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मुख्यमंत्री साय की पहल:स्वस्थ माताएं, स्वस्थ बच्चे और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बनेगी समन्वित रणनीति

मुख्यमंत्री साय की पहल:स्वस्थ माताएं, स्वस्थ बच्चे और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए बनेगी समन्वित रणनीति

 00 यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से सभी संबंधित विभाग मिलकर तैयार करेंगे प्रभावी कार्ययोजना

00 स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव - साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत में यूनिसेफ की प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन तथा बच्चों के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इन क्षेत्रों में स्थायी सुधार के लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभाग यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से एक समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करें, जिससे शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में कमी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का प्रभाव तभी बढ़ेगा, जब विभिन्न विभाग साझा लक्ष्य और समन्वित कार्यप्रणाली के साथ काम करेंगे। उन्होंने अधिकारियों से ऐसी मल्टी-सेक्टोरल रणनीति तैयार करने को कहा, जिससे स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे का शॉल एवं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान के प्रतीक नंदी भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। वहीं सुश्री मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया। यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सुश्री सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री का जय जोहार कहकर अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध संस्कृति और सरल-सहज लोगों का प्रदेश है। उन्होंने बताया कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और समृद्ध बनेगा। बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ में यूनिसेफ की प्रमुख सुश्री सीमा कुमार, अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास उपस्थित थे

कांग्रेस नकारात्मक राजनीति में कभी सफल नहीं होगी, जनता सच्चाई जानती है : उपमुख्यमंत्री अरुण साव

कांग्रेस नकारात्मक राजनीति में कभी सफल नहीं होगी, जनता सच्चाई जानती है : उपमुख्यमंत्री अरुण साव

 00 नीट परीक्षा की खामी को सरकार ने किया दूर, समय पर कार्रवाई कर दोबारा आयोजित की परीक्षा

00 स्मार्ट मीटर नई तकनीक का हिस्सा, बिजली व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता

रायपुर। उपमुख्यमंत्री  अरुण साव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तथ्यहीन आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। नीट परीक्षा, यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी), स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर जनता कांग्रेस के बहकावे में नहीं आएगी। प्रदेश की जनता सच्चाई को भली-भांति समझती है। विपक्ष की नकारात्मक राजनीति कभी सफल नहीं होगी।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि नीट परीक्षा मामले में सरकार ने समय पर कार्रवाई कर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई। इसके बावजूद कांग्रेस इस विषय को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यूसीसी पर सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि यूसीसी को लेकर भी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आदिवासी समाज के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित समिति सभी वर्गों से सुझाव लेकर सरकार को अपना प्रारूप सौंपेगी।

साव ने स्मार्ट मीटर को लेकर कहा कि स्मार्ट मीटर नई तकनीक का हिस्सा हैं, जिससे बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिना तथ्यों के लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार पूरे छत्तीसगढ़ के संतुलित और समान विकास के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी क्षेत्र के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।

प्रदेश में खेती-किसानी जोरों पर, राज्य में 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 69 प्रतिशत बोनी पूर्ण

प्रदेश में खेती-किसानी जोरों पर, राज्य में 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लक्ष्य का 69 प्रतिशत बोनी पूर्ण

 रायपुर, 22 जुलाई 2026/ प्रदेश में मानसून के दस्तक के साथ ही खेती किसानी का कार्य जोरों पर हैं। राज्य में 22 जुलाई की स्थिति में राज्य के 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्रों में लक्ष्य का 69 प्रतिशत बोनी हो चुकी है। इस खरीफ सीजन में 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 

 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश: किसानों को सुगमता से मिले खाद-बीज
 
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों निर्देशित किए गए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को कहा हैं। खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। 
 
किसानों को 9.22 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित
 
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के किसानों को अब तक 9.22 लाख मीट्रिक टन खाद और 4.12 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून की बौछारों के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। राज्य में अब तक 33.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों जैसे धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल आदि की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 69 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.69 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है। 
 
प्रदेश में अब तक 389.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्जः राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मि.मी.
 
अधिकारियों ने बताया कि 22 जुलाई सुबह तक की स्थिति में प्रदेश में अब तक 389.7 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिमी है। गौरतलब है कि औसत दर्ज वर्षा जिलों की आज तक की औसत वर्षा पिछले 10 वर्षाे के आधार पर 421.5 मिमी. है। वहीं प्रतिवेदित समय तक आज हुई वर्षा 33.5 मिमी. है। 
 
किसानों को 4.12 लाख क्विंटल बीज वितरित
 
अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2026 के लिए बीज निगम द्वारा प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरूद्ध 4.70 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 4.12 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो मांग का 83 प्रतिशत है। गत वर्ष इसी अवधि में 4.11 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था। 
 
इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 14.57 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 9.22 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 59 प्रतिशत है।   
 
जरूरतमंद किसानों को 6633.71 करोड़ रूपये का निःशुल्क अल्पकालीन कृषि ऋण
 
अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी में सहूलियते हो इस उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अल्प कालीन कृषि ऋण उपलब्ध करा रहे है। चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 21 जुलाई की स्थिति में 6633.71 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 5560.34 करोड़ रूपए का ऋण वितरण किया गया था। इस वर्ष किसानों को 8800 करोड़ रूपए ऋण वितरण किये जाने का लक्ष्य रखा गया है।
सफलता की कहानी : आधुनिक सूकरपालन से स्वरोजगार: 400 से अधिक सूकरों के साथ ग्रेसी ने लिखी सफलता की नई इबारत

