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14 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सरोना , बालोद स्टेशन का हुआ कायाकल्प

14 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सरोना , बालोद स्टेशन का हुआ कायाकल्प

 00 प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण

रायपुर। भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का लोकार्पण कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का भी लोकार्पण किया गया।

सरोना रेलवे स्टेशन पर आयोजित लोकार्पण समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल  रमेन डेका सांसद  बृजमोहन अग्रवाल महापौर मीनल चौबे  तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे तथा रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक  दयानंद सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेलवे की एक दूरदर्शी पहल है, जिसके माध्यम से रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर अधोसंरचना, अत्याधुनिक तकनीक, ऊर्जा दक्षता तथा स्थानीय कला एवं संस्कृति के समावेश के साथ विकसित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत आधुनिक प्रतीक्षालय, स्वच्छ शौचालय, लिफ्ट, एस्केलेटर, डिजिटल सूचना प्रणाली, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, हरित विकास, वर्षा जल संचयन, सुव्यवस्थित यातायात एवं पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 50 स्टेशनों का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत किया जा रहा है ।इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें शामिल सरोना रेलवे स्टेशन का लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक आधुनिकीकरण किया गया है। सरोना स्टेशन पर आधुनिक स्टेशन भवन, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश क्षेत्र, सुव्यवस्थित प्रवेश एवं निकास द्वार, आधुनिक फुट ओवर ब्रिज, सात नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, प्लेटफॉर्म सतह का उन्नयन, दो आधुनिक लिफ्ट, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, समर्पित पार्किंग क्षेत्र, ऊर्जा दक्ष एलईडी प्रकाश व्यवस्था तथा छत्तीसगढ़ की लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले आकर्षक भित्ति चित्र विकसित किए गए हैं। इन सुविधाओं से यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।

सरोना रेलवे स्टेशन का इतिहास वर्ष 1891 से जुड़ा है, जब ब्रिटिशकालीन बंगाल नागपुर रेलवे द्वारा इसे हावड़ा-नागपुर-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर एक परिचालन एवं सिग्नलिंग केंद्र के रूप में स्थापित किया गया था। समय के साथ बढ़ती औद्योगिक एवं यात्री आवश्यकताओं के अनुरूप इसका विस्तार हुआ और आज यह रायपुर राजधानी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत विकसित किए जा रहे स्टेशन केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें स्थानीय संस्कृति, पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। स्टेशनों का यह आधुनिकीकरण क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करने के साथ-साथ यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं आधुनिक रेल यात्रा उपलब्ध कराने की दिशा में भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है

सेवा-सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाएं, अब 442 डिजिटल सुविधाएं एक ही केंद्र पर, घर बैठे बन रहे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र

सेवा-सेतु से आसान हुई सरकारी सेवाएं, अब 442 डिजिटल सुविधाएं एक ही केंद्र पर, घर बैठे बन रहे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र

 रायपुर: राज्य सरकार की डिजिटल सुशासन पहल के तहत संचालित सेवा-सेतु केंद्र आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं का सबसे भरोसेमंद और आसान माध्यम बनकर उभरे हैं। पहले लोक सेवा केंद्र के रूप में संचालित इन केंद्रों में जहां 73 शासकीय सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब इनका विस्तार कर 442 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। इससे नागरिकों को आय, जाति, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र समेत विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर ऑनलाइन और समयबद्ध तरीके से मिल रही हैं।

सबसे अधिक राहत उन लोगों को मिली है जिन्हें आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहले कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सेवा-सेतु केंद्र में आवश्यक दस्तावेज जमा करते ही आवेदन संबंधित विभाग तक ऑनलाइन पहुंच जाता है। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से पारदर्शिता बढ़ी है और नागरिकों का समय व धन दोनों बच रहे हैं।

राज्य सरकार के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रम पंजीयन, बिजली, पानी, राजस्व, पंचायत, नगरीय प्रशासन, खाद्य, शिक्षा,  स्वास्थ्य सहित अनेक विभागों की सेवाएं भी एक ही केंद्र पर उपलब्ध हो रही हैं। इससे अलग-अलग कार्यालयों में जाने की आवश्यकता काफी हद तक समाप्त हो गई है।

रायगढ़ जिले में भी सेवा-सेतु केंद्रों का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में रायगढ़ तहसील के विभिन्न सेवा-सेतु केंद्रों के माध्यम से राजपाल सिदार, गिरधारी सिदार, मुकेश कुमार विशाल तथा टेकचंद उरांव सहित अनेक आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी किए गए। आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रमाण पत्र का निर्गमन पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ। जिले के विभिन्न सेवा-सेतु केंद्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए आवेदन कर रहे हैं और समय पर उनका लाभ प्राप्त कर रहे हैं।

सेवा-सेतु केंद्रों की एक महत्वपूर्ण विशेषता डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था भी है। प्रत्येक आवेदन का ऑनलाइन पंजीयन होने से उसकी स्थिति की निगरानी संभव हो गई है। आवेदक अपने आवेदन की प्रगति की जानकारी भी प्राप्त कर सकता है। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है और सेवा उपलब्ध कराने में जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।

राज्य शासन का उद्देश्य शासकीय सेवाओं को नागरिकों तक सरल, सुलभ और पारदर्शी रूप में पहुंचाना है। 442 डिजिटल सेवाओं के एकीकृत मंच के रूप में विकसित सेवा-सेतु केंद्र ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को नई गति दे रहे हैं। इन केंद्रों के विस्तार से न केवल लोगों का समय और धन बच रहा है, बल्कि डिजिटल सुशासन को भी नई मजबूती मिल रही है। शासन की यह पहल नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

CG : इलाके में मिली अज्ञात महिला की लाश, क्राइम ब्रांच समेत पुलिस जांच में जुटी

CG : इलाके में मिली अज्ञात महिला की लाश, क्राइम ब्रांच समेत पुलिस जांच में जुटी

दुर्ग।  दुर्ग जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब पुलगांव नाला किनारे जंगलनुमा इलाके में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलगांव थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शव की स्थिति को देखते हुए दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस महिला की पहचान करने के साथ-साथ मामले के सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

राजधानी में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कारोबारी ने पत्नी समेत 3 बच्चों को जहर देकर की आत्महत्या, इलाके में दहशत

राजधानी में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कारोबारी ने पत्नी समेत 3 बच्चों को जहर देकर की आत्महत्या, इलाके में दहशत

 रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बैटरी व्यवसाय से जुड़े 45 वर्षीय सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू अपने किराए के मकान में मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आशंका है कि उन्होंने पहले पत्नी और तीन बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया और बाद में खुद फांसी लगाकर जान दे दी। इस घटना में परिवार के पांचों सदस्यों की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही टिकरापारा पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान कमरे से खाने-पीने का सामान और एक कीटनाशक का डिब्बा बरामद हुआ। वहीं मृतकों के मुंह से झाग निकलने के कारण पुलिस जहर दिए जाने की आशंका जता रही है। साक्ष्य जुटाने के बाद मकान को सील कर दिया गया।

आठ महीने पहले किराए के मकान में आया था परिवार

पुलिस के अनुसार, मूल रूप से बिहार निवासी सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू पिछले करीब आठ महीने से संजय नगर मदनी चौक में रहने वाले सय्यद उमेर अली के मकान में परिवार सहित किराए पर रह रहा था। परिवार में पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटी शाहिदा (17) और इरशाबा बेगम (16) शामिल थे। शाहिद पुरानी बैटरियों का कारोबार करता था, जबकि उसका बेटा एक निजी कंपनी में कार्यरत था।

