नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक है, मानव बुद्धि का विकल्प नहीं - डेका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक है, मानव बुद्धि का विकल्प नहीं - डेका

 00 समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया राज्यपाल ने

रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज डॉ सी.वी. रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  डेका ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ तकनीक भी निरंतर विकसित हो रही है। ऐसे समय में तकनीक का उपयोग मानव कल्याण, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए होना चाहिए।

एआई और अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार तथा समाज हित में करें
राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक युग की एक महत्वपूर्ण तकनीक है, जो चिकित्सा, कृषि, अर्थव्यवस्था और शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में मानव की सहायक बन सकती है, लेकिन यह मानव बुद्धि, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती। तकनीक को जीवन में सहायक के रूप में अपनाया जाना चाहिए न कि उसे किसी खतरे के रूप में स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई और अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार तथा समाज हित के कार्यों में करें। अपने संबोधन में उन्होंने इंटरनेट के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ नकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। डिजिटल एडिक्शन न हो यह कोशिश करनी चाहिए।

आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग
राज्यपाल ने कहा कि मानव सभ्यता का विकास सदैव नवाचार और वैज्ञानिक खोजों के माध्यम से हुआ है। जिस प्रकार अग्नि की खोज ने मानव जीवन को नई दिशा दी, उसी प्रकार आधुनिक विज्ञान और तकनीक भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग है। स्टार्टअप और नवाचार केवल आर्थिक प्रगति के साधन नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम भी हैं। नवाचार के जरिए दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाया जा सकता है, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं तथा समाज को नई संभावनाओं से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और इको-फ्रेंडली जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपनाना आज की आवश्यकता है। 
भारत के गांवों तक तकनीक और नवाचार का लाभ पहुंचाना समय की आवश्यकता

छत्तीसगढ़ की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक समृद्ध आदिवासी संस्कृति और अपार संभावनाओं वाला राज्य है। यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और अवसरों से जोडऩे की है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि, वन उत्पाद, उद्योग और सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देना होगा। राज्यपाल ने कहा कि भारत के गांवों तक तकनीक और नवाचार का लाभ पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

सरकार युवाओं को हर तरह से सक्षम बनाने का कर रही है प्रयास
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई की पढ़ाई प्रारंभ की गई है। जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है इस तरह तकनीकी क्षेत्र में भी राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं। आज कंपनियों को जिस तरह के कोर्स की आवश्यकता है उसी के अनुरूप तकनीकी संस्थानों में कोर्स संचालित करने के प्रयास हो रहे हैं। सरकार युवाओं को हर तरह से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है जिससे युवा जाब मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बने।
राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने एआई के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव में पद्मश्री  अजय मांडवी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपना प्रेरक उदबोधन दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों को एआई की उपयोगिता, संभावनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी देगा, विशेष कर ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जेनरेटिव एआई की निशुल्क व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब तैयार किया गया है।

कौशल रथ व एआइ पर आधारित पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर राज्यपाल ने आईसेक्ट के वार्षिक प्रतिवेदन एवं कौशल रथ व एआइ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक डॉ. ज्योति बाला गुप्ता और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने किया। इस कॉन्क्लेव में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, उद्योग एवं बैंक के अधिकारी, आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उद्यमी उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका को जगदलपुर के ट्री मैन ने भेंट की मियाजाकी आम

राज्यपाल डेका को जगदलपुर के ट्री मैन ने भेंट की मियाजाकी आम

 रायपुर। राज्यपाल  रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में जगदलपुर के ट्री मैन  संपत झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर  झा ने राज्यपाल को दुनिया की सबसे मंहगी आम प्रजातियों में शामिल मियाजाकी आम भेंट की। 
राज्यपाल ने मियाजाकी आम की खेती को बस्तर क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने मे सहायक सिद्ध हो सकती है बल्कि छत्तीसगढ़ को अंतरर्राष्ट्रीय फल बाजार में नई पहचान भी दिला सकती है। उन्होंने इस विशेष प्रजाति की खेती को बढ़ावा देने, इसकी पैदावार मे वृद्धि करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी मार्केटिंग के प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया।

उप मुख्यमंत्री साव ने 5 गांवों में लगाई चौपाल, 56 लाख के विकास कार्यों की घोषणा की, युवाओं को दिए क्रिकेट किट

उप मुख्यमंत्री साव ने 5 गांवों में लगाई चौपाल, 56 लाख के विकास कार्यों की घोषणा की, युवाओं को दिए क्रिकेट किट

 00 ज्योति कलश भवन, सामुदायिक भवन एवं खाद्यान्न भंडारण भवन का किया लोकार्पण

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा स्थानीय विधायक अरुण साव ने लोरमी के खेकतरा, कुम्हरौली, मोहतरा कुर्मी, पीपरखुंटा और औराबांधा में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने इन गांवों में 56 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने जनचौपाल में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनके सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने इस दौरान मोदी सरकार और साय सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने गांववालों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 5 गांवों में लगाई चौपाल
उप मुख्यमंत्री साव ने खेकतरा में महामाया मंदिर में ज्योति कलश भवन का लोकार्पण कर ग्रामवासियों को समर्पित किया। उन्होंने औराबांधा में नवनिर्मित सामुदायिक भवन एवं खाद्यान्न भंडारण भवन का लोकार्पण किया। श्री साव ने पांचों गांवों के युवाओं को क्रिकेट किट भी प्रदान किया। उन्होंने युवाओं को खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 5 गांवों में लगाई चौपाल

Crime News: जिले में युवक की निर्मम हत्या, पत्थर से कुचलकर हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

Crime News: जिले में युवक की निर्मम हत्या, पत्थर से कुचलकर हत्या की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

