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CG - तालाब में डूबने से एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत, गांव में पसरा मातम

CG - तालाब में डूबने से एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की मौत, गांव में पसरा मातम

 धमतरी। धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के कपालफोड़ी गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार की दो मासूम बच्चियों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, मोहर्रम की छुट्टी होने के कारण 8 वर्षीय गीतिका और 6 वर्षीय खुशबू गांव के तालाब में नहाने के लिए गई थीं। काफी देर तक जब दोनों बच्चियां घर वापस नहीं लौटीं तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।

तालाब किनारे मिले कपड़े और बाल्टी

खोजबीन के दौरान तालाब के किनारे दोनों बच्चियों के कपड़े और बाल्टी मिली। इसके बाद ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई और तत्काल तालाब में तलाश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों के शव तालाब से बरामद किए गए। घटना की सूचना मिलते ही मगरलोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चियों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मगरलोड ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

मृतक गीतिका और खुशबू एक ही परिवार की थीं। एक साथ दो मासूम बच्चियों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मगरलोड पुलिस ने घटना का पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।प्रारंभिक जांच में मामला तालाब में डूबने का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद कपालफोड़ी गांव में हर आंख नम है। ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर तालाबों और जलाशयों के आसपास सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।

CG : नक्सलियों के ठिकानों पर बड़ा खुलासा, 24 लाख कैश और नक्सलियो का डंप हथियार जब्त

CG : नक्सलियों के ठिकानों पर बड़ा खुलासा, 24 लाख कैश और नक्सलियो का डंप हथियार जब्त

 नारायणपुर।  नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद अब उनके पीछे छोड़ गए सामग्रियों को ढूंढने में सुरक्षाबल जुटी हुई है। इस कड़ी में टेकला जंगल से हथियारों का बड़ा डंप और तोयामेटा से 24 लाख रुपये नगद बरामद किया गया है। खुफिया सूचना पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी सफलता मिली है। टेकला जंगल से सुरक्षा बलों ने इंसास, एसएलआर, 303 रायफल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद किया है, वहीं छोटेडोंगर के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 24 लाख रुपये नगद बरामद किया गया है।

ACB की बड़ी कार्रवाई, पटवारी और बिजली विभाग का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

ACB की बड़ी कार्रवाई, पटवारी और बिजली विभाग का बाबू रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

 बिलासपुर। जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई रतनपुर तहसील में हुई, जहां लालपुर पटवारी को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया। वहीं दूसरी कार्रवाई मस्तूरी क्षेत्र में की गई, जहां सीएसपीडीसीएल (विद्युत विभाग) के बाबू को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। पहले मामले में रतनपुर निवासी अशोक अग्रवाल ने ACB बिलासपुर इकाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्होंने अपनी लालपुर स्थित जमीन के नक्शा बंटांकन के लिए लगभग एक वर्ष पहले तहसीलदार रतनपुर के यहां आवेदन दिया था। इस कार्य के लिए तहसीलदार द्वारा लालपुर पटवारी भानु चंद्राकर को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

आरोप है कि पटवारी भानु चंद्राकर ने कार्य करने के एवज में 40 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। एसीबी द्वारा सत्यापन के दौरान यह बात सही पाई गई। बाद में मोलभाव के बाद 25 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई और 25 जून को प्रार्थी को रिश्वत की राशि लेकर तहसील कार्यालय रतनपुर भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने 25 हजार रुपये की राशि ली, एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। आरोपी के कब्जे से पूरी रिश्वत राशि बरामद कर ली गई। इसके बाद उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एसीबी अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है। डीएसपी एसीबी ने कहा कि जनता बिना किसी डर के शिकायत दर्ज कर सकती है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसी तरह दूसरी कार्रवाई बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र में की गई, जहां बिजली विभाग के एक बाबू को रिश्वत लेते पकड़ा गया। ग्राम पारघाट निवासी त्रिलोकी साहू ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपने कृषि भूमि में शासन की योजना के तहत निःशुल्क विद्युत पोल लगाने के लिए सीएसपीडीसीएल कार्यालय मस्तूरी में आवेदन किया था। आरोप है कि कार्यालय में पदस्थ बाबू सहदेव कुमार चंद्रा ने काम आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने भी इस पूरे मामले में एसीबी से संपर्क कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के सत्यापन के बाद मामला सही पाया गया। इसके बाद ACB ने ट्रैप की योजना बनाई और प्रार्थी को रिश्वत की राशि लेकर कार्यालय भेजा गया। जैसे ही बाबू ने 10 हजार रुपये लिए, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। हालांकि बाद में रिश्वत राशि की बरामदगी और आरोपी की पहचान को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद जिले में सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी रिश्वत की मांग आम बात बनती जा रही है, जिससे आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ACB की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। विभागीय अधिकारियों ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक स्तर पर समीक्षा शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री साय के सुशासन में साकार हो रहा पक्के आवास का सपना

मुख्यमंत्री साय के सुशासन में साकार हो रहा पक्के आवास का सपना

 रायपुर। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के सुशासन में प्रदेश के लाखों जरूरतमंद परिवारों का पक्के आवास का सपना साकार हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) केवल एक आवासीय योजना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया अध्याय लिखने का माध्यम बन रही है। इस योजना के जरिए ऐसे परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जो वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर थे।

रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत आमगांव निवासी ललित कुमार राठिया भी उन हितग्राहियों में शामिल हैं, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना ने सकारात्मक बदलाव लाया है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले ललित कुमार राठिया मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सीमित आय के कारण परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति ही बड़ी चुनौती थी। ऐसे में स्वयं का पक्का मकान बनाना उनके लिए लगभग असंभव था। ललित कुमार राठिया का परिवार वर्षों तक मिट्टी और खपरैल से बने कच्चे मकान में निवास करता रहा। बरसात के मौसम में घर की छत से पानी टपकता था और दीवारों में नमी भर जाती थी। कई बार लगातार बारिश होने पर घर के भीतर पानी तक भर जाता था, जिससे परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और परिवार हमेशा किसी अनहोनी की आशंका से घिरा रहता था। 

परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे स्वयं अपने संसाधनों से पक्का मकान बना सकें। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका चयन हुआ और उन्हें शासन से आवास निर्माण के लिए सहायता राशि स्वीकृत हुई। योजना का लाभ मिलने के बाद उन्होंने अपने सपनों के घर का निर्माण कार्य शुरू किया और कुछ ही समय में उनका पक्का आवास तैयार हो गया। आज ललित कुमार राठिया का परिवार अपने नए पक्के घर में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहा है। मजबूत दीवारें और पक्की छत उन्हें हर मौसम में सुरक्षा प्रदान कर रही हैं। घर का वातावरण स्वच्छ और व्यवस्थित होने से परिवार के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और परिवार का सामाजिक सम्मान भी बढ़ा है।

वे कहते हैं कि अपना घर होना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। आज हमारे पास मजबूत और सुरक्षित घर है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमारे परिवार का जीवन बदल दिया है। अब हम सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवन जी रहे हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और शासन-प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही है। यह योजना केवल पक्के मकान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को सुरक्षित भविष्य, बेहतर जीवन स्तर और सामाजिक सम्मान प्रदान करने का कार्य भी कर रही है।

वनांचल की बिंदा बाई के सपनों को मिला अपना आशियाना

वनांचल की बिंदा बाई के सपनों को मिला अपना आशियाना

 रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के सुशासन में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में विकास की एक नई और सुखद तस्वीर उभर रही है। बालोद जिले के डौण्डी विकासखंड के वनांचल ग्राम नर्राटोला की निवासी बिंदा बाई इसका एक जीवंत और सशक्त उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पक्का घर मिलने से न सिर्फ उनके सपनों को उड़ान मिली है, बल्कि शासन की अन्य योजनाओं के समन्वय ने उनके जीवन में खुशहाली और आत्मविश्वास का नया संचार किया है।

कच्चे घर की परेशानियां अब बीती बात

एक समय था जब बिंदा बाई अपने परिवार के साथ एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर थीं। खासकर मानसून के दिनों में छत से पानी टपकना, दीवारों में सीलन और वनांचल क्षेत्र होने के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का डर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा था। बेहद सीमित आर्थिक संसाधनों के चलते पक्का मकान बनाना उनके लिए एक दूर का सपना था। लेकिन ग्राम पंचायत के माध्यम से जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनका आवेदन स्वीकृत हुआ, तो समय पर मिली किस्तों की मदद से उन्होंने बिना किसी बाधा के अपना पक्का घर तैयार कर लिया।

मनरेगा और अन्य योजनाओं के समन्वय से मिली मजबूती

बिंदा बाई के घर को संवारने में कई सरकारी योजनाओं ने एक साथ मिलकर काम किया कि आवास निर्माण के दौरान बिंदा बाई को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत मजदूरी का समय पर भुगतान मिला, जिससे निर्माण के दौरान उन्हें कोई आर्थिक तंगी नहीं झेलनी पड़ी। घर की दहलीज तक नल कनेक्शन पहुंचने से अब उन्हें और उनके परिवार को शुद्ध पेयजल के लिए दूर नहीं भटकना पड़ता। रसोई में गैस कनेक्शन और चूल्हा मिलने से बिंदा बाई का घर अब धुएं से पूरी तरह मुक्त हो चुका है, जिससे उनकी सेहत भी सुरक्षित है। इस योजना के तहत हर महीने मिलने वाली वित्तीय सहायता राशि से वे अपने परिवार की छोटी-मोटी और आवश्यक जरूरतों को बिना किसी पर निर्भर रहे पूरा कर पा रही हैं।

योजनाओं ने दिया सम्मान और सुरक्षित जीवन का भरोसा

अपनी खुशी जाहिर करते हुए बिंदा बाई कहती हैं कि शासन की इन योजनाओं ने हमें केवल एक पक्का मकान ही नहीं दिया, बल्कि समाज में सम्मान और एक सुरक्षित जीवन का भरोसा भी दिया है। अब मेरा परिवार एक बेहतर माहौल में रह रहा है। उन्होंने इस सकारात्मक बदलाव के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है।

अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा विकास का लाभ

वनांचल के दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास योजनाओं की यह प्रभावी पहुंच साफ दर्शाती है कि राज्य सरकार की जनहितकारी पहलें समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के अंत्योदय के लक्ष्य को सफलतापूर्वक साकार कर रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य योजनाओं का यह कन्वर्जेंस (समन्वय) ग्रामीण परिवारों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव का मजबूत आधार बन रहा है।

डोंगरगांव बना नगर पालिका,बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी,अधिसूचना जारी

डोंगरगांव बना नगर पालिका,बहुप्रतीक्षित मांग हुई पूरी,अधिसूचना जारी

 रायपुर। राज्य शासन ने डोंगरगांववासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए डोंगरगांव नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। डोंगरगांव नगर पंचायत की सीमाएं ही डोंगरगांव नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।

डोंगरगांव नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन के बाद वहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने आज उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इससे डोंगरगांव के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।  

उप मुख्यमंत्रीसाव ने डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। इस दौरान डोंगरगांव नगर पंचायत की अध्यक्ष अंजू त्रिपाठी, पार्षद  मनबोधी पटेल, पदमनी ठाकुर, गायत्री यादव, लीला मंडलोई, डीकेश साहू, दीना पटेल और  रामकुमार गुप्ता भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में अब बिना लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम वाली यात्री बसों पर होगी कार्रवाई….

