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नक्सलियों के मनसूबे पर फिरा पानी, सुरक्षा बलों ने 5 किलो प्रेशर IED बम किया बरामद

नक्सलियों के मनसूबे पर फिरा पानी, सुरक्षा बलों ने 5 किलो प्रेशर IED बम किया बरामद

दंतेवाड़ा।  दंतेवाड़ा में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए नक्सलियों द्वारा लगाए गए 5 किलो के प्रेशर IED कुकर बम को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है। यह बम मालेवाही थाना अंतर्गत सातधार-मालेवाही मार्ग पर सड़क के किनारे जमीन में दबाकर रखा गया था।

सीआरपीएफ की 195वीं बटालियन, मालेवाही थाना और बारसूर पुलिस की संयुक्त टीम ने सतर्कता से सर्च ऑपरेशन चलाकर बम को सुरक्षित निकाला और उसे मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया गया। सुरक्षाबलों की तत्परता से एक संभावित बड़ी जनहानि टल गई।

 इस सफल कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है और नक्सलियों की मंशा नाकाम हुई है। यह कार्रवाई पिछले महीनों में लगातार खुफिया जानकारी और ऑपरेशन्स का नतीजा थी। बीते माह भी इसी इलाके में सर्चिंग के दौरान IED विस्फोट में CRPF के दो जवान घायल हुए थे।

कर्मचारियों के लिए हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: प्रमोशन से पहले होगी इन सब चीजों की पड़ताल

कर्मचारियों के लिए हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: प्रमोशन से पहले होगी इन सब चीजों की पड़ताल

 बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की डिवीजन बेंच ने कहा कि राज्य के हितों की रक्षा के लिए सशर्त पदोन्नति दी जा सकती है। मसलन गंभीर वित्तीय आपत्तियों से संबंधित लंबित जांच।के दौरान सशर्त पदोन्नति राज्य के हितों की रक्षा के लिए वैध है।

याचिकाकर्ता अनिल सिन्हा विधि एवं विधायी कार्य विभाग में अवर सचिव के पद पर कार्यरत है। वह अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी OBC से आते हैं। उप-सचिव के पद पर पदोन्नति के मामले में वर्ष 2012 में विभागीय पदोन्नति समिति DPC द्वारा विचार किया गया। DPC ने पांच वर्ष की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट ACR का मूल्यांकन किया।

याचिका के अनुसार वर्ष 2007-2012 के लिए उनकी ACR ग्रेडिंग ‘बहुत अच्छी’ है, सिवाय इसके 2011 की ACR समिति के समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि ग्रेडिंग शेड्यूल के अनुसार, उसे 13 अंक दिए जाने चाहिए थे, लेकिन DPC ने उसे केवल 11 अंक दिए और उसे पदोन्नति के लिए अयोग्य ठहरा दिया गया। याचिकाकर्ता ने कहा उसने DPC के समक्ष अभ्यावेदन पेश कर समीक्षा की मांग की थी। जिस पर कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने याचिका दायर की।

मामले की सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने 90 दिनों के भीतर

याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर निर्णय लेने का निर्देश राज्य शासन को दिया। कोर्ट के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समीक्षा DPC बुलाई गई। समिति ने वार्षिक गोपनीय रिपोर्टों का पुनर्मूल्यांकन करने के बाद याचिकाकर्ता को 13 अंक दिए। समिति ने उप सचिव के पद पर पदोन्नति की सिफारिश की। समिति की सिफारिश के आधार पर विधि विधायी मंत्री ने 12 मई.2021 को मंजूरी दी। पदोन्नति आदेश जारी करने की मंजूरी 13 मई2021 को दी गई।

सशर्त जारी हुआ पदोन्नति आदेश

राज्य शासन ने सशर्त पदोन्नति आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि वर्तमान पदोन्नति पिछली पदोन्नति के संबंध में आपत्ति पर अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। यदि आपत्ति का निर्णय उसके विरुद्ध होता है तो यह पदोन्नति स्वतः ही रद्द हो जाएगी।

वार्षिक वेतन वृद्धि देने का निर्णय महालेखाकार कार्यालय द्वारा उसे किए गए कथित 10, लाख 84 हजार 868 रुपये के अधिक भुगतान के मुद्दे पर निर्णय लेने के बाद ही लिया जाएगा।

इसलिये हाई कोर्ट में दायर की याचिका

याचिकाकर्ता ने इनगंभीर वित्तीय आपत्तियों से संबंधित लंबित जांच।के दौरान सशर्त पदोन्नति राज्य के हितों की रक्षा के लिए वैध है। शर्तों को विलोपित करने के लिए अभ्यावेदन प्रस्तुत किया, जिसे राज्य ने अस्वीकार कर दिया। राज्य सरकार के इसी फैसले को चुनोती देते हुए हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने याचिका खारिज कर दी। सिंगल बेंच के फैसले को चुनोती देते हुए डिवीजन बेंच में याचिका दायर की। याचिका के अनुसार सशर्त पदोन्नति आआदेश में शर्तों को लागू करना राज्य सरकार का मनमाना निर्णय है।

समीक्षा DPC ने उचित मूल्यांकन के बाद बिना शर्त पदोन्नति की सिफारिश की है। इस सिफारिश को विधि विधायी मंत्री ने विधिवत अनुमोदित किया है। याचिकाकर्ता के अनुसार विभाग को DPC के विचार-विमर्श के समय लंबित कार्यवाही और महालेखाकार कार्यालय द्वारा उठाई गई आपत्तियों की जानकारी थी। इसके बाद भी DPC ने पदोन्नति की अनुशंसा की है। लिहाजा बाद में शर्तें जोड़ना अनुचित व अव्यवहारिक है।

राज्य शासन की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारियों ने कहा, समीक्षा DPC की बैठक के दौरान, महालेखाकार कार्यालय द्वारा आपत्तियां उठाई गईं। आपत्तियां यह थीं कि याचिकाकर्ता को गलत तरीके से अवर सचिव के पद पर पदोन्नत किया गया और 10,84,868 रुपये की वसूली का आदेश दिया गया। वित्तीय अनियमितताओं सहित गंभीर आरोपों के मद्देनजर, अधिकारियों ने पदोन्नति आदेश में शर्तें जोड़ने का निर्णय लिया।

डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में ये कहा

अदालत ने पाया कि महालेखाकार कार्यालय द्वारा गंभीर वित्तीय आपत्तियां उठाई गईं। ये आपत्तियां याचिकाकर्ता की पूर्व में गलत पदोन्नति और 10,84,868 रुपये के लंबित वसूली आदेश से संबंधित थीं। डिवीजन बेंच ने कहा, शुरुआत में आपत्तियों को जिला नियोजन समिति या विभाग के समक्ष नहीं लाया गया। डिवीजन बेंच ने यह माना, जब समिति को इस तथ्य की जानकारी हुई कि महालेखाकार द्वारा गंभीर आपत्तियां उठाई गईं तो राज्य के हितों की रक्षा और भविष्य में किसी भी प्रकार की जटिलता से बचने के लिए शर्तें विधिसम्मत रूप से जोड़ी गईं।

याचिकाकर्ता के दावों को कोर्ट ने किया खारिज

अदालत ने यह भी माना कि इस तर्क में कोई दम नहीं है कि सचिव विधि विधायी विभाग के पास शर्तें जोड़ने का अधिकार नहीं था। यह भी कहा गया कि आरोपों की गंभीरता और प्रशासनिक औचित्य के हित में सर्वोच्च स्तर पर यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा, सिंगल जज का निर्णय अदालत ने बरकरार रखा और कहा कि अपीलकर्ता, पदोन्नति आदेश को स्वीकार कर चुका है और लाभ प्राप्त करने के बाद उसकी शर्तों को चुनौती नहीं दे सकता। इस टिप्पणी के साथ डिवीजन बेंच ने याचिका खारिज कर दी है

नीला कवासी ने बंदूक छोड़ अपनाया शांति और विकास का रास्ता : नीला कवासी को मिला पक्का मकान…

नीला कवासी ने बंदूक छोड़ अपनाया शांति और विकास का रास्ता : नीला कवासी को मिला पक्का मकान…

 रायपुर: कभी जंगलों में बंदूक थामे रहने वाली जैमेर निवासी श्रीमती नीला कवासी आज विकास और शांति की मिसाल बन चुकी हैं। गरीबी और मजबूरी ने उन्हें नक्सल रास्ते पर धकेल दिया था, लेकिन दिल के किसी कोने में वह हमेशा एक शांतिपूर्ण जीवन का सपना देखती थीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में नक्सलियों को नक्सल पुनर्वास योजना 2025 के तहत मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया गया, तब नीला ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने आत्मसमर्पण कर न केवल हिंसा का रास्ता छोड़ा बल्कि अपने परिवार के लिए नई शुरुआत करने का संकल्प लिया।

आत्मसमर्पण के बाद शासन-प्रशासन ने नीला को विभिन्न पुनर्वास योजनाओं से जोड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत उन्हें एक पक्का घर और शौचालय की सुविधा मिली। यह घर उनके लिए सिर्फ रहने की जगह नहीं बल्कि जीवन के संघर्ष पर विजय का प्रतीक बन गया। तकनीकी व रोजगार सहायक ने घर निर्माण की निगरानी और बैंकिंग प्रक्रियाओं में उनका पूरा सहयोग किया। आज नीला अपने परिवार के साथ सुखमय जीवन जी रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।भावुक नीला कहती हैं कि पहले हमारे कच्चे घर में बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार तो सोने की जगह नहीं बचती थी। अब प्रधानमंत्री आवास योजना की बदौलत हमें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। मैं अपने परिवार के साथ चौन की नींद सो पाती हूँ।

लोग उन्हें मिसाल के रूप में देखते हैं कि कठिन परिस्थितियों से निकलकर भी जीवन को नई दिशा दी जा सकती है। नीला कवासी प्रधानमंत्री और राज्य सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहती हैं माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री जी का तहे दिल से अभारी हूँ। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने हमारे जीवन में उजाला भर दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना से मुझे नया जीवन मिला है, यह उपकार मैं कभी नहीं भूल पाऊँगी। जिला प्रशासन नक्सल पुनर्वास नीति के अंतर्गत ऐसे सभी व्यक्तियों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रहा है। सभी शासकीय योजनाओं का लाभ उन्हें दिया जा रहा है।

Breaking : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय में नए कुलसचिव की नियुक्ति

Breaking : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय में नए कुलसचिव की नियुक्ति

 रायपुर। राज्य शासन द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्वविद्यालय में नए कुलसचिव की नियुक्ति के लिए पदस्थापना आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार सरगुजा संभाग में संयुक्त संचालक कृषि यशवंत केराम को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय पाटन दुर्ग का कुलसचिव बनाया गया है।

कपिल देव दीपक होंगे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलसचिव 

 
छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर होगा नौसेना के नए पोतों का नामकरण, सीएम साय से मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री ने जताई सहमति

छत्तीसगढ़ की नदियों के नाम पर होगा नौसेना के नए पोतों का नामकरण, सीएम साय से मुलाकात के दौरान रक्षामंत्री ने जताई सहमति

 नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाक़ात की। बैठक में बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार, रक्षा क्षेत्र के विकास, पूरे प्रदेश में सेना भर्ती रैलियों के आयोजन एवं नौसैनिक पोतों के नामकरण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को अवगत कराया कि बिलासपुर में रक्षा मंत्रालय की भूमि है। इस भूमि को उन्होंने बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यहां रक्षा क्षेत्र से संबंधित विकासात्मक कार्य भी आरंभ करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ में सेना में भर्ती होने के प्रति युवाओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में अनुशासन, शारीरिक क्षमता और देशभक्ति की भावना है। इस आधार पर उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में विशेष “सेना भर्ती रैलियों” का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में देश सेवा का अवसर मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नदियाँ — इंद्रावती, महानदी — केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की आत्मा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि रक्षा मंत्रालय जब भी नए नौसैनिक पोतों या जहाजों को लॉन्च करे, तो उनमें से कुछ का नाम छत्तीसगढ़ की नदियों और क्षेत्रों के नाम पर रखा जाए, जैसे INS इंद्रावती, INS महानदी या INS बस्तर। यह न केवल प्रतीकात्मक रूप से सुंदर होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरव प्रदान करेगा।

