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सड़क हादसों से दहला छत्तीसगढ़ : अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की गई जान, कई घायल

सड़क हादसों से दहला छत्तीसगढ़ : अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की गई जान, कई घायल

 धमतरी। छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अलग-अलग जिलों में हुए दर्दनाक हादसों ने पांच लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा और धमतरी जिलों में हुए इन हादसों में कहीं ट्रैक्टर और ट्रेलर लोगों के लिए काल बन गए, तो कहीं खदान में डंपर पलटने से एक एसईसीएल कर्मी की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद कई इलाकों में मातम पसरा हुआ है, वहीं पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी हुई है।

पहली घटना अंधियारखोर में हुई, जहां एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में ट्रैक्टर पर सवार 18 वर्षीय दीपेंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गया। चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कम उम्र में युवक की मौत से परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है।

वहीं दूसरी घटना करिआम घाट के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रेलर ने सड़क किनारे खड़े युवक को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, मृतक अपने दोस्तों के साथ एक बारात से लौट रहा था। सफर के दौरान करिआम घाट के पास सभी लोग सड़क किनारे अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर लघुशंका के लिए रुके थे। इसी दौरान घाट की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिल और युवक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। मृतक की पहचान अमित पैकरा (उम्र लगभग 24 वर्ष) निवासी कोटमी खुर्द के रूप में हुई है।

रायताखार क्षेत्र में तीन युवक बाइक से काम पर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक एक गाय सड़क पार करने लगी, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो मृतक की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों का उपचार जारी है।

जिले की एसईसीएल कुसमुंडा खदान में भी बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय एसईसीएल कर्मी सत्य नारायण खोडरी फेस में 60 टन डंपर से मिट्टी अनलोड कर रहे थे। इसी दौरान डंपर पीछे की ओर फिसलकर लगभग 150 फीट नीचे जा गिरा। हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

दुगली थाना क्षेत्र में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला है। घर के पास बैठी एक बुजुर्ग महिला को तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीर किडनी रोगी के उपचार हेतु 3.95 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीर किडनी रोगी के उपचार हेतु 3.95 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की

 0-मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से जशपुर के मरीज को मिली बड़ी राहत

0-सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन के बाद त्वरित कार्रवाई, अहमदाबाद में होगा किडनी प्रत्यारोपण

रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनकल्याणकारी नेतृत्व में मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जशपुर जिले के गंभीर किडनी रोगी जितेन्द्र कुमार यादव (44 वर्ष) को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री  साय ने उनके उपचार एवं किडनी प्रत्यारोपण के लिए 3 लाख 95 हजार 121 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जशपुर निवासी  जितेaन्द्र कुमार यादव गंभीर किडनी रोग से पीडि़त हैं और उन्हें रेनल ट्रांसप्लांट (किडनी प्रत्यारोपण) की आवश्यकता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनके परिवार को उपचार कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इस बीच मरीज के परिजनों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचकर आर्थिक सहायता के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।    

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री  साय ने त्वरित संज्ञान लिया और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत सहायता राशि स्वीकृत करने के निर्देश दिए। राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह राशि अहमदाबाद (गुजरात) स्थित जी.आर. दोशी एवं के.एम. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी एंड रिसर्च सेंटर में किडनी प्रत्यारोपण, उपचार तथा आवश्यक दवाइयों के लिए मंजूर की गई है।    

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार गंभीर एवं आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि जीवनरक्षक उपचार के अभाव में किसी भी परिवार को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत इस सहायता से मरीज एवं उनके परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से अब आवश्यक उपचार संभव हो सकेगा। यह पहल राज्य सरकार की संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखी भारतीय विशाल उड़न गिलहरी, वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दिखी भारतीय विशाल उड़न गिलहरी, वन्यजीव संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि

 दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी से जैव विविधता हुई समृद्ध, कैमरे में कैद हुआ रोमांचक दृश्य

रायपुर-- छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। रिजर्व क्षेत्र में दुर्लभ वन्यजीव भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस दुर्लभ प्रजाति का वीडियो भी कैमरे में कैद हुआ है, जिसने वन अधिकारियों, वन्यजीव विशेषज्ञों और प्रकृति प्रेमियों में उत्साह का संचार कर दिया है।

भारतीय विशाल उड़न गिलहरी अपनी अनोखी उड़ान क्षमता और निशाचर जीवनशैली के लिए जानी जाती है। यह प्रजाति पेड़ों के बीच फैली त्वचा की विशेष झिल्ली की सहायता से लंबी दूरी तक ग्लाइड कर सकती है। सामान्यतः यह घने और सुरक्षित वनों में निवास करती है, इसलिए इसकी उपस्थिति किसी भी वन क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण संकेत मानी जाती है।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में इस दुर्लभ जीव का दिखाई देना इस बात का प्रमाण है कि यहां के वन क्षेत्र विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों के लिए अनुकूल और सुरक्षित आवास प्रदान कर रहे हैं। वन विभाग द्वारा किए जा रहे संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब दुर्लभ जीवों की उपस्थिति के रूप में सामने आ रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय विशाल उड़न गिलहरी मुख्य रूप से रात्रिचर प्राणी है और दिन के समय वृक्षों की खोखलों या घने पत्तों के बीच विश्राम करती है। इसकी गतिविधियों को देख पाना अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। ऐसे में इसका वीडियो रिकॉर्ड होना वन्यजीव अध्ययन और संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व पहले से ही बाघ, तेंदुआ, भालू, जंगली कुत्ता, विभिन्न पक्षी प्रजातियों तथा दुर्लभ वनस्पतियों के लिए जाना जाता है। अब भारतीय विशाल उड़न गिलहरी की उपस्थिति ने इस संरक्षित क्षेत्र की जैव विविधता को और अधिक समृद्ध एवं विशिष्ट बना दिया है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की दुर्लभ प्रजातियों का संरक्षण न केवल प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है, बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता और प्रकृति पर्यटन को भी नई दिशा प्रदान करता है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में भारतीय विशाल उड़न गिलहरी का दिखाई देना छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और सफल वन्यजीव संरक्षण प्रयासों का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

CG - काला कोट पहनकर कोर्ट में घूम रहा था फर्जी वकील, ऐसे हुआ खुलासा, कई आधार कार्ड, आईडी जब्त…..

CG - काला कोट पहनकर कोर्ट में घूम रहा था फर्जी वकील, ऐसे हुआ खुलासा, कई आधार कार्ड, आईडी जब्त…..

