लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ में कई जगह भारी बारिश के आसार, 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम

बंगाल की खाड़ी का सिस्टम एक्टिव, छत्तीसगढ़ में कई जगह भारी बारिश के आसार, 24 घंटे बाद बदलेगा मौसम

 रायपुर । छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम अगले 24 घंटे तक प्रभावी रह सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढऩे से छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है।

मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। सरगुजा संभाग को छोडक़र बाकी सभी संभागों के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक की मौसमी वर्षा लगभग सामान्य है। सामान्य बारिश की तुलना में फिलहाल करीब 2 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया है।

आगे बढ़ेगा लो प्रेशर सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार 25 अगस्त को झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र फिलहाल उसी इलाके में सक्रिय है। इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। ऊंचाई बढऩे के साथ इसका झुकाव दक्षिण दिशा की ओर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे में यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ सकता है। सिस्टम के आगे बढऩे के साथ छत्तीसगढ़ में इसका प्रभाव भी धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हालांकि इस दौरान कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक दिन में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

बारिश के कारण
तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है। हालांकि गरज-चमक और तेज हवा के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

10 जिलों में बारिश और बिजली का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने बुधवार सुबह 7 बजे से अगले तीन घंटे के लिए प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मौसम खराब रहने की संभावना है। इन जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 17 सेमी बारिश
बीते 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 17 सेमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बाद ओडगी में 12 सेमी और राजिम में 11 सेमी बारिश हुई। कुटरू, गोबरा नवापारा और मस्तूरी में 10-10 सेमी बारिश दर्ज की गई। गंगालूर, भोपालपट्टनम और बीजापुर में 9-9 सेमी पानी गिरा। बिहारपुर, मंदिर हसौद, अकलतरा और कोरबा में 8-8 सेमी बारिश दर्ज हुई।

भैसमा, करतला, उसूर, माना-रायपुर एपी, भैरमगढ़, बोदरी, कुरूद और महासमुंद में 7-7 सेमी बारिश हुई। वहीं तमनार, रायपुर शहर, आरंग, लैलूंगा, छिंदगढ़, बलौदा बाजार, लाभांडी, बलौदा, खरोरा और सुकमा में 6-6 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के अन्य कई स्थानों पर भी 5 सेमी या इससे कम बारिश हुई।

तापमान में भी दिखा बदलाव
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला। पिछले 24 घंटे में दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। बंगाल की खाड़ी से बने सिस्टम के कारण अगले 24 घंटे बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेंगे।

इसके बाद सिस्टम के आगे बढऩे पर बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि मानसून पूरी तरह कमजोर होने के बजाय कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश जारी रह सकती है। इसलिए आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खेल दिवस पर 29 अगस्त को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को देंगे राज्य अलंकरण

 रायपुर। राज्य शासन द्वारा खेल अलंकरणों के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की सूची जारी कर दी गई है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विगत तीन वर्षों 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के लिए कुल 82 लोगों को पुरस्कार और सम्मान दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए 5 दलों के कुल 43 खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का चयन किया गया है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय खेल दिवस पर 29 अगस्त को इन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को राज्य अलंकरण प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य और उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य अलंकरण समारोह में शहीद राजीव पाण्डेय पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद पंकज विक्रम सम्मान, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी के लिए चयनित खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।

कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र से नक्सल डम्प बरामद, 40 डेटोनेटर सहित विस्फोटक सामग्री जब्त

कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र से नक्सल डम्प बरामद, 40 डेटोनेटर सहित विस्फोटक सामग्री जब्त

 कांकेर। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत कांकेर पुलिस, बीएसएफ और बीडीएस टीम को बड़ी सफलता मिली है। थाना बांदे क्षेत्र के ग्राम कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी इलाके में सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सल डम्प बरामद किया। डम्प से 40 डेटोनेटर समेत बड़ी मात्रा में विस्फोटक एवं अन्य नक्सल सामग्री बरामद की गई है।पुलिस के अनुसार 25 अगस्त को जिला बल, बीएसएफ एवं बीडीएस टीम द्वारा कन्हारगांव के जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में संयुक्त सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान सुरक्षा बलों को नक्सल डम्प मिला।

A

तलाशी के दौरान 40 नग डेटोनेटर, करीब 10 लीटर क्षमता का एक स्टील टिफिन जिसमें बारूद भरा हुआ था तथा करीब 5 लीटर क्षमता का एक अन्य स्टील टिफिन, जिसमें बारूद भरा हुआ था, बरामद किया गया। बरामद विस्फोटक पदार्थों को बीडीएस टीम द्वारा मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।

यह कार्रवाई बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा, बीएसएफ भानुप्रतापपुर के डीआईजी दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा तथा 94वीं वाहिनी बीएसएफ बांदे के 2आईसी एवं प्रभारी सेनानी सुभाष चंद्र के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में बीएसएफ 94वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर विपिन कुमार, इंस्पेक्टर अविनाश कुमार तथा बीएसएफ बीडीएस टीम के कमांडर उप निरीक्षक रोशन लाल मीणा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पुलिस ने बताया कि नक्सल प्रभावित एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में जिला बल और बीएसएफ की संयुक्त सर्चिंग लगातार जारी है। सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।

रक्षाबंधन पर रेलवे की बड़ी सौगात : दुर्ग-रायगढ़ के बीच 3 दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

रक्षाबंधन पर रेलवे की बड़ी सौगात : दुर्ग-रायगढ़ के बीच 3 दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

 रायपुर। रक्षाबंधन के त्योहार पर ट्रेनों में बढऩे वाली भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे 27 से 29 अगस्त 2026 तक दुर्ग और रायगढ़ के बीच रक्षाबंधन पैसेंजर स्पेशल ट्रेन चलाएगा। गाड़ी संख्या 08834/08833 तीन फेरे लगाएगी। इस स्पेशल ट्रेन के चलने से दुर्ग, भिलाई, रायपुर, तिल्दा, भाटापारा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, खरसिया और रायगढ़ समेत रास्ते के कई स्टेशनों के यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा मिलेगी।

सुबह 10:30 बजे दुर्ग से रवाना होगी
गाड़ी संख्या 08834 दुर्ग से सुबह 10:30 बजे रवाना होगी और 11:25 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन तिल्दा नेवरा और भाटापारा समेत कई स्टेशनों पर ठहराव लेते हुए बिलासपुर पहुंचेगी। यहां से जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ती, खरसिया सहित अन्य स्टेशनों से होकर ट्रेन शाम 7 बजे रायगढ़ पहुंचेगी।

शाम 7:40 बजे रायगढ़ से वापसी
वापसी में गाड़ी संख्या 08833 रायगढ़ से शाम 7:40 बजे दुर्ग के लिए रवाना होगी। ट्रेन रात 10:20 बजे बिलासपुर, 11:25 बजे भाटापारा और 12:40 बजे रायपुर पहुंचेगी। इसके बाद अगले दिन सुबह करीब 2 बजे दुर्ग पहुंचने का निर्धारित समय है।