बंद घर और बदबू से हुआ घटना का खुलासा

पड़ोसियों ने बताया कि गुरुवार रात के बाद से परिवार का कोई सदस्य दिखाई नहीं दिया। शुक्रवार को पूरे दिन घर बंद रहने और अंदर से तेज दुर्गंध आने पर लोगों को संदेह हुआ। कई बार आवाज लगाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद रात करीब 10 बजे पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर शाहिद का शव फंदे से लटका मिला, जबकि पत्नी और तीनों बच्चों के शव कमरे में जमीन पर पड़े थे। पुलिस का अनुमान है कि घटना गुरुवार देर रात की हो सकती है।

जहर देकर हत्या की आशंका

घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मृतकों की स्थिति को देखते हुए शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि पहले भोजन में जहरीला पदार्थ मिलाकर पत्नी और बच्चों को दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शाहिद ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारण का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही होगा।

भाई ने की पहचान, पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच

पुलिस के मुताबिक, मृतक का भाई जहीर अली रायपुर के कुकरीपारा इलाके में रहता है। उसी ने पांचों शवों की पहचान की। पुलिस मकान मालिक सहित परिवार से जुड़े लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।

बेटियों के नहीं दिखने से पड़ोसियों को हुआ संदेह

Raipur Suicide News: स्थानीय लोगों ने बताया कि, शाहिद की दोनों बेटियां अक्सर पड़ोस में रहने वाले किरायेदारों के घर आती-जाती थीं। गुरुवार रात के बाद उनके नजर नहीं आने और पूरे दिन घर बंद रहने से लोगों को शक हुआ। जब कई बार दरवाजा खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तब मकान मालिक को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद इस दर्दनाक घटना का खुलासा हुआ।

छत्तीसगढ़ में सुशासन, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रही है सरकार : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ में सुशासन, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रही है सरकार : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह प्रस्ताव सरकार के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के विश्वास और जनादेश के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव तथा नगरीय निकाय चुनावों में जनता ने विकास, सुशासन और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पर अपना अटूट विश्वास व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने जनता से किए गए अधिकांश वादों और मोदी की गारंटी को धरातल पर उतारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियां स्वयं उसकी कार्यशैली और जनविश्वास का प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों, महिलाओं, गरीबों, युवाओं, आदिवासियों तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्षों के बकाया बोनस का भुगतान, महतारी वंदन योजना के माध्यम से लगभग 70 लाख महिलाओं को 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की सम्मान राशि तथा गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी है। महतारी वंदन योजना के साथ-साथ 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाओं को 'लखपति दीदीÓ बनाया गया है। महिलाओं के संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 50 प्रतिशत तथा स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी गई है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों को पुन: रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं और महिलाओं का आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी शक्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि के लिए रिकॉर्ड धान खरीदी, कृषक उन्नति योजना, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, फसल विविधीकरण, उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता तथा सिंचाई क्षमता के विस्तार जैसे अनेक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि जल संसाधन परियोजनाओं के लिए रिकॉर्ड प्रशासनिक स्वीकृतियां दी गई हैं तथा सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।  

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आदिवासी समाज के विकास के लिए सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों का पारिश्रमिक बढ़ाया गया, चरणपादुका योजना पुन: प्रारंभ की गई तथा वनाधिकार पत्रधारकों को राहत देने वाले निर्णय लिए गए। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से हजारों जनजातीय गांवों और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों तक सड़क, बिजली, पेयजल, आवास और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल का विस्तार, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी तथा जनजातीय संग्रहालय और शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक जैसी पहलें भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत करने और नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सुरक्षा, विकास और जनविश्वास की रणनीति के माध्यम से प्रदेश में शांति का नया वातावरण बना है। रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है तथा साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए नए साइबर थानों की स्थापना की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के अधिक अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।  

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के कारण राज्य में निवेश का वातावरण मजबूत हुआ है। देश और विदेश में आयोजित निवेश सम्मेलनों के माध्यम से 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लाखों रोजगार सृजित होंगे। वस्त्र उद्योग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एआई-सेज, डेटा सेंटर पार्क तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सरकार ने उत्पादन, पारेषण, वितरण और नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 76 हजार से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। किसानों के सिंचाई पंपों का बड़े पैमाने पर ऊर्जीकरण किया गया है तथा राज्य ने प्लांट लोड फैक्टर के मामले में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। नई ताप विद्युत परियोजनाओं, पम्प स्टोरेज तथा सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि खनिज संसाधनों के पारदर्शी उपयोग और जिला खनिज संस्थान निधि के प्रभावी संचालन से प्रदेश के विकास को नई गति मिली है। रिकॉर्ड खनिज राजस्व अर्जित करने के साथ खनिज ऑनलाइन 2.0 और डीएमएफ पोर्टल 2.0 लागू किए गए हैं। 82 हजार से अधिक विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं तथा खनिज ब्लॉकों की नीलामी, लीथियम जैसे रणनीतिक खनिजों के विकास और नई रेत नीति के माध्यम से पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित की गई है। अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल अधोसंरचना, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दूरस्थ क्षेत्रों में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा भारतनेट फेज-3.0 के माध्यम से हजारों ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जा रहा है। शिक्षा में युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षकविहीन विद्यालयों की समस्या समाप्त की गई है, जबकि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत राज्य के अधिकांश परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रशासनिक सुधार और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं। ई-डिस्ट्रिक्ट, ऑटो म्यूटेशन, मॉडल स्मार्ट रजिस्ट्री कार्यालय, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से आम नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की समयबद्ध और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि 435 प्रशासनिक सुधार लागू कर छत्तीसगढ़ को सुशासन का मॉडल बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण, इको-टूरिज्म, वन संवर्धन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को समान महत्व दे रही है।  'एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या धाम की यात्रा कर चुके हैं तथा राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।

अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता का अटूट विश्वास सरकार के साथ है और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी। 

करघे से कमाई तक: धमतरी के ग्राम नारी की बुनकर महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

करघे से कमाई तक: धमतरी के ग्राम नारी की बुनकर महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई इबारत

 शासकीय सहयोग से बढ़ा उत्पादन, आय और आत्मविश्वास

संबलपुरी साड़ियों की बुनाई से मिल रही नई पहचान

रायपुर-- ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्रामीण भारत में बुनकरों—विशेषकर महिलाओं—को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम है। यह समिति कच्चे माल की खरीद, कौशल प्रशिक्षण और तैयार उत्पादों के विपणन की सुविधा प्रदान करके बुनकरों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाती है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। छत्तीसगढ़ शासन के ग्रामोद्योग विभाग (हाथकरघा प्रभाग) की योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। धमतरी जिले के ग्राम नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और पारंपरिक हस्तकला के संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बन गई है।

 *बुनकरों ने ओडिशा में अलग पहचान बना रही हैं*

नारी की ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति सरकारी सहयोग और बुनकरों की मेहनत से यह समिति न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार का माध्यम बनी है, बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा के बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बना रही है।

*संबलपुरी साड़ियों से मिली नई पहचान*  

ग्राम नारी में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी। ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस कला को अपनाया। अपनी विशिष्ट इकत डिज़ाइन, आकर्षक रंगों और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण संबलपुरी साड़ियों की बाजार में अच्छी मांग है। गांव की महिलाओं ने इस चुनौतीपूर्ण कला को सीखकर पारंपरिक हुनर को आय का स्थायी स्रोत बना लिया।

*समिति द्वारा बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वस्त्र तैयार कर रहे हैं*

