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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में किया छत्तीसगढ़ के मल्हार का जिक्र, जानिए क्या कहा…..

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में किया छत्तीसगढ़ के मल्हार का जिक्र, जानिए क्या कहा…..

 रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में देश के कई विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर मल्हार का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर जिले के मल्हार में मिली पांडु वंश की तीन दुर्लभ ताम्रपट्टिकाओं का जिक्र करते हुए इसे देश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पीएम मोदी ने कहा कि ‘इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा भी है। इसलिए आज मैं इससे जुड़ी कुछ बातें आपसे साझा करना चाहता हूं। इनमें 21 बड़ी और तीन छोटी ताम्र पट्टिकाएं हैं। ये मुख्य रूप से राजा राजेंद्र चोला-प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राजराजा चोला के एक वचन को पूरा करने से जुड़ी हैं। इनमें आनइमंगलम् गांव को एक बौद्ध विहार को दान देने का उल्लेख है। इन ताम्र पट्टिकाओं में चोला वंश की उपलब्धियों का भी वर्णन मिलता है। इनसे पता चलता है कि चोला साम्राज्य की समुद्री शक्ति कितनी मजबूत थी। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ उनके संबंधों की जानकारी भी इनमें मिलती है।’

‘चोला साम्राज्य के समृद्ध इतिहास और संस्कृति पर हम सभी को बहुत गर्व है। साथियो, हमारी सरकार भारत की ऐसी अमूल्य धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के मल्हार में भी एक महत्वपूर्ण खोज हुई है। यहां तीन दुर्लभ ताम्र पट्टिकाएं मिली हैं। ये पांडुवंशी राजवंश के महर्षि बालार्जुन के शासनकाल से जुड़ी मानी जा रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये inscriptions छठी-सातवीं सदी के हैं यानि चौदह-सौ, पंद्रह-सौ साल पुराने ये ताम्र पट्टिकाएं प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई हैं। इनसे उस समय की शासन-व्यवस्था, धर्म और संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।’

हर गरीब को पक्का घर देने के पीएम मोदी के संकल्प को तीव्र गति से पूरा किया जा रहा - देव

हर गरीब को पक्का घर देने के पीएम मोदी के संकल्प को तीव्र गति से पूरा किया जा रहा - देव

 00 भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णत: संकल्पित है

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण व शहरी) और लखपति दीदी योजना के तहत मिल रही युगान्तरकारी सफलताओं पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति गहरा आभार व धन्यवाद प्रकट किया है।

देव ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार अंत्योदय के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। हर गरीब को पक्का घर देने के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प को राज्य में जिस तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है, वह बेहद सराहनीय है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की केंद्रीय और राज्यांश राशि जारी करना राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के मकानों का रिकॉर्ड गति से निर्माण होना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 10.60 लाख से अधिक आवास सफलतापूर्वक पूर्ण किए जा चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन की सरकार गरीबों के कल्याण के लिए पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता से कार्य कर रही है। देव ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए पक्के आवास उपलब्ध कराने का साय सरकार का यह प्रयास अत्यंत संवेदनशील और सराहनीय कदम है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपये की राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ में रोजाना 1600 से अधिक पक्के मकानों का निर्माण हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 8,46,931 नए आवासों की बड़ी स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार भवन निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 10 हजार से अधिक बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। देव ने कहा कि राज्य में अब तक 8 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं और सरकार ने 10 लाख बहनों को इस श्रेणी में लाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही लखपति दीदी योजना की सराहना करते हुए  देव ने कहा कि आवास निर्माण सामग्री की आपूर्ति से जुड़े हजारों समूहों के माध्यम से अकेले निर्माण क्षेत्र से ही 10 हजार से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए पूर्णत: संकल्पित है।

देव ने इन शानदार उपलब्धियों के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त कर्मठ जनता, हितग्राही परिवारों और आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर मातृशक्ति को बधाई दी है। देव ने विश्वास जताया कि साय सरकार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास और सुशासन के नित नए मापदण्ड स्थापित करता रहेगा।

मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव: मुख्यमंत्री साय ने कहा - यह प्रदेश की प्रतिभा और विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलने का क्षण

मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव: मुख्यमंत्री साय ने कहा - यह प्रदेश की प्रतिभा और विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलने का क्षण

 00 पीएम मोदी ने युवा धावक अनिमेष की ऐतिहासिक उपलब्धि और मल्हार की सांस्कृतिक धरोहर का किया उल्लेख

00 मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज का मन की बात छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मन की बात आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाडिय़ों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोडऩे के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।
साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढिय़ों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का मन की बात एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत - सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे।

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण: उप मुख्यमंत्री शर्मा

लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सुशासन और जनसेवा का आदर्श उदाहरण: उप मुख्यमंत्री शर्मा

 00 लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में हुए शामिल 

रायपुर। राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा रविवार को कबीरधाम जिले के ग्राम राम्हेपुर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा उनके आदर्शों और लोककल्याणकारी कार्यों को स्मरण किया।

समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान विभूति थीं, जिन्होंने अपने न्यायपूर्ण शासन, जनसेवा, धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए। अहिल्याबाई होलकर ने न केवल मालवा क्षेत्र को समृद्ध और सुशासित बनाया, बल्कि देशभर में अनेक मंदिरों, घाटों, धर्मशालाओं और जनहित के निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और आस्था को सशक्त आधार प्रदान किया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन महिला सशक्तिकरण, सुशासन, सेवा और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने धैर्य, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए समाज के लिए आदर्श स्थापित किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर ने समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य किया और अपने शासनकाल में न्याय, समानता एवं लोककल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके विचार और कार्य आज भी समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर समाज के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रपाल धनकर, विदेशी राम धुर्वे, जिलाध्यक्ष भाईराम पाली, मिलू साहू सहित जनप्रतिनिधिगण, गडरिया समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

दीर्घ प्रशासनिक सेवाओं के बाद महादेव कावरे को भावभीनी विदाई

दीर्घ प्रशासनिक सेवाओं के बाद महादेव कावरे को भावभीनी विदाई

 -सहकारिता विभाग में सम्मान समारोह आयोजित, अधिकारियों-कर्मचारियों ने दी शुभकामनाएं

रायपुर-आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़ महादेव कावरे (आईएएस) के सेवानिवृत्त होने पर नवा रायपुर में भावभीनी विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सहकारिता विभाग राजपत्रित अधिकारी संघ एवं अपेक्स बैंक एम्प्लाइज यूनियन द्वारा आयोजित इस समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व तथा जनहितकारी कार्यों को स्मरण करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी।

बीजापुर जिले के मूल निवासी  महादेव कावरे की प्रारंभिक शिक्षा बीजापुर में हुई। उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत विभिन्न महत्वपूर्ण दायित्वों से की और रक्षा, रेलवे तथा राज्य प्रशासनिक सेवा में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। वे एसडीएम, एनआरडीए महाप्रबंधक, बेमेतरा एवं जशपुर के कलेक्टर तथा रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे।

इसके अलावा उन्होंने सचिव आवास एवं पर्यावरण, सचिव आबकारी, गृह विभाग तथा संचालक कोष एवं लेखा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अपनी सेवाएं देकर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सहकारिता विभाग में उनके कार्यकाल को पारदर्शिता, नवाचार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।

सम्मान समारोह में सहकारिता विभाग के अपर आयुक्त एवं अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक  के.एन. कांडे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने  कावरे के प्रशासनिक योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखद एवं सफल भविष्य की कामना की।

CG : रातभर चली खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत और बोल्डर परिवहन करते 8 हाइवा जब्त

CG : रातभर चली खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत और बोल्डर परिवहन करते 8 हाइवा जब्त

 रायपुर। रायपुर जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रातभर अभियान चलाया। कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक खनि प्रशासन राजेश मालवे और सहायक खनि अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम ने अवैध परिवहन कर रहे 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया। जानकारी के अनुसार 6 हाइवा अवैध रेत परिवहन करते पाए गए, जो नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लोड कर ला रहे थे, जबकि तुमगांव से 2 हाइवा अवैध रूप से बोल्डर परिवहन करते पकड़े गए।

जांच के दौरान वाहन चालकों के पास खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद सभी वाहनों को जब्त कर उपरवारा थाना और माना थाना के सुपुर्द किया गया। खनिज विभाग की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

कार्रवाई में सुपरवाइजर सुनील दत्त शर्मा के साथ सैनिक लुकेश वर्मा, अज्जू मानिकपुरी और दयाराम साहू की अहम भूमिका रही। विभाग का कहना है कि अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

CG CRIME : खेत में बोरी के अंदर मिला युवक का टुकड़ों में कटा शव, खौफनाक हत्याकांड से दहला इलाका

CG CRIME : खेत में बोरी के अंदर मिला युवक का टुकड़ों में कटा शव, खौफनाक हत्याकांड से दहला इलाका

 कवर्धा । कवर्धा जिले के पांडातराई थाना क्षेत्र में सामने आए एक खौफनाक हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया है। सोंढा गांव के एक खेत में बोरी के अंदर युवक का कई टुकड़ों में कटा शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने खेत की ओर से तेज बदबू आने पर जब आसपास तलाश की तो एक संदिग्ध बोरी दिखाई दी। शक होने पर इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पांडातराई थाना पुलिस ने जब बोरी खोली तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई सन्न रह गया। बोरी में युवक का क्षत-विक्षत शव कई हिस्सों में कटा हुआ पड़ा था, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने हत्या के बाद पहचान छिपाने के इरादे से शव के टुकड़े कर खेत में फेंक दिया।

जांच के दौरान मृतक की पहचान बैहरसरी निवासी कोमल वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए फारेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से अहम साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित हत्या का माना जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ मृतक के संपर्कों और पुरानी रंजिशों की भी जांच कर रही है।इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों के बीच हत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है।

Weather Update : भीषण गर्मी से राहत! छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश का असर, तापमान में आई गिरावट

Weather Update : भीषण गर्मी से राहत! छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश का असर, तापमान में आई गिरावट

 CG Weather Update : छत्तीसगढ़ में नौतपा की भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर समेत कई जिलों में बारिश और बादलों की वजह से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ दिनों से 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा तापमान अब नीचे आने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना बनी हुई है।

शनिवार को प्रदेश के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तापमान दुर्ग में 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम तापमान पेंड्रा रोड में 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा ने बताया कि मध्य पाकिस्तान से अंदरूनी उड़ीसा तक एक द्रोणिका सक्रिय है, जो राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रही है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण भी बना हुआ है, जिससे प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है।

मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में रविवार को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। दिन का तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 28 डिग्री के आसपास रह सकता है। विभाग ने प्रदेश के एक-दो स्थानों पर तेज अंधड़ और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है।