10 कोच की होगी स्पेशल ट्रेन
रेलवे के मुताबिक स्पेशल ट्रेन में कुल 10 आईसीएफ कोच लगाए जाएंगे। इनमें 8 जनरल कोच और 2 एसएलआरडी कोच शामिल हैं। त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेन चलने से नियमित ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ का दबाव कम होने और यात्रियों को सुविधाजनक सफर मिलने की उम्मीद है।

CG - अलग-अलग सड़क हादसों में 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

CG - अलग-अलग सड़क हादसों में 3 की मौत, 2 गंभीर घायल

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात जिले में दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत, दो की मौत
पहला हादसा:-  बोरई थाना क्षेत्र के घुटकेल गांव के पास हुआ। यहां दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ा, ओडिशा निवासी अभय सतनामी और बरमारू समेत तीन लोग नगरी में अपने रिश्तेदार के यहां नहावन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के बाद तीनों एक ही बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान घुटकेल के पास उनकी बाइक सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से टकरा गई।

हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। सिहावा क्षेत्र में सड़क किनारे घायल मिला युवक, इलाज के दौरान मौत।

दूसरी घटना:-  सिहावा थाना क्षेत्र के मल्हारा गांव की है। यहां सुमंत शांडिल्य किसी काम से थाना गया था। वापस लौटने के दौरान वह गांव के पास सड़क हादसे में घायल अवस्था में मिला। ग्रामीणों ने उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी
दोनों सड़क दुर्घटनाओं की सूचना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हादसों के कारणों की जांच कर रही है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने जिले में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : अनुकंपा नियुक्ति में शादीशुदा बेटी को भी नौकरी का अधिकार

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : अनुकंपा नियुक्ति में शादीशुदा बेटी को भी नौकरी का अधिकार

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि केवल शादीशुदा होने के आधार पर किसी बेटी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने दो शादीशुदा बेटियों को अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है।

डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच का फैसला पलटा 
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच के पहले फैसले को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने संबंधित बैंक को दोनों अपीलकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।

शादी को अयोग्यता का आधार नहीं माना जा सकता
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ किया कि किसी महिला की वैवाहिक स्थिति को अनुकंपा नियुक्ति के लिए अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता। यानी सिर्फ इस वजह से कि बेटी की शादी हो चुकी है और उसे नौकरी के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

90 दिन के भीतर नियुक्ति के निर्देश
डिवीजन बेंच ने संबंधित बैंक को दोनों अपीलकर्ताओं के मामलों पर कार्रवाई करते हुए उनकी शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के आधार पर 90 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शादीशुदा बेटियों को केवल वैवाहिक स्थिति के आधार पर नियुक्ति से वंचित किए जाने के खिलाफ एक कानूनी आधार मिला है।

बड़ा हादसा : स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र सहित 3 की मौत

बड़ा हादसा : स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र सहित 3 की मौत

 कोरबा। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के चालक ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। जिससे बाइक सवार पिता-पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो गई है। दुर्घटना के बाद स्कार्पियो का चालक मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने चालक के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

खोडरी मोड़ के पास हुआ हादसा
हरदीबाजार थानान्तर्गत ग्राम सरईसिंगार निवासी फूल सिंह 58 वर्ष पिता दौलत सिंह, नरसिंह सिंह 24 वर्ष पिता फूल सिंह और यशवंत सिंह पिता स्वर्गीय कमल सिंह बाइक. क्रमांक सीडी 12 बीजे 5644 पर सवार होकर ग्राम सराइसिंगार से गेवरा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दोपहर करीब 3 बजे कुसमुंडा थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम खोडरी मोड़ के पास पहुंचे थे कि विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी 12 बीयू 2420 के चालक ने तेजी व लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। जिससे फूल सिंह और नरसिंह सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में एक घायल की इलाज के दौरान मौत  
यशवंत सिंह गंभीर रूप से घायल है, जिसे डायल-112 की मदद से मेडिकल हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां उपचार के उपरांत यशवंत की भी मौत हो गयी। बताया जाता है कि यशवंत भी उनका रिश्तेदार है। सड़क हादसे में पिता पुत्र सहित 3 लोगों की मौत हो जाने से गांव में शोक व्याप्त है।

दो बाइक में हुई भिड़ंत, दो युवकों की मौत
सर्वमंगला चौकी क्षेत्र में मंगलवार की शाम सर्वमंगला कनवेरी मार्ग के जोड़ा पुल के पास आमने सामने दो बाइक में जोरदार भिड़ंत हो गई। एक बाइक में तीन लोग सवार थे जबकि दूसरी बाइक में दो लोग सवार थे। दोनों बाइक के भिड़ंत होने से सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 

मेडिकल अस्पताल में घायलों का इलाज जारी
स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल हास्पिटल में दाखिल कराया गया है। जिसमें से दो लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि मृतकों में खम्हरिया लुतरा निवासी देवी प्रसाद निषाद और खिसोरा निवासी कोमल के रूप में की गई है। हादसा कैसे हुआ है यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। जबकि घायलों की पहचान नहीं हो पायी है। सभी घायलों का उपचार मेडिकल हॉस्पिटल में चल रहा है।

छात्रों का 12 घंटे चक्काजाम : 400 विद्यार्थियों के लिए सिर्फ 3 शिक्षक, मंत्री के आश्वासन के बाद देर रात खत्म हुआ आंदोलन

छात्रों का 12 घंटे चक्काजाम : 400 विद्यार्थियों के लिए सिर्फ 3 शिक्षक, मंत्री के आश्वासन के बाद देर रात खत्म हुआ आंदोलन

 दुर्ग। पेंड्रावन स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर विद्यार्थियों का गुस्सा मंगलवार 25 अगस्त को सड़क पर उतर आया। 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले करीब 400 छात्र-छात्राओं ने खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। लंबे समय तक चले इस प्रदर्शन से सड़क पर यातायात प्रभावित रहा।

शिक्षकों की कमी से पढ़ाई हो रही प्रभावित
विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल में लगभग 400 बच्चों की पढ़ाई के लिए वर्तमान में केवल 3 शिक्षक हैं। शिक्षकों की कमी के चलते कई विषयों की कक्षाएं नियमित नहीं हो पा रही हैं और पाठ्यक्रम पूरा करने में भी परेशानी आ रही है। आर्ट्स और कॉमर्स संकाय के छात्रों ने विशेष रूप से पढ़ाई प्रभावित होने की बात कही।

21 अगस्त के प्रदर्शन के बाद भी नहीं बनी व्यवस्था
छात्रों ने बताया कि इसी मांग को लेकर 21 अगस्त को भी प्रदर्शन किया गया था। उस समय अधिकरियों ने जल्द शिक्षकों की व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया था। लेकिन अपेक्षित व्यवस्था नहीं होने पर विद्यार्थियों ने दोबारा आंदोलन शुरु कर दिया और मंगलवार को मुख्य मार्ग पर बैठ गए।

अधिकारियों की समझाइश भी रही बेअसर
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही SDOP, तहसीलदार, SDM और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बातचीत कर चक्काजाम समाप्त करने की अपील की, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि केवल आश्वासन से समस्या हल नहीं होगी, स्कूल में पर्याप्त शिक्षक तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।

मंत्री से बातचीत के बाद रात में खत्म हुआ चक्काजाम
काफी देर तक चले गतिरोध के बाद विद्यार्थियों की स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से फोन पर बातचीत कराई गई। मंत्री की ओर से शिक्षकों की कमी दूर करने का भरोसा मिलने के बाद रात करीब 12 बजे छात्रों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

चार नए शिक्षक भेजे गए, संख्या बढ़कर 7 हुई
प्रदर्शन के बाद स्कूल में 4 नए शिक्षकों की व्यवस्था का गई है। इससे शिक्षकों की संख्या अब 3 से बढ़कर 7 होने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही नए प्राचार्य की व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। कॉमर्स विषय के लिए एक अतिरिक्त शिक्षक जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया है।

छात्रों की मांग अभी पूरी तरह पूरी नहीं
हालांकि विद्यार्थियों ने स्कूल में कुल 17 शिक्षकों की व्यवस्था की मांग रखी थी। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विरोध करना नहीं, बल्कि सभी विषयों की पढ़ाई नियमित रूप से सुनिश्चित कराना है। फिलहाल मंत्री के आश्वासन और शुरुआती शिक्षक व्यवस्था के बाद आंदोलन समाप्त हो गया है। अब विद्यार्थियों को उम्मीद है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी जल्द पूरी होगी और पढ़ाई पटरी पर लौटेगी।

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक : दुर्ग-भिलाई में दो नए मरीज मिले, अब तक 3 केस, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू की दस्तक : दुर्ग-भिलाई में दो नए मरीज मिले, अब तक 3 केस, अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दुर्ग और भिलाई में स्वाइन फ्लू के दो नए मरीज मिलने से चिंता बढ़ी है। दोनों मरीजों की उम्र करीब 45 से 50 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इससे पहले दुर्ग में करीब तीन साल की बच्ची में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई थी। ताजा जानकारी के मुताबिक दुर्ग जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के तीन मरीज सामने आ चुके हैं।

इनमें से एक मरीज का अस्पताल में इलाज जारी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ा दी है। बच्चों और बुजुर्गों को संक्रमण का अधिक जोखिम होने के कारण विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

प्रदेश में कितने मामले?
25 अगस्त की उपलब्ध रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ में दो पुष्ट H1N1 मामले बताए गए थे—एक रायपुर और एक दुर्ग में। इसके बाद 26 अगस्त को दुर्ग-भिलाई में दो नए मरीज सामने आने की रिपोर्ट है। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों को लेकर अंतर दिखाई दे रहा है, इसलिए राज्य का आधिकारिक कुल आंकड़ा स्वास्थ्य विभाग की ताजा बुलेटिन से ही निश्चित माना जाना चाहिए।

कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू?
स्वाइन फ्लू H1N1 वायरस से होने वाला इन्फ्लूएंजा संक्रमण है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से फैल सकता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद बिना हाथ धोए नाक, मुंह या आंखों को छूने से भी संक्रमण का खतरा रहता है।

क्या हैं इसके लक्षण?
स्वाइन फ्लू में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। हालांकि केवल इन लक्षणों के आधार पर स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं की जा सकती; जांच के बाद ही संक्रमण की पुष्टि होती है।

बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी की जरूरत
डॉक्टरों के मुताबिक छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और कमजोर इम्युनिटी या पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने संक्रमित व्यक्ति से दूरी रखने, हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखने, खांसते-छींकते समय मुंह ढकने और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
स्वास्थ्य विभाग की अपील है कि बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और चिकित्सकीय सलाह लें। वहीं, बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने की भी सलाह दी गई है।

छत्तीसगढ़ BJP में संगठनात्मक नियुक्तियां : 15 नगरीय निकायों के लिए प्रभारी-सहप्रभारियों की सूची जारी

छत्तीसगढ़ BJP में संगठनात्मक नियुक्तियां : 15 नगरीय निकायों के लिए प्रभारी-सहप्रभारियों की सूची जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक नियुक्तियों का ऐलान किया है। बीजेपी ने राज्य के सभी 15 नगरीय निकायों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की घोषणा कर दी है।

प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी नवीन मारकंडेय ने प्रभारी और सह-प्रभारियों की सूची जारी की है। पार्टी की ओर से यह जिम्मेदारी संगठन को नगरीय निकाय स्तर पर और मजबूत करने तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से दी गई है। बीजेपी ने सभी 15 नगरीय निकायों के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

DD
DD

संगठनात्मक गतिविधियों को मिलेगी मदद 
माना जा रहा है कि प्रभारी और सह-प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ताओं के समन्वय और पार्टी के कार्यक्रमों को गति देने का काम करेंगे। पार्टी नेतृत्व ने नगरीय निकाय स्तर पर संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाने पर जोर दिया है। नई जिम्मेदारियों के साथ अब संबंधित प्रभारी और सह-प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे।

विष्णु भैया का प्यार : महतारी वंदन योजना से मिला उपहार

विष्णु भैया का प्यार : महतारी वंदन योजना से मिला उपहार

 00 रक्षाबंधन पर 31वीं किस्त पाकर पदमनी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर। एमसीबी जिले की पदमनी ने रक्षाबंधन के पहले महतारी वंदन योजना की एक हजार रुपये मिलने पर मुख्यमंत्री मंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार जताया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति सम्मान समारोह-2026 में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में प्रदेश की 67.28 लाख बहनों के खातों में 631 करोड़ रूपए से अधिक की राशि अंतरित की। रक्षाबंधन से पहले मिली इस राशि से प्रदेश की महिलाओं में खुशी का माहौल है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम नागपुर निवासी पदमनी वैष्णव भी इस सौगात से बेहद खुश हैं।पदमनी वैष्णव ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि उनके खाते में पहुंचने से रक्षाबंधन का त्योहार और भी खुशी से मनाने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। त्योहार से पहले आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें राखी, मिठाई और फल खरीदने में सुविधा होगी। वे प्राप्त राशि का उपयोग रक्षाबंधन की तैयारियों में करेंगी और अपने परिवार के साथ खुशी से त्योहार मनाएंगी।

उन्होंने कहा कि समय से पहले इस राशि का मिलना हम महिलाओं के लिए बेहद खुशी की बात है। त्योहार से पहले राशि मिलने से रक्षाबंधन की तैयारियां करने में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं के लिए परिवार पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहतीं। त्योहार के अवसर पर मिली यह राशि उनके लिए आर्थिक सहयोग के साथ-साथ खुशी और आत्मविश्वास का माध्यम भी बनी है।

