BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ऑटिज्म ग्रसित बच्चों के विकास हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शिका पुस्तक का विमोचन किया

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ऑटिज्म ग्रसित बच्चों के विकास हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शिका पुस्तक का विमोचन किया

 रायपुर: आज छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी ने अपने रायपुर स्थित निवास स्पीकर हाउस में ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक अत्यंत उपयोगी और व्यावहारिक मार्गदर्शिका पुस्तक “Developing Skills through Activities for Children with Autism – A Practical Guide for Parents, Teachers, Caregivers and Therapists” का विमोचन किया।

इस अवसर पर डॉ. रमन सिंह ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि ऑटिज्म से ग्रसित बच्चों में अपार क्षमताएं होती हैं। सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयासों के माध्यम से हम उनके कौशल को निखार कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ सकते हैं। यह पुस्तक पालकों और शिक्षकों के लिए एक संबल का कार्य करेगी।

ई दिशा

यह पुस्तक विशेष रूप से इस उद्देश्य के साथ तैयार की गई है कि अभिभावक और देखभालकर्ता घर पर उपलब्ध साधारण संसाधनों का उपयोग करके बच्चों के विकास में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा सकें। इसमें सरल, स्वदेशी एवं व्यावहारिक विधियों के माध्यम से बच्चों को कौशल सिखाने के तरीके बताए गए हैं। पुस्तक में 10 प्रमुख विकासात्मक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें कुल 100 से अधिक गतिविधियां शामिल हैं।प्रत्येक गतिविधि को “3A मॉडल” Aim (उद्देश्य), Activity (गतिविधि) और Action (क्रियान्वयन) के आधार पर प्रस्तुत किया गया है, ताकि इसे समझना और लागू करना अत्यंत सरल हो। इस मार्गदर्शिका की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दिए गए सभी अभ्यास घर में आसानी से उपलब्ध सामग्री से किए जा सकते हैं। डॉ. सिमी श्रीवास्तव द्वारा रचित यह पुस्तक हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।

डॉ. सिमी श्रीवास्तव के अनुसार, यह पुस्तक उन सभी पालकों, विशेष शिक्षकों एवं चिकित्सकों को समर्पित है जो इन बच्चों के जीवन को संवारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पुस्तक विमोचन के अवसर पर पुस्तक की लेखिका, पुनर्वास मनोवैज्ञानिक एवं विशेष शिक्षक डॉ. सिमी श्रीवास्तव के साथ डॉ. मनीष, मुकुल श्रीवास्तव, जीनल, भागीरथी, अभिलाष, शिवली एवं रागवी उपस्थित रहे।

 रंजिश में रची हत्या की साजिश नाकाम, सुपारी कनेक्शन में 5 आरोपी गिरफ्तार

रंजिश में रची हत्या की साजिश नाकाम, सुपारी कनेक्शन में 5 आरोपी गिरफ्तार

 भानुप्रतापपुर।  भानुप्रतापपुर के लोहत्तर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया। जानकारी के अनुसार, तुमरीसुर निवासी लालजी पुड्डो देर रात एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह हमला अचानक नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया था। पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपियों ने सुपारी देकर युवक की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और विवेचना के आधार पर इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त हथियार, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
 खेलते-खेलते तालाब में डूबने से दो जुड़वा बच्चियों की मौत, गांव में गहरा शोक

खेलते-खेलते तालाब में डूबने से दो जुड़वा बच्चियों की मौत, गांव में गहरा शोक

 सक्ती। जिले में बुधवार सुबह एक हृदयविदारक हादसे में दो जुड़वा बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृत बच्चियों की पहचान दीप्ति गोंड (6 वर्ष) और दिव्या गोंड (6 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना बाराद्वार थाना क्षेत्र अंतर्गत लवसरा गांव की है।

जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चियां सुबह करीब 9:30 बजे अपने घर के पास खेल रही थीं। खेलते-खेलते वे तालाब के किनारे पहुंच गईं। इसी दौरान असावधानीवश दोनों तालाब में गिर गईं और गहरे पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई। घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे समय रहते उन्हें बचाया नहीं जा सका।

कुछ देर बाद गांव के लोगों ने तालाब में दोनों बच्चियों के शव तैरते हुए देखे, जिसके बाद तत्काल उन्हें बाहर निकाला गया। परिजनों और ग्रामीणों ने बिना देर किए दोनों बच्चियों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सक्ती पहुंचाया, जहां मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है। इस दुखद घटना से लवसरा गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
CG Board 10th – 12th Toppers 2026 List : 12वीं में जिज्ञासु वर्मा और 10वीं में संध्या नायक, परीरानी और अंशुल शर्मा समेत 3 ने किया टॉप, देखें सभी TOPPERS की लिस्ट

CG Board 10th – 12th Toppers 2026 List : 12वीं में जिज्ञासु वर्मा और 10वीं में संध्या नायक, परीरानी और अंशुल शर्मा समेत 3 ने किया टॉप, देखें सभी TOPPERS की लिस्ट

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय स्थित पंचम तल के सभागार से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट जारी कर दिया है। जिन छात्रों ने इस साल हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षा दी थी, उनका इंतजार आज खत्म हो गया है। 10वीं में कुल 3,20,535 और 12वीं में कुल 2,45,785 छात्रों ने परीक्षा दी थी। लाखों छात्र अपना परिणाम ऑनलाइन चेक कर सकते है।

12वीं का रिजल्ट 83.04 % रहा। 10वीं का 77.15 % रहा।

देखें टॉपर्स की लिस्ट

10वीं की परीक्षा में 3 छात्रों संध्या नायक, परीरानी प्रधान और अंशुल शर्मा ने टॉप किया है। तीनों को 99.00% अंक प्राप्त किए हैं।

12वी में जिज्ञासु वर्मा छत्तीसगढ़ में टॉप किया है, ओमनी दूसरे स्थान पर, कृष महंत ने तीसरा स्थान हासिल किया है।
 

10th के TOPPERS की लिस्ट देखने के लिए क्लिक करें  – Top 10 High School Merit List

12th के TOPPERS की लिस्ट देखने के लिए क्लिक करें- Top 10 Higher School Merit List

BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक खत्म, कई महत्वपूर्ण मुद्दों हुई चर्चा, देखें किन प्रस्तावों पर लगी मुहर

BREAKING : साय कैबिनेट की बैठक खत्म, कई महत्वपूर्ण मुद्दों हुई चर्चा, देखें किन प्रस्तावों पर लगी मुहर

