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राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सड़क सुरक्षा उपायों के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश

राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सड़क सुरक्षा उपायों के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश

 रायपुर। मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश
दुर्घटना में घायलों का इलाज प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 108 एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता की सख्त मॉनिटरिंग और ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिकों (गुड सेमेरिटन) को यथाशीघ्र प्रोत्साहन एवं सम्मान राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने निर्देश
अधिक दुर्घटना वाले 8 जिलों पर विशेष फोकस किया गया, जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
दुर्घटनाओं में कमी लाने सड़क निर्माण के पूर्व ही डिजाइन सही बनाएं
ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं विश्लेषण के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट्स में समय-सीमा के भीतर सुधार करने और सुधार के बाद दुर्घटनाओं में आई कमी का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव ने जोर दिया कि बाद में सुधार करने से बेहतर है कि सड़कों की शुरुआती डिजाइन ही सही हो। सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों को यातायात जागरूकता से जोड़े
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सुगम यातायात प्रबंधन से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी बनी रहे। सभी जिलों के कलेक्टरों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) श्री प्रदीप गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, जनसंपर्क और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बस्तर में कनेक्टीविटी बढ़ाने विशेष जोर, सड़कों और पुल-पुलियों के काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश

बस्तर में कनेक्टीविटी बढ़ाने विशेष जोर, सड़कों और पुल-पुलियों के काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश

 00 लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
00 कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने कहा, हर 15 दिनों में करें प्रगति की समीक्षा
00 सभी ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने कहा, काम नहीं करने वालों को ब्लैकलिस्ट कर अनुबंध निरस्त करने के निर्देश
रायपुर।
राज्य शासन बस्तर में सड़क कनेक्टीविटी के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों की प्रगति की लगातार समीक्षा के साथ ही इन्हें तेजी से पूर्ण करने कार्यों की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ बस्तर परिक्षेत्र के अभियंताओं और ठेकेदारों की बैठक लेकर निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में भारत सरकार के आर.आर.पी. और आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. के अंतर्गत प्रगतिरत सड़कों और पुल-पुलियों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सभी कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने बैठक में ठेकेदारों से चर्चा कर कार्यस्थलों में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने इनके त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। श्री बंसल ने लोक निर्माण विभाग के बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों में काम कर रहे ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वालों को ब्लैकलिस्ट कर उनके अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में सभी मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में दो-तीन दिन कार्यस्थलों का दौरा कर निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से समन्वय कर टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जांच कर नियमित भुगतान भी करने को कहा। श्री बंसल ने अनुबंध के अनुसार कार्यक्षेत्रों में सभी ठेकेदारों से प्लांट व मशीनरी लगवाने को कहा। उन्होंने प्लांट व मशीनरी नहीं लगाने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
विभागीय सचिव ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन सबमिशन की जानकारी ली। उन्होंने द्रुतगामी सड़कों तथा पहुंचविहीन गांवों को जोडऩे के लिए प्रस्तावित सड़कों व पुलों के प्राक्कलन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत नए कार्यों में भू-अर्जन और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से की जा सके। उन्होंने निर्माण कार्यों, आयोजनों एवं कार्यक्रमों के बिलों का भुगतान तत्परता से एक माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच तथा न्यायालयीन मामलों के निपटारे की प्रगति की भी समीक्षा की।
बंसल ने बरसात के बाद पेच रिपेयर के कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू करने 30 सितम्बर तक एजेंसियों के निर्धारिण के लिए निविदा की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुचारू आवागमन के लिए सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों के माध्यम से परफॉमेंस गांरटी वाली सड़कों की भी तत्परता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु की समाप्ति के बाद बाढ़ एवं अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत के काम सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, उप सचिव सुश्री अंशिका पाण्डेय, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एम.एल. उरांव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी, श्री डी.के. माहेश्वरी और सुरेश भूपल सहित बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्देश

 रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली । बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही अन्य सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों से जिलेवार जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक भी जरूरी दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंचें, जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा बैठक मे सेवाओं को और अधिक बेहतर एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखने, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले, इसके लिए कार्ययोजना के अनुसार अमल करने को कहा गया। इसके साथ ही चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने यूसीसी समिति सदस्यों से की सौजन्य मुलाकात

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने यूसीसी समिति सदस्यों से की सौजन्य मुलाकात

 00 सरल भाषा में पुस्तक प्रकाशित करने का दिया सुझाव
​रायपुर।
राजधानी स्थित न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति के सदस्यों से सौजन्य मुलाकात की। इस विशेष भेंट के दौरान डॉ. सलीम राज ने आम नागरिकों की सहूलियत और बेहतर समझ के लिए यूसीसी के विभिन्न पहलुओं पर सरल भाषा में एक पुस्तक प्रकाशित करने के विचार से समिति को अवगत कराया, ताकि राज्य का हर नागरिक इसके प्रावधानों को आसानी से समझ सके।
​नागरिक इन पते एवं माध्यमों से भेज सकते हैं अपने सुझाव
यूसीसी समिति के प्रमुख सदस्यों ने राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से यूसीसी के ड्राफ्ट हेतु अपने सुझाव साझा करने का विशेष आग्रह किया है। राज्य में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) समिति ने अपनी कार्यप्रणाली पूरी सक्रियता से प्रारंभ कर दी है। राज्य के आम नागरिक समान नागरिक संहिता को लेकर अपने विचार या सुझाव देना चाहते हैं, तो निम्नलिखित आधिकारिक पतों एवं माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। ​ई-मेल के माध्यम से ​नागरिक अपने सुझाव सीधे इस
ucc-chhattisgarh@cg.gov.in पर भेज सकते हैं। इसी तरह ​वेब पोर्टल के माध्यम से ​समिति के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन https://ucc.cgstate.gov.in/ सुझाव दर्ज करा सकते है। राज्य के नागरिक ​डाक / पत्राचार द्वारा ​अपने लिखित सुझाव कार्यालय, समान नागरिक संहिता समिति कमरा नंबर - 202, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स,रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001 के पते पर स्पीड पोस्ट या साधारण डाक से अथवा स्वयं उपस्थित होकर लिखित आवेदन/ज्ञापन व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते है।

विकास योजनाओं को मिले गति, निर्माण कार्य समय-सीमा में हों पूर्ण : केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

विकास योजनाओं को मिले गति, निर्माण कार्य समय-सीमा में हों पूर्ण : केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

 दिशा समिति की बैठक में आजीविका, आवास, जैविक खेती, स्वच्छता, सिंचाई, सड़क और कुपोषण की स्थिति की हुई विस्तृत समीक्षा, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