छत्तीसगढ़ में अब बिना लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम वाली यात्री बसों पर होगी कार्रवाई….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ में यात्री सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश ने आज इंद्रावती भवन नवा रायपुर स्थित परिवहन कार्यालय में सभी बस संचालकों एवं विभाग द्वारा वीएलटीडी लगाने हेतु अधिकृत वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर यात्री बसो में स्थापित वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा है कि जिन बसों में अभी तक वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) नहीं लगी है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। वहीं जिन बसों में यह उपकरण लगा हुआ है लेकिन संचालित नहीं है, उन्हें तत्काल चालू किया जाए।

परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुए भीषण सड़क हादसों के बाद सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों और भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है।

विभाग ने बताया कि राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा समय पर संचालन हो रहा है या नहीं। यात्रियों को भी संगवारी ऐप के जरिए बसों की वास्तविक समय की लोकेशन की जानकारी मिल सकेगी।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे और बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली स्थापित की जा रही है। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक ऐसी उपग्रह आधारित प्रणाली है, जो वाहन की हर पल की स्थिति और लोकेशन की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की मोहलत समाप्त होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक : खेती का नया और स्मार्ट विकल्प….

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक : खेती का नया और स्मार्ट विकल्प….

 रायपुर: भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच खेती की नई और टिकाऊ तकनीकों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे समय में हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में एक अभिनव और प्रभावी विकल्प बनकर उभर रही है। यह ऐसी आधुनिक खेती पद्धति है, जिसमें मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती और पौधों को पानी में घुले पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है।

क्या है हाइड्रोपोनिक्स तकनीक?

हाइड्रोपोनिक्स एक वैज्ञानिक कृषि पद्धति है, जिसमें पौधों की जड़ों को पोषक तत्वों से युक्त पानी में रखा जाता है। इस तकनीक में मिट्टी के स्थान पर विशेष माध्यमों का उपयोग किया जाता है, जिससे पौधों को आवश्यक पोषण सीधे प्राप्त होता है। परिणामस्वरूप पौधों की वृद्धि तेजी से होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है।

कम संसाधनों में अधिक उत्पादन

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक खेती की तुलना में बहुत कम पानी की आवश्यकता होती है। सीमित भूमि वाले किसान, शहरी क्षेत्रों के निवासी तथा छोटे उद्यमी भी इस तकनीक के माध्यम से सफलतापूर्वक खेती कर सकते हैं। नियंत्रित वातावरण में फसल उत्पादन होने के कारण मौसम का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम पड़ता है।

पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में सहायक

विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोपोनिक्स तकनीक गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कम पानी की खपत, रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और भूमि पर कम दबाव के कारण यह तकनीक पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। यही कारण है कि इसे भविष्य की टिकाऊ कृषि पद्धतियों में शामिल किया जा रहा है।

युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता के नए अवसर भी प्रदान करती है। कम स्थान में व्यावसायिक स्तर पर सब्जियां, हरी पत्तेदार फसलें और अन्य उच्च मूल्य वाली फसलें उगाकर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है। इससे युवाओं को कृषि आधारित स्टार्टअप शुरू करने का अवसर मिल रहा है।

सरकार दे रही आधुनिक कृषि को बढ़ावा

केंद्र और राज्य सरकारें किसानों की आय बढ़ाने, जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं। कृषि विज्ञान केंद्रों, कृषि विभाग तथा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। इससे किसान आधुनिक खेती अपनाकर उत्पादन और आय दोनों बढ़ा सकते हैं।

भविष्य की खेती की ओर एक मजबूत कदम

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता का नया मार्ग खोल रही है। यह तकनीक कम संसाधनों में अधिक उत्पादन, बेहतर गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण का संतुलित समाधान प्रस्तुत करती है। आने वाले समय में यह पद्धति किसानों, युवाओं और कृषि उद्यमियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच के साथ हाइड्रोपोनिक्स खेती न केवल कृषि को अधिक लाभकारी बना रही है, बल्कि खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

नवा रायपुर को मिली आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात

नवा रायपुर को मिली आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात

 वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ

50 बिस्तरों वाले अस्पताल से नवा रायपुर एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को मिलेगा बेहतर उपचार का लाभ

रायपुर-- नवा रायपुर के सेक्टर-9 में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का आज विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किसी भी राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है। नवा रायपुर में इस अत्याधुनिक अस्पताल की शुरुआत से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।

मंत्री  चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय जिन चुनौतियों की चर्चा होती थी, आज उन्हें पीछे छोड़ते हुए राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है, उद्योगों का विस्तार हो रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और आधुनिक अस्पतालों की स्थापना से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

वित्त मंत्री  चौधरी ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार के प्रयासों और निजी क्षेत्र की सहभागिता से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है, जिसका लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।

उल्लेखनीय है कि 50 बिस्तरों वाले सरोज सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल के संचालन से नवा रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।

 

पिंक ऑटो योजना का विस्तार: 52 और महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

पिंक ऑटो योजना का विस्तार: 52 और महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की नई राह

 रायपुर : राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पिंक ऑटो प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। वित्त मंत्री  ओपी चौधरी एवं मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब ने नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पिंक ई-ऑटो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने स्वयं ई-ऑटो में बैठकर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में द्वितीय चरण के अंतर्गत 52 महिलाओं को पिंक ई-ऑटो प्रदान किए गए। इससे पहले प्रथम चरण में 40 महिलाओं को ई-ऑटो उपलब्ध कराए गए थे। योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लाभान्वित महिलाएं वर्तमान में प्रति माह 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।

इस अवसर पर प्रथम चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। सम्मानित महिलाओं में ग्राम राखी की चंद्रिका साहू, कोटराभाठा की शीतू कोशले, ग्राम बेंद्री की श्रीमती रेशम साहू तथा ग्राम तूता की ज्ञानी बैस शामिल रहीं।

योजना के तहत प्रथम चरण में 14 ग्रामों और 16 ग्राम संगठनों की 40 महिलाओं को लाभ मिला था, जबकि द्वितीय चरण में 23 ग्रामों एवं 25 ग्राम संगठनों की कुल 52 महिलाओं को ई-ऑटो प्रदान किए गए हैं।

वित्त मंत्रीओपी चौधरी ने कहा कि पिंक ऑटो योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और वे सम्मानजनक तरीके से आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हो रही हैं। उन्होंने सभी हितग्राही महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह योजना उन्हें आत्मविश्वास और नई पहचान प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव  अंकित आनंद, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  चंदन कुमार, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय समिति, इस रिटायर्ड जज को मिली अध्यक्ष की कमान

छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी तेज, सरकार ने बनाई 5 सदस्यीय समिति, इस रिटायर्ड जज को मिली अध्यक्ष की कमान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं, कानूनी पहलुओं और सामाजिक प्रभावों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सरकार द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी एम.के. राउत और शत्रुघ्न सिंह को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को भी समिति में शामिल किया गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार समिति राज्य में विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति संबंधी प्रावधानों का अध्ययन करेगी। साथ ही अन्य राज्यों में यूसीसी से जुड़े अनुभवों और कानूनी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाएगा। समिति विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर व्यापक अध्ययन करेगी। इसके बाद अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए धर्म और समुदाय से परे एक समान नागरिक कानून लागू करना है। छत्तीसगढ़ में समिति के गठन को यूसीसी लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

14 नगर निगम, 56 नगर पालिका और 124 नगर पंचायतों के मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ आपात निधि जारी

14 नगर निगम, 56 नगर पालिका और 124 नगर पंचायतों के मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ आपात निधि जारी

 रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए 22 करोड़ 6 लाख रुपए की आपात निधि जारी की है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देश पर संचालनालय ने सभी निकायों को राशि हस्तांतरित कर दी है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही अप्रैल से जून के लिए यह राशि जारी की गई है।

नगरीय प्रशासन विभाग ने मरम्मत-संधारण आपात निधि के रूप में राज्य के 14 नगर निगमों को कुल 13 करोड़ 76 लाख रुपए जारी किए हैं। वहीं 56 नगर पालिकाओं के लिए कुल 5 करोड़ 18 लाख रुपए जारी किए गए हैं। विभाग ने 124 नगर पंचायतों के लिए भी कुल 3 करोड़ 66 लाख रुपए जारी किए हैं।

निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश से पहले जांच लें 5 जरूरी बातें, विनियामक आयोग ने जारी की गाइडलाइन

निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश से पहले जांच लें 5 जरूरी बातें, विनियामक आयोग ने जारी की गाइडलाइन

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेने की सोच रहे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। प्रवेश के नाम पर होने वाले किसी भी तरह के फर्जीवाड़े से बचने के लिए छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने छात्रहित में एक आवश्यक गाइडलाइन जारी की है।

छत्तीसगढ़ के निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सचिव श्री अशोक अग्रवाल द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार छात्र किसी भी कोर्स या डिग्री में दाखिला लेने से पहले 5 मुख्य बिंदुओं की जांच अवश्य कर लें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे और बाद में कोई परेशानी न हो। ​निजी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेते समय छात्र इन बातों का विशेष ध्यान रखें।

अधिनियम के तहत अधिसूचना की जांच

​सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित विश्वविद्यालय राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम-2005 के अंतर्गत विधिवत अधिसूचित है या नहीं।

राजपत्र में प्रकाशन अनिवार्य

​विश्वविद्यालय के परिनियम एवं अध्यादेश का छत्तीसगढ़ शासन के राजपत्र में प्रकाशित होना अनिवार्य है। नियमानुसार राजपत्र में प्रकाशन के बाद ही कोई भी निजी विश्वविद्यालय छात्रों को प्रवेश देने के लिए पात्र होता है। बिना इसके प्रवेश देना अवैध माना जाएगा।

संबद्धता पर रोक

छत्तीसगढ़ के सभी निजी विश्वविद्यालय एकात्मक स्वरूप के हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इन्हें अपने कैंपस से बाहर किसी अन्य कॉलेज या संस्थान को संबद्धता देने की अनुमति नहीं है। ये संस्थान केवल अपनी मुख्य इकाई या अपनी अध्ययन शाला के भीतर ही पाठ्यक्रम संचालित कर सकते हैं।

यूजीसी से कोर्स की मंजूरी

​ जिस भी पाठ्यक्रम या डिग्री में प्रवेश ले रहे हैं, वह यूजीसी द्वारा अनुमोदित होनी चाहिए। साथ ही, राजपत्र में प्रकाशित विश्वविद्यालय के अध्यादेश में भी उस पाठ्यक्रम का उल्लेख होना अनिवार्य है।

पी-एच.डी. के लिए कड़े नियम

​पी-एच.डी. की उपाधि के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम, 2022 के नियम प्रभावी हैं। छात्र यह अच्छी तरह जांच लें कि संबंधित विषय में नियमों के अनुरूप योग्यता रखने वाले नियमित शोध निर्देशक विश्वविद्यालय में पदस्थ हों। बाहर के शोध निर्देशकों की सेवाएं लेकर शोध कार्य कराना यूजीसी के नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।

​विनियामक आयोग के सचिव की अपील

आयोग के सचिव द्वारा जनहित में जारी इस गाइडलाइन का एकमात्र उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना है। किसी भी संस्थान के बहकावे या भ्रामक विज्ञापनों में आने के बजाय, छात्र और अभिभावक स्वयं आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.purc.cgstate.gov.in पर जाएं या आयोग के कार्यालय से नियमों की पुष्टि करने के बाद ही पूरी तरह संतुष्ट होकर प्रवेश लें।

छत्तीसगढ़ की धरती को बंजर होने से बचाना है तो प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाना ही होगा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ की धरती को बंजर होने से बचाना है तो प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाना ही होगा: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 रायपुर /भाटापारा ।  धरती की उर्वरकता और स्वस्थ पीढ़ी के लिए जैविक खेती को अपनाना हमारी जिम्मेदारी है यह कहना है रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता  बृजमोहन अग्रवाल का जिन्होंने गुरुवार को भाटापारा में आयोजित ‘राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – तिलहन (NMEO-OS)’ अंतर्गत जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला में शामिल होकर हुए किसानों को पारंपरिक और वैज्ञानिक खेती के समावेश का मूल मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि केवल धान की फसल पर निर्भरता न केवल हमारी भूमि की उर्वरक शक्ति को कम कर रही है, बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ा संकट पैदा कर रही है।

धरती की उर्वरकता और स्वस्थ पीढ़ी के लिए जैविक खेती अनिवार्य

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, आज जब से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी और ₹3100 प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य दिया जा रहा है, तब से एक स्थिति यह भी बन गई है कि अधिकांश किसान केवल धान की खेती तक सीमित होकर रह गए हैं। हर तरफ केवल धान, धान, धान और धान की ही खेती हो रही है। बाकी फसलों का उत्पादन लगभग बंद होता जा रहा है।

हमें विचार करना होगा कि क्या केवल धान की खेती से भविष्य में काम चल पाएगा? एक समय ऐसा भी आ सकता है जब हमारी जमीन का पानी सूख जाएगा। धान ऐसी फसल है जिसमें सबसे अधिक पानी की आवश्यकता होती है। छत्तीसगढ़ में आज पानी की कमी नहीं है, लेकिन पहले हमारे गांवों में पांच-पांच, दस-दस तालाब हुआ करते थे। आज वे तालाब सूख रहे हैं, समाप्त होते जा रहे हैं।

बार-बार एक ही फसल लेने से धरती की उर्वरक शक्ति भी कम होती है। अधिक उत्पादन लेने के लिए हम लगातार यूरिया और फास्फेट का उपयोग कर रहे हैं। इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। आने वाली पीढ़ियों, हमारे बच्चों और नाती-पोतों के लिए जो जमीन हम छोड़कर जाएंगे, वह कहीं बंजर न हो जाए, इस बारे में हमें गंभीरता से सोचना होगा।

इसीलिए कहा जाता है कि फसल चक्र अपनाना चाहिए। अलग-अलग फसलें लेने से मिट्टी की उर्वरक शक्ति बनी रहती है। पहले लोग अपने घर के खाने के लिए अलग से धान रखते थे, लेकिन आज यह परंपरा भी लगभग समाप्त हो गई है। हम केवल अधिक उत्पादन और अधिक कमाई के पीछे भाग रहे हैं।

लेकिन सोचने की बात यह भी है कि जितना अधिक पैसा हम कमाते हैं, उसका बड़ा हिस्सा बाद में डॉक्टरों को देना पड़ता है। कम से कम हमें यह तो तय करना चाहिए कि हमारे परिवार के खाने के लिए जितना चावल और धान चाहिए, उतना उत्पादन हम जैविक तरीके से करें। गोबर खाद और गौमूत्र का उपयोग कर प्राकृतिक खेती करें।

हमें यह विचार करना होगा कि अपनी आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ रखना है, अपने परिवार को स्वस्थ रखना है, अपने बच्चों और नाती-पोतों को स्वस्थ रखना है, तो हमें प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर लौटना ही होगा।

उन्होंने कहा कि, आज हमें यह भी सोचना होगा कि हमने पशुपालन को लगभग छोड़ ही दिया है। पहले के समय में जिसके घर में जितने अधिक पशु होते थे, उसे उतना ही समृद्ध और बड़ा आदमी माना जाता था। आज अधिकांश घरों में पशु नहीं हैं। बच्चों के लिए शुद्ध दूध तक उपलब्ध नहीं है। बाजार से जो दूध आता है, वह किस प्रकार तैयार होता है, इसकी भी चिंता लोगों को रहती है।

इतिहास स्वयं को दोहराता है। इसलिए समय की मांग है कि हम फिर से प्राकृतिक खेती और जैविक खेती की ओर लौटें। यदि हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करना है तो हमें गोबर खाद और गौमूत्र आधारित खेती को अपनाना होगा। प्राकृतिक खेती और जैविक खेती ही स्वस्थ समाज, स्वस्थ परिवार और स्वस्थ भविष्य का आधार बन सकती है।

खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का आह्वान

सांसद ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को साझा करते हुए कहा कि यदि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाना है, तो किसानों को विविधीकरण अपनाना होगा। उन्होंने सलाह दी कि किसान अपनी जमीन के एक चौथाई हिस्से में फल-फूल, एक चौथाई में पशुपालन, मछली पालन या मुर्गी पालन करें, ताकि आय का जरिया साल भर बना रहे। उन्होंने बताया कि सरकार दलहन-तिलहन की खेती करने पर 15,000 रुपये प्रति वर्ष और खेत में वृक्षारोपण करने पर 10,000 रुपये प्रति वर्ष प्रोत्साहन राशि दे रही है।

युवाओं के लिए नई तकनीक और बाजार की संभावनाएं

युवाओं को गांव में ही रोजगार और खेती से जोड़ने के लिए उन्होंने ‘नेट हाउस’, ‘पॉली हाउस’ और ‘ड्रिप इरिगेशन’ जैसी आधुनिक तकनीकों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि रायपुर जैसे शहरों में जैविक उत्पादों की भारी मांग है और जैविक उत्पाद सामान्य फसलों की तुलना में कई गुना अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। अतः जैविक खेती ‘नुकसान नहीं, बल्कि फायदे का सौदा’ है।

हितग्राहियों को मिली योजनाओं की सौगात
इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और प्रदेश के कृषि मंत्री  रामविचार नेताम की उपस्थिति में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में पीएम आशा योजना, स्वनिधि योजना, राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन, नैनो यूरिया प्रोत्साहन और मत्स्य पालन विभाग से जुड़ी योजनाओं के हितग्राहियों को सहायता राशि एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

इस अवसर पर राज्य शासन के कृषि मंत्री राम विचार नेताम, मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर,  अश्विनी शर्मा , सनम जांगड़े, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।

ACB का बड़ा एक्शन, जमीन के बटांकन के बदले 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पटवारी गिरफ्तार

ACB का बड़ा एक्शन, जमीन के बटांकन के बदले 25 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पटवारी गिरफ्तार

