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CG : छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड धारकों को खुशखबरी, अप्रैल में एक साथ मिलेगा 3 महीने का चावल

CG : छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड धारकों को खुशखबरी, अप्रैल में एक साथ मिलेगा 3 महीने का चावल

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब अप्रैल महीने में ही तीन माह अप्रैल, मई और जून का चावल एक साथ वितरित करने का निर्णय लिया है। दरअसल, पिछले कुछ समय से तकनीकी खामियों और सर्वर की समस्याओं के कारण राशन वितरण प्रभावित हो रहा था। इसके साथ ही गोदामों में स्टॉक की कमी ने भी स्थिति को जटिल बना दिया था। फरवरी और मार्च में भी वितरण को सुचारू रखने के लिए अस्थायी उपाय किए गए, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए खाद्य विभाग ने नई रणनीति अपनाई है। सभी उचित मूल्य दुकानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मार्च के अंत तक पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण सुनिश्चित करें, ताकि अप्रैल के दौरान हितग्राहियों को बिना रुकावट राशन दिया जा सके।

नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को राशन प्राप्त करने के लिए पहले की तरह ई-पास मशीन में बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होगा। इसके बाद उन्हें एक साथ तीन महीने का चावल उपलब्ध कराया जाएगा। इस बदलाव की जानकारी दुकानों में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रचार भी किया जाएगा।

सरकार ने वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए अप्रैल में “चावल उत्सव” आयोजित करने का भी निर्णय लिया है। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर निगरानी करेंगे। किसी भी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

ऐसे मिलेगा राशन
हितग्राहियों को अपने नजदीकी राशन दुकान पर जाकर ई-पास मशीन में अंगूठा लगाकर पहचान सत्यापित करनी होगी। इसके बाद उन्हें एक साथ तीन महीने का चावल दिया जाएगा। दुकानों पर इस व्यवस्था की जानकारी बोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा गांव और शहर स्तर पर प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

चावल उत्सव और सख्त निगरानी
राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए अप्रैल में ‘चावल उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान खाद्य, राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारी निगरानी रखेंगे। यदि कहीं भी गड़बड़ी, हेराफेरी या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जरूरतमंदों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र में दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों को दी जा रही आधुनिक कृषि तकनीकों और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के उपायों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत साल का पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, जहां लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों से धान की खरीदी 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से 3100 रुपये में कर रही है तथा अंतर की राशि का भुगतान भी एकमुश्त किया जा रहा है।  साय ने कहा कि पिछले 2 वर्षों से हमारी सरकार किसानों से किया हर एक वादा पूरा कर रही है। उन्होंने किसानों से संवाद कर होली के पूर्व धान के अंतर की राशि का भुगतान तथा योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी भी ली।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, लेकिन तिलहन उत्पादन में अभी भी कमी है। वर्तमान में देश अपनी आवश्यकता का लगभग 57 प्रतिशत ही तिलहन उत्पादन कर पा रहा है, शेष 43 प्रतिशत आयात करना पड़ता है। इस कमी को दूर करने के लिए तिलहन विकास परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिकों के सुझावों को अपनाकर तिलहन उत्पादन बढ़ाएं। उन्होंने जानकारी दी कि कृषक उन्नति योजना की तर्ज पर तिलहन फसलों के लिए प्रति एकड़ 11 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन जैसे सहायक व्यवसायों को अपनाकर आय बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि जीएसटी में सुधार के बाद कृषि यंत्रों की कीमतों में कमी आई है, जिससे किसानों को लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना आवश्यक है। उन्होंने किसानों से दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने तिलहन विकास कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों को विश्वविद्यालय के माध्यम से उन्नत बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। राज्य में संचालित 28 कृषि महाविद्यालयों, 27 कृषि विज्ञान केंद्रों एवं अनुसंधान संस्थानों के जरिए हर वर्ष लगभग 50 हजार किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय राज्य स्तरीय तिलहन किसान मेले का किया शुभारंभ

इस अवसर पर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष  विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष राम किशुन सिंह, सभापति  हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा, संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



 

सीएम विष्णु देव साय आज बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात….

सीएम विष्णु देव साय आज बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात….

 रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में खेल, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘बस्तर हेरिटेज मैराथन 2026’ का आयोजन रविवार 22 मार्च को करने जा रही है। यह राज्य का अब तक का सबसे बड़ा रनिंग इवेंट होगा, जिसकी शुरुआत जगदलपुर के ऐतिहासिक लालबाग मैदान से होगी और समापन विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात पर होगा। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस रूट पर दौड़ते हुए प्रतिभागियों को बस्तर की अद्भुत वादियों और सांस्कृतिक पहचान का अनूठा अनुभव मिलेगा।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि बस्तर हेरिटेज मैराथन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपरा, प्राकृतिक संपदा और जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि ‘बस्तर दौड़ेगा, देश जुड़ेगा’ के संदेश के साथ यह आयोजन न केवल फिटनेस को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर को राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को अवसर देना, रोजगार सृजन को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है।

मैराथन में 42 किलोमीटर (फुल मैराथन), 21 किलोमीटर (हाफ मैराथन), 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर (फन रन) की श्रेणियां रखी गई हैं, ताकि हर आयु वर्ग और फिटनेस स्तर के लोग इसमें भाग ले सकें। प्रतिभागियों के लिए कुल 25 लाख रुपये की आकर्षक पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। पंजीकरण शुल्क मात्र 299 रुपये रखा गया है, जबकि बस्तर संभाग के सातों जिलों के प्रतिभागियों के लिए यह पूरी तरह निःशुल्क है, जिससे स्थानीय स्तर पर अधिकतम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

 विशेष लेख : सीएम विष्णु देव साय बस्तर में देंगे राज्य की सबसे बड़े ‘हेरिटेज मैराथन’ की सौगात

प्रतिभागियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मैराथन मार्ग पर व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पूरे रूट पर नियमित अंतराल पर रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स (आरपीएन) स्थापित किए जाएंगे, जहां एनर्जी ड्रिंक्स और पानी की उपलब्धता रहेगी। इसके अलावा मेडिकल सपोर्ट, इमरजेंसी सेवाएं और सुव्यवस्थित रूट मैनेजमेंट भी सुनिश्चित किया गया है ताकि प्रतिभागियों को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिल सके। इस आयोजन को और यादगार बनाने के लिए प्रत्येक प्रतिभागी को फिनिशर मेडल, ई-सर्टिफिकेट और प्रोफेशनल रनिंग फोटोग्राफ्स प्रदान किए जाएंगे। साथ ही जुम्बा सेशन और लाइव डीजे जैसे आकर्षक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा बनी रहे।

