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सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव, सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल

सूरज की रोशनी से चमका राजनांदगांव, सोलर ऊर्जा का बना राष्ट्रीय मॉडल

रायपुर। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उसे देशभर में नई पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राजनांदगांव देश में सर्वाधिक सोलर क्षमता वाले कनेक्शन स्थापित करने वाला जिला बन गया है। शहरों के साथ-साथ गांवों में भी सौर ऊर्जा को लेकर लोगों का उत्साह तेजी से बढ़ रहा है।
कलेक्टर  जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन तथा विद्युत विभाग के समन्वित प्रयासों से यह सफलता संभव हुई है। योजना के तहत जिले में अब तक 6776 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6381 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन कर लिया है। वहीं 3255 घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं और 2218 लाभार्थियों को सब्सिडी का भुगतान भी किया जा चुका है।
जिले में 3255 घरेलू सोलर कनेक्शनों के माध्यम से लगभग 9 मेगावाट, 162 व्यावसायिक सोलर कनेक्शनों से 3.40 मेगावाट तथा 31 पावर प्लांटों के जरिए 383 मेगावाट क्षमता विकसित की गई है। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि ढाबा स्थित मेसर्स सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के 160 मेगावाट क्षमता वाले सोलर कनेक्शन की है, जो देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा कनेक्शन माना जा रहा है।
जिला प्रशासन द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हितग्राहियों को सम्मानित कर अन्य नागरिकों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। राजनांदगांव की यह उपलब्धि हरित ऊर्जा की दिशा में देश के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरी है।

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

 रायपुर। फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से देश और दुनिया को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।
राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने दिया। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्युमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित, मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध

मछलियों के संरक्षण हेतु 15 अगस्त तक बंद ऋतु घोषित, मत्स्य आखेट पर रहेगा प्रतिबंध

 00 प्रतिबंधित अवधि पर मछली पकडऩे पर देना होगा 25 हजार रूपये जुर्माना

रायपुर। वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि को ध्यान में रखकर उनके संरक्षण के लिए छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम के तहत 16 जून से 15 अगस्त तक की अवधि को बंद ऋतु (क्लोज सीजन) घोषित किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों जिनका संबंध नदी नालों से नहीं है, के अतिरिक्त जलाषयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर सभी प्रकार के जल संसाधनों में मत्स्याखेट कार्य 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

मछली पालन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करने तथा अपराध सिद्ध होने पर छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य क्षेत्र अधिनियम के तहत 25 हजार रूपए का जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्रोत जिनका संबंध किसी नदी-नाले से नहीं है और उनके अतिरिक्त जलाशय जिनमें केज कल्चर का कार्य किया जा रहा है, उनमें मत्स्य अधिनियम लागू नहीं होंगे।

मोदी के नेतृत्व में एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा : मुख्यमंत्री साय

मोदी के नेतृत्व में एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा : मुख्यमंत्री साय

 00 विकसित भारत की नींव का निर्माण इन 12 वर्ष के स्वर्णिम कार्यकाल में हुआ- मुख्यमंत्री साय

रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनादेश के साथ निर्वाचित होकर लगातार 12 वर्षों से प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से उनको बहुत-बहुत बधाई देते हुए साय ने कहा कि 12 वर्षों का यह कार्यकाल स्वर्णिम और ऐतिहासिक काल रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी खुद को प्रधानमंत्री नहीं, प्रधान सेवक कहते हैं। 140 करोड़ भारतवासियों को अपना परिवार मानते हैं। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास को मूलमंत्र मानते हुए दिन और रात 140 करोड़ भारतवासियों की सेवा करते हैं। साय शनिवार को यहाँ मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के शानदार 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित मीडिया कॉन्क्लेव को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में नए भारत का निर्माण हो रहा है। एक समृद्ध और सशक्त भारत का निर्माण हो रहा है। एक ऐसा भारत जो किसी को छेड़ता नहीं है और छेडऩे वाले को छोड़ता भी नहीं है। दुश्मनों को घर में घुसकर मारता है। ऐसे नए भारत का निर्माण प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ है। 12 वर्षों में प्रधानमंत्री ने देश के विकास के लिए अद्भुत काम किए हैं। अगर गरीब कल्याण की बात करें तो सरकार ने जन-धन योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले, जिनमें 32 करोड़ से ज्यादा खाते सिर्फ महिलाओं के हैं। कोरोना जैसी महामारी के मुश्किल वक्त से लेकर अब तक 81 करोड़ से ज्यादा देशवासियों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। इलाज के खर्च से गरीब को बचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना में 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बने हैं, जिससे मुफ्त इलाज की गारंटी मिली है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से भी 58 करोड़ से ज्यादा लोगों को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिला है। साय ने कहा कि गरीबों के जीवन को आसान बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को पक्के मकान दिए गए हैं। उज्ज्वला योजना के जरिए 11 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर धुएँ से आजादी दी गई है। गाँवों के विकास के लिए जल जीवन मिशन के तहत 16 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से साफ पानी पहुँचाया जा चुका है, वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर देश में स्वच्छता की एक नई क्रांति लाई गई है। रेहड़ी-पटरी वाले भाई-बहनों के लिए पीएम स्वनिधि योजना से 74 लाख से ज्यादा लोगों को बिना किसी परेशानी के लोन मिला है। मुद्रा योजना के तहत छोटे काम-धंधों के लिए बिना गारंटी 57 करोड़ से ज्यादा लोन बाँटे गए हैं, वहीं छोटे कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना से 30 लाख लोगों को फायदा पहुँचाया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजातीय समाज के कल्याण के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का बजट और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 79 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। देश के अन्नदाताओं की बात करें तो पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को 4.3 लाख करोड़ रुपये सीधे उनके खातों में भेजे जा चुके हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए 7 करोड़ से ज्यादा किसानों को करीब 10 लाख करोड़ रुपए का सस्ता कर्ज दिया गया। इस कर्ज की सीमा को भी 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है ताकि छोटे किसानों को भी आसानी से मदद मिल सके। देश के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर सीधे 12.75 लाख रुपये कर दिया गया है। माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना से 3 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को फायदा मिला है। बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.5 करोड़ से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। देश की सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुरक्षाबलों में महिला अफसरों की संख्या 3 हजार से बढ़ाकर सीधे 11 हजार कर दी गई है। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2014 से 2026 तक की हमारी यह 12 वर्ष की यात्रा निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर रही है। हमने सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत का जो संकल्प लिया था, वह आज पूरी तरह साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट कहना है कि विकास हमारे लिए 24 घंटे, सातों दिन और 12 महीने चलने वाला मिशन है। आज हमारी कार्यसंस्कृति बदल चुकी है, अब जिसका शिलान्यास हम करते हैं, उसका उद्घाटन भी हम ही करते हैं। पिछले 12 वर्षों में, हमने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर कंक्रीट, स्टील, ऑप्टिकल फाइबर और लाखों करोड़ों रुपये के निवेश के रूप में उतरते देखा है। साय ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश का विकास तो हुआ ही है, साथ ही हमारी सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को भी एक नया मुकाम मिला है। गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाते हुए राजपथ का नाम कर्तव्य पथ किया गया और इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की भव्य प्रतिमा लगाई गई। बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन से जुड़े 5 मुख्य स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया। आदिवासी समाज के महानायक भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित कर उन वीरों को सम्मान दिया गया, जिन्हें इतिहास में भुला दिया गया था। नए भारत की बुलंद सोच के प्रतीक के रूप में सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और नए संसद भवन का निर्माण किया गया। रेसकोर्स रोड का नाम लोक कल्याण मार्ग और मुगल गार्डन का नाम अमृत उद्यान किया गया। नई संसद में पवित्र सेंगोल को स्थापित किया गया। अंडमान-निकोबार के 21 द्वीपों के नाम हमारे परमवीर चक्र विजेताओं के नाम पर रखे गए और पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर  विजयपुरम किया गया है। हमारे वीर शहीदों की याद में बना राष्ट्रीय युद्ध स्मारक आज हर भारतीय को देश प्रेम की प्रेरणा दे रहा है। हमारी संस्कृति की ताकत देखिए कि आज 177 देश एक साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की सरकार ने जनता कर्फ्यू, थाली-ताली अभियान, हर घर तिरंगा और एक पेड़ माँ के नाम जैसी पहलों से देश के 140 करोड़ नागरिकों को एक सूत्र में पिरो दिया है। फिट इंडिया मूवमेंट और वोकल फॉर लोकल जैसे अभियानों ने देश के लोगों में स्वदेशी और अच्छी सेहत के प्रति एक नया भरोसा जगाया है। भारत ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को धरातल पर उतारा है। आज दुनिया के मंच पर भारत एक 'समाधान देने वाले देशÓ के रूप में मजबूती से खड़ा है। वैक्सीन मैत्री के जरिए मुश्किल वक्त में 99 देशों तक दवाइयाँ पहुँचाकर भारत दुनिया का सबसे भरोसेमंद दोस्त बनकर उभरा है। जी-20 की कामयाब अध्यक्षता, 39 नए दूतावासों का खुलना और 70 लाख करोड़ से ज्यादा का विदेशी निवेश आना यह दिखाता है कि आज पूरी दुनिया को भारत पर पूरा भरोसा है। दुनिया के 38 देशों के साथ किए गए 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स ने हमारे किसानों और उद्योगों के लिए दुनिया के बड़े बाजार खोल दिए हैं। साय ने कहा कि 10 जून का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक मील का पत्थर बन चुका है। प्रधानमंत्री  मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़कर, भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का गौरव हासिल कर चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी को मिले 32 अंतरराष्ट्रीय सम्मान और मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में 75 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया का सबसे लोकप्रिय नेता बनना, हर एक भारतीय के लिए सम्मान की बात है।

छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए मोदी के संवेदनक्षम नेतृत्व का आभार माना
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास की अवधारणा को धरातल में उतारने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी के संवेदनक्षम नेतृत्व का आभार माना और कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि यहाँ पर हमारी सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालन में तेजी से आगे बढ़ रही है। हम लोगों ने 18 लाख परिवारों, जो पिछली सरकार में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित हो गए थे, उनको भी 2 साल में आवास देने का काम किया है। 10.60 लाख प्रधानमंत्री आवास बनाने की दिशा में काम करते हुए रोज 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। 10.08 लाख आवास ढाई वर्षो के अंदर में बने हैं। इसी प्रकार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत छत्तीसगढ़ में किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहकारी बैंक द्वारा ऋण दिया जा रहा है, जिससे हमारे यहाँ के किसान लाभान्वित हो रहे हैं।प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट भी लगातार बढ़ा है। 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का रेलवे का काम छत्तीसगढ़ में चल रहा है। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा के अनुरूप हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई सफर करें इसके लिए उड़ान योजना के तहत छत्तीसगढ़ में भी सेवाएँ शुरू की गई है।

हमने ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक जीत का शतक बनाया : केन्द्रीय मंत्री सिंह
केन्द्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने मीडिया कॉन्क्लेव में कहा कि हमने ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक राष्ट्रीय सरकार तक जीत का शतक बनाया और कांग्रेस ने हार का शतक बनाया। 22 राज्यों में हमारी सरकार है। प्रधानमंत्री  मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में विकास के साथ विरासत का संरक्षण और विरासत के साथ विकास का संवर्धन करने का काम किया है। मोदी ने पहली बार वन नेशन वन टैक्स की व्यवस्था लागू करके भारत की अर्थव्यवस्था सुधारने की दिशा में अहम कार्य किया। आज दुनिया के 22 देश भारत के साथ भारतीय मुद्रा रुपए में कारोबार कर रहे हैं। यह हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है। 16 लाख करोड़ रुपए के बजट को 53.5 लाख करोड़ रुपए तक लाने का काम मोदी-सरकार ने किया है।  सिंह ने कहा कि आज के दौर में दुनिया के सामने भारत के इकॉनॉमी को 10वें स्थान से लाकर चौथे-छठे स्थान पर लाने का काम किया है। 2 ट्रिलियन के इकॉनॉमी को 4.25 पर लाने का काम किया है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर लाया गया है। कांग्रेस शासन काल में गरीब मिट गए, लेकिन गरीबी नहीं मिटी थी।  सिंह ने कहा कि आज दुनिया का हर देश  मोदी से हाथ मिलाना चाहता है। आज पूरी दुनिया कह रही है कि भारत की विदेश नीति सबसे अच्छी है।  मोदी देश के लिए हितकर होता है, वही करते हैं। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी व रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर भी उपस्थित थे।

केंद्र-राज्य समन्वय से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

केंद्र-राज्य समन्वय से विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री साय

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय एवं निरंतर संवाद की भावना ने विकास कार्यों को नई गति प्रदान की है। इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच मजबूत साझेदारी से अधोसंरचना विकास, उद्योग, रोजगार, कौशल विकास तथा जनसेवा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आपसी सहयोग और समन्वय से छत्तीसगढ़ के विकास को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में सहायता प्राप्त होगी। इस अवसर पर सांसद  बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे।

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे : मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित

श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय अंडर-19 महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान बनीं महक नरवासे : मुख्यमंत्री साय ने किया सम्मानित

00 महक की उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय : साय
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजनांदगांव जिले की प्रतिभाशाली युवा क्रिकेटर सुश्री महक नरवासे ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  गिरिराज सिंह तथा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  साय ने भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम के आगामी श्रीलंका दौरे के लिए टी-20 एवं वनडे दोनों टीमों का उपकप्तान नियुक्त किए जाने पर सुश्री महक नरवासे को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर महक का सम्मान किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महक नरवासे की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार या राजनांदगांव जिले की नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां आज खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रही हैं। महक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के बल पर यह मुकाम हासिल किया है, जो प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि महक आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी। उन्होंने महक को प्रोत्साहित करते हुए कहा, खूब खेलो, आगे बढ़ो और नई ऊंचाइयों को छुओ। आपकी सफलता प्रदेश के हजारों युवा खिलाडिय़ों के सपनों को नई उड़ान देगी। 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महक नरवासे का भारतीय अंडर-19 महिला टीम की उपकप्तान के रूप में चयन प्रदेश में विकसित हो रहे खेल वातावरण और खिलाडिय़ों को मिल रहे अवसरों का उत्कृष्ट उदाहरण है।
सुश्री महक नरवासे ने सम्मान एवं शुभकामनाओं के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर उनके पिता  राधेश्याम नरवासे, महापौर मधुसूदन यादव, कोच मनोज तिवारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जांजगीर चांपा जिले के दौरे पर रहेंगे ,देंगे विभिन्न विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जांजगीर चांपा जिले के दौरे पर रहेंगे ,देंगे विभिन्न विकास कार्यों की सौगात

 0-सत्य निज नाम सत्संग सम्मेलन में होंगे शामिल

रायपुर-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय 14 जून को जांजगीर चांपा जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पोंड़ी (राछा) के मैदान में आयोजित कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा जिले में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री  साय सत्य निज नाम बोध संस्थान पोड़ी (राछा) में आयोजित सत्य निज नाम सत्संग सम्मलेन में भी शामिल होंगे

केन्द्रीय राज्यमंत्री  तोखन साहू कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि जिले के प्रभारी एवं वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विशिष्ट अतिथि छ.ग. विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, सांसद जांजगीर-चांपा कमलेश जांगड़े, विधायक जांजगीर-चांपा ब्यास कश्यप, विधायक अकलतरा  राघवेन्द्र कुमार सिंह, विधायक पामगढ़ शेषराज हरबंश, विधायक जैजैपुर बालेश्वर साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष  नारायण चंदेल, अध्यक्ष छ.ग. खनिज विकास निगम  सौरभ सिंह, पूर्व संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता आनंद मिरी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत  गगन जयपुरिया, अध्यक्ष जनपद पंचायत नवागढ़ कांता कश्यप, ग्राम पंचायत पोड़ी सरपंच सरोजनी आशिकर होंगे। 

राजस्व संग्रहण में रायपुर नगर निगम का नया कीर्तिमान, एक ही दिन में 1.13 करोड़ की वसूली

राजस्व संग्रहण में रायपुर नगर निगम का नया कीर्तिमान, एक ही दिन में 1.13 करोड़ की वसूली

 00 आयुक्त संबित मिश्रा के नेतृत्व, नियमित मार्गदर्शन एवं स्पष्ट कार्यनीति से हासिल हुई बड़ी सफलता

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के राजस्व विभाग ने वित्तीय सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए आज एक ही दिन में अब तक 1 करोड़ 13 लाख 41हजार 532 रुपये की रिकॉर्ड राजस्व वसूली की है । नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा द्वारा प्रतिदिन 1 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे आज नगर निगम के राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पूरी प्रतिबद्धता एवं टीम भावना के साथ सफलतापूर्वक प्राप्त किया।

आज नगर निगम के सभी जोनों में विशेष राजस्व अभियान चलाकर 515 संपत्तिकर धारकों से उक्त राशि की वसूली की गई। यह उपलब्धि न केवल रायपुर नगर निगम की वित्तीय स्थिति को और अधिक मजबूत करेगी, बल्कि रायपुर शहर में विकास एवं जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को भी नई गति प्रदान करेगी। राजस्व संग्रहण के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि रायपुर नगर निगम का अभियान लगातार सकारात्मक परिणाम दे रहा है।

राजस्व संग्रहण में रायपुर नगर निगम का नया कीर्तिमान, एक ही दिन में 1.13 करोड़ की वसूली

वर्ष 2025 में जून माह के प्रथम 11 दिनों में जहां 44 लाख 17 हजार 342 रुपये की वसूली हुई थी, वहीं वर्ष 2026 में इसी अवधि में 62 लाख 49 हजार 628 रुपये का राजस्व संग्रह किया गया है। इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में जून माह के पहले 11 दिनों में ही 18 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त वसूली दर्ज की गई है, जो निगम की प्रभावी राजस्व रणनीति का प्रमाण है।
इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे रायपुर नगर निगम आयुक्त  संबित मिश्रा का नियमित मार्गदर्शन, सतत मॉनिटरिंग, स्पष्ट निर्देश एवं परिणामोन्मुखी कार्यशैली प्रमुख आधार रही। आयुक्त  मिश्रा द्वारा राजस्व विभाग के कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा रही है तथा लक्ष्य आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके नेतृत्व में राजस्व अमले ने पूरी सक्रियता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया।

सभी जोन कमिश्नरों, उपायुक्त राजस्व डॉ. अंजलि शर्मा, सहायक राजस्व अधिकारियों एवं राजस्व विभाग के समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने समन्वित प्रयासों के साथ अभियान को सफल बनाया। रायपुर नगर पालिक निगम प्रशासन ने इस उपलब्धि का श्रेय करदाताओं के सकारात्मक सहयोग एवं राजस्व अमले की मेहनत को भी दिया है।
नगर निगम प्रशासन का लक्ष्य प्रतिदिन 1 करोड़ रुपये राजस्व वसूली सुनिश्चित करते हुए शहर के विकास कार्यों के लिए संसाधनों को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। आज की उपलब्धि इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

CG : लॉज में देह व्यापर का खुलासा, आपत्तिजनक हालत में तीन युवक-युवतियां पकड़ाई

CG : लॉज में देह व्यापर का खुलासा, आपत्तिजनक हालत में तीन युवक-युवतियां पकड़ाई

 दुर्ग। जिले में पुलिस ने अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भिलाई के छावनी थाना क्षेत्र स्थित एक लॉज में छापा मारा है। एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई के दौरान देह व्यापार से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा किया। मौके से आपत्तिजनक हालत में तीन युवक-युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी खंगाली जा रही है।

ही है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि छावनी थाना अंतर्गत बाबा लॉज में संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना के आधार पर एसीसीयू और स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लॉज में दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से कई आपत्तिजनक सामग्री मिली है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कथित सेक्स रैकेट का संचालन मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस को जांच के दौरान एक ऐसे एप की जानकारी मिली है, जिसमें बड़ी संख्या में युवतियों की तस्वीरें और संपर्क संबंधी जानकारी मौजूद थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों से संपर्क कर नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने मौके से तीन युवक-युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी पड़ताल की जा रही है।

CG : सर्च ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता, नक्सलियों का विस्फोटक जखीरा बरामद; मौके पर ही नष्ट किए गए IED

CG : सर्च ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता, नक्सलियों का विस्फोटक जखीरा बरामद; मौके पर ही नष्ट किए गए IED

 गरियाबंद। जिला गरियाबंद के थाना मैनपुर अंतर्गत कैंप कुल्हाडीघाट से 10 किमी. ग्राम दड़ईपानी जंगल क्षेत्र में एफ/65 बटालियन सीआरपीएफ, जिला पुलिस बल एवं बीडीएस टीम की संयुक्त पार्टी सर्च अभियान पर निकले थे कि अभियान के दौरान संदिग्ध डम्प का पता चला।

 
जिसे दिनांक 12/06/2026 के 12ः25 बजे को माओवादियों द्वारा डम्प कर रखे गये सामग्री कमर्शियल काॅर्डेक्स वायर 15 मीटर, गन पाउडर 1.5 किग्रा, जिलेटिन राड, कुकर आईईडी 01 नग (लगभग 4 किलो ग्राम), टिफिन आईईडी 01 (लगभग 5 किग्रा), बीजीएल राउण्ड 06 नग, एयर गन 01 नग, इंटरसेप्टर 01 नग, इंसास मैग्जीन 01 नग, दवाईयां एवं दैनिक उपयोगी सामग्री को बरामद करने मे सफलता प्राप्त की है।  उक्त आईईडी बम को बीडीएस टीम द्वारा मौके पर ही विस्फोट कर नष्ट किया गया।
 कहानी-संग्रह 'माटी के पंख' छ.ग. के विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भेंट किया गया

कहानी-संग्रह 'माटी के पंख' छ.ग. के विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को भेंट किया गया

रायपुर  - हाल ही में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल द्वारा राजभवन रायपुर में विमोचित लेखिका एवं साहित्यकार  पूजा अग्रवाल के पाँचवी किताब 'माटी के पंख' कहानी संग्रह को छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह जी को शुक्रवार 12 जून, 2026 को विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय, शंकर नगर, रायपुर, छत्तीसगढ़ में मुलाकात कर सादर स्वरूप भेंट किया गया | मुलाकत के दौरान श्री पंकज गुप्ता एवं ऋषि गुप्ता उपस्थित थे | 


