रायपुर- महानदी जल विवाद को लेकर आज दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी शामिल होंगे। बैठक में दोनों राज्यों के बीच महानदी जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी है। इस दौरान दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे। महानदी के जल उपयोग और बंटवारे को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक दोनों राज्यों के लिए अहम मानी जा रही है। बैठक में जल विवाद के समाधान को लेकर आगे की दिशा पर चर्चा हो सकती है।
रायपुर। मंत्रालय, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों एवं आगंतुकों से मुलाकात की। मंत्री अग्रवाल ने सभी से आत्मीयता से संवाद करते हुए उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों की जानकारी ली।
मुलाकात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और आवश्यकताओं से मंत्री श्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री ने प्रत्येक आगंतुक की बात ध्यानपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं का नियमानुसार परीक्षण कर उनका यथासंभव शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जिन मामलों में अन्य विभागों से समन्वय की आवश्यकता है, उनमें संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए जनता से निरंतर संवाद और उनकी समस्याओं को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और सरकार के बीच जनता का सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े रहना और उनकी बात सुनना ही सुशासन की पहली सीढ़ी है। नागरिकों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों की शिकायतों और सुझावों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई की जाए।
मंत्रालय में मंत्री से मिलने पहुंचे लोगों ने भी अपनी बात सुने जाने और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपने क्षेत्र के विकास, जनहित से जुड़े विषयों तथा अन्य आवश्यकताओं से संबंधित सुझाव भी साझा किए।
अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनता के सुझावों और अनुभवों से शासन को जमीनी स्तर की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और जनहित से जुड़े विषयों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास की दिशा में तीन महत्वपूर्ण पहल
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त उप अभियंताओं को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच हुआ एमओयू, नागरिकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच होगी और आसान
कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों में होगी एकरूपता, एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी अधिक सेवाएं
सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन, 16 हजार से अधिक केंद्रों से मिल रही सुविधा
नवा रायपुर में स्थापित होगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा
लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा संस्थान, प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को मिलेगा आधुनिक कौशल प्रशिक्षण
रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मंत्रालय महानदी भवन में रोजगार, डिजिटल गवर्नेंस और कौशल विकास के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण पहलों को आगे बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। नागरिकों तक शासकीय डिजिटल सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यापक और सुविधाजनक बनाने के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू किया गया। साथ ही नवा रायपुर में प्रस्तावित नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर, नागरिकों को सरल और पारदर्शी शासकीय सेवाएं तथा नई पीढ़ी को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक कौशल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार रोजगार सृजन, कौशल विकास, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक अधोसंरचना को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उनका लाभ नागरिकों तक आसानी और समयबद्धता के साथ पहुंचे। तकनीक के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम की जा रही है। वहीं युवाओं को सरकारी सेवाओं के साथ उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता और कौशल आधारित रोजगार के लिए भी तैयार किया जा रहा है
नवा रायपुर के निर्माण में युवा अभियंताओं की होगी महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में उप अभियंता के पद पर चयनित युवा अभियंताओं को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं के अभिभावकों को भी बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर भविष्य के छत्तीसगढ़ की आकांक्षाओं का शहर है। यहां आधुनिक अधोसंरचना, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं और योजनाबद्ध विकास को निरंतर विस्तार दिया जा रहा है। नवनियुक्त अभियंताओं को इस आधुनिक शहर के निर्माण और विकास में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है।उन्होंने युवा अभियंताओं से कहा कि वे अपने ज्ञान और तकनीकी दक्षता का उपयोग जनहित में करते हुए पूरी निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। विभिन्न विभागों में नियमित भर्तियां की जा रही हैं और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। सभी युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हो सकतीं, इसलिए राज्य सरकार उद्योग, निजी क्षेत्र, उद्यमिता, स्टार्टअप और कौशल विकास के माध्यम से भी व्यापक अवसर तैयार कर रही है।
उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति 2024-30 में रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अंतर्गत अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्तावों के एमओयू हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर काम भी प्रारंभ हो चुका है। आने वाले वर्षों में लगभग पौने दो लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों के लिए औद्योगिक नीति में विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से पारदर्शी चयन प्रक्रिया को मजबूत किया गया है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चे अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर चयनित होकर आगे बढ़ रहे हैं। भर्ती प्रक्रियाओं को और गति देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का भी गठन किया गया है।
डिजिटल गवर्नेंस को नई गति, चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। चिप्स की ओर से मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल तथा कॉमन सर्विस सेंटर स्पेशल पर्पस व्हीकल की ओर से स्टेट हेड जय नारायण पटेल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
इस एमओयू के माध्यम से सेवा सेतु पोर्टल पर उपलब्ध नागरिक-केंद्रित सेवाओं को कॉमन सर्विस सेंटर के डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाएगा। इसी तरह कॉमन सर्विस सेंटर पर उपलब्ध सेवाओं को सेवा सेतु से जोड़ने की दिशा में कार्य होगा। इससे नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की आवश्यकता कम होगी और अधिक सेवाएं उनके नजदीकी केंद्रों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी।
कॉमन सर्विस सेंटर और सेवा सेतु केंद्रों की पहचान को नागरिकों के लिए अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से इन केंद्रों पर एकरूप ब्रांडिंग और साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अंतिम छोर तक शासकीय सेवाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के ग्राम स्तरीय उद्यमी नेटवर्क और सेवा सेतु केंद्रों का समन्वित उपयोग किया जाएगा।
16 हजार से अधिक सेवा सेतु केंद्र, 54 लाख से अधिक आवेदन
वर्तमान में सेवा सेतु के माध्यम से 38 विभागों की 907 सेवाएं 16,619 केंद्रों के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक सेवा सेतु पोर्टल पर 54 लाख 23 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है।
प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से भी 600 से अधिक शासकीय एवं व्यावसायिक सेवाएं नागरिकों को प्रदान की जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की 907 शासकीय सेवाओं की पहुंच सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों तक भी विस्तारित होगी। इससे विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अपने नजदीक ही अधिक सेवाएं प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा सेतु को नागरिक सेवाओं के एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार की सेवाओं के साथ केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छ, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है। शासकीय सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का उद्देश्य नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना, सेवाओं की डिलीवरी को समयबद्ध बनाना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं और शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। शासन का प्रयास है कि नागरिक को अपनी समस्या लेकर व्यवस्था के पीछे न जाना पड़े, बल्कि व्यवस्था स्वयं उसके समाधान के लिए जवाबदेह बने।
नवा रायपुर में लगभग 250 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
कार्यक्रम में नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र भी सौंपा गया। प्रस्तावित संस्थान के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे। यहां प्रतिवर्ष करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण देने की व्यवस्था प्रस्तावित है।
