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हाथी प्रभावित वनांचल में प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सुरक्षा की ढाल

हाथी प्रभावित वनांचल में प्रधानमंत्री आवास योजना बनी सुरक्षा की ढाल

 -सूरजपुर के करमचन्द्र को मिला पक्का घर, हाथियों के भय और असुरक्षा से मिली राहत

रायपुर--छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले अनेक परिवारों के लिए सुरक्षित आवास केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि जीवन और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। विशेषकर हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों को प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ वन्यजीवों के खतरे का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) जरूरतमंद परिवारों के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का आधार बन रही है।

सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघरा निवासी  करमचन्द्र का परिवार वर्षों तक मिट्टी और खपरैल से बने जर्जर कच्चे मकान में रहता था। यह गांव हाथियों के नियमित आवागमन वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां हर वर्ष हाथियों की गतिविधियों के कारण ग्रामीणों को भय और असुरक्षा के बीच जीवन यापन करना पड़ता है। कच्चे मकान की कमजोर दीवारें और छत परिवार की चिंता को और बढ़ा देती थीं।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पात्रता मिलने के बाद  करमचन्द्र के जीवन में बदलाव की नई शुरुआत हुई। योजना के अंतर्गत प्राप्त शासकीय सहायता तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अभिसरण से उपलब्ध श्रम सहयोग ने आवास निर्माण को गति प्रदान की। स्थानीय पंचायत, जनपद पंचायत और प्रशासनिक अमले के समन्वित प्रयासों से निर्माण कार्य समयबद्ध रूप से पूरा कराया गया।

हाथी प्रभावित क्षेत्र होने के कारण निर्माण सामग्री को सुरक्षित रूप से निर्माण स्थल तक पहुंचाना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित कर्मचारियों के सहयोग से सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। हाथियों की मौसमी गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए आवास का निर्माण समय पर पूर्ण किया गया।

आज  करमचन्द्र का परिवार मजबूत पक्के मकान में सुरक्षित जीवन बिता रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के समन्वय से निर्मित शौचालय ने परिवार की सुविधाओं में वृद्धि की है और खुले में जाने की आवश्यकता समाप्त हुई है। इससे वन्यजीवों से संभावित जोखिम भी कम हुआ है।

 करमचन्द्र बताते हैं कि पहले हाथियों के गांव के आसपास आने की सूचना मिलते ही पूरा परिवार भयभीत हो जाता था, लेकिन अब पक्के घर के कारण उन्हें सुरक्षा का विश्वास मिला है। उनके अनुसार यह आवास केवल एक भवन नहीं, बल्कि परिवार के लिए सुरक्षित भविष्य और सम्मानजनक जीवन का आधार है।

प्रदेश का सबसे मॉडल शहर बनेगा रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी…

प्रदेश का सबसे मॉडल शहर बनेगा रायगढ़ : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी…

 रायपुर: वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक  ओ.पी. चौधरी ने सोमवार को रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मरीन ड्राइव, अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी), एफसीआई ऑक्सीजोन, मिट्ठूमुड़ा तालाब, किसान राइस मिल ऑक्सीजोन तथा कयाघाट पुल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का स्थल पर पहुंचकर अवलोकन किया और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि रायगढ़ को प्रदेश के सबसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधासंपन्न शहर के रूप में विकसित करना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि सड़क, परिवहन, पर्यावरण, जल संरक्षण और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी ये परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद रायगढ़ विकास का नया मॉडल बनकर उभरेगा।

’नवंबर तक पूरा होगा मरीन ड्राइव’

प्रगति नगर स्थित निर्माणाधीन मरीन ड्राइव का निरीक्षण करते हुए वित्त मंत्री ने कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य बॉक्स कल्वर्ट एवं डायवर्सन निर्माण कार्य समय पर पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया और संबंधित एजेंसियों की सराहना की।उन्होंने कहा कि मरीन ड्राइव केवल यातायात सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि रायगढ़ की नई पहचान बनने जा रही है। इससे शहर की सुंदरता बढ़ेगी, यातायात व्यवस्था सुगम होगी तथा नागरिकों को एक आकर्षक सार्वजनिक स्थल भी मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को आगामी नवंबर तक परियोजना पूर्ण करने के निर्देश दिए।

’रायगढ़ को मिलेगा अत्याधुनिक बस टर्मिनल’

वित्त मंत्री ने निर्माणाधीन अंतर्राज्यीय बस स्टैंड (आईएसबीटी) का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह परियोजना आगामी चार दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की जा रही है। उन्होंने बताया कि बस स्टैंड में एक साथ 30 बसों के संचालन की सुविधा होगी, जबकि अतिरिक्त 40 बसों के लिए भी पर्याप्त पार्किंग एवं स्थान आरक्षित रहेगा।

यात्रियों के लिए आधुनिक प्रतीक्षालय विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 550 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। वहीं बसों के रखरखाव और मरम्मत के लिए पृथक वर्कशॉप क्षेत्र भी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बस टर्मिनल रायगढ़ को प्रदेश और देश के प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगा तथा यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

’हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी नई मजबूती’

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने एफसीआई परिसर में विकसित किए जा रहे ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट का भी अवलोकन किया। लगभग सात एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे इस हरित परिसर को उन्होंने रायगढ़ के पर्यावरणीय भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा के लिए ऑक्सीजोन में दो प्रवेश द्वार विकसित करने के निर्देश दिए।  चौधरी ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में ऐसे हरित क्षेत्रों का विकास समय की आवश्यकता है। यह परियोजना शहरवासियों को स्वच्छ एवं  स्वस्थ वातावरण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को समान प्राथमिकता दी जा रही है। यही कारण है कि शहर में आधुनिक आधारभूत संरचना के साथ-साथ हरित परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर नगर निगम महापौर  जीवर्धन चौहान, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में ‘PM-USHA’ की महा-क्रांति….

​छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में ‘PM-USHA’ की महा-क्रांति….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा जगत में एक नए युग का सूत्रपात हो चुका है। वर्ष 2014 से 2026 के बीच केंद्र सरकार से मिली प्रमुख स्वीकृतियों और सौगातों की शृंखला में ‘प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान’ (PM-USHA) राज्य के लिए वरदान साबित हो रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की नैशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) ग्रेडिंग में सुधार, और अनुसंधान (Research) के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा भारी-भरकम वित्तीय अनुदान की स्वीकृति दी गई है। यह योजना पूर्ववर्ती राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) का ही एक परिष्कृत और अधिक उन्नत रूप है।

​अधोसंरचना विकास के लिए मिला ‘मेगा बजट’

इस योजना के तहत देश भर के लिए कुल 12,926.10 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इस विशाल बजट का एक बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा छत्तीसगढ़ के हिस्से आया है। ​योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में चयनित पात्र शासकीय विश्वविद्यालयों को मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटीज़ (MERU) के अंतर्गत प्रति संस्थान 20 करोड़ से लेकर 100 करोड़ रुपए तक का भारी-भरकम अनुदान मिल रहा है। वहीं, चिन्हित शासकीय महाविद्यालयों को बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण (Grants to Strengthen Colleges) के लिए 5 करोड़ रुपए तक का प्रोजेक्ट-बेस्ड अनुदान स्वीकृत किया जा रहा है। इस वित्तीय भार का वहन केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात (60% केंद्रांश और 40% राज्यांश) में किया जा रहा है।

​धरातल पर उतरी योजना: स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब का निर्माण जारी

छत्तीसगढ़ में यह योजना केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि धरातल पर तेजी से प्रगति कर रही है। छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) निष्पादित किया जा चुका है। वर्तमान में, चयनित कॉलेजों द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। इसके साथ ही, राज्य के शिक्षण संस्थानों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब, और कंप्यूटर सेंटर जैसे अत्याधुनिक अधोसंरचना निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

बस्तर से सरगुजा तक सभी 33 जिलों को मिल रहा है सीधा लाभ

PM-USHA योजना का सबसे खूबसूरत पहलू इसका समावेशी होना है। इस परियोजना का लाभ छत्तीसगढ़ के समस्त 33 जिलों को मिल रहा है। योजना के तहत विशेष रूप से राज्य के ​आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों और दूरस्थ अंचलों जैसे बस्तर संभाग और सरगुजा संभाग,​कम सकल नामांकन अनुपात (GER) वाले क्षेत्रों,​आकांक्षी जिलों जैसे धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद आदि के शासकीय कॉलेजों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया गया है, ताकि विकास की दौड़ में पीछे छूटे क्षेत्रों को मुख्यधारा में लाया जा सके।

​5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के सपनों को उड़ान

इस दूरदर्शी परियोजना से राज्य के विभिन्न शासकीय शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत लगभग 5 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और महिला वर्ग के छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। अब छत्तीसगढ़ के वनांचलों और दूरदराज के गांवों के युवाओं को भी वैश्विक स्तर की आधुनिक शिक्षा और अनुसंधान की सुविधाएं अपने ही राज्य में सुलभ हो रही हैं, जो उनके सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रख रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश लगातार कार्रवाई से अवैध खनन गतिविधियों पर लग रहा है प्रभावी अंकुश….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश लगातार कार्रवाई से अवैध खनन गतिविधियों पर लग रहा है प्रभावी अंकुश….

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध लगातार कार्रवाई हो रही है। शासन की मंशा खनिज संसाधनों के संरक्षण, उनके नियमानुसार उपयोग तथा अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश सुनिश्चित करने की है।

इसी कड़ी में खनिज साधन के विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 एवं 22 जून 2026 को विभिन्न जिलों में औचक निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान जिला बलौदाबाजार के ग्राम खपरीडीह में गौण खनिज निम्न श्रेणी चूनापत्थर से संबंधित स्वीकृत अस्थायी भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों एवं खदानों का निरीक्षण किया गया। जांच में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाए जाने पर 06 क्रशर इकाइयों को सीलबंद किया गया तथा संबंधित संचालकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किए गए।

इसी प्रकार जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम दहिदा में महानदी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एक चौन माउंटेन मशीन द्वारा अवैध रूप से रेत उत्खनन किया जाना पाया गया। खनिज अधिनियम के प्रावधानों के तहत उक्त मशीन को जब्त कर आगामी आदेश तक सीलबंद किया गया। मशीन को मशीन ऑपरेटर की सुपुर्दगी में दिया गया है तथा मशीन स्वामी को नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

उक्त सभी स्थलों की जांच एवं सत्यापन ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से भी किया गया, जिससे खनन गतिविधियों का सटीक आकलन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

