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ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, निरीक्षकों के हुए तबादले, SP ने जारी की लिस्ट…देखें सूची…..!!

ब्रेकिंग : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, निरीक्षकों के हुए तबादले, SP ने जारी की लिस्ट…देखें सूची…..!!

 रायपुर। रायपुर ग्रामीण पुलिस में निरीक्षकों के तबादले हुए हैं। ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने यह सूची जारी की है। जारी आदेश में 6 इंस्पेक्टर को नई जिम्मेदारी दी गई हैं।

देखें लिस्ट…..

एक जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों को डिजिटल करने का लक्ष्य लेकर करें काम: श्याम बिहारी जायसवाल

एक जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों को डिजिटल करने का लक्ष्य लेकर करें काम: श्याम बिहारी जायसवाल

 00 आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला: छत्तीसगढ़ में 2.63 करोड़ नागरिकों के बने आभा, 12 हजार स्वास्थ्य संस्थान जुड़े

रायपुर। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में आयोजित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम)की मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव कार्यशाला में राज्य की डिजिटल हेल्थ प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की गई। कार्यशाला में बताया गया कि एबीडीएम का सबसे नागरिक-केंद्रित हिस्सा आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) है, जिसके ज़रिए नागरिक अपनी जांच रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और अन्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षितरख सकते हैं और अपनी सहमति से डॉक्टरों के साथ साझा कर सकते हैं। राज्य में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के आभा बनाए जा चुके हैं।
डॉक्टरों और अस्पतालों की भी डिजिटल पहचान
स्वास्थ्य पेशेवरों के पंजीकरण के लिए बनी हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) से राज्य में 34 हजार से अधिक स्वास्थ्य पेशेवर जुड़ चुके हैं, जबकि हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) के माध्यम से अस्पताल, क्लिनिक, लैब और ब्लड बैंक जैसे 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान नेटवर्क से जुड़ गए हैं।

क्लेम प्रोसेसिंग होगी आसान, कागज़ी निर्भरता घटेगी
कार्यशाला में कहा गया कि एबीडीएम - सक्षम एचएमआईएस के प्रभावी उपयोग से मरीज़ों का पूरा रिकॉर्ड-पंजीयन से लेकर उपचार और डिस्चार्ज तक-डिजिटल रूप में दर्ज होगा। इससे मेडिकल रिकॉर्ड की जांच आसान होगी, क्लेम प्रोसेसिंग में लगने वाला समय घटेगा और ऑडिट-वेरिफिकेशन अधिक व्यवस्थित होगा।
दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ज़ोर
छत्तीसगढ़ के बड़े भौगोलिक क्षेत्र और दुर्गम इलाकों को देखते हुए कार्यशाला में इस बात पर बल दिया गया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव, गरीब और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
डेटा सुरक्षा और विश्वास पर जोर
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एबीडीएम को केवल एक आईटी प्रोजेक्ट के रूप में नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र को बेहतर बनाने के माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए। नागरिकों की स्वास्थ्य जानकारी की सुरक्षा, गोपनीयता और सहमति-आधारित उपयोग को प्राथमिकता बताया गया।
आगे की प्राथमिकताएं
कार्यशाला में सात प्रमुख लक्ष्य तय किए गए — शेष स्वास्थ्य संस्थानों को एचएफआर से जोडऩा, अधिक डॉक्टरों-नर्सों को एचपीआर से जोडऩा, आभा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, एचएमआईएस का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना, रिकॉर्ड की गुणवत्ता बढ़ाना, सरकारी-निजी संस्थानों में समन्वय मजबूत करना, और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाना।
समापन में कहा गया कि लक्ष्य एक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था बनाना है, जो हर नागरिक के लिए सरल, तेज़, पारदर्शी और उसके पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जुड़ी हो।

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है कि हम समय के अनुसार चलें और नई तकनीकों को अपनाएं। क्योंकि जब तक हम स्वयं जानकार नहीं होंगे, तब तक बेहतर मॉनिटरिंग संभव नहीं हो पाएगी। हमारा विभाग सतत रूप से इस दिशा में काम कर रहा है और अधिकारी-कर्मचारी लगातार मेहनत कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि सारे इलाज आभा के ज़रिए लिंक हो जाए, इसके लिए निजी अस्पतालों से भी डाटा शेयर होना बहुत ज़रूरी है । डिजिटल सिस्टम इस्तेमाल करने से हमारी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी । 
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के नए कार्ड में अब आभा आईडी को शामिल कर दिया गया है, जिससे मरीज़ों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और सुलभ बनेगा। अटल आरोग्य लैब की रिपोर्ट अब मरीज़ के मोबाइल पर सीधे भेजी जा रही है, ताकि उन्हें त्वरित जानकारी मिले। यह हमारी प्राथमिकता है और हमें यह करना ही है। उन्होंने कहा कि एक जनवरी से सभी कार्यों को ऑनलाइन करने के लक्ष्य को लेकर कार्य चल रहा है और इसके लिए हम मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। हम का$फी हद तक इसमें सफल भी हो रहे हैं, और यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, एनएचए भारत सरकार के संचालक विक्रम पगारिया, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक संजीव झा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट मामले की सुनवाई के लिए बनेगा विशेष मेडिकल बोर्ड, त्वरित जांच कर दी जाएगी रिपोर्ट

फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट मामले की सुनवाई के लिए बनेगा विशेष मेडिकल बोर्ड, त्वरित जांच कर दी जाएगी रिपोर्ट

