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ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

 जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आज आदेश जारी कर छह पुलिस अधिकारियों की अस्थायी रूप से नई पदस्थापना की है। सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से नवीन जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में कई थाना प्रभारियों को दूसरे थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

देखें आदेश….

CG : कंटेनर में बना रखा था गुप्त चैंबर, पुलिस ने खोला राज तो निकला 2.23 करोड़ का गांजा, चालक गिरफ्तार

CG : कंटेनर में बना रखा था गुप्त चैंबर, पुलिस ने खोला राज तो निकला 2.23 करोड़ का गांजा, चालक गिरफ्तार

 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर ट्रक से 447 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2.23 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में पंजाब निवासी ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने मंगलवार को बताया कि सोमवार शाम मध्य प्रदेश सीमा के पास चिल्फी थाना के सामने बैरियर पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान बोडला की ओर से आ रहे एक कंटेनर ट्रक को पुलिस ने रोका।

संदिग्ध गतिविधियों के बाद ट्रक की तलाशी

ट्रक चालक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उससे पूछताछ की गई। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान चालक की सीट के ऊपर ट्रक में विशेष रूप से बनाए गए एक गुप्त चैंबर का पता चला। इसमें खाकी रंग की टेप से लिपटे कई पैकेट छिपाकर रखे गए थे।

पुलिस ने पैकेटों को खोलकर जांच की तो उनमें कुल 447 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 2.23 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजे के साथ एक मोबाइल फोन भी जब्त किया और ट्रक को कब्जे में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत सिंह, निवासी अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
पुलिस के अनुसार, कबीरधाम जिले की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।

केले से लदे ट्रक से 9 क्विंटल गांजा बरामद
कुछ महीने पहले, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में केले से लदे ट्रक से 9 क्विंटल से ज्यादा गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए गांजे की कीमत 4 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई थी।

CG : 3 दिन स्थानीय अवकाश का आदेश जारी, कल भी रहेगी छुट्टी, यहां जारी रहेगा कामकाज

CG : 3 दिन स्थानीय अवकाश का आदेश जारी, कल भी रहेगी छुट्टी, यहां जारी रहेगा कामकाज

 बिलासपुर।  हिंदू धर्म में हल छठ या हल षष्ठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे हरछठ, ललई छठ और बलराम जयंती के नाम से भी जाना जाता है। हल छठ पर्व के अवसर पर बिलासपुर जिले में 2 सितंबर को स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। स्थानीय अवकाश के चलते जिले में संबंधित शासकीय कार्यालयों में सामान्य कामकाज नहीं होगा।

हालांकि, यह स्थानीय अवकाश बैंक और कोषालय पर लागू नहीं होगा। इन दोनों संस्थानों में निर्धारित समय के अनुसार सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम का जन्म हुआ था। उन्हें शेषनाग का अवतार भी माना जाता है। भगवान बलराम का प्रमुख अस्त्र हल था, इसी वजह से इस पर्व को हल षष्ठी या हल छठ कहा जाता है।

हल छठ के अवसर पर माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। पर्व को लेकर जिले में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

माता कौशल्या धाम के कॉटेज के संचालन के लिए तीन बार निविदा, न्यूनतम प्रस्ताव नहीं मिलने से हुई निरस्त

माता कौशल्या धाम के कॉटेज के संचालन के लिए तीन बार निविदा, न्यूनतम प्रस्ताव नहीं मिलने से हुई निरस्त

 रायपुर। माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए कॉटेज के लंबे समय से बंद होने के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। पर्यटन मंडल के अनुसार, कॉटेज के संचालन के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए गए हैं। इसके संचालन और मेंटनेंस के लिए तीन बार निविदा प्रक्रिया आयोजित की गई, लेकिन प्रत्येक बार न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त नहीं होने के कारण निविदा प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी।
माता कौशल्या धाम को प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉटेज तैयार किए गए हैं। इनके संचालन एवं प्रबंधन के लिए पर्यटन मंडल द्वारा समय-समय पर निविदा प्रक्रिया अपनाई गई।पहली बार निविदा प्रक्रिया के बाद आवश्यक न्यूनतम प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। इसके बाद पुनः निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन दूसरी बार भी निर्धारित न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हो सके। तीसरी बार भी यही स्थिति बनी। परिणामस्वरूप नियमानुसार तीनों निविदा प्रक्रियाओं को निरस्त करना पड़ा। पर्यटन मंडल द्वारा कॉटेज को पर्यटकों के उपयोग में लाने के लिए लगातार प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
’अब लीज पर संचालन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा’
पर्यटन मंडल के अनुसार, वर्तमान में उक्त कॉटेज के लीज पर संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद कॉटेज का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है, जिससे माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने एवं खान - पान सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। माता कौशल्या धाम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा कॉटेज को शीघ्र पर्यटकों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
’पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने पर लगातार जोर’
माता कौशल्या धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है। यहां देश-प्रदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन होता है। ऐसे में पर्यटकों के ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना पर्यटन मंडल की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसी क्रम में तैयार किए गए कॉटेज का संचालन शुरू करने के लिए अब लीज मॉडल के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। इससे पूर्व अपनाई गई तीन निविदा प्रक्रियाओं में न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। लीज पर संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कॉटेज का संचालन शुरू होने से माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

 रायपुर। सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।
विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।

समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि द्वारा सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। अतिथियों ने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित
समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।

सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस का सम्मान दिया गया।विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्तिध्सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया।कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

 

 

 

 

सीजीपीएससी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

सीजीपीएससी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

 रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में मंगलवार को रायपुर, दुर्ग और भिलाई में सात जगहों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के. के. चंद्राकर के परिसरों पर भी कार्रवाई की है। यह जांच ईओडब्ल्यू और सीबीआई की प्राथमिकियों के आधार पर की जा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत मंगलवार को राज्य में कई स्थानों पर छापे मारे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (पीए) से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू की गई जांच के सिलसिले में भिलाई, दुर्ग और रायपुर में कुल सात स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, यह जांच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। जिन स्थानों की तलाशी ली जा रही है, उनमें बघेल के पूर्व निजी सहायक के. के. चंद्राकर के परिसर भी शामिल हैं। बघेल ने इससे पहले शराब और कोयला कारोबार से अवैध रूप से वसूली गयी रकम से जुड़े धनशोधन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था।
उन्होंने इन आरोपों को अपने और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया था। धनशोधन की यह जांच छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्राथमिकी और इसके बाद जुलाई 2024 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई शिकायत से शुरू हुई। सीबीआई ने यह मामला नवंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कांग्रेस को हराकर छत्तीसगढ़ में सत्ता में आने के बाद दर्ज किया था। साउथएशियन कल्चरल इवेंट्स खोजनाइस जांच के तहत छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को केंद्रीय एजेंसी ने जुलाई में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और सीजीपीसीएस द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े आरोपों को लेकर की गई थी। सोनवानी को सीबीआई ने भी 2024 में गिरफ्तार किया था।

भटगांव विधानसभा को बड़ी सौगात, बुंदिया और बड़सरा में खुलेंगे नए धान उपार्जन केंद्र

भटगांव विधानसभा को बड़ी सौगात, बुंदिया और बड़सरा में खुलेंगे नए धान उपार्जन केंद्र

