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प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री के संकल्प से बस्तर में बदलाव की नई इबारत लिखी जा रही है: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने आज संसद में अपने उद्बोधन के दौरान विशेष रूप से बस्तर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो बस्तर कभी आकांक्षी जिला माना जाता था, आज वह पूरे देश में “बस्तर ओलंपिक” के नाम से जाना जा रहा है। विकास की धारा अब बस्तर के गांव-गांव तक पहुंच रही है। कई ऐसे गांव हैं जहां पहली बार बस सेवा शुरू हुई और पूरे गांव ने इसे उत्सव की तरह मनाया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था, जब कुछ जिलों को पिछड़ा मानकर छोड़ दिया गया था।

वहां रहने वाले करोड़ों लोगों की मौलिक आवश्यकताओं तक को नकार दिया गया था और उन्हें उसी अवस्था में जीने के लिए मजबूर कर दिया गया। इन क्षेत्रों में विकास के अभाव ने हालात को और बदतर बना दिया था। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि ऐसे जिलों को पनिशमेंट पोस्टिंग के लिए उपयुक्त माना जाने लगा था, जिससे वहां की व्यवस्था और अधिक बिगड़ती चली गई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस सोच और संस्कृति को बदला गया। यह निर्णय लिया गया कि पिछड़े क्षेत्रों में योग्य, युवा और होनहार अधिकारियों को तैनात किया जाएगा और उन्हें पूरे तीन वर्ष का समय दिया जाएगा, ताकि वे स्वतंत्र रूप से काम कर सकें। एक के बाद एक ठोस निर्णय लिए गए और आज उनके परिणाम देश देख रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज संसद में प्रधानमंत्री के बस्तर में हुए विकास पर दिए गए वक्तव्य पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है। यह क्षेत्र प्राकृतिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है, जिसे धरती का स्वर्ग कहा जा सकता है। यहां अनेक सुंदर जलप्रपात हैं, कुटुमसर जैसी विश्वविख्यात गुफा है, विशाल अबूझमाड़ का जंगल है और धुड़मारास गांव को विश्व पर्यटन संस्था द्वारा चयनित 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद के कारण विकास इस पूरे क्षेत्र को छू नहीं पाया, जबकि बस्तर का क्षेत्रफल केरल राज्य से भी बड़ा है। अब स्थिति तेजी से बदल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और विकास ने नई गति पकड़ी है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास और उत्साह का परिणाम है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन पिछले वर्ष से किया जा रहा है। पिछले वर्ष इसमें 1 करोड़ 65 लाख युवाओं की भागीदारी रही, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 3 करोड़ 91 लाख तक पहुंच गई है। इसी तरह बस्तर पंडुम का आयोजन भी पिछले वर्ष किया गया और इस वर्ष भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का शुभारंभ 7 तारीख को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के करकमलों से होगा, जबकि समापन 9 तारीख को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी कई बार बस्तर और बस्तर ओलंपिक का उल्लेख किया जाना पूरे छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब भय और पिछड़ेपन की पहचान नहीं, बल्कि विश्वास, विकास और संभावनाओं का प्रतीक बन रहा है। यह परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि नीति, नीयत और नेतृत्व सही हो, तो दशकों की उपेक्षा को भी बदला जा सकता है।

Breaking : रिटायर्ड DIG कमलोचन कश्यप बने पुलिस मुख्यालय में OSD, आदेश जारी

Breaking : रिटायर्ड DIG कमलोचन कश्यप बने पुलिस मुख्यालय में OSD, आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवानिवृत्त पुलिस उप महानिरीक्षक (Retiring DIG) कमलोचन कश्यप को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें पुलिस मुख्यालय, रायपुर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) के पद पर नियुक्त किया है।

01 वर्ष के लिए मिली जिम्मेदारी

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कश्यप की यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के तहत की गई है। उनका कार्यकाल कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से 01 वर्ष की अवधि के लिए होगा।

PHQ में संभालेंगे मोर्चा

कश्यप को पुलिस मुख्यालय में रिक्त असंवर्गीय पद के विरुद्ध नियुक्त किया गया है। उनके अनुभव का लाभ उठाने के लिए शासन ने यह संविदा नियुक्ति प्रदान की है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उनकी सेवा की अन्य शर्तें और नियम विभाग द्वारा अलग से जारी किए जाएंगे।

CG Breaking : छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: रिटायर्ड DIG कमलोचन कश्यप बने पुलिस मुख्यालय में OSD, आदेश जारी

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का अंतिम दिन आज, 10 जनवरी के बाद टोकन कटाने वाले किसान होंगे पात्र

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का अंतिम दिन आज, 10 जनवरी के बाद टोकन कटाने वाले किसान होंगे पात्र

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश के बाद धान खरीदी की तारीख बढ़ाई गई थी। जिसमें 5 और 6 फरवरी को भी प्रदेश में धान खरीदी की जाएगी। इस फैसले से तीन श्रेणियों के किसानों को लाभ मिलेगा। वहीं आज धान खरीदी का अंतिम दिन है। ऐसे में 10 जनवरी के बाद टोकन कटाने वाले किसान ही पात्र होंगे।

बता दें कि, 28,29 और 30 जनवरी के टोकनधारी किसान बेच सकेंगे अपना धान, पहले धान खरीदी की अंतिम तारीख 31 जनवरी थी। सीएम साय ने कहा था कि, समीक्षा में जानकारी मिली कि कुछ किसानों के टोकन नहीं कट पाए हैं, कुछ पंजीयन नहीं कर पाए। इसलिए समय अवधि बढ़ाई जा रही है। टोकन कट जाने के बाद भी प्रदेश के लगभग ढाई लाख किसानों का धान नहीं बिक पाया है।

आज विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे सीएम साय, यहां देखें मिनट टू मिनट कार्यक्रम

आज विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे सीएम साय, यहां देखें मिनट टू मिनट कार्यक्रम

रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आज दुर्ग, रायपुर और जगदलपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे सुबह 11 बजे PWD रेस्ट हाउस मीटिंग हॉल दुर्ग जाएंगे और दोपहर 2 बजे रायपुर के लिए रवाना होंगे।

