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BREAKING : आज 17 सितंबर को सभी जिलों में मनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम, CM साय रायपुर में रहेंगे मौजूद, GAD ने जारी की मंत्रियों-सांसदों और विधायकों की सूची

BREAKING : आज 17 सितंबर को सभी जिलों में मनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम, CM साय रायपुर में रहेंगे मौजूद, GAD ने जारी की मंत्रियों-सांसदों और विधायकों की सूची

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक “सेवा संकल्प अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 17 सितंबर को राज्य के सभी 33 जिलों में “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम आयोजित होगा। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आदेश जारी कर सभी जिलों के लिए विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने वाले जनप्रतिनिधियों की सूची जारी कर दी है।

राजधानी रायपुर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा रायपुर जिले के अन्य कार्यक्रमों में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा की विशिष्ट उपस्थिति रहेगी।

देखें जिलों में अतिथियों की सूची:

रायपुर: विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
मुंगेली: तोखन साहू, केंद्रीय मंत्री
बिलासपुर: अरुण साव, उप मुख्यमंत्री
बस्तर: विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री
बलरामपुर-रामानुजगंज: रामविचार नेताम, मंत्री
बेमेतरा: दयाल दास बघेल, मंत्री
नारायणपुर: केदार कश्यप, मंत्री
कोरबा: लखन लाल देवांगन, मंत्री
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर: श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री
रायगढ़: ओ.पी. चौधरी, मंत्री
बलौदाबाजार-भाटापारा: टंकराम वर्मा, मंत्री
सूरजपुर: लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री
सरगुजा: राजेश अग्रवाल, मंत्री
गरियाबंद: बृजमोहन अग्रवाल, सांसद
दुर्ग: विजय बघेल, सांसद
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी: संतोष पाण्डेय, सांसद
कोरिया: चिंतामणी महाराज, सांसद
महासमुंद: रूपकुमारी चौधरी, सांसद
जशपुर: राधेश्याम राठिया, सांसद
सक्ती: कमलेश जांगड़े, सांसद
बीजापुर: महेश कश्यप, सांसद
बालोद: भोजराज नाग, सांसद
सारंगढ़-बिलाईगढ़: देवेन्द्र प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद
कोंडागांव: लता उसेंडी, विधायक
जांजगीर-चांपा: अमर अग्रवाल, विधायक
राजनांदगांव: धरम लाल कौशिक, विधायक
धमतरी: अजय चन्द्राकर, विधायक
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई: डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, विधायक
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही: प्रणव कुमार मरपची, विधायक
कांकेर: विक्रम उसेंडी, विधायक
दंतेवाड़ा: चैतराम अटामी, विधायक
सुकमा: रूप सिंह मण्डावी, अध्यक्ष (छ.ग. राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग)

डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य - शर्मा

डॉक्टर बनना मंजिल नहीं, समाज की सेवा करना असली लक्ष्य - शर्मा

 00 मेडिकल कॉलेज कवर्धा में नए शैक्षणिक सत्र का हुआ शुभारंभ

00 उप मुख्यमंत्री और सांसद ने विद्यार्थियों का किया स्वागत, विद्यार्थियों से जानी तैयारी और सफलता की कहानी

00 पहले दिन गले में स्टेथोस्कोप, कंधे पर एप्रॉन... आंखों में डॉक्टर बनने का सपना, प्रथम बैच की शुरू हुई पढ़ाई
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक जीवन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने बड़ा लक्ष्य रखा और डॉक्टर बनने का सपना देखा, लेकिन डॉक्टर बनना ही अंतिम लक्ष्य नहीं होना चाहिए। लक्ष्य केवल एक पड़ाव नहीं, बल्कि निरंतर आगे बढऩे की यात्रा है। हमारा उद्देश्य केवल डॉक्टर बनना नहीं, बल्कि डॉक्टर बनकर समाज के लिए अच्छा कार्य करना होना चाहिए।

कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के इतिहास में आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में प्रथम शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा और सांसद  संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फुल देकर स्वागत किया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ अपने नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की। मेडिकल कॉलेज के इतिहास के इस पहले दिन विद्यार्थियों ने अतिथियों के साथ अपने संघर्ष, तैयारी और सपनों को साझा किया। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि जिस परिवार और समाज ने विद्यार्थियों को आगे बढऩे का अवसर दिया है, उसके प्रति सेवा का भाव हमेशा बनाए रखना चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने लक्ष्य की तैयारी निरंतर जारी रखें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव नहीं होना चाहिए। सफलता किसी एक व्यक्ति का परिणाम नहीं होती, बल्कि परिवार और सभी के संयुक्त प्रयासों से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे डॉक्टर बनने और समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया।

सांसद  संतोष पाण्डेय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के प्रथम बैच का शुभारंभ हुआ है। उन्होंने कहा कि देश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुविधाओं के विस्तार पर कार्य किया जा रहा है।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि विद्यार्थियों ने कठिन मेहनत के बाद यहां तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की है, लेकिन यह अंत नहीं, बल्कि शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति डॉक्टर के पास आता है, तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है। इसलिए चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा भाव और संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण होना चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद, जानी तैयारी और सफलता की कहानी
प्रथम बैच के विद्यार्थियों के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग के अनुभव और प्रवेश परीक्षा के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भी खुलकर अपनी तैयारी और सफलता की कहानी साझा की। किसी ने ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से तैयारी की, तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को आधार बनाया।
पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया
संवाद के दौरान राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन दूसरे प्रयास में सफल हुईं। उन्होंने बताया कि पिता ने कभी निराश नहीं होने दिया, बल्कि गलतियों को पहचानकर सुधार करने और लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन कर सफलता हासिल की। भिलाई निवासी हर्षिता तीसरे प्रयास में सफल हुईं। भिलाई निवासी अंशिता सिंह के पिता ने बताया कि बेटी की तैयारी में उन्होंने मार्गदर्शन के साथ मॉक टेस्ट में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि भिलाई का पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल भी तैयारी में सहायक रहा।

उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यह भी जाना कि वे प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करते थे और किताबों तथा डिजिटल स्क्रीन का कितना उपयोग करते थे। विद्यार्थियों ने बताया कि वे करीब 8 घंटे पुस्तकों से और 3 से 4 घंटे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पढ़ाई करते थे। एक विद्यार्थी ने किताब और स्क्रीन के उपयोग का अनुपात 50-50 प्रतिशत बताया। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण कुछ विद्यार्थियों को रोज 7 से 8 घंटे तक स्क्रीन पर पढ़ाई करनी पड़ती थी। संवाद के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रवेश परीक्षा के अनुभव भी पूछे। विद्यार्थियों ने परीक्षा के स्तर, तैयारी के दौरान आई चुनौतियों और सफलता तक पहुंचने के अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, अधिष्ठाता डॉ प्रतिभा जैन शाह, सीएमएचओ डॉ देवेन्द्र तूरे सहित जनप्रतिनिधि और डॉक्टर उपस्थित रहे।

भैयाथान क्षेत्र में 34 करोड़ से अधिक के सड़क विकास कार्यों की मंत्री राजवाड़े ने दी सौगात

भैयाथान क्षेत्र में 34 करोड़ से अधिक के सड़क विकास कार्यों की मंत्री राजवाड़े ने दी सौगात

 00 बेहतर सड़कें ग्रामीण विकास की मजबूत नींव, गुणवत्तापूर्ण निर्माण से बढ़ेंगे विकास के अवसर

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भैयाथान क्षेत्रवासियों को सड़क विकास की बड़ी सौगात देते हुए 34 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक की लागत वाले दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों का कार्यप्रारम्भ पूजन किया। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच बेहतर होगी तथा क्षेत्र में विकास की गति को नई दिशा मिलेगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा हैं। मजबूत और बेहतर सड़क नेटवर्क से गांवों की कनेक्टिविटी बढ़ती है तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। सरकार का प्रयास है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना पहुंचे और लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधाएं मिलें। उन्होंने कहा कि इन सड़क परियोजनाओं का लाभ किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को मिलेगा।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए उन्होंने कहा कि मजबूत और टिकाऊ अधोसंरचना ही विकास कार्यों का स्थायी लाभ लोगों तक पहुंचा सकती है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा तक 18 किलोमीटर सड़क का होगा चौड़ीकरण
कार्यप्रारम्भ पूजन किए गए प्रमुख कार्यों में डुमरिया राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से केंवरा मार्ग का चौड़ीकरण एवं उन्नयन शामिल है। लगभग 30.41 करोड़ रुपये की लागत से 18 किलोमीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत बिटुमिनस कंक्रीट एवं शोल्डर कार्य के साथ 6,570 मीटर नाली, 300 मीटर टो-वॉल, 140 मीटर रिटेनिंग वॉल, 8 एचपीसी तथा 7 स्लैब पुलियों का निर्माण किया जाएगा। सड़क के उन्नयन से राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आवागमन सुविधा बेहतर होगी।

दर्रीपारा-दनौली मार्ग से झम्मनपारा को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
इसी क्रम में झम्मनपारा में दर्रीपारा से दनौली तक 3.20 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य का भी कार्यप्रारम्भ पूजन किया गया। इस कार्य के लिए 374.76 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना में 3.20 किलोमीटर सड़क, 0.90 किलोमीटर सीसी रोड, 1,200 मीटर नाली, 90 मीटर रिटेनिंग वॉल तथा 6 एचपीसी पुलियों का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने की अपील की
कार्यक्रम के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने क्षेत्रवासियों से सेवा संकल्प अभियान से सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले इस अभियान का उद्देश्य सेवा, जनभागीदारी और जनकल्याण की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं एवं सामाजिक संगठनों से अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से सेवा और जनकल्याण के कार्यों को नई गति दी जा सकती है।

छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में बड़ा फेरबदल : 165 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले..देखें पूरी लिस्ट..!!

छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग में बड़ा फेरबदल : 165 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले..देखें पूरी लिस्ट..!!

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 165 अधिकारी-कर्मचारियों की पदस्थापना में बदलाव किया है। जारी तबादला आदेश में विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को नई जगह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें जिला आबकारी अधिकारी से लेकर मैदानी अमले और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक के नाम शामिल हैं।

12 जिला आबकारी अधिकारियों का भी तबादला
तबादला सूची के अनुसार प्रदेश के 12 जिला आबकारी अधिकारियों को नई पदस्थापना दी गई है। इसके साथ ही 31 सहायक जिला आबकारी अधिकारी और 57 आबकारी उप निरीक्षकों के कार्यस्थल में भी बदलाव किया गया है। विभाग में किए गए इस फेरबदल में केवल अधिकारी स्तर तक ही बदलाव सीमित नहीं रहा। मैदानी अमले के साथ कार्यालयीन और सहायक कर्मचारियों को भी स्थानांतरित किया गया है।  

कांस्टेबल से ड्राइवर-चपरासी तक बदले गए
आदेश के तहत आबकारी विभाग के 39 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल का भी तबादला किया गया है। वहीं 12 क्लर्क तथा 14 ड्राइवर और चपरासियों को भी नई जगह पदस्थ किया गया है। इस तरह विभाग की ओर से जारी सूची में कुल 165 अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं।

किस श्रेणी में कितने तबादले?

  • 12 जिला आबकारी अधिकारी
  • 31 सहायक जिला आबकारी अधिकारी
  • 57 आबकारी उप निरीक्षक
  • 39 हेड कांस्टेबल एवं कांस्टेबल
  • 12 क्लर्क
  • 14 ड्राइवर एवं चपरासी

आबकारी विभाग के इस व्यापक फेरबदल के बाद अब संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेशानुसार नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालना होगा। 

जिला आबकारी अधिकारी

SS
CC

सहायक जिला आबकारी अधिकारी

VV
DV
VV

आबकारी उप निरीक्षक 

Excise Sub-Inspector
Excise Sub-Inspector
Excise Sub-Inspector
Excise Sub-Inspector

आबकारी हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल

Excise Constable
Excise Constable
Excise Constable

आबकारी क्लर्क

Excise Clerk
Excise Clerk

आबकारी ड्राइवर और चपरासी

Excise Driver and Peon
Excise Driver and Peon

आशीर्वाद का दीया' : दीये की रोशनी से विकसित भारत के संकल्प तक

आशीर्वाद का दीया' : दीये की रोशनी से विकसित भारत के संकल्प तक

 रायपुर--दीया भारतीय जीवन और संस्कृति में केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है। वह विश्वास का प्रतीक है, आशा का प्रतीक है और अंधकार के बीच उजाले की निरंतर तलाश का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीप जब किसी घर की देहरी पर जलता है, तो उसका प्रकाश सीमित होते हुए भी मन में एक बड़ा विश्वास जगाता है कि अंधकार कितना भी गहरा हो, उजाले की एक किरण उसके सामने खड़ी हो सकती है। यही भाव 17 सितंबर की शाम 7 बजे छत्तीसगढ़ के घर-घर में जलने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ को विशेष अर्थ देता है। यह केवल एक दीप प्रज्ज्वलन नहीं, बल्कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनने जा रहा है।

17 सितंबर देश के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का अवसर है। बीते वर्षों में इस दिन को सेवा, जनभागीदारी और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प से जोड़ने की परंपरा मजबूत हुई है। इस बार ‘आशीर्वाद का दीया’ उसी भाव को एक नई अभिव्यक्ति देता है। यह दीपक उन करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं का प्रतीक है, जो वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में देखना चाहते हैं। यह उस छत्तीसगढ़ की कल्पना का भी प्रतीक है, जो अपनी प्राकृतिक संपदा, श्रमशक्ति, संस्कृति और प्रतिभा के बल पर विकसित भारत की यात्रा में अपनी विशिष्ट भूमिका निभाए।

विकास की चर्चा अक्सर बड़े आंकड़ों, बड़ी परियोजनाओं और बड़े निवेश के संदर्भ में होती है, लेकिन विकास का सबसे मानवीय चेहरा उस समय दिखाई देता है, जब किसी गरीब परिवार को अपना पक्का घर मिलता है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों परिवारों के जीवन में इसी बदलाव को संभव बनाया है। एक पक्का घर केवल ईंट, सीमेंट और छत का निर्माण नहीं होता। वह परिवार की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य की स्थिरता का आधार बनता है। किसी मां के लिए वह बारिश में बच्चों को सुरक्षित रखने का भरोसा है, किसी पिता के लिए वर्षों की चिंता से मुक्ति है और किसी बच्चे के लिए पढ़ाई तथा सपनों के लिए अपना एक सुरक्षित संसार है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास निर्माण की गति ने ग्रामीण विकास को एक नई दिशा दी है।

 इसी तरह उज्ज्वला योजना की एक रसोई में पहुंची गैस की लौ, जल जीवन मिशन के माध्यम से घर तक पहुंचा नल का पानी, आयुष्मान भारत के जरिए मिला स्वास्थ्य सुरक्षा कवच और जनधन योजना से बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा परिवार, ये सब विकास के अलग-अलग चेहरे हैं। इनके बीच एक साझा सूत्र है और वह है सामान्य नागरिक के जीवन को आसान, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाना। सरकारी योजनाओं की सफलता केवल इस बात से नहीं मापी जा सकती कि कितने लाभार्थियों को लाभ मिला, बल्कि इस बात से भी मापी जानी चाहिए कि उस लाभ ने उनके जीवन में कितना भरोसा पैदा किया।

विकसित भारत की यात्रा में महिला शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ की ‘बिहान’ जैसी पहल ने ग्रामीण महिलाओं को केवल बचत समूहों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें आर्थिक गतिविधियों, उद्यमिता और बाजार से जोड़ने का रास्ता खोला है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं आज कृषि, पशुपालन, प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद और विभिन्न स्थानीय व्यवसायों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। ‘लखपति दीदी’ की अवधारणा इसी परिवर्तन को एक व्यापक लक्ष्य देती है। जब एक महिला आर्थिक रूप से मजबूत होती है तो उसका प्रभाव केवल उसके व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता। उसका परिवार मजबूत होता है, बच्चों की शिक्षा बेहतर होती है और पूरे गांव की अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा आती है।

किसान के जीवन में समृद्धि विकसित छत्तीसगढ़ की बुनियादी शर्त है। छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी कृषि, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और राज्य की कृषक उन्नति योजना जैसी पहलों ने किसान को आर्थिक सहारा देने के साथ कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आधार तैयार किया है। अब कृषि को केवल उत्पादन की प्रक्रिया मानने के बजाय उसे मूल्यवर्धन से जोड़ने की आवश्यकता है। खेत से निकलने वाली उपज यदि स्थानीय स्तर पर प्रसंस्कृत हो, उसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग हो तथा उसे बेहतर बाजार मिले, तो किसान की आय और ग्रामीण रोजगार दोनों बढ़ सकते हैं। एकीकृत कृषि, किसान उत्पादक संगठन और स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयां इसी दिशा में महत्वपूर्ण कड़ियां बन सकती हैं।

