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जूनियर डॉक्टर्स की 17 सूत्रीय मांगों पर स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा, UG बॉन्ड खत्म और PG बॉन्ड घटाने का निर्णय

जूनियर डॉक्टर्स की 17 सूत्रीय मांगों पर स्वास्थ्य मंत्री से चर्चा, UG बॉन्ड खत्म और PG बॉन्ड घटाने का निर्णय

 रायपुर।जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को JDA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. पीयूष पी. श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की। इस दौरान चिकित्सकों, पीजी रेजिडेंट्स, सीनियर रेजिडेंट्स और एमबीबीएस इंटर्न्स से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि जिन विषयों पर तत्काल निर्णय संभव है, उन पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले शैक्षणिक सत्र से UG Bond समाप्त करने, PG Bond की अवधि 2 वर्ष से घटाकर 1 वर्ष करने और शासकीय मेडिकल कॉलेजों में MBBS एवं PG प्रवेश के समय Property Mortgage (संपत्ति बंधक) की अनिवार्यता खत्म करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने एमबीबीएस इंटर्न्स, पीजी रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर भी सकारात्मक रुख दिखाया और इस संबंध में जल्द आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

JDA छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के प्रति सकारात्मक पहल की है। संगठन ने उम्मीद जताई कि इन मांगों पर जल्द निर्णय लेकर प्रदेश के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी।

JDA ने यह भी स्पष्ट किया कि वह चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और 17 सूत्रीय सभी मांगों के पूर्ण समाधान तक अपने प्रयास जारी रखेगा।

राज्यपाल रमेन डेका से महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने भेंट की….

राज्यपाल रमेन डेका से महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने भेंट की….

 रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सौजन्य भेंट की।

लंबित परीक्षा शुल्क रिफंड वाले अभ्यर्थियों के लिए सीजी व्यापमं ने जारी किया नया ऑनलाइन लिंक

लंबित परीक्षा शुल्क रिफंड वाले अभ्यर्थियों के लिए सीजी व्यापमं ने जारी किया नया ऑनलाइन लिंक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा शुल्क रिफंड का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। जिन उम्मीदवारों की फीस तकनीकी कारणों से वापस नहीं हो सकी थी, उनके लिए प्रोफाइल में नया ऑनलाइन लिंक उपलब्ध कराया गया है। इस लिंक के माध्यम से अभ्यर्थी अपने बैंक खाते की सही जानकारी अपडेट कर सकते हैं। बैंक विवरण का सत्यापन होने के बाद लंबित रिफंड राशि संबंधित खाते में भेजी जाएगी। मंडल ने अभ्यर्थियों से जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट करने की अपील की है।

मंडल की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, परीक्षा शुल्क ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से लिया जाता है और रिफंड भी उसी प्रक्रिया से किया जाता है। हालांकि, कई अभ्यर्थियों के मामलों में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की समय-सीमा समाप्त होने या बैंक संबंधी तकनीकी कारणों के चलते राशि उनके खातों तक नहीं पहुंच पाई। इसी समस्या को दूर करने के लिए अभ्यर्थियों के प्रोफाइल में बैंक विवरण अपडेट करने का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। जिन अभ्यर्थियों को अभी तक आवेदन शुल्क वापस नहीं मिला है, वे सीजी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन कर अपने प्रोफाइल में उपलब्ध नए लिंक का उपयोग कर सकते हैं। यहां उन्हें अपना बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड और अन्य आवश्यक जानकारियां सही-सही दर्ज करनी होंगी। मंडल का कहना है कि बैंक विवरण का सत्यापन होने के बाद संबंधित खाते में रिफंड राशि भेज दी जाएगी।

सीजी व्यापम ने अभ्यर्थियों को यह भी सलाह दी है कि यदि उन्होंने आवेदन किसी साइबर कैफे के माध्यम से किया है और भुगतान कैफे संचालक के बैंक खाते या यूपीआई से किया गया है, तो रिफंड की राशि भी उसी खाते में ट्रांसफर हो सकती है। ऐसे में अभ्यर्थियों को अपने बैंक विवरण अपडेट करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ जमीनी स्तर पर तंत्र को करें मजबूत, हर दिन आंगनबाड़ी केंद्रों का करें निरीक्षण : मंत्री राजवाड़े

कुपोषण और एनीमिया के खिलाफ जमीनी स्तर पर तंत्र को करें मजबूत, हर दिन आंगनबाड़ी केंद्रों का करें निरीक्षण : मंत्री राजवाड़े

 00 हर आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाएं मुनगा और करें पोषण वाटिका का विकास अपने बच्चों के समान करें, आंगनबाड़ी में बच्चों का पालन-पोषण

