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इस वायरस को लेकर अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू; WHO ने दी ये चेतावनी

इस वायरस को लेकर अलर्ट : रायपुर एयरपोर्ट आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू; WHO ने दी ये चेतावनी

 रायपुर। वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट पर जांच काउंटर बनाए गए हैं, जहां बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल आइसोलेशन और उपचार की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

अफ्रीकी देशों, खासकर कांगो और युगांडा में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक स्तर पर चिंता जताई है। इसके बाद भारत समेत कई देशों ने निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में कहा था कि देश में फिलहाल इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ICMR और अन्य एजेंसियों को सर्विलांस और टेस्टिंग के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षक प्रमोशन रद्द : शिक्षकों की पदोन्नति हुई रद्द, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, इस वजह से रद्द हुआ आदेश……

शिक्षक प्रमोशन रद्द : शिक्षकों की पदोन्नति हुई रद्द, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप, इस वजह से रद्द हुआ आदेश……

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर और मुंगेली शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक झटका लगा है। मुंगेली जिले में 9 सहायक शिक्षकों को जो प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति दी गई थी, उसे अब तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

जांच में सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश को गलत तरीके से समझकर ये प्रमोशन दिए गए थे। कोर्ट ने सिर्फ नियमों के तहत “विचार करने” को कहा था, लेकिन विभाग ने इसे सीधे पदोन्नति मानकर आदेश जारी कर दिया।

अब संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने पूरे मामले को गलत मानते हुए आदेश निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और अब पूरे प्रमोशन प्रकरण की दोबारा समीक्षा की संभावना भी जताई जा रही है।

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

गांव-गांव पहुंच रही सुशासन की योजनाएं – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के कवर्धा विकासखंड के ग्राम जेवड़नखुर्द तथा बोड़ला विकासखंड के ग्राम मिनमीनिया में आयोजित सुशासन तिहार में ग्रामीणों के बीच पहुंचे एवं आमजनों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच सादगी और आत्मीयता के साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने शिविर में दिव्यांगजनों की मांग पर त्वरित रूप से ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी भी सौंपी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत अनेक हितग्राहियों को लाभान्वित किया।

इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार में शासन की योजनाएं अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। उन्होंने क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि बरपेलाटोला से सिंघनपुरी तक 2.5 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण, मुख्य सड़क पोड़ी से उसलापुर नहर होते हुए बोधईकुंडा तक 4.5 करोड़ रुपए की सड़क, चरडोंगरी – कोठार मार्ग से सारंगपुरखुर्द नहर पार तक 2.6 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा सूरजपुर से मोहगांव तक 3.58 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य किया जाएगा।

गांवों तक पहुंची प्रधानमंत्री आवास, शिविर में मिल रही निःशुल्क दस्तावेज सुविधा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए लंबे समय तक आंदोलन चलाया गया था और  सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक के पहले ही प्रस्ताव में प्रधानमंत्री आवास योजना को शामिल किया गया और पहली कैबिनेट में ही 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। उन्होंने बताया कि ग्राम मिनमीनिया में 21 गांवों और ग्राम जेवड़नखुर्द में 15 गांवों के लिए शिविर आयोजित किया गया है और सभी गांवों में आवास की भी स्वीकृति की जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि नए हितग्राहियों को भी जोड़ने के लिए नया सर्वे भी कराया गया है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। उप मुख्यमंत्रीशर्मा ने ग्रामीणों को जानकारी देते हुए बताया कि सुशासन तिहार शिविर में बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका जैसी आवश्यक दस्तावेज निःशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे है।

अटल डिजिटल सेवा केंद्र, स्मार्ट क्लास, महतारी सदन और मिनी स्टेडियम से गांवों में बढ़ रहीं सुविधाएंउप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के अनेक गांवों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां महिलाएं, बुजुर्ग और ग्रामीण अपने गांव में ही विभिन्न योजनाओं की राशि निकाल पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 27 किस्तों में 27 हजार रुपए महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं, जिनकी राशि अब ग्रामीण अपने गांव में ही निकाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि गांवों के स्कूलों में स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है, जहां डिजिटल माध्यम और 3डी एनिमेशन से बच्चों को पढ़ाई कराई जा रही है।  दिव्यांगजनों को गतिशील बनाने के लिए स्कूटी प्रदान की जा रही है। महिलाओं की बैठकों के लिए महतारी सदन और युवाओं में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है।

सिंचाई परियोजना से किसानों को मिलेगा लाभ

उप मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 8.10 करोड़ रुपए की लागत से छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं संबद्ध माइनर नहरों के सीसी लाइनिंग कार्य का भूमिपूजन कर निर्माण शुरू कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने पर 1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला सहित 6 गांवों के किसान सीधे लाभान्वित होंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा छिरपानी नहर विस्तार के लिए 50 करोड़ रुपए की घोषणा भी की गई है। इसके साथ ही भोरमदेव फीडर, दियाबार जलाशय, नेवारी और कोठार जलाशय में करोड़ों रुपए की लागत से नहर विस्तार और उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना एजेंसी, अधिकारियों और हम सभी की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों से उन्होंने स्वयं निगरानी रखने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तत्काल देने की अपील की।

उप मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

 

 

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सुशासन तिहार शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देशित किया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

 

अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल होकर दिया शुभाशीष

सुशासन तिहार शिविर के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने शिशुओं को अन्नप्राशन कराकर उन्हें शुभाशीष प्रदान किया तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म संपन्न कराई। इस दौरान पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य श्री भगत पटेल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री नितेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

सेवा सेतु से सशक्त होगा डिजिटल छत्तीसगढ़, 442 सेवाओं के साथ जनता तक पहुंचेगी सुशासन की नई व्यवस्था….

सेवा सेतु से सशक्त होगा डिजिटल छत्तीसगढ़, 442 सेवाओं के साथ जनता तक पहुंचेगी सुशासन की नई व्यवस्था….