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर राज्य सरकार की नई औद्योगिक नीति के तहत रक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को प्रोत्साहन देने की योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न के अनुरूप है और इससे छत्तीसगढ़ में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान और निजी निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

 

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री साय ने की सौजन्य भेंट

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री साय ने की सौजन्य भेंट

 नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर 5 नवम्बर को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन जी ने स्नेहपूर्वक छत्तीसगढ़ आगमन की सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सम्मान और अपार हर्ष का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति अपनी गरिमामयी उपस्थिति से राज्योत्सव के समापन समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह उपस्थित थे।

 
BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित, सभी जिलों को निर्देश जारी

BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खांसी की सिरप देना पूर्णतः प्रतिबंधित, सभी जिलों को निर्देश जारी

 रायपुर। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। साथ ही, यह दवाएं सामान्यतः पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने और उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एडवाइजरी जारी होते ही छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) तथा सिविल सर्जनों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि भारत सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।

साथ ही आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा इस संबंध में एक उच्चस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सभी जिलास्तरीय विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि खांसी या सर्दी की दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर आधारित होना चाहिए, तथा इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश मामलों में बच्चों में खांसी-जुकाम जैसी सामान्य बीमारियाँ अपने आप ठीक हो जाती हैं और इसके लिए दवा देना आवश्यक नहीं होता। इसलिए आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चों को दवाएं न देने के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कड़ी निगरानी में है औषधि आपूर्ति प्रणाली

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई की गई है, उनकी राज्य में किसी भी प्रकार की सरकारी आपूर्ति नहीं रही है। ये कंपनियाँ सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत भी नहीं हैं।
यह तथ्य राज्य में सरकारी स्तर पर आपूर्ति शृंखला की पारदर्शिता और सतर्कता की पुष्टि करता है।

निर्माण इकाइयों और निजी औषधालयों का निरीक्षण तेज

भारत सरकार के स्वास्थ्य सचिव द्वारा 5 अक्टूबर को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात, छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी निगरानी और कार्रवाई को तेज कर दिया है। राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण (Risk-Based Inspection) करने हेतु औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।

प्रदेश के सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है कि वे सभी औषधि विक्रय संस्थानों का तत्काल निरीक्षण करें, ताकि एडवाइजरी के उल्लंघन की कोई संभावना न रहे। इसके साथ ही निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इन कार्यवाहियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों के संदर्भ में किसी भी प्रकार की दवाओं का अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग पूर्णतः बंद हो। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा अभिभावकों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना चिकित्सकीय परामर्श के अपने बच्चों को कोई भी दवा न दें।

 
 
शराब घोटाला मामला : पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की 13 दिन की EOW रिमांड खत्म, कोर्ट में किया गया पेश

शराब घोटाला मामला : पूर्व सीएम के बेटे चैतन्य बघेल की 13 दिन की EOW रिमांड खत्म, कोर्ट में किया गया पेश

 रायपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल को आज एसीबी-ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में पेश किया गया है. साथ ही कस्टम मिलिंग घोटाला मामले के आरोपी दीपेन चावड़ा को भी पेश किया गया. बता दें कि ईओडब्ल्यू ने चैतन्य बघेल को 13 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की है.

ED ने चैतन्य बघेल को जन्मदिन के दिन किया था गिरफ्तार

ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन पर 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपए की अवैध कमाई (पीओसी) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंचाई गई।

चैतन्य को शराब घोटाले से 16.70 करोड़ रुपये नगद मिले

ईडी की जांच में पता चला है कि चैतन्य बघेल को शराब घोटाले के 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। उन्होंने इस पैसे का इस्तेमाल अपनी रियल एस्टेट फर्मों में किया है। इस पैसे का उपयोग उनके प्रोजेक्ट के ठेकेदार को नकद भुगतान, नकदी के खिलाफ बैंक प्रविष्टियों आदि के माध्यम से किया गया था। उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ भी मिलीभगत की और अपनी कंपनियों का उपयोग एक योजना तैयार करने के लिए किया, जिसके अनुसार उन्होंने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के कर्मचारियों के नाम पर अपने “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में फ्लैटों की खरीद की आड़ में अप्रत्यक्ष रूप से 5 करोड़ रुपये प्राप्त किए। बैंकिंग ट्रेल है जो इंगित करता है कि लेन-देन की प्रासंगिक अवधि के दौरान त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने अपने बैंक खातों में शराब सिंडिकेट से भुगतान प्राप्त किया।

पहले से गिरफ्त में हैं कई बड़े चेहरे

ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, ITS अरुण पति त्रिपाठी और पूर्व मंत्री व वर्तमान विधायक कवासी लखमा को गिरफ्तार किया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद समाज कल्याण विभाग के दफ्तर पहुंची CBI की टीम, महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त

हाईकोर्ट के आदेश के बाद समाज कल्याण विभाग के दफ्तर पहुंची CBI की टीम, महत्वपूर्ण दस्तावेज किए जब्त

 रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज CBI की टीम ने समाज कल्याण विभाग के माना स्थित दफ्तर पहुंची। इस दौरान टीम ने विभाग के उप संचालक से मुलाकात की और घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर अपने साथ ले गई। यह कार्रवाई हाईकोर्ट द्वारा राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान (SRC) से जुड़े करीब 1,000 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश के बाद की गई। यह NGO आईएएस अधिकारियों द्वारा बनाया गया था।

बता दें कि 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डबल बेंच (जस्टिस पीपी साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल) ने इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए कहा था कि यह मामला स्थानीय एजेंसियों या पुलिस जांच के लायक नहीं है। कोर्ट ने इसे संगठित और सुनियोजित अपराध मानते हुए सीबीआई को 15 दिनों के भीतर सभी दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया था।