सफलता की कहानी : आधुनिक सूकरपालन से स्वरोजगार: 400 से अधिक सूकरों के साथ ग्रेसी ने लिखी सफलता की नई इबारत

 बीएससी एग्रीकल्चर ग्रेजुएट युवती ने सरकारी सहायता से स्वरोजगार को बनाया सफलता की मिसाल

नेशनल लाइव स्टॉक मिशन से मिली 30 लाख रुपये की सब्सिडी, आधुनिक फार्म में 400 से अधिक सूकर

रायपुर, 22 जुलाई 2026/ सूकर पालन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एक तेजी से उभरता हुआ और अत्यधिक लाभदायक स्वरोजगार है। कम लागत, उच्च प्रजनन क्षमता और मांस की लगातार बढ़ती मांग के कारण, यह लाखों युवाओं और किसानों के लिए स्थायी आय का एक प्रमुख साधन बन गया है। सूअर अन्य पशुओं की तुलना में बहुत तेजी से बढ़ते हैं। मादा सूअर एक बार में 8 से 12 बच्चों (पिगलेट्स) को जन्म देती है, जो 45 से 60 दिनों में बेचने लायक हो जाते हैं। छत्तीसगढ़ में कई युवा अपनी पारंपरिक या सामान्य नौकरियां छोड़कर आधुनिक तरीके से सूकर पालन कर सालाना लाखों-करोड़ों रुपये कमा रहे हैं।

बस्तर के युवाओं में अब पारंपरिक रोजगार से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि एवं पशुपालन आधारित उद्यमों की नई सोच विकसित हो रही है। इसी सोच को साकार करते हुए बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के किंजोली गांव की रहने वाली बीएससी एग्रीकल्चर स्नातक ग्रेसी दुग्गा ने पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग से एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की आधुनिक सूकरपालन परियोजना स्थापित कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। आज उनका फार्म न केवल सफल व्यावसायिक मॉडल बन चुका है, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन गया है।

नौकरी के बजाय स्वरोजगार का चुना रास्ता

ग्रेसी दुग्गा ने वर्ष 2023 में उत्तराखंड के देहरादून से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने के बजाय उन्होंने व्यावहारिक ज्ञान का उपयोग करते हुए कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में उद्यम स्थापित करने का निर्णय लिया। उन्होंने पारंपरिक व्यवसायों के बजाय सूकरपालन को चुना, क्योंकि बस्तर क्षेत्र में इसकी मांग लगातार बढ़ रही थी, जबकि व्यावसायिक स्तर पर इस क्षेत्र में बहुत कम लोग कार्य कर रहे थे। भारत सरकार सूकर पालन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल लाइवस्टॉक मिशन जैसी योजनाएं चला रही है। इसके तहत, फार्म खोलने के लिए 15 लाख से 30 लाख तक की परियोजना पर 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।

एक करोड़ बारह लाख रुपए की परियोजना को मिला सरकारी सहयोग

बड़े स्तर पर आधुनिक सूकरपालन इकाई स्थापित करने के लिए ग्रेसी को तकनीकी मार्गदर्शन और वित्तीय सहायता की आवश्यकता थी। पशु चिकित्सा सेवाओं के संयुक्त संचालक कार्यालय ने उन्हें परियोजना तैयार करने से लेकर विभिन्न तकनीकी पहलुओं तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया। विभाग के मार्गदर्शन में 1 करोड़ 12 लाख 10 हजार रूपए की आधुनिक परियोजना तैयार की गई, जिसे केंद्र सरकार की नेशनल लाइव स्टॉक मिशन योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिली।

अनुसूचित जनजाति वर्ग से पहली बार आवेदन करने पर ग्रेसी को योजना के तहत 30 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई। ग्रेसी का कहना है कि यदि यह सरकारी अनुदान नहीं मिलता तो वे केवल 20 से 25 सूकरों के साथ छोटे स्तर पर व्यवसाय शुरू कर पातीं, लेकिन शासन की सहायता ने उन्हें आधुनिक अधोसंरचना के साथ बड़े स्तर पर फार्म स्थापित करने का अवसर दिया।

आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन से मिली सफलता

पशुपालन विभाग के चिकित्सकों और कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में फार्म में तमिलनाडु से उन्नत नस्ल के सूकर लाए गए। सभी पशुओं के टीकाकरण, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया। मई 2025 में फार्म की शुरुआत 110 प्रजनन योग्य सूकरों से हुई थी, जिनमें 100 मादा और 10 नर शामिल थे। शुरुआती चरण में छोटे बच्चों को तैयार करने और प्रजनन योग्य बनाने में लगभग एक वर्ष का समय लगा। वैज्ञानिक प्रबंधन और बेहतर देखभाल के परिणामस्वरूप जून 2026 तक फार्म में 202 वयस्क प्रजनन योग्य सूकर तथा लगभग 206 पिगलेट तैयार हो चुके हैं। वर्तमान में फार्म में कुल 400 से अधिक सूकर मौजूद हैं, जो इस परियोजना की उल्लेखनीय सफलता को दर्शाते हैं।

पहली बिक्री में ही लगभग चार लाख रुपये की आय

ग्रेसी दुग्गा के आधुनिक फार्म से अब उन्नत नस्ल के पिगलेट्स की व्यावसायिक बिक्री भी शुरू हो चुकी है। उनके फार्म से रायपुर सहित स्थानीय बाजारों में सूकरों की नियमित आपूर्ति की जा रही है। हाल ही में उन्होंने 65 पिगलेट्स को 6 हजार रूपए प्रति पिगलेट की दर से बेचकर 3 लाख 90 हजार रुपए की आय अर्जित की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर सूकरपालन लाभकारी व्यवसाय के रूप में तेजी से उभर रहा है।

बस्तर के युवाओं के लिए बनी प्रेरणा

ग्रेसी दुग्गा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिले तो वे ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर सफल उद्यम स्थापित कर सकते हैं। पशु चिकित्सा विभाग के सहयोग, शासन की वित्तीय सहायता और अपनी मेहनत के बल पर ग्रेसी ने न केवल स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि बस्तर के शिक्षित युवाओं को कृषि एवं पशुपालन आधारित स्टार्टअप शुरू करने के लिए भी नई प्रेरणा दी है।

विशेष लेख : सीड बॉल अभियान- हरियाली बढ़ाने का सरल और प्रभावी माध्यम  जनभागीदारी से साकार हो रहा हरित छत्तीसगढ़ का संकल्प

विशेष लेख : सीड बॉल अभियान- हरियाली बढ़ाने का सरल और प्रभावी माध्यम जनभागीदारी से साकार हो रहा हरित छत्तीसगढ़ का संकल्प

 रायपुर - सीड बॉल पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और वनीकरण (रिफॉरेस्टेशन) का एक बेहद सरल, किफायती और अत्यधिक प्रभावी माध्यम है। इसमें बीजों को मिट्टी और जैविक खाद के मिश्रण से छोटी-छोटी गोलियों के रूप में सुरक्षित कर दिया जाता है, जिससे वे बिना मेहनत के दुर्गम स्थानों पर भी उग जाते हैं। सीड बॉल- बीज, मिट्टी (मुख्य रूप से चिकनी मिट्टी) और जैविक खाद (गोबर या वर्मीकम्पोस्ट) का एक छोटा और सूखा गोला होता है। बीजों को इस प्राकृतिक आवरण में लपेटकर सुखा लिया जाता है। मानसून की पहली अच्छी बारिश के बाद जब मिट्टी में पर्याप्त नमी हो, तब सीड बॉल्स का उपयोग करना सबसे अच्छा होता है। इन्हें यात्रा करते समय या खाली जगहों पर पैदल चलते हुए मिट्टी पर बिखेर दें। पानी के संपर्क में आते ही ये पौधे के रूप में विकसित होना शुरू हो जाती हैं।

बारिश का मौसम पौधारोपण और वनों के विस्तार के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। इसी उद्देश्य से वन विभाग द्वारा सीड बॉल (बीज गोला) अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने का प्रभावी प्रयास है, जहाँ पौधारोपण करना कठिन होता है।

क्या है सीड बॉल?

सीड बॉल मिट्टी, गोबर या जैविक खाद और विभिन्न वृक्षों के बीजों से तैयार किया गया छोटा गोलाकार गोला होता है। इसे जंगलों, पहाड़ियों, खाली भूमि और दुर्गम क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है। वर्षा का पानी मिलने पर बीज अंकुरित होकर पौधों का रूप ले लेते हैं।

वन विभाग का हरित अभियान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सशक्त नेतृत्व और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ वन विभाग द्वारा एक पेड़ मां के नाम, वन महोत्सव तथा युवा फॉर नेचर जैसे अभियानों के साथ सीड बॉल कार्यक्रम को भी व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से हजारों-लाखों सीड बॉल तैयार कर जंगलों और खाली भूमि में डाली जा रही हैं।

जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका

सीड बॉल में महुआ, इमली, हर्रा, बहेड़ा, जामुन, करंज, नीम, बरगद, पीपल, आम, जामुन, शाल, बीजा, चार, खमार सहित स्थानीय प्रजातियों के बीजों का उपयोग किया जाता है। इससे प्राकृतिक वनों का विस्तार होता है, वन्यजीवों को भोजन और आश्रय मिलता है तथा जैव विविधता का संरक्षण भी सुनिश्चित होता है।

पर्यावरण संरक्षण का सशक्त माध्यम

सीड बॉल अभियान से हरित आवरण बढ़ने के साथ-साथ जल संरक्षण, मिट्टी के क्षरण या कटाव में कमी, कार्बन अवशोषण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी सहायता मिलती है। यह कम लागत में अधिक क्षेत्र को हरित बनाने का प्रभावी उपाय है।

जनभागीदारी से बनेगा हरित भविष्य

वन विभाग का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है। जब बच्चे, युवा, महिलाएं और ग्रामीण इस अभियान से जुड़ते हैं, तो हर व्यक्ति प्रकृति संरक्षण का सहभागी बनता है।