खनिज सचिव श्री पी. दयानंद ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आधुनिक तकनीक, ड्रोन सर्वेक्षण एवं सतत निगरानी के माध्यम से अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए तथा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं संबंधित जिलों की जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

भोरमदेव शक्कर कारखाना ने शत-प्रतिशत भुगतान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया

भोरमदेव शक्कर कारखाना ने शत-प्रतिशत भुगतान कर नया कीर्तिमान स्थापित किया

 रायपुर। गन्ना किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता अक्सर समय पर भुगतान की होती है, लेकिन कबीरधाम जिले का भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना इस मामले में देश के लिए मिसाल बना है। लगातार दूसरे वर्ष कारखाने ने जून माह में ही किसानों को समर्थन मूल्य (एफआरपी) और अतिरिक्त रिकवरी राशि का शत-प्रतिशत भुगतान कर देश के सहकारी शक्कर उद्योग में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यही कारण है कि यह कारखाना केवल चीनी उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि किसानों के भरोसे और सहकारिता की सफलता का प्रतीक बन गया है।

रविवार को आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की उपस्थिति में 29.83 करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित किए गए। इसमें 6.91 करोड़ रुपये एफआरपी की शेष राशि और 22.92 करोड़ रुपये अतिरिक्त रिकवरी राशि शामिल है। इसके साथ ही पेराई सत्र 2025-26 में किसानों को कुल 107.10 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा हो गया है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि केवल आर्थिक भुगतान नहीं, बल्कि किसानों और सहकारिता व्यवस्था के बीच मजबूत विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हजारों किसानों का अपना संस्थान है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक गन्ना उत्पादन और आपूर्ति करने का आह्वान करते हुए आगामी सत्र में चार लाख मीट्रिक टन से अधिक गन्ना पेराई का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।

भोरमदेव शक्कर कारखाना केवल समय पर भुगतान नहीं बल्कि किसान हितैषी नवाचारों के कारण भी चर्चा में है। लगातार तीसरे वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक शुगर रिकवरी, रियायती दर पर शक्कर वितरण में सहभागिता, ‘बलराम सदन‘ कृषक प्रतीक्षालय, मिट्टी परीक्षण सुविधा, प्रेसमड वितरण, उन्नत गन्ना बीज एवं सीडलिंग और नियमित प्रशिक्षण जैसी पहलें किसानों की लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं। वहीं, कारखाना परिसर में संचालित शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत श्रमिकों को मात्र पांच रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना के चेयरमैन एवं कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में अपनाई गई पारदर्शी और किसान-केंद्रित कार्यप्रणाली ने इसे देश के अग्रणी सहकारी शक्कर कारखानों में शामिल कर दिया है। समय पर भुगतान, आधुनिक तकनीक, उत्पादन वृद्धि और किसानों की सक्रिय भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि जब सहकारिता मजबूत होती है तो केवल उद्योग नहीं, बल्कि पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ती है। यही वजह है कि आज भोरमदेव मॉडल देश के अन्य सहकारी शक्कर कारखानों के लिए भी प्रेरणा बनता जा रहा है।

CG – पत्नी को परीक्षा केंद्र छोड़ने गया था युवक, घर पहुंचने से पहले मिली मौत की खबर

CG – पत्नी को परीक्षा केंद्र छोड़ने गया था युवक, घर पहुंचने से पहले मिली मौत की खबर

 जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जहां ग्राम मुड़पार (ब) जोगिया नाला के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार युवक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि युवक अपनी पत्नी को आंगनबाड़ी सहायिका की परीक्षा के लिए छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। वहीं पास ही बाइक पर सवार अन्य दो युवक किसी तरह सड़क किनारे कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डायल 112 और पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने ट्रेलर चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

CG : एक साथ 34 पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी, सामने आई ये बड़ी वजह…..

CG : एक साथ 34 पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफे की दी चेतावनी, सामने आई ये बड़ी वजह…..

 जगदलपुर। बास्तानार जनपद की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिलने से भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। सरपंच संघ ने प्रशासन से सभी पंचायतों में तीन विकास कार्यों को स्वीकृति की देने की मांग की है। मांगे पूरी नहीं होने पर 34 ग्राम पंचायतों के सरपंच सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी गई है।

सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद से पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे जरूरी योजनाएं ठप पड़ी हैं। सरपंच संघ ने प्रत्येक पंचायत में कम से कम तीन विकास कार्य स्वीकृत करने की मांग रखी है। इसमें 300 मीटर सीसी रोड, 3 मीटर की पुलिया और 5 लाख रुपये तक का सामुदायिक भवन शामिल है।

सरपंचों का कहना है कि इससे पहले भी उनकी मांगों को लेकर चक्का जाम किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है। सरपंच संघ ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 5 से 10 जुलाई के बीच जनपद पंचायत कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर बास्तानार जनपद की सभी 34 ग्राम पंचायतों के सरपंच सामूहिक इस्तीफा देंगे।

इस मामले में डिप्टी कलेक्टर सीपी बघेल ने कहा कि सरपंचों की मांगों और शिकायत से कलेक्टर को अवगत कराया जाएगा। साथ ही संबंधित ग्राम पंचायतों में अब तक हुए विकास कार्यों और उपलब्ध कराई गई राशि की भी जानकारी जुटाई जाएगी।