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से भटगांव विधानसभा क्षेत्र के किसानों को बड़ी सौगात मिली है। सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के ग्राम बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्र खोलने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संबंध में विधिवत आदेश जारी कर दिया गया है।क्षेत्र के किसानों द्वारा लंबे समय से नए धान उपार्जन केंद्र खोले जाने की मांग की जा रही थी। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान ग्रामीणों एवं किसानों ने मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े को अपनी समस्या से अवगत कराया था। किसानों ने बताया था कि वर्तमान में दूर स्थित उपार्जन केंद्रों तक धान ले जाने में उन्हें अतिरिक्त समय और परिवहन व्यय वहन करना पड़ता है।
किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  दयाल दास बघेल को पत्र लिखकर बुंदिया एवं बड़सरा में नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था। मंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 एवं आगामी वर्षों के लिए दोनों केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी गई है।ग्राम बुंदिया में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित बतरा के अंतर्गत तथा ग्राम बड़सरा में आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित शिवप्रसादनगर के अंतर्गत नवीन धान उपार्जन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
नए धान उपार्जन केंद्रों के शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के केंद्रों तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे परिवहन, ट्रैक्टर भाड़े और अन्य खर्चों में कमी आएगी तथा किसानों के समय और श्रम की बचत होगी। स्थानीय स्तर पर धान की तुलाई एवं उपार्जन की सुविधा मिलने से खरीदी प्रक्रिया भी अधिक सुगम और सुविधाजनक होगी।
नवीन धान उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से क्षेत्र के किसानों एवं ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। किसानों ने मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नजदीक ही धान खरीदी केंद्र उपलब्ध होने से उन्हें अपनी उपज बेचने में बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने इस निर्णय को क्षेत्र के अन्नदाताओं के हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।

बिहार की 48 वर्षीय महिला की अम्बेडकर अस्पताल में सफल बाईपास सर्जरी

बिहार की 48 वर्षीय महिला की अम्बेडकर अस्पताल में सफल बाईपास सर्जरी

 रायपुर। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में बिहार के मधुबनी जिले की 48 वर्षीय महिला की सफल कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी (CABG) की गई। मरीज के हृदय की तीनों प्रमुख कोरोनरी धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज था, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ट्रिपल वेसल डिजीज (Triple Vessel Disease/TVD) कहा जाता है। साथ ही मरीज के हृदय की पंपिंग क्षमता लगभग 40 प्रतिशत थी।विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. कृष्णकांत साहू एवं उनकी टीम ने मरीज की बीटिंग हार्ट कोरोनरी आर्टरी बाईपास सर्जरी (Beating Heart CABG) सफलतापूर्वक की। इस सर्जरी में बाईपास के लिए मैमरी आर्टरी (Mammary Artery) का उपयोग किया गया। सामान्यतः आर्टेरियल ग्राफ्ट को लंबे समय तक प्रभावी रहने वाला ग्राफ्ट माना जाता है।

सीने की हड्डी को खोलकर गोल्ड स्टैंडर्ड तकनीक से सर्जरी

मरीज की सर्जरी मिडलाइन स्टर्नोटोमी (Midline Sternotomy) तकनीक से की गई। इसमें सीने की मध्य हड्डी यानी स्टर्नम को सावधानीपूर्वक खोलकर हृदय तक पहुंच बनाई जाती है। कोरोनरी बाईपास सर्जरी में यह एक स्थापित एवं विश्वसनीय ऑपरेटिव तकनीक है, जिसे गोल्ड स्टैंडर्ड तकनीक के रूप में जाना जाता है।सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी भी अच्छी रही। ऑपरेशन के दिन ही होश में आने के बाद मरीज ने शाम को हल्का नाश्ता किया और ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही चलना-फिरना शुरू कर दिया। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा रहा है।
मधुबनी से दरभंगा और फिर रायपुर पहुंची मरीज
मरीज ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उन्हें पहली बार सीने में दर्द हुआ था। उन्होंने मधुबनी के एक अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लिया, लेकिन वहां हृदय संबंधी विशेषज्ञ सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें गैस एवं एसिडिटी की दवाएं देकर घर भेज दिया गया। कुछ दिनों बाद दोबारा सीने में दर्द होने पर परिजन उन्हें दरभंगा के एक बड़े अस्पताल में ले गए। वहां एंजियोग्राफी कराने पर पता चला कि हृदय की तीनों प्रमुख नसों में ब्लॉकेज है और डॉक्टरों ने उन्हें बाईपास सर्जरी कराने की सलाह दी।
परिजन पहले पटना में सर्जरी कराने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान रायपुर में रहने वाले उनके एक रिश्तेदार ने उन्हें अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट सर्जरी विभाग के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजन एंजियोग्राफी की सीडी लेकर अम्बेडकर अस्पताल पहुंचे और डॉ. कृष्णकांत साहू से परामर्श लिया।

डॉ. साहू ने बताया कि मरीज की बाईपास सर्जरी यहां संभव है, लेकिन चूंकि मरीज बिहार की निवासी हैं, इसलिए बिहार के आयुष्मान कार्ड के आधार पर छत्तीसगढ़ में सर्जरी का लाभ मिल सकेगा या नहीं, इसकी जानकारी लेना आवश्यक था। आयुष्मान योजना कार्यालय से जानकारी लेने पर पुष्टि हुई कि बिहार के आयुष्मान कार्ड के आधार पर भी मरीज की सर्जरी अम्बेडकर अस्पताल में की जा सकती है। इसके बाद मरीज को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।
ब्लड शुगर था 500 mg/dL से अधिक, पहले किया गया नियंत्रित

मरीज के उपचार में सबसे बड़ी चुनौती उनका अत्यधिक अनियंत्रित ब्लड शुगर था। अस्पताल में भर्ती किए जाने के समय उनका ब्लड शुगर 500 mg/dL से भी अधिक था। ऐसी स्थिति में तत्काल बाईपास सर्जरी करना जोखिमपूर्ण हो सकता था। चिकित्सकीय टीम ने पहले मरीज के ब्लड शुगर को नियंत्रित किया और उनकी स्थिति को सर्जरी के लिए उपयुक्त बनाने के बाद ही बाईपास सर्जरी की।

अब कम उम्र में महिलाओं में भी बढ़ रहा है हृदय रोग का खतरा
डॉ. कृष्णकांत साहू ने बताया कि सामान्यतः पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) का जोखिम कम माना जाता है और महिलाओं में यह बीमारी प्रायः अधिक उम्र में सामने आती है। हालांकि, अनियंत्रित मधुमेह, मोटापा, तंबाकू का किसी भी रूप में सेवन, पारिवारिक इतिहास, बढ़ता वजन, निष्क्रिय जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खान-पान जैसी स्थितियां महिलाओं में कम उम्र में भी हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकती हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान या अन्य हृदय संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

छत्तीसगढ़ के साथ पड़ोसी राज्यों के मरीजों का भी बढ़ा भरोसा
अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में ओपन हार्ट सर्जरी, कोरोनरी बाईपास सर्जरी, चेस्ट सर्जरी एवं विभिन्न वैस्कुलर सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से जटिल हृदय रोगों की सर्जरी की जा रही है।पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर के अनुसार, यह हमारे शासकीय चिकित्सा संस्थान के लिए गौरव की बात है कि अब छत्तीसगढ़ के साथ-साथ बिहार सहित आसपास के राज्यों से भी मरीज जटिल हृदय एवं ओपन हार्ट सर्जरी के लिए अम्बेडकर अस्पताल का रुख कर रहे हैं। यह मरीजों और उनके परिजनों के बीच अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के प्रति समय के साथ बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

यूसीसी के लिए सर्व आदिवासी समाज और महिला आयोग ने दिए अहम सुझाव

यूसीसी के लिए सर्व आदिवासी समाज और महिला आयोग ने दिए अहम सुझाव

 रायपुर । छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) का सर्वसमावेशी प्रारूप तैयार करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में मंगलवार को यूसीसी समिति के समक्ष बस्तर से लेकर सरगुजा तक के प्रतिनिधियों की आवाज गूंजी।