 रायपुर। राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर में खुद को हाईकोर्ट का अधिवक्ता बताकर घूम रहे एक कथित फर्जी वकील का मामला सामने आया है। आरोपी के पास से पुलिस ने कई आधार कार्ड, पहचान पत्र समेत आईडी जब्त की है। आरोपी एक क्लाइंट को अपने झांसे में लेकर उसका काम कराने के लिए पहुंचा हुआ था। इसी दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं को जब संदेह हुआ तो उसे पकड़कर पुलिस को इसकी सूचना दी गई।

जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला रायपुर कोर्ट परिसर का है। एक व्यक्ति वकील जैसे कपड़े पहनकर न्यायालय परिसर पहुंचा हुआ था। खुद को कभी हरीश डहरिया तो कभी मनीष कुर्रे बता रहा था। परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं को जब संदेह हुआ तो उसे पकड़कर सिविल लाइन पुलिस को इसकी जानकारी दी गई।

पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी के कब्जे से 5 आधार कार्ड, पहचान आईडी समेत फर्जी दस्तावेज जब्त किए गए। आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि एक क्लाइंट को झांसे में लेकर उसका काम करवाने के लिए कोर्ट पहुंचा था। इसी दौरान वहां मौजूद अधिवक्ताओं को जब उस पर शक हुआ तो उन्होंने उसे पकड़कर पुलिस को इसकी जानकारी दी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी के साथ कुछ और लोग भी जुड़े हुए है। आरोपी से सिविल लाइन पुलिस पूछताछ कर रही है।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ का यह नगर पंचायत बना नगर पालिका, राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित…..

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ का यह नगर पंचायत बना नगर पालिका, राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित…..

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव द्वारा बिलासपुर जिले के कोटा नगर पंचायत को नगर पालिका बनाने की घोषणा पूरी हो गई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोटा के नगर पंचायत से नगर पालिका में उन्नयन के संबंध में अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित कर दी है। विभाग द्वारा प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार नगर पंचायत कोटा की सीमाएं ही नगर पालिका कोटा की सीमाएं होंगी।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस खालसा पब्लिक स्कूल में हुआ आयोजित : योगा कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री साव

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस खालसा पब्लिक स्कूल में हुआ आयोजित : योगा कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री साव

 रायपुर- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय दुर्ग के खालसा पब्लिक स्कूल प्रांगण में आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरूण साव शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  अरूण साव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद  विजय बघेल, विधायक रिकेश सेन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष  प्रेम प्रकाश पाण्डेय, पद्म  उषा बारले, महापौर अलका बाघमार, जिला पंचायत की अध्यक्ष सरस्वती बंजारे, संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, आईजी  अभिषेक सांडिल्य, कलेक्टर  अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल तथा समस्त विभाग के अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और नगर के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने संयुक्त रूप से योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास किया। इससे पूर्व कलेक्टर  अभिजीत सिंह ने मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री  साव एवं अन्य अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने संक्षिप्त उद्बोधन में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री साव ने सभी को योग दिवस की शुभ-कामनाएं देते हुए कहा कि इस वर्ष संपूर्ण देश में ’’योगा फॉर हेल्दी एजिंग’’ के लिए योग दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए। योग का जीवन में बड़ा महत्व है। योग ऐसा सशक्त माध्यम है, जिससे शारीरिक एवं बौद्धिक विकास संभव है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को योग की शपथ दिलाई।
सांसद  विजय बघेल ने कार्यक्रम में उपस्थित जनों का अभिनंदन एवं स्वागत करते हुए कहा कि योग जीवन जीने की प्राचीन परम्परा है। आज योग को देश के प्रधानमंत्री  मोदी जी ने वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठा दिलाई है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से पूरी दुनिया योग के महत्व को समझ रही है। उन्होंने कहा कि 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज विश्व के अनेक देशों में मनाया जा रहा है। सांसद  बघेल ने लोगों को आह्वान किया कि ’’करें योग और रहें निरोग’’। योग प्रशिक्षक प्राची भट्टाचार्य एवं डिलिमा मजूमदार ने कपालभाती प्राणायाम, अनुलोम विलोम प्राणायाम, शिति प्राणायाम, भ्रामरी प्राणायाम सहित योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। उन्होंने ओउम् के सुमधुर उच्चारण और शांति पाठ वाचन के साथ योगाभ्यास का समापन किया।

गधहाभाटा अब कहलाएगा ‘सोनपुर’, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामवासियों को सौंपी राजपत्र की प्रति

गधहाभाटा अब कहलाएगा ‘सोनपुर’, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ग्रामवासियों को सौंपी राजपत्र की प्रति

 स्थानीय जनभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान को मिला सम्मान

नई पहचान के साथ आगे बढ़ेगा सोनपुर– उप मुख्यमंत्री  शर्मा

उप मुख्यमंत्री ने 7.5 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की

रायपुर-- कबीरधाम जिले के ग्राम गधहाभाटा का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर सोनपुर कर दिया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने शनिवार को ग्राम सोनपुर पहुंचकर ग्रामवासियों को राजपत्र की प्रति सौंपते हुए बधाई दी। इस दौरान ग्राम विकास के लिए उप मुख्यमंत्री ने 7 लाख 50 हजार रुपए के कई विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं। उन्होंने सामुदायिक भवन मरम्मत के लिए 2.50 लाख रुपए, किचन निर्माण के लिए 2.50 लाख रुपए, गौठान समतलीकरण के लिए 1 लाख रुपए तथा पचारी निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपए की घोषणा की।

गधहाभाटा अब कहलाएगा ‘सोनपुर’, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामवासियों को सौंपी राजपत्र की प्रति

लंबे समय से थी मांग का हुआ समाधान
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि ग्रामवासियों की लंबे समय से गांव का नाम बदलने की मांग थी। स्थानीय लोगों की भावना और मांग को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसके बाद मंत्रिमंडल स्तर पर चर्चा हुई, राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई और अंततः राजपत्र में इसका प्रकाशन किया गया। उन्होंने कहा कि अब यह नाम सरकारी अभिलेखों और वेब पोर्टल में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा। साथ ही ग्रामवासियों से अपील की कि वे भी अपने व्यवहार और दैनिक उपयोग में नए नाम ‘सोनपुर’ को अपनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसी नाम से गांव की पहचान कर सकें। अब नई पहचान के साथ सोनपुर आगे बढ़ेगा।

गधहाभाटा अब कहलाएगा ‘सोनपुर’, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामवासियों को सौंपी राजपत्र की प्रति

