई है, ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंच सके।

‘प्रोजेक्ट ध्वस्त’ के अंतर्गत जिले में जर्जर एवं असुरक्षित भवनों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं की आशंका को कम करते हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

इसी प्रकार Advance AI – ‘ताकत है MY’ के माध्यम से आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में पहल की गई है।

मुख्यमंत्री  साय ने इन नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक और नवाचार का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उससे आम नागरिकों को सुविधाएं तेजी और सरलता से मिलें। सुशासन का अर्थ केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना भी है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सम्मानित सभी नागरिकों, जवानों, समाजसेवियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सेवा, साहस और समर्पण की कहानियां समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सेवा संकल्प अभियान प्रदेश में जनसेवा और सामाजिक सहभागिता की भावना को और व्यापक बनाएगा।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, मंत्री  टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद मती लक्ष्मी वर्मा, विधायक  अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी, कलाकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

भारी बारिश के मद्देनजर आज प्रदेश के सभी स्कूलों में रहेगा अवकाश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भारी बारिश के मद्देनजर आज प्रदेश के सभी स्कूलों में रहेगा अवकाश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में 26 सितंबर को रहेगा अवकाश

रायपुर - प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा आवागमन में कठिनाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि बच्चों को घर पर ही रखें। साथ ही सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों एवं सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए आवश्यक निर्देश

बाढ़ और जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए आवश्यक निर्देश

 मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को दिए निर्देश - राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न हो

जरूरतमंदों तक तत्काल पहुंचाएं सहायता, निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतें : मुख्यमंत्री

आगामी दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बारिश से उत्पन्न बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को पूरी सतर्कता के साथ राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने में किसी प्रकार का विलंब नहीं होना चाहिए। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रखते हुए प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की सतत निगरानी करने के निर्देश देते हुए कहा कि निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास बसे गांवों और बस्तियों पर विशेष नजर रखी जाए। जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की आशंका की स्थिति में लोगों को समय रहते सचेत किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।

मुख्यमंत्री ने आगामी दिनों में लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव दल आवश्यक संसाधनों के साथ तैयार रहें। जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निकाय, पंचायत एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित लोगों के लिए आवश्यकता के अनुरूप सुरक्षित आश्रय, भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जलभराव वाले मार्गों, पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में आवागमन को लेकर विशेष सावधानी बरती जाए तथा जोखिम वाले स्थानों पर लोगों को जाने से रोका जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने जिला कलेक्टरों से मैदानी अमले को सक्रिय रखने तथा स्थानीय स्तर पर मिलने वाली प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों, उफनते नदी-नालों और तेज बहाव वाले स्थानों पर न जाएं तथा जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी एडवाइजरी और दिशा-निर्देशों का पालन करें।

दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

दक्षिण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में नया अध्याय, रावघाट तक पहुंची रेल पटरी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के अंतिम ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा, मुख्यमंत्री ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री ने कहा- दूरस्थ अंचलों की दूरियां घटेंगी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के नए अवसरों के द्वार खुलेंगे

95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर रेल खंड तैयार

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार

रायपुर :-  दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों को देश के व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इसे दक्षिण छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर अंचल की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि रावघाट तक रेल पटरी पहुंचना केवल रेल कनेक्टिविटी का विस्तार नहीं, बल्कि दूरस्थ अंचलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को भी आधुनिक कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि दल्लीराजहरा से रावघाट तक रेल संपर्क का विस्तार इस अंचल के सामाजिक और आर्थिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने वाला सिद्ध होगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय नागरिकों के लिए आवागमन सुगम होगा और राजधानी रायपुर सहित देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच बेहतर होगी। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और व्यापार से जुड़े अवसरों तक क्षेत्रवासियों की पहुंच और आसान होगी।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के दूरस्थ से दूरस्थ क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। बस्तर सहित दक्षिण छत्तीसगढ़ में मजबूत होती कनेक्टिविटी क्षेत्र की संभावनाओं को नई शक्ति दे रही है।

95 किलोमीटर की परियोजना का अंतिम 17.5 किलोमीटर खंड तैयार

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है। इसके अंतिम 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड का कार्य पूरा कर लिया गया है। यह सिंगल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज रेल खंड है।

