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मुख्यमंत्री साय ने जिले को दी 218 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री साय ने जिले को दी 218 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

 - 1.22 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण एवं 217 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का हुआ भूमिपूजन

-जिले को अधोसंरचना, शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में मिलेगी विशेष गति

दुर्ग, 08 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले को अधोसंरचना, शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र में सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी है। जिनमें 122.56 लाख (1.22 करोड़ रुपये) का लोकार्पण तथा कुल 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये की लागत से 23 प्रमुख निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कार्य शामिल है। इसके तहत लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पाेरेशन लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के माध्यम से जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति दी गई है।
लोकार्पण कार्यों के अंतर्गत दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा सिडबी क्लस्टर डेव्हलपमेंट फंड से पोषित आई.टी.आई. दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया गया, जिसकी कुल स्वीकृत लागत 122.56 लाख रुपये (1.22 करोड़ रुपये) है। वहीं जिले में अधोसंरचना और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री श्री साय ने 23 प्रमुख निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। जिनमें मुख्यतः सड़क एवं शासकीय भवन निर्माण के क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग क्रमांक 22 के लगभग 5 किमी 04 लेन निर्माण कार्य हेतु 30.20 करोड़ रुपये के कार्य का भूमिपूजन किया गया। अहिवारा विधानसभा में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग-21 के किलोमीटर 1 से 27/6 तक चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव मार्ग के 3.60 किलोमीटर निर्माण कार्य हेतु 4.28 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। पाटन विधानसभा में भिलाई-सिरसा औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए 15.03 करोड़ रुपये, भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर मजबूतीकरण हेतु 8.33 करोड़ रुपये तथा पौहा से खपरी मार्ग के 2.20 किलोमीटर निर्माण हेतु 3.97 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन हुआ। दुर्ग शहर विधानसभा अंतर्गत नाबार्ड (आरआईडीएफ) पोषित शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में ऑफिस ब्लॉक रिनोवेशन, सी.सी. रोड, दिव्यांग पुरुष टॉयलेट तथा सिविल विंग विस्तार कार्यों के लिए 8.86 करोड़ रुपये की लागत कार्य का भूमिपूजन हुआ। अहिवारा एवं वैशाली नगर क्षेत्र में चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर चौड़ीकरण हेतु 7.06 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, जबकि दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में लाईवलीहुड कॉलेज भवन निर्माण हेतु 4.11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसी प्रकार जिले में जल संसाधन एवं सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत जल संसाधन विभाग, दुर्ग द्वारा क्षेत्र में जल संरक्षण और सिंचाई प्रणाली में सुधार हेतु कई महत्वपूर्ण कार्यों की आधारशिला रखी गई। पाटन विधानसभा में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णाेद्धार एवं नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग व लाईनिंग हेतु 2.23 करोड़ रुपये के कार्य का भूमिपूजन हुआ। अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय जीर्णाेद्धार एवं नहर लाईनिंग हेतु 4.96 करोड़ रुपये, कपसदा जलाशय जीर्णाेद्धार एवं नहर लाईनिंग हेतु 4.57 करोड़ रुपये तथा नंदौरी जलाशय जीर्णाेद्धार एवं नहर लाईनिंग हेतु 4.77 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा जलाशय जीर्णाेद्धार हेतु 4.71 करोड़ रुपये, गनियारी जलाशय जीर्णाेद्धार हेतु 4.71 करोड़ रुपये एवं रिसाली उमरपोटी जलाशय के जीर्णाेद्धार तथा नहर लाईनिंग कार्य हेतु 4.97 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दुर्ग शहर विधानसभा अंतर्गत निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने हेतु कोटनी माईनर चौनल निर्माण के लिए 4.93 करोड़ रुपये तथा शिवनाथ मण्डल कार्यालय दुर्ग के जीर्णाेद्धार एवं नव निर्माण कार्य हेतु 4.96 करोड़ रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं एवं चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के तहत छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा दुर्ग शहर में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण हेतु 16.16 करोड़ रुपये तथा जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जी.एन.एम. प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण कार्य हेतु 11.96 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन संपन्न हुआ। ऊर्जा एवं विद्युत ट्रांसमिशन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 132/33 के.व्ही. उपकेंद्र जामगांव (आर) निर्माण हेतु 25.83 करोड़ रुपये, 132 के.व्ही.डी.सी.डी.एस. पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन हेतु 14.00 करोड़ रुपये तथा 220/132 के.व्ही. उपकेंद्र पाटन में 2 नग 132 के.व्ही. अतिरिक्त बे निर्माण कार्य हेतु 2.50 करोड़ रुपये के कार्यों की सौगात दी गई।

सेवा संकल्प अभियान- 'सेवा के रंग' कार्यक्रम के तहत निर्मित भव्य रंगोली का मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया अवलोकन

सेवा संकल्प अभियान- 'सेवा के रंग' कार्यक्रम के तहत निर्मित भव्य रंगोली का मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने किया अवलोकन

 -‘ऑपरेशन सिंदूर’, ‘विकसित भारत@2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं व राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर बनाई गई रंगोली

-मुख्यमंत्री ने रंगोली कलाकारों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना कर उनका उत्साह बढ़ाया

दुर्ग, 08 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘सेवा के रंग’ कार्यक्रम के तहत आज दुर्ग शहर में सेवा, राष्ट्रभाव और विकास के संदेशों को रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। इस अवसर पर रवि शंकर स्टेडियम के समीप स्थित बैडमिंटन कोर्ट में कुशल कलाकारों द्वारा आकर्षक एवं भव्य रंगोली का निर्माण किया गया।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज इस भव्य रंगोली का अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों से मुलाकात कर उनके द्वारा किए गए रचनात्मक प्रयासों की सराहना की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। निर्मित रंगोली में ‘ऑपरेशन सिंदूर’, ‘विकसित भारत@2047’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं राष्ट्रीय महत्व के विषयों को कलात्मक रूप से उकेरा गया है। रंगोली के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, सेवा भावना, विकास और जनकल्याण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि ‘सेवा के रंग’ जैसे रचनात्मक आयोजनों के माध्यम से सेवा, राष्ट्रभावना और विकास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया जा रहा है। कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से सामाजिक सरोकार और राष्ट्र के विकास की परिकल्पना को सुंदर स्वरूप प्रदान किया है।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने भी रंगोली का अवलोकन किया और कलाकारों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना की।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आदिम जाति विकास संबंधी राज्य स्तरीय कार्य समिति की बैठक सम्पन्न

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आदिम जाति विकास संबंधी राज्य स्तरीय कार्य समिति की बैठक सम्पन्न

 रायपुर, 8 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन, आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत भारत के संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत गठित राज्य स्तरीय कार्यसमिति की बैठक आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य के जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों का सूक्ष्म परीक्षण कर उन्हें अनुमोदित किया गया।

प्राथमिकता वाले प्रस्तावों को अंतिम रूप देते हुए, राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति के अनुमोदन हेतु परीक्षण पश्चात कुल 3,189 प्राथमिक कार्यों के लिए 246 करोड़ 54 लाख रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक की मुख्य विशेषताएँ और प्रमुख निर्णय

बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (च्टज्ळ) वाले कुपोषण प्रभावित क्षेत्रों में 185 कम्युनिटी-मैनेज्ड क्रेच (पालना-घर) की स्थापना और संचालन को हरी झंडी दी गई।