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम के तहत समिति को नियमित धागा उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही समितियों के सुचारु संचालन के लिए सेवा प्रभार के रूप में आर्थिक सहायता, नवीन बुनाई प्रशिक्षण और आधुनिक करघों का वितरण भी किया गया है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी है और बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण वस्त्र तैयार हो रहे हैं।

*मासिक कारोबार 3-4 लाख, महिलाओं की आय दोगुनी*  

वर्तमान में ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति प्रतिमाह लगभग 300 से 400 संबलपुरी साड़ियों का उत्पादन कर रही है। इनकी बिक्री मुख्यतः ओडिशा के विभिन्न बाजारों में होती है। समिति का मासिक कारोबार अब 3 से 4 लाख रुपये तक पहुंच गया है।

*महिलाएं हो रहीं हैं को आत्मनिर्भर*

 इस पहल का सबसे बड़ा लाभ गांव की महिलाओं को मिला है। पहले महिलाएं शासकीय वस्त्र उत्पादन से प्रतिदिन 300 से 350 रुपये कमाती थीं, अब उनकी दैनिक आय 550 से 600 रुपये तक बढ़ गई है। कौशल उन्नयन के माध्यम से भविष्य में आय को 1,000 से 1,200 रुपये प्रतिदिन तक ले जाने का लक्ष्य है। इससे महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ सामूहिक निर्णय लेने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर भी मिला है।

*छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहीं हैं*

ग्राम नारी की यह सफलता बताती है कि शासन की योजनाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और स्थानीय मेहनत मिलकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं। यदि समिति को ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुंच का अवसर मिले, तो यह छत्तीसगढ़ के हाथकरघा उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा: रात 2.36 बजे तक सदन में चली बहस फिर औंधे मुंह गिरा अविश्वास प्रस्ताव, 136 बिंदुओं पर हुई तीखी बहस

छत्तीसगढ़ विधानसभा: रात 2.36 बजे तक सदन में चली बहस फिर औंधे मुंह गिरा अविश्वास प्रस्ताव, 136 बिंदुओं पर हुई तीखी बहस

 रायपुर। विधानसभा में साय सरकार के विरुद्ध कांग्रेस सदस्यों का 136 बिंदुओं पर लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से अस्वीकृत हो गया। दोपहर लगभग 12:10 बजे चर्चा के लिए लाए गए इस प्रस्ताव पर सदन में 14 घंटे 26 मिनट तक पक्ष- विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक होती रही। हंगामे के कारण एक बार कार्यवाही स्थगित भी करनी पड़ी। अंततः रात करीब 2:36 बजे अविश्वास प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया गया।चर्चा में पक्ष- पक्ष के 18 सदस्यों ने भाग लिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शीतकालीन सत्र बुलाया जाएगा।

पक्ष-विपक्ष ने किए दावे-प्रतिदावे

चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत ने सरकार के 136 सप्ताह के कार्यकाल को जनता विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने कार्यकाल में सरकार ने आदिवासियों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के खिलाफ कार्य किए हैं। भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सबसे अधिक लूट हुई है। उन्होंने विपक्ष को आईना देखने की सलाह दी।

राहुल-हिडमा प्रकरण उठा तो हुआ हंगामा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने माओवादी हिडमा के साथ राहुल गांधी का नाम लिया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। भिलाई नगर के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने हिडमा के समर्थन वाले पोस्ट को राहुल गांधी द्वारा रीपोस्ट करने का प्रमाण मांगा। इस पर सत्ता पक्ष ने देवेंद्र की बाडी-लैंग्वेज पर आपत्ति जताई। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव मात्र एक औपचारिकता: मुख्यमंत्री विष्णु देव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अविश्वास प्रस्ताव को ‘औपचारिकता’ बताया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पांच साल का कार्यकाल केवल ‘राजा और महाराज’ की आपसी खींचतान और कुर्सी बचाने-पाने के खेल में बीत गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को 500 रुपये देने का वादा किया था, जिसे कभी पूरा नहीं किया गया। घोषणा पत्र में 36 वादे अधूरे रहें। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ‘महतारी वंदन योजना’ में महिलाओं को 1,000 रुपये की राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने तंज कसा कि यदि भ्रष्टाचार में पीएचडी की डिग्री होती, तो विपक्ष विशेषज्ञ होता। अंत में, उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए दावा किया कि अगली बार हम 70 सीटें लाएंगे।
CG : पीएम सूर्य घर योजना का कमाल, ठेनही बना धमतरी का पहला सामूहिक सोलर गांव

CG : पीएम सूर्य घर योजना का कमाल, ठेनही बना धमतरी का पहला सामूहिक सोलर गांव

 धमतरी। जिले का ग्राम ठेनही अब हरित ऊर्जा की नई पहचान बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री की ‘पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना’ के तहत ठेनही जिले का पहला गांव बन गया है, जहां सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। इस योजना से 71 परिवारों को बिना किसी खर्च के बिजली का लाभ मिलेगा।

धमतरी जिले के नगरी विकासखंड स्थित ग्राम ठेनही में 142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। योजना के तहत गांव के 71 परिवारों का दो-दो किलोवॉट क्षमता के लिए पंजीयन किया गया है। प्लांट गांव से लगभग 50 से 75 मीटर दूर स्थापित किया गया है और घरों में बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

55 गांवों में लगेंगे सामूहिक सोलर प्लांट
जिले के ऐसे 55 गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां पक्की छतें नहीं होने के कारण सामूहिक सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं और इसके लिए ग्रामीणों से कोई राशि नहीं ली जा रही है।ग्रामीणों ने कहा- गांव के लिए गर्व की बात

ग्रामीणों का कहना है कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, लेकिन अब इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। उनका मानना है कि यह परियोजना आर्थिक बचत के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम है। गांव के लोगों ने इसे जिले के लिए गर्व की बात बताया है।

25 और गांवों में लगाए जाएंगे प्रोजेक्ट्स
एक समय नक्सल प्रभावित रहा ठेनही गांव अब हरित ऊर्जा का मॉडल बनकर उभर रहा है। प्रशासन की योजना है कि नगरी विकासखंड के फरसियां, रतावा, दुगली समेत लगभग 25 अन्य गांवों में भी इसी तर्ज पर सामूहिक सोलर परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी।

कलेक्टर ने क्या कहा?
कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में जिले में पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। आने वाले समय में अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इस योजना से जोड़कर धमतरी को हरित और ऊर्जा आत्मनिर्भर जिले के रूप में विकसित किया जाएगा।

ठेनही की यह पहल सिर्फ एक सोलर प्लांट नहीं, बल्कि बदलते ग्रामीण भारत की नई तस्वीर है। जहां स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सतत विकास का मॉडल अब गांव-गांव तक पहुंचाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

बिलासपुर-जांजगीर में बाढ़ पर CM साय सख्त, राहत-बचाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

बिलासपुर-जांजगीर में बाढ़ पर CM साय सख्त, राहत-बचाव में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित और जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत एवं आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही जलभराव वाले इलाकों में पानी निकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र बहाली और जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन और सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ बाढ़ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को जल्द सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू, राज्य शासन ने जारी किए स्वतंत्रता दिवस आयोजन संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश….

