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पिंक ऑटो योजना का विस्तार: 52 और महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

पिंक ऑटो योजना का विस्तार: 52 और महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

 रायपुर : राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पिंक ऑटो प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी एवं मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पिंक ई-ऑटो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने स्वयं ई-ऑटो में बैठकर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में द्वितीय चरण के अंतर्गत 52 महिलाओं को पिंक ई-ऑटो प्रदान किए गए। इससे पहले प्रथम चरण में 40 महिलाओं को ई-ऑटो उपलब्ध कराए गए थे। योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लाभान्वित महिलाएं वर्तमान में प्रति माह 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

इस अवसर पर प्रथम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित महिलाओं में ग्राम राखी की चंद्रिका साहू, कोटराभाठा की शीतू कोशले, ग्राम बेंद्री की श्रीमती रेशम साहू तथा ग्राम तूता की ज्ञानी बैस शामिल रहीं।

योजना के तहत प्रथम चरण में 14 ग्रामों और 16 ग्राम संगठनों की 40 महिलाओं को लाभ मिला था, जबकि द्वितीय चरण में 23 ग्रामों एवं 25 ग्राम संगठनों की कुल 52 महिलाओं को ई-ऑटो प्रदान किए गए हैं।

वित्त मंत्रीओपी चौधरी ने कहा कि पिंक ऑटो योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और वे सम्मानजनक तरीके से आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हो रही हैं। उन्होंने सभी हितग्राही महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना उन्हें आत्मविश्वास और नई पहचान प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय समिति, इस रिटायर्ड जज को मिली अध्यक्ष की कमान

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय समिति, इस रिटायर्ड जज को मिली अध्यक्ष की कमान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं, कानूनी पहलुओं और सामाजिक प्रभावों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सरकार द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी एम.के. राउत और शत्रुघ्न सिंह को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को भी समिति में शामिल किया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार समिति राज्य में विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति संबंधी प्रावधानों का अध्ययन करेगी। साथ ही अन्य राज्यों में यूसीसी से जुड़े अनुभवों और कानूनी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाएगा। समिति विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर व्यापक अध्ययन करेगी। इसके बाद अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए धर्म और समुदाय से परे एक समान नागरिक कानून लागू करना है। छत्तीसगढ़ में समिति के गठन को यूसीसी लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

14 नगर निगम, 56 नगर पालिका और 124 नगर पंचायतों के मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ आपात निधि जारी

14 नगर निगम, 56 नगर पालिका और 124 नगर पंचायतों के मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ आपात निधि जारी

 रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ 6 लाख रुपए की आपात निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देश पर संचालनालय ने सभी निकायों को राशि हस्तांतरित कर दी है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही अप्रैल से जून के लिए यह राशि जारी की गई है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने मरम्मत-संधारण आपात निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 13 करोड़ 76 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 56 नगर पालिकाओं के लिए कुल 5 करोड़ 18 लाख रुपए जारी किए गए हैं। विभाग ने 124 नगर पंचायतों के लिए भी कुल 3 करोड़ 66 लाख रुपए जारी किए हैं।

निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश से पहले जांच लें 5 जरूरी बातें, विनियामक आयोग ने जारी की गाइडलाइन

निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश से पहले जांच लें 5 जरूरी बातें, विनियामक आयोग ने जारी की गाइडलाइन

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेने की सोच रहे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। प्रवेश के नाम पर होने वाले किसी भी तरह के फर्जीवाड़े से बचने के लिए छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने छात्रहित में एक आवश्यक गाइडलाइन जारी की है।

छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव श्री अशोक अग्रवाल द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार छात्र किसी भी कोर्स या डिग्री में दाखिला लेने से पहले 5 मुख्य बिंदुओं की जांच अवश्य कर लें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे और बाद में कोई परेशानी न हो। ​निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते समय छात्र इन बातों का विशेष ध्यान रखें।

अधिनियम के तहत अधिसूचना की जांच

​सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित विश्वविद्यालय राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम-2005 के अंतर्गत विधिवत अधिसूचित है या नहीं।

राजपत्र में प्रकाशन अनिवार्य

​विश्वविद्यालय के परिनियम एवं अध्यादेश का छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में प्रकाशित होना अनिवार्य है। नियमानुसार राजपत्र में प्रकाशन के बाद ही कोई भी निजी विश्वविद्यालय छात्रों को प्रवेश देने के लिए पात्र होता है। बिना इसके प्रवेश देना अवैध माना जाएगा।

संबद्धता पर रोक

छत्तीसगढ़ के सभी निजी विश्वविद्यालय एकात्मक स्वरूप के हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इन्हें अपने कैंपस से बाहर किसी अन्य कॉलेज या संस्थान को संबद्धता देने की अनुमति नहीं है। ये संस्थान केवल अपनी मुख्य इकाई या अपनी अध्ययन शाला के भीतर ही पाठ्यक्रम संचालित कर सकते हैं।

यूजीसी से कोर्स की मंजूरी

​ जिस भी पाठ्यक्रम या डिग्री में प्रवेश ले रहे हैं, वह यूजीसी द्वारा अनुमोदित होनी चाहिए। साथ ही, राजपत्र में प्रकाशित विश्वविद्यालय के अध्यादेश में भी उस पाठ्यक्रम का उल्लेख होना अनिवार्य है।

पी-एच.डी. के लिए कड़े नियम

​पी-एच.डी. की उपाधि के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम, 2022 के नियम प्रभावी हैं। छात्र यह अच्छी तरह जांच लें कि संबंधित विषय में नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वाले नियमित शोध निर्देशक विश्वविद्यालय में पदस्थ हों। बाहर के शोध निर्देशकों की सेवाएं लेकर शोध कार्य कराना यूजीसी के नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।

​विनियामक आयोग के सचिव की अपील

आयोग के सचिव द्वारा जनहित में जारी इस गाइडलाइन का एकमात्र उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना है। किसी भी संस्थान के बहकावे या भ्रामक विज्ञापनों में आने के बजाय, छात्र और अभिभावक स्वयं आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.purc.cgstate.gov.in पर जाएं या आयोग के कार्यालय से नियमों की पुष्टि करने के बाद ही पूरी तरह संतुष्ट होकर प्रवेश लें।