00 बाल विवाह एक अभिशाप, बाल विवाह रोककर बचाएं बच्चों का भविष्य

00 मंत्री राजवाड़े ने ली विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज जिला सूरजपुर में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा समाज कल्याण विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया। बैठक में सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ  विजेंद्र सिंह पाटले सहित दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बैठक में मंत्री राजवाड़े ने विभाग की स्थापना संबंधी जानकारी लेते हुए रिक्त पदों की समीक्षा की तथा सभी परियोजनाओं में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की अधोसंरचना की समीक्षा करते हुए भवनविहीन, किराए के भवनों में संचालित, मरम्मत योग्य, निष्प्रयोज्य योग्य जर्जर भवनों की जानकारी ली तथा निर्माणाधीन भवनों की प्रगति एवं भवन मरम्मत के लिए जारी राशि के व्यय की समीक्षा करते हुए सभी मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए।मंत्री ने मीठा शक्ति आहार, नमकीन दलिया निर्माण, रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री के वितरण तथा उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन, पोषण ट्रैकर में नियमित प्रविष्टि तथा बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य कर जिले को कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त करें।

उन्होंने कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों एवं एनीमिक महिलाओं को लाभान्वित करने की प्रगति, लक्षित हितग्राहियों के पर्यवेक्षण तथा चयनित स्व-सहायता समूहों की भूमिका की समीक्षा की। कुपोषण की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने तथा एनीमिक महिलाओं की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा नवा बिहान योजना की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी परियोजनाओं में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
जिले में बाल विवाह की स्थिति की समीक्षा करते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बाल विवाह रोकने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरपंचों एवं सचिवों को विशेष प्रशिक्षण देकर विवाह तय होने की प्रारंभिक अवस्था में ही बाल विवाह रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही किशोर-किशोरियों को कम उम्र में विवाह के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए।

उन्होंने प्रत्येक घर में मुनगा का पौधा लगाने तथा प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में मुनगा, हरी सब्जियों एवं पोषण वाटिका विकसित करने पर बल देते हुए कहा कि मुनगा की पौष्टिकता का उपयोग कर कुपोषण को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता बनाए रखने, शौचालयों की नियमित सफाई, बच्चों को स्वच्छ वस्त्र पहनाने तथा अभिभावकों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए जमीनी स्तर तक तंत्र को पूर्ण रूप से सक्रिय करना बेहद आवश्यक है। अधिकारी एवं कर्मचारी नियमित रूप से फील्ड में उतरकर कार्य करेंगे, तभी कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन कम से कम पांच आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी केंद्र नियमित रूप से संचालित हों, वहां पोषण वाटिका विकसित हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा हो।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का उद्देश्य बच्चों का समग्र विकास और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है। बच्चों का पालन-पोषण अपने बच्चों की तरह करते हुए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त सूरजपुर के निर्माण का आधार बनेगा, जिससे मजबूत और स्वस्थ परिवारों का निर्माण होगा।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री राजवाड़े ने सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, सुखद सहारा योजना, दिव्यांग पेंशन योजना, पेंशन हितग्राहियों के भौतिक सत्यापन, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना एवं दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार विक्रम यादव के उपचार के दिए निर्देश

 0-संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने परिजनों से की चर्चा, बेहतर इलाज और हरसंभव सहायता का दिया भरोसा

0-मुख्यमंत्री बोले - प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर हैं  विक्रम यादव, उपचार में नहीं आने दी जाएगी कोई कमी

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश के बाद पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं बांस वादक  विक्रम यादव के  परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार तथा आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि उपचार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।  

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राजनांदगांव के कलेक्टर तथा मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के वरिष्ठ चिकित्सकों से भी चर्चा की। उन्होंने चिकित्सकों को  विक्रम यादव के उपचार पर विशेष ध्यान देने, आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि उपचार के लिए अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा अथवा अन्य व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी तो राज्य शासन द्वारा हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा है कि  विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी बांसुरी और लोक कला के माध्यम से भारत की समृद्ध लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाया है। ऐसे कलाकार प्रदेश का गौरव हैं और उनके सम्मान, स्वास्थ्य तथा सुरक्षा की जिम्मेदारी शासन और समाज दोनों की है। मुख्यमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए परिवार को आश्वस्त किया कि इस कठिन समय में राज्य सरकार हरसंभव सहयोग के साथ उनके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उनकी सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलाकारों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय छत्तीसगढ़ की संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत को जीवंत बनाए रखने में समर्पित किया है। आवश्यकता की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सरकार का नैतिक दायित्व है।

उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली से पहचान बनाने वाले  विक्रम यादव लंबे समय से अस्वस्थ हैं और वर्तमान में उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य सरकार ने उनके स्वास्थ्य की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेते हुए बेहतर उपचार और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने की पहल की है।  

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के इस गौरवशाली लोक कलाकार के स्वास्थ्य और सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उनके उपचार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात

यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात

 रायपुर में हुई आत्मीय भेंट, वित्त मंत्री ने दी बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं

रायपुर-- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा 2025 में उत्कृष्ट सफलता हासिल करने वाले छत्तीसगढ़ के टॉपर अभ्यर्थियों ने आज रायपुर में वित्त मंत्री  ओपी चौधरी से सौजन्य भेंट की। इस दौरान वित्त मंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता कठिन परिश्रम, अनुशासन, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिणाम होती है। छत्तीसगढ़ के इन प्रतिभाशाली युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से न केवल अपने परिवार, शिक्षकों और मार्गदर्शकों का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की सफलता प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। यह उपलब्धि बताती है कि समर्पण और निरंतर प्रयास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

वित्त मंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने ज्ञान, क्षमता और संवेदनशीलता से देश एवं समाज की सेवा करते हुए छत्तीसगढ़ का नाम और अधिक गौरवान्वित करेंगे।

पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

पूरी निष्ठा और सेवा भाव से करें जनसेवा, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

रायपुर-  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनसे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ से अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित होना केवल अभ्यर्थियों और उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा समाज और राष्ट्र के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इसमें कार्य करने वाले अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उन्हें लोगों की सेवा का जो अवसर मिला है, वह ईश्वर का आशीर्वाद और समाज का विश्वास है। इस अवसर का उपयोग आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में युवा प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी चयनित अभ्यर्थी अपनी प्रतिभा, कार्यकुशलता और सेवा भावना से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस अवसर पर चयनित अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए तथा उनके मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।

सौजन्य मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय सेवाओं में चयनित अभ्यर्थियों में सुश्री सुष्मिता सिंह, सुश्री वैभवी अग्रवाल, सुश्री दर्शना सिंह बघेल,  रौनक अग्रवाल,  अजय गुप्ता, अंकित सकनी,  डायमंड ध्रुव एवं  संजय डहरिया सहित उनके परिजन उपस्थित थे।

सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडलीपार द्वारा जांच प्रकिया को त्वरित करने दिए निर्देश*

नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय प्रक्रिया को त्वरित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, सरल एवं त्वरित बनाने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीसीटीएनएस के संचालन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों, विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल के एकीकरण तथा न्यायिक एवं पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूर्णत: डिजिटल और समयबद्ध बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस के माध्यम से न्याय प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को अधिक सुगम, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाया जाए।

ई-एफआईआर से ई-फोरेंसिक तक सभी डिजिटल मॉड्यूल के प्रभावी संचालन पर जोर

बैठक में ई-एफआईआर, ई-चालान, ई-साक्ष्य, मेडलीपार, ई-प्रिजन, ई-फोरेंसिक, सीआईएस, न्याय श्रुति तथा अन्य डिजिटल प्रणालियों को सीसीटीएनएस के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मॉड्यूलों के बीच समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध हो सके।

 
 

ई-साक्ष्य के लिए सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा

 

 शर्मा ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण पूरी दक्षता के साथ किया जा सके। उन्होंने अच्छा कार्य करें वाले जिलों को प्रोत्साहित कर उन

न्याय श्रुति को शीघ्र किया जाएगा गो-लाइव

बैठक में न्याय श्रुति प्रणाली को शीघ्र प्रारंभ करने पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराकर न्याय श्रुति प्रणाली को जल्द से जल्द गो-लाइव किया जाए, जिससे न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में होंगे ई-साइनिंग पैड

बैठक में प्रार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में दुर्ग, बिलासपुर तथा रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में तथा राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए जाएं। इससे शिकायतकर्ताओं के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया सरल होगी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसके बाद पूरे राज्य में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

आईसीजेएस के पांचों स्तंभों को मजबूत करने पर जोर

शर्मा ने नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के सभी पांचों स्तंभों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक तथा अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।

मेडलीपार से जुड़ेंगे जिला अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल जांच एवं रिपोर्ट की प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर सभी जिला अस्पतालों को मेडलीपार प्रणाली से जोडऩे तथा प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस पूरी प्रणाली को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।

एनसीआरबी और एनआईसी मिलकर दूर करेंगे तकनीकी समस्याएं

उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीबीआर) के अधिकारियों से कहा कि वे राज्य में आकर ऑनबोर्डिंग के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सीसीटीएनएस की सभी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।

निजी अस्पतालों को भी सीसीटीएनएस से जोडऩे की पहल

शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से सीसीटीएनएस प्रणाली से जोडऩे के प्रयास किए जाएं। इससे मेडिकल साक्ष्यों के आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने दुर्ग जिले में ऑनलाइन सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

