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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैलाशपति धाम में किया जलाभिषेक

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कैलाशपति धाम में किया जलाभिषेक

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम पंडरीपानी स्थित कैलाशपति धाम मनकामेश्वर शिव मंदिर पहुंचे। उन्होंने भगवान मनकामेश्वर महादेव के दर्शन कर शिवलिंग पर जल अर्पित किया तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री साय ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ पी चौधरी उपस्थित थे।

गुरु पूर्णिमा पर कोसमनारा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना

गुरु पूर्णिमा पर कोसमनारा पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना

 रायपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज रायगढ़ के ग्राम कोसमनारा स्थित प्रसिद्ध श्री श्री 108  सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है।

गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन को सही दिशा देने के साथ आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा धाम लोगों की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा श्रद्धालुओं को आत्मबल और शांति प्रदान करती है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र धाम में आकर पूजा-अर्चना करना उनके लिए सौभाग्य का अवसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है। सरकार का प्रयास है कि विकास और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। इस अवसर पर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

BREAKING : स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले होंगे 101 उम्रकैदी रिहा

BREAKING : स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले होंगे 101 उम्रकैदी रिहा

 रायपुर। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा मानवीय और सुधारात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया है। राज्य की पांचों केंद्रीय जेलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 101 उम्रकैदियों को 14 अगस्त को समयपूर्व रिहा किया जाएगा। जेल प्रशासन ने इन कैदियों का चयन उनके अच्छे आचरण, अनुशासित व्यवहार, सुधार की प्रवृत्ति और जिला प्रशासन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर किया है। राज्य सरकार की समयपूर्व रिहाई नीति और जेल अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिहाई से पहले प्रत्येक कैदी के मामले की विस्तृत समीक्षा की गई है, ताकि उनकी रिहाई से कानून-व्यवस्था या सामाजिक शांति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

जेल विभाग के अनुसार, इस वर्ष सबसे अधिक 48 उम्रकैदियों को केंद्रीय जेल बिलासपुर से रिहा किया जाएगा। इसके अलावा केंद्रीय जेल रायपुर से 20, केंद्रीय जेल दुर्ग से 16, केंद्रीय जेल जगदलपुर से 9 और केंद्रीय जेल अंबिकापुर से 8 कैदियों को रिहाई का लाभ मिलेगा। इन सभी कैदियों ने समयपूर्व रिहाई के लिए निर्धारित मानकों को पूरा किया है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी उम्रकैदी को समयपूर्व रिहाई देने का निर्णय केवल उसकी सजा की अवधि पूरी होने के आधार पर नहीं लिया जाता। इसके लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया जाता है। जेल में उसका अनुशासन, अन्य बंदियों और जेल कर्मचारियों के प्रति व्यवहार, सुधार की मानसिकता, पुनर्वास की संभावना तथा भविष्य में अपराध दोहराने की आशंका जैसे बिंदुओं को ध्यान में रखा जाता है। इन सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के बाद ही किसी कैदी का नाम समयपूर्व रिहाई की सूची में शामिल किया जाता है।

रिहाई की प्रक्रिया में संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। जेल प्रशासन प्रत्येक पात्र कैदी के संबंध में जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त करता है। इन रिपोर्टों में यह आकलन किया जाता है कि संबंधित कैदी की रिहाई के बाद क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द या सार्वजनिक सुरक्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना तो नहीं है। यदि किसी मामले में प्रतिकूल रिपोर्ट प्राप्त होती है, तो ऐसे कैदी को समयपूर्व रिहाई का लाभ नहीं दिया जाता।

जेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समयपूर्व रिहाई की नीति का उद्देश्य केवल सजा में राहत देना नहीं, बल्कि उन कैदियों को समाज में सम्मानपूर्वक दोबारा स्थापित होने का अवसर देना भी है, जिन्होंने जेल में रहते हुए अपने व्यवहार और सोच में सकारात्मक बदलाव लाया है। सुधारात्मक न्याय प्रणाली का मूल उद्देश्य अपराधियों को दंडित करने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने योग्य बनाना भी है। छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर पात्र बंदियों को समयपूर्व रिहाई देने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस प्रक्रिया के तहत केवल उन्हीं कैदियों का चयन किया जाता है, जिनका आचरण जेल में लगातार अच्छा रहा हो और जिनके बारे में यह विश्वास हो कि वे रिहाई के बाद सामान्य जीवन जीने का प्रयास करेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसे अवसर समाज में सुधार और पुनर्वास की भावना को मजबूत करते हैं।

जेल प्रशासन ने बताया कि 14 अगस्त को रिहाई से पहले सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। प्रत्येक कैदी के दस्तावेजों का सत्यापन, रिहाई आदेश, पहचान संबंधी प्रक्रियाएं और अन्य औपचारिक कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न किए जाएंगे। इसके बाद चयनित कैदियों को औपचारिक रूप से जेल से रिहा किया जाएगा। रिहाई के बाद संबंधित जिला प्रशासन भी इन कैदियों के पुनर्वास पर ध्यान देगा। प्रशासन यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि रिहा होने वाले व्यक्ति समाज में सामान्य जीवन जी सकें और दोबारा अपराध की ओर न बढ़ें। इसके लिए आवश्यक होने पर पुनर्वास और निगरानी से जुड़े कदम भी उठाए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि समयपूर्व रिहाई की यह व्यवस्था सुधारात्मक न्याय प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

यदि कोई कैदी लंबे समय तक अनुशासित व्यवहार करता है, अपने आचरण में सुधार लाता है और समाज के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करता है, तो उसे जीवन में नई शुरुआत करने का अवसर मिलना चाहिए। हालांकि इसके साथ ही कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, इसलिए प्रत्येक मामले की गहन जांच और मूल्यांकन के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाता है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 101 उम्रकैदियों की रिहाई का यह निर्णय न केवल सुधारात्मक न्याय व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि उन लोगों को भी नई शुरुआत का अवसर देगा, जिन्होंने जेल में रहते हुए अपने व्यवहार और जीवन दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया है।

BREAKING: IED बम की चपेट में आए दो नाबालिग, हालत नाजुक

BREAKING: IED बम की चपेट में आए दो नाबालिग, हालत नाजुक

 बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा पूर्व में लगाए गए प्रेशर आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) एक बार फिर आम लोगों के लिए खतरा बनकर सामने आए हैं। बुधवार को उसूर थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में दो नाबालिग प्रेशर आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर घायल हो गए। इनमें एक सुकमा जिले से नीलम सराई जलप्रपात घूमने आए पर्यटक दल का सदस्य है, जबकि दूसरा ग्रामीण जंगल में मवेशी चराने के दौरान विस्फोटक पर पैर पड़ने से घायल हो गया। दोनों घटनाओं के बाद सुरक्षा बलों और पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार पहली घटना उस समय हुई जब सुकमा जिले के चिंतागुफा थाना क्षेत्र के ग्राम करीगुण्डम से 7-8 युवकों और नाबालिगों का एक समूह प्रसिद्ध नीलम सराई जलप्रपात घूमने आया था। बताया गया कि जलप्रपात से लगभग डेढ़ किलोमीटर पहले रास्ते में माओवादियों द्वारा पहले से लगाए गए प्रेशर आईईडी पर 13 वर्षीय सोढ़ी देवा, पिता हुंगा सोढ़ी, का पैर पड़ गया। इसके बाद जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें नाबालिग गंभीर रूप से घायल हो गया। विस्फोट के कारण सोढ़ी देवा के दाहिने पैर की एड़ी में गंभीर चोट आई। घटना के तुरंत बाद उसके साथ मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। घायल को तत्काल उसूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और उसका इलाज जारी है।

दूसरी घटना उसी दिन उसूर थाना क्षेत्र के ग्राम नम्बी के जंगल में हुई। पुलिस ने बताया कि गांव के दो ग्रामीण मवेशियों को चराने के लिए नम्बी जलधारा की ओर गए थे। इसी दौरान जंगल के रास्ते में माओवादियों द्वारा पहले से बिछाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से 15 वर्षीय विनोद कट्टम, पिता चन्द्रु कट्टम, घायल हो गया। विस्फोट में उसके दाहिने पैर की एड़ी में चोट आई। घटना के बाद उसके साथ मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों को दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण घटनास्थल तक पहुंचने वाला मार्ग काफी प्रभावित है। रास्ते में पड़ने वाले नाले में जलभराव होने से आवागमन में कठिनाई आ रही है। इसके बावजूद सुरक्षा बलों ने सावधानी बरतते हुए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और घायल तक पहुंचने का प्रयास किया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने घायल को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजने की कार्रवाई की।

पुलिस का कहना है कि माओवादी अक्सर सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से जंगलों और ग्रामीण इलाकों में प्रेशर आईईडी बिछा देते हैं। हालांकि इन विस्फोटकों की चपेट में कई बार निर्दोष ग्रामीण, बच्चे और जंगल में जाने वाले लोग भी आ जाते हैं। यही कारण है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार लोगों को सतर्क रहने और अनजान रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन भी तेज कर दिया है। बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा बल आसपास के इलाकों में अन्य संभावित विस्फोटकों की तलाश कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों से अपील की गई है कि वे जंगलों और संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन या पुलिस से जानकारी अवश्य लें।

नीलम सराई जलप्रपात सहित बीजापुर के कई प्राकृतिक पर्यटन स्थल बारिश के मौसम में बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। ऐसे में प्रशासन ने पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने और केवल सुरक्षित एवं निर्धारित मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। वहीं ग्रामीणों को भी जंगलों में मवेशी चराने या अन्य कार्यों के दौरान सतर्क रहने के लिए कहा गया है। इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों पहले लगाए गए प्रेशर आईईडी आज भी आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। पुलिस और सुरक्षा बल लगातार ऐसे विस्फोटकों को खोजकर निष्क्रिय करने का अभियान चला रहे हैं, लेकिन दुर्गम जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

बलौदाबाजार में 12 लाख की ज्वेलरी लूट का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार

बलौदाबाजार में 12 लाख की ज्वेलरी लूट का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुलिस ने तकनीक और सूक्ष्म जांच का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए 12 लाख रुपये की ज्वेलरी लूट का सनसनीखेज खुलासा किया है। लगभग दो सप्ताह तक चली गहन जांच, 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की पड़ताल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित विश्लेषण की मदद से पुलिस ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के चार शातिर अंतरराज्यीय लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हथियार, वाहन, नकदी और चांदी के आभूषण सहित लगभग 26 लाख रुपये का सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह कई राज्यों में हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे 100 से अधिक गंभीर मामलों में शामिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, 16 जुलाई की सुबह करीब 9:30 बजे भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के तरेंगा निवासी दीपक ज्वेलर्स के संचालक बलराम सोनी अपनी स्कूटी से रोहरा की ओर जा रहे थे। उनके बैग में करीब 13 किलोग्राम चांदी और 70 ग्राम सोने के आभूषण थे। जैसे ही वे रोहरा हाई स्कूल के पास पहुंचे, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने हथियार दिखाकर उनके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन और स्कूटी की चाबी छीन ली तथा बैग में रखे कीमती जेवर लेकर मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए तत्काल विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।

पुलिस टीम ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित वीडियो एवं डेटा एनालिटिक्स का उपयोग कर संदिग्धों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। पुलिस ने कई जिलों और राज्यों के बीच आरोपियों के मूवमेंट की कड़ियां जोड़ते हुए उनके ठिकानों तक पहुंच बनाई। तकनीकी इनपुट, साइबर विश्लेषण और मुखबिर तंत्र से मिली सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में दबिश देकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बबलू पाण्डेय उर्फ शत्रुघ्न (चित्रकूट), गंगासागर पाण्डेय (उत्तर प्रदेश), जयदीप गुप्ता (रीवा, मध्य प्रदेश) और जिया उल हक (गोंडा, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि यह गिरोह केवल बलौदाबाजार की लूट तक सीमित नहीं था।

जांच में सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, चोरी और आर्म्स एक्ट के 100 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार यह गिरोह अब तक करीब 10 करोड़ रुपये से अधिक की लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इतना ही नहीं, वर्ष 2022 और 2024 में भाटापारा क्षेत्र में ज्वेलरी कारोबारियों के साथ हुई दो बड़ी लूट की घटनाओं में भी इसी गिरोह की संलिप्तता सामने आई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, एक देशी कट्टा, 14 जिंदा कारतूस, एक लोहे की तलवार, महिंद्रा स्कॉर्पियो, दो मोटरसाइकिल, पांच मोबाइल फोन, नकदी तथा चांदी के जेवर बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 26 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस का मानना है कि बरामद हथियारों और वाहनों का उपयोग कई अन्य वारदातों में भी किया गया होगा, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं, किन राज्यों में उनकी सक्रियता रही है और किन-किन मामलों में उनकी संलिप्तता रही है। साथ ही प्रदेश के बाहर हुई लूट और डकैती की घटनाओं से भी इस गिरोह के संबंधों की जांच की जा रही है।

बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी और तकनीकी रूप से सबसे सफल जांचों में शामिल माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक, एआई आधारित विश्लेषण, साइबर सेल की सक्रियता और पारंपरिक मुखबिर तंत्र के समन्वय से पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने कई राज्यों में लंबे समय से आतंक मचा रखा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सफलता से भविष्य में ऐसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।

गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री ने अघोर गुरु पीठ बनोरा में किए गुरु दर्शन, बाबा प्रियदर्शी राम से लिया आशीर्वाद

गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री ने अघोर गुरु पीठ बनोरा में किए गुरु दर्शन, बाबा प्रियदर्शी राम से लिया आशीर्वाद

 रायपुर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचकर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की तथा पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति के ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के आधार हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।

खुदाई में मिला सोना बताकर पीतल का हार बेचने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश, 3 आरोपी मुंबई से गिरफ्तार”

खुदाई में मिला सोना बताकर पीतल का हार बेचने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश, 3 आरोपी मुंबई से गिरफ्तार”

 रायपुर । राजधानी रायपुर में खुदाई में मिला पुराना सोना बताकर पीतल के हार बेचने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट और संबंधित थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी शंभू राय सहित 2 महिला आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने न्यू राजेन्द्र नगर, तेलीबांधा और डी.डी. नगर में कुल 22.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस ने उनके कब्जे से 9 लाख नगद, चांदी के सिक्के, पीतल के आभूषण और 4 मोबाइल सहित लगभग 12 लाख का मशरूका जप्त किया है। पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला के निर्देशन में चली इस कार्रवाई में सामने आया कि गिरोह का तरीका एक जैसा था। आरोपी पहले खुद को दिहाड़ी मजदूर बताकर लोगों से संपर्क करते थे और कहते थे कि खुदाई में पुराने सोने के आभूषण मिले हैं।

कैसे करते थे ठगी?
जानकारी के अनुसार विश्वास जीतने के लिए आरोपी पीड़ित को पीतल का भारी हार दिखाते और उसमें से असली सोने का छोटा टुकड़ा तोड़कर जांच के लिए दे देते। जांच में सोना निकलने पर पीड़ित झांसे में आ जाता। फिर बहन की शादी या आर्थिक मजबूरी का हवाला देकर लाखों में पूरा हार बेच* देते। बाद में जांच कराने पर हार पूरी तरह पीतल का निकलता और आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो जाते।

तीन बड़े मामले आए सामने
1. न्यू राजेन्द्र नगर – प्रार्थी महेश कानस्कर से 2.50 लाख की ठगी, अपराध क्रमांक 92/26, 2 तेलीबांधा* – प्रार्थी यश मोटवानी से 10 लाख की ठगी, अपराध क्रमांक 249/26 ,3. डी.डी. नगर – प्रार्थी धवल बडोदरिया से 10 लाख की ठगी, अपराध क्रमांक 390/26 , तीनों मामले धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज।

मुंबई से हुई गिरफ्तारी

तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर टीम को मुंबई भेजा गया। वहां से शंभू राय निवासी कानपुर,गीता गुजराती* और शांति गुजराती को पकड़ा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि शंभू राय घूम-घूम कर स्टोन बेचने की आड़ में शिकार चुनता था और पीतल के आभूषण दिल्ली के करोल बाग से लाता था।

देशभर में फैला है जाल

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में एक दर्जन से अधिक ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। कुल करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की आशंका है। पुलिस ने शंभू राय के पास से 4 फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। फिलहाल अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किरण सिंह देव शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किरण सिंह देव शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

 रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सड़क दुर्घटना में घायल हो गए हैं। दुर्घटना की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रदेशभर के भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में चिंता का माहौल है। पार्टी नेताओं और शुभचिंतकों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किरण सिंह देव केसड़क हादसे में घायल होने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने संदेश में कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव के सड़क दुर्घटना में घायल होने की सूचना मिली है। उनका इलाज झांसी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने मां दंतेश्वरी से प्रार्थना करते हुए उनके शीघ्र पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

मुख्यमंत्री के संदेश के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भी किरण सिंह देव के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। फिलहाल दुर्घटना कैसे हुई और उसके पीछे क्या कारण रहे, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। चिकित्सकों के अनुसार किरण सिंह देव का इलाज जारी है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

किरण सिंह देव छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और वर्तमान में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के साथ-साथ जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं। उनके सड़क हादसे की खबर सामने आने के बाद प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से भी उनके जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दी जा रही हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ईश्वर से उनके शीघ्र स्वस्थ होकर पुनः जनसेवा में सक्रिय होने की प्रार्थना की है। फिलहाल सभी की निगाहें झांसी मेडिकल कॉलेज से आने वाले स्वास्थ्य संबंधी आधिकारिक अपडेट पर बनी हुई हैं।

गुरु पूर्णिमा पर पूर्व विद्यार्थियों की प्रेरणादायी पहल, 26 जरूरतमंद छात्रों की फीस जमा कर की सहायता

गुरु पूर्णिमा पर पूर्व विद्यार्थियों की प्रेरणादायी पहल, 26 जरूरतमंद छात्रों की फीस जमा कर की सहायता

 रायपुर। गुरु पूर्णिमा के मौके पर कालीबाड़ी विद्यालय में हुए कार्यक्रम में वर्ष 2000 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने डी.के. तिवारी और गौतम राहा सर के मार्गदर्शन में अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान जताते हुए समाज के लिए एक बहुत ही अच्छी पहल की। इस दौरान पूर्व छात्रों ने स्कूल के 26 आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद विद्यार्थियों की फीस भरकर उनकी पढ़ाई बिना रुकावट जारी रखने में मदद की।


कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए शिक्षकों के प्रति दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा कि आज जो भी सफलता उन्हें मिली है, उसमें उनके गुरुजनों का बड़ा योगदान है और गुरु पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करना ही उनके लिए सच्ची गुरु-दक्षिणा है।

डी.के. तिवारी और गौतम राहा सर ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ सेवा और अच्छे संस्कार ही समाज को आगे बढ़ाते हैं। स्कूल प्रबंधन ने भी इस कदम की तारीफ की और इसे बाकी पूर्व छात्रों के लिए प्रेरणा बताया। कार्यक्रम का समापन सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
मुख्य सचिव ने सिंचाई परियोजनाओं को अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने सिंचाई परियोजनाओं को अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर

 00 परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक संपन्न

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की 72वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जशपुर जिले के विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत प्रस्तावित योजना के हल्दीमुण्डा व्यपवर्तन शीर्ष कार्य, जीर्णोद्धार, पुनर्निर्माण एवं बहुद्देशीय उद्वहन सिंचाई योजना सहित बेमेतरा जिले की शिवनाथ नदी में ग्राम मोतिमपुर-बिरौदा एनीकट के बैराज में परिवर्तन एवं उद्वहन सिंचाई योजना के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित योजनाओं का पुन: री-मॉडलिंग एवं री-वर्क किया जाए, ताकि परियोजनाएं अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों-संरक्षण आधारित बन सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के निर्माण में जल संरक्षण, बेहतर वर्क मैनशिप और आधुनिक तकनीकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से नहर आधारित प्रणाली के स्थान पर समर्पित पाइपलाइन प्रणाली की व्यवहार्यता का भी गहन अध्ययन करने को कहा। उन्होंने कहा कि पाइप आधारित प्रणाली अधिक विश्वसनीय, जल की कम हानि वाली, कम लागत एवं समय में पूर्ण होने वाली हो सकती है तथा इससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी काफी कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना में ऑप्शन एनालिसिस अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि विभिन्न विकल्पों का तुलनात्मक अध्ययन कर सबसे प्रभावी और किफायती मॉडल का चयन किया जा सके। साथ ही, परियोजनाओं की आगामी 5 से 10 वर्षों की संचालन एवं रखरखाव की रणनीति भी पहले से स्पष्ट रूप से तैयार की जाए।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि नए प्रस्ताव तैयार करने से पहले वर्तमान में संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तुत सभी प्रस्तावों का पुन: परीक्षण कर आवश्यक सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे जनहितकारी परियोजनाओं का निर्माण सुनिश्चित हो सके।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव  सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, जल संसाधन विभाग के सचिव  राजेश सुकुमार टोप्पो, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एआई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें - रजत बंसल

एआई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें - रजत बंसल

 00 ज्ञान, संस्कार और संकल्प के साथ महंत कॉलेज में दीक्षारम्भ-2026 का भव्य आयोजन

00 महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रवाह का विमोचन
रायपुर। 
 महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालयीन जीवन, शैक्षणिक वातावरण और संस्थान की गतिविधियों से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रजत बंसल, जनसंपर्क आयुक्त एवं विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता  प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर ने की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि  रजत बंसल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर सीखने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  प्रमोद दुबे ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गरिमामयी परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा अपने आचरण से परिवार, महाविद्यालय और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने अपने उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक नई और महत्वपूर्ण यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को विकसित करने के लिए उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढऩे का संदेश दिया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रवाह का विमोचन भी किया गया। पत्रिका में महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। अतिथियों ने पत्रिका के प्रकाशन के लिए महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ दीं। वक्ताओं ने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में गुरु का मार्गदर्शन ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों की दिशा प्रदान करता है। गुरु के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता भारतीय संस्कृति की महान परंपरा है।

समारोह के दौरान मुख्य अतिथि  रजत बंसल एवं अध्यक्ष  प्रमोद दुबे सहित विशिष्ट अतिथियों का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन प्रो. प्रीतम कुमार दास एवं कृतज्ञता ज्ञापन डॉ. किरण अग्रवाल ने किया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के माध्यम से महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, अनुशासन और विभिन्न अवसरों से परिचित होने का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

गुरु व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज के उत्थान में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका: राजवाड़े

गुरु व्यक्तित्व निर्माण के साथ समाज के उत्थान में निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका: राजवाड़े

 00 खैरा में गुरु सम्मान समारोह एवं महिला जागृति शिविर आयोजित

00 10 शिक्षकों, 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और महतारी वंदन योजना की 10 जागरूक माताओं का हुआ सम्मान

रायपुर। प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि गुरु केवल विषयों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, संस्कार और जीवन मूल्यों का विकास भी करते हैं। गुरु व्यक्तित्व निर्माण के साथ-साथ समाज के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह बात सूरजपुर जिले के चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरा में आयोजित गुरु सम्मान समारोह एवं महिला जागृति शिविर को संबोधित करते हुए कही।

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राजवाड़े ने सभी नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमें अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का योगदान राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है और उनके मार्गदर्शन से ही विद्यार्थियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होता है। मंत्री राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह देखकर प्रसन्नता होती है कि अनेक माताएं योजना से प्राप्त राशि का उपयोग अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा और भविष्य निर्माण में कर रही हैं। उन्होंने इसे समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत बताया।

उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति तक पहुंच रहा है। कुपोषण नियंत्रण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल विकास से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में ओडग़ी क्षेत्र के 10 उत्कृष्ट शिक्षकों को विद्यार्थियों को सकारात्मक दिशा देने और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा महतारी वंदन योजना की राशि का सदुपयोग अपने बच्चों की शिक्षा में करने वाली 10 माताओं को भी सम्मानित किया गयाइस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी  शुभम बंसल ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान उनके उत्साहवर्धन के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में कुपोषित बच्चों को बाल संदर्भ सेवाओं से लाभान्वित कराने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन में कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

ASQ सर्वे में रायपुर माना एयरपोर्ट की बड़ी उपलब्धि, देश में दूसरा और दुनिया में 66वां स्थान हासिल

ASQ सर्वे में रायपुर माना एयरपोर्ट की बड़ी उपलब्धि, देश में दूसरा और दुनिया में 66वां स्थान हासिल

 रायपुर। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर ने यात्री सेवा गुणवत्ता के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (ACI) के एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) सर्वेक्षण 2026-27 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून 2026) में रायपुर एयरपोर्ट ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के हवाई अड्डों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं, विश्व स्तर पर रायपुर एयरपोर्ट को 66वीं रैंक मिली है।

सर्वेक्षण में रायपुर एयरपोर्ट को 4.93 ASQ रेटिंग प्राप्त हुई, जो एएआई के सभी हवाई अड्डों की औसत रेटिंग 4.88 से अधिक है। इस सूची में पुणे एयरपोर्ट ने 4.97 रेटिंग के साथ देश में पहला और विश्व स्तर पर 57वां स्थान हासिल किया है।

रायपुर एयरपोर्ट के बाद पटना, वाराणसी, देहरादून, कोलकाता, भुवनेश्वर, गोवा और इंदौर एयरपोर्ट ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अगले स्थान प्राप्त किए हैं।

एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) कार्यक्रम यात्रियों से सीधे मिले फीडबैक के आधार पर हवाई अड्डों की सेवाओं का मूल्यांकन करता है। इसमें स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, चेक-इन प्रक्रिया, प्रतीक्षा समय, कर्मचारियों का व्यवहार, यात्री सुविधाएं और यात्रा अनुभव जैसे कई मानकों को शामिल किया जाता है।

रायपुर एयरपोर्ट की इस उपलब्धि को अधिकारियों और कर्मचारियों, एयरलाइंस, सीआईएसएफ, ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं के बेहतर समन्वय का परिणाम बताया गया है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता जारी रखने की बात कही है।

 ए आई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें- रजत बंसल

ए आई के जमाने में विद्यार्थी स्वयं बेहतर भविष्य तय करें- रजत बंसल

ज्ञान, संस्कार और संकल्प के साथ महंत कॉलेज में दीक्षारम्भ-2026 का भव्य आयोजन
रायपुर, 29 जुलाई 2026 । स्थानीय महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत एवं उन्हें महाविद्यालयीन जीवन, शैक्षणिक वातावरण और संस्थान की गतिविधियों से परिचित कराने के उद्देश्य से दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम का आयोजन उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया । कार्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रजत बंसल, विशेष सचिव, मुख्यमंत्री सचिवालय रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता  प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर, सभापति एवं समाजसेवी ने की । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि  रजत बंसल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण चरण है । उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए निरंतर सीखने, समय का सदुपयोग करने तथा समाज एवं राष्ट्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे  प्रमोद दुबे ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनना है । उन्होंने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की गरिमामयी परंपराओं को आगे बढ़ाने तथा अपने आचरण से परिवार, महाविद्यालय और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया ।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी ने अपने उद्बोधन में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन की एक नई और महत्वपूर्ण यात्रा का शुभारंभ है । उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासन, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं मानवीय संवेदनाओं को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया । उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को विकसित करने के लिए उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए । उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया ।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘प्रवाह’ का विमोचन भी किया गया । पत्रिका में महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है । अतिथियों ने पत्रिका के प्रकाशन के लिए महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ दीं । वक्ताओं ने गुरु के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में गुरु का मार्गदर्शन ज्ञान, संस्कार और जीवन मूल्यों की दिशा प्रदान करता है । गुरु के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता भारतीय संस्कृति की महान परंपरा है ।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथि  रजत बंसल एवं अध्यक्ष प्रमोद दुबे सहित विशिष्ट अतिथियों का स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया । महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम का गरिमापूर्ण संचालन प्रो. प्रीतम कुमार दास एवं कृतज्ञता ज्ञापन डॉ. किरण अग्रवाल ने किया । नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के माध्यम से महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों, अनुशासन और विभिन्न अवसरों से परिचित होने का लाभ प्राप्त किया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्राध्यापक एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे ।
CG : सिकासेर जलाशय से छोड़े गए 15 हजार क्यूसेक पानी से राजिम त्रिवेणी संगम में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट

CG : सिकासेर जलाशय से छोड़े गए 15 हजार क्यूसेक पानी से राजिम त्रिवेणी संगम में बढ़ा जलस्तर, प्रशासन अलर्ट

 राजिम। लगातार हो रही बारिश और सिकासेर जलाशय से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद राजिम के पवित्र त्रिवेणी संगम में जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

राजिम एसडीएम, राजिम थाना प्रभारी और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने त्रिवेणी संगम पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया।

इसके साथ ही कल से शुरू हो रहे पवित्र श्रावण मास को देखते हुए संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर की गई तैयारियों का भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं और लोगों से नदी के किनारे अनावश्यक रूप से न जाने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

लगातार बारिश और जलाशय से पानी छोड़े जाने के कारण आने वाले दिनों में जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल की राखियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान

रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल की राखियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान

 00 बिहान से जुड़ी महिलाओं के अभिनव पहल से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

रायपुर। इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय उत्पादों की विशिष्ट पहचान को एक नई ऊंचाई देने जा रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्रसिद्ध विष्णु भोग धान और उसके सुगंधित चावल से तैयार की जा रही आकर्षक एवं कलात्मक राखियां इस बार बाजार में विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक बनने वाली ये राखियां केवल स्नेह का बंधन नहीं होंगी, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के संकल्प का भी संदेश देंगी।

राज्य शासन की ग्रामीण आजीविका संवर्धन की योजनाओं के तहत बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हस्तकला का अभिनव समन्वय करते हुए विष्णु भोग चावल से आकर्षक राखियां तैयार की हैं। रंग-बिरंगे धागों, पारंपरिक कलात्मक सजावट और सुगंधित विष्णु भोग चावल के संयोजन से निर्मित ये राखियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय कृषि उत्पादों की विशिष्टता को देशभर तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगी।

रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल की राखियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान


इस नवाचार को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें राखी निर्माण की आधुनिक एवं आकर्षक तकनीकों के साथ विपणन और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं आत्मविश्वास के साथ स्वयं राखियों का निर्माण कर रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी मजबूत हो रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर तैयार की गई इन विशेष राखियों की बिक्री के लिए रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट परिसर तथा विभिन्न ग्राम संगठन परिसरों में विशेष विक्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सीधे महिला समूहों से राखियां खरीदने का अवसर मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों का कहना है कि विष्णु भोग चावल से राखी निर्माण उनके लिए केवल अतिरिक्त आय अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक पहचान को भी नई दिशा दे रही है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित ऐसे नवाचार ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर सृजित कर रहे हैं तथा उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बना रहे हैं।
स्थानीय कृषि उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प को नवाचारों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाता रहा तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल प्रदेश और देशभर में नई पहचान स्थापित करेगा। यह स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण भी बन रही है।
इस रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल से तैयार की गई ये अनूठी राखियां भाई-बहन के अटूट स्नेह के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों के संरक्षण का प्रेरक संदेश भी देंगी। यह दर्शाती है कि पारंपरिक कृषि उत्पादों और स्थानीय कला का समन्वय न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर सकता है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आर्थिक समृद्धि का सशक्त आधार भी बन सकती है।

पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर - पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और सुशासन की सबसे मजबूत आaधारशिला है। पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर, हर मौसम और हर चुनौती के बीच दिन-रात जनता की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। उनके त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही आम नागरिक अपने घरों में निश्चिंत होकर जीवन जी पाते हैं। ऐसे समर्पित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है।

मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित एक निजी सभागार में आयोजित ‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया और उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल और सेवा भावना का सम्मान है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के साहसी, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बीच उपस्थित होकर विशेष आत्मीयता और गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन जिस निष्ठा से करते हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने 199 किलोग्राम भार उठाकर न केवल देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि पुलिस बल के जवान सेवा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नक्सलवाद पर निर्णायक विजय में पुलिस बल की भूमिका ऐतिहासिक

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास की गति को बाधित किया। प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण यह क्षेत्र हिंसा और भय के कारण अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आज बस्तर विकास, विश्वास और परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह की दृढ़ रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का अभियान था। हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना कठिन जंगलों में अभियान चलाया और प्रदेश को भयमुक्त बनाने का कार्य किया। यह विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अध्याय बनेगी।

घायल जवानों के जज़्बे ने दिलाया आत्मविश्वास

मुख्यमंत्री साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई बार अस्पतालों में नक्सल मोर्चे पर घायल पुलिस जवानों से मिलने का अवसर मिला। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की सेवा का अदम्य संकल्प दिखाई देता था। वे कहते थे कि  स्वस्थ होते ही फिर से मोर्चे पर लौटेंगे और नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी शक्ति बनकर सामने आया और इसी के परिणामस्वरूप प्रदेश नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता प्राप्त कर सका।

अच्छे कार्यों को समाज तक पहुँचाने में मीडिया की बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह समाज के सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर जनविश्वास को मजबूत करता है। पुलिस विभाग के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और सेवा भावना को समाज के सामने लाने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता समाज में विश्वास और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती है।

जनआकांक्षाओं को समझने का सशक्त माध्यम है मीडिया : डीजीपी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान द्वारा पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान किया जाना अत्यंत सराहनीय पहल है। पत्रकारिता समाज के सामने आदर्श स्थापित करती है और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देती है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से हमें समाज की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।

डीजीपी  गौतम ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति से सबसे अधिक राहत उन परिवारों को मिली है, जिनके बेटे, बेटियां, पति या पिता वर्षों तक बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा कर रहे थे। यह उपलब्धि पूरे पुलिस बल के साहस, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।

पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान

‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ के अंतर्गत पुलिसिंग में नवाचार, सामुदायिक पुलिसिंग, संवाद से समाधान, सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-मालखाना प्रबंधन, पिंक पेट्रोल यूनिट, महिला सुरक्षा, वूमेन हेल्पलाइन, साइबर अपराध नियंत्रण, अनुसंधान एवं अन्वेषण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  आर. कृष्णा दास, रायपुर पुलिस कमिश्नर  संजीव शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारीगण, पुलिसकर्मी एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Special Train: सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, रेलवे चलाएगा कई स्पेशल ट्रेन

Special Train: सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, रेलवे चलाएगा कई स्पेशल ट्रेन

 रायपुर।  सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस दौरान भगवान शिव के दर्शन के लिए झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बड़ी होती है। श्रद्धालुओं की सुविधा और बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस वर्ष भी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है, जिससे यात्रियों को आरामदायक और कंफर्म सीट के साथ यात्रा करने का अवसर मिलेगा।

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 08895/08896 नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी–मधुपुर–नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन का संचालन 1 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। यह ट्रेन कुल 5-5 फेरे लगाएगी और सावन के दौरान बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सुविधा प्रदान करेगी।

इन स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

यह स्पेशल ट्रेन गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, बेलपहाड़ और ब्रजराजनगर सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इससे छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को सीधे देवघर जाने की सुविधा मिलेगी।

कंफर्म सीटें अभी उपलब्ध

रेलवे की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेन की विभिन्न तिथियों में एसी-3 और स्लीपर श्रेणी में बड़ी संख्या में कंफर्म सीटें अभी भी उपलब्ध हैं। ऐसे में श्रद्धालु समय रहते आरक्षण कर अपनी यात्रा सुनिश्चित कर सकते हैं।