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू, राज्य शासन ने जारी किए स्वतंत्रता दिवस आयोजन संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष होने जा रहा है, क्योंकि इस मौके पर राष्ट्रगीत श्वंदे मातरम्श् के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी मनाया जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की समुचित निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य

राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। ऐतिहासिक अवसर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी प्रदेश की जनता के नाम संदेश देंगे।

जिला और ब्लॉक स्तर पर मंत्रियों व स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को कमान

जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्रीगण ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यहाँ स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिकाओं व पंचायतों में उनके अध्यक्ष व सरपंच तथा बड़े गांवों में ग्राम प्रमुख ध्वजारोहण करेंगे। इन स्थलों पर राष्ट्रीय गान, भाषण तथा देश की एकता एवं अखण्डता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।

शहीदों के परिजनों का सम्मान

जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को विशेष व सम्मानपूर्वक रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी होने वाले सरकारी विज्ञापन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और छत्तीसगढ़ के शहीदों को समर्पित होंगे। इन विज्ञापनों का प्रकाशन 15 अगस्त के दिन  समाचार पत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।

रात्रि में शासकीय भवनों पर होगी विशेष रोशनी

स्वतंत्रता दिवस की रात्रि को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित विभाग स्वयं वहन करेंगे। आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रात्रि में रोशनी करने की अपील की जाएगी।

संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

शासकीय एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराने होंगे। लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ही बजाए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दुर्गम बैगा अंचल तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दुर्गम बैगा अंचल तक पहुंची विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की प्रतिबद्धता लगातार धरातल पर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा समुदाय तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विकासखंड गौरेला के दुर्गम बैगा आदिवासी बाहुल्य ग्राम छिरहिट्टी (साल्हेघोरी) में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा निःशुल्क उपचार, परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध कराईं।

इससे दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को अपने गांव में ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में कुल 164 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया गया। मौसमी बीमारियों की रोकथाम, समय पर रोगों की पहचान तथा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में ग्रामीणों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे उन्हें तत्काल राहत मिली।

विशेष स्वास्थ्य शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, मेडिसिन विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सेवाएं प्रदान कीं। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, खंड चिकित्सा अधिकारी गौरेला तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी पूरे समय उपस्थित रहकर शिविर के सफल संचालन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे। राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक, चाहे वह कितने ही दूरस्थ या दुर्गम क्षेत्र में क्यों न रहता हो, स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहे। विशेष पिछड़ी जनजातियों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक स्वयं पहुंचकर उपचार उपलब्ध कराना ही सुशासन की वास्तविक पहचान है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ एवं विशेष पिछड़ी जनजातीय क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि बीमारियों की समय पर पहचान हो सके, उपचार उपलब्ध कराया जा सके तथा गंभीर मरीजों को आवश्यकतानुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों तक रेफर किया जा सके। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छता, पोषण, मौसमी बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी जागरूक किया जा रहा है। दुर्गम बैगा अंचलों तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की पहुंच यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। ऐसे विशेष स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और जागरूकता को भी मजबूत कर रहे हैं।

रायपुर गृह निर्माण घोटाला, EOW ने कोर्ट में दाखिल किया 15 हजार पन्नों का चालान

रायपुर गृह निर्माण घोटाला, EOW ने कोर्ट में दाखिल किया 15 हजार पन्नों का चालान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) रायपुर ने करीब तीन दशक पुराने गृह निर्माण ऋण गबन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में 15 हजार पन्नों का चालान पेश किया है। यह मामला वर्ष 1995 से 1998 के बीच सरकारी आवासीय योजना के तहत स्वीकृत किए गए 1 करोड़ 86 लाख रुपये के गृह निर्माण ऋण से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों, झूठे उपयोगिता प्रमाण-पत्र और भवन निर्माण पूर्णता प्रमाण-पत्रों के आधार पर ऋण राशि का गबन किया गया था।

EOW की जांच के अनुसार,
यह पूरा मामला आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर से जुड़ा हुआ है। सरकारी आवासीय योजना के अंतर्गत जरूरतमंद लोगों को घर बनाने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाना था। इसी योजना का लाभ उठाते हुए आरोपियों ने कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये की राशि हड़प ली। जांच में सामने आया कि आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी ने मध्यप्रदेश राज्य सहकारी आवास संघ मर्यादित भोपाल के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। समिति के 186 सदस्यों के नाम पर एक-एक लाख रुपये की दर से कुल 1 करोड़ 86 लाख रुपये का गृह निर्माण ऋण स्वीकृत कराया गया। यह ऋण राशि किस्तों में जारी की गई थी, लेकिन बाद में जांच में पाया गया कि जिन मकानों के निर्माण के नाम पर यह राशि स्वीकृत की गई थी, उनका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं था। ऋण दस्तावेजों में रायपुरा और पंडरी कांपा क्षेत्र में मकान निर्माण होने का दावा किया गया था, लेकिन मौके पर जांच करने पर वहां कोई भी मकान निर्मित नहीं मिला।

भौतिक सत्यापन में सामने आया फर्जीवाड़ा
मामले की जांच के दौरान जब संबंधित स्थानों का भौतिक सत्यापन कराया गया तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिन लोगों के नाम पर ऋण स्वीकृत किया गया था, उनमें से कई लोग अपने बताए गए पते पर मौजूद नहीं मिले। जांच अधिकारियों ने पाया कि ऋण लेने वाले सदस्यों के नाम और पते का उपयोग केवल सरकारी राशि निकालने के लिए किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों में अनियमितताएं थीं। फर्जी उपयोगिता प्रमाण-पत्र और भवन निर्माण पूर्णता प्रमाण-पत्रों के आधार पर ऋण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इन दस्तावेजों के जरिए यह दिखाने का प्रयास किया गया कि ऋण राशि का उपयोग मकान निर्माण में किया जा चुका है, जबकि वास्तविकता में ऐसा कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ था।

EOW की जांच में आधुनिक गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित रायपुर के तत्कालीन अध्यक्ष थावरदास माधवानी, सहकारी आवास संघ रायपुर के तत्कालीन आवास पर्यवेक्षक बसंत कुमार साहू और सहकारी आवास संघ भोपाल के तत्कालीन प्रबंधक प्रदीप कुमार निखरा की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि बसंत कुमार साहू ने बिना उचित जांच के फर्जी उपयोगिता प्रमाण-पत्र और भवन निर्माण पूर्णता प्रमाण-पत्र जारी किए। इसके बाद इन दस्तावेजों के आधार पर ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कराई गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे मामले में अधिकारियों और संबंधित लोगों ने आपसी मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।

1.86 करोड़ का ऋण बढ़कर 104 करोड़ रुपये हुआ
इस घोटाले का आर्थिक नुकसान अब कई गुना बढ़ चुका है। रिकॉर्ड के अनुसार, 31 दिसंबर 2025 तक मूल ऋण राशि और उस पर जमा ब्याज को मिलाकर कुल राशि करीब 104 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। यह राशि अब राज्य सहकारी आवास संघ के खाते में डूबत ऋण के रूप में दर्ज है। EOW अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से लंबित इस मामले में जांच के दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में विस्तृत चालान पेश किया गया है। 15 हजार पन्नों का चालान इस मामले की गंभीरता और जांच की विस्तृत प्रक्रिया को दर्शाता है।

पुराने मामलों पर EOW की सख्ती
आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने साफ किया है कि पुराने लंबित मामलों को भी अब प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। सरकारी धन से जुड़े आर्थिक अपराधों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। EOW का कहना है कि इस तरह के मामलों में जांच एजेंसी का उद्देश्य केवल अपराधियों की पहचान करना नहीं बल्कि सरकारी धन की सुरक्षा और वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाना भी है। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ेगी। करीब 30 साल पुराने इस गृह निर्माण ऋण घोटाले में अब न्यायालय की प्रक्रिया शुरू हो गई है। EOW द्वारा पेश किए गए चालान के आधार पर आगे की सुनवाई में आरोपियों की भूमिका और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर लौटे 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, स्टोर रूम में मिला शव

सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर लौटे 12वीं के छात्र ने लगाई फांसी, स्टोर रूम में मिला शव

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। मोहन नगर थाना क्षेत्र के जवाहर नगर में रहने वाले 12वीं के छात्र ने सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर घर लौटने के कुछ ही देर बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 20 वर्षीय यश कुमार डडसेना के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, इसलिए आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।

जानकारी के अनुसार,
शुक्रवार को यश कुमार डडसेना की 12वीं बोर्ड की केमिस्ट्री विषय की सप्लीमेंट्री परीक्षा थी। वह परीक्षा देकर घर लौटा था। उस समय घर में उसकी दादी मौजूद थीं, जबकि उसके पिता छत्रपाल डडसेना अपने छोटे बेटे को प्रतियोगी परीक्षा दिलाने के लिए हुडको गए हुए थे। यश की मां सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं और घटना के समय वह भी घर पर नहीं थीं। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 12 बजे यश के पिता ने बेटे को मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद उन्होंने घर के लैंडलाइन नंबर पर फोन किया। कॉल यश की दादी ने उठाया। बातचीत के दौरान दादी ने बताया कि यश कुछ देर पहले “टॉयलेट जा रहा हूं” कहकर गया था।

काफी समय बीत जाने के बाद भी जब यश वापस नहीं लौटा तो दादी उसे देखने के लिए गईं। पहले उन्होंने टॉयलेट में तलाश की, लेकिन वह वहां नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पास में बने स्टोर रूम का दरवाजा खोला तो यश फांसी के फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर दादी घबरा गईं और तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल मोहन नगर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, परिजनों की मौजूदगी में शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

ऐसे में पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है। परिजनों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यश किसी मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्या या अन्य किसी कारण से परेशान था या नहीं। पुलिस का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो मृतक के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। फिलहाल मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। एक ओर छात्र सप्लीमेंट्री परीक्षा देकर भविष्य को संवारने की कोशिश कर रहा था, वहीं कुछ ही घंटों बाद उसके इस कदम ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करने की अपील की है।

PDS चावल की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 130 बोरी सरकारी चावल बरामद

PDS चावल की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई, 130 बोरी सरकारी चावल बरामद

 सरगुजा। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की कालाबाजारी के खिलाफ जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शासकीय उचित मूल्य दुकानों से मिलने वाले चावल की अवैध बिक्री की सूचना मिलने के बाद संयुक्त टीम ने अरुण ट्रेडर्स में छापेमार कार्रवाई की। इस दौरान मौके पर खड़े एक ट्रक से 130 बोरी पीडीएस चावल बरामद किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि सरकारी राशन दुकानों के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध कराया जाने वाला पीडीएस चावल अवैध तरीके से बाजार में बेचा जा रहा है। शिकायतों की जांच के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने अरुण ट्रेडर्स पर दबिश दी।

कार्रवाई के दौरान टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, वहां मौजूद अरुण ट्रेडर्स का संचालक गोदाम में ताला लगाकर फरार हो गया। अधिकारियों ने बताया कि संचालक के इस व्यवहार से संदेह और गहरा गया है। प्रशासन को आशंका है कि गोदाम के अंदर भी बड़ी मात्रा में शासकीय पीडीएस चावल छिपाकर रखा गया हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अरुण ट्रेडर्स की दुकान और गोदाम दोनों को सील कर दिया है। अब अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम खोलकर वहां रखे खाद्यान्न का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान चावल की मात्रा, उसके दस्तावेज और स्रोत की जानकारी जुटाई जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि बरामद चावल सरकारी वितरण प्रणाली का है और उसे अवैध तरीके से खरीदा या बेचा जा रहा था, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि अरुण ट्रेडर्स के संचालक के खिलाफ पहले भी पीडीएस चावल की हेराफेरी से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पुराने मामलों के रिकॉर्ड को देखते हुए प्रशासन इस बार की कार्रवाई को गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के बाद इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद किया गया 130 बोरी चावल कहां से लाया गया था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह चावल किसी उचित मूल्य दुकान से निकाला गया था या फिर किसी अन्य माध्यम से इसकी खरीद-बिक्री की जा रही थी। पीडीएस प्रणाली सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत गरीब परिवारों को कम कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था में गड़बड़ी होने से जरूरतमंद हितग्राहियों को नुकसान पहुंचता है। इसी कारण प्रशासन समय-समय पर राशन दुकानों और खाद्यान्न कारोबारियों की जांच करता रहता है।

अधिकारियों ने कहा कि सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके। फिलहाल अरुण ट्रेडर्स मामले में जांच जारी है। गोदाम खुलने और खाद्यान्न के सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वहां कितनी मात्रा में पीडीएस चावल मौजूद था और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल हैं।

बिलासपुर में भारी बारिश का कहर, 5 ट्रेनें रद्द और 3 का बदला रूट

बिलासपुर में भारी बारिश का कहर, 5 ट्रेनें रद्द और 3 का बदला रूट

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। गुरुवार रात से शुक्रवार दोपहर तक हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। करीब 20 साल बाद बिलासपुर में इस तरह का जलभराव देखने को मिला है। भारी बारिश के कारण सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। वहीं रेलवे ट्रैक पर पानी भरने के कारण रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है। बिलासपुर रेल मंडल से गुजरने वाली 5 मेमू (MEMU) ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जबकि 3 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। रेलवे और प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 74.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। वहीं सीपत क्षेत्र में सबसे अधिक 110.2 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और निचले इलाकों में पानी तेजी से भर रहा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है

सरकंडा और चांटीडीह में राहत-बचाव अभियान बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में सरकंडा और चांटीडीह क्षेत्र शामिल हैं। यहां निचले इलाकों में पानी तेजी से भरने के कारण कई परिवार फंस गए। स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को मौके पर भेजा गया। SDRF की टीम ने दो नावों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया और 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। सरकंडा के बंधवापारा क्षेत्र में पानी का स्तर बढ़ने के बाद टीम ने घरों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। वहीं दोमुहानी इलाके में 10 से अधिक घर चारों तरफ से पानी से घिर गए थे। कई परिवार पूरी रात अपने घरों में फंसे रहे, जिसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई और राहत दल ने पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकाला।

बिजली और पेयजल व्यवस्था पर पड़ा असर
भारी बारिश का असर शहर की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर पानी में डूबने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई क्षेत्रों में घंटों तक ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी रही। बिजली नहीं होने से लोगों को पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचकर व्यवस्था सुधारने में जुटी हुई हैं। विभाग द्वारा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ स्थानों पर बिजली आपूर्ति बंद रखी गई है, ताकि पानी के कारण किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।

कलेक्टर बंगले में भी भरा पानी
भारी बारिश का असर सरकारी कार्यालयों और प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों तक पहुंच गया। बिलासपुर कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी बारिश का पानी भर गया। इसके बाद नगर निगम की टीम को जल निकासी के लिए लगाया गया। नगर निगम की मशीनों के माध्यम से लगातार पानी निकालने का काम किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत कार्यों की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित विभागों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित
बारिश के कारण बिलासपुर-जांजगीर नेशनल हाईवे पर भी यातायात प्रभावित हुआ। दर्रीघाट के पास सड़क पर पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। कई घंटों तक वाहन चालक परेशान रहे। राहगीरों ने जलभराव के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किए। इसके अलावा अपोलो हॉस्पिटल के पास भी जलभराव के कारण कई लोग फंस गए। सड़क पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से धीरे-धीरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रशासन अलर्ट मोड पर
बारिश रुकने के बाद कई इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नगर निगम, जिला प्रशासन, SDRF और अन्य विभागों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। प्रशासन द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वे जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। साथ ही नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बिलासपुर में आई इस बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लंबे समय बाद बने ऐसे हालात ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और बचाव कार्यों के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने पर है।