‘रन फॉर नेचर, रन फॉर कल्चर’ (प्रकृति के लिए दौड़ो, संस्कृति के लिए दौड़ो) की थीम पर आधारित यह मैराथन बस्तर की प्राकृतिक धरोहर और जनजातीय संस्कृति को देशभर के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि यह अवसर न केवल दौड़ने का है, बल्कि बस्तर को करीब से जानने और उसकी विरासत को महसूस करने का भी है। इच्छुक प्रतिभागी https://bastarheritage.run/registration लिंक के माध्यम से या आधिकारिक पोस्टर में दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया’, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के विजन से प्रेरित है। प्रधानमंत्री ने हमेशा भारत की सांस्कृतिक विविधता और स्थानीय विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने पर जोर दिया है। बस्तर हेरिटेज मैराथन उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रयास है, जहां खेल, संस्कृति और प्रकृति एक साथ जुड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार बस्तर को देश के प्रमुख पर्यटन और स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के आयोजनों से न केवल युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बस्तर के कारीगरों, कलाकारों और छोटे-छोटे व्यवसायों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री  साय ने देशभर के खिलाड़ियों, फिटनेस प्रेमियों और पर्यटकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह देश के हर कोने से युवाओं और नागरिकों को आमंत्रित करते हैं कि वे बस्तर आएं, यहां की प्रकृति, संस्कृति और ऊर्जा को महसूस करें और इस ऐतिहासिक मैराथन का हिस्सा बनें।


 

महतारी वंदन योजना : आर्थिक संबल से आत्मविश्वास तक, सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की महिलाएं….

महतारी वंदन योजना : आर्थिक संबल से आत्मविश्वास तक, सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की महिलाएं….

 रायपुर: किसी भी समाज की वास्तविक प्रगति तब मानी जाती है जब उसकी महिलाएं सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने लगें। छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक और संवेदनशील पहल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में यह योजना आज लाखों महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, आर्थिक संबल और नई उम्मीदों का संचार कर रही है।

महतारी वंदन योजना केवल हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सपनों को पंख देने, उनके आत्मसम्मान को मजबूत करने और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त माध्यम बन गई है। प्रदेश के गांव-गांव से ऐसी प्रेरक कहानियां सामने आ रही हैं, जो बताती हैं कि छोटे-छोटे आर्थिक सहयोग से भी बड़े सामाजिक बदलाव संभव हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर में आयोजित वृहद महतारी वंदन कार्यक्रम के दौरान कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से वर्चुअल संवाद कर अपने जीवन में आए बदलाव साझा किए। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के ग्राम खोडरी की अनीता साहू ने बताया कि पहले आर्थिक कठिनाइयों के कारण परिवार चलाना मुश्किल था, लेकिन योजना से मिली राशि से उन्होंने सिलाई मशीन खरीदी और “अनीता सिलाई सेंटर” शुरू किया। आज वे सिलाई, खेती और मजदूरी के माध्यम से अपने परिवार को बेहतर जीवन दे रही हैं। उनका यह सफर संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक की प्रेरक कहानी बन गया है।

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की मिथलेश चतुर्वेदी ने भी अपने जीवन का भावुक अनुभव साझा किया। पति के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई थी। ऐसे कठिन समय में महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक संबल दिया और उन्होंने ई-रिक्शा खरीदकर आजीविका का नया रास्ता चुना। आज वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और समाज में आत्मनिर्भर महिला की पहचान बना चुकी हैं।

कोरिया जिले की ग्राम डुमरिया निवासी बाबी राजवाड़े बताती हैं कि खेती-किसानी में मिलने वाली मासिक राशि उनके लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों को पूरा करना अब पहले की तुलना में आसान हो गया है। वहीं ग्राम आमापारा की सुंदरी पैकरा इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई में कर रही हैं, जिससे उनके बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है

भरतपुर विकासखंड के ग्राम चांटी की सविता सिंह की कहानी इस योजना की सार्थकता को और मजबूत करती है। उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य शुरू किया। आज वे गांव में कपड़ों की सिलाई कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं और अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च स्वयं उठा रही हैं। उनकी सफलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है।
महतारी वंदन योजना का व्यापक प्रभाव प्रदेश के हर जिले में दिखाई दे रहा है। लगभग 69 लाख विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है और अब तक 25 किस्तों के माध्यम से 16 हजार 237 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के जरिए प्रदान की जा चुकी है। यह नियमित आर्थिक सहयोग महिलाओं के जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास ला रहा है।

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह महिलाओं को केवल सहायता नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देती है। महिलाएं इस राशि से छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं, बच्चों की पढ़ाई में निवेश कर रही हैं, खेती-किसानी को मजबूत बना रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे परिवार, समाज और राज्य—तीनों स्तरों पर सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।

महिलाओं का कहना है कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना ने उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने की ताकत दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जीवन में नई उम्मीद और नया आत्मविश्वास लेकर आई है।

आज महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का मजबूत स्तंभ बन चुकी है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दे रही है।

निश्चित रूप से महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए आत्मसम्मान, सशक्तिकरण और उज्ज्वल भविष्य की नई सुबह साबित हो रही है, जो आने वाले समय में प्रदेश के समग्र विकास की मजबूत आधारशिला बनेगी।


 

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा….

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने की भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की समीक्षा….

 रायपुर: उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण से जुड़े विभागों और ठेकेदारों की मैराथन समीक्षा बैठक ली।उन्होंने प्रोजेक्ट में मुख्य मंदिर परिसर का उन्नयन, सरोवर का सौंदर्यीकरण, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुवा, सरोदा, पार्किंग में अब तक हुए कार्यों की प्रगति की गहनता से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय सीमा पर पूर्णता इन दो पैमानों पर सभी कामों की मॉनिटरिंग होगी। इसके लिए जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की गई है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से कहा कि 15-15 दिन में किए जाने वाले कार्यों की टाइमलाइन दें। निगरानी समिति को हर सोमवार कार्यस्थल का मुआयना कर प्रगति की समीक्षा के निर्देश दिए। इस दौरान निर्माण कार्य में लगे सभी प्रोजेक्ट इंचार्ज और इंजीनियर्स को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के लिए कहा। काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही होने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने समीक्षा के दौरान कहा कि मुख्य मंदिर परिसर में पेड़ों के इर्द गिर्द यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने के लिए चबूतरे बनवाये जाएं। मंदिर परिसर में जो भी प्रवेश द्वार और खंभे बनने का रहे हैं उनमें ‘फनी नागवंशी’ स्थापत्य की झलक दिखे, ऐसी संरचनाएं बनाई जाएं, लकड़ी के दरवाजों में इसी के अनुसार की नक्काशी की जाए। मुख्य प्रवेश द्वार सहित सभी द्वार भव्य रूप से बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरोवर स्थल में पिचिंग और लाइनिंग का काम तकनीकी उत्कृष्टता के साथ किया जाए। उन्होंने सरोवर तट पर सीढ़ियां तथा उसके ऊपर शेड का निर्माण व्यवस्थित रूप से करने के लिए कहा ताकि श्रद्धालु वहां आराम से बैठ सकें। सरोवर के किनारे लगने वाले स्ट्रीट लाइट के पोल भी आकर्षक रूप से तैयार करवाए जाएं जो पूरे मार्ग को भव्यता प्रदान करे।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने मंदिर परिसर में बनने वाले विश्राम स्थल में दरवाजे खिड़की इस प्रकार से लगाए जाएं जो पूरे भवन को भव्यता के साथ पर्याप्त हवा और रोशनी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगने वाली कलाकृतियों में स्थानीयता और लोक संस्कृति की छाप दिखनी चहिए। उन्होंने पार्किंग स्थल पर वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान के साथ मजबूत फ्लोरिंग तैयार करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि पार्किंग में करीब बनने वाले दुकानों को इस प्रकार से बनाया जाए जिससे पार्किंग स्थल पर वाहनों का प्रवेश और निकासी व्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित हो। उन्होंने पूरे कॉरिडोर में पेयजल, शौचालय जैसे जनसुविधाओं का विशेष रूप से ध्यान रखने के निर्देश दिए।

मड़वा महल में प्रवेश द्वार, बाउंड्री वाल, कलाकृतियों की स्थापना, पर्यटकों की बैठक व्यवस्था का निर्माण पूरी गुणवत्ता के साथ करने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार छेरकी महल, रामचुवा में होने वाले निर्माण और उन्नयन कार्यों की प्रगति के बारे में संबंधित ठेकेदार से जानकारी ली गई। सरोदा डैम में कैफेटेरिया, डैम तक सीढ़ियों और व्यू प्वाइंट का निर्माण, सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों को लेकर कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, एमडी पर्यटन  विवेक आचार्य, कलेक्टर  गोपाल वर्मा, नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  विदेशीराम धुर्वे, जिला पंचायत सदस्य  रामकुमार मेरावी,  राम किंकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष बोड़ला  नन्द श्रीवास,  लोकचंद साहू,  आदित्य श्रीवास्तव,  दुर्गेश दुबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।



 

ब्रेकिंग : पुलिस महकमें में बड़े पैमाने पर तबादला, 200 से ज्यादा पुलिकर्मियों के हुए तबादले,SP ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट

ब्रेकिंग : पुलिस महकमें में बड़े पैमाने पर तबादला, 200 से ज्यादा पुलिकर्मियों के हुए तबादले,SP ने जारी किया आदेश, देखें लिस्ट

 कोरबा। जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने क़ानून व्यवस्था को मजबूत करने और कर्मचारियों में अनुशासन कायम करने के मकसद से बड़े पैमाने पर लम्बे वक़्त से एक ही थाना-चौकियों में जमे पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है।

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आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम का होगा भव्य विकास- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम का होगा भव्य विकास- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि के पावन अवसर पर सूरजपुर जिले के विकासखण्ड ओड़गी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदरगढ़ पहुंचे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी आस्था के केंद्र कुदरगढ़ धाम का भव्य विकास होगा। माता के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सूरजपुर जिले में 185 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने माँ कुदरगढ़ी के पावन धाम में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व है और मैं आज माँ कुदरगढ़ी के दरबार में आया हूँ। सूरजपुर वासियों ने मुझे यह सौभाग्य दिया, इसके लिए मैं आप सभी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेश के कोने-कोने से मां कुदरगढ़ी के दर्शन के लिए पहुंचे भक्तजनों को भी मैं सादर प्रणाम करता हूँ। जब चैत्र नवरात्रि पर देवी मंदिरों में भक्तों का उत्साह देखता हूँ तो बहुत अच्छा लगता है। हमारे देवी-देवता हमारे आस्था के प्रतीक तो हैं ही, वे हमारे जीवन में उत्सव का रंग भी भरते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के इस शुभ दिन सूरजपुर जिले में 185 करोड़ रुपए के 76 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया है। सूरजपुरवासियों को इसके लिए मैं हार्दिक बधाई देता हूँ। इन कार्यों में 20 करोड़ रुपए के 52 कार्यों के लोकार्पण तथा 164 करोड़ रुपए के भूमिपूजन के कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कार्यों में सड़क, भवन, पेयजल, शिक्षा, जलाशय एवं नगरीय अधोसंरचना से जुड़े निर्माण शामिल हैं। साथ ही कुदरगढ़ में सर्वसुविधायुक्त नवनिर्मित विश्रामगृह भवन का लोकार्पण भी किया गया है। लगभग 3 करोड़ 9 लाख 60 हजार रुपये की लागत से निर्मित इस आधुनिक भवन में अतिथियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माता के आशीर्वाद से बस्तर क्षेत्र से नक्सलवाद समाप्त करने की दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है । कुदरगढ़ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शीघ्र ही रोपवे का निर्माण कराया जाएगा, जिससे दर्शन करना और अधिक सुगम हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि क्षेत्र में डोम, बिजली सहित सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि कुदरगढ़ धाम का समग्र और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने जिले में पोषण के प्रति जागरूकता के लिए सुपोषण रथ, आपराधिक जागरूकता रथ और यातायात जागरूकता रथ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के बेहतर पोषण के लिए जनजागरूकता बेहद आवश्यक है। स्वस्थ महिला और बच्चों से परिवार की खुशियां मजबूत होती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों के प्रति सभी को सजग होना चाहिए जिससे सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है और लाखों लोगों का जीवन बचाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सूरजपुर जिले में रेडी टू ईट निर्माण कार्य के माध्यम से पोषण कार्यक्रम का संचालन बेहतर ढंग से किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बच्चों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने इस पहल को जिले के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व नई ऊर्जा और समृद्धि का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की उन्नति के लिए निरंतर कार्य कर रही है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आय बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक के आयोजन से इस क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल का नया अवसर मिला है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर माता रानी का आशीर्वाद सभी जिले वासियों पर बना रहे। सरकार महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेवाओं को मजबूत करते हुए महिलाओं और बच्चो को बेहतर पोषण प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में आपके क्षेत्रों के विकास के लिए निरन्तर कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर वन विकास निगम के अध्यक्ष  राम सेवक पैंकरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, जिले के वरिष्ठ अधिकारीगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित थे।


 

