कांकेर। जिला मुख्यालय कांकेर के संजय नगर निवासी अमित सिंदूर की 6 वर्षीय पुत्री रिया सिंदूर, जो जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ थी, जिसका चिरायु योजना के तहत सफल इलाज किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार निजी अस्पताल में महंगे उपचार का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं था, लेकिन सरकारी योजना की मदद से बच्ची को नया जीवन मिला।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि, चिरायु टीम के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान रिया की परीक्षण कर उसकी बीमारी संज्ञान में ली गई। इसके बाद उसे जांच के लिए एम्स रायपुर भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कॉक्लियर इम्प्लांट की सलाह दी। निजी अस्पताल में इस उपचार पर लगभग 10 से 12 लाख रुपये का खर्च आता, लेकिन चिरायु योजना के अंतर्गत 06 जुलाई 2026 को एम्स रायपुर में उसका ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किया गया। ऑपरेशन के बाद रिया के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
वह अब सुनने और बोलने लगी है एवं एम्स रायपुर में थैरेपी किया जा रहा है। रिया के माता-पिता ने इस सफल उपचार के लिए छत्तीसगढ़ शासन, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है। इस उपचार को सफल बनाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक रोहित वर्मा, जिला नोडल अधिकारी डॉ. सुनील सोनी, जिला सलाहकार डॉ. विनोद वैध, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशांक गुप्ता सहित चिरायु टीम के डॉ. ताराचंद साहू, डॉ. वंदना मंडावी, फार्मासिस्ट भारती मंडावी, एएनएम सुनीता सिन्हा और लैब टेक्नीशियन बिंदेश्वरी सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कवर्धा। क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर क्षेत्र की प्रमुख सड़क परियोजनाओं को लेकर चर्चा की। सांसद ने केंद्रीय मंत्री को पत्र सौंपते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 के अंतर्गत धवईपानी (छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक फोरलेन सड़क निर्माण, कवर्धा से खैरागढ़ तक सड़क चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण तथा कवर्धा शहर में नए बायपास सड़क निर्माण की स्वीकृति प्रदान करने की मांग रखी।
सांसद संतोष पांडेय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि धवईपानी से कवर्धा होते हुए सिमगा तक राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 का मार्ग छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इसकी कुल लंबाई करीब 125 किलोमीटर है और इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। व्यापारिक गतिविधियों और यातायात के बढ़ते दबाव के कारण इस मार्ग पर अब फोरलेन सड़क निर्माण की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में चिल्फी घाटी क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बनती रहती है। विशेषकर भारी वाहनों के आवागमन के कारण कई बार घंटों तक यातायात प्रभावित होता है, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। फोरलेन सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। सांसद ने केंद्रीय मंत्री के सामने कवर्धा से खैरागढ़ तक सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का मुद्दा भी रखा। उन्होंने बताया कि यह सड़क कबीरधाम जिले को खैरागढ़ होते हुए राजनांदगांव जिले से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। वर्तमान में सड़क की स्थिति खराब होने के कारण वाहन चालकों और आम नागरिकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़क की चौड़ाई कम होने से दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है।
उन्होंने इस मार्ग के निर्माण के लिए सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) से राशि स्वीकृत करने का आग्रह किया। इसके अलावा कवर्धा शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 के अंतर्गत नए बायपास सड़क निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि कवर्धा क्षेत्र में बेहतर सड़क नेटवर्क विकसित होने से उद्योग, व्यापार, पर्यटन और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की इन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को लेकर वह पहले भी केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर मांग पत्र सौंप चुके हैं।
मुलाकात के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद द्वारा रखी गई मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए तीनों प्रमुख सड़क परियोजनाओं के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान करने का आश्वासन दिया। सांसद ने केंद्रीय मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार छत्तीसगढ़ में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
इस दौरान सांसद पांडेय ने सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) के तहत राजनांदगांव से खैरागढ़ सड़क तथा राजनांदगांव से डोंगरगांव होते हुए मोहला-मानपुर सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए राशि स्वीकृत किए जाने पर भी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की सुविधा मिलेगी। सांसद ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से आने वाले समय में कबीरधाम सहित पूरे क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी।
o पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की पहल से सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालु भारत गौरव ट्रेन से रामलला एवं बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रवाना
रायपुर। सीएम साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार जनआस्था, सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन को जनकल्याण से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों के वर्षों पुराने सपनों को साकार कर रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में पर्यटन विभाग द्वारा संचालित रामलला दर्शन योजना प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं के लिए श्रद्धा, सेवा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन चुकी है। इसी कड़ी में अम्बिकापुर रेलवे स्टेशन से सरगुजा संभाग के 850 श्रद्धालुओं को लेकर भारत गौरव ट्रेन श्री अयोध्या धाम में प्रभु श्री रामलला तथा श्री काशी विश्वनाथ धाम के दर्शन के लिए श्रद्धा और उत्साह के वातावरण में रवाना हुई।
रेलवे स्टेशन पर सुबह से ही भक्ति और उल्लास का अनूठा वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ स्टेशन पहुंचे। पूरा परिसर जय श्रीराम, हर-हर महादेव और जय सियाराम के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के चेहरों पर अपने आराध्य के दर्शन का उत्साह और भावनात्मक खुशी स्पष्ट दिखाई दे रही थी। अनेक परिवार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे, जहां परिजनों ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर यात्रियों को शुभ यात्रा की मंगलकामनाओं के साथ विदा किया।
भारत गौरव ट्रेन को जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर श्रीमती मंजूषा भगत (महापौर), हरविंदर सिंह टिनी (सभापति),नीरूपा सिंह (जिला पंचायत अध्यक्ष) सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल, जिला प्रशासन तथा भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हुए यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु रामलला के दिव्य दर्शन तथा काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ के दर्शन एवं पूजन का सौभाग्य प्राप्त होगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मान का विशेष ध्यान रखा गया है। पूरी यात्रा का संचालन पर्यटन विभाग एवं आईआरसीटीसी के समन्वय से सुव्यवस्थित रूप से किया जा रहा है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आरामदायक रेल यात्रा, स्वच्छ एवं सुरक्षित आवास, पौष्टिक शुद्ध शाकाहारी भोजन, पेयजल, स्थानीय परिवहन, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था तथा अनुभवी एस्कॉर्ट दल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा दिव्यांग यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सहायता की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सके।
सीएम साय की सोच है कि आर्थिक स्थिति किसी भी श्रद्धालु की आस्था के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसी भावना के अनुरूप रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को निःशुल्क धार्मिक यात्रा का अवसर प्रदान किया जा रहा है। यह योजना केवल दर्शन कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेशवासियों को उनकी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं के लिए संदेश देते हुए कहा कि, रामलला दर्शन योजना सीएम साय के संवेदनशील नेतृत्व की ऐसी जनकल्याणकारी पहल है, जिसके माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के पावन दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को सशक्त बनाने का अभियान है। मैं सभी श्रद्धालुओं से प्रार्थना करता हूं कि, वे प्रभु श्रीराम और बाबा विश्वनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के कल्याण की कामना करें तथा यात्रा से लौटकर अपने अनुभव समाज के साथ साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित हों।
यात्रा पर रवाना होने वाले श्रद्धालुओं ने भी भावुक होकर राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। अनेक बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने कहा कि, जीवनभर इच्छा होने के बावजूद आर्थिक परिस्थितियों के कारण अयोध्या और काशी की यात्रा संभव नहीं हो पाई थी, लेकिन सीएम साय की इस योजना ने उनका वर्षों पुराना सपना पूरा कर दिया। उन्होंने कहा कि, सरकार ने उन्हें सम्मानपूर्वक भगवान श्रीराम और बाबा विश्वनाथ के दर्शन का अवसर देकर उनके जीवन की सबसे बड़ी मनोकामना पूर्ण कर दी है। एक महिला श्रद्धालु ने कहा कि, हमने कभी नहीं सोचा था कि, इतनी अच्छी व्यवस्था के साथ अयोध्या और काशी की यात्रा करने का अवसर मिलेगा। सीएम साय और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने हम जैसे सामान्य परिवारों की भावनाओं का सम्मान किया है। हम सभी उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।
एक वरिष्ठ श्रद्धालु ने कहा कि, सरकार ने हमारी पूरी यात्रा की चिंता अपने ऊपर ले ली है। भोजन, आवास, सुरक्षा और चिकित्सा जैसी सभी व्यवस्थाएं होने से हम पूरी निश्चिंतता और श्रद्धा के साथ यात्रा कर रहे हैं। यह योजना वास्तव में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। सीएम साय के नेतृत्व तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के सतत प्रयासों से संचालित रामलला दर्शन योजना आज प्रदेशवासियों की आस्था को सम्मान देने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह योजना श्रद्धालुओं को केवल धार्मिक स्थलों के दर्शन ही नहीं करा रही, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकात्मता से भी जोड़ रही है। सरगुजा संभाग से रवाना हुई भारत गौरव ट्रेन इसी जनसेवा, सुशासन और जनआस्था के सशक्त समन्वय का प्रेरक उदाहरण है।
बलौदाबाजार। जिले में खस्ताहाल सड़कों की समस्या एक बार फिर गंभीर सड़क हादसे की वजह बन गई। कसडोल थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 130-बी (NH-130B) पर सड़क के गड्ढे से अनियंत्रित होकर एक एम्बुलेंस पलट गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को डायल-112 पुलिस टीम, स्थानीय ग्रामीणों और निजी एम्बुलेंस की मदद से कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। यह दुर्घटना गुरुवार दोपहर कसडोल-कटगी मुख्य मार्ग पर ग्राम पीसीद स्थित जायसवाल ढाबा के पास हुई।
जानकारी के अनुसार, एम्बुलेंस क्रमांक CG 04 PP 4032 रायपुर से मरीजों का इलाज कराकर ओडिशा के बरगढ़ जिले की ओर लौट रही थी। वाहन में मरीज, उनके परिजन, चालक और हेल्पर सहित कुल आठ लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही एम्बुलेंस ग्राम पीसीद के पास मुख्य सड़क पर बने पुल के नजदीक पहुंची, सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढे से वाहन अचानक उछल गया।
नस्तीबद्ध तेज रफ्तार होने के कारण चालक एम्बुलेंस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वाहन सड़क पर ही पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों तथा स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कसडोल थाना की डायल-112 (बाज-01) टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। आरक्षक आशुतोष बंजारे और चालक केशव प्रसाद साहू ने स्थानीय ग्रामीणों की सहायता से एम्बुलेंस के भीतर फंसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान ग्राम छांछी के निजी एम्बुलेंस चालक हरनारायण साहू भी अपनी दो एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हादसे में घायल हुए लोगों में क्वाता भोई (60), नारायण हाथी (40), गोवर्धन खोड़िया (80), सरोज खड़िया (30), जगन्नाथ भाट (45) और हलधर खोड़िया (66) शामिल हैं।
सभी घायल ओडिशा के बरगढ़ जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं। दुर्घटना में किसी के सिर, किसी के हाथ-पैर, छाती, पीठ और पेट में गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार छह घायलों में से दो की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जबकि अन्य चार लोगों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। राहत की बात यह रही कि एम्बुलेंस चालक और हेल्पर इस हादसे में सुरक्षित बच गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि कसडोल-कटगी मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया और एम्बुलेंस को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और गड्ढों को भरने की मांग की है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
कार्टून कला बच्चों में रचनात्मकता, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
कार्टून वॉच पत्रिका के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात
'मुस्कुराता बस्तर' प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की स्मारिका की भेंट
रायपुर 6 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन में कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री साय को बस्तर में आयोजित 'मुस्कुराता बस्तर' अभियान के अंतर्गत कार्टून प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की विस्तृत जानकारी दी तथा इस अभिनव पहल पर आधारित स्मारिका भी भेंट की।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए कहा कि कला समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण का प्रभावी माध्यम है। कार्टून केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि विचारों को सरल, सहज और प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करने की सशक्त विधा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही रचनात्मक अभिव्यक्ति के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो उनमें आत्मविश्वास, संवेदनशीलता, तार्किक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कला, साहित्य, खेल और संस्कृति जैसी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिकाधिक विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल सके।
उल्लेखनीय है कि जनसंपर्क विभाग और कार्टून वॉच के द्वारा 'मुस्कुराता बस्तर' अभियान के तहत जगदलपुर सहित बस्तर अंचल के विभिन्न शासकीय विद्यालयों के लगभग 100 विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्टून प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में देश के प्रतिष्ठित कार्टूनिस्टों ने बच्चों को कार्टून कला की बारीकियों, रेखांकन, व्यंग्य की अभिव्यक्ति, दृश्य संप्रेषण और रचनात्मक सोच के विविध आयामों से परिचित कराया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को अपनी कल्पनाशीलता को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने तथा सामाजिक विषयों पर सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