इसके बाद मुख्यमंत्री साय दोपहर 4 बजे रायपुर से जगदलपुर जाएंगे। जहां वे “जनजातीय गौरव वाटिका” लोकार्पण कार्यक्रम में कुम्हडाकोट शाम 5.25 बजे शामिल होंगे। वहीं शाम 5.50 बजे पुनर्वासितों के प्रशिक्षण के समापन पर संवाद और टूलकिट का वितरण करेंगे।

 वहीं सीएम सर्किट हाउस जगदलपुर में शासन के विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर विभिन्न सामानों का शाम 6.25 को वितरण करेंगे और जगदलपुर के सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगी।

प्रेस क्लब रायपुर के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम साय, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दी बधाई…

प्रेस क्लब रायपुर के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम साय, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दी बधाई…

 रायपुर।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज शाम रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ-ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित समस्त कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। यह देश के पुराने एवं प्रतिष्ठित प्रेस क्लबों में से एक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी प्रेस क्लब की गरिमा और प्रतिष्ठा को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं। पत्रकार समाज के प्रति सजग रहते हुए साहस के साथ गरीबों, वंचितों और आमजन की आवाज को बुलंद करते हैं। साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र की डबल इंजन सरकार ने सुदृढ़ रणनीति के साथ नक्सलवाद के विरुद्ध लगातार निर्णायक सफलता हासिल की है। बीते दो वर्षों में हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और पराक्रम के कारण नक्सलवाद आज समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा किया जाएगा, जो निश्चित रूप से शीघ्र साकार होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार पत्रकार कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं। हमारी बहन-बेटियाँ भी पत्रकारिता के क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी और साहस के साथ अपनी भूमिका निभा रही हैं, जो समाज के लिए गर्व का विषय है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सदैव चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता और अधिकारों की पक्षधर रही है। गत वर्ष के बजट में पत्रकारों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। पत्रकारों के विभिन्न समूहों को अध्ययन एवं भ्रमण के लिए देश के अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया, जिसमें महिला पत्रकार भी शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों द्वारा लौटकर साझा किए गए अनुभव अत्यंत सकारात्मक और प्रेरणादायक रहे।

मुख्यमंत्री साय ने फेक न्यूज़ के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है, जिस पर विचार और समाधान की आवश्यकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस दिशा में पत्रकार समुदाय द्वारा सकारात्मक पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि पत्रकारों के साथ राज्य सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है तथा प्रेस क्लब अध्यक्ष द्वारा रखी गई मांगों पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकार समाज के अभिन्न अंग हैं। पत्रकारों द्वारा उठाए गए विषय सदैव समाजहित से जुड़े होते हैं और उनसे शासन-प्रशासन को समाज की वास्तविक जरूरतों को समझने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विषय पर पत्रकारों के साथ है और रायपुर प्रेस क्लब के सुदृढ़ विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने भी सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु द्विवेदी एवं प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मोहन तिवारी ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।कार्यक्रम के दौरान श्री बसंत वीर उपाध्याय की पुस्तक “आईएएस की तैयारी और श्रीरामचरितमानस” का विमोचन भी किया गया।

इस मौके पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास सहित प्रशांत शर्मा, मोहित साहू, संदीप पौराणिक, अंशुमान शर्मा तथा रायपुर के अनेक वरिष्ठ पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

भीषण सड़क हादसा: बारात पहुंचने से पहले ही बिछ गईं लाशें, कार पलटने से दो युवकों की दर्दनाक मौत

भीषण सड़क हादसा: बारात पहुंचने से पहले ही बिछ गईं लाशें, कार पलटने से दो युवकों की दर्दनाक मौत

 कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा भारतमाला मुख्य मार्ग पर बीती रात एक रूह कंपा देने वाला भीषण सड़क हादसा हुआ है। बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र से कोरबा आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे जा गिरी। इस दर्दनाक दुर्घटना में कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।

तेज रफ्तार बनी काल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त कार (क्रमांक CG 10 PF 9922) में सवार सभी युवक एक बारात में शामिल होने के लिए जा रहे थे। रास्ते में कोरबा-चांपा मार्ग पर वाहन की गति इतनी तेज थी कि चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार सड़क से उतरकर कई बार पलटते हुए क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी पूरी तरह लोहे के मलबे में तब्दील हो गई। राहुल राय और विराट अग्रवाल दोनों की मौके पर ही मौत हो गई, वही दो अन्य युवक की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। वाहन के भीतर फंसे घायलों और शवों को निकालने के लिए टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया है।

उरगा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि हादसे का मुख्य कारण वाहन की अत्यधिक रफ्तार थी। मृतकों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

CG CRIME: चरित्र पर शक ने ली एक और जान, पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की नृशंस हत्या कर रिश्तों को किया शर्मसार

CG CRIME: चरित्र पर शक ने ली एक और जान, पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की नृशंस हत्या कर रिश्तों को किया शर्मसार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां गौरेला थाना क्षेत्र के केंवची गांव के बैगापारा में पति ने अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका के चलते कुल्हाड़ी से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी।

पुलिस के अनुसार आरोपी राजेश बैगा को अपनी पत्नी कुसुम बैगा के चाल-चलन पर लंबे समय से शक था, इसी बात को लेकर घर में आए दिन विवाद और झगड़े होते रहते थे। बीती रात भी मामूली कहासुनी ने अचानक खौफनाक रूप ले लिया, गुस्से और शक में अंधे राजेश बैगा ने कुल्हाड़ी उठाकर पत्नी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे कुसुम बैगा गंभीर रूप से घायल हो गई और खून से लथपथ हालत में उसकी मौके पर ही मौत हो गई

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, सूचना मिलते ही गौरेला पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी पति को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। इस जघन्य वारदात के बाद गांव में मातम और दहशत का माहौल है, वहीं चरित्र शंका के नाम पर हो रही घरेलू हिंसा ने एक बार फिर समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं

 

CG- प्रभात मिश्रा राजभाषा आयोग के नये अध्यक्ष बने, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

CG- प्रभात मिश्रा राजभाषा आयोग के नये अध्यक्ष बने, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

रायपुर  5 फरवरी 2026। राज्य सरकार ने राजभाषा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है। प्रभात मिश्रा राजभाषा आयोग के नये अध्यक्ष के रुप में नियुक्त किया है। इस संबंध में संस्कृति विभाग की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है।

CG ब्रेकिंग : DSP कल्पना वर्मा निलंबित..जानिए क्या है पूरा मामला..!!

CG ब्रेकिंग : DSP कल्पना वर्मा निलंबित..जानिए क्या है पूरा मामला..!!

 रायपुर। रायपुर के होटल कारोबारी दीपक टंडन और दंतेवाड़ा की DSP कल्पना वर्मा कंट्रोवर्सी की जांच रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी गई थी, वहीं अब रिपोर्ट में दावा किया गया है कि DSP ने कारोबारी से न सिर्फ बड़ी रकम और महंगे गिफ्ट लिए, बल्कि वॉट्सऐप चैट के जरिए विभाग की खुफिया जानकारियां भी साझा की है। मामले में प्रशासन ने एक्शन लेते हुए कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से जारी किया गया है।

देखें आदेश

स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात

स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत जशपुर को मिली पर्यटन विकास की बड़ी सौगात

 होम-स्टे, रिसोर्ट, पाथवे, लैंडस्केपिंग सहित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं का होगा विकास

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरूवार को भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा। श्री साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोट्र्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र
मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढिय़ों एवं रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।

यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद, 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद, 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ

 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया।

इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय, विधायक गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।

मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।

इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री श्री साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।

 

 

BREAKING : कार्बन प्लांट के बॉयलर में धमाका, नौ माह का बच्‍चा सह‍ित आठ गंभीर झुलसे

BREAKING : कार्बन प्लांट के बॉयलर में धमाका, नौ माह का बच्‍चा सह‍ित आठ गंभीर झुलसे

 रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में गुरुवार को टायर रिसाइक्लिंग के दौरान बॉयलर में जोरदार धमाका हाे गया। इस हादसे में आठ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें एक 9 महीने का मासूम बच्चा भी शामिल है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

खरसिया थाना से म‍िली जानकारी के अनुसार मंगल कार्बन प्‍लांट बानीपाथर में आज जोरदार धमाका हो गया, ज‍िसकी चपेट में आने से एक नौ माह का बच्‍चा सह‍ित आठ मजदूर झुलस गए हैं। सभी घायलों को ज‍िला अस्‍पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूंज दूर तक सुनी गई। टायर गलाने की प्रक्रिया के दौरान अचानक हुए इस ब्लाॅस्ट से निकली गर्म गैस और आग ने आसपास काम कर रहे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया।

डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई मजदूर 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। विशेष रूप से नौ महीने के मासूम की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट में पुराने टायरों को गलाकर कार्बन बनाने (रिसाइक्लिंग) का काम चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि बॉयलर के भीतर दबाव अधिक बढ़ने या किसी तकनीकी खामी की वजह से यह विस्फोट हुआ। पुलिस और तकनीकी टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आखिर यह ब्लास्ट कैसे हुआ।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्लांट परिसर को सील कर दिया है और जांच शुरू कर दी है।

मौके पर पहुंचे अधिकारियों का कहा कि जांच के बाद यदि प्लांट प्रबंधन की लापरवाही सामने आती है, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Breaking : छत्तीसगढ़ में बड़ा माओवादी सरेंडर: 54 लाख के इनामी 12 नक्सलियों ने किया आत्समर्पण

Breaking : छत्तीसगढ़ में बड़ा माओवादी सरेंडर: 54 लाख के इनामी 12 नक्सलियों ने किया आत्समर्पण

 बीजापुर।  राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति, तथा शांति, संवाद एवं विकास पर आधारित सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप आज 12 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है। जिसमें धारित हथियार सहित रूपये 54 लाख के 08 महिला कैडर और 04 पुरुष कैडर शामिल हैं, जिन्होंने सशस्त्र और हिंसक विचारधारा से स्वयं को अलग कर शांति और प्रगति के मार्ग को अपनाया है ।

इन 12 कैडरों में डीव्हीसीएम -01, सदस्य बटालियन नम्बर 01,कंपनी नम्बर 02 – 02, पीपीसीएम-01, एसीएम -02, पार्टी सदस्य- 02, पीएलजीए सदस्य-04 शामिल हैं, जिन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया है ।

05 फरवरी 2026 को सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से साउथ सब जोनल ब्यूरो के धारित हथियार समेत कुल 54.00 लाख रूपये के ईनामी 03 आटोमैटिक हथियार एवं कारतूस के साथ कुल 12 माओवादी कैडर्स पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, सुंदरराज पी, उप पुलिस महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स बीजापुर सेक्टर बी0एस0नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ0 जितेन्द्र कुमार यादव, अति0 पुलिस अधीक्षक ऑप्स अमन कुमार झा, अति0 पुलिस अधीक्षक बीजापुर युलैण्डन यार्क, उप पुलिस अधीक्षक ऑप्स सुदीप सरकार, उप पुलिस अधीक्षक, रोशन आहुजा एवं उप पुलिस अधीक्षक विशाल गर्ग के समक्ष निम्नलिखित माओवादी समाज की मुख्यधारा से जुड़े :-

