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शहर कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी घोषित

शहर कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी घोषित

रायपुर। पीसीसी की स्वीकृति के बाद शहर जिला कांग्रेस कमेटी की घोषणा अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन ने कर दी है। सूची में शामिल हैं- 

कोषाध्यक्ष  -- सचिन अग्रवाल। 

उपाध्यक्ष-- सहदेव व्यवहार,जसबीर ढिल्लन,दिनेश ठाकुर,राकेश धोतरे,डा.अन्नुराम साहू,प्रशांत ठेंगड़ी,चंपालाल देवांगन,मनोज बंजारे,अविनय दुबे,नितिश शर्म,इरफान कुरैशी,सम्पत सिंह राजपूत।  

महामंत्री-- सुशांत डे,प्रवीण चंद्राकर,दीपक चौबे,सुरेश जैन बाफना,राजू(राज)देवांगन,सौरभ तिवारी,अनिल रायचुरा,संदीप शर्मा,कृष्णकांत साहू,मोहम्मत ताहिर,जावेद नकवी,जीतू भारती,नंदू सिन्हा,सत्तु सिंह,संजय अग्रवाल,मनीष शर्मा,सतीश विक्की साहू। 

सचिव-- लक्ष्मीप्रसाद मिश्रा(मुन्ना),प्रदीव देवांगन,प्रीति सोनी,अर्पणा संचेती,फहीम खान,ईश्वर चक्रधारी,महेन्द्र सेन,संजय सोनी,रोहित साहू,अमित कोसरिया,आकाश उपाध्याय,जितेन्द्र यादव,उज्जवल राजपूत,मोहसिन खान,राजू दुबे,श्रीनाथ भोगल,ज्योतिप्रकाश जगत,प्रवेश लखवानी,अनिल रुपचंदानी,हीरा नागरची। कार्यकारिणी सदस्य--राजु नायक,सुरेश बुधवानी,नागेन्द्र तिवारी,राहुल श्रीवास्तव,नागेन्द्र वोरा,नवीन लाजरस,सागर तांडी,दीपक कुमार,मरकंद तांडी हेमू डेकाटे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से जापान के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात

 निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार को लेकर हुई विस्तृत चर्चा  

रायपुर--मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास और तकनीकी सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर अपने जापान प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार की उद्योगोन्मुखी और निवेश प्रोत्साहनकारी नीतियों के कारण छत्तीसगढ़ वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जापान तकनीकी दृष्टि से अग्रणी देश है और वहां की उन्नत विशेषज्ञता का लाभ छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के निवेश और सहयोग से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा राज्य के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। जापान से आए प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में निवेश के लिए अनुकूल और पारदर्शी वातावरण तैयार हुआ है, जिससे उद्योगों के विस्तार के लिए बेहतर संभावनाएं उपलब्ध हो रही हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश में अपने निवेश को और बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, एफसेनल के डायरेक्टर श्री युकीहिरो मोमोसे, कोनोइके ट्रांसपोर्ट के एक्जीक्यूटिव ऑफिसर श्री तोशीहीरो फूजीवारा, एफएसएनएल के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री सुनील कुमार दीक्षित तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के पूर्व सीएमडी श्री के. डी. दीवान उपस्थित थे।

CG – स्कूल जा रहीं 2 शिक्षिकाएं हुईं सड़क हादसे का शिकार, एक की दर्दनाक मौत, दूसरी की हालत गंभीर……

CG – स्कूल जा रहीं 2 शिक्षिकाएं हुईं सड़क हादसे का शिकार, एक की दर्दनाक मौत, दूसरी की हालत गंभीर……

 बलरामपुर। जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वाड्रफनगर-रामानुजगंज मुख्य मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूल जा रही दो शिक्षिकाएं ट्रक की चपेट में आ गईं। हादसे में स्कूटी सवार एक शिक्षिका की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना बसंतपुर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, दोनों शिक्षिकाएं अपने विद्यालय करमडीहा स्कूल के लिए स्कूटी से निकली थीं। इसी दौरान मुख्य मार्ग पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि एक शिक्षिका ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दूसरी शिक्षिका रजनी केवट गंभीर रूप से घायल हो गईं।