 बिलासपुर।  सिरगिटी थाना क्षेत्र के गणेश नगर में एक युवक की रक्तरंजित लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सोमवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने युवक की हत्या कर शव को मौके पर छोड़ दिया। प्रारंभिक जांच में युवक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने गणेश नगर क्षेत्र में युवक का शव पड़ा देखा, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना सिरगिटी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों और मृतक के परिजनों से पूछताछ भी की है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान इरफ़ान बघीरा के रूप में हुई है। हत्या के पीछे के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

जांच टीम मृतक से जुड़े लोगों, उसके संपर्कों और हाल के दिनों की गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। आशंका जताई जा रही है कि वारदात को देर रात अंजाम दिया गया है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। इस घटना के बाद गणेश नगर और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।

राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के चौड़ीकरण के लिए प्रभावित क्षेत्रों में भूमि लेन-देन पर रोक

राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के चौड़ीकरण के लिए प्रभावित क्षेत्रों में भूमि लेन-देन पर रोक

 रायपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 (कटघोरा-शिवनगर-अम्बिकापुर) के उन्नयन एवं फोरलेन निर्माण कार्य को सुचारू और समयबद्ध रूप से पूरा करने के उद्देश्य से कलेक्टर अजीत वसंत ने प्रभावित क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, खाता विभाजन तथा व्यपवर्तन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार जिले में प्रस्तावित बायपास, री-अलाइनमेंट और मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ की जानी है। भूमि अर्जन के दौरान लगातार हो रहे क्रय-विक्रय, नामांतरण और खाता विभाजन से स्वामित्व सत्यापन, हिस्सेदारी निर्धारण और मुआवजा तय करने में जटिलताएं उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

आदेश के तहत प्रारंभिक अधिसूचना जारी होने से लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक राष्ट्रीय राजमार्ग-130 की मध्य रेखा से दोनों ओर 50-50 मीटर की सीमा के भीतर स्थित तहसील उदयपुर के ग्राम साल्ही, गुमगा, डांडग़ांव, मनोहरपुर, दावा, विशुनपुर, पण्डरीडांड़, सोनतराई, डूमरडीह, उदयपुर, झिरमिटी और जजगा, तहसील लखनपुर के ग्राम अमगसी, अंधला, जुड़वानी, केंवरा, केंवरी, लहपटरा, रजपुरीकला और सिंगीटाना तथा तहसील अम्बिकापुर के ग्राम भि_ीकला, जोगीबांध, माझापारा, मेन्ड्राकला, सांड़बार, सुन्दरपुर और उदयपुर ढाब की भूमि प्रतिबंधित श्रेणी में रहेगी।इसके अलावा नगर पंचायत लखनपुर, ग्राम पंचायत हंसडांड़ और ग्राम पंचायत कुंवरपुर के प्रस्तावित री-अलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली सम्पूर्ण भूमि पर भी क्रय-विक्रय, हस्तांतरण, खाता विभाजन एवं व्यपवर्तन पर रोक लागू रहेगी। यह निर्णय राष्ट्रीय राजमार्ग-130 के चौड़ीकरण एवं फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और विवादaरहित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

 

डॉ .वर्णिका की पहल से गंभीर रूप से बीमार बालिका जोगेश्वरी को मिला एम्स रायपुर में उपचार

डॉ .वर्णिका की पहल से गंभीर रूप से बीमार बालिका जोगेश्वरी को मिला एम्स रायपुर में उपचार

 00 बालिका से की मुलाकात, चिकित्सकों से ली उपचार की विस्तृत जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा गंभीर रूप से बीमार नाबालिग बालिका जोगेश्वरी कड़की के प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उसके बेहतर उपचार हेतु लगातार पहल की गई, जिसके परिणामस्वरूप बालिका को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है।

उल्लेखनीय है कि बालिका की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी प्राप्त होने पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने 5 जून 2026 को कलेक्टर, दंतेवाड़ा को पत्र प्रेषित कर बालिका को बेहतर उपचार हेतु तत्काल एम्स रायपुर भेजने तथा आवश्यक चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उक्त पत्र की प्रतिलिपि जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ), दंतेवाड़ा को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गई थी। इसके अतिरिक्त डॉ. वर्णिका शर्मा द्वारा एम्स रायपुर के डायरेक्टर को भी पत्र लिखकर बालिका को समुचित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने तथा आवश्यक चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया था।

आयोग के सतत प्रयासों, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समन्वय से बालिका को उपचार हेतु एम्स रायपुर लाया गया। दिनांक 15 जून 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा स्वयं एम्स रायपुर पहुंचीं और उपचाररत बालिका से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने बालिका एवं उसके परिजनों से चर्चा कर स्वास्थ्य स्थिति, उपचार संबंधी व्यवस्थाओं तथा उनकी आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

दौरे के दौरान डॉ. वर्णिका शर्मा ने एम्स रायपुर के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एवं संबंधित चिकित्सक दल से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बालिका की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, उपचार की प्रगति, किए जा रहे चिकित्सकीय परीक्षणों तथा आगामी उपचार योजना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। चिकित्सकों ने अवगत कराया कि बालिका को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।

इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने चिकित्सकीय दल से बालिका के उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहने देने तथा उसे सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बालिका के स्वास्थ्य एवं उपचार से जुड़ा यह मामला आयोग की प्राथमिकता में है तथा आयोग द्वारा उपचार प्रक्रिया की सतत निगरानी की जाएगी। आवश्यकता पडऩे पर आयोग की ओर से हरसंभव सहयोग एवं समन्वय उपलब्ध कराया जाएगा। डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होना उसका अधिकार है तथा छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके समग्र कल्याण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

 

18 से 20 जून तक राजस्व अनुभाग स्तर पर आयोजित होंगे वृहद पंजीकरण शिविर

18 से 20 जून तक राजस्व अनुभाग स्तर पर आयोजित होंगे वृहद पंजीकरण शिविर

 00 केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए नए पंजीयन, त्रुटि सुधार और समस्याओं का होगा त्वरित निराकरण