HPV टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बना प्रदेश में अव्वल

HPV टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिला बना प्रदेश में अव्वल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा बालिकाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित जनकल्याणकारी स्वास्थ्य अभियानों का सकारात्मक परिणाम अब प्रदेशभर में दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा संचालित विशेष एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 17 जुलाई को आयोजित विशेष टीकाकरण दिवस पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। यह उपलब्धि राज्य सरकार की दूरदर्शी स्वास्थ्य नीति, प्रभावी कार्ययोजना तथा स्वास्थ्य विभाग की सुदृढ़ कार्यप्रणाली का सशक्त उदाहरण है।

 

राज्य सरकार बेटियों के स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। एचपीवी टीकाकरण जैसी पहल भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रत्येक पात्र बालिका तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहा है। 13 से 18 जुलाई तक आयोजित विशेष एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के अंतर्गत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाकर सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने का अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में अभियान की शुरुआत विकासखंड गौरेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुकतीपानी से की गई।

 

 

राज्य स्तर से जिले को 3,893 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले के 74 विद्यालयों में चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य अमले की उपस्थिति में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान लगभग 809 बालिकाओं का ऑनलाइन तथा 1,100 बालिकाओं का ऑफलाइन पंजीकरण एवं टीकाकरण किया गया। इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने राज्य में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण कर नई उपलब्धि दर्ज की।

 

 

अभियान की सफलता में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गोपेश मनहर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सा अधिकारी, शिक्षकों तथा विद्यालय प्रबंधन का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा विद्यालय आधारित टीकाकरण अभियान के माध्यम से बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम तथा टीकाकरण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। यह अभियान केवल टीकाकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रभावी प्रयास भी है।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को प्राथमिकता तथा निवारक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे सतत प्रयासों का यह परिणाम है कि प्रदेश में स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रभावी ढंग से सफल हो रहे हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं स्वस्थ भविष्य के निर्माण के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

नारी शक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम: CM साय

नारी शक्ति के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में बड़ा कदम: CM साय

 रायपुरमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। उन्होंने इसे प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व से महिलाओं को नई ताकत मिल रही है। संपत्ति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से उनका सामाजिक और आर्थिक स्तर मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि सरकार के सुशासन आधारित फैसलों का उद्देश्य महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उन्हें अधिक अधिकार संपन्न बनाना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महिलाओं के नाम पर संपत्ति का पंजीयन केवल जमीन या मकान के हस्तांतरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करने वाला कदम है। संपत्ति में अधिकार मिलने से महिलाएं परिवार और समाज में अधिक सशक्त भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नारी शक्ति की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, आर्थिक रूप से मजबूत करने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाएं और नीतियां लागू की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी तो परिवार, समाज और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का संकल्प है कि महिलाओं को समान अवसर और अधिकार उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि संपत्ति के अधिकार से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने भविष्य को लेकर अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं। महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन में बढ़ोतरी समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।

राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को केंद्र में रखकर किए जा रहे प्रयासों का उद्देश्य उन्हें केवल लाभार्थी नहीं बल्कि विकास की सक्रिय भागीदार बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति की भागीदारी समाज और अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र में मजबूत होगी तो छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता दे रही है। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलना उनके सशक्त भविष्य की नींव मजबूत करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और अधिक बढ़ेगी तथा नारी शक्ति प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अमृत भारत योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित चांपा रेलवे स्टेशन का हुआ शुभारंभ

अमृत भारत योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित चांपा रेलवे स्टेशन का हुआ शुभारंभ

चांपा । अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित चांपा रेलवे स्टेशन का शुभारंभ शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के मुख्य आतिथ्य में आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्टेशन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान स्टेशन के आधुनिकीकरण से जुड़ी विभिन्न सुविधाओं का लोकार्पण किया गया।

पुनर्विकास कार्य के तहत चांपा रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान किया गया है। स्टेशन भवन का आकर्षक नवीनीकरण, यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली, उन्नत प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, सौंदर्यीकरण तथा बेहतर यात्री सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री तोखन साहू ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि आज भारत देश विकास के पथ पर बढ़ रहा है। आज जो घोषणा की जाती है उसे पूरा भी करने का काम नरेंद्र मोदी सरकार कर रही है। और देश भर में विकास दिखने लगा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 50 दिन पुनर्विकास हो रहा है जिसमें छत्तीसगढ़ के 32 स्टेशन शामिल है।

इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र, चांपा रेलवे स्टेशन को लगभग 13 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। स्टेशन परिसर के समग्र विकास के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर प्रतीक्षालय, सुगम आवागमन तथा आधुनिक यात्री सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। नए प्रवेश-निकास द्वार, बेहतर पार्किंग, आकर्षक लाइटिंग और स्थानीय संस्कृति के समावेश से स्टेशन को यात्री-अनुकूल और सुगम बनाया गया है। उन्होंने सभी को इसके लिए बधाई दी।

सांसद कमलेश जांगड़े ने भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसे एक ऐतिहासिक काम बताया उन्होंने नगरवासियों को इसके लिए बधाई दिया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि अमृत भारत योजना नरेंद्र मोदी सरकार की एक अभिनव पहल है और इसके लिए प्रधानमंत्री, रेलवे मंत्री अश्वनी वैष्णव का धन्यवाद ज्ञापित किया। और नगरवासियों को इस सुविधा के लिए बधाई दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डी आर एम बिलासपुर ने चाँपा रेलवे स्टेशन की इन सुविधाओं का संक्षिप्त विवरण दिया जिसमें- नए प्रवेश/निकास द्वार, 6065 वर्ग मीटर पार्किंग, 5055 वर्ग मीटर सड़क सफेंसिंग,1100 वर्ग मीटर फेसाड एवं लाइटिंग, 390 वर्ग मीटर स्टेशन पोर्च, 800 वर्ग मीटर प्लेटफॉर्म शेल्टर,उच्च/द्वितीय श्रेणी प्रतीक्षालय, आधुनिक बुकिंग/सेवा क्षेत्र, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, 8 आधुनिक CCTV कैमरे, साइनेज एवं इंडिकेशन प्रणाली, स्थानीय कलात्मक सौंदर्याकरण इत्यादि सुविधा से लेस है। चांपा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास से क्षेत्र के विकास, व्यापार, उद्योग तथा आवागमन को नई गति प्रदान करेगा। इससे स्थानीय नागरिकों एवं यात्रियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

शुभारंभ समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मीरि, नपाध्यक्ष प्रदीप नामदेव, भाजपा नेता अमर सुल्तानिया, गगन जयपुरिया, राजकुमार साहू, कार्तिकेश्वर स्वर्णकार, मीरा पतकी, राम खूबवानी, मंडल अध्यक्ष संतोष थवाईत, नगरपालिका उपाध्यक्ष अमरजीत सिंह खटकर, कमल देवांगन, शिशुपाल सिंह राजपूत, भवानी गुप्ता, भाजपा महिला मोर्चा के डॉ. धनेश्वरी जागृति, कल्याणी केशरवानी, पार्षदगण, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