ग्रामवासियों के आत्मसम्मान और क्षेत्रीय पहचान होगी मजबूत
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के नाम केवल पहचान नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय इतिहास, संस्कृति और जनभावनाओं से जुड़े होते हैं। ‘सोनपुर’ नाम परिवर्तन ग्रामवासियों के आत्मसम्मान और क्षेत्रीय पहचान को मजबूत करने वाला सकारात्मक कदम है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में एक अन्य गांव चांडालपुर का नाम भी बदलकर चंदनपुर किया गया है तथा उसका प्रकाशन भी राजपत्र में किया जा चुका है। ग्राम वासियों ने भी उप मुख्यमंत्री  शर्मा का ग्राम को नई पहचान दिलाने में पहल करने के लिए आभार व्यक्त किया।

गधहाभाटा अब कहलाएगा ‘सोनपुर’, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामवासियों को सौंपी राजपत्र की प्रति

इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास प्लस नवीन सर्वे की स्थायी सूची के लिए 24 जून को विशेष ग्राम सभा में ग्राम पंचायत स्तर पर वाचन किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके, इस अवसर पर उन्होंने सभी को ग्राम सभा में अवश्य जाने की अपील की। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, पिपरिया नगर पंचायत अध्यक्ष घुरवा राम साहू, पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

योग को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 विश्व को भारत की अमूल्य देन है योग, इसे जन-जन तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास

रायपुर--- मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है। तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है। वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है। आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है। योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास


मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया। भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया।

12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर अम्बिकापुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया सामूहिक योगाभ्यास


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।
इस अवसर पर विधायकप्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष  संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष  राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर  नरेंद्र दुग्गा, आईजी  दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक  राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।

योग से स्वस्थ जीवन और सशक्त समाज का निर्माण संभव : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

योग से स्वस्थ जीवन और सशक्त समाज का निर्माण संभव : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर ।  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर जिले में “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम के साथ व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय स्थित स्वामी आत्मानंद हिंदी माध्यम स्कूल के हाई स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले की प्रभारी मंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सहभागिता करते हुए विभिन्न योगासनों एवं प्राणायाम का अभ्यास किया तथा नागरिकों को नियमित योग अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज विश्व के अनेक देशों में योग को स्वास्थ्य, संतुलन और मानव कल्याण के प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। योग और अध्यात्म एक-दूसरे के पूरक हैं तथा यह व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन की दिशा प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जीवनशैली में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। योग ऐसी प्राचीन भारतीय साधना है, जो तन, मन और आत्मा को संतुलित कर निरोग जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है। योग व्यक्ति में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और नई ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए उपस्थित लोगों को नियमित योग एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष  लोधीराम एक्का, कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर प्रशिक्षकों द्वारा ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्धचक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, मकरासन सहित विभिन्न योगासनों के साथ भ्रामरी प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री राजवाड़े ने स्काउट-गाइड, रोवर एवं रेंजर के विद्यार्थियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने तथा अनुशासन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा की। इसके पश्चात उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हाई स्कूल मैदान परिसर में मौलश्री का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने भी पौधरोपण कर हरित बलरामपुर के संकल्प को मजबूत किया।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योग तथा नशामुक्त जीवनशैली की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर योग को जीवन का हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने की अपील की।

जिले के सभी विकासखंडों, नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों तथा विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर भी सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

छत्तीसगढ़ महतारी और भगवान धनवंतरि की वंदना से सारंगढ़ में योग दिवस का शंखनाद

छत्तीसगढ़ महतारी और भगवान धनवंतरि की वंदना से सारंगढ़ में योग दिवस का शंखनाद

 रायपुर । ​अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सारंगढ़ के कृषि उपज मंडी परिसर में जिला स्तरीय वृहद योग कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस वर्ष "योगा 365 डेज एम्ब्रेस योगा" और "बढ़ते उम्र के स्वास्थ्य के लिए योग" की थीम पर आधारित इस शिविर में प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गरिमा के साथ भगवान  धनवंतरि और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस आयोजन में प्रशासनिक और राजनीतिक अमला एक मंच पर नजर आया। मुख्य अतिथि श्री टंकराम वर्मा के साथ कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधायक केराबाई मनहर, बरमकेला जनपद अध्यक्ष सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, पत्रकारों और स्कूली बच्चों समेत लगभग 1,000 नागरिकों ने एक साथ बैठकर योग की विभिन्न विधाओं व प्राणायाम का अभ्यास किया।

​पीएम मोदी के संदेश का वाचन और हस्ताक्षर अभियान

​कार्यक्रम के दौरान राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ राष्ट्र' बनाने के संदेश का वाचन किया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को बधाई देते हुए जीवन में नियमित योग अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर योग के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें मंत्री, कलेक्टर, एसपी सहित जनप्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों ने अपने हस्ताक्षर किए।

​योग और नृत्य का अद्भुत संगम

​इस जिला स्तरीय योग दिवस का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा नृत्य शैली में किया गया योग प्रदर्शन रहा। मुख्य सत्र के बाद, योग शिक्षिका (व्यायाम शिक्षिका) ममता साहू के मार्गदर्शन में सिम्मी योगा एंड फिटनेस सेंटर, योगाचार्य सुभाष पटेल की टीम और सरिया की योगिनी अकादमी के बच्चों ने 'श्रीरामचंद्र' सहित अन्य भक्ति गीतों पर सामूहिक योग मुद्राओं का विहंगम प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, साक्षी पटेल ने एकल गीत पर योग की अत्यंत कठिन मुद्राओं को सहजता से प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि और उपस्थित जनसमुदाय की खूब वाहवाही बटोरी।

​अनुशासित भागीदारी और प्रेरक पल

​आयोजन को सफल बनाने में भारत स्काउट, जूनियर रेडक्रॉस और एनएसएस (NSS) के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्कूल और कॉलेज के इन छात्र-छात्राओं की अनुशासित और ऊर्जावान भागीदारी ने योग के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाया।

कार्यक्रम में एक भावुक और प्रेरक पल तब देखने को मिला जब मंच से हजार से अधिक नागरिकों को योग का अभ्यास करा रहीं मुख्य योग शिक्षिका ममता साहू के माता-पिता और रिश्तेदार भी इस शिविर में शामिल हुए। अपनी बेटी के इस बेहतरीन नेतृत्व और राज्य स्तर पर मिल रहे सम्मान को देखकर उनके माता-पिता भावविभोर हो उठे। यह अनूठा आयोजन सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के नागरिकों को स्वास्थ्य और एकजुटता का एक अमूल्य संदेश दे गया।

योग दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्थान में हुआ योग और मेडिटेशन, तनावमुक्त जीवन का दिया संदेश

योग दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्थान में हुआ योग और मेडिटेशन, तनावमुक्त जीवन का दिया संदेश