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रदेशभर में जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आम नागरिकों तक शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर जिले के विभिन्न राजस्व अनुभागों में 18 जून से 20 जून तक तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे।

इन शिविरों में आयुष्मान भारत, आयुष्मान वय वंदना, पीएम सूर्यघर, पीएम स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम कौशल विकास योजना, विभिन्न पेंशन योजनाओं सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए नए पंजीयन, त्रुटि सुधार एवं समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाएगा। तिल्दा-नेवरा विकासखंड में 18 जून को नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा, 19 जून को शासकीय हाई स्कूल खपरीकला तथा 20 जून को सांस्कृतिक भवन खरोरा में शिविर आयोजित होंगे। आरंग विकासखंड में 18 जून को नगर पंचायत भवन समोदा, 19 जून को शासकीय हाई स्कूल रसनी तथा 20 जून को मंगल भवन मंदिर हसौद में पंजीयन शिविर लगाए जाएंगे।धरसींवा विकासखंड में शहीद स्मारक भवन जीई रोड तथा मंगल भवन धरसींवा में 18 से 20 जून तक नागरिकों को योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

अभनपुर विकासखंड में 18 जून को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अभनपुर, 19 जून को सामुदायिक भवन नेहरू घाट नयापारा तथा 20 जून को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोरपा में शिविर आयोजित किए जाएंगे। सभी शिविरों का आयोजन प्रात: 11 बजे से किया जाएगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में पहुंचकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा पंजीयन संबंधी समस्याओं के समाधान प्राप्त करने का आग्रह किया है।

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा

प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून को होगी ग्राम सभा

 00 आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची सहित विभिन्न विषयों पर होगी चर्चा

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों को ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीण विकास, पंचायतों की वित्तीय स्थिति, आवास योजनाओं, रोजगार, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय विकास कार्यों जैसे जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा एवं निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है। छत्तीसगढ़ के सभी ग्राम पंचायतों में 24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा।

आवास हेतु पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची होगी तैयार
ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं एसओपी के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा।

वीबी जी राम जी के संबंध में ग्रामीणों को दी जाएगी जानकारी
ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में विकसित भारत, रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने, बेरोजगारी भत्ते के बेहतर प्रावधान, समय पर मजदूरी भुगतान और ग्राम सभा आधारित विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

ग्राम सभा में अधिक से अधिक सहभागिता हेतु ग्रामीणों से अपील
प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है। ग्राम सभा में पिछली बैठकों में पारित प्रस्तावों की समीक्षा, पंचायतों के आय-व्यय का अनुमोदन, विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति, आवास प्लस 2.0 की प्रतीक्षा सूची तथा पंचायत संपत्तियों के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 के परिणामों को भी ग्रामीणों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

 

 

 

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल, ग्रामीणों की मांगों पर पंचायत, पीडीएस भवन और मुक्तिधाम निर्माण को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री की घोषणा पर त्वरित अमल, ग्रामीणों की मांगों पर पंचायत, पीडीएस भवन और मुक्तिधाम निर्माण को मिली मंजूरी

 00 सुशासन तिहार में किए गए वादे हो रहे पूरे

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार केवल जनसंवाद का मंच नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं को शीघ्रता से पूरा करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा सरगुजा प्रवास के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर की गई घोषणाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर अमल में लाया गया है।
उल्लेखनीय है कि 3 मई 2026 को मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे थे। जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली तथा विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। ग्राम सिलमा में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन, डीएमएफ मद से 2.50 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम तथा मनरेगा मद से 11.63 लाख रुपये की लागत से नवीन पीडीएस भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार ग्राम कुनकुरीकला में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणाओं पर त्वरित अमल के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है। उनका कहना है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और प्रशासन सीधे जनता तक पहुंचकर न केवल समस्याएं सुन रहा है, बल्कि उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त मांगों और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच रहा है और सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार हो रही है।

 

 

 

शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

 00 भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर रही है राज्य सरकार0

00स्कूली शिक्षा में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का संत समाज ने किया स्वागत

रायपुर। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में दक्षिण कौशल पीठाधीश्वर  स्वामी राजीव लोचन दास जी महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के  महंत सुरेंद्र दास जी महाराज, शदाणी दरबार से  उदय लाल जी तथा कबीर आश्रम सोनपैरी के  देवकर साहब जी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर संत-महात्माओं ने छत्तीसगढ़ के विद्यालयों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों एवं नैतिक शिक्षा से जुड़े पारंपरिक श्लोकों और मंत्रों को पुन: शामिल किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

संतों ने कहा कि पूर्व में विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वर जैसे मंत्रों एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया जाता था, जिससे बच्चों में संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का विकास होता था। समय के साथ ये परंपराएं शैक्षणिक वातावरण से धीरे-धीरे विलुप्त होती गईं, किंतु अब राज्य सरकार द्वारा इन्हें पुन: स्थापित करने की पहल अत्यंत स्वागतयोग्य है। संत समाज ने कहा कि विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र तथा अन्य प्रेरणादायी वैदिक एवं सांस्कृतिक प्रार्थनाओं का समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ सकेगी।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों के विकास का आधार भी है। हमारी सरकार बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोडऩे के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालयों में शांतिपाठ, सरस्वती वंदना, भोजन मंत्र एवं अन्य प्रेरणादायी प्रार्थनाओं के समावेश से विद्यार्थियों में अनुशासन, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना का विकास होगा। यह पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हुए एक संस्कारित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संत-महात्माओं ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय को इस पहल के लिए साधुवाद देते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया तथा कहा कि यह निर्णय प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

