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भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए त्वरित एवं संवेदनशील निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशानुसार 30 जून 2026 तक प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित किए जाएंगे। इस अवधि में बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित की गई है, ताकि उन्हें अत्यधिक तापमान एवं लू के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि में बच्चों की प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख, शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा (ECCE) गतिविधियाँ निर्धारित समय-सारिणी एवं कलेण्डर के अनुसार संचालित होंगी तथा पूरक पोषण आहार का वितरण नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा में किसी प्रकार की बाधा न आए।

निर्देशानुसार आंगनबाड़ी केंद्र प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ होंगे, जिसमें बच्चों की उपस्थिति 7:00 से 9:00 बजे तक रहेगी, जबकि अन्य सेवाओं के लिए केंद्र 11:00 बजे तक संचालित रहेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के पश्चात निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि गर्म हवाओं, अधिक तापमान एवं लू की स्थिति में बच्चों को सुरक्षित रूप से घर तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में संबंधितों की जवाबदेही तय की जाएगी।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करें तथा जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल समाप्ति उपरांत 01 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित किए जाएंगे।

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार…..

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 50 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), पीएम जन मन योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है, जिसके माध्यम से जिले के हजारों जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत मिली है।

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 50 हजार 44 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए हैं। जिला प्रशासन द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई। कुल 781.13 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई और कार्यों में तेजी आई।

क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो मस्तूरी विकासखंड 14 हजार 973 आवासों के साथ जिले में शीर्ष पर रहा। इसके बाद बिल्हा में 13 हजार 762, कोटा में 11हजार 205 और तखतपुर में 10 हजार 104 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया। यह आंकड़े न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को भी साबित करते हैं।

इस सफलता के पीछे ‘नारी शक्ति’ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिले में 113 महिलाओं को ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में प्रशिक्षित कर उन्हें निर्माण कार्य में सक्रिय भागीदारी दी गई, जिससे वे आत्मनिर्भर बनीं। वहीं 331 महिलाओं को ‘डीलर दीदी’ बनाकर निर्माण सामग्री की आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी। इसके अलावा 2,231 महिलाओं को शटरिंग सामग्री किराये पर उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे निर्माण कार्यों में तेजी आई और महिलाओं की आय के नए स्रोत विकसित हुए।

50 हजार से अधिक परिवारों के ‘अपना घर’का सपना हुआ साकार

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 से 2025-26 तक जिले ने कुल एक लाख 3 हजार 873 आवास पूर्ण कर छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले की मजबूत कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग और जनसहभागिता का परिणाम है। इस योजना का मानवीय पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ग्राम डारसागर की झांगली बैगा और  ग्राम नेवसा की कैलाशा बाई जैसी हितग्राही, जो वर्षों से कच्चे मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही थीं, आज पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रही हैं। उनके लिए यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि सुरक्षा, आत्मसम्मान और बेहतर भविष्य का प्रतीक है।

कलेक्टर बिलासपुर ने इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि ये 50 हजार से अधिक घर केवल ईंट और सीमेंट की संरचनाएं नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान और सुरक्षा की नींव हैं। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि भविष्य में भी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी।

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

 रायपुर: प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।

इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: मंत्री नेताम

राज्य में नहीं है खाद की कमी, पंजीकृत रकबे के मुताबिक सभी किसानों को मिलेगी समय पर खाद: मंत्री नेताम

 रायपुर। पश्चिम एशिया में चल रहे अमेरिका - इज़राइल और ईरान के बीच तनाव के बीच आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से आगामी खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को केन्द्र सरकार द्वारा 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आबंटित हुआ है। जिसमें यूरिया 7.25 लाख, डीएपी 3 लाख, एमओपी 80 हजार, एनपीके 2.5 लाख तथा एसएसपी 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में गोदामों एवं समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। राज्य सरकार का प्रयास है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ पर्याप्त मात्रा में रासायनिक खाद का आबंटन सुनिश्चित हो। 

