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जनभागीदारी से जल संचयन कर सुरक्षित होगा हमारा भविष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

जनभागीदारी से जल संचयन कर सुरक्षित होगा हमारा भविष्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर: “जल है तो कल है, और जल से ही कल संवरेगा। जल संरक्षण के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा, तभी हम अपने भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ‘सुजलाम भारत’ के अंतर्गत राजधानी रायपुर स्थित ओमाया गार्डन में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस अवसर पर उन्होंने जल कलश पर जल अर्पित कर जल संचयन का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अनेक अवसरों पर जल संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। जल संरक्षण के प्रति जनमानस में जागरूकता की कमी इस संकट को और गहरा कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में लोग अपने-अपने ढंग से जल संचयन के लिए प्रयास कर रहे हैं, और ऐसे मंचों के माध्यम से सभी अपने अनुभव साझा कर पाएंगे, जो अंततः नीति निर्माण में भी निर्णायक सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने राजनांदगांव प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि एक महिला सरपंच ने स्वप्रेरणा से सूख चुके हैंडपंपों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। उनके इस अभिनव प्रयास की सराहना केंद्र सरकार द्वारा भी की गई और इस पुनीत पहल को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे उदाहरण हमें प्रेरित करते हैं। हम सभी को मिलकर जल संरक्षण को एक जन आंदोलन का स्वरूप देना होगा, ताकि हमारा भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी से प्राप्त होने वाले सुझाव और इनपुट आगामी कार्ययोजनाओं के निर्माण में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने केलो नदी का जल अर्पित कर धरती को सिंचित करने का दिया संदेश

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप स्थापित कलश में केलो नदी का पवित्र जल अर्पित किया और जल संरक्षण एवं संचयन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “जल ही जीवन है” और हमारी पावन नदियाँ धरती को सींचकर जीवनदायिनी बनाती हैं। इन्हीं नदियों से हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की पहचान जुड़ी हुई है।

नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियान: कुकर कमांड आईईडी बरामद, मौके पर नष्ट,नक्सलियों के मंसूबे नाकाम

नारायणपुर में नक्सल विरोधी अभियान: कुकर कमांड आईईडी बरामद, मौके पर नष्ट,नक्सलियों के मंसूबे नाकाम

 नारायणपुर।  नक्सल मुक्त जिला नारायणपुर के उद्देश्य से नक्सल विरोधी अभियान अपने चरम पर है। इसी तारतम्य में आज दिनांक 09.10.2025 को थाना धनोरा क्षेत्रांतर्गत डी-माइनिंग/सर्चिंग अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान आईईडी होने की आशंका पर बीडीएस टीम द्वारा सावधानीपूर्वक सर्च किया गया, जिसमें ग्राम इकनार के जंगल पहाड़ी से 01 नग कुकर कमांड आईईडी (05 किग्रा) बरामद हुए।

तत्पश्चात बीडीएस टीम द्वारा सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मौके पर ही सुरक्षित तरीके से आईईडी नष्टीकरण की कार्यवाही की गई। यह बरामदगी नक्सलियों की सक्रियता की पुष्टि करती है, जो सुरक्षा बलों एवं आम नागरिकों को हानि पहुँचाने की मंशा से विस्फोटक लगाते हैं। पुलिस बल एवं सुरक्षा एजेंसियाँ निरंतर सघन सर्चिंग एवं डी-माइनिंग ऑपरेशन चलाकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं।

 
 
CG – भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों की गई जान, 2 की हालत गंभीर

CG – भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 3 लोगों की गई जान, 2 की हालत गंभीर

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से सड़क हादसे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल हाईवे 53 पर जामपाली के पास मवेशी को बचाने के प्रयास में स्विफ्ट डिजायर कार पलट गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कार में सवार सभी लोग एक ही परिवार के लोग बताए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक JH 10 CJ 1511) चंद्रपुर से धनबाद (झारखंड) जा रही थी। इसी दौरान नेशनल हाईवे 53 पर जामपाली के पास अचानक सड़क पर मवेशी आ जाने से ड्राइवर ने वाहन को बचाने की कोशिश की, लेकिन कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में शमा खान (32 वर्ष), जरीन खान (9 वर्ष) और आतीश खान (19 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अफरोज खान और सिबू खान गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए आए और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिथौरा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया। मृतक और घायल सभी झारखंड के धनबाद निवासी बताए जा रहे हैं, जो किसी काम से चंद्रपुर आए थे और मंगलवार को वापस लौट रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पिथौरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के साथ जांच में जुट गई।

BREAKING : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, सचिवालय सेवा के अधिकारियों को मिली पदोन्नति, देखें लिस्ट..!!