शिक्षिका की मौत : कमरे में इस हाल में मिला शव, इलाके में फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

शिक्षिका की मौत : कमरे में इस हाल में मिला शव, इलाके में फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में शिक्षिका का शव फांसी के फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला सिविल लाइन क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान कुमारी काजल ठाकुर (26 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बलौदाबाजार के चांपा स्कूल में व्यवसायिक शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले वर्ष ही संविदा शिक्षिका के रूप में स्कूल में पदस्थ हुई थी।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शिक्षिका ने अपने कमरे में पंखे से चुनरी का फंदा बनाकर आत्महत्या की है। घटना का पता चलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका के परिजनों एवं परिचितों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

बाल विवाह रोकथाम, महिला सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे ग्रामीण

बाल विवाह रोकथाम, महिला सशक्तिकरण और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे ग्रामीण

 रायपुर- महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर में महिलाओं, बच्चों और किशोरियों की सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। 

इसी क्रम में सूरजपुर जिले के विकासखंड ओड़गी में वित्तीय साक्षरता एवं सामाजिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को बाल विवाह रोकथाम, महिला अधिकारों, साइबर सुरक्षा तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

शिविर में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के दुष्परिणामों और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही किशोरियों की सुरक्षा, लैंगिक अपराधों की रोकथाम तथा गुड टच-बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 सहित विभिन्न सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा से संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध सहायता एवं परामर्श सेवाओं से भी ग्रामीणों को अवगत कराया गया।

महिला सशक्तिकरण केंद्र के विशेषज्ञों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना तथा सुकन्या समृद्धि योजना सहित महिलाओं और बालिकाओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के संबंध में भी जागरूक किया गया।

शिविर में नशा मुक्ति, बालिकाओं की शिक्षा और सामाजिक मूल्यों के महत्व पर भी विशेष बल दिया गया। विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी सामग्री का वितरण कर ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम, महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और सुरक्षित समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

महिला आयोग की सुनवाई में कई मामलों का हुआ निराकरण

महिला आयोग की सुनवाई में कई मामलों का हुआ निराकरण

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य श्रीमती प्रियम्वदा सिंह जूदेव ने आज जशपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महिला उत्पीड़न एवं अन्य प्रकरणों की सुनवाई की। प्रदेशभर में आयोजित सुनवाई में 401 मामलों पर विचार किया गया, जिनमें जशपुर जिले के 10 प्रकरण शामिल रहे।

सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण मामले में आयोग ने छह वर्षों से साथ रह रहे एक युगल के विवाह की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए। मामले में अनावेदक, जो वर्तमान में सेना में कार्यरत है, ने आवेदिका के साथ लंबे समय से सहजीवन में रहने और उनसे एक पुत्री होने की बात स्वीकार की। आयोग के समक्ष आवेदिका ने एफआईआर दर्ज कराने के बजाय विधिवत विवाह कराने की इच्छा जताई, जिस पर अनावेदक ने सहमति दी। आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दोनों पक्षों के विवाह की प्रक्रिया प्रारंभ कर दो माह के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अनावेदक को प्रत्येक माह 10 हजार रुपए भरण-पोषण राशि जमा कराने का आदेश दिया गया।

एक अन्य प्रकरण में सीआरपीएफ में पदस्थ कर्मचारी द्वारा पत्नी और दो बच्चों के भरण-पोषण की उपेक्षा किए जाने की शिकायत पर आयोग ने हस्तक्षेप किया। सुनवाई के दौरान अनावेदक ने अपनी पत्नी एवं बच्चों के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपए भरण-पोषण राशि देने पर सहमति व्यक्त की। आयोग ने संरक्षण अधिकारी को नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में आयोग ने दोनों पक्षों को तहसीलदार के समक्ष सीमांकन कराने और वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार भूमि का कब्जा सुनिश्चित करने की सलाह दी। सीएचसी फरसाबहार में पदस्थ एक स्टाफ नर्स की आवास संबंधी शिकायत पर आयोग ने संबंधित विभाग को आवंटित शासकीय आवास की तत्काल मरम्मत कराने तथा मरम्मत अवधि में नियमानुसार एचआरए प्रदान करने के निर्देश दिए।सुनवाई के दौरान कुछ मामलों में आपसी सहमति एवं सुलह के आधार पर प्रकरणों का निराकरण किया गया, जबकि न्यायालय में लंबित एक मामले को आयोग ने सुनवाई योग्य नहीं मानते हुए बंद कर दिया। महिला आयोग ने सभी पक्षों को आपसी संवाद, कानूनी प्रावधानों के पालन एवं महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

 विभागीय सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर-- मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव सभी ऑनलाइन सेवाओं को सेवा सेतु में लाने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। मुख्य सचिव ने आगामी 13 जुलाई से 17 जुलाई 2026 तक आयोजित छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के लिए विभागों के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियों के साथ विभागीय अधिकारियों को विधानसभा में उपस्थित रहने के निर्देश दिए है।

मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को शासन के सर्वाेच्च प्राथमिकता वाले कार्यों को वरीयता देने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मानिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, मनरेगा, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को विभागों के अंतर्गत रिक्त पदों की सूची अद्यतन करने एवं कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों से ली। 
बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिवराहुल भगत, गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी एवं आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, परिवहन विभाग के सचिव  एस.प्रकाश, सामान्य प्रशासन, जनशिकायत निवारण एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उभोक्ता संरक्षण एवं वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव  भुवनेश यादव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल...देखें पूरी लिस्ट..!!