मंत्री नेताम ने बताया कि 30 मार्च की स्थिति में राज्य में कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन उर्वरक स्टॉक में मौजूद है, जिसमें यूरिया 2,43,717 मीट्रिक टन, डीएपी 1,05,631 मीट्रिक टन, एनपीके 1,69,109 मीट्रिक टन, एमओपी 50,431 मीट्रिक टन और एसएसपी 1,78,657 मीट्रिक टन इस तरह कुल 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद स्टॉक में मौजूद है। मंत्री नेताम ने बताया कि पश्चिमी एशियाई संकट के चलते रासायनिक उर्वरकों की संभावित कमी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके तहत एनपीके 12:32:16, 20:20:0:13, हरी खाद, जैविक खाद और नैनो उर्वरकों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार ने उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए जिला स्तर पर उडऩदस्ता दल और निगरानी समितियों के गठन के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आगामी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर अधिकारियों से कहा है कि पीएम किसान पोर्टल से एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के पंजीयन तेजी से पूर्ण कर लिया जाए। बीज एवं उर्वरक वितरण के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। वही रासायनिक खाद के विकल्प के रूप में हरी खाद, जैव उर्वरक और नील-हरित काई के उपयोग के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। 

उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और डायवर्जन रोकने के लिए जिलों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (प्राइस सपोर्ट स्कीम) के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को भी प्राथमिकता में रखा गया है। उन्होंने हर जिले में सुगंधित धान की प्रजाति के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही दलहन-तिलहन फसलों तथा उद्यानिकी क्षेत्र में ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के विस्तार के निर्देश दिए हैं।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

00 मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
00 मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल

00 पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ
रायपुर।
डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढऩे में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। श्री साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया।

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : सीएम साय

मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोडऩे के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया।
इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट अजा के तहत बकरी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। साथ ही प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कैबिनेट ब्रेकिंग: विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक 29 को, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

कैबिनेट ब्रेकिंग: विष्णुदेव साय कैबिनेट की बैठक 29 को, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

 रायपुर, 24 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (केबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी। दरअसल 30 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। कैबिनेट में सत्र को लेकर भी अहम रणनीति बनेगी।

आपको बता दें कि विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य की षष्ठम विधानसभा का नवम सत्र 30 अप्रैल, 2026 को होगा और इसमें सरकारी कामकाज के लिए एक ही बैठक आयोजित की जाएगी।इससे पहले, 20 अप्रैल को महिला आरक्षण विधेयक में आयोजित ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा था कि उनकी सरकार इस मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि सत्र के दौरान विपक्ष के रुख की निंदा करने वाला प्रस्ताव पारित किया जाएगा।

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें : मुख्य सचिव विकासशील

आम जनता को शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का अधिकतम इस्तेमाल करें : मुख्य सचिव विकासशील

 00 सूचना प्रौद्योगिकी पर सूचना विज्ञान अधिकारियों की कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन की सभी योजनाओं का अधिकतम फायदा लोगों को शीघ्र मिले इसके लिए सूचना प्रौद्योगिक की सभी जरूरी नई तकनीकियों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार संस्थानों को अपने कार्यक्रम मोबाइल ऐप, वेबसाइट आदि नागरिक केन्द्रित और आसानी से उपयोग करने लायक बनायें। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकियों का उपयोग नागरिक सेवाओं के लिए करने एवं शासन की फ्लैगशिप स्कीमों का फायदा हितग्राहियों तक शीघ्र पहुंचाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।मुख्य सचिव विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उभरती नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों पर आधारित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। मुख्य सचिव ने कहा कि एनआईसी के अधिकारियों को नई आईटी से हमेशा अपडेट रहना चाहिए। नई सूचना तकनीक से शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को शीघ्रता से लाभान्वित किया जाना चाहिए। सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद ने राज्य स्तरीय सूचना केन्द्र एवं जिला सूचना विज्ञान केन्द्रों के अधिकारियों से उनके संस्थान में उपलब्ध संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता तथा जरूरतों के बारे में जानकारी ली।कार्यालय के शुभारंभ सेशन में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मुख्यालय नई दिल्ली के डीडीजी श्री दयानंद साहा ने कहा कि विभिन्न नवीन सूचना प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं के जरिए हम नागरिकों को सेवायें प्रदान कर सकते है। कार्यशाला को विविध सूचना प्रौद्योगिकी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को जानकारी दी। कार्यशाला में ट्रिपल आईटी के संचालक तथा कुलपति प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश व्यास ने एआई के उपयोग के संबंध में व्यापक जानकारी दी। 