पदमनी वैष्णव ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से बहनों के त्योहार की खुशियां और बढ़ी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री साय ने बाबा कर्मेश्वर का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

 00 मुख्यमंत्री ने ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की

00 प्रदेश के शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोड़ रही राज्य सरकार : साय

00 रामलला दर्शन योजना से 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन
00 तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन की सुविधा, अब तक 10 हजार श्रद्धालु हुए लाभान्वित

00 एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा
00 बलरामपुर - रामानुजगंज जिले के ग्राम कर्रा की पावन धरा पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कर्रा में आयोजित श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्राचीन बाबा कर्मेश्वर धाम में भगवान शिव का विधि-विधान से रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर ग्राम कर्रा में मंगल भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाबा कर्मेश्वर की कृपा से यह क्षेत्र निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े, इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम कर्रा की पावन भूमि पर श्री महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा का आयोजन होना अत्यंत सौभाग्य का विषय है। उन्होंने कथावाचक आचार्य दिव्यानंद जी महाराज को नमन करते हुए आयोजन समिति और समस्त श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। भगवान भोलेनाथ से यही प्रार्थना है कि उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे और प्रत्येक परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि का वास हो।

छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत को सहेजने और संवारने का हो रहा कार्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ धर्म, संस्कृति और आस्था की समृद्ध परंपराओं की भूमि है। यह माता कौशल्या की जन्मभूमि और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। प्रदेश के गांव-गांव में प्राचीन शिवालयों, देवी मंदिरों और लोक आस्था के केंद्रों की गौरवशाली परंपरा रही है। राज्य सरकार इस समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों को धार्मिक कॉरिडोर के रूप में जोडऩे की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्रीराम से गहरा और आत्मीय संबंध है। राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक लगभग 50 हजार श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आस्था और तीर्थ दर्शन की अभिलाषा को ध्यान में रखते हुए तीर्थ दर्शन योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके अंतर्गत देशभर के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। अब तक लगभग 10 हजार श्रद्धालु इस योजना का लाभ लेकर विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं।

शांति और विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा बस्तर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा कर्मेश्वर के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। दशकों तक हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में आज शांति और विकास का नया वातावरण बन रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक परिवार तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्रा सहित बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी विकास कार्यों को निरंतर गति दी जाएगी। क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहां आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
सदियों पुरानी लोक आस्था का केंद्र है बाबा कर्मेश्वर धाम

ग्राम कर्रा स्थित बाबा कर्मेश्वर धाम क्षेत्र की लोक आस्था का प्राचीन और महत्वपूर्ण केंद्र है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां विराजमान शिवलिंग प्राकृतिक रूप से प्रकट हुआ है। जनश्रुतियों के अनुसार लगभग नौवीं-दसवीं शताब्दी में साल के वृक्ष के खोल में शिवलिंग की उत्पत्ति हुई थी और तभी से यहां भगवान शिव की पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। वर्तमान में श्री कर्मेश्वर महादेव मंदिर जीर्णोद्धार समिति द्वारा मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य कराया जा रहा है। बाबा कर्मेश्वर से क्षेत्र की लोक मान्यताओं का भी गहरा संबंध है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार पुराने समय में जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होती थी, तब ग्रामीण भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करते थे। शिवलिंग पर गाय के गोबर का लेप लगाने की भी एक पारंपरिक मान्यता रही है। स्थानीय लोगों का विश्वास है कि इस अनुष्ठान के बाद क्षेत्र में वर्षा होती थी। पीढिय़ों से चली आ रही ऐसी लोक आस्थाओं ने बाबा कर्मेश्वर धाम को क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया है।

मां के नाम लगाया रुद्राक्ष का पौधा
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाबा कर्मेश्वर धाम मंदिर परिसर में एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान के अंतर्गत अपनी माता श्रीमती जसमनी देवी साय के नाम पर रुद्राक्ष का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आह्वान किया। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने भी मंदिर परिसर में बेल का पौधा लगाया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत पौधरोपण किया। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, आईजी श्री दीपक झा, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और श्रद्धालुगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

बेटियों की खुशहाली और उनके चेहरे की मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद - सीएम साय

बेटियों की खुशहाली और उनके चेहरे की मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद - सीएम साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बेटियों की खुशहाली और उनके चेहरे की मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की हर बेटी को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले, आगे बढऩे का हौसला मिले और आत्मनिर्भर भविष्य के लिए हर जरूरी संबल मिले। बेटियां आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी सफलता की नई कहानी लिखें - इसी संकल्प के साथ हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

5 सितंबर से प्रदेश के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे शिक्षा मंत्री यादव

5 सितंबर से प्रदेश के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे शिक्षा मंत्री यादव

 रायपुर। शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर से स्कूलों का औचक निरीक्षण करने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव निकलने वाले है। इस दौरान यदि स्कूलों की व्यवस्था ठीक नहीं मिली तो स्कूल प्रबंधकों को फटकार लगाने के साथ ही वे उन पर एक्शन भी ले सकते है। यादव ने कहा कि स्कूल घर की तरह है, वहां यदि कोई समस्या है तो उसमें सुधार करें। इस दौरान जेडी, डीईओ और बीईओ को दी चेतावनी दी कि 10 दिन का समय दिया जा रहा है सब सुधार लें। निरीक्षण के दौरान यदि व्यवस्था ठीक नहीं मिली तो किसी की खैर नहीं होगी। 

रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांध सकेंगी बहनें, सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक प्रवेश, दिशा-निर्देश जारी

रक्षाबंधन पर जेल में बंद भाइयों को राखी बांध सकेंगी बहनें, सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक प्रवेश, दिशा-निर्देश जारी

 रायपुर। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर केन्द्रीय जेल रायपुर में बंदियों को राखी बांधने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। जेल प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार 28 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक केवल बहनों को ही बंदियों से मिलने और राखी बांधने केलिए जेल के भीतर प्रवेश की अनुमति होगी।

जेल में प्रवेश और मुलाकात के लिए दिशा-निर्देश जारी

मुलाकात के लिए आने वाली बहनों के पास वैध पहचान-पत्र होना आवश्यक है। गहन जांच के बाद ही प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा कारणों से एक बंदी से मिलने और राखी बांधने के लिए अधिकतम 3 बहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। बहनों को प्रति बंदी केवल 100 ग्राम मिठाई ले जाने की छूट होगी, जिसकी पहले जांच की जाएगी। मिठाई के अलावा अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। मोबाइल, पर्स, नकदी और किसी भी प्रकार का कीमती सामान जेल के भीतर ले जाना सख्त मना है। जेल परिसर में इन्हें जमा कराने की कोई व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए परिजनों को सलाह दी गई है कि वे ये सामान साथ न लाएं।