गांवों का विकास सड़क, पानी, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान जैसे प्रयासों का महत्व उन क्षेत्रों में और बढ़ जाता है, जहां भौगोलिक परिस्थितियों के कारण मूलभूत सुविधाओं की पहुंच स्वयं एक चुनौती रही है। सड़क किसी गांव तक केवल वाहन नहीं पहुंचाती, वह बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अवसर भी पहुंचाती है। इसलिए ग्रामीण अधोसंरचना का निर्माण वास्तव में सामाजिक और आर्थिक अवसरों का विस्तार है।

छत्तीसगढ़ का विकास तब पूर्ण माना जाएगा, जब बस्तर से सरगुजा तक और मैदानी क्षेत्रों से लेकर वनांचलों तक विकास के अवसर समान रूप से पहुंचें। आदिवासी क्षेत्रों की अपनी संस्कृति, कला, परंपरा, वन संपदा और जीवन पद्धति है। इनकी विशिष्टता को संरक्षित रखते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना विकास का महत्वपूर्ण आयाम है। बस्तर के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना तथा पर्यटन की संभावनाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ना ऐसे प्रयास हैं, जिनसे विकास और विरासत एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं।

इसी व्यापक सोच को दीर्घकालिक दिशा देता है ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन@2047’। ‘अंजोर’ यानी उजाला। यह नाम अपने भीतर एक बड़ी कल्पना समेटे हुए है, ऐसा छत्तीसगढ़ जो आर्थिक रूप से सशक्त हो, सामाजिक रूप से समावेशी हो, तकनीकी रूप से सक्षम हो और अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पहचान को साथ लेकर आगे बढ़े। कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, पर्यटन, कौशल, सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों को एक साथ जोड़कर भविष्य की विकास यात्रा का रोडमैप तैयार करना इसी सोच का हिस्सा है। वर्ष 2030, 2035 और 2047 के अलग-अलग पड़ावों के साथ तैयार यह विजन वर्तमान की आवश्यकताओं और भविष्य की आकांक्षाओं के बीच एक सेतु का काम करता है।

 विकास की अगली यात्रा में तकनीक की भूमिका भी निर्णायक होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल सेवाएं, स्टार्टअप, नवाचार और नई अर्थव्यवस्था के अवसर युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खोल सकते हैं। छत्तीसगढ़ के 2026-27 के बजट में अधोसंरचना, एआई, पर्यटन, स्टार्टअप और खेल जैसे क्षेत्रों के लिए नए मिशनों की परिकल्पना इसी बदलती दुनिया के अनुरूप भविष्य की तैयारी को दर्शाती है। इसका उद्देश्य केवल नई तकनीक को अपनाना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं को तकनीक का निर्माता और उपयोगकर्ता दोनों बनाना है।

लेकिन विकास की दौड़ में प्रकृति को पीछे छोड़ दिया गया तो भविष्य का उजाला अधूरा रह जाएगा। छत्तीसगढ़ की पहचान उसके जंगलों, नदियों, पहाड़ों और जल संसाधनों से है। इसलिए जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को विकास के केंद्र में रखना आवश्यक है। ‘मोर गांव, मोर पानी’, ‘धार अपार’ और ‘सुघ्घर बारी’ जैसे प्रयास इस बात की ओर संकेत करते हैं कि ग्रामीण विकास को जल, मिट्टी, हरियाली और स्थानीय आजीविका के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले समय का विकास वही होगा जो आर्थिक समृद्धि के साथ पर्यावरणीय संतुलन भी कायम रख सके।

 दरअसल, विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ का सपना केवल सरकार की योजनाओं से पूरा नहीं होगा। योजनाएं दिशा दे सकती हैं, संसाधन उपलब्ध करा सकती हैं और व्यवस्था को गति दे सकती हैं, लेकिन विकास को जनआंदोलन बनाने के लिए समाज की भागीदारी जरूरी है। किसान को अपनी खेती में नई तकनीक अपनानी होगी, युवा को नए कौशल सीखने होंगे, महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों में आगे आना होगा, गांवों को अपने जल और पर्यावरण की जिम्मेदारी उठानी होगी और नागरिकों को विकास के साथ अपने कर्तव्यों को भी जोड़ना होगा। जब सरकार की योजनाएं और समाज की भागीदारी एक साथ आगे बढ़ेंगी, तभी विकास का प्रभाव स्थायी और व्यापक होगा।

यही कारण है कि ‘आशीर्वाद का दीया’ महज एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा भाव है। यह उस मां की आशा का दीप है, जो अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और बेहतर भविष्य देना चाहती है। यह किसान की उम्मीद का दीप है, जो अपनी मेहनत का उचित मूल्य चाहता है। यह युवा के सपने का दीप है, जो अपने हुनर के बल पर आगे बढ़ना चाहता है। यह महिला के आत्मविश्वास का दीप है, जो परिवार और समाज की आर्थिक शक्ति बनना चाहती है। यह उस आदिवासी परिवार के विश्वास का दीप है, जो अपनी संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ना चाहता है।

17 सितंबर की शाम 7 बजे जब हजारों-लाखों घरों में दीप जलेंगे, तब हर दीपक अपने भीतर एक अलग कहानी लिए होगा। किसी के लिए वह बेहतर शिक्षा का सपना होगा, किसी के लिए पक्के घर का संतोष, किसी के लिए रोजगार की उम्मीद और किसी के लिए आत्मनिर्भरता की आकांक्षा। लेकिन इन सभी दीपों की रोशनी मिलकर एक बड़ा संदेश देगी, विकास तभी सार्थक है, जब वह हर घर तक पहुंचे और हर व्यक्ति को अपने भविष्य पर भरोसा करने का अवसर दे।

वर्ष 2047 अभी दूर है, लेकिन भविष्य की नींव आज ही रखी जाती है। विकसित भारत का संकल्प आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाने का संकल्प है, जिसमें अवसर व्यापक हों, संसाधनों का बेहतर उपयोग हो, तकनीक जनकल्याण का माध्यम बने और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी यात्रा में विकसित छत्तीसगढ़ का सपना भी आकार ले रहा है।

इसलिए 17 सितंबर का ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि उस भविष्य की ओर उठाया गया सामूहिक कदम है, जिसे देश और प्रदेश मिलकर गढ़ना चाहते हैं। यह दीप हमें याद दिलाता है कि बड़े परिवर्तन हमेशा किसी बड़ी शुरुआत से नहीं, कभी-कभी एक छोटे से प्रकाश से भी शुरू होते हैं। एक दीप घर में जले, एक संकल्प मन में जगे और उस प्रकाश से विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ की राह और अधिक उजली हो, यही ‘आशीर्वाद का दीया’ का वास्तविक अर्थ है। आशीर्वाद का दीया विकास के संकल्प की लौ है।

झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड के दोषियों को दी गई मृत्युदंड की सजा है न्याय की जीत - सीएम साय

झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड के दोषियों को दी गई मृत्युदंड की सजा है न्याय की जीत - सीएम साय

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि झीरम घाटी में हुआ बर्बर हत्याकांड छत्तीसगढ़ के इतिहास का वह पीड़ादायक अध्याय है, जिसकी कटु स्मृतियां हमें लंबे समय तक पीड़ा देती रहेंगी। इस जघन्य कम्युनिस्ट हिंसा में हमने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं, सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों को भी खोया है। मामले में दोषी पाए गए दस माओवादियों को जगदलपुर एनआईए कोर्ट द्वारा दी गई मृत्युदंड की सजा न्याय की जीत है। एनआईए ने जिस तरह इस जांच को अंजाम तक पहुंचाया, उसकी भी सराहना होनी चाहिए।

आज प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लौह संकल्प और उनके दृढ़ नेतृत्व में हमने सशस्त्र माओवाद के चंगुल से प्रदेश को मुक्त कराया है। दशकों से माओवादी हिंसा झेल रहा बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर आगे बढ़ रहा है। यह अवसर विशेषकर जनजाति समाज की लाश पर राजनीति करने वालों और आतंक को बौद्धिक एवं वैचारिक समर्थन देने वालों के लिए आत्मचिंतन का भी अवसर है। दिमागी नक्सल भी यह जान लें कि निहित स्वार्थ के कारण किसी भी आतंक को प्रश्रय और आसरा देने का परिणाम सबके लिए विनाशकारी ही होता है। भारतीय लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध लडऩे वाले आतंक का भस्मासुर किसी विचार या क्षेत्र की सरहद को नहीं मानता है। यह समझकर उन्हें अपनी हरकतों से बाज आना चाहिए।झीरम के उस क्रूर हमले में अपने प्राण गंवाने वाली सभी दिवंगत आत्माओं को नमन। विनम्र श्रद्धांजलि।

श्रमवीरों को आज सीएम साय करेंगे सम्मानित

श्रमवीरों को आज सीएम साय करेंगे सम्मानित

 रायपुर। भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर 17 सितंबर को राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का भव्य आयोजन किया जाएगा। श्रमिकों के सम्मान, उनके योगदान को रेखांकित करने और श्रम शक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर (आबकारी) एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन करेंगे।

सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम, बूढ़ापारा, रायपुर में दोपहर 12 बजे से आयोजित होने वाला यह महासम्मेलन प्रदेश के श्रमवीरों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर होगा। निर्माण से लेकर उद्योग, कृषि, सेवा और विभिन्न क्षेत्रों में अपने परिश्रम से प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले श्रमिक इस आयोजन के केंद्र में रहेंगे।

बस्तर-सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बैंकिंग नेटवर्क का करें विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बस्तर-सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक बैंकिंग नेटवर्क का करें विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 गांव के नजदीक बैंकिंग सुविधा से वित्तीय समावेशन के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

युवाओं, महिलाओं, किसानों और छोटे उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका - मुख्यमंत्री  साय

मुख्यमंत्री  साय ने एचडीएफसी बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने पर विशेष लोगो का किया विमोचन

रायपुर-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को एचडीएफसी बैंक द्वारा छत्तीसगढ़ में अपनी सेवाओं के 25 वर्ष पूर्ण किए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर बैंक प्रबंधन, अधिकारियों-कर्मचारियों और ग्राहकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने बैंक के छत्तीसगढ़ में 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तैयार किए गए विशेष लोगो का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री साय ने बैंक के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति में मजबूत और सर्वसुलभ बैंकिंग व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पिछले वर्षों में बैंकिंग सेवाओं में तेजी से विस्तार हुआ है और डिजिटल तकनीक ने वित्तीय सेवाओं को पहले से अधिक सहज बनाया है। अब आवश्यकता इस बात की है कि आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों और व्यावसायिक केंद्रों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक भी समान रूप से पहुंचे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बैंकिंग नेटवर्क का और विस्तार करते हुए विशेष रूप से बस्तर एवं सरगुजा अंचल के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच बढ़ानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण और जनजातीय बहुल है। इन क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को आर्थिक गतिविधियों से जुड़ने के अधिक अवसर मिलेंगे और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक सुगमता से उन तक पहुंच सकेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गांव के नजदीक बैंक की शाखा या बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होने का प्रभाव केवल बैंकिंग लेन-देन तक सीमित नहीं रहता। इसके दूरगामी सामाजिक और आर्थिक परिणाम होते हैं। ग्रामीणों को अपने खाते से संबंधित सामान्य कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, उनका समय और संसाधन बचता है तथा बचत और औपचारिक बैंकिंग के प्रति उनका विश्वास बढ़ता है। ऋण, बीमा, डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच मिलने से परिवारों के आर्थिक सशक्तीकरण का मार्ग भी प्रशस्त होता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में पहुंच रही है। ऐसे में अंतिम व्यक्ति तक बैंकिंग सेवाओं की सहज उपलब्धता सुशासन की व्यवस्था को भी मजबूत करती है। बैंकिंग नेटवर्क के विस्तार का लाभ नागरिकों के साथ-साथ शासन को भी मिलता है, क्योंकि इससे योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुरक्षित और समयबद्ध ढंग से हितग्राहियों तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी नई ऊर्जा आती है। किसानों को कृषि एवं उससे संबंधित गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता, युवाओं को स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए ऋण तथा छोटे व्यवसायियों को अपने कारोबार के विस्तार के लिए पूंजी आसानी से उपलब्ध हो सकती है। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न आजीविका गतिविधियों और छोटे उद्यमों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। बैंकिंग संस्थाएं यदि इन समूहों तक ऋण, वित्तीय साक्षरता और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच को और मजबूत करें तो महिलाओं की उद्यमशीलता को बड़ा संबल मिल सकता है। आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं अपने परिवार के साथ पूरे गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास छत्तीसगढ़ में ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करना है, जिसमें युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के भी अधिक से अधिक अवसर मिलें। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता है। उनके विचारों और उद्यमशीलता को वित्तीय सहयोग से जोड़ने में बैंक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकते हैं। छोटे और मध्यम उद्यमों को समय पर वित्तीय सहायता मिलने से प्रदेश में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को और गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास के नए दौर से गुजर रहा है। प्रदेश में अधोसंरचना के विस्तार के साथ उद्योग, व्यापार, कृषि, सेवा क्षेत्र और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों में संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के इन अवसरों का लाभ प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बैंकिंग और वित्तीय संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि लोगों के सपनों और आर्थिक संभावनाओं को संसाधनों से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। किसी युवा को अपना व्यवसाय प्रारंभ करना हो, किसी महिला समूह को अपने उत्पादों का विस्तार करना हो, किसी किसान को अपनी आय बढ़ाने के लिए नई गतिविधि शुरू करनी हो अथवा किसी छोटे व्यापारी को अपना कारोबार आगे बढ़ाना हो - सुलभ वित्तीय सहायता उनके प्रयासों को नई दिशा दे सकती है।

मुख्यमंत्री  साय ने वित्तीय साक्षरता पर भी जोर देते हुए कहा कि बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के साथ नागरिकों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेन-देन, बचत, बीमा और वित्तीय प्रबंधन के संबंध में जागरूक करना भी आवश्यक है। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाकर लोगों को आधुनिक बैंकिंग व्यवस्था से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की यात्रा में सरकार के साथ निजी क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में निवेश, उद्यमिता, स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए बैंकिंग संस्थाएं राज्य सरकार की विकासपरक पहलों में महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एचडीएफसी बैंक अपने अनुभव और व्यापक बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास एवं वित्तीय समावेशन में अपनी सहभागिता को आने वाले वर्षों में और विस्तार देगा।

मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ में एचडीएफसी बैंक की 25 वर्षों की यात्रा को महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह अवसर बीते वर्षों की उपलब्धियों के साथ भविष्य के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने का भी है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बैंक आने वाले समय में शहरों के साथ गांवों, विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में अपनी पहुंच बढ़ाकर अधिक से अधिक परिवारों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ेगा।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा, एचडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड  अरुण मेदीरत्ता, ब्रांच बैंकिंग हेड सेंट्रल इंडिया  प्रतीक शर्मा सहित बैंक के माई प्रतिनिधि उपस्थित थे।

सेवा के 25 वर्ष, सुशासन का संकल्प और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान

सेवा के 25 वर्ष, सुशासन का संकल्प और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को समर्पित होगा सेवा संकल्प अभियान

 00 शिवरीनारायण के महानदी घाट पर जलेंगे एक लाख दीप, ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों पर भी होगा दीप प्रज्वलन

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देश और प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान-2026 आयोजित किया जाएगा। सेवा, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखकर आयोजित यह अभियान प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा, जनसेवा और राष्ट्र निर्माण की यात्रा को जनभागीदारी के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा।

अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों, जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा जनभागीदारी से जुड़े आयोजनों का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से सेवा की भावना को सशक्त करने के साथ सुशासन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा। इसी कड़ी में 17 सितंबर को शाम 7 बजे जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण स्थित महानदी घाट पर एक लाख दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। यह दीप प्रज्वलन प्रधानमंत्री  मोदी की 25 वर्षों की राष्ट्रसेवा, जनसेवा के संकल्प और राष्ट्र निर्माण की यात्रा के प्रति सम्मान एवं शुभकामना का प्रतीक होगा। जिले के ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर भी दीप प्रज्वलित कर सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश दिया जाएगा।

सेवा संकल्प अभियान के दौरान प्रदेश में सेवा कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान के माध्यम से नागरिकों को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को जनभागीदारी का व्यापक आधार देने का प्रयास किया जाएगा।

जांजगीर-चांपा कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को अभियान के अंतर्गत आयोजित होने वाली गतिविधियों की आवश्यक तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करने तथा सभी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के आयोजन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से 17 सितंबर को शाम 7 बजे अपने-अपने घरों में दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन एवं सेवा संकल्प अभियान-2026 के इस विशेष अवसर में सहभागी बनने की अपील की है। साथ ही शिवरीनारायण के महानदी घाट पर आयोजित एक लाख दीप प्रज्वलन सहित जिलेभर में होने वाले विभिन्न आयोजनों में अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता का आग्रह किया गया है।

स्थानीय निकाय निर्वाचन को बनाएं अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक सक्षम - डेका

स्थानीय निकाय निर्वाचन को बनाएं अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक सक्षम - डेका

 00 32वें अभा राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का राज्यपाल ने किया शुभारंभ 

रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने नवा रायपुर अटल नगर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का आज औपचारिक उद्घाटन किया। शुभारंभ समारोह के विशेष अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ स्थानीय निकाय चुनाव वर्ष पुस्तिका-2026 के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया। यह प्रकाशन छत्तीसगढ़ में स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया, उपलब्धियों, नवाचारों और चुनावी व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करता है।

स्थानीय निकाय निर्वाचन को बनाएं अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक सक्षम - डेका

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने स्थानीय निकायों एवं त्रिस्तरीय पंचायतों की निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी और तकनीक-सक्षम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में स्थानीय स्वशासी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है और इनके निर्वाचन की प्रक्रिया में निरंतर सुधार तथा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग आवश्यक है।
इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। उन्होंने सम्मेलन में देशभर से आए राज्य निर्वाचन आयुक्तों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं निर्वाचन विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों और स्थानीय निकाय निर्वाचन को अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।

स्थानीय निकाय निर्वाचन को बनाएं अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक सक्षम - डेका

छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने स्थानीय स्वशासन, निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावी बनाने तथा प्रशासन और निर्वाचन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर अपने विचार रखे। 
समारोह में राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह एवं आयोग की सचिव श्रीमती शिखा राजपूत तिवारी सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे । सम्मेलन के प्रथम दिन डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग, निर्वाचन प्रबंधन में नवाचार, पारदर्शिता तथा स्थानीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रियाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर परिचर्चा की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति के अध्यक्ष श्री विजय देव ने भी अपने विचार व्यक्त किए। स्थायी समिति के संयोजक श्री सुधांशु पांडे ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

स्थानीय निकाय निर्वाचन को बनाएं अधिक पारदर्शी, समावेशी और तकनीक सक्षम - डेका

दो दिवसीय यह सम्मेलन देश में स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, निर्वाचन व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक के समावेश तथा विभिन्न राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा करने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

भिलाई स्टील प्लांट में हादसे से हड़कंप, स्किड-स्टियर लोडर की चपेट में मजदूर की मौत

भिलाई स्टील प्लांट में हादसे से हड़कंप, स्किड-स्टियर लोडर की चपेट में मजदूर की मौत

 भिलाई : सेल के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में सोमवार शाम काम के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। कोक ओवन एंड कोल केमिकल डिपार्टमेंट (CO&CCD) में स्किड-स्टियर लोडर (बॉबकैट) का उठा हुआ बकेट अचानक नीचे आ गिरा। इसकी चपेट में आने से 33 वर्षीय मजदूर ललित कुमार साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

हादसा सोमवार शाम करीब 4:35 बजे कोक ओवन बैटरी 5 एवं 6 के MCR-3 एरिया में हुआ। ललित कुमार साहू वहां ऑपरेशनल और हाउसकीपिंग से जुड़े कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान “हेमन” कंपनी के स्किड-स्टियर लोडर का बकेट उठा हुआ था। अचानक आवाज सुनकर आसपास मौजूद कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो ललित मशीन के सामने के दरवाजे और बकेट के बीच फंसे हुए मिले।

बताया गया कि उनका निचला हिस्सा मशीन के बाहर, जबकि ऊपरी शरीर मशीन के अंदर और दरवाजे के कांच की ओर था। घटना के समय मशीन चालू अवस्था में थी। कर्मचारियों ने उन्हें किसी तरह मशीन से बाहर निकाला और एम्बुलेंस की मदद से तत्काल एमएमपी-1 पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, बकेट की चपेट में आने से ललित को गंभीर क्रश इंजरी हुई। मृतक की पत्नी निर्मला साहू राजनांदगांव के नवागांव स्थित वार्ड क्रमांक 9 में रहती हैं।

हादसे के बाद प्लांट में भारी उपकरणों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उठा हुआ बकेट होने के बावजूद मजदूर उसके नीचे किस परिस्थिति में पहुंच गया। साथ ही, लोडर के लिफ्टिंग मैकेनिज्म और हाइड्रोलिक सिस्टम की स्थिति को लेकर भी जांच जरूरी मानी जा रही है।

फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना ने प्लांट में भारी मशीनरी के साथ काम करने के दौरान सुरक्षा मानकों और सतर्कता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

CG Govt Job : सरकारी नौकरी के नियमों में बड़ा बदलाव, अब इन पदों पर बाहरी अभ्यर्थी नहीं कर सकेंगे आवेदन……

CG Govt Job : सरकारी नौकरी के नियमों में बड़ा बदलाव, अब इन पदों पर बाहरी अभ्यर्थी नहीं कर सकेंगे आवेदन……

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश सरकार ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर होने वाली सीधी भर्ती के नियमों में बदलाव किया है। सरकार ने नए भर्ती नियम लागू कर दिए हैं, जिसके बाद इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया नए नियमों के तहत होगी।

जिनके अनुसार अब इन दोनों ग्रेड्स के लिए अलग-अलग विभागों में भर्ती के लिए केवल स्थानीय लोगों को ही मौका मिलेगा। यदि आप दूसरे राज्य से यहां नौकरी पाना चाहते हैं तो अब ऐसा नहीं हो पाएगा।

7 हिस्सों में बांटी भर्ती

आपको बता दें नए नियमों के अनुसार अब प्रदेश में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों को शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सात ग्रुप्स में बांटा गया है।
जिमसें स्नातक-स्नातकोत्तर, शिक्षा, वर्दीधारी सेवा, स्वास्थ्य, हायर सेकेंडरी, इंजीनियरिंग और चतुर्थ श्रेणी स्तर के पद शामिल किए गए हैं। यानी पटवारी से लेकर सब इंजीनियर और आरक्षक से लेकर भृत्य तक, हर पद की योग्यता अब तय ढांचे के हिसाब से ही होगी।

नए नियम और व्यवस्था के अनुसार विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए दो तरह की परीक्षा होगी। पहली परीक्षा कॉमन होगी यानी ये सभी के लिए देनी होगी। जबकि किसी खास विषय से जुड़े पदों के लिए दूसरा हिस्सा लिया जा सकेगा। इस हिसाब से एक ही भर्ती प्रक्रिया में जनरल नॉलेज (GK) और और संबंधित काम की जानकारी दोनों का टेस्ट होगा।

आपको बता दें इंजीनियरिंग वाले पदों में सब इंजीनियर बनने के लिए संबंधित ब्रांच में कम से कम तीन साल का डिप्लोमा या बीई/बीटेक (BE) होना जरूरी होगा। तो वहीं सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और आईटी (IT) जैसी शाखाओं के लिए संबंधित तकनीकी योग्यताएं भी अभ्यर्थीयों से मांगी गई है।

नई व्यवस्था के अनुसार श्रम निरीक्षक, सहकारिता, खाद्य निरीक्षक और एडीओ (ADO) जैसे पदों के लिए ग्रेजुएशन होना अनिवार्य है। तो वहीं राजस्व निरीक्षक के लिए ग्रेजुएशन या 12वीं के साथ सिविल इंजीनियरिंग सर्वे का डिप्लोमा जरूरी होगा।

सहायक ग्रेड-3 और डाटा एंट्री ऑपरेटर के लिए ग्रेजुएशन के साथ एक साल का कंप्यूटर डिप्लोमा और टाइपिंग टेस्ट पास करना होगा।

CG GST Raid: दो जिलों के 6 व्यापारियों के ठिकानों पर GST की रेड, बावा होटल पर 60 लाख की पेनाल्टी

CG GST Raid: दो जिलों के 6 व्यापारियों के ठिकानों पर GST की रेड, बावा होटल पर 60 लाख की पेनाल्टी

 बिलासपुर। स्टेट जीएसटी टीम ने बिलासपुर और मुंगेली के 6 व्यापारियों के ठिकानों पर जांच कार्रवाई की है। इसमें मुंगेली के तीन होटल और बिलासपुर के व्यापार विहार के तीन व्यापारी शामिल हैं। व्यापार विहार के तीन व्यापारियों में गुटखा, ड्राई फ्रूट्स और तेल व्यापारी शामिल हैं। वहीं मुंगेली के बावा होटल पर 60 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने के साथ ही टैक्स संबंधी कार्रवाई की गई है।

टैक्स चोरी और गड़बड़ी पर कार्रवाई जारी

अधिकारियों के मुताबिक, राज्यभर में स्टेट जीएसटी और सेंट्रल जीएसटी विभाग द्वारा टैक्स चोरी, बोगस बिलिंग और ई-वे बिल में गड़बड़ी को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत जांच में बात सामने आई कि मुंगेली के कुछ होटलों और रेस्टोरेंट में टैक्स चोरी की जा रही है। इसमें कच्चे बिल काटकर कथित तौर पर टैक्स बचाने की शिकायतों के बाद विभाग ने कई प्रतिष्ठानों पर जांच और कार्रवाई की है।

