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CG – राजधानी में बड़ी लूट : गैस एजेंसी के मैनेजर से 10 लाख की लूट, बदमाशों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम

CG – राजधानी में बड़ी लूट : गैस एजेंसी के मैनेजर से 10 लाख की लूट, बदमाशों ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम

 रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लूट की बड़ी वारदात सामने आई है। जहां गैस एजेंसी के मैनेजर से 10 लाख की लूट हो गई। घटना के बाद पीड़ित मैनेजर ने तत्काल इसकी सूचना डीडी नगर थाना पुलिस को दी। पुलिस नाकेबंदी कर आरोपी लुटेरों की तलाश में जुट गई है। घटना डीडी नगर थाना क्षेत्र की है।

जानकारी के मुताबिक, श्रवण साहू महोबा बाजार निवासी टाटीबंध गैस एजेंसी में मैनेजर के पद पर है। पेमेंट लेने के लिए अग्रसेन चौक स्थित गैस ऑफिस आया हुआ था। पेमेंट उठाने के बाद वापस अपनी कार में सवार होकर मेन ब्रांच टाटीबंध लौट रहा था।

इसी दौरान डगनिया बाजार के पास एक बाइक पर सवार तीन लूटेरे कार को रूकवाए और मैनेजर से मारपीट करने लगे। घटना के दौरान एक आरोपी कार के अंदर रखे 10 लाख से भरे बैग को लेकर तीनों फरार हो गए।

पीड़ित के मुताबिक, तीनों लूटेरे अपना मुंह स्कार्फ से ढके हुए थे। लूट की घटना के बाद पीड़ित मैनेजर ने तत्काल इसकी शिकायत डीडी नगर पुलिस से की। डीडी नगर थाना प्रभारी गौतम गावड़े मौके पर पहुंचे और घटना की जांच की जा रही है। साथ ही पीड़ित से भी घटना को लेकर पूछताछ जारी है।

वहीं, पुलिस शहर में नाकेबंदी कर लूटेरों की तलाश कर रही है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा।

CG – गैस सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा, SECL डिप्टी मैनेजर की मौत

CG – गैस सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा, SECL डिप्टी मैनेजर की मौत

 कोरिया। SECL चरचा कॉलरी में एक हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। कॉलरी के डिप्टी मैनेजर के.बी. नंदन की उनके ही विभागीय आवास में आग से झुलसकर दर्दनाक मृत्यु हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि तेज धमाके की आवाज सुनकर पूरी कॉलोनी दहल उठी और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार के.बी. नंदन चाइना ब्लॉक स्थित विभागीय आवास क्रमांक C-25 में निवासरत थे। उनकी पत्नी और छोटा पुत्र अपने गृहग्राम रांची गए हुए थे, जबकि घर में केवल वे और उनका बड़ा पुत्र मौजूद थे। रात लगभग 9:30 बजे उनका पुत्र घर के बाहर परिसर में था। इसी दौरान घर में अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास रहने वाले अधिकारी अपने घरों से बाहर निकल आए। जब लोगों ने नंदन के आवास की ओर देखा तो घर के भीतर आग की लपटें उठ रही थीं। बाहर खड़ा उनका पुत्र बेसुध होकर चिल्ला रहा था – पापा अंदर हैं… पापा अंदर हैं…

अधिकारियों ने दिखाई बहादुरी, लेकिन नहीं बच सकी जान…..स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास रहने वाले अधिकारी जी.एम. गुप्ता, निलेश अवधिया, मदन गोपाल, जे.पी. सोनी, अतुल चिंचोलकर सहित अन्य लोग तत्काल मदद के लिए पहुंचे। खिड़की से झांककर देखा गया तो रसोईघर में भीषण आग लगी हुई थी और के.बी. नंदन आग की चपेट में थे। तत्काल SECL रेस्क्यू टीम फायर ब्रिगेड और नगर सेना को सूचना दी गई। लोगों ने मुख्य दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह अंदर से बंद था दरवाजे में सेंटर लॉक लगा हुआ था काफी मशक्कत के बाद दरवाजा तोड़ा गया। अंदर पहुंचने पर रसोई का दरवाजा भी भीतर से बंद मिला। साहस का परिचय देते हुए अधिकारियों ने उसे भी तोड़ दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंदर का वीभत्स दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। के.बी. नंदन पूरी तरह झुलस चुके थे और गैस सिलेंडर से लगातार आग निकल रही थी। जान जोखिम में डालकर उन्हें बाहर निकाला गया और तत्काल क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दियाघटना की सूचना मिलते ही पूरे कॉलरी क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक क्षेत्रीय चिकित्सालय चरचा पहुंच गए। चरचा माइंस के क्षेत्रीय प्रबंधक संजय कुमार सिंह भी अस्पताल पहुंचे और गहरा शोक व्यक्त करते हुए आवश्यक निर्देश दिए।

राज्यपाल डेका से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने की सौजन्य भेंट

राज्यपाल डेका से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष सुश्री साध्वी निरंजन ज्योति ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर नेहरू राम निषाद, एमएस चंद्र कांति वर्मा एवं अमित श्रीवास्तव उपस्थित थे।

जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका

जल संरक्षण का महाअभियान: मनरेगा से गांवों में बढ़ रहा जल भंडार, हरियाली और आजीविका

 00 मोर गांव-मोर पानी अभियान से जल संरक्षण बना जनआंदोलन, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि को मिली नई गति

रायपुर। जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित मोर गांव-मोर पानी महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है।

अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है। इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है।
जल संरक्षण से आजीविका का सृजन
राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोडऩे की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं। इसी प्रकार नवा तरिया-आय के जरिया पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोडऩे की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है।

पहाडिय़ों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन
प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (स्ष्टञ्ज) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है।
तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा
मोर गांव-मोर पानी अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए त्रढ्ढस् आधारित युक्तधारा प्लानिंग, सीएलएआरटी एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है। भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल
मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है।

भागीदारी से साझेदारी की ओर
जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ का मोर गांव-मोर पानी अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।

उप मुख्यमंत्री साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

उप मुख्यमंत्री साव ने सायकल चलाकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

 00 सन्डे ऑन सायकल कार्यक्रम में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित सन्डे ऑन सायकल कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पाण्डेय और कलेक्टर आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

भारत ने रचा इतिहास, पुरुष टीम बनी U-18 एशिया कप चैंपियन, महिला टीम ने जीता कांस्य पदक

भारत ने रचा इतिहास, पुरुष टीम बनी U-18 एशिया कप चैंपियन, महिला टीम ने जीता कांस्य पदक

 वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर-- भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए U-18 एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर देश को गौरवान्वित किया है। वहीं भारतीय महिला U-18 हॉकी टीम ने भी उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल कर भारत का मान बढ़ाया है।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने भारतीय पुरुष एवं महिला हॉकी टीम के सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम द्वारा U-18 एशिया कप का खिताब जीतना देश के लिए गौरव का क्षण है। साथ ही महिला टीम द्वारा कांस्य पदक जीतकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना भी भारतीय खेल प्रतिभा और समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन, टीम भावना और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि भारत की युवा हॉकी प्रतिभाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश खेलों के क्षेत्र में निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि देश को आप सभी पर गर्व है।

किसानों को खाद-बीज के लिए भटकना न पड़े, लापरवाही पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

किसानों को खाद-बीज के लिए भटकना न पड़े, लापरवाही पर कलेक्टर होंगे जिम्मेदार — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ शब्दों में कहा है कि प्रदेश के किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और छोटे एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस व्यवस्था की पूरी जवाबदेही संबंधित कलेक्टरों की होगी। गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित रायपुर संभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के फायदे बताने के निर्देश दिए।

करीब साढ़े तीन घंटे चली इस मैराथन बैठक में रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, महासमुंद और बलौदाबाजार जिलों की योजनाओं, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अवैध रेत उत्खनन पर तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। बैठक के दौरान सुपेबेड़ा क्षेत्र की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए तेल नदी पर एनीकट निर्माण हेतु 7 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और जनता को किसी भी योजना का लाभ लेने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन, आयुष्मान कार्ड, टीबी मुक्त पंचायत, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में तेजी लाने के निर्देश दिए। शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने AI आधारित तकनीकों के जरिए स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। साथ ही नए तीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति अभियान को भी गंभीरता से आगे बढ़ाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

 
CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक जल्द, कई जिलों में बारिश-आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

CG WEATHER : छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक जल्द, कई जिलों में बारिश-आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

 रायपुर।भीषण गर्मी और उमस से परेशान छत्तीसगढ़वासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-प श्चिम मानसून अगले 5 दिनों के भीतर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में पहुंच सकता है। प्रदेश में लोकल सिस्टम सक्रिय होने के कारण कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है।

शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि आने वाले दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, रायगढ़, कोरबा, जशपुर, सरगुजा और बलरामपुर समेत कई जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली और तेज अंधड़ को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है

इस बीच बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पेंड्रा रोड सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम वैज्ञानिक एच.पी. चंद्रा के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से अगले 24 घंटों में कई स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। राजधानी रायपुर में भी रविवार को बादल छाने, आंधी और बारिश के आसार जताए गए हैं, हालांकि पिछले कुछ दिनों से लगातार पूर्वानुमान के बावजूद बारिश नहीं होने से लोगों की उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं।

 
छत्तीसगढ़ के लाल आयुष पांडे का इंडिया 'A' टीम में चयन, प्रदेश में खुशी की लहर

छत्तीसगढ़ के लाल आयुष पांडे का इंडिया 'A' टीम में चयन, प्रदेश में खुशी की लहर

 श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम में मिली जगह, वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं

रायपुर--छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान युवा क्रिकेटर आयुष पांडे का इंडिया 'A' टीम के श्रीलंका दौरे के लिए चयन हुआ है। इस उपलब्धि से प्रदेश में हर्ष और गर्व का माहौल है। आयुष की इस सफलता को छत्तीसगढ़ के क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

आयुष पांडे के इंडिया 'A' टीम में चयन पर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री  ओपी चौधरी ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं दी हैं।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि आयुष का चयन उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट तकनीकी कौशल का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल आयुष और उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए भी गर्व का क्षण है।

चौधरी ने कहा कि प्रदेश के युवा खिलाड़ी आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। आयुष पांडे की यह सफलता अन्य युवा खिलाड़ियों को भी अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आयुष श्रीलंका दौरे पर शानदार प्रदर्शन कर भारतीय क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाएंगे और भविष्य में देश एवं छत्तीसगढ़ का नाम और अधिक गौरवान्वित करेंगे।

ब्रेकिंग : SDM ने की बड़ी कार्रवाई, पटवारी को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

ब्रेकिंग : SDM ने की बड़ी कार्रवाई, पटवारी को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित

 गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। जिले में फर्जी नामांतरण और पैतृक जमीन से जुड़े मामले में पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद पटवारी रविंद्र कश्यप (पटवारी हल्का नंबर 24, करगीकला) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस आशय का आदेश अनुविभागीय राजस्व के हस्ताक्षर से जारी हुआ है।

​शिकायतकर्ता सावन सिंह और तीन अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर के समक्ष एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, भू-माफियाओं ने मिलीभगत कर उनकी पैतृक संपत्ति का फर्जी फौती नामांतरण किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज करा दिया। इतना ही नहीं, जालसाजों ने उस जमीन की रजिस्ट्री कराकर बची हुई भूमि को भी बेचने का प्रयास किया। पीड़ितों ने इस मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।

​जांच में संदिग्ध पाई गई पटवारी की भूमिका मामले में शिकायत होने के बाद ​कलेक्टर के निर्देश पर जब इस मामले की प्रारंभिक जांच की गई, तो प्रथम दृष्टया पटवारी रविन्द्र कश्यप की भूमिका बेहद संदिग्ध पाई गई। जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम के सर्वथा विपरीत और घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है। ​

CG कांग्रेस में नियुक्तियां : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, 5 मुख्य और 3 वरिष्ठ प्रवक्ताओं की नियुक्ति

CG कांग्रेस में नियुक्तियां : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़ा संगठनात्मक बदलाव, 5 मुख्य और 3 वरिष्ठ प्रवक्ताओं की नियुक्ति

 रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपने संचार विभाग में 5 मुख्य प्रवक्ता और 3 वरिष्ठ प्रवक्ताओं की नियुक्ति की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के आदेशानुसार यह नियुक्ति आदेश की गई है। जारी आदेश में आरपी सिंह, अमित श्रीवास्तव, धनंजय सिंह, सुरेंद्र वर्मा और वंदना राजपूत को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है, जबकि नितिन भंसाली, सत्यप्रकाश और अभयनारायण राय को वरिष्ठ प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला की अनुशंसा पर यह नियुक्तियां की हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

CG – 2 भाइयों की मौत : दादा के दशगात्र में शामिल होने दिल्ली से आए थे, ऐसे हुए हादसे के शिकार

CG – 2 भाइयों की मौत : दादा के दशगात्र में शामिल होने दिल्ली से आए थे, ऐसे हुए हादसे के शिकार

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा से दर्दनाक हादसा सामने आया है। जहां दो सगे मासूम भाइयों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे अपने दादा के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने एक दिन पहले दिल्ली से गांव पहुंचे थे। घर के बुजुर्ग की मौत के मातम में डूबे  परिवार के लिए यह घटना किसी वज्रपात से कम नहीं है।

ग्राम नरगोड़ा निवासी किशोर कुमार खरे के बेटे ऋषभ कुमार खरे (11) और रितेश कुमार खरे (13) अपने पिता के साथ दिल्ली में रहते थे। उनके पिता वहां मजदूरी करते हैं। बच्चों के दादा का हाल ही में निधन हुआ था और शुक्रवार को उनका दशगात्र कार्यक्रम होना था। इसी कार्यक्रम में शामिल होने पूरा परिवार गांव पहुंचा था। दोनों भाई अपने साथी निहाल के साथ गांव के नया तालाब में नहाने गए। नहाने के दौरान दोनों भाई तालाब के गहरे हिस्से में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद निहाल तालाब की मेढ़ पर बैठा हुआ था। उसने बच्चों को डूबते देखा तो शोर मचाया, लेकिन आसपास कोई मौजूद नहीं था। इसके बाद वह दौड़कर बच्चों के घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण तालाब पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर सीपत गांव पहुंची, पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

ग्रामीणों ने बताया, गांव पहुंचने के बाद दोनों बच्चे परिवार के अन्य सदस्यों के साथ इसी तालाब में नहाने गए थे। तेज गर्मी के कारण दोनों फिर अपने दोस्त के साथ तालाब पहुंच गए। बताया जा रहा है कि दोनों भाइ‌यों को तैरना नहीं आता था। नहाते समय वे अनजाने में गहरे पानी की ओर चले गए और हादसे का शिकार हो गए।

CG – कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत NSUI नेताओं पर FIR दर्ज, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई

CG – कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत NSUI नेताओं पर FIR दर्ज, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई

 बिलासपुर। NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में बिलासपुर में आयोजित प्रदर्शन अब कानूनी विवाद में बदल गया है। प्रदर्शन के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने कांग्रेस और NSUI से जुड़े कई नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रदर्शनकारी भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, जिला शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार 3 जून को NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के बंगले का घेराव करने के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारियों को बंगले तक पहुंचने से रोके जाने के बाद वे कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए, जहां प्रदर्शन के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति निर्मित हुई।

पुलिस ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने अवैध रूप से रास्ता बाधित किया और बलवा जैसी स्थिति पैदा की। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 190, 191(2), 292 और 293 के तहत मामला दर्ज किया गया है।बताया जा रहा है कि NEET पेपर लीक के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौजूद थे।

CG – जिंदा मरीज को डॉक्टरों ने बताया मरा हुआ, परिजनों ने भी सजा ली अर्थी, फिर जो हुआ…..

CG – जिंदा मरीज को डॉक्टरों ने बताया मरा हुआ, परिजनों ने भी सजा ली अर्थी, फिर जो हुआ…..

  रायपुर। राजधनी रायपुर के एक निजी अस्पताल की अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। अस्पताल के डॉक्टरों ने एक जीवित युवक को मृत घोषित कर उसकी ‘डेड बॉडी’ परिजनों के हवाले कर दी। परिजन रोते-बिलखते शव को घर ले आए और जब अंतिम संस्कार की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, तभी युवक के हाथ-पैर हिलने लगे और उसकी सांसें चलती पाई गईं। बदहवास परिजन उसे तुरंत रायपुर के मेकाहारा अस्पताल लेकर भागे, जहां इलाज के दौरान आखिरकार कल रात युवक ने दम तोड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुरानी भिलाई के देव बलौदा का रहने वाला युवक बीती 3 जून को अपने घर के बाथरूम में अचानक गिर गया था। गिरने की वजह से उसकी पसली टूट गई थी और अंदरूनी चोटें आई थीं। गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे इलाज के लिए भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।

निजी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने परिजनों को कह दिया कि युवक की मौत हो चुकी है और औपचारिकताएं पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया। घर में मातम का माहौल था, शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच कुछ रिश्तेदारों की नजर युवक के शरीर पर पड़ी।

परिजनों के अनुसार “हम सब अंतिम विदाई की तैयारी कर रहे थे कि अचानक उसके हाथ-पैर हिलने लगे। हमने ध्यान से देखा तो उसकी सांसें चल रही थीं। हम सब स्तब्ध रह गए। हमने तुरंत उसे पानी पिलाया, जिसे उसने निगल भी लिया। अस्पताल की इस हरकत से हमारी उम्मीदें फिर जाग गईं।”

युवक में जान बाकी देख परिजन बिना वक्त गंवाए उसे लेकर रायपुर के अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उसे आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया। हालांकि, निजी अस्पताल की लापरवाही की वजह से इलाज में हुए विलंब और गंभीर स्थिति के कारण कल रात इलाज के दौरान युवक की आखिरकार मौत हो गई।

इस खौफनाक घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। बिना पूरी तरह पल्स और ईसीजी (ECG) चेक किए किसी जीवित इंसान को मृत घोषित कर देना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। परिजनों ने आरोपी निजी अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और उनका लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पीपल का पौधारोपण

मुख्यमंत्री साय ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पीपल का पौधारोपण

 पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, जनप्रतिनिधियों ने भी किया वृक्षारोपण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में शामिल होने गरियाबंद पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जिला पंचायत कार्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गत वर्ष ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत की गई थी। यह अभियान लोगों को अपनी माताओं के सम्मान में पौधारोपण के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी पूरे देश में यह अभियान उत्साहपूर्वक संचालित किया जा रहा है तथा इसके तहत प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। कार्यक्रम में राजिम विधायक रोहित साहू,बिन्द्रानवागढ़ विधायक  जनक ध्रुव, जिला पंचायत अध्यक्ष  गौरीशंकर कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री साव के बस्तर प्रवास का दूसरा दिन : मिशन अमृत, राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री साव के बस्तर प्रवास का दूसरा दिन : मिशन अमृत, राष्ट्रीय राजमार्ग और तालाब सौंदर्यीकरण कार्यों का किया निरीक्षण

 00 निर्माणाधीन सड़कों और पुलों की वजह से बरसात में लोगों को आवाजाही में न हो परेशानी

रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के दूसरे दिन आज कोण्डागांव में विभिन्न विकास एवं अधोसंरचना निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर उनकी प्रगति की जानकारी की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसियों को गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखते हुए सभी कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री  साव ने कोंडागांव नगर पालिका में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत निर्माणाधीन जल प्रदाय योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रगतिरत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का जायजा लेकर परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को ठेकेदार के साथ बेहतर समन्वय बनाकर निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर कर कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 योजना के तहत कोण्डागांव में पेयजल आपूर्ति के लिए 9 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इस परियोजना के अंतर्गत कोण्डागांव से 25 किलोमीटर दूर कोसारटेडा बांध से पानी लाकर उसका शोधन कर नल कनेक्शनों के माध्यम से घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लगभग 104 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का 85 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। योजना के तहत दो ओवरहेड टैंकों का भी निर्माण किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कोपाबेड़ा में 3 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से किए जा रहे तालाब सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कोपाबेड़ा से शिव मंदिर तक निर्माणाधीन सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी जायजा लिया। लगभग 2.9 किलोमीटर लंबी यह सड़क 4 करोड़ 61 लाख रुपये की लागत से निर्मित की जा रही है। उप मुख्यमंत्री साव ने निर्माणाधीन कोण्डागांव-नारायणपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी के कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से सड़क के साथ ही इस मार्ग में बनने वाले पुल-पुलियों के निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने इस प्रगतिरत सड़क के कारण बरसात में लोगों को आवाजाही में कोई समस्या न हो, इसका खास ध्यान रखने को कहा। 

साव ने कोंडागांव के चिखलपुट्टी में नवनिर्मित बस स्टैंड का भी अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को यहां यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा बस स्टैंड के समुचित संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती नुपूर राशि पन्ना, नगर पालिका के अध्यक्ष श्री नरपति पटेल और उपाध्यक्ष श्री जसकेतू उसेंडी सहित लोक निर्माण, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने दिव्यांग नंदकुमार को स्कूटी प्रदान की

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने दिव्यांग नंदकुमार को स्कूटी प्रदान की

 00 दिव्यांग द्वारा समस्या बताने पर उप मुख्यमंत्री ने अगले दिन प्रदान की स्कूटी

रायपुर। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा की संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण कबीरधाम जिले में देखने को मिला। जिले के विकासखंड बोड़ला अंतर्गत ग्राम भलपहरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्राम बोरियाकांपा निवासी दिव्यांग नंदकुमार पटेल ने उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई और आवागमन की सुविधा के लिए स्कूटी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। नंदकुमार पटेल की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने तत्काल आवश्यक निर्देश दिए। उनके निर्देशों के अनुरूप आज उन्होंने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में खुद नंदकुमार को सहायक उपकरण वाली स्कूटी प्रदान की। उन्होंने नंदकुमार को स्कूटी चलाने का प्रशिक्षण भी दिया।

स्कूटी प्राप्त करने के बाद नंदकुमार की खुशी का ठिकाना नहीं था। उन्होंने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपने दैनिक कार्यों, सामाजिक गतिविधियों तथा आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे अधिक स्वतंत्रता के साथ अपने कार्य कर सकेंगे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं और सहायता का लाभ पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन पूर्ण प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, जरूरतमंदों और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। समय पर मिली छोटी-सी सहायता भी किसी व्यक्ति के जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए चयनित अभिषेक से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा, दी शुभकामनाएं

इसरो के युविका कार्यक्रम के लिए चयनित अभिषेक से मिले उप मुख्यमंत्री शर्मा, दी शुभकामनाएं

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र अभिषेक खरे की उपलब्धि पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए अपने कवर्धा निवास कार्यालय में उनसे मुलाकात की और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पीएम केंद्रीय विद्यालय महाराजपुर के कक्षा 10वीं के छात्र अभिषेक का चयन इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाईजेशन के प्रतिष्ठित युवा वैज्ञानिक कार्यक्रम (युविका) के लिए हुआ है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि अभिषेक की सफलता केवल उनके परिवार या विद्यालय की ही नहीं, बल्कि पूरे कबीरधाम जिले और छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। अभिषेक जैसे प्रतिभाशाली छात्र अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं। शर्मा ने अभिषेक को सम्मानित करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। उन्होंने अभिषेक को भविष्य में अंतरिक्ष विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया।

अभिषेक खरे का चयन इसरो के युविका कार्यक्रम में हुआ है, जिसके माध्यम से देशभर के मेधावी विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान की बारीकियों से अवगत कराया जाता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को इसरो के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करने और अंतरिक्ष गतिविधियों का व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलता है। अभिषेक की इस उपलब्धि से विद्यालय, परिवार और क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

उप मुख्यमंत्री साव ने 308 करोड़ की लागत से बन रहे केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण

उप मुख्यमंत्री साव ने 308 करोड़ की लागत से बन रहे केशकाल घाट बायपास रुट का किया निरीक्षण

 00 कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
रायपुर।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण कर बायपास के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साव ने अधिकारियों से कहा कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है। 
लोक निर्माण विभाग द्वारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कोंडागांव जिले के केशकाल शहर में केशकाल से सलना तक सड़क मजबूतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। साव नजदीक के बेड़मा गांव में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। विधायक नीलकंठ टेकाम और कलेक्टर नुपुर राशि पन्ना भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री व भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा गौर कल आ रहीं रायपुर

मध्यप्रदेश की राज्यमंत्री व भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा गौर कल आ रहीं रायपुर

 रायपुर। मध्यप्रदेश शासन के पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त घुमंतू एवं अर्धघुमंतू कल्याण विभाग की राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णा गौर 7 जून 2026 को रायपुर प्रवास पर रहेंगीं।
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू ने बताया कि मप्र की राज्यमंत्री गौर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 2:25 बजे रायपुर पहुंचेंगीं तथा अपराह्न 4 बजे भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा, छत्तीसगढ़ के प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में शामिल होकर संगठनात्मक विषयों, पिछड़ा वर्ग समाज के सशक्तीकरण एवं आगामी कार्यक्रमों के संबंध में मार्गदर्शन करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष एवं प्रमुख कार्यकर्ता इस बैठक में उपस्थित रहेंगे। बैठक में संगठन विस्तार, केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पिछड़ा वर्ग समाज के हितों से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

ठठारी गांव के ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में मुख्यमंत्री साय ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

ठठारी गांव के ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में मुख्यमंत्री साय ने की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सक्ती जिले के जैजैपुर विकासखंड स्थित ग्राम ठठारी पहुंचकर ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री साय ने भगवान विष्णु से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की आस्था, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। स्थानीय जनश्रुतियों के अनुसार यहां स्थापित भगवान विष्णु की प्रतिमा चौथी शताब्दी की मानी जाती है, जो इस स्थल की ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक विशेष बनाती है।

उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय लगातार प्रदेश के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। वे गांवों में पहुंचकर आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, जनसमस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक ले रहे हैं।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री साय ग्राम ठठारी में आयोजित जनचौपाल में भी शामिल हुए, जहां उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शासन की योजनाओं के लाभांवितों से चर्चा कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित और संवेदनशील निराकरण के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कमलेश जांगड़े, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल, कलेक्टर अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

जब बंदूक छूटी, तो हाथों में आया सुनहरा भविष्य : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी लिख रही विकास की नई कहानी

जब बंदूक छूटी, तो हाथों में आया सुनहरा भविष्य : सुकमा में आत्मसमर्पित युवाओं की जिंदगी लिख रही विकास की नई कहानी

 00 जिन हाथों में कभी हथियार थे, अब वे बनाएंगे गरीबों के आशियाने

 

00 सोड़ी हूंगी और पदम रैनू जैसे युवाओं के जीवन में लौटी उम्मीद, हुनर ने दिया सम्मान से जीने का नया आधार

 
 
 

रायपुर। बस्तर की पहचान लंबे समय तक संघर्ष, भय और नक्सल हिंसा के साये से जुड़ी रही है। सुकमा जैसे जिले के घने जंगलों में ऐसी कई पीढिय़ां बड़ी हुईं, जिन्होंने विकास से ज्यादा बंदूक की आवाज सुनी, स्कूल से ज्यादा भय देखा और सपनों से ज्यादा संघर्षों का सामना किया। लेकिन आज उसी सुकमा से एक ऐसी कहानी निकलकर सामने आ रही है, जो केवल बदलाव की नहीं, बल्कि उम्मीद और विश्वास की कहानी है।

 

यह कहानी उन युवाओं की है, जिन्होंने कभी हिंसा का रास्ता चुना था, लेकिन आज वे अपने हाथों में निर्माण के औजार लेकर समाज के विकास में भागीदार बनने की तैयारी कर रहे हैं। यह कहानी उन बेटियों की है, जिन्होंने जंगलों की अनिश्चित जिंदगी छोड़कर आत्मनिर्भरता का रास्ता चुना है। यह कहानी उस प्रशासनिक संवेदनशीलता की है, जिसने आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को केवल मुख्यधारा में लौटने का अवसर नहीं दिया, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीने का नया आधार भी दिया।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित पुनर्वास और कौशल विकास कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन सुकमा और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त प्रयासों से 25 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें 13 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। यह प्रशिक्षण केवल रोजगार देने का माध्यम नहीं, बल्कि जिंदगी को नए सिरे से गढऩे का अवसर बन गया है।
जंगलों की खामोशी से निर्माण स्थलों की रौनक तक
इन युवाओं का अतीत संघर्षों से भरा रहा है। जंगलों में बिताए वर्षों ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में जीना सिखाया, लेकिन भविष्य के सपने देखने का अवसर नहीं दिया। आज जब वे प्रशिक्षण केंद्र में ईंट जोडऩा, दीवार खड़ी करना और मकान बनाना सीख रहे हैं, तब वे केवल भवन निर्माण नहीं सीख रहे, बल्कि अपनी टूटी हुई उम्मीदों को भी फिर से जोड़ रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आधुनिक निर्माण तकनीक, माप-जोख, चिनाई, प्लास्टर और भवन निर्माण के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। आने वाले समय में यही युवा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में अपनी भूमिका निभाएंगे। जिन हाथों में कभी हथियार थे, वही हाथ अब किसी गरीब परिवार के सपनों का घर खड़ा करेंगे।

सोड़ी हूंगी : अब जिंदगी में डर नहीं, सपनों की जगह है
कोंटा क्षेत्र के अरलमपल्ली गांव की रहने वाली सोड़ी हूंगी उन महिलाओं में शामिल हैं, जिनके जीवन ने यह साबित किया है कि अवसर मिले तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन हों, बदलाव संभव है। हूंगी बताती हैं कि एक समय ऐसा था जब जीवन में हर दिन अनिश्चितता थी। लेकिन आत्मसमर्पण के बाद प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा, सम्मान और सीखने का अवसर दिया। आज वे राजमिस्त्री का प्रशिक्षण ले रही हैं और अपने भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। उनकी आंखों में आत्मविश्वास झलकता है जब वे कहती हैं, अब हम किसी पर बोझ नहीं रहेंगे। अपने हाथों की मेहनत से कमाएंगे और परिवार का सहारा बनेंगे। हूंगी जैसी कई महिलाओं के लिए यह प्रशिक्षण केवल रोजगार नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और स्वतंत्र पहचान का माध्यम बन गया है।
पदम रैनूरू सरकार ने हमें भटकने से बचाया
जगरगुंडा के मंडीमरका गांव के निवासी पदम रैनू की कहानी भी उतनी ही भावुक और प्रेरणादायक है। जंगलों में बीते वर्षों को याद करते हुए वे कहते हैं कि वहां जीवन केवल संघर्ष और अनिश्चितता का पर्याय था। न रहने का ठिकाना, न भविष्य की कोई गारंटी। हर दिन नई चिंता होती थी। लेकिन आज हमें रहने की सुविधा मिली है, सीखने का अवसर मिला है और सबसे बड़ी बात यह कि सम्मान मिला है। सरकार ने हमें भटकने से बचाया और जीने का नया रास्ता दिखाया। पदम की यह बात केवल उनकी व्यक्तिगत भावना नहीं, बल्कि उन सैकड़ों युवाओं की आवाज है, जिनके जीवन में पुनर्वास योजनाओं ने नया विश्वास पैदा किया है।

एक पहल जिसने बदल दी दो तस्वीरें
जिला प्रशासन की यह पहल केवल आत्मसमर्पित युवाओं के पुनर्वास तक सीमित नहीं है। इसका सकारात्मक प्रभाव जिले के विकास पर भी दिखाई दे रहा है। सुकमा के अनेक दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय से कुशल राजमिस्त्रियों की कमी महसूस की जाती रही है। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होती थी। अब प्रशिक्षित युवा न केवल अपने लिए रोजगार का रास्ता बना रहे हैं, बल्कि जिले के विकास कार्यों को भी नई गति देने वाले हैं। इस प्रकार एक ही पहल ने दो बड़े लक्ष्य साध लिए हैं, एक ओर युवाओं को सम्मानजनक जीवन का अवसर मिला, दूसरी ओर विकास कार्यों को स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन प्राप्त हुआ।
280 से अधिक युवाओं की जिंदगी में आया बदलाव
कलेक्टर श्री अमित कुमार बताते हैं कि आत्मसमर्पण केवल हथियार छोडऩे की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि व्यक्ति को समाज का जिम्मेदार और आत्मनिर्भर नागरिक बनाने की यात्रा है। इसी सोच के साथ अब तक लगभग 280 आत्मसमर्पित युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशासन का लक्ष्य है कि पुनर्वासित युवाओं को ऐसा कौशल मिले, जिससे वे स्थायी रोजगार प्राप्त कर सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। यही कारण है कि प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके सामाजिक और आर्थिक पुनर्स्थापन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बदलते बस्तर की नई पहचान
आज सुकमा की यह कहानी केवल सरकारी योजना की सफलता नहीं है। यह उस विश्वास की जीत है, जो कहता है कि हर व्यक्ति को दूसरा अवसर मिलना चाहिए। यह उस संवेदनशील शासन व्यवस्था की कहानी है, जिसने भटके हुए युवाओं में भी संभावनाएं देखीं। यह उस बदलते बस्तर की कहानी है, जहां अब विकास की चर्चा होती है, रोजगार की बात होती है और सपनों को सच करने की कोशिश होती है। कभी जिन पगडंडियों पर भय चलता था, आज वहां उम्मीद चल रही है। कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में ईंट, गारा और भविष्य के सपने हैं। और यही तस्वीर बताती है कि सुकमा में केवल लोगों का पुनर्वास नहीं हो रहा, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण हो रहा हैकृजहां विकास, विश्वास और आत्मनिर्भरता स्थायी शांति की मजबूत नींव बन रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडिय़ों का किया सम्मान

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने राष्ट्रीय पदक विजेता बेसबॉल खिलाडिय़ों का किया सम्मान

 00 कवर्धा के पांच खिलाडिय़ों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जीते 3 स्वर्ण और 2 रजत पदक

रायपुर। ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 31वीं राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल बालक एवं बालिका प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले कवर्धा के खिलाडिय़ों से उप मुख्यमंत्री एवं विधायक कवर्धा विजय शर्मा ने अपने कवर्धा स्थित निवास कार्यालय में मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

एमेच्योर बेसबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में 24 से 29 मई तक आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी कवर्धा के पांच खिलाडिय़ों का छत्तीसगढ़ टीम में चयन हुआ था। इनमें बालक वर्ग से चंद्रेश कोर्राम, पंकज मेरावी और शुभम सेन तथा बालिका वर्ग से चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे शामिल थीं। प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि बालिका टीम ने रजत पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। खिलाडिय़ों की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।
अकादमी के प्रशिक्षक राजा जोशी ने बताया कि खिलाडिय़ों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हुआ था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने मध्यप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली जैसी मजबूत टीमों को हराकर फाइनल में महाराष्ट्र को 6-2 से पराजित कर राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में चंद्रेश कोर्राम ने शानदार होमरन लगाकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन होमरन लगाए।

वहीं बालिका वर्ग में छत्तीसगढ़ टीम ने दिल्ली, तेलंगाना और मेजबान ओडिशा को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में महाराष्ट्र के खिलाफ टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रजत पदक जीतकर खिलाडिय़ों ने शानदार प्रदर्शन किया। चांदनी साहू और जयश्री घृतलहरे ने टीम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। खिलाडिय़ों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि पर खेल प्रेमियों, अभिभावकों और जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है। सभी ने खिलाडिय़ों एवं उनके प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए भविष्य में और बड़ी सफलताओं की शुभकामनाएं दी हैं।

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल : खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल : खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

 निमधा में नर्सिंग कॉलेज, मिनी स्टेडियम और मंगल भवन की घोषणा

00 लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी, महिलाओं को दिया करोड़पति दीदी बनने का मंत्र