 00 समाज कल्याण मंत्री राजवाड़े व स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने ली संयुक्त बैठक
रायपुर।
दिव्यांगजनों, उभयलिंगी समुदाय तथा अन्य अंतर्विभागीय विषयों से संबंधित कल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को महानदी भवन, मंत्रालय, अटल नगर में समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
फर्जी दिव्यांगता सर्टिफिकेट प्रकरणों की होगी त्वरित जांच
बैठक में दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवा में कार्यरत 186 व्यक्तियों से संबंधित प्रकरणों की जांच सामान्य प्रशासन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य मेडिकल बोर्ड अथवा संभागीय मेडिकल बोर्ड के माध्यम से कराए जाने पर चर्चा हुई। संबंधित व्यक्तियों को मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर परीक्षण कराने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने तथा निर्धारित समयान्तराल में दिव्यांगता की भौतिक जांच के लिए उपस्थित होने वाले व्यक्तियों के प्रकरणों की समीक्षा किए जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि फर्जी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर शासकीय सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों की जांच के लिए राज्य मेडिकल एवं संभागीय मेडिकल बोर्ड में परीक्षण की प्रक्रिया को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे।
दिव्यांगता प्रमाण-पत्र और यूडीआईडी कार्ड की प्रक्रिया होगी सुगम
बैठक में दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने, मेडिकल बोर्ड में विषय- विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष मेडिकल बोर्ड एवं दिव्यांगता परीक्षण शिविर आयोजित करने पर चर्चा की गई। पात्र दिव्यांगजनों को समयबद्ध रूप से प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अस्थायी एवं स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी की स्थिति में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने पर भी सहमति बनी।
उभयलिंगी समुदाय के कल्याण पर भी हुई चर्चा
बैठक में उभयलिंगी समुदाय के व्यक्तियों के लिए राज्य की सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी संबंधी सहायता तथा समय-सीमा में पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान करने पर चर्चा हुई। स्क्रस् के लिए सहायता अनुदान संबंधी दिशा-निर्देशों में आवश्यक सर्जरी को शामिल किए जाने तथा निर्धारित दरों में वर्तमान बाजार दर के अनुरूप संशोधन की कार्यवाही पर विचार किया गया। राज्य के शासकीय अस्पतालों में उभयलिंगी व्यक्तियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पृथक ट्रांसजेंडर क्लीनिक/वार्ड की व्यवस्था किए जाने पर भी चर्चा हुई।
नशामुक्ति केंद्रों के सुदृढ़ीकरण पर जोर
बैठक में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित नशामुक्ति केंद्रों की समीक्षा की गई। मानसिक स्वास्थ्य देखरेख अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुरूप राज्य में संचालित नशामुक्ति केंद्रों के पंजीयन तथा मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण से संबंधित प्रक्रिया की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा नशामुक्ति केंद्रों में उपचाररत व्यक्तियों को दी जा रही दवाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा केंद्रों के विस्तार एवं बेहतर संचालन पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, भिक्षुक, उभयलिंगी एवं नशा पीडि़त व्यक्तियों के पुनर्वास एवं संस्थागत संरक्षण के लिए संचालित शासकीय एवं अनुदान प्राप्त संस्थाओं में निवासरत हितग्राहियों के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव  अमित कटारिया, समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालकसंजीव झा, समाज कल्याण विभाग के संचालक रणवीर शर्मा सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उपराष्ट्रपति के 2 सितंबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

उपराष्ट्रपति के 2 सितंबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों की मुख्य सचिव ने की समीक्षा

 एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति, व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देश

रायपुर, 19 अगस्त 2026/ मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के 2 सितंबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों के संबंध में राज्य स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपराष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, चिकित्सा, स्वागत एवं कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

उल्लेखनीय है कि उपराष्ट्रपति  सी. पी. राधाकृष्णन 2 सितंबर को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।

मुख्य सचिव ने दिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार व्यवस्था के निर्देश

मुख्य सचिव  विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपराष्ट्रपति  सी. पी. राधाकृष्णन के प्रवास के दौरान सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल एवं मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक तथा वापसी के दौरान एंट्री एवं एग्जिट प्लान सहित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट पर स्वागत व्यवस्था, रिसेप्शन लाइन, एम्स में रिसेप्शन एवं अन्य प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्थाओं के लिए रायपुर कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने एयरपोर्ट एवं कार्यक्रम स्थल पर पुलिस की समुचित तैनाती तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।

सुरक्षा, चिकित्सा और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने उपराष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए गृह विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही ठहरने की व्यवस्था, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं तथा आकस्मिक चिकित्सा सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा।

बैठक में कार्यक्रम की बैठक व्यवस्था भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल एवं प्राप्त डायस प्लान के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के प्रारंभ में वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान सहित निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने एम्स प्रबंधन एवं अधिकारियों को भी दीक्षांत समारोह के आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश कुमार बंसल, रायपुर कमिश्नर  श्याम धावड़े, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल, सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव अंशिका पांडेय, कलेक्टर रायपुर, आईजी रायपुर, एम्स रायपुर के चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नियुक्ति प्रस्ताव को दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिले 3 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने नियुक्ति प्रस्ताव को दी मंजूरी

 रायपुर। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तीन नए जजों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कॉलेजियम की 18 अगस्त 2026 को हुई बैठक में इन न्यायिक अधिकारियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किए जाने की सिफारिश को मंजूरी दी गई।

इन न्यायिक अधिकारियों को छत्तीसगढ़ में मिली नियुक्ति

कॉलेजियम की मंजूरी के बाद जस्टिस संतोष शर्मा, जस्टिस सुषमा सावंत और जस्टिस सुधीर कुमार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज के तौर पर नियुक्त किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। कॉलेजियम ने बैठक में इन तीनों न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है।

 

नवा रायपुर में करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल

नवा रायपुर में करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल

 वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी से RBI महाप्रबंधक ने की मुलाकात

रायपुर- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी से रायपुर स्थित उनके निवास पर भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर कार्यालय के महाप्रबंधक  मनीष पराशर ने शिष्टाचार भेंट की। प्रभारी अधिकारी का कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात हुई इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं के विस्तार, मुद्रा प्रबंधन तथा भारतीय रिज़र्व बैंक से संबंधित विभिन्न विषयों पर सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई।

बैठक के दौरान वर्तमान में नागपुर से होने वाले करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन को नवा रायपुर में स्थापित करने की दिशा में की जा रही महत्वपूर्ण पहल पर भी चर्चा हुई। नवा रायपुर में करेंसी डिस्ट्रीब्यूशन की व्यवस्था विकसित होने से राज्य में मुद्रा प्रबंधन और बैंकिंग सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने में मदद मिलेगी।

पराशर ने वित्त मंत्री को राज्य में बैंकिंग सेवाओं तथा मुद्रा प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक, रायपुर कार्यालय में हाल ही में प्रारंभ की गई सॉइल्ड नोट्स के स्थानीय प्रसंस्करण की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। इस सुविधा से प्रचलन से वापस प्राप्त अनुपयोगी एवं खराब हो चुके नोटों का प्रसंस्करण अब स्थानीय स्तर पर किया जा सकेगा।मुलाकात के दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक की प्रस्तावित नवीन आवासीय परियोजना तथा इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। 

वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने इन पहलों की जानकारी प्राप्त करते हुए राज्य शासन की बैंकिंग प्रणाली से जुड़ी अपेक्षाओं को साझा किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ में बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक एवं राज्य शासन के बीच निरंतर सहयोग और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर श्री प्रदीप गोंधुले,  अमरेन्द्र गुप्ता एव अमितेश सिंह उपस्थित रहे।

 

CG – चेन स्नेचिंग गैंग का आतंक! मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला से सोने की चेन लूटी, कार सवार फरार…

CG – चेन स्नेचिंग गैंग का आतंक! मॉर्निंग वॉक पर निकली महिला से सोने की चेन लूटी, कार सवार फरार…

 धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में चेन स्नेचिंग की वारदात से हड़कंप मच गया है। मॉर्निंग वॉक पर निकली एक महिला को कार सवार बदमाशों ने अपना निशाना बनाया। बदमाश महिला के गले से सोने की चेन झपटकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।

ज्योग्राफिक मैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना

बताया जा रहा है कि गुजरा गांव की रहने वाली बिंदा बाई साहू रोज की तरह आज सुबह टहलने के लिए निकली हुई थीं। इसी दौरान एक कार में सवार दो आरोपी उनके पास आए और पता पूछने के बहाने अपनी बातों में उलझाया। महिला कुछ समझ पाती इससे पहले ही धोखे से उसके गले से सोने की चेन को झपटकर रायपुर की तरह फरार हो गए।

CCTV फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस

इस वारदात के बाद महिला पूरी तरह से दहशत में आ गई। बाद में हिम्मत जुटाकर उन्होंने इसकी शिकायत भखारा थाने में दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि छीनी गई सोने की चेन की कीमत लगभग 30 हजार रुपये है। फिलहाल पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आसपास लगे CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है।

पुलिस ने किया जल्द गिरफ्तारी का दावा

पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, क्रमोन्नति वेतनमान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश….