भीड़ से बचने की सलाह

रेलवे प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि अंतिम समय की भीड़ और असुविधा से बचने के लिए पहले से टिकट बुक करा लें। इससे यात्रा सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी मुक्त रहेगी। रेलवे का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा उनकी प्राथमिकता है। विशेष ट्रेनों के संचालन का उद्देश्य देवघर जाने वाले यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराना और श्रावणी मेले के दौरान अतिरिक्त भीड़ को सुचारु रूप से संभालना है।

बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव से सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश के आसार, अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में गहरे दबाव से सक्रिय हुआ मानसून, अगले 4 दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश के आसार, अलर्ट जारी

 रायपुर। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ दिखाई देने लगा है। मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के साथ ही प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। आने वाले दो से तीन दिनों में बारिश की गतिविधियां और अधिक तेज हो सकती हैं।

बीते 24 घंटों के दौरान महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में सबसे अधिक 154 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है, जबकि नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में विकसित कम दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है, जिसके प्रभाव से पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा की स्थिति बनी रहेगी। खासकर मध्य और पूर्वी छत्तीसगढ़ के जिलों में भारी बारिश की संभावना अधिक है।प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही, तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी अलर्ट जारी किए जाएंगे। लगातार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी सतर्क मोड पर हैं।

विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री वर्मा

विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री वर्मा

 00 टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरी: 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

​रायपुर। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कुल 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान मंत्री वर्मा ने ग्राम टंडवा में 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा से झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा से बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

विकास का कोई विकल्प नहींः मंत्री श्री टंक राम वर्मा


​मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में भी इस मार्ग को स्वीकृति दिलाई गई थी, लेकिन तात्कालिक परिस्थितियों के कारण काम रुक गया था। अब न केवल सड़क की स्वीकृति मिली, बल्कि बोनस के रूप में दो प्रमुख सड़कों की सौगात मिली है। इस मार्ग के बनने से विद्यार्थियों, कामगारों, दुकानदारों और आम जनता को आवागमन में समय की बचत होगी और बड़ी सुविधा मिलेगी।​ उन्होंने पंचायत क्षेत्र के कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल में पंचायत में लगभग 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें शेड निर्माण, महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे जनहितकारी कार्य शामिल हैं।

टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरीः 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात


​छात्रों व युवाओं को दिया जीवन का संदेश
छात्र जीवन, प्रशासनिक तथा राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि राजनीति का असली अर्थ जनसेवा, गरीबों के आंसू पोंछना और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, न कि सत्ता का प्रदर्शन करना। ​छात्रों और युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति का कद उसकी तारीफ या बुराई से तय नहीं होता, बल्कि उसके कर्मों से तय होता है। हमें पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते रहना चाहिए। रामचरितमानस में भी कहा गया है कि 'परहित सरिस धर्म नहीं भाई'—अर्थात दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा धर्म है।
इस अवसर पर जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, शाला के प्राचार्य, शिक्षकगण, ग्रामीण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

 मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर जगदलपुर में होगी कार्टून कार्यशाला

स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगा वरिष्ठ कार्टूनिस्टों से प्रशिक्षण

बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और विकास की सकारात्मक तस्वीर को कार्टून कला के माध्यम से मिलेगी नई अभिव्यक्ति

रायपुर- छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम ‘मुस्कुराता बस्तर’ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।

इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट  माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार  शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का रचनात्मक प्रयास है।

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में हुए शामिल*

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि

छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, CM देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, CM देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

 रायपुरमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपसे प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी मुलाकात हुई थी और आज आपकी सफलता पर पुनः बात करके अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आपकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं विश्व मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय स्नेह, प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रदेशवासियों का स्नेह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का मान बढ़ाया है।

BIG NEWS : एक बार फिर आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, तीन की मौत, पांच अस्पताल में भर्ती

BIG NEWS : एक बार फिर आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, तीन की मौत, पांच अस्पताल में भर्ती

 मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य झुलस गए। शिवपुर में धान रोपाई के दौरान दो लोगों की जान चली गई, वहीं मंगोरा गांव में मवेशी चरा रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

धान रोपाई के दौरान गिरी बिजली
जानकारी के अनुसार, शिवपुर गांव में कुछ ग्रामीण खेतों में धान रोपाई का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आसपास मौजूद अन्य लोग भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

मवेशी चराने गया चरवाहा बना हादसे का शिकार
वहीं, ग्राम पंचायत मंगोरा में एक चरवाहा अपने मवेशियों को चराने के लिए निकला था। इसी दौरान आकाशीय बिजली उसके ऊपर गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम खराब बना हुआ है और बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

पांच घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में झुलसे पांच लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

आकाशीय बिजली की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर लोगों को बारिश के मौसम में सतर्क रहने की जरूरत का एहसास कराया है। प्रशासन ने भी खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में काम करने से बचने की अपील की है।

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल - साव

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल - साव

 00 उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ

00 छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे

00 राज्य में खेलों और खिलाडिय़ों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथन
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाडिय़ों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाडिय़ों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाडिय़ों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

साव ने विजन टू विक्ट्री थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोज सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाडिय़ों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाडिय़ों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाडिय़ों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाडिय़ों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाडिय़ों को मिलेगा।
कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान, ओलंपियन  जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।