एनआईसी छत्तीसगढ़ के संयुक्त संचालक श्रीकांत पाण्डे ने साईबर सुरक्षा, संयुक्त संचालक श्री अभिजीत कौशिक, श्री उपेन्द्र सिंह सहित अन्य आईटी विशेषज्ञों ने भी सम्बोधित किया। कार्यशाला में जिलों से आए जिला सूचना विज्ञान अधिकारियों और राज्य स्तरीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के विभिन्न जिलों में कार्यरत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और एनआईसी के राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।

छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। 

बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।

हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का संवरेगा भविष्य : साव

हर प्रतिभा को मिलेगा मंच, उत्कृष्ट खिलाडिय़ों का संवरेगा भविष्य : साव

 00 उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट


उप मुख्यमंत्री  साव ने इस अवसर पर खिलाडिय़ों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाडिय़ों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए।

उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट


साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति सुश्री अनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति  वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।

 न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी, आयुक्त रजत बंसल बोले- जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें

न्यू एज मीडिया में दक्ष बनें जनसंपर्क अधिकारी, आयुक्त रजत बंसल बोले- जनसंपर्क का कार्य जिम्मेदारी का, इसे गंभीरता से लें

 रायपुर। जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने आज नवा रायपुर स्थित संवाद कार्यालय में जनसंपर्क संचालनालय और जिला जनसंपर्क अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि वर्तमान दौर में जनसंपर्क अधिकारियों को न्यू एज मीडिया की सभी विधाओं में दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ तकनीक और संचार के नए माध्यमों को अपनाना ही प्रभावी जनसंपर्क की कुंजी है।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जनसंपर्क का कार्य अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण है, इसलिए इसे पूरी गंभीरता के साथ किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की कोताही से बचना जरूरी है। जनसंपर्क अधिकारी शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि परिणाम के अनुरूप हर अधिकारी के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।

बैठक में उन्होंने निर्देशित किया कि मंत्रिगणों, विभागीय सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिले के कलेक्टरों के साथ नियमित संपर्क और समन्वय बनाएं। इससे सूचनाओं का समयबद्ध और प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित होगा, जो शासन की योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।

जनसंपर्क आयुक्त ने आगामी एक मई से शुरू हो रहे प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के प्रचार-प्रसार की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अधिकतम उपयोग किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर माध्यम का प्रभावी उपयोग कर योजनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि राज्य में हो रहे विकास कार्यो और योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के वास्तविक अनुभवों को वीडियो पोस्ट और समाचारों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए। इससे अन्य लोगों को भी इनका लाभ लेने के लिए प्रेरणा मिलती है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के साथ सतत संपर्क और समन्वय बनाए रखा जाए, ताकि योजनाओं की उपलब्धियों और सरकार के कार्यों का प्रभावी प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जा सके।

जनसंपर्क आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से कार्य करें ताकि शासन की योजनाएं आमजन तक प्रभावी रूप से पहुंच सकें वहीं उन्होंने प्रचार-प्रसार कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन जिला जन संपर्क अधिकारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए है।

बैठक में अपर संचालक सर्वश्री उमेश मिश्रा, संजीव तिवारी, आलोक देव और श्रीमती हर्षा पौराणिक सहित संचालनालय और जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी मौजूद थे।

जमीन विवाद में बड़ी मां की हत्या, पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा

जमीन विवाद में बड़ी मां की हत्या, पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाया अंधे कत्ल का सनसनीखेज खुलासा

 रायगढ़।  जिले के थाना छाल क्षेत्र के ग्राम बेहरामार में जमीन विवाद से उपजे एक जघन्य हत्याकांड का पुलिस ने महज चंद घंटों में खुलासा कर दिया। वृद्ध महिला केवला बाई राठिया की चचेरे भाई आशन राठिया ने हाथ-मुक्कों व लात-घूसों से हत्या कर शव को मोटरसाइकिल पर लादकर जंगल के झुरमुट में फेंक दिया था

22 अप्रैल को बेहरामार निवासी लोकनाथ राठिया ने थाना छाल में अपनी मां केवला बाई के 4-5 दिनों से लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने चचेरे भाई आशन पर जमीन बंटवारे व बिक्री को लेकर अनहोनी की आशंका जताई। उधर, बेहरामार-जामपाली पगडंडी मार्ग के जंगल में दुर्गंध की सूचना पर पुलिस टीम पहुंची। झाड़ियों के बीच गड्ढे से सड़ा-गला शव बरामद हुआ, जो केवला बाई का ही था। जांच में सामने आया कि 18 अप्रैल को महुआ बीनने के दौरान आरोपी आशन ने जमीन बेचने के विवाद पर मृतिका पर हमला बोला।