संस्थान में लगभग 20 अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उद्योगों और रोजगार बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा, जिससे युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हो और वे रोजगार के साथ स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों का भी लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसरों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। बदलती तकनीक के इस दौर में युवाओं को केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप आधुनिक कौशल से लैस करना भी आवश्यक है। यह संस्थान प्रदेश के युवाओं को भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राष्ट्रीय स्तर के शिक्षा और कौशल संस्थानों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा नवा रायपुर : ओ.पी. चौधरी
आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने नवनियुक्त युवा अभियंताओं और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें नवा रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे आधुनिक शहर के निर्माण में योगदान देने का महत्वपूर्ण अवसर मिला है। अधोसंरचना किसी भी राज्य के आर्थिक विकास की बुनियाद होती है और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चौधरी ने कहा कि सरकारी नौकरी के प्रति युवाओं का आकर्षण स्वाभाविक है, लेकिन वर्तमान समय में रोजगार और करियर की संभावनाएं केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। निजी क्षेत्र, उद्यमिता, तकनीक और कौशल आधारित क्षेत्रों में भी व्यापक अवसर पैदा हो रहे हैं। राज्य सरकार सरकारी भर्तियों के साथ युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया युवाओं में व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत करती है। उन्होंने नवनियुक्त अभियंताओं का आह्वान किया कि जिस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से उन्हें सेवा का अवसर मिला है, उसी भावना के साथ वे अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
नागरिकों को केंद्रों पर स्पष्ट रूप से मिलेगी उपलब्ध सेवाओं की जानकारी
सचिव अंकित आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सेवा केंद्रों पर नागरिकों से जुड़ी प्रमुख सेवाओं की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, बिजली कनेक्शन, भूमि उपयोग संबंधी जानकारी, व्यापार अनुज्ञप्ति, निर्माण श्रमिक पंजीयन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही केंद्र सरकार से संबंधित आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन, फसल बीमा, फास्टैग, उद्यम परिचय पत्र, कृषि ड्रोन सेवा तथा निजी बैंकों से जुड़ी सेवाएं भी नागरिकों को उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा नवनियुक्त अभियंता उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक नशामुक्ति पदयात्रा में हुए शामिल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नशामुक्त समाज के निर्माण का दिया संदेश
स्वयं नशे से दूर रहें, दूसरों को भी नशामुक्त जीवन के लिए करें प्रेरित - मुख्यमंत्री साय
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह
युवा शक्ति को नशे से बचाकर शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय
27 वर्षों से नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए निकाली जा रही पदयात्रा की मुख्यमंत्री ने की सराहना
रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित नशामुक्ति पदयात्रा में शामिल हुए। बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं, युवाओं, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा कर नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। पदयात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री साय ने लाल चौक स्थित लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नशामुक्त और स्वस्थ छत्तीसगढ़ ही विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगा। नशा केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि युवा किसी भी प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। युवा स्वस्थ होंगे, शिक्षित और कुशल होंगे तथा अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगाएंगे तो प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा। राज्य सरकार युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेल और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का प्रत्येक युवा अपनी प्रतिभा और क्षमता का उपयोग अपने परिवार, समाज और प्रदेश की प्रगति में करे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी ने संयम, स्वच्छता और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया था। ऐसे में नशामुक्ति का यह अभियान उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का भी सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सेवा को सर्वोपरि रखा है। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रारंभ हुई उनकी शासन की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के विभिन्न कार्यों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इसी अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही युवाओं को सेवा और राष्ट्र निर्माण के भाव से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। गुजरात के वडनगर से निकले बाइक राइडर्स का रायपुर पहुंचने पर स्वागत किया गया। इस यात्रा में बस्तर के युवा भी उत्साहपूर्वक सहभागी बने।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से प्रभावित रहा, जिसके कारण वहां विकास की गति बाधित हुई। आज क्षेत्र में शांति और विकास के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार तथा रोजगार के अवसरों के विस्तार पर तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित करने के लिए नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर सहित आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में निवेश से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। हमारा लक्ष्य ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करना है, जो नशे से दूर रहकर अपने सामर्थ्य, परिश्रम और नवाचार से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बने।
मुख्यमंत्री साय ने विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा विगत 27 वर्षों से नशामुक्ति, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे सामाजिक विषयों को लेकर पदयात्रा आयोजित किए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से आता है। जब कोई अभियान समाज का अभियान बन जाता है, तभी उसके स्थायी और व्यापक परिणाम सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रसन्नता की बात है कि इन पदयात्राओं से प्रेरित होकर अब तक हजारों लोगों ने नशामुक्ति का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नशामुक्ति पदयात्रा सप्ताह भी अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगा और विशेष रूप से युवाओं को स्वस्थ एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन की ओर प्रेरित करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को अपने परिवार, मित्रों और समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ युवा, एक स्वस्थ परिवार और एक जागरूक समाज मिलकर ही स्वस्थ, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करेंगे।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष गौरीशंकर श्रीवास, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं एवं आमजन उपस्थित थे।
कांकेर। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कांकेर-गड़चिरौली (महाराष्ट्र) सीमा पर जंगल-पहाड़ी इलाके में संदिग्ध स्थान पर जवानों ने नक्सल डंप बरमाद किया है। नक्सलियों ने जमीन के नीचे हथियार के साथ प्रिंटर भी छिपा रखा था।
पुलिस के मुताबिक, 29 सितंबर को जिला बल, बीएसएफ और बीडीएस टीम की संयुक्त टीम ने ग्राम दागुनटोला-पुसगटटा के बीच जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को संदिग्ध स्थान पर नक्सल डंप मिला। तलाशी लेने पर इसमें हथियार और अन्य सामग्री बरामद हुई।
नक्सल डंप से बरामद हुई सामाग्री
एक सिंगल बैरल 12 बोर रायफल
एक डबल बैरल 12 बोर रायफल
11 कारतूस
दो प्रिंटर
अन्य नक्सल सामग्री
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कांकेर जिले के संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। जिला बल के साथ बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियान के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सघन सर्चिंग की जा रही है
अभियान का नेतृत्व बीएसएफ की 94वीं वाहिनी के इंस्पेक्टर एचएन शर्मा और इंस्पेक्टर हनुमान सहाय मीणा ने किया। पुलिस के अनुसार, नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
रायपुर। पशुधन विकास विभाग ने 17 पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ (राजपत्रित, द्वितीय श्रेणी) को उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवायें (राजपत्रित, प्रथम श्रेणी) के पद पर पदोन्नत किया है. इस संबंध में आदेश जारी किया गया है.
पशुधन विकास विभाग ने यह पदोन्नति छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा 6 जुलाई को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में गई अनुशंसा के अनुपालन में 17 पशु चिकित्सा सहायक यज्ञों (वेतन मैट्रिक्स लेवल-12 ) को कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से उप संचालक के पद पर वेतनमान 67300-213100 रुपए (वेतन मैट्रिक्स लेवल-13) में 23 जुलाई को जारी विभागीय समसंख्यक आदेश द्वारा पदोन्नत किया गया था.




कोरबा। शराब प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अगले महीने अक्टूबर में एक दिन शराब की दुकानें बंद रहने वाली हैं। ऐसे में अगर आप भी शराब खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। दरअसल, 2 अक्टूबर को सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। इस दिन शराब की बिक्री पूरी तरह से बंद रहेगी। ऐसे में अगर आपको शराब खरीदनी है तो पहले से ही इसका ध्यान रखना होगा, वरना दुकान पहुंचने के बाद आपको खाली हाथ लौटना पड़ सकता है।
कोरबा कलेक्टर ने जारी किया आदेश
इस दिन गांधी जयंती के अवसर पर 02 अक्टूबर को जिले की सभी मदिरा दुकानें बंद रहेंगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने 02 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर शुष्क दिवस घोषित किया है। 02 अक्टूबर शुक्रवार को जिले में संचालित समस्त देशी-विदेशी मदिरा दुकानें, प्रीमियम, कम्पोजिट मदिरा दुकानें, एफएल 3, एफएल 3 क, अहाता पूर्णतः बंद रहेगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने मदिरा बंदी के पूर्व दिवस को निर्धारित समय पश्चात मदिरा दुकानों को सीलबंद करने तथा मदिरा बंदी दिवस को अवैध शराब बिक्री न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।
उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
इसके अलावा मुंगेली जिले में भी गांधी जयंती (Gandhi Jayanti) पर 02 अक्टूबर को 01 दिन के लिए शुष्क दिवस घोषित किया गया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अमृत विकास तोपनो ने 02 अक्टूबर को (All liquor shops will remain closed on October 2) 01 दिन के लिए जिले के समस्त देशी मदिरा की दुकानें सी.एस.-2(घघ), देशी मदिरा की दुकानें सी.एस.-2(घघ कम्पोजिट), विदेशी मदिरा दुकान एफ.एल-1 (घघ), विदेशी मदिरा दुकान एफ.एल-1 (घघ कम्पोजिट) की फुटकर दुकानें, सी.एस.-2(ग-अहाता), सी.एस.-2(ग-कम्पोजिट अहाता), एफ.एल-1 (ख-अहाता), एफ.एल-1 (ख-कम्पोजिट अहाता) तथा एफ. एल. 3 होटल बार और होटल सिटी पैलेस बंद रखे जाने एवं जिले में स्थित आसवनी(डी.-1) मेसर्स भाटिया वाईन मर्चे. प्रा.लि. धूमा अंतर्गत एस.-1(ख), एफ.एल. 9, एफ.एल.9 (क) में मदिरा परेषण आयात-निर्यात व परिवहन पूर्णतः निषिद्ध किए जाने हेतु आदेश जारी किया है। कलेक्टर ने उपरोक्त आदेश का पालन कड़ाई से किये जाने के निर्देश दिए हैं।
सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ऐर्राबोर पोटाकेबिन में पहली कक्षा की छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। छात्रावास से गंभीर हालत में घर लाने के बाद उसकी मौत हो गई। मृतिका के परिजनों ने छात्रावास अधीक्षिका पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए डीईओ ने जांच के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, मेटटागुड़ा निवासी मड़कम देवे कोंटा विकासखण्ड क्षेत्रअंतर्गत ऐर्राबोर पोटाकेबिन में अध्ययनरत थी। पिछले कई दिनों से उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं था। सूचना मिलने के बाद परिजन बच्ची को घर वापस लाने के लिए 27 सितंबर को छात्रावास पहुंचे। इस दौरान बच्ची की हालत गंभीर थी। बाढ़ से मार्ग बाधित होने के कारण वह समय पर घर नहीं पहुंच पाए।
लगातार बिगड़ती तबीयत के बीच छात्रा को घर लाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद छात्रावास प्रबंधन और अधीक्षिका के खिलाफ परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि अधीक्षिका ने छात्रा की बिगड़ती तबीयत को गंभीरता से नहीं लिया। छात्रा के इलाज में लापरवाही बरती गई।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जांच टीम गठित कर दी गई है।
CG Cabinet Breaking : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –
1. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति (पॉलिसी)-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन उपरांत जारी संशोधित नीति-2026 का कार्याेत्तर अनुमोदन किया गया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को और अधिक स्पष्ट करते हुए यह प्रावधान किया गया है कि मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी। साथ ही, अनुभव के लिए निर्धारित अधिकतम 30 अंकों के अंतर्गत अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य पूर्ण करने पर 5 अंक दिए जाने का प्रावधान किया गया है। पूर्व नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में किए गए अध्यापन अनुभव का यह लाभ स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं था।
मंत्रिपरिषद द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के कार्यानुभव का उपयोग करते हुए उन्हें रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर दिया जाए तथा मानदेय निर्धारण में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखण्ड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाए। अतिथि व्याख्याताओं एवं अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि एवं आकस्मिक अवकाश संबंधी प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है।
2. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी द्वारा 10 सितम्बर, 2026 को फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने की घोषणा के परिपालन में, फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश हेतु देय राज्य माल और सेवा कर (एस.जी.एस.टी.) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति सिनेमाघरों को किए जाने हेतु वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का अनुसमर्थन किया गया।
3. मंत्रिपरिषद द्वारा पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
अब इस आरक्षण को लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 बनाया गया है, जिसका मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया है। इन नियमों में नियुक्ति एवं सेवा शर्तें, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है।
00 मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित
रायपुर। भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (सीआरडीए) द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रस्तावित परियोजना के डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट, मास्टर प्लान, भूमि उपलब्धता, आवश्यक अधोसंरचना, परियोजना लागत, वित्तीय व्यवस्था तथा की संचालन गाइडलाइन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। समिति द्वारा प्रस्ताव को भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया।
नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित है औद्योगिक पार्क
सीआरडीए द्वारा प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल पार्क नवा रायपुर अटल नगर, जिला रायपुर में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। लगभग 406.72 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस औद्योगिक पार्क में विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों के लिए आवश्यक अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
भारत सरकार को भेजा जाएगा परियोजना प्रस्ताव
स्टेट लेवल कमेटी की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे भारत सरकार को भेजे जाने के लिए अनुमोदित किया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव को सीआरडीए, भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद परियोजना के आगामी चरणों पर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, प्रबंध संचालक सीएसआईडीसी उमेश कुमार झा, एनआरडीए नवा रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित कलेक्टर रायपुर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री राम विचार नेताम बैठक में हुए शामिल
16 प्रकरणों पर हुई प्रकरणवार समीक्षा, 9 प्रकरणों की हुई अनुशंसा
रायपुर, 30 सितंबर 2026/ उप मुख्यमंत्री एवं गृह तथा जेल मंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े प्रकरणों की वापसी के संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर में प्रकरण वापसी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री अरूण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री राम विचार नेताम सहित प्रमुख सचिव गृह सुश्री निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव विधि मनीष ठाकुर, गृह सचिव नेहा चंपावत, डीजीपी अरूण देव गौतम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज राजनीतिक आंदोलनों से जुड़े 16 प्रकरणों की वापसी से संबंधित मामलों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें 8 लंबित प्रकरण शामिल थे, सभी मामलों में से 9 प्रकरणों की अनुशंसा की गई, 02 प्रकरणों को पुनर्विचार के लिए जिलों में भेज दिया गया। इसके अतिरिक्त शेष मामलों को राजनीतिक आंदोलनों से जुड़ा हुआ ना पाते हुए उनको समिति ने विचार कर उन्हें समिति ने अस्वीकृत कर दिया।
समिति ने अधिकारियों से पूर्व में अनुसंशित लंबित प्रकरणों, उनकी वर्तमान स्थिति तथा नियमानुसार आगे की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी ली गई एवं इसकी नियमित समीक्षा करते हुए न्यायालय में लंबित प्रकरणों को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने राजनीतिक प्रकरणों की वापसी से जुड़े मामलों की प्रकरणवार समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रियाओं को नियमानुसार आगे बढ़ाने के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की।
बिलासपुर। रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है। चक्रधरपुर मंडल में रेलवे ट्रैक के नवीनीकरण का काम शुरू होने जा रहा है। इसके चलते अलग-अलग तारीखों में ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होगी। रेलवे ने काम को देखते हुए कुछ ट्रेनों को रद्द करने और कुछ के संचालन में बदलाव करने का फैसला लिया है। यह व्यवस्था 24 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी।
चक्रधरपुर मंडल में ट्रैक से जुड़े नवीनीकरण कार्य को पूरा करने के लिए रेलवे की ओर से मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार और शुक्रवार को काम किया जाएगा। निर्माण कार्य के दौरान रेल यातायात को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए कई ट्रेनों के फेरे रोकने और कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक रास्ते से चलाने का निर्णय लिया गया है।
इस दौरान टाटानगर-एनएससीबी इतवारी एक्सप्रेस, नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस, सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस और सांतरागाछी-पुणे हमसफर एक्सप्रेस की सेवाएं अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी। पुणे-सांतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस का परिचालन भी निर्धारित तिथियों में प्रभावित रहेगा।
टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस की सेवाएं नवंबर की 24 और 27 तारीख से लेकर जनवरी 2027 की 15 तारीख तक तय कार्यक्रम के अनुसार प्रभावित होंगी। वहीं नांदेड़-सांतरागाछी और सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस के फेरे भी नवंबर से जनवरी के बीच कई तारीखों पर रद्द किए गए हैं।
रेलवे ने दो ट्रेनों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तय किया है। कलिंग उत्कल एक्सप्रेस को निर्धारित दिनों में ईब, झारसुगुड़ा रोड, संबलपुर सिटी और कटक के रास्ते पुरी ले जाया जाएगा। दूसरी ओर आरा-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग से कांद्रा और सीनी होकर दुर्ग पहुंचेगी।
अगर आपकी यात्रा नवंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच है, तो टिकट बुक करने या यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेन का संचालन जरूर जांच लें। मेगा ब्लॉक के कारण किसी तारीख पर ट्रेन रद्द या डायवर्ट हो सकती है। रेलवे की ओर से जारी ताजा परिचालन जानकारी के आधार पर ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक कुमार अग्रवाल के अवकाश पर जाने के कारण उनके विभाग का अतिरिक्त प्रभार राजेंद्र कुमार कटारा को सौंपा गया है। वहीं इफ्फत आरा को सचिव, छत्तीसगढ़ लोक आयोग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
आईएएस दीपक कुमार अग्रवाल नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ एवं अतिरिक्त प्रभार सचिव, छत्तीसगढ़ लोक आयोग, 9 सितंबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक अवकाश पर हैं। उनकी अवकाश अवधि के दौरान आईएएस इफ्फत आरा विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ सचिव, छत्तीसगढ़ लोक आयोग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
इसके साथ ही आईएएस राजेंद्र कुमार कटारा विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार संचालक, आयुष एवं पंजीयक, फर्म एवं संस्थाएं को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
देखिए आदेश

00 यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में युवाओं और स्टार्टअप उद्यमियों से किया सीधा संवाद
00 युवा शक्ति, नवाचार और स्टार्टअप्स की भागीदारी से साकार होगा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
00 मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान
00 नई औद्योगिक नीति से उद्यमिता को प्रोत्साहन, प्रदेश में अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव
00 कृषि और वन संपदा के वैल्यू एडिशन में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं
00 सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया अवलोकन
रायपुर। छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश के युवा केवल रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि अपने कौशल, नवाचार और उद्यमिता के बल पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाले बनें। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं, नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप्स की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। राज्य सरकार युवाओं के विचारों को नवाचार और नवाचार को सफल उद्यम में बदलने के लिए आवश्यक वातावरण, अधोसंरचना, तकनीकी सहयोग और प्रोत्साहन उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों, युवा नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का युवा केवल अवसर की प्रतीक्षा करने वाला युवा नहीं है, बल्कि अपनी प्रतिभा से नए अवसर गढऩे का सामर्थ्य रखता है। सरकार का दायित्व है कि उसके विचार को सही मंच, तकनीकी सहयोग, वित्तीय सहायता और अनुकूल नीतिगत वातावरण मिले। इसी सोच के साथ राज्य में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
युवाओं के लिए 500 करोड़ रुपए की मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना
युवाओं के विचारों को व्यवसाय में बदलने में राज्य सरकार की भूमिका से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के बेटे-बेटियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं युवाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति-2024 में भी नए उद्यमियों के लिए अनेक प्रोत्साहन रखे गए हैं। महिलाओं, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांगजनों सहित विभिन्न वर्गों की उद्यमिता को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर अधिक रोजगार सृजित करने वाले उद्योगों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से कहा कि वे नई औद्योगिक नीति का गंभीरता से अध्ययन करें और उसमें उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं। प्रदेश में नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, ताकि उद्योग लगाने के इच्छुक युवाओं और निवेशकों को अलग-अलग कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
नई औद्योगिक नीति के बाद 8.23 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। निवेश की यह प्रक्रिया केवल प्रस्तावों तक सीमित नहीं है, बल्कि अनेक परियोजनाओं पर धरातल पर कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अब परंपरागत उद्योगों के साथ-साथ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल और अन्य उभरते क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, ऊर्जा क्षमता, देश के मध्य में स्थित भौगोलिक स्थिति तथा लगातार मजबूत हो रही सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी निवेश और उद्यमिता के लिए छत्तीसगढ़ की संभावनाओं को और सशक्त बना रही है।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में युवाओं की होगी निर्णायक भागीदारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देश के सामने रखा है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगभग 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं, किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, शोधार्थियों और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से पूरा होगा। विशेष रूप से नई पीढ़ी को टेक्नोलॉजी, रिसर्च, इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप के क्षेत्र में आगे आना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम सहित महत्वपूर्ण मार्गों और अन्य कनेक्टिविटी परियोजनाओं के विस्तार से छत्तीसगढ़ की देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंच और बेहतर होगी। इसका सीधा लाभ उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में मिलेगा।
किसान परिवार के अनुभव युवाओं से किए साझा
युवाओं के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने कृषक परिवार और गांव बगिया से जुड़े अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और स्वयं खेती-किसानी, हल चलाने तथा पशुपालन के कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसलिए कृषि क्षेत्र की चुनौतियों के साथ उसमें छिपी संभावनाओं को भी वे निकटता से समझते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है। आधुनिक तकनीक और नवाचार को कृषि से जोड़कर युवाओं के लिए उद्यमिता के व्यापक अवसर तैयार किए जा सकते हैं। कृषि के साथ जैव प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य उभरते क्षेत्रों में युवा अपनी प्रतिभा का उपयोग कर सकते हैं।
कृषि और वन संपदा के वैल्यू एडिशन में अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को खनिज, वन संपदा और कृषि जैव विविधता की अनुपम संपदा दी है। आवश्यकता इस बात की है कि इन संसाधनों का बेहतर वैल्यू एडिशन हो और उसका अधिक लाभ स्थानीय लोगों को मिले। उन्होंने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के वन क्षेत्रों में इमली, महुआ, सीताफल और औषधीय पौधों जैसी वनोपज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। इनके आधुनिक प्रसंस्करण, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के माध्यम से युवा नए उद्यम खड़े कर सकते हैं। इससे वनांचल में स्थानीय स्तर पर रोजगार बढऩे के साथ वहां की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। एक युवा उद्यमी द्वारा सुगंधित चावल के निर्यात से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सही मायने में धान का कटोरा है। प्रदेश में जवाफूल, विष्णुभोग, हनुमानभोग और शीतलचीनी जैसी अनेक विशिष्ट एवं सुगंधित धान की किस्में हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा धान की हजारों किस्मों का संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रहना है। प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, वैल्यू एडिशन और निर्यात की पूरी श्रृंखला विकसित करनी होगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और कृषि आधारित स्टार्टअप्स के लिए भी नए बाजार एवं अवसर तैयार होंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं ने मुख्यमंत्री से खुलकर सवाल किए। स्टार्टअप फंडिंग से लेकर लोन में कोलेटरल की व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के सहयोग, रोजगार सृजन, हॉर्टिकल्चर विद्यार्थियों के कौशल के बेहतर उपयोग, सोशल मीडिया एवं इन्फ्लुएंसर इकोसिस्टम तथा प्रस्तावित फिल्म सिटी से पैदा होने वाले अवसरों तक अनेक विषय संवाद के केंद्र में रहे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ रोजगार और व्यवसाय की प्रकृति तेजी से बदल रही है। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं और बदलती तकनीक को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नई संभावनाओं और आवश्यक व्यवस्थाओं पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि असफलता से डरने के बजाय नए प्रयोग करने का साहस रखें। नया विचार तभी बदलाव का माध्यम बनता है, जब उसे परिश्रम, कौशल और उद्यमिता से जोड़ा जाए।
सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का किया अवलोकन
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का अवलोकन किया। उन्होंने यहां विकसित अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक उपकरणों और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सेंटर में स्थापित बायोसेफ्टी लेवल लैब, एनिमल कल्चर लैब, माइक्रोबियल सेल तथा प्लांट टिश्यू कल्चर लैब सहित विभिन्न आधुनिक प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। सेंटर में स्टार्टअप्स के लिए इन्क्यूबेशन स्पेस, ड्राई एवं वेट लैब, प्लग एंड प्ले ऑफिस, कॉमन इंस्ट्रूमेंटेशन लैब, एनालिटिकल टेस्टिंग तथा बेसिक से हाई-एंड उपकरणों की सुविधाएं विकसित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र प्रदेश के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और स्टार्टअप्स के लिए केवल एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से एंटरप्राइज तक की यात्रा का महत्वपूर्ण मंच बनेगा। यहां युवा अपने नवाचारी विचारों को अनुसंधान से आगे ले जाकर उपयोगी उत्पादों और सफल उद्यमों में बदल सकेंगे। इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप्स को मेंटरिंग, हैंडहोल्डिंग, तकनीक हस्तांतरण, उत्पाद विकास और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। विद्यार्थियों को डिसर्टेशन और इंटर्नशिप के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र अनुसंधान और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बनकर कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के इनोवेशन इकोसिस्टम को नई गति देगा।
एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत किया पौधरोपण
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत इन्क्यूबेशन सेंटर परिसर में मौलश्री का पौधा भी रोपा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोडऩे और अधिक से अधिक पौधरोपण एवं उनके संरक्षण का संदेश दिया।
एग्रीटेक से एआई और डीप-टेक तक नवाचारों का मंच बना कॉन्क्लेव
तीन दिवसीय यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव में कृषि एवं एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन, जैव प्रौद्योगिकी, ग्रामीण उद्यमिता, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स अपने नवाचारों, तकनीकों और उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। कॉन्क्लेव के माध्यम से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप्स, निवेशकों और उद्योग जगत को एक साझा मंच मिला है, जहां नए विचारों को तकनीक, बाजार और निवेश से जोडऩे की संभावनाओं पर संवाद हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। जरूरत उन्हें अवसर और सही मंच देने की है। सरकार युवाओं के सपनों और संकल्पों के साथ खड़ी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के युवा अपनी प्रतिभा, नवाचार और उद्यमिता के बल पर न केवल स्वयं आगे बढ़ेंगे, बल्कि हजारों दूसरे युवाओं के लिए रोजगार और अवसर भी पैदा करेंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा आगे बढ़ेंगे तो छत्तीसगढ़ आगे बढ़ेगा, और युवाओं के नवाचार को अवसर मिलेगा तो वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प और मजबूत होगा। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, युवा उद्यमी, स्टार्टअप प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
00 केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने मंत्री नेताम को दी बधाई
रायपुर। राष्ट्रीय कृषि मंत्रियों के सम्मेलन रबी अभियान 2026 के अवसर पर 28-29 सितंबर को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र और किसानों के हित में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत कुल 181.99 करोड़ रुपये की द्वितीय मद की राशि जारी किए जाने की जानकारी देते हुए मंत्री रामविचार नेताम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि कृषि मंत्री राम विचार नेताम के निरंतर प्रयासों से प्रदेश के किसानों को समृद्धि मिल रही है। भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को जारी 181.99 करोड़ रुपये में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 91.20 करोड़ रुपये तथा कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत 90.79 करोड़ रुपये शामिल हैं। इस राशि से राज्य में कृषि से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा किसानों को इसका लाभ प्राप्त होगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने तथा राज्यों के साथ मिलकर कृषि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस राशि का समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग करते हुए राज्य के किसानों तक इसका अधिकतम लाभ पहुंचाएगी। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के कृषि विकास और किसानों के हित में जारी इस राशि के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में कृषि क्षेत्र को नई गति मिल रही है। प्राप्त राशि का उपयोग कृषि क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने तथा किसानों को योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने की दिशा में किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रबी अभियान 2026 के तहत देशभर के कृषि मंत्रियों का सम्मेलन 28 एवं 29 सितंबर को आयोजित किया गया। सम्मेलन में कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों, किसानों के हित में संचालित योजनाओं तथा कृषि विकास की आगामी रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम की केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से सौजन्य मुलाकात हुई।
मुख्यमंत्री ने की परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा
‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य के लिए परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और नगरीय निकाय मिलकर तैयार करें विस्तृत कार्ययोजना
दुर्घटना की रोकथाम से लेकर घायल को समय पर उपचार तक मजबूत हो पूरी व्यवस्था : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार, परिवहन सुविधा से वंचित दूरस्थ अंचलों को प्राथमिकता से जोड़ने के निर्देश
कोंटा-जगरगुंडा जैसे दुर्गम क्षेत्र में मुख्यमंत्री बस सेवा से बदली तस्वीर, करीब 6 घंटे का सफर अब लगभग 45 मिनट में
पीएम-राहत और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार कर दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए नागरिकों को करें जागरूक
एचएसआरपी, वाहन फिटनेस, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन और ई-ट्रैक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश
पर्यटन स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
रायपुर--- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में परिवहन विभाग के कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए प्रदेश में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को न्यूनतम करने के लिए सभी संबंधित विभाग मिशन मोड में समन्वित रूप से कार्य करें।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं की संख्या कम करना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली प्रत्येक संभावित जनहानि को रोकना होना चाहिए। इसके लिए दुर्घटना से पहले रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता एवं उपचार—दोनों स्तरों पर व्यवस्था मजबूत करनी होगी। उन्होंने ‘जीरो फेटेलिटी’ के लक्ष्य की दिशा में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग और नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को विस्तृत और परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से जुड़ा विषय है। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, सुरक्षित सड़क संरचना, यातायात नियमों का प्रभावी पालन, वाहनों की तकनीकी फिटनेस, प्रशिक्षित चालक और दुर्घटना के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
ब्लैक स्पॉट पर तेजी से हों सुधारात्मक कार्य
मुख्यमंत्री साय ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट की पहचान कर वहां आवश्यक सुधारात्मक एवं सुरक्षात्मक उपाय प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में राज्य के 23 ब्लैक स्पॉट में सुधार की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों को तेजी से पूरा करने तथा दुर्घटनाओं के कारणों का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटना होने के बाद शुरुआती समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। घायल व्यक्ति तक जितनी जल्दी सहायता और चिकित्सा सुविधा पहुंचेगी, जीवन बचाने की संभावना उतनी ही बढ़ेगी। उन्होंने दुर्घटना की सूचना, एम्बुलेंस की उपलब्धता, नजदीकी अस्पताल तक पहुंच और उपचार की पूरी व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं नागरिक, योजनाओं का हो व्यापक प्रचार
मुख्यमंत्री साय ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम-राहत योजना और राहवीर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों तक यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचना चाहिए कि सड़क दुर्घटना देखकर घबराएं नहीं, बल्कि पीड़ित व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं।
बैठक में बताया गया कि पीएम-राहत योजना के अंतर्गत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा का प्रावधान है। वहीं राहवीर योजना सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की समय पर सहायता करने वाले नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के संबंध में व्यापक जन-जागरूकता से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार दिलाने में बड़ी मदद मिल सकती है।
दूरस्थ गांवों तक पहुंचे सार्वजनिक परिवहन, मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना की समीक्षा करते हुए इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों को प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए, जहां अभी नियमित सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण आधार है। दूरस्थ गांव को बस सेवा से जोड़ने का अर्थ वहां के लोगों के लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलना है। शासन का प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी सुगम, सुरक्षित और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा पहुंचे।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत वर्तमान में 13 जिलों के 106 मार्गों पर 107 बसों का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने परिवहन सुविधा से वंचित क्षेत्रों का सर्वे कर नए मार्गों की संभावनाओं का परीक्षण करने और आवश्यकता के अनुसार योजना का विस्तार करने के निर्देश दिए।
कोंटा-जगरगुंडा बस सेवा से दुर्गम क्षेत्र में आसान हुआ सफर
बैठक में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के सकारात्मक प्रभावों की भी जानकारी दी गई। कोंटा से जगरगुंडा के बीच पहली बार प्रारंभ हुई बस सेवा से क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिली है।
बताया गया कि अंदरूनी और सुदूर क्षेत्रों से इस यात्रा में पहले लगभग छह घंटे तक का समय लग जाता था। बस सेवा प्रारंभ होने के बाद यही सफर लगभग 45 मिनट में पूरा हो रहा है। इससे स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी विकास की गति को तेज करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जिन क्षेत्रों में वर्षों तक सार्वजनिक परिवहन सीमित रहा है, वहां नियमित बस सेवा आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
पर्यटन मिशन से जुड़े परिवहन विभाग, पर्यटन स्थलों तक बढ़े कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में पर्यटन विकास की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच सुनिश्चित करने में परिवहन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पर्यटन मिशन के साथ परिवहन विभाग की भूमिका को प्रभावी रूप से जोड़ने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए बेहतर सार्वजनिक परिवहन और कनेक्टिविटी विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। पर्यटकों के लिए सुविधाजनक आवागमन की व्यवस्था से प्रदेश के पर्यटन स्थलों तक पहुंच बढ़ेगी। इसका लाभ स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य सेवाओं से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को भी मिलेगा।
वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था को बनाएं और प्रभावी
मुख्यमंत्री श्री साय ने वाहनों की फिटनेस जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की वर्तमान व्यवस्था और नए केंद्रों की स्थापना के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों की तकनीकी स्थिति का निष्पक्ष और प्रभावी परीक्षण सड़क सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। तकनीक आधारित व्यवस्था से फिटनेस जांच में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने 15 वर्ष की अवधि पूरी कर चुके वाहनों के नियमानुसार नवीनीकरण और फिटनेस संबंधी प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एचएसआरपी अभियान में तेजी और लंबित चालानों की रिकवरी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाने के अभियान को सुचारु एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के साथ वाहन मालिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने लंबित चालानों की रिकवरी में तेजी लाने और अत्याधुनिक चालान प्रणाली का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने यातायात नियमों के पालन के लिए तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट से बढ़ेगी पारदर्शिता, योग्य चालकों को ही मिले लाइसेंस
बैठक में ड्राइविंग टेस्ट के लिए विकसित की जा रही ई-ट्रैक व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके अंतर्गत सीसीटीवी कैमरों और सेंसर आधारित प्रणाली के माध्यम से कम्प्यूटराइज्ड ड्राइविंग टेस्ट की व्यवस्था विकसित की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ यह सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी कि आवश्यक प्रशिक्षण और दक्षता रखने वाले व्यक्ति ही वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से प्रशिक्षित और जिम्मेदार चालक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इलेक्ट्रिक वाहनों और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को मिले प्रोत्साहन
बैठक में राज्य की इलेक्ट्रिक वाहन नीति तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने तथा नई तकनीक आधारित परिवहन सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि परिवहन विभाग की प्रत्येक व्यवस्था के केंद्र में आम नागरिक की सुरक्षा और सुविधा होनी चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों तक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार, सुरक्षित एवं फिट वाहन, प्रशिक्षित चालक, आधुनिक तकनीक का उपयोग, बेहतर सड़क सुरक्षा प्रबंधन और दुर्घटना की स्थिति में तत्काल उपचार - इन सभी मोर्चों पर एक साथ प्रभावी ढंग से काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था ऐसी हो जो प्रदेश के लोगों का सफर आसान बनाने के साथ सुरक्षित भी बनाए। विभागीय समन्वय, आधुनिक तकनीक और संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से छत्तीसगढ़ में सुरक्षित, सुगम और आधुनिक परिवहन तंत्र को निरंतर मजबूत किया जाए।
बैठक में परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस. प्रकाश, परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव श्री प्रभात मलिक सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने पारस पोर्टल के माध्यम से की प्रमुख योजनाओं एवं विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा
एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें, कोई भी वास्तविक किसान न रहे वंचित
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में तेजी लाने के निर्देश, अधिक से अधिक परिवारों को जोड़कर विद्युत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाएं कदम
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का शीघ्र सर्वे कर पात्र परिवारों तक समय पर पहुंचाएं राहत एवं सहायता
सड़क, पुल-पुलियों और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लंबित कार्यों की बाधाएं अंतर्विभागीय समन्वय से तत्काल दूर करने के निर्देश
सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन में नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण हो सुनिश्चित
प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से होगी प्रमुख योजनाओं और विकास कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा
रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ समय पर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसका प्रभाव धरातल पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल के माध्यम से योजनाओं एवं विकास कार्यों की नियमित निगरानी के साथ विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं की समय रहते पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री साय आज मंत्रालय महानदी भवन में पारस पोर्टल के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न विभागों की प्रमुख योजनाओं, अधोसंरचना परियोजनाओं और जनसेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। मुख्यमंत्री साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कलेक्टरों से योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली तथा निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि शासन की कार्यप्रणाली में अंतर्विभागीय समन्वय की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। अनेक विकास परियोजनाओं में एक से अधिक विभागों की अनुमति, सहभागिता अथवा सहयोग आवश्यक होता है। ऐसे में विभाग अलग-अलग स्तर पर कार्य करने के बजाय समन्वित दृष्टिकोण अपनाएं। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, अनावश्यक विलंब दूर होगा तथा समय और लागत दोनों की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि पारस पोर्टल का उद्देश्य केवल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन कारणों की पहचान कर समाधान सुनिश्चित करना भी है, जिनके कारण कोई परियोजना या योजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। राज्य स्तर से लेकर जिलों तक सभी अधिकारी इसे परिणाम आधारित प्रशासन के प्रभावी माध्यम के रूप में उपयोग करें।
एग्रीस्टैक में कोई भी पात्र किसान पंजीयन से न रहे वंचित
मुख्यमंत्री श्री साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि एग्रीस्टैक को केवल धान खरीदी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। यह किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिक सरलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण आधारभूत व्यवस्था है।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिलों में विशेष अभियान चलाकर एग्रीस्टैक तथा डीसीएस से संबंधित लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। प्रत्येक वास्तविक किसान का पंजीयन सुनिश्चित हो और किसी पात्र किसान को धान विक्रय अथवा शासन की अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में सामने आई व्यावहारिक कठिनाइयों से सीख लेते हुए इस वर्ष पहले से ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की लापरवाही के कारण यदि कोई पात्र किसान लाभ से वंचित होता है तो उसकी जवाबदेही तय की जाए।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल फसल सर्वेक्षण की जिलेवार प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अपेक्षाकृत पीछे चल रहे जिलों को निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य में लापरवाही अथवा अपेक्षित सहयोग नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक शीघ्र पहुंचे राहत और सहायता
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश में विगत दिनों हुई भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न स्थिति तथा संचालित राहत कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भारी बारिश से प्रदेश के 17 जिलों के 500 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं और बस्तर संभाग के जिलों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को जनहानि, मकानों, पशुधन, अनाज तथा अन्य संपत्तियों को हुई क्षति का सर्वेक्षण शीघ्र पूरा करने और पात्र प्रभावित परिवारों तक सहायता राशि यथाशीघ्र पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षति के आकलन से लेकर सहायता राशि प्रदान करने तक की प्रक्रिया संवेदनशीलता और तत्परता के साथ पूरी की जाए।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों एवं स्वास्थ्य शिविरों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने हैंडपंपों का क्लोरीनीकरण कराने तथा नागरिकों को पानी उबालकर पीने के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को यह भरोसा होना चाहिए कि सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। राहत और पुनर्वास के प्रत्येक कार्य में मानवीय संवेदना सर्वोपरि होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय योगदान देने वाले स्व-सहायता समूहों, चेंबर ऑफ कॉमर्स, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना की और कलेक्टरों को ऐसे समूहों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों तथा अन्य सार्वजनिक अधोसंरचनाओं का आकलन कर जानकारी तत्काल शासन को भेजने को कहा, ताकि उनकी मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ की जा सके। उन्होंने पात्र प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना सहित अन्य संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को मिले अपेक्षित गति
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसके क्रियान्वयन में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
मुख्यमंत्री ने योजना के निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वेंडर्स की संख्या बढ़ाने, सोलर दीदियों को प्रोत्साहित करने तथा हितग्राहियों के लिए ऋण की उपलब्धता को और सुगम बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा योजना में उपलब्ध कराई जा रही सब्सिडी का अधिक से अधिक पात्र परिवार लाभ उठा सकें, इसके लिए जिलों में व्यापक जागरूकता और प्रभावी क्रियान्वयन दोनों आवश्यक हैं।
उन्होंने कलेक्टरों को योजना में व्यक्तिगत रुचि लेते हुए बैंकिंग सुविधा, वेंडर चयन से लेकर सोलर संयंत्र की स्थापना तक पूरी प्रक्रिया को हितग्राही के लिए सरल, पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश दिए।
सड़क और पुल-पुलियों के लंबित कार्यों की बाधाएं तत्काल दूर करें
मुख्यमंत्री श्री साय ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित सड़क, पुल एवं पुलिया निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बेहतर सड़क संपर्क सीधे आम नागरिकों की सुविधा, आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने लंबित कार्यों और उनके कारणों की परियोजनावार जानकारी ली तथा संबंधित कलेक्टरों को भूमि संबंधी प्रकरणों और जिला स्तर पर लंबित अन्य प्रक्रियाओं का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण स्वीकृत विकास कार्य अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों एवं प्रमुख मार्गों से जोड़ने वाली स्वीकृत सड़कों का निर्माण निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन विभाग अथवा अन्य विभागों की अनुमति से संबंधित बाधाओं को अंतर्विभागीय समन्वय के माध्यम से प्राथमिकता से दूर किया जाए।
ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना को मिले प्राथमिकता
मुख्यमंत्री श्री साय ने विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए ग्राम पंचायतों में आधारभूत अधोसंरचना से जुड़े आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप ग्राम पंचायतों में आवश्यक आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने इस दिशा में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गांवों में बुनियादी अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण ग्रामीण अर्थव्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन में समयबद्ध हो शिकायतों का निराकरण
मुख्यमंत्री श्री साय ने सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों और आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुशासन की महत्वपूर्ण कसौटी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को छोटी-छोटी सेवाओं और समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। सेवा सेतु और सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा हो तथा उसका समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का उपयोग केवल प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इससे आम नागरिक के लिए शासन तक पहुंच आसान हो और उसकी समस्या के समाधान में लगने वाला समय कम हो।
योजनाएं कागजों तक सीमित न रहें, धरातल पर दिखे परिणाम
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पारस पोर्टल प्रदेश में अधोसंरचना निर्माण, विकास कार्यों तथा प्रमुख योजनाओं की प्रभावी निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। जिलों में विभिन्न विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें तथा ऐसी समस्याएं, जिनका समाधान राज्य स्तर से अपेक्षित है, उन्हें समय रहते सामने लाएं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर प्रमुख योजनाओं, विकास कार्यों और जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसका उद्देश्य केवल प्रगति की जानकारी लेना नहीं, बल्कि बाधाओं का समाधान कर योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाना और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता है कि जनकल्याणकारी योजनाएं केवल कागजों और आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका प्रभाव धरातल पर दिखाई दे। प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और स्वीकृत विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे हों। पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य शासन, विभागों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर इसी परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को मजबूत किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर--- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन और स्वर्णिम उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में एशियन रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली नीरू ढांडा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। नीरू ढांडा ने अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अंतरराष्ट्रीय खेल पटल पर भारत का मान बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने एशियन गेम्स की 4×400 मीटर महिला रिले स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य किरण पहल, पूवम्मा मचेत्तिरा, प्राची और विथ्या रामराज को भी हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय बेटियों ने अपने बेहतरीन तालमेल, गति और खेल कौशल से स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत की बेटियों का यह स्वर्णिम प्रदर्शन उनके असीम सामर्थ्य और आत्मविश्वास का परिचायक है। भारतीय महिला खिलाड़ी विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर देश को निरंतर गौरवान्वित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां देश की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में बड़े सपने देखने और उन्हें अपनी मेहनत एवं लगन से साकार करने की प्रेरणा देंगी।
मुख्यमंत्री साय ने सभी स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत का गौरव बढ़ाती रहेंगी।
ब्रेकिंग : खाद्य विभाग में ACB की रेड, रिश्वत लेते अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार, कार्रवाई से मचा हड़कंप…
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ACB की टीम ने नागरिक आपूर्ति विभाग के संयुक्त कार्यालय में दबिश देकर नागरिक आपूर्ति अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद विभागीय कार्यालय में हड़कंप मच गया। मामले में ACB की टीम आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।
ACB की टीम ने अचानक संयुक्त कार्यालय में दबिश देकर कार्रवाई की, जिसके बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान नागरिक आपूर्ति अधिकारी विद्यासागर गोपाल को 22 हजार की रिश्वत की रकम के साथ पकड़ा गया।
ACB की टीम अब नागरिक आपूर्ति अधिकारी विद्यासागर गोपाल से बंद कमरे में पूछताछ कर रही है। कार्रवाई की खबर मिलते ही कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के बीच भी हड़कंप मच गया। फिलहाल ACB की पूछताछ और कार्रवाई जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग से जुड़ी बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। राज्य में 19 नायब तहसीलदारों को पदोन्नति दी गई है। पदोन्नति के साथ ही सभी अधिकारियों की नई जगह पर पदस्थापना भी की गई है। राजस्व विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के तहत पदोन्नत अधिकारियों को नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।


रायपुर. राजधानी रायपुर के पंडरी थाना क्षेत्र में मंगलवार को सुबह-सुबह सनसनीखेज घटना सामने आई है. एक कार शो रूम के पास अज्ञात युवक का होर्डिंग पोल में फांसी के फंदे से लटका शव मिला है. घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया है.
होर्डिंग पोल से लटका मिला शव
जानकारी के मुताबिक, पंडरी इलाके में मंगलवार सुबह एक कार शो रूम के पास होर्डिंग पोल में गमछा से लटका हुआ शव मिला है. घटना के बाद लोगों की भीड़ जुट गई. उन्होंने पुलिस को युवक की लाश मिलने की सूचना दी. जांच के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया है.
प्रारंभिक जांच में मृतक के सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जो घटना को संदिग्ध बना रहे हैं. फिलहाल मृत युवक की पहचान नहीं हो पाई है. उसकी उम्र करीब 35 साल होने का अनुमान है.
सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी पुलिस
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद फोरेंसिक टीम सभी अहम साक्ष्य जुटाएगी. पंचानमा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा. शहर में गणेश विसर्जन के दौरान सामने आई सनसीखेज घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है. फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी. मामला आत्महत्या या हत्या का है, यह पूरी जांच के बाद सामने आएगा.
रायपुर। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का तबादला किया है। कई जिलों के अपर कलेक्टर को इधर से उधर किया गया है।
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रायपुर, 29 सितंबर 2026/ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और प्रेरक जीवन प्रसंगों से सशक्त व जागरूक बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई विशेष ब्रेल पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का आज राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया।
इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि ज्ञान और अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ ब्रेल पुस्तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को न केवल उनके कानूनी अधिकारों और शासकीय योजनाओं से अवगत कराएगी, बल्कि इसमें शामिल संघर्ष से सफलता की गाथाएं उनके भीतर अटूट आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का नया हौसला भरेंगी। यह पहल हमारी सरकार के ‘समावेशी और सुलभ शिक्षा’ के संकल्प को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।
सुगम्य शिक्षा की दिशा में अनूठा प्रयास
यह पुस्तक विशेष रूप से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर पूरी तरह से ब्रेल लिपि में तैयार की गई है। इसके माध्यम से दिव्यांगजनों के अधिकार, उनके लिए उपलब्ध अवसर तथा विषम परिस्थितियों को दरकिनार कर सफलता का परचम लहराने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों की कहानियों को विद्यार्थियों तक सहज एवं सुलभ रूप में पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया गया है।
प्रतिष्ठित शिक्षिकाओं द्वारा संपादन
पुस्तक का उत्कृष्ट संपादकीय कार्य राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य द्वारा किया गया है। दोनों शिक्षिकाएं लंबे समय से समावेशी शिक्षा और दृष्टिबाधित बच्चों के लिए सुलभ शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं।
प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क वितरण
विमोचन के तुरंत बाद इस उपयोगी ब्रेल पुस्तक की प्रतियां छत्तीसगढ़ की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में वितरित की गईं, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी बिना किसी बाधा के इसका लाभ उठा सकें। इस अवसर पर मौजूद अतिथियों और शिक्षाविदों ने इस पहल को दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जागरूकता और अधिकारों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। यह सार्थक प्रयास प्रदेश में समावेशी शिक्षा की नींव को मजबूत करने के साथ-साथ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के उज्ज्वल और स्वावलंबी भविष्य की राह प्रशस्त करेगा।
एमपी ट्रांसको ने रतलाम में स्थापित किया 200 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर
रबी सीजन में मिलेगी बेहतर विद्युत व्यवस्था
रतलाम ;- ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने उत्तरी मालवा क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए रतलाम के 220 केवी सबस्टेशन की क्षमता में वृद्धि की है। रतलाम सबस्टेशन में वर्ष 1988 में स्थापित सेकंड जेनरेशन के 160 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर नये थर्ड जेनरेशन तकनीक आधारित 220/132 केवी वोल्टेज स्तर का 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।
रतलाम जिले का पहला 200 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर
ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि रतलाम जिले में पहली बार इतनी उच्च क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इससे क्षेत्र की विद्युत पारेषण व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी तथा आगामी रबी सीजन के दौरान किसानों और अन्य उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मालवा क्षेत्र का 5 वां और प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर
एमपी ट्रांसको रतलाम -मंदसौर के अधीक्षण अभियंता वाय आर मांडलेकर ने बताया कि रतलाम में ऊर्जीकृत हुआ यह पावर ट्रांसफार्मर प्रदेश का 19 वां 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर है। मालवा क्षेत्र में इस क्षमता का यह पांचवां पावर ट्रांसफार्मर है। इसके स्थापित होने से रतलाम 220 केवी सबस्टेशन की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 520 एमवीए हो गई है।
जिले का 28 वां पावर ट्रांसफार्मर
यह रतलाम जिले का 28वां पावर ट्रांसफार्मर है। एमपी ट्रांसको जिले में अपने 10 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण व्यवस्था का संचालन कर रही है। इनमें 220 केवी के रतलाम, जावरा एवं सैलाना सबस्टेशन तथा 132 केवी के रतलाम, सैलाना, शिवगढ़, ताल, आलोट और बिलपांक सबस्टेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नगरा में एक स्विचिंग सबस्टेशन भी संचालित है।
नए पावर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने के साथ ही रतलाम जिले की कुल ट्रांसफार्मेशन क्षमता बढ़कर 2165 एमवीए की हो गई है।
बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने वेटिंग लिस्ट उम्मीदवारों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि इस्तीफे के कारण खाली हुई किसी पद को पुरानी वेटिंग लिस्ट से नहीं भरा जा सकता है। कोर्ट ने स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर भर्ती से जुड़े एक मामले में यह बात कही है।
जस्टिस बीडी गुरु की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए दो उम्मीदवारों द्वारा लगाई गई याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के खाली पद फ्रेश वैकेंसी माने जाते हैं। जिन्हें भरने के लिए नए सिरे से विज्ञापन जारी कर चयन प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
क्या है मामला
दरअसल, मामला बिजली कंपनियों, स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर के पदों से जुड़ा हुआ है। जूनियर इंजीनियर पद में भर्ती के लिए आवेदन जारी किया गया था। यह आवेदन ओबीसी वर्ग के तहत 15 सितंबर 2023 को जारी किए गए थे। अक्टूबर में चयन लिस्ट जारी की गई। जिसमें भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता को सफलता नहीं मिली। उनका नाम वेटिंग लिस्ट में था।
चयन लिस्ट जारी होने के बाद कई चयनित उम्मीदवारों ने ज्वाइन करने के बादअपने पदों से इस्तीफा दे दिया। जिससे कई पद खाली हो गए। जिसके बाद भूपेश वर्मा और विकास कुमार गुप्ता ने विभाग में आवेदन दिया कि वेटिंग लिस्ट वाले उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाए। लेकिन विभाग ने उन दोनों के आवेदन पर कोई विचार नहीं किया। जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई।
कोर्ट ने दिया फैसला
मामले की सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई चयनित उम्मीदवार ज्वाइन करने के बाद इस्तीफा दे देता है तो खाली हुआ पद फ्रेश वैकेंसी होती है। इसे पिछली चयन या प्रतीक्षा सूची को ऑपरेट करके नहीं भरा जा सकता है। बल्कि इस पद के लिए नए विज्ञापन के जरिए चयन प्रक्रिया करनी होगी।





