मुख्यमंत्री ने कुदरगढ़ी माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर की प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री ने कुदरगढ़ी माता मंदिर में पूजा-अर्चना कर की प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज चैत्र नवरात्रि की तृतीया तिथि के पावन अवसर पर कुदरगढ़ी माता के दर्शन करने सूरजपुर जिले स्थित कुदरगढ़ी माता मंदिर पहुंचे। कुदरगढ़ महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने मंदिर के नीचे प्रांगण स्थल पर ही हिंगुलाज माता एवं झगरा खाड़ देवता की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

मुख्यमंत्री ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार चंदन लगाकर एवं चुनरी चढ़ाकर श्रद्धापूर्वक माता का नमन किया। इस दौरान स्थानीय बैगा राम कुमार बंछोर ने पूजा-अर्चना संपन्न कराई। उनके परिवार की लगभग 10 पीढ़ियां कुदरगढ़ी माता की सेवा में निरंतर लगी हुई हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और सभी को कुदरगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कृषि मंत्री  रामविचार नेताम,
वन विकास निगम एवं कुदरगढ़ी मंदिर मां बागेश्वरी लोक न्यास ट्रस्ट के अध्यक्ष  रामसेवक पैंकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि जनश्रुतियों के अनुसार कुदरगढ़ी माता मंदिर की मान्यता है कि यहां श्रद्धापूर्वक मांगी गई हर मन्नत पूरी होती है। इसी कारणवश जिले सहित प्रदेश एवं अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं।

 

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ….

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ….

रायपुर: नवरात्रि के पावन बेला में मां महामाया की धरा से यह शुभ शुरुआत हुई है। मां महामाया के आशीर्वाद पिछले दो वर्षों से बस्तर ओलंपिक का आयोजन हो रहा है और आज सरगुजा अंचल के साथियों को ओलंपिक के जरिए अपनी हुनर दिखाने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित पी जी कॉलेज ग्राउंड में सरगुजा ओलंपिक का शुभारंभ किया और कार्यक्रम का शुभारंभ कर अंचल वासियों को शुभकामनाएं दी।  साय को इस दौरान संभाग के सभी जिलों से पहुँचे खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट का सलामी दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य मंच से सभी खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकारा और खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की।

 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ


मुख्यमंत्री  साय ने मां महामाया का स्मरण करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा में भी इस आयोजन की शुरुआत की गई है, जिससे यहां के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में पहले वर्ष 1.65 लाख और इस वर्ष 3.91 लाख प्रतिभागियों ने भाग लिया, जबकि सरगुजा ओलंपिक में इस बार लगभग 3.49 लाख खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 2000 से अधिक खिलाड़ी संभाग स्तरीय तीन दिवसीय प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 लाख 49 हजार खिलाड़ियों की स्वस्फूर्त सहभागिता खेल के प्रति उनके प्रेम और समर्पण को दिखाता है।

 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसके लिए बजट में बस्तर एवं सरगुजा ओलंपिक के वार्षिक आयोजन हेतु 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः 3 करोड़, 2 करोड़ और 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद उन्मूलन के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र अब तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। नक्सल मुक्ति का संकल्प हमारे जवानों के अदम्य साहस से पूरा होने की कगार पर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में आत्म समर्पित नक्सलियों की टीम ने जोआ बाट के नाम से हिस्सा लिया, जिसमें लगभग 700 आत्म समर्पित नक्सली शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खेलों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है और बस्तर व सरगुजा अंचल खेल अधोसंरचनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के युवा एथलीट अनिमेष कुजूर का उल्लेख करते हुए उनकी उपलब्धियों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ में होगा, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक तथा कर्मचारी चयन मंडल के स्थापना के संबंध में भी जानकारी दी। शुभारंभ सत्र के अंत में मुख्यमंत्री सह अतिथियों ने सरगुजा ओलंपिक का मशाल प्रज्ज्वलित किया और सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ
कार्यक्रम में राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता गीता फोगाट ने भी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा ओलंपिक में बड़ी संख्या में बेटियों की भागीदारी देखना सुखद है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने का संदेश दिया, साथ ही नशे और गलत आदतों से दूर रहने की अपील की।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बताया कि सरगुजा ओलंपिक में 6 जिलों से कुल 3.49 लाख प्रतिभागियों ने पंजीयन कराया है, जिनमें 1.59 लाख पुरुष और 1.89 लाख महिलाएं शामिल हैं। तीन दिवसीय इस आयोजन में 11 से अधिक खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं।
कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने इसे सरगुजा वासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए कहा कि इस मंच से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

 मुख्यमंत्री ने नवरात्रि की पावन बेला पर मां महामाया की धरा से सरगुजा ओलंपिक का किया शुभारंभ

इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महापौर मंजूषा भगत, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष  राम किशुन सिंह, सभापति हरविंदर सिंह, राम लखन पैंकरा खेल विभाग के सचिव  यशवंत कुमार, संभाग आयुक्त  नरेंद्र कुमार दुग्गा, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

माओवादी हमला NIA ने दाखिल की सप्लिमेंट्री चार्जशीट, 6 आरोपियों के नाम शामिल

माओवादी हमला NIA ने दाखिल की सप्लिमेंट्री चार्जशीट, 6 आरोपियों के नाम शामिल

बीजापुर :- राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2024 में बीजापुर जिले के धर्मावरम क्षेत्र में सीआरपीएफ कैंप पर हुए माओवादी हमले के मामले में सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। 16 जनवरी 2024 को लगभग 300 माओवादी धर्मावरम, चिंतावागु और पामेड स्थित सीआरपीएफ कैंपों पर समन्वित हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के करीब एक दर्जन जवान घायल हुए थे। चार्जशीट में तीन गिरफ्तार माओवादी — अवलम भीमा, मदकम नंदा और मदकम देवा उर्फ रतन — के साथ तीन फरार आरोपियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। सभी के खिलाफ UAPA, भारतीय दंड संहिता, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले भी NIA ने इस मामले में 17 माओवादी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ताजा चार्जशीट के साथ जांच एजेंसी ने हमले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सबूत और आरोप अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए हैं, जिसे सुरक्षा बलों के खिलाफ माओवादी गतिविधियों पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में जमीन और घर की रजिस्ट्री हुई सस्ती 0.60% सेस खत्म, आम जनता को बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ में जमीन और घर की रजिस्ट्री हुई सस्ती 0.60% सेस खत्म, आम जनता को बड़ी राहत