छत्तीसगढ़ की धरती को बंजर होने से बचाना है तो प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाना ही होगा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ की धरती को बंजर होने से बचाना है तो प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाना ही होगा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर /भाटापारा ।  धरती की उर्वरकता और स्वस्थ पीढ़ी के लिए जैविक खेती को अपनाना हमारी जिम्मेदारी है यह कहना है रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता  बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने गुरुवार को भाटापारा में आयोजित ‘राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (NMEO-OS)’ अंतर्गत जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला में शामिल होकर हुए किसानों को पारंपरिक और वैज्ञानिक खेती के समावेश का मूल मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि केवल धान की फसल पर निर्भरता न केवल हमारी भूमि की उर्वरक शक्ति को कम कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर रही है।

धरती की उर्वरकता और स्वस्थ पीढ़ी के लिए जैविक खेती अनिवार्य

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, आज जब से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और ₹3100 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, तब से एक स्थिति यह भी बन गई है कि अधिकांश किसान केवल धान की खेती तक सीमित होकर रह गए हैं। हर तरफ केवल धान, धान, धान और धान की ही खेती हो रही है। बाकी फसलों का उत्पादन लगभग बंद होता जा रहा है।

हमें विचार करना होगा कि क्या केवल धान की खेती से भविष्य में काम चल पाएगा? एक समय ऐसा भी आ सकता है जब हमारी जमीन का पानी सूख जाएगा। धान ऐसी फसल है जिसमें सबसे अधिक पानी की आवश्यकता होती है। छत्तीसगढ़ में आज पानी की कमी नहीं है, लेकिन पहले हमारे गांवों में पांच-पांच, दस-दस तालाब हुआ करते थे। आज वे तालाब सूख रहे हैं, समाप्त होते जा रहे हैं।

बार-बार एक ही फसल लेने से धरती की उर्वरक शक्ति भी कम होती है। अधिक उत्पादन लेने के लिए हम लगातार यूरिया और फास्फेट का उपयोग कर रहे हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। आने वाली पीढ़ियों, हमारे बच्चों और नाती-पोतों के लिए जो जमीन हम छोड़कर जाएंगे, वह कहीं बंजर न हो जाए, इस बारे में हमें गंभीरता से सोचना होगा।

इसीलिए कहा जाता है कि फसल चक्र अपनाना चाहिए। अलग-अलग फसलें लेने से मिट्टी की उर्वरक शक्ति बनी रहती है। पहले लोग अपने घर के खाने के लिए अलग से धान रखते थे, लेकिन आज यह परंपरा भी लगभग समाप्त हो गई है। हम केवल अधिक उत्पादन और अधिक कमाई के पीछे भाग रहे हैं।

लेकिन सोचने की बात यह भी है कि जितना अधिक पैसा हम कमाते हैं, उसका बड़ा हिस्सा बाद में डॉक्टरों को देना पड़ता है। कम से कम हमें यह तो तय करना चाहिए कि हमारे परिवार के खाने के लिए जितना चावल और धान चाहिए, उतना उत्पादन हम जैविक तरीके से करें। गोबर खाद और गौमूत्र का उपयोग कर प्राकृतिक खेती करें।

हमें यह विचार करना होगा कि अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ रखना है, अपने परिवार को स्वस्थ रखना है, अपने बच्चों और नाती-पोतों को स्वस्थ रखना है, तो हमें प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर लौटना ही होगा।

उन्होंने कहा कि, आज हमें यह भी सोचना होगा कि हमने पशुपालन को लगभग छोड़ ही दिया है। पहले के समय में जिसके घर में जितने अधिक पशु होते थे, उसे उतना ही समृद्ध और बड़ा आदमी माना जाता था। आज अधिकांश घरों में पशु नहीं हैं। बच्चों के लिए शुद्ध दूध तक उपलब्ध नहीं है। बाजार से जो दूध आता है, वह किस प्रकार तैयार होता है, इसकी भी चिंता लोगों को रहती है।

इतिहास स्वयं को दोहराता है। इसलिए समय की मांग है कि हम फिर से प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की ओर लौटें। यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करना है तो हमें गोबर खाद और गौमूत्र आधारित खेती को अपनाना होगा। प्राकृतिक खेती और जैविक खेती ही स्वस्थ समाज, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ भविष्य का आधार बन सकती है।

खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का आह्वान

सांसद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए कहा कि यदि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना है, तो किसानों को विविधीकरण अपनाना होगा। उन्होंने सलाह दी कि किसान अपनी जमीन के एक चौथाई हिस्से में फल-फूल, एक चौथाई में पशुपालन, मछली पालन या मुर्गी पालन करें, ताकि आय का जरिया साल भर बना रहे। उन्होंने बताया कि सरकार दलहन-तिलहन की खेती करने पर 15,000 रुपये प्रति वर्ष और खेत में वृक्षारोपण करने पर 10,000 रुपये प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि दे रही है।

युवाओं के लिए नई तकनीक और बाजार की संभावनाएं

युवाओं को गांव में ही रोजगार और खेती से जोड़ने के लिए उन्होंने ‘नेट हाउस’, ‘पॉली हाउस’ और ‘ड्रिप इरिगेशन’ जैसी आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रायपुर जैसे शहरों में जैविक उत्पादों की भारी मांग है और जैविक उत्पाद सामान्य फसलों की तुलना में कई गुना अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। अतः जैविक खेती ‘नुकसान नहीं, बल्कि फायदे का सौदा’ है।

हितग्राहियों को मिली योजनाओं की सौगात
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और प्रदेश के कृषि मंत्री  रामविचार नेताम की उपस्थिति में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में पीएम आशा योजना, स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, नैनो यूरिया प्रोत्साहन और मत्स्य पालन विभाग से जुड़ी योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर राज्य शासन के कृषि मंत्री राम विचार नेताम, मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर,  अश्विनी शर्मा , सनम जांगड़े, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।

