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CG Cabinet Meeting : साय कैबिनेट की अहम बैठक आज, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

CG Cabinet Meeting : साय कैबिनेट की अहम बैठक आज, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक आज शाम 4 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित होगी। बैठक में कई अहम प्रशासनिक और विकास संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, नकटी गांव से जुड़े विवाद को लेकर भी सरकार कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है, जिस पर प्रदेशभर की नजरें टिकी हुई हैं।

इधर, छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। सत्र से पहले ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। विधानसभा सचिवालय को अब तक 1,033 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं, जिनके जरिए विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दे सदन में उठाए जाएंगे।

कांग्रेस ने मानसून सत्र के दौरान सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की तैयारी की है। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, नकटी भूमि विवाद, बिजली और पेयजल संकट, सड़क निर्माण कार्यों की धीमी गति तथा मानसून के दौरान व्यवस्थाओं की कमी जैसे विषयों पर सरकार को जवाब देना होगा।

कांग्रेस का आरोप है कि राज्य में हत्या, चाकूबाजी, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, नशे के कारोबार और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। पार्टी इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने और प्रभावी कार्रवाई की मांग करेगी।

वहीं, विधानसभा के प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं। ऐसे में इस बार का मानसून सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।

कैबिनेट बैठक में लिए जाने वाले फैसलों और आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि बैठक में लिए गए निर्णय आगामी सत्र के एजेंडे और राजनीतिक माहौल को भी प्रभावित कर सकते हैं।

Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 8 IAS अधिकारियों का तबादला, कई जिलों को मिले नए CEO… देखें पूरी लिस्ट..!!

Transfer : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 8 IAS अधिकारियों का तबादला, कई जिलों को मिले नए CEO… देखें पूरी लिस्ट..!!

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में एक बार फिर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 8 IAS अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया है। जिसका आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी कर दिया है। जिसके मुताबिक, रिमीजियूस एक्का को राज्य शहरी विकास प्राधिकरण SUDA का नया मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। वहीं प्रतीक जैन को कोरबा जिला पंचायत का CEO बनाया गया है। सुरुचि सिंह को भिलाई नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है, जबकि गजेंद्र सिंह ठाकुर को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में उप सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 इसके अलावा जयंत नाहटा को धमतरी जिला पंचायत CEO, एम. भार्गव को दंतेवाड़ा जिला पंचायत CEO, तन्मय खन्ना को बस्तर जिला पंचायत CEO की जिम्मेदारी दी गई है, इसके साथ ही दुर्गा प्रसाद अधिकारी को राजनांदगांव जिला पंचायत CEO नियुक्त किया गया है।

देखें पूरी लिस्ट

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत हो रहा पेयजल अधोसंरचना का नेटवर्क

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत हो रहा पेयजल अधोसंरचना का नेटवर्क

 रायपुर - छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक नागरिक तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है। इसी दिशा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान राज्य मद से 25 नए हैंडपंपों का सफलतापूर्वक खनन किया गया है। इससे लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में राहत पहुंची है और हजारों लोगों को घर के समीप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने लगा है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि ग्रामीण अंचलों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार करते हुए प्रत्येक परिवार को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसी सोच के अनुरूप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जिले के ऐसे गांवों और बस्तियों को प्राथमिकता दी गई, जहां पेयजल की आवश्यकता अधिक थी। नए हैंडपंपों के संचालन से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को दूर-दराज के जलस्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा तथा उनके समय और श्रम की भी बचत होगी।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती प्रिया सोनी ने बताया कि जिले में गौरेला विकासखंड में 14, मरवाही विकासखंड में 7 तथा पेंड्रा विकासखंड में 4 नए हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इन हैंडपंपों के लिए वैज्ञानिक सर्वेक्षण और स्थानीय आवश्यकताओं के आधार पर ऐसे स्थानों का चयन किया गया, जहां पेयजल की समस्या सबसे अधिक थी।

नवस्थापित हैंडपंपों का लाभ बस्ती, लमना, कोटमीखुर्द, सधवानी, उमरखोही, धनगंवा, अंजनी, पीपरखुटी, खोडरी, तेंदुमुड़ा, धनौली, देवरगांव, पड़वनिया, ठाडपथरा, कोडगार, बम्हनी, अमारू, भर्रीडांड, बंधौरी, कटरा, निमधा, मड़वाही, दानिकुंडी सहित अनेक ग्राम पंचायतों तथा पेंड्रा नगर क्षेत्र में विद्यालय के समीप रहने वाले नागरिकों को मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों, ग्रामीण परिवारों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छ पेयजल की बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को जनकल्याण का आधार मानते हुए पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दे रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग इन प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करते हुए प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों तक पेयजल सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रहा है। विभाग की योजनाओं का उद्देश्य केवल जल उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना और जलजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना भी है।

जिला प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में पेयजल संबंधी अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है। नई जल सुविधाओं के विकसित होने से ग्रामीणों का विश्वास शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति और सुदृढ़ हुआ है। आने वाले समय में भी आवश्यकता आधारित सर्वेक्षण के माध्यम से पेयजल संकट वाले अन्य क्षेत्रों में इसी प्रकार के कार्य किए जाएंगे, ताकि जिले का कोई भी गांव स्वच्छ पेयजल सुविधा से वंचित न रहे।

ग्रामीणों ने नए हैंडपंप स्थापित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नए हैंडपंपों के खनन से उनका दैनिक जीवन अधिक सुगम, सुरक्षित और स्वस्थ हुआ है। साय सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास, जनस्वास्थ्य और सुशासन के प्रति उसकी संवेदनशील एवं जनहितैषी सोच का प्रभावी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं में नियुक्तियों पर दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड एवं अन्य संस्थाओं में नियुक्तियों पर दी बधाई

 रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, समिति एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के आदेश जारी होने पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर गौरीशंकर श्रीवास तथा सदस्य पद पर देवशरण सेन, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में डॉ. श्रीमती ममता साहू तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद पर रामलाल चौहान, उपाध्यक्ष पद पर वेदराम मनहरे एवं सदस्य के रूप में सौरभसिंह जागृत, दुर्गा महेश्वर तथा दयावंत धर बांधे की नियुक्ति की गई है।

छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर आनंद निषाद तथा सदस्य पद पर नेतराम निषाद, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्या मण्डल रायपुर के अध्यक्ष पद पर राजेश कुमार राजपूत तथा सदस्य पद पर श्रीमती सुमन मुथा एवं शाकम्भरी बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजेन्द्र नायक तथा सदस्य के रूप में बसंत पटेल, प्रेमलाल पटेल, संतोष पटेल और प्रेम पटेल की नियुक्ति की गई है।

छत्तीसगढ़ राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष पद पर सुधीर गौतम, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य पद पर मनमथ नाथ शर्मा तथा छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम के सदस्य पद पर श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी की नियुक्ति की गई है। रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पद पर डॉ. जे.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के उपाध्यक्ष पद पर किशोर महानंद, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पद पर आनंद कुमार तिवारी (राजीव लोचन दास महाराज) तथा छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर मंगल दास ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी नवनियुक्त पदाधिकारी जनसेवा, सुशासन और लोककल्याण के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को नई गति प्रदान करेंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने आवश्यक पहल का किया आग्रह

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने आवश्यक पहल का किया आग्रह

 रायपुर- उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कोई भी पात्र परिवार आवास से वंचित न रहे, इसके लिए आवश्यक पहल करने का आग्रह किया है। उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर नई दिल्ली में 28 एवं 29 जून 2026 को आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।  शर्मा ने अपने पत्र में लिखा कि राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में  चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
          
उपमुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि सम्मेलन के दौरान केन्द्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि किसी भी परिस्थिति में कोई भी पात्र व्यक्ति प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से वंचित नहीं रहेगा। इसी संदर्भ में उन्होंने छत्तीसगढ़ में सामने आई कुछ महत्वपूर्ण व्यावहारिक समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने बताया कि 24 जून को प्रदेशभर में आयोजित ग्राम सभाओं में आवास प्लस 2.0 की सूची प्रस्तुत की गई, जिसके दौरान कुछ समस्याएं भी सामने आईं, जिसमें सर्वेक्षण के समय कुछ पात्र व्यक्ति पलायन अथवा अन्य कारणों से उपलब्ध नहीं हो सके, जिसके कारण उनका सर्वे नहीं हो पाया और उनका नाम पात्रता सूची में शामिल नहीं हो सका। साथ ही कुछ पात्र परिवारों का सर्वे तो हुआ, लेकिन तकनीकी अथवा अन्य कारणों से उनकी जानकारी पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो सकी, जिससे ग्राम सभा में उनकी पात्रता प्रदर्शित नहीं हो पाई।
        
 शर्मा ने कहा कि इन दोनों कारणों से प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे पात्र परिवार आवास स्वीकृति से वंचित रह गए हैं, जो वास्तव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ के हकदार हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं के समाधान हेतु भारत सरकार स्तर पर आवश्यक निर्णय एवं पहल की जाए, ताकि माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सभी पात्र परिवारों को आवास के संकल्प को पूर्ण रूप से साकार किया जा सके। अंत में उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ के प्रति  शिवराज सिंह चौहान के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग के लिए उनका पुनः आभार व्यक्त किया है।

पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को आज मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार देंगे श्रद्धांजलि

पद्म विभूषण स्व. तीजन बाई को आज मुक्ताकाशी मंच से छत्तीसगढ़ के लोक कलाकार देंगे श्रद्धांजलि

 रायपुर-  पंडवानी की अप्रतिम साधिका, पद्मविभूषण एवं डी.लिट. से सम्मानित डॉ. मती तीजन बाई को आज 8 जुलाई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। संस्कृति विभाग द्वारा स्व. तीजन बाई को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पण का यह कार्यक्रम दोपहर 2 बजे महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, स्थित मुक्ताकाशी मंच में आयोजित होगा। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय, संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल सहित मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों के साथ छत्तीसगढ़ के पद्म एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार, संस्कृति कर्मी तथा बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित लोक कलाकार अपनी-अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उस महान विभूति को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे, जिन्होंने पंडवानी जैसी लोकवाचिक परंपरा को गांव के चौपाल से उठाकर विश्व के प्रतिष्ठित   सांस्कृतिक मंचों तक पहुंचाया। गीत, संगीत, पंडवानी, लोकगायन और अन्य लोककलाओं की प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण किया जाएगा। यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की  सांस्कृतिक चेतना के उस स्वर्णिम अध्याय को नमन है, जिसे डॉ. मती तीजन बाई ने अपने संपूर्ण जीवन की साधना से रचा।

पद्मविभूषण मती तीजन बाई का निधन 5 जुलाई 2026 को हुआ। उनके निधन से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश और विश्व के कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके साथ भारतीय लोककला का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय समाप्त हुआ, जिसने पंडवानी को नई प्रतिष्ठा, नई पहचान और वैश्विक सम्मान दिलाया।
24 अप्रैल 1956 को दुर्ग जिले के गनियारी गांव में जन्मी पद्मविभूषण मती तीजन बाई का बचपन अत्यंत साधारण परिस्थितियों में बीता। महज 13 वर्ष की आयु में उन्होंने अपना पहला सार्वजनिक मंच प्रदर्शन किया और उसी समय यह संकल्प लिया कि वे पंडवानी को ही अपने जीवन का लक्ष्य बनाएंगी। उस दौर में महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेदमती शैली में बैठकर पंडवानी प्रस्तुत करने की परंपरा थी, लेकिन उन्होंने साहस के साथ कपालिक शैली में खड़े होकर पंडवानी प्रस्तुत की। अपनी दमदार आवाज, सशक्त अभिनय और प्रभावशाली भावाभिव्यक्तियों से उन्होंने पंडवानी को नई पहचान दिलाई और इसे जन-जन तक पहुंचाया।