छत्तीसगढ़ की दो खिलाड़ी भारतीय महिला जूनियर हॉकी टीम में, चीन में होने वाले एशिया कप में दिखाएंगी दम
राष्ट्रीय टीम में चुनी गईं कांसाबेल की मधु सिदार और बोड़ला की गीता यादव खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर, बिलासपुर में ले रहीं प्रशिक्षण
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दोनों खिलाड़ियों को दी बधाई, वीडियो-कॉल पर बात कर तैयारियों की भी ली जानकारी
बिलासपुर. 6 अगस्त 2026. छत्तीसगढ़ के लिए खेल जगत से आज एक और बड़ी खुशखबरी आई है। बिलासपुर के खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की दो खिलाड़ियों गीता यादव और मधु सिदार का चयन भारत की जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ है। ये दोनों चीन के मोकी में आगामी 30 अगस्त से 13 सितम्बर तक होने वाले जूनियर एशिया कप में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा और दम दिखाएंगी।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने गीता यादव और मधु सिदार से वीडियो-कॉल पर बात कर भारतीय टीम में चयन पर बधाई दी। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को जूनियर एशिया कप हॉकी में अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए उनकी तैयारियों की भी जानकारी ली। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम ने भी दोनों खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
भारतीय जूनियर हॉकी टीम में चयनित ये दोनों ही खिलाड़ी प्रदेश की पहली आवासीय खेल अकादमी में वरिष्ठ प्रशिक्षक राकेश टोप्पो एवं मुख्य प्रशिक्षक अजीत लकड़ा से हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
ऐसा रहा है टीम इंडिया तक दोनों खिलाड़ियों का सफर
मधु सिदार
मधु सिदार हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले जशपुर जिले के कांसाबेल के छोटे से गांव पोंगरो की रहने वाली है। उनके माता-पिता कृषक हैं। वह सब-जूनियर नेशनल चैम्पियनशिप 2024-25, स्कूल नेशनल 2024-25 तथा हरियाणा में सब-जूनियर इंटर जोन चैम्पियनशिप-2025 में भागीदारी कर चुकी हैं। उनकी टीम ने आंध्रप्रदेश में 1 अगस्त से 12 अगस्त 2025 तक आयोजित हॉकी इंडिया नेशनल चैम्पियनशिप में चतुर्थ स्थान हासिल किया था। मधु इस साल मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में आयोजित देश के पहले खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स में भी खेल चुकी है। वह अप्रैल-2026 से बेंग्लुरू में भारतीय टीम के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं।
गीता यादव
कबीरधाम जिले के बोड़ला की गीता यादव ने हॉकी का प्रारंभिक प्रशिक्षण कोच शिवा चौहान से प्राप्त किया है। गीता के अंतरराष्ट्रीय करियर का सफर वर्ष-2024 में प्रारंभ हुआ, जब उन्होंने 12 नवम्बर से 21 नवम्बर 2024 तक नीदरलैण्ड और बेल्जियम टूर में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उसके बाद 15 मई से 2 जून 2025 तक अर्जेंटीना टूर और 5 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक इंग्लैण्ड और स्कॉटलैण्ड टूर में भी वह भारतीय टीम का हिस्सा थीं।
धमतरी की बेटी ने कौशल विकास के दम पर रची सफलता की नई इबारत, स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगी शामिल
रायपुर, 06 अगस्त 2026/ धमतरी जिले के ग्राम नवागांव की बेटी रेणुका गोस्वामी को आगामी 15 अगस्त के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए आमंत्रण मिलने पर उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान न केवल रेणुका गोस्वामी की मेहनत और प्रतिभा का गौरव है, बल्कि छत्तीसगढ़ की बेटियों, ग्रामीण युवाओं और कौशल विकास की सफलता का भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि रेणुका गोस्वामी ने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने जीवन को नई दिशा दी और आज वे अपने परिश्रम एवं प्रतिभा के बल पर सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उनका राष्ट्रपति भवन तक पहुंचना प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का विषय है।
सुश्री रेणुका गोस्वामी धमतरी जिले के ग्राम नवागांव की निवासी हैं। उन्होंने वर्ष 2018 में दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की। निरंतर मेहनत, कौशल और लगन के बल पर उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करते हुए अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे रायपुर के एक प्राइवेट फर्म में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं तथा लगभग 40 हजार रुपए प्रतिमाह का वेतन प्राप्त कर रही हैं। उनकी सफलता से परिवार की आर्थिक स्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार आया है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को कौशल विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रेणुका गोस्वामी जैसी सफल युवतियां इस बात का प्रमाण हैं कि सही मार्गदर्शन, कौशल प्रशिक्षण और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण अंचल के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति भवन में रेणुका गोस्वामी की उपस्थिति प्रदेश की बेटियों और युवाओं का उत्साह बढ़ाएगी तथा अन्य युवाओं को भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी।
रायपुर, 06 अगस्त 2026। विश्व स्तनपान सप्ताह (01–07 अगस्त 2026) के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) तथा राज्य स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केन्द्र (SHSRC), छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में आज रायपुर स्थित नया सभागृह, अटल बिहारी वाजपेयी सभागार, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम काआयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में स्तनपान के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, शिशुओं के समुचित पोषण एवं स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना था।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण "माता यशोदा सम्मान" रहा, जिसके अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित 10 माताओं को सम्मानित किया गया। इन माताओं ने अपने मातृ दुग्ध का दान कर ऐसे नवजात शिशुओं को जीवनदायी सहयोग प्रदान किया, जिन्हें अपनी माताओं का दूध उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। सम्मान समारोह के माध्यम से मातृ दुग्ध दान को एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने का संदेश दिया गया तथा मातृत्व, संवेदनशीलता और मानवता की इस अनूठी मिसाल को समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि माननीय श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्री अमित कटारिया, सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, श्री संजीव झा, आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं एवं मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, डॉ. प्रदीप कुमार पात्रा, कुलपति आयुष विश्वविद्यालय, डा. विवेक चौधरी डीन पंडित जवाहर लाल मेडिकल कॉलेज ने भाग लिए |
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा ह्यूमन मिल्क बैंक स्टॉल के अवलोकन से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों के मंचासीन होने के बाद दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