हर नागरिक निभाए अपनी जिम्मेदारी

यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा ऋतु में कुछ सीड बॉल तैयार कर उपयुक्त स्थानों पर डाले या पौधारोपण में भागीदारी करे, तो आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का हरित क्षेत्र और अधिक समृद्ध होगा। सीड बॉल अभियान प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी निभाने का एक सरल, सुलभ और प्रभावी माध्यम है।

जनजातीय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनेगा शबरी वाचनालय -राज्यपाल डेका

जनजातीय बालिकाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम बनेगा शबरी वाचनालय -राज्यपाल डेका

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को वनवासी विकास समिति, छत्तीसगढ़ द्वारा जनजातीय बालिकाओं में अध्ययन, ज्ञानार्जन एवं पठन-पाठन की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्थापित शबरी वाचनालय का उदघाटन किया। वाचनालय की स्थापना के लिए राज्यपाल द्वारा अपने स्वेच्छानुदान मद से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शबरी वाचनालय एक दूरदर्शी पहल है, जो जनजातीय बालिकाओं के लिए अध्ययन, चिंतन, आत्मविकास एवं व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त केंद्र बनेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां अध्ययन करने वाली बालिकाएं ज्ञान एवं शिक्षा के बल पर प्रतियोगी परीक्षाओं सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करेंगी। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार, बल्कि समाज और राष्ट्र का गौरव भी बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि शबरी कन्या आश्रम वर्षों से जनजातीय बालिकाओं को केवल आश्रय और शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता तथा राष्ट्रसेवा की भावना भी प्रदान कर रहा है। इसी का परिणाम है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाली अनेक बालिकाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन तथा समाज सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संपदा एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण राज्य है। यहां की संस्कृति का संबंध रामायण काल की परंपराओं से है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं में अनेक समानताएं हैं तथा दोनों राज्यों की सांस्कृतिक धारा भगवान श्रीराम से जुड़ी हुई है। ऐसे गौरवशाली सांस्कृतिक परिवेश का हिस्सा होना हम सभी के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय इंटरनेट और तकनीक का युग है। तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच जीवन मूल्यों को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। परिवार और समाज के प्रति संवेदनशीलता, संतोष और सकारात्मक सोच ही जीवन को सार्थक बनाती है। संतुष्ट व्यक्ति ही वास्तविक रूप से प्रसन्न रह सकता है। जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है, इसलिए इसके प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात : 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात : 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई चर्चा

 एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा नया संबल, निवेश और रोजगार को मिलेगी गति - मुख्यमंत्री साय

रायपुर 22 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 18, 19 एवं 20 सितंबर को रायपुर में आयोजित होने वाले 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (आईआईएफ) की तैयारियों, उद्देश्यों एवं आयोजन की विस्तृत रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री  साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक आयोजन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को भी गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रायपुर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक समागम का आयोजन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों का देश का सबसे बड़ा संगठन है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने तथा उद्योगों के बीच व्यवसायिक सहयोग (बी2बी) को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रायपुर में आयोजित होने वाला 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर देशभर के उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं तकनीकी संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां आधुनिक तकनीक, निवेश, विपणन, उद्योग-व्यापार सहयोग और व्यापार विस्तार के नए अवसर विकसित होंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार विस्तार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री  प्रकाश चंद्र गुप्त, संयुक्त महासचिव नरेश पारख, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समीर, प्रांत अध्यक्ष सी. पी. दुबे,  पुरुषोत्तम पटेल,  अनिल बाकलीवाल, तूलिका पांडे एवं  प्रांजल सिंह ठाकुर उपस्थित थे।

BIG ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये अहम फैसले, पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय…

BIG ब्रेकिंग: साय कैबिनेट ने लिये अहम फैसले, पढ़िए मंत्रिपरिषद की बैठक के महत्वपूर्ण निर्णय…

 रायपुर। सीएम विष्णुदेव की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में चल रही मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्त हो गई है। इस मीटिंग में महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाईं गई। नीचे पढ़ें आज लिए गए फैसले…

1. मंत्रिपरिषद् की बैठक में प्रदेश के किसानों को खरीफ एवं रबी मौसम में उर्वरकों की समयबद्ध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव, अनुशंसा एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है।

इस उप समिति में उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक  स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अध्यक्ष तथा कैबिनेट मंत्री, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, कैबिनेट मंत्री, सहकारिता विभाग एवं कैबिनेट मंत्री, वित्त विभाग को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त उप समिति के संयोजक होंगे। उप समिति आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी तथा उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से संबंधित विषयों पर राज्य शासन को सुझाव देगी।

2. मंत्रिपरिषद् की बैठक में अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद् ने राज्य की तृतीय श्रेणी के पदों – पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने हेतु छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026 बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

यह निर्णय मुख्यमंत्री जी द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।

इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन एवं जेल प्रशासन को मिलेगा।

जूनियर डॉक्टर्स की 17 सूत्रीय मांगों पर स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा, UG बॉन्ड खत्म और PG बॉन्ड घटाने का निर्णय

जूनियर डॉक्टर्स की 17 सूत्रीय मांगों पर स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा, UG बॉन्ड खत्म और PG बॉन्ड घटाने का निर्णय