 रायपुर। विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है, बैठक में कई बड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है, वहीं कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी हुई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –

1. मंत्रिपरिषद ने आज ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026‘‘ को मंजूरी प्रदान की है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में स्वच्छ एवं सस्ती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी और आम उपभोक्ताओं को एलपीजी की तुलना में किफायती विकल्प मिलेगा।

साथ ही इस नीति से पाइपलाइन के माध्यम से गैस की त्वरित और सुगम आपूर्ति का विस्तार होगा, जिससे शहरी क्षेत्रों में सुविधाजनक ईंधन व्यवस्था विकसित होगी। इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ बड़े पैमाने पर निवेश एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार का यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधा, दोनों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

2. मंत्रिपरिषद द्वारा आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु जिला क्रिकेट एसोसिएशन, राजनांदगांव को सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के नाम पर दर्ज भूमि में से 5 एकड़ भूमि को रियायती दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया गया।

3. मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्ति एवं संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की जारी आर्थिक सहायता राशि की स्वीकृति प्रदान की है। यह सहायता राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने, सामाजिक सहयोग को मजबूत करने तथा विभिन्न आवश्यक परिस्थितियों में संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है।

4. मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों श्री संजय पिल्ले, श्री आर.के. विज एवं श्री मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश दिनांक 26 सितंबर 2019 का पुनर्विलोकन करते हुए उसे निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, मंत्रिपरिषद ने दिनांक 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को अपास्त करते हुए, उस निर्णय के पालन में जारी समस्त आदेशों को बैठक से पूर्व की स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों एवं परिस्थितियों के समग्र परीक्षण के उपरांत लिया गया है।

वैवाहिक सीजन में गन्ना किसानों को मिली बड़ी राहत, शर्मा के विशेष प्रयासों से 13.80 करोड़ जारी

वैवाहिक सीजन में गन्ना किसानों को मिली बड़ी राहत, शर्मा के विशेष प्रयासों से 13.80 करोड़ जारी

 रायपुर। वैवाहिक सीजन एवं आगामी फसल की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को 13.80 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही चालू पेराई सत्र में अब तक कुल 71.29 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।

कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। समयबद्ध भुगतान से सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। चालू पेराई सत्र में कारखाने ने उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 2,55,818 मीट्रिक टन गन्ना पेराई एवं 3,09,120 क्विंटल शक्कर उत्पादन किया गया है। यह सफलता किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कुशल कार्यप्रणाली का परिणाम है।

भोरमदेव शक्कर कारखाना किसानों और श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य कर रहा है। इसमें एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी आधारित भुगतान, शासन द्वारा प्रदत्त बोनस वितरण, रियायती दर पर शक्कर उपलब्धता, उन्नत बीज एवं कृषि मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त “बलराम सदन” तथा मात्र 5 रूपए में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना जिले की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है। यह किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी, फसल विविधता को बढ़ावा, हजारों लोगों को रोजगार तथा पीडीएस के लिए सस्ती दर पर शक्कर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समय पर भुगतान, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित योजनाओं के चलते यह कारखाना सहकारी मॉडल की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ जिले के समग्र विकास को भी गति मिल रही है।

 

CGBSE Result 2026 Live : शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम के टॉपर्स को मिलेंगे इतने पैसे

CGBSE Result 2026 Live : शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम के टॉपर्स को मिलेंगे इतने पैसे

 रायपुर। प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का इंतज़ार आज खत्म होने वाला है। आज 2: 30 बजे सीएम विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणामों की घोषणा करेंगे। वहीं इस खास मौके पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी हैं साथ ही टॉपर्स को डेढ़-डेढ़ लाख की राशि देने की घोषणा की है।

टॉपर्स को मिलेगा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये

नतीजों की घोषणा के साथ ही मेधावी छात्रों के लिए बड़े इनाम का ऐलान किया गया है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेश के सभी छात्र छात्राओं को बधाई दी है। उन्होंने 10वीं और 12वीं की Merit List में स्थान बनाने वाले टॉपर्स को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा की जिन बच्चों का रिज़ल्ट उनके अनुरूप न आए तो निराश न हों उनके सामने अभी कई मौक़े मिलेंगे।

CG CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक शुरू, कई बड़े मुद्दों पर हो रही चर्चा

CG CABINET MEETING : साय कैबिनेट की बैठक शुरू, कई बड़े मुद्दों पर हो रही चर्चा

 रायपुर। विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। बैठक में प्रदेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ नई घोषणाओं पर भी निर्णय ले सकती है।

इस कैबिनेट बैठक में किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा आगामी नीतियों और विकास कार्यों को लेकर भी अहम फैसले लिए जाने की उम्मीद है। बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की आधिकारिक जानकारी प्रेस ब्रीफिंग के जरिए साझा की जाएगी।
CG BIG : छत्तीसगढ़ में इन अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर रोक, आदेश जारी

CG BIG : छत्तीसगढ़ में इन अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर रोक, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेशभर में ट्रांसफर पर रोक लगा दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर रोक रहेगी। ये उन कर्मचारियों पर लागू होगा जो जनगणना 2027 (Census 2027) के काम में लगे हुए हैं।

दरअसल, मोदी सरकार ने साल 2027 में देशभर में जनगणना करवाने का फैसला लिया है। ये भारत की 16वीं जनगणना होगी, जिसकी शुरुआत छत्तीसगढ़ में भी हो चुकी है। वहीं, 1 से 30 मई तक सर्वेयर घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। प्रदेश में जनगणना को लेकर प्रशासन ने भी पूरी तरह से तैयारियां शुरू कर दी है। ऐसे में राज्य सरकार ने जनगणना 2027 ड्यूटी पर लगे अधिकारी/ कर्मचारियों के ट्रांसफर पर रोक लगा दी है।

सरकार ने यह भी कहा कि अगर कोई बेहद खास या जरूरी हो तभी ट्रांसफर पर विचार किया जा सकता है, यानी सामान्य हालात में तबादलों की अनुमति नहीं मिलेगी। इस संबंध में राज्य शासन ने आदेश भी जारी कर दिया गया है। जारी आदेश में कहा कि यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक जनगणना 2027 का पूरा काम खत्म नहीं हो जाता।

देखें आदेश

CG : भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 8 ठिकानों पर छापे, नकदी और 37 किलो चांदी जब्त

CG : भारतमाला मुआवजा घोटाले में ED का बड़ा एक्शन, 8 ठिकानों पर छापे, नकदी और 37 किलो चांदी जब्त

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में भारतमाला योजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम राजमार्ग परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लिया है. रायपुर ज़ोनल ऑफिस ने 28 अप्रैल 2026 को PMLA, 2002 के तहत अभनपुर, रायपुर, धमतरी और कुरुद में स्थित 8 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया. जांच एजेंसी के अनुसार यह कार्रवाई भूमि अधिग्रहण के बदले अवैध रूप से मुआवजा हासिल करने के मामले में की गई.