मुख्य अतिथि माननीय श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है तथा स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने मितानिन कार्यक्रम के 25 वर्षों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि मितानिन बहनों ने दूरस्थ एवं वंचित क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अतुलनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने माता शबरी के सेवा, समर्पण और निस्वार्थ भाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार माता शबरी ने बिना किसी स्वार्थ के दीन दुखियों, जरूरतमंदों व प्रभु श्रीराम की सेवा की, उसी प्रकार प्रदेश की 72 हजार मितानिन बहनें समाज के गरीब, जरूरतमंद, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं की निस्वार्थ भाव से सेवा कर रही हैं और वे आज की वास्तविक 'शबरी' हैं। उन्होंने प्रदेश के प्रथम 'मातृ दूध कोष (Human Milk Bank)' की स्थापना को नवजात शिशुओं के लिए एक ऐतिहासिक एवं जीवनदायी पहल बताते हुए कहा कि इससे अनेक शिशुओं को सुरक्षित मातृ दुग्ध उपलब्ध हो सकेगा। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक प्रभावशाली उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक भी "माँ का दूध" ही माना जाता है और अक्सर चुनौती देते समय लोग कहते हैं, "माँ का दूध पिया है तो आ जा"। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कहावत नहीं, बल्कि माँ के दूध की शक्ति, संस्कार और जीवनदायी महत्व का प्रतीक है। अंत में उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि प्रदेश का कोई भी नवजात माँ के अमूल्य दूध से वंचित न रहे तथा स्तनपान को जन-आंदोलन बनाया जाए।
अपने संबोधन में श्री अमित कटारिया, आईएएस, सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने कहा कि छत्तीसगढ़ का मितानिन कार्यक्रम पिछले25 वर्षों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जन्म के प्रथम घंटे में स्तनपान, छह माह तक केवल माँ का दूध तथा माताओं को संतुलित पोषण उपलब्ध कराना स्वस्थ एवं कुपोषण-मुक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने स्तनपान संबंधी भ्रांतियों को दूर करने, प्रत्येक माँ को उचित सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करने तथा स्तनपान को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
सामाजिक सुरक्षा से आत्मनिर्भरता की राह पर
रायपुर, 06 अगस्त 2026/ भारत जब विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब यह स्पष्ट हो चुका है कि वास्तविक विकास वही है जिसमें समाज का कोई भी वर्ग पीछे न छूटे। सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक जीवन, सुगम अवसर और आत्मनिर्भरताकृये चार स्तंभ किसी भी आधुनिक कल्याणकारी राज्य की पहचान होते हैं। छत्तीसगढ़ ने पिछले ढाई वर्षों में इन्हीं मूल्यों को केंद्र में रखकर समाज कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में राज्य ने दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं, उभयलिंगी व्यक्तियों और अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए ऐसी व्यवस्थाएँ विकसित की हैं, जिन्होंने सामाजिक न्याय को प्रशासनिक प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया है। दिसंबर 2023 से जून 2026 के बीच की उपलब्धियाँ इस परिवर्तन की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करती हैं।
लाखों परिवारों को पेंशन योजनाओं का लाभ
राज्य की पेंशन योजनाएँ आज लाखों परिवारों के लिए आर्थिक संबल बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या 7.10 लाख से बढ़कर 7.56 लाख हो गई है। वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांगजन, सामाजिक सुरक्षा और सुखद सहारा जैसी योजनाओं को मिलाकर 21.73 लाख से अधिक नागरिक नियमित सहायता प्राप्त कर रहे हैं।
इस व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल सशक्तीकरण है। लगभग 96 प्रतिशत हितग्राहियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है और आधार सीडिंग का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। ई-केवाईसी आधारित सत्यापन ने अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और विश्वसनीय बनाया है।
यूडीआईडी धारकों की बढ़ी संख्या
छत्तीसगढ़ ने दिव्यांगजन कल्याण को दान या सहायता की दृष्टि से नहीं, बल्कि अधिकार और समान अवसर के दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया है। विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) धारकों की संख्या 2.44 लाख से बढ़कर 2.77 लाख हो गई है।
कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण योजना में लाभार्थियों की संख्या 1,161 से बढ़कर 17,038 तक पहुँचना राज्य की सक्रिय पहुँच और प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है। सामर्थ्य विकास योजना के माध्यम से कौशल, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया गया है।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार विशेष रूप से उल्लेखनीय है। राज्य छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगभग दोगुनी होकर 14 हजार से अधिक हो गई है। इससे स्पष्ट है कि राज्य शिक्षा को दिव्यांगजन सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मान रहा है।फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर, स्पेशल पाली क्लिनिक और विशेष विद्यालयों के विस्तार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और पुनर्वास सेवाओं को एकीकृत स्वरूप प्रदान किया है।
वरिष्ठ नागरिकों की सहायता
बढ़ती वृद्धजन आबादी के बीच छत्तीसगढ़ ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए संवेदनशील सहायता तंत्र विकसित किया है। वृद्धाश्रमों, आश्रय गृहों और देखरेख संस्थाओं की क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ सियान हेल्पलाइन (155326) को प्रभावी सहायता मंच के रूप में विकसित किया गया है।इस हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉलों की संख्या 1.14 लाख से बढ़कर 2.87 लाख तक पहुँच गई है। यह केवल आँकड़ा नहीं, बल्कि बुजुर्ग नागरिकों के बढ़ते विश्वास और प्रशासन की सक्रिय पहुँच का संकेत है।
नशामुक्ति से सामाजिक परिवर्तन
समाज कल्याण विभाग ने नशामुक्ति को स्वास्थ्य और सामाजिक पुनर्वास दोनों से जोड़कर देखा है। भारत माता वाहिनी योजना के अंतर्गत संचालित नशामुक्ति केंद्रों की संख्या 11 से बढ़कर 29 हो गई है, जबकि लाभार्थियों की संख्या 1,967 से बढ़कर 5,220 तक पहुँच गई है।
इन केंद्रों में उपचार के साथ परामर्श, पुनर्वास और सामाजिक पुनर्स्थापन की सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रभावित व्यक्तियों को पुनः सम्मानजनक जीवन की मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिल रहा है।
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम और ‘एक्सेसिबल इंडिया अभियान’ की भावना को आगे बढ़ाते हुए राज्य ने “सुगम्य छत्तीसगढ़ अभियान” प्रारंभ किया है। सार्वजनिक भवनों, कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य सरकारी परिसरों को दिव्यांग-अनुकूल बनाने की दिशा में व्यवस्थित कार्य किया जा रहा है।यह पहल केवल रैंप या भौतिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन सेवाओं को सभी नागरिकों के लिए सुलभ बनाने की व्यापक सोच का हिस्सा है। दिव्यांगजनों के अधिकारों की प्रभावी निगरानी के लिए “आयुक्त राज्य” के नवीन पद की स्वीकृति इस दिशा में दूरदर्शी प्रशासनिक पहल मानी जा रही है।
संस्थागत विकास और वित्तीय प्रतिबद्धता
कल्याणकारी योजनाओं की स्थिर सफलता के लिए मजबूत संस्थागत ढाँचा आवश्यक होता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने विशेष विद्यालय, माना कैंप रायपुर के भवन निर्माण, दृष्टि एवं श्रवण बाधित विद्यालयों के उन्नयन, फिजिकल रिहैबिलिटेशन सेंटर के विस्तार, दिव्यांगजन वित्त विकास निगम के माध्यम से ऋण वितरण तथा नशामुक्ति केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निवेश किए हैं।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में समाज कल्याण विभाग का बजट 1,512 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर वर्ष 2025-26 में 1,600 करोड़ रुपये प्रस्तावित किया गया है। यह वृद्धि दर्शाती है कि राज्य सरकार सामाजिक कल्याण को व्यय नहीं, बल्कि मानव पूंजी और सामाजिक स्थिरता में दीर्घकालिक निवेश के रूप में देख रही है।
डिजिटल प्रशासन का सुगम मॉडल
छत्तीसगढ़ मॉडल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यहाँ डिजिटल प्रशासन और मानवीय संवेदनशीलता एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य कर रहे हैं। डीबीटी, आधार सीडिंग, ई-केवाईसी, डिजिटल डेटा प्रबंधन और हेल्पलाइन आधारित सहायता प्रणाली ने योजनाओं की दक्षता बढ़ाई है।साथ ही पुनर्वास, परामर्श, आश्रय, सामुदायिक सहयोग और व्यक्तिगत सहायता जैसी सेवाओं को समान महत्व देकर यह सुनिश्चित किया गया है कि तकनीक मानव केंद्रित शासन का माध्यम बने, उसका विकल्प नहीं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह प्रमाणित किया है कि प्रभावी समाज कल्याण केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि संवेदनशील नीति, पारदर्शी क्रियान्वयन और सतत संस्थागत निर्माण से संभव होता है।
पिछले ढाई वर्षों की उपलब्धियाँ लाखों वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षित वृद्धावस्था, हजारों दिव्यांगजनों की बढ़ती आत्मनिर्भरता, जरूरतमंद महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, नशामुक्त जीवन की ओर बढ़ते युवाओं और सम्मानजनक पुनर्वास की नई संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज हैं।
छत्तीसगढ़ का यह समावेशी समाज कल्याण मॉडल सामाजिक न्याय, तकनीकी नवाचार और मानवीय गरिमा के संतुलित समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह केवल राज्य की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस विकसित और संवेदनशील भारत की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान है, जहाँ हर नागरिक को सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का समान अवसर प्राप्त हो सके।
एक किलो का ट्यूमर निकाल महिला को दिया नया जीवन
रायपुर, 6 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने एक अत्यंत जटिल और उच्च जोखिम वाली सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। सिम्स के डॉक्टरों ने दर्रीघाट (बिलासपुर) निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला के बाएं अंडाशय से लगभग 1 किलोग्राम वजन का कैंसरयुक्त ट्यूमर सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें नया जीवन प्रदान किया है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत पूरा इलाज और जटिल ऑपरेशन हुआ बिल्कुल मुफ्त
निजी अस्पताल ने बताया था 3 लाख का खर्च, आयुष्मान योजना से मुफ्त हुआ इलाज, मरीज पिछले 5-6 महीनों से पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द और तेजी से बढ़ रही गांठ से पीड़ित थीं। परिजन पहले उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए थे, जहां जांच के बाद ऑपरेशन व इलाज के लिए 2 से 3 लाख रुपये का खर्च बताया गया। आर्थिक तंगी के कारण परिवार चिंतित था। इसके बाद मरीज को सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया गया, जहां आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका पूरा इलाज और जटिल ऑपरेशन बिल्कुल मुफ्त किया गया।
15×12×10 सेमी का विशाल ट्यूमर और 3 अगस्त को सफल सर्जरी
सोनोग्राफी जांच में रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने पाया कि मरीज के बाएं अंडाशय में 15×12×10 सेंटीमीटर आकार का विशाल ट्यूमर था, जो आसपास के अंगों पर भारी दबाव डाल रहा था। इसके बाद बहुविषयक विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने 3 अगस्त 2026 को कैंसर की चरण निर्धारण शल्य चिकित्सा, ट्यूमर भार कम करने, गर्भाशय एवं दोनों अंडाशयों को निकालने, बाईं मूत्रवाहिनी की मरम्मत और उसमें श्डबल-जे स्टेंटश् प्रत्यारोपण जैसी बेहद जटिल प्रक्रियाओं को सफलता पूर्वक पूरा किया।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने हासिल की सफलता
इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में विभिन्न विभागों की टीमों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गायनेकोलॉजिकल सर्जरी टीम के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. दीपिका, डॉ. सौम्या और डॉ. वर्षा, जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. रघुराज सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. बी. डी. तिवारी और डॉ. गरिमा और एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. बी. रायजादा, डॉ. एस. कुजूर और डॉ. एम. देववर्मा का इस सफल आपरेशन में का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉक्टरों ने बताया अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामला
सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि रजोनिवृत्ति के बाद इस आकार का कैंसर ट्यूमर होना बेहद दुर्लभ और जोखिम भरा होता है। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और आंत व मूत्राशय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। हालांकि, डॉक्टरों के सटीक संज्ञाहरण प्रबंधन और उच्च स्तरीय कौशल से मरीज का सुरक्षित ऑपरेशन संपन्न हुआ। मरीज की हालत संतोषजनक है और वे डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। मरीज के परिजनों ने जीवनरक्षक मुफ्त इलाज के लिए सिम्स प्रबंधन और डॉक्टरों का आभार जताया है।
रायपुर/गुरुग्राम। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल पहुंचकर छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपचार की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने किरण सिंह देव के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए ईश्वर से उनके जल्द पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। उन्होंने विश्वास जताया कि किरण सिंह देव जल्द स्वस्थ होकर पुनः संगठन और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच आत्मीय चर्चा भी हुई। इस अवसर पर सांसद ने किरण सिंह देव का उत्साहवर्धन करते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दूध, दही अथवा मक्खन में मिलावट करने वालों को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को हम छोड़ेंगे नहीं. हम एनालॉग पनीर ही नहीं, सभी खाने-पीने की चीजों में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं.
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मीडिया से चर्चा में रेलवे स्टेशन में 500 किलो पनीर जब्ती के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर कहा कि विभाग को दिक्कत होती है. रेलवे परिसर में कोई वारदात हो या कोई घटना हो, तो रेलवे कार्रवाई में आता है. इसके बाद भी मैं सभी को कहना चाहता है कि वो काम करने में डाल-डाल हैं, तो हम पाट-पाट है. हम लगातार कार्रवाई करते रहेंगे. खाद्य विभाग अलर्ट मोड पर है.
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट के प्रदर्शन पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्टूडेंट से मुलाकात हुई थी. लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है. प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है. इस विषय पर मुख्यमंत्री से बातचीत हुई है. मामले में विचार किया जा रहा है.
2028 चुनाव में कांग्रेस के जीत के दावे पर श्याम बिहारी जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के एक पॉकेट में पेट्रोल, तो दूसरे में माचिस है. पंजाब में कांग्रेस के नेताओं में घमासान हो रहा है. कांग्रेस कभी एक होकर काम नहीं कर सकती. कांग्रेस केवल प्लान बनती है, एक्शन नहीं कर सकती. अपने मन को तसल्ली के लिए कांग्रेस बहला लेती है.
वहीं रायपुर कमिश्नरेट के विस्तार को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र पर मंत्री ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल वरिष्ठ नेता और सांसद हैं. इस नाते सुरक्षा संबंधी कमिश्नरेट में विस्तार के विषय पर अपनी चिंता व्यक्त की है. बृजमोहन अग्रवाल के पत्रों पर कांग्रेस के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह कांग्रेस का भ्रम है. कांग्रेस को बृजमोहन से सीखना चाहिए. चुने हुए जनप्रतिनिधि का कर्तव्य होता है. ईमानदारी से काम करने का.
00 15 अगस्त से 26 जनवरी तक चलेगा विशेष अभियान, हर गांव में मुक्तिधाम और हर बालिका के लिए स्कूलों में बनेगा शौचालय
00 वीबी-जी राम जी मिशन से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति, 6,855 करोड़ रुपए से रोजगार और आधारभूत सुविधाओं का होगा विस्तार
00 6,671 बालिका शौचालय, 6,524 मुक्तिधाम-प्रतीक्षालय, 10,027 डिफंक्ट बोरवेल में बनेंगे रिचार्ज पिट
00 ग्राम पंचायत , ग्राम सभा के अनुमोदन से स्वीकृत होंगे कार्य
रायपुर। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने आज महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में विकसित भारत–रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी के अंतर्गत राज्यव्यापी 'मेरी बेटी–मेरा अभिमान' अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार का ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक शौचालय की लागत 4.30 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इसी प्रकार प्रदेश के 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपए की लागत से प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम बनाए जाएंगे, जिनकी प्रति इकाई लागत 6 लाख रुपए होगी। इसके अतिरिक्त 18.22 करोड़ रुपए की लागत से 549 मुक्तिधामों का भी निर्माण किया जाएगा, जिनकी प्रति इकाई लागत 3.32 लाख रुपए निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10,027 बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा। प्रति इकाई लागत लगभग 52 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, वर्षा जल का बेहतर संरक्षण होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए।
ग्रामीण विकास और रोजगार का सबसे बड़ा अभियान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है। योजना के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति से किया जाएगा तथा मजदूरी की दर बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत–2047' के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी के माध्यम से राज्य को लगभग 6,855 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों के लिए राज्य में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है। भारत सरकार से योजना की प्रथम किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का रखा गया विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का संतुलित ध्यान रखा गया है। कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती और रोजगार दोनों प्रभावित न हों।
318 प्रकार के विकास कार्यों से बदलेगी गांवों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में 318 प्रकार के कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है। इनमें 107 प्रकार के जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य, 90 प्रकार के ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य, 86 प्रकार के आजीविका संवर्धन कार्य तथा 35 प्रकार के जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन संबंधी कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अंतर्गत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, सिंचाई विस्तार, भू-जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और वृक्षारोपण को प्राथमिकता मिलेगी। वहीं ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, प्रयोगशाला, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम और पशु चिकित्सालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
मुख्यमंत्री ने बताया कि आजीविका संवर्धन के अंतर्गत ग्रामीण हाट-बाजार, कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, मत्स्य पालन तथा पशुपालन से संबंधित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। वहीं जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन के अंतर्गत बाढ़ एवं चक्रवात आश्रय, ड्रेनेज, तटबंध, जंगलों में आग की रोकथाम तथा प्राकृतिक आपदाओं के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
युक्तधारा द्वारा ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अव्वल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी के क्रियान्वयन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। श्रमिकों की 98 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर राज्य देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि परिसंपत्तियों की 99 प्रतिशत जियो टैगिंग के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसके साथ ही युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अव्वल रहा है।जल संरक्षण और 'मोर गांव–मोर पानी' अभियान को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। विभिन्न विकासखंडों में जल उपलब्धता के आधार पर जल संरक्षण कार्यों पर न्यूनतम निर्धारित व्यय सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार के 'मोर गांव–मोर पानी' महाअभियान को भी इस योजना से नई गति मिलेगी।
5,591.42 करोड़ रुपए का बजट, पहली तिमाही में 1,264 करोड़ रुपए खर्च
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में वीबी-जी राम जी के लिए 5,591.42 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट रखा गया है। वहीं अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में ही 1,264 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है।
पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होगा क्रियान्वयन
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाते हुए आत्मनिर्भर एवं विकसित गांवों का निर्माण करना है। प्रत्येक कार्य का अनुमोदन ग्राम सभा से कराया जाएगा। डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान, गुणवत्ता नियंत्रण तथा सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से योजना का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वीबी-जी राम जी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वास, कौशल विकास और आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय पहल की है। इसी क्रम में उन्होंने अपने निवास कार्यालय में एक्सिस बैंक के भारत प्रमुख विजय तथा कैटलिस्ट फॉर सोशल एसोसिएशन की भारत प्रमुख सुश्री स्मिता रांधे से मुलाकात कर बच्चों को व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और रोजगारोन्मुख अवसरों से जोडऩे के विषय पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में एक्सिस बैंक के सी.एस.आर. फंड के माध्यम से बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाले बच्चों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, कौशल आधारित प्रशिक्षण देने तथा उन्हें रोजगार से जोडऩे के लिए ठोस सहयोग पर विचार-विमर्श किया गया। यह पहल बच्चों को केवल संरक्षण तक सीमित न रखकर उन्हें सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की दिशा देने का प्रयास है। राजवाड़े ने कहा कि अनाथ और निराश्रित बच्चों को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोडऩा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि बाल देखरेख संस्थाओं में रहने वाला प्रत्येक बच्चा आत्मविश्वास के साथ समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व सामुदायिक सहयोग से बाल संरक्षण एवं बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत बच्चों के सामाजिक पुनर्वास के लिए यह पहल प्रारंभ की गई थी। वर्तमान में प्रदेश के पांच जिलों में इसका सफल क्रियान्वयन किया जा चुका है। अब इसे विस्तार देते हुए राज्य के सभी जिलों में लागू करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार, सामाजिक संस्थाओं, कॉरपोरेट क्षेत्र तथा औद्योगिक घरानों के सहयोग से बच्चों के समग्र विकास और प्रभावी पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को कौशल विकास, डिजिटल प्रशिक्षण, रोजगार मार्गदर्शन और आत्मनिर्भर जीवन के अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। इस अवसर पर एक्सिस बैंक के भारत सी.एस.आर. प्रभारी, क्षेत्रीय प्रबंधक, संस्था से संचालक दीपेश, राज्य प्रमुख जिनेश तथा बैंक के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर । रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक कसावट और बेहतर कार्य व्यवस्था के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला ने 34 अधिकारी-कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। तबादला सूची में उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और महिला आरक्षकों के नाम शामिल हैं।
जारी आदेश के अनुसार, उप निरीक्षक लोकेश्वर प्रसाद सदावर्ती को थाना सरस्वती नगर से थाना कबीर नगर भेजा गया है, जबकि सहायक उप निरीक्षक शिवालाल रत्नाकर को थाना कबीर नगर से थाना सरस्वती नगर स्थानांतरित किया गया है।
इसके अलावा सहायक उप निरीक्षक मंगलेश्वर परिहार और प्रेमराज बारिक को रिजर्व आरक्षित केंद्र (र.आ. केंद्र) से एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) में पदस्थ किया गया है।
प्रधान आरक्षक रामलखन नागवंशी को र.आ. केंद्र से थाना राजेंद्र नगर भेजा गया है, जबकि प्रधान आरक्षक राजेश कुमार वर्मा का तबादला थाना सिविल लाइन से र.आ. केंद्र किया गया है। वहीं प्रधान आरक्षक विवेक श्रृंगी को र.आ. केंद्र से कंट्रोल रूम डायल-112 में संबद्ध किया गया है।महिला आरक्षकों में सुमित्रा उके को थाना सरस्वती नगर से थाना आजाद चौक तथा अर्चना एक्का को र.आ. केंद्र से सीडब्ल्यू कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
00 निर्माण श्रमिकों के हित में मंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले
रायपुर। प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा है कि मुख्यममंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिको की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के सुधार हो रहा है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें की शासन की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों को मिले। मंत्री देवांगन ने आज छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की बैठक को सम्बोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किये।
छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की पंचम कार्यकाल की नवम बैठक आज गुरूवार को नवा रायपुर स्थित मण्डल कार्यालय में श्रम मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन लखन लाल देवांगन, मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, उप सचिव श्रम विभाग विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, कल्याण प्रशासक सुनील मिश्रा, मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। नवीन सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के अनुरूप श्रमिक कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत राज्य के 20 चयनित विद्यालयों में 200 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं में नि:शुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन हेतु प्रदान की जाने वाली शैक्षणिक सहायता राशि का एकरूपीकरण करने का निर्णय भी लिया गया, जिससे अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिल सके। इसी प्रकार अटल करियर निर्माण योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,000 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को नीट (हृश्वश्वञ्ज) एवं जेईई (छ्वश्वश्व) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु नि:शुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने का अनुमोदन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन एवं डॉ. रामप्रताप सिंह अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने कहा कि राज्य सरकार निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों के समग्र विकास और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के हित में नई योजनाएँ प्रारंभ करने तथा वर्तमान योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है, ताकि प्रत्येक पात्र निर्माण श्रमिक तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँच सके।
00 सुशासन की नई व्यवस्था: पारस पोर्टल से हर माह होगी योजनाओं की राज्यस्तरीय समीक्षा
00 पारस पोर्टल से योजनाओं की होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
00 जनहित की योजनाओं में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, मुख्यमंत्री श्री साय ने दिए स्पष्ट निर्देश
00 सीएम हेल्पलाइन, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, मोबाइल टॉवर और स्कूल शिक्षा से जुड़े छह प्रमुख एजेंडों पर हुई विस्तृत समीक्षा
00 सीमांकन मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री सख्त, समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश
00 अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से होगी राज्यस्तरीय समीक्षा
रायपुर। शासन की योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कर आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। डबल इंजन सरकार का उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से शासन की प्रमुख योजनाओं और जनसेवाओं की नियमित निगरानी के लिए विकसित पारस (Project Assessment, Review and Analysis System) पोर्टल सुशासन का एक प्रभावी माध्यम बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित पारस पोर्टल की पहली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएम हेल्पलाइन 1076, सेवा सेतु, एग्रीस्टैक, विकसित भारत जी-रामजी, डीबीएन वित्तपोषित मोबाइल टॉवर परियोजना तथा स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े प्रमुख कार्यक्रमों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप परिणाम सुनिश्चित करे।
सीमांकन मामलों में लापरवाही पर मुख्यमंत्री की नाराजगी
बैठक में मुख्यमंत्री साय ने राजस्व विभाग में सीमांकन से संबंधित लंबित मामलों पर विशेष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं और सक्षम अधिकारी के आदेश के बाद भी कई मामलों में समय पर सीमांकन नहीं हो रहा है। यह स्थिति आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी में डालती है तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमांकन संबंधी प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह जमीनी स्तर पर लापरवाही तथा जिला स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग के अभाव का परिणाम है। सभी कलेक्टर नियमित समीक्षा कर ऐसे मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करें।
एग्रीस्टैक में शत-प्रतिशत किसान पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एग्रीस्टैक में प्रत्येक पात्र किसान का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि यह केवल धान खरीदी की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की आधारभूत व्यवस्था है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जिलेवार विशेष अभियान संचालित कर प्रत्येक पात्र किसान का समय पर पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष व्यवस्था के प्रारंभिक चरण में कुछ व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आई थीं, लेकिन इस वर्ष किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही के कारण कोई पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित होता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन को बनाया जाए प्रभावी जनसमस्या समाधान का माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य नागरिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, इसलिए प्राप्त शिकायतों और फीडबैक का गंभीर विश्लेषण कर व्यवस्थागत सुधार किए जाएं। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों की विशेष समीक्षा करते हुए विभागवार कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों का प्रदर्शन अपेक्षित नहीं है, वहां विशेष अभियान चलाकर शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में अब तक एक लाख 10 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें 65 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। प्राप्त फीडबैक में 55.29 प्रतिशत शिकायतकर्ताओं ने सकारात्मक संतुष्टि व्यक्त की है।
सेवा सेतु के माध्यम से सभी सेवाएं हों ऑनलाइन
मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु पोर्टल की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान में 27 विभागों की 721 अधिसूचित सेवाएं इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सेवाओं को अभी तक ऑनलाइन नहीं लाया गया है, उन्हें भी शीघ्र सेवा सेतु से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर तथा अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवा सेतु का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक नागरिक घर के निकट ही ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
विकसित भारत जी-रामजी योजना में ग्राम पंचायतों को मिले प्राथमिकता
बैठक में विकसित भारत जी-रामजी योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आधारभूत विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दी जाए। जिन पंचायतों में अभी तक कार्य स्वीकृत नहीं हुए हैं, वहां तत्काल प्रस्ताव स्वीकृत कर विकास कार्य प्रारंभ किए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत अधोसंरचना को तेजी से सुदृढ़ किया जा सके।
मोबाइल कनेक्टिविटी और स्कूल शिक्षा की भी हुई समीक्षा
बैठक में डीबीएन वित्तपोषित 476 मोबाइल टॉवरों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर डिजिटल कनेक्टिविटी पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, सरस्वती साइकिल योजना तथा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
स्कूलों में पोषण और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री साय ने स्कूल परिसरों में किचन गार्डन विकसित करने के अभियान को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों को ताजा एवं पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्कूल परिसरों में सहजन, कटहल सहित अन्य उपयोगी पौधों के रोपण पर भी विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को पोषणयुक्त भोजन के महत्व से अवगत कराया जाए, ताकि वे स्वप्रेरणा से इस अभियान से जुड़ें और विद्यालयों में विकसित हो रही इस सकारात्मक पहल को जनआंदोलन का स्वरूप मिल सके।
प्रत्येक माह होगी पारस पोर्टल के माध्यम से समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल शासन की योजनाओं की प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर सभी प्रमुख योजनाओं एवं जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी, समस्याओं का समय पर समाधान होगा और जनता तक शासकीय सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद एवं राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरबा जिले के हसदेव बांगो परियोजना के अंतर्गत हसदेव बरॉज गेट दर्री के सभी गेट स्टाप लॉग एवं संबंधित रेग्यूलेटर गेटों तथा उनके हाइस्टींग एरेंजमेंट के मरम्मत एवं पेटिंग कार्य के लिए 3 करोड़ 83 लाख 21 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के अंतर्गत कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
00 सहायक जिला आबकारी अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों में अधिक कीमत पर बिक्री और अन्य गंभीर अनियमितताओं के मामलों में आबकारी विभाग ने एक ही दिन तीन बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने बलौदाबाजार-भाटापारा और बालोद के दो आबकारी उपनिरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि 53 पेटी अवैध शराब प्रकरण में बालोद की सहायक जिला आबकारी अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा शासन को भेजी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की रोहासी देशी कम्पोजिट शराब दुकान में अधिक कीमत पर शराब बिक्री की शिकायत पर मूल शिकायत के अनुरूप कार्रवाई नहीं करने तथा दुकान के सीसीटीवी सिस्टम को अद्यतन नहीं रखने के कारण आबकारी उपनिरीक्षक पी. माधव राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में 25 जुलाई को जब्त 53 पेटी अवैध देशी एवं विदेशी शराब की जांच में होलोग्राम के आधार पर शराब का स्रोत बालोद जिले की अरकार देशी कम्पोजिट शराब दुकान पाया गया। जांच में निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में थोक बिक्री सामने आने पर संबंधित वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक आशा राम शाक्य को भी निलंबित कर दिया गया है।
इसी प्रकरण में अरकार शराब दुकान की प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के शिथिल नियंत्रण और कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीर मानते हुए आबकारी आयुक्त ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग को भेज दी है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब दुकानों के संचालन में किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
रायपुर। जनजातीय कार्य मंत्रालय और ट्राइफेड की एक पहल है, जिसे 2018 में शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य वनों से लघु वनोपज एकत्र करने वाले आदिवासी समुदायों को प्रशिक्षित करना, उनके उत्पादों का मूल्यवर्धन करना और उन्हें उद्यमी बनाकर स्थायी आजीविका प्रदान करना है। छत्तीसगढ़ के जंगलों में मिलने वाला महुआ अब ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत साधन बन गया है। राज्य शासन की वन धन विकास केंद्र योजना के माध्यम से महिलाओं को महुआ से मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे उनकी आमदनी बढ़ रही है और वे सफल उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
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राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की सफलता
राजनांदगांव जिले के कोरिनभाठा वन धन विकास केंद्र की महिलाओं ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है। पहले वे महुआ केवल संग्रह करती थीं, लेकिन अब प्रशिक्षण के बाद महुआ से लड्डू, कुकीज़, एनर्जी बार, स्क्वैश और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं। आधुनिक प्रसंस्करण और आकर्षक पैकेजिंग के कारण इन उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग बन रही है।
प्रशिक्षण और कौशल विकास
वन धन विकास केंद्र में महिलाओं को केवल उत्पाद बनाना ही नहीं सिखाया जाता, बल्कि गुणवत्ता, स्वच्छ उत्पादन, पैकेजिंग, लेबलिंग, भंडारण और विपणन की भी जानकारी दी जाती है। इससे वे बाजार की जरूरत के अनुसार बेहतर उत्पाद तैयार कर पा रही हैं और उन्हें उचित मूल्य भी मिल रहा है।

महुआ के मूल्यवर्धन से बढ़ा रोजगार
महुआ के मूल्यवर्धन से उसकी उपयोगिता और बाजार मूल्य दोनों बढ़े हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं। महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और उनके परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। महुआ के फूलों और बीजों के मूल्यवर्धन से ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं की आय कई गुना बढ़ गई है। अब केवल कच्चे महुआ को बेचने के बजाय उससे लड्डू, कुकीज, जैम, और एनर्जी बार जैसे उत्पाद बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर नए रोजगार और स्थायी आजीविका के साधन विकसित हुए हैं।
छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से बाजार उपलब्धता
इन उत्पादों को छत्तीसगढ़ हर्बल्स के माध्यम से व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे वन आधारित उत्पादों को नई पहचान मिल रही है और ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उत्पाद संघ की एक अनूठी पहल है। इसके तहत वनों से मिलने वाले प्राकृतिक और शुद्ध उत्पादों जैसे वन शहद, एलोवेरा जेल, हर्बल जूस, महुआ उत्पाद, आयुर्वेदिक चूर्ण और तेलों को महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार कर बेचा जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों और स्थानीय लोगों को आजीविका देना है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
कोरिनभाठा की महिलाओं की यह सफलता दिखाती है कि सही प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और विपणन सहयोग मिलने पर वन संपदा को रोजगार और समृद्धि का मजबूत आधार बनाया जा सकता है। वन धन विकास केंद्र योजना आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिससे प्रदेशभर में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में राहत बनी रहेगी, जबकि किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है। वर्तमान में मानसूनी गतिविधियां सामान्य से सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
विभाग का अनुमान है कि 5, 6 और 7 अगस्त के दौरान पूरे छत्तीसगढ़ में आसमान आंशिक से लेकर पूरी तरह बादलों से ढका रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 8 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता और इसका दायरा धीरे-धीरे कम होने लगेगा। हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का क्रम बना रह सकता है।
फिलहाल 10 और 11 अगस्त के लिए मौसम विभाग ने किसी बड़े मौसमीय खतरे या भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है। इसके साथ ही अगले पांच दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना भी नहीं जताई गई है।
राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां भी मौसम सुहावना बने रहने के आसार हैं। दिनभर आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और गरज-चमक के साथ एक-दो दौर की बारिश होने की संभावना है। रायपुर का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने खराब मौसम और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। वहीं आम नागरिकों से भी अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में जाने से बचने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है।
प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से जहां एक ओर लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं कृषि कार्यों के लिए भी यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की आशंका को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा परीक्षा-2021 के प्रश्नपत्र लीक और भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने आयोग के पूर्व सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जीवन किशोर ध्रुव की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करना ऐसा अपराध है, जो लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है और इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है।
CBI जांच में सामने आए गंभीर आरोप
सीबीआई जांच के अनुसार, वर्ष 2020 से 2022 के बीच राज्य सेवा परीक्षा के दौरान जीवन किशोर ध्रुव आयोग के सचिव पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने गोपनीय प्रश्नपत्र अपने बेटे सुमित ध्रुव तक पहुंचाए। जांच के दौरान भिलाई स्थित उनके आवास से मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि जब्त दस्तावेजों में दर्ज अधिकांश प्रश्न वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से मेल खाते थे। आरोप है कि इसी कथित पेपर लीक के आधार पर उनके बेटे का चयन डिप्टी कलेक्टर पद पर हुआ।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी ने अपने बेटों के परीक्षा में शामिल होने की जानकारी पहले ही आयोग को दे दी थी और वह गोपनीय कार्यों से अलग रहे थे। साथ ही लंबे समय से जेल में होने और अन्य सह-आरोपियों के आधार पर जमानत की मांग की गई।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक करने वाले लोग मेहनत करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं। कोर्ट ने इसे व्यवस्था के साथ गंभीर विश्वासघात बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों को सामान्य अपराध नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर पूर्व सचिव की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
20 खेलों के 156 खिलाड़ी शामिल
रायपुर---राज्य के खिलाड़ियों का लंबा इंतजार आखिर आज खत्म हो गया। राज्य शासन ने बहुप्रतीक्षित उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची आज जारी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्त करने की नीति, 2007 के प्रावधानों के तहत राजपत्र में इस सूची को अधिसूचित किया गया है।
विभाग द्वारा जारी सूची में 156 खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिनमें 20 खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। विगत 30 जून को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को अनुमोदित कर राजपत्र में प्रकाशन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया था।
उच्च स्तरीय समिति की बैठक में उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव सहित समिति के सदस्यों ने वर्ष 2018-19 एवं 2019-20 के लिए प्राप्त आवेदनों पर विस्तृत विचार-विमर्श तथा सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के चयन को अंतिम स्वरूप प्रदान किया था। विभाग ने आवश्यक कार्यवाही पूर्ण कर आज राजपत्र में इसका प्रकाशन कर दिया है।
रायपुर। राजधानी रायपुर के WRS कॉलोनी तालाब में मिली अज्ञात युवती की लाश की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। मृतका की पहचान टिकरापारा निवासी नंदनी जैन के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रेम संबंधों में विवाद और बेवफाई के शक के चलते उसके प्रेमी ने गला दबाकर हत्या कर दी और शव तालाब में फेंककर फरार हो गया। मामले में पुलिस ने आरोपी प्रेमी को भी गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला खमतराई थाना क्षेत्र का है।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई थी दोस्ती, फिर हत्या कर शव को तालाब में फेंका
मिली जानकारी के अनुसार, नंदनी जैन और आरोपी करण तांडी की पहचान करीब तीन साल पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी को नंदनी पर बेवफाई का शक था, जिसके कारण दोनों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। इसी विवाद के दौरान आरोपी ने नंदनी की गला दबाकर हत्या कर दी।
तालाब में मिली थी युवती की लाश
हत्या के बाद आरोपी शव को WRS कॉलोनी स्थित तालाब तक ले गया और वहां फेंककर फरार हो गया। मंगलवार को तालाब में युवती का शव दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही DCP नॉर्थ, ACP उरला, FSL टीम और क्राइम ब्रांच के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। वहीं मौके से युवती का मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसकी मदद से उसकी पहचान संभव हो सकी।
मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी करण तांडी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ में मिले तथ्यों के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अब हत्या मामले का पूरा खुलासा देर शाम तक पुलिस कर सकती है।





