सुरक्षा के दृष्टिगत जेल प्रवेश से पहले महिला कर्मचारियों द्वारा तीन स्तरों पर तलाशी ली जा सकती है। केन्द्रीय जेल अधीक्षक ने सभी परिजनों से व्यवस्था बनाए रखने और तलाशी प्रक्रिया में जेल प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करने की अपील की है।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को मिली नई उड़ान

 रायपुर: राज्य  सरकार द्वारा श्रमिकों के कल्याण के साथ उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के लिए शिक्षा के नए अवसरों के द्वार खोल रही है। योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों के बच्चों को प्रतिष्ठित निजी आवासीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।

राजधानी रायपुर स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ आत्मीयता से समय बिताया और उनके साथ भोजन भी किया। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को भी देश के बेहतरीन निजी विद्यालयों में पढ़ने का समान अधिकार है। सरकार उनकी शिक्षा का पूरा खर्च वहन कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर उपलब्ध करा रही है।

धमतरी के सात बच्चों को मिला निजी आवासीय विद्यालयों में प्रवेश

विभागीय अधिकारी ने बताया कि सम्मान समारोह में धमतरी जिले के 07 नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन बच्चों को कक्षा छठवीं में प्रवेश मिला है। इनमें ग्राम श्यामतराई की याचना साहू, ग्राम सिर्री की भाव्या, ग्राम रीवागहन के नैतिक कुमार, ग्राम चटौद की धारनी साहू, ग्राम गुजरा के नागेन्द्र कुमार, ग्राम देमार की पूजा मीनपाल तथा ग्राम खट्टी की रागिनी साहू शामिल हैं।

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत अनुबंधित 09 जिलों के निजी आवासीय विद्यालयों में चयनित बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। विद्यालय में अध्ययन, आवास सहित आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ बच्चों को मिलेगा। इससे श्रमिक परिवारों पर बच्चों की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा और प्रतिभावान बच्चों को अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा के माध्यम से सशक्त हो रहे श्रमिक परिवार

योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को केवल बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में अध्ययन से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और प्रतियोगी अवसरों का लाभ मिलेगा।

कलेक्टर  अबिनाश मिश्रा ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों के सपनों को पंख देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। धमतरी जिले के सात बच्चों का चयन जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी भी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा में बाधा न बनें, यही इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता है। उन्होंने चयनित बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी लगन और मेहनत के साथ अध्ययन करें, अपने माता-पिता एवं जिले का नाम रोशन करें तथा भविष्य में समाज और देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

केंद्र व राज्य सरकार देश व प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

केंद्र व राज्य सरकार देश व प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व वाले केंद्र  सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार देश एवं प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा कर राज्य में विकास की गंगा बहा रही है। मुख्यमंत्री साय आज बालोद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में शामिल होकर राज्य के माताओं, बहनों एवं बालोद जिले वासियों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी।

इस अवसर पर उन्होंने माताओं एवं बहनों को सम्मान करने के साथ-साथ बालोद जिलें के 02 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित पूरे प्रदेश के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खाते में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रूपये की राशि का अंतरण कर उन्हें शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मुख्यमंत्रीसाय ने नगर पंचायत डौंडीलोहारा में सर्व सुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण, खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन की स्वीकृति एवं खरखरा जलाशय के पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुननिर्माण तथा धनगांव जलाशय के शीर्ष कार्य वियर के साथ नहर रिमाडलिंग लाइन निर्माण करने के अलावा नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में मस्जिद चैक से शास्त्री नगर मार्ग में 05 करोड़ रूपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में 19 करोड़ रूपये की लागत से संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के निर्माण करने की घोषणा के साथ-साथ 102 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के पांच हितग्राहियों से संवाद कर इस योजना के माध्यम से हितग्राहियों के जीवन में हो रहे बदलाव की भूरी-भूरी सराहना की।

इस मौके पर कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  भोजराज नाग, पूर्व सांसद सुश्री सरोज पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष  तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष  सौरभ लूनिया, नगर पंचायत डौण्डीलोहारा के अध्यक्ष  लाल निवेन्द्र सिंह टेकाम, पूर्व विधायक  वीरेंद्र साहू एवं  राजेंद्र राय, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  चेमन देशमुख, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  राकेश यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  देवलाल ठाकुर, जनपद अध्यक्ष कांति सोनबरसा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कुसुम शर्मा सहित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  किरण गंगा राम चव्हाण, वन मंडल अधिकारी  अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर  चंद्रकांत कौशिक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में महतारी बंधन योजना के हितग्राहियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं तथा नागरिकगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मेरे लिए सौभाग्य का विषय है कि सावन के पवित्र महिने एवं रक्षाबंधन त्यौहार के ठीक पूर्व आज डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में शामिल होने का मुझे अवसर प्राप्त हो रहा है।  साय ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मातृ शक्तियों का सम्मान करने के साथ-साथ राज्य के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित 68 लाख हितग्राहियों के खाते में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रूपये की राशि का अंतरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा पिछले ढाई वर्षो के कार्यकाल में योजना के हितग्राहियों के खाते में 20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना राज्य के माताओं एवं बहनों को सशक्त एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके लिए प्रत्येक दृष्टि से अत्यंत कारगर एवं उपयोगी साबित हो रहा है।  साय ने कहा कि अब हमारी माताओं एवं बहनों को अपनी छोटी-मोटी जरूरत के लिए अपने पति एवं घर वालों के ऊपर आश्रित नहीं रहना पड़ता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से वायदा किया था कि  छत्तीसगढ़ के माता एवं बहनों को हम आर्थिक रूप से सशक्त कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसका अक्षरशः पालन करते हुए राज्य के माताओं एवं बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके तहत हमारी  सरकार ने माताओं एवं बहनों का सम्मान करते हुए रक्षाबंधन त्यौहार के पूर्व आज 25 अगस्त को ही उनके खाते में महतारी वंदन योजना के 31वें किश्त की राशि का अंतरण करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के माताओं एवं बहनों सहित पूरे प्रदेश वासियों को रक्षाबंधन के पवित्र त्यौहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

 साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मंशानुरूप लखपति दीदी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य की जा रही है। इसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में सफलता अर्जित की गई है। इसके अलावा केंद्र एवं राज्य सरकार के सहयोग से हमारी ड्रोन दिदिया ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद-बीज का छिड़काव कर अच्छी खासी आय अर्जित कर रही है। इसके साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना भी राज्य के महिलाओं को स्वालंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कारगर साबित हो रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने पिछले ढाई वर्ष के दौरान राज्य में हुए विभिन्न विकास कार्यों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से हमारा बस्तर संभाग नक्सलवाद के दंश को झेल रहा था। लेकिन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के दृढ इच्छा के फलस्वरूप बस्तर को सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्ति प्रदान कर हम बस्तर में विकास के नए अध्याय का शुरूआत कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा बस्तर के सुदूर अंचलों में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ढाई साल के कार्यकाल के दौरान मोदी के गारंटी के तहत किए गए सभी वायदों को पूरा किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने 13 दिसंबर 2023 को राज्य की बागडोर संभालने के 14 अगस्त को राज्य में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास निर्माण को स्वीकृति दी है। इसके अलावा राज्य में प्रति क्विंटल 3100 रूपये की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर राज्य के अन्नदाता किसानों के श्रम को सम्मानित करने का कार्य किया है। इसके अलावा रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार श्रद्धालुओं को भगवान रामलला का दर्शन कराया जा चुका है।

इसी तरह 5500 रूपये मानक बोरा की दर से तेंदुपत्ता की खरीदी पर तेंदुपत्ता संग्राहकों को उनके मेहनत का वाजिब दाम दिलाया जा रहा है। इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को 10 हजार रूपये राशि की प्रदान कर उन्हें संबल प्रदान किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरूद्ध जीरो टाॅरलेंस की नीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य में द्वारा भ्रष्टाचार पर संलिप्त लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है।  साय ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा जनजातीय वर्गों के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान हेतु प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत उनके गांवों में सड़क, बिजली, पानी एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के अलावा उन्हें शासन के अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ’सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र को आत्मसात कर राज्य के चंहुमूखी विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है।  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप विकसित भारत की तर्ज पर हम सब मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण करेंगे। इसके लिए समुचित छत्तीसगढ़ वासियों का सहयोग एवं सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद  भोजराज नाग ने सावन के पवित्र महिने सावन के सावन के पवित्र महिने में माताओं एवं बहनों के सम्मान समारोह का आयोजन की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस पवित्र अवसर पर माताओं एवं बहनों के खाते में  महतारी वंदन योजना के 31वें किश्त की राशि का वितरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।  नाग ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़  सरकार के द्वारा प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकास की अनवरत गंगा बहाई जा रही है। समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद सुश्री सरोज पाण्डे ने महतारी वंदन सम्मान समारोह के साथ-साथ राज्य के माताओं एवं बहनों के खाते में महतारी वंदन योजना के 31वें किश्त की राशि के अंतरण की भूरी-भूरी सराहना की।

इस अवसर पर उन्होंने केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों के संबध में विस्तार से प्रकाश डाला। स्वागत भाषण एवं प्रतिवेदन वाचन प्रस्तुत करते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने महतारी वंदन सम्मान समारोह के आज के इस महत्वपूर्ण आयोजन में उपस्थिति के लिए मुख्यमंत्री साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप बालोद जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान, मिशन अंकुर एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

समारोह में मुख्यमंत्री साय ने 3.2 करोड़ रूपये की लागत से 12 किमी लंबी उमरादाह से निपानी मार्ग, 26 करोड़ रूपये की लागत से अर्जुंदा ओडारसकरी मार्ग एवं 2.5 करोड़ रूपये की लागत से बालोद से पिकरीपार मार्ग निर्माण सहित 102 करोड़ रूपये की लागत से भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।

कलाकारों को मंच और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता- मंत्री राजेश अग्रवाल

कलाकारों को मंच और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता- मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: संस्कृति विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के मुक्ताकाशी मंच में आयोजित चार दिवसीय सांस्कृतिक आयोजन ‘पावस प्रसंग 2026’ का अंतिम दिन सुर, लय, ताल और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों से सजा रहा। कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों और दर्शकों की अपार भीड़ के बीच आयोजन का भव्य समापन हुआ। मुक्ताकाशी मंच का पूरा वातावरण शास्त्रीय संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों से सराबोर रहा तथा दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

समापन समारोह में संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा पावस ऋतु के उत्साह और हर्षोल्लास के साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य की समृद्ध परंपरा को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराते हैं।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आयोजन में शास्त्रीय संगीत, गायन और विभिन्न नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और कला की समृद्ध परंपरा को सामने लाया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के कलाकारों और नवोदित प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें प्रोत्साहित करना  सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार कलाकारों के हितों के संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। कलाकारों के प्रोत्साहन और उनके कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें मुख्यमंत्री कलाकार प्रोत्साहन योजना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने ‘पावस प्रसंग’ में अपनी कला-साधना से वर्षा ऋतु के सौंदर्य को साकार करने वाले सभी कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी साधना और प्रतिभा के बल पर देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।

मंत्री अग्रवाल ने आयोजन की सफलता के लिए कला प्रेमी दर्शकों, मीडियाकर्मियों और पत्रकारों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने आयोजन के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही उन्होंने संस्कृति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कथक और ओडिसी की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

पावस प्रसंग के अंतिम दिन विभिन्न नृत्य शैलियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विनीता त्रिपाठी ने कथक नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इसके बाद श्री कृष्ण कुमार पंडित एवं सुश्री अशिका सिंघल ने कथक की मनोहारी प्रस्तुति से मुक्ताकाशी मंच पर समां बांध दिया। वहीं आर्या नदें ने ओडिसी नृत्य और सुश्री ज्योतिषी वैष्णव ने कथक नृत्य की भावपूर्ण एवं प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।

कलाकारों को मंच और सम्मान देना सरकार की प्राथमिकता-श्री राजेश अग्रवाल

कलाकारों की पदचाप, भाव-भंगिमाओं, ताल और लय के अद्भुत समन्वय ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। प्रस्तुतियों के दौरान मुक्ताकाशी मंच पर मौजूद दर्शक कला की बारीकियों में डूबे नजर आए और प्रत्येक प्रस्तुति के बाद जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

विशिष्ट अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

समापन समारोह में अनेक विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्य क्षेत्र के बौद्धिक प्रमुख  जी. नागेन्द्र, पूर्व मुख्य सचिव  एस.के. मिश्रा, पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंद्रा मिश्रा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग  प्रभात मिश्रा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ साहित्य परिषद  शशांक शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ फिल्म बोर्ड सुश्री मोना सेन, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व डॉ. संजय कनौजे, उपसंचालक संस्कृति  उमेश मिश्रा, पद्मश्री ऊषा बारले, प्रसना अवस्थी, सदस्य फिल्म बोर्ड, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार  दीपेंद्र दीवान, आरती सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार  चितरंजन कर, साहित्यकार  राजेश गानोदवाले एवं  राम पटवा सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

‘पावस प्रसंग 2026’ के अंतिम दिन कला, संस्कृति, संगीत और नृत्य का अद्भुत संगम देखने को मिला। पावस ऋतु की भावनाओं और सौंदर्य को कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। दर्शकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और अपार भीड़ के बीच चार दिवसीय इस सांस्कृतिक आयोजन का भव्य एवं गरिमामय समापन हुआ।