सांस्कृतिक धरोहर व शिक्षा

जनजातीय क्षेत्रों के पवित्र सामाजिक-सांस्कृतिक स्थलों के जीर्णाेद्धार एवं संरक्षण के पायलट प्रोजेक्ट के साथ-साथ प्राथमिक शालाओं (कक्षा 1 से 5) में 2 वर्षों के लिए बहुभाषी शिक्षण-अधिगम सामग्री के विकास हेतु भी मंजूरी प्रदान की गई। अन्य विकास कार्य बुनियादी ढांचा, शिक्षा, संस्कृति एवं धरोहर, नवीकरणीय ऊर्जा, पेयजल, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, ग्राम व समुदाय विकास सहायता, खेलकूद, पशुपालन, अनुसूचित क्षेत्रों के लोगों के लिए आय सृजन की योजनाएं, तथा सुदृढ़ीकरण एवं प्रशासनिक व्यय से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के उपरांत उन्हें अनुमोदित किया गया।

मुख्य सचिव ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि अनुमोदित प्रस्तावों का क्रियान्वयन पूरी गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ अंतिम छोर तक बसे जनजातीय अंचलों तक पहुंच सके।

इस उच्च स्तरीय बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के सचिव  भूवनेश यादव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद अब्दुल कैसर हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह सहित कृषि, वन, महिला एवं बाल विकास और संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 

 

 राज्य स्तरीय रोजगार मेले का उत्साहपूर्ण समापन, दो दिनों में 13 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता

 

5 हजार से अधिक युवाओं का अंतिम चयन, मुख्यमंत्री ने लगभग 1,100 चयनित युवाओं को सौंपे ऑफर लेटर

 

95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों सहित विभिन्न कंपनियों ने की सहभागिता

 

पिछले ढाई वर्षों में 925 रोजगार मेलों के माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

 

ई-रोजगार पोर्टल को ‘स्किल मार्केट’ के रूप में किया जाएगा विकसित, युवाओं और उद्योगों को मिलेगा एकीकृत डिजिटल मंच

 

रायपुर 8 अक्टूबर 2026/

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर कौशल प्रशिक्षण और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के बेटे-बेटियों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर अपने ही प्रदेश में मिलें, वे अपने कौशल और प्रतिभा के बल पर आत्मनिर्भर बनें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनें। मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला–2026 के समापन अवसर पर युवाओं को संबोधित कर रहे थे।

 

इस अवसर पर उन्होंने चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री के करकमलों से लगभग 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए गए।
7 एवं 8 अक्टूबर को आयोजित दो दिवसीय रोजगार मेले में प्रदेशभर से 13 हजार से अधिक युवाओं ने सहभागिता की। विभिन्न कंपनियों द्वारा आयोजित चयन प्रक्रियाओं के बाद 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। प्रदेश के सभी जिलों के साथ दूरस्थ एवं जनजातीय अंचलों से भी बड़ी संख्या में युवा मेले में पहुंचे और अपनी शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के लिए चयन प्रक्रिया में शामिल हुए।

 

मुख्यमंत्री  साय ने चयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि रोजगार का यह अवसर उनके जीवन में नई शुरुआत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर अपने परिवार के साथ प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

 

युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ रही सरकार

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है, जिनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। राज्य स्तरीय रोजगार मेले की सफलता इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को और गति देने वाली है।

 

उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा से कौशल और कौशल से रोजगार तक जोड़ने की दिशा में निरंतर काम कर रही है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा की सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी, एम्स और विधि विश्वविद्यालय जैसे राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘प्रयास’ जैसी संस्थाओं के माध्यम से भी अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और बेहतर भविष्य के लिए अधिक से अधिक अवसर छत्तीसगढ़ में ही उपलब्ध हों। इसके लिए शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

 

95 से अधिक नियोक्ता संस्थानों ने युवाओं को दिए रोजगार के अवसर

 

राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों के साथ अन्य कंपनियों ने भी सहभागिता की। आयोजन स्थल पर लगभग 50 स्टॉल स्थापित किए गए, जहां विभिन्न औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्रों की कंपनियों द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार और चयन किया गया।

 

मेले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। रोजगार विभाग के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षा विभाग, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों तथा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण की भी आयोजन में सक्रिय सहभागिता रही।

 

कौशल विकास कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रशिक्षित युवाओं ने भी बड़ी संख्या में रोजगार मेले में हिस्सा लिया। इस तरह रोजगार मेला केवल नियुक्तियों का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं, उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सीधे संवाद और समन्वय का प्रभावी मंच भी बना।

 

ई-रोजगार पोर्टल बनेगा ‘स्किल मार्केट’

 

रोजगार मेले में अभ्यर्थियों के पंजीयन, आवेदन, उपस्थिति और चयन संबंधी प्रक्रियाओं को ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया गया। इससे चयन प्रक्रिया को अधिक सरल, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में सहायता मिली।

 

राज्य सरकार द्वारा ई-रोजगार पोर्टल को आगे ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की योजना है। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उद्योगों की आवश्यकताओं और उपलब्ध रिक्त पदों के साथ रोजगार के इच्छुक युवाओं की शैक्षणिक योग्यता एवं कौशल की जानकारी उपलब्ध होगी। इससे एक ओर युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर खोजने में आसानी होगी, वहीं दूसरी ओर उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।

 

जिन्हें आज अवसर नहीं मिला, उनके लिए आगे भी खुलेंगे रोजगार के द्वार

 

मुख्यमंत्री  साय ने रोजगार मेले में शामिल उन युवाओं का भी उत्साहवर्धन किया, जिन्हें इस बार रोजगार का अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार आगे भी रोजगार मेलों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ समन्वय के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करती रहेगी।

 

मुख्यमंत्री ने रोजगार मेले के सफल आयोजन के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रदेश एवं अन्य राज्यों से आए औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रतिनिधियों को बधाई दी।

 

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उनके हुनर को रोजगार और आजीविका के वास्तविक अवसरों से जोड़ना है।

 

उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में प्रदेशभर से युवाओं की व्यापक भागीदारी उनके उत्साह और बेहतर भविष्य की आकांक्षा को दर्शाती है। उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

 

पॉलिटेक्निक संस्थानों की गुणवत्ता सुधार के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन

 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की उपस्थिति में प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तैयार थर्ड पार्टी मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन भी किया गया।

 

रिपोर्ट में पॉलिटेक्निक संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और गुणवत्ता सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है। रिपोर्ट के सुझावों के आधार पर संस्थानों के समग्र विकास तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

 

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर सेवा संकल्प अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्षों के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। रोजगार मेला भी युवाओं को सीधे अवसरों से जोड़ते हुए सेवा और जनकल्याण की इसी भावना को आगे बढ़ा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार मेले में आने से पहले वे दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करने के साथ विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिला, युवा, किसान, श्रमिक और गरीब सहित समाज के प्रत्येक वर्ग को सशक्त बनाकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री  टंकराम वर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, विधायक  सुनील सोनी, विधायक  रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधि, विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

CG Transfer: राज्य कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 10 संयुक्त आयुक्तों का तबादला, देखें लिस्ट

CG Transfer: राज्य कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 10 संयुक्त आयुक्तों का तबादला, देखें लिस्ट

 रायपुर। राज्य सरकार ने वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्य कर विभाग के संयुक्त आयुक्त स्तर के 10 अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिए गए हैं।

10 अधिकारियों को किया गया इधर से उधर

जारी आदेश के तहत राज्य कर विभाग के 10 संयुक्त आयुक्तों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। अधिकारियों के तबादले के बाद विभागीय स्तर पर जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। यह फेरबदल राज्य के अलग-अलग विभागों में जारी तबादला प्रक्रिया के बीच किया गया है।

देखें लिस्ट –

CG- यात्रीगण कृपया ध्यान दें! त्योहारी सीजन में छत्तीसगढ़ से होकर जाने वाली कई ट्रेनें रहेगी लेट, देखें पूरा शेड्यूल…..

