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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की सुशासन तिहार की तैयारियों की समीक्षा

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने प्रभार के जिलों में सुशासन तिहार के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।

समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने मनरेगा भुगतान, पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड वितरण, राजस्व प्रकरण, शिक्षा, जाति प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य सुविधाएं एवं पेयजल व्यवस्था सहित विभिन्न विभागों की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्देशित किया कि सुशासन तिहार में विशेष रूप से राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण किया जाए और कोई भी मामला समय-सीमा से बाहर न रहे। उन्होंने नक्शा-खसरा निःशुल्क उपलब्ध कराने, बंटवारा, सीमांकन और नामांतरण जैसे मामलों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिविरों की जानकारी जनप्रतिनिधियों, पंचायत एवं समाज प्रमुखों तक समय पर पहुंचाई जाए। साथ ही मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को ध्यान में रखते हुए सभी लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े दुर्ग, बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी

बैठक में ‘सेवा सेतु’ पोर्टल के प्रचार-प्रसार के लिए शिविरों में स्टॉल लगाने और डेमो देने की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार का लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में योजना की सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। इसके अलावा खाद वितरण, विद्युत आपूर्ति और पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने, खराब बोर सुधारने, पाइपलाइन बिछाने और जरूरत पड़ने पर पानी टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखकर शिविर स्थलों पर पेयजल, कूलर और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। उन्होंने पुलिस विभाग को स्कूल-कॉलेजों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम चलाने तथा साइबर अपराध, नशा और यातायात नियमों पर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े दुर्ग, बालोद, बस्तर एवं मोहला-मानपुर जिलों के प्रशासनिक अधिकारी

सुशासन तिहार के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने और ग्राम पंचायतों में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन का लाभ उठा सकें। प्रभारी मंत्री ने सभी अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर सुशासन तिहार को सफल बनाने के लिए कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संबंधित जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ, डीएफओ एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश…..

वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा ऑडिट एवं सतत मॉनिटरिंग के दिए निर्देश…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का अक्षरशः पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

स्कूटी पर निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगर भ्रमण कर विकास कार्यों का लिया जायजा….

स्कूटी पर निकले उप मुख्यमंत्री अरुण साव, नगर भ्रमण कर विकास कार्यों का लिया जायजा….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक श्री अरुण साव ने आज लोरमी नगर में स्कूटी से भ्रमण कर विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने रानीगांव में गार्डन, तालाब और मुक्तिधाम निर्माण कार्यों का जायजा लिया। श्री साव ने प्रवेश द्वार, नाली निर्माण और मनियारी नदी पर बन रहे पुल की प्रगति की जानकारी लेकर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बस स्टैंड जिम में युवाओं से संवाद किया और स्लम स्वास्थ्य योजना के मेडिकल यूनिट का अवलोकन कर स्वास्थ्य सुविधाओं को परखा। साथ ही नालंदा परिसर (आधुनिक लाइब्रेरी) के निर्माण कार्य का शुभारंभ भी किया।

गलियों में लोगों से मिलकर जाना सुख-दुख, अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और समय पर काम पूरा करने के दिए निर्देश

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने भ्रमण के दौरान बच्चों और महिलाओं से आत्मीय मुलाकात कर उनका सुख-दुख जाना। उन्होंने ब्राह्मण पारा में जादूगर द्वारा दिखाए जा रहे जादू का आनंद भी लिया। श्री साव ने लोरमी में अपने विधायक कार्यालय में स्थानीय नागरिकों के साथ विकास कार्यों पर चर्चा की और जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने राम्हेपुर स्थित शिव मंदिर में चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का निरीक्षण करते हुए कहा कि समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विकास से ही जनता का भरोसा मजबूत होता है।

गलियों में लोगों से मिलकर जाना सुख-दुख, अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और समय पर काम पूरा करने के दिए निर्देश

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद, 51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी….

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद, 51 हजार से अधिक कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जुटा रहे जानकारी….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो गया है। 01 मई से शुरू हुआ यह महाभियान 30 मई 2026 तक चलेगा। इस कार्य के लिए राज्य भर में 51 हजार 300 प्रगणक और 9 हजार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर डेटा एकत्रित कर रहे हैं।

पहली बार डिजिटल मोड में जनगणना

इस बार की जनगणना ऐतिहासिक है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित कुल 33 प्रश्नों की जानकारी दर्ज करेंगे।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद

प्रशासन सख्त- अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई

प्रशासन ने जनगणना कार्य को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रायपुर नगर निगम में ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 44 कर्मचारियों को जनगणना अधिनियम 1948 और छत्तीसगढ़ सिविल आचरण नियमों के तहत नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना या इससे इनकार करना एक दंडनीय अपराध है।