इस परिचर्चा में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष और प्रतिनिधियों, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग, अध्यक्ष राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग और अध्यक्ष राज्य फिल्म विकास निगम ने विवाह, तलाक, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे। समिति के सदस्यों सेवानिवृत्त आईएएस एम. के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार, सेवानिवृत्त श्रीमती ज्योति रानी सिंह और सदस्य सचिव श्याम धावड़े ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वस्त किया कि राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक ताने-बाने का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

इस दौरान कंवर, गोंड, बैगा और उरांव जैसी प्रमुख जनजातियों के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखते हुए आदिवासियों की सदियों पुरानी रूढ़िगत प्रथाओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विशिष्टता को नए कानून में पूर्ण संरक्षण देने की बात कही। इसके साथ ही विवाह पंजीयन, संपत्ति के अधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर भी समिति के साथ गंभीर विचार-विमर्श हुआ।
​महिला अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने जनजातीय परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सकारात्मक सामाजिक बदलावों का समर्थन किया। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के भरण-पोषण के अधिकार, राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने और धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के संदर्भ में यूसीसी की आवश्यकता को रेखांकित किया। वहीं, राज्य फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-कला और जनजातीय धरोहर को अक्षुण्ण रखने का सुझाव देते हुए कहा कि वैवाहिक और संपत्ति अधिकारों में समानता से समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं को नया आत्मविश्वास और कानूनी सुरक्षा मिलेगी।​संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत समिति प्रदेशभर में व्यापक जन-संवाद चला रही है। प्रस्तावित संहिता का मूल उद्देश्य धर्म या समुदाय के भेदभाव से परे हटकर सभी नागरिकों के लिए एक समान विधिक ढांचा तैयार करना है। इसके तहत विवाह एवं तलाक,भरण - पोषण,उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव इन संबंध में विचार और सुझावों पर समिति मंथन करेगी। वर्तमान में समिति जिला स्तरीय फील्ड स्टडी, ऑनलाइन पोर्टल और प्रत्यक्ष बैठकों के माध्यम से आम जनता, कानूनविदों और सामाजिक संगठनों की राय जुटा रही है, ताकि छत्तीसगढ़ में एक पारदर्शी, न्यायसंगत और जन-हितैषी समान नागरिक संहिता लागू की जा सके।

वर्तमान पर फोकस करें, सीखते रहें और समाज के लिए योगदान दें : राज्यपाल डेका

वर्तमान पर फोकस करें, सीखते रहें और समाज के लिए योगदान दें : राज्यपाल डेका

 संत गोबिंदराम शदाणी कन्या महाविद्यालय में दीक्षारंभ कार्यक्रम

रायपुर। संत गोबिंदराम शदाणी शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, रायपुर में वर्ष 2026-27 में नवप्रवेशित छात्राओं का दीक्षारंभ कार्यक्रम मंगलवार को राज्यपाल रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रतिभाशाली छात्राओं का राज्यपाल ने सम्मान भी किया।

राज्यपाल रमेन डेका ने नवप्रवेशित छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। यह अध्याय उन्हें केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि एक जागरूक, सशक्त और संवेदनशील नागरिक के रूप में तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि इस महाविद्यालय में कदम रखते ही छात्राएं उस गौरवशाली परंपरा की उत्तराधिकारी बन गई हैं, जिसने दशकों से बालिकाओं को ज्ञान और शिक्षा का प्रकाश प्रदान किया है।डेका ने महिलाओं की तुलना पानी से करते हुए कहा कि जिस प्रकार पानी के बिना जीवन अधूरा है, उसी प्रकार महिलाओं के बिना समाज भी अधूरा है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे अपने पास जो कुछ है, उससे संतुष्ट रहें, लेकिन अपने भविष्य को लेकर निरंतर प्रयास करती रहें। जीवन में आगे बढ़ने के अनेक अवसर और क्षेत्र हैं। यदि किसी एक क्षेत्र में सफलता नहीं मिलती है तो निराश होने के बजाय अन्य अवसरों का लाभ उठाकर कर आगे बढ़ना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि जीवन सतत सीखने की प्रक्रिया है और हम जीवनभर विद्यार्थी बने रहते हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आप इंटरनेट युग के विद्यार्थी हैं , तकनीक ने ज्ञान के नए द्वार खोले हैं, लेकिन तकनीक पर पूर्ण निर्भरता उचित नहीं है। इंटरनेट से बहुत कुछ सीखा जा सकता है, लेकिन यह मानव बुद्धि और विवेक का स्थान नहीं ले सकता। जीवन को सरल, सार्थक और बेहतर बनाने के लिए ज्ञान प्राप्त करना तथा उसका विवेकपूर्ण उपयोग करना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि हमें केवल यह नहीं सोचना चाहिए कि समाज ने हमें क्या दिया, बल्कि यह भी विचार करना चाहिए कि हम समाज, अपने पड़ोस और देश की बेहतरी के लिए क्या योगदान दे सकते हैं। जीवन अनमोल है, इसलिए इसे अनावश्यक चिंताओं में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करते हुए कठोर परिश्रम करना चाहिए। निरंतर प्रयासों से भविष्य निश्चित रूप से बेहतर बनेगा।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि शिक्षकों का योगदान अमूल्य है, जिसे पैसों में नहीं मापा जा सकता। शिक्षकों को भी अपने आचरण और व्यवहार से विद्यार्थियों के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे वे उनसे प्रेरणा ले सकें।

उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने समाज के लिए छोटे-छोटे सकारात्मक योगदान करें। उनके ये छोटे प्रयास मिलकर समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की उन प्रतिभाशाली छात्राओं को राज्यपाल ने सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और कुशाग्रता से महाविद्यालय का नाम रोशन किया।

नवा रायपुर में खुलेगा NMIMS, लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी

नवा रायपुर में खुलेगा NMIMS, लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी

 दो से तीन वर्षों में शुरू होगा पहला बैच, पूर्ण विकसित होने पर लगभग 10 हजार विद्यार्थी होंगे लाभान्वित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को उच्च शिक्षा, कौशल और ज्ञान के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई। देश के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री साय की उपस्थिति में मंगलवार को संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भूमि की रजिस्ट्री भी पूर्ण कर ली गई। इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक उच्च शिक्षा के लिए बड़े महानगरों की ओर न जाना पड़े तथा उन्हें अपने ही प्रदेश में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के समान अवसर मिलें, इस दिशा में राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी संकल्प की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की युवा शक्ति को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार उपस्थित थे।

40 एकड़ में विकसित होगा अत्याधुनिक कैंपस
नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भूमि पर NMIMS का आधुनिक कैंपस विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह भूमि 90 वर्षों की लीज पर प्रदान की गई है। राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा 21 जनवरी 2026 को संस्थान के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से आगे बढ़ाते हुए आज लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली गई।

संस्थान की स्थापना की संपूर्ण प्रक्रिया आगामी सात वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि प्रदेश के विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे पहले ही मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। संस्थान के पूर्ण रूप से विकसित होने पर यहां लगभग 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।

युवाओं के लिए खुलेंगे गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए द्वार
NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना से छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का विस्तार होगा। प्रदेश के युवाओं को प्रबंधन, कौशल विकास तथा आधुनिक एवं रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अपने ही राज्य में प्राप्त करने के अवसर उपलब्ध होंगे।

इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए देश के बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से भी विद्यार्थी अध्ययन के लिए छत्तीसगढ़ आएंगे। इससे नवा रायपुर में विविधतापूर्ण और समृद्ध शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा।