बारिश और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

लोककला की अमूल्य धरोहर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर सरकार सजग

लोककला की अमूल्य धरोहर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर सरकार सजग

 0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने ली जानकारी, परिजनों को हर संभव सहायता का दिया भरोसा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया में प्रतिष्ठित करने वाली सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं पद्मविभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई के अस्वस्थ होने की सूचना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने तत्काल पहल की। उन्होंने अपने सहयोगी को एम्स रायपुर भेजकर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

मंत्री अग्रवाल ने दूरभाष पर तीजन बाई के परिजनों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना और भरोसा दिलाया कि राज्य शासन उनकी चिकित्सा एवं आवश्यक सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि उपचार संबंधी हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं की जीवंत प्रतीक है

अग्रवाल ने कहा कि तीजन बाई केवल लोक कलाकार नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं की जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने अपनी अद्भुत गायन शैली, प्रभावशाली प्रस्तुति और लोककला के प्रति समर्पण से पंडवानी को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। उनके योगदान ने छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

एम्स में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी

एम्स रायपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई का उपचार जारी है। चिकित्सकों की सतत निगरानी और बेहतर चिकित्सा प्रबंधन के चलते उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रही है और आवश्यक उपचार दे रही है।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की सशक्त प्रतिनिधि हैं श्रीमती तीजन बाई

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा की पद्मविभूषण श्रीमती तीजन बाई ने अपनी अनुपम कला साधना से न केवल पंडवानी परंपरा को संरक्षित किया, बल्कि नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोडऩे का भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनकी उपलब्धियां और कला यात्रा देशभर के कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने लोककला को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया है, वह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। मंत्री अग्रवाल ने ईश्वर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की और कहा कि पूरा छत्तीसगढ़ आज उनकी कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और चिकित्सकों के प्रयासों से श्रीमती तीजन बाई जल्द स्वस्थ होकर पुन: अपनी कला के माध्यम से लोगों को प्रेरित करेंगी।

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई पहचान

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई पहचान

 0 मुख्यमंत्री साय और वित्त मंत्री चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव

विशेष लेख - सुनील त्रिपाठी सहायक संचालक, जनसंपर्क
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन विभाग में ऐतिहासिक एवं परिवर्तनकारी सुधारों की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार का उद्देश्य पंजीयन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, तकनीक आधारित तथा नागरिकों के लिए पूरी तरह सुविधाजनक बनाना है।

कभी लंबी कतारों, घंटों इंतजार, दस्तावेजों के सत्यापन में देरी और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने वाली पंजीयन प्रक्रिया अब पूरी तरह बदलती दिखाई दे रही है। पहले जहां एक साधारण रजिस्ट्री पूरी करने में 4 से 6 घंटे अथवा कई बार 1 से 2 दिन तक लग जाते थे, वहीं अब आधुनिक डिजिटल व्यवस्थाओं की मदद से यही प्रक्रिया केवल 15 से 20 मिनट में पूरी हो रही है। इससे नागरिकों के समय, धन और ऊर्जा तीनों की बड़ी बचत हो रही है। राज्य सरकार ने अगले एक वर्ष के भीतर प्रदेश के सभी 119 पंजीयन कार्यालयों को स्मार्ट एवं विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पहले चरण में नवा रायपुर सीबीडी बिल्डिंग, बेबीलॉन टॉवर रायपुर, श्रीराम बिजनेस पार्क, सड्डू, कलेक्ट्रेट परिसर रायगढ़, दुर्ग, बिलासपुर, कुनकुरी, अभनपुर तथा तिल्दा सहित 10 प्रमुख कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।

इन नए स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों में अब नागरिकों को वेटिंग लाउंज, वातानुकूलित सुविधा, स्वच्छ एवं व्यवस्थित परिसर, नि:शुल्क वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग स्टेशन, शुद्ध पेयजल, आधुनिक शौचालय, हेल्प डेस्क तथा प्री-प्रेजेंटेशन काउंटर जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। इससे पंजीयन कार्यालय अब किसी आधुनिक सेवा केंद्र की तरह दिखाई देने लगे हैं।
रायगढ़ के लाभार्थी श्री आशीष अग्रवाल ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि, पहले यहां आने पर निराशा महसूस होती थी, लेकिन अब माहौल पूरी तरह बदल गया है। बैठने की अच्छी व्यवस्था है, एसी लगा है, ठंडे पानी की सुविधा है और पूरा वातावरण बेहतर हो गया है। इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

डिजिटल तकनीक के उपयोग से पंजीयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी बढ़ी है। टोकन सिस्टम लागू होने से भीड़ और अव्यवस्था कम हुई है, वहीं बिचौलियों की भूमिका समाप्त होने से अतिरिक्त खर्च पर रोक लगी है। अब नागरिकों को व्हाट्सएप नोटिफिकेशन, कैशलेस भुगतान, खसरा नंबर के माध्यम से संपत्ति की ऑनलाइन जानकारी तथा डिजीलॉकर जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं, जिससे दस्तावेज तुरंत और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो रहे हैं।
यह पूरी व्यवस्था तेजी से पेपरलेस और डिजिटल मॉडल की ओर बढ़ रही है, जिससे शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हो रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के विजन को धरातल पर उतारने का प्रभावी उदाहरण बन गया है।

छत्तीसगढ़ आज पुराने, जटिल और फाइलों के बोझ वाले सिस्टम को पीछे छोड़ते हुए आधुनिक डिजिटल प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य का यह स्मार्ट पंजीयन मॉडल न केवल प्रदेश में सुशासन की नई परिभाषा गढ़ रहा है, बल्कि देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनता जा रहा है।

पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री साय

पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री साय

 00 पत्रकारिता ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन में निभाई ऐतिहासिक भूमिका

रायपुर। पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं, जो कठिन परिस्थितियों में भी निरंतर परिश्रम करते हुए सूचनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हैं और समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मीडिया की सकारात्मक आलोचना केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि प्रशासन और सरकार को भी आत्ममंथन और बेहतर कार्य की दिशा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर के सुंदर सदन में आयोजित पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही। यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा पर आधारित ऐसा अद्भुत आयोजन निश्चित रूप से अभिनंदनीय है। उन्होंने आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब को बधाई देते हुए कहा कि रायपुर प्रेस क्लब देश के पुराने और प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है, जिसका इतिहास समृद्ध और प्रेरणादायी रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता और पत्रकारों के सम्मान में आयोजित ऐसे कार्यक्रम प्रेस क्लब की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का सशक्त प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर की पत्रकारिता परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस शहर ने पत्रकारिता जगत को अनेक शिखर पुरुष दिए हैं। उन्होंने मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र सहित अनेक प्रतिष्ठित संपादकों और पत्रकारों का स्मरण करते हुए कहा कि इन विभूतियों ने पत्रकारिता की सशक्त और वैचारिक परंपरा को समृद्ध किया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र की आधारशिला है और देश के स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तक पत्रकारिता ने हमेशा परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि 30 मई 1826 को कोलकाता से श्री जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित देश के प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तंड ने भारतीय पत्रकारिता की मजबूत नींव रखी। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ वर्षों की यह गौरवशाली यात्रा देशवासियों के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री ने भारतीय सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देवर्षि नारद को आदि पत्रकार माना जाता है और इसी कारण पत्रकार बंधु नारद जयंती को सम्मानपूर्वक मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत रोचक और प्रेरक तथ्य है कि उदंत मार्तंड का प्रकाशन भी नारद जयंती के दिन आरंभ हुआ, जो इस बात का प्रतीक है कि भारतीय पत्रकारिता की जड़ें हमारी सांस्कृतिक चेतना और सनातन मूल्यों से गहराई से जुड़ी रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय पत्रकारिता ने राष्ट्रवादी चेतना को स्वर देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, माधवराव सप्रे और सुभाषचंद्र बोस सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने पत्रकारिता को सामाजिक जागरण और राष्ट्रीय चेतना के माध्यम के रूप में उपयोग किया। उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय पत्रकारिता का गौरवशाली इतिहास लिखा जाएगा, तब छत्तीसगढ़ का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। उन्होंने मां भारती के सपूत माधवराव सप्रे का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छत्तीसगढ़ से छत्तीसगढ़ मित्र का संपादन कर स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को जागृत और संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पत्रकारिता की चर्चा जब भी होगी, तब भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण स्वाभाविक रूप से होगा। उन्होंने कहा कि अटल जी ने अपनी पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय चेतना की जो अलख जगाई, उसने स्वतंत्र भारत में लाखों लोगों को प्रेरित किया। स्वदेश और राष्ट्रधर्म जैसे प्रकाशनों ने राष्ट्र चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मोदी की गारंटियों को धरातल पर उतारने का कार्य किया है और प्रदेश की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने विशेष रूप से नक्सलवाद उन्मूलन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा जनसहभागिता के साथ-साथ पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका के कारण प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंसा और भटकाव के रास्ते पर जाने वाले लोगों को शांति, विकास और मुख्यधारा की ओर प्रेरित करने में पत्रकारों ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि आज जब मीडिया बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव, विकास, पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और बढ़ती संभावनाओं की खबरें सामने लाता है, तब देश और दुनिया में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनती है। जो बस्तर कभी बंदूक और हिंसा की खबरों से पहचाना जाता था, आज वही बस्तर पर्यटन, प्रकृति और विकास की नई संभावनाओं का केंद्र बनकर उभर रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की यात्रा अत्यंत गौरवशाली रही है। उन्होंने कहा कि 1826 में जब उदंत मार्तंड की शुरुआत हुई, तब देश अंग्रेजी शासन के कठिन दौर से गुजर रहा था। ऐसे समय में पत्रकारिता ने अंधकार को सामने लाने के साथ समाज को उजाले की दिशा दिखाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म समाज और राष्ट्र को सही दिशा प्रदान करना है।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत तक पत्रकारिता ने राष्ट्रधर्म और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। उन्होंने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समय के साथ बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित किया है, किंतु सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और नागरिक पत्रकारिता की अवधारणा ने कई नई चुनौतियां भी उत्पन्न की हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को शोधपरक, तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित बनाए रखना समय की आवश्यकता है, ताकि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और सामाजिक भूमिका और मजबूत हो सके।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रकाशित नवप्रदेश के विशेष अंक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी तथा दिनेश यदु की पुस्तक मैं अगहन हूं का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री कृष्णा दास, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा, राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष श्री सुनील रामदास, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, प्रेस क्लब के पदाधिकारीगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, प्रेस क्लब के पदाधिकारीगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

श्री गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश : साय

श्री गुरु अर्जुन देव जी का बलिदान सत्य, सेवा और मानवता की रक्षा का अमर संदेश : साय

 00 शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा तेलीबांधा में आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में हुए शामिल