इस कार्रवाई में मुंगेली के बलानी चौक स्थित मोनिका ज्वेलर्स, पड़ाव चौक स्थित दिनेश ज्वेलर्स और धरमपुरा मेन रोड स्थित नुक्कड़ ढाबे में जांच की गई।

नुक्कड़ ढाबे पर जुर्माना

नुक्कड़ ढाबे पर 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यहां शिकायत के आधार पर हुई जांच में कच्चे बिल से जुड़े मामले सामने आने की बात कही जा रही है।

बावा होटल पर 60 लाख की पेनाल्टी

वहीं पड़ाव चौक स्थित वैष्णव मिष्ठान भंडार (बावा होटल) पर विभाग की कार्रवाई सबसे बड़ी बताई जा रही है। बावा होटल पर 60 लाख रुपये की पेनाल्टी और टैक्स संबंधी कार्रवाई की गई है।

Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन सुस्त रहेगा मानसून, कई शहरों में बढ़ा तापमान

Weather Today: छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन सुस्त रहेगा मानसून, कई शहरों में बढ़ा तापमान

 CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर फिलहाल धीमा पड़ता नजर आ रहा है। मानसून की गतिविधियां कमजोर होने के कारण राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कुछ इलाकों में हुई हल्की बारिश ने लोगों को थोड़ी राहत भी दी। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले चार दिनों तक बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। इसके बाद एक बार फिर बारिश की रफ्तार बढ़ सकती है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य के आसपास रही है, लेकिन कुल वर्षा सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। अगले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 15 सितंबर को अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं 16 सितंबर को शहर में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। मौसम विभाग ने इस दौरान रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।

मंगलवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिली। इस दौरान जगदलपुर में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा घुमका में 4 सेंटीमीटर, कुटरू में 2 सेंटीमीटर तथा दाढ़ी, बकावंड और धमधा में 1-1 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

तापमान की बात करें तो 35 डिग्री सेल्सियस के साथ राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। वहीं पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान और उससे लगे क्षेत्रों में बने निम्न दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र से होकर उदयपुर, रायसेन, पेंड्रा रोड, रांची और दीघा तक फैली हुई है। इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है।

इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से फिलहाल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ली वर्चुअल बैठक

सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ली वर्चुअल बैठक

 कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने साझा की जिले की तैयारियां

सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन को लेकर आज उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली।

 रायपुर- बैठक में उप मुख्यमंत्री  साव ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण जवाबदेही और गंभीरता से कार्य करे। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों के लिए अधिकारियों की टीम गठित कर कार्ययोजना निर्धारित करें।

उप मुख्यमंत्री  साव ने निर्देशित किया कि 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तर, ब्लॉक स्तर, सभी ग्राम पंचायतों तथा सभी शासकीय भवनों में दीप प्रज्ज्वलित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिले में वृहद स्तर पर आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम आयोजित किया जाए। उन्होंने 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली सभी गतिविधियों के लिए कार्ययोजना बनाकर आयोजन करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को आशीर्वाद का दिया अभियान के अंतर्गत जिले की सभी ग्राम पंचायतों, सभी सार्वजनिक स्थलों, चिन्हांकित 27 ग्राम पंचायतों के सभी घरों में, लखपति दीदी योजना अंतर्गत चिन्हांकित दो ग्राम पंचायतों के सभी घरों में, सभी अमृत सरोवरों, सभी शासकीय भवनों, ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों, सभी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में वृहद स्तर पर दीप प्रज्ज्वलित किया जाएगा।

कलेक्टर ने बताया कि जिला स्तर पर भारत माता चौक, भद्रकाली मंदिर परिसर, मंडी परिसर सहित सभी प्रमुख चौक-चौराहों में भी दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को तैयारी की जिम्मेदारी दी गई है। इस दौरान रक्तदान, वृक्षारोपण, स्कूल एवं छात्रावासों में भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे

वर्चुअल बैठक में खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि जिले की गरिमा के अनुरूप सेवा संकल्प अभियान का भव्य आयोजन किया जाए। सभी अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी संस्थाएं एवं संगठन सकारात्मक सहयोग और एकरूपता के साथ आयोजन को सफल बनाएं।

इस अवसर पर विधायक  दीपेश साहू, विधायक  ईश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि  अजय साहू, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण,जिला पंचायत सीईओ सुश्री प्रेमलता पद्माकर सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े रहे।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा में विकास को मिली नई रफ्तार, 33.64 लाख रूपये के विकास कार्य स्वीकृत

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा में विकास को मिली नई रफ्तार, 33.64 लाख रूपये के विकास कार्य स्वीकृत

 रायपुर : महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री एवं भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े के निरंतर प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में SECL के CSR मद से क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 33.64 लाख रूपये की लागत से जनसुविधा और अधोसंरचना से जुड़े विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ने के साथ ही सार्वजनिक एवं शैक्षणिक अधोसंरचना मजबूत होगी।

क्षेत्र में आवागमन करने वाले ग्रामीणों एवं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार स्थानों पर आधुनिक यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण किया जाएगा। ग्राम लटोरी बस स्टैंड में 4.91 लाख रूपये , ग्राम करवां के पड़कीपारा चौक में 4.85 लाख रूपये , ग्राम बतरा के नवापारा चौक में 4.68 लाख रूपये तथा ग्राम खोपा के मुख्य चौक में 4.68 लाख रूपये की लागत से यात्री प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। इन सुविधाओं से यात्रियों को धूप, बारिश सहित विभिन्न मौसमों में राहत मिलेगी।

ग्राम धरमपुर के सरनापारा में बंधन घर से चंदेल घर तक 4.66 लाख रूपये की लागत से पक्की सीसी रोड का निर्माण किया जाएगा। वहीं ग्राम बुंदिया के सरनापारा में इंदर कुजूर के घर के पास 4.89 लाख रूपये की लागत से आरसीसी स्लैब पुलिया का निर्माण होगा। सड़क और पुलिया निर्माण से ग्रामीणों के आवागमन को सुगमता मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर परिवहन सुविधा बेहतर होगी।

ग्राम रजकिशोरनगर स्थित प्राथमिक शाला परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा और विद्यालय के बेहतर वातावरण के लिए 4.97 लाख रूपये की लागत से बाउंड्रीवॉल का निर्माण किया जाएगा। इससे विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि भटगांव विधानसभा के गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है। ग्रामीणों की आवश्यकता के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, पुलिया, यात्री सुविधाओं और शैक्षणिक अधोसंरचना जैसे कार्य सीधे तौर पर आमजन के जीवन को सुविधाजनक बनाते हैं। क्षेत्र के विकास के लिए इसी तरह निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

BREAKING: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस में तबादले, आदेश जारी

BREAKING: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस में तबादले, आदेश जारी

 रायपुर। पुलिस उपायुक्त उत्तर क्षेत्र कमिश्नरेट रायपुर द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से उत्तर क्षेत्र के अधीनस्थ थानों के 6 अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक ज्योति कोई को थाना उरला से चौकी रामनगर, आरक्षक सुनील कुमार कौशिक को थाना खमतराई से चौकी रामनगर और आरक्षक जितेंद्र गजवी को चौकी रामनगर से थाना खमतराई भेजा गया है।

इसी तरह आरक्षक जयंत साहू को चौकी रामनगर से थाना उरला, आरक्षक ऋषभ कुमार आनंद को चौकी रामनगर से थाना उरला तथा आरक्षक दीपक मिश्रा को थाना खमतराई से थाना पंडरी में नई पदस्थापना दी गई है।

 
पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल और जन्मदिवस पर दीये जलाने की अपील, मंत्री टंक राम वर्मा ने माटी के दीप खरीदकर दिया ‘जनभागीदारी’ का संदेश….

पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल और जन्मदिवस पर दीये जलाने की अपील, मंत्री टंक राम वर्मा ने माटी के दीप खरीदकर दिया ‘जनभागीदारी’ का संदेश….