ड्रोन के पंखों से आत्मनिर्भरता की उड़ान, ‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से हेमलता बनीं ड्रोन दीदी

ड्रोन के पंखों से आत्मनिर्भरता की उड़ान, ‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से हेमलता बनीं ड्रोन दीदी

आधुनिक कृषि तकनीक से गांव की तस्वीर बदल रहीं हेमलता मनहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाएं अब ग्रामीण महिलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोड़ी निवासी श्रीमती हेमलता मनहर ऐसी ही प्रेरणादायी महिला हैं, जिन्होंने तकनीक को रोजगार का माध्यम बनाकर अपनी पहचान बनाई है। आज वे अपने क्षेत्र में सम्मान के साथ ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से पहचानी जाती हैं।

नमो ड्रोन दीदी योजना ने दिखाई नई राह

हेमलता मनहर ने नमो ड्रोन दीदी योजना से जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाया। ड्रोन के माध्यम से वे किसानों के खेतों में नैनो उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों के समय और श्रम की बचत हो रही है, वहीं हेमलता के लिए यह सम्मानजनक स्वरोजगार और नियमित आय का जरिया बन गया है।

तकनीक के क्षेत्र में कदम रखकर हेमलता ने यह साबित किया है कि ग्रामीण महिलाएं भी आधुनिक तकनीक को आसानी से अपना सकती हैं और उसे अपनी आजीविका का मजबूत आधार बना सकती हैं। उनकी सफलता गांव की अन्य महिलाओं को भी नए अवसर तलाशने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है।

सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की आय

ड्रोन संचालन से कृषि कार्य करने पर हेमलता प्रतिवर्ष लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वे परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग कर रही हैं। उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में मिली नई पहचान भी बड़ी उपलब्धि है।

हेमलता बताती हैं कि पहले उनकी दिनचर्या मुख्य रूप से घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थी, लेकिन शासन की योजनाओं से मिले अवसर ने उन्हें अपनी क्षमता पहचानने और आगे बढ़ने का अवसर दिया। आज वे स्वयं रोजगार अर्जित करने के साथ किसानों की मदद कर रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही हैं।

महतारी वंदन से मिला अतिरिक्त आर्थिक संबल

हेमलता महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सहायक है। नमो ड्रोन दीदी योजना से प्राप्त रोजगार और महतारी वंदन से मिले आर्थिक संबल ने उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया है।

वे कहती हैं कि महिलाओं को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के अवसर भी मिलना जरूरी है। जब महिलाओं को आर्थिक सहयोग के साथ कौशल और तकनीक से जोड़ा जाता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

‘विष्णु भैया’ की योजनाओं से बहनों को मिल रहा सम्मान और अवसर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती हेमलता मनहर कहती हैं, “हमारे विष्णु भैया बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। शासन की योजनाओं ने महिलाओं को आगे बढ़ने, आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने का अवसर दिया है।”

हेमलता की कहानी छत्तीसगढ़ की उन ग्रामीण महिलाओं की बदलती तस्वीर को सामने लाती है, जो अब केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तकनीक, स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के सहारे आर्थिक रूप से मजबूत होकर विकास की नई इबारत लिख रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना से मिला ड्रोन उनके हाथों में केवल तकनीक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के पंख बन गया है।a

नगरीय प्रशासन विभाग के नए संचालक महादेव क्षीरसागर ने ग्रहण किया पदभार

नगरीय प्रशासन विभाग के नए संचालक महादेव क्षीरसागर ने ग्रहण किया पदभार

 रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के नए संचालक भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2011 बैच के अधिकारी निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने इंद्रावती भवन में अपना पदभार ग्रहण किया। इससे पहले वे कांकेर जिले के कलेक्टर के रूप में कार्य कर रहे थे। राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, नगरीय प्रशासन विभाग के अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता  राजेश शर्मा और अपर संचालक (वित्त) यूनूस खान सहित नगरीय प्रशासन विभाग तथा सूडा के अधिकारी भी उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान मौजूद थे।  नगरीय प्रशासन विभाग के नए संचालक क्षीरसागर ने पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा से सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों का परिचय प्राप्त कर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों की तेज प्रगति, नगरीय निकायों के समग्र विकास तथा शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।

क्षीरसागर ने अधिकारियों से कहा कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा विभाग है। जन सुविधाएं और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों और नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया।

ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति

ई-बसों से बदलेगी शहरों की पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तस्वीर, 240 बसों के संचालन के लिए बनी रणनीति

 रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में चलेंगी ई-बसें

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा एवं केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक  भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने तैयारियों की समीक्षा की

शहरों की आवश्यकता के अनुरूप रूट प्लान, डिपो-चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था विकसित करने के दिए निर्देश

रायपुर.- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा ने आज केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया के साथ नगरीय प्रशासन एवं सूडा के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में ई-बस सेवा की संचालन व्यवस्था, विस्तार, रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार नगर निगमों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इनके संचालन से इन चारों शहरों में स्वच्छ एवं आधुनिक सार्वजनिक परिवहन के साथ नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। 

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के संचालन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक  भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ई-बस सेवा के रूट का निर्धारण शहरों की वास्तविक परिवहन आवश्यकताओं और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, प्रमुख बाजारों, महत्वपूर्ण संस्थानों एवं अन्य जनोपयोगी स्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी विकसित हो सके।

उन्होंने ई-बसों के लिए शॉर्ट-टर्म एवं लॉन्ग-टर्म रूट प्लान तैयार करने तथा चरणबद्ध तरीके से रूट का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित रूटों की फेजवार स्टडी करते हुए यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन करने को कहा। अधिक यात्री आवागमन वाले क्षेत्रों में मांग के अनुरूप रूट विकसित करने तथा विस्तृत अध्ययन के आधार पर रूट को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया।

प्रमुख सचिव बोरा ने ई-बस सेवा से संबंधित जानकारियों को नागरिकों के लिए स्पष्ट और सहज बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि नागरिकों को आसानी से यह जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए कि कितनी ई-बसें संचालित हो रही हैं, किन रूटों पर चल रही हैं तथा प्रत्येक रूट के स्टॉपेज कौन-कौन से हैं। उन्होंने इसके लिए रूट चार्ट एवं संबंधित विवरण व्यवस्थित रूप से तैयार एवं साझा करने के निर्देश दिए।

प्रमुख सचिव बोरा ने बैठक में कहा कि योजना के सभी घटकों—रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप एवं कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने चारों शहरों में ई-बस के संचालन के लिए शहरवार जरूरत एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करने तथा उसी आधार पर प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए। साथ ही योजना की प्रगति की नियमित रिपोर्टिंग एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा की गई। साथ ही महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ए आवश्यक रूट एवं संचालन व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार किया गया।