CG : तिलक लगाकर नवप्रवेशी छात्रों का स्वागत, उत्साह के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

CG : तिलक लगाकर नवप्रवेशी छात्रों का स्वागत, उत्साह के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

 रायगढ़।  नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के शुभारंभ अवसर पर जिलेभर में 16 जून को शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालयों में नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर एवं आत्मीय स्वागत के साथ अभिनंदन किया गया। रायगढ़ शासकीय नटवर अंग्रेजी मिडियम स्कूल में भी उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच नए विद्यार्थियों का स्वागत किया गया।

विद्यालय के प्राचार्य दिनेश अग्रवाल ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शाला प्रवेश उत्सव की सभी तैयारियां पहले ही पूर्ण कर ली गई थीं। 16 जून से 27 जून तक चलने वाले इस विशेष अभियान का उद्देश्य प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित करना, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाना तथा शाला त्यागी बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।

उत्सव से पूर्व जिले के सभी विद्यालयों में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य किए गए। विद्यालय परिसरों को आकर्षक और शिक्षण-अनुकूल बनाने के साथ प्रिंट-रिच वातावरण तैयार किया गया, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध हो सके। शाला प्रवेश उत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों और अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा छूट का लाभ

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा छूट का लाभ

 छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड की तुलना में सस्ती बिजली

बीते वर्षों में महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत में वृद्धि को देखते हुए विद्युत टैरिफ दरों में की गई है मामूली वृद्धि

रायपुर-छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग ने बिजली शुल्क में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की है। आयोग का कहना है कि पिछले वर्षों में बढ़ी महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत तथा पूर्व वर्षों के घाटे की भरपाई को देखते हुए यह मामूली वृद्धि, जरूरी और न्यायसंगत है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि उपभोग के अलग-अलग स्लैब के अनुसार यह बढ़ोतरी 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक रहेगी। शून्य से 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 पैसे प्रति यूनिट, 201 से 600 यूनिट तक खपत करने वालों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि निर्धारित की गई है। राज्य के लाखों परिवारों पर बढ़े हुए टैरिफ का वास्तविक प्रभाव केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के आसपास होगा। टैरिफ वृ    द्धि करते समय आयोग ने आम जनता और निम्न आय वर्ग के हितों का ध्यान रखा है। 

सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की खपत पर आधा बिजली बिल देने की सुविधा मिल रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर वास्तविक अतिरिक्त भार अपेक्षाकृत कम रहेगा। अनुमान है कि इन उपभोक्ताओं के बिल पर प्रभाव औसतन केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के बराबर होगा।

इसी प्रकार 201 से 600 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले कई उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर अपनी ग्रिड आधारित खपत 400 यूनिट के भीतर कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं पर भी बढ़ोतरी का प्रभाव बहुत ही कम होने की संभावना है।

गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में औसतन 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंपों के लिए दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी घोषित की गई है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण इस वृद्धि का सीधा प्रभाव किसानों पर नहीं होगा।

उच्च दाब (एचटी) श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है। 220 केवी और 132 केवी श्रेणी में ऊर्जा प्रभार में 30 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति केवीए की वृद्धि की गई है। 33 केवी श्रेणी में 40 पैसे प्रति यूनिट और 11 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी लागू होगी।

नई टैरिफ व्यवस्था में कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों को व्यावसायिक श्रेणी के बजाय घरेलू श्रेणी में शामिल कर राहत प्रदान की गई है। इसके अलावा विलंबित भुगतान अधिभार की व्यवस्था को भी उपभोक्ता हित में सरल बनाया गया है। अब अतिरिक्त शुल्क केवल वास्तविक विलंब अवधि के आधार पर लगेगा। घरेलू और गैर-घरेलू श्रेणी के 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक अवधि में बिजली उपयोग करने पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी।

आयोग के अनुसार संशोधित दरों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में अभी भी कम है। ऐसे में राज्य में उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए बिजली दरें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी। कुल मिलाकर, बिजली दरों में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन राहत योजनाओं, सब्सिडी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण आम घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम होगा।

उप मुख्यमंत्री शर्मा 33 प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों के बुनियादी प्रशिक्षण सत्र शुभारंभ में हुए शामिल

उप मुख्यमंत्री शर्मा 33 प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों के बुनियादी प्रशिक्षण सत्र शुभारंभ में हुए शामिल

 00 नैतिकता से बड़ा कोई बल नहीं होता - शर्मा

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मत्री  विजय शर्मा की उपस्थिति में आज वर्ष 2021 एवं वर्ष 2024 के छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग से चयनित 33 उप पुलिस अधीक्षकों के बुनियादी प्रशिक्षण का नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में शुभारम्भ हुआ। उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि आप सभी ने कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से इस प्रतिष्ठित सेवा में स्थान प्राप्त किया है। यह केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक सेवा, एक दायित्व, और एक बड़ी जिम्मेदारी है।
इस समारोह में पुलिस महानिदेशकअरूण देव गौतम, अति. पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण  दीपाशु काबरा उपस्थित हुए। साथ ही अकादमी के महानिदेशक  अजय यादव, वरिष्ट पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अति. पुलिस अधीक्षक सोनिया उके एवं अकादमी के समस्त अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित थे।

पुलिस पर कानून का पालन कराने और समाज की रक्षा की जिम्मेदारी
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि कि आज का दिन न केवल आप सभी नव-नियुक्त उप पुलिस अधीक्षकों के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। आप सभी ने कठिन परिश्रम, लगन और समर्पण के बल पर इस प्रतिष्ठित पद को प्राप्त किया है। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नैतिकता से बड़ा कोई बल नहीं होता, आज नवीन समाज की आवश्यकता को समझना और उसके आधार पर संवेदनशीलता पूर्वक कार्य करने की आवश्यकता है। पुलिस केवल कानून का पालन करवाने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की रक्षा करने वाली एक शक्ति है। हमें न केवल अपराध को रोकना है, वल्कि जनता में विश्वास और सुरक्षा की भावना को भी मजबूत करना है।