 रायपुर : प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आगामी 17 सितंबर को जन्मदिवस और सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल पूर्ण होने के पावन अवसर पर प्रदेशभर में उत्साह का माहौल है। इस अवसर को खास बनाने और प्रधानमंत्री के स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना के लिए राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की संध्या अपने घरों, प्रतिष्ठानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील की है।

माटी के शिल्पकारों को संबल देने और ‘जनभागीदारी’ का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से मंत्री श्री वर्मा ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के तिल्दा क्षेत्र स्थित मोहभट्ठा पारा पहुंचकर स्थानीय कुम्हारों से स्वयं मिट्टी के दीप खरीदे। इस दौरान उन्होंने वोकल फॉर लोकल के भाव को आत्मसात करते हुए स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रसेवा और समर्पण का प्रतीक

मंत्री  टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और अंतिम व्यक्ति के विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी है। उनके 25 वर्षों का सेवाकाल त्याग, निष्ठा और दृढ़ संकल्प का उदाहरण है। उनके जन्मदिवस को सेवा और समर्पण के साथ मनाना हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि 17 सितंबर को हर परिवार कम से कम एक मिट्टी का दीपक जलाकर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करे और इस जनभागीदारी अभियान का हिस्सा बने।

CG – कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ……

CG – कांस्टेबल भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 400 से अधिक अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ……

 बिलासपुर। सुप्रीम कोर्ट ने आज छत्तीसगढ़ के हजारों प्रतीक्षारत कांस्टेबल अभ्यर्थियों के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका SLP खारिज कर दी है। यह मामला वर्ष 2017 में जारी 2259 कांस्टेबल पदों की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें प्रतीक्षा सूची के प्रावधान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।

पारस राम ध्रुव एवं अन्य के पक्ष में आए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के 1 फरवरी 2024 के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में SLP दाखिल की थी। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि पुलिस कांस्टेबल सेवा नियम 2007 के नियम 13(2) के तहत प्रोन्नति, सेवानिवृत्ति, कैडर परिवर्तन अथवा अन्य किसी कारण से रिक्त हुए पदों को भी वैध प्रतीक्षा सूची से भरा जाना अनिवार्य है।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही 17 नवंबर 2025 के आदेश में 47 सफल अभ्यर्थियों के पदों को सुरक्षित रखने का निर्देश जारी किया था। सोमवार की सुनवाई में प्रतिवादियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नौशीना अली, हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता रुचि नागर, एओआर देवाशीष तिवारी के माध्यम से, और छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के नटराज उपस्थित हुए। इस निर्णय के बाद प्रदेश में लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को नया बल मिला है।

ब्रेकिंग : विधि विधायी विभाग ने जारी किया आदेश, छत्तीसगढ़ के इन परिवार न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति…

ब्रेकिंग : विधि विधायी विभाग ने जारी किया आदेश, छत्तीसगढ़ के इन परिवार न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन के विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा राज्य छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट की सहमति से उच्चतर न्यायिक सेवा के अधिकारियों का तबादला एवं नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं।

13 सितंबर 2026 को जारी इस आदेश के तहत रायपुर, सूरजपुर और कोरबा के परिवार न्यायालयों में नए न्यायाधीशों को पदभार सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। आनंद कुमार ध्रुव वर्तमान में तृतीय अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, रायपुर के पद पर कार्यरत थे। इन्हें अब प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, रायपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। संतोष कुमार तिवारी वर्तमान में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, पत्थलगांव के पद पर कार्यरत थे। इन्हें न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सूरजपुर बनाया गया है। डा. ममता भोजवानी वर्तमान में द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, कोरबा के पद पर तैनात थीं। इन्हें न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, कोरबा के पद पर नियुक्त किया गया है।

16 सितंबर तक पदभार ग्रहण करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 16 सितंबर 2026 तक या उससे पहले अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण करने और इसकी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है। सरकारी आवास का उपयोग कर रहे अधिकारियों को 26 सितंबर 2026 तक आवास खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश विधि विभाग के प्रमुख सचिव और छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी किया गया है।

Police Transfer : पुलिस विभाग में फेरबदल, तीन अधिकारियों को मिली नवीन पदस्थापना, देखें आदेश…!!

Police Transfer : पुलिस विभाग में फेरबदल, तीन अधिकारियों को मिली नवीन पदस्थापना, देखें आदेश…!!

 गरियाबंद। गरियाबंद जिले में पुलिस विभाग में नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उप-निरीक्षक जयप्रकाश नेताम को थाना प्रभारी फिंगेश्वर के पद से हटाकर रक्षित केंद्र संबद्ध सायबर सेल (फिंगेश्वर क्षेत्र) भेजा गया है। वहीं प्रशिक्षु उप-निरीक्षक हेमंत कुमार साहू को थाना फिंगेश्वर से पदस्थापित करते हुए थाना प्रभारी फिंगेश्वर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सहायक उप निरीक्षक जीवन लाल साहू को रक्षित केंद्र गरियाबंद से स्थानांतरित कर थाना देवभोग में पदस्थ किया गया है।

देखें आदेश

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री राजेश अग्रवाल

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर : सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े।

हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

‘सेवा संकल्प अभियान‘ से जुड़कर जनभागीदारी को मजबूत करने का आह्वान
मंत्री  राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।

हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताः मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने मंत्री  अग्रवाल से अपने अनुभव साझा किए और योजना से मिले लाभ के संबंध में जानकारी दी। हितग्राहियों ने बताया कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है। मंत्री  अग्रवाल ने हितग्राहियों की बातों को सुना और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित सुझावों पर भी चर्चा की।

मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्की छत देकर उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव तभी तैयार होगी, जब प्रत्येक परिवार के पास सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत करते हुए सेवा और सामाजिक सरोकारों की इस भावना को और व्यापक बनाया जा सकता है।

सरगुजा संभाग में सड़क अधोसंरचना को मिलेगी ऐतिहासिक मजबूती, 6 जिलों में 44 मुख्य सड़क कार्यों के लिए 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति….

सरगुजा संभाग में सड़क अधोसंरचना को मिलेगी ऐतिहासिक मजबूती, 6 जिलों में 44 मुख्य सड़क कार्यों के लिए 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति….

 रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सरगुजा संभाग के विकास और सुशासन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। संभाग के सभी छह जिलों सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और जशपुर में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए 44 मुख्य सड़क कार्यों हेतु कुल 1,093.73 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं के तहत नई सड़कों का निर्माण, चौड़ीकरण, डामरीकरण, सुदृढ़ीकरण, फोरलेन निर्माण और आवश्यक स्थानों पर पुल-पुलिया का निर्माण किया जाएगा।

सरगुजा जिला

अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में लरंगसाय चौक से रामानुजगंज मार्ग के 5 किमी हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 69.10 करोड़ रुपए तथा गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी फोरलेन के लिए 61.34 करोड़ रुपए स्वीकृत। लुण्ड्रा और सीतापुर क्षेत्रों में असकला-दोरना मार्ग, सोनतराई-मैनपाट मार्ग (26.33 करोड़) सहित विभिन्न मार्गों और पुलियों के सुदृढ़ीकरण के कार्य शामिल हैं।

सूरजपुर जिला

भटगांव विधानसभा क्षेत्र के तारा-प्रेमनगर-रामानुजनगर-कृष्णपुर 63 किमी मार्ग के लिए 64.93 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा कल्याणपुर-लटोरी मार्ग (40.93 करोड़), विशुनपुर-सूरजपुर-ओड़गी मार्ग (32.24 करोड़) और सूरजपुर के 17 किमी रिंग रोड के मजबूतीकरण (16.39 करोड़) सहित कई अन्य मार्ग संवरेंगे।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिला

परसवार से चलगली 18 किमी उन्नयन मार्ग के लिए 38.80 करोड़ रुपए, वाड्रफनगर- जनकपुर-बलंगी मार्ग के लिए 35.32 करोड़ रुपए, तथा कामेश्वरनगर-लुरगी मार्ग के लिए 25.69 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।

जशपुर जिला

लुड़ेग-बागबहार-तपकरा-लवाकेरा 55.80 किमी राज्य मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 40.32 करोड़ रुपए, पत्थलगांव के पहाड़ी भागों के उन्नयन हेतु 36.85 करोड़ रुपए, और बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग के लिए 34.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।

सड़कें बनेंगी विकास की जीवनरेखा

इन व्यापक सड़क परियोजनाओं से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक और सामाजिक लाभ होंगे। कृषि और व्यापार को गति मिलेगी, किसानों के कृषि उत्पाद आसानी से बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। बेहतर होगा स्वास्थ्य और शिक्षा, दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों और मरीजों के लिए स्कूल, कॉलेज व स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बेहतर कनेक्टिविटी से गांवों तक सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक सेवाओं का लाभ त्वरित गति से पहुँचेगा। 1,093.73 करोड़ रुपए की लागत वाली ये 44 परियोजनाएं सरगुजा संभाग के समग्र विकास, निवेश और नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होंगी।

विशेष लेख : जब हुनर को मंच और अनुभव को अवसर मिलता है, तब बदलता है भविष्य

विशेष लेख : जब हुनर को मंच और अनुभव को अवसर मिलता है, तब बदलता है भविष्य

 एनएसटीआई से मिलेगी कौशल को नई पहचान, 45 वर्ष की आयु सीमा से अनुभव को लाभ-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अवसरों का विस्तार