ACB का बड़ा एक्शन, जमीन के बटांकन के बदले 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पटवारी गिरफ्तार

ACB का बड़ा एक्शन, जमीन के बटांकन के बदले 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पटवारी गिरफ्तार

 बिलासपुर। जिले के लालपुर में पदस्थ एक पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी भानु चंद्राकर को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। पटवारी द्वारा यह रिश्वतखोरी जमीन से संबंधित कार्यों के लिए की गई थी, जिसमें उसे जमीन का नक्शा और बटांकन करने के एवज में यह रकम हासिल करनी थी। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद एसीबी बिलासपुर की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पटवारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद, एसीबी ने आरोपी भानु चंद्राकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात कर रही है : केदार कश्यप

लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात कर रही है : केदार कश्यप

 भूपेश के पास कोई मुद्दा नहीं, किसानों को फसल परिवर्तन के लिए प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये दे रही साय सरकार

स्वास्थ्य सेवाओं पर कांग्रेस को बोलने का नैतिक अधिकार नहीं

रायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

आपातकाल और लोकतंत्र के मुद्दे पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बेशर्म वह पार्टी है, जो इतिहास की सच्चाई स्वीकार नहीं कर पाती। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है, इसलिए देश की नई पीढ़ी को यह जानना भी आवश्यक है कि इसी देश में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटते हुए आपातकाल थोपा था। उस दौर में लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वाले हजारों लोगों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डालकर प्रताडि़त किया गया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र के संघर्ष, उसके महत्व और उसकी रक्षा के दायित्व को भी समझना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहारिक जीवन में उतारना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल परिवर्तन को प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत दलहन और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सरकार इन फसलों की खरीद की भी प्रभावी व्यवस्था कर रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि उनके शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था घोटालों और अव्यवस्थाओं का प्रतीक रही। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, घोटालों और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का रहा है। इसके विपरीत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, किसानों के कल्याण और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। जनता अब तथ्यों और काम के आधार पर निर्णय ले रही है, इसलिए कांग्रेस के निराधार आरोपों का कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वाेच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में  गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया,  हरि चंद्र प्रकाश सिंह,  मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल,  आर्यन राठौर,  चेतन लाल,  हरीश कुमार पटेल,  किशन लाल साहू,  सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर,  विकेश कुर्रे तथा  प्रकाश पटेल शामिल हैं।

CG – 4 कोचिंग सेंटर सील! इस गड़बड़ी पर हुई बड़ी कार्रवाई, संचालकों में मचा हड़कंप

CG – 4 कोचिंग सेंटर सील! इस गड़बड़ी पर हुई बड़ी कार्रवाई, संचालकों में मचा हड़कंप

 दुर्ग। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दुर्ग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद जिले में छात्रों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आज भिलाई के न्यू सिविक सेंटर में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच की गई, जिसमें सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया।

अग्निशमन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने न्यू सिविक सेंटर स्थित कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पूरी तरह अनुपस्थित थी।

अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकासी मार्ग और आवश्यक सुरक्षा दस्तावेजों की कमी को गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से मोशन कोटा, वेदांतु, रामा कोचिंग, कैड एकेडमी को सील कर दिया।

कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थानों में आनन-फानन में फायर एक्सटिंग्विशर लगवाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है।

भिलाई को प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब माना जाता है, जहां हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती थी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में गंभीर खामियां पाई गई हैं, उनके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-10, सिविक सेंटर, सुपेला, रिसाली, नेहरू नगर और दुर्ग सहित पूरे जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की जांच जारी रहेगी। सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।

रामगढ़ महोत्सव को भव्य बनाने में जुटा प्रशासन, मंत्री राजेश अग्रवाल ने तैयारियों का लिया जायजा

रामगढ़ महोत्सव को भव्य बनाने में जुटा प्रशासन, मंत्री राजेश अग्रवाल ने तैयारियों का लिया जायजा

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं।

कलेक्टर  अजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  वीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी  रामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  वेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भावी पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनाना होगा जैविक खेती: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

भावी पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनाना होगा जैविक खेती: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

 रायपुर: कृषि मंत्री  रामविचार नेताम आज बलौदाबााजार जिले के भाटापारा स्थित शासकीय गजानन्द अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यशाला में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के फायदे बताने के साथ ही शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल मौजूद थे।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा क़ि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर खेत चलो अभियान 1 जून से 30 जून तक चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करना हैं। उन्होंने कहा क़ि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, इसका मतलब यहां धान का उत्पादन अधिक होता है। वर्तमान में किसान अधिक उत्पादन के लिए रासायनिक खाद का अंधाधुंध उपयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन तो बढ़ रहा है लेकिन इससे मानव और मिट्टी दोनों के सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा क़ि आने वाली भावी पीढ़ी के उत्तम  स्वास्थ्य के लिये रासायनिक उर्वरक की निर्भरता को कम कर जैविक खेती अपनाना होग़ा। जैविक और प्राकृतिक खेती में पशुपालन, मछलीपालन, बकरी पालन भी शामिल हैं,किसान भाइयों को धीरे-धीरे इस ओर कदम बढ़ाना होग़ा।

उन्होंने कहा क़ि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिये अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है जिसका लाभ लेकर किसान आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रहे हैं। धान के बदले अन्य फसल की खेती को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार ने हाल ही में कृषक उन्नति योजना का विस्तार किया हैं जिसमें खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन व तिलहन की खेती करने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपए आदान सहायता दिया जाएगा। इस योजना का किसान भाई लाभ जरूर लें।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा क़ि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही है और यह जैविक खेती को बढ़ावा देने से संभव है जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी।उन्होंने कहा क़ि पुरातन समय में खेती का मूल आधार पशुधन था लेकिन समय के अनुसार रासायनिक उर्वरक का उपयोग बढ़ता गया।रासायनिक उर्वरक के उपयोग से एक तरफ फसल उत्पादन तो बढ़ा वहीं दूसरी तरफ मनुष्य,मिट्टी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जल व पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। जैविक खेती से जमीन का सेहत ठीक रहेगा तो शुद्ध अन्न मिलेगा और हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा,लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधायक भाटापारा  शिवरतन शर्मा,जिला अध्यक्ष आनंद यादव ने भी सम्बोधित किया।