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज  गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के तेलीबांधा स्थित गुरुद्वारा परिसर में छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित विशाल छबील एवं छायाचित्र प्रदर्शनी में शामिल होकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके महान बलिदान को मानवता, सत्य तथा सेवा की रक्षा का अमर संदेश बताया। इस अवसर पर  साय ने राहगीरों को शरबत एवं प्रसादी वितरित कर सेवा परंपरा में सहभागी बनते हुए समाज को परोपकार, संवेदना और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान सिक्ख समाज ने मुख्यमंत्री को पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुद्वारा परिसर में आयोजित  गुरु अर्जुन देव जी के जीवन पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में उनके दिव्य जन्म से लेकर शहादत तक की प्रेरक और गौरवपूर्ण यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया था। इसमें गुरु गद्दी की प्राप्ति, हरमिंदर साहिब गुरुद्वारा के निर्माण, आदि ग्रंथ साहिब के संकलन, जहांगीर से वैचारिक संघर्ष, गिरफ्तारी, असहनीय यातनाओं के बीच अडिग आस्था का विस्तृत चित्रण शामिल था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्री गुरु अर्जुन देव जी त्याग, तपस्या, सत्य, सेवा और मानवता की महान प्रतिमूर्ति थे। उनका संपूर्ण जीवन समाज को प्रेम, समानता, करुणा, समर्पण और मानव कल्याण का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु अर्जुन देव जी ने अन्याय, अत्याचार और दमन के सामने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। असहनीय यातनाओं के बावजूद उनका धैर्य, साहस, आत्मबल और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास आज भी संपूर्ण मानवता के लिए अमर प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदी दिवस पर आयोजित छबील सेवा केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा, भाईचारे और मानवता की जीवंत अभिव्यक्ति है। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाना निस्वार्थ मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सिक्ख परंपरा में छबील सेवा मानवता के प्रति समर्पण, सह-अस्तित्व और परोपकार की भावना को जीवंत बनाए रखने का माध्यम रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह नई पीढ़ी को श्री गुरु अर्जुन देव जी के जीवन, संघर्ष, आध्यात्मिक चेतना और महान बलिदान से परिचित कराने का अत्यंत सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इतिहास तभी जीवंत रहता है, जब नई पीढ़ी अपने महापुरुषों के विचारों, मूल्यों और त्याग से जुड़ी रहती है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी लोगों से गुरु अर्जुन देव जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने तथा सत्य, सेवा, सद्भाव और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने इस गरिमामय एवं पुनीत आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज को साधुवाद भी दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य आपूर्ति निगम के

तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी : राजवाड़े

तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी : राजवाड़े

 00 विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर प्रदेशवासियों से नशे से दूर रहने की अपील

रायपुर। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए गंभीर खतरा है।

समाज कल्याण मंत्री   राजवाड़े ने अपने संदेश में कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस लोगों को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है। तंबाकू के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। स्कूलों, महाविद्यालयों तथा ग्राम पंचायतों में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके

समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने युवाओं से सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नशे से दूरी ही सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी है। उन्होंने सभी नागरिकों से तंबाकू मुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की।

एनआईटी रायपुर में 66 करोड़ से अधिक की नई परियोजनाओं का शुभारंभ

एनआईटी रायपुर में 66 करोड़ से अधिक की नई परियोजनाओं का शुभारंभ

 00 नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और भारतीय ज्ञान परंपरा को मिला नया आधार

रायपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर में गुरुवार को शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा सतत विकास से जुड़ी सात महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास समारोह आयोजित किए गए। इन परियोजनाओं के माध्यम से संस्थान की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं नवाचार संबंधी क्षमताओं को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने की। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव, डीन, प्राध्यापकगण, कर्मचारी, छात्र, पूर्व छात्र एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

समारोह में चार नई सुविधाओं का उदघाटन तथा तीन प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तथा विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान गोल्डन टॉवर की दूसरी मंजिल पर लगभग 5,500 वर्गफुट क्षेत्र में विकसित एनआईटी रायपुर एफआईई इनक्यूबेशन सेंटर का उदघाटन किया गया। लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से स्थापित यह छत्तीसगढ़ का पहला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) समर्थित टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर है। वर्तमान में यह केंद्र क्लीन-टेक, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा बहुविषयक तकनीकी एकीकरण से जुड़े 50 से अधिक स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान कर रहा है।

इसके साथ ही गोल्डन टॉवर के सामने सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन का शुभारंभ भी किया गया। विद्युत मंत्रालय की रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल योजना के अंतर्गत स्थापित इस सुविधा में 60 किलोवाट क्षमता तक के दो एसी/डीसी चार्जर लगाए गए हैं। यह परियोजना स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
समारोह में गोल्डन टॉवर के समीप उच्च-वोल्टेज इम्पल्स परीक्षण प्रयोगशाला की आधारशिला भी रखी गई। लगभग 9.12 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस जी+2 परियोजना के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीटीसीएल) द्वारा एक करोड़ रुपये की कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सहायता प्रदान की गई है। प्रस्तावित प्रयोगशाला विद्युत प्रणाली अभियांत्रिकी एवं उच्च-वोल्टेज अनुप्रयोगों में अनुसंधान, परीक्षण एवं प्रशिक्षण को नई दिशा देगी। परियोजना के अगले 15 माह में पूर्ण होने की संभावना है।