(एल.डी. मानिकपुरी, सहायक जनसंपर्क अधिकारी)

रायुपर, 15 सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ की पहचान लंबे समय तक ‘धान के कटोरे’ के रूप में रही है। खेतों में लहलहाती फसलें प्रदेश की समृद्धि की कहानी कहती हैं, लेकिन बदलते समय के साथ छत्तीसगढ़ ने विकास की अपनी यात्रा में नए आयाम जोड़े हैं। अब कृषि के साथ उद्योग, तकनीक के साथ कौशल और रोजगार के साथ उद्यमिता भी प्रदेश की नई पहचान बन रही है। इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत प्रदेश के युवा और अनुभवी मानव संसाधन हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद के हालिया निर्णय इसी सोच को आगे बढ़ाते दिखाई देते हैं। एक ओर नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना होने से युवाओं को आधुनिक कौशल का मंच मिलेगा, वहीं दूसरी ओर विभिन्न शासकीय एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत वर्गों के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष किया जाना अनुभव और क्षमता को नए अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय है।

सपनों को डिग्री के साथ हुनर भी चाहिए

आज का युवा केवल शिक्षा नहीं, रोजगारपरक कौशल चाहता है। उद्योगों की बदलती जरूरतों के बीच ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण का महत्व बढ़ गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ग्राम तेंदुवा में एनएसटीआई की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष करीब एक हजार तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में लगभग तीन हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। हजारों युवाओं के सपनों से जुड़ा अवसर है। इससे कोई तकनीकी कौशल हासिल करेगा, कोई उद्योग से जुड़ेगा, तो कोई अपना उद्यम शुरू कर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

कौशल से रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह

एनएसटीआई की स्थापना होने से युवाओं को प्रशिक्षण के साथ बदलती तकनीक और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होगी। आज कौशल केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की क्षमता है। गांव और कस्बे के युवा को भी उद्यमशील बनने का अवसर मिलेगा। एक प्रशिक्षित युवा नौकरी तलाशने वाला बनने के साथ नौकरी देने वाला उद्यमी भी बन सकता है। यही कौशल से उद्यमिता और रोजगार से आत्मनिर्भरता की यात्रा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के युवाओं से अक्सर कहते हैं कि ऐसा कार्य करें जो युवाओं को रोजगार देने वाला बने, ताकि उनकी नई पहचान बन सके।

उम्र बढ़ी तो अवसरों का दायरा भी बढ़ा

अधिकतम आयु सीमा को 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय उन लोगों के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है, जिनके पास अनुभव, कार्यकुशलता और जिम्मेदारियों का व्यावहारिक ज्ञान है। उम्र बढ़ने के साथ अनुभव बढ़ता है और अनुभव किसी भी व्यवस्था की महत्वपूर्ण पूंजी है। वर्षों तक काम कर चुके लोगों ने व्यवस्था को करीब से समझा है और चुनौतियों का सामना किया है। ऐसे अनुभव का बेहतर उपयोग नई जिम्मेदारियों में किया जाना संस्थाओं को अधिक सक्षम बना सकता है।

युवा ऊर्जा और अनुभवी हाथ साथ चलें

विकास की मजबूत तस्वीर तब बनती है, जब युवा ऊर्जा और अनुभवी सोच साथ आती है। युवा नई तकनीक और नए विचार लाते हैं, जबकि अनुभवी वर्ग व्यावहारिक समझ और परिस्थितियों से निपटने का अनुभव देता है। एनएसटीआई युवाओं के हुनर को मंच देगा, तो आयु सीमा में वृद्धि अनुभवी वर्ग की क्षमता को अवसर। दोनों निर्णय मिलकर प्रदेश की मानव पूंजी को मजबूत करने की दिशा दिखाते हैं।

छत्तीसगढ़ का भविष्य केवल उसकी प्राकृतिक संपदा से नहीं, बल्कि उसके लोगों की क्षमता से तय होगा। जब हुनर को मंच, अनुभव को अवसर और सपनों को सही दिशा मिलेगी, तब विकास आंकड़ों से निकलकर लोगों की जिंदगी में दिखाई देगा। यही नए छत्तीसगढ़ की तस्वीर है, जहां कौशल से रोजगार, अनुभव से अवसर और अवसर से आत्मनिर्भरता की राह तैयार हो रही है। इसी तरह के निर्णयों से छत्तीसगढ़ सरकार सेवा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री ने किया ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ की ट्रॉफी का अनावरण, गोल्फ में हाथ आजमाकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर ले रहे हिस्सा, 18 विदेशी खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपना कौशल

मुख्यमंत्री ने कहा - नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एवं पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन

दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तरह भविष्य में प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनेगा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए खिलाड़ियों का किया आत्मीय स्वागत, बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता देखने का दिया न्योता

रायपुर 15 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ तेजी से देश के उभरते स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार, प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों की मेजबानी से छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े टूर्नामेंट का नवा रायपुर में आयोजन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया तथा देश-विदेश से आए प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर स्वयं गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को गोल्फ खेलते देखकर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अतिथियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि नवा रायपुर में देश के प्रोफेशनल गोल्फ का इतना प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और दुनिया के श्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना प्रदेश में खेलों के लिए विकसित हो रहे अनुकूल वातावरण का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं रहता। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने एवं उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के बड़े आयोजन लगातार हों और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

पहले फिल्मों में देखते थे गोल्फ, आज छत्तीसगढ़ कर रहा बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी

मुख्यमंत्री साय ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था, जब हम गोल्फ के बारे में केवल सुना करते थे या फिल्मों में लोगों को गोल्फ खेलते देखते थे। आज बदलते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह प्रदेश के विकास के साथ यहां तेजी से विस्तार ले रही खेल संस्कृति का सुखद संकेत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोल्फ को सामान्यतः उद्योगपतियों और संपन्न वर्ग से जुड़ा खेल माना जाता था, लेकिन समय के साथ इस खेल का दायरा बढ़ा है और बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी इससे जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी गोल्फ की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार गोल्फ को प्रोत्साहित करने, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाओं को मिल रहे नए अवसर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल भव्य क्रिकेट स्टेडियम मौजूद है और विभिन्न खेल विधाओं के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन लगातार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा नहीं बनेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति व्यापक वातावरण तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजनों ने दूरस्थ अंचलों के हजारों बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच प्रदान किया है।

बस्तर में शांति और विकास के साथ युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। आज बस्तर शांति, विश्वास, विकास और नई संभावनाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त अभिव्यक्ति है। जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा और नक्सलवाद के कारण जाना जाता था, वहां आज खेल के मैदानों में युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलते बस्तर और बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों का सिलसिला प्रदेश की खेल यात्रा को एक नया आयाम प्रदान करेगा।

गोल्फ के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को भी जानें - मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री साय ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे देश-विदेश के खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देखने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब यहां से लौटें तो अपने साथ केवल टूर्नामेंट की यादें ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आत्मीय आतिथ्य और यहां की खूबसूरत स्मृतियां भी लेकर जाएं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को अनुपम सौंदर्य से समृद्ध किया है। बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है, सहित अनेक जलप्रपात, वन क्षेत्र और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसी तरह सरगुजा भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों, वनों और विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता के साथ समय निकालकर छत्तीसगढ़ को करीब से जानने और यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन से जुड़े सभी प्रायोजकों, प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

हर वर्ष छत्तीसगढ़ में हो गोल्फ का बड़ा टूर्नामेंट : कपिल देव

प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्री कपिल देव ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोफेशनल आयोजन किसी भी प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गोल्फ के साथ-साथ अन्य खेलों के विकास की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से निर्धारित की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुरूप छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए बेहद अनुकूल है और यहां खिलाड़ियों को मिल रहा आत्मीय आतिथ्य इसकी एक विशेष पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार आज दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

कपिल देव ने खेलों के प्रति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करने और बड़े प्रोफेशनल टूर्नामेंट के आयोजन को सहयोग देने के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

पीजीटीआई के सीईओ  अमनदीप चहल ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम जब भी छत्तीसगढ़ आती है, यहां उसका आत्मीय और भव्य स्वागत होता है। छत्तीसगढ़ में खेलने वाले खिलाड़ी यहां के वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर दोबारा यहां आकर खेलने की इच्छा व्यक्त करते हैं।छत्तीसगढ़ को अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ एक उभरते हुए गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचाना जाने लगा है।

उल्लेखनीय है कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का आयोजन न केवल देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ियों को एक प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध करा रहा है, बल्कि नवा रायपुर और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। राज्य में लगातार हो रहे बड़े खेल आयोजन, विकसित होती खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रहे नए अवसर छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में देश के प्रमुख स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।