 रायपुर ।  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सदस्यों ने आज सुबह विधानसभा मार्ग स्थित शान्ति सरोवर रिट्रीट सेन्टर में योग का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षक आचार्य प्रदीप सिन्हा और कैलाश सिन्हा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का मार्गदर्शन करते हुए शारीरिक स्वास्थ्य के लिए विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्घजन उपस्थित थे।

इस अवसर पर रायपुर स्थित सेवाकेन्द्रों की संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने कहा कि जैसे बिजली प्राप्त करने के लिए पावर हाउस से कनेक्शन करना होता है। पानी के लिए नलघर से कनेक्शन जरूरी होता है। ठीक वैसे ही आत्मा में शक्ति भरने के लिए सर्वशक्तिवान परमात्मा से सम्बन्ध जोडऩे की जरूरत होती है। परमात्मा से सम्बन्ध जोडऩे के लिए राजयोग मेडिटेशन अच्छा माध्यम है।

उन्होंने कहा कि योग दिवस मनाने के कारण लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हुए हैं। लेकिन हमारा शरीर भी स्वस्थ तब होगा जब हमारा मन स्वस्थ होगा। उन्होंने नकारात्मक और व्यर्थ विचारों से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इससे आत्मा की शक्तिनष्ट होती है। उन्होंने बतलाया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान से पूरे विश्व में दस लाख से अधिक लोग जुड़े हुए हैं जो कि राजयोग को अपनाकर तनावमुक्त और शान्तिमय जीवन जी रहे हैं। मन की शान्ति के लिए मेडिटेशन के अलावा अन्य कोई दूसरा उपाय नहीं है।

आर्ट ऑफ लिविंग की सीनियर फैकल्टी डॉ. सरिता बाजपेयी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की धरोहर है जो कि योग दिवस के माध्यम से जन-जन तक पहुंच रहा है। कोविड से शरीर को जो क्षति पहुंची है उसे हम योग से ठीक कर सकते हैं। योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है। जब शरीर, मन, आत्मा और भावनाएं मिलकर एक हो जाती हैं तब वह समत्व ही योग है। शारीरिक रूप से स्वस्थ तथा मानसिक रूप से शान्त और भावनात्मक रूप से मजबूत होना ही योगी की निशानी है।

भारतीय योग संस्थान के प्रान्तीय प्रमुख मुकेश सोनी ने कहा कि इस वर्ष योग दिवस का थीम है स्वस्थ वृद्घावस्था के लिए योग। तन और मन दोनों का शोधन योग के द्वारा सम्भव है। तन के शोधन के लिए पातंजलि ने तीन सूत्र बतलाए हैं। जिनका अनुपालन कर हम स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं।

अन्त में कु. शारदा नाग ने योग पर आधारित गीत प्रस्तुत कर मेडिटेशन कराया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने किया।

 

योग से शारीरिक व मानसिक विकास होता है, इसे जीवन में अपनाएं - मंत्री लखनलाल देवांगन

योग से शारीरिक व मानसिक विकास होता है, इसे जीवन में अपनाएं - मंत्री लखनलाल देवांगन

 कांकेर । 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज जिला स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में नगरवासियों से एक साथ योगाभ्यास किया। न्यू कम्युनिटी हॉल कांकेर के परिसर में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर सामूहिक योग में हिस्सा लिए तथा विभिन्न योग मुद्राओं का अभ्यास किया।

इस दौरान विधायक कांकेर आशा राम नेताम, नगर पालिका कांकेर अध्यक्ष अरूण कौशिक, पूर्व सांसद  मोहन मण्डावी, भारतीय खाद निगम के सदस्य  हलधर साहू, प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ  हरेश मण्डावी, डीएफओ श्री रौनक गोयल सहित जनप्रतिनिधियों, जिला स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों व नागरिकों, छात्र-छात्राओं, भूतपूर्व सैनिको, एनसीसी व एनएसएस के कैडेटों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योगासन एवं प्राणायाम की विभिन्न मुद्राओं का एक साथ सामूहिक अभ्यास किया।

सामुहिक योगाभ्यास के पश्चात मुख्य अतिथि मंत्री श्री लखन देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि योग एवं अध्यात्म भारत की प्राचीन परम्परा को सम्पूर्ण विश्व ने अपनाया है। इसे वैश्विक स्तर पर अधिमान्य दिलाने का श्रेय देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को जाता है जिनके सद्प्रयासों से यह संभव हो सका। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का प्रयास है कि राज्य के लिए लोग स्वस्थ्य एवं खुशहाल रहे।

उन्होंने कहा कि योग से शारीरिक व मानसिक विकास होता है इससे विभिन्न प्रकार के विकार दूर होते हैं, स्वस्थ जीवन के लिए योग बहुत आवश्यक है। वर्तमान परिवेश में व्यस्तता और समयाभाव के चलते लोगों की जीवन शैली विकृत हो चुकी है, जिससे वे विभिन्न बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

योग से स्वस्थ तन और मन का सकारात्मक विकास होता है। जिस तरह प्राचीन समय में ऋषि-मुनि अपनी आत्मशक्ति को जागृत कर अलौकिक ऊर्जा को प्राप्त करते थे, उसी तरह हम सबको उनका अनुसरण करने की आवश्यकता है। इस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने योग को जीवन का हिस्सा बनाने तथा नशा मुक्त भारत का निर्माण करने का संकल्प भी दिलाया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक श्री आशाराम नेताम ने लोगों को योग के महत्व के बारे में बताते हुए नियमित रूप से योग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। विधायक श्री नेताम ने कहा कि योग के नियमित अभ्यास से शारीरिक एवं मानसिक विकास होता है तथा व्यक्ति स्वस्थ और निरोग जीवन जी सकता है।

उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है।

योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है। कार्यक्रम को श्री महेश जैने ने भी संबोधित किया तथा लोगों को योग को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।

यू कम्युनिटी हॉल कांकेर के परिसर में आज सुबह सात बजे सभी उपस्थित अतिथियों के साथ योग प्रशिक्षक श्री मोहन सेनापति, श्री उपेश्वर ठाकुर एवं श्री कुश साहू के द्वारा विभिन्न योग क्रिया जैसे- अर्द्धचक्रासन, ताड़ासन, भुजंगासन, शवासन, वज्रासन, त्रिकोणासन, उत्तानपाद आसन, कटिचक्रासन, अर्धकटिचक्रासन, उष्ट्रासन, दण्डासन, भद्रासन, उत्तानमण्डूकासन, सेतु दण्डासन, पवन मुक्तासन, मक्रासन, प्राणायाम, नाड़ीसोधन सहित विभिन्न योग मुद्रा का अभ्यास कराया गया, साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी जैसे विभिन्न प्राणायामों का सामूहिक अभ्यास कराया गया। इसी तरह जिले की सभी जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों, विद्यालयों तथा संस्थाओं में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योगाभ्यास का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पार्षद श्रीमती उगेश्वरी उईके एवं सकंुतला जैन, श्री दिलीप जायसवाल, राजा देवनानी, पप्पू मोटवानी, राजा पाण्डे, संजय सिन्हा, संजू गोपाल साहू, दिनेश रजक, विजय लक्ष्मी कौशिक, एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा सहित वरिष्ठ नागरिकगण तथा काफी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी व छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

