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छत्तीसगढ़ : 3 पदाधिकारियों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा, जानिए कौन-कौन हैं शामिल…

छत्तीसगढ़ : 3 पदाधिकारियों को मिला राज्य मंत्री का दर्जा, जानिए कौन-कौन हैं शामिल…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के विभिन्न निगम, मंडल और आयोग के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया है। इस संबंध में शासन ने 2 सितंबर को आदेश जारी किया है।

जारी आदेश के अनुसार, संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। अजय शुक्ला को छत्तीसगढ़ राज्य आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा मिला है। वहीं शरद अवस्थी को इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के रूप में राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया गया है।

नियमानुसार मिलेंगी सुविधाएं

शासन के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य मंत्री का दर्जा केवल शिष्टाचार (प्रोटोकॉल) के लिए प्रदान किया गया है। संबंधित पदाधिकारियों को नियमानुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने का उत्तरदायित्व संबंधित प्रशासनिक विभाग/आयोग का होगा।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यह सूची किसी प्रकार की वरिष्ठता या प्रोटोकॉल की स्थिति नहीं दर्शाती है। राज्य मंत्री का दर्जा आदेश जारी होने की तारीख से प्रभावशील होगा।

माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव

माइनिंग से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग तक, छत्तीसगढ़ लगा रहा दांव

 रायपुर- छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान लंबे समय से खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण पर आधारित रही है। अब राज्य इस पहचान को बदलते हुए कच्चे संसाधनों की बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंगका केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।

राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में इस बदलाव का आधार तैयार किया गया है। इस नीति में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों का केंद्र बनाना है।

*करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव*

औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से राज्य में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावप्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़कर एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे विशेष क्षेत्रों से जुड़ा है।

नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक दिशा को दर्शाते हैं। इसी क्रम में राजनांदगांव मेंइलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)को मंजूरी मिली है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है।

*स्टील से आगे ग्रीन स्टील की ओर*

स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला छत्तीसगढ़ अब इस क्षेत्र में भी अगली पीढ़ी के उत्पादन पर जोर दे रहा है। देश में कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के बीचग्रीन स्टीलराज्य के लिए बड़ा अवसर बनकर उभरा है। पिछले महीने आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रतिबद्धताओंने इस क्षेत्र की संभावनाओं को मजबूत किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष स्टील के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई जैसी योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ अपने खनिज संसाधन, मौजूदा स्टील उद्योग और ऊर्जा आधार का इस्तेमाल उच्च मूल्य वाले स्टील उत्पादों के निर्माण में कर सकता है।

*फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स में नई संभावनाएं*

फार्मास्यूटिकल्स भी राज्य की नई औद्योगिक तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावआए हैं, जबकि 216 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार हो रहा है। केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देशभर में 69 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल इस राष्ट्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का अवसर देती है।

*संसाधन से उत्पाद तक*

बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में भी औद्योगिक विकास की रणनीति केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के जरिए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं।

निवेश को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाएं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था भी की गई है।

छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक आधार की ताकत पहले से मौजूद है। अब लक्ष्य इन संसाधनों से आगे बढ़करउच्च मूल्य वाले उत्पादों का निर्माणकरना है। इलेक्ट्रॉनिक्स से ग्रीन स्टील और फार्मा से एआई तक नए क्षेत्रों में बढ़ता निवेश संकेत दे रहा है कि राज्य अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है।

एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह , छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खतरे को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन के बल पर समाप्त किया गया – उपराष्ट्रपति  राधाकृष्णन

एम्स रायपुर का तीसरा दीक्षांत समारोह , छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खतरे को मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन के बल पर समाप्त किया गया – उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

 छत्तीसगढ़ अतीत के अंधकार से निकलकर विकास और प्रगति के नए युग की ओर अग्रसर – उपराष्ट्रपति

ज्ञान के साथ करूणा और नैतिक मूल्य को अपनाएं युवा चिकित्स- राज्यपाल रमेन डेका

एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में भी 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री मिली

रायपुर। उपराष्ट्रपति  सी.पी. राधाकृष्णन ने आज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में शामिल होकर कहा कि यह दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का क्षण नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि “आज युवाओं को जो डिग्रियां मिल रही हैं और कल इससे कहीं अधिक मूल्यवान जिम्मेदारी सौंपी जाएगी- भारत की जनता का स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन।” एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री प्रदाय की गई। उपराष्ट्रपति ने मेधावी छात्रों को स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।

*एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ में हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन को दर्शाता है*

उपराष्ट्रपति ने कहा कि 2012 में स्थापना के बाद से एम्स रायपुर ने मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बेहद कम समय में यह संस्थान छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए एक प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में स्थापित हुआ है और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों तक भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर का विकास छत्तीसगढ़ में हो रहे उल्लेखनीय परिवर्तन को दर्शाता है।

छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दशकों से चली आ रही चुनौतियों का जिक्र करते हुए श्री राधाकृष्णन ने कहा कि कठिन भौगोलिक स्थिति, आवागमन की खराब सुविधा और वामपंथी उग्रवाद ने विकास में गंभीर बाधाएं खड़ी की। कई दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भय और हिंसा ने सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों के विकास को बाधित कर दिया, जिससे समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में दूरी और अभाव का सामना करना पड़ता था।

*छत्तीसगढ़ समृद्धि, विकास और प्रगति के एक नए युग की ओर अग्रसर*

उपराष्ट्रपति ने अपने उदबोधन में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ आज अपने अतीत के अंधकार से निकलकर समृद्धि, विकास और प्रगति के एक नए युग की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रतिबद्ध नेतृत्व को दिया। दशकों से चले आ रहे नक्सली खतरे का अंत हो गया है और जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा के लिए जाना जाता था, उन्हें अब सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, रोड़ कनेक्टिविटी, निवेश और अवसरों के लिए जाना जाने लगा है। उन्होंने कहा, यह परिवर्तन इस बात का एक सशक्त उदाहरण है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन में कितना बड़ा बदलाव लाया जा सकता हैं।

*उन्नत चिकित्सा तेजी से सुलभ हो रही है*

उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर को नए छत्तीसगढ़ के बेहतरीन प्रतीकों में से एक बताया, जो भय और अभाव के युग से शांति, प्रगति और संभावनाओं के युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उन्नत स्वास्थ्य सेवा और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में संस्थान की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किए गए पहले किडनी प्रत्यारोपण, किडनी प्रत्यारोपण में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल प्रत्यारोपण और कान प्रत्यारोपण को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उल्लेख किया, जो यह दर्शाती हैं कि इस क्षेत्र में उन्नत चिकित्सा कितनी तेजी से सुलभ हो रही है। उन्होंने कहा कि हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

*उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि*

विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन को प्राप्त करने के लिए संतुलित विकास के महत्व पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह दृष्टिकोण तभी साकार हो सकता है, जब प्रत्येक राज्य, जिला और गांव का विकास हो। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा तक पहुंच विकसित भारत की परिकल्पना का मूल आधार है। उन्होंने पिछले बारह वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा के विस्तार पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014-15 में महिला नामांकन जहां 1.57 करोड़ था, 2023-24 में यह बढ़कर अब 2.24 करोड़ हो गया, जो 42.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

*छत्तीसगढ़ का रूपांतरण 2047 तक विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा*

स्नातकों को संबोधित करते हुए, उप राष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने युवा स्नातकों से हमेशा दृढ़ता से नशीली दवाओं को न कहने और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया, जहां प्रौद्योगिकी सभी नागरिकों तक पहुंचे और प्रत्येक युवा भारतीय एक बेहतर भविष्य की आकांक्षा कर सके। उन्होंने कहा आपका ज्ञान स्वास्थ्य प्रदान करे, आपका शोध नवाचार लाए और आपकी सेवा प्रेरणा दे। उपराष्ट्रपति ने कहा कि एम्स रायपुर को नैदानिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक नवाचार, जन स्वास्थ्य और करुणापूर्ण सेवा में निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि छत्तीसगढ़ का रूपांतरण 2047 तक विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा।

राज्यपाल  रमेन डेका ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल ज्ञान और कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें धैर्य, करुणा और गहरी जिम्मेदारी की भावना भी आवश्यक है। चिकित्सा का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और एक चिकित्सक की श्रेष्ठता केवल उसकी पेशेवर दक्षता से नहीं, बल्कि मरीजों के साथ किए जाने वाले व्यवहार, विश्वास और सम्मान से भी निर्धारित होती है। उन्होंने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल, सफल एवं संतोषप्रद भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

*एम्स रायपुर की बढ़ती प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय*

राज्यपाल ने कहा कि नव-स्नातक चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, नवाचार को प्रोत्साहित करने और चिकित्सा अनुसंधान में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों, विशिष्ट चिकित्सकीय सेवाओं और अनुसंधान पहलों के माध्यम से संस्थान क्षेत्र के स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। एम्स रायपुर की बढ़ती प्रतिष्ठा छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है और यह संस्थान के प्राध्यापकों, चिकित्सा विशेषज्ञों तथा पूरी टीम की उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ वैज्ञानिक जिज्ञासा और अनुसंधान आधारित सोच को अपनाने तथा समाज की स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप नवीन समाधान विकसित करने का आग्रह किया।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने भी विद्यार्थियों को बधाई दी और आयुष्मान भारत, PM-JAY ABHA और e-Sanjeevani  जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य पहलों का उल्लेख करते हुए युवा डॉक्टरों से चिकित्सा उत्कृष्टता के साथ करुणा, नैतिकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शोध और समाज सेवा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने संस्थान की प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए चिकित्सा शिक्षा, शोध, नवाचार और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं में उच्च मानकों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्मृातक विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और पेशेवर कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र की सेवा में करने का आह्वान किया।

*विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्रों का वितरण, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले 16 विद्यार्थियों को किया पुरस्कृत*

दीक्षांत समारोह का प्रमुख आकर्षण विभिन्न चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले विद्यार्थियों को 689 डिग्री प्रमाण-पत्रों का वितरण रहा। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 16 पुरस्कार भी प्रदान किए गए। यह अवसर विद्यार्थियों, उनके परिवारों, शिक्षकों और पूरे एम्स रायपुर परिवार के लिए गर्व और खुशी का क्षण रहा।

समारोह में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  बृजमोहन अग्रवाल विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित और एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) संजीव हांडा और एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल उपस्थित रहे। दीक्षांत समारोह में ‘नसे को ना कहें की शपथ भी दिलाई गई।

बिजली बिल में फिर बढ़ेगा बोझ, सितंबर में 13% एफपीपीएएस की वसूली, 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को झटका

बिजली बिल में फिर बढ़ेगा बोझ, सितंबर में 13% एफपीपीएएस की वसूली, 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को झटका

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले महीनों में बिजली बिल में राहत मिलने की उम्मीद कम है। सितंबर में जारी होने वाले अगस्त के बिजली बिल में 13 फीसदी एफपीपीएएस (फ्यूल पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज) लगने की जानकारी सामने आई है। इसमें पिछले महीने का शेष 8 फीसदी शुल्क और अगस्त के लिए निर्धारित 5 फीसदी नया शुल्क शामिल है।

अगस्त के लिए एफपीपीएएस शुल्क 16 फीसदी तय किया गया था, लेकिन जुलाई में बिजली टैरिफ बढ़ने के कारण फिलहाल केवल 10 फीसदी की वसूली की गई। शेष 8 फीसदी राशि को आगे के बिल में लेने का निर्णय लिया गया था। अब यह राशि अगस्त के नए 5 फीसदी शुल्क के साथ सितंबर के बिजली बिल में जुड़ सकती है।

एफपीपीएएस शुल्क हर महीने बिजली खरीद की लागत के आधार पर तय होता है। इसी वजह से उपभोक्ताओं के बिल में इसका असर भी लगातार बदल रहा है। इस साल जनवरी में दिसंबर के बिल में 13.64 फीसदी एफपीपीएएस लगाया गया था। इसमें 5.43 फीसदी पिछला शुल्क और दिसंबर का 8.21 फीसदी नया शुल्क शामिल था।

फरवरी में जनवरी के बिल पर भी उपभोक्ताओं से पुराने 8.21 फीसदी शुल्क के साथ जनवरी का नया 4.14 फीसदी शुल्क लिया गया। इस तरह लगातार दोहरे शुल्क का असर बिजली बिल पर दिखाई दिया।

मार्च में फरवरी के बिजली बिल पर एफपीपीएएस शुल्क 5.91 फीसदी रहा। इसके बाद अप्रैल में मार्च के बिल पर यह घटकर 4.24 फीसदी हो गया। मई में अप्रैल के बिल में 3.98 फीसदी शुल्क लगाया गया।