इन अधिकारियों पर लगे आरोप

इस घोटाले में 6 IAS अधिकारियों विवेक ढांड (पूर्व मुख्य सचिव), आलोक शुक्ला, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल और पीपी सोती के अलावा कई राज्य सेवा अधिकारियों पर भी आरोप लगे हैं। इनके नाम में सतीश पांडेय, राजेश तिवारी, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा शामिल हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला

यह घोटाला एक जनहित याचिका (PIL) 2017 के माध्यम से सामने आया, जिसे रायपुर के कुशालपुर निवासी कुंदन सिंह ठाकुर ने दायर किया था। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि राज्य स्त्रोत नि:शक्त जन संस्थान नाम की संस्था केवल कागजों में ही मौजूद थी और इसके माध्यम से 2004 से 2018 तक राज्य को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

याचिका में यह भी बताया गया कि खुद याचिकाकर्ता को एक शासकीय अस्पताल में कर्मचारी बताया गया, लेकिन आरटीआई के माध्यम से जानकारी लेने पर पता चला कि रायपुर स्थित यह कथित अस्पताल एक एनजीओ द्वारा संचालित किया जा रहा था।

जांच में सामने आए घोटाले के तरीके

  • स्टेट रिसोर्स सेंटर (SRC) के बैंक खाते से Bank of India और SBI मोतीबाग शाखा – के माध्यम से फर्जी आधार कार्ड बनाकर करोड़ों रुपये निकाले गए।
  • अस्पताल के लिए खरीदी गई मेडिकल मशीनरी और रखरखाव में करोड़ों रुपये खर्च किए गए।
  • तात्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह ने शपथ-पत्र में 150-200 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का खुलासा किया।
 NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की उपस्थिति में गृह मंत्री निवास का घेराव करेगी NSUI

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी की उपस्थिति में गृह मंत्री निवास का घेराव करेगी NSUI

रायपुर। प्रदेश में बढ़ते अपराध, फैलती नशाखोरी और छात्र नेताओं पर दर्ज की जा रही फ़र्ज़ी FIR के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में मंगलवार, 7 अक्टूबर को NSUI द्वारा गृह मंत्री निवास घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी आज रायपुर पहुँच रहे हैं।

NSUI की ओर से बताया गया कि घेराव से पहले प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक और ‘वोट चोरी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान’ भी आयोजित किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, छात्रों पर हो रहे अत्याचार और नशाखोरी के बढ़ते खतरे के विरोध में युवाओं की एक सशक्त आवाज़ बनेगा।

मुख्य मुद्दे
1. छात्र नेताओं पर दर्ज की जा रही फ़र्ज़ी FIR का विरोध
2. बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण की माँग
3. नशाखोरी और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की माँग

कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ता कांग्रेस भवन, गांधी मैदान (जिला मुख्यालय) से रैली निकालकर OCM चौक होते हुए गृह मंत्री निवास तक मार्च करेंगे। घेराव शाम 4 बजे से शुरू होगा।

महावीर गुर्जर ने कहा – “सरकार मूकदर्शक बनी हुई है”
प्रदेश प्रभारी महावीर गुर्जर ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपराध और नशाखोरी चरम पर है, जबकि सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के बाहर नशे का कारोबार बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रशासन चुप है। NSUI छात्रों और युवाओं के भविष्य के लिए सड़कों पर उतरेगी। गृह मंत्री निवास घेराव इस असंवेदनशील तंत्र को चेतावनी देने का काम करेगा।

नीरज पांडे बोले – “छात्र नेताओं को आवाज़ उठाने की सज़ा दी जा रही है”

NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि प्रदेश में छात्र नेताओं को अपनी बात रखने के लिए झूठे मुकदमों में फँसाया जा रहा है। यह लोकतंत्र और छात्रों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। NSUI ऐसे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी। युवाओं की ताक़त से हम इस अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेंगे,” उन्होंने कहा।

NSUI ने दावा किया है कि प्रदेश के सभी जिलों से सैकड़ों कार्यकर्ता रायपुर पहुँचेंगे और सरकार को युवाओं की आवाज़ सुनने के लिए मजबूर करेंगे। संगठन ने कहा कि यदि माँगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
 
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाएगा जनजाति गौरव दिवस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी होंगी शामिल

भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाएगा जनजाति गौरव दिवस, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी होंगी शामिल

 रायपुर।  प्रदेश में 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस मनाया जाएगा, जो भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित किया जाता है। यह दिवस आदिवासी समाज के लिए लड़ने वाले महानायकों को याद करने का अवसर भी है। यह कार्यक्रम 14 नवंबर से 15 नवंबर तक राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा।

बता दें कि, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदायों के हितों का संरक्षण करना, आदिवासी गौरव को याद करना और उनके कल्याण को बढ़ावा देना है। यह दिवस आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपराओं और उनके संघर्षों को याद करने का अवसर भी है।

दिल्ली रवाना हुआ सीएम साय, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, छत्तीसगढ़ आने का देंगे निमंत्रण

दिल्ली रवाना हुआ सीएम साय, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, छत्तीसगढ़ आने का देंगे निमंत्रण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज दिल्ली दौरे पर रवाना हो गए। दिल्ली प्रवास के दौरान वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही कई मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे।

बता दें कि, दिल्ली दौरे के दौरान सीएम साय महामहिम राष्ट्रपति को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ आने का निमंत्रण देंगे। इस साल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम सरगुजा जिले के अंबिकापुर में तीन दिनों तक चलेगा।

जहां कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँज, रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन

जहां कभी गूंजती थी बंदूकों की आवाज़, अब सुनाई देती है ढोल-नगाड़ों और आरती की गूँज, रामलीला के साथ पहली बार हुआ रास गरबा का भव्य आयोजन