शिक्षा के साथ रोजगार, कौशल और उद्यमिता को भी मिलेगी गति

NMIMS की स्थापना का प्रभाव केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान के माध्यम से प्रदेश में कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में भी नए अवसर विकसित होंगे। विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की मौजूदगी से अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्र के बीच सहयोग की संभावनाओं को भी विस्तार मिलेगा। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। इससे प्रदेश में विकसित हो रहे नए औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों के लिए कुशल युवाओं की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

नवा रायपुर की राष्ट्रीय स्तर के एजुकेशन हब के रूप में मजबूत होगी पहचान
राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी से युक्त शहर के साथ ही एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का यहां स्थापित होना इस परिकल्पना को नई गति देगा।
देश के विभिन्न राज्यों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आने से नवा रायपुर के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परिवेश का विस्तार होगा। इसके साथ ही शिक्षा से जुड़ी सहायक गतिविधियों, सेवाओं और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। इससे नवा रायपुर की पहचान देश के उभरते हुए प्रमुख शिक्षा केंद्रों में और मजबूत होगी।

 
 
 

 

 

विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना सर्वाेच्च प्राथमिकता : राज्यपाल

विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाना सर्वाेच्च प्राथमिकता : राज्यपाल

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की संख्या, रिक्त पदों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन तथा नवाचार एवं स्टार्टअप गतिविधियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत समीक्षा की।  

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में सीटों के अनुपात में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली और इस दिशा में प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में जहां भी व्यवस्थागत कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाए तथा शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जाए।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए सभी विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों की जानकारी लेते हुए उन्हें शीघ्र भरने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में नियमानुसार स्थानीय योग्य एवं प्रतिभाशाली लोगों को प्राथमिकता देने के प्रयास किए जाएं, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर मिल सके।
डेका ने विश्वविद्यालयों की नैक (NAAC) एवं एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय अपनी रैंकिंग में सुधार के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करें।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों को गोद लेकर वहां इनोवेशन एवं स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में उपलब्ध ज्ञान, विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए। विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार एवं उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ संकल्प अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को खेलकूद के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। 
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में इंटरनल ऑडिट अनिवार्य रूप से कराने तथा इसके लिए इंटरनल कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं लीक-प्रूफ बनाने पर विशेष जोर देते हुए इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों में परीक्षा नियंत्रकों की आधिकारिक नियुक्ति सुनिश्चित करने कहा।
उन्होंने आयुष विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित निजी मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि इन संस्थानों का संचालन निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप सुनिश्चित हो।
बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव कृषि विभाग डॉ. सिद्धार्थ कोमल परदेशी, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल, सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रदेश के विभिन्न शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल का शुभारंभ…..

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया ‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल का शुभारंभ…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नया रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिज़ॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क रेत उपलब्ध कराने के लिए ‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों के निर्माण में हितग्राहियों को रेत की उपलब्धता आसान बनाना और उनके पक्के घर के सपने को साकार करने में सहयोग देना है।

ऑनलाइन और पारदर्शी होगी रेत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया

‘ई-रेत संगवारी’ पोर्टल के माध्यम से PMAY-G के पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क रेत उपलब्ध कराई जाएगी। पोर्टल पर पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे रेत की मांग, स्वीकृति एवं उपलब्धता की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। इससे हितग्राहियों को रेत प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भागदौड़ और प्रक्रियागत कठिनाइयों से राहत मिलेगी।

आवास निर्माण में मिलेगी बड़ी राहत

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। आवास निर्माण में रेत एक महत्वपूर्ण निर्माण सामग्री है। ऐसे में पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क रेत उपलब्ध कराने की यह व्यवस्था उनके निर्माण खर्च को कम करने में सहायक होगी और आवास निर्माण को गति मिलेगी। ‘ई-रेत संगवारी’ के माध्यम से सरकार ने आवास योजना के लाभ को निर्माण सामग्री की सुविधा से जोड़ते हुए हितग्राहियों को अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराया है। इससे ग्रामीण परिवारों के लिए अपने सपनों का पक्का घर बनाना और आसान होगा।

‘आपके सपनों का घर, हमारी जिम्मेदारी’

ई-रेत संगवारी पोर्टल प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्र हितग्राहियों के लिए राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल है। निःशुल्क रेत, ऑनलाइन प्रक्रिया, पारदर्शिता और सुविधा इसके प्रमुख आधार हैं। यह पहल ग्रामीण परिवारों को आवास निर्माण में आर्थिक राहत देने के साथ उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के सरकार के संकल्प को मजबूत करती है।

सड़क हादसे में युवक की मौत, 3 घायल..रायपुर-बलौदाबाजार हाईवे पर ट्रक से भिड़ी क्रेटा

सड़क हादसे में युवक की मौत, 3 घायल..रायपुर-बलौदाबाजार हाईवे पर ट्रक से भिड़ी क्रेटा

 रायपुर। रायपुर-बलौदाबाजार मुख्य मार्ग पर मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। खरोरा थाना क्षेत्र के मंगोली चौक के पास ट्रक और क्रेटा कार की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।हादसे में क्रेटा सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक का नाम शिवम साहू बताया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक क्रेटा कार क्रमांक सीजी 04 क्यूएच  6732 में ओमप्रकाश साहू, संजय साहू, शिवम साहू और रामेश्वर केंवट सवार थे। सभी भटगांव से रायपुर की ओर जा रहे थे। मंगलवार सुबह मंगोली चौक के पास उनकी कार की ट्रक क्रमांक यूपी 32 जेएन 2667 से जोरदार भिड़ंत हो गई।टक्कर इतनी तेज थी कि क्रेटा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार चारों लोगों को चोटें आईं। शिवम साहू की हालत गंभीर बताई गई। बाद में उसकी मौत होने की सूचना मिली।  

हादसे की सूचना मिलने के बाद डीपीसीआर कंट्रोल रायपुर से खरोरा पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए श्रीकृष्णा अस्पताल, खरोरा भेजा। पुलिस ने घटनास्थल पर यातायात व्यवस्था भी संभाली।  

दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटा रही है।

CG – महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ा अपडेट : सरकार का नया प्लान? अब इन्हें भी मिलेगा लाभ, पोर्टल दोबारा खोलने की तैयारी…..

CG – महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ा अपडेट : सरकार का नया प्लान? अब इन्हें भी मिलेगा लाभ, पोर्टल दोबारा खोलने की तैयारी…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए संचालित महतारी वंदन योजना को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार योजना का पोर्टल एक बार फिर खोलने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए पात्र महिलाओं को योजना से दोबारा जोड़ने के साथ ही कुछ नए वर्गों को भी इसका लाभ देने की तैयारी है। 

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि सरकार दिव्यांग महिलाओं, कुछ अविवाहित युवतियों और ट्रांसजेंडर महिलाओं को महतारी वंदन योजना के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए संबंधित वर्गों की पात्रता और उम्र की सीमा तय की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि जब महतारी वंदन योजना का पोर्टल दोबारा खोला जाएगा, तब नए पात्र वर्गों को भी इसमें शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही ऐसी विवाहित महिलाएं, जो किसी कारणवश योजना से जुड़ नहीं पाई हैं, उन्हें भी दोबारा अवसर देने की तैयारी है।

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार लगातार महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दे रही है। मंजूरी मिलने के बाद नए वर्गों की पात्र महिलाओं को भी DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हर महीने ₹1,000 की सहायता दिए जाने की बात कही गई है।

मंत्री के मुताबिक, शुरुआत में करीब 70 लाख महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा रहा था। वर्तमान में लाभार्थियों की संख्या में कुछ कमी आई है। इसके पीछे कुछ महिलाओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं होना और कुछ लाभार्थियों की मृत्यु होना प्रमुख कारण बताया गया है।