नई रेल लाइन को परिचालन के लिए तैयार करने की निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत इस खंड का रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण एवं गति परीक्षण किया गया है। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सहित सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। ताड़ोकी-रावघाट खंड में रेल परिचालन प्रारंभ होने के बाद आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

पर्यटन, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी अपने साथ विकास की अनेक संभावनाएं लेकर आती है। रावघाट तक रेल संपर्क से क्षेत्र में पर्यटन और निवेश की संभावनाओं को बल मिलेगा तथा स्थानीय व्यापार एवं अन्य आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।

दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जोड़ने से लोगों के लिए बाजारों तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाओं के सृजन में भी यह रेल परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि एवं वनोपज की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। बेहतर कनेक्टिविटी इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदलने का माध्यम बनेगी।

विकास और कनेक्टिविटी से बदल रही दक्षिण छत्तीसगढ़ की तस्वीर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दक्षिण छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास के साथ आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी आवागमन कठिन था, वहां आज सड़क, रेल और संचार नेटवर्क का विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास की सुविधाएं अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचें और उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक प्रगति के समान अवसर मिलें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रावघाट तक पहुंची रेल पटरी विकास की पटरी पर तेजी से आगे बढ़ते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है। यह रेल लाइन दक्षिण छत्तीसगढ़ की दूरियां कम करने के साथ यहां के लोगों को अवसरों के और करीब लाएगी। आने वाले समय में बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से इस पूरे अंचल की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक और मजबूत रेल अधोसंरचना इस संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा – 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर रहेगा विशेष जोर

स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा प्रदेश के विकास का नया ग्रोथ इंजन, रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 400 से अधिक सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता

नई औद्योगिक विकास नीति के बाद छत्तीसगढ़ को मिले 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें।

विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है।

हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के अंतर्गत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।

स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़ते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है। स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।

उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए सुनियोजित विकास आवश्यक है। शहरों में नागरिक सुविधाओं, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

नक्सलवाद की समाप्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला। नक्सलियों द्वारा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण अनेक क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। गोंडी भाषा में ‘नियद नेल्लानार’ का अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।

पर्यटन और होमस्टे से बस्तर में बन रहे रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के लिए देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। यहां विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय परिवारों के साथ जनजातीय जीवनशैली और संस्कृति को निकट से जान रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए नई औद्योगिक विकास नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

सुशासन और रिफॉर्म से निवेश के लिए बन रहा बेहतर वातावरण

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 400 से अधिक सुधार किए हैं। विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण से लीकेज रोकने में मदद मिली है और प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा अधिक से अधिक सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरनी प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन सभी क्षेत्रों की समन्वित प्रगति विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति देगी।

रजिस्ट्री प्रक्रियाओं का लगातार हो रहा सरलीकरण : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पूरा फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।

चौधरी ने कहा कि रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक अनुकूल बनाया जा रहा है। व्हाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री के संबंध में भी पंजीयन शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। सरकार की कोशिश है कि शहरीकरण केवल शहरों के विस्तार तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं के साथ नए आर्थिक अवसरों का भी निर्माण करे।

कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जी.वाई. रेड्डी, क्रेडाई के राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, अभिषेक बछावत, अशोक मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि तथा क्रेडाई के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

 विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहा छत्तीसगढ़ का ग्रामीण पर्यटन मॉडल

लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन के अतिथियों ने ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और हाट-बाजार का लिया अनुभव

लमना में दिखी संस्कृति और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर

रायपुर - छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ग्रामीण जीवनशैली, लोक संस्कृति और आत्मीय आतिथ्य अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है। पर्यटन के बदलते स्वरूप में अब पर्यटक केवल बड़े शहरों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे गांवों की मिट्टी की खुशबू, स्थानीय खान-पान, परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को करीब से अनुभव करने में भी रुचि ले रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लमना विलेज स्टे में ब्रिटेन से पहुंचे पर्यटकों का प्रवास इसी बदलती पर्यटन तस्वीर की जीवंत मिसाल है।

ब्रिटेन से आए श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन का लमना गांव पहुंचने पर ग्रामीणो ने पारंपरिक आत्मीयता के साथ तिलक लगाकर तथा ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच स्वागत किया। विदेशी अतिथियों ने भी ग्रामीणों के इस आत्मीय स्वागत का आनंद लिया और स्थानीय लोगों के साथ सहजता से घुल-मिलकर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति को करीब से महसूस किया।