एफएसएल की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की समीक्षा करते हुए सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने तथा जांच की समय-सीमा तय कर उसे न्यूनतम करने के निर्देश दिए। साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यक भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, सचिव  हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक  ध्रुव गुप्ता, एनसीआरबी एवं सीसीटीएनएस के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मंगलदास ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मनोनीत

मंगलदास ठाकुर छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष मनोनीत

 रायपुर / राज्य शासन द्वारा  मंगलदास ठाकुर ग्राम छुरिया डोंगरी, जिला-राजनांदगांव को छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष के पद पर मनोनीत किए गए है। इस आशय का आदेश आदिम जाति विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन से जारी किया गया है।

TRANSFER NEWS : 6 पुलिस अधिकारियों के किए तबादले, देखें लिस्ट

TRANSFER NEWS : 6 पुलिस अधिकारियों के किए तबादले, देखें लिस्ट

 दुर्ग। जिले की पुलिस व्यवस्था में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कारणों से 6 निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक के तबादला आदेश जारी किए हैं। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

“माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है…” खेत में रोपा लगाते दिखे मंत्री टंक राम वर्मा

“माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है…” खेत में रोपा लगाते दिखे मंत्री टंक राम वर्मा

 तिल्दा नेवरा। बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा खेतों में धान की रोपाई करते नजर आए। उन्होंने खेत की मिट्टी से अपने जुड़ाव को साझा करते हुए कहा कि किसान परिवार से होने के कारण खेतों में काम करना और अन्न उगाने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना उनके लिए हमेशा गर्व और आत्मीयता का विषय रहा है।

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा, “माटी से मेरा रिश्ता कल भी था, आज भी है और सदैव बना रहेगा।” उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों में लहलहाती फसल उनके सपनों, मेहनत और परिवार के भविष्य की उम्मीद होती है।

उन्होंने किसानों के योगदान को देश की अर्थव्यवस्था और समाज की मजबूती का आधार बताते हुए कहा कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

इस दौरान मंत्री का खेत में धान रोपाई करते हुए अंदाज किसानों और ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।

BREAKING: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : ASP और DSP अधिकारियों को EOW/ACB में मिली जिम्मेदारी

BREAKING: छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : ASP और DSP अधिकारियों को EOW/ACB में मिली जिम्मेदारी

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने राज्य में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पुलिस विभाग के 10 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति पर राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर में पदस्थ किया है। इस संबंध में मंत्रालय, महानदी भवन से आदेश जारी किया गया है।

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CG : साय सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो मंत्रियों के निजी स्टाफ में नई नियुक्तियां

CG : साय सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, दो मंत्रियों के निजी स्टाफ में नई नियुक्तियां

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने दो मंत्रियों की निजी स्थापना (पर्सनल स्टाफ) में महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और उप मुख्यमंत्री अरुण साव की टीम में नए अधिकारियों की पदस्थापना की है। इनमें एक नियुक्ति को विशेष प्रकरण मानते हुए पात्रता संबंधी शर्तों में भी छूट दी गई है, जिससे यह फैसला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक तथा वर्तमान में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सचिव के रूप में कार्यरत प्रतीक खरे की सेवाएं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की निजी स्थापना के लिए ली गई हैं। उन्हें अस्थायी रूप से विशेष सहायक के पद पर पदस्थ किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मंत्री कार्यालय के कामकाज को अधिक प्रभावी और समन्वित बनाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। प्रतीक खरे की नियुक्ति से जुड़ा आदेश इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसमें पात्रता संबंधी शर्तों को शिथिल करते हुए इसे विशेष प्रकरण के रूप में स्वीकृति दी गई है। सामान्य तौर पर निजी स्थापना में नियुक्तियों के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है, लेकिन इस मामले में विशेष अनुमति दिए जाने से प्रशासनिक हलकों में इसकी चर्चा हो रही है।
साय सरकार ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव के कार्यालय में भी नई पदस्थापना की है। जल संसाधन विभाग में कार्यरत सहायक अनुभाग अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ध्रुव को उनकी निजी स्थापना में सहायक ग्रेड-3 के पद के विरुद्ध अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। अरुण साव के पास लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी है। ऐसे में उनकी निजी स्थापना में किया गया यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मंत्रियों के निजी स्टाफ में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति से विभागीय समन्वय, फाइलों के निपटारे और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। विशेष रूप से बड़े विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्रियों के कार्यालयों में दक्ष अधिकारियों की तैनाती को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शुरू, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर मंथन

छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक शुरू, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीति पर मंथन

 रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आज भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में शुरू हुई। बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी कार्यक्रमों और पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश कर रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह और प्रदेश प्रभारी अजय जामवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद हैं।

बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्ययोजना, बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरोज पांडेय, लता उसेंडी, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय सहित भाजपा के अन्य प्रदेश पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हैं। बैठक को आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और संगठन विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक कल, लिए जा सकते है कई बड़े फैसले

 रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल की कल 22 जुलाई को होने जा रही है। कैबिनेट की बैठक नवा रायपुर के मंत्रालय में सुबह 11:30 बजे आयोजित की जाएगी। बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा के बाद फैसले लिए जाएंगे।

खुड़िया बांध बनेगा छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब, डिप्टी सीएम अरुण साव का मेगा प्लान

खुड़िया बांध बनेगा छत्तीसगढ़ का नया टूरिज्म हब, डिप्टी सीएम अरुण साव का मेगा प्लान

 लोरमी। मुंगेली जिले का लोरमी क्षेत्र, जहां प्रकृति ने अपनी खूबसूरती दिल खोलकर लुटाई है। इसी लोरमी में स्थित है ‘राजीव गांधी जलाशय’, जिसे स्थानीय लोग ‘खुड़िया बांध’ भी कहते हैं। इन दिनों यहां सैलानियों का तांता लगा हुआ है। पहाड़ों की गोद में समाया यह बांध न सिर्फ किसानों के लिए जीवनदायिनी है, बल्कि इसमें एक बड़ा टूरिज्म हब बनने की असीम संभावनाएं छुपी हैं।

मॉनसून की दस्तक के साथ ही इसकी रंगत में चार चांद लग गए हैं। जलाशय के वेस्टवियर से दूधिया सफेद चादर की तरह बहते पानी के विहंगम नजारे को देखने के लिए प्रदेश के कोने-कोने से सैलानी आ रहे हैं। अब सूबे के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी इस क्षेत्र की तकदीर बदलने का खाका तैयार कर लिया है। आखिर क्या है खुड़िया बांध की जमीनी हकीकत और कैसे यह छत्तीसगढ़ के पर्यटन का नया चेहरा बनेगा?

‘राजीव गांधी जलाशय’ लोरमी ब्लॉक मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम खुड़िया में स्थित है। तीन विशाल प्राकृतिक पहाड़ियों को आपस में जोड़कर बनाया गया इंजीनियरिंग का यह अद्भुत नमूना छत्तीसगढ़ के सबसे पुराने और ऐतिहासिक बांधों में से एक है। इन तीन पहाड़ियों के मध्य से होकर ‘मनियरी नदी’ बहती है। अंग्रेजी शासन काल में जब इस इलाके में कृषि की असीम संभावनाएं देखी गईं, तो साल 1927 में इस बांध को बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई, जो तीन साल की कड़ी मशक्कत के बाद 1930 में पूरी हुई। उस दौर में यानी आज से करीब एक सदी पहले इसे बनाने में तकरीबन 99.4 लाख रुपयों की लागत आई थी। आज यह बांध सैलानियों के लिए सुकून का एक ऐसा ठिकाना है, जहां मोबाइल नेटवर्क भले ही गायब हो जाए, लेकिन दिल प्रकृति से जुड़ जाता है।

18.3 मीटर ऊंचे और करीब 1,218 मीटर लंबे इस विशाल बांध की कुल जल भराव क्षमता 61.2 मिलियन क्यूबिक मीटर है, लेकिन जब मॉनसून में इसका जलग्रहण क्षेत्र लबालब भर जाता है तो वेस्टवेयर से छलकते पानी का नजारा देखने लायक होता है, लेकिन विडंबना देखिए सालों से इस ऐतिहासिक और खूबसूरत पर्यटन स्थल को वह मुकाम नहीं मिल पाया, जिसका यह हकदार था। बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रचार-प्रसार का अभाव इसके विकास में रोड़ा बने रहे, मगर अब वक्त बदलने वाला है। स्थानीय विधायक और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इस क्षेत्र के कायाकल्प का बड़ा ऐलान किया है। सरकार की योजना खुड़िया बांध और इससे सटे अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) को मिलाकर एक ‘इंटीग्रेटेड मेगा टूरिज्म सर्किट’ के रूप में विकसित करने की है, ताकि वाइल्डलाइफ और वॉटर टूरिज्म का डबल डोज पर्यटकों को अपनी ओर खींच सके।

यदि सरकार का यह मास्टरप्लान धरातल पर उतरता है तो इसका सबसे बड़ा फायदा लोरमी और खुड़िया के स्थानीय युवाओं को होगा। पर्यटकों की आमद बढ़ने से इलाके में गाइड, बोटिंग ऑपरेटर, और एडवेंचर स्पोर्ट्स जैसे सेक्टर्स में सीधे नए रोजगार मिलेंगे। इसके अलावा, होम-स्टे और लोकल रेस्टोरेंट्स का चलन बढ़ने से ग्रामीणों की आय बढ़ेगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाले पलायन के रुकने की भी संभावना है।