रायपुर :- छत्तीसगढ़ में अपना घर बनाने या जमीन खरीदने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों के लिए बड़ी राहत दी गई है। विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026’ को पारित कर अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाला 0.60% सेस हटा दिया है। इस कदम से जनता पर सालाना 460 करोड़ रुपए का बोझ कम होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन खत्म कर हेक्टेयर दर लागू की गई है, जिससे छोटे जमीन मालिकों को 300-400 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा। कृषि भूमि पर जटिल नियम जैसे ढाई गुना मूल्यांकन और पेड़ों का अलग मूल्यांकन भी हटा दिए गए हैं, जिससे जमीन और मकान की रजिस्ट्री अधिक किफायती होगी। वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि पंजीयन प्रक्रिया को ‘वीजा ऑफिस’ की तर्ज पर स्मार्ट बनाया जा रहा है, जिससे रजिस्ट्री होते ही नामांतरण अपने आप होगा और फर्जीवाड़े रोकने के लिए आधार आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह निर्णय केवल कर में राहत नहीं, बल्कि लाखों परिवारों के सपनों को सम्मान देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे संपत्ति पंजीकरण बढ़ेगा, आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई ऊर्जा मिलेगी।

CG : बड़े भाई ने लगाई डांट, तो 10 वर्षीय बच्ची ने फांसी लगाकर दे दी जान

CG : बड़े भाई ने लगाई डांट, तो 10 वर्षीय बच्ची ने फांसी लगाकर दे दी जान

दुर्ग। जिले के जामुल थाना क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां गणेश नगर वार्ड-5 में रहने वाली 10 वर्षीय बच्ची गुरप्रीत कौर ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जानकारी के अनुसार, गुरुवार 19 मार्च की शाम को खुशी का अपने बड़े भाई से किसी बात पर विवाद हुआ था। भाई की डांट से क्षुब्ध होकर चौथी कक्षा की इस छात्रा ने कमरे में जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया।

घटना के समय घर में कोई बड़ा सदस्य मौजूद नहीं था; पिता पेशे से ड्राइवर हैं और मां ब्यूटी पार्लर गई हुई थीं। शोर सुनकर जब पड़ोसी और परिजन पहुंचे, तो बच्ची को तुरंत भिलाई के बीएम शाह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खुशी स्वामी आत्मानंद स्कूल जामुल की छात्रा थी। शुक्रवार को गमगीन माहौल में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल जामुल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

“क्या हो रहा है बच्चों को?”: बढ़ते आत्महत्या के मामलों ने खड़े किए गंभीर सवाल

देशभर में बच्चों और किशोरों के बीच आत्महत्या के बढ़ते मामलों ने समाज और परिवारों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पढ़ाई का बढ़ता दबाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, पारिवारिक अपेक्षाएं और अकेलापन बच्चों पर मानसिक रूप से भारी पड़ रहा है। कई मामलों में बच्चे अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त नहीं कर पाते, जिससे वे अंदर ही अंदर तनाव से जूझते रहते हैं।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, बच्चों में अवसाद (डिप्रेशन), चिंता और असफलता का डर तेजी से बढ़ रहा है। खासकर परीक्षा के समय या रिजल्ट के दौरान यह दबाव और अधिक बढ़ जाता है, जिससे कुछ बच्चे गलत कदम उठा लेते हैं।

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि माता-पिता को बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। यदि बच्चा चुप रहने लगे, अकेले समय बिताने लगे या अचानक गुस्सा या उदासी दिखाने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि वह किसी मानसिक परेशानी से गुजर रहा है।

सरकार और स्कूलों को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है, जैसे काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करना और बच्चों के लिए एक सुरक्षित व संवादात्मक माहौल तैयार करना।

CG – राजधानी में मिला नर कंकाल, इलाके में फैली सनसनी, शव की शिनाख्ती में जुटी पुलिस……

CG – राजधानी में मिला नर कंकाल, इलाके में फैली सनसनी, शव की शिनाख्ती में जुटी पुलिस……

 रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला स्थित मेटल पार्क इलाके में कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान दिलीप (उम्र 45-50 वर्ष) के रूप में की गई है, जिसकी एक माह पहले गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

मामले की सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच, थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी घटना स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं। उरला थाना पुलिस के मुताबिक, फिलहाल कंकाल बरामद हुआ है और टीम मौके पर जांच कर रही है।

जगदलपुर में पहली बार होगा ‘बस्तर राइडर्स मीट 2026’, बाइक प्रेमियों का लगेगा महाकुंभ

जगदलपुर में पहली बार होगा ‘बस्तर राइडर्स मीट 2026’, बाइक प्रेमियों का लगेगा महाकुंभ

 जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर शहर में 4 अप्रैल 2026 को पहली बार एक भव्य और अनूठे आयोजन ‘बस्तर राइडर्स मीट 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘गरुड़ा – द राइडर्स क्लब’ द्वारा किया जा रहा है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से बाइक राइडर्स और राइडिंग के शौकीन लोग हिस्सा लेंगे।

बता दें कि, इस आयोजन का उद्देश्य बस्तर की समृद्ध संस्कृति, खानपान, वेशभूषा और प्राकृतिक सौंदर्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। साथ ही, बाइक राइडर्स को बस्तर के अद्भुत पर्यटन स्थलों का अनुभव भी कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बाइक शो और प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न ब्रांड की आकर्षक मोटरसाइकिलों का प्रदर्शन होगा। इसके अलावा राइडिंग शो में कुशल राइडर्स द्वारा रोमांचक स्टंट और परफॉर्मेंस भी देखने को मिलेंगे।

इस मौके पर सर्वश्रेष्ठ मॉडिफाइड बाइक, सर्वश्रेष्ठ विंटेज बाइक और सर्वश्रेष्ठ सुपरबाइक के लिए पुरस्कार भी दिए जाएंगे। वहीं, ‘बस्तर टैलेंट शोकेस’ के जरिए स्थानीय कलाकारों, संगीतकारों और प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में सांस्कृतिक फूड फेस्टिवल भी आयोजित होगा, जहां बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही राइडर्स द्वारा यातायात सुरक्षा नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास किया जाएगा।

 यह आयोजन न केवल बाइक प्रेमियों के लिए एक बड़ा मंच होगा, बल्कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में प्रदर्शित करने का एक शानदार अवसर भी बनेगा। आयोजकों ने सभी राइडर्स, मीडिया प्रतिनिधियों, बाइक प्रेमियों और आम जनता से इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है। इच्छुक लोग पंजीकरण के लिए व्हाट्सएप या कॉल के माध्यम से 6263437809 और 7240839494 पर संपर्क कर सकते हैं। “राइड विद प्राइड, राइड फॉर बस्तर” के संदेश के साथ यह आयोजन बस्तर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेगा।

 

सभी के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ विधानसभा बजट सत्र,मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों और अधिकारियों को दिया धन्यवाद

सभी के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ विधानसभा बजट सत्र,मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों और अधिकारियों को दिया धन्यवाद

 0-लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती के साथ अनेक महत्वपूर्ण विधेयक हुए पारित - मुख्यमंत्री  