BREAKING : राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, सचिवालय सेवा के अधिकारियों को मिली पदोन्नति, देखें लिस्ट..!!

 रायपुर। राज्य सरकार ने सचिवालय सेवा के अधिकारियों का प्रमोशन किया है।

देखिये किन अधिकारियों को मिला प्रमोशन….

Crime : बहला फुसलाकर नाबालिग लड़की से किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

Crime : बहला फुसलाकर नाबालिग लड़की से किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

 रायपुर-अभनपुर। राजधानी रायपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म की घटना सामने आई है। इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये पूरा मामला अभनपुर थाना क्षेत्र का है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि, आरोपी ने नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया फिर उसके साथ दरिंदगी की है। फ़िलहाल पुलिस ने आरोपी प्रेम निषाद के विरुद्ध अपहरण और दुष्कर्म की धारा के साथ पास्को एक्ट की धारा के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

 
CG : माओवादियों में मंथन! बस्तर के जंगलों से उठी मुख्यधारा में लौटने की आवाज

CG : माओवादियों में मंथन! बस्तर के जंगलों से उठी मुख्यधारा में लौटने की आवाज

 जगदलपुर। माओवादी संगठन अब दोराहे पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। एक ओर संगठन के शीर्ष नेता हिंसा की राह छोड़कर सामाजिक और राजनीतिक आंदोलन के रास्ते पर चलने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर तेलंगाना कमेटी अब भी पुराने रुख पर अड़ी हुई है। पिछले एक महीने में माओवादियों की ओर से लगातार आठ प्रेस नोट जारी किए गए हैं, जिनमें केंद्रीय कमेटी के प्रवक्ता अभय उर्फ पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू ने साफ शब्दों में कहा है कि वे अब जनता से संवाद के जरिए आंदोलन आगे बढ़ाना चाहते हैं।

इन प्रेस नोट्स को उत्तर बस्तर, गढ़चिरोली और माड़ डिवीजन कमेटियों का समर्थन भी मिल चुका है, जो बस्तर की माओवादी रणनीति में बड़े परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है।

हालांकि, तेलंगाना स्टेट कमेटी ने इस दावे को खारिज करते हुए एक अलग बयान जारी किया है। इससे यह स्पष्ट है कि माओवादी संगठन के भीतर मतभेद और विचार विभाजन की स्थिति बनी हुई है।

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि पुलिस ने इन सभी पत्रों को जांच के दायरे में लिया है और उनकी सत्यता की पुष्टि की जा रही है। उन्होंने कहा  “माओवादी नेताओं के पास अब केवल एक ही विकल्प बचा है — हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना।”
सांसद बृजमोहन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने संसद की प्राक्कलन समिति Estimates Committee के सदस्य

सांसद बृजमोहन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने संसद की प्राक्कलन समिति Estimates Committee के सदस्य

 रायपुर/नई दिल्ली।  रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल को संसद की एक महत्वपूर्ण समिति Estimates Committee का सदस्य नियुक्त किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस समिति के गठन की घोषणा की है, जिसमें अग्रवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

प्राक्कलन समिति संसद की सबसे प्रभावशाली समितियों में से एक है। इसका गठन लोकसभा द्वारा किया जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों के व्यय, बजट उपयोग और कार्यप्रणाली की जांच करना होता है। समिति प्रशासन में पारदर्शिता, दक्षता और अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत करती है।

इस अवसर पर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा यह मेरे लिए सम्मान और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से ‘विकसित भारत’ की दिशा में अग्रसर है। मैं इस समिति के माध्यम से शासन की नीतियों और व्यय के बेहतर क्रियान्वयन हेतु सार्थक योगदान देने का प्रयास करूंगा।

 
 
 
Transfer: राज्य पुलिस सेवा के 19 अधिकारियों का तबादला, लिस्ट जारी

Transfer: राज्य पुलिस सेवा के 19 अधिकारियों का तबादला, लिस्ट जारी

भुवनेश्वर. ओडिशा गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा (OPS) के 19 अधिकारियों का तबादला कर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. जारी आदेश के अनुसार, कई जिलों और विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है.

इस सूची में कई वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं. सबसे अहम बदलाव बरहामपुर जिले में हुआ है, जहां आलोक कुमार जेना को नए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Addl. SP) के रूप में नियुक्त किया गया है. अब तक यह पद सीमा स्वाइन के पास था, जिन्हें अब तालचेर स्थित IGP कार्यालय में स्थानांतरित किया गया है.

देखे लिस्ट (Odisha Police Officers Transfer)

Odisha Police Officers Transfer

 

पटाखा दुकानों के लिए नई गाइडलाइन जारी, नियमों का पालन नहीं करने पर होगी सख्त कार्रवाई

पटाखा दुकानों के लिए नई गाइडलाइन जारी, नियमों का पालन नहीं करने पर होगी सख्त कार्रवाई

 रायपुर।  त्योहारों की शुरूआत हो चुकी है। वहीं कुछ दिनों बाद दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। त्योहारों को देखते हुए पटाखा दुकानों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है।

जारी गाइडलाइन के अनुसार, पटाखा दुकानें एक दूसरे से कम से कम तीन मीटर की दूरी पर होनी चाहिए। प्रत्येक पटाखा दुकान में 5 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना अनिवार्य है, जिसकी मारक क्षमता 6 फीट होनी चाहिए। इसके साथ ही कहा गया कि, जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं अधिनियम 2018 और छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

दुकानों के सामने अग्निशमन विभाग और एम्बुलेंस का फोन नंबर लगाना होगा। सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया तो होगी कार्रवाई दिवाली से पहले जिला प्रशासन ने सख्ती के निर्देश दिए हैं।

शराब घोटाला पर सुप्रीम कोर्ट ने ED और EOW को दिए सख्त निर्देश,कहा तीन महीने में जमा करे फाइनल रिपोर्ट

शराब घोटाला पर सुप्रीम कोर्ट ने ED और EOW को दिए सख्त निर्देश,कहा तीन महीने में जमा करे फाइनल रिपोर्ट

 रायपुर – छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बड़ा निर्देश दिया। कोर्ट ने जांच एजेंसियों ईडी और ईओडब्ल्यू को साफ कहा है कि वे तीन महीने के अंदर अपनी जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच लंबे समय से लंबित है और जनता को सच्चाई जानने का हक है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों को बिना देरी के निष्पक्ष और पारदर्शी जांच पूरी करने को कहा। बता दें कि छत्तीसगढ़ में कथित तौर पर सरकारी शराब दुकानों से जुड़े इस घोटाले में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री,पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे सहित अधिकारियों और व्यापारियों के नाम जांच के दायरे में हैं।

मृत महिला को जीवित बताकर कराई फर्जी रजिस्ट्री, कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा और BJP मंडल अध्यक्ष समेत 7 पर मामला दर्ज

मृत महिला को जीवित बताकर कराई फर्जी रजिस्ट्री, कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा और BJP मंडल अध्यक्ष समेत 7 पर मामला दर्ज

 रायपुर। राजधानी में फर्जी रजिस्ट्री कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मृत महिला को जीवित दिखाकर उसके नाम पर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराई गई। इस पूरे मामले में होटल कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा को मुख्य आरोपी बनाया गया है। वहीं भाजपा तेलीबांधा मंडल अध्यक्ष दलविंदर सिंह बेदी समेत सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।

आरोप है कि, इन सभी ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई प्लॉटों पर कब्जा जमाने की साजिश रची थी। बताया जा रहा है कि, इन रजिस्ट्रियों को कोर्ट पहले ही शून्य घोषित कर चुका है। बावजूद इसके आरोपी जमीनों पर कब्जा करने की कोशिश में लगे रहे।
इस पूरे प्रकरण की शिकायत रिटायर्ड शिक्षक देवनाथ देवांगन ने की थी, जिनकी शिकायत पर पुलिस ने अब मामला दर्ज किया है।

 वहीं इन आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल सिविल लाइंस पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आशंका जताई जा रही है कि, जांच के दौरान कई और नाम भी सामने आ सकते हैं। रायपुर में फर्जीवाड़े का यह मामला शहर की संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर रहा है।

कोल घोटाला मामले में EWO की जांच में बड़ा खुलासा, कांग्रेस भवन में होता था कोल लेवी से जुड़ा अवैध लेन देन!

कोल घोटाला मामले में EWO की जांच में बड़ा खुलासा, कांग्रेस भवन में होता था कोल लेवी से जुड़ा अवैध लेन देन!

  रायपुर। कोल लेवी घोटाले के पूरक चालान में ईओडब्ल्यू की जांच ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है। जब्त दस्तावेजों में “भवन” नाम से दर्ज एंट्री से कांग्रेस भवन रायपुर में अवैध लेनदेन की पुष्टि हुई है। पेश किए गए पूरक चालान में आरोपी देवेंद्र डड़सेना को कांग्रेaस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक बताया गया है।

वहीं जांच में खुलासा हुआ कि देवेंद्र डड़सेना अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त भारी नकदी का रियल रिसीवर और मीडिएटर था। वह इस अवैध धनराशि को स्वयं रिसीव कर रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर अन्य आरोपियों तक पहुंचाने का काम करता था। ईओडब्ल्यू ने देवेंद्र को पूरे घोटाले की एक अनिवार्य कड़ी माना है।

मामले में बताया गया कि, आरोपी नवनीत तिवारी के बारे में भी बड़ा खुलासा हुआ है। वह सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ के कोल व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करता था। इतना ही नहीं सूर्यकांत तिवारी की अवैध आय से खरीदी गई कई संपत्तियों का बेनामीदार भी नवनीत तिवारी ही है।

ईओडब्ल्यू द्वारा पेश किए गए 1500 पन्नों के दूसरे पूरक चालान में डिजिटल, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर इन सभी तथ्यों की पुष्टि की गई है। कोल स्कैम मामले में ईओडब्ल्यू की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे संभव हैं।

Crime : मार्केट में खून से सनी संदिग्ध लाश मिलने से मचा हड़कंप

Crime : मार्केट में खून से सनी संदिग्ध लाश मिलने से मचा हड़कंप

 दुर्ग : दुर्ग के इंदिरा मार्केट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सुबह करीब 6 बजे एक व्यक्ति की खून से सनी लाश सड़क किनारे पड़ी मिली। स्थानीय लोगों ने जब शव देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे प्रारंभिक रूप से यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।

फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। मृतक की पहचान राजीव नगर निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई है, जिसकी उम्र लगभग 38 वर्ष बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने संभावना जताई है कि नरेश ठाकुर की मौत किसी सड़क दुर्घटना में हुई होगी, हालांकि सिर पर गहरी चोटों और आसपास खून के निशानों के चलते हत्या की भी आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। इस बीच पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है ताकि घटना के समय की कोई स्पष्ट जानकारी मिल सके। वहीं, स्थानीय लोगों से भी पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि मृतक आखिरी बार किसके साथ या कहां देखा गया था।

 
 Breaking : टिकरापारा में हत्या; खून से लथपथ मिली नर्स की लाश

Breaking : टिकरापारा में हत्या; खून से लथपथ मिली नर्स की लाश

 रायपुर। राजधानी रायपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है, टिकरापारा में एक नर्स की हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया है। युवती की लाश खून से लथपथ घर के कमरे में मिली है। ये पूरा मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है।

पुलिस के मुताबिक, नर्स की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या की गई है। मृतका की पहचान प्रियंका दास (23) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस शव को पीएम के लिए भेज दिया है। मामले में पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।

CG Transfer News : शिक्षा विभाग में फेरबदल, कई शिक्षकों, व्याख्याता, प्रधान पाठक के हुए तबादले, देखें पूरी लिस्ट

CG Transfer News : शिक्षा विभाग में फेरबदल, कई शिक्षकों, व्याख्याता, प्रधान पाठक के हुए तबादले, देखें पूरी लिस्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में एक बार फिर बंपर तबादले हुए हैं। बड़ी संखया में शिक्षकों, व्याख्याता, प्रधान पाठक के तबादले हुए हैं।

देखिये पूरी लिस्ट

 

 
CG : छत्तीसगढ़ में भूमि रजिस्ट्री अब सिर्फ कुछ क्लिक में — CM विष्णुदेव साय की बड़ी पहल

CG : छत्तीसगढ़ में भूमि रजिस्ट्री अब सिर्फ कुछ क्लिक में — CM विष्णुदेव साय की बड़ी पहल

  रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया में ऐतिहासिक बदलाव करते हुए इसे पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सरल बना दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य अब ई-गवर्नेंस की दिशा में देश का मॉडल बन रहा है। अब नागरिक केवल सुगम मोबाइल एप या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कुछ क्लिक में अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी कर सकते हैं।

 डिजिटल रजिस्ट्री की खास बातें:

  • आधार और पैन कार्ड से स्वतः पहचान सत्यापन

  • ऑनलाइन दस्तावेज़ अपलोड और शुल्क भुगतान

  • My Deed मॉड्यूल से तुरंत डिजिटल डीड

  • स्टांप वेंडर लोकेशन ऑनलाइन

  • जियो रिफ्रेशिंग से विवाद रहित भूमि रजिस्ट्री

मुख्यमंत्री साय ने कहा, “नागरिकों को सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा देना सरकार की जिम्मेदारी है। भूमि रजिस्ट्री का डिजिटलाइजेशन उसी दिशा में बड़ा कदम है।”a

जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

जनजातीय नायकों की विरासत को सहेजना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाइन के कन्वेंशन हॉल में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यशाला में शामिल हुए और इसका शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गत वर्ष भी इसी सभागार में जनजातीय गौरव दिवस की कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश में उत्साहपूर्वक मनाया गया। जशपुर में आयोजित 10 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया शामिल हुए थे, जिसमें जनजातीय समाज की पारंपरिक वेशभूषा, व्यंजन, आभूषण और संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा था कि ऐसे आयोजन देशभर में प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लेकर जनजातीय नायकों की गौरवशाली विरासत को सम्मानित किया है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन कर जनजातीय समाज के सम्मान और उत्थान की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया था।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यशाला में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश में 2,500 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और 32,000 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के 14 जनजातीय विद्रोहों और अमर शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम का निर्माण किया गया है, जो आदिवासी इतिहास और गौरव की धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में हमारी सरकार की एक बड़ी पहल है। मुख्यमंत्री ने शिक्षाविदों और प्रबुद्धजनों से आग्रह किया कि जनजातीय गौरव और इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में शामिल किया जाए, ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों की समृद्ध विरासत से प्रेरणा ले सके।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला हमारे जनजातीय समाज की समृद्ध परंपराओं और इतिहास को रेखांकित करने के साथ-साथ आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए मील का पत्थर साबित होगी। इसका उद्देश्य जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस रणनीति बनाना तथा उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और रोजगार से जोड़ना है।

आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि इस कार्यशाला की रूपरेखा आप सभी प्रबुद्धजनों द्वारा तैयार की जाएगी और राज्य सरकार उसी दिशा में ठोस कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जनजातीय गौरव दिवस का सफल आयोजन हुआ था, इस वर्ष इसे और अधिक प्रभावी और भव्य रूप से मनाने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यशाला में हुए शामिल

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले वर्ष आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में 70,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था। इस आयोजन से यह संदेश पूरे देश में गया कि छत्तीसगढ़ ने जनजातीय समाज के उत्थान को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। हमारे महान जनजातीय नायकों की बदौलत हमें यह समृद्ध विरासत प्राप्त हुई है, जिसे सहेजकर रखना हम सबकी जिम्मेदारी है।

अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के महामंत्री श्री योगेश बापट ने कहा कि जनजातीय समाज आत्मनिर्भर समाज है और उसके गौरव को पुनः स्थापित करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जनजातीय समाज के उत्थान के लिए विशेष रूप से समर्पित हैं। उन्होंने आग्रह किया कि इस कार्यशाला के माध्यम से ऐसी ठोस योजनाएं तैयार की जाएं जो जनजातीय समाज के गौरव और आत्मसम्मान को और ऊंचा उठाने में सहायक बनें।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त आदिम जाति विकास विभाग डॉ. सारांश मित्तर, संचालक रोजगार एवं प्रशिक्षण श्री विजय दयाराम के., विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, अग्रणी महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली हमारी सांस्कृतिक पहचान और जनसेवा की धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली हमारी सांस्कृतिक पहचान और जनसेवा की धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

 रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन में शामिल हुए।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सभी पंजीकृत वैद्यों को प्रशिक्षण देकर उन्हें पंजीयन प्रमाण पत्र प्रदान करेगी, ताकि दस्तावेज़ों के अभाव में उन्हें किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री का स्वागत प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए वैद्यों ने पारंपरिक जड़ी-बूटी की माला पहनाकर किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर औषधीय पौधों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी का उल्लेख करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में रहकर भी मांझी जी गंभीर बीमारी का उपचार अपने पारंपरिक ज्ञान से करते हैं। अमेरिका से भी लोग उनके पास उपचार के लिए आते हैं — यह हम सबके लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि वैद्य परंपरा हमारे देश की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा पद्धति है। भारत में लगभग 60 से 70 हजार वैद्य हैं, जिनमें से लगभग 1500 वैद्य छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं।

मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय परंपरागत वैद्य सम्मेलन में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी मान्यता दी है। छत्तीसगढ़ पूरे देश में एक हर्बल स्टेट के रूप में पहचान बना चुका है। अकेले छत्तीसगढ़ में ही डेढ़ हजार से अधिक औषधीय पौधे पाए जाते हैं। दुर्ग जिले के पाटन स्थित जामगांव में औषधीय पौधों से अर्क निकालने के लिए एक कारखाना स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में कार्यों को गति देने के लिए पृथक आयुष मंत्रालय का गठन किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च गुणवत्ता वाली जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। राज्य सरकार क्लस्टर आधारित मॉडल विकसित कर रही है, ताकि स्थानीयता के आधार पर उपलब्ध जड़ी-बूटियों का अधिकतम उपयोग किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्थानीय वैद्यों को रोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके साथ ही औषधीय पौधों और वृक्षों के संरक्षण की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि वैद्यों का समाज में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी की तुलना रामायण काल के सुषेन वैद्य से करते हुए कहा कि जिस प्रकार सुषेन वैद्य ने लक्ष्मण जी का दुर्लभ उपचार किया था, उसी प्रकार छत्तीसगढ़ में श्री मांझी दुर्लभ से दुर्लभ रोगों का सफल उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परंपरागत वैद्यों का योगदान न केवल मानव स्वास्थ्य बल्कि पशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अमूल्य है।

छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने बताया कि इस सम्मेलन में 1300 से अधिक वैद्यों का पंजीयन हुआ है। उन्होंने कहा कि बोर्ड “नवरत्न योजना” के तहत प्रदेशभर में हर्रा, बहेड़ा, आंवला, मुनगा जैसे नौ प्रकार के औषधीय गुणों वाले पौधे लगाने की पहल करेगा।

पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी ने एक वैद्य के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वैद्यों के पास किसी भी रोग को जड़ से समाप्त करने की कला होती है। उन्होंने कहा कि सही जानकारी और औषधियों के संयोजन से वैद्य कई प्रकार के कैंसर का भी उपचार कर सकते हैं।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने कहा कि राज्य के उन आंतरिक क्षेत्रों में, जहां आधुनिक चिकित्सा सेवाएं नहीं पहुंच पातीं, वहां परंपरागत वैद्य अपने पूर्वजों के ज्ञान के माध्यम से लोगों की सेवा करते हैं। इन वैद्यों को सशक्त बनाना और संरक्षण देना हम सभी की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में सम्मेलन में प्रदेशभर से आए वैद्यों ने अपने कर्तव्य के प्रति सत्यनिष्ठा और गोपनीयता की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 25 वैद्यों को कच्ची औषधीय पिसाई मशीनें प्रदान की गईं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित डॉ. देवयानी शर्मा की पुस्तक का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में दुर्ग वन वृत्त के परंपरागत वैद्यों द्वारा संरक्षित पारंपरिक उपचार पद्धतियों और औषधीय पौधों का संकलन किया गया है।

सम्मेलन को छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के सीईओ श्री जे. ए. सी. एस. राव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति श्री प्रदीप कुमार पात्रा, प्रदेशभर से आए वैद्य गण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर बदल रहा है — अब यहां विकास और विश्वास की बयार बह रही है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

बस्तर बदल रहा है — अब यहां विकास और विश्वास की बयार बह रही है : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर बदल रहा है — अब यहां बंदूक और बारूद का धुआं नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की बयार बह रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसे मानवीय अभियानों ने उन लोगों के दिलों में आशा का दीप जलाया है, जो कभी भटककर लाल आतंक के रास्ते पर चले गए थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज नारायणपुर जिले में 16 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में लौटने का साहसिक निर्णय लिया है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों पर कुल ₹48 लाख का इनाम घोषित था। उन्होंने अब शांति, शिक्षा और सम्मानपूर्ण जीवन की नई राह चुनी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों पर जन-जन का विश्वास बढ़ा है और सुरक्षा बलों की दृढ़ता ने विकास और विश्वास का माहौल स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पिछले 20 महीनों में कुल 1,837 माओवादी हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं। यह परिवर्तन इस बात का साक्षी है कि “डबल इंजन सरकार” की नीतियां न केवल शांति ला रही हैं, बल्कि बस्तर को एक नए युग की ओर अग्रसर कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को समाप्त करना नहीं, बल्कि बस्तर के हर गांव तक विकास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की रोशनी पहुँचाना है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण तबादले और नियुक्तियां, रजनीश श्रीवास्तव बनाये गए रजिस्ट्रार जनरल, इन्हें भी मिली नई जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण तबादले और नियुक्तियां, रजनीश श्रीवास्तव बनाये गए रजिस्ट्रार जनरल, इन्हें भी मिली नई जिम्मेदारी

 बिलासपुर- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में उच्च न्यायिक सेवा से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों का आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य और वर्तमान में विधि एवं विधायी कार्य विभाग के प्रमुख सचिव रजनीश श्रीवास्तव को कार्यभार ग्रहण की तिथि से उच्च न्यायालय स्थापना में महापंजीयक के पद पर स्थानांतरित किया गया है।