क्रूरता से पिटाई करने से उसकी मौत हो गई। शव छिपाने के लिए आरोपी ने अपनी मोटरसाइकिल पर लादकर जंगल फेंक दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान के नेतृत्व में वैज्ञानिक विवेचना व सघन पूछताछ हुई। संदेही आशन टूट गया और अपराध कबूल लिया। आरोपी के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल व ऋण पुस्तिका बरामद की गई। 36 वर्षीय आशन राठिया पिता भक्तुराम राठिया निवासी बेहरामार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “जमीन विवाद या पारिवारिक रंजिश का हिंसा से हल नहीं। जघन्य अपराधियों पर कठोर कार्रवाई होगी।

CG – शिक्षक की मौत : बाइक को तेज रफ़्तार ट्रक ने मारी टक्कर, शिक्षक की मौके पर मौत, ड्यूटी जाते समय हुए हादसे के शिकार……

CG – शिक्षक की मौत : बाइक को तेज रफ़्तार ट्रक ने मारी टक्कर, शिक्षक की मौके पर मौत, ड्यूटी जाते समय हुए हादसे के शिकार……

 मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के लोरमी इलाके से एक हृदयविदारक खबर सामने आई है। जहां एक तेज रफ्तार ट्रक की लापरवाही ने एक शिक्षक की जान ले ली। झाफल के पास हुए इस भीषण सड़क हादसे में शिक्षक अजीत डाहिरे की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, तिलकपुर निवासी शिक्षक अजीत डाहिरे अपनी बाइक से अपने पैतृक गांव बैगाकापा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान झाफल स्थित महाराणा प्रताप स्कूल के पास विपरीत दिशा से आ रहे सीमेंट से लदे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक ट्रक के नीचे पूरी तरह दब गई और अजीत डाहिरे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची लोरमी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर वाहन को जब्त कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

CG – आंगनबाड़ियों के समय में हुआ बदलाव, इस वजह से लिया गया फैसला, जानिए अब कितने बजे से कितने बजे तक होगी संचालित…..

CG – आंगनबाड़ियों के समय में हुआ बदलाव, इस वजह से लिया गया फैसला, जानिए अब कितने बजे से कितने बजे तक होगी संचालित…..

 रायपुर। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें।

इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।

आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी।

इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।a

Transfer : पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, कई पुलिसकर्मियों को किया इधर से उधर, देखिए पूरी लिस्ट…..

Transfer : पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर हुए तबादले, कई पुलिसकर्मियों को किया इधर से उधर, देखिए पूरी लिस्ट…..

 रायपुर। प्रशासनिक कसावट के लिहाज से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने थोक में सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और आरक्षकों का थोक में तबादला किया गया है। आदेश से 4 सहायक उप निरीक्षक, 13 प्रधान आरक्षक और 52 आरक्षक प्रभावित हुए हैं।

देखिए पूरी लिस्ट….

CG – मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट: इन जिलों में गरज-चमक, बिजली और बारिश की चेतावनी

CG – मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट: इन जिलों में गरज-चमक, बिजली और बारिश की चेतावनी

 रायपुर। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र रायपुर ने आज दोपहर दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों के लिए पीला अलर्ट (Yellow Alert ) जारी किया है। अगले तीन घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के निम्नलिखित जिलों के कुछ हिस्सों में 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली तेज़ हवाओं के साथ हल्की गरज-चमक, बिजली गिरने और बारिश होने की प्रबल संभावना है:

बीजापुर
दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा
बस्तर
नारायणपुर
कोंडागांव
उत्तर बस्तर कांकेर

राज्य में तापमान की स्थिति

जहाँ एक ओर दक्षिण छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश की स्थिति है, वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। छत्तीसगढ़ के मध्य भाग के अलग-अलग इलाकों में 24 से 27 अप्रैल तक लू (Heatwave) चलने की संभावना है। अगले 24-72 घंटों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2-3°C की वृद्धि होने का अनुमान है।

आंधी-तूफान के दौरान सुरक्षा दिशानिर्देश

IMD ने जनता को निम्नलिखित सुरक्षा उपायों का पालन करने की सलाह दी है:

सावधानी से वाहन चलाएं: यदि आप सड़क पर हैं, तो वाहन धीरे चलाएं और सुरक्षित स्थानों पर पार्क करें।
सुरक्षित शरण लें: पेड़ों के नीचे शरण न लें। जलाशयों, तालाबों और झीलों से दूर रहें।
वस्तुओं को सुरक्षित करें: तेज़ हवा के कारण उड़ने या गिरने वाली बाहरी वस्तुओं को सुरक्षित बांध दें या अंदर रखें।
अपडेट रहें: मौसम की ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों से जुड़े रहें और मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहें।

भीषण गर्मी से राहत : रेलवे स्टेशन पर शुरू हुआ मिस्टिंग सिस्टम, ठंडी फुहारों से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

भीषण गर्मी से राहत : रेलवे स्टेशन पर शुरू हुआ मिस्टिंग सिस्टम, ठंडी फुहारों से यात्रियों को मिली बड़ी राहत

 बिलासपुर। जिले में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित कर दिया है। तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान के चलते लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। ऐसे हालात में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने यात्रियों को राहत देने के लिए सराहनीय पहल की है।

बिलासपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर अत्याधुनिक मिस्टिंग सिस्टम की शुरुआत की गई है। इस सिस्टम के जरिए प्लेटफॉर्म पर बारीक और ठंडी पानी की फुहारें छोड़ी जा रही हैं, जिससे आसपास का वातावरण ठंडा और सुहावना बन रहा है। इस नई व्यवस्था से ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को गर्मी से काफी राहत मिल रही है। खासकर दोपहर के समय, जब तापमान अपने चरम पर होता है, यह मिस्टिंग सिस्टम यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। रेलवे की इस पहल को यात्रियों द्वारा काफी सराहा जा रहा है।

कांग्रेस नेता के घर घुसे अज्ञात लोगों की फायरिंग से बड़े बेटे की मौत,छोटा घायल

कांग्रेस नेता के घर घुसे अज्ञात लोगों की फायरिंग से बड़े बेटे की मौत,छोटा घायल

तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया 

संभवत: बदमाश लूट की नीयत से घुसे थे,पुलिस ने की तगड़ी घेरेबंदी

जांजगीर-चांपा--जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव में देर रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। यहां तीन अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने एक घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश लूट की नीयत से घर में दाखिल हुए थे।यह घटना सीमेंट-रेत व्यवसायी एवं ब्लाक कांग्रेस उपाध्यक्ष सम्मेलाल कश्यप के घर की है। देर रात बदमाश घर में घुसे और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाते हुएअचानक गोलीबारी शुरू कर दी। हमले के दौरान बड़े बेटे आयुष कश्यप को दो गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छोटे बेटे आशुतोष कश्यप को भी गोली लगी, जो उसके दाहिने हाथ में लगी है। घटना के दौरान आरोपियों ने घर के अन्य सदस्यों को उनके कमरों में बाहर से बंद कर दिया, ताकि कोई मदद के लिए बाहर न निकल सके। गोलीबारी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे पूरेइलाके में दहशत फैल गई।घायल आशुतोष को तत्काल बिर्रा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल जांजगीर रेफर किया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है ।  घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


 