उपलब्धियां और उत्साह का वातावरण

दुर्गम क्षेत्रों में मिसाल- बस्तर जिले के तोकापाल तहसील अंतर्गत ग्राम गाटम के प्रगणक ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पहले ही दिन कार्य पूर्ण कर राज्य स्तर पर उत्साह का संचार किया। अभियान के पहले दिन ही जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों ने फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण किया और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। स्व-गणना राज्य में डिजिटल साक्षरता का प्रभाव दिखा, जहाँ 16 से 30 अप्रैल के बीच 1 लाख 49 हजार 862 परिवारों ने वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी गणना की।

डेटा सुरक्षा और गोपनीयता की गारंटी

जनगणना निदेशालय ने आम नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा दी गई सभी व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के तहत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। यह जानकारी किसी भी टैक्स, पुलिस जांच या कोर्ट केस में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती। यहाँ तक कि सूचना का अधिकार के माध्यम से भी व्यक्तिगत डेटा प्राप्त नहीं किया जा सकता। इन आंकड़ों का उपयोग केवल राष्ट्र निर्माण और जन कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण हेतु किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2027 का शंखनाद

नागरिकों से अपील

प्रशासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि जब भी प्रगणक उनके घर आएं, उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करें। आपका यह सहयोग केवल जानकारी मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में आपका अमूल्य योगदान है।

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर, 22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए, गेंदा उत्पादन से कोड़केल के किसान ने पेश की सफलता की मिसाल…..

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर, 22 हजार के बदले कमाए 3 लाख रुपए, गेंदा उत्पादन से कोड़केल के किसान ने पेश की सफलता की मिसाल…..

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाकर अपनी तकदीर बदल रहे हैं। उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से गेंदा, गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक खेती कर किसान कम लागत में लाखों रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और उद्यानिकी विभाग से मार्गदर्शन मिलने के कारण किसान वैज्ञानिक पद्धति से अधिक उत्पादन ले रहे हैं। एक किसान आनंदराम सिदार की सफलता देखकर अब अन्य ग्रामीण भी परंपरागत खेती से आगे बढ़कर उद्यानिकी फसलों की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

परंपरागत खेती के दौर में जहाँ किसान अक्सर कम मुनाफे से परेशान रहते हैं, वहीं रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखण्ड के एक छोटे से गाँव कोड़केल के किसान श्री आनंदराम सिदार ने नवाचार से समृद्धि की नई इबारत लिखी है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन की श्गेंदा क्षेत्र विस्तार योजनाश् का लाभ उठाकर आनंदराम ने अपनी आय में कई गुना वृद्धि की है।

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर

धान बनाम गेंदा- मुनाफे का बड़ा अंतर

आनंदराम सिदार पहले पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर थे। वे 10 क्विंटल धान का उत्पादन कर मुश्किल से 31 हजार रुपए की कुल आय प्राप्त कर पाते थे, जिसमें से लागत काटकर उनके हाथ मात्र 22 हजार रुपए का लाभ आता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर क्षेत्र में गेंदा फूल की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय का ग्राफ अचानक बदल गया।

तकनीकी सहयोग और बंपर उत्पादन

वर्ष 2025-26 के दौरान उद्यानिकी विभाग ने उन्हें उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। आनंदराम की मेहनत और विभागीय सहयोग का नतीजा यह रहा कि उन्होंने कुल उत्पादन लगभग 44 क्विंटल गेंदा फूल बेचकर
3 लाख रुपए से अधिक की कुल आमदनी हासिल की। धान की तुलना में बेहतर रिटर्न और कम समय में अधिक आय प्राप्त किया।

धान छोड़ फूलों की खेती ने बदली आनंदराम की तकदीर

क्षेत्र के किसानों के लिए बने रोल मॉडल

श्री सिदार की इस सफलता ने पूरे रायगढ़ जिले में गेंदा जैसी नगदी फसलों के प्रति अन्य किसानों का रुझान बढ़ा दिया है। अब क्षेत्र के कई किसान धान के स्थान पर फूलों की खेती को एक लाभकारी विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। आनंदराम सिदार का कहना है कि शुरुआत में जोखिम लग रहा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग और सही समय पर की गई देखरेख ने मेरी तकदीर बदल दी। आज मैं आत्मनिर्भर हूँ और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहा हूँ।

विभाग की सक्रिय पहल

रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़ने के बाद आनंदराम सिदार का जीवन की दिशा ही बदल गई। उद्यानिकी विभाग की सक्रियता से फूलों की खेती अब एक टिकाऊ और मुनाफे वाले व्यवसाय के रूप में उभर रही है। विभाग द्वारा लगातार किसानों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।

चार जवानों के शहादत पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख, बोले - उनका साहस, समर्पण और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा

चार जवानों के शहादत पर मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख, बोले - उनका साहस, समर्पण और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि कांकेर-नारायणपुर सीमा क्षेत्र में डीमाइनिंग अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में डीआरजी के चार वीर जवानों के शहीद होने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं तथा घायल जवान के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें एवं शोकसंतप्त परिजनों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति दें। प्रदेश सरकार शहीद परिवारों और घायल जवान के साथ पूरी संवेदनशीलता एवं दृढ़ता से खड़ी है। उनका साहस, समर्पण और बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान

मनरेगा के तहत छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात : भारत सरकार से 1333 करोड़ स्वीकृत, 212 करोड़ की मजदूरी राशि का भुगतान

रायपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की मांग एवं लंबित देनदारियों को ध्यान में रखते हुए कुल 1333 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इससे राज्य के लाखों ग्रामीण श्रमिक परिवारों को बड़ी राहत मिलने जा रही है।
स्वीकृत राशि में से 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मजदूरी भुगतान हेतु जारी की गई है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से पारदर्शिता के साथ श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में राज्य के श्रमिकों के खातों में 212 करोड़ रुपए की मजदूरी राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि भी शीघ्र ही चरणबद्ध तरीके से श्रमिकों के खातों में अंतरित की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ श्रमिकों की आजीविका को स्थायित्व प्राप्त होगा।

राज्य में संचालित मोर गांव मोर पानी महा अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के माध्यम से आजीविका डबरी, नवा तरिया तथा अन्य जल संरक्षण कार्यों को व्यापक स्तर पर स्वीकृत किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़े, भू-जल स्तर में सुधार हो तथा किसानों की आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मनरेगा के माध्यम से रोजगार सृजन, ग्रामीण अधोसंरचना विकास तथा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। भारत सरकार से प्राप्त यह वित्तीय स्वीकृति छत्तीसगढ़ के ग्रामीण विकास को नई गति देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

15 मई को होगा रायपुर अधिवक्ता संघ का चुनाव

15 मई को होगा रायपुर अधिवक्ता संघ का चुनाव

 रायपुर। उच्च न्यायालय ने स्थगन समाप्त कर रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव का रास्ता साफ करते हुए संशोधित चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके अनुसार अब 15 मई को रायपुर अधिवक्ता संघ का चुनाव होगा। आमसभा की बैठक में महिला आरक्षण लागू करते हुए कोषाध्यक्ष का पद महिला के लिए आरक्षित करने के निर्णय के बाद चुनाव प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।
-अनारक्षित कोषाध्यक्ष और वरिष्ठ उपाध्यक्ष महिला आरक्षित, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अनारक्षित, सांस्कृतिक एवं अनारक्षित, सहसचिव (1) अनारक्षित, सहसचिव संशोधित पदों की सूची अध्यक्ष और सचिव क्रीड़ा सचिव - अनारक्षित, ग्रंथालय सचिव, (2) महिला आरक्षित। 10 कार्यकारिणी सदस्यों में दो पद महिला आरक्षित होंगे।

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी - मुख्यमंत्री साय

निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी - मुख्यमंत्री साय

00 दाढ़ी (बेमेतरा) सीसी रोड प्रकरण पर सख्त रुख: कलेक्टर को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
रायपुर।
 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णत: अस्वीकार्य है।

मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है - जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

सुशासन तिहार 2026 : संवाद से समाधान तक —शिव को मिली वृद्धावस्था पेंशन की सौगात

सुशासन तिहार 2026 : संवाद से समाधान तक —शिव को मिली वृद्धावस्था पेंशन की सौगात

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिले में आयोजित सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत जन समस्या निवारण शिविर आमजन, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत का माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम सखौली निवासी शिव कुमार दुबे के लिए यह शिविर खुशियों की नई किरण लेकर आया, जहां उनकी वृद्धावस्था पेंशन का आवेदन त्वरित स्वीकृत कर उन्हें लाभान्वित किया गया।
जीविकोपार्जन में मिलेगी सहूलियत
पेंशन स्वीकृति पत्र प्राप्त होने पर दुबे ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बढ़ती उम्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन अब नियमित पेंशन से उनका जीवनयापन सुगमता से हो सकेगा और उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का संबल मिलेगा।
सुशासन तिहार की सराहना
दुबे ने राज्य शासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि सुशासन तिहार के कारण अब उन्हें शासकीय कार्यों के लिए शहर के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। गांव में ही समस्याओं का समाधान मिल रहा है, जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा सामाजिक सुरक्षा का लाभ
प्रशासन द्वारा आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान करना है। विशेष रूप से वृद्धावस्था पेंशन जैसे प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण कर वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। शिव कुमार दुबे जैसे अनेक बुजुर्ग इन शिविरों के माध्यम से न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं, बल्कि उनके जीवन में सम्मान और सुरक्षा का भाव भी सुदृढ़ हो रहा है।

अबूझमाड़ की मेधा ने गढ़ दिया नया नारायणपुर - शिक्षा के शिखर पर वनांचल की गौरवगाथा

