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60वाँ वर्ष डायमंड जुबिली दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 सम्पन्न

60वाँ वर्ष डायमंड जुबिली दुर्गा पूजा महोत्सव 2026 सम्पन्न

 
रसमती” — परंपरा, प्रकृति और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम*

रायपुर :- रायपुर की डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी में श्री श्री दुर्गा एवं लक्ष्मी पूजा समिति द्वारा आयोजित **60वाँ वर्ष डायमंड जुबिली दुर्गा पूजा महोत्सव* समिति के अध्यक्ष डॉ देवाशीष मुखर्जी व सचिव प्रश्क़न्त नाग ने कहा कि इस वर्ष विशेष आकर्षण का केंद्र है। छह दशकों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित यह महोत्सव केवल माँ दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि बंगाल की समृद्ध लोक-संस्कृति, पारंपरिक कला और सामूहिक समर्पण को जीवंत करने का एक अनूठा प्रयास है।

इस वर्ष महोत्सव की मुख्य थीम *“रसमती”* रखी गई है, जिसके माध्यम से समिति ने पारंपरिक बंगाली दुर्गा पूजा की मूल भावना, प्राकृतिक तत्वों और लोक-सौंदर्य को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया है।

_तीन महीनों की मेहनत और समर्पण से साकार हुई ‘रसमती’_

इस वर्ष की पूजा की तैयारियाँ पिछले तीन महीनों से निरंतर चल रही हैं। माँ दुर्गा के आगमन को भव्य, कलात्मक और पारंपरिक स्वरूप देने के लिए समिति के सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से डिजाइन, संरचना निर्माण, सजावट और दृश्य-सज्जा पर कार्य किया।

पंडाल की परिकल्पना से लेकर माँ दुर्गा की प्रतिमा के अनुरूप सजावटी संरचनाओं, पृष्ठभूमि (बैकड्रॉप), पारंपरिक आकृतियों और विभिन्न कलात्मक तत्वों के निर्माण तक, प्रत्येक चरण में बारीकी और रचनात्मकता का विशेष ध्यान रखा गया। इन सभी चीजों की डिजाइनिंग और योजना बनाने में ही एक महीने से अधिक का समय लगा।

इस वर्ष की थीम की सबसे खास बात है **बाँस से निर्मित विभिन्न उत्पादों और प्राकृतिक सामग्रियों का व्यापक उपयोग।* आधुनिक सजावट के बढ़ते चलन के बीच समिति ने बंगाल की पारंपरिक पूजा-पद्धति की सादगी, आत्मीयता और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने का प्रयास किया है।

_बाँस की सजावट में छिपी है परंपरा की जड़ें_

‘रसमती’ की अवधारणा केवल सजावट तक सीमित नहीं है। इसके पीछे नवरात्रि की मूल भावना, प्रकृति के प्रति सम्मान और पूजा में उपयोग होने वाली पारंपरिक सामग्रियों से प्रेरित एक सांस्कृतिक दृष्टिकोण है।

नवरात्रि के दौरान ज्वारा तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त प्राकृतिक तत्व, पारंपरिक रंग, पाटा-माटा जैसी स्थानीय सामग्रियों और मिट्टी से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं ने इस थीम की कल्पना को दिशा दी है। इन तत्वों से प्रेरणा लेते हुए पंडाल को ऐसा स्वरूप देने का प्रयास किया गया है, जो माँ दुर्गा की आराधना के मूल आधार को दर्शाए।

चाहे पूजा घर में हो, मंदिर में या विशाल पंडाल में—उसकी आत्मा श्रद्धा, प्रकृति, परंपरा और सामूहिक विश्वास में ही बसती है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष की सजावट में भव्यता के साथ-साथ पारंपरिक बंगाली पूजा का स्पर्श और एहसास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

इस विशाल आयोजन को कोलकाता से आये हुए कारीगरों और विभिन्न सहयोगी टीमों ने अपना योगदानपूर्ण किया। 

इसके साथ ही दृश्य-सज्जा, कलात्मक पृष्ठभूमि, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग देने वाले सभी लोगों का योगदान भी सराहनीय रहा है। हर टीम ने अपने कौशल और अनुभव के माध्यम से ‘रसमती’ की कल्पना को वास्तविक रूप देने में सहायता की है।

विशेष रूप से पिछले 15 दिन इस आयोजन की तैयारी के सबसे व्यस्त और चुनौतीपूर्ण दिन रहे। इस दौरान समिति के सदस्यों ने अपने हाथों से बैकड्रॉप, सजावटी आकृतियाँ और कई अन्य कलात्मक संरचनाएँ तैयार कीं। यह मेहनत केवल एक भव्य पंडाल बनाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी परंपरा के प्रति प्रेम और समर्पण व्यक्त करने के लिए की गई है।

इस वर्ष की थीम की डिजाइनिंग, मार्गदर्शन, क्रियान्वयन और संपूर्ण रचनात्मक प्रक्रिया में समिति के *__अनिश नाग (Anish Nag)_* ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी  कल्पनाशीलता और निरंतर मार्गदर्शन ने इस परियोजना को दिशा देने में अहम योगदान दिया है।
डायमंड जुबिली महोत्सव के अंतर्गत 20 अक्टूबर 2026 को डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी में एक भव्य संगीतमय संध्या का आयोजन किया गया।
इस आयोजन में मुख्यमंत्री, विधायकगण और सांसदगण सहित विशिष्ट जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बड़ी ।
संघ प्रमुख डा.मोहन भागवत कल से दो दिन के छग प्रवास पर

संघ प्रमुख डा.मोहन भागवत कल से दो दिन के छग प्रवास पर

 रायपुर। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ(आरएसएस)के सरसंघचालक डा.मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर कल 22 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। वे 22 अक्टूबर को शाम चार बजे गोंडवाना एक्सप्रेस से बिलासपुर पहुंचेंगे। बिलासपुर में वे पहले दिन कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में एक बौद्धिक वर्ग को संबोधित करेंगे। इस बौद्धिक वर्ग में केवल बिलासपुर जिले के संघ पदाधिकारी शामिल होंगे। डा.भागवत रात्रि विश्राम बिलासपुर में ही करेंगे। दूसरे दिन 23 अक्टूबर को प्रांतीय टोली की बैठक होगी जिसमें छत्तीसगढ़ प्रांत के सभी प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में देश के विभिन्न समस्याओं पर चिंतन किया जाएगा। इस बैठक के बाद संघ प्रमुख देर शाम जबलपुर के लिए रवाना होंगे और वहां विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। 

महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक श्रृंखला से प्रदेश की बेटियों को मिलेगी नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक श्रृंखला से प्रदेश की बेटियों को मिलेगी नई प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

 खेल प्रतिभाओं को अवसर और विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना का विकास हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों से छत्तीसगढ़ की वैश्विक पहचान के साथ पर्यटन, व्यापार और रोजगार को भी मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री ने भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के तीसरे मुकाबले का लिया आनंद, दोनों टीमों के खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन

रायपुर--- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव और हर्ष का अवसर है कि नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला का आयोजन किया गया है। छत्तीसगढ़ की धरती पर पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट श्रृंखला का आयोजन प्रदेश के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के बीच पहली द्विपक्षीय श्रृंखला की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना इस अवसर को और भी ऐतिहासिक बनाता है।

मुख्यमंत्री  साय  नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे और भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के तीसरे मुकाबले का आनंद लिया। उन्होंने दोनों देशों की महिला क्रिकेट टीमों के खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और परिश्रम से पहचान बनाने वाली महिला खिलाड़ी देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवा रायपुर में पहली बार अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट मैचों का आयोजन खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती भूमिका का प्रमाण है। यह केवल एक क्रिकेट श्रृंखला नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करने वाला अवसर भी है। हमारी बेटियां जब विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को अपने सामने खेलते हुए देखेंगी, तो उनमें भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने और छत्तीसगढ़ तथा देश का नाम रोशन करने का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक श्रृंखला के अवसर पर माताओं, बहनों और बेटियों के लिए स्टेडियम में निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है। इसके पीछे उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं और बालिकाओं को खेलों से जोड़ना और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रत्यक्ष देखने का अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि आज हमारी बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य से देश का गौरव बढ़ा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतिस्पर्धा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं को अपने ही प्रदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिले।

उन्होंने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण खेल अधोसंरचना है। राज्य सरकार द्वारा स्टेडियम को छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को लीज पर दिए जाने से यहां नियमित रूप से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्रिकेट प्रतियोगिताओं के आयोजन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इससे न केवल प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को विश्वस्तरीय मुकाबले देखने का अवसर मिल रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ के युवा खिलाड़ियों को भी बड़े खिलाड़ियों से सीखने और प्रेरणा लेने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बीते समय में नवा रायपुर में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों का सफल आयोजन किया गया। राज्य सरकार की विशेष पहल पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो आईपीएल मुकाबलों का भी सफल आयोजन हुआ। अब भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के आयोजन ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े खेल आयोजन किसी प्रदेश की खेल संस्कृति को मजबूत करने के साथ उसकी अर्थव्यवस्था और पहचान को भी नई ऊर्जा देते हैं। देश-दुनिया से खिलाड़ी, खेल अधिकारी और दर्शक जब छत्तीसगढ़ आते हैं, तो इससे पर्यटन, होटल व्यवसाय, परिवहन, स्थानीय व्यापार और सेवा क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होते हैं।

उन्होंने कहा कि नवा रायपुर तेजी से आधुनिक अधोसंरचना और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से युक्त शहर के रूप में विकसित हो रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य नवा रायपुर को केवल एक आधुनिक और सुव्यवस्थित राजधानी के रूप में विकसित करना नहीं, बल्कि इसे देश के प्रमुख स्पोर्ट्स एवं इवेंट डेस्टिनेशन के रूप में भी नई पहचान दिलाना है। इसके लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार, मौजूदा अधोसंरचना का बेहतर उपयोग और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए एक सकारात्मक वातावरण बना है। खेलों में भारत की बेटियां लगातार शानदार उपलब्धियां हासिल कर रही हैं और विश्व मंच पर तिरंगे का मान बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को पहचानने, तराशने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीमों के सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह श्रृंखला उत्कृष्ट खेल भावना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और दोनों देशों के बीच मैत्री का यादगार उदाहरण बनेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवा रायपुर में आयोजित यह ऐतिहासिक श्रृंखला प्रदेश की नई पीढ़ी, विशेषकर बेटियों को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा देगी और छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ एवं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पदाधिकारी, खेल जगत से जुड़े प्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की

मुख्यमंत्री साय ने रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की

 मुख्यमंत्री श्री साय ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में हुए शामिल, प्रदेशवासियों को दी दशहरा पर्व की शुभकामनाएं

प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का गहरा आत्मीय नाता, माता कौशल्या का मायका और भगवान श्रीराम का ननिहाल है छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धैर्य, साहस और न्याय के प्रति अटूट निष्ठा का अनुपम उदाहरण : मुख्यमंत्री साय

सत्य, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लें संकल्प : मुख्यमंत्री

रायपुर : असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है विजयादशमी का पर्व : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
रायपुर : असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है विजयादशमी का पर्व : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
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रायपुर : असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है विजयादशमी का पर्व : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान में आयोजित विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की विजय का शाश्वत संदेश देता है। विजयादशमी हमें अपने जीवन में सत्य, धर्म, न्याय और मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हम प्रतिवर्ष रावण का पुतला दहन करते हैं, लेकिन इस पर्व की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम अपने भीतर विद्यमान काम, क्रोध, मद और लोभ रूपी रावण का भी वध करें। विजयादशमी आत्ममंथन का अवसर है। यह पर्व हमें अपनी कमजोरियों और बुराइयों पर विजय प्राप्त कर सद्गुणों को अपनाने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर का ऐतिहासिक रावणभाठा मैदान दशहरा उत्सव की लगभग 170 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का साक्षी है। पीढ़ियों से यहां विजयादशमी का पर्व पूरे उल्लास, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता रहा है। यह मैदान केवल रावण दहन का स्थल नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। उन्होंने इस ऐतिहासिक परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति और इससे जुड़े सभी लोगों की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर रावणभाठा दशहरा उत्सव के आयोजन के लिए प्रतिवर्ष 10 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत का संरक्षण तथा संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

*प्रभु श्रीराम से छत्तीसगढ़ का आत्मीय और अटूट संबंध*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का विशेष महत्व है, क्योंकि प्रभु श्रीराम का इस पावन धरती से अत्यंत गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वनवास काल में भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने छत्तीसगढ़ की धरती पर लंबा समय व्यतीत किया। यही कारण है कि प्रभु श्रीराम की स्मृतियां और उनके आदर्श प्रदेश की लोकसंस्कृति, लोकजीवन और जनमानस में गहराई से रचे-बसे हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन सत्य, मर्यादा, धैर्य, साहस, त्याग और न्याय के प्रति अटूट निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। वनवास के दौरान उन्हें अनेक कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ा। रावण के पास विशाल सेना, अपार सामर्थ्य और अस्त्र-शस्त्र थे, फिर भी भगवान श्रीराम ने अपने दृढ़ संकल्प और धर्मबल से उसे परास्त किया। यह हमें सिखाता है कि उद्देश्य न्यायपूर्ण हो, संकल्प दृढ़ हो और मार्ग सत्य का हो, तो बड़ी से बड़ी चुनौती पर विजय प्राप्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजयादशमी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि सत्य का मार्ग कठिन अवश्य हो सकता है, लेकिन अंततः विजय सत्य की ही होती है। प्रभु श्रीराम का रावण के विरुद्ध संघर्ष केवल एक युद्ध नहीं था, बल्कि अन्याय, अत्याचार और अधर्म के विरुद्ध धर्म एवं मानवीय मूल्यों की स्थापना का महान अभियान था।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति के चरित्र की वास्तविक पहचान कठिन परिस्थितियों में होती है। यह महत्वपूर्ण है कि संकट और संघर्ष के समय हम सत्य और न्याय के पक्ष में खड़े होते हैं या नहीं। रावण के साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन भी हमें यही संदेश देता है कि असत्य और अन्याय का साथ देने वाला व्यक्ति चाहे कितना ही सामर्थ्यवान क्यों न हो, उसका अंत निश्चित है।

*आतंकवाद और अन्याय के विरुद्ध भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विजयादशमी का संदेश केवल पौराणिक संदर्भों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और सामर्थ्य का परिचय दिया है। भारतीय सेना द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सिंदूर देश के साहस, पराक्रम और आतंकवाद के विरुद्ध अडिग संकल्प का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि चाहे पौराणिक काल का रावण हो अथवा आधुनिक युग में आतंकवाद और अन्याय जैसी बुराइयां, समाज और राष्ट्र को इनके विरुद्ध एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। सत्य और न्याय की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प तथा सामूहिक शक्ति आवश्यक है।

*श्रीरामलला का भव्य मंदिर भारत के सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के भव्य मंदिर का उल्लेख करते हुए कहा कि 22 जनवरी 2024 का दिन भारत के इतिहास में आस्था, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक चेतना के अविस्मरणीय अवसर के रूप में अंकित हो चुका है। सदियों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्रीरामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए। यह क्षण करोड़ों देशवासियों की आस्था, विश्वास और संकल्प की पूर्णता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों की प्रभु श्रीराम के प्रति गहरी आस्था और आत्मीय संबंध को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने श्रीरामलला दर्शन योजना प्रारंभ की है। इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को इस आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ने का अवसर मिले।

*अपने भीतर की बुराइयों पर विजय का संकल्प लें*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि विजयादशमी केवल रावण के पुतले के दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करने और सद्गुणों को अपनाने का अवसर है। हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारा, न्याय और सेवा की भावना को और मजबूत करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ विकास के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। हमारी जिम्मेदारी है कि विकास के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को भी सहेजकर आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप हम सभी को मिलकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आइए, इस पावन विजयादशमी पर हम सभी सत्य, सेवा, सुशासन और जनकल्याण के मार्ग पर चलते हुए एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें। उन्होंने प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए सभी को विजयादशमी की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि रावणभाठा का दशहरा उत्सव लगभग 170 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा है, जिसका आयोजन दूधाधारी मठ द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि देश अपनी प्राचीन विरासत और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजते हुए विकास के पथ पर आगे बढ़े। उन्होंने माता दुर्गा और प्रभु श्रीराम से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी सहित श्री अंजय शुक्ला, श्री सुभाष तिवारी, श्री मनोज वर्मा, श्री सुशील ओझा, श्री उमेश गुप्ता, श्री संजू नारायण, सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

शहरों के सुनियोजित विकास और आधुनिक अधोसंरचना को मिलेगी नई रफ्तार

शहरों के सुनियोजित विकास और आधुनिक अधोसंरचना को मिलेगी नई रफ्तार

 मुख्यमंत्री  साय  अर्बन चैलेंज फंड एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर क्षेत्रीय कार्यशाला का करेंगे शुभारंभ

शहरी विकास में निवेश के नए द्वार खोलने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होंगे दो महत्वपूर्ण एमओयू

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग का हुडको और सेप्ट यूनिवर्सिटी के साथ होगा एमओयू

नवा रायपुर में जुटेंगे शहरी विकास और वित्तीय प्रबंधन के विशेषज्ञ, म्युनिसिपल बॉन्ड, पीपीपी मॉडल और निवेश आधारित परियोजनाओं पर होगा मंथन

नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

रायपुर--छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित एवं टिकाऊ विकास, आधुनिक शहरी अधोसंरचना के विस्तार और नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 21 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे नवा रायपुर में अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) एवं अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे।

कार्यशाला में देशभर के शहरी विकास, वित्तीय प्रबंधन और अधोसंरचना क्षेत्र के नीति-निर्माता एवं विशेषज्ञ भाग लेंगे। इस दौरान शहरों के विकास के लिए नए वित्तीय संसाधन जुटाने, निजी निवेश आकर्षित करने, म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से अधोसंरचना विकसित करने तथा किफायती आवास परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन मंथन होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा हुडको तथा सेप्ट यूनिवर्सिटी के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे। इन समझौतों के माध्यम से नगरीय निकायों की संस्थागत एवं वित्तीय क्षमता को मजबूत करने, आधुनिक शहरी नियोजन को बढ़ावा देने और निवेश आधारित अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने की दिशा में सहयोग बढ़ाया जाएगा।

राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और हुडको द्वारा संयुक्त रूप से नवा रायपुर स्थित होटल मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित कार्यशाला में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

कार्यशाला में अर्बन चैलेंज फंड तथा अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) के माध्यम से शहरी विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने और नगरीय निकायों को निवेश योग्य परियोजनाएं तैयार करने में सक्षम बनाने पर विशेष फोकस रहेगा। इसके साथ ही शहरी परियोजनाओं को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाने, उनकी वित्तीय योजना तैयार करने और दीर्घकालिक वित्तीय प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्थाओं पर भी विशेषज्ञ मार्गदर्शन देंगे।

कार्यशाला में हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संजय कुलश्रेष्ठ मुख्य वक्तव्य देंगे। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा प्रदेश में शहरी विकास की प्राथमिकताओं, नगरीय अधोसंरचना की आवश्यकताओं तथा कार्यशाला के उद्देश्यों पर अपने विचार रखेंगे।

*तीन तकनीकी सत्रों में होगा शहरी विकास के वित्तीय मॉडल पर मंथन*

कार्यशाला के अंतर्गत दोपहर 12 बजे से तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में देश के विभिन्न राज्यों एवं संस्थाओं के विशेषज्ञ शहरी विकास के सफल मॉडल, वित्तीय नवाचार और परियोजनाओं को निवेश योग्य बनाने के व्यावहारिक पहलुओं पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

पहले तकनीकी सत्र में हुडको के महाप्रबंधक डॉ. विवेक अर्बन चैलेंज फंड और अर्बन इन्वेस्ट विंडो की अवधारणा, कार्यप्रणाली और शहरी विकास परियोजनाओं में इनके उपयोग की संभावनाओं पर प्रस्तुति देंगे। तेलंगाना शासन की सचिव डॉ. टी.के. श्रीदेवी तेलंगाना में अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के अनुभव साझा करेंगी। इससे नगरीय निकायों को शहरी विकास के विभिन्न मॉडलों और उनके व्यावहारिक क्रियान्वयन को समझने का अवसर मिलेगा।

बैंकेबल प्रोजेक्ट और पीपीपी मॉडल पर रहेगा विशेष फोकस

दोपहर दो बजे से आयोजित दूसरे तकनीकी सत्र में अर्बन स्पेशलिस्ट सुश्री आस्था जैन परियोजनाओं की अवधारणा तैयार करने से लेकर उनके निर्माण तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया पर प्रस्तुति देंगी।

सिटीज (CITIES) फोरम के श्री प्रकाश गौर बैंकेबल शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं, किफायती आवास परियोजनाओं और पीपीपी स्ट्रक्चरिंग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेंगे। विश्व बैंक के श्री रघु केसवन म्युनिसिपल फाइनेंस तथा रेवेन्यू रिंग फेंसिंग के माध्यम से शहरी परियोजनाओं के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के तरीकों की जानकारी देंगे।

यह सत्र नगरीय निकायों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा, क्योंकि इससे उन्हें स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ऐसी परियोजनाएं तैयार करने में मार्गदर्शन मिलेगा, जिनमें संस्थागत वित्त और निजी निवेश आकर्षित करने की क्षमता हो।

म्युनिसिपल बॉन्ड से शहरों के विकास के लिए संसाधन जुटाने पर चर्चा

शाम सवा चार बजे आयोजित तीसरे तकनीकी सत्र में टिपसन्स के श्री उमेश खंडेलवाल म्युनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से शहरी विकास के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। म्युनिसिपल बॉन्ड जैसे आधुनिक वित्तीय साधनों के प्रभावी उपयोग से नगरीय निकाय बड़े अधोसंरचना प्रोजेक्ट्स के लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधन जुटाने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

इसके बाद हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख श्री हितेश बोरड अर्बन चैलेंज फंड के अंतर्गत बैंकेबल शहरी अधोसंरचना और किफायती आवास परियोजनाओं के लिए हुडको द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली वित्तीय सुविधाओं की जानकारी देंगे।

शाम 5:20 बजे हुडको के महाप्रबंधक डॉ. विवेक के साथ पैनल डिस्कशन एवं प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागी शहरी विकास, परियोजनाओं की वित्तीय संरचना, निवेश जुटाने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक विषयों पर विशेषज्ञों से सीधा संवाद कर सकेंगे।

नगरीय निकायों की वित्तीय क्षमता मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

कार्यशाला के माध्यम से राज्य के नगरीय निकायों को परंपरागत वित्तीय संसाधनों के साथ-साथ निवेश आधारित विकास, म्युनिसिपल बॉन्ड, पीपीपी और संस्थागत वित्त जैसे आधुनिक विकल्पों के प्रभावी उपयोग की जानकारी मिलेगी। इससे नगरीय निकायों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने तथा उनके लिए वित्तीय संसाधन जुटाने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

कार्यशाला में होने वाला विचार-मंथन छत्तीसगढ़ के शहरों में आधुनिक अधोसंरचना के निर्माण, किफायती आवास, बेहतर नागरिक सुविधाओं और निवेश आधारित विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। इसके साथ ही नगरीय निकायों को दीर्घकालिक रूप से वित्तीय रूप से सक्षम बनाते हुए प्रदेश के शहरों को अधिक सुव्यवस्थित, सुविधाजनक और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में भी यह पहल उपयोगी होगी।

आज से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आगाज ,ओलंपियन खिलाड़ियों के साथ हुनर दिखाएंगे प्रदेश के सितारे

आज से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आगाज ,ओलंपियन खिलाड़ियों के साथ हुनर दिखाएंगे प्रदेश के सितारे

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में हॉकी को नई पहचान दिलाने और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की शुरुआत आज से होने जा रही है। राजधानी रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शाम 5 बजे इस लीग का शुभारंभ करेंगे। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों के साथ छत्तीसगढ़ की उभरती प्रतिभाएं भी अपना दमखम दिखाएंगी।

‘चलव रे संगी हॉकी खेलबो’ के संदेश के साथ आयोजित इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा लेंगी। खास बात यह है कि टीमों में ओलंपिक खेल चुके खिलाड़ियों को मार्की प्लेयर के रूप में शामिल किया गया है। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी तकनीक, रणनीति और खेल कौशल को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा।

युवा खिलाड़ियों को मिलेगा दिग्गजों से सीखने का मौका

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्देश्य केवल रोमांचक मुकाबले कराना ही नहीं, बल्कि प्रदेश में हॉकी के लिए मजबूत और पेशेवर खेल वातावरण तैयार करना भी है। इस प्रतियोगिता के जरिए युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने, अभ्यास करने और उनसे खेल की बारीकियां सीखने का मौका मिलेगा।

मैदान पर बड़े खिलाड़ियों के साथ समय बिताने से युवाओं को बेहतर टीमवर्क, फिटनेस, त्वरित निर्णय लेने और दबाव में प्रदर्शन करने जैसी क्षमताओं को विकसित करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षकों और अनुभवी खिलाड़ियों के मार्गदर्शन से प्रदेश की प्रतिभाओं को अपनी कमियों को पहचानने और खेल में सुधार करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

 
 
मुख्यमंत्री ने जशपुर विधायक रायमुनि से अस्पताल में की मुलाकात, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

मुख्यमंत्री ने जशपुर विधायक रायमुनि से अस्पताल में की मुलाकात, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के नारायणा एमएमआई अस्पताल पहुंचकर जशपुर विधायक रायमुनि भगत से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। मुख्यमंत्री साय ने चिकित्सकों से भगत के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी

रेल नेटवर्क के विस्तार से बदल रही छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी

 औद्योगिक विकास को मिलेगी नई गति

प्रदेश में 51 हजार 80 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी

नए रेल कॉरिडोर से माल ढुलाई, औद्योगिक कनेक्टिविटी और आदिवासी अंचलों के विकास को मिलेगी गति

धनंजय राठौर संयुक्त संचालक, जनसंपर्क संचालनालय, रायुपर

रायपुर,--

प्रदेश में 51 हजार 80 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी

छत्तीसगढ़ में आधारभूत रेल अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रेलवे स्टेशनों के विकसित होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बेहतर प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छ परिसर, आधुनिक यात्री सुविधाएं तथा उन्नत अधोसंरचना से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

प्रदेश में 51 हजार 80 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी

                देश के प्रमुख औद्योगिक और खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क का विस्तार अब राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की जरूरतों से जुड़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। छत्तीसगढ़ मध्य भारत का महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स केंद्र है। ऐसे में मजबूत रेल नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। रेलवे के विकास से उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होंगे तथा युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे। 

                मुख्यमंत्री श्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रदेश में नई रेल परियोजनाओं, दोहरीकरण, विद्युतीकरण तथा आधुनिक रेलवे सुविधाओं के विस्तार से विकास को नई दिशा मिल रही है। यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से छत्तीसगढ़ में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य के रेलवे बजट का आवंटन बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपये कर दिया है जो वर्ष 2009-14 के दौरान औसतन 311 करोड़ रुपये सालाना था। इस तरह वार्षिक औसत आवंटन में करीब 24 गुना वृद्धि हुई है। इस निवेश का प्रमुख उद्देश्य व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम करना, खनिज और औद्योगिक माल की आवाजाही बढ़ाना तथा उन क्षेत्रों तक रेल संपर्क पहुंचाना है, जहां अब तक कनेक्टिविटी सीमित रही है।

राष्ट्रीय माल ढुलाई को मिलेगा वैकल्पिक रेल मार्ग

                 छत्तीसगढ़ की रेल रणनीति में खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा रेल कॉरिडोर महत्वपूर्ण है। करीब 278 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अप्रैल 2025 में मंजूर दी थी। तब इस परियोजना की लागत 8,741 करोड़ रुपये अनुमानित थी। बाद में इसमें संशोधन किया गया और इसकी अनुमानित लागत 7,854 करोड़ रुपये कर दी गई। इस परियोजना का उद्देश्य बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के व्यस्त रेल खंडों को बाईपास कर माल और यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त रेल लाईन बिछाना है। इस कॉरिडोर से कोलकाता-मुंबई रेल मार्ग पर परिचालन का दबाव कम करने और बलौदाबाजार सहित नए औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क देने की योजना है। इससे कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट और बिजली उत्पादन से जुड़े उद्योगों के लिए माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।साथ ही, मालगाड़ियों की आवाजाही सुगम होने से औद्योगिक इकाइयों को बाजारों तथा बंदरगाहों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिलेगी। 

बस्तर की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

                  रेल नेटवर्क के विस्तार का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू बस्तर की कनेक्टिविटी है। रावघाट-जगदलपुर (140 किमी)की महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। जबकि किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किमी) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) की 490 किलोमीटर नई रेल लाइन परियोजना का सर्वे कार्य प्रगति पर। दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना के तहत दल्लीराजहरा से अंतागढ़ (77 किमी) तक रेल सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। इस रेलखंड पर यात्री रेल सेवा प्रारंभ होने से हजारों ग्रामीण पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़े हैं। इस परियोजना के अगले चरण में रावघाट तक संपर्क विकसित करने का काम चल रहा है। परियोजना पूरी होने पर रावघाट की लौह अयस्क खदानें सीधे भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़ जाएंगी, जिससे उद्योगों और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई मजबूती मिलेगी। वहीं कोत्तावलसा-किरंदुल रेल लाइन के दोहरीकरण से बस्तर क्षेत्र में माल एवं यात्री परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कटघोरा से डोंगरगढ़ तक नए संपर्क की योजना

               प्रस्तावित कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन की लंबाई करीब 295 किलोमीटर है। यह मार्ग कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक प्रस्तावित है। परियोजना को रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से विकसित करने की योजना है। इसके लिए स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) गठित करने का प्रस्ताव है। इस रेल लाइन का महत्व उन क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने में है, जहां अभी रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है या सीमित है। इससे यात्रियों की आवाजाही, कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। 

उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए भी नई परियोजनाएं

              सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) और अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) रेल कॉरिडोर को भी रेल मंत्रालय द्वारा जल्दी ही मंजूर किए जाने की संभावना है। अगस्त 2026 में इन प्रस्तावों पर जल्दी निर्णय और सर्वेक्षण की प्रक्रिया तेज करने का मुद्दा उठाया गया था। इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूती होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। 

स्टेशनों का आधुनिकीकरण

                 छत्तीसगढ़ में नई रेल लाइनों के साथ मौजूदा नेटवर्क और स्टेशनों को आधुनिक बनाने पर भी काम किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को करीब 1,680 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य यात्रियों के लिए सुविधाएं बेहतर करना और स्टेशन परिसरों को अधिक व्यवस्थित बनाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है और इसका प्रत्यक्ष लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल लोकार्पण प्रदेश के रेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि रेलवे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का सशक्त आधार है। चांपा, बालोद और सरोना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के उन्नयन से व्यापार, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। इससे लोगों के लिए आवागमन अधिक सुगम होगा और रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए मां आदिशक्ति से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नवरात्रि शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का महापर्व होने के साथ हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का उत्सव भी है। गरबा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजन हमारी आस्था और परंपराओं को जीवंत रखते हुए समाज को प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के सूत्र में जोड़ते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति तथा सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति द्वारा स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां के चरणों में शीश नवाकर प्रदेशवासियों के कल्याण और छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति का आशीर्वाद मांगा।

इसके पश्चात मुख्यमंत्री साय हुकुम ललित महल में पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग द्वारा आयोजित ‘रास गरबा विथ भजन डांडिया’, रामबाग में आयोजित रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में दशा सोरठिया वाणिक समाज द्वारा आयोजित ‘सोरठी रंग रंगीलो’ नवरात्रि उत्सव तथा शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति द्वारा आयोजित ‘संकल्प गरबा’ में शामिल हुए। विभिन्न आयोजनों में समाजजनों और श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री साय का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर आज पूरे देश और छत्तीसगढ़ में भक्ति, आस्था और उल्लास का वातावरण है। गरबा मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और भक्ति को अभिव्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से निकला गरबा आज पूरे देश में लोकप्रिय होकर हमारी सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि भारत की विशेषता उसकी विविधता में निहित एकता है। हमारे पर्व और उत्सव अलग-अलग समाजों, समुदायों और पीढि़यों को एक साथ जोड़ते हैं तथा अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं।

नवरात्रि मातृशक्ति के सम्मान और सामर्थ्य का पर्व

मुख्यमंत्री साय ने गरबा आयोजनों में बड़ी संख्या में उपस्थित माताओं, बहनों और बेटियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सदैव शक्ति का स्वरूप माना गया है। नवरात्रि हमें मातृशक्ति के सम्मान, उनकी गरिमा और समाज निर्माण में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण कराती है।

उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, निर्णयों में भागीदारी निभाती हैं और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं, तब परिवार के साथ पूरा समाज सशक्त होता है। इसलिए माताओं-बहनों की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

महतारी वंदन से महिलाओं को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। इस आर्थिक संबल से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के संबंध में स्वयं निर्णय लेने में सक्षम हो रही हैं। यह सहायता बच्चों की शिक्षा, परिवार की आवश्यकताओं और घरेलू जरूरतों की पूर्ति में भी उपयोगी सिद्ध हो रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हुए उन्हें स्वावलंबन और समृद्धि की दिशा में आगे ले जाना है। आज छत्तीसगढ़ की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उपलब्धि प्रदेश की मातृशक्ति की मेहनत, उद्यमशीलता और सामर्थ्य का प्रमाण है। राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों, आजीविका गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के लिए आर्थिक प्रगति के नए अवसर तैयार कर रही है।

देवी आराधना छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। यह मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की पुण्यभूमि है। प्रदेश में आदिशक्ति की उपासना और देवी आराधना की गौरवशाली परंपरा सदियों से चली आ रही है।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा से डोंगरगढ़ और रतनपुर से चंद्रपुर तक प्रदेश के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में श्रद्धा का अद्भुत वातावरण दिखाई देता है। लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचते हैं। छत्तीसगढ़ की यह आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपनी इस विरासत को सहेजें और नई पीढ़ी को इससे जोड़ें। गरबा, दुर्गा पूजा और अन्य पारंपरिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से परिचित कराने और संस्कारों को आगे बढ़ाने के सशक्त माध्यम हैं।

विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ें: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने देशवासियों में अपनी संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रति स्वाभिमान का नया भाव जागृत किया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के प्रमुख देवी शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों के विकास की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और इन स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक विकास की यात्रा में हमारी संस्कृति और परंपराएं पीछे न छूटें, बल्कि वे विकसित छत्तीसगढ़ की पहचान और शक्ति बनें। विकास और विरासत का यही समन्वय आने वाली पीढि़यों को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा।

बस्तर में अब सुनाई दे रही खुशहाली के मांदर की थाप: मंत्री श्री केदार कश्यप

कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में डबल इंजन की सरकार ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई लड़ी है। इसका परिणाम है कि बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में जहां कभी बारूद और बम के धमाकों की आवाज सुनाई देती थी, वहां आज खुशहाली के मांदर की थाप गूंज रही है। बस्तर की बदलती तस्वीर पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। उन्होंने कहा कि शांति स्थापित होने के साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को भी नई पहचान मिल रही है।

विभिन्न गरबा आयोजनों में पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पर्व की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री  साय ने आयोजन समितियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को मजबूत करने के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने अंत में मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करते हुए कहा कि मां आदिशक्ति की कृपा छत्तीसगढ़ पर सदैव बनी रहे और हमारा प्रदेश शांति, समृद्धि तथा विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय श्रीवास्तव, सिंधी समाज के  अमित चिमनानी, महेश दरयानी,  दशा सोरठिया वाणिक समाज के  नितिन ढोलकिया सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, आयोजन समितियों के सदस्य, श्रद्धालु एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

CG- साइबर ठगी का बड़ा खेल : कंपनी को 2 करोड़ का लगा झटका! फर्जी WhatsApp प्रोफाइल से ठगी, एक करोड़ रुपये होल्ड…..

CG- साइबर ठगी का बड़ा खेल : कंपनी को 2 करोड़ का लगा झटका! फर्जी WhatsApp प्रोफाइल से ठगी, एक करोड़ रुपये होल्ड…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने एक कंपनी के अधिकृत अधिकारी के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी WhatsApp प्रोफाइल बनाई और उसके जरिए दो करोड़ रुपये दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिए। हालांकि, कंपनी को धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करा दी गई। समय रहते कार्रवाई होने से ठगी की रकम में से करीब एक करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड करा दिए गए हैं। वहीं, शेष रकम के एक हिस्से को निकाले जाने की आशंका जताई जा रही है।मामले में तेलीबांधा पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत वंकाल केबल्स एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी ओमकार वरु ने दर्ज कराई है। कंपनी का कार्यालय रायपुर के तेलीबांधा इलाके में स्थित मैग्नेटो मॉल में है।

फर्जी WhatsApp प्रोफाइल से भेजे गए रुपये ट्रांसफर करने के निर्देश

प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के एक अधिकृत अधिकारी के मोबाइल नंबर और पहचान का इस्तेमाल करके WhatsApp पर फर्जी प्रोफाइल तैयार की। इसके बाद इसी प्रोफाइल के माध्यम से रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। निर्देशों पर भरोसा करते हुए कंपनी की ओर से बताए गए बैंक खाते में दो करोड़ रुपये भेज दिए गए।पुलिस की जांच में पता चला है कि जिस बैंक खाते में सबसे पहले रकम जमा कराई गई, वह कोलकाता का है। आरोपियों ने खाते में पैसे पहुंचने के बाद उन्हें दूसरे बैंक खातों में भी ट्रांसफर किया। जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि शिकायत दर्ज होने से पहले ही करीब एक करोड़ रुपये विभिन्न खातों से निकाले जा चुके थे।

समय पर बैंक और साइबर हेल्पलाइन को दी सूचना, एक करोड़ रुपये रुके

कंपनी को जैसे ही ठगी का पता चला, उसने संबंधित बैंक को ईमेल के जरिए इसकी सूचना दी। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।शिकायत पर तेजी से कार्रवाई होने के कारण करीब एक करोड़ रुपये को अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड कराने में सफलता मिली। इस कार्रवाई से ठगी की पूरी रकम के हाथ से निकल जाने की आशंका के बीच कुछ धनराशि सुरक्षित रखने में मदद मिली।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी WhatsApp प्रोफाइल किसने बनाई, रकम ट्रांसफर कराने में किन लोगों की भूमिका रही और पैसे किन-किन बैंक खातों के जरिए आगे भेजे गए।

17 अक्टूबर को दर्ज हुई FIR, तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी

एसीपी सिविल लाइंस रमाकांत साहू के मुताबिक, इस मामले में 17 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कंपनी के अधिकृत व्यक्ति की पहचान और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी की गई। मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।पुलिस बैंक खातों के लेनदेन, डिजिटल गतिविधियों और आरोपियों के संभावित संपर्कों की पड़ताल कर रही है, ताकि ठगी के पूरे घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।

कई बैंक खाते सीज, आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस

रायपुर पुलिस के अनुसार, मामले में कई बैंक खातों को सीज कराने की कार्रवाई की गई है। अब जांच का प्रमुख उद्देश्य ठगी में शामिल लोगों की पहचान करना, रकम के लेनदेन की कड़ियां जोड़ना और शेष धनराशि का पता लगाना है।कंपनी की ओर से शुरुआती समय में शिकायत किए जाने के कारण करीब एक करोड़ रुपये होल्ड कराए जा सके। हालांकि, पूरी रकम की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जांच के अंतिम नतीजों का इंतजार है।

CG- 8 साल तक छिपा रहा हीरों का राज, बेचने निकला तो खुल गई पोल… लाखों का माल जब्त……

CG- 8 साल तक छिपा रहा हीरों का राज, बेचने निकला तो खुल गई पोल… लाखों का माल जब्त……

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से बहुमूल्य पत्थरों की चोरी के मामले में धमतरी पुलिस ने 64 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, भाटापारा निवासी विनोद अग्रवाल इन पत्थरों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया। उसके कब्जे से 146 नग पत्थर बरामद किए गए हैं, जिनका कुल शुद्ध वजन 13.49 ग्राम है। जब्त पत्थरों की अनुमानित कीमत 10 लाख 15 हजार 200 रुपये बताई गई है।

धमतरी पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर को पुलिस की टीम इलाके में गश्त और अपराधों की पतासाजी कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि नेशनल हाईवे-30 पर कोड़ापार नहर पुलिया के पास एक व्यक्ति बहुमूल्य पत्थर लेकर खड़ा है और उन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलने के बाद बिरेझर पुलिस और साइबर थाने की टीम मौके पर पहुंची। घेराबंदी कर संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम विनोद अग्रवाल, उम्र 64 वर्ष, निवासी केके वार्ड, भाटापारा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा बताया।

पुलिस की तलाशी में आरोपी के पास पॉलीथीन में रखे 146 सफेद, चमकदार और पारदर्शी पत्थर मिले। ये नीले और फिरोजी रंग की झिल्ली में लिपटे हुए थे। पुलिस ने इन पत्थरों को हीरा बताया है।

जब्त पत्थरों का कुल वजन 16.17 ग्राम और शुद्ध वजन 13.49 ग्राम दर्ज किया गया है। इनकी अनुमानित कीमत 10 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी के मेमोरेंडम कथन में उसने बताया कि इन पत्थरों को वर्ष 2018 में गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से चोरी किया था। अब वह इन्हें बेचने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा था। इस कथन और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की।

हीरे जैसे पत्थरों के अलावा पुलिस ने आरोपी के पास से सैमसंग Galaxy S21 FE 5G मोबाइल फोन और दो सक्रिय सिम कार्ड भी जब्त किए हैं। मोबाइल की अनुमानित कीमत 8 हजार रुपये बताई गई है। इसके साथ ही 2,200 रुपये नकद भी मिले हैं।

पुलिस ने विनोद अग्रवाल के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम की धारा 21(4) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे 19 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, आरोपी को कुरूद स्थित न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले में बरामद पत्थरों की प्रकृति, उनकी उत्पत्ति और चोरी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के महत्वपूर्ण पहलू होंगे।

धमतरी पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अवैध खनिज उत्खनन, चोरी, तस्करी या संदिग्ध खरीद-बिक्री की जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचित करें।

ब्रेकिंग: राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, इस विभाग में अधीक्षण अभियंताओं के हुए तबादले, देखे आदेश…..

ब्रेकिंग: राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, इस विभाग में अधीक्षण अभियंताओं के हुए तबादले, देखे आदेश…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में त्योहारी सीजन के बीच प्रशासनिक विभाग में तबादलों का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 12 अधीक्षण अभियंताओं के ट्रांसफर कर दिए हैं। विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिन जिलों और क्षेत्रों के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं, उनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, गरियाबंद, बेमेतरा, जगदलपुर, कोरबा और खरसिया शामिल हैं।

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CG- जमीन के सौदे में लाखों की धोखाधड़ी, लंबे खेल के बाद ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी…..

CG- जमीन के सौदे में लाखों की धोखाधड़ी, लंबे खेल के बाद ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी…..

 बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दयालबंद में रहने वाले विशालचंद्र केसरी ने भारतीय नगर निवासी प्रफुल्ल झा पर दूसरे की जमीन को खुद से अनुबंधित बताकर सौदा करने और एडवांस के रूप में 10 लाख रुपए लेने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, विशालचंद्र केसरी ने आरोप लगाया है कि प्रफुल्ल झा ने बिलासपुर के अमेरी क्षेत्र में स्थित कई जमीनों को अपने से अनुबंधित बताते हुए 70 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से बेचने का सौदा किया था। इस संबंध में 10 दिसंबर 2025 को अनुबंध किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से 10 लाख रुपये एडवांस के रूप में दिए थे। आरोप है कि अनुबंध में शामिल जमीनों में कुछ भूखंड राजस्व रिकॉर्ड में अन्य व्यक्तियों के नाम पर दर्ज थे।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, इनमें खसरा नंबर 232 की 0.2430 हेक्टेयर जमीन चंद्रकली बाई के नाम पर दर्ज थी, जो गोंड आदिवासी समुदाय से थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस जमीन को सामान्य वर्ग की भूमि बताते हुए सौदे में शामिल किया गया, जबकि संबंधित जमीन के स्वामित्व और अनुबंध को लेकर वास्तविक तथ्यों की जानकारी छिपाई गई।

विशालचंद्र केसरी ने शिकायत में बताया कि रकम लेने के बाद जब उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए प्रफुल्ल झा से संपर्क किया तो वह लगातार टालमटोल करता रहा। कई बार प्रयास करने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं होने और संपर्क का जवाब नहीं मिलने पर उन्हें धोखाधड़ी की आशंका हुई।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रफुल्ल झा ने कृष्णा दुआ के नाम से जारी मुख्तियारनामा के आधार पर जमीनों को बेचने का अधिकार होने की बात कही थी। बाद में उन्हें कथित तौर पर जानकारी मिली कि संबंधित मुख्तियारनामा जमीन बिक्री के लिए अधिकृत नहीं था और उसकी प्रामाणिकता पर भी सवाल उठे थे।

शिकायत के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को मसानगंज और तोरवा क्षेत्र की अन्य जमीनों के संबंध में भी प्रफुल्ल झा के साथ अनुबंध किया गया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन जमीनों के विक्रय के लिए भी मुख्तियारनामा के जरिए अधिकार होने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक किसी भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई। आवेदन में विशालचंद्र केसरी ने प्रफुल्ल झा के खिलाफ पहले की शिकायत और सिविल लाइन थाने में दर्ज एफआईआर क्रमांक 631, दिनांक 10 मई 2026 का भी उल्लेख किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जमीनों के फर्जी अनुबंध के जरिए अन्य लोगों को भी प्रभावित करने की आशंका है। शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336, 338 और 340 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी प्रफुल्ल झा को गिरफ्तार कर कार्रवाई में जुटी है।

VIP Visit : अगले 15 दिन रहेंगे खास, छत्तीसगढ़ आएंगे राष्ट्रपति मुर्मू और मोहन भागवत, राज्योत्सव में अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

VIP Visit : अगले 15 दिन रहेंगे खास, छत्तीसगढ़ आएंगे राष्ट्रपति मुर्मू और मोहन भागवत, राज्योत्सव में अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आने वाले 15 दिन वीआईपी दौरों के लिहाज से खास रहने वाले हैं। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी राज्य के दौरे पर आएंगे। इन चारों के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। दौरों की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के छत्तीसगढ़ प्रवास से होगी। वहीं, राज्योत्सव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के चलते प्रदेश में राजनीतिक और सांस्कृतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहेंगी। 22 अक्टूबर को वह रायपुर स्थित लोक भवन में पूज्य माता हासी देवी के सम्मान में दो सौ रुपये का विशेष स्मारक सिक्का जारी करेंगी। शाम को इंडोर स्टेडियम में आयोजित नवाखाई पर्व, सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।

23 अक्टूबर को राष्ट्रपति जगदलपुर पहुंचेंगी और मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। पदस्थ राष्ट्रपति का मां दंतेश्वरी के दरबार में पहुंचना पहला अवसर होगा। इसके बाद वह बस्तर दशहरा के पारंपरिक मुरिया दरबार में शामिल होकर जनजातीय समाज से संवाद करेंगी।

22 और 23 अक्टूबर को ही डॉक्टर मोहन भागवत बिलासपुर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। वह कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में विजयादशमी महोत्सव में शामिल होंगे और विभाग टोली तथा प्रांत कार्यकारिणी की बैठक लेंगे। सूत्रों के अनुसार, दौरे में छत्तीसगढ़ प्रांत को दो हिस्सों में बांटने के प्रस्ताव पर निर्णय हो सकता है। इसके तहत एक हिस्से में बिलासपुर-सरगुजा और दूसरे में रायपुर-दुर्ग-बस्तर संभाग शामिल होंगे। संघ बस्तर जैसे क्षेत्रों में शाखाओं का विस्तार करने और 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की रणनीति पर भी ध्यान दे रहा है।

एक नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रायपुर पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आमंत्रण पर वह एक से तीन नवंबर तक आयोजित राज्योत्सव में मुख्य अतिथि होंगे। इस बार उत्सव की थीम ‘सुंदर, सुघ्घर और माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़’ रखी गई है। यह थीम न सिर्फ प्रदेश के विकास को बयां करेगी, बल्कि बस्तर से लेकर पूरे राज्य में बदलते और सुरक्षित अमन-चैन के नए दौर की गवाही भी देगी।

छत्तीसगढ़ भाजपा की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी 25 और 26 अक्टूबर को रायपुर में रहेंगी। वह अगले विधानसभा चुनाव यानी ‘मिशन 2028’ की तैयारियों के तहत वह पूर्व सांसदों और विधायकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगी और संगठन के कामकाज की समीक्षा करेंगी। चर्चा है कि उनके दौरे के बाद प्रदेश के 60 से ज्यादा पूर्व सांसदों और विधायकों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

3 अधिकारियों को नोटिस : तीन दिन में देना होगा जवाब, नहीं तो होगी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

3 अधिकारियों को नोटिस : तीन दिन में देना होगा जवाब, नहीं तो होगी कार्रवाई, जाने पूरा मामला…..

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पदस्थ तीन अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है। तीनों पर सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में लापरवाही बरतने के आरोप है। कलेक्टर ने नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि अगर जवाब असंतोषजनक पाए गए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशानात्मक कार्रवाई की जाएगी।

मछलीपालन विभाग की योजनाओं में न्यून प्रगति पर सहायक संचालक को नोटिस

जिले में मछलीपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध न्यून प्रगति तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन में अपेक्षित उपलब्धि नहीं होने पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सहायक संचालक, मछलीपालन एम.एस. कमल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर सभी बिंदुओं पर तथ्यात्मक एवं अभिलेखीय साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

28 अक्टूबर को कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली समीक्षा बैठक के लिए प्रस्तुत विभागीय प्रगति रिपोर्ट के अवलोकन में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाई गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के लिए निर्धारित 37,993.54 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन लक्ष्य के विरुद्ध 21,277.37 मीट्रिक टन उत्पादन दर्ज किया गया है। इसी प्रकार मत्स्य कृषक प्रशिक्षण के निर्धारित 573 हितग्राहियों के लक्ष्य के विरुद्ध 395 हितग्राहियों को ही प्रशिक्षण दिया गया है।

नोटिस में मत्स्य अंगुलिकाओं के संचयन में 700 इकाई के लक्ष्य के विरुद्ध 450 इकाई की उपलब्धि तथा झींगा पालन सहायता योजना में 50 इकाई के लक्ष्य के विरुद्ध शून्य उपलब्धि पर भी असंतोष व्यक्त किया गया है। वहीं, मत्स्य कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड से लाभान्वित करने के लिए निर्धारित 8,500 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,053 प्रकरण प्रस्तुत और 516 प्रकरण स्वीकृत होना दर्शाया गया है। फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF) के अंतर्गत एक्वा इंश्योरेंस एवं अधोसंरचना निर्माण से संबंधित प्रकरणों में भी शून्य उपलब्धि पाई गई है।

कलेक्टर ने योजनाओं की नियमित समीक्षा, लक्ष्यपूर्ति तथा पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। नोटिस में इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता का प्रथम दृष्टया मामला मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के प्रावधानों के उल्लंघन के संबंध में विचारणीय बताया गया है।

निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने अथवा जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उच्च कार्यालय को लेख किए जाने की चेतावनी दी गई है।

उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं को नोटिस

जिले में कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोत्पादन कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि और राज्य स्तर पर जिले की कमजोर रैंकिंग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अवधेश मरकाम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें नोटिस प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर बिंदुवार तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर को प्रस्तावित समीक्षा बैठक के लिए प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कृत्रिम गर्भाधान के निर्धारित लक्ष्य 39,400 के विरुद्ध मात्र 7,773 की उपलब्धि (19.72 प्रतिशत) तथा वत्सोत्पादन के लक्ष्य 8,142 के विरुद्ध 2,264 की उपलब्धि (27.80 प्रतिशत) दर्ज की गई है।

कलेक्टर ने कम प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए विभागीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, मैदानी अमले की सक्रियता, नियमित मॉनिटरिंग तथा लक्ष्यपूर्ति के लिए किए गए प्रयासों का विवरण मांगा है। साथ ही, आगामी अवधि में प्रगति सुधारने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, समय-सीमा, उत्तरदायी अधिकारी-कर्मचारी और साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था सहित ठोस सुधारात्मक कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोत्पादन कार्यक्रम पशुधन की नस्ल सुधार, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और पशुपालकों की आय संवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि प्रथम दृष्टया यह स्थिति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन की श्रेणी में विचारणीय है। निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

कार्यपालन अभियंता को नोटिस

ग्राम सेमरा (बी) स्थित स्टॉप डैम की स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं उपयोगिता को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वीडियो के संबंध में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने संज्ञान लेते हुए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता बी.एल. खण्डेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

प्रसारित वीडियो में सेमरा (बी) स्थित स्टॉप डैम की बदहाल स्थिति को प्रदर्शित करते हुए किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निर्मित इस संरचना की उपयोगिता एवं निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। इस संबंध में निर्माण कार्य के क्रियान्वयन, गुणवत्ता, विभागीय पर्यवेक्षण तथा संधारण की स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई गई है।

कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस में संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे उक्त वीडियो में उठाए गए बिंदुओं के संबंध में तथ्यात्मक एवं अभिलेख-समर्थित स्पष्टीकरण तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करें।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि स्टॉप डैम जैसे महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का उद्देश्य किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देना है। ऐसे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता एवं उचित संधारण सुनिश्चित करना संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है |निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रकरण प्रस्तुत किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।

Crime - दिल दहला देने वाली वारदात: 3 साल की पोती को ले जाने से रोका तो दादी की चाकू मारकर हत्या, आरोपी फरार…

Crime - दिल दहला देने वाली वारदात: 3 साल की पोती को ले जाने से रोका तो दादी की चाकू मारकर हत्या, आरोपी फरार…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन साल की मासूम बच्ची को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश का विरोध करना दादी को महंगा पड़ गया। आरोपी ने बुजुर्ग महिला पर चाकू से हमला कर दिया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

जानिए पूरा मामला

यह पूरा मामला सकरी थाना क्षेत्र के ग्राम मेंड्रा का है। बताया जा रहा है कि राजकुमारी यादव शनिवार देर रात अपने घर पर थीं। इसी दौरान पड़ोसी प्रशांत शुक्ला वहां पहुंचा। रात करीब 10 बजे तीन साल की बच्ची को कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश की।

बच्ची को ले जाने से रोकने पर मारा चाकू

बच्ची की दादी राजकुमारी यादव ने इसका विरोध करते हुए उसे रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इस बात से नाराज युवक ने पहले गाली-गलौज की और फिर अपने पास रखे धारदार चाकू से महिला पर हमला कर दिया। हमले में राजकुमारी यादव गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं।

अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गया। इसके बाद परिजन घायल राजकुमारी यादव को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही सकरी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपी प्रशांत शुक्ला की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई है। तीन साल की मासूम को जबरन ले जाने की कोशिश और उसका विरोध करने पर बुजुर्ग महिला की मौत से इलाके में चिंता का माहौल है। अब पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर सभी की नजरें टिकी हैं।

अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान से बस्तर में शांति की नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अमर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान से बस्तर में शांति की नई सुबह, वीर जवानों का त्याग सदैव रहेगा स्मरणीय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  साय ने ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम में अमर शहीदों को अर्पित की श्रद्धांजलि

शहीद जवानों ने अपने अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान से बस्तर की आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की रखी नींव

शहीद परिवारों का सम्मान और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता, हर सुख-दुख में उनके साथ मजबूती से खड़ी है छत्तीसगढ़ सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को मिली निर्णायक सफलता : मुख्यमंत्री

भय और हिंसा के लंबे दौर से आगे बढ़कर शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा बस्तर

शहीदों के साय

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर की धरती पर शांति की स्थापना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले हमारे वीर जवानों का शौर्य, त्याग और समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। हमारे जवानों ने केवल नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष नहीं किया, बल्कि अपने रक्त और बलिदान से बस्तर में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के नए युग की नींव रखी है। आज बस्तर में शांति और विश्वास की जो नई सुबह दिखाई दे रही है, उसके पीछे हमारे सुरक्षा बलों का अदम्य साहस और अमर शहीदों का सर्वोच्च बलिदान है।

मुख्यमंत्री साय  राजधानी रायपुर में द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर द्वारा आयोजित ‘शौर्यांजलि : बस्तर के नायकों को समर्पित’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बस्तर में शांति और सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 50 अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके परिजनों का सम्मान किया।

मुख्यमंत्री  साय ने शहीद परिवारों के प्रति गहरी संवेदना और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी अपने को खोने की पीड़ा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। जब एक जवान देश और समाज की रक्षा करते हुए शहीद होता है तो एक मां अपना बेटा, पत्नी अपना जीवनसाथी और बच्चे अपने पिता का साया खो देते हैं। इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन पूरा छत्तीसगढ़ अपने वीर सपूतों और उनके परिवारों के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।

उन्होंने शहीद परिवारों से कहा कि आपके अपने केवल आपके परिवार के सदस्य नहीं थे, वे पूरे छत्तीसगढ़ और राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने अपने जीवन से साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे आने वाली पीढ़ियां गर्व और सम्मान के साथ याद करेंगी।

शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में साथ खड़ी है सरकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहीद परिवारों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मातृभूमि और समाज की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों के परिवारों की चिंता करना सरकार का दायित्व है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ शहीद परिवारों के सुख-दुख में सहभागी है और भविष्य में भी हर परिस्थिति में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।

उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार हमारे लिए केवल सहायता के पात्र परिवार नहीं, बल्कि हमारे अपने परिवार हैं। उनका सम्मान करना और उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बेहतर समन्वय के साथ अभियान चलाया है। केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 के लक्ष्य को लेकर सुरक्षा बलों ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया।

उन्होंने कहा कि चार दशकों से बस्तर में गहरी जड़ें जमा चुके नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष आसान नहीं था। घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हमारे जवानों ने अभूतपूर्व साहस का परिचय दिया। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास, सुरक्षा बलों की रणनीति और जवानों के अदम्य पराक्रम से नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान को निर्णायक सफलता मिली।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस परिवर्तन के वास्तविक नायक हमारे सुरक्षा बलों के जवान हैं, जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य और राष्ट्रसेवा के संकल्प से कभी समझौता नहीं किया।

चार दशकों तक बस्तर ने झेला हिंसा का दंश

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बस्तर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं, अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और सरल-सहज जनजीवन के लिए पूरी दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। दुर्भाग्य से चार दशकों तक इस सुंदर अंचल को नक्सली हिंसा का दंश झेलना पड़ा। हजारों परिवार हिंसा से प्रभावित हुए। अनेक बच्चों का बचपन भय और असुरक्षा के बीच गुजरा और दूरस्थ अंचलों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि इस कठिन दौर में हमारे सुरक्षा बलों के जवान बस्तरवासियों की सुरक्षा के लिए चट्टान की तरह खड़े रहे। अपने परिवारों से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर उन्होंने जंगलों और दुर्गम इलाकों में हर चुनौती का सामना किया। अनेक वीर जवान कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए, लेकिन उनका बलिदान उनके साथियों के संकल्प को और मजबूत करता गया।

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल सहित नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में शामिल सभी सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि उनके साहस और पराक्रम पर पूरे छत्तीसगढ़ को गर्व है।

अब शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा बस्तर

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और बलिदान से स्थापित हो रही शांति के साथ अब बस्तर में विकास और खुशहाली के नए द्वार खुल रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी भय और हिंसा का वातावरण था, वहां आज सड़कें बन रही हैं, बिजली पहुंच रही है, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित हो रही हैं तथा शासन की योजनाएं अंतिम छोर के गांवों तक पहुंच रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ और लंबे समय तक विकास से वंचित रहे गांवों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि बस्तर का कोई भी गांव और कोई भी परिवार विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और युवाओं को खेल, कौशल विकास तथा रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से गांव-गांव की खेल प्रतिभाएं सामने आ रही हैं, वहीं बस्तर पंडुम इस अंचल की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को नई पहचान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान अब भय और हिंसा से नहीं, बल्कि उसकी समृद्ध संस्कृति, प्राकृतिक सौंदर्य, प्रतिभाशाली युवाओं, पर्यटन और विकास की अपार संभावनाओं से और अधिक मजबूत होगी। हमारा संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा के हाथ में अवसर हो और प्रत्येक परिवार के जीवन में विकास और खुशहाली आए।

शहीदों के सपनों का बस्तर बनाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बस्तर में दिखाई दे रहे सकारात्मक परिवर्तन की नींव हमारे शहीद जवानों के त्याग और बलिदान पर टिकी है। उन्होंने केवल वर्तमान की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।

उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित बस्तर का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जिस शांति के लिए हमारे जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, वह शांति स्थायी बने और विकास तथा खुशहाली का लाभ बस्तर के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई पीढ़ी को हमारे वीर जवानों के जीवन, संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना भी आवश्यक है। राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले इन वीर सपूतों का जीवन युवाओं में देशप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की भावना जागृत करता रहेगा।

*द हिन्दू फाउंडेशन की पहल सराहनीय*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर की सराहना करते हुए कहा कि शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त करने की यह पहल समाज को प्रेरणा देने वाली है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन द्वारा देशभर में  यात्रा कर 800 से अधिक शहीद परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया गया है। यह उन परिवारों के प्रति समाज की कृतज्ञता की सशक्त अभिव्यक्ति है, जिन्होंने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्रियजनों का बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘शौर्यांजलि’ केवल अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके अधूरे सपनों को पूरा करने और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उनके शौर्य और त्याग से बस्तर में शांति की जो नई सुबह आई है, उसे विकास और खुशहाली के उजाले में बदलना हमारा संकल्प है। हम सब मिलकर ऐसा शांतिपूर्ण, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित बस्तर बनाएंगे, जिसका सपना हमारे वीर जवानों ने देखा था। यही अमर शहीदों के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर द हिन्दू फाउंडेशन, नागपुर के संयोजक श्री संदीप गुप्ता, शहीद वीर नारायण सिंह के वंशज श्री राजेंद्र सिंह दीवान सहित बड़ी संख्या में शहीद परिवारों के सदस्य, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ की घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा दुःख

 दिवंगतों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ का समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले सभी परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने माँ दुर्गा से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की है।

नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: साय

नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार: साय

 00 राजधानी रायपुर के विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में हुए शामिल, प्रदेशवासियों को दी नवरात्रि की शुभकामनाएं

00 गरबा महोत्सव हमारी आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सुंदर संगम: मुख्यमंत्री

00 महतारी वंदन योजना से लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को मिल रही आर्थिक मजबूती, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
00 महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से मजबूत होता है परिवार और समाज, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका

00 माता कौशल्या की पावन धरती छत्तीसगढ़ में शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा, देवी शक्तिपीठ हमारी आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर
00 विकास भी, विरासत भी की भावना के साथ प्रदेश की संस्कृति, आस्था और परंपराओं को सहेजते हुए आगे बढ़ रही राज्य सरकार

रायपुर। नवरात्रि का पावन पर्व शक्ति की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान, सामाजिक एकता और हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। हमारी सरकार इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। महिलाओं की प्रगति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज और प्रदेश की प्रगति का आधार है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल होकर प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर पहुंचे और माता के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके साथ ही वे मंडी परिसर में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज द्वारा आयोजित श्री पाटीदार नवरात्रि महोत्सव, भानपुरी में श्री कच्छ कड़वा पाटीदार समाज के गरबा समारोह, गोवर्धन नगर में श्री कच्छ गुर्जर क्षत्रिय समाज द्वारा आयोजित नवरात्रि महोत्सव तथा अमलीडीह क्षेत्र में आयोजित ढोलिडा रास गरबा-2026 सहित विभिन्न आयोजनों में सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर पूरे देश और प्रदेश में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत वातावरण निर्मित होता है। नौ दिनों तक शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना हमें जीवन में साहस, संयम, सकारात्मकता और सदाचार के मार्ग पर आगे बढऩे की प्रेरणा देती है। यह पर्व हमारी सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और समरसता की भावना को भी मजबूत करता है।

गरबा हमारी आस्था और सामाजिक एकता का उत्सव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गरबा केवल नृत्य का आयोजन नहीं, बल्कि मां दुर्गा के प्रति हमारी श्रद्धा और भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति है। गुजरात से प्रारंभ हुई गरबा की समृद्ध परंपरा आज पूरे देश में उत्साह और उमंग के साथ मनाई जाती है। यह भारत की सांस्कृतिक विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हमारे पर्व और त्योहार समाज को जोडऩे का कार्य करते हैं। अलग-अलग समाज और समुदाय जब एक साथ उत्सव मनाते हैं, तो आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना और मजबूत होती है। यही हमारी भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। छत्तीसगढ़ में भी सभी समाजों ने अपनी परंपराओं और संस्कृति को सहेजते हुए प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने गरबा महोत्सवों में माताओं, बहनों और बेटियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मातृशक्ति की भागीदारी से ऐसे आयोजन और अधिक सुंदर तथा गरिमामय बनते हैं। नवरात्रि का पर्व हमें नारी शक्ति के सम्मान के साथ उनके प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी स्मरण कराता है।

महतारी वंदन योजना ने बढ़ाया माताओं-बहनों का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता की योजना नहीं है, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मविश्वास और निर्णय लेने की उनकी स्वतंत्रता को मजबूत करने का माध्यम भी बनी है। हमारी माताएं-बहनें इस राशि का उपयोग अपनी दैनिक आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और परिवार की जरूरतों के लिए कर रही हैं। जब महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे पर आत्मविश्वास और संतोष देखकर सरकार को भी अपने प्रयासों की सार्थकता का अनुभव होता है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की प्रत्येक महिला को आगे बढऩे के अवसर मिलें और वह प्रदेश के विकास में अपनी पूरी क्षमता के साथ भागीदारी कर सके।
14 लाख लखपति दीदी छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के सामर्थ्य का प्रमाण
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश की 14 लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की मेहनत, लगन, उद्यमशीलता और सामर्थ्य का प्रमाण है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के माध्यम से न केवल अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं, बल्कि गांव और समाज की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य आने से परिवारों में खुशहाली आती है, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति तेज होती है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हमारी मातृशक्ति की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं को स्वावलंबी बनाने, कौशल विकास, आजीविका और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

शक्ति आराधना की पावन भूमि है छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। यह मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसी आराध्य देवियों की भूमि है। प्रदेश में सदियों से शक्ति की उपासना और देवी आराधना की गौरवशाली परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी से लेकर डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी, रतनपुर में मां महामाया और चंद्रपुर में मां चंद्रहासिनी के दरबार तक श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। गांव-गांव और शहर-शहर में ज्योति कलश प्रज्ज्वलित होते हैं और पूरा छत्तीसगढ़ माता की भक्ति में सराबोर हो जाता है। यह हमारी गहरी धार्मिक आस्था के साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की विशिष्ट पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में प्रकृति, आस्था, लोकजीवन और अध्यात्म का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। हमारे तीज-त्योहार और धार्मिक परंपराएं पीढिय़ों को आपस में जोड़ती हैं। इन्हें सहेजना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
विकास भी, विरासत भी के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करते हुए आधुनिक विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री जी ने देश को विकास भी, विरासत भी का मंत्र दिया है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश के समग्र विकास के साथ अपनी संस्कृति, आस्था और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। देवी शक्तिपीठों और आस्था केंद्रों में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास के साथ उन्हें प्रदेश की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन से जोडऩे की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत केवल अतीत की स्मृति नहीं है, बल्कि वर्तमान की शक्ति और भविष्य की प्रेरणा भी है। विकास की यात्रा में अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहना आवश्यक है। हमारी सरकार का प्रयास है कि आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के साथ प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान भी और अधिक सशक्त हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि और गरबा जैसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोडऩे का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा समाज में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने मां दुर्गा से प्रार्थना करते हुए कहा कि माता रानी की कृपा सभी प्रदेशवासियों पर बनी रहे। हर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आए तथा छत्तीसगढ़ शांति, समृद्धि और विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल,  जयंती पटेल, श्री जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिता 12 व 13 नवंबर को

जनजातीय गौरव दिवस पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिता 12 व 13 नवंबर को

 00 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्सा

रायपुर। नवा रायपुर स्थित आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा जनजातीय गौरव दिवस 2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय चित्रकला और फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दोनों प्रतियोगिताओं में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी भाग ले सकेंगे। चित्रकला प्रतियोगिता 12 और 13 नवंबर को होगी, जबकि फोटोग्राफी प्रतियोगिता नवंबर माह में आयोजित की जाएगी।

चित्रकला प्रतियोगिता का विषय ‘मेरी जनजाति, मेरी विरासत’ चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक प्रतिभागी 5 नवंबर 2026 तक
https://tinyurl.com/jjgdpainting पर पंजीयन कर सकते हैं। प्रतियोगिता के लिए पेंटिंग ब्रश, कैनवास, कार्टि्रज पेपर, ईजल, ड्राइंग शीट, रंग और पैलेट संस्थान द्वारा उपलब्ध कराए जाएंगे।

नियम एवं शर्तें http://www.cgtrti.gov.in/ पर देखी जा सकती हैं। अधिक जानकारी के लिए सहायक संचालक सुश्री पार्वती जगत से +91-7805982502 पर संपर्क करें। प्रविष्टियां
jjgdpainting@gmail.com पर भेजी जा सकती हैं।
फोटोग्राफी प्रतियोगिता का विषय 'जनजातीय जीवन, संस्कृति एवं परंपराएं
फोटोग्राफी प्रतियोगिता के लिए 4 नवंबर 2026 को शाम 5:30 बजे तक

https://tinyurl.com/jjgdpainting पर पंजीयन किया जा सकता है। पंजीयन फॉर्म, फोटोग्राफ की सॉफ्ट कॉपी और आवश्यक दस्तावेज
jjgdphotography@gmail.com पर भेजने होंगे। प्रतियोगिता के नियम, शर्तों और पुरस्कार राशि की जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए सहायक अनुसंधान अधिकारी श्रीमती अंजनी भगत से 9926588481 पर संपर्क किया जा सकता है।

CG- बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालक फरार, सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर हुआ रफूचक्कर…

CG- बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालक फरार, सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर हुआ रफूचक्कर…

 कोरबा। जिले के बाल संप्रेक्षण गृह से एक बार फिर अपचारी बालक के फरार होने का मामला सामने आया है। अपचारी बालक आज सुबह जवानों का ध्यान भटकते ही चैनल गेट खोलकर भाग निकला, जिससे हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुट गई है।

दरअसल, पोंडीबहार के बालक को चोरी के मामले में 27 सितंबर को कोडिया स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में दाखिल कराया गया था। शनिवार सुबह मुख्य द्वार खुलते ही जवान काम में व्यस्त हो गए। इसी का फायदो उठाते हुए बालक चैनल गेट खोलकर फरार हो गया।

गिनती के दौरान बालक के भागने का पता चला, जिसके बाद सीएसईबी चौकी पुलिस ने पतासाजी शुरू की। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि घर और रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है।

बता दें कि कोडिया स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बालक के भागने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार बालक भाग चुके हैं, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था लचर बनी हुई है।

13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, विभाग ने 15 दिनों में मांगा जवाब, इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला…!!

13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, विभाग ने 15 दिनों में मांगा जवाब, इस वजह से गिरी गाज, जाने पूरा मामला…!!

 रायपुर। नागरिकों द्वारा सीएम हेल्पलाइन-1076 पर दर्ज कराई गई शिकायतों के समाधान को लेकर राज्य शासन बेहद गंभीर है। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का संबंधित विभागों द्वारा सक्रियता और गंभीरता से निराकरण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के असंतोषप्रद समाधान और लापरवाही पर 13 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें तीन अधीक्षण अभियंता, पांच कार्यपालन अभियंता और पांच अनुविभागीय अधिकारी शामिल हैं।

सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को बिना सारगर्भित टीप के बंद किए जाने के कारण लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिकारियों के विरुद्ध ये कार्रवाई की गई है। सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर विगत दो महीनों अगस्त और सितम्बर माह में लोक निर्माण विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा में पाया गया कि एल-1, एल-2 और एल-3 स्तर पर शिकायतों को ऐसी टीप के साथ बंद किया गया है, जो शिकायत का समाधान नहीं दर्शाती है।

विभाग ने एल-1 स्तर पर शिकायतों के असंतोषप्रद समाधान पर राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बिलासपुर के अनुविभागीय अधिकारी अतुल राज पेगवार, बेमेतरा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी राजेश कुमार बाजपेयी, पेंड्रा उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी जगदीश प्रसाद, सेतु उप संभाग दुर्ग के अनुविभागीय अधिकारी अशोक कुमार हरियाले और पाटन उप संभाग की अनुविभागीय अधिकारी सोनल ढालेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

एल-2 स्तर पर शिकायतों के उचित निराकरण नहीं होने पर विभाग द्वारा बेमेतरा संभाग के कार्यपालन अभियंता केशव प्रसाद लहरे, कोरबा संभाग के कार्यपालन अभियंता घासीराम जांगड़े, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता रोशन कुमार साहू, सारंगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता प्यारे लाल पैकरा और कांकेर संभाग की कार्यपालन अभियंता प्रज्ञा नंद को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इसी प्रकार से सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों को एल-3 स्तर पर बिना सारगर्भित टीप के बंद किए जाने पर मंडल क्रमांक-2, रायपुर के अधीक्षण अभियंता डी.के. नेताम, दुर्ग मंडल की अधीक्षण अभियंता अर्पणा चौरपगार तथा राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता महादेव लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

राज्य शासन ने इन अधिकारियों को जारी कारण बताओ नोटिस में कहा है कि शिकायत बंद करते समय यह अपेक्षित है कि टीप में स्थल निरीक्षण के निष्कर्ष, की गई या प्रस्तावित कार्यवाही, उसकी तिथि या समय-सीमा एवं शिकायतकर्ता को दी गई सूचना का स्पष्ट उल्लेख हो। यदि शिकायत अन्य विभाग से संबंधित हो तो उसका कारण सहित उल्लेख हो। ऐसा नहीं पाए जाने पर टीप से नागरिकों की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तथा पोर्टल पर निराकरण के आँकड़े भ्रामक हुए।

लोक निर्माण विभाग ने इसे कर्त्तव्य पालन में लापरवाही और पदीय कर्त्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया जाना मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों को अपना लिखित प्रतिवाद नोटिस मिलने के 15 दिनों की समयावधि में लोक निर्माण विभाग के सचिव को प्रस्तुत करने कहा गया है। लिखित प्रतिवाद निर्धारित समयावधि में प्राप्त नहीं होने पर अधिकारियों के विरूद्ध एकपक्षीय कार्यवाही की जाएगी।

शिक्षकों के ट्रांसफर का आदेश निकला फर्जी, शिक्षा विभाग के लेटरहेड और हस्ताक्षर का हुआ दुरुपयोग, अब डीपीआई ने इन जिलों के डीईओ से मांगी जानकारी…..

शिक्षकों के ट्रांसफर का आदेश निकला फर्जी, शिक्षा विभाग के लेटरहेड और हस्ताक्षर का हुआ दुरुपयोग, अब डीपीआई ने इन जिलों के डीईओ से मांगी जानकारी…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में 19 शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण से जुड़ा एक फर्जी आदेश सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 6 अगस्त 2026 को जारी बताए जा रहे इस आदेश को फर्जी करार दिया है। मामले में अब प्रदेश के 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।

लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारियों को जरूरी जानकारी और संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी आदेश से जुड़े मामले में संबंधित शासकीय सेवकों की भूमिका की जानकारी जुटाई जाएगी और नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी लेटरहेड और अवर सचिव के हस्ताक्षर का इस्तेमाल

विभाग के मुताबिक, फर्जी स्थानांतरण आदेश तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के आधिकारिक लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही अवर सचिव आर.पी. वर्मा के नाम, पदमुद्रा और हस्ताक्षर का भी कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।

यह आदेश क्रमांक ESTB-102/755/2026/20-3 के साथ 6 अगस्त 2026 की तारीख का बताया गया था। इसके जरिए 19 शिक्षक और व्याख्याताओं का स्थानांतरण दर्शाया गया था। लोक शिक्षण संचालनालय ने जांच के लिए इस आदेश को फर्जी बताया है।

देखें फर्जी आदेश की कॉपी

15 जिलों के DEO से मांगी गई जानकारी

मामले की पड़ताल के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने बलौदाबाजार-भाटापारा, दुर्ग, बेमेतरा, बस्तर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, रायपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, राजनांदगांव, उत्तर बस्तर कांकेर, बालोद, कबीरधाम, धमतरी, सरगुजा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है।

नक्शे देखें

लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी पत्र

सभी संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर बिंदुवार जानकारी और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। विभाग यह पता लगाना चाहता है कि फर्जी आदेश किन माध्यमों से जिला कार्यालयों तक पहुंचा और अलग-अलग स्तर पर उस पर किस तरह कार्रवाई हुई।

आदेश के आधार पर कितने कर्मचारियों ने लिया कार्यभार?
जिला शिक्षा अधिकारियों से सबसे अहम जानकारी उन कर्मचारियों को लेकर मांगी गई है, जिन्होंने कथित फर्जी आदेश के आधार पर स्थानांतरण का लाभ लेने की कोशिश की। अधिकारियों को बताना होगा कि कितने कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति या नई जगह पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए आवेदन दिया था।

इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि कितने कर्मचारियों को वास्तव में कार्यमुक्त किया गया और कितनों को नई जगह पर कार्यभार ग्रहण कराया गया। संचालनालय ने इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों की सूची और दस्तावेज भी मांगे हैं, ताकि पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सके।

फर्जी आदेश सामने आने के बाद क्या कार्रवाई हुई?
विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों से यह भी पूछा है कि आदेश के फर्जी होने की जानकारी मिलने के बाद उनके स्तर पर क्या कदम उठाए गए। तीन दिन में मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और मामले में हुई कार्रवाई का विवरण शासन को भेजा जाएगा।

इस मामले में अब जिला स्तर से मिलने वाली रिपोर्ट अहम होगी। इससे पता चलेगा कि फर्जी आदेश किन कार्यालयों तक पहुंचा, उसके आधार पर कितने कर्मचारियों की कार्यमुक्ति या कार्यभार ग्रहण की प्रक्रिया हुई और संबंधित अधिकारियों ने समय रहते क्या कदम उठाए।

CG- पत्नी की हत्या: डंडे से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान….

CG- पत्नी की हत्या: डंडे से पीट-पीटकर उतारा मौत के घाट, वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान….

 बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से सामने आया है। जहां पत्नी ने अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

डंडे से पीट-पीटकर हत्या

मिली जानकारी के अनुसार, मामला राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटागहना में पत्नी की हत्या का मामला सामने आया है। यहां चरित्र शंका को लेकर एक पति ने अपनी 36 वर्षीय पत्नी की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई है।

पिटाई के दौरान पत्नी की मौत

बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले घर के बाहर पेड़ के नीचे अपनी पत्नी की डंडे से बेरहमी से पिटाई की। महिला की हालत गंभीर होने पर वह उसे घर के अंदर ले गया, जहां कथित तौर पर फिर से उसकी पिटाई की गई। इस दौरान महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर राजपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को महिला का शव घर के अंदर मिला, जबकि आरोपी पति भी घटनास्थल पर मौजूद था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

CG- एक नौकरी के लिए दो भाइयों में अदालती जंग! अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने सुनाया ये अहम फैसला…

CG- एक नौकरी के लिए दो भाइयों में अदालती जंग! अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने सुनाया ये अहम फैसला…

 बिलासपुर। अनुकंपा नियुक्ति और आपत्ति को लेकर छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा, पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करने वाले बेटे का दावा केवल दूसरे भाई की आपत्ति के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। सक्षम प्राधिकारी को लागू नियमों और नीति के अनुसार दोनों के दावों की पात्रता जांचकर निर्णय लेना होगा।

हाई कोर्ट ने भिलाई-चरोदा नगर निगम के 15 अप्रैल 2025 के आदेश को निरस्त करते हुए आठ सप्ताह के भीतर नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है, आदेश निरस्त होने मात्र से याचिकाकर्ता को नियुक्ति का अधिकार नहीं मिल जाता।

पढ़िए क्या है मामला?

छत्तीसगढ़ दुर्ग जिले के भिलाई-3 स्थित साउथ वसुंधरा नगर निवासी खिलेेश्वर प्रसाद के पिता परस राम नगर निगम में सहायक राजस्व निरीक्षक थे। 29 सितंबर 2023 को सेवाकाल के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पिता की मृत्यु के बाद खिलेश्वर ने 4 दिसंबर 2023 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। भाई दुमेश कुमार टंडन ने 15 जुलाई 2024 को इस पर आपत्ति जताते हुए स्वयं का भी दावा कर दिया। इसी विवाद के बीच नगर निगम ने 15 अप्रैल 2025 को खिलेश्वर के आवेदन को खारिज कर दिया।

अनुकंपा नीति के अनुसार तय होगी पात्रता

याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के कोर्ट में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कहा, भाई की आपत्ति मात्र से नियुक्ति के दावे पर विचार करने की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। नगर निगम और आपत्तिकर्ता भाई की ओर से दलील दी गई कि परिवार में विवाद है और लागू नियमों के तहत सहमति तथा अन्य शर्तों का पालन जरूरी है। भाई ने खुद को बेरोजगार और दिवंगत कर्मचारी पर आश्रित बताते हुए अनुकंपा नियुक्ति के लिए अपना दावा पेश किया।

अनुकंपा नियुक्ति कोई विरासत में मिलने वाला अधिकार नहीं

हाई कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति कोई विरासत में मिलने वाला अधिकार नहीं है। इसका उद्देश्य कर्मचारी की मृत्यु से परिवार पर आई आर्थिक कठिनाई को कम करना है। प्राधिकारी को यह जांचना होगा कि भाई ने अलग से आवेदन दिया है या नहीं और लागू नीति में दावेदारों के लिए कोई प्राथमिकता तय है या नहीं। कोर्ट ने विधवा की 8 अक्टूबर 2026 की सहमति संबंधी शपथपत्र पर भी विचार करने को कहा, लेकिन स्पष्ट किया कि इससे दूसरे पात्र दावेदार का दावा अपने आप समाप्त नहीं होगा।

हाई कोर्ट ने नगर निगम का आदेश निरस्त कर दोनों भाइयों को अपना पक्ष और दस्तावेज रखने का अवसर देने तथा आठ सप्ताह में कारण सहित निर्णय पारित करने का निर्देश दिया।