प्रख्यात रंगकर्मी हबीब तनवीर ने उनकी असाधारण प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद डॉ. तीजन बाई ने 17 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति देकर न केवल इस लोककला को वैश्विक पहचान दिलाई। वे विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बन गईं।
पांच दशक से अधिक समय तक उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी अनूठी शैली में जीवंत किया। उनके मंचन में गायन, अभिनय, संवाद, भावाभिव्यक्ति और लोकभाषा का अद्भुत समन्वय था। उन्होंने सिद्ध किया कि लोककला किसी क्षेत्र विशेष की धरोहर नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता की सांस्कृतिक विरासत है।
उनकी अनुपम कला साधना के लिए उन्हें पद्म (1988), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1995), पद्मभूषण (2003), जापान का प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार (2018), पद्मविभूषण (2019) तथा डी.लिट. (मानद उपाधि) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले। इन सम्मानों ने उनके गौरवशाली सांस्कृतिक योगदान को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्रदान की।

संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह सांगीतिक श्रद्धांजलि कार्यक्रम वास्तव में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण है। लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उनकी कला साधना, संघर्ष और पंडवानी की गौरवशाली परंपरा को साकार करेंगे।

विशेष लेख : आधुनिक तकनीक से वन संरक्षण को नई दिशा

विशेष लेख : आधुनिक तकनीक से वन संरक्षण को नई दिशा

 00 छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम बना जंगलों का सतर्क प्रहरी

​रायपुर। ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम एक उन्नत तकनीक है जो जंगलों में आग लगने की घटनाओं का तुरंत पता लगाकर संबंधित अधिकारियों को सूचित करती है। भारत में, भारतीय वन सर्वेक्षण और विभिन्न राज्य वन विभाग फोरेस्ट फायर अलर्ट एंड मानिटरिंग सिस्टम सैटेलाइट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं। जंगल की आग को ध्यान में रखते हुए श्फोरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम संस्करण 2.0 लाया गया है और पूरी प्रक्रिया को स्वचालित बना दिया गया है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रही है। इसी दिशा में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम जंगलों में लगने वाली आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित कर रहा है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में विकसित यह तकनीक वन विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक तेज, प्रभावी और पारदर्शी बना रही है। इससे वन संपदा, वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा को नई मजबूती मिली है।
अब कुछ ही मिनटों में मिलती है आग लगने की सूचना
पहले वनाग्नि की जानकारी प्राप्त करने और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था। इस दौरान आग कई बार बड़े क्षेत्र में फैल जाती थी। अब नई स्वचालित प्रणाली के माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया केवल 5 से 10 मिनट में पूरी हो जाती है। इससे समय रहते आग पर नियंत्रण संभव हो रहा है।
उपग्रह तकनीक से होती है सटीक निगरानी
यह प्रणाली अत्याधुनिक उपग्रह तकनीक पर आधारित है। उपग्रह जंगलों में तापमान में होने वाले असामान्य बदलाव की पहचान करता है। वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद आग की पुष्टि होने पर संबंधित वन मंडल, रेंज और बीट स्तर के अधिकारियों को तत्काल एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेज दिया जाता है। 

छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम बना जंगलों का सतर्क प्रहरी

रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ी कार्यक्षमता
वन विभाग ने इस प्रणाली को जीआईएस आधारित रियल टाइम डैशबोर्ड से जोड़ा है। इसके माध्यम से अधिकारी वनाग्नि की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखते हैं। सूचना मिलते ही फील्ड स्टाफ मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई करता है और उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करता है। इससे भविष्य की रणनीति बनाने और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने में भी सहायता मिलती है।
जनजागरूकता और पूर्व तैयारी पर विशेष जोर
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग केवल तकनीक पर ही निर्भर नहीं है, बल्कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए जनभागीदारी को भी बढ़ावा दे रहा है। हर वर्ष वनाग्नि सीजन से पहले फायर लाइन निर्माण, जनजागरूकता अभियान, प्रशिक्षण तथा मॉक ड्रिल आयोजित किए जाते हैं, ताकि आग की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
सरकार की प्राथमिकता है सुरक्षित वन
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप का कहना है कि राज्य सरकार आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से वन संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। उनका मानना है कि यह प्रणाली वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी मॉडल साबित होगी।
वन संरक्षण की दिशा में एक प्रभावी पहल
छत्तीसगढ़ का ऑटोमेटेड फॉरेस्ट फायर अलर्ट सिस्टम आधुनिक तकनीक, त्वरित सूचना प्रणाली और प्रभावी प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। इससे वनाग्नि पर समय रहते नियंत्रण संभव हो रहा है और राज्य की अमूल्य वन संपदा, वन्यजीवों तथा पर्यावरण की सुरक्षा को नई मजबूती मिल रही है। यह पहल विकसित छत्तीसगढ़ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उप मुख्यमंत्री साव ने सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं के आवेदनों का किया निराकरण

उप मुख्यमंत्री साव ने सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं के आवेदनों का किया निराकरण