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

आज राजधानी में ही मौजूद रहेंगे सीएम साय, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर में विभिन्न शासकीय और संगठनात्मक कार्यक्रमों में व्यस्त रहेंगे। दिन की शुरुआत मंत्रालय में समीक्षा बैठक से होगी, जहां वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की विस्तार से समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे मंत्रालय स्थित महानदी भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में विभाग की योजनाओं की प्रगति, विकास कार्यों की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा होगी। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।

 इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर में भाजपा प्रदेश कार्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचेंगे। यहां वे दोपहर 3 बजे से रात 9 बजे तक मौजूद रहेंगे। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के नेताओं के साथ विभिन्न बैठकों में शामिल होंगे। साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री का पूरा दिन प्रशासनिक समीक्षा और संगठनात्मक बैठकों में व्यस्त रहेगा।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून का असर तेज, अगले 1 हफ्ते तक बारिश की संभावना, कई जिलों में अलर्ट जारी

CG Weather : छत्तीसगढ़ में मानसून का असर तेज, अगले 1 हफ्ते तक बारिश की संभावना, कई जिलों में अलर्ट जारी

 रायपुर. छत्तीसगढ़ में मानसून असर लगातार तेज होते जा रहा है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक बारिश होने की मौसम विभाग ने संभावना जताई है. राजधानी रायपुर में मंगलवार सुबह-सुबह बूंदाबादी हुई. साथ ही आसमान में बादलों ने डेरा डाला हुआ है. अगले चौबीस घंटे में भी ज्यादा प्रभाव उत्तरी इलाका में रहने के आसार हैं.

प्रदेश में गुरुवार से भारी बारिश का दूसरा दौर प्रारंभ हुआ था, जिसका असर अगले एक दो दिन में समाप्त होने की संभावना बन रही है. पिछले चौबीस घंटे में मानसूनी गतिविधि उत्तरी इलाके में ही सिमटी रही और कुछ एक इलाकों में अतिभारी से भारी वर्षा हुई.

क्या रायपुर में आज होगी बारिश ?

रायपुर शहर और आसपास के इलाकों में आज सुबह से बादल छाए हुए हैं. मौसम विभाग ने 21 जुलाई को आकाश में बादल छाने रहने के अलावा बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.

कुछ दिनों तक थमेगी बारिश की गतिविधि

मौसम विशेषज्ञों मुताबिक 21 जुलाई को अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. भारी वर्षा का क्षेत्र एक दो स्थानों तक सीमित रह सकता है. कुछ दिन तक बारिश की गतिविधि में विराम लगा रहेगा, इसके बाद बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम तैयार होने की उम्मीद है, जो उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ता है, तो प्रदेश में अच्छी बारिश हो सकती है. पिछले चौबीस घंटे में प्रतापपुर में 11, लवन, बलौदाबाजार में 7-7, मनोरा में 6, दर्गी, ओडगी, पलारी, माना में 5 सेमी. तक पानी बरसा है.

जांजगीर-चांपा, बिलासपुर में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने कई जिलों में सुबह के समय बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, बेमेतरा और मुंगेली में 60 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने, आकाशीय बिजली और बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में हलकी वर्षा के आसार हैं. इन इलाकों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, ज्ञानवती बैगा के जीवन में आई खुशहाली

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, ज्ञानवती बैगा के जीवन में आई खुशहाली

 रायपुर:  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम तवाडबरा की ज्ञानवती बैगा इसकी प्रेरणादायक मिसाल है।

ज्ञानवती बैगा अपने परिवार की आजीविका को मजबूत करने के लिए अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। इस व्यवसाय से होने वाली आय से वे परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ घरेलू जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बीच परिवार का पालन-पोषण करने वाली ज्ञानवती बैगा के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल बनकर सामने आई है।

उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की 29वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने नारियल व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में किया, जिससे उनके छोटे व्यवसाय को निरंतर गति मिली। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब उन्हें व्यवसाय चलाने के लिए पूंजी की चिंता कम हो गई है और वे पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना काम कर पा रही हैं।

ज्ञानवती बैगा का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का विश्वास दिया है। अब वे घर के खर्च और अपने व्यवसाय दोनों का बेहतर ढंग से संचालन कर पा रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है और भविष्य के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।

उन्होंने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना वास्तव में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना परिवारों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान कर रही है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने तथा परिवार की आय में भागीदारी निभाने का अवसर मिल रहा है। ज्ञानवती बैगा जैसी अनेक महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और स्वावलंबन का नया अध्याय भी लिख रही है।

CG – राशन कार्ड बनवाने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, घर बैठे बनवाएं राशन कार्ड, जानें प्रक्रिया

CG – राशन कार्ड बनवाने के लिए अब सरकारी दफ्तरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, घर बैठे बनवाएं राशन कार्ड, जानें प्रक्रिया