हालांकि, इसके बाद एफपीपीएएस में फिर बढ़ोतरी हुई। जून में मई के बिल पर करीब 9.13 फीसदी, जबकि जुलाई में जून के बिल पर 11.33 फीसदी शुल्क वसूला गया।

अगस्त में जारी जुलाई के बिजली बिल में 10 फीसदी एफपीपीएएस लगाया गया। बताया गया कि उस समय शुल्क 18 फीसदी निर्धारित था, लेकिन जुलाई में बिजली टैरिफ बढ़ाए जाने के कारण पूरी राशि की जगह केवल 10 फीसदी की वसूली की गई। बाकी 8 फीसदी राशि को अगले बिलों में समायोजित किया जाना था।

अब अगस्त के लिए निर्धारित 5 फीसदी नए शुल्क के साथ यह 8 फीसदी बकाया राशि भी सितंबर के बिल में जोड़े जाने की बात कही जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं पर कुल 13 फीसदी एफपीपीएएस शुल्क का भार पड़ सकता है।

पावर कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन महीनों में एफपीपीएएस बढ़ने की बड़ी वजह गर्मी के दौरान प्रदेश में बिजली की बढ़ी मांग और बाहर से अधिक बिजली खरीदना है। मांग बढ़ने पर अतिरिक्त बिजली की जरूरत पड़ी, जिसकी पूर्ति बाहरी स्रोतों से की गई।

इसके अलावा कोरबा स्थित 210-210 मेगावाट क्षमता वाले दो बिजली संयंत्र करीब दो महीने तक बंद रहे। इनमें से एक 210 मेगावाट क्षमता का संयंत्र अभी भी बंद बताया जा रहा है। ऐसे में प्रदेश की बिजली जरूरत पूरी करने के लिए बाहर से बिजली खरीदने का दबाव बढ़ा है। अतिरिक्त बिजली खरीद की लागत का असर अब एफपीपीएएस के जरिए सीधे उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर पड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ SI मुख्य परीक्षा-2024 का शेड्यूल जारी, 2 से 4 नवंबर तक होगी परीक्षा; पांच संभागीय मुख्यालयों में केंद्र

छत्तीसगढ़ SI मुख्य परीक्षा-2024 का शेड्यूल जारी, 2 से 4 नवंबर तक होगी परीक्षा; पांच संभागीय मुख्यालयों में केंद्र

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में सूबेदार, उप निरीक्षक (SI) संवर्ग और प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024 को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म हो गया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने मुख्य परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को प्रदेश के पांच संभागीय मुख्यालयों में आयोजित की जाएगी।

मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 20 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 19 सितंबर 2026 की रात 11.59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में किसी तरह की गलती होने पर उम्मीदवारों को 20 और 21 सितंबर को संशोधन का अवसर दिया जाएगा।

सीजी पीएससी ने मुख्य परीक्षा के लिए प्रदेश में पांच परीक्षा केंद्र निर्धारित किए हैं। अभ्यर्थी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर (बस्तर) और अंबिकापुर (सरगुजा) में परीक्षा देंगे। इस व्यवस्था से अलग-अलग क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को अपने संबंधित संभागीय मुख्यालय के स्तर पर परीक्षा देने की सुविधा मिलेगी।

सीजी पीएससी ने छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासियों के लिए परीक्षा शुल्क को लेकर भी राहत दी है। परीक्षा या साक्षात्कार में शामिल होने वाले स्थानीय अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। शुल्क की राशि सीधे अभ्यर्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

आवेदन के दौरान छत्तीसगढ़ के आरक्षित वर्ग यानी एससी, एसटी और ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये, जबकि अन्य सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए 400 रुपये परीक्षा शुल्क निर्धारित किया गया है।

मुख्य परीक्षा में कुल पांच पेपर होंगे। परीक्षा तीन दिनों तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार—

2 नवंबर:

  • सुबह की पाली — भाषा (हिंदी एवं अंग्रेजी)
  • दोपहर की पाली — सामान्य ज्ञान

3 नवंबर:

  • सुबह की पाली — एप्टीट्यूड टेस्ट

4 नवंबर:

  • सुबह की पाली — विज्ञान (भौतिकी, रसायन एवं गणित)
  • दोपहर की पाली — कंप्यूटर साइंस

इस प्रकार अभ्यर्थियों को तीन दिनों में पांच अलग-अलग विषयों की परीक्षा देनी होगी।

अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले सीजी पीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। आयोग की ओर से एडमिट कार्ड को लेकर अभ्यर्थियों को डाक या एसएमएस के माध्यम से अलग से सूचना नहीं भेजी जाएगी। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आयोग की वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर रखें और समय पर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें।

ऑनलाइन आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों को लाइव फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। फोटो का बैकग्राउंड हल्के रंग का होना चाहिए। आयोग ने आवेदन प्रक्रिया के दौरान फोटो से संबंधित दिए गए निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है, ताकि आवेदन में किसी तरह की परेशानी न हो।

  • परीक्षा: सूबेदार, SI संवर्ग और प्लाटून कमांडर मुख्य परीक्षा-2024
  • परीक्षा तिथि: 2, 3 और 4 नवंबर 2026
  • परीक्षा केंद्र: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर
  • कुल पेपर: 5
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 19 सितंबर 2026, रात 11.59 बजे तक
  • आवेदन सुधार: 20 और 21 सितंबर
  • परीक्षा शुल्क: आरक्षित वर्ग 300 रुपये, अन्य वर्ग 400 रुपये
  • फीस वापसी: परीक्षा/साक्षात्कार में शामिल होने वाले स्थानीय अभ्यर्थियों को
  • एडमिट कार्ड: परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले
  • लाइव फोटो: ऑनलाइन आवेदन में अनिवार्य
जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस, शराब की दुकानें और बार रहेंगे बंद, आदेश जारी

जन्माष्टमी पर छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस, शराब की दुकानें और बार रहेंगे बंद, आदेश जारी

 रायपुर : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को पूरे प्रदेश में शुष्क दिवस घोषित किया है। वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा है।