पुलिस की पहचान नागरिक को सुरक्षा एवं न्याय दिलाना है
उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की पहचान न केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में है, बल्कि राज्य के हर नागरिक को सुरक्षा एवं न्याय दिलाने में भी है। हमारी चुनौती केवल अपराथों पर नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि हमें समाज के विश्वास को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। पुलिसिंग आज केवल शारीरिक साहस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीकों का उपयोग, साइबर अपराधों से निपटने की दक्षता और सामुदायिक जुड़ाव भी शामिल है।
पुलिस पर राष्ट्र सेवा, समाज सेवा दायित्व
इस अवसर पर राज्य के पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम द्वारा कहा गया कि आज का दिन छत्तीसगढ़ पुलिस परिवार के लिए अत्यंत गौरव और उत्साह का अवसर है। आपने कठिन प्रतियोगी परीक्षा, अथक परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर यह स्थान प्राप्त किया है। आज से आपका जीवन केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, समाज सेवा और कानून के शासन को सुट्टढ़ करने के महान दायित्व से जुड़ रहा है।

33 उप पुलिस अधीक्षक बुनियादी प्रशिक्षण में शामिल
नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी के निदेशक यादव में अपने उद्बोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में प्रदेश के विभिन्न जिलों से कुल 33 अभ्यर्थी उप पुलिस अधीक्षक बुनियादी प्रशिक्षण हेतु उपस्थित हुये हैं। अधिकांश प्रशिक्षु इंजीनियरिंग में शिक्षा प्राप्त किये हैं। संस्था के निदेशक द्वारा उप. पुलिस अधीक्षकों के 02 वर्षों के पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई कि प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक किन-किन विषयों का अध्ययन करेंगे एवं जिला व्यवहारिक प्रशिक्षण में क्या-क्या प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अभिषेक पल्लव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नेताजी सुभाष चंद्र बोसश् राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इसके पश्चात अकादमी परिसर में उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने नीम के पौधे का रोपण किया। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों एवं प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों द्वारा 100 पौधों का वृक्षारोपण किया गया।

CG : छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, आज से खुले स्कूल

CG : छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, आज से खुले स्कूल

 रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों में आज से ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है। साथ ही 16 से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा. विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और किताबें भेंट कर स्वागत किया जाएगा। शाला प्रवेश उत्सव का 30 जून को मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। संभाग स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और साइकिलों का वितरण किया जाएगा।

राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर के स्कूलों में आज फिर रौनक लौटी है। गर्मी छुट्टियों के बाद पहले दिन विद्यालय पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं का शिक्षकों द्वारा तिलक लगाकर स्वागत किया गया. साथ ही उन्हें किताबें भी भेंट की गई। पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन ख़ास तौर पर यादगार रहा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है।

उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया.मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ने तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे. उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की

TRANSFER NEWS: परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल, दो अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी

TRANSFER NEWS: परिवहन विभाग में बड़ा फेरबदल, दो अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी

 रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दो अधिकारियों का तबादला किया है। इस संबंध में मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर से 15 जून 2026 को आदेश जारी किया गया। जारी आदेश के अनुसार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय रायपुर में पदस्थ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मृत्युंजय प्रसाद पटेल को स्थानांतरित कर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय दुर्ग पदस्थ किया गया है।

वहीं प्रतीक शुक्ला, जो वर्तमान में परिवहन आयुक्त कार्यालय में सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, उन्हें जिला परिवहन अधिकारी, जिला परिवहन कार्यालय महासमुंद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिवहन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू होगा तथा अधिकारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश को परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव कमलेश बंसोड़ द्वारा जारी किया गया है।

सड़कों और पुलों के निर्माण की धीमी गति पर बिफरे उप मुख्यमंत्री  साव, 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त

सड़कों और पुलों के निर्माण की धीमी गति पर बिफरे उप मुख्यमंत्री साव, 2 ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त

 8 को कारण बताओ नोटिस, 2 ठेकेदारों पर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री  अरुण साव द्वारा सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जाहिर करने और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश के बाद विभाग ने दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं। लोक निर्माण विभाग ने कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले 8 ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए हैं। वहीं पूर्व में दो ठेकेदारों को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया गया है।

लोक निर्माण विभाग ने 10 जून को भी राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर केशलूर के पास बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज में काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स के अनुरूप नहीं होने पर ठेकेदार मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को नोटिस जारी कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने पिछले सप्ताह चार दिनों के बस्तर प्रवास के दौरान अपने चारों विभागों के कार्यों का निरीक्षण कर गहन समीक्षा की थी। उन्होंने निरीक्षण और बैठकों के दौरान सड़कों व पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर अधिकारियों एवं ठेकेदारों पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्होंने काम में लापरवाही, देरी और अनुबंध के अनुसार अपेक्षित तेजी नहीं लाने वाले ठेकेदारों के विरूद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

पुलों के काम पिछड़ने पर दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने चार पुलों के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार मेसर्स गुप्ता कन्सट्रक्शन कंपनी का पंजीयन दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। कंपनी द्वारा भवरडींग नदी पर अदनार-तोतर मार्ग, कोंडागांव के घोटिया-मुंडा-चांदाबेड़ा मार्ग और बड़े राजपुर विकासखंड के पलना-मरीगांव-कुंडई मार्ग पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है। कंपनी कबीरधाम जिले के बांटीपथरा से कुई  मार्ग में हॉफ नदी पर भी उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कर रही है। चारों कार्यस्थलों पर कंपनी का काम अपेक्षित गति से काफी पीछे है।

विभाग ने कांकेर के आमाबेड़ा-सेमर गांव सड़क पर नेरूल नदी तथा बोड़ागांव-खासगांव-तरादुल मार्ग में डुमरीकेल नाला पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के कार्य में लेट-लतीफी पर ठेकेदार श्री निर्भय राम साहू का पंजीयन आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद इन दोनों ठेकेदारों के काम की गति असंतोषजनक है।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने नारायणपुर-सोनपुर-मरोदा मार्ग के चौड़ीकरण व सुधार कार्य की धीमी गति पर ठेकेदार  पंकज हालदार को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के उत्तर का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है। प्रमुख अभियंता ने सुकमा में पैकपारा-धनीकोड़ता मार्ग तथा केरलापाल-पटेलपारा-सिरसट्टी सड़क के कार्य में भी अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर ठेकेदार आशीष भदौरिया को पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब का परीक्षण कर कार्रवाई के लिए मुख्य अभियंता से प्रतिवेदन मंगाया है।

सड़कों के निर्माण में लेट-लतीफी पर इन ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी

विभाग ने कांकेर-अमोड़ा-नरहरपुर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बी.एम.एस. प्रोजेक्ट, कोंडागांव में हडेली-कुदूर मार्ग के ठेकेदार मेसर्स सुराना एंड कंपनी और जगदलपुर-चित्रकोट मार्ग के ठेकेदार मेसर्स एस.के. अरोरा को कार्यों में धीमी प्रगति के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कार्यस्थलों पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे होने और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं होने पर सुकमा के चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क के ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी, ट्रांससॉफ्ट इन्फ्रा और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन, कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के ठेकेदार मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स राघव कन्सट्रक्शन तथा भेज्जी-चिंतागुफा सड़क का निर्माण कर रहे ठेकेदार  के. मोहन रेड्डी एवं  गोविन्द्र सिंह देशमुख को लोक निर्माण विभाग के सुकमा संभाग के कार्यपालन अभियंता द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

”सड़कों व पुलों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी प्रकार की लेट-लतीफी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्यों के पूरे नहीं होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है। बस्तर में निर्माणाधीन सड़कों और पुलों को तेजी से पूरे कर बेहतर कनेक्टीविटी सुनिश्चित करने पर जोर है। वहां काम कर रहे ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को अनुबंध के अनुसार निर्धारित प्रगति तथा माइलस्टोन्स पूरे करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। काम में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों पर कार्रवाई की जा रही है।“ – अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री

पर्यटकों को बड़ा झटका ! छत्तीसगढ़ में आज से 3 महीने तक बंद रहेंगे टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य

पर्यटकों को बड़ा झटका ! छत्तीसगढ़ में आज से 3 महीने तक बंद रहेंगे टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य

 रायपुर| रायपुर और बिलासपुर वालों के लिए जरूरी खबर आ रही है। आज 15 जून से छत्तीसगढ़ के सभी जंगल और टाइगर रिजर्व पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। अब अगले तीन महीने तक आपको सफारी का मजा नहीं मिलेगा।

वन विभाग ने स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है। 15 जून से लेकर 1 अक्टूबर तक कोई भी पर्यटक जंगल के अंदर कदम नहीं रख पाएगा।

मानसून के दस्तक देते ही जंगलों के हालात पूरी तरह बदल जाते हैं। भारी बारिश के चलते अंदर के कच्चे रास्ते दलदल में बदल जाते हैं। कहीं-कहीं नदी-नाले उफान पर होते हैं, जो सफारी के दौरान खतरनाक साबित हो सकते हैं।

पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख अरुण पांडेय ने साफ कहा है कि यह फैसला किसी की जान जोखिम में न डालने के लिए लिया गया है। वन विभाग के सूत्रों की मानें तो बरसात में वन मार्ग इतने खराब हो जाते हैं कि कोई भी गाड़ी फंस सकती है। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए ही जंगल के गेट बंद करना ही एकमात्र विकल्प बचता है।

सुरक्षा सिर्फ इंसानों की नहीं, जानवरों की भी है। बरसात का समय वन्यजीवों के लिए प्रजनन काल यानी ब्रीडिंग सीजन होता है। जंगलों में इंसानी आवाजाही और गाड़ियों के शोर से जानवर परेशान होते हैं।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब पर्यटक अंदर नहीं जाएंगे, तो जंगल का वातावरण एकदम शांत रहेगा। इससे जानवर बिना किसी डर के अपना प्रजनन काल पूरा कर पाएंगे। यह पूरी व्यवस्था वन्यजीवों को एक सुरक्षित कोना देने के लिए है, ताकि प्रकृति का चक्र बिना किसी रुकावट के चलता रहे।

अगर आप भी जंगल सफारी के शौकीन हैं और आगे की ट्रिप प्लान कर रहे थे, तो अब आपको 2 अक्टूबर का इंतजार करना होगा। वन विभाग के अनुसार जैसे ही मानसून की विदाई होगी, 2 अक्टूबर को वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के मौके पर सभी राष्ट्रीय उद्यानों और टाइगर रिजर्व के दरवाजे दोबारा खोल दिए जाएंगे। तब तक के लिए जंगल के राजा को आराम करने दें।

इस मानसून ब्रेक से भले ही पर्यटन उद्योग पर थोड़ा असर पड़े, लेकिन पर्यावरण और वन्यजीवों का संरक्षण ही सरकार और विभाग की पहली प्राथमिकता है। तब तक आप घर पर अपनी पुरानी जंगल सफारी की यादों को ताजा करें।

तबादला आदेश जारी: दो जिलों में टीआई, एसआई सहित कई पुलिसकर्मी इधर से उधर

तबादला आदेश जारी: दो जिलों में टीआई, एसआई सहित कई पुलिसकर्मी इधर से उधर

 सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर, कांकेर जिले में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले हुए है। सूची में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई के नाम शामिल है। नीचे देखें दोनों जिलों की ट्रांसफर सूची

निरीक्षक नरेंद्र मिश्रा को र.के. सूरजपुर से थाना प्रभारी जयनगर भेजा गया है।

निरीक्षक राजेंद्र साहू को र.के सूरजपुर से थाना प्रभारी रामा.नगर।

निरीक्षक बृजेश सिंन्हा को र.के सूरजपुर से थाना प्रभारी भटगांव।

उपनिरी गंगासाय पैकरा को थाना प्रभारी रामा.नगर से चैकी प्रभारी सलका।

स.उ.नि गुड्डू कुशवाहा को चौकी प्रभारी सलका से थाना प्रेमनगर।

कांकेर में भी पुलिस ट्रांसफर

कांकेर जिले में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, एएसआई, प्रधान आरक्षक समते 55 पुलिसकर्मियों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की गई है। सूची में 12 निरीक्षक, दो उप निरीक्षक, 4 सहायक उप निरीक्षक, 4 प्रधान आरक्षक, 33 आरक्षकों के नाम शामिल है। नीचे देखें सूची

 
 
आम आदमी को महंगाई का एक और झटका, फिर महंगी हुई बिजली, 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें

आम आदमी को महंगाई का एक और झटका, फिर महंगी हुई बिजली, 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों को 6.23 प्रतिशत को मंजूरी दे दी है। आयोग द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में सदस्य विनोद गनोदवाले और अजय सिंह ने वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) एवं नए टैरिफ निर्धारण की जानकारी साझा की। आयोग के फैसले के अनुसार, राज्य में विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में वृद्धि की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में वृद्धि की गई है। औसतन घरेलू श्रेणी में 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि कुछ श्रेणियों में अधिकतम 50 पैसे प्रति यूनिट तक का प्रभाव देखने को मिल सकता है। वहीं गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि को मंजूरी दी गई है। कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए भी 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है।

हालांकि आयोग ने किसानों को राहत देते हुए बिजली बिल में मिलने वाली छूट को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है। इससे कृषि क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों के बावजूद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित गृह उद्योगों को दी जा रही 10 प्रतिशत की विशेष छूट को यथावत रखा गया है। आयोग का कहना है कि इससे महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलता रहेगा। विद्युत नियामक आयोग के अनुसार बिजली उत्पादन, खरीद और वितरण से जुड़ी बढ़ती लागत को देखते हुए दरों में संशोधन आवश्यक था। नई दरों का उद्देश्य विद्युत कंपनियों की वित्तीय स्थिति को संतुलित बनाए रखना और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। नई दरों के लागू होने के बाद राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि किसानों और महिला समूहों को दी गई अतिरिक्त रियायतों को राहत भरा कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान: शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने का किया आह्वान: शिक्षा को बताया उज्ज्वल भविष्य और सफलता का आधार

 00 नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को दी शुभकामनाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर प्रदेश के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें पूरी लगन और उत्साह के साथ पढ़ाई करने का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि आप सभी बच्चों के सपनों को आकार देने और उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का माध्यम है। उन्होंने बच्चों से पूरे आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्साह के साथ नियमित रूप से विद्यालय जाने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का परिश्रम और शिक्षा ही आने वाले समय में बच्चों की सफलता का आधार बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढऩे तथा ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से प्रदेश और देश के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री  साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ के बच्चे अपनी प्रतिभा, मेहनत और संकल्प के बल पर भविष्य में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे तथा प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के सफल, उज्ज्वल और प्रेरणादायी भविष्य की कामना की।

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने आगे आएं जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री साय

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने आगे आएं जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री साय

 00 प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र

00 16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेश उत्सव अभियान
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले ष्शाला प्रवेश उत्सवष् में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त आधार है तथा यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री  साय ने अपने पत्र में प्रदेश के समस्त विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े सभी लोगों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र के साथ प्रदेशभर में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश तथा नियमित अध्ययन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में सुविधानुसार उपस्थित होकर अभियान में सहभागी बनें तथा ऐसे बच्चों की पहचान और नामांकन के लिए प्रेरित करें, जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं अथवा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री  साय ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम  विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है तथा वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। 

नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं के लिए सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्धता के लिए मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारियों को दिए प्रशंसा पत्र

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस एवं समयबद्धता के लिए मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारियों को दिए प्रशंसा पत्र

 रायपुर। मुख्य सचिव  विकासशील ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रालयीन अधिकारी एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से नस्तियों का निराकरण करने और कार्यालयीन समय पर उपस्थित होने वाले श्रेष्ठ अधिकारी-कर्मचारियों को मई माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किये है। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से अपेक्षा की है कि वे ई-ऑफिस पर अच्छे से अच्छा कार्य करें। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालय में समय पर उपस्थित होने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने कार्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया और उन्हें प्रशंसा पत्र प्राप्त करने के लिए बधाई दी।

विभागों में ई-ऑफिस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रथम स्थान पर गृह विभाग और दूसरे स्थान पर समाज कल्याण और तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन रहा। प्रशंसा पत्र समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव  रजत कुमार ने प्राप्त किया।

मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए विभागीय सचिव को सम्मानित किया। इसमें श्रेष्ठ फाईल निष्पादन के लिए ई-ऑफिस पर सामान्य प्रशासन विभाग एवं उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव  रजत कुमार को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया। वहीं पर विधि एवं विधायी की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत को दूसरे स्थान ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। इसी तरह से तीसरे स्थान पर गृह एवं श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता को ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। मुख्य सचिव ने संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी, वरिष्ठ सचिवालय सहायक एवं कनिष्ठ सचिवालय सहायक सहित अन्य कर्मचारियों को भी ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान किए है। 