 बिलासपुर। जिले के लालपुर में पदस्थ एक पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी भानु चंद्राकर को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। पटवारी द्वारा यह रिश्वतखोरी जमीन से संबंधित कार्यों के लिए की गई थी, जिसमें उसे जमीन का नक्शा और बटांकन करने के एवज में यह रकम हासिल करनी थी। इस मामले की शिकायत मिलने के बाद एसीबी बिलासपुर की टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी पटवारी ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। इस घटना के बाद, एसीबी ने आरोपी भानु चंद्राकर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात कर रही है : केदार कश्यप

लोकतंत्र का गला घोंटने वाली कांग्रेस आज लोकतंत्र की बात कर रही है : केदार कश्यप

 भूपेश के पास कोई मुद्दा नहीं, किसानों को फसल परिवर्तन के लिए प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये दे रही साय सरकार

स्वास्थ्य सेवाओं पर कांग्रेस को बोलने का नैतिक अधिकार नहीं

रायपुर। वनमंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास जनता से जुड़े कोई ठोस मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह निराधार आरोप लगाकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

आपातकाल और लोकतंत्र के मुद्दे पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बेशर्म वह पार्टी है, जो इतिहास की सच्चाई स्वीकार नहीं कर पाती। भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र है, इसलिए देश की नई पीढ़ी को यह जानना भी आवश्यक है कि इसी देश में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटते हुए आपातकाल थोपा था। उस दौर में लोकतंत्र की आवाज़ उठाने वाले हजारों लोगों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डालकर प्रताडि़त किया गया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र के संघर्ष, उसके महत्व और उसकी रक्षा के दायित्व को भी समझना चाहिए। लोकतांत्रिक मूल्यों को व्यवहारिक जीवन में उतारना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल परिवर्तन को प्रोत्साहित कर रही है। इसके तहत दलहन और तिलहन जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। सरकार इन फसलों की खरीद की भी प्रभावी व्यवस्था कर रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कांग्रेस के दावों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि उनके शासनकाल में स्वास्थ्य व्यवस्था घोटालों और अव्यवस्थाओं का प्रतीक रही। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह संवेदनशील है और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, घोटालों और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने का रहा है। इसके विपरीत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, किसानों के कल्याण और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है। जनता अब तथ्यों और काम के आधार पर निर्णय ले रही है, इसलिए कांग्रेस के निराधार आरोपों का कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा में सफल हुए ट्राइबल यूथ हॉस्टल, द्वारका के विद्यार्थियों से आत्मीय मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के मेहनतकश परिवारों के सपनों और संघर्ष का सम्मान भी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता इस बात का सशक्त प्रमाण है कि प्रतिभा कभी भी आर्थिक संसाधनों या पारिवारिक पृष्ठभूमि की मोहताज नहीं होती। किसी के पिता राजमिस्त्री हैं, कोई किसान परिवार से है तो कोई शिक्षक का बेटा है, लेकिन इन सभी ने अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा के प्रथम चरण में सफलता प्राप्त की है। यह पूरे प्रदेश, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनकी तैयारी, अध्ययन पद्धति, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। विद्यार्थियों ने ट्राइबल यूथ हॉस्टल में उपलब्ध अध्ययन वातावरण, मार्गदर्शन और सुविधाओं के अनुभव साझा किए तथा बताया कि राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए अनुकूल माहौल ने उन्हें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने का आत्मविश्वास दिया।

मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से कहा कि प्रारंभिक परीक्षा की सफलता एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन वास्तविक लक्ष्य मुख्य परीक्षा और उसके बाद साक्षात्कार में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पूरी निष्ठा, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करने की सलाह देते हुए कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता और निरंतर प्रयास ही सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सेवाएं केवल एक प्रतिष्ठित करियर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपेक्षा की कि वे भविष्य में प्रशासनिक दायित्व निभाते समय संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को सर्वाेच्च प्राथमिकता देंगे तथा अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल ट्राइबल यूथ हॉस्टल के विद्यार्थियों से की मुलाकात

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए अनेक पहल की जा रही हैं, ताकि प्रतिभा संसाधनों के अभाव में कभी पीछे न रह जाए।

उन्होंने कहा कि द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल इसी सोच का परिणाम है, जहां प्रदेश के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। यहां उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण, मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम अब यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती सफलता के रूप में सामने आने लगा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का सबसे मजबूत आधार शिक्षित, जागरूक, सक्षम और संवेदनशील युवा हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक प्रतिभाशाली विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़े और देश के सर्वाेच्च संस्थानों एवं सेवाओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करे। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए पुनः शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आने वाले समय में प्रशासनिक सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि समाज के वंचित एवं प्रतिभाशाली युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।  इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ वनांचलों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को देश की राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। दोनों मंत्रियों ने विद्यार्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता पर बधाई देते हुए मुख्य परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें पूरी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

उल्लेखनीय है कि  संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 के परिणामों में छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। नई दिल्ली के द्वारका स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रहे 13 अभ्यर्थियों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है। विशेष बात यह है कि इनमें अधिकांश विद्यार्थी जनजातीय, ग्रामीण एवं सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से आते हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी प्रतिभा, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 में सफल होने वाले विद्यार्थियों में  गौतम कुमार, कुलभूषण सिंह पोया,  हरि चंद्र प्रकाश सिंह,  मयंक रात्रे, मलिकराम पटेल,  आर्यन राठौर,  चेतन लाल,  हरीश कुमार पटेल,  किशन लाल साहू,  सत्यनारायण चंद्राकर, सुश्री दीक्षा दिवाकर,  विकेश कुर्रे तथा  प्रकाश पटेल शामिल हैं।

CG – 4 कोचिंग सेंटर सील! इस गड़बड़ी पर हुई बड़ी कार्रवाई, संचालकों में मचा हड़कंप

CG – 4 कोचिंग सेंटर सील! इस गड़बड़ी पर हुई बड़ी कार्रवाई, संचालकों में मचा हड़कंप

 दुर्ग। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे के बाद दुर्ग जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद जिले में छात्रों की सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत आज भिलाई के न्यू सिविक सेंटर में संचालित कोचिंग संस्थानों की जांच की गई, जिसमें सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया।