 

Rahul Gandhi Chhattisgarh Visit Today : राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा आज, कांग्रेस जिलाध्यक्षों के साथ करेंगे चर्चा

Rahul Gandhi Chhattisgarh Visit Today : राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा आज, कांग्रेस जिलाध्यक्षों के साथ करेंगे चर्चा

  रायपुर :- लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 21 जून को छत्तीसगढ़ दौरे पर आएंगे, जहां वे हाल ही में नियुक्त 41 जिलाध्यक्षों को ट्रेनिंग प्रोग्राम में टारगेट शीट और टिप्स देंगे। अभनपुर में 20 से 29 जून तक चलने वाले इस कार्यक्रम में एक्टिव कार्यकर्ताओं को वे कई जिम्मेदारियां भी देंगे।

इससे पहले राहुल गांधी सितंबर 2023 में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ आए थे। करीब 3 साल बाद फिर उनके दौरे को लेकर सियासत हो रही है। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि, कांग्रेस ने बहुत शराब घोटाला किया है। इसलिए अपने आका को खुश करने कांग्रेसी उनका पैर शराब से धोकर स्वागत करें।

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने तंज कसते हुए कहा था कि राहुल गांधी जहां जाते हैं, वहां कांग्रेस का बंटाधार हो जाता है। उन्हें एक-दो बार छत्तीसगढ़ का भी दौरा करना चाहिए, ताकि यहां कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट हो सके।

9 दिन तक कांग्रेस के जिलाध्यक्षों का प्रशिक्षण

राहुल गांधी का दौरा कांग्रेस के संगठनात्मक अभियान से जुड़ा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत अभनपुर में आयोजित होने वाले ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल होकर जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों के साथ चर्चा करेंगे।

PCC चीफ दीपक बैज ने बताया कि, प्रदेश कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में 20 से 29 जून के बीच एक बड़े प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है।

रायपुर कृषि विश्वविद्यालय में राज्यपाल डेका, विधायक और कलेक्टर ने किया योग

रायपुर कृषि विश्वविद्यालय में राज्यपाल डेका, विधायक और कलेक्टर ने किया योग

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग शिविर में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए। राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदेश का वाचन कर सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।

अपने संबोधन में राज्यपाल डेका ने कहा कि योग भारत की अनमोल परंपरा और समृद्ध जीवनशैली का प्रतीक है। वर्तमान समय की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में स्वस्थ एवं संतुलित रहने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय योग है उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन और भावनाओं को भी सुदृढ़ बनाकर व्यक्ति के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंबिकापुर में उमड़ा जनसैलाब, CM विष्णुदेव साय ने हजारों लोगों संग किया योग

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर अंबिकापुर में उमड़ा जनसैलाब, CM विष्णुदेव साय ने हजारों लोगों संग किया योग

 अंबिकापुर। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मैदान में हजारों लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और मजबूत आत्मबल का आधार है। योग व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना धैर्य, संतुलन और सकारात्मक सोच के साथ करने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन परंपरा को अपना रही है और योग वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुका है।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देखने लायक था। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। हजारों लोगों ने एक साथ योगासन कर स्वस्थ रहने और दूसरों को भी योग के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। पूरे परिसर में योग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का माहौल दिखाई दिया।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक रामकुमार टोप्पो सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने योगाभ्यास में हिस्सा लेकर लोगों को स्वस्थ और फिट रहने का संदेश दिया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने अंबिकापुर को योगमय बना दिया। मुख्यमंत्री के साथ हजारों लोगों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि योग आज केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को जोड़ने वाला एक सशक्त माध्यम बन चुका है।

 

ड्रोन दीदी अभियान से कृषि क्षेत्र में तकनीक और मातृशक्ति का होगा सशक्त संगम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

ड्रोन दीदी अभियान से कृषि क्षेत्र में तकनीक और मातृशक्ति का होगा सशक्त संगम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘ड्रोन दीदी अभियान’ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।

खेती को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है।

महिलाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार का अवसर

ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी।

इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है।

उल्लेखनीय है कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल ‘तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जशपुर वनमण्डल ने रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

जशपुर वनमण्डल ने रचा इतिहास, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम

 एक दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल प्रसार कर बनाया विश्व रिकॉर्ड

00 मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को मिला आधिकारिक प्रमाण-पत्र

जशपुर। पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में जशपुर वनमण्डल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार एवं रोपण का कार्य संपादित कर गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की राज्य प्रमुख सोनल राजेश शर्मा ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की उपस्थिति में जशपुर वनमण्डल को आधिकारिक प्रमाण-पत्र प्रदान किया। वनमण्डल की ओर से यह प्रमाण-पत्र वनमण्डलाधिकारी शशि कुमार ने प्राप्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर वनमण्डल, वन विभाग तथा अभियान से जुड़े सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जशपुर में संचालित “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” अभियान जनभागीदारी और प्रकृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब शासन, प्रशासन और समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होकर कार्य करते हैं, तब असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल जशपुर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।

जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी अभियान “बीज गोला बनाबो, जशपुर के जंगल ला बढ़ाबो” के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सीडबॉल प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य प्राकृतिक वनस्पतियों के संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित आवरण में वृद्धि के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करना है।

अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसमें देखने को मिली व्यापक जनसहभागिता रही। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, महिला स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। हजारों लोगों के सहयोग से यह अभियान एक जनआंदोलन के रूप में विकसित हुआ और एक ही दिन में 2 लाख से अधिक सीडबॉल के प्रसार का नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।

इस उपलब्धि ने जशपुर जिले को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। साथ ही यह सिद्ध किया है कि सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बड़े और सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने किया जश लर्न का जिला स्तरीय शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने किया जश लर्न का जिला स्तरीय शुभारंभ