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय 'कुशाभाऊ ठाकरे परिसर' में मंगलवार को 'सहयोग केंद्र' में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री अरुण साव उपस्थित रहे। इस दौरान प्रदेश के कोने-कोने से पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं से सीधे  साव ने मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से पहुँचे 500 से भी अधिक कार्यकर्ताओं की समस्याओं, शिकायतों और महत्वपूर्ण सुझावों को बेहद संवेदनशीलता और आत्मीयता के साथ सुना तथा कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री साव ने इस मौके पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में 'सहयोग केंद्र' एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनता और कार्यकर्ताओं के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है। सहयोग केंद्र में आने वाले हर एक कार्यकर्ता की बात को पूरी गंभीरता से सुना जाता है, और हमारा प्रयास रहता है कि उनकी जायज समस्याओं का समाधान बिना किसी विलंब के हो।

सहयोग केन्द्र में विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें और विकास कार्यों को लेकर 166 आवेदन प्राप्त हुए इस दौरान 500 से अधिक कार्यकर्ता सहयोग केंद्र में पहुंचे।  साव ने आवेदनों का बारीकी से अध्ययन कर संबंधित विभागीय अधिकारियों को टेलीफोन पर निर्देश दिए कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सहयोग केंद्र में बस्तर से लेकर सरगुजा तक के दूर-दराज क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने अपनी बात सीधे उप मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदन जैन, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री चौधरी बुधवार को परिवर्तित समय में पहुँचेंगे सहयोग केन्द्र
प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी कल 8 जुलाई, बुधवार को परिवर्तित समय में सहयोग केन्द्र पहुँचेंगे। मंत्रिमण्डल की बैठक के मद्देनजर वित्त मंत्री  चौधरी बुधवार को दोपहर 1 बजे से अपराह्न 3 बजे तक सहयोग केन्द्र में उपस्थित रहेंगे।

रायगढ़ में स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई रफ्तार : चौधरी

रायगढ़ में स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई रफ्तार : चौधरी

 विजयपुर में 16 करोड़ से बनेगा अत्याधुनिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, डिजाइन में सुधार कर शीघ्र स्वीकृति भेजने के निर्देश

 खर्रा घाट पर 30 करोड़ की लागत से विकसित होगा मैरीन ड्राइव, पुराने जेल परिसर में बनेगा आधुनिक व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स

रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने मंगलवार को रायगढ़ जिले में प्रस्तावित विभिन्न विकास परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विजयपुर में प्रस्तावित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, केलो नदी के खर्रा घाट पर विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव तथा पुराने जेल परिसर में प्रस्तावित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

विजयपुर में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने अधिकारियों को भवन की ड्राइंग एवं डिजाइन में आवश्यक सुधार कर इसे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संशोधित प्रस्ताव शीघ्र अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाए, ताकि निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ हो सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से रायगढ़ जिले में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इसके बाद वित्त मंत्री ने केलो नदी के खर्रा घाट पर लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे मैरीन ड्राइव परियोजना का निरीक्षण किया। लगभग दो किलोमीटर लंबी इस परियोजना का कार्यादेश जारी हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह परियोजना रायगढ़ की नई पहचान बनेगी, इसलिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मैरीन ड्राइव परियोजना के अंतर्गत घाट का सौंदर्यीकरण, गज़ीबो, आरसीसी पाथवे, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, प्रोमेनेड, फूड कोर्ट, बाह्य विद्युतीकरण सहित विभिन्न आधुनिक अधोसंरचनात्मक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके पूर्ण होने से शहरवासियों को मनोरंजन, पर्यटन और सार्वजनिक उपयोग की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

निरीक्षण के दौरान वित्त मंत्री ने पुराने जेल परिसर का भी अवलोकन किया, जहां जर्जर भवन को हटाकर आधुनिक व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से संबंधित सभी आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर महापौर  जीवर्धन चौहान,  विजय अग्रवाल, कलेक्टर  मयंक चतुर्वेदी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में मनाया जाएगा 9 जुलाई को दीदी के गोठ का वार्षिकोत्सव

मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में मनाया जाएगा 9 जुलाई को दीदी के गोठ का वार्षिकोत्सव

 रायपुर- पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन - बिहान अंतर्गत संचालित  'दीदी के गोठ कार्यक्रम ने अपनी एक वर्ष की सफल, प्रेरणादायक एवं जनभागीदारी से परिपूर्ण यात्रा पूर्ण कर ली है। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में  'दीदी के गोठ वार्षिकोत्सव-2026 सह संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन का भव्य आयोजन 9 जुलाई 2026 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में किया जा रहा है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की प्रेरक कहानियों, उनके संघर्ष, नेतृत्व क्षमता एवं आजीविका में प्राप्त उपलब्धियों को मंच प्रदान करते हुए उन्हें सम्मानित करना है।  'दीदी के गोठ ने बीते एक वर्ष में महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त करने, वित्तीय साक्षरता बढ़ाने तथा सामाजिक एवं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस गरिमामय अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय उपमुख्यमंत्री एव पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा द्वारा की जाएगी।

कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, स्व-सहायता समूह की महिलाएँ एवं समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सम्मिलित होकर इस सफल यात्रा के साक्षी बनेंगे।

विदित हो कि  'दीदी के गोठ के प्रथम एपिसोड का प्रसारण अगस्त 2025 में हुआ था, जो  'लखपति दीदी विषय पर केंद्रित था। इसके उपरांत प्रत्येक माह के द्वितीय गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों की समूह की महिलाओं द्वारा ड्रोन दीदी, एफपीसी, जेंडर, सरस मेला, वित्तीय जागरूकता, साइबर सुरक्षा, सरस मेला तथा  'छत्तीसकला ब्रांड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सफलता की प्रेरक कहानियाँ प्रस्तुत की गईं।  'दीदी के गोठ की एकवर्षीय सफल यात्रा का विशेष प्रसारण 09 जुलाई 2026 को किया जाएगा।

'दीदी के गोठ ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। यह मंच न केवल संवाद का माध्यम बना है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व एवं आत्मनिर्भरता का प्रतीक भी बनकर उभरा है।