01. सोमडू मड़कम पिता स्वा. हिड़मा मड़कम उम्र 42 वर्ष जाति मुरिया साकिन यमपुर सेण्ड्राबोरपारा थाना पामेड़ जिला बीजापुर छ0ग0 पद – दरभा डीविजन डीव्हीसीएम(कटेकल्याण एरिया कमेटी इंचार्ज), घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये , एके-47 हथियार एवं 01 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
02. हुंगी कुंजाम उर्फ सोनी पिता मंगू कुंजाम उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया साकिन बडेसुंकनपल्ली स्कूलपारा थाना बासागुडा जिला बीजापुर छ0ग0, पद – बटालियन न0 01 पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये ।
03. पायकी कुंजाम पिता रमेश कुंजाम उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया साकिन टेकमेटा ओड़सापारा थाना उसूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – कंपनी न0 02 पार्टी सदस्य, घोषित ईनाम राशि 08.00 लाख रूपये ।
04. आयती मड़कम ऊर्फ पुन्नी पति सुरेश मड़कम उम्र 24 वर्ष जाति मुरिया साकिन पेद्दापाल पुरानापारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – उत्तर सब जोनल ब्यूरो पीपीसीएम, घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये ।
05. चमनलाल कुडियम ऊर्फ छोटू पिता बिच्चेम उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया साकिन मुक्कावेली थाना फरसेगढ़ जिला बीजापुर छ0ग0, पद – पश्चिम बस्तर डीविजन सदस्य (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 02 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
06. पार्वती पुनेम ऊर्फ राघो पिता सुक्कू पुनेम उम्र 22 वर्ष जाति मुरिया साकिन हिरोली सरपंचपारा थाना गंगालूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – गंगालूर एरिया कमेटी सदस्या (एसीएम), घोषित ईनाम राशि 05.00 लाख रूपये ।
07. सन्ना माड़वी पिता बण्डी माड़वी उम्र 19 वर्ष जाति मुरिया साकिन पंगुड़ स्कूलपारा थाना मोदकपाल जिला बीजापुर छ0ग0, पद – पश्चिम बस्तर डीविजन, घोषित ईनाम राशि 02.00 लाख रूपये, एसएलआर हथियार एवं 02 मैग्जीन के साथ पुनर्वास
08. शांति कुडियम पिता विज्जा कुडियम उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन एलीगेण्ड्रा थाना फरसेगढ जिला बीजापुर छ0ग0, पद – नेशनल पार्क एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
09. छोटी तेलम पिता बुधरू तेलम उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन मदपाल स्कूलपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – भैरमगढ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम 01.00 लाख रूपये ।
10. जिम्मो उईका ऊर्फ अंकिता पिता जोगा उईका उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन बेलमनेण्ड्रा कड़तीपारा थाना बासागुड़ा जिला बीजापुर छ0ग0, पद – मद्देड़ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
11. शमीला मड़कम पिता लक्खू मड़कम उम्र 18 वर्ष जाति मुरिया साकिन मदपाल मड़कमपारा थाना मिरतुर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – भैरमगढ एरिया कमेटी पीएलजीए सदस्या, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।
12. हिड़मा माड़वी पिता हुंगा माड़वी उम्र 28 वर्ष जाति मुरिया साकिन कमलापुर थाना उसूर जिला बीजापुर छ0ग0, पद – दरभा डीविजन पीएलजीए सदस्य, घोषित ईनाम राशि 01.00 लाख रूपये ।

 
ब्रेकिंग : प्रदेश में खुलेंगे 4 नए उप पंजीयक कार्यालय,इन उप पंजीयक कार्यालयों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

ब्रेकिंग : प्रदेश में खुलेंगे 4 नए उप पंजीयक कार्यालय,इन उप पंजीयक कार्यालयों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति

रायपुर-  प्रदेश में आम नागरिकों को रजिस्ट्री एवं पंजीयन से जुड़ी सेवाएं सहज, सुलभ और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। रजिस्ट्रीकरण अधिनियम–1908 के प्रावधानों के तहत भखारा (जिला धमतरी), लवन (तहसील मुख्यालय, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा), सकरी एवं राजकिशोर नगर (बिलासपुर) में चार नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धमतरी जिला के भखारा में नवीन उप पंजीयक कार्यालय खोलने हेतु प्रशासकीय स्वीकृत दी गई है। इसी प्रकार जिला पंजीयक बलौदाबाजार-भाटापारा के अंतर्गत तहसील मुख्यालय लवन और बिलासपुर जिले के राजकिशोर नगर एवं सकरी में उप पंजीयक कार्यालय खोलने प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किया गया है।

इन नए उप पंजीयक कार्यालयों के खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को रजिस्ट्री कार्य के लिए दूरस्थ जिला मुख्यालयों तक नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय और धन की बचत होगी, भीड़ कम होगी तथा पंजीयन प्रक्रिया अधिक सुगम और पारदर्शी बनेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और प्रशासनिक कार्यों में गति आने की भी संभावना है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि शासन की सेवाएं आम नागरिकों तक उनके निकटतम स्तर पर उपलब्ध हों। नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति से लोगों को पंजीयन संबंधी कार्यों में बड़ी राहत मिलेगी। यह निर्णय सुशासन की दिशा में एक और सशक्त कदम है, जिससे नागरिकों का समय बचेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।

वित्त एवं वाणिज्य कर पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य हमारी सरकार नागरिक सुविधाओं के विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।चार नए उप पंजीयक कार्यालयों की स्वीकृति इसी सोच का परिणाम है। नए उप पंजीयक कार्यालय खुलने से पंजीयन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को उनके क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी, जिससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और त्वरित होगी। उन्होंने बताया कि पंजीयन विभाग द्वारा 10 नए क्रांतिकारी सुधार लागू किए गए हैं, जिनका लाभ इन क्षेत्रों के नागरिकों को भी मिलेगा। इनमें ऑटो डीड जनरेशन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, घर बैठे रजिस्ट्री, स्वतः नामांतरण, ऑनलाइन भारमुक्त प्रमाणपत्र, एकीकृत कैशलेस भुगतान, व्हाट्सएप आधारित सेवाएं, डिजीलॉकर एकीकरण, डिजी-डॉक सेवा तथा खसरा नंबर के माध्यम से ऑनलाइन सर्च एवं रजिस्ट्री डाउनलोड की सुविधा शामिल है।

राज्य सरकार के इस निर्णय को जनहित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पंजीयन व्यवस्था अधिक विकेंद्रीकृत और प्रभावी बन सकेगी।

 Breaking : बीजापुर में बड़ा एनकाउंटर, कमांडर उधम सिंह की मारे जाने की खबर

Breaking : बीजापुर में बड़ा एनकाउंटर, कमांडर उधम सिंह की मारे जाने की खबर

बीजापुर छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। घने और दुर्गम जंगलों में चल रहे इस ऑपरेशन के दौरान दोनों ओर से लगातार गोलीबारी की सूचना है। सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर लिया है और बड़ी संख्या में जवान मोर्चे पर डटे हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, इस एनकाउंटर में लंबे समय से सक्रिय नक्सली कमांडर और शीर्ष माओवादी नेता उधम सिंह के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ के बाद इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारी पूरे अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही हैं, ताकि किसी भी नक्सली गतिविधि पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके।

 Transfer : इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलसचिव का तबादला.. इस वजह से किया गया ट्रांसफर, जानें वजह

Transfer : इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलसचिव का तबादला.. इस वजह से किया गया ट्रांसफर, जानें वजह

Khairagarh University Transfer: राजकुमारी इंदिरा सिंह कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के कुलसचिव सौमित्र तिवारी का तबादला कर दिया गया है। उन्हें अब अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में नई पदस्थापना दी गई है। उनके स्थान पर खैरागढ़ विश्वविद्यालय को जल्द ही नया कुलसचिव मिलेगा।

कुलसचिव के तबादले से पहले विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों का आरोप था कि समयमान, वेतनमान और पदोन्नति से जुड़ी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। अनदेखी से नाराज कर्मचारियों ने कुलसचिव को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन भी किया था। अब तबादले के बाद विश्वविद्यालय प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 2 अधिकारी समेत 14 पुलिसकर्मियों का तबादला! जानें नई पोस्टिंग

पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 2 अधिकारी समेत 14 पुलिसकर्मियों का तबादला! जानें नई पोस्टिंग

 कोरबा :- कोरबा जिले की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) सिद्धार्थ तिवारी ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत दो टीआई (TI), चार एसआई (SI), तीन एएसआई (ASI) समेत कुल 14 पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल में दर्री, पाली और करतला जैसे महत्वपूर्ण थानों के प्रभारियों को बदला गया है। औद्योगिक नगरी कोरबा में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फेरबदल काफी अहम माना जा रहा है। नए प्रभारियों की नियुक्ति से थानों की कार्यप्रणाली में कसावट आने और जनशिकायतों के त्वरित निराकरण की उम्मीद है।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

एसपी द्वारा जारी सूची के अनुसार, आशीष सिंह को दर्री थाना प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नागेश तिवारी अब पाली थाना के नए प्रभारी होंगे। उप निरीक्षक जितेंद्र यादव को करतला थाना की कमान दी गई है।

प्रशासनिक कसावट के तहत पसान थाना प्रभारी श्रवण विश्वकर्मा को हटाकर रक्षित केंद्र (लाइन) भेज दिया गया है। उनकी जगह जटगा चौकी से एक एएसआई को पसान का नया जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा सिविल लाइन थाना से उप निरीक्षक सुमन पोया को लेमरू थाना प्रभारी बनाकर भेजा गया है।

CG : कुंभ कल्प मेला में प्रतिदिन हो रही महानदी की महाआरती, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम

CG : कुंभ कल्प मेला में प्रतिदिन हो रही महानदी की महाआरती, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम

 गरियाबंद,राजिम : कुंभ कल्प मेला में जबलपुर से पधारी साध्वी प्रज्ञा भारती के सानिध्य में प्रतिदिन महानदी की भव्य महाआरती का आयोजन किया जा रहा है। इस महाआरती में बड़ी संख्या में साधु-संतों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल होकर आध्यात्मिक वातावरण के साक्षी बन रहे हैं।

मंगलवार को आयोजित महाआरती में राजिम विधायक रोहित साहू विशेष रूप से शामिल हुए और महानदी की आरती उतारी। मेले में प्रतिदिन शाम 7 बजे महानदी घाट पर 11 विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ महाआरती की शुरुआत होती है। आरती के दौरान घाट का दृश्य अत्यंत मनोहारी और भावविभोर कर देने वाला होता है।

जबलपुर से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराई जा रही आरती की विधि अपने आप में विलक्षण है। शंखनाद, कपूर, दीप, चवर एवं मंत्रोच्चार के साथ एक साथ प्रज्वलित होती महाआरती से पूरा मेला परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है। वैसे तो राजिम कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की यह विशेष अभिलाषा रहती है कि वे किसी न किसी दिन महानदी की महाआरती के साक्षी अवश्य बनें। इसी कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती घाट पर पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि आरती से मन को शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है, नकारात्मकता दूर होती है तथा आध्यात्मिक उन्नति होती है।

महानदी की आरती से आध्यात्मिक शांति मिलती है
महाआरती के पश्चात विधायक रोहित साहू ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। महानदी की महाआरती से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। यह हम सभी के लिए गौरव की बात है कि राजिम कुंभ में काशी और प्रयागराज जैसी दिव्यता का अनुभव हो रहा है। मैं सभी श्रद्धालुओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पावन आयोजन में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें।

इस अवसर पर नगर पालिका राजिम अध्यक्ष महेश यादव, नवापारा पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू की धर्मपत्नी कांतिदेवी साहू, नगर पालिका सभापति आकाश सिंह राजपूत, भरत यादव, पार्षद सुरेश पटेल, बलराम यादव, अजय पटेल, पार्षद प्रतिनिधि सोमनाथ पटेल, भाजपा नेत्री खुशी साहू, देवकी साहू, राजीव लोचन महाविद्यालय जनभागीदारी समिति अध्यक्ष छाया राही, मधु नत्थानी, रीतु वर्मा, कुसुम सोनी, अभनपुर पार्षद चंपा लेदेकर एवं मीना साहू, राजिम एसडीएम विशाल महाराणा, तहसीलदार मयंक अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आरती घाट में समुद्र मंथन का आकर्षक दृश्य

