रायपुर :- सेंट विंसेंट पैलोटी महाविद्यालय, रायपुर द्वारा प्राइवेट कॉलेजेस प्रिंसिपल वेलफेयर एसोसिएशन (निजी महाविद्यालय प्राचार्य कल्याण संघ) के तत्वावधान में लीडरशिप फॉर एक्सीलेंस: एंपावरिंग प्रिंसिपल्स फॉर विकसित भारत 2047” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावी नेतृत्व, संस्थागत विकास एवं शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा देना तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्राचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विचार-विमर्श करना था।
00 मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक, पर्यटन और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण (फिल्म शूटिंग) को प्रोत्साहित करने और पर्यटन के बहुमुखी विकास को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख और लोकप्रिय फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है।
प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा वैश्विक मंच
मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिनेमैटिक और प्राकृतिक दृश्यों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य के अनछुए प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर में फिल्म शूटिंग के लिहाज से उपयुक्त और संभावनाशील नए स्थलों की पहचान कर उन्हें तेजी से विकसित और प्रोत्साहित किया जाए।
फिल्म नीति का नवीनीकरण और चित्रोत्पला फिल्म सिटी पर विशेष जोर
चर्चा के दौरान राज्य की मौजूदा फिल्म नीति को और अधिक व्यावहारिक व प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही, बहुप्रतीक्षित चित्रोत्पला फिल्म सिटी के प्रस्ताव और उसकी संभावनाओं को मूर्त रूप देने को लेकर भी गहन मंथन हुआ। सरकार का उद्देश्य फिल्म मेकर्स के लिए शूटिंग की प्रक्रियाओं को और अधिक सरल, पारदर्शी और आकर्षक बनाना है, जिससे अधिक से अधिक प्रोडक्शन हाउस छत्तीसगढ़ का रुख करें।
स्थानीय युवाओं और कलाकारों के लिए सृजित होंगे रोजगार के अवसर
मुख्य सचिव ने इस बात पर विशेष बल दिया कि फिल्म निर्माण गतिविधियों के बढऩे से न केवल पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, होटल उद्योग और युवाओं के लिए रोजगार के नए और सुनहरे अवसर सृजित होंगे। इसके अतिरिक्त, बैठक में निफ्टेम के प्रस्तावित भ्रमण तथा खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के क्षेत्र में तकनीकी सुविधाओं एवं प्रशिक्षण के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की प्रबंध संचालक श्रीमती संजीता गुप्ता तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने आगामी नगरीय निकाय चुनावों के लिए प्रदेश चुनाव टोली की घोषणा की है। गठित चुनाव टोली मे संतोष पाण्डेय - प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद, अखिलेश सोनी - भाजपा प्रदेश महामंत्री, भूपेन्द्र सवन्नी - अध्यक्ष राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा), सौरभ सिंह - अध्यक्ष खनिज विकास निगम, किशोर राय - प्रदेश संयोजक नगरीय निकाय प्रकोष्ठ, प्रफुल विश्वकर्मा - अध्यक्ष लौह शिल्पकार विकास बोर्ड और पंकज कुमार झा - मीडिया सलाहकार को शामिल किया गया है। टोली के पदेन सदस्य के रूप में सुनील पिल्लई - भाजपा आईटी सेल प्रदेश संयोजक, मितुल कोठारी - भाजपा सोशल मीडिया प्रदेश संयोजक और हेमंत पाणिग्रही - भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक शामिल किया गया है।
इसी प्रकार आगामी नगरीय निकाय चुनावों और उपचुनाव के मद्देनजर प्रभारियों एवं सह-प्रभारियों की सूची घोषित की गई है : रायगढ़ जिला की नगर पंचायत तमनार के लिए लखनलाल साहू को प्रभारी और श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव व जोगेश लाम्बा को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। धमतरी जिला की नगर पंचायत बड़ी करेली में शशि पवार को प्रभारी और अरूण सार्वा व श्रीमती ज्योति चंद्राकर सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला की नगर पंचायत बिलाईगढ़ में केवल अध्यक्ष पद के उपचुनाव हेतु केदार गुप्ता को प्रभारी और चन्द्रकुमार पटेल व श्रीमती अल्का चंद्राकर को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है।
00 बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित प्रदर्शनी में वन संरक्षण, पर्यटन और आजीविका की पहल को मिला सम्मान
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव 2026 में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रदर्शनी को विभागीय प्रदर्शनियों की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। राज्योत्सव के समापन एवं राज्य अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यह सम्मान प्रदान किया। विभाग की ओर से अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ और प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पांडेय ने पुरस्कार प्राप्त किया। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों- कर्मचारियों और वन धन केंद्रों से जुड़े सदस्यों को बधाई दी।
गौरतलब है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बदलता बस्तर-संवरता छत्तीसगढ़ थीम पर तैयार प्रदर्शनी में बस्तर में शांति के साथ बढ़ते पर्यटन और आजीविका के अवसरों से लेकर प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण की पहलों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी को दो प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया था। प्रवेश द्वार पर जगदलपुर के जनजातीय गौरव वाटिका, बीजापुर स्थित इंद्रावती टाइगर रिजर्व के चेंदरू गेट और दंतेवाड़ा के वन मंदिर के प्रतिरूप बनाए गए थे। इनके माध्यम से बस्तर की जनजातीय संस्कृति, प्रकृति के प्रति आस्था और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व की परंपरा को प्रदर्शित किया गया।
बदलता बस्तर खंड में सुकमा के तुंगल डैम स्थित तुंगल कैफे की पहल विशेष आकर्षण रही। यहां मुख्यधारा में लौट चुकी पूर्व महिला नक्सली कैफे का संचालन कर रही हैं, जबकि स्थानीय युवा पर्यटकों को नौकायन और कयाकिंग की सुविधा उपलब्ध कराकर आजीविका अर्जित कर रहे हैं। प्रदर्शनी में इस पहल के माध्यम से बस्तर में बदलते सामाजिक परिवेश और रोजगार के नए अवसरों को सामने रखा गया। इसके साथ ही कांगेर घाटी के समीप धुड़मारास गांव के होमस्टे, कोंडागांव की पुष्पाल घाटी के इको-कॉटेज, तीरथगढ़ जलप्रपात और इंद्रावती टाइगर रिजर्व के मट्टीमरका क्षेत्र के मॉडल प्रदर्शित किए गए। धुड़मारास गांव का चयन संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन के बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम में हुआ है। प्रदर्शनी में बस्तर की 572 देवगुडिय़ों के जीर्णोद्धार, मनरेगा के अंतर्गत 21.67 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन तथा कांगेर वैली में 35 सफारी जिप्सियों के संचालन से 200 स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की जानकारी भी दी गई।
वन्यजीव संरक्षण और मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन की पहल प्रदर्शित
संवरता छत्तीसगढ़ भाग में प्रदेश की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों को त्रिआयामी मॉडल एवं जीवंत प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इसमें बिलासपुर के कोपरा जलाशय को दिसंबर 2025 में प्रदेश के पहले रामसर स्थल के रूप में मिली मान्यता, बारनवापारा अभयारण्य में दशकों बाद काले हिरणों की रिलोकेशन और औरापानी में गिद्ध संरक्षण के प्रयास प्रमुखता से प्रदर्शित किए गए। बारनवापारा में काले हिरणों के पुनर्व्यवस्थापन की सराहना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में भी की थी। मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन के लिए गजरथ यात्रा जागरूकता अभियान और गज संकेत ऐप का प्रदर्शन किया गया। यह ऐप हाथियों की आवाजाही की जानकारी ग्रामीणों तक वॉयस कॉल, एसएमएस और व्हाट्सऐप के माध्यम से पहुंचाता है। वृक्षारोपण की उपलब्धियों में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत वर्ष 2024 में 3.50 करोड़ और वर्ष 2025 में 3.55 करोड़ पौधों के रोपण की जानकारी दी गई। इसी तरह किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत 36 हजार 896 किसानों द्वारा 62 हजार 441 एकड़ क्षेत्र में 3.67 करोड़ पौधे लगाने की जानकारी प्रस्तुत की गई।
डिजिटल तकनीक और वन उत्पादों ने भी किया आकर्षित
प्रदर्शनी में क्यूआर कोड आधारित वन्यजीव प्रश्नोत्तरी, इंटरैक्टिव गेम, 360 डिग्री वर्चुअल रियलिटी, लाइट एंड साउंड प्रभाव तथा सेल्फी प्वाइंट दर्शकों, विशेषकर युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहे। क्यूआर कोड स्कैन कर दर्शकों ने विभाग की विशेष वेबसाइट के माध्यम से वानिकी योजनाओं और प्रदेश के इको-टूरिज्म स्थलों की जानकारी प्राप्त की।
संयुक्त वन प्रबंधन के स्टॉल पर ग्रामीण कारीगरों द्वारा निर्मित बांस के घर, नाव, लालटेन और सजावटी वस्तुओं की बिक्री हुई। छत्तीसगढ़ हर्बल्स के स्टॉल पर वन मधु, सफेद मूसली, त्रिफला चूर्ण, एलोवेरा शैम्पू और महाभृंगराज तेल जैसे वन धन केंद्रों में तैयार उत्पादों ने भी लोगों को आकर्षित किया। राज्य औषधीय पादप बोर्ड ने घरेलू बाडिय़ों में सिंगी और शतावरी जैसी औषधीय वनस्पतियों की खेती से ग्रामीण महिलाओं के लिए सालाना 20 से 30 हजार रुपए की अतिरिक्त आय की संभावनाओं को प्रदर्शित किया।
धमतरी। देशभर में जहां कार्तिक अमावस्या को दीपावली का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, वहीं छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सेमरा गांव में दिवाली मनाने की परंपरा सबसे अलग है। यहां ग्रामीण अमावस्या के दिन नहीं, बल्कि एक सप्ताह पहले अष्टमी तिथि को दीपावली का त्योहार मनाते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस परंपरा के पीछे करीब 100 साल पुरानी मान्यता और एक रहस्यमयी लोककथा जुड़ी हुई है।
सपने में ग्राम देवता ने दिया था आदेश
ग्रामीणों के अनुसार, करीब 100 साल पहले गांव के बैगा को ग्राम देवता ने सपने में दर्शन देकर सभी त्योहार निर्धारित तिथि से सात दिन पहले मनाने का आदेश दिया था। मान्यता है कि इस परंपरा का पालन नहीं करने पर गांव में कोई अनहोनी या विपदा आ सकती है। तभी से ग्रामीण पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस परंपरा का निर्वहन करते आ रहे हैं।
गांव के बुजुर्गों द्वारा सुनाई जाने वाली कहानी के मुताबिक, पुराने समय में सेमरा गांव घने जंगलों के बीच बसा हुआ था। एक दिन गांव के दो दोस्त जंगल घूमने गए, जहां शेर ने उन पर हमला कर दिया। इस घटना में दोनों की मौत हो गई। ग्रामीण उनके शव गांव लेकर आए और अंतिम संस्कार किया। बताया जाता है कि इस घटना के कुछ दिनों बाद ही बैगा को ग्राम देवता ने सपने में दर्शन दिए और त्योहार सात दिन पहले मनाने का निर्देश दिया।
दिवाली ही नहीं, सभी त्योहार सात दिन पहले
सेमरा गांव में केवल दीपावली ही नहीं, बल्कि धनतेरस से लेकर गोवर्धन पूजा तक पांचों दिन के सभी रीति-रिवाज एक सप्ताह पहले ही पूरे कर लिए जाते हैं। ग्रामीण पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ, दीप प्रज्वलन और उत्सव मनाते हैं। इस दौरान गांव में मेले जैसा माहौल रहता है। ससुराल गई बेटियां भी मायके लौटकर परिवार के साथ दीपावली का पर्व मनाती हैं।
अमावस्या के दिन सामान्य रहता है गांव का माहौल
इस परंपरा की सबसे अनोखी बात यह है कि जब देशभर में दीपावली की रोशनी और आतिशबाजी से उत्सव मनाया जाता है, तब सेमरा गांव में सामान्य दिनों जैसा माहौल रहता है। यहां न तो विशेष दीपावली पूजन होता है और न ही कोई बड़ा जश्न मनाया जाता है। आसपास के गांवों से लोग इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए सेमरा पहुंचते हैं।
भले ही आधुनिक दौर में इस मान्यता को कुछ लोग अंधविश्वास मानें, लेकिन सेमरा के ग्रामीणों के लिए यह उनकी आस्था, परंपरा और पूर्वजों की विरासत का हिस्सा है। गांव के युवा भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। यही वजह है कि करीब एक सदी पुरानी यह अनूठी परंपरा आज भी कायम है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के लिए प्रदेशवासियों, विशेषकर आदिवासी समुदाय को बधाई दी और इस सफलता का श्रेय केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) तथा छत्तीसगढ़ पुलिस को दिया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5 लाख पीपल के पेड़ लगाए जाएंगे और इसे ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित कर दुनिया का सबसे बड़ा पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
अटल बिहारी वाजपेयी को दिया छत्तीसगढ़ राज्य गठन का श्रेय
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को धन्यवाद और श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे संवारा है। उनके अनुसार, पहले इस क्षेत्र के साथ अन्याय हुआ और विकास की गति बाधित रही।
गौरव, सिद्धि और संकल्प का दिन बताया
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज गौरव, सिद्धि और संकल्प का दिन है। गौरव अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत का है, सिद्धि नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ और नक्सलमुक्त भारत के संकल्प की है और संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का है।
लोक संस्कृति और आदिवासी परंपराओं को बढ़ावा
अमित शाह ने कहा कि गुरु घासीदास का संदेश और गुरु नानक देव की सेवा, समानता तथा सच्चाई की सीख छत्तीसगढ़ के संस्कारों का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ पंडुम और बस्तर ओलंपिक के माध्यम से लोक संस्कृति को जीवंत रखने का काम कर रही है। पंथी, पांडवानी, राउत नाचा, कर्मा और सैला नृत्य के साथ ढोकरा कला, बेल मेटल, काष्ठ शिल्प और कोसा जैसी पारंपरिक कलाओं को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने बस्तर दशहरे की 75 दिन चलने वाली परंपरा का भी उल्लेख किया।
नक्सलवाद ने विकास और शिक्षा को किया प्रभावित
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने उनकी पार्टी को सत्ता में पहुंचाया और सरकार बनने के दो महीने के भीतर नक्सल उन्मूलन का संकल्प लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सलवाद के कारण जिस क्षेत्र में सांस्कृतिक गलियारा बनना चाहिए था, वहां रेड कॉरिडोर बन गया। जंगलों में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों की जगह बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। बच्चों के हाथों में कलम की जगह बंदूकें थमा दी गईं और जहां स्कूलों की घंटियां बजनी चाहिए थीं, वहां स्कूलों की इमारतें उड़ा दी गईं।
मानवाधिकार के मुद्दे पर नक्सलवाद समर्थकों से सवाल
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मानवाधिकार के नाम पर नक्सलवाद का समर्थन करने वालों से सवाल किया कि क्या मानवाधिकार केवल बंदूक उठाकर विकास रोकने वालों का है, गरीब आदिवासियों का नहीं? उन्होंने कहा कि नक्सली हिंसा में जिन लोगों के हाथ-पैर गंवाए, उन्हें मोदी सरकार कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर लेख लिखकर सलाह देने वालों से वहां आकर विकास कार्य देखने और आदिवासियों के दर्द पर भी लिखने का आह्वान किया।
90% नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: शाह
गृह मंत्री ने विपक्षी पार्टी पर नक्सलवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2010 में विपक्षी पार्टी की तत्कालीन केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने नक्सलियों से हथियार डालने के बजाय केवल उत्पात बंद करने की अपील की थी। इसके विपरीत, उन्होंने नक्सलियों से हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने की अपील की और ऐसा नहीं करने पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई की चेतावनी दी। शाह के मुताबिक, इस नीति के तहत 90% नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 10% मारे गए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति कानून का पालन करने वालों के साथ नागरिकों जैसा व्यवहार करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की है।
‘जनताना सरकार’ और मॉक पार्लियामेंट को लेकर विपक्ष पर निशाना
अमित शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी गैर-संवैधानिक संस्थाओं के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ में ‘जनताना सरकार’ बनाकर समानांतर व्यवस्था चलाई और निर्दोष पत्रकारों, समाजसेवियों तथा विद्यार्थियों की हत्याएं कीं। शाह ने विपक्ष पर ऐसी व्यवस्था का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए मॉक पार्लियामेंट आयोजित करने को भी संसद का मखौल बताया।
संसद में चर्चा की चुनौती दी
केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष के नेता के आचरण को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि केवल हाथ में संविधान लेकर घूमने से उसका सम्मान नहीं होता, बल्कि आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष को संसद चलने देने और चर्चा में हिस्सा लेने की चुनौती दी। शाह ने कहा कि संसद में चर्चा होने पर जनता को पता चल जाएगा कि सच कौन बोल रहा है और झूठ कौन।
सरकार ने 70% से अधिक गारंटियां पूरी कीं: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने कम समय में 70% से अधिक गारंटियां पूरी की हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त महिलाओं के खातों में भेजी गई है। धान की खरीद जारी है और कृषि, वनोपज, पशुपालन तथा एमएसएमई जैसे क्षेत्र अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ को शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में लाने का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलमुक्त होने के बाद छत्तीसगढ़ आने वाले दिनों में देश के शीर्ष तीन पर्यटन राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने चित्रकूट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी, दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी और बस्तर दशहरे का उल्लेख करते हुए कहा कि ये स्थल दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।
10 साल में धरती और लोग दोनों होंगे समृद्ध
अमित शाह ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ के बारे में कहा जाता था कि यहां की धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। उन्होंने दावा किया कि अगले 10 वर्षों में राज्य की धरती और यहां के लोग दोनों समृद्ध होंगे। उन्होंने बताया कि राज्य का वार्षिक बजट 30 गुना, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 25 गुना बढ़ा है। उनके अनुसार, इस अवधि में आईटीआई की संख्या दोगुनी, इंजीनियरिंग कॉलेजों की संख्या तीन गुनी तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों और महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों की संख्या छह गुनी हुई है। उन्होंने साक्षरता दर 65% से बढ़कर 79% होने का भी दावा किया।
भय से भरोसे और संसाधन से समृद्धि की ओर बढ़ेगा राज्य
गृह मंत्री ने कहा कि सरकार छत्तीसगढ़ को भय से भरोसे और संसाधन से समृद्धि की ओर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में विकास की संभावनाओं को उपलब्धियों में बदलकर स्वाभिमानी लोगों और समृद्ध धरती वाला खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य है।
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन ने राजधानी रायपुर और नवा रायपुर अटल नगर के लिए स्थानीय अवकाश की तारीख में बदलाव किया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी नए आदेश के मुताबिक, अब 20 नवंबर 2026, शुक्रवार को देवउठनी एकादशी के अवसर पर स्थानीय अवकाश रहेगा। इस दिन रायपुर और नवा रायपुर के राज्य शासन के सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
गोवर्धन पूजा की छुट्टी में बदलाव के बाद लिया गया फैसला
दरअसल, शासन की ओर से जारी पुराने आदेश में 9 नवंबर को गोवर्धन पूजा के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। इसके बाद 26 अक्टूबर को जारी नई अधिसूचना में गोवर्धन पूजा को सामान्य अवकाश घोषित कर दिया गया। ऐसे में इस दिन पहले से तय स्थानीय अवकाश की आवश्यकता नहीं रह गई थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने स्थानीय अवकाश में संशोधन करते हुए 9 नवंबर के स्थान पर 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी का अवकाश घोषित किया है।
बैंक और कोषालय में जारी रहेगा कामकाज
शासन के आदेश के अनुसार, 20 नवंबर का स्थानीय अवकाश सभी संस्थानों पर लागू नहीं होगा। बैंक, कोषालय और उप कोषालय इस दिन सामान्य रूप से खुले रहेंगे। वित्तीय संस्थानों में भी कामकाज जारी रहेगा। यानी सरकारी कार्यालयों में छुट्टी रहेगी, लेकिन बैंकिंग और कोषालय से जुड़ी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा लंबा वीकेंड
20 नवंबर को शुक्रवार होने के कारण पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले सरकारी कर्मचारियों को लगातार तीन दिनों की छुट्टी का लाभ मिल सकता है। शुक्रवार के स्थानीय अवकाश के बाद शनिवार और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इस तरह कर्मचारियों को तीन दिन का लंबा वीकेंड मिलेगा।
साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय उत्थान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान का सम्मान
रायपुर -- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण पुरस्कारों से सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण, सहकारिता, श्रम, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया गया।
राज्य अलंकरण से सम्मानित विभूतियों एवं संस्थाओं का विवरण
शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान आदिवासी सामाजिक चेतना तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए धमतरी जिले के श्री डुमन लाल ध्रुव को प्रदान किया गया।
यति यतनलाल सम्मान अहिंसा एवं गोरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दुर्ग जिले के विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी को प्रदान किया गया।
गुण्डाधूर सम्मान खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी को प्रदान किया गया।
मिनीमाता सम्मान महिला उत्थान एवं जनजागृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लोक आस्था सेवा संस्थान, गरियाबंद (सुश्री लता नेताम) को प्रदान किया गया।
गुरु घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान सामाजिक चेतना एवं दलित उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कबीरधाम जिले के श्री सुखचंद भास्कर को प्रदान किया गया।
ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए बस्तर जिले की प्राथमिक कुडुक मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट (श्री धनसिंह बघेल) को प्रदान किया गया।
हबीब तनवीर सम्मान समकालीन रंगकर्म, छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषा नाटकों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को प्रदान किया गया।
महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, विशेष रूप से तीरंदाजी के लिए बालोद जिले के श्री टोमन कुमार को प्रदान किया गया।
पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिलासपुर जिले के तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान, नेहरू नगर को प्रदान किया गया।
पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायगढ़ जिले के डॉ. बिहारीलाल साहू को प्रदान किया गया।
चक्रधर सम्मान शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को प्रदान किया गया।
दाऊ मंदराजी सम्मान लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले की श्रीमती रेखा जलक्षत्री को प्रदान किया गया।
डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कबीरधाम जिले के श्री पुन्नीदास भट्ट को प्रदान किया गया।
महाराजा अग्रसेन सम्मान सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए रायगढ़ जिले के श्री बाबूलाल अग्रवाल को प्रदान किया गया।
चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार हिन्दी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री प्रमोद कुमार साहू को प्रदान किया गया।
चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार हिन्दी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री बरुण सखाजी एवं सुश्री रसिका पांडेय को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री शिशिर रॉय चौधरी को प्रदान किया गया।
धन्वन्तरि सम्मान आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए धमतरी जिले के डॉ. दिनेश कुमार नाग को प्रदान किया गया।
श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बालोद जिले के श्री प्रदीप कुमार सोनी को प्रदान किया गया।
राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा पुरस्कार संस्कृत भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. बहुरन सिंह पटेल को प्रदान किया गया।
डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा पुरस्कार आदिवासियों की सेवा और आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर (श्री सी. श्रीनिवास यंगम) को प्रदान किया गया।
स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बलौदाबाजार जिले के अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह, सीमेंट वर्क्स, सरकीपार को प्रदान किया गया।
पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रायपुर जिले के श्री सुरेश कुमार ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक को प्रदान किया गया।
छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान देश के बाहर अप्रवासी भारतीयों द्वारा सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन, निकाय अथवा आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दंतेवाड़ा जिले की श्रीमती दीपाली सरावगी को प्रदान किया गया।
किशोर साहू सम्मान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा एवं निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री सैयद ताहिर अली (करन खान) को प्रदान किया गया।
लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दुर्ग जिले की श्रीमती साधना यादव को प्रदान किया गया।
देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार पंथी नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आरंग, रायपुर जिले के श्री सी.एल. रात्रे को प्रदान किया गया।
खुमान साव सम्मान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री चंद्रभूषण वर्मा को प्रदान किया गया।
लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दुर्ग जिले के श्री दुर्गा प्रसाद पारकार को प्रदान किया गया।
किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री मोहन सुंदरानी को प्रदान किया गया।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मयूर विहार, दिल्ली के श्री कौस्तुभ शुक्ला एवं रायपुर जिले के श्री हेमन्त कुमार मिश्र को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
माता बहादुर कलारिन सम्मान महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष एवं नारी उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कांकेर जिले की श्रीमती बुलबुल बैदया को प्रदान किया गया।
पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री अनंत विजय को प्रदान किया गया।
डॉ. तीज़न बाई सम्मान पंडवानी कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पाहंदा, दुर्ग जिले के श्री चेतन लाल देवांगन को प्रदान किया गया।
चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कबीरधाम जिले के श्री सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय 'सन्नी' को प्रदान किया गया।
संत रविदास सम्मान सामाजिक समरसता तथा साहित्य एवं काव्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बालोद जिले के श्री जगदीश प्रसाद देशमुख को प्रदान किया गया।
राज्य अलंकरण समारोह छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर बना। इन पुरस्कारों के माध्यम से राज्य की लोककला, संस्कृति, साहित्य, सामाजिक समरसता, जनजातीय परंपराओं और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को प्रतिष्ठित पहचान मिली।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन अवसर पर आयोजित राज्य अलंकरण समारोह ने प्रदेश की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही नई पीढ़ी को समाज और राज्य के विकास में रचनात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी।





केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण पुरस्कारों से सम्मानित किया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस समारोह में साहित्य, कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल, कृषि, समाजसेवा, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण, सहकारिता, श्रम, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया गया।
राज्य अलंकरण से सम्मानित विभूतियों एवं संस्थाओं का विवरण
शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान आदिवासी सामाजिक चेतना तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए धमतरी जिले के श्री डुमन लाल ध्रुव को प्रदान किया गया।
यति यतनलाल सम्मान अहिंसा एवं गोरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दुर्ग जिले के विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी को प्रदान किया गया।
गुण्डाधूर सम्मान खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी को प्रदान किया गया।
मिनीमाता सम्मान महिला उत्थान एवं जनजागृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लोक आस्था सेवा संस्थान, गरियाबंद (सुश्री लता नेताम) को प्रदान किया गया।
गुरु घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान सामाजिक चेतना एवं दलित उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए कबीरधाम जिले के श्री सुखचंद भास्कर को प्रदान किया गया।
ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए बस्तर जिले की प्राथमिक कुडुक मछुवा सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट (श्री धनसिंह बघेल) को प्रदान किया गया।
हबीब तनवीर सम्मान समकालीन रंगकर्म, छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषा नाटकों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को प्रदान किया गया।
महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, विशेष रूप से तीरंदाजी के लिए बालोद जिले के श्री टोमन कुमार को प्रदान किया गया।
पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिलासपुर जिले के तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान, नेहरू नगर को प्रदान किया गया।
पं. सुन्दरलाल शर्मा सम्मान हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायगढ़ जिले के डॉ. बिहारीलाल साहू को प्रदान किया गया।
चक्रधर सम्मान शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को प्रदान किया गया।
दाऊ मंदराजी सम्मान लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले की श्रीमती रेखा जलक्षत्री को प्रदान किया गया।
डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कबीरधाम जिले के श्री पुन्नीदास भट्ट को प्रदान किया गया।
महाराजा अग्रसेन सम्मान सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए रायगढ़ जिले के श्री बाबूलाल अग्रवाल को प्रदान किया गया।
चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार हिन्दी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री प्रमोद कुमार साहू को प्रदान किया गया।
चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार हिन्दी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री बरुण सखाजी एवं सुश्री रसिका पांडेय को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री शिशिर रॉय चौधरी को प्रदान किया गया।
धन्वन्तरि सम्मान आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए धमतरी जिले के डॉ. दिनेश कुमार नाग को प्रदान किया गया।
श्रीमती बिलासादेवी केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार मछली पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए बालोद जिले के श्री प्रदीप कुमार सोनी को प्रदान किया गया।
राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा पुरस्कार संस्कृत भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के डॉ. बहुरन सिंह पटेल को प्रदान किया गया।
डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा पुरस्कार आदिवासियों की सेवा और आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, नवा रायपुर (श्री सी. श्रीनिवास यंगम) को प्रदान किया गया।
स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार श्रम के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बलौदाबाजार जिले के अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह, सीमेंट वर्क्स, सरकीपार को प्रदान किया गया।
पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए रायपुर जिले के श्री सुरेश कुमार ध्रुव, उप पुलिस अधीक्षक को प्रदान किया गया।
छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान देश के बाहर अप्रवासी भारतीयों द्वारा सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन, निकाय अथवा आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दंतेवाड़ा जिले की श्रीमती दीपाली सरावगी को प्रदान किया गया।
किशोर साहू सम्मान हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा एवं निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री सैयद ताहिर अली (करन खान) को प्रदान किया गया।
लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दुर्ग जिले की श्रीमती साधना यादव को प्रदान किया गया।
देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार पंथी नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए आरंग, रायपुर जिले के श्री सी.एल. रात्रे को प्रदान किया गया।
खुमान साव सम्मान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री चंद्रभूषण वर्मा को प्रदान किया गया।
लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दुर्ग जिले के श्री दुर्गा प्रसाद पारकार को प्रदान किया गया।
किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए रायपुर जिले के श्री मोहन सुंदरानी को प्रदान किया गया।
बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान विधि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मयूर विहार, दिल्ली के श्री कौस्तुभ शुक्ला एवं रायपुर जिले के श्री हेमन्त कुमार मिश्र को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।
माता बहादुर कलारिन सम्मान महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष एवं नारी उत्थान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कांकेर जिले की श्रीमती बुलबुल बैदया को प्रदान किया गया।
पंडित माधव राव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री अनंत विजय को प्रदान किया गया।
डॉ. तीज़न बाई सम्मान पंडवानी कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पाहंदा, दुर्ग जिले के श्री चेतन लाल देवांगन को प्रदान किया गया।
चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कबीरधाम जिले के श्री सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय 'सन्नी' को प्रदान किया गया।
संत रविदास सम्मान सामाजिक समरसता तथा साहित्य एवं काव्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बालोद जिले के श्री जगदीश प्रसाद देशमुख को प्रदान किया गया।
राज्य अलंकरण समारोह छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर बना। इन पुरस्कारों के माध्यम से राज्य की लोककला, संस्कृति, साहित्य, सामाजिक समरसता, जनजातीय परंपराओं और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान को प्रतिष्ठित पहचान मिली।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन अवसर पर आयोजित राज्य अलंकरण समारोह ने प्रदेश की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही नई पीढ़ी को समाज और राज्य के विकास में रचनात्मक योगदान देने की प्रेरणा दी।
राज्योत्सव 2026 में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का आकर्षक प्रदर्शनी स्टॉल बना लोगों के लिए प्रमुख आकर्षण
00 हमर रेलवे, हमर छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित स्टॉल में रेलवे की उपलब्धियों, आधुनिक तकनीक, विकास परियोजनाओं एवं यात्री सुविधाओं का अनूठा संगम
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर अटल नगर, नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मैदान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का प्रदर्शनी स्टॉल लोगों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस वर्ष आयोजित राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के प्रतिष्ठित उपक्रमों एनटीपीसी, एसईसीएल, सेल, बीएसएनएल सहित अनेक संस्थानों द्वारा अपनी उपलब्धियों एवं गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा हमर रेलवे, हमर छत्तीसगढ़ थीम पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी स्टॉल तैयार किया गया है, जहां रेलवे की विकास यात्रा, उपलब्धियों, आधुनिक तकनीक और भविष्य की योजनाओं को रोचक एवं तकनीक आधारित माध्यमों से प्रस्तुत किया जा रहा है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के इस स्टॉल में आकर्षक बैकलिट पैनल्स के माध्यम से रेलवे की प्रमुख उपलब्धियों, अधोसंरचना विकास, नई रेल लाइन परियोजनाओं, पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं एवं वर्तमान में प्रगतिरत परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई है। वहीं, स्टॉल में स्थापित आरएस वॉल्व सिमुलेटर आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण बना हुआ है। इसके माध्यम से बच्चे, युवा एवं अन्य आगंतुक ट्रेन के इंजन के संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर रहे हैं। यह अनुभव उन्हें रेल परिचालन की तकनीकी कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर प्रदान कर रहा है।रायपुर रेलवे स्टेशन पर जारी मेजर रि-डेवलपमेंट कार्य तथा पुनर्विकास के बाद स्टेशन के प्रस्तावित आधुनिक एवं भव्य स्वरूप को दर्शाता आकर्षक मॉडल भी लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इसके साथ ही एक बड़ी स्क्रीन पर रायपुर स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की वॉक-थ्रू फिल्म प्रदर्शित की जा रही है, जिसके माध्यम से आगंतुक स्टेशन के भावी स्वरूप एवं आधुनिक यात्री सुविधाओं की झलक देख पा रहे हैं।
00 पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में 24 हजार 800 विद्यार्थियों को उपाधियां एवं डिप्लोमा किए गए प्रदान
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि युवा आत्मविश्वास, निरंतर प्रयास और अपनी विशिष्ट प्रतिभा के बल पर जीवन में आगे बढ़ें। असफलता से घबराने के बजाय उसके कारणों को समझें और गलतियों से सीखकर पुन: प्रयास करें। शिक्षा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी होना चाहिए। राज्यपाल आज पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़, बिलासपुर के सप्तम दीक्षांत समारोह को अध्यक्षीय आसंदी से संबोधित कर रहे थे। समारोह में पिछले पांच वर्षों के 24 हजार 800 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा की उपाधियां प्रदान की गईं।
समारोह में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक एवं श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष कैलाश चंद्र शर्मा, नेक अध्यक्ष श्री नागेश्वर राव, विश्वविद्यालय के कुलपति श्री वीरेंद्र कुमार सारस्वत तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उन्नत आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण और स्मारिका अभ्युदय का विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय की ओर से एकलव्य विद्यालय देवपहरी के 311 विद्यार्थियों को बैग, स्वेटर, टिफिन एवं पानी की बोतलें वितरित की गईं।राज्यपाल डेका ने उपाधि एवं पदक प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियों में अभिभावकों, गुरुजनों और शिक्षण संस्थानों का महत्वपूर्ण योगदान है। दीक्षांत समारोह जीवन में नई ऊर्जा और नई जिम्मेदारियों के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा देता है। मुक्त विश्वविद्यालय दूरस्थ क्षेत्रों तक ज्ञान पहुंचाने और शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इंटरनेट और डिजिटल तकनीक ने ज्ञान तक पहुंच आसान बनाई है। युवाओं को इन साधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए अपनी विचारशक्ति और रचनात्मक क्षमता को विकसित करना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि आज रोजगार और आजीविका के अनेक नए क्षेत्र उपलब्ध हैं। युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर पूरी मेहनत से आगे बढऩा चाहिए। जीवन में अपना स्थान स्वयं बनाना पड़ता है। दूसरों की नकल अथवा तुलना करने के बजाय अपनी विशिष्टता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अपनी अपेक्षाएं थोपने के बजाय उनकी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढऩे में सहयोग दें। डेका ने जीवन में आंतरिक संतुष्टि, संतुलन और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालने की आवश्यकता बताई। उन्होंने डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बचने और अपने समय का सार्थक कार्यों में उपयोग करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, पौधे लगाने और उनकी देखभाल जैसे कार्यों से समाज में बदलाव ला सकता है। जीवन में ऐसा कार्य अवश्य करें, जिसका उद्देश्य केवल लेन-देन नहीं, बल्कि सकारात्मक परिवर्तन हो।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपाधि एवं पदक प्राप्त विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के उत्थान में करें। स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक पंडित सुंदरलाल शर्मा के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय उन लोगों के सपनों को साकार कर रहा है, जो कामकाज अथवा अन्य परिस्थितियों के कारण नियमित अध्ययन नहीं कर पाते। उन्होंने विश्वविद्यालय को नैक की 'ए प्लसÓ ग्रेडिंग मिलने पर बधाई दी और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को आगे बढ़ाने तथा शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष श्री कैलाश चंद्र शर्मा ने दीक्षांत भाषण दिया। समारोह को नेक अध्यक्ष श्री नागेश्वर राव ने भी संबोधित किया।
कुलपति श्री वीरेंद्र कुमार सारस्वत ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर विश्व विद्यालय के कार्य परिषद के सदस्य, अन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी , प्राध्यापकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक, और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे ।
रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को सीबीआई की टीम मंगलवार को लेकर रायपुर पहुंची। उसे फ्लाइट ई6 2307 से दिल्ली से रायपुर लाया गया है जहां कल उसे उसे स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। फिलहाल उसे सीबीआई अपने माना रोड स्थित सीबीआई मुख्यालय में रखा है। उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने कल ही दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट से 4 नवंबर तक ट्रांजिट रिमांड पर लिया है जहां कल रिमांड खत्म हो रही है।
रायपुर, / केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में आर्टेमिस शांति हॉस्पिटल का शुभारंभ किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अस्पताल प्रदेशवासियों को बेहतर उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को नई गति मिलेगी।
विकसित भारत के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का संदेश देगा विकसित भारत संकल्प पार्क
‘People for Peepal’ अभियान के तहत लगभग 16 एकड़ में विकसित पार्क में लगाए गए 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे
नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
भावी पीढ़ियों को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करेगा पार्क
रायपुर,-- केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-16 में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा उपस्थित थे। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने पार्क परिसर में पीपल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश भी दिया।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को चिरस्थायी बनाने और भावी पीढ़ियों तक राष्ट्र निर्माण का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित भारत संकल्प पार्क का निर्माण किया गया है। यह पार्क विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की परिकल्पना का प्रतीक होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश भी देगा।
नवा रायपुर को हरित, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। लगभग 16 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस पार्क में अब तक 2,500 से अधिक पीपल और 500 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यह पार्क नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में नई पहचान दिलाने के साथ ही शहर की हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, वन मंत्री श्री केदार कश्यप तथा कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
‘People for Peepal’ अभियान से पर्यावरण संरक्षण में बढ़ेगी जनभागीदारी
नवा रायपुर को हरित और पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘People for Peepal’ अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना नहीं, बल्कि नागरिकों को पौधों के संरक्षण, संवर्धन और नियमित देखभाल से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना है।
इसी पहल के अंतर्गत विकसित भारत संकल्प पार्क को पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और सतत विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। भारतीय संस्कृति में पीपल के वृक्ष का विशेष आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व है। इस अभियान के माध्यम से पीपल के प्रति जनआस्था को प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ा जा रहा है।
विकसित भारत संकल्प पार्क आधुनिक शहरी विकास और प्रकृति के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करेगा। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित करेगी।
रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों के लिए अब 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह की समान किराया दर
लगभग 3,946 आवासधारियों को मिलेगा लाभ, सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर कम होगा आर्थिक बोझ
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक के बाद बीएसपी प्रबंधन ने जारी किया संशोधित आदेश
मुख्यमंत्री साय से सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ और थर्ड पार्टी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने की सौजन्य मुलाकात
रायपुर-- भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की टाउनशिप में रहने वाले हजारों परिवारों की लंबे समय से चली आ रही आवास किराए की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के बाद बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशन स्कीम तथा थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों का किराया घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह कर दिया है। इस फैसले से करीब चार हजार आवासधारियों को राहत मिलने का अनुमान है। विशेष रूप से सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह निर्णय आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा, क्योंकि रिटेंशन श्रेणी में किराए की दर 75 प्रतिशत कम हुई है।
इस बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में भिलाई स्टील प्लांट के सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ और थर्ड पार्टी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक श्री ललित चंद्राकर एवं श्री रिकेश सेन सहित दुर्ग-भिलाई के अनेक जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री की पहल से आवास किराए की समस्या के समाधान का रास्ता हुआ प्रशस्त
बीएसपी टाउनशिप के आवासधारियों को बढ़े हुए किराए के कारण हो रही परेशानियों का विषय मुख्यमंत्री श्री साय की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुखता से रखा गया था। बैठक के दौरान रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासों के लिए निर्धारित अलग-अलग किराया दरों तथा उनमें हुई वृद्धि से उत्पन्न परिस्थितियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए समस्या का व्यावहारिक एवं संवेदनशील समाधान निकालने पर जोर दिया था।
मुख्यमंत्री की पहल पर जनप्रतिनिधियों और बीएसपी के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई चर्चा में किराया दरों के संशोधन पर सहमति बनी।
इसके बाद बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग ने 2 नवंबर 2026 को आदेश जारी कर नई किराया दर निर्धारित की। संशोधित आदेश के अनुसार रिटेंशन और थर्ड पार्टी, दोनों श्रेणियों के संबंधित आवासों के लिए किराया 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह होगा।
रिटेंशन श्रेणी में 75 प्रतिशत और थर्ड पार्टी श्रेणी में 25 प्रतिशत की राहत
रिटेंशन स्कीम के अंतर्गत आने वाले आवासों का मासिक किराया पहले 24 रुपए प्रति वर्गफीट निर्धारित था। अब इसे घटाकर 6 रुपए प्रति वर्गफीट किए जाने से आवासधारियों को सीधे 75 प्रतिशत की राहत मिलेगी।
यदि किसी आवास का क्षेत्रफल 500 वर्गफीट है, तो पहले उसके लिए प्रतिमाह 12 हजार रुपए किराया देना पड़ता था। नई दर लागू होने पर यही किराया 3 हजार रुपए रह जाएगा। इस प्रकार संबंधित परिवार को हर महीने 9 हजार रुपए और पूरे वर्ष में 1 लाख 8 हजार रुपए की बचत होगी।
थर्ड पार्टी श्रेणी के आवासधारियों को भी संशोधित दर का लाभ मिलेगा। इस श्रेणी में पहले 8 रुपए प्रति वर्गफीट प्रतिमाह किराया निर्धारित था, जिसे अब 6 रुपए कर दिया गया है। इससे थर्ड पार्टी आवासधारियों का किराया 25 प्रतिशत कम हो जाएगा। नई व्यवस्था से दोनों श्रेणियों के संबंधित आवासों के लिए किराए की दर में एकरूपता भी आएगी।
लगभग चार हजार परिवारों को मिलेगी आर्थिक राहत
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संशोधित किराया व्यवस्था से बीएसपी टाउनशिप के कुल 3,946 आवासधारियों के लाभान्वित होने का अनुमान है। इनमें रिटेंशन श्रेणी के 1,158 और थर्ड पार्टी श्रेणी के 2,788 आवास शामिल बताए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि भिलाई इस्पात संयंत्र में वर्षों तक सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए अनेक कर्मचारी आज सीमित पेंशन अथवा आय के अन्य साधनों पर निर्भर हैं। ऐसे परिवारों के लिए आवास किराए में भारी वृद्धि अतिरिक्त आर्थिक दबाव का कारण बनी हुई थी। संशोधित दर लागू होने से उनकी नियमित मासिक व्यय राशि में उल्लेखनीय कमी आएगी और पारिवारिक आवश्यकताओं के लिए अधिक राशि उपलब्ध हो सकेगी।
पूर्व अवधि के किराए की पुनर्गणना का भी प्रावधान
बीएसपी प्रबंधन के संशोधित आदेश में किराए की नई दर को पूर्व प्रभाव से लागू करने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अनुसार संबंधित अवधि के किराए की पुनर्गणना संभव होगी। जिन आवासधारियों ने पूर्व निर्धारित अधिक दर पर किराया जमा किया है, उनकी अतिरिक्त राशि के समायोजन की प्रक्रिया संबंधित विभागीय निर्देशों के आधार पर स्पष्ट की जाएगी। यह संशोधित किराया व्यवस्था आगामी आदेश जारी होने तक अंतरिम राहत के रूप में प्रभावी रहेगी।
भिलाई टाउनशिप के आवासधारियों की पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय
भिलाई इस्पात संयंत्र के निर्माण, संचालन और विकास में वर्षों तक योगदान देने वाले कर्मचारियों के लिए टाउनशिप के आवास उनके जीवन और परिवार से गहराई से जुड़े हुए हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी अनेक परिवार इन्हीं आवासों में निवासरत हैं। किराए में हुई भारी वृद्धि के कारण ऐसे परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर बीएसपी प्रबंधन द्वारा लिया गया यह निर्णय इन परिवारों की लंबे समय से चली आ रही चिंता को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। किराए में कटौती से जहां सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अन्य आवासधारियों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं संबंधित आवास श्रेणियों के लिए समान किराया दर निर्धारित होने से व्यवस्था में एकरूपता आएगी। जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्या पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श और उसके बाद लिए गए इस निर्णय से प्रभावित परिवारों को राहत मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
रायपुर। शिक्षा विभाग में एक बार फिर बैकडोर से तबादले हुए है। शिक्षक, प्रधान पाठक, व्याख्याता सहित शिक्षक संवर्ग के तबादले हुए है।
देखिए लिस्ट…





रायपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों को लूटने और भ्रष्टाचार करने वाले अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट के आधार पर छत्तीसगढ़ के कुल 19 अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें से 16 अस्पतालों को एक साल से लेकर तीन साल तक के लिए आयुष्मान योजना से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों में छापेमार कार्रवाई कर जांच की थी। जांच के दौरान आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के इलाज और योजना के क्रियान्वयन में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई थी। इसके बाद विभाग ने संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की है। कार्रवाई की सूची में रायपुर का विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी हॉस्पिटल भी शामिल है। हालांकि, इन दोनों अस्पतालों को छोड़कर शेष 16 अस्पतालों को एक से तीन साल की अवधि के लिए आयुष्मान योजना से ब्लैकलिस्ट किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को आयुष्मान योजना में पारदर्शिता लाने और मरीजों के हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। योजना के नाम पर मरीजों से अवैध वसूली और अनियमितता करने वाले अस्पतालों पर विभाग की सख्ती से अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
ये 16 अस्पताल आयुष्मान योजना से हुए बाहर
श्री अनंत साई अस्पताल, रायपुर।
पल्स हॉस्पिटल, दुर्ग।
नेताम हॉस्पिटल, कोंडागांव।
हरिकृष्णा केयर हॉस्पिटल, कोरबा।
स्वामी चंद्रशेखरानंद हॉस्पिटल, बस्तर।
एसके केयर हॉस्पिटल् रायपुर।
जय जगन्नाथ हेल्थ केयर, कबीरधाम ।
अशोक प्रसूति मंदिर, बिलासपुर।
केयर एंड केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल बिलासपुर ।
श्री शंकराचार्य इंस्टिट्यूट साइंस, दुर्ग।
महावीर हॉस्पिटल, रायपुर।
श्रीनिवास हॉस्पिटल रायपुर।
वरदान हॉस्पिटल रायपुर।
सुयश इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, रायपुर।
हेरिटेज हॉस्पिटल, रायपुर।
रावतपुर सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल, रायपुर।
रायपुर। प्रदेश में इन दिनों तबादलों का दौर जारी है। इसी बीच राज्य सरकार ने जनसंख्या गणना कार्य में संलग्न अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। जनसंख्या गणना कार्य में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों के स्थानांतरण पर सरकार ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अगले 6 माह अथवा जनगणना कार्य पूर्ण होने तक ड्यूटी पर तैनात कर्मियों का तबादला नहीं हो सकेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश…..

बिलासपुर। पेंशन प्रकरण में लापरवाही बतरने के आरोप में राज्य शासन ने मुंगेली जिले के पूर्व प्रभारी डीईओ व वर्तमान में सहायक संचालक संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा विभाग बिलासपुर को निलंबित कर दिया है।
पढ़िए निलंबन आदेश में क्या लिखा है?
राज्य शासन एतद द्वारा एलपी.डाहिरे तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी जिला मुंगेली (वर्तमान में सहायक संचालक, कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर) को पेंशन प्रकरणों में लापरवाही, न्यायालयीन निर्देशों की अवहेलना एवं अनुशासनहीनता किये जाने के कारण छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1) (क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है।
निलंबन अवधि में डाहिरे का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी जिला बिलासपुर नियत किया जाता है तथा निर्देशित किया जाता है कि बिना सक्षम स्वीकृति के मुख्यालय नहीं छोंड़ेंगे। निलंबन अवधि में डाहिरे को मूलभूत नियम 53 के अंतर्गत निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी।
नाराज कोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को किया था तलब
राजेश्वरी त्रिपाठी के पति की मृत्यु के बाद भी उनको परिवार पेंशन नहीं दिया गया था। राज्य शासन के इस आदेश को चुनौती देते हुए राजेश्वरी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान हाई काेर्ट ने जवाब पेश करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग को कई अवसर दिए, अचरज की बात ये कि इसके बाद भी विभागीय अफसरों ने कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए जवाब पेश नहीं किया था।
आधा दर्जन शिक्षक व कर्मचारी पहले हो चुके हैं निलंबित
नाराज कोर्ट ने स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर तलब किया था और विभाग की ओर से जवाब पेश ना करने का कारण सहित जवाब शपथ पत्र के साथ पेश करने का निर्देश दिया था। स्कूल शिक्षा सचिव के कोर्ट में पेश होने से पहले विभाग ने पेंशन प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले 6 कर्मचारी जिसमें 2 प्राचार्य भी थे पहले ही निलंबित कर दिया था। इसी मामले में पूर्व डीईओ व वर्तमान में संयुक्त संचालक डाहिरे को निलंबित कर दिया है।
देखें आदेश

बिलासपुर। हिस्ट्रीशीटर संजू त्रिपाठी हत्याकांड में बड़ा फैसला सामने आया है। निचली अदालत ने मामले में गिरफ्तार सभी 22 आरोपियों को बरी कर दिया है। फैसले के बाद मृतक की पत्नी किरण त्रिपाठी ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि रसूखदारों के दबाव और लेन-देन के चलते जांच प्रभावित हुई और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गई। किरण त्रिपाठी ने निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा, गवाहों के बयान तक बदलवाए गए। किरण ने कहा कि वे निचली अदालत के इस फैसले को छत्तीसगढ़बिलासपुर हाई कोर्ट में चुनौती देंगी। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। किरण त्रिपाठी ने कहा कि मामले की शुरुआत से ही जांच प्रभावित रही। एफआईआर दर्ज करने से लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चार्जशीट तैयार करने तक कई विसंगतियां रहीं। उनके अनुसार, पुलिस ने हत्या को संपत्ति विवाद से जोड़ दिया, जबकि इसकी वजह पारिवारिक और जातीय दुश्मनी थी।
किरण ने बताया कि सुरक्षा कारणों से वे फैसले के दिन अदालत नहीं पहुंच सकी। सभी 22 आरोपियों के जेल से बाहर आने के बाद उन्हें अपने और बच्चों की सुरक्षा की चिंता है। उनका कहना है कि जब दिनदहाड़े सुपारी देकर हत्या कराई जा सकती है, तो अब परिवार पर खतरा और बढ़ गया है। किरण शिक्षिका हैं और उनकी पदस्थापना शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। वे रोजाना सफर करती हैं।
परिवार की सुरक्षा की चिंता, सीबीआई जांच की मांग की
किरण ने आईजी और एसएसपी से अपने और बच्चों के लिए तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। किरण ने कहा कि वे पति को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी। उनकी मांग है कि हाई कोर्ट मामले में स्वतः संज्ञान ले और जांच के दौरान तथ्य छिपाने के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए अब सीबीआई जांच जरूरी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर सूरजपुर के अग्रसेन स्टेडियम ग्राउंड में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य में आयोजित समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्यगीत का गायन भी किया गया। इस वर्ष राज्योत्सव “सशक्त नारी, युवा उड़ान” की थीम पर मनाया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जिलेवासियों को राज्य स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस छत्तीसगढ़ महतारी की अस्मिता, समृद्ध संस्कृति और स्वाभिमान का पर्व है। प्रदेश अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूरे कर 27वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य का गौरव मिला। मंत्री ने राज्य निर्माण में योगदान देने वाले पुरखों को नमन करते हुए कहा कि गठन के समय अनेक चुनौतियां थीं, लेकिन आज प्रदेश विकास के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।
उन्होंने कहा कि लोककला, लोकसंस्कृति और जनजातीय परंपराओं से विशिष्ट पहचान रखने वाला छत्तीसगढ़ विकास और प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना के अनुरूप जनकल्याण और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ दूरस्थ अंचलों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। आदिवासी एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरणों के माध्यम से जनजातीय और वंचित वर्गों के उत्थान के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
मंत्री राजवाड़े ने कहा कि सूरजपुर जिले में जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने सभी से जिले को समृद्ध और विकसित बनाने के संकल्प के साथ सामूहिक सहभागिता से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सूरजपुर के विकास से विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प और मजबूत होगा।
प्रेमनगर विधायक भूलन सिंह मरावी ने भी राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्योत्सव की “सशक्त नारी, युवा उड़ान” थीम महिला सशक्तिकरण और युवाओं की प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित सूरजपुर के निर्माण में सभी से सक्रिय सहभागिता की अपील की। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने राज्य और जिले के गठन के बाद हुए विकास, उपलब्धियों तथा नवाचारों की जानकारी साझा की।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों और प्रतियोगिता विजेताओं का सम्मान
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पाक कला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बबली को 3,100 रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली श्रीमती रानी गुप्ता को 2,100 रुपये तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कमला गुप्ता को 1,100 रुपये की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
विभागीय प्रदर्शनी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिला पंचायत को प्रथम, स्वास्थ्य विभाग को द्वितीय तथा शिक्षा एवं राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान मिला। अतिथियों ने विजेता विभागों को सम्मानित किया। विभिन्न हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ भी प्रदान किया गया। कुर्सी दौड़, रस्साकशी सहित खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। छात्राओं और अन्य प्रतिभागियों के उत्साहपूर्ण प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।
पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
पाक कला प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ी व्यंजनों की महक छाई रही। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और अन्य जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा और प्रतिभागियों के पाक कौशल की सराहना की। मंत्री ने समारोह स्थल पर लगी विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी ली।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कर्मा नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास, संस्कृति और एकता का संदेश प्रस्तुत किया गया। आमंत्रित कलाकारों ने लोकगीतों और छत्तीसगढ़ी परंपराओं पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, उपाध्यक्ष रेखा लाल राजवाड़े, अन्य जनप्रतिनिधि, कलेक्टर रेना जमील, पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र पाटले, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की ओर से मंत्री राजवाड़े और अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
नई दिल्ली। दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारी का दौर तेज हो गया है। लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन इसी बीच साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाने का नया तरीका निकाल लिया है। सोशल मीडिया और WhatsApp पर इन दिनों ₹8,000 दिवाली बोनस देने का एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है। अगर आपके मोबाइल पर भी ऐसा कोई संदेश आया है, तो सतर्क हो जाइए। यह खुशियां देने वाला ऑफर नहीं, बल्कि ऑनलाइन ठगी का जाल हो सकता है।
प्रधानमंत्री के नाम पर किया जा रहा बोनस का दावा
WhatsApp पर प्रसारित हो रहे इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री की ओर से दिवाली के अवसर पर आम लोगों को 8,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस रकम को प्राप्त करने के लिए एक लिंक भी साझा किया जा रहा है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे लिंक पर क्लिक करके अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें और दिवाली बोनस का लाभ उठाएं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। नवंबर की शुरुआत में प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाने के साथ बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 3 नवंबर को प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। वहीं कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
मौसम के इस बदलाव का असर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में देखने को मिल सकता है। राजधानी रायपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दोपहर के बाद बादल छाने और बारिश होने के आसार हैं। वहीं बस्तर संभाग के जिलों में भी मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास रह सकता है। हालांकि अलग-अलग जिलों में तापमान में अंतर देखने को मिलेगा। दिन के समय बादलों के बीच धूप निकलने से उमस भी महसूस हो सकती है।
दोपहर और शाम को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, दोपहर बाद कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। शाम और रात के समय भी कुछ स्थानों पर तूफानी गतिविधियों की संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
किसानों के लिए भी जरूरी सलाह
बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खुले में रखी धान की फसल और कृषि उपज को सुरक्षित रखने की जरूरत है। खेतों में काम करने वाले किसान आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रुकें। पेड़ों के नीचे शरण लेने से भी बचें।
आम लोगों को बरतनी होगी सावधानी
गरज-चमक और आकाशीय बिजली के दौरान बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें। तेज बारिश होने पर नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
रायपुर। सूरजपुर जिले के ओडग़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत खालबहारा में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से खालबहारा मेन रोड से पंचायत भवन तक 1.50 किलोमीटर लंबे मार्ग का पुल-पुलियों सहित निर्माण स्वीकृत हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने इस कार्य के लिए 1 करोड़ 65 लाख 85 हजार रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है।
इस मार्ग के निर्माण से ग्रामवासियों को पंचायत भवन तक पहुंचने में सुविधा होगी। पंचायत भवन ग्रामीणों के लिए स्थानीय स्तर पर विभिन्न कामों और बैठकों का प्रमुख केंद्र होता है। सड़क बनने से वहां तक आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र के लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। मार्ग में पुल-पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। राज्य शासन ने यह स्वीकृति वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल कार्य के अंतर्गत प्रदान की है। स्वीकृति आदेश के अनुसार निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पहले तकनीकी स्वीकृति और निविदा सहित निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। साथ ही, कार्य शासकीय भूमि पर और उपलब्ध बजट की सीमा के भीतर कराया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क का विस्तार स्थानीय आवागमन और सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है। खालबहारा में स्वीकृत यह निर्माण कार्य इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। निर्माण पूरा होने पर ग्रामवासियों को पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए बेहतर मार्ग उपलब्ध होगा।
00 मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में होगा समापन समारोह, राज्य अलंकरण से सम्मानित होंगी प्रदेश की प्रतिभाएं
00 पद्मश्री उषा बारले की प्रस्तुति और प्रसिद्ध पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य के गीतों से सजेगी राज्योत्सव की अंतिम शाम
रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध लोकपरंपराओं और कला-संगीत के विविध रंगों से सजे तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 का भव्य समापन 3 नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर स्थित राज्योत्सव मैदान में होगा। समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय करेंगे। इस अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। राज्योत्सव के अंतिम दिन छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं, शास्त्रीय नृत्य, आदिवासी संस्कृति और बॉलीवुड संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
राज्योत्सव के समापन दिवस पर मुख्य मंच के साथ ही शिल्पग्राम में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष श्रृंखला आयोजित की जाएगी। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मश्री सुश्री उषा बारले की मनमोहक प्रस्तुति और बॉलीवुड के लोकप्रिय पार्श्व गायक श्री अभिजीत भट्टाचार्य के गीतों से राज्योत्सव की अंतिम शाम यादगार बनेगी। वहीं शिल्पग्राम में प्रदेश के विभिन्न अंचलों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और लोकजीवन की जीवंत झलक प्रस्तुत करेंगे। राज्योत्सव के अंतिम दिन 3 नवंबर को आयोजित समापन समारोह विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में प्रदेश की विभिन्न विधाओं और क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा।
राज्य अलंकरण समारोह छत्तीसगढ़ की उन प्रतिभाओं के सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर होगा, जिन्होंने अपनी साधना, परिश्रम, सृजनशीलता और उत्कृष्ट कार्यों से प्रदेश को गौरवान्वित किया है। यह सम्मान कला, संस्कृति, साहित्य और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करने वाली प्रतिभाओं के योगदान को रेखांकित करने के साथ नई पीढ़ी को प्रेरणा भी प्रदान करेगा।
पद्मश्री उषा बारले की प्रस्तुति से गूंजेगा राज्योत्सव का मुख्य मंच
राज्योत्सव के अंतिम दिन मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। शाम 6 से 6.30 बजे तक दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकार लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां देंगे। इसके बाद शाम 6.30 से 7 बजे तक छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री सुश्री उषा बारले अपनी विशिष्ट प्रस्तुति से दर्शकों को प्रदेश की आध्यात्मिक और लोक संस्कृति से परिचित कराएंगी।
शाम 7 बजे से राज्य अलंकरण समारोह, रात 9 बजे अभिजीत भट्टाचार्य की संगीतमय प्रस्तुति
मुख्य मंच पर शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक राज्य अलंकरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश की प्रतिभाओं को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। राज्य अलंकरण समारोह के पश्चात रात 9 बजे से बॉलीवुड के प्रसिद्ध पार्श्व गायक श्री अभिजीत भट्टाचार्य अपनी लोकप्रिय संगीतमय प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। अपनी विशिष्ट गायन शैली और मधुर आवाज के लिए प्रसिद्ध श्री अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुति राज्योत्सव के समापन को यादगार बनाएगी। उनके गीतों के साथ तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव का संगीतमय समापन होगा।
शिल्पग्राम में दस सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगा अंतिम दिन
राज्योत्सव के अंतिम दिन शिल्पग्राम मंच पर भी छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और शास्त्रीय कलाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होने वाले कार्यक्रमों में प्रदेश के विभिन्न जिलों के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। शिल्पग्राम में कुल दस सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी, जिनमें पंथी नृत्य, आदिवासी लोकसंगीत, कथक, भजन, सूफी संगीत, लोकमंच और नाट्य विधाओं का समावेश रहेगा। रायपुर की सुश्री आस्था भट्ट भजन गायन के माध्यम से भक्तिमय वातावरण निर्मित करेंगी। दुर्ग की श्रीमती आरती बारले पंथी नृत्य की प्रस्तुति देंगी। कबीरधाम के श्री राकेश सेन अपनी लोकमंच प्रस्तुति से दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकपरंपराओं से परिचित कराएंगे। रायपुर के दिनेश कुमार जांगड़े पंथी नृत्य प्रस्तुत करेंगे, वहीं सुश्री पूर्णिमा साहू जसगीत एवं जगराता भजनों की प्रस्तुति देंगी। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की लोकआस्था, धार्मिक परंपराओं और सामुदायिक सांस्कृतिक जीवन की झलक देखने को मिलेगी।
आदिवासी लोकसंगीत, कथक और सूफी गायन का अनूठा संगम
शिल्पग्राम में श्री अभिषेक सोनकर की आदिवासी लोकसंगीत एवं नृत्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। यह प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, लोकधुनों और पारंपरिक नृत्य शैलियों को मंच पर जीवंत करेगी। शास्त्रीय नृत्य की श्रृंखला में श्रीमती दीपाली पाण्डेय कथक समूह नृत्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं सुश्री अनुष्णा रॉय चौधरी की कथक प्रस्तुति भारतीय शास्त्रीय नृत्य की सुंदरता और भावाभिव्यक्ति से दर्शकों को परिचित कराएगी। संगीत की विविध विधाओं में श्री वृद्धुमन वचस्पति भारती सूफी संगीत की प्रस्तुति देंगे। इसके अतिरिक्त श्री आनंदकुमार पाण्डेय की नाट्य प्रस्तुति भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण होगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोककला, शास्त्रीय नृत्य, संगीत और रंगमंच का सुंदर समन्वय देखने को मिलेगा।
स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय मंच से जोड़ रहा छत्तीसगढ़ राज्योत्सव : मंत्री अग्रवाल
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ाजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला, संस्कृति, लोकपरंपराओं और जनजातीय विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता और गौरवशाली परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। यहां की पंडवानी, पंथी, सुआ, करमा, लोकगीत, आदिवासी नृत्य और पारंपरिक कलाएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। इन लोककलाओं में छत्तीसगढ़ के जनजीवन, आस्था, इतिहास और सामाजिक मूल्यों की गहरी अभिव्यक्ति दिखाई देती है। राज्योत्सव जैसे आयोजन इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव में राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ स्थानीय लोककलाकारों की प्रस्तुतियों को प्रमुखता दी गई है। इससे प्रदेश के कलाकारों का उत्साहवर्धन होने के साथ छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को देशभर में नई पहचान मिलेगी।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक गौरवगाथा का साक्षी बनेगा समापन समारोह
तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के माध्यम से प्रदेश की कला, संस्कृति, संगीत, लोकपरंपराओं और जनजातीय विरासत की समृद्ध झलक प्रस्तुत की जा रही है। मुख्य मंच पर राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ शिल्पग्राम में स्थानीय कलाकारों को विशेष अवसर दिया गया है। तीन दिनों में शिल्पग्राम की 30 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं। राज्योत्सव का समापन समारोह केवल तीन दिवसीय उत्सव का अंतिम आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक गौरव और प्रतिभाओं के सम्मान का विशेष अवसर होगा। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में राज्य अलंकरण समारोह, पद्मश्री सुश्री उषा बारले की प्रस्तुति और प्रसिद्ध गायक श्री अभिजीत भट्टाचार्य की संगीतमय प्रस्तुति इस अवसर को भव्यता प्रदान करेगी।
नवा रायपुर का राज्योत्सव मैदान 3 नवंबर को एक बार फिर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं और संगीत के रंगों से सराबोर होगा। राज्य अलंकरण से प्रदेश की प्रतिभाओं को सम्मान मिलेगा, वहीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का संदेश देंगी।
00 उप मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन प्रवेश द्वार, स्विमिंग पूल, नालंदा परिसर और नगर पालिका भवन के कार्यों का किया निरीक्षण
00 अधिकारियों से प्रगति की ली जानकारी, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने आज मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने निर्माणाधीन प्रवेश द्वार, स्विमिंग पूल, नालंदा परिसर और नगर पालिका भवन का निरीक्षण कर अधिकारियों से कार्यों की प्रगति और वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। साव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे हों और निर्माण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाए। साव के साथ विधायक धरमलाल कौशिक भी निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
उप मुख्यमंत्री साव ने सबसे पहले साइंस कॉलेज के पास नवागढ़ रोड पर निर्माणाधीन प्रवेश द्वार का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण की प्रगति की जानकारी ली और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने स्विमिंग पूल और नालंदा परिसर के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने दोनों निर्माणाधीन परिसरों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। साव ने नगर पालिका भवन के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इन्हें निर्धारित समय में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब और लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारी कार्यों की प्रगति पर विशेष ध्यान दें और इन्हें समय पर पूरा कराएं।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री साव कर्मा माता मंदिर भी पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़वासियों के सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर उन्नति और प्रगति के लिए भी प्रार्थना की।





