रायपुर-विधानसभा के बजट सत्र के सफल समापन पर मंत्रीगण एवं विधायकगण ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से विधानसभा स्थित उनके कार्यालय में भेंट कर उन्हें बधाई दी।मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया और सफल सत्र के लिए सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी के समन्वय और सहयोग से ही यह सत्र सार्थक और सफल बन पाया है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का पावन मंदिर है और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाना ही इसका मूल दायित्व है।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस बजट सत्र के दौरान लगभग 585 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया जो एक अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। इससे यह संदेश गया है कि राज्य सरकार भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका सीधा संबंध राज्य की आंतरिक सुरक्षा, शांति और समृद्धि से है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट सत्र में कुल 15 बैठकें आयोजित हुईं और यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण एवं परिणामकारी रहा। सत्र के दौरान माननीय राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन द्वारा कृतज्ञता व्यक्त की गई तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सम्पन्न हुए। उन्होंने कहा कि इस सत्र में छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक-2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (संशोधन) विधेयक-2026 जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। साथ ही भर्ती परीक्षाओं में नकल रोकने संबंधी विधेयक तथा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पारित हुए, जो युवाओं के भविष्य और पारदर्शी भर्ती प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सत्र के दौरान सदन के सदस्यों ने अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की, प्रश्न पूछे और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया, जो लोकतंत्र की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे भले ही अस्वस्थता के कारण सदन में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने लगातार डिजिटल माध्यम से सदन की कार्यवाही पर नजर रखी।मुख्यमंत्री ने उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। मुख्यमंत्री  साय ने सत्र के सफल संचालन के लिए नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, संसदीय कार्य मंत्री  केदार कश्यप, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, सभी विधायकगण, विधानसभा सचिव  दिनेश शर्मा, सुरक्षा कर्मियों एवं समस्त अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष धन्यवाद दिया।उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने सदन की महत्वपूर्ण कार्यवाही और जनहित के मुद्दों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंत में मुख्यमंत्री  साय ने चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

 

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए सख्त कानून पारित, नकल और पेपर लीक पर रोक के लिए व्यापक प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए सख्त कानून पारित, नकल और पेपर लीक पर रोक के लिए व्यापक प्रावधान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 को पारित किया दिया। इस विधेयक के माध्यम से राज्य में आयोजित होने वाली भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

विधानसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित राज्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए यह आवश्यक है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में अनुचित साधनों के उपयोग को पूरी तरह समाप्त करना और योग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत प्रश्नपत्र लीक, फर्जी अभ्यर्थियों की भागीदारी तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से नकल जैसी गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दंडनीय अपराध घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में तीन से दस वर्ष तक की सजा और दस लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि संगठित अपराध के मामलों में एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने के साथ संपत्ति जब्ती का भी प्रावधान रखा गया है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी नकल या अन्य अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसका परीक्षा परिणाम निरस्त किया जाएगा और उसे एक से तीन वर्ष तक परीक्षा से प्रतिबंधित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि परीक्षा से जुड़ी एजेंसियों, आईटी सेवा प्रदाताओं और परीक्षा केंद्रों के प्रबंधकों को भी जवाबदेह बनाया गया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता की संभावना को रोका जा सके।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि इस कानून के तहत यह भी सुनिश्चित किया गया है कि परीक्षा से संबंधित मामलों की जांच उप निरीक्षक से नीचे के अधिकारी द्वारा नहीं की जाएगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनी रहे। आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार विशेष जांच एजेंसियों को भी जांच सौंप सकेगी।

उन्होंने बताया कि यह कानून राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापमं तथा विभिन्न शासकीय विभागों, निगमों और मंडलों द्वारा आयोजित सभी भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं पर लागू होगा। इसके माध्यम से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, अनुचित हस्तक्षेप को रोकने और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करने का प्रयास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के सख्त प्रावधानों से परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा और योग्य अभ्यर्थियों को उनकी मेहनत के अनुरूप अवसर प्राप्त हो सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह कानून राज्य में एक निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 

फिर मिला कैश ही कैश : पुलिस ने चैकिंग के दौरान इन जिलों में लाखों कैश पकड़ाया, 4 आरोपी गिरफ्तार…..

फिर मिला कैश ही कैश : पुलिस ने चैकिंग के दौरान इन जिलों में लाखों कैश पकड़ाया, 4 आरोपी गिरफ्तार…..

 महासमुंद। बसना थाना क्षेत्र के पालसपाली के पास मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने टोयोटा कार से 32 लाख 50 हजार रुपए की अवैध राशि जब्त की है। इस मामले में आशु बंसल और महेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया गया है।

वहीं बलौदा थाना क्षेत्र के सिरपुर इलाके में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 लाख रुपए की अवैध रकम जब्त की है। यहां से केशव अग्रवाल और नरेश अग्रवाल को पकड़ा गया है। चारों आरोपियों के खिलाफ धारा 106 के तहत कार्रवाई करते हुए मामला इनकम टैक्स विभाग को सौंपा जा रहा है। कुल 47 लाख 50 हजार रुपए जब्त किया गया है।

गौरतलब है कि महासमुंद जिला पुलिस ने पिछले एक सप्ताह में 1 करोड़ 47 लाख रुपए की अवैध राशि जब्त कर बड़ी सफलता हासिल की है।

 

पहली बार महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया लोकभवन का भ्रमण….

पहली बार महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया लोकभवन का भ्रमण….

 रायपुर: राज्यपाल  रमेन डेका की पहल पर प्रदेश के सर्वाेच्च संवैधानिक कार्यालय ‘‘लोकभवन‘‘ की कार्यप्रणाली से अवगत कराने और यहां की कार्यालयीन गतिविधियों से जनसामान्य को जोड़ने के उद्देश्य से लोकभवन का भ्रमण कराया जा रहा है। इसी कड़ी में आज शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर स्वाशासी महाविद्यालय राजनांदगांव के विद्यार्थियों ने आज लोकभवन का भ्रमण किया। बी.ए. और एम.ए के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक व्यवस्था और लोक भवन की ऐतिहासिक व कार्यालयीन महत्ता को जाना और समझा।

पहली बार महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया लोकभवन का भ्रमण

यह पहला अवसर था जब महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं लोकभवन आए, इससे पहले स्कूली विद्यार्थी और गोद ग्राम से आए ग्रामीणों ने लोेकभवन का भ्रमण किया था। उन्हें लोकभवन परिसर स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम, उदंती परिसर, कन्हार परिसर, डिस्पेंसरी, सचिवालय की विभिन्न शाखाओं और हरे-भरे उद्यान का भ्रमण कराया गया और इन स्थानों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। ग्रामीणों ने परिसर में स्थापित तोप का भी अवलोकन किया यह वर्ष 1971 के भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान उपयोग में लाया गया था। भ्रमण एवं अवलोकन के बाद ग्रामीणों ने बताया कि लोकभवन में आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव हो रहा है।

 

आज माँ कुदरगढ़ी के पावन धाम पर होगा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन…..