लमना विलेज स्टे में अतिथियों का  अनुभव केवल ठहरने तक सीमित नहीं रहा। उन्हें गांव की गलियों, खेत-खलिहानों, पारंपरिक परिवेश और स्थानीय जीवन से परिचित कराने के लिए ‘विलेज वॉक’ कराया गया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों से संवाद किया, स्थानीय जीवनशैली को समझा और गांव के सहज वातावरण का आनंद लिया।  अतिथियों ने ग्रामीण परिवारों, बच्चों, महिलाओं और स्थानीय लोगों के साथ आत्मीय संवाद भी किया। 

ग्रामीण हाट बना खास आकर्षण

लमना प्रवास के दौरान स्थानीय ग्रामीण हाट का भ्रमण विदेशी मेहमानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। हाट में उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मिट्टी के बर्तन, बांस से बने सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, स्थानीय खाद्य सामग्री, सब्जियों और अन्य ग्रामीण उत्पादों को करीब से देखा। ग्रामीण बाजार की चहल-पहल, स्थानीय उत्पादों की विविधता और लोगों के सहज व्यवहार ने अतिथियों को भारतीय गांव के वास्तविक जीवन का अनुभव कराया।  

ग्रामीण जीवन से सीधे जुड़ने का अनुभव

लमना विलेज स्टे की खासियत यह है कि यहां पर्यटक केवल किसी स्थान को देखने नहीं आते, बल्कि स्थानीय जीवन का हिस्सा बनकर उसे महसूस करते हैं। ब्रिटिश अतिथियों ने ग्रामीण परिवेश में समय बिताया, स्थानीय लोगों के साथ बैठकर बातचीत की और पारंपरिक ग्रामीण वातावरण को नजदीक से जाना। गांव की सादगी, प्राकृतिक परिवेश और लोगों की सहज आत्मीयता ने उनके प्रवास को एक अलग तरह का अनुभव दिया।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन पहचान में जुड़ रहा नया अध्याय

छत्तीसगढ़ में पर्यटन अब प्रकृति और दर्शनीय स्थलों से आगे बढ़कर अनुभव आधारित पर्यटन की ओर विस्तार कर रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रकृति, जनजातीय संस्कृति, हस्तशिल्प, होमस्टे और इको-टूरिज्म को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में प्रयास हो रहे हैं। इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसरों को जोड़ने वाले पर्यटन मॉडल को महत्व मिल रहा है। 

प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण आतिथ्य का संगम है लमना

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में मैकल पर्वत श्रृंखला, जंगल, जलप्रपात, धार्मिक स्थल और प्राकृतिक पर्यटन की विविध संभावनाएं मौजूद हैं। शिवघाट मनौरा, जलेश्वर धाम, लक्ष्मणधारा, झोजा जलप्रपात और धनपुर सहित अनेक प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थल शामिल हैं।  लमना विलेज स्टे जैसे ग्रामीण पर्यटन केंद्र पर्यटकों को  प्रकृति और स्थानीय जीवन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

बस्तर से लमना तक—छत्तीसगढ़ में अनुभव आधारित पर्यटन की बढ़ती तस्वीर

पर्यटक अब केवल पर्यटन स्थलों के दर्शन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थानीय जीवन, खान-पान, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और समुदाय के साथ जुड़ने वाले अनुभवों को भी महत्व दे रहे हैं। होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन इस बदलाव की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। 

लमना में ब्रिटेन के पर्यटकों का अनुभव इसी सोच को आगे बढ़ाता दिखाई देता है। यहां विदेशी मेहमानों ने किसी पर्यटन स्थल को दूर से देखने के बजाय गांव के बीच जाकर लोगों से मुलाकात की, ग्रामीण हाट में स्थानीय गतिविधियों को समझा और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन की सहजता को महसूस किया।

विदेशी मेहमानों के लिए यादगार बना छत्तीसगढ़ का अपनापन

लमना प्रवास के दौरान श्री फ्रैंक रोजर मार्सटन और श्रीमती जेनिफर मार्गरेट रेनफ्रू मार्सटन ग्रामीणों के साथ तस्वीरें खिंचवाते, बच्चों से बातचीत करते और स्थानीय परिवारों के साथ समय बिताते नजर आए।  वे ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीयता से मिले । 