संस्थान के प्लेटिनम जुबली वर्ष के उपलक्ष्य में प्लेटिनम अतिथि गृह का भी शिलान्यास किया गया। लगभग 13.27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह जी+5 भवन 20 सुसज्जित कमरों, सम्मेलन कक्ष तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अतिथियों, विशेषज्ञों तथा गणमान्य व्यक्तियों के स्वागत एवं आवास की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। परियोजना के 18 माह में पूर्ण होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त लगभग 25.57 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए जी+6 अकादमिक एनेक्स-ढ्ढ भवन का उद्घाटन किया गया। लगभग 4,800 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र वाले इस भवन में 35 कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें विभिन्न विभागों की कक्षाएँ एवं एनआईटीआरआर-एफआईई इनक्यूबेशन सेंटर संचालित होंगे।
समारोह के दौरान अकादमिक एनेक्स-ढ्ढ के पीछे प्रस्तावित मेकर्स्पेस एवं अनुसंधान सुविधा भवन की आधारशिला भी रखी गई। लगभग 16.91 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस जी+2 भवन में मेकर्स्पेस एवं टिंकरिंग प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिससे नवाचार एवं प्रोटोटाइप विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही उन्नत अनुसंधान कार्यों के लिए समर्पित अनुसंधान परियोजना ब्लॉक भी विकसित किया जाएगा। यह परियोजना अगले 12 माह में पूर्ण होने की संभावना है।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण केंद्रीय पुस्तकालय में भारतीय ज्ञान परंपरा अनुभाग का शुभारंभ रहा। भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र द्वारा स्थापित इस पुस्तकालय में भारतीय दर्शन, विज्ञान, साहित्य, गणित, आयुर्वेद, वास्तु, योग एवं अन्य पारंपरिक ज्ञान-विषयों से संबंधित पुस्तकें, पांडुलिपियाँ, जर्नल एवं संदर्भ सामग्री उपलब्ध कराई गई हैं। इसका उद्देश्य पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक शिक्षा एवं अनुसंधान से जोडऩा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं अकादमिक अध्ययन को प्रोत्साहित करना है।

छत्तीसगढ़ के इन कर्मचारियों को अब तक की सबसे बड़ी सौगात

छत्तीसगढ़ के इन कर्मचारियों को अब तक की सबसे बड़ी सौगात

 रायपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के हित में स्वास्थ्य विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शासन द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के साथ एम.ओ.यू. (MOU) निष्पादित किए जाने की अनुमति प्रदान की गई है, जिसके तहत एनएचएम के उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को, जिनका वेतन खाता बैंक ऑफ इंडिया में संचालित है, ₹6 लाख का निःशुल्क लाइफ टर्म इंश्योरेंस कवर उपलब्ध कराया जाएगा।

यह बीमा कवर सामान्य मृत्यु की स्थिति में प्रदान किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था के लिए राज्य सरकार या राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं आएगा। साथ ही, बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रस्तावित समस्त सुविधाएं कर्मचारियों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि इस पहल से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के हजारों अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का अतिरिक्त लाभ मिलेगा तथा उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्राप्त होगा।

खौफनाक रहस्य : यहां कब्रों से बाहर बिखरी मिलीं इंसानी खोपड़ियां और हड्डियां, मचा हड़कंप

खौफनाक रहस्य : यहां कब्रों से बाहर बिखरी मिलीं इंसानी खोपड़ियां और हड्डियां, मचा हड़कंप

 दुर्ग। रायपुर नाका स्थित श्मशान घाट में ऐसा दृश्य सामने आया जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। श्मशान में मौजूद लोगों ने कब्र के पास मानव खोपड़ी, हड्डियां और झिल्‍ली में लिपटा कंकाल जैसे अवशेष पड़े देखे तो अफरा-तफरी मच गई। इतना ही नहीं पास में ही एक प्लास्टिक की थैली में बंधा हुआ मानव कंकाल भी बरामद किया गया। लोग इस बात को लेकर दहशत में हैं कि आखिर पूरी सावधानी के साथ दफनाए गए शवों को कब्र से बाहर कौन निकाल रहा है?

यह पूरा मामला रायपुर नाका शमशान घाट का है। श्मशान घाट में इंसानी अवशेष बिखरे होने की जानकारी स्थानीय पार्षद और नागरिकों ने तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्मृति नगर चौकी पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची। FSL की टीम ने गहन फॉरेंसिक जांच करते हुए तीन अलग-अलग कब्रों से बाहर निकले शरीर के अवशेषों को सैंपल के रूप में कलेक्ट किया है, ताकि उनकी वैज्ञानिक जांच की जा सके।

चौकी प्रभारी राजेश साहू ने किसी असामाजिक तत्वों या जानवरों द्वारा छेड़खानी की आशंका जताई है। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल SP सुखनंदन राठौर ने कहा कि इस पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने साफ किया कि बिना पूरी साइंटिफिक (वैज्ञानिक) जांच रिपोर्ट आए इस मामले में आधिकारिक तौर पर कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं होगा।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नगर निगम के खिलाफ भारी आक्रोश है। श्मशान घाट की इस बदहाली और सुरक्षा में चूक को देखते हुए नागरिकों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि श्मशान घाट की मर्यादा बनाए रखने और सुरक्षा के लिए यहां तुरंत एक परमानेंट चौकीदार नियुक्त किया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी असामाजिक तत्व ऐसी हरकत न कर सके।

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक ली करवट, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश

Rain Alert : छत्तीसगढ़ के मौसम ने अचानक ली करवट, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश

 छत्तीसगढ़। नवतपा के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई। रायपुर, अंबिकापुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद और आसपास के इलाकों में करीब एक घंटे तक जोरदार बारिश होती रही, जिससे मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। अचानक बदले मौसम के कारण कई जगह लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

बारिश इतनी तेज थी कि शहर की कई प्रमुख सड़कें पानी से लबालब नजर आने लगीं। जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में पेड़ों की डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं। हालांकि गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश का जमकर आनंद लिया।

पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और तपिश के बीच इस बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति, जिलों को 2677 करोड़ से अधिक की राशि जारी

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति, जिलों को 2677 करोड़ से अधिक की राशि जारी

 00 मुख्यमंत्री ने कहा - हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता

00 प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण

00 महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां बनीं आत्मनिर्भर, 10 हजार से अधिक समूह निर्माण कार्य से जुड़े
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हर गरीब को पक्का घर का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। प्रदेश में 10 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां निर्माण सामग्री आपूर्ति कार्य से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोडऩे के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

BREAKING: राजधानी के ज्वेलर्स दुकान में फिर चोरी का मामला, प्रसिद्ध ज्वेलर्स के दो सेल्समैन जेवर लेकर फरार

BREAKING: राजधानी के ज्वेलर्स दुकान में फिर चोरी का मामला, प्रसिद्ध ज्वेलर्स के दो सेल्समैन जेवर लेकर फरार

 रायपुर। रायपुर के देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स में लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। शोरूम के दो सेल्समैन करीब 30 लाख रुपये के जेवर लेकर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।

जानकारी के मुताबिक राजधानी के प्रतिष्ठित अनोपचंद तिलोकचंद ज्वेलर्स के दो सेल्समैन करीब 30 लाख रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गए थे। घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए जेवर भी बरामद किए गए हैं। वहीं, मामले में शामिल दूसरे आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की जांच जारी है।

CG : बिस्किट फैक्ट्री में देर रात लगी भीषण आग, 4-5 करोड़ के नुकसान का अनुमान

CG : बिस्किट फैक्ट्री में देर रात लगी भीषण आग, 4-5 करोड़ के नुकसान का अनुमान

 रायपुर।  रायपुर के उरला थाना क्षेत्र स्थित मेटल पार्क में शुक्रवार देर रात बिस्किट की भारती फूड्स फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री से धुएं का गुबार उठने लगा। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते फैक्ट्री को खाली करा लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।

करीब 4 से 5 करोड़ रुपए नुकसान का अनुमान
घटना के दौरान उरला थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। आसपास के इलाके को एहतियातन खाली कराया गया था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आग से फैक्ट्री की मशीनरी, कच्चा माल और तैयार सामान जलकर खाक हो गया। नुकसान का अनुमान करीब 4 से 5 करोड़ रुपए लगाया जा रहा है।

आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं
फैक्ट्री संचालक का नाम भारती कोड़वानी बताया जा रहा है। आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।

थाने में नाबालिग से अभद्रता के आरोप में एसपी का बड़ा एक्शन, TI और महिला हेड कांस्टेबल सस्पेंड

थाने में नाबालिग से अभद्रता के आरोप में एसपी का बड़ा एक्शन, TI और महिला हेड कांस्टेबल सस्पेंड

 राजनांदगांव।  छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पुलिसकर्मियों की गंभीर लापरवाही पर एसपी ने सख्त एक्शन लिया है। रातभर थाने में नाबालिग बालिका और उसके परिवार को बैठाकर रखा गया। इस दौरान नाबालिग बालिका के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। मामले में थाना प्रभारी और महिला हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रक्षित केंद्र में भेज दिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, सोमनी थाना में यह अमानवीय घटना हुई. जहां के टीआई अरुण नामदेव ने एक नाबालिग बालिका को गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे गर्भवती बता दिया। इसके बाद नाबालिग और उसके परिवार को रातभर थाने में बैठाकर रखा। इतना ही नहीं ड्यूटी पर तैनात महिला प्रधान आरक्षण राजश्री सिंह ने नाबालिग से अभद्र व्यवहार किया। बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने पर एसपी खुद मौके पर पहुंची और हड़काते हुए दोनों तत्काल निलंबित कर दिया।

आदेश जारी
एसपी कार्यालय से इस संबंध में आज जारी आदेश किया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। साथ ही बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता रहेगी।

इस वायरस को लेकर अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू; WHO ने दी ये चेतावनी

इस वायरस को लेकर अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू; WHO ने दी ये चेतावनी

 रायपुर। वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट पर जांच काउंटर बनाए गए हैं, जहां बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल आइसोलेशन और उपचार की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

अफ्रीकी देशों, खासकर कांगो और युगांडा में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक स्तर पर चिंता जताई है। इसके बाद भारत समेत कई देशों ने निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में कहा था कि देश में फिलहाल इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ICMR और अन्य एजेंसियों को सर्विलांस और टेस्टिंग के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षक प्रमोशन रद्द : शिक्षकों की पदोन्नति हुई रद्द, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, इस वजह से रद्द हुआ आदेश……

शिक्षक प्रमोशन रद्द : शिक्षकों की पदोन्नति हुई रद्द, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, इस वजह से रद्द हुआ आदेश……

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और मुंगेली शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक झटका लगा है। मुंगेली जिले में 9 सहायक शिक्षकों को जो प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति दी गई थी, उसे अब तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