छत्तीसगढ़ के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, क्रमोन्नति वेतनमान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिए ये निर्देश….

 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पंचायत संवर्ग के शिक्षकों को कमोन्नति वेतनमान (टाइम-बाउंड पे स्केल) दिलाने की लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई में मंगलवार को महत्वपूर्ण मोड़ आया। वर्ष 1998 और 2005 में नियुक्त शिक्षकों तथा नगरीय निकायों में कार्यरत शिक्षकों से जुड़े मामले की सुनवाई सर्वोच्च न्यायालय में हुई। सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन मसीह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद प्रकरण को पुनः छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय भेज दिया है। उच्च न्यायालय अब मामले की नए सिरे से सुनवाई करेगा।

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की छूट

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को यह छूट भी दी है कि यदि हाईकोर्ट के नए फैसले से वे संतुष्ट नहीं होते हैं, तो वे आवश्यकतानुसार दोबारा सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं। इस फैसले को प्रदेश के हजारों पंचायत संवर्ग शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षक लंबे समय से कमोन्नति वेतनमान की मांग को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अब मामले की नए सिरे से सुनवाई हाईकोर्ट में होगी।

सात याचिकाओं पर हुई सुनवाई

गौरतलब है कि कमोन्नति वेतनमान से जुड़े इस मामले में कुल सात याचिकाएं सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई थीं। इनमें वर्ष 1998 और 2005 में नियुक्त पंचायत संवर्ग के शिक्षकों के साथ नगरीय निकायों में कार्यरत शिक्षकों से संबंधित मामले भी शामिल हैं। अब सभी की निगाहें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद मामले की आगे की कानूनी दिशा तय होगी।

संस्कृति विभाग द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के लिए 31 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित

संस्कृति विभाग द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के लिए 31 अगस्त तक आवेदन आमंत्रित

 रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय द्वारा मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 के अंतर्गत प्रदेश के लोक कलाकारों से प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। योजना का उद्देश्य पारंपरिक लोक कलाओं को संरक्षित एवं प्रोत्साहित करना, कलाकारों का सम्मान बढ़ाना तथा कला दलों के सतत विकास को नई गति प्रदान करना है।

योजना के अंतर्गत नृत्य-संगीत, लोक नाट्य, लोकगाथा, छत्तीसगढ़ी गीतकार, वाद्ययंत्र वादक, शिल्प कलाकार, छत्तीसगढ़ी पाक कला (पारंपरिक व्यंजन) तथा छत्तीसगढ़ी सौंदर्यकला (श्रृंगार) से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। आवेदन प्रपत्र विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं तथा संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय, नया रायपुर स्थित कार्यालय से भी प्राप्त किए जा सकते हैं।

योजना के तहत पात्र कलाकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य होगा। चयनित कलाकारों को प्रतिवर्ष न्यूनतम 12 हजार रुपये से अधिकतम 24 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि ई-पेमेंट के माध्यम से प्रदान की जाएगी। यह राशि एक वित्तीय वर्ष में एक बार प्रदान की जाएगी।

योजना का लाभ केवल ऐसे कलाकारों को मिलेगा जिनकी सभी स्रोतों से वार्षिक आय 96 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड तथा पैन कार्ड की छायाप्रति भी प्रस्तुत करनी होगी।

प्रविष्टियां भेजने का पता –

संचालक, संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय,
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल, व्यावसायिक परिसर,
द्वितीय तल, सेक्टर-27, नया रायपुर, अटल नगर (छत्तीसगढ़) – 492018

ज्योग्राफिक मैप्स और जीपीएस गाइड एक्सप्लोर करना

प्रविष्टियां प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन भेजते समय लिफाफे पर मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना-2026 स्पष्ट रूप से अंकित करना आवश्यक होगा। प्राप्त प्रविष्टियों का परीक्षण समिति द्वारा किया जाएगा तथा समिति का निर्णय अंतिम एवं मान्य होगा।

मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना प्रदेश की समृद्ध लोक कला परंपराओं के संरक्षण, कलाकारों के सम्मान और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से लोक कलाकारों को न केवल आर्थिक सहयोग मिलेगा, बल्कि अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर भी प्राप्त होगा।

तेंदूपत्ता सहित वनोपज के बेहतर विपणन पर सरकार का जोर- वन मंत्री केदार कश्यप

तेंदूपत्ता सहित वनोपज के बेहतर विपणन पर सरकार का जोर- वन मंत्री केदार कश्यप

 रायपुर: वन मंत्री  केदार कश्यप की अध्यक्षता में आज वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति(आईडीसी) की 321वीं बैठक आयोजित हुई। यह बैठक नया रायपुर स्थित मंत्री  कश्यप के निवास/ कार्यालय में आयोजित थी। बैठक में वर्ष 2026 में संग्रहित एवं गोदामीकृत तेंदूपत्तों के विक्रय के लिए द्वितीय चरण की कार्यवाही तथा वर्ष 2025 सीजन के क्रेता करारनामा समाप्त तेंदूपत्ता लॉट के विक्रय के लिए प्राप्त निविदाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुवा, वन बल प्रमुख अरूण कुमार पाण्डेय, सचिव अमरनाथ, मुख्य वन संरक्षक  कोशलेन्द्र कुमार, मुख्य वनसंरक्षक संजीता गुप्ता, कार्यकारी निदेशक वन  एस.वेंकटचलम् सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में 4 अगस्त 2026 को आमंत्रित निविदाओं में प्राप्त दरों के अनुमोदन से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। वन मंत्री  केदार कश्यप ने वनोपज के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शी प्रक्रिया और संग्रहणकर्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए तेंदूपत्ता सहित अन्य वनोपज के प्रभावी विपणन पर जोर दिया।

*संग्राहकों के हितों को प्राथमिकता*

राज्य सरकार द्वारा वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए लघु वनोपज के संग्रहण और विपणन को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े परिवारों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले, इसके लिए शासन द्वारा संग्रहण मूल्य, विपणन व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया गया है। बैठक में तेंदूपत्ते के भंडारण, लॉटवार विक्रय और प्राप्त निविदा दरों सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि संग्रहित वनोपज का समयबद्ध और बेहतर तरीके से विक्रय किया जा सके।

*वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा*

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वनवासियों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लघु वनोपज आधारित गतिविधियों को प्राथमिकता दे रही है। वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वनोपज के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। इससे वनांचल के लोगों को रोजगार और आय के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।

विष्णुभोग की खुशबू और बहनों के हुनर से सजी खास राखी, बिहान समूह की महिलाओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को भेंट किया विष्णुभोग चावल और धान से बनी राखी…

विष्णुभोग की खुशबू और बहनों के हुनर से सजी खास राखी, बिहान समूह की महिलाओं ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को भेंट किया विष्णुभोग चावल और धान से बनी राखी…

 रायपुर: गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की बिहान महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें जिले की पहचान विष्णुभोग चावल तथा विष्णुभोग धान से तैयार की गई विशेष राखी भेंट की

स्थानीय संसाधनों से तैयार इन उत्पादों को देखकर श्री साहू ने बिहान समूह की महिलाओं की रचनात्मकता, मेहनत और आत्मनिर्भरता की भावना की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा स्थानीय उत्पादों को नए रूप में प्रस्तुत कर आजीविका के अवसर तैयार करने की पहल को प्रेरणादायी बताया।

*विष्णुभोग धान से बनी राखी बनी आकर्षण का केन्द्र*

बिहान समूह की महिलाओं द्वारा विष्णुभोग धान से तैयार की गई विशेष राखी स्थानीय संस्कृति, रचनात्मकता और महिला सशक्तिकरण का अनूठा संगम है। पारंपरिक पर्व रक्षाबंधन को जिले के स्थानीय कृषि उत्पाद से जोड़ते हुए तैयार की गई यह राखी न केवल एक हस्तनिर्मित उत्पाद है, बल्कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है।

विष्णुभोग धान जिले की विशिष्ट पहचान से जुड़ा उत्पाद है। महिलाओं ने इसी स्थानीय पहचान को अपनी रचनात्मकता से जोड़कर एक ऐसा उत्पाद तैयार किया है, जो स्थानीय संस्कृति और आजीविका दोनों को एक साथ बढ़ावा देता है।

*स्थानीय संसाधनों से रोजगार और अतिरिक्त आय की राह*

बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और अतिरिक्त आय के अवसर मिल रहे हैं तथा वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं।

विष्णुभोग चावल और उससे जुड़े स्थानीय उत्पादों को आकर्षक स्वरूप देकर बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महिला समूहों की पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की क्षमता रखती है। ऐसी गतिविधियां महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

*महिला सशक्तिकरण और स्थानीय पहचान का सुंदर संगम*

विष्णुभोग धान से तैयार विशेष राखी यह संदेश देती है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक पहचान को रचनात्मकता से जोड़कर आजीविका के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। बिहान समूह की महिलाओं की यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों के प्रोत्साहन और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

रिमझिम फुहारों के बीच खेल प्रतिभाओं ने भरी उड़ान, 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ….

रिमझिम फुहारों के बीच खेल प्रतिभाओं ने भरी उड़ान, 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ….

 रायपुर: रिमझिम फुहारों के बीच खुशनुमा और उत्साहपूर्ण माहौल में मंगलवार को पेण्ड्रा के फिजिकल कॉलेज मैदान में 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू ने ध्वजारोहण कर 18 से 21 अगस्त तक चलने वाली चार दिवसीय प्रतियोगिता के विधिवत शुभारंभ की घोषणा की। उद्घाटन समारोह में खेल प्रतिभाओं के उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आकर्षक मार्चपास्ट ने पूरे वातावरण को खेलमय बना दिया।

प्रतियोगिता में प्रदेश के पांचों संभागों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा से 14 से 19 वर्ष आयु वर्ग के कुल 540 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभागी अपनी खेल प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करेंगे।

*खेल भावना और अनुशासन के साथ खेलने की दिलाई शपथ*

भौगोलिक संदर्भ

उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल नियमों का पूर्ण पालन करते हुए सच्चे अनुशासन, निष्ठा और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई। उन्होंने खिलाड़ियों से अपने खेल के गौरव, राज्य के सम्मान और खेल भावना की उच्च परंपराओं को अक्षुण्ण रखने का आह्वान किया।

उन्होंने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों एवं अतिथियों का जीपीएम की धरती पर स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि अब खेल को देखने का नजरिया बदल गया है। खेल में हम या तो जीतते हैं या सीखते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल को ऐसे खेलें कि वह पढ़ाई बन जाए और पढ़ाई को ऐसे पढ़ें कि वह खेल बन जाए।

श्री साहू ने खिलाड़ियों को तनाव और अवसाद से मुक्त होकर पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता में जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और संघर्ष की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

*चार खेल विधाओं में प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे 540 खिलाड़ी*

चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिम्नास्टिक, कबड्डी, क्रिकेट और ताइक्वांडो की स्पर्धाएं आयोजित की जा रही हैं। जिम्नास्टिक में बालक एवं बालिका, कबड्डी में बालिका, क्रिकेट में बालक तथा ताइक्वांडो में बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

प्रतियोगिता के अंतर्गत जिम्नास्टिक की स्पर्धाएं जिम्नास्टिक हॉल, गुरुकुल गौरेला, क्रिकेट की स्पर्धाएं फिजिकल कॉलेज मैदान, गुरुकुल पेण्ड्रा, ताइक्वांडो की स्पर्धाएं जनपद सभागार पेण्ड्रा तथा कबड्डी की स्पर्धाएं कबड्डी प्रशिक्षण केन्द्र पेण्ड्रा में आयोजित की जा रही हैं।

*रंग-बिरंगी पोशाकों में खिलाड़ियों का आकर्षक मार्चपास्ट*

उद्घाटन समारोह का सबसे आकर्षक दृश्य पांचों संभागों से आए खिलाड़ियों का मार्चपास्ट रहा। केसरिया, पीला, नीला, हरा, लाल और सफेद रंग की आकर्षक पोशाकों में सजे खिलाड़ियों की टुकड़ियों ने पूरे अनुशासन और उत्साह के साथ मार्चपास्ट किया। खिलाड़ियों के जोश और उमंग से पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति देकर समारोह में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और विद्यार्थियों की प्रतिभा का सुंदर प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया।

*फिजिकल कॉलेज मैदान में बनेगा भव्य मंच*

कार्यक्रम के दौरान कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता की सफलता की कामना की।

फिजिकल कॉलेज मैदान पेण्ड्रा में भविष्य में आयोजित होने वाले खेल एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुंदर, सुसज्जित और बड़े मंच के निर्माण की घोषणा भी की गई। सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने 10 लाख रुपये तथा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव ने 5 लाख रुपये, इस प्रकार कुल 15 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया।

*खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर*

कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतियोगिता की सफलता की कामना की। उन्होंने आयोजन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की सुविधा, सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रतियोगिता से संबंधित खेल प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। आयोजक मंडल की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

*खेल प्रतिभाओं के लिए राज्य स्तरीय मंच*

26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए स्कूली खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रही है। चार दिनों तक चलने वाली विभिन्न खेल स्पर्धाओं में खिलाड़ी न केवल अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना की सीख भी प्राप्त करेंगे।

उद्घाटन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पेण्ड्रा श्री राकेश जालान, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला श्री मुकेश दुबे, जनपद पंचायत गौरेला अध्यक्ष श्री शिवनाथ बघेल, जनपद पंचायत मरवाही अध्यक्ष श्रीमती जानकी कुशरो, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज खिलारी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकेश रावटे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री रजनीश तिवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं प्रतिभागी खिलाड़ी उपस्थित रहे।

वर्षा ऋतु की मनोहारी छटा से सजेगा ‘पावस प्रसंग’, शास्त्रीय नृत्य-संगीत की प्रस्तुतियां 21 से 25 अगस्त तक…..