कार्यक्रम में वर्षभर की उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण,  'दीदी के गोठ में प्रतिभागिता करने वाली महिलाओं का सम्मान तथा भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन- बिहान द्वारा सभी नागरिकों ,संबंधित हितधारकों, स्व सहायता समूहों, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया से आग्रह किया गया है कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम को सफल बनाएं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर दी बधाई

 रायपुर- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से अलंकृत किए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री  मोदी जी का नहीं, बल्कि पूरे 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान, भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और विश्व मंच पर सशक्त होती उसकी भूमिका का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी कूटनीति ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है तथा मित्र देशों के साथ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व समुदाय में अपनी भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएगा तथा 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना के साथ वैश्विक शांति, सहयोग और साझा समृद्धि के लिए निरंतर योगदान देता रहेगा।

रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

 घर बैठे करें आवेदन, बुकिंग और मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान

कमल विहार एवं रावभाटा सहित लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियां पोर्टल पर उपलब्ध

रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

रायपुर-- रायपुर विकास प्राधिकरण (आर.डी.ए.) ने नागरिकों की सुविधा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए अपनी संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब इच्छुक नागरिक बिना कार्यालय आए घर बैठे ही प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन आवेदन एवं बुकिंग कर सकेंगे।

रायपुर विकास प्राधिकरण की संपत्तियों की बुकिंग अब पूरी तरह ऑनलाइन

प्राधिकरण ने प्रथम चरण में लगभग 121 आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों को ऑनलाइन बुकिंग के लिए उपलब्ध कराया है। इनमें कमल विहार तथा रावभाटा सहित प्राधिकरण की प्रमुख योजनाओं की संपत्तियां शामिल हैं। कमल विहार में आवासीय फ्लैट, आवासीय एवं व्यावसायिक भूखंड उपलब्ध हैं, जबकि रावभाटा में व्यावसायिक संपत्तियां बुकिंग के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

प्राधिकरण द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए भी आवासीय संपत्तियों का निर्माण किया गया है, ताकि प्रत्येक वर्ग के नागरिकों को उनकी आवश्यकता और सामर्थ्य के अनुरूप आवास उपलब्ध कराया जा सके।

ऑनलाइन बुकिंग सुविधा के साथ अब हितग्राही घर बैठे ही वेबसाइट के माध्यम से मेंटेनेंस शुल्क का ऑनलाइन भुगतान भी कर सकेंगे। इससे नागरिकों को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी और सेवाएं अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध तथा पारदर्शी बनेंगी।

रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंदे साहू ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य नागरिकों को आधुनिक, पारदर्शी एवं जनहितैषी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था से समय की बचत होगी, प्रक्रिया सरल बनेगी तथा संपत्तियों के आवंटन में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित होगी। डिजिटल भुगतान की सुविधा से हितग्राहियों को त्वरित एवं बेहतर सेवाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने नागरिकों से इस ऑनलाइन व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की।

प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अवनीश कुमार शरण ने बताया कि लंबे समय से संपत्तियों की बुकिंग प्रक्रिया बंद थी। अब उपलब्ध सभी संपत्तियों को एक साथ ऑनलाइन पोर्टल पर लाइव कर दिया गया है, जिससे नागरिक पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक तरीके से संपत्तियों की बुकिंग कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य अधिकाधिक सेवाओं का डिजिटलीकरण कर नागरिकों को सहज, सरल और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

रायपुर विकास प्राधिकरण की यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऑनलाइन आवेदन, बुकिंग और डिजिटल भुगतान की सुविधा से संपत्तियों के आवेदन, भुगतान एवं आवंटन की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी।

राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में आया सकारात्मक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर -  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों, तकनीक आधारित नवाचारों तथा नागरिकों एवं किसानों को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है। राजस्व मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को बिना अनावश्यक कार्यालयीन आवागमन के गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में डिजिटल किसान किताब एवं भूमि संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसानों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका तथा भूमि संबंधी अन्य जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से सहज रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उन्हें तहसील अथवा पटवारी कार्यालय जाने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन एवं किसानों के जीवन से जुड़ा विभाग है, इसलिए शासन के सभी सुधारों एवं नवाचारों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों का त्वरित एवं संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आरबीसी 6-4 की ऑनलाइन व्यवस्था एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिसके लागू होने पर आवेदक स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे तथा संपूर्ण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध होगी। उन्होंने अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से संपादित करने की दिशा में आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष बल देते हुए सीमांकन प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा सुनिश्चित करने तथा समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों की जिला-वार नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

बैठक में VASUNDHARA (Verified Accessible System for Unified Digital Land Records & Historical Archives) परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को पूर्णतः ऑनलाइन करने के लिए इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिला एवं तहसील कार्यालयों के महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार विकसित किया जाएगा। इससे प्रमाणित अभिलेखों का निर्गमन कुछ ही मिनटों में संभव होगा तथा अभिलेखों में छेड़छाड़ की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने असर्वेक्षित ग्रामों, विशेषकर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्वेक्षण कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि राजस्व अभिलेख तैयार हो सकें, भूमि अभिलेख अद्यतन हों तथा स्थानीय नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टों की प्रविष्टि एवं नामांतरण, पट्टाधृति अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री एवं एक्सेम्प्टेड कैटेगरी फार्मर रजिस्ट्री की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन के डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं गिरदावरी की सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को तेज, पारदर्शी, जवाबदेह एवं विश्वासपूर्ण राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत सुधारों एवं नवाचारों से राजस्व प्रशासन में सकारात्मक परिवर्तन आया है और इसे और अधिक प्रभावी बनाना सभी अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस व्यवस्था के माध्यम से अविवादित नामांतरण, अविवादित बंटवारा सहित विभिन्न राजस्व सेवाएं केंद्रीकृत एवं पूर्णतः ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने अन्य राज्यों के अनुभवों का अध्ययन कर नागरिक हित में आवश्यक नीतिगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।

बैठक में ई-कोर्ट प्रणाली, रेवेन्यू बोर्ड एवं संभागीय आयुक्त कार्यालयों में ऑनलाइन साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था, नक्शा डिजिटाइजेशन, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन तथा भू-अर्जन से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर एवं जगदलपुर में नक्शा परियोजना का पायलट कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में पटवारी, राजस्व निरीक्षक, लिपिक एवं अन्य रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, तहसीलों के अधोसंरचना विकास तथा तहसीलदारों के लिए आवश्यक वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  राहुल भगत, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव  प्रभात मलिक, राजस्व विभाग की सचिव मती शम्मी आबिदी, विशेष सचिव मती इफ़्फत आरा, संचालक भू-अभिलेख  विनीत नंदनवार, संयुक्त सचिव  अरविन्द एक्का सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की सौजन्य भेंट

 सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के साझा प्रयासों को और सशक्त बनाने पर दिया गया जोर

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सौजन्य भेंट की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ और झारखंड केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य ही नहीं हैं, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंधों की मजबूत परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से जशपुर क्षेत्र का झारखंड से वर्षों पुराना आत्मीय जुड़ाव रहा है, जिसने दोनों राज्यों के लोगों के बीच विश्वास और निकटता को निरंतर मजबूत किया है।

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा परस्पर अनुभवों के आदान-प्रदान जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग से विकास के नए अवसर सृजित होंगे तथा सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा।

 छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार

छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के कर्मचारियों को उपहार

 निगम प्रबंधन एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य करार

कर्मचारियों ने जताया निगम प्रबंधन का आभार निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू जी की अहम भूमिका

रायपुर, 7 जुलाई 2026/ स्टेट वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन के नवा रायपुर स्थित मुख्यालय भवन में निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू, की उपस्थिति में स्टेट वेयरहाउसिंग एवं ऐक्सिस बैंक के मध्य सैलरी एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) निष्पादित किया गया। इस अवसर पर निगम के प्रबंध संचालक आषीष कुमार टिकरिहा साथ ही निगम एवं ऐक्सिस बैंक के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एम ओ यू (समझौता ज्ञापन) के तहत ऐक्सिस बैंक में निगम कर्मियों के सैलरी एकाउंट खोलने पर निगम के नियमित कर्मचारियों एवं दैनिक वेतन श्रमिकों को 1.10 करोड़ रूपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा तथा 10 लाख का प्राकृतिक मृत्यु बीमा निःशुल्क कवर किया जाएगा। निगम कर्मचारियों की मृत्यु की स्थिति में परिवार को 8 लाख रूपये तक की शिक्षा सहायता राशि प्रदान की जायेगी। साथ ही मात्र रूपये 2499/- के वार्षिक प्रीमियम पर रूपये 30 लाख तक का हेल्थ टॉप-अप कवर एवं 30 लाख का पर्सनल ऐक्सिडेंट कवर की सुविधा का लाभ भी मिलेगा। निगम के अध्यक्ष  चंदूलाल साहू ने बताया की इस एम ओ यू से कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों को बेहतर बैंकिंग, बीमा सुरक्षा तथा वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होगी।

इस एम ओ यू से निगम कर्मियों में हर्ष की लहर व्याप्त है तथा कर्मचारियों ने अध्यक्ष  चंदूलाल साहू का आभार व्यक्त किया है। आज ही निगम मुख्यालय में अध्यक्ष  चंदूलाल साहू द्वारा बैकुण्ठपुर (जिला-कोरिया) निवासी पूनम कूजुर को सी0सी0एच0 (चतुर्थ श्रेणी) पद पर अनुकम्पा निुयक्ति आदेश प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री के सुशासन में खुशहाल हो रहे किसान

मुख्यमंत्री के सुशासन में खुशहाल हो रहे किसान

 मुख्यमंत्री के सुशासन में खुशहाल हो रहे किसान

जशपुर में सहकारी समितियों के माध्यम से किफायती दरों पर मिल रहा खाद-बीज
समय पर उपलब्धता से किसानों को राहत, खेती की लागत हुई कम

रायपुर। सीएम विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों को समय पर और रियायती दरों पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। जशपुर जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को खेती के लिए आवश्यक उर्वरक एवं कृषि सामग्री किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलने के साथ खेती-किसानी करना भी आसान हुआ है। जिले की सभी विकासखंडों और ग्राम पंचायतों में खाद वितरण का कार्य सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। किसान प्रतिदिन अपनी निकटतम सहकारी समिति से यूरिया, डीएपी तथा अन्य उर्वरक निर्धारित दरों पर प्राप्त कर रहे हैं। इससे किसानों को निजी दुकानों पर अधिक कीमत चुकाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।

किसानों ने बताया कि पहले खाद-बीज खरीदने के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने पड़ते थे और अधिक कीमत चुकानी पड़ती थी। कई बार खेती के लिए ब्याज पर पैसे लेने या कर्ज का सहारा लेना पड़ता था। अब सरकारी व्यवस्था के कारण समय पर उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध होने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और खेती का खर्च भी कम हुआ है। जशपुर जिले की महिला किसान मंजुला भगत ने बताया कि पहले खाद और यूरिया के लिए काफी परेशान होना पड़ता था, लेकिन अब सहकारी समिति से आसानी से और कम कीमत पर सभी आवश्यक सामग्री मिल जाती है।

उन्होंने कहा कि, इससे खेती करना आसान हुआ है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है। पहले खेती के लिए ब्याज पर पैसे लेने पड़ते थे, लेकिन अब ऐसी आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने सीएम विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से किसानों को वास्तविक लाभ मिल रहा है।

शासन द्वारा किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनमें यूरिया 266.50 रुपये प्रति बोरी, डीएपी 1,350 रुपये, सुपर फॉस्फेट (पाउडर) 551 रुपये, सुपर फॉस्फेट (दानेदार) 591 रुपये, जिंकयुक्त सुपर फॉस्फेट 576 रुपये, टीएसपी 1,300 रुपये, एनपीके 1,850 रुपये एवं 1,990 रुपये तथा पोटाश 1,975 रुपये प्रति बोरी की दर से उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उचित मूल्य पर मिल रहे हैं और खेती को नई मजबूती मिल रही है।

मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक

मुख्य सचिव ने सचिवों की ली उच्च स्तरीय बैठक

 0-विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

रायपुर--मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए है।

मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है।

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव  ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव  सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव  मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव  राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव  नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिवएस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव  बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव  भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।

स्वेच्छानुदान मद से सुदूर वनांचल स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल, मांझीगुडा को 10 कंप्यूटर प्रदत्त

स्वेच्छानुदान मद से सुदूर वनांचल स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल, मांझीगुडा को 10 कंप्यूटर प्रदत्त

 रायपुर-- राज्यपाल  रमेन डेका ने शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने स्वेच्छानुदान मद से बस्तर जिले के विकासखंड दरभा के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा चिंगपाल को 10 कंप्यूटर प्रदान किए। इसके लिए राज्यपाल द्वारा पूर्व में स्वीकृति प्रदान की गई थी।

लोक भवन  में आज राज्यपाल ने विद्यालय के लिए कंप्यूटरों का औपचारिक रूप से हस्तांतरण किया। इन कंप्यूटरों के माध्यम से सुदूर वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके ज्ञान और कौशल का विकास होगा।  

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, उप सचिव सुश्री निधि साहू तथा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मांझीगुडा (जिला बस्तर) के प्राचार्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कल करेंगे डूमरतराई के नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण

  आधुनिक अधोसंरचना से व्यापार, रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति

प्रदेशवासियों एवं व्यापारियों को मिलेगा आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय व्यापारिक परिसर

रायपुर / छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा रायपुर के डूमरतराई में विकसित अत्याधुनिक नवीन थोक बाजार का नामकरण एवं लोकार्पण समारोह अब 8 जुलाई 2026 को आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय इस आधुनिक व्यापारिक परिसर का लोकार्पण एवं नामकरण कर इसे प्रदेशवासियों और व्यापारियों को समर्पित करेंगे। समारोह की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण, वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री ओ.पी. चौधरी करेंगे।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यक्रम पूर्व में 5 जुलाई 2026 को प्रस्तावित था, किन्तु अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था। अब यह समारोह 8 जुलाई को आयोजित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर लगभग 36 एकड़ क्षेत्र में विकसित यह अत्याधुनिक थोक बाजार व्यापारियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। परिसर में चौड़ी सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुगम यातायात व्यवस्था, सुव्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना तथा आवश्यक नागरिक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया गया है। यह बाजार रायपुर सहित पूरे प्रदेश के व्यापारिक विकास को नई दिशा देने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति प्रदान करेगा।

डूमरतराई व्यापारिक परिसर का विकास चरणबद्ध रूप से किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 76 करोड़ रुपये की लागत से 536 व्यावसायिक दुकानें एवं हॉल निर्मित किए गए, जिससे व्यापारियों को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित व्यावसायिक सुविधाएँ उपलब्ध हुईं। वहीं द्वितीय चरण में लगभग 145 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति से विभिन्न श्रेणियों की 154 स्वतंत्र व्यावसायिक दुकानों का निर्माण किया गया है। दोनों चरणों के पूर्ण होने के साथ प्रदेश को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं समग्र थोक व्यापारिक परिसर की सौगात मिलेगी।

यह नवीन थोक बाजार प्रदेश के व्यापार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसरों का सृजन करते हुए रायपुर को एक सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित व्यापारिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। व्यापारियों की वर्षों पुरानी आवश्यकता को पूरा करने वाली यह परियोजना उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराएगी।

लोकार्पण एवं नामकरण समारोह में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, रायपुर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद  लक्ष्मी वर्मा, विधायक  राजेश मूणत,  मोतीलाल साहू,  पुरंदर मिश्रा एवं  सुनील सोनी, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव, रायपुर महापौर मीनल चौबे, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष  नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, व्यापारी, गणमान्य नागरिक तथा मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।

डूमरतराई का नवीन थोक बाजार छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की गुणवत्ता, नवाचार एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में प्रदेश के व्यापार, निवेश, रोजगार सृजन तथा समग्र आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के पोस्टर का किया विमोचन

उप मुख्यमंत्री साव ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के पोस्टर का किया विमोचन

 00 योजना के लाभार्थियों को चेक भी वितरित किए

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में भारतीय स्टेट बैंक की प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के जन-जागरूकता अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने योजना के तहत बीमा क्लेम प्राप्त करने वाले प्रदेश के 6 हितग्राहियों को 2-2 लाख रुपए के चेक प्रदान किए। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में पिछले तीन सालों में 12 हजार लोगों को कुल 240 करोड़ रुपए की बीमा राशि वितरित की जा चुकी है।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना आम नागरिकों के जीवन को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का सशक्त माध्यम बनी है। मात्र 436 रुपए के वार्षिक अंशदान वाली यह योजना परिवारों को कठिन परिस्थितियों में संबल और भविष्य के प्रति भरोसा देने का कार्य कर रही है। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ अमित झिंगरन, बिजनेस स्ट्रेटजी प्रेसीडेंट संतोष चाको, वेस्ट जोन के जोनल डायरेक्टर राजीव श्रीवास्तव और भोपाल रीजन के रीजनल डायरेक्टर अमित कुमार साहा भी मौजूद थे।