 बोरा ने ई-बसों के संचालन में समय-सीमा के साथ गुणवत्ता और व्यवहारिकता का भी ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि, डिपो, चार्जिंग, रूट एवं संचालन से संबंधित संभावित बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध निराकरण करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की नियमित प्रगति पर नजर रखने को कहा। उन्होंने योजना की मॉनिटरिंग के उच्च स्तर को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कार्यों को समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने डिपो के निर्माण एवं विकास में भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता एवं आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता एवं उपलब्धता का आकलन करते हुए आवश्यक व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को भी कहा। 

केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक  भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने बैठक में डिपो, चार्जिंग स्टेशन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए स्थान चयन तथा भूमि संबंधी विषयों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही डिपो, सिविल वर्क एवं अन्य निर्माण कार्यों के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रेलवे, एवं अन्य विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियों तथा तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि ई-बस संचालन शुरू होने से पहले सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं तैयार रहें।

 भदौरिया ने ई-बस संचालन में आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल व्यवस्था के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कमांड एवं कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत करने तथा बस संचालन की प्रभावी निगरानी के लिए तकनीक आधारित सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि बसों के संचालन, रूट, यात्री संख्या एवं अन्य महत्वपूर्ण सूचनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा सके।

बैठक में ई-बसों के संचालन के लिए मानव संसाधन एवं संचालन मॉडल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई।  बोरा और  भदौरिया ने योजना के संचालन में तकनीक, मानव संसाधन और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर समन्वय के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक  नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल, सीएसपीडीसीएल (CSPDCL) के प्रबंध संचालक  भीम सिंह कंवर, रायपुर नगर निगम के आयुक्त  संबित मिश्रा, कोरबा नगर निगम के आयुक्त  आशुतोष पांडे, बिलासपुर नगर निगम के आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, एनएचएआई (NHAI) के उप महाप्रबंधक  नितिन कुमार गुप्ता और शहरी कार्य मंत्रालय, दिल्ली के एएसओ  हिमांशु जैन भी बैठक में मौजूद थे।

अपनों के बीच जमीन पर बैठकर देसी स्वाद का आनंद, वित्त मंत्री चौधरी ने कहा—यही हमारी संस्कृति की असली पहचान

अपनों के बीच जमीन पर बैठकर देसी स्वाद का आनंद, वित्त मंत्री चौधरी ने कहा—यही हमारी संस्कृति की असली पहचान

 रायपुर- अपनों के बीच जमीन पर बैठकर देसी स्वाद का आनंद, वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने कहा—यही हमारी संस्कृति की असली पहचानविकास और आधुनिकता के बीच अपनी माटी, अपने लोगों और अपनी संस्कृति से जुड़ाव ही छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी खूबसूरती है। इसी सहजता और अपनत्व की एक भावुक झलक नवा रायपुर के सेक्टर-22 स्थित चंदूलाल चंद्राकर चौक के पास देखने को मिली।

वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने अम्मा के रसोई में जमीन पर बैठकर अपनों के साथ बिल्कुल घर जैसा देसी खाना खाया। न कोई औपचारिकता, न कोई बनावटीपन... बस अपनों के बीच हँसी-ठिठोली, आत्मीय बातचीत और सादगी से भरा माहौल।देसी व्यंजनों का स्वाद लेते हुए मंत्री  चौधरी ने कहा कि ऐसी छोटी-छोटी जगहों पर जमीन पर बैठकर, हाथ से चटखारे लेते हुए खाना और अपनों के साथ खुशियां बाँटना ही हमारी संस्कृति की असली पहचान है।

यह दृश्य सिर्फ भोजन का आनंद लेने का नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश भी देता है। आधुनिक नवा रायपुर के बीच जमीन पर बैठकर देसी भोजन का स्वाद लेते चौधरी का यह सहज अंदाज बताता है कि विकास की ऊंचाइयों के साथ अपनी माटी और अपनेपन को संजोकर रखना भी उतना ही जरूरी है। माटी की खुशबू, देशी स्वाद, अपनों का साथ और दिल से निकली हँसी—यही तो छत्तीसगढ़ की असली पहचान है.इस दौरान छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल एवं अधोसंरचना विकास के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बलरामपुर-जशपुर दौरे पर,विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बलरामपुर-जशपुर दौरे पर,विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बलरामपुर और जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे धार्मिक आयोजन में शामिल होने के साथ ही विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे और विभागीय स्टालों का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत बलरामपुर जिले के ग्राम कर्रा पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री लगभग दोपहर 1 बजे कर्रा पहुंचकर यहां आयोजित महारुद्र यज्ञ एवं शिव महापुराण कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री साय बलरामपुर से जशपुर जिले के लिए रवाना होंगे। वे लगभग दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर जशपुर जिले के ग्राम पंडरीपानी पहुंचेंगे।पंडरीपानी में मुख्यमंत्री विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। साथ ही वे विभागीय स्टालों का अवलोकन कर शासन की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी भी लेंगे।

 
ब्रेकिंग : इन पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ा, जानिये अब कितना मिलेगा डीए, 1 जनवरी से मिलेगा एरियर्स का लाभ…

ब्रेकिंग : इन पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ा, जानिये अब कितना मिलेगा डीए, 1 जनवरी से मिलेगा एरियर्स का लाभ…

 रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगरीय निकायों के पेंशनरों के महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों को अब 58 प्रतिशत और छटवें वेतनमान के पेंशनरों को 257 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत दिया जाएगा। पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 1 जनवरी 2026 से इसका लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद राज्य शासन ने मंत्रालय से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक को महंगाई राहत में बढ़ोतरी का पत्र जारी किया है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने 1 सितम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक की अवधि के लिए भी महंगाई राहत में वृद्धि की है। सातवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को इस अवधि में 55 प्रतिशत तथा छटवें वेतनमान के पेंशनरों और परिवार पेंशनधारियों को 252 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिलेगी।

ट्रांसफ़र ब्रेकिंग : स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़े पैमाने में हुए शिक्षकों के तबादले, देखें आदेश

ट्रांसफ़र ब्रेकिंग : स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़े पैमाने में हुए शिक्षकों के तबादले, देखें आदेश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के आपसी स्थानांतरण को मंजूरी देते हुए आदेश जारी किया है। मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर से 25 अगस्त को जारी आदेश में विभिन्न जिलों में पदस्थ शिक्षकों को उनकी आपसी सहमति के आधार पर नवीन पदस्थापना दी गई है

IMG-3744
IMG-3745
IMG-3746
IMG-3747
IMG-3748
IMG-3749
IMG-3750
IMG-3751
IMG-3752
IMG-3753
IMG-3754
IMG-3755
IMG-3756
IMG-3758
IMG-3759
IMG-3761
IMG-3757
IMG-3762
IMG-3760
IMG-3765
IMG-3764
IMG-3763
IMG-3766
IMG-3767
IMG-3768
IMG-3769
IMG-3770
IMG-3771