 सुकमा।  कभी नक्सल प्रभाव के कारण वीरान पड़ा जगरगुंडा अब फिर से जीवन और उल्लास से भर उठा है। डेढ़ दशक पहले यहां शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था वहीं अब जगरगुंडा में बदलाव की बयार दिखने लगी है। जहां गोली बारूद की भयानक आवाज से लोग दहशत में आ जाते थे अब नवरात्रि में रास-गरबा की गूंज सुनाई दे रही है।2006 के बाद सलवा जुडूम अभियान के चलते यहां का सामाजिक जीवन लगभग ठहर सा गया था। न तो सड़कें थीं, न बिजली, न स्वास्थ्य सेवाएँ। चारों ओर सुरक्षा घेरे और कंटीले तारों से घिरा यह इलाका एक समय “प्रवेश वर्जित क्षेत्र” माना जाता था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। शासन-प्रशासन की निरंतर कोशिशों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से जगरगुंडा में फिर से रौनक लौट आई है। सड़के, पुल-पुलिया और अन्य बुनियादी सुविधाएँ अब इस क्षेत्र को तीन जिलों से जोड़ रही हैं।

 
 
नवरात्र पर्व बना पुनर्जागरण का प्रतीक
इस वर्ष जगरगुंडा में डेढ़ दशक बाद नवरात्र का भव्य आयोजन किया गया। पूरे ग्राम ने मिलकर माता की प्रतिमा स्थापित की, पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन हुआ। ग्राम पंचायत की युवा सरपंच नित्या कोसमा ने पूरे आयोजन का नेतृत्व किया और ग्रामीणों के साथ प्रत्येक कार्यक्रम में भाग लिया। पूरे नवरात्र के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भक्ति गीतों और सामाजिक मेलजोल का माहौल रहा। ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों बाद जगरगुंडा में ऐसा उल्लास देखा है मानो भय के अंधेरे को उजाले की रोशनी ने मिटा दिया हो।
 
पहली बार जगरगुंडा में रास-गरबा का आयोजन
इतिहास में पहली बार जगरगुंडा में रास गरबा का आयोजन किया गया यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम था बल्कि जगरगुंडा के सामाजिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। सरपंच नित्या कोसमा ने स्वयं महिलाओं और छात्राओं को गरबा का प्रशिक्षण दिया और देर रात तक चले इस आयोजन में सबको शामिल किया।
 
अब जगरगुंडा में डर नहीं, विकास की गूंज है
आज जगरगुंडा में नई सड़कें, पुल-पुलिया और सरकारी योजनाओं की पहुंच से विकास की नई सुबह हो चुकी है। अब यह क्षेत्र तीन जिलों को जोड़ने वाला महत्त्वपूर्ण संपर्क बिंदु बन रही है। स्कूलों में बच्चों की आवाज़ें गूंजती हैं, बिजली की रौशनी से घर जगमगाते हैं, और लोग फिर से तीज-त्योहार मनाने लगे हैं।
जगरगुंडा पंचायत की महिलाओं ने बताया कि पहले जहां शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाते थे, वहीं अब रात में संगीत और ताल की गूंज सुनाई देती है। ग्रामीणों ने सरपंच नित्या कोसमा का आभार जताते हुए अगले वर्ष इसे और भी भव्य रूप में मनाने की बात कही।
Big Accident : कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत, 5 लोगों की दर्दनाक मौत, कान्हा नेशनल पार्क गए थे घूमने

Big Accident : कार और ट्रक की जोरदार भिड़ंत, 5 लोगों की दर्दनाक मौत, कान्हा नेशनल पार्क गए थे घूमने

 कवर्धा।  छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रॉन्ग साइड से आ रही ट्रक से बोलेरो टकरा गई। दुर्घटना में 5 लोहों की जान चली गई जबकि 1 अन्य लोग घायल है। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना चिल्फी थाना क्षेत्र के अकलघरिया के पास की है।

ड्राइवर, 3 शिक्षिका समेत 5 की मौत 

जानकारी के अनुसार, बोलेरो सवार लोग कान्हा नेशनल पार्क घूमने गए थे। रविवार रात को उनकी बिलासपुर से ट्रेन थी। वे बोलेरो किराया करके बिलासपुर के लिए निकले थे।तभी करीब शाम पांच बजे  रॉन्ग साइड से आ रही ट्रक से बोलेरो टकरा गई। हादसे में 1 ड्राइवर 3 शिक्षिका और एक अन्य की मौत हो गई। जबकि 1 अन्य गंभीर रूप से घायल है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। फिर शवों को पीएम के लिए भेज दी है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

 
पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, 5 थानों के TI समेत कई पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला, आदेश जारी

पुलिस विभाग में बड़ी फेरबदल, 5 थानों के TI समेत कई पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला, आदेश जारी

 दुर्ग - जिले में रविवार रात जिले के सीनियर एसपी ने बड़ी प्रशासनिक सर्जरी करते हुए 5 थानों के टीआई को बदल दिया है। वहीं दो पुलिस चौकी के प्रभारी भी बदले गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक कुल 11 पुलिस अधिकारियों और सहायक उपनिरीक्षकों (एसआई/एएसआई) का ट्रांसफर किया गया है। सभी ट्रांसफर हुए अधिकारियों को तत्काल नए आदेश के अनुसार ज्वाइिंग करने कहा गया है।

Breaking : देवरी पिकनिक स्पॉट पर 3 लोग डूबे, एक का शव बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी

Breaking : देवरी पिकनिक स्पॉट पर 3 लोग डूबे, एक का शव बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी

  जांजगीर चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर चांपा में भारी बारिश के बीच एक और दर्दनाक घटना सामने आई है। कल शाम से देवरी पिकनिक स्पॉट पर तीन लोगों के डूबने की सूचना के बाद मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। एक का शव बरामद कर लिया गया है।

स्थानीय प्रशासन की निगरानी में अन्य दो लोगों की तलाश की जा रही है। मौके पर गोताखोरों की टीम लगातार प्रयास कर रही है, वहीं आसपास के स्थानीय मछुआरों और डोंगा चालकों की मदद भी ली जा रही है।

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, 60 लाख मीट्रिक का लक्ष्य, प्रति क्विंटल 31 सौ का होगा भुगतान

छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से होगी धान खरीदी, 60 लाख मीट्रिक का लक्ष्य, प्रति क्विंटल 31 सौ का होगा भुगतान

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के लिए 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो जाएगी। इस बार प्रदेश में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए पहले कैबिनेट की बैठक में धान उपार्जन नीति को मंजूरी मिलेगी। वहीं एग्रीस्टेक, एकीकृत किसान पोर्टल पर किसानों का पंजीयन भी शुरू हो गया है। पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदी की जाएगी।