 रायपुर: ‘जनता के द्वार डिजिटल सरकार’ का अर्थ है सरकारी योजनाओं और सेवाओं को नागरिकों के घर तक पहुँचाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना। यह प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और आम जनता तक सीधी पहुँच सुनिश्चित करने की एक व्यापक पहल है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप प्रदेश में सुशासन और डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में बीजापुर जिले में लोक सेवा केंद्रों का उन्नयन कर उन्हें अब ‘सेवा सेतु केंद्र’ के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना है।

डिजिटल सेवाओं से प्रशासन हुआ और अधिक नागरिक केंद्रि

 

 
 

‘सेवा सेतु’ व्यवस्था से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह और नागरिक हितैषी बनी हैं। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिल रहा है। अब लोक सेवा केंद्र ‘सेवा सेतु केंद्र’ और उनके ऑपरेटर ‘सेवा सेतु प्रबंधक’ कहलाएंगे। जिले के सभी विकासखंडों के सचिवों को इसके संचालन के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

 

73 से बढ़कर अब 442 सेवाएं उपलब्ध

पहले लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से 73 सेवाएं उपलब्ध थीं, जबकि अब सेवा सेतु केंद्रों के जरिए 442 डिजिटल सेवाएं नागरिकों को एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल्स के जरिए अब लोग अपने स्मार्टफोन से ही जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पेंशन योजना, और बिजली बिल भुगतान जैसी सेवाओं का लाभ घर बैठे उठा सकते हैं।

अब नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर

नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को अब अलग-अलग सेवाओं के लिए राजस्व कार्यालय, जनपद पंचायत, नगर पालिका या अन्य विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक ही पोर्टल के माध्यम से आवेदन करना, दस्तावेज अपलोड करना, आवेदन की स्थिति देखना और निर्धारित समय-सीमा में सेवा प्राप्त करना संभव हो गया है।

गांव के पास ही मिलेगी डिजिटल सुविधा

ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को छोटे-छोटे कार्यों और प्रमाण-पत्रों के लिए अब तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें उनके गांव के नजदीक ही डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे समय और यात्रा खर्च दोनों की बचत होगी। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करके, नौकरशाही की दूरी को कम करती है और आम आदमी को सशक्त बनाती है।

व्हाट्सएप से भी मिलेगी सुविधा

तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए सेवा सेतु सेवाओं को व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है। अब नागरिक घर बैठे व्हाट्सएप के माध्यम से सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आवेदन की स्थिति भी जान सकते हैं।

अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही मंच पर

सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, राजस्व प्रकरण, नाम परिवर्तन के लिए राजपत्र प्रकाशन तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

समयबद्ध और पारदर्शी सेवा वितरण

प्रत्येक सेवा के लिए समय-सीमा निर्धारित होने से कार्यों के निराकरण में तेजी आई है। इससे सेवा वितरण अधिक पारदर्शी और प्रभावी हुआ है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल को मजबूत करते हुए डिजिटल छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ा कदम साबित हो रही है। सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की मजबूरी को खत्म करके, नौकरशाही की दूरी को कम करती है और आम आदमी को सशक्त बनाती है

नरहरपुर में फर्जी डॉक्टरों का जाल, बिना डिग्री कर रहे इलाज, प्रशासन मौन…!

नरहरपुर में फर्जी डॉक्टरों का जाल, बिना डिग्री कर रहे इलाज, प्रशासन मौन…!

 छत्तीसगढ़ कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम जामगांव सहित आसपास के कई गांवों में अवैध मेडिकल कारोबार का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। क्षेत्र में कई लोग बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री, प्रशिक्षण और वैध लाइसेंस के खुद को डॉक्टर बताकर खुलेआम ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर समाचार प्रकाशित होने और ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि मेडिकल दुकानों की आड़ में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं, जहां सामान्य बीमारी से लेकर गंभीर मरीजों तक का इलाज किया जा रहा है। कम खर्च में बेहतर इलाज का लालच देकर गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों को अपनी ओर आकर्षित किया जाता है। बिना किसी विशेषज्ञता और पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था के मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं और इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

नीय लोगों का कहना है कि जब किसी मरीज की हालत ज्यादा गंभीर हो जाती है या तबीयत बिगड़ने लगती है, तब ऐसे कथित डॉक्टर मरीजों को निजी अस्पताल या सरकारी अस्पताल रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास करते हैं। कई मामलों में मरीजों की हालत इलाज के दौरान बेहद गंभीर हो चुकी है, वहीं कुछ मामलों में मौत होने की भी बातें सामने आ रही हैं।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि मरीज की हालत बिगड़ने या मौत होने के बाद सरकारी अस्पतालों को बदनाम करने की कोशिश की जाती है, जबकि शुरुआती इलाज इन्हीं अवैध क्लीनिकों में किया जाता है। लोगों का कहना है कि जिन व्यक्तियों द्वारा इलाज किया जा रहा है, उनके पास न कोई मेडिकल डिग्री है और न ही किसी प्रकार की वैध अनुमति, इसके बावजूद वे खुलेआम डॉक्टर बनकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं

नरहरपुर क्षेत्र के कई गांवों में इस प्रकार के अवैध मेडिकल सेंटर संचालित होने की जानकारी सामने आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों और अवैध मेडिकल कारोबार के खिलाफ तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।

क्षेत्र के ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि बार-बार शिकायत और समाचार प्रकाशित होने के बाद भी जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में संचालित सभी अवैध मेडिकल सेंटरों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीणों की जान सुरक्षित रह सके।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और खुद को डॉक्टर बताकर अवैध रूप से इलाज करने वालों पर कब तक कार्रवाई हो

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना - पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना - पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगा निजी स्कूलों में दाखिला

 00 श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने की विभागीय काम-काज समीक्षा

रायपुर। श्रम विभाग के सचिव सह श्रमायुक्त  हिमशिखर गुप्ता ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं श्रम मंत्री  लखन देवांगन के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले इस दिशा में विभाागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय एस.एल. जांगड़े एवं सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव  गिरीश रामटेके, श्रम विभाग के उप सचिव  विपुल गुप्ता सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।बैठक के दौरान सचिव  गुप्ता ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत पात्र श्रमिक परिवारों के बच्चों को स्कूलों में दाखिला मिले। इस दिशा में विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की पहल पर प्रारंभ होने जा रहे नए शैक्षणिक सत्र से सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 से 200 कर दी गई है। इस योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों केा प्रदेश के निजि स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। श्रमायुक्त ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलने पर संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