सरकार ने अधिकारियों को ट्रांसजेंडर महिलाओं और दिव्यांग महिलाओं से संबंधित आंकड़े तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इन वर्गों को योजना में शामिल करने के लिए उम्र की एक निश्चित सीमा तय की जाएगी। इसी आधार पर पात्रता निर्धारित कर उन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि पात्र महिलाओं को योजना के लाभ से जोड़ा जाए। पोर्टल खुलने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार नए वर्गों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। फिलहाल सरकार की ओर से पोर्टल दोबारा खोलने की प्रक्रिया और नए वर्गों के लिए अंतिम पात्रता शर्तों को लेकर औपचारिक घोषणा का इंतजार है।

ब्रेकिंग : दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो खड़े ट्रक से जा टकराई, एक की मौत, पांच घायल, मौके पर मची चीख-पुकार…

ब्रेकिंग : दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो खड़े ट्रक से जा टकराई, एक की मौत, पांच घायल, मौके पर मची चीख-पुकार…

 सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के खोपा धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो सड़क पर खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो सवार एक श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए।

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर ले जाया गया, जहां सभी का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी।

हादसा अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर शहर सीमा से लगे सोनवाही जंगल के पास हुआ। घटना के समय तेज बारिश हो रही थी और अंधेरा था, ट्रक ड्राइवर ने इंडिकेटर भी नहीं जलाया था।

सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र के ग्राम लिचिरमा से श्रद्धालु बोलेरो वाहन में सवार होकर खोपा धाम गए थे। दर्शन के बाद सभी देर शाम बोलेरो से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सोनवाही जंगल के पास ड्राइवर ने ट्रक को खड़ी कर दिया था। ट्रक चालक ने इंडिकेटर भी नहीं जलाया था।

अंधेरा होने के साथ तेज बारिश भी हो रही थी। बारिश और अंधेरे के कारण बोलेरो चालक सड़क पर खड़े ट्रक को समय रहते नहीं देख सका और वाहन सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो में सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

दुर्घटना में रतनपुर सीतापुर निवासी श्याम सुंदर (56), की मौत हो गई। बोलेरो में सवार सुभाष, मंजू, राजकुमारी, राजकुमार और सुशीला घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर लाया गया है।

छत्तीसगढ़ BJP में बड़ी नियुक्तियां, युवा मोर्चा समेत 7 मोर्चों के प्रभारी घोषित, देखें पूरी लिस्ट

छत्तीसगढ़ BJP में बड़ी नियुक्तियां, युवा मोर्चा समेत 7 मोर्चों के प्रभारी घोषित, देखें पूरी लिस्ट

 Chhattisgarh BJP Morcha Incharge: भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के विभिन्न मोर्चों के लिए नए प्रभारियों की घोषणा कर दी है। पार्टी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से इन नियुक्तियों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश भाजपा ने कुल 7 मोर्चों के प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की है। नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।

जारी सूची में युवा मोर्चा की जिम्मेदारी वैभव बैस को सौंपी गई है। वहीं महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा सहित अन्य मोर्चों के लिए भी नए प्रभारियों के नाम घोषित किए गए हैं।

  • युवा मोर्चा - वैभव बैस
  • महिला मोर्चा - सुभाष तिवारी
  • किसान मोर्चा - पूनम चंद्राकर
  • पिछड़ा वर्ग मोर्चा - लखनलाल साहू
  • अनुसूचित जनजाति मोर्चा - शिरिष अग्रवाल
  • अनुसूचित जाति मोर्चा - डॉ. गुलाब टिकरिहा
  • अल्पसंख्यक मोर्चा - मनोज जैन

तत्काल प्रभाव से लागू होगी नियुक्ति

प्रदेश भाजपा की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी नवनियुक्त मोर्चा प्रभारियों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। पार्टी संगठन की ओर से जारी इस सूची में प्रदेश के अलग-अलग सामाजिक और संगठनात्मक वर्गों से जुड़े सात मोर्चों की जिम्मेदारी तय की गई है।

भाजपा ने जारी की आधिकारिक सूची

भाजपा छत्तीसगढ़ की ओर से जारी आदेश में बताया गया है कि प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से मोर्चा प्रभारियों की घोषणा की गई है। सूची जारी होने के बाद अब संबंधित मोर्चों के संगठनात्मक कामकाज और गतिविधियों की जिम्मेदारी नवनियुक्त प्रभारियों के पास होगी। इस नियुक्ति में सबसे प्रमुख नाम युवा मोर्चा के लिए वैभव बैस का है। इसके साथ ही पार्टी ने महिला, किसान, पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक मोर्चे के लिए भी प्रभारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।

दशकों बाद ग्रामीणों तक पहुंचा नेटवर्क, सुकमा के सुदूर वनांचल टेटरई में लगा बीएसएनएल टावर

दशकों बाद ग्रामीणों तक पहुंचा नेटवर्क, सुकमा के सुदूर वनांचल टेटरई में लगा बीएसएनएल टावर

 0-2 हजार से अधिक ग्रामीणों की जिंदगी हुई आसान

सुकमा । दशकों तक भौगोलिक विषमताओं और संचार सुविधाओं के अभाव से जूझते सुकमा के सुदूर वनांचल अब विकास की नई सुबह देख रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व में बस्तर के अंतिम छोर तक डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाने का संकल्प अब धरातल पर उतर आया है। जिला प्रशासन की सक्रियता और निरंतर निगरानी के चलते जिला मुख्यालय से करीब 190 किलोमीटर दूर कोंटा विकासखंड के टेटरई जैसे अति-संवेदनशील व अंदरूनी गांवों में नया मोबाइल टॉवर स्थापित कर नेटवर्क बहाल कर दिया गया है। वर्षों से एक अदद सिग्नल के लिए तरसते इन बीहड़ों में पहली बार बजी मोबाइल की घंटी ने ग्रामीणों के जीवन में विकास और भरोसे का नया संचार किया है।

इस नई कनेक्टिविटी ने स्थानीय ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों की जिंदगी को एक नई दिशा दी है। कभी अपनों की कुशलक्षेम पूछने या एक जरूरी कॉल करने के लिए मीलों पैदल चलने को मजबूर ग्रामीण अब अपने घर-आंगन से ही देश-दुनिया से सीधे जुड़ रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं अब गांव में रहकर ही ऑनलाइन कक्षाओं, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल अध्ययन सामग्री का पूरा लाभ उठा पा रहे हैं। इसके साथ ही स्थानीय वनोपज, लोककला और हस्तशिल्प से जुड़े ग्रामीणों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल गए हैं।

नेटवर्क की उपलब्धता ने प्रशासनिक तंत्र और जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे ग्रामीणों की चौखट तक ला खड़ा किया है। अब डिजिटल बैंकिंग, ईकेवाईसी और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाएं बिना किसी बाधा के मिल रही हैं, जिससे ग्रामीणों को अपने हक की राशि के लिए भटकना नहीं पड़ता। सबसे बड़ा बदलाव आपातकालीन सेवाओं में आया है—बीमारी या किसी संकट के समय अब ग्रामीण सीधे स्वास्थ्य सेवाओं, एंबुलेंस और प्रशासन से तत्काल संपर्क साध पा रहे हैं, जिससे दूरस्थ अंचलों में सुरक्षा का एक मजबूत कवच तैयार हुआ है।

कलेक्टर अमित कुमार के अनुसार, बीएसएनएल की ‘4त्र सैचुरेशन परियोजना के तहत जिले के दुर्गम क्षेत्रों को निर्बाध कॉलिंग और इंटरनेट कनेक्टिविटी से लैस किया जा रहा है। जनहित के संकल्प के साथ घने जंगलों और दुर्गम पहाडिय़ों के बीच भी विकास की रोशनी पहुंचाई जा रही है। सुकमा के इन वनांचलों में गूंजती मोबाइल की यह घंटी केवल संचार का साधन नहीं, बल्कि बस्तर के सुरक्षित, सशक्त और विकसित भविष्य की बुलंद आवाज बन चुकी है।

छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा H1N1 संक्रमण, 130 मरीजों की पुष्टि; रायपुर में 60 मामले

छत्तीसगढ़ में बढ़ रहा H1N1 संक्रमण, 130 मरीजों की पुष्टि; रायपुर में 60 मामले

 प्रदेश के 19 जिलों तक पहुंचा संक्रमण, 31 मरीज एक्टिव; अब तक किसी मरीज की मौत नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अब तक प्रदेश में 130 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें से 31 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं, जबकि 99 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

रायपुर में सबसे ज्यादा मामले
राजधानी रायपुर में तीन नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही जिले में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 60 हो गई है। इनमें करीब 11 मरीज एक्टिव बताए जा रहे हैं।रायपुर के अलावा दुर्ग, रायगढ़, बिलासपुर, धमतरी, कोरबा, बेमेतरा और महासमुंद समेत कई अन्य जिलों में भी सक्रिय मरीज सामने आए हैं। संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब उन जिलों में भी मामले सामने आने लगे हैं, जहां पहले स्वाइन फ्लू के मरीज नहीं मिले थे।

19 जिलों में पहुंचा संक्रमण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रदेश के 19 जिलों में अब तक स्वाइन फ्लू के मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि 8 जिलों में फिलहाल एक्टिव केस हैं। नए मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाने के साथ ही उपचार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से संक्रमण के लक्षणों को लेकर सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।

तालाब बना आत्मनिर्भरता का आधार, वैज्ञानिक मत्स्य पालन से कामिनी की सालाना आय 2 लाख रुपये

तालाब बना आत्मनिर्भरता का आधार, वैज्ञानिक मत्स्य पालन से कामिनी की सालाना आय 2 लाख रुपये

 एमसीबी। मेहनत, सही तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन के जरिए सीमित संसाधनों को भी बेहतर आमदनी के साधन में बदला जा सकता है। इसकी प्रेरक मिसाल मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के खोंगापानी की मत्स्य कृषक कामिनी रोहतिया हैं, जिन्होंने वर्ष 2022 में मत्स्य विभाग के सहयोग से करीब 1 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले तालाब में वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू किया। कभी मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर रहने वाली कामिनी के लिए यही तालाब अब आय का महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है। वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन और नियमित तालाब प्रबंधन के चलते उन्हें वर्तमान में करीब 2 लाख रुपये का वार्षिक लाभ मिल रहा है। वर्ष 2022 में नवीन तालाब निर्माण योजना के तहत उन्हें तालाब निर्माण का लाभ मिला था, जिसके बाद उन्होंने इसका उपयोग आजीविका के लिए करना शुरू किया। विभाग ने उन्हें मछली पालन की वैज्ञानिक तकनीक, तालाब प्रबंधन और मछलियों की देखभाल से जुड़ा तकनीकी मार्गदर्शन दिया।

कामिनी ने विभागीय सलाह के अनुसार तालाब में भारतीय प्रमुख कार्प यानी IMC प्रजाति की मछलियों का पालन शुरू किया और करीब 5 हजार फिंगरलिंग्स का स्टॉकिंग किया। मछलियों के बेहतर विकास के लिए वे पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी, तालाब की साफ-सफाई और समय-समय पर जरूरी देखभाल पर विशेष ध्यान देती हैं। मछलियों में होने वाली संभावित बीमारियों की पहचान और रोकथाम के लिए भी उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वैज्ञानिक प्रबंधन और नियमित मेहनत का परिणाम उनकी आय में साफ दिखाई दे रहा है। कामिनी के अनुसार मत्स्य विभाग से मिले तकनीकी मार्गदर्शन ने उन्हें तालाब प्रबंधन, मत्स्य बीज संचयन, मछलियों की देखभाल और उत्पादन बढ़ाने में काफी मदद की। अब उनका लक्ष्य मत्स्य उत्पादन और आय को और बढ़ाना है। गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज, बेहतर प्रबंधन और विशेषज्ञों की सलाह के जरिए वह अपने मत्स्य व्यवसाय को विस्तार देने की दिशा में प्रयास कर रही हैं।a

कामिनी का अनुभव दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। उनका कहना है कि उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग और वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर मत्स्य पालन को ग्रामीण परिवारों के लिए लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है। सरकारी योजनाओं का लाभ, विभागीय मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत मिलकर आर्थिक आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं। कामिनी की सफलता यह दिखाती है कि सही योजना और तकनीक के साथ एक साधारण तालाब भी ग्रामीण परिवार की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता हासिल करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

महतारी के आशीष और राखी के विश्वास से मजबूत हो रही नारी शक्ति, महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन को सरकार की प्राथमिकता

महतारी के आशीष और राखी के विश्वास से मजबूत हो रही नारी शक्ति, महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन को सरकार की प्राथमिकता

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान मातृशक्ति के सम्मान और नारी शक्ति के प्रति आदर की परंपरा से जुड़ी रही है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी की आस्था से लेकर माता कौशल्या की धरती तक, मातृशक्ति प्रदेश के सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, आर्थिक सशक्तीकरण और स्वावलंबन को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन कर रही है। वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जाना इसी दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार के 30 माह के कार्यकाल में महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई है। योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख विवाहित महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में दी जा रही है। इससे महिलाओं को अपनी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के आर्थिक निर्णयों में भी अधिक भागीदारी का अवसर मिल रहा है।

रक्षाबंधन से पहले राज्य सरकार ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि भी महिलाओं के खातों में अंतरित की। 25 अगस्त को बालोद जिले में आयोजित कार्यक्रम में करीब 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये की राशि पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं ले सकें और त्योहारों को पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मना सकें। वहीं रायपुर में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधा। कार्यक्रम के दौरान शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इसे शहीद परिवार के विश्वास और अपनत्व का प्रतीक बताया तथा कहा कि नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से भी लगातार काम किया जा रहा है। प्रदेश में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। वहीं लखपति दीदी अभियान के तहत महिलाओं को स्वरोजगार और आय के स्थायी साधनों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है और प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिला समूहों से जुड़ी महिलाएं स्थानीय स्तर पर विभिन्न उत्पादों का निर्माण और उनका विपणन कर आय अर्जित कर रही हैं। महतारी वंदन योजना, महिला स्व-सहायता समूह और लखपति दीदी जैसे प्रयासों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी भी बढ़ रही है। रक्षाबंधन से पहले सहायता राशि मिलने पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए उन्हें बड़े भाई के रूप में सम्मान दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, स्वावलंबन और समृद्धि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और नारी शक्ति को विकास की मुख्यधारा में आगे बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।

महतारी वंदन से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, पूनम धावरिया ने मुख्यमंत्री को कहा—धन्यवाद

महतारी वंदन से महिलाओं को मिला आर्थिक संबल, पूनम धावरिया ने मुख्यमंत्री को कहा—धन्यवाद

 रक्षाबंधन से पहले मिली सितंबर की किस्त, पूनम बोलीं—समय पर मिली राशि भाई के उपहार जैसी

रायपुर- महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आई है। योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक रूप से अधिक सक्षम महसूस कर रही हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सारबहरा निवासी पूनम धावरिया भी इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। उन्हें महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है।

राशि प्राप्त होने पर पूनम धावरिया ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें नियमित रूप से प्रत्येक माह आर्थिक सहायता मिल रही है। यह राशि उनके लिए बेहद उपयोगी है और घर-परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहारा प्रदान करती है।

समय पर मिली राशि से रक्षाबंधन की खुशी हुई दोगुनी

पूनम धावरिया ने बताया कि रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए सितंबर माह की किस्त की राशि अगस्त माह में ही प्रदान की गई है। समय से पहले राशि मिलने से महिलाओं में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले राशि मिलना उनके लिए विशेष खुशी की बात है।

उन्होंने भावुक होकर कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर समय से मिली यह राशि उन्हें भाई की ओर से मिले उपहार जैसी महसूस हुई। इस आर्थिक सहायता से पर्व की तैयारियों और आवश्यक घरेलू खर्चों में उन्हें सहूलियत मिली है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

 पूनम ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नियमित रूप से मिलने वाली राशि से महिलाओं को अपनी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है।

उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं अपनी दैनिक जरूरतों, परिवार से जुड़े खर्चों तथा अन्य आवश्यक कार्यों में कर पा रही हैं। इससे उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

पूनम धावरिया ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए भरोसे और संबल का माध्यम बन रही है। पूनम धावरिया की कहानी इसी बदलाव की एक झलक प्रस्तुत करती है, जहां समय पर मिली सहायता ने न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद की, बल्कि रक्षाबंधन के पर्व की खुशियों को भी बढ़ाया।

प्लेसमेंट एजेंसी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की बड़ी कार्रवाई, 10 लाख रूपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात

प्लेसमेंट एजेंसी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की बड़ी कार्रवाई, 10 लाख रूपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात

 अनुबंध शर्तों के उल्लंघन पर एजेंसी ब्लैकलिस्ट

कर्मचारियों के वेतन से अनुचित कटौती और कम भुगतान की शिकायत जांच में हुई प्रमाणित

रायपुर, 31 अगस्त 2026

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने प्लेसमेंट के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, राजनांदगांव के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की है। मंडल द्वारा एजेंसी की 10 लाख रूपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राजसात करते हुए उसे मंडल में कार्यरत एजेंसियों की काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में दर्ज किया गया है।

उल्लेखनीय है कि नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा संयुक्त निविदा के माध्यम से मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए उक्त एजेंसी के साथ 1 जुलाई 2023 को अनुबंध किया गया था। मंडल में उक्त निविदा की अवधि मार्च 2026 में समाप्त हो चुकी है।

निविदा अवधि समाप्त होने के बाद मंडल मुख्यालय में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों द्वारा शिकायत की गई कि एजेंसी ने पांच माह की अवधि में उनके वेतन से सुरक्षा निधि के नाम पर राशि की कटौती की। कर्मचारियों को कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह राशि वापस किए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन राशि वापस नहीं की गई।

शिकायत की जांच में मंडल द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक खातों एवं भुगतान संबंधी अभिलेखों का परीक्षण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि एजेंसी द्वारा कर्मचारियों के वेतन से किश्तों में राशि की कटौती की गई थी। साथ ही मंडल से एजेंसी को प्राप्त राशि की तुलना में संबंधित कर्मचारियों को कम वेतन का भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई।

मंडल द्वारा इस संबंध में एजेंसी को नोटिस जारी किया गया। एजेंसी ने अपने जवाब में कर्मचारियों के वेतन से राशि की कटौती किए जाने की बात स्वीकार की। शिकायत के बाद एजेंसी द्वारा कुछ राशि कर्मचारियों को वापस किए जाने की जानकारी भी सामने आई। जांच एवं एजेंसी के जवाब के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि निविदा एवं अनुबंध में निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया।

निविदा की शर्त क्रमांक 1.5 के अनुसार सफल निविदाकार द्वारा भविष्य में संतोषप्रद कार्य संपादित नहीं किए जाने की स्थिति में Performance Security के रूप में जमा राशि जब्त किए जाने का प्रावधान है। वहीं निविदा की कंडिका 11 (vii) में कर्मचारियों के EPF एवं ESIC अंशदान सहित वेतन भुगतान की निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित वैधानिक प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य किया गया था।

निविदा की शर्तों के अनुसार एजेंसी के लिए EPF Act, ESIC Act, LWF Act एवं Minimum Wages Act सहित संबंधित श्रम कानूनों का पालन करना आवश्यक था। कर्मचारियों के अंशदान की राशि संबंधित EPF एवं ESIC खातों में जमा कर चालान प्रस्तुत करने के बाद ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रतिपूर्ति का प्रावधान था। नियमों का पालन नहीं किए जाने की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई के साथ एजेंसी को ब्लैकलिस्ट किए जाने का प्रावधान भी निविदा में स्पष्ट था।

इन्हीं तथ्यों और 1 जुलाई 2023 को निष्पादित अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए मंडल ने 10 लाख रूपये की Performance Security राजसात करने तथा मेसर्स टॉपग्रेड मेनपावर एंड सिक्योरिटी सर्विसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, हेड ऑफिस न्यू चन्द्रा कॉलोनी, वार्ड क्रमांक-18, हनुमंतपुरम, राजनांदगांव को मंडल में कार्यरत एजेंसियों की काली सूची (Black List) में दर्ज करने की कार्रवाई की है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने कहा कि प्लेसमेंट के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को उनके वैधानिक एवं अनुबंधानुसार देय पारिश्रमिक तथा सामाजिक सुरक्षा संबंधी लाभों से वंचित किए जाने की किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित प्रकरण में उपलब्ध दस्तावेजों, बैंक खातों, भुगतान संबंधी अभिलेखों और एजेंसी के जवाब का परीक्षण किया गया है तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि मंडल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उसके अधीन प्लेसमेंट के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को नियमानुसार देय वेतन, EPF, ESIC एवं अन्य वैधानिक लाभ समय पर प्राप्त हों तथा किसी भी कर्मचारी के वेतन से अनुचित अथवा अनधिकृत कटौती न की जाए। कर्मचारियों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अनुबंधीय शर्तों के उल्लंघन अथवा वैधानिक अंशदान में लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय और सीएमडीसी के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता

 कटिंग-पॉलिशिंग के आधुनिक प्रशिक्षण के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय बनेगा नॉलेज पार्टनर, ‘बस्तर ब्रांड’ को मिलेगा बढ़ावा

कोरंडम से बस्तर को मिलेगी नई पहचान, खनन से मूल्य संवर्धन तक विकसित होगी पूरी वैल्यू चेन

25 वर्षों बाद बीजापुर के कुचनूर में फिर शुरू हुआ कोरंडम खनन, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर

रायपुर, 31 अगस्त 2026

नेशनल क्रिटिकल मिनरल  मिशन और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों के दोहन के साथ-साथ उनके स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CMDC) द्वारा बीजापुर जिले के कुचनूर क्षेत्र में लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद कोरंडम खदान का पुनः संचालन किया गया है। कोरंडम के खनन से लेकर उसकी कटिंग, पॉलिशिंग, आभूषण निर्माण, ब्रांडिंग और विपणन तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने के उद्देश्य से CMDC और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में नया रायपुर स्थित मेफेयर रिज़ॉर्ट में यह महत्वपूर्ण एमओयू सम्पन्न हुआ। विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में चयनित किया गया है, जिसके माध्यम से स्थानीय युवाओं और शिल्पकारों को आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वैज्ञानिक पद्धति से हो रहा उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम का उत्खनन