 रायपुर।जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को JDA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. पीयूष पी. श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की। इस दौरान चिकित्सकों, पीजी रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और एमबीबीएस इंटर्न्स से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि जिन विषयों पर तत्काल निर्णय संभव है, उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले शैक्षणिक सत्र से UG Bond समाप्त करने, PG Bond की अवधि 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष करने और शासकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS एवं PG प्रवेश के समय Property Mortgage (संपत्ति बंधक) की अनिवार्यता खत्म करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने एमबीबीएस इंटर्न्स, पीजी रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर भी सकारात्मक रुख दिखाया और इस संबंध में जल्द आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

JDA छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के प्रति सकारात्मक पहल की है। संगठन ने उम्मीद जताई कि इन मांगों पर जल्द निर्णय लेकर प्रदेश के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

JDA ने यह भी स्पष्ट किया कि वह चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और 17 सूत्रीय सभी मांगों के पूर्ण समाधान तक अपने प्रयास जारी रखेगा।

राज्यपाल रमेन डेका से महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने भेंट की….

राज्यपाल रमेन डेका से महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने भेंट की….

 रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सौजन्य भेंट की।

लंबित परीक्षा शुल्क रिफंड वाले अभ्यर्थियों के लिए सीजी व्यापमं ने जारी किया नया ऑनलाइन लिंक

लंबित परीक्षा शुल्क रिफंड वाले अभ्यर्थियों के लिए सीजी व्यापमं ने जारी किया नया ऑनलाइन लिंक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा शुल्क रिफंड का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। जिन उम्मीदवारों की फीस तकनीकी कारणों से वापस नहीं हो सकी थी, उनके लिए प्रोफाइल में नया ऑनलाइन लिंक उपलब्ध कराया गया है। इस लिंक के माध्यम से अभ्यर्थी अपने बैंक खाते की सही जानकारी अपडेट कर सकते हैं। बैंक विवरण का सत्यापन होने के बाद लंबित रिफंड राशि संबंधित खाते में भेजी जाएगी। मंडल ने अभ्यर्थियों से जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट करने की अपील की है।

मंडल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, परीक्षा शुल्क ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से लिया जाता है और रिफंड भी उसी प्रक्रिया से किया जाता है। हालांकि, कई अभ्यर्थियों के मामलों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की समय-सीमा समाप्त होने या बैंक संबंधी तकनीकी कारणों के चलते राशि उनके खातों तक नहीं पहुंच पाई। इसी समस्या को दूर करने के लिए अभ्यर्थियों के प्रोफाइल में बैंक विवरण अपडेट करने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। जिन अभ्यर्थियों को अभी तक आवेदन शुल्क वापस नहीं मिला है, वे सीजी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपने प्रोफाइल में उपलब्ध नए लिंक का उपयोग कर सकते हैं। यहां उन्हें अपना बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड और अन्य आवश्यक जानकारियां सही-सही दर्ज करनी होंगी। मंडल का कहना है कि बैंक विवरण का सत्यापन होने के बाद संबंधित खाते में रिफंड राशि भेज दी जाएगी।

सीजी व्यापम ने अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी है कि यदि उन्होंने आवेदन किसी साइबर कैफे के माध्यम से किया है और भुगतान कैफे संचालक के बैंक खाते या यूपीआई से किया गया है, तो रिफंड की राशि भी उसी खाते में ट्रांसफर हो सकती है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपने बैंक विवरण अपडेट करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ जमीनी स्तर पर तंत्र को करें मजबूत, हर दिन आंगनबाड़ी केंद्रों का करें निरीक्षण : मंत्री राजवाड़े

कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ जमीनी स्तर पर तंत्र को करें मजबूत, हर दिन आंगनबाड़ी केंद्रों का करें निरीक्षण : मंत्री राजवाड़े

 00 हर आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाएं मुनगा और करें पोषण वाटिका का विकास अपने बच्चों के समान करें, आंगनबाड़ी में बच्चों का पालन-पोषण

00 बाल विवाह एक अभिशाप, बाल विवाह रोककर बचाएं बच्चों का भविष्य

00 मंत्री राजवाड़े ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जिला सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया। बैठक में सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ  विजेंद्र सिंह पाटले सहित दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में मंत्री राजवाड़े ने विभाग की स्थापना संबंधी जानकारी लेते हुए रिक्त पदों की समीक्षा की तथा सभी परियोजनाओं में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की अधोसंरचना की समीक्षा करते हुए भवनविहीन, किराए के भवनों में संचालित, मरम्मत योग्य, निष्प्रयोज्य योग्य जर्जर भवनों की जानकारी ली तथा निर्माणाधीन भवनों की प्रगति एवं भवन मरम्मत के लिए जारी राशि के व्यय की समीक्षा करते हुए सभी मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।मंत्री ने मीठा शक्ति आहार, नमकीन दलिया निर्माण, रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री के वितरण तथा उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, पोषण ट्रैकर में नियमित प्रविष्टि तथा बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य कर जिले को कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त करें।

उन्होंने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों एवं एनीमिक महिलाओं को लाभान्वित करने की प्रगति, लक्षित हितग्राहियों के पर्यवेक्षण तथा चयनित स्व-सहायता समूहों की भूमिका की समीक्षा की। कुपोषण की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा एनीमिक महिलाओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा नवा बिहान योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी परियोजनाओं में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
जिले में बाल विवाह की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बाल विवाह रोकने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरपंचों एवं सचिवों को विशेष प्रशिक्षण देकर विवाह तय होने की प्रारंभिक अवस्था में ही बाल विवाह रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही किशोर-किशोरियों को कम उम्र में विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।