 रायपुर। राशन कार्ड बनवाने को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। राशन कार्ड बनवाने के लिए अब  सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ शासन ने राशन कार्ड से जुड़ी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करते हुए सेवा-सेतु पोर्टल के माध्यम से नए राशन कार्ड बनाने, परिवार के सदस्य जोड़ने और सदस्य हटाने (विलोपन) की सुविधा शुरू कर दी है। इससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।

नई व्यवस्था के तहत कवर्धा जिले के नागरिक अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और नि:शक्तजनश्रेणी के राशन कार्ड के लिए स्वयं सेवा-सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। जिन लोगों के पास ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है, वे अपने नजदीकी लोक सेवा केंद्र के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं।

खाद्य विभाग के अनुसार, अंत्योदय राशन कार्ड के लिए विशेष पिछड़ी जनजाति, विधवा या एकाकी महिलाएं, गंभीर असाध्य बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, दिव्यांग, निराश्रित, विमुक्त बंधुआ मजदूर तथा आवासहीन व्यक्तियों को संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। वहीं, प्राथमिकता राशन कार्ड के लिए भूमिहीन कृषि मजदूर, सीमांत एवं लघु किसान, असंगठित श्रमिक तथा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को संबंधित प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।

ऑनलाइन आवेदन करने और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदक को एक रसीद क्रमांक मिलेगा, जिसकी सहायता से वह अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा। संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन का सत्यापन किया जाएगा। पात्र पाए जाने पर डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त राशन कार्ड जारी किया जाएगा। हितग्राही अपने राशन कार्ड की प्रति संबंधित कार्यालय, लोक सेवा केंद्र अथवा सेवा-सेतु पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।

रायपुर सामूहिक मौत मामला: SIT जांच में मिले अहम सुराग, 2 हिरासत में

रायपुर सामूहिक मौत मामला: SIT जांच में मिले अहम सुराग, 2 हिरासत में

रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) लगातार जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच के दौरान आशंका जताई जा रही है कि बैटरी मैकेनिक सैयद शाहिद उर्फ सज्जू ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जहर दिया और इसके बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही सामने आएगा।

17 जुलाई को संजय नगर में सामने आई इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम का गठन किया। SIT अब घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सैयद शाहिद ने कथित रूप से अपनी पत्नी राबिया, बेटियों शाहिदा बेगम और इरशाबा परवीन तथा बेटे इरशाद अली को जहर दिया। इसके बाद उसने देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

CCTV फुटेज से तैयार की जा रही घटना की टाइमलाइन
जांच के दौरान पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, रात करीब 9 बजे सैयद शाहिद घर से निकलकर वॉशरूम की तरफ जाते हुए दिखाई दिया। वहीं कुछ अन्य फुटेज में वह शुक्रवार सुबह तक जीवित नजर आया है। पुलिस ने बताया कि घटना की सही टाइमलाइन तैयार करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक का बेटा रात करीब 1 बजे तक मोबाइल फोन पर सक्रिय था। पुलिस इन सभी गतिविधियों को जोड़कर घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को समझने का प्रयास कर रही है।

सूदखोरी और सट्टे के एंगल पर भी जांच
SIT ने जांच का दायरा केवल आर्थिक परेशानी तक सीमित नहीं रखा है। पुलिस अब सूदखोरी, सट्टेबाजी और संदिग्ध आर्थिक लेन-देन के पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस को जानकारी मिली है कि शाहिद कुछ लोगों के संपर्क में था और उसके ऊपर कर्ज का दबाव था या नहीं, इसकी पड़ताल की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्ध सूदखोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इनमें एक व्यक्ति टिकरापारा क्षेत्र और दूसरा गोलबाजार इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शाहिद ने किन लोगों से पैसे उधार लिए थे और क्या उसे किसी तरह का मानसिक या आर्थिक दबाव दिया जा रहा था। इसके अलावा सट्टेबाजी से जुड़े किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

घटना से पहले सामान्य था व्यवहार, लेकिन उदास नजर आया शाहिद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन सैयद शाहिद कई परिचितों और दोस्तों से मिला था। उसने किसी से भी आर्थिक परेशानी, तनाव या किसी धमकी की बात नहीं कही थी। हालांकि उसके कुछ परिचितों ने पुलिस को बताया कि वह सामान्य बातचीत कर रहा था, लेकिन उसके चेहरे पर उदासी दिखाई दे रही थी। पुलिस अब उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से पहले की मानसिक स्थिति को समझा जा सके।

दोस्त की मौत का भी जांच में जुड़ा एंगल
जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि घटना से एक दिन पहले शाहिद के करीबी दोस्त और गोलबाजार स्थित आजाद सैलून के संचालक कल्लू की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। शाहिद उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचा था, लेकिन वहां पहुंचने तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को बताया कि उस दिन शाहिद काफी मायूस दिखाई दे रहा था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है कि क्या दोस्त की मौत का उसके मानसिक हालात पर कोई असर पड़ा था।