अधूरे निर्माण के भुगतान के दबाव की खबर भ्रामक, शिक्षा विभाग ने किया खंडन

अधूरे निर्माण के भुगतान के दबाव की खबर भ्रामक, शिक्षा विभाग ने किया खंडन

 रायपुर। बीजापुर जिले में प्रधान अध्यापक की आत्महत्या से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा बीजापुर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अधूरे निर्माण कार्य के भुगतान के दबाव जैसी खबरें तथ्यहीन एवं भ्रामक हैं। जिला मिशन समन्वयक, समग्र शिक्षा बीजापुर द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विभाग निष्पक्ष रूप से पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग कर रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पालनार अंतर्गत प्राथमिक शाला मझारपारा में पदस्थ प्रधान पाठक श्री राजू पुजारी का 22 अप्रैल 2026 को निधन हो गया, जो एक अत्यंत दुखद घटना है। पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पास से कुछ पत्र बरामद किए गए हैं, जिनके आधार पर जांच की कार्यवाही जारी है।
समग्र शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराया गया था, जिसमें प्रधान अध्यापक पदेन अध्यक्ष होते हैं। निर्माण कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के अनुरूप प्रथम किस्त का भुगतान नियमानुसार किया गया तथा कार्य पूर्ण होने के पश्चात माप पुस्तिका, पूर्णता प्रमाण पत्र, हस्तांतरण प्रमाण पत्र एवं फोटोग्राफ्स प्राप्त होने पर प्रगति के आधार पर रनिंग बिलों के माध्यम से राशि जारी की गई।
विभाग के अनुसार, प्राथमिक शाला भवन एवं अतिरिक्त कक्ष दोनों का निर्माण फरवरी 2026 में पूर्ण हो चुका था तथा शेष 60 प्रतिशत राशि राज्य स्तर से प्राप्त होना लंबित है। भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार का दबाव या अनियमितता नहीं पाई गई है।
जिला मिशन समन्वयक ने कहा कि कुछ समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों में बिना तथ्यों की पुष्टि के प्रकाशित खबरें भ्रामक हैं, जिससे आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने अपील की है कि आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही समाचारों का प्रकाशन किया जाए।
विभाग ने पुनः स्पष्ट किया है कि इस दुखद घटना के सभी पहलुओं की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है और शिक्षा विभाग द्वारा हर स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।

अवैध गुटखा फैक्टरी में पुलिस ने मारा छापा, भारी मात्रा में गुटखा और जर्दा जब्त

अवैध गुटखा फैक्टरी में पुलिस ने मारा छापा, भारी मात्रा में गुटखा और जर्दा जब्त

 दुर्ग।  जिले में अवैध गुटखा कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नंदिनी थाना क्षेत्र में संचालित एक फैक्ट्री पर छापा मारते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में जर्दा युक्त गुटखा और सुगंधित जर्दा जब्त किया है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में “मुसाफिर” ब्रांड का गुटखा और “M4” ब्रांड का जर्दा पैक किया जा रहा था। मौके पर काम कर रहे 13 मजदूर भी मिले हैं, जो मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के रहने वाले हैं। दुर्ग पुलिस ने फूड एंड सेफ्टी विभाग के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में पैकिंग मैटेरियल, तैयार माल और मशीनरी जब्त की है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह अवैध फैक्ट्री अप्रैल की शुरुआत से संचालित हो रही थी। फिलहाल मामले में आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।

 
 

 

CG Board Exam Result : 10वीं-12वीं के रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट, इस तारीख को जारी हो सकता है परिणाम….

CG Board Exam Result : 10वीं-12वीं के रिजल्ट को लेकर बड़ा अपडेट, इस तारीख को जारी हो सकता है परिणाम….

 रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के लाखों विद्यार्थियों को अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन काउंटिंग, मिलान और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया अभी जारी है। परिणाम 30 अप्रैल 2026 को जारी किया जा सकता है।

10वीं-12वीं परीक्षा का पूरा शेड्यूल

कक्षा 12वीं – परीक्षा 20 फरवरी 2026 से शुरू हुई और 18 मार्च 2026 को समाप्त हुई।
कक्षा 10वीं (हाईस्कूल) – परीक्षा 21 फरवरी 2026 से शुरू हुई और 13 मार्च 2026 के आसपास पूरी हुई।

इस बार हिंदी विषय के पेपर लीक होने के कारण कक्षा 10वीं की हिंदी परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को दोबारा आयोजित की गई थी, जिससे रिजल्ट की प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई।

पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या

हाईस्कूल कक्षा 10वीं में 3,20,535 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
हायर सेकेंडरी कक्षा 12वीं में 2,45,785 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
कुल मिलाकर लगभग 5.66 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं इस बार बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हुए थे।

नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले जलभराव रोकने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था के दिए निर्देश

नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले जलभराव रोकने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक व्यवस्था के दिए निर्देश

 रायपुर/ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले नगरीय निकायों में नाले व नालियों की सफाई तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने संचालनालय से परिपत्र जारी कर सभी निकायों को जलभराव रोकने, बाढ़ की स्थिति में आपदा प्रबंधन तथा बरसात में संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत 20-21 अप्रैल को नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के कार्यों की समीक्षा के दौरान आगामी 31 मई तक बड़े नाला-नालियों और ड्रेनेज की सफाई के काम पूर्ण करने के साथ ही बरसात में जल भराव रोकने जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए थे। बैठक में उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निकायों में इसका भौतिक निरीक्षण करेंगी। कार्य संतोषजनक नहीं मिलने पर स्वास्थ्य अधिकारी और इंजीनियर पर कार्रवाई की जाएगी।

नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि वर्षा ऋतु में बारिश के पानी के निकासी के लिए निर्मित नालियों की समय पूर्व समुचित सफाई न होने तथा पानी निकासी के रास्तों के अवरोधों को दूर नहीं करने के कारण आकस्मिक वर्षा से बाढ़ की स्थिति निर्मित हो जाती है। इन स्थितियों से बचाव के लिए वर्षा ऋतु के पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लेवें।

विभाग ने इसके लिए शहरों के मुख्य मार्गों के साथ-साथ गलियों व चौराहों की अच्छी साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी नाले व नालियों की पूर्ण एवं नियमित रूप से अंतिम छोर तक गहराई से साफ-सफाई कराने के साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि नदी या अन्य जलस्रोत किसी भी प्रकार से प्रदूषित न हों। पानी के बहाव में निरंतरता के लिए निर्माणाधीन नाले व नालियों में पानी बहाव के रास्ते में से निर्माण सामग्रियों को हटाने तथा नाले-नालियों में निर्मित कच्चे एवं पक्के अतिक्रमित अवरोधों को हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग ने बरसात के पहले बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर आवश्यक अमले, टूल, मशीन आदि के साथ नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा है। विभाग ने बाढ़ नियंत्रण कक्षों के 24 घंटे कार्यरत रहना सुनिश्चित करने के साथ ही इसके दूरभाष नम्बर आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए हैं। निचली बस्तियों, बाढ़ संभावित क्षेत्रों व प्रभावितों का चिन्हांकन कर प्रभावितों के लिए सुरक्षित स्थलों को भी चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग ने बाढ़ की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। अन्य क्षेत्रों में भी बाढ़ के दौरान एवं बाढ़ के प्रभाव के समाप्त होने पर संक्रामक बीमारियों की आशंका बनी रहती है। इन स्थितियों में संबंधित विभागों को तत्परता से इसकी सूचना देने को कहा गया है। विभाग ने वर्षा ऋतु के पहले पेड़ों में लगे सभी साइन-बोर्डों, विज्ञापनों, किसी भी प्रकार के अन्य बोर्ड या साइनेज, बिजली वायर, हाईटेंशन लाइन या अन्य सामग्रियों को हटाने के निर्देश सभी निकायों को दिए हैं।

स्किन ग्राफ्टिंग से मरीज के पलक का सफल पुनर्निर्माण

स्किन ग्राफ्टिंग से मरीज के पलक का सफल पुनर्निर्माण

 रायपुर- छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में एक बार फिर जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए डॉक्टरों की टीम ने 22 वर्षीय युवक को नई दृष्टि और सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर प्रदान किया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई आंख की निचली पलक का सफल ऑपरेशन कर मरीज को बड़ी राहत मिली है।

दिसंबर 2025 की दुर्घटना के बाद बढ़ी थी परेशानी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक दिसंबर 2025 को एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसकी आंख की निचली पलक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे वह अपनी आंख पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहा था। प्रारंभिक उपचार के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद वह सिम्स के नेत्र रोग विभाग पहुंचा।

विशेषज्ञों ने किया सर्जरी का निर्णय

नेत्र विशेषज्ञों द्वारा गहन जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान पलक पर बने पुराने कठोर निशान (स्कार टिश्यू) को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इसके बाद पलक की संरचना को पुनः सामान्य करने के लिए उन्नत स्किन ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया।

जटिल सर्जरी के बाद तेजी से सुधार

सर्जरी अत्यंत जटिल थी, क्योंकि ग्राफ्ट का आकार बड़ा था। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने सफलतापूर्वक स्किन ग्राफ्ट का प्रत्यारोपण कर पलक और गाल के हिस्से का पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब वह सामान्य रूप से देख पा रहा है। पलक भी पूरी तरह से बंद हो रही है, जिससे चेहरे की विकृति दूर हो गई है।

इन विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस सफल सर्जरी में डॉ. सुचिता सिंह, डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. कौमल देवांगन, डॉ. विनोद ताम्कनंद, डॉ. डेलीना नेल्सन, डॉ. संजय चौधरी एवं डॉ. अनिकेत सहित नर्सिंग स्टाफ सिस्टर संदीप कौर तथा नेत्र, सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मरीज व परिजनों ने जताया आभार