 अब फोन आधारित शिक्षण से पूरे जिले के बच्चों को मिलेगा गणित सीखने का अवसर

फरसाबहार में मिली सफलता के बाद जिले के सभी विकासखंडों में होगा विस्तार

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले में निज निवास बगिया से जशपुर जिले की अभिनव शैक्षणिक पहल ‘जश लर्न’ का जिला स्तरीय शुभारंभ किया। फरसाबहार विकासखंड में सफल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में संचालित इस कार्यक्रम को अब जिले के सभी विकासखंडों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की आधारभूत गणितीय दक्षताओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ शिक्षक, पालक और विद्यार्थियों की सहभागिता से सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। आधुनिक तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक, पालक और विद्यार्थी एक साथ मिलकर कार्य करते हैं, तब शिक्षा के परिणाम अधिक सकारात्मक और स्थायी होते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जश लर्न’ कार्यक्रम बच्चों की गणितीय समझ विकसित करने, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने तथा सीखने के स्तर में गुणात्मक सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से किया संवाद, पूछा— क्या-क्या सीखे हो?
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से लाभान्वित विद्यार्थियों वंदना यादव, नव्यता यादव, आयुषी तिर्की एवं कुसुम डडसेना से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पूछा कि इस कार्यक्रम से उन्हें क्या सीखने को मिला और पढ़ाई में किस प्रकार लाभ हुआ।

ग्राम झारमुंडा की कक्षा पांचवीं की छात्रा नव्यता यादव ने बताया कि अब उसे 20 तक पहाड़े याद हो गए हैं और जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसे गणितीय प्रश्न आसानी से हल कर लेती है। धनपुर की छात्रा वंदना यादव ने बताया कि नियमित फोन आधारित मार्गदर्शन और अभ्यास से गणित के प्रति उसका आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले गणित कठिन लगता था, लेकिन अब पढ़ाई में आनंद आने लगा है। बच्चों के अनुभव सुनकर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीक, शिक्षक और अभिभावकों की संयुक्त सहभागिता से सीखने के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार बच्चों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास का भी विकास करते हैं।
डाइट के प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम से जुड़े डाइट जशपुर के प्रथम वर्ष के उन प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया, जिन्होंने मोबाइल आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों की गणितीय दक्षता बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां भावी शिक्षक समाज के बच्चों के सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
फरसाबहार में मिले उत्साहजनक परिणाम
जिला प्रशासन जशपुर द्वारा यूथ इम्पैक्ट संस्था के सहयोग से फरसाबहार विकासखंड में ‘जश लर्न’ कार्यक्रम पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत कक्षा तीसरी एवं चौथी के चयनित विद्यार्थियों को डाइट जशपुर के छात्र-अध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मोबाइल फोन के माध्यम से शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया गया।
बच्चों की गणितीय दक्षताओं का आकलन कर उन्हें जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग जैसी मूलभूत अवधारणाओं में चरणबद्ध तरीके से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, जिससे घर पर भी बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रही। डाइट जशपुर की प्रशिक्षु छात्रा सृष्टि ने बताया कि अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट के माध्यम से गणित में कमजोर बच्चों को उनके अभिभावकों की उपस्थिति में नियमित फोन कॉल कर मूलभूत गणितीय कौशल सिखाए गए। इससे बच्चों को विद्यालय के अतिरिक्त घर पर भी सीखने का अवसर मिला

260 विद्यार्थियों को मिला लाभ, 75 प्रतिशत बच्चों ने हासिल की दक्षता
पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाइट जशपुर के 90 प्रशिक्षु छात्र-शिक्षकों ने फरसाबहार विकासखंड के 260 विद्यार्थियों को मोबाइल आधारित शिक्षण सहायता प्रदान की। कार्यक्रम के परिणाम अत्यंत सकारात्मक रहे और लगभग 75 प्रतिशत विद्यार्थियों ने जोड़, गुणा, भाग एवं अन्य मूलभूत गणितीय संक्रियाओं में दक्षता प्राप्त की। बच्चों की सीखने की गति, गणितीय समझ तथा आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
अब जिले के सभी विकासखंडों में पहुंचेगा ‘जश लर्न’
पायलट प्रोजेक्ट की सफलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने ‘जश लर्न’ कार्यक्रम को जशपुर जिले के सभी विकासखंडों में लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सभी सीएसी को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि कार्यक्रम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। साथ मिलकर सीखें, आगे बढ़ें की भावना पर आधारित यह पहल जशपुर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और नवाचारपूर्ण मॉडल के रूप में उभर रही है। कार्यक्रम के विस्तार से जिले के हजारों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा तथा उनकी आधारभूत शैक्षणिक दक्षताओं को मजबूत कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, डाइट जशपुर के प्रशिक्षु विद्यार्थी, पालकगण तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

उप मुख्यमंत्री शर्मा की संवेदनशील पहल से दिव्यांग जीवराखन पटेल को मिली स्कूटी, एक दिन में पूरी हुई मांग

  त्वरित पहल से आवागमन और व्यवसाय दोनों को मिली नई दिशा

कवर्धा। संवेदनशील जनसेवा और त्वरित समाधान की मिसाल पेश करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने दिव्यांग हितग्राही की मांग को केवल सुना ही नहीं, बल्कि एक दिन के भीतर पूरा भी कराया। ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग  जीवराखन पटेल ने आवागमन और रोजगार में हो रही कठिनाइयों को लेकर स्कूटी की मांग रखी थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अगले ही दिन उन्हें स्कूटी उपलब्ध कराई गई। आज कवर्धा विधायक कार्यालय में उप मुख्यमंत्री ने जीवराखन पटेल को स्कूटी प्रदान की।
नेऊरगांव खुर्द में हुई मुलाकात, अगले दिन समाधान
कबीरधाम जिले के ग्राम नेऊरगांव खुर्द में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम लाडऩपुर निवासी दिव्यांग जीवराखन पटेल ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर आवागमन में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया था। उन्होंने अपनी दैनिक गतिविधियों और रोजगार से जुड़े कार्यों में सुविधा के लिए सहायक उपकरणयुक्त स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उप मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुना और तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश। उनकी संवेदनशील पहल का परिणाम रहा कि सिर्फ एक दिन के भीतर जीवराखन पटेल को विधायक कार्यालय, कवर्धा में स्कूटी प्रदान कर दी गई।

आवागमन के साथ व्यवसाय बढ़ाने में मिलेगी मदद
स्कूटी प्राप्त करने के बाद जीवराखन पटेल की खुशी देखते ही बन रही थी। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने घर के लिए एक छोटी फोटो फ्रेमिंग की दुकान संचालित करते हैं। अब स्कूटी मिलने से न केवल उनके व्यक्तिगत आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इससे वे अधिक आत्मनिर्भर होकर अपने कार्यों का विस्तार कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्कूटी का उपयोग करते समय यातायात नियमों का पालन, अपनी तथा अन्य लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने और हेलमेट का नियमित उपयोग करने की सलाह भी दी।
कार्यक्रम में तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह भी उपस्थित थे। उन्होंने जीवराखन पटेल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उप मुख्यमंत्री  शर्मा हमेशा क्षेत्रवासियों की समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं। जनदर्शन के माध्यम से लोगों को त्वरित राहत और सहायता मिल रही है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने सलियाटोली में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री साय ने सलियाटोली में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का किया निरीक्षण