बैठक में सचिव सह श्रमायुक्त  गुप्ता ने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया। उन्होंने कारखाने की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा, मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत शामिल योजनाओं की समीक्षा, इसके अलावा सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों पर जिलेवार की गई निराकरण की समीक्षा की गई।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में संगठित श्रमिकों एवं उनके परिवार के लिए कल्याणकारी योजनाओं के संचालन हेतु छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल, भवन एवं अन्य संनिर्माण में लगे निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवार के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत असंगठित कर्मकार एवं उनके परिवार के कल्याण हेतु छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों द्वारा श्रमिकों का पंजीयन किया जाकर उनके कल्याण हेतु योजनाओं का संचालन कर सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है।

छत्तीसगढ़ में मैंगों टूरिज्म की अपार संभावनाएं – राज्‍यपाल डेका

छत्तीसगढ़ में मैंगों टूरिज्म की अपार संभावनाएं – राज्‍यपाल डेका

 00 राष्ट्रीय आम महोत्सव का उदघाटन किया राज्यपाल ने

00 भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है आम
रायपुर।
आम केवल एक फल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादों को बडे रूप में विकसित करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए राज्यपाल  रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के उदघाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने की।राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व में आम उत्पादन में अग्रणी है और देश में एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की विशेषताओें का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के उत्पादन से अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए।


राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां और महोत्सव देश के विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादकों को एक-दूसरे की उन्नत खेती पद्धतियों, नई किस्मों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन की बहुत संभावनाएं है। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के व्यापक अवसर मौजूद है। मैंगों टूरिज्म की भी छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं है।
राज्यपाल ने कहा कि आम उत्पादन के साथ-साथ इसके वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को मिलकर कार्य करना चाहिए। श्री डेका ने कहा कि हमारे जीवन को ईको फैंडली बनाना आज की आवश्यकता है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना होगा। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर दिया।


मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आम फलों का राजा है। आम की पत्तियों और लकड़ियों का भी हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। हमारे घरों में मांगलिक कार्य होने पर हम आम की पत्तियों से तोरण बनाते है एवं आम की सूखी लकड़ियों का उपयोग हवन एवं पूजा में करते है।
इस महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियोें को इस महोत्सव का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। प्रदर्शनी मे बेर के आकार से लेकर बीजापुर के हाथीझुल जैसे बड़े किस्मों के आम भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधामंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप किसानों की आय दुगुनी करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और आम की खेती भी इस संकल्प को पूरा करने के लिए सहायक सिद्ध होगी। आम महोत्सव के उदघाटन पश्चात राज्यपाल  डेका और मुख्यमंत्री  साय ने आम उत्पादकों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी में आम के विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया ।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी सहित अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, किसान एवं बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

CG : भीषण गर्मी और हीट वेव से वन्यजीवों पर संकट, 15 वन्यजीवों की मौत, वन विभाग सतर्क

CG : भीषण गर्मी और हीट वेव से वन्यजीवों पर संकट, 15 वन्यजीवों की मौत, वन विभाग सतर्क

 खैरागढ़।  प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। खैरागढ़ वन क्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली के वन कक्ष क्रमांक 322 में 15 वन्यजीव और पक्षी मृत अवस्था में पाए गए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में हीट वेव की आशंका वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में पड़ रही अत्यधिक गर्मी और हीट वेव के कारण यह घटना हुई हो सकती है। जांच को पुख्ता करने के लिए आसपास के जल स्रोतों और मिट्टी के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

वन्यजीव संरक्षण के लिए बनाए गए अस्थायी वाटर होल भीषण गर्मी से वन्यजीवों को राहत देने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में 3 अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं। इनमें नियमित रूप से पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं, ताकि वन्यजीवों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। ट्रैप कैमरों से रखी जा रही निगरानी वन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। ट्रैप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। साथ ही वन अमला नियमित गश्त कर रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने बताया कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार विभाग पूरी गंभीरता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार, असामान्य स्थिति में या मृत अवस्था में दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दें। कंट्रोल रूम का नंबर जारी वन विभाग ने सहायता के लिए कंट्रोल रूम नंबर 247 तथा मोबाइल नंबर +91-9301321797 जारी किया है। विभाग ने कहा है कि वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

CG : ACB की बड़ी कार्रवाई, सुशासन तिहार शिविर में 40 हजार की रिश्वत लेते BEO ऑफिस का बाबू गिरफ्तार

CG : ACB की बड़ी कार्रवाई, सुशासन तिहार शिविर में 40 हजार की रिश्वत लेते BEO ऑफिस का बाबू गिरफ्तार

 कोरबा।  जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के तुमान में चल रहे सुशासन तिहार समाधान शिविर में शुक्रवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने सहायक ग्रेड-2 के बाबू प्रदीप मिश्रा को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल से लंबित काम कराने के एवज में पैसे मांगने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाया और शिविर स्थल पर ही कार्रवाई कर आरोपी को पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

मिली जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक अमृतलाल बघेल अपनी जीपीएफ पासबुक में कटौती की एंट्री कराने के लिए लंबे समय से कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि काम करने के एवज में बाबू प्रदीप मिश्रा ने उनसे 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर शिक्षक ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद बिलासपुर ACB के डीएसपी अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम ने योजना बनाकर समाधान शिविर में दबिश दी। जैसे ही आरोपी बाबू ने रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

ACB की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रदीप मिश्रा पर पहले भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं और विभागीय कार्रवाई भी हुई थी। इसके बावजूद वह लंबे समय से विभाग में पदस्थ था।

इस कार्रवाई के बाद सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, ACB की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के तबादले, देखें आदेश

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, कई थाना प्रभारियों के तबादले, देखें आदेश

 दुर्ग। जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से कई थाना प्रभारियों के तबादले किए गए हैं। इस संबंध में एसपी ने आदेश जारी कर दिया हैं। जारी आदेश के अनुसार श्रद्धा पाठक को अंजोरा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं अनिल पटेल को उतई थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा वंदिता पनिकर को बोरी थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है।

देखें आदेश

किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री रामविचार नेताम….