शासन के आदेश के मुताबिक शुष्क दिवस के दौरान प्रदेश की सभी देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानें बंद रहेंगी। इसके अलावा रेस्टोरेंट बार, होटल बार, क्लब, अहाता और शराब बेचने या परोसने वाले सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठानों को भी बंद रखा जाएगा। इस दौरान भांग और भांगघोटा की फुटकर दुकानें भी संचालित नहीं होंगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि शुष्क दिवस के दौरान किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, स्टार होटल या अन्य प्रतिष्ठान अथवा व्यक्ति को शराब बेचने या परोसने की अनुमति नहीं होगी। गैरमालिकाना क्लबों और अन्य संबंधित संस्थानों पर भी यह प्रतिबंध लागू रहेगा।

शुष्क दिवस की अवधि में शराब के व्यक्तिगत भंडारण और गैर-लाइसेंसी परिसरों में मदिरा रखने पर भी रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर शराब जब्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अवैध शराब के परिवहन, संग्रहण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए जिला कार्यालयों के अलावा संभागीय और राज्य स्तरीय उड़नदस्तों को भी सक्रिय किया गया है। जांच दल संभावित अवैध शराब भंडारण स्थलों और संदिग्ध वाहनों की जांच करेंगे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री राजवाड़े ने सूरजपुर और भैयाथान में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठकों में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मंत्री राजवाड़े ने सूरजपुर और भैयाथान में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठकों में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

 00 हितग्राहियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने और मैदानी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर एवं भैयाथान में आयोजित विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठकों में विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।

मंत्री राजवाड़े ने सूरजपुर और भैयाथान में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठकों में योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

मंत्री राजवाड़े ने बैठक में योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी लेते हुए मैदानी स्तर पर कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। आमजन से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण हेतु 6.30 करोड़ से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण हेतु 6.30 करोड़ से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति

 00 6.20 किलोमीटर सड़क का पुल-पुलिया सहित होगा निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल खरकट्टा से कोडेकेला पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वीकृत परियोजना के तहत 6.20 किलोमीटर लंबी सड़क का पुल-पुलिया सहित निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्रवासियों को वर्षभर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बरसात के दौरान आवागमन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत सड़क नेटवर्क पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सड़कें गांवों को केवल मुख्य मार्गों से जोडऩे का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और व्यापार जैसी आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होती है। सड़क संपर्क मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और विकास की संभावनाएं भी व्यापक होती हैं।

कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच होगी आसान
खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आवागमन में सहूलियत मिलेगी, वहीं मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। सड़क निर्माण से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। पुल-पुलिया सहित सड़क का निर्माण होने से वर्षा ऋतु में जलभराव एवं मार्ग बाधित होने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। इससे ग्रामीणों को पूरे वर्ष बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी तथा गांवों और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा।
क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री साय का जताया आभार
खरकट्टा से कोडेकेला मार्ग के निर्माण के लिए मिली स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से लंबे समय से आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी। क्षेत्रवासियों ने कहा कि सड़क निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि, व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।

ब्रेकिंग : भाजपा ने की प्रकोष्ठों के प्रभारियों की घोषणा, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : भाजपा ने की प्रकोष्ठों के प्रभारियों की घोषणा, इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी, देखें पूरी लिस्ट…!!

 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव की सहमति से विभिन्न प्रकोष्ठों के लिए संयोजक-सहसंयोजक और प्रभारियों की घोषणा की है। पार्टी के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन मार्कण्डेय की ओर से जारी आदेश के अनुसार चुन्नीलाल साहू को प्रकोष्ठ संकुल संयोजक और लाभचंद बाफना को प्रकोष्ठ संकुल सहसंयोजक बनाया गया है। 

700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न करें - वर्मा

700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न करें - वर्मा

00 उच्च शिक्षा मंत्री ने ली समीक्षा बैठक
रायपुर। राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में गति लाने के उद्देश्य से आज उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने विभागीय अधिकारियों की मंत्रालय में समीक्षा बैठक ली। बैठक में 1 जुलाई 2026 को लिए गए निर्णयों पर अब तक हुई कार्यवाही का बिंदुवार क्रियान्वयन की समीक्षा की गया। मंत्री वर्मा ने समयबद्ध कार्यों में देरी पर कड़ी नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक ढिलाई को तुरंत दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के सख्त निर्देश दिए। इस बैठक में सचिव अविनाश चंपावत, आयुक्त श्रीमती रीता यादव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
प्राध्यापक भर्ती और पदोन्नति की समयसीमा तय
बैठक के दौरान राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में सत्र 2026-27 के तहत जारी प्रवेश प्रक्रिया का जायजा लिया गया। मंत्री वर्मा ने सहायक प्राध्यापक के 700 पदों पर जारी भर्ती प्रक्रिया की रुकावटों को तत्काल दूर करने तथा प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा। स्नातक प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति की पेंडेंसी पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने 15 सितंबर 2026 तक समस्त कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापकों की जांच कर उन पर की गई कार्यवाही की भी समीक्षा की गई।
न्यायालयीन प्रकरणों पर चिंता और वेतनमान का त्वरित निराकरण

वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी वेतनमान के प्रकरणों में हो रही देरी के कारण सहायक प्राध्यापकों को न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, जिस पर मंत्री ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विभाग में लंबित न्यायालयीन प्रकरणों और याचिकाओं का ब्योरा मांगते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 1 अक्टूबर 2026 तक सभी विचाराधीन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण कर आदेश जारी किए जाएं। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों की पीएच.डी. अनुमोदन की प्रगति और मंत्री कार्यालय द्वारा भेजी गई शिकायतों पर की गई कार्यवाही का विस्तृत विवरण तलब किया गया।
वित्तीय पारदर्शिता और शैक्षणिक गुणवत्ता पर जोर
मंत्री  वर्मा ने समीक्षा के दौरान पिछली बैठक में मांगी गई बजट संबंधी अधूरी जानकारी पर असंतोष जताया गया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय को आवंटित बजट की महाविद्यालयवार पूर्ण सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया।
सत्र प्रबंधन और नई नीतिगत पहल
छात्र-छात्राओं के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा मंत्री ने महाविद्यालयों में सीट वृद्धि की प्रक्रिया को सुचारू बनाने हेतु नया कैलेंडर लागू करने का सुझाव दिया। इसके तहत शासकीय व निजी महाविद्यालयों से सीट वृद्धि के प्रस्ताव दिसंबर तक मंगाकर जनवरी तक स्वीकृतियां जारी की जाएंगी, ताकि आदेशों में होने वाली त्रुटियों से महाविद्यालयों को मुक्ति मिल सके। लॉ और बी. एड. जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 31 दिसंबर तक प्राप्त होने वाले ऑनलाइन आवेदनों का निराकरण समय सीमा के भीतर करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, 4-वर्षीय बी.एड. पाठ्यक्रम हेतु एन.सी.टी.ई. दिल्ली की नैक ग्रेडिंग शर्तों पर चर्चा के लिए एक विशेष टीम गठित कर दिल्ली भेजने और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमानुसार प्रति सेक्शन 60 विद्यार्थियों के अनुपात को समायोजित करने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने के निर्देश जारी किए गए।

 

 

 

Breaking: महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, 14 अधिकारियों को मिली नई पदस्थापना, देखें आदेश..!!

Breaking: महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, 14 अधिकारियों को मिली नई पदस्थापना, देखें आदेश..!!

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग में प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग ने उप संचालक, जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत कई अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए नई पदस्थापना दी है। आदेश के मुताबिक यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।

देखें आदेश

 

ब्रेकिंग : 27 प्रोबेशनर समेत 64 सहायक वन संरक्षकों को मिली पोस्टिंग और ट्रांसफर, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : 27 प्रोबेशनर समेत 64 सहायक वन संरक्षकों को मिली पोस्टिंग और ट्रांसफर, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

 रायपुर : छत्तीसगढ़ वन विभाग में बड़े पैमाने पर अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। शासन ने अधिकारियों की नई पदस्थापना  का आदेश जारी कर दिया है।जारी आदेश के अनुसार प्रदेश के अलग-अलग वनमंडलों में पदस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में 64 सहायक वन संरक्षकों को नई जगहों पर तैनाती दी गई है।

64 सहायक वन संरक्षकों को नई जिम्मेदारी

CG Forest Department Transfer के तहत शासन ने 64 सहायक वन संरक्षकों को अलग-अलग स्थानों पर नई जिम्मेदारी सौंपी है। अधिकारियों को उनकी नई पदस्थापना के अनुसार संबंधित स्थानों पर कार्यभार संभालना होगा।

वन विभाग में हुए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव से कई अधिकारियों की मौजूदा जिम्मेदारियां बदल गई हैं। ट्रांसफर लिस्ट  जारी होने के बाद अब संबंधित अधिकारी नई जगह पर विभागीय जिम्मेदारी संभालेंगे।

यहां देखें लिस्ट 

CG Transfer News

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जामबहार में बनेगा 3.40 करोड़ की लागत से नया सबस्टेशन, 4500 से अधिक हितग्राहियों को मिलेगा लाभ….

जामबहार में बनेगा 3.40 करोड़ की लागत से नया सबस्टेशन, 4500 से अधिक हितग्राहियों को मिलेगा लाभ….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के उद्योग, वाणिज्य, श्रम व आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने कोरबा जिले के बालको क्षेत्र से लगे ग्राम पंचायत जामबहार में 3.40 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 33/11 के.वी. (05 एम.वी.ए. क्षमता) विद्युत सबस्टेशन का विधिवत भूमिपूजन किया। इस नए सबस्टेशन के निर्माण से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में गुणवत्ता आएगी और आसपास के अन्य सबस्टेशनों पर दबाव कम होगा।

शहरी व ग्रामीण बस्तियों में सुधरेगी बिजली आपूर्ति

सबस्टेशन निर्माण के लाभ रेखांकित करते हुए उद्योग मंत्री देवांगन ने बताया कि इससे कोरबा शहरी क्षेत्र के रूमगरा, बेलगिरी बस्ती, मदरसा मोहल्ला, हवाई पट्टी, खान मोहल्ला और जोगियाडेरा जैसी बस्तियों को बेहतर बिजली मिलेगी। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के जामबहार, रोकबहरी, सोनपुरी, परसाबातेल और चुहिया में भी सुचारू विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित होगी। योजना से 4,500 से अधिक उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे।

सौर ऊर्जा और योजनाओं का लाभ उठाने की अपील

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा हर घर तक समुचित बिजली पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ और ‘बिजली बिल समाधान योजना’ का लाभ उठाने की अपील की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह और जिला पंचायत सदस्य रेणुका राठिया ने मंत्री के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि रफीक मेमन, निगम पार्षद नरेंद्र देवांगन, सीमा कंवर, जामबहार सरपंच उपन सिंह कंवर तथा बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

शिक्षक दिवस पर छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों का होगा सम्मान, 4 शिक्षकों को मिलेगा स्मृति पुरस्कार

शिक्षक दिवस पर छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों का होगा सम्मान, 4 शिक्षकों को मिलेगा स्मृति पुरस्कार

 रायपुर : शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और सराहनीय योगदान देने वाले छत्तीसगढ़ के 64 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. वर्ष 2025-26 में 4 शिक्षक को स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. 

राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में होने वाले समारोह में चयनित शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया जाएगा. चयनित शिक्षकों में प्राचार्य, प्रधान पाठक, व्याख्याता और सहायक शिक्षक सहित शिक्षा विभाग की विभिन्न श्रेणियों के शिक्षक शामिल हैं

शिक्षक का नाम स्मृति पुरस्कार
राजेश कुमार प्रजापति डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल स्मृति पुरस्कार
कामता प्रसाद जायसवाल डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार
प्रज्ञा सिंह डॉ. मुकुटधर पांडेय स्मृति पुरस्कार
प्रियंका गोस्वामी गजानंद माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार

इन 64 शिक्षकों को मिलेगा

राज्य शिक्षक सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से शिक्षकों का चयन किया गया है. चयन प्रक्रिया में शिक्षकों के उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य, सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को आधार बनाया गया है. शिक्षक दिवस पर आयोजित समारोह में इन शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करते हुए उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित यह समारोह प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित करने का अवसर होगा.

संस्कृत सप्ताह का समापन, मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

संस्कृत सप्ताह का समापन, मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामंडल, रायपुर द्वारा संस्कृत सप्ताह के सातवें एवं अंतिम दिवस पर सोमवार को संस्कृत सप्ताह समापन एवं मेधावी छात्र अलंकरण समारोह का आयोजन प्रो. एन.पी. पाण्डेय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नलघर चौक, रायपुर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

समारोह में संस्कृत विद्यालयों की कक्षा पूर्व माध्यमिक द्वितीय वर्ष (10वीं) एवं उत्तर माध्यमिक द्वितीय वर्ष (12वीं) की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को पुरस्कार, मेडल एवं सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. विद्यावती चंद्राकर सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने तथा संस्कृत को विद्यालयों में अनिवार्य किए जाने की दिशा में जोर दिया। विधायक सुनील सोनी ने भी संस्कृत को अनिवार्य विषय के रूप में जोड़े जाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में संस्कृत विद्यामंडल के अध्यक्ष राजेश कुमार राजपूत ने मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। छात्र-छात्राओं ने सामूहिक नृत्य, एकल गीत, श्लोक वाचन, सामूहिक लघुनाटिका एवं संस्कृत भाषा में गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया।

समारोह में संस्कृत विद्यामंडल के सचिव डॉ. विजय कुमार खंडेलवाल, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, मंडल के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. व्यास नारायण आर्य एवं श्रीमती अनुरिमा शर्मा ने किया। अंत में सचिव डॉ. विजय कुमार खंडेलवाल ने आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। 

क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात

क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात

 0-क्रेडाई सेलेब्रेट्स रायपुर अभियान और  क्रेडाई एक्सपो पर दी जानकारी

रायपुर। कन्फेडरशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) छत्तीसगढ़ के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी से उनके निवास कार्यालय में एक महत्वपूर्ण सौजन्य भेंट की। इस सार्थक मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विकास में रियल एस्टेट सेक्टर के योगदान पर चर्चा करने के साथ-साथ क्रेडाई के बहुआयामी अभियान 'क्रेडाई सेलेब्रेट्स रायपुर और आगामी मेगा इवेंट 'क्रेडाई एक्सपो की विस्तृत रूपरेखा मुख्यमंत्री जी के समक्ष प्रस्तुत की।

मुलाकात की शुरुआत में क्रेडाई प्रतिनिधिमंडल ने माननीय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी का आत्मीय अभिनंदन किया। प्रदेश के समग्र विकास और सुशासन की दिशा में सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए, क्रेडाई की ओर से मुख्यमंत्री जी को 'क्रेडाई सेलेब्रेट्स रायपुर अभियान का एक विशेष स्मृति-चिह्न ससम्मान भेंट किया गया। मुख्यमंत्री जी ने क्रेडाई द्वारा किए जा रहे सामाजिक और संरचनात्मक कार्यों की सराहना की और अपना मार्गदर्शन प्रदान किया।

क्रेडाई एक्सपो के आयोजन की दी जानकारी

मुलाकात के दौरान चर्चा का एक प्रमुख केंद्र आगामी 'क्रेडाई एक्सपो रहा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि राजधानी रायपुर में 18, 19 और 20 सितंबर को इस भव्य प्रॉपर्टी एक्सपो का आयोजन किया जा रहा है।

यह एक्सपो प्रदेश के घर खरीदारों के लिए एक सुनहरा अवसर होगा, जहां एक ही छत के नीचे शहर के सर्वश्रेष्ठ बिल्डर्स, उत्कृष्ट रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और प्रमुख वित्तीय संस्थान (बैंक) मौजूद रहेंगे। यह आयोजन न केवल आम नागरिकों के 'अपने घर के सपने को साकार करने में मदद करेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को भी एक नई गति प्रदान करेगा।

क्रेडाई सेलेब्रेट्स रायपुर: शहर की संस्कृति और समाज को संवारने का एक उत्सव

मुख्यमंत्री जी को 'क्रेडाई सेलेब्रेट्स रायपुर अभियान से भी विस्तार पूर्वक अवगत कराया गया, जिसकी शुरुआत शहर में हो चुकी है। रायपुर शहर की सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और यहाँ के सौहार्दपूर्ण समाज को सम्मानित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया 'क्रेडाई सेलेब्रेट्स रायपुर अभियान शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

इस अभियान का सफल संचालन क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री पंकज लाहोटी, चेयरमैन श्री मृणाल गोलछा और सचिव  अभिषेक बच्छावत के कुशल मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

इस अभियान के मूल विचारों पर प्रकाश डालते हुए क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री पंकज लाहोटी ने कहा,  'क्रेडाई का लक्ष्य केवल ईंट-गारे से इमारतें और इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना नहीं है, बल्कि उस समाज और शहर को भीतर से संवारना भी है जहाँ हम और हमारा परिवार रहता है। 'क्रेडाई सेलेब्रेट्स रायपुर वास्तव में हमारे शहर की जीवंतता, यहाँ के लोगों और हमारी अपनी संस्कृति का एक खूबसूरत उत्सव है। '

इपूरे अभियान को धरातल पर उतारने का बीड़ा क्रेडाई की ऊर्जावान 'युवा विंग ने उठाया है। युवा विंग के प्रोग्राम चेयरमैन अशोक मूंदड़ा और प्रतीक केवलानी के नेतृत्व में टीम के सक्रिय सदस्यों— संजय रहेजा, नवनीत अग्रवाल, संजना बघेल, आयुष मोदी, माधवी नथानी, ऋत्विक नथानी, ऋषभ कटारिया, श्रद्धा तापडिय़ा, अभिषेक फतनानी, मुकेश बजाज, दिव्यम तापडिय़ा, शशांक अग्रवाल और जीतू लोहाना ने समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़कर उत्कृष्ट कार्य किए हैं।  

दिव्यांग बच्चों के जीवन में बिखेरी मुस्कान: इस नेक अभियान की शुभ शुरुआत 'अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल से की गई। क्रेडाई सदस्यों ने इन विशेष बच्चों के साथ आत्मीय पल बिताए, उनकी दुनिया को समझा और उनके चेहरों पर खुशी लाने के लिए उन्हें स्कूल बैग्स वितरित किए।

बेसहारा पशुओं के प्रति करुणा (एनिमल वाटिका): समाज के हर जीव के प्रति अपनी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी निभाते हुए, क्रेडाई की टीम 'एनिमल वाटिका पहुंची। वहां उन्होंने बेसहारा जानवरों की देखभाल में समय बिताया और संस्था के इस नेक काम को बिना किसी रुकावट के चलते रहने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

राष्ट्रपति से भेंट कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

राष्ट्रपति से भेंट कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

 राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और समृद्ध लोक संस्कृति की विद्यार्थियों ने छोड़ी अमिट छाप

राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु से संवाद के अनुभव विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ किए साझा

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों को दी बधाई, कहा - आपकी उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय

राष्ट्रपति ने CWSN विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को बांधी राखी, छात्राओं की सुवा नृत्य प्रस्तुति को सराहा

रायपुर--मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री  साय को राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा और राष्ट्रपति महोदया के साथ हुए आत्मीय संवाद के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इस विशेष अवसर के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में गौरव की बात है। प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी यात्रा के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। राष्ट्रपति महोदया ने उनसे सहजता और आत्मीयता के साथ बातचीत की तथा उनकी शिक्षा, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए क्षणों से जुड़े अपने अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं। ऐसे अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके सपनों को नई ऊंचाई देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया

उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट और संवाद का विशेष अवसर प्राप्त हुआ था। इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदया ने विद्यार्थियों से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रपति भवन में इस मुलाकात का एक अत्यंत भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति महोदया का यह आत्मीय स्नेह नुकेश के साथ ही वहां उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी जीवनभर संजोकर रखने वाली स्मृति बन गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी राष्ट्रपति भवन में देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, गीत-संगीत और सांस्कृतिक सौंदर्य से सजी इस प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तुति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह विशेष रूप से प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के बच्चों ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़े राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी सुंदर परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान और हमारी अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी जब इसे आत्मसात कर देश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो हमारी परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपति महोदया से प्राप्त प्रोत्साहन और इस यात्रा से मिले अनुभव को वे अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, प्रदेश और देश को गौरवान्वित करें।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर जिले की राजवती पोयाम, सुकमा जिले के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग जिले की पायल राजानी, महासमुंद जिले की रागनी साहू, रायपुर जिले के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद जिले के दुर्गेश साहू एवं डिगेश सेन शामिल थे।

इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा श्री चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित थे।

PWD विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, 56 कार्यपालन अभियंता किये गए इधर से उधर, आदेश जारी…

PWD विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला, 56 कार्यपालन अभियंता किये गए इधर से उधर, आदेश जारी…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग (PWD) में बड़े पैमाने पर तबादला हुआ है। इस संबंध में विभाग ने आदेश भी जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, प्रशासनिक आधार पर 56 कार्यपालन अभियंताओं (सिविल) (Executive Engineers) का स्थानांतरण किया गया है। स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना दी गई है।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज आएंगे छत्तीसगढ़, देखें मिनट-टू-मिनट शेड्यूल

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन आज आएंगे छत्तीसगढ़, देखें मिनट-टू-मिनट शेड्यूल

 रायपुर. भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन आज (2 सितंबर) को छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर आएंगे. एक दिवसीय दौरे पर वह एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे. कार्यक्रम की पूरी तैयारियां कर ली गईं हैं. वहीं शहर में उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. 

उपराष्ट्रपति के दौरे का मिनट-टू-मिनट शेड्यूल

निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज सुबह करीब 10 बजे विशेष विमान से रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेगे. इसके बाद वे सीधे एम्स रायपुर के लिए रवाना होंगे और 10:45 बजे एम्स परिसर पहुंचेंगे. उपराष्ट्रपति सुबह 11 बजे से एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे. समारोह में विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियां और उपाधि वितरण कार्यक्रम चलेगा.

दोपहर 12:30 बजे एयरपोर्ट के लिए रवाना

दीक्षांत समारोह के बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन दोपहर 12:30 बजे एम्स से रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. जिसके बाद दोपहर करीब 1:30 बजे विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे. 

कार्यक्रम में इनकी भी रहेगी मौजूदगी

उपराष्ट्रपति के अलावा केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल के साथ ही एम्स के अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव हांडा, एम्स गुवाहाटी के प्रो. अशोक पुरानिक एवं एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र कोतवाल के साथ ही केंद्र के पीएमएसवाय डायरेक्टर सचिन कुमार विशेष रुप से कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे. इनके अलावा राज्यपाल रेमन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी समारोह में रहेंगे.

सरोना रिंगरोड से टाटीबंध चौक तक सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

शहर के सरोना रिंगरोड से टाटीबंध चौक तक उपराष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. रिंग रोड नंबर 1 में बैरिगेड्स लगाए गए हैं. वहीं नियमित ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को गेट नंबर 1 से ही आवाजाही करनी होगी. मरीज और उनके परिजन गेट नंबर 3 से भी ओपीडी के लिए आना-जाना कर सकते हैं, लेकिन गेट नंबर 1 में पार्किंग का इंतजाम होने के कारण रजिस्ट्रेशन काउंटर पहुंचने के लिए मरीजों को दूर तक पैदल चलकर जाना होगा. ट्रामा-इमरजेंसी जाने के लिए पहले की तरह गेट नंबर 2 का ही उपयोग होगा. रजिस्ट्रेशन काउंटर के लिए मरीज पहले 4 गेट नंबर से जाते थे, यह 2 सितंबर को सुबह से ही वीआईपी मूवमेंट के चलते आमनागरिकों के लिए बंद रखा जाएगा. यही स्थिति गेट नंबर 5 की भी रहेगी.

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, इन 6 अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी, SP ने जारी किया आदेश…..

 जांजगीर-चांपा। जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण से फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने आज आदेश जारी कर छह पुलिस अधिकारियों की अस्थायी रूप से नई पदस्थापना की है। सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक तत्काल प्रभाव से नवीन जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। इस फेरबदल में कई थाना प्रभारियों को दूसरे थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

देखें आदेश….

CG : कंटेनर में बना रखा था गुप्त चैंबर, पुलिस ने खोला राज तो निकला 2.23 करोड़ का गांजा, चालक गिरफ्तार

CG : कंटेनर में बना रखा था गुप्त चैंबर, पुलिस ने खोला राज तो निकला 2.23 करोड़ का गांजा, चालक गिरफ्तार

 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कंटेनर ट्रक से 447 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 2.23 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में पंजाब निवासी ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने मंगलवार को बताया कि सोमवार शाम मध्य प्रदेश सीमा के पास चिल्फी थाना के सामने बैरियर पर संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही थी। इसी दौरान बोडला की ओर से आ रहे एक कंटेनर ट्रक को पुलिस ने रोका।

संदिग्ध गतिविधियों के बाद ट्रक की तलाशी

ट्रक चालक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर उससे पूछताछ की गई। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान चालक की सीट के ऊपर ट्रक में विशेष रूप से बनाए गए एक गुप्त चैंबर का पता चला। इसमें खाकी रंग की टेप से लिपटे कई पैकेट छिपाकर रखे गए थे।

पुलिस ने पैकेटों को खोलकर जांच की तो उनमें कुल 447 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 2.23 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजे के साथ एक मोबाइल फोन भी जब्त किया और ट्रक को कब्जे में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलजीत सिंह, निवासी अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार
पुलिस के अनुसार, कबीरधाम जिले की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को राजनांदगांव रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अजय यादव ने 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।

केले से लदे ट्रक से 9 क्विंटल गांजा बरामद
कुछ महीने पहले, छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में केले से लदे ट्रक से 9 क्विंटल से ज्यादा गांजा जब्त किया गया था। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए गांजे की कीमत 4 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई थी।

CG : 3 दिन स्थानीय अवकाश का आदेश जारी, कल भी रहेगी छुट्टी, यहां जारी रहेगा कामकाज

CG : 3 दिन स्थानीय अवकाश का आदेश जारी, कल भी रहेगी छुट्टी, यहां जारी रहेगा कामकाज

 बिलासपुर।  हिंदू धर्म में हल छठ या हल षष्ठी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इसे हरछठ, ललई छठ और बलराम जयंती के नाम से भी जाना जाता है। हल छठ पर्व के अवसर पर बिलासपुर जिले में 2 सितंबर को स्थानीय अवकाश रहेगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। स्थानीय अवकाश के चलते जिले में संबंधित शासकीय कार्यालयों में सामान्य कामकाज नहीं होगा।

हालांकि, यह स्थानीय अवकाश बैंक और कोषालय पर लागू नहीं होगा। इन दोनों संस्थानों में निर्धारित समय के अनुसार सामान्य रूप से कामकाज जारी रहेगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम का जन्म हुआ था। उन्हें शेषनाग का अवतार भी माना जाता है। भगवान बलराम का प्रमुख अस्त्र हल था, इसी वजह से इस पर्व को हल षष्ठी या हल छठ कहा जाता है।

हल छठ के अवसर पर माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। पर्व को लेकर जिले में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

माता कौशल्या धाम के कॉटेज के संचालन के लिए तीन बार निविदा, न्यूनतम प्रस्ताव नहीं मिलने से हुई निरस्त

माता कौशल्या धाम के कॉटेज के संचालन के लिए तीन बार निविदा, न्यूनतम प्रस्ताव नहीं मिलने से हुई निरस्त

 रायपुर। माता कौशल्या धाम, चंदखुरी में पर्यटकों की सुविधा के लिए तैयार किए गए कॉटेज के लंबे समय से बंद होने के संदर्भ में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है। पर्यटन मंडल के अनुसार, कॉटेज के संचालन के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए गए हैं। इसके संचालन और मेंटनेंस के लिए तीन बार निविदा प्रक्रिया आयोजित की गई, लेकिन प्रत्येक बार न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त नहीं होने के कारण निविदा प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी।
माता कौशल्या धाम को प्रदेश के महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉटेज तैयार किए गए हैं। इनके संचालन एवं प्रबंधन के लिए पर्यटन मंडल द्वारा समय-समय पर निविदा प्रक्रिया अपनाई गई।पहली बार निविदा प्रक्रिया के बाद आवश्यक न्यूनतम प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुए। इसके बाद पुनः निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन दूसरी बार भी निर्धारित न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हो सके। तीसरी बार भी यही स्थिति बनी। परिणामस्वरूप नियमानुसार तीनों निविदा प्रक्रियाओं को निरस्त करना पड़ा। पर्यटन मंडल द्वारा कॉटेज को पर्यटकों के उपयोग में लाने के लिए लगातार प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है।
’अब लीज पर संचालन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा’
पर्यटन मंडल के अनुसार, वर्तमान में उक्त कॉटेज के लीज पर संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है। इस प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद कॉटेज का संचालन शुरू करने का लक्ष्य है, जिससे माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने एवं खान - पान सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। माता कौशल्या धाम में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा कॉटेज को शीघ्र पर्यटकों के लिए उपयोगी बनाने की दिशा में वैकल्पिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
’पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने पर लगातार जोर’
माता कौशल्या धाम केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी है। यहां देश-प्रदेश से श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन होता है। ऐसे में पर्यटकों के ठहरने और अन्य आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करना पर्यटन मंडल की प्राथमिकताओं में शामिल है।
इसी क्रम में तैयार किए गए कॉटेज का संचालन शुरू करने के लिए अब लीज मॉडल के माध्यम से प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। इससे पूर्व अपनाई गई तीन निविदा प्रक्रियाओं में न्यूनतम आवश्यक प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है। लीज पर संचालन के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रक्रिया प्रस्तावित की जा रही है। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद कॉटेज का संचालन शुरू होने से माता कौशल्या धाम आने वाले पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका-मंत्री अग्रवाल

 रायपुर। सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक  दीपक कुमार झा, कलेक्टर  अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।
विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।

समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि द्वारा सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। अतिथियों ने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित
समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।

सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस का सम्मान दिया गया।विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्तिध्सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया।कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

 

 

 

 

सीजीपीएससी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

सीजीपीएससी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

 रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में मंगलवार को रायपुर, दुर्ग और भिलाई में सात जगहों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के. के. चंद्राकर के परिसरों पर भी कार्रवाई की है। यह जांच ईओडब्ल्यू और सीबीआई की प्राथमिकियों के आधार पर की जा रही है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत मंगलवार को राज्य में कई स्थानों पर छापे मारे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (पीए) से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू की गई जांच के सिलसिले में भिलाई, दुर्ग और रायपुर में कुल सात स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार, यह जांच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। जिन स्थानों की तलाशी ली जा रही है, उनमें बघेल के पूर्व निजी सहायक के. के. चंद्राकर के परिसर भी शामिल हैं। बघेल ने इससे पहले शराब और कोयला कारोबार से अवैध रूप से वसूली गयी रकम से जुड़े धनशोधन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था।
उन्होंने इन आरोपों को अपने और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया था। धनशोधन की यह जांच छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्राथमिकी और इसके बाद जुलाई 2024 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई शिकायत से शुरू हुई। सीबीआई ने यह मामला नवंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कांग्रेस को हराकर छत्तीसगढ़ में सत्ता में आने के बाद दर्ज किया था। साउथएशियन कल्चरल इवेंट्स खोजनाइस जांच के तहत छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को केंद्रीय एजेंसी ने जुलाई में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और सीजीपीसीएस द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े आरोपों को लेकर की गई थी। सोनवानी को सीबीआई ने भी 2024 में गिरफ्तार किया था।