आज माँ कुदरगढ़ी के पावन धाम पर होगा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आगमन…..

 रायपुर: चैत्र नवरात्र की पावन बेला में प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय कल 21 मार्च को जिले के विकासखण्ड ओड़गी अंतर्गत ग्राम पंचायत कुदरगढ़ मे शिरकत करेंगे। इस दौरान उनके द्वारा 185 करोड़ और 10 लाख के विकास कार्यों की सौगात देंगे।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय अपने इस प्रवास के दौरान अंचल के सुप्रसिद्ध एवं प्राचीन माँ कुदरगढ़ी देवी मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन-अर्चन करेंगे तथा माँ कुदरगढ़ी के श्रीचरणों में प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना करेंगे। उल्लेखनीय है कि लगभग 2000 फीट की ऊंची पहाड़ी पर विराजमान माँ कुदरगढ़ी का यह पावन धाम सदियों से अंचल की आस्था का केंद्र रहा है और प्रतिवर्ष चौत्र नवरात्र के अवसर पर यहां सुदूर अंचलों से लाखों श्रद्धालु माँ के दर्शन हेतु आते हैं।

इस शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जिलेवासियों को 52 कार्यों का लोकार्पण और 24 कार्यों का भूमिपूजन कर 185 करोड़ 10 लाख के लागत के विकास कार्यों की बड़ी सौगात भी देंगे। इस दौरान लोक निर्माण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय निकाय , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, जल संसाधन संभाग सूरजपुर एवं महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी वि. वि. दुर्ग अंतर्गत सड़क, भवन, पेयजल, शिक्षा, जलाशय एवं नगरीय अधोसंरचना निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया जायेगा। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है। मंच एवं साज-सज्जा का कार्य अपने अंतिम चरणों पर है।

 

मछली पालन से बदली लक्ष्मी की जिंदगी, सढ़ौली की लक्ष्मी ठाकुर बनी आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल….

मछली पालन से बदली लक्ष्मी की जिंदगी, सढ़ौली की लक्ष्मी ठाकुर बनी आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल….

 रायपुर: जिला मुख्यालय गरियाबंद के निकटस्थ ग्राम सढ़ौली की महिला कृषक लक्ष्मी ठाकुर ने अपने नवाचार और परिश्रम के बल से एक अद्भुत मिशाल पेश की है। लक्ष्मी को पहले परंपरागत खेती पर निर्भर रहने के कारण अधिक मेहनत करने पर भी उन्हें अपने मेहनत के अनुरूप आय नहीं मिल पाती थी। लेकिन मत्स्य विभाग के अधिकारियों के संपर्क एवं मार्गदर्शन करने से उनका ध्यान मछली पालन की ओर बढ़ा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2021-22 में उन्होंने अपनी 0.94 हेक्टेयर निजी भूमि में तालाब का निर्माण कराया और उसमें मिश्रित मेजर कार्प के साथ पंगेशियस एवं रूपचंद मछली पालना शुरू किया। आज उनकों प्रति वर्ष लगभग तीन से साढ़े तीन लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है।

ठाकुर ने केवल मछली पालन तक ही सीमित न रहते हुए बाद में एकीकृत मछली पालन मॉडल भी अपनाया है। उन्होंने अपने तालाब के मेढ़ों पर पपीता, आम, नींबू, करौंदा, चीकू, मुनगा और नारियल जैसी उद्यानिकी फसलें लगाई हैं। साथ ही गाय और सुकर पालन से भी वे अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर रही हैं। विभाग के निरंतर मार्गदर्शन में कार्य करते हुए आज  ठाकुर आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और गांव के अन्य किसानों, महिला कृषकों के लिए रोल मॉडल बनकर उभरी हैं।

 

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी, 23 से 28 मार्च तक चलेगी नवरात्रि स्पेशल ट्रेन, 63 स्टेशनों पर होगा ठहराव…..

मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी, 23 से 28 मार्च तक चलेगी नवरात्रि स्पेशल ट्रेन, 63 स्टेशनों पर होगा ठहराव…..

बिलासपुर। मां बम्लेश्वरी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। चैत्र नवरात्रि के दौरान डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में लगने वाले नवरात्रि मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) कोरबा के बीच मेमू स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 23 से 28 मार्च तक चलेगी और इस दौरान 63 स्टेशनों पर रुकेगी। पूरी दूरी तय करने में ट्रेन को करीब 14 घंटे 30 मिनट लगेंगे।

रेलवे के अनुसार ट्रेन नंबर 06883 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)–कोरबा मेमू स्पेशल सुबह 5 बजे इतवारी से रवाना होगी और मध्यवर्ती स्टेशनों से होते हुए शाम 7.30 बजे कोरबा पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन नंबर 06884 कोरबा–नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) मेमू स्पेशल कोरबा से सुबह 5.10 बजे रवाना होकर निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए शाम 7.30 बजे इतवारी पहुंचेगी।

इतवारी से चलकर ट्रेन सुबह 9.06 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 9.11 बजे आगे के लिए रवाना होगी। वापसी में कोरबा से आने वाली ट्रेन दोपहर 1.41 बजे डोंगरगढ़ पहुंचेगी और 5 मिनट ठहराव के बाद इतवारी के लिए रवाना होगी।

कलमना, कामठी, कन्हान, भंडारा रोड, तुमसर रोड, तिरोड़ा, गोंदिया, आमगांव, सालेकसा, दरेकसा, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई नगर, भिलाई पावर हाउस, रायपुर, उरकुरा, तिल्दा नेवरा, भाटापारा, बिल्हा, चकरभाठा, बिलासपुर, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, उरगा सहित कुल 63 स्टेशनों में ट्रेन का ठहराव रहेगा।

चैत्र नवरात्रि पर्व पर कवर्धा के गन्ना किसानों को मिली बड़ी सौगात: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

चैत्र नवरात्रि पर्व पर कवर्धा के गन्ना किसानों को मिली बड़ी सौगात: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

रायपुर: चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर कवर्धा के गन्ना किसानों को बड़ी सौगात मिली है। उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना मर्यादित, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा गन्ना किसानों को 5.97 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही कारखाना द्वारा अब तक गन्ना किसानों को 57.48 करोड़ का भुगतान पूर्ण किया जा चुका है। नियमित और समयबद्ध भुगतान से क्षेत्र के किसानों में उत्साह, संतोष और प्रसन्नता का वातावरण बना हुआ है।

कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी  गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी है, जिससे सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। कारखाना प्रबंधन ने बताया कि यह निरंतरता किसानों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ कारखाने के सुचारु संचालन को भी स्थायित्व प्रदान कर रही है। कारखाना प्रबंधन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार चालू पेराई सत्र में 255818 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई तथा 3,09,120 क्विंटल शक्कर का उत्पादन किया जा चुका है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन और कारखाने की बेहतर कार्यक्षमता का संयुक्त परिणाम मानी जा रही है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए 5.97 करोड़

किसानों एवं श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य

भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना क्षेत्र के किसानों की आर्थिक और सामाजिक उन्नति का मजबूत आधार बना हुआ है। कारखाने द्वारा एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी राशि का भुगतान, शासन द्वारा प्रदत्त बोनस, रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज उपलब्ध कराना, किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कारखाना परिसर में किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त बलराम सदन, तथा मात्र 5 में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है।

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त, आम नागरिकों को बड़ी राहत – मुख्यमंत्री साय

अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त, आम नागरिकों को बड़ी राहत – मुख्यमंत्री साय

 रायपुर, 20 मार्च 2026 : छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के पारित होने से अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त हो गया है। वाणिज्यिक कर मंत्री ओ पी चौधरी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

छत्तीसगढ़ उपकर समाप्त होने से अब संपत्ति पंजीयन की लागत में कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर एक करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, इससे जमीन-मकान की रजिस्ट्री अधिक सुलभ, सरल और कम खर्चीली बनेगी। इस अवसर पर विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि यह विधेयक केवल एक विधिक संशोधन नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जनहित, लोककल्याण और कर-व्यवस्था में न्यायपूर्ण सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट मत है कि शासन का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन को सरल, सुलभ और सम्मानजनक बनाना है।

वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 के माध्यम से आम जनता के उपयोग की वस्तुओं एवं सेवाओं पर व्यापक कर रियायतें प्रदान कीं, जिससे आम नागरिकों की निर्वाह लागत में कमी आई। इसी क्रम में पंजीयन विभाग में भी अनेक ऐतिहासिक, व्यावहारिक और जनहितकारी सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता पर आर्थिक बोझ कम करना और सेवाओं को सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि स्वतः नामांतरण व्यवस्था आम जनता के लिए अत्यंत राहतकारी सिद्ध हुई है। पंजीयन के बाद तत्काल नामांतरण होने से पक्षकारों को आर्थिक बचत के साथ-साथ महीनों चलने वाली नामांतरण प्रक्रिया से मुक्ति मिली है। मई 2025 से अब तक लगभग डेढ़ लाख दस्तावेजों का स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

पंजीयन प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सुगम मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो संपत्ति की सही भौगोलिक स्थिति सुनिश्चित करने में सहायक है। साथ ही, फर्जी व्यक्ति द्वारा पहचान छुपाकर पंजीयन न कराया जा सके, इसके लिए पंजीयन कार्यालयों में आधार आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा पंजीयन कार्यालयों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वीजा ऑफिस की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नागरिकों को वातानुकूलित प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, निःशुल्क वाई-फाई तथा क्यू-आधारित त्वरित पंजीयन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 10 पंजीयन कार्यालयों को पीपीपी मोड पर स्मार्ट पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके बाद अन्य कार्यालयों को भी चरणबद्ध रूप से स्मार्ट कार्यालय बनाया जाएगा।

अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा, धर्मांतरण विरोधी कानून पर लगी मुहर

अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा, धर्मांतरण विरोधी कानून पर लगी मुहर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का शुक्रवार को समापन हो गया। सभापति धरम लाल कौशिक ने आज सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस दौरान धर्मान्तरण रोकने और प्रदेश की भर्ती परिक्षाओं में गड़बड़ी पर रोक लगाने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में बहुमत के आधार पर पारित कर दिया। सत्र के दौरान कई जनहित के मुद्दों पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार को घेरने का प्रयास जरूर किया परन्तु इसमें वह सफल नहीं हो पाए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के अंतिम दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारी चयन मंडल विधेयक सदन में पेश किया। इस पर पक्ष विपक्ष के सदस्यों की चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया। इस विधेयक के बनने से राज्य की भर्ती परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी पर रोक लग सकेगी। वही एक दिन पूर्व धर्मांतरण विरोधी कानून लाया गया जिसका विपक्ष ने बहिष्कार कर दिया, इसके बाद सदन में बगैर विपक्ष के चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि धर्म की आड़ में सरकार राजनीति कर रही है इस विधेयक को कब से लागू किया जाएगा यह बताएं।

वही उपमुख्यमंत्री अरुण साव और भाजपा सदस्य सुनील सोनी ने कहा प्रदेश में धर्मांतरण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं जिससे यहां की डेमोग्राफी बदल रही है। इस पर रोक लगाने यह विधेयक जरूरी था। इसके पारित होने पर प्रदेश की जनता को बधाई देते हैं।

प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, विधेयकों की मंजूरी के बाद सभापति धरम लाल कौशिक ने सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।23 फरवरी से चले इस सत्र में विधायकों ने 2924 सवाल लगाए थे जिसमें से मात्र 86 प्रश्नों पर ही सदन में चर्चा हो सकी। पूरे सत्र के दौरान कुल 108 घंटे विधानसभा की कार्यवाही चली। इस दौरान राज्य सरकार का एक लाख 72 हजार करोड़ का भारी भरकम बजट भी पारित किया गया।

CG : छत्तीसगढ़ में जल क्रांति का नया अध्याय: जल जीवन मिशन 2.0 पर ऐतिहासिक एमओयू

CG : छत्तीसगढ़ में जल क्रांति का नया अध्याय: जल जीवन मिशन 2.0 पर ऐतिहासिक एमओयू

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केन्द्र और राज्य के बीच एमओयू कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुये एमओयू से इन कार्यों में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है। इस चरण में जल सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने के साथ-साथ जनभागीदारी को भी सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है।  साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था।

उन्होंने कहा कि मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण तथा योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि इस एमओयू के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।

मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री से 1300 करोड़ रुपये की विशेष स्वीकृति का आग्रह भी किया। इस स्वीकृति से 70 समूह जल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 3 हजार से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने में मदद मिलेगी। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ न केवल “हर घर जल” का लक्ष्य हासिल करेगा, बल्कि सतत जल प्रबंधन और ग्रामीण जल शासन में भी नए मानक स्थापित करेगा।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस एमओयू के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुँच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे। पाटिल ने कहा कि जिला प्रशासन के जरिये पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी एवं आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह एमओयू जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुँच का सपना साकार होगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव राहुल भगत, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।