BREAKING : छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल...देखें पूरी लिस्ट..!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने प्रशासनिक आधार पर आबकारी विभाग के अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार 30 अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया गया है। जिनमें सहायक आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, उप निरीक्षक है। सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

 

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, 12 तहसीलदार बने डिप्टी कलेक्टर, देखें आदेश..!!

ब्रेकिंग : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, 12 तहसीलदार बने डिप्टी कलेक्टर, देखें आदेश..!!

 रायपुर 22 जून 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को बड़ी सौगात देते हुए 12 तहसीलदारों को डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेश के अनुसार पदोन्नति के साथ ही सभी अधिकारियों को नई पदस्थापना भी दी गई है। कई अधिकारियों को दूसरे जिलों में जिम्मेदारी सौंपी गई है।

राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, बालोद और रायगढ़ समेत विभिन्न जिलों में पदस्थ तहसीलदार शामिल हैं।

इन तहसीलदारों को मिला प्रमोशन

प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

सरकार के इस आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को जल्द ही नई पदस्थापना वाले जिलों में कार्यभार ग्रहण करना होगा। माना जा रहा है कि इससे जिलों में प्रशासनिक कार्यों के संचालन और राजस्व प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध लगातार हो रही सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध लगातार हो रही सख्त कार्रवाई

 केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने किया रात्रिकालीन औचक निरीक्षण

हाईटेक ड्रोन सर्वे से अनुज्ञा के अनुरूप खनन और भंडारण की हो रही है विस्तृत जांच

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश भर में लगातार अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की जा रही है। जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ खनिज विभाग का मैदानी अमला अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए कड़ी निगरानी कर रहा है। 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध रेत खनन और भंडारण के विरुद्ध लगातार हो रही सख्त कार्रवाई

    इसी क्रम में केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर 21 जून 2026 को रात्रिकालीन खनन क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिला एम.सी.बी. की तहसील केल्हारी अंतर्गत दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा तथा हसदेव नदी क्षेत्रों के सघन निरीक्षण में स्वीकृत दो अस्थायी रेत भंडारण अनुज्ञप्ति स्थलों का विस्तृत परीक्षण किया गया। मौके पर उपलब्ध रेत की मात्रा का आकलन हाईटेक ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से किया गया। निरीक्षण में भंडारण अनुज्ञा की शर्तों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित रेत भंडारणकर्ताओं को कारण बताओ सूचना जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में अवैध खनन गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ खनिज संपदा का नियमानुसार दोहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध खनन एवं भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

खनिज सचिव  पी. दयानंद ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के पहुंच-विहीन एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से विभिन्न जिलों में अवैध रेत उत्खनन संभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उक्त कार्रवाई में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय टीम के अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने की भेंट

राज्यपाल डेका से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने की भेंट

 रायपुर, 22  जून 2026 - राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी, उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, रायपुर ग्रामीण विधायक  मोतीलाल साहू एवं रायपुर नगर निगम की महापौर मीनल चौबे ने सौजन्य भेंट  की।

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र - मुख्यमंत्री साय

सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र - मुख्यमंत्री साय

 मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ

छत्तीसगढ़ से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, कलाकार एवं साहित्यकार हुए रवाना
छत्तीसगढ़ के शिवालयों की माटी और पावन नदियों का जल भगवान सोमनाथ को श्रद्धालु करेंगे अर्पित

रायपुर 22 जून 2026- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज यहां राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन से सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के लिए विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और आस्था का प्रमुख केन्द्र है। सोमनाथ मंदिर को अनेक बार आक्रांताओं ने तोड़ा, लेकिन हर बार मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ, ये देशवासियों की अटूट आस्था का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ
सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत विशेष ट्रेन से छत्तीसगढ़ से सोमनाथ के लिए 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार रवाना हुए। यात्रा में शामिल श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पावन भूमि के माटी कलश और पावन नदियों का जल कलश बाबा सोमनाथ को अर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री  साय ने भगवान सोमनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ के लिए बहुत गौरवशाली दिन है जब प्रदेश भर से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए रवाना हो रहे हैं। हमारे प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हम लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल का श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं, उन्होंने भारत की आजादी के बाद राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रतीक के रूप में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। 75 वर्ष पूर्व देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद जी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर का लोकार्पण किया था।

मुख्यमंत्री ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए गौरव की बात है कि छत्तीसगढ़ से पद्मश्री, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार एवं साहित्यकार इस यात्रा में अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के शिवालयों की पावन माटी और पावन नदियों कंे जल कलश लेकर रवाना हो रहे हैं। यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण है।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि सोमनाथ धाम की यह यात्रा श्रद्धालुओं को केवल आध्यात्मिक अनुभूति ही नहीं बल्कि भारत की महान सांस्कृतिक परम्परा और राष्ट्रीय गौरव को निकट से अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करेगी। भगवान सोमनाथ से प्रार्थना है कि वे हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ सहित भारतवर्ष को समृद्धि, शांति और विकास के पथ पर अग्रसर करें।
मुख्यमंत्री  साय ने सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात की और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें अंगवस्त्र भेंट किया।
इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा,  इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश

BREAKING : छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री, दंतेवाड़ा से प्रदेश में पहुंचा बारिश का मौसम, रायपुर में हो रही झमाझम बारिश

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा जिले से मानसून के प्रदेश में प्रवेश की पुष्टि की है। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और बारिश की गतिविधियां तेज हो गई है। वहीं राजधानी रायपुर में झमाझम बारिश हो रही है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अच्छी वर्षा हो सकती है। मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी तथा उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून धीरे-धीरे प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा, जिससे खेती-किसानी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। किसानों को लंबे समय से मानसून का इंतजार था और इसके आगमन से खरीफ फसलों की तैयारी को गति मिलेगी।

प्रदेशवासियों को सलाह दी गई है कि बारिश के दौरान मौसम विभाग की चेतावनियों और अपडेट पर नजर बनाए रखें। वहीं, बारिश के दौरान आकाशीय बिजली से सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है, बारिश के दौरान खुले स्थानों पर ना रहे न ही पेड़ को शरण लें।

OTP नहीं, अब ऐसे मिलेगा राशन! नियम तोड़ने पर होगी FIR; जानिए कब से होगा लागू…..

OTP नहीं, अब ऐसे मिलेगा राशन! नियम तोड़ने पर होगी FIR; जानिए कब से होगा लागू…..

 रायपुर। रायपुर में राशन वितरण में बड़ा बदलाव हो गया है। अब ओटीपी के जरिए राशन देने की व्यवस्था पूरी तरह बंद कर दी गई है। अब लाभार्थी को खुद दुकान पर आकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही राशन मिलेगा। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि ओटीपी सिस्टम के जरिए फर्जीवाड़े और राशन के गलत इस्तेमाल की शिकायतें मिल रही थीं। 

अब राशन दुकानों से ओटीपी के जरिए राशन देने की व्यवस्था पूरी तरह खत्म कर दी गई है। पहले कई मामलों में ऐसा होता था कि अगर कोई हितग्राही राशन लेने नहीं आता था, तो उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के आधार पर भी राशन दे दिया जाता था। लेकिन अब यह तरीका बंद कर दिया गया है। फूड डायरेक्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब राशन लेने के लिए लाभार्थी को खुद दुकान पर आना जरूरी होगा। राशन तभी मिलेगा जब कोई अपने अंगूठे का बायोमेट्रिक (Fingerprint) वेरिफिकेशन करेगा। यानी आधार आधारित पहचान के बिना राशन नहीं दिया जाएगा।

यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ओटीपी सिस्टम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। कई जगहों पर ओटीपी के जरिए फर्जी तरीके से चावल और अन्य राशन का लेन-देन किया जा रहा था। कुछ लोग ओटीपी खरीदकर या बेचकर सरकारी राशन को बाजार में बेच देते थे। इससे सरकारी व्यवस्था का गलत इस्तेमाल हो रहा था।

नई गाइडलाइन के अनुसार, जिन राशन कार्ड धारकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, उन्हें अब सिर्फ आधार ऑथेंटिकेशन करने के बाद ही राशन मिलेगा। अगर कोई शख्स नॉमिनी के जरिए राशन लेता है, तो उसे भी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करना जरूरी होगा। अब ओटीपी से किसी को भी राशन नहीं दिया जाएगा।

हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में छूट दी गई है, जैसे 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग, 10 साल से कम उम्र के बच्चे, एकल निराश्रित व्यक्ति और दिव्यांग हितग्राही को ओटीपी की लिमिटेड फैसिलिटी दी जा सकती है।

CG – राजधानी में मिली खून से लथपथ युवती की लाश, बुरी तरह कुचला हुआ था सिर

CG – राजधानी में मिली खून से लथपथ युवती की लाश, बुरी तरह कुचला हुआ था सिर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। WRS कॉलोनी में युवती की खून से लथपथ लाश मिली है। उसका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। 

मामला राजधानी के खमतराई थाना के WRS कॉलोनी का है। किसी ने भारी पत्थर से कुचलकर युवती की बेरहमी से हत्या कर दी। उसका सिर और चेहरा बुरी तरह कुचल दिया।

जानकारी की मुताबिक़, WRS कॉलोनी के खुले मैदान में जब स्थानीय लोग पहुंचे तो उन्हें युवती की सिर कुचली लाश मिली। युवती की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गयी।

मौके पर क्राइम ब्रांच, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया है। अभी युवती की पहचान नहीं हो पायी है। युवती के दाहिने हाथ पर ‘RK सारथी’ नाम का टैटू मिला है। माना जा रहा है पुरानी रंजिश या आपसी विवाद में हत्या की गयी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटवी फुटेज खंगाल रही है। जल्द ही युवती की पहचान कर हत्या का खुलासा कर लिया जाएगा।

CG – गड़े खजाने के लिए 21 लोगों की बलि की साजिश? 4 महीने में 8 मौतों से कांपा गांव

CG – गड़े खजाने के लिए 21 लोगों की बलि की साजिश? 4 महीने में 8 मौतों से कांपा गांव

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पुराना खर्वे गांव से अंधविश्वास और सामूहिक हत्याकांड की साजिश का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। महज 800 की आबादी वाले इस शांत गांव में पिछले चार महीनों के भीतर आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में ‘गड़े खजाने’ को निकालने के अंधविश्वास में कुल 21 लोगों को मौत के घाट उतारने की खौफनाक साजिश रची गई थी।

ग्रामीणों के दबाव के बाद पुलिस ने सात शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। अब पूरे गांव की निगाहें रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे इन मौतों के पीछे का सच सामने आ सके।

खर्वे गांव में संदिग्ध मौतों का सिलसिला 6 फरवरी को बद्री पटेल की मौत से शुरू हुआ। इसके बाद 20 फरवरी को बुढालू साहू, 12 मार्च को बुधराम जायसवाल, 20 मार्च को छत्तूराम साहू और 31 मार्च को विनोद साहू की मौत हो गई। फिर 28 अप्रैल को गजानंद मांझी, 29 अप्रैल को चैतूराम साहू और 14 मई को महेतरू साहू की जान चली गई।

एक ही गांव में लगातार आठ लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण कसडोल थाने पहुंचे और मामले की जांच की मांग की। लगातार हो रही मौतों के बाद ग्रामीणों ने गांव में शांति पूजा कराई। इस पूजा में तीन बकरों, एक सुअर और कई मुर्गों की बलि दी गई। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि इसके बाद मौतों का सिलसिला रुक जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि शांति पूजा कराने वाले गजानंद मांझी की भी बाद में मौत हो गई। इससे गांव में तंत्र-मंत्र और गड़े धन को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और तेज हो गईं।

मृतक छत्तूराम साहू के भाई और विनोद साहू के चाचा कामता प्रसाद ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों की मौत हुई, उन्हें अलग-अलग समय में रामसहाय जायसवाल की ओर से शराब दी गई थी। शराब पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और फिर मौत हो गई। ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी फैल गई कि जमीन में गड़े धन को निकालने के लिए 21 लोगों की बलि देने की तैयारी की गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 13 लोग अभी बाकी थे।

हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस फिलहाल वैज्ञानिक जांच के आधार पर आगे बढ़ रही है।

गजानंद मांझी गांव में शांति पूजा कराने वाले बैगा थे। उनकी पत्नी साधिन बाई मांझी ने बताया कि घटना वाले दिन उनके पति घर पर सो रहे थे। इसी दौरान मोहनलाल जायसवाल शराब लेकर पहुंचे। बाद में गजानंद ने कोल्ड ड्रिंक में शराब मिलाकर पी और कुछ देर बाद अचानक गिर पड़े। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शराब रामसहाय जायसवाल की ओर से भेजी गई थी।

गांव में लगातार हो रही मौतों के बीच कार्तिक कुम्हार का मामला सामने आया। वह संदिग्ध हालत में बीमार पड़ा था, लेकिन उसकी जान बच गई। कार्तिक ने ग्रामीणों को बताया कि उसे उसके दोस्त प्रमोद साहू ने शराब दी थी। शराब का स्वाद कड़वा था। शराब पीने के कुछ ही देर बाद उसके पेट में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गया। बाद में प्रमोद ने बताया कि यह शराब उसे रामसहाय जायसवाल ने दी थी। कार्तिक के बयान के बाद ग्रामीणों का शक और गहरा गया। इसके बाद गांव में बैठक हुई और लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

ग्रामीणों के आरोपों के बाद रामसहाय जायसवाल चर्चा के केंद्र में हैं। हालांकि लोगों का कहना है वह उनके घर और दुकान पर नहीं मिले है। वहीं उनके बेटे रुद्रेश्वर ने कहा कि उनके पिता फरार नहीं हैं। पुलिस उनका बयान दर्ज कर मोबाइल जब्त कर चुकी है। परिवार का कहना है कि अगर जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून अपना काम करे।

रामसहाय जायसवाल की किराना दुकान गांव के मुख्य गुड़ी चौक पर स्थित है। यह गांव का सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना अधिकांश लोग इसी रास्ते से गुजरते हैं और रामसहाय का लगभग सभी ग्रामीणों से संपर्क था।

घटना के बाद गांव में उनके परिवार के प्रति नाराजगी है। लोगों ने दुकान से सामान खरीदना बंद कर दिया है। फिलहाल दुकान बंद पड़ी हुई है।

खर्वे गांव के अधिकांश लोग कबीर पंथ को मानते हैं। इसी वजह से यहां मृतकों का अंतिम संस्कार दाह संस्कार के बजाय दफनाकर किया जाता है। जांच के लिए पुलिस ने सात कब्रों को दोबारा खोदकर शव बाहर निकाले और पोस्टमॉर्टम के बाद उन्हें फिर से दफना दिया गया।

मामले की जांच कर रहे कसडोल एसडीओपी के.के. वासनिक के मुताबिक सभी मौतों में एक समान पैटर्न देखने को मिला है। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि मृतकों को किसी न किसी रूप में शराब उपलब्ध कराई गई थी।

पुलिस ने सात शवों के विसरा और अन्य सैंपल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि अगर ठोस साक्ष्य मिले तो संबंधित लोगों से सख्ती से पूछताछ की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का सदस्य गिरफ्तार, जांच में जुटी राज्य सुरक्षा एजेंसियां

छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का सदस्य गिरफ्तार, जांच में जुटी राज्य सुरक्षा एजेंसियां