इस पुस्तक की लेखिका पूजा अग्रवाल ने विधानसभा अध्यक्ष महोदय को बताया कि इसमें लिखी हुई 21 कहानियाँ हैं, जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दिखाती हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य के हौसलों को बयां करती हैं। इसमें दयालुता, प्रकृति से प्रेम,  पेड़-पौधों से जुड़ाव और माटी की गरिमा का संदेश निहित है। यह किताब हमें सिखाती है कि स्क्रीन की दुनिया से परे भी एक बहुत सुंदर दुनिया है, जहाँ दूसरों की मदद करना ही ईश्वर की असली पूजा है। यह किताब कभी हार न मानने का हौसला रखने और हर परिस्थिति में मुस्कुराने का भी संदेश देती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के पाठक के लिए इसमें एक प्यारा संदेश है। 

शिष्टाचार भेंट के दौरान माननीय विधानसभा अध्यक्ष ने लेखिका के साहित्यिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहानी संग्रह 'माटी के पंख' के पर्यावरण पर आधारित प्रकृति प्रेम, माटी जुड़ाव व प्रेरणादायी विचारों को सराहा एवं लेखिका को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद देते हुए निरंतर समाज को जागरूक करने वाला साहित्य लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। 
स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान, छत्तीसगढ़ में 1.12 लाख से अधिक वेंडर्स को मिला आर्थिक संबल

स्ट्रीट वेंडर्स के सपनों को मिली नई उड़ान, छत्तीसगढ़ में 1.12 लाख से अधिक वेंडर्स को मिला आर्थिक संबल

 रायपुर। कभी सड़क किनारे ठेला लगाकर सब्जियां बेचने वाले, चाय-नाश्ते की छोटी दुकान चलाने वाले या फिर फुटपाथ पर रोजी-रोटी कमाने वाले लाखों स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों) के लिए पूंजी की कमी सबसे बड़ी चुनौती थी। बैंक ऋण तक पहुंच नहीं होने के कारण उनका व्यवसाय सीमित था। लेकिन प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना ने इन छोटे उद्यमियों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिखी है।

छत्तीसगढ़ में इस योजना के माध्यम से अब तक 1 लाख 12 हजार 36 से अधिक स्ट्रीट वेंडर (पथ विक्रेताओं) को 256 करोड़ 94 लाख रुपये से अधिक की ऋण सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। योजना ने न केवल उनके कारोबार को मजबूती दी है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका का नया अवसर भी प्रदान किया है।

कोविड-19 महामारी के दौरान आजीविका पर पड़े गंभीर प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 1 जून 2020 को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (च्ड ैट।छपकीप) योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर को बिना गारंटी कार्यशील पूंजी ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपने व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें और उसका विस्तार कर सकें। योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी प्रकार की गारंटी की आवश्यकता नहीं होती। समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राहियों को अगले चरण में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

योजना के तहत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। प्रथम चरण में 10,000 रूपए तक का ऋण, द्वितीय चरण में 20,000 रूपए तक का ऋण तथा तृतीय चरण में 50,000 रूपए तक का ऋण दिया जाता है। अर्थात इस योजना के अंतर्गत न्यूनतम 10 हजार रुपये से लेकर अधिकतम 50 हजार रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण सहायता प्राप्त की जा सकती है। समय पर पुनर्भुगतान करने वाले हितग्राही ही अगले चरण के लिए पात्र बनते हैं।

पीएम स्वनिधि योजना का लाभ उन छोटे कारोबारियों को मिलता है जो सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर वस्तुएं एवं सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। इनमें सब्जी एवं फल विक्रेता, चाय, नाश्ता एवं फास्ट फूड विक्रेता, पान दुकान संचालक, कपड़ा एवं रेडीमेड वस्त्र विक्रेता, जूता-चप्पल विक्रेता, किताब एवं स्टेशनरी विक्रेता, फूल एवं पूजा सामग्री विक्रेता, मोबाइल एक्सेसरीज विक्रेता, नाई, मोची, लॉन्ड्री जैसी सेवाएं देने वाले स्वरोजगारी, जैसे अनेक छोटे व्यवसाय शामिल हैं।छत्तीसगढ़ में योजना का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और धमतरी जैसे जिलों में हजारों पथ विक्रेताओं को ऋण सहायता प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर 267.22 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के विरुद्ध 256.94 करोड़ रुपये से अधिक का वितरण किया जा चुका है, जिससे 1.12 लाख से अधिक हितग्राही लाभान्वित हुए हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि पीएम स्वनिधि योजना केवल ऋण वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का एक व्यापक अभियान है। इससे स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, उनकी आय में वृद्धि हो रही है और वे अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर पा रहे हैं। आज छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों में हजारों पथ विक्रेता इस योजना के सहारे अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना वास्तव में उन मेहनतकश हाथों को आर्थिक संबल देने का माध्यम बनी है, जो अपने परिश्रम से शहरों की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करते हैं।

दो सहायक डाक अधीक्षक और 12 निरीक्षकों के तबादले

दो सहायक डाक अधीक्षक और 12 निरीक्षकों के तबादले

 रायपुर। सीपीएमजी छत्तीसगढ़ अजय सिंह चौहान ने परिमंडल में दो सहायक डाक अधीक्षक (एएसपी) और 12 निरीक्षकों के तबादले किए हैं।इन आदेशों को लेकर असमानता की चर्चाएं हो रही हैं। इनमे जीआर देवांगन की बिलासपुर के उसी आफिस में कुर्सी बदली गई है तो पिछले तबादले में बिलासपुर भेजे गए पंकज मिश्रा पुन: रायपुर स्थानांतरित किए गए हैं।
जारी आदेशानुसार एएसपी दुर्गेश कुमार जायसवाल को अबूझमाड़ से परलकोट, छबिलाल पटेल को रायगढ़ से अबूझमाड़ उप संभाग स्थानांतरित किया गया है। एक अन्य आदेश अनुसार डाक निरीक्षक विक्रम सिंह को रायपुर से रायगढ़, गणेश राम देवांगन ओएस बिलासपुर से सीआई बिलासपुर, कुंदन कुमार तुरकर कांकेर से रायगढ़, निखिल गौतम गुंडरदेही से आईआरएम दुर्ग, पंकज मिश्रा बिलासपुर वैस्ट से सीओ रायपुर, अनूपचंद गुप्ता जमनीपाली कोरबा से गुंडरदेही, आरएस मिश्रा कोंडागांव से जमनीपाली, लोकपाल साहू सीओ रायपुर से रायपुर- टू, भोजराम पटेल दुर्ग से सीओ रायपुर भेजा गया है। इसी तरह से अमित दास बलरामपुर से गरियाबंद, रामकुमार पात्रे जगदलपुर से बैकुंठपुर (स्वैच्छिक आवेदन पर) स्थानांतरित किए गए हैं। वहीं ओपी पटेल को भी आवेदन पर एक वर्ष का विस्तार दिया गया है।

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका

 रायपुर। फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल  रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।

राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से देश और दुनिया को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।
राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्कृति विभाग के संचालक श्री संजय कन्नौजे ने दिया। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्युमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

सीएम हेल्पलाइन 1076 से मिली त्वरित राहत, शिकायत पर आवेदक को मिली डिजिटल किसान किताब

सीएम हेल्पलाइन 1076 से मिली त्वरित राहत, शिकायत पर आवेदक को मिली डिजिटल किसान किताब

 00 राजस्व विभाग ने समयबद्ध निराकरण कर मोबाइल पर उपलब्ध कराई ऋण पुस्तिका

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए संचालित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 लोगों के लिए भरोसेमंद मंच बनकर उभरी है। इस व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निराकरण कर आमजन को राहत पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में सरगुजा जिले में राजस्व विभाग से संबंधित एक शिकायत का शीघ्र निराकरण करते हुए आवेदक को डिजिटल किसान किताब उपलब्ध कराई गई। आवेदक  संतोष कुमार रजक ने 10 जून 2026 को टोकन क्रमांक बीबी 260600003692 के माध्यम से शिकायत दर्ज कर बताया था कि जेजे मिंज पिता स्वर्गीय काशी मिंज के नाम दर्ज भूमि के बंटवारे के बाद नई ऋण पुस्तिका (किसान किताब) उपलब्ध नहीं कराई गई है।

शिकायत प्राप्त होते ही तहसील कार्यालय अम्बिकापुर द्वारा मामले की जांच कराई गई। संबंधित हल्का पटवारी के प्रतिवेदन में पाया गया कि ग्राम मेण्ड्राकला स्थित खसरा क्रमांक 332/2, 338/4, 444/3 एवं 456/3 की भूमि राजस्व अभिलेखों में विधिवत दर्ज है। जांच उपरांत संबंधित भूमि की डिजिटल किसान किताब तत्काल आवेदक के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेषित कर दी गई तथा इसकी सूचना भी उन्हें उपलब्ध करा दी गई। आवेदक ने शिकायत के त्वरित निराकरण पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा जिला प्रशासन का आभार जताया। यह उदाहरण दर्शाता है कि शासन की जनहितकारी पहलें आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ के मिले प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ के मिले प्रस्ताव

00 इन्वेस्टर कनेक्ट में हैदराबाद के निवेशकों को मुख्यमंत्री साय का न्योता
00 आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा के क्षेत्र में खुली 7,800 रोजगार की राह
रायपुर।
छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए रेड कारपेट बिछा हुआ है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए इन्विटेशन टू इन्वेस्ट (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं। सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए 4,200 करोड़ रूपए के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।

फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने 1,000 करोड़ रूपए के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे। सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है। श्री सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने 528 करोड़ रूपए के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमश: लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे। हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें गूगल इंडिया, आईबीएम, पॉलीकैब इंडिया, पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चौरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री ऋतु सेन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारीगण शामिल थे।

राज्यपाल के कर-कमलों से हुआ पूजा अग्रवाल की पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन

राज्यपाल के कर-कमलों से हुआ पूजा अग्रवाल की पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन

 ​रायपुर :- ​साहित्यिक सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आज राजभवन (लोक भवन) में लेखिका पूजा अग्रवाल द्वारा लिखित पुस्तक 'माटी के पंख' का विमोचन माननीय राज्यपाल महोदय रमेन डेका जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

​इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने लेखिका को उनकी इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विमोचन समारोह के दौरान पुस्तक की विषयवस्तु और लेखिका के लेखन कौशल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और 'माटी के पंख' जैसे सृजन निश्चित रूप से पाठकों के लिए प्रेरणादायी सिद्ध होंगे।
​इस विशेष अवसर की जानकारी छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपाल महोदय के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी साझा की गई है, जहाँ से इसे व्यापक सराहना मिल रही है। राज्यपाल महोदय ने पुस्तक के विषय और संदेश की सराहना करते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता वर्तमान समय की आवश्यकता है।
​अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लेखिका पूजा अग्रवाल ने कहा कि,  राज्यपाल महोदय के सानिध्य में अपनी पुस्तक का विमोचन होना मेरे लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य का क्षण है। उनकी प्रेरणा और आशीर्वाद मुझे भविष्य में और अधिक बेहतर लेखन के लिए प्रोत्साहित करेंगे।"
​'माटी के पंख' प्रकृति संरक्षण का संदेश देती है, जो आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इस पुस्तक में पूजा अग्रवाल की लिखी हुई 21 कहानियाँ हैं, जो न केवल प्रकृति के साथ हमारे गहरे जुड़ाव को दिखाती हैं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी मनुष्य के हौसलों को बयां करती हैं। इसमें दयालुता, प्रकृति से प्रेम, पेड़-पौधों से जुड़ाव और माटी की गरिमा का संदेश निहित है। यह किताब हमें सिखाती है कि स्क्रीन की दुनिया से परे भी एक बहुत सुंदर दुनिया है, जहाँ दूसरों की मदद करना ही ईश्वर की असली पूजा है। यह किताब कभी हार न मानने का हौसला रखने और हर परिस्थिति में मुस्कुराने का भी संदेश देती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के पाठक के लिए इसमें एक प्यारा संदेश है।
CG – नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बस स्टैंड में लाखों की हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

CG – नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, बस स्टैंड में लाखों की हेरोइन के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

 रायपुर। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से दो हेरोइन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8.75 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 70 हजार रुपये बताई जा रही है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलौदाबाजार निवासी ऋषि साहू और भिलाई निवासी हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। दोनों संदिग्ध गतिविधियों के दौरान अंतर्राज्यीय बस स्टैंड क्षेत्र में पकड़े गए। तलाशी लेने पर उनके पास से हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

प्रारंभिक जांच में पुलिस आरोपियों के नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क और हेरोइन की सप्लाई चेन के संबंध में जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

यह पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। ANTF की इस कार्रवाई को राजधानी में नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी चोट माना जा रहा है।

किसान ने खाया जहर, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम, परिजनों ने तहसीलदार और पुलिस पर लगाए ये आरोप

किसान ने खाया जहर, इस वजह से उठाया खौफनाक कदम, परिजनों ने तहसीलदार और पुलिस पर लगाए ये आरोप

 रायगढ़। जिले से किसान द्वारा आत्महत्या की कोशिश का मामला सामने आया है। जहां केलो परियोजना के तहत खेत के बीच से नहर बनाने से नाराज एक किसान ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की है। किसान की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। पूरा मामला रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम लिंजीर का है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम लिंजीर निवासी रविशंकर गुप्ता अपनी कृषि भूमि के बीच से प्रस्तावित नहर निर्माण का विरोध कर रहे थे। प्रशासनिक अमला और पुलिस बल नहर निर्माण कार्य के लिए मौके पर पहुंचा था। महिला तहसीलदार की मौजूदगी में निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी, जिसका किसान ने विरोध किया।

परिजनों के मुताबिक, रविशंकर गुप्ता का कहना था कि नहर को उनकी खेती योग्य जमीन के बजाय पास स्थित शासकीय भूमि से निकाला जाए। उनका आरोप है कि केलो परियोजना के लिए पहले ही उनकी 7 से 8 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है, जिसके कारण वे और जमीन देने को तैयार नहीं थे। इसी बीच प्रशासनिक कार्रवाई नहीं रुकने से आक्रोशित किसान ने जहर खा लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर अवस्था में किसान को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।

किसान के परिजनों ने तहसीलदार और पुलिस पर दबाव बनाकर जमीन खाली कराने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन की ओर से मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है।

कोनी-मोपका बायपास के लिए निविदा को मंजूरी, 13.4 किमी फोरलेन सीमेंट क्रांकीट सड़क बनेगी

कोनी-मोपका बायपास के लिए निविदा को मंजूरी, 13.4 किमी फोरलेन सीमेंट क्रांकीट सड़क बनेगी

 रायपुर। राज्य शासन ने बिलासपुर में कोनी (सेंदरी)-मोपका बायपास सड़क के लिए 75 करोड़ 73 लाख रुपए की निविदा को मंजूरी दे दी है। इस राशि से 13.40 किलोमीटर फोरलेन सीमेंट क्रांकीट सड़क का निर्माण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर संभाग क्रमांक-1 के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित समयावधि में काम पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए मापदंडों के अनुरूप सड़क का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा है।
लोक निर्माण विभाग ने कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्य का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्य किसी अन्य को सब-लेट नहीं किया जाएगा तथा कार्य संपादन के लिए पावर-ऑफ-अटॉर्नी मान्य नहीं होगी। राज्य शासन ने अनुबंध से पहले ठेकेदार से एपीएस (अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी) की राशि का एफडीआर प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री राजवाड़े की पहल से बृजेश्वर सागर जलाशय के नवीनीकरण हेतु 4.94 करोड़ स्वीकृत

मंत्री राजवाड़े की पहल से बृजेश्वर सागर जलाशय के नवीनीकरण हेतु 4.94 करोड़ स्वीकृत

 00 464 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा होगी सुदृढ़, किसानों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ

रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के सतत प्रयासों से सूरजपुर जिले के विकासखंड भैयाथान स्थित बृजेश्वर सागर जलाशय योजना के नवीनीकरण कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 13 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा तथा किसानों को बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत इस कार्य के पूर्ण होने पर 464 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। इससे किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा, कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सिंचाई संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। बृजेश्वर सागर जलाशय के नवीनीकरण से भैयाथान क्षेत्र के किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और खेती अधिक लाभकारी बन सकेगी। योजना के क्रियान्वयन के लिए मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग, अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। यह परियोजना क्षेत्र में जल संरक्षण एवं कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स : बिना रेरा पंजीयन विज्ञापन पर 10 लाख का दंड, पंजीयन तक क्रय-विक्रय पर रोक

गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स : बिना रेरा पंजीयन विज्ञापन पर 10 लाख का दंड, पंजीयन तक क्रय-विक्रय पर रोक

 रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। साथ ही परियोजना के रेरा पंजीयन प्राप्त होने तक किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय एवं विक्रय संबंधी गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण द्वारा जांच के दौरान यह पाया गया कि संबंधित प्रमोटर ने भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3(1) के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए परियोजना का रेरा पंजीयन कराए बिना सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्लॉटों की कीमतों तथा परियोजना से संबंधित जानकारी का विज्ञापन एवं प्रचार-प्रसार किया।

रेरा अधिनियम के अनुसार किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का पंजीयन कराए बिना उसका विज्ञापन, विपणन अथवा विक्रय नहीं किया जा सकता। प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीर मानते हुए अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत प्रमोटर पर 10 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की है। सीजीरेरा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित परियोजना में रेरा पंजीयन प्राप्त होने तक किसी भी प्रकार की बुकिंग, क्रय-विक्रय अथवा विक्रय संबंधी गतिविधियां संचालित नहीं की जाएंगी।

प्राधिकरण ने पुन: स्पष्ट किया है कि बिना रेरा पंजीयन किसी भी भू-संपदा परियोजना का विज्ञापन, विपणन अथवा विक्रय करना कानूनन प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीजीरेरा ने आम नागरिकों एवं संभावित गृह क्रेताओं से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पूर्व उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें तथा केवल पंजीकृत परियोजनाओं में ही निवेश करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की वित्तीय या कानूनी जटिलताओं से बचा जा सके।

सुशासन तिहार में मछुआ सहकारी समिति को मिला एनएफडीपी प्रमाण पत्र और मत्स्य जाल

सुशासन तिहार में मछुआ सहकारी समिति को मिला एनएफडीपी प्रमाण पत्र और मत्स्य जाल

 00 मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा, मछुआरों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के समापन अवसर पर राज्य सरकार की मत्स्य विकास एवं मछुआ कल्याण योजनाओं के तहत सूरजपुर जिले के ओडग़ी विकासखंड स्थित कालामाजन जलाशय में मत्स्य पालन कार्य कर रही आदिवासी मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, कालामाजन को राष्ट्रीय मत्स्य विकास कार्यक्रम (एनएफडीपी) के अंतर्गत प्रमाण पत्र एवं मत्स्य जाल प्रदान किए गए। इस पहल से समिति के सदस्यों को आधुनिक मत्स्य पालन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  रामसेवक पैकरा ने समिति के प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र एवं मत्स्य जाल वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंत्री प्रतिनिधि श्री ठाकुर प्रसाद राजवाड़े ने की। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि राज्य शासन मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास, मछुआरों की आजीविका सुदृढ़ करने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र मछुआ समितियों और हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है।

जिला प्रशासन सूरजपुर के मार्गदर्शन में मत्स्य विभाग द्वारा जिले में मत्स्य विकास संबंधी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। कालामाजन जलाशय में कार्यरत समिति को मिली इस सहायता से मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होने के साथ-साथ सदस्यों की आय और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं आधुनिक मत्स्य पालन को प्रोत्साहन मिलेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कुसुम सिंह, जनपद पंचायत ओडग़ी की अध्यक्ष इन्द्रमणि पैकरा, मंडल अध्यक्ष  सत्यनारायण पैकरा सहित जनप्रतिनिधियों, मत्स्य विभाग के अधिकारियों, समिति के सदस्यों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। लाभार्थी समिति के प्रतिनिधियों ने राज्य शासन, जिला प्रशासन और मत्स्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राप्त संसाधनों से मत्स्य पालन गतिविधियों का विस्तार और बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।

ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026-27 का समापन

ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026-27 का समापन

 रायपुर। जिला प्रशासन एवं खेल एवं युवा कल्याण, जिला रायपुर द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 2026-27 का समापन समारोह स्वामी विवेकानंद स्टेडियम, कोटा रायपुर में हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में निगम आयुक्त संबित मिश्रा उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान खिलाडिय़ों द्वारा कराते, किक बॉक्सिंग एवं वेटलिफ्टिंग खेलों का आकर्षक एवं रोमांचक प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया। खिलाडिय़ों की प्रतिभा, अनुशासन एवं प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में शिविर का प्रतिवेदन पाठ किया गया। प्रतिवेदन में शिविर की अवधि, विभिन्न खेल विधाओं में सहभागिता, खिलाडिय़ों की संख्या तथा प्रशिक्षण से प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की गई।

खेल अधिकारी  प्रवेश जोशी ने बताया कि 11 मई से 31 मई 2026 तक आयोजित 21 दिवसीय शिविर में 19 खेल विधाओं के कुल 1110 खिलाडिय़ों ने सहभागिता की। शिविर का उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को खेलों से जोडऩा एवं नियमित खेल गतिविधियों के लिए प्रेरित करना रहा।समापन समारोह में विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी, प्रशिक्षकगण, खेल अधिकारी, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

खनिज विभाग की कार्यवाही दो क्रशर जप्त कर खदान संचालन कराया बंद

खनिज विभाग की कार्यवाही दो क्रशर जप्त कर खदान संचालन कराया बंद

 रायपुर। खनिज विभाग द्वारा निरंतर अवैध उत्खनन पर कार्यवाही की जा रही है। खनिज विभाग की टीम ने डुलना, गोबरा नवापारा स्थित निम्न श्रेणी चूनापत्थर खदानों व क्रशर/भंडारण क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर दो क्रशर जप्त किये गये तथा खदान संचालन बंद कराया गया। दर्ज प्रकरणों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21 से 23 (ख) के अधीन अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।