चाँपा स्टेशन इतिहास
चाँपा स्टेशन की शुरुआत ब्रिटिश कालीन ‘बंगाल नागपुर रेलवे’ परियोजना के दौरान हुई। फरवरी 1891 में जब हावड़ा-नागपुर-मुंबई मुख्य रेल मार्ग का टूटानगर-बिलासपुर सेक्शन बनकर तैयार हुआ, तब चाँपा एक स्टेशन के रूप में आधिकारिक तौर पर रेल मानचित्र पर आया। स्वतंत्रता के बाद, कोरबा क्षेत्र में कोयले के विशाल भंडारों की खोज ने चांपा की पहचान को बदल दिया। कोयले के परिवहन को सुगम बनाने के लिए चाँपा से कोरबा (गेवरा रोड) तक एक नई शाखा रेल लाइन बिछाई गई। इस नई लाइन के जुड़ते ही चांपा का महत्व बढ़ गया और यह मुख्य लाइन और कोयला खदानों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण ‘रेलवे जंक्शन’ बन गया।

महंगाई राहत बढ़ाने के लिए अब MP-छत्तीसगढ़ को नहीं लेनी होगी एक-दूसरे की सहमति

महंगाई राहत बढ़ाने के लिए अब MP-छत्तीसगढ़ को नहीं लेनी होगी एक-दूसरे की सहमति

 रायपुर। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब दोनों राज्यों के पेंशनरों को महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) में वृद्धि के लिए दूसरे राज्य की सहमति लेने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग ने प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने और पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब तक मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच पेंशनरों को मिलने वाली महंगाई राहत में वृद्धि के लिए आपसी सहमति की प्रक्रिया लागू थी।

इस प्रक्रिया के कारण कई बार महंगाई राहत बढ़ाने के फैसले में देरी होने की स्थिति बनती थी। पेंशनरों की सुविधा और प्रशासनिक सुगमता को देखते हुए दोनों राज्यों ने इस व्यवस्था में बदलाव किया है। वित्त विभाग द्वारा जारी निर्णय के अनुसार अब महंगाई राहत घोषित करने के लिए दूसरे राज्य से सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। दोनों राज्य अपने-अपने पेंशनरों के लिए सीधे कार्यकारी आदेश जारी कर सकेंगे।

पेंशनरों के हित में लिया गया फैसला
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन ने इस निर्णय को पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया है। सरकार का मानना है कि महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया सरल होने से पेंशनरों को समय पर लाभ मिल सकेगा। नए आदेश के अनुसार दोनों राज्य अब बिना आपसी सहमति के अपने स्तर पर महंगाई राहत में वृद्धि का निर्णय ले सकेंगे। इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और पेंशनरों को राहत मिलने में अनावश्यक देरी नहीं होगी।

विधायी संशोधन की जगह जारी होंगे सीधे आदेश
वित्त विभाग के निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पेंशनरों को देय महंगाई राहत में वृद्धि के लिए अब विधायी संशोधन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके स्थान पर दोनों राज्य सरकारें सीधे कार्यकारी आदेश जारी कर सकेंगी। इस व्यवस्था से सरकारों को निर्णय लेने में आसानी होगी और पेंशनरों से जुड़े मामलों का जल्द निराकरण किया जा सकेगा।

वित्तीय भार की जानकारी देनी होगी
हालांकि, महंगाई राहत बढ़ाने से राज्य सरकारों पर पड़ने वाले वित्तीय भार की जानकारी एक-दूसरे राज्य को देनी होगी। आदेश के अनुसार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी किए गए आदेशों से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार की सूचना संबंधित राज्य को पत्र के माध्यम से भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच वित्तीय समन्वय बनाए रखना है।

केंद्र सरकार की दरों से अधिक DR नहीं मिलेगी
नए निर्णय में एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है। इसके तहत कोई भी राज्य केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत की दरों से अधिक दर घोषित नहीं कर सकेगा। यानी राज्य सरकारें अपने स्तर पर महंगाई राहत बढ़ाने का निर्णय तो ले सकेंगी, लेकिन इसकी अधिकतम सीमा केंद्र सरकार द्वारा तय दरों के अनुसार ही होगी।

आदेश जारी होते ही लागू होगी नई व्यवस्था
वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह नई व्यवस्था आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावी हो गई है। इससे मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के लाखों पेंशनरों को भविष्य में महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया में आसानी होगी। पेंशनरों से जुड़े संगठनों द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी कि महंगाई राहत बढ़ाने की प्रक्रिया को सरल किया जाए। अब दोनों राज्यों के इस संयुक्त निर्णय से पेंशनरों को समय पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

राज्यपाल डेका से एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने की भेंट, छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर हुई चर्चा

राज्यपाल डेका से एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने की भेंट, छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर हुई चर्चा

 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका से आज भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर के क्षेत्रीय अधिकारी  आलोक कुमार ने सौजन्य भेंट की। राज्यपाल को इस दौरान क्षेत्रीय अधिकारी आलोक कुमार ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के बुनियादी ढांचों के विकास, वर्तमान प्रगति और महत्वपूर्ण निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
राज्यपाल को  कुमार ने अवगत कराया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालय, रायपुर द्वारा राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करने तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। भेंट के दौरान  आलोक कुमार ने आगामी बुनियादी ढांचा योजनाओं पर राज्यपाल का बहुमूल्य मार्गदर्शन और सुझाव भी प्राप्त किए। राज्यपाल  रमेन डेका ने राज्य के विकास में राष्ट्रीय राजमार्गों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का किया वर्चुअल लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का किया वर्चुअल लोकार्पण

 डबल इंजन सरकार में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिली नई मजबूती : मुख्यमंत्री  साय  

रायपुर / यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल अधोसंरचना का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है और इसका प्रत्यक्ष लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के चांपा, बालोद एवं सरोना रेलवे स्टेशनों का प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल लोकार्पण प्रदेश के रेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति सोशल मीडिया हैंडल एक्स में पोस्ट कर आभार व्यक्त करते हुए यह बात कही।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में आधारभूत अधोसंरचना का तेजी से विकास हो रहा है, जिसका लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक नागरिक तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इन रेलवे स्टेशनों के विकसित होने से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बेहतर प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, स्वच्छ परिसर, आधुनिक यात्री सुविधाएं तथा उन्नत अधोसंरचना से आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण रेल सेवाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास का सशक्त आधार है। चांपा, बालोद और सरोना जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के उन्नयन से व्यापार, पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। इससे लोगों के लिए आवागमन अधिक सुगम होगा और रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। प्रदेश में नई रेल परियोजनाओं, दोहरीकरण, विद्युतीकरण तथा आधुनिक रेलवे सुविधाओं के विस्तार से विकास को नई दिशा मिल रही है। यह परिवर्तन विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगा।

रायपुर सेंट्रल जेल में तैयार हो रहा स्वादिष्ट अचार,60 महिला बंदियों को मिला अचार और मसाला निर्माण का प्रशिक्षण

रायपुर सेंट्रल जेल में तैयार हो रहा स्वादिष्ट अचार,60 महिला बंदियों को मिला अचार और मसाला निर्माण का प्रशिक्षण

 रायपुर। केंद्रीय जेल रायपुर में महिला बंदियों के सर्वांगीण सुधार और समाज की मुख्यधारा में उनके सम्मानजनक पुनर्वास के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। जेल प्रशासन द्वारा संचालित निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे जेल के भीतर ही उनके रोजगार की राह आसान हुई है।
केन्द्रीय जेल रायपुर में विभिन्न अपराधों के तहत बंद 60 महिला बंदियों को बेसिक ऑफ पिकल (अचार) एवं मसाला निर्माण के व्यावसायिक उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को स्वयं की व्यावसायिक इकाई स्थापित करने के योग्य बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान इन बंदियों को खाद्य उत्पादों के निर्माण और उनकी उत्तम गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, पैकेजिंग एवं सुरक्षित भंडारण से संबंधित व्यावहारिक जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिला बंदियों ने जेल के महिला प्रकोष्ठ में ही नियमित रूप से अचार का निर्माण शुरू कर दिया है।
महिला बंदियों द्वारा जेल के भीतर पूरी स्वच्छता के साथ आम, नींबू, गाजर और लहसुन जैसी विभिन्न वैरायटियों के स्वादिष्ट और हाइजीनिक अचार तैयार किए जा रहे हैं। इन गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की बिक्री के लिए व्यवस्था की गई है। तैयार उत्पादों को केंद्रीय जेल परिसर स्थित आस्था मुंगोडी सेंटर (आस्था गृह उद्योग स्टॉल) और जेल कैंटीन के माध्यम से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बिक्री से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे इन महिला बंदियों के खातों में जमा किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जेल सकारात्मक परिवर्तन का केंद्र- जेल अधीक्षक
इस सराहनीय पहल को लेकर केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक  योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी एक केंद्र है। जेल महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में जेलों में चलाए जा रहे निश्चय कार्यक्रम के माध्यम से महिला बंदियों को रोजगारपरक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं। यह कौशल उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रिहाई के बाद समाज में सम्मानपूर्वक जीने और आजीविका अर्जित करने में सहायक सिद्ध होगा। जेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बंदियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।

बगिया क्लस्टर की समृद्धि एम-कैड योजना से 13 गांवों के 4,933 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगी सिंचाई सुविधा

बगिया क्लस्टर की समृद्धि एम-कैड योजना से 13 गांवों के 4,933 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगी सिंचाई सुविधा

 00 मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई परियोजना का कार्य तेज़ी से जारी

00 समृद्धि की पाठशाला में किसानों को आधुनिक सिंचाई, जल प्रबंधन और कृषि नवाचारों की दी जानकारी
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड के बगिया क्लस्टर में संचालित समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है। इसी क्रम में कांसाबेल विकासखंड के ग्राम डोकड़ा में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में ष्किसानों के लिए समृद्धि की पाठशालाष् का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, कलेक्टर रोहित व्यास, भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के उप संचालक शुभम पटोरी, घनश्याम पटेल, जनप्रतिनिधि, 13 ग्राम पंचायतों के सरपंच, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय ने कहा कि यह परियोजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इसके माध्यम से सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलने से किसान खरीफ के साथ रबी एवं अन्य फसलें भी आसानी से ले सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि बगिया क्षेत्र में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत हुई है।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने किसानों एवं महिलाओं को इस योजना का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह परियोजना जशपुर के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कलेक्टर  रोहित व्यास ने कहा कि समृद्धि की पाठशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक सिंचाई प्रणाली एवं जल प्रबंधन की जानकारी देना है। उन्होंने बताया कि परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जशपुर के किसानों को मध्यप्रदेश के मोहनपुरा-कुंडलिया सिंचाई मॉडल का अध्ययन भ्रमण भी कराया गया। उन्होंने बताया कि इस योजना में जमीन के भीतर पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं होगी और किसानों की जमीन भी सुरक्षित रहेगी।
जल शक्ति मंत्रालय के उप संचालक  शुभम पटोरी ने बताया कि परियोजना तीन प्रमुख आधारों पर आधारित हैकृभूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाना, जल प्रबंधन समितियों के जरिए संचालन एवं रखरखाव तथा किसानों की आवश्यकता के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से जल वितरण। इससे किसान वर्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे और दो से तीन फसलें लेकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।

13 गांवों के 4,933 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गत 01 मई को अपने गृह ग्राम बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में समृद्धि एम-कैड योजना के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था। लगभग 119 करोड़ रुपये की इस परियोजना में भारत सरकार द्वारा 95.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना के अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4,933 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली से जोड़ा जाएगा।
आधुनिक तकनीक से होगा जल प्रबंधन
समृद्धि योजना के स्टेट नोडल ऑफिसर आलोक अग्रवाल ने बताया कि एम-कैड कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में अप्रैल 2025 में किया गया था। देशभर में स्वीकृत 34 परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर शामिल है। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति, प्रेसराइज्ड पाइप इरिगेशन नेटवर्क, सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजि़शन) तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। डेटा आधारित जल प्रबंधन प्रणाली यह तय करेगी कि किस खेत में कब और कितनी मात्रा में पानी पहुंचाना है। परियोजना का संचालन एवं रखरखाव प्रारंभिक पांच वर्षों तक निर्माण एजेंसी द्वारा किया जाएगा, इसके बाद इसकी जिम्मेदारी जल उपभोक्ता समिति को सौंपी जाएगी, जिसमें महिलाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी। समृद्धि एम-कैड योजना का उद्देश्य पानी की प्रत्येक बूंद का वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग करते हुए कृषि उत्पादन बढ़ाना, किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना तथा जशपुर को आधुनिक दाबित सिंचाई प्रणाली के राष्ट्रीय मॉडल जिले के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने बगिया में जनदर्शन कर सुनी आमजनों की समस्याएं, आवेदनों के त्वरित व गंभीर निराकरण के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने बगिया में जनदर्शन कर सुनी आमजनों की समस्याएं, आवेदनों के त्वरित व गंभीर निराकरण के दिए निर्देश

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने गृह ग्राम बगिया में गुरुवार देर रात तक जनदर्शन आयोजित कर आम नागरिकों की समस्याएं सुनीं। जनदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, किसान तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने प्रत्येक आवेदक की बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर उनका शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं आम नागरिकों की सुविधा, विकास और जीवन स्तर में सुधार के उद्देश्य से संचालित की जा रही हैं इसलिए प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ कार्य करें, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही सुशासन की पहचान है। जनदर्शन के दौरान प्राप्त कई आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए तथा जनहित से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, अन्य विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू,राज्य शासन ने जारी किए शिक्षण संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू,राज्य शासन ने जारी किए शिक्षण संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

रायपुर, छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष होने जा रहा है, क्योंकि इस मौके पर राष्ट्रगीत श्वंदे मातरम्श् के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी मनाया जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की समुचित निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य
राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।
ऐतिहासिक अवसर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी प्रदेश की जनता के नाम संदेश देंगे।
जिला और ब्लॉक स्तर पर मंत्रियों व स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को कमान
जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्रीगण ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यहाँ स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिकाओं व पंचायतों में उनके अध्यक्ष व सरपंच तथा बड़े गांवों में ग्राम प्रमुख ध्वजारोहण करेंगे। इन स्थलों पर राष्ट्रीय गान, भाषण तथा देश की एकता एवं अखण्डता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।
शहीदों के परिजनों का सम्मान
जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को विशेष व सम्मानपूर्वक रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी होने वाले सरकारी विज्ञापन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और छत्तीसगढ़ के शहीदों को समर्पित होंगे। इन विज्ञापनों का प्रकाशन 15 अगस्त के दिन समाचार पत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।
रात्रि में शासकीय भवनों पर होगी विशेष रोशनी
स्वतंत्रता दिवस की रात्रि को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित विभाग स्वयं वहन करेंगे। आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रात्रि में रोशनी करने की अपील की जाएगी।
संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
शासकीय एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराने होंगे। लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ही बजाए जा सकेंगे।