घायल शिक्षिका को तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से वाड्रफनागर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मृतक और घायल दोनों शिक्षिकाएं करमडीहा स्कूल में पदस्थ थीं। घटना की खबर मिलते ही स्कूल स्टाफ और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में मातम का माहौल है।

जल्द होगा फिजियोथेरेपी सेन्टर का निर्माण, सीएम साय ने दिया आश्वासन

जल्द होगा फिजियोथेरेपी सेन्टर का निर्माण, सीएम साय ने दिया आश्वासन

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भगवान महावीर जैन रिलीफ ट्रस्ट ने भेंट कर फिजियोथेरेपी सेंटर निर्माण के लिए रियायती दर पर जमीन देने आग्रह किया। 

समिति की और से अध्यक्ष अशोक पगारिया एवं संतोष बैद ने नया रायपुर में मेडी सिटी में फिजियोथेरेपी सेंटर एवं हॉस्पिटल खोलने भूमि रियायती दर पर देने ज्ञापन दिया जिसमें संस्था द्वारा किए गए जनहितकारी कार्यों का भी विवरण है समिति  को मेडी सिटी नया रायपुर में रियायती दर पर आवश्यकता अनुसार हॉस्पिटल के लिए जमीन देने की मांग को मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार करते हुए शीघ्र ही उचित कार्यवाही करने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए -- मुख्यमंत्री ने संस्था की जनहितकारी कार्यों की सराहना करते हुए पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री से उपरोक्त भेंट कर समिति ने भगवान महावीर जैन रिलीफ ट्रस्ट के जनहितकारी कार्यों कि जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक 132000 डायलिसिस आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की मात्र 450 रु में MMI हॉस्पिटल मे की गई है। वही 850 मोतियाबंद के ऑपरेशन निःशुल्क अरविंदो नेत्र  चिकित्सालय में किया गया है।

समिति के अध्यक्ष अशोक पगारिया एवं जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी संतोष बैद के नेतृत्व में भेंट हुई, जिसमें भगवान महावीर जैन रिलीफ ट्रस्ट से अध्यक्ष अशोक पगारिया ,सचिव अशोक सेठिया, सदस्य अनिल लोढ़ा, योगेश पगारिया शांतिलाल बैद, पारस पारख, जय सांखला शामिल थे। 

केलो विहार के पात्र हितग्राहियों को मिला मालिकाना हक, मंत्री चौधरी ने सौंपा पट्टा

केलो विहार के पात्र हितग्राहियों को मिला मालिकाना हक, मंत्री चौधरी ने सौंपा पट्टा

 रायपुर । वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सृजन कक्ष में केलो विहार शासकीय कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति, रायगढ़ के पंजीकृत सदस्यों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन रायगढ़ द्वारा किया गया।

इस दौरान मंत्री चौधरी ने समिति के सदस्यों से सीधे संवाद करते हुए आवासीय सुविधाओं के विस्तार, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को आवासीय अधिकार और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मंत्री चौधरी ने कहा कि केलो विहार पट्टा प्रकरण लंबे समय से लंबित और संवेदनशील मुद्दा रहा है। कई लोगों ने वर्षों पहले अपने घर बनाए, लेकिन उन्हें मालिकाना हक नहीं मिल पाया था। अब पट्टा मिलने से उनके सपने साकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार और प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं, तभी जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव संभव होता है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक हितग्राहियों को उनके अधिकार दिलाना संतोष का विषय है।

कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न श्रेणियों में भूमि आवंटन के लिए मांग पत्र एवं पट्टों का वितरण किया गया। 2400 वर्गफुट श्रेणी में डॉ. धनराज प्रसाद साहू, दुलीचंद देवांगन एवं एस.एच. खोड़यार को, 1800 वर्गफुट श्रेणी में भवानी शंकर पटनायक को, 1500 वर्गफुट श्रेणी में आई.एस. परिहार, केदारनाथ प्रधान एवं श्रीमती बासंती सरकार को, 1200 वर्गफुट श्रेणी में खगेश्वर पटेल एवं मथुरा प्रसाद नामदेव को तथा 960 वर्गफुट श्रेणी में सूर्यकुमार पांडा, त्रिलोकी नाथ पुजारी, श्रीवत्स पांडा एवं बालकृष्ण डनसेना को पट्टा प्रदान किया गया।

जिला प्रशासन के अनुसार प्रथम चरण में कुल 103 पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन किया गया है और शेष प्रकरणों में नियमानुसार कार्यवाही जारी है।

कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे, अपर कलेक्टर रवि राही, संयुक्त कलेक्टर राकेश गोलछा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी, कर्मचारी, समिति पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

नक्सल क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग: ED की जांच में सामने आया करोड़ों का संदिग्ध लेनदेन

नक्सल क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग: ED की जांच में सामने आया करोड़ों का संदिग्ध लेनदेन

 रायपुर । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग का बड़ा मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में खुलासा हुआ है कि धमतरी और बस्तर जैसे संवेदनशील जिलों में विदेशों से करोड़ों रुपये भेजे गए हैं। फिलहाल एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि इन पैसों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।


अमेरिका से आई करोड़ों की फंडिंग
ED के अनुसार, एक अमेरिकी एजेंसी के जरिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की रकम छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भेजी गई। शुरुआती जांच में यह रकम धमतरी और बस्तर में खर्च होने की बात सामने आई है, हालांकि इसके उपयोग को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

देशभर में छापेमारी के दौरान खुलासा
यह मामला तब सामने आया जब ED ने विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में हो रही फंडिंग की जांच के लिए 18 और 19 अप्रैल को देश के कई राज्यों में छापेमारी की। इसी दौरान बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मीका मार्क नाम के एक व्यक्ति को पकड़ा गया।

जांच में पता चला कि विदेशी बैंक डेबिट कार्ड के माध्यम से भारत में बार-बार कैश निकाला जा रहा था।

‘द टिमोथी इनिशिएटिव’ से जुड़ा मामला
ED की जांच में इस फंडिंग का संबंध The Timothy Initiative नामक संगठन से सामने आया है, जो ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार से जुड़ा बताया जा रहा है।

एजेंसी के मुताबिक, इन पैसों का उपयोग भारत में संगठन के खर्चों के लिए किया गया, जबकि यह संस्था विदेशी चंदा विनियमन कानून (FCRA) के तहत पंजीकृत नहीं है।

बैंक कार्ड से निकाला गया कैश
ED के प्रेस नोट के अनुसार, अमेरिका के ट्रूइस्ट बैंक से जुड़े डेबिट कार्ड भारत लाए गए और एटीएम के जरिए लगातार नकदी निकाली गई। पिछले कुछ वर्षों में इन कार्डों से छत्तीसगढ़ के वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में “असामान्य” और “संदिग्ध” तरीके से बड़ी रकम निकाले जाने के प्रमाण मिले हैं।

जांच जारी
फिलहाल ED इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पैसे का अंतिम उपयोग कहां और किन गतिविधियों में किया गया।

इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं, क्योंकि मामला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील माना जा रहा है।

महंत कालेज में हुआ पुरस्कार वितर हमारी शिक्षा सबसे पहले देश के लिए है : डॉ सच्चिदानंद शुक्ल

महंत कालेज में हुआ पुरस्कार वितर हमारी शिक्षा सबसे पहले देश के लिए है : डॉ सच्चिदानंद शुक्ल

रायपुर । महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में आज पुररस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इसमें पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सच्चिदानंद शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी एवं सचिव अनिल तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप मे मौजूद थे।