उन्होंने प्रत्येक घर में मुनगा का पौधा लगाने तथा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा, हरी सब्जियों एवं पोषण वाटिका विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि मुनगा की पौष्टिकता का उपयोग कर कुपोषण को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता बनाए रखने, शौचालयों की नियमित सफाई, बच्चों को स्वच्छ वस्त्र पहनाने तथा अभिभावकों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जमीनी स्तर तक तंत्र को पूर्ण रूप से सक्रिय करना बेहद आवश्यक है। अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से फील्ड में उतरकर कार्य करेंगे, तभी कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन कम से कम पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों, वहां पोषण वाटिका विकसित हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा हो।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों का समग्र विकास और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है। बच्चों का पालन-पोषण अपने बच्चों की तरह करते हुए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त सूरजपुर के निर्माण का आधार बनेगा, जिससे मजबूत और स्वस्थ परिवारों का निर्माण होगा।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री राजवाड़े ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, सुखद सहारा योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, पेंशन हितग्राहियों के भौतिक सत्यापन, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना एवं दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश

 0-संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परिजनों से की चर्चा, बेहतर इलाज और हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

0-मुख्यमंत्री बोले - प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं  विक्रम यादव, उपचार में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं बांस वादक  विक्रम यादव के  परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार तथा आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।  

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव के कलेक्टर तथा मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के वरिष्ठ चिकित्सकों से भी चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को  विक्रम यादव के उपचार पर विशेष ध्यान देने, आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि उपचार के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी तो राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि  विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी बांसुरी और लोक कला के माध्यम से भारत की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। ऐसे कलाकार प्रदेश का गौरव हैं और उनके सम्मान, स्वास्थ्य तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और समाज दोनों की है। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उनकी सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलाकारों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए रखने में समर्पित किया है। आवश्यकता की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सरकार का नैतिक दायित्व है।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली से पहचान बनाने वाले  विक्रम यादव लंबे समय से अस्वस्थ हैं और वर्तमान में उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए बेहतर उपचार और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की पहल की है।  

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के इस गौरवशाली लोक कलाकार के स्वास्थ्य और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उनके उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात

यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर में हुई आत्मीय भेंट, वित्त मंत्री ने दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

रायपुर-- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा 2025 में उत्कृष्ट सफलता हासिल करने वाले छत्तीसगढ़ के टॉपर अभ्यर्थियों ने आज रायपुर में वित्त मंत्री  ओपी चौधरी से सौजन्य भेंट की। इस दौरान वित्त मंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिणाम होती है। छत्तीसगढ़ के इन प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की सफलता प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। यह उपलब्धि बताती है कि समर्पण और निरंतर प्रयास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

वित्त मंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने ज्ञान, क्षमता और संवेदनशीलता से देश एवं समाज की सेवा करते हुए छत्तीसगढ़ का नाम और अधिक गौरवान्वित करेंगे।

पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होना केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इसमें कार्य करने वाले अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें लोगों की सेवा का जो अवसर मिला है, वह ईश्वर का आशीर्वाद और समाज का विश्वास है। इस अवसर का उपयोग आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में युवा प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, कार्यकुशलता और सेवा भावना से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए तथा उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

सौजन्य मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों में सुश्री सुष्मिता सिंह, सुश्री वैभवी अग्रवाल, सुश्री दर्शना सिंह बघेल,  रौनक अग्रवाल,  अजय गुप्ता, अंकित सकनी,  डायमंड ध्रुव एवं  संजय डहरिया सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडलीपार द्वारा जांच प्रकिया को त्वरित करने दिए निर्देश*

नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय प्रक्रिया को त्वरित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, सरल एवं त्वरित बनाने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीसीटीएनएस के संचालन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों, विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल के एकीकरण तथा न्यायिक एवं पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूर्णत: डिजिटल और समयबद्ध बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस के माध्यम से न्याय प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को अधिक सुगम, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाया जाए।

ई-एफआईआर से ई-फोरेंसिक तक सभी डिजिटल मॉड्यूल के प्रभावी संचालन पर जोर

बैठक में ई-एफआईआर, ई-चालान, ई-साक्ष्य, मेडलीपार, ई-प्रिजन, ई-फोरेंसिक, सीआईएस, न्याय श्रुति तथा अन्य डिजिटल प्रणालियों को सीसीटीएनएस के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मॉड्यूलों के बीच समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध हो सके।

 
 

ई-साक्ष्य के लिए सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा

 

 शर्मा ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण पूरी दक्षता के साथ किया जा सके। उन्होंने अच्छा कार्य करें वाले जिलों को प्रोत्साहित कर उन

न्याय श्रुति को शीघ्र किया जाएगा गो-लाइव

बैठक में न्याय श्रुति प्रणाली को शीघ्र प्रारंभ करने पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराकर न्याय श्रुति प्रणाली को जल्द से जल्द गो-लाइव किया जाए, जिससे न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में होंगे ई-साइनिंग पैड