                  प्रदेश में कोरंडम खनिज के दोहन एवं विपणन के लिए CMDC और संयुक्त उपक्रम साझेदार मेसर्स एन.सी. नाहर के मध्य गठित छत्तीसगढ़ कोरंडम माइन्स लिमिटेड के माध्यम से बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम क्षेत्र के ग्राम कुचनूर में कोरंडम खदान संचालित की जा रही है। लगभग 25 वर्षों के अंतराल के बाद फरवरी 2025 से खदान का पुनः संचालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम का वैज्ञानिक पद्धति से उत्खनन किया जा रहा है। वर्तमान में खदान से उत्खनित कोरंडम का लगभग 240 किलोग्राम भंडारण है, जिसमें से 157.643 किलोग्राम का परिवहन किया जा चुका है। परिवहन किए गए कोरंडम में 107.989 किलोग्राम बी-ग्रेड तथा 49.654 किलोग्राम औद्योगिक ग्रेड कोरंडम शामिल है।

खनन के साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार

कुचनूर कोरंडम खदान के संचालन से बीजापुर जिले के 14 स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार और CMDC का प्रयास है कि खनिज आधारित गतिविधियों का लाभ केवल खनन तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समुदायों, युवाओं, शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों की भागीदारी से आय के नए अवसर सृजित हों।

कटिंग-पॉलिशिंग के प्रशिक्षण से बढ़ेगा मूल्य संवर्धन

कोरंडम से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने के लिए स्थानीय स्तर पर जेम्स्टोन हैंडलिंग, कटिंग, पॉलिशिंग और अन्य वैल्यू एडिशन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है। आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रत्नों की पहचान और कौशल गतिविधियों में दक्ष बनाया जाएगा। इससे उन्हें रोजगार के साथ स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के अवसर भी मिलेंगे।

‘बस्तर ब्रांड’ के तहत आभूषण और रत्न उत्पादों को मिलेगा बाजार

                       कुचनूर से प्राप्त उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम को ‘बस्तर ब्रांड’ के तहत स्थानीय डिजाइन, गुणवत्ता और प्रमाणिकता से जोड़ने की योजना है। कोरंडम से आभूषण एवं रत्न उत्पाद तैयार कर उनकी ब्रांडिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे बस्तर की स्थानीय कला, शिल्प और प्राकृतिक खनिज संपदा को एक साथ बाजार से जोड़ने में मदद मिलेगी। स्थानीय इकाइयों, स्टार्टअप्स, शिल्पकारों और निवेशकों की भागीदारी से कोरंडम आधारित नए उद्यम विकसित किए जा सकेंगे।

नए कोरंडम क्षेत्रों की पहचान और अन्वेषण जारी

बीजापुर जिले में कोरंडम से जुड़े नए संभावित क्षेत्रों की पहचान, अन्वेषण एवं पूर्वेक्षण का कार्य भी जारी है। भोपालपट्टनम क्षेत्र में ग्राम कुचनूर सहित अन्य संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर खनन गतिविधियों के विस्तार की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। धनगोल सहित विभिन्न इलाकों में क्षेत्र आरक्षित कर आवेदन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

पारदर्शी नीलामी से सरकार को राजस्व, बस्तर को मिलेगी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान

उत्खनित कोरंडम की पारदर्शी तरीके से नीलामी से राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि के साथ बस्तर क्षेत्र के कोरंडम को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की संभावनाएं बढ़ेंगी। खनिज संसाधनों के वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग के साथ स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन होने से खनिज की वास्तविक आर्थिक क्षमता का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। CMDC की यह पहल ‘खनन से मूल्य संवर्धन, मूल्य संवर्धन से रोजगार और रोजगार से आर्थिक सशक्तिकरण’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य केवल कोरंडम का उत्खनन करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं और समुदायों को पूरी वैल्यू चेन का भागीदार बनाकर बस्तर की खनिज संपदा को स्थानीय समृद्धि और आत्मनिर्भरता का आधार बनाना है।

हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 हिंसा और नक्सलवाद का महिमामंडन करने वाली मानसिकता भी समाज के लिए घातक : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री ने कहा - बस्तर अब भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने एक निजी चैनल के साक्षात्कार के दौरान कहा कि  नक्सलवाद के समर्थन में बात करने वाले और कुख्यात नक्सली हिड़मा , जिसने सैकड़ो निर्दोषों की हत्या की,  उसे आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली हैं । 

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद के लंबे और पीड़ादायक दौर से बाहर निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, केंद्र और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बस्तर के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद समाप्ति की ओर है। अब आवश्यकता इस बात की भी है कि हिंसा और नक्सलवाद को वैचारिक समर्थन देने तथा उसका महिमामंडन करने वाली मानसिकता को समाज स्पष्ट रूप से अस्वीकार करे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज भी कुछ लोग ऐसे कुख्यात नक्सलियों को अपना आदर्श मानते हैं, जिनके हाथ निर्दोष नागरिकों और सुरक्षाबलों के खून से रंगे रहे हैं। हिड़मा जैसे नक्सलियों ने हिंसा और आतंक के माध्यम से बस्तर की अनेक पीढ़ियों को भय, अभाव और पिछड़ेपन में रखने का काम किया। ऐसे लोगों का महिमामंडन करना, उनके समर्थन में नारे लगाना या उन्हें नायक के रूप में प्रस्तुत करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदूक उठाकर निर्दोष लोगों की जान लेने वाला व्यक्ति किसी समाज का आदर्श नहीं हो सकता। नक्सली हिंसा में बस्तर ने अपने हजारों निर्दोष नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और बहादुर जवानों को खोया है। अनेक परिवारों ने अपनों को खोने का दर्द सहा, बच्चों से उनके माता-पिता छिने और विकास की संभावनाओं को दशकों तक बाधित किया गया। इस पीड़ा को नजरअंदाज कर हिंसा के जिम्मेदार लोगों का गुणगान करना बस्तर के पीड़ित परिवारों और शहीद जवानों के बलिदान का भी अपमान है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नक्सलवाद केवल बंदूक और जंगलों तक सीमित चुनौती नहीं है। हिंसा को उचित ठहराने, लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा करने और नक्सली हिंसा के जिम्मेदार लोगों को नायक के रूप में स्थापित करने वाली सोच भी उतनी ही चिंताजनक है। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन हिंसा का समर्थन और निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों का महिमामंडन किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

उन्होंने कहा कि आज बस्तर की पहचान बदल रही है। जिस क्षेत्र को कभी नक्सली हिंसा, बारूदी सुरंगों और भय के कारण जाना जाता था, वहां अब स्कूलों की घंटियां सुनाई दे रही हैं, सड़कें बन रही हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं तथा दूरस्थ गांव शासन की योजनाओं और विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के युवा अब बंदूक नहीं, किताब, कलम, कौशल और रोजगार चाहते हैं। वे अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं और देश-प्रदेश की प्रगति में भागीदार बनना चाहते हैं। हमारी सरकार का संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिले और प्रत्येक परिवार तक विकास तथा सुशासन का लाभ पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई केवल सुरक्षा की लड़ाई नहीं थी, बल्कि बस्तर के भविष्य को बचाने की लड़ाई थी। हमारे जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना इस लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया है। अब समाज की जिम्मेदारी है कि हिंसा की विचारधारा को किसी भी स्वरूप में महिमामंडित न होने दे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, लोकतंत्र और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ चुका है। नक्सलवाद और हिंसा के लिए नए छत्तीसगढ़ में कोई स्थान नहीं है। बस्तर की नई पीढ़ी के आदर्श वे लोग होने चाहिए जो शिक्षा, सेवा, परिश्रम, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से समाज को आगे बढ़ा रहे हैं, न कि वे जिन्होंने बंदूक और हिंसा के सहारे निर्दोष लोगों का जीवन छीना।

उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना केवल सरकार या सुरक्षाबलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों के साहस और विश्वास की जीत है। अब इस शांति को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास, पर्यटन, शिक्षा, रोजगार और समृद्धि की नई पहचान देना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।