छापेमारी के दौरान 66.9 लाख रुपये नकद, 37.13 किलोग्राम वज़न की चांदी की ईंटें और अन्य चांदी के सामान, डिजिटल उपकरण तथा कई अहम दस्तावेज़ जब्त किए गए हैं. ED के मुताबिक शुरुआती जांच में रिकॉर्ड में हेरफेर, जमीन के स्वामित्व में बदलाव और गलत दस्तावेज़ों के आधार पर अधिक मुआवजा जारी किए जाने के संकेत मिले हैं.

एजेंसी का कहना है कि कुछ लोगों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया और अवैध लाभ हासिल किया. इस मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं.

10th-12th Result : लाखों छात्रों का इंतजार खत्म, आज जारी होगा 10वीं-12वीं बोर्ड रिजल्ट, यहां देख सकेंगे परिणाम

10th-12th Result : लाखों छात्रों का इंतजार खत्म, आज जारी होगा 10वीं-12वीं बोर्ड रिजल्ट, यहां देख सकेंगे परिणाम

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी मुख्य परीक्षा 2026 के परिणाम का इंतजार कर रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी खबर है. आज कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी किया जाएगा. परीक्षा परिणाम दोपहर 2:30 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय, महानदी भवन के कक्ष क्रमांक S-2-12 में घोषित किए जाएंगे. रिजल्ट जारी होते ही छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकेंगे.

इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं 20 और 21 फरवरी से शुरू होकर 18 मार्च तक चली थीं. पहले बोर्ड ने 15 अप्रैल तक परिणाम जारी करने की तैयारी की थी, लेकिन हिंदी पेपर लीक मामले के बाद 10 अप्रैल को दोबारा परीक्षा आयोजित करनी पड़ी, जिसके कारण रिजल्ट में देरी हुई. अब छात्रों और अभिभावकों का इंतजार खत्म होने जा रहा है.

आंकड़ों के अनुसार इस साल कक्षा 10वीं में कुल 3,20,535 छात्र पंजीकृत थे, जबकि कक्षा 12वीं में 2,45,785 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है. बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज एडमिशन और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे.

पिछले वर्ष बोर्ड ने 7 मई 2025 को परिणाम घोषित किया था. उस समय 10वीं का रिजल्ट 68.76 प्रतिशत और 12वीं का रिजल्ट 82.25 प्रतिशत रहा था. इस बार भी सभी की नजरें पास प्रतिशत और टॉपर्स सूची पर टिकी हैं.

रिजल्ट देखने के लिए छात्र cgbse.nic.in, results.cg.nic.in और cg.results.nic.in वेबसाइट पर जा सकते हैं. वहां रोल नंबर, जन्मतिथि और कैप्चा कोड दर्ज कर मार्कशीट डाउनलोड की जा सकेगी. इसके अलावा छात्र एसएमएस के जरिए भी परिणाम देख सकते हैं. 12वीं के लिए CG12 और रोल नंबर, जबकि 10वीं के लिए CG10 और रोल नंबर टाइप कर 56263 पर भेजना होगा.

CG : जनता को बड़ी राहत, रजिस्ट्री से हटाया गया अतिरिक्त शुल्क, संपत्ति खरीदना हुआ आसान

CG : जनता को बड़ी राहत, रजिस्ट्री से हटाया गया अतिरिक्त शुल्क, संपत्ति खरीदना हुआ आसान

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त कर दिया है. छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) अधिनियम 2026 की अधिसूचना जारी होते ही यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय जनहित और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. अब अचल संपत्ति के अंतरण विलेखों के पंजीयन पर बाजार मूल्य के आधार पर लगने वाला अतिरिक्त उपकर पूरी तरह खत्म हो गया है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन को सरल और किफायती बनाना है. उन्होंने कहा कि इस फैसले से आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों और संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. अब रजिस्ट्री की लागत कम होगी और पूरी प्रक्रिया ज्यादा आसान, सुलभ और किफायती बनेगी.

पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से यह पहल की गई थी. इसके तहत विधानसभा के बजट सत्र में छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया गया था. अधिसूचना जारी होने के साथ ही नया प्रावधान लागू हो गया है और अब संपत्ति रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार समाप्त हो गया है.

मंत्री चौधरी ने कहा कि यह फैसला खासतौर पर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए राहतकारी साबित होगा. इससे न केवल रजिस्ट्री सस्ती होगी, बल्कि संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और गति भी आएगी. उदाहरण के तौर पर 1 करोड़ रुपये की संपत्ति पर अब नागरिकों को करीब 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी.

 
सुकमा जहाँ सड़कें खत्म होती हैं, वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण

सुकमा जहाँ सड़कें खत्म होती हैं, वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण

 00 मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है

रायपुर। छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो कभी अपनी भौगोलिक दुर्गमता के लिए जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत वनांचल के उन हिस्सों तक डॉक्टर और दवाइयां पहुँच रही हैं, जहाँ पहुँचना कभी नामुमकिन सा लगता था। यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर की पहाडिय़ों में बसने वाले आदिवासियों के लिए जीवन का नया उजाला बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान आज सुकमा के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है।

 विशेष लेख : सुकमा जहाँ सड़कें खत्म होती हैं, वहाँ से शुरू होती है उम्मीद की नई किरण


दहलीज पर डॉक्टर- घर-घर जांच और उपचार
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पहुँच है। स्वास्थ्य कर्मी अब केवल अस्पतालों में मरीजों का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि खुद पैदल चलकर दुर्गम गांवों तक पहुँच रहे हैं। मलेरिया, टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों की मौके पर जांच कर रहे हैं। जीवनशैली बीमारियां, बीपी, शुगर, सिकलसेल और कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान कर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
संकल्प की शक्ति- 310 किलोमीटर का जीवन सफर
हाल ही में पुटेपढ़ गांव से एक मरीज को जिला अस्पताल तक पहुँचाने की घटना स्वास्थ्य विभाग के समर्पण का जीवंत उदाहरण है। कलेक्टर सुकमा के मार्गदर्शन में पोटकपल्ली की टीम ने मरीज को किस्टाराम से होते हुए सुकमा जिला अस्पताल पहुँचाया। 310 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा केवल एक रेफरल नहीं था, बल्कि प्रभावी काउंसलिंग, समय पर निर्णय और मजबूत फॉलो-अप का परिणाम था, जिसने एक अनमोल जीवन बचा लिया।
आयुष्मान भारत- आर्थिक बेडिय़ों से आजादी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार आयुष्मान भारत योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज अब ग्रामीणों को इलाज के लिए जमीन बेचने या कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। हाल ही में किस्टाराम और मरईगुड़ा के 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाकर दिए गए, ताकि इलाज में एक क्षण की भी देरी न हो।

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है


आयुर्वेद और आधुनिकता का संगम
छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र औषधीय गुणों का खजाना है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने पद्मश्री हेमचंद मांझी के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे पारंपरिक आयुर्वेद से कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार संभव हो रहा है। राज्य सरकार अब आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ इन प्राकृतिक संसाधनों को भी बढ़ावा दे रही है।
जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव
अभियान के अंतर्गत केवल गंभीर रोगों का ही नहीं, बल्कि सामान्य विकारों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है कोंटा क्षेत्र के 11 मरीजों को नि:शुल्क चश्मा वितरण और मोतियाबिंद का परामर्श, अस्थमा और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित कर उपचार किया गया। पोटकपल्ली और मरईगुड़ा जैसे अंदरूनी इलाकों से आती सफलता की ये कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि जब प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी सेवा भाव से जुटते हैं, तो भूगोल की बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं।

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, ई-श्रम साथी एप लॉन्च

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, ई-श्रम साथी एप लॉन्च

 00 श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ कदम, ई-श्रम साथी एप से मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

00 श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन उपस्थित थे।

श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, 'ई-श्रम साथी' एप लॉन्च


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ई-श्रम साथी मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।
छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, नि:शुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।

श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।
डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री  साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव  विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव  हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मजबूत सामाजिक सुरक्षा तंत्र

 00 सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल

लेखक - डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वृद्धजनों के लिए एक मजबूत और संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा तंत्र विकसित किया है, वहीं समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाएँ प्रभावी रूप से धरातल पर क्रियान्वित हो रही हैं। इन प्रयासों से वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है।
सरल प्रक्रिया, सहज लाभ
राज्य में वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए किसी अलग सीनियर सिटीजन कार्ड की आवश्यकता नहीं है। आधार कार्ड एवं अन्य वैध दस्तावेजों के माध्यम से आयु और पात्रता का सत्यापन कर सीधे लाभ प्रदान किया जा रहा है, इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल और सुलभ बनी है।
वृद्धाश्रम : सम्मानजनक जीवन का आधार
प्रदेश के राजधानी रायपुर सहित विभिन्न जिलों में संचालित 27 वृद्धाश्रम निराश्रित एवं असहाय वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित आश्रय बनकर उभरे हैं। वर्तमान में यहां 675 वृद्धजन लाभान्वित हो रहे हैं। यहाँ नि:शुल्क आवास, पौष्टिक भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएँ नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर मिल रहा है।

सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रभावी पहल


पैलिएटिव केयर (प्रशामक गृह) : विशेष देखभाल की व्यवस्था
गंभीर रूप से बीमार एवं बिस्तर पर आश्रित वृद्धजनों के लिए राज्य में 13 प्रशामक गृह संचालित हैं। वर्तमान में रायपुर, कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, रायगढ़ एवं बेमेतरा में 140 वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। इन केंद्रों में निरंतर देखभाल, उपचार सहयोग और आवश्यक सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जिससे संवेदनशील स्थिति में भी उन्हें मानवीय और सम्मानजनक जीवन मिल सके।
वृद्धावस्था पेंशन : आर्थिक संबल का आधार
सामाजिक सुरक्षा के तहत पात्र वृद्धजनों को नियमित पेंशन दी जा रही है। बीपीएल एवं एसईसीसी वंचन समूह के वृद्धजनों को 500 रुपए प्रतिमाह तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को 680 रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जा रही है। यह सहायता उनके दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान को मजबूती देती है।
सहायक उपकरण और तीर्थ यात्रा : नई ऊर्जा का संचार
वरिष्ठ नागरिक को सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के निराश्रित वृद्धजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना के तहत चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर अधिकतम 6900 रुपए तक के उपकरण जैसे व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखी, छड़ी, श्रवण यंत्र, चश्मा, ट्राइसाइकिल सहित अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान की जाती है, जिससे उनका जीवन अधिक सहज बन सके। 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों की तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से उन्हें आध्यात्मिक और मानसिक संतुलन का अवसर मिल रहा है, जो उनके जीवन में नई ऊर्जा का संचार करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 यात्राओं के माध्यम से 10 हजार 694 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
समग्र कल्याण की दिशा में निरंतर प्रयास
छत्तीसगढ़ शासन का लक्ष्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को समाज की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। पेंशन, स्वास्थ्य देखभाल, आवास, सहायक सुविधाओं और सामाजिक जुड़ाव के माध्यम से राज्य अपने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक सशक्त, संवेदनशील और समग्र सामाजिक सुरक्षा तंत्र स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में यह प्रयास आने वाले समय में और अधिक प्रभावी रूप से वृद्धजनों के जीवन को गरिमामय बनाने की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे।

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना, दु:ख की घड़ी में संवेदना और संबल का सशक्त उदाहरण

मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु सहायता योजना, दु:ख की घड़ी में संवेदना और संबल का सशक्त उदाहरण

 राज्य में श्रमिक परिवारों को मिल रही त्वरित आर्थिक सहारा, मानवीय संवेदना के साथ प्रशासनिक तत्परता का समन्वय
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए कठिन समय में मजबूत सहारा बनकर उभर रही हैं। मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना इसका सशक्त उदाहरण है, जिसने बलरामपुर जिले के एक श्रमिक परिवार को संकट की घड़ी में आर्थिक संबल प्रदान कर जीवन में नई आशा का संचार किया।
जनपद पंचायत बलरामपुर अंतर्गत ग्राम विश्रामनगर निवासी स्वर्गीय  रंजीत पात्र, श्रम विभाग में पंजीकृत सड़क कर्मकार थे और मेहनत-मजदूरी के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। 24 जनवरी 2026 की रात्रि उनका आकस्मिक निधन हो जाने से परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा और आर्थिक संकट भी गहरा गया।
ऐसे कठिन समय में शासन की संवेदनशील पहल परिवार के लिए सहारा बनी। स्वर्गीय रंजीत पात्र की पत्नी कनिका पात्र ने 18 फरवरी 2026 को आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत किया। श्रम विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच पूर्ण की गई और शीघ्र ही एक लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत कर 28 मार्च 2026 को सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित कर दी गई।
यह आर्थिक सहायता न केवल तत्काल जरूरतों को पूरा करने में सहायक बनी, बल्कि परिवार के भविष्य को संवारने में भी महत्वपूर्ण साबित हुई। कनिका पात्र ने इस राशि से घर निर्माण के लिए लिए गए कर्ज का भुगतान किया और अधूरे मकान को पूरा करने का कार्य आगे बढ़ाया। साथ ही वे अपने तीन छोटे बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी दृढ़ता से निभा रही हैं।
यह पहल दर्शाती है कि राज्य सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से जरूरतमंदों तक पहुंचकर उनके जीवन में वास्तविक बदलाव ला रही हैं। कनिका पात्र ने इस कठिन समय में मिली सहायता के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मदद उनके परिवार के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से मिली राहत, निरमनी बाई के परिवार को मिला नया सहारा

मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना से मिली राहत, निरमनी बाई के परिवार को मिला नया सहारा

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं के लिए राहतकारी साबित हो रही है। इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल पर छूट और आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी सहूलियत मिल रही है।
जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोरना की निवासी श्रीमती निरमनी बाई का परिवार भी बढ़ते बिजली बिल के कारण आर्थिक परेशानी का सामना कर रहा था। सीमित आय के चलते वे समय पर बिल जमा नहीं कर पा रहे थे, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती जा रही थी। स्थिति में बदलाव तब आया जब उन्हें इस योजना की जानकारी मिली। उनके पुत्र कुलदीप राम ने योजना के अंतर्गत आवेदन किया और विभागीय सहयोग से उन्हें शीघ्र लाभ प्राप्त हुआ। लगभग 17 हजार रुपये का बकाया बिजली बिल घटकर करीब 5 हजार रुपये रह गया, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।योजना के अंतर्गत सरचार्ज की शत-प्रतिशत माफी के साथ शेष राशि को आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाती है। इससे अब यह परिवार नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर पा रहा है। लाभान्वित कुलदीप राम ने बताया कि यह योजना आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी है और इससे उन्हें नई शुरुआत करने का अवसर मिला है। उन्होंने इस पहल के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 00 कच्चे माल की तैयारी से लेकर उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण और परिवहन की भी जिम्मेदारी संभाल रहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की दूरदर्शी पहल के तहत जब आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार के स्थानीय निर्माण और वितरण की जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहों को सौंपी गई, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह कदम महिलाओं के जीवन में इतना बड़ा परिवर्तन ला देगा। पहले यह कार्य बीज विकास निगम के माध्यम से किया जाता था, लेकिन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिला स्वसहायता समूहों को दी गई। यह बदलाव उनकी सफलता की कहानी का आधार बना।

 

 विशेष लेख : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 


कोरबा जिले में इसे अमल में लाने के लिए चयनित महिला स्वसहायता समूहों को उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। आधुनिक उत्पादन इकाईयाँ भी स्थापित की गईं। मशीनरी, पैकेजिंग उपकरण और भंडारण सुविधाओं से लैस इन इकाईयों ने ग्रामीण महिलाओं के लिए नया कार्यस्थल और नया दृष्टिकोण दोनों दिया। जब उत्पादन शुरू हुआ, तब कच्चे माल की तैयारी, उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण और परिवहन जैसी सभी जिम्मेदारियों को महिला समूहों ने अद्भुत दक्षता के साथ संभाल लिया। सिर्फ समूह सदस्य ही नहीं, बल्कि सहायक स्टाफ में भी महिलाओं को प्राथमिकता मिली, जिससे रोजगार के अवसर और बढ़े।

 

 विशेष लेख : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 


इन इकाईयों में रोजाना काम करते हुए महिलाओं के कौशल में तेजी से वृद्धि हुई। वे सहभागी नहीं रहीं, बल्कि निर्णयकर्ता बन गईं। उनके प्रबंधन कौशल में सुधार हुआ, नेतृत्व क्षमता निखरी और सामूहिक निर्णय लेने की शक्ति मजबूत हुई। सबसे बड़ी बात की अब ये महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाने लगीं। पोषण आहार निर्माण से प्राप्त नियमित आय ने महिलाओं के जीवन में स्थिरता ला दी। आर्थिक रूप से सशक्त होने से उनकी पारिवारिक स्थिति मजबूत हुई और आत्मविश्वास कई गुना बढ़ा।

 

 विशेष लेख : महिला स्वसहायता समूहों ने बदली पोषण आहार आपूर्ति की तस्वीर

 


महिला समूह अब लगभग 72 हजार हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण टेक-होम राशन उपलब्ध कराने जा रही हैं। इससे न केवल आंगनबाड़ी केंद्रों को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी, बल्कि यह भी सिद्ध होगा कि गाँव की महिलाएं किसी भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को उत्कृष्टता से निभाने में दक्ष और सक्षम हैं।

CG Cabinet Meeting: कल होगी कैबिनेट की बैठक, लिए जाएंगे महत्वपूर्ण फैसलों पर निर्णय...

CG Cabinet Meeting: कल होगी कैबिनेट की बैठक, लिए जाएंगे महत्वपूर्ण फैसलों पर निर्णय...

