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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने स्वर्गीय सेन को दी श्रद्धांजली

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने स्वर्गीय सेन को दी श्रद्धांजली

 दुर्ग । छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बुधवार संध्या लोकांगन परिसर वैशाली नगर भिलाई में आयोजित श्रद्धांजली सभा में शामिल हुए। उन्होंने स्वर्गीय दिनेश सेन के छायाचित्र पर पुष्पांजली अर्पित कर श्रद्धांजली दी। 


ज्ञात हो कि वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के बड़े भाई स्वर्गीय दिनेश सेन का निधन 17 मई को हो गया। उनकी पावन स्मृति में विधायक सेन द्वारा श्रद्धांजली सभा का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने इस शोक की घड़ी में विधायक रिकेश सेन और उनके शोकाकुल परिजनों से मूलाकात कर ढांढस बंधाया। इस अवसर पर सांसद विजय बघेल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

 

Holiday ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, इस दिन रहेगी छुट्टी

Holiday ब्रेकिंग : स्थानीय अवकाश घोषित, कलेक्टर ने जारी किया अवकाश, इस दिन रहेगी छुट्टी

 कवर्धा। जिले के कलेक्टर गोपाल वर्मा ने 1 जून को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस दौरान शराब दुकान भी बंद रहेगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर गोपाल वर्मा द्वारा उप निर्वाचन 2026 के तहत मतदान को ध्यान में रखते हुए 1 जून को सार्वजनिक व सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार नगरपंचायत सहसपुर लोहारा के अध्यक्ष पद तथा ग्राम पंचायत उड़ियाखुर्द के वार्ड क्रमांक-08 एवं ग्राम पंचायत पोलमी के वार्ड क्रमांक-14 के रिक्त पंच पदों के लिए 01 जून को मतदान कराया जाएगा। इन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान दिवस पर सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश प्रभावशील रहेगा। निर्वाचन प्रक्रिया में मतदाताओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अवकाश घोषित किया गया है।

यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग तथा राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के पालन में जारी किया गया है, ताकि संबंधित क्षेत्रों के मतदाता अपने मताधिकार का सुगमता से उपयोग कर सकें। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

लेडी SP का एक्शन : थाने की बैरक में शराब पार्टी करने वाले दो प्रधान आरक्षकों के खिलाफ की ये बड़ी कार्रवाई, मचा हड़कंप, जाने पूरा मामला

लेडी SP का एक्शन : थाने की बैरक में शराब पार्टी करने वाले दो प्रधान आरक्षकों के खिलाफ की ये बड़ी कार्रवाई, मचा हड़कंप, जाने पूरा मामला

 राजनांदगांव। जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना सोमनी में पदस्थ दो प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मी थाना परिसर स्थित बैरक में शराब सेवन करते पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक हेमंत अनंत और प्रधान आरक्षक भूपेंद्र कोचे 25 मई 2026 की रात करीब 10 बजे थाना सोमनी परिसर स्थित बैरक में शराब पार्टी करते पाए गए। मामले की जानकारी सामने आने के बाद इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई की गई।

आदेश में दोनों प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र राजनांदगांव संबद्ध किया गया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन और थाना परिसरों में अनुशासनहीनता को लेकर पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी, बावजूद इसके बैरक में शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।

राजनांदगांव पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है। वहीं पुलिस महकमे में इसे साफ संदेश माना जा रहा है कि ड्यूटी और विभागीय अनुशासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

BREAKING: प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबियत बिगड़ी, रायपुर एम्स के ICU में भर्ती

BREAKING: प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई की तबियत बिगड़ी, रायपुर एम्स के ICU में भर्ती

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पंडवानी परंपरा को नई पहचान दिलाने वाली विख्यात लोक कलाकार तीजन बाई की तबीयत अचानक खराब हो गई। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल आईसीयू में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी स्थिति पर नजर रखे हुए है। लोककला की जीवंत पहचान तीजन बाई को तबीयत बिगड़ने के बाद एम्स रायपुर लाया गया।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें प्राथमिक जांच के बाद सीधे मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत पर पल-पल की नजर बनाए हुए है। उनकी हालत स्थिर है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है। पद्मविभूषण समान से सम्मानित तीजन बाई देश-विदेश में पंडवानी कला की अग्रदूत मानी जाती हैं। उनके स्वास्थ्य खराब होने की खबर फैलते ही कला प्रेमियों, कलाकारों और अनुयायियों में चिंता की लहर है।

थाने की बैरक में शराब पार्टी करना पड़ा भारी, SP अंकिता शर्मा ने दो प्रधान आरक्षकों को किया सस्पेंड

थाने की बैरक में शराब पार्टी करना पड़ा भारी, SP अंकिता शर्मा ने दो प्रधान आरक्षकों को किया सस्पेंड

 राजनांदगांव। जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना सोमनी में पदस्थ दो प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मी थाना परिसर स्थित बैरक में शराब सेवन करते पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए कार्रवाई के आदेश जारी किए।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार प्रधान आरक्षक हेमंत अनंत और प्रधान आरक्षक भूपेंद्र कोचे 25 मई 2026 की रात करीब 10 बजे थाना सोमनी परिसर स्थित बैरक में शराब पार्टी करते पाए गए। मामले की जानकारी सामने आने के बाद इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए विभागीय स्तर पर तत्काल कार्रवाई की गई।

आदेश में दोनों प्रधान आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र राजनांदगांव संबद्ध किया गया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।

पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन बनाए रखने की दिशा में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन और थाना परिसरों में अनुशासनहीनता को लेकर पहले भी चेतावनी दी जा चुकी थी, बावजूद इसके बैरक में शराब सेवन का मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।

राजनांदगांव पुलिस की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप का माहौल है। वहीं पुलिस महकमे में इसे साफ संदेश माना जा रहा है कि ड्यूटी और विभागीय अनुशासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, रायपुर समेत कई जिलों में हीटवेव अलर्ट

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी का कहर, रायपुर समेत कई जिलों में हीटवेव अलर्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में नौतपा के दूसरे दिन भी भीषण गर्मी का असर जारी रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच गया, जिससे दिनभर सड़कें सूनी नजर आईं और लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि बुधवार को कुछ इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली और तेज अंधड़, बारिश व ओलावृष्टि देखने को मिली, लेकिन इससे गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिल सकी।

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आ रही हल्की नमी के कारण मौसम में बदलाव दर्ज किया गया। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, जबकि कुछ जगहों पर बूंदाबांदी और ओले गिरने की भी खबर है। इसके बावजूद मध्य छत्तीसगढ़ के इलाकों में ग्रीष्म लहर का असर बना रहा।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान दुर्ग में 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कबीरधाम में 44 डिग्री, बेमेतरा में 43.8 डिग्री, जांजगीर-चांपा में 43.7 डिग्री और राजधानी रायपुर में 43.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने रायपुर में आज भी हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार राजधानी में अधिकतम तापमान 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आगामी दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होने की संभावना है, हालांकि इसके बाद 2 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज हो सकती है।

भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

 00 छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।

नवा रायपुर में 302.67 करोड़ की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे
महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें
आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

रायपुर में 186.14 करोड़ की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।

बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के अनुपालन में अवैध खनन एवं परिवहन पर लगातार कार्यवाही

 0-अवैध खनन पर शासन-प्रशासन सख्त : केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता की कार्रवाई में 4 हाईवा जब्त

0-राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अवैध खनन और परिवहन पर हो रही कड़ी निगरानी

0-गहन समीक्षा, प्रशासनिक चौकसी और खनिज विभाग की सक्रियता से अवैध गतिविधियों पर लग रहा अंकुश

रायपुर-- मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के कड़े और स्पष्ट निर्देशों तथा राज्य शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के अनुरूप प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भण्डारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए खनिज विभाग का मैदानी अमला लगातार सक्रियता के साथ कार्यवाही कर रहा है। शासन स्तर पर की जा रही गहन समीक्षा, सख्त निगरानी और प्रशासनिक चौकसी के परिणामस्वरूप अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगा है।

खनिज विभाग के सचिव एवं संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता तथा जिला स्तरीय टीमों द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण और संयुक्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में दिनांक 27 मई 2026 को केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता की संयुक्त टीम ने जिला रायपुर, महासमुंद एवं गरियाबंद क्षेत्र अंतर्गत सघन निरीक्षण अभियान चलाया।

निरीक्षण के दौरान रायपुर जिले के विधानसभा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिरदा एवं घिवरा में गौण निम्न श्रेणी चूनापत्थर से भरे 01 हाईवा तथा रेत के 03 हाईवा को वैध अभिवहन पास एवं अनुमति के बिना खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया। खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 के तहत कार्रवाई करते हुए चारों हाईवा वाहनों को जब्त कर संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त वाहनों को आगामी आदेश तक रायपुर जिले के समीपस्थ विधानसभा एवं खरोरा थाना परिसर में अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। जांच के दौरान केंद्रीय खनिज उडऩदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार राज्य में अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। शासन-प्रशासन की सख्ती, बढ़ी चौकसी और सतत निगरानी के कारण अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाही सुनिश्चित की जा रही है।

केंद्रीय कैबिनेट के SARTHAK-PDS फेज-2 निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

केंद्रीय कैबिनेट के SARTHAK-PDS फेज-2 निर्णय का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत

 टेक्नोलॉजी आधारित पारदर्शी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीबों को मिलेगा अधिक लाभ – मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय

AI, GPS और QR आधारित आधुनिक व्यवस्था से राशन वितरण होगा अधिक पारदर्शी और जवाबदेह

गरीब कल्याण को नई मजबूती देगा SARTHAK-PDS फेज-2, राज्यों को मिलेगा आर्थिक सहयोग

रायपुर-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा SARTHAK-PDS फेज-2 के लिए 25,530 करोड़ रुपये की मंजूरी का स्वागत करते हुए इसे गरीब कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सुशासन की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह निर्णय सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक आधारित, अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार गरीबों तक योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। SARTHAK-PDS फेज-2 के माध्यम से  एआई-इनेबल्ड लाभार्थी रजिस्ट्री, जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड टैगिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक सप्लाई चेन प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं से राशन वितरण प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे पात्र हितग्राहियों तक सस्ते अनाज और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यों को राशन परिवहन, हैंडलिंग तथा उचित मूल्य दुकानों के संचालन में बढ़ती लागत के लिए आर्थिक सहयोग देकर वितरण व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाएगा। राशन दुकानों के डीलरों के पारिश्रमिक में वृद्धि का प्रावधान जमीनी स्तर पर व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाएगा।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि 31 मार्च 2031 तक संचालित होने वाली यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के करोड़ों हितग्राहियों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि AI, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे नवाचारों के उपयोग से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को नई मजबूती मिलेगी तथा अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संकल्प को और बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय केवल  राशन वितरण को आधुनिक बनाने का नहीं, बल्कि गरीबों के जीवन में भरोसा, सुविधा और सुशासन को और मजबूत करने का निर्णय है। उन्होंने गरीब कल्याण को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

जिला पंचायतों को भी मिलेगा गौण खनिज निधि का हिस्सा

 मुख्यमंत्री साय की घोषणा का हुआ पालन

रायपुर- छत्तीसगढ़ सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए जिला पंचायतों को भी गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी राजस्व राशि में हिस्सा देने का आदेश जारी कर दिया है। राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन कुमार अग्रवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से जिला पंचायतों को भी गौण खनिज निधि का हिस्सा दिए जाने की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस मांग को स्वीकार करते हुए घोषणा की थी, जिसका अब राज्य शासन द्वारा पालन कर दिया गया है।

खनिज साधन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गौण खनिजों से प्राप्त कुल राजस्व का 33 प्रतिशत हिस्सा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पूर्ववत दिया जाएगा, जबकि शेष 67 प्रतिशत राशि का वितरण ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के बीच निर्धारित स्लैब के अनुसार किया जाएगा।

जारी आदेश के तहत 7.50 लाख रुपये तक की राशि पूरी तरह ग्राम पंचायत को मिलेगी। 7.50 लाख से 10 लाख रुपये तक की राशि में 80 प्रतिशत ग्राम पंचायत, 10 प्रतिशत जनपद पंचायत और 10 प्रतिशत जिला पंचायत को दिया जाएगा। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 70 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 15-15 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। इसी तरह 25 लाख से 50 लाख रुपये तक की राशि में ग्राम पंचायत को 60 प्रतिशत और जनपद व जिला पंचायत को 20-20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा। 50 लाख रुपये से अधिक की राशि में ग्राम पंचायत को 50 प्रतिशत तथा जनपद और जिला पंचायत को 25-25 प्रतिशत राशि मिलेगी।

राज्य शासन ने निधि के उपयोग के दायरे का भी विस्तार किया है। अब इस राशि का उपयोग स्कूलों और अस्पतालों में रनिंग वाटर सुविधा, सामुदायिक शौचालय, मुक्तिधाम निर्माण, पहुंच मार्ग तथा वाचनालय निर्माण जैसे कार्यों में किया जा सकेगा। जिला पंचायतों को मिलने वाली राशि का उपयोग उन क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाएगा जहां खनन गतिविधियों का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला पंचायतों को गौण खनिज निधि में हिस्सेदारी मिलने से स्थानीय विकास योजनाओं को मजबूती मिलेगी और त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।

मुख्यमंत्री की घोषणा का पालन होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर  नवीन कुमार अग्रवाल सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से पंचायतों के कामकाज और संचालन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी

बारनवापारा के देवपुर जंगल में दिखी दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी

 0-वन मंत्री केदार कश्यप ने दी बधाई

0-जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली बड़ी सफलता

रायपुर-छत्तीसगढ़ के बारनवापारा क्षेत्र ने एक बार फिर अपनी समृद्ध जैव विविधता से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत देवपुर जंगल में आयोजित देवपुर समर कैंप 2026 के दौरान दुर्लभ विशाल भारतीय गिलहरी (जायंट मालाबार स्क्विरल) दिखाई दी। इस दुर्लभ वन्यजीव के दिखने से वन विभाग, प्रकृति प्रेमियों और वैज्ञानिकों में उत्साह है।

वन मंत्री  केदार कश्यप ने इस उपलब्धि पर वन विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह छत्तीसगढ़ सरकार की वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन की योजनाओं का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है, जिससे दुर्लभ प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास विकसित हो रहे हैं।

देवपुर समर कैंप में दिखी दुर्लभ प्रजाति

बलौदाबाजार वनमंडल द्वारा 16 मई से 22 मई 2026 तक देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया था। कैंप के पहले दिन 16 मई को आयोजित बर्डिंग ट्रेल के दौरान इस दुर्लभ गिलहरी को देखा गया। इसकी पहचान प्रकृति प्रेमी एवं साइबर रिस्क एक्सपर्ट हेमंत वर्मा ने की।

विशाल भारतीय गिलहरी की खासियत

विशाल भारतीय गिलहरी, जिसका वैज्ञानिक नाम रेटूफा इंडिका है, भारत की सबसे बड़ी वृक्षवासी गिलहरियों में से एक है। इसकी पूंछ सहित लंबाई लगभग तीन फीट तक होती है। इसके शरीर पर गहरे लाल, भूरे, काले और क्रीम रंगों का सुंदर मिश्रण होता है। यह अपना अधिकांश जीवन पेड़ों पर ही बिताती है और एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक लंबी छलांग लगाने में सक्षम होती है।

कानूनी संरक्षण प्राप्त दुर्लभ प्रजाति

यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-2 के तहत संरक्षित है। इसका शिकार या व्यापार करना कानूनन अपराध है। स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। वनमंडलाधिकारी श्री धम्मशील गणवीर ने कहा कि बारनवापारा अभ्यारण्य और आसपास का वन क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है। देवपुर जंगल में इस दुर्लभ गिलहरी का दिखना इस बात का प्रमाण है कि यहां का वन पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ और सुरक्षित है।

बच्चों में बढ़ी प्रकृति संरक्षण की जागरूकता

वनमंडलाधिकारी  धम्मशील गणवीर ने बताया कि देवपुर समर कैंप का आयोजन किया गया जिसमें शामिल बच्चों और युवाओं के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा। वन विभाग का मानना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों के दर्शन से नई पीढ़ी में प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। यह आयोजन राज्य सरकार की पर्यावरण संरक्षण और जन-जागरूकता आधारित योजनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार- 1 जुलाई से लागू होगा वीबी-जी-राम-जी मिशन, अब मिलेगा 125 दिनों का गारंटीड रोजगार

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार- 1 जुलाई से लागू होगा वीबी-जी-राम-जी मिशन, अब मिलेगा 125 दिनों का गारंटीड रोजगार

 मनरेगा की जगह लेगा नया कानून,  वीबी-जी-राम-जी मिशन का व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू’

रायपुर- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन और स्थायी विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 (वीबी-जी-राम-जी मिशन) पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। बलरामपुर जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है।
’मनरेगा के मुकाबले अब 25 दिन अधिक रोजगार’
केन्द्र सरकार द्वारा लाए जा रहे इस नए कानून के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जबकि पूर्व में संचालित मनरेगा (डळछत्म्ळ।) के तहत यह सीमा केवल 100 दिनों की थी। वीबी-जी-राम-जी मिशन का मुख्य उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका सुदृढ़ीकरण और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है।
’योजना की मुख्य विशेषताएं और नियम’
ग्रामीण परिवार ग्राम पंचायतों के माध्यम से रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर काम देना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित 15 दिनों की समयावधि में प्रशासन रोजगार उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो पात्र हितग्राही को नियमतः बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए श्रमिकों की मजदूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (क्ठज्) के माध्यम से सीधे उनके बैंक या डाकघर खातों में भेजी जाएगी। योजना के तहत महिला श्रमिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष नीतिगत प्रावधान किए गए हैं।
’कार्यस्थल पर सुविधाएं’
सभी कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया, प्राथमिक उपचार (थ्पतेज ।पक ज्ञपज) और छोटे बच्चों की देखभाल (क्रेश) जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगी।
’इन कार्यों को दी जाएगी प्राथमिकता’
वीबी-जी-राम-जी मिशन के तहत जल संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण, पशुपालन, मत्स्य विकास, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, आपदा प्रबंधन और जलवायु अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। विकसित ग्राम पंचायत योजना के तहत स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति से ही जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन होगा।
’15 जून तक पुराने मनरेगा कार्य पूरे करने का लक्ष्य’
कलेक्टर के निर्देशानुसार, वर्तमान में जिले में चल रहे मनरेगा के पुराने व स्वीकृत कार्यों को तेजी से निपटाया जा रहा है। सभी जनपद पंचायतों को 15 जून 2026 तक अधिक से अधिक कार्य पूर्ण करने का डेडलाइन दिया गया है, ताकि मानसून आगमन से पहले अधूरे निर्माण कार्य पूरे हो सकें और बारिश के मौसम में सीधे वृक्षारोपण व जल संरक्षण के कार्यों को शुरू किया जा सके।
जिला प्रशासन ने सभी ग्रामीणों से इस नई कल्याणकारी योजना की बारीकियों को समझने, ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों व ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने और इसका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

भीषण गर्मी में सतर्कता और संवेदनशीलता बरतें, जरूरतमंदों का सहारा बनें - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से स्वास्थ्य सुरक्षा, मानवीय संवेदना और पशु-पक्षियों के प्रति दायित्व निभाने की अपील की

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ सहित देश के अनेक हिस्सों में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सतर्कता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ इस चुनौतीपूर्ण समय का सामना करने की अपील की है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा है कि अत्यधिक गर्मी के इस दौर में प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियों से पर्याप्त पानी पीने, बाहर निकलते समय पानी साथ रखने तथा अनावश्यक रूप से तेज धूप में जाने से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि छोटी-सी सावधानी स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो घर, दुकान, कार्यालय अथवा सार्वजनिक स्थानों के आसपास राहगीरों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था अवश्य की जाए, क्योंकि संवेदना का यह छोटा प्रयास किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए राहत और संबल बन सकता है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुज़ुर्गों, श्रमिक साथियों तथा खुले में कार्य करने वाले लोगों का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ती दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार या ठंडी जगह पर ले जाकर पानी, ओआरएस अथवा अन्य तरल पदार्थ उपलब्ध कराए जाएं तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशील होने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि घर, आंगन, छत, दुकान अथवा आसपास पानी का एक छोटा पात्र रखने जैसी छोटी पहल इस भीषण गर्मी में किसी जीव के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह समय सेवा, संवेदना, सजगता और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत करने का है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि सभी एक-दूसरे का संबल बनें और मानवता के इस दायित्व को मिलकर निभाएं।

सुशासन तिहार : प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रीति साहू का पक्के घर का सपना हुआ साकार

सुशासन तिहार : प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रीति साहू का पक्के घर का सपना हुआ साकार

 सुशासन तिहार के शिविर में मिली “खुशियों की चाबी”, परिवार को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक आशियाना

रायपुर-- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आयोजित सुशासन तिहार 2026 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। प्रदेशभर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।

इसी क्रम में जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बिलारी निवासी प्रीति साहू का वर्षों पुराना पक्के घर का सपना साकार हुआ। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में निवास कर रहा था। बारिश के मौसम में घर में पानी टपकने तथा गर्मी के दिनों में अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। सीमित संसाधनों के कारण सुरक्षित एवं पक्का घर बनाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत  प्रीति साहू को आवास स्वीकृत हुआ तथा योजना के तहत उन्हें निर्धारित राशि उपलब्ध कराई गई। शासन की सहायता से उनके नए पक्के मकान का निर्माण पूर्ण हुआ। सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें उनके नए घर की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी गई।

अपने सपनों का पक्का घर मिलने पर प्रीति साहू एवं उनके परिवार के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की जनहितकारी योजनाओं से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभान्वित भी किया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से शासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है तथा लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

मंत्री के पीए बनकर ठगी करने वाला उड़ीसा से गिरफ्तार

मंत्री के पीए बनकर ठगी करने वाला उड़ीसा से गिरफ्तार

 0 रायपुर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई
रायपुर।
मैं मंत्री नितिन नवीन का पीए बोल रहा हूं, तुरंत पैसों की जरूरत है… बस इतनी बात सुनकर मंदिर में सेवा करने वाला युवक भरोसे में आ गया और कुछ ही मिनटों में साइबर ठगी का शिकार बन बैठा, लेकिन रायपुर पुलिस ने मामला दर्ज होते ही ऐसा जाल बिछाया कि आरोपी उड़ीसा से दबोच लिया गया। मामला थाना खम्हारडीह क्षेत्र का है, जहां जगन्नाथ मंदिर गायत्री नगर में सेवा कार्य करने वाले प्रार्थी को 24 मई 2026 की रात करीब 8:24 बजे एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मंत्री नितिन नवीन का पीए बताते हुए तुरंत पैसों की जरूरत होने की बात कही। इसके बाद दूसरे नंबर से कॉल कर एक स्कैनर भेजा गया, जिस पर “कामिनी बेहरा” नाम दिखाई दे रहा था। भरोसे में आए प्रार्थी ने फोन-पे के जरिए 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम भेजने के बाद आरोपी लगातार और पैसे मांगने लगा, तब प्रार्थी को शक हुआ और उसने अन्य लोगों से चर्चा की, जहां उसे साइबर ठगी का एहसास हुआ। शिकायत मिलते ही थाना खम्हारडीह पुलिस ने अपराध क्रमांक 164/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पंडरी और खम्हारडीह से 6 सदस्यीय विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की पहचान सहदेव मलिक पिता स्वर्गीय महानी मलिक उम्र 35 वर्ष निवासी तालदा थाना अस्टरंगा जिला पुरी उड़ीसा के रूप में हुई। पुलिस टीम ने उड़ीसा पहुंचकर तगड़ी घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया। आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश किया गया है। बहरहाल, रायपुर पुलिस की इस तेज कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि फर्जी पहचान बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले अब ज्यादा दिनों तक कानून से बच नहीं पाएंगे।

 GEC रायपुर बना नवाचार का केंद्र, केंद्रीय सचिव ने सराहा संस्थान का स्टार्टअप और रिसर्च मॉडल

GEC रायपुर बना नवाचार का केंद्र, केंद्रीय सचिव ने सराहा संस्थान का स्टार्टअप और रिसर्च मॉडल

रायपुर- राजधानी स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज (GEC) रायपुर एक बार फिर तकनीकी नवाचार, रिसर्च और स्टार्टअप गतिविधियों को लेकर चर्चा में है। कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार की सचिव श्रीमती देबाश्री मुखर्जी (IAS) ने आज GEC रायपुर का दौरा कर यहां संचालित नवाचार आधारित गतिविधियों, स्टार्टअप संस्कृति और विद्यार्थियों के तकनीकी प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया।

यह दौरा छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण (CSSDA) द्वारा संचालित विभिन्न नवाचार आधारित गतिविधियों, स्टार्टअप आदि, जिसमें तकनीकी शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण किया गया। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव डॉ. बसवराजू एस. (IAS) तथा तकनीकी शिक्षा संचालनालय के संचालक श्री विजय दयाराम के. (IAS) भी उपस्थित रहे।

भ्रमण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने GEC रायपुर में विद्यार्थियों द्वारा विकसित नवाचार आधारित प्रोजेक्ट्स, रिसर्च मॉडल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड तकनीकी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी ली। कॉलेज में प्रदर्शित कई प्रोजेक्ट्स ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, जिनमें AI आधारित सोलर पैनल फॉल्ट डिटेक्शन सिस्टम, ऑटोमेटिक स्मार्ट हेडलाइट सिस्टम, रियल टाइम अल्कोहल डिटेक्शन एंड ड्राइवर वैलिडेशन, हेक्सापॉड रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर और इंजन एग्जॉस्ट आधारित फूड हीटर जैसे इनोवेटिव मॉडल शामिल रहे।

विशेष बात यह रही कि कई परियोजनाओं को Harvard University, NIDHI i-TBI Government of India, CGCOST तथा राज्य योजना आयोग जैसे संस्थानों से फंडिंग प्राप्त हुई है, वहीं कुछ प्रोजेक्ट्स के पेटेंट प्रकाशित और फाइल भी किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने विद्यार्थियों की तकनीकी क्षमता, शोध अभिरुचि और प्रायोगिक नवाचार की सराहना करते हुए इसे प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत बताया।

महाविद्यालय में प्रदर्शित नवाचार आधारित परियोजनाओं में Sah-Sathi, Copy-Dude, AI Based Solar PV Panel Fault Detection System, Engine Exhaust Powered Food Heater, Two Way Shaper Machine, Automatic Smart Head-Light System, Hexapod Automatic Robotic Vacuum Cleaner, Automatic Tyre Inflation System तथा Real Time Alcohol Detection and Driver Validation जैसे प्रोजेक्ट प्रमुख रहे। इन परियोजनाओं को Harvard University, NIDHI i-TBI (Government of India), CGCOST तथा राज्य योजना आयोग छत्तीसगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से लगभग 50 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की रिसर्च एवं इनोवेशन ग्रांट प्राप्त हुई है।
इसके साथ ही संस्थान द्वारा विकसित कई तकनीकों और शोध कार्यों के पेटेंट भी प्रकाशित एवं फाइल किए गए हैं, जिनमें Dual Condition Automatic Vehicle Head Light Control System, Solar Powered Agriculture Robot, Hybrid Electric Vehicle Charging Station, AI-Powered Employee Efficiency Monitoring System, Machine Learning Based Fire Alarm System, Smart Crop Monitoring Device, AI Based Cyber Security Solutions तथा Wireless Hydroponic Farming Monitoring System जैसे नवाचार विशेष रूप से शामिल हैं।

इस अवसर पर सचिव महोदया को यह भी जानकारी दी गई कि GEC रायपुर और Lenovo के संयुक्त प्रयास से नवाचार को बढ़ावा देने हेतु एक अत्याधुनिक Innovation Lab लगभग स्थापित होने की प्रक्रिया में है। यह लैब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, इंडस्ट्री 4.0 और उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगी। MSDE सचिव सुश्री देबाश्री मुखर्जी ने इस पहल की विशेष सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार की साझेदारी विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि GEC रायपुर में नवाचार और स्किल आधारित शिक्षा को जिस प्रकार बढ़ावा दिया जा रहा है, वह अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है।

वहीं सचिव महोदय डॉ. बसवराजू एस. ने कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुख, व्यवहारिक और उद्योग आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को स्टार्टअप, रिसर्च और पेटेंट संस्कृति से जोड़ने पर विशेष जोर दिया।
संचालक महोदय श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है और GEC रायपुर जैसे संस्थान इस परिवर्तन के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों, रिसर्च गतिविधियों एवं नवाचार आधारित पहल की विस्तृत जानकारी साझा की, जिसकी उन्होंने सराहना करते हुए अपने महती सुझाव समक्ष रखे | इस अवसर पर प्रो. अमिताभ दुबे, अतिरिक्त संचालक, बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज विभागाध्यक्ष डॉ. श्वेता चौबे, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय त्रिपाठी, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (EEE) विभागाध्यक्ष डॉ. आर. एस. परिहार, सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गर्ग, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ET&T) विभागाध्यक्ष सुश्री सुमन दास तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष श्री रवि कुमार, डॉ. एस. डी. दीवान, डॉ. विनीत शुक्ला, श्री प्रशान्त साहू, एवम श्री आशीष सिंह ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी विभागों द्वारा अपने-अपने नवाचार, तकनीकी परियोजनाओं एवं स्टार्टअप गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी अधिकारियों ने सराहना करते हुए तकनीकी उन्नयन एवं उद्योग आधारित विस्तार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस अवसर पर i-Hub के CEO डॉ. आर. एच. तलवेकर ने i-Hub में संचालित नवाचार आधारित गतिविधियों, स्टार्टअप्स, तकनीकी परियोजनाओं एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि i-Hub युवाओं को innovation, incubation और entrepreneurship से जोड़ते हुए उन्हें तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सतत कार्य कर रहा है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. आर. खान ने विद्यार्थियों के नवाचार, तकनीकी सोच एवं उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि GEC रायपुर आने वाले समय में रिसर्च, स्टार्टअप और इंडस्ट्री आधारित तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि संस्थान में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप स्वयं को विकसित कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि कि संस्थान में आने वाले समय में उद्योग आधारित रिसर्च, इनक्यूबेशन और स्टार्टअप गतिविधियों को और विस्तार दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार किया जा सके।
नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

नवा रायपुर में बनेंगे संयुक्त शासकीय भवन, रायपुर को मिलेगा नया जल शोधन संयंत्र और दौड़ेंगी ई-बसें

 00 छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे का होगा कायाकल्प, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करोड़ों की नवीन परियोजनाओं को दी हरी झंडी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों और शहरी अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मंत्रालय (महानदी भवन) में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स और नवीन अधोसंरचना प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया गया, जिससे आने वाले समय में नवा रायपुर और मुख्य शहर की तस्वीर बदलेगी।

नवा रायपुर में 302.67 करोड़ की लागत से नए कार्यालय और शासकीय भवन बनेंगे

महानदी भवन और इंद्रावती भवन स्थित मल्टी लेवल पार्किंग के दूसरे और तीसरे तल पर आधुनिक कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत करीब 131 करोड़ 17 लाख रुपये है। नवा रायपुर के सेक्टर-24 में एक विशाल संयुक्त शासकीय भवन का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 171 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत का अनुमान है, जिस पर बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।

नवा रायपुर के लिए लागत 223.04 करोड़ की लागत से 43 आधुनिक ई-बसें
आम नागरिकों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत 43 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। इसमें 40 कप्लाएंट बैटरी ऑपरेटेड और 9 मोटर एसी ई-बसें शामिल होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट डिजाइन, सप्लाई, परिचालन और संधारण की लागत 223 करोड़ 4 लाख रुपये होगी। ये बसें नवा रायपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न रूटों पर संचालित की जाएंगी।

रायपुर में 186.14 करोड़ की लागत से नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत रायपुर शहर की पेयजल व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अंतर्गत 150 एमएलडी क्षमता के एक नवीन और आधुनिक जल शोधन संयंत्र का निर्माण किया जाएगा, जिसकी कुल लागत 186 करोड़ 14 लाख रुपये प्रस्तावित की गई है।

बैठक में वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सूचना प्रौद्योगिकी और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री के सचिव व लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव सुश्री आर. शंगीता और एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार विशेष रूप से उपस्थित थे। इनके अलावा वन एवं जलवायु, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल संसाधन तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के आला अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

जनहित में जारी आवश्यक सूचना : सीजी रेरा ने साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की

जनहित में जारी आवश्यक सूचना : सीजी रेरा ने साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की

 रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने आम नागरिकों, आवंटियों एवं प्रमोटरों को साइबर ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी है। प्राधिकरण के संज्ञान में आया है कि कुछ अनधिकृत व्यक्ति स्वयं को सीजीरेरा का अधिकारी अथवा कर्मचारी बताकर लोगों से धनराशि की मांग कर रहे हैं और साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देने का प्रयास कर रहे हैं।

सीजीरेरा ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण द्वारा किसी भी प्रकार की राशि व्यक्तिगत बैंक खाते, मोबाइल नंबर, यूपीआई अथवा अन्य निजी माध्यमों से जमा कराने के निर्देश नहीं दिए जाते। प्राधिकरण से संबंधित सभी भुगतान केवल अधिकृत एवं निर्धारित माध्यमों से ही स्वीकार किए जाते हैं।

प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश अथवा धनराशि की मांग करने वाले व्यक्ति से सावधान रहें तथा अपनी बैंकिंग, ओटीपी या अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

सीजीरेरा ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा साइबर ठगी के प्रयास की जानकारी तत्काल साइबर सेल या निकटतम पुलिस थाने में दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

प्राधिकरण ने नागरिकों से सतर्कता बरतने और केवल आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करने की अपील की है।

महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत सहायक ग्रेड-3 भर्ती की अंतिम मूल्यांकन सूची जारी

महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत सहायक ग्रेड-3 भर्ती की अंतिम मूल्यांकन सूची जारी

 रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग महासमुंद द्वारा सहायक ग्रेड-03 के नियमित रिक्त पदों की पूर्ति हेतु सीधी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत प्राप्त दावा-आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम मूल्यांकन सूची जारी कर दी गई है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने बताया कि दावा-आपत्ति 19 मई 2026 तक आमंत्रित किए गए थे। निर्धारित अवधि में प्राप्त दावा-आपत्तियों का परीक्षण एवं निराकरण चयन समिति द्वारा किया गया। दावा-आपत्ति निराकरण उपरांत अंतिम मूल्यांकन सूची एवं दावा-आपत्ति निराकरण सूची तैयार कर प्रकाशित की गई है। अभ्यर्थी उक्त सूची का अवलोकन महिला एवं बाल विकास विभाग महासमुंद के सूचना पटल तथा जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर कर सकते हैं।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी की जयंती पर किया पुण्य स्मरण

 रायपुर :- वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ की माटी के गौरव, ख्यातिलब्ध निबंधकार, कवि एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुण्य स्मरण किया है।

वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि डॉ. बख्शी जी ने अपने साहित्य, विचारों और लेखनी के माध्यम से हिंदी साहित्य को नई ऊंचाईयां प्रदान कीं। उनकी रचनाएं आज भी समाज को संवेदनशीलता, विचारशीलता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जी का साहित्यिक योगदान आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

छत्तीसगढ़ में लागू होगी इम्प्रूव्ड राईस स्कीम

छत्तीसगढ़ में लागू होगी इम्प्रूव्ड राईस स्कीम

 00 खाद्य सचिव कंगाले की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

00 राईस मिल एसोसिएशन ने दिए सुझाव, मिलों के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता सुधार पर जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारत सरकार की नवीन इम्प्रूव्ड राईस स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आज न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने की। इसमें छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, भारतीय खाद्य निगम, मार्कफेड तथा प्रदेशभर के राईस मिलर्स ने भाग लिया।

कार्यशाला में खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि भारत सरकार आगामी खरीफ वर्ष में इम्प्रूव्ड राईस स्कीम को प्राथमिकता के साथ लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए राज्य के राईस मिलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप तकनीकी रूप से अपग्रेड करना आवश्यक होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मिलर्स द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर आवश्यक प्रस्ताव भारत सरकार को भेजे जाएंगे। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ राईस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष कान्ति लाल बोथरा, महामंत्री विष्णु बिंदल, कोषाध्यक्षरमेश अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं मिलर्स उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने कार्यशाला आयोजन के लिए खाद्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया।

कार्यशाला में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से लागू की जाने वाली इम्प्रूव्ड राईस स्कीम के विभिन्न प्रावधानों, गुणवत्ता मानकों, भंडारण व्यवस्था, अनुबंध प्रक्रिया, लागत एवं क्रियान्वयन संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से 10 प्रतिशत अरवा ब्रोकन चावल एवं 5 प्रतिशत उसना ब्रोकन चावल के निर्धारित मानकों की जानकारी दी। बैठक के दौरान राईस मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवहारिक समस्याओं और सुझावों को प्रमुखता से रखा। मिलर्स ने प्रदेश में उन्नत धान किस्मों की खेती को बढ़ावा देने, भारतीय खाद्य निगम में रैक मूवमेंट को तेज करने तथा मिलिंग लागत में वृद्धि जैसे मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। साथ ही उन्होंने स्कीम के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

इस अवसर पर मार्कफेड के एमडी श्री जितेन्द्र शुक्ला, भारतीय खाद्य निगम के जीएम श्री दीपक शर्मा सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं राईस मि

विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी का मामला: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को मिली बड़ी सफलता, ओडिशा से शातिर आरोपी को किया गिरफ्तार

विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी का मामला: रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को मिली बड़ी सफलता, ओडिशा से शातिर आरोपी को किया गिरफ्तार

 रायपुर। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा से ठगी के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले में रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक शातिर आरोपी को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। आरोपी को रायपुर लाया जा रहा है। पुलिस बुधवार सुबह पूरे मामले का राजफाश करेगी।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने विधायक पुरंदर मिश्रा को फोन कर खुद को भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का पीए बताया था। उसने कहा था कि वह भुवनेश्वर जा रहा है और रास्ते में ड्राइवर से विवाद होने के कारण परेशानी में फंस गया है। आरोपी ने डीजल भरवाने और तत्काल जरूरत बताकर पैसों की मांग की थी।

फोन करने वाले शातिर ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भाजपा नेताओं, जिनमें नितिन नवीन समेत कई बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें लगा रखी थीं। इसी वजह से उस पर आसानी से भरोसा हो गया। आरोपी ने पहले 4,500 रुपए की मांग की, लेकिन परेशानी में होने की बात सुनकर विधायक ने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा के जरिए आरोपी के खाते में कुल 10 हजार रुपए ट्रांसफर करा दिए।

करीब डेढ़ घंटे बाद आरोपी ने दोबारा पैसे की मांग की। इस पर विधायक पुरंदर मिश्रा को शक हुआ। उन्होंने सोचा कि भुवनेश्वर यहां से काफी दूर है, ऐसे में इतनी जल्दी वहां पहुंचने और फिर दोबारा पैसे मांगने की बात संदिग्ध लग रही है। इसके बाद विधायक ने नितिन नवीन के कार्यालय में संपर्क कर संबंधित व्यक्ति के बारे में जानकारी ली। वहां से पता चला कि उस नाम का कोई व्यक्ति कार्यालय में कार्यरत ही नहीं है।

मामले की गंभीरता समझते हुए खम्हारडीह थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। शिकायत के बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन ओडिशा में मिली, जिसके बाद रायपुर पुलिस की टीम वहां पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इस तरह और कितने लोगों से ठगी की है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

विधायक की आम जनता से अपील

विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस घटना के बाद आम लोगों से सतर्क रहने की अपील भी की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर और पैसों की मांग किए जाने पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर जानकारी का सत्यापन करना जरूरी है। पूरी तरह पुष्टि होने के बाद ही किसी प्रकार का आर्थिक लेनदेन करना चाहिए।

पूर्व विधानसभा भी हुए थे लूट का शिकार

बता दें कि हाल ही में राजधानी रायपुर में भाजपा नेताओं को निशाना बनाने की दूसरी बड़ी घटना भी सामने आई थी। देवेंद्र नगर इलाके में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए थे। हालांकि उस मामले में पुलिस ने आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था.

अवैध गांजा खेती का भंडाफोड़, पुलिस ने खेतों से लेकर सूखा गांजा तक किया जब्त

अवैध गांजा खेती का भंडाफोड़, पुलिस ने खेतों से लेकर सूखा गांजा तक किया जब्त

 जशपुर। छत्तीसगढ़ जशपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोदाम पुलिस ने एक घर से भारी मात्रा में गांजा और गांजे के पौधे जब्त किए है। मामले में आरोपी विजय सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

लोदाम थाना क्षेत्र के खिखिर टोली गांव में पुलिस को गांजे की फसल लेने और सूखा गांजा रखने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने आरोपी के घर छापा मारा, जहां से 40 नग गांजा के पौधे बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 3 किलो 646 ग्राम गांजा भी जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार बरामद गांजा और पौधों की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 82 हजार 300 रुपये बताई जा रही है।

जशपुर SSP डॉ. लाल उमेंद सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

गर्मियों में रेलवे की सौगात: बिहार-दक्षिण भारत रूट पर समर स्पेशल ट्रेनें शुरू…

गर्मियों में रेलवे की सौगात: बिहार-दक्षिण भारत रूट पर समर स्पेशल ट्रेनें शुरू…

 रायपुर: गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को एक बड़ी राहत दी है। दक्षिण मध्य रेलवे ने चर्लापल्ली से दानापुर और बिलासपुर से पोत्तनूर के बीच स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इससे छत्तीसगढ़, बिहार और तेलंगाना के रेल यात्रियों (rail passengers) को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।

गाड़ी संख्या 07089 चर्लापल्ली-दानापुर स्पेशल ट्रेन आज यानी 27 मई 2026, बुधवार को दोपहर 1:00 बजे चर्लापल्ली से रवाना हो चुकी है। यह ट्रेन छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी।

यह स्पेशल ट्रेन शाम 8:10 बजे चांदाफोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद रात 11:45 बजे गोंदिया और रात 12:40 बजे बालाघाट जंक्शन पहुंचेगी। नैनपुर स्टेशन पर रात 2:20 बजे रुकते हुए यह गाड़ी अगले दिन रात 11:55 बजे दानापुर (बिहार) पहुंच जाएगी। यात्रियों की सहूलियत के लिए इस ट्रेन में कुल 24 आईसीएफ कोच (24 ICF coaches) लगाए गए हैं, जिनमें एसी, स्लीपर और सामान्य कोच शामिल हैं।

दक्षिण भारत की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक अच्छी खबर है। रेलवे बिलासपुर से पोत्तनूर के बीच एक तरफा समर स्पेशल ट्रेन (one-way summer special train) चलाने जा रहा है। गाड़ी संख्या 08201 बिलासपुर-पोत्तनूर स्पेशल ट्रेन कल यानी 28 मई, गुरुवार को रात 9:10 बजे बिलासपुर से छूटेगी। इसके बाद रात 11:30 बजे रायपुर और देर रात 12:30 बजे दुर्ग पहुंचेगी। यह ट्रेन गोंदिया, बल्लारशाह, विजयवाड़ा और काटपाडी होते हुए तीसरे दिन सुबह 9:45 बजे पोत्तनूर पहुंचेगी। इस ट्रेन में स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कुल 20 कोच होंगे।

भीषण एक्सीडेंट में एडिशनल एसपी के चाचा की दर्दनाक मौत, बस ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर

भीषण एक्सीडेंट में एडिशनल एसपी के चाचा की दर्दनाक मौत, बस ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले के तखतपुर मुख्य मार्ग बेलसरी के पास हुए भीषण सड़क हादसे में एडिशनल एसपी संजय महादेवा के चाचा की दर्दनाक मौत हो गई। तेज रफ्तार सवारी बस और मोटर साइकिल के बीच हुई जबरदस्त टक्कर में 42 वर्षीय बृजराज उर्फ गोविंद महादेवा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई।

ग्राम लीदरी निवासी बृजराज उर्फ गोविंद महादेवा निजी कार्य से तखतपुर आ रहे थे। इसी दौरान बेलसरी मुख्य मार्ग के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार सवारी बस और मोटर साइकिल की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटर साइकिल के परखच्चे उड़ गए और युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा बेहद भयावह था। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी।

घटना की जानकारी मिलते ही तखतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारू कराने के लिए सड़क को क्लियर कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भिजवा दिया है। वहीं हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है।