वर्षा ऋतु की मनोहारी छटा से सजेगा ‘पावस प्रसंग’, शास्त्रीय नृत्य-संगीत की प्रस्तुतियां 21 से 25 अगस्त तक…..

 रायपुर: संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कला, संस्कृति और शास्त्रीय परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘विभागीय आयोजन 2026’ की श्रृंखला के अंतर्गत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम  ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन किया जा रहा है। वर्षा ऋतु की सौंदर्यपूर्ण अनुभूतियों और भारतीय शास्त्रीय कला परंपरा को केंद्र में रखकर आयोजित यह कार्यक्रम  21, 22, 24 एवं 25 अगस्त को रायपुर के मुक्ताकाशी मंच, महंत घासीदास संग्रहालय परिसर, सिविल लाइंस में आयोजित होगा। कार्यक्रम प्रतिदिन  शाम 7 बजे से प्रारंभ होगा।

‘पावस प्रसंग’ में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक सुंदरता, उमंग, उल्लास और संवेदनाओं को शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाएगा। भारतीय कला परंपरा में वर्षा ऋतु का विशेष महत्व रहा है। बादलों की गड़गड़ाहट, वर्षा की रिमझिम, प्रकृति में नवजीवन का संचार और मन में जागृत होने वाले विविध भावों को कलाकार अपनी नृत्य मुद्राओं, भावाभिव्यक्ति और सुरों के माध्यम से जीवंत करते हैं। इसी समृद्ध सांस्कृतिक भावभूमि को ‘पावस प्रसंग’ के माध्यम से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

संस्कृति विभाग की इस पहल का उद्देश्य शास्त्रीय कला विधाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही आमजन को उच्चस्तरीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से जोड़ना है। मुक्ताकाशी मंच का वातावरण इन प्रस्तुतियों को और अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जहां दर्शक  भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की मनोहारी प्रस्तुतियों का आनंद ले सकेंगे।

‘पावस प्रसंग’ वर्षा ऋतु की सांस्कृतिक और कलात्मक अनुभूति को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाला विशेष आयोजन है। इसमें प्रकृति और मानवीय भावनाओं के बीच के गहरे संबंध को कला के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। शास्त्रीय नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं और संगीत की मधुर स्वर-लहरियों के माध्यम से वर्षा के विभिन्न रंगों और संवेदनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा।

संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित की जा रही विभागीय आयोजनों की श्रृंखला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक परंपराओं को मंच प्रदान करना तथा कलाकारों और दर्शकों के बीच जीवंत  सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है। इसी कड़ी में ‘पावस प्रसंग’ शास्त्रीय कला प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।

’संस्कृति और कला प्रेमियों से सहभागिता का आह्वान’

संस्कृति विभाग ने कला एवं संस्कृति प्रेमियों से ‘पावस प्रसंग’ में सहभागी बनने का आह्वान किया है। चार दिनों तक आयोजित होने वाला यह सांस्कृतिक आयोजन रायपुर में वर्षा ऋतु की प्राकृतिक अनुभूति को भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत की सौंदर्यपूर्ण अभिव्यक्ति से जोड़ते हुए कला प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव प्रस्तुत करेगा।

CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; आज भारी बारिश का अलर्ट

CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में फिर बदला मौसम, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; आज भारी बारिश का अलर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। रायपुर समेत कई जिलों में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है।

रायपुर का मौसम:
राजधानी रायपुर में बुधवार को दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं। शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है।

बीते 24 घंटे में कहां कितनी बारिश:
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर अच्छी बारिश हुई। सरगुजा और रायपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।

बागबाहरा में सबसे ज्यादा 14 सेमी पानी गिरा।

महासमुंद, छुरा, राजिम और कोमाखान में 11-11 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा आरंग, भटगांव, भाखरा और लटोरी में 9-9 सेमी तथा कुरूद, प्रतापपुर और गरियाबंद में 8-8 सेमी बारिश हुई।

क्यों हो रही है लगातार बारिश:
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उससे लगे इलाकों में बने सिस्टम के साथ मानसून द्रोणिका की सक्रियता का असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर पड़ रहा है। झारखंड और उसके आसपास बना अवदाब भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।

आज कैसा रहेगा मौसम:
बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी से अतिभारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई है।

 

राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सड़क सुरक्षा उपायों के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश

राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक, मुख्य सचिव विकासशील ने दिए सड़क सुरक्षा उपायों के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश

 रायपुर। मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने राज्य में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेश में किए गए कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश
दुर्घटना में घायलों का इलाज प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही 108 एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता की सख्त मॉनिटरिंग और ट्रामा सेंटरों को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया। सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नेक नागरिकों (गुड सेमेरिटन) को यथाशीघ्र प्रोत्साहन एवं सम्मान राशि प्रदान करने के निर्देश दिए गए।

दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने निर्देश
अधिक दुर्घटना वाले 8 जिलों पर विशेष फोकस किया गया, जिनमें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़, बलौदाबाजार, सरगुजा और जगदलपुर (बस्तर) जिलों में दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
दुर्घटनाओं में कमी लाने सड़क निर्माण के पूर्व ही डिजाइन सही बनाएं
ब्लैक स्पॉट्स का सुधार एवं विश्लेषण के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई को ब्लैक स्पॉट्स में समय-सीमा के भीतर सुधार करने और सुधार के बाद दुर्घटनाओं में आई कमी का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। मुख्य सचिव ने जोर दिया कि बाद में सुधार करने से बेहतर है कि सड़कों की शुरुआती डिजाइन ही सही हो। सड़कों पर आवारा पशुओं के विचरण को रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों को यातायात जागरूकता से जोड़े
सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोड क्लब गठित करने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को सुगम यातायात प्रबंधन से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी बनी रहे। सभी जिलों के कलेक्टरों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला सड़क सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने और मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
बैठक की शुरुआत में परिवहन सचिव श्री एस. प्रकाश ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) श्री प्रदीप गुप्ता सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, जनसंपर्क और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बस्तर में कनेक्टीविटी बढ़ाने विशेष जोर, सड़कों और पुल-पुलियों के काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश

बस्तर में कनेक्टीविटी बढ़ाने विशेष जोर, सड़कों और पुल-पुलियों के काम दिसम्बर तक पूर्ण करने के निर्देश

 00 लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
00 कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने कहा, हर 15 दिनों में करें प्रगति की समीक्षा
00 सभी ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने कहा, काम नहीं करने वालों को ब्लैकलिस्ट कर अनुबंध निरस्त करने के निर्देश
रायपुर।
राज्य शासन बस्तर में सड़क कनेक्टीविटी के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। बस्तर संभाग के सभी जिलों में निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों की प्रगति की लगातार समीक्षा के साथ ही इन्हें तेजी से पूर्ण करने कार्यों की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ बस्तर परिक्षेत्र के अभियंताओं और ठेकेदारों की बैठक लेकर निर्माणाधीन सड़कों, पुल-पुलियों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों में भारत सरकार के आर.आर.पी. और आर.सी.पी.एल.डब्लू.ई.ए. के अंतर्गत प्रगतिरत सड़कों और पुल-पुलियों को आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को सभी कार्यस्थलों का नियमित निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर 15 दिनों में प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने बैठक में ठेकेदारों से चर्चा कर कार्यस्थलों में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने इनके त्वरित निराकरण के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। श्री बंसल ने लोक निर्माण विभाग के बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों में काम कर रहे ठेकेदारों को 10 सितम्बर तक कार्य प्रगति दिखाने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वालों को ब्लैकलिस्ट कर उनके अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में सभी मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में दो-तीन दिन कार्यस्थलों का दौरा कर निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से समन्वय कर टाइमलाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जांच कर नियमित भुगतान भी करने को कहा। श्री बंसल ने अनुबंध के अनुसार कार्यक्षेत्रों में सभी ठेकेदारों से प्लांट व मशीनरी लगवाने को कहा। उन्होंने प्लांट व मशीनरी नहीं लगाने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
विभागीय सचिव ने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन सबमिशन की जानकारी ली। उन्होंने द्रुतगामी सड़कों तथा पहुंचविहीन गांवों को जोडऩे के लिए प्रस्तावित सड़कों व पुलों के प्राक्कलन की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत नए कार्यों में भू-अर्जन और वन-व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए, ताकि इनके निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर से की जा सके। उन्होंने निर्माण कार्यों, आयोजनों एवं कार्यक्रमों के बिलों का भुगतान तत्परता से एक माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच तथा न्यायालयीन मामलों के निपटारे की प्रगति की भी समीक्षा की।
बंसल ने बरसात के बाद पेच रिपेयर के कार्यों को युद्धस्तर पर शुरू करने 30 सितम्बर तक एजेंसियों के निर्धारिण के लिए निविदा की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुचारू आवागमन के लिए सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों के माध्यम से परफॉमेंस गांरटी वाली सड़कों की भी तत्परता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु की समाप्ति के बाद बाढ़ एवं अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत के काम सर्वोच्च प्राथमिकता से करने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, उप सचिव सुश्री अंशिका पाण्डेय, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एम.एल. उरांव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एस.के. कोरी, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता श्री टी.आर. कुंजाम, अधीक्षण अभियंता श्री संजय सूर्यवंशी, श्री डी.के. माहेश्वरी और सुरेश भूपल सहित बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता एवं अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, वरिष्ठ अधिकारियों को दिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निर्देश

 रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में आज स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली । बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई की व्यवस्था तथा मरीजों को दी जा रही अन्य सुविधाओं की बारीकी से समीक्षा की गई। अधिकारियों से जिलेवार जानकारी लेते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक भी जरूरी दवाएं और चिकित्सा सुविधाएं समय पर पहुंचें, जिससे आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा बैठक मे सेवाओं को और अधिक बेहतर एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। अस्पतालों में स्वच्छता व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखने, आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिले, इसके लिए कार्ययोजना के अनुसार अमल करने को कहा गया। इसके साथ ही चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव, स्टाफ की उपस्थिति और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी।

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने यूसीसी समिति सदस्यों से की सौजन्य मुलाकात

वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने यूसीसी समिति सदस्यों से की सौजन्य मुलाकात

 00 सरल भाषा में पुस्तक प्रकाशित करने का दिया सुझाव
​रायपुर।
राजधानी स्थित न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) समिति के सदस्यों से सौजन्य मुलाकात की। इस विशेष भेंट के दौरान डॉ. सलीम राज ने आम नागरिकों की सहूलियत और बेहतर समझ के लिए यूसीसी के विभिन्न पहलुओं पर सरल भाषा में एक पुस्तक प्रकाशित करने के विचार से समिति को अवगत कराया, ताकि राज्य का हर नागरिक इसके प्रावधानों को आसानी से समझ सके।
​नागरिक इन पते एवं माध्यमों से भेज सकते हैं अपने सुझाव
यूसीसी समिति के प्रमुख सदस्यों ने राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से यूसीसी के ड्राफ्ट हेतु अपने सुझाव साझा करने का विशेष आग्रह किया है। राज्य में यूसीसी (समान नागरिक संहिता) समिति ने अपनी कार्यप्रणाली पूरी सक्रियता से प्रारंभ कर दी है। राज्य के आम नागरिक समान नागरिक संहिता को लेकर अपने विचार या सुझाव देना चाहते हैं, तो निम्नलिखित आधिकारिक पतों एवं माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं। ​ई-मेल के माध्यम से ​नागरिक अपने सुझाव सीधे इस
ucc-chhattisgarh@cg.gov.in पर भेज सकते हैं। इसी तरह ​वेब पोर्टल के माध्यम से ​समिति के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन https://ucc.cgstate.gov.in/ सुझाव दर्ज करा सकते है। राज्य के नागरिक ​डाक / पत्राचार द्वारा ​अपने लिखित सुझाव कार्यालय, समान नागरिक संहिता समिति कमरा नंबर - 202, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन्स,रायपुर, छत्तीसगढ़ – 492001 के पते पर स्पीड पोस्ट या साधारण डाक से अथवा स्वयं उपस्थित होकर लिखित आवेदन/ज्ञापन व्यक्तिगत रूप से जमा कर सकते है।

विकास योजनाओं को मिले गति, निर्माण कार्य समय-सीमा में हों पूर्ण : केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

विकास योजनाओं को मिले गति, निर्माण कार्य समय-सीमा में हों पूर्ण : केन्द्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू

 दिशा समिति की बैठक में आजीविका, आवास, जैविक खेती, स्वच्छता, सिंचाई, सड़क और कुपोषण की स्थिति की हुई विस्तृत समीक्षा, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश

रायपुर-- सांसद लोकसभा क्षेत्र बिलासपुर एवं केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए  साहू ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उनकी आय में वृद्धि के लिए स्थानीय संसाधनों एवं संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।