जांच में सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश को गलत तरीके से समझकर ये प्रमोशन दिए गए थे। कोर्ट ने सिर्फ नियमों के तहत “विचार करने” को कहा था, लेकिन विभाग ने इसे सीधे पदोन्नति मानकर आदेश जारी कर दिया।

अब संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने पूरे मामले को गलत मानते हुए आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और अब पूरे प्रमोशन प्रकरण की दोबारा समीक्षा की संभावना भी जताई जा रही है।

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम जेवड़नखुर्द तथा बोड़ला विकासखंड के ग्राम मिनमीनिया में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों के बीच पहुंचे एवं आमजनों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच सादगी और आत्मीयता के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में दिव्यांगजनों की मांग पर त्वरित रूप से ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी भी सौंपी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत अनेक हितग्राहियों को लाभान्वित किया।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार में शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि बरपेलाटोला से सिंघनपुरी तक 2.5 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, मुख्य सड़क पोड़ी से उसलापुर नहर होते हुए बोधईकुंडा तक 4.5 करोड़ रुपए की सड़क, चरडोंगरी – कोठार मार्ग से सारंगपुरखुर्द नहर पार तक 2.6 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा सूरजपुर से मोहगांव तक 3.58 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा।

गांवों तक पहुंची प्रधानमंत्री आवास, शिविर में मिल रही निःशुल्क दस्तावेज सुविधा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लंबे समय तक आंदोलन चलाया गया था और  सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक के पहले ही प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना को शामिल किया गया और पहली कैबिनेट में ही 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि ग्राम मिनमीनिया में 21 गांवों और ग्राम जेवड़नखुर्द में 15 गांवों के लिए शिविर आयोजित किया गया है और सभी गांवों में आवास की भी स्वीकृति की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि नए हितग्राहियों को भी जोड़ने के लिए नया सर्वे भी कराया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। उप मुख्यमंत्रीशर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे है।

अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्मार्ट क्लास, महतारी सदन और मिनी स्टेडियम से गांवों में बढ़ रहीं सुविधाएंउप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है।  दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

सिंचाई परियोजना से किसानों को मिलेगा लाभ

उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। इसके साथ ही भोरमदेव फीडर, दियाबार जलाशय, नेवारी और कोठार जलाशय में करोड़ों रुपए की लागत से नहर विस्तार और उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना एजेंसी, अधिकारियों और हम सभी की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों से उन्होंने स्वयं निगरानी रखने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तत्काल देने की अपील की।

उप मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

 

 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 

अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल होकर दिया शुभाशीष

सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

सेवा सेतु से सशक्त होगा डिजिटल छत्तीसगढ़, 442 सेवाओं के साथ जनता तक पहुंचेगी सुशासन की नई व्यवस्था….

सेवा सेतु से सशक्त होगा डिजिटल छत्तीसगढ़, 442 सेवाओं के साथ जनता तक पहुंचेगी सुशासन की नई व्यवस्था….

 रायपुर: ‘जनता के द्वार डिजिटल सरकार’ का अर्थ है सरकारी योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों के घर तक पहुँचाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना। यह प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और आम जनता तक सीधी पहुँच सुनिश्चित करने की एक व्यापक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में बीजापुर जिले में लोक सेवा केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें अब ‘सेवा सेतु केंद्र’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।

डिजिटल सेवाओं से प्रशासन हुआ और अधिक नागरिक केंद्रि

 

 
 

‘सेवा सेतु’ व्यवस्था से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और नागरिक हितैषी बनी हैं। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है। अब लोक सेवा केंद्र ‘सेवा सेतु केंद्र’ और उनके ऑपरेटर ‘सेवा सेतु प्रबंधक’ कहलाएंगे। जिले के सभी विकासखंडों के सचिवों को इसके संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

 

73 से बढ़कर अब 442 सेवाएं उपलब्ध

पहले लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 73 सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब सेवा सेतु केंद्रों के जरिए 442 डिजिटल सेवाएं नागरिकों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल्स के जरिए अब लोग अपने स्मार्टफोन से ही जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पेंशन योजना, और बिजली बिल भुगतान जैसी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं।

अब नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर

नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को अब अलग-अलग सेवाओं के लिए राजस्व कार्यालय, जनपद पंचायत, नगर पालिका या अन्य विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक ही पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना, दस्तावेज अपलोड करना, आवेदन की स्थिति देखना और निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्राप्त करना संभव हो गया है।

गांव के पास ही मिलेगी डिजिटल सुविधा

ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों और प्रमाण-पत्रों के लिए अब तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें उनके गांव के नजदीक ही डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करके, नौकरशाही की दूरी को कम करती है और आम आदमी को सशक्त बनाती है।

व्हाट्सएप से भी मिलेगी सुविधा

तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सेवा सेतु सेवाओं को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। अब नागरिक घर बैठे व्हाट्सएप के माध्यम से सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन की स्थिति भी जान सकते हैं।

अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही मंच पर

सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, राजस्व प्रकरण, नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र प्रकाशन तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

समयबद्ध और पारदर्शी सेवा वितरण

प्रत्येक सेवा के लिए समय-सीमा निर्धारित होने से कार्यों के निराकरण में तेजी आई है। इससे सेवा वितरण अधिक पारदर्शी और प्रभावी हुआ है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल को मजबूत करते हुए डिजिटल छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करके, नौकरशाही की दूरी को कम करती है और आम आदमी को सशक्त बनाती है