अबूझमाड़ की मेधा ने गढ़ दिया नया नारायणपुर - शिक्षा के शिखर पर वनांचल की गौरवगाथा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मानचित्र पर जिसे कभी दुर्गम और अबूझ माना जाता था, आज उसी नारायणपुर ने अपनी बौद्धिक क्षमता का लोहा पूरे प्रदेश में मनवा लिया है। साल 2026 की बोर्ड परीक्षा के परिणामों ने यह सिद्ध कर दिया है कि बस्तर के घने जंगलों और अबूझमाड़ की वादियों में अब केवल संघर्ष की गूँज नहीं, बल्कि सफलता का शंखनाद सुनाई दे रहा है। कक्षा 10वीं में समूचे छत्तीसगढ़ में दूसरा स्थान प्राप्त करना नारायणपुर के लिए महज एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक शैक्षणिक क्रांति है।
नारायणपुर का उदय,छत्तीसगढ़ का गौरव
जिले की इस अभूतपूर्व सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों और जिला प्रशासन की सराहना की है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि नारायणपुर के बच्चों ने आज जो कर दिखाया है, वह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। अबूझमाड़ की माटी से निकलकर प्रदेश की मेरिट सूची में जगह बनाना यह साबित करता है कि हमारी सरकार की शिक्षा-पहुँच नीति सफल हो रही है। नारायणपुर अब केवल अपनी संस्कृति के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी मेधा के लिए भी जाना जाएगा। इन नौनिहालों ने नक्सलवाद और पिछड़ेपन के अंधेरे को शिक्षा की रोशनी से परास्त कर दिया है।दसवें से दूसरे पायदान तक एक अद्भुत छलांग
इतिहास गवाह है कि विकास की पहली सीढ़ी शिक्षा होती है। पिछले एक साल में नारायणपुर ने जो परिवर्तन देखा है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं है। वर्ष 2025 में 84.96 प्रतिशत के साथ 10वें स्थान पर रहने वाला यह जिला, महज एक साल में 94.80 प्रतिशत की सफलता दर के साथ सीधे प्रदेश में दूसरे स्थान पर जा पहुँचा। वहीं, 12वीं के परिणामों में भी जिले ने अपनी रैंकिंग में 7 अंकों का शानदार सुधार करते हुए 12वां स्थान हासिल किया है।
रणनीति ऐसी कि बदल गई तस्वीर
इस सफलता की पटकथा उन सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में लिखी गई, जहाँ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने मिलकर मिशन मोड में काम किया। कलेक्टर के मार्गदर्शन में बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई। मॉडल टेस्ट, प्री-बोर्ड परीक्षाओं और रिमेडियल कक्षाओं के जरिए कमजोर विद्यार्थियों को मुख्यधारा में लाया गया। शिक्षकों के समर्पण और प्रशासन की सतत निगरानी ने वनांचल के बच्चों के भीतर परीक्षा के डर को जीत के उत्साह में बदल दिया।
विकास का नया प्रतिमान,अबूझमाड़ से मुख्यधारा तक
जब हम आधारभूत संरचना की बात करते हैं, तो अक्सर सड़कों की गिनती होती है। परंतु नारायणपुर ने साबित किया है कि वास्तविक विकास मानव पूंजी का विकास है। सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विशेष उपस्थिति अभियान चलाकर और समयबद्ध पाठ्यक्रम पूर्ण कर प्रशासन ने एक ऐसा वातावरण तैयार किया, जहाँ शिक्षा एक उत्सव बन गई। अबूझमाड़ के बच्चे अब केवल वनों के संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनने की दौड़ में प्रदेश के अन्य विकसित जिलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
एक उज्ज्वल भविष्य का आगाज
अभिभावकों के साथ सतत संवाद और शिक्षकों का अटूट परिश्रम ही इस ऐतिहासिक सफलता का मूल मंत्र है। नारायणपुर की यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए एक संदेश है—कि संसाधनों की कमी कभी प्रतिभा का मार्ग नहीं रोक सकती, बशर्ते संकल्प विष्णु देव साय के सुशासन जैसा सुदृढ़ हो। आज अबूझ अब बूझ में बदल चुका है और शिक्षा की यह मशाल अब रुकने वाली नहीं है।

पीएम-जनमन से जशपुर के पी.व्ही.टी.जी. अंचलों में विकास की नई इबारत

पीएम-जनमन से जशपुर के पी.व्ही.टी.जी. अंचलों में विकास की नई इबारत

 रायपुर। विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री जनमन योजना का जशपुर जिले में प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे सुदूर पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत पहाड़ी कोरवा सहित अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को साकार करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में इस योजना को जिले में सुनियोजित तरीके से लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

योजना के तहत इन अंचलों को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। पहले जहां पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को पेयजल के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं अब जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर नल कनेक्शन के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों में कमी आई है और जीवन स्तर में सुधार हुआ है। आजीविका संवर्धन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। सन्ना स्थित वनधन केंद्र में फॉक्सटेल बाजरा के प्रोसेसिंग हेतु आधुनिक मशीन स्थापित की जा रही है, जिससे स्थानीय समुदाय को तकनीकी प्रशिक्षण मिलने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। उत्पादों का विपणन राज्य स्तर के नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा और प्राप्त आय सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में जमा होगी।

पीएम-जनमन योजना के तहत जिले में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। 11 बहुउद्देशीय केंद्रों का निर्माण किया गया है, वहीं 1233 पक्के आवास पूर्ण कर परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया गया है। 17 आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के लिए 1 करोड़ 98 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। विद्युत सुविधा के क्षेत्र में 1474 घरों का विद्युतीकरण किया गया है, जो निर्धारित लक्ष्य से अधिक है, साथ ही 43 घरों को सौर ऊर्जा से रोशन किया गया है। संचार सुविधा सुदृढ़ करने के लिए 14 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं।

सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 146 कौशल एवं रोजगारपरक गतिविधियों के माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित किए गए हैं। 3378 आधार कार्ड, 8135 आयुष्मान भारत कार्ड, 465 किसान क्रेडिट कार्ड और 3290 बैंक खाते खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त 5601 जाति प्रमाण-पत्र जारी किए गए हैं, 4070 हितग्राही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हुए हैं और 70 महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का लाभ मिला है। वहीं 5830 राशन कार्ड बनाकर सभी पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है।

इस प्रकार, पीएम-जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। यह योजना न केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, बल्कि इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ा रही है।

किरंदुल में इको पार्क की पहल, विकास के साथ दिखेगी भारतीय जैव विविधता की झलक

किरंदुल में इको पार्क की पहल, विकास के साथ दिखेगी भारतीय जैव विविधता की झलक

 रायपुर। वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार किरंदुल के प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। वन विकास निगम और एनएमडीसी के संयुक्त प्रयास से यहां एक आधुनिक इको पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रशासन द्वारा उपयुक्त भूमि का चयन भी कर लिया गया है। इस इको पार्क की सबसे खास बात इसकी थीम होगी। पार्क में भारतीय जैव विविधता को प्रमुख रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। यहां देश के विभिन्न हिस्सों में पाई जाने वाली वनस्पतियों और प्राकृतिक संपदाओं की जानकारी लोगों को मिलेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ेगी।

पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता बढ़ाना
पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता बढ़ाने के लिए इको पार्क एक बेहतरीन तरीका है। ये पार्क प्राकृतिक आवासों को संरक्षित करने और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए बनाए जाते हैं। हम एक ऐसे विश्व में रहते हैं जहाँ जैव विविधता, पर्यावरणीय न्याय, जलवायु परिवर्तन, पर्यावास संरक्षण और सतत आर्थिक विकास सामाजिक और पर्यावरणीय दोनों आवश्यकताएँ हैं। जब शहरी पर्यावरण पार्क पारिस्थितिक रूप से डिज़ाइन किए गए परिदृश्य होते हैं, तो वे सांस्कृतिक और शैक्षिक भूमि का एक उपजाऊ हिस्सा बना सकते हैं जिसमें स्थिरता जड़ पकड़ सकती है और आने वाली पीढिय़ों तक फैल सकती है।
रोजगार के अवसर और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देना
यह परियोजना विकास और पर्यावरण के संतुलन का बेहतरीन उदाहरण बनेगी। इसके दो प्रमुख उद्देश्य हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देना। पार्क के निर्माण और संचालन से क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा।
इको पार्क को प्रकृति शिक्षा का केंद्र भी बनाया जाएगा
इको पार्क को प्रकृति शिक्षा का केंद्र भी बनाया जाएगा। यह स्कूली छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए लिविंग लैबोरेटरी की तरह काम करेगा, जहां वे प्रकृति और जैव विविधता के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। वन विकास निगम के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और एनएमडीसी के सहयोग से बनने वाला यह इको पार्क न केवल किरंदुल की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि विकास और पर्यावरण के सह-अस्तित्व का प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव का 3 मई को गरियाबंद दौरा, कई विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

उपमुख्यमंत्री अरुण साव का 3 मई को गरियाबंद दौरा, कई विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन

 गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव 3 मई 2026 को गरियाबंद जिले के दौरे पर रहेंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 11 बजे नवा रायपुर से प्रस्थान कर कोपरा (गरियाबंद) पहुंचेंगे, जहां विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

दौरे के दौरान अटल चौक में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जाएगा। साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रमों और धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

इसके अलावा उपमुख्यमंत्री साहू छात्रावास, जिला साहू संघ के शपथ ग्रहण समारोह और बस स्टैंड गरियाबंद में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम को नालंदा परिसर में विकास कार्यों के लोकार्पण के बाद वे वापस नवा रायपुर लौटेंगे।

वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

वाटर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर / मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई क्रूज हादसे की दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ में संचालित सभी वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों का सुदृढ़ता से पालन  करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि जन सुरक्षा के विषय में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा लापरवाही पूर्णत: अस्वीकार्य होगी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने धमतरी और कोरबा सहित अन्य सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिन स्थलों पर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित हो रही हैं, वहां सुरक्षा मानकों का तत्काल परीक्षण (सुरक्षा ऑडिट) सुनिश्चित किया जाए तथा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (स्ह्रक्क) का अक्षरश: पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित वाटर स्पोर्ट्स स्थलों पर उपयोग में लाए जा रहे उपकरणों का नियमित तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, प्रशिक्षित एवं दक्ष मानव संसाधन की तैनाती की जाए, तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु समुचित आपातकालीन प्रबंधन तंत्र सक्रिय रखा जाए। इसके साथ ही रेस्क्यू उपकरणों, लाइफ जैकेट एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता एवं कार्यशील स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

उन्होंने कलेक्टरों को यह भी निर्देशित किया कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें तथा किसी भी स्तर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित अधिकारियों/संचालकों की जवाबदेही निर्धारित करते हुए आवश्यकतानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन नागरिकों एवं पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करता है। इस दृष्टि से यह आवश्यक है कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां पूर्णत: सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं मानक अनुरूप संचालित हों, जिससे संभावित जोखिमों का प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्देश दिए कि इन सभी व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा की जाए और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट राज्य शासन को प्रस्तुत की जाए। उन्होंने कहा कि सतर्कता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए ही हम जन-जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

नीट (यूजी) 2026 परीक्षा हेतु सभी तैयारियां पूर्ण, कल होगी परीक्षा

नीट (यूजी) 2026 परीक्षा हेतु सभी तैयारियां पूर्ण, कल होगी परीक्षा

रायपुर। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एन.टी.ए.) द्वारा आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा का आयोजन 03 मई 2026, रविवार को देशभर के साथ रायपुर जिले में भी किया जाएगा। परीक्षा के सुचारू एवं सफल संचालन हेतु नीट जिला समन्वयक एवं जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। बैठक में परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। परीक्षा के सफल संचालन हेतु सभी केंद्राध्यक्षों एवं पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
जिला नोडल अधिकारी (एन.टी.ए.) ने जानकारी दी कि रायपुर जिले में कुल 26 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक रहेगा। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके पश्चात किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। परीक्षा केंद्रों में नकल प्रकरणों की रोकथाम हेतु तकनीकी संसाधन भी स्थापित किए गए हैं, जिससे परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से हो सके। जिला प्रशासन द्वारा परीक्षार्थियों से अपील की गई है कि वे समय से पूर्व परीक्षा केंद्र पहुंचें तथा प्रवेश पत्र में दिए गए सभी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

बैठक में अपर कलेक्टर श्री नवीन ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री राहुल देव शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक श्रीमती नंदनी ठाकुर, जिला नोडल अधिकारी (एन.टी.ए.) श्रीमती लक्ष्मी सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल, एन.आई.सी. के श्री पी.सी. वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

पीएम राहत योजना में जिले को मिली बड़ी सफलता- राज्य के प्रथम लाभार्थी को मिला त्वरित लाभ, भुगतान स्वीकृत

पीएम राहत योजना में जिले को मिली बड़ी सफलता- राज्य के प्रथम लाभार्थी को मिला त्वरित लाभ, भुगतान स्वीकृत

 रायपुर। केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना के तहत जिले में एक अहम उपलब्धि दर्ज की गई है। इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को 1.5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज दिया जाता है। यह सुविधा आयुष्मान पंजीकृत और सरकारी अस्पतालों में लागू है।
जिले में मोतीबाग चौक निवासी 83 वर्षीय श्री स्माइल खान को इस योजना का लाभ दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि यह राज्य का पहला मामला है, जिसमें लाभार्थी को योजना के तहत स्वीकृति मिली है। डॉ. चौधरी ने बताया कि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में योजना के लाभ हेतु समस्त प्रक्रिया तेज गति से पूरी की गई। पुलिस सत्यापन में पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कार्यालय और पुलिस विभाग का सहयोग रहा। जिला नोडल अधिकारी डॉ. सार्थक नंदा ने पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। डी.के.एस. अस्पताल में अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा और उप अधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सा टीम ने सभी जरूरी औपचारिकताएं समय पर पूरी कीं, जिससे लाभार्थी को बिना देरी भुगतान स्वीकृत हो सका। जिले में वर्तमान में 10 मामले इस योजना के तहत लाभ ले रहे हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि योजना का लाभ पात्र लोगों तक सरलता से समय पर पहुंचे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना की जानकारी लें और जरूरतमंद लोगों को भी इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करें।

CG – मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पूर्ण हों सुशासन तिहार की तैयारियां : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

CG – मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पूर्ण हों सुशासन तिहार की तैयारियां : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 मुख्यमंत्री के दौरे से पहले पूर्ण हों सुशासन तिहार की तैयारियां : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

जगदलपुर। उप मुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुशासन तिहार के आयोजन की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने बालोद, बस्तर, दुर्ग तथा मानपुर-मोहला जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं जिला पंचायत सीईओ से विस्तृत चर्चा की।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले सुशासन तिहार की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं। उन्होंने शिविरों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया। शिविर स्थल में जनता के समस्या का त्वरित निराकरण की पहल हो, नक्शा-खसरा का निःशुल्क वितरण की व्यवस्था, सेवा सेतु का स्टॉल लगाकर सेवाओं की जानकारी दें और पुलिस विभाग के स्टॉल में अपराधों के नियमों, सायबर क्राइम के संबंध में जागरूकता अभियान किया जाए। शिविर आयोजन की व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ-साथ क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, सदस्य, जनपदो के पदाधिकारियों और गणमान्य जनप्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, संघ- संगठनों के पदाधिकारियों को जानकारी के साथ आमंत्रित भी किया जाए। शिविरों में अधिक से अधिक को जोड़ते हुए उनके समस्याओं का निराकरण की पहल किया जाए।

बैठक में कलेक्टर आकाश छिकारा ने बस्तर जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 28, जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र में 5 तथा नगर पंचायत बस्तर में 4 शिविर आयोजित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के साथ ही राजस्व पखवाड़ा, बस्तर मुन्ने एवं नियद नेल्लानार योजना 2.0 के तहत भी शिविर लगाए जा रहे हैं।कलेक्टर ने बताया कि शिविरों में नरेगा मजदूरी भुगतान, समाज कल्याण विभाग की पेंशन योजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड निर्माण एवं वितरण, राजस्व प्रकरणों का निराकरण, जाति प्रमाण पत्र, स्कूल शिक्षा तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

जिला कार्यालय के एनआईसी कक्ष में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, डीएफओ उत्तम गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, नगर निगम आयुक्त-सीएमओ, पीएचई विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IED धमाका, चपेट में आया सुरक्षाबल के तीन जवान, एक की हालत गंभीर

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में IED धमाका, चपेट में आया सुरक्षाबल के तीन जवान, एक की हालत गंभीर

 कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले बड़ी खबर सामने आई है। जहां आईईडी ब्लास्ट में तीन जवान घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक ही हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। घटना थाना छोटबेठिया की है।

जानकारी के मुताबिक, आज 2 मई को थाना छोटेबेटिया जिला कांकेर-नारायणपुर के सीमा क्षेत्र में डी-माइनिंग एरिया डाॅमिनेशन सर्च ऑपरेशन के लिए टीम रवाना हुइ थी। जवानों द्वारा सर्च अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान आईईडी विस्फोट हुआ। ब्लास्ट जबरदस्त था, जिसमें 3 डीआरजी जवान घायल हो गए।

तीनों के चपेट में आने के बाद वहां मौजूद जवानों ने तत्काल उन्हें उपचार के लिए अस्पताल लाया। बताया जा रहा है कि 3 घायलों में एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। डाॅक्टरों द्वारा तीनों घायल जवानों का उपचार जारी है। वहीं, घटना स्थल पर जवानों के द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है।

CG – नाबालिग ने की आत्महत्या : फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम…!!

CG – नाबालिग ने की आत्महत्या : फांसी के फंदे से लटकी मिली लाश, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम…!!

 बालोद। डौंडी थाना क्षेत्र के बंधिया पारा में 10वीं कक्षा में लगातार दो साल फेल होने से परेशान नाबालिग युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान राजवीर बघेल (उम्र 17 साल ) के रूप में हुई है।

जानकारी के मुताबिक, राजवीर पिछले दो वर्षों से 10वीं की परीक्षा में असफल हो रहा था। पहले साल वह 6 विषयों में फेल हुआ था। इस वर्ष भी 5 विषयों में असफल रहने के कारण वह काफी तनाव में था। बताया जा रहा है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजनों ने जब उसे फंदे पर लटका देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।

घटना की सूचना मिलते ही डौंडी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

दंतेवाड़ा पुलिस ने गुम हुए 141 मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे

दंतेवाड़ा पुलिस ने गुम हुए 141 मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे

 दंतेवाड़ा। इया आपलो सामान निया अभियान के तहत दंतेवाड़ा पुलिस ने आम जनता के गुम हुए मोबाइल और संपत्ति को वापस लौटाया है। इस विशेष अभियान के जरिए दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कुल 141 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे, जिनकी अनुमानित बाजार मूल्य 31 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कुमार वर्मन और साइबर सेल नोडल अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक ठाकुर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने ष्टश्वढ्ढक्र पोर्टल की मदद से न सिर्फ जिले बल्कि उत्तरप्रदेश और आस-पास के जिलों जगदलपुर, सुकमा, बीजापुर व कोंडागांव से भी गुम मोबाइल बरामद किए। दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों की सुविधा के लिए सायबर हेल्पलाइन नंबर 9479151665 जारी किया है। सायबर अपराधों से बचाव के लिए पुलिस ने सायबर संगवारी दंतेवाड़ा नामक व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया है, जिसमें रोजाना साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी। दंतेवाड़ा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज, लिंक या बैंक/सोशल मीडिया गतिविधि की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें। सुरक्षा ही सावधानी है और सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव है, इसी संदेश के साथ पुलिस लगातार जागरूकता फैलाने में जुटी है।

 
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी: आरंग में अवैध प्लॉटिंग पर बढ़ी चिंता, नगर पालिका की भूमिका पर सवाल!