प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने तथा हितग्राहियों को आवास निर्माण में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी तरह व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों के लंबित कार्यों को भी प्राथमिकता से पूरा करने कहा। पीएम जनमन योजना के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनाए जा रहे संपर्क मार्गों की समीक्षा करते हुए उन्होंने विभागीय समन्वय से निर्माण में आ रही बाधाओं का शीघ्र निराकरण करने और सड़कों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

विष्णुभोग धान-चावल की पहचान को मिले नई दिशा

साहू ने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले की विशिष्ट पहचान विष्णुभोग धान-चावल की उत्पादकता बढ़ाने, प्रसंस्करण को प्रोत्साहित करने तथा बेहतर विपणन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास करने कहा, ताकि किसानों को स्थानीय उत्पाद का अधिक लाभ मिल सके।

स्वच्छता की समीक्षा के दौरान उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में नियमित कचरा संग्रहण और स्वच्छता व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता सर्वेक्षण से संबंधित वास्तविक एवं अद्यतन जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराने पर भी विशेष जोर दिया।

सिंचाई, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान

जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए जल निकायों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।  साहू ने पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए सघन टीकाकरण अभियान चलाने, कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास करने तथा टीबी उन्मूलन और मलेरिया नियंत्रण के लिए विभागीय स्तर पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने जिले में शत-प्रतिशत पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी विशेष जोर दिया।

लंबित राजस्व प्रकरणों के शत-प्रतिशत निराकरण के निर्देश

केन्द्रीय राज्य मंत्री  साहू ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त अधिकांश प्रकरण राजस्व विभाग से संबंधित हैं। उन्होंने कलेक्टर को निर्देशित किया कि नक्शा-बटांकन, सीमांकन, नामांतरण, त्रुटि सुधार सहित सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए उन्होंने उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न की निर्बाध और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को विद्यालयों का नियमित भ्रमण कर बच्चों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में जिले के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास करने कहा।

साहू ने मत्स्य पालन, श्रम विभाग सहित सभी विभागों की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

विकास योजनाओं की उपलब्धियों से समिति को कराया गया अवगत

बैठक में कलेक्टर  विजय दयाराम के. ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। विभागीय अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं की उपलब्धियों एवं प्रगति से समिति को अवगत कराया।

बैठक में बताया गया कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत जिले में कुल 64 हजार 174 जॉबकार्डधारी परिवार पंजीकृत हैं। श्रम बजट वर्ष 2026-27 में अब तक 9 लाख 96 हजार मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। बिहान समूह से जुड़ी 18 हजार 148 दीदियों को लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में अब तक 46 हजार 151 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। गौरेला विकासखंड में संचालित पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत 1,080 आवासों में से 865 आवास पूर्ण हो चुके हैं। सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत 36 हजार 924 हितग्राहियों को पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है।

53 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ बोनी पूर्ण

कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 में निर्धारित 58 हजार 693 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 53 हजार 99 हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी पूर्ण हो चुकी है।

जिले में 839 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं, जहां 23 हजार 993 बच्चे दर्ज हैं। बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से पूरक पोषण आहार प्रदान किया जा रहा है।

69 हजार से अधिक घरों में पहुंचा नल का पानी

आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में अब तक 3 लाख 16 हजार 675 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं, जबकि 24 हजार 248 लोगों के कार्ड बनना शेष है। साहू ने शेष पात्र लोगों के कार्ड शीघ्र बनाने के निर्देश दिए।

जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 563 योजनाओं में से 245 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। योजना के अंतर्गत 84 हजार 901 घरों के लक्ष्य के विरुद्ध 69 हजार 808 घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं, जिनमें 55 हजार 800 क्रियाशील नल कनेक्शन शामिल हैं।

जिले में 209 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं तथा कुल 1 लाख 16 हजार 319 राशन कार्डधारक हैं। बैठक में केन्द्र एवं राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक में विधायक कोटा  अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष सुश्री समीरा पैकरा, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला  मुकेश दुबे, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पेंड्रा  राकेश जालान, अध्यक्ष जनपद पंचायत गौरेला श्री शिवनाथ बघेल, अध्यक्ष जनपद पंचायत मरवाही जानकी कुशरो,  जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।

 

युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता से बनेगा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

युवाओं की ऊर्जा और रचनात्मकता से बनेगा विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री साय

 00 माय भारत की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोडऩे पर दिया जोर

00 सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ ग्राम से राज्य स्तर तक तैयार होगा मजबूत युवा नेटवर्क
00 बस्तर के युवाओं को माय भारत से जोड़कर प्रतिभा और नेतृत्व के नए अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश
00 देशभर में माय भारत से जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा, छत्तीसगढ़ में 6.60 लाख से अधिक पंजीकृत
रायपुर।
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता तथा नवाचार की क्षमता ही विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है। विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर देकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से व्यापक रूप से जोडऩा होगा। युवाओं को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों से जोडऩे से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भाव, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना मजबूत होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मेरा युवा भारत (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बैठक में माय भारत की गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को इस मंच से जोडऩे और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का प्रत्येक युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़े और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। इसी उद्देश्य से मेरा युवा भारत जैसे व्यापक मंच की शुरुआत की गई है। प्रधानमंत्री युवाओं के विचारों, आकांक्षाओं और गतिविधियों में विशेष रुचि लेते हैं तथा युवा शक्ति को विकसित भारत के संकल्प का प्रमुख आधार मानते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का युवा तकनीक और डिजिटल माध्यमों के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। उसकी सोच व्यापक है, उसमें नवाचार की क्षमता है और वह तेजी से बदलाव को आत्मसात कर सकता है। युवाओं की यही ऊर्जा सकारात्मक और राष्ट्रहित के कार्यों में लगे, इसके लिए उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराना आवश्यक है। आने वाले वर्षों में यही युवा देश और प्रदेश का नेतृत्व करेंगे, इसलिए उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामाजिक सरोकारों से जोडऩे के लिए अभी से सुनियोजित प्रयास किए जाने चाहिए।