CG- यात्रीगण कृपया ध्यान दें! त्योहारी सीजन में छत्तीसगढ़ से होकर जाने वाली कई ट्रेनें रहेगी लेट, देखें पूरा शेड्यूल…..

 रायपुर। त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है। इसी महीने नवरात्रि और दशहरा मनाया जाएगा, जबकि अगले महीने दिवाली का त्योहार है। ऐसे में ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी काम की खबर सामने आई है। मध्य रेलवे के मुंबई मंडल अंतर्गत कल्याण-इगतपुरी रेलखंड के कसारा यार्ड में तीसरी लाइन परियोजना और तकनीकी सुधारों के चलते ट्रैफिक व पावर ब्लॉक लिया गया है।

चलते कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है। रेलवे के मुताबिक, 16 अक्टूबर को चलने वाली हावड़ा-सीएसएमटी गीतांजलि एक्सप्रेस जलगांव, नंदुरबार, वसई रोड और ठाणे होकर मुंबई पहुंचेगी। इसके साथ ही हावड़ा-सीएसएमटी दुरंतो एक्सप्रेस, एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस, हावड़ा मेल और हटिया एक्सप्रेस गाड़ियां स्टेशनों से दो से सात घंटे की देरी से रवाना होंगी।

वहीं दशहरा और दिवाली को देखते हुए रेलवे यात्रियों को परेशानी ना हो इसके लिए रेलवे ने हटिया और लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच विशेष पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि यह स्पेशल ट्रेन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया में दोनों दिशाओं में रुकेगी।

देख लें शेड्यूल

यह ट्रेन हटिया से 12, 19 और 26 अक्टूबर को दोपहर 4.20 बजे रवाना होगी। अगले दिन रात 10.10 बजे एलटीटी पहुंचेगी। इसके साथ ही वापसी में ट्रेन एलटीटी से 13, 20 और 27 अक्टूबर को रात 11.50 बजे चलेगी।

यह पूजा स्पेशल ट्रेन दोनों फेरों में राउरकेला, झारसुगुड़ा, नागपुर, भुसावल, मनमाड, नासिक रोड, कल्याण और ठाणे सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे त्यौहार के बीच मध्य सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

सूरजपुर हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला: तीन को फांसी ,चौथे को उम्रकैद

सूरजपुर हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला: तीन को फांसी ,चौथे को उम्रकैद

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार लोगों को दोषी करार दिया है। दोषी करार दिए जाने के बाद मुख्य आरोपी कुलदीप साहू कोर्ट से बाहर निलकते समय मुस्कुरा रहा था। फास्ट ट्रैक कोर्ट इस मामले में सजा का ऐलान 8 अक्टूबर को करेगी। कोर्ट ने प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 11 वर्षीय बेटी की हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के मामले में मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया है।

क्या है मामला:
मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात का है। सूरजपुर कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक की पत्नी और 11 वर्षीय बेटी की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान मामले में दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई थी। आरोपियों ने मां-बेटी की हत्या के बाद दोनों के शव कार में रखे और कुछ दूरी पर स्थित खेत में निर्वस्त्र अवस्था में फेंक दिया था। वारदात के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

झारखंड भागते समय हुई थी गिरफ्तारी:
मुख्य आरोपी कुलदीप साहू को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार किया था जब वह वारदात को अंजाम देने के बाद झारखंड भागने की कोशिश कर रहा था। कुलदीप साहू बस में बैठकर झारखंड जा रहा था उसी समय पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। सूरजपुर में हेड कॉन्स्टेबल तालिब शेख के घर में घुसकर कुलदीप साहू ने उसकी पत्नी और बेटी को चाकू और तलवार से काटकर मार डाला था। दोनों की लाश घर से करीब 5 किमी दूर अर्धनग्न अवस्था में मिली थी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी सुनवाई:
डबल मर्डर केस की सुनवाई न्यायाधीश आनंद प्रकाश वारियाल के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट से निकलते हुए मुख्य आरोपी कुलदीप साहू हंसते हुए बाहर आया और उसने स्माइली शाइन के साथ पत्रकारों को वीडियो बनाने कहा।

BREAKING : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव अब 12 अक्टूबर को आएंगे रायपुर

BREAKING : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव अब 12 अक्टूबर को आएंगे रायपुर

 रायपुर। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के रायपुर दौरे के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। अब वे 12 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगे। इससे पहले उनके 9 अक्टूबर को रायपुर आने का कार्यक्रम निर्धारित था। दौरे के दौरान रेल मंत्री रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के 42वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे और जवानों की परेड व रिहर्सल का निरीक्षण करेंगे।

रेल मंत्री के दौरे को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन को लेकर प्रतिदिन परेड की रिहर्सल कराई जा रही है। रायपुर रेलवे स्टेशन से लेकर कार्यक्रम स्थल तक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने का काम जारी है। रेलवे अधिकारियों की टीम लगातार तैयारियों का जायजा ले रही है। रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर नए फुटओवर ब्रिज के लिए लिफ्ट लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। प्लेटफॉर्म की ओर क्रेन से काम किए जाने के कारण यात्रियों के आवागमन के लिए उपलब्ध जगह प्रभावित हुई है। ट्रेन के आने के समय भीड़ बढऩे पर यात्रियों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आयोजन स्थल के आसपास व्यवस्थाओं में बदलाव
रेल मंत्री के दौरे को लेकर खमतराई ब्रिज के दोनों ओर पर्दादारी की गई है। आसपास की गुमटियों और ठेलों को भी बंद कराया गया है।DRM कार्यालय से आयोजन स्थल तक साज-सज्जा और अन्य व्यवस्थाओं का काम चल रहा है। खमतराई ओवरब्रिज के दोनों ओर रंगीन पर्दे लगाने के लिए बांस-बल्लियां लगाई गई हैं। रेलवे इंस्टीट्यूट के बाजू से रेल मंत्री के मंच तक मैदान में सीसी रोड का काम पूरा हो चुका है। वहीं ग्राउंड के चारों ओर मुरम की सड़कें बनाने का काम भी जारी है। शहर में RPF बैंड की प्रस्तुतियां RPF स्थापना दिवस समारोह को यादगार बनाने के लिए बल की बैंड पार्टी शहर के अलग-अलग स्थानों पर प्रस्तुतियां दे रही है। मंगलवार को भाठागांव बस स्टैंड में क्रक्कस्न बैंड ने लोकप्रिय और देशभक्ति गीतों की धुनें प्रस्तुत कीं। बैंड की प्रस्तुति सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग रुके और जवानों का उत्साहवर्धन किया। रेलवे प्रशासन द्वारा 12 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा, यातायात और आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि

31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि

 31 दिसम्बर 2026 तक बढ़ी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि

राजनांदगांव क्षेत्र में 65 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को 19.46 करोड़ की राहत

रायपुर, 08 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत चार जिलों में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत पुराने बिजली बिलों के बकाये से जूझ रहे 65 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिला है। योजना के अंतर्गत अब तक मूल बकाया राशि एवं अधिभार (सरचार्ज) में कुल 19 करोड़ 46 लाख रुपये की छूट प्रदान की जा चुकी है। उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब इस योजना की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है।

चार जिलों में व्यापक क्रियान्वयन

राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा मोहला- मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में इस योजना का बड़े पैमाने पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके माध्यम से बीपीएल, घरेलू एवं कृषि श्रेणी के पात्र उपभोक्ताओं को पुराने बकाये के निपटारे पर निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छूट दी जा रही है। अब तक योजना के तहत 65,062 उपभोक्ता लाभान्वित हो चुके हैं।