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (केबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कल होगी छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कल होगी छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक 29 अप्रैल को अपरान्ह साढ़े तीन बजे से मंत्रालय (महानदी भवन), नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित की जाएगी। इस आशय का पत्र आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं जनजातीय सलाहकार के परिषद के उपाध्यक्ष श्री रामविचार नेताम सहित प्रदेश के वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी एवं परिषद के सभी सदस्य उपथित रहेंगे।
छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में (दिनांक 11 मार्च 2025) के कार्यवाही विवरण के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा के साथ ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। 

बैठक में आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित विभिन्न विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा, जिसमें संस्थान में रिक्त पदों की भर्ती विषयक, उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति हेतु टीआई पद स्थापना तथा संग्रहालय में जनजातीय धार्मिक स्थलों के निर्माण एवं प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा अनुसूचित क्षेत्रों के प्रशासन पर राज्यपाल प्रतिवेदन वर्ष 2024-25 के अनुमोदन अन्य महत्वपूर्ण जनजातीय विषयों पर चर्चा की जाएगी।

स्कूल शिक्षा विभाग ने DEO को किया निलंबित, जानिए पूरा मामला…

स्कूल शिक्षा विभाग ने DEO को किया निलंबित, जानिए पूरा मामला…

 महासमुंद। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विजय कुमार लहरे पर परीक्षा प्रश्नपत्र विवाद, विभागीय कार्यों में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं जैसे कई गंभीर आरोप लगे है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 8 जनवरी 2026 को एक समाचार प्रकाशित हुआ था, जिसमें चौथी कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा के प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने का मामला सामने आया। प्रश्न में कुत्ते के नाम के विकल्प में भगवान राम का नाम शामिल किया गया था, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जांच में पाया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करने और वितरण की पूरी जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की थी, लेकिन इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरती गई।

इन कारणों से हुई कार्रवाई

  • परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने में गंभीर लापरवाही
  • आपत्तिजनक सवाल से धार्मिक भावनाओं को ठेस
  • हाईकोर्ट से जुड़े मामले में समय पर कार्रवाई नहीं करना
  • विभागीय आदेशों की अवहेलना
  • लेखा परीक्षण (ऑडिट) में गंभीर अनियमितताएं उजागर

शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन मानते हुए, सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में विजय लहरे को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा और उनका मुख्यालय रायपुर संभागीय कार्यालय तय किया गया है।

बी.एल. देवांगन बने नए जिला शिक्षा अधिकारी

निलंबन के बाद अब बी.एल. देवांगन (उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पूरे मामले को शासन ने विभाग की छवि धूमिल करने वाला और गंभीर कदाचार मानते हुए सख्त कदम उठाया है।

 

Bastar News Update : गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर निकाली रैली… अवैध नल कनेक्शनों पर निगम की सख्ती… हत्या का आरोपी गिरफ्तार… तेन्दूपत्ता फड़ बंद होने पर भड़का विरोध

Bastar News Update : गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर निकाली रैली… अवैध नल कनेक्शनों पर निगम की सख्ती… हत्या का आरोपी गिरफ्तार… तेन्दूपत्ता फड़ बंद होने पर भड़का विरोध

 जगदलपुर :- जगदलपुर सहित जिलेभर में गौ सम्मान आह्वान अभियान तेज हो गया है. प्रबुद्ध नागरिकों, संत समाज और गौ सेवकों ने एकजुट होकर रैली निकाली. तहसील स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया. राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम मांग पत्र भेजा गया. मुख्य मांग गौवंश को संवैधानिक दर्जा देकर राष्ट्रमाता घोषित करने की रही. गौ तस्करी को गैर जमानती अपराध बनाने की भी मांग उठी. अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया. हर पंचायत में नंदीशाला और जिले में गौ अभ्यारण्य की मांग की गई. स्कूल पाठ्यक्रम में गौ विज्ञान शामिल करने की बात कही गई. प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. संगठनों ने इसे संस्कृति और आस्था से जुड़ा विषय बताया जगदलपुर में यह अभियान चर्चा का विषय बन गया है.

 

बेरोजगारी का सबसे बड़ा बोझ, नौकरी की राह देख रहे हजारों युवा

कांकेर. बस्तर संभाग में रोजगार संकट गहराता जा रहा है और सबसे ज्यादा असर कांकेर जिले में दिख रहा है. जिले में 60 हजार 319 बेरोजगार युवाओं का नाम रोजगार कार्यालय में दर्ज है. इनमें बड़ी संख्या डिग्रीधारी युवाओं की बताई जा रही है. योग्यता होने के बावजूद युवाओं को अवसर नहीं मिल पा रहे. सरकारी भर्तियां धीमी होने से उम्मीदें कमजोर पड़ी हैं. निजी क्षेत्र में भी भर्ती की रफ्तार बेहद कम है. रोजगार मेले और प्लेसमेंट कैंप भी पहले जैसे सक्रिय नहीं हैं. महिलाएं भी बड़ी संख्या में नौकरी की तलाश में पंजीकृत हैं. कई युवा मजबूरी में छोटे-मोटे काम कर रहे हैं. खाली पदों पर भर्ती नहीं होने से नाराजगी बढ़ रही है. कांकेर में रोजगार बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बनता जा रहा है. युवा अब सिर्फ आश्वासन नहीं, नियुक्ति चाहते हैं.

अवैध नल कनेक्शनों पर निगम की सख्ती, 286 कनेक्शन पकड़े गए

जगदलपुर. नगर निगम जगदलपुर ने पहली बार अवैध नल कनेक्शनों पर बड़ा अभियान चलाया है. 17 फरवरी से शुरू जांच में अब तक 286 अवैध कनेक्शन चिन्हित हुए हैं. इनमें से 204 उपभोक्ताओं ने शुल्क जमा कर कनेक्शन वैध करा लिया. 82 अवैध कनेक्शन सीधे काट दिए गए हैं. निगम ने 30 अप्रैल तक राहत अवधि दी है. इस तारीख तक 5 हजार जमा कर कनेक्शन नियमित कराया जा सकता है. 1 मई के बाद पकड़े जाने पर 14 हजार 200 रुपये देना होगा. शहर में करीब 24 हजार वैध उपभोक्ता नियमित जलकर दे रहे हैं. निगम ने ईमानदार उपभोक्ताओं के हित का हवाला दिया है. पारदर्शी जल वितरण व्यवस्था बनाने की बात कही गई है. बकाया जलकर वसूली भी साथ-साथ जारी रहेगी. अवैध कनेक्शनधारियों में अब हड़कंप मचा हुआ है

जंगल की उपज तीखुर बना कमाई का जरिया, बाजार में बढ़ी मांग

बीजापुर. बीजापुर जिले के गंगालूर और बासागुड़ा क्षेत्र में तीखुर की भरपूर पैदावार होती है. गर्मी के मौसम में इसकी बाजार में भारी मांग रहती है. एक पैयली तीखुर 400 रुपये तक बिक रहा है. साप्ताहिक बाजारों में बड़ी मात्रा में इसकी खरीदी होती है.
व्यापारी ग्रामीणों से सूखा तीखुर खरीदते हैं. बताया जा रहा है कि दोनों बड़े बाजारों में सीजन में 100 क्विंटल तक खरीदी होती है. वन विभाग समर्थन मूल्य पर भी इसकी खरीदी कर रहा है. पिछले साल बीजापुर वनमंडल में 5.47 क्विंटल खरीदी दर्ज हुई थी. तीखुर को आयुर्वेदिक और पोषक फसल माना जाता है. वैज्ञानिक इसे लाभकारी कंदीय फसल बताते हैं. खेती बढ़े तो किसानों की आय में इजाफा संभव है. बीजापुर अब तीखुर उत्पादन का केंद्र बनता दिख रहा है.

सागौन तस्करी पर संयुक्त कार्रवाई, 7.50 लाख की लकड़ी जब्त

सुकमा. सुकमा जिले के किस्टाराम इलाके में वन विभाग और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. सिंदूरगुड़ा पंचायत क्षेत्र में अवैध आरा मशीन पर छापा मारा गया. मौके से भारी मात्रा में सागौन लकड़ी बरामद हुई. करीब 6.239 घनमीटर लकड़ी जब्त की गई है. इसकी कीमत लगभग 7 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है. मुख्य आरोपी तेलंगाना निवासी बताया जा रहा है. टीम पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गया. उसके नेटवर्क और सहयोगियों की तलाश शुरू कर दी गई है. कार्रवाई के दौरान स्थानीय विरोध भी सामने आया. इसके बावजूद टीम ने अभियान पूरा किया. वन विभाग ने सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की बात कही है. सुकमा में लकड़ी तस्करों पर दबाव बढ़ गया है.

तेन्दूपत्ता फड़ बंद होने पर भड़का विरोध, आदिवासियों की कमाई पर संकट

सुकमा. सुकमा जिले में तेन्दूपत्ता सीजन शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया है. कई फड़ों में महज तीन दिन खरीदी के बाद ताले लगा दिए गए. हजारों ग्रामीण जंगल से पत्ता तोड़कर ला चुके हैं. अब पत्ता सूखने और खराब होने का खतरा मंडरा रहा है. बस्तरिया राज मोर्चा ने कलेक्टर और डीएफओ को ज्ञापन सौंपा. संगठन ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. इस साल 1 लाख 8 हजार मानक बोरा खरीदी का लक्ष्य है. अब तक केवल 25 हजार मानक बोरा आवक बताई गई है. ऐसे में फड़ बंद करने पर सवाल उठ रहे हैं. मोर्चा ने खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग की है. जब तक पत्ता शेष रहे, फड़ खुले रखने की मांग दोहराई गई. आदिवासी परिवारों की सालाना कमाई पर संकट गहरा गया है.

पुरानी रंजिश में हत्या, आरोपी गिरफ्तार

नारायणपुर. नारायणपुर जिले के एडका थाना क्षेत्र में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ग्राम बंडापाल आमापारा में युवक की हत्या की गई थी. पुलिस ने आरोपी बुधुराम पोटाई को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में आरोपी ने हत्या करना कबूल किया. हत्या में प्रयुक्त कुदाल भी बरामद कर ली गई है. मृतक और आरोपी के बीच पुरानी रंजिश बताई जा रही है. मक्का बाड़ी में वारदात को अंजाम दिया गया. कुदाल से हमला करने पर मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. बीएनएस की धारा 103 के तहत मामला दर्ज हुआ है. पुलिस आगे की विवेचना कर रही है. क्षेत्र में घटना के बाद दहशत का माहौल है.

BREAKING : CG बोर्ड 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम का ऐलान, कल इतने बजे आएगा रिजल्ट

BREAKING : CG बोर्ड 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम का ऐलान, कल इतने बजे आएगा रिजल्ट

 रायपुर। अब इंतज़ार के पल खत्म होने वाले हैं। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा हाई स्कूल और उच्च माध्यमिक परीक्षाओं के परिणाम कल दोपहर 2:30 बजे औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह सिर्फ अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की

उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और परिणाम को सकारात्मक सोच के साथ स्वीकार करें। मंत्री ने कहा कि हर परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत होता है और प्रत्येक छात्र में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं छिपी होती हैं।

बोर्ड के परिणाम जारी होने के साथ ही लाखों छात्रों के भविष्य की दिशा तय होगी, ऐसे में सभी की नजरें कल दोपहर 2:30 बजे पर टिकी हुई हैं।

मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों व अभिभावकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

इस लिंक से कल दोपहर 2:30 बजे देख सकेंगे परिणाम

cgbse.nic.in
results.cg.nic.in
cg.results.nic.in

छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 कैसे करें डाउनलोड

  • छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट 2026 डाउनलोड करने के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • होमपेज पर दिए गए ‘CGBSE 10th Result 2026’ और ‘CGBSE 12t Result 2026’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • इस लिंक पर क्लिक करने के बाद आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलेगा।
  • इस पेज पर छात्र अपना रोल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें और सबमिट पर क्लिक करें।
  • अब आपके परीक्षा परिणाम आपकी स्क्रीन पर आ जाएंगे।
  • छात्र इसका पीडीएफ बनाकर डाउनलोड करें और प्रिंट आउट लेना न भूलें।

कब हुई थी सीजी 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा

छत्तीसगढ़ बोर्ड द्वारा कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 21 फरवरी से 13 मार्च 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 20 फरवरी से 18 मार्च 2026 के बीच किया गया था। लेकिन बाद में बोर्ड द्वारा 10वीं की हिंदी परीक्षा 10 अप्रैल को दोबारा आयोजित की, जिसके चलते रिजल्ट तैयार करने में देरी हो गई है।

यह केवल अंकों की घोषणा नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और माता-पिता व शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। परीक्षा परिणाम को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्सुकता का माहौल है।

इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी गई हैं। छात्रों से अपील की गई है कि वे धैर्य बनाए रखें और परिणामों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करें। हर परिणाम एक नई शुरुआत का संकेत होता है और हर विद्यार्थी में आगे बढ़ने की अपार क्षमता होती है।

ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं-मुख्य सचिव श्री विकासशील

ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं-मुख्य सचिव श्री विकासशील

 जलवायु परिवर्तन कार्य योजना हेतु गठित स्टियरिंग समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर :- मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल बनाने और ग्राम पंचायतवार कार्ययोजना बनाएं। राज्य में जलवायु परिवर्तन कार्यक्रमों के लिए सीएसआर मद की उपलब्ध राशि का उपयोग करना प्रस्तावित करें। छत्तीसगढ़ राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना के लिए गठित स्टियरिंग समिति की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र, राज्य की जलवायु परिवर्तन पर कार्य योजना, राज्य में जलवायु परिवर्तन विषयक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और राज्य जलवायु परिवर्तन प्राधिकरण के गठन और राज्य में कार्बन क्रेडिट आधारित कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। विभागीय सचिवों से जलवायु परिवर्तन पर कार्ययोजना के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने जलवायु परिवर्तन की पृष्ठ भूमि, जलवायु परिवर्तन के कारक और छत्तीसगढ़ राज्य में भी जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभाव के संबंध में जानकारी दी। बैठक में पीसीसीएफ  श्रीनिवास राव, एपीसीसीएफ  सुनील मिश्रा शामिल हुए।

वृक्ष-आवरण में देश में प्रथम स्थान पर रहा छत्तीसगढ

छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केन्द्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जलवायु परिवर्तन से संबंधित विविध कार्य किये जा रहें हैं। इनमें मुख्यतः वृक्षारोपण कार्य किये जा रहें हैं। एक पेड़ माँ के नाम योजना के तहत् करीब 7 करोड़ पौधारोपण किया जा चुका है। किसान वृ़क्ष मित्र योजना के तहत् 3 करोड़ 68 लाख वृक्षारोपण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आई.एस.एफ.आर. 2025 के अनुसार राज्य के वन एवं वृक्ष-आवरण में सर्वाधिक वृद्धि 683 किलोमीटर किया गया है, जो देश में प्रथम स्थान पर रहा है। राज्य में जलवायु परिवर्तन के तहत ई-वाहनों के चालन के लिए जन-सामान्य को प्रेरित किया जा रहा है। किसानों को सोलर पम्प वितरित किये जा रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्ष 2025-2026 में लगभग 55 हजार 50 हेक्टेयर भूमि पर जैविक खेती की गई। राज्य में 300 से अधिक बांधों की हाईड्रोलॉजिकल प्लानिंग के साथ 24 वृहद एवं मध्यम जलाशयों का सेडिमेंटेशन सर्वे पूर्ण किया जा चुका है। राज्य में जलवायु परिवर्तन ज्ञान केन्द्र निर्मित किए जाने के लिए अधिकारियों ने अपने विचार रखें।

बैठक में जलवायु परिवर्तन कार्ययोजना के क्रियान्वयन के संबंध में कृषि एवं किसान कल्याण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, नगरीय प्रशासन, परिवहन, वाणिज्य एवं उद्योग, खनिज, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, महिला एवं बाल विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों अपने-अपने विभाग की जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विद्यायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, खनिज संसाधन एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद, नगरीय प्रशासन विकास विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजु एस., वाणिज एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुश्री इफ्फत आरा सहित राज्य योजना आयोग, नाबार्ड, सेंटर फॉर एन्वायरमेंट एजुकेशन, इंडियन इंस्टयूट ऑफ साइंस और कृषि मौसम विज्ञान विभाग, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अधिकारी सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

हाथ करघे से कमाई तक- ग्राम नारी की महिलाओं की सफलता का राज

हाथ करघे से कमाई तक- ग्राम नारी की महिलाओं की सफलता का राज

 रायपुर l ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ने अपने सामूहिक प्रयास, मेहनत और दूरदृष्टि के बल पर ऐसी सफलता की कहानी रची है, जो न केवल आर्थिक उन्नति का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाएँ यदि अवसर और सहयोग प्राप्त करें, तो वे किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर सकती हैं। धमतरी जिले के छोटे से ग्राम नारी में आज आत्मनिर्भरता, परंपरा और नवाचार का एक अद्भुत संगम देखने को मिलता है। कभी सीमित संसाधनों और अवसरों वाला यह गाँव अब ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी है।

परंपरा से जुड़ी नई शुरुआत

नारी गाँव में पहले बुनाई प्रमुख आजीविका नहीं थी, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा में संबलपुरी साड़ियों की बढ़ती मांग को देखते हुए समिति ने इस क्षेत्र में कदम रखा। संबलपुरी साड़ियाँ अपनी विशेष इकत डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं, जिन्हें बनाने के लिए उच्च कौशल और धैर्य की आवश्यकता होती है।

सरकार का मजबूत सहयोग

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समिति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शासकीय वस्त्र उत्पादन कार्यक्रम अंतर्गत नियमित रूप से धागा प्रदाय किया जा रहा है, जिससे बुनकरों को नियमित रोजगार तथा समितियों को सुचारु संचालन हेतु सेवा प्रभार के रूप मे आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही नवीन बुनाई प्रशिक्षण तथा बुनकरों को नवीन करघे वितरण से उत्पादन क्षमता बढ़ी है। इस सहयोग से समिति आर्थिक रूप से सशक्त हुई है तथा बाजार मांग के अनुरूप वस्त्र तैयार करने मे सक्षम हुई है।

बढ़ता बाजार और आय

आज ग्रामोदय बुनकर सहकारी समिति ग्राम नारी द्वारा तैयार की गई साड़ियों की बिक्री मुख्य रूप से ओडिशा के बाजारों में होती है। वर्तमान मे समिति द्वारा माह मे 300-400 साड़ियों का उत्पादन किया जा रहा है, जिससे समिति का मासिक कारोबार लगभग 3 से 4 लाख रुपये तक पहुँच चुका है, जो ग्रामीण स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि है।

महिलाओं का सशक्तिकरण

इस पहल ने न केवल आय के स्रोत को बढ़ाया है बल्कि, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दी है तथा सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित की है। जो महिलाएँ पहले इस कार्य से अनभिज्ञ थीं, वे आज कुशल बुनकर बन चुकी हैं और आत्मविश्वास के साथ उत्पादन में योगदान दे रही हैं। पूर्व मे शासकीय वस्त्र उत्पादन से जो महिलाएं प्रतिदिन 300-350 रुपये कमाती थी, वे आज 550-600 रुपये काम रही है। भविष्य मे अतिरिक्त कौशल उन्नयन प्रशिक्षण तथा दक्षता से वे 1000-1200 रुपये प्रतिदिन कमाने मे सक्षम हो सकेंगी।

भविष्य की दिशा

ग्राम नारी की यह सहकारी समिति आज आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से बढ़ रही है। यदि इसे आगे ब्रांडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और नए बाजारों तक पहुँच का समर्थन मिले, तो यह और भी बड़े स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है। यह कहानी दर्शाती है कि जब सरकारी सहयोग और समुदाय की मेहनत साथ आती है, तो छोटे गाँव भी सफलता की बड़ी मिसाल बन सकते हैं।