 कार्यक्रम के आरंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवशीश मुखर्जी ने संस्थान के विद्यार्थियों की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महंत लक्ष्मीनारायण महाविद्यालय के छात्रों ने अकादमिक गतिविधियों के साथ ही खेलकूद और अन्य गतिविधियों में राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर शानदार सफलता हासिल की है। तथा इस वर्ष खेलो इंडिया में कराटे पर गोल्ड मैडल भी महाविद्यालय के छात्र ने हासिल किया अपने सम्बोधन में कुलपति डॉ शुक्ला ने युवाओं से कहा कि अभी जनरेशन गैप की सीमा 24 वर्ष से घटकर आठ वर्ष रह गई है, इसलिए अब नए संस्थानों में शिक्षक और छात्रों के बीच विचारों का अंतर बहुत कम रह गया है। उन्होंने अगले सत्र से पाँच वर्ष का एकीकृत पाठ्यक्रम बीसीए-एलएलबी शुरू करने कि घोषणा ही की । साथ ही विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए इनोवेशन आइडिया की पहल भी अब सभी महाविद्यालयों तक की जाएगी।
 
अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि अब के युवाओं को अपनी ऊर्जा बचाकर रखने की जरूरत है, क्योंकि मोहाइल और रील में उनका बहुत सा समय गुजर जाता है। उन्होंने खेल तथा अन्य गतिविधियों में सफल होने वाले महंत कालेज के छात्रों की भरपूर सराहना भी की। शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी ने कहा कि महंत कालेज के छात्रों ने लगातार शिक्षण के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों में राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल अकरके प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों की उपलब्धियों को देखते हुए शिक्षा प्रचारक समिति ने अगले सत्र से विश्वविद्यालय की प्राविण्य सूची में स्थान बनाने वाले महंत कालेज के छात्रों को 11,111 रुपये का नकद पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। कुल 271 छात्र छात्राओं को पुरुस्कार वितरण किये गए इस समारोह में खेलकूद, एनएसएस, एनसीसी सहित अन्य वर्गों केसफल छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं सभी आमंत्रित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक डॉ किरण अग्रवाल ने किया।
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RAIPUR :- सेंट्रल जेल में महिला कैदी ने काटी कलाई, लगे 8 टांके, चेकिंग के नाम पर प्रताड़ना का लगाया था आरोप

RAIPUR :- सेंट्रल जेल में महिला कैदी ने काटी कलाई, लगे 8 टांके, चेकिंग के नाम पर प्रताड़ना का लगाया था आरोप

 रायपुर। राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल से एक महिला कैदी द्वारा आत्महत्या के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद महिला कैदी के परिजनों ने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये है। बताया जा रहा है कि महिला प्रकोष्ठ में बंद कैदी आशिमा राव ने अपनी कलाई काटने की कोशिश की। घटना के बाद उसे तत्काल उपचार दिया गया, जिसमें उसके हाथ पर आठ टांके लगाए गए।

जानकारी के मुताबिक रायपुर सेंट्रल में घटित ये घटना 3 से 4 दिन पुरानी बतायी जा रही है। जिसकी जानकारी पीड़ित महिला कैदी के परिजनों द्वारा बताये जाने के बाद अब सामने आ रही है। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आशिमा राव ने एक चिट्ठी लिखकर जेल के भीतर चेकिंग के नाम पर प्रताड़ना और अपमान की बात बताई थी। आरोप है कि उसके साथ लगातार अभद्र व्यवहार किया गया।
जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। वहीं जेल प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि महिला कैदी पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है तथा उसे जेल से बाहर रेफर करने की जरूरत भी नहीं पड़ी। प्रशासन ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले कैदी के पास से आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी।
जिसके बाद जेल नियमों के तहत कार्रवाई की गई थी। बताया जा रहा है कि पीड़ित आशिमा राव पिछले करीब छह महीने से एक मारपीट के मामले में जेल में बंद है। इस घटना के बाद अब जेल प्रबंधन के रवैये और कैदियों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है और दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
 बढ़ती गर्मी के चलते व्यापम का बड़ा फैसला, प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में किया बदलाव