किसानों की समृद्धि और आत्मनिर्भरता हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मंत्री रामविचार नेताम….

 रायपुर: धान के कटोरे के रूप में विख्यात छत्तीसगढ़ अब परंपरागत धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण, डिजिटल तकनीक और पर्यावरण अनुकूल स्थायी कृषि के एक नए युग में अग्रसर हो रहा है। राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के तहत किसानों की आय दोगुनी करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए चौतरफा रणनीति पर काम शुरू हो गया है। केन्द्रीय कृषि विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित इस उच्च स्तरीय सम्मेलन में कृषि मंत्री राम विचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त  सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने आज इस आशय की जानकारी दी।

कृषि मंत्री  नेताम ने सम्मेलन में राज्य की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का कृषि ढांचा अब एक बड़े बदलाव की ओर है। हमारी सरकार ‘‘नवा अंजोर विज़न 2047’’ के जरिए राज्य के लगभग 40 लाख किसान परिवारों, जिनमें 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत जिसमें 31 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के किसान शामिल हैं, के आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दलहन उत्पादन में वर्ष 2025-26 के दौरान दर्ज की गई 76 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि और तिलहन के रकबे में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक की बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि हमारा किसान अब आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वहीं खरीफ 2026 में हम अरहर, उड़द और मूंग के लिए क्लस्टर आधारित रणनीति लागू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य हर हाथ को काम और हर खेत को सही समय पर गुणवत्तायुक्त बीज और संतुलित खाद उपलब्ध कराना है।

राज्य में योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और रणनीतिक तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए छत्तीसगढ़ शासन के कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि कृषि तकनीक, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक प्रबंधन से खेती की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने सम्मेलन में कहा कि खरीफ 2026 के लिए हमारी तैयारियां पूरी तरह वैज्ञानिक और तकनीक-आधारित हैं। राज्य के किसानों को कृषि विश्वविद्यालयों की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। सीमांत किसानों को जहां एकमुश्त उर्वरक दिया जा रहा है, वहीं यूरिया की कालाबाजारी और अत्यधिक खपत को रोकने के लिए लघु व बड़े किसानों को 20 से 25 दिनों के अंतराल पर 2 से 3 बार में यूरिया देने की व्यवस्था की गई है। हम डीएपी के विकल्प के रूप में नैनो डीएपी, एसएसपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं। इसके अलावा, एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से पूरी खरीद और सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त  परदेशी ने कांफ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ वर्ष 2025-26 में दलहन उत्पादन में रिकॉर्ड 76 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इसके साथ ही तिलहन मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन के तहत सरसों, मूंगफली और सोयाबीन के बीज वितरण से तिलहनी फसलों के क्षेत्र में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक का विस्तार हुआ है। वहीं क्लस्टर विकास, बागवानी के क्षेत्र में फल, सब्जी और मसाला फसलों के लिए क्लस्टर आधारित विकास मॉडल पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

सुशासन तिहार 2026: टेम्पू में 30 मई को आयोजित होगा जनसमस्या निवारण शिविर…..

सुशासन तिहार 2026: टेम्पू में 30 मई को आयोजित होगा जनसमस्या निवारण शिविर…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन लगातार जारी है। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की योजनाओं और सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाते हुए आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

इसी क्रम में 30 मई 2026 को जशपुर जिले के जनपद पंचायत मनोरा अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में 13 गांवों के ग्रामीण शामिल होकर अपनी मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
शिविर में सुरजूला, रजला, खुटापानी, घाघरा, करदना, टेम्पू, मुटू, पोड़ीपटकोना, चडि़या, सोगड़ा, मनोरा, खोगा एवं डुमरटोली के ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

सुशासन तिहार के अंतर्गत नागरिक लिखित रूप में अपने आवेदन प्रस्तुत करेंगे, जिनका मौके पर ही निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही प्राप्त आवेदनों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने क्षेत्र के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर शिविर में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करें। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने शिविरों के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए नोडल अधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता एवं निष्ठापूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर: मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी जिले के वनांचल क्षेत्र पानाबरस में आदिम आस्था स्थलों के संरक्षण, संवर्धन एवं जनजातीय संस्कृति सुरक्षा अभियान के अंतर्गत महासभा का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के उप मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री विजय शर्मा तथा राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे शामिल हुए। कार्यक्रम में जिले भर से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के मांझी, गायता, ग्राम पटेल, ग्राम प्रमुख एवं समाज प्रमुख शामिल हुए।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज एवं पूजा-अर्चना के साथ किया गया। अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत करते हुए आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की गई। सभा में जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं, संस्कृति एवं पूर्वजों की आस्था से जुड़े स्थलों के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

महासभा में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आदिवासी समाज के मांझी, गायता एवं ग्राम प्रमुखों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनकी परंपराओं, सामाजिक व्यवस्था एवं धार्मिक आस्था से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराएं और देवस्थल हमारी अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित देवगुडि़यों, आस्था स्थलों एवं पूर्वजों की स्मृतियों से जुड़े स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन स्थलों तक पहुंच मार्ग, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि आने वाली पीढि़यां अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, बोली, रीति-रिवाज और परंपराओं से जोड़कर रखने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनांदगांव लोकसभा सांसद  संतोष पांडे ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक आस्था स्थलों का संरक्षण समाज की अस्मिता से जुड़ा विषय है।

 ’आदिवासी संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा’

उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जनजातीय समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए अनेक योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में समाज प्रमुखों द्वारा आदिवासी संस्कृति एवं आस्था स्थलों के संरक्षण के लिए शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोजेश शाह मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के विभिन्न समाज प्रमुख एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

राज्यपाल रमेन डेका से पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने की सौजन्य भेंट….

राज्यपाल रमेन डेका से पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने की सौजन्य भेंट….

 रायपुर: राज्यपाल रमेन डेका से आज लोकभवन में पर्वतारोही सुश्री अंकिता गुप्ता ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने अपनी पर्वतारोहण उपलब्धियों तथा आगामी अभियानों की जानकारी राज्यपाल को दी।

सुश्री अंकिता गुप्ता वर्तमान में कबीरधाम (कवर्धा) पुलिस लाइन में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में लद्दाख स्थित यूटी कांगड़ी पर्वत शिखर पर सफलतापूर्वक पहुंचकर छत्तीसगढ़ की पहली महिला पर्वतारोही बनने का गौरव प्राप्त किया था। इसके अलावा उन्होंने यूरोपीय महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया।

भेंट के दौरान सुश्री अंकिता ने राज्यपाल को बताया कि उनकी अगली योजना अफ्रीका महाद्वीप के सर्वाेच्च शिखर माउंट किलिमंजारो पर आरोहण करने की है। उन्होंने अपने अब तक के पर्वतारोहण अभियानों, अनुभवों और भविष्य की तैयारियों से भी राज्यपाल को अवगत कराया।
राज्यपाल रमेन डेका ने अंकिता गुप्ता के साहस, दृढ़ संकल्प और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा प्रतिभाओं की ऐसी सफलताएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने अंकिता को उनके आगामी अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें हरसंभव सहयोग देने की बात कही।

नियद नेल्लानार 2.0 बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

नियद नेल्लानार 2.0 बस्तर के सुदूर अंचलों में 31 व्यक्तिगत और 14 सामुदायिक योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी दंपति डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले से आत्मीय मुलाकात कर उनके द्वारा बस्तर और जनजातीय समाज के बीच चार दशकों से अधिक समय से किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की। मुलाकात के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री को बताया कि “बस्तर और बस्तरवासियों से हमें गहरा प्रेम है। हम गोंडी और हल्बी में उनसे संवाद करते हैं, यही हमारी संस्कृति है और अब हम बस्तर नहीं छोड़ना चाहते हैं।” मुख्यमंत्री  साय ने इस आत्मीय भावना को बस्तर, उसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति गहरे समर्पण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह केवल सेवा का विषय नहीं, बल्कि मानवीय आत्मीयता, संवेदनशीलता और सामाजिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका पद्मश्री सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश, विशेष रूप से बस्तर, जनजातीय समाज और बस्तरवासियों के सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बने गोडबोले दंपति का सम्मानित होना छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि डॉ. सुनीता गोडबोले और डॉ. रामचंद्र गोडबोले ने चार दशकों से अधिक समय तक बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्रों में समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि सेवा का वास्तविक अर्थ समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक अपनत्व, विश्वास और मानवीय संवेदना पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोडबोले दंपति ने जनजातीय समाज तक पहुंचकर निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया, कुपोषण, टीबी, मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलायी तथा शिक्षा और नशामुक्ति जैसे विषयों पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद जनजातीय समाज के बीच बने रहना और सेवा करते रहना असाधारण समर्पण का उदाहरण है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गोडबोले दंपति केवल चिकित्सक के रूप में नहीं, बल्कि जनजातीय समाज के आत्मीय सहयोगी के रूप में कार्य करते रहे हैं।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के कठिन दौर में भी गोडबोले दंपति ने सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और मानवता को सर्वाेपरि रखते हुए जनजातीय समाज के बीच लगातार कार्य करते रहे। उन्होंने कहा कि जब भय और असुरक्षा का वातावरण था, तब भी इनका बस्तर और उसके लोगों के प्रति विश्वास और प्रतिबद्धता कमजोर नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दर्शाता है कि इस प्रदेश, इसकी संस्कृति और जनजातीय समाज के प्रति उनका प्रेम कितना गहरा और आत्मीय है। उन्होंने कहा कि सेवा का वास्तविक अर्थ कठिन परिस्थितियों में समाज के साथ खड़े रहने से सिद्ध होता है और गोडबोले दंपति ने इसे अपने जीवन से प्रमाणित किया है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उन्हें यह देखकर विशेष प्रसन्नता हुई कि गोडबोले दंपति को बस्तर और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की गहरी समझ है। उन्होंने कहा कि वे केवल यहां कार्य नहीं कर रहे, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली में पूरी तरह रच-बस गए हैं तथा उसे आत्मसात किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडी और हल्बी जैसी स्थानीय भाषाओं में संवाद स्थापित करना इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने लोगों के बीच विश्वास, अपनत्व और आत्मीयता का मजबूत रिश्ता बनाया है। यही कारण है कि आज वे स्वयं कहते हैं कि अब बस्तर छोड़ने का उनका मन नहीं है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि वनवासी कल्याण आश्रम से उनका स्वयं का जुड़ाव रहा है और वे जानते हैं कि आश्रम के संस्कार सेवा, समर्पण और समाज के प्रति आत्मीयता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि आश्रम की यात्रा और उसके मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और आत्मीय सहयोग पहुंचाने के विचार से जुड़े हैं तथा यह कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव तैयार करता है।

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने गोडबोले दंपति से संवाद करते हुए बस्तर के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे सूक्ष्म स्तर के प्रयासों और कार्ययोजना की जानकारी भी साझा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में विकास और विश्वास की नीति पर गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि सुरक्षा के साथ-साथ लोगों तक शासन, सेवाएं और अवसर भी पहुंचें। उन्होंने कहा कि सरकार सुरक्षा व्यवस्था को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे जनसेवा से जोड़ते हुए व्यापक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बना रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार सुरक्षा कैंपों को “सेवा डेरा” के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, ताकि वहां सुरक्षा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, जनसेवा और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने “नियद नेल्ला नार” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित कर रही है और वहां विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर में विकास, सुरक्षा और विश्वास का जो नया वातावरण बना है, वह संवेदनशील शासन और सतत प्रयासों का परिणाम है।