बैठक में प्रार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में दुर्ग, बिलासपुर तथा रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में तथा राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए जाएं। इससे शिकायतकर्ताओं के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया सरल होगी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसके बाद पूरे राज्य में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

आईसीजेएस के पांचों स्तंभों को मजबूत करने पर जोर

शर्मा ने नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के सभी पांचों स्तंभों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक तथा अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।

मेडलीपार से जुड़ेंगे जिला अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल जांच एवं रिपोर्ट की प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर सभी जिला अस्पतालों को मेडलीपार प्रणाली से जोडऩे तथा प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस पूरी प्रणाली को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।

एनसीआरबी और एनआईसी मिलकर दूर करेंगे तकनीकी समस्याएं

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीबीआर) के अधिकारियों से कहा कि वे राज्य में आकर ऑनबोर्डिंग के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सीसीटीएनएस की सभी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।

निजी अस्पतालों को भी सीसीटीएनएस से जोडऩे की पहल

शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से सीसीटीएनएस प्रणाली से जोडऩे के प्रयास किए जाएं। इससे मेडिकल साक्ष्यों के आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने दुर्ग जिले में ऑनलाइन सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

एफएसएल की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की समीक्षा करते हुए सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने तथा जांच की समय-सीमा तय कर उसे न्यूनतम करने के निर्देश दिए। साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यक भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, सचिव  हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक  ध्रुव गुप्ता, एनसीआरबी एवं सीसीटीएनएस के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंगलदास ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मनोनीत

मंगलदास ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मनोनीत

 रायपुर / राज्य शासन द्वारा  मंगलदास ठाकुर ग्राम छुरिया डोंगरी, जिला-राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किए गए है। इस आशय का आदेश आदिम जाति विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन से जारी किया गया है।

TRANSFER NEWS : 6 पुलिस अधिकारियों के किए तबादले, देखें लिस्ट

TRANSFER NEWS : 6 पुलिस अधिकारियों के किए तबादले, देखें लिस्ट

 दुर्ग। जिले की पुलिस व्यवस्था में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कारणों से 6 निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक के तबादला आदेश जारी किए हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

“माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है…” खेत में रोपा लगाते दिखे मंत्री टंक राम वर्मा

“माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है…” खेत में रोपा लगाते दिखे मंत्री टंक राम वर्मा

 तिल्दा नेवरा। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा खेतों में धान की रोपाई करते नजर आए। उन्होंने खेत की मिट्टी से अपने जुड़ाव को साझा करते हुए कहा कि किसान परिवार से होने के कारण खेतों में काम करना और अन्न उगाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना उनके लिए हमेशा गर्व और आत्मीयता का विषय रहा है।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा, “माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है और सदैव बना रहेगा।” उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों में लहलहाती फसल उनके सपनों, मेहनत और परिवार के भविष्य की उम्मीद होती है।

उन्होंने किसानों के योगदान को देश की अर्थव्यवस्था और समाज की मजबूती का आधार बताते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

इस दौरान मंत्री का खेत में धान रोपाई करते हुए अंदाज किसानों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

BREAKING: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : ASP और DSP अधिकारियों को EOW/ACB में मिली जिम्मेदारी

BREAKING: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : ASP और DSP अधिकारियों को EOW/ACB में मिली जिम्मेदारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस विभाग के 10 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर में पदस्थ किया है। इस संबंध में मंत्रालय, महानदी भवन से आदेश जारी किया गया है।

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CG : साय सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो मंत्रियों के निजी स्टाफ में नई नियुक्तियां

CG : साय सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो मंत्रियों के निजी स्टाफ में नई नियुक्तियां

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने दो मंत्रियों की निजी स्थापना (पर्सनल स्टाफ) में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उप मुख्यमंत्री अरुण साव की टीम में नए अधिकारियों की पदस्थापना की है। इनमें एक नियुक्ति को विशेष प्रकरण मानते हुए पात्रता संबंधी शर्तों में भी छूट दी गई है, जिससे यह फैसला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक तथा वर्तमान में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सचिव के रूप में कार्यरत प्रतीक खरे की सेवाएं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की निजी स्थापना के लिए ली गई हैं। उन्हें अस्थायी रूप से विशेष सहायक के पद पर पदस्थ किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मंत्री कार्यालय के कामकाज को अधिक प्रभावी और समन्वित बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। प्रतीक खरे की नियुक्ति से जुड़ा आदेश इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें पात्रता संबंधी शर्तों को शिथिल करते हुए इसे विशेष प्रकरण के रूप में स्वीकृति दी गई है। सामान्य तौर पर निजी स्थापना में नियुक्तियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है, लेकिन इस मामले में विशेष अनुमति दिए जाने से प्रशासनिक हलकों में इसकी चर्चा हो रही है।
साय सरकार ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कार्यालय में भी नई पदस्थापना की है। जल संसाधन विभाग में कार्यरत सहायक अनुभाग अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ध्रुव को उनकी निजी स्थापना में सहायक ग्रेड-3 के पद के विरुद्ध अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। अरुण साव के पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे में उनकी निजी स्थापना में किया गया यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मंत्रियों के निजी स्टाफ में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय समन्वय, फाइलों के निपटारे और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। विशेष रूप से बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्रियों के कार्यालयों में दक्ष अधिकारियों की तैनाती को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शुरू, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर मंथन