कृषि मंत्री  नेताम ने कार्यशाला में 5 किसानों को अरहर बीज किट, 5 किसानों को नैनो यूरिया,2 मछुआ समिति को एक एक नग महाजाल और आइस बॉक्स, 5 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि प्रशस्ति पत्र,5 किसानों को पीएम आशा योजना के तहत प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस दौरान अतिथियों ने कृषि, उद्यानिक,मछली पालन,पशु पालन विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पूर्व संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े,  अलोक सिंह ठाकुर, डॉ ओमप्रकाश देवांगन,राकेश तिवारी, द्वारिका वर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है: मंत्री राजेश अग्रवाल

खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है: मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल गांधी स्टेडियम, अंबिकापुर में सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संघर्ष करने का जज्बा भी सिखाते हैं। खेलों से बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनते हैं तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को पूरे समर्पण, ईमानदारी और खेल भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा का वास्तविक उद्देश्य प्रतिभा को निखारना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास जारी रखने और प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

समापन समारोह में फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता एवं उपविजेता टीमों को पदक और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को जिला स्तरीय सहभागिता प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। बालिका वर्ग के फाइनल में सरगुजा बॉयलर्स ने सरगुजा फाइटर्स को पराजित कर खिताब अपने नाम किया, जबकि बालक वर्ग के फाइनल में सरगुजा लायंस ने सरगुजा ब्लैक पैंथर्स को हराकर चौम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया।

जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप का आयोजन खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मैचों का अनुभव उपलब्ध कराने और जिले में बास्केटबॉल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच  राजेश प्रताप सिंह, पूर्व खिलाड़ी एवं समाजसेवी संजय अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री निशांत सिंह गोयल सहित खेल प्रेमी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजन समिति एवं जिला बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि  कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक  जे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी  सीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ होगी बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ होगी बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसके प्रभाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। आज 25 जून को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में कहीं न कहीं बारिश दर्ज की गई। दंतेवाड़ा और रायगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई। वहीं, बुधवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।

आज कैसा रहेगा मौसम?

आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में आज दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश और तेज अंधड़ चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

अगले दो दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जारी रहेंगी। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी।

 
CG – फिर बिना दुल्हन लिए वापस लौटी बारात, शादी के मंडप में हुआ कुछ ऐसा, दुल्हन से शादी से किया इंकार

CG – फिर बिना दुल्हन लिए वापस लौटी बारात, शादी के मंडप में हुआ कुछ ऐसा, दुल्हन से शादी से किया इंकार

 जांजगीर-चांपा। जिले में मुस्कान प्रधान ने नशे में धुत्त दूल्हे के साथ घर में आई बारात को बैरंग लौटाकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। मुस्कान की इस हिम्मत की दाद देते हुए पुलिस अधीक्षक ने उनका सम्मान करते हुए जिले का आईकॉन करार दिया। कोसमंदा की बेटी मुस्कान प्रधान ने वह काम किया है, जिसे करने की बहुत से लोग हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। 

मुस्कान के घर शराब पीकर दूल्हा बारात लेकर पहुंचा था। इस बात की जानकारी मिलते ही सोलह श्रृंगार कर बैठी ने मुस्कान ने शादी से इंकार कर दिया। दुल्हन के इंकार किया जाना दूल्हे पक्ष को मंजूर नहीं हुआ, और दुल्हन को ले जाने के लिए अड़ा रहा।

दुल्हन के इंकार और दूल्हे की जिद की वजह से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। लेकिन दूल्हे की हरकत को देखते हुए मुस्कान के परिवारवालों ने भी उसका साथ दिया। फिर भी जब दूल्हे पक्ष वाले नहीं माने तो फिर पुलिस का बुलाना पड़ा। आखिरकार पूरे माहौल को खिलाफ में देखते हुए बारात वापस खोखरा गांव लौट गई। 

मुस्कान के इंकार करने के पीछे एक बड़ा दर्द भी छिपा था। दरअसल, 10वीं कक्षा तक पढ़ी मुस्कान तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी है. मुस्कान का पिता भी शराबी था, जिसका शादी के 15 साल बाद निधन हो गया। परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते माता और भाई-बहनों की तकलीफ को देख चुकी मुस्कान ने अपनी जिंदगी को अपनी मां की तरह बर्बाद नहीं होने देने का निर्णय लिया।

शराबी दूल्हे को लौटाए जाने की केवल परिवार और गांव वाले के ही नहीं बल्कि प्रशासन भी मुस्कान के साथ खड़ा है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ महिला और सामाजिक संगठनों ने मुस्कान के इस साहसिक कदम का सम्मान किया। एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने मुस्कान को नशे के खिलाफ जिला का आइकान बताया। इसके साथ ही मुस्कान को काउंसलर की नियुक्ति दी गई है। यही नहीं पुलिस ने मुस्कान के कॉलेज तक ही शिक्षा का खर्च वहन करने का निर्णय लिया है।

ब्रेकिंग : ये IPS बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

ब्रेकिंग : ये IPS बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

 रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज के नए आईजी नियुक्त किए हैं। इसका आदेश आज गृह (पुलिस) विभाग ने जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ मीणा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

राज्य  सरकार द्वारा जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद मीणा अब बस्तर रेंज की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल होने के कारण यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार के आदेश के अनुसार यह पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

ब्रेकिंग : महतारी वंदन योजना में फिर से जुड़ेंगे नाम, जानिए कब से खुलेगा पोर्टल

ब्रेकिंग : महतारी वंदन योजना में फिर से जुड़ेंगे नाम, जानिए कब से खुलेगा पोर्टल

 रायपुर। महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। योजना से अब तक नहीं जुड़ पाईं विवाहित महिलाओं के लिए जल्द ही पोर्टल खोलने की तैयारी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि मुख्यमंत्री की अनुमति मिल चुकी है, और अगले एक सप्ताह के भीतर पोर्टल शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने चर्चा में बताया कि पोर्टल खोलने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाएगी। सबसे पहले बस्तर संभाग के जिलों में पोर्टल खोला जाएगा, जिसके बाद प्रदेश के अन्य संभागों में भी आवेदन और पंजीयन की सुविधा शुरू की जाएगी। इस माध्यम से सरकार का उद्देश्य उन पात्र महिलाओं को योजना का लाभ पहुंचाना है, जो किसी कारणवश अब तक आवेदन नहीं कर सकी हैं, या जिनका नाम योजना में शामिल नहीं हो पाया है।