अग्निशमन विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने न्यू सिविक सेंटर स्थित कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई संस्थानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था पूरी तरह अनुपस्थित थी।

अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकासी मार्ग और आवश्यक सुरक्षा दस्तावेजों की कमी को गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से मोशन कोटा, वेदांतु, रामा कोचिंग, कैड एकेडमी को सील कर दिया।

कार्रवाई के बाद शहर के अन्य कोचिंग संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संस्थानों में आनन-फानन में फायर एक्सटिंग्विशर लगवाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की कोशिश की जा रही है।

भिलाई को प्रदेश का प्रमुख एजुकेशन हब माना जाता है, जहां हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को जन्म दे सकती थी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में गंभीर खामियां पाई गई हैं, उनके खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-10, सिविक सेंटर, सुपेला, रिसाली, नेहरू नगर और दुर्ग सहित पूरे जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की जांच जारी रहेगी। सुरक्षा मानकों का पालन न करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।

रामगढ़ महोत्सव को भव्य बनाने में जुटा प्रशासन, मंत्री राजेश अग्रवाल ने तैयारियों का लिया जायजा

रामगढ़ महोत्सव को भव्य बनाने में जुटा प्रशासन, मंत्री राजेश अग्रवाल ने तैयारियों का लिया जायजा

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो।

मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं।

कलेक्टर  अजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  विनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता  वीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारी  रामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  वेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भावी पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनाना होगा जैविक खेती: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

भावी पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनाना होगा जैविक खेती: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

 रायपुर: कृषि मंत्री  रामविचार नेताम आज बलौदाबााजार जिले के भाटापारा स्थित शासकीय गजानन्द अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यशाला में किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के फायदे बताने के साथ ही शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई। इस अवसर पर राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल मौजूद थे।

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा क़ि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर खेत चलो अभियान 1 जून से 30 जून तक चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करना हैं। उन्होंने कहा क़ि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, इसका मतलब यहां धान का उत्पादन अधिक होता है। वर्तमान में किसान अधिक उत्पादन के लिए रासायनिक खाद का अंधाधुंध उपयोग कर रहे हैं, जिससे उत्पादन तो बढ़ रहा है लेकिन इससे मानव और मिट्टी दोनों के सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा क़ि आने वाली भावी पीढ़ी के उत्तम  स्वास्थ्य के लिये रासायनिक उर्वरक की निर्भरता को कम कर जैविक खेती अपनाना होग़ा। जैविक और प्राकृतिक खेती में पशुपालन, मछलीपालन, बकरी पालन भी शामिल हैं,किसान भाइयों को धीरे-धीरे इस ओर कदम बढ़ाना होग़ा।

उन्होंने कहा क़ि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिये अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है जिसका लाभ लेकर किसान आर्थिक रूप से सशक्त भी हो रहे हैं। धान के बदले अन्य फसल की खेती को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार ने हाल ही में कृषक उन्नति योजना का विस्तार किया हैं जिसमें खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन व तिलहन की खेती करने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपए आदान सहायता दिया जाएगा। इस योजना का किसान भाई लाभ जरूर लें।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा क़ि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही है और यह जैविक खेती को बढ़ावा देने से संभव है जिससे किसानों के जीवन में समृद्धि आएगी।उन्होंने कहा क़ि पुरातन समय में खेती का मूल आधार पशुधन था लेकिन समय के अनुसार रासायनिक उर्वरक का उपयोग बढ़ता गया।रासायनिक उर्वरक के उपयोग से एक तरफ फसल उत्पादन तो बढ़ा वहीं दूसरी तरफ मनुष्य,मिट्टी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जल व पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। जैविक खेती से जमीन का सेहत ठीक रहेगा तो शुद्ध अन्न मिलेगा और हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा,लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व विधायक भाटापारा  शिवरतन शर्मा,जिला अध्यक्ष आनंद यादव ने भी सम्बोधित किया।

कृषि मंत्री  नेताम ने कार्यशाला में 5 किसानों को अरहर बीज किट, 5 किसानों को नैनो यूरिया,2 मछुआ समिति को एक एक नग महाजाल और आइस बॉक्स, 5 किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि प्रशस्ति पत्र,5 किसानों को पीएम आशा योजना के तहत प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इस दौरान अतिथियों ने कृषि, उद्यानिक,मछली पालन,पशु पालन विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, पूर्व संसदीय सचिव  अम्बेश जांगड़े,  अलोक सिंह ठाकुर, डॉ ओमप्रकाश देवांगन,राकेश तिवारी, द्वारिका वर्मा, सीईओ जिला पंचायत सुश्री दिव्या अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है: मंत्री राजेश अग्रवाल

खेल अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है: मंत्री राजेश अग्रवाल

 रायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल गांधी स्टेडियम, अंबिकापुर में सरगुजा जिला बास्केटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप-2026 के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पदक एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल जीत और हार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और संघर्ष करने का जज्बा भी सिखाते हैं। खेलों से बच्चे शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनते हैं तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल युवा शक्ति के व्यक्तित्व विकास का सबसे प्रभावी माध्यम हैं और प्रत्येक खिलाड़ी को पूरे समर्पण, ईमानदारी और खेल भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा का वास्तविक उद्देश्य प्रतिभा को निखारना और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ बड़े मंचों तक पहुंचने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास जारी रखने और प्रदेश व देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

समापन समारोह में फाइनल मुकाबलों के बाद विजेता एवं उपविजेता टीमों को पदक और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को जिला स्तरीय सहभागिता प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। बालिका वर्ग के फाइनल में सरगुजा बॉयलर्स ने सरगुजा फाइटर्स को पराजित कर खिताब अपने नाम किया, जबकि बालक वर्ग के फाइनल में सरगुजा लायंस ने सरगुजा ब्लैक पैंथर्स को हराकर चौम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया।