धान बेचने वाले किसानों को प्रति क्विंटल 31 सौ का भुगतान होगा। मामले में कृषि मंत्री रामविचार नेताम का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा- हमारी सरकार ने जो वादा किया उसे पूरा कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में नवंबर माह से धान खरीदी होगी। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी करेंगे। प्रदेश में लगातार बारिश हो रही है। इसके बाद भी धान खरीदी की शुरुआत नवंबर से करेंगे।

कस्टम मिलिंग नीति तैयार
छत्तीसगढ़ सरकार की वर्ष 2025-26 के लिए नई धान उपार्जन नीति और कस्टम मिलिंग नीति बनकर तैयार है। बताया गया है कि नीति के प्रारूप को इसी महीने दीपावली के पहले होने वाली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह नीति लागू होगी। खास बात ये है कि इस बार धान उपार्जन करने वाली सोसाइटियों और मिलिंग करने वाले मिलरों को सरकार कुछ राहत दे सकती है।

किसानों को मिलेगा ऑनलाइन टोकन
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, धान उपार्जन और कस्टम मिलिंग नीति को राज्य सरकार की मंत्रिमंडलीय उप समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है। समिति ने इसे अपने स्तर पर मंजूरी दे दी है, लेकिन दोनों नीतियों को लागू करने के लिए कैबिनेट की मंजूरी अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ में खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी की शुरुआत 1 नवंबर से संभावित है। इस बार धान बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन टोकन मिलेगा। यही नहीं, किसानों में छोटे और सीमांत किसानों का धान भी पहले खरीदा जाएगा।

टोकन बांटने के लिए तुहर एप की व्यवस्था
राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले पंजीकृत किसानों को इस सीजन में धान बेचने के लिए टोकन हासिल करने के लिए लंबी-लंबी कतारों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। इस बार किसानों को ऑनलाइन माध्यम से टोकन जारी किए जाएंगे। टोकन मिलने के बाद तय तारीख पर किसान आसानी से धान बेच पाएंगे। टोकन बांटने के लिए तुहर एप की व्यवस्था की गई है। यही नहीं, धान बेचने के लिए पहला अवसर छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा। इन किसानों में वे आते हैं, जिनके पास 2 एकड़ से लेकर 10 एकड़ तक जमीन है।

मिलरों को राहत
राज्य में धान खरीदी शुरू होने के साथ ही कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इस व्यवस्था में नियम ये है कि धान उठाने के लिए डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) जारी होने के बाद 10 दिनों के अंदर निर्धारित मात्रा में धान का परिवहन करना होता है। यह नहीं करने पर 11 वे दिन से मिलर पर पेनाल्टी लगनी शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार किसानों को डीओ कटने के बाद 15 दिन का समय धान परिवहन के लिए दिया जाएगा। इसके साथ ही मिलरों को मिलिंग के लिए 80 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

शून्य सूखत पर सोसाइटियों को बोनस
राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने वाली राज्य की 2 हजार 739 सोसाइटियों को सरकार बोनस देगी। यह राशि उन सोसाइटियों को मिलेगी जिनमें धान की सूखत शून्य प्रतिशत होगी। इस तरह की सोसाइटियों को पांच रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। बताया गया है कि पूर्व के वर्षों में यह व्यवस्था थी, लेकिन पिछले साल किन्ही कारणों से सोसाइटियों को यह राशि नहीं दी जा सकी था। इस वजह से शून्य प्रतिशत सूखत वाली सोसाइटियों को लाभ से वंचित होना पड़ा था।

 
CG : HC के आदेशों की अनदेखी पर कलेक्टर की सख्ती, डीईओ समेत चार अधिकारियो को नोटिस

CG : HC के आदेशों की अनदेखी पर कलेक्टर की सख्ती, डीईओ समेत चार अधिकारियो को नोटिस

 बिलासपुर।  जिले में एक शिक्षक के तबादले को लेकर हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं करने पर अब कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।मामला मस्तूरी ब्लॉक के चिल्हाटी प्राथमिक शाला के शिक्षक बलभद्र वर्मा से जुड़ा है। शिक्षक का तबादला चिल्हाटी से बिल्हा ब्लॉक में किया गया था। इस आदेश के खिलाफ शिक्षक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि शिक्षक अपने तबादले को लेकर सक्षम अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत करें, और विभाग उस अभ्यावेदन का निराकरण जल्द से जल्द करे। लेकिन कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षक के अभ्यावेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी मामले में कोई कार्रवाई न होने से शिक्षक ने इसकी शिकायत कलेक्टर से की।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी विजय तांडे, सहायक संचालक रघुवीर सिंह राठौर, सहायक ग्रेड-2 सुनील यादव और सहायक ग्रेड-3 को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

24 घंटे में मांगा जवाब

कलेक्टर ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन न करना गंभीर लापरवाही है, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन है। नोटिस में सभी अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है।कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सरकारी आदेशों और न्यायालय के निर्देशों का पालन आखिर क्यों नहीं हो पाता।

 
छत्तीसगढ़ की धरती सदा से रही है साहित्य और संस्कृति की धरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ की धरती सदा से रही है साहित्य और संस्कृति की धरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

 रायपुर – छत्तीसगढ़ की साहित्यिक,सांस्कृतिक और कलात्मक परंपराओं को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से विगत रात्रि आयोजित राज्य स्तरीय युवा कवि सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता शबरी की पावन भूमि को नमन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती सदा से साहित्य और संस्कृति की धरा रही है। मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाकवि कालिदास ने इसी धरती पर मेघदूत जैसे अमर काव्य की रचना की, वहीं गजानन माधव मुक्तिबोध और पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी जैसे यशस्वी साहित्यकारों ने इसी मिट्टी से अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अपने पूर्व संसदीय क्षेत्र रायगढ़ के सुप्रसिद्ध संगीत सम्राट राजा चक्रधर सिंह को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

Weather Update : प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, इन इलाकों में आज बारिश और बिजली गिरने की संभावना

Weather Update : प्रदेश में बदलेगा मौसम का मिजाज, इन इलाकों में आज बारिश और बिजली गिरने की संभावना