विदेशी पर्यटकों का गांवों तक पहुंचना इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाएं अब नए क्षेत्रों और नए अनुभवों तक विस्तार पा रही हैं।

ग्रामीण पर्यटन के विस्तार से स्थानीय परिवारों, छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पकारों, ग्रामीण बाजारों, स्थानीय गाइडों और होमस्टे संचालकों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। 

लमना में ब्रिटेन के मेहमानों की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के उस पर्यटन मॉडल की खूबसूरत झलक है, जहां प्रकृति के साथ संस्कृति, गांव के साथ आतिथ्य और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था आगे बढ़ती है। छत्तीसगढ़ की यही सहज, आत्मीय और जीवंत पहचान देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक 30 सितंबर को : CM साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में होगी बैठक, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

मंत्रिपरिषद की बैठक 30 सितंबर को : CM साय की अध्यक्षता में महानदी भवन में होगी बैठक, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 30 सितम्बर 2026 बुधवार को पूर्वान्ह 11.30 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हैं। यह बैठक मंत्रालय महानदी भवन में स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा, डीजे पिकअप पर चढ़ा तेज रफ्तार ट्रक, 5 लोगों की मौत

BREAKING : छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसा, डीजे पिकअप पर चढ़ा तेज रफ्तार ट्रक, 5 लोगों की मौत

 कांकेर/चारामा। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है। मारकाटोला घाट में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें 5 लोगों की मौत होने की सूचना है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक तेज रफ्तार ट्रक डीजे पिकअप वाहन के ऊपर जा चढ़ा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में वाहन में सवार 5 लोगों की मौत होने की सूचना सामने आई है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों और मृतकों की पहचान को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

फिलहाल हादसे को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी का इंतजार है। पुलिस की जांच के बाद दुर्घटना से जुड़ी अन्य जानकारी सामने आने की संभावना है।

‘स्टेटकॉन 2026’ में 2047 के ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का शंखनाद

‘स्टेटकॉन 2026’ में 2047 के ‘विकसित भारत’ के लिए ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का शंखनाद

 00 नए विकास मॉडल और भविष्य की नीतियों पर हुआ महामंथन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के रियल एस्टेट सेक्टर को एक नई, आधुनिक और सुव्यवस्थित दिशा देने के उद्देश्य से रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में क्रेडाई छत्तीसगढ़ द्वारा ‘स्टेटकॉन 2026’ का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। इस राज्य स्तरीय महासम्मेलन की मुख्य थीम “बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़ – टुगेदर टुवर्ड्स 2047” रखी गई थी। इस कार्यक्रम में शासन, प्रशासन, रियल एस्टेट डेवलपर्स और उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व ने एक साझा मंच पर आकर राज्य के समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया।

स्टेटकॉन 2026 में 2047 के विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का शंखनाद

प्रशासनिक संवाद एवं पूर्ण समर्थन
सम्मेलन के पहले सत्र ‘रिफॉर्म्स टू रियलिटी: शेपिंग सीजीज़ ग्रोथ’ में राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इनमें आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, छत्तीसगढ़ शासन की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा और सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक श्री रमेश शर्मा शामिल रहे। इस सत्र का संचालन क्रेडाई नेशनल के ईसी मेंबर श्री आनंद सिंघानिया और क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री पंकज लाहोटी ने किया। इस परिचर्चा के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने क्रेडाई सदस्यों को राज्य के विकास के मद्देनज़र विभिन्न योजनाओं और रोडमैप पर संवाद (डायलॉग) के लिए आमंत्रित किया। । उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में क्रेडाई के साथ मिल कर काम करेगा और इस दिशा में पूरा मार्गदर्शन देगा, ताकि सुनियोजित रूप से शासन, प्रशासन और रियल एस्टेट डेवेलपर्स की विकास में सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