जिला स्तरीय बास्केटबॉल लीग चौम्पियनशिप का आयोजन खिलाड़ियों को अधिक से अधिक प्रतिस्पर्धात्मक मैचों का अनुभव उपलब्ध कराने और जिले में बास्केटबॉल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया गया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय बास्केटबॉल कोच  राजेश प्रताप सिंह, पूर्व खिलाड़ी एवं समाजसेवी संजय अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य श्री निशांत सिंह गोयल सहित खेल प्रेमी, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन में आयोजन समिति एवं जिला बास्केटबॉल संघ के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायत पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अधिक कीमत पर खाद बेचने वाले विक्रय केंद्र पर छापा, 3219 बोरी उर्वरक जब्त, केंद्र सील

 रायपुर: मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार किसानों को निर्धारित दर पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरगुजा जिले में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर के नेहरूनगर (डीगमा) स्थित एक उर्वरक विक्रय केंद्र पर औचक निरीक्षण कर 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए हैं तथा विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक कृषक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई थी कि नेहरूनगर (डीगमा) स्थित मेसर्स सरगुजा कृषि राय केंद्र द्वारा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरकों का विक्रय किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच प्रारंभ की।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता किसान के बयान एवं ऑनलाइन भुगतान से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने की पुष्टि होने पर जिला स्तरीय टीम ने 25 जून को संबंधित प्रतिष्ठान पर औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान परिसर में उपलब्ध 3219 बोरी उर्वरक जब्त किए गए तथा संपूर्ण विक्रय केंद्र को सील कर दिया गया। कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं में स्पष्ट संदेश गया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कार्रवाई के दौरान सहायक संचालक कृषि  कुंवर साय पैंकरा, उर्वरक निरीक्षक  जे. आलम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी  सीताराम भगत सहित कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध आगे भी लगातार निरीक्षण एवं कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। किसानों से भी अपील की गई है कि वे ऐसी किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 अथवा कृषि विभाग को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ होगी बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

CG Weather : छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक के साथ होगी बारिश, कई जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का अलर्ट

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इसके प्रभाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। आज 25 जून को राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात की चेतावनी जारी की है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी संभागों में कहीं न कहीं बारिश दर्ज की गई। दंतेवाड़ा और रायगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हुई। वहीं, बुधवार को बिलासपुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।

आज कैसा रहेगा मौसम?

आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ इलाकों में वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।

रायपुर का मौसम

राजधानी रायपुर में आज दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश और तेज अंधड़ चलने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

अगले दो दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां जारी रहेंगी। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी।

 
CG – फिर बिना दुल्हन लिए वापस लौटी बारात, शादी के मंडप में हुआ कुछ ऐसा, दुल्हन से शादी से किया इंकार

CG – फिर बिना दुल्हन लिए वापस लौटी बारात, शादी के मंडप में हुआ कुछ ऐसा, दुल्हन से शादी से किया इंकार

 जांजगीर-चांपा। जिले में मुस्कान प्रधान ने नशे में धुत्त दूल्हे के साथ घर में आई बारात को बैरंग लौटाकर समाज को एक बड़ा संदेश दिया है। मुस्कान की इस हिम्मत की दाद देते हुए पुलिस अधीक्षक ने उनका सम्मान करते हुए जिले का आईकॉन करार दिया। कोसमंदा की बेटी मुस्कान प्रधान ने वह काम किया है, जिसे करने की बहुत से लोग हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं। 

मुस्कान के घर शराब पीकर दूल्हा बारात लेकर पहुंचा था। इस बात की जानकारी मिलते ही सोलह श्रृंगार कर बैठी ने मुस्कान ने शादी से इंकार कर दिया। दुल्हन के इंकार किया जाना दूल्हे पक्ष को मंजूर नहीं हुआ, और दुल्हन को ले जाने के लिए अड़ा रहा।

दुल्हन के इंकार और दूल्हे की जिद की वजह से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। लेकिन दूल्हे की हरकत को देखते हुए मुस्कान के परिवारवालों ने भी उसका साथ दिया। फिर भी जब दूल्हे पक्ष वाले नहीं माने तो फिर पुलिस का बुलाना पड़ा। आखिरकार पूरे माहौल को खिलाफ में देखते हुए बारात वापस खोखरा गांव लौट गई। 

मुस्कान के इंकार करने के पीछे एक बड़ा दर्द भी छिपा था। दरअसल, 10वीं कक्षा तक पढ़ी मुस्कान तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी है. मुस्कान का पिता भी शराबी था, जिसका शादी के 15 साल बाद निधन हो गया। परिवार की बड़ी बेटी होने के नाते माता और भाई-बहनों की तकलीफ को देख चुकी मुस्कान ने अपनी जिंदगी को अपनी मां की तरह बर्बाद नहीं होने देने का निर्णय लिया।

शराबी दूल्हे को लौटाए जाने की केवल परिवार और गांव वाले के ही नहीं बल्कि प्रशासन भी मुस्कान के साथ खड़ा है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ महिला और सामाजिक संगठनों ने मुस्कान के इस साहसिक कदम का सम्मान किया। एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने मुस्कान को नशे के खिलाफ जिला का आइकान बताया। इसके साथ ही मुस्कान को काउंसलर की नियुक्ति दी गई है। यही नहीं पुलिस ने मुस्कान के कॉलेज तक ही शिक्षा का खर्च वहन करने का निर्णय लिया है।

ब्रेकिंग : ये IPS बनाए गए बस्तर रेंज के आईजी, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

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 रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज के नए आईजी नियुक्त किए हैं। इसका आदेश आज गृह (पुलिस) विभाग ने जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार, वर्तमान में पुलिस महानिरीक्षक पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर के पद पर पदस्थ मीणा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज, जगदलपुर के पद पर पदस्थ किया गया है।

राज्य  सरकार द्वारा जारी इस प्रशासनिक आदेश के बाद मीणा अब बस्तर रेंज की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी संभालेंगे। बस्तर क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में शामिल होने के कारण यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकार के आदेश के अनुसार यह पदस्थापना आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।