 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा अत्याधुनिक अध्ययन केंद्र : मुख्यमंत्री

00 24 घंटे अध्ययन सुविधा, डिजिटल लाइब्रेरी, 50 हजार पुस्तकों और स्मार्ट सुविधाओं से सुसज्जित होगा नालंदा परिसर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखंड के सलियाटोली ग्राम में निर्माणाधीन नालंदा परिसर का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। लगभग 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से निर्मित हो रहे इस 250 सीटर अत्याधुनिक परिसर के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। नालंदा परिसर युवाओं को अध्ययन, मार्गदर्शन और आत्मविकास के लिए एक आधुनिक एवं प्रेरणादायी वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह परिसर जशपुर जिले के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि नालंदा परिसर के निर्माण का प्लिंथ लेवल कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में परियोजना को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निर्माणाधीन नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जा रहा है। परिसर में विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां इंडोर एवं आउटडोर स्टडी जोन, ऑक्सी रीडिंग जोन, डिजिटल लाइब्रेरी, वाई-फाई जोन तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 50 हजार से अधिक पुस्तकों की व्यवस्था की जाएगी। परिसर को पर्यावरण अनुकूल स्वरूप प्रदान करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित प्रणाली विकसित की जाएगी तथा 50 से अधिक देशी प्रजातियों के पौधों का रोपण किया जाएगा। युवाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए परिसर में यूथ टावर, स्पोर्ट्स कोर्ट, कैफेटेरिया, एटीएम और हेल्थ जोन जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त आरएफआईडी आधारित प्रवेश प्रणाली, बायोमेट्रिक पहचान व्यवस्था तथा आधुनिक पुस्तक प्रबंधन प्रणाली जैसी स्मार्ट सुविधाएं इसे एक आधुनिक और तकनीक-सक्षम अध्ययन केंद्र का स्वरूप प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नवाचारपूर्ण शैक्षणिक केंद्र युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष  रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका उपाध्यक्ष  यश प्रताप सिंह जूदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री साय

जैविक खेती, आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था से बढ़ेगी किसानों की आय : मुख्यमंत्री साय

  कुनकुरी में जैविक किसान मेला एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में शामिल हुए साय

00 औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन हेतु हुआ महत्वपूर्ण अनुबंध, किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार

रायपुर। किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है। आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर फसल चयन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा सुदृढ़ बाजार व्यवस्था के माध्यम से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समृद्ध बनाए बिना विकास का लक्ष्य पूर्ण नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित जैविक किसान मेला एवं खेत बचाओ अभियान अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता तथा मानव स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि पूर्व में गोबर खाद, ढैंचा एवं अन्य हरी खादों के उपयोग से खेती अधिक टिकाऊ और भूमि अधिक उपजाऊ रहती थी। आज आवश्यकता है कि परंपरागत ज्ञान और आधुनिक तकनीक का समन्वय कर कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों के आयात पर निर्भरता को देखते हुए नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्प किसानों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं। इनके उपयोग से उत्पादन लागत कम होती है और मिट्टी की गुणवत्ता भी संरक्षित रहती है।

किसानों को मिला आधुनिक तकनीकों से जुडऩे का अवसर
कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि, आधुनिक कृषि यंत्रों, ड्रोन तकनीक, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रदर्शनों का अवलोकन कर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की तथा किसानों से संवाद भी किया। कार्यक्रम में ड्रोन के माध्यम से खेतों में दवा छिड़काव का लाइव प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। किसानों ने आधुनिक कृषि तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और उनके उपयोग से होने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही कृषि नवाचारों, जैविक खेती, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से संबंधित जीवंत प्रदर्शनी भी आयोजित की गई।
उत्कृष्ट किसानों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम में आयोजित किसान प्रतियोगिता के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सम्मानित किया। ग्राम खोंगा (मनोरा) के किसान महेश सिंह को जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। ग्राम लाखाझार के किसान  सुखराम को 33 किलोग्राम वजन के कटहल उत्पादन तथा ठेठेटांगर के किसान विजय भूषण को ढाई किलोग्राम वजन के आम उत्पादन के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वामित्व योजना के तहत कृषक गुप्तेश्वर को भूमि पट्टा भी प्रदान किया।
औषधीय एवं सुगंधित फसलों को मिलेगा बेहतर बाजार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में जिला प्रशासन जशपुर एवं सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच औषधीय एवं सुगंधित फसलों के विपणन के लिए महत्वपूर्ण अनुबंध किया गया। इस पहल से जिले के किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा मूल्य संवर्धन और विपणन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी

किसानों की खुशहाली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था लागू की गई है। सरकार बनने के तुरंत बाद किसानों को दो वर्षों का लंबित बोनस प्रदान किया गया तथा शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना से बदलेगी खेती की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत चयनित देश की 100 प्रमुख परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ की एकमात्र बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना शामिल है। लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना से 14 गांवों के लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। पाइपलाइन के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए देश के चयनित 100 जिलों में छत्तीसगढ़ के केवल तीन जिले—दंतेवाड़ा, कोरबा और जशपुर—शामिल किए गए हैं, जिससे जिले के कृषि विकास को नई गति मिलेगी।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं से ग्रामीणों को मिल रही सुविधा
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में सुशासन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए गुड गवर्नेंस एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। अधिकांश शासकीय कार्य अब ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से संचालित हो रहे हैं तथा भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से 400 से अधिक नागरिक सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनका लाभ लोग घर बैठे प्राप्त कर रहे हैं। प्रदेश की 6 हजार ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीणों को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी देते हुए कहा कि अब नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे दर्ज करा सकते हैं। 24म7 संचालित इस व्यवस्था से 42 विभागों के 8 हजार से अधिक अधिकारी जुड़े हैं और प्रत्येक शिकायत के समयबद्ध निराकरण की निगरानी की जा रही है।
कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल  रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष  सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष  सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष  शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यशप्रतापसिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले को दी 9.65 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले को दी 9.65 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण: सड़क, विद्युत और ग्रामीण अधोसंरचना को मिलेगी नई मजबूती

00 कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र के शुभारंभ से अनेक गांवों को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के 9 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों की कुल लागत 9 करोड़ 65 करोड़ रुपये है, जिसमें 4 कार्यों का भूमिपूजन तथा 5 कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे लोगों के जीवन में सुविधाएं, अवसर और समृद्धि लेकर आते हैं। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, विद्युत, स्वच्छता और ग्रामीण अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