क्रेडाई का विजन
दूसरे सत्र में क्रेडाई नेशनल के प्रेसिडेंट श्री शेखर जी. पटेल और क्रेडाई नेशनल के प्रेसिडेंट-इलेक्ट श्री जी. राम रेड्डी ने राज्य के शहरीकरण के लिए एक दूरगामी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। इस सत्र का संचालन क्रेडाई छत्तीसगढ़ के चेयरमैन श्री मृणाल गोलछा और सदस्य श्री विजय नाथानी ने किया। क्रेडाई के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि महानगरों के बेतहाशा विस्तार की गलतियों से बचते हुए, गुजरात और तेलंगाना जैसे राज्यों के सफल टाउन प्लानिंग व इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडलों को अपनाकर छत्तीसगढ़ के शहरों को विश्वस्तरीय और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाना चाहिए।
इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन
तीसरे सत्र में सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री कमल सारडा ने स्मार्ट और भविष्य के शहरों के निर्माण पर अपने विचार रखे। इस सत्र का संचालन क्रेडाई छत्तीसगढ़ के सदस्य श्री निखिल धागट ने किया। इस चर्चा में श्री सारडा के आध्यात्म यानी स्पिरिचुआलिटी और बिज़नेस के बीच समन्वय स्थापित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले दो दशकों में देश के विभिन्न सेक्टर्स में असीमित व्यापारिक व औद्योगिक संभावनाओं का लाभ पूरे देश की अर्थव्यवस्था को होगा।

स्टेटकॉन 2026 में 2047 के विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का शंखनाद
सरकार का दृष्टिकोण: ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’
कार्यक्रम के शाम के सत्र ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि के रूप में वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी शामिल हुए। उन्होंने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के क्रम में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण, राज्य के बुनियादी ढांचे के विस्तार, उत्कृष्ट निवेश के माहौल (इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट) और रियल एस्टेट सेक्टर को गति देने वाली भविष्य की पारदर्शी नीतियों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।
क्रेडाई छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता
इस अवसर पर राज्य के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, चेयरमैन मृणाल गोलछा, सचिव अभिषेक बच्छावत, आईपीपी संजय रहेजा, कोषाध्यक्ष आयुष मोदी, प्रोग्राम चेयरमैन अशोक मूंदड़ा और प्रतीक केवलानी ने कहा: “क्रेडाई छत्तीसगढ़ राज्य के समग्र विकास और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम सरकार की नीतियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे और राज्य में एक सुनियोजित, आधुनिक और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में अपना सर्वोच्च योगदान देंगे।”

स्टेटकॉन 2026 में 2047 के विकसित भारत के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का शंखनाद
‘स्टेटकॉन 2026’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विचारों, संवाद और साझा दृष्टिकोण से भरा यह दिन ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार, प्रशासन और क्रेडाई के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब एक आधुनिक, इको-फ्रेंडली और सुनियोजित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कवर्धा में विकास की रफ्तार को मिलेगी नई सड़क, ₹54 करोड़ से बनेगा 7.8 किमी फोरलेन

कवर्धा में विकास की रफ्तार को मिलेगी नई सड़क, ₹54 करोड़ से बनेगा 7.8 किमी फोरलेन

 कवर्धा/ राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर कवर्धा शहर के आवागमन को सुगम बनाने के लिए 54 करोड़ रुपए की लागत से 7.8 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। गुरुवार को उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, राजनांदगांव-कवर्धा सांसद संतोष पांडेय सहित जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रदेश  सरकार सड़क और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। फोरलेन निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होने और क्षेत्र के विकास को गति मिलने की बात उन्होंने कही।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अरुण साव के समक्ष जिले की विभिन्न सड़क परियोजनाओं और विकास कार्यों की मांग रखी। इनमें नेवारी-गुणा मार्ग के लिए करीब साढ़े सात करोड़ रुपए, प्रतापपुर-जेवडन-सुतियापाठ सड़क तथा लोहारा रोड को फोरलेन करने की मांग शामिल रही।

इसके अलावा आछी मार्ग, भोरमदेव सड़क के चौड़ीकरण एवं डिवाइडर निर्माण,छेकी महल मार्ग, भोरमदेव-सरोधा मार्ग तथा बिलासपुर मार्ग से बोड़ला होते हुए भोरमदेव मार्ग के चौड़ीकरण के लिए करीब 26 करोड़ रुपए की मांग रखी गई।

कवर्धा वार्ड क्रमांक-3 में करीब 2 करोड़ रुपए के सामुदायिक भवन, नवीन बाजार में डेढ़ करोड़ रुपए के मटन मार्केट, बोड़ला में बाजार निर्माण एवं विस्तार,लोहारा के बंधा टोला तथा पिपरिया में विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति की मांग भी रखी गई।