रायपुर-- सांसद लोकसभा क्षेत्र बिलासपुर एवं केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए  साहू ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उनकी आय में वृद्धि के लिए स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राहियों को आवास निर्माण में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के लंबित कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने कहा। पीएम जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाए जा रहे संपर्क मार्गों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय समन्वय से निर्माण में आ रही बाधाओं का शीघ्र निराकरण करने और सड़कों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

विष्णुभोग धान-चावल की पहचान को मिले नई दिशा

साहू ने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले की विशिष्ट पहचान विष्णुभोग धान-चावल की उत्पादकता बढ़ाने, प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने तथा बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने कहा, ताकि किसानों को स्थानीय उत्पाद का अधिक लाभ मिल सके।

स्वच्छता की समीक्षा के दौरान उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण और स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित वास्तविक एवं अद्यतन जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराने पर भी विशेष जोर दिया।

सिंचाई, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान

जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए जल निकायों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।  साहू ने पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए सघन टीकाकरण अभियान चलाने, कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने तथा टीबी उन्मूलन और मलेरिया नियंत्रण के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी विशेष जोर दिया।

लंबित राजस्व प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश

केन्द्रीय राज्य मंत्री  साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त अधिकांश प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित हैं। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया कि नक्शा-बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, त्रुटि सुधार सहित सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की निर्बाध और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने कहा।

साहू ने मत्स्य पालन, श्रम विभाग सहित सभी विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

विकास योजनाओं की उपलब्धियों से समिति को कराया गया अवगत

बैठक में कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं की उपलब्धियों एवं प्रगति से समिति को अवगत कराया।

बैठक में बताया गया कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत जिले में कुल 64 हजार 174 जॉबकार्डधारी परिवार पंजीकृत हैं। श्रम बजट वर्ष 2026-27 में अब तक 9 लाख 96 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। बिहान समूह से जुड़ी 18 हजार 148 दीदियों को लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में अब तक 46 हजार 151 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। गौरेला विकासखंड में संचालित पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत 1,080 आवासों में से 865 आवास पूर्ण हो चुके हैं। सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत 36 हजार 924 हितग्राहियों को पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है।

53 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ बोनी पूर्ण

कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 में निर्धारित 58 हजार 693 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 53 हजार 99 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूर्ण हो चुकी है।

जिले में 839 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जहां 23 हजार 993 बच्चे दर्ज हैं। बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।

69 हजार से अधिक घरों में पहुंचा नल का पानी

आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक 3 लाख 16 हजार 675 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 24 हजार 248 लोगों के कार्ड बनना शेष है। साहू ने शेष पात्र लोगों के कार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिए।

जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 563 योजनाओं में से 245 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। योजना के अंतर्गत 84 हजार 901 घरों के लक्ष्य के विरुद्ध 69 हजार 808 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें 55 हजार 800 क्रियाशील नल कनेक्शन शामिल हैं।

जिले में 209 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं तथा कुल 1 लाख 16 हजार 319 राशन कार्डधारक हैं। बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में विधायक कोटा  अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला  मुकेश दुबे, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पेंड्रा  राकेश जालान, अध्यक्ष जनपद पंचायत गौरेला श्री शिवनाथ बघेल, अध्यक्ष जनपद पंचायत मरवाही जानकी कुशरो,  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

 

युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता से बनेगा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता से बनेगा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

 00 माय भारत की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोडऩे पर दिया जोर

00 सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ ग्राम से राज्य स्तर तक तैयार होगा मजबूत युवा नेटवर्क
00 बस्तर के युवाओं को माय भारत से जोड़कर प्रतिभा और नेतृत्व के नए अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश
00 देशभर में माय भारत से जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा, छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से अधिक पंजीकृत
रायपुर।
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता तथा नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोडऩा होगा। युवाओं को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों से जोडऩे से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मेरा युवा भारत (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बैठक में माय भारत की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोडऩे और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। इसी उद्देश्य से मेरा युवा भारत जैसे व्यापक मंच की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री युवाओं के विचारों, आकांक्षाओं और गतिविधियों में विशेष रुचि लेते हैं तथा युवा शक्ति को विकसित भारत के संकल्प का प्रमुख आधार मानते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। उसकी सोच व्यापक है, उसमें नवाचार की क्षमता है और वह तेजी से बदलाव को आत्मसात कर सकता है। युवाओं की यही ऊर्जा सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगे, इसके लिए उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। आने वाले वर्षों में यही युवा देश और प्रदेश का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक सरोकारों से जोडऩे के लिए अभी से सुनियोजित प्रयास किए जाने चाहिए।

हर क्षेत्र में युवाओं को मिलें सेवा और नेतृत्व के अवसर
मुख्यमंत्री  साय ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, सिविक सेंस, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में युवा शक्ति का सहयोग उपयोगी हो सकता है, वहां माय भारत के माध्यम से उन्हें अवसर दिए जाएं। इससे एक ओर युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता का समाज और प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग होगा। मुख्यमंत्री साय ने सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़ की भावना के अनुरूप ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक मजबूत समन्वय और युवा नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें अवसर देना और नेतृत्व के मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाए।
माय भारत से देशभर में जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा
बैठक में बताया गया कि मेरा युवा भारत युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩे वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को इसका शुभारंभ किया था। वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इस मंच से जुड़ चुके हैं। माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां युवाओं को स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और अवसरों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। युवाओं की सुविधा के लिए माय भारत ऐप भी विकसित किया गया है।
अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को मिल रहा व्यावहारिक अवसर
बैठक में जानकारी दी गई कि देशभर में 24 हजार 900 से अधिक ईएलपी के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुडऩे और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के माध्यम से 2 हजार 389 से अधिक युवा जुड़े हैं। इसी प्रकार देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5 हजार 778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23 हजार 900 से अधिक युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है। केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए क्विज मॉड्यूल के माध्यम से भी देशभर में 65 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ा गया है।

गांव से राज्य तक तैयार होगा युवा नेटवर्क
बैठक में बताया गया कि मेरा युवा भारत की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत मुख्यालय के साथ 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यालय, जिला कार्यालय, युवा क्लब और माय भारत स्वयंसेवकों की व्यवस्था है। इस नेटवर्क के माध्यम से ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक युवाओं को विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं को गैर-राजनीतिक सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की रुचि और प्रतिभा की पहचान कर उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास हो तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत बने।
विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में इसमें 30 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। युवा नेतृत्व के चयन को निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने के लिए बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया अपनाई गई है। बैठक में छत्तीसगढ़ में विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग आयोजित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके माध्यम से खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया। विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, विकसित भारत युवा कनेक्ट, यूथ आइकन, विकसित भारत पदयात्रा, सरदारञ्च150 पदयात्रा और नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नेतृत्व से जोडऩे के प्रयासों की जानकारी बैठक में दी गई।
बस्तर के युवाओं के लिए खुलें अवसरों के नए द्वार
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से व्यापक स्तर पर जोडऩे पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर नक्सलवाद की हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में बस्तर के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहे युवाओं के लिए आज नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। माय भारत से जुडऩे से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, उनकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी और उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढऩे के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर के सुदूर क्षेत्रों तक विकास और अवसर पहुंच रहे हैं। पिछले दो वर्षों में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने बड़ी संख्या में युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा, कला और संस्कृति प्रदर्शित करने का मंच दिया है। इसी प्रकार माय भारत के माध्यम से भी बस्तर के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे और नेतृत्व करने के अवसर दिए जाएं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को उचित अवसर देकर उन्हें छत्तीसगढ़ और देश के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना हमारी प्राथमिकता है। बैठक के दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित माय भारत के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 22 IAS और 1 IFS अधिकारी का तबादला, कई जिलों के बदले गए कलेक्टर

BREAKING : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 22 IAS और 1 IFS अधिकारी का तबादला, कई जिलों के बदले गए कलेक्टर

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 22 IAS और एक IFS अधिकारी का तबादला किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।

जारी आदेश के मुताबिक प्रदेश के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। तबादले के साथ अधिकारियों को अलग-अलग विभागों और जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीँ कई जिलों के कलक्टर भी बदले गए है।

 

 

 
BREAKING : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, 37 कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और प्रभारी सहायक अभियंताओं के तबादले

BREAKING : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, 37 कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और प्रभारी सहायक अभियंताओं के तबादले

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और प्रभारी सहायक अभियंताओं के तबादले किये गए है। आदेश में 37 अधिकारियों के नाम शामिल है।

देखें आदेश

 

 

BREAKING : राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इस संबंध आदेश जारी किया गया है। सभी अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से स्थानांतरित करते हुए नवीन पदस्थापना दी गई है।

देखें आदेश

CG – 59 साल के अधेड़ ने की घिनौनी करतूत, नड्डे का लालच देकर 3 मासूमों से की हैवानियत, फिर जो हुआ…

CG – 59 साल के अधेड़ ने की घिनौनी करतूत, नड्डे का लालच देकर 3 मासूमों से की हैवानियत, फिर जो हुआ…

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। 59 साल के अधेड़ ने नड्डा खिलाने का लालच देकर तीन मासूमों के साथ हैवानियत की हदें पार की हैं। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों में आरोपी के खिलाफ भारी आक्रोश है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी एक दुकान संचालित करता है, जहां नड्डा, मुरकू और अन्य खाने-पीने की चीजें बेचता है। आरोप है कि उसने पड़ोस में रहने वाली बच्चियों को नड्डा खिलाने का लालच देकर अपने घर बुलाया और वहां उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। बच्चियों ने जब अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, तब मामले का खुलासा हुआ।

पीड़ितों के साथ उनके परिजनों ने कोतवाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर थाना लेकर आई।

खबर की जानकारी पर करणी सेना के कार्यकर्ता ने भी देर रात कोतवाली थाना घेरा। घटना से आक्रोशित कार्यकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ उसका जुलूस निकालने की मांग की। वहीं बच्चियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने के लिए भी कहा। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक के तबादले, देखें आदेश

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक के तबादले, देखें आदेश

 बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, आरक्षक को नई पदस्थापना मिली है।

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CG – कमरे के अंदर बोरे में बंद मिली माँ-बाप की लाश, वारदात के बाद बड़ा बेटा फरार, जताई जा रही ये आशंका

CG – कमरे के अंदर बोरे में बंद मिली माँ-बाप की लाश, वारदात के बाद बड़ा बेटा फरार, जताई जा रही ये आशंका

 सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक घर के भीतर दंपति की लाश बोरे में बंद मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों के सिर पर गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद से मृतक दंपति का बड़ा बेटा फरार बताया जा रहा है। परिजनों के मुताबिक, उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है। पुलिस को शक है कि वारदात में बड़े बेटे की भूमिका हो सकती है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार बेटे की तलाश की जा रही है।

पति-पत्नी अपने बड़े बेटे के साथ पुराने घर में सो रहे थे। सुबह दोनों के शव ताला बंद कमरे में मिला। घटना के बाद से बड़ा बेटा फरार है। उसका अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश कर रही है। मामला धौरपुर थाना क्षेत्र का है।

जाने पूरा मामला

धौरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सपड़ा के परसापारा में हीराधर यादव (55) गांव के बड़े किसान थे। वे अपनी पत्नी गुलाबी यादव (50) और बड़े बेटे जदू यादव (34) के साथ पुराने घर में रहते थे। उनका छोटा बेटा मोहन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव में ही दूसरे घर में रहता है।

सुबह मोहन दूध लेने पुराने घर पहुंचा, लेकिन घर के दोनों दरवाजे बाहर से बंद मिले। दरवाजों पर कुंडी लगी हुई थी। उसने घर में काम करने वाले नौकर सुकृत नागेश के साथ आसपास और खेतों में भी माता-पिता, बड़े भाई की तलाश की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद मोहन और सुकृत ने घर की कुंडी खोलकर अंदर तलाश शुरू की। इस दौरान उन्हें एक कमरे में ताला लगा मिला। ताला तोड़कर दरवाजा खोला गया तो अंदर का मंजर देखकर दोनों के होश उड़ गए।

बोरे में बांधकर रखा था शव

बंद कमरे के अंदर फर्श पर खून फैला हुआ था। खून से सने दो बोरों में दंपती के शव बंधे मिले। मोहन और सुकृत ने तुरंत इसकी सूचना धौरपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही धौरपुर पुलिस की टीम के साथ एसडीओपी तूल सिंह पट्टावी मौके पर पहुंचे।

अंबिकापुर से फॉरेंसिक एक्सपर्ट प्रभात भगत भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की। दोनों के सिर पर फरसा या टांगी से हमला किए जाने के गहरे घाव मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, सिर में गंभीर चोट लगने और अधिक खून बहने से दोनों की मौत हुई।