कीटनाशक की दो खाली शीशियां मिलीं
पुलिस की शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि शाहिद ने परिवार के सदस्यों को मिठाई में कीटनाशक मिलाकर खिलाया होगा। बताया जा रहा है कि सबसे अंत में घर लौटे बेटे को भी वही मिठाई दी गई। घटनास्थल से पुलिस को कीटनाशक की दो खाली शीशियां मिली हैं। इन्हें जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मौत किस पदार्थ के सेवन से हुई।

पोस्टमार्टम और FSL रिपोर्ट का इंतजार
एडीसीपी वेस्ट राहुल देव शर्मा ने बताया कि सामूहिक मौत मामले में सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है। घटनास्थल की जांच फोरेंसिक टीम द्वारा की गई है और बरामद दस्तावेजों एवं अन्य सामानों को जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। एडीसीपी ने कहा कि फिलहाल मौत के स्पष्ट कारण सामने नहीं आए हैं। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़….

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़….

 रायपुर: प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिला इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। योजनागत उपलब्धियों के आधार पर राजनांदगांव प्रदेश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

जिले में अब तक योजना के अंतर्गत 8 हजार 256 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4 हजार 120 हितग्राहियों के घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि शेष प्रकरणों में दस्तावेजों के सत्यापन, संयंत्र स्थापना एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं।

योजना के तहत अब तक 3 हजार 205 हितग्राहियों को शासन की ओर से सब्सिडी का लाभ मिल चुका है। वहीं 1 हजार 155 परिवारों का बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। ये परिवार अब अपनी आवश्यकता के अनुरूप सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली खर्च में उल्लेखनीय बचत कर रहे हैं। कई हितग्राही अतिरिक्त उत्पादित बिजली को ग्रिड में भेजकर ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन रहे हैं।

योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से ‘पीएम सूर्य सभा’ आयोजित की जा रही है। इन सभाओं में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सब्सिडी की जानकारी तथा रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापना की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी मौके पर ही प्राप्त किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार शासन द्वारा सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली व्यय में कमी लाने, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करना है।

राजनांदगांव जिले की उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि प्रभावी जनजागरूकता, समयबद्ध क्रियान्वयन और हितग्राही-केंद्रित प्रयासों से प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऊर्जा क्रांति का आधार बन रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर अमल, उद्यान निर्माण के लिए 95.3 लाख स्वीकृत…

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा पर अमल, उद्यान निर्माण के लिए 95.3 लाख स्वीकृत…

 रायपुर: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सारंगढ़ नगर पालिका में उद्यान के निर्माण के लिए 95 लाख 30 हजार रुपए मंजूर किए हैं। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा सारंगढ़ में उद्यान निर्माण की घोषणा के अनुपालन में विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की गई है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री  अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं।साव ने उद्यान का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव  विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम संबंधी बैठक ली

मुख्य सचिव  विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम संबंधी बैठक ली

 छत्तीसगढ़ के CCTNS डैशबोर्ड स्कोर में सुधार के दिए कड़े निर्देश

रायपुर, 20 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकास शील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के कमजोर बिंदुओं को चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी  अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से मौजूद थे।

स्टेट स्कोरकार्ड में मिले 64.97 अंक, प्रशासनिक सुधार में पूर्ण अंक

बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने 'प्रशासनिक सुधार' और 'मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल' के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं।

जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट को सुदृढ़ करने पर जोर

मुख्य सचिव  विकास शील ने कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जाए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'न्याय श्रुति प्रणाली' को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्धारित 60 एवं 90 दिवस के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को देखते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पुलिस और गृह विभाग के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

दुर्ग को सीएम साय की बड़ी सौगात: NEET-JEE छात्रों के लिए छात्रावास, ऑडिटोरियम और एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा

दुर्ग को सीएम साय की बड़ी सौगात: NEET-JEE छात्रों के लिए छात्रावास, ऑडिटोरियम और एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा

 दुर्ग। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 में शिक्षा और खेल अधोसंरचना को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी छात्र संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश, स्कूल बैग तथा छात्राओं को साइकिल वितरित की। साथ ही राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के लिए आधुनिक कंपोजिट भवन, दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम, फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा NEET और JEE की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के स्कूलों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक और गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, पालक-शिक्षक बैठक और अन्य नवाचारों के जरिए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है और दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं।

मुख्यमंत्री ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार भविष्य के भारत की पहचान होंगे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया तथा स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी शामिल हुए।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए नए शौचालयों का निर्माण, भाषा और गणितीय दक्षता बढ़ाने के अभियान तथा भारतीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आगामी वर्षों में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें और गणवेश उपलब्ध कराए जाएं।