हर क्षेत्र में युवाओं को मिलें सेवा और नेतृत्व के अवसर
मुख्यमंत्री  साय ने स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, सिविक सेंस, इतिहास, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में युवा शक्ति का सहयोग उपयोगी हो सकता है, वहां माय भारत के माध्यम से उन्हें अवसर दिए जाएं। इससे एक ओर युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उनकी ऊर्जा और रचनात्मकता का समाज और प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग होगा। मुख्यमंत्री साय ने सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़ की भावना के अनुरूप ग्राम से लेकर राज्य स्तर तक मजबूत समन्वय और युवा नेटवर्क विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को पहचानना, उन्हें अवसर देना और नेतृत्व के मंच उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। डिजिटल डिटॉक्स, सेवा भाव, सामाजिक जुड़ाव और सामुदायिक उत्तरदायित्व से संबंधित गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाए।
माय भारत से देशभर में जुड़े 2.65 करोड़ से अधिक युवा
बैठक में बताया गया कि मेरा युवा भारत युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩे वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2023 को इसका शुभारंभ किया था। वर्तमान में देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवा इस मंच से जुड़ चुके हैं। माय भारत को युवाओं और सरकार के बीच सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां युवाओं को स्वयंसेवा, अनुभव आधारित शिक्षण, कौशल, नेतृत्व तथा राष्ट्र निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और अवसरों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके। युवाओं की सुविधा के लिए माय भारत ऐप भी विकसित किया गया है।
अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को मिल रहा व्यावहारिक अवसर
बैठक में जानकारी दी गई कि देशभर में 24 हजार 900 से अधिक ईएलपी के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की विभिन्न गतिविधियों से जुडऩे और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के माध्यम से 2 हजार 389 से अधिक युवा जुड़े हैं। इसी प्रकार देशभर में 1.53 लाख से अधिक स्वयंसेवा अवसरों के माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5 हजार 778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23 हजार 900 से अधिक युवाओं ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया है। केंद्र सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए क्विज मॉड्यूल के माध्यम से भी देशभर में 65 लाख से अधिक युवाओं को जोड़ा गया है।

गांव से राज्य तक तैयार होगा युवा नेटवर्क
बैठक में बताया गया कि मेरा युवा भारत की संगठनात्मक संरचना के अंतर्गत मुख्यालय के साथ 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यालय, जिला कार्यालय, युवा क्लब और माय भारत स्वयंसेवकों की व्यवस्था है। इस नेटवर्क के माध्यम से ग्राम स्तर से लेकर राज्य स्तर तक युवाओं को विभिन्न गतिविधियों और अवसरों से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने युवाओं को गैर-राजनीतिक सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोडऩे पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं की रुचि और प्रतिभा की पहचान कर उन्हें ऐसे अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिनसे उनके व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास हो तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत बने।
विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग को युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की महत्वपूर्ण पहल बताया। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में इसमें 30 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। युवा नेतृत्व के चयन को निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित बनाने के लिए बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया अपनाई गई है। बैठक में छत्तीसगढ़ में विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग आयोजित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इसके माध्यम से खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास, समाज कल्याण, नगरीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन, पर्यटन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया गया। विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट, विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, विकसित भारत युवा कनेक्ट, यूथ आइकन, विकसित भारत पदयात्रा, सरदारञ्च150 पदयात्रा और नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत जैसी गतिविधियों के माध्यम से भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण और नेतृत्व से जोडऩे के प्रयासों की जानकारी बैठक में दी गई।
बस्तर के युवाओं के लिए खुलें अवसरों के नए द्वार
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर के युवाओं को माय भारत की गतिविधियों से व्यापक स्तर पर जोडऩे पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर नक्सलवाद की हिंसा और भय के दौर को पीछे छोड़कर शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में बस्तर के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोडऩा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर रहे युवाओं के लिए आज नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं। माय भारत से जुडऩे से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, उनकी प्रतिभा को पहचान मिलेगी और उन्हें अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढऩे के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर के सुदूर क्षेत्रों तक विकास और अवसर पहुंच रहे हैं। पिछले दो वर्षों में बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों ने बड़ी संख्या में युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा, कला और संस्कृति प्रदर्शित करने का मंच दिया है। इसी प्रकार माय भारत के माध्यम से भी बस्तर के युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढऩे और नेतृत्व करने के अवसर दिए जाएं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर के युवाओं की प्रतिभा और सामर्थ्य को उचित अवसर देकर उन्हें छत्तीसगढ़ और देश के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना हमारी प्राथमिकता है। बैठक के दौरान माय भारत की वालंटियर अदिति द्वारा तैयार ट्राइबल आर्ट का छायाचित्र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक श्रीमती तनुजा सलाम, माय भारत की सीईओ डॉ. प्रियंका शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित माय भारत के राज्य एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे।

BREAKING : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 22 IAS और 1 IFS अधिकारी का तबादला, कई जिलों के बदले गए कलेक्टर

BREAKING : छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 22 IAS और 1 IFS अधिकारी का तबादला, कई जिलों के बदले गए कलेक्टर

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 22 IAS और एक IFS अधिकारी का तबादला किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।

जारी आदेश के मुताबिक प्रदेश के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है। तबादले के साथ अधिकारियों को अलग-अलग विभागों और जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीँ कई जिलों के कलक्टर भी बदले गए है।

 

 

 
BREAKING : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, 37 कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और प्रभारी सहायक अभियंताओं के तबादले

BREAKING : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में बड़ा फेरबदल, 37 कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और प्रभारी सहायक अभियंताओं के तबादले

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और प्रभारी सहायक अभियंताओं के तबादले किये गए है। आदेश में 37 अधिकारियों के नाम शामिल है।

देखें आदेश

 

 

BREAKING : राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

BREAKING : राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों का तबादला, देखें पूरी लिस्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से राज्य प्रशासनिक सेवा के 7 अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इस संबंध आदेश जारी किया गया है। सभी अधिकारियों को उनके वर्तमान पद से स्थानांतरित करते हुए नवीन पदस्थापना दी गई है।

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CG – 59 साल के अधेड़ ने की घिनौनी करतूत, नड्डे का लालच देकर 3 मासूमों से की हैवानियत, फिर जो हुआ…

CG – 59 साल के अधेड़ ने की घिनौनी करतूत, नड्डे का लालच देकर 3 मासूमों से की हैवानियत, फिर जो हुआ…

 दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। 59 साल के अधेड़ ने नड्डा खिलाने का लालच देकर तीन मासूमों के साथ हैवानियत की हदें पार की हैं। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों में आरोपी के खिलाफ भारी आक्रोश है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी एक दुकान संचालित करता है, जहां नड्डा, मुरकू और अन्य खाने-पीने की चीजें बेचता है। आरोप है कि उसने पड़ोस में रहने वाली बच्चियों को नड्डा खिलाने का लालच देकर अपने घर बुलाया और वहां उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। बच्चियों ने जब अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, तब मामले का खुलासा हुआ।

पीड़ितों के साथ उनके परिजनों ने कोतवाली थाना पहुंचकर लिखित शिकायत की, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर थाना लेकर आई।

खबर की जानकारी पर करणी सेना के कार्यकर्ता ने भी देर रात कोतवाली थाना घेरा। घटना से आक्रोशित कार्यकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ उसका जुलूस निकालने की मांग की। वहीं बच्चियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने के लिए भी कहा। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक के तबादले, देखें आदेश

BREAKING : पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, SI, ASI, प्रधान आरक्षक और आरक्षक के तबादले, देखें आदेश

 बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, आरक्षक को नई पदस्थापना मिली है।

देखें आदेश