बड़े बेटे पर हत्या का शक

घटना के बाद दंपति का बड़ा बेटा जदू यादव फरार है। आशंका जताई जा रही है कि उसने ही अपने माता-पिता की हत्या की और शवों को ठिकाने लगाने की कोशिश की। मोहन यादव ने बताया कि जदू यादव की शादी नहीं हुई है। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। वह लंबे समय से अपने माता-पिता के साथ रह रहा था। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।

धौरपुर SDOP तूल सिंह पट्टावी ने बताया कि पुलिस जदू यादव की तलाश में जुटी है। अभी तक उसका पता नहीं चल सका है। पुलिस ने उसके रिश्तेदारों के घर भी तलाशी ली है। इसके अलावा उसके आसपास के जंगलों में छिपे होने की आशंका को देखते हुए वहां भी खोजबीन की जा रही है।

CG – बाल सुधार गृह में नाबालिग बंदी का इस हाल में मिला शव, हालत देखकर अधिकारी भी रह गए हैरान…

CG – बाल सुधार गृह में नाबालिग बंदी का इस हाल में मिला शव, हालत देखकर अधिकारी भी रह गए हैरान…

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर से बड़ी खबर सामने आई है। शहर स्थित बाल सुधार गृह में एक नाबालिग बंदी ने आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही बाल सुधार गृह में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस और आला अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद नाबालिग के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

पुलिस की टीम ने शुरू की जांच

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, मृतक रायगढ़ जिले का रहने वाला था और करीब सप्ताहभर पहले दुष्कर्म के मामले में बाल सुधार गृह लाया गया था। बाल सुधार गृह में ही उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद बाल सुधार गृह में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही सरकंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और मामले की जांच की जा रही है।

CG – कारोबारी ने अपनी ही हत्या की रची साजिश, दी सुपारी; अब आरोपी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा…

CG – कारोबारी ने अपनी ही हत्या की रची साजिश, दी सुपारी; अब आरोपी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा…

 सरगुजा। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में करीब दो साल पहले स्टील कारोबारी अक्षत अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी का दावा था कि कारोबारी ने खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी। हालांकि, हत्या की असल वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

मामला गांधी नगर थाना क्षेत्र का है। डिगमा में 21 अगस्त 2024 को अंबिका स्टील इंडस्ट्रीज के मालिक महेश केडिया के बेटे अक्षत अग्रवाल (23) का शव कार में मिला था। पुलिस ने हत्या के आरोप में कंपनी के पूर्व कर्मचारी संजीव मंडल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया, लेकिन इनमें कोई नया तथ्य सामने नहीं आया। पुलिस ने वारदात स्थल को सील कर दिया था। सड़क से अंदर जंगल की तरफ अक्षत की कार बरामद हुई थी। आरोपी संजीव मंडल की निशानदेही पर ही पुलिस यहां तक पहुंची थी।

33 गवाहों की हुई गवाही

अतिरिक्त लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे ने बताया कि गांधीनगर पुलिस ने घटना के अगले दिन, 22 अगस्त 2024 को ही आरोपी संजीव मंडल को हिरासत में ले लिया था। आरोपी के कब्जे से 3 पिस्टल और 31 कारतूस बरामद किए गए थे।

इसके अलावा 50 हजार रुपए कैश, अक्षत अग्रवाल की सोने की चेन, ब्रेसलेट और अंगूठी भी बरामद हुई थी। आरोपी संजीव मंडल ने दावा किया था कि अक्षत अग्रवाल ने खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी। आरोपी के मुताबिक, तीनों पिस्टल और 31 कारतूस भी अक्षत अग्रवाल ही लेकर आया था।

मामले की सुनवाई जिला न्यायालय के सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत में हुई। करीब दो साल चली सुनवाई में पुलिस अधिकारियों और जवानों, डॉक्टर, फॉरेंसिक टीम, परिजनों और दोस्तों समेत कुल 33 लोगों की गवाही हुई।

कोर्ट ने संजीव मंडल को हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया। कोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत आजीवन सश्रम कारावास और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 के तहत 5 साल के कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त लोक अभियोजक के मुताबिक, आरोपी संजीव मंडल उर्फ भानू ने गिरफ्तारी के बाद दावा किया था कि अक्षत अग्रवाल ने खुद अपनी हत्या की सुपारी दी थी। आरोपी ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि अक्षत ने उसे खुद को गोली मारने के लिए कहा था। संजीव के मुताबिक, उसने अक्षत पर पिस्टल तानी, लेकिन गोली नहीं चला पाया। इसके बाद अक्षत ने खुद ट्रिगर दबा दिया, जिससे गोली उसके सीने में लगी। संजीव ने दावा किया कि इसके बाद उसने भी दो फायर किए।

हालांकि, कोर्ट में आरोपी अपने पुलिस बयान से मुकर गया और खुद को निर्दोष बताया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षत को तीनों गोलियां पास से मारी गई थीं। परिस्थितिजन्य और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से घटना के समय अक्षत अग्रवाल और संजीव मंडल की घटनास्थल पर मौजूदगी की पुष्टि हुई।

पुलिस ने कोर्ट की अनुमति लेकर आरोपी संजीव मंडल का नार्को टेस्ट और पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया था। जांच में घटना में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई। इन जांचों से मिले तथ्यों को भी कोर्ट के सामने रखा गया था।

CG – नवविवाहिता ने की आत्महत्या, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम, मायके पक्ष ने पति पर लगाया ये गंभीर आरोप…

CG – नवविवाहिता ने की आत्महत्या, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम, मायके पक्ष ने पति पर लगाया ये गंभीर आरोप…

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक नवविवाहिता की फांसी लगाने से मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी रवीना यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ साल पहले रवीना का विवाह विपुल यादव से हुआ था। घटना के बाद मायके पक्ष ने पति पर कथित रूप से विवाहेतर संबंध होने का आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि इसी वजह से रवीना मानसिक रूप से परेशान थी और उसने यह कदम उठाया। हालांकि, आत्महत्या की वास्तविक वजह क्या थी, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना को पति के कथित प्रेम संबंध से जोड़कर देखा जा रहा है। मृतका के मामा साहब लाल यादव ने दावा किया कि रवीना और उसका पति घर पर थे। इसी दौरान कथित प्रेमिका के घर पहुंचने की बात सामने आई। जानकारी मिलने पर रवीना का पति से विवाद हुआ। आरोप है कि विवाद के बाद पति ने रवीना को कमरे में बंद कर दिया और कथित प्रेमिका के साथ बाहर चला गया।

उन्होंने बताया कि कमरे में बंद रवीना ने पति से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं। रात करीब 12 बजे से 2 बजे के बीच उसने पति को लगभग 17 बार फोन किया, लेकिन कथित तौर पर किसी कॉल का जवाब नहीं मिला। इससे पहले रात करीब 8:30 बजे रवीना ने कथित प्रेमिका से भी करीब 15 मिनट तक फोन पर बातचीत की थी। परिजनों का दावा है कि बातचीत के दौरान रवीना बेहद तनाव में थी और उसने खुद या पति को कुछ कर लेने जैसी बातें कही थीं।

इसके बाद रवीना ने कमरे में पंखे से दुपट्टा बांधकर फांसी लगा ली। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। नवविवाहिता की मौत होने के कारण पंचनामा महिला कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कराया गया।

उतई पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला दर्ज किया है। मायके वालों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद जौनपुर से परिजन दुर्ग पहुंचे। 16 अगस्त को महिला चिकित्सकों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद पिता लल्लन यादव समेत मायके के परिजन शव लेकर जौनपुर रवाना हो गए।

फिलहाल पुलिस मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, पति-पत्नी के बीच विवाद, कथित प्रेम संबंध और परिजनों के आरोपों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही रवीना की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

बेटियों के लिए उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर, अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति से मिलेगा आर्थिक संबल…

बेटियों के लिए उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर, अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति से मिलेगा आर्थिक संबल…

 रायपुर: उच्च शिक्षा के सपनों को आर्थिक सीमाओं से बाधित न होने देने की दिशा में अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना धमतरी जिले की बेटियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर लेकर आई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति पोर्टल का प्रथम चरण 31 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जिले के शासकीय तथा पात्र निजी महाविद्यालयों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र छात्राओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने और आवेदन में आवश्यक सहयोग देने की पहल की जा रही है।

इस योजना के अंतर्गत पात्र छात्राओं को प्रतिवर्ष 30 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यह आर्थिक सहायता छात्राओं को उच्च शिक्षा जारी रखने, अध्ययन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने तथा अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक भविष्य को मजबूत बनाने में सहायक होगी।

827 छात्राओं को मिला 2.48 करोड़ रुपये का लाभ

धमतरी जिले में अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति योजना का प्रभाव पहले ही सामने आ चुका है। गत शैक्षणिक सत्र में जिले के 22 महाविद्यालयों की 827 छात्राओं को कुल 2 करोड़ 48 लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्राप्त हुई। योजना से मिली आर्थिक सहायता ने अनेक छात्राओं को बिना आर्थिक दबाव के अपनी उच्च शिक्षा जारी रखने और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का अवसर दिया। जिन  छात्राओं को पिछले साल छात्रवृत्ति मिली थी वह भी इस बार  अध्यनरत है तो आवेदन कर सकती है ।जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस वर्ष योजना की पहुंच को और व्यापक बनाया जाए तथा कोई भी पात्र छात्रा केवल जानकारी के अभाव या आवेदन प्रक्रिया में कठिनाई के कारण इस अवसर से वंचित न रहे।

कौन छात्राएं कर सकती हैं आवेदन

योजना के लिए वे छात्राएं पात्र हैं, जिन्होंने कक्षा 10 वीं एवं 12 वीं दोनों परीक्षाएं योजना में शामिल 19 राज्यों एवं 2 केंद्रशासित प्रदेशों के शासकीय विद्यालय अथवा महाविद्यालय से नियमित छात्रा के रूप में उत्तीर्ण की हों। साथ ही, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में भारत के किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के मान्यता प्राप्त शासकीय अथवा पात्र निजी महाविद्यालय/विश्वविद्यालय में 2 से 5 वर्ष अवधि के स्नातक डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नियमित प्रवेश लिया होना आवश्यक है।

जिला प्रशासन ने महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने संस्थानों में अध्ययनरत पात्र छात्राओं की पहचान कर उन्हें योजना की जानकारी दें तथा आवेदन प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं। साथ ही, छात्राओं एवं अभिभावकों से अपील की गई है कि अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।

आवेदन का अगला अवसर जनवरी 2027 में प्रथम चरण में आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 है। इसके बाद योजना का दूसरा चरण 10 जनवरी 2027 से 31 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। योजना से संबंधित जानकारी अथवा सहायता के लिए अज़ीम प्रेमजी छात्रवृत्ति व्हाट्सऐप हेल्पलाइन  90199-60536 पर संपर्क किया जा सकता है।

जिला प्रशासन ने कहा है कि बेटियों की शिक्षा में किया गया निवेश उनके भविष्य के साथ-साथ परिवार और समाज की प्रगति का आधार बनता है। इसी भावना के साथ जिले में प्रयास किया जा रहा है कि पात्र छात्राओं तक छात्रवृत्ति योजना की जानकारी समय पर पहुंचे और अधिकतम छात्राएं इसका लाभ उठाकर उच्च शिक्षा के अपने सपनों को नई उड़ान दे सकें।

डिजिटल क्रांति से सुदृढ़ होता राजस्व प्रशासन- सुशासन और पारदर्शिता की नई सुबह…..

डिजिटल क्रांति से सुदृढ़ होता राजस्व प्रशासन- सुशासन और पारदर्शिता की नई सुबह…..

 रायपुर: सुशासन की दिशा में अग्रसर राज्य सरकार ने राजस्व प्रशासन को डिजिटल बनाकर आम जनता के जीवन को सरल और चिंतामुक्त करने का एक ऐतिहासिक अध्याय शुरू किया है। वह दौर अब बीते दिनों की बात हो चुका है, जब जमीन-जायदाद के कागजात दुरुस्त कराने, नामांतरण कराने या खसरा-नक्शा हासिल करने के लिए नागरिकों को महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। आज आधुनिक तकनीक के समन्वय से राजस्व सेवाएं न केवल पारदर्शी हुई हैं, बल्कि सीधे नागरिकों की पहुंच में आ चुकी हैं।

19 हजार 723 गांवों के भू – नक्शों का पूर्णतः कंप्यूटरीकृत

​छत्तीसगढ़ में भुईयां और भू-नक्शा डिजिटल पहल के तहत प्रदेश के 20 हजार 298 गांवों के खसरा एवं 19 हजार 723 गांवों के भू-नक्शों का पूर्णतः कंप्यूटरीकरण कर लिया गया है। इससे शुद्ध और प्रामाणिक भू-अभिलेख तुरंत उपलब्ध हो रहे हैं। डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (DILRMP)  के माध्यम से राज्य की स्वीकृत 172 तहसीलों में से 158 तहसीलों में मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का निर्माण पूरा हो चुका है। भू-अभिलेखों के डिजिटल सुरक्षित संधारण से अभिलेखों के फटने, खराब होने या गुम होने की पुरानी समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो गई है।

पक्षकारों के मोबाइल पर एसएमएसके माध्यम से सुनवाई की तारीख

न्यायिक प्रक्रिया में गति और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-कोर्ट व्यवस्था लागू की गई है। इसके माध्यम से नागरिक अब घर बैठे भूमि संबंधी विवादों के निपटारे के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से लेकर अंतिम फैसले तक की अद्यतन जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। यही नहीं, पेशी की अगली तारीख की सूचना भी पक्षकारों को सीधे उनके मोबाइल पर एसएमएस (SMS) के जरिए भेज दी जाती है।

वर्ष 2025 से लागू की गई ‘ऑटो नामांतरण’ व्यवस्था

प्रशासनिक सुगमता का एक और उत्कृष्ट उदाहरण पंजीयन और नामांतरण प्रणाली का एकीकरण है। राज्य के सभी 105 उप-पंजीयक कार्यालय अब भुईयां पोर्टल से सीधे जुड़ चुके हैं। वर्ष 2025 से लागू की गई ‘ऑटो नामांतरण’ (Auto Mutation) व्यवस्था के तहत जमीन की रजिस्ट्री होते ही क्रेता के नाम पर नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाती है। एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित इस प्रणाली से ऑफलाइन नामांतरण में लगने वाले समय और अनावश्यक परेशानियों से नागरिकों को स्थायी राहत मिल रही है।

गाइडलाइन दर का निर्धारण स्वचालित प्रणाली से 

​भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को भी ‘ऑटो व्यपवर्तन’ (Auto Diversion) के जरिए बेहद सरल बनाया गया है, जहाँ आवेदन मिलने के मात्र 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है। गाइडलाइन दरों और प्रीमियम दरों का निर्धारण भी अब स्वचालित प्रणाली से संपन्न होता है।

डिजिटल किसान पुस्तिका उपलब्ध

किसानों के हित में एक और क्रांतिकारी कदम उठाते हुए भुईयां पोर्टल पर डिजिटल किसान ऋण पुस्तिका उपलब्ध कराई जा रही है। पटवारी और उप-पंजीयक के डिजिटल हस्ताक्षर से युक्त यह प्रमाणित दस्तावेज़ सिस्टम द्वारा स्वतः तैयार हो जाता है। आगामी समय में इसे सिविल न्यायालयों से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे भूमि से जुड़े किसी भी अदालती स्थगन या आदेश की अद्यतन जानकारी इसमें पारदर्शी रूप से दर्ज रहेगी।

खसरा व बी-1 की​ डिजिटल सुलभता 

​डिजिटल सुलभता की इस कड़ी को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए खसरा व बी-1 जैसे सभी मुख्य दस्तावेज़ अब व्हाट्सएप चैटबॉट (WhatsApp Chatbot) पर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। निश्चित तौर पर, तकनीक आधारित इस राजस्व क्रांति ने न केवल समय और धन की बचत की है, बल्कि प्रदेश में सुशासन, प्रामाणिकता और पारदर्शिता की एक नई मिसाल पेश की है।

CG : शिवमहापुराण कथा में संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की नजर, 7 महिलाएं पकड़ी गईं; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

CG : शिवमहापुराण कथा में संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की नजर, 7 महिलाएं पकड़ी गईं; सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

 भिलाई। जयंती स्टेडियम, सिविक सेंटर भिलाई में आयोजित शिवमहापुराण कथा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए सात महिलाओं को पकड़ा। महिलाओं के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

एएसपी मणीशंकर चंद्रा ने बताया कि कथा स्थल पर संदिग्ध महिलाओं के घूमने की शिकायत मिली थी। सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सात महिलाओं को पकड़ा। इनमें ग्राम खड्डा, थाना सिवान, जिला रीवा, मध्य प्रदेश निवासी रीना, अनीता देवी, सोनाली उर्फ शीला, जाहनवी देवी और गीता देवी शामिल हैं। वहीं ग्राम समकलपुर, थाना पिपराइच, जिला गोरखपुर, उत्तर प्रदेश निवासी संगीता और नैना को भी पकड़ा गया है।

पूछताछ के दौरान महिलाओं द्वारा पुलिस को संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, प्रकरण में किसी अपराध के घटित होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कथा स्थल पर संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम तथा शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की है। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भिलाई नगर पुलिस की टीम द्वारा कथा स्थल पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है।

भक्तजनों के लिए पुलिस की एडवाइजरी

पुलिस ने भक्तजनों से अपील की है कि कथा स्थल पर अनावश्यक रूप से महंगे आभूषण पहनकर न आएं। मोबाइल, नकदी और अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखें। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने सामान के साथ-साथ साथ आए बच्चों पर भी विशेष ध्यान दें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस द्वारा धार्मिक आयोजन के दौरान नागरिकों की सुरक्षा, शांति और सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

ब्रेकिंग : तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, हादसे में 2 युवकों की दर्दनाक मौत

ब्रेकिंग : तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवारों को मारी टक्कर, हादसे में 2 युवकों की दर्दनाक मौत

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।

यह घटना बांकीमोंगरा चांदनी चौक के पास हुई है। बताया जा रहा है कि बाइक सवार दो युवकों को ट्रेलर ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों की ट्रेलर के नीचे आकर मौत हो गई।

हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया, जिससे रोंगा-बांकीमोंगरा मार्ग पर घंटों आवाजाही ठप रही। चक्काजाम की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार अमरदीप आंचल और बांकीमोंगरा थाना प्रभारी जितेंद्र यादव अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और चांदनी चौक पर स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग की है।

एक करोड़ की ज्वेलरी उठाईगिरी का पुलिस ने किया खुलासा, 46 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद

एक करोड़ की ज्वेलरी उठाईगिरी का पुलिस ने किया खुलासा, 46 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद

 सरगुजा। सीतापुर थाना क्षेत्र में ज्लर्स कारोबारी से करीब एक करोड़ रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 500 सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और दूसरे राज्यों की पुलिस से समन्वय के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के घर से करीब 46 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, 26 जुलाई 2026 को अरुणदेव सोनी ने सीतापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल सीतापुर के पास स्थित काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के लिए वे स्कूटी से ज्वेलरी का बैग लेकर पहुंचे थे। दुकान के सामने स्कूटी में बैग रखकर शटर खोलने के दौरान अज्ञात व्यक्ति बैग उठाकर फरार हो गया। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बताए गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में साइबर सेल अंबिकापुर और थाना सीतापुर की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल सहित आरोपियों के संभावित रूट के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध बैग लेकर भागते नजर आए। जांच के दौरान पुलिस टीम ने सरगुजा, जशपुर, झारखंड और ओडिशा के कई इलाकों में सीसीटीवी फुटेज की जांच की। तकनीकी विश्लेषण और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान चांटी दास निवासी गंजाम, ओडिशा और नागेश्वर राव निवासी गंजाम, ओडिशा के रूप में की

इसके बाद साइबर सेल और थाना सीतापुर की टीम ओडिशा पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से करीब 10 दिनों तक तलाश अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस को आरोपी चांटी दास के घर पहुंचने की जानकारी मिली। तलाशी के दौरान उसके घर से करीब 300.92 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 43 लाख रुपये, और 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है, बरामद किए गए। कुल मिलाकर करीब 46 लाख रुपये के आभूषण जब्त किए गए।

पुलिस के अनुसार, चांटी दास और नागेश्वर राव सहित मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। चोरी की शेष संपत्ति बरामद करने और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में साइबर सेल अंबिकापुर और थाना सीतापुर की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घटनास्थल सहित आरोपियों के संभावित रूट के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार संदिग्ध बैग लेकर भागते नजर आए। जांच के दौरान पुलिस टीम ने सरगुजा, जशपुर, झारखंड और ओडिशा के कई इलाकों में सीसीटीवी फुटेज की जांच की। तकनीकी विश्लेषण और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान चांटी दास निवासी गंजाम, ओडिशा और नागेश्वर राव निवासी गंजाम, ओडिशा के रूप में की।

इसके बाद साइबर सेल और थाना सीतापुर की टीम ओडिशा पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से करीब 10 दिनों तक तलाश अभियान चलाया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस को आरोपी चांटी दास के घर पहुंचने की जानकारी मिली। तलाशी के दौरान उसके घर से करीब 300.92 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 43 लाख रुपये, और 1 किलो 168 ग्राम चांदी के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है, बरामद किए गए। कुल मिलाकर करीब 46 लाख रुपये के आभूषण जब्त किए गए।

पुलिस के अनुसार, चांटी दास और नागेश्वर राव सहित मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। चोरी की शेष संपत्ति बरामद करने और अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है।

‘रेशम से रोशन जशपुर’ की शुरुआत, टसर उत्पादन में प्रदेश में जिला अव्वल

‘रेशम से रोशन जशपुर’ की शुरुआत, टसर उत्पादन में प्रदेश में जिला अव्वल

 जशपुरनगर। मुख्यमंत्री ने ‘रेशम से रोशन जशपुर’ योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि जिले में टसर एवं मलबरी रेशम कीटपालन को नई पहचान मिल रही है। वर्ष 2025-26 में जशपुर जिला टसर कोसा उत्पादन में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान पर रहा है। रेशम उत्पादन से जिले के किसानों को स्वरोजगार के साथ अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल रहा है। जिला रेशम विभाग के अनुसार जिले में 1527.5 हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन एवं विकसित पौधरोपण किया गया है। वर्तमान में 66 रेशम उत्पादन केंद्र और 84 कृमिपालन समूह सक्रिय हैं। योजना से कुल 1939 किसान जुड़कर स्वरोजगार कर रहे हैं।

टसर कीटपालन से किसानों को अच्छी आमदनी
टसर कीटों के लिए साजा और अर्जुना प्रमुख खाद्य पौधे हैं। करीब 45 से 55 दिन के कीटपालन के बाद एक किसान को औसतन 15 हजार टसर ककून प्राप्त होते हैं। शासन द्वारा ककून को ग्रेड के अनुसार निर्धारित दर पर ककून बैंक के माध्यम से खरीदा जाता है। इससे किसानों को प्रति फसल लगभग 80 हजार से 1.20 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। विभाग की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन के साथ रियायती दर पर स्वस्थ डिम्ब समूह भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

बीज उत्पादन और मलबरी से रोजगार के अवसर
टसर बीज उत्पादन योजना के तहत बीजागार निर्माण और बीज कोसा क्रय के लिए अनुदान दिया जा रहा है। एक बीज उत्पादक एक फसल में 3000 से 4000 स्वस्थ डिम्ब समूह तैयार कर उनकी बिक्री कर सकता है। वहीं मलबरी कीटपालन योजना के तहत निजी भूमि पर शहतूत बगान विकसित करने के लिए 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसमें भवन, पौधरोपण, सिंचाई और उपकरण शामिल हैं। पूर्ण विकसित बगान से प्रति एकड़ 300 से 400 किलो तक उत्पादन होने पर किसान को वार्षिक आय के साथ अंतरफसल का भी लाभ मिलता है।

महिलाओं को धागाकरण और कताई से आत्मनिर्भरता
महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए टसर धागाकरण एवं कताई योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत रीलिंग और स्पीनिंग मशीन पर शत-प्रतिशत अनुदान के साथ एक माह का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। जिले में वर्तमान में 14 धागाकरण समूह कार्यरत हैं, जिन्होंने अब तक 15,925.811 किलोग्राम धागे का उत्पादन किया है।

1.21 करोड़ से अधिक कोसा का उत्पादन
वर्ष 2025-26 में जिले में 1,21,65,649 नग कोसा फल का उत्पादन हुआ, जिसका बाजार मूल्य 72,84,820 रुपये बताया गया है। इसके अलावा 4,69,562 स्वस्थ डिम्ब समूह भी पालित किए गए। रेशम विभाग के अधिकारियों ने इच्छुक किसानों से नजदीकी रेशम उत्पादन केंद्र से संपर्क कर शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

गजरथ यात्रा को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री साय ने ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक का किया विमोचन

गजरथ यात्रा को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री साय ने ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक का किया विमोचन

 जशपुरनगर। मानव–हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण और ग्रामीण समुदायों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जशपुर वनमंडल द्वारा संचालित ‘गजरथ यात्रा’ अभियान के द्वितीय चरण पर आधारित पुस्तक ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैंप कार्यालय बगिया में विमोचन किया। इस अवसर पर जशपुर वनमंडल के हाथी संरक्षण और मानव–हाथी सह-अस्तित्व के प्रयासों को राज्य स्तर पर नई पहचान मिली। गजरथ यात्रा के माध्यम से हाथी प्रभावित गांवों, विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर लोगों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास, भोजन और विचरण क्षेत्र के बारे में जानकारी दी जा रही है। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और हाथियों की मौजूदगी की स्थिति में वन विभाग को तत्काल सूचना देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य हाथियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद भय और भ्रांतियों को दूर करना तथा मानव और हाथियों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व की भावना विकसित करना है। विद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। ‘गजरथ यात्रा–भाग 02’ पुस्तक में जशपुर वनमंडल द्वारा हाथी संरक्षण, जनजागरूकता, ग्रामीण सहभागिता और मानव–हाथी द्वंद्व प्रबंधन के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को संकलित किया गया है। इसमें स्थानीय समुदायों और विद्यार्थियों की भागीदारी को भी प्रमुखता दी गई है।