विजय शर्मा ने बताया कि 54 करोड़ रुपए की फोरलेन परियोजना की स्वीकृति अरुण साव के माध्यम से मिली है और निर्माण कार्य को लगभग 8 से 10 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

₹15 हजार करोड़ की सड़क परियोजना का भी जिक्र

सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कवर्धा से होकर भोपाल से रायपुर तक करीब 15 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली सड़क परियोजना पर काम होगा। उन्होंने राजनांदगांव-खैरागढ़ सड़क निर्माण और आगे खैरागढ़ से कवर्धा तक सड़क निर्माण की दिशा में कार्य किए जाने की जानकारी दी।

सांसद ने कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल मार्ग को स्वीकृति मिलने और जल्द कार्य शुरू होने की बात भी कही।

एक्ज़िक्यूटिव ब्रांच

कार्यक्रम में पिपरिया, लोहारा, बोड़ला और कवर्धा से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों की स्वीकृति एवं प्रस्तावों की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।

Today Weather update : राजधानी समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, 50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Today Weather update : राजधानी समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, 50 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। गुरुवार को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। राजधानी रायपुर में भी कई स्थानों पर तेज बारिश देखने को मिली।

बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में तापमान नीचे आया है। मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को भी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश का असर

बीते 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई। लगातार बारिश के चलते कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो गया है, वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना वजह

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के आसपास बना डीप डिप्रेशन उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह मौसम प्रणाली करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रही थी। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

कई इलाकों में तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग ने बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में सामान्य से कम बारिश

मौसम के सक्रिय रहने के बावजूद छत्तीसगढ़ में अब तक कुल बारिश सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के प्रभाव के चलते आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 13 अधिकारी-कर्मचारियों की नई पदस्थापना

 सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के पुलिस विभाग में प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से स्थानांतरण एवं नई पदस्थापना का आदेश जारी किया गया है। आदेश के तहत विभिन्न थानों, चौकियों और पुलिस कार्यालय की शाखाओं में पदस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

 

CG Police Transfer:बिलासपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिसकर्मियों के तबादले

CG Police Transfer:बिलासपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल, 16 पुलिसकर्मियों के तबादले

 बिलासपुर। जिले के पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ओर से जारी आदेश के तहत 16 पुलिसकर्मियों को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नई पदस्थापना दी गई है। तबादले के बाद अलग-अलग थानों, चौकियों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया ह

जारी आदश के अनुसार पुलिसकर्मियों को सकरी, तखतपुर, मस्तूरी, हिर्री, बिल्हा, पचपेड़ी, कोटा, कोनी, बेलगहना और सरकंडा समेत विभिन्न स्थानों पर पदस्थ किया गया है। कुछ पुलिसकर्मियों को रिजर्व केंद्र से थानों और चौकियों में भेजा गया है, जबकि कुछ की जिम्मेदारी सुरक्षा एवं अन्य पुलिस इकाइयों में तय की गई है।

विभाग की ओर से जारी आदेश में संबंधित पुलिसकर्मियों को नई पदस्थापना स्थल पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश 24 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। तबादलों के बाद संबंधित थानों और चौकियों में पुलिस बल की तैनाती में बदलाव देखने को मिलेगा।

पूरी तबादला सूची नीचे दी गई है।

CG – बिस्तर में छिपा था काल, छात्रा को बनाया शिकार, अस्पताल जाते वक्त रास्ते में हुई दर्दनाक मौत…..

CG – बिस्तर में छिपा था काल, छात्रा को बनाया शिकार, अस्पताल जाते वक्त रास्ते में हुई दर्दनाक मौत…..

 बिलासपुर। 24 सितंबर 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम कुकुर्दीकला में सर्पदंश से चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा सुधा साहू की मौत हो गई। वह रात में अपने कमरे में बिस्तर पर सो रही थी। इसी दौरान घर में घुसे सांप ने उसे डस लिया।

छात्रा की चीख सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे और हालत बिगड़ने पर उसे मस्तूरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों ने घर में सांप की तलाश की और उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान कोबरा के रूप में बताई गई है। सूचना मिलने पर पचपेड़ी पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया।