रायपुर 10 मई 2026।रमेश कुमार शर्मा सहकारिता एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के आयुक्त होंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 2010 बैच के IAS रमेश शर्मा फिलहाल गृह विभाग में सचिव थे।

रायपुर 10 मई 2026।रमेश कुमार शर्मा सहकारिता एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के आयुक्त होंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 2010 बैच के IAS रमेश शर्मा फिलहाल गृह विभाग में सचिव थे।

बलरामपुर। बलरामपुर जिले में घरेलू विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। नवाडीह गांव में एक युवक ने अपने ही दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।
मामला चांदो थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव का है, जहां 65 वर्षीय भुवनेश्वर केरकेटा अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा घर पहुंचा। परिजनों के अनुसार कामकाज और जिम्मेदारियों को लेकर हुई बातचीत के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने घर में रखे धारदार बसूला से दादा के सिर और गले पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही चांदो पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जिले भर में नाकेबंदी और तलाश अभियान शुरू किया। चांदो और राजपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर राजपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी जिले से बाहर भागने की फिराक में था, लेकिन 24 घंटे के भीतर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकास के 12 वर्षों को बताया नए भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्याय
रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर को भारत के विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए युग का प्रतीक बताया। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े रायपुर स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के उनके संकल्प की निरंतर सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने देश की उन्नति, समृद्धि और विकसित भारत के लक्ष्य की सिद्धि की भी कामना की।
राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता, जनकल्याण और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर कार्य किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व की प्रमुख शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत अभियान, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, गरीब कल्याण योजनाओं तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे अनेक परिवर्तनकारी कदमों ने देश के विकास को नई दिशा दी है। भारत आज आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंचों पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रहा है और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व देश के करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने सेवा, सुशासन और संकल्प से सिद्धि की भावना के साथ नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा और भारत विश्वगुरु के रूप में अपनी गौरवशाली पहचान स्थापित करेगा।
सुकमा। जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ घुर नक्सल प्रभावित रहे हिडमा के ग्राम पूवर्ती में साेमवार काे आयोजित सुशासन तिहार शिविरों ने शासन की जनहितकारी पहल को नई मजबूती प्रदान की है। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस पहल के प्रति उनके विश्वास और उत्साह को दर्शाया। नक्सल समस्या के कारण वर्षों से बुनियादी दस्तावेजों एवं शासकीय सेवाओं के लिए भटकने वाले ग्रामीणों को अब गांव में ही सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में पुवर्ती में आयुष्मान कार्ड, नवीन खाता, राशन कार्ड, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की व्यवस्था भी की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया।
सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं के वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सरोकारों का भी सशक्त माध्यम बना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे ग्रामीणों में आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण बना। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ अंचलों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ समावेशी विकास एवं जनकल्याण की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार योपेंद्र पात्रे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। राज्य सरकार की पशुधन संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की पहल के तहत संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां पशुपालकों के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाकर यह व्यवस्था न केवल पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी सहायक बन रही है।राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलों में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों के माध्यम से पशुपालकों को उनके घर और गांव के समीप ही निःशुल्क उपचार, टीकाकरण तथा तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा से उन क्षेत्रों के पशुपालकों को विशेष लाभ मिल रहा है, जहां स्थायी पशु चिकित्सालयों तक पहुंचना कठिन होता है।
मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशक दवापान, डिटिकिंग, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा आवश्यक औषधियों का वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक यूनिट में पशु चिकित्सक, पैरावेट एवं चालक-सह-अटेंडेंट की तैनाती की गई है तथा वाहनों में आधुनिक उपकरणों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।इसी क्रम में बलरामपुर जिले में अब तक 14 हजार 374 पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से 1 लाख 67 हजार 176 पशुओं का उपचार, 1 लाख 38 हजार 892 पशुओं का टीकाकरण, 87 हजार 143 पशुओं को औषधि वितरण, 53 हजार 940 नमूनों की जांच, 12 हजार 758 बधियाकरण तथा 710 कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान की गई हैं। यह आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
पशुधन विकास विभाग द्वारा चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ पशुपालकों को पशुपालन की वैज्ञानिक पद्धतियों, मौसमी रोगों की रोकथाम, पशुओं के बेहतर रख-रखाव तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य लाभकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है।राज्य शासन द्वारा जारी 1962 टोल फ्री हेल्पलाइन पशुपालकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है। इस नंबर पर कॉल करते ही बीमार, घायल अथवा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है। घर पहुंच सेवा के कारण पशुओं की मृत्यु दर में कमी आई है तथा दुग्ध, मांस और अंडा उत्पादन में वृद्धि के साथ पशुपालकों की आय में भी निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
वर्षा ऋतु को देखते हुए विभाग द्वारा पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने तथा आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे पशुओं को नहीं बांधने जैसी सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की यह अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन संरक्षण, पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।
गरियाबंद। पुलिस अधीक्षक कार्यालय गरियाबंद द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक ओमप्रकाश यादव को सिटी कोतवाली गरियाबंद से थाना प्रभारी जुगाड़ भेजा गया है, जबकि निरीक्षक शिशिर पाण्डेय को रक्षित केंद्र गरियाबंद से सिटी कोतवाली गरियाबंद का थाना प्रभारी बनाया गया है।

निरीक्षक शिवशंकर हुर्री को थाना प्रभारी मैनपुर से रक्षित केंद्र गरियाबंद संबद्ध साइबर सेल में पदस्थ किया गया है। वहीं निरीक्षक सिद्धेश्वर प्रताप सिंह को रक्षित केंद्र से थाना प्रभारी मैनपुर की जिम्मेदारी दी गई है। सब इंस्पेक्टर यदु राज ठाकुर को थाना प्रभारी जुगाड़ से रक्षित केंद्र गरियाबंद संबद्ध साइबर सेल भेजा गया है, जबकि सब इंस्पेक्टर संत राम साहू को सिटी कोतवाली गरियाबंद से थाना राजिम पदस्थ किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य और आधुनिक रचनात्मकता के अद्भुत संगम का प्रतीक बना संस्कृति विभाग का बहुप्रतीक्षित कला प्रशिक्षण शिविर “आकार-2026” रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतिभागियों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हो गया। 25 मई से 9 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, रायपुर में आयोजित इस 16 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेशभर से आए 1281 प्रतिभागियों ने 16 विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को नई दिशा दी।
समापन समारोह में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा उप संचालक प्रताप चंद्र पारख सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी, प्रशिक्षु एवं अभिभावक उपस्थित थे।
मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2004 में संस्कृति मंत्री रहते हुए उन्होंने “आकार” प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से यह पहल प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा कि इसकी लोकप्रियता को देखते हुए ऐसे आयोजन प्रदेश के सभी संभागों में आयोजित किए जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक आभूषणों, हस्तशिल्प के लिए स्थायी विक्रय केंद्र भी विकसित किए जाने चाहिए, जिससे कलाकारों को आर्थिक लाभ मिल सके और लोग छत्तीसगढ़ के आभूषण और हस्तशिल्प को देख और खरीद सकंे।
अग्रवाल ने बच्चों को मिट्टी और प्रकृति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि “जिस दिन बच्चे मिट्टी से जुड़ना और मिट्टी से सृजन करना सीख जाएंगे, उनका जीवन आनंद और संवेदनशीलता से भर जाएगा। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, कला और लोक परंपराओं की जानकारी देना समय की आवश्यकता है।”
कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि “आकार केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित एवं संवर्धित करने का एक सशक्त माध्यम है। वर्ष 2004 से लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम युवाओं में सृजनशीलता और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।” उन्होंने बताया कि अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पंजीयन शुल्क को 200 रुपये से घटाकर मात्र 100 रुपये किया गया। साथ ही दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के लिए विशेष रियायत भी प्रदान की गई, जिससे समाज के सभी वर्गों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल सके।
“आकार-2026” ने इस वर्ष पारंपरिक लोक कलाओं और आधुनिक तकनीक के बीच एक सुंदर सेतु का निर्माण किया। जहां एक ओर प्रतिभागियों ने टेराकोटा, जूट शिल्प, गोदना कला, रजवार भित्ति चित्र, मंडला एवं मांडना कला, भरथरी गायन और कथक जैसी विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कला की नवीनतम तकनीकों से भी परिचित कराया गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सभी कला गुरुओं एवं प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने प्रशिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया।
समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सुवा नृत्य, कर्मा नृत्य, पंथी नृत्य, बांसगीत, भरथरी गायन तथा लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक मंत्रमुग्ध रखा। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्यों की मधुर ध्वनि और कलाकारों की ऊर्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
शिविर में प्रदेश के प्रतिष्ठित कला गुरुओं ने प्रशिक्षण प्रदान किया। एआई आर्ट का प्रशिक्षण वल्कल्पति जेस्सी, क्ले एवं टेक्सचर आर्ट सुश्री अलका हनवत, पेंटिंग राकेश पुजारी, बोनसाई कला अनिल वर्मा, भरथरी गायन प्रांजल सिंह, कथक नृत्य चिरंजीव हलधर, मंडला एवं मांडना आर्ट कविता यादव, रजवार भित्ति चित्र कला प्रतिमा डहरवाल, जूट एवं गोदना शिल्प कल्पना यादव, पारंपरिक गहना निर्माण एवं वुडन ट्राइबल आर्ट डॉ. शुभ्रा मिश्रा, लोकनृत्य एवं लोकसंगीत श्री तेजराम साहू, हस्तकढ़ाई एवं शिल्प डिजाइनिंग प्रेमलता सिंह, टेराकोटा श्री विमल फुटान, लिप्पन आर्ट एवं पचवाई कला निधि अग्रवाल, वाद्य यंत्र रिखी क्षत्रीय तथा क्रोशिया कला का प्रशिक्षण सीमा रायजादा ने दिया।
“आकार-2026” ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है। 1281 प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता, अनुभवी कला गुरुओं का मार्गदर्शन और लोक संस्कृति से सराबोर प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को रंग, रचनात्मकता और परंपरा के सच्चे महाकुंभ में परिवर्तित कर दिया। यह आयोजन न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बना, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का एक सफल प्रयास भी सिद्ध हुआ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री अब बेहद करीब पहुंच गई है और मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। मंगलवार को प्रदेश के कई इलाकों में बादल गरजने, तेज हवा चलने और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं, वहीं राजधानी रायपुर में देर रात बूंदाबांदी के बाद उमस बढ़ने से लोग परेशान रहे।
मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। मंगलवार को शंकरगढ़, मंदिर हसौद और खरोरा में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव और सबसे कम 23.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है, वहीं पंजाब से बिहार तक द्रोणिका बनने के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। विभाग ने राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, जीपीएम, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 39 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
रायपुर। औद्येगिक क्षेत्र व शहरी इलाके में बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिये धरसीवां का कुथरेल सब स्टेशन रायपुर का चौथा सब स्टेशन बन गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने इस 220/132 केवी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाकर 480 एमवीए कर दी है।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने आज 220/132 केवी उपकेंद्र कुथरेल (धरसीवां) में 160 एमवीए क्षमता के नए पावर ट्रांसफॉर्मर को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया। इसके साथ ही उपकेंद्र की कुल क्षमता बढ़कर 480 एमवीए हो गई है और यह रायपुर का चौथा बड़ा 220 केवी सबस्टेशन बन गया है। इसके पूर्व उरला, सिलतरा और बोरझरा स्थित 220/132 केवी के तीनों उपकेंद्र 480-480 एमवीए क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। इस क्षमता वृद्धि से आसपास के औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। साथ ही गर्मी के मौसम में बढऩे वाले विद्युत भार के प्रबंधन तथा भविष्य की विद्युत मांग को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी। कंट्रोल पैनल के माध्यम से ट्रांसफॉर्मर का ऊर्जीकरण किया।
इस अवसर पर मुख्य अभियंता ई. अब्राहम वर्गीज, अतिरिक्त मुख्य अभियंता आर. के. तिवारी, कार्यपालन अभियंता (उपकेंद्र) जितेंद्र कुमार झा, कार्यपालन अभियंता (परीक्षण संभाग) कमंजय सिन्हा तथा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उडऩदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा जिला गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई की गई है।
खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उडऩदस्ता की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान जिला गरियाबंद के तहसील राजिम अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा स्थित पैरी नदी में गौण खनिज साधारण रेत के अवैध उत्खनन एवं मशीनों के माध्यम से नियम विरुद्ध रेत उत्खनन का मामला पाया। जांच के दौरान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन चैन माउंटेन मशीनों को जप्त कर सील किया गया। साथ ही खदान संचालक एवं मशीन मालिकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को भी जप्त कर राजिम थाना में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनि उडऩदस्ता की संयुक्त जांच टीम तथा जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज साधन विभाग के सचिव ने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी की जा रही है। विभागीय अमला एवं उडऩदस्ता दलों को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय संवर्ग के दो उप सचिवों के विभाग में बदलाव किया है। जारी आदेशानुसार सूर्य किरण अग्रवाल को पशुधन विकास तथा मछली पालन विभाग से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा मनोज कुमार मिश्रा को उच्च शिक्षा से पशुधन विकास तथा मछली पालन विभाग में पदस्थ किया गया है।
इससे पहले कल दो अवर सचिव को अतिरिक्त प्रभार दिया गया जिनमें जीएडी 9-13 के अवर सचिव हेमंत पांडे को जन शिकायत निवारण और विमल कुमार शांडिल्य को योजना आर्थिक सांख्यिकी के साथ धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का प्रभार सौंपा गया।
रायपुर- आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न आवासीय कॉलोनियों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रायपुर क्षेत्र की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा अपनी-अपनी कॉलोनियों से संबंधित समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों से मंत्री के समक्ष अवगत कराया।
मंत्री ओपी चौधरी ने सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण कर व्यवहारिक एवं विधिसम्मत समाधान की दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शहरी अधोसंरचना, पारदर्शी प्रशासन एवं नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए शासन प्रतिबद्ध है तथा आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।
मंत्री चौधरी ने आवास विभाग, नगरीय निकायों, रेरा, बिल्डर संगठनों तथा रहवासी कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समय-समय पर स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न पक्षों के बीच सतत संवाद स्थापित हो तथा समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना विकास, सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री चौधरी ने कहा कि शासन और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद से समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है तथा जनसहभागिता से शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
बैठक के दौरान आवासीय समितियों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि संभवतः छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का प्रत्यक्ष संवाद आयोजित किया गया है। उन्होंने इसे राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक अनुकरणीय पहल बताया।
बैठक में प्रतिनिधियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं, रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित परियोजनाओं के हस्तांतरण तथा संस्थागत सुधारों से जुड़े विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही आवासीय समितियों को सशक्त बनाने, "आवास मितान" डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने, सलाहकार समिति गठित करने तथा बड़े आवासीय परिसरों में मतदान सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश आयुक्त अवनीश शरण सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही पार्थिव पैसिफिक, कुबेर सोसायटी, सिटी ऑफ ड्रीम्स, आनंदम वर्ल्ड सिटी, पाम बेलाजियो, साई वाटिका, अविनाश सनसिटी, मारुति लाइफस्टाइल, अविनाश सिग्नेचर होम्स, रालास एन्क्लेव, क्रेस्ट ग्रीन्स, सिंगापुर सिटी, सैफायर ग्रीन्स, लास विस्टास, जैनम हाइट्स, पार्थिवी प्रोविंस, बरसाना एन्क्लेव, गैलेक्सी आईलैंड, सृष्टि पैलाजो एवं क्रॉसविंड्स सहित विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा - सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगी नई मजबूती
42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरण
रायपुर- मुख्यमंत्र विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
रायपुर। प्रदेश में राज्य सरकार ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मौसम के मिजाज को देखते हुए स्कूल खुलने की तिथि में बदलाव किया जा सकता है।
सरकारी नियम के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सभी स्कूल 16 जून से खुलने वाले हैं। लेकिन प्रदेश में गर्मी कम नहीं हो रही है। तेज धूप और उमस के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में माता-पिता को चिंता हो रही है। इस बारे में बात करते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि बच्चों की सेहत हमारे लिए सबसे जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर आने वाले दिनों में भी ऐसी ही तेज गर्मी पड़ती रही, तो 16 जून से स्कूल खोलने के फैसले को बदला जा सकता है और छुट्टियां कुछ दिन और बढ़ाई जा सकती हैं। उम्मीद है कि शिक्षा विभाग जल्द ही इसके लिए नया आदेश जारी कर सकता है। अब सभी लोग शिक्षा विभाग के नए आदेश का इंतजार कर रहे हैं, जो मौसम को देखकर जल्द ही जारी हो सकता है।
हालांकि इस संबंध में अभी तक सरकार की ओर से कोई अधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन ये माना जा रहा है कि शिक्षा विभाग की ओर से जल्द ही आदेश जारी किया जा सकता है। अब देखने वाली बात होगी सरकार स्कूल खुलने की तारीख को आगे बढ़ाती है या 16 जून से ही प्रदेश के सभी स्कूल खुलेंगे।
ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उभर रही नई पहचान, स्थानीय आजीविका को मिल रहा संबल
सफल होमस्टे मॉडल और आत्मीय मेजबानी से बढ़ रही केरे गांव की लोकप्रियता
रायपुर--- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय से यह गांव प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।
सोमवार को जशपुर जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने विकासखंड जशपुर के ग्राम केरे में संचालित होमस्टे का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, पारंपरिक भोजन व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।
प्रभारी सचिव ने होमस्टे में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। गांव में वर्तमान में पांच होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन तथा पर्यटकों की बेहतर सेवा से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।
हाल ही में महुआ होमस्टे में ठहरे पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों ने इस पहल की सफलता को और मजबूती प्रदान की है। पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा उन्हें ताजा, पौष्टिक एवं घर में तैयार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां की स्वच्छता, शांत वातावरण, आत्मीय मेजबानी और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के अवसर की सराहना की।
प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं तथा ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिला प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित कर रहा है। साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सकारात्मक अनुभवों, बेहतर व्यवस्थाओं और लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
इस अवसर पर कलेक्टर रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ श्री लोखित भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा
किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश
दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहा
रायपुर- जशपुर जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा।
जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें।
खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय एवं क्रिटिकल केयर सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1 लाख 12 हजार 618 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 93 हजार 506 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।
जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 6 मॉडल अमृत सरोवर चयनित किए गए हैं। इसके अलावा आजीविका डबरी के 495, वाटर रिचार्ज के 461, पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णाेद्धार के 1,437 तथा सोक पिट निर्माण के 3,050 कार्य स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं।
समीक्षा बैठक में मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, मत्स्यपालन, पशुपालन, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सहित विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में सीएएफ (CAF) कैंप में तैनात एक जवान ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। मृतक जवान की पहचान जोगेंद्र नेताम के रूप में हुई है। एसपी ने थाना प्रभारी को सभी पहलुओं पर बारिकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि मृतक जवान जोगेंद्र नेताम फरसगांव इलाके के उरंदाबेड़ा थाना अंतर्गत स्थित सीएएफ (CAF) कैंप में तैनात था। ड्यूटी के दौरान ही उसने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। घटना की जानकारी मिलते ही उरंदाबेड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। खून से लथपथ घायल जवान को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद जवान जोगेंद्र नेताम को मृत घोषित कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा तत्काल मर्च्युरी पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद मृत जवान के परिजनों से मुलाकात की। शुरुआती जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया जवान ने निजी कारणों के चलते मानसिक तनाव में आकर यह आत्मघाती कदम उठाया है।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में 18 पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ है, जिनमें 4 एसआई, 2 एएसआई, 2 हेडकांस्टेबल और 10 कॉन्स्टेबल शामिल है। एसएसपी रजनेश सिंह ने तबादला का आदेश भी जारी कर दिया है।
देखें आदेश….

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -
1. आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।
2. मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
3. मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
4. मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा योग शिक्षा, अनुसंधान और उससे संबंधित गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं। विषय की प्रकृति और प्रशासनिक समन्वय को ध्यान में रखते हुए इसे चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे योग से संबंधित शैक्षणिक, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
5. मंत्रिपरिषद् ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की सहमति भारत सरकार को प्रेषित करने की अनुमति प्रदान की है।
इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इस योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल, सुरक्षित और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
6. मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही मुद्रांक शुल्क (स्टाम्प ड्यूटी) छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में गति मिलेगी तथा नवा रायपुर अटल नगर के सुनियोजित विकास और आधारभूत संरचना के विस्तार को और अधिक मजबूती मिलेगी।
7. मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भण्डारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इस संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग एवं वाहन ट्रैकिंग प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा तथा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी।
भण्डारण अनुज्ञापत्रधारियों से वसूल की जाने वाली भण्डारण शुल्क की राशि तथा सिक्योरिटी डिपॉजिट में वृद्धि की गई। इसके अतिरिक्त ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाईसेंस होल्डर को अतिरिक्त जमीन स्वीकृत किए जाने एवं दो भण्डारण लाईसेंसों को समामेलित (एकजाई) संबंधी प्रावधानों को लागू किया गया।
इस निर्णय से अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी।
रायपुर। रायपुर शहर में आठ नई मिनी सिटी बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है। इन बसों के शुरू होने से शहरवासियों को सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी। ये बसें टाटीबंध चौक से रेलवे स्टेशन और पचपेड़ी नाका होते हुए आईएसबीटी तक चलेंगी। यात्रियों के लिए टाटीबंध से रेलवे स्टेशन तक किराया 25 रुपये तय किया गया है। संचालन की शुरुआत 45 दिनों के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही है। बसें हर 15 से 20 मिनट में उपलब्ध होंगी, जिससे शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। शहरवासियों को इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इसके लिए दो रूट तय किए गए है जिनमें पहला रूट टाटीबंध चौक से शुरू होकर आमापारा होते हुए रेलवे स्टेशन तक रहेगा। वहीं दूसरा रूट अंतरराज्यीय बस स्टैंड भांटागांव से शुरू होकर संतोषी नगर चौक होते हुए पचपेड़ी नाका चौक, सिद्धार्थ चौक, कालीबाड़ी और घड़ी चौक से रेलवे स्टेशन तक का है। बसों में यात्रा के लिए लगभग दो रुपये प्रति किलोमीटर का किराया लगेगा। इन मिनी बसों का उद्देश्य शहर के भीतर आवागमन को सरल बनाना और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना है। बसों के संचालन से दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। ये बसें शुरुआती दौर में सुबह साढ़े छह बजे से चलेंगी। ट्रायल के तौर पर बसें फिलहाल दो रूटों पर चलेंगी।
रायपुर--वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा 'रक्षा अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि यह सम्मान दोनों अधिकारियों के अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का गौरवपूर्ण प्रमाण है। विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उन्होंने जिस वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया है, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इन वीर अधिकारियों ने अपने साहसिक कार्यों से न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का मान बढ़ाया है। उनका यह सम्मान छत्तीसगढ़ के युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यपरायणता के मार्ग पर आगे बढऩे के लिए प्रेरित करेगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दोनों अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश को उनके शौर्य और समर्पण पर गर्व है।
रायपुर। रायपुर में 11 जून को शहर के 42 इलाकों में शाम की पानी सप्लाई बंद रहेगी। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) रावणभाटा उपकेंद्र में 33 केवी लाइन पर मेंटेनेंस और केबल कनेक्टिविटी का काम करेगी। इसके चलते शहर के 80 एमएलडी, न्यू 80 एमएलडी और 150 एमएलडी फिल्टर प्लांट कुछ समय के लिए बंद रहेंगे।नगर निगम जलकार्य विभाग के मुताबिक, 11 जून को सुबह नियमित जलापूर्ति के बाद शाम को इन प्लांटों से जुड़े 42 जलागारों में पानी नहीं दिया जाएगा। हालांकि 12 जून की सुबह से जलापूर्ति फिर सामान्य हो जाएगी।इन इलाकों में प्रभावित रहेगी सप्लाईडंगनिया, गंज, गुढ़ियारी, न्यू राजेंद्र नगर, श्याम नगर, तेलीबांधा, शंकर नगर, खमतराई, भनपुरी, भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, डीडी नगर, सरोना, टाटीबंध, कोटा, कबीर नगर, जरवाय, गोगांव, मठपुरैना, लालपुर, अमलीडीह, अवंति विहार, मंडी, मोवा, सड्डू, व्लदल सिवनी, रामनगर, कचना, आमासिवनी, देवपुरी, मोतीबाग, बोरियाखुर्द, जोरा, रायपुरा, कुकरबेड़ा, बैरन बाजार (नया), देवेंद्र नगर (नया) और संजय नगर समेत अन्य क्षेत्रों में शाम की जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।
रायपुर। गर्मियों के सीजन में हर कोई अपने दोस्तों और परिजनों के साथ घूमने जाने का प्लान बनाता है। लेकिन अगर आप भी कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो पहले इस खबर को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि रेलवे ने एक बार फिर 8 मेमू-डेमू ट्रेनों को रद्द किया है। इस फैसले के चलते अब रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल, नागपुर मंडल के रसमड़ा स्टेशन पर अधोसंरचना विकास से जुड़ा काम किया जाएगा। यहां मालगोदाम लाइन को जोड़ने के लिए विशेष ब्लॉक लिया जाएगा। इसी के तहत प्री-नॉन इंटरलॉकिंग से जुड़े तकनीकी कार्य किए जाएंगे। जिसके चलते 10 से 12 जून तक 8 मेमू-डेमू ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया गया है। इसी के साथ ही दो पैसेंजर ट्रेनें गंतव्य से पहले दुर्ग स्टेशन पर समाप्त होंगी।
10 से 12 जून के बीच निम्न रूटों पर चलने वाली मेमू और डेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी। वहीं डोंगरगढ़ से बिलासपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन दुर्ग स्टेशन से शुरू होगी। वहीं रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन स्टेटस जांचने की अपील की है ताकी परेशानियों से बचा जा सके।
रायपुर – डोंगरगढ़
डोंगरगढ़ – रायपुर
डोंगरगढ़ – गोंदिया
गोंदिया – डोंगरगढ़
इतवारी – गोंदिया
गोंदिया – इतवारी
इतवारी – बालाघाट
बालाघाट – इतवारी
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आज यानी 9 जून को आयोजित होगी। बैठक सुबह 11 बजे मंत्रालय महानदी भवन में होगी।
जानकारी के अनुसार, बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मुहर लग सकती है। सबसे महत्वपूर्ण विषय राज्य के 5 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए लंबे समय से लंबित कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर माना जा रहा है। इस योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
इसके अलावा प्रदेश की बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर नीति पर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा हो सकती है। कर्मचारियों और अधिकारियों की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं।