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सीएम हेल्पलाइन 1076 पर एक कॉल से रिया को मिला छात्रावास, पढ़ाई को मिली नई राह

सीएम हेल्पलाइन 1076 पर एक कॉल से रिया को मिला छात्रावास, पढ़ाई को मिली नई राह

 00 सुशासन फेलो की रिपोर्ट में सामने आए शिक्षा, बिजली, पेयजल और शासकीय योजनाओं से जुड़े त्वरित समाधान
00 90 प्रतिशत से अधिक आवेदक निराकरण से संतुष्ट
रायपुर।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण का भरोसेमंद माध्यम बन रही है। बलरामपुर जिले के ग्राम मौली की मेधावी छात्रा कुमारी रिया को हेल्पलाइन पर की गई एक कॉल से कक्षा 9वीं की पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिला। रिया ने 88.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, लेकिन छात्रावास में प्रवेश नहीं मिलने से उसकी पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका थी। पिता श्री अजय प्रसाद अगरिया ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर समस्या दर्ज कराई। दस दिनों के भीतर आदिम जाति विकास विभाग ने प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास, वाड्रफनगर में रिया को सीट आवंटित कर दी।
बलरामपुर जिले में हेल्पलाइन के माध्यम से हुए निराकरणों का आकलन मुख्यमंत्री सुशासन फेलो श्री मध्यम दुबे ने अपनी रिपोर्ट में किया है। यह रिपोर्ट कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में तैयार की गई। मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप, छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग की पहल है, जिसका संचालन आईआईएम रायपुर के सहयोग से किया जा रहा है। आईआईएम रायपुर में तीन माह के प्रशिक्षण के बाद दूसरे बैच के 36 फेलो नीति क्रियान्वयन और सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बेहतर बनाने के लिए विभिन्न जिलों में तैनात किए गए हैं। श्री दुबे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में पदस्थ हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने वाले 90 प्रतिशत से अधिक आवेदक मिले समाधान से संतुष्ट हैं। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को हेल्पलाइन के प्रकरण प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल प्रकरण बंद करना नहीं, बल्कि आवेदक की समस्या का वास्तविक समाधान करना होना चाहिए। रिपोर्ट में दर्ज उदाहरणों के अनुसार, ग्राम बरदर के किसान श्री मुकेश के खेत की खराब बिजली लाइन दो दिनों में ठीक कर आपूर्ति बहाल की गई, जिससे सिंचाई प्रभावित नहीं हुई। ग्राम चिनिया में श्री बाउलाल सिंह की शिकायत पर बंद सौर पेयजल संयंत्र सुधारा गया और गांव में पेयजल आपूर्ति फिर शुरू हुई। ग्राम बचवार की प्राथमिक शाला में पेयजल, नल और शौचालय से जुड़ी अव्यवस्थाओं को भी दो दिनों में दुरुस्त किया गया।
महिला एवं बाल विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई। ग्राम जूनामाकड़ के ढाई वर्षीय ईथन कुजूर का विवरण पोषण ट्रैकर ऐप में अद्यतन कर उसे रेडी-टू-ईट पूरक पोषण आहार दिलाया गया। ग्राम बरदर की श्रीमती माया गुप्ता को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत दूसरी बालिका के जन्म पर मिलने वाला लाभ दिलाया गया। श्रीमती दुर्गावती कनौजिया की महतारी वंदन योजना से जुड़ी ई-केवाईसी पूरी कराई गई। ग्राम बरतिकला के श्री विकास कुमार को नया राशन कार्ड मिला।
इसी तरह, श्री जय प्रकाश साहू के बेटे के माइग्रेशन और प्रमाणपत्र विकासखंड शिक्षा कार्यालय से जारी कराए गए। ग्राम चंदौरा के श्री ओमप्रकाश यादव की आवास संबंधी शिकायत पर जांच दल गठित कर नियमानुसार निराकरण किया गया। ये मामले बताते हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से दूरस्थ गांवों के नागरिक अपनी समस्या संबंधित विभाग तक पहुंचा पा रहे हैं और समयबद्ध समाधान प्राप्त कर रहे हैं।

विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

विशेष लेख : किसानों की हित में फैसलों से मजबूत हो रही छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

 00 मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में अन्नदाता के सम्मान से बदल रहा छत्तीसगढ़ का कृषि परिदृश्य
00 तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
00 इस वर्ष जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर से शुरू होगा धान खरीदी का महाअभियान
लेखक -
डॉ. ओम प्रकाश डहरिया सहा. जनसंपर्क अधिकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहचान देश के धान के कटोरे के रूप में है। यहां की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण जीवन का मजबूत आधार कृषि और किसान हैं। किसानों की समृद्धि को प्रदेश के विकास का आधार मानते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते तीन वर्षों में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, खेती को आधुनिक बनाने और कृषि व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के प्रयासों का व्यापक असर दिखाई दे रहा है। बीते तीन वर्षों में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी और किसानों को 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था में धान खरीदी के महत्व को रेखांकित करता है।
तीन वर्षों में धान खरीदी और भुगतान का व्यापक दायरा
मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में लगभग 144.92 लाख मीट्रिक टन और वर्ष 2024-25 में लगभग 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। वर्ष 2025-26 में भी लगभग 142 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन हुआ। इन तीन खरीफ सीजन में लगभग 437 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई और किसानों को लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। यह व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का मूल्य उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का निर्णय
किसानों के हित में मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। इस वर्ष 27.50 लाख से अधिक किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए एग्रीस्टैक आईडी वाले पिछले वर्ष के पंजीकृत किसानों को पुन: पंजीयन से छूट दी गई है। उन्हें धान विक्रय के लिए समिति में ऋण पुस्तिका लाने की आवश्यकता भी नहीं होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे से रकबे का ऑनलाइन निर्धारण और बायोमेट्रिक आधारित खरीदी से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। इस वर्ष 360 नए उपार्जन केंद्र शुरू होने से प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों के माध्यम से धान खरीदी होगी।
कृषक उन्नति योजना से 35,904 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को 35,904.90 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। धान के स्थान पर अन्य लाभकारी फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत प्रदेश के किसानों को अब तक 12,267.39 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।
आधुनिक खेती, सिंचाई और फसल विविधीकरण पर जोर
कृषि को आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए वर्ष 2024-25 से अब तक 8,567 कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 678 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 46,615 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई का विस्तार हुआ है और किसानों को 201.07 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान दिया गया है। एग्रीस्टैक के माध्यम से 19,751 गांवों की जियो-रेफरेंसिंग पूरी की जा चुकी है और 43 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन किया गया है। दलहन एवं तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत 29 जिलों के 273 केंद्रों से अरहर, सोयाबीन, चना, मसूर और सरसों की खरीदी कर किसानों को 219.08 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत 94,615 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तार और 10 तेल निष्कर्षण इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है।
किसानों की सुरक्षा और कृषि की मजबूत आधारशिला
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ एवं रबी 2025-26 में 16.70 लाख से अधिक किसानों ने बीमा कराया तथा 1 लाख 40 हजार 730 किसानों को 292.43 करोड़ रुपये का दावा भुगतान किया गया। उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खरीफ 2026 में 15.55 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 18.02 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का भंडारण किया गया। कालाबाजारी और जमाखोरी के विरुद्ध भी निरीक्षण एवं कार्रवाई की गई है। लगभग 40 लाख कृषक परिवारों और 82 प्रतिशत लघु एवं सीमांत किसानों वाले छत्तीसगढ़ में कृषि का विकास सीधे ग्रामीण समृद्धि से जुड़ा है। राज्योत्सव के अवसर पर किसानों के हित में किए गए ये प्रयास प्रदेश की विकास यात्रा में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में धान खरीदी, आर्थिक सहायता, आधुनिक तकनीक, सिंचाई और फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। अन्नदाता की खुशहाली, खेती की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार है।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: संस्कृति का गौरव, समृद्धि का संकल्प और विकास का उत्सव

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026: संस्कृति का गौरव, समृद्धि का संकल्प और विकास का उत्सव

 ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ की थीम पर नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक दिखेगी छत्तीसगढ़ की विरासत और विकास की झलक

केंद्रीय मंत्री  मनसुख मांडविया होंगे शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि

समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के होंगे मुख्य अतिथि 

2 नवंबर को सेंध लेक में सुबह 11 बजे सारंग टीम दिखाएगी हवाई करतब

सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को होंगे आयोजन

रायपुर- छत्तीसगढ़ की माटी की महक, लोकजीवन के रंग और विकास की उपलब्धियां ‘छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026’ में एक साथ जीवंत होंगी। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव प्रदेश की समृद्ध विरासत, जनसामर्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को समर्पित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इस वर्ष राज्योत्सव की थीम ’‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’’ रखी गई है। विभागीय विकास प्रदर्शनियां, लोककला एवं शिल्प, राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां और भारतीय वायुसेना की सारंग टीम का रोमांचक एयर शो आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।

राज्योत्सव के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया होंगे। दूसरे दिन 2 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में होगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 3 नवंबर को समापन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में भी 2 नवंबर को राज्योत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

अटल जी के योगदान को नमन, विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

     पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। राज्योत्सव उनके ऐतिहासिक योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और राज्य निर्माण से जुड़ी जनआकांक्षाओं को सम्मान देने का अवसर होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ की भूमिका और संभावनाओं को भी आयोजन में रेखांकित किया जाएगा। महिलाओं के सशक्तिकरण और युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने का संदेश राज्योत्सव की थीम को सार्थक बनाएगा।

विकास प्रदर्शनियों में उपलब्धियों के साथ दिखेंगी भविष्य की संभावनाएं 

राज्य स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तूता स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर, मेला ग्राउंड में होगा। यहां विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शिल्पग्राम और अन्य गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा।

विभागीय प्रदर्शनियों में शासन की प्रमुख योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और विकास कार्यों की उपलब्धियों की झलक मिलेगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव पूंजी विकास, विकसित भारत और अंजोर छत्तीसगढ़ मिशन जैसे विषयों पर केंद्रित प्रदर्शनियां प्रदेश की प्रगति और भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराएंगी। शिल्पग्राम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, शिल्प और कारीगरों के हुनर के विविध रूप देखने को मिलेंगे। राज्योत्सव के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा 40 राज्य स्तरीय अलंकरण एवं पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

सेंध लेक के आसमान में दिखेगा शौर्य और उड़ान कौशल का रोमांच

    राज्योत्सव का विशेष आकर्षण 2 नवंबर को सुबह 11 बजे से नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायुसेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम का एयर शो होगा। पांच स्वदेशी ‘धु्रव’ हेलीकॉप्टरों के साथ टीम के पायलट सामूहिक उड़ान भरकर आकर्षक हवाई संरचनाओं और साहसिक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। मोर से प्रेरित रंग-सज्जा वाले हेलीकॉप्टरों की उड़ान और उनका सटीक तालमेल दर्शकों को रोमांचित करेगा।
ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व वाली सारंग टीम में महिला पायलट स्क्वाड्रन लीडर सुश्री अंकिता और स्क्वाड्रन लीडर सुश्री अक्षया भी शामिल हैं। यह प्रदर्शन भारतीय वायुसेना के शौर्य, अनुशासन और उड़ान दक्षता के साथ स्वदेशी विमानन तकनीक की क्षमता का परिचय देगा। 

लोक संस्कृति और सुर-संगीत के नाम होंगी तीन सांस्कृतिक संध्याएं

राज्योत्सव में तीनों दिन शाम 4 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा। शाम 4 बजे से स्थानीय कलाकार, शाम 7 बजे से राज्य स्तरीय कलाकार और रात 8 बजे से राष्ट्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। छत्तीसगढ़ के लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक परंपराओं के साथ राष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियां उत्सव को यादगार बनाएंगी।
1 नवंबर को पार्श्व गायिका सुश्री पलक मुच्छल, 2 नवंबर को पार्श्व गायिका सुश्री स्वस्ति मेहुल और 3 नवंबर को पार्श्व गायक श्री अभिजीत भट्टाचार्य अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

जिला मुख्यालयों में भी झलकेगा राज्य निर्माण का गौरव

प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में 2 नवंबर को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विकास प्रदर्शनियों के साथ राज्योत्सव मनाया जाएगा। इन आयोजनों में स्थानीय संस्कृति और प्रतिभाओं के साथ शासन की योजनाओं तथा जिलों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। नवा रायपुर से लेकर जिला मुख्यालयों तक राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की साझा पहचान, सांस्कृतिक गौरव और विकास में जनभागीदारी का उत्सव बनेगा।

राज्योत्सव में दिखेगी बदलते बस्तर की तस्वीर, वन संरक्षण और पर्यटन से रोजगार तक की झलक

राज्योत्सव में दिखेगी बदलते बस्तर की तस्वीर, वन संरक्षण और पर्यटन से रोजगार तक की झलक

 वन विभाग की प्रदर्शनी में महिला सशक्तिकरण, युवाओं की आजीविका और वन्यजीव संरक्षण की पहल होंगी प्रदर्शित

रायपुर-- छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में इस बार बस्तर की बदलती तस्वीर देखने को मिलेगी। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ‘बदलता बस्तरदृसंवरता छत्तीसगढ़’ थीम पर अपनी प्रदर्शनी लगाएगा। इसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति के साथ बढ़ते पर्यटन और रोजगार के अवसरों से लेकर प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण की पहल को प्रदर्शित किया जाएगा। राज्योत्सव की थीम ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ के अनुरूप प्रदर्शनी में महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और युवाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों पर विशेष जोर रहेगा।

 

प्रदर्शनी में बस्तर के उन क्षेत्रों की झलक दिखाई जाएगी, जहां कभी नक्सलवाद के कारण पर्यटन गतिविधियां सीमित थीं और अब स्थानीय समुदाय पर्यटन से जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। कांगेर घाटी की जंगल सफारी और गुफाओं के साथ स्टार गेजिंग के लिए प्रसिद्ध कोण्डागांव की पुष्पाल घाटी, इंद्रावती टाइगर रिजर्व के मट्टीमरका और सुकमा के तुंगल डैम को मॉडल के जरिए दिखाया जाएगा। धुड़मारास  के धुरवा होमस्टे और देवगुड़ियों के संरक्षण के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और पर्यटन से जुड़ी आजीविका को भी प्रदर्शित किया जाएगा। 

 

तुंगल कैफे चला रहीं मुख्यधारा में लौटीं 10 महिलाएं, कांगेर घाटी में युवाओं को रोजगार

प्रदर्शनी में सुकमा का तुंगल कैफे महिला आत्मनिर्भरता की मिसाल के रूप में सामने आएगा। मुख्यधारा में लौटीं 10 महिलाएं मिलकर इस कैफे का संचालन कर रही हैं। वहीं, कांगेर घाटी में चक्रीय निधि से उपलब्ध कराए गए 35 जिप्सी वाहनों से लगभग 200 स्थानीय युवाओं को रोजगार मिला है। तुंगल में युवा नौका विहार और कयाकिंग जैसी गतिविधियों से आय अर्जित कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में भी रोजगार मिल रहा है। प्रदर्शनी के जरिए बताया जाएगा कि किस तरह पर्यटन वनांचल के लोगों के लिए आजीविका का नया जरिया बन रहा है।

काले हिरण की वापसी और गिद्ध संरक्षण के प्रयास भी दिखेंगे

वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण होंगी। बारनवापारा में दशकों बाद काले हिरण की वापसी, औरापानी में गिद्ध संरक्षण और छत्तीसगढ़ के पहले रामसर स्थल कोपरा जलाशय के संरक्षण को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी 26 अप्रैल 2026 को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बारनवापारा में काले हिरण की वापसी का उल्लेख किया था। इसके अलावा धमतरी के ठेमली द्वीप को इको-पर्यटन केंद्र के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। ‘गजरथ यात्रा’ के माध्यम से मानव-हाथी द्वंद्व प्रबंधन और सह-अस्तित्व का संदेश दिया जाएगा। प्रदेश के राजकीय पशु वन भैंसा, राजकीय वृक्ष साल, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना और राजकीय तितली बनाए जाने के लिए अनुमोदित ऑरेंज ओकलीफ की जानकारी भी दर्शकों को मिलेगी।

वनोपज से आजीविका बढ़ाने के प्रयासों की भी मिलेगी जानकारी

प्रदर्शनी में लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन से वनवासियों की आय बढ़ाने के प्रयासों को भी दिखाया जाएगा। इसके लिए लघु वनोपज प्रसंस्करण इकाई, ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’  और छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड की गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। दर्शक यहां वन उत्पादों की जानकारी लेने के साथ उनकी खरीदारी भी कर सकेंगे।

युवाओं के लिए होगा क्विज प्रतियोगिता, मिलेंगे पुरस्कार

युवाओं और बच्चों के लिए वन, वन्यजीव और बस्तर पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की जाएगी। सही जवाब देने वालों को पुरस्कार मिलेंगे। वहीं, क्यूआर कोड स्कैन कर दर्शक प्रदेश के इको-पर्यटन स्थलों, वहां पहुंचने के मार्ग, उपलब्ध सुविधाओं और बुकिंग की जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।

मंडप के तीन द्वारों में दिखेगी आस्था, जनजातीय गौरव और टाइगर बॉय की झलक

लगभग 88 गुणा 30 फीट में तैयार होने वाले मंडप में तीन विशेष द्वार बनाए जाएंगे। इनमें दंतेवाड़ा के वन मंदिर, जगदलपुर की जनजातीय गौरव वाटिका और बस्तर के प्रसिद्ध ‘टाइगर बॉय’ चेंदरू की स्मृति में चेंदरू द्वार शामिल होंगे। एलईडी स्क्रीन पर बस्तर में आए बदलाव पर आधारित लघु फिल्में भी दिखाई जाएंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

 श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से साकार हुआ छत्तीसगढ़ राज्य का सपना : मुख्यमंत्री  साय

लाल आतंक से मुक्ति के बाद शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2047 तक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मुख्यमंत्री  साय ने किया आह्वान

रायपुर --मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गौरव का अवसर है। 

मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ। पृथक राज्य के गठन से प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को नई पहचान मिली तथा विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धेय अटल जी के समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव अनेक मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला राज्योत्सव है, जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प और डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का अविस्मरणीय योगदान है, जिसे प्रदेश सदैव कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के हर गांव में खुशहाली लाना, प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों और जनशक्ति के सामर्थ्य के साथ छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस का यह पावन अवसर अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें तथा इसे साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

ब्रेकिंग : गृह विभाग से आदेश जारी, बड़े पैमाने में कई जिले के बदले DSP-ASP,जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी

ब्रेकिंग : गृह विभाग से आदेश जारी, बड़े पैमाने में कई जिले के बदले DSP-ASP,जानें किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी

 रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। गृह (पुलिस) विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के 33 अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। इस फेरबदल में कई ASP और DSP स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। आदेश के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों और इकाइयों में पुलिस अधिकारियों की नई तैनाती की गई है।

BREAKING : स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, बड़ी संख्या में शिक्षकों के हुए तबादले, देखें लिस्ट…

BREAKING : स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, बड़ी संख्या में शिक्षकों के हुए तबादले, देखें लिस्ट…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ट्रांसफर सूची जारी की है। लिस्ट में शिक्षक, व्याख्याता, प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक के नाम शामिल हैं।

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ग्रामीण बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की राह होगी आसान,सपनों को मिलेगी नई उड़ान – मंत्री टंक राम वर्मा

ग्रामीण बेटियों के लिए उच्च शिक्षा की राह होगी आसान,सपनों को मिलेगी नई उड़ान – मंत्री टंक राम वर्मा

 रायपुर- राज्य के ग्रामीण अंचलों में उच्च शिक्षा का विस्तार करने और विद्यार्थियों को घर के नजदीक बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा के विशेष प्रयासों से धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड अंतर्गत ग्राम करेलीबड़ी तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सुहेला में नवीन शासकीय महाविद्यालय प्रारंभ करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राज्य शासन ने वित्तीय वर्ष 2026 – 27 में  दोनों महाविद्यालयों के लिए कुल 66 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के नए अवसर मिलेंगे।

        राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार उच्च शिक्षा को गांवों और दूरस्थ अंचलों तक सुलभ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। करेलीबड़ी और सुहेला में नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक विद्यार्थियों को महाविद्यालयीन शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे समय और धन अधिक खर्च होता है तथा कई बार बेटियों की आगे की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। नए महाविद्यालय प्रारंभ होने से इन कठिनाइयों में कमी आएगी और बेटियों को अपने घर के नजदीक उच्च शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

मंत्री  वर्मा ने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। आर्थिक परिस्थितियां अथवा महाविद्यालय की दूरी किसी भी विद्यार्थी की उच्च शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन महाविद्यालयों के प्रारंभ होने से आसपास के गांवों के युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने, उच्च शिक्षा प्राप्त करने और बेहतर भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा।

उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दोनों महाविद्यालयों के लिए स्वीकृत पदों में एक प्राचार्य, 12 सहायक प्राध्यापक, एक ग्रंथपाल, एक क्रीड़ाधिकारी, एक सहायक ग्रेड-01, पांच प्रयोगशाला तकनीशियन, एक सहायक ग्रेड-02, एक सहायक ग्रेड-03 तथा पांच प्रयोगशाला परिचारक के पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त दो भृत्य, एक बुक लिफ्टर, एक स्वच्छक और एक चौकीदार की सेवाएं कलेक्टर दर पर सेवाप्रदाता के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
       
उच्च शिक्षा के विस्तार से ग्रामीण अंचलों में खुलेंगे प्रगति के नए द्वार

करेलीबड़ी और सुहेला में नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना से धमतरी तथा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी। विशेष रूप से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके बच्चों को अब तक महाविद्यालयीन शिक्षा के लिए दूरस्थ स्थानों पर जाना पड़ता था। यह पहल ग्रामीण बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के साथ ही युवाओं के शैक्षणिक सशक्तिकरण और क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति

किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति

 रायपुर - मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी को अधिक सुगम, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, उपार्जन केंद्रों में अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत मिले और कम समय में अधिक किसान अपनी उपज का विक्रय कर सकें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही प्रदेश में धान उपार्जन केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो गई है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि अन्नदाता किसानों की मेहनत का सम्मान और उनकी सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। धान खरीदी की प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति का उद्देश्य केवल केंद्रों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों के लिए धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाना है।

नए उपार्जन केंद्रों से किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

राज्य सरकार द्वारा 360 नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था का व्यापक विस्तार होगा। नए केंद्रों के प्रारंभ होने से किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्रों में धान विक्रय की सुविधा मिलेगी। इससे धान लेकर दूरस्थ उपार्जन केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी और परिवहन पर होने वाले खर्च में भी बचत होगी।

अब तक जिन उपार्जन केंद्रों पर अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण भीड़ और प्रतीक्षा की स्थिति बनती थी, वहां भी नए केंद्रों के प्रारंभ होने से दबाव कम होगा। किसानों का आवागमन विभिन्न केंद्रों में विभाजित होने से धान की तौल, गुणवत्ता परीक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।

इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कम समय देना पड़ेगा और वे अपने कृषि कार्यों तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए अधिक समय निकाल सकेंगे। विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों को इससे सुविधा मिलने की अपेक्षा है।

दो लाख से अधिक किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रदेश में स्वीकृत 360 नए धान उपार्जन केंद्रों से दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इन किसानों को नए केंद्रों के माध्यम से टोकन प्राप्त करने और निर्धारित अवधि में धान विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

नए उपार्जन केंद्रों के संचालन से धान खरीदी की क्षमता का विस्तार होगा। एक ही समय में अधिक केंद्रों पर खरीदी होने से अधिक संख्या में किसानों का धान निर्धारित अवधि के भीतर खरीदा जा सकेगा। इससे पुराने केंद्रों पर किसानों की निर्भरता कम होगी और धान विक्रय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या में कमी आएगी।

राज्य सरकार का प्रयास है कि धान खरीदी की व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें किसानों को कम दूरी तय करनी पड़े, कम समय लगे और उनकी उपज का विक्रय सुचारू रूप से संपन्न हो।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 15 जनवरी तक चलेगी प्रक्रिया

राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की है। निर्धारित अवधि में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी।

धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां पूरी करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को शुरुआत से ही व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

नए केंद्रों की स्वीकृति से खरीदी कार्य को अधिक विकेंद्रीकृत बनाने में सहायता मिलेगी। इससे सीमित केंद्रों पर किसानों की भीड़ एकत्र होने के बजाय विभिन्न केंद्रों पर धान खरीदी की प्रक्रिया समानांतर रूप से संचालित हो सकेगी।

‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप से घर बैठे मिलेगी सुविधा

धान विक्रय के लिए किसानों को समितियों में बार-बार आने और टोकन प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता कम करने के उद्देश्य से इस वर्ष भी ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है।

किसान अपने मोबाइल फोन से घर बैठे धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। इससे किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार टोकन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और टोकन लेने के लिए निर्धारित समय में समिति पहुंचने की बाध्यता नहीं रहेगी।

ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय की पूर्व तैयारी करने में भी सुविधा होगी। वे निर्धारित तिथि के अनुसार धान के परिवहन एवं विक्रय की योजना बना सकेंगे। इससे उपार्जन केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ कम करने और खरीदी कार्य को व्यवस्थित बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

2 से 5 नवंबर तक ट्रायल रन, 10 नवंबर से मिलेंगे टोकन

धान खरीदी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने अग्रिम तैयारियों पर विशेष जोर दिया है। इसके अंतर्गत 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक समितियों में ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान टोकन संबंधी प्रक्रियाओं और आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा, ताकि वास्तविक खरीदी प्रारंभ होने से पहले संभावित समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान किया जा सके।

किसानों के लिए 10 नवंबर 2026 से टोकन प्राप्त करने की व्यवस्था प्रारंभ होगी। इससे किसानों को 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी के लिए पहले से तैयारी करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

समय और परिवहन खर्च की बचत से किसानों को होगा आर्थिक लाभ

नए उपार्जन केंद्रों की स्थापना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य धान विक्रय से जुड़े किसानों के अतिरिक्त खर्च को कम करना भी है।

दूरस्थ उपार्जन केंद्रों तक धान पहुंचाने के लिए किसानों को परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। अधिक दूरी होने पर परिवहन खर्च बढ़ता है और समय भी अधिक लगता है। नए केंद्रों के माध्यम से धान विक्रय की सुविधा नजदीक उपलब्ध होने पर किसानों को इन दोनों स्तरों पर राहत मिलेगी।

इसी प्रकार, खरीदी केंद्रों पर भीड़ कम होने से किसानों को धान विक्रय के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इससे उनकी श्रमशक्ति और समय की बचत होगी।

राज्य सरकार की मंशा है कि किसानों को धान का निर्धारित मूल्य मिलने के साथ ही विक्रय प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक खर्च और परेशानियों से भी राहत मिले। धान खरीदी के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों की संतुष्टि और सुविधाजनक धान खरीदी पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। उनकी मेहनत से खेतों में उपजने वाला धान प्रदेश की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को केवल उनकी उपज का उचित मूल्य देने तक सीमित नहीं है, बल्कि धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। 360 नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति, ऑनलाइन टोकन की सुविधा और खरीदी से पहले व्यवस्थाओं का परीक्षण इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारा स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी अन्नदाता धान बेचने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करे। किसानों के समय, श्रम और धन की बचत हो तथा उन्हें अपनी मेहनत का पूरा सम्मान मिले। हमारी सरकार धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया को किसान हितैषी बनाकर प्रत्येक अन्नदाता को सुविधाजनक और संतोषजनक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

दीपावली से पहले नगरीय निकायों में वेतन और पेंशन का भुगतान, नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को जारी किए 164.65 करोड़ रुपए

दीपावली से पहले नगरीय निकायों में वेतन और पेंशन का भुगतान, नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को जारी किए 164.65 करोड़ रुपए

 रायपुर.दीपावली जैसे बड़े पर्व पर नगरीय निकायों के अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन न रुके, इसके लिए उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की संवेदनशील पहल पर विभाग ने निकायों को कुल 164 करोड़ 65 लाख रुपए आबंटित किए हैं। विभाग ने लंबित वेतन के लिए 59 करोड़ 53 लाख रुपए और पेंशन भुगतान के लिए अतिरिक्त अनुदान के रूप में 34 करोड़ 85 लाख रुपए आबंटित किए हैं। इससे नगरीय निकायों को दीपावली के पहले अपने अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित भुगतान में मदद मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए नगरीय निकायों में लंबित वेतन, पेंशन और अन्य आवश्यक भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस पर्व के अवसर पर अधिकारी-कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पेंशनधारियों को अपने देय भुगतान के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उनके निर्देशों के अनुरूप विभाग ने विभिन्न मदों में राशि की व्यवस्था की है। इससे नगरीय निकाय वेतन और पेंशन के साथ अपनी अन्य आवश्यक वित्तीय जिम्मेदारियों का भी समय पर निर्वहन कर सकेंगे। साथ ही निकायों में स्वच्छता, नागरिक सुविधाओं एवं अन्य आवश्यक सेवाओं का संचालन भी निर्बाध रूप से हो सकेगा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने स्वच्छता दीदियों के मानदेय का भी विशेष ध्यान रखा है। मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत स्वच्छता दीदियों के अक्टूबर से दिसम्बर-2026 तक के मानदेय भुगतान के लिए 23 करोड़ 51 लाख रुपए आबंटित किए गए हैं। इससे नगरीय निकायों में स्वच्छता कार्यों से जुड़ी दीदियों के मानदेय भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

विभाग ने नगरीय निकायों की नियमित वित्तीय जरूरतों और नागरिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों के लिए भी राशि उपलब्ध कराई है। नियमित मासिक चुंगी मद के अंतर्गत अक्टूबर 2026 के लिए 21 करोड़ 9 लाख रुपए आबंटित किए गए हैं। वहीं, नगरीय निकायों में आवश्यक मरम्मत एवं संधारण कार्य निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए अपार निधि मरम्मत-संधारण के द्वितीय त्रैमासिक मद में 22 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त बिलासपुर नगर निगम को नगरोत्थान योजना की द्वितीय किस्त के रूप में 3 करोड़ 8 लाख रुपए प्रदान किए जा रहे हैं।

दीपावली के पूर्व इस राशि के आबंटन से नगरीय निकायों को एक साथ कई वित्तीय जरूरतें पूरी करने में सहायता मिलेगी। अधिकारी-कर्मचारियों के लंबित वेतन और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन के भुगतान के साथ स्वच्छता दीदियों के मानदेय, नियमित वित्तीय दायित्वों, मरम्मत-संधारण और विकास कार्यों के लिए भी राशि उपलब्ध होगी।

सेवा सेतु से आसान हुई शासकीय सेवाओं तक पहुंच, डिजिटल व्यवस्था से घर के पास मिल रहीं सुविधाएं

सेवा सेतु से आसान हुई शासकीय सेवाओं तक पहुंच, डिजिटल व्यवस्था से घर के पास मिल रहीं सुविधाएं

 रायपुर- छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु व्यवस्था नागरिकों को शासकीय सेवाएं सहज, सरल और सुलभ तरीके से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से अब नागरिकों को अपने नजदीकी सेवा सेतु एवं अटल डिजिटल सेवा केंद्रों में ही विभिन्न प्रमाण पत्रों सहित अनेक शासकीय सेवाओं का लाभ मिल रहा है। इससे लोगों का समय और श्रम बच रहा है तथा शासकीय सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो रही है।

कोरिया जिले के ग्राम खरवत में सेवा सेतु व्यवस्था से स्थानीय नागरिकों को मिल रही सुविधा इसके उदाहरण के रूप में सामने आई है। गांव निवासी  पवन लाल की पुत्री दुर्गावती का अन्य पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण पत्र सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से बनाया गया। इसी गांव के  कृष्ण कुमार राजवाड़े ने अपनी पुत्री डिम्पल का आय प्रमाण पत्र भी सेवा सेतु केंद्र से बनवाया। स्थानीय स्तर पर प्रमाण पत्र उपलब्ध होने से दोनों परिवारों को सुविधा मिली और शासकीय प्रक्रिया आसान हुई।

ई-जिला प्रबंधक  राकेश ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु व्यवस्था के अंतर्गत नागरिकों को सैकड़ों प्रकार की शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिले के सेवा सेतु केंद्र संचालकों और ऑपरेटरों को विभिन्न सेवाओं तथा आवेदन प्रक्रियाओं के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया है।

उन्होंने बताया कि नागरिक अपने नजदीकी सेवा सेतु एवं अटल डिजिटल सेवा केंद्रों में पहुंचकर उपलब्ध सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। डिजिटल माध्यम से आवेदन और सेवाओं की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से नागरिकों को सहूलियत मिल रही है।

सेवा सेतु व्यवस्था शासन और नागरिकों के बीच डिजिटल माध्यम से जुड़ाव को मजबूत कर रही है। प्रमाण पत्रों सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता से आम लोगों का समय बच रहा है और उन्हें सुविधाजनक तरीके से सेवाओं का लाभ मिल रहा है।

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या, इतने नए जजों की नियुक्ति को मिली मंजूरी…

ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बढ़ेगी जजों की संख्या, इतने नए जजों की नियुक्ति को मिली मंजूरी…

 रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 30 अक्टूबर को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में 6 लोगों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इनमें 4 अधिवक्ता और 2 न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अधिवक्ता वर्ग से आनंद शुक्ला, रत्न निधि पुष्टि उर्फ आरएन पुष्टि उर्फ रतन पुष्टि, शशांक ठाकुर और सौरभ शर्मा के नामों को मंजूरी दी गई है। वहीं, न्यायिक अधिकारियों की श्रेणी से रजनीश श्रीवास्तव और बलराम प्रसाद वर्मा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई है।

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की इस मंजूरी के बाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इन छह नामों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इससे हाईकोर्ट में न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अन्नदाता किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : मुख्यमंत्री साय

अन्नदाता किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला : मुख्यमंत्री साय

 रायपुर।  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने किसानों की आवश्यकताओं को समझते हुए उनके हित में अनेक दूरगामी निर्णय लिए हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना इसका सशक्त उदाहरण है। इस योजना के माध्यम से किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी खेती संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मददगार साबित हो रही है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के बनासकांठा में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के रूप में देश के 9 करोड़ 34 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार 690 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अंतरित की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण योजना है। विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना से आर्थिक संबल मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के 24.59 लाख से अधिक किसानों को मिले 498.48 करोड़ रुपए : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपए की राशि अंतरित की गई है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के किसानों को अब तक 24 किस्तों में 11 हजार 776 करोड़ 50 लाख रुपए से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित की गई है, जिससे सहायता वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम बनी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को बीज, खाद, उर्वरक और खेती से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं के लिए समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रारंभ की गई है। इस योजना से विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों के संचालन में सहायता मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अन्नदाताओं की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को समझकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दूरदर्शी पहल की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के समस्त किसान परिवारों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों की समृद्धि से ही गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। कृषि क्षेत्र में बढ़ती आय, बेहतर सुविधाएं और आधुनिक तकनीक का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है राज्य सरकार

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा करना राज्य सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को सरकार ने गंभीरता से लिया है। प्रभावित किसानों को समय पर राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी जिला कलेक्टरों को फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण के आधार पर प्रभावित किसानों को आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार आवश्यक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन को प्राथमिकता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस चुनौतीपूर्ण घड़ी में राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़ी है। किसानों की मेहनत और उनके हितों की रक्षा के लिए राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, किसानों के लिए खुलेंगे 360 नए उपार्जन केंद्र

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। प्रदेश में किसानों से 3 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी की व्यवस्था की गई है। यह दर देश में धान खरीदी के लिए दी जाने वाली सर्वाधिक दरों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत प्रदेश में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ की जाएगी। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े तथा उपार्जन केंद्रों में उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों, इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 360 नए धान खरीदी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नए उपार्जन केंद्रों के खुलने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी। धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसी भी अन्नदाता को धान बेचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। किसानों की सुविधा, उनकी मेहनत का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सिंचाई, आधुनिक कृषि और आय के वैकल्पिक स्रोतों को मिल रहा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसानों की आय में स्थायी वृद्धि के लिए खेती को अधिक लाभकारी बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग और कृषि आधारित आजीविका के नए अवसर विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है।

उन्होंने कहा कि परंपरागत खेती के साथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन गतिविधियों से किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होंगे तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने किसानों से शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने और आधुनिक एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के अन्नदाता किसान विकसित भारत के संकल्प की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। किसानों की समृद्धि, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की परिकल्पना साकार नहीं हो सकती। केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। वर्ष 2013-14 की तुलना में आज देश का कृषि बजट पांच गुना बढ़ चुका है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों से 3 हजार 100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की व्यवस्था राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों का महत्वपूर्ण उदाहरण है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

राजस्व मंत्री वर्मा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को आर्थिक संबल मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से किसानों को आर्थिक सहायता, कृषि संसाधन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाती है। इससे किसानों को खेती-किसानी की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है।

मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मंत्री गुरु खुशवंत साहब ने कहा कि फसल विविधीकरण से किसानों की आय के नए अवसर विकसित होंगे। इससे कृषि क्षेत्र अधिक लाभकारी बनेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में सभापति सविता चंद्राकर, छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, सभापति गुरु सौरभ साहब, कृषि विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, कृषि विभाग के संचालक श्री राहुल देव और छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक अजय अग्रवाल, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित कृषि विशेषज्ञ, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

 पोस्टर मेकिंग में छात्र-छात्राओं ने लिंग समानता और पर्यावरण सुरक्षा का मुद्दा उठाया

पोस्टर मेकिंग में छात्र-छात्राओं ने लिंग समानता और पर्यावरण सुरक्षा का मुद्दा उठाया

रायपुर :- महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय गांधी चौक रायपुर में आज से तीन दिवसीय वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ हुआ  शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ देवाशीष मुखर्जी के द्वारा किया गया प्रतियोगिता के पहले चरण में पहले दिन तीन प्रतियोगिताएं आयोजित हुई इसमें मेहंदी सजाओ प्रतियोगिता वेस्ट फॉर बेस्ट प्रतियोगिता और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में 56 पार्टिसिपेंट्स ने हिस्सा लिया इसमें  प्रतियोगिता की विजेता गीतांजलि यादव बीसीए प्रथम वर्ष ने लैंगिक समानता का मुद्दा उठाया वहीं धृति स्थान बनाने वाली तांसीम खान बीकॉम पंचम सेमेस्टर की छात्रा ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को रेखांकित किया जबकि इसी प्रतियोगिता में तीसरा स्थान बनाने वाली प्रतिभागी ने पर्यावरण सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की प्रतियोगिता के निर्णायक अर्जुन नाग सोम गोस्वामी और विवेक प्रकाश साहू रहे जिन्होंने प्रतियोगियों के प्रदर्शन की सराहना की प्रतियोगिता के दूसरे सेगमेंट सलाद डेकोरेशन में रश्मि साहू प्रथम स्थान पर रही इन्होंने फल सब्जी के माध्यम से टेडी बेयर तैयार किया था दूसरा स्थान बनाने वाले प्रीति वर्मा ने क्लॉक को दर्शाया जबकि तीसरा स्थान बनाने वाले रमेश बघेल डीसीए फर्स्ट सेम ने पीकॉक बनाकर के अपनी कल्पना का अद्भुत चित्रण प्रस्तुत किया इस प्रतियोगिता के निर्णायक डॉक्टर श्रुति तिवारी डॉक्टर सुधीर जैन एवं सना खान रही प्रतियोगिता का बेहद आकर्षक सेगमेंट बेस्ट ऑफ़ वेस्ट मे प्रथम स्थान दीक्षा ने प्राप्त किया इन्होंने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की फोटो को बनाया था वही सेकंड स्थान प्राप्त करने वाली वीणा यादव ने फायर अलार्म को बनाकर लोगों में जागरूकता की बढ़ाने की कोशिश की है प्रतियोगिता के तीसरे स्थान पर वॉल डेकोरेशन कर गीतांजलि यादव जीत घोषित की गई इस प्रतियोगिता में डॉक्टर शिल्पा वाधवा डॉक्टर प्रेमचंद्राकार और श्रीमती जीवन ज्योति सिंह की उपस्थिति निर्णायक के रूप में रही प्रतियोगिता का अंतिम सेगमेंट मेहंदी सजाओ प्रतियोगिता में सानिया रश्मि पांडे आकांक्षा नायक ने भाग लिया इस प्रतियोगिता के निर्णायक शिक्षिका सोमा गोस्वामी और सुमन शर्मा अर्जुन नाग रहे इन सभी तीनों प्रतियोगिताओं में 150 से अधिक बच्चों ने भाग लिया और उत्साह पूर्वक माहौल में अपना प्रदर्शन किया । कार्यक्रम प्रभारी डॉ अनुपमा जैन सहित सभी प्राध्यापिका उपस्थित रहे ।

CG Job Alert: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का मौका! मेडिकल कॉलेज के 448 पदों पर भर्ती का रास्ता खुला

CG Job Alert: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी का मौका! मेडिकल कॉलेज के 448 पदों पर भर्ती का रास्ता खुला

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ अंबिकापुर के राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 448 पदों पर भर्ती के विज्ञापन रद्द करने के फैसले को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच ने मनमाना कार्रवाई करार दिया है।

हाई कोर्ट ने 23 अप्रैल 2025 की सामान्य सभा के फैसले को निरस्त करते हुए पुरानी भर्ती प्रक्रिया उसी चरण से दोबारा शुरू करने और तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है, केवल भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने से नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलता, लेकिन चल रही भर्ती को बिना ठोस और उचित कारण के बीच में रद्द भी नहीं किया जा सकता।

448 पदों के लिए मिले थे 55,335 आवेदन

याचिकाकर्ताओं आदित्य सैनी, युवराज लिंगम, टिकेश्वर राम, सुभद्रा पैकरा, खेल साय, गौरव गोंड, दिलेश्वर राम, सोनम सिदार, प्रमोद जायसवाल और वृंदावती ने अधिवक्ता पवन श्रीवास्तव के माध्यम से छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि 20 जुलाई 2022 और वर्ष 2023 में जारी संशोधित विज्ञापनों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी।

चयन सूची तैयार होने के बाद 23 अगस्त 2023 को दस्तावेज सत्यापन होना था, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। बाद में भर्ती रद्द कर छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल के माध्यम से नई भर्ती कराने का निर्णय लिया गया।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि सामान्य सभा की बैठक में विभिन्न पदों के लिए एक लाख से अधिक आवेदन मिलने और भर्ती में ज्यादा समय लगने को विज्ञापन रद्द करने का आधार बताया गया था, जबकि महाविद्यालय के अधिष्ठाता ने 19 जून 2025 को चिकित्सा शिक्षा आयुक्त को भेजे पत्र में तृतीय श्रेणी के 63 पदों के लिए 10,374 और चतुर्थ श्रेणी के 385 पदों के लिए 44,961 आवेदन दर्ज किए थे। यानी कुल 448 पदों के लिए 55,335 आवेदनों को शामिल किया गया था।

राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी ने कहा, किसी अभ्यर्थी को भर्ती में शामिल होने या दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए जाने भर से नियुक्ति का पक्का अधिकार नहीं मिलता। प्रशासन को भर्ती का तरीका बदलने का अधिकार है और फैसला संस्थागत हित में लिया गया था।

याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच ने कहा, सरकार भर्ती प्रक्रिया रद्द कर सकती है, लेकिन इसके लिए सद्भावनापूर्ण, तर्कसंगत और कानून के अनुरूप कारण होना जरूरी है। आवेदन संख्या में बड़े अंतर का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। यह भी नहीं बताया गया कि पुरानी प्रक्रिया पूरी करना असंभव क्यों था या उसे रद्द करना क्यों जरूरी था। भर्ती में किसी ऐसी अवैधता या प्रक्रिया संबंधी खामी का भी उल्लेख नहीं किया गया, जिसके कारण उसे बंद करना आवश्यक होता।

कोर्ट ने भर्ती रद्द करने का फैसला और उससे संबंधित कार्रवाई निरस्त कर अधिकारियों को पुरानी भर्ती विज्ञापन के आधार पर प्रक्रिया फिर शुरू करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को पात्रता और दस्तावेजों का सत्यापन कर अभ्यर्थियों की तुलनात्मक मेरिट के अनुसार चयन करना होगा। निर्धारित नियमों के तहत पात्र और मेरिट के आधार पर नियुक्ति के हकदार अभ्यर्थियों को नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट के आदेश की प्रति प्राप्त होने से तीन महीने के भीतर पूरी करनी होगी।

ब्रेकिंग : भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन,78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर…

ब्रेकिंग : भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन,78 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, पार्टी में शोक की लहर…

 दुर्ग - दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया है। वे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। फेफड़े की बीमारी से पीड़ित थे। उनका हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से अहिवारा विधानसभा क्षेत्र सहित दुर्ग-भिलाई और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक का माहौल है।

“डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। उनका राजनीतिक जीवन लंबा रहा है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी सेवाएं दी थीं। वर्ष 1998 में व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वर्ष 1999 में वे दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी कार्य कर चुके थे।”

CG- चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी: पुरानी रंजिश में युवक पर किया ताबड़तोड़ हमला, इलाके में दहशत का माहौल

CG- चाकूबाजी से फिर दहली राजधानी: पुरानी रंजिश में युवक पर किया ताबड़तोड़ हमला, इलाके में दहशत का माहौल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ कम होने का नाम नहीं ले रहा है, यहां आए दिन अलग अलग जिलों से हत्या, चाकूबाजी, जैसे कई अपराधिक घटनाएं सामने आ रही है। ऐसा ही एक मामला राजधानी रायपुर से सामने आया है, जहां एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया है। जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

घटना कुशालपुर इलाके का है। जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते गजनी उर्फ जितेंद्र सेन पर चाकू से हमला किया गया। घटना देर रात की बताई जा रही है। जिसमें तीन सगे भाईयों अश्ववनी तिवारी, लखन तिवारी और प्रकाश तिवारी से पीड़ित गजनी से पुरानी रंजिश चल रही है, इसी दौरान देर रात कुशालपुर चौक पर आमना सामना हुआ और सभी में बहस के बाद आरोपी अश्वनी ने अपने साथ लाये चाकू से गजनी पर हाथ,गाल और पेट पर ताबड़तोड़ हमला किया। जिससे वो घायल हो गया।

पुरानी बस्ती थाना पुलिस को जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची औऱ मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम को भी आरोपियों की तलाश में लगाया गया जिसने देर रात पुरी वारदात का मुख्य आरोपी अश्वनी तिवारी को गिरफ्तार कर लिया लेकिन लखन तिवारी और प्रकाश तिवारी फरार हैं। फिलहाल पुरानी बस्ती थाना पुलिस हत्या का प्रयास का मामला दर्जकर दोनो फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

 रायपुर के आसमान में गूंजा सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों का शोर, 2 नवंबर को होगा भव्य एयर शो

रायपुर के आसमान में गूंजा सारंग टीम के हेलीकॉप्टरों का शोर, 2 नवंबर को होगा भव्य एयर शो

 रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर राजधानी रायपुर के आसमान में रोमांच और रोमांचक करतबों का नजारा देखने को मिलेगा। 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक क्षेत्र में भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध हेलीकॉप्टर एरोबेटिक टीम ‘सारंग’ भव्य एयर शो प्रस्तुत करेगी। इस आयोजन से पहले शुक्रवार को रायपुर में पांच हेलीकॉप्टरों के साथ रिहर्सल की गई। शहर के अलग-अलग इलाकों के ऊपर से गुजरते हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

रायपुर के आसमान में शुक्रवार को उस वक्त रोमांचक नजारा देखने को मिला, जब भारतीय वायु सेना की सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टर शहर के ऊपर से गुजरे। हेलीकॉप्टरों की आवाज सुनकर लोग घरों की छतों और ऊंची इमारतों पर पहुंच गए और इस नजारे को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 2 नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर के सेंध लेक क्षेत्र में सुबह 11 बजे से भव्य एयर शो का आयोजन किया जाएगा। इसमें सारंग टीम के पांच हेलीकॉप्टर आसमान में एक साथ उड़ान भरकर शानदार एरोबेटिक करतब दिखाएंगे। एयर शो को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। उम्मीद है कि इस भव्य हवाई प्रदर्शन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सेंध लेक पहुंचेंगे।

 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय

महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि

आगामी 1 नवंबर 2026 से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत

प्रदेश के 3.85 लाख शासकीय कर्मचारियों और 1.50 लाख पेंशनरों को मिलेगा लाभ

दीपावली से पहले लिया गया निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों की खुशियां बढ़ाएगा : मुख्यमंत्री साय

रायपुर :- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीपावली के पावन पर्व से पहले प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनरों की महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इसके तहत आगामी 1 नवंबर 2026 से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत की दर 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी।

इस निर्णय से प्रदेश के लगभग 3 लाख 85 हजार शासकीय कर्मचारियों और 1 लाख 50 हजार पेंशनरों को लाभ मिलेगा। महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत में वृद्धि से राज्य सरकार पर लगभग 36 करोड़ रुपए प्रतिमाह तथा 432 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय उन्हें आर्थिक राहत प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान करने के साथ ही उनके परिवारों में त्योहार की खुशियों और उल्लास को बढ़ाएगा।

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएरू मुख्य सचिव विकासशील

शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएरू मुख्य सचिव विकासशील

 शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएरू मुख्य सचिव विकासशील

सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का हो गुणवत्तापूर्ण निराकरण

15 नवंबर से पहले फसलों की गिरदावरी का कार्य पूर्ण करने के निर्देश

मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित हुई उच्चाधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक

रायपुर- मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों और विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

        मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन 1076 में दर्ज आम जनता की शिकायतों का निराकरण सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निराकरण के पश्चात इसकी जानकारी सुशासन एवं अभिसरण विभाग को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए।

15 नवंबर तक गिरदावरी कार्य पूरा करने के निर्देश

        राजस्व विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि आगामी 15 नवंबर से पूर्व सभी फसलों की गिरदावरी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा कर लिया जाए। इसकी जानकारी प्रत्येक ग्राम की ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी किसान के खेत की गिरदावरी छूट जाती है, तो वे ग्राम सभा में आवेदन देकर तत्काल इसे पूर्ण करवा सकते हैं।

निर्माण कार्यों में गति लाने पर जोर

        बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए 
लोक निर्माण विभाग ने शासकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के अधूरे निर्माण कार्यों को समयसीमा में पूरा किया जाए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नल-जल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाई जाए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। नगरीय प्रशासन एवं परिवहन विभाग के  नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए एक सुव्यवस्थित परिवहन कार्ययोजना पर कार्य करने को कहा गया। बैठक के दौरान संस्कृति विभाग के अधिकारियों से राज्योत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत जानकारी ली गई।

पारस पोर्टल और भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा

       बैठक में पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं, जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 योजना में बिना किसी विलंब के प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को अपनी आवश्यकताएं एवं प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया।

       बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की सचिव सुरीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश

चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश

चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित किसानों को शीघ्र मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने और पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के दिए निर्देश

सर्वेक्षण और राहत वितरण में अनावश्यक विलंब न हो, किसानों को समय पर मिले सहायता : मुख्यमंत्री  साय

अन्नदाताओं के हितों की रक्षा और उन्हें हरसंभव संबल प्रदान करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय

रायपुर - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें समय पर राहत मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करे।

मुख्यमंत्री  साय ने निर्देश दिए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र आकलन कर आर.बी.सी. 6-4 के प्रावधानों एवं निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण से लेकर सहायता राशि के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

छत्तीसगढ़ में EOW-ED की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-बिलासपुर-राजनांदगांव समेत कई जिलों में छापेमारी

छत्तीसगढ़ में EOW-ED की बड़ी कार्रवाई, रायपुर-बिलासपुर-राजनांदगांव समेत कई जिलों में छापेमारी

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार सुबह रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव समेत प्रदेश के कई जिलों में दोनों एजेंसियों की टीमों ने एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी। अलग-अलग टीमों द्वारा सुबह से ही दस्तावेजों की जांच और तलाशी ली जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई CGMSC और कोल मामले से जुड़ी हुई है। अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रदेश में हलचल मच गई है।

रायपुर में 3 से 4 ठिकानों पर ED की रेड

जानकारी के मुताबिक, राजधानी रायपुर में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने 3 से 4 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की है। टीम ने संबंधित परिसरों को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया।इस दौरान अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। जांच एजेंसी को मामले से जुड़े अहम दस्तावेज और साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।फिलहाल रायपुर में ED की कार्रवाई जारी है।

CGMSC और कोल मामले से जुड़े हैं तार

सूत्रों के मुताबिक, ED और EOW की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के CGMSC और कोल घोटाले से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।इसी सिलसिले में रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव समेत कई जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।दोनों जांच एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही हैं। इसमें वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड की जांच शामिल है।

कई जिलों में एक साथ जांच, बड़े नामों पर नजर

प्रदेश के अलग-अलग जिलों में एक साथ हुई इस कार्रवाई को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एजेंसियां मामले से जुड़े लोगों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही हैं। जांच पूरी होने और एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी के बाद ही कार्रवाई की विस्तृत तस्वीर साफ हो सकेगी।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में EOW और ACB से 12 अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त, गृह विभाग में वापसी

BREAKING : छत्तीसगढ़ में EOW और ACB से 12 अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त, गृह विभाग में वापसी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB), रायपुर में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ 12 अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से उनके मूल विभाग गृह विभाग को वापस कर दी हैं। इस संबंध में 23 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी किया गया है।जारी आदेश के अनुसार, पहले आदेश में पांच निरीक्षकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त की गई है। इनमें वीरेंद्र चंद्रा, शरद चंद्रा, बृजेश कुरवाहा, संतराम सोनी और उमेश टंडन शामिल हैं।

वहीं, दूसरे आदेश में सात अधिकारी-कर्मचारियों की सेवाएं वापस की गई हैं। इनमें पोरख पुरे और सौरभ द्विवेदी (निरीक्षक), जितेंद्र नंदे (उप निरीक्षक), निनेश लाल ध्रुव (सहायक उप निरीक्षक) तथा आरक्षक अभिषेक कुमार (435), रिश्ता दीवान (960) और मोहन ध्रुव (525) शामिल हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें तत्काल प्रभाव से गृह विभाग में वापस किया जा रहा है। आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है।

एक साथ 12 अधिकारी-कर्मचारियों की वापसी के आदेश के बाद पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के पीछे की वजह का आदेश में उल्लेख नहीं किया गया है।

छत्तीसगढ़ के 152 चिकित्सा अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त, आदेश जारी, देखें पूरी लिस्ट

छत्तीसगढ़ के 152 चिकित्सा अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त, आदेश जारी, देखें पूरी लिस्ट

  रायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 152 चिकित्सा अधिकारियों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने का आदेश जारी किया है। 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में स्वास्थ्य सेवा संचालनालय के अधीन नियुक्त अधिकारियों को शामिल किया गया है।

विभाग के मुताबिक, इन चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसके आधार पर उनके नाम के सामने निर्धारित तिथियों से परिवीक्षा अवधि समाप्त की गई है।सूची में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। आदेश की प्रति संबंधित अधिकारियों को भेजने और विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

देखें पूरी लिस्ट

ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

ब्रेकिंग : इस विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, देखें पूरी लिस्ट…!!

रायपुर। राज्य सरकार ने राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला किया है। जारी आदेश में अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक राजस्व, राजस्व निरीक्षक एवं डाटा एंट्री आपरेटरों को इधर से उधर किया गया है।

देखें पूरी लिस्ट….