 रायपुर. राजधानी में रविवार दोपहर में तेज बारिश हुई. इससे सड़कों और कई मोहल्लों में पानी का जमाव हो गया. 6 अक्टूबर को भी राजधानी में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने और बादल गरजने-चमकने के साथ वर्षा होने की संभावना है. पूरे प्रदेश में कल से वर्षा वितरण और तीव्रता में कमी आने की संभावना है.मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में पूरे प्रदेश में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. सबसे अधिक वर्षा 49.3 मिमी सुकमा जिले में दर्ज की गई. दोरनापाल में 5 सेंटीमीटर, कुसमी में 4, दौरा कोचली, लोरमी, देवभोग, भैसमा, सुकमा, छाल में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई. वहीं अंबिकापुर, मर्दापाल, खरसिया, महासमुंद, राजिम, बैकुंठपुर, कटेकल्याण, कटघोरा, अमलीपदर 2 में वर्षा हुई.

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पूर्व बिहार और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो औसत समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है. उत्तर बिहार और आसपास के क्षेत्रों से झारखंड होते हुए उत्तर ओडिशा तक औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर द्रोणिका बनी हुई है. वहीं तटीय आंध्रप्रदेश से रायलसीमा और तमिलनाडु होते हुए कोमोरिन क्षेत्र तक औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर सुबह की द्रोणिका बनी हुई है. प्रदेश में 6 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है. मौसम विभाग ने प्रदेश में एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वज्रपात की चेतावनी दी है.a

‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप विवाद: बच्चों की मौत से दहशत, छत्तीसगढ़ में भी प्रतिबंध

‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप विवाद: बच्चों की मौत से दहशत, छत्तीसगढ़ में भी प्रतिबंध

 रायपुर। कोल्ड्रिफ कफ सिरप के कारण देशभर में चिंता की लहर दौड़ गई है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में इस सिरप के सेवन से कम से कम 11 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ रिपोर्टों में संख्या 12 तक बताई जा रही है। मध्य प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों ने इस दवा पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नमूनों की जांच कराई है, जिसमें विषाक्त पदार्थ डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की अत्यधिक मात्रा पाई गई।

इस सिरप का निर्माण तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित श्रीसन फार्मा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी करती है। तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बैच नंबर SR-13 के नमूने में 48.6 प्रतिशत DEG मिला, जो किडनी फेलियर और मौत का कारण बन सकता है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अधिकांश मौतें दर्ज की गईं, जहां बच्चों को कफ की दवा के रूप में यह सिरप दिया गया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने छह राज्यों में 19 दवा इकाइयों का निरीक्षण शुरू कर दिया है।

छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि श्रीसन फार्मा की किसी भी दवा की राज्य में आपूर्ति नहीं है। फिर भी, भ्रम और अफवाहों को रोकने के लिए कोल्ड्रिफ सिरप पर यहां भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। विभाग बाजारों पर कड़ी निगरानी रख रहा है और दवा विक्रेताओं को कंपनी के सभी उत्पादों की बिक्री तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय दवा व्यापारी अश्वनी विग ने पुष्टि कि, छत्तीसगढ़ में कोल्ड्रिफ की कोई सप्लाई चेन या गोदाम नहीं है। इसके बावजूद, मध्य प्रदेश व राजस्थान की घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर सिरप की तस्वीरें वायरल होने से राज्य में दहशत फैल गई। लोग दवा खरीदने से पहले जांच करने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को कोई भी कफ सिरप बिना चिकित्सकीय सलाह के न दें और संदिग्ध दवाओं की जानकारी तुरंत रिपोर्ट करें।

रायपुर-दिल्ली के बीच इंडिगो की नई फ्लाईट 26 से, यहां देखें शेड्यूल

रायपुर-दिल्ली के बीच इंडिगो की नई फ्लाईट 26 से, यहां देखें शेड्यूल

 रायपुर।  त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंडिगो एयरलाइंस ने रायपुर और दिल्ली के बीच स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे से अतिरिक्त उड़ान शुरू करने की घोषणा की है। यह नई उड़ान सेवा 26 अक्टूबर 2025 से शुरु होगी।

इंडिगो के सूत्रों के मुताबिक उड़ान संख्या 6E2120 दिल्ली (DEL) से रायपुर (RPR) के लिए सुबह 10:15 बजे रवाना होगी और दोपहर 12:15 बजे रायपुर पहुंचेगी। वहीं वापसी में उड़ान संख्या 6E6640 रायपुर से दोपहर 12:45 बजे उड़ान भरेगी और दोपहर 2:45 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

AI से अश्लील वीडियो बनाकर डराया महिला को.. वसूले 8 लाख रुपए

AI से अश्लील वीडियो बनाकर डराया महिला को.. वसूले 8 लाख रुपए

 दुर्ग। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। ऐसा ही एक वाकया दुर्ग जिले में हुआ है जहां एक महिला को AI का इस्तेमाल कर ब्लैकमेल किया गया।इस मामले में पुरानी भिलाई थाने में प्रार्थिया द्वारा लिखित आवेदन पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया गया। महिला ने बताया कि आरोपी उमाशंकर भारती द्वारा उसे ब्लैकमेल कर 8 लाख रूपये देने के बाद भी और पैसे की मांग की जा रही है, नही देने पर व्हाटसप एवं इस्टाग्राम में फोटो को AI APP में डाल के विडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दे रहा है। रिपोर्ट पर थाना पुरानी भिलाई में अपराध कमांक 377/2025 धारा 308 (2) बीएनएस कायम किया गया है ।

पेट्रोलिंग टीम के साथ आरोपी के दिये गये पते पर दबिश दिया गया जो घर पर उपस्थित नहीं मिले आसपास के लोगो से पूछताछ करने पर पता चला कि उमाशंकर को साहू होटल में चाय पीते देखा गया है। तत्काल पुलिस टीम साहू होटल के पास पहुंचकर आरोपी उमाशंकर भारती को पकड़कर हिरासत में लेकर थाना लाये जिसे घटना के संबंध में पूछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकार किया आरोपी उमाशंकर भारती उर्फ दादु उम्र 27 साल निवासी ग्राम उमदा पुरानी मिलाई जिला दुर्ग को दिनांक 04.10.2025 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया।
उक्त कार्यवाही में निरीक्षक अम्बर सिंह भारद्वाज, आरक्षक अरविन्द मेढे, आरक्षक संजय मनहरे, बंटी सिंह, राजकुमार सिंह, ईश्वर भारद्वाज का उल्लेखनीय भूमिका रही।