 जांजगीर-चांपा।  जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में किरायेदार सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक जांच में युवक के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े तत्वों के संपर्क के संकेत मिले हैं। मामले की जांच में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा एजेंसियां भी जुट गई हैं।

पुलिस के अनुसार, मिनीमाता चौक स्थित एक मकान में किराए पर रह रहे पंजाब निवासी सेवक सिंह (23 वर्ष) की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उससे पूछताछ की गई। इसके बाद उसके मोबाइल फोन की जांच में कथित तौर पर व्हाट्सएप चैट, वीडियो कॉल, कॉल रिकॉर्डिंग तथा पाकिस्तान, सऊदी अरब सहित कई विदेशी नंबरों से संपर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।

पुलिस का कहना है कि, आरोपी पर संवेदनशील स्थानों और महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने के आरोप हैं। मामले में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है। साथ ही मोबाइल फोन को विस्तृत फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

 फिलहाल पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच का फोकस कथित स्लीपर सेल के संभावित नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण के आधार पर की जाएगी।

 
नौकरी का झांसा देकर चेन्नई ले जाई गई छत्तीसगढ़ की 3 युवतियां, वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार

नौकरी का झांसा देकर चेन्नई ले जाई गई छत्तीसगढ़ की 3 युवतियां, वीडियो जारी कर लगाई मदद की गुहार

 अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र से प्लेसमेंट के नाम पर तीन युवतियों को चेन्नई ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जशपुर में तीन माह की सिलाई ट्रेनिंग कराने के बाद युवतियों को रोजगार दिलाने का झांसा देकर तमिलनाडु के कांचीपुरम (चेन्नई) ले जाया गया, जहां वे अब फंस गई हैं।

जानकारी के अनुसार, तीनों युवतियां सीतापुर क्षेत्र के भरतपुर, बेलजोरा और बिनई गांव की रहने वाली हैं। परिजनों का आरोप है कि दो युवतियों और एक युवक ने नौकरी का भरोसा दिलाकर उन्हें अपने साथ ले गए थे। अब जब युवतियां घर लौटना चाहती हैं तो उनसे 10-10 हजार रुपये की मांग की जा रही है।

वहीं चेन्नई में फंसी युवतियों ने मोबाइल के जरिए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई। मामले की जानकारी मिलते ही विधायक ने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने युवतियों को सुरक्षित वापस लाने का आश्वासन भी दिया है।

इधर, मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और युवतियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि रोजगार के नाम पर उन्हें किन परिस्थितियों में चेन्नई ले जाया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल यह मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

झाड़-फूंक के बहाने एक माह के मासूम का अपहरण, 24 घंटे में बच्चा सकुशल बरामद, महिला गिरफ्तार

झाड़-फूंक के बहाने एक माह के मासूम का अपहरण, 24 घंटे में बच्चा सकुशल बरामद, महिला गिरफ्तार

 जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक माह के मासूम बच्चे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला अस्पताल इलाज कराने पहुंचे एक पहाड़ी कोरवा परिवार को झाड़-फूंक और बेहतर इलाज का झांसा देकर एक महिला उनके मासूम बच्चे को लेकर फरार हो गई। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

झाड़-फूंक का झांसा देकर ले गई मासूम को

जानकारी के अनुसार, पहाड़ी कोरवा समुदाय का एक परिवार अपने बीमार एक माह के बच्चे का इलाज कराने जशपुर जिला अस्पताल पहुंचा था। इसी दौरान एक महिला ने परिवार से संपर्क किया और बच्चे के बेहतर इलाज तथा झाड़-फूंक कराने का भरोसा दिलाया। महिला परिवार को अपने साथ बस स्टैंड तक ले गई। वहां भोजन करने के दौरान उसने मौका देखकर मासूम बच्चे को अपने कब्जे में लिया और फरार हो गई। घटना का पता चलते ही परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल पुलिस से मदद मांगी।

शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस

मासूम के लापता होने की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश अभियान चलाने के साथ तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से आरोपी महिला की खोज शुरू की।

बगीचा थाना क्षेत्र से आरोपी महिला गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर टीम ने बगीचा थाना क्षेत्र में दबिश दी। यहां से आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से अपहृत एक माह का बच्चा भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

परिजनों को सौंपा गया मासूम

पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया। फिलहाल सिटी कोतवाली पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने बच्चे का अपहरण किस उद्देश्य से किया था तथा क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।

 CG - साय कैबिनेट की अहम बैठक कल , कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

CG - साय कैबिनेट की अहम बैठक कल , कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की अगली कैबिनेट बैठक 23 जून को आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में सुबह 11:30 बजे शुरू होगी।

बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। साथ ही प्रदेश हित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मंत्रिपरिषद की मुहर लग सकती है।

BREAKING NEWS : CM विष्णुदेव साय आज राजनांदगांव दौरे पर

BREAKING NEWS : CM विष्णुदेव साय आज राजनांदगांव दौरे पर

 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर और राजनांदगांव जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ करेंगे और विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12 बजे रायपुर पुलिस ग्राउंड हैलीपैड से राजनांदगांव के लिए रवाना होंगे. वहां दोपहर 12:30 बजे स्टेट हाई स्कूल ग्राउंड में आयोजित प्रगतिशील किसान सम्मेलन और लोकार्पण एंव भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इसके पश्चात दोपहर 2 बजे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के निवास पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री शाम 3 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे.