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महिलाओं का सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

महिलाओं का सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

 रायपुर: “महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक उन्नति राज्य  सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। महिलाओं का सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत है।” यह बात महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम कुरुषनार में आयोजित महतारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर, स्वावलंबी एवं सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का सतत प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से अधिक से अधिक संख्या में स्व-सहायता समूहों से जुड़ने तथा स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समूहों की सामूहिक शक्ति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा और मजबूती प्रदान कर रही है।अपने नारायणपुर प्रवास के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े महतारी सम्मेलन में शामिल हुईं, जहां ग्रामीण महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। सम्मेलन में महिलाओं ने महतारी वंदन योजना और स्व-सहायता समूहों से जुड़ने के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को साझा किया। उन्होंने बताया कि योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहयोग और समूह आधारित आजीविका गतिविधियों ने उनकी आय बढ़ाने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मंत्री राजवाड़े ने जानकारी दी कि महतारी वंदन योजना का पोर्टल शीघ्र ही पुनः प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने पात्र महिलाओं से अपील की कि जो महिलाएं किसी कारणवश अब तक योजना से नहीं जुड़ सकी हैं, वे पोर्टल खुलते ही अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके। साथ ही अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पात्र महिलाओं का समयबद्ध पंजीयन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

महतारी सम्मेलन के दौरान महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का सामूहिक श्रवण भी किया। कार्यक्रम में महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

मंत्री  राजवाड़े ने सत्य साई अस्पताल रायपुर में हृदय का सफल ऑपरेशन करा चुकी आंगनबाड़ी की छात्रा कुमारी अनुष्का से भेंट कर उसका हालचाल जाना तथा उसके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, स्वावलंबन और सशक्तिकरण से गांवों के विकास को नई गति मिलेगी तथा आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प और अधिक सशक्त होगा।

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : कृष्णा बैगा के जीवन में आया खुशियों का नया सवेरा

कच्चे घर से पक्के आशियाने तक : कृष्णा बैगा के जीवन में आया खुशियों का नया सवेरा

 रायपुर: प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को पक्के घर देने के लिए चलाई जा रही है। इसके तहत लाभार्थियों को घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसे स्वच्छ भारत और मनरेगा जैसी योजनाओं से जोड़कर पक्का घर का निर्माण पूरा किया जा सकता है।

गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही  जिला के सुदूर वनांचल के ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी कृष्णा बैगा का परिवार वर्षों तक कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात में दीवारों में सीलन आ जाती, छत से पानी टपकता और सांप-बिच्छुओं का खतरा बना रहता। ऐसे हालात में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीना उनके लिए बड़ी चुनौती थी।

पीएम जनमन आवास से पूरा हुआ सपना  

पीएम जनमन आवास योजना के तहत कृष्णा बैगा को पक्का आवास स्वीकृत हुआ। योजना का लाभ मिलते ही उनका बरसों पुराना सपना साकार हो गया। आज उनका नया पक्का घर पूरी तरह तैयार है। अब कृष्णा बैगा और उनका परिवार सुरक्षित, स्वच्छ और आरामदायक वातावरण में रह रहा है।

मिली सुरक्षा और सम्मान  

कृष्णा बैगा बताते हैं कि अब बरसात में न दीवारों की सीलन की चिंता है और न ही सांप-बिच्छुओं के घर में आने का डर। पक्का घर मिलने से उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास आया है।

पक्का घर मिलने से हमारा जीवन ही बदल गया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताते हुए कृष्णा ने कहा, “पक्का घर मिलने से हमारे परिवार का जीवन बदल गया है। अब हम बिना किसी डर और परेशानी के अपने घर में सुकून से रह रहे हैं। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ।”

 
हिंसा से विकास की ओर : आत्मसमर्पित महिलाओं के बीच पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पुनर्वास नीति को बताया नई जिंदगी की राह

हिंसा से विकास की ओर : आत्मसमर्पित महिलाओं के बीच पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पुनर्वास नीति को बताया नई जिंदगी की राह

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने एक दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नक्सल पुनर्वास केंद्र पहुंचकर आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से आत्मीय मुलाकात की और उनसे खुलकर संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वास केंद्र की व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा महिलाओं के अनुभव सुनते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।

संवाद के दौरान आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि नक्सल संगठन का जीवन भ्रम, भय और गुमराह करने वाली विचारधारा से भरा हुआ था। उन्होंने बताया कि मुख्यधारा से जुड़ने के बाद उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की नई राह मिली है। शासन की पुनर्वास नीति के तहत उन्हें कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रही हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि शासन की मंशा है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि कई पूर्व नक्सली आज  सरकारी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं या सामान्य नागरिक के रूप में सफल जीवन जी रहे हैं, जो पुनर्वास नीति की सफलता का प्रमाण है।

मंत्री राजवाड़े ने उपस्थित सभी महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उनके उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य  सरकार पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे समाज के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष  नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष  इंद्र प्रसाद बघेल,  नगर पालिका के पार्षदगण, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा  शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम  अभयजीत मंडावी सहित जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

नकटी गांव में तोड़े गए 80 घर,पुलिस के साथ झड़प,प्रशासन ने कहा नया रायपुर में मिलेंगे मकान

नकटी गांव में तोड़े गए 80 घर,पुलिस के साथ झड़प,प्रशासन ने कहा नया रायपुर में मिलेंगे मकान

 रायपुर--रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए आज (सोमवार) सुबह 80 घर तोड़ दिए गए, जिसमें पीएम और इंदिरा आवास के 32 घर भी शामिल हैं। प्रशासन ने रविवार देर रात से ही यहां 1000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर दिए थे। भारी विरोध के बाद लोगों का मकान शिप्ट किया जा रहा है नवा रायपुर के ईडब्ल्यूएस मकानों में। कई सालो से यहां रह रहे लोगों का जब मकान टूटा तो आक्रोश और आंसू साथ उनकी बेबसी बयां कर रही थी।   

सुबह जैसे ही टीम जेसीबी लेकर पहुंची, तो लोग मशीनों के सामने खड़े हो गए, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच भारी धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। ग्रामीणों में इसलिए भी आक्रोश है क्योंकि दो दिन पहले ही भरोसा दिलाया गया था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे।इस आश्वासन के बावजूद भारी पुलिस बल के साथ शुरू हुई इस तोडफ़ोड़ से ग्रामीणों में गुस्सा है। कार्रवाई के दौरान बेघर हुए बच्चों का दर्द भी छलक पड़ा। बच्चों ने बताया कि सुबह से वे भूखे-प्यासे थे और घरों पर खाना भी नहीं बना था, तभी पुलिस और नगर निगम की टीम आ धमकी और उनके आशियानों को तोडऩा शुरू कर दिया।

इधर बवाल के बीच प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की तैयारी शुरू कर दी गई है और उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस  मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया जारी है। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा है कि इन सभी परिवारों को चिंता करने की जरूरत नहीं हैं उन्हे सरकार के द्वारा व्यवस्था दी जायेगी। 

ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त सोलर बिजली निर्धारित दर पर खरीदी जाएगी

ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त सोलर बिजली निर्धारित दर पर खरीदी जाएगी

 अगले बिजली बिलों में मिलेगा क्रेडिट

पीएम सूर्यघर योजना के रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं को मिलेगा अधिशेष बिजली का लाभ 

रायपुर--प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त (सरप्लस) सोलर बिजली की खरीदी दर (बायबैक रेट) तय की है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने इस दर को अपनाने की आधिकारिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ से मिली जानकारी के अनुसार, निर्धारित दर को अंतिम अनुमोदन और मंजूरी के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) के पास भेज दिया गया है। आयोग से हरी झंडी मिलते ही उपभोक्ताओं को उनकी अतिरिक्त बिजली की राशि अगले बिजली बिलों में क्रेडिट (छूट) के रूप में दिखाई देने लगेगी।

ऐसे काम करती है नेट मीटरिंग और बायबैक व्यवस्था

पावर कंपनी ने इसकी पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए बताया। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत, सोलर संयंत्र से जितनी बिजली बनती है, उसका सबसे पहले उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत में समायोजन (अडजस्टमेंट) किया जाता है। यदि उपभोक्ता की जरूरत से ज्यादा बिजली बनती है और वह ग्रिड में वापस जाती है, तो उसकी बची हुई यूनिट हर महीने उपभोक्ता के खाते में जुड़ती चली जाती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर खाते में बची हुई इन सभी अतिरिक्त यूनिटों का नियमानुसार पावर कंपनी द्वारा बायबैक (खरीद) किया जाता है। तय दर के हिसाब से बनने वाली कुल राशि उपभोक्ता के खाते में जमा कर दी जाती है।

नए वित्तीय वर्ष में शून्य से शुरू होता है लेखा-जोखा

उपभोक्ताओं के बीच भ्रम को दूर करते हुए कंपनी ने साफ किया है कि प्रत्येक नए वित्तीय वर्ष में यूनिट का लेखा-जोखा नए सिरे से (शून्य से) शुरू होता है। यही कारण है कि पिछले वित्तीय वर्ष की बची हुई अतिरिक्त यूनिट नए बिजली बिल में यूनिट के रूप में दिखाई नहीं देती हैं। हालांकि, उनका मौद्रिक मूल्य (पैसा) उपभोक्ता के खाते में पूरी तरह सुरक्षित रहता है और आगामी बिजली बिलों में क्रेडिट के रूप में घटा दिया जाता है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिशेष बिजली के समायोजन और बायबैक की यह पूरी प्रक्रिया छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के प्रचलित नियमों के तहत बेहद पारदर्शी ढंग से संचालित की जा रही है, जिससे राज्य के हजारों सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। 

मुख्यमंत्री साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

मुख्यमंत्री साय से कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।

CG Sex Racket: सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था जिस्मों का धंधा, 3 युवतियां समेत 7 गिरफ्तार

CG Sex Racket: सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहा था जिस्मों का धंधा, 3 युवतियां समेत 7 गिरफ्तार

 दुर्ग। दुर्ग जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित जलाराम रेस्टोरेंट में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध देह व्यापार का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। स्थानीय लोगों की लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमार कार्रवाई करते हुए मौके से 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 युवतियां, 2 ग्राहक और रैकेट का संचालन करने वाले होटल संचालक दो सगे भाई शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, क्षेत्रवासियों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि जलाराम रेस्टोरेंट की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। शिकायतों के सत्यापन के बाद सीएसपी हर्षित मेहर के नेतृत्व में सिटी कोतवाली पुलिस की टीम ने रेस्टोरेंट पर औचक छापा मारा। कार्रवाई के दौरान होटल के कमरों से संदिग्ध गतिविधियां सामने आने पर पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रेस्टोरेंट की आड़ में लंबे समय से कथित तौर पर देह व्यापार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री और जांच से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस रैकेट का संचालन कब से किया जा रहा था, इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या इसका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अनैतिक और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ बना देश का अग्रणी राज्य

 पंजीयन एवं प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में हासिल किया प्रथम स्थान

 विशेष अभियान के मात्र 9 दिनों में 72 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण, जांजगीर-चांपा प्रदेश में अव्वल

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दी बधाई

रायपुर -- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।

मातृ वंदना योजना भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

बिजली बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत -पावर कंपनी

बिजली बिल पर लेट पेमेंट सरचार्ज की नई व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए राहत -पावर कंपनी

 पहले एक दिन की देरी पर लगता था पूरे महीने का चार्ज

अब सिर्फ वास्तविक दिनों का ही लगेगा शुल्क

रायपुर--छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने इस संबंध में तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था वास्तव में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (विलंब अधिभार) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही दोहरा झटका या रोज़ाना ब्याज जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं।

क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों था नुकसान?

       पावर कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद महज एक या दो दिन की देरी से भी बिजली बिल का भुगतान करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज वसूल लिया जाता था। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह थी।

’नई व्यवस्था से ऐसे होगा उपभोक्ताओं का फायदा’

        संशोधित नियमों के बाद अब लेट फीस की गणना पूरी तरह पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी कर दी गई है। अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ता जितने दिन बिल पटाने में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा।

’एक दिन की देरी पर मामूली शुल्क’

       यदि किसी कारणवश उपभेक्ता बिल के भुगतान में केवल एक दिन का विलंब होता है, तो अब पूरे महीने का सरचार्ज नहीं, बल्कि मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार ही देय होगा।

’महीने भर की देरी पर भी कम ब्याज’ 

      यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन का भी विलंब करता है, तब भी कुल अधिभार केवल 1.2 प्रतिशत (0.04 प्रतिशत × 30 दिन) ही बनेगा, जो कि पुरानी व्यवस्था के 1.5 प्रतिशत से काफी कम है।

’भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील’

      पावर कंपनी ने साफ किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दरें कम हुई हैं, बढ़ी नहीं हैं। इसे रोजाना ब्याज लगने या झटके के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने सभी समाचार माध्यमों और आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस सही और स्पष्ट जानकारी को ही साझा करें ताकि उपभोक्ताओं के बीच फैला अनावश्यक भ्रम दूर हो सके।

मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, देशभर में प्रथम स्थान, सीएम साय ने दी बधाई

मातृ वंदना योजना में छत्तीसगढ़ की बड़ी छलांग, देशभर में प्रथम स्थान, सीएम साय ने दी बधाई

 रायपुर।   प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत गर्भवती एवं शिशुवती माताओं के पंजीयन के लिए 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान में छत्तीसगढ़ ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। राज्य ने अभियान के शुरुआती मात्र 9 दिनों में ही निर्धारित लक्ष्य का 72 प्रतिशत पूरा कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

प्रदेश ने न केवल हितग्राहियों के पंजीयन में देश में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, बल्कि प्री-रजिस्टर्ड हितग्राहियों के निराकरण में भी सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक उपलब्धि अर्जित की है। यह उपलब्धि महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों, मैदानी अमले तथा सभी संबंधित हितधारकों के समन्वित और समर्पित प्रयासों का परिणाम है।

विशेष अभियान के अंतर्गत जिला जांजगीर-चांपा ने 96 प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि मातृ एवं शिशु कल्याण के प्रति जिले की संवेदनशीलता, सक्रियता और प्रभावी कार्यप्रणाली को प्रतिबिंबित करती है।

मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण मातृ कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। योजना के तहत प्रथम जीवित संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को 5,000 रूपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है, जबकि दूसरी संतान के रूप में बालिका के जन्म पर 6,000 रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा शिशुओं के बेहतर पोषण और समग्र विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला एवं बाल विकास विभाग की पूरी टीम, मैदानी अमले और सभी सहयोगी संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व प्रदान करने के साथ-साथ शिशुओं के स्वस्थ भविष्य की मजबूत आधारशिला तैयार कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ आगामी दिनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभरेगा।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रतिबद्धता, सतत निगरानी और जनकल्याण के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं शिशुवती माता प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ प्राप्त कर सके।

उन्होंने प्रदेश की सभी पात्र महिलाओं से अपील की कि वे 15 जुलाई तक संचालित विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि मातृत्व के इस महत्वपूर्ण चरण में उन्हें शासन की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।

अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

अंतरिक्ष की ओर बढ़े रायपुर की बेटी के कदम, गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री

 अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित महिमा राजपूत को मुख्यमंत्री ने दी बधाई

रायपुर।  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय ShakthiSAT Mission के लिए चयनित रायपुर की प्रतिभाशाली छात्रा महिमा राजपूत को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महज 14 वर्ष की आयु में 108 देशों के विद्यार्थियों के साथ इस प्रतिष्ठित अंतरिक्ष मिशन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होना न केवल महिमा की असाधारण प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिमा राजपूत ने अपनी लगन, प्रतिभा और समर्पण से अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ की बेटियां अवसर मिलने पर वैश्विक मंचों पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि महिमा की यह प्रेरणादायी सफलता प्रदेश के लाखों युवाओं, विशेषकर बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का आत्मविश्वास देगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और विज्ञान, नवाचार तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिमा राजपूत को पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की तथा आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी देश और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाती रहेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने की सौजन्य मुलाकात

 आदिवासी संस्कृति, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में डॉ. बुधरी ताती के योगदान की मुख्यमंत्री ने की सराहना*

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से शनिवार की देर शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज के उत्थान, लोक संस्कृति के संरक्षण तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में डॉ. ताती के दीर्घकालीन एवं उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पद्मश्री डॉ. बुधरी ताती ने अपना संपूर्ण जीवन जनजातीय समाज की सेवा, लोक परंपराओं के संरक्षण और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के कार्यों के लिए समर्पित किया है। उनका सेवा भाव, समर्पण और सामाजिक योगदान पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर डॉ. बुधरी ताती ने चार दशक से अधिक समय तक बस्तर अंचल सहित वनवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए सतत कार्य किया है। उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना मन की बात: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जनभागीदारी और जनप्रेरणा का सशक्त माध्यम बना मन की बात: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 प्रधानमंत्री की 'मन की बात विकसित भारत के संकल्प को देती है नई ऊर्जा  

 मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री निवास में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी प्रधानमंत्री की 'मन की बात की 135वीं कड़ी

रायपुर / मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात की 135वीं कड़ी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के साथ सुनी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि 'मन की बात आज जनता और नेतृत्व के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचार देशवासियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक कड़ी में देशभर से नवाचार, जनभागीदारी और प्रेरणादायी प्रयासों को सामने लाते हैं, जिससे समाज में सकारात्मक कार्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि 'मन की बात की अनेक कडिय़ों में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और उपलब्धियों का उल्लेख होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री  मोदी ने आगामी गणेशोत्सव के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा वर्षा जल के प्रत्येक बूंद के संरक्षण का संदेश देते हुए जल संचय को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के जीवित रूट ब्रिज का उल्लेख करते हुए प्रकृति और मानव के अद्भुत समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विज्ञान, तर्क और जागरूकता के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। असम की महिलाओं द्वारा 'हरगिला आर्मी के माध्यम से दुर्लभ पक्षी हरगिला के संरक्षण और उससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनजागरूकता का प्रेरक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने नागालैंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संचालित नागालैंड बेबी लीग और नागालैंड वुमन फुटसाल लीग जैसी पहलों का उल्लेख किया। साथ ही नालंदा विश्वविद्यालय एवं सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ाने के प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि डोमिनिकन रिपब्लिक में 'ब्रह्मकमल डोमिनिकाना के सदस्य वैदिक साहित्य का अध्ययन कर भारतीय संस्कृति से जुड़ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट से सार्वजनिक स्थलों को आकर्षक बनाने की पहल स्वच्छता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार, स्वास्थ्य मंत्री  श्यामबिहारी जायसवाल, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सीजीएमएससी के अध्यक्ष  दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्षसंजय श्रीवास्तव, सच्चिदानंद उपासने,  अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से की राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अवसर पर प्रदेशवासियों, विशेषकर माता-पिता एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद दवा अवश्य पिलाएं।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने संदेश में कहा कि जब बात बच्चों के भविष्य की हो, तो हमारी छोटी-सी सावधानी भी बड़ा बदलाव ला सकती है। पोलियो की दो बूंद केवल एक दवा नहीं, बल्कि बच्चों के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास भी यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हम सभी के सामूहिक प्रयासों से ही पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने का आह्वान किया।

CG : मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर तीनों की दर्दनाक मौत

CG : मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों को अज्ञात वाहन ने रौंदा, मौके पर तीनों की दर्दनाक मौत

 जांजगीर-चांपा । जांजगीर-चांपा जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मॉर्निंग वॉक पर निकले तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा बलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरी-कोरबी से गुजरने वाले भारतमाला मार्ग पर हुआ, जहां तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तीनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम डोंगरी-कोरबी निवासी 62 वर्षीय दलहरण दास वैष्णव, 52 वर्षीय केदार बरेट और 70 वर्षीय संतु यादव रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तीनों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दे दी है।
बलौदा थाना प्रभारी मनोहर सिन्हा ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार वाहन और चालक की तलाश में जुटी हुई है। पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
 
 
छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बारिश

छत्तीसगढ़ में अगले 7 दिन बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक के साथ होगी झमाझम बारिश

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब तेजी से सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के शेष हिस्सों में अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून पहुंच जाएगा। वहीं, आगामी सात दिनों तक पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने रविवार के लिए सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना जताई गई है।

हालांकि राजधानी रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, लेकिन उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बाद तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मुंगेली में 5 सेंटीमीटर और दरभा में 4 सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं, राजनांदगांव में सबसे अधिक 39 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। शहर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति में आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

सहकार से समृद्धि” केवल नारा नहीं बल्कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है – मंत्री केदार कश्यप

सहकार से समृद्धि” केवल नारा नहीं बल्कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है – मंत्री केदार कश्यप

 पत्रकार वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने दी सहकारिता सप्ताह-2026 की विस्तृत जानकारी

सहकारिता सप्ताह को जनआंदोलन बनाने की तैयारी, प्रदेशभर में होंगे विविध आयोजन

सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 29 जून से 6 जुलाई तक मनाया जाएगा “सहकारिता सप्ताह-2026 सरकार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर एवं सहकार मेला

जगदलपुर। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में “सहकारिता सप्ताह-2026” मनाया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से किसानों की समृद्धि, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसकी जानकारी सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने आज शनिवार को स्थानीय सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को दी।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सहकारिता सप्ताह को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जनभागीदारी आधारित अभियान का स्वरूप दिया जाएगा। राज्य के प्रत्येक जिले, विकासखंड एवं सहकारी समिति स्तर तक कार्यक्रम आयोजित कर किसानों, युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, लघु वनोपज संग्राहकों, बुनकरों तथा ग्रामीण उद्यमियों को सहकारिता आंदोलन से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा कि “सहकार से समृद्धि” केवल एक नारा नहीं, बल्कि राज्य सरकार की कार्यसंस्कृति का आधार है। सरकार का लक्ष्य है कि सहकारिता का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी सहकारी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करे।

मंत्री कश्यप ने कहा कि प्रदेश की 2573 प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों में सहकारी ध्वजारोहण, सदस्यता अभियान, माइक्रो एटीएम एवं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा रू-पे केसीसी कार्ड वितरण, सहकार दौड़, वृक्षारोपण, मृदा परीक्षण, कृषक संगोष्ठियां, एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर परिचर्चा सहित अनेक जनहितकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने अवगत कराते हुये कहा कि 3 एवं 4 जुलाई को रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी आयोजित होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि होंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता सहकारिता मंत्री केदार कश्यप करेंगे। कार्यक्रम में पैक्स, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज, बुनकर एवं अन्य सहकारी संस्थाओं के साथ नाबार्ड, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नैफेड, सीएससी, इफको, कृभको, राज्य सहकारी संघ सहित अनेक राष्ट्रीय संस्थाएं भाग लेंगी।

मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकार मेले में केवल योजनाओं और आंकड़ों का प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि सहकारिता से लाभान्वित किसानों, महिला समूहों एवं ग्रामीण उद्यमियों की सफलता की कहानियां, मूल्य संवर्धन, डिजिटल सेवाएं, आधुनिक तकनीक, नवाचार तथा बेहतर विपणन मॉडल भी प्रस्तुत किए जाएंगे, ताकि आम नागरिक सहकारिता की वास्तविक शक्ति और उसके सकारात्मक प्रभाव को समझ सकें।

उन्होंने कहा कि सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर 6 जुलाई को भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की 9 पैक्स समितियों में गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा, जिससे ग्रामीण भंडारण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकारी सप्ताह की तैयारियों को लेकर उन्होंने पूर्व में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेने के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की पैक्स समितियों एवं संभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने सभी सहकारी संस्थाओं से आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

मंत्री केदार कश्यप ने सहकारिता विभाग द्वारा किसानों, ग्रामीणों एवं सहकारी समितियों को सशक्त बनाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं, डिजिटल पहलों और भविष्य की कार्ययोजना की भी विस्तृत जानकारी साझा की।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, जगदलपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, सहकारिता प्रकोष्ठ प्रदेश सह संयोजक रंजीत पाण्डेय, आलोक अवस्थी, दिनेश के.जी., ब्रिजेश शर्मा, रोशन झा एवं जिला सहकारी बैंक के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज निभाए अग्रणी भूमिका : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

नक्सल मुक्त बस्तर के नव निर्माण में समाज निभाए अग्रणी भूमिका : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के नव निर्माण में समाज की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने यह बात आज नारायणपुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।

उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद कुछ लोग यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि अब जंगलों की कटाई होगी या बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने समाज प्रमुखों से ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने और लोगों को सही जानकारी देने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के नवनिर्माण का जिम्मा अब बस्तर के युवाओं के मजबूत कंधों पर टिका है और  सरकार विकास के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि समाज के भीतर आदिवासी परंपरा का पालन करने वाले लोगों और उससे अलग हो चुके लोगों के बीच अनावश्यक द्वंद की स्थिति बन रही है। यह समाज के हित में नहीं है। समाज प्रमुखों को आगे आकर आपसी वैमनस्य समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक स्थलों एवं देवस्थलों का राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में शासन और प्रशासन के सहयोग से देवभूमियों का सफलतापूर्वक चिन्हांकन कराया जा रहा है। इसी तर्ज पर नारायणपुर में भी सभी समाज प्रमुख मिलकर एक समिति का गठन करें, ताकि सामाजिक एवं धार्मिक स्थलों का चिन्हांकन शीघ्र पूरा हो सके और भविष्य में उनका संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक के दौरान समाज प्रमुखों द्वारा गढ़िया बाबा के देवस्थल के संरक्षण का विषय उठाए जाने पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने तत्काल बाउंड्री वॉल, नलकूप तथा सोलर लाइट की व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्रों का संरक्षण समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

उप मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण को समाज का साझा दायित्व बताते हुए कहा कि जंगलों को बचाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपजों का संग्रहण एवं दोहन किया जाए तो वन भी सुरक्षित रहेंगे और ग्रामीणों को खेती की तुलना में अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सकता है। उन्होंने समाज प्रमुखों से इस विषय पर गांव-गांव लोगों को जागरूक करने का आग्रह किया।

उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी बल दिया।  शर्मा ने कहा कि जैविक कृषि अपनाने से लोगों का खुद का  स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और जैविक उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलने से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह के निर्देशानुसार बस्तर में सहकारी रूप से दुग्ध उत्पादन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने अबूझमाड़ की पहाड़ी क्षेत्रों में स्थाई कृषि को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अबूझमाड़ के 10-10 युवाओं का दल बनाकर उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों का शैक्षणिक भ्रमण कराकर ऊंचाइयों पर खेती के आधुनिक कृषि तकनीक सिखाने को कहा। उन्होंने अबूझमाड़ के ग्रामों में पर्यटन को विकसित करने के लिए होम स्टे विकसित करने को कहा ताकि ग्रामीणों को स्थायी आय का नया माध्यम प्राप्त हो सके।

बैठक में समाज प्रमुखों ने क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं विकास संबंधी समस्याओं और सुझावों से उप मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने सभी की बातों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना तथा संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से ही नक्सल मुक्त बस्तर का समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य तैयार किया जा सकेगा।

इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, जिला पंचायत अध्यक्षनारायण मरकाम, ओरछा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष  मंगलूराम नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, छोटे डोंगर की सरपंच संध्या पवार, पुलिस महानिरीक्षक  सुंदरराज पी., पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रॉबिन्सन गुरिया सहित जिला प्रशासन, पुलिस विभाग एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 
शहादत को नमन : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

शहादत को नमन : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

 रायपुर: महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले के जगरगुंडा स्थित शहीद एएसआई रामू राम नाग के निवास पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की रक्षा एवं जनसेवा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

मंत्री राजवाड़े ने शहीद की माताजी से आत्मीय मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान प्रदेश और देश की अमूल्य धरोहर है तथा उनके परिवारों का सम्मान और संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों को शहीद परिवार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए शहीद की माताजी के लिए अंत्योदय राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तत्काल पूर्ण करने को कहा, ताकि उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सके।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास, विश्वास और शांति के नए युग की ओर अग्रसर है। ऐसे समय में प्रदेश के वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को सदैव स्मरण रखना हम सभी का दायित्व है। शहीद परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए राज्य  सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,,सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करें

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,,सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग करें

 रायपुर--प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य घर-घर में सौर ऊर्जा का उपयोग करके बिजली बिल में कमी लाना है। इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के सभी उपभोक्ताओं को अपने आवासीय परिसरों में रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने की सलाह दी जाती है।

योजना के लाभ

सोलर प्लांट की क्षमता के अनुसार केंद्र और राज्य शासन द्वारा अनुदान दिया जाएगा। जैसे कि 1 केवी प्लांट के लिए 45,000 रूपए। जिसमें केंद्र का 30,000 और  राज्य 15,000 अनुदान होगा। इसी प्रकार 2 केव्ही प्लांट के लिए 90,000 रूपए। इनमें केन्द्र का 60,000, राज्य का 30,000, 3 केवी प्लांट या अधिक के लिए 1,08,000 इनमें केन्द्र का 78,000, राज्य 30,000 अनुदान होगा। बैंक द्वारा लोन की सुविधा 3 केवी तक क्षमता के सोलर प्लांट के लिए 6 प्रतिशत ब्याज दर पर 10 वर्षों के लिए लोन उपलब्ध है, जिसका मासिक ईएमआई सामान्य मासिक बिल से कम है।

पीएम सूर्य घर मुक्त बिजली योजना ऑनलाइन पोर्टल पर लॉग ऑन कर या नजदीकी वितरण केन्द्रों, उप-संभाग, संभागीय कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। प्रति केव्ही कुल खर्च लगभग 65,000 है। इस योजना का लाभ उठाकर अपने बिजली बिल में कमी ला सकते हैं और सौर ऊर्जा का उपयोग करके पर्यावरण की रक्षा में भी योगदान कर सकते हैं।

सुशासन तिहार के दौरान जिले मेें प्राप्त 507 आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण

सुशासन तिहार के दौरान जिले मेें प्राप्त 507 आवेदनों का शत प्रतिशत निराकरण

 रायपुर- सुशासन तिहार केवल शिकायतों के समाधान का मंच नहीं, बल्कि गया है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में पशुधन विकास विभाग ने पशुपालन आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी ग्रामीणों की सभी मांगों का समयबद्ध निराकरण कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।

जिला प्रशासन अंबिकापुर द्वारा सुशासन तिहार के दौरान जिलेभर से प्राप्त 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया। इनमें बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन तथा अन्य पशुपालन गतिविधियों से संबंधित आवेदन शामिल रहे।

जिले के जनपद पंचायतवार प्राप्त आवेदनों में लखनपुर से सर्वाधिक 96 आवेदन, मैनपाट से 84, सीतापुर से 81, बतौली से 70, अम्बिकापुर से 67, उदयपुर से 66 तथा लुंड्रा से 43 आवेदन प्राप्त हुए। सभी जनपदों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया गया।

पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार एवं वैज्ञानिक पालन-पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ प्रदान करना ही नहीं, बल्कि हितग्राहियों को सफल पशुपालक के रूप में विकसित करना भी है।

पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टिकोण के साथ सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण कर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रू सरल, सादगी और संवेदनशीलता के साथ विकास यात्रा का सशक्त नेतृत्व

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रू सरल, सादगी और संवेदनशीलता के साथ विकास यात्रा का सशक्त नेतृत्व

 -  तेजबहादुर सिंह भुवाल, सहा. जनसंपर्क अधिकारी

रायपुर-किसान परिवार से निकलकर छत्तीसगढ़ प्रदेश के सर्वोच्च नेतृत्व तक पहुंचने वाले मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अपने सरल व्यक्तित्व, विनम्र व्यवहार और जनसेवा की भावना से जनता के बीच एक अलग पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री  साय का सार्वजनिक जीवन सादगी, जनसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, वनवासियों, युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझा और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सत्ता के शीर्ष पद पर होने के बावजूद उनकी सादगी और सहजता आज भी उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

मुख्यमंत्री  साय आम जनता से सीधे संवाद को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति मानते हैं। जनदर्शन, सुशासन तिहार और विभिन्न जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से वे स्वयं लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान के लिए त्वरित पहल करते हैं। बुजुर्गों के प्रति सम्मान, बच्चों के प्रति स्नेह तथा जरूरतमंदों की सहायता के लिए तत्परता उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है।  

आदिवासी समाज से आने वाले मुख्यमंत्री  साय अपनी संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों से गहराई से जुड़े हुए हैं। गांवों में बैठकर लोगों से चर्चा करना, उनकी समस्याओं को समझना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। 

पिछले ढाई वर्षों में छत्तीसगढ़ सरकार ने जनकल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, अधोसंरचना, निवेश और सुशासन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना रहा है।  राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के माध्यम से लाखों महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इस वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने 8,200 करोड़ रूपये का बजट महतारी वंदन योजना के लिए आवंटित किया है। महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं के स्वावलंबन, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लाखों महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है।  

छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान हैं। राज्य सरकार ने धान खरीदी को प्राथमिकता देते हुए किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी सुनिश्चित की तथा लाखों किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाया।  

प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने बड़ी पहल करते हुए लाखों आवासों को स्वीकृति प्रदान की। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। तेज गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश में लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

बस्तर के जंगलों में उत्पादित होने वाले तेंदूपत्ता, आदिवासी समाज की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसी तेंदूपत्ता के सहारे हजारों गांवों में गर्मियों के महीनों में रोज़गार मिलता है। इस काम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं, जिससे परिवार की कुल आय में संतुलन बनता है। यही वजह है कि तेंदूपत्ता संग्रहण को सरकार ग्रामीण रोजगार का मजबूत जरिया मानती है। राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बड़ी रहत देते हुए तेंदूपत्ता संग्रहण दर में अहम बदलाव किया है। पूर्व में मिलने वाली राशि को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये किया है। यह बढ़ोतरी सीधे-सीधे संग्राहकों लाभ पहुंचा रही है। जानकारों के अनुसार पहले बढ़ती महंगाई के मुकाबले संग्रहण की दर कम पड़ रही थी, लेकिन नई दर से मजदूरी और मेहनत का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशील पुनर्वास और विकास पर भी समान रूप से कार्य कर रही है। नक्सली सरेंडर, विक्टिम रिलीफ एंड रिहैबिलिटेशन पॉलिसी-2025 के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर तथा आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक और मुख्यधारा से जुड़ा जीवन प्रदान किया जा रहा है।

एक नवंबर 2024 से लागू छत्तीसगढ़ सरकार की नई औद्योगिक नीति 2024-30 राज्य को निवेश और उद्योगों के लिए नई पहचान दे रही है। न्यूनतम शासन, अधिकतम प्रोत्साहन के सिद्धांत पर आधारित यह नीति उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनाती है।

व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पूरी तरह ऑनलाइन आवेदन, समयबद्ध स्वीकृति और त्वरित प्रोसेसिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उद्यमियों को कम समय में आवश्यक अनुमतियाँ प्राप्त हो रही हैं और कारोबार करने में सुगमता बढ़ी है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में मजबूत और आधुनिक परिवहन नेटवर्क के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य में रेल, सड़क और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और आम नागरिकों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हुई है।

छत्तीसगढ़ सरकार राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का निरंतर उन्नयन, नई सड़कों और पुलों का निर्माण तथा दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोडऩे के प्रयासों ने प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति दी है। इससे माल परिवहन की लागत और समय में कमी आई है, जिससे उद्योगों और निवेशकों को सीधा लाभ मिल रहा है।

राज्य शासन की पहल से रेल नेटवर्क के विस्तार और नई रेल परियोजनाओं के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्रों, खनिज संपदा वाले इलाकों और प्रमुख शहरों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, हवाई सेवाओं के विस्तार, नए एयर रूट और बेहतर विमानन सुविधाओं से राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच और भी मजबूत हुई है। बेहतर परिवहन अवसंरचना के कारण छत्तीसगढ़ आज निवेश, व्यापार और पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बन रहा है। यह मजबूत कनेक्टिविटी राज्य के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ रोजगार और क्षेत्रीय विकास के नए अवसर भी सृजित कर रही है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए प्रशासनिक जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। योजनाओं में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को शासन की आधारशिला बनाया है। भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत प्रशासन को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और जन-केंद्रित बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।

सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित जांच, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई, तथा अनियमितताओं में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की निगरानी को तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत हुई हैं। इसके लिए ई-ऑफिस, सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, ई-गवर्नेंस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाया गया है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए सुशासन तिहार के माध्यम से प्रदेश में कही भी औचक निरीक्षण की व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू किया है। मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला प्रशासन द्वारा नियमित औचक निरीक्षणों के माध्यम से जिलों के सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, राशन दुकानों और विभिन्न विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन किया जा रहा है।

इन निरीक्षणों के दौरान लापरवाही, अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामलों में तत्काल कार्रवाई, जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन बढ़ा है और अधिकारियों की जवाबदेही पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है।

औचक निरीक्षणों के परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं में सुधार आया है तथा जनता का शासन व्यवस्था पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।

सुशासन की इसी कार्य पद्धति के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करे तथा शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर और प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुँचाना है। सुशासन, पारदर्शिता, निवेश, अधोसंरचना, कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार और औद्योगिक विकास को केंद्र में रखकर राज्य में व्यापक परिवर्तन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति, बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क, डिजिटल शासन, भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस, किसानों और महिलाओं के हित में लागू योजनाएँ तथा बुनियादी सुविधाओं का विस्तार विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार कर रहे हैं।

राज्य सरकार का संकल्प है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जाए। विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित एवं समावेशी प्रगति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विकसित छत्तीसगढ़ का यह अभियान केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, सुशासन और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से एक समृद्ध, आत्मनिर्भर, सशक्त और खुशहाल छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य निरंतर नए अवसरों, नई उपलब्धियों और नई संभावनाओं के साथ विकास की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील हृदय और सशक्त नेतृत्व यही मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहचान है, जो छत्तीसगढ़ को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर कर रही है।

Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: जिले में कई थाना प्रभारियों का हुआ तबादला, देखे लिस्ट

Police Transfer: बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: जिले में कई थाना प्रभारियों का हुआ तबादला, देखे लिस्ट

 दुर्ग।  दुर्ग जिले में पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने शनिवार को तबादला आदेश जारी करते हुए जिले के विभिन्न थानों और शाखाओं में पदस्थ 10 पुलिस अधिकारियों की नई पदस्थापना की है। इस बदलाव का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाना बताया जा रहा है।

जारी आदेश के अनुसार वैशाली नगर थाना प्रभारी प्रशांत मिश्रा को स्थानांतरित कर एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं स्क्रैप चोरी मामले की जांच को लेकर चर्चा में रहे निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज को सुपेला थाना का प्रभार दिया गया है।

इसके अलावा नियंत्रण कक्ष में पदस्थ उप निरीक्षक महेश ध्रुव का एक महीने के भीतर दूसरी बार तबादला किया गया है। उन्हें अब धमधा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

आदेश के तहत उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को छावनी थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि उप निरीक्षक अमित अंदानी का तबादला स्मृति नगर थाना किया गया है। इसके अलावा अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव किया गया है।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह सभी तबादले प्रशासनिक कारणों और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। नई पदस्थापना के बाद सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

देखें आदेश की कॉपी

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

 उप मुख्यमंत्री  शर्मा पहुंचे नक्सलियों की मांद कहलाने वाले ग्राम किसकोड़ो, ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा किसकोड़ो - उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर--- कभी नक्सल संगठन का मजबूत गढ़ और बस्तर में नक्सलियों की मांद कहे जाने वाले उत्तर बस्तर कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम किसकोड़ो में शुक्रवार 26 जून को ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। जिस स्थान पर कभी नक्सलियों की चौपाल लगती थी, वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने देर शाम को ग्रामीणों के बीच जनचौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। वर्षों तक भय और हिंसा का दंश झेल रहा यह गांव अब लोकतंत्र, विकास और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

       गांव पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा का ग्रामीणों ने आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया और एक-एक व्यक्ति की समस्याएं, मांग एवं सुझाव गंभीरता से सुनी। इस दौरान ग्राम किसकोड़ो सहित आसपास की आठ पंचायतों के सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

किसकोड़ो, जहां कभी लगती थी नक्सलियों की चौपाल, वहीं उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लगाई जनचौपाल

ग्रामीणों ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, विद्युत व्यवस्था, बंडापाल में सब-स्टेशन निर्माण, खाद भंडारण केंद्र, स्कूल की बाउंड्रीवाल तथा मातला मार्ग पर पाइप पुलिया निर्माण जैसी अनेक मांगें रखीं। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश देते हुए अस्पताल तक मरीजों के आवागमन के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विद्युत व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसकोड़ो को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और विकास कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। यहां पहुंचे ग्रामीणों में अपने क्षेत्र के विकास के लिए उत्साह देखकर उप मुख्यमंत्री ने कहा वर्षों तक डर के साए में रहने के बाद जल्द से जल्द विकास करने की जो ललक आज ग्रामीणों में दिख रही है वह अविश्वसनीय है।

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2025 तक किसकोड़ो एरिया कमेटी नक्सली गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी, जिसे अब नक्सलवाद से मुक्त घोषित किया जा चुका है। हाल ही में गांव में पेयजल संकट दूर करने के लिए बोर खनन कराया गया है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली है। प्रवास के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसकोड़ो का निरीक्षण भी किया।

जनचौपाल में ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि पहले यहां नक्सलियों की चौपाल लगती थी, आज पहली बार शासन के उप मुख्यमंत्री की चौपाल लगी है। यह किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि पहले शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। बच्चों को जबरन नक्सली संगठन में शामिल करने का प्रयास किया जाता था और सरकारी कर्मचारी भी यहां पदस्थापना होने के बावजूद कार्यभार ग्रहण करने से कतराते थे। आज वही गांव विकास, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास के साथ नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कहा कि कभी भय और बंदूक की पहचान रखने वाला किसकोड़ो अब विकास, विश्वास और लोकतंत्र का नया प्रतीक बनकर उभर रहा है। यहां गूंज रहे "भारत माता की जय" के उद्घोष इस बदलते बस्तर की नई तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जैविक कृषि के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बेहतर प्रशिक्षण के साथ उनका सर्टिफिकेशन करने की भी आवश्यकता है, आसपास की सभी पंचायतों को मिलाकर ब्रांडिंग का कार्य किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज प्रसंस्करण के लिए व्यवस्था निर्माण के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर कांकेर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, एएसपी  आकाश श्रीमाल, जिला पंचायत सीईओ  हरेश मंडावी, एडीएम  एएस पैकरा, एसडीएम अंतागढ़  राहुल रजक सहित अन्य अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

CG : पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग की बढ़ी जिम्मेदारी, FSL संचालक का मिला अतिरिक्त प्रभार

CG : पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग की बढ़ी जिम्मेदारी, FSL संचालक का मिला अतिरिक्त प्रभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने पुलिस महकमे में महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अंकित कुमार गर्ग (भापुसे-2004) को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL), रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

वहीं, सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक एस.सी. द्विवेदी, जो संविदा पर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, उन्हें संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है।

गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी यह आदेश 23 जून 2026 से प्रभावी माना जाएगा। आदेश अवर सचिव डी.एस. ध्रुवे द्वारा जारी किया गया है।