बता दें कि महतारी वंदन योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। पोर्टल खुलने से बड़ी संख्या में ऐसी महिलाओं को राहत मिलेगी जो लंबे समय से आवेदन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रही थीं।

पोर्टल शुरू होने के बाद पात्र महिलाएं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकेंगी। इसके लिए संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए जाएंगे। महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक पात्र महिलाओं को इसका लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए खाद-बीज उपलब्धता पर हुई विस्तृत चर्चा

 रायपुर--छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री  जेपी नड्डा से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान जनस्वास्थ्य, चिकित्सा अधोसंरचना, औषधि एवं उर्वरक क्षेत्र सहित विभिन्न विभागीय और समसामयिक विषयों पर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और अन्य चिकित्सा संस्थानों को मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के नागरिकों को बेहतर उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध हों।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि राज्य में किसानों को खाद और बीज की पर्याप्त एवं समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े तथा खरीफ सीजन के दौरान आवश्यक कृषि आदानों की आपूर्ति सुचारु रूप से बनी रहे। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खाद वितरण व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त न किया जाए। साथ ही गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोडऩे तथा नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी अवगत कराया कि राज्य सरकार नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। किसानों को इनके लाभों की जानकारी देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि खेती में उत्पादन क्षमता बढ़े, लागत कम हो और कृषि अधिक लाभकारी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भारत सरकार के पूर्ण सहयोग से स्वास्थ्य, कृषि और जनकल्याण के क्षेत्रों में विकास को नई गति देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री  जेपी नड्डा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, किसानों के हित में उठाए जा रहे कदमों तथा जनकल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं अन्य विकासात्मक क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

एल-नीनो के असर से कम बारिश की आशंका, दलहन-तिलहन की खेती अपनाने पर सरकार देगी 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

एल-नीनो के असर से कम बारिश की आशंका, दलहन-तिलहन की खेती अपनाने पर सरकार देगी 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

 रायपुर। प्रदेश में इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को मौसम के अनुरूप फसल प्रबंधन अपनाने की सलाह दी है। विभाग ने विशेष रूप से अपलैंड एवं कम जलधारण क्षमता वाली भूमि में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया है।

कृषि विभाग के अनुसार कम वर्षा की संभावित परिस्थितियों में अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, मूंगफली, तिल, रामतिल, कोदो, कुटकी एवं रागी जैसी फसलें बेहतर विकल्प साबित हो सकती हैं। ये फसलें अपेक्षाकृत कम पानी में भी अच्छी पैदावार देती हैं तथा प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में किसानों के लिए जोखिम को कम करती हैं।

दलहन-तिलहन की खेती पर मिलेगा प्रोत्साहन

राज्य शासन द्वारा किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत अपलैंड क्षेत्रों में धान के स्थान पर दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही इन फसलों की खरीदी प्रधानमंत्री आशा योजना के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर की जाती है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके।

आर्थिक और पर्यावरणीय दृष्टि से लाभकारी हैं वैकल्पिक फसलें

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन एवं तिलहन फसलें कम लागत में बेहतर उत्पादन देने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दलहनी फसलें भूमि में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने में सहायक होती हैं, जिससे आगामी फसलों की उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। साथ ही इन फसलों का बाजार मूल्य अपेक्षाकृत अच्छा होने से किसानों की आय में वृद्धि की संभावना रहती है।

अल्प अवधि की धान किस्मों के चयन की सलाह

कृषि विभाग ने मध्यम भूमि वाले क्षेत्रों के किसानों को भी संभावित कम वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अल्प अवधि में तैयार होने वाली धान किस्मों का चयन करने की सलाह दी है। इससे जल उपलब्धता की अनिश्चितता के बावजूद उत्पादन जोखिम को कम किया जा सकेगा।

कृषि विभाग ने किसानों से वैज्ञानिक सलाह के अनुसार फसल चयन करने, फसल विविधीकरण अपनाने तथा शासन की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है। विभाग का मानना है कि मौसम आधारित कृषि रणनीति अपनाकर किसान न केवल संभावित सूखे के प्रभाव को कम कर सकते हैं, बल्कि अपनी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

 

CG : हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2026 के पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन परिणाम जारी

CG : हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2026 के पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन परिणाम जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल , रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन के परीक्षा परिणाम आज दिनांक 24 जून 2026 को जारी कर दिए गए हैं। परीक्षार्थी मंडल की आधिकारिक वेबसाइट www.cgbse.nic.in पर अपना अनुक्रमांक प्रविष्ट कर परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।

मोदी के 12 वर्ष: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से आत्मनिर्भर भारत की नई इबारत — बृजमोहन अग्रवाल

मोदी के 12 वर्ष: सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण से आत्मनिर्भर भारत की नई इबारत — बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के स्वर्णिम अध्याय की एक सुनहरी दास्तान है। विश्वास, विकास और जनकल्याण की यह एक नई गाथा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विकास, आत्मनिर्भरता, वैश्विक सम्मान और गरीब कल्याण का पर्याय बन चुके हैं। वे नए भारत, आत्मनिर्भरता और आत्म संबल का नया अध्याय हैं। पिछले 12 सालों में उनकी सरकार की