00 स्व-सहायता समूहों की सफलता को मिली नई पहचान, मुख्यमंत्री ने किया आजीविका गाथा कॉफी टेबल बुक का विमोचन
रायपुर।
सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आज मरवाही विकासखंड के ग्राम निमधा में एक अनूठा और आत्मीय जनसंवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय गांव के बीच आम के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से रूबरू हुए, उनकी समस्याएं सुनीं और शासन की योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बिजली, पानी, राशन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 1 मई से 10 जून तक पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन समस्याओं का तत्काल निराकरण संभव है, उनका मौके पर ही समाधान किया जा रहा है, जबकि अन्य मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों और मरवाही विधायक  प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले में नर्सिंग कॉलेज, ग्राम निमधा में मिनी स्टेडियम तथा सर्वसमाज के लिए विशाल मंगल भवन की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करते हुए तीनों मांगों को तत्काल स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी घोषणा की।

ग्रामीणों द्वारा बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याएं उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे। जनसंवाद के दौरान राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायत सामने आने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित राजस्व निरीक्षकों को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट कहा कि जनता की समस्याओं का समय पर निराकरण करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें। मुख्यमंत्री के इस स्पष्ट संदेश से सुशासन और जवाबदेही के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और लखपति दीदियों से संवाद करते हुए उन्हें आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य केवल लखपति बनना नहीं, बल्कि करोड़पति दीदी बनना होना चाहिए। महिलाओं ने उन्हें बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त होने वाली राशि उनके परिवार, बच्चों की शिक्षा और घरेलू जरूरतों में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त के रूप में प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिसका लाभ ग्राम निमधा सहित पूरे जिले की महिलाओं को मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का व्यापक विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा की कि प्रदेश में शीघ्र ही सीएम हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री नंबर, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के लिए विशेष व्यवस्था विकसित की जा रही है। जनचौपाल के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया। महिलाओं ने विष्णु भोग चावल, ब्लैक राइस, शहद, पापड़ और लड्डू जैसे स्थानीय उत्पादों की आकर्षक टोकरी मुख्यमंत्री को भेंट की। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता की सराहना करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

ग्रामीण परिवेश में आयोजित इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने सरई के दोना-पत्तल में परोसे गए स्थानीय व्यंजनों - जामुन, कोईलार भाजी, बेल का शरबत, आम की चटनी और आमपना का स्वाद भी लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की प्रेरणादायक सफलता कहानियों पर आधारित आजीविका गाथा कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक ग्रामीण महिलाओं के संघर्ष, आत्मविश्वास, परिश्रम और सफलता का जीवंत दस्तावेज है, जो हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका यह दौरा केवल योजनाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि लोगों के बीच बैठकर उनकी वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को समझने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद गौरेला के अध्यक्ष मुकेश दुबे, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के दो थाना प्रभारियों काे राष्ट्रपति 8 जून को करेंगी शौर्य चक्र से सम्मानित

छत्तीसगढ़ के दो थाना प्रभारियों काे राष्ट्रपति 8 जून को करेंगी शौर्य चक्र से सम्मानित

 कांकेर । जिला में पदस्थ दो थाना प्रभारियों भानुप्रतापपुर थाना से थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख और पखांजूर थाना से लक्ष्मण केंवट को नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति के हाथों 8 जून 2026 को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इन दोनों अधिकारियों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी बहादुरी और सूझबूझ का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफल बनाया है। राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले इस प्रतिष्ठित सम्मान से कांकेर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। पुलिस विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए दोनों अधिकारियों को बधाई एवंशुभकामनाएं दी है।
मिली जानकारी के अनुसार 16 अप्रैल 2026 को कांकेर जिला मुख्यालय से 160 किलोमीटर दूर छोटे बेठिया थाना इलाके के आपाटोला-कलपर जंगल में पुलिस-नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 15 महिला समेत कुल 29 नक्सली मारे गए थे, जिन पर 8-8 लाख रुपए का ईनाम घोषित था, इन दोनों थाना प्रभारियों ने अपने साथियों के साथ अपने साहस का परिचय देते हुए 29 नक्सलियों को ढेर करने वाली टीम में शामिल थे ।दरअसल, 15 अप्रैल की देर रात जवानों को नक्सल ऑपरेशन के लिए निकाला गया था। 16 अप्रैल की दोपहर पुलिस फोर्स नक्सलियों के ठिकाने पर पहुंची। दोपहर 2 बजे नक्सलियों को घेर कर मारा गया। साढ़े 5 घंटे तक चली इस मुठभेड़ में जवानों ने कुल 29 नक्सलियों को मार गिराया। यह छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास का सबसे बड़े मुठभेेड़ में से एक था। घटनास्थल से सर्चिग करने पर पुलिस ने AK-47 1 नग, इंसास रायफल- 2 नग, SLR रायफल- 1 नग, कार्बाइन - 1 नग, 303 रायफल 3 नग, 315 बोर रायफल- 2 नग, 9MM पिस्टल - 2 नग, देशी लॉचर- 2 नग, भरमार बंदूक 8 नग, देसी हैंडग्रेनेड- 1 नग, सहित भारी मात्रा में गोला बारूद सहित नक्सल सामग्री बरामद हुआ था।