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स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की तस्वीर

स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी की तस्वीर

 00-स्वरोजगार अपनाकर लखपति दीदी बनीं सम्पत्ति प्रजापति 

00-मासिक आय 10 हजार रुपये से बढ़कर हुई 25 हजार रुपये तक 

 रायपुर-मुंगेली जिले के जनपद पंचायत लोरमी के ग्राम खपरीकला की निवासी सम्पत्ति प्रजापति ने सीमित संसाधनों के बावजूद स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली सम्पत्ति दीदी आज लखपति दीदी के रूप में पहचानी जा रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। समूह से जुडऩे से पहले उनके परिवार की आय का मुख्य साधन एक छोटा सा होटल व्यवसाय था, जिससे मुश्किल से घर का खर्च चल पाता था। परिवार की आवश्यकताएं पूरी करना भी चुनौतीपूर्ण था। लेकिन एनआरएलएम (बिहान) योजना के अंतर्गत जय शनिदेव महिला स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया।      समूह के माध्यम से उन्हें रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड एवं बैंक लिंकेज के तहत ऋण सुविधाएं प्राप्त हुईं। इन संसाधनों का सदुपयोग करते हुए उन्होंने अपने होटल व्यवसाय का विस्तार किया और साथ ही सुहाग भंडार एवं किओस्क बैंकिंग का कार्य भी शुरू किया। उनकी मेहनत और लगन का परिणाम यह रहा कि उनकी मासिक आय, जो पहले मात्र 10 हजार रुपये थी, बढ़कर अब लगभग 25 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जबकि वार्षिक आय करीब 03 लाख रुपये हो गई है। इसके साथ ही कृषि कार्य से भी उन्हें सालाना लगभग 01 लाख रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।     आर्थिक सशक्तिकरण के इस सफर ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ है और वे आज आत्मनिर्भर बनकर सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। सम्पत्ति दीदी अब अपने व्यवसाय को और विस्तार देने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह सफलता की कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, योजनाओं का लाभ और दृढ़ संकल्प से कोई भी महिला अपने जीवन को बदल सकती है।a

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: 14 कैंसिल ट्रेनें दोबारा पटरी पर…

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: 14 कैंसिल ट्रेनें दोबारा पटरी पर…

 रायपुर| गर्मी की छुट्टियों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों के लिए 18 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों के 88 ट्रिप चलाने का निर्णय लिया है। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 तक देशभर में समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और गोंदिया से हरिद्वार, शालीमार, रक्सौल, मालदा, यलहंका और खड़गपुर जैसे प्रमुख रूटों पर ट्रेनें संचालित होंगी।

इन ट्रेनों में प्रति ट्रिप औसतन 1200 से 1500 यात्रियों के सफर की क्षमता होगी। 88 ट्रिप के संचालन से करीब 1.05 लाख से 1.32 लाख यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, छुट्टियों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा में सुविधा मिल सके। रेलवे ने उम्मीद जताई है कि इन ट्रेनों के चलने से लोगों को कन्फर्म टिकट मिलेगी।

समर स्पेशल ट्रेन टाइमटेबल (रूट-वार)

दुर्ग-हरिद्वार – रविवार | 26 अप्रैल से 28 जून
हरिद्वार-दुर्ग – सोमवार | 27 अप्रैल से 29 जून
इतवारी-शालीमार – गुरुवार | 23 अप्रैल से 25 जून
शालीमार-इतवारी – शुक्रवार | 24 अप्रैल से 26 जून
गोंदिया-रक्सौल – शनिवार | 25 अप्रैल से 27 जून
रक्सौल-गोंदिया – रविवार | 26 अप्रैल से 28 जून
इतवारी-मालदा – 26 अप्रैल (एकल ट्रिप)
मालदा-इतवारी – 27 अप्रैल (एकल ट्रिप)
दुर्ग-शालीमार – 29 अप्रैल
शालीमार-दुर्ग – 23 व 30 अप्रैल

कोरबा-यलहंका – 2 मई
यलहंका-कोरबा – 3 मई
इतवारी-शालीमार – 27 अप्रैल
शालीमार-इतवारी – 28 अप्रैल
रायपुर-खड़गपुर – 23 अप्रैल
खड़गपुर-रायपुर – 24 अप्रैल
बिलासपुर-शालीमार – 25 व 26 अप्रैल
शालीमार-बिलासपुर – 25 व 26 अप्रैल

वहीं, जांजगीर-नैला स्टेशन में चौथी लाइन कनेक्टिविटी कार्य के चलते प्रभावित हुई 16 यात्री ट्रेनों का परिचालन रेलवे ने फिर से बहाल कर दिया है। बिलासपुर मंडल में चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के कारण इन ट्रेनों को पहले निरस्त या आंशिक रूप से निरस्त किया गया था, जिससे खासकर गर्मी के मौसम में यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

अब मॉल में नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क : रायपुर उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक निर्णय, पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा

अब मॉल में नहीं देना होगा पार्किंग शुल्क : रायपुर उपभोक्ता आयोग का ऐतिहासिक निर्णय, पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है, जहां जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच ने मॉल में पार्किंग शुल्क वसूली पर रोक लगा दी है। आयोग ने साफ कहा है कि पार्किंग सुविधा ग्राहकों के लिए बुनियादी सुविधा है, न कि कमाई का जरिया।

उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला
रायपुर जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच के अध्यक्ष प्रशांत कुण्डू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। आयोग ने स्पष्ट किया कि मॉल प्रबंधन के पास ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

पार्किंग को बताया बुनियादी सुविधा
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि, किसी भी व्यावसायिक परिसर को भवन अनुमति देते समय पार्किंग की व्यवस्था आम जनता की सुविधा के लिए अनिवार्य की जाती है। ऐसे में पार्किंग को अलग से व्यवसाय बनाकर शुल्क वसूलना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।

क्या है पूरा मामला
15 जून 2025 को सिविल लाइन निवासी अंजिनेश शुक्ला अपनी बुजुर्ग माता को मॉल छोड़ने गए थे। इस दौरान कुछ ही मिनट रुकने पर उनसे ₹30 पार्किंग शुल्क लिया गया। इससे नाराज होकर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर सुनवाई के बाद आयोग ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया।

शॉपिंग या मूवी के लिए आने वालों को राहत
आयोग ने अपने निर्णय में यह भी स्पष्ट किया कि मॉल में खरीदारी या फिल्म देखने आने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क लेना गलत है। यह फैसला सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं को राहत देने वाला है।

शिकायत का रास्ता खुला
यदि कोई मॉल प्रबंधन अब भी पार्किंग शुल्क वसूलता है, तो उपभोक्ता इसके खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। देश के अन्य मामलों में भी अदालतें और उपभोक्ता मंच पहले ऐसे शुल्क को अनुचित करार दे चुके हैं।

CG – दिल दहला देने वाली घटना : छोटे भाई ने मां के सामने बड़े भाई को जिंदा जलाया, फिर जो हुआ….

CG – दिल दहला देने वाली घटना : छोटे भाई ने मां के सामने बड़े भाई को जिंदा जलाया, फिर जो हुआ….

 महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के ग्राम आमगांव में जमीन विवाद को लेकर छोटे भाई ने अपने बड़े भाई को मां के सामने कमरे में बंद कर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है। मामला बागबाहरा थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, रायपुर निवासी कृष्णकांत दुबे (38) अपनी कथित पत्नी मालती साहू के साथ मंगलवार को पैतृक गांव आमगाँव पहुंचा था। यहां उसकी मां तीरथबाई और छोटा भाई दौलत दुबे रहते हैं और दोनों ही जमीन की देखरेख करते हैं। पिछले लंबे समय से दोनों भाइयों के बीच जमीन बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। कृष्णकांत ने घर पहुंचकर जमीन बंटवारे की बात की, जिस पर छोटे भाई दौलत ने फिलहाल चर्चा से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और झगड़ा हिंसक हो गया।

विवाद के दौरान कृष्णकांत ने डंडे से दौलत पर हमला किया, जिसके जवाब में दौलत ने हंसिए से उस पर वार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने कृष्णकांत को धान और महुआ से भरे कमरे में धकेलकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद दुकान से पेट्रोल लाकर उसने कमरे में आग लगा दी। इस दौरान कृष्णकांत की मां और मालती साहू मौके पर मौजूद थीं, लेकिन आग लगने के बाद उसे बचाने की कोशिशें नाकाम रहीं। आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया गया, लेकिन मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और करीब 70 प्रतिशत जली अवस्था में शव को बाहर निकाला। बागबाहरा पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध दर्ज करते हुए आरोपी दौलत दुबे को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और घटनाक्रम के हर पहलू की पड़ताल की जा रही है।

BREAKING : जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद पर लगाई रोक

BREAKING : जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद पर लगाई रोक

 बिलासपुर।  करीब 23 साल पुराने एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने अमित जोगी की दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी है. दरअसल, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसकी सुनवाई 20 अप्रैल के बाद 23 अप्रैल को हुई.

दरअसल, NCP नेता राम अवतार जग्गी हत्याकांड मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के बेटे अमित जोगी को हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को दोषी ठहराया था और उम्रकैद की सजा सुनाई थी. साथ ही दो अप्रैल को हाईकोर्ट ने 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था. इसके बाद जोगी ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. दायर याचिका में जोगी ने दलील दी कि उनके साथ अन्याय हुआ है, क्योंकि हाईकोर्ट ने उन्हें सुने बिना ही सीबीआई की दलील पर 40 मिनट में फैसला सुना दिया.

2004 में सीबीआई ने शुरू की जांच

दरअसल, बेटे सतीश जग्गी ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी पर जग्गी हत्याकांड का आरोप लगाया था. केस की जांच साल 2004 में सीबीआई को सौंपी गई थी. जिसने अमित जोगी को हत्याकांड में मास्टरमाइंड बताते हुए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी. इसके बाद साल 2004 से 2007 तक निचली अदालत में चले केस के बाद साल 2007 में विशेष सीबीआई कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा दी थी, लेकिन अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था.

2007 में निचली अदालत ने किया बरी, फिर हाईकोर्ट ने सुनाई थी सजा

इस फैसले को पीड़ित के बेटे सतीश जग्गी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जहां सुप्रीम कोर्ट ने मामले को नए सिरे से विचार करने के लिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भेज दिया था. हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए अमित जोगी को दोषी माना और दोषी करार देते हुए 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था.

शासकीय कर्मचारियों पर राजनीतिक गतिविधियों की पाबंदी का आदेश 24 घंटे में ही स्थगित

शासकीय कर्मचारियों पर राजनीतिक गतिविधियों की पाबंदी का आदेश 24 घंटे में ही स्थगित

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने शासकीय सेवकों के राजनीतिक दलों या संगठनों में सक्रिय सदस्यता और अन्य पदों पर आसीन होने को लेकर जारी अपने ही आदेश को महज़ एक दिन के भीतर स्थगित कर दिया है।

दरअसल सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को पत्र जारी किया था। इसमें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोई भी शासकीय कर्मचारी किसी राजनीतिक दल या संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं होगा और न ही किसी राजनीतिक गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेगा।

इसके साथ ही आदेश में यह भी कहा गया था कि शासकीय कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के किसी भी शासकीय या अशासकीय संस्था, समिति, संगठन या निकाय में कोई पद धारण नहीं करेगा। साथ ही ऐसे किसी दायित्व को स्वीकार करने से भी रोका गया था जिससे उसकी प्रशासनिक निष्पक्षता प्रभावित हो सकती हो। नियमों के उल्लंघन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।

हालांकि, इस आदेश के जारी होने के अगले ही दिन सामान्य प्रशासन विभाग ने एक नया पत्र जारी कर पूर्व निर्देशों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया। इस त्वरित यू-टर्न ने प्रशासनिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार को महज़ 24 घंटे में ही अपना निर्णय वापस लेना पड़ा।

 दिल दहला देने वाली घटना : बच्चों के सामने पत्नी का गला काटा, सिर लेकर घूमाता रहा पति,फिर जो हुआ….

 दिल दहला देने वाली घटना : बच्चों के सामने पत्नी का गला काटा, सिर लेकर घूमाता रहा पति,फिर जो हुआ….

 कोरबा 23 अप्रैल 2026। कोरबा जिले के ग्राम बुंदेली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ग्रामीण ने अपनी पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी एक हाथ में पत्नी का कटा हुआ सिर और दूसरे हाथ में धारदार हथियार लेकर गांव में घूमता रहा, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुुंची। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

यह सनसनीखेज वारदात रजगामार पुलिस चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान छेक बाई के रूप में हुई है, जो मूलतः अजगरबहार क्षेत्र के ग्राम हरदीमाड़ा की रहने वाली थी। वह पिछले 3-4 वर्षों से अपने पति सालिक राम यादव के साथ ग्राम बुंदेली में रहकर पोल्ट्री फार्म में काम कर रही थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ।

विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर धारदार हथियार से पत्नी पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने क्रूरता की हद पार करते हुए पत्नी का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसे लेकर गांव में घूमने लगा। आरोपी के इस भयावह रूप को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।

लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रजगामार चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल हत्या की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद को कारण माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, कई जिलों में पारा 44 डिग्री पार, अगले 5 दिनों तक हीट वेव का अलर्ट

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, कई जिलों में पारा 44 डिग्री पार, अगले 5 दिनों तक हीट वेव का अलर्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है और कई जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार राजनांदगांव में सबसे अधिक 44.5°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि रायपुर और दुर्ग जैसे इलाकों में भी पारा 43°C से ऊपर बना हुआ है।IMD रायपुर के मुताबिक पिछले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन यह सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

अगले 5 दिनों तक हीट वेव का खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है। खासकर मध्य छत्तीसगढ़ में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा। अगले 2 दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोतरी संभव है। रात के तापमान में भी बढ़ोतरी रहने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।

बारिश और तेज हवाओं की संभावना

कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना भी जताई गई है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हालांकि यह राहत अस्थायी होगी, क्योंकि इसके बाद मौसम फिर शुष्क हो जाएगा और गर्मी फिर से बढ़ने लगेगी।

लोगों के लिए एडवाइजरी जारी

मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की गई है।

जग्गी हत्याकांड : क्या अमित जोगी को मिलेगी राहत या जाना होगा जेल? आज सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई

जग्गी हत्याकांड : क्या अमित जोगी को मिलेगी राहत या जाना होगा जेल? आज सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई

 रायपुर। बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में आज एक अहम मोड़ आ सकता है, जब सुप्रीम कोर्ट में अमित जोगी की याचिकाओं पर सुनवाई होगी। यह सुनवाई तय करेगी कि उन्हें राहत मिलेगी या हाईकोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा बरकरार रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई
अमित जोगी की ओर से दायर दो अलग-अलग याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सुनवाई हो रही है। सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही दोनों मामलों को टैग कर दिया था, जिससे दोनों पर संयुक्त रूप से विचार किया जा सके।

किन मामलों पर हो रही सुनवाई
पहली याचिका उस मामले से जुड़ी है जिसमें CBI को अपील करने की अनुमति दी गई थी। वहीं दूसरी याचिका छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें अमित जोगी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

क्या है जग्गी हत्याकांड मामला
साल 2003 में बिलासपुर में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जांच के दौरान कई बड़े राजनीतिक नाम सामने आए, जिनमें अमित जोगी का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल रहा।

हाईकोर्ट का फैसला और आगे की लड़ाई
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अमित जोगी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां अब अंतिम राहत की उम्मीद टिकी हुई है।

भीषण सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से दो युवकों की मौत, NH-930 पर चक्काजाम

भीषण सड़क हादसा: ट्रक की टक्कर से दो युवकों की मौत, NH-930 पर चक्काजाम

 बालोद। बालोद जिले के दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 930 पर बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जमहि टोला प्लाजा और गुजरा गांव के बीच तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक उछलकर दूर जा गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

मृतकों की पहचान
बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार ट्रक क्रमांक CG-15 DE-5031 ने मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे में एक युवक की पहचान डोमेन्द्र यादव, निवासी ग्राम गुजरा के रूप में की गई है। वहीं दूसरे युवक का चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण उसकी पहचान अब तक नहीं हो पाई है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी है।

ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आक्रोश में आकर शवों को सड़क पर रखकर नेशनल हाईवे 930 पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान मार्ग पर लंबा जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया।

प्रशासन की समझाइश के बाद खुला जाम
सूचना मिलने पर दल्लीराजहरा पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कर उचित कार्रवाई और सहायता का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हो सका।

जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही अज्ञात मृतक की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

पोलमपल्ली से अरलमपल्ली सड़क बनने से खुश है ग्रामीण…नक्सल गढ़ में विकास की नई जीत

पोलमपल्ली से अरलमपल्ली सड़क बनने से खुश है ग्रामीण…नक्सल गढ़ में विकास की नई जीत

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुकमा जिले के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज हुई है। रोड कनेक्टिविटी के विस्तार ने यहां के ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना शुरू कर दिया है।

कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में वनांचल और नियद नेल्लानार क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। लोक निर्माण विभाग द्वारा पोलमपल्ली से अरलमपल्ली तक 7 किलोमीटर लंबी डामरीकृत सड़क का निर्माण 4 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कराया जा रहा है।

यह सड़क निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है, जिसके बन जाने से विकासखंड मुख्यालय कोंटा की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी।

यह मार्ग डब्बाकोंटा, कोलाईगुड़ा, एंटापाड़, बुर्कलंका, पालाचलमा और गट्टापाड़ जैसे पूर्व में नक्सल प्रभावित गांवों को जोड़ता है। पहले जर्जर रास्तों और नक्सली गतिविधियों के कारण यहां आवागमन अत्यंत कठिन था, लेकिन अब पुलिस कैंपों की स्थापना और प्रशासनिक सक्रियता से हालात बदले हैं।कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

यह सड़क न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। स्थानीय निवासी मड़काम भीमा ने बताया कि सड़क बनने से कोंटा तक पहुंचना आसान हो गया है। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया है।

राजिम में सस्पेंशन ब्रिज निर्माण के लिए मिली 40.60 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

राजिम में सस्पेंशन ब्रिज निर्माण के लिए मिली 40.60 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- राज्य शासन द्वारा गरियाबंद जिले के विकासखण्ड राजिम अंतर्गत महानदी पर राजीव लोचन मंदिर से कुलेश्वर महादेव मंदिर तक तथा कुलेश्वर महादेव मंदिर से लोमेश ऋषि आश्रम तक सस्पेंशन ब्रिज निर्माण कार्य के लिए 40.60 करोड़ (चालीस करोड़ साठ लाख रुपये) की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा तथा धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि कार्य स्वीकृत राशि एवं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना तथा ड्रॉइंग एवं डिज़ाइन का अनुमोदन सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। निविदा प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक रखा जाएगा तथा कम से कम 75 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा आमंत्रित की जाएगी।

राज्य शासन ने निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं तथा किसी भी स्तर पर गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त यदि कार्य में भू-अर्जन प्रस्तावित है तो स्वीकृत राशि की सीमा के अंतर्गत ही व्यय किया जाएगा तथा बिना पूर्व स्वीकृति किसी अन्य मद की बचत राशि से भू-अर्जन की कार्यवाही नहीं की जाएगी। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है तो शासकीय भूमि पर ही निर्माण कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। इस कार्य के पूर्ण होने पर क्षेत्र में बेहतर संपर्क सुविधा विकसित होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था, धार्मिक पर्यटन एवं आमनागरिकों को व्यापक लाभ मिलेगा।

श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिला आस्था का अवसर

श्री रामलला दर्शन योजना से श्रद्धालुओं को मिला आस्था का अवसर

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत जशपुर जिले के श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में प्रभु  राम के दर्शन का अवसर निरंतर प्राप्त हो रहा है। योजना के तहत अब तक जशपुर जिले से 2640 श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर श्री रामलला के दर्शन कर चुके हैं, जिससे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना हुआ है।

इसी क्रम में मंगलवार को योजना के तहत 13वें जत्थे को विभिन्न जनपद पंचायतों एवं नगर पंचायतों से जनप्रतिनिधियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस जत्थे में जशपुर जिले के कुल 204 श्रद्धालु शामिल हैं। जशपुर एवं मनोरा क्षेत्र से नगर पालिका अध्यक्ष  अरविंद भगत, जनपद सदस्य सावित्री सिंह तथा जनपद पंचायत जशपुर के सीईओ सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बस को रवाना किया गया। इसके अतिरिक्त पत्थलगांव जनपद पंचायत से भी श्रद्धालुओं का जत्था अयोध्या के लिए प्रस्थान किया। योजना के माध्यम से शासन द्वारा श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह है।

चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

चेकडैम बना ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार, जल संरक्षण से बदली खेती की तस्वीर

 रायपुर, 22 अप्रैल 2026 :- छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बनाए गए चेकडैम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ किसानों को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत उफिया में सुई थोपा नाला पर निर्मित चेकडैम इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। इस संरचना ने न केवल वर्षा जल का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया है, बल्कि क्षेत्र के भू-जल स्तर में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले जहां जल संकट के कारण किसान सीमित खेती तक ही सीमित थे, वहीं अब उन्हें वर्षभर सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है।

चेकडैम के निर्माण से लगभग 16 एकड़ कृषि भूमि सिंचित हो रही है, जिससे 7 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं। किसान अब गेहूं, सरसों, मक्का, धान और सब्जियों जैसी बहुफसली खेती कर अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। इसके साथ ही आसपास के 25 से 30 अन्य किसान भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं।

मनरेगा के तहत किए गए इस निर्माण कार्य ने स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध कराया, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हुई है। सिंचाई सुविधा मिलने से किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और बहुफसली खेती की ओर अग्रसर हो रहे हैं।

चेकडैम के निर्माण के बाद न केवल किसानों को, बल्कि मवेशियों को भी वर्षभर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इस प्रकार जल संरक्षण आधारित यह पहल ग्रामीण विकास, कृषि समृद्धि और आजीविका सुदृढ़ीकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है।

CG - ACB की बड़ी कार्रवाई, पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

CG - ACB की बड़ी कार्रवाई, पटवारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) लगातार कार्रवाई कर रही है और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा रहा है। इसी कड़ी में आज सूरजपुर जिले में ACB की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

यह है मामला

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम मरहटा निवासी रूप सिंह ने एसीबी अंबिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके और उनकी बहन के नाम पर ग्राम सेन्धोपारा, तहसील प्रतापपुर स्थित जमीन का अधिग्रहण महामाया कोयला खदान जरही द्वारा किया गया है। इस जमीन के नामांतरण और नौकरी से संबंधित पटवारी प्रतिवेदन तैयार करने के एवज में पटवारी सौरभ गोस्वामी द्वारा 25,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाने का निर्णय लिया। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी की टीम ने 22 अप्रैल को ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी पटवारी को प्रार्थी से 25,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।

एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल

 0-कवर्धा वन विकास निगम की बड़ी सफलता 

रायपुर- वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, विशेषकर महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल बन गया है। यह कम लागत वाला व्यवसाय न केवल जैविक खेती को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करके मिट्टी की उर्वरता को भी पुनस्र्थापित कर रहा है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल ने नवाचार और बेहतर प्रबंधन से एक नई सफलता की कहानी लिखी है। यहां गुडली रोपणी में वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) का उत्पादन शुरू कर न केवल अपनी जरूरतें पूरी की जा रही हैं, बल्कि अब यह मंडल आय अर्जित करने की दिशा में भी आगे बढ़ चुका है।गुडली रोपणी में बिना अतिरिक्त बजट लिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर वर्मी कंपोस्ट उत्पादन शुरू किया गया। यहां 6 वर्मी टैंकों के माध्यम से केवल 3 माह में 150 क्विंटल खाद तैयार की गई। इस आधार पर सालभर में लगभग 600 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल यह साबित करती है कि सही योजना और प्रबंधन से सीमित संसाधनों में भी बड़े परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। पहले कवर्धा परियोजना मंडल को अपनी नर्सरी के लिए बाहर से खाद खरीदनी पड़ती थी, लेकिन अब स्थिति बदल गई है। अपनी जरूरतें पूरी करने के बाद भी यहां 500 क्विंटल से अधिक वर्मी कंपोस्ट अतिरिक्त रूप से उपलब्ध है, जिसे अन्य परियोजना मंडलों को बेचा जाएगा। इससे परिवहन और खरीद लागत में बचत होगी और निगम की आय भी बढ़ेगी।इस परियोजना का लाभ केवल विभाग तक सीमित नहीं है। खाद निर्माण कार्य में स्थानीय ग्रामीणों को जोड़ा गया है, जिससे उन्हें गांव के पास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय में भी वृद्धि हो रही है।

ब्रांड बनकर बाजार में उतरेगा उत्पाद

वन विकास निगम अब इस वर्मी कंपोस्ट को एक ब्रांड के रूप में बाजार में लाने की तैयारी कर रहा है। भविष्य में इसकी पैकेजिंग और ब्रांडिंग से न केवल आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए और अधिक रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।   कवर्धा परियोजना मंडल की यह पहल अन्य परियोजना मंडलों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। यह उदाहरण दर्शाता है कि सरकारी विभाग भी नवाचार और बेहतर प्रबंधन से आत्मनिर्भर और लाभकारी बन सकते हैं। वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की यह पहल न केवल वन विभाग की सफलता है, बल्कि यह जैविक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन

लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन

 अब्दुल कलाम किस्म बनी उम्मीद की नई किरण  

रायपुर- लेमनग्रास की खेती कम पानी, बंजर जमीन और न्यूनतम मेहनत में बंपर मुनाफा देने वाला एक बेहतरीन विकल्प है। इसे एक बार लगाने के बाद 5-6 साल तक कटाई की जा सकती है और इसके तेल की भारी मांग के कारण यह पारंपरिक फसलों की तुलना में 3-4 गुना ज्यादा कमाई देती है। छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत कार्यरत छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड ने कम पानी वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए एक नई पहल शुरू की है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप, बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम और उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला ने ऐसे किसानों की चिंता जताई है, जिन्हें पानी की कमी के कारण खेती में दिक्कतों और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बोर्ड के सीईओ श्री जे.ए.सी.एस. राव ने जानकारी दी कि पानी की कमी वाले क्षेत्रों के किसानों के लिए लेमनग्रास की उन्नत अब्दुल कलाम किस्म के पौधे निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को इसकी खेती का प्रशिक्षण भी मुफ्त दिया जाएगा। यह फसल कम पानी और कम लागत में अच्छी आय देने वाली कैश क्रॉप साबित हो रही है।  लेमनग्रास की अब्दुल कलाम किस्म को वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है। इसमें सिट्रल की मात्रा 75 से 80 प्रतिशत तक होती है, जो इसे उच्च गुणवत्ता वाला बनाती है। इस किस्म का उपयोग इत्र, फ्लेवर और सुगंध उद्योग में आवश्यक तेल निकालने के लिए किया जाता है।     यह फसल कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी आसानी से उगाई जा सकती है। इसके लिए बलुई दोमट मिट्टी और अच्छी जल निकासी उपयुक्त रहती है। रोपण के समय पौधों के बीच 40म40 सेंटीमीटर की दूरी रखी जाती है।  लेमनग्रास की यह किस्म न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि जल संरक्षण और भूमि सुधार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पृथ्वी दिवस पर जागरूकता अभियान 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस के अवसर पर बोर्ड द्वारा विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कम पानी वाले क्षेत्रों के किसानों को इस फसल के फायदे बताए जाएंगे और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। लेमनग्रास की अब्दुल कलाम किस्म किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली फसल बनकर उभर रही है। यह पहल न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

Crime : हत्या या हादसा… महादेव घाट खारून में मिली महिला की लाश, सिर में चोट के निशान, जांच में जुटी पुलिस

Crime : हत्या या हादसा… महादेव घाट खारून में मिली महिला की लाश, सिर में चोट के निशान, जांच में जुटी पुलिस

  रायपुर। राजधानी रायपुर के महादेव घाट स्थित खारून नदी (Raipur Crime News) से एक महिला की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि महिला का शव नदी में तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची डीडी नगर थाना पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया और पंचनामा कार्रवाई शुरू की।

बता दें कि, मामले की शुरुआती जांच में महिला के सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध नजर आ रहा है।फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह आत्महत्या है, हत्या है या फिर कोई हादसा। मृत महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।

घटना के बाद महादेव घाट क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ जुट गई और तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। डीडी नगर थाना क्षेत्र की इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे सचिन तेंदुलकर: बच्चों के साथ खेली रस्साकशी

दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे सचिन तेंदुलकर: बच्चों के साथ खेली रस्साकशी

 दंतेवाड़ा :- नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के ग्राम छिंदनार में उस वक्त इतिहास रच गया, जब क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर अपने पूरे परिवार के साथ यहां पहुंचे। ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन को अपने बीच पाकर पूरा गांव उत्सव के माहौल में डूब गया। ग्रामीणों ने पारंपरिक बस्तरिया नृत्य और भव्य रंगोली के साथ उनका स्वागत किया, जिसे देख सचिन और उनका परिवार मंत्रमुग्ध नजर आया।

सचिन तेंदुलकर का यह दौरा दंतेवाड़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्र के लिए सकारात्मकता का संदेश है। सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन द्वारा यहां खेल मैदानों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं और बच्चों को खेल की मुख्यधारा से जुड़ने का बड़ा अवसर मिलेगा। यह दौरा बस्तर की बदलती तस्वीर और शांति की ओर बढ़ते कदमों को दर्शाता है।

मैदान पर दिखा सचिन का देसी अंदाज
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही सचिन तेंदुलकर ने ग्रामीण संस्कृति का आनंद लिया। उन्होंने वहां मौजूद छोटी बच्चियों के साथ रस्साकशी (Tug of War) का खेल खेला। इसके बाद वे वॉलीबॉल के मैदान में भी उतरे और बच्चों के साथ हाथ आजमाए। अपने पसंदीदा खिलाड़ी को खेलता देख बच्चों और युवाओं का उत्साह चरम पर था।

नन्ही सुमन को मिला सचिन से सम्मान
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय बच्ची सुमन यादव को सचिन तेंदुलकर के हाथों पुरस्कार प्राप्त हुआ। भावुक होते हुए सुमन ने कहा, “यह मेरे लिए गर्व की बात है कि सचिन सर ने हमारे साथ वॉलीबॉल खेला और मुझे प्रोत्साहित किया। यह पल मैं जिंदगी भर याद रखूंगी।”

सचिन फाउंडेशन का खेल अभियान
सचिन तेंदुलकर के इस दौरे के पीछे खेलों को बढ़ावा देने का बड़ा उद्देश्य है। फाउंडेशन के कर्मचारियों ने बताया कि क्षेत्र में अब तक 25 खेल मैदानों का निर्माण पूरा हो चुका है और आने वाले समय में कई और मैदान तैयार किए जा रहे हैं। कर्मचारियों ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि फाउंडेशन के इस प्रोजेक्ट की वजह से ही उन्हें इतने बड़े खिलाड़ी से मिलने का सौभाग्य मिला।

मुख्य तथ्य

स्थान: ग्राम छिंदनार, जिला दंतेवाड़ा।
प्रमुख गतिविधियां: बस्तरिया नृत्य, रस्साकशी, वॉलीबॉल और रंगोली अवलोकन।
सुरक्षा: पुलिस प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतजाम, अतिरिक्त बल तैनात।
उपलब्धि: क्षेत्र में 25 खेल मैदानों का निर्माण पूर्ण।

सचिन तेंदुलकर के इस दौरे के बाद दंतेवाड़ा और बस्तर के अन्य क्षेत्रों में खेल सुविधाओं के विस्तार में तेजी आने की उम्मीद है। फाउंडेशन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे बस्तर के बच्चे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर - सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

रायपुर 22 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार
होगा।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव

सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’

स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध

छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- श्री तेंदुलकर

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा श्री सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।

फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।

इस मौके पर  तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा श्री तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के नारों से गूंज उठा।

इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा  तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया।

इस अवसर पर कलेक्टर  देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है, जहां के बच्चों में अपार प्रतिभा है। सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों को खेलों के प्रति जो प्रेरणा मिल रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बस्तर के बच्चे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। कलेक्टर ने युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि खेल, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह, आईजी बस्तर  सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ  जयंत नाहटा, डीएफओ  रामकृष्ण रगंनाथा वाय, सहित जनप्रतिनिधि, सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार : 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार : 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश

 समिति गठन, प्रशिक्षण और “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों पर जोर

रायपुर, 22 अप्रैल 2026/ मुख्य सचिव  विकासशील ने कहा कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए सक्रिय प्रयास करें । उन्होंने कहा कि परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ज्ञान-संपदा मिल सकती है, इसलिए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, जिससे आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें।

मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वेक्षण अभियान समिति के सदस्य तथा सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि यह सर्वे केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने कहा कि जिलों में उपलब्ध पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए है। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय समिति का गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया। यह अभियान पूरे देश के लिए ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और उसे आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य के दौरान पांडुलिपियों के स्वामित्व अधिकारों का सम्मान, बिना अनुमति स्थानांतरण न करने और सभी गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि शोधकर्ताओं के सहयोग से सुदूर अंचलों से भी पांडुलिपियों की महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की जा सकती है, जिससे इस अभियान को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

CG – गर्लफ्रेंड को खुश करने के चक्कर में युवक ने किया ऐसा काम, वजह जान पुलिस भी हो गई हैरान

CG – गर्लफ्रेंड को खुश करने के चक्कर में युवक ने किया ऐसा काम, वजह जान पुलिस भी हो गई हैरान

 रायपुर। कहते है ना प्यार में लोग कुछ भी कर सकते है। ऐसे ही मामला राजधानी रायपुर से आया है। जहां पुलिस ने बाइक चोरी के मामले में एक ढोलक वादक के साथ उसके दोस्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने बुलेट वाहन जब्त किया है। पकड़े गए दोनों आरोपी प्रोफेशनल चोर नहीं है, लेकिन अपनी प्रेमिका को इम्प्रेस करने के लिए महंगी बाइक चोरी करने का खुलासा हुआ है। बाइक चोरी की इस वारदात के खुलासे से पुलिस भी हैरान हो गई है।

दरअसल पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र के कौशल्या विहार इलाके की है, जहां सेक्टर 4 में बाइक चोरी की वारदात हुई थी। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दो ऋषि शुक्ला और रोहितेश चन्द्राकर को हिरासत में लिया। दोनों युवकों से पूछताछ की गई तो युवकों ने बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना कबूल किया है। आरोपी ऋषि शुक्ला ढोलक वादक बताया जा रहा है। वहीं रोहितेश चन्द्राकर मार्बल लाइन में काम करने की बात सामने आई है।

जानकारी के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची है। पूछताछ में आरोपियों ने पहली मर्तबा चोरी करने की बात कबूल किया है। साथ ही खुलासा हुआ कि महंगी बाइक बुलेट को अपनी प्रेमिका को खुश करने के लिए चोरी की गई है। एसीपी नवनीत पाटिल ने कहा दोनों आरोपियो को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले जांच में जुटी हुई है।

यात्रियों के लिए राहत: बिलासपुर से दिल्ली शाम की डायरेक्ट उड़ान इस दिन से चालू…

यात्रियों के लिए राहत: बिलासपुर से दिल्ली शाम की डायरेक्ट उड़ान इस दिन से चालू…

 बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर एयरपोर्ट से 3 मई, रविवार एक ऐतिहासिक दिन साबित होने जा रहा है। एलायंस एयर द्वारा इस दिन शाम के वक्त बिलासपुर से दिल्ली के लिए सीधी शाम की विमान सेवा शुरू की जाएगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी.

बिलासपुर से दिल्ली के बीच सीधी हवाई सेवा की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी होने जा रही है। नई सेवा के तहत विमान शाम 6:20 बजे बिलासपुर पहुंचेगा और 6:45 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेगा। यह उड़ान रात 9:25 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

प्रारंभिक चरण में यह सेवा प्रत्येक रविवार को संचालित की जाएगी, जिसे यात्रियों की मांग के अनुसार भविष्य में सप्ताह में दो दिन तक बढ़ाने की योजना है। इस नई सुविधा से अब यात्री दिनभर के अपने कार्यों को निपटाने के बाद शाम को सीधे देश की राजधानी के लिए यात्रा कर सकेंगे।

खासतौर पर व्यावसायिक, शासकीय और निजी कार्यों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सेवा बेहद सुविधाजनक साबित होगी। इसके साथ ही, शाम के समय उड़ान संचालन से एक महत्वपूर्ण तकनीकी लाभ भी मिलेगा। दोपहर के उच्च तापमान के कारण विमानों पर लगने वाली ‘लोड पेनल्टी’ की समस्या अब नहीं रहेगी, जिससे विमान अपनी पूर्ण क्षमता के साथ उड़ान भर सकेंगे। इससे अधिक यात्रियों को सीट उपलब्ध होगी और यात्रा अनुभव बेहतर होगा।

नई हवाई सेवा न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने में सहायक होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, जिससे क्षेत्र की प्रगति को नई दिशा मिलेगी।

मंत्री राजवाड़े के प्रयासों से दर्जनों टोलों के विद्युतीकरण को मिली मंजूरी

मंत्री राजवाड़े के प्रयासों से दर्जनों टोलों के विद्युतीकरण को मिली मंजूरी

 रायपुर। महिला-बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विशेष प्रयासों से आजादी के बाद पहली बार सूरजपुर जिले के वनांचल क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल साकार हुई है। भटगांव विधानसभा क्षेत्र के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के दर्जनों गांवों और आश्रित टोलों के विद्युतीकरण के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा तकनीकी स्वीकृति प्रदान करते हुए कार्य आदेश जारी कर दिए गए हैं।

दर्जनों गांवों में पहुंचेगी बिजली, बदलेगा जीवन स्तर

मंत्री राजवाड़े की पहल पर कोल्हुआ: पुराना स्कूलपारा, खासपारा, जमतीपारा और बोकराटोला-2 के विद्युतीकरण को मंजूरी दी गई।
महुली: हरिजनपारा, खासपारा-1 व 2, पांडोपारा, पोखरापारा, स्कूलपारा, पहेतापारा और पहाड़पारा में बिजली विस्तार का कार्य होगा।

करोटी: खासपारा, इमलीडीह, पोड़ीडोल, पोरतेपारा, परसापारा और गुलरडांडपारा जैसे क्षेत्रों में रोशनी पहुँचेगी।
चोंगा: मधवानीपारा, आमपारा, खासपारा और श्यामपारा के निवासियों को बिजली की सुविधा मिलेगी।

इसके साथ ही कछवारी (पांडोपारा, स्कूलपारा), खैरा (रेडियापारा-1 व 2), नवडीहा (मेन रोड) और कछिया (नवडीहा चौक) में भी विद्युतीकरण का कार्य किया जाएगा। इन क्षेत्रों में आजादी के बाद पहली बार नियमित विद्युत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे व्यापक स्तर पर ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सूरजपुर के कार्यपालन अभियंता को सौंपी गई है।

वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की यह लंबे समय से प्रमुख मांग रही है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने इस विषय को प्राथमिकता में रखते हुए लगातार विभागीय स्तर पर समन्वय किया, जिसके परिणामस्वरूप करोड़ों रुपये की लागत से 28 से अधिक विद्युतीकरण को मंजूरी मिली।इस पहल से न केवल घरों में उजाला होगा, बल्कि बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और स्थानीय रोजगार एवं छोटे व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी।

मंत्री राजवाड़े ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताया और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है, जिससे अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंच रही है।

छत्तीसगढ़ में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, इस गांव के 52 लोग गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, इस गांव के 52 लोग गिरफ्तार

 महासमुंद।  छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। तमोरा बीट के आरक्षित वन क्षेत्र में 94 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है, जबकि 52 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में 40 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं।

वन विभाग के मुताबिक, कक्ष क्रमांक 95 और 96 में अतिक्रमण कर हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही थी और जमीन को खेती योग्य बनाया जा रहा था। मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत कार्रवाई की गई है।

बताया जा रहा है कि कुल 116.596 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा किया गया था। शिकायतों के बाद वन विभाग ने राजस्व विभाग और पुलिस बल के साथ संयुक्त अभियान चलाया। बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माण तोड़े गए और करीब 54 अतिक्रमण चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।