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी: आरंग में अवैध प्लॉटिंग पर बढ़ी चिंता, नगर पालिका की भूमिका पर सवाल!

 आरंग।  नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों टाउन एंड कंट्री प्लानिंग नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध प्लॉटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। बिना नगर पालिका के अनुमति कृषि भूमि को आवासीय भूखंडों में परिवर्तित कर खुलेआम बिक्री कर रहे है। इन कॉलोनी में जमीन क्रय करने वाले को भविष्य में गंभीर कानूनी और बुनियादी समस्याएं खड़ी होने की आशंका जताई जा रही है।

इन मामलों में पालिका की भूमिका संदेह में है।

आरंग निकाय क्षेत्र के आउटर के वार्ड में कई स्थानों पर बिना लेआउट स्वीकृति और बिना आधारभूत सुविधाओं के ही प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसे भूखंड भविष्य में अवैध घोषित हो सकते हैं, जिससे खरीदारों को आर्थिक नुकसान और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ सकता है।

पूरे मामले में नगर पालिका परिषद आरंग और संबंधित विभागों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। पालिका के द्वारा निरीक्षण और कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण अवैध कॉलोनाइजरों के हौसले बढ़ रहे हैं। भूमि खरीदने से पूर्व को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संबंधित प्लॉट का लेआउट टी&सीपी से स्वीकृत हो, भूमि का डायवर्जन वैध हो तथा कॉलोनी में आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हों।
जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 एवं संबंधित विकास नियंत्रण नियमों के तहत किसी भी भूमि को आवासीय उपयोग में परिवर्तित करने से पूर्व टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से विधिवत अनुमति, लेआउट स्वीकृति तथा डायवर्जन अनिवार्य है। इसके अलावा, स्वीकृत कॉलोनी में सड़क, नाली, जल निकासी, पेयजल, विद्युत एवं सार्वजनिक सुविधाओं के लिए निर्धारित मानकों का पालन करना भी आवश्यक होता है। अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल रोक लगाने आरंग नगर पालिका की खामोशी संदेह में है।
मजदूर दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ खाया बोरे-बाशी

मजदूर दिवस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ खाया बोरे-बाशी

 दुर्ग। मजदूर दिवस पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग पहुंचे, जहां उन्होंने पारंपरिक “बोरे-बाशी” खाकर श्रमिकों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। भूपेश बघेल ने मजदूरों के साथ जमीन पर बैठकर बोरे-बाशी का आनंद लिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और मेहनतकश वर्ग की पहचान है।उन्होंने अपने संबोधन में श्रमिकों के योगदान को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत किया।यह आयोजन न सिर्फ परंपरा को जीवित रखने का संदेश देता है, बल्कि मजदूर वर्ग के प्रति सम्मान और एकजुटता का भी प्रतीक माना जा रहा है।
बढ़ती गर्मी और पेयजल की समस्या से लोग परेशान, बस स्टैंड में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा

बढ़ती गर्मी और पेयजल की समस्या से लोग परेशान, बस स्टैंड में यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा

 सरगुजा। सरगुजा में बढ़ती गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, लेकिन अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में हालात और भी बदतर नजर आ रहे हैं,यहां यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है,खासकर पेयजल की कमी ने लोगों को परेशान कर दिया है,निगम प्रशासन के दावों के बीच व्यवस्थाओं की पोल खुलती दिख रही है।

अंबिकापुर के अंतरराज्यीय बस स्टैंड में इन दिनों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है,तेज गर्मी के बावजूद बस स्टैंड में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है,जिससे बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को प्यास और गर्मी दोनों से जूझना पड़ रहा है,यात्रियों का आरोप है कि निगम प्रशासन सिर्फ दावे कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं नाकाफी हैं,वहीं इस पूरे मामले पर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप ने कहा है कि समस्या को संज्ञान में लिया गया है और जल्द ही पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी,अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक यात्रियों को राहत दिला पाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन

 बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शनिवार 2 मई को शहर आएंगे। वे यहां स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार सीएम साय दोपहर 3 बजकर 10 मिनट पर रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से रवाना होंगे।

वे हेलीकाप्टर द्वारा दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड पहुंचेंगे। यहां से वे 4 बजे स्व. बीआर यादव एस्ट्रोटर्फ मैदान बहतराई जाएंगे। सीएम साय यहां आयोजित आल इंडिया वुमन हाकी टूर्नामेंट का उद्घाटन करेंगे। यहां से वे शाम 4 बजकर 45 मिनट पर एसईसीएल हेलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे. यहां से 4 बजकर 55 मिनट पर वे रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।