इसके आलावा वर्तमान में उच्च न्यायालय स्थापना में महापंजीयक पद पर कार्यरत मनीष कुमार ठाकुर को अब महापंजीयक (सतर्कता) के पद पर नियुक्त किया गया है। ठाकुर को न्यायिक सतर्कता मामलों में अनुभव प्राप्त है और उम्मीद की जा रही है कि उनके नेतृत्व में न्यायालय के आंतरिक अनुशासन तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। वहीं उच्च न्यायिक सेवा के सदस्य मंसूर अहमद जो फिलहाल रजिस्ट्रार (सतर्कता एवं सूचना एवं अधिकार) के पद पर कार्यरत थे, उन्हें अब रजिस्ट्रार (सूचना एवं अधिकार) के पद पर नियुक्त किया गया है

 

CG – हथियार छोड़ना चाहते हैं नक्सली : प्रेसनोट जारी कर किया ऐलान, सरकार से मांगी इतने दिन की मोहलत…..

CG – हथियार छोड़ना चाहते हैं नक्सली : प्रेसनोट जारी कर किया ऐलान, सरकार से मांगी इतने दिन की मोहलत…..

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है, सुरक्षाबलों की ओर से जारी ऑपरेशन से नक्सली अब बैकफुट में है। पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति के शस्त्र संघर्ष को विराम देने के आह्वान पर माड़ डिविजनल कमेटी ने भी समर्थन पत्र जारी किया है।

केंद्र और राज्य सरकार से मांगा 15 दिन का वक्त

बता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का ऑपरेशन लगातार जारी है, जिसको देखते हुए अब नक्सली बैकफुट में है। इसी कड़ी में पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति के अपने पद से इस्तीफा और शस्त्र संघर्ष को विराम देने के आह्वान के बाद माड़ डिविजनल कमेटी ने समर्थन पत्र जारी किया है और केंद्र के साथ राज्य सरकार से 15 दिन का वक्त मांगा है।

माड़ डिविजनल कमेटी की सचिव रानीता ने पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति के समर्थन में प्रेस नोट जारी करते हुए केंद्र के साथ राज्य सरकार से 15 दिन का वक्त मांगा है। साथ ही लिखा कि ‘इस दौरान नक्सली कोई भी गैर गतिविधि काम नहीं करेंगे और न ही हथियार का इस्तेमाल करेंगे। 15 दिन के अंदर माड़ डिविजन में सक्रिय विभिन्न नक्सलियों से बातचीत कर जल्द ही इस बात का निर्णायक फैसला लेंगे कि हथियार छोड़कर उन्हें किस तरह से मुख्य धारा में लौटना है।’

बता दें कि 4 दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने अपील की थी कि नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौट आए। यहीं उनके लिए आखिरी विकल्प है। साथ ही अमित शाह ने छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बस्तर का लक्ष्य दिया है। जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है।

अमित शाह के अपील के बाद पोलित ब्यूरो सदस्य भूपति ने अपने पद से इस्तीफा दोकर शस्त्र संघर्ष को विराम देने का आह्वान किया। जिसके बाद माड़ डिविजनल कमेटी ने समर्थन पत्र जारी किया है और केंद्र के साथ राज्य सरकार से 15 दिन का वक्त मांगा है। वहीं नक्सलियों की बैठकों का दौर जारी है।

डबल इंजन सरकार में विकास की पटरी पर दौड़ रहा छत्तीसगढ़, मिली 24,634 करोड़ की चार रेल परियोजनाओं की सौगात

डबल इंजन सरकार में विकास की पटरी पर दौड़ रहा छत्तीसगढ़, मिली 24,634 करोड़ की चार रेल परियोजनाओं की सौगात

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार की ओर से बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने रेल मंत्रालय की ₹24,634 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें से एक है गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना। इस परियोजना के लिए ₹2,223 करोड़ की लागत आएगी और यह 84 किमी लंबी होगी। जो प्रदेश के पश्चिमी अंचल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना के लाभ

इस परियोजना से यात्री और मालगाड़ियों की क्षमता बढ़ेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा। इससे कोयला, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए परिवहन और भी सुगम होगा। इससे हर वर्ष 30 मिलियन टन से अधिक अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति और मजबूती मिलेगी। इससे डीज़ल और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। यह परियोजना हर वर्ष लगभग 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी>

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि, यह हमारे लिए अत्यंत हर्ष का विषय है की छत्तीसगढ़ में गोंदिया-डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति दे दी गई है, यह प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय है।