बढ़ती गर्मी के चलते व्यापम का बड़ा फैसला, प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में किया बदलाव

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी अब अपने चरम की ओर बढ़ रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। खासतौर पर 24 अप्रैल से मध्य छत्तीसगढ़ के कई जिलों में भीषण लू चलने की संभावना जताई गई है, जिसका असर लगातार तीन दिनों तक बना रह सकता है। ऐसे में प्रशासन और संबंधित संस्थाएं सतर्क हो गई हैं।

भीषण गर्मी के बीच परीक्षाओं के समय में बदलाव

लू के प्रकोप को देखते हुए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिलासपुर में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाएं दोपहर 12 बजे के बजाय सुबह 10 बजे से शुरू होंगी।

संशोधित समय के अनुसार :

26 अप्रैल: मंडी बोर्ड उप निरीक्षक परीक्षा

14 मई: एसएससी नर्सिंग एवं पीईटी
21 मई: पीपीएचटी परीक्षा

एंट्री को लेकर सख्ती
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में सुबह 9:30 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षार्थियों को समय से पहले पहुंचने की सख्त सलाह दी गई है।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर अभ्यर्थी की पुलिस द्वारा फ्रिस्किंग की जाएगी। साथ ही उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से एक दिन पहले अपने केंद्र का निरीक्षण कर लें और परीक्षा के दिन कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचें।

CBS प्रवेश परीक्षा: आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक
पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मूलविज्ञान केंद्र (CBS) में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड MSc कोर्स (सत्र 2026-27) के लिए आवेदन जारी हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल
एडमिट कार्ड डाउनलोड: 15 मई से
परीक्षा तिथि: 22 मई
12वीं पास छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। कुल 60 सीटों (40 स्कॉलरशिप, 20 पेमेंट) पर प्रवेश होगा। यह कोर्स पूर्णतः आवासीय है।

सहायक ग्रंथपाल भर्ती शुरू
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से उच्च न्यायालय में सहायक ग्रंथपाल के 7 पदों पर भर्ती की जा रही है।

आवेदन शुरू: 24 अप्रैल
अंतिम तिथि: 23 मई
संभावित परीक्षा तिथि: 26 जुलाई
योग्यता के रूप में लाइब्रेरी साइंस या लाइब्रेरी एवं सूचना विज्ञान में स्नातक/स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य है। चयनित उम्मीदवारों को 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा।

भव्य आयोजन के साथ सोडेकेला में भगवान जगन्नाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न

भव्य आयोजन के साथ सोडेकेला में भगवान जगन्नाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न

 रायगढ़।  तहसील मुख्यालय पुसौर से लगभग 6 किमी दूर ग्राम सोडेकेला में नव निर्मित जगन्नाथ मंदिर सोडेकेला की प्राण प्रतिष्ठा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के बीच संपन्न हुई। 12 अप्रैल से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन का समापन 24 अप्रैल को पूर्णाहुति और महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ।

लगभग एक सप्ताह तक चले इस महोत्सव में पूरे गांव का माहौल भक्तिमय बना रहा। कहीं कीर्तन, नाटक और कंस दरबार का आयोजन हुआ तो कहीं भंडारे चलते रहे। वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच संपन्न प्राण प्रतिष्ठा ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक भाव से भर दिया। इस दौरान सोडेकेला गांव एक मेले में तब्दील हो गया, जहां आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत अंकुरारोपण, कलश यात्रा, यज्ञ, सूर्य पूजा, अभिषेक, विष्णु सहस्त्रनाम पाठ, गीता हवन, चंडी पाठ सहित कई धार्मिक अनुष्ठान विधिवत संपन्न किए गए। 16 जोड़ी यजमानों ने पूरे विधि-विधान से अनुष्ठानों में भाग लिया और गांव को सजाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मंदिर का निर्माण ग्रामीणों के सहयोग से किया गया है। पहले यहां मिट्टी का मंदिर था, जिसे अब भव्य रूप दिया गया है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को चांदी का मुकुट भी भेंट किया गया। गांव के मुख्य यजमान रमेश गुप्ता और अन्य गणमान्य नागरिकों ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य ब्रजेश गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। ग्रामीणों ने बाहर रह रहे परिजनों को भी आमंत्रित किया, जिससे आयोजन में और भी रौनक बढ़ी। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों ने व्यवस्था, सेवा और सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। सभी श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक भोजन और सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफल रहा।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, रायपुर में 44 डिग्री की चेतावनी, दो दिन बाद बारिश के आसार

CG Weather : छत्तीसगढ़ में गर्मी का कहर, रायपुर में 44 डिग्री की चेतावनी, दो दिन बाद बारिश के आसार

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि राजधानी रायपुर में आज 44 डिग्री तक तापमान पहुंचने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य छत्तीसगढ़ में ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है।

पिछले 24 घंटे में रायपुर का तापमान एक डिग्री तक बढ़ा है और शुक्रवार को दोपहर बाद तेज धूप व जलन भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 20.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने बताया कि दो दिन बाद प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

साथ ही एक-दो जगहों पर गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात की भी संभावना है। मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा के मुताबिक विभिन्न द्रोणिकाओं और एंटी साइक्लोन सिस्टम के असर से फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होगी। हालांकि 26 अप्रैल से दक्षिण बस्तर के जिलों में गर्मी से कुछ राहत मिलने के संकेत हैं, जहां बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी युक्त हवाओं का असर दिख सकता है। राजधानी रायपुर में आज अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

बिलासपुर ने रचा इतिहास, 50,000 से अधिक परिवारों के पक्के घर का सपना हुआ साकार

बिलासपुर ने रचा इतिहास, 50,000 से अधिक परिवारों के पक्के घर का सपना हुआ साकार

 बिलासपुर. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 50,044 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं. यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जन मन योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसके माध्यम से जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है. 

हितग्राहियों के खाते में पहुंची 781.13 करोड़ राशि 

जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई. कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे बिचैलियों की भूमिका समाप्त हुई और कार्यों में तेजी आई.

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14,973 आवासों के साथ जिले में शीर्ष पर रहा. इसके बाद बिल्हा में 13,762, कोटा में 11,205 और तखतपुर में 10,104 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया. यह आंकड़े न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी साबित करते हैं.    

‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका 

इस सफलता के पीछे ‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें निर्माण कार्य में सक्रिय भागीदारी दी गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं. वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी. इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित हुए.  

छत्तीसगढ़ में हासिल किया दूसरा स्थान 

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक जिले ने कुल 1,03,873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. यह उपलब्धि जिले की मजबूत कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है.

इस योजना का मानवीय पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है. ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हितग्राही, जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं. उनके लिए यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है.

कलेक्टर संजय कुमार अग्रवाल ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये 50,000 से अधिक घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की नींव हैं. वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप कुमार अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी.

महतारी वंदन योजना : प्रदेशभर में महिलाओं को आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की नई दिशा….

महतारी वंदन योजना : प्रदेशभर में महिलाओं को आर्थिक संबल, आत्मनिर्भरता की नई दिशा….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए संचालित महतारी वंदन योजना आज पूरे प्रदेश में सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में इस योजना के माध्यम से लाखों महिलाएं सीधे लाभान्वित हो रही हैं। नियमित रूप से उनके बैंक खातों में पहुंच रही सहायता राशि से वे न केवल अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर पा रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और निर्णय लेने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है।

सक्ति जिला अंतर्गत ग्राम पंचायत भूरसीडीह की निवासी श्रीमती नवधा बाई पटेल इस योजना के सकारात्मक प्रभाव का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत प्राप्त मासिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में आ रही है, जिससे घरेलू आवश्यकताओं—जैसे राशन, बच्चों की जरूरतें एवं अन्य खर्चों—की पूर्ति अब सहज हो गई है। पहले सीमित आय के कारण जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, अब वह काफी हद तक कम हो गया है। इस योजना ने उनके जीवन में आर्थिक स्थिरता के साथ विश्वास और सम्मान की भावना को भी मजबूत किया है।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। मार्च 2024 में प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत अब तक 26 किस्तों में कुल 16,881 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जिससे लाखों महिलाओं को सीधा लाभ मिला है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरा करने एवं महिलाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से प्रारंभ की गई यह योजना आज महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ उनके सामाजिक सम्मान को भी सुदृढ़ कर रही है।

हितग्राही महिलाओं ने योजना से हुए सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि यह योजना उनके जीवन में नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता और सम्मान का आधार बनकर सामने आई है।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से मिल रही बड़ी राहत, उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक….

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ से मिल रही बड़ी राहत, उपभोक्ता बन रहे ऊर्जा उत्पादक….

 रायपुर: केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ प्रदेश में आम नागरिकों के लिए आर्थिक राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन रही है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली इस योजना के माध्यम से उपभोक्ता न केवल अपने बिजली खर्च में कमी ला रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा उत्पादन कर ‘ऊर्जा दाता’ के रूप में भी उभर रहे हैं।

इसी क्रम में सरगुजा जिले के अंबिकापुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत भगवानपुर निवासी श्री शिशिर सरकार ने इस योजना का लाभ उठाकर उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम स्थापित कर बिजली के बढ़ते बिल से राहत पाई है।

डबल सब्सिडी से आसान हुआ निवेश

शिशिर सरकार ने बताया कि इस योजना के तहत उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है, जबकि राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की अतिरिक्त अनुदान राशि प्रक्रियाधीन है। इस प्रकार डबल सब्सिडी के कारण सोलर सिस्टम स्थापित करना आर्थिक रूप से सहज हो गया है।

बिजली बिल में आई भारी कमी

उन्होंने बताया कि सोलर सिस्टम लगवाने से पहले उनका मासिक बिजली बिल 8 हजार से 11 हजार रुपये तक आता था, जो परिवार के लिए आर्थिक बोझ था। सौर ऊर्जा अपनाने के बाद अब बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है और उन्हें न्यूनतम खर्च वहन करना पड़ रहा है।

पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान

शिशिर सरकार ने कहा कि सौर ऊर्जा स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा स्रोत है, जिससे प्रदूषण में कमी आती है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य नागरिकों से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील की, ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रदान की जा रही आर्थिक सहायता और सरल प्रक्रिया ने सौर ऊर्जा को आम नागरिकों के लिए सुलभ बना दिया है। प्रदेश में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन से ऊर्जा बचत, आर्थिक राहत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य: खाद्य विभाग

प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध, आपूर्ति पूरी तरह सामान्य: खाद्य विभाग

रायपुर: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने कहा है कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के साथ ही आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र राज्य सरकार लगातार भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि प्रदेश की ईंधन आवश्यकताओं की निर्बाध पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। आपूर्ति की साप्ताहिक समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। शासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

प्रदेश में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों तथा तीनों प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल एवं डीजल उपलब्ध है। मार्च 2026 में प्रदेश की मासिक पेट्रोल आवश्यकता 1.01 लाख किलोलीटर के विरुद्ध 1.27 लाख किलोलीटर (126 प्रतिशत) की आपूर्ति की गई। वहीं अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.60 लाख किलोलीटर पेट्रोल प्राप्त हो चुका है।

इसी प्रकार मार्च में डीजल की आवश्यकता 1.64 लाख किलोलीटर के मुकाबले 3.00 लाख किलोलीटर (183 प्रतिशत) आपूर्ति हुई, जबकि अप्रैल 2026 में 23 अप्रैल तक 1.38 लाख किलोलीटर डीजल की आपूर्ति हो चुकी है। स्पष्ट है कि प्रदेश में मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए सभी जिलों में आकस्मिक निरीक्षण एवं छापेमारी की कार्रवाही जारी है। राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। आम नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए विभागीय कॉल सेंटर (1800-233-3663) भी सक्रिय रूप से कार्यरत है।

23 अप्रैल 2026 को खाद्य विभाग के संचालक की अध्यक्षता में तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह सामने आया कि कुछ औद्योगिक उपभोक्ता रिटेल आउटलेट से डीजल खरीद रहे हैं, जिससे अस्थायी दबाव की स्थिति बनती है। इस पर कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि वे मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करें।

वर्तमान स्थिति के अनुसार, प्रदेश में लगभग 77,111 किलोलीटर पेट्रोल उपलब्ध है, जो लगभग 22 दिनों की आवश्यकता के बराबर है। इसी प्रकार 84,295 किलोलीटर डीजल उपलब्ध है, जो करीब 15 दिनों की खपत के लिए पर्याप्त है। सरकार ने पुनः आश्वस्त किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है तथा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है, ताकि उन्हें अत्यधिक तापमान एवं लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा (ECCE) गतिविधियाँ निर्धारित समय-सारिणी एवं कलेण्डर के अनुसार संचालित होंगी तथा पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए।

निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होंगे, जिसमें बच्चों की उपस्थिति 7:00 से 9:00 बजे तक रहेगी, जबकि अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्म हवाओं, अधिक तापमान एवं लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करें तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार…..

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जन मन योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसके माध्यम से जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है।

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 50 हजार 44 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई। कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और कार्यों में तेजी आई।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14 हजार 973 आवासों के साथ जिले में शीर्ष पर रहा। इसके बाद बिल्हा में 13 हजार 762, कोटा में 11हजार 205 और तखतपुर में 10 हजार 104 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया। यह आंकड़े न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी साबित करते हैं।

इस सफलता के पीछे ‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें निर्माण कार्य में सक्रिय भागीदारी दी गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं। वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी। इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित हुए।

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक जिले ने कुल एक लाख 3 हजार 873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की मजबूत कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है। इस योजना का मानवीय पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और  ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हितग्राही, जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं। उनके लिए यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।

कलेक्टर बिलासपुर ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये 50 हजार से अधिक घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की नींव हैं। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

 रायपुर: प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।

इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: मंत्री नेताम

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: मंत्री नेताम

 रायपुर। पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका - इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो। 

मंत्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है। मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उडऩदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। 

उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

00 मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
00 मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल

00 पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ
रायपुर।
डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढऩे में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। श्री साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोडऩे के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया।
इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट अजा के तहत बकरी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। साथ ही प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कैबिनेट ब्रेकिंग: विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक 29 को, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

कैबिनेट ब्रेकिंग: विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक 29 को, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

 रायपुर, 24 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (केबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। दरअसल 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। कैबिनेट में सत्र को लेकर भी अहम रणनीति बनेगी।

आपको बता दें कि विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य की षष्ठम विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल, 2026 को होगा और इसमें सरकारी कामकाज के लिए एक ही बैठक आयोजित की जाएगी।इससे पहले, 20 अप्रैल को महिला आरक्षण विधेयक में आयोजित ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि सत्र के दौरान विपक्ष के रुख की निंदा करने वाला प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें : मुख्य सचिव विकासशील

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें : मुख्य सचिव विकासशील

 00 सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी श्री दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी। 

एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक श्री अभिजीत कौशिक, श्री उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। 

बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।

हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का संवरेगा भविष्य : साव

हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का संवरेगा भविष्य : साव

 00 उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट


उप मुख्यमंत्री  साव ने इस अवसर पर खिलाडिय़ों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाडिय़ों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए।

उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट


साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति सुश्री अनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति  वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

 न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी, आयुक्त रजत बंसल बोले- जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें

न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी, आयुक्त रजत बंसल बोले- जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें

 रायपुर। जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।

बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके।

जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है।

बैठक में अपर संचालक सर्वश्री उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।