CG – SECL कर्मी की मौत : दोस्तों के साथ गया था पिकनिक मनाने, ऐसे हुआ हादसे का शिकार

CG – SECL कर्मी की मौत : दोस्तों के साथ गया था पिकनिक मनाने, ऐसे हुआ हादसे का शिकार

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित सतरेंगा में पिकनिक मनाने गए एक SECL कर्मी की नदी में डूबने से मौत हो गई। नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव नदी से बरामद किया। इस हादसे के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान कोरबा निवासी सुभांशु ध्रुव (24) के रूप में हुई है। सुभांशु ध्रुव अपने पांच दोस्तों के साथ सतरेंगा पिकनिक मनाने गया था। इस दौरान सभी दोस्त नदी में बने एक टापू तक जाने की कोशिश कर रहे थे। बीच रास्ते से सुभांशु ने वापस लौटने का फैसला किया, लेकिन इसी दौरान वह गहरे पानी में डूब गया।

आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत उसे बचाने और ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना श्यांग पुलिस और लेमरु थाना पुलिस को दी गई। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी शुरू की, लेकिन रात के अंधेरे और पानी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा।

सुबह नगर सेना की रेस्क्यू टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। दिनभर चली कड़ी मशक्कत के बाद देर शाम सुभांशु का शव पानी से बाहर निकाला जा सका।

सुभांशु की मौत उसके परिवार के लिए दूसरा सबसे बड़ा झटका है। चार साल पहले उसके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद सुभांशु को अनुकंपा नियुक्ति के तहत SECL में नौकरी मिली थी। वह पिछले ढाई साल से SECL कोरबा क्षेत्र की सेंट्रल वर्कशाप में कार्यरत था। घर का एकमात्र कमाने वाला बेटा होने के कारण उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री साय आज दो अहम विभागों की करेंगे समीक्षा

मुख्यमंत्री साय आज दो अहम विभागों की करेंगे समीक्षा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज मंगलवार काे राजधानी रायपुर में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। दिन की शुरुआत विधानसभा सत्र से पहले स्पीकर हाउस में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात के साथ होगी। इसके बाद वे मंत्रालय महानदी भवन में झारखंड सरकार के मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ बैठक करेंगे।

दोपहर मुख्यमंत्री वाणिज्य एवं उद्योग विभाग तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की हाईलेवल समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इन बैठकों में विभागों की योजनाओं, कार्यों की प्रगति और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे, जहां विधानसभा सत्र और संगठनात्मक रणनीति पर मंथन किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रहार: आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में मानसून का प्रहार: आज कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में आषाढ़ लगते ही मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और प्रदेशभर में झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड और ओडिशा के पास बने अवदाब के प्रभाव से सोमवार 7 जुलाई को मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। हालांकि 8 जुलाई के बाद पूरे प्रदेश में वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।

बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान अधिकतम तापमान पेंड्रा रोड में 30.8 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान राजनांदगांव में 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो बलौदाबाजार में सर्वाधिक 20 सेंटीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा राजिम में 18 सेंटीमीटर, लवन में 17 सेंटीमीटर तथा गिधौरी, टुंड्रा, भाटापारा में 16-16 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। बलौदा, गोबरा नवापारा और बिलाईगढ़ में 15-15 सेंटीमीटर तथा राजनांदगांव, अकलतरा, तिल्दा, चंद्रपुर और खरोरा समेत कई क्षेत्रों में 14 सेंटीमीटर वर्षा हुई। रायपुर शहर, धमतरी, बिलासपुर, आरंग, चांपा, मुंगेली और सक्ती सहित अनेक इलाकों में 8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

राजधानी रायपुर में सोमवार को भी आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। शहर का अधिकतम तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त की है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। अगले दो दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बने रहने के संकेत हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

Politics: विधानसभा मानसून सत्र से पहले BJP विधायक दल की अहम बैठक आज, जनहित से जुड़ें विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा

Politics: विधानसभा मानसून सत्र से पहले BJP विधायक दल की अहम बैठक आज, जनहित से जुड़ें विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की जाएगी। यह बैठक नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) में शाम 7 बजे से शुरू होगी। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य और भाजपा के सभी विधायक शामिल होंगे।

पार्टी संगठन की ओर से सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है और समय पर पहुंचने के निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार की रणनीति, विभिन्न विभागों की तैयारियों, विपक्ष के संभावित मुद्दों पर जवाबी रणनीति तथा जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विधायी और विकासात्मक विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।बता दें कि, इसके साथ ही सरकार की प्राथमिकताओं और सदन में समन्वित भूमिका को लेकर भी मंथन किया जाएगा। भाजपा विधायक दल की इस बैठक को आगामी मानसून सत्र की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सदन के एजेंडे और सरकार की रणनीति को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

CG Cabinet : साय कैबिनेट की अहम बैठक कल, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

CG Cabinet : साय कैबिनेट की अहम बैठक कल, कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगी चर्चा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित होगी। 13 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और नीतिगत निर्णयों पर अंतिम मुहर लगा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में आगामी मानसून सत्र के लिए सरकार की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी। विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा के साथ-साथ विधायी एजेंडे को अंतिम रूप देने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में प्रदेश के विकास कार्यों, जनहित से जुड़े मुद्दों और विभिन्न विभागों की लंबित योजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जा सकते हैं।

 सरकार विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए जाने वाले संभावित मुद्दों और प्रश्नों को लेकर भी अपनी रणनीति तैयार करेगी। इसी उद्देश्य से विभागों की तैयारियों की समीक्षा किए जाने की संभावना है। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस कैबिनेट बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके बाद 13 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र में सरकार कई अहम विधेयकों और जनहित से जुड़े विषयों को सदन में प्रस्तुत कर सकती है।