CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |
6000 करोड़ के महादेव सट्टा केस में बड़ा एक्शन, सट्टा किंग अब CBI की गिरफ्त में, ओमान से भारत लाया गया सौरभ चंद्राकर

6000 करोड़ के महादेव सट्टा केस में बड़ा एक्शन, सट्टा किंग अब CBI की गिरफ्त में, ओमान से भारत लाया गया सौरभ चंद्राकर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 6,000 करोड़ रुपये के कथित मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाया गया है। सीबीआई की विशेष टीम ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत वापस लाया। अब आज उसे रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

सीबीआई के अनुसार, महादेव सट्टेबाजी ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। इसी के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे खोजकर हिरासत में लिया था। इसके बाद सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक दस्तावेज और औपचारिक प्रस्ताव ओमान सरकार को भेजे थे। प्रत्यर्पण की अनुमति मिलने के बाद सीबीआई की टीम मस्कट पहुंची और आरोपी को अपने साथ भारत लेकर आई।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का संचालन विदेश से किया जाता था। इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश सहित कई खेलों और आयोजनों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाया जाता था। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में फ्रेंचाइजी पैनल और शाखाएं बनाई गई थीं। इन नेटवर्क के माध्यम से लोगों को सट्टेबाजी से जोड़कर उनसे दांव लगवाए जाते थे।

सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ कि अवैध सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम को फर्जी बैंक खातों के जरिए कई स्तरों पर ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद हवाला चैनलों की मदद से धनराशि विदेश भेजी जाती थी। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि गिरोह अपने अवैध कारोबार को सुरक्षित तरीके से चलाने के लिए कुछ सरकारी कर्मचारियों को कथित तौर पर रकम देता था।

छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध पर सीबीआई ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े मामलों की जांच शुरू की थी। इस दौरान आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। सौरभ चंद्राकर इन मामलों में प्रमुख आरोपियों में शामिल है।

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय भी इस पूरे नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रहा है। ईडी ने भारत और विदेशों में स्थित गिरोह से संबंधित कई संपत्तियों को जब्त किया है। सीबीआई के प्रेस नोट के मुताबिक, सौरभ के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं, जिनमें आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके अलावा ईडी के मामले में भी अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है।

सीबीआई ने बताया कि भारत पहुंचने के बाद सौरभ चंद्राकर की चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी कर उसे रायपुर लाया जाएगा। आज उसे रायपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में विशेष न्यायाधीश के सामने पेश किया जाएगा।

सीबीआई ने इस प्रत्यर्पण प्रक्रिया में सहयोग के लिए ओमान सरकार और रॉयल ओमान पुलिस का आभार जताया है। एजेंसी के मुताबिक, विदेशों में छिपकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले आरोपियों को भारत वापस लाकर कानून के दायरे में लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई है।

बोल नहीं सकती तो क्या हुआ, लिखकर भी रख सकती हैं अपना पक्ष; छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी

बोल नहीं सकती तो क्या हुआ, लिखकर भी रख सकती हैं अपना पक्ष; छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी

 बिलासपुर : छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सुनने और बोलने में असमर्थ होना किसी व्यक्ति को अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा करने में अक्षम नहीं बनाता। किसी व्यक्ति को दीवानी मुकदमे में अपना ‘अगला मित्र’ (नेक्स्ट फ्रेंड) नियुक्त करने के लिए यह साबित करना जरूरी है कि वह मानसिक अक्षमता के कारण अदालत में अपना पक्ष रखने में असमर्थ है। इसी आधार पर हाई कोर्ट ने जगदलपुर की एक महिला की याचिका खारिज कर दी। महिला ने अपने पति को दीवानी मुकदमे में अगला मित्र नियुक्त करने की अनुमति मांगी थी।

मामले की सुनवाई जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की एकल पीठ में हुई। कोर्ट ने कहा कि महिला की सुनने और बोलने संबंधी शारीरिक अक्षमता को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है, लेकिन केवल इस आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि वह अपने कानूनी हितों की रक्षा नहीं कर सकती। हाई कोर्ट ने निचली अदालत के 4 अगस्त 2022 के आदेश में हस्तक्षेप करने से भी इनकार कर दिया।

मामला जगदलपुर निवासी अबेदा बानो से जुड़ा है। उनके नाम पर ग्राम नकटीसेमरा में खसरा नंबर 79 की 1.21 हेक्टेयर जमीन दर्ज थी। दंतेवाड़ा निवासी राजेश सुराना और सुनीता सुराना ने दावा किया था कि अबेदा बानो ने 23 सितंबर 2010 को उनके साथ जमीन बेचने का इकरारनामा किया था। जमीन का सौदा 12.08 लाख रुपये में तय हुआ था, जिसमें से पांच लाख रुपये अग्रिम भुगतान किए गए थे।

खरीदारों का आरोप था कि जमीन के डायवर्सन, सीमांकन और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बावजूद अबेदा बानो ने रजिस्ट्री नहीं कराई। इसके बाद उन्होंने अदालत में मुकदमा दायर कर अनुबंध का पालन कराने, इकरारनामे के आधार पर बिक्री विलेख निष्पादित कराने और स्थायी निषेधाज्ञा देने की मांग की।

दूसरी ओर, अबेदा बानो और उनके पति ने अलग से मुकदमा दायर कर इकरारनामे को शून्य घोषित करने की मांग की थी। इसके बाद अबेदा बानो ने दीवानी मुकदमे में अपने पति को अगला मित्र नियुक्त करने के लिए आवेदन दिया। उनका कहना था कि वह जन्म से सुनने और बोलने में असमर्थ हैं, इसलिए अदालत में अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने में कठिनाई होगी।

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने पाया कि अबेदा बानो शिक्षित हैं और पहले भी कई कानूनी व आर्थिक लेन-देन कर चुकी हैं। उन्होंने संपत्ति से जुड़े अन्य सौदे भी किए हैं और अपने नाम से जारी पैन कार्ड का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा मुकदमे की शुरुआत से ही उन्होंने अपने पक्ष में अधिवक्ता नियुक्त कर रखा है।

कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस साक्ष्य मौजूद नहीं है, जिससे यह साबित हो कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं या मानसिक अक्षमता के कारण अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम नहीं हैं।

हाई कोर्ट ने दीवानी प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 32 नियम 15 का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को मुकदमे में अगला मित्र नियुक्त करने के लिए केवल शारीरिक अक्षमता पर्याप्त नहीं है। इसके लिए मानसिक दुर्बलता के कारण कानूनी हितों की रक्षा करने में असमर्थता साबित करना आवश्यक है।

कोर्ट ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 119 का हवाला देते हुए कहा कि बोलने में असमर्थ व्यक्ति लिखकर या संकेतों के माध्यम से भी अपनी गवाही दे सकता है। जरूरत पड़ने पर अदालत दुभाषिए या विशेष शिक्षक (स्पेशल एजुकेटर) की मदद भी ले सकती है।

अदालत ने माना कि अबेदा बानो अपने अधिवक्ता के माध्यम से मुकदमे की पैरवी कर सकती हैं। उनके पति भी संवाद करने में उनकी मदद कर सकते हैं, लेकिन केवल सुनने और बोलने में असमर्थ होने के आधार पर पति को कानूनी रूप से अगला मित्र नियुक्त करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसी के साथ हाई कोर्ट ने महिला की याचिका खारिज कर दी।

देर रात पटाखे फोड़ने पर हुआ विवाद, जज के परिवार और बर्थडे पार्टी में शामिल लोगों के बीच जमकर मारपीट

देर रात पटाखे फोड़ने पर हुआ विवाद, जज के परिवार और बर्थडे पार्टी में शामिल लोगों के बीच जमकर मारपीट

 बिलासपुर। बिलासपुर में जन्मदिन की पार्टी के दौरान देर रात तक ढोल-नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने को लेकर विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि महासमुंद के परिवार न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी और उनके परिवार के साथ मारपीट का आरोप लगा है। वहीं, जन्मदिन समारोह में शामिल एक युवक ने भी जज की पत्नी और साले के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामले दर्ज किए हैं।

घटना 31 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे राजकिशोर नगर के जूनियर एमआईजी क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर अपनी पत्नी और परिवार के साथ ससुराल आए हुए थे। रात में परिवार के सभी सदस्य घर पर सो रहे थे। इसी दौरान पास में चल रही जन्मदिन की पार्टी में तेज आवाज में ढोल-नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया।

बताया जा रहा है कि करीब 45 मिनट तक लगातार शोर होने से घर में मौजूद बच्चे और बुजुर्ग भी परेशान हो गए। इसके बाद न्यायाधीश शोर बंद कराने और समझाइश देने के लिए घर से बाहर पहुंचे।

शिकायत के मुताबिक, गली में करीब 100 से 200 लोगों की भीड़ मौजूद थी। वहां प्रॉपर्टी डीलर अभय बरुआ के घर जन्मदिन का कार्यक्रम चल रहा था। न्यायाधीश ने तेज आवाज में ढोल-नगाड़े बजाने और पटाखे फोड़ने पर आपत्ति जताई तो वहां मौजूद लोगों से विवाद शुरू हो गया।

आरोप है कि अभय बरुआ और उसके साथियों ने न्यायाधीश के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें घेर लिया और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। विवाद बढ़ने पर उनकी पत्नी आकांक्षा सोनवानी, साला अभिषेक भारद्वाज, सास नीरा भारद्वाज और साले की पत्नी गुरप्रीत कौर भारद्वाज भी बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि उनके साथ भी मारपीट की गई।

इस दौरान न्यायाधीश की शर्ट के बटन टूट गए, जबकि उनकी पत्नी और साले का चश्मा भी छीन लिया गया। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने और घर में घुसकर हंगामा करने के आरोप भी लगाए गए हैं। मामले में हिस्ट्रीशीटर वसीम खान की मौजूदगी का आरोप भी सामने आया है।

इस मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। टेंट व्यवसायी विनय वैद्य ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, वह 1 नवंबर की रात करीब 12:15 बजे अपने दोस्त रक्तिम सारखेल के साथ राजकिशोर नगर स्थित स्टेट बैंक के पास अभय बरुआ का जन्मदिन मनाने पहुंचा था।

विनय का कहना है कि सभी लोग घर पर एकत्र होकर शांतिपूर्वक केक काटकर जन्मदिन मना रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग घर के सामने पटाखे जला रहे थे। बाहर से शोर सुनाई देने पर वह देखने पहुंचा तो वहां आकांक्षा सोनवानी नाम की महिला अपने पति के जज होने का हवाला देते हुए गाली-गलौज कर रही थीं।

विनय के मुताबिक, वहां मौजूद लोगों ने महिला को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने अपने पति को बुला लिया। इसके बाद प्रफुल्ल सोनवानी कथित तौर पर लाठी लेकर पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि इस दौरान आकांक्षा सोनवानी और प्रफुल्ल सोनवानी ने भी उसके साथ झूमाझटकी और मारपीट की।

विनय ने अपनी शिकायत में बताया कि विवाद के दौरान प्रफुल्ल सोनवानी ने फोन कर अपने साले अभिषेक भारद्वाज को बुलाया। अभिषेक कार लेकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान जान से मारने की धमकी देते हुए कार चढ़ाने की बात कही गई।

विनय के अनुसार, मारपीट में उसके बाएं कंधे, पीठ और हाथ के अंगूठे में चोट आई है। जन्मदिन में शामिल अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। उसने यह भी दावा किया कि घटना के समय अभय बरुआ घर के भीतर था और उसे विवाद की जानकारी नहीं थी।

सरकंडा पुलिस ने विनय वैद्य की शिकायत पर न्यायाधीश की पत्नी आकांक्षा सोनवानी और साले अभिषेक भारद्वाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं, न्यायाधीश के परिवार की ओर से भी मारपीट की शिकायत की गई है।

फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं। घटना की वास्तविक स्थिति और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

छत्तीसगढ़ में पुराने वाहनों पर HSRP लगवाना अनिवार्य, नहीं तो 1 दिसंबर से कटेगा चालान

छत्तीसगढ़ में पुराने वाहनों पर HSRP लगवाना अनिवार्य, नहीं तो 1 दिसंबर से कटेगा चालान

 अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ में पुराने वाहन चलाने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी श्रेणियों के वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। तय समय-सीमा के बाद 1 दिसंबर 2026 से बिना HSRP नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने पर चालान काटा जाएगा।

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO), अम्बिकापुर के मुताबिक, परिवहन आयुक्त छत्तीसगढ़ ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था मोटरयान अधिनियम 1988, केंद्रीय मोटरयान नियम 1989, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की अधिसूचनाओं और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप लागू की जा रही है।

परिवहन विभाग ने जिले के सभी दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार किए बिना अपने वाहनों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर HSRP लगवा लें। इसके लिए 30 नवंबर 2026 अंतिम तारीख तय की गई है।

अधिकारियों ने साफ किया है कि 1 दिसंबर से बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट के सड़क पर चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। ऐसे वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसलिए वाहन मालिक समय रहते नंबर प्लेट लगवाने की प्रक्रिया पूरी कर लें।

छत्तीसगढ़ में डीजल चोर गिरोह का भंडाफोड़, 9 आरोपी गिरफ्तार; दो स्कॉर्पियो समेत 36 लाख का माल जब्त

छत्तीसगढ़ में डीजल चोर गिरोह का भंडाफोड़, 9 आरोपी गिरफ्तार; दो स्कॉर्पियो समेत 36 लाख का माल जब्त

 बेमेतरा : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में पुलिस ने नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लग्जरी स्कॉर्पियो वाहनों में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदात को अंजाम देते थे। चोरी के बाद डीजल को बाजार में कम कीमत पर बेचकर आपस में रकम बांट लेते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 504 लीटर डीजल, 1.50 लाख रुपये से अधिक नकद और दो स्कॉर्पियो वाहन समेत कुल 36 लाख 6 हजार 419 रुपये की संपत्ति जब्त की है।

मामले का खुलासा 26 अक्टूबर 2026 को हुआ, जब अनीश कुमार बघेल ने नांदघाट थाने में डीजल चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि नागपुर से नमकीन लेकर झारखंड जा रहे थे। रायपुर-बिलासपुर मार्ग पर एनएच-130 स्थित ग्राम चिचोली के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक उन्होंने अपना ट्रक खड़ा किया और सो गए।

सुबह करीब 6 बजे उठने पर दोनों ट्रकों के डीजल टैंक के लॉक टूटे मिले। जांच करने पर पता चला कि टैंकों से करीब 550 लीटर डीजल चोरी हो चुका था, जिसकी कीमत लगभग 54,450 रुपये थी। चोरों ने लोहे की रॉड से टैंक का लॉक तोड़ा और पाइप की मदद से डीजल निकाल लिया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी त्रिलोक बंसल के निर्देश पर साइबर सेल और थाना पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आखिरकार 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में पता चला कि गिरोह बेमेतरा, बिलासपुर, मुंगेली और जांजगीर-चांपा जिलों में सक्रिय था। गिरोह के सदस्य उपेंद्र यादव और राजेश कोयल की स्कॉर्पियो गाड़ियों में फर्जी डिजिटल नंबर प्लेट लगाकर निकलते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।

आरोपी रांका, जांजगीर-बाराद्वार, सिमगा, ढेका, मस्तूरी और सरगांव सहित कई इलाकों में डीजल चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। चोरी किए गए डीजल को सस्ते दामों पर बेचकर उससे मिली रकम आपस में बांट लेते थे।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपी जांजगीर-चांपा जिले के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  1. निखिल दास (23), निवासी खिसारा, बलौदा।

  2. सूरज कुर्रे (19), निवासी खिसोरा, बलौदा।

  3. मनीष कुमार जांगड़े उर्फ मोना (28), निवासी भिलाई, बलौदा।

  4. संजीत कुमार अनंत (23), निवासी बुचीहरदी, बलौदा।

  5. जयकरण खुटे (30), निवासी खिसोरा, बलौदा।

  6. शुभम जांगड़े (18), निवासी भिलाई, बलौदा।

  7. उपेंद्र उर्फ ननकी यादव (42), निवासी खिसोरा, बलौदा।

  8. रेशम उर्फ मोनू यादव (26), निवासी बजरंग नगर, बलौदा।

  9. राजेश कोयल (45), निवासी खिसोय, बलौदा।

पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में गिरोह की अन्य गतिविधियों और चोरी की वारदातों को लेकर भी जांच की गई है।

 

बस्तर में सिंचाई योजनाओं के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट का आरोप, 90% बजट खर्च फिर भी जमीन पर नहीं दिखे काम

बस्तर में सिंचाई योजनाओं के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट का आरोप, 90% बजट खर्च फिर भी जमीन पर नहीं दिखे काम

 रायपुर। बस्तर संभाग में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने और जल संरक्षण के उद्देश्य से जारी सरकारी बजट के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जल संसाधन विभाग में कथित अनियमितताओं और अधिकारियों-ठेकेदारों के गठजोड़ के जरिए सरकारी राशि के दुरुपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि विभाग में एक प्रभावशाली अधिकारी वेद प्रकाश पांडेय के संरक्षण में पूरा तंत्र काम कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि स्वीकृत योजनाओं में से महज 10 प्रतिशत काम ही धरातल पर दिखाई दे रहे हैं, जबकि शेष 90 प्रतिशत बजट के उपयोग को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।

इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप विभागीय पदस्थापनाओं और प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर हैं। आरोप है कि निर्धारित नियमों और वरिष्ठता को नजरअंदाज करते हुए डिप्लोमाधारी उप अभियंताओं को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति मिलते ही सीधे कार्यपालन अभियंता (ईई) का प्रभार सौंप दिया गया।

दस्तावेजों के आधार पर सामने आए आरोपों के मुताबिक, बस्तर संभाग में किसानों की जरूरत के अनुरूप बड़ी सिंचाई परियोजनाएं विकसित करने के बजाय विभाग का अधिकांश ध्यान स्टॉप डैम और एनीकट निर्माण पर केंद्रित रहा है। इन निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों की अनदेखी और लागत का अनुमान बढ़ाकर तैयार किए जाने की आशंका जताई गई है।

स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद इन योजनाओं का लाभ किसानों और आम नागरिकों तक अपेक्षित रूप से क्यों नहीं पहुंच पा रहा है। आरोप है कि कई योजनाओं को सरकारी रिकॉर्ड में पूरा दर्शाया गया है, जबकि उनकी वास्तविक उपयोगिता और निर्माण गुणवत्ता की जांच की आवश्यकता है।

बस्तर संभाग में इंजीनियरों की पदस्थापना को लेकर भी विवाद सामने आया है। आरोप है कि कुछ संभागों को छोड़कर अन्य स्थानों पर पदोन्नति, वरिष्ठता और विभागीय नियमों को नजरअंदाज किया गया। स्नातक डिग्रीधारी इंजीनियरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से दूर रखते हुए डिप्लोमाधारी अधिकारियों को कार्यपालन अभियंता का प्रभार सौंपे जाने पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बस्तर के तत्कालीन कमिश्नर मनोज पिंगुआ ने शासन को पत्र लिखकर नक्सल प्रभावित और संवेदनशील बस्तर संभाग में महत्वपूर्ण पदों पर योग्य, ऊर्जावान और ईमानदार अधिकारियों की नियुक्ति पर जोर दिया था। इसका उद्देश्य क्षेत्र के विकास कार्यों को बेहतर ढंग से संचालित करना था।

हालांकि, जल संसाधन विभाग की मौजूदा पदस्थापना व्यवस्था को लेकर आरोप लग रहे हैं कि इन निर्देशों और प्रशासनिक मंशा के अनुरूप काम नहीं किया जा रहा है। सीधे भर्ती के जरिए नियुक्त अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से दूर रखने और पसंदीदा अधिकारियों को पदस्थ करने के आरोप भी सामने आए हैं।

वर्ष 2024 में भारत कुमार को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया था। आरोप है कि पदोन्नति के तुरंत बाद उन्हें जगदलपुर के टीडीपीपी संभाग में सीधे कार्यपालन अभियंता की जिम्मेदारी दे दी गई। इस पदस्थापना को लेकर भी विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप लगाने वालों का दावा है कि महत्वपूर्ण पदों पर इस तरह की नियुक्तियों से विभाग में चल रही कथित अनियमितताओं पर पर्दा डालने में मदद मिली।

कांकेर और दंतेवाड़ा संभाग में पदस्थ स्नातक डिग्रीधारी इंजीनियरों को लेकर भी विवाद सामने आया है। आरोप है कि विभाग के प्रभावशाली अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर इन इंजीनियरों के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर रहे हैं। इसे कथित सिंडिकेट के खिलाफ आवाज उठाने वाले अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

बस्तर संभाग में सिंचाई योजनाओं के बजट और विभागीय पदस्थापनाओं को लेकर उठे सवालों के बाद स्थानीय लोगों और कुछ ठेकेदारों के एकजुट होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कथित अनियमितताओं, निर्माण कार्यों और नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेजों के साथ शासन तथा उच्च स्तरीय जांच एजेंसियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

यदि इन आरोपों की स्वतंत्र जांच होती है, तो सिंचाई परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति, बजट के उपयोग, निर्माण की गुणवत्ता और अधिकारियों की भूमिका से जुड़े कई तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले में संबंधित विभाग और अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री पर बड़ी राहत, रजिस्ट्री शुल्क घटकर हुआ 500 रुपये

छत्तीसगढ़ में प्रॉपर्टी रजिस्ट्री पर बड़ी राहत, रजिस्ट्री शुल्क घटकर हुआ 500 रुपये

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने संपत्ति से जुड़े चुनिंदा दस्तावेजों के पंजीयन शुल्क में बड़ी राहत दी है। नई व्यवस्था के तहत अब वसीयत, पारिवारिक बंटवारा, हक त्याग और गिफ्ट डीड जैसे पात्र दस्तावेजों का पंजीयन महज 500 रुपये में कराया जा सकता है। पहले इन दस्तावेजों के लिए संपत्ति के बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क देना पड़ता था। शुल्क में भारी कमी से परिवार के भीतर संपत्ति के हस्तांतरण और बंटवारे की प्रक्रिया अब पहले की तुलना में काफी सस्ती हो गई है।

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से 12 अक्टूबर 2026 तक प्रदेश में इस श्रेणी के कुल 37,842 दस्तावेजों का पंजीयन किया गया। इससे सरकार को करीब 43.70 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

नई व्यवस्था के बाद संपत्ति से जुड़े पारिवारिक दस्तावेजों का कानूनी रूप से पंजीयन कराने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। खासकर ऐसे परिवारों को राहत मिली है, जो आपसी सहमति से संपत्ति का बंटवारा करना चाहते हैं या अपने हिस्से का अधिकार परिवार के किसी अन्य सदस्य को देना चाहते हैं।

नई दरों से होने वाली बचत का अंदाजा एक उदाहरण से लगाया जा सकता है। यदि संपत्ति का मूल्य एक करोड़ रुपये है, तो पुरानी व्यवस्था के तहत 0.8 प्रतिशत की दर से 80 हजार रुपये पंजीयन शुल्क देना होता था। वहीं, नई व्यवस्था में पात्र दस्तावेज के पंजीयन के लिए सिर्फ 500 रुपये खर्च करने होंगे। इस तरह कुल 79,500 रुपये की बचत होगी।

हालांकि, यह छूट सभी प्रकार की संपत्ति रजिस्ट्री पर लागू नहीं है। सामान्य खरीद-बिक्री के लिए होने वाले सेल डीड पर पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी के नियम पहले की तरह अलग हैं। 500 रुपये की सुविधा केवल निर्धारित श्रेणियों के पात्र दस्तावेजों के लिए है।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के जिलों में संपत्ति संबंधी दस्तावेजों के पंजीयन का रुझान बढ़ा है। इस मामले में रायपुर जिला सबसे आगे है।

जिलावार आंकड़ों के अनुसार:

  • रायपुर में 5,324 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ।
  • दुर्ग में 4,079 दस्तावेज दर्ज किए गए।
  • राजनांदगांव में 3,263 दस्तावेजों का पंजीयन किया गया।

इनके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है।

नई व्यवस्था का लाभ मिलने का एक उदाहरण रायपुर में देखने को मिला। यहां एक व्यक्ति को अपने पिता से मकान उपहार में मिलने पर गिफ्ट डीड का पंजीयन कराना था। पुरानी दरों के अनुसार इसके लिए 73,632 रुपये खर्च करने पड़ते, लेकिन नई व्यवस्था में पात्र गिफ्ट डीड के पंजीयन के लिए केवल 500 रुपये देने पड़े।

इस तरह हितग्राही को सीधे 73,132 रुपये की बचत हुई। पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के महानिरीक्षक पुष्पेंद्र कुमार मीणा के मुताबिक, शुल्क में संशोधन के बाद प्रदेश के सभी जिलों में संबंधित श्रेणियों के दस्तावेजों के पंजीयन में वृद्धि दर्ज की गई है।

सरकार की नई व्यवस्था के तहत चार प्रमुख श्रेणियों के दस्तावेजों को लाभ के दायरे में रखा गया है।

  1. वसीयत: भविष्य में संपत्ति के उत्तराधिकार से संबंधित इच्छाओं को कानूनी रूप से दर्ज कराने के लिए।
  2. पारिवारिक बंटवारा: परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति का हिस्सा तय करने के लिए।
  3. हक त्याग: संपत्ति में अपने अधिकार या हिस्सेदारी को छोड़ने के लिए।
  4. गिफ्ट डीड: बिना किसी बिक्री के दूसरे व्यक्ति को संपत्ति उपहार स्वरूप देने के लिए।

इन दस्तावेजों का विधिवत पंजीयन कराने से संपत्ति और उससे जुड़े अधिकारों का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार होता है।

संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन कराने से पहले लोगों को संबंधित उप-पंजीयक कार्यालय से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर लेनी चाहिए। दस्तावेज की श्रेणी, पात्रता, स्टांप ड्यूटी और अन्य कानूनी औपचारिकताओं की पुष्टि करना जरूरी है।

सरकार के इस फैसले से पारिवारिक संपत्ति के हस्तांतरण और अधिकारों के बंटवारे की प्रक्रिया पर आर्थिक बोझ कम हुआ है। खासकर उन लोगों को बड़ी राहत मिली है, जो परिवार के भीतर संपत्ति का कानूनी हस्तांतरण कराना चाहते हैं।

छत्तीसगढ़ के खनिज विभाग में बड़ा फेरबदल, 28 अधिकारियों के तबादले; देखें पूरी सूची

छत्तीसगढ़ के खनिज विभाग में बड़ा फेरबदल, 28 अधिकारियों के तबादले; देखें पूरी सूची

  रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खनिज संसाधन विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। विभाग की ओर से जारी तबादला आदेश में उप संचालक, खनिज अधिकारी, सहायक खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक सहित कुल 28 अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

जारी आदेश के तहत विभिन्न जिलों में पदस्थ अधिकारियों को दूसरे जिलों और संचालनालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फेरबदल में कोरबा, दंतेवाड़ा, बिलासपुर, सरगुजा, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर सहित कई जिलों के अधिकारी प्रभावित हुए हैं।

उप संचालक (खनिज प्रशासन)

  1. प्रमोद कुमार नायक: कोरबा से दंतेवाड़ा।
  2. मीनाक्षी साहू: संचालनालय, नवा रायपुर से कोरबा।
  3. योगेन्द्र सिंह: दंतेवाड़ा से संचालनालय, नवा रायपुर।

खनिज अधिकारी

  1. शबीना बेगम: बिलासपुर से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर।
  2. योगेश साहू: मुंगेली से सरगुजा।
  3. ज्योति मिश्रा: राजनांदगांव से संचालनालय, नवा रायपुर।
  4. अनिल साहू: सरगुजा से मुंगेली।
  5. अवधेश बारिक: बलौदाबाजार-भाटापारा से बीजापुर।
  6. दीपक आनंद साहू: मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से राजनांदगांव।
  7. दयानंद तिग्गा: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर से जगदलपुर।
  8. शिखर चेरपा: जगदलपुर से बलरामपुर।
  9. छबिलेश्वर मौर्य: बीजापुर से बलौदाबाजार-भाटापारा।
  10. इंद्रलाल साव: कोरिया से मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी।

सहायक खनिज अधिकारी

  1. उमेश भार्गव: रायपुर से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई।
  2. भरत लाल बंजारे: राजनांदगांव से दुर्ग।
  3. उत्तम खूंटे: बालोद से बलौदाबाजार-भाटापारा।
  4. दीपक तिवारी: दुर्ग से राजनांदगांव।
  5. बबलू पांडे: खैरागढ़-छुईखदान-गंडई से रायपुर।
  6. राहुल गुलाटी: बलरामपुर से कोरबा।
  7. सुभाष साहू: धमतरी से बलरामपुर।
  8. राकेश वर्मा: कोरबा से कोरिया।
  9. नेहा टंडन: सरगुजा से संचालनालय, नवा रायपुर।
  10. मृदुल गुहा: कांकेर से दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा।

खनिज निरीक्षक

  1. अश्वनी झाड़ी: दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा से जगदलपुर।
  2. सुबत साना: बलरामपुर से धमतरी।
  3. भूपेन्द्र भक्त: बलौदाबाजार-भाटापारा से कांकेर।
  4. विवेक कुमार चंद्राकर: सारंगढ़-बिलाईगढ़ से सुकमा।
  5. मंथन केमरो: सुकमा से सारंगढ़-बिलाईगढ़।

इस तबादला आदेश के बाद खनिज संसाधन विभाग के विभिन्न जिला कार्यालयों में अधिकारियों की नई पदस्थापना होगी।

cc

दिवाली-छठ पर रेलवे की सौगात, गोंदिया-पटना के बीच 3-3 फेरे लगाएगी स्पेशल ट्रेन

दिवाली-छठ पर रेलवे की सौगात, गोंदिया-पटना के बीच 3-3 फेरे लगाएगी स्पेशल ट्रेन

   बिलासपुर : दीपावली और छठ पर्व के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने विशेष ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। रेलवे की ओर से गोंदिया और पटना के बीच पूजा स्पेशल ट्रेन का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में तीन-तीन फेरे लगाएगी। इससे छत्तीसगढ़ से बिहार जाने वाले यात्रियों को कंफर्म बर्थ के साथ सफर करने की सुविधा मिलेगी।

 

रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 08895 गोंदिया-पटना पूजा स्पेशल ट्रेन 6 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 08896 पटना-गोंदिया पूजा स्पेशल ट्रेन 7 नवंबर से 21 नवंबर 2026 तक प्रत्येक शनिवार को संचालित होगी।

 

इस ट्रेन का ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत गोंदिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ स्टेशनों पर होगा।

 

गाड़ी संख्या 08895 गोंदिया-पटना पूजा स्पेशल ट्रेन गोंदिया स्टेशन से दोपहर 12:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन डोंगरगढ़ 13:26 बजे, राजनांदगांव 13:50 बजे, दुर्ग 14:45 बजे, रायपुर 15:35 बजे, भाटापारा 16:30 बजे, बिलासपुर 18:00 बजे, चांपा 19:00 बजे और रायगढ़ 20:10 बजे पहुंचेगी।

 

इसके बाद ट्रेन झारसुगुड़ा, राउरकेला, हटिया, रांची, मुरी, बोकारो स्टील सिटी, चंद्रपुरा, धनबाद, चित्तरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, जमुई, किऊल और राजेंद्रनगर टर्मिनल होते हुए अगले दिन शाम 4:30 बजे पटना पहुंचेगी।

 

वापसी में गाड़ी संख्या 08896 पटना-गोंदिया पूजा स्पेशल ट्रेन पटना स्टेशन से शाम 6:10 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन राजेंद्रनगर टर्मिनल, किऊल, जमुई, झाझा, जसीडीह, मधुपुर, चित्तरंजन, धनबाद, चंद्रपुरा, बोकारो स्टील सिटी, मुरी, रांची, हटिया, राउरकेला और झारसुगुड़ा होते हुए छत्तीसगढ़ पहुंचेगी।

 

छत्तीसगढ़ में रायगढ़ स्टेशन पर दोपहर 3:28 बजे, चांपा में शाम 4:38 बजे, बिलासपुर में शाम 6:50 बजे, भाटापारा में शाम 7:40 बजे, रायपुर में रात 9:50 बजे, दुर्ग में रात 11:20 बजे और राजनांदगांव में रात 11:41 बजे ठहराव होगा। इसके बाद ट्रेन डोंगरगढ़ होते हुए तीसरे दिन सुबह 3 बजे गोंदिया पहुंचेगी।

यात्रियों की सुविधा के लिए इस पूजा स्पेशल ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 2 एसएलआरडी, 4 सामान्य श्रेणी, 10 स्लीपर, 3 एसी थर्ड और 1 एसी सेकंड श्रेणी का कोच शामिल रहेगा।

CG- जंगल में मिला युवक का खून से सना शव, शरीर पर चोटों के निशान, मचा हड़कंप……

CG- जंगल में मिला युवक का खून से सना शव, शरीर पर चोटों के निशान, मचा हड़कंप……

 बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब जंगल के भीतर एक अज्ञात व्यक्ति का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। मृतक के शरीर पर गहरे चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। मामला राजादेवरी थाना क्षेत्र की बया चौकी का है।

जानकारी के मुताबिक, मुरूमडीह और रायतुम गांव के बीच जगंल में युवक का शव मिला। घटना के बारे में तब पता, चला जब कुछ ग्रामीण वहां से गुजर रहे थे। जगंल में खून से लथपथ शव मिलने की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

जांच के दौरान शव खून से लथपथ पाया गया। पुलिस को मृतक के सीने और कंधे के पास तीन गहरे चोट मिले, जो धारदार हथियार के हमले से होना प्रतीत हुआ। शरीर पर गोदना (टैटू) के निशान हैं, जो उसकी पहचान करने में मददगार हो सकते हैं। एफएसएल टीम ने भौतिक साक्ष्य जुटाए. पंचनामा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।

बया पुलिस घटना की हत्या समेत हर संभावित एंगल से जांच में जुट गई है। पीएम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के कारणों के साथ घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का पता नहीं चल पाएगा।

महादेव सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का भारत प्रत्यर्पण बड़ी सफलता : साय

महादेव सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का भारत प्रत्यर्पण बड़ी सफलता : साय

 00 सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में महादेव सट्टा ऐप के पूरे नेटवर्क और प्रोटेक्शन मनी प्राप्त करने वालों का होगा खुलासा : मुख्यमंत्री
00 मुख्यमंत्री साय ने सीबीआई और सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पित कर भारत लाए जाने को केंद्रीय जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के माध्यम से महादेव सट्टा ऐप के अवैध कारोबार, इससे जुड़े पूरे नेटवर्क और प्रोटेक्शन मनी प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री  साय ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि महादेव सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर लंबे समय से विदेश में था। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) लगातार प्रयास कर रही थी कि उसे भारत लाया जाए, ताकि इस पूरे प्रकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकें। सीबीआई और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से उसका भारत प्रत्यर्पण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सौरभ चंद्राकर का भारत प्रत्यर्पण एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इस सफलता के लिए सीबीआई और सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में यह जानकारी भी सामने आएगी कि महादेव सट्टा ऐप के अवैध कारोबार से किन-किन लोगों को प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी और इस पूरे मामले में किन लोगों की क्या भूमिका रही है। इससे जांच को नई दिशा मिलेगी और प्रकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकेगा।

राज्यपाल डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

राज्यपाल डेका ने आसमान में देखा भारतीय वायु सेना का अद्भुत शौर्य, साहस और कौशल

 00 सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों के रोमांचकारी करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

00 आकाशगंगा के स्काईडाइवर्स और गरुड़ कमांडोज ने भी दिखाया अदम्य साहस
00 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर सेंध लेक में आयोजित भव्य एयर-शो बना आकर्षण का केंद्र
रायपुर।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर नवा रायपुर का आसमान आज भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के भव्य एयर-शो में राज्यपाल श्री रमेन डेका शामिल हुए। इस अवसर पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जांबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और उत्कृष्ट समन्वय से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन, हैरतअंगेज हवाई करतबों, आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा और वंदे मातरम की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।
राज्यपाल रमेन डेका ने भारतीय वायु सेना के जांबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए गौरव और प्रसन्नता का विषय है। वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है। उन्होंने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कामना की, कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जांबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।

अनुशासन, आपसी विश्वास और टीम भावना का अनुपम उदाहरण है सारंग टीम
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब भले ही देखने में सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। यह प्रदर्शन युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने, अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने और सामूहिक प्रयासों से सफलता हासिल करने की प्रेरणा देता है।
आकाशगंगा के जांबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण
एयर-शो का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जांबाजों ने अपने पैराशूट को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का परिचय दिया। निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप पैराशूट को नियंत्रित करते हुए स्काईडाइवर्स ने सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। उनके इस साहसिक प्रदर्शन को देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे और सफल लैंडिंग के बाद पूरा परिसर तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक एकाग्रता और दृढ़ता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।
गरुड़ कमांडोज ने किया रेस्क्यू और कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन
आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के बाद भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने अपने अदम्य साहस और विशेष ऑपरेशन की दक्षता का परिचय दिया। कमांडोज ने एयर-शो से पहले आठ हजार फीट की ऊंचाई से पैराशूट लैंडिंग कर दर्शकों को रोमांचित किया। इसके पश्चात एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का प्रदर्शन किया गया। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुंचने की अपनी दक्षता प्रदर्शित की। सेंध लेक के सामने कमांडोज ने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन कर अपनी परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने के कौशल का परिचय दिया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। उनके अनुशासित और साहसिक प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की फॉर्मेशन और क्रॉसओवर करतब ने थाम दीं दर्शकों की सांसें
एयर-शो का सबसे प्रमुख आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और रोमांचकारी हवाई करतब प्रस्तुत किए। पायलटों ने अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ हेलीकॉप्टरों को उड़ाकर अपने अद्भुत कौशल का परिचय दिया। आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुन: निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए। प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों का बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाला रोमांचकारी 'क्रॉसओवरÓ करतब विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर दर्शक आश्चर्यचकित रह गए। इस करतब में पायलटों के मन की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और आपसी तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला।
सारंग के कॉकपिट से गूंजा छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा, दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष छत्तीसगढिय़ा सबले बढिय़ा के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया। आसमान से गूंजे इस उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जांबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण दर्शकों के लिए विशेष रूप से यादगार बन गया।
तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और वंदे मातरम की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने वंदे मातरम गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा, हेलीकॉप्टरों का अद्भुत तालमेल और देशभक्ति गीत की गूंज ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ एयर-शो का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप को निकट से देखने का अवसर प्रदान किया।
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है। सारंग टीम जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार 1500 हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान कर चुकी है।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित यह भव्य एयर-शो प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव और उत्साह का अवसर बना। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों ने राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बना दिया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित सांसदगण, विधायकगण, निगम-मंडल के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

विकसित छत्तीसगढ़ से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

विकसित छत्तीसगढ़ से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

 केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने किया तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा बस्तर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा कर रही हमारी सरकार, जनकल्याणकारी योजनाओं से बदल रही छत्तीसगढ़ की तस्वीर : मुख्यमंत्री साय

प्रदेश में प्रतिदिन बन रहे लगभग 1,600 प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक संबल

जनजातीय संस्कृति, खेल, पर्यटन और औद्योगिक निवेश के माध्यम से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा छत्तीसगढ़

रायपुर -- केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण को नई गति प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध संसाधनों, गौरवशाली संस्कृति और अपार संभावनाओं वाले राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। 

अटल जी ने छत्तीसगढ़ निर्माण का जो सपना देखा, वह आज हो रहा साकार : डॉ. मांडविया

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के पीछे स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को नई पहचान देने और विकास की संभावनाओं को साकार करने की भावना थी। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी थी। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकास के नए पथ पर अग्रसर है।

डॉ. मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, समृद्ध लोकपरंपराएं, प्राकृतिक संपदा और यहां के लोगों की कर्मठता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। एक समय बस्तर की चर्चा मुख्य रूप से नक्सलवाद के कारण होती थी, लेकिन आज वहां खेल, पर्यटन, संस्कृति और विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है। जब देश के सभी राज्य अपनी विशिष्ट क्षमताओं और संसाधनों के आधार पर विकसित होंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प पूर्ण होगा।

अटल जी ने निभाया छत्तीसगढ़ निर्माण का वादा : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की यात्रा को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ की जनता से  राज्य निर्माण का वादा किया था। प्रदेशवासियों ने उनके नेतृत्व पर विश्वास जताया और उन्होंने अपना वादा पूरा करते हुए 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में निर्मित छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य गठन के समय प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनेक चुनौतियां थीं। बीते वर्षों में इन क्षेत्रों में व्यापक विस्तार हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ कर गरीब परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की।

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा। प्राकृतिक सौंदर्य, वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद नक्सलवाद के कारण बस्तर के अनेक क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच सकीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ। सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से आज बस्तर नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की जनता शांति और विकास चाहती है। राज्य सरकार का संकल्प है कि बस्तर के दूरस्थ से दूरस्थ गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचें। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अभियान में सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।

मोदी की गारंटी पूरी कर रही सरकार :  गरीबों, किसानों और महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने का अभियान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान कर उनके प्रति किए गए वादे को भी पूरा किया गया है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है। इस योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पहुंच रही सहायता राशि से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें आर्थिक संबल मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

श्री रामलला दर्शन योजना से  श्रद्धालुओं का अयोध्या दर्शन का सपना हुआ साकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और यहां के जनजीवन में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और प्रभु श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से प्रदेशवासियों में अपार उत्साह है।

उन्होंने बताया कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के श्रद्धालुओं को भी इस पवित्र तीर्थयात्रा का अवसर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज शासकीय एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर 21 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। यह प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हुई है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हों।

समारोह को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराएं और ऐतिहासिक विरासत प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। पंडवानी, पंथी, ददरिया सहित यहां की लोककलाएं हमारी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश की लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। पंडवानी की महान साधिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण की शुरुआत की गई है।
अग्रवाल ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, राजिम, रामगढ़ की प्राचीन गुफाएं और मैनपाट जैसे पर्यटन स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखते हैं। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री  अरुण साव एवं  विजय शर्मा, राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायकगण, विभिन्न निगमों, मंडलों एवं आयोगों के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राज्योत्सव में लोककला के रंग, सुरों की गूंज और थिरकते कदमों ने बांधा समां

राज्योत्सव में लोककला के रंग, सुरों की गूंज और थिरकते कदमों ने बांधा समां

 शिल्पग्राम मंच पर सजी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक महफिल, पंडवानी से लेकर फ्यूजन बैंड तक कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू

लोकगीतों की मिठास, ढोलमारू की जीवंत प्रस्तुति और शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

रायपुर-- छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला मैदान का शिल्पग्राम मंच रविवार को लोककला, संगीत और नृत्य के अद्भुत संगम का साक्षी बना। कहीं लोकगीतों की सुरीली तान गूंजी, तो कहीं पंडवानी की ओजस्वी कथा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। गिटार की मधुर धुनों, फ्यूजन बैंड की आधुनिक संगीत शैली और शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने राज्योत्सव के उल्लास को दोगुना कर दिया। विभिन्न विधाओं के कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं की खूबसूरत छटा बिखेरी।

राज्योत्सव के अंतर्गत शिल्पग्राम मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उत्सव में चार चांद लगा दिए। पारंपरिक लोककला और आधुनिक संगीत का यह अनूठा संगम राज्योत्सव के विशेष आकर्षणों में शामिल रहा।

पंडवानी की ओजस्वी प्रस्तुति में जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकपरंपरा

छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात लोकगाथा पंडवानी की प्रस्तुति राज्योत्सव के प्रमुख आकर्षणों में रही। दुर्ग के श्री चेतन देवांगन और रायपुर की सुश्री दुर्गा साहू ने पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से महाभारत की कथाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध वाचिक परंपरा को मंच पर साकार किया। कथा, संगीत और अभिनय के अनूठे समन्वय ने लोककला की इस विशिष्ट विधा की खूबसूरती को सामने रखा।

गिटार की धुनों और फ्यूजन बैंड ने बिखेरे आधुनिक संगीत के रंग

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रायपुर के श्री शिवेन्द्र मण्डावी ने लोकसंगीत एवं गिटार वादन की प्रस्तुति दी। रायपुर के श्री राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में रिदम ट्विंस बैंड तथा श्री संतोष कुमार सिन्हा के फ्यूजन बैंड की प्रस्तुतियों ने संगीत की आधुनिक शैलियों से दर्शकों को रूबरू कराया। पारंपरिक और आधुनिक संगीत के इस मेल ने शिल्पग्राम मंच को सुरों और तालों से सराबोर कर दिया।

शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति ने बिखेरी भारतीय कला की अनुपम छटा

सुश्री अनुप्रिया सुल्ताना ने शास्त्रीय नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति से भारतीय नृत्य परंपरा की सुंदरता को मंच पर साकार किया। नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं, लयबद्ध पदचाप और कलात्मक अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।

ढोलमारू और लोकमंच की प्रस्तुतियों में दिखी छत्तीसगढ़ की माटी की महक

दुर्ग की रजनी रजक ने लोकमंच एवं ढोलमारू की प्रस्तुति के माध्यम से लोकजीवन की भावनाओं और पारंपरिक कथाओं को जीवंत किया। वहीं बिलासपुर की कुमारी वंदिता साहू ने लोकसंगीत की मधुर प्रस्तुति दी। सुश्री पायल साहू ने लोकमंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोककला के विविध रंग बिखेरे। इन प्रस्तुतियों में प्रदेश की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और माटी की सौंधी महक का सुंदर समावेश देखने को मिला।

राज्योत्सव बना लोककलाकारों की प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव

राज्योत्सव के शिल्पग्राम मंच पर आयोजित इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत की। पंडवानी की कथा परंपरा, लोकसंगीत की मिठास, ढोलमारू की लोकगाथा, शास्त्रीय नृत्य की कलात्मकता और आधुनिक बैंड की संगीत प्रस्तुतियों ने उत्सव को बहुरंगी स्वरूप प्रदान किया।

 

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत

 जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी रही आकर्षण का केन्द्र

फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों से रूबरू हुए जनसामान्य

फोटो प्रदर्शनी में चलित मनोरंजक रोबोट के मुरीद हुए बच्चे और युवा

छत्तीसगढ़ जनमन किताब एवं ब्रोशर का किया गया निःशुल्क वितरण

रायपुर- लोक संस्कृति के माधुर्य, समृद्ध परम्परा एवं अटूट एकता के प्रतीक राज्योत्सव में जनसम्पर्क विभाग द्वारा राज्योत्सव मैदान, नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी आज जनसामान्य के लिए आकर्षण का केन्द्र रही। नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की थीम पर आधारित मोहक फोटो प्रदर्शनी में सुशासन से समृद्धि, निवेश से औद्योगिक प्रगति, समृद्ध संस्कृति और परिवर्तन का गढ़ अंतर्गत विविध जानकारी झांकी के रूप में प्रस्तुत की गई हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्र बस्तर में बंदूक की गूंज और बारूद के धमाके दशकों तक रही लेकिन आज सुशासन में तस्वीर बदली है। उदास चेहरों पर खुशियां लौटी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की रणनीति एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व से नक्सल मुक्त हुई बस्तर की धरा। विकास की इन्हीं गाथाओं को संजोए एलईडी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। युवाओं, बच्चों, महिलाओं, किसानों एवं सभी वर्ग के लोगों ने शासन की सभी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जनमन एवं शासन की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित ब्रोशर का निःशुल्क वितरण किया गया। फोटो प्रदर्शनी में चलित मनोरंजक रोबोट के बच्चे और युवा मुरीद हो गए। आदिवासी संस्कृति को अभिव्यक्त करते हुए रोबोट से मिलकर बच्चों ने हाथ मिलाए और तस्वीरें खिंचवाई।

डिजिटल एलईडी बच्चों के लिए बेहद उपयोगी : रीतिका

राज्योत्सव मेला मैदान में जनसम्पर्क विभाग द्वारा स्थापित किए गए डिजिटल एलईडी एवं ई-कार्नर में पहले दिन से ही आगंतुकों का तांता लगा रहा। इस दौरान रायपुर निवासी रीतिका साहू अपने 07 वर्षीय बेटे वीरांश के साथ जनसम्पर्क विभाग के डिजिटल स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि यहां डिजिटल एलईडी स्क्रीन उनको और बेटे वीरांश को बहुत भाया। छत्तीसगढ़ से संबंधित सामान्य ज्ञान क्विज भी बच्चों के लिए बेहद उपयोगी है, इससे वे अपनी संस्कृति, सभ्यता और प्रदेश की विशेषताओं से अवगत भी होंगे। उन्होंने रोबोट की भी सराहना करते हुए अपने बेटे के साथ तस्वीर खिंचाई। इसी तरह रायपुर से आए श्री सुलभ सौरभ, अनिल रामटेके और ग्राम परसदा (राजिम) से आए श्री टिकेश्वर निषाद ने भी जनसम्पर्क विभाग की डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन कर शासन की विभिन्न विभागों की योजनाओं के नवीनतम तकनीक से प्रचार-प्रसार की प्रशंसा की। साथ ही ई-कॉर्नर में सुशासन से समृद्धि पर आधारित प्रदर्शनी को प्रदेश के विकास का आईना बताया।

सुशासन से समृद्धि, निवेश से औद्योगिक प्रगति की दी गई जानकारी

सुशासन से समृद्धि, निवेश से औद्योगिक प्रगति अंतर्गत
942 सरकारी सेवाएं सेवा सेतु पर घर बैठे एक क्लिक में, 740 से अधिक सरकारी सेवाओं का कानूनी अधिकार छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम से, 50 लाख आवेदन सुशासन तिहार में निराकृत, पहला एआई डेटा सेंटर पार्क नवा रायपुर में ले रहा आकार, दूसरे सेमीकंडक्टर यूनिट का नवा रायपुर में हो रहा निर्माण, 187 सेवाएं वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम पर जैसी जानकारी दी जा रही हैं। 

समृद्ध संस्कृति और पर्यटन का गढ़ छत्तीसगढ़ की जानकारी दी गई

समृद्ध संस्कृति और पर्यटन का गढ़ छत्तीसगढ़ अंतर्गत 600 साल पुराने 75 दिनों तक चलने वाले विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा, 52 शक्ति पीठों में एक दंतेवाड़ा का माँ दंतेश्वरी मंदिर, 23,000 से अधिक धान की किस्में धान का कटोरा हमारा छत्तीसगढ़, 300 मीटर चौड़ा चित्रकोट जलप्रपात भारत का नियाग्रा, 44% वनक्षेत्र हरियाली से समृद्ध धरा देश का तीसरा राज्य छत्तीसगढ़ के संबंध में जानकारी दी गई।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 : जनसम्पर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में नव निर्माण के 26 वर्ष एवं विकास पथ पर अग्रसर छत्तीसगढ़ की मोहक झांकी की गई प्रस्तुत

 

राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या में गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या में गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

 अनुराग शर्मा, आरू साहू और बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल के गीतों पर झूमे दर्शक

रिदम क्वीन बैंड की शानदार प्रस्तुति और महाराष्ट्र के पारंपरिक लावणी नृत्य ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

रायपुर-- छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या गीत-संगीत, नृत्य और सुरों की शानदार प्रस्तुतियों से सराबोर रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के साथ देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का खूबसूरत संगम देखने को मिला। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक गीत-संगीत की मधुर धुनों पर दर्शक झूमते नजर आए।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक संगीत की मिठास घोल दी अनुराग शर्मा ने

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक अनुराग शर्मा ने प्रसिद्ध गीत ‘गीत कोनो गाहु तोर नाम के’ की सुमधुर प्रस्तुति के साथ की। उनके गीत ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक संगीत की मिठास घोल दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनकी प्रस्तुति का स्वागत किया। इसके उपरांत रिदम क्वीन बैंड ने अपनी शानदार संगीतमय प्रस्तुति से सांस्कृतिक संध्या में उत्साह और उमंग का संचार किया। बैंड के कलाकारों ने संगीत की आकर्षक धुनों और बेहतरीन तालमेल से दर्शकों को खूब रोमांचित किया।

लावणी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

सांस्कृतिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य के प्रसिद्ध पारंपरिक लावणी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध नृत्य और भावपूर्ण मुद्राओं के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति ने राज्योत्सव के मंच पर देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का सुंदर संदेश दिया।

आरू साहू के लोक संस्कृति के रंग में रंगे लोग

छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक गायिका आरू साहू ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भक्तिमय गीत से की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी मधुर आवाज और छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दी

सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। उनके लोकप्रिय गीतों की मधुर धुनों पर युवा दर्शक जमकर झूमे और गीतों का भरपूर आनंद लिया। पलक मुच्छल की सुरीली आवाज और शानदार मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। युवाओं में उनकी प्रस्तुति को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

राज्योत्सव की इस रंगारंग सांस्कृतिक संध्या ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के साथ अन्य राज्यों की परंपराओं को भी एक मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों और दर्शकों के उत्साह ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को बिखरेंगे कला, संस्कृति और संगीत के रंग, राज्यपा रमेन डेका होंगे मुख्य अतिथि

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को बिखरेंगे कला, संस्कृति और संगीत के रंग, राज्यपा रमेन डेका होंगे मुख्य अतिथि

 पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में होगा भव्य सांस्कृतिक समारोह, ‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य मंचन और प्रसिद्ध गायिका स्वास्ति मेहुल की प्रस्तुति होगी विशेष आकर्षण

शिल्पग्राम में 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगी शाम, पंडवानी, सुआ, ओडिसी, कथक, लोकसंगीत और सूफी गायन की दिखेगी अनुपम छटा

छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकपरंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार बिखेरेंगे अपनी प्रतिभा का जादू

रायपुर, -छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दूसरे दिन 2 नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में कला, संस्कृति, संगीत और लोकपरंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। तीन दिवसीय राज्योत्सव के अंतर्गत सोमवार को आयोजित विशेष सांस्कृतिक समारोह में छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के साथ भारतीय कला और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को आकर्षित करेंगी। राज्योत्सव के मुख्य मंच पर जहां भव्य नाट्य मंचन और प्रसिद्ध कलाकारों की संगीतमय प्रस्तुतियां होंगी, वहीं शिल्पग्राम में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए कलाकार अपनी लोककलाओं और सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

राज्योत्सव के दूसरे दिन आयोजित विशेष समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल करेंगे। इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा और श्री इंद्र कुमार साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह में जनप्रतिनिधियों, कला एवं संस्कृति से जुड़े गणमान्य नागरिकों, कलाकारों तथा बड़ी संख्या में प्रदेशवासियों की सहभागिता अपेक्षित है।

‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य मंचन से जीवंत होगी भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत

राज्योत्सव के दूसरे दिन मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। शाम 6 से 7 बजे तक विशेष नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ का मंचन किया जाएगा। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से अयोध्या की ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। भारतीय संस्कृति, आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास की झलक प्रस्तुत करने वाला यह नाट्य मंचन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

यह प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक मूल्यों को अभिव्यक्त करने के साथ ही दर्शकों को देश की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराएगी। नाट्य कला के माध्यम से इतिहास, आस्था और संस्कृति का यह संगम राज्योत्सव के सांस्कृतिक आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान करेगा।

सुनील सोनी के गीतों और स्वास्ति मेहुल की सुरीली आवाज से गूंजेगा राज्योत्सव का मंच

राज्योत्सव के दूसरे दिन संगीत प्रेमियों के लिए भी विशेष आकर्षण रहेगा। शाम 7 से 8 बजे तक छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक श्री सुनील सोनी अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। उनकी प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संगीत की मधुरता और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का रंग राज्योत्सव के मंच पर बिखरेगा।

इसके बाद रात 8 बजे से प्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुश्री स्वास्ति मेहुल अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगी। उनके गीतों से राज्योत्सव की शाम सुरमयी होगी। लोकसंस्कृति, नाट्य कला और आधुनिक संगीत का यह संगम दर्शकों को विविध सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करेगा।

शिल्पग्राम में 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, लोककला और शास्त्रीय नृत्यों का होगा अनूठा संगम

राज्योत्सव के मुख्य मंच के साथ ही शिल्पग्राम में भी 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और भारतीय शास्त्रीय कलाओं की अनुपम छटा देखने को मिलेगी। शिल्पग्राम मंच पर दोपहर 3 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। दूसरे दिन कुल 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें लोकसंगीत, पंडवानी, सुआ नृत्य, ओडिसी, कथक, सूफी संगीत, गजल और लोकमंच जैसी विविध कलाओं को स्थान दिया गया है।

कार्यक्रम में श्रीमती प्रसन्ना अवस्थी लोकसंगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति देंगी। सुश्री सुष्मिता दास ओडिसी नृत्य के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की सुंदर अभिव्यक्ति प्रस्तुत करेंगी। दुर्ग की सुश्री समप्रिया पूजा निषाद छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायन परंपरा को मंच पर जीवंत करेंगी।

बिलासपुर के श्री अंकित निर्मलकर सूफी, गजल एवं सुगम गायन की प्रस्तुति देंगे। गरियाबंद की सुश्री मिलवंतीन बाई पारंपरिक सुआ नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक प्रस्तुत करेंगी। रायपुर की सुश्री मेघा बोस ताम्रकार पारंपरिक लोकसंगीत से दर्शकों को परिचित कराएंगी।

इसी क्रम में सुश्री आंचल पाण्डेय कथक नृत्य की प्रस्तुति देंगी। धमतरी की सुश्री रुखमनी दीवान लोकमंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोकजीवन और परंपराओं को अभिव्यक्त करेंगी। श्री आदित्य मिश्रा बैंड की संगीतमय प्रस्तुति देंगे। श्रीमती विनीता त्रिपाठी कथक नृत्य और श्री तेजराम साहू लोकमंच की प्रस्तुति से सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विशेष आकर्षण प्रदान करेंगे।

पंडवानी और सुआ नृत्य में दिखेगी छत्तीसगढ़ की लोकआस्था और परंपराओं की झलक

शिल्पग्राम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं को विशेष महत्व दिया गया है। पंडवानी छत्तीसगढ़ की विश्वप्रसिद्ध लोकगाथा गायन परंपरा है, जिसके माध्यम से महाभारत की कथाओं को गायन और अभिनय की विशिष्ट शैली में प्रस्तुत किया जाता है। वहीं सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, सामूहिक जीवन और पारंपरिक उत्सवों का महत्वपूर्ण अंग है।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, लोकआस्था और सामाजिक परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। साथ ही ओडिसी और कथक जैसे शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियां भारतीय कला परंपराओं की समृद्धि को प्रदर्शित करेंगी। सूफी संगीत, गजल और सुगम गायन की प्रस्तुतियां आयोजन में संगीत के विविध रंग जोड़ेंगी।

स्थानीय कलाकारों को मिलेगा बड़ा मंच, नई पीढ़ी तक पहुंचेगी सांस्कृतिक विरासत

राज्योत्सव के दूसरे दिन आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले कलाकारों को राज्यस्तरीय आयोजन में अपनी कला प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। इससे पारंपरिक लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहन मिलेगा।

छत्तीसगढ़ की लोककलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश के इतिहास, सामाजिक जीवन, जनजातीय परंपराओं, लोकआस्था और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। राज्योत्सव जैसे आयोजन इन परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा राज्योत्सव

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति और लोकपरंपराएं प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। राज्योत्सव इन गौरवशाली परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने और स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं की अनूठी विरासत विद्यमान है, जिसका संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और लोककलाओं को व्यापक मंच प्रदान किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से जहां कलाकारों का उत्साहवर्धन होता है, वहीं नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।

राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को नवा रायपुर का राज्योत्सव मैदान भारतीय सांस्कृतिक विरासत, छत्तीसगढ़ी लोककलाओं, शास्त्रीय नृत्य और आधुनिक संगीत के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा। ‘मैं अयोध्या हूं’ के विशेष नाट्य मंचन, श्री सुनील सोनी और सुश्री स्वास्ति मेहुल की संगीतमय प्रस्तुतियों के साथ शिल्पग्राम में आयोजित 11 सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों को कला और संस्कृति की विविध अनुभूतियों से सराबोर करेंगे। यह आयोजन प्रदेशवासियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

कांग्रेस का भीड़तंत्र से अराजकता पैदा कर लोकतंत्र खत्म करने प्रयास कभी सफल नहीं होगा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

कांग्रेस का भीड़तंत्र से अराजकता पैदा कर लोकतंत्र खत्म करने प्रयास कभी सफल नहीं होगा : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

 बिलासपुर- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री अरुण साव की उपस्थिति में बिलासपुर में आज में निकली लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा। इस पदयात्रा में जिले के हजारों लोगों ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवाज बुलंद किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने पदयात्रा के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस भीड़तंत्र के माध्यम से देश में अराजकता पैदा कर लोकतंत्र खत्म करने का कुत्सित प्रयास कर रही है। ये लोग विदेशी ताकतों से मिलकर देश के विकास को रोकने की कोशिश में लगे हैं।

साव ने कहा कि, कांग्रेस वोट चोरी का आरोप लगा रही है। लेकिन उनके पास वोट ही नहीं है तो चोरी कहा से होगी। जनता कांग्रेस को वोट नहीं दे रही है। ये जनता का दिल जीतने में नाकाम हुए हैं, क्योंकि ये विजन विहीन हैं। कोई कांग्रेस को वोट नहीं दे रहे है तो हार का बहाना बना रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि, देश के अंदर अराजकता नहीं चलेगा, क्योंकि ये नया भारत है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकसित भारत बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

पदयात्रा में वरिष्ठ विधायक मा. अमर अग्रवाल जी, वरिष्ठ विधायक मा. धरमलाल कौशिक जी, विधायक मा. धर्मजीत सिंह जी, विधायक मा. सुशांत शुक्ला जी, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी जी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी जी, पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष राजा पांडे जी, जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी जी, प्रदेश मंत्री श्रीमती हर्षिता पांडेय जी, पूर्व सांसद लखनलाल साहू जी, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह जी, भाजपा शहर जिला अध्यक्ष दीपक सिंह जी, ग्रामीण अध्यक्ष मोहित जायसवाल जी, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस विशेष : 26 साल का सफर और साय सरकार के दो साल – विश्वास से विकास तक

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस विशेष : 26 साल का सफर और साय सरकार के दो साल – विश्वास से विकास तक

 रायपुर- आज छत्तीसगढ़ अपना 26वां स्थापना दिवस मना रहा है। यह दिन सिर्फ उत्सव नहीं, उस संकल्प की याद है जो 1924 में रायपुर से उठा था और 1 नवंबर 2000 को भारत के 26वें राज्य के रूप में पूरा हुआ। मध्य प्रदेश से अलग होकर बना यह राज्य, जिसके नाम के पीछे 36 किलों की कहानी है, आज अपनी अलग पहचान के साथ खड़ा है।

साय सरकार : जनविश्वास से जनकल्याण तक के दो वर्ष
13 दिसंबर 2023 को विष्णु देव साय के नेतृत्व में बनी सरकार ने अपने दो साल पूरे होने पर 12 दिसंबर को न्यू सर्किट हाउस में रिपोर्ट कार्ड पेश किया। सरकार का दावा है – मोदी की गारंटी के अधिकांश वादे पूरे हुए हैं।

1. महतारी वंदन – महिला सशक्तिकरण की क्रांति
यह योजना साय सरकार की सबसे बड़ी पहचान बनी है।
•  1 मार्च 2024 से शुरू हुई इस योजना में लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे खाते में दिए जा रहे हैं। 
•  अब तक 14,306 करोड़ रुपये से अधिक की राशि DBT के माध्यम से जारी की जा चुकी है और सितंबर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाएं लाभान्वित हुईं
•  इसके साथ ही 10.40 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं और आंगनबाड़ी व पोषण के लिए 800 करोड़ + 650 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

1. किसान – अन्नदाता सबसे पहले
•  धान खरीदी: 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, और दो साल का बकाया बोनस 3716 करोड़ रुपये किसानों को दिया गया।

•  खरीफ 2025-26: 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और कृषक उन्नति योजना के तहत 43,723 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे गए।
•  भूमिहीन न्याय: 5.62 लाख भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये की सहायता।

1. गरीब कल्याण और सुशासन
•  पीएम आवास: सरकार बनने के दूसरे ही दिन 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों के लिए पीएम आवास योजना को मंजूरी दी गई। अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत हुए हैं।

•  मुफ्त राशन: 73 लाख गरीब परिवारों को मुफ्त राशन और चरण पादुका योजना को फिर से शुरू किया गया।
•  नियद नेल्लानार योजना: बस्तर के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित गांवों तक राशन, आधार, आयुष्मान कार्ड, आवास जैसी 31 योजनाएं पहुंचाने का नया सेतु बनी है।

•  डिजिटल सुशासन: सेवा सेतु के माध्यम से 528 ऑनलाइन जनसेवाएं।

1. नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार और विकास
मुख्यमंत्री ने तीन बड़ी उपलब्धियों में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता को पहला बताया है। घोर नक्सल क्षेत्रों में पहली बार बिजली पहुंची है, पुनर्वास नीति से विश्वास बढ़ा है और बस्तर में शांति और विकास के नए अवसर खुले हैं।

1. निवेश और भविष्य का विजन – विकसित छत्तीसगढ़ 2047
•  नई औद्योगिक नीति के तहत 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 1.6 लाख से अधिक रोजगार की संभावना है।
•  47 हजार करोड़ की रेल परियोजनाओं पर काम जारी है।
•  ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के तहत सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय का कहना है – हमने शासन को केवल सिद्धांत नहीं, कार्यशैली बनाया है। पीएम आवास, मनरेगा, ग्राम सड़क योजना जैसे कार्यक्रमों के पारदर्शी क्रियान्वयन ने छत्तीसगढ़ को ग्रामीण प्रगति का राष्ट्रीय मॉडल बनाया है।
26 साल में छत्तीसगढ़ ने ‘छोटा राज्य’ के तमगे से निकलकर ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ के स्वाभिमान तक की यात्रा की है। साय सरकार के इन दो वर्षों ने महिला, किसान और गरीब को केंद्र में रखकर उस यात्रा को तेज करने का प्रयास किया है। स्थापना दिवस पर यही संकल्प है – संस्कृति को बचाते हुए विकास करना।

हर गांव में मजबूत होगा बाल सुरक्षा तंत्र, ग्राम स्तरीय सतर्कता व्यवस्था विकसित करने की पहल: डॉ. वर्णिका शर्मा

हर गांव में मजबूत होगा बाल सुरक्षा तंत्र, ग्राम स्तरीय सतर्कता व्यवस्था विकसित करने की पहल: डॉ. वर्णिका शर्मा

 रायपुर - कोरबा जिले में एक बालिका के विरुद्ध हुए गंभीर अनाचार एवं उसकी मृत्यु की घटना के संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने प्रभावित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं साझा कीं। उन्होंने परिवार की वर्तमान परिस्थितियों एवं आवश्यक सहायता के संबंध में जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को परिवार के प्रति संवेदनशीलता के साथ आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डॉ. शर्मा ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी को परिवार के निरंतर संपर्क में रहने तथा परिवार के अन्य बच्चे की शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक शैक्षणिक  एवं विधिक सहायता संबंधी विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बच्चे की सुरक्षा, शिक्षा एवं समुचित देखभाल पर नियमित ध्यान देने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में परिवार की गोपनीयता, गरिमा एवं संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखा जाए।

प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
बच्चों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पहले सामाजिक जीवन में बच्चों की देखभाल एवं सुरक्षा में परिवार के साथ-साथ पड़ोस और समुदाय की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। पड़ोस के लोग भी बच्चों के प्रति आत्मीयता एवं जिम्मेदारी का भाव रखते थे। वर्तमान समय में एकल परिवारों के बढ़ते चलन तथा सामाजिक संपर्कों में कमी के कारण बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बढ़ी हैं। ऐसे में आवश्यक है कि समाज पुनः अपनी सामुदायिक जिम्मेदारी को समझे और प्रत्येक बच्चे के लिए सुरक्षा का भरोसेमंद वातावरण तैयार करे।

ग्राम एवं पंचायत स्तर पर बनेगी बाल सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था
डॉ. शर्मा ने कहा कि बच्चों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर ऐसी व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है, जो संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान कर सके।
इसी उद्देश्य से आयोग द्वारा ग्राम एवं पंचायत स्तर पर ‘ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण एवं सतर्कता समिति’ के गठन की पहल की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विभागों एवं स्थानीय निकायों के साथ समन्वय कर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
प्रस्तावित व्यवस्था में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय महिलाओं तथा अन्य जिम्मेदार सामुदायिक सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों की समय रहते पहचान करना, संकटग्रस्त एवं सहायता की आवश्यकता वाले बच्चों को संबंधित सेवाओं से जोड़ना तथा संभावित अपराध या किसी बच्चे की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंता की सूचना तत्काल सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाना होगा।
डॉ. शर्मा ने कहा कि यह व्यवस्था बच्चों के लिए एक सामुदायिक सुरक्षा कवच के रूप में कार्य कर सकती है। इसके माध्यम से समाज के जिम्मेदार नागरिक बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहेंगे और आवश्यकता पड़ने पर पुलिस एवं प्रशासन को समय पर सूचना उपलब्ध कराएंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित समिति की भूमिका जागरूकता, सहयोग एवं समयबद्ध सूचना देने तक सीमित होगी। किसी भी अपराध की जांच, संदिग्ध व्यक्तियों के संबंध में वैधानिक कार्रवाई तथा अन्य कानूनी प्रक्रिया संबंधित सक्षम प्राधिकारियों द्वारा ही संपादित की जाएगी।

बच्चों की पहचान एवं गोपनीयता की सुरक्षा सर्वोपरि
डॉ. वर्णिका शर्मा ने नागरिकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि बच्चों के विरुद्ध अपराधों से संबंधित मामलों में अत्यंत संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का परिचय दें।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर करने वाली तस्वीरें, नाम, पता, परिवार की पहचान या अन्य विवरण किसी भी माध्यम से साझा नहीं किए जाने चाहिए।पॉक्सो अधिनियम की धारा 23 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 74 के अंतर्गत पहचान उजागर करने से संबंधित प्रतिबंधों का ध्यान रखना आवश्यक है। बच्चों की गरिमा एवं गोपनीयता की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने कहा कि पॉक्सो अधिनियम की भावना के अनुरूप बच्चों को संरक्षण, संवेदनशील व्यवहार एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना होगा कि किसी भी बच्चे के साथ होने वाले अन्याय या उसकी सुरक्षा से जुड़े खतरे की अनदेखी नहीं की जाएगी।
डॉ. शर्मा ने कहा कि बाल सुरक्षा केवल एक विभाग का दायित्व नहीं, बल्कि परिवार, समाज, प्रशासन और प्रत्येक जागरूक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हर बच्चा सुरक्षित रहे, उसकी शिक्षा बाधित न हो और उसे भयमुक्त वातावरण में अपने बचपन को जीने का अवसर मिले।

बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 30 साल बाद शुरू होगी जंगल सफारी

बस्तर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में 30 साल बाद शुरू होगी जंगल सफारी

 बीजापुर. नक्सल प्रभावित पहचान से आगे बढ़कर बीजापुर अब अपने प्राकृतिक खजाने के दम पर पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान बनाने की तैयारी में है. करीब तीन दशक बाद इंद्रावती टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू होने जा रही है. 1 नवंबर से पर्यटक यहां घने जंगलों और वन्यजीवों को करीब से देखने का अनुभव ले सकेंगे.

पहले चरण में उल्लूर गांव से उंडलापर्ती तक करीब 9 किलोमीटर का सफारी ट्रैक तैयार किया गया है. सफारी संचालन के लिए चार जिप्सी वाहन उपलब्ध कराए गए हैं और प्रति सफारी 2 हजार रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है. 2,799.07 वर्ग किलोमीटर में फैला इंद्रावती टाइगर रिजर्व देश के बड़े टाइगर रिजर्व में शामिल है. यहां बाघ, तेंदुआ, जंगली भैंसा, गौर, चीतल और ऊदबिलाव जैसे वन्यजीवों के साथ दुर्लभ पक्षियों की कई प्रजातियां मौजूद हैं. इस पहल की खास बात यह है कि पर्यटन के साथ स्थानीय युवाओं को भी रोजगार से जोड़ने की तैयारी है.

छह युवाओं को गाइड और वाहन चालक के रूप में प्रशिक्षण दिया गया है. सफारी गेट के पास पारंपरिक मिट्टी के घरों की थीम पर जलपान गृह भी बनाया गया है. अब उम्मीद है कि जंगल सफारी के जरिए स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी.

ममता शर्मसार : नाली में मिला 7 माह का भ्रूण, निजी अस्पताल के पास फेंके जाने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस…..

ममता शर्मसार : नाली में मिला 7 माह का भ्रूण, निजी अस्पताल के पास फेंके जाने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस…..

 अभनपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के गोबरा नवापारा से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यहां वार्ड क्रमांक 7 में रेलवे स्टेशन रोड स्थित आयुष्मान अस्पताल के सामने नाली में एक भ्रूण मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने नाली में भ्रूण पड़ा देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। फिलहाल भ्रूण नाली में कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसका हाथ है, इसका पता लगाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में गर्भपात के बाद भ्रूण को फेंके जाने की बात सामने आई है। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस आसपास के अस्पतालों की जानकारी जुटाने के साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि भ्रूण को यहां फेंकने वाले की पहचान की जा सके। वहीं निजी अस्पताल के सामने भ्रूण मिलने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर एक कॉल से रिया को मिला छात्रावास, पढ़ाई को मिली नई राह

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर एक कॉल से रिया को मिला छात्रावास, पढ़ाई को मिली नई राह

 00 सुशासन फेलो की रिपोर्ट में सामने आए शिक्षा, बिजली, पेयजल और शासकीय योजनाओं से जुड़े त्वरित समाधान
00 90 प्रतिशत से अधिक आवेदक निराकरण से संतुष्ट
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण का भरोसेमंद माध्यम बन रही है। बलरामपुर जिले के ग्राम मौली की मेधावी छात्रा कुमारी रिया को हेल्पलाइन पर की गई एक कॉल से कक्षा 9वीं की पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिला। रिया ने 88.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, लेकिन छात्रावास में प्रवेश नहीं मिलने से उसकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी। पिता श्री अजय प्रसाद अगरिया ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर समस्या दर्ज कराई। दस दिनों के भीतर आदिम जाति विकास विभाग ने प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, वाड्रफनगर में रिया को सीट आवंटित कर दी।
बलरामपुर जिले में हेल्पलाइन के माध्यम से हुए निराकरणों का आकलन मुख्यमंत्री सुशासन फेलो श्री मध्यम दुबे ने अपनी रिपोर्ट में किया है। यह रिपोर्ट कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में तैयार की गई। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप, छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग की पहल है, जिसका संचालन आईआईएम रायपुर के सहयोग से किया जा रहा है। आईआईएम रायपुर में तीन माह के प्रशिक्षण के बाद दूसरे बैच के 36 फेलो नीति क्रियान्वयन और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए विभिन्न जिलों में तैनात किए गए हैं। श्री दुबे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने वाले 90 प्रतिशत से अधिक आवेदक मिले समाधान से संतुष्ट हैं। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को हेल्पलाइन के प्रकरण प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल प्रकरण बंद करना नहीं, बल्कि आवेदक की समस्या का वास्तविक समाधान करना होना चाहिए। रिपोर्ट में दर्ज उदाहरणों के अनुसार, ग्राम बरदर के किसान श्री मुकेश के खेत की खराब बिजली लाइन दो दिनों में ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई, जिससे सिंचाई प्रभावित नहीं हुई। ग्राम चिनिया में श्री बाउलाल सिंह की शिकायत पर बंद सौर पेयजल संयंत्र सुधारा गया और गांव में पेयजल आपूर्ति फिर शुरू हुई। ग्राम बचवार की प्राथमिक शाला में पेयजल, नल और शौचालय से जुड़ी अव्यवस्थाओं को भी दो दिनों में दुरुस्त किया गया।
महिला एवं बाल विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई। ग्राम जूनामाकड़ के ढाई वर्षीय ईथन कुजूर का विवरण पोषण ट्रैकर ऐप में अद्यतन कर उसे रेडी-टू-ईट पूरक पोषण आहार दिलाया गया। ग्राम बरदर की श्रीमती माया गुप्ता को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत दूसरी बालिका के जन्म पर मिलने वाला लाभ दिलाया गया। श्रीमती दुर्गावती कनौजिया की महतारी वंदन योजना से जुड़ी ई-केवाईसी पूरी कराई गई। ग्राम बरतिकला के श्री विकास कुमार को नया राशन कार्ड मिला।
इसी तरह, श्री जय प्रकाश साहू के बेटे के माइग्रेशन और प्रमाणपत्र विकासखंड शिक्षा कार्यालय से जारी कराए गए। ग्राम चंदौरा के श्री ओमप्रकाश यादव की आवास संबंधी शिकायत पर जांच दल गठित कर नियमानुसार निराकरण किया गया। ये मामले बताते हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से दूरस्थ गांवों के नागरिक अपनी समस्या संबंधित विभाग तक पहुंचा पा रहे हैं और समयबद्ध समाधान प्राप्त कर रहे हैं।

विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

 00 मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में अन्नदाता के सम्मान से बदल रहा छत्तीसगढ़ का कृषि परिदृश्य
00 तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
00 इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर से शुरू होगा धान खरीदी का महाअभियान
लेखक -
डॉ. ओम प्रकाश डहरिया सहा. जनसंपर्क अधिकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान देश के धान के कटोरे के रूप में है। यहां की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार कृषि और किसान हैं। किसानों की समृद्धि को प्रदेश के विकास का आधार मानते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते तीन वर्षों में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, खेती को आधुनिक बनाने और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। बीते तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था में धान खरीदी के महत्व को रेखांकित करता है।
तीन वर्षों में धान खरीदी और भुगतान का व्यापक दायरा
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में लगभग 144.92 लाख मीट्रिक टन और वर्ष 2024-25 में लगभग 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वर्ष 2025-26 में भी लगभग 142 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ। इन तीन खरीफ सीजन में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई और किसानों को लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का मूल्य उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का निर्णय
किसानों के हित में मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को पुन: पंजीयन से छूट दी गई है। उन्हें धान विक्रय के लिए समिति में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे से रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और बायोमेट्रिक आधारित खरीदी से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इस वर्ष 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू होने से प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी होगी।
कृषक उन्नति योजना से 35,904 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को 35,904.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। धान के स्थान पर अन्य लाभकारी फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को अब तक 12,267.39 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।
आधुनिक खेती, सिंचाई और फसल विविधीकरण पर जोर
कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए वर्ष 2024-25 से अब तक 8,567 कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 678 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 46,615 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार हुआ है और किसानों को 201.07 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। एग्रीस्टैक के माध्यम से 19,751 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी की जा चुकी है और 43 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन किया गया है। दलहन एवं तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 29 जिलों के 273 केंद्रों से अरहर, सोयाबीन, चना, मसूर और सरसों की खरीदी कर किसानों को 219.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत 94,615 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार और 10 तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है।
किसानों की सुरक्षा और कृषि की मजबूत आधारशिला
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ एवं रबी 2025-26 में 16.70 लाख से अधिक किसानों ने बीमा कराया तथा 1 लाख 40 हजार 730 किसानों को 292.43 करोड़ रुपये का दावा भुगतान किया गया। उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खरीफ 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 18.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया गया। कालाबाजारी और जमाखोरी के विरुद्ध भी निरीक्षण एवं कार्रवाई की गई है। लगभग 40 लाख कृषक परिवारों और 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों वाले छत्तीसगढ़ में कृषि का विकास सीधे ग्रामीण समृद्धि से जुड़ा है। राज्योत्सव के अवसर पर किसानों के हित में किए गए ये प्रयास प्रदेश की विकास यात्रा में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी, आर्थिक सहायता, आधुनिक तकनीक, सिंचाई और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अन्नदाता की खुशहाली, खेती की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: संस्कृति का गौरव, समृद्धि का संकल्प और विकास का उत्सव

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: संस्कृति का गौरव, समृद्धि का संकल्प और विकास का उत्सव

 ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक दिखेगी छत्तीसगढ़ की विरासत और विकास की झलक

केंद्रीय मंत्री  मनसुख मांडविया होंगे शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि

समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के होंगे मुख्य अतिथि 

2 नवंबर को सेंध लेक में सुबह 11 बजे सारंग टीम दिखाएगी हवाई करतब

सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को होंगे आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ की माटी की महक, लोकजीवन के रंग और विकास की उपलब्धियां ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026’ में एक साथ जीवंत होंगी। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव प्रदेश की समृद्ध विरासत, जनसामर्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ’‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’’ रखी गई है। विभागीय विकास प्रदर्शनियां, लोककला एवं शिल्प, राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की सारंग टीम का रोमांचक एयर शो आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।

राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया होंगे। दूसरे दिन 2 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 3 नवंबर को समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अटल जी के योगदान को नमन, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

     पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। राज्योत्सव उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और राज्य निर्माण से जुड़ी जनआकांक्षाओं को सम्मान देने का अवसर होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका और संभावनाओं को भी आयोजन में रेखांकित किया जाएगा। महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने का संदेश राज्योत्सव की थीम को सार्थक बनाएगा।

विकास प्रदर्शनियों में उपलब्धियों के साथ दिखेंगी भविष्य की संभावनाएं 

राज्य स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में होगा। यहां विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शिल्पग्राम और अन्य गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा।

विभागीय प्रदर्शनियों में शासन की प्रमुख योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास कार्यों की उपलब्धियों की झलक मिलेगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां प्रदेश की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराएंगी। शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, शिल्प और कारीगरों के हुनर के विविध रूप देखने को मिलेंगे। राज्योत्सव के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

सेंध लेक के आसमान में दिखेगा शौर्य और उड़ान कौशल का रोमांच

    राज्योत्सव का विशेष आकर्षण 2 नवंबर को सुबह 11 बजे से नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो होगा। पांच स्वदेशी ‘धु्रव’ हेलीकॉप्टरों के साथ टीम के पायलट सामूहिक उड़ान भरकर आकर्षक हवाई संरचनाओं और साहसिक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। मोर से प्रेरित रंग-सज्जा वाले हेलीकॉप्टरों की उड़ान और उनका सटीक तालमेल दर्शकों को रोमांचित करेगा।
ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली सारंग टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर सुश्री अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर सुश्री अक्षया भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन और उड़ान दक्षता के साथ स्वदेशी विमानन तकनीक की क्षमता का परिचय देगा। 

लोक संस्कृति और सुर-संगीत के नाम होंगी तीन सांस्कृतिक संध्याएं

राज्योत्सव में तीनों दिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। शाम 4 बजे से स्थानीय कलाकार, शाम 7 बजे से राज्य स्तरीय कलाकार और रात 8 बजे से राष्ट्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। छत्तीसगढ़ के लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां उत्सव को यादगार बनाएंगी।
1 नवंबर को पार्श्व गायिका सुश्री पलक मुच्छल, 2 नवंबर को पार्श्व गायिका सुश्री स्वस्ति मेहुल और 3 नवंबर को पार्श्व गायक श्री अभिजीत भट्टाचार्य अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

जिला मुख्यालयों में भी झलकेगा राज्य निर्माण का गौरव

प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के साथ राज्योत्सव मनाया जाएगा। इन आयोजनों में स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं के साथ शासन की योजनाओं तथा जिलों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। नवा रायपुर से लेकर जिला मुख्यालयों तक राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की साझा पहचान, सांस्कृतिक गौरव और विकास में जनभागीदारी का उत्सव बनेगा।