योजनाएं कागज से निकलकर जनता के जीवन तक सीधे सीधे पहुंचीं हैं। देश के सभी राज्यों में विकास की नई नई इबारतों के साथ छत्तीसगढ़ में रेलवे पर 50 हजार करोड़ और सड़कों पर 70 हजार करोड़ के कार्य अभी जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व तले देश ने विश्वास, विकास और जनकल्याण की अभूतपूर्व यात्रा की है। यह कालखंड केवल मोदी सरकार के कार्यकाल का नहीं, बल्कि नए भारत के निर्माण, गरीबों के सशक्तिकरण,किसानों के सम्मान, महिलाओं के उत्थान और देश के गौरव को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का स्वर्णिम अध्याय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले प्रधानमंत्री बने हैं। 10 जून को उनके नेतृत्व के 12 साल पूरे हुए हैं।

इस दौरान देश में सुशासन, पारदर्शिता और सेवा भाव पर आधारित शासन व्यवस्था स्थापित हुई है, जिसके कारण जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है। मोदी सरकार ने पहली बार योजनाओं को जाति, वर्ग और वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठाकर महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण पर केंद्रित किया। योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि उनका लाभ सीधे लोगों तक पहुंचा है। यही कारण है कि आज देश का प्रत्येक नागरिक सरकार की योजनाओं को अपने जीवन में महसूस कर रहा है।

मोदी सरकार की सबसे बड़ी ताकत जनता का अटूट विश्वास है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यभार संभाला था तब देश के केवल 7 राज्यों में भाजपा-एनडीए की सरकारें थीं, जबकि आज 22 राज्यों में भाजपा या एनडीए की सरकारें हैं। यह जनता के भरोसे और सरकार की जनसेवा का ही सबसे सार्थक प्रमाण है। वर्तमान में

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत 11 करोड़ से अधिक किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है तथा अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था के माध्यम से भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है तथा लाखों करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचे हैं। इसी प्रभावी व्यवस्था के कारण देश के लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अथाह मेहनत का ही सुफल परिणाम है। आज का भारत आतंकवाद और दुश्मनों के सामने झुकने वाला नहीं, बल्कि सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से मुंहतोड़ जवाब देने वाला नया भारत है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा और सम्मान दोनों लगातार मजबूत हुए हैं। जनधन योजना के माध्यम से 58 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए, जिनमें 32 करोड़ से अधिक खाते महिलाओं के हैं। इससे आर्थिक समावेशन को नई गति मिली है। स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलाव भी काफ़ी महत्वपूर्ण और अहम हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 60 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है। अब 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आवास, स्वच्छता और महिला सशक्तिकरण मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। तभी तो

देशभर में 4 करोड़ से अधिक प्रधानमंत्री आवास बनाए गए, 11 करोड़ महिलाओं को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिए गए तथा 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कर स्वच्छ भारत अभियान को जन आंदोलन बनाया गया

जल जीवन मिशन में 16 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य किया गया है, जिससे ग्रामीण जीवन और स्वास्थ्य दोनों में व्यापक सुधार आया है।

पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से लाखों रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को सहायता मिली है, जबकि मुद्रा योजना के तहत करोड़ों लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को नई ताकत मिली है। जनजातीय समाज के उत्थान के लिए भी मोदी सरकार के प्रयास सराहनीय हैं।

देश में पहली बार विशेष रूप से जनजातीय समुदायों, विशेषकर अत्यंत पिछड़ी जनजातियों के विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अब दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। मोदी के बहुआयामी नेतृत्व में

देश में सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। जहां पहले प्रतिदिन लगभग 11 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग बनते थे, वहीं आज यह गति 34 किलोमीटर प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

रेलवे के आधुनिकीकरण, विद्युतीकरण और अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से देशभर के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। मोदी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में विकास कार्य बेहद जनकल्याणकारी सिद्ध हो रहे हैं। पहले रेलवे के लिए वार्षिक बजट कुछ सौ करोड़ रुपये तक सीमित रहता था, वहीं आज छत्तीसगढ़ में ही लगभग 50 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट्स पर कार्य चल रहा है और प्रतिवर्ष लगभग 7 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा

छत्तीसगढ़ में लगभग 70 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं संचालित हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-धनबाद आर्थिक गलियारों जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं राज्य के विकास को नई गति देंगी।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24 लाख से अधिक आवासों का निर्माण हुआ है। विष्णुदेव साय सरकार के गठन के बाद 18 लाख नए आवासों की स्वीकृति दी गई है, जो राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा आवास अभियान है।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत जनजातीय क्षेत्रों में 2902 किलोमीटर सड़कों के निर्माण सहित लगभग 2700 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही कद्दावर नेतृत्व की वज़ह से आज हमारा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो गया है।

कोरोना महामारी के दौरान भारत ने दुनिया को अपनी क्षमता दिखाई। देश ने न केवल अपने नागरिकों को सुरक्षा प्रदान की बल्कि वैक्सीन मैत्री अभियान के माध्यम से अनेक देशों की भी सहायता की।

आज देश की प्राचीन पुरातन

योग प्रणाली को विश्व के 177 से अधिक देशों ने स्वीकार किया है।

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की अनुकरणीय पहल से ही यह सम्भव हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों द्वारा प्रदान किए गए सर्वोच्च सम्मान भारत की 140 करोड़ जनता के सम्मान का प्रतीक हैं। अब मोदी केवल एक व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, निर्णायक नेतृत्व, आत्मनिर्भर भारत, वैश्विक सम्मान, गरीब कल्याण और नए भारत के संकल्प के प्रतीक हैं। आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपनी कार्यशैली से भारत को विश्वगुरु बनाने की दिशा में अग्रसर किया है।

पिछले 12 सालों में मोदी जी ने जितने जनकल्याणकारी कार्य किए हैं, उतने कॉंग्रेस के पिछले 68 वर्षों के कार्यकाल में नहीं हुए। आज भारत की पहचान वैश्विक पटल पर सम्मान के साथ लगातार बढ़ती जा रही है, जो कि मोदी जी के नेतृत्व का ही सुनहरा परिणाम है।

देश में 500 सालों बाद राम मंदिर का निर्माण हो या कश्मीर से अनुच्छेद 370 का खात्मा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रहित में ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सुशासन के ऐतिहासिक 4399 दिनों (मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में 25 वर्षों) के सफल कार्यकाल में अंत्योदय देश में हर जगह साकार हुआ है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का सपना था कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े, सबसे गरीब व्यक्ति के जीवन में खुशहाली आए और उनके घर में उन्नति का ‘दीया’ जले। इस संकल्प को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धरातल पर उतारा है। और इस तरह ही अंत्योदय देश की ग्रामीण व्यवस्था में देखने को मिला है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के 4 करोड़ से अधिक गरीबों को पक्की छत प्रदान की गई है। पहले इसमें जहां मामूली राशि मिलती थी, वहीं आज पारदर्शिता के साथ 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है, जिससे गरीबों के पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है।

गांव की महिलाओं और परिवारों के सपनों को पूरा करते हुए ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से हर घर में शुद्ध पेयजल और स्वच्छता के लिए घरों में शौचालय बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है।

गरीब परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना एक वरदान सिद्ध हुई है। गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हार्ट ऑपरेशन, किडनी/लिवर की बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान कर मोदी जी ने गरीबों को आर्थिक तंगी से बड़ी राहत दी है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव-गांव को पक्की सड़कों से जोड़ा गया है और हर घर तक बिजली पहुंचाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गांव, गरीब, किसान और नौजवानों के उत्थान की जो बयार बह रही है, वह वास्तव में ‘अंतिम व्यक्ति के उत्थान’ (अंत्योदय) का ही प्रमाण है। और असली भारत देश के गांव में बसने वाले उसी अंतिम व्यक्ति के प्राणों में बसता है।

Train Cancelled : छत्तीसगढ़ में आज से कई ट्रेनें रद्द, 29 जून तक यात्री रहेंगे प्रभावित, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट

Train Cancelled : छत्तीसगढ़ में आज से कई ट्रेनें रद्द, 29 जून तक यात्री रहेंगे प्रभावित, सफर से पहले जरूर देखें लिस्ट

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के बिलासपुर मंडल में निपनिया-भाटापारा सेक्शन में अंडरब्रिज निर्माण कार्य के चलते आज 25 जून से कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया है। रेलवे द्वारा रिलीविंग गर्डर डी-लॉन्चिंग कार्य के कारण 25 से 29 जून 2026 तक 10 ट्रेनों को रद्द और 3 ट्रेनों के परिचालन में आंशिक बदलाव किया गया है।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, इस कार्य का असर रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, गेवरा रोड और इतवारी रूट पर चलने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें।

आज (25 जून) रद्द रहने वाली ट्रेनें

68746 रायपुर–गेवरा रोड मेमू पैसेंजर

58205 रायपुर–नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर

आज (25 जून) आंशिक रूप से प्रभावित ट्रेनें

68861 गोंदिया–झारसुगुड़ा मेमू: गोंदिया से नहीं चलेगी, बिलासपुर से प्रारंभ होगी।

68862 झारसुगुड़ा–गोंदिया मेमू: बिलासपुर में ही समाप्त होगी, आगे गोंदिया तक नहीं जाएगी।

58203 कोरबा–रायपुर पैसेंजर: बिलासपुर तक ही चलेगी, बिलासपुर–रायपुर के बीच रद्द रहेगी।

रेलवे ने बताया कि 26, 28 और 29 जून को भी अलग-अलग ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसलिए जिन यात्रियों की यात्रा इन दिनों निर्धारित है, वे रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES ऐप या हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश- मोहर्रम जुलूस में डीजे व आतिशबाजी पर नहीं रहेगा वक्फ बोर्ड का प्रतिबंध

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश- मोहर्रम जुलूस में डीजे व आतिशबाजी पर नहीं रहेगा वक्फ बोर्ड का प्रतिबंध

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले पारंपरिक सामाजिक जुलूसों में डीजे , ब्रास बैंड, धुमाल और आतिशबाजी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले एक हालिया नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। 'सूफी इस्लामिक बोर्डÓ द्वारा दायर रिट याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए विवादित आदेश के क्रियान्वयन को आगामी सुनवाई तक स्थगित कर दिया है।

अदालत ने माना कि चूंकि मोहर्रम पर्व के धार्मिक अनुष्ठान पहले से ही जारी हैं और मुख्य जुलूस 26 जून को है, इसलिए इस ऐन वक्त पर ऐसा प्रतिबंध लागू करने से समाज में अवांछित अशांति फैल सकती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। मामला छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा आगामी मोहर्रम पर्व को लेकर जारी किए गए एक प्रतिबंधात्मक दिशा-निर्देश से शुरू हुआ।

वक्फ बोर्ड ने बीती 11 जून 2026 को एक कड़ा आदेश जारी कर राज्य की सभी मोहर्रम कमेटियों और ताजिया आयोजकों को निर्देशित किया था कि वे मजहबी जुलूसों के दौरान डीजे, धुमाल, ब्रास बैंड और पटाखों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि किसी भी कमेटी ने इस नियम का उल्लंघन किया, तो उस पर 50,000 रुपये का दंडात्मक जुर्माना लगाया जाएगा। वक्फ बोर्ड के इसी आदेश को सूफी इस्लामिक बोर्ड ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

सूफी इस्लामिक बोर्ड के वकील देवेंद्र प्रताप सिंह ने कोर्ट के समक्ष पुरजोर दलील दी कि वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किया गया यह नोटिस पूरी तरह से अवैध, मनमाना और उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। वकील ने तर्क दिया कि कानूनन छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पास इस तरह के दंडात्मक आदेश पारित करने या किसी धार्मिक आयोजन की पद्धतियों पर प्रतिबंध लगाने की वैधानिक शक्तियां नहीं हैं। ध्वनि प्रदूषण या कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना जिला प्रशासन और पुलिस का काम है, न कि वक्फ बोर्ड का।उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि मोहर्रम से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो चुके हैं और आगामी 26 जून 2026 को मुख्य पर्व है। इस नाजुक मोड़ पर ऐसा आदेश थोपने से अवाम में भारी आक्रोश पैदा होगा।

जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद ने मामले की तात्कालिकता और दोनों पक्षों के तर्कों का गहराई से अवलोकन किया। कोर्ट ने माना कि चूंकि मोहर्रम का मुख्य पर्व बेहद करीब है और मुस्लिम समाज की तैयारियां और कार्यक्रम गतिमान हैं, इसलिए इस मोड़ पर वक्फ बोर्ड के विवादित आदेश को जबरन लागू कराना समझदारी नहीं होगी। अदालत ने अंदेशा जताया कि इस आदेश को जबरन लागू करने से त्योहार मनाने वाले लोगों के बीच गहरा असंतोष और कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है।

हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता सोसाइटी को राहत देते हुए शुद्ध रूप से एक अंतरिम उपाय के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए विवादित नोटिस के प्रभाव और संचालन पर आगामी सुनवाई तक पूर्णत: रोक लगाई जाती है। आदेश के तहत वर्तमान मोहर्रम जुलूसों के दौरान कमेटियों पर वक्फ बोर्ड का यह प्रतिबंध और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का नियम प्रभावी नहीं रहेगा। अदालत ने राज्य सरकार और वक्फ बोर्ड के वकीलों को इस याचिका पर अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय प्रदान किया है। केस की अगली सुनवाई अगले महीने होगी।

तकनीक, नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं से कृषि बनेगी अधिक लाभकारी एवं आत्मनिर्भर: मंत्री राजेश अग्रवाल

तकनीक, नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं से कृषि बनेगी अधिक लाभकारी एवं आत्मनिर्भर: मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: लखनपुर (अंबिकापुर) स्थित जुनाडीह मल्टीप्लेक्स में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुना। कार्यक्रम में क्षेत्र के कृषक, जनप्रतिनिधि, कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ तथा गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और कृषि में नवाचार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज खेती केवल परंपरागत गतिविधि नहीं रह गई है, बल्कि तकनीक, वैज्ञानिक पद्धतियों और नवाचारों के माध्यम से इसे आधुनिक व्यवसाय का स्वरूप दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को बीज, सिंचाई, उर्वरक, कृषि यंत्रों और बाजार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता और आय दोनों में वृद्धि हो।

अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ अब गांव-गांव तक पहुंच रहा है। कृषि यंत्रीकरण, सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण और मूल्य संवर्धन जैसी पहलें किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने किसानों से नई तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि ही भविष्य की समृद्धि का आधार है।

कार्यक्रम में किसानों ने भी खेती-किसानी से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे तथा कृषि क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की। मंत्री  अग्रवाल ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान और कृषि विकास के लिए सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि हमारा संकल्प है कि तकनीक, नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ में कृषि को और अधिक समृद्ध, आधुनिक एवं आत्मनिर्भर बनाया जाए। किसान समृद्ध होंगे तो गांव समृद्ध होंगे और गांव समृद्ध होंगे तो छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उपस्थित किसानों ने ऐसे संवाद कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

 रायपुर: मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में जनजाति समूहों एवं अन्य वंचित वर्गों के गरीब युवाओं, महिलाओं एवं तृतीय लिंग को संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के संबंध में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने प्रदेश के जनजाति समूहों, अन्य वंचित वर्गों एवं गरीब युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार प्रदान करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए है। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन द्वारा प्रदेश के अनुसूचित जाति बाहुल्य ईलाकों में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता के माध्यम से वहां के रहवासियों को सशक्त बनाने एवं उनके विकास के लिए किए जा रहे कार्यो का प्रस्तुतिकरण के जरिये जानकारी दी।

कौशल विकास तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की समन्वय सह निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन और पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के मध्य एक गैरलाभकारी संयुक्त उद्यम कंपनी गठन करने का निर्णय लिया गया है। यह संस्था अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वंचित समूदायों के गरीब युवाओं एवं महिलाओं तथा तृतीय लिंग के संस्थागत विकास हेतु व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता माध्यम से उन्हें सशक्त बनायेगा एवं उनके सर्वांगिण विकास के लिए काम करेगा। बैठक में पैन आईआईटी एलुमनीं रीच फॉर इंडिया फाउंडेशन के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास के लिए कौशल विकास योजनाओं को लागू करने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं जाएंगे। युवाओं का उनकी रूचि और बाजार की मांग के अनुसार विभिन्न टेªडों में आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि संस्था द्वारा केवल कौशल विकास ही नहीं बल्कि प्रशिक्षण के तुरंत बाद युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके। इस कार्यक्रम का विशेष जोर स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों, ग्रामीण युवाओं और समाज के कमजोर वर्गों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।

बैठक में बताया गया कि पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन झारखण्ड राज्य में शासन के साथ मिलकर कार्य किया गया है और इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं अन्य वंचित युवाओं के शक्तिकरण की दिशा में काम कर रहा है। कल्याण गुरूकुल, कौशल कॉलेज, छत्तीसगढ़ के दूरदराज वनांचल क्षेत्रों मे स्थापित किए जाएंगे। छात्राओं के प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही नियुक्ताओं से करार किया जाएगा। जिससे युवाओं को टेªनिंग पूरी होते ही पक्की नौकरी मिल सकें। संस्था द्वारा बस्तर, सरगुजा संभाग के आदिवासी बाहुल्य जिलों में प्रमुख रूप से कार्य कर रहा है। स्थानीय भवनों जैसे-आईटीआई एवं छात्रावास को आवासीय प्रशिक्षण केन्द्रों गुरूकुल में बदला जा रहा है। इन जिलों के ग्रामीण और अंदरूनी गांव से बेरोजगार युवाओं की पहचान कर उन्हें ट्रेनिंग के लिए लाया जा रहा है। इनी क्षेत्रों की युवाओं की शैक्षणिक योग्याता के अनुरूप कन्ट्रक्शन, मैनुफेक्चरिंग जैसे सेक्टर में शॉट में आवासीय टेªनिंग दी जा रही है। अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में नर्सिंग कॉलेजों को खोलने का भी कार्य किया जा रहा है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पर्यटन एवं संस्कृति के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, विशेष सचिव एवं आयुष विभाग के संचालक राजेन्द्र कुमार कटारा सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार, पैन आईआईटी एलुमनी रिच फॉर इंडिया फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।