हाथियों की गतिविधियों की निगरानी और प्रभावित क्षेत्रों तक समय पर सूचना पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘राज संकेत ऐप’ के माध्यम से हाथियों की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर प्रभावित गांवों के लोगों को मोबाइल संदेश के जरिए समय रहते सतर्क किया जाता है। इस अवसर पर हाथी–मानव द्वंद्व को कम करने और हाथियों की सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यमंत्री के हाथों प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास, डीएफओ शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

CG Job News : 10वीं पास के लिए छत्तीसगढ़ में नौकरी, एक साथ इतने पदों पर होगी भर्ती, देखें डिटेल……

CG Job News : 10वीं पास के लिए छत्तीसगढ़ में नौकरी, एक साथ इतने पदों पर होगी भर्ती, देखें डिटेल……

 महासमुंद। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र महासमुंद द्वारा 20 अगस्त को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मचेवा महासमुंद में प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक आयोजित होगा।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की स्वतंत्र माइक्रोफाइन प्राइवेट लिमिटेड, स्वाभिमान फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड, एनआईआईटी लिमिटेड, पुस्कल एग्रोटेक लिमिटेड एवं वेक्टर फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न नियोजकों द्वारा 10वीं, 12वीं, बीएससी एग्रीकल्चर एवं स्नातक उत्तीर्ण आवेदकों के लिए कुल 117 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके अलावा अन्य नियोजक भी उपस्थित होने पर रोजगार मेले में सम्मिलित किए जा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने के इच्छुक एवं योग्य आवेदकों को निर्धारित स्थल एवं समय पर अपनी शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज, रोजगार पंजीयन, आधार कार्ड, बायोडाटा की छायाप्रति तथा पासपोर्ट साइज की स्वयं की फोटो के साथ उपस्थित होना होगा। साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदकों को छत्तीसगढ़ रोजगार एप/वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना आवश्यक है। रिक्तियों की संख्या, पदवार आवश्यक योग्यता, वेतनमान एवं कार्यस्थल से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय महासमुंद में संपर्क कर सकते हैं अथवा रोजगार विभाग की वेबसाइट erojgar.cg.gov.in पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में फेरबदल, थाना प्रभारियों के हुए तबादले, SP ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट……

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में फेरबदल, थाना प्रभारियों के हुए तबादले, SP ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट……

 एमसीबी। छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद जिले में पुलिसिंग को मजबूत करने और अपराध नियंत्रण को बेहतर बनाने के लिए तबादलों का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है।

जिला पुलिस अधीक्षक ने तीन थाना प्रभारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार झगराखाड़, चिरमिरी और जनकपुर थाना प्रभारियों को बदला गया है। अधिकारियों के तबादले के जरिए जिले में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के साथ ही अपराध नियंत्रण और पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।

देखें लिस्ट….

Train Cancelled : रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ये ट्रेनें हुई रद्द, यात्रा से पहले देखें लिस्ट…!!

Train Cancelled : रेल यात्रियों की फिर बढ़ेगी मुश्किलें, छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली ये ट्रेनें हुई रद्द, यात्रा से पहले देखें लिस्ट…!!

 बिलासपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल में बंडामुंडा केबिन-ए से राउरकेला सेक्शन के बीच पांचवीं लाइन की कमीशनिंग का काम किया जाएगा। इसके चलते अलग-अलग चरणों में नॉन-इंटरलॉकिंग (NI) कार्य और ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा। इसका सीधा असर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों के परिचालन पर पड़ेगा।

रेलवे के मुताबिक, 25 सितंबर से 14 अक्टूबर के बीच अलग-अलग तारीखों में करीब 18 ट्रेनों को रद्द किया जाएगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी कर दी है। ऐसे में इस अवधि में यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन की स्थिति और शेड्यूल की जानकारी पहले ही जांच लेने की सलाह दी गई है।

ये ट्रेनें होंगी रद्द

18109/18110 इतवारी-टाटानगर-इतवारी एक्सप्रेस 25 से 30 सितंबर तथा 1, 2, 4, 5, 6, 7, 11, 12 और 13 अक्टूबर को दोनों दिशाओं में रद्द रहेगी।

18113 टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस 25 से 30 सितंबर तथा 1, 2, 4, 5, 6, 7, 11, 12 और 13 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

18114 बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 26 से 30 सितंबर तथा 1, 2, 3, 5, 6, 7, 8, 12, 13 और 14 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

12767 नांदेड़-सांतरागाछी एक्सप्रेस 28 सितंबर और 12 अक्टूबर को कैंसिल रहेगी।

12768 सांतरागाछी-नांदेड़ एक्सप्रेस 30 सितंबर और 14 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

01001 एलटीटी-सांतरागाछी स्पेशल 29 सितंबर को कैंसिल रहेगी।

01002 सांतरागाछी-एलटीटी स्पेशल 1 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

18641 हटिया-दुर्ग एक्सप्रेस 1 और 13 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

18642 दुर्ग-हटिया एक्सप्रेस 2 और 14 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

22843 बिलासपुर-बक्सर एक्सप्रेस 9 अक्टूबर को कैंसिल रहेगी।

22844 बक्सर-बिलासपुर एक्सप्रेस 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

12812 हटिया-एलटीटी एक्सप्रेस 10 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

12811 एलटीटी-हटिया एक्सप्रेस 12 अक्टूबर को कैंसिल रहेगी।

12262 हावड़ा-सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस 13 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

12261 सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस 14 अक्टूबर को रद्द रहेगी।

13288/13287 आरा-दुर्ग-आरा साउथ बिहार एक्सप्रेस 1 अक्टूबर को दोनों दिशाओं में कैंसिल रहेगी।

उत्कल एक्सप्रेस चेंज रूट से चलेगी

18477 पुरी-योग नगरी ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 30 सितंबर, 1 अक्टूबर और 12 अक्टूबर को परिवर्तित मार्ग से चलेगी। ट्रेन कटक, संबलपुर सिटी, झारसुगुड़ा रोड और ईब के रास्ते योग नगरी ऋषिकेश जाएगी।

गीतांजलि एक्सप्रेस 2 घंटे देरी से रवाना होगी

12860 हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस 13 अक्टूबर को अपने निर्धारित समय से 2 घंटे देरी से हावड़ा से रवाना होगी।

रेलवे की अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के परिचालन की स्थिति की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि अचानक होने वाली असुविधा से बचा जा सके।