आरती घाट के पीछे ऊंचाई पर समुद्र मंथन का भव्य झांकी बनाया गया है, जिसमें एक ओर देवता तो दूसरी ओर दानव वासुकी नाग को पकड़े हुए मंदराचल पर्वत को मथनी बनाकर खींचते हुए दिखाई देते हैं। समुद्र मंथन का यह दृश्य श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है और महाआरती की भव्यता में चार चांद लगा रहा है।

 

आज सीएम साय जशपुर और रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, मयाली-बगीचा विकास परियोजना का भी करेंगे भूमिपूजन

आज सीएम साय जशपुर और रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल, मयाली-बगीचा विकास परियोजना का भी करेंगे भूमिपूजन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज जशपुर और रायपुर के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे दोपहर 12.10 मयाली में “मयाली-बगीचा विकास परियोजना” का भूमिपूजन करेंगे।

 इसके बाद सीएम साय शाम 5.15 को राजधानी रायपुर के लिए जशपुर से रवाना होंगे और सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास में शाम 6 बजे बैठक करेंगे। वहीं शाम 7.30 बजे रायपुर प्रेस क्लब के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल होंगे और रात 8.50 को मुख्यमंत्री निवास लौटेंगे।

छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मिली मंजूरी,पाँच साल में 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा बूस्टर

छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति को मिली मंजूरी,पाँच साल में 5 हजार स्टार्टअप को मिलेगा बूस्टर

 रायपुर। छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद ने आज छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 को स्वीकृति प्रदान की। इस नीति का उद्देश्य राज्य में एक सशक्त, समावेशी एवं वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले, रोजगार सृजन हो तथा सतत आर्थिक विकास को गति प्राप्त हो। यह नीति राज्य के युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित एवं सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
नई स्टार्टअप नीति के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 5,000 से अधिक नए क्च्प्प्ज्-पंजीकृत स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। नीति के माध्यम से वित्तीय सहायता, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप, बाजार संपर्क, क्षमता निर्माण तथा प्रौद्योगिकी एवं बौद्धिक संपदा समर्थन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नीति में 100 करोड़ रूपए के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ रूपए के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख रूपए तक), ब्याज अनुदान, किराया अनुदान, पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणीकरण अनुदान, रोजगार सृजन सब्सिडी सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं।
उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा। इसके तहत राज्य में उन्नत सुविधाओं से युक्त मेगा इनक्यूबेटर्स (हब इनक्यूबेटर्स) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, तकनीकी सहायता, एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में स्पोक इनक्यूबेटर्स के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रत्येक जिले में नवाचार एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जाएगी। यह नीति अमृतकाल-छत्तीसगढ़ विज़न/2047 के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार-आधारित उद्यमिता का एक प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
स्टार्टअप्स के लिए प्रमुख आर्थिक सहायता
नीति में स्टार्टअप्स को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की अनुदान और छूट का प्रावधान किया गया है,-
सीड फंड सहायता – नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख रूपए तक सहायता।
स्टार्टअप कैपिटल फंड – निवेश उपलब्ध कराने हेतु 100 करोड़ रूपए का फंड।
क्रेडिट रिस्क फंड – बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने हेतु 50 करोड़ रूपए का फंड।
ब्याज अनुदान – 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान ।
किराया अनुदान – 3 वर्षों तक भुगतान किये गए किराए का 50 प्रतिशत (अधिकतम 15,000 रूपए प्रति माह)।
स्थायी पूंजी निवेश अनुदान – मशीनरी एवं उपकरण पर 35 प्रतिशत तक (अधिकतम 35 लाख
रूपए )।
पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन सहायता – राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पेटेंट एवं प्रमाणन पर 75 प्रतिशत तक अधितम 10 लाख प्रतिपूर्ति।
राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में भागीदारी हेतु यात्रा, पंजीयन एवं स्टॉल व्यय पर 50 प्रतिशत अनुदान सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांगजन, सेवानिवृत्त सैनिक, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों तथा पब्लिक वेलफेयर एवं सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन भी नीति का प्रमुख हिस्सा हैं।
इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
नई नीति के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इनक्यूबेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके तहत मेगा इनक्यूबेटर (हब इनक्यूबेटर) स्थापित किए जाएंगे, जो स्टार्टअप्स को अधोसंरचना, मेंटरशिप, निवेश से जुड़ाव एवं रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर स्पोक इनक्यूबेटर्स नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देंगे।
इनक्यूबेटर एवं एक्सेलेरेटर के लिए वित्तीय सहायता
शासकीय इनक्यूबेटर्स को परियोजना लागत का 75 प्रतिशत तक अनुदान ।
निजी इनक्यूबेटर्स को 50 प्रतिशत अनुदान (अधिकतम 3 करोड़ रूपए)।
बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त सहायता।
इनक्यूबेटर उन्नयन एवं संचालन सहायता
स्थापित इनक्यूबेटर्स द्वारा अधोसंरचना या क्षमता में 25 प्रतिशत वृद्धि करने पर उन्हें भी अनुदान की पात्रता होगी।
कार्यक्रम एवं एक्सेलेरेशन सहायता
मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर्स को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन हेतु 1 लाख रूपए प्रति कार्यक्रम (अधिकतम 4 लाख रूपए वार्षिक)।
न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सेलेरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर 15 लाख रूपए तक व्यय प्रतिपूर्ति।
कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल
राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने हेतु कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को इसके संचालन हेतु 5 लाख रूपए प्रति वर्ष तक सहायता प्रदान की जाएगी। यह नीति अमृतकाल – छत्तीसगढ़ विज़न /2047 के लक्ष्यों के अनुरूप है और राज्य को नवाचार आधारित उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
वर्जन
छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति से प्रदेश स्टार्टअप इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनेगा। तकनीक और नवाचार के नए मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी प्रोत्साहित करने हेतु नए स्टार्टअप नीति में बहुत से महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया अभियान ने बीते 10 वर्षों में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन चुका है। इसी उद्देश्य के साथ माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के सशक्त नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में भी स्टार्टअप नीति के माध्यम से इनोवेशन, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहन देते हुए यह नीति लाई गई है।