लाभान्वित उपभोक्ताओं की कुल संख्या

उपभोक्ता अपने नजदीकी वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में पहुंचकर बकाया राशि का निपटारा कर सकते हैं। बकाया बिजली बिलों का निपटारा कर उपभोक्ता न केवल स्वयं को आर्थिक बोझ से मुक्त कर सकते हैं, बल्कि भविष्य में निर्बाध बिजली सेवा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। समय पर बिल का भुगतान और बकाया का निपटारा कर उपभोक्ता बिजली कंपनी के सुदृढ़ीकरण में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और अन्नदाताओं को संबल प्रदान करना है, ताकि वे बिना किसी पुराने बोझ के बिजली सेवाओं का लाभ उठा सकें। प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से 31,392 निष्क्रिय उपभोक्ता तथा 33,669 पात्र सक्रिय उपभोक्ता शामिल हैं। लाभान्वित उपभोक्ताओं द्वारा अब तक लगभग 5 करोड़ 89 लाख रुपये की बकाया राशि बिजली कंपनी में जमा कराई जा चुकी है, जिससे कंपनी के राजस्व संग्रहण को भी गति मिली है।

विभिन्न संभागों में सक्रिय भागीदारी

राजनांदगांव क्षेत्र के सात विद्युत संभागों में उपभोक्ताओं ने इस योजना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। कवर्धा संभाग के 24,415 उपभोक्ता, पंडरिया संभाग के 21,234 उपभोक्ता, राजनांदगांव संभाग के 6,023 उपभोक्ता, डोंगरगढ़ संभाग के 5,351 उपभोक्ता, खैरागढ़ संभाग के 3,670 उपभोक्ता, मोहला संभाग के 3,076 उपभोक्ता और डोंगरगांव संभाग के 1,293 उपभोक्ताआंे को लाभान्वित किया गया है।

66 वितरण केंद्रों और 3 जोनों में विशेष अभियान

राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री हर्ष कुमार मेश्राम ने बताया कि योजना का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए क्षेत्र के 66 वितरण केंद्रों और 03 जोनों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जाकर उपभोक्ताओं को पात्रता, छूट और बकाया निपटारे की प्रक्रिया के प्रति जागरूक कर रहे हैं।

31 दिसंबर 2026 तक उठाएं लाभ

मुख्य अभियंता श्री मेश्राम ने 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिल वाले पात्र बीपीएल, घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे विलंब न करें। उपभोक्ता 31 दिसंबर 2026 तक अपने निकटतम विद्युत वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। पुराने बकाये का यह समाधान न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ से मुक्त करता है, बल्कि उनकी विद्युत सेवाओं को भी सुचारू रखता है।

मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मातृशक्ति के सम्मान और स्वावलंबन का मजबूत आधार बनी महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त, 67.38 लाख से अधिक माताओं-बहनों के खातों में पहुंचे ₹632.40 करोड़

महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक माताओं-बहनों को ₹20,708 करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री  साय ने दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित किए ₹37.19 करोड़

मातृशक्ति के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर परिवार और प्रदेश को सशक्त बना रही हमारी सरकार: मुख्यमंत्री  साय

दुर्ग जिले को ₹218.48 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और ऊर्जा क्षेत्र को मिलेगी नई गति

23 विकास कार्यों का भूमिपूजन, आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण

रायपुर 8 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की लाखों माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन, आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत कर रही महतारी वंदन योजना ने आज एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक दी गई आर्थिक सहायता की राशि 20708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा और पोषण से लेकर परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों तक उसकी भागीदारी और मजबूत होती है। इसलिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार माताओं-बहनों के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास दे रही है।

मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नारीशक्ति को विकास की धुरी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल हुई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण है। प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि लाखों महिलाओं के लिए अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक आवश्यकताओं को पूरा करने का भरोसेमंद आर्थिक आधार बनी है। कोई बहन इस राशि का उपयोग बच्चों की पढ़ाई में कर रही है, कोई पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में, तो कोई अपनी छोटी-छोटी बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में इसका उपयोग कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन की राशि केवल बैंक खातों में पहुंचने वाली आर्थिक सहायता नहीं है। यह माताओं-बहनों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन को नई शक्ति देने वाली राशि है। हमारी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की माताएं-बहनें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हों, बल्कि परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी भी निरंतर बढ़े।

हर महीने सीधे माताओं-बहनों के खाते में पहुंच रहा आर्थिक संबल

प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। योजना की शुरुआत से सितंबर 2026 तक 31 किस्तों में महिलाओं को 20075 करोड़ 76 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी थी।

मुख्यमंत्री साय द्वारा आज जारी 32वीं किस्त में प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 40 लाख 4 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की गई। इस प्रकार योजना के अंतर्गत माताओं-बहनों को अब तक 20708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचने से उन्हें नियमित आर्थिक संबल मिल रहा है। यह व्यवस्था पारदर्शिता के साथ महिलाओं को अपने संसाधनों पर सीधा अधिकार भी प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्रतिबद्धता है। राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कौशल और आजीविका के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि एक महिला सशक्त होती है तो उसका परिवार सशक्त होता है और जब प्रदेश की लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं तो पूरा समाज और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

दुर्ग की 3.89 लाख से अधिक माताओं-बहनों को मिले ₹37.19 करोड़

महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त से दुर्ग जिले की 3 लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं को भी सीधा लाभ मिला। मुख्यमंत्री  साय ने जिले की इन माताओं-बहनों के बैंक खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये की राशि अंतरित की।

नियमित रूप से मिलने वाली यह आर्थिक सहायता महिलाओं को घरेलू आवश्यकताओं के साथ स्वयं की जरूरतों को पूरा करने की स्वतंत्रता दे रही है। इससे परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और निर्णय क्षमता भी मजबूत हो रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उनके सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करने में सरकार सहभागी बने। महिला सशक्तीकरण हमारे लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान, अवसर और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने का व्यापक संकल्प है।

मातृशक्ति के सशक्तीकरण के साथ दुर्ग के विकास को ₹218.48 करोड़ की नई गति

कार्यक्रम में एक ओर प्रदेश की लाखों माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक संबल मिला, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग जिले के समग्र विकास के लिए 218 करोड़ 48 लाख 29 हजार रुपये की लागत के विकास कार्यों की सौगात दी।

मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत से पूर्ण हुए आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 217 करोड़ 25 लाख 73 हजार रुपये की लागत के 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

ये कार्य सड़क संपर्क, सिंचाई, शिक्षा, कौशल विकास, चिकित्सा एवं नर्सिंग शिक्षा और विद्युत अधोसंरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनके पूर्ण होने से दुर्ग जिले में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।

बेहतर सड़कें बढ़ाएंगी कनेक्टिविटी, सुगम होगा आवागमन

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच राज्य मार्ग क्रमांक-22 के लगभग पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 30.20 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जाएगा।

अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया राज्य मार्ग क्रमांक-21 के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए 24.06 करोड़ रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक 3.60 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4.28 करोड़ रुपये के कार्यों की आधारशिला रखी गई।

पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 15.03 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भिलाई से तर्रा मुख्य जिला मार्ग के 15 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 8.33 करोड़ रुपये तथा पौहा से खपरी तक 2.20 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 3.97 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

अहिवारा एवं वैशाली नगर क्षेत्र में चंदूलाल चंद्राकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से जुनवानी-कोहका-कुरूद मुख्य मार्ग के 2.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण के लिए 7.06 करोड़ रुपये के कार्य का भी भूमिपूजन किया गया।

इन कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा, आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के केंद्रों तक लोगों की पहुंच आसान होगी।

युवाओं के कौशल और भविष्य में निवेश

मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र में सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से वित्तपोषित आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया। इस कार्य पर 1 करोड़ 22 लाख 56 हजार रुपये की लागत आई है। उन्नत अधोसंरचना से युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कौशल अर्जित करने की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में भी 8.86 करोड़ रुपये की लागत से ऑफिस ब्लॉक के नवीनीकरण, सीसी रोड निर्माण, दिव्यांगजनों के लिए प्रसाधन तथा सिविल विंग के विस्तार सहित विभिन्न अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे।

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में 4.11 करोड़ रुपये की लागत से लाइवलीहुड कॉलेज भवन का निर्माण किया जाएगा। इससे जिले के युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी तथा उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने में सहायता मिलेगी।

सिंचाई व्यवस्था होगी मजबूत, किसानों को मिलेगा लाभ

जल संसाधन विभाग के अंतर्गत सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, जल संरक्षण और जलाशयों की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए अनेक कार्यों की आधारशिला रखी गई।

पाटन विधानसभा क्षेत्र में सुरपा व्यपवर्तन योजना के जीर्णोद्धार तथा नहर प्रणाली की रीमॉडलिंग एवं लाइनिंग के लिए 2.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

अहिवारा क्षेत्र में मोहंदी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग के लिए 4.96 करोड़ रुपये, कपसदा जलाशय के लिए 4.57 करोड़ रुपये तथा नंदौरी जलाशय के लिए 4.77 करोड़ रुपये के कार्य किए जाएंगे।

दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में तिरगा और गनियारी जलाशयों के जीर्णोद्धार पर प्रत्येक के लिए 4.71 करोड़ रुपये तथा रिसाली-उमरपोटी जलाशय के जीर्णोद्धार एवं नहर लाइनिंग पर 4.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

दुर्ग नगर निगम क्षेत्र के तालाबों में निस्तारी जल भरने के लिए कोटनी माइनर चैनल का निर्माण 4.93 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। शिवनाथ मंडल कार्यालय दुर्ग के जीर्णोद्धार एवं नवीन निर्माण के लिए भी 4.96 करोड़ रुपये के कार्य की आधारशिला रखी गई।

इन कार्यों के पूरा होने से जल प्रबंधन बेहतर होगा, सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और किसानों को खेती के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

चिकित्सा और नर्सिंग शिक्षा की सुविधाओं का होगा विस्तार

दुर्ग शहर में चिकित्सा शिक्षा की अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री  साय ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए 16.16 करोड़ रुपये की लागत से छात्रावास निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

जिला चिकित्सालय दुर्ग स्थित शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण के लिए 11.96 करोड़ रुपये के कार्य की भी आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं से चिकित्सा एवं नर्सिंग विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में सहायता मिलेगी।

पाटन क्षेत्र में और मजबूत होगी विद्युत अधोसंरचना

पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए तीन महत्वपूर्ण कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

इनमें 25.83 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी उपकेंद्र जामगांव (आर) का निर्माण तथा 14 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी पाटन-जामगांव (आर) अति उच्च दाब ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण शामिल है।

इसके अतिरिक्त 220/132 केवी उपकेंद्र पाटन में 2.50 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त 132 केवी बे का निर्माण किया जाएगा। इन कार्यों के पूरा होने से क्षेत्र की ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

मातृशक्ति के सामर्थ्य से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का विकास मॉडल जनकल्याण और मजबूत अधोसंरचना के समन्वय पर आधारित है। एक ओर माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ पूरी शक्ति से योगदान दे रहा है। विकसित छत्तीसगढ़ की यात्रा में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक है। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाकर, किसानों को मजबूत करके और आधुनिक अधोसंरचना विकसित करके राज्य सरकार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की माताओं-बहनों के चेहरे पर खुशी, उनके जीवन में आत्मविश्वास और उनके हाथों में आर्थिक सामर्थ्य हमारी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। सशक्त मातृशक्ति ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव है।

छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, जाने कहां कैसा रहेगा मौसम…..

छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट, जाने कहां कैसा रहेगा मौसम…..

 रायपुर। मानसून की विदाई की तैयारी के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बीते 24 घंटे में कई जगह बदला मौसम

पिछले 24 घंटे के दौरान उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदला। कई इलाकों में आसमान में घने बादल छाए और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई।तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में दिन का तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। वहीं पेंड्रारोड में रात का तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बिलासपुर में भी कुछ इलाकों में बारिश देखने को मिली।

आज और कल कहां हो सकती है बारिश

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 8 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। 9 अक्टूबर को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं। हालांकि इस दिन किसी बड़े मौसम अलर्ट की संभावना नहीं जताई गई है।इसके बाद 10 से 13 अक्टूबर के बीच प्रदेश में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

बिजली गिरने के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

गरज चमक के दौरान खुले मैदान, खेत या ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचना चाहिए। पेड़ के नीचे शरण लेना भी जोखिम भरा हो सकता है। मौसम खराब होने पर संभव हो तो सुरक्षित और पक्की जगह पर रहें।

मौसम में अचानक बदलाव की क्या है वजह

मौसम में आए बदलाव के पीछे दक्षिण पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बताया जा रहा है। इसके अलावा कुछ द्रोणिकाएं भी प्रदेश से होकर गुजर रही हैं।इन मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से वातावरण में नमी बढ़ रही है। इसी वजह से कई हिस्सों में बादल बनने, बारिश और गरज चमक की स्थिति बन रही है।

रायपुर में कैसा रहेगा आज मौसम

राजधानी रायपुर में आज आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ समय के लिए तेज हवाओं के साथ गरज चमक और हल्की बारिश भी हो सकती है।रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 से 5 दिनों में दिन के तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। ऐसे में बारिश के बावजूद उमस से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है।

10 अक्टूबर के बाद साफ हो सकता है मौसम

प्रदेश में 9 अक्टूबर तक कहीं कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 10 से 13 अक्टूबर के बीच मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। यानी अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां धीरे धीरे कम होने के बाद मौसम एक बार फिर साफ होने की ओर बढ़ सकता है।

BREAKING : केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दो टैंकर और 50 से ज्यादा ड्रम खाक, आस पास के इलाकों में मची अफरा-तफरी

BREAKING : केमिकल फैक्ट्री में लगी भीषण आग, दो टैंकर और 50 से ज्यादा ड्रम खाक, आस पास के इलाकों में मची अफरा-तफरी

 भिलाई। हथखोज औद्योगिक क्षेत्र स्थित श्री श्याम केमिकल्स में गुरुवार को 11 से 12 बजे दोपहर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग देखते ही देखते तेज हो गई, जिसके बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। केमिकल से भरे 50 से ज्यादा ड्रम और दो टैंकर आग की चपेट में आ गए, जिससे आग बुझाने में दिक्कत हो रही है। 3 घंटे से आग पर काबू करने की कोशिश जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। आग की लपटें और आग से उठने वाला काला धुआं पूरे आसमान में फैल गया है, जिससे आसपास का आसमान काला नजर आ रहा है। धुआं दूर से ही दिखाई देने के कारण आसपास के लोगों में भी चिंता बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए दमकल की 5 से 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए लगातार पानी की बौछार की जा रही है।

दमकल कर्मी आग को नियंत्रित करने के साथ ही उसे आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र में केमिकल से संबंधित सामग्री होने के कारण आग बुझाने के दौरान विशेष सावधानी बरती जा रही है। फिलहाल आग से हुए नुकसान और किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ मजदूरों के घायल होने की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का आकलन और आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। घटना की सूचना के बाद पुलिस और संबंधित विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा

 कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश

अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – अरुण साव

त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश

रायपुर. 8 अक्टूबर 2026. उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर  अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं।

योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें।

निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा

उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’

उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा।

 साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो।

पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश

साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’

उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा।

उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त श्री विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।

तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा, किसी तरह का भ्रम न रखें : मुख्यमंत्री साय

तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा, किसी तरह का भ्रम न रखें : मुख्यमंत्री साय

 00 प्रदेश के 38 स्थानों पर विकसित होंगे सेवा ज्योति संकल्प चौक, तेलीबांधा चौक भी इनमें शामिल
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उत्पन्न भ्रम को स्पष्ट करते हुए कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। न तो चौक के नाम में कोई परिवर्तन किया जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है।मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में 38 स्थानों पर सेवा ज्योति संकल्प चौक के तहत विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा, इसे केवल सेवा ज्योति संकल्प की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे सेवा संकल्प अभियान के रूप में मनाया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर की नई रेल लाइन की पटरी चोरी, किराए के मकान से 6.5 टन रेलवे ट्रैक बरामद

छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर की नई रेल लाइन की पटरी चोरी, किराए के मकान से 6.5 टन रेलवे ट्रैक बरामद

 कटघोरा। छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के तहत बिछाई जा रही नई रेल लाइन की पटरी पर कबाड़ चोर गिरोह की नजर है। कोरबा के बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र के बाद अब जटगा चौकी इलाके में भारी मात्रा में रेलवे ट्रैक की कटी हुई पटरी एक किराए के मकान से बरामद हुई है। पुलिस ने मौके से करीब 6.5 टन वजनी 36 नग रेलवे पटरी बरामद की है। इसके अलावा ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस कटर, घरेलू गैस सिलेंडर और स्वराज माजदा वाहन भी जब्त किया गया है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के तहत जटगा क्षेत्र में भी नई रेल लाइन का काम चल रहा है, जहां अलग-अलग कंपनियों को काम दिया गया है।

किराए के मकान से बरामद हुआ रेलवे का माल

मामला जटगा चौकी क्षेत्र के बरबसपुर गांव का है। यहां आखिर लाल के पक्के मकान को राजू कुमार नामक युवक ने किराए पर लिया था। बताया जा रहा है कि राजू कुमार छत्तीसगढ़ रेल कॉरिडोर के तहत चल रहे नई रेल लाइन के काम में लगी एक निजी कंपनी में काम करता था।

पुलिस ने किराए के मकान में दबिश देकर बड़ी मात्रा में कटी हुई रेलवे पटरी बरामद की। मौके से करीब 6.5 टन रेलवे पटरी के अलावा 4 ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस कटर, घरेलू सिलेंडर और अन्य अवजार के साथ स्वराज माजदा वाहन जब्त किया गया है।

पुलिस की दबिश की भनक लगते ही आरोपी फरार

बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई की सूचना मिलते ही राजू कुमार मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही रेलवे पटरी चोरी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी सामने आ सकेगी।

रेल विभाग के अधिकारियों को दी गई सूचना

जटगा चौकी प्रभारी भीम यादव ने बताया कि मौके से रेलवे का माल बरामद किया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। रेलवे के संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। इसके साथ ही नई रेल लाइन का काम कर रही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया है, ताकि बरामद सामान के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके।

सीमावर्ती क्षेत्र में चोरी का माल खपाने की आशंका

जिस तरह से इतनी बड़ी मात्रा में रेलवे की पटरी बरामद हुई है, उससे पुलिस को आशंका है कि जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में चोरी के माल को खपाने का काम किया जा रहा हो सकता है। इस बड़े चोरी का खुलासा आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

आरोपी की तलाह में जुटी पुलिस

मामले में कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह राजपूत ने बताया कि जटगा चौकी के ग्राम बरबसपुर में पुलिस ने दबिश देकर एक किराए के मकान से करीब 6.5 टन (6,480 किग्रा) वजनी 36 नग रेलवे पटरी बरामद की है। मौके से 4 ऑक्सीजन सिलेंडर, गैस कटर, घरेलू सिलेंडर और स्वराज माजदा वाहन भी जब्त किया गया है। आरोपी शीट तोड़कर फरार हो गए हैं, जिनकी तलाश जारी है।

Mahtari Vandan Yojana :महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त आज होगी जारी, 67 लाख से ज्यादा महिलाओं के खाते में आएंगे 632 करोड़ रुपये

Mahtari Vandan Yojana :महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त आज होगी जारी, 67 लाख से ज्यादा महिलाओं के खाते में आएंगे 632 करोड़ रुपये

 रायपुर- महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त आज जारी होगी। छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाओं के खातों में आज योजना की राशि ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम से डीबीटी के जरिए 67 लाख 38 हजार 217 महिलाओं के खातों में 632 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि का भुगतान करेंगे। इस किस्त के जारी होने के बाद महतारी वंदन योजना के तहत अब तक किया गया कुल भुगतान 20 हजार 708 करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं, ई-केवाईसी पूरा करा चुके पात्र हितग्राहियों को ही 32वीं किस्त का लाभ मिलेगा।

CG- डोंगरगढ़ जाने वाले भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी! नवरात्रि में रेलवे ने चलाईं 10 स्पेशल ट्रेनें, यहां देखें पूरा शेड्यूल…

CG- डोंगरगढ़ जाने वाले भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी! नवरात्रि में रेलवे ने चलाईं 10 स्पेशल ट्रेनें, यहां देखें पूरा शेड्यूल…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थस्थल डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी मंदिर में 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक शारदीय नवरात्रि मेले का आयोजन होगा। मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचेगी। इस कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। रेलवे ने कई ट्रेनों का अस्थायी ठहराव और कुछ सेवाओं का विस्तार किया है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने कुछ मेमू पैसेंजर ट्रेनों के मार्ग का विस्तार किया है। गोंदिया-दुर्ग-गोंदिया मेमू पैसेंजर को रायपुर तक विस्तारित किया गया है। वहीं रायपुर-डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर का विस्तार गोंदिया तक किया गया है। इससे महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

डोंगरगढ़-दुर्ग के बीच चलेगी मेमू स्पेशल

मेला अवधि में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए डोंगरगढ़ और दुर्ग के बीच मेमू पैसेंजर स्पेशल ट्रेन भी चलाई जाएगी। डोंगरगढ़-दुर्ग-डोंगरगढ़ मेमू स्पेशल श्रद्धालुओं को अतिरिक्त यात्रा विकल्प उपलब्ध कराएगी। इससे डोंगरगढ़ आने और दर्शन के बाद वापस लौटने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

10 एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ में अस्थायी ठहराव

नवरात्रि मेले के दौरान लंबी दूरी से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 10 प्रमुख दूरगामी एक्सप्रेस ट्रेनों को डोंगरगढ़ स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया है। यह व्यवस्था 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। इनमें बिलासपुर-भगत की कोठी, बिलासपुर-बीकानेर, बिलासपुर-चेन्नई, बिलासपुर-पुणे और सिकंदराबाद-रायपुर एक्सप्रेस शामिल हैं।

लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा

नवरात्रि मेले के दौरान डोंगरगढ़ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। रेलवे की ओर से अतिरिक्त सेवाएं और अस्थायी ठहराव दिए जाने से यात्रियों के लिए आने-जाने के विकल्प बढ़ेंगे। साथ ही स्टेशनों पर भीड़ को व्यवस्थित करने और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में भी इन व्यवस्थाओं से मदद मिलने की उम्मीद है।

इन एक्सप्रेस ट्रेनों का रहेगा अस्थायी ठहराव
– बिलासपुर-भगत की कोठी : रात 9.56 बजे पहुंचकर 9.58 बजे रवाना होगी।
– भगत की कोठी-बिलासपुर : सुबह 5.40 बजे पहुंचकर 5.42 बजे रवाना होगी।
– बिलासपुर-बीकानेर : रात 9.56 बजे पहुंचकर 9.58 बजे रवाना होगी।
– बीकानेर-बिलासपुर : सुबह 5.40 बजे पहुंचकर 5.42 बजे रवाना होगी।
– बिलासपुर-चेन्नई : दोपहर 12.16 बजे पहुंचकर 12.18 बजे रवाना होगी।
– चेन्नई-बिलासपुर : सुबह 10.18 बजे पहुंचकर 10.20 बजे रवाना होगी।
– बिलासपुर-पुणे : दोपहर 2.36 बजे पहुंचकर 2.38 बजे रवाना होगी।
– पुणे-बिलासपुर : सुबह 11.58 बजे पहुंचकर दोपहर 12.00 बजे रवाना होगी।
– सिकंदराबाद-रायपुर : सुबह 10.46 बजे पहुंचकर 10.48 बजे रवाना होगी।
– रायपुर-सिकंदराबाद : शाम 6.30 बजे पहुंचकर 6.32 बजे रवाना होगी।

Cabinet Meeting: 11 अक्टूबर को साय कैबिनेट की अहम बैठक, जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर हो सकता है फैसला

Cabinet Meeting: 11 अक्टूबर को साय कैबिनेट की अहम बैठक, जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर हो सकता है फैसला

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक रविवार, 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, सिविल लाईन, रायपुर में होगी।

राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट

राज्य सरकार की सख्त कार्रवाई, ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट

 00 शासकीय हेलीकॉप्टर का बीमा दावा चार साल से अधिक समय तक लंबित रखने के मामले में विमानन संचालनालय ने की कार्रवाई

00 राज्य सरकार ने कहा—सार्वजनिक संपत्ति और जनता के पैसे से जुड़े दावों में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय हेलीकॉप्टर के बीमा दावे के निराकरण में चार साल से अधिक समय तक हुई देरी के मामले में कड़ा कदम उठाते हुए द ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। विमानन संचालनालय ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए कंपनी के विरुद्ध यह कार्रवाई की है।
मामला मई 2022 में रायपुर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हुए राज्य शासन के हेलीकॉप्टर से संबंधित है। राज्य शासन द्वारा हेलीकॉप्टर का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया गया था और निर्धारित बीमा प्रीमियम का पूर्ण भुगतान किया गया था। दुर्घटना के बाद राज्य शासन की ओर से बीमा दावा प्रस्तुत किया गया, लेकिन कंपनी द्वारा इस दावे को चार वर्ष से अधिक समय तक लंबित रखा गया और अंतत: अगस्त 2026 में इसे अस्वीकार कर दिया गया। विमानन संचालनालय ने पूरे प्रकरण के परीक्षण में पाया कि सार्वजनिक संपत्ति से जुड़े बीमा दावे के निराकरण में अत्यधिक विलंब हुआ और राज्य शासन के प्रकरण के निपटारे में कंपनी का रवैया असंगत रहा। शासन ने इसे सार्वजनिक धन और शासकीय हित से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए कार्रवाई की है।

अधिकारियों के अनुसार शासकीय हेलीकॉप्टर सार्वजनिक संपत्ति है, जिसकी खरीदी और बीमा में जनता का पैसा लगा है। ऐसी स्थिति में बीमा दावे को वर्षों तक लंबित रखने का आर्थिक प्रभाव अंतत: सार्वजनिक संसाधनों पर पड़ता है। शासन का स्पष्ट मत है कि सरकार के साथ कार्य करने वाली प्रत्येक सेवा प्रदाता संस्था को अपनी संविदात्मक जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं का समयबद्ध रूप से पालन करना होगा।
कार्रवाई से पहले कंपनी को दिया गया पूरा अवसर
राज्य शासन ने इस मामले में प्राकृतिक न्याय और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया। ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कंपनी ने अपना लिखित जवाब प्रस्तुत किया और उसे व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया गया। कंपनी का पक्ष सुनने और उपलब्ध तथ्यों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद विमानन संचालनालय ने कारणों सहित आदेश पारित करते हुए कंपनी को तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने कहा कि शासन के साथ काम करने वाले प्रत्येक सेवा प्रदाता के लिए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन आवश्यक है। सार्वजनिक दावों के निपटारे में अनावश्यक विलंब को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया मानकर नहीं छोड़ा जा सकता, क्योंकि इससे न केवल शासन के वित्तीय हित प्रभावित होते हैं, बल्कि सेवा व्यवस्था के प्रति विश्वास भी कमजोर होता है।
बीमा राशि की वसूली के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रखेगा राज्य

कंपनी को ब्लैकलिस्ट किए जाने के साथ ही बीमा दावे का मामला समाप्त नहीं हुआ है। राज्य शासन अपने दावे की राशि प्राप्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई आगे भी जारी रखेगा। अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक धन की सुरक्षा शासन की जिम्मेदारी है और राज्य को देय राशि की वसूली के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। राज्य शासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक संपत्ति, शासकीय धन और राज्य के वित्तीय हितों से जुड़े मामलों में जवाबदेही सर्वोपरि है। शासन के साथ कार्य करने वाली संस्थाओं से समयबद्ध, पारदर्शी और उत्तरदायी सेवा की अपेक्षा की जाती है तथा सार्वजनिक हित प्रभावित होने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अंतिम व्यक्ति का उत्थान और सर्वसमावेशी विकास ही हमारी प्रतिबद्धता: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

अंतिम व्यक्ति का उत्थान और सर्वसमावेशी विकास ही हमारी प्रतिबद्धता: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

 अंतिम व्यक्ति का उत्थान और सर्वसमावेशी विकास ही हमारी प्रतिबद्धता: राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

सुशासन और सर्वव्यापी विकास का नया दौर

योजनाओं का मिला लाभ, तो संवर गया जीवन

 मोहला-मानपुर में मंत्री टंक राम वर्मा ने जाना योजनाओं का जमीनी असर

​रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों तक पहुँचकर आम जनता के जीवन में अभूतपूर्व सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की इसी कड़ी में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री टंक राम वर्मा ने आज सुबह जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुँचकर जमीनी स्तर पर शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और हितग्राहियों से सीधा संवाद कर उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।

       ​मंत्री वर्मा ने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत माड़िंग पिड़िंग भूर्सा जनपद पंचायत मोहला में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के लाभार्थी इन्द्र कुमार पिता मदन लाल के निर्माणाधीन घर का अवलोकन किया, वर्ष 2025-26 के तहत स्वीकृत इस पक्के आवास हेतु 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि प्रदान की जा रही है, साथ ही परिवार को 90 दिनों का मनरेगा रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  

​बहुआयामी विकास का केंद्र बनीं सरकारी योजनाएं

       लाभार्थी परिवार की श्रीमती हेमेश्वरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की विकासपरक नीतियों के प्रति गहरा आभार जताया। उन्होंने बताया कि सरकार की एकीकृत कल्याणकारी सोच से उनके परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
     ​श्रीमती हेमेश्वरी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना से हमें न केवल सुरक्षित और पक्का घर मिला है, बल्कि इसके साथ उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन मिलने से धुएँ से मुक्ति मिली है। जल जीवन मिशन (नल-जल योजना) के माध्यम से अब हमारे घर के भीतर ही स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'महतारी वंदन योजना' से हर महीने मिलने वाली वित्तीय सहायता महिलाओं के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का बड़ा आधार बन चुकी है। इस राशि का उपयोग हम घर की आवश्यक दैनिक जरूरतों और बच्चों की देखभाल में सहूलियत के साथ कर पा रहे हैं।