चर्चा के दौरान गोडबोले दंपति ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से संत गहिरा गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेरणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कैलाश गुफा, वहां संचालित संस्कृत विद्यालय, आश्रम तथा सरगुजा अंचल की यात्राओं का अनुभव साझा करते हुए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने जुड़ाव की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि गोडबोले दंपति ने केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, जनजातीय जीवन मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं को भी आत्मसात किया है।
मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि गोडबोले दंपति की समर्पण और सेवा की भावना पूरे छत्तीसगढ़ में जनसेवा और सामाजिक जागरूकता की नई चेतना को मजबूत करेगा।

Police Transfer : एसपी ने इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट की जारी, थानेदार भी बदले, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…

Police Transfer : एसपी ने इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर लिस्ट की जारी, थानेदार भी बदले, देखें किसे कहां मिली जिम्मेदारी…

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में 7 निरीक्षकों की ट्रांसफर सूची जारी की गई है। लिस्ट में निरीक्षक निलेश पाण्डेय को कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से कार्यालय पुलिस अधीक्षक बिलासपुर की सम्बद्धता समाप्त कर थाना रतनपुर भेजा गया है।

देखें पूरी लिस्ट….

CG – आपत्तिजनक हालत में युवक के साथ पकड़ाई एक बच्चे की मां, फिर जो हुआ…..

CG – आपत्तिजनक हालत में युवक के साथ पकड़ाई एक बच्चे की मां, फिर जो हुआ…..

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से शर्मनाक घटना सामने आई है। जहां एक बच्चे की मां को एक युवक के साथ आपत्तिजनक हालत में लोगों ने पकड़ा। किसी ने इस स्थिति का वीडियो भी बना लिया। वीडियो बनाने के बाद इसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वायरल भी कर दिया है। लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में कराई है।

महिला अपने बच्चे के साथ रिसदा बस्ती में रहती है, जबकि पति मजदूरी के लिए बाहर जाता है। कभी-कभी बच्चे को भी साथ ले जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है, महिला की हरकतों से बस्ती का माहौल लगातार खराब हो रहा है और उसके इस तरह के व्यवहार से उसका पति भी परेशान रहता है। सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी का कहना है, मामले में बस्ती वालों के बयान दर्ज किया गया है।

बाइक सवार युवक महिला के घर पहुंचा। युवक जब महिला के साथ भीतर चला गया तब मोहल्ले का एक व्यक्ति मोबाइल के साथ पहुंचा,इस दौरान युवक और महिला आपत्तिजनक स्थिति में मिले। उसने चुपके से वीडियो बना लिया और उसके बाद मोहल्ले में शोर मचाकर घर के भीतर जो कुछ चल रहा है, उसका खुलासा कर दिया। मोहल्लेवाले महिला के घर की ओर शाेर मचाते बढ़ रहे थे, इसी बीच युवक मोटर साइकिल छोड़कर भाग खड़ा हुआ। हंगामा के बीच जिसने इस अंतरंग पल का वीडियो बनाया था, उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया है। मोहल्लेवासियों ने फरार युवक, महिला दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पुलिस से की है।

CG – बंद कमरे में मिली महिला की लाश, दूसरी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, जताई जा रही ये आशंका

CG – बंद कमरे में मिली महिला की लाश, दूसरी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती, जताई जा रही ये आशंका

 रायपुर। जिले के अभनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम माणिकचौरी में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। गांव के एक मकान में 60 वर्षीय महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो एक महिला की लाश और दूसरी महिला अचेत अवस्था में पड़े मिली। गंभीर हालत में महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानिए पूरा मामला

रायपुर के अभनपुर थाना क्षेत्र का यह पूरा मामला है। ग्राम माणिकचौरी के एक घर में महिला की लाश मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। घटना की सूचना मिलते ही अभनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मृत महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अचैत पड़ी दूसरी महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, शव दो से तीन दिन पुराना है। आशंका जताई जा रही हैं कि महिलाएं भीषण गर्मी और लू की वजह से बीमार हो गई, जिससे एक महिला की मौत हो गई।

वहीं, दूसरी गंभीर रूप से बीमार पड़ गई। बताया जा रहा है कि दोनों महिलाएं एक कमरे में रहती थीं। आसपास के लोगों को जब कोई गतिविधि नहीं दिखाई और बदबू आने लगी तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की थी।

फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कार्रवाई कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चल पाएगा कि महिला की मौत का वास्तविक कारण क्या था। पुलिस मामले में आगे की जांच कार्रवाई कर रही है।

युवक-युवती की मौत : दोस्तों संग पिकनिक मनाने गए ​थे, लड़की को बचाने गया लड़का भी डूबा; दोनों शव बरामद…

युवक-युवती की मौत : दोस्तों संग पिकनिक मनाने गए ​थे, लड़की को बचाने गया लड़का भी डूबा; दोनों शव बरामद…

 गरियाबंद। जिले के पैरी नदी पर बने कूकदा पिकअप वियर में पिकनिक मनाने पहुंचे रायपुर के युवक-युवती की डूबने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब युवती नहाते समय गहरे पानी में चली गई और उसे बचाने उतरा युवक भी नदी की तेज गहराई में समा गया। काफी तलाश के बाद दोनों के शव बरामद किए गए।

जानकारी के मुताबिक, रायपुर के शंकर नगर इलाके से चार दोस्त गरियाबंद घूमने पहुंचे थे। सभी ने कूकदा पिकअप वियर के पास भोजन किया, जिसके बाद वे चेकडैम में नहाने उतरे। इसी दौरान 22 वर्षीय सिंपी सक्सेना अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए 30 वर्षीय पीयूष मंडल पानी में उतरा, लेकिन वह भी गहराई में फंस गया। देखते ही देखते दोनों पानी में समा गए।

घटना के बाद साथ मौजूद अन्य दो दोस्तों ने शोर मचाया और स्थानीय लोगों के साथ पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पाण्डुका पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए। एसडीओपी निशा सिन्हा ने बताया कि मामले में पाण्डुका थाना में मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।

CG : VIP कल्चर छोड़ सरकारी योजना में शादी रचाएंगे ये विधायक,CM के साथ पूरा मंत्रिमंडल बनेगा साक्षी..

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 बेमेतरा : बेमेतरा विधानसभा से बीजेपी विधायक एक बहुत ही शानदार काम करने जा रहे हैं। इस काम के जरिए वो अपनी सरलता और सहजता भी दिखा रहे हैं। ये पहल बीजेपी विधायक दीपेश साहू की ओर से की गई है। दरअसल दीपेश साहू 31 मई को बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले ‘मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह योजना’ के तहत शादी के बंधन में बंधेंगे और सिर पर सेहरा सजाएंगे। इस मौके पर CM के साथ ही पूरा मंत्रिमंडल रहेगा मौजूद।

बीजेपी विधायक दीपेश साहू की ओर से एक सराहनीय पहल

बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र के बीजेपी विधायक दीपेश साहू की ओर से ये सराहनीय पहल की गई है। इस महीने की 31 मई को वो जिला मुख्यालय स्थित बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित होने वाले ‘मुख्यमंत्री कन्यादान सामूहिक विवाह योजना’ के तहत शादी के पावन रिश्ते में बंधेंगे। गौर करने वाली बात है कि छत्तीसगढ़ में इससे पहले शायद ही ऐसा मौका देखने को मिला होगा जब पहली बार कोई वर्तमान विधायक वीआईपी कल्चर से दूर होकर अपनी शादी को सादगी औऱ सरलता के साथ करेगा।

CM विष्णुदेव के साथ ही सारा मंत्रीमंडल बनेगा शादी का गवाह

वहीं विधायक दीपेश साहू के इस फैसले का जिला प्रशासन ने भी स्वागत किया है और इसके लिए आधिकारिक निमंत्रण पत्र भी जारी किए गए हैं। इस आयोजन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय विशेष रूप से शामिल होगें और अपना आशीर्वाद देंगे। वहीं इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, विजय बघेल, अरुण साव के साथ ही विजय शर्मा भी शिरकत करेंगे । इसके अलावा विधायक भी विवाह में अपनी अपनी मौजूदगी दर्ज करांएगे।

24 जोड़े बंधेंगे शादी के पवित्र बंधन में

विधायक दीपेश साहू तरूणा साहू के साथ शादी रचाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र के 23 गरीब व जरूरतमंद जोड़ों की भी शादी करेंगे। लिहाजा विधायक दीपेश साहू की इस पहल को काफी सराहा जा रहा है क्योंकि विधायक होकर भी ऐसी सादगी से शादी करना काफी बड़ा कदम माना जा रहा है।

बलौदाबाजार आगजनी कांड: अमित समेत 3 आरोपियों को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

बलौदाबाजार आगजनी कांड: अमित समेत 3 आरोपियों को हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, कोर्ट ने दिखाई सख्ती

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी की घटना पर सख्त टिप्पणी की है। घटना में संलिप्त आरोपियों ने 7 से 8 हजार लोगों की भीड़ को उकसा कर 13 से 14 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस पर जानलेवा हमला कराया गया। समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। हाई कोर्ट ने बवाल, पथराव और कलेक्ट्रेट परिसर में आगजनी के मामले में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल सहित तीन आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार दशहरा मैदान में 10 जून 2024 को एक सामाजिक मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें हजारों की संख्या में आसपास के ग्रामीण पहुंचे थे। आरोप है, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने मंच से भड़काऊ भाषण देकर भीड़ को उग्र कर दिया और भड़काया। इसके बाद भीड़ हिंसक हो गई और बैरिकेड्स तोड़ते हुए कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। सैकड़ों वाहनों के साथ ही कलेक्टोरेट भवन को भी आग के हवाले कर दिया गया।

इस दौरान बीच-बचाव कर रहे और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और जवानों पर लाठियों, पत्थरों और लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिसमें कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के संस्थापक अमित बघेल, अजय यादव, दिनेश वर्मा समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसी मामले में अमित बघेल, अजय यादव और दिनेश वर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।

सुनवाई के दौरान अमित बघेल के वकील ने कोर्ट को बताया, 10 जून को बलौदाबाजार में हिंसा के समय दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच वे अपनी पत्नी ईश्वरी बघेल के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। वकील ने बताया, उस दौरान संजय कुमार सोनी के पक्ष में रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि हाई कोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, पेश दस्तावेजों में ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि घटना के समय अमित बघेल रजिस्ट्रार कार्यालय में मौजूद थे। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दलील सच्चाई से परे नजर आती है। कोर्ट ने कहा, समाज में शांति और कानून व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ने वाले ऐसे गंभीर अपराध में आरोपियों को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से कहा गया कि सह-आरोपी नोविल कुमार नवरंग को महज दो महीने चार दिन जेल में रहने के बाद जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी राहत दी जानी चाहिए। इस पर राज्य सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने उनके तर्कों पर आपत्ति जताते हुए आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड कोर्ट के सामने रखा। रिकॉर्ड के मुताबिक अमित बघेल के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले, अजय यादव के खिलाफ 13 मामले और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक मामला दर्ज है।

हाई कोर्ट ने कहा कि जिस सह-आरोपी को दो महीने में जमानत मिली थी, उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं था, जबकि इन आवेदकों के खिलाफ गंभीर मामलों की लंबी सूची मौजूद है। कोर्ट ने अमित बघेल की चार, अजय यादव की चार और दिनेश कुमार वर्मा की एक याचिका सहित 9 जमानत याचिकाएं एक साथ खारिज कर दी है।

Anti Naxal Operation : नक्सलियों को बड़ा झटका, जंगल में छिपी हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद

Anti Naxal Operation : नक्सलियों को बड़ा झटका, जंगल में छिपी हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़; भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद

 नारायणपुर/गढ़चिरौली।  माओवाद विरोधी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। “ऑपरेशन अंतिम प्रहार” के तहत चलाए गए संयुक्त अंतरराज्यीय अभियान में जवानों ने घने जंगलों में संचालित नक्सलियों के गुप्त हथियार निर्माण केंद्र का भंडाफोड़ करते हुए भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और शस्त्र निर्माण सामग्री बरामद की है। आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सली संगठन सुरक्षा बलों पर हमले, घात लगाकर वारदात और बड़े विस्फोटों को अंजाम देने के लिए जंगलों में गुप्त रूप से हथियार और विस्फोटक तैयार कर उन्हें जमीन के भीतर छिपाकर रखते थे। इनका इस्तेमाल नक्सल सप्ताह, चुनाव और अन्य संवेदनशील अवसरों पर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाता था। आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ के दौरान इस गुप्त हथियार भंडार और निर्माण केंद्र की जानकारी मिली थी, जिसके बाद विशेष अभियान शुरू किया गया।

संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने 01 इंसास रायफल, 02 सिंगल शॉट रायफल, 02 बारह बोर रायफल और 18 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 25 किलो आईईडी विस्फोटक, 02 क्लेमोर माइन, 110 डेटोनेटर, कॉर्टेक्स वायर, 500 से अधिक बीजीएल सेल और उन्हें बनाने की सामग्री, 07 बीजीएल लॉन्चर, 03 ट्यूब लॉन्चर, लेथ मशीन, ग्राइंडर मशीन, मोटर, इन्वर्टर, बैटरी, वायर बंडल और सोलर प्लेट जैसी बड़ी मात्रा में सामग्री भी जब्त की गई। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क नक्सलियों द्वारा हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

अभियान में विशेष अभियान दल, डीआरजी और बीडीडीएस की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया। इलाके की गहन तलाशी के बाद बरामद खतरनाक विस्फोटकों और हथियार निर्माण सामग्री को वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, ताकि भविष्य में उनका इस्तेमाल किसी भी हिंसक गतिविधि में न हो सके।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियां लगातार कमजोर हो रही हैं, लेकिन सुरक्षा बल किसी भी खतरे को लेकर सतर्क हैं। इस कार्रवाई से नक्सलियों के हथियार निर्माण तंत्र और भविष्य की योजनाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – ₹10,021 करोड़ की बड़ी सौगात से गरीबों का पक्का घर सपना होगा पूरा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले – ₹10,021 करोड़ की बड़ी सौगात से गरीबों का पक्का घर सपना होगा पूरा

 रायपुर। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत छत्तीसगढ़ सहित 12 राज्यों को ₹10,021 करोड़ से अधिक की मदर सैंक्शन जारी की है। इस बड़े फैसले पर मुख्यमंत्री ने खुशी जताते हुए इसे गरीबों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” देने का संकल्प तेजी से पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ मकान बनाना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पक्का घर हर परिवार के लिए सुरक्षा, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की पहचान होता है। इस राशि से छत्तीसगढ़ के हजारों पात्र हितग्राहियों को जल्द लाभ मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण कार्य को नई गति मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि डबल इंजन सरकार गांव, गरीब और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश में गरीबों के जीवन स्तर में तेजी से सुधार होगा।

 
Weather Update : छत्तीसगढ़ में नौतपा के बीच बदला मौसम का मिजाज, रायपुर समेत 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

Weather Update : छत्तीसगढ़ में नौतपा के बीच बदला मौसम का मिजाज, रायपुर समेत 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी

 रायपुर. छत्तीसगढ़ में नौतपा के बीज मौसम का मिजाज बदल गया है. अंबिकापुर, सूरजपुर जैसे क्षेत्रों में बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से राहत मिली है. रायपुर समेत कई जिलों में मौसम विभाग ने तेज हवा और  बारिश को लेकर यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. लगभग 24 घंटों के बाद तापमान में गिरावट होने के आसार हैं. 

मौसम विभाग ने जानकारी दी कि पिछले 24 घटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है. एक-दो पॉकेट में ग्रीष्म लहर चली. आज से पूरे प्रदेश में मेघगर्जन के साथ तेज हवा, वज्रपात और वर्षा होने की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना है. 

27 जिलों में अलर्ट जारी 

मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए 27 जिलों में बारिश, तेज रफ़्तार से चलने वाली आंधी, आकाशीय बिजली और बादल गरजने का अलर्ट जारी किया है. जशपुर, सुरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाज़ार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर और कोरिया में यलो अलर्ट जारी किया गया है.

रायपुर में आज आंधी-बारिश 

रायपुरवासियों को गर्मी से आज राहत मिलने के आसार हैं. मौसम विभाग ने शुक्रवार को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. साथ ही वर्षा, गरज-चमक और अंधड़ चलने की संभावना जताई है. अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. 

CM साय आज राष्ट्रीय आम महोत्सव में होंगे शामिल…

CM साय आज राष्ट्रीय आम महोत्सव में होंगे शामिल…

 रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णदेव साय आज कृषि विश्वविद्यालय में आज से शुरू होने वाले राष्ट्रीय आम महोत्सव-2026 में शामिल होंगे. वह कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे. निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, वह दोपहर 3:50 बजे कृषि विश्वविद्यालय पहुंचेंगे. जहां वे शाम 4 से 5 बजे तक राष्ट्रीय आम महोत्सव-2026 शामिल होंगे. शाम 5:20 बजे वापस मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे.

IGKV में आज से तीन दिवसीय आम महोत्सव 

रायपुर. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 29 से 31 मई तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव 2026 आयोजित होगा. इसका शुभारंभ 29 मई को शाम 4 बजे राज्यपाल रमेन डेका करेंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे. महोत्सव में देशी-विदेशी आमों की 250 से अधिक किस्मों की प्रदर्शनी लगेगी. इसमें दशहरी, लंगड़ा, अल्फांसो, केसर, मालदा, तोतापरी, आम्रपाली, मल्लिका और मियाजाकी जैसी खास किस्में रहेंगी. तीनों दिनों में आम आधारित कई प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी. इनमें आम सजावट, मैंगो क्विज, फैंसी ड्रेस, बोनसाई, मॉडल प्रतियोगिता और आम से बने व्यंजन जैसे अचार, पना, आमरस, जैम व मिठाइयों की प्रतियोगिता शामिल हैं.