संयुक्त सचिव श्रेणी में ई-ऑफिस पर श्रेष्ठ कार्य करने के लिए अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के संयुक्त सचिव अनुपम त्रिवेद्वी को प्रथम, दूसरे स्थान पर अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के भूपेन्द्र कुमार राजपूत को सम्मानित किया गया। वहीं पर परिवहन विभाग के संयुक्त सचिव कमलेश बंसोड को तीसरे स्थान पर सम्मानित किया गया है। उप सचिव श्रेणी में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उप सचिव दूरदेशी राम सोन्टापर को प्रथम स्थान पर, दूसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-एक के उप सचिव किशोर कुमार भूआर्य को सम्मानित किया गया। तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-6 की उप सचिव ऋतु वर्मा को सम्मानित किया गया। अवर सचिव श्रेणी में प्रथम स्थान पर विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अवर सचिव  अरूण कुमार मिश्रा को सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर गृह विभाग के उप सचिव पूरन लाल साहू को सम्मानित किया गया। तीसरे स्थान पर वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अवर सचिव मगनलाल पवार को सम्मानित किया गया।

मुख्य सचिव ने अनुभाग अधिकारी श्रेणी में ई-ऑफिस में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए अनुभाग अधिकारी प्रथम स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-4 व 1 के अनुभाग अधिकारी नंदकुमार मेश्राम को सम्मानित किया। दूसरे स्थान पर स्वास्थ्य विभाग के अनुभाग अधिकारी विरेन्द्र कुमार को और तीसरे स्थान के लिए वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अनुभाग अधिकारी भोलेनाथ सारथी को सम्मानित किया। इसी तरह से वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक दूर्गेश रात्रे को सम्मानित किया गया। दूसरे स्थान पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक रामगोपाल सेन और तीसरे स्थान पर स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ कार्यालय सहायक कमलेश यदु सम्मानित हुए। 

इसी प्रकार से कनिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में प्रथम स्थान पर नगरीय प्रशासन विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक  उमेश यादव, दूसरे स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक भानुप्रसाद और तीसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग-2 के कनिष्ठ सहायक सुरेन्द्र कुमार सम्मानित हुए। इसी प्रकार से टेक्नीकल सेक्शन (सेकेट्रीयेट) के ग्रेड-1,2,3 कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में दीपेश कुमार को प्रथम स्थान पर सम्मानित किया गया।

समयबद्धता के लिए कार्यालयीन समय पर उपस्थिति के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया है। इसमें नगरीय प्रशासन विभाग के अवर सचिव आनंद कुमार पटेल, राजस्व विभाग के स्टोनोटायपिस्ट भावना यादव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कनिष्ठ सचिवालय सहायक हरि प्रसाद, सामान्य प्रशासन विभाग के निज सचिव हरिश देवांगन, सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य लेखा अधिकारी जयंत कुमार देवांगन को सम्मानित किया गया। इसी तरह से सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य जीधन राम साहू, उच्च शिक्षा विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी लोक नारायण शर्मा, मुख्य सचिव कार्यालय के अवर सचिव ओम प्रकाश पात्रे को सम्मानित किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग के वरिष्ठ सचिवालय सहायक पुरूषोत्तम लाल निषाद, वित्त विभाग की सहायक ग्रेड-2 पुष्पांजलि गजभिये, सामान्य प्रशासन विभाग के भृत्य राजकुमार सोरी, पशुपालन विभाग की सेक्शन ऑफिसर राजेश कुमार जैन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टोनोटायपिस्ट रमाकांत, सामान्य प्रशासन विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी रमेश कुमार पटेल, अनुसूचित जनजाति एवं विकास विभाग के सहायक ग्रेड-2 शेष नारायण साहू और वित्त विभाग के अनुभाग अधिकारी सुनील मैत्री और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी उमेश कुमार ठाकरे को समयबद्धता के लिए सम्मानित किया गया।

 BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से, 5 बैठकें होंगी आयोजित

BREAKING : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से, 5 बैठकें होंगी आयोजित

 रायपुर।  छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से 17 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। इस सत्र के दौरान कुल 5 बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय द्वारा सत्र की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

 

 
जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री साय

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री साय

 00 संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन

00 मुख्यमंत्री से बस्तर से सरगुजा तक के अनुभव साझा कर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ को अद्भुत प्रदेश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री साय

प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों के स्नेह, जनजातीय परंपराओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है।
मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी।

उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के.,  वी. यशवंत नायक एवं  ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, संचालक  टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक  प्रणव सिंह उपस्थित थे।

सीएम हेल्पलाइन में लगी शिकायतों की झड़ी, 5 दिनों में 15 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज

सीएम हेल्पलाइन में लगी शिकायतों की झड़ी, 5 दिनों में 15 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज

 रायपुर।  प्रदेश सरकार की सीएम हेल्पलाइन 1076 आम लोगों की समस्याओं के समाधान का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। हेल्पलाइन के जरिए राज्यभर से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच दिनों में ही 15 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं।

जानकारी के मुताबिक डायल 1076 पर कॉल कर लोग विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें जमीन विवाद, साफ-सफाई व्यवस्था, बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी, पेयजल समस्याएं तथा सामान्य विवादों से संबंधित बताई जा रही हैं।

हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को भेजा जा रहा है, जहां उनके निराकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।

अधिकारियों का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन के प्रति लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते शिकायतों की संख्या में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। सरकार ने संबंधित विभागों को समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण के निर्देश दिए हैं ताकि नागरिकों को राहत मिल सके।

  प्रदेश में सुशासन और जवाबदेही को मजबूत बनाने के लिए सीएम हेल्पलाइन को महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जहां आम नागरिक सीधे अपनी समस्याएं शासन तक पहुंचा सकते हैं।