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शुरू, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर मंथन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शुरू हुई। बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों और पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह और प्रदेश प्रभारी अजय जामवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।

बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना, बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, लता उसेंडी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय सहित भाजपा के अन्य प्रदेश पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हैं। बैठक को आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठन विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

 रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल की कल 22 जुलाई को होने जा रही है। कैबिनेट की बैठक नवा रायपुर के मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद फैसले लिए जाएंगे।

खुड़िया बांध बनेगा छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब, डिप्टी सीएम अरुण साव का मेगा प्लान

खुड़िया बांध बनेगा छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब, डिप्टी सीएम अरुण साव का मेगा प्लान

 लोरमी। मुंगेली जिले का लोरमी क्षेत्र, जहां प्रकृति ने अपनी खूबसूरती दिल खोलकर लुटाई है। इसी लोरमी में स्थित है ‘राजीव गांधी जलाशय’, जिसे स्थानीय लोग ‘खुड़िया बांध’ भी कहते हैं। इन दिनों यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। पहाड़ों की गोद में समाया यह बांध न सिर्फ किसानों के लिए जीवनदायिनी है, बल्कि इसमें एक बड़ा टूरिज्म हब बनने की असीम संभावनाएं छुपी हैं।

मॉनसून की दस्तक के साथ ही इसकी रंगत में चार चांद लग गए हैं। जलाशय के वेस्टवियर से दूधिया सफेद चादर की तरह बहते पानी के विहंगम नजारे को देखने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से सैलानी आ रहे हैं। अब सूबे के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इस क्षेत्र की तकदीर बदलने का खाका तैयार कर लिया है। आखिर क्या है खुड़िया बांध की जमीनी हकीकत और कैसे यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन का नया चेहरा बनेगा?

‘राजीव गांधी जलाशय’ लोरमी ब्लॉक मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम खुड़िया में स्थित है। तीन विशाल प्राकृतिक पहाड़ियों को आपस में जोड़कर बनाया गया इंजीनियरिंग का यह अद्भुत नमूना छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और ऐतिहासिक बांधों में से एक है। इन तीन पहाड़ियों के मध्य से होकर ‘मनियरी नदी’ बहती है। अंग्रेजी शासन काल में जब इस इलाके में कृषि की असीम संभावनाएं देखी गईं, तो साल 1927 में इस बांध को बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो तीन साल की कड़ी मशक्कत के बाद 1930 में पूरी हुई। उस दौर में यानी आज से करीब एक सदी पहले इसे बनाने में तकरीबन 99.4 लाख रुपयों की लागत आई थी। आज यह बांध सैलानियों के लिए सुकून का एक ऐसा ठिकाना है, जहां मोबाइल नेटवर्क भले ही गायब हो जाए, लेकिन दिल प्रकृति से जुड़ जाता है।

18.3 मीटर ऊंचे और करीब 1,218 मीटर लंबे इस विशाल बांध की कुल जल भराव क्षमता 61.2 मिलियन क्यूबिक मीटर है, लेकिन जब मॉनसून में इसका जलग्रहण क्षेत्र लबालब भर जाता है तो वेस्टवेयर से छलकते पानी का नजारा देखने लायक होता है, लेकिन विडंबना देखिए सालों से इस ऐतिहासिक और खूबसूरत पर्यटन स्थल को वह मुकाम नहीं मिल पाया, जिसका यह हकदार था। बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रचार-प्रसार का अभाव इसके विकास में रोड़ा बने रहे, मगर अब वक्त बदलने वाला है। स्थानीय विधायक और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस क्षेत्र के कायाकल्प का बड़ा ऐलान किया है। सरकार की योजना खुड़िया बांध और इससे सटे अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) को मिलाकर एक ‘इंटीग्रेटेड मेगा टूरिज्म सर्किट’ के रूप में विकसित करने की है, ताकि वाइल्डलाइफ और वॉटर टूरिज्म का डबल डोज पर्यटकों को अपनी ओर खींच सके।

यदि सरकार का यह मास्टरप्लान धरातल पर उतरता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा लोरमी और खुड़िया के स्थानीय युवाओं को होगा। पर्यटकों की आमद बढ़ने से इलाके में गाइड, बोटिंग ऑपरेटर, और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे सेक्टर्स में सीधे नए रोजगार मिलेंगे। इसके अलावा, होम-स्टे और लोकल रेस्टोरेंट्स का चलन बढ़ने से ग्रामीणों की आय बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन के रुकने की भी संभावना है।

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न शासकीय और संगठनात्मक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। दिन की शुरुआत मंत्रालय में समीक्षा बैठक से होगी, जहां वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे मंत्रालय स्थित महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभाग की योजनाओं की प्रगति, विकास कार्यों की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।

 इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर में भाजपा प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचेंगे। यहां वे दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक मौजूद रहेंगे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के नेताओं के साथ विभिन्न बैठकों में शामिल होंगे। साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री का पूरा दिन प्रशासनिक समीक्षा और संगठनात्मक बैठकों में व्यस्त रहेगा।