बस्तर पर्यटन को नई दिशा : मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप सजेगा भव्य रिसोर्ट

बस्तर पर्यटन को नई दिशा : मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप सजेगा भव्य रिसोर्ट

 रायपुर। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता और जलप्रपातों को निहारने आने वाले पर्यटकों के लिए सुखद खबर है। चित्रकोट के सामानांतर अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर मेंद्री घूमर जलप्रपात के समीप जल्द ही एक भव्य रिसॉर्ट आकार लेने वाला है। छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड की पहल पर लोहंडीगुड़ा प्रशासन ने इसकी कवायद तेज कर दी है। इस परियोजना के लिए ग्राम मेंद्री में स्थित जेल विभाग की भूमि को अब पर्यटन विभाग के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
तहसीलदार न्यायालय लोहंडीगुड़ा द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूचना के मुताबिक छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने मेंद्री घूमर जलप्रपात के पास पर्यटकों की सुविधा और रिसॉर्ट निर्माण के लिए भूमि आवंटन का आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर संज्ञान लेते हुए वर्तमान में शासकीय भूमि को पर्यटन विभाग को सौंपने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रशासन ने रिसॉर्ट निर्माण के लिए ग्राम मेंद्री में खसरा नंबर 50, 77, 179 और 184 के तहत कुल 20.28 हेक्टेयर के भू-भाग को चिन्हित किया है, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का व्यापक विस्तार संभव हो सकेगा।
भूमि हस्तांतरण की इस प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए प्रशासन ने आम जनता के लिए इश्तहार जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी भी व्यक्ति, संस्था या विभाग को इस भूमि के पर्यटन विभाग को सौंपे जाने पर कोई आपत्ति या दावा है, तो वे सूचना प्रकाशन के 15 दिवस के भीतर तहसीलदार न्यायालय, लोहंडीगुड़ा में स्वयं या अपने वकील के माध्यम से लिखित आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। मामले की सुनवाई के लिए आगामी 07 फरवरी 2026 की तारीख मुकर्रर की गई है। प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि नियत समयावधि के बाद प्राप्त होने वाली आपत्तियों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा और यह मान लिया जाएगा कि उक्त भूमि हस्तांतरण में किसी को कोई आपत्ति नहीं है, जिसके बाद निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।

खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

खनन परियोजनाओं का हो गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध क्रियान्वयन- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल्स सहित कई अनेक खनिजों के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। राज्य में चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप क्रियान्वयन किया जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खनिजों के अवैध परिवहन एवं उत्खनन पर विशेष टॉस्क फोर्स के माध्यम से की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए आईटी एवं ड्रोन जैसे आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाये। तकनीक के द्वारा अवैध गतिविधियों पर बेहतर एवं सतत निगरानी की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री  साय ने पीएमकेकेकेवाई के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय एवं कार्यो के प्रगति की निगरानी के विषय में जानकारी ली। उन्होंने कार्यो के गुणवत्ता एवं परियोजनाओं के समय पर क्रियान्वयन के लिए जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत राज्य स्तरीय केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई की स्थापना के माध्यम से डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये।

बैठक में परिवहन नेटवर्क (रेलमार्ग) के अंतर्गत चिरमिरी-नागपुर रेल्वे लाईन हेतु कुल 328 करोड़ एवं छत्तीसगढ़ रेल्वे कॉरीडोर निर्माण हेतु, 1-ईस्ट कॉरीडोर एवं 3-ईस्ट वेस्ट कॉरीडोर के लिए राशि रूपये 60.10 करोड़ एवं क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में हुए शामिल

बैठक में खनिज विकास निगम लिमिटेड (सीएमडीसी) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (एनसीएल) संयुक्त उपक्रम में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में विभिन्न परियोजनाओं के विकास हेतु 112.70 करोड़ एवं सीएमडीसी को विभागीय कार्य हेतु अतिरिक्त राशि रूपये 10 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में संचालनालय, भौमिकी तथा खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाईन 2.0 के भुगतान, भौमिकी के अंतर्गत सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण एवं विभिन्न परियोजनाओं के भुगतान एवं बाह्य स्त्रोतों से विभिन्न तकनीकी कार्यों के संपादन, मुख्य एवं गौण खनिजों के अवैध परिवहन निगरानी हेतु आईटी एवं ड्रोन तकनीक से नियंत्रण, जिला खनिज न्यास अधिनियम के अंतर्गत डीएमएफ से संबंधित कार्यों की निगरानी हेतु केन्द्रीय कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई (सीपीएमयू) सहित विभागीय कार्य हेतु 138.17 करोड़ का समिति द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया ।

बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में संपन्न कार्यों के क्रियान्वयन के विषय में जानकारी दी गई।

बैठक में वित्त मंत्री  ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव  विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव वित्त श्री मुकेश बंसल, मुख्यमंत्री के सचिव सह सचिव खनिज साधन विभाग  पी दयानंद, संचालक खनिज  रजत बंसल सहित अधिकारीगण मौजूद रहे।

बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार

बस्तर पण्डुम 2026 : बस्तर की माटी की खुशबू और समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार

 रायपुर: बस्तर पण्डुम छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का एक प्रमुख सांस्कृतिक, सामुदायिक और प्राकृतिक उत्सव है, जो जनजातीय परंपराओं, लोक कलाओं और जीवन शैली को संरक्षित व प्रदर्शित करता है।  जिसमें पारंपरिक नृत्य, संगीत (मांदर-बांसुरी), वेशभूषा, लोक शिल्प (काष्ठ/बांस/धातु) और पारंपरिक खान-पान का प्रदर्शन किया जाएगा। यह उत्सव बस्तर की आत्म-अस्मिता का प्रतीक है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ युवाओं को उनकी जड़ों से जोड़ता है। विभिन्न अंचलों से आए प्रतिभागियों ने बस्तर की 12 पारंपरिक सांस्कृतिक विधाओं का  प्रदर्शन करेंगें।

 आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026

इस वर्ष 54 हजार से अधिक प्रतिभागियों का पंजीयन 

इस वर्ष के आयोजन ने लोकप्रियता के पुराने सभी पैमाने ध्वस्त कर दिए हैं और यह केवल एक प्रतियोगिता न रहकर अब लोक संस्कृति के एक विशाल उत्सव का रूप ले चुका है। आँकड़ों पर नजर डालें तो यह आयोजन इस बार एक ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वर्ष 2025 में जहाँ विकासखंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 15,596 प्रतिभागियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, वहीं इस वर्ष यह आँकड़ा तीन गुना से भी अधिक बढ़कर 54,745 तक पहुँच गया है।  बस्तर के लोग अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक कलाओं को सहेजने के लिए कितने जागरूक और उत्साहित हैं। विशेष रूप से दन्तेवाड़ा जिले ने 24,267 पंजीयन के साथ पूरे संभाग में सर्वाधिक भागीदारी का रिकॉर्ड बनाया है, जिसके बाद कांकेर, बीजापुर और सुकमा जैसे जिलों ने भी हजारों की संख्या में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

समृद्ध जनजातीय संस्कृति विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने तैयार 

बस्तर की माटी की खुशबू और यहाँ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एक बार फिर विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार है। संभाग स्तरीय बस्तर पण्डुम 07 से 09 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाी है, जिसके लिए अंचल के निवासियों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इस भारी उत्साह के बीच, अब सभी की निगाहें 07 से 09 फरवरी के बीच होने वाली संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। जिला स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा से जीत कर आए 84 दल और उनके 705 चयनित कलाकार इस दौरान अपनी कला की जादू बिखरेंगे। इन तीन दिनों में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा जनजातीय नृत्य की थाप, पारंपरिक गीतों की गूंज और नाटकों का मंचन ।

 आदिवासी संस्कृति का महाकुंभ बस्तर पण्डुम 2026

 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे

प्रतियोगिता में कुल 12 अलग-अलग विधाओं का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सर्वाधिक 192 कलाकार जनजातीय नृत्य में और 134 कलाकार जनजातीय नाटक में अपना हुनर दिखाएंगे। यह मंच केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि यह बस्तर के ज्ञान, कला और स्वाद का एक अनुपम संगम होगा। जहाँ एक ओर 65 कलाकार पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन छेड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर 56 प्रतिभागी लजीज जनजातीय व्यंजनों की खुशबू बिखेरेंगेे। इसके अतिरिक्त बस्तर की दुर्लभ वन औषधियों, चित्रकला, शिल्प कला, आभूषण और आंचलिक साहित्य का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो नई पीढ़ी को अपनी विरासत से रूबरू कराएगा।

संभाग स्तर पर 340 महिलाएं अपनी कौशल का करेंगी प्रदर्शन 

इस आयोजन की एक और सबसे खूबसूरत तस्वीर मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी है। संभाग स्तर पर पहुँचने वाली 705 प्रतिभागियों में महिला और पुरुष कलाकारों की संख्या में गजब का संतुलन देखने को मिल रहा है, जिसमें 340 महिलाएं और 365 पुरुष शामिल हैं। यह भागीदारी बताती है कि बस्तर की संस्कृति को आगे ले जाने और उसे संरक्षित करने में यहाँ की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कुल मिलाकर बस्तर पण्डुम 2026 अपनी भव्यता और जन-भागीदारी के साथ एक अविस्मरणीय आयोजन की ओर अग्रसर है।

राजनीति मतभेद का विषय, मनभेद का नहीं – उपमुख्यमंत्री शर्मा

राजनीति मतभेद का विषय, मनभेद का नहीं – उपमुख्यमंत्री शर्मा

 रायपुर: आज मंत्रालय मे पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक संगठन, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े दुर्भावनापूर्ण मानसिकता से दर्ज प्रकरणों की वापसी के संबंध में गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े सहित सदस्य अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी श्री ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन श्री के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे।

द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों सहित गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के समय दर्ज राजज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा एवं अन्य गंभीर धाराओं से संबंधित प्रकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपसमिति द्वारा विभिन्न मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंत्रिमंडल उपसमिति ने पूर्व में प्रकरण वापसी के लिए अनुशंसित मामलों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह श्री मनोज पिंगवा को दिए।

द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

बैठक के पश्चात उपसमिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राजनीति में लोकतांत्रिक विरोध का सदैव सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं, गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन पर प्रकरण दर्ज किए गए थे। राजनीतिक कार्यकर्ताओ के साथ गैर राजनीतिक संगठन, सामाजिक संगठन और कर्मचारी संगठन द्वारा आयोजित आंदोलनों को भी इस प्रक्रिया के शामिल किया जा रहा है, जिनमें आंदोलनरत लोगों के विरुद्ध द्वेषपूर्ण रूप से मुकदमे भी दर्ज हुए थे, उन सभी को वापस लिया जाएगा।

द्वेषपूर्ण मामलों की समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा आवश्यक - उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा

उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार ने ऐसे द्वेषपूर्ण मामलों की गंभीरता से समीक्षा कर, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत यथासंभव निर्णय लेने का संकल्प लिया है, ताकि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके और अनावश्यक मुकदमों से जनता को राहत मिल सके।

BREAKING : पूर्व मंत्री कवासी लखमा हुए जेल से रिहा, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत

BREAKING : पूर्व मंत्री कवासी लखमा हुए जेल से रिहा, समर्थकों ने किया भव्य स्वागत

 रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज 4 फरवरी 2026 को रायपुर सेंट्रेल जेल से जमानत पर रिहा हो गए है। सेंट्रल जेल में बड़ी संख्या में कोंग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा एक साल से भी अधिक समय बाद जेल से बाहर आएंगे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। कोर्ट ने उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा। लखमा सिर्फ पेशी के लिए छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और पता व मोबाइल नंबर पुलिस थाने में दर्ज कराना होगा।