          ​हितग्राहियों के सुखद अनुभवों को सुनकर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के मूलमंत्र पर कार्य कर रही है।
​        हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुँचाना है। जब एक ग्रामीण परिवार को अपना पक्का मकान मिलता है, बहन-बेटियों को रसोई गैस और घर पर ही शुद्ध जल की सुविधा मिलती है, तथा महतारी वंदन योजना के माध्यम से मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण होता है, तब सही मायनों में रामराज्य और सुशासन की संकल्पना साकार होती है। राज्य सरकार हर पात्र नागरिक को उसका हक और सम्मान दिलाने के लिए पूर्ण पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ निरंतर प्रयासरत है।
        ​इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारी तथा ग्रामीणों की मौजूदगी रही।

कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार

कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार

 कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर पशुओं को देख उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को लगाई फटकार

देर रात हाइवे पेट्रोलिंग वाहन बुलाकर मौके पर ही ली रेस्क्यू और नियमित निरीक्षण की जानकारी

सड़क पर गौवंश की सुरक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित पेट्रोलिंग के सख्त निर्देश

रायपुर, कवर्धा-बेमेतरा मार्ग पर सड़क के बीच पशुओं को बैठे देखकर  उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने गंभीर नाराजगी जताई। कवर्धा जाते समय सड़क पर पशुओं को देखकर उन्होंने बेमेतरा टोल प्लाजा के पास मंगलवार को देर रात अपना वाहन रुकवाया और तत्काल विभागीय अधिकारियों से मोबाइल पर बात कर हाइवे पेट्रोलिंग व्यवस्था की जानकारी ली।

      उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप पेट्रोलिंग वाहन द्वारा किए जा रहे नियमित निरीक्षण के संबंध में पूछा। अधिकारियों ने बताया कि हाइवे पेट्रोलिंग वाहन द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस पर शर्मा ने पेट्रोलिंग वाहन को मौके पर बुलवाया और अब तक किए गए पशु रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही प्रतिदिन किए जा रहे निरीक्षण एवं अन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कवर्धा से बेमेतरा तक पड़ने वाले ग्रामों के स्थानीय लोगों के माध्यम से पेट्रोलिंग वाहन की गतिविधियों की नियमित जानकारी ली जाए।

      सड़क पर पशुओं की मौजूदगी को लेकर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि हाइवे पर नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए और सड़क पर बैठे अथवा विचरण कर रहे पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई तत्परता से की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

     शर्मा ने कहा कि सड़क पर पशुओं के रहने से न केवल गौवंश की जान को खतरा रहता है, बल्कि वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेषकर रात्रि के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए पेट्रोलिंग दल लगातार मार्ग का निरीक्षण करे और पशुओं के दिखाई देते ही उन्हें सुरक्षित तरीके से सड़क से हटाया जाए।

     उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और गौवंश की रक्षा के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पेट्रोलिंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने और इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

ब्रेकिंग : 3 रोजगार सहायक बर्खास्त, इस वजह से हुई सेवा समाप्त, जाने पूरा मामला...!!

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 रायपुर। विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम पंचायत स्तर पर सौंपे गए दायित्वों में लापरवाही बरतना तीन ग्राम रोजगार सहायकों को भारी पड़ गया। जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 3 ग्राम रोजगार सहायकों की सेवा समाप्त कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत बलौदाबाजार के ग्राम पंचायत देवरी के ग्राम रोजगार सहायक रामकुमार यादव, जनपद पंचायत कसडोल के ग्राम पंचायत सोनाखान के ग्राम रोजगार सहायक अर्जुन सिंह ठाकुर और जनपद पंचायत पलारी के ग्राम पंचायत बिजरडीह के ग्राम रोजगार सहायक महेंद्र कोसले को दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर सेवा से बर्खास्त किया गया है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वीबी-जी राम जी के तहत रोजगार सृजन, श्रमिक नियोजन, स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन, अभिलेखों का संधारण और शासन के निर्देशों का पालन ग्राम स्तर पर पदस्थ संबंधित अमले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशासन ने कहा है कि इन जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही, अनियमितता अथवा शासकीय निर्देशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। तीन रोजगार सहायकों की सेवा समाप्ति को इसी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।

CG- कंट्रोल रूम में डॉयल 112 के आरक्षक ने की आत्महत्या, इस हाल में मिली लाश, मचा हड़कंप…

CG- कंट्रोल रूम में डॉयल 112 के आरक्षक ने की आत्महत्या, इस हाल में मिली लाश, मचा हड़कंप…

 धमतरी। जिले में डॉयल 112 के एक आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया। रुद्री थाना क्षेत्र के कंट्रोल रूम में आरक्षक ओमप्रकाश सोनवानी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। वह डॉयल 112 में आरक्षक के पद पर तैनात था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल आरक्षक ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण सामने नहीं आया है।

जानकारी के मुताबिक, कुरूद का निवासी ओमप्रकाश सोनवानी की ड्यूटी बीती रात डायल 112 के कंट्रोल रूम में तैनात था। नाइट ड्यूटी के दौरान उसने कंट्रोल रूम में ही फांसी लगा ली। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।

फिलहाल आरक्षक के आत्महत्या करने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले आरक्षक की किसी से बातचीत हुई थी या नहीं और क्या किसी तरह का तनाव या अन्य वजह सामने आई थी।

पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटा रही है। साथ ही मृतक के परिजनों और सहकर्मियों से भी जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद ही आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

मामले की जांच जारी

फिलहाल पुलिस की ओर से आत्महत्या के कारण को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। मृत आरक्षक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक हुए इधर से उधर, देखें आदेश…!!

Police Transfer: पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक हुए इधर से उधर, देखें आदेश…!!

 रायपुर। ग्रामीण जिला पुलिस में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने 27 पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक 5 सहायक उप निरीक्षक (ASI), 11 प्रधान आरक्षक/हवलदार और 11 आरक्षकों को नई पदस्थापना दी गई है। तबादला सूची में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

देखें लिस्ट…..

सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

सेवा सेतु शिविर के तहत पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कैम्प 9 अक्टूबर से

रायपुर- शासन के निर्देशानुसार वर्तमान में संचालित सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत विद्युत कम्पनी द्वारा मुख्य गतिविधि सेवा सेतु शिविर का विकासखंडवार आयोजन 9 से 15 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर पात्र उपभोक्ताओं को ऑन द स्पॉट पंजीयन कर वित्तीय व तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। इस क्रम में पन्ना विकासखंड अंतर्गत वितरण केन्द्र पन्ना शहर कार्यालय में 9 अक्टूबर को शिविर लगेगा, जबकि वितरण केन्द्र कार्यालय गुनौर में 12 अक्टूबर, पवई में 13 अक्टूबर, अजयगढ़ में 14 अक्टूबर और शाहनगर में 15 अक्टूबर को शिविर लगाया जाएगा। विद्युत कम्पनी के कार्यपालन अभियंता द्वारा उपभोक्ताओं से अधिकाधिक संख्या में शिविर में शामिल होकर पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाने की अपील की गई है। इन शिविरों में उपभोक्ताओं को रूफ टॉप सोलर लगाने पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया व बैंक से मिलने वाली आसान ऋण सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।