6.74 करोड़ रुपये के 4 विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन
मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कुल 6 करोड़ 74 लाख रुपये की लागत वाले 4 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 31.68 लाख रुपये की लागत से फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तथा 10 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत पगुराबहार के बेहराटोली में भजनो घर के पास पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इसी प्रकार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 220.82 लाख रुपये की लागत से ग्राम पंचायत चराईडांड़ के मलेरिया बस्ती से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 तक 2 किलोमीटर पहुंच मार्ग निर्माण तथा 412.48 लाख रुपये की लागत से घासीमुंडा से कोरवाटोली (ग्राम पंचायत कोहपानी) तक 3.10 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों की आवागमन सुविधा बेहतर होगी तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

2.90 करोड़ रुपये के 5 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने कुल 2 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 5 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत 40 लाख रुपये की लागत से निर्मित चार कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें ग्राम पंचायत जोकबहला के हरिजन बस्ती पहुंच मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत जोकारी में मधेश्वर महादेव पहाड़ मार्ग पर आरसीसी पुलिया निर्माण, ग्राम पंचायत डोडापानी के डुमरटोली बस्ती में सीसी रोड निर्माण तथा ग्राम पंचायत हेठघींचा में उपरघींचा से घुड़ाजोर मार्ग पर पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।

कुडूकेला विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र को मिलेगी बेहतर बिजली सुविधा
लोकार्पण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा 2.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 33/11 केवी, 3.15 एमवीए विद्युत उपकेंद्र कुडूकेला का भी लोकार्पण किया।इस विद्युत उपकेंद्र के प्रारंभ होने से जामटोली, गड़बहार, टुकूपानी, बरटोली, पंडरा, सुखापोखर, जामचुवां, कुडूकेला, सरडीह, गिनाबहार, टोप्पो बागान, रेंगारघाट, सियावर चौक, चटकपुर, बेने, बासनटोली, कुहूमुड़ा, भेलवाटोली तथा नवापारा सहित अनेक गांवों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र के कृषि कार्यों, घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे विकास कार्य क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रतिभा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

प्रतिभा को मिलेगा राष्ट्रीय मंच, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित

 00 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन, 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चे कर सकते हैं आवेदन

रायपुर। बच्चों की असाधारण प्रतिभा, नवाचार, साहस और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2026 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रदेश के प्रतिभाशाली बच्चों, अभिभावकों, शिक्षण संस्थानों तथा सामाजिक संगठनों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन करने की अपील की है।

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार देश का सर्वोच्च बाल सम्मान माना जाता है, जो उन बच्चों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।

विभागीय जानकारी के अनुसार 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे इस पुरस्कार के लिए पात्र हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक बच्चे स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अभिभावक, स्कूल, सामाजिक संस्थाएं और अन्य व्यक्ति भी योग्य बच्चों का नामांकन कर सकते हैं। सभी आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। राज्य शासन ने प्रदेश के नवाचारी, प्रतिभाशाली और प्रेरणादायी बच्चों से इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी उपलब्धियों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन करने का आग्रह किया है। आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए https://awards.gov.in/ पर विजिट किया जा सकता है।

नई चेतना 4.0 अभियान से जेंडर समानता की अलख, सुरक्षित और संवेदनशील समाज निर्माण का संकल्प

नई चेतना 4.0 अभियान से जेंडर समानता की अलख, सुरक्षित और संवेदनशील समाज निर्माण का संकल्प

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित नई चेतना 4.0 अभियान के तहत प्रदेशभर में जेंडर आधारित भेदभाव एवं हिंसा के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा लैंगिक समानता पर आधारित सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है।

इसी कड़ी में बीजापुर सहित विभिन्न जिलों एवं ब्लॉक मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं, किशोरियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को जेंडर समानता, घरेलू हिंसा की रोकथाम, बाल विवाह निषेध, बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, महिला हेल्पलाइन सेवाओं तथा शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
अभियान के दौरान प्रतिभागियों को महिलाओं एवं बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया। साथ ही समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने तथा महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों ने हिंसा, भेदभाव और असमानता से मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया।

विभागीय अधिकारियों ने कहा कि नई चेतना 4.0 अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की एक जनभागीदारी आधारित पहल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समान अवसरों वाला वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ जीवन और विकसित भारत का आधार बनेगा योग

 योग फॉर हेल्दी एजिंग: स्वस्थ और सक्रिय जीवन की दिशा में एक कदम

रायपुर। भारत में प्राचीन काल से ही योग हमारी जीवनशैली और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है। ऋषि-मुनियों, योगियों और संतों ने योग के माध्यम से स्वस्थ शरीर, शांत मन और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। भारतीय ज्ञान परंपरा की यह अमूल्य धरोहर आज विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण का पर्याय बन चुकी है। इसी विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता प्रदान की, जो आज विश्वव्यापी जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
वर्ष 2026 के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रखी गई है। यह थीम योग के माध्यम से जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संदेश देती है। योग न केवल रोगों से बचाव का प्रभावी माध्यम है, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की आधारशिला भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में योग आज विश्व के करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। प्रधानमंत्री का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यक्ति, समाज और प्रकृति के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को स्वस्थ बनाकर परिवार समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बनता है इस वर्ष राष्ट्रीय स्तर का मुख्य आयोजन कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है जहां प्रधानमंत्री स्वयं योगाभ्यास का नेतृत्व करेंगे।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह अंबिकापुर में आयोजित किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय स्वयं योगाभ्यास में सहभागिता करेंगे और प्रदेशवासियों को नियमित योग अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देंगे। राज्य सरकार द्वारा योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, पंचायतों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति हैं। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। यही कारण है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संवर्धन और जनजागरूकता अभियानों में योग को विशेष महत्व दे रही है।
प्राकृतिक संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ में योग का संदेश लोगों के जीवन से सहज रूप से जुड़ता है। प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली योग के मूल सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करती है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और शासकीय संस्थानों में नियमित योग गतिविधियों के माध्यम से स्वस्थ समाज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान समय में बढ़ते तनाव, अनियमित जीवनशैली और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी समाधान के रूप में उभरा है। नियमित योगाभ्यास शरीर को निरोग, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाता है। यह व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान कर जीवन की चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करता है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि योग को केवल एक दिवस का आयोजन न मानकर दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग को अपनाना समय की आवश्यकता है। आइए, योग के माध्यम से स्वस्थ छत्तीसगढ़, विकसित भारत और समृद्ध विश्व के निर्माण में अपना योगदान दें।