उन्होंने कहा कि, ₹2,223 करोड़ की लागत से पूरी होने वाली 84 किमी लंबी इस परियोजना से न केवल यात्री एवं मालगाड़ियों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि कोयला, ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए परिवहन और भी सुगम होगा। इससे हर वर्ष 30 मिलियन टन से अधिक अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति और मजबूती मिलेगी।

डीज़ल व लॉजिस्टिक लागत में कमी और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह परियोजना अत्यंत लाभकारी है। यह परियोजना हर वर्ष लगभग 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी। छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने और ‘विज़न विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी का हार्दिक आभार।

 
बिहार की चुनावी रणनीति पर उतरेंगे छत्तीसगढ़ के नेता, सीएम साय समेत दोनों डिप्टी सीएम करेंगे प्रचार

बिहार की चुनावी रणनीति पर उतरेंगे छत्तीसगढ़ के नेता, सीएम साय समेत दोनों डिप्टी सीएम करेंगे प्रचार

 रायपुर। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान हो गया है। इस बार दो चरणों में चुनाव होंगे। पहली वोटिंग 6 नवंबर को और दूसरे फेज की वोटिंग 11 नवंबर को होगी। इसके साथ ही 14 नवंबर को वोटों की गिनती की जाएगी। इस चुनाव को लेकर छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है।

दरअसल, भाजपा भी बिहार चुनाव में छत्तीसगढ़ के बीजेपी नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी में जुट गई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टी के नेताओं की बिहार में ड्यूटी लगने वाली है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को स्टार प्रचारक बनाया जा सकता है। इसके साथ ही दोनों डिप्टी सीएम अरुण साव और विजय शर्मा भी बिहार जा सकते हैं। जो चुनाव के लिए प्रचार करेंगे।

इसके अलावा, ओबीसी वर्ग को साधने के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा आधा दर्जन से ज्यादा मंत्री, विधायक, सांसद और मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी बिहार में मोर्चा संभालने वाले हैं।

बता दें कि, कांग्रेस के महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बिहार चुनाव में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है और सीनियर ऑब्ज़र्वर बनाया गया है. इसके अलावा पीसीसी चीफ दीपक बैज भी बिहार में प्रचार करेंगे।

Breaking : रायपुर के IIT छात्र ने AI से बनाए 36 छात्रों के अश्लील वीडियो, संस्थान ने किया निलंबित

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 रायपुर। राजधानी रायपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है , जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे, दरअसल, नवा रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT Raipur) के एक छात्र पर आरोप है कि उसने संस्थान में पढ़ने वाली कई छात्राओं की AI से फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बनाया है। शिकायत के बाद संस्थान प्रबंधन ने तत्काल आरोपी छात्र को निलंबित कर दिया है।

मोबाइल, लैपटॉप व पेन ड्राइव जब्त 

जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) विभाग में तृतीय वर्ष में पढ़ने वाले छात्र के खिलाफ सहपाठी छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद संस्थान प्रशासन ने छात्र के कमरे की तलाशी ली और उसके मोबाइल, लैपटॉप व पेन ड्राइव को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गया और तत्काल आरोपी निलंबित कर दिया गया।

 
CG : एएसआई की संदिग्ध मौत, कमरे के अंदर बिस्तर पर पड़ी मिली लाश, जांच में जुटी पुलिस

CG : एएसआई की संदिग्ध मौत, कमरे के अंदर बिस्तर पर पड़ी मिली लाश, जांच में जुटी पुलिस

 कबीरधाम। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में पदस्थ एएसआई शेषनाथ चौबे की मौत हो गई। जवान का शव उनके कमरे के अंदर बिस्तर पर मिला। आरक्षक की मौत कैसे हुई यह जांच का विषय है। पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। साथ मामले की जांच में पुलिस द्वारा की जा रही है।

थाना चिल्फी में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक शेषनाथ चौबे वर्ष 1992 में जिला राजनांदगांव में आरक्षक के पद पर भर्ती होकर विभाग में विभिन्न स्थानों पर अपनी सेवाएं दे चुके थे। वर्तमान में थाना चिल्फी में 28.04.2025 से पदस्थ थे।

मंगलवार 7 अक्टूबर VIP आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था उनकी ड्यूटी लगाईं गई थी। निर्धारित समय पर ड्यूटी पर जाने हेतु आरक्षक द्वारा उनके कमरे में जाकर आवाज दी गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इस पर आरक्षक द्वारा दरवाजा खटखटाने और आवाज देने के बावजूद कोई उत्तर नहीं मिलने पर अंदर जाकर देखा गया। जहां सहायक उप निरीक्षक शेषनाथ चौबे बिस्तर पर लेटे हुए पाए गए।