नए विधानसभा भवन की शिफ्टिंग की तैयारी, PWD विभाग 10 को करेगा हैंडओवर, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे लोकार्पण

नए विधानसभा भवन की शिफ्टिंग की तैयारी, PWD विभाग 10 को करेगा हैंडओवर, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे लोकार्पण

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा भवन का निर्माण पूरा हो गया है। पीडब्ल्यूडी संभवत: 10 तारीख को विधिवत विधानसभा सचिवालय को आधिपत्य सौपेंगा। बता दें कि, पीएम नरेन्द्र मोदी 1 नवंबर को नए विधानसभा भवन का लोकार्पण करेंगे।

 नए विधानसभा भवन का लोकार्पण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सांसद, विधायक, और पंचायत-नगरीय निकाय के प्रतिनिधियों को संबोधित भी करेंगे। कुल मिलाकर 5 हजार लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा रहा है। नए विधानसभा भवन में तीन प्रमुख विंग हैं। इनमें विधानसभा सचिवालय, विधानसभा सदन, और सेंट्रल हॉल परिसर हैं।

दो सौ विधायकों की बैठक व्यवस्था

नये विधानसभा में दो सौ विधायकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 500 दर्शकों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम भी है। विधानसभा परिसर में 700 वाहनों की पार्किंग सुविधा होगी। दो सरोवर का निर्माण किया गया है। प्रत्येक लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में हैं। इस भवन का निर्माण 273 करोड़ की लागत से 52 एकड़ क्षेत्र में किया गया है।

खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बना देश का आदर्श राज्य

खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ बना देश का आदर्श राज्य

 रायपुर - खनिज संपदा से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य ने हाल के वर्षों में खनन क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार को केंद्र में रखकर राज्य ने खनिज प्रशासन में अनेक संरचनात्मक सुधार किए हैं, जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी खनन राज्यों में सम्मिलित हो गया है। राज्य में विश्वस्तरीय लौह अयस्क, कोयला, चूना पत्थर, बाक्साइट, टिन अयस्क सहित नवीन अन्वेषणों से क्रिटिकल, स्ट्रैटेजिक तथा रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता प्रमाणित हुई है, जिससे राज्य की वैश्विक पहचान सुदृढ़ हुई है।

छत्तीसगढ़ का खनन क्षेत्र राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि देश के कुल खनिज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। राज्य के खनिज राजस्व में 25 सालों में 34 गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य गठन के समय जहाँ खनिज राजस्व मात्र 429 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह उपलब्धि राज्य की सुदृढ़ खनिज नीति और सतत प्रशासनिक सुधारों का परिणाम है।

वर्ष 2015 में संशोधित खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत गठित खनिज नीलामी नियम 2015 के तहत अब तक राज्य में 60 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की जा चुकी है। इनमें 15 लौह अयस्क, 14 बाक्साइट, 18 चूना पत्थर तथा 13 क्रिटिकल व स्ट्रैटेजिक खनिज ब्लॉक सम्मिलित हैं। साथ ही, 05 नए ब्लॉकों (02 चूना पत्थर, 01 लौह अयस्क, 01 स्वर्ण और 01 बेस मेटल ब्लॉक) की नीलामी प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा चुकी है।

संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ़ ने खनन अनुसंधान एवं अन्वेषण के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग के लिए आईआईटी मुंबई, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद तथा कोल इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू संपादित किए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स की खोज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गति प्राप्त हुई है।

प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के गाइडलाइन-2024 के अनुरूप राज्य में जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2025 अधिसूचित किए गए हैं। राज्य में अब तक 16,119 करोड़ रूपए का अंशदान प्राप्त हुआ है, जिसके अंतर्गत 1,05,653 कार्यों को स्वीकृति दी गई, जिनमें से 74,454 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वित्तीय स्वीकृति, निगरानी और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु डीएमएफ पोर्टल 2.0 को क्रियान्वित किया गया है।

खनिज विभाग द्वारा विकसित खनिज ऑनलाइन 2.0 पोर्टल ने राज्य के खनिज प्रशासन को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान किया है। यह प्रणाली सुरक्षित, बहुआयामी और उपयोगकर्ता-मित्र है, जो पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देती है। यह पहल छत्तीसगढ़ को खनन प्रबंधन में एक राष्ट्रीय मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर रही है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के सिद्धांतों के अनुरूप राज्य में रेत खदानों का आबंटन अब पूर्णतः ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से किया जा रहा है। इस हेतु एमएसटीसी के साथ एमओयू किया गया है। नई व्यवस्था में मानव हस्तक्षेप समाप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं सुरक्षित बनाई गई है।

गौण खनिज नियम, 2015 के अंतर्गत लागू की गई स्टार रेटिंग प्रणाली के तहत खनन, पर्यावरण प्रबंधन, सुरक्षा उपाय और सतत विकास के मानकों पर खदानों का मूल्यांकन किया जा रहा है। इस व्यवस्था के अंतर्गत 03 खदानों को 5-स्टार तथा 32 खदानों को 4-स्टार रेटिंग से सम्मानित किया गया है, जो वैज्ञानिक एवं जिम्मेदार खनन की दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का कहना है कि खनिज संपदा केवल आर्थिक स्रोत नहीं, बल्कि राज्य के सर्वांगीण विकास का आधार है। छत्तीसगढ़ ने खनन क्षेत्र में नीतिगत सुधार, डिजिटल पारदर्शिता और सतत विकास के समन्वित प्रयासों से एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया है। राज्य की यह प्रगति न केवल आर्थिक सुदृढ़ता का संकेत है, बल्कि यह जनहित आधारित विकास की दिशा में एक स्थायी कदम भी है।