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विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री वर्मा

विकास का कोई विकल्प नहीं: मंत्री वर्मा

 00 टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरी: 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

​रायपुर। रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत ग्राम टंडवा में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कुल 8.32 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस दौरान मंत्री वर्मा ने ग्राम टंडवा में 444.55 लाख रुपये की लागत से बनने वाली दैहानपारा से झोपड़ा पारा बैकुंठ सड़क (2.675 किमी) और 387.69 लाख रुपये की लागत वाली टंडवा से बैकुंठ सड़क (2.65 किमी) का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में 5 लाख रुपये के साइकिल स्टैंड और 10 लाख रुपये के प्रार्थना शेड का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

विकास का कोई विकल्प नहींः मंत्री श्री टंक राम वर्मा


​मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग अब पूरी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में भी इस मार्ग को स्वीकृति दिलाई गई थी, लेकिन तात्कालिक परिस्थितियों के कारण काम रुक गया था। अब न केवल सड़क की स्वीकृति मिली, बल्कि बोनस के रूप में दो प्रमुख सड़कों की सौगात मिली है। इस मार्ग के बनने से विद्यार्थियों, कामगारों, दुकानदारों और आम जनता को आवागमन में समय की बचत होगी और बड़ी सुविधा मिलेगी।​ उन्होंने पंचायत क्षेत्र के कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि विगत ढाई वर्षों के कार्यकाल में पंचायत में लगभग 77 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। इनमें शेड निर्माण, महतारी सदन, पीडीएस भवन, उद्यान विकास, शौचालय, साइकिल स्टैंड और स्मार्ट क्लास जैसे जनहितकारी कार्य शामिल हैं।

टंडवा में वर्षों पुरानी मांग पूरीः 8 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात


​छात्रों व युवाओं को दिया जीवन का संदेश
छात्र जीवन, प्रशासनिक तथा राजनीतिक अनुभवों को साझा करते हुए मंत्री  वर्मा ने कहा कि राजनीति का असली अर्थ जनसेवा, गरीबों के आंसू पोंछना और विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, न कि सत्ता का प्रदर्शन करना। ​छात्रों और युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति का कद उसकी तारीफ या बुराई से तय नहीं होता, बल्कि उसके कर्मों से तय होता है। हमें पूरी ईमानदारी और लगन से काम करते रहना चाहिए। रामचरितमानस में भी कहा गया है कि 'परहित सरिस धर्म नहीं भाई'—अर्थात दूसरों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सबसे बड़ा धर्म है।
इस अवसर पर जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधिगण, शाला के प्राचार्य, शिक्षकगण, ग्रामीण सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विजन को रेखांकित करेगी ‘मुस्कुराता बस्तर’ कार्टून कार्यशाला

 मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर जगदलपुर में होगी कार्टून कार्यशाला

स्कूली विद्यार्थियों को मिलेगा वरिष्ठ कार्टूनिस्टों से प्रशिक्षण

बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और विकास की सकारात्मक तस्वीर को कार्टून कला के माध्यम से मिलेगी नई अभिव्यक्ति

रायपुर- छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग के सहयोग से देश की एकमात्र मासिक कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच द्वारा जगदलपुर में स्कूली विद्यार्थियों के लिए ‘मुस्कुराता बस्तर’ थीम पर विशेष कार्टून कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विद्यार्थियों को कार्टून और कैरिकेचर कला का प्रशिक्षण देने के साथ बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और लोकजीवन को रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर आज विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान के नए आयाम स्थापित कर रहा है। बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों के कारण देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, बस्तर दशहरा तथा अन्य लोकपर्व बस्तर की समृद्ध विरासत के प्रतीक हैं। कार्टून वॉच के संपादक त्र्यंबक शर्मा ने बताया कि कार्यशाला की थीम ‘मुस्कुराता बस्तर’ इन्हीं सकारात्मक पहलुओं को कार्टून कला के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति देना है।

इस कार्यशाला में दिल्ली के वरिष्ठ कार्टूनिस्ट  माधव जोशी तथा पुणे के प्रसिद्ध कैरिकेचर कलाकार  शुभम जिंदे लाइव डेमो के माध्यम से ऑन-द-स्पॉट कार्टून और कैरिकेचर बनाने का प्रशिक्षण देंगे। साथ ही विद्यार्थियों को कार्टून कला के सामाजिक, रचनात्मक और रोजगारपरक पक्षों से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को मंच मिलेगा और बस्तर की सकारात्मक पहचान को कला के माध्यम से देशभर तक पहुंचाया जा सके। ‘मुस्कुराता बस्तर’ अभियान नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर से जोड़ने का रचनात्मक प्रयास है।

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से हो रहे काम, उत्कृष्ट खेल मिशन के लिए इस साल 100 करोड़ का प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में हुए शामिल*

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक श्रीवास्तव और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि

छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, CM देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी का दमदार प्रदर्शन, CM देव साय ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

 रायपुरमुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव निवासी एवं छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव से वीडियो कॉल के माध्यम से आत्मीय बातचीत कर उन्हें इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव को रजत पदक जीतने पर पुनः बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता वर्षों की कठिन साधना और निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ज्ञानेश्वरी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और छत्तीसगढ़ का नाम नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपसे प्रतियोगिता के लिए रवाना होने से पहले भी मुलाकात हुई थी और आज आपकी सफलता पर पुनः बात करके अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आपने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का सम्मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आपकी उपलब्धि प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की प्रतिभाएं विश्व मंच पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।

ज्ञानेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आत्मीय स्नेह, प्रोत्साहन और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का आशीर्वाद और प्रदेशवासियों का स्नेह उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव निवासी ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ पुलिस में सहायक उप निरीक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं। खेल और सेवा, दोनों क्षेत्रों में उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतकर उन्होंने भारत और छत्तीसगढ़ दोनों का मान बढ़ाया है।

BIG NEWS : एक बार फिर आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, तीन की मौत, पांच अस्पताल में भर्ती

BIG NEWS : एक बार फिर आकाशीय बिजली ने मचाई तबाही, तीन की मौत, पांच अस्पताल में भर्ती

 मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां ब्लॉक में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य झुलस गए। शिवपुर में धान रोपाई के दौरान दो लोगों की जान चली गई, वहीं मंगोरा गांव में मवेशी चरा रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

धान रोपाई के दौरान गिरी बिजली
जानकारी के अनुसार, शिवपुर गांव में कुछ ग्रामीण खेतों में धान रोपाई का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आसपास मौजूद अन्य लोग भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना इतनी अचानक हुई कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

मवेशी चराने गया चरवाहा बना हादसे का शिकार
वहीं, ग्राम पंचायत मंगोरा में एक चरवाहा अपने मवेशियों को चराने के लिए निकला था। इसी दौरान आकाशीय बिजली उसके ऊपर गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में लगातार मौसम खराब बना हुआ है और बारिश के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी बढ़ी हैं।

पांच घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में झुलसे पांच लोगों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति पहले से बेहतर बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

आकाशीय बिजली की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर लोगों को बारिश के मौसम में सतर्क रहने की जरूरत का एहसास कराया है। प्रशासन ने भी खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और खेतों में काम करने से बचने की अपील की है।

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल - साव

समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए अहम उपक्रम साबित होगा खेल - साव

 00 उप मुख्यमंत्री ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का किया शुभारंभ

00 छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी जुटे

00 राज्य में खेलों और खिलाडिय़ों के लिए बेहतर इको-सिस्टम तैयार करने कर रहे मंथन
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में पहली बार हो रहे स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, नामचीन खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी भागीदारी कर रहे हैं। वे दिनभर अलग-अलग कई सत्रों में राज्य में खेल और खिलाडिय़ों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने, खेल प्रतिभाएं को तराशने, उन्हें अच्छी सुविधाएं उपलब्ध कराने, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करने तथा खेल अधोसंरचना को मजबूत करने रोडमैप पर मंथन करेंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के पहले सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि समर्थ और विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए खेल एक अहम उपक्रम साबित होगा। राज्य में खेल और खिलाडिय़ों के विकास से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने के ज्यादा मौके मिलेंगे, उनका सर्वांगीण विकास होगा और वे एक मजबूत मानव संसाधन के रूप में तैयार होंगे, जिसका लाभ छत्तीसगढ़ को मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों की तरक्की और बेहतरी के लिए राज्य शासन हर तरह से तैयार है। इसके लिए खिलाडिय़ों, प्रशिक्षकों और खेल संघों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने राज्य की मौजूदा खेल अधोसंरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए इनके संचालन और खिलाडिय़ों के लिए उपलब्धता की सुदृढ़ व्यवस्था बनाने पर जोर दिया।

साव ने विजन टू विक्ट्री थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोज सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञों के बीच होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य में बेहतर खेल सुविधाओं और खिलाडिय़ों को तैयार करने के लिए लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों में खेल संघों के गठन, उनके व्यवस्थित व मजबूत ढांचे, नियमित गतिविधियों और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर जोर दिया।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव  यशवंत कुमार ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि आज यहां होने वाली चर्चा के निष्कर्षों को राज्य की नई खेल नीति में शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाडिय़ों को आगे बढ़ाने राज्य शासन द्वारा किए जा रहे आयोजनों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अभी 150 करोड़ रुपए से अधिक के खेल अधोसंरचनाओं के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।
कॉन्क्लेव के पहले सत्र में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉल टीम की कप्तान सुश्री किरण पिस्दा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खिलाडिय़ों के लिए बड़ा प्लेटफॉर्म है। राज्य में पहली बार हो रहे इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव से खिलाडिय़ों को बहुत फायदा होगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए खिलाडिय़ों को तैयार करने यहां रोडमैप तैयार होगा, जिसका लाभ सभी खिलाडिय़ों को मिलेगा।
कॉन्क्लेव में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान, ओलंपियन  जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया सहित अनेक स्पोर्ट्स प्रोफेशनल, सभी जिलों के खेल अधिकारी, प्रशिक्षक, पदक विजेता खिलाड़ी और खेल संघों के पदाधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

मुख्यमंत्री साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सपत्नीक कौशल्या साय के साथ विश्वप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा मंदिर की परिक्रमा कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पंच दिवसीय महा चतुर शुद्धि सहस्र कलशम् महाअनुष्ठान में भी सम्मिलित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता कर प्रदेश की उन्नति, सामाजिक सद्भाव और लोकमंगल की प्रार्थना की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना


मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भोरमदेव छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का गौरवशाली प्रतीक है। ऐसे महाअनुष्ठान हमारी प्राचीन वैदिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सद्भाव और लोककल्याण की भावना को भी सशक्त बनाते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आगामी 30 जुलाई से भगवान शिव की आराधना का पावन श्रावण मास प्रारंभ होने जा रहा है। पिछले दो वर्षों से उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ भोरमदेव धाम पहुंचने वाले कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा भारतीय संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक भी है।
इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के अभिनंदन के लिए वे स्वयं भोरमदेव धाम पहुंचकर पुष्पवर्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भोरमदेव धाम में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की मंगलकामना


उल्लेखनीय है कि महादिव्य देशम फाउंडेशन के तत्वावधान में 25 जुलाई से प्रारंभ यह पंच दिवसीय महाअनुष्ठान कबीरधाम सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ के सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक कल्याण की भावना से आयोजित किया जा रहा है। फाउंडेशन के प्रमुख राजीव राकुल स्वामी (केरल) के अनुसार यह अनुष्ठान प्राण-प्रतिष्ठित मंदिरों के शुद्धिकरण एवं दिव्य ऊर्जा के पुनर्संचार की प्राचीन वैदिक परंपरा पर आधारित है, जिसे भगवान परशुराम स्रोतम तथा आगम शास्त्रों में वर्णित विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक पंडरिया भावना बोहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक आचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

BREAKING : राजधानी के मेकाहारा अस्पताल में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

BREAKING : राजधानी के मेकाहारा अस्पताल में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

 रायपुर। राजधानी रायपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में मंगलवार को आग लगने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग अस्पताल के कैजुअल्टी (इमरजेंसी) वार्ड में लगी, जिसके बाद मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र की है। सूचना मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। सुरक्षा के मद्देनजर केजुअल्टी वार्ड और आसपास के हिस्सों को खाली कराया गया तथा मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक समय रहते अस्पताल प्रशासन, पुलिस और दमकल कर्मियों की सक्रियता से मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया गया। हालांकि किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। घटना के बाद पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप का माहौल है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।

मुनगा बनेगा सुपोषित छत्तीसगढ़ का आधार : राजवाड़े

मुनगा बनेगा सुपोषित छत्तीसगढ़ का आधार : राजवाड़े

 00 घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा अभियान
रायपुर।
महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी रजवाड़े ने प्रदेशवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक मुनगा (सहजन) पौधे लगाने की अपील की है, ताकि कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण हो सके। विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केंद्रों और घरों में सुपोषण वृक्ष-मुनगा अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और माताओं को स्थानीय पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि मुनगा, जिसे मदर्स ट्री कहा जाता है, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और विटामिन से भरपूर है और यह बच्चों के विकास, मातृ स्वास्थ्य तथा एनीमिया रोकथाम में अत्यंत उपयोगी है। सरकार पोषण सुधार को जनभागीदारी आधारित अभियान बना रही है। आंगनबाड़ी और घरों में मुनगा पौधरोपण से पोषण जागरूकता और दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
जनप्रतिनिधियों से अपील
मंत्री ने सांसदों, विधायकों, पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में मुनगा पौधरोपण का नेतृत्व करने का आग्रह किया। स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक पौधरोपण कर सुपोषण वाटिका विकसित करने पर जोर दिया।
सामूहिक भागीदारी
उन्होंने महिला समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, युवाओं और संगठनों से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। खेतों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए मुनगा पौधे पोषण, पर्यावरण और हरियाली तीनों को बढ़ावा देंगे। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि मुनगा का हर पौधा स्वास्थ्य और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने आह्वान किया कि घर-घर मुनगा, हर आंगन मुनगा—सुपोषित बचपन और स्वस्थ परिवार ही नए छत्तीसगढ़ की नींव है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान जनसहयोग से एक सशक्त जन-आंदोलन बनेगा और छत्तीसगढ़ को सुपोषित और हरित राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में रजत पदक जीतने पर ज्ञानेश्वरी यादव को दी बधाई

विश्व मंच पर छत्तीसगढ़ की बेटी ने बढ़ाया देश का गौरव, युवाओं के लिए बनी प्रेरणा : मुख्यमंत्री साय

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 की महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने वाली राजनांदगांव की प्रतिभाशाली खिलाड़ी ज्ञानेश्वरी यादव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विश्व स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा हासिल की गई यह सफलता केवल एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प का सम्मान है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की नई प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनांदगांव की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि प्रतिभा को समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का साथ मिले तो वैश्विक मंच पर भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने, खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर सुविधाएँ और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारी सरकार का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहाँ छत्तीसगढ़ के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री साय ने ज्ञानेश्वरी यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारत और छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित करती रहेंगी तथा प्रदेश के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बनेंगी।

CG – मौत का सफर : उफनते नाले में बही कार, पति-पत्नी लापता, रेस्क्यू जारी…

CG – मौत का सफर : उफनते नाले में बही कार, पति-पत्नी लापता, रेस्क्यू जारी…

 सारंगढ़। छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मानसून की भारी बारिश के बीच एक बड़ा हादसा सामने आया है। नाले से ऊपर बह रहे पानी के बावजूद कार सवार दंपति नाला पार कर रहे थे। तेज बहाव के कारण कार नाले में बह गई। इस दर्दनाक घटना में कार में सवार एक दम्पति लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश में प्रशासन और स्थानीय लोग जुटे हुए हैं। गनीमत यह रही कि कार के पूरी तरह बहने से पहले एक अन्य यात्री ने चलती गाड़ी से नाले में कूदकर अपनी सूझबूझ से जान बचा ली।

सारंगढ़-बरमकेला मार्ग पर माधोपाली के पास लात नाला पड़ता है। बीते दो तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदी के अलावा नाले भी उफान पर है। नाले के ऊपर से पानी बह रहा है। पानी का बहाव काफी तेज है। तेज बहाव वाले पानी में कार सवार दंपति ने नाले से निकलने की कोशिश की। नाले के बीच में आते ही पानी के तेज बहाव के कारण कार पर नियंत्रण नहीं रख पाए और बहाव तेज होने के कारण कारण बहकर नाले में जा गिरा। कार देवनारायण पटेल ड्राइव कर रहे थे, बाजू की सीट पर उनकी पत्नी बैठी थी।

कार मिली, पति-पत्नी का नहीं चल पाया पता

नाला से तकरीबन डेढ़ किलोमीटर दूर बहकर कार चली गई थी। औरा चक्का के पास कार को बरामद कर लिया है। कार के भीतर पति पत्नी नहीं मिले। आशंका जताई जा रहा है, उफान और तेज बहाव के कारण बहकर आगे चले गए होंगे। बहरहाल सारंगढ़ पुलिस जांच में जुटी हुई है।

Monsoon Update: मानसून हुआ मेहरबान, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, जलभराव से बढ़ी परेशानी

Monsoon Update: मानसून हुआ मेहरबान, रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश, जलभराव से बढ़ी परेशानी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, भारी बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई है, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि, रविवार सुबह से ही रायपुर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही वर्षा के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि लोगों को आने-जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बारिश के चलते कुछ इलाकों में ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ गई और व्यस्त मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं। नगर निगम और प्रशासन की टीमें जलनिकासी की व्यवस्था को सुचारु करने में जुटी हुई हैं। इधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। वहीं, लगातार हो रही बारिश का लोग भरपूर आनंद भी लेते नजर आए। कई जगहों पर युवाओं और बच्चों ने बारिश का लुत्फ उठाया, जबकि मौसम सुहावना होने से शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ी। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बने मौसम तंत्र के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर,भोरमदेव मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

BREAKING : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर,भोरमदेव मंदिर में करेंगे पूजा-अर्चना

 रायपुर – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज कवर्धा जिले के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह 9:30 बजे रायपुर से रवाना होंगे और 10:50 बजे भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री सुबह 11:30 बजे भोरमदेव से रवाना होंगे और दोपहर 12:50 बजे मुख्यमंत्री निवास, रायपुर लौटेंगे। वही शाम के कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में शामिल होंगे। इसके बाद वे शाम 5:30 बजे एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। सभी निर्धारित कार्यक्रमों के बाद मुख्यमंत्री शाम 6:45 बजे मुख्यमंत्री निवास वापस लौटेंगे।

 
छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता  वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और श्री रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में पहली बार मिला दुर्लभ श्वेत कॉमन करैत, छठा राज्य बना वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण खोज

छत्तीसगढ़ में पहली बार मिला दुर्लभ श्वेत कॉमन करैत, छठा राज्य बना वैज्ञानिकों और वन्यजीव विशेषज्ञों के महत्वपूर्ण खोज

 दुर्ग/चरोदा। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के चरोदा स्थित पंचशील नगर में एक अत्यंत दुर्लभ ल्यूसिस्टिक (Leucistic) कॉमन करैत (Bungarus caeruleus) मिलने से वन्यजीव एवं वैज्ञानिक जगत में उत्साह का माहौल है। यह दुर्लभ सांप 21 जुलाई 2026 की रात लगभग 9:10 बजे एक आवासीय मकान से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू एवं सुरक्षित रिलीज का कार्य वन विभाग , अविनाश मौर्य एवं विजय शर्मा द्वारा किया गया।

जांच के दौरान यह लगभग 2.5 से 3 फीट कॉमन करैत पाया गई। इसका पूरा शरीर लगभग सफेद था, जबकि आंखें सामान्य काले रंग की थीं। इसी कारण इसे अल्बिनो (Albino) नहीं बल्कि ल्यूसिस्टिक (Leucistic) माना गया। ल्यूसिज्म एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक अवस्था है, जिसमें शरीर के अधिकांश भाग का रंगद्रव्य (Pigmentation) कम हो जाता है, लेकिन आंखों का रंग सामान्य बना रहता है।

प्रारंभिक उपलब्ध वैज्ञानिक साहित्य के अनुसार, भारत में इस प्रकार के ल्यूसिस्टिक कॉमन करैत के बहुत कम प्रामाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। उपलब्ध जानकारी के आधार पर छत्तीसगढ़ इस दुर्लभ घटना का दस्तावेजीकरण करने वाला देश का छठा राज्य बन सकता है। हालांकि अंतिम पुष्टि वैज्ञानिक शोध-पत्र के प्रकाशन एवं विस्तृत साहित्य समीक्षा के बाद होगी।

कॉमन करैत भारत के सबसे विषैले सर्पों में से एक है तथा इसे देश के “बिग फोर” विषैले सांपों में शामिल किया जाता है। इसका विष मुख्यतः न्यूरोटॉक्सिक (Neurotoxic) होता है, जो सीधे तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव डालता है। इसकी सबसे खतरनाक विशेषता यह है कि इसका दंश अक्सर बिना अधिक दर्द के होता है, जिससे कई बार पीड़ित व्यक्ति समय पर इसकी गंभीरता को समझ नहीं पाता। समय पर उपचार न मिलने पर श्वसन तंत्र प्रभावित होने से मृत्यु भी हो सकती है। भारत में अधिकांश गंभीर सर्पदंश इन्हीं चार प्रमुख विषैले सर्पों से जुड़े होते हैं, जिनमें कॉमन करैत भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ में विशेषकर वर्षा ऋतु के दौरान कॉमन करैत के दंश के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। हाल के दिनों में भी राज्य में करैत के काटने से कई मौतों की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे इस प्रजाति के प्रति जागरूकता और समय पर उपचार की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
वन्यजीव रेस्क्यूअर विशेषज्ञ अविनाश मौर्य ने बताया कि सफेद रंग होने के बावजूद यह सांप सामान्य कॉमन करैत जितना ही विषैला था। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी सफेद या अलग रंग के सांप को देखकर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें। ऐसे मामलों में तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम अथवा वन विभाग को सूचना दें।

रेस्क्यू के बाद वन विभाग ओर विशेषज्ञों के दिशा-निर्देशों के अनुसार सांप को सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह खोज केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि भारतीय सर्प विज्ञान (Herpetology) के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दुर्लभ रिकॉर्ड पर आधारित विस्तृत वैज्ञानिक शोध-पत्र तैयार किया जा रहा है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में प्रकाशित करने की तैयारी चल रही है। यदि यह रिकॉर्ड प्रकाशित होता है, तो यह छत्तीसगढ़ की जैव विविधता के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि मानी जाएगी।

अंत में वन्यजीव रेस्क्यूअर अविनाश मौर्य ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल किसी पर्व या वर्षा ऋतु तक सीमित नहीं होना चाहिए। सांप सहित सभी वन्यजीव हमारी जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वर्षभर इनके संरक्षण के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। यदि कहीं कोई सांप अथवा अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे नुकसान पहुँचाने या मारने का प्रयास न करें। प्रशिक्षित रेस्क्यूअर अथवा वन विभाग को सूचना देकर उसे सुरक्षित बचाने में सहयोग करें। प्रत्येक जीव प्रकृति के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए उनका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

प्रदेश में अब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज : अब तक 85% बारिश, मैदानी इलाकों में जमकर बरसे बदरा

प्रदेश में अब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज : अब तक 85% बारिश, मैदानी इलाकों में जमकर बरसे बदरा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में बारिश का असमान वितरण देखने को मिल रहा है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 27 जुलाई की स्थिति में जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 1 जून से अब तक औसतन 421 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई है। यह बीते 10 वर्षों की औसत बारिश (494 मि.मी.) का 85.2 प्रतिशत है। औसतन आंकड़ों के लिहाज से स्थिति भले ही सामान्य के करीब नजर आ रही हो, लेकिन जिलों के धरातलीय आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य छत्तीसगढ़ यानी मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। जबकि बस्तर और सरगुजा संभाग के अधिकांश जिलों में अब भी पानी की दरकार है।

​ इस मानसून में अब तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में औसत के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ 181.5 फीसदी (694.3 मि.मी.) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही महासमुंद (123.2%), बलरामपुर (125.5%), जांजगीर-चांपा (117.6%), बलौदाबाजार (114.0%), सक्ती (113.7%) और राजधानी रायपुर (111.1%) में भी सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे यहाँ के नदी-नाले उफान पर हैं और खेती-किसानी के काम में तेजी आई है। इसके अलावा बिलासपुर (102.5%), दुर्ग (105.1%) और मुंगेली (100.6%) में भी वर्षा का कोटा लगभग पूरा हो चुका है।

छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम: अरुण साव

छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम: अरुण साव

 रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कaल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने काबड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक रश्मि ठाकुर और रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।

BREAKING NEWS : भाजपा को बड़ा झटका, शहर मंडल के 111 सदस्यों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

BREAKING NEWS : भाजपा को बड़ा झटका, शहर मंडल के 111 सदस्यों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

 डोंगरगढ़। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।डोंगरगढ़ शहर भाजपा मंडल के 111 सदस्यों ने सामूहिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि डोंगरगढ़ शहर मंडल अध्यक्ष से नाराजगी को सामूहिक इस्तीफे की प्रमुख वजह बताया गया है। इधर, सोशल मीडिया पर जिला भाजपा अध्यक्ष के नाम संबोधित सामूहिक इस्तीफे का पत्र भी सामने आया है। पत्र में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही गई है।

डोंगरगढ़ शहर भाजपा के 111 सदस्यों के सामूहिक इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद स्थानीय राजनीति में इसे भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब पार्टी संगठन इस मामले को लेकर क्या कदम उठाता है और नाराज सदस्यों को मनाने के लिए क्या प्रयास किए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

सामूहिक इस्तीफा पत्र में लिखी है ये बातें
भाजपा जिलाध्यक्ष राजनांदगांव को लिखे गए सामूहिक इस्तीफा पत्र में लिखा गया है कि हम सभी कार्यकर्ता डोंगरगढ़ शहर मंडल के निवासी हैं। डोंगरगढ़ शहर मंडल में जब से जसमीत सिंह बन्नौआना अध्यक्ष बने हैं तब से पूर्व विधायक सह प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती एवं डोंगरगढ़ शहर के चार व्यापारी नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं। पार्टी के वरिष्ठ एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं के प्रति उनका रवैया ठीक नहीं रहा है। इनके हर फैसले प्रदेश उपाध्यक्ष रामजी भारती एवं इन चार व्यापारी नेताओं के हिसाब से लिए जाते हैं।

 

पत्र में आगे लिखा है कि शहर मंडल अध्यक्ष द्वारा स्वयं एवं कई कार्यकर्ताओं के लिए एक से अधिक पदों की अनुशंसा की जाती रही है। इसके विपरीत निष्ठावान कार्यकर्ता जिनके द्वारा लगातार चुनावों में पार्टी के पक्ष में पूरी ईमानदारी के साथ काम किया जाता रहा है उन्हें घर बैठने मजबूर कर दिया गया है। परिवारवाद से उपजे डोंगरगढ़ शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत बन्नोआना शहर में गुटबाजी को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं। अंततः हम सभी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा एवं इनके काम करने के तरीके से आहत होकर भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहे हैं।

परिवारवाद को बढ़ावा देने का लगाया आरोप
उल्लेखनीय है कि जसमीत सिंह बन्नोआना का नाम शहर मंडल अध्यक्ष के रूप में सामने आने के समय भी संगठन के भीतर परिवारवाद को लेकर सवाल उठे थे। उस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने दबी जुबान में इसका विरोध किया था। इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष पद पर आकाश सिंह राजपूत की नियुक्ति को लेकर भी असंतोष सामने आया। असंतुष्ट कार्यकर्ताओं का आरोप है कि आकाश सिंह राजपूत भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत के रिश्तेदार हैं और संगठन में उनकी कोई उल्लेखनीय सक्रिय भूमिका नहीं रही, इसके बावजूद उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। इसी को आधार बनाकर संगठन पर परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए।

सवाल उठाने पर संगठन ने कार्यकर्ताओं को भेजा था नोटिस
बताया जा रहा है कि संगठन की इसी कार्यशैली का विरोध कुछ कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी किया था। इसके बाद संबंधित कार्यकर्ताओं को संगठन की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। अब वही कार्यकर्ता इस विरोध का नेतृत्व करते हुए 111 कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे की घोषणा तक पहुंच गए हैं, जिससे डोंगरगढ़ भाजपा में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। हालांकि, पत्र में लगाए गए सभी आरोप संबंधित कार्यकर्ताओं के हैं। शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत सिंह बन्नोतआना, प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामजी भारती, भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत तथा भाजपा संगठन की ओर से इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राष्ट्रमंडल खेल : छत्तीसगढ़ की ज्ञानेश्वरी ने जीता रजत पदक

राष्ट्रमंडल खेल : छत्तीसगढ़ की ज्ञानेश्वरी ने जीता रजत पदक

 छत्तीसगढ़ की ज्ञानेश्वरी यादवने भारोत्तोलक में जीता रजत

रायपुर। भारत की महिला भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलो भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो वजन उठाया। इसके साथ ही उन्होंने कुल 199 किलो वजन उठाकर दूसर स्थान हासिल किया। नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला दिदिह ने कुल 206 किलो (93+113) वजन उठाकर स्वर्ण पदक और कनाडा की रेबेका ग्रोउलेक्स ने कुल 178 किलो (83+95) का वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश्वरी यादव छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की रहने वाली है। ज्ञानेश्वरी शुरुआत से ही पदक की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन महज सात किलो के अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं।

ज्ञानेश्वरी ने पहले प्रयास में 82 किलो वजन सफलतापूर्वक उठाया। ज्ञानेश्वरी ने स्नैच के दूसरे प्रयास में 85 किलो वजन उठाया। इसके बाद उन्होंने स्नैच के तीसरे प्रयास में 88 किलो वजन उठाया। ज्ञानेश्वरी के स्नैच में तीनों प्रयास सफल रहे। हर एक प्रयास में उन्होंने अपना वजन बढ़ाया और वह इसे उठाने में सफल भी रहीं। ज्ञानेश्वरी का तीसरे प्रयास में 88 किलो वजन कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी था, लेकिन नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला दिदिह ने 93 किलो उठाया नया रिकॉर्ड बनाया।

क्लीन एंड जर्क में दिदिह से किस तरह पिछड़ीं
स्नैच के बाद नाइजीरिया की दिदिह आगे चल रही थीं और ज्ञानेश्वरी दूसरे नंबर पर थीं। क्लीन एंड जर्क में ज्ञानेश्वरी ने पहले प्रयास में 103 किलो वजन रजिस्टर कराया और वह इसमें सफल भी रहीं। इसके बाद उन्होंने 107 किलो और 111 किलो का वजन उठाया। स्नैच की तरह क्लीन एंड जर्क में भी ज्ञानेश्वरी के तीनों प्रयास सफल रहे। लेकिन दिदिह स्नैच की तरह क्लीन एंड जर्क में भी ज्ञानेश्वरी से आगे रहीं। दिदिह ने क्लीन एंड जर्क के तीन प्रयास में क्रमश: 105, 110 और 113 किलो वजन उठाया और स्वर्ण हासिल करने में सफल रहीं।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पांचवां पदक
ज्ञानेश्वरी शुरुआत से ही पदक की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन महज सात किलो के अंतर से स्वर्ण पदक जीतने से चूक गईं। भारत ने इस तरह ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक पांच पदक अपने नाम किए हैं जिसमें चार भारोत्तोलन में आए हैं। भारत अब तक एक स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक जीत चुका है। भारत की ओर से अब तक भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने स्वर्ण, पुरुष भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह, राजा और ज्ञानेश्वरी ने रजत और पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीते हैं।

ब्रेकिंग : सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका! नहीं चलेगी मनमानी, अगर ये काम नहीं किया तो नहीं मिलेगी सैलेरी

ब्रेकिंग : सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका! नहीं चलेगी मनमानी, अगर ये काम नहीं किया तो नहीं मिलेगी सैलेरी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने  सरकारी स्कूलों और कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इसमें साफ लिखा है, शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन अटेंडेंस के जरिए ही की जा रही है। जुलाई की सैलेरी इसी आधार पर बनेगी। जितने दिन की ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज होगा, वेतन भी उतने ही दिनों की बनाई जाएगी।

पढ़िए डीपीआई का आदेश

CG Job अलर्ट : युवाओं के लिए खुशखबरी, इतने पदों पर निकली बंपर भर्ती, 10 वीं पास अभ्यर्थी कर सकते है आवेदन, देखें डिटेल……

CG Job अलर्ट : युवाओं के लिए खुशखबरी, इतने पदों पर निकली बंपर भर्ती, 10 वीं पास अभ्यर्थी कर सकते है आवेदन, देखें डिटेल……

 महासमुंद। युवाओं के लिए खुशखबरी है। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 559 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, महासमुंद द्वारा युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु 29 जुलाई को जिला स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह रोजगार मेला शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज, ग्राम बरोड़ा बाजार, महासमुंद में सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा। इसके लिए अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल https://www.erojgar.cg.gov.in/ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

उप संचालक रोजगार डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कंपनियां डब्ल्यूआईओ एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, सूर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी, स्वतंत्र माइक्रोफिन प्राइवेट लिमिटेड, यूपीडीटी एजुकेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, एनआईआईटी लिमिटेड तथा स्टे प्रोटेक्टेड सिक्योरिटी गार्ड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 10वीं, 12वीं, आईटीआई एवं स्नातक उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए कुल 559 विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य

उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में अभ्यर्थियों को शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों की मूल एवं छायाप्रति, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, बायोडाटा तथा पासपोर्ट आकार के फोटो के साथ उपस्थित होना है। साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ रोजगार विभाग के ई-रोजगार पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ ई-रोजगार पोर्टल https://www.erojgar.cg.gov.in/ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

अभ्यर्थी रिक्त पदों की संख्या, पदवार शैक्षणिक योग्यता, वेतनमान एवं कार्यस्थल संबंधी विस्तृत जानकारी जिला रोजगार कार्यालय, महासमुंद से या ई-रोजगार पोर्टल पर प्राप्त कर सकते है।

जल जीवन मिशन 2.0 पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मंथन

जल जीवन मिशन 2.0 पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मंथन

 रायपुर/ नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार शाम जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक में सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू,चिंतामणि महाराज, राधेश्याम राठिया, कमलेश जांगड़े,  ज्योत्सना महंत, संतोष पांडेय,  विजय बघेल,  बृजमोहन अग्रवाल, रूपकुमारी चौधरी, महेश कश्यप और भोजराज नाग तथा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम उपस्थित रहे।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं भी साझा की।

बैठक में मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और क्रियान्वयन रणनीति की भी जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में सांसदों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय DIHSA की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, ‘जल अर्पण’ कार्यक्रमों में सहभागिता कर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण तथा ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करें। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आह्वान किया गया।

बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ भी उपस्थित रहे।

स्मार्ट मीटर से बिजली खपत नहीं बढ़ती, तीन शहरों के सर्वे में सामने आई सच्चाई

स्मार्ट मीटर से बिजली खपत नहीं बढ़ती, तीन शहरों के सर्वे में सामने आई सच्चाई

 रायपुर। स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया है। मई, जून और जुलाई 2026 की खपत के विश्लेषण में यह सामने आया कि अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई माह में कम हुई है। रायपुर शहर क्षेत्र के 3,11,374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 जून से 26 जून 2026 के दौरान कुल बिजली खपत लगभग 10.85 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी।

जबकि 1 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के दौरान यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। अर्थात कुल 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यदि 400 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं की बात करें, तो 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओ के बिलों के विश्लेषण से पता चलता है, कि उनकी खपत में लगभग 44 प्रतिशत की कमी हुई है। कारण स्पष्ट है, कि खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं अपितु उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही वास्तविक खपत है। ऐसेे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगे थे उनकी खपत में भी माह अप्रैल-मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई है।

उदाहरणः- 1. अवंती विहार रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100060XXXX, संयोजित भार 5 किलोवाट
i. अप्रैल- 2025 की खपत 1611 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 2071 यूनिट
ii. मई- 2025 की खपत 1503 यूनिट, मई- 2026 की खपत 2592 यूनिट
iii. जून- 2025 की खपत 895 यूनिट, जून- 2026 की खपत 2487 यूनिट

2. राजीव नगर रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100000XXXX, संयोजित भार 10 किलोवाट
i. अप्रैल- 2025 की खपत 1019 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1065 यूनिट
ii. मई- 2025 की खपत 885 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1383 यूनिट
iii. जून- 2025 की खपत 896 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1762 यूनिट

3. कचना रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100658XXXX, संयोजित भार 8 किलोवाट
i. अप्रैल- 2025 की खपत 1332 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1360 यूनिट
ii. मई- 2025 की खपत 1156 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1709 यूनिट
iii. जून- 2025 की खपत 759 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1579 यूनिट

इसी प्रकार दुर्ग शहर के चयनित 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी, के तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 76,257 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,65,411 यूनिट तथा मई 2026 में 1,75,451 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 53 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है। बिलासपुर के सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट तथा जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज की गई।इस प्रकार जुलाई की खपत लगभग 43 प्रतिशत कम हुई है।

निष्कर्षः- 1. उपभोक्ता जो एसी का उपयोग करते है, जिससे इनकी खपत 400 यूनिट से अधिक होती है। इन्हे मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिल पाता है जिसके कारण विद्युत देयक में वृद्धि परिलक्षित होती है। परंतु जुलाई माह की सिस्टम से निकाले गए आंकडों में ऐसे उपभोक्ताओं की खपत में भी उल्लेखनीय कमी हुई है, जिससे माह जुलाई की खपत जिसका बिल अगस्त में आयेगा की देय राशि कम होगी एवं अधिक उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ प्राप्त होगा।

2. ऐसे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, की खपत में भी मई और जून के माह में विगत वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है।
परंतु जुलाई के माह में इसी मीटर में कम खपत दर्ज हुई है। अर्थात अधिक खपत दर्ज करने में स्मार्ट मीटर कारण नहीं है बल्कि उपभोक्ता द्वारा विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग है।

3. उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगातार तीन माहों में उच्चतम मांग अधिक दर्ज होने पर बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग की राशि जुड़ रही थी। इसके कारण भी उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहा था। आगामी विद्युत देयकों के लिए यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत भार से उच्चतम मांग लगातार तीन माहों में अधिक दर्ज होने पर वर्ष में केवल एक बार सप्लाई अफोर्डिंग की राशि माह दिसंबर का बिल जो कि जनवरी में जारी होगा, में देय होगी। उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से दैनिक खपत स्मार्ट मीटर लगे होने पर मोर बिजली ऐप में देख सकता है।

सामान्य मीटर में भी मोर बिजली ऐप के माध्यम से मासिक खपत देखी जा सकती है, परंतु इस मीटर में दैनिक खपत का कोई आंकड़ा ऐप में दर्ज नहीं होता। उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए विभाग द्वारा चेक मीटर भी लगाया जा रहा है, जिससे दोनों मीटरों में दर्ज खपत की तुलना कर समुचित निदान की व्यवस्था की गई है। अभी तक लगाये गये 4500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत में एक समान है। उपभोक्ता विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर- 1912 पर संपर्क कर अपना संशय दूर कर सकता है।

उपभोक्ताओं से विनम्र अनुरोध है, कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। वे मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत स्वयं देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण आसान हो जाता है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम दूर हो सके।

कारगिल के वीरों का बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगा: उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

कारगिल के वीरों का बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगा: उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर: पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में आज ‘कारगिल विजय दिवस’ के अवसर पर  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए।

​कारगिल विजय: स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा

मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था।कारगिल की जीत केवल सैन्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।

कारगिल के वीरों का बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगा: उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा

​दैनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा ही सच्ची देशभक्ति

उच्च शिक्षा मंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ व ‘वोकल फॉर लोकल’ को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।

सुरक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, परिसर और डिजिटल मीडिया में भी जरूरी

डिजिटल दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारू अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।

कारगिल के वीरों का बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगा: उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा

​2047 का विजन: विकसित भारत, समृद्ध छत्तीसगढ़

मंत्री  वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के ‘समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

परित्यक्त बच्चों को नया जीवन और परिवार दे रही ‘मातृछाया‘: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

परित्यक्त बच्चों को नया जीवन और परिवार दे रही ‘मातृछाया‘: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रायपुर के कोटा स्थित सेवा भारती संचालित ‘मातृछाया‘ के 20वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान द्वारा नवजात, परित्यक्त एवं बेसहारा शिशुओं के संरक्षण, पालन-पोषण, शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे सेवा और संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।

मंत्री राजवाड़े ने बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर कहा कि मातृछाया ऐसे बच्चों को सुरक्षित आश्रय, स्नेह और बेहतर भविष्य देने का सराहनीय कार्य कर रही है।

यहां बच्चों की देखभाल के साथ कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें निःसंतान दंपतियों को दत्तक दिए जाने की व्यवस्था भी की जाती है। सेवा भारती खोए हुए बच्चों को उनके परिजनों तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘नर सेवा ही नारायण सेवा‘ की भावना के साथ कार्य कर रहे संस्थान के कार्यकर्ता समाज के लिए प्रेरणा हैं। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने सेवा भारती ‘मातृछाया‘ परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए संस्था के सेवा कार्यों के निरंतर विस्तार की कामना की।