अस्पताल प्रशासन के अनुसार सर्जरी पूरी तरह सफल रही है। मरीज की पलक सामान्य स्थिति में लौट आई है और आंख की कार्यक्षमता भी बहाल हो गई है। चेहरे की विकृति समाप्त होने से मरीज और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली तथा सिम्स के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “सिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। हमारे विशेषज्ञ चिकित्सक जटिल से जटिल मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। यह उपलब्धि संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और डॉक्टरों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि “इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल निष्पादन हमारी टीम की समन्वित कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता को दर्शाता है। सिम्स में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार यहीं मिल रहा है।”

सरकारी संस्थान में विश्वस्तरीय उपचार का उदाहरण

इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के बल पर जटिल से जटिल बीमारियों का विश्वस्तरीय उपचार संभव है।

शिक्षकों के समर्पण से ही होगा शिक्षा का सशक्त निर्माण – मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े….

शिक्षकों के समर्पण से ही होगा शिक्षा का सशक्त निर्माण – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े….

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि शिक्षकों का समर्पण ही एक सशक्त शिक्षा व्यवस्था की नींव है और उनके प्रयासों से ही समाज एवं राष्ट्र का भविष्य आकार लेता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है, जिसे मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।मंत्री राजवाड़े जिला स्तरीय मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं, जिसे राज्यभर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान और प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे नवाचार, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करें, ताकि बच्चे न केवल शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट बनें, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और जीवन कौशल से भी परिपूर्ण हों। मंत्री ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने भी शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को समग्र शिक्षा देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

समारोह के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि नवाचार, सतत मूल्यांकन एवं विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और गौरव का भाव देखने को मिला। इस प्रकार के आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।समारोह में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का सशक्त मॉडल : आधुनिक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ….

महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा का सशक्त मॉडल : आधुनिक पोषण आहार यूनिट का शुभारंभ….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। सूरजपुर जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम दर्रीपारा में बेलाफूल महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा 90 लाख रुपये की लागत से स्थापित आधुनिक पोषण आहार उत्पादन यूनिट का शुभारंभ किया गया।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

इस अवसर पर लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य मौजूद रहीं।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और बच्चों एवं माताओं को सुपोषण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह यूनिट केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार बनेगी।

ग्राम दर्रीपारा में स्थापित इस अत्याधुनिक यूनिट के माध्यम से परियोजना रामानुजनगर के 313 आंगनबाड़ी केंद्रों को मीठा शक्ति आहार एवं पौष्टिक नमकीन दलिया की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। यूनिट में लगभग 30 मीट्रिक टन पोषण आहार का उत्पादन किया जाएगा, जिससे बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध हो सकेगा।

हर घर तक पोषण, हर महिला को आत्मनिर्भरता : मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े

यह पहल न केवल कुपोषण की चुनौती से निपटने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ अब उत्पादन, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण एवं वितरण जैसे कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने  कहा कि आत्मनिर्भर ग्राम सशक्त महिला की अवधारणा को साकार करने में ऐसे प्रयास मील का पत्थर साबित होंगे। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से पोषण आहार की गुणवत्ता, ताजगी एवं आपूर्ति व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
यह यूनिट महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा और स्थानीय उद्यमिता के त्रिवेणी संगम का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।  प्रशासन द्वारा इस प्रकार के नवाचारी प्रयासों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सके।

महतारी वंदन से संवर रहा भविष्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

महतारी वंदन से संवर रहा भविष्य: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…..

 रायपुर: राज्य शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है। इस योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से महिलाएं न केवल घरेलू जरूरतों की पूर्ति कर रही हैं, बल्कि अपने बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी रख रही हैं।

मुंगेली जिले के लोरमी विकासखण्ड के ग्राम बरबसपुर निवासी मनीषा बंजारा महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रूपए सहायता राशि से परिवार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपनी बेटी की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने का अवसर मिला है। इससे परिवार के आर्थिक बोझ में कमी आई है और बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता बनी हुई है।

मनीषा बताती हैं कि योजना से प्राप्त राशि का वे सुनियोजित उपयोग कर रही हैं। उन्होंने अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना में खाता भी खुलवाया है, जिसमें वे नियमित रूप से बचत कर रही हैं। मनीषा के अनुसार, महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मविश्वास और आर्थिक संबल प्रदान किया है, जिससे वे अपने परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन अधिक बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। उन्होंने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की योजनाएं न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती हैं, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।