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RTE नियमों की अवहेलना पड़ेगी भारी: 58 निजी स्कूलों को नोटिस, मान्यता रद्द होने का खतरा

RTE नियमों की अवहेलना पड़ेगी भारी: 58 निजी स्कूलों को नोटिस, मान्यता रद्द होने का खतरा

 बिलासपुर। बिलासपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के 58 प्राइवेट स्कूलों को नोटिस जारी कर शिक्षा के अधिकार कानून के निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में डीईओ ने साफ कहा है, पूर्व में दिए गए निर्देशों और गरीब बच्चों के एडमिशन के दिए गए नामों के बाद भी एडमिशन नहीं दिया गया है। यह सीधेतौर पर केंद्र व राज्य सरकार के दिशा निर्देशों की अवहेलना है। अवहेलना और घोर उपेक्षा के चलते क्यों ना स्कूल की मान्यता समाप्त कर दी जाए।

डीईओ ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी करने के साथ ही ऐसे स्कूलों की सूची भी जारी कर दी है, जिन्होंने गरीब बच्चों केा आरटीई के तहत प्रवेश नहीं दिया है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राइवेट स्कूल प्रबंधन को जारी नोटिस में लिखा है, अधिनियम 2009 अंतर्गत सत्र 2026-27 की प्रथम चरण की लाटरी में चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश की उपरोक्त संदर्भित विषयांतर्गत लेख है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार कार्यवाही हेतु समस्त शालाओं को निर्देश जारी कर प्रवेश संबंधी कार्य को लाटरी में चयनित विद्यार्थियों की प्रवेश संबंधी कार्यवाही अपूर्ण है। उक्त कार्य आज दिनांक की स्थिति में भी प्रथम चरण की बरती जा लापरवाही को प्रदर्शित करता है।

डीईओने निर्देशित किया है, पूरी जानकारी अनिवार्यरूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। आगे लिखा है, अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि इस संबंध में आप अपना कारण बताए , आपके विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक एवं शाला की मान्यता समाप्त करने संबंधी कार्यवाही किया जावेगा। जिसके लिए संस्था प्रमुख स्वयं जिम्मेदार होंगे।

सुशासन तिहार 2026 के अंतिम दिन दो क्लस्टर शिविरों का आयोजन, सैकड़ों आवेदनों का हुआ निराकरण

सुशासन तिहार 2026 के अंतिम दिन दो क्लस्टर शिविरों का आयोजन, सैकड़ों आवेदनों का हुआ निराकरण

 धमतरी। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में 01 मई से 10 जून तक जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान एवं समाधान शिविरों का आयोजन किया गया। अभियान के अंतिम दिन आज जिले में दो क्लस्टर स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए गए।

इनमें एक शिविर विकासखंड कुरूद के ग्राम बिरेझर तथा दूसरा विकासखंड नगरी के ग्राम संकरा में संपन्न हुआ। सुशासन तिहार के तहत जिले के चारों विकासखंडों धमतरी, कुरूद, मगरलोड एवं नगरी की कुल 24 ग्राम पंचायतों को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया था। शिविरों में ग्रामीण अपनी शिकायत, मांग एवं समस्याओं से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे। प्राप्त आवेदनों का विभागीय अधिकारियों द्वारा परीक्षण कर कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

विकासखंड कुरूद के ग्राम पंचायत बिरेझर में आयोजित क्लस्टर शिविर में ग्राम पंचायत बिरेझर, चटौद, मुल्ले, करगा, हथबंद, दरबा, कोंडापार, कोटगांव, खुरसेंगा, सरबदा एवं मूरा सहित कुल 11 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने भाग लिया। शिविर में कुल 575 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 568 मांग संबंधी तथा 7 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल हैं। प्राप्त आवेदनों में से 135 मांगों एवं एक शिकायत का निराकरण मौके पर किया गया, जबकि अन्य आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

जिला पंचायत धमतरी के उपाध्यक्ष गौकरण साहू ने कहा कि सुशासन तिहार शासन और आमजन के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और ऐसे शिविरों से लोगों को अपने गांव के समीप ही विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। साहू ने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि आमजन की समस्याओं का समाधान उनके गांव के निकट और समयबद्ध तरीके से किया जाए। सुशासन तिहार इसी उद्देश्य को लेकर आयोजित किया गया है, जिससे नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि शिविरों के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण किया जा रहा है तथा पात्र आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने तथा अपने गांव के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण कर हितग्राहियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराया जाए।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण सामग्री, किट, निःशुल्क चश्मे एवं अन्य लाभकारी सामग्री वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नोनी योजना एवं पोषण कार्यक्रम के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरण, नेत्र परीक्षण एवं निःशुल्क चश्मा वितरण किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन एवं संगठित श्रमिक कार्ड से संबंधित प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

शिविर में जनपद पंचायत कुरूद के कृषि सभापति चंचल चन्द्रशेखर साहू, पूर्व जनपद सदस्य एवं अध्यक्ष डॉ. लोकेश साहू, ग्राम पंचायत बिरेझर की सरपंच नेहा भूपेन्द्र साहू, सचिव चन्द्रप्रकाश साहू सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि, पंच-सरपंच, सचिवगण, बिहान समूह की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

अतिथियों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा हितग्राहियों को प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी ली। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण सामग्री, किट, निःशुल्क चश्मे एवं अन्य लाभकारी सामग्री वितरित की गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नोनी योजना एवं पोषण कार्यक्रम के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड वितरण, नेत्र परीक्षण एवं निःशुल्क चश्मा वितरण किया गया। श्रम विभाग द्वारा श्रमिक पंजीयन एवं संगठित श्रमिक कार्ड से संबंधित प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी वरदानः छबीला यालम को मिला सम्मानजनक विवाह और आत्मनिर्भरता का संबल

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बनी वरदानः छबीला यालम को मिला सम्मानजनक विवाह और आत्मनिर्भरता का संबल

 बीजापुर। जिला बीजापुर के भोपालपटनम परियोजना अंतर्गत ग्राम मेट्टुपल्ली की बेटी छबीला यालम के जीवन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है। आर्थिक रूप से साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली छबीला के लिए यह योजना न केवल सम्मानजनक विवाह का माध्यम बनी, बल्कि आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव भी साबित हुई।

आर्थिक तंगी के बीच बेटी के विवाह की चिंता- छबीला के पिता बाबू यालम एवं माता सरिता यालम अपनी बेटी को पढ़ा-लिखाकर आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे। लेकिन जैसे-जैसे विवाह का समय नजदीक आया, सीमित आय के कारण विवाह के खर्चों को लेकर परिवार चिंतित रहने लगा। सामाजिक रीति-रिवाजों, भोज और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च परिवार की क्षमता से बाहर प्रतीत हो रहा था।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने दिखाई राह- इसी दौरान क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शकुंतला मट्टी ने परिवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2026 को बीजापुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होकर योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है। जानकारी मिलते ही परिवार ने 25 जनवरी 2026 को आवेदन कर दिया।

सामूहिक विवाह में संपन्न हुआ गरिमामय विवाह- योजना के तहत ग्राम मेट्टुपल्ली निवासी पवन वासम के साथ छबीला यालम का विवाह 10 फरवरी 2026 को बीजापुर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में पूर्ण हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। समारोह में वर-वधू और उनके परिवारों का सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया तथा विवाह की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं शासन द्वारा सुनिश्चित की गईं।

50 हजार की सहायता बनी आत्मनिर्भरता की राह- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत छबीला को कुल 50,000 की सहायता प्राप्त हुई, जिसमें 15,000 मूल्य की उपहार सामग्री एवं आयोजन व्यय तथा 35,000 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान की गई।

छबीला ने इस राशि का सदुपयोग करते हुए सिलाई मशीन खरीदी और स्वरोजगार की शुरुआत की। आज वे सिलाई कार्य के माध्यम से स्वयं आय अर्जित कर रही हैं। कुछ राशि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं पर खर्च करने के बाद शेष धनराशि को उन्होंने भविष्य की सुरक्षा के लिए बैंक में जमा कर रखा है।

सामाजिक समरसता और सशक्तिकरण का उदाहरण- मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सुधार का भी प्रभावी माध्यम बन रही है। सामूहिक विवाह से अनावश्यक खर्च और दहेज जैसी कुरीतियों पर अंकुश लग रहा है, वहीं विभिन्न समुदायों और परिवारों के बीच सामाजिक समरसता एवं भाईचारे को भी बढ़ावा मिल रहा है।

बेटी के सपनों को मिले नए पंख- आज छबीला यालम आत्मसम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने नव-वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर चुकी हैं। स्वरोजगार के माध्यम से वे आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने उनके परिवार की वर्षों पुरानी चिंता को दूर कर एक सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने छबीला यालम के जीवन में खुशियों की नई शुरुआत की है, जहां सम्मानजनक विवाह के साथ आत्मनिर्भरता का सपना भी साकार हो रहा है।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक करीब, 11 जून से तेज बारिश और आंधी-तूफान के आसार

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक करीब, 11 जून से तेज बारिश और आंधी-तूफान के आसार

 रायपुर। भीषण गर्मी और उमस से परेशान छत्तीसगढ़वासियों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 3 से 4 दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। मौसम विभाग ने 11 जून से प्रदेशभर में मेघगर्जन, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में कई सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है। पंजाब से पश्चिम बंगाल तक फैली द्रोणिका, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण और विदर्भ तक फैली अन्य द्रोणिका का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। इसी वजह से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान अंबिकापुर में सबसे अधिक 2 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा रायगढ़, बलरामपुर, सरगुजा, गरियाबंद और सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कई क्षेत्रों में भी वर्षा हुई। वहीं तापमान की बात करें तो राजनांदगांव 44 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जबकि अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। राजधानी रायपुर में भी 11 जून को आंशिक बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है।

BREAKING : स्कूल शिक्षा विभाग में तबादले, 28 अधिकारी इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : स्कूल शिक्षा विभाग में तबादले, 28 अधिकारी इधर से उधर, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सहायक संचालक के तबादले किए गए है। जारी आदेश के अनुसार 28 अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है।

कई जिलों के डीईओ-बीईओ को इधर से उधर किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक एम. जी. सतीश कुमार को रायपुर के डीईओ बनाए गए हैं। वहीं रायपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक लोक शिक्षण संचालनालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक कसावट और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 28 अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, सहायक संचालकों एवं प्राचार्यों को विभिन्न जिलों और कार्यालयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक लागू रहेगा।

अवर सचिव छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के अनुसार महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद सहित अनेक जिलों में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नई पदस्थापनाएं की गई हैं। वहीं लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक कार्यालयों तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों में भी अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।

देखें लिस्ट –

 

 

BREAKING : राज्य प्रशासनिक सेवा के 83 अधिकारियों को प्रमोशन, आदेश जारी

BREAKING : राज्य प्रशासनिक सेवा के 83 अधिकारियों को प्रमोशन, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को पदोन्नति और वेतनमान वृद्धि का लाभ देते हुए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश के तहत कुल 83 अधिकारियों को उच्च वेतनमान प्रदान किया गया है। इनमें डिप्टी कलेक्टर स्तर के 43 अधिकारियों को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान तथा संयुक्त कलेक्टर स्तर के 40 अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ दिया गया है। शासन के इस फैसले से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में उत्साह का माहौल है।

43 डिप्टी कलेक्टरों को मिला प्रमोशन 
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पहले आदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा संवर्ग के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-12) में कार्यरत 43 अधिकारियों को वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) प्रदान किया गया है। इनमें विभिन्न जिलों में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर और विभागीय अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों को उनकी पात्रता तिथि के अनुसार यह लाभ दिया गया है।

प्रमोशन सूची में बिलासपुर की डिप्टी कलेक्टर रजनी भगत, बलौदाबाजार-भाटापारा के अरुण कुमार सोनकर, महासमुंद के आशीष कर्मा, जशपुर के प्रशांत कुमार कुशवाहा, राजनांदगांव के गौतम चंद पाटिल, कोरिया के उमेश कुमार पटेल, गरियाबंद के विशाल कुमार महाराणा, नारायणपुर के सुमित कुमार गर्ग सहित कुल 43 अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

40 अधिकारियों को मिला प्रवर श्रेणी वेतनमान
वहीं सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दूसरे आदेश में वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान (लेवल-13) में कार्यरत 40 अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान (लेवल-14) का लाभ दिया गया है। इनमें संयुक्त कलेक्टर, अवर सचिव, आयुक्त तथा विभिन्न विभागों में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

इस सूची में संयुक्त कलेक्टर सिल्ली थॉमस, दिलेराम डाहिरे, स्निग्धा तिवारी, मनीष साहू, अभिषेक दीवान, रवि सिंह और नंद कुमार चौबे सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को उच्च वेतनमान प्रदान किया गया है।

 

 

 

CG : 28 जून को चलेगा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, रायपुर में बनाए जाएंगे 1331 बूथ

CG : 28 जून को चलेगा राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान, रायपुर में बनाए जाएंगे 1331 बूथ

 रायपुर।   जिले में 28 जून 2026 को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस सभा कक्ष में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।

कलेक्टर डॉ. सिंह ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पंचायत भवनों समेत चिन्हित स्थानों पर पूर्व वर्षों की तरह पोलियो बूथ बनाए जाएं और सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं।

बैठक में सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि जिले में कुल 1331 पोलियो बूथ बनाए जाएंगे। प्रत्येक बूथ पर चार टीकाकर्मी तैनात रहेंगे, जो दो टीमों में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। इस अभियान के तहत जिले के 3 लाख 45 हजार 373 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान के दिन छूटने वाले बच्चों को दूसरे और तीसरे दिन घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे। जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ तक जरूर लेकर जाएं और उन्हें पोलियो की खुराक दिलाएं।

मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- विष्णुदेव साय

मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल- विष्णुदेव साय

 00 भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की विशेष बैठक में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री

नई दिल्ली-रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की विशेष बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री  मोदी को बधाई देते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष देश के जनजातीय समाज के सम्मान, सशक्तिकरण और विकास के लिए स्वर्णकाल साबित हुए हैं।

 
 

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी रणनीति के कारण छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित जनजातीय समुदाय अब शांति, सुरक्षा और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। बस्तर में ‘नियद नेल्ला नार’ और ‘बस्तर मुन्ने’ जैसे अभियानों के माध्यम से योजनाओं का सैचुरेशन मोड में क्रियान्वयन किया जा रहा है तथा सुरक्षा शिविरों को ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने जनजातीय समाज को नई पहचान और सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो या धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, इन पहलों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि देश को पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का नेतृत्व करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है।

 साय ने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के दूरस्थ इलाकों तक पहली बार बिजली, सड़क, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। वहीं बस्तर में सड़क, रेल और सार्वजनिक परिवहन के विस्तार से कनेक्टिविटी की वर्षों पुरानी चुनौतियां दूर हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। नवा रायपुर में ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण कराया गया है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने दुनिया के सामने बदलते, मुस्कुराते और हिंसा-मुक्त बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड खरीदी, किसानों को धान, दलहन और तिलहन का बेहतर मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना जैसी पहलें ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं। वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के माध्यम से राज्य के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासियों को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं बनाया, बल्कि उन्हें भारत के विकास का सक्रिय सहभागी बनाया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

कुर्रीडीह जलाशय योजना के जीर्णोद्धार के लिए 4.73 करोड़ स्वीकृत, 340 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगी संजीवनी

कुर्रीडीह जलाशय योजना के जीर्णोद्धार के लिए 4.73 करोड़ स्वीकृत, 340 हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगी संजीवनी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा फैसला लिया है। शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान में स्थित कुर्रीडीह जलाशय योजना के नवीनीकरण (जीर्णोद्धार) कार्यों के लिए 4 करोड़ 73 लाख 65 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। सरकार के इस कदम से न केवल जलाशय की जल भंडारण क्षमता में सुधार होगा, बल्कि भैयाथान विकासखंड के सैकड़ों किसान परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
340 हेक्टेयर खेतों तक पहुंचेगा पानी
इस महत्वाकांक्षी योजना के पुनरुद्धार से क्षेत्र के कृषि परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। विभाग के अनुसार, जलाशय के जीर्णोद्धार और प्रस्तावित कार्यों के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के कुल 340 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई की पुख्ता सुविधा उपलब्ध होगी। इससे स्थानीय किसानों को खरीफ और रबी दोनों फसलों के दौरान पानी की किल्लत से मुक्ति मिलेगी।
मुख्य अभियंता (अम्बिकापुर) को मिली जिम्मेदारी
योजना के जमीनी क्रियान्वयन को गति देने के लिए जल संसाधन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर मुस्तैदी दिखाई है। इन विकास कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा कराने के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग (अम्बिकापुर) को औपचारिक प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

भनपुर उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 7.58 करोड़ स्वीकृत, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

भनपुर उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 7.58 करोड़ स्वीकृत, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा रायपुर जिले के विकासखंड अभनपुर में संचालित अभनपुर उद्वहन सिंचाई योजना के विभिन्न कार्यों के लिए 7 करोड़ 58 लाख 46 हजार रुपए मंजूर की गई है। इस योजना के सुदृढ़ीकरण से अभनपुर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे न केवल रबी और खरीफ की फसलों की पैदावार बढ़ेगी बल्कि क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी।
इस प्रशासनिक स्वीकृति के तहत योजना को सुचारू और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने के लिए नए एवं आधुनिक तकनीकी उपकरणों की खरीदी व स्थापना की जाएगी। स्वीकृत राशि से मुख्य रूप से कार्य किए जाएंगे। नए व उच्च क्षमता वाले मोटरपंप और कंट्रोल पैनल की स्थापना, कैपेसिटर और सेट स्टार्टर का आधुनिकीकरण, सुचारू जल प्रवाह के लिए रिफ्लेक्शन वाल्व, स्लूस वाल्वस और स्प्रिंग लोडेड वाल्व की फिटिंग, पानी को खेतों तक कुशलता से पहुंचाने के लिए नई डिलिवरी पाइप सहित अन्य आवश्यक सामग्रियों की व्यवस्था की जाएगी। 
योजना के अंतर्गत होने वाले इन सभी कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ और समय सीमा के भीतर पूरा कराने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसके लिए जल संसाधन विभाग द्वारा मुख्य अभियंता, महानदी परियोजना (रायपुर) को विस्तृत प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।

47वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर सीएम साय ने दी विस अध्यक्ष सिंह को शुभकामनाएं

47वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर सीएम साय ने दी विस अध्यक्ष सिंह को शुभकामनाएं

 रायपुर। विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं वीणा सिंह को 47वीं वैवाहिक वर्षगांठ की मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि प्रभु राम से प्रार्थना है कि आप दोनों सदैव स्वस्थ, सुखी और प्रसन्न रहें तथा प्रभु आपको दीर्घायु, आरोग्य और आनंदमय दाम्पत्य जीवन का आशीर्वाद प्रदान करें।

छत्तीसगढ़ वन विभाग में 4 आईएफएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ वन विभाग में 4 आईएफएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वरिष्ठ स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चार भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। उक्त आदेश छत्तीसगढ़ शासन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशेष सचिव जनक प्रसाद पाठक के हस्ताक्षर से जारी हुआ। 

जारी आदेश के मुताबिक कुमार, भा.व.से. (1992), प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुश्रवण एवं मूल्यांकन) छ.ग., अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त निदेशक, छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
ओ पी यादव, भा.व.से. (1995), मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), छत्तीसगढ़, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर को अस्थायी रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन), छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर के पद पर पदस्थ करता है।

शालिनी रैना, भा.व.से. (2001), अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन राजपत्रित/अराजपत्रित/समन्वय, कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थायी रूप से, आगामी आदेश पर्यन्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैम्पा), छत्तीसगढ़, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल नगर का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

माथेश्वरन व्ही. भा.व.से. (2006), प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं योजना) कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण-सह-मुख्य वन्यजीव वार्डन), छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर एवं प्रभारी सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड, नवा रायपुर एवं प्रभारी सदस्य सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण, नवा रायपुर को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ प्रभारी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास एवं योजना/बजट लेखा एवं लेखा परीक्षा) कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, अरण्य भवन, नवा रायपुर अटल का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें- राज्यपाल डेका

विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें- राज्यपाल डेका

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने राज्य के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति तथा वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर देते हुए संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा से जोडऩे तथा उनके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा, छात्रावास सुविधा, विद्यालयीन अधोसंरचना और शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़े विषयों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त हो सकें और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता - डेका

पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता - डेका

 00 रायपुर वन मंडल के डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल ने मुलाकात की 

रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त  सम्बित मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त मणिवासगन एस तथा रायपुर वन मंडल के डीएफओ  लोकनाथ पटेल ने मुलाकात की । इस दौरान राज्यपाल ने शहर और नया रायपुर में लगाए गए वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है।

राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही वृक्षों की कटाई की अनुमति दी जाए। राज्यपाल ने शहर में बड़े वृक्षों के पास से ट्री गार्ड हटाने तथा जहां वृक्षारोपण किया गया है, वहां पेड़ों के चारों ओर बने कंक्रीट ढांचे को हटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में पानी और हवा पहुंचना जरूरी है, तभी उनका समुचित विकास हो सकेगा।

राज्यपाल डेका ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। वृक्षारोपण के बाद उनकी देखभाल पर पर्याप्त ध्यान दिया जाए, जो भी पौधे लगाए जाएं, उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। राज्यपाल ने अधिकारियों से शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा है।

मंत्री राजवाड़े की पहल रंग लाई, कुर्रीडीह जलाशय के जीर्णोद्धार हेतु 4.73 करोड़ स्वीकृत

मंत्री राजवाड़े की पहल रंग लाई, कुर्रीडीह जलाशय के जीर्णोद्धार हेतु 4.73 करोड़ स्वीकृत

 00 340 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को मिलेगा सिंचाई का लाभ, किसानों की बढ़ेगी उत्पादन क्षमता

रायपुर। प्रदेश में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। उनकी पहल पर सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड स्थित कुर्रीडीह जलाशय योजना के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा 4 करोड़ 73 लाख 65 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस स्वीकृति से लंबे समय से जीर्णोद्धार की प्रतीक्षा कर रही कुर्रीडीह जलाशय योजना को नया जीवन मिलेगा। योजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के लगभग 340 हेक्टेयर कृषि रकबे में सिंचाई सुविधा सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को खरीफ और रबी दोनों मौसम में पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। कुर्रीडीह जलाशय के पुनरुद्धार से क्षेत्र के सैकड़ों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

जल संसाधन विभाग द्वारा योजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अम्बिकापुर को सौंपी गई है। विभागीय अधिकारियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राजवाड़े ने इसके लिए मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और किसानों के हित में आगे भी निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

ब्रेकिंग : सरकार ने जारी किया आदेश, ये आईएएस बने सहकारिता एवं रजिस्ट्रार विभाग के कमिश्नर

ब्रेकिंग : सरकार ने जारी किया आदेश, ये आईएएस बने सहकारिता एवं रजिस्ट्रार विभाग के कमिश्नर

 रायपुर 10 मई 2026।रमेश कुमार शर्मा सहकारिता एवं रजिस्ट्रार सहकारी समितियां के आयुक्त होंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। 2010 बैच के IAS रमेश शर्मा फिलहाल  गृह विभाग में सचिव थे।

रिश्तों का कत्ल : नाती ने बसूला से दादा को उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम…

रिश्तों का कत्ल : नाती ने बसूला से दादा को उतारा मौत के घाट, इस वजह से दिया वारदात को अंजाम…

 बलरामपुर। बलरामपुर जिले में घरेलू विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। नवाडीह गांव में एक युवक ने अपने ही दादा की धारदार हथियार से हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया।

मामला चांदो थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव का है, जहां 65 वर्षीय भुवनेश्वर केरकेटा अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा घर पहुंचा। परिजनों के अनुसार कामकाज और जिम्मेदारियों को लेकर हुई बातचीत के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने घर में रखे धारदार बसूला से दादा के सिर और गले पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही चांदो पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जिले भर में नाकेबंदी और तलाश अभियान शुरू किया। चांदो और राजपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर राजपुर क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी जिले से बाहर भागने की फिराक में था, लेकिन 24 घंटे के भीतर उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की विशेष प्रार्थना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की विशेष प्रार्थना

 राष्ट्रसेवा, सुशासन और विकास के 12 वर्षों को बताया नए भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्याय

 रायपुर- प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने तथा देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर को भारत के विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए युग का प्रतीक बताया। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े रायपुर स्थित खाटू श्याम मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के उनके संकल्प की निरंतर सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने देश की उन्नति, समृद्धि और विकसित भारत के लक्ष्य की सिद्धि की भी कामना की।

राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 वर्षों में सुशासन, पारदर्शिता, जनकल्याण और राष्ट्रहित को केंद्र में रखकर कार्य किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व की प्रमुख शक्तियों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत अभियान, नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन, गरीब कल्याण योजनाओं तथा आधारभूत संरचना के विस्तार जैसे अनेक परिवर्तनकारी कदमों ने देश के विकास को नई दिशा दी है। भारत आज आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंचों पर अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा रहा है और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मंत्री राजवाड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का नेतृत्व देश के करोड़ों नागरिकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने सेवा, सुशासन और संकल्प से सिद्धि की भावना के साथ नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा और भारत विश्वगुरु के रूप में अपनी गौरवशाली पहचान स्थापित करेगा।

घुर नक्सल प्रभावित रहे हिडमा के ग्राम पूवर्ती में लगा सुशासन तिहार शिविर

घुर नक्सल प्रभावित रहे हिडमा के ग्राम पूवर्ती में लगा सुशासन तिहार शिविर

 सुकमा। जिले के कोंटा विकासखंड के दूरस्थ घुर नक्सल प्रभावित रहे हिडमा के ग्राम पूवर्ती में साेमवार काे आयोजित सुशासन तिहार शिविरों ने शासन की जनहितकारी पहल को नई मजबूती प्रदान की है। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस पहल के प्रति उनके विश्वास और उत्साह को दर्शाया। नक्सल समस्या के कारण वर्षों से बुनियादी दस्तावेजों एवं शासकीय सेवाओं के लिए भटकने वाले ग्रामीणों को अब गांव में ही सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।

कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में पुवर्ती में आयुष्मान कार्ड, नवीन खाता, राशन कार्ड, बी-1, खसरा, जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र तथा निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार की व्यवस्था भी की गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया।

सुशासन तिहार केवल शासकीय सेवाओं के वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक सरोकारों का भी सशक्त माध्यम बना। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे ग्रामीणों में आत्मीयता और अपनत्व का वातावरण बना। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि पहली बार शासन उनके घर-आंगन तक पहुंचा है। दूरस्थ अंचलों में आयोजित ऐसे शिविर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ समावेशी विकास एवं जनकल्याण की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। इस अवसर पर तहसीलदार योपेंद्र पात्रे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

एक कॉल पर घर पहुंच रही पशु चिकित्सा सेवा, ग्रामीण पशुपालकों के लिए वरदान बनी मोबाइल यूनिट

एक कॉल पर घर पहुंच रही पशु चिकित्सा सेवा, ग्रामीण पशुपालकों के लिए वरदान बनी मोबाइल यूनिट

 रायपुर। राज्य सरकार की पशुधन संवर्धन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की पहल के तहत संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयां पशुपालकों के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। दूरस्थ ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों तक पशु चिकित्सा सेवाएं पहुंचाकर यह व्यवस्था न केवल पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी सहायक बन रही है।राज्य शासन के निर्देशानुसार जिलों में संचालित मोबाइल पशु चिकित्सा वाहनों के माध्यम से पशुपालकों को उनके घर और गांव के समीप ही निःशुल्क उपचार, टीकाकरण तथा तकनीकी परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इस सुविधा से उन क्षेत्रों के पशुपालकों को विशेष लाभ मिल रहा है, जहां स्थायी पशु चिकित्सालयों तक पहुंचना कठिन होता है।

मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार प्रतिदिन गांवों में शिविर लगाकर पशुओं का उपचार, टीकाकरण, कृमिनाशक दवापान, डिटिकिंग, बधियाकरण, कृत्रिम गर्भाधान तथा आवश्यक औषधियों का वितरण किया जा रहा है। प्रत्येक यूनिट में पशु चिकित्सक, पैरावेट एवं चालक-सह-अटेंडेंट की तैनाती की गई है तथा वाहनों में आधुनिक उपकरणों और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।इसी क्रम में बलरामपुर जिले में अब तक 14 हजार 374 पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के माध्यम से 1 लाख 67 हजार 176 पशुओं का उपचार, 1 लाख 38 हजार 892 पशुओं का टीकाकरण, 87 हजार 143 पशुओं को औषधि वितरण, 53 हजार 940 नमूनों की जांच, 12 हजार 758 बधियाकरण तथा 710 कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान की गई हैं। यह आंकड़े ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती पहुंच और प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

पशुधन विकास विभाग द्वारा चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ पशुपालकों को पशुपालन की वैज्ञानिक पद्धतियों, मौसमी रोगों की रोकथाम, पशुओं के बेहतर रख-रखाव तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य लाभकारी योजनाओं से जुड़ने के लिए भी ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है।राज्य शासन द्वारा जारी 1962 टोल फ्री हेल्पलाइन पशुपालकों के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रही है। इस नंबर पर कॉल करते ही बीमार, घायल अथवा दुर्घटनाग्रस्त पशुओं के उपचार के लिए मोबाइल टीम मौके पर पहुंचकर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही है। घर पहुंच सेवा के कारण पशुओं की मृत्यु दर में कमी आई है तथा दुग्ध, मांस और अंडा उत्पादन में वृद्धि के साथ पशुपालकों की आय में भी निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

वर्षा ऋतु को देखते हुए विभाग द्वारा पशुपालकों को पशुओं को सुरक्षित एवं सूखे स्थानों पर रखने, संक्रमण से बचाव के उपाय अपनाने तथा आंधी-तूफान के दौरान पेड़ों के नीचे पशुओं को नहीं बांधने जैसी सावधानियों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों की यह अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पशुधन संरक्षण, पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।

CG : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों और अधिकारियों का तबादला आदेश जारी

CG : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, कई थाना प्रभारियों और अधिकारियों का तबादला आदेश जारी

 गरियाबंद। पुलिस अधीक्षक कार्यालय गरियाबंद द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से जिले में पदस्थ कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक ओमप्रकाश यादव को सिटी कोतवाली गरियाबंद से थाना प्रभारी जुगाड़ भेजा गया है, जबकि निरीक्षक शिशिर पाण्डेय को रक्षित केंद्र गरियाबंद से सिटी कोतवाली गरियाबंद का थाना प्रभारी बनाया गया है।

निरीक्षक शिवशंकर हुर्री को थाना प्रभारी मैनपुर से रक्षित केंद्र गरियाबंद संबद्ध साइबर सेल में पदस्थ किया गया है। वहीं निरीक्षक सिद्धेश्वर प्रताप सिंह को रक्षित केंद्र से थाना प्रभारी मैनपुर की जिम्मेदारी दी गई है। सब इंस्पेक्टर यदु राज ठाकुर को थाना प्रभारी जुगाड़ से रक्षित केंद्र गरियाबंद संबद्ध साइबर सेल भेजा गया है, जबकि सब इंस्पेक्टर संत राम साहू को सिटी कोतवाली गरियाबंद से थाना राजिम पदस्थ किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

नई पीढ़ी को संस्कृति, कला और लोक परंपराओं की जानकारी देना समय की आवश्यकता है – सांसद बृजमोहन अग्रवाल

नई पीढ़ी को संस्कृति, कला और लोक परंपराओं की जानकारी देना समय की आवश्यकता है – सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य और आधुनिक रचनात्मकता के अद्भुत संगम का प्रतीक बना संस्कृति विभाग का बहुप्रतीक्षित कला प्रशिक्षण शिविर “आकार-2026” रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतिभागियों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हो गया। 25 मई से 9 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, रायपुर में आयोजित इस 16 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेशभर से आए 1281 प्रतिभागियों ने 16 विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को नई दिशा दी।

समापन समारोह में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद  बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष  प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा उप संचालक  प्रताप चंद्र पारख सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी, प्रशिक्षु एवं अभिभावक उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2004 में संस्कृति मंत्री रहते हुए उन्होंने “आकार” प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से यह पहल प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा कि इसकी लोकप्रियता को देखते हुए ऐसे आयोजन प्रदेश के सभी संभागों में आयोजित किए जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक आभूषणों, हस्तशिल्प के लिए स्थायी विक्रय केंद्र भी विकसित किए जाने चाहिए, जिससे कलाकारों को आर्थिक लाभ मिल सके और लोग छत्तीसगढ़ के आभूषण और हस्तशिल्प को देख और खरीद सकंे।

अग्रवाल ने बच्चों को मिट्टी और प्रकृति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि “जिस दिन बच्चे मिट्टी से जुड़ना और मिट्टी से सृजन करना सीख जाएंगे, उनका जीवन आनंद और संवेदनशीलता से भर जाएगा। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, कला और लोक परंपराओं की जानकारी देना समय की आवश्यकता है।”

कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि “आकार केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित एवं संवर्धित करने का एक सशक्त माध्यम है। वर्ष 2004 से लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम युवाओं में सृजनशीलता और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।”  उन्होंने बताया कि अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पंजीयन शुल्क को 200 रुपये से घटाकर मात्र 100 रुपये किया गया। साथ ही दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के लिए विशेष रियायत भी प्रदान की गई, जिससे समाज के सभी वर्गों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल सके।

“आकार-2026” ने इस वर्ष पारंपरिक लोक कलाओं और आधुनिक तकनीक के बीच एक सुंदर सेतु का निर्माण किया। जहां एक ओर प्रतिभागियों ने टेराकोटा, जूट शिल्प, गोदना कला, रजवार भित्ति चित्र, मंडला एवं मांडना कला, भरथरी गायन और कथक जैसी विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कला की नवीनतम तकनीकों से भी परिचित कराया गया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सभी कला गुरुओं एवं प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने प्रशिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया।

समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सुवा नृत्य, कर्मा नृत्य, पंथी नृत्य, बांसगीत, भरथरी गायन तथा लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक मंत्रमुग्ध रखा। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्यों की मधुर ध्वनि और कलाकारों की ऊर्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

शिविर में प्रदेश के प्रतिष्ठित कला गुरुओं ने प्रशिक्षण प्रदान किया। एआई आर्ट का प्रशिक्षण  वल्कल्पति जेस्सी, क्ले एवं टेक्सचर आर्ट सुश्री अलका हनवत, पेंटिंग  राकेश पुजारी, बोनसाई कला अनिल वर्मा, भरथरी गायन  प्रांजल सिंह, कथक नृत्य  चिरंजीव हलधर, मंडला एवं मांडना आर्ट कविता यादव, रजवार भित्ति चित्र कला प्रतिमा डहरवाल, जूट एवं गोदना शिल्प कल्पना यादव, पारंपरिक गहना निर्माण एवं वुडन ट्राइबल आर्ट डॉ. शुभ्रा मिश्रा, लोकनृत्य एवं लोकसंगीत श्री तेजराम साहू, हस्तकढ़ाई एवं शिल्प डिजाइनिंग प्रेमलता सिंह, टेराकोटा श्री विमल फुटान, लिप्पन आर्ट एवं पचवाई कला निधि अग्रवाल, वाद्य यंत्र  रिखी क्षत्रीय तथा क्रोशिया कला का प्रशिक्षण सीमा रायजादा ने दिया।

“आकार-2026” ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है। 1281 प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता, अनुभवी कला गुरुओं का मार्गदर्शन और लोक संस्कृति से सराबोर प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को रंग, रचनात्मकता और परंपरा के सच्चे महाकुंभ में परिवर्तित कर दिया। यह आयोजन न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बना, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का एक सफल प्रयास भी सिद्ध हुआ।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक करीब, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक करीब, कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री अब बेहद करीब पहुंच गई है और मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। मंगलवार को प्रदेश के कई इलाकों में बादल गरजने, तेज हवा चलने और हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं, वहीं राजधानी रायपुर में देर रात बूंदाबांदी के बाद उमस बढ़ने से लोग परेशान रहे।

मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। मंगलवार को शंकरगढ़, मंदिर हसौद और खरोरा में 1-1 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव और सबसे कम 23.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है, वहीं पंजाब से बिहार तक द्रोणिका बनने के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। विभाग ने राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, जीपीएम, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों में तेज हवाएं, बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी रायपुर में आज दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है और अधिकतम तापमान 39 डिग्री व न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

 
धरसीवां में बना रायपुर का चौथा बड़ा 220 केवी सबस्टेशन, उपकेंद्र की क्षमता बढ़कर हुई 480 एमवीए

धरसीवां में बना रायपुर का चौथा बड़ा 220 केवी सबस्टेशन, उपकेंद्र की क्षमता बढ़कर हुई 480 एमवीए

 रायपुर। औद्येगिक क्षेत्र व शहरी इलाके में बेहतर विद्युत आपूर्ति के लिये धरसीवां का कुथरेल सब स्टेशन रायपुर का चौथा सब स्टेशन बन गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने इस 220/132 केवी सब स्टेशन की क्षमता बढ़ाकर 480 एमवीए कर दी है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक  राजेश कुमार शुक्ला ने आज 220/132 केवी उपकेंद्र कुथरेल (धरसीवां) में 160 एमवीए क्षमता के नए पावर ट्रांसफॉर्मर को सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किया। इसके साथ ही उपकेंद्र की कुल क्षमता बढ़कर 480 एमवीए हो गई है और यह रायपुर का चौथा बड़ा 220 केवी सबस्टेशन बन गया है। इसके पूर्व उरला, सिलतरा और बोरझरा स्थित 220/132 केवी के तीनों उपकेंद्र 480-480 एमवीए क्षमता के साथ संचालित हो रहे हैं। इस क्षमता वृद्धि से आसपास के औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं को अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी। साथ ही गर्मी के मौसम में बढऩे वाले विद्युत भार के प्रबंधन तथा भविष्य की विद्युत मांग को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी। कंट्रोल पैनल के माध्यम से ट्रांसफॉर्मर का ऊर्जीकरण किया।

इस अवसर पर मुख्य अभियंता ई. अब्राहम वर्गीज, अतिरिक्त मुख्य अभियंता  आर. के. तिवारी, कार्यपालन अभियंता (उपकेंद्र)  जितेंद्र कुमार झा, कार्यपालन अभियंता (परीक्षण संभाग)  कमंजय सिन्हा तथा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

अवैध रेत उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई : तीन चैन माउंटेन मशीन और एक हाईवा वाहन जप्त

अवैध रेत उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई : तीन चैन माउंटेन मशीन और एक हाईवा वाहन जप्त

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खनिज विभाग की केंद्रीय खनि उडऩदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा जिला गरियाबंद में बड़ी कार्रवाई की गई है।

खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उडऩदस्ता की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान जिला गरियाबंद के तहसील राजिम अंतर्गत ग्राम कुरुसकेरा स्थित पैरी नदी में गौण खनिज साधारण रेत के अवैध उत्खनन एवं मशीनों के माध्यम से नियम विरुद्ध रेत उत्खनन का मामला पाया। जांच के दौरान खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए तीन चैन माउंटेन मशीनों को जप्त कर सील किया गया। साथ ही खदान संचालक एवं मशीन मालिकों को जवाब प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त अवैध रेत परिवहन में संलिप्त एक हाईवा वाहन को भी जप्त कर राजिम थाना में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है कार्रवाई के दौरान केंद्रीय खनि उडऩदस्ता की संयुक्त जांच टीम तथा जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम उपस्थित रही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिज संपदा के नियमानुसार उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषियों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। खनिज साधन विभाग के सचिव ने कहा कि प्रदेश में खनिज संसाधनों के अवैध दोहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सतत निगरानी की जा रही है। विभागीय अमला एवं उडऩदस्ता दलों को नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।